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† खेळलेले सामने (गोल).
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_10220.txt
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स्टार ट्रेक:व्हॉयेजर मालिकेतील भागांची यादी
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केयरटेकर हे स्टार ट्रेक:व्हॉयेजर मालिकेतील या २ तासांच्या एका भागाला, १-१-तासांचे-दोन भाग म्हणुन विभाजित करण्यात आले व केयरटेकर, भाग १ हा पहीला भाग १६ जानेवारी १९९५ (1995-01-16) रोजी प्रक्षेपित करण्यात आला. केयरटेकर, भाग २ हा भाग पहिल्या पर्वाचा, दुसरा भाग आहे आणि संपूर्ण मालिकेतील दुसरा भाग आहे.
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केयरटेकर हा भाग १९९५ मध्ये ४ एम्मी पुरस्कारांसाठी नामांकित होता, ज्या मध्ये त्याने १ पुरस्कार जिंकला. ह्या भागाचा ४ पुरस्कारांसाठी नेमले जाण्याचा भुषणाचा वाटा तो ३ इतर भागांबरोबर वाटतो.
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केरळ राज्यात १४ जिल्हे आहेत.
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_10336.txt
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| 1 |
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केल्विन हे तापमान मोजण्याचे एकक आहे. केल्विन हे रसायनशास्त्रदृष्ट्या व थर्मोडायनामिकदृष्ट्या गणितात वापरले जाणारे तापमानाचे एकक आहे. व्यवहारात सेल्सियस अथवा फॅरनहाइट असलेले एकक शास्त्रज्ञ व अभियंते वापरणे पसंत करतात. मात्र गणिते सोडवताना केल्विनच वापरणे सोईस्कर असते. केल्विन व सेल्सियस यांच्यात होणारी वाढ वा घट एकास एक अशी असते.
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तापमानात १ अंश सेल्सियसची वाढ = तापमानात १ केल्विनची वाढ परंतु ० केल्विन = –२७३ अंश सेल्सियस म्हणजेच ० अंश सेल्सियस = २७३ केल्विन
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अश्या प्रकारे अंश सेल्सियचे केल्विनमध्ये रूपांतर करण्यासाठी खालील सूत्राचा वापर करतात.
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केल्विन = अंश सेल्सियस + २७३
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_10363.txt
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| 1 |
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केळद हे पुणे जिल्ह्यातल्या वेल्हे तालुक्यातील ७७६ हेक्टर क्षेत्राचे गाव आहे.
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| 2 |
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केळद हे पुणे जिल्ह्यातल्या वेल्हे तालुक्यातील ७७६ हेक्टर क्षेत्राचे गाव असून २०११ च्या जनगणनेनुसार ह्या गावात ९७ कुटुंबे असून एकूण लोकसंख्या ५६२ आहे. ह्याच्या सर्वात जवळचे शहर पुणे ८५ किलोमीटर अंतरावर आहे. केळदमध्ये २८२ पुरुष आणि २८० स्त्रिया आहेत. यामंध्ये अनुसूचित जातीची तीन माणसे असून अनुसूचित जमातीचा एक माणूस आहे. ह्या गावाचा जनगणना स्थल निर्देशांक ५५६६२३ [१] आहे.
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| 3 |
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गावात एक शासकीय पूर्व-प्राथमिक शाळा, दोन शासकीय प्राथमिक शाळा व एक शासकीय कनिष्ठ माध्यमिक शाळा आहे. सर्वात जवळील माध्यमिक शाळा पासली येथे तीन किलोमीटर अंतरावर आहे. सर्वात जवळील उच्च माध्यमिक शाळा व व्यावसायिक प्रशिक्षण शाळा वेल्हे येथे १५ किलोमीटर अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पदवी महाविद्यालय विंझर येथे ३० किलोमीटर अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पॉलिटेक्निक, अभियांत्रिकी महाविद्यालय, वैद्यकीय महाविद्यालय आणि व्यवस्थापन शिक्षण संस्था पुणे येथे ८० किलोमीटर अंतरावर आहे.
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| 4 |
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सर्वात जवळील प्राथमिक आरोग्य केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. गावात प्राथमिक आरोग्य उपकेंद्र आहे.
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| 5 |
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सर्वात जवळील प्रसूति व बालकल्याण केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळचे क्षयरोग उपचार केंद्र १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील पशुवैद्यकीय रुग्णालय पाच किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे.
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| 6 |
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गावात शुद्धीकरण केले आहे. न झाकलेल्या विहिरीतून, हातपंपांतून व झऱ्याच्या आणि नदीच्या पाण्याचा पुरवठा आहे. गावात स्वच्छ पाण्याची टाकी आहे. कार्ड स्वप केले कि ५ रुपयात २० लिटर पाणी मिळते.
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| 7 |
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गावात बंद गटारव्यवस्था नाही. गावात सार्वजनिक स्वच्छता गृहे नाहीत. बहुतेक घरात स्वच्छतागृह आहे.
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| 8 |
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गावात पोस्ट ऑफिस उपलब्ध नाही. सर्वात जवळील पोस्ट ऑफिस १० किलोमीटर अंतरावर आहे. गावात दूरध्वनी उपलब्ध आहेत. आता मोबाईल आहेत गावात सार्वजनिक दूरध्वनी केंद्र उपलब्ध नाही. सर्वात जवळील सार्वजनिक दूरध्वनी केंद्र १० किलोमीटर अंतरावर आहे. गावात मोबाईल फोन सुविधा उपलब्ध आहे. परंतु गावात सर्वत्र रेंज उपलब्ध नाही. गावात इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नाही.सर्वात जवळील इंटरनेट सुविधा १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. गावात शासकीय बस सेवा उपलब्ध आहे.
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| 9 |
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सर्वात जवळील व्यापारी बँक, सहकारी बँक व एटीएम १५ किलोमीटर अंतरावर आहे. गावात स्वयंसहाय्य गट उपलब्ध आहे. सर्वात जवळील रेशन दुकान ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे. सर्वात जवळील आठवड्याचा बाजार १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे.
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| 10 |
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गावात एकात्मिक बाल विकास योजना व अंगणवाडी पोषण आहार केंद्र आहे. सर्वात जवळील आशा स्वयंसेविका १० किलोमीटरहून जास्त अंतरावर आहे. सर्वात जवळील विधानसभा मतदान केंद्र ५ ते १० किलोमीटर अंतरावर आहे. सर्वात जवळील जन्म व मृत्यु नोंदणी केंद्र ५ किलोमीटरहून कमी अंतरावर आहे.
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| 11 |
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केळद हे गाव पुणे जिल्हा व रायगड जिल्ह्याच्या सीमेवर आहे, या गावातून मढे घाटाकडे जाता येते. मढेघाट हे एक पर्यटन स्थळ आहे.
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| 12 |
-
प्रतिदिवस १६ तासांचा वीजपुरवठा सर्व प्रकारच्या वापरासाठी उपलब्ध आहे.
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| 13 |
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केळद ह्या गावात जमिनीचा वापर खालीलप्रमाणे होतो (हेक्टरमध्ये क्षेत्रफळ):
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| 14 |
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सिंचनाचे स्रोत खालीलप्रमाणे आहेत :
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| 15 |
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गावातून वेळवंडी नदी वाहाते, पुढे या नदीवर भोर-भाटघर धरण आहे.
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| 16 |
-
केळद या गावी पुढील वस्तूंचे उत्पादन होते : भात (तांदूळ), आंबा, करवंदे, फणस, बांबू, कारवीचे खुंट, इ.
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_10407.txt
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| 1 |
-
केळी हे भारतातील महाराष्ट्र राज्यातील वर्धा जिल्ह्यातील सेलू तालुक्यातील एक गाव आहे.
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| 2 |
-
येथील हवामान वर्षभर कोरडे असते. उन्हाळ्यात अतिउष्ण असते.हिवाळा व उन्हाळा हे दोन्ही ऋतू तीव्र असतात. उन्हाळ्यात दिवसाच्या व रात्रीच्या तापमानात जास्त फरक असतो. मे हा अतिउष्णतेचा आणि जानेवारी हा कडाक्याच्या थंडीचा महिना असतो. वार्षिक सरासरी पर्जन्यमान १०९ सेंमी.पर्यंत असते.
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_10533.txt
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@@ -1 +0,0 @@
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| 1 |
-
केशवराव दाते ( रत्नागिरी, २८ सप्टेंबर, इ.स. १८८९ - १३ सप्टेंबर, १९७१) हे मराठी नाट्यअभिनेते आणि नाट्यदिग्दर्शक होते. ते स्त्रीभूमिकाही करत.
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dataset/scraper_2/batch_1/wiki_s2_106.txt
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@@ -1,213 +0,0 @@
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| 1 |
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| 2 |
-
अल्जीरिया •
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| 3 |
-
अँगोला •
|
| 4 |
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बेनिन •
|
| 5 |
-
बोत्स्वाना •
|
| 6 |
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बर्किना फासो •
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| 7 |
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बुरुंडी •
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| 8 |
-
कामेरून •
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| 9 |
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केप व्हर्दे •
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| 10 |
-
मध्य आफ्रिकेचे प्रजासत्ताक •
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| 11 |
-
चाड •
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| 12 |
-
कोमोरोस •
|
| 13 |
-
काँगो •
|
| 14 |
-
डीआर काँगो •
|
| 15 |
-
कोत द'ईवोआर •
|
| 16 |
-
जिबूती •
|
| 17 |
-
इजिप्त •
|
| 18 |
-
इक्वेटोरीयल गिनी •
|
| 19 |
-
इरिट्रिया •
|
| 20 |
-
इथियोपिया •
|
| 21 |
-
गॅबन •
|
| 22 |
-
गांबिया •
|
| 23 |
-
घाना •
|
| 24 |
-
गिनी •
|
| 25 |
-
गिनी-बिसाउ •
|
| 26 |
-
केनिया •
|
| 27 |
-
लेसोथो •
|
| 28 |
-
लायबेरिया •
|
| 29 |
-
लिबिया •
|
| 30 |
-
मादागास्कर •
|
| 31 |
-
मलावी •
|
| 32 |
-
माली •
|
| 33 |
-
मॉरिटानिया •
|
| 34 |
-
मॉरिशस •
|
| 35 |
-
मोरोक्को •
|
| 36 |
-
मोझांबिक •
|
| 37 |
-
नामिबिया •
|
| 38 |
-
नायजर •
|
| 39 |
-
नायजेरिया •
|
| 40 |
-
रवांडा •
|
| 41 |
-
साओ टोमे आणि प्रिन्सिप •
|
| 42 |
-
सेनेगल •
|
| 43 |
-
सेशेल्स •
|
| 44 |
-
सियेरा लिओन •
|
| 45 |
-
सोमालिया •
|
| 46 |
-
दक्षिण आफ्रिका •
|
| 47 |
-
सुदान •
|
| 48 |
-
स्वाझीलँड •
|
| 49 |
-
टांझानिया •
|
| 50 |
-
टोगो •
|
| 51 |
-
ट्युनिसिया •
|
| 52 |
-
युगांडा •
|
| 53 |
-
झांबिया •
|
| 54 |
-
झिंबाब्वे
|
| 55 |
-
अँटिगा आणि बार्बुडा •
|
| 56 |
-
आर्जेन्टीना •
|
| 57 |
-
अरुबा •
|
| 58 |
-
बहामा •
|
| 59 |
-
बार्बाडोस •
|
| 60 |
-
बेलिझ •
|
| 61 |
-
बर्म्युडा •
|
| 62 |
-
बोलिव्हिया •
|
| 63 |
-
ब्राझील •
|
| 64 |
-
ब्रिटिश व्हर्जिन आयलँड्स •
|
| 65 |
-
कॅनडा •
|
| 66 |
-
केमन द्वीपसमूह •
|
| 67 |
-
चिली •
|
| 68 |
-
कोलंबिया •
|
| 69 |
-
कोस्टा रिका •
|
| 70 |
-
क्युबा •
|
| 71 |
-
डॉमिनिका •
|
| 72 |
-
डॉमिनिकन प्रजासत्ताक •
|
| 73 |
-
इक्वेडर •
|
| 74 |
-
एल साल्वाडोर •
|
| 75 |
-
ग्रेनाडा •
|
| 76 |
-
ग्वाटेमाला •
|
| 77 |
-
गयाना •
|
| 78 |
-
हैती •
|
| 79 |
-
होन्डुरास •
|
| 80 |
-
जमैका •
|
| 81 |
-
मेक्सिको •
|
| 82 |
-
नेदरलँड्स •
|
| 83 |
-
निकाराग्वा •
|
| 84 |
-
पनामा •
|
| 85 |
-
पेराग्वे •
|
| 86 |
-
पेरू •
|
| 87 |
-
पोर्तो रिको •
|
| 88 |
-
सेंट किट्टस आणि नेव्हिस •
|
| 89 |
-
सेंट लुसिया •
|
| 90 |
-
सेंट व्हिंसेंट आणि ग्रेनेडिन्स •
|
| 91 |
-
सुरिनाम •
|
| 92 |
-
त्रिनिदाद-टोबॅगो •
|
| 93 |
-
अमेरिका •
|
| 94 |
-
उरुग्वे •
|
| 95 |
-
व्हेनेझुएला •
|
| 96 |
-
व्हर्जिन आयलँड्स •
|
| 97 |
-
ऐतिहासिक: ब्रिटिश वेस्ट इंडीझ
|
| 98 |
-
अफगाणिस्तान •
|
| 99 |
-
इस्रायल •
|
| 100 |
-
बहारिन •
|
| 101 |
-
बांग्लादेश •
|
| 102 |
-
भूतान •
|
| 103 |
-
ब्रुनेई •
|
| 104 |
-
कंबोडिया •
|
| 105 |
-
चीन •
|
| 106 |
-
चिनी ताइपेइ •
|
| 107 |
-
हाँग काँग •
|
| 108 |
-
भारत •
|
| 109 |
-
इंडोनेशिया •
|
| 110 |
-
इराण •
|
| 111 |
-
इराक •
|
| 112 |
-
जपान •
|
| 113 |
-
जॉर्डन •
|
| 114 |
-
कझाकस्तान •
|
| 115 |
-
उत्तर कोरिया •
|
| 116 |
-
दक्षिण कोरिया •
|
| 117 |
-
कुवैत •
|
| 118 |
-
किर्गिझिस्तान •
|
| 119 |
-
लाओस •
|
| 120 |
-
लेबेनॉन •
|
| 121 |
-
मलेशिया •
|
| 122 |
-
मालदीव •
|
| 123 |
-
मंगोलिया •
|
| 124 |
-
म्यानमार •
|
| 125 |
-
नेपाळ •
|
| 126 |
-
ओमान •
|
| 127 |
-
पाकिस्तान •
|
| 128 |
-
पॅलेस्टाइन •
|
| 129 |
-
फिलिपाइन्स •
|
| 130 |
-
कतार •
|
| 131 |
-
सौदी अरेबिया •
|
| 132 |
-
सिंगापूर •
|
| 133 |
-
श्रीलंका •
|
| 134 |
-
सिरिया •
|
| 135 |
-
ताजिकिस्तान •
|
| 136 |
-
थायलंड •
|
| 137 |
-
पूर्व तिमोर •
|
| 138 |
-
तुर्कमेनिस्तान •
|
| 139 |
-
संयुक्त अरब अमिराती •
|
| 140 |
-
उझबेकिस्तान •
|
| 141 |
-
व्हियेतनाम •
|
| 142 |
-
येमेन •
|
| 143 |
-
ऐतिहासिक: उत्तर बोमियो
|
| 144 |
-
आल्बेनिया •
|
| 145 |
-
आंदोरा •
|
| 146 |
-
आर्मेनिया •
|
| 147 |
-
ऑस्ट्रिया •
|
| 148 |
-
अझरबैजान •
|
| 149 |
-
बेलारूस •
|
| 150 |
-
बेल्जियम •
|
| 151 |
-
बॉस्निया आणि हर्झगोव्हिना •
|
| 152 |
-
बल्गेरिया •
|
| 153 |
-
क्रोएशिया •
|
| 154 |
-
सायप्रस •
|
| 155 |
-
चेक प्रजासत्ताक •
|
| 156 |
-
डेन्मार्क •
|
| 157 |
-
एस्टोनिया •
|
| 158 |
-
फिनलंड •
|
| 159 |
-
फ्रान्स •
|
| 160 |
-
जॉर्जिया •
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| 161 |
-
जर्मनी •
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| 162 |
-
ग्रेट ब्रिटन •
|
| 163 |
-
ग्रीस •
|
| 164 |
-
हंगेरी •
|
| 165 |
-
आइसलँड •
|
| 166 |
-
आयर्लँड •
|
| 167 |
-
इटली •
|
| 168 |
-
लात्विया •
|
| 169 |
-
लिश्टनस्टाइन •
|
| 170 |
-
लिथुएनिया •
|
| 171 |
-
लक्झेंबर्ग •
|
| 172 |
-
मॅसिडोनिया •
|
| 173 |
-
माल्टा •
|
| 174 |
-
मोल्दोव्हा •
|
| 175 |
-
मोनॅको •
|
| 176 |
-
माँटेनिग्रो •
|
| 177 |
-
नेदरलँड्स •
|
| 178 |
-
नॉर्वे •
|
| 179 |
-
पोलंड •
|
| 180 |
-
पोर्तुगाल •
|
| 181 |
-
रोमेनिया •
|
| 182 |
-
रशिया •
|
| 183 |
-
सान मरिनो •
|
| 184 |
-
सर्बिया •
|
| 185 |
-
स्लोव्हाकिया •
|
| 186 |
-
स्लोव्हेनिया •
|
| 187 |
-
स्पेन •
|
| 188 |
-
स्वीडन •
|
| 189 |
-
स्वित्झर्लंड •
|
| 190 |
-
तुर्कस्तान •
|
| 191 |
-
युक्रेन •
|
| 192 |
-
ऐतिहासिक: बोहेमिया •
|
| 193 |
-
चेकोस्लोव्हाकिया •
|
| 194 |
-
पूर्व जर्मनी •
|
| 195 |
-
सार •
|
| 196 |
-
सोव्हियेत संघ •
|
| 197 |
-
युगोस्लाव्हिया
|
| 198 |
-
अमेरिकन सामोआ •
|
| 199 |
-
ऑस्ट्रेलिया •
|
| 200 |
-
कूक द्वीपसमूह •
|
| 201 |
-
फिजी •
|
| 202 |
-
गुआम •
|
| 203 |
-
किरिबाटी •
|
| 204 |
-
मायक्रोनेशिया •
|
| 205 |
-
नौरू •
|
| 206 |
-
न्यू झीलंड •
|
| 207 |
-
पलाउ •
|
| 208 |
-
पापुआ न्यू गिनी •
|
| 209 |
-
सामोआ •
|
| 210 |
-
सॉलोमन द्वीपसमूह •
|
| 211 |
-
टोंगा •
|
| 212 |
-
व्हानुआतू •
|
| 213 |
-
ऐतिहासिक: ऑस्ट्रेलेशिया
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| 1 |
-
कैया अरुआ (२७ ऑक्टोबर, १९९०:पापुआ न्यू गिनी - ) ही पापुआ न्यू गिनीच्या महिला क्रिकेट संघाकडून २०१८ पासून आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळणारी खेळाडू आहे. ही उजव्या हाताने फलंदाजी आणि डाव्या हाताने मंदगती गोलंदाजी करते.
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| 1 |
-
कैकर हा एक शिकारी पक्षी आहे. या पक्षाला मराठीमध्ये मच्छीमार, मीनखाई घार, मोरघार ईजना, मासेमारी घार, कनेरी, काकणघार, कांतर, मांसी, लंगड्या असे म्हणतात. इंग्रजीमध्ये Western osprey म्हणतात. हिंदीमध्ये मछमंगा, मछरंग, मछरंगा, मछलीमार म्हणतात. संस्कृतमध्ये कुरर, कुरल, पंकजित, मत्सकुरर, मत्स्यनाशन कुरर, सारस म्हणतात. गुजरातीमध्ये मच्छीमार, माछीमार म्हणतात. तेलगुमध्ये कोरमि गद्द म्हणतात.
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| 2 |
-
आकाराने अंदाजे घारीएवढा. गडद उदी रंगाचा पक्षी. डोके उदी पांढरे. शरीराचा खालचा भाग पांढरा. छातीवर रुंद उदी कंठा. त्यावरून ओळख पटते. नर-मादी दिसायला सारखे.
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| 3 |
-
नेपाळच्या खोऱ्यात वर्षभर आढळून येतात. भारत, श्रीलंका, लक्षद्वीप, मालद्वीप आणि अंदमान बेटात हिवाळी पाहुणे.
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| 4 |
-
लडाख, काश्मीर, गढवाल, कुमावून आणि आसाम या भागात मार्च-एप्रिल या काळात वीण.
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| 5 |
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सरोवरे, जलाशय आणि खाडी.
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| 1 |
-
कैलासम बालाचंदर (जे के. बालाचंदर म्हणुन प्रसिद्ध होते) (९ जुलै १९३० - २३ डिसेंबर २०१४) हे एक भारतीय चित्रपट निर्माता आणि नाटककार होता ज्यांनी प्रामुख्याने तामिळ चित्रपट उद्योगात काम केले. ते आपल्या चित्रपटाच्या वेगळ्या शैलीसाठी सुप्रसिद्ध होते आणि भारतीय चित्रपटसृष्टी त्यांना अपारंपरिक विषय आणि कठोर-तत्कालीन समकालीन विषयांचा मास्टर म्हणून ओळखले जात असे. बालाचंदरचे चित्रपट स्त्रियांच्या ठळक व्यक्तिमत्त्व आणि मध्यवर्ती व्यक्तिरेखांच्या भूमिकेसाठी चांगलेच ओळखले जातात.[१][२] त्याचे चित्रपट सामान्यत: असामान्य किंवा गुंतागुंतीच्या परस्पर संबंध आणि सामाजिक विषयावर केंद्रित असतात. १९६४ मध्ये त्यांनी पटकथा लेखक म्हणून चित्रपट कारकिर्दीची सुरुवात केली आणि नीरकुमिझी (१९६५) सह दिग्दर्शनाची सुरुवात केली.
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| 2 |
-
आपल्या चित्रपट कारकिर्दीत, बालाचंदरने नऊ राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार आणि १३ फिल्मफेअर पुरस्कार जिंकले होते. त्यांना १९८७ मध्ये भारताचा चौथा सर्वोच्च नागरी पुरस्कार पद्मश्री आणि २०१० मध्य भारताचा चित्रपटसृष्टीतला सर्वोच्च पुरस्कारे दादासाहेब फाळके पुरस्कारदेऊन गौरविण्यात आले.
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| 1 |
-
कैलासवादिवु सिवन किंवा के.सीवन ( १४ एप्रिल १९५७) हे भारतीय अवकाश शास्त्रज्ञ आणि भारतीय अवकाश संशोधन संस्थेचे ((इस्रो)) अध्यक्ष आहेत.[१] Archived 2022-01-13 at the Wayback Machine.
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| 2 |
-
ते विक्रम साराभाई अंतराळ केंद्र आणि लिक्विड प्रॉपल्शन स्पेस सेंटरचे माजी संचालक आहेत.[१] भारतीय अवकाश कार्यक्रमातील क्रायोजेनिक इंजिनाच्या विकासातील महत्त्वपूर्ण योगदानामुळे सिवन यांना 'रॉकेट मॅन' असे म्हटले जाते.
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| 3 |
-
शिवन यांचा जन्म भारताच्या तामिळनाडू राज्याच्या कन्याकुमारी जिल्ह्यातील मेला सरक्कलविलै या गावात झाला. त्यांच्या वडलांचे नाव कैलासवदिवू असून आईचे नाव चेल्लम आहे. त्यांचे वडील शेतकरी आहेत.
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| 4 |
-
शिवन यांचे प्राथमिक शिक्षण मेला सरक्कलविलै गावात तामिळ माध्यमाच्या सरकारी शाळेत झाले. १९८० मध्ये मद्रास येथील इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजीमधून त्यांनी एअरोस्पेस अभियांत्रिकीची पदवी घेतली. त्यांच्या कुटुंबातील ते पहिले पदवीधर आहेत. पुढे त्यांनी भारतीय विज्ञान संस्था, १९८२ मध्ये बेंगलोर येथून एअरोस्पेस अभियांत्रिकीची पदव्युत्तर पदवी घेतली. २००६ मध्ये त्यांना भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, मुंबई येथून पीएच.डी.ची पदवी मिळाली.[२]
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| 5 |
-
१९८२ मध्ये त्यांनी इस्रोच्या पीएसएलव्ही प्रकल्पात प्रवेश केला. आणि मिशन प्लॅन, मिशन डिझाईन, मिशन एकत्रीकरण आणि विश्लेषणाच्या शेवटच्या दिशेने मोठे योगदान दिले.[३] त्यांनी इस्रोमध्ये मिशन संश्लेषण आणि विश्लेषणासाठी जागतिक स्तरीय सिम्युलेशन सुविधा चालू केली. जी मिशन डिझाइन, उप-प्रणाली पातळीचे प्रमाणीकरण आणि सर्व इस्रो प्रक्षेपण वाहनांमध्ये एव्हिओनिक्स सिस्टमच्या समाकलित प्रमाणीकरणासाठी वापरली जाते. त्यांनी एक अभिनव डे-ऑफ लॉंच पवन बायसिंग धोरण विकसित केले आणि अंमलात आणले. ज्यामुळे वर्षाच्या कोणत्याही दिवशी कोणत्याही हवामान आणि वाऱ्याच्या परिस्थितीत रॉकेट प्रक्षेपण शक्य झाले.[४]
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| 6 |
-
जानेवारी २०१८ मध्ये शिवन यांची इस्रोच्या संचालकपदी निवड झाली.[५] त्यांनी १५ जानेवारी २०१९ रोजी पदाची सूत्रे स्वीकारली. त्यांच्या अध्यक्षतेखाली इस्रोने २२ जुलै २०१९ रोजी चांद्रयानाचे प्रक्षेपण केले. चांद्रयान यशस्वीपणे चंद्रावर पोचल्यास ही कामगिरी करणारा भारत हा जगातील केवळ चौथा देश ठरेल.यापूर्वी अमेरिका, चीन आणि पूर्वाश्रमीच्या सोव्हिएत संघाने ही कामगिरी केली आहे.[६]
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2019 Abdul kalam award,tamilnadu government
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As of मार्च १६, २००७
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Source: [Cricinfo Cricinfo.com]
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२० नोव्हेंबर, इ.स. २०१६
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दुवा: [] (इंग्लिश मजकूर)
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कॉलिन दि ग्रॅंडहॉम हा न्यूझीलंडकडून आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळणारा खेळाडू आहे. याने कसोटी पदार्पणात ४१ धावात ६ बळी घेउन न्यू झीलँडसाठी विक्रम रचला
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कॉलिन टिच वेस्ली (५ सप्टेंबर, १९३७:डर्बन, दक्षिण आफ्रिका - हयात) हा दक्षिण आफ्रिकाकडून १९६० मध्ये ३ कसोटी सामने खेळलेला क्रिकेट खेळाडू आहे. हा डाव्या हाताने फलंदाजी आणि मंदगती गोलंदाजी करीत असे.
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तमिळ सिनेमा किंवा कॉलीवुड (तमिळ: தமிழகத் திரைப்படத்துறை) ही भारताच्या चेन्नई शहरामधील एक मोठी चित्रपट सृष्टी व आशिया खंडातील प्रमुख चित्रपट उद्योगांपैकी एक आहे. कॉलीवूड नाव तमिळ भाषिक चित्रपटांसाठी संबोधन्यात येते. चेन्नई येथील कोडमबक्कम (कोडमपक्कम्) ह्या उपनगरात ही प्रामुख्याने वसलेली असल्याकारणाने तीस कॉलीवूड असे म्हणण्यात येते. ह्याच उपनगरात चित्रपटाशी संबंधीत अनेक प्रयोगशाळा,चित्रपट निर्माणस्थळ, चित्रपट निर्माता, कार्यशाळा, दिग्दर्शक व इतर कलाकार मंडळी वास्तव्यास आहेत.
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| 2 |
-
तमिळ चित्रपट उद्योग हा दक्षिण भारतातील दुसऱ्या क्रमांकाचा मोठा चित्रपट उद्योग असल्या कारणाने (संख्येनुसार/व्यापकतेनुसार) हे चित्रपट निर्मितीचे एक मोठे केंद्र म्हणुन ओळखले जाते. तसेच येथे श्रीलंकन सिनेमा व श्रीलंकन तमिळ सिनेमा देखील निर्मित केले जातात.
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| 3 |
-
आज तमिळ सिनेमा हा जगातील सर्वच प्रमुख राष्ट्रांमध्ये प्रदर्शित होतो श्रीलंका, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, मॉरिशस, जपान, दक्षिण अफ्रिका, उत्तर अमेरिका, कॅनडा आणि पश्विम युरोपचे काही देश हे त्यापैकी काही राष्ट्र आहेत. भारतात देखील चेन्नई व्यतिरिक्त इतर सर्व प्रमुख महानगरात तमिळ सिनेमा पहावयास मिळतो.
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| 4 |
-
तमिळ सिनेमाचे प्रमुख वैशिष्ट्य म्हणजे त्याचे संगीत, संस्कृती दर्शन व कला दिग्दर्शन आणि बिग बजेट (अधिक खर्चाचे) चित्रपट. चित्रपटांच्या वाढत्या लोकप्रियतेमुळे येथील कलाकारांचे मानधन हा एक चर्चेचा विषय बनला आहे. तमिळ चित्रपट उद्योगाने भारतीय चित्रपट सृष्टित मोठे योगदान केले असून महान संगीतकार ईळैयराजा व ए.आर.रहमान तसेच दिग्दर्शक मणीरत्नम, सुपरस्टार रजनीकांत,कमल हासन, शिवाजी गणेशन,एम.जी.आर., जोसेफ विजय ही त्यापैकी काही नाव.आज तमिळनाडूतील २८०० हुन अधिक चित्रपट गृहातुन कॉलीवूडचे चित्रपट प्रदर्शित होतात.
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| 1 |
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| 2 |
-
|गाव=सिंहगड
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| 4 |
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सिंहगड हा भारताच्या महाराष्ट्र राज्यातील पुणे जिल्ह्यातील एक किल्ला आहे.
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| 5 |
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पुण्याच्या नैर्ऋत्येला साधारण २५ कि.मी अंतरावर असणारा हा किल्ला समुद्रसपाटीपासून सुमारे ४४०० फूट उंच आहे. सह्याद्रीच्या पूर्व शाखेवर पसरलेल्या भुलेश्वराच्या रांगेवर हा गड आहे. दोन पायऱ्यासारखा दिसणारा खंदकाचा भाग आणि दूरदर्शनचा उभारलेला मनोरा यामुळे पुण्यातून कुठूनही तो लक्ष वेधतो. पुरंदर, राजगड, तोरणा, लोहगड, विसापूर, तुंग असा प्रचंड मुलुख या गडावरून दिसतो.
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| 6 |
-
सिंहगड या किल्ल्याचे आधीचे नाव कोंढाणा होते. स्थानिक महादेव कोळी लोकांच्या आख्यायिकेनुसार कौडण्यऋषी यांनी येथे तपश्चर्या केली म्हणून या डोंगराचे नाव कोंढाणा झाले. हा किल्ला पूर्वीपासून महादेव कोळी लोकांच्या ताब्यात होता.हा किल्ला पूर्वीच्या पुण्यनगरचे मुख्य होते. येथे महादेव कोळी राजा नागनाथ (नागा) नाईक यांच्या ताब्यात होता.
|
| 7 |
-
इ.स. १३६० मध्ये दिल्लीचा सुलतान मुहम्मद तुघलकाने दक्षिण स्वारी केली. तेव्हा त्याला मंगोल आक्रमणापासून सुरक्षित राहण्यासाठी राजधानी देवगिरी येथे हलवली पण त्यावेळी दक्खनच्या भागात कोळी राजांचे वर्चस्व होते. म्हणून त्याने कोळी साम्राज्यवर आक्रमण केले. त्यावेळी त्याच्यात आणि स्थानिक महादेव कोळी राजा नागनायक यांच्यात मोठे युद्ध झाले. पुढे जनतेला घेऊन त्यांनी किल्ल्यात आश्रय केला. त्यांनी तब्ब्ल 9 महिन्यपेक्षा अधिक काळ म्हणजे एक वर्ष किल्ला लढवला. त्यांच्या पराक्रम पाहून सुलतान चकित झाला. असे सुलतानशाही बखरीत याचे वर्णन आहे. पुढे रसद तुटल्यामुळे त्यांनी किल्ला सोडून दिला. सुलतान दिल्लीला गेल्यावर किल्ला पुन्हा घेतला. पुढे निझामशाहीपर्यंत किल्ला महादेव कोळी सामंताकडे होता.
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| 8 |
-
पूर्वी हा किल्ला आदिलशाही राजवटीत होता. दादोजी कोंडदेव हे आदिलशाही आदिलशहाकडून सुभेदार म्हणून नेमले होते. पुढे इ. स. १६४७ मध्ये त्यांनी गडावर आपले लष्करी केंद्र बनवले. इ.स. १६४९ मध्ये शहाजी राजांच्या यांच्या सुटकेसाठी
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| 9 |
-
शिवाजी राजांनी हा किल्ला परत आदिलशहाला दिला. पुरंदरच्या तहात जे किल्ले मोगलांना दिले त्यामध्ये कोंढाण्याचा समावेश देखील होता. मोगलांतर्फे
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| 10 |
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उदेभान राठोड हा कोंडाण्यावरचा अधिकारी होता. मूळचा राजपूत असलेल्या उदेभान राठोड याने मुस्लिम धर्म स्व��कारला होता.
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| 11 |
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सिंहगडचे मूळ नाव कोंढाणा होते आणि शिवाजी महाराजांच्या काळात त्यांचे विश्वासू सरदार आणि बालमित्र तानाजी मालुसरे आणि त्यांच्या मावळ्यांनी (मावळ प्रांतातून
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| 12 |
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भरती झालेल्या सैनिकांनी) हा किल्ला एका चढाई दरम्यान जिंकला होता. या लढाईत तानाजींना वीरमरण आले आणि प्राणाचे बलीदान देऊन हा किल्ला जिंकल्यामुळे शिवाजी महाराजांनी "गड आला पण सिंह गेला" हे वाक्य उच्चारले अशी आख्यायिका आहे. परंतु सिंहगड हे नाव त्याआधीपासूनच असल्याचेही आढळते.
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पहा सिंहगडाची लढाई गड आला पण सिंह गेला
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या युद्धाबाबत सभासद
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बखरीत खालीलप्रमाणे उल्लेख आहे.
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तानाजी मालुसरे म्हणून हजारी मवळियांचा होता. त्याने कबूल केले की, 'कोंडाणा आपण घेतो', असे कबूल करून वस्त्रे, विडे घेऊन गडाचे यत्नास ५०० माणूस घेऊन गडाखाली गेला. आणि दोघे मावळे बरे, मर्दाने निवडून रात्री गडाच्या कड्यावरून चढवले. गडावर उदेभान रजपूत होता. त्यास कळले की, महाराजांचे आले. ही खबर कळून कूल रजपूत कंबरकस्ता होऊन, हाती तोहा बार घेऊन, मशाल, चंद्रज्योती लावून बाराशे माणूस तोफाची व तिरंदाज, बरचीवाले, चालुन आले. तेव्हा मावळे लोकांनी फौजेवर रजपुतांचे चालून घेतले.
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एक प्रहर मोठे युद्ध झाले. पाचशे रजपूत ठार झाले. उदेभान किल्लेदार खाशा त्याशी व तानाजी मालुसरा यांशी गाठ पडली. दोघे मोठे योद्धे, महाशूर, एक एकावर पडले. तानाजीचे डाव्या हाताची ढाल तुटली. दुसरी ढाल समयास आली नाही.
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मग तानाजीने आपले डावे हाताची ढाल करून त्याजवर वोढ घेऊन, दोघे महारागास पेटले. दोघे ठार झाले. मग सूर्याजी मालुसरे (तानाजींचा भाऊ), याने हिंमत धरून, कूल लोक सावरून उरलेले राजपूत मारिले आणि किल्ला काबीज केला.
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शिवाजी महाराजांना गड जिंकल्याची पण तानाजी पडल्याची बातमी मिळाली तेव्हा ते म्हणाले, 'गड आला, पण सिंह गेला'.
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माघ वद्य नवमी दि. ४ फेब्रुवारी १६७० च्या रात्री हे युद्ध झाले.
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सिंहगडाचे मूळचे नाव कोंढाणा, इसामी नावाच्या कवीने
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फुतुह्स्सलातीन किंवा शाहनामा-इ-हिंद या फार्शी काव्यात (इ. स. १३५०) महंमद तुघलकाने इ. स. १३२८ मध्ये कुंधीयाना किल्ला घेतल्याची माहिती येते. त्यावेळेस हा किल्ला नागनायक नावाच्या महादेव कोळी राजाच्या ताब्यात होता.
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अहमदनगरच्या निजामशाही कारकिर्दीतील कोंढाण्याचे उल्लेख इ. स. १४८२, १५५३, १५५४ व १५६९ च्या सुमारासचे आहेत. इ. स. १६३५ च्या सुमारास कोंढाण्यावर सीडी अवर किल्लेदार असताना मोगल व आदिलशाह यांनी मिळून कोंढाणा घेतला. यावेळेस (इ. स. १६३६) आदिलशाहचा खजिना डोणज्याच्या खिंडीत निजामाचा सरदार मुधाजी मायदे याने लुटला.
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शहाजी राज्यांच्या काळात सुभेदार दादोजी कोंडदेव मालवणकर यांच्या ताब्यात कोंढाणा असल्याचा उल्लेख आदिलशाही फर्मानात आहे.
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दादोजी कोंडदेव आदिलशाहीचे नोकर असले तरी ते शहाजी राजांशी एकनिष्ठ असल्याने शिवाजी राजांनी त्यांच्या मृत्यूपर्यंत (इ. स. १६४७) कोंढाणा घेण्याचा प्रयत्न केला नाही. त्यानंतर लगेचच हा गड राजांनी ताब्यात घेतला.
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इतिहासकार श्री.ग. ह. खरे यांच्या मते तानाजी प्रसंग घडण्यापूर्वीच कोंढाण्याचे नाव 'सिंहगड' झाल्याचे कागदोपत्री पुरावे आहेत. कै.ह. ना. आपटे यांच्या कादंबरीतील मात्र तानाजी प्रसंगानंतर या किल्ल्याचे नाव सिंहगड झाले असा उल्लेख आहे.
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शिवाजी राजांच्या काळात व त्यानंतर हा किल्ला कधी मराठ्यांकडे तर कधी मोगलांकडे ताब्यात होता.
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दारूचे कोठार : दरवाजातून आत आल्यावर उजवीकडे जी दगडी इमारत दिसते तेच दारू कोठार. दि. ११ सप्टेंबर १७५१ मध्ये या कोठारावर वीज पडली. ह्या अपघातात गडावरील त्यावेळच्या फडणिसांचे घर उद्ध्वस्त होऊन घरातील सर्व माणसे मरण पावली.
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टिळक बंगला : रामलाल नंदराम नाईक यांच्याकडून खरेदी केलेल्या जागेवरच्या ह्या बंगल्यात बाळ गंगाधर टिळक येत असत. १९१५ साली महात्मा गांधी व लोकमान्य टिळक यांची भेट याच बंगल्यात झाली.
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कोंढाणेश्वर : हे मंदिर शंकराचे असून ते यादवांचे कुलदैवत होते. आत एक पिंडी व सांब असणारे हे मंदिर यादवकालीन आहे.
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श्री अमृतेश्वर भैरव मंदिर : कोंढाणेश्वराच्या मंदिरावरून थोडे पुढे गेले की डावीकडे हे अमृतेश्वराचे प्राचीन मंदिर लागते. भैरव हे कोळ्यांचे दैवत आहे. यादवांच्या आधी ह्या गडावर कोळ्यांची वस्ती होती. मंदिरात भैरव व भैरवी अशा दोन मूर्ती दिसतात. भैरवाच्या हातात राक्षसाचे मुंडके आहे.
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देवटाके : तानाजी स्मारकाच्या मागून डाव्या हाताच्या छोटा तलावाच्या बाजूने डावीकडे गेल्यावर हे प्रसिद्ध असे देवटाके लागते. या टाक्याचा उपयोग पिण्याचे पाणी म्हणून होत असे व आजही होतो. महात्मा गांधी जेव्हा पुण्यास येत तेव्हा मुद्दाम ह्या टाक्याचे पाणी मागवत असत.
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कल्याण दरवाजा : गडाच्या पश्चिमेस हा दरवा��ा आहे. कोंढणपूरवरून पायथ्याच्या कल्याण गावातून वर आल्यास ह्या दरवाजातून आपला प्रवेश होतो. हे एकामागोमाग असे दोन दरवाजे आहेत. यापैकी वरच्या दरवाज्याच्या दोन्हीकडील बुरुजांच्या भिंतीत अर्धवट बाहेर आलेला हत्ती व माहूत अशी दगडी शिल्पे होती. श्रीशालिवाहन शके १६७२ कारकीर्द श्रीमंत बाळाजी बाजीराव पंडित प्रधान असा शिलालेख आढळतो.
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उदेभानाचे स्मारक : दरवाजाच्या मागच्या बाजूस वर असलेल्या टेकडीवर यावे. येथे जो चौकोनी दगड आहे तेच उदेभान राठोडचे स्मारकचिन्ह म्हणून ओळखले जाते. मोगलांतर्फे उदेभान हा सिंहगडचा अधिकारी होता.
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झुंजारबुरूज: झुंजारबुरूज हे सिंहगडचे दक्षिण टोक होय. उदयभानच्या स्मारकापुढून समोरची टेकडी उतरून या बुरुजावर येता येते. येथून समोरच टोपीसारखा राजगड, त्याच्याच उजवीकडे तोरणा हे गड दिसतात तर खाली पानशेतचे खोरे दिसते. पूर्वेकडे लांबवर पुरंदर दिसतो.
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डोणगिरीचा उर्फ तानाजी कडा : झुंजार बुरूजावरून मागे येऊन तटाच्या भिंतीच्या बाजूने पायवाटेने तानाजीच्या कडाकडे जाता येते. हा कडा गडाच्या पश्चिमेस आहे. येथूनच तानाजी मावळ्यांसह वर चढले.
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राजाराम महाराज स्मारक : राजस्थानी पद्धतीची रंगीत देवळासारखी जी घुमटी दिसते तीच छत्रपती राजाराम महाराज यांची समाधी. मोगली फौजेला सतत ११ वर्षे टक्कर देणाऱ्या राजाराम महाराजांचे वयाच्या अवघ्या ३० व्या वर्षी शनिवार दि. ३ मार्च इ.स. १७०० या दिवशी सिंहगडावर निधन झाले.
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सुभेदार तानाजींचे स्मारक : अमृतेश्वराच्या मागच्या बाजूने वर गेल्यावर डाव्या बाजूस सुप्रसिद्ध सुभेदार तानाजींचे स्मारक दिसते. ‘सुभेदार तानाजी स्मारक समितीच्या’ वतीने हे बांधण्यात आले आहे. माघ वद्य नवमी दि. ४ फेब्रुवारी १६७२ या दिवशी झालेल्या लढाईत तानाजी मारले गेले. दरवर्षी माघ नवमीस येथे मंडळातर्फे सुभेदार तानाजींचा स्मृतिदिन साजरा केला जातो.
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सिंहगड हा किल्ला पुण्यापासून २० किलोमीटर अंतरावर आहे. स्वारगेट बसस्थानकापासून सारसबाग किंवा नेहरू क्रीडांगणाकडून जाणारा ह्या रस्त्याने सिंहगड अंदाजे ३५ कि.मी. वर आहे.
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स्वारगेट पासून ५० क्रमांकाच्या बस या मार्गावर धावतात. शिवाय, सहा आसनी किंवा खासगी वाहनाने सिंहगडाच्या पायथ्यापर्यंत जाता येते. ज्यांना गडावर चालत जायचे नसेल त्यांच्यासाठी पायथ्यापासून गडावर जाण्यासा��ी खासगी वाहने साधारण दर ३०-६० मिनिटांनी मिळतात.
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ओपन-एंडेड स्कीम्स
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या प्रकारच्या म्युचअल फंडमध्ये वर्षभर केव्हाही गुंतवणूक करता येते ,गुंतवणूकदारांना फंडमधील गुंतवणूक केव्हाही काढता येते ,गुंतवणूक काढताना गुंतवणूकदाराला तेव्हाच्या गुंतवणूक एककाच्यादराने रक्कम परत केली जाते हे फंड शेअर बाजारात सूचीकृत केले जात नाहीत .शेअर बाजाराच्या प्रत्येक दिवशी म्युचअल फंड गुंतवणूकदारांना शेअर विकतात ,म्युचअल फंडने - असे शेअर तेव्हाच्या एन ए व्हीला परत विकत घेणे अपेक्षित असते .
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डॉ. बाळासाहेब सावंत कोकण कृषी विद्यापीठ महाराष्ट्राच्या दापोली गावातील कृषी विद्यापीठ आहे. याची स्थापना वसंंतराव नाईक सरकारने १८ मे, इ.स. १९७२ रोजी कोकण कृषी विद्यापीठ नावाने केली. कृृृषी औद्योगिकीकरण व शेतकरी सक्षमीकरणासााठी हरितक्रांतीचे जनक वसंतराव नाईक यांनी पहिल्यांदाच चार कृषी विदयापिठाची स्थापना केली. त्यापैकी असलेले हेे एक कृषी विद्यापीठ. पुढे या विदयापिठाचे नाव १२ फेब्रुवारी, इ.स. २००१ रोजी याचे पी.के. सावंत असे नामकरण केले गेले.
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कोकिसरे हे भारतातील महाराष्ट्र राज्यातील दक्षिण कोकणातील सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील वैभववाडी तालुक्यातील एक गाव आहे.
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| 2 |
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पावसाळ्यात येथे भरपूर प्रमाणात पाऊस पडतो आणि हवामान समशीतोष्ण राहते. हिवाळ्यात येथील हवामान थंड असते व अनेकदा सकाळी धुके पडते. उन्हाळ्यात हवामान उष्ण असते. पावसाळ्यात येथे भातशेती, नागलीशेती केली जाते.
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| 3 |
-
१.https://villageinfo.in/
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२.https://www.census2011.co.in/
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| 5 |
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३.http://tourism.gov.in/
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| 6 |
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४.https://www.incredibleindia.org/
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| 7 |
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५.https://www.india.gov.in/topics/travel-tourism
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| 8 |
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६.https://www.mapsofindia.com/
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| 1 |
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कोची (जपानी: 高知県) हा जपान देशाचा एक प्रांत आहे. हा प्रांत शिकोकू बेटाच्या दक्षिण भागात वसला आहे.
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| 2 |
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गुणक: 34°16′N 133°57′E / 34.267°N 133.950°E / 34.267; 133.950
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@@ -1,213 +0,0 @@
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| 1 |
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| 2 |
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अल्जीरिया •
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| 3 |
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अँगोला •
|
| 4 |
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बेनिन •
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| 5 |
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बोत्स्वाना •
|
| 6 |
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बर्किना फासो •
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| 7 |
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बुरुंडी •
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| 8 |
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कामेरून •
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| 9 |
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केप व्हर्दे •
|
| 10 |
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मध्य आफ्रिकेचे प्रजासत्ताक •
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| 11 |
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चाड •
|
| 12 |
-
कोमोरोस •
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| 13 |
-
काँगो •
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| 14 |
-
डीआर काँगो •
|
| 15 |
-
कोत द'ईवोआर •
|
| 16 |
-
जिबूती •
|
| 17 |
-
इजिप्त •
|
| 18 |
-
इक्वेटोरीयल गिनी •
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| 19 |
-
इरिट्रिया •
|
| 20 |
-
इथियोपिया •
|
| 21 |
-
गॅबन •
|
| 22 |
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गांबिया •
|
| 23 |
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घाना •
|
| 24 |
-
गिनी •
|
| 25 |
-
गिनी-बिसाउ •
|
| 26 |
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केनिया •
|
| 27 |
-
लेसोथो •
|
| 28 |
-
लायबेरिया •
|
| 29 |
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लिबिया •
|
| 30 |
-
मादागास्कर •
|
| 31 |
-
मलावी •
|
| 32 |
-
माली •
|
| 33 |
-
मॉरिटानिया •
|
| 34 |
-
मॉरिशस •
|
| 35 |
-
मोरोक्को •
|
| 36 |
-
मोझांबिक •
|
| 37 |
-
नामिबिया •
|
| 38 |
-
नायजर •
|
| 39 |
-
नायजेरिया •
|
| 40 |
-
रवांडा •
|
| 41 |
-
साओ टोमे आणि प्रिन्सिप •
|
| 42 |
-
सेनेगल •
|
| 43 |
-
सेशेल्स •
|
| 44 |
-
सियेरा लिओन •
|
| 45 |
-
सोमालिया •
|
| 46 |
-
दक्षिण आफ्रिका •
|
| 47 |
-
सुदान •
|
| 48 |
-
स्वाझीलँड •
|
| 49 |
-
टांझानिया •
|
| 50 |
-
टोगो •
|
| 51 |
-
ट्युनिसिया •
|
| 52 |
-
युगांडा •
|
| 53 |
-
झांबिया •
|
| 54 |
-
झिंबाब्वे
|
| 55 |
-
अँटिगा आणि बार्बुडा •
|
| 56 |
-
आर्जेन्टीना •
|
| 57 |
-
अरुबा •
|
| 58 |
-
बहामा •
|
| 59 |
-
बार्बाडोस •
|
| 60 |
-
बेलिझ •
|
| 61 |
-
बर्म्युडा •
|
| 62 |
-
बोलिव्हिया •
|
| 63 |
-
ब्राझील •
|
| 64 |
-
ब्रिटिश व्हर्जिन आयलँड्स •
|
| 65 |
-
कॅनडा •
|
| 66 |
-
केमन द्वीपसमूह •
|
| 67 |
-
चिली •
|
| 68 |
-
कोलंबिया •
|
| 69 |
-
कोस्टा रिका •
|
| 70 |
-
क्युबा •
|
| 71 |
-
डॉमिनिका •
|
| 72 |
-
डॉमिनिकन प्रजासत्ताक •
|
| 73 |
-
इक्वेडर •
|
| 74 |
-
एल साल्वाडोर •
|
| 75 |
-
ग्रेनाडा •
|
| 76 |
-
ग्वाटेमाला •
|
| 77 |
-
गयाना •
|
| 78 |
-
हैती •
|
| 79 |
-
होन्डुरास •
|
| 80 |
-
जमैका •
|
| 81 |
-
मेक्सिको •
|
| 82 |
-
नेदरलँड्स •
|
| 83 |
-
निकाराग्वा •
|
| 84 |
-
पनामा •
|
| 85 |
-
पेराग्वे •
|
| 86 |
-
पेरू •
|
| 87 |
-
पोर्तो रिको •
|
| 88 |
-
सेंट किट्टस आणि नेव्हिस •
|
| 89 |
-
सेंट लुसिया •
|
| 90 |
-
सेंट व्हिंसेंट आणि ग्रेनेडिन्स •
|
| 91 |
-
सुरिनाम •
|
| 92 |
-
त्रिनिदाद-टोबॅगो •
|
| 93 |
-
अमेरिका •
|
| 94 |
-
उरुग्वे •
|
| 95 |
-
व्हेनेझुएला •
|
| 96 |
-
व्हर्जिन आयलँड्स •
|
| 97 |
-
ऐतिहासिक: ब्रिटिश वेस्ट इंडीझ
|
| 98 |
-
अफगाणिस्तान •
|
| 99 |
-
इस्रायल •
|
| 100 |
-
बहारिन •
|
| 101 |
-
बांग्लादेश •
|
| 102 |
-
भूतान •
|
| 103 |
-
ब्रुनेई •
|
| 104 |
-
कंबोडिया •
|
| 105 |
-
चीन •
|
| 106 |
-
चिनी ताइपेइ •
|
| 107 |
-
हाँग काँग •
|
| 108 |
-
भारत •
|
| 109 |
-
इंडोनेशिया •
|
| 110 |
-
इराण •
|
| 111 |
-
इराक •
|
| 112 |
-
जपान •
|
| 113 |
-
जॉर्डन •
|
| 114 |
-
कझाकस्तान •
|
| 115 |
-
उत्तर कोरिया •
|
| 116 |
-
दक्षिण कोरिया •
|
| 117 |
-
कुवैत •
|
| 118 |
-
किर्गिझिस्तान •
|
| 119 |
-
लाओस •
|
| 120 |
-
लेबेनॉन •
|
| 121 |
-
मलेशिया •
|
| 122 |
-
मालदीव •
|
| 123 |
-
मंगोलिया •
|
| 124 |
-
म्यानमार •
|
| 125 |
-
नेपाळ •
|
| 126 |
-
ओमान •
|
| 127 |
-
पाकिस्तान •
|
| 128 |
-
पॅलेस्टाइन •
|
| 129 |
-
फिलिपाइन्स •
|
| 130 |
-
कतार •
|
| 131 |
-
सौदी अरेबिया •
|
| 132 |
-
सिंगापूर •
|
| 133 |
-
श्रीलंका •
|
| 134 |
-
सिरिया •
|
| 135 |
-
ताजिकिस्तान •
|
| 136 |
-
थायलंड •
|
| 137 |
-
पूर्व तिमोर •
|
| 138 |
-
तुर्कमेनिस्तान •
|
| 139 |
-
संयुक्त अरब अमिराती •
|
| 140 |
-
उझबेकिस्तान •
|
| 141 |
-
व्हियेतनाम •
|
| 142 |
-
येमेन •
|
| 143 |
-
ऐतिहासिक: उत्तर बोमियो
|
| 144 |
-
आल्बेनिया •
|
| 145 |
-
आंदोरा •
|
| 146 |
-
आर्मेनिया •
|
| 147 |
-
ऑस्ट्रिया •
|
| 148 |
-
अझरबैजान •
|
| 149 |
-
बेलारूस •
|
| 150 |
-
बेल्जियम •
|
| 151 |
-
बॉस्निया आणि हर्झगोव्हिना •
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| 152 |
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बल्गेरिया •
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| 153 |
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क्रोएशिया •
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| 154 |
-
सायप्रस •
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| 155 |
-
चेक प्रजासत्ताक •
|
| 156 |
-
डेन्मार्क •
|
| 157 |
-
एस्टोनिया •
|
| 158 |
-
फिनलंड •
|
| 159 |
-
फ्रान्स •
|
| 160 |
-
जॉर्जिया •
|
| 161 |
-
जर्मनी •
|
| 162 |
-
ग्रेट ब्रिटन •
|
| 163 |
-
ग्रीस •
|
| 164 |
-
हंगेरी •
|
| 165 |
-
आइसलँड •
|
| 166 |
-
आयर्लँड •
|
| 167 |
-
इटली •
|
| 168 |
-
लात्विया •
|
| 169 |
-
लिश्टनस्टाइन •
|
| 170 |
-
लिथुएनिया •
|
| 171 |
-
लक्झेंबर्ग •
|
| 172 |
-
मॅसिडोनिया •
|
| 173 |
-
माल्टा •
|
| 174 |
-
मोल्दोव्हा •
|
| 175 |
-
मोनॅको •
|
| 176 |
-
माँटेनिग्रो •
|
| 177 |
-
नेदरलँड्स •
|
| 178 |
-
नॉर्वे •
|
| 179 |
-
पोलंड •
|
| 180 |
-
पोर्तुगाल •
|
| 181 |
-
रोमेनिया •
|
| 182 |
-
रशिया •
|
| 183 |
-
सान मरिनो •
|
| 184 |
-
सर्बिया •
|
| 185 |
-
स्लोव्हाकिया •
|
| 186 |
-
स्लोव्हेनिया •
|
| 187 |
-
स्पेन •
|
| 188 |
-
स्वीडन •
|
| 189 |
-
स्वित्झर्लंड •
|
| 190 |
-
तुर्कस्तान •
|
| 191 |
-
युक्रेन •
|
| 192 |
-
ऐतिहासिक: बोहेमिया •
|
| 193 |
-
चेकोस्लोव्हाकिया •
|
| 194 |
-
पूर्व जर्मनी •
|
| 195 |
-
सार •
|
| 196 |
-
सोव्हियेत संघ •
|
| 197 |
-
युगोस्लाव्हिया
|
| 198 |
-
अमेरिकन सामोआ •
|
| 199 |
-
ऑस्ट्रेलिया •
|
| 200 |
-
कूक द्वीपसमूह •
|
| 201 |
-
फिजी •
|
| 202 |
-
गुआम •
|
| 203 |
-
किरिबाटी •
|
| 204 |
-
मायक्रोनेशिया •
|
| 205 |
-
नौरू •
|
| 206 |
-
न्यू झीलंड •
|
| 207 |
-
पलाउ •
|
| 208 |
-
पापुआ न्यू गिनी •
|
| 209 |
-
सामोआ •
|
| 210 |
-
सॉलोमन द्वीपसमूह •
|
| 211 |
-
टोंगा •
|
| 212 |
-
व्हानुआतू •
|
| 213 |
-
ऐतिहासिक: ऑस्ट्रेलेशिया
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| 1 |
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{{{लोकसंख्या_गणना_वर्ष}}}
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| 2 |
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| 3 |
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कोत द'ईवोआरचे प्रजासत्ताक (फ्रेंच: République de Côte d'Ivoire; पूर्वीचे नावः आयव्हरी कोस्ट) हा पश्चिम आफ्रिकेतील एक देश आहे. कोत द'ईवोआरच्या पश्चिमेला लायबेरिया व गिनी, उत्तरेला माली व बर्किना फासो तर पूर्वेला घाना हे देश आहेत. देशाच्या दक्षिणेला अटलांटिक महासागर आहे. यामूसूक्रो ही कोत द'ईवोआरची राजधानी तर आबीजान हे सर्वांत मोठे शहर आहे.
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| 4 |
-
कोत द'ईवोआर स्वातंत्र्यापूर्वी फ्रेंच वसाहत होती. ह्या देशाची राष्ट्रभाषा फ्रेंच आहे व त्यामुळे आयव्हरी कोस्ट ह्या इंग्लिश नावापेक्षा कोत द'ईवोआर हे फ्रेंच नाव अधिकृतपणे वापरले जाते.
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| 1 |
-
कोनाकल्ला नारायण राव (मे ४, इ.स. १९५०- हयात) हे तेलुगू देशम पक्षाचे नेते आहेत. ते इ.स. २००९च्या लोकसभा निवडणुकांमध्ये आंध्र प्रदेश राज्यातील मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघातून लोकसभेवर निवडून गेले.
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| 1 |
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ओब्लास्त (रशियन: О́бласть) ही स्लाविक देशांमधील प्रशासकीय विभागांच्या एका प्रकाराला उल्लेखण्यासाठी वापरली जाणारी संज्ञा आहे. शब्दशः 'प्रदेश' असा अर्थ असणारी ही संज्ञा भूतपूर्व सोवियेत संघ व सोवियेत संघोत्तर काळात बेलारूस, बल्गेरिया, कझाकस्तान, किर्गिझस्तान, रशिया, युक्रेन इत्यादी देशांमध्ये वापरली जाते. अनेकदा प्रांत हा शब्द ओब्लास्तचे वर्णन करण्यासाठी वापरला जातो.
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| 1 |
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ओमप्रकाश मुंजाल (२६ ऑगस्ट, इ.स. १९२८:कमालिया, पाकिस्तान - १३ ऑगस्ट, इ.स. २०१५:लुधियाना, पंजाब, भारत) हे भारतीय उद्योगपती होते. मुंजाल भारतातील हीरो सायकल कंपनीचे संस्थापक होते.
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| 2 |
-
ओमप्रकाश मुंजाल यांचा जन्म एका छोटा व्यवसाय करणाऱ्या कुटुंबात झाला. त्यांनी आणि त्यांचे भाऊ ब्रिजमोहन लाल, दयानंद आणि सत्यानंद यांनी १९४४ मध्ये सायकलीचे सुटे भाग विकण्याचा व्यवसाय अमृतसर येथे सुरू केला.
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| 3 |
-
पुढे मुंजाल कुटुंब लुधियानामध्ये स्थायिक झाले. ओमप्रकाश यांना सायकलींचे सुटे भाग विकतानाच हे भाग स्वतः तयार करून त्यापासून पुढे सायकल तयार करावी अशी कल्पना सुचली. त्याला मूर्त रूप देण्याचा ध्यास घेत १९५६मध्ये त्यांनी हीरो सायकल्सची स्थापना केली.
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| 4 |
-
ओमप्रकाश मुंजाल यांनी १९५६मध्ये वर्षभरात ६३९ सायकलींचे उत्पादन केलो होते. २०१५ साली ही कंपनी दिवसाला १८ हजार ५०० सायकलींचे उत्पादन करत आहे. जगात सायकलींच्या उत्पादनात हे सर्वाधिक उत्पादन आहे. हीरो सायकल्समध्ये चार युनिट असून त्यांत एकूण ७ हजार कर्मचारी आहेत. या कंपनीच्या वाटचालीची नोंद गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्डने १९८६मध्ये घेतली होती.
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| 5 |
-
मुंजाल यांच्या पत्नी सुदर्शन यांचे फेब्रुवारी २०१५मध्ये निधन झाल्यानंतर ते मनाने एकाकी झाले होते. सहा महिन्यांत अल्पशा आजाराने त्यांचा मृत्यू झाला.
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| 2 |
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ओम शांती ओम हा २००७ भारतीय हिंदी-भाषेतील चित्रपट आहे. फराह खान ने दिग्दर्शन केलेल्या ह्या चित्रपटामध्ये शाहरुख खान, दीपिका पडुकोण, अर्जुन रामपाल, श्रेयस तळपदे व किरण खेर ह्यांच्या प्रमुख भूमिका आहेत. शाहरुख खान व दीपिका पडुकोण ह्यांनी नंतर चेन्नई एक्सप्रेस (२०१३) व हॅपी न्यू इयर (२०१४) चित्रपटांमध्ये ही एकत्र काम केलं आहे.
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| 3 |
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ओम मखीजा (शाहरुख खान) एक गरीब ज्युनिअर आर्टिस्ट असतो जो गुप्तपणे लग्न झालेली लोकप्रिय अभिनेत्री शांती कश्यप (दीपिका पदुकोण) हिच्या प्रेमात पडतो. तथापि, तिच्या नवरा मुकेश मेहरा (अर्जुन रामपाल) जो एक निर्माता असतो, तिच्या विश्वासघात करतो व तिला आगीत संपवतो. ओम तिला वाचण्याचा प्रयत्न करताना खुप जखमी होतो व तो ही प्राण सोडतो. तीस वर्षांनंतर, तो सुपरस्टार ओम कपूर म्हणुन पुनर्जन्म घेतो व शांती सारखी दिसणारी मुलगी सॅडी बंसल हिच्यासोबत मुकेश कडुन बदला घ्यायचा ठरवतो.
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कोरोनर अपमृत्युनिर्णेता अधिकारी. अपघात, मारामारी किंवा तत्समान अनैसर्गिक कारणांनी मरण पावलेल्यांची चौकशी फर्माविण्याचा अधिकार अशा अधिकाऱ्याला असतो.
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| 2 |
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इंग्लंडमध्ये असा अधिकारी फार पूर्वीपासून असावा. अँग्लो-सॅक्सन राजांनी त्याच्या नेमणुकीस सुरुवात केली, असे काहींचे मत आहे. तेराव्या शतकारंभी मात्र कोरोनरचा उल्लेख निश्चितपणे मिळतो. ॲल्फ्रेड राजाच्या वेळी या अधिकाऱ्याची राजा नेमणूक करी, पण पहिल्या एडवर्ड (१२७२–१३००) काळी त्याची निवड होण्यास सुरुवात झाली. आरंभी या अधिकाऱ्याचे काम शांतता राखण्याचे असे. म्हणजे पोलीस सध्या जे काम करतात ते कोरोनर करी पण पुढे कामात बदल होत गेले. आता इंग्लंडमध्ये कोरोनरची कामे पुढीलप्रमाणे आहेत : (१) संशयास्पद, अपघाती वा गुन्ह्याच्या परिस्थितीत घडून आलेल्या मृत्यूची चौकशी. याला मरणान्वेषण म्हणतात. (२) सापडलेल्या धनाची किंवा गुप्तधनाची चौकशी. (३) शेरीफ गैरहजर असेल, तर त्याची कामे करणे व न्यायालयाचे हुकूम बजावणे. (४) लंडन शहरात आग लागल्यास त्या आगीची चौकशी करणे. अमेरिकेतही हा अधिकारी असून त्याची स्थानिक संस्थांतर्फे निवडणूक होते.
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| 3 |
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भारतात कोरोनरची व्यवस्था फक्त कलकत्ता व मुंबई येथे आहे. हे कोरोनर राज्यसरकार नेमतेपण इंग्लंडमध्ये स्थानिक संस्थांना कोरानर नेमण्याचा अधिकार आहे.
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| 4 |
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भारतात कोरोनरचा कायदा १८७१मध्ये झाला. कोणाही इसमाचा अपघाती मृत्यू झाला अथवा त्याने आत्महत्या केली किंवा तो तुरुंगात अथवा पोलीसांच्या ताब्यात असताना मरण पावला अथवा त्याचा खून झाला अथवा त्याचा संशयास्पद स्थितीत मृत्यू झाला, अशी बातमी किंवा तक्रार जर कोरोनरकडे गेली, तर तो चौकशीचा हुकूम करतो. ही चौकशी ज्यूरीसमोर कोरोनरच्या न्यायालयात चालते. चौकशीच्या वेळी फौजदारी न्यायालयाला असलेले सर्व अधिकार कोरोनरला असतात. तुरुंगात किंवा पोलीस कोठडीत एखाद्याचा मृत्यू झाला असेल, तर तेथील अधिकाऱ्याने ही वार्ता कोरोनरला कळविली पाहिजे. असे न करणे गुन्ह्यात मोडते. तसेच कोरोनरने चौकशी करू नये, म्हणून प्रेताची विल्हेवाट लावणे हेही गुन्ह्यात मोडते. पुरलेले प्रेत चौकशीसाठी उकरून काढण्याचा हुकूम कोरोनर देऊ शकतो.
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| 5 |
-
चौकशी रविवारी अथवा सुट्टीच्या दिवशीसुद्धा चालू शकते. शवपरीक्षा जरूर आहे, असे वाटल्यास कोरोनर तसा हुकूम देतो. संश���ित इसमासही साक्षदेता येते. ज्यूरीला कोरोनरमार्फत साक्षीदारांना प्रश्न विचारता येतात. चौकशी सुरू असता, जर कोरोनरला कळले, की दंडाधिकाऱ्यांपुढे याच विषयांसंबंधी आरोपीवर कारवाई चालू आहे, तर कोरोनर आपली चौकशी स्थगित करून दंडाधिकाऱ्याच्या निकालानंतर ती संपवितो. चौकशीनंतर कोरोनर ज्यूरीला पुराव्याचे समग्र स्वरूप सांगतो व नंतर ज्यूरी मृत्यू कसा झाला याबद्दल आपले मत देते. या मताप्रमाणे संशयिताने गुन्हा केला असे वाटल्यास कोरोनर त्या इसमास अटक करून दंडाधिकाऱ्यापुढे पाठवितो. ज्यूरीचा सभासद गैरहजर राहिला, तर त्याला दंड करण्याचा अधिकार कोरोनरला आहे.
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कोल इंडिया लिमिटेड (बी.एस.ई.: 533278, एन.एस.ई.: COALINDIA) ही भारत देशामधील एक सरकारी कंपनी आहे. देशामधील ७ महारत्न कंपन्यांपैकी एक असलेली कोल इंडिया जगातील सर्वात मोठी कोळसा उत्पादक कंपनी असून भारतामधील सुमारे ८२ टक्के कोळसा कोल इंडियामार्फत पुरवला जातो. २०१२-१३ सालादरम्यान कोल इंडियाने ४५.२ कोटी टन इतक्या कोळशाचे उत्पादन केले. सध्या कोल इंडियाच्या मालकीच्या ४५० खाणी आहेत.
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| 1 |
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२५ जानेवारी, इ.स. २००६
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| 2 |
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दुवा: [१] (इंग्लिश मजकूर)
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| 3 |
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कौच्च, बांडी, कार्कुंग, करकोचा, पोषा, करकरा, कुंज (इंग्लिश:Demoiseiie Crane; हिंदी:करकरा, कुंज) हा एक पाणपक्षी आहे.
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| 2 |
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या पक्ष्याचा आकार बदकापेक्षा मोठा असतो व अंदाजे तीन फुट उंच . सुबक ,सुंदर , लहानखोरा दिसणारा करकोचा . राखी रंग , डोके व मान काळी आणि डोक्यावर पिसे असतात . कानाच्या छीद्रानावरची पिसे पांढरी व नर आणि मादी दिसायला सारखेच असतात . हे पक्षी थव्याने आढळतात .
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| 3 |
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पाकिस्तान मध्ये हिवाळी पाहुणे म्हणून असतात . उत्तर भारत ते बांगला देश , आसाम , महाराष्ट्र , दक्षिणेकडे कर्नाटक येथे ही आढळतात . युरोप मध्य आशिया , मंगोलिया येथे मे ते जुलै या काळात स्थायिक असतात.
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| 4 |
-
हे पक्षी निवासाला नदीकाठ , झिलानी , आणि भातशेतीचा ,तसेच करडी , गहू ,आणि हरभर्याच्या शितीचा प्रदेश अश्या टिकाणी असतात .
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| 1 |
-
महाभारत युद्ध हे कौरव आणि पांडव या दोन सैन्यात लढले गेले. हे युद्ध मार्गशीर्ष शुद्ध त्रयोदशी, शुभकृत नाम संवत्सर, बुधवार दि. ०५ ऑक्टोबर इ.स.पू. -३१३७ या दिवशी सुरू झाले.
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| 2 |
-
पांडवांचे सैन्य हे पश्चिमेकडची बाजू घेउन पूर्वेकडे तोंड केलेल्या अवस्थेत युद्धभूमीवर हजर होते, सैन्याच्या बाजुलाच एक तळे असल्याचा उल्लेख भीष्मपर्वात सापडतो. पांडवांकडे सात अक्षौहिणी सैन्य होते. एक अक्षौहिणी सेनेत २१,८७९ रथ, २१,८७० हत्ती, ६५,६१० घोडे, १,०९,३५० पायदळ सैनिक यांचा समावेश होतो. ही सात अक्षौहिणी सेना प्रत्येकी एक अक्षौहिणी असा भाग करून सात वीरांच्या अधिपत्याखाली लढत होती. ते वीर होते द्रुपद, विराट, धृष्टद्युम्न, शिखंडी, सात्यकी, चेकीतन आणि भीम. या लढाईत धृष्टद्युम्न हा पांडव सैन्याचा सेनापती होता. अखिल भारतवर्षातून पांडवांसाठी युद्धात उतरलेली काही प्रमुख सैन्य होती कैकय, पांड्य, चोल, केरला आणि मगध.
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| 3 |
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कौरवांकडे अकरा अक्षौहिणी सैन्य होते. कौरव सैन्याचे पहिले सेनापती म्हणून भीष्मांची निवड करण्यात आली. भीष्मांनी दोन अटींवरती ही जबाबदारी स्वीकारली. १) ते पांडुपुत्रांपैकी कोणालाही हानी पोचवणार नाहीत. २) ते असेपर्यंत कर्ण हा युद्धात भाग घेणार नाही. (कर्णानी आपले गुरू परशुरामांचा अपमान केल्याने, आपण एकत्र लढू शकत नाही असे कारण भीष्मांनी दिले.)
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| 4 |
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कौरव सेनेचे सेनापती दुर्योधन, दुःशासन, शकुनी, द्रोण, कृतवर्मा, अश्वत्थामा, कृप, जयद्रथ, शल्य, भुरीसर्वास, सुदक्षिण आणि बहलीका हे होते.
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बलराम आणि विदर्भ राज्याची सेना व स्वतः विदर्भ नरेश रुक्मी हे तटस्थ राहिले.
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१८ हा आकडा या युद्धात अत्यंत महत्त्वाचा गणला गेला. हे युद्ध १८ दिवस चालले, १८ विभाग एकमेकांविरुद्ध लढले (पांडवांचे ७ आणि कौरवांचे ११) आणि ह्या महाभारत युद्धात सांगितल्या गेलेल्या गीतेचे अध्यायही १८च आहेत.
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युद्ध सुरू होण्यापूर्वी दोन्ही पक्षांनी काही नियम मान्य केले.याच कारणामुळे यास धर्मयुद्ध म्हणतात.
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यातले जवळ जवळ सर्व नियम या युद्धात पायदळी तुडवले गेले.
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या युद्धात अर्जुनाने एकाच दिवसात सर्वात जास्त नरसंहार केला. आपला पुत्र अभिमन्यूच्या मृत्यूच्या वार्तेने चिडलेल्या अर्जुनाने एका दिवसात कौरवांच्या एक अक्षौहिणी सेनेचा विनाश केला.
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या युद्धात दोन्ही बाजूंनी रचले गेले व्यूह:
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युद्धानंतर वाचले���े एकूण बलाबल :-
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पांडव - पाच पांडव, कृष्ण, सात्यकी, युयुत्सु.
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कौरव - कृतवर्मा, अश्वथामा, कृप, भीष्म (त्यांनी उत्तरायण सुरू झाल्यावर देह ठेवला.)
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१) सूची- अतिशय सूक्ष्म सुईसमान अग्र असलेला बाण. डोळ्यांची बुबुळे फोडायला ह्यांचा उपयोग केला जाई.
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२) अर्धचंद्र- नावाप्रमाणे चंद्रकोरीच्या आकाराचा बाण. शत्रूच मस्तक धडावेगळे करून आकाशात उडवायची क्षमता असलेला बाण.
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३) जिद्म- वेड्यावाकड्या शेपटाचा आणि तसाच नागमोडी जाणारा बाण. मधले असंख्य अडथळे चुकवून हव्या त्या लक्ष्याचा अचूक भेद घेण्याची क्षमता असलेला. अतिशय कौशल्याने सोडायचा बाण. अर्जुनाने सिंधुराज जयद्रथाचा वध याच बाणाने केला. या बाणाने मधल्या अनेकांना चुकवून गर्दीत उभ्या असलेल्या जयद्रथाचा कंठनाळ अचूक फोडला.
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४) भल्ल/मल्ल:- भरीव लोखंडाचा, शंक्वाकृती बाण. जाडजूड लोहकवच फोडून प्रतिस्पर्ध्याचा मर्मभेद करण्यासाठी वापर.
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५) वक्रदंत:- अग्राला उलटे दाते असलेला बाण. एकदा घुसला की बाजूच्या धमन्या फोडल्याशिवाय बाहेरच काढता येत नसे.
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६) बस्तिकः- याचे शेपूट मोडके असे. दोन भाग लोखंडी तारेच्या मळसूत्री तिढ्याने जोडलेले असत. त्यामुळे घुसल्यावर बाहेर काढण्यासाठी ओढताच नुसते शेपूटच हातात येत असे आणि पाते आतच राहत असे. विष लावून वापर केला जात असे.
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७) नाराच:- वजनाचे आणि लांबीचे गुणोत्तर अचूक सांभाळून अतिशय काळजीपूर्वक तयार केला जात असे. अफाट वेगवान बाण.
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८) वत्सदंत:- गाईच्या वासराच्या (वत्स) दाताच्या आकाराचा.
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९) गवास्थि:- गुरांच्या हाडापासून केलेला.
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१०) गजास्थि:- हतीच्या हाडापासून तयार केलेला.
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११) काकपुच्छ:- कावळ्याच्या पिसांची शेपटी असलेला.
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१२) कालदंड:- दंडावरच्या विशिष्ट खाचा वगैरेंच्या योगाने अतिशय कर्कश आवाज करत जात असे. अमोघ बाण.
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१३) सन्नतपर्व:- वेताच्या दंडावर अनेक गाठी असलेला.
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१४) नतापर्व:- दंडावर एकही गाठ नसलेला.
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१५) पद्म:- कमळाच्या आकाराचे अग्र असलेला बाण. योद्ध्यांचे अवयव समूळ तोडायला उत्तम.
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१६) द्व्यग्री:- दोन टोके असलेला.
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१७) धृष्ट- दंडावर स्पायरल आकारात, ड्रीलवर असतात तश्या चार खाचा असत. त्यामुळे गरगर गोल फिरत जात असे. विविध प्रकारची कवचे फोडण्यासाठी वापर.
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१८) वज्र- अतिशय दणकट आणि खूप दणका देणारा बाण. रथाची चक्रे निखळवणे, ध्वजदंड मोडणे, जू तोडणे अशा कामांसाठी वापर.
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क्रांतीकारी समाजवादी पक्ष (Revolutionary Socialist Party; संक्षेप: आर.एस.पी.) हा भारत देशामधील एक राजकीय पक्ष आहे. १९४० साली स्थापन झालेल्या ह्या पक्षाचे मुख्यालय नवी दिल्ली येथे असून त्याची विचारधारा साम्यवादावर आधारित आहे. क्रांतीकारी समाजवादी पक्ष आव्या आघाडीचा घटकपक्ष आहे.
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गुणक: 45°2′N 38°58′E / 45.033°N 38.967°E / 45.033; 38.967
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क्रास्नोदर (रशियन: Краснодар) हे रशिया देशाच्या क्रास्नोदर क्रायचे मुख्यालय व सर्वात मोठे शहर आहे. क्रास्नोदर शहर रशियाच्या कॉकेशस प्रदेशामध्ये कुबान नदीच्या काठावर वसले आहे. २०१० सालच्या गणनेनुसार क्रास्नोदर शहराची लोकसंख्या ७.४५ लाख इतकी होती. क्रास्नोदर हे दक्षिण रशियामधील सर्वात मोठे व्यापार केंद्र असून ते रशियामधील सर्वोत्तम औद्योगिक शहर मानले जाते.
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२०१४ हिवाळी ऑलिंपिक स्पर्धा क्रस्नोदरजवळील सोत्शी ह्या शहरामध्ये भरवली जाईल.
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{{{लोकसंख्या_गणना_वर्ष}}}
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क्राइमिया (युक्रेनियन: Автономна Республіка Крим; रशियन: Автономная Республика Крым; क्राइमियन तातर: Qırım Muhtar Cumhuriyeti, Къырым Мухтар Джумхуриети) हा पूर्व युरोपातील एक वागद्रस्त भूभाग आहे. मार्च २०१४ सालापर्यंत युक्रेन देशाचे एक स्वायत्त प्रजासत्ताक असलेले क्राइमिया सध्या रशियाच्या अधिपत्याखाली आहे. क्राइमिया युक्रेनच्या दक्षिणेस व रशियाच्या नैऋत्येस काळ्या समुद्राच्या उत्तर किनाऱ्यावर क्राइमिया ह्याच नावाच्या द्वीपकल्पावर वसले आहे.
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क्राइमियाच्या इतिहासात अनेक महासत्तांचा समावेश आहे. १५व्या ते १८व्या शतकादरम्यान हा भूभाग ओस्मानी साम्राज्याच्या तर १८व्या ते विसाव्या शतकादरम्यान रशियन साम्राज्याच्या अधिपत्याखाली होता. दुसऱ्या महायुद्धादरम्यान नाझी जर्मनीने हा प्रदेश बळकावला व युद्धानंतर सोव्हिएत संघाच्या राजवटीदरम्यान क्राइमिया आधी सोव्हिएत रशिया व नंतर सोव्हिएत युक्रेनचा राजकीय विभाग होता.
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२६,१०० वर्ग किमी क्षेत्रफळ असलेल्या क्राइमिया प्रजासत्ताकाची लोकसंख्या २००७ साली सुमारे २० लाख इतकी होती. सिंफेरोपोल ही क्राइमियाची राजधानी व सर्वात मोठे शहर तर सेव्हास्तोपोल, याल्ता व कर्च ही इतर मोठी शहरे आहेत. पर्यटन व शेती हे येथील प्रमुख उद्योग आहेत.
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क्रियाविशेषण क्रिये विषयी विशेष माहिती देणाय्रा शब्दांस क्रियाविशेषण असे म्हणतात. क्रियापदा बद्दल विशेष माहिती देणारे शब्द असतात, उदा.१) राम अधाशासारखा खातो. २) ती लगबगीने घरी पोहोचली.३) बाहेर जोरदार पाऊस पडतो.४) वैशाली चांगली मुलगी आहे.
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वरील वाक्यात - अधाशासारखा, लगबगीने, जोरदार, चांगली ही क्रियाविशेषण आहेत.
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' क्रियापदाबद्दल विशेष माहिती सांगून जी अविकारी राहतात,त्यांनाच क्रियाविशेषण अव्यय असे म्हणतात '
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क्रियाविशेषणाचे प्रकार :
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१. कालवाचक : क्रिया घडण्याची वेळ,काल दर्शवितात.उदा.:आज,उद्या,नेहमी,आता,पूर्वी अचानक इ.
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२.स्थलवाचक :
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३.रीतीवाचक :
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४.संख्यावाचक वा परिणामवाचक :
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५.प्रश्नार्थक :
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६.निषेधार्थक क्रियाविशेषण अव्यय :
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७.स्वरूप मुलक :
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काही मूळचीच क्रियाविशेषण अव्यय असतात.उदा.: पुन्हा,हळू,खरोखर,लवकर इ.
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क्रिश्ना हरिहरन (२४ सप्टेंबर, १९५५ - ) हे भारतीय आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पंच आहेत. त्यांनी १९९७ ते २००६ दरम्यान दोन कसोटी तसेच ३४ एकदिवसीय सामन्यांमध्ये पंचगिरी केली.
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मे २००५चा इंग्लंड- बांगलादेश आणि मार्च २००६चा बांगलादेश- श्रीलंका हे यांचे दोन कसोटी सामने होते.
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क्रिस्टोफर जॉन क्रिस ॲडम्स (६ मे, १९७०:व्हिटवेल, डर्बीशायर, इंग्लंड - ) हा इंग्लंडकडून प्रत्येकी ५ कसोटी आणि एकदिवसीय सामने खेळलेला क्रिकेट खेळाडू आहे. हा उजव्या हाताने फलंदाजी आणि उजव्या हाताने क्वचित ऑफ स्पिन गोलंदाजी करतो.
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याची मुलगी जॉर्जिया ॲडम्स इंग्लंडकडून आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेळते.
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क्रेग काउंटी, व्हर्जिनिया ही अमेरिकेच्या व्हर्जिनिया राज्यातील १४ पैकी एक काउंटी आहे. याचे प्रशासकीय केन्द्र येथे आहे.
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२०२० च्या जनगणनेनुसार येथील लोकसंख्या इतकी होती.
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क्रेग काउंटी, व्हर्जिनियाची रचना रोजी झाली. या काउंटीला यांचे नाव दिलेले आहे.
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क्रेव्हन काउंटी, नॉर्थ कॅरोलिना ही अमेरिकेच्या नॉर्थ कॅरोलिना राज्यातील १०० पैकी एक काउंटी आहे. याचे प्रशासकीय केन्द्र येथे आहे.
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२०२० च्या जनगणनेनुसार येथील लोकसंख्या इतकी होती.
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क्रेव्हन काउंटी, नॉर्थ कॅरोलिनाची रचना रोजी झाली. या काउंटीला यांचे नाव दिलेले आहे.
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क्रॉफर्ड काउंटी, जॉर्जिया ही अमेरिकेच्या जॉर्जिया राज्यातील १५९ पैकी एक काउंटी आहे. याचे प्रशासकीय केन्द्र येथे आहे.
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२०२० च्या जनगणनेनुसार येथील लोकसंख्या इतकी होती.
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कलांतान (देवनागरी लेखनभेद: केलांतान, क्लांतान; भासा मलेशिया: Kelantan; सन्मान्य नाव: दारुल नईम (वर लाभलेला प्रदेश) ;) हे मलेशियामधील एक राज्य असून द्वीपकल्पीय मलेशियाच्या ईशान्येस वसले आहे. कलांतानाच्या उत्तरेस थायलंडाच्या नरादिवात प्रांताशी भिडलेली आंतरराष्ट्रीय सीमा असून आग्नेयेस तरेंगानू, पश्चिमेस पराक, दक्षिणेस पाहांग ही मलेशियाची राज्ये आहेत. कलांतानाच्या ईशान्येस दक्षिण चीन समुद्र आहे.
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कलांतान कृषिप्रधान राज्य असून तांदळाच्या मुबलक उत्पादनामुळे 'मलेशियाचे तांदळाचे कोठार' मानले जाते.
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कदा · कलांतान · जोहोर · तरेंगानू · नगरी संबिलान · पराक · पर्लिस · पाहांग · पेनांग · मलाक्का · सलांगोर · साबा · सारावाक
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क्वालालंपूर · पुत्रजय · लाबुआन
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क्लाइव्ह एडवर्ड एक्स्टीन (२ डिसेंबर, इ.स. १९६६:जोहान्सबर्ग, दक्षिण आफ्रिका - ) हा दक्षिण आफ्रिकाकडून सात कसोटी सामने खेळलेला क्रिकेट खेळाडू आहे.
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क्लिंगॉन हे स्टार ट्रेक कथानाकातील एक काल्पनिक प्रजाती आहे. जीन रॉडेनबेरी यांनी १९६० मध्ये स्टार ट्रेक या नावाने, एका काल्पनिक ब्रह्मांडाची रचना केली व स्टार ट्रेक कथानक बनवले.
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क्वांग-ह्योक री (१७ ऑगस्ट, इ.स. १९८७ - ) हा उत्तर कोरियाकडून आंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेळणारा खेळाडू आहे.
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क्वावार (चिन्ह: ) ही क्यूपरच्या पट्ट्यातील एक खगोलिय वस्तू आहे.
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खंडोबाचीवाडी हे भारतातील महाराष्ट्र राज्यातील सातारा जिल्ह्यातील सातारा तालुक्यातील एक गाव आहे.
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हे गाव समुद्रसपाटीपासून साधारणपणे ७०० मीटर उंचीवर वसलेले आहे. येथे उष्णकटिबंधीय वातावरण आहे. येथे पावसाळ्यात भरपूर पाऊस पडतो.वार्षिक पर्जन्यमान १०४२ मिलीमीटर आहे.हिवाळ्यात इथे सुखद गारवा असतो.सरासरी वार्षिक तापमान २४.४ अंश सेल्सियस आहे.येथील वाऱ्याचा सरासरी वेग २.८ मीटर प्रति सेकंद आहे.वाऱ्याचा कमाल वेग सुमारे १० मीटर प्रति सेकंद आहे.हिवाळ्यात तापमान १०.९ अंश सेल्सियसपर्यंत खाली जाते तर उन्हाळ्यात ते ३७.६ अंश सेल्सियसपर्यंत वर चढते.
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खंबाळा हे भारतातील महाराष्ट्र राज्यातील वाशिम जिल्ह्यातील मानोरा तालुक्यातील एक गाव आहे.
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येथील हवामान उष्ण व कोरडे असून उन्हाळ्यात अतिउष्ण तर हिवाळ्यात अतिथंड असते. दिवसा उष्ण आणि रात्री थंड असे वर्षभर तापमान असते. पावसाळ्यात येथे मध्यम प्रमाणात पाऊस पडतो.
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खडकतळे हे भारताच्या महाराष्ट्र राज्यातील नाशिक जिल्ह्यातील देवळा तालुक्यातील एक गाव आहे.
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येथे मार्चच्या मध्यापासून जूनच्या पूर्वार्धापर्यंत उन्हाळा असतो. उन्हाळ्यात हवामान सामान्यतः उष्ण असून तापमान ३८ ते ४० सेल्सियसपर्यंत असते.जून महिन्याच्या मध्यापासून पावसास सुरुवात होऊन ऑक्टोबरच्या मध्यापर्यंत पावसाळा असतो. सर्वसाधारण नोव्हेंबर ते फेब्रुवारी या काळात थंडी असते.वार्षिक सर्वसाधारण हवामान उष्ण व विषम असते.वार्षिक पर्जन्यमान ९५० मि.मी.पर्यंत असते.
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वाणिज्यात खाजगीकरण हे शासकीय उद्योगाचे किंवा जाहीरपणे व्यापार केलेल्या कंपनींचे खाजगी कंपनी किंवा कंपन्यांकडून करण्यात आलेले अधिग्रहण. खाजगीकरण झाल्यावर कंपनीचे शेअर्स बाजारात सामान्यांना विकले जात नाहीत.
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| 2 |
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दुसऱ्या प्रकारचे खाजगीकरण हे भागीत कंपनी अभागीत होऊन तिचे संयुक्त भांडवली कंपनी मध्ये रूपांतर होण्याची प्रक्रिया होय.[१] पहिल्यांदा 'खाजगीकरण' (इंग्रजीत प्रायव्हेटायझेशन) हा शब्द द इकॉनॉमिस्ट ह्या मासिकाने १९३० च्या दशकात नाझी जर्मनीच्या आर्थिक नीतींचे वर्णन करण्यासाठी वापरला होता.[२][३]
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| 3 |
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खाजगीकरणाच्या मुख्य ५ पद्धती आहेत:
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| 4 |
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खाजगीकरणाच्या विषयावरील प्रसिद्ध वितर्क खाली दिलेले, आहेत.
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| 5 |
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संशोधनांप्रमाणे, खाजगीकरण झालेली बाजारे व आर्थिक व्यवस्था खुल्या बाजाराच्या स्वरूपामुळे जास्त कार्यक्षमतेने वस्तू व सुविधा पुरवतात. वेळासोबत ह्यामुळे किमतींमध्ये घट, दर्जामध्ये वाढ, जास्त पसंती, इत्यादी गोष्टी समोर येतात. काही अभ्यासक असे मत मांडतात की सर्व बाजार खाजगी नाही झाले पाहिजे, कारण त्याने बाजारात घट व एकाधिकार होण्याची संभावना राहते. पण अराजक भांडवलदार मानतात की शासनाचे प्रत्येक कार्य खाजगी असावे.[४]
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| 6 |
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खाजगीकरणाच्या बाजूची अभ्यासक मंडळी खालील मत मांडते :
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| 7 |
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खाजगीकरण-विरोधी गट असे मानतो की काही सामाजिक वस्तू व सेवा ह्या मुख्यतः शासनाच्या हातात असाव्या, जेणेकरून प्रत्येकाला त्यांचा लाभ मिळेल (जसे की - कायद्याची अंमलबजावणी, आरोग्य सेवा, व मूलभूत शिक्षण).
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| 8 |
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एक लोकशाहीद्वारे निवडलेले शासन हे लोकांच्या गरजा एका संविधानाद्वारे किंवा विधानमंडळाद्वारे लक्षात घेऊन अंमलात आणते. लोकशाहीद्वारे निवडलेले असल्यामुळे सर्व नफा, किंवा भांडवल हे समाजातील सर्वांच्या गरजा पूर्ण करण्यासाठी वापरण्यात येतात, व वर दिलेल्या सगळ्या मुद्द्यांना, एक प्रत्युत्तर म्हणून सादर करण्यात येते.[५]
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