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अभय, अभय बेटा, तुम कहाँ भागे जा रहे हो? रुको बच्चे, गिर जाओगे, चोट लग जाएगी, रुको। कहते हुए एक औरत एक छोटे से बच्चे के पीछे भागे जा रही थी। उस औरत ने एक गुलाबी कलर की बहुत खूबसूरत सी साड़ी पहन रखी थी। वो देखने में बहुत ही खूबसूरत थी। उस औरत के लंबे घने बाल कमर तक खुले हुए थे। एक छोटे से बच्चे के पीछे भागते हुए वह उसे आ... |
अभय के पीठ पीछे मैनेजर राजेश अभी-अभी आए उस लड़की को भड़काते हुए बोला, शिप्रा जी आप यहाँ? अच्छा हुआ कि आप यहाँ आ गईं। देखा आपने कितना फायदा उठाता है आपकी पीठ पीछे ये आपके स्टेटस का। आपने देखा इसने मुझ पर हाथ उठाया और ऐसा आज पहली बार नहीं हुआ है। हम तो बस आपकी इतनी इज्जत करते हैं इसीलिए आज तक आपसे कुछ भी नहीं कहा और आज भ... |
मिस्टर सिंघानिया मिस्टर सिंघानिया उठिए होश में आइए आप ठीक तो हैं मिस्टर सिंघानिया आंखें खोलिए क्या आपको मेरी आवाज सुनाई दे रही है आप ठीक हैं मिस्टर सिंघानिया यह आवाज सुनकर अभय ने अपनी आंखों को धीरे-धीरे खोलना शुरू किया कुछ देर पहले उसकी आंखों के सामने अचानक से अंधेरा छा गया था वह अपनी आंखों को बहुत कोशिश करने के बाद खो... |
अभय मिस्टर सिन्हा से अपनी बातें खत्म करने के बाद उनके घर से निकल गया लेकिन वो शिप्रा के घर नहीं गया उसके घर जाने की बजाय उसने रास्ते से एक टैक्सी ली और ड्राइवर को एक एड्रेस बताते हुए बोला कपाड़िया रियल स्टेट कंपनी चलो कुछ ही देर में वो टैक्सी एक बड़ी सी बिल्डिंग के सामने खड़ी थी शाम ढल चुकी थी इसलिए वह बिल्डिंग लाइटों ... |
अभय ने जैसे ही फोन रखा, शिप्रा ने उसे कंधे से पकड़कर अपनी तरफ घुमाते हुए कहा, इस सबका क्या मतलब है? आखिर करना क्या चाहते हो तुम? उसे गुस्से से खुद पर चिल्लाते हुए देखकर अभय उसके थोड़ा करीब आया और उसके गाल पर हाथ रखकर उसकी आंखों में आंखें डालकर बोला, शिल्पी. Please trust me बस एक आखरी बार मुझ पर भरोसा करो। मैं तुमसे वाद... |
नेवी ब्लू कलर का थ्री पीस सूट पहने करीब अभय की ही उम्र का एक आदमी, अभय के कंधे पर हाथ रखकर खड़ा था। उसे देखकर ही पता चल रहा था कि वो कोई आम आदमी नहीं बल्कि एक जानी-मानी हस्ती है। उसे देख आरुष के मुंह से अचानक निकला मिस्टर कपाड़िया आप यहाँ? मिस्टर निखिल कपाड़िया, कपाड़िया एम्पायर के नए यंग सीईओ। निखिल ने उसकी आवाज सुनकर... |
अभय जैसे ही आरुष के कैबिन का दरवाजा खोलकर अंदर आया, उसने देखा कि मिस्टर निखिल कपाड़िया ने पेपर साइन कर दिए हैं और वो आरुष से हाथ मिलाते हुए वहां से जाने की तैयारी में है। कॉन्ट्रैक्ट साइन होते ही आरुष खुशी से पागल ही हुए जा रहा था। आखिर आज उसके हाथ इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट जो लगा था। तभी आरुष की नजर दरवाजे पर खड़े अभय पर ... |
अपने ऑफिस डेस्क पर बैठी शिप्रा आज जो कुछ भी हुआ उसके बारे में सोचे जा रही थी। वो आज अभय का अलग ही रूप देखकर हैरान थी और ऊपर से इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट उसके द्वारा मिलना इतने बड़े आदमी से अभय की जान पहचान यह सभी सवाल शिप्रा के दिमाग में घूम रहे थे। शिप्रा यह जानकर जितना खुश थी कि आज उसकी नौकरी नहीं जाएगी उतना ही वह इस बात... |
विराट के ये कहने के बाद कि अभय ने विराट के साथ बदतमीजी की है और उसे धमकी भी दी है, मिसेज खन्ना का दिमाग खराब हो गया था। वह गुस्से से जैसे फटी जा रही थी। उन्होंने चीखते हुए कहा, विराट उठाओ उनका सारा सामान और घर से बाहर फेंक दो अभी के अभी। वो मुझे यहाँ दिखाई नहीं देने चाहिए। मैं देखती हूँ आखिर फिर वो क्या करेंगे? तभी पीछ... |
लिमिटेड एडिशन की नई चमचमाती कार को अपने दरवाजे पर रुकते देख मिसेस खन्ना और विराट की आँखें बड़ी-बड़ी हो गई। कार को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह अभी सीधा शोरूम से निकलकर यहाँ पर आई है। विराट ने अपनी चमचमाती हुई आँखों से उस कार को ऐसे देखा जैसे उसकी कई सालों पुरानी मन्नत पूरी हो गई हो। ये विराट की मनपसंद कार थी। शिप्रा ने ... |
वीराट ने अभय को नीचा दिखाने के लहजे में बात कही। तो क्या सोचा है अभी तुमने? क्या तुम यह कार मुझे दोगे? या मेरे पैसे लेकर भाग जाओगे? यह सुनकर अभय ने गहरी सांस ली और शिप्रा की तरफ देख कर बोला। शिप्रा, चाबी दे दो। यह सुनते ही जैसे शिप्रा का गुस्सा आसमान छूने लगा। वह गुस्से से उस पर चीखते हुए बोली। अभय तुम जानते भी हो क्या... |
अभय जो किचन में खाना बना रहा था उसने जैसे ही अपना फोन बजते हुए देखा और जल्दी से फोन उठाकर कहा हेलो मैं आपकी कॉल का ही इंतजार कर रहा था दूसरी तरफ से एक भारी आवाज आई क्या हुआ तुम परेशान लग रहे हो क्या सब कुछ ठीक है यह सुनकर अभय ने जवाब देते हुए कहा नहीं अंकल सब कुछ ठीक नहीं है यह कहते हुए उसने सारी बात मिस्टर सिन्हा को ब... |
मिस्टर सिन्हा से अपनी बातें खत्म करने के बाद अभय उनके ऑफिस से निकलकर सीधा ओबरॉय रियल स्टेट कंपनी आ गया था। वह निखिल वाले कॉन्ट्रैक्ट के बारे में बातें करने के लिए आयुष के कैबिन की तरफ जा ही रहा था। तभी उसने शिप्रा को आरुष के कैबिन के अंदर एक फाइल लेकर जाते हुए देखा। उसे वहाँ देखकर अभय समझ गया कि शिप्रा को आयुष ने बुलाय... |
पहले से ही परेशान विराट ने जब अनामिका की ये बातें सुनी तो वह उस पर भड़कते हुए बोला तुम अपनी बकवास बंद करो। तुम्हें यहां बकवास करने के लिए नहीं बुलाया है। अनामिका ने जैसे ही यह बात सुनी उसने खींचकर एक थप्पड़ विराट के गाल पर रसीद कर दिया और गुस्से से पैर पटकते हुए वहां से जाने लगी। विराट के गाल पर जैसे ही चांटा पड़ा उसे ... |
शिप्रा ऑफिस से घर आ चुकी थी और वहीं अभय भी निखिल से बातें करने के बाद लौट आया था। शिप्रा जब से घर वापस आई थी वो कुछ खोई-खोई सी थी। इस बात को अदिति और अभय दोनों नोटिस कर रहे थे। अदिति ने शिप्रा से पूछा, शिप्रा क्या हुआ? क्या ऑफिस में सब ठीक है? अदिति का यह सवाल सुनकर शिप्रा की नजर अनजाने में ही अभय पर चली गई। उसने अपनी ... |
अदिति, अभय और शिप्रा एक साथ बैठकर रात का खाना खा रहे थे। खाना खाते समय टेबल पर एक अजीब सी शांति थी। अदिति की एक नजर अभय और दूसरी नजर शिप्रा पर बार-बार रुक रही थी। वो समझ ही नहीं पा रही थी कि इन दोनों के बीच रिश्ता इतना अजीब क्यों है? वह जहां तक शिप्रा के बारे में जानती थी, उसे याद था कि शिप्रा और अभय की शादी कोई अरेंज ... |
अभय अपनी टेबल पर बैठा कुछ कर रहा था कि तभी उसने किशन से सुना कि आरुष ने शिप्रा को अपने केबिन में बुलाया है इसलिए वह मन ही मन परेशान हो गया अभय आरुष की सोच से अच्छी तरह से वाकिफ था इसलिए जब शिप्रा को आरुष के केबिन में काफी देर हो गई तो अभय से रुका नहीं गया वो अपनी जगह से उठकर आरुष के केबिन की तरफ चल दिया अभय जब वहां पहु... |
अभय रॉयल स्टेट के ऑफिस में अभय आरुष के कैबिन से सीधा बाथरूम में चला गया। वर्किंग आवर्स होने की वजह से बाथरूम में इस समय कोई भी नहीं था। अभय को आरुष की हरकत याद करते हुए गुस्सा आ रहा था। उसे बार-बार आरुष का शिप्रा को टच करना और उसका हाथ मोड़ना याद आ रहा था। उसने गुस्से से बाथरूम की दीवार पर पंच किया और गुस्से से चीखा। आ... |
अदिति को अचानक अपने आसपास खतरा महसूस होने लगा था। उसे अपनी तरफ बढ़ते कदमों की आवाज सुनाई दे रही थी, जिससे वो अंदर ही अंदर डर रही थी। तभी किसी ने उसका हाथ कसकर पकड़ा। अदिति डर और बेचैनी से कुसमुसाई। उसने अपनी घबराहट छुपाते हुए अपने हाथों को हिलाने की कोशिश की। लेकिन तभी किसी ने उसे कमर से पकड़ा और एक तरफ धकेल दिया। अदित... |
अदिति और शिप्रा के उस घर से निकल जाने के कुछ ही देर बाद एक गाड़ी तेजी से आकर वहां पर रुकी। एक झटके से उस गाड़ी का दरवाजा खुला और भागते हुए आरुष उस घर के अंदर आया। वो इस समय इतनी जल्दी में था कि उसने अपनी कार को लॉक करना भी जरूरी नहीं समझा। वो जैसे ही घर के अंदर आया, अपनी ही जल्दबाजी में उसका पैर किसी चीज से टकराया और ए... |
अदिति और शिप्रा दोनों को ही घर पहुंचने में काफी देर हो गई थी। शिप्रा ने घर के दरवाजे की बेल बजाई लेकिन अंदर से किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। यह देखकर अदिति ने अपने बैग से चाबी निकालते हुए कहा, ये अभय कहां चला गया? दरवाजा क्यों नहीं खोल रहा? अदिति की बात सुनकर एक बार फिर से शिप्रा के दिमाग में वही बात घूमने लगी। उसे फिर ... |
शिप्रा अपनी टेबल पर आराम से बैठी थी जब उसे किसी ने कहा कि उसे निखिल ने अपने केबिन में बुलाया है। शिप्रा अपनी जगह से उठी और निखिल के केबिन की तरफ जाने लगी। निखिल का केबिन इस बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर था इसलिए वहां जाने के लिए उसे लिफ्ट लेनी थी। इसलिए वो अपनी जगह से उठी और लिफ्ट की तरफ बढ़ गई। उसने लिफ्ट में एंटर किया और ... |
निखिल अपने केबिन में बैठा हुआ कुछ सोच रहा था। अचानक सोचते हुए उसे कुछ याद आया और उसने अपने टेबल की सबसे नीचे वाली ड्रॉर खोली। उस ड्रॉर में ज्यादा सामान नहीं था। केवल कुछ विजिटिंग कार्ड्स पड़े हुए थे। उसने थोड़ा झुककर अपना हाथ उस ड्रॉर के अंदर तक डाला। तो उसकी आंखें जैसे चमकने लगी। शायद उसे वह मिल गया था जो वो ढूंढ रहा ... |
दूसरी तरफ अभय अदिति के घर से निकलकर सीधा मिस्टर सिन्हा के ऑफिस पहुंचा। मिस्टर सिन्हा अपने ऑफिस में बैठे हुए कुछ फाइल देख रहे थे। देखने से पता चल रहा था कि वो बहुत बिजी हैं। अभय ने जैसे ही उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया, मिस्टर सिन्हा ने बिना उस इंसान पर कोई ध्यान दिए उसे सीधा उसे अंदर आने के लिए कहा। मिस्टर सिन्हा अपने का... |
निखिल भी अपने ऑफिस से निकल चुका था। वह अक्सर खुद ही कार ड्राइव करता था। वो जब ड्राइव करते हुए एक फुटपाथ से मुड़ा कि तभी उसे फुटपाथ पर एक जाना पहचाना सा चेहरा नजर आया। उस चेहरे को ध्यान से देखते हुए निखिल ने अपनी कार उस तरफ बढ़ा दी। फुटपाथ पर बैठा वह आदमी इतना अपनी सोच में गुम था कि उसे पता भी नहीं चला कि कब निखिल की का... |
अभय के दिमाग में अभी भी मिस्टर सिन्हा की बातें ही घूम रही थीं। वो सुनसान सड़क पर थोड़ी ही दूरी पैदल चला था कि तभी एक लग्जरी कार उसके पास आकर रुकी। अचानक उस कार का पीछे का दरवाजा खुला और अभय उसमें बैठकर चला गया। दूसरी तरफ अदिति के घर पर अदिति और शिप्रा लिविंग रूम में बैठी शिप्रा की नई जॉब के बारे में बातें कर रही थीं। उ... |
अभय की आवाज़ कानों में पड़ते ही शिप्रा हैरान हो गई। उसने हैरान परेशान होकर अभय की तरफ देखा तो वह अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ था। यह देखकर शिप्रा ने गहरी सांस ली और खुद में ही बोली, शुक्र है भगवान का। नींद में मेरा नाम ले रहा है। मुझे तो लगा था मैं गई लेकिन अब मुझे यहाँ से जाना चाहिए। अगर यह उठ गया तो सच में कोई गड़बड... |
शिप्रा जब ऑफिस से बाहर निकली तब तक काफी अंधेरा हो चुका था। उसने चारों तरफ नजरें घुमाकर देखा लेकिन उसे कोई भी टैक्सी नजर नहीं आ रही थी। शिप्रा मन ही मन परेशान होने लगी। वो किसी को फोन करना चाहती थी लेकिन उसके फोन की बैटरी भी खत्म हो चुकी थी। शिप्रा मन ही मन थोड़ा घबरा रही थी क्योंकि बाहर ज्यादा लोग नजर नहीं आ रहे थे। वै... |
नेहा अपने घर के बड़े से लिविंग रूम में अपनी मनपसंद क्वीन चेयर पर बैठी अपने फोन में एक वीडियो देख रही थी। वो उसे बार-बार रिवाइंड करके देख रही थी। ऐसे लग रहा था जैसे उस वीडियो को देखने में उसे बड़ा ही मजा आ रहा है। वो वीडियो और किसी का नहीं बल्कि शिप्रा का वही वीडियो था जिसमें उन किडनैपर्स ने शिप्रा को ऑफिस के बाहर से कि... |
ऊपर से लेकर नीचे तक काले कपड़े पहने हुए एक साया तेजी के साथ एक सुनसान बिल्डिंग की सीढ़ियां चढ़े जा रहा था तभी उसके कानों में एक लड़की की चीखने की आवाज गूंजी उस आवाज को सुनकर उस साये की दौड़ने की रफ्तार और भी ज्यादा तेज हो गई वह अपने कदमों की रफ्तार बढ़ाते हुए जल्दी-जल्दी सीढ़ियां चढ़े जा रहा था अंधेरा होने की वजह से उस... |
अदिति ने घड़ी की तरफ देखा। घड़ी में रात के 12 बज चुके थे। यह देखकर अदिति हैरान रह गई। अब उसे इस बात का पूरा यकीन हो गया था कि हो ना हो शिप्रा किसी खतरे में है। क्योंकि ऐसा हो ही नहीं सकता कि रात के 12 बजे तक शिप्रा घर से गायब हो और वो किसी को इन्फॉर्म भी ना करे। ये सब सोचकर अदिति ने अपने फोन से पुलिस को फोन लगाया। फोन ... |
सब इंस्पेक्टर विजय के साथ ही शिप्रा और अदिति भी वहां से निकल गए थे अब बस उस अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में अभय और निखिल ही खड़े थे अभय अभी भी अपनी ही जगह पर स्तब्ध सा खड़ा था उसकी आंखों में एक अजीब सा खालीपन साफ दिखाई दे रहा था निखिल को बहुत अजीब लग रहा था उसे यकीन नहीं हो रहा था कि जिस अभय को वह जानता है वह किसी की इतन... |
अभय दरवाजे पर खड़ा शिप्रा की तरफ ही देखे जा रहा था। वो उससे पूछना चाहता था कि वो कैसी है? लेकिन शिप्रा ने उसे ऐसे दरवाजा घेर कर खड़ा देखा तो वो चिढ़ गई। उसने अभय को घूर कर देखा और फिर उसे साइड करते हुए घर के अंदर जाने लगी। अभय ने देखा कि उसके पीछे वो सब इंस्पेक्टर भी आ रहा था। अदिति ने विजय की तरफ देखकर उसे अंदर आने का... |
अभय काफी देर से शिप्रा और अदिति की बातों को सुने जा रहा था। वो मन ही मन सोच रहा था, अब इसके साथ-साथ उस आशी को भी झेलना पड़ेगा। हे भगवान, मैं वैसे ही परेशान हूँ, ये अदिति तो मुझसे संभलती नहीं और वो आशी तो इसकी भी माँ है। ये सब सोचते हुए वो उन दोनों की तरफ देख रहा था कि तभी अदिति और शिप्रा की आवाज़ उसके कानों में पड़ी। श... |
निखिल के ऑफिस में निखिल अपने टेबल पर बैठा कुछ काम कर रहा था कि तभी उसका फोन बजा। उसने अपना फोन उठाया तो दूसरी तरफ से चिराग की आवाज आई। चिराग ने कुछ ऐसा कहा जिसे सुनकर निखिल मुस्कुराया और बोला मैनेजर को बोलो कि मुझे फोन करें। यह सुनकर चिराग ने फोन काट दिया। थोड़ी ही देर में निखिल का फोन दोबारा से बजने लगा। उसने अपने फोन... |
वेटर के 2 लाख का बिल दिखाने पर अदिति ने अपनी जगह से खड़े होते हुए थोड़ा गुस्से में कहा क्या मतलब है इन सबका? 2 लाख का बिल? ऐसी कौन सी डिश हमने ऑर्डर कर दी जो इतनी महंगी है? और रही वीआईपी रूम की बात तो हमने नहीं कहा था कि हमें वीआईपी रूम दो। हमने तो अपने लिए टेबल बुक की थी। यह सब आप लोगों की गलती है। यह सुनकर वेटर ने इर... |
मैनेजर की बात सुनकर अदिति ने गुस्से से कहा आप क्या कहना चाहते हैं कि हमने ऑर्डर किया है या नहीं हमें बिल भरना ही होगा यह सुनकर मैनेजर ने भी थोड़ा गुस्से से कहा यस मैम अगर आपने यह खाया है तो इस ऑर्डर का बिल आपको भरना ही होगा वरना मैं पुलिस को अभी के अभी फोन करता हूं वह अपने आप आप लोगों से हमारे पैसे वसूल कर लेगी यह सुनत... |
रेस्टोरेंट के वीआईपी कमरे के दरवाजे पर राघव खड़ा हुआ वेटर से यह बोल रहा था लेकिन उसकी आवाज सुनकर भी अभय ने उसकी तरफ एक नजर नहीं देखा यह बात राघव को बिल्कुल पसंद नहीं आई थी वह थोड़ा गुस्से में लग रहा था राघव ने वेटर को घूरते हुए कहा जाओ तुम यहां से उसकी बात सुनकर वेटर को ऐसा लगा जैसे भगवान ने उसे धरती पर स्वयं आकर कोई व... |
अब तक अभय समझ चुका था कि उसके पास अब राघव से लड़ने के अलावा और कोई चारा नहीं है। राघव और उसके आदमी दोनों ही उसे यहाँ से ऐसे ही नहीं जाने देंगे। और अब अगर उसे यहाँ से ऐसे ही जाना है तो उसे उन लोगों को अपनी असलियत बतानी होगी जो अभय उन्हें बताना बिल्कुल भी नहीं चाहता था। कुछ सोचकर वो अपनी पोजीशन लेते हुए लड़ने के लिए तैया... |
मैनेजर ने उन दोनों से यह सवाल पूछ तो लिया था, यह सब क्या है? लेकिन अब वह अंदर ही अंदर डर रहा था। उसे इस बात का डर था कि अगर इन दोनों में से कोई भी उससे नाराज हुआ तो ना जाने उसका क्या होगा। पहले ही वह अभय को नाराज करके एक गलती कर चुका था। अब वह दूसरी गलती बिल्कुल नहीं करना चाहता था। इसलिए उसने थोड़े रिक्वेस्ट करते हुए क... |
शिप्रा अभय का बर्ताव देखकर अंदर ही अंदर परेशान हो रही थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे अभय उसे जानबूझकर इग्नोर कर रहा है। शिप्रा पहले ही गिल्ट से मरी जा रही थी और अब अभय का यह बर्ताव उससे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रहा था। वो मन ही मन बोली मुझे समझ नहीं आ रहा कि आखिर मुझे करना क्या चाहिए? क्या मैं इससे सॉरी बोलूं? इसी उधेड़ बु... |
अदिति के घर से निकलकर आशी कैब से अपने हॉस्टल की तरफ जा रही थी। पूरे रास्ते उसके दिमाग में बस यही ख्याल चलता रहा कि कैसे शिप्रा ने अभय के साथ ऐसा बर्ताव किया। उसके बाद भी अभय ने उससे इतने अच्छे से बात की। न जाने क्यों, आशी की आंखों के सामने बार-बार शिप्रा और अभय घूम रहे थे। उसे अभय का सर झुकाए हुए, बेबसी और लाचारी से भर... |
अभय अपने फोन को हैरानी से देखे जा रहा था। आशी का फोन अचानक से कट होने की वजह से उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अभी आशी ने उससे जो कुछ भी कहा क्या वह कोई सच था या फिर कोई मजाक? और उसे सबसे अजीब बात जो लग रही थी वो ये कि आशी ने शिप्रा को ये सब बताने से क्यों मना किया? वो ये सब सोचकर उलझन में था कि तभी उसके पीछे से शिप्रा क... |
अभय के कमरे में सोई शिप्रा की नींद आधी रात में अचानक से खुल गई। उसने अपने चारों तरफ नजर दौड़ाकर देखा तो उसे याद आया कि वह अभय के रूम में ही उसके बारे में सोचते-सोचते सो गई थी। यह याद आते ही वो जल्दी से अपनी जगह से खड़ी हुई। उसने इधर-उधर देखा लेकिन उसे अभय कहीं भी नजर नहीं आया। उसने घड़ी की तरफ देखा तो घड़ी रात के 11:00... |
आशी को उन लड़कों ने बताया कि क्लब में आते हुए वह जिस लड़की से टकराई और उसकी बहस हुई थी उसने ही उसके साथ यह सब करने के लिए उन लड़कों को पैसे दिए हैं। यह जानकर आशी को गुस्सा तो बहुत आया लेकिन इस समय उसकी सिचुएशन बदला लेने की बिल्कुल नहीं थी। इस समय तो वह खुद को बचा ले उसके लिए वही बहुत था। वह लड़का जो इस ग्रुप का लीडर था... |
फोन कट चुका था लेकिन शिप्रा अभी भी अपने फोन को ही घूरे जा रही थी। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि यह है हुआ क्या? वह खुद से ही बातें करते हुए बोली क्या अभय ने जानबूझकर मेरा फोन काट दिया? नहीं ऐसा नहीं हो सकता। जरूर उसके फोन की बैटरी खत्म हो गई होगी। उसने एक बार दोबारा अपना फोन उठाया और अभय को कॉल लगा दी। लेकिन अभय का फोन अ... |
कुछ देर बाद अदिति तैयार होकर हॉल में खड़ी थी और शिप्रा का इंतजार कर रही थी। तभी घर की बेल किसी ने बजाई। शिप्रा जो कमरे से निकलकर बाहर आ रही थी, वह बोली, मैं देखती हूं कौन है? यह कहते हुए वो दरवाजे की तरफ बढ़ गई। उसने जैसे ही दरवाजा खोला सामने खड़े आशी और अभय को देखकर वह चौंक गई। आशी की गर्दन पर अभी भी निशान थे। उसने अप... |
शिप्रा आशी और अभय को एक दूसरे के इतने करीब देखकर गुस्से से कमरे में चली गई थी। अदिति भी शिप्रा के पीछे कमरे में गई। उसने देखा कि शिप्रा ने अपना हैंडबैग बेड पर पटक दिया है और वो गुस्से से भरी हुई खिड़की से बाहर देख रही है। अदिति उसके पास गई और धीरे से उसके कंधे पर हाथ रखकर उसका नाम लेते हुए बोली, शिप्रा? लेकिन शिप्रा ने... |
शिप्रा के अभय से यह पूछने के बाद कि क्या वह डिनर के लिए खन्ना हाउस उसके साथ चलेगा, अभय अपने मन ही मन सोच रहा था कि आखिर उसे क्या करना चाहिए। उसे अचानक डॉक्टर की बात याद आई कि उसे आशी को अकेला नहीं छोड़ना है। इसलिए तो वह आशी के साथ इतनी देर से बैठा हंसी मजाक कर रहा था क्योंकि वह नहीं चाहता था कि आशी दोबारा से उस सदमे को... |
शिप्रा ने अपने पापा के कमरे के दरवाजे को धीरे से खटखटाया। मिस्टर खन्ना ने अंदर से आवाज लगाते हुए कहा, हाँ? कौन है? अंदर आ जाओ। शिप्रा जैसे ही अंदर जाने वाली थी कि तभी पीछे से आशी हवा की गति से आई और एकदम से दरवाजे के अंदर घुस गई। आशी का ऐसे उससे पीछे करते हुए अंदर जाना शिप्रा को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। एक बार के लिए तो... |
आशी और अभय के कानों में जब शिप्रा की आवाज पड़ी तो उन दोनों को इस बात का एहसास हुआ कि जाने अनजाने में वो दोनों एक दूसरे के करीब आ गए हैं। ये एहसास होते ही वो दोनों एक दूसरे से दूर हुए लेकिन शिप्रा का गुस्सा उन्हें देखकर बढ़ गया था। वो पहले ही उनकी नजदीकियों से परेशान थी और अब अनामिका की बातें उसके दिल के हजारों टुकड़े क... |
अनामिका का सवाल सुनते ही विराट ने गुस्से से चिल्लाते हुए आशी से पूछा, आशी क्या है ये सब? आखिर क्या कहना चाहती हो तुम? क्या तुम नहीं चाहती कि तुम्हारे भाई की शादी हो? यह कहते हुए उसने अपने दांत पीस लिए और अपनी आंखों से ही आशी को डराने की कोशिश करने लगा। अपने पापा के कमरे में बैठी शिप्रा के कानों में भी विराट की आवाज पहु... |
मिसेस खन्ना के दिए धक्के की वजह से शिप्रा पीछे गिरते-गिरते बची। अभय ने उसे संभाल लिया था। लेकिन अपने पापा की बिगड़ती हुई हालत देखकर शिप्रा की आंखों में भी आंसू आ गए थे। वह अपने पापा के पास जाना चाहती थी। लेकिन मिसेस खन्ना ने उसे मिस्टर खन्ना के पास जाने नहीं दिया। मिसेस खन्ना की बात सुनकर भी शिप्रा जब वहां से नहीं गई त... |
चिराग खड़ा निखिल के चेहरे पर आते जाते भाव को देखे जा रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसके बॉस के दिमाग में क्या खुराफाती आइडिया चल रहा है। काफी देर तक जब निखिल ने अपनी बात आगे नहीं बढ़ाई तो चिराग ने उससे सवाल करते हुए कहा सर आप क्या सोच रहे हैं? निखिल अपनी वर्किंग टेबल पर दोनों हाथों को रखकर झुक गया और लैपटॉप स्क... |
अभय अपने कमरे में इधर से उधर घूम रहा था। तेजस की कॉल के बाद अभय को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं। वह पूरी तरह से कंफ्यूज हो चुका था। कि तभी बेड पर पड़ा उसका फोन दोबारा से बजने लगा। अभय को लगा कि शायद तेजस ने उसे दोबारा फोन किया होगा। इसलिए अभय ने भाग कर उसका फोन उठाया। फोन उठाकर जल्दी से उस... |
शिप्रा ने जब महसूस किया कि निखिल ने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया है तो उसने एक झटके से अपनी गर्दन घुमाकर उसकी तरफ देखा लेकिन तब तक निखिल अपना हाथ उसके हाथ से हटा चुका था और हड़बड़ा कर उसने कार के ब्रेक पर भी पैर रख दिया था जिस वजह से कार एक झटके के साथ रुक गई वह तो शुक्र था कि उस समय सड़क पर ज्यादा गाड़ियां नहीं थी जो ... |
अनामिका ने रेस्त्रां में बैठे हुए अभय और आशी की रिकॉर्डिंग शिप्रा को भेज दी थी, जिसमें वो दोनों ही काफी करीब दिखाई दे रहे थे, जिसके कारण शिप्रा काफी गुस्सा हो गई। और शिप्रा ने अभय को फोन करके कहा कि वो उससे नफरत करती है। शिप्रा की बात सुनकर अभय ने कहा, शिप्रा सुनो तो सही, बात क्या है? We can talk. यार ऐसा... शिप्रा ने ... |
निखिल ने ऑफिस में जब शिप्रा को परेशान देखा तो उसके पास आकर बैठा और बोला मैं जानता हूं आपके दिल में क्या चल रहा है। शिप्रा आप अभय से डिवोर्स ले लो। शिप्रा ने जैसे ही यह सुना तो वह गुस्से से खड़ी हो गई और निखिल का हाथ झटक कर बोली, यह आप कैसी बात कर रहे हैं? मैं ऐसा सोच भी नहीं सकती। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि आप मुझसे ... |
अभय ने जब शिप्रा से सुना कि उसे कंपनी के काम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और साथ ही उसे उसकी मां के बारे में भी टेंशन हो रही थी। इसी बात के चलते उसने एक कॉल लगाया और जैसे ही सामने से फोन उठाया गया उसने कहा शाम को मिलते हैं। अभय पूरा दिन अपने ख्यालों में ही खोया हुआ था। उसे घर के काम खत्म करने के बाद शाम की मीटि... |
निखिल के कैबिन में वो राजेश के साथ नए प्रोजेक्ट को लेकर डिस्कशन कर रहा था। निखिल के मन में बात चल रही थी अगर हम फंस गए तो शिप्रा मुझसे दूर हो जाएगी। तभी वहां आयुष आया और बोला किसने कहा था उस साइट पर काम शुरू करने के लिए? हम बुरे फंस गए हैं। यह सुनकर निखिल टेबल पर हाथ मारते हुए खड़ा हुआ और बोला अब बताओगे क्या बात है? सब... |
अभय और टोनी आशीष के सामने बैठे हुए थे। आशीष ने जब अभय का दिया हुआ पेपर देखा तो उसके पैरों तले की जमीन निकल गई। पर वो वहीं पर बैठ गया। तो अभय उसके पास आया और बोला, चलो तुम्हारे कैबिन में चलकर बात करते हैं। आशीष ने अपनी गर्दन उठाकर अभय की तरफ देखा फिर उठकर अपने कैबिन की तरफ चलने लगा। वो जो अभी पेपर पर देख रहा था वो उसके ... |
शिप्रा को टोनी ने उसकी कंपनी में जॉब ऑफर की थी, जिसके लिए शिप्रा ने अभी तक हाँ नहीं कहा था। उस बात के चलते अभय ने टोनी से कहा था, शिप्रा को अभी टाइम दे दो, उसे आखिर आना तो यही है। तभी अभय ने घड़ी देखी और उसे याद आया कि वो मिस्टर खन्ना को अस्पताल में छोड़कर आया हुआ था। वो तुरंत वहाँ से भागा और अस्पताल पहुँचा तो मिस्टर ख... |
शिप्रा अदिति के घर शिफ्ट हो गई थी। अदिति ने अभय से कहा था कि वो शिप्रा को इंप्रेस करे। इसलिए अभय और राशि शिप्रा के लिए ज्वेलरी लेने के लिए गए थे। जहाँ अभय को एक सिक्योरिटी गार्ड ने एकदम पकड़ लिया। आशी ने जब ये देखा तो चुपके से आगे की तरफ निकल गई। वो अभय के साथ ऐसे किसी भी प्रॉब्लम में नहीं पड़ना चाहती थी। अभय ने उस गार... |
अभय सही हीरे की पहचान की प्रतियोगिता के आखिरी पड़ाव तक पहुंच गया था। वो ये जानता था कि उसने जो सीखा था, उस बात के चलते वो सही हीरे तो चुन लेगा लेकिन आज समय उसका बड़ा दुश्मन था। बाहर खड़ी आशी ये सोच रही थी अब तक अभय आया क्यों नहीं? क्या वाकई अभय को वहां के गार्ड ने पकड़ लिया होगा? वो अभय का फोन ट्राई करने लगी लेकिन अभय ... |
अभय ने शिप्रा के गले में उसका लाया हुआ हार पहनाया तो जब शिप्रा ने वो डायमंड का पेंडेंट देखा तो उसने एकदम से शॉक्ड होते हुए अभय से पूछा तुम कौन सी जॉब कर रहे हो? शिप्रा ने कुछ ऐसे लहजे में अभय से पूछा था कि अभय जो इतनी देर से शिप्रा की आंखों में डूबा हुआ था वह एकदम होश में आते हुए बोला तुम कहना क्या चाहती हो? यह सुन शिप... |
शिप्रा मीटिंग के लिए ऑफिस से निकली थी। ऑफिस के बाहर आते ही उसने जो देखा तो वो शॉक्ड होकर बोली, तुम यहाँ क्या कर रहे हो? वहाँ अभय ड्राइवर के कपड़े पहनकर खड़ा हुआ था। शिप्रा को ऐसा कहता देख वह बोला, मैं इस कंपनी का सिक्योरिटी इंचार्ज हूँ और तुम यहाँ पर इतना इंपॉर्टेंट डिपार्टमेंट हैंडल करती हो इसलिए तुम्हारा ध्यान रखना म... |
शिप्रा मीटिंग के लिए होटल पैराडाइज में रमेश तिवारी और अरविंद कुमार से मिलने गई। अरविंद कुमार ने शिप्रा के सॉफ्ट ड्रिंक में नशे की दवाई मिला दी थी और वो दोनों उसका फायदा लेना चाहते थे। शिप्रा नशे में बेहोश होने लगी थी। तिवारी शिप्रा के पास आने लगा। तभी उसे जोरदार घूंसा पड़ा। तो तिवारी को ऐसा लगा जैसे आसमान के सारे तारे ... |
शिप्रा से जब रमेश तिवारी और अरविंद कुमार ने माफी मांगी और कहा कि वो अभय को गलत न समझे तो शिप्रा ने उन लोगों से तो कुछ नहीं कहा लेकिन उसके मन में ये बात रह-रह कर आ रही थी कि ये लोग अभय की तरफदारी क्यों कर रहे हैं? शिप्रा ने डील साइन करने के बाद अभय से कहा, "अभय, वो लोग मुझे तुम्हारे बारे में क्यों बता रहे थे? ऐसी क्या ब... |
शिप्रा ने भी मुस्कान के साथ कहा, "अभय, सॉरी। मैं तुम्हें गलत समझ बैठी थी। थैंक यू।" इन सभी बातों के बीच वो लोग वापस ऑफिस आ गए थे। ऑफिस आने के बाद टोनी ने शिप्रा से कहा, "शिप्रा, तुम अपने कैबिन में जाकर डील के पेपर देख लो। मुझे अभय से कुछ बात करनी है।" और उसने अभय को उसके कैबिन में चलने को कहा। |
कैबिन में आने के बाद टोनी बोला, "ये क्या है भाई? तूने शिप्रा को बताया क्यों नहीं? तूने कल उन दोनों की पिटाई की थी क्योंकि वो दोनों शिप्रा का फायदा उठाना चाहते थे। इतनी बड़ी बात तूने छिपाई और साथ ही मुझे भी बताने नहीं दी। ये सही नहीं किया तूने।" |
अभय ने टोनी की बात सुनने के बाद कहा, "मैं जानता हूँ। मुझे शिप्रा को सब सच बता देना चाहिए। लेकिन अभी सही समय नहीं आया है। जब सही समय होगा, तब वो मेरी बात समझेगी।" ऐसा बोलकर अभय टोनी के कैबिन से जाने को हुआ। तभी उसे कुछ याद आया तो वो बोला, "हमें कुछ ही देर में एक जरूरी मीटिंग के लिए बाहर जाना है। तुम रेडी रहना।" |
टोनी ने अभय की ओर सवालिया नज़र से देखा तो अभय बोला, "उन दोनों से मिलना है। चौकन्ना रहना होगा। मैं कुछ देर में निकल जाऊंगा। मेरे यहाँ से जाने के ठीक आधे घंटे के बाद तुम निकलना। ताकि किसी को भी शक ना हो।" टोनी ने अभय को थम्स अप दिखाया। |
प्लान के मुताबिक अभय के ऑफिस से निकलने के आधे घंटे बाद टोनी वहाँ से निकल गया। वो दोनों ही अलग-अलग रास्तों से चाय वाले के वहाँ पहुँच गए। जैसे ही चाय वाले ने उन दोनों को देखा तो वो बोला, "आप पीछे वाले रास्ते से अंदर चले जाइए। वो दोनों अंदर ही हैं।" |
अभय ने कहा, "किसी को कोई शक तो नहीं हुआ ना?" ये सुन चाय वाला भैया जिसका नाम रामू चाय वाला था, वो मुस्कुराते हुए बोला, "छोटे साहब, किसी की नज़र ना पड़े इसलिए तो ये छोटी सी दुकान शहर से बाहर की तरफ डाली है। आपकी कृपा से आज तक किसी बात की कमी नहीं पड़ी। तो आपके लिए मुझसे जो भी बन पड़ेगा, मैं करूँगा।" |
अभय ने जब ये सुना तो रामू काका के कंधे पर हाथ रखकर बोला, "रामू काका, आप जैसे लोग साथ हैं, इसीलिए मैं इतना सब सोच सकता हूँ। खैर, बाद में मिलता हूँ। पहले बाकी का काम निपटा लेता हूँ।" और इतना कहने के बाद वो पर्दा हटाकर अंदर की तरफ चला गया। |
वहाँ दो जवान लड़के बैठे हुए थे। दोनों की ही उम्र करीब 25 साल के आसपास थी। वो स्मार्ट और हैंडसम होने के साथ ही काफी चालाक भी दिख रहे थे। उन दोनों ने जैसे ही अभय को देखा तो तुरंत उठकर उसे गले से लगाते हुए बोले, "भैया, कितने दिनों के बाद आज खुलकर मिलने का मौका मिल रहा है।" |
दरअसल विनीत और सुमित दोनों ही अभय के सौतेले छोटे भाई थे। अभय के 15 भाइयों में से ये दोनों ही थे जो अभय का साथ देते थे। अभय ने उन दोनों की काफी मदद की थी, इसलिए वो जानते थे कि उनके परिवार वाले कुछ भी कहें, अभय के साथ रहने में ही भलाई है। विनीत फाइनेंस और कॉर्पोरेट सेक्टर के काम में बहुत अच्छा होने के साथ ही मार्शल आर्ट्... |
उन दोनों ने आकर अभय के साथ बातचीत शुरू की और आगे क्या करना है इसके बारे में बताया। अभय ने सुमित से कहा, "तुम्हारे कारण निखिल को हैंडल करना काफी आसान हो गया था। वरना एक ही रात में इतना सब कुछ मैनेज करना थोड़ा मुश्किल था।" |
ये सुनकर सुमित बोला, "भाई, शिप्रा भाभी के साथ अगर कोई बुरा व्यवहार करेगा तो हमको पलटकर जवाब तो देना ही होगा ना?" |
ये बात सुनकर विनीत ने कहा, "मैं सुमित की बात से पूरी तरह सहमत हूँ। शिप्रा भाभी अभी सीख रही हैं। डील मैनेज करना, फाइनेंस देखना, ये सब एक ही रात में नहीं आ जाता। लेकिन तिवारी और अरविंद जैसे लोग किसी को आगे आने देना ही नहीं चाहते। उनके लिए तो लड़की दिखी कि बस..." फिर वो अभय की तरफ मुड़कर बोला, "अच्छा हुआ भाई आपने कल उन दो... |
अभय ने विनीत से कहा, "मेरा मकसद उनको सबक सिखाना था। चाहता तो उनको मार भी सकता था। और हमारे इतने कनेक्शन हैं कि कोई मेरा बाल भी बांका नहीं कर पाएगा। लेकिन फिर ऐसा लगता है कि मैं उन जैसा नहीं हूँ और मुझे वो बनना भी नहीं है।" |
तभी सुमित ने कहा, "भाई आपको बताना था। निखिल और आयुष वाली बात पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। अब तो वो घायल जानवर की तरह और भी भयानक हो गए हैं। हमें बहुत सावधानी से कदम बढ़ाना होगा।" |
अभय ने कहा, "मैं जानता हूँ। हमें सावधान और चौकन्ना दोनों ही रहना होगा। एक गलती भी हमें भारी पड़ सकती है।" इतना कहने के बाद अभय ने उन दोनों को बताया कि उसे तेजस का फोन आया था और वो उसकी माँ के बारे में जानता है। |
ये सुनकर सुमित ने कहा, "भाई आप कहो तो मैं तेजस से डायरेक्ट बात करूँ?" अभय ने उसे तुरंत रोकते हुए कहा, "नहीं सुमित, अभी समय सही नहीं है।" |
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