audio
audioduration (s)
2
7
text
stringlengths
32
92
नमस्ते! मेरा नाम ध्रुव है। मैं आज आप सभी के सामने एक छोटा सा भाषण देने जा रहा हूँ।
मेरा विषय है, मेहनत और सफलता। यह एक ऐसा विषय है जो हम सभी की ज़िंदगी से जुड़ा हुआ है।
मुझे उम्मीद है कि आप सभी को मेरा ये भाषण अच्छा लगेगा
हम सब जानते है कि बिना मेहनत के कुछ भी हासल नहीं होता।
अगर हमें कोई काम पूरा करना है, तो हमें मन लगाकर मेहनत करनी पड़ती है।
मेहनत से न केवल लक्ष्य हासिल होता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
यह हमें आगे बढ़ने की ताकत देता है।
सफलता का मतलब सिर्फ नाम या पैसा कमाना नहीं होता।
असली सफलता वह होती है जब हम अपने काम से खुश होते हैं और दूसरों की मदद भी कर पाते हैं।
जब हम ईमानदारी से अपना काम करते हैं और दूसरों का भरोसा जीतते हैं, तो वह भी सफलता ही होती है।
हर रास्ते में कुछ न कुछ मुश्किलें ज़रूर आती हैं।
लेकिन हमें उनसे डरना नहीं चाहिए।
मुश्किलों से ही हमें सीखने का मौका मिलता है।
जो लोग मुश्किल समय में भी मेहनत करते हैं, वही आगे जाकर सफल होते हैं।
प्रेरणा हमें अपने आस-पास के लोगों से मिल सकती है
हमारे माता पिता, शिक्षक या दोस्त।
कभी-कभी किताबें और कहानियाँ भी हमें प्रेरित करती हैं।
हमें हमेशा सीखते रहना चाहिए और अच्छे लोगों से कुछ न कुछ सीखना चाहिए।
आख़िर में मैं यही कहना चाहता हूँ कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
अगर हम सच्चे मन से मेहनत करें, तो एक दिन सफलता ज़रूर मिलती है।
आप सभी का समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आभारी हूँ।
धन्यवाद! प्रकृति हमें जीवन देती है।
पेड़, पौधे, नदियाँ, पशु पक्षी और ताज़ी हवा हमारे लिए बहुत जरूरी हैं।
अगर हम इसका ध्यान नहीं रखेंगे, तो भविष्य में कई कठिनाइयाँ आएँगी।
हमें पेड़ लगाना चाहिए, जल बचाना चाहिए और प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए।
बचपन जीवन का सबसे सुंदर समय होता है।
इस समय न कोई चिंता होती है, न कोई जिम्मेदारी।
खेलना, हँसना और छोटी-छोटी बातों में खुश होना ही बचपन की पहचान है।
हमें अपने बचपन की यादों को सँजोकर रखना चाहिए,
क्योंकि वही हमें सच्ची खुशी देना सिखाता है।