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| 1 |
+
# निर्माण व्यवसाय ऐन, २०४४
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| 2 |
+
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| 3 |
+
लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०४४।११।२७
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| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 6 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 7 |
+
१. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 8 |
+
२०६६।१०।७
|
| 9 |
+
२. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 10 |
+
२०७४।११।१९
|
| 11 |
+
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| 12 |
+
२०४४ सालको ऐन नं. २४
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
निर्माण व्यवसायको व्यवस्थापन र विस्तार गर्न बनेको ऐन
|
| 15 |
+
प्रस्तावनाः सार्वजनिक निर्माण कार्यमा आवश्यक गुणस्तर कायम राख्न निर्माण व्यवसायीहरूको प्रवर्धन तथा विकास गरी निर्माण व्यवसाय सञ्चालन गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज बीरेन्द्र बीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको सत्ताइसौं वर्षमा संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
---
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
## परिच्छेद -१
|
| 22 |
+
### प्रारम्भिक
|
| 23 |
+
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| 24 |
+
१. संक्षित नाम र प्रारम्भः
|
| 25 |
+
(१) यस ऐनको नाम "निर्माण व्यवसाय ऐन, २०४४" रहेकोछ ।
|
| 26 |
+
(२) यो ऐन २०४६ साल वैशाख १ गतेदेखि प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 27 |
+
|
| 28 |
+
२. परिभाषाः
|
| 29 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 30 |
+
(क) "सार्वजनिक निर्माण कार्य" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम नेपाल सरकार तथा नेपाल सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको सङ्गठित संस्थाको तर्फबाट सम्पन्न गरिने जुनसुकै प्रकारका निर्माण सम्बन्धी कार्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले पुनः निर्माण तथा मर्मत सम्भारको कार्य समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 31 |
+
(ख) "निर्माण व्यवसायी" भन्नाले निर्माण व्यवसाय सञ्चालन गर्ने उद्देश्यले प्रचलित कानून बमोजिम दर्ता भएको फर्म बा कम्पनी सम्झनु पर्छ ।
|
| 32 |
+
(ग) "विदेशी निर्माण व्यवसायी" भन्नाले विदेशी मुलुकमा दर्ता भएको निर्माण व्यवसाय सम्बन्धी कार्य गर्ने फर्म बा कम्पनी सम्झनु पर्छ ।
|
| 33 |
+
(घ) "इजाजतपत्र" भन्नाले सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्नको लागि दफा ४ बमोजिम दिइने इजाजतपत्र सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
(ङ) "अस्थायी इजाजतपत्र" भन्नाले सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्नको लागि दफा ६ बमोजिम विदेशी निर्माण व्यवसायीलाई दिइने इजाजतपत्र सम्झनु पर्छ ।
|
| 35 |
+
(च) "सङ्गठित संस्था" भन्नाले नेपाल सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको सङ्गठित संस्था सम्झनु पर्छ ।
|
| 36 |
+
(छ) "प्राविधिक" भन्नाले सार्वजनिक निर्माण कार्यमा रेखदेख र सुपरिवेक्षण गर्न नेपाल सरकार तथा सम्बन्धित सङ्गठित संस्थाको तर्फबाट खटिएको प्राविधिक कर्मचारी सम्झनु पर्छ ।
|
| 37 |
+
(ज) "गुणस्तर" भन्नाले सार्वजनिक निर्माण कार��य गर्न गराउनको लागि आव्हान भएको प्रस्ताव अनुसार प्रस्तावक र सो प्रस्तावको स्वीकृतिकर्ताको बीच भएको सम्झौतापत्र बा त्यस्तो सम्झौतापत्रको अभिन्न अङ्गको रुपमा रहेको कागजात, डुइङ्ग, डिजाइन तथा स्पेसिफिकेशनमा उल्लेख भए बमोजिमको गुणस्तर सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(झ) "परिषद्" भन्नाले दफा १३ बमोजिम गठित निर्माण व्यवसाय विकास परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 39 |
+
(ज) "समिति" भन्नाले दफा १४ बमोजिम गठित कार्यान्वयन समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 40 |
+
(ट) "तोकिएको बा तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 41 |
+
|
| 42 |
+
---
|
| 43 |
+
|
| 44 |
+
## परिच्छेद -२
|
| 45 |
+
### इजाजतपत्र सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
३. इजाजतपत्र प्राप्त नगरी सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्न नहुने:
|
| 48 |
+
यस ऐन बमोजिम इजाजतपत्र प्राप्त नगरी कसैले पनि सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्न गराउन हुँदैन ।
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
तर प्रचलित कानून बमोजिम उपभोक्ता समिति मार्फत बा जनसहभागितामा सञ्चालन गराइने सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्न यस दफाले कुनै बाधा पुन्याएको मानिने छैन ।
|
| 51 |
+
|
| 52 |
+
४. इजाजतपत्र:
|
| 53 |
+
(१) सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्न चाहने निर्माण व्यवसायीले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा तोकिए बमोजिमको दस्तुर सहित सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्ने इजाजतपत्रको लागि समिति समक्ष दरखास्त दिनु पर्नेछ ।
|
| 54 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दरखास्त पर्न आएमा समितिले त्यस्तो दरखास्त उपर तोकिए बमोजिम जाँचबुझ गरी दफा ५ बमोजिम बर्गीकृत निर्माण व्यवसायी मध्ये जुन बर्गको लागि इजाजतपत्र दिन उपयुक्त देखिन्छ सोही बर्गको इजाजतपत्र दिन नेपाल सरकारसमक्ष सिफारिस गर्नेछ ।
|
| 55 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम समितिबाट सिफारिस भै आएको दरखास्तवालालाई नेपाल सरकारले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा इजाजतपत्र दिनु पर्नेछ ।
|
| 56 |
+
(४) उपदफा (२) र (३) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले "घ" बर्गको इजाजतपत्र समितिको सिफारिस बिना पनि दिन सक्नेछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
५. इजाजतपत्रको अवधि र नवीकरण:
|
| 59 |
+
(१) दफा ४ बमोजिम प्रदान गरिएको इजाजतपत्र दफा ७ बमोजिम खारेज भएको अवस्थामा बाहेक एक आर्थिक वर्षसम्म मान्य हुनेछ । इजाजतपत्र जुनसुकै मितिमा प्रदान गरेको भए तापनि सो आर्थिक वर्षको अन्त्यमा त्यस्तो इजाजतपत्रको अवधि समाप्त हुनेछ ।
|
| 60 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम इजाजतपत्रको अवधि समाप्त भएका प्रत्येक निर्माण व्यवसायीले इजाजतपत्रको अवधि समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र ��ोकिए बमोजिमको दस्तुर तिरी तोकिएको अधिकारीबाट तोकिए बमोजिम इजाजतपत्र नवीकरण गराउनु पर्नेछ ।
|
| 61 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको म्याद नाघेको छ महिनाभित्र इजाजतपत्र नवीकरण गराउन चाहने निर्माण व्यवसायीले तोकिए बमोजिमको थप दस्तुर तिरी तोकिए बमोजिम इजाजतपत्र नवीकरण गराउन सक्नेछ ।
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
६. अस्थायी इजाजतपत्र:
|
| 64 |
+
(१) अन्तर्राष्ट्रिय स्तरको बोलपत्र (इण्टरनेशनल कम्पिटिटिभ बिडिङ्ग) मा छूर्नोट भएका र छ करोड रुपैयाँभन्दा माथिको स्थानीय स्तरको बोलपत्र (लोकल कम्पिटिटिभ बिडिङ्ग) मा स्वदेशी निर्माण व्यवसायीसँग संयुक्त लगानीमा सहभागी भएका विदेशी निर्माण व्यवसायीलाई सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्ने अस्थायी इजाजतपत्र दिइनेछ ।
|
| 65 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दिइने अस्थायी इजाजतपत्रको दस्तुर र ढाँचा तोकिए बमोजिमको हुनेछ ।
|
| 66 |
+
(३) यस दफा बमोजिम अस्थायी इजाजतपत्र प्राप्त विदेशी निर्माण व्यवसायीले त्यस्तो इजाजतपत्रमा उल्लिखित कार्य बाहेक अन्य कुनै सार्वजनिक निर्माणको कार्य गर्न पाउने छैन ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
७. इजाजतपत्रको खारेजी:
|
| 69 |
+
(१) देहायको अवस्थामा समितिको सिफारिसमा नेपाल सरकारले निर्माण व्यवसायीको इजाजतपत्र खारेज गर्न सक्नेछ:-
|
| 70 |
+
(क) झुहा विवरण पेश गरी इजाजतपत्र प्राप्त गरेमा,
|
| 71 |
+
(ख) सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्ने बा गर्न पाउने उद्देश्यले नेपाल सरकार तथा सङ्गठित संस्थामा झुहा विवरण तथा तत्सम्बन्धी कागजात पेश गरेमा,
|
| 72 |
+
(ग) गुणस्तरयुक्त कार्य नगरेको ठहरेमा ।
|
| 73 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम इजाजतपत्र खारेज गर्नु अघि सम्बन्धित निर्माण व्यवसायीलाई स्पष्टीकरण पेश गर्न मनासिब माफिकको मौका दिनु पर्नेछ ।
|
| 74 |
+
(३) दफा ४ को उपदफा (३) बमोजिमको म्यादभित्र नवीकरण नभएको इजाजतपत्र स्वतः खारेज हुनेछ ।
|
| 75 |
+
(४) उपदफा (१) बा (३) बमोजिम इजाजतपत्र खारेज भएकोमा त्यसको जानकारी सम्बन्धित फर्म बा कम्पनी दर्ता गर्ने कार्यालयलाई दिनु पर्नेछ ।
|
| 76 |
+
|
| 77 |
+
---
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 80 |
+
### निर्माण व्यवसायीको वर्गीकरण तथा दायित्व
|
| 81 |
+
|
| 82 |
+
८. निर्माण व्यवसायीको वर्गीकरण:
|
| 83 |
+
सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्ने निर्माण व्यवसायीलाई तोकिएको आधारमा देहाय बमोजिमको वर्गमा वर्गीकरण गरिनेछ:-
|
| 84 |
+
(क) "क" बर्गको निर्माण व्यवसायी
|
| 85 |
+
(ख) "ख" बर्गको निर्माण व्यवसायी
|
| 86 |
+
(ग) "ग" बर्गको निर्माण व्यवसायी
|
| 87 |
+
(घ) "घ" बर्गको निर्माण व्यवसायी ।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
९. निर्माण व्यवसायीको दायित्व:
|
| 90 |
+
(१) ठेका सम्झौतामा उल्लिखित शर्तहरुको अधीन��ा रही सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्नु निर्माण व्यवसायीको दायित्व हुनेछ।
|
| 91 |
+
(२) निर्माण व्यवसायीले सम्पन्न गरेको प्रत्येक सार्वजनिक निर्माण कार्यको विवरण तोकिए बमोजिम समिति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
१०. निर्माण व्यवसायीको समूहीकरण:
|
| 94 |
+
दफा ५ बमोजिम वर्गीकृत निर्माण व्यवसायीलाई तोकिएको आधारमा परिषद्को सिफारिसमा नेपाल सरकारले समूहीकरण गर्नेछ ।
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
११. निर्माण व्यवसायीहरुवाट गराउन सकिने सार्वजनिक निर्माण कार्य:
|
| 97 |
+
सार्वजनिक निर्माण कार्य गराउँदा न्युनतम र अधिकतम देहायको रकम सम्मको कार्य देहाय बमोजिमको निर्माण व्यवसायीबाट सञ्चालन गराउन सकिनेछ:-
|
| 98 |
+
(क) दुई करोड रुपैयाँभन्दा बढी जतिसुकै रकमको "क" बर्गको निर्माण व्यवसायीबाट।
|
| 99 |
+
(ख) साटी लाख रुपैयाँदेखि तीन करोड रुपैयाँसम्मको रकमको "ख" बर्गको निर्माण व्यवसायीबाट।
|
| 100 |
+
(ग) बीस लाख रुपैयाँदेखि एक करोड रुपैयाँसम्मको रकमको "ग" बर्गको निर्माण व्यवसायीबाट।
|
| 101 |
+
(घ) तीस लाख रुपैयाँसम्मको रकमको "घ" बर्गको निर्माण व्यवसायीबाट ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
स्पष्टीकरणः यस दफाको प्रयोजनको लागि "रकम" भन्नाले ईष्टमेट अङ्ग सम्झनु पर्छ ।
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
१२. स्वदेशी निर्माण व्यवसायी तथा संयुक्त लगानीमा सञ्चालित निर्माण व्यवसायीबाट सार्वजनिक निर्माण कार्य गराउने:
|
| 106 |
+
(१) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमा आव्हान गरिएको बोलपत्र अनुसारको सार्वजनिक निर्माण कार्य देहाय बमोजिमको अवस्थामा देहाय बमोजिमको निर्माण व्यवसायीबाट सम्पन्न गराउन सकिनेछ:-
|
| 107 |
+
(क) शत प्रतिशत नेपाली नागरिकको हिस्सा भएको निर्माण व्यवसायी बा कम्तीमा पचास प्रतिशत नेपाली नागरिकको हिस्सा भएको विदेशी निर्माण व्यवसायीसँग संयुक्त लगानीमा इजाजतपत्र प्राप्त निर्माण व्यवसायी बा कम्तीमा पचास प्रतिशत नेपाली नागरिकको हिस्सा रहने गरी विदेशी निर्माण व्यवसायीसँग संयुक्त लगानीको सम्झौता गर्ने निर्माण व्यवसायीले बोलपत्रमा उल्लेख गरेको कूल टेक अङ् विदेशी निर्माण व्यवसायीले पेश गरेको बोलपत्रमा उल्लिखित कूल टेक अङ्भन्दा साढे सात प्रतिशतसम्म बढी भए तापनि त्यस्तो बोलपत्र पेश गर्ने ।
|
| 108 |
+
(ख) कम्तीमा पच्चीस प्रतिशत नेपाली नागरिकको हिस्सा भएको विदेशी निर्माण व्यवसायीसँग संयुक्त लगानीमा इजाजतपत्र प्राप्त निर्माण व्यवसायी बा कम्तीमा पच्चीस प्रतिशत नेपाली नागरिकको हिस्सा रहने गरी विदेशी निर्माण व्यवसायीसँग संयुक्त लगानीको सम्झौता गर्ने निर्माण व्यवसायीले बोलपत्रमा उल्लेख गरेको कूल टेक अङ् विदेशी निर्माण व्यवसायीले पेश गरेको बोलपत्रमा उल्लिखित कूल टेक अङ्भन्दा पाँच प्रतिशतसम्म बढी भए तापनि त्यस्तो बोलपत्र पेश गर्ने ।
|
| 109 |
+
(२) छ करोड रुपैयाँसम्मको रकमको सार्वजनिक निर्माण कार्य नेपाली निर्माण व्यवसायीबाट गराउनु पर्नेछ ।
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
---
|
| 112 |
+
|
| 113 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 114 |
+
### निर्माण व्यवसाय विकास परिषद् र कार्यान्वयन समिति
|
| 115 |
+
|
| 116 |
+
१३. निर्माण व्यवसाय विकास परिषद्:
|
| 117 |
+
(१) निर्माण व्यवसायलाई सुदृढ र सुव्यबस्थित रुपमा सञ्चालन गर्न आवश्यक नीति तयार गरी सम्बन्धित निकायहरुलाई निर्देशन दिन देहाय बमोजिमको निर्माण व्यवसाय विकास परिषद् गठन हुनेछ:-
|
| 118 |
+
(क) भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्री — अध्यक्ष
|
| 119 |
+
(ख) सदस्य, राष्ट्रीय योजना आयोग (निर्माण तथा यातायात हुने) — सदस्य
|
| 120 |
+
(ग) सचिव, भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय — सदस्य
|
| 121 |
+
(घ) सचिव, जलस्रोत तथा सिंचाइ मन्त्रालय — सदस्य
|
| 122 |
+
(ङ) सचिव, सहरी विकास मन्त्रालय — सदस्य
|
| 123 |
+
(च) प्रतिनिधि, नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघको अध्यक्ष वा तोकिएको प्रतिनिधि — सदस्य
|
| 124 |
+
(छ) अध्यक्ष, सोसाइटी अफ कन्सल्टिङ्ग आर्किटेक्चरल एण्ड इन्जिनियरिङ्ग फर्म्स (स्क्याफ) — सदस्य
|
| 125 |
+
(ज) भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालयले तोकेको प्राविधिक सहसचिव — सदस्य-सचिव
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
(२) भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालयमा राज्यमन्त्री मात्र नियुक्त भएको अवस्थामा राज्यमन्त्री नै परिषद्को अध्यक्ष हुनेछ।
|
| 128 |
+
(३) परिषद्को बैठक सम्बन्धी कार्यविधि परिषद् आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 129 |
+
|
| 130 |
+
१४. परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:
|
| 131 |
+
परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 132 |
+
(क) सार्वजनिक निर्माण कार्यमा गुणस्तर कायम राख्ने सम्बन्धमा आवश्यक नियम तयार गर्ने,
|
| 133 |
+
(ख) सार्वजनिक निर्माण कार्यमा प्रस्तावक र प्रस्ताव स्वीकृतिकर्ता बीच हुने सम्झौतापत्र, करारका शर्तहरु तथा स्पेसिफिकेशन सम्बन्धी नमुना मसौदाको निर्माण तथा विकास गर्ने,
|
| 134 |
+
(ग) सार्वजनिक निर्माण कार्यसँग सम्बन्धित वातावरणीय पक्ष लगायतका अन्य विषयहरुमा आवश्यक कोडहरुको निर्माण तथा विकास गर्ने,
|
| 135 |
+
(घ) निर्माण व्यवसाय सुदृढ र सक्षम तरिकाबाट सञ्चालन गर्न आवश्यक जनशक्ति उत्पादनको लागि प्रशिक्षण तथा तालिम सञ्��ालन गर्ने,
|
| 136 |
+
(ङ) निर्माण व्यवसायसँग सम्बन्धित विषयमा आवश्यक अनुसन्धान तथा विकास गर्ने,
|
| 137 |
+
(च) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न आवश्यक अन्य कार्यहरु गर्ने ।
|
| 138 |
+
|
| 139 |
+
१५. कार्यान्वयन समिति:
|
| 140 |
+
(१) निर्माण व्यवसायको प्रवर्धन तथा व्यवस्थापन गर्ने सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई आवश्यक सहयोग पुर्याउन देहाय बमोजिमको एक कार्यान्वयन समितिको गठन हुनेछ:-
|
| 141 |
+
(क) भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालयले तोकेको प्राविधिक सहसचिव — सदस्य
|
| 142 |
+
(ख) प्राविधिक प्रतिनिधि, जलस्रोत तथा सिंचाइ मन्त्रालय — सदस्य
|
| 143 |
+
(ग) प्राविधिक प्रतिनिधि, सहरी विकास मन्त्रालय — सदस्य
|
| 144 |
+
(घ) प्राविधिक प्रतिनिधि, सडक विभाग — सदस्य
|
| 145 |
+
(ङ) प्रतिनिधि, नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ — सदस्य
|
| 146 |
+
(च) प्रतिनिधि, सोसाइटी अफ कन्सल्टिङ्ग आर्किटेक्चरल एण्ड इन्जिनियरिङ्ग फर्म्स (स्क्याफ) — सदस्य
|
| 147 |
+
(छ) कानून अधिकृत, भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय — सदस्य
|
| 148 |
+
(ज) भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालयले तोकेको अधिकृत — सदस्य
|
| 149 |
+
|
| 150 |
+
(२) समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यविधि समिति आफैले तोके बमोजिम हुनेछ ।
|
| 151 |
+
|
| 152 |
+
१६. कार्यान्वयन समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:
|
| 153 |
+
कार्यान्वयन समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 154 |
+
(क) निर्माण व्यवसायीलाई इजाजतपत्र प्रदान गर्न नेपाल सरकार समक्ष सिफारिस गर्ने ।
|
| 155 |
+
(ख) निर्माण व्यवसाय सम्बन्धमा समसामयिक अध्ययन, अनुसन्धान तथा आवश्यक सुझाव संकलन गरी नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्ने ।
|
| 156 |
+
(ग) सार्वजनिक निर्माण कार्यको गुणस्तर सम्बन्धमा कुनै प्रश्न उठेमा सम्बन्धित प्राविधिकबाट भएको जाँचपासको सम्बन्धमा आवश्यक जाँचबुझ गर्ने गराउने ।
|
| 157 |
+
(घ) खण्ड (ग) बमोजिम जाँचबुझ गर्दा बा गराउँदा तोकिएको गुणस्तर कायम नराखी प्राविधिकबाट जाँचपास भएको देखिएमा त्यसबाट हुन गएको हानी नोक्सानी असुल उपर गर्न त्यस कार्यमा संलग्न व्यक्ति उपर प्रचलित कानून बमोजिम कारबाही गर्न सम्बन्धित निकायमा सिफारिस गर्ने ।
|
| 158 |
+
(ङ) यस ऐन बमोजिम इजाजतपत्र पाएको निर्माण व्यवसायीलाई विदेशमा निर्माण व्यवसाय सम्बन्धी कार्य गर्नको लागि बोलपत्र पेश गर्ने ठेका सम्झौता गर्ने तथा सम्बन्धित देशको मुद्रामा बैंक ग्यारेण्टी (बिडबण्ड बा परफरमेन्स बण्ड) जारी गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक नीतिगत कुराहरु निर्धारण गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्ने ।
|
| 159 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन��य कार्यहरु गर्ने ।
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
---
|
| 162 |
+
|
| 163 |
+
## परिच्छेद—५
|
| 164 |
+
### कोष तथा लेखा परीक्षण
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
१७. निर्माण व्यवसायी कोष:
|
| 167 |
+
(१) सार्वजनिक निर्माण कार्यको गुणस्तर र निर्माण व्यवसायीहरुको कार्यक्षमतामा वृद्धि गराउन निर्माण व्यवसायीहरुलाई आवश्यक सेवा तथा सहयोग उपलब्ध गराउन एक निर्माण व्यवसायी कोषको स्थापना गरिएको छ ।
|
| 168 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा देहाय बमोजिमका रकम रहने छन्:-
|
| 169 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 170 |
+
(ख) निर्माण व्यवसायीहरुबाट तोकिए बमोजिम प्राप्त दस्तुर,
|
| 171 |
+
(ग) स्वदेशी बा विदेशी संघ संस्थाबाट प्राप्त रकम ।
|
| 172 |
+
(३) कोषको खर्च परिषद्को निर्णय अनुसार हुनेछ ।
|
| 173 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिमको कोषको सञ्चालन तथा लेखा परीक्षण तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 174 |
+
|
| 175 |
+
---
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| 176 |
+
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| 177 |
+
## परिच्छेद - ६
|
| 178 |
+
### विविध
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| 179 |
+
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| 180 |
+
१८. ठेक्रा सम्बन्धी कागजात पठाउनु पर्ने:
|
| 181 |
+
नेपालभित्र सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्ने सम्बन्धमा भएको सम्झौता र सोसँग सम्बन्धित कागजातहरुको एक प्रति ठेका स्वीकृत गर्ने निकायले समितिमा पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 182 |
+
|
| 183 |
+
१९. सहुलियतमा पैठारी गरिएका सामानहरुको विवरण खुलाउनु पर्ने:
|
| 184 |
+
द्विपक्षीय वा बहुपक्षीय सम्झौता बमोजिम गरिने सार्वजनिक निर्माण कार्यको लागि प्रचलित कानून बमोजिम प्राप्त सुविधा अन्तर्गत स्वदेशी तथा विदेशी निर्माण व्यवसायीले नेपालभित्र पैठारी गरेको सवारी साधन, मेशिनरी औजार तथा यस्तै अन्य यन्त्र तथा उपकरणहरुको विवरण तोकिए बमोजिमको ढाँचामा समिति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
२०. विदेशी निर्माण व्यवसायीले सहुलियतमा पैठारी गरेका मेशिनरी औजार आदि अन्यत्र प्रयोग गर्न नहुने:
|
| 187 |
+
(१) दफा १९, बमोजिम विदेशी निर्माण व्यवसायीले आयात गरेको सवारी साधन, मेशिनरी औजार तथा यस्तै अन्य यन्त्र तथा उपकरणहरु जुन कार्यको लागि आयात गरिएको छ सोही कार्यको लागि मात्र प्रयोग गर्नु पर्नेछ । नेपाल सरकारको स्वीकृति नलिई त्यस्ता सवारी साधन, मेशिनरी औजार, यन्त्र तथा उपकरणहरु अन्य कार्यको लागि प्रयोग गर्नु हुँदैन ।
|
| 188 |
+
(२) दफा १९, बमोजिम विदेशी निर्माण व्यवसायीले आयात गरेका सवारी साधन, मेशीनरी औजार तथा यस्तै अन्य यन्त्र तथा उपकरणहरु सार्वजनिक निर्माण कार्य समाप्त भएपछि, फिर्ता नलगेमा त्यस्ता सवारी साधन, मेशीनरी औजार तथा अन्य यन्त्र तथा उपकरणहरुमा प्रचलित कानून बमोजिम लागने कर, दस्तुर, महसुल आदि समेत असुल उपर गरिनेछ ।
|
| 189 |
+
|
| 190 |
+
२१. विदेशी सरकार वा संस्थासँग भए���ो सम्झौता बमोजिम हुने:
|
| 191 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकार र विदेशी सरकार वा विदेशी सरकारको स्वामित्व भएको संस्था वा अन्तर्राष्ट्रिय संस्थाहरु बीच भएको अनुदान वा ऋण सहायता सम्बन्धी सम्झौता बमोजिम सार्वजनिक निर्माण कार्य गर्दा सोही सम्झौतामा लेखिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
२२. दण्ड सजाय:
|
| 194 |
+
कुनै स्वदेशी बा विदेशी निर्माण व्यवसायीले प्रचलित कानून बमोजिम प्राप्त सहुलियत तथा सुबिधाहरुको दुरुपयोग गरेमा त्यस्तो निर्माण व्यवसायीलाई नेपाल सरकारले त्यसरी दुरुपयोग भएको रकमको दोब्बर रकमसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 195 |
+
|
| 196 |
+
२३. उपसमिति गठन गर्न सक्नेः
|
| 197 |
+
(१) परिषद् र समितिले आफनो कार्य सञ्चालनको लागि आवश्यकता अनुसार उपसमिति गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 198 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठन हुने उपसमितिको काम कर्तव्य अधिकार तथा कार्याबिधि परिषद् तथा समितिले तोके बमोजिम हुनेछ ।
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
२४. इजाजतपत्रको प्रतिलिपि दिनेः
|
| 201 |
+
कुनै निर्माण व्यवसायीले इजाजतपत्र हराए बा नासिएको कारणबाट इजाजतपत्रको प्रतिलिपि पाउन निवेदन गरेमा समितिले तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिई इजाजतपत्रको प्रतिलिपि दिनु पर्नेछ ।
|
| 202 |
+
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| 203 |
+
२५. अधिकार प्रत्यायोजन:
|
| 204 |
+
यस ऐन बमोजिम नेपाल सरकारलाई प्राप्त अधिकार मध्ये केही अधिकार नेपाल सरकारले तोकिएको अधिकारीलाई तोकिएको अवधिसम्मको लागि प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 205 |
+
|
| 206 |
+
२६. प्रचलित कानून बमोजिम हुने:
|
| 207 |
+
यस ऐनमा लेखिए जति यसै ऐन बमोजिम र अरुमा प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ ।
|
| 208 |
+
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| 209 |
+
२७. नियम बनाउने अधिकार:
|
| 210 |
+
यस ऐनको उद्देश्य पूर्तिको लागि नेपाल सरकारले आवश्यक नियमहरु बनाउन सक्नेछ ।
|
| 211 |
+
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| 212 |
+
२८. बचाउ:
|
| 213 |
+
यो ऐन प्रारम्भ हुनु अघि प्रचलित कानून बमोजिम दर्ता भएका टेकेदार सम्बन्धी फर्म तथा कम्पनीहरुलाई दिइएको इजाजतपत्रहरु यसै ऐन बमोजिम दिइएको मानिनेछ ।
|
| 214 |
+
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| 215 |
+
---
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| 216 |
+
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| 217 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 218 |
+
१. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरु:
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| 219 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार" ।
|
| 220 |
+
|
| 221 |
+
२. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरु:
|
| 222 |
+
(क) "निर्माण तथा यातायात मन्त्रालय" को सट्टा "भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय",
|
| 223 |
+
(ख) "जलस्रोत मन्त्रालय" को सट्टा "ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाइ मन्त्रालय",
|
| 224 |
+
(ग) "आवास तथा भौतिक योजना मन्त्रालय" को सट्टा "सहरी विकास मन्त्रालय" ।
|
section_11_pdf_14.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,418 @@
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# काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरण ऐन, २०४५
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## लालमोहर र प्रकाशन मिति
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२०४५।द।१
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संशोधन गर्ने ऐन
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१. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
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२०४६।२।१६
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प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
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२. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
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२०६६।१०।७
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३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
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२०७२।११।१३
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४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७५
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२०७५।११।१९
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२०४५ सालको ऐन नं. २३
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काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरणको स्थापना र व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
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+
### प्रस्तावनाः
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+
काठमाडौं उपत्यकामा बढ्दो जनसंख्या तथा शहरीकरणको परिप्रेक्ष्यमा भइरहेका नगरहरूको पुनः निर्माण, विस्तार र विकासको साथै योजनाबद्ध रूपमा भौतिक विकास गरी जनसाधारणलाई आवश्यक सेवा र सुविधाहरू पुन्याउन तथा सर्वसाधारण जनताको स्वास्थ्य सुविधा एवं आर्थिक हित कायम राख्न काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरणको स्थापना र व्यवस्था गर्न बाउछनीय भएकोले,
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+
श्री ५ महाराजाधिराज वीरेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्पतिले यो ऐन बनाई बक्सेकोछ ।
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+
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+
## १. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:
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+
१.१ यस ऐनको नाम "काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरण ऐन, २०४५" रहेको छ ।
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+
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+
१.२ यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकिदिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ ।
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+
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+
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+
## २. परिभाषाः
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+
२.१ विषय बा प्रसंगले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 37 |
+
२.१.१ "प्राधिकरण" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरण सम्झनु पर्छ ।
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| 38 |
+
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+
२.१.२ "भौतिक विकास योजना" भन्नाले दफा ४ बमोजिम तर्जुमा भई नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भौतिक विकास योजना सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
२.१.३ "योजना क्षेत्र" भन्नाले अनुसूचीमा उल्लेख भए बमोजिमको काठमाडौं उपत्यका विकास योजना क्षेत्र सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
२.१.४ "समिति" भन्नाले दफा १३ बमोजिम गठित काठमाडौं उपत्यका भौतिक विकास समिति सम्झनु पर्छ ।
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| 44 |
+
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+
२.१.५ "सञ्चालक समिति" भन्नाले दफा १४ बमोजिम गठित सञ्चालक समिति सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
२.१.६ "विकास आयुक्त" भन्नाले दफा १७ को उपदफा १७.१ बमोजिम नियुक्त विकास आयुक्त सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
२.१.७ "पुनरावेदन समिति" भन्नाले दफा २३ बमोजिमको पुनरावेदन समिति सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
२.१.८ "जग्गा" भन्नाले जुनसुकै जग्गा र त्यसमा स्थायी रूपले रहेको घर, बनोट, ताल, पोखरी, रुख आदि समेतलाई जनाउँछ ।
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| 52 |
+
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+
२.१.९ "भवन" भन्न��ले आवासीय, कार्यालय, औद्योगिक, व्यापारिक बा अन्य कुनै प्रयोगको लागि बनेको भवन बा घर सम्झनु पर्छ र सो शब्दले गोदाम घर, टहरा, गोट, ग्यारेज, चर्पी, पर्खाल बा त्यसको कुनै भागलाई समेत जनाउँछ ।
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| 54 |
+
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+
२.१.१० "सेवा सुविधा" भन्नाले सडक, वाटो, खुल्ला टाउँ, पार्क, मनोरञ्जनस्थल, खेल मैदान, पानी, बिजुली, टेलिफोन, ढल निकास, विद्यालय, अस्पताल आदि सम्झनु पर्छ ।
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| 56 |
+
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+
२.१.११ "तोकिएको" वा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम वा विनियममा तोकिएको वा तोकिएबमोजिम सम्झनु पर्छ ।
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+
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+
## ३. प्राधिकरणको स्थापना:
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+
काठमाडौं उपत्यकालाई योजनाबद्ध रूपमा विकास गरी जनसाधारणलाई आवश्यक सेवा सुविधाहरू पुन्याउन भौतिक विकास योजनाको तर्जुमा र कार्यान्वयन गर्नको लागि काठमाडौं उपत्यका विकास प्राधिकरण स्थापना गरिएको छु ।
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| 63 |
+
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+
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+
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+
## ४. प्राधिकरण संगठित संस्था हुने:
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| 67 |
+
४.१ दफा ३ बमोजिम गठित प्राधिकरण अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र संगठित संस्था हुनेछ ।
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| 68 |
+
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+
४.२ प्राधिकरणको आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
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| 70 |
+
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+
४.३ प्राधिकरणले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न वा अन्य किसिमले बन्दोबस्त गर्न सक्नेछ ।
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| 72 |
+
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| 73 |
+
४.४ प्राधिकरणले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालिस उजुर गर्न र सो उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजुर लाग्न सक्नेछ ।
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| 74 |
+
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| 75 |
+
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| 76 |
+
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| 77 |
+
## ५. भौतिक विकास योजनाको तर्जुमा र स्वीकृति:
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| 78 |
+
५.१ काठमाडौं उपत्यकाको भौतिक विकासको लागि देहायको कुनै वा सबै उद्देश्य पूरा गर्न प्राधिकरणले भौतिक विकास योजना तर्जुमा गर्न सक्नेछ:
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| 79 |
+
५.१.१ काठमाडौं उपत्यकालाई नेपालको एक प्रमुख प्रशासनिक, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं आर्थिक केन्द्रको रूपमा विकास गर्ने,
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| 80 |
+
५.१.२ भइरहेको नगरको पुनः निर्माण, बिस्तार र विकास गर्ने तथा नयाँ नगरको निर्माण गर्ने,
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| 81 |
+
५.१.३ भौतिक विकासको लागि भू—उपयोग (ल्याण्ड यूज) क्षेत्र निर्धारण गर्ने,
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| 82 |
+
५.१.४ जनसाधारणलाई आवश्यक सेवा सुविधा उपलब्ध गराउने,
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| 83 |
+
५.१.५ उपर्युक्त कार्यहरूसँग सम्बद्ध अन्य कार्यहरू गर्ने ।
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| 84 |
+
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| 85 |
+
५.२ उपदफा ५.१ बमोजिम प्राधिकरणले बनाएको भौतिक विकास योजना नेपाल सरकारबाट स्वीकृत हुनु पर्नेछ ।
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| 86 |
+
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| 87 |
+
५.३ उपदफा ५.२ बमोजिम नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भौतिक विकास योजना प्राधिकरणले कार्यान्वयन गर्नेछ ।
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| 88 |
+
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| 89 |
+
---
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| 90 |
+
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| 91 |
+
## ६. प्राधिकरणको काम कर्तव्य र अधिकार:
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| 92 |
+
६.१ यस ऐनमा अन्यत्र लेखिएको काम, कर्तव्य र अधिकारको अति��िक्त प्राधिकरणको काम, कर्तव्य र अधिकार देहायबमोजिम हुनेछ:
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| 93 |
+
६.१.१ योजना क्षेत्रलाई बिभिन्न भू—उपयोग क्षेत्रहरूमा विभाजन गर्ने,
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| 94 |
+
६.१.२ भू—उपयोग क्षेत्रमा भौतिक विकासका लागि आवश्यक शर्तहरू निर्धारण गर्ने र त्यस्तो क्षेत्रमा गरिने निर्माणका बिधिहरू तोक्ने,
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| 95 |
+
६.१.३ प्राचीन स्मारक सम्बन्धी प्रचलित नेपाल कानुनको अधीनमा रही योजना क्षेत्रमा कुनै धार्मिक, सांस्कृतिक र ऐतिहासिक सम्पदाको समुचित विकास तथा सम्भारको लागि आवश्यक परियोजना बनाई कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 96 |
+
६.१.४ योजना क्षेत्रको प्राकृतिक एवं बाताबरणीय संरक्षणको लागि बनजंगल, खोलानाला, घाट तथा जल क्षेत्रमा हुने निर्माण एवं अन्य क्रियाकलापहरूको सम्बन्धमा शर्त तोकी सो बमोजिम कार्य गर्ने गराउने,
|
| 97 |
+
६.१.५ प्रतिकूल प्रभाव पर्ने गरी प्राकृतिक सम्पदाको उपयोग गर्न निषेध गर्ने,
|
| 98 |
+
६.१.६ भौतिक विकास योजनाले निर्दिष्ट गरे बमोजिम भू—उपयोग क्षेत्रमा जग्गा विकास कार्यकम तथा भवन निर्माण परियोजना बनाई कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 99 |
+
६.१.७ भौतिक विकास योजना अनुरूप नेपाल सरकारले समय समयमा दिएको निर्देशन बमोजिमका अन्य कार्यहरू गर्ने ।
|
| 100 |
+
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| 101 |
+
६.२ यस ऐन बमोजिम काम कारबाही गर्दा नेपाल सरकारका निकाय तथा अन्य सम्बन्धित निकायसँग समन्वय कायम गरी काम गर्नु प्राधिकरणको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
---
|
| 104 |
+
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| 105 |
+
## ७. रोक लगाउन सक्नेः
|
| 106 |
+
७.१ भौतिक विकास योजना कार्यान्वयन गर्न प्राधिकरणले समय समयमा स्पष्ट रूपले सार्वजनिक रूपमा सूचना प्रकाशन गरी बढीमा तीन बर्षको अवधि ननाघ्ने गरी सोही सूचनामा तोकिएको अवधिभरको लागि योजना क्षेत्रभित्र पर्ने सोही सूचनामा तोकिएको क्षेत्रमा जुनसुकै प्रकारको अचल सम्पत्ति प्राधिकरणको पूर्व स्वीकृति बिना कुनै प्रकारले भौतिक परिवर्तन गर्न बा टुक्र्याउने नपाउने गरी रोक लगाउन सक्नेछ ।
|
| 107 |
+
|
| 108 |
+
७.२ उपदफा ७.१ बमोजिम रोक लगाएको कुराको सूचना प्राधिकरणले रजिष्टेशन गर्ने सम्बन्धित कार्यालयमा पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 109 |
+
|
| 110 |
+
७.३ रजिष्टेशन गर्ने सम्बन्धित कार्यालयले उपदफा ७.२ बमोजिमको सूचना पाएमा त्यस्तो अचल सम्पत्ति टुक्रायाउने गरी रजिष्टेशन गर्न हुँदैन ।
|
| 111 |
+
|
| 112 |
+
---
|
| 113 |
+
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| 114 |
+
## ८. नियमित नियन्त्रण बा निषेध गर्न सक्नेः
|
| 115 |
+
८.१ भौतिक विकास योजना कार्यान्वयन गर्ने प्रयोजनको लागि प्राधिकरणले समय समयमा स्पष्टरूपले सार्वजनिक रूपमा सूचना प्रकाशन गरी योजना क्षेत्रभ��त्र पर्ने सोही सुचनामा तोकिएको क्षेत्रमा देहायका काम कुराहरू आवश्यकता अनुसार नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गर्न सक्नेछ र त्यसरी नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरिएका काम कुराहरू प्राधिकरणको पूर्व स्वीकृति बिना कसैले गर्न गराउन हुँदैन:
|
| 116 |
+
८.१.१ प्राकृतिक सम्पदा, पुरातात्विक, धार्मिक, ऐतिहासिक स्थलहरू, ऐलानी जग्गाहरू एवं अचल सम्पत्तिको उपभोग र प्रयोग गर्ने,
|
| 117 |
+
८.१.२ आबादी तथा पर्ति जग्गाहरू भू-उपयोग योजना अनुरूप उपभोग बा प्रयोग गर्ने,
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| 118 |
+
८.१.३ कुनै प्रकारको भवन निर्माण गर्ने बा निर्माण भैसकेका भवनहरूको बिस्तार गर्ने,
|
| 119 |
+
८.१.४ कुनै प्रकारको बस्ती बा बसोबास बसाउने बा मनोरञ्जन स्थल, बजार, हाट, उचोग आदि बसाल्ने बा बनाउने,
|
| 120 |
+
८.१.५ प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्यटन स्थल बा जनसाधारणको स्वास्थ्यमा प्रतिकूल असर पर्ने बा कुनै प्रकारले बाताबरण दुपित हुने काम गर्ने,
|
| 121 |
+
८.१.६ बाटोघाटो, पुल, यातायातको साधन, पानी, बत्ती, टेलिफोन लाइन आदि प्रयोग गर्ने ।
|
| 122 |
+
|
| 123 |
+
८.२ दफा ७ बा उपदफा ८.१ बमोजिम प्राधिकरणले कसैको अचल सम्पत्तिको भोग चलनमा कुनै किसिमको बन्देज लगाउँदा सार्वजनिक हितलाई ध्यानमा राखी सर्वसाधारण जनतालाई उपयोगी हुने भएमा मात्र बन्देज लगाउन सक्नेछ र त्यस्तो बन्देज सम्बन्धी निर्णय गर्दा बा तत्सम्बन्धी सूचना बा आदेश जारी गर्दा त्यस्तो सार्वजनिक हित हुने कुरा समेत स्पष्ट खुलाउनु पर्नेछ ।
|
| 124 |
+
|
| 125 |
+
८.३ उपदफा ८.१ को प्रयोजनको लागि प्राधिकरणले स्वीकृति दिंदा आंशिक बा पूर्ण रूपले स्वीकृति दिन बा नदिन सक्नेछ बा स्वीकृति दिंदा आवश्यक शर्त समेत तोकिदिन सक्नेछ ।
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
८.४ योजना क्षेत्रमित्रको कुनै अचल सम्पत्तिको तथ्याइ लिन बा सर्भे गर्नको लागि कसैको जग्गामा प्रबेश गर्न बा सम्बन्धित व्यक्तिलाई बुझ्न प्राधिकरणलाई पूर्ण अधिकार हुनेछ ।
|
| 128 |
+
|
| 129 |
+
---
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
## ९. रोक्ने बा भत्काउने:
|
| 132 |
+
९.१ दफा ८ अन्तर्गत प्राधिकरणले नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरेका काम कुराहरू कसैले प्राधिकरणको पूर्व स्वीकृति बिना गरेमा बा प्राधिकरणले स्वीकृति दिंदा कुनै शर्त तोकिदिएको भए त्यस्तो शर्त बिपरीत हुने गरी गरेमा प्राधिकरणले त्यस्तो काम तत्काल रोक्ने आदेश दिन सक्नेछ र त्यस्तो कामको सिलसिलामा कुनै निर्माण गरेको रहेछ भने प्राधिकरणले पैतीस दिनको म्याद दिई सम्बन्धित व्यक्तिलाई त्यसरी स्वीकृति बिना बा शर्त विपरीत निर्माण गरेको ज��ि भाग भत्काउन बा हटाउन आदेश दिन सक्नेछ ।
|
| 133 |
+
|
| 134 |
+
९.२ उपदफा ९.१ बमोजिम प्राधिकरणले कुनै निर्माणको भाग भत्काउन बा हटाउन दिएको आदेश उपर चित्त नबुढने व्यक्तिले सो आदेश पाएको मितिले पैतीस दिनभित्र पुनरावेदन समिति समक्ष उजुरी दिन सक्नेछ । सो उजुरीको सम्बन्धमा पुनरावेदन समितिले उजुरी परेको मितिले तीस दिनभित्र निर्णय गर्नु पर्नेछ र त्यस्तो निर्णय अन्तिम हुनेछ ।
|
| 135 |
+
|
| 136 |
+
९.३ उपदफा ९.२ बमोजिम उजुरी परेकोमा पुनरावेदन समितिबाट त्यस्तो निर्माणको भाग भत्काउने बा हटाउने गरी निर्णय भएमा सो निर्णय भएको मितिले पैतीस दिनभित्र र उजुरी नपरेकोमा उपदफा ९.१ बमोजिम प्राधिकरणले आदेश दिएको मितिले पैतीस दिन भित्र सम्बन्धित व्यक्तिले त्यस्तो निर्माणको भाग भत्काउन बा हटाउनु पर्नेछ ।
|
| 137 |
+
|
| 138 |
+
९.४ उपदफा ९.३ को म्यादभित्र सम्बन्धित व्यक्तिले त्यस्तो निर्माणको भाग नभत्काएमा बा नहटाएमा प्राधिकरण आफैले भत्काउन बा हटाउन सक्नेछ र त्यसरी भत्काउँदा बा हटाउँदा लागेको खर्च सम्बन्धित व्यक्तिबाट असूल उपर गरिनेछ ।
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
---
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
## १०. जग्गा विकास कार्यकम सञ्चालन गर्न सक्नेः
|
| 143 |
+
१०.१ काठमाडौं उपत्यकालाई सुनियोजित रूपमा विकास गर्ने क्रममा विभिन्न आय बर्गका व्यक्तिहरूको निमित्त आधारभूत आवासको आवश्यकता पूरा गर्नको लागि आवास घडेरीको व्यवस्था गर्न र अन्य शहरी क्रियाकलापको लागि प्राधिकरणले नेपाल सरकारको नीति निर्देशनको अधीनमा रही देहाय बमोजिम जग्गा विकास कार्यकमहरू सञ्चालन गर्न सक्नेछ:
|
| 144 |
+
१०.१.१ योजना क्षेत्रको कुनै भागमा स्थानीय जग्गाधनी र मोहीहरू समेतको सहभागिता जुटाई सेवा सुविधा सम्बन्धी परियोजना तर्जुमा गर्ने र सो परियोजना बमोजिमको काम गर्न नेपाल सरकारको सम्बन्धित निकाय, कुनै संगटित संस्था बा नगरपालिका बा स्थानीय जनताले लगानी गर्ने गरी निर्देशित जग्मा विकास (गाईडेड लायण्ड डेभलपमेण्ट) कार्यकम सञ्चालन गर्ने,
|
| 145 |
+
१०.१.२ योजना क्षेत्रभित्रको कुनै भागमा रहेका जग्माका विभिन्न कित्ताहरूलाई एकीकरण गरी सो जग्मामा भौतिक विकास योजना अनुरूप सेवा सुविधाको व्यवस्था गर्ने र त्यस्तो सेवा सुविधाको व्यवस्था गर्दा लागेको खर्च विकसित घडेरीहरू बेची असूल गर्ने र बाँकी विकसित घडेरीहरू साबिककै जग्मा धनी वा मोहीहरूलाई समानुपातिक आधारमा फिर्ता दिने व्यवस्था गरी जग्मा एकीकरण (लायण्ड पुलिंग) कार्य��म सञ्चालन गर्ने,
|
| 146 |
+
१०.१.३ योजना क्षेत्रको कुनै भागको जग्मा दफा ११ बमोजिम नेपाल सरकारबाट प्राप्त गराई प्राधिकरण आफैले त्यस्तो जग्मामा सेवा सुविधाको व्यवस्था गरी घडेरीहरू तयार गर्ने र बिकी वितरण गर्ने गरी घडेरी तथा सेवा सुविधा (साईट्स एण्ड सर्भिसेज) कार्यकम सञ्चालन गर्ने,
|
| 147 |
+
१०.१.४ माथि उपदफाहरू बमोजिम जग्मा विकास कार्यकम सञ्चालनको निमित्त कुनै जग्माधनीको एकीकरण गरिएको वा प्राप्त गरिएको जग्मा जग्मा विकास कार्यकम अनुसार निर्धारित न्यूनतम इकाईको घडेरीको क्षेत्रफल भन्दा कम हुने रहेछ भने त्यस्तो जग्माधनीलाई लागेको खर्च दिई न्यूनतम इकाईको एक घडेरी उपलब्ध गराइनेछ ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
---
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
## ११. जग्मा प्राप्त गर्ने:
|
| 152 |
+
नेपाल सरकारले भौतिक विकास योजना कार्यान्वयन गर्न आवश्यक पर्ने जग्मा प्रचलित नेपाल कानुन बमोजिम प्राप्त गरी प्राधिकरणलाई उपलब्ध गराई दिन सक्नेछ ।
|
| 153 |
+
|
| 154 |
+
---
|
| 155 |
+
|
| 156 |
+
## १२. आर्थिक स्रोत जुटाउने अधिकार:
|
| 157 |
+
प्राधिकरणले आफ्नो काम सुचारुरूपले सञ्चालन गर्नको लागि आवश्यक पर्ने खर्चको लागि नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिई ऋण लिन, अनुदान प्राप्त गर्न वा अन्य कुनै किसिमबाट आर्थिक स्रोत जुटाउन सक्नेछ ।
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
---
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
## १३. काठमाडौं उपत्यका भौतिक विकास समितिको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार:
|
| 162 |
+
१३.१ काठमाडौं उपत्यकाको विकासको लागि देहायका सदस्यहरू भएको एक काठमाडौं उपत्यका भौतिक विकास समिति गठन हुनेछ:
|
| 163 |
+
१३.१.१ सहरी विकास मन्त्री
|
| 164 |
+
१३.१.२ सम्बन्धित प्रदेशको शहरी विकास हेर्ने मन्त्री
|
| 165 |
+
१३.१.३ सचिव, अर्थ मन्त्रालय
|
| 166 |
+
१३.१.४ सचिव, खानेपानी मन्त्रालय
|
| 167 |
+
१३.१.५ सचिव, भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय
|
| 168 |
+
१३.१.६ सचिव, भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय
|
| 169 |
+
१३.१.७ सचिव, राष्ट्रिय योजना आयोग
|
| 170 |
+
१३.१.८ सचिव, वन तथा वातावरण मन्त्रालय
|
| 171 |
+
१३.१.९ सचिव, सहरी विकास मन्त्रालय
|
| 172 |
+
१३.१.१० सचिव, सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालय
|
| 173 |
+
१३.१.११ सचिव, संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्यन मन्त्रालय
|
| 174 |
+
१३.१.१२ सचिव, संधीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय
|
| 175 |
+
१३.१.१३ प्रमुख, काठमाडौं महानगरपालिका
|
| 176 |
+
१३.१.१४ प्रमुख, ललितपुर महानगरपालिका
|
| 177 |
+
१३.१.१५ प्रमुख, भक्तपुर नगरपालिका
|
| 178 |
+
१३.१.१६ काठमाडौं उपत्यकाका अन्य नगरपालिकाहरू मध्येवाट मन्त्रालयले तोकेका तीनवटा नगरपालिकाका प्रमुखहरू
|
| 179 |
+
१३.१.१७ विकास आयुक्त
|
| 180 |
+
—सदस्य सचिव
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
१३.२ नेपाल सरकारल��� आवश्यक देखेमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी उपदफा १३.१ बमोजिमका सदस्यहरूमा आवश्यक थपघट बा हेरफेर गर्न सक्नेछ ।
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
१३.३ समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
१३.४ समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 187 |
+
१३.४.१ भौतिक विकास योजनाको तर्जुमा तथा कार्यान्वयन सम्बन्धी नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 188 |
+
१३.४.२ भौतिक विकास योजनालाई अन्तिम रूप दिने,
|
| 189 |
+
१३.४.३ भौतिक विकास योजना अन्तर्गतका कार्यकमहरूको प्रगति समीक्षा र मूल्याङ्गन गर्ने,
|
| 190 |
+
१३.४.४ प्राधिकरणको बार्षिक बजेट र बिनियमाबक्षीहरू स्वीकृत गर्ने,
|
| 191 |
+
१३.४.५ सञ्चालक समितिलाई अन्य आवश्यक निर्देशन दिने ।
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
---
|
| 194 |
+
|
| 195 |
+
## १४. सञ्चालक समितिको गठन:
|
| 196 |
+
१४.१ प्राधिकरणको काम कारबाहीको सञ्चालन, रेखदेख र व्यवस्थापनको लागि एक सञ्चालक समिति गठन हुनेछ ।
|
| 197 |
+
|
| 198 |
+
१४.२ समितिको सामान्य निर्देशनमा रही सञ्चालक समितिले यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम र बिनियम बमोजिम प्राधिकरणलाई भएका सबै अधिकारको प्रयोग र कर्तव्यको पालन गर्नेछ ।
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
१४.३ उपदफा १४.१ बमोजिम गठित सञ्चालक समितिमा देहायका सदस्यहरू रहनेछन्:
|
| 201 |
+
१४.३.१ विकास—आयुक्त
|
| 202 |
+
—अध्यक्ष
|
| 203 |
+
१४.३.२ प्रमुख, काठमाडौं महानगरपालिका
|
| 204 |
+
—सदस्य
|
| 205 |
+
१४.३.३ प्रमुख, ललितपुर उपमहानगरपालिका
|
| 206 |
+
—सदस्य
|
| 207 |
+
१४.३.४ प्रमुख, भक्तपुर नगरपालिका
|
| 208 |
+
—सदस्य
|
| 209 |
+
१४.३.५ देहायका कार्यालयहरूका काठमाडौं उपत्यकाको कार्यकम हेर्ने प्रमुखहरू
|
| 210 |
+
—सदस्य
|
| 211 |
+
१४.३.५.१ भवन विभाग
|
| 212 |
+
१४.३.५.२ पुरातत्व विभाग
|
| 213 |
+
१४.३.५.३ सडक विभाग
|
| 214 |
+
१४.३.५.४ नापी विभाग
|
| 215 |
+
१४.३.५.५ पर्यटन विभाग
|
| 216 |
+
१४.३.५.६ आवास तथा शहरी विकास विभाग
|
| 217 |
+
१४.३.५.७ खानेपानी तथा ढल निकास संस्थान
|
| 218 |
+
१४.३.५.८ नेपाल बिजुली प्राधिकरण
|
| 219 |
+
१४.३.५.९ फोहोर मैला प्रबन्ध तथा स्रोत परिचालन केन्द्र
|
| 220 |
+
१४.३.५.१० गुठी संस्थान
|
| 221 |
+
१४.३.५.११ नेपाल दूरसञ्चार संस्थान
|
| 222 |
+
१४.३.६ सहरी विकास व्यवस्थापन सम्बन्धी विज्ञहरुमध्येवाट समावेशी प्रतिनिधित्व हुने गरी सहरी विकास मन्त्रालयले तोकका तीन जना
|
| 223 |
+
—सदस्य
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
१४.४ सञ्चालक समितिले तोकेको प्राधिकरणको कर्मचारीले सञ्चालक समितिको सचिव भई काम गर्नेछ ।
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
१४.५ नेपाल सरकारले आवश्यक देखेमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी उपदफा १४.३ बमोजिमका सदस्यहरूमा आवश्यक थपघट वा हेरफेर गर्न सक्नेछ ।
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
१४.६ सञ्चालक समितिले आवश्यक देखेमा कुनै स्वदेशी वा विदेशी विशेषज्ञ वा सल्लाहकारलाई सञ्चालक समितिक�� बैठकमा पर्यवेक्षकको रूपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ ।
|
| 230 |
+
|
| 231 |
+
---
|
| 232 |
+
|
| 233 |
+
## १५. सञ्चालक समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि:
|
| 234 |
+
१५.१ सञ्चालक समितिको बैठक कम्तीमा दुई महीनामा एक पटक बस्नेछ ।
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
१५.२ सञ्चालक समितिको कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशत सदस्य उपस्थित भएमा सञ्चालक समितिको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 237 |
+
|
| 238 |
+
१५.३ सञ्चालक समितिको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा सदस्यहरूले आफूमध्येबाट तोकेको सदस्यले गर्नेछ ।
|
| 239 |
+
|
| 240 |
+
१५.४ सञ्चालक समितिको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णयात्मक मत दिन सक्नेछ ।
|
| 241 |
+
|
| 242 |
+
१५.५ सञ्चालक समितिको बैठक अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा सञ्चालक समितिको सचिबले बोलाउनेछ ।
|
| 243 |
+
|
| 244 |
+
१५.६ सञ्चालक समितिको बैठकले गरेको निर्णय सञ्चालक समितिको सचिबले अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिबाट प्रमाणित गराई अद्यावधिक गरी राख्नु पर्नेछ ।
|
| 245 |
+
|
| 246 |
+
१५.७ सञ्चालक समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि सञ्चालक समिति आफैले निर्धारण गर्नेछ ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
---
|
| 249 |
+
|
| 250 |
+
## १६. उपसमिति गठन गर्न सक्नेः
|
| 251 |
+
सञ्चालक समितिले आफ्नो काम कारबाही सुचारु रूपले सञ्चालन गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार उपसमितिहरू गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
---
|
| 254 |
+
|
| 255 |
+
## १७. कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्थाः
|
| 256 |
+
१७.१ नेपाल सरकारले विशिष्ट श्रेणी बा सो भन्दा माथिको पदमा काम गरिरहेको बा गरिसकेको व्यक्ति बा सम्बन्धित क्षेत्रमा लब्ध प्रतिष्ठित कुनै व्यक्तिलाई प्राधिकरणको कार्यकारी प्रमुखको रूपमा विकास आयुक्तमा नियुक्त गर्नेछ । निजको पदावधि बढीमा पाँच बर्षको हुनेछ र नेपाल सरकारले चाहेमा निजको पदावधि पुनः बढीमा पाँच बर्षको लागि थप गर्न सक्नेछ ।
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
१७.२ उपदफा १७.१ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले आवश्यक देखेमा विकास आयुक्तलाई निजको पदावधि पूरा नहुँदै सो पदबाट अबकाश दिन सक्नेछ ।
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
१७.३ प्राधिकरणले आवश्यकतानुसार अन्य कर्मचारीहरू नियुक्त गर्न सक्नेछ ।
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
१७.४ विकास आयुक्त र प्राधिकरणका अन्य कर्मचारीहरूको पारिश्रमिक सेबाको शर्त तथा सुविधा तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
१७.५ विकास आयुक्तले आफूलाई प्राप्त अधिकार आफ्नो रेखदेख र जिम्मेबारीमा आफू भन्दा मुनिको कुनै कर्मचारीलाई सुम्पन सक्नेछ ।
|
| 265 |
+
|
| 266 |
+
---
|
| 267 |
+
|
| 268 |
+
## १८. सदस्य र कर्मचारी उपर प्रतिबन्ध:
|
| 269 |
+
समिति बा सञ्चालक समितिका कुनै सदस्य बा प्राधिकरणको कुनै पनि कर्मचारी बा सल्लाहकार प्राधिकरणसँगको ठेका पट्टामा प्रत्यक्ष बा अप्रत्यक्ष रूपले हिस्सेदार हुन पाउने छैन ।
|
| 270 |
+
|
| 271 |
+
---
|
| 272 |
+
|
| 273 |
+
## १९. प्राधिकरणको कोष:
|
| 274 |
+
१९.१ प्राधिकरणको एउटा छुट्टै कोष हुनेछ । सो कोषमा देहायका रकमहरू रहनेछन्:
|
| 275 |
+
१९.१.१ नेपाल सरकारबाट प्राप्त अनुदान,
|
| 276 |
+
१९.१.२ नेपाल सरकार मार्फत कुनै अन्तर्राहिय बा बिदेशी संस्थाबाट प्राप्त रकम,
|
| 277 |
+
१९.१.३ प्राधिकरणको चल अचल सम्पत्तिबाट आर्जन हुने रकम,
|
| 278 |
+
१९.१.४ प्राधिकरणलाई प्राप्त अन्य कुनै रकम ।
|
| 279 |
+
|
| 280 |
+
१९.२ प्राधिकरणको सबै रकम प्राधिकरणको नाममा नेपाल राष्ट्र बैंक बा कुनै बाणिज्य बैंकमा जम्मा गरिनेछ ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
१९.३ प्राधिकरणको तर्फबाट गर्नुपर्ने सम्पूर्ण खर्चहरू उपदफा १९.१ बमोजिमको कोषबाट ब्यहोरिनेछ ।
|
| 283 |
+
|
| 284 |
+
१९.४ प्राधिकरणको खाता सञ्चालन तोकिएबमोजिम हुनेछ ।
|
| 285 |
+
|
| 286 |
+
---
|
| 287 |
+
|
| 288 |
+
## २०. प्राधिकरणको लेखा र लेखापरीक्षण:
|
| 289 |
+
२०.१ प्राधिकरणको लेखा नेपाल सरकारको प्रचलित ढाँचा र तरिका बमोजिम राखिनेछ ।
|
| 290 |
+
|
| 291 |
+
२०.२ प्राधिकरणको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकको बिभागबाट हुनेछ ।
|
| 292 |
+
|
| 293 |
+
२०.३ नेपाल सरकारले चाहेमा प्राधिकरणको हिसाब किताब सम्बन्धी कागजातहरू र नगदी जिन्सी समेत जुनसुकै बखत जाँच्न बा जाँच्न लगाउन सक्नेछ ।
|
| 294 |
+
|
| 295 |
+
---
|
| 296 |
+
|
| 297 |
+
## २१. सजाय:
|
| 298 |
+
२१.१ कसैले दफा ८ अन्तर्गत प्राधिकरणले नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरेका काम कुराहरू प्राधिकरणको पूर्व स्वीकृति बिना गरेमा बा प्राधिकरणले स्वीकृति दिंदा कुनै शर्त तोकिदिएको भए त्यस्तो शर्त बिपरीत हुने गरी गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई प्राधिकरणले पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 299 |
+
|
| 300 |
+
२१.२ कसैले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमाबली बमोजिम प्राधिकरणले गरेको बा गर्न लागेको काममा बाधा गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई प्राधिकरणले पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 301 |
+
|
| 302 |
+
२१.३ कसैले यो ऐन बमोजिम प्राधिकरणले दिएको आदेश बा निर्देशन बिपरीत कुनै काम कारबाही गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई प्राधिकरणले पच्चीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 303 |
+
|
| 304 |
+
२१.४ कसैले माथि लेखिएदेखि बाहेक यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमाबली बिपरीत अन्य कुनै काम कारबाही गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई प्राधिकरणले एक हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 305 |
+
|
| 306 |
+
---
|
| 307 |
+
|
| 308 |
+
## २२. पुनरावेदन:
|
| 309 |
+
दफा २१ बमोजिम प्राधिकरणले दिएको सजायको आदेश उपर चित्त नबुझ्ने व्���क्तिले त्यस्तो सजायको आदेश पाएको मितिले पैतीस दिनभित्र पुनरावेदन समितिमा पुनरावेदन गर्न सक्नेछ ।
|
| 310 |
+
|
| 311 |
+
---
|
| 312 |
+
|
| 313 |
+
## २३. पुनरावेदन समिति:
|
| 314 |
+
२३.१ दफा ९ बा २१ बमोजिम प्राधिकरणले दिएको आदेश उपर पुनरावेदन सुन्न एक पुनरावेदन समिति रहनेछ ।
|
| 315 |
+
|
| 316 |
+
२३.२ पुनरावेदन समितिमा देहायका सदस्यहरू रहनेछन्:
|
| 317 |
+
२३.२.१ उच्च अदालतको न्यायाधीश
|
| 318 |
+
—अध्यक्ष
|
| 319 |
+
२३.२.२ नेपाल सरकारले तोकेको दुईजना व्यक्ति
|
| 320 |
+
—सदस्य
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
२३.३ पुनरावेदन समितिलाई साक्षी प्रमाण बुझ्ने, साक्षीलाई उपस्थित गराउने, बयान गराउने र लिखतहरू पेश गर्न लगाउने सम्बन्धमा अदालतलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ ।
|
| 323 |
+
|
| 324 |
+
२३.४ पुनरावेदन समितिले कारबाही र किनारा गर्दा उपयुक्त कार्यबिधि अपनाउन सक्नेछ ।
|
| 325 |
+
|
| 326 |
+
---
|
| 327 |
+
|
| 328 |
+
## २४. असल नियतले गरेको कामको बचाउ:
|
| 329 |
+
समिति बा सञ्चालक समितिका सदस्य बा प्राधिकरणको कर्मचारीले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमाबली बा विनियमाबली बमोजिम आफ्नो कर्तव्य पालनको सिलसिलामा असल नियतले गरेको बा गर्न खोजेको कुनै कुराबाट भएको हानी नोक्सानीको निमित्त त्यस्तो सदस्य बा कर्मचारी व्यक्तिगत रूपले जबाफदेही हुनेछैन ।
|
| 330 |
+
|
| 331 |
+
तर कसैलाई अनाबश्यक दुःख, हैरानी बा झंझट दिने नियतले कुनै काम गरेकोमा सम्बन्धित व्यक्ति त्यस्को लागि जबाफदेही हुनेछ ।
|
| 332 |
+
|
| 333 |
+
---
|
| 334 |
+
|
| 335 |
+
## २५. अधिकार प्रत्यायोजन:
|
| 336 |
+
सञ्चालक समितिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकार मध्ये सबै बा केही अधिकार सञ्चालक समितिको कुनै सदस्य बा दफा १६ बमोजिम गठित उपसमिति बा प्राधिकरणको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 337 |
+
|
| 338 |
+
---
|
| 339 |
+
|
| 340 |
+
## २६. नेपाल सरकारले निर्देशन दिन सक्ने:
|
| 341 |
+
नेपाल सरकारले भौतिक बिकास योजनको तर्जुमा तथा कार्यान्वयन सम्बन्धमा प्राधिकरणलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ । त्यस्तो निर्देशनको पालना गर्नु प्राधिकरणको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 342 |
+
|
| 343 |
+
---
|
| 344 |
+
|
| 345 |
+
## २७. नेपाल सरकारको अधिकार:
|
| 346 |
+
२७.१ प्राधिकरणले यस ऐन बिपरीत कुनै काम गरेमा बा गर्न लागेमा नेपाल सरकारले त्यस्तो काम रोक्ने आदेश दिन सक्नेछ ।
|
| 347 |
+
|
| 348 |
+
२७.२ नेपाल सरकारले सार्वजनिक हितलाई ध्यानमा राखी आवश्यक देखेमा यस ऐन बमोजिम प्राधिकरणले दिएको कुनै आदेश पूर्ण बा आंशिक रूपमा बदर गर्न सक्नेछ ।
|
| 349 |
+
|
| 350 |
+
२७.३ प्राधिकरणले गर्नु पर्ने काम पूरा गरिसकेको छ बा प्राधिकरणले आफूले गर्नुपर्ने काम, कर्तव्य बा निर्देशनको पालना गरेको छैन बा प्राधिकर�� कायम राख्न आवश्यक छैन भन्ने ठहराएमा नेपाल सरकारले प्राधिकरणलाई जुनसुकै बखत बिघटन गर्न सक्नेछ ।
|
| 351 |
+
|
| 352 |
+
२७.४ उपदफा २७.३ बमोजिम प्राधिकरण बिघटन भएमा सो प्राधिकरणको हक तथा दायित्व नेपाल सरकारमा सर्नेछ ।
|
| 353 |
+
|
| 354 |
+
---
|
| 355 |
+
|
| 356 |
+
## २७ क. मुद्दा सर्ने:
|
| 357 |
+
(१) दफा २७ बमोजिम प्राधिकरण बिघटन भएमा दफा ९, र २१ बमोजिम प्राधिकरणमा कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरु सम्बन्धित जिल्ला अदालतमा र दफा २३ बमोजिमको पुनराबेदन समितिमा कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरु उच्च अदालत पाटनमा सर्नेछन् ।
|
| 358 |
+
|
| 359 |
+
(२) प्राधिकरणको हक, दायित्व नेपाल सरकारमा सर्नेछ र कागजात तथा अभिलेख नेपाल सरकारले तोकेको निकाय बा कार्यालयमा सर्नेछ ।
|
| 360 |
+
|
| 361 |
+
---
|
| 362 |
+
|
| 363 |
+
## २८. नेपाल सरकारसँगको सम्पर्क:
|
| 364 |
+
प्राधिकरणले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा सहरी विकास मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 365 |
+
|
| 366 |
+
---
|
| 367 |
+
|
| 368 |
+
## २९. नियम तथा बिनियम बनाउन सक्ने:
|
| 369 |
+
२९.१ यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारले आवश्यक नियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 370 |
+
|
| 371 |
+
२९.२ यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही प्राधिकरणले आवश्यक बिनियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 372 |
+
|
| 373 |
+
---
|
| 374 |
+
|
| 375 |
+
## ३०. विघटन हुने:
|
| 376 |
+
३०.१ यो ऐन प्रारम्भ भएपछि नगर विकास ऐन, २०४४ अन्तर्गतको नगर विकास समिति स्वतः विघटन हुनेछ ।
|
| 377 |
+
|
| 378 |
+
३०.२ उपदफा ३०.१ बमोजिम नगर विकास समिति विघटन भएपछि सो समितिले गरिआएको काम कारबाही र हक तथा दायित्व प्राधिकरणमा सर्नेछ ।
|
| 379 |
+
|
| 380 |
+
---
|
| 381 |
+
|
| 382 |
+
## ३१. छिन्न बाँकी मुद्दा सर्ने:
|
| 383 |
+
यो ऐन प्रारम्भ भएपछि नगर विकास ऐन, २०४४ अन्तर्गत गठित नगर विकास समितिबाट कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरू प्राधिकरणमा सर्नेछन् ।
|
| 384 |
+
|
| 385 |
+
---
|
| 386 |
+
|
| 387 |
+
## ३२. अनुसूचीमा हेरफेर गर्न सक्ने:
|
| 388 |
+
नेपाल सरकारले आवश्यकता अनुसार नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी अनुसूचीमा हेरफेर बा थपघट गर्न सक्नेछ ।
|
| 389 |
+
|
| 390 |
+
---
|
| 391 |
+
|
| 392 |
+
### द्वष्टव्य:
|
| 393 |
+
१. गाउँ विकास समिति ऐन, २०४६ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहर:
|
| 394 |
+
"गाउँ सभा" बा "गाउँ पञ्चायत" को सट्टा "गाउँ विकास समिति" ।
|
| 395 |
+
|
| 396 |
+
२. जिल्ला विकास समिति ऐन, २०४६ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहर:
|
| 397 |
+
(क) "जिल्ला सभा" को सट्टा "जिल्ला परिषद्"
|
| 398 |
+
(ख) "जिल्ला पञ्चायत" को सट्टा "जिल्ला विकास समिति" ।
|
| 399 |
+
|
| 400 |
+
३. केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहर:
|
| 401 |
+
"थी ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार" ।
|
| 402 |
+
|
| 403 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहर:
|
| 404 |
+
"नगर पञ्चायत" दको सट्टा "नगरपालिका" ।
|
| 405 |
+
|
| 406 |
+
---
|
| 407 |
+
|
| 408 |
+
### अनुसूची
|
| 409 |
+
(दफा २ को उपदफा २.१.३ सँग सम्बन्धित)
|
| 410 |
+
|
| 411 |
+
#### योजना क्षेत्रको सीमाना
|
| 412 |
+
**पूर्व:** गोदावरी भज्र्याह, त्रिबेणी डांडा र पाटी भज्र्याहको सिरानै सिरान हुँदै अमालडोलको पूर्वपट्टिको पानीढलो भई रोहिणी भज्र्याह र किर्तिक भज्र्याहको सिरानै सिरान हुँदै मंचुरी लेख र चिपूडांडाको सिरानसम्म ।
|
| 413 |
+
|
| 414 |
+
**पश्चिम:** सिमपानी, काजि गाउँ, भट्टरचौर, दक्षिणकाली, तालुक, गुरदम खोला हुँदै चखेलको उत्तरपट्टिको पानीढलो, चन्द्रगिरि सिमभज्र्याह मसिनी गाउँको पूर्वपट्टिको पानी ढलो, दहचोक डौंडा, मजुवा गाउँ, भीमढुँगा थुम्कीको पूर्व पट्टिको पानीढलो भई भुङखु र पाँचमाने भज्र्याहसम्म ।
|
| 415 |
+
|
| 416 |
+
**उत्तर:** पाँचमाने भज्र्याह र शिवपुरी लेकको सिरानै सिरान हुँदै बोलांग र चिपुडांडासम्म ।
|
| 417 |
+
|
| 418 |
+
**दक्षिण:** गोदावरी भज्र्याहको सिरानै सिरान हुँदै ठुँगाखानी खोलाको पानीढलो, भगवान डौंडा र लेले भज्र्याहको सिरानै सिरान हुँदै देउराली थुम्की, बाविया गाउँ, मानेको दक्षिणपट्टिको पानीढलो भई बागमती नदी हुँदै सिमपानीसम्म ।
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**प्रादेशिक विकास योजनाहरू (कार्यान्वित गर्ने) ऐन, २०१३**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
लालमोहर सदर मिति
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| 4 |
+
२०१३। ७। १४
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| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
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| 6 |
+
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| 7 |
+
नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित मिति
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| 8 |
+
२०१३। ७। २७
|
| 9 |
+
लालमोहर र प्रकाशन मिति
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| 10 |
+
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| 11 |
+
१. केही नेपाल कानुन (संशोधन र पुनः व्यवस्थापन) ऐन, २०२०
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| 12 |
+
२०२०। ११। १६
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| 13 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 14 |
+
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| 15 |
+
१२. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 16 |
+
२०६६। १०। ७
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| 17 |
+
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| 18 |
+
२०१३ सालको ऐन नं. १०
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| 19 |
+
२
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| 20 |
+
**प्रादेशिक बहुमुखी योजना कार्यान्वित गर्न बनेको ऐन**
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| 21 |
+
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| 22 |
+
कुनै क्षेत्रहरूमा बहुमुखी विकास योजनाहरू शीघ्रतापूर्वक कार्यान्वित हुने व्यवस्था गरी सर्वसाधारण जनताको आर्थिक हित कायम राख्न आवश्यक परेकोले श्री ४ महाराजाधिराजबाट मन्त्रिमण्डलका सल्लाह अनुसार यो ऐन बनाई जारी गरिबक्सेको छ ।
|
| 23 |
+
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| 24 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः**
|
| 25 |
+
(१) यस ऐनको नाम "प्रादेशिक विकास योजनाहरू (कार्यान्वित गर्ने) ऐन, २०१३" रहेको छ ।
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| 26 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त लागू हुनेछ ।
|
| 27 |
+
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| 28 |
+
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|
| 29 |
+
[^1]: यो ऐन संवत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको ।
|
| 30 |
+
[^2]: गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको ।
|
| 31 |
+
[^3]: केही नेपाल कानुन (संशोधन र पुनः व्यवस्थापन) ऐन, २०२० द्वारा संशोधित ।
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
**२. विकास क्षेत्रको सूचनाः**
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| 34 |
+
तोकिएको जुनसुकै इलाकाको विकासको लागि बहुमुखी योजना तयार गरी नेपाल सरकारले प्रकाशित सूचनाद्वारा सो क्षेत्रलाई विकास क्षेत्र भनी घोषित गर्न सक्नेछ ।
|
| 35 |
+
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| 36 |
+
**३. विकास क्षेत्र सम्बन्धमा नेपाल सरकारको अधिकार:**
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| 37 |
+
दफा २ अन्तर्गत सूचना प्रकाशित भएपछि नेपाल सरकारले देहायबमोजिम गर्न सक्नेछ:--
|
| 38 |
+
(क) तोकिएको अधिकृतहरूद्वारा सर्भे गर्न निर्देश दिने र यस्ता अधिकृतहरू विकास क्षेत्रको जुनसुकै जग्गा जमीनमा प्रवेश गर्न पाउने ।
|
| 39 |
+
(ख) विकास योजना कार्यान्वित गर्न आवश्यक भएको बाटो, घाट, नहरहरू बनाउने र यस्तै अरू कामहरू गर्ने ।
|
| 40 |
+
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| 41 |
+
**४. जग्गा जमीन प्राप्त गर्ने नेपाल सरकारको अधिकार:**
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| 42 |
+
(१) दफा २ अन्तर्गत सूचनामा उल्लेख भए अनुसारको कुनै विकास योजना कार्यान्वित गर्नको निमित्त विकास क्षेत्र भित्रको कुनै जग्गा जमीन इत्यादिको आवश्यकता छ भन्ने नेपाल सरकारको विचारमा लागेमा नेपाल सरकारले त्यस्तो जग्गा जमीन प्राप्त गर्न सक्तछ ।
|
| 43 |
+
(२) जग्गा प्राप्त गर्ने बारे तत्काल लागू भई रहेको ऐनबमोजिम यस्ता जग्गा जमीन प्राप्त गरिनेछ ।
|
| 44 |
+
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| 45 |
+
तर जग्गा प्राप्त गर्नुभन्दा अघि दुई बर्षसम्म पर्ति रहेको जग्गा जमीनका हकमा कुनै क्षतिपूर्ति दिइने छैन र नेपाल सरकारले विकसित क्षेत्रको कुनै विकसित जग्गा जमीन बेच्न चाहेको खण्डमा जुन जुन व्यक्तिबाट नेपाल सरकारले क्षतिपूर्ति बेगर त्यस क्षेत्रमा जग्गा जमीन प्राप्त गरेको थियो, ती ती व्यक्तिले दफा ४ अन्तर्गत बनिने नियमहरूको अधीनमा रही त्यस्तो विकसित जग्गा जमीन किज नपाई अरूले किन्न पाउने छैन ।
|
| 46 |
+
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| 47 |
+
**५. नियमहरू बनाउने नेपाल सरकारको अधिकार:**
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| 48 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य पूर्ति गर्नका लागि नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
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| 49 |
+
(२) उपदफा (१) ले दिएको अधिकारको सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल प्रभाव नपारी सो नियमहरूले देहायका कुराहरूमा पनि व्यवस्था गर्न सक्नेछ:--
|
| 50 |
+
(क) कुन काइदाले र कुन कार्यप्रणालीले कामहरू कार्यान्वित गरिन्छन्, सो बारे ।
|
| 51 |
+
(ख) बिकसित जमीन बेच्दा भोगाधिकार कस्तो हुने र किन्ने व्यक्ति तथा निजको सन्तान दरसन्तानले कुन शर्तमा यस्ता जग्गा जमीनहरू भोग गर्छन् सो बारे ।
|
| 52 |
+
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| 53 |
+
**६. प्रचलित ऐनसैग बाझिएमा गर्ने बारे:**
|
| 54 |
+
तत्कालिन लागू रहेको कुनै नेपाल कानूनसँग बाझिएता पनि "यो ऐन लागू हुनेछ ।
|
| 55 |
+
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| 56 |
+
---
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| 57 |
+
[^4]: गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा संशोधित ।
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| 58 |
+
इष्टव्य: केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:--
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| 59 |
+
"नेपाल सरकार" बा "सरकार" को "श्री ४ को सरकार" ।
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| 1 |
+
**नगर विकास ऐन, २०४४**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
---
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| 4 |
+
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| 5 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 6 |
+
२०४४। ६। १
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 9 |
+
१. नगर विकास (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४७
|
| 10 |
+
२०४७। १०।२७
|
| 11 |
+
२. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 12 |
+
२०४६।२।१६
|
| 13 |
+
३. नगर विकास (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०४९
|
| 14 |
+
२०४९। ७। १३
|
| 15 |
+
४. नगर विकास (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०४४
|
| 16 |
+
२०४४।९।१६
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 19 |
+
४. केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०६४
|
| 20 |
+
२०६४।४।९
|
| 21 |
+
६. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 22 |
+
२०६६। १०। ७
|
| 23 |
+
७. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 24 |
+
२०७२। ११।१३
|
| 25 |
+
६. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 26 |
+
२०७४। ११।१९
|
| 27 |
+
|
| 28 |
+
---
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
२०४४ सालको ऐन नं. २२
|
| 31 |
+
नगर विकास सम्बन्धी व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 34 |
+
बढ्दो जनसंख्या तथा शहरीकरणको परिप्रेक्ष्यमा भइरहेका नगरहरूको पुनः निर्माण, विस्तार र विकासको साथै नयाँ नगरहरूको निर्माण गरी नगरवासीहरूलाई आवश्यक सेवा र सुविधाहरू पु¥याउन तथा सर्वसाधारण जनताको स्वास्थ्य, सुविधा एवं आर्थिक हित कायम राखे सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 35 |
+
थी ४ महाराजाधिराज वीरन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्मतिले यो ऐन बनाईवक्सेको छ ।
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
- यो ऐन संवत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको ।
|
| 38 |
+
- २ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको ।
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
---
|
| 41 |
+
|
| 42 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 43 |
+
१.१ यस ऐनको नाम "नगर विकास ऐन, २०४४" रहेको छ ।
|
| 44 |
+
१.२ यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 45 |
+
|
| 46 |
+
---
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 49 |
+
२.१ बिषय बा प्रसंगले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 50 |
+
२.१.१ "नगर योजना" भन्नाले दफा ३ बमोजिमको मन्त्रालयबाट स्वीकृत नगर योजना सम्झनु पर्छ ।
|
| 51 |
+
२.१.२ "समिति" भन्नाले दफा ४ बमोजिमको नगर विकास समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 52 |
+
२.१.२क "स्थानीय तह" भन्नाले प्रचलित कानुनबमोजिम गठन भएको गाउँपालिका बा नगरपालिका सम्झनु पर्छ र सो शब्दले महानगरपालिका र उपमहानगरपालिका समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 53 |
+
२.१.२ख "स्थानीय योजना" भन्नाले स्थानीय तहले आफ्नो क्षेत्रभित्रको भौतिक विकासको लागि तत्सम्बन्धी कार्यक्रम निर्धारण गरी तयार गरेको योजना सम्झनु पर्छ ।
|
| 54 |
+
२.१.२ग "संस्था" भन्नाले बसोबास, बस्ती विकास, बजार विकास जस्ता भौतिक विकास सम्बन्धी कार्यक्रम संचालन गर्ने उद्देश्यले प्रचलित कानुनबमोजिम स्थापना भएको संस्था सम्झनु पर्छ ।
|
| 55 |
+
२.१.२घ "मन्त्र��लय" भन्नाले नेपाल सरकारको सहरी विकास मन्त्रालय सम्झनु पर्छ ।
|
| 56 |
+
२.१.३ "जग्गा" भन्नाले जुनसुकै जग्गा र त्यसमा स्थायी रूपले रहेका घर, बनोट, ताल, पोखरी, रुख आदि र सो घर, बनोट, ताल, पोखरी, रुख आदिसँग स्थायी रूपले जोडिएको कुराहरूलाई समेत जनाउँछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
- तेस्रो संशोधनद्वारा थप ।
|
| 59 |
+
- केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा संशोधित ।
|
| 60 |
+
- केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा थप ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
२.१.४ "तोकिएको" बा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यो ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिएबमोजिम सम्झनु पर्छ ।
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| 63 |
+
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| 64 |
+
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| 65 |
+
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| 66 |
+
**३. नगर योजना तर्जुमा र स्वीकृति:**
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| 67 |
+
३.१ देहायको कुनै बा सबै उद्देश्य पूरा गर्न समितिले नगर योजना तर्जुमा गर्न सक्नेछ:
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| 68 |
+
३.१.१ नेपालको कुनै भागमा एकीकृत रूपमा नगरको भौतिक विकास गर्ने,
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| 69 |
+
३.१.२ भइरहेको नगरको पुनः निर्माण, विस्तार र विकास गर्ने तथा नयाँ नगरको निर्माण गर्ने,
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| 70 |
+
३.१.३ नगर विकासको लागि भू-उपयोग क्षेत्र निर्धारण गर्ने, त्यस्तो क्षेत्रमा गर्न पाइने, भौतिक विकासको मापदण्ड तोक्ने तथा त्यस्तो क्षेत्रको जनधनत्वको आधारमा सडक, यातायात, बिजुली, ढल निकास, सरसफाइ, खुल्ला क्षेत्र लगायतका सेवा तथा सुविधा उपलब्ध गराउने,
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| 71 |
+
३.१.४ उपर्युक्त कार्यहरूसँग सम्बद्ध अन्य कार्यहरू गर्ने ।
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| 72 |
+
३.२ उपदफा ३.१ बमोजिम समितिले बनाएको नगर योजना नेपाल सरकारबाट स्वीकृत हुनु पर्नेछ ।
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| 73 |
+
३.३ नेपाल सरकारले स्वीकृत गरेको नगर योजनाको विस्तृत बिबरण सहितको सूचना सर्वसाधारणको जानकारीको लागि नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित गर्नु पर्नेछ ।
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| 74 |
+
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| 75 |
+
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| 76 |
+
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| 77 |
+
**३क. स्थानीय योजनाको तर्जुमा र स्वीकृति:**
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| 78 |
+
३क.१ नगर योजना स्वीकृत भई नसकेका क्षेत्रहरूमा स्थानीय तहले सम्बन्धित जग्गा धनी बा मोहीहरूलाई समावेश गरी स्थानीय योजना तर्जुमा गर्न सक्नेछ ।
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| 79 |
+
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| 80 |
+
- गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको ।
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| 81 |
+
- तेस्रो संशोधनद्वारा संशोधित ।
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| 82 |
+
- दोस्रो संशोधनद्वारा संशोधित ।
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| 83 |
+
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| 84 |
+
३क.२ उपदफा ३क.१ बमोजिम स्थानीय योजनाको तर्जुमा गरिसकेपछि स्थानीय तहले समिति गठन भएको टाउँमा समितिको, समिति गठन नभएको टाउँमा नगर विकास जिल्ला समन्वय समितिको र सो समिति पनि गठन नभएको टाउँमा नगर विकास केन्द्रीय समन्वय समितिबाट त्यस्तो योजना स्वीकृत गराउनु पर्नेछ ।
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| 85 |
+
३क.३ उपदफा ३क.२ बमोजिम स्थानीय योजना स्वीकृत भइसकेपछि स्थानीय तहले त्यस्तो योजनाको बिस्तृत बिबरण समेतको सूचना सर्वसाधारणको जानकारीको लागि नेपाल राजपत्रबाट प्रकाशित हुने कुनै दुई प्रमुख पत्रपत्रिकामा प्रकाशित गर्नु पर्नेछ ।
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| 86 |
+
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| 87 |
+
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| 88 |
+
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| 89 |
+
**३ख. स्थानीय योजनाको सञ्चालन:**
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| 90 |
+
स्थानीय तहले स्थानीय योजनाको सञ्चालन गर्दा अपनाउनु पर्ने कार्यविधि तथा अन्य व्यवस्था दफा ३क. को उपदफा ३क.२ बमोजिम योजना स्वीकृत गर्ने समितिले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
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| 91 |
+
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| 92 |
+
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| 93 |
+
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| 94 |
+
**४. नगर विकास समितिको गठन:**
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| 95 |
+
४.१ नेपाल सरकारले नगर योजना कार्यान्वयन गर्न आवश्यकता अनुसार प्रत्येक स्थानीय तहमा नगर विकास समिति गठन गर्न सक्नेछ ।
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| 96 |
+
४.२ समितिमा देहायका सदस्यहरू रहनेछन्:
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| 97 |
+
४.२.१ सम्बन्धित स्थानीय तहको प्रमुख बा अध्यक्ष -अध्यक्ष
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| 98 |
+
४.२.२ सम्बन्धित जिल्लाको जिल्ला समन्वय समितिको प्रमुखले तोकेको सो समितिको सदस्य -सदस्य
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| 99 |
+
४.२.३ प्रमुख जिल्ला अधिकारी बा निजले तोकेको जिल्ला प्रशासन कार्यालयको अधिकृत -सदस्य
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| 100 |
+
४.२.४ बन, भूमि तथा नापी सम्बन्धी स्थानीय तह बा जिल्लास्थित कार्यालयका प्रतिनिधिहरु -सदस्य
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| 101 |
+
४.२.५ नगर कार्यपालिका बा गाउँ कार्यपालिकाका सदस्यहरु मध्येबाट सम्बन्धित नगर कार्यपालिका बा गाउँ कार्यपालिकाले तोकेको तीन जना सदस्य -सदस्य
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| 102 |
+
४.२.६ स्थानीय क्षेत्रको विकासमा महत्वपूर्ण योगदान गरी आएका सोही क्षेत्रका समाजसेवीहरु मध्येबाट सम्बन्धित स्थानीय तहको कार्यपालिकाले मनोनीत गरेका एकजना महिला सहित दुई जना -सदस्य
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| 103 |
+
४.२.७ सम्बन्धित स्थानीय तहको प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत -सदस्य-सचिब
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| 104 |
+
४.३ समितिले आवश्यक देखेमा सम्बन्धित स्थानीय तहको विकासमा महत्वपूर्ण योगदान गर्ने व्यक्ति बा कुनै विशेषज्ञ बा सल्लाहकारलाई समितिको बैठकमा पर्यवेक्षकको रूपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ ।
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| 105 |
+
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| 106 |
+
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| 107 |
+
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| 108 |
+
**५. समिति सङ्गठित संस्था हुने:**
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| 109 |
+
५.१ उपदफा ४.१ बमोजिम गठित समिति अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र सङ्गठित संस्था हुनेछ ।
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| 110 |
+
५.२ समितिको आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
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| 111 |
+
५.३ समितिले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचविखन गर्न बा अन्य किसिमले बन्दोबस्त गर्न सक्नेछ ।
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| 112 |
+
५.४ समितिले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालिस उजूर गर्न र सो उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजूर लाग्न सक्नेछ ।
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| 113 |
+
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| 114 |
+
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| 115 |
+
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| 116 |
+
**६. समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यविधि:**
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| 117 |
+
६.१ समितिको बैठक कम्तिमा दुई महीनामा एक पटक बस्नेछ ।
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| 118 |
+
६.२ समितिको कुल सदस्य सं��्याको पचास प्रतिशत सदस्य उपस्थित भएमा समितिको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
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| 119 |
+
६.३ समितिको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णयात्मक मत दिन सक्नेछ ।
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| 120 |
+
६.४ समितिको बैठकको अध्यक्षता समितिको अध्यक्षले गर्नेछ । समितिको अध्यक्ष नतोकिएको अवस्थामा बा निजको अनुपस्थितिमा समितिका सदस्यहरूले आफू मध्येबाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ ।
|
| 121 |
+
६.५ समितिको बैठक अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा सदस्य-सचिबले बोलाउनेछ ।
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| 122 |
+
६.६ समितिको बैठकले गरेको निर्णय सदस्य-सचिबले अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिबाट प्रमाणित गराई अग्राबधिक गरी राख्नु पर्नेछ ।
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| 123 |
+
६.७ समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि समिति आफैले निर्धारण गर्नेछ ।
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| 124 |
+
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| 125 |
+
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| 126 |
+
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| 127 |
+
**७. उपसमिति गठन गर्न सक्नेः**
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| 128 |
+
७.१ समितिले आफ्नो काम कारबाही सुचारुरूपले सञ्चालन गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार उपसमितिहरू गठन गर्न सक्नेछ ।
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| 129 |
+
७.२ उपदफा ७.१ बमोजिम गठित उपसमितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा अन्य कार्यविधि समितिले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
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| 130 |
+
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| 131 |
+
---
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| 132 |
+
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| 133 |
+
**८. रोक लगाउन सक्नेः**
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| 134 |
+
८.१ नगर योजना तर्जुमा सम्बन्धी कामको लागि समितिले समय समयमा स्पष्टरूपले सार्वजनिक रूपमा सूचना प्रकाशन गरी दुई बर्षको अवधि ननाघने गरी सोही सूचनामा तोकिएको अवधिभरको लागि नगर योजना क्षेत्रभित्र पर्ने जुनसुकै प्रकारको अचल सम्पत्ति समितिको पूर्व स्वीकृति बिना टुक्र्याउन बा कुनै प्रकारले भौतिक परिवर्तन गर्न नपाउने गरी रोक लगाउन सक्नेछ ।
|
| 135 |
+
८.२ उपदफा ८.१ बमोजिम रोक लगाएको कुराको सूचना समितिले रजिष्टेशन गर्ने सम्बन्धित कार्यालयमा पटाउनु पर्नेछ ।
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| 136 |
+
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| 137 |
+
---
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| 138 |
+
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| 139 |
+
**९. नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गर्न सक्नेः**
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| 140 |
+
९.१ समितिले समय समयमा स्पष्ट रूपले सार्वजनिक रूपमा सूचना प्रकाशन गरी नगर योजना क्षेत्रभित्र देहायका काम कुराहरू आवश्यकता अनुसार नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गर्न सक्नेछ र त्यसरी नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरिएका काम कुराहरू समितिको पूर्व स्वीकृति बिना कसैले गर्न गराउन हुँदैन:
|
| 141 |
+
९.१.१ कृषि, प्राकृतिक सम्पदा, बनस्पति, बन जङ्गल, जीवजन्तु, पुरातात्विक, धार्मिक, ऐतिहासिक स्थलहरू र आबादी तथा पर्ति जग्गाहरू एवं अचल सम्पत्तिको उपभोग र प्रयोग गर्न,
|
| 142 |
+
९.१.२ कुनै प्रकारको भवन, कार्यालय बा अन्य कुराहरूको नयाँ निर्मा�� गर्न बा निर्माण भैसकेका त्यस्ता कुराहरूको बिस्तार गर्न,
|
| 143 |
+
९.१.३ कुनै प्रकारको बस्ती, बसोबास बा आबास बनाउन बा बसाउन र मनोरञ्जन, बजार, हाट, उद्योग आदि स्थलहरू बसाल्न बा बनाउन,
|
| 144 |
+
९.१.४ प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटनस्थल र जनसाधारणको स्वास्थ्यमा प्रतिकूल असर पर्ने बा कुनै प्रकारले वातावरण दुषित हुने काम गर्न,
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| 145 |
+
९.१.५ बाटो घाटो, पुल र त्यसमा प्रयोग हुने यातायातको साधन, वृक्षरोपण, पानी, बत्ती, आदि प्रयोग गर्न ।
|
| 146 |
+
९.२ उपदफा ९.१ को प्रयोजनको लागि समितिले स्वीकृति दिदा आंशिक बा पूर्ण रूपले स्वीकृति दिन बा नदिन बा स्वीकृति दिंदा आवश्यक निर्देशन बा शर्त बा मापदण्ड समेत तोकिदिन सक्नेछ ।
|
| 147 |
+
९.३ नगर योजना क्षेत्रभित्रको कुनै अचल सम्पत्तिको तथ्याङ्क लिन बा सभै गर्नको लागि कुनै घर बा जग्गामा प्रवेश गर्न बा सम्बन्धित व्यक्तिलाई बुझ्न समिति बा समितिले खटाएको व्यक्तिलाई पूर्ण अधिकार हुनेछ ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
---
|
| 150 |
+
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| 151 |
+
**१०. रोक्ने बा भत्काउने:**
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| 152 |
+
१०.१ दफा ९ अन्तर्गत समितिले नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरेका काम कुराहरू कसैले समितिको पूर्व स्वीकृति बिना गरेमा बा समितिले स्वीकृति दिंदा कुनै शर्त बा मापदण्ड तोकिदिएको भए त्यस्तो शर्त बा मापदण्ड विपरीत हुने गरी गरेमा समितिले त्यस्तो काम तत्काल रोक्ने आदेश दिन सक्नेछ र त्यस्तो कामको सिलसिलामा कुनै निर्माण गरेको रहेछ भने समितिले पैतीस दिनको म्याद दिई सम्बन्धित व्यक्तिलाई त्यसरी समितिको स्वीकृति बिना बा शर्त बा मापदण्ड विपरीत निर्माण गरेको जति भाग भत्काउन बा हटाउन आदेश दिन सक्नेछ ।
|
| 153 |
+
१०.२ उपदफा १०.१ बमोजिम समितिले कुनै निर्माणको भाग भत्काउन बा हटाउन दिएको आदेश उपर चित्त नबुझ्ने व्यक्तिले सो आदेश पाएको मितिले पैतीस दिनभित्र दफा २० बमोजिमको पुनराबेदन समिति समक्ष उजुरी दिन सक्नेछ । सो उजुरीको सम्बन्धमा पुनराबेदन समितिले उजुरी परेका मितिले तीस दिनभित्र निर्णय गर्नु पर्नेछ र त्यस्तो निर्णय अन्तिम हुनेछ ।
|
| 154 |
+
१०.३ उपदफा १०.२ बमोजिम उजुरी परेकोमा पुनराबेदन समितिबाट त्यस्तो निर्माणको भाग भत्काउने बा हटाउने गरी निर्णय भएमा सो निर्णय भएको मितिले पैतीस दिनभित्र र उजुरी नपरेकोमा उपदफा १०.१ बमोजिम समितिले आदेश दिएको मितिले पैतीस दिनभित्र सम्बन्धित व्यक्तिले त्यस्तो निर्माणको भाग भत्काउनु बा हटाउनु पर्नेछ ।
|
| 155 |
+
१०.४ उपदफा १०.३ को म्यादभित्र सम्बन्धित व्यक्तिले त्यस्तो निर्माणको भाग नभत्काएमा बा नहटाएमा समिति आफैले भत्काउन बा हटाउन सक्नेछ र त्यसरी भत्काउँदा बा हटाउँदा लागेको खर्च सम्बन्धित व्यक्तिबाट सरकारी बाँकी सरह असूल उपर गरिनेछ ।
|
| 156 |
+
|
| 157 |
+
---
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
**११. समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
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| 160 |
+
११.१ यस ऐनमा अन्यत्र लेखिएको काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 161 |
+
११.१.१ नगर योजना क्षेत्रलाई विभिन्न भू-उपयोग क्षेत्रहरूमा विभाजन गर्ने,
|
| 162 |
+
११.१.२ भू-उपयोग क्षेत्रमा भौतिक विकासका लागि आवश्यक शर्त बा मापदण्ड तोक्ने,
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| 163 |
+
११.१.२क भू-उपयोग क्षेत्रको आधारमा जग्गाको बर्गीकरण गर्ने,
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| 164 |
+
११.१.२ख संस्था बा स्थानीय तहलाई कुनै शर्त बा मापदण्ड तोकी जग्गाको भौतिक विकास गर्न मार्गदर्शन गर्ने,
|
| 165 |
+
११.१.३ प्राचीन स्मारक सम्बन्धी प्रचलित नेपाल कानूनको अधीनमा रही नगर योजना क्षेत्रमा कुनै धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक सम्पदाको समुचित विकास तथा सम्भारको लागि आवश्यक परियोजना बनाई कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 166 |
+
११.१.४ नगर योजना क्षेत्रको प्राकृतिक एवं वातावरणीय संरक्षणको लागि बनजङ्गल, खोलानाला, घाट तथा जलक्षेत्रमा हुने निर्माण एवं अन्य क्रियाकलापहरूको सम्बन्धमा शर्त तोकी सो बमोजिम कार्य गर्ने गराउने,
|
| 167 |
+
११.१.५ प्रतिकूल प्रभाव पर्ने गरी प्राकृतिक सम्पदाको उपयोग गर्न निषेध गर्ने,
|
| 168 |
+
११.१.६ नगर योजनाले निर्दिष्ट गरे बमोजिम भू-उपयोग क्षेत्रमा जग्गा विकास तथा भवन निर्माण परियोजना बनाई कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 169 |
+
११.१.७ नगर योजना अनुरूप नेपाल सरकारले समय समयमा दिएको निर्देशन बमोजिमका अन्य कार्यहरू गर्ने ।
|
| 170 |
+
११.२ यस ऐनबमोजिमका काम कारबाही गर्दा नेपाल सरकारका सम्बन्धित निकायसँग समन्वय कायम गरी काम गर्नु गराउनु समितिको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 171 |
+
|
| 172 |
+
---
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
**१२. जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्न सक्ने:**
|
| 175 |
+
१२.१ सुनियोजित रूपमा नगरको विकास गर्ने क्रममा विभिन्न आय वर्गका व्यक्तिहरूको निमित्त आधारभूत आवासको आवश्यकता पूरा गर्नको लागि आवास घडैरीको व्यवस्था गर्न र अन्य शहरी क्रियाकलापको लागि समितिले नेपाल सरकारको नीति निर्देशनको अधीनमा रही देहाय बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रमहरू सञ्चालन गर्न सक्नेछ:
|
| 176 |
+
१२.१.१ नगर योजना क्षेत्रभित्रको कुनै भागमा कम्तीमा पचहत्तर प्रतिशत स्थानीय जग्गाधनी र मोहीहरू समेतको सहभागिता जु���ाई सेवा सुविधा सम्बन्धी परियोजना तर्जुमा गर्ने र सो परियोजना बमोजिम काम गर्न नेपाल सरकारको सम्बन्धित निकाय, कुनै सङ्गठित संस्था, नगरपालिका बा स्थानीय जनताले लगानी गर्ने गरी निर्देशित जग्गा विकास (गाईडेड ल्यान्ड डेभलपमेण्ट) कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 177 |
+
१२.१.२ नगर योजना क्षेत्रभित्रको कुनै भागमा कम्तीमा एकाउन्न प्रतिशत जग्गा धनी बा मोहीहरूको सहमति रहेमा सो टाउँमा रहेका जग्गाका विभिन्न कित्ताहरूलाई एकीकरण गरी सो जग्गामा नगर योजना अनुरूप सेवा सुविधाको व्यवस्था गर्ने र त्यस्तो सेवा सुविधाको व्यवस्था गर्दा लागेको खर्च विकसित घडेरीहरू बेची असूल गर्ने र बाँकी विकसित घडेरीहरू साबिक कै जग्गाधनी बा मोहीहरूलाई समानुपातिक आधारमा फिर्ता दिने व्यवस्था गरी जग्गा एकीकरण (ल्यान्ड पुलिङ) कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 178 |
+
१२.१.२क उपदफा १२.१.२ बमोजिम नगर योजना क्षेत्रभित्रको कुनै भागमा समितिले जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्न चाहेमा बा यस दफा बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन नभएको भागमा चार किल्ला खोली जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गराई पाउँ भनी सो टाउँका कम्तीमा एकाउन्न प्रतिशत जग्गा धनी बा मोहीहरूले निबेदन गरेमा कम्तीमा पचास परिवार बसोबास हुने टाउँमा समितिले जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्न सक्नेछ,
|
| 179 |
+
१२.१.२ख उपदफा १२.१.२क बमोजिम जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने भएमा समितिले स्थानीय जग्गा धनी बा मोहीहरूको सहभागिता जुटाउन उपभोक्ताहरू मध्येबाट उपभोक्ता समिति गठन गर्नेछ र उपभोक्ता समितिको सहयोगमा जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्नेछ,
|
| 180 |
+
१२.१.२ग उपदफा १२.१.२ख बमोजिम जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा समितिले दफा ८ बमोजिमको प्रक्रिया अपनाई सो भागमा रहेका अचल सम्पत्ति टुक्र्याउन बा भौतिक परिवर्तन गर्न नपाउने गरी बढीमा दुई बर्षको लागि रोक लगाउनेछ,
|
| 181 |
+
१२.१.२घ जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा समितिले उपभोक्ता समितिको सल्लाह लिई त्यस भागमा सडक, ढल, खुला क्षेत्र, खानेपानी, बिजुली लगायतका अन्य सेवा सुविधा उपलब्ध गराउन त्यस भागमा रहेका जग्गाको प्रचलित मोल र साबिकको बाटो लगायतका अन्य सुविधा समेतको आधारमा कुन जग्गा धनी बा मोहीको के कति क्षेत्रफल जग्गा छुट्याउनु पर्ने हो, सो यकिन गरी जग्गा छुट्याउनेछ,
|
| 182 |
+
१२.१.२ङ उपदफा १२.१.२घ बमोजिम जग्गा छुट्याइसकेपछि समितिले उपदफा १२.१.२ बमोजिम विकसित घडेरीहरू साबिकका जग्गा धनी बा मोहीहरूलाई फिर्ता दिने प्रयोजनको लागि सो भागमा पर्ने सम्पूर्ण कित्ताका जग्गालाई एउटै कित्तामा परिणत गरी जग्गा एकीकरण कार्यक्रमलाई अन्तिम रूप दिनको लागि उपदफा १२.१.२ग को अधीनमा रही बढीमा एक बर्षको लागि सो भागमा पर्ने कुनै अचल सम्पत्ति कुनै पनि व्यहोराले हक हस्तान्तरण गर्न नपाउने गरी रोक लगाउन रजिष्टेशन गर्ने सम्बन्धित कार्यालयमा लेखी पटाउनु पर्नेछ र सम्बन्धित कार्यालयले पनि त्यस्तो सूचना प्राप्त भएपछि त्यस भागमा लेखी आए बमोजिम कुनै अचल सम्पत्ति कुनै पनि व्यहोराले हक हस्तान्तरण हुने गरी रजिष्टेशन गर्नु हुँदैन,
|
| 183 |
+
१२.१.२च उपदफा १२.१.२ङ बमोजिम हक हस्तान्तरण गर्न रोक लगाइसकेपछि समितिले सोही उपदफामा उल्लिखित म्यादभित्र उपदफा १२.१.२ बमोजिम साबिकका जग्गा धनी बा मोहीलाई अस्थायी निस्सा सहित विकसित घडेरीहरू फिर्ता गर्नेछ,
|
| 184 |
+
१२.१.२छ उपदफा १२.१.२च बमोजिम सम्बन्धित जग्गा धनी बा मोहीलाई अस्थायी निस्सा सहित विकसित घडेरी फिर्ता गरिसकेपछि समितिले सो निस्सा अनुसार नक्सामा मिलान गर्न तथा सो अनुरूप जग्गा धनी दर्ता श्रेस्ता खडा गर्न र जग्गा धनी दर्ता प्रमाण पूर्जा तयार गरी बितरण गर्न सम्बन्धित नापी शाखा र माल बा मालपोत कार्यालयमा लेखी पठाउनु पर्नेछ र सम्बन्धित नापी शाखा र माल बा मालपोत कार्यालयले पनि सो अनुरूप नक्सा मिलान गर्ने, जग्गा धनी श्रेस्ता खडा गर्ने र जग्गा धनी दर्ता प्रमाण पूर्जा तयार गरी सम्बन्धित जग्गाधनी बा मोहीलाई बितरण गर्नु पर्नेछ,
|
| 185 |
+
१२.१.२ज प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा १२.१.२छ बमोजिम नक्सा मिलान भई नयाँ जग्गा धनी दर्ता श्रेस्ता र जग्गा धनी प्रमाण पूर्जा तयार भइसकेपछि जग्गा एकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन भएको भागको साबिकको नक्सा र सो भागमा रहेका जग्गा धनी बा मोहीको साबिकको सबै लगत श्रेस्ता स्वतः बदर हुनेछ,
|
| 186 |
+
१२.१.३ नगर योजना क्षेत्रको कुनै भागको जग्गा दफा १६ बमोजिम नेपाल सरकारबाट प्राप्त गराई समिति आफैले बा कुनै सङ्गठित संस्था मार्फत त्यस्तो जग्गामा सेवा सुविधाको व्यवस्था गरी घडेरीहरू तयार गर्ने र बिकी बितरण गर्ने गरी घडेरी तथा सेवा सुविधा (साईटस एण्ड सर्भिसेज) कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 187 |
+
१२.१.३क उपदफा १२.१.३ बमोजिम घडेरी बिकी बितरण गर्दा समितिले सो नगर योजना क्षेत्रमा घडेरी बा जग्गा नभएका साबिकका जग्गा धनी तथा मोहीलाई प्राथमिकता दिनेछ । त्यसरी बिकी बितरण गरिएका घडेरीहरू समितिको पूर्व स्वीकृति बिना टुक्र्याउन पाइने छैन,
|
| 188 |
+
१२.१.४ माथि उपदफाहरू बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालनको निमित्त कुनै जग्गाधनीको एकीकरण गरिएको बा प्राप्त गरिएको जग्गा जग्गा विकास कार्यक्रम अनुसार निर्धारित न्यूनतम इकाईको घडेरीको क्षेत्रफल भन्दा कम हुने रहेछ भने त्यस्तो जग्गाधनीलाई लागेको खर्च लिई न्यूनतम इकाईको एक घडेरी उपलब्ध गराइनेछ,
|
| 189 |
+
१२.१.४उपदफा १२.१.४ बमोजिम न्यूनतम इकाइको क्षेत्रफलभन्दा कम जग्गा हुने कुनै जग्गा धनीले समितिले निर्धारण गरेको खर्च तिरी घडेरी लिन नसक्ने भएमा समितिले त्यस्तो जग्गा धनी बा मोहीको जग्गा आफै लिई निजलाई सो जग्गा बापत प्रचलित मोल बराबरको रकम क्षतिपूर्ति दिनेछ,
|
| 190 |
+
१२.२ निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम लागू गर्ने कममा बाटो निर्माण गर्दा त्यस्तो जग्गाको मुखमा कुनै व्यक्तिको जग्गा पर्ने रहेछ र त्यस्तो व्यक्तिले सो जग्गा छोड्न नमानी सो बाटो खुलाउने अरु कुनै उपाय नभएमा त्यस्तो जग्गा दफा १६ बमोजिम प्राप्त गरिनेछ । त्यसरी जग्गा प्राप्त गर्दा दिनु पर्ने क्षतीपूर्तिको रकम मध्ये पचास प्रतिशत रकम समितिले र बाँकी पचास प्रतिशत रकम जग्गा विकास कार्यक्रम लागू गरिदा लाभान्वित हुने व्यक्तिहरूले व्यहोर्नु पर्नेछ,
|
| 191 |
+
१२.३ निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्न समितिले स्थानीय जग्गा धनी तथा मोहीहरूको सहभागिता जुटाउन उपभोक्ता समिति गठन गर्न सक्ने छ र समितिको कार्यक्रम सञ्चालनमा सहयोग पु¥याउनु त्यस्तो उपभोक्ता समितिको कर्तव्य हुनेछ,
|
| 192 |
+
१२.४ समितिले निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम लागू नगरेको टाउँमा चार किल्ला खोली निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम लागू गराई पाउँ भनी जग्गा धनी र मोहीहरूले समितिमा निबेदन दिएमा समितिले कम्तीमा पचास परिवार बसोबास हुन सक्ने देखेमा निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम लागू गर्न सक्नेछ । यसरी निर्देशित जग्गा विकास कार्यक्रम लागू गर्दा कुनै जग्गा प्राप्त गर्नु पर्ने अवस्था परेमा त्यसरी प्राप्त गरिने जग्गाको क्षतीपूर्तिको सम्पूर्ण रकम त्यस्तो कार्यक्रम लागू गरिदा लाभान्वित हुने स्थानीय जन���ाले व्यहोर्नु पर्नेछ ।
|
| 193 |
+
|
| 194 |
+
---
|
| 195 |
+
|
| 196 |
+
**१२क. भौतिक विकास सम्बन्धी योजनाको स्वीकृति र सञ्चालन:**
|
| 197 |
+
१२क.१ नगर योजना लागू भएको क्षेत्रमा कुनै संस्थाले भौतिक विकास सम्बन्धी योजना सञ्चालन गर्न चाहेमा सो योजना तर्जुमा गरी समितिबाट स्वीकृत गराउनु पर्नेछ ।
|
| 198 |
+
१२क.२ उपदफा १२क.१ बमोजिम समितिबाट योजना स्वीकृत गराइसकेपछि सम्बन्धित संस्थाले समितिले तोकिदिए बमोजिमको शर्त बा मापदण्ड अनुसार भौतिक विकास सम्बन्धी योजना सञ्चालन गर्नु पर्नेछ ।
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
---
|
| 201 |
+
|
| 202 |
+
**१२ख. संस्थालाई सहयोग तथा छुट दिन सक्नेः**
|
| 203 |
+
१२ख.१ भौतिक विकास सम्बन्धी योजना सञ्चालन गर्ने संस्थालाई समितिले देहायका कुनै सुविधा उपलब्ध गराउन सम्बन्धित निकायमा सिफारिस गर्न सक्नेछ:
|
| 204 |
+
१२ख.१.१ भौतिक विकास सम्बन्धी योजना सञ्चालन गर्न प्राविधिक सहयोग उपलब्ध गराउन,
|
| 205 |
+
१२ख.१.२ त्यस्तो संस्थालाई आवश्यक पर्ने जग्गा खरिद गर्न बित्त कम्पनी, वित्तीय संस्था बा बैकबाट सहुलियत प्राप्त क्षेत्र सरह ऋण उपलब्ध गराउन सिफारिस गर्न,
|
| 206 |
+
१२ख.१.३ त्यस्तो संस्थालाई आवश्यक पर्ने जग्गा प्रचलित कानुनबमोजिम उपलब्ध गराउन ।
|
| 207 |
+
१२ख.२ कुनै संस्थालाई भौतिक विकास सम्बन्धी योजना तर्जुमा तथा सञ्चालन गर्ने सिलसिलामा जग्गा खरिद गर्नु परेमा समितिको सिफारिसमा नेपाल सरकारले त्यस्तो जग्गा खरिद गर्दा लाग्ने रजिष्टेशन दस्तुरमा पचास प्रतिशत रकम छुट दिन सक्नेछ ।
|
| 208 |
+
|
| 209 |
+
---
|
| 210 |
+
|
| 211 |
+
**१२ग. स्थानीय तहले जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्न सक्नेः**
|
| 212 |
+
१२ग.१ स्थानीय तहले चाहेमा आफ्नो क्षेत्रभित्रको कुनै भागमा दफा १२ बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्न सक्नेछ ।
|
| 213 |
+
१२ग.२ उपदफा १२ग.१ बमोजिम स्थानीय तहले जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने भएमा समिति गठन भएको टाउँमा समितिको, समिति गठन नभएको टाउँमा नगर विकास जिल्ला समन्वय समितिको र त्यस्तो समिति पनि गठन नभएको टाउँमा नगर विकास केन्द्रीय समन्वय समितिको सिफारिस लिई त्यस्तो कार्यक्रम मन्त्रालयबाट स्वीकृत गराउनु पर्नेछ ।
|
| 214 |
+
१२ग.३ दफा १२ बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा स्थानीय तहलाई यस ऐनबमोजिम समितिलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ र स्थानीय तहले त्यस्तो जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा यस ऐनबमोजिम समितिले अपनाउनु पर्ने कार्यविधि र अन्य व्यवस्थाको पालना समेत गर्नु पर्नेछ ।
|
| 215 |
+
१२ग.४ उपदफा १२ग.१ बमोजिम जग्गा विकास कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने स्थानीय तहलाई मन्त्रालय बा समितिले प्राविधिक तथा आर्थिक सुविधा उपलब्ध गराउन सक्नेछ ।
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
---
|
| 218 |
+
|
| 219 |
+
**१३. आर्थिक स्रोत जुटाउने अधिकार:**
|
| 220 |
+
समितिले आफ्नो काम सुचारु रूपले सञ्चालन गर्नको लागि आवश्यक पर्ने खर्चको लागि नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिई ऋण लिन् अनुदान प्राप्त गर्न बा अन्य कुनै किसिमबाट आर्थिक स्रोत जुटाउन सक्नेछ ।
|
| 221 |
+
|
| 222 |
+
---
|
| 223 |
+
|
| 224 |
+
**१३क. अनुदान, सहयोग, ऋण दिन स्वीकृति लिनु पर्नेः**
|
| 225 |
+
समितिले आफ्नो नाममा रहेको चल अचल सम्पत्ति कुनै व्यक्ति बा संस्थालाई चन्दा, अनुदान, सहयोग बा ऋण दिंदा नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिनु पर्नेछ ।
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
---
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
**१४. समितिको कोष:**
|
| 230 |
+
१४.१ समितिको एउटा छुट्टै कोष हुनेछ । सो कोषमा देहायका रकमहरू रहनेछन्:
|
| 231 |
+
१४.१.१ नेपाल सरकारबाट प्राप्त अनुदान.
|
| 232 |
+
१४.१.२ नेपाल सरकार मार्फत कुनै अन्तर्राष्ट्रिय बा विदेशी संस्थाबाट प्राप्त रकम.
|
| 233 |
+
१४.१.३ समितिको चल अचल सम्पत्तिबाट आर्जन हुने रकम.
|
| 234 |
+
१४.१.४ समितिलाई प्राप्त अन्य कुनै रकम ।
|
| 235 |
+
१४.२ समितिको सबै रकम समितिको नाममा नेपाल राष्ट्र बैंक बा कुनै बाणिज्य बैकमा जम्मा गरिनेछ ।
|
| 236 |
+
१४.३ समितिको तर्फबाट गर्नु पर्ने सम्पूर्ण खर्चहरू उपदफा १४.१ बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ ।
|
| 237 |
+
१४.४ समितिको खाता सञ्चालन तोकिएबमोजिम हुनेछ ।
|
| 238 |
+
|
| 239 |
+
---
|
| 240 |
+
|
| 241 |
+
**१५. समितिको लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 242 |
+
१५.१ समितिको लेखा नेपाल सरकारको प्रचलित ढाँचा र तरीका बमोजिम राखिनेछ ।
|
| 243 |
+
१५.२ समितिको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकको विभागबाट हुनेछ ।
|
| 244 |
+
१५.३ नेपाल सरकारले चाहेमा समितिको हिसाब किताबसम्बन्धी कागजात र अरु नगदी जिन्सी समेत जुनसुकै बखत जाँच्न बा जाँच्न लगाउन सक्नेछ ।
|
| 245 |
+
|
| 246 |
+
---
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
**१६. जग्गा प्राप्त गर्ने:**
|
| 249 |
+
मन्त्रालयले नगर योजना कार्यान्वयन गर्न आवश्यक पर्ने जग्गा प्रचलित कानुनबमोजिम प्राप्त गरी समितिलाई उपलब्ध गराई दिन सक्नेछ ।
|
| 250 |
+
|
| 251 |
+
---
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
**१७. नगर विकास केन्द्रीय समन्वय समितिको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 254 |
+
१७.१ नेपालको विभिन्न इलाका, बजार ग्रामीण क्षेत्र, नगर क्षेत्र र क्षेत्रीय विकास केन्द्रमा गठन हुने समितिहरूको काम कारबाहीमा समन्वय ल्याउन मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी एक नगर विकास केन्द्रीय समन्वय समिति गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 255 |
+
१७.२ समितिमा रहने कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशत सदस्यहरू जनप्रतिनिधि र समाजसेवी रहनेछन् ।
|
| 256 |
+
१७.३ उपदफा १७.१ बमोजि��� गठित समितिमा रहने सदस्यहरू तथा त्यस्ता सदस्यहरूको पदावधि सोही उपदफा बमोजिमको सूचनामा तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 257 |
+
१७.४ मन्त्रालयले आवश्यक देखेमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी उपदफा १७.१ बमोजिम गठित समितिका सदस्यहरूमा उपदफा १७.२ को अधीनमा रही आवश्यक थपघट वा हेरफेर गर्न सक्नेछ ।
|
| 258 |
+
१७.४ उपदफा १७.१ बमोजिम गठित समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
---
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
**१७क. नगर विकास जिल्ला समन्वय समितिको गठन:**
|
| 263 |
+
१७क.१ नेपालको विभिन्न इलाका, बजार, ग्रामीण क्षेत्र र नगर क्षेत्रमा गठन हुने समितिहरूको काम कारबाहीमा जिल्ला स्तरमा समन्वय ल्याउन मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी नगर विकास जिल्ला समन्वय समिति गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 264 |
+
१७क.२ उपदफा १७क.१ बमोजिम गठित समितिमा रहने कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशत सदस्यहरू जनप्रतिनिधि र समाजसेवी रहनेछन् ।
|
| 265 |
+
१७क.३ उपदफा १७क.१ बमोजिम गठित समितिमा रहने अध्यक्ष तथा सदस्यहरूको पदावधि सोही उपदफा बमोजिमको सूचनामा तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 266 |
+
१७क.४ मन्त्रालयले आवश्यक देखेमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी उपदफा १७क.१ बमोजिम गठित समितिका सदस्यहरूमा उपदफा १७क.२ को अधीनमा रही आवश्यक हेरफेर गर्न सक्नेछ ।
|
| 267 |
+
१७क.४ उपदफा १७क.१ बमोजिम गठित समितिको काम कर्तव्य र अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 268 |
+
|
| 269 |
+
---
|
| 270 |
+
|
| 271 |
+
**१८. सजाय:**
|
| 272 |
+
१८.१ कसैले दफा ९ अन्तर्गत समितिले नियमित, नियन्त्रण बा निषेध गरेका काम कुराहरू समितिको पूर्व स्वीकृति बिना गरेमा बा समितिले स्वीकृति दिंदा कुनै शर्त बा मापदण्ड तोकिदिएको भए त्यस्तो शर्त बा मापदण्ड विपरीत हुने गरी गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई समितिले अपराधको गाम्भीर्यता र अभियुक्तको हैसियत हेरी बढीमा एकलाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा एक बर्षसम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ ।
|
| 273 |
+
१८.२ कसैले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावली बमोजिम समितिले गरेको बा गर्न लागेको काम कारबाहीमा बाधा विरोध गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई समितिले पच्चीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा ६ महिनासम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ ।
|
| 274 |
+
१८.३ कसैले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावली बमोजिम समितिले दिएको आदेश बा निर्देशन बिपरीत कुनै काम कारबाही गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई समितिले पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 275 |
+
१८.४ कसैले माथि लेखिए���ेखि बाहेक यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावली बिपरीत अन्य कुनै काम कारबाही गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई समितिले पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ ।
|
| 276 |
+
|
| 277 |
+
---
|
| 278 |
+
|
| 279 |
+
**१९. पुनराबेदन:**
|
| 280 |
+
दफा १८ बमोजिम समितिले दिएको सजायको आदेश उपर चित्त नबुझ्ने व्यक्तिले त्यस्तो सजायको आदेश पाएको मितिले पैतीस दिनभित्र दफा २० बमोजिमको पुनरावेदन समितिमा पुरावेदन गर्न सक्नेछ ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
---
|
| 283 |
+
|
| 284 |
+
**२०. पुनरावेदन समिति:**
|
| 285 |
+
२०.१ दफा १० बा १८ बमोजिम समितिले दिएको आदेश उपर पुनरावेदन सुन्न नेपाल सरकारले आवश्यकतानुसार पुनरावेदन समितिहरु गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 286 |
+
२०.२ पुनरावेदन समितिमा नेपाल सरकारले तोकेका देहायका सदस्यहरू रहनेछन्:
|
| 287 |
+
२०.२.१ उच्च अदालतको न्यायाधीश बा उच्च अदालतको न्यायाधीश हुन योग्यता पुगको कुनै व्यक्तिः - अध्यक्ष
|
| 288 |
+
२०.२.२ सम्बन्धित विषयको विशेषज्ञ - सदस्य
|
| 289 |
+
२०.२.३ एकजना प्रतिष्ठित व्यक्तिः - सदस्य
|
| 290 |
+
२०.३ पुनरावेदन समितिलाई बयान गराउने, साक्षी प्रमाण बुझ्ने, साक्षी उपस्थित गराउने, लिखतहरू पेश गर्न लगाउने सम्बन्धमा अदालतलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ ।
|
| 291 |
+
२०.४ पुनरावेदन समितिको कार्य सञ्चालन सम्बन्धी कार्यविधि पुनरावेदन समिति आफैले निर्धारण गर्नेछ ।
|
| 292 |
+
२०.४ पुनरावेदन समितिका सदस्यहरूको पदावधि, सेवाको शर्त बा सुविधा सम्बन्धी व्यवस्था नेपाल सरकारले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 293 |
+
|
| 294 |
+
---
|
| 295 |
+
|
| 296 |
+
**२१. असल नियतले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 297 |
+
समिति बा पुनरावेदन समितिका सदस्य बा कर्मचारीले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावली बा विनियमावली बमोजिम आफ्नो कर्तव्य पालनको सिलसिलामा असल नियतले गरेको बा गर्न खोजेको कुनै कुराबाट भएको कुनै हानी नोक्सानीको निम्ति व्यक्तिगतरूपमा जबाफदेही हुनुपर्ने छैन ।
|
| 298 |
+
|
| 299 |
+
---
|
| 300 |
+
|
| 301 |
+
**२२. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 302 |
+
समितिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावली बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये सबै बा केही अधिकार समितिको कुनै सदस्य बा दफा ७ बमोजिम गठित उपसमिति बा समितिको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई आवश्यकता अनुसार प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 303 |
+
|
| 304 |
+
---
|
| 305 |
+
|
| 306 |
+
**२३. नेपाल सरकारले निर्देशन दिन सक्नेः**
|
| 307 |
+
नेपाल सरकारले नगर योजनाको तर्जुमा तथा कार्यान्वयन सम्बन्धमा समितिलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ । त्यस्तो निर्देशनको पालना गर्नु समितिको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 308 |
+
|
| 309 |
+
---
|
| 310 |
+
|
| 311 |
+
**२४. नेपाल सरकारको अधिकार:**
|
| 312 |
+
२४.१ यस ऐन अन्तर्गत गठित ��ुनै समितिले यस ऐन बिपरीत कुनै काम गरेमा बा गर्न लागेमा नेपाल सरकारले त्यस्तो काम रोक्ने आदेश दिन सक्नेछ ।
|
| 313 |
+
२४.२ नेपाल सरकारले सार्वजनिक हितलाई ध्यानमा राखी आवश्यक देखेमा समितिले यस ऐनबमोजिम दिएको कुनै आदेश पूर्ण बा आंशिक रूपमा बदर गर्न सक्नेछ ।
|
| 314 |
+
२४.३ यस ऐन अन्तर्गत गठित कुनै समितिले गर्नु पर्ने काम पूरा गरिसकेको छ बा आफूले गर्नुपर्ने काम कर्तव्य बा निर्देशनको पालना गरेको छैन भन्ने लागेमा बा समिति कायम राखी राख आवश्यक नदेखिएमा नेपाल सरकारले त्यस्तो समितिलाई बिघटन गर्न सक्नेछ ।
|
| 315 |
+
२४.४ उपदफा २४.३ बमोजिम समिति बिघटन भएको अवस्थामा र समिति गठन हुनुभन्दा पूर्व प्रारम्भिक कारबाहीको अवस्थामा समितिको हक तथा दायित्व नेपाल सरकारमा रहनेछ ।
|
| 316 |
+
|
| 317 |
+
---
|
| 318 |
+
|
| 319 |
+
**२४क. प्रचलित कानुन बमोजिम हुने:**
|
| 320 |
+
यस ऐनमा लेखिएको जति कुरामा यसै ऐन बमोजिम र अन्यमा प्रचलित कानुन बमोजिम हुनेछ ।
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
---
|
| 323 |
+
|
| 324 |
+
**२४ख. मुद्दा सर्ने:**
|
| 325 |
+
(१) दफा २४ बमोजिम समिति बिघटन भएमा समितिमा कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरु सम्बन्धित जिल्ला अदालतमा र दफा २० अन्तर्गत गठित पुनराबेदन समितिमा कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरु सम्बन्धित उच्च अदालतमा सर्नेछन् ।
|
| 326 |
+
(२) समितिले दिएको सजाय उपर ऐन बमोजिमको पुनराबेदन समितिमा पुनराबेदन लाग्ने रहेछ भने त्यस्तो पुनराबेदन सोही ऐनले तोकेको म्यादभित्र सम्बन्धित उच्च अदालतमा गर्न सकिनेछ ।
|
| 327 |
+
(३) समितिको हक, दायित्व मन्त्रालयमा सर्नेछ र कागजात तथा अभिलेख मन्त्रालयले तोकेको निकाय बा कार्यालयमा सर्नेछ ।
|
| 328 |
+
|
| 329 |
+
---
|
| 330 |
+
|
| 331 |
+
**२५. नेपाल सरकारसँगको सम्पर्क:**
|
| 332 |
+
समितिले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 333 |
+
|
| 334 |
+
---
|
| 335 |
+
|
| 336 |
+
**२६. नियमावली तथा विनियमावली बनाउन सक्ने:**
|
| 337 |
+
२६.१ यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न यस ऐनको अधीनमा रही नेपाल सरकारले आवश्यक नियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 338 |
+
२६.२ यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावलीको अधीनमा रही समितिले मन्त्रालयको स्वीकृति लिई आवश्यक विनियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 339 |
+
|
| 340 |
+
---
|
| 341 |
+
|
| 342 |
+
**२७. छिन्न बाँकी मुद्दा सर्ने:**
|
| 343 |
+
यो ऐन प्रारम्भ हुँदा नगर निर्माण योजना कार्यान्वयन ऐन, २०२९, अन्तर्गत गठित समितिबाट कारबाही भई छिन्न बाँकी मुद्दाहरू यस ऐनबमोजिम गठित समितिमा सर्नेछन् ।
|
| 344 |
+
|
| 345 |
+
---
|
| 346 |
+
|
| 347 |
+
**२८. खारेजी र बचाउ:**
|
| 348 |
+
२८.१ नगर विकास समिति ऐन, २०१९, र नगर निर्माण योजना कार्यान्वयन ऐन, २०२९, खारेज गरिएका छन��� ।
|
| 349 |
+
२८.२ नगर विकास समिति ऐन, २०१९, र नगर निर्माण योजना कार्यान्वयन ऐन, २०२९, अन्तर्गत गठित समितिहरूले गरिएका काम कारबाही र हक तथा दायित्व यस ऐनबमोजिम गठित सम्बन्धित नगर विकास समितिमा सर्नेछन् ।
|
| 350 |
+
२८.३ यस ऐनबमोजिम नगर विकास समिति गठन नभएसम्म नगर विकास समिति ऐन, २०१९, र नगर निर्माण योजना कार्यान्वयन ऐन, २०२९, अन्तर्गत गठित समितिहरू यसै ऐनबमोजिम गठन भए सरह मानी कायमै रहनेछन् ।
|
| 351 |
+
|
| 352 |
+
---
|
| 353 |
+
|
| 354 |
+
**दृष्टव्य:**
|
| 355 |
+
१. नगर विकास (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४७ को दफा ६ निम्न बमोजिम रहेकोछ:
|
| 356 |
+
"६. मुद्दा सर्ने: यो दफा प्रारम्भ हुँदाका बखत नगर निर्माण योजना कार्यान्वयन ऐन, २०२९, अन्तर्गत कारवाही भई नेपाल सरकारमा पुनराबेदन परी छिन्न बाँकी रहेका पुनराबेदन तहका मुद्दाहरू मूल ऐनको दफा २० बमोजिमको सम्बन्धित पुनराबेदन समितिमा सर्नेछन् ।"
|
| 357 |
+
२. केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:
|
| 358 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार" ।
|
| 359 |
+
३. न्याय प्रशासन ऐन, २०७३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:
|
| 360 |
+
"पुनराबेदन अदालत" को सट्टा "उच्च अदालत" ।
|
| 361 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४, द्वारा दफा ११, १२, १२ख., १३, १३क., १४, १४, २०, २३, २४, २४, र २६ को उपदफा २६.१ बाहेक अन्यब टाउँ टाउँमा रहेका रूपान्तर गरिएका शब्दहरू:
|
| 362 |
+
"नेपाल सरकार" को सट्टा "मन्त्रालय"।
|
section_11_pdf_2.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,313 @@
|
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| 1 |
+
# सडक बोर्ड ऐन, २०४६
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०४९।०३।२४
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 8 |
+
१. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 9 |
+
२०६६। १०। ०७
|
| 10 |
+
२०७२। ११। १३
|
| 11 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
|
| 12 |
+
२०६२।०४।१४
|
| 13 |
+
२०४९ सालको ऐन नं. २९
|
| 14 |
+
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| 15 |
+
सडक बोर्डको सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 18 |
+
सडकको मर्मत सम्भार गराउने, सडकको मर्मत सम्भार गर्दा लाग्ने खर्चमा न्यूनीकरण गर्ने तथा सडकको मर्मत सम्भार कार्यलाई पारदर्शी एवं प्रभावकारी बनाउने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाज्छुनीय भएकोले,
|
| 19 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको पहिलो बर्षमा संसदले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
---
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 24 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 25 |
+
|
| 26 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 27 |
+
(१) यस ऐनको नाम "सडक बोर्ड ऐन, २०४६" रहेको छ।
|
| 28 |
+
(२) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
* यो ऐन संवत् २०६४ साल जेठ १४ गते देखि लागू भएको।
|
| 31 |
+
* ३० गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
|
| 32 |
+
* यो ऐन मिति २०४९।९।१४ देखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको। (नेपाल राजपत्र मिति २०४९।९।१४)
|
| 33 |
+
|
| 34 |
+
२. **परिभाषाः**
|
| 35 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 36 |
+
(क) "सडक" भन्नाले सार्वजनिक सडक ऐन, २०३१ बमोजिमको सार्वजनिक सडक सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(ख) "बोर्ड" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको सडक बोर्ड सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(ग) "दस्तुर" भन्नाले दफा ६ बमोजिम लगाइएको दस्तुर सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(घ) "सबारी साधन" भन्नाले यान्त्रिक शक्तिबाट सडकमा चल्ने सबारी साधन सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ङ) "मर्मत सम्भार" भन्नाले सडकलाई बोर्डले तोकेको स्तर अनुरुप गरिने सडकको मर्मत सम्भार कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(च) "सडक सम्बन्धी निकाय" भन्नाले सडकको मर्मत सम्भार कार्य गर्ने निकाय सम्झनु पर्छ र सो शब्दले स्थानीय निकाय समेतलाई जनाउँछ।
|
| 42 |
+
(छ) "इन्धन" भन्नाले सबारी साधनमा प्रयोग हुने पेट्रोल र डिजेल सम्झनु पर्छ र सो शब्दले ग्यास बा अन्य इन्धन समेतलाई जनाउँछ।
|
| 43 |
+
(ज) "समिति" भन्नाले दफा द बमोजिम गठित कार्यकारी समिति सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
(झ) "कार्यकारी निर्देशक" भन्नाले दफा २१ बमोजिम नियुक्त बोर्डको कार्यकारी निर्देशक सम्झनु पर्छ।
|
| 45 |
+
(ज) "मन्त्रालय" भन्नाले नेपाल सरकार, भौतिक पूर्वाधार तथ�� यातायात मन्त्रालय सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(ट) "कोष" भन्नाले दफा २४ बमोजिमको बोर्डको कोष सम्झनु पर्छ।
|
| 47 |
+
(ठ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा बिनियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
---
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 52 |
+
**बोर्डको स्थापना र काम कर्तव्य र अधिकार**
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
३. **बोर्डको स्थापनाः**
|
| 55 |
+
(१) सडकको नियमित, पटके, आबधिक तथा आकस्मिक मर्मत सम्भार गर्न तथा सडकमा चल्ने सवारी साधनहरुमा दस्तुर लगाई उठाउने व्यवस्था गर्न सडक बोर्डको स्थापना गरिएको छ।
|
| 56 |
+
(२) बोर्डको केन्द्रीय कार्यालय काठमाडौं उपत्यकामा रहनेछ र बोर्डले आवश्यकता अनुसार नेपाल भित्र शाखा कार्यालय वा सम्पर्क कार्यालय खोल्न सक्नेछ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
४. **बोर्ड स्वशासित संस्था हुनेः**
|
| 59 |
+
(१) बोर्ड अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र सँगटित संस्था हुनेछ।
|
| 60 |
+
(२) बोर्डको काम कारबाहीको निमित्त आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ।
|
| 61 |
+
(३) बोर्डले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचविखन गर्न वा अन्य कुनै किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 62 |
+
(४) बोर्डले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालिस उजुर गर्न र बोर्ड उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजुर लारने सक्नेछ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
५. **बोर्डको काम कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 65 |
+
बोर्डको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 66 |
+
(क) सडकको मर्मत सम्भार गराउने,
|
| 67 |
+
(ख) यस ऐन बमोजिम सडक उपभोग गरे बापत लारने दस्तुर वा अन्य थप दस्तुर लिने तथा जरिबाना असुल उपर गर्ने,
|
| 68 |
+
(ग) यस ऐन बमोजिम लिइने सडक वा इन्धन दस्तुर, निर्धारित मापदण्ड बिपरित सवारी साधन चलाए बापत लिइने थप दस्तुर र जरिबाना निर्धारण गर्ने विषयमा नेपाल सरकारसमक्ष सिफारिस पेश गर्ने,
|
| 69 |
+
(घ) दस्तुर निर्धारण गर्ने सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 70 |
+
(ङ) सडक मर्मत सम्भार सम्बन्धी एकीकृत वार्षिक कार्यक्रम बनाउने,
|
| 71 |
+
(च) सडक सम्बन्धी निकायलाई सडकको मर्मत सम्भार गर्नको लागि रकम उपलब्ध गराउने,
|
| 72 |
+
(छ) यस ऐन बमोजिम उठाइएको दस्तुर जुन सडकबाट उठाइएको हो सो दस्तुरको तोकिएको प्रतिशतले हुने रकम सोही सडकको मर्मत सम्भारमा खर्च गर्ने,
|
| 73 |
+
(ज) तोकिए बमोजिम सडकको पुनर्निर्माण, पुनर्स्थापना तथा स्तरबुद्धि गराउने,
|
| 74 |
+
(झ) सडक मर्मत सम्भार गर्दा लाग्ने खर्चमा न्यूनिकरण गर्न तत्सम्बन्धी कार्य योजना बनाउने,
|
| 75 |
+
(ज) तोकिएको आधारमा सडकको चयन गरी सुरक्षा गराउने,
|
| 76 |
+
(ट) सडकको मर्मत सम्भारको लागि लाग्ने रकम कुनै निकाय बा संस्था र नेपाल सरकारले व्यहोर्ने गरी नेपाल सरकार र त्यस्तो निकाय बा संस्थाकाबीच सम्झौता भएकोमा नेपाल सरकारको तर्फबाट खर्च गर्नुपर्ने रकम बोर्डले व्यहोर्ने,
|
| 77 |
+
(ठ) सडक मर्मत सम्भार कार्यलाई प्रभावकारी बनाउने,
|
| 78 |
+
(ड) बोर्डको बार्षिक बजेट तथा कार्यकम स्वीकृत गर्ने,
|
| 79 |
+
(ढ) तोकिए बमोजिमका अन्य काम गर्ने गराउने।
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
६. **दस्तुर लगाउने:**
|
| 82 |
+
(१) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी सोही सूचनामा तोकिएको सडक उपभोग गर्ने सवारी साधनलाई सो सूचनामा तोकिए बमोजिमको दस्तुर लगाउन सक्नेछ।
|
| 83 |
+
(२) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकिदिएको देहाय बमोजिमको दस्तुर बोर्डले असुलउपर गर्ने बा गराउनेछ्:-
|
| 84 |
+
(क) सडक उपभोग गरे बापतको दस्तुर,
|
| 85 |
+
(ख) सवारी साधनमा प्रयोग हुने इन्धनमा लगाइएको दस्तुर,
|
| 86 |
+
(ग) सवारी दर्ता प्रमाणपत्रमा लगाएको दस्तुर,
|
| 87 |
+
(घ) विदेशमा दर्ता भएका नेपाल भित्र प्रवेश गर्ने सबारी साधनमा लगाएको दस्तुर।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
७. **दस्तुर उठाउने:**
|
| 90 |
+
(१) दफा ६ बमोजिम लगाएको दस्तुर बोर्डले उठाउनेछ।
|
| 91 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दस्तुर उठाउने सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 92 |
+
(३) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि दफा ६ को उपदफा (१) र उपदफा (२) को खण्ड (ख) र (घ) बमोजिमको दस्तुर बोर्डले उचित देखेमा तोकिएको प्रक्रिया अपनाई कुनै व्यक्ति बा संस्था मार्फत उठाउन सक्नेछ।
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
---
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 97 |
+
**कार्यकारी समितिको गठन तथा बैठक सम्बन्धी**
|
| 98 |
+
|
| 99 |
+
८. **कार्यकारी समितिको गठन:**
|
| 100 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम बोर्डले गर्ने काम कारबाही सुचारु रुपले गर्नको लागि एक कार्यकारी समितिको गठन हुनेछ।
|
| 101 |
+
(२) समितिमा देहायका सदस्यहरु रहनेछन्:-
|
| 102 |
+
(क) सचिव, भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय - अध्यक्ष
|
| 103 |
+
(ख) प्रतिनिधि, (राजपत्रांकित प्रथम श्रेणी), अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 104 |
+
(ग) प्रतिनिधि, (राजपत्रांकित प्रथम श्रेणी), संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय - सदस्य
|
| 105 |
+
(घ) प्रतिनिधि, (राजपत्रांकित प्रथम श्रेणी), उद्योग, बाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय - सदस्य
|
| 106 |
+
(ङ) महानिर्देशक, सडक विभाग - सदस्य
|
| 107 |
+
(च) प्रतिनिधि, नगरपालिका सङ्घ - सदस्य
|
| 108 |
+
(छ) प्रतिनिधि, नेपाल उद्योग बाणिज्य महासङ्घ - सदस्य
|
| 109 |
+
(ज) प्रतिनिधि, नेपाल इन्जिनियर्स एशोसियसन - सदस्य
|
| 110 |
+
(झ) यातायात व्यवसायसँग सम्बन्धित सङ्घ संस्थाको प्रतिनिधित्व हुने गरी बोर्डले मनोनयन गरेको एकजना - सदस्य
|
| 111 |
+
(ज) उपभोक्ता सम्बन्धी सङ्घ संस्थाको प्रतिनिधित्व हुने गरी बोर्डले मनोनयन गरेको एकजना - सदस्य
|
| 112 |
+
(ट) सडक यातायात क्षेत्रमा विशिष्ट अनुभव हासिल गरेका व्यक्तिहरुमध्येबाट बोर्डले मनोनयन गरेको एकजना - सदस्य
|
| 113 |
+
(ठ) व्यावसायिक कृषकहरुमध्येबाट बोर्डले मनोनयन गरेको एकजना - सदस्य
|
| 114 |
+
(३) समितिका मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 115 |
+
(४) समितिले सडक वा यातायात सम्बन्धी क्षेत्रमा काम गरेको कुनै विशेषज्ञ र सडक सम्बन्धी निकायको कुनै पदाधिकारी वा कर्मचारीलाई समितिको बैठकमा पर्यवेक्षकको रुपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ।
|
| 116 |
+
(५) कार्यकारी निर्देशकले समितिको सचिव भई काम गर्नेछ।
|
| 117 |
+
(६) समितिको अध्यक्ष र सदस्यले समितिको बैठकमा भाग लिए बापत तोकिए बमोजिम बैठक भत्ता पाउनेछ।
|
| 118 |
+
|
| 119 |
+
९. **सदस्यको पद रिक्त हुने अवस्थाः**
|
| 120 |
+
समितिमा मनोनीत सदस्यको पद देहायका अवस्थामा रिक्त भएको मानिनेछ:-
|
| 121 |
+
(क) निजले मनोनयन गर्ने निकाय समक्ष आफ्नो पदबाट राजीनामा दिएमा,
|
| 122 |
+
(ख) निजको पदावधि सामम्र भएमा,
|
| 123 |
+
(ग) निज साहूको दामासाहीमा परेमा,
|
| 124 |
+
(घ) निज कुनै फाँज्दारी अभियोगमा अदालतबाट कसुरदार ठहरिएमा,
|
| 125 |
+
(ङ) बिना सूचना उचित र पर्याप्त कारण नभई निज लगातार तीन पटकसम्म समितिको बैठकमा अनुपस्थित भएमा,
|
| 126 |
+
(च) निजको मृत्यु भएमा।
|
| 127 |
+
|
| 128 |
+
१०. **रिक्त स्थानको पूर्तिः**
|
| 129 |
+
समितिको मनोनीत सदस्यको पद कुनै कारणबाट रिक्त हुन आएमा बाँकी अबधिको लागि निज पहिले जुन तरिकाले मनोनयन भएको हो सोही तरिकाबाट मनोनयन गरी रिक्त स्थानको पूर्ति गरिनेछ।
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
११. **समितिको बैठक र निर्णय:**
|
| 132 |
+
(१) समितिको बैठक समितिको अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 133 |
+
(२) समितिको बैठक तीन महिनामा कम्तीमा एक पटक बस्नेछ।
|
| 134 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि समितिका कम्तीमा एक तिहाई सदस्यले समितिको बैठक बोलाउनको लागि लिखित रुपमा अनुरोध गरेमा समितिको अध्यक्षले पन्ध्र दिनभित्र समितिको बैठक बोलाउनु पर्नेछ।
|
| 135 |
+
(४) समितिको सचिबले समितिको बैठकमा छलफल हुने बिषयको सूची बैठक बस्नु भन्दा कम्तीमा तीन दिन अगावै सदस्यहरुलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 136 |
+
(५) समितिको कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशत भन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा समितिको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 137 |
+
(६) समितिको बैठकको अध्यक्षता समितिको अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा समितिका सदस्यहरु���े आफूहरुमध्येबाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 138 |
+
(७) समितिको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यत्किले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 139 |
+
(८) समितिको निर्णय समितिको सचिबले प्रमाणित गरी राख्नेछ।
|
| 140 |
+
(९) समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि समिति आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
१२. **समितिको बैठकमा भाग लिन नपाउने:**
|
| 143 |
+
समितिको कुनै सदस्य समितिको बैठकमा छलफल हुने कुनै विषयसँग प्रत्यक्ष बा परोक्ष रुपमा संलग्न रहेमा त्यस्तो सदस्यले सो विषयमा हुने समितिको बैठकमा भाग लिन पाउने छैन।
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
१३. **उपसमिति गठन गर्न सक्ने:**
|
| 146 |
+
(१) समितिले यस ऐन बमोजिम आफ्नो कार्य सञ्चालन गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार उपसमिति गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 147 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित उपसमितिको काम, कर्तव्य, अधिकार तथा कार्यविधि समितिले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
---
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 152 |
+
**सडकको मर्मत सम्भार**
|
| 153 |
+
|
| 154 |
+
१४. **सडक मर्मत सम्भार सम्बन्धी बार्षिक कार्यकम पेश गर्नुपर्ने:**
|
| 155 |
+
सडक सम्बन्धी निकायले प्रत्येक बर्ष आफूले मर्मत सम्भार गर्न चाहेको सडक, त्यसको लागि आवश्यक पर्ने रकम लगायत तोकिए बमोजिमका अन्य बिबरण खुलाई तोकिएको म्यादभित्र सडक मर्मत सम्भार सम्बन्धी बार्षिक कार्यकम बोर्ड समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 156 |
+
|
| 157 |
+
१५. **एकीकृत बार्षिक कार्यकम बनाउने:**
|
| 158 |
+
दफा १४ बमोजिम प्राप्त भएको बार्षिक कार्यकम बोर्डले आवश्यकता अनुसार पुनरावलोकन गरी सडक मर्मत सम्भार सम्बन्धी एकीकृत बार्षिक कार्यकम बनाउनेछ र त्यस्तो कार्यकमको जानकारी मन्त्रालयमा पटाउनु पर्नेछ।
|
| 159 |
+
|
| 160 |
+
१६. **सडक मर्मत सम्भार गर्न रकम उपलब्ध गराउने:**
|
| 161 |
+
बोर्डले दफा १४ बमोजिमको एकीकृत बार्षिक कार्यकममा परेको सडकको मर्मत सम्भार गर्न सडक सम्बन्धी निकायलाई रकम उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 162 |
+
|
| 163 |
+
१७. **सडकको मर्मत सम्भार सम्बन्धी गुणस्तर तोक्ने:**
|
| 164 |
+
बोर्डले सडकलाई तोकिएको आधारमा बर्गीकरण गरी सडकको मर्मत सम्भार गर्दा कायम गर्नु पर्ने गुणस्तर तोक्नेछ।
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
१८. **सुपरीवेक्षण गर्न सक्ने:**
|
| 167 |
+
(१) सडक सम्बन्धी निकायले दफा १७ बमोजिम तोकिएको गुणस्तर अनुरुप सडकको मर्मत सम्भार गरे नगरेको सम्बन्धमा बोर्डले सुपरिवेक्षण गर्नेछ।
|
| 168 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सुपरीवेक्षण गर्दा सडक सम्बन्धी निकायले दफा १७ बमोजिम तोकिएको गुणस्तर अनुरुप सडक मर्मत सम्भार गरेको नदेखिएमा बोर्डले त्यस्��ो निकायलाई गुणस्तर अनुरुप सडकको मर्मत सम्भार गराउन लेखी पठाउनु पर्नेछ र सडक सम्बन्धी निकायले बोर्डबाट लेखी आए बमोजिम सडकको मर्मत सम्भार गर्नु पर्नेछ।
|
| 169 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम सडक सम्बन्धी निकायले सडकको मर्मत सम्भार नगरेमा बोर्डले त्यस्तो निकायलाई निकासा गर्न बाँकी रकम रोक्का गर्न सक्नेछ।
|
| 170 |
+
|
| 171 |
+
१९. **विवरण माग गर्न सक्ने:**
|
| 172 |
+
बोर्डले सडक सम्बन्धी निकायसँग सडकको मर्मत सम्भार सम्बन्धमा भए गरेको काम कारबाही र मर्मत सम्भारमा भएको खर्चको विवरण जुनसुकै बखत माग गर्न सक्नेछ र त्यस्तो विवरण उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित सडक सम्बन्धी निकायको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
२०. **कार्य सम्पन्न भएको विवरण पेश गर्नुपर्ने:**
|
| 175 |
+
सडक सम्बन्धी निकायले सडकको मर्मत सम्भार गरिसकेपछि तत्सम्बन्धी सम्पूर्ण विवरण तोकिएको ढाँचामा तयार गरी बोर्डसमक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 176 |
+
|
| 177 |
+
---
|
| 178 |
+
|
| 179 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 180 |
+
**कार्यकारी निर्देशक तथा कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
२१. **कार्यकारी निर्देशक:**
|
| 183 |
+
(१) बोर्डको प्रशासकीय प्रमुखको रूपमा दैनिक कार्य गर्नको लागि सिभिल इन्जिनियरिङ बा व्यवस्थापन विषयमा स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त गरी इन्जिनियरिङ बा सडक व्यवस्थापनसँग सम्बन्धित क्षेत्रमा कम्तीमा पाँच बर्षको अनुभव हासिल गरेको व्यक्तिलाई समितिले खुल्ला प्रतिस्पर्धाद्वारा कार्यकारी निर्देशकको पदमा नियुक्ति गर्नेछ।
|
| 184 |
+
(२) कार्यकारी निर्देशकको पदावधि चार बर्षको हुनेछ र निज अर्को एक अबधिका लागि कार्यकारी निर्देशकको पदमा पुनः नियुक्ति हुन सक्नेछ।
|
| 185 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कार्यकारी निर्देशकले बोर्डको हित बिपरित कुनै काम कारबाही गरेमा बा समितिको नीति निर्देशन अनुरुप काम नगरेमा समितिले तोकिएको प्रक्रिया अपनाई निजलाई जुनसुकै बखत कार्यकारी निर्देशकको पदबाट हटाउन सक्नेछ। तर त्यसरी पदबाट हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौकाबाट बधित गरिने छैन।
|
| 186 |
+
(४) कार्यकारी निर्देशकको पारिश्रमिक, सुविधा र सेबाका अन्य शर्तहरु तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 187 |
+
|
| 188 |
+
२२. **कार्यकारी निर्देशकको काम कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 189 |
+
कार्यकारी निर्देशकको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 190 |
+
(क) समितिको निर्णय तथा निर्देशन कार्यान्वयन गर्ने गराउने,
|
| 191 |
+
(ख) बोर्डको अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन योजना, बार्पिक कार्यकम र बजेट तयार गर्ने गराउने,
|
| 192 |
+
(ग) समितिबाट स्वीकृत योजना तथा कार्यकम कार्यान्वयन गर्ने गराउने,
|
| 193 |
+
(घ) बोर्डको लागि आवश्यक कर्मचारी नियुक्ति गर्ने,
|
| 194 |
+
(ङ) समितिबाट स्वीकृत हुनु पर्ने प्रस्ताबहरु बोर्ड समक्ष पेश गर्ने,
|
| 195 |
+
(च) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने।
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
२३. **कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 198 |
+
(१) बोर्डमा आवश्यक संख्यामा कर्मचारीहरु रहनेछन्।
|
| 199 |
+
(२) उपदंफा (१) बमोजिम नियुक्त कर्मचारीहरुको नियुक्ति, पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेबाका शर्तहरु तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 200 |
+
|
| 201 |
+
---
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 204 |
+
**कोष तथा लेखापरीक्षण**
|
| 205 |
+
|
| 206 |
+
२४. **कोष:**
|
| 207 |
+
(१) बोर्डको आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ।
|
| 208 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा देहायका रकमहरु रहने छन्-
|
| 209 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट अनुदान स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 210 |
+
(ख) दफा ६ बमोजिम प्राप्त रकम,
|
| 211 |
+
(ग) विदेशी सरकार बा अन्तर्राष्ट्रिय सङ्घ संस्थाबाट प्राप्त अनुदान बा ऋण स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 212 |
+
(घ) अन्य स्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 213 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ग) बमोजिमको रकम प्राप्त गर्नु अघि बोर्डले नेपाल सरकारसँग पूर्व स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 214 |
+
(४) बोर्डको तर्फबाट गरिने सम्पूर्ण खर्च कोषमा जम्मा भएको रकमबाट व्यहोरिनेछ।
|
| 215 |
+
(५) कोषमा जम्मा भएको रकम समितिले तोकेको कुनै बाणिज्य बैङ्कमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ।
|
| 216 |
+
(६) कोषको खाताको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
२५. **कोषमा प्राप्त रकमको प्रयोग:**
|
| 219 |
+
(१) कोषमा प्राप्त रकम देहायका काममा खर्च गरिनेछ:-
|
| 220 |
+
(क) सडकको मर्मत सम्भार गर्न,
|
| 221 |
+
(ख) बोर्डले निर्धारण गरे बमोजिम लागत मूल्यमा हिस्सेदारी हुने गरी जिल्ला तथा शहरी सडकको मर्मत सम्भार गर्न,
|
| 222 |
+
(ग) दातृ संस्थाद्वारा सहयोग प्राप्त सडकको मर्मत सम्भार आयोजनामा नेपाल सरकारको तर्फबाट व्यहोरिने रकममा हिस्सेदार हुन,
|
| 223 |
+
(घ) बोर्डले निर्धारण गरे बमोजिम छानिएका सडक सुरक्षा आयोजनामा खर्च गर्न,
|
| 224 |
+
(ङ) सबारी साधनको भारबहन क्षमता तथा प्रति एक्सल बजन सम्बन्धमा निर्धारित मापदण्ड कार्यान्वयन गर्न,
|
| 225 |
+
(च) सडक मर्मत सम्भार तथा पुनर्निर्माण सम्बन्धमा अनुसन्धान गर्न,
|
| 226 |
+
(छ) बोर्डको काम, कर्तव्यको कार्यान्वयन तथा कोष व्यवस्थापन सम्बन्धी प्रशासकीय खर्च गर्न,
|
| 227 |
+
तर त्यस्तो प्रशासकीय खर्च प्रत्येक आर्थिक बर्षको कुल आय बा अनुमानित कुल आयको चार प्रतिशतभन्दा बढी हुने छैन।
|
| 228 |
+
(२) उपदफा (१) मा लेखिएको कार्यको लागि छुट्याई बढी भएको रकम कुल आय बा अनुमानित कुल आयको पन्ध्र प्रतिशतमा नबढ्ने गरी सडक सम्बन���धी निकायको सिफारिसमा बोर्डले निर्धारण गरे बमोजिम मौजुदा सडकको स्तर बुद्धि गर्न बा सडक सम्बन्धी सानातिना कार्यमा खर्च गर्न सकिनेछ।
|
| 229 |
+
|
| 230 |
+
२६. **ऋणपत्र बा धितोपत्रमा लगानी गर्न सक्ने:**
|
| 231 |
+
कोषमा मौज्दात रहेको रकम बोर्डको काममा तत्काल खर्च नहुने भएमा बोर्डले त्यस्तो रकम नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिई नेपाल सरकार बा नेपाल राष्ट्र बैकबाट जारी भएको ऋणपत्र बा धितोपत्रमा लगानी गर्न सक्नेछ।
|
| 232 |
+
|
| 233 |
+
२७. **लेखा तथा लेखापरीक्षण:**
|
| 234 |
+
(१) बोर्डको आय व्ययको लेखा प्रचलित कानून बमोजिम राखिनेछ।
|
| 235 |
+
(२) बोर्डको आय व्ययको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकबाट हुनेछ।
|
| 236 |
+
|
| 237 |
+
---
|
| 238 |
+
|
| 239 |
+
## परिच्छेद-७
|
| 240 |
+
**सजाय पुनराबेदन तथा अन्य व्यवस्था**
|
| 241 |
+
|
| 242 |
+
२८. **सजाय:**
|
| 243 |
+
कुनै व्यत्किले दस्तुर नबुझाई सबारी साधन चलाएमा बोर्डले निजलाई एकहजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ। दस्तुर नबुझाई पुनः सबारी साधन चलाएमा निजलाई बोर्डले पटकै पिच्छे पाँचहजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 244 |
+
|
| 245 |
+
२९. **सबारी साधनको प्रयोगमा रोक लगाउन सक्ने:**
|
| 246 |
+
कुनै व्यत्किले यस ऐन बमोजिम बुझाउनु पने दस्तुर तथा दफा २६ बमोजिमको जरिबाना तोकिएको म्यादभित्र नबुझाएमा बोर्डले त्यस्तो दस्तुर बा जरिबाना नबुझाएसम्म निजले दस्तुर बा जरिबाना नतिरेको सबारी साधन निजले प्रयोग गर्न नपाउने गरी रोक लगाउन सम्बन्धित निकायमा लेखी पठाउन सक्नेछ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
३०. **दर्ता प्रमाणपत्र इजाजतपत्र बा चालक अनुमतिपत्र निलम्बन बा स्थगित गर्न लेखी पठाउन सक्ने:**
|
| 249 |
+
कुनै व्यत्किले दफा २६ बमोजिम लागेको जरिबाना नबुझाएमा त्यस्तो जरिबाना नबुझाएसम्मको लागि बोर्डले त्यस्तो सबारी साधनको दर्ता प्रमाणपत्र बा इजाजतपत्र स्थगित गर्न बा चालक अनुमतिपत्र निलम्बन गर्न सम्बन्धित निकायमा लेखी पठाउन सक्नेछ र त्यसरी लेखी आएमा सम्बन्धित निकायले पनि सम्बन्धित सवारीको दर्ता प्रमाणपत्र वा इजाजतपत्र स्थगित गर्न वा चालक अनुमतिपत्र निलम्बन गरी दिन पर्नेछ।
|
| 250 |
+
|
| 251 |
+
३१. **सवारी साधन लिलाम बिक्री गर्न सक्ने:**
|
| 252 |
+
कुनै व्यत्किले यस ऐन बमोजिम बुझाउनु पर्ने दस्तुर वा जरिवाना म्यादभित्र नबुझाएमा बोर्डले तोकिए बमोजिम निजको सवारी साधन लिलाम बिक्री गरी निजले तिर्नु पर्ने दस्तुर वा जरिवाना असूल गर्न सक्नेछ।
|
| 253 |
+
|
| 254 |
+
३२. **पुनरावेदन:**
|
| 255 |
+
दफा २६ वा २९, बमोजिम बोर्डले गरेको निर्णय उपर चित्त नबुझ्ने व्यत्किले त्यस्तो निर्णय भएको म��तिले पैंतीस दिनभित्र मन्त्रालय समक्ष पुनरावेदन दिन सक्नेछ।
|
| 256 |
+
|
| 257 |
+
---
|
| 258 |
+
|
| 259 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 260 |
+
**विविध**
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
३३. **सहयोग गर्नु पर्ने:**
|
| 263 |
+
बोर्डको कार्य सञ्चालकको सिलसिलामा बोर्डबाट सहयोग माग भएमा सम्बन्धित निकायले बोर्डलाई आवश्यक सहयोग गर्नु पर्नेछ।
|
| 264 |
+
|
| 265 |
+
३४. **बोर्डको विशेष अधिकार:**
|
| 266 |
+
बोर्डले सड्क मर्मत सम्भारको लागि रकम उपलब्ध गराएका सडक सम्बन्धी निकायसँग आफूले निकासा दिएको रकमको खर्च सम्बन्धी आवश्यक विवरण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 267 |
+
|
| 268 |
+
३५. **काम कारबाही पारदर्शी हुनु पर्ने:**
|
| 269 |
+
(१) बोर्डको काम कारबाही, लेखा तथा आर्थिक प्रशासनसँग सम्बन्धित कुरा पारदर्शी हुनु पर्नेछ।
|
| 270 |
+
(२) बोर्डबाट हुने खरिद—बिक्री वा ठेक्का पट्टा सम्बन्धी कुराहरु सार्वजनिक बोलपत्रद्वारा खुला प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाई गर्नु पर्नेछ।
|
| 271 |
+
(३) बोर्डको आय—व्यय विवरण, वासलात तथा वार्षिक प्रतिवेदन कुनै व्यत्किले लिन चाहेमा बोर्डले तोके बमोजिमको दस्तुर तिरी त्यसको प्रतिलिपि प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 272 |
+
|
| 273 |
+
३६. **स्वीकृति लिनुपर्ने:**
|
| 274 |
+
बोर्डले आफनो नाममा रहेको कुनै अचल सम्पत्ति बिक्री गर्नु पूर्व नेपाल सरकारको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 275 |
+
|
| 276 |
+
३७. **वार्षिक प्रतिवेदन पेश गर्नुपर्ने:**
|
| 277 |
+
(१) बोर्डले वर्षभरिमा आफूद्वारा भए गरेका काम कारबाहीको वार्षिक प्रतिवेदन तयार गरी आर्थिक वर्ष समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र मन्त्रालय समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 278 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम तयार गरिएको बार्पिक प्रतिवेदनलाई बोर्डले सर्वसाधारणको जानकारीको लागि राष्ट्रिय स्तरको पत्रपत्रिकामा समेत प्रकाशन गर्नु पर्नेछ।
|
| 279 |
+
|
| 280 |
+
३८. **अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 281 |
+
(१) समितिले यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार समितिको अध्यक्ष, कार्यकारी निर्देशक बा बोर्डको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 282 |
+
(२) कार्यकारी निर्देशकले आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार अन्तर्गतका कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 283 |
+
|
| 284 |
+
३९. **नेपाल सरकारले निर्देशन दिन सक्ने:**
|
| 285 |
+
सडक मर्मत सम्भार सम्बन्धी कार्यलाई प्रभावकारी बनाउनको लागि नेपाल सरकारले बोर्डलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ र त्यस्तो निर्देशनको पालना गर्नु बोर्डको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 286 |
+
|
| 287 |
+
४०. **नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 288 |
+
बोर्डले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालयमार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 289 |
+
|
| 290 |
+
४१. **निर्देशिका बनाउन सक्ने:**
|
| 291 |
+
बोर्डको काम कारबाहीलाई नियमित तथा व्यवस्थित गर्न समितिले यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियम तथा बिनियमको अधीनमा रही आवश्यक निर्देशिका बनाउन सक्नेछ र त्यस्तो निर्देशिकाको पालना गर्नु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 292 |
+
|
| 293 |
+
४२. **नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 294 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न बोर्डले आवशयक नियम बनाउन सक्नेछ र त्यस्तो नियम नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भएपछि लागू हुनेछ।
|
| 295 |
+
(२) उपदफा (१) को सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल प्रभाव नपर्ने गरी बोर्डले देहायका विषयमा नियम बनाउन सक्नेछ:-
|
| 296 |
+
(क) बोर्डको कार्यकारी निर्देशक र कर्मचारीको नियुक्ति पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेबाका शर्तका सम्बन्धमा,
|
| 297 |
+
(ख) कोषको रकमको प्रयोग र सञ्चालन सम्बन्धमा,
|
| 298 |
+
(ग) सडक मर्मत सम्भारको लागि रकम निकासा दिने तथा कोषको आर्थिक कार्यबिधि सम्बन्धमा,
|
| 299 |
+
(घ) बोर्डको काम कारबाही, लेखा तथा आर्थिक प्रशासन तथा सडक मर्मत सम्भार तथा अन्य काम गर्दा अपनाउनु पर्ने तरिकाको सम्बन्धमा,
|
| 300 |
+
(ङ) अन्य आवश्यक कुराहरुका सम्बन्धमा।
|
| 301 |
+
|
| 302 |
+
४३. **विनियम बनाउने अधिकार:**
|
| 303 |
+
यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको अधीनमा रही बोर्डले आवश्यक विनियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 304 |
+
|
| 305 |
+
४४. **खारेजी र बचाउ:**
|
| 306 |
+
(१) सार्वजनिक सडक सुधार दस्तुर कोष ऐन, २०४२ खारेज गरिएको छ।
|
| 307 |
+
(२) सार्वजनिक सडक सुधार दस्तुर कोष ऐन, २०४२ बमोजिम भए गरेका कामहरु यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछन्।
|
| 308 |
+
|
| 309 |
+
**दृष्ट्रव्य:**
|
| 310 |
+
१. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 311 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
| 312 |
+
२. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 313 |
+
"भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्रालय" को सट्टा "भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय"।
|
section_11_pdf_3.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,212 @@
|
|
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| 1 |
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# आवासको अधिकार सम्बन्धी ऐन, २०७४
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण मिति**
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| 4 |
+
२०७४।६।२
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| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
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| 6 |
+
मुलुकी संहिता सम्बन्धी केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ २०७६।१।२
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| 7 |
+
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| 8 |
+
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| 9 |
+
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| 10 |
+
## आवासको अधिकार सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
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| 11 |
+
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| 12 |
+
**प्रस्तावना:**
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| 13 |
+
नेपालको संविधान बमोजिम आवासविहीन नेपाली नागरिकलाई उपयुक्त र सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध गराउने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, सङ्गीय संसदले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 14 |
+
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| 15 |
+
---
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| 16 |
+
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| 17 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 18 |
+
**प्रारम्भिक**
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| 19 |
+
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| 20 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
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| 21 |
+
(१) यस ऐनको नाम "आवासको अधिकार सम्बन्धी ऐन, २०७४" रहेको छ।
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| 22 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 23 |
+
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| 24 |
+
२. **परिभाषाः**
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| 25 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 26 |
+
(क) "आवास" भन्नाले आवासीय प्रयोजनको लागि निर्माण गरिएको भवन, घर, सोको अंश बा यस्ते स्थायी बा अस्थायी आंशिक बा पूर्ण संरचना सम्झनु पर्छ।
|
| 27 |
+
(ख) "आवासस्थल" भन्नाले आवास र त्यसले चर्चेको जग्गाको चार किल्ला सम्झनु पर्छ र सो शब्दले संयुक्त बा सामुहिक आवास रहेको स्थललाई समेत जनाउँछ।
|
| 28 |
+
(ग) "आवास क्षेत्र" भन्नाले एक बा एकभन्दा बढी आवासस्थलको समूहलाई जनाउँछ।
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| 29 |
+
(घ) "आवासविहीन" भन्नाले दफा ७ बमोजिम आवास सुविधा उपलब्ध गराइने व्यक्ति तथा परिवार सम्झनु पर्छ।
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| 30 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
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| 31 |
+
(च) "परिबार" भन्नाले आवास सुविधा प्राप्त गर्ने नागरिकको पति वा पत्नी, छोरा, बुहारी, छोरी, धर्मपुत्र, धर्मपुत्री, बाबु, आमा, सीतेनी आमा, दाजु, भाउजू, भाइ, भाइबुहारी र दिदी, बहिनी सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
तर सो शब्दले कानून बमोजिम अंशबण्डा गरी मानो छुट्टिई आआफ्नो पेशा व्यवसाय गरी बसेको परिवारको सदस्यलाई जनाउने छैन।
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| 33 |
+
(छ) "मन्त्रालय" भन्नाले आवास सम्बन्धी विषय हेर्ने नेपाल सरकारको मन्त्रालय सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ज) "स्थानीय तह" भन्नाले गाउँपालिका वा नगरपालिका सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
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| 36 |
+
---
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| 37 |
+
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| 38 |
+
## परिच्छेद-२
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| 39 |
+
**आवासको अधिकारको सम्मान, संरक्षण र परिपूर्ति**
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| 40 |
+
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| 41 |
+
३. **आवासको अधिकार हुने:**
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| 42 |
+
(१) प्रत्येक नागरिकलाई उपयुक्त आवासको अधिकार हुनेछ र त्यस्तो अधिकारको सम्मान, संरक्षण र परिपूर्ति यस ऐन तथा अन्य प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
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| 43 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको आवासको अधिकार अन्तर्गत प्रत्येक नागरिकलाई देहायको अधिकार हुनेछः
|
| 44 |
+
(क) प्रचलित कानूनले निर्धारण गरेको मापदण्डको अधीनमा रही सुरक्षित, उपयुक्त र आफ्नो क्षमता अनुकूल आवास बनाउने, सो आवासमा बसोबास गर्ने र त्यसको प्रयोग गर्ने,
|
| 45 |
+
(ख) आवासको अभावमा जीवन जोखिममा पर्ने अवस्थाबाट सुरक्षित रहने,
|
| 46 |
+
(ग) प्रचलित कानून बमोजिम आवासस्थलको छूनीट गर्ने तथा बसाइसराई गरी उपयुक्त स्थानमा आवासको लागि व्यवस्था गर्न पाउने,
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| 47 |
+
(घ) आवासस्थलमा आफ्नो धार्मिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक पहिचानको सम्मान तथा संरक्षण गर्न पाउने,
|
| 48 |
+
(ङ) आफ्नो आवास स्थल र बरिपरिको तोकिएको खुला क्षेत्रमा भौतिक संरचना निर्माण नगरी संरक्षण गर्न पाउने।
|
| 49 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको अधिकारको सम्मान, संवर्द्धन, संरक्षण, परिपूर्ति र कार्यान्वयन गर्ने जिम्मेबारी नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
४. **नागरिकको आवास अधिकारको सम्मान गर्नुपर्नेः**
|
| 52 |
+
(१) नागरिकलाई आफ्नो आवास शान्तिपूर्वक निर्वाध रूपले उपभोग गर्न दिनु पर्नेछ।
|
| 53 |
+
(२) कुनै पनि नागरिकलाई उत्पत्ति, धर्म, वर्ण, जात, जाति, लिङ्ग, शारीरिक अवस्था, अपाङ्गता, स्वास्थ्य स्थिति, वैवाहिक स्थिति, गर्भावस्था, आर्थिक अवस्था, भाषा वा क्षेत्र, वैचारिक अवस्था वा यस्तै अन्य कुनै आधारमा आवासको सुविधावाट बधित गर्न वा भेदभाव गर्न पाइने छैन।
|
| 54 |
+
|
| 55 |
+
५. **सार्वजनिक प्रयोजनको लागि हटाउन सकिनेः**
|
| 56 |
+
(१) सार्वजनिक प्रयोजनका लागि प्रचलित कानून बमोजिम कुनै नागरिकलाई निजको आवासबाट हटाउन सकिनेछ।
|
| 57 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सार्वजनिक प्रयोजनको लागि कुनै नागरिकलाई निजको स्वामित्वको आवासबाट हटाउँदा निजलाई पुनर्वासको व्यवस्था गरी वा प्रचलित कानून बमोजिमको क्षतिपूर्ति प्रदान गर्नु पर्नेछ।
|
| 58 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको क्षतिपूर्ति नागरिकलाई आवासबाट हटाउने कार्य गर्नु अगावै उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 59 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम सार्वजनिक प्रयोगको लागि कुनै नागरिकलाई निजको आवासबाट हटाउँदा देहायका अवस्था पूरा गरेको हुनु पर्नेछः
|
| 60 |
+
(क) नागरिकसँग परामर्श गरिएको,
|
| 61 |
+
(ख) पर्याप्त र कारण सहितको सूचना सम्प्रेषण गरिएको,
|
| 62 |
+
(ग) आवासबाट हटाइने व्यक्ति वा परिवारको उपयुक्त पहिचान भएको,
|
| 63 |
+
(घ) हटाउने समय र स्थानमा अधिकार प्राप्त अधिकारी वा निजको प्रतिनिधि उपस्थित भएको,
|
| 64 |
+
(ड) रातीको समय वा त्यस्तै अनुपयुक्त समय नभएको।
|
| 65 |
+
(५) यस दफा बमोजिम आवासबाट हटाउने क्रममा जेष्ठ नागरिक, बिरामी, अपाङ्गता भएका व्यक्ति, बालबालिका, असहाय, असक्त, गर्भवती महिलाको संरक्षणमा उचित ध्यान दिनु पर्नेछ।
|
| 66 |
+
(६) यस दफा बमोजिम पुनर्वास गर्ने सम्बन्धी व्यवस्था सम्बन्धित सार्वजनिक निकायले व्यवस्था गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
६. **स्रोत साधनमाथिको पहुँच:**
|
| 69 |
+
नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले नागरिकलाई आवासस्थलमा रहेका स्रोत साधनहरूको उपयोगमा कानून बमोजिम सहज पहुँच हुने व्यवस्था गर्नु पर्नेछ।
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
---
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 74 |
+
**आवास सुविधा उपलब्ध गराउने**
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
७. **आवास उपलब्ध गराउने:**
|
| 77 |
+
यस ऐनको परिच्छेद-२ मा जुनसुकै लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार वा स्थानीय तहले पारस्परिक समन्वयमा उपलब्ध स्रोत साधनको आधारमा देहाय बमोजिमका आवासविहीन व्यत्कि तथा परिवारलाई प्राथमिकीकरण गरी क्रमशः तोकिए बमोजिम आवास सुविधा उपलब्ध गराउनु पर्नेछ्ः
|
| 78 |
+
(क) नेपाल राज्यभित्र आफ्नो वा आफ्नो परिवारको स्वामित्वमा घर जग्गा नभएको र आफ्नो वा आफ्नो परिवारको आय आर्जन, स्रोत वा प्रयासबाट आवासको प्रबन्ध गर्न असमर्थ रहेको,
|
| 79 |
+
(ख) प्राकृतिक विपत्तिका कारण स्थायी रूपमा विस्थापित भएको र खण्ड (क) बमोजिमको अवस्था विद्यमान भएको।
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
८. **वित्तीय साधन उपलब्ध गराउने:**
|
| 82 |
+
(१) दफा ७ बमोजिम आवासविहीन व्यत्कि तथा परिवारलाई आवास सुविधा उपलब्ध गराउन तोकिए बमोजिमको सहुलियतपूर्ण वित्तीय सुविधा उपलब्ध गराइनेछ।
|
| 83 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको सुविधा अन्तर्गत पनि आवासको व्यवस्था गर्न नसक्ने अति विपन्न र वैकल्पिक व्यवस्था गर्न नसक्ने आवासविहीन व्यत्कि तथा परिवारलाई प्राथमिकताका आधारमा तोकिए बमोजिम क्रमशः आवास सुविधा उपलब्ध गराइनेछ।
|
| 84 |
+
|
| 85 |
+
९. **लगत सङलन तथा पहिचान गर्ने:**
|
| 86 |
+
(१) आवास सुविधा उपलब्ध गराइने व्यत्कि तथा परिवारको विस्तृत पहिचान र बसोवासको अवस्था समेत खुल्ने गरी सम्बन्धित स्थानीय तहले तोकिए बमोजिम लगत सङलन गर्नु पर्नेछ।
|
| 87 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सङलन गरिएको लगतको विवरण स्थानीय तहले प्रदेश सरकार मार्फत् नेपाल सरकारलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
१०. **परिचयपत्र उपलब्ध गराउनु पर्ने:**
|
| 90 |
+
(१) सम्बन्धित स्थानीय तहले तोकिए बमोजिमको परिचयपत्र सम्बन्धित व्यत्कि वा परिवारलाई वितरण गर्नु पर्नेछ।
|
| 91 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको परिचयपत्र वितरणको कार्य तोकिए बमोजिमको अबधिभित्र सम्पन्न गर्नु पर्नेछ।
|
| 92 |
+
(३) यस दफा बमोजिम वितरण गरिएको परिचयपत्रको विवरण सम्बन्धित स्थानीय तहले सम्बन���धित प्रदेश सरकार तथा मन्त्रालयलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 93 |
+
(४) यस दफा बमोजिम वितरण गरिएको परिचयपत्रको विवरणको आधारमा दोहोरो नपर्ने गरी नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले स्रोत साधनको व्यवस्था मिलाई नागरिकलाई कमशः तोकिए बमोजिमको आवास सुविधा उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 94 |
+
|
| 95 |
+
११. **सहयोग गर्नु पर्नेः**
|
| 96 |
+
नेपाल सरकार तथा प्रदेश सरकारले दफा ९, र १० बमोजिमको कार्य सम्पन्न गर्नको लागि स्थानीय तहलाई आर्थिक तथा प्राविधिक सहयोग उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 97 |
+
|
| 98 |
+
१२. **जग्गा बा आवास नभएको घोषणा गर्नु पर्नेः**
|
| 99 |
+
दफा ९ बमोजिम आवास सुविधा प्राप्त गर्न पहिचान भएको व्यक्ति तथा परिवारले यस ऐन बमोजिम आवास सुविधा प्राप्त गर्नु अघि देशको कुनै भू-भागमा आफ्नो बा आफ्नो परिवारको नाममा जग्गा, आवास बा दुबै नभएको र आफ्नो बा आफ्नो परिवारको आय आर्जन, स्रोत बा प्रयासबाट आवासको व्यवस्था गर्न असमर्थ रहेको तोकिए बमोजिम स्वः घोषणा गर्नु पर्नेछ।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
१३. **अस्थायी आवास उपलब्ध गराउनु पर्नेः**
|
| 102 |
+
(१) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले पारस्परिक समन्वयमा बिपद्वाट बिस्थापित व्यक्ति तथा परिवारको लागि तत्काल तोकिए बमोजिमको अस्थायी आवास बा आर्थिक सहायता उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 103 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको अस्थायी आवासमा लैङ्गिकमैत्री, अपाङ्मैत्री बातावरण लगायत तोकिए बमोजिमका न्यूनतम सुविधा उपलब्ध हुनु पर्नेछ।
|
| 104 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम अस्थायी आवासमा आखित व्यक्ति बा परिवारलाई त्यस्तो बिपद्को अवस्था सामान्यीकरण भई साविककै स्थानमा बसोबास गर्न सकिने अवस्था भएमा निजहरूलाई सोही टाउँमा पुनर्स्थापना गर्ने व्यवस्था गर्नु पर्नेछ।
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
१४. **पुनर्वासको व्यवस्था गर्नु पर्नेः**
|
| 107 |
+
(१) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले दफा १३ बमोजिमको कारणबाट पूर्ण रूपमा बिस्थापित भएको व्यक्ति तथा परिवारको नाममा अन्यब जग्गा नभएको बा जग्गा भए पनि भौगोलिक बा अन्य कारणले बसोबास गर्नको लागि अनुपयुक्त भएको र निज बा परिवारको आर्थिक बिपन्नताको कारण निज आफैले कुनै अर्को बासस्थानको प्रबन्ध गर्न नसक्ने अवस्था भएमा त्यस्तो व्यक्ति तथा परिवारको लागि उचित पुनर्वासको प्रबन्ध गर्नु पर्नेछ।
|
| 108 |
+
तर त्यस्तो व्यक्ति बा परिवार कुनै आर्थिक उपार्जनको कार्यमा संलग्न रहेको भएमा निजलाई प्रचलित कानून बमोजिम सहुलियतपूर्ण कर्जा तथा आंशिक अनुदान प्रदान गरी पुनर्वासको प्रबन्ध गर्न सकिनेछ।
|
| 109 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम पुनर्बासको व्यवस्था गर्दा सम्भव भएसम्म सम्बन्धित व्यक्ति तथा परिवारको सामाजिक, सांस्कृतिक पक्ष तथा जीविकोपार्जनको विषयलाई समेत ध्यान दिनु पर्नेछ।
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
१५. **आवासको स्वामित्व उपयोग तथा भोगाधिकारः**
|
| 112 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहबाट आवास निर्माण गरी नागरिकलाई प्रदान गरिएकोमा त्यस्तो आवासको स्वामित्व त्यस्तो आवास सुविधा प्राप्त गर्ने व्यक्ति, परिवार बा समुदायको एकल, सामूहिक बा संयुक्त स्वामित्व रहने गरी व्यवस्था गर्न सकिनेछ।
|
| 113 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि त्यस्तो आवासमा सम्बन्धित व्यक्ति बा परिवारको भोगाधिकार मात्र कायम हुने गरी व्यवस्था गर्न बाधा पर्ने छैन।
|
| 114 |
+
(३) कुनै एक व्यक्ति तथा परिवारको एकल स्वामित्व रहने गरी आवास सुविधा प्रदान गरिएको भएमा त्यस्तो आवासमा जसको स्वामित्व रहेको हो सोही व्यक्ति तथा परिवार बस्नु पर्नेछ।
|
| 115 |
+
(४) सामूहिक बा संयुक्त स्वामित्व रहने गरी आवास सुविधा प्रदान गरिएको भएमा त्यस्तो आवासको स्वामित्व त्यसमा बसोबास गर्ने सबै व्यक्ति तथा परिवारको हुनेछ।
|
| 116 |
+
(५) उपदफा (२), (३) र (४) बमोजिम कुनै व्यक्ति तथा परिवारको एकल, सामुहिक बा संयुक्त स्वामित्व रहने गरी उपलब्ध गराइएको आवास त्यस्तो आवास उपलब्ध गराउने सम्बन्धित नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहको स्वीकृति नलिई बैइ, बित्तीय बा अन्य संस्थामा धितो बन्धक राखी ऋण लिन, बेचबिखन गर्न, भाडा बा लिजमा दिन बा अन्य व्यक्तिलाई स्वामित्व हस्तान्तरण गर्न बा अन्य कुनै प्रकारले हक छाड्न पाइने छैन।
|
| 117 |
+
तर प्रचलित कानून बमोजिमको अंशियारका बीचमा अंशबण्डा गर्न र निजको शेषपछि निजको हकबालाको नाममा नामसारी दाखिल खारेज बा अपुताली बा अन्य कुनै ब्यहोराले स्वामित्व हस्तान्तरण गर्न बाधा पर्ने छैन।
|
| 118 |
+
(६) उपदफा (५) बिपरीत भएको कुनै कार्य स्वतः बदर भएको मानिनेछ र त्यस्तो आवासको स्वामित्व स्वतः आवास उपलब्ध गराउने नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा सम्बन्धित स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 119 |
+
(७) उपदफा (६) बमोजिमको आवास उपलब्ध गराउने सम्बन्धित नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा सम्बन्धित स्थानीय तहले अन्य बिस्थापित, आवासबिहीन व्यक्ति तथा परिवारलाई उपलब्ध गराउन सक्नेछ।
|
| 120 |
+
|
| 121 |
+
१६. **दोहोरो सुविधा उपलब्ध नगराइने:**
|
| 122 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम आवास उपलब्ध गराइएको व्यक्ति तथा परिवारलाई दोहोरो पर्ने गरी आवास उपलब्ध गराइने छैन।
|
| 123 |
+
(२) यस ऐन बमोजिम एक पटक आवासको सुविधा उपलब्ध गराइएको व्यक्ति तथा परिवारलाई पुनः त्यस्तो सुविधा उपलब्ध गराइने छैन।
|
| 124 |
+
(३) यस दफामा अन्यब जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपलब्ध गराइएको आवास बिपद् परी पूर्ण क्षति भई बस्न योग्य नभएको अबस्थामा पुन: उपलब्ध गराउन बाधा पर्ने छैन।
|
| 125 |
+
|
| 126 |
+
१७. **आवास सुविधा उपलब्ध नगराइने:**
|
| 127 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यब जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि देहाय बमोजिमका व्यक्ति तथा परिवारलाई यस ऐन बमोजिम आवासको सुविधा उपलब्ध गराइने छैनः
|
| 128 |
+
(क) प्रचलित कानून बमोजिम राष्ट्रे्बक मानिने पदमा बहाल रहेको, सेवानिवृत्त बा पद्मुत्त भएको व्यक्ति तथा निजको परिवार,
|
| 129 |
+
(ख) स्वदेशी बा विदेशी कम्पनी, सइटित संस्था, साझेदारी, फर्मबाट पारिश्रमिक बा अन्य कुनै आर्थिक सुविधा पाइरहेको व्यक्ति तथा निजको परिवार,
|
| 130 |
+
(ग) स्वदेशी बा विदेशी गैरसरकारी संस्थाबाट पारिश्रमिक बा अन्य कुनै आर्थिक सुविधा पाइरहेको व्यक्ति तथा निजको परिवार,
|
| 131 |
+
(घ) निजी क्षेत्रमा व्यापार, व्यवसाय बा अन्य आर्थिक उपार्जनको कार्यमा संलग्न रहेको व्यक्ति बा निजको परिवार,
|
| 132 |
+
(ङ) विदेशी सरकार बा अन्तर्राष्ट्रिय सइ संस्थामा काम गरिरहेको बा त्यसबाट निवृत्तभरण बा अन्य आर्थिक सुविधा प्राप्त गरिरहेको व्यक्ति तथा निजको परिवार,
|
| 133 |
+
(च) विदेशी मुलुकको आवासीय अनुमति प्राप्त गरेको बा विदेशी मुलुकमा स्थायी रूपमा बसोबास गरिरहेको व्यक्ति तथा परिवार,
|
| 134 |
+
(छ) आवासीय प्रयोजनको लागि कसैको घर, जग्गा बा अपार्टमेन्ट बहालमा लिई बसेको व्यक्ति तथा परिवार,
|
| 135 |
+
(ज) आवास नभएको तर नेपाल सरकारले तोकेकोभन्दा बढी चल बा अचल सम्पत्ति भएको व्यक्ति तथा परिवार,
|
| 136 |
+
(झ) तोकिए बमोजिमका अन्य व्यक्ति तथा निजको परिवार।
|
| 137 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि विपद्मा परी आवास पूर्ण क्षति भई बस्न योग्य नभएमा बा नेपाल सरकारले तोकेकोभन्दा कम बार्पिक आय गर्ने व्यक्ति तथा निजको परिवारलाई यस ऐन बमोजिमको आवासको सुविधा उपलब्ध गराउन बाधा पर्ने छैन।
|
| 138 |
+
|
| 139 |
+
१८. **स्थानीय तहसँग समन्वय गर्ने:**
|
| 140 |
+
(१) नेपाल सरकार तथा प्रदेश सरकारले यस ऐन बमोजिम आवास सम्बन्धी कुनै सुविधा प्रदान गर्दा स्थानीय तहसँग समन्वय गरी कार्यान्वयन गर्नु पर्नेछ।
|
| 141 |
+
(२) नेपाल सरकार तथा प्���देश सरकारले यस ऐन बमोजिम आवास सम्बन्धी कार्यकम कार्यान्वयनको लागि आवश्यक बजेट, जनशक्ति तथा अन्य प्राविधिक सहायता प्रदान गरी स्थानीय तह मार्फत् कार्यान्वयन गर्न सक्नेछन्।
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| 142 |
+
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| 143 |
+
१९. **एकीकृत बस्ती विकासको व्यवस्था:**
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| 144 |
+
(१) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले यस ऐन बमोजिम आवास सुविधा उपलब्ध गराउँदा आवश्यकता र उपयुक्तता अनुसार एकीकृत बस्ती विकासको अवधारणा अनुरूप आवासको व्यवस्था मिलाउन सक्नेछन्।
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| 145 |
+
(२) यस ऐनमा अन्यब जुनसुकै लेखिएको भए तापनि भौगोलिक बिकटताका कारणले सेवा सुविधा पुए्याउन नसक्ने दुर्गम, बिकट तथा असुरक्षित स्थानका बस्ती स्थानान्तरण गरी सुविधायुक्त स्थानमा सार्न बाधा पर्ने छैन।
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| 146 |
+
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| 147 |
+
२०. **स्वदेशी निजी क्षेत्रबाट आवास सुविधा प्रदान गर्न सकिने:**
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| 148 |
+
(१) प्रचलित कानूनको अधीनमा रही निजी कम्पनी बा सझटित संस्थाले आवास निर्माण गरी नागरिकलाई वितरण गर्न सक्नेछन्।
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| 149 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको आवासमा तोकिए बमोजिमको न्यूनतम सेवा, सुविधा तथा पूर्वाधार उपलब्ध भएको हुनु पर्नेछ।
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| 150 |
+
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| 151 |
+
२१. **सेवा, सुविधा र पूर्वाधारको उपलब्धताः**
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| 152 |
+
यस ऐन बमोजिम प्रदान गरिने आवास रहेको क्षेत्रमा तोकिए बमोजिमको न्यूनतम सेवा, सुविधा र पूर्वाधारहरू उपलब्ध भएको हुनु पर्नेछ।
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| 153 |
+
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+
२२. **अनुगमन गर्नु पर्नेः**
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+
नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले यस ऐन बमोजिम आवासको सुविधा उपलब्ध गराउने कार्यको अनुगमन गर्नको लागि तोकिए बमोजिमको संयन्त्र गटन गर्नु पर्नेछ।
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| 156 |
+
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२३. **भवनसंहिता तथा भवन निर्माण सम्बन्धी मापदण्ड पालना गर्नु पर्नेः**
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| 158 |
+
नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले यस ऐन बमोजिम आवास उपलब्ध गराउँदा बस्ती विकास, भूमिको उपयोग, भवनसंहिता तथा भवन निर्माण सम्बन्धी सङ्गीय कानून बमोजिम निर्धारण गरेको मापदण्डको पालना गर्नु पर्नेछ।
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| 159 |
+
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| 160 |
+
२४. **विवादको समाधान:**
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| 161 |
+
यस ऐन बमोजिम उपलब्ध गराइएको आवास सुविधाको उपभोग गर्ने सम्बन्धमा त्यस्तो आवासमा बसोबास गर्ने व्यक्ति तथा परिवारहरुबीच भएको हक बेहक सम्बन्धी बाहेकको कुनै विवाद उत्पन्न भएमा त्यस्तो विवाद हेर्ने अधिकार स्थानीय न्यायिक समितिलाई हुनेछ।
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| 162 |
+
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| 163 |
+
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| 164 |
+
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## परिच्छेद- ४
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| 166 |
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**कसुर तथा सजाय**
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| 167 |
+
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| 168 |
+
२५. **कसुर तथा सजाय:**
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| 169 |
+
(१) कसैले देहाय बमोजिमको कार्य गरेमा यस ऐन बमोजिमको कसुर गरेको मानिनेछः
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| 170 |
+
(क) झुट्टा विवरण पेश गरी आवास सुविधा लिएमा,
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| 171 |
+
(ख) आवास सुविधाको दुरुप��ोग गरेमा बा आवासलाई आवास बाहेकको अन्य प्रयोजनमा प्रयोग गरेमा,
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| 172 |
+
(ग) जानीजानी झुटो विवरण सङ्लन गरेमा बा सिफारिस गरेमा,
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| 173 |
+
(घ) दफा १४ को उपदफा (४) विपरीतको कार्य गरेमा।
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| 174 |
+
(२) कसैले उपदफा (१) बमोजिमको कसुर गरेमा देहाय बमोजिमको सजाय हुनेछः
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| 175 |
+
(क) खण्ड (क) बमोजिमको कसुर गरेमा दुई बर्षसम्म कैद बा पौच लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुवै,
|
| 176 |
+
(ख) खण्ड (ख) बमोजिमको कसुर गरेमा एक बर्षसम्म कैद बा तीन लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुवै,
|
| 177 |
+
(ग) खण्ड (ग) बमोजिमको कसुर गरेमा एक लाख रुपैयाँ जरिबाना गरी सरकारी कर्मचारी भए विभागीय कारबाही समेत हुने,
|
| 178 |
+
(घ) खण्ड (घ) बमोजिमको कसुर गरेमा तीन बर्षसम्म कैद बा दश लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुवै।
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| 179 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको जरिवाना सम्बन्धित कसुरदारबाट असुल उपर हुन नसकेमा सरकारी बाँकी सरह असुल उपर गर्नु पर्नेछ।
|
| 180 |
+
(४) यस ऐन बमोजिम आवास निर्माणको लागि अनुदान उपलब्ध गराइएका व्यत्तिले झुट्टा विवरण दिई अनुदान लिएको पाइएमा त्यस्तो अनुदानको रकममा प्रचलित कानून बमोजिम लाग्ने व्याज रकम समेत हिसाब गरी सरकारी बाँकी सरह असुल उपर गरिनेछ र प्रचलित कानून बमोजिम कुनै कारबाही हुनेमा त्यस्तो कारबाही समेत गरिनेछ।
|
| 181 |
+
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| 182 |
+
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| 183 |
+
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| 184 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 185 |
+
**विविध**
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| 186 |
+
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| 187 |
+
२६. **नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहको नाममा कायम गरिनेः**
|
| 188 |
+
दफा १४ को उपदफा (६) मा उल्लिखित अवस्थाको अतिरिक्त देहायको अवस्था भएमा यस ऐन बमोजिम उपलब्ध गराइएको आवास त्यस्तो व्यक्ति तथा परिवारको नामबाट लगत कट्टा गरी त्यस्तो आवास सुविधा उपलब्ध गराउने नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहको नाममा कायम गरिनेछ्ः
|
| 189 |
+
(क) आवास उपलब्ध गराइएको व्यक्ति तथा परिवारले बसोबास नगरेमा बा लगातार तीन बर्ष बा सोभन्दा बढी अबधि भोग चलन नगरेमा,
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| 190 |
+
(ख) तोकिए बमोजिमको अन्य अवस्थामा।
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| 191 |
+
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| 192 |
+
२७. **आवासको मर्मत सम्भार तथा सेवा शुल्कः**
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| 193 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम उपलब्ध गराइएको आवासको मर्मत सम्भार त्यस्तो आवास सुविधा प्राप्त गर्ने व्यक्ति तथा परिवारले आफ्नै खर्चमा गर्नु पर्नेछ।
|
| 194 |
+
(२) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले निर्णय गरी निःशुल्क हुने गरी तोकेको बाहेक आवासमा जडित बिघुत, खानेपानी लगायतका सुविधा उपभोग गरे बापत तिर्नु पर्ने सेवा शुल्क तोकिएको समयभित्र त्यस्तो आवास प्राप्त गर्ने व्यक्ति तथा परिवारले व्यहोर्नु पर्नेछ।
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| 195 |
+
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| 196 |
+
२८. **आवास फिर्ता गर्न सक्नेः**
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| 197 |
+
यस ऐ�� बमोजिम उपलब्ध गराइएको आवास प्राप्त गर्ने व्यक्ति तथा परिवारले आफ्नो आर्थिक क्षमतामा भएको बुद्धि बा अन्य कारणले आवास फिर्ता गर्न चाहेमा त्यस्तो आवास उपलब्ध गराउने नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहलाई फिर्ता गर्न सक्नेछ। यसरी फिर्ता गर्ने व्यक्ति बा परिवारलाई सम्बन्धित निकायले सम्मान गर्न सक्नेछ।
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| 198 |
+
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| 199 |
+
२९. **नेपाल सरकार बादी हुने:**
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| 200 |
+
(१) दफा २४ को उपदफा (१) बमोजिमको मुद्दामा नेपाल सरकार बादी हुनेछ।
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| 201 |
+
(२) दफा २४ को उपदफा (१) बमोजिमको मुद्दा "मुलुकी फाँजदारी कार्यबिधि (संहिता) ऐन, २०७४ को अनुसूची-१ मा समावेश भएको मानिनेछ।
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| 202 |
+
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| 203 |
+
३०. **नियम बनाउने अधिकार:**
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| 204 |
+
यो ऐन कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
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| 205 |
+
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| 206 |
+
३१. **कार्यबिधि तथा निर्देशिका बनाउन सक्नेः**
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| 207 |
+
(१) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहले यस ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक कार्यबिधि बा निर्देशिका बनाउन सक्नेछ।
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| 208 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाएको कार्यबिधि बा निर्देशिका सार्वजनिक गर्नु पर्नेछ।
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| 209 |
+
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| 210 |
+
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| 211 |
+
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| 212 |
+
मुलुकी संहिता सम्बन्धी केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा संशोधित।
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section_11_pdf_6.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,332 @@
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| 1 |
+
# तथ्याइ ऐन, २०७९
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| 2 |
+
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| 3 |
+
## प्रमाणीकरण मिति
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| 4 |
+
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| 5 |
+
२०७९।०४।२६
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| 6 |
+
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| 7 |
+
**प्रस्तावनाः**
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| 8 |
+
तथ्याइ उत्पादन, प्रशोधन, भण्डारण, प्रकाशन र वितरणलाई विश्वसनीय, व्यवस्थित र समय सापेक्ष बनाई सङ्घ, प्रदेश र स्थानीय तहको नीति निर्माण, नीति कार्यान्वयन, स्रोत व्यवस्थापन र सेवा प्रवाहलाई थप प्रभावकारी बनाउन तथ्याइ सम्बन्धी कानूनलाई संशोधन र एकीकरण गर्न आवश्यक भएकोले,
|
| 9 |
+
सङ्घीय संसदले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
---
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| 12 |
+
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| 13 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 14 |
+
**प्रारम्भिक**
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| 15 |
+
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| 16 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः**
|
| 17 |
+
(१) यस ऐनको नाम "तथ्याइ ऐन, २०७९" रहेको छ।
|
| 18 |
+
(२) यो ऐन प्रमाणीकरण भएको मितिले एकतीसौं दिनदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 19 |
+
|
| 20 |
+
२. **परिभाषाः**
|
| 21 |
+
विषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 22 |
+
(क) "आयोग" भन्नाले राष्ट्रिय योजना आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 23 |
+
(ख) "कम्प्युटर डाटाबेस" भन्नाले कम्प्युटर वा कम्प्युटर नेटवर्क प्रणालीमा प्रयोग गर्ने उद्देश्यले अङ्ग, अक्षर, छवि, ध्वनि वा श्रव्य-दृश्यमा औपचारिक तवरले तयार गरिएको सङ्कयात्मक विवरण, तथ्याइ, सूचना, नक्सा वा अवधारणा सम्झनु पर्छ।
|
| 24 |
+
(ग) "कार्यालय" भन्नाले दफा २३ बमोजिमको राष्ट्रिय तथ्याइ कार्यालय सम्झनु पर्छ।
|
| 25 |
+
(घ) "गणना" भन्नाले कुनै पनि विषयको तथ्यपूर्ण जानकारी प्राप्त गर्न सम्बन्धित एकाइको पूर्ण रूपमा तथ्याइ सङ्गलन गर्ने विधि वा प्रक्रिया सम्झनु पर्छ।
|
| 26 |
+
(ङ) "तथ्याइ" भन्नाले आर्थिक, सामाजिक, भौतिक, वातावरणीय लगायतका विवरण, लगत वा सूचना सम्झनु पर्छ र सो शब्दले त्यस्ता विवरण, लगत वा सूचनाको व्यवस्थित सङ्गलन, प्रस्तुतीकरण वा विश्लेषण गरी तयार गरिएको सङ्कयात्मक प्रस्तुतिलाई समेत जनाउँछ।
|
| 27 |
+
(च) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्घ।
|
| 28 |
+
(छ) "परिषद्" भन्नाले दफा १९ बमोजिमको राष्ट्रिय तथ्याङ्क परिषद् सम्झनु पर्घ।
|
| 29 |
+
(ज) "प्रमुख तथ्याङ्क अधिकारी" भन्नाले दफा २४ बमोजिमको प्रमुख तथ्याङ अधिकारी सम्झनु पर्घ।
|
| 30 |
+
(झ) "राष्ट्रिय तथ्याङ्क प्रणाली" भन्नाले दफा ३ बमोजिमको राष्ट्रिय तथ्याङ्क प्रणाली सम्झनु पर्छ।
|
| 31 |
+
(ज) "विद्युतीय अभिलेख" भन्नाले विद्युतीय स्वरूपको कुनै माथ्यमबाट सिर्जना गरी सम्प्रेषण गरिएका, प्राप्त बा जम्मा गरिएका तथ्याङ्क, अभिलेख, छवि, ध्वनि बा श्रव्य-दृश्य सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
(ट) "सरकारी निकाय" भन्नाले नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तह अन्तर��गतका सरकारी निकाय सम्झनु पर्छ।
|
| 33 |
+
(ट) "सर्वेक्षण" भन्नाले कुनै बिषयको गतिबिधि, प्रयोग र प्रवृत्ति सम्बन्धी तथ्यपूर्ण जानकारीको लागि नमूना छनोट गरी तथ्याङ् सङ्गलन गरिने बिधि बा प्रक्रिया सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ड) "सार्वजनिक संस्था" भन्नाले देहायका संस्था सम्झनु पर्छः-
|
| 35 |
+
(१) प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिम गठित आयोग, संस्थान, प्राधिकरण, निगम, प्रतिष्ठान, बोर्ड, केन्द्र, परिषद्,
|
| 36 |
+
(२) नेपाल सरकारको पूर्ण बा आंशिक स्वामित्व बा नियन्त्रण भएको कम्पनी, बैङ्, समिति बा यस्तै प्रकृतिका अन्य सङठित संस्था,
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| 37 |
+
(३) नेपाल सरकारद्वारा सञ्चालित बा नेपाल सरकारको पूर्ण बा आंशिक अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, अनुसन्धान केन्द्र बा अन्य त्यस्तै प्राज्ञिक बा शैक्षिक संस्था,
|
| 38 |
+
(४) नेपाल सरकारको ऋण, अनुदान बा जमानतमा सञ्चालित संस्था,
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| 39 |
+
(५) उपखण्ड (१), (२), (३) बा (४) मा उल्लिखित संस्थाको पूर्ण बा आंशिक स्वामित्व भएको बा नियन्त्रण रहेको बा त्यस्तो संस्थाबाट अनुदानप्राप्त संस्था,
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| 40 |
+
(६) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी सार्वजनिक संस्था भनी तोकेको अन्य संस्था।
|
| 41 |
+
(द) "सूचित आदेश" भन्नाले कुनै खास तथ्याइ सम्बन्धी कार्यका लागि नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी जारी गरेको आदेश सम्झनु पर्छ।
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| 42 |
+
(ण) "संस्था" भन्नाले सार्वजनिक, निजी, गैरसरकारी वा सहकारी संस्था सम्झनु पर्छ।
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| 43 |
+
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| 44 |
+
---
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| 45 |
+
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| 46 |
+
## परिच्छेद-२
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| 47 |
+
**राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणाली, तथ्याइ सङ्लन तथा प्रकाशन**
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| 48 |
+
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| 49 |
+
३. **राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणाली स्थापना गर्ने:**
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| 50 |
+
(१) यस ऐन तथा प्रचलित कानून बमोजिम कार्यालय, सरकारी निकाय तथा सार्वजनिक संस्थाले सङ्लन गरेको तथ्याइको एकीकृत प्रणालीको रूपमा राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीको स्थापना गरिनेछ।
|
| 51 |
+
(२) सरकारी निकायबाट प्रदान गरिने सेवा प्रवाहका लागि तयार गरिने फाराम तथा अभिलेखलाई अन्तरप्रणाली आवद्धता गरी त्यस्तो फाराम वा अभिलेखबाट प्राप्त तथ्याङ्लाई राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीमा आवद्ध गर्न सकिनेछ।
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| 52 |
+
(३) कार्यालयले राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीको व्यवस्थापन र सो प्रणालीमा आवद्ध निकायबीच समन्वय कायम गर्नेछ।
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| 53 |
+
(४) राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीको सञ्चालन तथा व्यवस्थापन सम्बन्धी विधि, प्रक्रिया र मापदण्ड तोकिए बमोजिम हुनेछ।
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| 54 |
+
|
| 55 |
+
४. **तथ्याइ सम्बन्धी राष्ट्रिय मानक र गुणस्तर निर्धारण गर्ने:**
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| 56 |
+
(१) परिषद्ले तथ्याइ सम्बन्धी राष्ट्रिय मानक र गुणस्तर निर्धारण गर्नेछ।
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| 57 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम तथ्याइ सम्बन्धी राष्ट्रिय मानक र गुणस्तर निर्धारण गर्दा देहायका बिपयलाई आधार मान्नु पर्नेछ:
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| 58 |
+
(क) नेपाल कानून र प्रचलित अभ्यास,
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| 59 |
+
(ख) संयुक्त राष्ट्र संघ वा सोको विशिष्टीकृत संस्थाले निर्धारण गरेको अवधारणा र परिभाषा,
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| 60 |
+
(ग) तथ्याइको क्षेत्रगत वर्गीकरण, र
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| 61 |
+
(घ) तोकिए बमोजिमका अन्य आधार।
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| 62 |
+
(३) उपदफा (१) र (२) बमोजिम निर्धारण गरिने तथ्याइ सम्बन्धी राष्ट्रिय मानक र गुणस्तरमा देहायका बिपय समावेश गर्नु पर्नेछ:-
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| 63 |
+
(क) प्रशासनिक अभिलेखबाट प्राप्त बिबरणको स्तरीकृत अभिलेख ढाँचा,
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| 64 |
+
(ख) तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण र नतिजा प्रकाशनको बिधि,
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| 65 |
+
(ग) नमूना छुनोट प्रक्रिया र बिधि,
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| 66 |
+
(घ) तथ्याङ् बा सूचक आँकलन प्रक्रिया (मेटाडाटा),
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| 67 |
+
(ङ) प्रदेश, जिल्ला तथा स्थानीय तहको भू-पहिचान सङेत नम्बर (जियो कोड), र
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| 68 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन्य विषय।
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| 69 |
+
(४) यस ऐन बमोजिम तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, बितरण र भण्डारण गर्दा यस दफा बमोजिम निर्धारण भएको मानक र गुणस्तर बमोजिम गर्नु पर्नेछ।
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| 70 |
+
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| 71 |
+
५. **तथ्याइ सङ्लन गर्नेः**
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| 72 |
+
(१) नेपाल सरकारले कुनै विषयमा तथ्याङ् सङ्लन गर्न सूचित आदेश जारी गर्न सक्नेछ।
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| 73 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको सूचित आदेश बमोजिम कार्यालयले कुनै व्यक्ति, घर परिवार, संस्था बा सरकारी निकायसँग सम्बन्धित तथ्याङ् सङ्लन गर्नेछ।
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| 74 |
+
(३) कार्यालयले कुनै व्यक्ति, घर परिवार, संस्था बा सरकारी निकायलाई तिनीहरूको भोगचलन बा नियन्त्रणमा रहेको बस्तुको तथ्याङ् पेश गर्न लिखित सूचना दिन सक्नेछ।
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| 75 |
+
(४) उपदफा (१), (२) बा (३) बमोजिमको आदेश बा सूचना बमोजिमको तथ्याङ् उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
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| 76 |
+
(५) यस दफा बमोजिम सूचित आदेश जारी भएपछि त्यस्तो तथ्याङ् सङ्लन गर्न प्रमुख तथ्याङ् अधिकारीले आवश्यक सङ्ख्यामा अधिकृत तथा कर्मचारी खटाउन सक्नेछ।
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| 77 |
+
(६) यस दफा बमोजिम गरिने तथ्याङ् सङ्लन सम्बन्धी बिधि तथा प्रक्रिया तोकिए बमोजिम हुनेछ।
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| 78 |
+
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| 79 |
+
६. **तथ्याइ परीक्षण गर्ने अधिकार:**
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| 80 |
+
(१) प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी बा निजले खटाएको अधिकृतले दफा ५ बमोजिम सङ्लन भएको तथ्याङ्को सत्यताको परीक्षण गर्न सक्नेछ।
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| 81 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम परीक्षण गर्दा प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी बा सम्बन्धित अधिकृतलाई देहाय बमोजिमको अधिकार हुनेछः-
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| 82 |
+
(क) सङ्लन भएको तथ्याङ्को बिश्वसनीयताक��� लागि त्यस्तो तथ्याङ् सम्बन्धी विषयमा कुनै व्यक्तिलाई थाहा छ भन्ने मनासिब आधार भएमा निजसँग प्रभ्र सोध्ने,
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| 83 |
+
(ख) सङ्लन भएको तथ्याङ् अपूर्ण भएमा बा सोको बिश्वसनीयताको लागि थप तथ्याङ् आवश्यक पर्ने भएमा तथ्याङ् पुनः उपलब्ध गराउन सूचना दिने,
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| 84 |
+
(ग) तथ्याङ् उपलब्ध गराउनु पर्ने कर्तव्य भएको व्यक्ति, संस्था, घर परिबारको भोगचलन बा नियन्त्रणमा रहेको भबन, जग्गा बा कम्पाउण्डमा पूर्वसूचना दिई प्रवेश गर्ने।
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| 85 |
+
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| 86 |
+
७. **सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थाले तथ्याइ सङ्लन गर्न सक्नेः**
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| 87 |
+
(१) प्रचलित कानूनमा कुनै सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थालाई तथ्याइ सङ्लन सम्बन्धी कुनै कार्य गर्ने जिम्मेबारी तोकिएकोमा सो प्रयोजनको लागि त्यस्तो निकाय बा संस्थाले तथ्याइ सङ्लनको कार्य गर्नेछ।
|
| 88 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमका निकाय बा संस्थाले सङ्लन गरेको तथ्याइ राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीमा आबद्ध गरिनेछ।
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| 89 |
+
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| 90 |
+
८. **अनुमति सम्बन्धी व्यवस्थाः**
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| 91 |
+
(१) राष्ट्रियस्तरको प्रतिनिधित्व हुने गरी तथ्याइ सङ्लन बा प्रकाशन गर्न चाहने सरकारी निकाय बा कुनै संस्थाले कार्यालयबाट अनुमति लिनु पर्नेछ।
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| 92 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि देहाय बमोजिमको अबस्थामा यस दफा बमोजिमको अनुमति लिनु पर्ने छैनः-
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| 93 |
+
(क) दफा ७ को उपदफा (१) बमोजिमको सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थाले प्रचलित कानून बमोजिम तथ्याइ सङ्लन बा प्रकाशन गर्न,
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| 94 |
+
(ख) आन्तरिक प्रयोजनको लागि तथ्याइ सङ्लन बा प्रकाशन गर्न,
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| 95 |
+
(ग) प्राज्ञिक बा निर्जी अध्ययन अनुसन्धानको लागि प्रचलित कानून बमोजिम तथ्याइ सङ्लन बा प्रकाशन गर्न, बा
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| 96 |
+
(घ) पाठ्यक्रममा आधारित शोधकार्यको लागि तथ्याइ सङ्लन बा प्रकाशन गर्ने।
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| 97 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम अनुमतिको लागि तथ्याइ सङ्लनको उद्देश्य, कार्यक्षेत्र, बिधि र अनुमानित लागत सहित तोकिएको ढाँचामा कार्यालय समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
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| 98 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम प्राप्त हुन आएको निवेदन सहितको कागजात जाँचबुझ गर्दा त्यस्तो तथ्याइ सङ्लन गर्न मनासिब देखिएमा त्यस्तो सरकारी निकाय बा संस्थालाई कार्यालयले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा अनुमति दिनेछ।
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| 99 |
+
(५) उपदफा (४) बमोजिम अनुमति दिँदा कार्यालयले तथ्याइ सङ्लन गर्दा अपनाउनु पर्ने बिधि, प्रणाली बा अन्य आवश्यक शर्तहरू तोक्न सक्नेछ।
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| 100 |
+
(६) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि देहायको अबस्था र बिषयमा तथ्याइ सङ्लन तथा प्रकाशन गर्न कार्यालयले अनुमति दिने छैन:-
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| 101 |
+
(क) मुलुकको राष्ट्रिय हित, शान्ति सुरक्षा बा कुटनीतिक सम्बन्धमा प्रतिकूल असर पर्ने देखिएको,
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| 102 |
+
(ख) कार्यालयले आफै तथ्याइ सङ्लन गर्ने बा गराउने कार्यक्रममा रहेको बा दफा ७ बमोजिमका सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थालाई तथ्याइ सङ्लन गर्ने जिम्मेबारी तोकिएको, बा
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| 103 |
+
(ग) प्रचलित कानूनले निषेध गरेको।
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| 104 |
+
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| 105 |
+
९. **तथ्याइ प्रमाणित गराउनु पर्नेः**
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| 106 |
+
दफा ८ बमोजिम अनुमति प्राप्त गरी सङ्लन गरिएको तथ्याइ प्रयोगमा ल्याउनु बा त्यस्तो तथ्याइबाट प्राप्त नतिजा प्रकाशन गर्नु अघि कार्यालयबाट तोकिए बमोजिम प्रमाणित गराउनु पर्नेछ।
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| 107 |
+
|
| 108 |
+
१०. **गोपनीयता सम्बन्धी व्यवस्थाः**
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| 109 |
+
(१) यस ऐनको अधीनमा रही जुनसुकै स्रोत बा माध्यमबाट प्राप्त व्यक्तिगत तथ्याइको गोपनीयता कायम गर्ने प्रयोजनको लागि त्यस्तो तथ्याइ प्रयोग गर्दा बा गराउँदा कार्यालय, सरकारी निकाय बा संस्थाले देहाय बमोजिम गर्नु, गराउनु पर्नेछ:-
|
| 110 |
+
(क) त्यस्तो तथ्याइ तथा सोको कम्प्युटर डाटाबेस, बिघुतीय अभिलेख बा कुनै अंश सामुहिक तथ्याङीय प्रयोजनको लागि मात्र प्रयोग गर्ने, र
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| 111 |
+
(ख) त्यस्तो तथ्याइ उपलब्ध गराउने व्यक्ति बा निजद्वारा अधिकारप्राप्त प्रतिनिधिको लिखित स्वीकृति बेगर सम्बन्धित अधिकारप्राप्त अधिकारी बाहेक अरू कसैलाई देखाउने, प्रकाशन गर्ने बा अन्य कुनै निकायमा प्रमाणको रूपमा पेश गर्ने कार्य नगर्ने।
|
| 112 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐन अन्तर्गत चल्ने मुद्दाको अनुसन्धान बा सुनुबाइको क्रममा अनुसन्धान अधिकारी बा अदालतले माग गरेमा त्यस्तो तथ्याइ, कम्प्युटर डाटाबेस बा बिघुतीय अभिलेख उपलब्ध गराउन सो उपदफाले बाधा पुग्ने मानिने छैन।
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
११. **तथ्याइ सम्बन्धी विवरण प्रकाशन गर्नेः**
|
| 115 |
+
दफा ४ बा ७ बमोजिम कार्यालय, सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थाले सङ्लन गरेको तथ्याइ प्रकाशन गर्नु पर्ने भएमा त्यस्तो तथ्याइ सङ्लन गर्ने सम्बन्धित निकायले प्रकाशन गर्न सक्नेछ।
|
| 116 |
+
|
| 117 |
+
१२. **तथ्याइ प्रशोधन, भण्डारण तथा वितरण:**
|
| 118 |
+
(१) तथ्याइ सङ्लन गर्ने निकाय बा संस्थाले निश्चित समय सीमामा रही तथ्याइ प्रशोधन गर्नु पर्नेछ। तथ्याइ प्रशोधन गर्दा गणना तथा सबैक्षणका परिभाषित बिधि, प्रक्रिया र स्वचालित बा नवीनतम प्रणालीको अबलम्बन गर्नु पर्नेछ।
|
| 119 |
+
(२) तथ्याङ् उत्पादनकर्ताले तथ्याङ् भण्डारण गर्दा निश्चित मानक र समकालीन तरिका अबलम्बन गरी सहजै प्रसारण गर्न सकिने गरी र लामो समयसम्म नष्ट नहुने गरी भण्डारण गर्नु पर्नेछ।
|
| 120 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम तथ्याङ् भण्डारण गर्दा तथ्याङीय उद्देश्य प्राप्त भएपछि व्यक्तिगत पहिचान खुल्ने बिबरणहरू हटाई भण्डारण गर्नु पर्नेछ।
|
| 121 |
+
(४) यस ऐन बमोजिम सङ्लन भएको तथ्याङ् प्रयोग र बितरण गर्दा देहाय बमोजिम गर्नु पर्नेछ:-
|
| 122 |
+
(क) प्रचलित कानूनमा उल्लेख गरिएको बाहेक गणना, सर्वेक्षण बा प्रशासनिक अभिलेखबाट प्राप्त तथ्याङ् पूर्णरूपमा तथ्याङीय कार्यमा मात्र प्रयोग गरिने,
|
| 123 |
+
(ख) प्रयोगकर्ताले लिखितरूपमा माग गरेमा मात्र सुक्म कोरा तथ्याङ् उपलब्ध गराउन सकिने,
|
| 124 |
+
स्पष्टीकरण: यस दफा र दफा १६ को उपदफा (१) को प्रयोजनको लागि "सुक्म कोरा तथ्याङ्" भन्नाले सूचनादाताको पहिचान नखुल्ने गरी तयार गरिएको सूचनादाताबाट प्राप्त बिबरण सम्झनु पर्छ।
|
| 125 |
+
(ग) खण्ड (ख) बमोजिम सुक्म कोरा तथ्याङ् उपलब्ध गराउँदा तोकिए बमोजिमको शर्त पालना गर्ने गरी उपलब्ध गराइने,
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| 126 |
+
(घ) सबै प्रकारका तथ्याङ् प्रयोगकर्तालाई पहुँचयोग्य हुनु पर्ने, र
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| 127 |
+
(ङ) तथ्याङ् प्रयोगकर्ताले तथ्याङ्को स्रोत अनिबार्यरूपमा उल्लेख गर्नु पर्ने।
|
| 128 |
+
(५) उपदफा (४) को खण्ड (ख) र (ग) बमोजिम गणनाको सुक्म कोरा तथ्याङ् उपलब्ध गराउँदा आशिकरूपमा मात्र उपलब्ध गराउन सकिनेछ।
|
| 129 |
+
(६) कार्यालयले तथ्याङ् प्रयोगकर्तालाई तोकिए बमोजिमको तथ्याङ् उपलब्ध गराउँदा सोको लागतको आधारमा तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
१३. **तथ्याङ् सङ्लक, उत्पादक र प्रयोगकर्ताको दायित्व:**
|
| 132 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम तथ्याङ् सङ्लन गर्नु अघि तथ्याङ् सङ्लकले उत्तरदातालाई तथ्याङ् सङ्लनको उद्देश्य, प्रयोजन र गोपनीयता सम्बन्धी बिषयमा जानकारी गराउनु पर्नेछ।
|
| 133 |
+
(२) तथ्याङ् सङ्लकले तथ्याङ् सङ्लनको उद्देश्य बिपरीत बा आफूखुशी तथ्याङ् उल्लेख गर्न बा उत्तरदाताले दिएको तथ्याङ्लाई तोडमरोड गरी सङ्लन गर्न हुँदैन।
|
| 134 |
+
(३) तथ्याङ् सङ्लकले तथ्याङ् सङ्लन गर्दा प्राप्त गरेको कुनै पनि व्यक्तिगत विवरण जुन उद्देश्यले तथ्याङ् सङ्लन गरिएको हो, सो बाहेक अन्यत्र प्रयोग गर्न बा कसैलाई उपलब्ध गराउन हुँदैन।
|
| 135 |
+
(४) तथ्याङ् उत्पादकले तथ्याङ् उत्पादन बा प्रकाशन गर्दा र तथ्याङ् प्रयोगकर्ताले तथ्याङ् प्रयोग गर्दा सामाजिक तथा सांस्कृतिक सद्भाव र शान्ति सु���्यवस्थामा खलल नपर्ने गरी गर्नु पर्नेछ।
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
१४. **प्रतिनिधित्व नहुने खण्डीकृत तथ्याइको उपयोग बा प्रकाशन गर्न नहुने:**
|
| 138 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम कुनै स्थान बा क्षेत्र विशेषमा गणना गरी सङ्लन गरिएको तथ्याइको आधारमा तथ्याङीय प्रतिनिधित्व नभएको अन्य स्थान, क्षेत्र बा भौगोलिक बा प्रशासनिक एकाइको आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक बा अन्य यस्तै अवस्था देखाउने गरी खण्डीकृत तथ्याइको उपयोग बा प्रकाशन गर्न पाइने छैन।
|
| 139 |
+
(२) यस ऐन बमोजिम एकभन्दा बढी स्थान बा क्षेत्र विशेषमा सर्वेक्षण गरी तथ्याङ् सङ्लन गरिएकोमा समग्र तथ्याइको आधारमा नतिजा तयार गर्न बाहेक सोको आधारमा कुनै खास स्थान बा क्षेत्रको मात्र आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक बा अन्य यस्तै अवस्था देखाउने गरी खण्डीकृत तथ्याइको उपयोग बा प्रकाशन गर्न पाइने छैन।
|
| 140 |
+
|
| 141 |
+
---
|
| 142 |
+
|
| 143 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 144 |
+
**प्रदेश सरकार र स्थानीय तहबाट हुने तथ्याइ सङ्लन**
|
| 145 |
+
|
| 146 |
+
१५. **प्रदेश सरकार र स्थानीय तहले तथ्याइ सङ्लन गर्न सक्ने:**
|
| 147 |
+
(१) प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले प्रदेश बा स्थानीय कानून बमोजिम आफूलाई आवश्यक पर्ने तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, वितरण बा भण्डारण गर्न सक्नेछ।
|
| 148 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, वितरण बा भण्डारण गर्दा दफा ४ बमोजिमको तथ्याङ् सम्बन्धी राष्ट्रिय मानक र गुणस्तरको पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 149 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, वितरण बा भण्डारण गर्दा देहायको मापदण्ड समेतको आधारमा गर्नु पर्नेछ:-
|
| 150 |
+
(क) नेपाल सरकारले सङ्कलन गरेको बा राष्ट्रिय रूपमा सङ्लन हुने तथ्याङ्लाई नै प्रयोग गर्न सकिने भएमा त्यस्तो बिषयमा तथ्याङ् सङ्लन नगर्ने,
|
| 151 |
+
(ख) तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, बितरण बा भण्डारण गर्दा सङ्घ, प्रदेश र स्थानीय तहबीच आपसी समन्वय र सहकार्यमा गर्नु पर्ने, र
|
| 152 |
+
(ग) सङ्लित तथ्याङ्को विश्लेषणबाट प्राप्त नतिजा प्रकाशन बा बितरण गर्दा प्रयोगकर्तामैत्री हुने गरी गर्नु पर्ने।
|
| 153 |
+
(४) प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले तथ्याङ् सङ्लन गर्दा यस ऐन बमोजिम कार्यालयलाई भएको अधिकार र कर्तव्यको प्रयोग र पालना गर्नेछ।
|
| 154 |
+
(५) प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले तथ्याङ् सङ्लन, प्रशोधन, विश्लेषण, प्रकाशन, बितरण बा भण्डारण गर्दा दफा १०, १२, १३ र १४ क�� व्यवस्था समेतको पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 155 |
+
(६) प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले सङ्लन गरेको तथ्याङ्लाई राष्ट्रिय तथ्याङ् प्रणालीमा आबद्ध गर्न सकिनेछ।
|
| 156 |
+
|
| 157 |
+
१६. **तथ्याङ प्रयोग गर्न सक्ने:**
|
| 158 |
+
प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले सङ्लन गरेको कुनै बिषयको तथ्याङ् प्रयोग गर्न उपयुक्त बा आवश्यक देखेमा कार्यालयले त्यस्तो तथ्याङ् प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 159 |
+
|
| 160 |
+
---
|
| 161 |
+
|
| 162 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 163 |
+
**बिघुतीय अभिलेख, तथ्याइको प्रयोग तथा पहुँच**
|
| 164 |
+
|
| 165 |
+
१७. **बिघुतीय अभिलेखको प्रयोग:**
|
| 166 |
+
(१) कार्यालय, दफा ७ बमोजिमका सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्था, प्रदेश र स्थानीय तहले सङ्लन गरेको तथ्याङ्लाई बिघुतीय अभिलेखमा राखे व्यवस्था मिलाउनु पर्नेछ।
|
| 167 |
+
(२) दफा ८ बमोजिम अनुमति लिई कुनै सरकारी निकाय बा संस्थाले सङ्लन गरेको तथ्याङ्लाई बिघुतीय अभिलेखमा राख्न सकिनेछ।
|
| 168 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम राखिएको अभिलेखलाई प्रचलित कानून बमोजिम राखिएको अभिलेखसँग तोकिए बमोजिम आबद्ध गराउन सकिनेछ।
|
| 169 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम आबद्ध गराइएको अभिलेखको प्रयोग र आधिकारिकता सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 170 |
+
|
| 171 |
+
१८. **तथ्याइमा पहुँच:**
|
| 172 |
+
(१) कार्यालय बा दफा ७ बमोजिमका सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थाले सङ्लन गरेको प्रशोधित, अर्धप्रशोधित बा सुक्म कोरा तथ्याङ्मा यस ऐनको प्रतिकूल नहुने गरी बिघुतीय बा अन्य माध्यमबाट पूरे बा आंशिक रूपमा पहुँच उपलब्ध गराउन सकिनेछ।
|
| 173 |
+
(२) सेवा प्रवाह गर्ने निकाय बा राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीमा आबद्ध अन्य निकायमा रहेको व्यवस्थापन सूचना प्रणालीमा कार्यालयको पहुँच रहनेछ।
|
| 174 |
+
(३) तथ्याइमा पहुँच उपलब्ध गराउने बिधि तथा प्रक्रिया तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
---
|
| 177 |
+
|
| 178 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 179 |
+
**राष्ट्रिय तथ्याइ परिषद्**
|
| 180 |
+
|
| 181 |
+
१९. **परिषद्को गठन:**
|
| 182 |
+
राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणालीको समुचित विकास, व्यवस्थापन र अनुसन्धान सम्बन्धी कार्यको रेखदेख, निर्देशन, नियन्त्रण र नियमन गर्ने प्रयोजनका लागि देहाय बमोजिमको राष्ट्रिय तथ्याइ परिषद् रहनेछ:-
|
| 183 |
+
(क) उपाध्यक्ष, राष्ट्रिय योजना आयोग - अध्यक्ष
|
| 184 |
+
(ख) सदस्य, राष्ट्रिय योजना आयोग (तथ्याइ बिषय हेर्ने) - सदस्य
|
| 185 |
+
(ग) गभर्नर, नेपाल राष्ट्र बैङ्क - सदस्य
|
| 186 |
+
(घ) नीति अनुसन्धान प्रतिष्ठानको कार्यकारी अध्यक्ष - सदस्य
|
| 187 |
+
(ङ) सचिव, प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय - सदस्य
|
| 188 |
+
(च) सचिव, नेपाल सरकारको अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 189 |
+
(छ) सचिव, नेपाल सरकारको उद्योग, बाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय - सदस्य
|
| 190 |
+
(ज) सचिव, नेपाल सरकारको कृषि तथा पशुपन्छी विकास मन्त्रालय - सदस्य
|
| 191 |
+
(झ) सचिव, नेपाल सरकारको गृह मन्त्रालय - सदस्य
|
| 192 |
+
(ज) सचिव, नेपाल सरकारको भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गारची निवारण मन्त्रालय - सदस्य
|
| 193 |
+
(ट) सचिव, नेपाल सरकारको महिला, बालबालिका तथा ज्येष्ठ नागरिक मन्त्रालय - सदस्य
|
| 194 |
+
(ठ) सचिव, नेपाल सरकारको शिक्षा, विज्ञान तथा प्रबिधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 195 |
+
(ड) सचिव, नेपाल सरकारको श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मन्त्रालय - सदस्य
|
| 196 |
+
(ढ) सचिव, नेपाल सरकारको सङ्घीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय - सदस्य
|
| 197 |
+
(ण) सचिव, नेपाल सरकारको स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालय - सदस्य
|
| 198 |
+
(त) सचिव, राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग - सदस्य
|
| 199 |
+
(थ) सदस्य-सचिव, राष्ट्रिय योजना आयोग - सदस्य
|
| 200 |
+
(द) प्रदेश सरकारले तोकेको योजना बा तथ्याङ् सम्बन्धी विषय हेर्ने प्रदेश मन्त्रालय बा निकायका एक-एक प्रतिनिधि गरी सातजना - सदस्य
|
| 201 |
+
(ध) प्रमुख, तथ्याङ् केन्द्रीय विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय - सदस्य
|
| 202 |
+
(न) प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी - सदस्य-सचिव
|
| 203 |
+
|
| 204 |
+
२०. **परिषद्को बैठक र निर्णय:**
|
| 205 |
+
(१) परिषद्को बैठक परिषद्को अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 206 |
+
(२) परिषद्को बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक बस्नेछ।
|
| 207 |
+
(३) परिषद्को बैठक बस्नुभन्दा कम्तीमा अट्चालीस घण्टा अघि परिषद्को सदस्यसचिबले बैठकमा छलफल हुने विषय सहितको जानकारी परिषद्का सबै सदस्यलाई गराउनु पर्नेछ।
|
| 208 |
+
(४) परिषद्को बैठकको अध्यक्षता परिषद्को अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा बैठकमा उपस्थित बरिष्ठतम् सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 209 |
+
(५) कार्यालयले परिषद्को सचिबालयको रूपमा कार्य गर्नेछ।
|
| 210 |
+
(६) परिषद्को बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि परिषद् आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 211 |
+
|
| 212 |
+
२१. **परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 213 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 214 |
+
(क) तथ्याङ् सम्बन्धी अल्पकालीन, मध्यकालीन र दीर्घकालीन योजना, नीति तथा रणनीति तर्जुमा गर्ने,
|
| 215 |
+
(ख) कार्यालयको बार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत गर्ने,
|
| 216 |
+
(ग) सङ्घ, प्रदेश र स्थानीय तहको तथ्याङ् व्यवस्थापनमा समन्वय र सहजीकरण गर्ने,
|
| 217 |
+
(घ) तथ्याङ् उत्पादकहरूबीच समन्वय कायम गर्ने र आवश्यकता अनुसार निर्देशन दिने, र
|
| 218 |
+
(ड) तथ्याङ् सङ्लन, भण्डारण, प्रशोधन तथा सोको नतिजा प्रकाशन सम्बन्धी बिगतका काम कारबाहीको समीक्षा गरी आवश्यकता अनुसार सम्बन्धित निकायलाई निर्देशन दिने।
|
| 219 |
+
|
| 220 |
+
२२. **अन्तरनिकाय तथ्याङ् कार्य समूह गठन गर्न सक्नेः**
|
| 221 |
+
(१) परिषद्ले बिषयगत तथ्याङ् सङ्लन बिधि, तथ्याङ्मा पहुँच तथा तथ्याङ् व्यवस्थापनमा समन्वय र एकरूपता कायम गर्न आवश्यकता अनुसार अन्तरनिकाय तथ्याङ् कार्य समूहहरू गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 222 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठन गरिने अन्तरनिकाय तथ्याङ् कार्य समूहको काम, कर्तव्य र अधिकार त्यस्तो कार्य समूह गठन गर्दाका बखत परिषद्ले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 223 |
+
|
| 224 |
+
---
|
| 225 |
+
|
| 226 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 227 |
+
**राष्ट्रिय तथ्याङ् कार्यालय र प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी**
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
२३. **कार्यालयको स्थापना:**
|
| 230 |
+
(१) तथ्याङ् सम्बन्धी काम गर्न केन्द्रीय निकायका रूपमा प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय अन्तर्गत रहने गरी एक राष्ट्रिय तथ्याङ् कार्यालय रहनेछ।
|
| 231 |
+
(२) कार्यालयको मातहतमा रहने गरी नेपाल सरकारले तोकेको सङ्स्या र स्थानमा तथ्याङ् कार्यालय रहनेछन्।
|
| 232 |
+
|
| 233 |
+
२४. **कार्यालयको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 234 |
+
कार्यालयको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 235 |
+
(क) तथ्याङ् सम्बन्धी नीति, योजना तथा रणनीतिको मस्यौदा तयार गरी परिषद् समक्ष पेश गर्ने,
|
| 236 |
+
(ख) राष्ट्रिय तथ्याङ् प्रणालीको समुचित बिकास, व्यवस्थापन, प्रबर्द्धन तथा सोको लागि अन्तरनिकाय समन्वय गर्ने,
|
| 237 |
+
(ग) कार्यालयले सङ्लन गर्नु पर्ने तथ्याङ्का लागि गणना, सबेक्षण लगायतका अन्य क्षेत्रगत तथ्याङ् सम्बन्धी कार्यसञ्चालन कार्ययोजना तयार गरी कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 238 |
+
(घ) योजना तर्जुमा तथा नीति निर्धारणका लागि नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार र स्थानीय तहलाई आवश्यक तथ्याङ् उपलब्ध गराउने,
|
| 239 |
+
(ङ) तथ्याङ्को स्तर निर्धारण तथा प्रमाणीकरण सम्बन्धी कार्य गर्ने,
|
| 240 |
+
(च) तथ्याङ् सम्बन्धी अभिलेखको सुरक्षा गर्ने,
|
| 241 |
+
(छ) तथ्याङ सम्बन्धी बिबरण प्रकाशन तथा बितरणको व्यवस्था गर्ने,
|
| 242 |
+
(ज) केन्द्रीय तथ्याङ (डाटा) बैङ्कको रूपमा कार्य गर्ने,
|
| 243 |
+
(झ) प्रदेश र स्थानीय तहले सङलन गरेको तथ्याङ प्राप्त गरी राष्ट्रिय तथ्याङ प्रणालीमा आबद्ध गर्ने,
|
| 244 |
+
(ज) प्रदेश र स्थानीय तहको तथ्याङ प्रणालीको विकासमा सहयोग गर्ने,
|
| 245 |
+
(ट) प्रचलित कानून बमोजिम तथ्याङ सङलन सम्बन्धी काम गर्ने निकायको तथ्याङ सम्बन्धी क्षमता अभिबुद्धिमा सहयोग गर्ने,
|
| 246 |
+
(ठ) यस ऐन बमोजिम हुने तथ्याङ सङलनसँग सम्बन्धित विषयको परीक्षण, अनुगमन, निरीक्षण तथा सुपरिबेक्षण गर्ने,
|
| 247 |
+
(ड) तथ्याङ सम्बन्धी अध्ययन, अनुसन्धान तथा प्रशिक्षण सम्बन्धी काम गर्ने, र
|
| 248 |
+
(ढ) नेपाल सरकार बा आयोगले माग गरेको तथ्याङ सम्बन्धी बिबरण बा सूचना उपलब्ध गराउने।
|
| 249 |
+
|
| 250 |
+
२५. **प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी:**
|
| 251 |
+
कार्यालयको प्रशासकीय प्रमुखको रूपमा काम गर्न सङ्घीय निजामती सेवाको राजपत्राहित बिशिष्ट श्रेणीको एक प्रमुख तथ्याङ् अधिकारी रहनेछ।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
---
|
| 254 |
+
|
| 255 |
+
## परिच्छेद-७
|
| 256 |
+
**कसुर र सजाय**
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
२६. **कसुर र सजाय:**
|
| 259 |
+
(१) कसैले देहायको कुनै कार्य गरेमा यस ऐन अन्तर्गतको कसुर गरेको मानिनेछ:-
|
| 260 |
+
(क) यस ऐन बमोजिम तथ्याङ सङलन गर्ने कार्यमा अबरोध खडा गरेमा,
|
| 261 |
+
(ख) दफा ५ को उपदफा (४) बा दफा ६ को उपदफा (२) बमोजिम कुनै व्यक्तिगत तथा एकाइगत तथ्याङ सम्बन्धी जानकारी दिनु पर्ने कर्तव्य भएको कुनै व्यक्ति बा संस्थाले जानी-जानी त्यस्तो जानकारी नदिएमा बा दिन इन्कार गरेमा बा जानी-जानी कुनै तथ्याङ सम्बन्धी झूझ जानकारी दिएमा,
|
| 262 |
+
(ग) दफा ८ को उपदफा (१) बमोजिम अनुमतिपत्र नलिई तथ्याङ सङलन गरे बा गराएमा,
|
| 263 |
+
(घ) दफा ९ बमोजिम कार्यालयबाट प्रमाणित नगराई तथ्याङ्को प्रयोग बा सोको नतिजा प्रकाशन गरेमा,
|
| 264 |
+
(इ) आफ्नो जिम्मामा रहेको तथ्याङ्क, कम्प्युटर डाटाबेस, बिघुतीय अभिलेख लापरबाही गरी बा जानी-जानी नष्ट गरे बा गराएमा बा अन्य किसिमबाट हानि नोक्सानी पुऱ्याएमा बा हानि नोक्सानी पुऱ्याउने प्रयत्न गरेमा,
|
| 265 |
+
(च) उपलब्ध तथ्याङ्क, कम्प्युटर डाटाबेस बा बिघुतीय अभिलेख दफा १० बिपरीत प्रयोग गरे बा गराएमा,
|
| 266 |
+
(छ) तथ्याङ् सङ्लक, उत्पादक र प्रयोगकर्ताले दफा १३ को उपदफा (२), (३) बा (४) बमोजिमको दायित्व पूरा नगरेमा,
|
| 267 |
+
(ज) दफा १४ बिपरीत तथ्याइको उपयोग बा प्रकाशन गरेमा,
|
| 268 |
+
(झ) यस ऐनको अधीनमा रही कसैलाई कुनै आदेश बा सूचना जारी भएकोमा कसैले त्यस्तो सूचना बा आदेश पालना नगर्नु भनी बा अधिकारप्राप्त अधिकारीबाट माग गरिएको कुनै तथ्याङ् बा सूचना नदिनु बा उपलब्ध नगराउनु भनी प्रचार प्रसार गरे बा गराएमा बा त्यस्तो तथ्याङ् बा सूचना नदिन दबाब दिएमा, बा
|
| 269 |
+
(ज) यस ऐन बिपरीत अन्य कुनै कार्य गरेमा।
|
| 270 |
+
(२) कसैले उपदफा (१) बमोजिमको कसुर गरेमा देहाय बमोजिम सजाय हुनेछ:-
|
| 271 |
+
(क) खण्ड (क) बमोजिमको कसुर गरेमा दश हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना,
|
| 272 |
+
(ख) खण्ड (ख), (ज) बा (झ) बमोजिमको कसुर गरेमा प्रत्येक कसुरका लागि बीस हज���र रुपैयाँसम्म जरिबाना बा छ महिनासम्म कैद बा दुबै सजाय,
|
| 273 |
+
(ग) खण्ड (ग), (घ), (ङ), (च) बा (छ) बमोजिमको कसुर गरेमा चालीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा एक बर्षसम्म कैद बा दुबै सजाय, र
|
| 274 |
+
(घ) खण्ड (ज) बमोजिमको कसुर गरेमा पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा एक महिनासम्म कैद बा दुबै सजाय।
|
| 275 |
+
(३) कुनै संस्थाले यस ऐन अन्तर्गतको कसुर गरेकोमा त्यस्तो कसुर गर्ने पदाधिकारी बा कर्मचारी पहिचान भएकोमा त्यस्तो पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई र पहिचान हुन नसकेकोमा कसुर गरेको बखत त्यस्तो संस्थाको प्रमुख भई काम गर्ने व्यक्तिल्लाई सजाय हुनेछ।
|
| 276 |
+
(४) यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसुरको उद्योग गर्ने, दुरुत्साहन गर्ने बा त्यस्तो कसुरको मतियारलाई सो कसुर गर्दा हुने सजायको आधा सजाय हुनेछ।
|
| 277 |
+
(५) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (१) बमोजिमको कार्य अन्य प्रचलित कानून बमोजिम समेत कसुर मानिने रहेछ भने त्यस्तो कसुरमा सो कानून बमोजिम छुट्टै मुद्दा चलाई सजाय गर्न बाधा पुगेको मानिने छैन।
|
| 278 |
+
|
| 279 |
+
२७. **मुद्दा हेर्ने अधिकारी र कार्यबिधिः**
|
| 280 |
+
(१) दफा २६ बमोजिमको कसुर सम्बन्धी मुद्दाको सुरु कारबाही र किनारा गर्ने अधिकार प्रमुख जिल्ला अधिकारीलाई हुनेछ।
|
| 281 |
+
(२) यस ऐन अन्तर्गत दायर भएको मुद्दाको कारबाही र किनारा गर्दा संक्षिप्त कार्यबिधि ऐन, २०२६ बमोजिमको कार्यबिधि अबलम्बन गर्नु पर्नेछ।
|
| 282 |
+
|
| 283 |
+
२८. **नेपाल सरकार बादी हुने:**
|
| 284 |
+
यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुन्छ र त्यस्तो मुद्दा मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१ मा समावेश भएको मानिनेछ।
|
| 285 |
+
|
| 286 |
+
२९. **पुनरावेदन:**
|
| 287 |
+
दफा २७ बमोजिम प्रमुख जिल्ला अधिकारीबाट भएको निर्णय बा आदेशमा चित्त नबुझ्ने पक्षले सो निर्णय भएको मितिले तीस दिनभित्र सम्बन्धित जिल्ला अदालतमा पुनरावेदन गर्न सक्नेछ।
|
| 288 |
+
|
| 289 |
+
---
|
| 290 |
+
|
| 291 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 292 |
+
**विविध**
|
| 293 |
+
|
| 294 |
+
३०. **काममा लगाउन सकिनेः**
|
| 295 |
+
(१) कार्यालयले यस ऐन बमोजिम गणना, सर्वेक्षण बा तथ्याइ सम्बन्धी अन्य कार्यको लागि सङ्घ, प्रदेश बा स्थानीय तहका कर्मचारी माग गर्न सक्नेछ।
|
| 296 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम कर्मचारी माग भई आएमा सम्बन्धित निकायले कर्मचारी खटाउन सक्नेछ।
|
| 297 |
+
(३) कार्यालयले कुनै गणना, सर्वेक्षण बा तथ्याइ सम्बन्धी अन्य कार्य तथा लगत प्रशोधनका लागि व्यक्ति बा संस्थासँग करार गरी सेबा लिन सक्नेछ।
|
| 298 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम खटाइएको कर्मचारीलाई दिइने सुविधा तथा उपदफा (३) बमोजिम सेबा करारमा लिने प्रक्रिया, सेबा करारमा लिइएका व्यक्तिको सेबाको शर्त, पारिश्रमिक तथा अन्य सुविधा नेपाल सरकारले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 299 |
+
|
| 300 |
+
३१. **समय तथा लागतप्रभावी किसिमबाट गर्नु पर्नेः**
|
| 301 |
+
(१) कार्यालय बा दफा ७ बमोजिमका सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थाले तथ्याइ उत्पादन, प्रशोधन, भण्डारण, प्रकाशन र बितरण गर्दा बा गराउँदा समय तथा लागतप्रभावी किसिमबाट गर्नु पर्नेछ।
|
| 302 |
+
(२) एकीकृत सूचना प्रणाली र बिघुतीय उपकरणको प्रयोग गरी उपलब्ध भएसम्म प्रशासनिक अभिलेख, नवीनतम स्रोत तथा अन्य प्रकाशित स्रोतबाट प्राप्त तथ्याइको उपयोगलाई प्राथमिकता दिनु पर्नेछ।
|
| 303 |
+
|
| 304 |
+
३२. **अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 305 |
+
प्रमुख तथ्याइ अधिकारीले यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये केही अधिकार मातहतका अधिकृतलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 306 |
+
|
| 307 |
+
३३. **प्रतिबेदन प्रकाशन:**
|
| 308 |
+
कार्यालयले तथ्याइ सम्बन्धी कार्यको बार्षिक कार्य बिबरण सहितको प्रतिबेदन आर्थिक बर्ष समापन भएको चार महिनाभित्र प्रकाशन गरी बिघुतीय माध्यमबाट समेत सार्वजनिक गर्नु पर्नेछ।
|
| 309 |
+
|
| 310 |
+
३४. **प्रचलित कानून बमोजिम हुने:**
|
| 311 |
+
यस ऐनमा उल्लिखित कुराको हुकमा यसे ऐन बमोजिम र अन्यमा प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 312 |
+
|
| 313 |
+
३५. **नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 314 |
+
यो ऐन कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 315 |
+
|
| 316 |
+
३६. **निर्देशिका बा कार्यबिधि बनाउन सक्नेः**
|
| 317 |
+
(१) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको अधीनमा रही नेपाल सरकारले देहायका बिषयमा निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेछ:-
|
| 318 |
+
(क) राष्ट्रियस्तरका गणना तथा सर्वेक्षण सञ्चालन सम्बन्धी,
|
| 319 |
+
(ख) तथ्याइ प्राधि र तथ्याड्रीय बिधि उपयोग सम्बन्धी,
|
| 320 |
+
(ग) राष्ट्रिय तथ्याइ प्रणाली कार्यान्वयन सम्बन्धी, र
|
| 321 |
+
(घ) सर्वेक्षण अनुमति सम्बन्धी।
|
| 322 |
+
(२) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको अधीनमा रही तथ्याइ उत्पादन, प्रशोधन, भण्डारण, प्रकाशन र बितरण सम्बन्धी काम कारबाहीलाई प्रक्रियागत ढङबाट प्रभावकारी, व्यवस्थित र मितव्ययी तबरले सञ्चालन गर्न कार्यालयले देहायका बिषयमा कार्यबिधि बनाई लागू गर्न सक्नेछ:-
|
| 323 |
+
(क) प्रशासनिक अभिलेख व्यवस्थापन सम्बन्धी,
|
| 324 |
+
(ख) तथ्याइ सार्वजनिक, सम्प्रेषण तथा बितरण गर्ने सम्बन्धी, र
|
| 325 |
+
(ग) तथ्याइ सङ्लन, नमूना छुनोट, बिश्लेषण तथा सम्परीक्षण सम्बन्धी।
|
| 326 |
+
|
| 327 |
+
३७. **ऐन कार्यान्वयन मापन:**
|
| 328 |
+
यो ऐन प्रारम्भ भएको पाँच बर्ष पूरा भ���को एक बर्षभित्र र त्यसपछि प्रत्येक पाँच बर्षपछिको एक बर्षभित्र प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालयले ऐन कार्यान्वयनको मापन गर्नेछ र सोको प्रतिवेदन सङ्घीय संसदको दुवै सदनको सम्बन्धित समितिमा पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 329 |
+
|
| 330 |
+
३८. **खारेजी र बचाउ:**
|
| 331 |
+
(१) तथ्याङ ऐन, २०१४ खारेज गरिएको छ।
|
| 332 |
+
(२) तथ्याङ ऐन, २०१४ बमोजिम भए गरेका काम कारबाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ।
|
section_12_pdf_18.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,95 @@
|
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| 1 |
+
**खर्क जग्मा राष्ट्रियकरण ऐन, २०३१**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०३१।६।२०
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
९. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 8 |
+
२०६६।१०।७
|
| 9 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन २०७२
|
| 10 |
+
२०७२।११।१३
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
२०३१ सालको ऐन नं. १२
|
| 13 |
+
खर्क जग्मालाई राष्ट्रियकरण गर्न बनेको ऐन
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
**प्रस्तावनाः**
|
| 16 |
+
सर्वसाधारण जनताको सुविधा र आर्थिक हित कायम राख्न खर्क जग्मालाई राष्ट्रियकरण गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज वीरेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्पतिले यो ऐन बनाइबक्सेको छ ।
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भः**
|
| 19 |
+
(१) यस ऐनको नाम "खर्क जग्मा राष्ट्रियकरण ऐन, २०३१" रहेको छ ।
|
| 20 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ ।
|
| 21 |
+
(३) यो ऐन नेपाल सरकारले तोकिदिएको जिल्लामा तोकिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
---
|
| 24 |
+
* यो ऐन संबत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको ।
|
| 25 |
+
× गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको ।
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
---
|
| 28 |
+
**२. परिभाषा :**
|
| 29 |
+
बिषय बा प्रसंगले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा-
|
| 30 |
+
(क) "खर्क जग्गा" भन्नाले अड्डा खानामा दर्ता गराइ बा नगराइ खर्क, खर्कचोक आदि कुनै नामले पशुचरनलाई मात्र प्रयोग गरी आएको जग्गालाई सम्झनुपर्छ।
|
| 31 |
+
(ख) "दर्ताबाला" भन्नाले प्रचलित नेपाल कानूनबमोजिम नेपाल सरकारमा मालपोत बा खर्चरी रकम तिर्नु पर्ने गरी आफ्नो नाममा बा सामुहिक रूपले खर्क जग्गा दर्ता गरी सो दर्ताको नाताले खर्क जग्गामा हक हुने व्यक्ति बा व्यक्तिहरू सम्झनुपर्छ ।
|
| 32 |
+
(ग) "माल कार्यालय" भन्नाले माल कार्यालय रहेको टाउँमा माल कार्यालय र सो नरहेको टाउँमा भूमि प्रशासन कार्यालयलाई सम्झनुपर्छ ।
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| 33 |
+
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| 34 |
+
---
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| 35 |
+
**३. खर्क जग्गाको राष्ट्रियकरण :**
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| 36 |
+
यो ऐन प्रारम्भ भएको मितिदेखि नेपालमा भएका सबै खर्क जग्गा राष्ट्रियकरण भई सो जग्गाको स्वामित्व नेपाल सरकारमा सर्नेछ र यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अघि त्यस्तो खर्क जग्गामा रहेको दर्ताबालाको स्वामित्वसम्बन्धी हक स्वतः समाप्त हुनेछ ।
|
| 37 |
+
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| 38 |
+
**तर-**
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| 39 |
+
(क) निजी उपयोगका लागि चरनमा मात्र प्रयोग गरी आएको भए पनि प्रचलित नेपाल कानूनले तोकिएको हदबन्दी भित्रको जमीन भए दर्ताबालाले राख्न पाउनेछ।
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| 40 |
+
(ख) यो ऐन लागू भएपछि पनि देहायको कामको लागि नेपाल सरकारले प्रचलित ऐन कानूनबमोजिम छुट दिन सक्नेछ:-
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| 41 |
+
(क) फलफूल खेती,
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| 42 |
+
(ख) पशुपालन,
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| 43 |
+
(ग) जडीबुटी ��ेती,
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| 44 |
+
(घ) चिया खेती ।
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| 45 |
+
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| 46 |
+
---
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| 47 |
+
**४. क्षतिपूर्ति दिने :**
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| 48 |
+
(१) दफा ३ बमोजिम राष्ट्रियकरण भएको खर्क जग्गाको दर्ताबालालाई नियमद्वारा गठित समितिको सिफारिशमा नेपाल सरकारले क्षतिपूर्तिको न्यायोचित रकम निर्धारण गर्नेछ । त्यस्तो समितिमा सम्बन्धित स्थानीय गाउँ कार्यपालिकाको अध्यक्ष बा निजहरूको प्रतिनिधि पनि रहनेछन् ।
|
| 49 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको क्षतिपूर्तिको रकम लिन आउनु भनी माल कार्यालयले सम्बन्धित दर्ताबालाहरूको जानकारीको लागि सूचना टाँस गर्नु पर्नेछ ।
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| 50 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको सूचना टाँस भएको मितिले एक बर्षभित्र दर्ताबालाले क्षतिपूर्ति पाउनको लागि आफ्नो हक भोगको सबुद प्रमाण संलग्न गरी सम्बन्धित माल कार्यालयमा निबेदन दिनुपर्नेछ ।
|
| 51 |
+
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| 52 |
+
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| 53 |
+
* २ केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन २०७२ द्वारा झिकिएको ।
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| 54 |
+
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+
**तर** कुनै व्यक्तिले सूचना टाँस भएको एक बर्षसम्म पनि निबेदन दिन नआएमा सो क्षतिपूर्ति पछि निजको कुनै दावी लाग्नेछुंन ।
|
| 56 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम पर्न आएको निबेदन माथि आवश्यक जाँचबुझ गरी माल कार्यालयले दर्ताबालाहरूलाई तिरो दामासाहीले क्षतिपूर्ति दिनेछ ।
|
| 57 |
+
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| 58 |
+
**तर** क्षतिपूर्ति पाउने हक बा क्षतिपूर्तिको अइसम्बन्धी प्रश्न उठेमा अदालतबाट ठहर भएबमोजिम माल कार्यालयले क्षतिपूर्ति दिनु पर्नेछ ।
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| 59 |
+
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| 60 |
+
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| 61 |
+
**५. खर्क जग्गाको व्यवस्था :**
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| 62 |
+
(१) नेपाल सरकारले दफा ३ बमोजिम राष्ट्रियकरण गरिएको खर्क जग्गाको छुट्टै लगत माल कार्यालयमा राख्न लगाइ सो जग्गाको संरक्षण र पशुचरनको लागि स्थानीय गाउँपालिकाको जिम्मा दिनेछ ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
**तर** एकभन्दा बढी गाउँपालिकाहरूको सन्धि सर्पन पर्ने खर्क जग्गा एकभन्दा बढी गाउँपालिकालाई दिन नेपाल सरकारलाई यस उपदफाले बाधा पुए्याएको मानिनेछुंन ।
|
| 65 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आफ्नो जिम्मामा आएको खर्क जग्गाको संरक्षण र सुधार गरी स्थानीय गाउँपालिकाले चरनको काममा बाहेक सो जग्गा अन्य काममा प्रयोग गर्न बा गराउन पाउनेछुंन ।
|
| 66 |
+
|
| 67 |
+
---
|
| 68 |
+
**६. चरी रकम लिई वस्तु भाउ चराउन दिइने :**
|
| 69 |
+
(१) गाउँपालिकाले आफ्नो अधिनस्थ खर्क जग्गामा चोरीगाई, गाई, भैसी, घोडा, खच्चर आदि टूलो जनावर प्रत्येकको बढीमा तीन रूपैयाँसम्म र बाख्रा, खसी, बोका, भेडा, च्याँग्रा आदि सानो जनावर प्रत्येकको बढीमा एक रूपैयाँसम्म बार्षिक चरी रकम लिई अघिदेखि सो खर्कमा चराइ आएको समेत सबैको बस्तुभाउ चराउन दिनु पर्नेछ ।
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
---
|
| 72 |
+
* केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न��� ऐन २०७२ द्वारा संशोधित ।
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम असूल भएको चरी रकम गाउँ सभा कोषमा जम्मा गरिनेछ ।
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
---
|
| 77 |
+
**७. गाउँपालिकालाई निर्देशन दिने अधिकार :**
|
| 78 |
+
नेपाल सरकारले आवश्यक देखेमा खर्क जग्गाको संरक्षण, सुधार र चरनको लागि गाउँपालिकालाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ र त्यस्तो निर्देशनको पालना गर्नु सो गाउँपालिकाको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 79 |
+
|
| 80 |
+
---
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| 81 |
+
**८. नियम बनाउने अधिकार :**
|
| 82 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 83 |
+
|
| 84 |
+
---
|
| 85 |
+
* केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन २०७२ द्वारा संशोधित ।
|
| 86 |
+
* गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६, संशोधित ।
|
| 87 |
+
|
| 88 |
+
**इष्टव्य: -**
|
| 89 |
+
(१) गाउँ विकास समिति ऐन, २०४५ द्वारा रूपान्तर गरिएका शब्दहरू:-
|
| 90 |
+
"गाउँ सभा" बा "गाउँ पन्नायत" को सझ "गाउँ विकास समिति" ।
|
| 91 |
+
(२) जिल्ला विकास समिति ऐन, २०४५ द्वारा रूपान्तर गरिएका शब्दहरू:-
|
| 92 |
+
(क) "जिल्ला सभा" को सझ "जिल्ला परिषद्" ।
|
| 93 |
+
(ख) "जिल्ला पन्नायत" को सझ "जिल्ला विकास समिति" ।
|
| 94 |
+
(३) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर गरिएका शब्दहरू:-
|
| 95 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सझ "नेपाल सरकार" ।
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|
|
| 1 |
+
**राप्तीदून विकास क्षेत्रको जमीनको (बिक्री वितरण) व्यवस्था ऐन, २०२४**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
लालमोहर प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०२४।७।६।२
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
---
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
### संशोधन गर्ने ऐन:
|
| 9 |
+
9. केही नेपाल कानुन (संशोधन) ऐन, २०२४
|
| 10 |
+
२०२४।१२।२६
|
| 11 |
+
२०२१।४।१६
|
| 12 |
+
२०२१।६।२०
|
| 13 |
+
४. न्याय प्रशासन सुधार (पहिलो संशोधन) ऐन, २०३३
|
| 14 |
+
२०३३।४।१०
|
| 15 |
+
४. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 16 |
+
२०४३।७।२४
|
| 17 |
+
६. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 18 |
+
२०४६।२।१६
|
| 19 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 20 |
+
७. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 21 |
+
२०६६।१०।७
|
| 22 |
+
६. लैङ्गिक समानता कायम गर्न तथा लैङ्गिक हिंसा अन्त्य गर्न केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 23 |
+
२०७२।६।१४
|
| 24 |
+
९. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन २०७२
|
| 25 |
+
२०७२।११।१३
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
२०२४ सालको ऐन नं. २३
|
| 28 |
+
राप्तीदून विकास क्षेत्रको जमीनको (बिक्री वितरण) व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 31 |
+
प्रादेशिक विकास योजनाहरू (कार्यान्वित गर्ने) ऐन, २०१३ अन्तर्गत प्रादेशिक विकास योजना (राप्तीदूनको जमीन वितरण) नियम, २०१३ बमोजिम बिक्री वितरण भएको जमीन बिक्री वितरणमा पाउनेहरूको अधिकारमा नरही जागा अरू ने व्यक्तिहरूको हातमा पर्न गएकोले सर्वसाधारण जनताको सुविधा र आर्थिक हित कायम राख्न त्यस्ता जग्गालाई न्यायोचित रूपले बिक्री वितरण गर्न बाज्छुनीय भएकोले,
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
* यो ऐन संवत् २०६५ साल जेठ १५ गतेदेखि लागू भएको।
|
| 34 |
+
* गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा सिकिएको।
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्भतिले यो ऐन बनाइबक्सेको छ।
|
| 37 |
+
|
| 38 |
+
---
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
### परिच्छेद-१
|
| 41 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
१. **संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 44 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राप्तीदून विकास क्षेत्रको जमीनको (बिक्री बितरण) व्यवस्था ऐन, २०२४" रहेकोछ।
|
| 45 |
+
(२) यो ऐन अनुसूचीमा उल्लेखित क्षेत्रमा लागू हुनेछ।
|
| 46 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
२. **परिभाषा:**
|
| 49 |
+
विषय बा प्रसंगले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा-
|
| 50 |
+
(क) "विकासक्षेत्र" भन्नाले अनुसूचीमा उल्लेखित चार किल्ला भित्रको जग्गा सम्झनुपर्छ।
|
| 51 |
+
(ख) "नियम" भन्नाले प्रादेशिक विकास योजनाहरू (कार्यान्वित) गर्ने ऐन, २०१३ अन्तर्गत बनेको नियम सम्झनुपर्छ।
|
| 52 |
+
(ग) "परिवार" भन्नाले कुनै व्यक्ति र निजको देहायका अवस्थामा अरू नातेदारलाई समेत जनाउँछ:-
|
| 53 |
+
(१) अंश छुट्टिएको बा नछुट्टिएको पति बा पत्नी,
|
| 54 |
+
(२) बाबु बा आम��� जीवित छुउन्जेल अंश छुट्टिएको बा नछुट्टिएको १६ बर्ष उमेर नपुगेका छोरा, छोरी,
|
| 55 |
+
(३) ...
|
| 56 |
+
(४) मानो छुट्टि बा नछुट्टि सगोलमा बसेका अंशियारहरू,
|
| 57 |
+
(घ) "कमिशन" भन्नाले नेपाल सरकारद्वारा विकास क्षेत्रमा काम गर्नको लागि समय समयमा गठन गरिएको बा गरिने कमिशनलाई सम्झनुपर्छ।
|
| 58 |
+
(ङ) "वन" भन्नाले वन ऐन, २०४९, लागू हुने बनलाई सम्झनुपर्छ।
|
| 59 |
+
(च) "सूचित आदेश" भन्नाले नेपाल सरकारद्वारा नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित सूचना सम्झनुपर्छ।
|
| 60 |
+
(छ) "तोकिएको" वा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यस ऐन वा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएबमोजिम सम्झनुपर्छ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
---
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
### परिच्छेद-२
|
| 65 |
+
**कमिशनको गठन र अधिकार क्षेत्र आदि**
|
| 66 |
+
|
| 67 |
+
३. **कमिशनको गठन:**
|
| 68 |
+
(१) यो ऐन बमोजिम विकास क्षेत्रको जग्गा छानबीन गरी पुनः बिक्री बितरण गर्न आवश्यक भएकोछ भने नेपाल सरकारलाई लागेमा सूचित आदेशद्वारा एकजना वा तीनजना सदस्यहरू भएको एक कमिशन गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 69 |
+
(२) तीनजना सदस्य भएको कमिशन गठन भएमा नेपाल सरकारले तोकिदिएको सदस्य अध्यक्ष हुनेछ र कमिशनको निर्णय बहुमतले हुनेछ।
|
| 70 |
+
(३) तीन सदस्य भएको कमिशन भएमा अध्यक्ष र एकजना सदस्य उपस्थित रहेमा पनि कमिशनले आफ्नो काम कारबाही र निर्णय गर्न सक्नेछ। तर राय बाझिन गएमा तीनैजना सदस्य उपस्थित भई बहुमतको निर्णय अनुसार हुनेछ।
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
४. **जग्गा प्राप्त गर्न प्रतिबन्ध:**
|
| 73 |
+
(१) यो ऐन लागू भएपछि गठन हुने कमिशनका कुनै सदस्य वा कर्मचारीले विकास क्षेत्रको जग्गा यस ऐनबमोजिम पुनः बिक्री बितरण हुँदा आफू वा आफ्ना परिवारका नाउँमा वा आफू र आफ्नो परिवारका निमित्त अरू कुनै व्यक्तिको नाउँमा जग्गा प्राप्त गर्न सक्नेछेन।
|
| 74 |
+
(२) उपदफा (१) को विरुद्ध कसैले जग्गा प्राप्त गरेमा सो जग्गा जफत भई प्रचलित नेपाल कानुनबमोजिम हुनेछ।
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
५. **कमिशनको अधिकार क्षेत्र:**
|
| 77 |
+
(१) कमिशनले विशेष अदालत ऐन, २०४९, अन्तर्गतको कार्य प्रणाली अपनाई कारबाही गर्न सक्नेछ। तर त्यस्तो कमिशनले सो ऐनको दफा ६ को खण्ड (ङ) को अस्तियार प्रयोग गर्न पाउनेछैन।
|
| 78 |
+
(२) कमिशनले आफ्नो आन्तरिक बा प्रशासकिय रूपको काम कुनै सदस्य बा कर्मचारीलाई लिखित रूपमा प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 79 |
+
(३) कमिशनले आफ्नो काम सुचारुरूपले चलाउन आन्तरिक नियमहरू बनाउन सक्नेछ।
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
६. **मुद्दा सर्ने:**
|
| 82 |
+
(१) विकास क्षेत्रको जग्गाको सम्बन्धमा सर्वोच्च अदालत बा आय र कर अदालत बाहेक अन्य अडा अदालतमा छिन्न बाँकी रहेका दायरी मुद्दाहरू यो ऐन प्रारम्भ भएपछि गठन भएको कमिशनमा सर्नेछन्।
|
| 83 |
+
(२) कमिशन बिघटन भएमा कमिशनमा रहेका छिन्न बाँकी मुद्दाहरू जिल्ला अदालतमा सर्नेछन् र सो अदालतबाट यसै ऐन अन्तर्गत कारबाही किनारा हुनेछ।
|
| 84 |
+
|
| 85 |
+
७. **सदस्यहरू हेरफेर र कमिशन बिघटन गर्ने:**
|
| 86 |
+
नेपाल सरकारले सूचित आदेशद्वारा सदस्यहरू हेरफेर गर्न बा कमिशन बिघटन गर्न सक्नेछ।
|
| 87 |
+
|
| 88 |
+
८. **कमिशनको मान्यता:**
|
| 89 |
+
यो ऐन लागु हुनुभन्दा अधि गठन भएको कमिशनले सम्बत् २०२० साल पौष १९ गते रोज ६ का मितिदेखि गरेको काम कारबाही यस ऐनको बिपरित रहेनछ भने यस ऐन अन्तर्गत गरेको मानिनेछ र बिपरित रहेछ भने कमिशनले त्यस्तो जग्गा जफत गर्न सक्नेछ।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
९. **पुनरावेदन:**
|
| 92 |
+
यो ऐन अन्तर्गत कमिशनले गरेको अन्तिम निर्णय बा फैसला उपर ३४ दिनभित्र उच्च अदालतमा पुनरावेदन लाग्नेछ।
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
---
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
### परिच्छेद-३
|
| 97 |
+
**विकास क्षेत्रको जग्गामा ज्ञानबीन गर्ने अधिकार**
|
| 98 |
+
|
| 99 |
+
१०. **विकास क्षेत्रको जग्गाको ज्ञानबीन:**
|
| 100 |
+
कमिशनले विकास क्षेत्रको जग्गाका सम्बन्धमा देहाय बमोजिम जाँचबुझ गरी देहायबमोजिम ठहरेमा कमिशनले त्यस्तो जग्गा जफत गर्न सक्नेछ:-
|
| 101 |
+
(क) नियम बमोजिम जग्गा प्राप्त नगरेकोमा,
|
| 102 |
+
(ख) नियमबमोजिम जग्गा प्राप्त गरेको भए नियमद्वारा निर्धारित शर्तहरू पालन नगरेकोमा, तर त्यस्तो जग्गा नेपाल सरकारले जफत हुँदाको बखत जस्को भोग चलनमा छ सो व्यक्तिलाई प्रचलित नेपाल कानुनबमोजिम भोग चलनसम्म गर्न दिन सक्नेछ।
|
| 103 |
+
|
| 104 |
+
११. **कुनै किसिमको हक दाबी नपुग्ने र मूल्य फिर्ता पाउने:**
|
| 105 |
+
नियमबमोजिम जग्गाको मोल बुझाई सकेको तर जग्गा नपाएको व्यक्तिले सूचित आदेशमा तोकिएबमोजिम (ऋण लिएको भए सो समेत कट्टा गरी) अघि बुझाएको मोल फिर्ता पाउनेछ।
|
| 106 |
+
|
| 107 |
+
---
|
| 108 |
+
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### परिच्छेद-४
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**जग्गाको बिक्री वितरण**
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१२. **जग्गाको बिक्री वितरण:**
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(१) यो ऐनबमोजिम जफत भएको जग्गा कमिशनले दफा १३ को अधीनमा रही देहायबमोजिम बिक्री वितरण गर्नेछ:-
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| 114 |
+
(क) यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अघि कसैले नियमबमोजिम जग्गा पाई आफैले सो जग्गा आबाद गरी कमाई आएको रहेछ भने सो जग्गा भोग चलन गरी कमाउने व्यक्ति बा परिवारलाई,
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| 115 |
+
(ख) यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अघि एउटै जग्गा एक बा एकभन्दा बढी परिवार बा व्यक्तिले पाएको रहेछ भने त्यस्तो परिवार बा व्यक्तिहरूमध्ये जसले सो जग्गा आबादगरी कमाई आएकोछ सो परिवार बा व्यक्तिलाई,
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| 116 |
+
(ग) कुनै व्यक्ति बा फर्म बा संस्थाले कुनै निश्चित कार्यकम तथा योजनाको निमित्त लगाउने शर्तमा यो ऐन जारी हुनुभन्दा अघि नियमबमोजिम जग्गा पाएकोमा सो शर्तबमोजिम नगरी अर्कालाई कमाउन दिएको रहेछ भने त्यस्तो जग्गा खूद कमाउने परिवार बा व्यक्तिलाई,
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(घ) खण्ड (क), (ख) र (ग) मा लेखिएको अवस्थामा चाहेक विकास क्षेत्रमा जग्गावाला बा मोहीको रूपमा जग्गा भोग चलन नगरी यो ऐन जारी भएको अघिल्लो दिनसम्म कुनै व्यक्ति बा परिवार कुनै जग्गामा बसोबास गरि रहेको भए सो जग्गा त्यस्तो परिवार बा व्यक्तिलाई।
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| 118 |
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(३) कुनै खास जग्गा नतोकी कुनै परिवार बा व्यक्तिले जग्गा बिकी वितरणको पूर्जासम्म प्राप्त गरेको तर जग्गा भोग चलन गरेको रहेनछ भने बा साबिक सन्धीसर्पन गौचर बाटो इत्यादि रहेको जग्गाको पूर्जा प्राप्त गरेको रहेछ भने यो ऐन जारी भएपछि त्यस्तो पूर्जा स्वतः बदर हुनेछ।
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| 120 |
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(४) विकास क्षेत्र नियमबमोजिम जग्गा प्राप्त गरी भोग चलन गरिरहेका व्यक्ति बा परिवारले यस दफा अन्तर्गत बिकी वितरणमा जग्गा प्राप्त गर्न सक्नेछुंन।
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१३. **जग्गा बिकी वितरणको मुख्य शर्तहरू:**
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(१) यस ऐन बमोजिम बिकी वितरण हुने जग्गाहरू तल लेखिएको शर्त बन्देजको अधीनमा रही बिकी वितरण भएको मानिनेछ:-
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+
(क) जग्गा पाउने परिवार बा व्यक्ति दफा १२ बमोजिमको अवस्थाको प्रमाणित नभएमा पछि जग्गा छाड्ने र सो बापत कुनै सहुलियत बा क्षतिपूर्ति नपाउने,
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| 125 |
+
(ख) बन बा बन सिमाना कायम गर्न बा गैडाको सुरक्षाको निमित्त सो जग्गाको आवश्यकता भएमा नेपाल सरकारले तोकिदिएको म्याद भित्र सो जग्गा खाली गर्ने। तर त्यसरी जग्गा खाली गराएकोमा नेपाल सरकारले प्रचलित कानुनबमोजिम क्षतिपूर्ति दिनेछ।
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+
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(२) कमिशनले जाँचबुझ गर्दा उपदफा (१) को खण्ड (क) को शर्त उल्लघंन गरेको ठहराएमा जग्गा जफत गर्न आदेश दिन सक्नेछ। सो आदेश उपर ३४ दिनभित्र उच्च अदालतमा पुनरावेदन लाग्न सक्नेछ।
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+
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+
१४. **जग्गा पाउनेले पालन गर्नु पर्ने शर्तहरू:**
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| 130 |
+
(१) यो ऐन अन्तर्गत बिक्री बितरणमा जग्गा पाउने परिवार बा व्यक्तिले नेपाल सरकारलाई बुझाउनु पर्ने जग्गाको मोल नबुझाएसम्म बा आबाद हुनुपर्ने अवस्थाको जग्गा आबाद गरी ३ वर्षसम्म आफैले भोग चलन नगरसम्म यो जग्गा अरूलाई बिक्री बा दान बकस दिन पाउनेछैन।
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| 131 |
+
(२) उपदफा (१) उल्लघंन गरी कसैले कुनै काम गरेमा सम्बन्धित जग्गाको हक नेपाल सरकारमा सर्नेछ र सो जग्गा नेपाल सरकारले यो ऐनबमोजिम पुनः बिक्री बितरण गर्न सक्नेछ।
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| 132 |
+
(३) यो ऐनबमोजिम जग्गा पाउनेले जग्गाको मूल्य ३ वर्षभित्र तीन बराबर किस्तामा तोकिएको म्याद भित्र तोकिएको अडा बा अधिकारी समक्ष बुझाउनु पर्छ। तर कसैले एक मुद्दा बा तीन वर्षभन्दा थोरै अवधिमा बुझाउन चाहेमा सो बमोजिम बुझाउन पाउनेछ।
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| 133 |
+
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| 134 |
+
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| 136 |
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### परिच्छेद-५
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| 137 |
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**जग्गाको दर्ता सम्बन्धी व्यवस्था**
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१५. **जग्गाको दर्ता राख्ने:**
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| 140 |
+
यस ऐन बमोजिम बिक्री बितरण हुने जग्गाको दर्ता राख्ने सम्बन्धमा कमिशन बा तोकिएको अधिकारी बा अडाको निम्न लिखित अधिकार हुनेछ:-
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| 141 |
+
(क) आवश्यकतानुसार सामुहिक बा व्यक्तिगत सूचना दिई सम्बन्धित व्यक्तिहरूबाट आवश्यक कुराहरू बुझ्ने बिबरण लिने र कागजपत्रहरू पेशगर्न लगाउने।
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| 142 |
+
(ख) बिक्री बितरण नभईसकेको अवस्थामा परेका उजूरी निवेदन किनारा लगाउने।
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| 143 |
+
(ग) विकास क्षेत्र भित्रको जग्गा बितरणका सम्बन्धमा नेपाल सरकारले समय समयमा सुम्पिएका अरू आवश्यक काम कारबाही गर्ने।
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| 144 |
+
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| 145 |
+
१६. **जग्गा दर्ता, पोत मिन्हा र पोत असूली:**
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| 146 |
+
(१) जग्गा बिक्री बितरणमा पाउने व्यक्तिको नाममा स्थानीय माल अड्रामा जग्गा तोकिएबमोजिम दर्ता गरिनेछ।
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+
(२) यस ऐनबमोजिम जग्गा पाउनेले जग्गा पाएको पहिलो सालको पोत बुझाउनु पर्नेछ। दोस्रो सालदेखि सभें बा मोटको आधारमा सूचित आदेश बमोजिमको मालपोत जग्गा पाउने व्यक्तिले स्थानीय माल अड्रामा बुझाउनु पर्नेछ।
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| 148 |
+
(३) कसैले उपदफा (२) बमोजिम मालपोत नबुझाएमा मालपोत सम्बन्धी प्रचलित कानुनबमोजिम हुनेछ।
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+
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+
१७. **तोकिएको अधिकारी बा अड्राको अधिकार क्षेत्र:**
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| 151 |
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कसैले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत सूचित आदेशको उल्लघंन गरेमा तोकिएको अधिकारी बा अड्राले जग्गा जफत गर्न बा रु. ४००।सम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ र त्यस्तो निर्णय बा फैसलामा चित्त नबुझ्ने पक्षले उच्च अदालतमा पुनराबेदन गर्न सक्नेछ।
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+
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+
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+
### परिच्छेद-६
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| 156 |
+
**विविध**
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१८. **नियम बनाउने अधिकार:**
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| 159 |
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यस ऐनको उद्देश्यहरू पूर्तिको निमित्त नेपाल सरकारले नियम बनाउन सक्नेछ।
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+
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१९. **बाझिएमा गर्ने:**
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+
यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत निकालिएको नियम बा सूचित आदेशहरूमा लेखिए जति कुरामा सोही बमोजिम र अरूमा प्रचलित नेपाल कानुनबमोजिम हुनेछ।
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| 163 |
+
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+
### अनुसूची
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| 167 |
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**दफा १ (२) सँग सम्बन्धित**
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+
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पूर्व पट्टि हर्जा माटी र गोट दमार डौंडा, दक्षिण पट्टि सानो तथा टूलो चूरीया अंबुबा चौकी शोमेश्वर पर्वत नारायणीको किनारासम्म, उत्तर पट्टि गोट दमार डौंडा सुपारीटार, भैरव डौंडा र अरू महाभारतको दक्षिण शाखाका पाख��हरू र नारायणगढ र मर्स्योड, पश्चिम पट्टि नारायणी, नारायणी राप्तीको संगमसम्म।
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section_12_pdf_26.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,138 @@
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| 1 |
+
# बिर्ता उन्मूलन ऐन, २०१६
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| 2 |
+
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| 3 |
+
लालमोहर मिति नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित मिति
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| 4 |
+
२०१६। ५।२४ २०१६।९।१
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| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
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| 6 |
+
१. बिर्ता उन्मूलन (संशोधन) ऐन, २०१६* २०१६।१०।२३ २०१६।१०।२४ लालमोहर र प्रकाशन मिति
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| 7 |
+
२. क्षतिपूर्ति ऐन, २०१९ २०१९।१२।३०
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| 8 |
+
३. बिर्ता उन्मूलन (संशोधन) ऐन, २०२४ २०२४।७।६
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| 9 |
+
४. राजश्र न्यायाधिकरण ऐन, २०३१ २०३१।४।१६
|
| 10 |
+
५. विशेष अदालत ऐन, २०३१ २०३१।६।२०
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| 11 |
+
६. न्याय प्रशासन सुधार (पहिलो संशोधन) ऐन, २०३३ २०३३।४।१०
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| 12 |
+
७. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३ २०४३।७।२४
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| 13 |
+
८. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६ २०४६।२।१६
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| 14 |
+
९. बिर्ता उन्मूलन (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०४९ २०४९।४।२९
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| 15 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
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| 16 |
+
१०. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६* २०६६।१०।७
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| 17 |
+
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| 18 |
+
२०१६ सालको ऐन नं. १६
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| 19 |
+
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| 20 |
+
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| 21 |
+
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| 22 |
+
## बिर्ता जग्गा उन्मूलन गरी भूमिकर ठेक्नको निमित्त बनेको ऐन
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| 23 |
+
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| 24 |
+
**प्रस्तावना:**
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| 25 |
+
नेपाल ".... ... ... का विभिन्न वर्गका जनतामा समानताको भावना र स्थिति उत्पन्न गराई सुसम्बन्ध कायम राखको लागि र नेपाल ".... ... ... तथा नेपाल ".... ... ... का जनताको सुविधा तथा आर्थिक हितलाई कायम र सुदृढ पारी सुबिधा गराउने पबित्र उद्देश्यले राज्य कर नतिरी जग्मा जमीन भोग गर्ने सामन्त प्रथालाई अन्त गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र बीर बिक्रम शाहदेवको शासनकालको पाँचौं बर्षमा संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
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| 26 |
+
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| 27 |
+
---
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| 28 |
+
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| 29 |
+
### १. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:
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| 30 |
+
(१) यस ऐनको नाम "बिर्ता उन्मूलन ऐन, २०१६" रहेको छ।
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| 31 |
+
(२) यो ऐन नेपाल "............ भर लागू हुनेछ।
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| 32 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 33 |
+
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| 34 |
+
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| 35 |
+
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| 36 |
+
### २. परिभाषा:
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| 37 |
+
(१) विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 38 |
+
(क) "बिर्ता जग्मा" भन्नाले सरकारी मालपोत जम्मै माफी गरी बा त्यस टाउँको त्यस्तै किसिमका रैकर जग्मामा लागेको मालपोत भन्दा कम तिने गरी पाएको बा हक भैरहेको सबै किसिमको जग्मा सम्झनु पर्छ र खण्ड (ख) र (ग) मा परिभाषा गरिए बमोजिमका जग्मालाई समेत जनाउँछ।
|
| 39 |
+
(ख) "क" श्रेणीको बिर्ता जग्मा भन्नाले टेकिएको मालपोतसम्म उठाई खान पाउने गरी पाएको बा जसरी लिए पाएको भएपनि टेकिएको मालपोत बा मालपोतेको अड्बमोजिम सम्म उठाई खाने गरी आएको नेपाल सरकारमा केही तिर्नु पर्ने बा नपर्ने बिर्ता जग्मा र आबाद नभएको पर्ति जग्मा तथा जङ्गल बिर्ता जग्मा समेत सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ग) "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्मा भन्नाले "क" श्रेणीको बिर��ता जग्मा बाहेकको अरू सबै बिर्ता जग्मा समझनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(घ) "बिर्ताबाल" भन्नाले जसका नाममा बिर्ता जग्मा दर्ता छ बा जसका नाममा बिर्ता जग्मा प्रदान गरेको लिखत छ बा जसले बिर्ता जग्मा भनी भोग गरेको छ त्यस्ता व्यक्ति बा त्यस्ता व्यक्तिका बिर्ता जग्मा भोग गर्ने हकदारलाई र भोग बा दृष्टिबन्धकी लिई बा अरू कुनै व्यहोराले लिई भोग गरेमा त्यस प्रकार भोग गरुज्जेल निज बा त्यस्तो जग्गा भोग गर्ने निजका हकबालालाई समेत जनाउँछ।
|
| 42 |
+
(ङ) "मालपोत" भन्नाले रैकर जग्गाका सम्बन्धमा सो जग्गा दर्ता भएका व्यत्क्ति (यसपछि यस ऐनमा रैकरका मोही भनिएका) ले नेपाल सरकारमा बुझाउन पर्ने टेकिए बमोजिमको नगदी बा जिन्सी बा दुबै किसिमको मालपोत सम्झनु पर्छ र यस शब्दले बिर्ता जग्गाको सम्बन्धमा पनि बिर्ताबालले लिने त्यस्तै टेकिएको (आँठाका रैकर जग्गा सरहको) मालपोतलाई र बिर्ताबालले पाएका अधिकार बमोजिम बिर्ता जग्गाको मोहीको मञ्जुरी लिई बा नलिई त्यस्तो मालपोत माथि सयकडीका हिसाबले थप गरी लिएको अङ्गलाई समेत जनाउँछ।
|
| 43 |
+
(च) "माल अड्डा" भन्नाले मालपोत असुल उपर गरी लिने नेपाल सरकारको माल अड्डा सम्झनु पर्छ र माल अड्डा खारेज भएको टाउँमा भूमि प्रशासन कार्यालयलाई समेत जनाउँछ।
|
| 44 |
+
(छ) बिर्ता जग्गाको सम्बन्धमा "आयस्ता" भन्नाले लिखत गरी बा नगरी कसैलाई मोहीयानीमा कमाउनु दिई मालपोत भन्दा बढी उठाई खाने गरी आएको नगदी बा जिन्सीलाई जनाउँछ।
|
| 45 |
+
(ज) "माल अड्डाको हाकिम" भन्नाले भूमि प्रशासकलाई समेत सम्झनुपर्छ।
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
---
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| 48 |
+
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| 49 |
+
### ३. बिर्ता उन्मूलन:
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| 50 |
+
(१) नेपाल ".... ... मा भएको बिर्ता प्रथालाई यो ऐन प्रारम्भ भएको मितिदेखि समाघ्त गरिएको छ र यो ऐन प्रारम्भ भएका मितिले अघिल्ला दिनसम्मका सबै बिर्ता जग्गा उन्मूलन गरिएका छन्।
|
| 51 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उन्मूलन गरिएका नेपाल ".... ... ...मा भएका सबै बिर्ता जग्गा रैकरमा परिणत भई भूस्वामित्व नेपाल सरकारमा सर्नेछ र यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अघि त्यस्ता बिर्ता जग्गामा रहेको बिर्ताबालको भूस्वामित्व सम्बन्धी हक तथा अधिकार स्वतः समाघ्त भएको मानिनेछ।
|
| 52 |
+
(३) बिर्ता जग्गामा कुनै व्यक्तिको भूस्वामित्व सम्बन्धी हक तथा अधिकार हुने बा रहने गरी भएको ऐन, सबाल, सनद बा अरू कुनै लिखत पत्र यो ऐन प्रारम्भ भएको मितिदेखि खारेज तथा बदर गरिएका छन्।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
---
|
| 55 |
+
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| 56 |
+
### ४. भूमिकर ठेक्ने र दर्ता गरिदिने:
|
| 57 |
+
(१) दफा ११ को अधिनमा रही यस ऐनबमोजिम रैक��� गरिएका जग्गामा आर्थिक साल २०१६-१७ देखि साल बसाल लागू हुने गरी देहायबमोजिम भूमिकर टेकिएको छ:
|
| 58 |
+
(क) "क" श्रेणीको बिर्ता जग्गामा बिर्ताबालले बिर्ता जग्गाका मोहीबाट उठाई लिने गरी आएको मालपोतको अड्बमोजिम।
|
| 59 |
+
(ख) काठमाडौं उपत्यकाका "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गामा देहाय बमोजिम:
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| 60 |
+
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| 61 |
+
| | खेत | पाखो |
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| 62 |
+
|---|---|---|
|
| 63 |
+
| (१) अबल रोपनी १ को | ने.रु.३।- | ने.रु. १।१४ |
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| 64 |
+
| (२) द्रयम रोपनी १ को | ने.रु.२।४४ | ने.रु.।९४ |
|
| 65 |
+
| (३) सीम रोपनी १ को | ने.रु.१।६९ | ने.रु. ।४६ |
|
| 66 |
+
| (४) चाहार रोपनी १ को | ने.रु.१।१२ | ने.रु.।३७ |
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
(२) कुनै बिर्ताजग्गाका सम्बन्धमा आर्थिक साल २०१६-१७ को निमित्त आँटाको रैकर जग्गामा लागेको मालपोतको अड्को आधाको दरले लाग्ने भूमिकरको दर उक्त दरभन्दा घटी पर्न आएमा त्यस्तो बिर्ता जग्गाको उक्त सालको निमित्त सोही घटी दरमा भूमिकर लिइनेछ।
|
| 69 |
+
(३) नेपाल ".... ... ... ... का अन्य पहाडी क्षेत्र र तराई क्षेत्रका "ख" श्रेणीका बिर्ता जग्गामा आँटाको रैकर जग्गामा लागेको मालपोतको अड्रबमोजिम।
|
| 70 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम ठेकिएको भूमिकर इलाका मालको हाकिमले निर्धारित गर्नेछ र त्यस्तो भूमिकर लागेको बिर्ता जग्गा देहायबमोजिम रैकरमा दर्ता गरी लगत खडा गर्ने र भूमिकर असूल गर्नेछ:
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| 71 |
+
(क) "क" श्रेणीको बिर्ता जग्गा भए बिर्ता जग्गाको मोहीको नाउँमा।
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| 72 |
+
(ख) "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्मा भए बिर्ताबालको नाउँमा।
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| 73 |
+
(३) "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्मामा उपदफा (२) बमोजिम निर्धारित दरका सम्बन्धमा चित्त नबुझ्ने व्यक्तिले प्रमुख जिल्ला अधिकारी छेउ पुनराबेदन दिन सक्नेछ र प्रमुख जिल्ला अधिकारीले गरेको निर्णय उपर चित्त नबुझ्नेले सम्बन्धित राजस्व न्यायाधीकरणमा पुनराबेदन दिन सक्नेछ।
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| 74 |
+
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| 75 |
+
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| 76 |
+
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| 77 |
+
### ५. दर्ता गराउनु पर्ने:
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| 78 |
+
(१) "ख" श्रेणीको बिर्तावालले यो दफा लागू भएको १२० दिनभित्र आफ्नो बिर्ता जग्गाको देहाय बमोजिमको विवरण र बुझाउन बाँकी भूमिकर बा मालपोत स्थानीय माल अड्रामा र माल अड्रा खारेज भएको ठाउँमा भूमि प्रशासन कार्यालयमा दाखिल गरी दर्ता गराउनु पर्छ:
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| 79 |
+
(क) बिर्ता जग्गाको क्षेत्रफल (बिगाहा रोपनी इत्यादि) त्यस्तो खुलेको श्रेस्ता नभएमा अन्दाजी क्षेत्रफल र थाहा भएमा जग्गाको चाँहदी पनि,
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| 80 |
+
(ख) नेपाल सरकारबाट जग्गा नाप जाँच गराइएकोमा सो नापीबाट तोकिएको मालपोत बा भूमिकरको अड्र आबादी जग्गा बिर्ता पाएकोमा सो पाउँदा तोकिएको बिर्ता जग्गाको मालपोत अड्र,
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| 81 |
+
(ग) जग्गा कमाउने व्यत्तिह��ूको नाम र निजहरूले कमाएको जग्गाको क्षेत्रफल र प्रत्येकले बिर्तावाललाई तिर्नु पर्ने कुत तिरो,
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| 82 |
+
(घ) नेपाल सरकारले तोकेको अरू कुनै कुरा।
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(२) "क" श्रेणीका बिर्ता जग्गाका बिर्तावाल बा कुनै बिर्ता जग्गाको काम गर्ने बिर्तावाल भए त्यस मालको तत्काल काम गर्ने कामदार कारिन्दा (इन्चार्ज) र बिर्तावाल साधारणतया नेपाल बाहिर बस्ने गरेको भए निजको बिर्ता रेखदेख बा दामकाम गर्ने व्यत्तिको पनि उपदफा (१) बमोजिम विवरण सहितको आवश्यक कागजपत्र इलाका माल अड्रामा दाखिल गर्नु पर्ने कर्तव्य हुनेछ।
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(३) कुनै बिर्ताको सम्बन्धमा उपदफा (१) बा (२) बमोजिम दाखिल गर्नुपर्ने विवरण दाखिल नगरेमा बा दाखिल गरेपनि ज्ञानी जानी खासखास कुरा फरक पारी दाखिल गरेको टहरिन आएमा उपदफा (१) बा (२) बमोजिम त्यस्तो विवरण दाखिल गर्नु पर्ने कर्तव्य भएका प्रत्येक व्यत्तिलाई १०००।-सम्म जरिबाना बा १ बर्षसम्म कैद बा दुवै सजाय इलाका माल अड्राको हाकिमबाट हुनसक्नेछ।
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### ६. जग्गा कमाउनेले बिर्ता जग्गा दर्ता गर्न पाउने:
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(१) "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गा कमाउने व्यत्तिले यो दफा प्रारम्भ भएपछि नेपाल सरकारले तोकेको म्याद भित्र आफूसँग भएको बा आफूले जाने बुझेसम्मको सबूत प्रमाण र सो जग्गाको कित्ता नम्बर, चार किल्ला बिर्ताबालको नाम, थर, बतन, कृतबाली, तीरे समेत खुलाई त्यस्तो जग्गा आफ्नो नाउँमा दर्ता गर्नको लागि सम्बन्धित जिल्लाको माल बा मालपोत कार्यालयमा दरखास्त दिनु पर्नेछ।
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| 90 |
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(२) उपदफा (१) बमोजिमको दरखास्त प्राप्त भएपछि माल बा मालपोत कार्यालयले उक्त दरखास्त उपर आवश्यक जाँचबुझ गर्दा उल्लेखित जग्गा बिर्ताबालको नाउँमा दर्ता भई सकेको बा राजगुटी अन्तर्गत पर्ने जग्गा नभई दरखास्तबालाको नाउँमा दर्ता गर्न हुने साबिकको बिर्ता जग्गा देखिएमा नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिएको शुल्क र दस्तुर लिई त्यस्तो जग्गा निजको नाउँमा दर्ता गरी दिनु पर्नेछ।
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### ९. क्षतिपूर्ति:
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(१) "क" श्रेणीको बिर्ता जग्गा हुने बिर्ताबाललाई अनुसूचीमा लेखिए बमोजिमको क्षतिपूर्ति नेपाल सरकारबाट गरिनेछ।
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(२) उपदफा (१) बमोजिम पाउने भएको क्षतिपूर्तिको हिसाब गर्दा हक भोगको पक्रा प्रमाण भएको कुनै बिर्ताबालले लिने गरेको ठहरिएको एक सालको मालपोतको प्रतिशतको हिसाबले गरिनेछ।
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+
(३) मालपोतको हिसाब गर्दा जम्मा उठ्ती मध्य�� २०१४ सालमा नेपाल सरकारलाई बुझाएको बा बुझाउनु पर्ने कुनै पनि प्रकारको कर कट्टा गरी बाँकी अङ्को अनुपातमा क्षतिपूर्ति दिइनेछ।
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+
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### १२. बिर्ताका मोहीबाट भएका मोहीको हक:
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(१) यस ऐन बमोजिम रैकर गरिएको कुनै "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गामा कसैको मोहियानी हक रहेछ भने "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गा बिर्ताबालका नाममा रैकरमा जग्गाबालाको हैसियतले दर्ता हुँदा मोहियानी हक भएका व्यत्तिको नाम पनि मोहीमा दर्ता हुनेछ र यस प्रकारका मोहीलाई निजले मोहीको हैसियतमा प्राप्त गरेको मोहियानी हक तथा अधिकार पूर्ववत् उपभोग गर्नबाट बन्चित गरिने छैन।
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| 103 |
+
(२) "क" श्रेणीको बिर्ता जग्गा मोहीको नाउँमा दर्ता भै त्यो मोही जग्गाबाल भएपछि त्यस्ता जग्गाबालाबाट यो ऐन प्रारम्भ हुनभन्दा अघि बा पछि जग्गा लिई कमाउने व्यक्ति भूमि सम्बन्धी ऐनको अधिनमा रही मोही हुनेछ र मोहीको हक प्राप्त गर्नेछ।
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+
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+
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| 107 |
+
### १२क. बिर्ता जग्गा दर्ता गर्ने विशेष व्यवस्था:
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+
२०४९ साल आषाढ मसान्त सम्ममा कसैको नाउँमा रैकरमा परिणत गरी दर्ता भै सकेको "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गा सो जग्गा कमाउने व्यत्तिका नाउँमा मात्र दफा छक. बमोजिम दर्ता गरिनेछ। सो अबधि पछि कुनै बिर्ताबालको नाउँमा "ख" श्रेणीको बिर्ता जग्गा दर्ता गरिने छैन र दर्ता भएको रहेछ भने पनि मान्यता हुने छैन।
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+
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### १३. नियम बनाउने अधिकार:
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यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्नको लागि नेपाल सरकारले नियम बनाउन सक्नेछ्।
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### १४. प्रचलित कानुनसँग बाझिएमा गर्ने:
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प्रचलित कानुनमा जुनसुकै कुरा लेखिए तापनि यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा लेखिएको कुरामा सोही बमोजिम हुनेछ्।
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### अनुसूची (दफा ९ सँग सम्बन्धित) क्षतिपूर्तिको तालिका
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| 123 |
+
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+
| कमसंख्या साल १ मा खाई पाई आएको मालपोत रु | पाउने क्षतिपूर्ति (यस ऐनको दफा ९ को अधिनमा रही खान पाउने अङ्को) |
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| 125 |
+
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| पहिलो रु. ४०० सम्मलाई | २४ प्रतिशत |
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| त्यस पछिको रु ४०० सम्मलाई | २० प्रतिशत |
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+
| त्यस पछिको रु. २००० सम्मलाई | १६ प्रतिशत |
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| 129 |
+
| त्यस पछिको रु. ३००० सम्मलाई | १२ प्रतिशत |
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| 130 |
+
| त्यस पछिको रु. ४००० बा सो भन्दा बढीलाई | ८ प्रतिशत |
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| 131 |
+
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+
तर कसैले पनि रु. १२०००।-भन्दा बढी क्षतिपूर्ति पाउने छैन।
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**द्रष्टव्य:**
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+
१. बिर���ता उन्मूलन (संशोधन) ऐन, २०२४ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरु: "सुरक्षित किसान" को सट्टा "मोही"।
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| 138 |
+
२. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरु: "श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार
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section_12_pdf_9.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,299 @@
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| 1 |
+
बिरुवा · क्वारेन्टाइन तथा संरक्षण ऐन, २०६४
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०६४।४।२७
|
| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
(१) केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 8 |
+
२०७२।११।१३
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| 9 |
+
(२) नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
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| 10 |
+
२०७४।११।१९
|
| 11 |
+
(३) बिरुवा संरक्षण (पहिलो संशोधन) ऐन, २०७९
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| 12 |
+
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| 13 |
+
२०६४ सालको ऐन न. २०
|
| 14 |
+
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| 15 |
+
---
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| 16 |
+
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| 17 |
+
## बिरुवा · क्वारेन्टाइन तथा संरक्षण सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 18 |
+
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| 19 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 20 |
+
बिरुवा तथा बिरुवाजन्य उपजको निकासी, पेटारी र ओसारपसार गर्दा शत्रुजीवको प्रवेश, स्थापना र फैलावट रोक्न, तिनीहरूको प्रभावकारी नियन्त्रणको लागि उपयुक्त तरिकाहरु अवलम्बन गरी पिट्रिप्य जैविक सुरक्षाका जोखिमहरूको न्यूनीकरण गर्ने र बिरुवा तथा बिरुवाजन्य उपजहरूको व्यापार प्रवर्धन गर्ने सम्बन्धमा कानूनी व्यवस्था गर्न बाज्छुनीय भएकोले, व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 21 |
+
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| 22 |
+
---
|
| 23 |
+
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| 24 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 25 |
+
**प्रारम्भिक**
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| 26 |
+
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| 27 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 28 |
+
(१) यस ऐनको नाम "बिरुवा · क्वारेन्टाइन तथा संरक्षण ऐन २०६४" रहेको छ।
|
| 29 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
२. **परिभाषा:**
|
| 32 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 33 |
+
(क) "बिरुवा" भन्नाले जीवित बा मृत बनस्पति बा त्यसको कुनै भाग सम्झनु पर्छ र सो शब्दले बनस्पतिको डाँट, हाँगा, गाँट, कलमी, बोका, जरा, पात, फल, फूल, बीउ र जर्मप्लाज्म समेतलाई जनाउँछ।
|
| 34 |
+
(ख) "बिरुवाजन्य उपज" भन्नाले उपयोगको लागि तयार भइनसकेको बिरुवाजन्य सामग्री (दाना समेत) बा उपयोगको लागि तयार भईसकेको तर प्रशोधनको प्रकृति बा अन्य कुनै कारणले शत्रुजीव प्रवेश गराउन बा फैलाउन सक्ने बिरुवाजन्य सामग्री सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ग) "अन्य वस्तु" भन्नाले रोग बा कीरालाई आश्रय दिन बा फेलाउन सक्ने कुनै बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपजको भण्डारण स्थल, प्याकेजिङ्ग, कण्टेनर, बाहन, बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, इद्वाउ, पीट र अन्य यस्तै वस्तु सम्झनु पर्छ।
|
| 36 |
+
(घ) "शत्रुजीव" भन्नाले बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपजलाई हानि पुन्याउने बिरुवा, जनावर बा रोगका कारक सुक्ष्मजीव लगायतका जीव सम्झनु पर्छ र सो शब्दले सुक्ष्मजीवका जाति बा प्रजाति, नझ तथा बायोटाइपलाई समेत जनाउँछ।
|
| 37 |
+
(ङ) "नियमित शत्रुजीव" भन्नाले बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपजलाई आर्थिक रूपमा हानि पुन्याउने भनी मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेक��� शत्रुजीव सम्झनु पर्छ र सो शब्दले क्वारेन्टाइन शत्रुजीव र नियमित नन्-क्वारेन्टाइन शत्रुजीवलाई समेत जनाउँछ।
|
| 38 |
+
(च) "क्वारेन्टाइन शत्रुजीव" भन्नाले नेपालमा नभएका बा भए पनि बुहत् रूपमा नफैलिएका र नियन्त्रणमा रहेका आर्थिक रुपमा हानि पुन्याउने शत्रुजीव सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(च१) "नियमित नन्-क्वारेन्टाइन शत्रुजीव" भन्नाले बिरुवा तथा बिरुवाजन्य उपजमा शत्रुजीवको उपस्थितिले त्यसको लक्षित उपयोगलाई आर्थिक रूपमा हानि पुन्याउन सक्ने शत्रुजीव सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(छ) "लाभदायक कीरा" भन्नाले मोरी, रेशम कीरा, लाहा कीरा जस्ता कीराहरु सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(ज) "बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट" भन्नाले जैविक विधिबाट शत्रुजीव नियन्त्रण गर्न प्रयोग हुने परजीवी, प्रति परजीवी, शिकारी कीरा जस्ता जीव सम्झनु पर्छ र सो शब्दले च्याउ, शाकाणु (व्याक्टेरिया), डुसी (फंगस), विपाणु (भाईरस) जस्ता वनस्पति समेतलाई जनाउँछ।
|
| 42 |
+
(झ) "बाहन" भन्नाले विरुवा, विरुवाजन्य उपज वा अन्य वस्तु ओसार पसार गर्न प्रयोग हुने हवाई जहाज, रेल, टुक, गाडा, घोडा, खच्चर र अन्य यस्तै साधन सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(ज) "कण्टेनर" भन्नाले विरुवा, विरुवाजन्य उपज वा अन्य वस्तु ओसार पसार गर्नको लागि प्रयोग हुने वा भएको भाँडो, वाकस, झोला वा अन्य यस्तै वस्तु सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
(ट) "क्वारेन्टाइन" भन्नाले विरुवा, विरुवाजन्य उपज वा अन्य वस्तु स्वस्थ छ छैन भनी अवलोकन, परीक्षण, निरीक्षण अनुसन्धान, जाँच गर्न र स्वस्थ नभएमा उपचार गर्नको लागि त्यस्तो विरुवा, विरुवाजन्य उपज वा अन्य वस्तुलाई निर्धारित वा निरीक्षकले तोकेको स्थलमा राख्ने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 45 |
+
(ट) "परीक्षण क्षेत्र" भन्नाले विरुवाको स्वस्थता परीक्षण सम्बन्धी प्रक्रिया पूरा गर्नको लागि छुट्याइएको क्षेत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(ड) "शत्रुजीव क्षेत्र" भन्नाले कुनै क्षेत्रमा स्थायित्व कायम गर्ने गरी शत्रुजीवको प्रवेश रहेको क्षेत्र सम्झनु पर्छ।
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| 47 |
+
(ड) "सङ्क्रमण" भन्नाले विरुवा वा विरुवाजन्य उपजमा क्षति पुन्याउने गरी शत्रुजीवको उपस्थिति वा फैलावट सम्झनु पर्छ।
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| 48 |
+
(ण) "निरीक्षक" भन्नाले दफा १४ बमोजिम तोकिएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 49 |
+
(त) "मन्त्रालय" भन्नाले कृषि सम्बन्धी बिषय हेर्ने मन्त्रालय सम्झनु पर्छ।
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| 50 |
+
(थ) "समिति" भन्नाले दफा ३ बमोजिम गठित प्लाण्ट क्वारेन्टाइन समिति सम्झनु पर्छ।
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| 51 |
+
(द) "सङ्गठन" भन्नाले दफा ६ बमोजिम नेपाल सरकारले तोकेको राष्ट्रिय विरुवा संरक्षण सङ्गठनको कार्यालय सम्झनु पर्छ।
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| 52 |
+
(ध) "प्रवेश अनुमतिपत्र" भन्नाले दफा ७ बमोजिम दिईएको अनुमतिपत्र सम्झनु पर्छ।
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| 53 |
+
(न) "स्वस्थता प्रमाणपत्र" भन्नाले दफा १२ बमोजिम दिईएको स्वस्थता प्रमाणपत्र सम्झनु पर्छ।
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| 54 |
+
(प) "संस्था" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम दर्ता भएको फर्म वा सङ्गठित संस्था सम्झनु पर्छ।
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| 55 |
+
(फ) "शत्रुजीव जोखिम विश्लेषण (पेष्ट रिस्क एनालिसिस)" भन्नाले विरुवा वा विरुवाजन्य उपज पेटारी प्रयोजनको लागि दफा १७ बमोजिम नियमित शत्रुजीव निर्धारण गरिने प्रक्रिया सम्झनु पर्छ।
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| 56 |
+
(ब) "संकटोत्पन्न क्षेत्र" भन्नाले विरुवा वा विरुवाजन्य उपजलाई आर्थिक रुपमा हानि नोक्सानी गर्ने गरी शत्रुजीव स्थापित हुन अनुकूल बातावरण भएको क्षेत्र सम्झनु पर्दछ।
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| 57 |
+
(भ) "कार्यालय" भन्नाले दफा ३३ बमोजिम स्थापित कार्यालय सम्झनु पर्छ।
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| 58 |
+
(भ१) "कार्यालय प्रमुख" भन्नाले दफा ३३ बमोजिम स्थापित कार्यालयको प्रमुख सम्झनु पर्छ।
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| 59 |
+
(म) "तोकिएको" वा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको वा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
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| 60 |
+
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| 61 |
+
---
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| 62 |
+
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| 63 |
+
## परिच्छेद-२
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| 64 |
+
**समिति तथा सङ्गठन सम्बन्धी व्यवस्था**
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| 65 |
+
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| 66 |
+
३. **समितिको स्थापना:**
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| 67 |
+
(१) विरुवा तथा विरुवाजन्य उपजको क्वारेन्टाइन नीतिका सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई राय सुझाव दिन देहाय बमोजिमको एक प्लाण्ट क्वारेन्टाइन समिति रहनेछ:
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| 68 |
+
(क) सचिव, मन्त्रालय - अध्यक्ष
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| 69 |
+
(ख) सह सचिव, उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय (बिश्व व्यापार सङ्गठन हेर्ने)
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| 70 |
+
(ग) सह सचिब, बन तथा बाताबरण मन्त्रालय
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| 71 |
+
(घ) महानिर्देशक, भन्सार बिभाग
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| 72 |
+
(ङ) कार्यकारी निर्देशक, नेपाल कृषि अनुसन्धान परिषद्
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| 73 |
+
(च) प्रतिनिधि, नेपाल उद्योग बाणिज्य महासङ्घ
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| 74 |
+
(छ) नेपाल सरकारले मनोनीत गरेका कम्तीमा एकजना महिला सहित दुईजना विशेषज्ञ
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| 75 |
+
(ज) बिषयगत अनुभव भएका कृषक, कृषि व्यवसायी बा कृषि उद्यमीहरूमध्येवाट नेपाल सरकारले मनोनयन गरेका कम्तीमा एकजना महिला सहित तीनजना
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| 76 |
+
(झ) प्रमुख, प्लाण्ट क्वारेन्टाइन तथा बिषादी व्यवस्थापन केन्द्र - सदस्य-सचिब
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| 77 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (छ) र (ज) बमोजिमका मनोनीत सदस्यको पदावधि तीन वर्षको हुनेछ र निजहरु एकपटकको लागि पुनः मनोनयन हुन सक्नेछन्।
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| 78 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि मनोनीत सदस्यको कार्य क्षमताको अभाव भएमा, खराब आचरण भएमा, इमान्दारीपूर्वक पदीय आचरण नगरेमा ���ेपाल सरकारले निजलाई जुनसुकै बखत पदबाट हटाउन सक्नेछ। त्यसरी हटाउँदा निजलाई सफाइ पेश गर्ने मनासिब मौका दिनु पर्नेछ।
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| 79 |
+
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| 80 |
+
४. **समितिको बैठक:**
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| 81 |
+
(१) समितिको बैठक अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
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| 82 |
+
(२) समितिको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा बैठकमा उपस्थित समितिका सदस्यहरुले आफूमध्येवाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
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| 83 |
+
(३) समितिको बैठकमा कुल सदस्य संख्याको एकाउन्न प्रतिशत सदस्य उपस्थित भएमा गणपूरक संख्या पूरा भएको मानिनेछ।
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| 84 |
+
(४) समितिको बैठकमा बहुमतको राय समितिको निर्णय मानिनेछ र मत बराबर भएमा अध्यक्षले निर्णायक मत दिनेछ।
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| 85 |
+
(४क) समितिले आवश्यक देखेमा प्राविधिक बा विषय विशेषज्ञलाई समितिको बैठकमा आमन्त्रण गर्न सक्नेछ।
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| 86 |
+
(५) समितिको निर्णय सदस्य-सचिबद्वारा प्रमाणित गरिनेछ।
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| 87 |
+
(६) समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि समिति आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
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| 88 |
+
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| 89 |
+
५. **समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
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| 90 |
+
समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
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| 91 |
+
(क) प्लाण्ट क्वारेन्टाइन लगायत बिरुवा स्वस्थता सम्बन्धी राष्ट्रिय नीति तर्जुमा गर्न नेपाल सरकारलाई परामर्श दिने,
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| 92 |
+
(ख) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा अन्य नियमन गरिएका वस्तुको पैठारी, निकासी, निरीक्षण र परीक्षण गर्दा लाग्ने शुल्क निर्धारण तथा पुनरावलोकन गर्ने,
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| 93 |
+
(ग) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा अन्य नियन्त्रित वस्तुको पैठारी निकासी गर्ने कार्यमा संलग्न निजी क्षेत्र तथा सरकारी निकायबीच समन्वय कायम गर्ने,
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| 94 |
+
(घ) नियमित शत्रुजीवको सूची अद्यावधिक गरी नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गर्न सिफारिस गर्ने,
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| 95 |
+
(ङ) प्लाण्ट क्वारेन्टाइनसँग सम्बन्धित विशेषज्ञहरूको सूची तयार गर्ने,
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| 96 |
+
(च) निकासी बा पैठारी गरिने बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपजको स्वस्थता सम्बन्धी मापदण्ड स्वीकृत गर्ने,
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| 97 |
+
(छ) प्लाण्ट क्वारेन्टाइन सम्बन्धी तोकिए बमोजिम अन्य कार्य गर्ने।
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| 98 |
+
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| 99 |
+
६. **राष्ट्रिय विरुवा संरक्षण सङ्गठन तोक्न सक्ने:**
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| 100 |
+
(१) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी विरुवा संरक्षणसँग सम्बन्धित केन्द्रीय स्तरको कुनै कार्यालयलाई राष्ट्रिय विरुवा संरक्षण सङ्गठनको रुपमा तोक्न सक्नेछ।
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| 101 |
+
(२) यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अध���कारका अतिरिक्त सङ्गठनको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
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| 102 |
+
(क) पैटारी बा निकासी गरिने विरुवा बा विरुवाजन्य उपजको स्वस्थता सम्बन्धी मापदण्ड तयार गरी स्वीकृतिको लागि समिति समक्ष पेश गर्ने,
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| 103 |
+
(क१) नियमित शत्रुजीबहरूको सूची तयार गर्ने र आवश्यकता अनुसार पुनराबलोकन र परिमार्जन गरी समिति समक्ष पेश गर्ने,
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| 104 |
+
(ख) विरुवा, विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा र अन्य वस्तुको परीक्षण, जाँच, निरीक्षण र उपचार सम्बन्धी निर्देशिका तयार गरी लागू गर्ने,
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| 105 |
+
(ख१) विरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा अन्य नियन्त्रित वस्तुहरूको निकासी, पैटारी, निरीक्षण तथा परीक्षण गर्दा लाग्ने शुल्क निर्धारण गर्न समिति समक्ष सिफारिस गर्ने,
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| 106 |
+
(ग) संकटोत्पन्न क्षेत्रको पहिचान गरी क्वारेन्टाइन प्रक्रियाबाट सो क्षेत्रमा विरुवा तथा विरुवाजन्य उपजको संरक्षण गर्ने गराउने,
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| 107 |
+
(घ) शत्रुजीव मुक्त क्षेत्र एवं कम शत्रुजीव सङ्क्रमित क्षेत्र पहिचान गरी त्यस्ता क्षेत्रको घोषणा तथा निगरानी गर्ने,
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| 108 |
+
(ङ) विरुवा तथा विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीराको ओसार पसार र प्रयोग सम्बन्धी शर्त तथा बन्देज तोक्ने,
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| 109 |
+
(च) विरुवा तथा विरुवाजन्य उपज, लाभदायक कीरा, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा अन्य वस्तु सम्बन्धी कामको राष्ट्रिय समन्वयकर्ताको रुपमा काम गर्ने,
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| 110 |
+
(च१) प्लाण्ट क्वारेन्टाइन तथा बिरुवा स्वस्थतासँग सम्बन्धित विशेषज्ञहरूको सूची तयार गरी समिति समक्ष पेश गर्ने,
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| 111 |
+
(छ) पैटारी वा निकासी गरिने बिरुवा वा बिरुवाजन्य उपजको स्वस्थता सम्बन्धी स्वीकृत मापदण्ड लागू गर्ने, गराउने,
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| 112 |
+
(ज) अन्य राष्ट्रहरुको बिरुवा स्वस्थता सम्बन्धी निकायसँग समन्वय गरी एक अर्काको प्रवेश अनुमतिपत्र तथा स्वस्थता प्रमाणपत्रलाई मान्यता दिने सम्बन्धमा समझदारी गर्ने,
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| 113 |
+
(झ) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने।
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| 114 |
+
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| 115 |
+
---
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| 116 |
+
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| 117 |
+
## परिच्छेद-३
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| 118 |
+
**प्रवेश अनुमतिपत्र, स्वस्थता प्रमाणपत्र र पुनः निकासी प्रमाणपत्र सम्बन्धी व्यवस्था**
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| 119 |
+
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| 120 |
+
७. **प्रवेश अनुमतिपत्र लिनु पर्ने:**
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| 121 |
+
(१) बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा वा बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, झ्याउ, पीट आदि पैटारी गर्न चाहने व्यक्ति वा संस्थाले यस ऐन बमोजिम प्रवेश अनुमतिपत्र लिनु पर्नेछ।
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| 122 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलो��िकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा वा बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, झ्याउ, पीट आदि पैटारी सम्बन्धी शर्त तथा बन्देज मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 123 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कुनै व्यक्तिले आफ्नो व्यक्तिगत वा अनुसन्धान गर्ने प्रयोजनको लागि बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा ल्याएमा कार्यालयले निजवाट तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिइ यस ऐन बमोजिमको प्रक्रिया पन्याई त्यस्तो बिरुवा वा बिरुवाजन्य वस्तु नेपालभित्र ल्याउन निजलाई प्रवेश अनुमतिपत्र दिन सक्नेछ।
|
| 124 |
+
|
| 125 |
+
८. **प्रवेश अनुमतिपत्र लिन निवेदन दिनु पर्ने:**
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| 126 |
+
(१) दफा ७ को उपदफा (१) बमोजिम बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा वा बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, झ्याउ, पीट आदि पैटारी गर्न चाहने व्यक्ति वा संस्थाले तोकिएको कागजात र दस्तुर सहित तोकिए बमोजिमको ढाँचामा तोकिएको अधिकारी समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 127 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम परेको निवेदन जाँचबुझ गर्दा त्यस्तो बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, ह्याउ, पीट आदि पैटारी गर्ने अनुमति दिन उपयुक्त देखिएमा तोकिएको अधिकारीले तोकिएको ढाँचामा निवेदकलाई पैटारी प्रवेश अनुमतिपत्र दिनु पर्नेछ।
|
| 128 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम प्रवेश अनुमतिपत्र दिन उपयुक्त नभएमा सो कुराको जानकारी सम्बन्धित व्यक्तिलाई सात दिनभित्र दिनु पर्नेछ।
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| 129 |
+
|
| 130 |
+
९. **प्रवेश अनुमतिपत्रको अबधि:**
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| 131 |
+
प्रवेश अनुमतिपत्रको अबधि तीन महिनाको हुनेछ।
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| 132 |
+
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| 133 |
+
१०. **प्रवेश अनुमतिपत्रको नवीकरण:**
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| 134 |
+
(१) प्रवेश अनुमतिपत्र नवीकरण गर्न चाहने व्यक्ति बा संस्थाले प्रवेश अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त हुनुभन्दा सात दिन अगावै तोकिएको अधिकारी समक्ष प्रवेश अनुमतिपत्र नवीकरणको लागि निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 135 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन परेमा तोकिएको अधिकारीले तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिई बढीमा तीन महिनासम्मको लागि त्यस्तो प्रवेश अनुमतिपत्र नवीकरण गरी दिन सक्नेछ।
|
| 136 |
+
(३) प्रवेश अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त भएपछि त्यस्तो प्रवेश अनुमतिपत्र स्वतः रद्द हुनेछ।
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| 137 |
+
|
| 138 |
+
११. **प्रवेश अनुमति लिनुपर्ने:**
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| 139 |
+
(१) पैटारीका लागि प्रवेश नाकामा ल्याइएका बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल ��ण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो ह्याउ, पीट आदि नेपाल भित्र पैटारी गर्नुपूर्व प्रवेश अनुमति लिनु पर्नेछ।
|
| 140 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रवेश अनुमति लिने प्रक्रिया तोकिए बमोजिम हुनेछ।
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| 141 |
+
|
| 142 |
+
१२. **निकासी बा पुनः निकासीको लागि स्वस्थता प्रमाणपत्र लिन सक्ने:**
|
| 143 |
+
(१) बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीरा निकासी गर्न चाहने व्यक्ति बा संस्थाले स्वस्थता प्रमाणपत्र लिन सक्नेछ।
|
| 144 |
+
(२) नेपालमा पैटारी गरिएका बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीरा अर्को देशमा पुनः निकासी गर्न चाहने व्यक्ति बा संस्थाले पुनः निकासी स्वस्थता प्रमाणपत्र लिन सक्नेछ।
|
| 145 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम स्वस्थता प्रमाणपत्र लिन चाहने व्यक्ति बा संस्थाले तोकिए बमोजिमको दस्तुर संलग्न गरी तोकिएको अधिकारी समक्ष तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 146 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम परेको निवेदन उपर आवश्यक जाँचबुझ गर्दा स्वस्थता प्रमाणपत्र दिन उपयुक्त देखिएमा तोकिएको अधिकारीले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा स्वस्थता प्रमाणपत्र बा पुनः निकासी स्वस्थता प्रमाणपत्र दिनु पर्नेछ।
|
| 147 |
+
(४क) उपदफा (४) बमोजिमको स्वस्थता प्रमाणपत्र दिंदा ई-फाईटो प्रणाली लागू गर्न सकिनेछ।
|
| 148 |
+
स्पष्टीकरण: यस उपदफाको प्रयोजनको लागि "ई-फाईटो" भन्नाले बिरुवा स्वस्थ्यता सम्बन्धी अन्तर्राह्रिय मापदण्ड बमोजिम देशहरुबीच कम्प्युटर सफ्टवेयरको माध्यमबाट आदान-प्रदान गर्न सकिने गरी तयार गरिएको बिध्रुतीय बिरुवा स्वस्थ्य प्रमाणपत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 149 |
+
|
| 150 |
+
१३. **कन्साइनमेण्ट लैजानको लागि अनुमति लिनु पर्ने:**
|
| 151 |
+
(१) बिरुवा र बिरुवाजन्य उपज बा अन्य वस्तुको पारबहनमा रहेको कन्साइनमेण्ट नेपालको बाटोबाट अन्य मुलुकमा लैजान चाहेमा सम्बन्धित व्यक्ति बा संस्थाले तोकिएको दस्तुर संलग्न गरी तोकिए बमोजिमको ढाँचामा कार्यालय समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 152 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन प्राप्त भएमा कार्यालयले निवेदन साथ संलग्न कागजात र त्यस्तो कन्साइनमेण्ट जाँचबुझ गर्नेछ।
|
| 153 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम जाँचबुझ गर्दा त्यस्तो कन्साइनमेण्ट देहाय बमोजिमको भएमा सो कार्यालयले त्यस्तो कन्साइनमेण्ट नेपालको बाटो भएर अन्य मुलुकमा लैजान अनुमति दिनेछ:
|
| 154 |
+
(क) शत्रुजीव बाहिर निस्कन बा पैmलिन नसक्ने गरी प���याकिङ्ग गरिएको,
|
| 155 |
+
(ख) कन्साइनमेण्ट र त्यससँग सम्बन्धित कागजात गन्तव्य राष्ट्रको बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपजको पैठारी सम्बन्धी शर्त बमोजिमको भएको,
|
| 156 |
+
(ग) कन्साइनमेण्ट स्वस्थता प्रमाणपत्र अनुसारको भएको, र
|
| 157 |
+
(घ) कन्साइनमेण्ट ओसार पसार गर्दा त्यसबाट नेपालमा कुनै प्रकारको असर नपर्ने।
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| 158 |
+
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| 159 |
+
---
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| 160 |
+
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| 161 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 162 |
+
**निरीक्षण, परीक्षण र उपचार सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 163 |
+
|
| 164 |
+
१४. **निरीक्षक तोक्न सक्नेः**
|
| 165 |
+
(१) मन्त्रालयले मान्यताप्राम्र शिक्षण संस्थाबाट कृषि विज्ञान बिषयमा कम्तीमा स्नातक तह उत्तीर्ण गरी नेपाल कृषि सेबाको चाली संरक्षण समूहमा कार्यरत अधिकृत बा सोही सेवा समूहको प्राविधिक सहायक पदमा रही क्वारेन्टाइन सम्बन्धी कामको कम्तीमा पाँच बर्षको अनुभव प्राप्त गरेको कर्मचारीलाई निरीक्षकको रूपमा तोक्न सक्नेछ।
|
| 166 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निरीक्षक तोक्नको लागि आवश्यक सङ्ख्यामा कर्मचारी उपलब्ध हुन नसकेको अवस्थामा मन्त्रालयले प्रदेश सरकारको परामर्शमा मान्यताप्राम्र शिक्षण संस्थाबाट कृषि विज्ञान बिषयमा कम्तीमा स्नातक तह उत्तीर्ण गरेको प्रदेश सेबाको कर्मचारीलाई समेत निरीक्षकको रूपमा तोक्न सक्नेछ।
|
| 167 |
+
|
| 168 |
+
१५. **निरीक्षकको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 169 |
+
(१) निरीक्षकको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 170 |
+
(क) पैटारी गरिएका बा परीक्षण क्षेत्रमा रहेका, भण्डारण गरिएका बा पारवहनको क्रममा रहेका विरुबा, विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु स्वीकृत मापदण्ड अनुरूप भए नभएको आवश्यकतानुसार जाँच तथा परीक्षण गर्ने,
|
| 171 |
+
(ख) पैटारी बा निकासी हुने विरुबा, विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु शत्रुजीवबाट सङ्क्रमित भएको छ छैन भनी तोकिए बमोजिम निरीक्षण बा परीक्षण गर्ने,
|
| 172 |
+
(ख१) निकासी बा पैटारी हुने काटका सामग्रीमा अन्तर्रष्ट्रिय मापदण्ड अनुसारको लोगो लागेको र प्रमाणीकरण भए नभएको सम्बन्धमा तोकिए बमोजिम सुनिश्चित गर्ने,
|
| 173 |
+
(ग) परीक्षण क्षेत्र बा भण्डारणस्थल बा अन्य कुनै टाउँमा जुनसुकै समयमा प्रवेश गरी त्यस्तो क्षेत्र बा भण्डारण स्थलको जाँच गर्ने र आवश्यक भए तोकिए बमोजिम खानतलासी लिने,
|
| 174 |
+
(घ) बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य बस्तु रहेको कण्टेनर र बाहन आवश्यक भए जुनसुकै स्थानमा रोकी जुनसुकै समयमा खानतलासी लिने,
|
| 175 |
+
(ङ) खण्ड (क) बमोजिम जाँच बा परीक्षण गर्दा बा खण्ड (ख) बमोजिम निरीक्षण गर्दा बा खण्ड (ग) र (घ) बमोजिम खानतलासी लिँदा त्यस्ता बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य बस्तु सङ्कमित भएको पाइएमा आवश्यकतानुसार उपचार गर्ने बा सम्बन्धित व्यक्तिलाई उपचार गराउन आदेश दिने,
|
| 176 |
+
(च) खण्ड (ङ) बमोजिम उपचार गर्दा बा गराउँदा बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य बस्तु स्वस्थ्य नभएमा त्यस्तो बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा बस्तुलाई आफ्नो नियन्त्रणमा लिन बा तोकिए बमोजिम नष्ट गर्न बा सम्बन्धित देशमा फिर्ता गर्न पर्ने भएमा तुरुन्त सङ्गठनमा सूचना गरी प्राप्त आदेशानुसार गर्ने,
|
| 177 |
+
(छ) सङ्कमित बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य बस्तुको बिकी, बितरण बा प्रयोग गर्न रोक लगाउने,
|
| 178 |
+
(ज) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने।
|
| 179 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको निरीक्षण, परीक्षण तथा उपचार सम्बन्धी अन्य प्रक्रिया तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 180 |
+
|
| 181 |
+
१६. **निरीक्षण, परीक्षण र उपचार दस्तुर:**
|
| 182 |
+
यस परिच्छेद बमोजिम निरीक्षकले निरीक्षण, परीक्षण बा उपचार गर्दा लारने दस्तुर मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
---
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 187 |
+
**शत्रुजीव नियन्त्रण सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 188 |
+
|
| 189 |
+
१७. **शत्रुजीव जोखिम विश्लेषण:**
|
| 190 |
+
(१) सङ्गटनले शत्रुजीव जोखिम विश्लेषण गरी नियमित शत्रुजीव निर्धारण गर्नेछ।
|
| 191 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निर्धारण गरिएको नियमित शत्रुजीवको सूचना नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गर्न सङ्गटनले मन्त्रालय समक्ष सिफारिस सहित पठाउनेछ र मन्त्रालयले त्यसरी प्राप्त भएपछि त्यस्तो सूचना नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गर्नेछ।
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
१८. **क्वारेन्टाइन शत्रुजीवको सूचना दिन सक्ने:**
|
| 194 |
+
कसैले कुनै क्षेत्रमा क्वारेन्टाइन शत्रुजीव भएको बा फैलिएको थाहा पाएमा सोको जानकारी नजिकको निरीक्षकलाई दिन सक्नेछ।
|
| 195 |
+
|
| 196 |
+
१९. **क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्र घोषणा गर्न सक्ने:**
|
| 197 |
+
(१) नेपालको कुनै क्षेत्रमा क्वारेन्टाइन शत्रुजीव फैलिएमा बा फैलिन सक्ने सम्भावना भएमा सङ्गटनले त्यस्तो क्षेत्रलाई क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्र घोषणा गर्न मन्त्रालय समक्ष सिफारिस गर्न सक्नेछ।
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| 198 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सिफारिस भई आएमा त्य��मा उल्लेखित अवस्था समेतलाई विचार गरी मन्त्रालयले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्र घोषणा गर्न सक्नेछ।
|
| 199 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्र घोषणा गर्दा मन्त्रालयले त्यस्तो घोषणा लागू हुने समय, क्षेत्र, कारण, त्यस्तो क्षेत्रमा गर्न नहुने काम, क्वारेन्टाइन सम्बन्धी शर्त समेत उल्लेख गर्नेछ।
|
| 200 |
+
|
| 201 |
+
२०. **क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्रमा शत्रुजीवको नियन्त्रण:**
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| 202 |
+
(१) दफा १९ बमोजिम घोषित क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्रमा क्वारेन्टाइन शत्रुजीव नियन्त्रण गर्नको लागि सङ्गटनले देहायका कुनै बा सबै उपाय अवलम्बन गर्न सक्नेछ:
|
| 203 |
+
(क) त्यस्तो शत्रुजीवको नियन्त्रण गर्न उपचार गर्ने,
|
| 204 |
+
(ख) त्यस्तो क्षेत्रमा रहेको बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज बा बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु नष्ट गर्ने,
|
| 205 |
+
(ग) त्यस्तो क्षेत्रबाट बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा अन्य वस्तु अन्यत्र लैजान रोक लगाउने,
|
| 206 |
+
(घ) त्यस्तो क्षेत्रमा बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपज रोप्न रोक लगाउने, र
|
| 207 |
+
(ङ) सङ्गठनले उपयुक्त ठानेका अन्य उपायहरु अवलम्बन गर्ने।
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| 208 |
+
(२) सङ्गठनले आवश्यक देखेमा दफा १९, बमोजिम क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्र बा सो क्षेत्रको नजिकका क्षेत्रमा रहेका बिरुवाका धनीलाई उपदफा (१) बमोजिमको कार्य गर्न आदेश दिन सक्नेछ,
|
| 209 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम दिइएको आदेश पालना गराउन सङ्गठनले सम्बन्धित क्षेत्रको निरीक्षकलाई लेखी पठाउनेछ।
|
| 210 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको आदेश प्राप्त भएपछि सम्बन्धित निरीक्षकले त्यस्तो आदेशको पालना गर्न बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपज, परीक्षण क्षेत्र बा त्यस्तो बिरुवा बा बिरुवाजन्य उपज बा बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु रहेको जग्गाभित्र प्रवेश गरी उपदफा (२) बमोजिम दिइएको आदेश बमोजिमको काम गर्न गराउन सक्नेछ।
|
| 211 |
+
(५) शत्रुजीव नियन्त्रण गर्न यस दफा बमोजिम कुनै काम कारबाहीको सिलसिलामा सक्दो साबधानी अपनाउँदा पनि कसैको कुनै स्वस्थ बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु नष्ट भएमा सङ्गठन बा नेपाल सरकारले कुनै किसिमको दायित्व बहन गर्नु बा क्षतिपूर्ति तिर्नु पर्ने छैन।
|
| 212 |
+
|
| 213 |
+
२१. **क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्���ेत्रको घोषणा रद्द गर्ने:**
|
| 214 |
+
(१) दफा १९, बमोजिम घोषित क्वारेन्टाइन शत्रुजीव प्रभावित क्षेत्रमा क्वारेन्टाइन शत्रुजीव नियन्त्रण भए नभएको सम्बन्धमा सङ्गठनले समय समयमा अनुगमन गर्नेछ।
|
| 215 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुगमन गर्दा क्वारेन्टाइन शत्रुजीव नियन्त्रण भएको पाईएमा सङ्गठनको सिफारिसमा मन्त्रालयले दफा १९, बमोजिमको घोषणामा उल्लिखित समय अगावै त्यस्तो घोषणा रद्द गर्न सक्नेछ।
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
---
|
| 218 |
+
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| 219 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 220 |
+
**कसूर र दण्ड सजाय**
|
| 221 |
+
|
| 222 |
+
२२. **कसूर गरेको मानिने:**
|
| 223 |
+
कसैले देहाय बमोजिमको काम गरेमा निजले यस ऐन बमोजिमको कसूर गरेको मानिनेछ:
|
| 224 |
+
(क) यस ऐनमा अन्यथा लेखिएकोमा बाहेक प्रवेश अनुमतिपत्र नलिई विरुवा, विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा माटो पैटारी गरेमा।
|
| 225 |
+
(ख) स्वस्थता प्रमाणपत्र बिना विरुवा बा विरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा माटो पैटारी गरेमा,
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| 226 |
+
(ग) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम दिइएको आदेश बा तोकिएको कुनै शर्त उल्लहन गरेमा,
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| 227 |
+
(घ) सङ्क्रमित विरुवा बा विरुवाजन्य उपज पैटारी गरेमा बा ल्याएमा,
|
| 228 |
+
(ङ) जानी जानी बा लापरबाहीपूर्वक सङ्क्रमित विरुवा, विरुवाजन्य उपज बा अन्य वस्तुको संसर्ग स्वस्थ्य विरुवा, विरुवाजन्य उपज बा अन्य वस्तुसँग गराएमा,
|
| 229 |
+
(च) सङ्क्रमित विरुवा बा विरुवाजन्य उपज बिकी वितरण गरेमा,
|
| 230 |
+
(छ) पैटारीकर्ताले सङ्क्रमित विरुवा, विरुवाजन्य उपज बा अन्य वस्तु तोकिएको प्रक्रिया नपुर्याई नष्ट गरेमा,
|
| 231 |
+
(ज) सङ्क्रमित विरुवा, विरुवाजन्य उपज बा अन्य वस्तु निरीक्षक बा कार्यालय प्रमुखको स्वीकृति बिना क्वारेन्टाइन स्थलबाट हटाएमा,
|
| 232 |
+
(झ) तोकिएको प्रवेश नाका बाहेक अन्य प्रवेश नाकाबाट विरुवा बा विरुवाजन्य उपज बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा माटो पैटारी गरेमा बा ल्याएमा,
|
| 233 |
+
(ज) यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम खानतलासी गर्न, निरीक्षण गर्न बा नमूना सङ्लन गर्न नदिएमा बा बाधा पुर्याएमा, बा
|
| 234 |
+
(ट) निरीक्षकले यस ऐन बमोजिम प्राप्त अधिकार प्रयोग गर्दा निजलाई बाधा पुर्याउने काम गरेमा।
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
२३. **दण्ड सजाय:**
|
| 237 |
+
दफा २२ को खण्ड खण्डमा उल्लिखित कसूर गर्ने व्यत्तिलाई देहाय बमोजिम सजाय हुनेछ:
|
| 238 |
+
(क) खण्ड (क) र (ख) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई कसूरको गाम्भीर्यता हेरी पेदश हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म रुपैयाँसम्म जरिवाना हुनेछ।
|
| 239 |
+
(ख) ��ण्ड (ग), (झ), (ञ), बा (ट) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई कसूरको गाम्भीर्यता हेरी पच्चीस हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म सम्म जरिवाना हुनेछ।
|
| 240 |
+
(ग) खण्ड (घ), (ङ), (च), (छ), बा (ज) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई कसूरको गाम्भीर्यता हेरी पचास हजार रुपैयाँदेखि एक लाख पचास हजार रुपैयाँ सम्म जरिवाना हुनेछ।
|
| 241 |
+
(घ) निरीक्षण, परीक्षण बा उपचारको सिलसिलामा निरीक्षक बा कार्यालय प्रमुखले त्यसबाट पर्ने असर समेतलाई आधार मानी दिएको आदेश उल्लंघन गर्ने व्यक्तिलाई कार्यालय प्रमुखले पचास हजार रुपैयाँदेखि एक लाख रुपैयाँसम्म रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्न सक्नेछ।
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| 242 |
+
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| 243 |
+
२४. **जफत गरी नष्ट गरिने:**
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| 244 |
+
यस ऐन बमोजिम पेटारी बा ओसार पसार गरिने बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तु निरीक्षण बा परीक्षणको क्रममा सङ्क्रमित रहेको पाइएमा उपचार हुने जति उपचार गरी छाडिनेछ र उपचार गर्दा पनि सङ्क्रमित रही रहेको पाइएमा त्यस्ता सामान जफत गरी नष्ट गरिनेछ।
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| 245 |
+
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| 246 |
+
२५. **खर्च व्यहोर्नु पर्ने:**
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| 247 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा बा अन्य वस्तुको उपचार गर्न, नष्ट गर्न बा सम्बन्धित मुलुकमा फिर्ता गर्न लागेको सम्पूर्ण खर्च सम्बन्धित पेटारीकर्ता बा निकासीकर्त्ता बा त्यस्तो वस्तुसँग सम्बन्धित व्यत्क्रिले व्यहोर्नु पर्नेछ।
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| 248 |
+
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| 249 |
+
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| 250 |
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| 251 |
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## परिच्छेद-७
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| 252 |
+
**विविध**
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| 253 |
+
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| 254 |
+
२६. **रकम जम्मा गराउन सक्ने:**
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| 255 |
+
(१) बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीराको धनी बा पेटारीकर्ताले त्यस्तो बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, लाभदायक कीरा बा बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट छोडी जान सक्ने कुरामा बिश्वास गर्नु पर्ने मनासिब कारण भए कार्यालयले त्यस्तो धनी बा पैठारीकर्तालाई तोकिए बमोजिमको रकम कार्यालयमा जम्मा गर्न आदेश दिन सक्नेछ।
|
| 256 |
+
(२) कार्यालयले उपदफा (१) बमोजिम आदेश दिएकोमा त्यस्तो धनी बा पैठारीकर्ताले सो रकम कार्यालयमा जम्मा गर्नु पर्नेछ र कार्यालयले सोको रसिद सम्बन्धित धनी बा पैठारीकर्तालाई दिनु पर्नेछ।
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| 257 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम प्राप्त भएको रकम कार्यालयले आफ्नो धरोटी खातामा जम्मा गर्नु पर्नेछ।
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| 258 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम कार्यालयमा रहेका बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीरा सङ्क्रमित भएको नपाइएमा बा त्य���को धनी बा पैठारीकर्ताले उठाइ लगेमा बा सङ्क्रमण भएकोमा यस ऐन बमोजिम उपचार बा नष्ट गरेपछि कार्यालयले उपदफा (३) बमोजिम धरोटी खातामा जम्मा गरेको रकम त्यस्तो मालको धनीलाई फिर्ता दिनु पर्नेछ।
|
| 259 |
+
(५) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि त्यस्तो बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट बा लाभदायक कीराको उपचार बा नष्ट कार्यालय आफंेले गरेमा त्यस्तो उपचार बा नष्ट गर्दा लागेको खर्च कटाई बाँकी रहेको रकम मात्र फिर्ता गर्नु पर्नेछ।
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| 260 |
+
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| 261 |
+
२७. **मुद्दाको अनुसन्धान तथा तहकिकात र दायरी:**
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| 262 |
+
(१) यस ऐन अन्तर्गतको कसूर सम्बन्धी मुद्दाको अनुसन्धान तथा तहकिकात निरीक्षकले गर्नेछ।
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| 263 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुसन्धान तथा तहकिकात गर्दा अपनाउनु पर्ने कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
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| 264 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम अनुसन्धान तथा तहकिकात पूरा भएपछि त्यस्तो निरीक्षकले सरकारी बकीलको राय लिई मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष मुद्दा दायर गर्नेछ।
|
| 265 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिमको अनुसन्धान तथा तहकिकात त्यस्तो अनुसन्धान तथा तहकिकात शुरु भएको मितिले पच्चीस दिनभित्र पूरा गरिसक्नु पर्नेछ।
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| 266 |
+
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| 267 |
+
२८. **मुद्दा हेर्ने अधिकारी:**
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| 268 |
+
यस ऐन अन्तर्गतको कसूर सम्बन्धी मुद्दा तोकिएको अधिकारीले कारबाही र किनारा गर्नेछ।
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| 269 |
+
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| 270 |
+
२९. **सरकार बादी हुने:**
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| 271 |
+
यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ।
|
| 272 |
+
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| 273 |
+
३०. **पुनरावेदन:**
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| 274 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम कार्यालय प्रमुख बा निरीक्षकले दिएको आदेशमा चित्त नबुझ्ने व्यत्तिले त्यस्तो आदेश प्राप्त गरेको मितिले पैंतीस दिनभित्र दफा ६ बमोजिमको पसहृटन प्रमुख समक्ष पुनरावेदन गर्न सक्नेछ।
|
| 275 |
+
(२) यस ऐन बमोजिम मुद्दा हेर्ने अधिकारीले गरेको निर्णयमा चित्त नबुझ्ने व्यत्तिले निर्णय थाहा पाएको मितिले पैंतीस दिनभित्र सम्बन्धित जिल्ला अदालतमा पुनरावेदन गर्न सक्नेछ।
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| 276 |
+
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| 277 |
+
३१. **असल नियतले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 278 |
+
यस ऐन बमोजिम असल नियतले गरेको कार्यको सम्बन्धमा कुनै पनि सरकारी कर्मचारी व्यत्तिगत तबरले उत्तरदायी हुने छैन।
|
| 279 |
+
तर लापरबाहीपूर्वक गरेको कामबाट उत्पन्न हुने परिणामलाई यस दफाको व्यवस्थाले कुनै असर पारेको मानिने छैन।
|
| 280 |
+
|
| 281 |
+
३२. **भन्सार सम्बन्धी कार्य:**
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| 282 |
+
प्रचलित भन्सार सम्बन्धी कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐन बमोजिम पैठारी गरिएका बिरुवा, बिरुवाजन्य उपज, बायोलोजिकल कण्ट्रोल एजेण्ट, लाभदायक कीरा, अन��य वस्तु, बिरुवा हुर्कने माध्यम जस्तै माटो, झ्याउ, पीट आदिलाई प्लाण्ट क्वारेन्टाइन चेक पोष्ट बा कार्यालयबाट नेपालभित्र प्रवेश गर्ने अनुमति प्राप्त भएपछि मात्र सम्बन्धित भन्सार कार्यालयले भन्सार सम्बन्धी प्रक्रिया अगाडि बढाउनु पर्नेछ।
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| 283 |
+
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| 284 |
+
३३. **कार्यालय स्थापना गर्न सक्ने:**
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| 285 |
+
यस ऐनको प्रयोजनको लागि नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी आवश्यकतानुसार प्लाण्ट क्वारेन्टाइन चेकपोष्ट बा क्वारेन्टाइन कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ।
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| 286 |
+
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| 287 |
+
३४. **सहयोग गर्नुपर्ने:**
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| 288 |
+
यस ऐन बमोजिम कार्य गर्दा निरीक्षक तथा कार्यालयको प्रमुखले भन्सार, हवाई अड्रा, बायुसेवा, हुलाक, प्रहरी, स्थानीय प्रशासन समक्ष आवश्यक सहयोगको लागि अनुरोध गर्न सक्नेछ र त्यसरी अनुरोध गरेमा सम्बन्धित निकाय तथा अधिकारीले आवश्यक सहयोग गर्नु पर्नेछ।
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| 289 |
+
|
| 290 |
+
३५. **नियम बनाउने अधिकार:**
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| 291 |
+
यस ऐनको उद्देश्य प्राप्त गर्न नेपाल सरकारले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 292 |
+
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| 293 |
+
३६. **कार्यबिधि बनाउन सक्नेः**
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| 294 |
+
मन्त्रालयले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक कार्यबिधि बनाउन सक्नेछ।
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| 295 |
+
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| 296 |
+
३७. **खारेजी र बचाउ:**
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| 297 |
+
(१) बिरुवा संरक्षण ऐन, २०२९ खारेज गरिएको छ।
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| 298 |
+
(२) बिरुवा संरक्षण ऐन, २०२९ बमोजिम भए गरेका काम कारवाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ।
|
| 299 |
+
(३) बिरुवा संरक्षण ऐन, २०२९ बमोजिम बिरुवा संरक्षण अधिकारी समक्ष दायर भई कारवाहीमा रहेका बा निर्णय हुन बाँकी रहेका मुद्दाहरु र तत् सम्बन्धी निवेदनहरु यो ऐन प्रारम्भ भएपछि यसै ऐन बमोजिमको मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष सर्नेछन् र त्यस्तो अधिकारीबाट त्यस्ता मुद्दाहरुको कारवाही र किनारा हुनेछ्।
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section_14_pdf_10.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,336 @@
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| 1 |
+
# नेपाल खुला विश्वविद्यालय ऐन, २०७३
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०७३। ३। ३०
|
| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 6 |
+
१. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७ २०७७। ३।११
|
| 7 |
+
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| 8 |
+
---
|
| 9 |
+
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| 10 |
+
## सम्बत् २०७३ को ऐन नं. ३
|
| 11 |
+
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| 12 |
+
## नेपाल खुला विश्वविद्यालयको सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 13 |
+
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| 14 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 15 |
+
खुला शिक्षा प्रणालीका नवीनतम शिक्षण विधि तथा प्रबिधिको माध्यमबाट बिभिन्न बिषयमा उच्चस्तरीय अध्ययन, अध्यापन तथा अनुसन्धानको व्यवस्था गरी उच्च शिक्षामा सर्वसाधारणको सहज पहुँच पुर्याई ज्ञान, सीप, प्रबिधियुक्त जनशक्ति उत्पादन गर्न नेपाल खुला विश्वविद्यालयको स्थापना र सञ्चालन सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९,६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
---
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
## परिच्छेद -१
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
## प्रारम्भिक
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 26 |
+
(१) यस ऐनको नाम "नेपाल खुला विश्वविद्यालय ऐन, २०७३" रहेको छ ।
|
| 27 |
+
(२) यो ऐन प्रमाणीकरण भएको एकानब्बेऔं दिनबाट प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
२. **परिभाषा:**
|
| 30 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 31 |
+
(क) "अध्ययन केन्द्र" भन्नाले दफा १६ बमोजिमको अध्ययन केन्द्र सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
(ख) "आधारभूत केन्द्र" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको आधारभूत केन्द्र सम्झनु पर्छ ।
|
| 33 |
+
(ग) "उपकुलपति" भन्नाले दफा १६ बमोजिमको उपकुलपति सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
(घ) "कार्यकारी परिषद्" भन्नाले दफा १० बमोजिमको कार्यकारी परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 35 |
+
(ङ) "कुलपति" भन्नाले दफा १७ बमोजिमको कुलपति सम्झनु पर्छ ।
|
| 36 |
+
(च) "कुल सचिब" भन्नाले दफा १९, बमोजिमको कुल सचिब सम्झनु पर्छ ।
|
| 37 |
+
(छ) "डीन" भन्नाले संकायको प्रमुख सम्झनु पर्छ ।
|
| 38 |
+
(ज) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 39 |
+
(झ) "निर्देशक" भन्नाले अध्ययन केन्द्र र आधारभूत केन्द्रको प्रमुख सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ज) "पदाधिकारी" भन्नाले दफा ६ बमोजिमका विश्वविद्यालयका पदाधिकारी सम्झनु पर्छ ।
|
| 41 |
+
(ट) "प्राज्ञिक परिषद्" भन्नाले दफा १२ बमोजिमको प्राज्ञिक परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 42 |
+
(ट) "विश्वविद्यालय" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको नेपाल खुला विश्वविद्यालय सम्झनु पर्छ ।
|
| 43 |
+
(ड) "शिक्षक" भन्नाले विश्वविद्यालयमा शिक्षा प्रदान गर्ने, अध्यापन बा विश्वविद्यालयद्वारा निर्दिष्ट प्राज्ञिक कार्य गर्ने, गराउने व्यक्ति सम्झनु पर्छ ।
|
| 44 |
+
(ढ) "सङ्गाय" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको सङ्गाय सम्झनु पर्छ ।
|
| 45 |
+
(ण) "सभा" भन्नाले दफा ७ बमोजिमको विश्वविद्यालय सभा सम्झनु पर्छ ।
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
---
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
## विश्वविद्यालयको स्थापना
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
३. **विश्वविद्यालयको स्थापना:**
|
| 54 |
+
(१) खुला शिक्षा प्रणालीद्वारा विभिन्न विषयमा उच्चस्तरीय अध्ययन, अध्यापन तथा अनुसन्धान गर्ने, गराउने काम समेतको लागि नेपाल खुला विश्वविद्यालय स्थापना गरिएको छ ।
|
| 55 |
+
(२) विश्वविद्यालयको केन्द्रीय कार्यालय नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकिदिएको नेपालको कुनै स्थानमा रहनेछ ।
|
| 56 |
+
(३) विश्वविद्यालयले नेपालभित्र र आवश्यकता अनुसार नेपाल बाहिर पनि आफ्नो कार्यक्रम सञ्चालन गर्न सक्नेछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
४. **विश्वविद्यालय स्वशासित र संगठित संस्था हुने:**
|
| 59 |
+
(१) विश्वविद्यालय अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र संगठित संस्था हुनेछ ।
|
| 60 |
+
(२) विश्वविद्यालयको सबै काम, कारबाहीको निमित्त आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
|
| 61 |
+
(३) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह चल, अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न बा अन्य किसिमको व्यवस्था गर्न सक्नेछ ।
|
| 62 |
+
(४) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह नालिस उजूर गर्न र विश्वविद्यालय उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजूर लाग्न सक्नेछ ।
|
| 63 |
+
(५) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह करार गर्न, करार बमोजिमको अधिकार प्रयोग गर्न तथा दायित्व निर्वाह गर्न सक्नेछ ।
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
---
|
| 66 |
+
|
| 67 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
## विश्वविद्यालयको संगटन तथा पदाधिकारी
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
४. **विश्वविद्यालयको संगटन:**
|
| 72 |
+
(१) विश्वविद्यालयको संगटन देहाय बमोजिम हुनेछ र यिनीहरुको सामुहिक रुप नै विश्वविद्यालयको स्वरुप हुनेछः
|
| 73 |
+
(क) सभा
|
| 74 |
+
(ख) कार्यकारी परिषद्
|
| 75 |
+
(ग) प्राज्ञिक परिषद्
|
| 76 |
+
(घ) सङ्गाय
|
| 77 |
+
(ङ) आधारभूत केन्द्र
|
| 78 |
+
(च) अध्ययन केन्द्र
|
| 79 |
+
(छ) तोकिए बमोजिमका अन्य निकाय ।
|
| 80 |
+
(२) विश्वविद्यालयको तर्फबाट गरिने सम्पूर्ण काम उपदफा (१) बमोजिमका संगटनहरुवाट गरिनेछ ।
|
| 81 |
+
|
| 82 |
+
६. **विश्वविद्यालयका पदाधिकारीहरु:**
|
| 83 |
+
विश्वविद्यालयमा देहायका पदाधिकारीहरु रहनेछनः
|
| 84 |
+
(क) कुलपति
|
| 85 |
+
(ख) उपकुलपति
|
| 86 |
+
(ग) कुल सचिव
|
| 87 |
+
(घ) डीन
|
| 88 |
+
(ङ) निर्देशक
|
| 89 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन्य पदाधिकारीहरु ।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
---
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 94 |
+
|
| 95 |
+
## सभाको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
५. **सभाको गठन:**
|
| 98 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा सर्वोच्च निकायको रुपमा एक सभा रहनेछ ।
|
| 99 |
+
(२) सभाको गठन देहाय बमोजिम हुनेछः
|
| 100 |
+
(क) कुलपति - अध्यक्ष
|
| 101 |
+
(ख) सदस्य, राष्ट्रिय योज���ा आयोग (शिक्षा हेर्ने) - सदस्य
|
| 102 |
+
(ग) उप-कुलपति - सदस्य
|
| 103 |
+
(घ) अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग - सदस्य
|
| 104 |
+
(ङ) सचिव, नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 105 |
+
(च) सचिव, नेपाल सरकार, शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 106 |
+
(छ) सचिव, नेपाल सरकार, सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 107 |
+
(ज) सचिव, नेपाल सरकार, वन तथा वातावरण मन्त्रालय - सदस्य
|
| 108 |
+
(झ) सचिव, नेपाल सरकार, कृषि तथा पशुपन्छी विकास मन्त्रालय - सदस्य
|
| 109 |
+
(ज) अन्य विश्वविद्यालयका उप-कुलपतिहरूमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 110 |
+
(ट) अन्य विश्वविद्यालय तथा प्रचलित कानून बमोजिम स्थापना भएका अध्ययन प्रतिष्ठानका पूर्वउप-कुलपतिहरूमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 111 |
+
(ठ) डीनहरूमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 112 |
+
(ड) निर्देशकहरूमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 113 |
+
(ढ) विश्वविद्यालयका प्राध्यापकहरूमध्येवाट कम्तीमा एकजना महिला सहित दुईजना - सदस्य
|
| 114 |
+
(ण) गैरआवासीय नेपाली संघको अध्यक्ष बा निजले तोकेको सो संघको प्रतिनिधि - सदस्य
|
| 115 |
+
(त) उद्योगपति, व्यापारी, चन्दादाता, समाजसेवी बा शैक्षिक बा प्राज्ञिक क्षेत्रमा उल्लेखनीय योगदान पुर्याएका व्यक्तिहरूमध्ये सबै क्षेत्रबाट प्रतिनिधित्व हुने गरी कम्तीमा दुईजना महिला सहित पौंचजना - सदस्य
|
| 116 |
+
(थ) कुल सचिव - सदस्य-सचिव
|
| 117 |
+
|
| 118 |
+
(३) कुल सचिवको नियुक्ति नभएसम्मको लागि सभाको सदस्य-सचिवको काम कुलपतिले तोकेको सभाको कुनै सदस्यले गर्नेछ ।
|
| 119 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिमका पदेन सदस्य बाहेक अन्य सदस्यको मनोनयन कार्यकारी परिषद्को सिफारिसमा कुलपतिबाट हुनेछ ।
|
| 120 |
+
(५) उपदफा (२) बमोजिमका मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि चार वर्षको हुनेछ।
|
| 121 |
+
(६) कुनै कारणले मनोनीत सदस्यको पदरिक्त हुन गएमा बाँकी अवधिको लागि उपदफा (४) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ ।
|
| 122 |
+
|
| 123 |
+
६. **सभाको बैठक:**
|
| 124 |
+
(१) सभाको बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक बस्नेछ ।
|
| 125 |
+
(२) सभाको बैठक सो सभाको अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 126 |
+
(३) सभाको बैठक हुनुभन्दा कम्तीमा सात दिन अगावै बैठकमा छलफल हुने बिषयको कार्यसूची सहितको सूचना सभाका सदस्य-सचिवले सबै सदस्यलाई दिनेछ ।
|
| 127 |
+
(४) सभामा तत्काल कायम रहेको कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 128 |
+
(५) सभाको बैठकको अध्यक्षता कुलपतिले र निजको अनुपस्थितिमा उपकुलपतिले गर्नेछ ।
|
| 129 |
+
(६) सभाको बैठकमा बहुमतक�� राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 130 |
+
(७) सभाको बैठकको निर्णय सदस्य-सचिवले बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिबाट प्रमाणित गराई राखेछ ।
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
९. **सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 133 |
+
सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ :
|
| 134 |
+
(क) विश्वविद्यालयको नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 135 |
+
(ख) खुला शिक्षा प्रणालीद्वारा विभिन्न विषयमा उच्चस्तरीय अध्ययन, अध्यापन तथा अनुसन्धान कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 136 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको व्यवस्थापन तथा सञ्चालनका लागि विश्वविद्यालयका विभिन्न संगठन तथा सो अन्तर्गतका निकायलाई आवश्यक मार्गदर्शन गर्ने,
|
| 137 |
+
(घ) विश्वविद्यालयबाट प्रदान गरिने विभिन्न उपाधि निर्धारण गरी प्रदान गर्ने,
|
| 138 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयको योजना, वार्षिक बजेट र कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने,
|
| 139 |
+
(च) विश्वविद्यालयको नियम स्वीकृत गर्ने,
|
| 140 |
+
(छ) सभामा प्राप्त भएका विभिन्न प्रस्ताव छलफल गरी स्वीकृत गर्ने,
|
| 141 |
+
(ज) विश्वविद्यालयको बार्षिक प्रतिवेदन तथा लेखा परीक्षण प्रतिवेदन उपर छलफल गरी पारित गर्ने,
|
| 142 |
+
(झ) विश्वविद्यालयमा वित्तीय अनुशासन कायम राख कार्यकारी परिषद्लाई निर्देशन दिने,
|
| 143 |
+
(ज) तोकिए बमोजिमका अन्य काम गर्ने, गराउने ।
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
---
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
## कार्यकारी परिषद्को गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
१०. **कार्यकारी परिषद्को गठन:**
|
| 152 |
+
(१) विश्वविद्यालयको कार्यकारी निकायको रुपमा काम गर्न एक कार्यकारी परिषद् रहनेछ ।
|
| 153 |
+
(२) कार्यकारी परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 154 |
+
(क) उपकुलपति - अध्यक्ष
|
| 155 |
+
(ख) कुल सचिव - सदस्य
|
| 156 |
+
(ग) सभाका महिला सदस्यहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 157 |
+
(घ) शिक्षकहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 158 |
+
(ङ) उपकुलपतिले तोकेको डीन - सदस्य-सचिव
|
| 159 |
+
|
| 160 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ग) र (घ) बमोजिमका सदस्यको मनोनयन उपकुलपतिको सिफारिसमा सभाबाट हुनेछ ।
|
| 161 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिम मनोनीत सदस्यहरूको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ ।
|
| 162 |
+
|
| 163 |
+
११. **कार्यकारी परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 164 |
+
कार्यकारी परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः
|
| 165 |
+
(क) सभाको निर्णय तथा निर्देशन कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 166 |
+
(ख) विश्वविद्यालयलाई आवश्यक पर्ने वित्तीय स्रोत जुटाउन आवश्यक काम गर्ने,
|
| 167 |
+
(ग) विश्वविद्यालय सम्बन्धी नियमको मस्यौदा तयार गरी स्वीकृतिका लागि सभामा पेश गर्ने,
|
| 168 |
+
(घ) विश्वविद्यालयलाई आवश्यक पर्ने शिक्षक तथा कर्मचारीको दरबन्दी स्वीकृतिका लागि सभामा पेश गर्ने,
|
| 169 |
+
(ङ) विद्यार्थीबाट लिइने शुल्क, अध्ययन सामग्रीको मूल्य तथा विश्वविद्यालयले प्रदान गर्ने सेवाको शुल्क निर्धारण गर्ने,
|
| 170 |
+
(च) विश्वविद्यालयका शिक्षक, कर्मचारी तथा विद्यार्थीले पालना गर्नु पर्ने आचार संहिता तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभा समक्ष पेश गर्ने,
|
| 171 |
+
(छ) खण्ड (च) बमोजिमको आचार संहिता विश्वविद्यालयका शिक्षक, कर्मचारी तथा विद्यार्थीले पालना गरे, नगरेको अनुगमन गर्ने, गराउने र अनुगमन गर्दा गराउँदा आचार संहिताको पालना गरेको नदेखिएमा कारबाही गर्ने,
|
| 172 |
+
(ज) विश्वविद्यालयको नीति, बार्षिक कार्यक्रम, बजेट, प्रगति विवरण, लेखापरीक्षण प्रतिबेदन र अन्य प्रस्ताव तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभा समक्ष पेश गर्ने,
|
| 173 |
+
(झ) विश्वविद्यालयद्वारा सञ्चालित शैक्षिक कार्यक्रमको समन्वय तथा निरीक्षण गर्ने र सोको प्रतिबेदन सभामा पेश गर्ने,
|
| 174 |
+
(ट) विश्वविद्यालयको कोष तथा चल, अचल सम्पत्तिको संरक्षण, नियन्त्रण, व्यवस्थापन तथा सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 175 |
+
(ठ) विश्वविद्यालयलाई प्राप्त दान, दातव्य तथा आर्थिक सहयोग ग्रहण गर्ने,
|
| 176 |
+
(ड) विश्वविद्यालयको नीति तथा कार्यक्रमको अधीनमा रही प्राज्ञिक, अनुसन्धानमूलक र पेशागत विकास सम्बन्धी शैक्षिक कार्यक्रम सञ्चालन गर्न तथा सोका लागि आवश्यक सहयोग जुटाउने समेतका काम गर्न स्वदेशी बा विदेशी विश्वविद्यालय बा संस्थासँग सम्बन्ध कायम गर्ने,
|
| 177 |
+
(ढ) विश्वविद्यालयको शिक्षक तथा कर्मचारीको तोकिए बमोजिम नियुक्ति तथा बढुवा गर्ने,
|
| 178 |
+
(ण) आफूले गर्ने कामका लागि आवश्यकता अनुसार समिति, उपसमिति बा कार्यटोलीको गठन गर्ने,
|
| 179 |
+
(त) विश्वविद्यालयमा वित्तीय अनुशासन कायम राखे तथा बेरुज् फछ्यौट गर्ने, गराउने,
|
| 180 |
+
(थ) तोकिए बमोजिमका अन्य कामहरु गर्ने ।
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
---
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
## प्राज्ञिक परिषद्को गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार
|
| 187 |
+
|
| 188 |
+
१२. **प्राज्ञिक परिषद्को गठन:**
|
| 189 |
+
(१) विश्वविद्यालयको शैक्षिक, प्राज्ञिक तथा अनुसन्धानको कार्यलाई व्यवस्थित गर्ने निकायको रुपमा काम गर्न विश्वविद्यालयमा एक प्राज्ञिक परिषद् रहनेछ ।
|
| 190 |
+
(२) प्राज्ञिक परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 191 |
+
(क) उपकुलपति - अध्यक्ष
|
| 192 |
+
(ख) डीनहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 193 |
+
(ग) निर्देशकहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 194 |
+
(घ) शिक्षकहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 195 |
+
(ङ) खुला शिक्षा प्रविधि तथा पाठ्यक्रम सम्बन्धी विषयका विज्ञहरुमध्येबाट दुईजना - सदस्य
|
| 196 |
+
(च) विषयगत विज्ञहरुमध्येबाट कम्तीमा एकजना महिला सहित दुईजना - सदस्य
|
| 197 |
+
(छ) डीन बा निर्देशकहरुमध्येबाट उपकुलपतिले तोकेको एकजना सदस्य-सचिव
|
| 198 |
+
|
| 199 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ख), (ग), (घ), (ङ) र (च) बमोजिमका सदस्यको मनोनयन उपकुलपतिको सिफारिसमा कुलपतिबाट हुनेछ।
|
| 200 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिम मनोनीत सदस्यहरुको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ ।
|
| 201 |
+
|
| 202 |
+
१३. **प्राज्ञिक परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 203 |
+
प्राज्ञिक परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 204 |
+
(क) विश्वविद्यालयको पाठ्यक्रम निर्धारण गर्ने,
|
| 205 |
+
(ख) पाठ्यभार हस्तान्तरण (केडिट ट्रान्सफर) र पाठ्यभार सञ्चय (केडिट एक्यूमूलेशन) सम्बन्धी आवश्यक काम गर्ने, गराउने,
|
| 206 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको प्राज्ञिक तथा अनुसन्धान सम्बन्धी नीति तथा कार्यक्रम तर्जुमा गरी स्वीकृत गर्ने,
|
| 207 |
+
(घ) विश्वविद्यालयद्वारा सञ्चालित बिभिन्न शैक्षिक कार्यक्रममा भर्नाको योग्यता तथा आधार, सझाय परिवर्तन बिधि, सिकाई मूल्याङ्कन बिधि र परीक्षाको किसिम निर्धारण गर्ने,
|
| 208 |
+
(ङ) शैक्षिक गुणस्तर कायम राख्न आवश्यक काम गर्ने,
|
| 209 |
+
(च) विश्वविद्यालयद्वारा प्रदान गरिने बिभिन्न उपाधि प्रदान गर्न सभामा सिफारिस गर्ने,
|
| 210 |
+
(छ) अन्य शैक्षिक संस्थाबाट प्राप्त उपाधिको समकक्षता निर्धारण गर्ने,
|
| 211 |
+
(ज) प्राज्ञिक र अनुसन्धानका विषयमा विश्वविद्यालयका अन्य निकायलाई राय सल्लाह दिने,
|
| 212 |
+
(झ) तोकिए बमोजिमका अन्य कार्य गर्ने ।
|
| 213 |
+
|
| 214 |
+
---
|
| 215 |
+
|
| 216 |
+
## परिच्छेद-७
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
## सङ्गाय तथा केन्द्र
|
| 219 |
+
|
| 220 |
+
१४. **सङ्गाय:**
|
| 221 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा सञ्चालन गरिने उच्च शिक्षाको लागि तोकिए बमोजिमका बिभिन्न सङ्गाय स्थापना गरिनेछ ।
|
| 222 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सङ्गाय स्थापना गर्दा सङ्गाय अन्तर्गत सञ्चालन हुने कार्यक्रम र विद्यार्थी संख्या समेतलाई आधार बनाइनेछ ।
|
| 223 |
+
|
| 224 |
+
१५. **आधारभूत केन्द्र:**
|
| 225 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा पाठ्यक्रम विकास, अध्ययन सामग्री उत्पादन तथा प्रसारण, प्राज्ञिक तथा अनुसन्धान, विद्यार्थी सम्पर्क तथा परामर्श लगायत तोकिएका अन्य कामका लागि आधारभूत केन्द्र रहनेछन् ।
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
१६. **अध्ययन केन्द्र:**
|
| 228 |
+
(१) विश्वविद्यालयले विभिन्न बिषयमा उच्च शिक्षा प्रदान गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार अध्ययन केन्द्र सञ्चालन गर्न सक्नेछ ।
|
| 229 |
+
(२) विश्वविद्यालयले नेपाल सरकारको स्वीकृति लिई नेपाल बाहिर अध्ययन केन्द्र सञ्चालन गर्न सक्नेछ ।
|
| 230 |
+
|
| 231 |
+
---
|
| 232 |
+
|
| 233 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 234 |
+
|
| 235 |
+
## विश्वविद्यालयका पदाधिकारी, शिक��षक तथा कर्मचारी
|
| 236 |
+
|
| 237 |
+
१७. **कुलपति:**
|
| 238 |
+
(१) शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री विश्वविद्यालयको कुलपति हुनेछ ।
|
| 239 |
+
(२) कुलपति विश्वविद्यालयको प्रमुख र सभाको अध्यक्ष हुनेछ ।
|
| 240 |
+
|
| 241 |
+
१८. **उपकुलपति:**
|
| 242 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा पूरा समय काम गर्ने प्रमुख पदाधिकारीको रुपमा एक उपकुलपति रहनेछ ।
|
| 243 |
+
(२) नेपाल सरकारले दफा २२ बमोजिमको समितिको सिफारिसमा उपकुलपतिको नियुक्ति गर्नेछ ।
|
| 244 |
+
|
| 245 |
+
१९. **कुल सचिव:**
|
| 246 |
+
(१) विश्वविद्यालयको आर्थिक तथा कर्मचारी प्रशासनको रेखदेख, सञ्चालन तथा समन्वय गर्न विश्वविद्यालयमा एक कुल सचिव रहनेछ ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
२०. **डीन:**
|
| 249 |
+
(१) सङ्गायको प्रमुखको रूपमा काम गर्न प्रत्येक सङ्गायमा एक डीन रहनेछ ।
|
| 250 |
+
|
| 251 |
+
२१. **निर्देशक:**
|
| 252 |
+
(१) अध्ययन केन्द्र र आधारभूत केन्द्रको प्रमुखको रुपमा काम गर्न प्रत्येक केन्द्रमा एक निर्देशक रहनेछ ।
|
| 253 |
+
|
| 254 |
+
२२. **सिफारिस समिति सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 255 |
+
(१) उपकुलपति र कुल सचिवको नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्न विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको अध्यक्षको संयोजकत्वमा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयका सचिव र नेपाल सरकारद्वारा मनोनीत एकजना महिला शिक्षाविद् रहेको सिफारिस समिति रहनेछ ।
|
| 256 |
+
|
| 257 |
+
२३. **पदाधिकारीको सेवा, शर्त, सुविधा तथा काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 258 |
+
(१) उपकुलपति, कुल सचिव, डीन तथा निर्देशकको पदावधि चार वर्षको हुनेछ ।
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
२४. **अन्य पदाधिकारीहरु:**
|
| 261 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा यस ऐनमा उल्लेख भए बाहेक तोकिए बमोजिमका अन्य पदाधिकारी रहन सक्नेछन् ।
|
| 262 |
+
|
| 263 |
+
२५. **पद रिक्त हुने अवस्था:**
|
| 264 |
+
(क) निजले आफ्नो पदबाट दिएको राजीनामा स्वीकृत भएमा,
|
| 265 |
+
(ख) निज नैतिक पतन देखिने फौजदारी अभियोगमा अदालतबाट कसूरदार ठहरिएमा,
|
| 266 |
+
(ग) निजलाई दफा २६ बमोजिम पदबाट हटाइएमा,
|
| 267 |
+
(घ) निजको मृत्यु भएमा ।
|
| 268 |
+
|
| 269 |
+
२६. **पदबाट हटाउन सकिने:**
|
| 270 |
+
(१) उपकुलपति तथा कुल सचिवले आफ्नो पद अनुरुपको जिम्मेबारी पूरा नगरेको, इमान्दारीपूर्वक काम नगरेको बा निजले पद अनुकुलको आचरण नगरेको भनी सभामा तत्काल कायम रहेका एक चौथाई सदस्यहरुले निजलाई पदबाट हटाउन कुलपति समक्ष लिखित निवेदन दिएमा कुलपतिले सभाको कुनै सदस्यको अध्यक्षतामा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयको सचिव र विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको सदस्य रहेको तीन सदस्यीय छानबिन समिति गठन गर्नेछ ।
|
| 271 |
+
|
| 272 |
+
---
|
| 273 |
+
|
| 274 |
+
## परिच्छेद-९
|
| 275 |
+
|
| 276 |
+
## विश्वविद्यालयको कोष, लेखा तथा लेखापरीक्षण
|
| 277 |
+
|
| 278 |
+
२७. **विश्वविद्यालयको कोष:**
|
| 279 |
+
(१) विश्वविद्यालयको आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ र सो कोषमा देहायका रकमहरू रहनेछन् :
|
| 280 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 281 |
+
(ख) विश्वविद्यालय अनुदान आयोगबाट प्राप्त रकम,
|
| 282 |
+
(ग) कुनै व्यक्ति बा संस्थाले आर्थिक सहायता स्वरूप प्रदान गरेको रकम,
|
| 283 |
+
(घ) कुनै व्यक्ति, निकाय, संघ बा संस्थाबाट प्राप्त रकम,
|
| 284 |
+
(ङ) विदेशी व्यक्ति, सरकार, अन्तर्राष्ट्रिय संघ बा संस्थाबाट प्राप्त रकम,
|
| 285 |
+
(च) शुल्क तथा अन्य कुनै स्रोतबाट प्राप्त रकम ।
|
| 286 |
+
|
| 287 |
+
२८. **लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 288 |
+
(१) विश्वविद्यालयले आफ्नो आय व्ययको लेखा नेपाल सरकारले अपनाएको लेखा प्रणाली अनुसार राख्नु पर्नेछ ।
|
| 289 |
+
|
| 290 |
+
---
|
| 291 |
+
|
| 292 |
+
## परिच्छेद-१०
|
| 293 |
+
|
| 294 |
+
## विविध
|
| 295 |
+
|
| 296 |
+
३०. **शिक्षण पद्धति तथा शैक्षिक कार्यक्रमको मूल्याङ्कन:**
|
| 297 |
+
विश्वविद्यालयबाट सञ्चालन गरिने शैक्षिक कार्यक्रमको शिक्षण पद्धति तथा त्यस्तो शैक्षिक कार्यक्रममा विद्यार्थीको सिकाई उपलब्धिको मूल्याङ्कन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 298 |
+
|
| 299 |
+
३१. **प्रमाणपत्र तथा उपाधि प्रदान गर्ने:**
|
| 300 |
+
विश्वविद्यालयले तोकिएको विषयमा उच्च शिक्षा हासिल गर्ने विद्यार्थी, प्रशिक्षार्थी बा अनुसन्धानकर्तालाई तोकिए बमोजिमको प्रमाणपत्र तथा उपाधि प्रदान गर्न र अनुसन्धानात्मक कार्य गर्ने तथा प्राज्ञिक क्षेत्रमा प्रशंसनीय कार्य गर्ने व्यक्तिलाई मानार्थ उपाधि प्रदान गर्न सक्नेछ ।
|
| 301 |
+
|
| 302 |
+
३२. **समकक्षता र स्तर निर्धारण गर्ने:**
|
| 303 |
+
(१) विश्वविद्यालयले स्वदेशी बा विदेशी कुनै विश्वविद्यालय बा शैक्षिक संस्थाबाट प्रदान गरिएको शैक्षिक उपाधिको विश्वविद्यालयका बिभिन्न तहका शैक्षिक उपाधिहरूसँग समकक्षता र स्तर निर्धारण गर्न सक्नेछ ।
|
| 304 |
+
|
| 305 |
+
३३. **विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने योग्यता:**
|
| 306 |
+
विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने विद्यार्थी बा अनुसन्धानकर्ताको योग्यता तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 307 |
+
|
| 308 |
+
३४. **अन्य संस्था बा निकायको संरचना प्रयोग गर्न सक्ने:**
|
| 309 |
+
विश्वविद्यालयले कुनै शैक्षिक कार्यक्रम सञ्चालनका लागि अन्य संस्था बा निकायको संरचना त्यस्तो निकाय बा संस्थाको स्वीकृतिलिई प्रयोग गर्न सक्नेछ ।
|
| 310 |
+
|
| 311 |
+
३५. **सङ्गाय, आधारभूत केन्द्र बा अध्ययन केन्द्र बन्द गर्न सक्ने:**
|
| 312 |
+
यस ऐन बमोजिम स्थापना गरिएका कुनै सङ्गाय, आधारभूत केन्द्र बा अध्ययन केन्द्रको औचित्यता नभएमा बा आवश्यक नदेखिएमा सभाले त्यस्तो सङ्गाय, आधारभूत केन्द्र बा अध्ययन केन्द्र बन्द गर्न सक्नेछ ।
|
| 313 |
+
|
| 314 |
+
३६. **राष्ट्रिय शिक्षा ���ीति अनुरूप कार्य गर्ने:**
|
| 315 |
+
नेपाल सरकारको राष्ट्रिय शिक्षा नीति अनुरूप कार्य गर्नु विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 316 |
+
|
| 317 |
+
३७. **काम कारबाही बदर नहुने:**
|
| 318 |
+
विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको स्थान रिक्त भई बा कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको नियुक्ति बा मनोनयनमा बुटि भएको कारणले मात्र त्यस्तो पदाधिकारी बा सदस्य संलग्न भई गरेको विश्वविद्यालयको कुनै काम कारबाही बदर हुने छैन ।
|
| 319 |
+
|
| 320 |
+
३८. **असल नियतले गरेको काममा बचाउ:**
|
| 321 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम असल नियत लिई गरेको बा गर्न खोजेको कुनै कामको सम्बन्धमा विश्वविद्यालय बा विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी उपर मुद्दा चलाउने बा अन्य कारबाही गरिने छैन ।
|
| 322 |
+
|
| 323 |
+
३९. **अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 324 |
+
(१) सभाले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरूमध्ये आवश्यकतानुसार केही अधिकार कार्यकारी परिषद् बा प्राज्ञिक परिषद्लाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 325 |
+
|
| 326 |
+
४०. **नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 327 |
+
विश्वविद्यालयले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय मार्फत राखेछ ।
|
| 328 |
+
|
| 329 |
+
४१. **विश्वविद्यालयलाई छुट दिन सक्ने:**
|
| 330 |
+
नेपाल सरकारले विश्वविद्यालयको लागि आवश्यक पर्ने सामग्री आयात गर्दा बा जग्गा खरिद गर्दा प्रचलित कानून बमोजिम लाग्ने कर तथा भन्सार छुट दिन सक्नेछ ।
|
| 331 |
+
|
| 332 |
+
४२. **विश्वविद्यालय विघटन सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 333 |
+
(१) कुनै कारणले विश्वविद्यालय सञ्चालन हुन नसक्ने भएमा नेपाल सरकारले सभाको सिफारिसमा विश्वविद्यालय विघटन गर्न सक्नेछ ।
|
| 334 |
+
|
| 335 |
+
४३. **नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 336 |
+
यस ऐनको कार्यान्वयनको लागि विश्वविद्यालयले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
section_14_pdf_11.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,308 @@
|
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| 1 |
+
**राष्ट्रिय युवा परिषद् ऐन, २०७२**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०७२।०४।२७
|
| 5 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 6 |
+
केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 7 |
+
२०७२।११।१३
|
| 8 |
+
|
| 9 |
+
**संबत् २०७२ सालको ऐन नं. ३**
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
---
|
| 12 |
+
|
| 13 |
+
### राष्ट्रिय युवा परिषद्को सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 16 |
+
युवाको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन गरी समुस्तत मुलुक निर्माणका लागि सक्षम नागरिक तयार गर्न तथा युवालाई सशक्तीकरण गरी युवा सम्बन्धी विषयको नीति निर्माण देखि कार्यान्वयन तहसम्म आवश्यकता अनुसार उनीहरुलाई संलग्न गराई राष्ट्रिय विकासको मूलप्रवाहमा समावेश गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 17 |
+
नेपालको अन्तरिम संविधान, २०६३ को धारो ६३ बमोजिम व्यवस्थापिका-संसदको हैसियतमा संविधान सभाले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
---
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
### परिच्छेद-१
|
| 22 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 23 |
+
|
| 24 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 25 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय युवा परिषद् ऐन, २०७२" रहेकोछ।
|
| 26 |
+
(२) यो ऐन प्रमाणीकरण भएको एकानब्बेऔं दिन देखि प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 27 |
+
|
| 28 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 29 |
+
विषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 30 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले परिषद्को अध्यक्ष सम्झनु पर्छ ।
|
| 31 |
+
(ख) "उपाध्यक्ष" भन्नाले परिषद्को उपाध्यक्ष सम्झनु पर्छ ।
|
| 32 |
+
(ग) "जिल्ला युवा समिति" भन्नाले दफा ११ बमोजिमको जिल्ला युवा समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 33 |
+
(घ) "तोकिएको" वा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम वा विनियममा तोकिएको वा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
(ङ) "परिषद्" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको राष्ट्रिय युवा परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 35 |
+
(च) "मन्त्रालय" भन्नाले युवा तथा खेलकुद मन्त्रालय सम्झनु पर्छ ।
|
| 36 |
+
(छ) "युवा" भन्नाले सोह वर्षदेखि चालीस वर्षसम्मको उमेर भएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ ।
|
| 37 |
+
(ज) "बिशेष समुदायको युवा" भन्नाले द्रन्द्ध पीडित, जोखिममा परेका, अपाइता भएका बा सीमान्तकृत अल्पसङ्ख्यक समुदायका युवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 38 |
+
(झ) "सदस्य" भन्नाले परिषद्को सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले परिषद्को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष र सदस्य-सचिव समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 39 |
+
(ज) "समिति" भन्नाले दफा ६ बमोजिमको कार्यकारी समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 40 |
+
|
| 41 |
+
---
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
### परिच्छेद—२
|
| 44 |
+
**परिषद्को स्थापना**
|
| 45 |
+
|
| 46 |
+
**३. परिषद्को स्थापना:**
|
| 47 |
+
(१) युवाको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन गर्ने काम समेतका लागि राष्ट्रिय युवा परिषद् स्थापना गरिएको छ ।
|
| 48 |
+
(२) परिषद्को केन्द्रीय कार्यालय काटमा���ौं उपत्यकामा रहनेछ ।
|
| 49 |
+
(३) परिषद्ले आवश्यकता अनुसार काटमाडौं उपत्यका बाहिर पनि आफ्नो कार्यालय खोल्न सक्नेछ ।
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
**४. परिषद् स्वशासित र संगठित संस्था हुने:**
|
| 52 |
+
(१) परिषद् अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र संगठित संस्था हुनेछ ।
|
| 53 |
+
(२) परिषद्को सबै काम कारबाहीको निमित्त आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
|
| 54 |
+
(३) परिषद्ले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेच बिखन गर्न बा अन्य किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ । तर परिषद्ले अचल सम्पत्ति बेच बिखन गर्नु अघि नेपाल सरकारको स्वीकृति अनिबार्य रूपमा लिनु पर्नेछ ।
|
| 55 |
+
(४) परिषद्ले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालिस उजूर गर्न सक्नेछ र परिषद् उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजूर लाग्न सक्नेछ ।
|
| 56 |
+
(४) परिषद्ले व्यक्ति सरह करार गर्न, करार बमोजिमको अधिकार प्रयोग गर्न तथा दायित्व निर्वाह गर्न सक्नेछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
---
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
### परिच्छेद-३
|
| 61 |
+
**परिषद्को गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
**५. परिषद्को गठन:**
|
| 64 |
+
(१) परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 65 |
+
(क) युवा तथा खेलकुद मन्त्री वा राज्यमन्त्री
|
| 66 |
+
(ख) नेपाल सरकारले नियुक्त गरेको व्यक्ति
|
| 67 |
+
(ग) सचिव, अर्थ मन्त्रालय
|
| 68 |
+
(घ) सचिव, उद्योग मन्त्रालय
|
| 69 |
+
(ङ) सचिव, कृषि विकास मन्त्रालय
|
| 70 |
+
(च) सचिव, युवा तथा खेलकुद मन्त्रालय
|
| 71 |
+
(छ) सचिव, श्रम तथा राजगार मन्त्रालय
|
| 72 |
+
(ज) सचिव, शिक्षा मन्त्रालय
|
| 73 |
+
(झ) सचिव, स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय
|
| 74 |
+
(ज) सचिव, राष्ट्रिय योजना आयोगको सचिवालय
|
| 75 |
+
(ट) युवा सम्बन्धी विभिन्न संघ, संस्थाबाट प्रतिनिधित्व हुने गरी चार जना
|
| 76 |
+
(ट) युवाको हक, हितको संरक्षण र सम्बर्ढनमा विशेष योगदान पुऱ्याएका युवाहरुमध्येवाट आदिवासी/जनजाति, मधेशी, दलित, अपाङ्गता भएका व्यक्ति, अल्पसंख्यक समुदाय वा पिछडिएको क्षेत्रवाट प्रतिनिधित्व हुने पन्ध्र जना
|
| 77 |
+
(ड) उद्योग, श्रम, कृषि, खेलकुद, विज्ञान, प्रविधि तथा वातावरण, साहित्य तथा कलाको क्षेत्रवाट प्रतिनिधित्व हुने गरी छ जना
|
| 78 |
+
—सदस्य
|
| 79 |
+
|
| 80 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ट), (ठ) र (ड) बमोजिमका सदस्यहरुको मनोनयन समावेशी सिद्धान्तको आधारमा मन्त्रालयले गर्नेछ र त्यसरी मनोनयन गर्दा कम्तीमा पचास प्रतिशत महिलाको प्रतिनिधित्व गराइनेछ ।
|
| 81 |
+
(३) परिषद्को बरिष्ठतम कर्मचारीले परिषद्को सदस्य-सचिवको रुपमा काम गर्नेछ।
|
| 82 |
+
(४) मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि चार वर्षको हुनेछ ।
|
| 83 |
+
(४) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कुनै मनोनीत सदस्यले आफ्नो पदीय जिम्मेवारी पूरा नगरेको भनी परिषद्ले निर्णय गरेमा मन्त्रालयले निजलाई जुनसुकै बखत सदस्यको पदबाट हटाउन सक्नेछ ।
|
| 84 |
+
(६) उपदफा (४) बमोजिम मनोनीत सदस्यहरुलाई पदबाट हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौका दिनु पर्नेछ ।
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
**६. परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 87 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ :-
|
| 88 |
+
(क) युवा सम्बन्धी दीर्घकालीन नीति तर्जुमा गरी नेपाल सरकारसमक्ष सिफारिस गर्ने,
|
| 89 |
+
(ख) नेपाल सरकारबाट स्वीकृत नीतिको अधीनमा रही युवा सम्बन्धी योजना तथा कार्यकम बनाई लागू गर्ने,
|
| 90 |
+
(ग) परिषद्सँग आवद्धता प्राप्त गर्ने संघ, संस्थाहरुले पालना गर्नु पर्ने शर्तहरु निर्धारण गर्ने,
|
| 91 |
+
(घ) विकास निर्माण तथा समाज सेवाको क्षेत्रमा युवालाई स्वयंसेवकको रुपमा परिचालन गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 92 |
+
(ङ) युवालाई राष्ट्र निर्माणमा सहभागी हुन तथा मुलुक निर्माणमा केन्द्रित भई अघि बढ्न उत्प्रेरित गर्ने,
|
| 93 |
+
(च) परिषद्को वार्षिक योजना कार्यकम तथा बजेट स्वीकृत गर्ने,
|
| 94 |
+
(छ) युवा विकास, सशक्तीकरण एवं मूलप्रवाहिकरण सम्बन्धी विषयमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 95 |
+
(ज) परिषद्को लागि आबश्यक कर्मचारीको दरबन्दी संख्या निर्धारण गर्ने,
|
| 96 |
+
(झ) तोकिए बमोजिमका काम गर्ने, गराउने ।
|
| 97 |
+
|
| 98 |
+
**७. परिषद्को बैटक र निर्णय:**
|
| 99 |
+
(१) परिषद्को बैटक आवश्यकता अनुसार बस्नेछ । तर दुई बैटक बीचको अन्तर सामान्यतया तीन महिना भन्दा बढी हुने छैन ।
|
| 100 |
+
(२) परिषद्को बैटक अध्यक्षको निर्देशनमा उपाध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ ।
|
| 101 |
+
(३) परिषद्को बैटक हुनुभन्दा कम्तीमा अट्चालीस घण्टा अगावै बैटकमा छलफल हुने बिषयको कार्यसूची सहितको सूचना परिषद्का सदस्य सचिबले सदस्यहरुलाई दिनेछ ।
|
| 102 |
+
(४) परिषद्मा तत्काल कायम रहेका कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा परिषद्को बैटकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 103 |
+
(४) परिषद्को बैटकको अध्यक्षता अध्यक्षले र निजको अनुपस्थितिमा उपाध्यक्षले गर्नेछ ।
|
| 104 |
+
(६) परिषद्को बैटकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैटकको अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 105 |
+
(७) परिषद्को बैटकको निर्णय उपाध्यक्षले प्रमाणित गरी राख्नेछ ।
|
| 106 |
+
(६) परिषद्ले आबश्यक टानेमा परिषद्को कामसँग सम्बन्ध���त कुनै विशेषज्ञ बा पदाधिकारीलाई परिषद्को बैटकमा पर्यवेक्षकको रुपमा भाग लिन आमन्क्रण गर्न सक्नेछ।
|
| 107 |
+
(९) परिषद्को बैटक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि परिषद् आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 108 |
+
|
| 109 |
+
---
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
### परिच्छेद—४
|
| 112 |
+
**समितिको गटन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
**८. समितिको गटन:**
|
| 115 |
+
(१) परिषद्को कार्यकारी निकायको रुपमा काम गर्न एक कार्यकारी समिति रहनेछ ।
|
| 116 |
+
(२) समितिको गटन देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 117 |
+
(क) उपाध्यक्ष
|
| 118 |
+
(ख) मन्त्रालयले तोकेको सो मन्त्रालयको युवा कार्यक्रम हेर्ने सहसचिव
|
| 119 |
+
(ग) परिषद्का सदस्यहरु मध्येबाट कम्तीमा दुईजना महिला रहने गरी परिषद्ले मनोनीत गरेका चारजना —सदस्य
|
| 120 |
+
(घ) परिषद्को बरिष्ठतम कर्मचारी —सदस्य सचिव
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ग) बमोजिमका सदस्यको पदोबधि परिषद्को सदस्य कायम रहेसम्मको अबधिका लागि हुनेछ।
|
| 123 |
+
|
| 124 |
+
**९. समितिको बैठक र निर्णय:**
|
| 125 |
+
(१) समितिको बैठक आवश्यकता अनुसार बस्नेछ ।
|
| 126 |
+
(२) उपाध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा समितिको बैठक बस्नेछ ।
|
| 127 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपाध्यक्षको अनुपस्थितिमा सदस्य-सचिवले समितिका सदस्यहरुसँग परामर्श गरी तोकेको मिति, समय र स्थानमा समितिको बैठक बस्न सक्नेछ ।
|
| 128 |
+
(४) समितिको बैठक हुनुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगावै बैठकमा छलफल हुने बिषयको कार्यसूची सहितको सूचना सदस्य-सचिवले समितिका सदस्यहरुलाई दिनेछ।
|
| 129 |
+
(४) समितिको कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा समितिको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 130 |
+
(६) समितिको बैठकको अध्यक्षता समितिको अध्यक्षले र निजको अनुपस्थितिमा समितिका सदस्यहरुले आफुमध्येबाट छानेको सदस्यले गर्नेछ ।
|
| 131 |
+
(७) समितिको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यत्किले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 132 |
+
(८) समितिको बैठकको निर्णय बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यत्किले प्रमाणित गरी राख्नेछ ।
|
| 133 |
+
(९) समितिले आवश्यक टानेमा समितिको कामसँग सम्बन्धित कुनै विशेषज्ञ बा पदाधिकारीलाई समितिको बैठकमा पर्यवेक्षकको रुपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ।
|
| 134 |
+
(१०) समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि समिति आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 135 |
+
|
| 136 |
+
**१०. समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 137 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय ���मोजिम हुनेछ :-
|
| 138 |
+
(क) परिषद्को वार्षिक योजना, कार्यकम तथा बजेट तर्जुमा गरी स्वीकृतिको लागि परिषद् समक्ष पेश गर्ने,
|
| 139 |
+
(ख) परिषद्सँग आबद्ध हुन चाहने संघ, संस्थालाई आबद्धता प्रदान गर्ने सम्बन्धी शर्त, बिधि र प्रक्रिया निर्धारण गरी स्वीकृतिको लागि परिषद् समक्ष पेश गर्ने,
|
| 140 |
+
(ग) परिषद्वाट स्वीकृत नीति र मार्गदर्शनको अधीनमा रही युवा विकास, परिचालन तथा युवा सशक्तीकरण सम्बन्धी प्रवद्धनात्मक कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 141 |
+
(घ) युवालाई विकासको मूलप्रवाहमा परिचालन गर्न अभियानमूलक कार्य सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 142 |
+
(ङ) युवाका लागि स्वरोजगार प्रवर्द्धन तथा उद्यमशीलता अभिबुद्धि सम्बन्धी कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 143 |
+
(च) युवालाई विकास निर्माण तथा समाज सेवाको क्षेत्रमा स्वयंसेवकको रुपमा परिचालन गर्ने, गराउने,
|
| 144 |
+
(छ) युवालाई राष्ट्रिय विकासमा समाहित गर्न सचेतनामूलक कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 145 |
+
(ज) युवा विकास तथा युवा परिचालन सम्बन्धी बिषयमा अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्ने, गराउने,
|
| 146 |
+
(झ) युवालाई आत्मनिर्भर हुन सहयोग पुग्ने किसिमका कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 147 |
+
(ज) युवालाई नीति निर्माणदेखि कार्यान्वयन तहसम्म संलग्न गराउन पहल गर्ने,
|
| 148 |
+
(ट) परिषद्वाट सम्पादन गरिने कार्य मितव्ययी र प्रभावकारी ढंगवाट सम्पादन गर्न तथा वित्तीय उत्तरदायित्व प्रणालीलाई विश्वसनीय बनाउन आन्तरिक नियन्त्रण प्रणाली तयार गरी लागू गर्ने,
|
| 149 |
+
(ट) युवा सम्बन्धी विभिन्न निकायद्वारा सज्चालित कार्यक्रमको समन्वय गर्ने,
|
| 150 |
+
(ड) युवा सम्बन्धी सूचनाको व्यवस्थापन गर्ने तथा एकीकृत तथ्यांक तयार गर्ने,
|
| 151 |
+
(ढ) युवा सम्बन्धी संघ, संस्थाको क्षमता अभिबद्धि गर्ने, गराउने,
|
| 152 |
+
(ण) तोकिए बमोजिमका अन्य कार्य गर्ने, गराउने।
|
| 153 |
+
|
| 154 |
+
---
|
| 155 |
+
|
| 156 |
+
### परिच्छेद-४
|
| 157 |
+
**जिल्ला युवा समिति**
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
**११. जिल्ला युवा समितिको गठन:**
|
| 160 |
+
(१) जिल्लास्तरमा युवा सम्बन्धी योजना तथा कार्यकम सञ्चालन गर्ने काम समेतको लागि प्रत्येक जिल्लामा एक जिल्ला युवा समिति रहनेछ् ।
|
| 161 |
+
(२) जिल्ला युवा समितिको गठन देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 162 |
+
(क) नेपाल सरकारद्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयवाट कम्तीमा प्रबिणता प्रमाणपत्र तह बा सो सरह उत्तीर्ण गरी स्थानीय तहमा युवाको संरक्षण, सम्बर्ढन बा युवा विकास र परिचालनको क्षेत्रमा कम्तीमा पाँच वर्ष काम गरी विशेष योगदान पुऱ्याएका व्यक्तिहरुमध्येवा��� परिषद्ले मनानीत गरेको व्यक्ति —अध्यक्ष
|
| 163 |
+
(ख) महिला तथा बालबालिका कार्यालयको प्रमुख —सदस्य
|
| 164 |
+
(ग) जिल्ला समन्वय समितिको प्रतिनिधि —सदस्य
|
| 165 |
+
(घ) जिल्ला शिक्षा कार्यालयको अधिकृतस्तरको प्रतिनिधि
|
| 166 |
+
(ङ) परिषद्मा आवद्ध युवा सम्बन्धी स्थानीय संघ, संस्थाहरुमध्येवाट एक जना प्रतिनिधि —सदस्य
|
| 167 |
+
(च) युवाको हक, हितको संरक्षण र सम्बर्ढन बा समाज सेबाको क्षेत्रमा विशेष योगदान पुऱ्याएका युवाहरुमध्येवाट मनोनीत तीनजना
|
| 168 |
+
(छ) जिल्ला युवा समितिको कार्यालय प्रमुख —सदस्य-सचिव
|
| 169 |
+
|
| 170 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (इ) र (च) बमोजिमका सदस्यहरूको मनोनयन समावेशी सिद्धान्तको आधारमा परिषद्ले गर्नेछ र त्यसरी मनोनयन गर्दा कम्तीमा पचास प्रतिशत महिलाको प्रतिनिधित्व गराइनेछ ।
|
| 171 |
+
(४) जिल्ला युवा समितिको अध्यक्ष तथा मनोनीत सदस्यहरूको पदावधि चार वर्षको हुनेछ ।
|
| 172 |
+
(४) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि जिल्ला युवा समितिको अध्यक्ष वा मनोनीत कुनै सदस्यले आफ्नो पद अनुरुपको आचरण नगरको वा जिम्मेवारी पूरा नगरेको देखिएमा परिषद्ले त्यस्तो अध्यक्ष वा सदस्यलाई जुनसुकै बखत पदबाट हटाउन सक्नेछ । तर त्यसरी पदबाट हटाउनु अघि निजलाई आफ्नो सफाई पेश गर्ने मौकाबाट बन्नित गरिने छैन ।
|
| 173 |
+
(६) जिल्ला युवा समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 174 |
+
(७) जिल्ला युवा समितिको कार्यालय परिषद्ले तोकेको स्थानमा रहनेछ ।
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
**१२. जिल्ला युवा समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 177 |
+
जिल्ला युवा समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ -
|
| 178 |
+
(क) परिषद्वाट स्वीकृत नीतिको अधीनमा रही युवा सम्बन्धी जिल्लास्तरीय योजना तथा कार्यकम तर्जुमा गरी सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 179 |
+
(ख) स्थानीय निकाय, युवा सम्बन्धी संघ, संस्था, गैरसरकारी संस्था तथा निजी क्षेत्रको साझेदारीमा जिल्लास्तरमा युवासम्बन्धी विभिन्न कार्यकम सञ्चालन गर्ने,
|
| 180 |
+
(ग) स्थानीयस्तरमा सञ्चालन हुने युवा सम्बन्धी कार्यकमको समन्वय एवं सहजीकरण गर्ने,
|
| 181 |
+
(घ) युवा सम्बन्धी कार्यकम सञ्चालन गर्न स्थानीयस्तरमा स्रोत साधन जुटाउने,
|
| 182 |
+
(ङ) विशेष समुदायका युवालाई लक्षित गरी बिभिन्न कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 183 |
+
(च) परिषद्ले तोके बमोजिमको काम गर्ने, गराउने ।
|
| 184 |
+
|
| 185 |
+
---
|
| 186 |
+
|
| 187 |
+
### परिच्छेद-६
|
| 188 |
+
**परिषद्सँग आवद्धता र कार्यकम सञ्चालन**
|
| 189 |
+
|
| 190 |
+
**१३. युवा सम्बन्धी संघ, संस्थालाई आवद्धता प्रदान गर्नेः**
|
| 191 |
+
(१) युवाको हक, हितको संरक्षण गर्ने उद्देश्य राखी प्रचलित कानून बमोजिम दर्ता भएका युवा सम्बन्धी कुनै संघ बा संस्था परिषद्मा आवद्ध हुन चाहेमा देहायको बिबरण खुलाई परिषद् समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछः-
|
| 192 |
+
(क) संघ बा संस्थाको नाम,
|
| 193 |
+
(ख) संघ बा संस्थाको उद्देश्य,
|
| 194 |
+
(ग) संघ बा संस्थाको नवीकरण बहाल रहने अवधि,
|
| 195 |
+
(घ) संघ बा संस्थाको कार्य समितिका सदस्यहरुको नाम र टेमाना।
|
| 196 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन दिंदा सम्बन्धित संघ बा संस्थाको विधान समेत संलग्न गर्नु पर्नेछ ।
|
| 197 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम प्राप्त निवेदन सहितका कागजात जाँचबुझ गर्दा निवेदकको माग बमोजिम त्यस्तो संघ बा संस्थालाई परिषद्सँग आवद्धता प्रदान गर्न उपयुक्त देखिएमा परिषद्ले तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिई सो संघ बा संस्थालाई परिषद्सँग आवद्धता प्रदान गर्नेछ ।
|
| 198 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम परिषद्मा आवद्ध भएका युवा सम्बन्धी संघ बा संस्थाले आफ्नो आवद्धता कायमै राख्न चाहेमा प्रत्येक पाँच वर्षमा तोकिए बमोजिमको दस्तुर परिषद्मा बुझाई नवीकरण गर्नु पर्नेछ ।
|
| 199 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम परिषद्सँग आवद्ध भएका युवा सम्बन्धी संघ बा संस्थाले आफूले बर्षभरि गरेको कामको बार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक बर्ष समाप्त भएको तीन महिनाभित्र परिषद् समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 200 |
+
(६) युवा सम्बन्धी संघ बा संस्थाको आवद्धता नवीकरण, आवद्धता रद्द र तत्सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 201 |
+
|
| 202 |
+
**१४. कार्यकम सज्चालन गर्ने:**
|
| 203 |
+
दफा १३ बमोजिम परिषद्सँग आबद्ध भएका युवा सम्बन्धी संघ, संस्थाले आफ्नो बिधानको अधीनमा रही बेरोजगार युवालाई बिभिन्न ज्ञान र सीप सम्बन्धी तालीम प्रदान गर्न, युवालाई सशक्तिकरण गर्न र पिछ्छिडिएको समुदाय वा बर्गको युवाको हक, हितको संरक्षण हुने बिभिन्न कार्यकम सज्चालन गर्न सक्नेछ ।
|
| 204 |
+
|
| 205 |
+
---
|
| 206 |
+
|
| 207 |
+
### परिच्छेद- ७
|
| 208 |
+
**उपाध्यक्ष तथा कर्मचारी**
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
**१५. उपाध्यक्ष सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 211 |
+
(१) नेपाल सरकारले परिषद्को कार्यकारी प्रमुखको रुपमा काम गर्न दफा २० बमोजिमको समितिको सिफारिसमा उपाध्यक्षको नियुक्ति गर्नेछ।
|
| 212 |
+
(२) उपाध्यक्षले नेपाल सरकारले तोके बमोजिमको पारिश्रमिक र सुबिधा पाउनेछ।
|
| 213 |
+
(३) उपाध्यक्षको पदावधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 214 |
+
(४) उपदफा (३) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपाध्यक्षले आफ्नो पद अनुरुपको आचरण नगरेमा, पदीय जिम्मेवारी पूरा नगरेमा वा परिषद्लाई हानी नोक्सानी पन्याएमा नेपाल सरकारले निजलाई जुनसुकै बखत उपाध्यक्षको पदबाट हटाउन सक्नेछ।
|
| 215 |
+
(४) उपदफा (४) बमोजिम उपाध्यक्षलाई पदबाट हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौका दिनु पर्नेछ ।
|
| 216 |
+
(६) उपाध्यक्षको सेवाको अन्य शर्त तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
**१६. उपाध्यक्षको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 219 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त उपाध्यक्षको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 220 |
+
(क) परिषद्वाट स्वीकृत नीति, योजना र कार्यकम कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 221 |
+
(ख) परिषद्को बार्षिक कार्यकम, योजना तथा बजेट तयार गरी समिति समक्ष पेश गर्ने,
|
| 222 |
+
(ग) परिषद् तथा समितिको निर्णय कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 223 |
+
(घ) परिषद्वाट सज्चालित योजना तथा कार्यकमको अनुगमन गर्ने, गराउने,
|
| 224 |
+
(ङ) परिषद्को कर्मचारी व्यवस्थापन तथा अन्य व्यवस्थापकीय कार्य गर्ने,
|
| 225 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन्य काम गर्ने ।
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
**१७. कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 228 |
+
(१) परिषद्को कार्यसञ्चालन गर्न परिषद्ले स्वीकृत गरे बमोजिमको संगठन संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी अनुसारका कर्मचारीहरु रहनेछन् ।
|
| 229 |
+
(२) परिषद्का कर्मचारीको नियुक्ति, पारिश्रमिक, सुबिधा तथा सेबाका शर्तहरु तोकिए बमोजिम हुनेछन् ।
|
| 230 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमका कर्मचारी नियुक्त नभएसम्मको लागि परिषद्को अनुरोधमा मन्त्रालयले नेपाल सरकारको कुनै कर्मचारीलाई परिषद्मा काम गर्ने गरी खटाउन सक्नेछ ।
|
| 231 |
+
|
| 232 |
+
---
|
| 233 |
+
|
| 234 |
+
### परिच्छेद- ८
|
| 235 |
+
**परिषद्को कोष**
|
| 236 |
+
|
| 237 |
+
**१८. परिषद्को कोष:**
|
| 238 |
+
(१) परिषद्को आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ ।
|
| 239 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा देहायका रकमहरु रहनेछन्: -
|
| 240 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 241 |
+
(ख) कुनै व्यक्ति बा संघ, संस्थाबाट सहयोग स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 242 |
+
(ग) विदेशी सरकार, अन्तर्राष्ट्रिय संघ, संस्था बा व्यक्तिबाट प्राप्त रकम,
|
| 243 |
+
(घ) युबा सम्बन्धी संघ, संस्थालाई आबद्धता प्रदान गर्दा बा नबीकरण गर्दा प्राप्त रकम,
|
| 244 |
+
(ङ) अन्य कुनै स्रोतबाट प्राप्त रकम ।
|
| 245 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ग) बमोजिमको रकम प्राप्त गर्नु अघि परिषद्ले नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालयको स्वीकृति लिनु पर्नेछ ।
|
| 246 |
+
(४) परिषद्को नामबाट गरिने सबै खर्चहरु उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ ।
|
| 247 |
+
(४) परिषद्को कोषमा रहने सम्पूर्ण रकम परिषद्ले तोकेको कुनै बाणिज्य बैंकमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ ।
|
| 248 |
+
(६) परिषद्को कोषको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 249 |
+
|
| 250 |
+
**१९. लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 251 |
+
(१) परिषद्ले आ���्नो आय व्ययको लेखा नेपाल सरकारले अपनाएको लेखा प्रणाली बमोजिम राख्नु पर्नेछ ।
|
| 252 |
+
(२) परिषद्को आन्तरिक लेखापरीक्षण परिषद्ले नियुक्त गरेको लेखापरीक्षकबाट र अन्तिम लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकबाट हुनेछ ।
|
| 253 |
+
(३) मन्त्रालयले परिषद्को आय व्ययको लेखा, तत् सम्बन्धी कागजात र अन्य नगदी जिन्सी जुनसुकै बखत जाँच्न बा जाँच्न लगाउन सक्नेछ ।
|
| 254 |
+
|
| 255 |
+
---
|
| 256 |
+
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| 257 |
+
### परिच्छेद-९
|
| 258 |
+
**विविध**
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
**२०. सिफारिस समितिः**
|
| 261 |
+
(१) नेपाल सरकारले उपाध्यक्षको पदमा नियुक्तिको लागि नाम सिफारिस गर्न मन्त्रालयका सचिवको अध्यक्षतामा अन्य दुईजना विज्ञ रहेको तीन सदस्यीय एक सिफारिस समिति गठन गर्नेछ ।
|
| 262 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको समितिले नेपाल सरकारद्वारा मान्यता प्राप्त बिश्रविघालयबाट कम्तीमा स्नातक तह उत्तीर्ण गरी युवाको हक, हितको संरक्षण, सम्बर्पन बा युवा विकास र परिचालनको क्षेत्रमा कम्तीमा सात बर्ष काम गरेका प्रतिष्ठित व्यक्तिहरुमध्येवाट उपाध्यक्षको पदमा नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्नु पर्नेछ ।
|
| 263 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सिफारिस समितिको बैठक लगायत सिफारिस गर्दा अबलम्बन गर्नुपर्ने अन्य कार्यविधि सो समिति आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 264 |
+
|
| 265 |
+
**२१. भाग लिन नहुने:**
|
| 266 |
+
परिषद् समिति र जिल्ला युवा समितिको कुनै सदस्य बा पदाधिकारीले परिषद्को ठेक्का पट्टा लिन बा आफ्नो निजी स्वार्थ भएको कुनै काम कुरामा भाग लिन हुँदैन।
|
| 267 |
+
|
| 268 |
+
**२२. उपसमिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेः**
|
| 269 |
+
(१) समितिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूले गर्नु पर्ने कुनै कार्य सम्पादन गर्नको निमित्त आवश्यकता अनुसार उपसमिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 270 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित उपसमिति बा कार्यदलको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा कार्यविधि सो उपसमिति बा कार्यदल गठन गर्दाका बखत समितिले तोके बमोजिम हुनेछ ।
|
| 271 |
+
|
| 272 |
+
**२३. पारिश्रमिक, सुबिधा तथा बैठक भत्ताः**
|
| 273 |
+
(१) जिल्ला समितिको अध्यक्षले पाउने सुबिधा तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 274 |
+
(२) परिषद्का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष र सदस्य, जिल्ला समितिका अध्यक्ष र सदस्य तथा दफा २२ बमोजिमको उपसमिति बा कार्यदलका सदस्यले बैठकमा भाग लिए बापत तोकिए बमोजिमको बैठक भत्ता पाउनेछन् ।
|
| 275 |
+
|
| 276 |
+
**२४. बार्षिक प्रतिवेदन:**
|
| 277 |
+
(१) जिल्ला युबा समितिले आफूले बर्षभरि गरेको कामको बार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक बर्ष समाप्त भएको दुई महिनाभित्र परिषद् समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 278 |
+
(२) परिषद्ले आफूले बर्षभरि गरेको कामको बार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक बर्ष समाप्त भएको तीन महिनाभित्र मन्त्रालय मार्फत नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 279 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको प्रतिवेदनमा अन्य कुराको अतिरिक्त परिषद् र जिल्ला युबा समितिले बर्षभरिमा सम्पादन गरेका कामहरु र तिनको उपलब्धी, त्यस्ता कामको लागि गरेको खर्च, परिषद्को कोषको तथा स्रोत साधनको अबस्था, परिषद्बाट भएका अन्य काम कारबाही तथा युबाको क्षेत्रमा देखिएका समस्या र सोको समाधानका उपाय समेतको बिबरण उल्लेख गर्नु पर्नेछ ।
|
| 280 |
+
(४) परिषद्ले आफूलाई प्राप्त स्रोत साधन, सम्पादन गरेका कार्य र तिनको उपलब्धी एवं गरेको अन्य काम कारबाहीको बिबरण सर्वसाधारणको जानकारीको लागि प्रत्येक बर्ष प्रकाशन गर्नु पर्नेछ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
**२५. निर्देशन दिन सक्नेः**
|
| 283 |
+
(१) नेपाल सरकारले परिषद्को काम कारबाही तथा सुधारको बिषयमा आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ ।
|
| 284 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दिइएको निर्देशनको पालना गर्नु परिषद्को कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 285 |
+
|
| 286 |
+
**२६. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 287 |
+
(१) परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरुमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार समिति, अध्यक्ष बा उपाध्यक्षलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 288 |
+
(२) समितिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरुमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार समितिको अध्यक्ष, कुनै सदस्य, सदस्य सचिब बा परिषद्को कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 289 |
+
|
| 290 |
+
**२७. शपथ:**
|
| 291 |
+
परिषद्, समिति र जिल्ला युवा समितिका पदेन सदस्य बाहेकका अन्य सदस्यले आफ्नो कार्यभार सम्हाल्नु अघि तोकिए बमोजिम शपथ लिनु पर्नेछ ।
|
| 292 |
+
|
| 293 |
+
**२८. सहयोग गर्नु पर्नेः**
|
| 294 |
+
परिषद्, समिति र जिल्ला युवा समितिको काम कारबाहीको सम्बन्धमा आवश्यक सहयोग गर्नु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 295 |
+
|
| 296 |
+
**२९. परिषद्को विघटन:**
|
| 297 |
+
(१) परिषद्ले यस ऐनको उद्देश्य बमोजिम काम गर्न नसकेमा नेपाल सरकारले जुनसुकै बखत परिषद् विघटन गर्न सक्नेछ ।
|
| 298 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम परिषद् विघटन भएमा परिषद्को चल अचल सम्पत्ति नेपाल सरकारको हुनेछ ।
|
| 299 |
+
|
| 300 |
+
**३०. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 301 |
+
परिषद्ले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 302 |
+
|
| 303 |
+
**३१. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 304 |
+
यस ऐनको कार्यान्वयनको लागि नेपाल सरकारले आवश्यक नियम बनाउन सक्���ेछ ।
|
| 305 |
+
|
| 306 |
+
**३२. विनियम बनाउने अधिकार:**
|
| 307 |
+
(१) यो ऐन वा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही परिषद्ले आवश्यक विनियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 308 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आर्थिक व्ययभार पर्ने विषयमा विनियम बनाउँदा परिषद्ले मन्त्रालयको स्वीकृति लिनु पर्नेछ ।
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section_14_pdf_13.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,376 @@
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| 1 |
+
**लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय ऐन, २०६३**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०६३।०७।२०
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
१. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन,२०६६
|
| 8 |
+
२०६६।१०।०७
|
| 9 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 10 |
+
२०७२।११।१३
|
| 11 |
+
३. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७
|
| 12 |
+
२०७७।०३।११
|
| 13 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
|
| 14 |
+
२०६२।०४।१४
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
---
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
**२०६३ सालको ऐन नं १६**
|
| 19 |
+
|
| 20 |
+
**लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालयको सम्बन्धमा व्यवस्था गर्ने बनेको ऐन**
|
| 21 |
+
|
| 22 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 23 |
+
भगवान् गौतम बुद्धका उपदेशलाई विश्व शान्तिका लागि मार्गदर्शक सन्देशका रुपमा स्वीकार एवं अनुशरण गरी शान्ति, बन्धुत्व, मैत्री तथा सद्भाव प्रबर्धन गर्न, शिक्षामा गुणस्तर कायम गरी "बौद्ध दर्शन, साहित्य, शिक्षा र संस्कृति सहित अन्य विषयको अध्ययन, अध्यापन र अनुसन्धान गर्नका लागि उच्च तहका शिक्षण संस्थाहरु सञ्चालन गर्न लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालयको स्थापना र व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
प्रतिनिधिसभाको घोषणा, २०६३ जारी भएको पहिलो बर्षमा प्रतिनिधिसभाले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
---
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
**परिच्छेद-१**
|
| 30 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 31 |
+
|
| 32 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 33 |
+
(१) यस ऐनको नाम "लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय ऐन, २०६३" रहेकोछ।
|
| 34 |
+
(२) यो ऐन संबत् २०६३ साल बैशाख २३ गतेदेखि प्रारम्भ भएको मानिनेछ।
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
२. **परिभाषा:**
|
| 37 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 38 |
+
(क) "विश्वविद्यालय" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(ख) "सभा" भन्नाले दफा ७ बमोजिमको विश्वविद्यालय सभा सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ग) "प्राज्ञिकपरिषद्" भन्नाले दफा १० बमोजिमको प्राज्ञिकपरिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(घ) "कार्यकारीपरिषद्" भन्नाले दफा १२ बमोजिमको कार्यकारीपरिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(ङ) "सङ्गाय" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको सङ्गाय सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(च) "विद्यापरिषद्" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको विद्यापरिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
(छ) "क्याम्पस" भन्नाले विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पस सम्झनु पर्छ र सो शब्दले विश्वविद्यालयबाट सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पस समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 45 |
+
(ज) "डीन" भन्नाले सङ्गायको प्रमुख सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(झ) "शिक्षक" भन्नाले विश्वविद्यालयमा शिक्षा प्रदान गर्ने बा अनुसन्धान गर्ने गराउने प्राध्यापक, सह—प्राध्यापक, उप—प्राध्यापक तथा सहाय�� प्राध्यापक सम्झनु पर्छ र सो शब्दले विश्वविद्यालयका विभिन्न तहका प्रशिक्षक तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियममा शिक्षक भनी तोकिएको अन्य व्यक्ति समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 47 |
+
(ज) "तोकिएको" बा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिएबमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
---
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
**परिच्छेद-२**
|
| 52 |
+
**विश्वविद्यालयको स्थापना सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
३. **विश्वविद्यालयको स्थापना:**
|
| 55 |
+
(१) "बौद्ध दर्शन, साहित्य, शिक्षा र संस्कृति सहित अन्य विषयको अध्ययन, अध्यापन र अनुसन्धान गर्नेका लागि उच्च तहका शिक्षण संस्थाहरु सञ्चालन गर्न लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालयको स्थापना गरिएकोछ।
|
| 56 |
+
(२) विश्वविद्यालयको केन्द्रीय कार्यालय रुपन्देही जिल्लाको लुम्बिनी क्षेत्रमा रहनेछ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
४. **विश्वविद्यालय स्वशासित सङ्गठित संस्था हुने:**
|
| 59 |
+
(१) विश्वविद्यालय अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित सङ्गठित संस्था हुनेछ।
|
| 60 |
+
(२) विश्वविद्यालयको सबै काम कारबाहीको निमित्त आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ।
|
| 61 |
+
(३) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न बा अन्य किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 62 |
+
(४) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह नालिस उजूर गर्न र विश्वविद्यालय उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजूर लाग्न सक्नेछ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
---
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
**परिच्छेद-३**
|
| 67 |
+
**विश्वविद्यालयको सङ्गठनस्वरुप र पदाधिकारीसम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
५. **विश्वविद्यालयको सङ्गठन:**
|
| 70 |
+
विश्वविद्यालयको सङ्गठन देहायबमोजिम हुनेछ र यिनीहरुको सामूहिक रुप नै विश्वविद्यालयको स्वरुप हुनेछः-
|
| 71 |
+
(क) सभा,
|
| 72 |
+
(ख) प्राज्ञिकपरिषद्,
|
| 73 |
+
(ग) कार्यकारीपरिषद्,
|
| 74 |
+
(घ) सङ्गाय,
|
| 75 |
+
(ङ) बिद्यापरिषद्,
|
| 76 |
+
(च) क्याम्पस, र
|
| 77 |
+
(छ) तोकिएबमोजिमका अन्य निकाय।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
६. **विश्वविद्यालयका पदाधिकारीहरु:**
|
| 80 |
+
विश्वविद्यालयमा देहायका पदाधिकारीहरु रहनेछन्:-
|
| 81 |
+
(क) कुलपति,
|
| 82 |
+
(ख) सहकुलपति,
|
| 83 |
+
(ग) उपकुलपति,
|
| 84 |
+
(घ) रजिष्ट्रार,
|
| 85 |
+
(ङ) डीन,
|
| 86 |
+
(च) क्याम्पस प्रमुख,
|
| 87 |
+
(छ) तोकिएबमोजिमका अन्य पदाधिकारी।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
---
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
**परिच्छेद-४**
|
| 92 |
+
**विश्वविद्यालय सभा सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
७. **सभाको गठन:**
|
| 95 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा सर्वोच्च निकायको रुपमा एक सभा रहनेछ।
|
| 96 |
+
(२) सभाको गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 97 |
+
(क) कुलपति - अध्यक्ष
|
| 98 |
+
(ख) सहकुलपति - उपाध्यक्ष
|
| 99 |
+
(ग) उपकुलपति - सदस्य
|
| 100 |
+
(घ) सदस्य, राष्ट्रिय योजना आयोग (शिक्षा हेर्ने) - सदस्य
|
| 101 |
+
(ङ) अन्य विश्वविद्यालयका उपकुलपतिहरुमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 102 |
+
(च) विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको अध्यक्ष - सदस्य
|
| 103 |
+
(छ) सचिव, शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 104 |
+
(ज) सचिव, अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 105 |
+
(झ) सचिव, संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय - सदस्य
|
| 106 |
+
(ट) सम्बन्धित प्रदेश सरकारको प्रमुख सचिव - सदस्य
|
| 107 |
+
(ठ) लुम्बिनी विकास कोषको उपाध्यक्ष - सदस्य
|
| 108 |
+
(ड) डीन - सदस्य
|
| 109 |
+
(ढ) क्याम्पस प्रमुखहरुमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 110 |
+
(ण) शिक्षकहरुमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 111 |
+
(त) विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघको प्रतिनिधि - सदस्य
|
| 112 |
+
(थ) बौद्ध दर्शन, साहित्य, शिक्षा र संस्कृतिका ख्यातिप्राप्त विद्वानहरुमध्येवाट प्रत्येक प्रदेशवाट कम्तीमा एकजना महिला पर्ने गरी बौधजना - सदस्य
|
| 113 |
+
(द) राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय रुपमा मान्यताप्राप्त बौद्ध दर्शन सम्बन्धी संस्थाका प्रतिनिधिहरुमध्येवाट कम्तीमा तीनजना महिला पर्ने गरी सातजना - सदस्य
|
| 114 |
+
(न) चन्द्रदाताहरुमध्येवाट समावेशी आधारमा दुईजना - सदस्य
|
| 115 |
+
(प) शिक्षाप्रेमी तथा समाजसेवीहरुमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 116 |
+
(फ) रजिष्ट्रार - सदस्य-सचिव
|
| 117 |
+
|
| 118 |
+
(३) सभाका पदेन सदस्य बाहेक अन्य सदस्यहरुको मनोनयन कार्यकारीपरिषद्को सिफारिसमा कुलपतिवाट हुनेछ।
|
| 119 |
+
(४) सभाका मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 120 |
+
(४) कुनै कारणले सभाका मनोनीत सदस्यको पद रिक्त हुन गएमा बाँकी अबधिको लागि उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
८. **सभाको बैठक:**
|
| 123 |
+
(१) सभाको बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक बस्नेछ।
|
| 124 |
+
(२) सभाको बैठक सभाको अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 125 |
+
(३) सभाको बैठक हुनुभन्दा कम्तीमा पन्ध्र दिन अगाबै बैठकमा छलफल हुने विषयको कार्यसूची सहितको सूचना सभाको सदस्य-सचिबले सबै सदस्यहरुलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 126 |
+
(४) सभामा तत्काल कायम रहेका पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा सभाको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 127 |
+
(४) सभाको बैठकको अध्यक्षता सभाको अध्यक्षले र निजको अनुपस्थितिमा सभाको उपाध्यक्षले गर्नेछ। सभाको अध्यक्ष र उपाध्यक्ष दुबैको अनुपस्थितिमा सभाको बैठकको अध्यक्षता उपकुलपतिले गर्नेछ।
|
| 128 |
+
(६) सभाको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 129 |
+
(७) सभाको अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले सभाको बैठकको निर्णय प्रमाणित गर्नेछ।
|
| 130 |
+
(८) सभाको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि सभा आफैले निर्धारण गरेबमोजिम हुनेछ।
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
९. **सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 133 |
+
सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 134 |
+
(क) विश्वविद्यालयको नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 135 |
+
(ख) विश्वविद्यालयलाई मार्गदर्शन गर्ने,
|
| 136 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको शैक्षिक कार्यक्रमहरुको सञ्चालन र प्रबन्ध गर्ने, गराउने,
|
| 137 |
+
(घ) क्याम्पसको स्थापना तथा सम्बन्धन सम्बन्धमा आवश्यक काम गर्ने, गराउने,
|
| 138 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयबाट प्रदान गरिने बिभिन्न उपाधि निर्धारण गर्ने र प्रदान गर्ने,
|
| 139 |
+
(च) विश्वविद्यालयका आङ्गिक तथा विश्वविद्यालयबाट सम्बन्धनप्राप्त क्याम्पसलाई निर्देशन दिने र मार्गदर्शन गर्ने,
|
| 140 |
+
(छ) विश्वविद्यालयअन्तर्गतका बिभिन्न निकायहरुको शैक्षिक तथा प्रशासनिक नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 141 |
+
(ज) विश्वविद्यालयको आवश्यकता अनुसार बिभिन्न समिति, उपसमिति बा कार्यटोलीको गठन गर्ने,
|
| 142 |
+
(झ) विश्वविद्यालयको बार्षिक बजेट तथा कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने,
|
| 143 |
+
(ज) विश्वविद्यालय अन्तर्गतका निकायहरुको बार्षिक प्रतिबेदन माथि छलफल गर्ने र कार्यक्रमको मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 144 |
+
(ट) विश्वविद्यालयको लेखापरीक्षण प्रतिबेदनमाथि छलफल तथा स्वीकृत गर्ने,
|
| 145 |
+
(ट) विश्वविद्यालयसम्बन्धी नियमहरु पारित गर्ने,
|
| 146 |
+
(ड) विश्वविद्यालयका पदाधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारीको सेवा शर्त निर्धारण गर्ने,
|
| 147 |
+
(ढ) विश्वविद्यालयको सम्पति संरक्षण गर्ने गराउने,
|
| 148 |
+
(ण) तोकिएबमोजिमका अन्य काम गर्ने।
|
| 149 |
+
|
| 150 |
+
---
|
| 151 |
+
|
| 152 |
+
**परिच्छेद-५**
|
| 153 |
+
**प्राज्ञिकपरिषद् सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 154 |
+
|
| 155 |
+
१०. **प्राज्ञिकपरिषद्को गठन:**
|
| 156 |
+
(१) विश्वविद्यालयको शैक्षिक तथा प्राज्ञिक निकायको रुपमा काम गर्न एक प्राज्ञिकपरिषद् रहनेछ।
|
| 157 |
+
(२) प्राज्ञिकपरिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 158 |
+
(क) उपकुलपति
|
| 159 |
+
(ख) रजिष्ट्रार
|
| 160 |
+
(ग) विश्वविद्यालयका विभिन्न विषय समितिका अध्यक्षहरुमध्येवाट पौंचजना
|
| 161 |
+
(घ) शिक्षकहरुमध्येवाट एकजना
|
| 162 |
+
(ङ) बौद्ध दर्शन, साहित्य, शिक्षा र संस्कृतिका क्षेत्रमा विशिष्ट योगदान पु-याएका व्यत्तिहरुमध्येवाट एकजना महिला पर्ने गरी दुईजना
|
| 163 |
+
(च) डीन - सदस्य-सचिव
|
| 164 |
+
|
| 165 |
+
(३) प्राज्ञिक परिषद्का पदेन सदस्यहरुवाहेक अन्य सदस्यहरुको मनोनयन कार्यकारीपरिषद्को सिफारिसमा कुलपतिवाट हुनेछ।
|
| 166 |
+
(४) प्राज्ञिक परिषद्का मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 167 |
+
(४) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि प्राज्ञिक परिषद्का कुनै मनोनीत सदस्यको काम सन्तोषजनक नदेखिएमा कार्यकारीपरिषद्को सिफारिसमा कुलपतिले निजलाई जुनसुकै बखत हटाउन सक्नेछ। तर त्यसरी हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौकावाट बञ्चित गरिने छैन।
|
| 168 |
+
(६) कुनै कारणले प्राज्ञिक परिषद्का मनोनीत सदस्यको पद रिक्त हुन गएमा बाँकी अबधिको लागि उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 169 |
+
(७) प्राज्ञिकपरिषद्को बैठकसम्बन्धी कार्यविधि तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 170 |
+
|
| 171 |
+
११. **प्राज्ञिकपरिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 172 |
+
प्राज्ञिकपरिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः -
|
| 173 |
+
(क) विश्वविद्यालयको पाठ्यक्रम निर्धारण तथा स्वीकृत गर्ने,
|
| 174 |
+
(ख) विश्वविद्यालय अन्तर्गत सञ्चालन हुने परीक्षाको किसिम तोक्ने,
|
| 175 |
+
(ग) विद्यार्थी भर्ना सम्बन्धी योग्यता र संख्या निर्धारण गर्ने,
|
| 176 |
+
(घ) अनुसन्धानसम्बन्धी नीति तर्जुमा गर्ने र अनुसन्धान कार्यक्रमलाई स्वीकृति प्रदान गर्ने,
|
| 177 |
+
(ङ) विद्यार्थीहरुको शैक्षिक कार्यक्रमको मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 178 |
+
(च) शिक्षण र अनुसन्धानको स्तर निर्धारण गर्ने,
|
| 179 |
+
(छ) मानार्थ उपाधिहरुको व्यवस्था गर्ने,
|
| 180 |
+
(ज) तोकिएबमोजिमका अन्य कार्य गर्ने।
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
---
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
**परिच्छेद-६**
|
| 185 |
+
**कार्यकारीपरिषद् सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 186 |
+
|
| 187 |
+
१२. **कार्यकारीपरिषद्को गठन:**
|
| 188 |
+
(१) विश्वविद्यालयको कार्यकारी निकायको रुपमा काम गर्न एक कार्यकारीपरिषद् रहनेछ।
|
| 189 |
+
(२) कार्यकारीपरिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछः -
|
| 190 |
+
(क) उपकुलपति - अध्यक्ष
|
| 191 |
+
(ख) डीन - सदस्य
|
| 192 |
+
(ग) सभाका सदस्य रहेका क्याम्पस प्रमुखहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 193 |
+
(घ) बौद्ध दर्शन, साहित्य, शिक्षा र संस्कृतिका ख्यातिप्राप्त स्थानीय विद्वानहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 194 |
+
(ङ) शिक्षकहरुमध्येबाट एकजना महिला पर्ने गरी दुईजना - सदस्य
|
| 195 |
+
(च) रजिष्ट्रार - सदस्य-सचिव
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ख), (ग), (घ) र (ङ) बमोजिमका सदस्यहरुको मनोनयन उपकुलपतिको सिफारिसमा कुलपतिले गर्नेछ।
|
| 198 |
+
(४) कार्यकारी परिषद्का मनोनीत सदस्यहरुको पदाबधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 199 |
+
(४) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कार्यकारीपरिषद्को कुनै मनोनीत सदस्यको काम सन्तोषजनक नदेखिएमा उपकुलपतिको सिफारिसमा कुलपतिले निजलाई जुनसुकै बखत हटाउन सक्नेछ। तर यसरी हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौकाबाट बञ्चित गरिने छैन।
|
| 200 |
+
(६) कुनै कारणले मनोनीत सदस्यको पद रिक्त हुन गएमा बाँकी अबधिका लाग��� उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 201 |
+
(७) कार्यकारीपरिषद्को बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
१३. **कार्यकारीपरिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 204 |
+
कार्यकारीपरिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहायबमोजिम हुनेछ: -
|
| 205 |
+
(क) सभाको निर्णय र निर्देशनहरु कार्यान्वयन गर्ने गराउने,
|
| 206 |
+
(ख) विश्वविद्यालयको बार्षिक कार्यक्रम, बजेट, प्रगति विवरण, लेखापरीक्षण प्रतिवेदन र अन्य प्रस्तावहरु तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभा समक्ष पेश गर्ने,
|
| 207 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको कोष तथा चल, अचल सम्पतिको सञ्चालन, रेखदेख र नियन्त्रण गर्ने,
|
| 208 |
+
(घ) सभाको नीति निर्देशनको अधीनमा रही विश्वविद्यालयको चल, अचल सम्पति बेचबिखन गर्ने तथा टेक्का पट्टामा दिने,
|
| 209 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयद्वारा सञ्चालित कार्यक्रमहरुको समन्वय, रेखदेख तथा निरीक्षण गर्ने र सोको प्रतिवेदन सभामा पेश गर्ने,
|
| 210 |
+
(च) विश्वविद्यालय सम्बन्धी नियमको मस्यौदा तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभामा पेश गर्ने,
|
| 211 |
+
(छ) विश्वविद्यालयको लागि आवश्यक पर्ने शिक्षक तथा कर्मचारीहरु तोकिएबमोजिम नियुक्ति र बढुवा गर्ने,
|
| 212 |
+
(ज) विश्वविद्यालयलाई प्राप्त दान, दातव्य, आर्थिक तथा अन्य सहयोग ग्रहण गर्ने,
|
| 213 |
+
(झ) विद्यार्थी शुल्क निर्धारण गर्ने, र
|
| 214 |
+
(ज) तोकिएबमोजिमका अन्य कार्यहरु गर्ने।
|
| 215 |
+
|
| 216 |
+
---
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
**परिच्छेद-७**
|
| 219 |
+
**सङ्खय, क्याम्पस तथा अन्य निकाय सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 220 |
+
|
| 221 |
+
१४. **सङ्गाय:**
|
| 222 |
+
(१) विश्वविद्यालयबाट सञ्चालन गरिने उच्च शिक्षाको लागि तोकिएका विषयमा तोकिएबमोजिमको सङ्गाय रहनेछ।
|
| 223 |
+
(२) सङ्गायको काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
१५. **विद्या परिषद्को गठन:**
|
| 226 |
+
(१) सङ्गायमा शैक्षिक तथा प्राज्ञिक कार्यक्रमको सञ्चालन गर्नको लागि तोकिएबमोजिमको एक विद्या परिषद्को गठन हुनेछ।
|
| 227 |
+
(२) विद्यापरिषद् अन्तर्गत तोकिएबमोजिमका विषय समितिहरु रहनेछन्।
|
| 228 |
+
(३) विद्यापरिषद् र सो अन्तर्गत रहने विषय समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 229 |
+
|
| 230 |
+
१६. **क्याम्पसको स्थापना तथा सञ्चालन:**
|
| 231 |
+
(१) विश्वविद्यालयले उच्च शिक्षा प्रदान गर्ने प्रयोजनको लागि क्याम्पसको स्थापना तथा सञ्चालन गर्न सक्नेछ।
|
| 232 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम विश्वविद्यालयबाट स्थापना तथा सञ्चालन गरिने क्याम्पस सम्बन्धी व्यवस्था तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 233 |
+
|
| 234 |
+
१७. **विश्वविद्यालयसँग सम्बन्धन ग��्न सक्ने:**
|
| 235 |
+
(१) कुनै स्वदेशी बा विदेशी क्याम्पसले विश्वविद्यालयसँग सम्बन्धन गरी सञ्चालन गर्न चाहेमा विश्वविद्यालयले त्यस्तो क्याम्पसलाई सम्बन्धन प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 236 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसले विश्वविद्यालयले तोकेको सम्बन्धन शुल्क प्रत्येक बर्ष विश्वविद्यालयलाई बुझाउनु पर्नेछ।
|
| 237 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसले विश्वविद्यालयले तोकेका शर्तहरु पालन गर्नु पर्नेछ।
|
| 238 |
+
|
| 239 |
+
१८. **अन्य निकाय रहन सक्ने:**
|
| 240 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा यस ऐनमा उल्लेख भए बाहेक तोकिएबमोजिमका अन्य निकाय रहन सक्नेछन्।
|
| 241 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको निकायको स्थापना तथा सञ्चालन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 242 |
+
|
| 243 |
+
---
|
| 244 |
+
|
| 245 |
+
**परिच्छेद-८**
|
| 246 |
+
**विश्वविद्यालयका पदाधिकारी सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
१९. **कुलपति:**
|
| 249 |
+
(१) प्रधानमन्त्री विश्वविद्यालयको कुलपति हुनेछ।
|
| 250 |
+
(२) कुलपति विश्वविद्यालयको प्रमुख र सभाको अध्यक्ष हुनेछ।
|
| 251 |
+
(३) कुलपतिले विश्वविद्यालय वा विश्वविद्यालयसँग सम्बन्धित जुनसुकै विषयमा निरीक्षण गर्न र विश्वविद्यालयलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
२०. **सहकुलपति:**
|
| 254 |
+
(१) शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री विश्वविद्यालयको सहकुलपति हुनेछ।
|
| 255 |
+
(२) सहकुलपतिले आवश्यकता अनुसार विश्वविद्यालयको निरीक्षण गर्न र विश्वविद्यालयलाई निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 256 |
+
|
| 257 |
+
२१. **उपकुलपति:**
|
| 258 |
+
(१) उपकुलपति विश्वविद्यालयमा पूरा समय काम गर्ने प्रमुख पदाधिकारी हुनेछ।
|
| 259 |
+
(२) उपकुलपतिको पदमा नियुक्तिको लागि सिफारिस पेश गर्न कुलपतिबाट सहकुलपतिको अध्यक्षतामा सभाको दुईजना सदस्य रहेको एक समिति गठन हुनेछ र सो समितिको सिफारिसमा कुलपतिबाट उपकुलपतिको नियुक्ति हुनेछ।
|
| 260 |
+
(३) उपकुलपतिको पदावधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 261 |
+
(४) उपकुलपतिको पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका अन्य शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
|
| 262 |
+
|
| 263 |
+
२२. **उपकुलपतिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 264 |
+
(१) उपकुलपतिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 265 |
+
(क) विश्वविद्यालयको सबै काम कारबाही उपर रेखदेख तथा नियन्त्रण गर्ने,
|
| 266 |
+
(ख) सभाको निर्णय र निर्देशनहरु कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 267 |
+
(ग) सभामा पेश हुने सबै विषय सम्बन्धी प्रस्ताव पेश गर्ने,
|
| 268 |
+
(घ) विश्वविद्यालयको विकासको लागि अल्पकालीन वा दीर्घकालीन कार्यक्रम तय गर्ने, गराउने,
|
| 269 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयको तर्फबाट बिभिन्न निकायमा प्रतिनिधि��्व गर्ने, गराउने,
|
| 270 |
+
(च) विश्वविद्यालयलाई आवश्यक स्रोतको व्यवस्था गर्ने।
|
| 271 |
+
(२) यो ऐन वा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा कुनै निकाय वा पदाधिकारीले गर्ने भनी उल्लेख भएका कामहरु बाहेक अन्य कामहरु उपकुलपतिले गर्नेछ। उपकुलपतिले त्यसरी कुनै काम गरेकोमा त्यसको जानकारी तुरुन्त कुलपतिलाई दिनु पर्नेछ र सो काम गरेपछि लगत्तै बस्ने सभाको बैठकबाट अनुमोदन गराउनु पर्नेछ।
|
| 272 |
+
(३) उपकुलपतिको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 273 |
+
|
| 274 |
+
२३. **रजिष्ट्रार:**
|
| 275 |
+
(१) रजिष्ट्रार विश्वविद्यालयमा पूरा समय काम गर्ने पदाधिकारी हुनेछ।
|
| 276 |
+
(२) रजिष्ट्रारको नियुक्ति उपकुलपतिको सिफारिसमा कुलपतिबाट हुनेछ।
|
| 277 |
+
(३) विश्वविद्यालयको शैक्षिक, आर्थिक र कर्मचारी प्रशासन रजिष्ट्रारको सामान्य रेखदेखमा रहनेछ।
|
| 278 |
+
(४) रजिष्ट्रारको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 279 |
+
(४) रजिष्ट्रारको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
|
| 280 |
+
(६) रजिष्ट्रारले सभाको निर्णय बा आदेशको अभिलेख गरी राख्नु पर्नेछ। सो निर्णय बा आदेशको एक प्रति कुलपति समक्ष पठाउनु पर्नेछ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
२४. **डीन:**
|
| 283 |
+
(१) डीन सङ्गायमा पूरा समय काम गर्ने प्रमुख पदाधिकारी हुनेछ।
|
| 284 |
+
(२) डीनको नियुक्ति कार्यकारी परिपद्बबाट हुनेछ।
|
| 285 |
+
(३) डीनको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 286 |
+
(४) डीनको काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका अन्य शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
|
| 287 |
+
|
| 288 |
+
२५. **अन्य पदाधिकारी:**
|
| 289 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा क्याम्पस प्रमुख लगायत तोकिएबमोजिमका अन्य पदाधिकारीहरु रहन सक्नेछन्।
|
| 290 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको पदाधिकारीको नियुक्ति, काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
|
| 291 |
+
|
| 292 |
+
२६. **शिक्षक तथा कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 293 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा तोकिएबमोजिम शिक्षक तथा कर्मचारी रहनेछन्।
|
| 294 |
+
(२) शिक्षक तथा कर्मचारीको नियुक्ति तथा बढुवाको लागि सिफारिस गर्न तोकिएबमोजिमको एक पदपूर्ति समिति रहनेछ।
|
| 295 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमका शिक्षक तथा कर्मचारीको नियुक्ति, काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
|
| 296 |
+
|
| 297 |
+
---
|
| 298 |
+
|
| 299 |
+
**परिच्छेद-९**
|
| 300 |
+
**विश्वविद्यालयको कोष र लेखापरीक्षण सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 301 |
+
|
| 302 |
+
२९. **विश्वविद्यालयको कोष:**
|
| 303 |
+
(१) विश्वविद्यालयको आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ र सो कोषमा देहायका रकमहरु रहनेछन्:-
|
| 304 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट सहयोग बा अनुदान स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 305 |
+
(ख) कुनै व्यक्ति बा संस्थाबाट चन्दा, दान, दातव्य र आर्थिक सहायता स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 306 |
+
(ग) अन्तर्राष्ट्रिय संघ, संस्था, विदेशी सरकार, निकाय, वित्तीय संस्था बा व्यक्तिबाट ऋण बा अनुदानस्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 307 |
+
(घ) विद्यार्थी शुल्कबापत प्राप्त रकम,
|
| 308 |
+
(ङ) सम्बन्धन शुल्कबापत प्राप्त रकम,
|
| 309 |
+
(च) अन्य स्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 310 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ग) बमोजिम विश्वविद्यालयले कुनै रकम प्राप्त गर्दा नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 311 |
+
(३) विश्वविद्यालयको कोषको रकम कार्यकारी परिषद्ले तोकेको बैङ्मा खाता खोली जम्मा गरिनेछ।
|
| 312 |
+
(४) विश्वविद्यालयको सबै खर्चहरु उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ।
|
| 313 |
+
(४) विश्वविद्यालयको कोष र खाताको सञ्चालन तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 314 |
+
|
| 315 |
+
३०. **लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 316 |
+
(१) विश्वविद्यालयको आय-व्ययको लेखा प्रचलित कानून बमोजिम राखिनेछ।
|
| 317 |
+
(२) विश्वविद्यालयको आन्तरिक लेखापरीक्षण सभाले नियुक्त गरेको मान्यता प्राप्त लेखा परीक्षकबाट हुनेछ।
|
| 318 |
+
(३) विश्वविद्यालयको अन्तिम लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकबाट हुनेछ।
|
| 319 |
+
|
| 320 |
+
---
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
**परिच्छेद-१०**
|
| 323 |
+
**विविध**
|
| 324 |
+
|
| 325 |
+
३१. **प्रमाणपत्र र उपाधि तथा मान्यता दिने:**
|
| 326 |
+
(१) तोकिएको विषयमा उच्च शिक्षा हासिल गर्ने विद्यार्थी, प्रशिक्षार्थी बा अनुसन्धानकर्तालाई विश्वविद्यालयले तोकिएबमोजिमको प्रमाणपत्र र अनुसन्धानात्मक तथा प्राज्ञिक क्षेत्रमा प्रशंसनीय कार्य गर्ने व्यक्तिलाई मानार्थ उपाधि प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 327 |
+
(२) विश्वविद्यालयले अन्य विश्वविद्यालय बा शैक्षिक संस्थाको शैक्षिक उपाधिलाई मान्यता दिन सक्नेछ।
|
| 328 |
+
|
| 329 |
+
३२. **विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने योग्यता:**
|
| 330 |
+
विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने योग्यता तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 331 |
+
|
| 332 |
+
३२क. **निःशुल्क उच्च शिक्षा तथा छात्रवृत्ति:**
|
| 333 |
+
(१) विश्वविद्यालयले तोकेको मापदण्ड पूरा गरी विश्वविद्यालय बा मातहतका आङ्गिक तथा सामुदायिक शैक्षिक संस्थामा भर्ना भएका दलित, सिमान्तीकृत, अपाइ र आर्थिक रूपले बिपन्न विद्यार्थीको लागि उच्च शिक्षा निःशुल्क हुनेछ।
|
| 334 |
+
(२) उपदफा (१) को प्रयोजनको लागि आधार, मापदण्ड, वर्गीकरण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 335 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सुविधा एक विद्यार्थीले प्रत्येक तहमा एकप��क मात्र उपभोग गर्न पाउनेछ।
|
| 336 |
+
(४) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि दलित विद्यार्थीको लागि प्राविधिक तथा व्यावसायिक उच्च शिक्षामा भर्नाका लागि तोकिएबमोजिमको सिट सुरक्षित गरिनेछ।
|
| 337 |
+
(४) विश्वविद्यालयले शहिद, बेपत्ता पारिएका र अपाइता भएका व्यक्तिका छोरा, छोरीको लागि प्रचलित कानूनमा व्यवस्था भए बमोजिम उच्च शिक्षाको व्यवस्था गर्नेछ।
|
| 338 |
+
(६) कक्षा छ देखि कक्षा दशसम्म सामुदायिक विद्यालयमा अध्ययन गरेको विद्यार्थीले उच्च शिक्षामा प्रचलित कानून बमोजिम छात्रवृत्ति पाउनेछ।
|
| 339 |
+
|
| 340 |
+
३३. **विद्यार्थी भर्नाको लागि आरक्षण गर्न सक्ने:**
|
| 341 |
+
विश्वविद्यालयले दुर्गम तथा अन्य क्षेत्रका पिछडिएका तथा बिपन्न महिला, अपाइ, आदिवासी जनजाति, मधेसी बा दलितलाई विश्वविद्यालयमा भर्ना हुनको लागि तोकिएबमोजिम आरक्षणको व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 342 |
+
|
| 343 |
+
३४. **राष्ट्रिय शिक्षा नीति अनुरुप कार्य गर्नु पर्ने:**
|
| 344 |
+
नेपाल सरकारको राष्ट्रिय शिक्षा नीति अनुरुप कार्य गर्नु विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 345 |
+
|
| 346 |
+
३५. **प्रतिवेदन पेश गर्नु पर्ने:**
|
| 347 |
+
(१) विश्वविद्यालयले बर्षभरीमा आफूले गरेको मुख्य-मुख्य काम कारबाहीको प्रतिवेदन नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 348 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदनमा विश्वविद्यालयले बर्षभरिमा प्राप्त गरेको रकम र खर्चको विवरण समेत उल्लेख गर्नु पर्नेछ।
|
| 349 |
+
|
| 350 |
+
३६. **निर्देशन दिन सक्ने:**
|
| 351 |
+
नेपाल सरकारले विश्वविद्यालयलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ र त्यस्तो निर्देशनको पालन गर्नु विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 352 |
+
|
| 353 |
+
३७. **अधिकार प्रत्यायोजन गर्न सक्ने:**
|
| 354 |
+
(१) सभाले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार प्राज्ञिकपरिषद् बा कार्यकारी परिषद्लाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 355 |
+
(२) प्राज्ञिकपरिषद् बा कार्यकारी परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकतानुसार केही अधिकार कुनै निकायलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 356 |
+
(३) विश्वविद्यालयका कुनै पदाधिकारीले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकतानुसार केही अधिकार आफू मातहतका कुनै पदाधिकारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 357 |
+
|
| 358 |
+
३८. **नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 359 |
+
विश्वविद्यालयले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय मार्फत राख्नेछ।
|
| 360 |
+
|
| 361 |
+
३९. **काम कारबाही बदर नहुने:**
|
| 362 |
+
विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको स्थान रिक्त भई बा कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको नियुक्ति बा मनोनयनमा बुटी भएको कारणले मात्र त्यस्तो काम कारबाही बदर हुने छैन।
|
| 363 |
+
|
| 364 |
+
४०. **असल नियतले गरेको काममा बचाउ:**
|
| 365 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम असल नियतले गरेको बा गर्न खोजेको कुनै कामको सम्बन्धमा विश्वविद्यालय बा विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी उपर मुद्दा चलाउने बा अन्य कारबाही गरिने छैन।
|
| 366 |
+
|
| 367 |
+
४१. **बिघटन गर्न सक्ने:**
|
| 368 |
+
(१) कुनै कारणले विश्वविद्यालय सञ्चालन हुन नसक्ने देखिएमा सभाको सिफारिसमा नेपाल सरकारले विश्वविद्यालयलाई बिघटन गर्न सक्नेछ।
|
| 369 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बिघटन गर्नु अघि कसैको कुनै किसिमको दाबी भए शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय मा त्यस्तो दाबी पेश गर्न कम्तीमा पैतीस दिनको म्याद दिई सार्वजनिक सूचना जारी गर्नु पर्नेछ।
|
| 370 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम विश्वविद्यालय बिघटन भएमा सो विश्वविद्यालयको सम्पत्ति बेचबिखन गरी प्राप्त रकमबाट खामेसम्मको रकमको मात्र दायित्व नेपाल सरकारले भुक्तानी गर्नेछ।
|
| 371 |
+
|
| 372 |
+
४२. **नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 373 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्नको लागि विश्वविद्यालयले यो ऐनको अधीनमा रही आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 374 |
+
|
| 375 |
+
४३. **बचाउ:**
|
| 376 |
+
संबत् २०६२ साल कार्तिक २४ गते जारी भएको लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय अध्यादेश, २०६२ बमोजिम भए गरेको काम कारबाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ।
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section_14_pdf_14.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,204 @@
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| 1 |
+
# विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ऐन, २०४०
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
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| 4 |
+
२०४०।०६।०७
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
प्रमाणिकरण र प्रकाशन मिति
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| 8 |
+
१. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
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| 9 |
+
२०६६।१०।०७
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| 10 |
+
२. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७
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| 11 |
+
२०७७।०३।११
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| 12 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
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| 13 |
+
२०६२।०४।१४
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| 14 |
+
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| 15 |
+
---
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| 16 |
+
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| 17 |
+
## २०४० सालको ऐन नं. २४
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| 18 |
+
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| 19 |
+
## विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 20 |
+
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| 21 |
+
**प्रस्तावना:**
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| 22 |
+
नेपालमा विश्वविद्यालयहरूको सञ्चालन तथा विकासको लागि विभिन्न क्षेत्रबाट प्राप्त अनुदानको रकम समुचित तबरले वितरण गर्न तथा विश्वविद्यालयको शैक्षिक स्तर निर्धारण गरी गुणस्तरयुक्त शिक्षा प्रदान गर्न प्रोत्साहन दिने सम्बन्धी काम गर्न विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको स्थापना र व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 23 |
+
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| 24 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज बीरेन्द्र बीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको बाइसौं बर्षमा संसदले यो ऐन बनाएकोछ।
|
| 25 |
+
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| 26 |
+
---
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| 27 |
+
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| 28 |
+
### १. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:
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| 29 |
+
(१) यस ऐनको नाम "विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ऐन, २०४०" रहेको छ।
|
| 30 |
+
(२) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकिदिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
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| 31 |
+
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| 32 |
+
### २. परिभाषा:
|
| 33 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 34 |
+
(क) "आयोग" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ख) "विश्वविद्यालय" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम स्थापना भएका बा हुने विश्वविद्यालय सम्झनु पर्छ।
|
| 36 |
+
(ग) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(घ) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले आयोगको अध्यक्ष र सदस्य-सचिबलाई समेत जनाउँछ।
|
| 38 |
+
(ङ) "सचिब" भन्नाले आयोगको सचिब सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(च) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यो ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
|
| 41 |
+
---
|
| 42 |
+
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| 43 |
+
### ३. आयोगको स्थापना:
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| 44 |
+
(१) नेपालमा विश्वविद्यालयको सञ्चालन तथा विकासको लागि विभिन्न क्षेत्रबाट प्राप्त अनुदान रकमको समुचित तबरले बितरण गर्न तथा विश्वविद्यालयमा शैक्षिक स्तर निर्धारण गरी गुणस्तरयुक्त शिक्षा प्रदान गर्न समेतको लागि एक विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको स्थापना हुनेछ।
|
| 45 |
+
(२) आयोगलाई अंग्रेजी भाषामा "युनिभर्सिटी ग्राण्ट्स कमिसन" भनिनेछ।
|
| 46 |
+
(३) आयोगको कार्यालय काठमाडौं उपत्यकामा रहनेछ।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
### ४. आयोग स्वशासित संस्था हुने:
|
| 49 |
+
(१) आयोग अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला स्वशासित र संगटित संस्था हुनेछ।
|
| 50 |
+
(२) आयोगको सबै काम कारबाहीको लागि आफ्नो छुट्टै छाप हुनेछ।
|
| 51 |
+
(३) आयोगले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न बा अन्य किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 52 |
+
(४) आयोगले व्यक्ति सरह नालिस उजुर गर्न र आयोग उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजुर लाग्न सक्नेछ।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
---
|
| 55 |
+
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| 56 |
+
### ५. आयोगको गठन:
|
| 57 |
+
(१) दफा ३ को उपदफा (१) बमोजिम स्थापना भएको आयोगको गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 58 |
+
(क) ख्याति प्राप्त शिक्षाविद्हरुमध्येबाट नेपाल सरकारले मनोनीत गरेको व्यक्ति - अध्यक्ष
|
| 59 |
+
(ख) विश्वविद्यालयका उपकुलपतिहरुमध्येबाट नेपाल सरकारले मनोनीत दुई जना उपकुलपति - सदस्य
|
| 60 |
+
(ग) सदस्य, राष्ट्रिय योजना आयोग (शिक्षा हेर्ने) - सदस्य
|
| 61 |
+
(घ) सचिव, शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 62 |
+
(ङ) सचिव, अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 63 |
+
(च) उच्च शिक्षामा विशेष योगदान पुऱ्याउने विद्वान तथा बरिष्ठ प्राध्यापकहरुमध्येबाट नेपाल सरकारले मनोनीत गरेका दुई जना व्यक्ति - सदस्य
|
| 64 |
+
(छ) उच्च शिक्षाका क्षेत्रमा विशेष योगदान पुऱ्याउने विभिन्न क्षेत्रका व्यक्तिहरुमध्येबाट नेपाल सरकारले मनोनीत गरेका दुई जना व्यक्ति - सदस्य
|
| 65 |
+
(ज) सचिव - सदस्य-सचिव
|
| 66 |
+
|
| 67 |
+
(२) मनोनीत सदस्यहरुको पदावधि चार वर्षको हुनेछ र पदावधि समाप्त भएपछि निजहरु पुनः मनोनीत हुन सक्नेछन्।
|
| 68 |
+
(३) नेपाल सरकारले आयोगको कारण सहितको सिफारिशमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी आयोगका सदस्यहरु हेरफेर गर्न सक्नेछ।
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
---
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
### ६. आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार:
|
| 73 |
+
(१) आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 74 |
+
(क) विश्वविद्यालय स्थापना गर्ने सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई परामर्श दिने।
|
| 75 |
+
(ख) विभिन्न क्षेत्रबाट प्राप्त अनुदानको रकम विश्वविद्यालयहरुलाई प्रदान गर्ने सम्बन्धमा नीति निर्धारण गर्ने।
|
| 76 |
+
(ग) विश्वविद्यालयहरुलाई अनुदान दिने तथा थप अनुदान माग गर्ने विश्वविद्यालयहरुको लागि सम्बन्धित निकायहरुमा सिफारिश गर्ने।
|
| 77 |
+
(घ) विश्वविद्यालयहरुमा सञ्चालन गरिने शैक्षिक कार्यक्रम स्तरयुक्त बनाउन विश्वविद्यालयहरु बीच समन्वय कायम गराउने।
|
| 78 |
+
(ङ) शैक्षिक स्तर बुद्धिका लागि उपयुक्त कार्यक्रम तर्जुमा गर्ने।
|
| 79 |
+
(च) विश्वविद्यालयहरुमा उपयुक्त शैक्षिक स्तर निर्धारण गराउने सम्बन्धमा आव��्यक व्यवस्था गर्ने।
|
| 80 |
+
(छ) नेपालभित्र तथा बाहिरका विश्वविद्यालय बा शैक्षिक संस्थाहरु बीच छात्रवृत्ति, विद्वतवृत्ति आदि आदान प्रदान गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्ने।
|
| 81 |
+
(३)(छ१) विश्वविद्यालयबीच क्रेडिट ट्रान्सफरको सम्बन्धमा निर्देशिका बनाई आवश्यक व्यवस्था गर्ने।
|
| 82 |
+
(३)(छ२) विश्वविद्यालयको गुणस्तर सुनिश्चितता तथा प्रत्यायन सम्बन्धी कार्य गर्ने।
|
| 83 |
+
(३)(छ३) विदेशी विश्वविद्यालय बा सो सरहको शैक्षिक संस्थाबाट प्रदान हुने शैक्षिक उपाधिको समकक्षता निर्धारण गर्ने।
|
| 84 |
+
(ज) विश्वविद्यालयहरु बीच समन्वय कायम गर्ने।
|
| 85 |
+
(झ) आयोगको काम कारबाहीको बार्षिक प्रतिवेदन नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्ने।
|
| 86 |
+
(ज) आयोगको उद्देश्य पूर्तिका लागि तोकिए बमोजिमका अन्य कामहरु गर्ने।
|
| 87 |
+
|
| 88 |
+
---
|
| 89 |
+
|
| 90 |
+
### ७. विवरण माग गर्न सक्ने:
|
| 91 |
+
(१) दफा ६ मा उल्लेख भए बमोजिमका काम, कर्तव्यको सिलसिलामा आयोगले कुनै विश्वविद्यालय बा सो अन्तर्गत सञ्चालन भएका शैक्षिक संस्थाको आर्थिक कारोबार, मौजुदा कोष, शैक्षिक कार्यक्रम, पाट्यक्रम बा अन्य क्रियाकलाप सम्बन्धमा आवश्यक विवरण माग गर्न सक्नेछ र त्यस्तो विवरण उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 92 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम माग गरिएको विवरणका सम्बन्धमा कुनै विश्वविद्यालय बा सो अन्तर्गत सञ्चालन भएका शैक्षिक संस्थाको निरीक्षण गर्नु परेमा आवश्यकता अनुसार आयोगले निरीक्षण गर्न गराउन सक्नेछ र त्यस्तो निरीक्षण गर्न आउने व्यक्तिलाई आवश्यक सहयोग गर्नु सम्बन्धित विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
---
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
### ८. आयोगको बैठक:
|
| 97 |
+
(१) आयोगको बैठक महिनाको कम्तीमा एक पटक बस्नेछ।
|
| 98 |
+
(२) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा अध्यक्षले तोकेको सदस्यले आयोगको बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 99 |
+
(३) आयोगको कुल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशत सदस्यहरु उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 100 |
+
(४) आयोगको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिन सक्नेछ।
|
| 101 |
+
(५) आयोगको बैठकको निर्णय सदस्य-सचिबले प्रमाणित गर्नेछ।
|
| 102 |
+
(६) आयोगको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 103 |
+
|
| 104 |
+
---
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
### ९. समिति बा उपसमिति गठन गर्न सक्ने:
|
| 107 |
+
(१) आयोगले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूले गर्नु पर्ने ���ुनै काम गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार समिति बा उपसमिति गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 108 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठन हुने समिति बा उपसमितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा कार्यविधि आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 109 |
+
|
| 110 |
+
---
|
| 111 |
+
|
| 112 |
+
### १०. विश्वविद्यालय स्थापना गर्न आयोगसँग परामर्श गर्ने:
|
| 113 |
+
नेपाल सरकारले नयाँ विश्वविद्यालय स्थापना गर्ने सम्बन्धमा आयोगसँग परामर्श गर्नेछ।
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
---
|
| 116 |
+
|
| 117 |
+
### ११. विश्वविद्यालयलाई अनुदान दिने:
|
| 118 |
+
(१) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यो ऐन प्रारम्भ भएपछि विश्वविद्यालयलाई दिइने अनुदान आयोग मार्फत दिइनेछ।
|
| 119 |
+
(२) तोकिएको शर्तहरुको पालना गर्ने विश्वविद्यालयलाई आयोगले अनुदानको लागि अन्य कुनै संस्थामा सिफारिश गर्न सक्नेछ।
|
| 120 |
+
(३) आयोगले तोकेको शर्त पूरा गर्ने निजी क्याम्पसहरुलाई आर्थिक सहायता प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 121 |
+
(४) विश्वविद्यालयलाई दिइने अनुदान सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 122 |
+
|
| 123 |
+
---
|
| 124 |
+
|
| 125 |
+
### ११क. नि:शुल्क उच्च शिक्षाको लागि अनुदान दिने:
|
| 126 |
+
(१) विश्वविद्यालय बा मातहतका आङ्गिक तथा सामुदायिक शैक्षिक संस्थामा भर्ना भएका दलित, अपाङ्ग र आर्थिक रूपले बिपन्न विद्यार्थीलाई लाग्ने अध्ययन शुल्क बापतको रकम आयोगले निज अध्ययनरत शिक्षण संस्थामा अनुदानको रूपमा उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 127 |
+
स्पष्टीकरण: यस उपदफाको प्रयोजनको लागि आधार, मापदण्ड, वर्गीकरण तथा अन्य व्यवस्था नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 128 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि देहायको अवस्थामा रहेका विद्यार्थीहरूको लागि अध्ययन शुल्क बापतको रकम शिक्षण संस्थालाई उपलब्ध गराइने छैन:
|
| 129 |
+
(क) अध्ययन गर्न छोडेका,
|
| 130 |
+
(ख) अध्ययन संकाय परिबर्तन गरेका,
|
| 131 |
+
(ग) तोकिएको हाजिरी प्रतिशतभन्दा कम हाजिर भएका,
|
| 132 |
+
(घ) लगातार दुई बर्षसम्म अनुत्तीर्ण भएका,
|
| 133 |
+
(ङ) झुट्टा विवरण पेश गरेका, बा
|
| 134 |
+
(च) अन्य शिक्षण संस्थामा निःशुल्क अध्ययन गरिरहेका।
|
| 135 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम उपलब्ध गराइएको अनुदान उपदफा (२) बमोजिमका विद्यार्थीका लागि छुट्याएको रकम प्रयोग नभएमा सम्बन्धित शिक्षण संस्थाले त्यस्तो रकम आयोगमा फिर्ता पठाउनु पर्नेछ।
|
| 136 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको रकम सम्बन्धित शिक्षण संस्थाले आयोगमा फिर्ता नपटाएमा त्यस्तो शैक्षिक संस्थालाई दिइने जुनसुकै अनुदान आयोगले रोक्का गर्न सक्नेछ।
|
| 137 |
+
|
| 138 |
+
---
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
### ११ख. निःशुल्क उच्च शिक्षाका लागि रकम व्���वस्था:
|
| 141 |
+
दफा ११क. अनुसार लाग्ने रकम आयोगले निःशुल्क उच्च शिक्षा दिने प्रयोजनको लागि विश्वविद्यालय वा मातहतका आङ्गिक तथा सामुदायिक शैक्षिक संस्थालाई दिएको अनुदान रकम सालबसाली रूपमा विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको विनियोजित बजेटबाट व्यवस्थापन हुनेछ।
|
| 142 |
+
|
| 143 |
+
---
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
### १२. अध्यक्षको काम, कर्तव्य, अधिकार तथा सेवा, शर्त र सुविधा:
|
| 146 |
+
(१) अध्यक्षको काम, कर्तव्य, अधिकार तथा सेवा, शर्त र सुविधा सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 147 |
+
(२) अध्यक्ष पूरा समय काम गर्ने पदाधिकारी हुनेछ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
---
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
### १३. आयोगको सचिवालय:
|
| 152 |
+
(१) आयोगको कार्य सञ्चालन एवं प्रशासकीय कामकाजको लागि एक सचिवालय रहनेछ।
|
| 153 |
+
(२) अध्यक्षको रेखदेखमा रही सचिवले आयोगको दैनिक कार्य सञ्चालन गर्नेछ।
|
| 154 |
+
(३) सचिवको नियुक्ति नेपाल सरकारबाट हुनेछ।
|
| 155 |
+
(४) सचिवको पदावधि चार वर्षको हुनेछ।
|
| 156 |
+
(५) सचिवको काम, कर्तव्य, अधिकार, पारिश्रमिक र सुविधा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 157 |
+
|
| 158 |
+
---
|
| 159 |
+
|
| 160 |
+
### १४. कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:
|
| 161 |
+
(१) आयोगमा आवश्यकता अनुसार कर्मचारी रहनेछन्।
|
| 162 |
+
(२) आयोगको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारीको दरबन्दी, योग्यता तथा पारिश्रमिक र अन्य सुविधा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 163 |
+
|
| 164 |
+
---
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
### १५. आयोगको कोष:
|
| 167 |
+
(१) आयोगको आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ र सो कोषमा देहायका रकमहरु रहने छन्:
|
| 168 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 169 |
+
(ख) अन्तरराष्ट्रिय संघ, संस्था, विदेशी सरकार वा एजेन्सीबाट प्राप्त रकम,
|
| 170 |
+
(ग) अन्य कुनै श्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 171 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ख) बमोजिम आयोगले कुनै रकम प्राप्त गर्नु पर्ने भएमा नेपाल सरकार मार्फत कारबाही गर्नु पर्नेछ।
|
| 172 |
+
(३) आयोगको कोषमा रहने रकम नेपालको कुनै बैकमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ र खाताको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 173 |
+
(४) आयोगद्वारा गरिने सबै खर्चहरु उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ।
|
| 174 |
+
|
| 175 |
+
---
|
| 176 |
+
|
| 177 |
+
### १६. लेखा र लेखा परीक्षण:
|
| 178 |
+
(१) आयोगको आय व्ययको लेखा प्रचलित कानून बमोजिम राखिनेछ।
|
| 179 |
+
(२) आयोगको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकबाट हुनेछ।
|
| 180 |
+
(३) नेपाल सरकारले चाहेमा आयोगको आय व्ययको लेखा र तत्सम्बन्धी हिसाब किताब जुनसुकै बखत जाँच्न र जँचाउन सक्नेछ।
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
---
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
### १७. अधिकार प्रत्यायोजन:
|
| 185 |
+
आयोगले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको केही अधिकार आवश्यकता अनुसार अध्यक्ष, सदस्य, सचिव, आयोगको समिति बा उपसमिति बा अन्य कुनै कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 186 |
+
|
| 187 |
+
---
|
| 188 |
+
|
| 189 |
+
### १८. नेपाल सरकारसंग सम्पर्क:
|
| 190 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसंग सम्पर्क राख्दा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 191 |
+
|
| 192 |
+
---
|
| 193 |
+
|
| 194 |
+
### १९. नियम बनाउने अधिकार:
|
| 195 |
+
यस ऐनको उद्देश्य पूर्तिको लागि आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ र नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भएपछि मात्र त्यस्तो नियम लागू हुनेछ।
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
---
|
| 198 |
+
|
| 199 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 200 |
+
१. केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरु:
|
| 201 |
+
"श्री ५ सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
२. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरु:
|
| 204 |
+
"शिक्षा तथा खेलकुद मन्त्रालय" को सट्टा "शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय"।
|
section_14_pdf_28.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,113 @@
|
|
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| 1 |
+
**छात्रवृत्ति सम्बन्धी ऐन, २०२१**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
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| 4 |
+
२०२१।०४।१३
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
१. छात्रवृत्ति सम्बन्धी (पहिलो संशोधन) ऐन, २०२४
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| 8 |
+
२०२४।०४।२७
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| 9 |
+
२. छात्रवृत्ति सम्बन्धी (दोषो संशोधन) ऐन, २०३३
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| 10 |
+
२०३३।०६।१०
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| 11 |
+
३. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
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| 12 |
+
२०४३।०७।२४
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| 13 |
+
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| 14 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
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| 15 |
+
४४. शिक्षा तथा खेलकुद सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०६३
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| 16 |
+
२०६३।०९।१४
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| 17 |
+
*४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
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| 18 |
+
२०६६।१०।०७
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| 19 |
+
६. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 20 |
+
२०७२।११।१३
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| 21 |
+
७. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७
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| 22 |
+
२०७७।०३।११
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| 23 |
+
५. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०५२
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| 24 |
+
२०५२।०४।१४
|
| 25 |
+
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| 26 |
+
२०२१ सालको ऐन नं. ३
|
| 27 |
+
" "
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| 28 |
+
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| 29 |
+
नेपाल सरकारबाट बा नेपाल सरकार मार्फत दिइने छात्रवृत्तिका सम्बन्धमा केही कानूनी व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
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| 30 |
+
|
| 31 |
+
**प्रस्तावना:**
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| 32 |
+
नेपाल सरकारबाट बा नेपाल सरकार मार्फत दिइने छात्रवृत्तिका सम्बन्धमा केही कानूनी व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्भतिले यो ऐन बनाइवक्सेको छ।
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| 33 |
+
|
| 34 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 35 |
+
(१) यस ऐनको नाम "छात्रवृत्ति सम्बन्धी ऐन, २०२१" रहेको छ।
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| 36 |
+
(२) यो ऐन नेपाल "................. भर लागू हुनेछ र नेपाल "................. बाहिर जहाँसुकै रहे बसेको भए पनि प्रत्येक नेपाली नागरिकका सम्बन्धमा समेत लागू हुनेछ।
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| 37 |
+
* यो ऐन संबत् २०६३ साल साउन १७ गतेदेखि लागू भएको।
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| 38 |
+
* यो ऐन संबत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको।
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| 39 |
+
* गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
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| 40 |
+
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| 41 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 42 |
+
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| 43 |
+
**२. परिभाषा:**
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| 44 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा "छ्वात्रवृत्ति" भन्नाले कुनै अध्ययन, अनुसन्धान बा प्रशिक्षणका लागि नेपाल सरकारले उपलब्ध गराएको आर्थिक अनुदान बा सुविधा, नेपाल सरकारलाई कुनै विदेशी मुलुक, अन्तर्रष्ट्रिय बा अन्य दातृ संस्था बा कुनै स्वेदशी बा विदेशी शैक्षिक संस्थाले उपलब्ध गराएको आर्थिक अनुदान बा सुविधा बा प्राविधिक सहायता सम्झनु पर्छ र सो शब्दले नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी छ्वात्रवृत्ति भनी तोकेको अन्य सुविधा समेतलाई जनाउँछ।
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| 45 |
+
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| 46 |
+
**३. नेपाली नागरिक बाहेक अरुलाई छ्वात्रवृत्ति नदिइने:**
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| 47 |
+
छ्वात्रवृत्ति नेपालको नागरिक बाहेक अरु कसैलाई प्रदान गरिने छैन।
|
| 48 |
+
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| 49 |
+
**+३क. छ्वात्रवृत्ति सुरक्षित गरिने:**
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| 50 |
+
नेपाल सरकारलाई प्राप्त भएको छ्वात्रवृत्तिमध्ये बिपन्न, महिला, अपाङ्ग, जनजाति र दलित तथा तोकिएको दुर्गम क्षेत्रको व्यक्तिलाई तोकिए बमोजिम सुरक्षित गरिनेछ।
|
| 51 |
+
स्पष्टीकरण: यस दफाको प्रयोजनको लागि "बिपन्न" भन्नाले सामुदायिक बिघालयमा अध्ययन गरेको व्यक्तिहरुमध्ये सम्बन्धित *गाउँपालिका बा नगरपालिकाले बिपन्नको कारण खुलाई सिफारिस गरेको तोकिएको व्यक्तिलाई जनाउँछ।
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| 52 |
+
|
| 53 |
+
**+३ख. स्वीकृति (नो अब्जेक्सन लेटर) लिनु पर्ने:**
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| 54 |
+
(१) नेपाली नागरिकले शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयको पूर्व स्वीकृति नलिई विदेशमा उच्च शिक्षा अध्ययन गर्न जानु हुँदैन।
|
| 55 |
+
(२) विदेशमा उच्च शिक्षा अध्ययन गर्न जान चाहने नेपाली नागरिकले स्वीकृतिको लागि तोकिए बमोजिमको बिबरण खुलाई तोकिए बमोजिमको शुल्क सहित शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयमा निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 56 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम प्राप्त निवेदन जाँचवुझ गर्दा निवेदनको व्यहोरा मनासिब देखिएमा शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदकलाई विदेशमा उच्च शिक्षा अध्ययन गर्न जाने स्वीकृति दिनेछ।
|
| 57 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम विदेशमा अध्ययन गर्न जाने स्वीकृति पाएको व्यक्तिले त्यस्तो अध्ययनको लागि विदेशी मुद्राको सटही सुविधा पाउनको लागि शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयमा निवेदन दिएमा सो मन्त्रालयले निवेदकलाई त्यस्तो विदेशी मुद्राको सटही सुविधा दिनको लागि तोकिए बमोजिम सिफारिस गर्न सक्नेछ।
|
| 58 |
+
(४) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सरकारी कर्मचारीको हकमा निजको सेवा शर्त सम्बन्धी प्रचलित कानूनमा व्यवस्था भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
**४. छात्रवृत्ति पाउने व्यक्तिले गर्नु पर्ने:**
|
| 61 |
+
(१) छात्रवृत्ति पाउने व्यक्तिले आफ्नो अध्ययन अवधि समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय बा आफ्नो सम्बन्धित विभागमा प्रतिवेदन गर्नु पर्छ।
|
| 62 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रतिवेदन पेश भएको मितिले एक बर्ष भित्र नेपाल सरकारले चाहेमा सो व्यक्तिलाई नेपाल सरकारको कुनै सेवा बा पद्मा बा नेपाल सरकारको स्वामित्व भएको बा नेपाल सरकारले आर्थिक सहायता प्रदान गरेको कुनै संस्था बा संस्थानको कुनै पदमा पाँच बर्षसम्म सेवा गर्न लगाउन सक्नेछ र सो बमोजिम सेवा गर्नु सम्बन्धित व्यक्तिको कर्तव्य हुनेछ। त्यसरी नेपाल सरकारले तोकेको सेवा, पद र स्थानमा काम नगर्ने व्यक्ति नेपाल सरकारको कुनै सेवा बा पद बा नेपाल सरकारको स्वामित्व भएको बा नेपाल सरकारले आर्थिक सहायता प्रदान गरेको संस्था बा संस्थानको कुनै पदमा नियुक्त हुन सामान्यतः अयोग्य हुनेछ।
|
| 63 |
+
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| 64 |
+
तर,
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| 65 |
+
(क) नेपाल सरकारले एक बर्षको अवधि भित्र सो व्यक्तिलाई कुनै काम लगाउन नसकेमा निजलाई यो दफा लागू हुने छैन।
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| 66 |
+
(ख) नेपाल सरकारले एक बर्षको अवधि भित्र पनि निजलाई गैर सरकारी सेबामा प्रवेश गर्ने अनुमती दिन सक्नेछ र सो बमोजिम अनुमती दिइएकोमा निजलाई यो दफा लागू हुने छैन।
|
| 67 |
+
(३) छात्रवृत्ति पाउने व्यक्तिले सो छात्रवृत्तिमा अध्ययन गरी बा तालीम लिई रहेको अवस्थामा नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति नलिई नेपाल सरकारले स्वीकृत गरेको विषय बाहेक अन्य बिषयमा बा सोही बिषयमा पनि अझ उच्चस्तर अध्ययन बा तालीम लिन छात्रवृत्ति प्राप्त गरेपछि नेपाल सरकारको स्वीकृति नलिई अध्ययन बा तालीम समाप्त नगरी बीचैमा छाड्नु हुदैन।
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| 68 |
+
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| 69 |
+
**५. दण्ड सजाय:**
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| 70 |
+
(१) कुनै विदेशी नागरिकले नेपाली नागरिक हुँ भनी ढाँटी छात्रवृत्ति प्राप्त गरेमा निजबाट बिगो उपर गरी निजलाई अन्य नेपाल कानूनले हुने सजायमा थप पाँच बर्षसम्म कैद बा दश हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
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| 71 |
+
(२) विदेशी नागरिकलाई नेपाली नागरिक हो भनी प्रमाणित गरी बा गराई त्यस्ता विदेशी नागरिकले छात्रवृत्ति प्राप्त गरेमा सो प्रमाणित गर्ने बा गराउने व्यक्तिलाई अन्य नेपाल कानूनले हुने सजायमा थप एक बर्ष कैद र दुई हजार रुपैयाँ सजाय हुनेछ।
|
| 72 |
+
+(२क) यस ऐन बमोजिम छात्रवृत्तिमा अध्ययन गर्न गएको व्यक्ति अध्ययन पूरा गरी शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयमा सम्पर्क गर्न नआएमा निजको लागि त्यस्तो छात्रवृत्तिमा अध्ययन गर्दा लागेको सम्पूर्ण खर्च र नेपाल सरकार बा कुनै संस्थाले कुनै किसिमको अनुदान (डोनेसन) दिएको भए सो अनुदान बराबरको रकम निजलाई जरिबाना हुनेछ।
|
| 73 |
+
(३) कसैले दफा ४ बमोजिमको कुनै शर्त उल्लंघन गरेमा निजलाई देहाय बमोजिमको सजाय हुनेछः-
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| 74 |
+
(क) दफा ४ को उपदफा (२) बमोजिम नेपाल सरकारले तोकी दिएको पद र स्थानमा काम नगरेमा बा काम गर्न छोडेमा बिगो असुल गरी दश हजार रुपैयाँस��्म जरिबाना,
|
| 75 |
+
(ख) कुनै शारीरिक बा मानसिक बिरामीले गर्दा असमर्थ भएकोमा बा नेपाल सरकारबाट पूर्व स्वीकृति लिएकोमा बाहेक शर्त बमोजिमको अबधि पूरा नगरी बीचैमा अध्ययन गर्न बा तालीम लिन छोडेमा बिगो असुल गरी पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना,
|
| 76 |
+
(ग) अन्य कुनै शर्तको उल्लंघन गरेमा पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना,
|
| 77 |
+
(४) उपदफा (३) को तात्पर्यको लागि कुनै व्यक्ति शारीरिक बा मानसिक बिरामीले गर्दा असमर्थ भएको हो भन्ने कसैले जिकीर लिएमा निजले सो कुरा नेपाल मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित गराउनु पर्छ।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
**६. यो ऐन लागू हुनुभन्दा अगावै छात्रवृत्ति लिएका व्यक्तिका सम्बन्धमा विशेष व्यवस्था:**
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| 80 |
+
(१) यो ऐन लागु हुनु भन्दा अगावै नेपाल सरकारबाट बा नेपाल सरकार मार्फत कुनै छात्रवृत्ति लिई अध्ययन गरिरहेको बा तालीम लिइरहेको व्यक्तिले पनि दफा ४ मा लेखिएका कुराहरु पालना गर्नु पर्नेछ र सो व्यक्तिले सो कुराहरुको पालना नगरेमा निजबाट बिगो असुल गरिनेछ र निजले छात्रवृत्ति पाइरहेको भए सो समेत बदर गर्न गराउन नेपाल सरकारलाई अधिकार हुनेछ।
|
| 81 |
+
(२) राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी छुट दिएकोमा बाहेक यो ऐन लागू हुनु भन्दा अगाबै नेपाल सरकारबाट बा नेपाल सरकार मार्फत, कुनै छात्रवृत्ति लिई अध्ययन बा तालीम समाप्त गरी आएको कुनै व्यत्किले यो ऐन प्रारम्भ भएको मितिले एक बर्ष भित्र नेपाल सरकारले तोकी दिएको पद र स्थानमा कम्तीमा पाँच वर्ष काम गर्नु पर्छ। सो बमोजिम काम नगरेमा बा काम गर्न मञुर नगरेमा बा काम शुरु गरी सो अबधि भुक्तान नभै बीचमा छाडेमा निजबाट नेपाल सरकारले बिगो असुल उपर गरी लिन सक्नेछ।
|
| 82 |
+
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| 83 |
+
**७. नेपाल सरकारले बिगो निर्धारण गर्ने:**
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| 84 |
+
(१) नेपाल सरकारले यस ऐन बमोजिम बिगो असुल गर्दा छात्रवृत्तिको बिषय, स्तर, अबधि तथा छात्रवृत्ति बमोजिम अध्ययन गर्ने बा तालीम लिने मुलुक र संस्थाको आधारमा बिगो निर्धारण गर्नेछ।
|
| 85 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बिगो निर्धारण गर्दा प्राविधिक बा अप्राविधिक बिषयमा अध्ययन गर्दा सम्बन्धित शिक्षण संस्थामा लागेको शिक्षण शुल्क तथा कुनै अनुदान तिरेको भए त्यस्तो अनुदान रकम बराबरको बिगो निर्धारण गर्नु पर्नेछ।
|
| 86 |
+
(४) यस दफा बमोजिम नेपाल सरकारले निर्धारण गरेको बिगो सम्बन्धमा यस ऐन अन्तर्गत मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष बा कुनै अदालतमा प्रभ उठाउन सकिने छैन।
|
| 87 |
+
+(६) उपदफा (२) बमोजिमको बिगो छात्रवृ���्तिमा गई अध्ययन गर्ने व्यत्किको जायजेथाबाट सरकारी बाँकी सरह असूल उपर गोरिनेछ।
|
| 88 |
+
*७क. नेपाल सरकारले राहदानी रद्द गर्न सक्ने:*
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| 89 |
+
नेपाल "....... बाहिर रही दफा ४ अन्तर्गतको शर्त उल्लंघन गर्ने व्यत्किको राहदानी नेपाल सरकारले रद्द गर्न सक्नेछ।
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| 90 |
+
*७ख. सम्झौता बमोजिम हुने:*
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| 91 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकार र विदेशी मित्र राष्ट्र बा कुनै संस्थाबीच भएको द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय समझदारी बा सम्झौतामा छात्रवृत्ति सम्बन्धी छुट्टै शर्त तथा बन्देज भएकोमा त्यस्तो छात्रवृत्ति सम्बन्धमा सोही समझदारी बा सम्झौतामा उल्लेख भए बमोजिम हुनेछ।
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| 92 |
+
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| 93 |
+
**७ग. छात्रवृत्तिको परीक्षा:**
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| 94 |
+
यस ऐन बमोजिमको छात्रवृत्तिको परीक्षा *शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयले तोके बमोजिमको समयमा लिइनेछ।
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| 95 |
+
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| 96 |
+
**८. नेपाल सरकार बादी हुने:**
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| 97 |
+
यो ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ।
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| 98 |
+
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| 99 |
+
**१०. नियम बनाउने नेपाल सरकारको अधिकार:**
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| 100 |
+
(१) यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्नको लागि नेपाल सरकारले नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
|
| 101 |
+
(२) उपदफा (१) ले दिएको अधिकारको सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल प्रभाव नपारी देहायको विषयहरुमा समेत नियम बनाउन सकिनेछ:-
|
| 102 |
+
(क) छात्रवृत्तिको विषय स्वीकृति गर्ने,
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| 103 |
+
(ख) उम्मेदवार छनौट गर्ने तरिका,
|
| 104 |
+
(ग) छात्रवृत्तिको अवधि थप्ने,
|
| 105 |
+
(घ) एक विषयमा छात्रवृत्ति पाएको व्यत्तिलो सो विषय परिवर्तन गर्ने,
|
| 106 |
+
(ङ) अध्ययन बा तालीम सकिएपछि प्रतिवेदन गर्ने, र
|
| 107 |
+
(च) सरकारी कर्मचारीलाई अध्ययन सम्बन्धी विदा दिने।
|
| 108 |
+
|
| 109 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 110 |
+
(१) केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-
|
| 111 |
+
"थी ४ सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
| 112 |
+
(२) शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-
|
| 113 |
+
"शिक्षा तथा खेलकुद मन्त्रालय" को सट्टा "शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय"।
|
section_14_pdf_9.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,418 @@
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| 1 |
+
# मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय ऐन, २०६७
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 5 |
+
२०६७।०३।०३
|
| 6 |
+
१. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 7 |
+
२०७२।११।१३
|
| 8 |
+
२. शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७
|
| 9 |
+
२०७७।०३।११
|
| 10 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
|
| 11 |
+
२०६२।०४।१४
|
| 12 |
+
|
| 13 |
+
---
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
## सम्बत् २०६७ सालको ऐन नं. २
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
## मध्यपश्चिम विश्वविद्यालयको सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 20 |
+
कला, विज्ञान, चिकित्साशास्त्र, कानून, व्यवस्थापन, शिक्षा, प्राविधिक तथा अन्य व्यावसायिक विषयको अध्ययन, अध्यापन र अनुसन्धानद्वारा गुणात्मक र स्तरयुक्त उच्च शिक्षाको अवसर दुर्गम लगायत सबै क्षेत्रका जनतालाई सुलभ रूपमा उपलब्ध गराई राष्ट्रिय विकासमा दक्ष जनशक्तिको आपूर्ति गर्न र प्रतिस्पर्धाको आधारमा उच्च शिक्षाको गुणस्तरमा अभिबुद्धि गर्दै देशको शैक्षिक तथा प्राज्ञिक बातावरणलाई अझ बढी स्वच्छ, मर्यादित र उपलब्धिमूलक बनाउन नेपाल सरकारको लगानीमा मध्यपश्चिम विश्वविद्यालयको स्थापना र सञ्चालन गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 21 |
+
|
| 22 |
+
नेपालको अन्तरिम संविधान, २०६३ को धारा ६३ को उपधारा (१) बमोजिम संविधान सभाले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 23 |
+
|
| 24 |
+
---
|
| 25 |
+
|
| 26 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 27 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 30 |
+
(१) यस ऐनको नाम "मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय ऐन, २०६७" रहेको छ।
|
| 31 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
२. **परिभाषा:**
|
| 34 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 35 |
+
(क) "विश्वविद्यालय" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय सम्झनु पर्छ।
|
| 36 |
+
(ख) "सभा" भन्नाले दफा ७ बमोजिमको विश्वविद्यालय सभा सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(ग) "प्राज्ञिक परिषद्" भन्नाले दफा १० बमोजिमको प्राज्ञिक परिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(घ) "कार्यकारी परिषद्" भन्नाले दफा १२ बमोजिमको कार्यकारी परिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(ङ) "सेवा आयोग" भन्नाले दफा २१ बमोजिमको सेवा आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(च) "संकाय" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको संकाय सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(छ) "अनुसन्धान केन्द्र" भन्नाले दफा १४ बमोजिमको अनुसन्धान केन्द्र सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(ज) "विद्या परिषद्" भन्नाले दफा १६ बमोजिमको विद्या परिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(झ) "क्याम्पस" भन्नाले विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पस सम्झनु पर्छ र सो शब्दले विश्वविद्यालयबाट सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसलाई समेत जनाउँछ।
|
| 44 |
+
(ज) "पाठ्यक्रम विकास केन्द्र" भन्नाले दफा १६ बमोजिमको पाठ्यक्रम विकास केन्द्र सम्झनु पर्छ।
|
| 45 |
+
(ट) "कुलपति" भन्नाले दफा २२ बमोजिमको कुलपति सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(ठ) "सह-कुलपति" भन्नाले दफा २३ बमोजिमको सह-कुलपति सम्झनु पर्छ।
|
| 47 |
+
(ड) "उप-कुलपति" भन्नाले दफा २४ बमोजिमको उप-कुलपति सम्झनु पर्छ।
|
| 48 |
+
(ड) "रजिष्ट्रार" भन्नाले दफा २४ बमोजिमको रजिष्ट्रार सम्झनु पर्छ।
|
| 49 |
+
(ण) "डीन" भन्नाले संकायका प्रमुख सम्झनु पर्छ।
|
| 50 |
+
(त) "निर्देशक" भन्नाले दफा २७ बमोजिमको निर्देशक सम्झनु पर्छ।
|
| 51 |
+
(थ) "शिक्षक" भन्नाले विश्वविद्यालयमा शिक्षा प्रदान गर्ने वा अनुसन्धान गर्ने गराउने प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, उप-प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापक सम्झनु पर्छ र सो शब्दले विश्वविद्यालयका विभिन्न तहका प्रशिक्षक तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा शिक्षक भनी तोकिएका व्यक्तिलाई समेत जनाउँछ।
|
| 52 |
+
(द) "कर्मचारी" भन्नाले विश्वविद्यालय सञ्चालन सम्बन्धमा व्यवस्थापकीय एवं सहयोगीको कार्य गर्ने गराउने शिक्षक बाहेकका व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 53 |
+
(ध) "विद्यार्थी" भन्नाले क्याम्पसमा भर्ना भई अध्ययन वा अनुसन्धान गर्ने छात्रा तथा छात्र सम्झनु पर्छ।
|
| 54 |
+
(न) "तोकिएको" वा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको वा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
---
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 59 |
+
**विश्वविद्यालयको स्थापना**
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
३. **विश्वविद्यालयको स्थापना:**
|
| 62 |
+
(१) कला, विज्ञान, चिकित्साशास्त्र, कानून, व्यवस्थापन, शिक्षा, प्राविधिक तथा अन्य व्यावसायिक विषयमा अध्ययन, अध्यापन र अनुसन्धान गर्ने काम समेतको लागि मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय स्थापना गरिएको छ।
|
| 63 |
+
(२) यो ऐन प्रारम्भ हुँदाका बखत नेपाल सरकारबाट अनुदान प्राप्त गरी त्रिभुवन विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको रूपमा सञ्चालित सुर्खेत क्याम्पस (शिक्षा), सुर्खेत, सम्बन्धन प्राप्त वीरेन्द्रनगर बहुमुखी क्याम्पस, सुर्खेत र पब्लिक साइन्स क्याम्पस, सुर्खेतलाई संयुक्त रूपमा समावेश गरी सुर्खेत क्याम्पस परिसरमा यो विश्वविद्यालयको स्थापना गरिनेछ।
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
४. **विश्वविद्यालय स्वशासित र सङ्गठित संस्था हुने:**
|
| 66 |
+
(१) विश्वविद्यालय अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला एक स्वशासित र सङ्गठित संस्था हुनेछ।
|
| 67 |
+
(२) विश्वविद्यालयको सबै काम कारबाहीको निमित्त आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ।
|
| 68 |
+
(३) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह बल, अचल सम्��त्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न बा अन्य किसिमको व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 69 |
+
(४) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह नालिस उजुर गर्न र विश्वविद्यालय उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजुर लाग्न सक्नेछ।
|
| 70 |
+
(४) विश्वविद्यालयले व्यक्ति सरह करार गर्न, करार बमोजिमको अधिकार प्रयोग गर्न तथा दायित्व निर्वाह गर्न सक्नेछ।
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
---
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 75 |
+
**विश्वविद्यालयको सङ्गठन तथा पदाधिकारी**
|
| 76 |
+
|
| 77 |
+
५. **विश्वविद्यालयको सङ्गठन:**
|
| 78 |
+
विश्वविद्यालयको सङ्गठन देहाय बमोजिम हुनेछ र यिनीहरूको सामूहिक रूप नै विश्वविद्यालयको स्वरूप हुनेछ:-
|
| 79 |
+
(क) सभा
|
| 80 |
+
(ख) प्राज्ञिक परिषद्
|
| 81 |
+
(ग) कार्यकारी परिषद्
|
| 82 |
+
(घ) सेवा आयोग
|
| 83 |
+
(ङ) संकाय
|
| 84 |
+
(च) अनुसन्धान केन्द्र
|
| 85 |
+
(छ) विद्या परिषद्
|
| 86 |
+
(ज) क्याम्पस
|
| 87 |
+
(झ) तोकिएका अन्य निकायहरू।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
६. **विश्वविद्यालयका पदाधिकारीहरू:**
|
| 90 |
+
विश्वविद्यालयमा देहायका पदाधिकारीहरू रहनेछन्:-
|
| 91 |
+
(क) कुलपति
|
| 92 |
+
(ख) सह-कुलपति
|
| 93 |
+
(ग) उप-कुलपति
|
| 94 |
+
(घ) सेवा आयोगको अध्यक्ष
|
| 95 |
+
(ङ) रजिष्ट्रार
|
| 96 |
+
(च) डीन
|
| 97 |
+
(छ) निर्देशक
|
| 98 |
+
(ज) क्याम्पस प्रमुख
|
| 99 |
+
(झ) तोकिएका अन्य पदाधिकारीहरू।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
---
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 104 |
+
**सभाको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
७. **सभाको गठन:**
|
| 107 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा सर्वोच्च निकायको रूपमा एक सभा रहनेछ।
|
| 108 |
+
(२) सभाको गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 109 |
+
(क) कुलपति - अध्यक्ष
|
| 110 |
+
(ख) सह-कुलपति - उपाध्यक्ष
|
| 111 |
+
(ग) उप-कुलपति - सदस्य
|
| 112 |
+
(घ) सदस्य, राष्ट्रिय योजना आयोग (शिक्षा हेर्ने) - सदस्य
|
| 113 |
+
(ङ) विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको अध्यक्ष बा निजले तोकेको सो आयोगको सदस्य - सदस्य
|
| 114 |
+
(च) अन्य विश्वविद्यालयका उप-कुलपतिहरूमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 115 |
+
(छ) सचिव, शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय - सदस्य
|
| 116 |
+
(ज) सचिव, अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 117 |
+
(झ) कर्णाली प्रदेश सरकारको प्रमुख सचिव - सदस्य
|
| 118 |
+
(ज) डीन - सदस्य
|
| 119 |
+
(ट) निर्देशक - सदस्य
|
| 120 |
+
(ट) क्याम्पस प्रमुखहरूमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 121 |
+
(ड) शिक्षकहरूमध्येवाट दुईजना - सदस्य
|
| 122 |
+
( ( ( विश्वविद्यालयको केन्द्रीय कार्यालय रहेको नगर कार्यपालिकाको प्रमुख र उपप्रमुख - सदस्य
|
| 123 |
+
(त) नेपाल प्राध्यापक संघको केन्द्रीय अध्यक्ष - सदस्य
|
| 124 |
+
(थ) सभापति, विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघ - सदस्य
|
| 125 |
+
(द) विश्वविद्यालय स्वतन्त्र बिघ्रार्थी युनियनको सभापति - सदस्य
|
| 126 |
+
(ध) चन्दादाताहरूमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 127 |
+
(न) शिक्षाप्रेमी तथा समाजसेवीहरूमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 128 |
+
(न१) अध्यक्ष, उद्योग वाणिज्य संघ, सुर्खेत - सदस्य
|
| 129 |
+
(प) कर्मचारी प्रतिनिधिमध्येवाट एकजना - सदस्य
|
| 130 |
+
(फ) रजिष्ट्रार - सदस्य-सचिव
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमका पदेन सदस्यहरू बाहेक अन्य सदस्यहरूको मनोनयन कार्यकारी परिषद्को सिफारिसमा कुलपतिबाट हुनेछ।
|
| 133 |
+
(४) मनोनीत सदस्यहरूको पदावधि तीन वर्षको हुनेछ।
|
| 134 |
+
(४) कुनै कारणले मनोनीत सदस्यहरूको पद रिक्त हुन गएमा बाँकी अवधिको लागि उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 135 |
+
|
| 136 |
+
८. **सभाको बैठक:**
|
| 137 |
+
(१) सभाको बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक अनिवार्य रूपमा बस्नेछ।
|
| 138 |
+
(२) सभाको बैठक सभाको अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 139 |
+
(३) सभाको बैठक हुनुभन्दा कम्तीमा पन्च दिन अगावै बैठकमा छलफल हुने विषयको कार्यसूची सहितको सूचना सभाको सदस्य-सचिवले सभाका सबै सदस्यहरूलाई दिनेछ।
|
| 140 |
+
(४) सभामा तत्काल कायम रहेका कूल सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरू उपस्थित भएमा बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 141 |
+
(५) सभाको बैठकको अध्यक्षता सभाको अध्यक्षले, निजको अनुपस्थितिमा सभाको उपाध्यक्षे र अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष दुबैको अनुपस्थितिमा उप-कुलपतिले गर्नेछ।
|
| 142 |
+
(६) सभाको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यत्किले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 143 |
+
(७) सभाको अध्यक्षता गर्ने व्यत्किले सभाको बैठकको निर्णय प्रमाणित गर्नेछ।
|
| 144 |
+
(७क) रजिष्ट्रारले सभाको निर्णय बा आदेशको अभिलेख गरी राख्नु पर्नेछ। सो निर्णय बा आदेशको एक प्रति कुलपति समक्ष पटाउनु पर्नेछ।
|
| 145 |
+
(८) सभाको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि सभा आफैले निर्धारण गर बमोजिम हुनेछ।
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
९. **सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 148 |
+
सभाको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 149 |
+
(क) विश्वविद्यालयको नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 150 |
+
(ख) विश्वविद्यालय र सो अन्तर्गतका निकायलाई मार्गदर्शन गर्ने,
|
| 151 |
+
(ग) विश्वविद्यालयबाट प्रदान गरिने उपाधि निर्धारण गर्ने र त्यस्तो उपाधि प्रदान गर्ने,
|
| 152 |
+
(घ) विश्वविद्यालयको दीर्घकालीन योजना, बार्षिक बजेट र कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने,
|
| 153 |
+
(ङ) विश्वविद्यालय सम्बन्धी नियम पारित गर्ने,
|
| 154 |
+
(च) विश्वविद्यालय अन्तर्गतका निकायको बार्षिक प्रतिबेदनमाथि छलफल गर्ने र त्यस्ता निकायको कार्यक्रमको मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 155 |
+
(छ) विश्वविद्यालयको लेखापरीक्षण प्रतिबेदनमाथि छलफल गर्ने र स्वीकृति दिने,
|
| 156 |
+
(ज) आवश्यकता अनुसार बिभिन्न समिति, उप-समिति बा कार्य टोलीको गठन गर्ने,
|
| 157 |
+
(झ) तोकिए बमोजिम अन्य कामहरू गर्ने।
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
---
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 162 |
+
**प्राज्ञिक परिषद्को गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 163 |
+
|
| 164 |
+
१०. **प्राज्ञिक परिषद्को गठन:**
|
| 165 |
+
(१) विश्वविद्यालयको शैक्षिक तथा प्राज्ञिक कार्यलाई व्यवस्थित गर्ने निकायको रूपमा काम गर्न एक प्राज्ञिक परिषद् रहनेछ।
|
| 166 |
+
(२) प्राज्ञिक परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 167 |
+
(क) उप-कुलपति - अध्यक्ष
|
| 168 |
+
(ख) रजिष्ट्रार - सदस्य
|
| 169 |
+
(ग) डीन - सदस्य
|
| 170 |
+
(घ) विश्वविद्यालयका बिभिन्न विषय समितिका अध्यक्षहरूमध्येबाट तीनजना - सदस्य
|
| 171 |
+
(ङ) क्याम्पस प्रमुखहरूमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 172 |
+
(च) शिक्षकहरूमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 173 |
+
(छ) लब्धप्रतिष्ठित विद्वानहरूमध्येबाट दुईजन - सदस्य
|
| 174 |
+
(ज) डीनहरूमध्येबाट उप-कुलपतिले तोकेको डीन - सदस्य
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमका षंदन सदस्य बाहेक अन्य सदस्यको मनोनयन उपकुलपतिबाट हुनेछ।
|
| 177 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिमका मनोनीत सदस्यको पदाबधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 178 |
+
(४) कुनै कारणले प्राज्ञिक परिषद्का मनोनीत सदस्यको पद रिक्त हुन गएमा बाँकी अबधिको लागि उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 179 |
+
(६) प्राज्ञिक परिषद्को बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ र त्यसरी नतीकिएसम्मको लागि बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि प्राज्ञिक परिषद् आफैले निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 180 |
+
|
| 181 |
+
११. **प्राज्ञिक परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 182 |
+
प्राज्ञिक परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 183 |
+
(क) विश्वविद्यालयको पाठ्यक्रम निर्धारण तथा स्वीकृत गर्ने,
|
| 184 |
+
(ख) विश्वविद्यालय अन्तर्गत सञ्चालन हुने परीक्षाको किसिम तोक्ने,
|
| 185 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको शैक्षिक गुणस्तर निर्धारण तथा कायम गर्ने,
|
| 186 |
+
(घ) अनुसन्धान सम्बन्धी नीति तर्जुमा गर्ने र अनुसन्धान कार्यक्रमलाई स्वीकृति प्रदान गर्ने,
|
| 187 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयमा अध्ययन तथा अध्यापन गरिने विषयहरूमा भर्ना हुन चाहिने योग्यता, विद्यार्थी भर्ना संख्या र भर्ना हुन चाहिने आधार तोक्ने,
|
| 188 |
+
(च) प्राज्ञिक विषयमा कार्यकारी परिषद्लाई राय सल्लाह दिने,
|
| 189 |
+
(छ) विश्वविद्यालयबाट दिइने मानार्थ उपाधिहरूको लागि सभामा सिफारिस गर्ने,
|
| 190 |
+
(ज) तोकिए बमोजिम अन्य कामहरू गर्ने।
|
| 191 |
+
|
| 192 |
+
---
|
| 193 |
+
|
| 194 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 195 |
+
**कार्यकारी परिषद्को गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
१२. **कार्यकारी परिषद्को गठन:**
|
| 198 |
+
(१) विश्वविद्यालयको कार्यकारी निकायको रूपमा काम गर्न एक कार्यक���री परिषद् रहनेछ।
|
| 199 |
+
(२) कार्यकारी परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 200 |
+
(क) उप-कुलपति - अध्यक्ष
|
| 201 |
+
(ख) डीनहरूमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 202 |
+
(ग) शिक्षकहरूमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 203 |
+
(घ) रजिष्ट्रार - सदस्य-सचिव
|
| 204 |
+
|
| 205 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमका पदेन सदस्य बाहेक अन्य सदस्यको मनोनयन उपकुलपतिको सिफारिसमा सभाबाट हुनेछ।
|
| 206 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिमका मनोनीत सदस्यको पदाबधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 207 |
+
(४) कुनै कारणले मनोनीत सदस्यको पद रिक्त भएमा बाँकी अबधिको लागि उपदफा (३) बमोजिमको प्रक्रिया पूरा गरी अर्को व्यक्तिलाई मनोनयन गरिनेछ।
|
| 208 |
+
(६) कार्यकारी परिषद्को बैटक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ र त्यसरी नतोकिएसम्मको लागि बैटक सम्बन्धी कार्यबिधि कार्यकारी परिषद् आफैले निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
१३. **कार्यकारी परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 211 |
+
कार्यकारी परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 212 |
+
(क) सभाको निर्णय र निर्देशनहरू कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 213 |
+
(ख) विश्वविद्यालयको बार्षिक कार्यक्रम, बजेट, प्रगति बिबरण, लेखापरीक्षण प्रतिवेदन र अन्य प्रस्ताबहरू तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभामा पेश गर्ने,
|
| 214 |
+
(ग) विश्वविद्यालयको कोष तथा चल, अचल सम्पत्तिको सञ्चालन, रेखदेख र संरक्षण गर्ने,
|
| 215 |
+
(घ) सभाको नीति निर्देशनको अधीनमा रही विश्वविद्यालयको चल, अचल सम्पत्ति बेचबिखन गर्ने, टेक्कापट्टामा दिने, लिने काम गर्ने,
|
| 216 |
+
(ङ) विश्वविद्यालयद्वारा सञ्चालित कार्यक्रमहरूको समन्वय, रेखदेख तथा निरीक्षण गर्ने र सोको प्रतिवेदन सभामा पेश गर्ने,
|
| 217 |
+
(च) विश्वविद्यालय सम्बन्धी नियमहरूको मर्स्यादा तयार गरी स्वीकृतिको लागि सभामा पेश गर्ने,
|
| 218 |
+
(छ) सेवा आयोगको सिफारिसमा विश्वविद्यालयको लागि आवश्यक शिक्षक तथा कर्मचारीहरूको नियुक्ति र बढुवा गर्ने,
|
| 219 |
+
(ज) विद्यार्थी शुल्क निर्धारण गर्ने,
|
| 220 |
+
(झ) विश्वविद्यालयको लागि प्रदान गरिएका आर्थिक तथा अन्य सहयोग ग्रहण गर्ने,
|
| 221 |
+
(ज) तोकिए बमोजिम अन्य कामहरू गर्ने।
|
| 222 |
+
|
| 223 |
+
---
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
## परिच्छेद-७
|
| 226 |
+
**संकाय, अनुसन्धान केन्द्र तथा अन्य निकाय**
|
| 227 |
+
|
| 228 |
+
१४. **संकाय:**
|
| 229 |
+
(१) विश्वविद्यालयबाट सञ्चालन गरिने उच्च शिक्षाको लागि कला, विज्ञान, चिकित्साशास्त्र, कानून, व्यवस्थापन, शिक्षा लगायत तोकिएका बिषयमा तोकिए बमोजिमका संकायहरू रहनेछन्।
|
| 230 |
+
(२) संकायको काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 231 |
+
|
| 232 |
+
१५. **अनुसन्धान केन्द्र:**
|
| 233 |
+
(१) विश्वविद्यालयले कला, विज्ञान, चिकित्साशास्त्र, कानून, व्यवस्थापन, शिक्षा लगायत बिषयमा अनुसन्धान गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार अनुसन्धान केन्द्रको स्थापना गर्न सक्नेछ।
|
| 234 |
+
(२) अनुसन्धान केन्द्रको स्थापना, काम, कर्तव्य र अधिकार तथा सञ्चालन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
१६. **विद्या परिषद्:**
|
| 237 |
+
(१) प्रत्येक संकायमा शैक्षिक तथा प्राज्ञिक कार्यक्रमहरूको सञ्चालनको लागि तोकिए बमोजिम एक विद्या परिषद् रहनेछ।
|
| 238 |
+
(२) विद्या परिषद् अन्तर्गत तोकिए बमोजिमका बिषय समितिहरू रहनेछन्।
|
| 239 |
+
(३) विद्या परिषद् र सो अन्तर्गत रहने समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 240 |
+
|
| 241 |
+
१७. **क्याम्पस:**
|
| 242 |
+
(१) विश्वविद्यालयले विभिन्न विषयमा उच्च शिक्षा प्रदान गर्नको लागि आवश्यकता अनुसार क्याम्पसको स्थापना तथा सञ्चालन गर्न सक्नेछ।
|
| 243 |
+
(२) क्याम्पसको स्थापना र सञ्चालन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 244 |
+
|
| 245 |
+
१८. **पाठ्यक्रम विकास केन्द्र:**
|
| 246 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा अध्ययन र अध्यापन गरिने विभिन्न विषयहरूको पाठ्यक्रमको निर्धारण तथा विकासको लागि एक पाठ्यक्रम विकास केन्द्र रहनेछ।
|
| 247 |
+
(२) पाठ्यक्रम विकास केन्द्रको स्थापना र काम, कर्तव्य तथा अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 248 |
+
|
| 249 |
+
१९. **विश्वविद्यालयसँग सम्बन्धन गर्न सक्ने:**
|
| 250 |
+
(१) निजी क्षेत्रका कुनै क्याम्पसले विश्वविद्यालयसँग सम्बन्धन प्राप्त गरी सञ्चालन हुन चाहेमा विश्वविद्यालयले तोकिए बमोजिम त्यस्ता क्याम्पसलाई सम्बन्धन प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 251 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसले विश्वविद्यालयद्वारा तोकिएको शर्तहरूको पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
२०. **अन्य विश्वविद्यालयको क्याम्पस सञ्चालन गर्ने सम्बन्धी विशेष व्यवस्था:**
|
| 254 |
+
(१) कुनै विश्वविद्यालयका आङ्गिक तथा सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसले विश्वविद्यालयसँग आबद्ध भई आङ्गिक तथा सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसको रूपमा रहन सञ्चालक समितिको सिफारिस सहित निवेदन गरेमा सो क्याम्पसलाई विश्वविद्यालयको आङ्गिक तथा सम्बन्धन प्राप्त क्याम्पसको रूपमा मान्यता दिन प्रक्रिया अगाडि बढाइनेछ।
|
| 255 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको प्रक्रिया विश्वविद्यालयले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 256 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम कुनै क्याम्पस विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको रूपमा सञ्चालन भएपछि त्यस्तो क्याम्पसको नाममा रहेको सम्���त्ति समेत विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसमा सर्नेछ।
|
| 257 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम कुनै क्याम्पस विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको रूपमा सञ्चालन भएपछि सो क्याम्पसमा कार्यरत शिक्षक तथा कर्मचारीहरू विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको शिक्षक तथा कर्मचारीको रूपमा रहनेछन्।
|
| 258 |
+
(४) उपदफा (४) बमोजिम कुनै शिक्षक तथा कर्मचारी विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको शिक्षक तथा कर्मचारीको रूपमा रहन नचाहेमा सभाले निर्धारण गरेको बा सम्बन्धित विश्वविद्यालयको स्वीकृति लिएको एक बर्षभित्र सो कुराको जानकारी सम्बन्धित विश्वविद्यालयलाई गराउनु पर्नेछ र त्यस्तो अवस्थामा विश्वविद्यालयले सम्बन्धित विश्वविद्यालयसँग परामर्श गरी त्यस्ता शिक्षक तथा कर्मचारीलाई विश्वविद्यालयको शिक्षक तथा कर्मचारीको रूपमा काममा लगाउन सक्नेछ।
|
| 259 |
+
(६) उपदफा (४) बमोजिम विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसको शिक्षक तथा कर्मचारीको रूपमा रहने शिक्षक तथा कर्मचारीले सम्बन्धित क्याम्पसमा गरेको स्थायी सेवा विश्वविद्यालय अन्तर्गतको आङ्गिक क्याम्पसमा गरेको मानिनेछ र सोही बमोजिम निजहरूको सेवा अवधि गणना हुनेछ।
|
| 260 |
+
(७) उपदफा (४) बा (४) बमोजिम कुनै शिक्षक तथा कर्मचारी विश्वविद्यालयको आङ्गिक क्याम्पसमा बहाल रहेमा निजहरूलाई मर्का पर्ने गरी साविकको पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेवा शर्तमा कुनै परिवर्तन गरिने छैन।
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
---
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 265 |
+
**सेवा आयोग**
|
| 266 |
+
|
| 267 |
+
२१. **सेवा आयोग:**
|
| 268 |
+
(१) विश्वविद्यालयको शिक्षक तथा कर्मचारीहरूको नियुक्ति तथा बढुवाको लागि सिफारिस गर्न एक सेवा आयोग रहनेछ।
|
| 269 |
+
(२) सेवा आयोगको गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 270 |
+
(क) कुलपतिबाट नियुक्त व्यक्ति - अध्यक्ष
|
| 271 |
+
(ख) लोक सेवा आयोगको सदस्य - सदस्य
|
| 272 |
+
(ग) शिक्षकहरूमध्यैबाट एकजना - सदस्य
|
| 273 |
+
|
| 274 |
+
(३) उपदफा (१) को खण्ड (क) र (ग) बमोजिमका अध्यक्ष र सदस्यको नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्न कुलपतिबाट सह-कुलपतिको अध्यक्षतामा सभाका दुईजना सदस्यहरू रहेको एक समिति गठन हुनेछ र सो समितिको सिफारिसमा कुलपतिबाट अध्यक्ष र सदस्यको नियुक्ति हुनेछ।
|
| 275 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम नियुक्त अध्यक्ष तथा सदस्यको पदावधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 276 |
+
(४) सेवा आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 277 |
+
(६) सेवा आयोगका अध्यक्ष र सदस्यको पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका अन्य शर्तहरू तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 278 |
+
(७) सेवा आयोगको बैठक सम्बन्धी कार्यविधि तोकिए बमोजिम हुनेछ र त्यसरी नतोकिएसम्मको लागि बैठक सम्बन्धी कार्यविधि सेवा आयोग आफैले निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 279 |
+
|
| 280 |
+
---
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
## परिच्छेद-९
|
| 283 |
+
**विश्वविद्यालयका पदाधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी**
|
| 284 |
+
|
| 285 |
+
२२. **कुलपति:**
|
| 286 |
+
(१) प्रधानमन्त्री विश्वविद्यालयको कुलपति हुनेछ।
|
| 287 |
+
(२) कुलपति विश्वविद्यालयको प्रमुख हुनेछ। कुलपति उपस्थित रहेको अवस्थामा निजले विश्वविद्यालयको दीक्षान्त समारोहमा अध्यक्षको आसन ग्रहण गर्नेछ।
|
| 288 |
+
(३) कुलपतिले आवश्यकता अनुसार विश्वविद्यालयको निरीक्षण गरी विश्वविद्यालयलाई निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 289 |
+
|
| 290 |
+
२३. **सह-कुलपति:**
|
| 291 |
+
(१) शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री बा राज्यमन्त्री विश्वविद्यालयको सहकुलपति हुनेछ।
|
| 292 |
+
(२) कुलपतिको अनुपस्थितिमा सह-कुलपतिले विश्वविद्यालयको दीक्षान्त समारोहमा अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 293 |
+
(३) सह-कुलपतिले आवश्यकता अनुसार विश्वविद्यालयको निरीक्षण गरी विश्वविद्यालयलाई निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 294 |
+
|
| 295 |
+
२४. **उप-कुलपति:**
|
| 296 |
+
(१) उप-कुलपति विश्वविद्यालयमा पूरा समय काम गर्ने प्रमुख पदाधिकारी हुनेछ।
|
| 297 |
+
(२) उप-कुलपतिको पदमा नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्न कुलपतिले सभाका सदस्यहरूमध्येवाट शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयको सचिव समेत रहने गरी तीन सदस्यीय एक समिति गठन गर्नेछ।
|
| 298 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको समितिले उप-कुलपतिको पदमा नियुक्त हुन योग्य तीनजना व्यक्तिको नाम सिफारिस गर्नु पर्नेछ र यसरी सिफारिस भएका व्यक्तिहरूमध्येवाट कुलपतिले उप-कुलपतिको नियुक्ति गर्नेछ।
|
| 299 |
+
(४) विश्वविद्यालयको सबै काम कारबाही उपर उप-कुलपतिको सामान्य नियन्त्रण रहनेछ र निजले विश्वविद्यालयको काम कारबाहीमा निर्देशन दिन र रेखदेख गर्न सक्नेछ।
|
| 300 |
+
(४) उप-कुलपतिको पदावधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 301 |
+
(६) कुलपति र सह-कुलपतिको अनुपस्थितिमा विश्वविद्यालयको दिक्षान्त समारोहमा उपकुलपतिले अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 302 |
+
(७) उप-कुलपतिले सभाको निर्णय र निर्देशनहरू कार्यान्वयन गर्नु गराउनु पर्नेछ।
|
| 303 |
+
(६) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा कुनै निकाय बा अधिकारीले गर्ने भनी उल्लेख भएका कामहरू बाहेक अन्य कामहरू उप-कुलपतिले गर्नेछ। त्यस्तो कामको जानकारी उप-कुलपतिले तुरुन्त कुलपतिलाई गराउनु पर्नेछ र लगत्तै बस्ने सभाको बैठकद्वारा अनुमोदन गराउनु पर्नेछ।
|
| 304 |
+
(९) उप-कुलपतिको अनुपस्थितिमा निजको काम कुलपतिबाट व्यवस्���ा भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 305 |
+
(९०) उप-कुलपतिको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका अन्य शर्तहरू तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 306 |
+
|
| 307 |
+
२५. **रजिष्ट्रार:**
|
| 308 |
+
रजिष्ट्रारको नियुक्ति उप-कुलपतिको सिफारिसमा कुलपतिबाट हुनेछ।
|
| 309 |
+
|
| 310 |
+
२६. **डीन:**
|
| 311 |
+
डीनको नियुक्ति कार्यकारी परिषद्बाट हुनेछ।
|
| 312 |
+
|
| 313 |
+
२७. **निर्देशक:**
|
| 314 |
+
(१) अनुसन्धान केन्द्र तथा पाठ्यक्रम विकास केन्द्रको प्रमुखको रूपमा काम गर्न छुट्टाछुट्टै निर्देशक रहनेछन्।
|
| 315 |
+
(२) निर्देशकको नियुक्ति कार्यकारी परिषद्ले गर्नेछ।
|
| 316 |
+
|
| 317 |
+
२८. **रजिष्ट्रार, डीन र निर्देशकको काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा र सेवाका शर्तहरू:**
|
| 318 |
+
(१) रजिष्ट्रार, डीन र निर्देशक विश्वविद्यालयको पूरा समय काम गर्ने पदाधिकारी हुनेछन्।
|
| 319 |
+
(२) रजिष्ट्रार, डीन र निर्देशकको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 320 |
+
(३) रजिष्ट्रार, डीन र निर्देशकको काम, कर्तव्य, अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेवाका अन्य शर्तहरू तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
२९. **अन्य पदाधिकारीहरू:**
|
| 323 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा तोकिए बमोजिमका अन्य पदाधिकारीहरू रहनेछन्।
|
| 324 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमका पदाधिकारीको नियुक्ति, काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेवाका शर्तहरू तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 325 |
+
|
| 326 |
+
३०. **पदबाट हटाउन सकिने:**
|
| 327 |
+
(१) उप-कुलपति, सेवा आयोगको अध्यक्ष बा रजिष्ट्रारले आफ्नो पद अनुरूपको जिम्मेबारी पूरा नगरेको, इमानदारीपूर्वक काम नगरेको बा निजले पद अनुकूलको आचरण नगरेको भनी सभामा तत्काल रहेका एक चौथाई सदस्यहरूले निजलाई पदबाट हटाउन कुलपति समक्ष लिखित निबेदन दिएमा कुलपतिले सभाको कुनै सदस्यको अध्यक्षतामा विश्वविद्यालय अनुदान आयोगको सदस्य र शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालयको सचिब रहेको तीन सदस्यीय एक छानबिन समिति गठन गर्नेछ।
|
| 328 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित ज्ञानबिन समितिले सो सम्बन्धमा आवश्यक ज्ञानबिन गरी तीस दिनभित्र आफ्नो प्रतिवेदन कुलपति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 329 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको प्रतिवेदन प्राप्त भएपछि कुलपतिले सो प्रतिवेदन सभा समक्ष पेश गर्नेछ।
|
| 330 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिम पेश भएको प्रतिवेदन उपर छलफल हुँदा सभाले उपकुलपति, सेवा आयोगको अध्यक्ष वा रजिष्ट्रारलाई पदबाट हटाउन निर्णय गरेमा कुलपतिले त्यस्तो उप-कुलपति, सेवा आयोगको अध्यक्ष वा रजिष्ट्रारलाई पदबाट हटाउनेछ। तर त्यसरी हटाउनु अघि निजलाई सफाई पेश गर्ने मौक��बाट बञ्चित गरिने छैन।
|
| 331 |
+
(४) उप-कुलपति, सेवा आयोगको अध्यक्ष वा रजिष्ट्रार बाहेक विश्वविद्यालयका अन्य पदाधिकारीलाई उपदफा (१) बमोजिमको आरोपमा ज्ञानबिन गर्दा वा पदबाट हटाउँदा अपनाउनु पर्ने प्रक्रिया तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 332 |
+
(६) यस दफा बमोजिम कुनै पदाधिकारी उपर छानबिन शुरु भएमा त्यसको अन्तिम निर्णय नभएसम्मको लागि निजले आफू बहाल रहेको पदको काम गर्न पाउने छैन।
|
| 333 |
+
(७) उपदफा (६) बमोजिमको पदाधिकारीले गर्ने दैनिक काम सम्पादन गर्नका लागि कुलपतिले विश्वविद्यालयको बरिष्ठतम् पदाधिकारीलाई जिम्मेबारी तोक्न सक्नेछ।
|
| 334 |
+
|
| 335 |
+
३१. **शिक्षक तथा कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 336 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा आवश्यक संख्यामा शिक्षक तथा कर्मचारी रहनेछन्।
|
| 337 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमका शिक्षक तथा कर्मचारीको नियुक्ति, काम, कर्तव्य र अधिकार, पारिश्रमिक, सुबिधा तथा सेवाका शर्तहरू तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 338 |
+
|
| 339 |
+
---
|
| 340 |
+
|
| 341 |
+
## परिच्छेद-१०
|
| 342 |
+
**विश्वविद्यालयको कोष, लेखा तथा लेखापरीक्षण**
|
| 343 |
+
|
| 344 |
+
३२. **विश्वविद्यालयको कोष:**
|
| 345 |
+
(१) विश्वविद्यालयको आफ्नो एउटा छुट्टै कोष हुनेछ र सो कोषमा देहायको रकमहरू रहनेछन्:-
|
| 346 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 347 |
+
(ख) विश्वविद्यालय अनुदान आयोगबाट प्राप्त रकम,
|
| 348 |
+
(ग) स्थानीय तहबाट प्राप्त रकम,
|
| 349 |
+
(घ) कुनै व्यक्ति वा संस्थाले चन्दा, दान, दातव्य र आर्थिक सहायता स्वरूप प्रदान गरेको रकम,
|
| 350 |
+
(ङ) उद्योग, व्यापार व्यवसायसँग सम्बद्ध व्यक्ति बा संस्थाबाट सहयोग बा अनुदान स्वरूप प्राप्त रकम,
|
| 351 |
+
(च) अन्तर्राष्ट्रिय संघ, संस्था, विदेशी व्यक्ति, सरकार, एजेन्सी बा वित्तीय संस्थाहरूबाट सहयोग बा ऋण स्वरूप प्राप्त रकम,
|
| 352 |
+
(छ) शुल्क तथा अन्य कुनै स्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 353 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (च) बमोजिम विश्वविद्यालयले कुनै रकम प्राप्त गर्दा नेपाल सरकारको पूर्वस्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 354 |
+
(३) विश्वविद्यालयको कोषको रकम कार्यकारी परिषद्ले तोकेको कुनै बाणिज्य बैइमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ।
|
| 355 |
+
(४) विश्वविद्यालयको कोष र खाताको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 356 |
+
(४) विश्वविद्यालयको सबै खर्चहरू सभाबाट स्वीकृत भए अनुसार उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ।
|
| 357 |
+
|
| 358 |
+
३३. **लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 359 |
+
(१) विश्वविद्यालयले आफ्नो आय-व्ययको लेखा नेपाल सरकारले अपनाएको लेखाप्रणाली अनुसार राख्नु पर्नेछ।
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| 360 |
+
(२) विश्वविद्यालयले लेखाको तोकिए बमोजिम आन्तरिक नियन्त्रण प्रणालीको व्यव��्था गर्नु पर्नेछ।
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| 361 |
+
(३) विश्वविद्यालयको लेखापरीक्षण महालेखापरीक्षकबाट हुनेछ।
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| 362 |
+
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| 363 |
+
---
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| 364 |
+
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| 365 |
+
## परिच्छेद-११
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| 366 |
+
**विविध**
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| 367 |
+
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| 368 |
+
३४. **प्रमाणपत्र र उपाधि ज्ञथा मान्यता दिने:**
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| 369 |
+
(१) तोकिएको विषयमा उच्च शिक्षा हासिल गर्ने विद्यार्थी, प्रशिक्षार्थी बा अनुसन्धानकर्तालाई विश्वविद्यालयले तोकिए बमोजिमको प्रमाणपत्र र उपाधि दिन र अनुसन्धानात्मक कार्य गर्ने तथा प्राज्ञिक क्षेत्रमा प्रशंसनीय कार्य गर्ने व्यक्तिलाई मानार्थ उपाधि प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 370 |
+
(२) विश्वविद्यालयले अन्य विश्वविद्यालय बा शैक्षिक संस्थाको शैक्षिक उपाधिलाई मान्यता दिन सक्नेछ।
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| 371 |
+
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| 372 |
+
३५. **विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने योग्यता:**
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| 373 |
+
(१) विश्वविद्यालयमा भर्ना हुन चाहिने विद्यार्थी बा अनुसन्धानकर्ताको योग्यता तोकिए बमोजिम हुनेछ।
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| 374 |
+
(२) विश्वविद्यालयले विद्यार्थी भर्ना गर्दा नेपाल सरकारको नीति अनुरूप महिला, आदिबासी/जनजाति, मधेशी, दलित, अपाङ्ग, पिछडिएको बर्ग बा समुदायका विद्यार्थीलाई तोकिएको प्रतिशतको आधारमा भर्नाको लागि स्थान सुरक्षित गर्नु पर्नेछ।
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| 375 |
+
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| 376 |
+
३४क. **निःशुल्क उच्च शिक्षा तथा छाबबृत्ति:**
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| 377 |
+
(१) विश्वविद्यालयले तोकेको मापदण्ड पूरा गरी विश्वविद्यालय बा मातहतका आङ्गिक तथा सामुदायिक शैक्षिक संस्थामा भर्ना भएका दलित, सिमान्तीकृत, अपाङ्ग र आर्थिक रूपले विपन्न विद्यार्थीको लागि उच्च शिक्षा निःशुल्क हुनेछ।
|
| 378 |
+
(२) उपदफा (१) को प्रयोजनको लागि आधार, मापदण्ड, बर्गीकरण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोके बमोजिम हुनेछ।
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| 379 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सुविधा एक विद्यार्थीले प्रत्येक तहमा एकपटक मात्र उपभोग गर्न पाउनेछ।
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| 380 |
+
(४) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि दलित विद्यार्थीको लागि प्राविधिक तथा व्यावसायिक उच्च शिक्षामा भर्नाका लागि तोकिए बमोजिमको सिट सुरक्षित गरिनेछ।
|
| 381 |
+
(४) विश्वविद्यालयले शहिद, बेपत्ता पारिएका र अपाङ्गता भएका व्यक्तिका छोरा, छोरीको लागि प्रचलित कानूनमा व्यवस्था भए बमोजिम उच्च शिक्षाको व्यवस्था गर्नेछ।
|
| 382 |
+
(६) कक्षा छ देखि कक्षा दशसम्म सामुदायिक विद्यालयमा अध्ययन गरेको विद्यार्थीले उच्च शिक्षामा प्रचलित कानून बमोजिम छाबबृत्ति पाउनेछ।
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| 383 |
+
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| 384 |
+
३६. **राष्ट्रिय शिक्षा नीति अनुरूप कार्य गर्ने:**
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| 385 |
+
नेपाल सरकारको राष्ट्रिय शिक्षा नीति अनुरूप कार्य सञ्��ालन गर्नु विश्वविद्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
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| 386 |
+
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| 387 |
+
३७. **काम कारबाही बदर नहुने:**
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| 388 |
+
विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको स्थान रिक्त भई बा कुनै पदाधिकारी बा सदस्यको नियुक्ति बा मनोनयनमा त्रुटि भएको कारणले मात्र त्यस्तो काम कारबाही बदर हुने छैन।
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| 389 |
+
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| 390 |
+
३८. **असल नियतले गरेको काममा बचाउ:**
|
| 391 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम असल नियत लिई गरेको बा गर्न खोजेको कुनै कामको सम्बन्धमा विश्वविद्यालय बा विश्वविद्यालयको कुनै पदाधिकारी उपर मुद्दा चलाउने बा अन्य कारबाही गरिने छैन।
|
| 392 |
+
|
| 393 |
+
३९. **नेपाल सरकारको पूर्वस्वीकृति लिनु पर्ने:**
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| 394 |
+
विश्वविद्यालयले नेपाल सरकारलाई आर्थिक दायित्व पर्ने गरी कुनै पदाधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारीको दरबन्दी स्वीकृत गर्दा बा त्यस्ता पदाधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारीको पारिश्रमिक तथा सेवा सुविधा थप गर्नु अघि नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालयको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 395 |
+
|
| 396 |
+
४०. **अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 397 |
+
(१) सभाले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारहरूमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार प्राज्ञिक परिषद्, कार्यकारी परिषद् बा उप-कुलपतिलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 398 |
+
(२) प्राज्ञिक परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरूमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार विद्यापरिषद्लाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 399 |
+
(३) कार्यकारी परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरूमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार विश्वविद्यालयका कुनै पदाधिकारी बा समितिलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 400 |
+
(४) सेवा आयोगले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारहरूमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार विश्वविद्यालयको कुनै समिति बा पदाधिकारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 401 |
+
|
| 402 |
+
४१. **नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 403 |
+
विश्वविद्यालयले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा "शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्रालय मार्फत राख्नेछ।
|
| 404 |
+
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| 405 |
+
४२. **विश्वविद्यालय विघटन सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 406 |
+
(१) कुनै कारणले विश्वविद्यालय सञ्चालन हुन नसक्ने भएमा नेपाल सरकारले सभाको सिफारिसमा विश्वविद्यालय विघटन गर्न सक्नेछ।
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| 407 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम विश्वविद्यालय विघटन भएमा विश्वविद्यालयको चल, अचल जायजेथा नेपाल सरकारको हुनेछ��
|
| 408 |
+
|
| 409 |
+
४३. **नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 410 |
+
यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न विश्वविद्यालयले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 411 |
+
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| 412 |
+
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| 413 |
+
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| 414 |
+
**इष्टव्य:**
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| 415 |
+
(१) केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा रुपान्तरित भएका शब्दहरु:-
|
| 416 |
+
"नगरपालिका प्रमुख" को सट्टा "नगर कार्यपालिकाको प्रमुख"।
|
| 417 |
+
(२) शिक्षा सम्बन्धी केही नेपाल ऐन संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७७ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-
|
| 418 |
+
"मध्यपश्चिमाञ्चल विश्वविद्यालय" को सट्टा "मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय"।
|
section_17_pdf_1.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,293 @@
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| 1 |
+
# आदिवासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान ऐन, २०४६
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
## लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०४६। १०।२४
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
### संशोधन गर्ने ऐन
|
| 7 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 8 |
+
१. लैङ्गिक समानता कायम गर्न केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०६३
|
| 9 |
+
२०६३।७।१७
|
| 10 |
+
२. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 11 |
+
२०६६। १०। ७
|
| 12 |
+
३. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 13 |
+
२०७४। ११। १९
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
२०४६ सालको ऐन नं. २०
|
| 16 |
+
आदिवासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठानको व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 17 |
+
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| 18 |
+
### प्रस्तावनाः
|
| 19 |
+
नेपालको विभिन्न आदिवासी/जनजातिको सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक विकास र उत्थान एवं राष्ट्रिय विकासको मूल प्रवाहमा समान सहभागिताको लागि आदिवासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठानको स्थापना र सञ्चालन गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, थी ४ महाराजाधिराज ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको पहिलो वर्षमा संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
---
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 24 |
+
### प्रारम्भिक
|
| 25 |
+
|
| 26 |
+
१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः
|
| 27 |
+
(१) यस ऐनको नाम "आदिवासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान ऐन, २०४६" रहेको छ ।
|
| 28 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
२. परिभाषाः
|
| 31 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 32 |
+
(क) "आदिबासी/जनजाति" भन्नाले आफ्नो मातृभाषा र परम्परागत रीतिरिबाज, छुट्टै सांस्कृतिक पहिचान, छुट्टै सामाजिक संरचना र लिखित बा अलिखित इतिहास भएको अनुसूची बमोजिमको जाति बा समुदाय सम्झनु पर्छ ।
|
| 33 |
+
(ख) "प्रतिष्ठान" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापित आदिबासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
(ग) "परिषद्" भन्नाले दफा ७ बमोजिम गठित प्रतिष्ठानको सञ्चालक परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 35 |
+
(घ) "समिति" भन्नाले दफा १० बमोजिम गठित परिषद्को कार्यकारिणी समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 36 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिएबमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 37 |
+
|
| 38 |
+
---
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 41 |
+
### प्रतिष्ठानको स्थापना, उद्देश्य, काम, कर्तव्य र अधिकार
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
३. प्रतिष्ठानको स्थापनाः
|
| 44 |
+
(१) आदिबासी/जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान नामको एक प्रतिष्ठान स्थापना गरिएको छ ।
|
| 45 |
+
(२) प्रतिष्ठानको केन्द्रीय कार्यालय काठमाडौं उपत्यकाभित्र रहनेछ र प्रतिष्ठानले आवश्यकता अनुसार अन्य स्थानमा आफ्नो शाखा कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ ।
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
४. प्��तिष्ठान स्वशासित संस्था हुनेः
|
| 48 |
+
(१) प्रतिष्ठान अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला स्वशासित र सङ्गटित संस्था हुनेछ ।
|
| 49 |
+
(२) प्रतिष्ठानको काम कारबाहीको लागि आफ्नो एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
|
| 50 |
+
(३) प्रतिष्ठानले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न, बेचबिखन गर्न बा अन्य कुनै किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ ।
|
| 51 |
+
(४) प्रतिष्ठानले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालिस उजुर गर्न र प्रतिष्ठान उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजुर लाग्न सक्नेछ ।
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
५. प्रतिष्ठानको उद्देश्यः
|
| 54 |
+
प्रतिष्ठानको उद्देश्य देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 55 |
+
(क) आदिबासी/जनजातिको सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक विकास र उत्थानसँग सम्बन्धित कार्यक्रम तर्जुमा र कार्यान्वयन गरी आदिबासी/जनजातिको सर्वाङ्गीण विकास गर्ने,
|
| 56 |
+
(ख) आदिबासी/जनजातिको भाषा, लिपि, संस्कृति, साहित्य, कला, इतिहासको संरक्षण र प्रबर्धन गर्ने,
|
| 57 |
+
(ग) आदिबासी/जनजातिको परम्परागत सीप, प्रबिधि र बिशिष्ट जानकारीको संरक्षण र प्रबर्धन गरी त्यसलाई व्यावसायिक प्रयोगमा ल्याउन सहायता पु¥याउने,
|
| 58 |
+
(घ) विभिन्न आदिबासी/जनजाती, जातजाति तथा सम्प्रदायबीच सुमधुर सम्बन्ध, सदभाव र सामञ्जस्य कायम गरी मुलुकको समष्टिगत विकासको मूल प्रवाहमा आदिबासी/जनजातिलाई सहभागी गराउने,
|
| 59 |
+
(ङ) आदिबासी/जनजातिको सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक उत्थान र विकास गरी समतामूलक समाजको निर्माणमा मद्दत पु¥याउने ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
६. प्रतिष्ठानको काम, कर्तव्य र अधिकारः
|
| 62 |
+
दफा ४ बमोजिमको उद्देश्य प्राप्तिका लागि प्रतिष्ठानको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 63 |
+
(क) आदिबासी/जनजातिको भाषा, लिपि, साहित्य, इतिहास, कला, संस्कृति, परम्परागत सीप तथा प्रबिधिको प्रबर्धन तथा संरक्षणका लागि आवश्यक कार्यक्रम तर्जुमा गर्ने र सोको कार्यान्वयन गर्ने बा गराउने,
|
| 64 |
+
(ख) आदिबासी/जनजातिको भाषा लिपि, साहित्य, इतिहास, कला, संस्कृति र परम्पराको अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्ने र त्यस्तो भाषा, लिपि, इतिहास, कला, साहित्य, संस्कृति र परम्परालाई विकास गर्ने,
|
| 65 |
+
(ग) आदिबासी/जनजातिले परम्परागत रूपमा अभ्यास गर्दै आएका प्रबिधि, सीप तथा बिशिष्ट जानकारीलाई प्रचलित कानुनको अधीनमा रही तोकिए बमोजिम सम्बन्धित आदिबासी/जनजातिको बौद्धिक सम्पत्ति अधिकारको रूपमा संरक्षण गर्ने बा गराउने,
|
| 66 |
+
(घ) आदिबासी/जनजातिको इतिहास तथा साहित्य प्रकाशन गर्ने,
|
| 67 |
+
(ङ) भाषा साहित्यसँग सम्बद्ध अन्य निकायहरूको सहयोग लिई आदिबासी/जनजातिको भाषाको शब्दकोष तयार गर्ने र प्रकाशन गर्ने बा गराउने,
|
| 68 |
+
(च) आदिबासी/जनजातिको भाषा, संस्कृति, इतिहास, परम्परालाई परिचय गराउने अभिलेखालय तथा संग्रहालय स्थापना गर्ने,
|
| 69 |
+
(छ) कम्तीमा प्राथमिक तहसम्म आदिबासी/जनजातिको मातृभाषा पढाउने गरी विद्यालय स्थापना गर्ने,
|
| 70 |
+
(ज) आदिबासी/जनजातिको भाषा, संस्कृति, इतिहास, साहित्य, कला, परम्परागत प्रविधिको अध्ययन बा अनुसन्धान गर्न चाहने विदेशी विद्वानलाई नेपाल सरकारको स्वीकृति लिई प्रतिष्ठानसँग सम्बद्ध भई अध्ययन बा अनुसन्धान गर्न दिने,
|
| 71 |
+
(झ) आदिबासी/जनजाति सम्बन्धी सूचनाको संकलन र व्यवस्थापन गर्ने,
|
| 72 |
+
(ज) आदिबासी/जनजाति मध्येका बिपन्न र पिछडिएका समूहको आर्थिक तथा सामाजिक स्तर वृद्धि गर्न विशेष कार्यक्रमहरू सञ्चालन गर्ने बा गराउने,
|
| 73 |
+
(ट) समान उद्देश्य भएका विदेशी बा अन्तर्राष्ट्रिय संस्थासँग सम्बन्ध कायम गरी सहयोग आदान प्रदान गर्ने,
|
| 74 |
+
(ठ) आदिबासी/जनजाति सम्बन्धी परामर्श सेवा दिने,
|
| 75 |
+
(ड) आदिबासी/जनजातिको मातृभाषामा सूचना, समाचार एवं विविध कार्यक्रम प्रसारण गर्ने व्यवस्था मिलाउने,
|
| 76 |
+
(ढ) आदिबासी/जनजातिबीच रहेको सामाजिक, आर्थिक र सांस्कृतिक विभेद, भिन्नता र बेमेललाई ध्यानमा राख्दै सम्पन्न र बिपन्न आदिबासी/जनजातिको अनुसूची तयार पार्ने,
|
| 77 |
+
(ण) प्रतिष्ठानको उद्देश्य पूरा गर्न आदिबासी/जनजाति सम्बन्धी अन्य आवश्यक कुराहरू गर्ने बा गराउने ।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
---
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 82 |
+
### सञ्चालक परिषद् तथा कार्यकारिणी समिति सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 83 |
+
|
| 84 |
+
७. सञ्चालक परिषद्को गठनः
|
| 85 |
+
(१) प्रतिष्ठानका तर्फबाट सम्पादन गर्नु पर्ने कार्य सम्पादन गर्नका लागि प्रतिष्ठानको सर्वोच्च अङ्गको रूपमा देहाय बमोजिमको एक सञ्चालक परिषद् रहनेछः-
|
| 86 |
+
(क) प्रधानमन्त्री - अध्यक्ष
|
| 87 |
+
(ख) स्थानीय विकास मन्त्री/राज्यमन्त्री - सदस्य
|
| 88 |
+
(ग) आदिबासी जनजातिको उत्थान तथा विकासमा उल्लेखनीय योगदान पु¥याएका व्यक्तिहरू मध्येबाट उपदफा (२) बमोजिम गठित सिफारिस समितिले सिफारिस गरेका तीनजना आदिबासी जनजातिमध्य परिषद्का अध्यक्षबाट मनोनीत - उपाध्यक्ष
|
| 89 |
+
(घ) नेपाल आदिबासी जनजाति महासंघका उपकुलपति बा निजले तोकको सदस्य - सदस्य
|
| 90 |
+
(ङ) सदस्य, राष्ट्रिय योजना आयोग (सम्बन्धित विषय हेर्ने) - सदस्य
|
| 91 |
+
(च) सचिव, स्थानीय विकास मन्त्रालय - सदस्य
|
| 92 |
+
(छ) सचिव, अर्थ मन्त्रालय - सदस्य
|
| 93 |
+
(ज) सचिव, संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय - सदस्य
|
| 94 |
+
(झ) सचिव, शिक्षा तथा खेलकूद मन्त्रालय - सदस्य
|
| 95 |
+
(ट) आदिबासी/जनजाति महासंघमा आबद्ध भएका अनुसूचीमा उल्लिखित आदिबासी/जनजातिका संघ संस्थाहरूमध्ये आदिबासी/जनजाति महासंघको सिफारिसमा प्रत्येक आदिबासी/जनजातिबाट एक एकजना पर्ने गरी र आदिबासी/जनजाति महासंघमा आबद्ध नभएका आदिबासी/जनजातिहरू भएमा त्यस्ता आदिबासी/जनजातिहरूबाट एक एकजना पर्ने गरी सहअध्यक्षबाट मनोनीत व्यक्तिहरू - सदस्य
|
| 96 |
+
(ड) आदिबासी/जनजातिको उत्थानमा योगदान दिएका आदिबासी/जनजातिका महिलाहरूमध्ये प्रत्येक प्रदेशबाट दुई दुईजनाको दरले नेपाल सरकारद्वारा मनोनीत चौधजना - सदस्य
|
| 97 |
+
(ढ) आदिबासी/जनजाति समुदायभित्रकै व्यापारी, उद्योगपति र चन्दादातामध्येबाट नेपाल सरकारबाट मनोनीत दुईजना - सदस्य
|
| 98 |
+
(ण) कार्यकारिणी समितिका सदस्यहरू - सदस्य
|
| 99 |
+
(त) आदिबासी/जनजातिका उत्थानमा विशेष योगदान दिएका आदिबासी/जनजातिका व्यक्तिहरूमध्ये परिषद्को उपाध्यक्षको सिफारिसमा परिषद्को सहअध्यक्षले मनोनीत गरेको व्यक्ति - सदस्य-सचिब
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ग) बमोजिम उपाध्यक्षको मनोनयनका लागि सिफारिस गर्न परिषद्का सहअध्यक्षको संयोजकत्वमा आदिबासी/जनजाति महासंघ र आदिबासी/जनजाति परिषद्ले तोकेका एक एकजना व्यक्ति रहेको एक सिफारिस समिति रहनेछ।
|
| 102 |
+
(३) उपदफा (१) को खण्ड (ग), (ट), (ड), (ढ) र (त) बमोजिम मनोनीत उपाध्यक्ष, सदस्य तथा सदस्य-सचिबको पदावधि चार बर्षको हुनेछ र निजहरू पुनः एक पटक मनोनीत हुन सक्नेछन् ।
|
| 103 |
+
(४) परिषद्ले आवश्यक देखेमा स्वदेशी बा विदेशी विशेषज्ञहरूलाई परिषद्को बैठकमा पर्यवेक्षकको रूपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ् ।
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
८. परिषद्को बैठक तथा निर्णयः
|
| 106 |
+
(१) परिषद्को बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक परिषद्को अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ् ।
|
| 107 |
+
(२) परिषद्को बैठकको अध्यक्षता परिषद्को अध्यक्षले गर्नेछ । निजको अनुपस्थितिमा परिषद्को सहअध्यक्षले र निज पनि अनुपस्थित रहेमा परिषद्को उपाध्यक्षले परिषद्को बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ ।
|
| 108 |
+
(३) परिषद्का कुल सदस्यमध्ये कम्तीमा पचास प्रतिशत सदस्य उपस्थित भएमा बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 109 |
+
(४) बहुमतको निर्णय परिषद्को बैठकको निर्णय मानिनेछ । बैठकमा मत बराबर भएमा अध्यक्��ता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिन सक्नेछ ।
|
| 110 |
+
(५) परिषद्को बैठकको निर्णय परिषद्का सदस्य-सचिबद्वारा प्रमाणित गरिनेछ ।
|
| 111 |
+
(६) परिषद्को बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि परिषद् आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 112 |
+
|
| 113 |
+
९. परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकारः
|
| 114 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम प्रतिष्ठानले सम्पादन गर्नु पर्ने काम र प्रयोग गर्ने अधिकार परिषद्ले गर्नेछ ।
|
| 115 |
+
(२) उपदफा (१) को सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल असर नपर्ने गरी परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 116 |
+
(क) प्रतिष्ठानबाट सञ्चालन हुने विभिन्न कार्यक्रम र आयोजनाको नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 117 |
+
(ख) प्रतिष्ठानको बार्षिक एवं आबधिक योजना स्वीकृत गर्ने,
|
| 118 |
+
(ग) प्रतिष्ठानको बार्षिक बजेट स्वीकृत गर्ने,
|
| 119 |
+
(घ) प्रतिष्ठानले सञ्चालन गरेका कार्यक्रम तथा आयोजनाहरूको मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 120 |
+
(ङ) प्रतिष्ठानले बनाउने विनियमहरू स्वीकृत गर्ने,
|
| 121 |
+
(च) तोकिए बमोजिम अन्य काम गर्ने ।
|
| 122 |
+
|
| 123 |
+
१०. कार्यकारिणी समितिको गठनः
|
| 124 |
+
(१) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमहरू तथा परिषद्को सामान्य निर्देशनको अधीनमा रही प्रतिष्ठानको दैनिक कार्य सञ्चालनका लागि देहाय बमोजिमको एक कार्यकारिणी समिति रहने छ:-
|
| 125 |
+
(क) परिषद्को उपाध्यक्ष - अध्यक्ष
|
| 126 |
+
(ख) आदिबासी/जनजातिको विषयमा विशेष अध्ययन बा अनुसन्धान गरेका विषयविज्ञ बा आदिबासी/जनजातिको उत्थानमा उल्लेखनीय योगदान पु¥याएका आदिबासी/जनजातिका व्यक्तिहरूमध्ये परिषद्ले गठित तीन सदस्यीय सिफारिस समितिले सिफारिस गरेको कम्तीमा एक महिला सहित पाँचजनामध्ये परिषद्को सहअध्यक्षको सिफारिसमा अध्यक्षबाट मनोनीत एक महिला सहित दुईजना - सदस्य
|
| 127 |
+
(ग) स्थानीय विकास मन्त्रालयले तोकेको सोही मन्त्रालयको कम्तीमा सहसचिब स्तरको अधिकृत - सदस्य
|
| 128 |
+
(घ) परिषद्को सदस्य-सचिब - सदस्य-सचिब
|
| 129 |
+
|
| 130 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ख) बमोजिमका सदस्यहरूको पदावधि चार बर्षको हुनेछ ।
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
११. समितिको बैठक तथा निर्णयः
|
| 133 |
+
(१) समितिको बैठक समितिको अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा आवश्यकता अनुसार बस्नेछ ।
|
| 134 |
+
(२) समितिको बैठकको अध्यक्षता समितिको अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा उपस्थित मनोनीत सदस्यहरूमध्ये मनोनयनका हिसाबले बरिष्ठतम सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ ।
|
| 135 |
+
(३) समितिको बैठकमा आवश्यकता अनुसार स्वदेशी बा विदेशी विशेषज्ञ तथा प्रतिष्ठानका कार्यक्रम तथा आयोजनासँग सम्बन्धित ��्यक्तिलाई आमन्त्रण गर्न सकिनेछ ।
|
| 136 |
+
(४) समितिको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 137 |
+
|
| 138 |
+
१२. समितिको काम, कर्तव्य र अधिकारः
|
| 139 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र लेखिएका कामको अतिरिक्त समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहायबमोजिम हुनेछ:-
|
| 140 |
+
(क) परिषद्को निर्णय कार्यान्वयन गर्ने बा गराउने,
|
| 141 |
+
(ख) प्रतिष्ठानको आबधिक तथा बार्षिक कार्यक्रम, आयोजना र बजेट तयार गरी परिषद्मा पेश गर्ने,
|
| 142 |
+
(ग) प्रतिष्ठानको कोषको व्यवस्थापन तथा सञ्चालन गर्ने,
|
| 143 |
+
(घ) प्रतिष्ठानको लेखाको लेखापरीक्षण गराई सोको प्रतिवेदन परिषद्मा पेश गर्ने,
|
| 144 |
+
(ङ) प्रतिष्ठानले बनाउने विनियमहरूको मसौदा तयार गरी परिषद्मा पेश गर्ने,
|
| 145 |
+
(च) प्रतिष्ठानको उद्देश्य पूरा गर्न परिषद्ले समय समयमा दिएको निर्देशनको अधीनमा रही तोकिए बमोजिम अन्य कार्य गर्ने बा गराउने ।
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
१३. परिषद्को उपाध्यक्षको सेवाका शर्त सम्बन्धी व्यवस्थाः
|
| 148 |
+
(१) परिषद्को उपाध्यक्ष प्रतिष्ठानमा पूर्णकालीन काम गर्ने प्रमुख कार्यकारी पदाधिकारी हुनेछ ।
|
| 149 |
+
(२) परिषद्को उपाध्यक्षको पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेवाका अन्य शर्त तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
१४. परिषद्को सदस्य-सचिबको सेवाका शर्त सम्बन्धी व्यवस्थाः
|
| 152 |
+
(१) परिषद्को सदस्यसचिब प्रतिष्ठानमा पूर्णकालिन काम गर्ने कार्यकारी पदाधिकारी हुनेछ र निजले उपाध्यक्षको सामान्य निर्देशनमा रही काम गर्नेछ ।
|
| 153 |
+
(२) परिषद्को सदस्य-सचिबको पारिश्रमिक, सुविधा तथा सेवाका अन्य शर्त तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 154 |
+
|
| 155 |
+
१५. उपसमिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेः
|
| 156 |
+
(१) परिषद् बा समितिले आवश्यकता अनुसार उपसमिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 157 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित उपसमिति बा कार्यदलको काम, कर्तव्य, अधिकार, कार्यविधि तथा सुविधा परिषद् बा समितिले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
---
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 162 |
+
### प्रतिष्ठानको कोष, लेखा तथा लेखापरीक्षण
|
| 163 |
+
|
| 164 |
+
१६. प्रतिष्ठानको कोषः
|
| 165 |
+
(१) प्रतिष्ठानको एउटा छुट्टै कोष हुनेछ ।
|
| 166 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा देहाय बमोजिमका रकमहरू रहनेछन्:-
|
| 167 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 168 |
+
(ख) कुनै विदेशी सरकार बा अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्थाबाट प्राप्त ऋण रकम,
|
| 169 |
+
(ग) कुनै विदेशी सरकार बा अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्था बा व्यक्तिबाट प्राप्त हुने चन्दा, सहायता, अनुदान बा अन्य कुनै रकम,
|
| 170 |
+
(घ) कुनै व्यक्ति बा संस्थाबाट प्राप्त चन्दा, सहायता स्वरूप प्राप्त रकम,
|
| 171 |
+
(ङ) प्रतिष्ठानले सेवा उपलब्ध गराए बापत प्राप्त रकम,
|
| 172 |
+
(च) अन्य कुनै स्रोतबाट प्राप्त रकम ।
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
(३) प्रतिष्ठानले उपदफा (२) को खण्ड (ख) बमोजिमको रकम प्राप्त गर्नु पर्दा नेपाल सरकारको स्वीकृति लिनु पर्नेछ र खण्ड (ग) बमोजिमको रकम प्राप्त गर्दा नेपाल सरकारलाई पूर्व जानकारी गराउनु पर्नेछ ।
|
| 175 |
+
(४) प्रतिष्ठानले गर्नु पर्ने सबै खर्चहरू उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ ।
|
| 176 |
+
(५) प्रतिष्ठानलाई प्राप्त हुने सबै रकम प्रतिष्ठानको नाममा कुनै बैङ्कमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ ।
|
| 177 |
+
(६) प्रतिष्ठानको कोषको खाता सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 178 |
+
|
| 179 |
+
१७. लेखा र लेखापरीक्षणः
|
| 180 |
+
(१) प्रतिष्ठानले आफ्नो आय-व्ययको लेखा प्रचलित कानुन बमोजिम राख्नु पर्नेछ ।
|
| 181 |
+
(२) प्रतिष्ठानको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकको विभागबाट हुनेछ ।
|
| 182 |
+
|
| 183 |
+
---
|
| 184 |
+
|
| 185 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 186 |
+
### विविध
|
| 187 |
+
|
| 188 |
+
१८. काम कारबाही अवैध नमानिनेः
|
| 189 |
+
यस ऐनका अन्य दफाहरूमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि परिषद् बा समितिका कुनै सदस्यको स्थान रिक्त भै काम कारबाही भएको रहेछ भने सोही कारणले मात्र त्यस्तो काम कारबाही अवैध भएको मानिने छैन ।
|
| 190 |
+
|
| 191 |
+
१९. अधिकार प्रत्यायोजनः
|
| 192 |
+
(१) परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमहरू बा विनियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये सबै बा केही अधिकार परिषद्ले तोकेको शर्तमा समिति बा समितिको अध्यक्ष बा समितिको सदस्य-सचिबले प्रयोग गर्न पाउने गरी प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 193 |
+
(२) समितिले यस ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमहरू बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये सबै बा केही अधिकार समितिका कुनै सदस्य बा सदस्य-सचिब बा कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 194 |
+
|
| 195 |
+
२०. बार्षिक प्रतिवेदन दिनुपर्नेः
|
| 196 |
+
(१) प्रतिष्ठानले प्रत्येक आर्थिक बर्ष समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र आफ्नो काम कारबाहीको बार्षिक प्रतिवेदन नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्नेछ ।
|
| 197 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदनमा अन्य कुराको अतिरिक्त प्रतिष्ठानले एक बर्षभित्र सम्पादन गरेका कामको संक्षिप्त विवरण, प्रतिष्ठानको वित्तीय स्थिति, खर्चको विवरण, सम्पन्न गरेका कार्यक्रम बा आयोजना र सोको लागत तथा प्रतिष्ठानको अगाडि देखिएका समस्याहरू उल्लेख हुनु पर्नेछ ।
|
| 198 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदनका मुख्य अंशहरू प्रतिष्ठानले प्रकाशन गर्नु पर्नेछ ।
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
२१. प्रतिष्ठानका कर्मचारीको नियुक्तिः
|
| 201 |
+
(१) प्रतिष्ठानले तोक��ए बमोजिमका कर्मचारीको नियुक्ति गर्न सक्नेछ ।
|
| 202 |
+
(२) प्रतिष्ठानका कर्मचारीको नियुक्ति र सेवाका शर्त परिषद्ले बनाएको विनियममा व्यवस्था भए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 203 |
+
|
| 204 |
+
२२. नेपाल सरकारले निर्देशन दिन सक्नेः
|
| 205 |
+
नेपाल सरकारले प्रतिष्ठानलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ ।
|
| 206 |
+
|
| 207 |
+
२३. नेपाल सरकारसँग सम्पर्कः
|
| 208 |
+
प्रतिष्ठानले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा स्थानीय विकास मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
२४. नियम तथा विनियम बनाउने अधिकारः
|
| 211 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न परिषद्ले आवश्यक नियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 212 |
+
(२) यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमहरूको अधीनमा रही परिषद्ले देहायका विषयमा विनियमहरू बनाउन सक्नेछ र त्यस्ता विनियमहरू नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भएपछि लागू हुनेछन्:-
|
| 213 |
+
(क) आन्तरिक कार्य सञ्चालन,
|
| 214 |
+
(ख) कर्मचारीको नियुक्ति र सेवाका शर्त,
|
| 215 |
+
(ग) आर्थिक प्रशासन ।
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
२५. अनुसूचीमा हेरफेर गर्न सक्नेः
|
| 218 |
+
नेपाल सरकारले परिषद्को सिफारिसमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी अनुसूचीमा हेरफेर बा थपघट गर्न सक्नेछ ।
|
| 219 |
+
|
| 220 |
+
२६. खारेजी र बचाउः
|
| 221 |
+
(१) राष्ट्रिय जनजाति विकास समिति (गठन) आदेश, २०४४ खारेज गरिएको छ र सो गठन आदेश बमोजिम गठित राष्ट्रिय जनजाति विकास समितिको सम्पूर्ण चल अचल सम्पत्ति तथा हक र दायित्व प्रतिष्ठानमा सर्नेछ ।
|
| 222 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको गठन आदेश बमोजिम गठित राष्ट्रिय जनजाति विकास समितिसँग भए गरेका टैका, पझ तथा सम्झौता प्रतिष्ठानसँग भए गरेको मानिनेछ र सो समितिबाट भए गरेका सम्पूर्ण काम कारबाही प्रतिष्ठानबाट भए गरेको मानिनेछ् ।
|
| 223 |
+
|
| 224 |
+
---
|
| 225 |
+
|
| 226 |
+
## अनुसूची
|
| 227 |
+
### दफा २ को खण्ड (क) सँग सम्बन्धित
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
१. किसान
|
| 230 |
+
२. कुशबाड़िया
|
| 231 |
+
३. गनगाई
|
| 232 |
+
४. चेपाङ
|
| 233 |
+
५. छैरीतन
|
| 234 |
+
६. झांगड
|
| 235 |
+
७. ताइवे
|
| 236 |
+
८. तामाङ
|
| 237 |
+
९. तोप्केगोला
|
| 238 |
+
१०. थामी
|
| 239 |
+
११. थुदाम
|
| 240 |
+
१२. दराई
|
| 241 |
+
१३. धानुक (राजवंशी)
|
| 242 |
+
१४. नेबार
|
| 243 |
+
१५. फ्री
|
| 244 |
+
१६. बरामो
|
| 245 |
+
१७. बोटे
|
| 246 |
+
१८. भोटे
|
| 247 |
+
१९. माझी
|
| 248 |
+
२०. मुगाली
|
| 249 |
+
२१. याक्खा
|
| 250 |
+
२२. राउटे
|
| 251 |
+
२३. राझी
|
| 252 |
+
२४. लिम्बु
|
| 253 |
+
२५. ल्होपा
|
| 254 |
+
२६. बालुङ
|
| 255 |
+
२७. शेर्पा
|
| 256 |
+
२८. सियार
|
| 257 |
+
२९. सुरेल
|
| 258 |
+
३०. हयोल्मो
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
३१. कुमाल
|
| 261 |
+
३२. कुशुण्डा
|
| 262 |
+
३३. गुरुङ
|
| 263 |
+
३४. छुत्त्याल
|
| 264 |
+
३५. जिरेल
|
| 265 |
+
३६. डोल्पो
|
| 266 |
+
३७. ताजपुरिया
|
| 267 |
+
३८. तीन गाउँले थकाली
|
| 268 |
+
३९. थकाली
|
| 269 |
+
४०. थारु
|
| 270 |
+
४१. दनुबार
|
| 271 |
+
४२. दुरा
|
| 272 |
+
४३. धिमाल
|
| 273 |
+
४४. पहारी
|
| 274 |
+
४५. बनकारिया
|
| 275 |
+
४६. बाह गाउले
|
| 276 |
+
४७. भुजेल
|
| 277 |
+
४८. मगर
|
| 278 |
+
४९. मार्फाली थकाली
|
| 279 |
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५०. मेचे (बोडो)
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| 280 |
+
५१. राई
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| 281 |
+
५२. राजवंशी (कोच)
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| 282 |
+
५३. लार्के
|
| 283 |
+
५४. लेप्चा
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| 284 |
+
५५. ल्होमी (शिड्साबा)
|
| 285 |
+
५६. व्य��सी
|
| 286 |
+
५७. सतार (सन्थाल)
|
| 287 |
+
५८. सुनुबार
|
| 288 |
+
५९. हायु
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| 289 |
+
६०. रानाथारु
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| 290 |
+
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| 291 |
+
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| 292 |
+
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| 293 |
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**नोट:** मिति २०७७/०२/०४ गतेको नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा थप।
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section_17_pdf_4.txt
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@@ -0,0 +1,368 @@
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# फोहरमैला व्यवस्थापन ऐन, २०६६
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| 2 |
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**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
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| 4 |
+
२०६६।०३।०१
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
१. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
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| 8 |
+
२०७२।११।१३
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| 9 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 10 |
+
२०७४।११।१९
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| 11 |
+
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| 12 |
+
संबत् २०६६ को ऐन नं. ४
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| 13 |
+
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| 14 |
+
---
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| 15 |
+
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| 16 |
+
## फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी कानूनलाई संशोधन र एकीकरण गर्न बनेको ऐन
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| 17 |
+
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| 18 |
+
**प्रस्तावनाः**
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| 19 |
+
फोहरमैलालाई स्रोतमा न्यूनीकरण, पुनः प्रयोग, प्रशोधन वा विसर्जन गरी फोहरमैलाको व्यवस्थित तथा प्रभावकारी व्यवस्थापन गर्न तथा फोहरमैलाबाट जनस्वास्थ्य तथा वातावरणमा पर्न सक्ने प्रतिकूल प्रभावलाई कम गरी स्वच्छ तथा स्वस्थ वातावरण कायम गर्नका लागि फोहरमैला व्यवस्थापन जस्तो अत्यन्त जरुरी सेवा सम्बन्धी कानूनलाई संशोधन र एकीकरण गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 20 |
+
नेपालको अन्तरिम संविधान, २०६३ को धारा ६३ बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसद्को हैसियतमा संविधान सभाले यो ऐन बनाएको छ।
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| 21 |
+
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| 22 |
+
---
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| 23 |
+
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| 24 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 25 |
+
**प्रारम्भिक**
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| 26 |
+
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| 27 |
+
१. **संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः**
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| 28 |
+
(१) यस ऐनको नाम "फोहरमैला व्यवस्थापन ऐन, २०६६" रहेको छ।
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| 29 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 30 |
+
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| 31 |
+
२. **परिभाषाः**
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| 32 |
+
बिषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 33 |
+
(क) "औद्योगिक फोहरमैला" भन्नाले औद्योगिक प्रतिष्ठानबाट निष्काशन हुने हानिकारक तथा प्रदूषणयुक्त फोहरमैला सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ख) "औद्योगिक प्रतिष्ठान" भन्नाले कुनै उद्योग, व्यवसाय वा सेवा सञ्चालन गर्ने उद्देश्यले प्रचलित कानून बमोजिम स्थापित कुनै कम्पनी, उद्योग, फर्म वा अन्य कुनै निकाय सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ग) "कण्टेनर" भन्नाले फोहरमैला सङ्लन गर्ने प्रयोजनको लागि निश्चित स्थानमा राखिएको फोहरमैला थुपानें भाँडो, बाकस, बाल्टीन बा यस्तै प्रकारको अन्य कुनै बस्तु सम्झनु पर्छ र सो शब्दले कम्पोष्ट मल उत्पादन गर्न राखिएको भाँडो समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 36 |
+
(घ) $\square$
|
| 37 |
+
(ङ) "ढुवानी" भन्नाले सङ्लित फोहरमैला उत्पादन स्थलबाट सङ्लन केन्द्र र सङ्लन केन्द्रबाट स्थानान्तरण केन्द्रसम्म बा स्थानान्तरण केन्द्रबाट फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल बा ₹स्थानीय तहले तोकेको स्थानसम्म लैजाने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(च) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(छ) "न्यूनीकरण" भन्नाले कुनै पनि प्रविधि बा उपायको प्रयोग गरी फोहरमैलाको परिमाण, आकार बा प्रभावमा ��म गर्ने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ज) "निष्काशन" भन्नाले फोहरमैला उत्पादन स्थलबाट ₹स्थानीय तहले तोकेको स्थानमा थुपानें बा निकाल्ने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(झ) "परिषद्" भन्नाले दफा २३ बमोजिम गठित फोहरमैला व्यवस्थापन परिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(ज) "प्रदूषण" भन्नाले फोहरमैलाबाट निस्कने ठोस, तरल बा ग्याँस वस्तुको संयोजनबाट बाताबरणमा प्रत्यक्ष बा अप्रत्यक्ष रुपले प्रभाव परी बाताबरणमा उल्लेखनीय ह्रास ल्याउने, क्षति पुन्याउने बा बाताबरणको लाभदायी बा उपयोगी प्रयोजनमा हानि नोक्सानी पुन्याउने क्रियाकलाप सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(ट) "प्रभावित क्षेत्र" भन्नाले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको प्रारम्भिक बाताबरणीय परीक्षण र बाताबरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन प्रतिबेदनमा उल्लिखित क्षेत्रलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
(ङ) "प्रशोधन" भन्नाले फोहरमैलाको रुप बा गुणमा परिवर्तन गरी अन्य कुनै उपयोगी बस्तु तयार गर्ने, मल, ग्याँस, ऊर्जा बा अन्य बस्तु उत्पादन गरी फोहरमैलाको व्यवस्थापन गर्ने प्रक्रिया सम्झनु पर्छ।
|
| 45 |
+
(ड) "प्रशोधन स्थल" भन्नाले फोहरमैलालाई प्रशोधन गरी मल, ग्याँस, ऊर्जा बा अन्य बस्तु उत्पादनका लागि कार्य सञ्चालन गर्ने स्थान सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(ढ) "पुनः चकीय प्रयोग" भन्नाले प्रविधिको प्रयोगद्वारा सङलित फोहरमैलालाई कच्चा पदार्थमा रुपान्तरण गरी उपयोगी बस्तुको रुपमा विकास गरी पुनः प्रयोगमा ल्याउने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 47 |
+
(ण) "फोहरमैला" भन्नाले घरेलु फोहरमैला, औद्योगिक फोहरमैला, रासायनिक फोहोरमैला, स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैला बा हानिकारक फोहरमैला सम्झनु पर्छ र सो शब्दले तत्काल प्रयोग हुन नसक्ने अवस्थामा रहेका, फालिएका बा सडेगलेका, बाताबरणमा ह्रास आउने गरी निष्काशन गरिएका ठोस, तरल, ग्याँस, लेदो, धुवाँ, धुलो, बिघुतीय तथा सूचना प्रविधिका लागि प्रयोग भएका सामग्रीहरु लगायतका पदार्थ बा त्यस्तै प्रकारका अन्य बस्तुहरु बा अनधिकृत रुपमा सार्वजनिक स्थलमा टाँसिएका पोष्टर, पम्पलेट र नेपाल सरकारले समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी फोहरमैला भनी तोकिदिएको अन्य बस्तु समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 48 |
+
(त) "फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल (स्यानिटरी ल्याण्डफिल साइट)" भन्नाले फोहरमैला बिसर्जन बा प्रशोधन गर्नको लागि ०स्थानीय तहले तोकेको स्थल सम्झनु पर्छ।
|
| 49 |
+
(थ) "फोहरमैला सङ्लन" भन्नाले फोहरमैला उत्पादन स्थलबाट उ��ाउने, घरघरबाट सङ्लन गर्ने, सार्वजनिक स्थलमा रहेको फोहरमैला बढानें, थुपानें, झारपात उखेल्ने तथा अनधिकृत रुपमा सार्वजनिक स्थलमा टाँसिएका पोष्टर, पम्पलेट उप्काई सङ्लन गर्ने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 50 |
+
(द) "फोहरमैला सङ्लन तथा डुबानी साधन" भन्नाले फोहरमैला सङ्लन तथा डुबानी गर्ने प्रयोजनका लागि प्रयोग गरिने साधन, उपकरण बा औजार सम्झनु पर्छ।
|
| 51 |
+
(ध) "बन्द पश्चात् व्यवस्थापन (पोस्ट क्लोजर म्यानेजमेण्ट)" भन्नाले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलमा फोहरमैला बिसर्जन गर्न बन्द गरे पश्चात् सो क्षेत्रको बाताबरणीय सन्तुलन कायम राख्नको लागि गरिने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 52 |
+
(न) "मन्त्रालय" भन्नाले नेपाल सरकारको संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय सम्झनु पर्छ।
|
| 53 |
+
(प) "रासायनिक फोहरमैला" भन्नाले यथास्थितिमा प्रयोग हुन नसक्ने जुनसुकै स्रोत तथा प्रक्रियाबाट निस्केका मानब स्वास्थ्य लगायत जीव, जन्तु एवं बाताबरणमा प्रतिकूल असर पार्ने सम्पूर्ण रासायनिक पदार्थहरु बा समय समयमा नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी रासायनिक फोहरमैला भनी तोकेका ठोस, तरल, धुलो, लेदो, ग्याँस लगायतका पदार्थ बा वस्तुलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 54 |
+
(फ) "बिसर्जन" भन्नाले फोहरमैलाको अन्तिम निष्काशन तथा व्यवस्थापन सम्झनु पर्छ।
|
| 55 |
+
(ब) "सङ्लन केन्द्र" भन्नाले घर घरबाट निस्कने फोहरमैला सङ्लन गरी निर्धारित समयसम्म फाल्न, राख्न बा थुपार्न चस्थानीय तहले तोकेको स्थान सम्झनु पर्छ र सो शब्दले घरघरमा फोहरमैला सङ्लन गर्न आउने चस्थानीय तहले तोकेको फोहरमैला सङ्लक बा फोहरमैला सङ्लन गर्ने साधन समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 56 |
+
(भ)
|
| 57 |
+
(म) "सामुदायिक संस्था" भन्नाले नाफा आर्जन नगर्ने उद्देश्यले समुदायको हितका निम्ति प्रचलित कानून बमोजिम स्थापित समुदायमा आधारित सहभागितामूलक उपभोक्ता समूह, सहकारी संस्था बा गैरसरकारी संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 58 |
+
(य) "स्थानान्तरण केन्द्र" भन्नाले सङ्लित फोहरमैला बिसर्जन गर्न फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल (स्यानिटरी ल्याण्डफिल साइट) मा लैजानु अघि फोहरमैला सङ्लनको लागि स्थानीय तहले तोकेको स्थान सम्झनु पर्छ।
|
| 59 |
+
(र) "बस्थानीय तह" भन्नाले सम्बन्धित महानगरपालिका, उपमहानगरपालिका, नगरपालिका बा ๑गाउँपालिका सम्झनु पर्छ।
|
| 60 |
+
(ल) "स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैला" भन्नाले अस्पताल, क्लिनिक, फार्मेसी, औषधी पसल, ब्लड बैङ, प्य��थोलोजिकल प्रयोगशाला, पशु-स्वास्थ्यजन्य संस्था बा स्वास्थ्य अनुसन्धान केन्द्रबाट उत्पादन तथा निष्काशन हुने हानिकारक फोहरमैला सम्झनु पर्छ।
|
| 61 |
+
(ब) "हानिकारक फोहरमैला" भन्नाले प्राकृतिक बाताबरणमा ह्रास ल्याउने, मानब तथा अन्य प्राणीको स्वास्थ्यमा हानि नोक्सानी पन्याउने बिभिन्न रुपमा निष्काशित वस्तु, पदार्थ तथा रेडियो बिकिरण सम्झनु पर्छ।
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
---
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 66 |
+
**फोहरमैला उत्पादन, सङ्लन, न्यूनीकरण तथा निष्काशन सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
३. **फोहरमैलाको प्रबन्ध गर्ने जिम्मेबारी ०स्थानीय तहको हुने:**
|
| 69 |
+
(१) फोहरमैलाको व्यवस्थापन गर्न स्थानान्तरण केन्द्र (ट्रान्सफर स्टेशन), ल्याण्डफिल साइट, प्रशोधन प्लाण्ट, कम्पोष्ट प्लाण्ट, बायो ग्याँस प्लाण्ट लगायत फोहरमैलाको सङ्लन, अन्तिम बिसर्जन तथा प्रशोधनका लागि आवश्यक पर्ने पूर्वाधार तथा संरचनाको निर्माण तथा सञ्चालन गर्ने जिम्मेबारी ०स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 70 |
+
(२) फोहरमैला सङ्लन केन्द्र, स्थानान्तरण केन्द्र बा प्रशोधन स्थलमा फालिएको बा राखिएको फोहरमैला बा सरसफाईको सिलसिलामा जम्मा भएको फोहरमैलाको प्रबन्ध गर्ने बा कुनै पनि किसिमबाट प्रयोग गर्ने जिम्मेबारी ०स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 71 |
+
(३) यस दफाको प्रयोजनको लागि फोहरमैला सङ्लन केन्द्र, स्थानान्तरण केन्द्र बा प्रशोधन स्थलमा फालिएको बा राखिएको फोहरमैला बा सरसफाईको सिलसिलामा जम्मा भएको कुनै पनि पदार्थ फोहरमैला मानिनेछ।
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
४. **फोहरमैला व्यवस्थापन गर्ने दायित्व:**
|
| 74 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन गर्ने गराउने दायित्व ०स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 75 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि हानिकारक फोहरमैला, स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैला, रासायनिक फोहरमैला वा औद्योगिक फोहरमैला प्रशोधन र व्यवस्थापन गर्ने दायित्व निर्धारित मापदण्डको अधीनमा रही त्यस्तो फोहरमैला उत्पादन गर्ने व्यक्ति बा निकायको हुनेछ।
|
| 76 |
+
(३) कुनै उद्योग वा स्वास्थ्य संस्थाले हानिकारक फोहरमैला, स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैला, रासायनिक फोहरमैला तथा औद्योगिक फोहरमैला प्रशोधन गरी बाँकी रहेको फोहरमैला तथा अन्य फोहरमैलाको व्यवस्थापन गरिदिन ०स्थानीय तहलाई अनुरोध गरेमा वा ०स्थानीय तहले निर्माण गरेको फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रयोग गर्न माग गरेमा ०स्थानीय तहले निर्धारण गरे बमोजिमको सेवा शुल्क लिई फोहरमैलाको व्यवस्थापन गरिदिन वा फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रयोग गर्न दिन सक्नेछ।
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| 77 |
+
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| 78 |
+
५. **फोहरमैलाको उत्पादन कम गर्ने:**
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| 79 |
+
(१) कुनै व्यक्ति, संस्था वा निकायले कुनै काम कारोवार गर्दा उत्पन्न हुने फोहोरमैला यथाशक्य कम गर्नु पर्नेछ।
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| 80 |
+
(२) आफ्नो क्षेत्रभित्र विसर्जन हुन सक्ने फोहरमैलाको विसर्जन वा पुनः प्रयोगको व्यवस्था मिलाई बाँकी फोहरमैलामात्र निष्काशन गरी फोहरमैलाको परिमाणलाई घटाउनु प्रत्येक व्यक्ति, संस्था वा निकायको कर्तव्य हुनेछ।
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| 81 |
+
स्पष्टीकरण: "आफ्नो क्षेत्र" भन्नाले निजी घर कम्पाउण्ड, औद्योगिक क्षेत्रको परिसर, अस्पताल वा स्वास्थ्य संस्थाको परिसर, औद्योगिक प्रतिष्ठानको परिसर लगायत फोहरमैला उत्पादन गर्ने व्यक्ति, संस्था वा निकायको परिसरलाई सम्झनु पर्छ।
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| 82 |
+
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| 83 |
+
६. **फोहरमैलाको पृथकीकरण:**
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| 84 |
+
(१) ०स्थानीय तहले फोहरमैलालाई कम्तीमा जैविक र अजैविक लगायत विभिन्न प्रकारमा विभाजन गरी स्रोतमै छुटपाउने गरी तोक्नु पर्नेछ।
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| 85 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम ०स्थानीय तहले तोकिदिए बमोजिम फोहरमैलालाई स्रोतमै छुटपाई सङ्लन केन्द्रसम्म पुथ्याउने दायित्व त्यस्तो फोहरमैला उत्पादन गर्ने व्यक्ति, संस्था वा निकायको हुनेछ र यसको लागि ०स्थानीय तहले आवश्यक प्रविधि, मालसामान, उपकरण, कण्टेनर आदि उपलब्ध गराउन सक्नेछ।
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| 86 |
+
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| 87 |
+
७. **फोहरमैलाको निष्काशन:**
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| 88 |
+
(१) फोहरमैला निष्काशनको समय, स्थान र तरिका स्थानीय तहले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
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| 89 |
+
(२) हानिकारक फोहरमैला बा रासायनिक फोहोरमैला उत्पादन गर्ने व्यक्ति, संस्था बा निकायले त्यस्तो फोहरमैला तोकिए बमोजिम व्यवस्थापन गर्नु पर्नेछ।
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| 90 |
+
(३) हानिकारक फोहरमैला बा रासायनिक फोहोरमैला सङ्लन केन्द्र बा स्थानान्तरण केन्द्रमा निष्काशन गर्न पाइने छैन।
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| 91 |
+
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| 92 |
+
८. **फोहरमैला सङ्लन केन्द्र तोक्नेः**
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| 93 |
+
(१) स्थानीय तहले फोहरमैलालाई व्यवस्थित रुपमा सङ्लन गर्न प्रत्येक टोल बा बस्तीमा सङ्लन केन्द्र तोकी आवश्यक कण्टेनरको व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
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| 94 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सङ्लन केन्द्र तोक्दा यथाशक्य टोल बा बस्तीका सबैलाई पायक पर्ने गरी बाताबरणीय रुपले उपयुक्त स्थान तोक्नु पर्नेछ।
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| 95 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सङ्लन केन्द्रमा फोहरमैला निष्काशन र सङ्लन गर्ने समय र तरिका स्थानीय तहले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
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| 96 |
+
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| 97 |
+
९. **फोहरमैलाको डुबानी:**
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| 98 |
+
(१) सङ्लन केन्द्रमा जम्मा भएको फोहर���ैलालाई स्थानान्तरण केन्द्र बा फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलसम्म डुबानी गर्ने दायित्व स्थानीय तह बा त्यस्तो निकायले व्यवस्था गरेको संस्था बा निकायको हुनेछ।
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| 99 |
+
(२) फोहरमैला डुबानी गर्दा तोकिए बमोजिमको डुबानी साधन प्रयोग गर्नु पर्नेछ। डुबानीको साधन तोक्दा तौल, क्षमता, तरिका बा बिधि, सडकको क्षमता तथा फोहरमैला डुबानी गर्दा बाताबरणमा पर्न सक्ने प्रभाव समेतलाई विचार गरी तोक्नु पर्नेछ।
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| 100 |
+
(३) फोहरमैला डुबानी गर्दा स्थानीय तहले दफा ६ बमोजिम स्रोतमा छुटपाई निष्काशन तथा सङ्लन गरिएको फोहरमैलाको अलग अलग डुबानी गर्नु पर्नेछ।
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| 101 |
+
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| 102 |
+
१०. **फोहरमैलाको न्यूनीकरण, पुनः प्रयोग तथा पुनः चक्रीय प्रयोग:**
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| 103 |
+
(१) स्थानीय तहले फोहरमैला न्यूनीकरण, पुनः प्रयोग तथा पुनः चक्रीय प्रयोगलाई प्रोत्साहन गर्न आवश्यक कार्य गर्नेछ र यसको प्रभावकारी कार्यान्वयनका लागि आवश्यक निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 104 |
+
(२) उद्योगको उत्पादन प्याकिङ्ग गर्न प्रयोग गरेको वस्तुलाई पुनः प्रयोग गरी फोहरमैलाको परिमाणलाई घटाउने काममा प्रोत्साहन गर्न सम्बन्धित उद्योगसँग स्थानीय तहले समन्वय गर्न सक्नेछ।
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| 105 |
+
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| 106 |
+
---
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| 107 |
+
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| 108 |
+
## परिच्छेद-३
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| 109 |
+
**स्थानान्तरण केन्द्र तथा फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल सम्बन्धी व्यवस्था**
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| 110 |
+
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| 111 |
+
११. **स्थानान्तरण केन्द्र तोक्नेः**
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| 112 |
+
(१) स्थानीय तहले प्रारम्भिक चरणमा सङ्गलन भएको फोहरमैलालाई व्यवस्थित गर्न कुनै स्थानलाई स्थानान्तरण केन्द्रको रुपमा तोक्न सक्नेछ।
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| 113 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको स्थानान्तरण केन्द्र तोक्दा जनस्वास्थ्य तथा बातावरणमा प्रतिकूल असर नपर्ने गरी तोक्नु पर्नेछ र यसरी तोकिएको स्थललाई दुर्गन्ध नआउने गरी आवश्यक व्यवस्था समेत गर्नु पर्नेछ।
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| 114 |
+
|
| 115 |
+
१२. **फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल:**
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| 116 |
+
(१) स्थानीय तहले आफ्नो क्षेत्रभित्र सङ्गलन भएको फोहरमैलालाई व्यवस्थापन तथा स्थायी रुपमा बिसर्जन गर्नको लागि बातावरण सम्बन्धी प्रचलित कानूनको अधीनमा रही फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल (स्यानिटरी ल्याण्डफिल साइट) तोक्न सक्नेछ।
|
| 117 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल तोक्नको लागि स्थानीय तहको जग्गा नभएमा बा जग्गा भए तापनि फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल तोक्न उपयुक्त नभएमा उपयुक्त जग्गा भाडामा लिई बा खरिद गरी व्यवस्थापन स्थल तोक्न सक्नेछ।
|
| 118 |
+
(३) यस दफा बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल तोक्दा दफा १६ को अधीनमा र���ी निजीक्षेत्रको निजी जग्गामा समेत फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको विकास तथा सञ्चालन गर्न सकिनेछ।
|
| 119 |
+
(४) स्थानीय तहले उपदफा (१) बा (२) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल तोक्नको लागि जग्गाको अभाव भएमा उपयुक्त स्थलको छुनोट गरी उपलब्ध गराउनको लागि मन्त्रालय समक्ष अनुरोध गर्न सक्नेछ।
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| 120 |
+
(५) उपदफा (४) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल उपलब्ध गराउनको लागि अनुरोध भई आएमा मन्त्रालयले प्रचलित कानून बमोजिम त्यस्तो जग्गा प्राप्त गरी स्थानीय तहलाई उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 121 |
+
(६) दुई बा सोभन्दा बढी २स्थानीय तहलाई एउटै फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल उपयुक्त हुने भएमा त्यस्ता स्थानीय तहबीच समन्वय गरी त्यस्तो स्थललाई सम्बन्धित ०स्थानीय तहहकको लिखित सहमति र शर्तमा मन्त्रालयले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल तोक्न सक्नेछ।
|
| 122 |
+
(७) ०स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको सञ्चालन तथा बन्द पश्चात् व्यवस्थापन सम्बन्धी कार्य तोकिएको बाताबरणीय मापदण्ड अनुरुप गर्नु पर्नेछ।
|
| 123 |
+
(८) उपदफा (७) बमोजिम बन्द पश्चात् व्यवस्थापन सम्बन्धी कार्य गर्दा फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको प्रारम्भिक बाताबरणीय परीक्षण तथा बाताबरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन प्रतिवेदनमा सिफारिस गरिएका सुझावहक् अनुरुप गर्नु पर्नेछ।
|
| 124 |
+
(९) ०स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल क्षेत्रलाई आवश्यक परेमा बाताबरणीय रुपले सम्वेदनशील क्षेत्र घोषणा गर्न सक्नेछ।
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| 125 |
+
(१०) उपदफा (९) बमोजिमको क्षेत्रमा पशुपक्षी, जीवजन्तु तथा मानबको अनधिकृत प्रवेशलाई रोक लगाउने, ढुङ्गा, गिट्टी र बालुवा निकाल्ने कार्यमा रोक लगाउनुको साथै बाताबरण संरक्षण र त्यस्तो क्षेत्रको उचित व्यवस्थापनका लागि अन्य आवश्यक निर्देशन तथा निर्देशिका जारी गरी लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
---
|
| 128 |
+
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| 129 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 130 |
+
**फोहरमैला व्यवस्थापनमा निजी तथा सामुदायिक क्षेत्रको संलग्नता**
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
१३. **अनुमति सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 133 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम ०स्थानीय तहको अनुमति नलिई कसैले पनि फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी काम गर्न बा गराउन सक्ने छैन।
|
| 134 |
+
(२) फोहरमैला व्यवस्थापन गर्न चाहने स्वदेशी बा विदेशी कम्पनी, संस्था बा निकायले देहायको विवरण खुलाई अनुमतिको लागि सम्बन्धित ०स्थानीय तहमा निवेदन दिनु पर्नेछ:-
|
| 135 |
+
(क) फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी योजना,
|
| 136 |
+
(ख) फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी आवश्यक जनशक्ति तथा प्रविधिको विवरण,
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| 137 |
+
(ग) तोकिए बमोजिमको अन्य विवरण।
|
| 138 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम पर्न आएको निवेदन उपर सम्बन्धित ०स्थानीय तहले आवश्यक जाँचबुझ गरी अनुमतिपत्र दिन सक्नेछ।
|
| 139 |
+
(४) फोहरमैलाको व्यवस्थापन, पुनः चक्रीय प्रयोग, प्रशोधन र विसर्जनमा आवश्यक पर्ने प्रविधि स्वदेशमा उपलब्ध हुन नसक्ने देखिएमा त्यस्तो प्रविधि उपलब्ध गराउन सक्ने कुनै विदेशी कम्पनी, संस्था वा निकायलाई सम्झौतामा उल्लिखित अवधिभित्र त्यस्तो प्रविधि हस्तान्तरण गर्ने शर्तमा नेपाल सरकारको स्वीकृति लिई ०स्थानीय तहले उपदफा (३) बमोजिम अनुमतिपत्र दिन सक्नेछ।
|
| 140 |
+
(५) अनुमतिपत्र सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
१४. **निजी क्षेत्रबाट फोहरमैला व्यवस्थापनको काम गराउन सकिनेः**
|
| 143 |
+
(१) ०स्थानीय तहले आवश्यकता अनुसार दफा १३ बमोजिम अनुमतिप्राप्त निजी क्षेत्रका कम्पनी वा सामुदायिक क्षेत्रबाट दफा १४ बमोजिम प्रतिस्पर्धा गराई वा पूर्वाधार संरचनाको निर्माण तथा सञ्चालनमा निजी लगानी सम्बन्धी कानून बमोजिमको कुनै प्रक्रियाको अवलम्बन गरी आफ्नो क्षेत्रको फोहरमैला व्यवस्थापन गराउन सक्नेछ।
|
| 144 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन गर्दा निजी क्षेत्रका कम्पनीको हकमा देहायका सबै वा कुनै र सामुदायिक एवं गैरसरकारी संघ, संस्थाको हकमा देहायका कुनै काम गराउन सकिनेछ:-
|
| 145 |
+
(क) फोहरमेला न्यूनीकरणका लागि जनचेतना अभिबुद्धि,
|
| 146 |
+
(ख) फोहरमैला सङ्लन,
|
| 147 |
+
(ग) फोहरमैला दुवानी,
|
| 148 |
+
(घ) फोहरमैलाको प्रयोग, पुनः प्रयोग, पुनः चक्रीय प्रयोग वा प्रशोधन,
|
| 149 |
+
(ङ) फोहरमैला विसर्जन, र
|
| 150 |
+
(च) बन्द पश्चात् व्यवस्थापन।
|
| 151 |
+
|
| 152 |
+
१५. **प्रतिस्पर्धा गराई फोहरमैला व्यवस्थापनको जिम्मा दिनेः**
|
| 153 |
+
(१) ०स्थानीय तहले दफा १४ बमोजिम निजी क्षेत्र वा सामुदायिक संस्थाबाट फोहरमैला व्यवस्थापन गराउँदा बोलपत्र आह्वान गरी प्रतिस्पर्धा गराई व्यवस्थापकको छनौट गरी व्यवस्थापन गर्ने जिम्मा दिनु पर्नेछ।
|
| 154 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापकको छूनेट गर्दा देहायका आधारमा गर्नु पर्नेछ:-
|
| 155 |
+
(क) स्थानीय तहलाई बुझाउन कबुल गरेको रकम,
|
| 156 |
+
(ख) फोहरमैलाबाट ऊर्जा शक्ति उत्पादन गर्ने बा प्राइरिक मल उत्पादन गर्ने क्षमता, पूँजी, प्रविधि र जनशक्तिको क्षमता,
|
| 157 |
+
(ग) आर्थिक तथा प्राविधिक क्षमता,
|
| 158 |
+
(घ) फोहरमैला व्यवस्थापनमा अपनाउन प्रस्ताव गरिएको प्रविधिको दिगोपना तथा बाताबरणीय प्रभाव न्यूनीकरण,
|
| 159 |
+
(ङ) व्यवस्थापन करा�� गर्ने भए प्रस्ताव गरिएको व्यवस्थापन शुल्क,
|
| 160 |
+
(च) फोहरमैलाको प्रयोग, प्रशोधन बा पुनः प्रयोग गर्ने सम्बन्धमा भए स्थानीय तहलाई बुझाउन मञ्जुर गरिएको रोयल्टी।
|
| 161 |
+
(३) बोलपत्र सम्बन्धी अन्य व्यवस्था प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 162 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापनको जिम्मा पाएको कम्पनी, संस्था बा निकायले स्थानीय तहसँग गरेको सम्झौताको अधीनमा रही दफा १६ बमोजिमको शुल्क उठाउन सक्नेछ।
|
| 163 |
+
(५) फोहरमैला व्यवस्थापनमा गैरसरकारी क्षेत्रको संलग्नता सम्बन्धी अन्य कुराहरु तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 164 |
+
|
| 165 |
+
१६. **फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल निर्माण तथा सञ्चालन गर्न स्वीकृति दिन सकिने:**
|
| 166 |
+
(१) निजी क्षेत्रबाट फोहरमैला व्यवस्थापनका लागि फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल, प्रशोधन स्थल बा अन्य संयन्त्र निर्माण गरी सञ्चालन गर्न स्वीकृति माग गरेमा बाताबरण तथा अन्य प्रचलित कानूनको अधीनमा रही त्यस्तो संयन्त्र निर्माण तथा सञ्चालनका लागि स्थानीय तहले स्वीकृति दिन सक्नेछ।
|
| 167 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निजी क्षेत्रबाट फोहरमैला व्यवस्थापन संयन्त्रको निर्माण तथा सञ्चालन गर्दा तोकिएको बाताबरणीय मापदण्डको पालना भए बा नभएको अनुगमन स्थानीय तहले गर्नेछ।
|
| 168 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम अनुगमन गर्दा स्वीकृत मापदण्डको पालना गरेको नपाइएमा त्यस्तो मापदण्ड पालनाको लागि आवश्यक व्यवस्था गर्न समयावधि तोकिदिन सक्नेछ र सो समयावधिमा पनि मापदण्डको पालनाको लागि आवश्यक व्यवस्था नगरेमा त्यस्तो व्यक्ति बा कम्पनीको स्वीकृति स्थानीय तहले तोकिए बमोजिम रद्द गर्न सक्नेछ।
|
| 169 |
+
|
| 170 |
+
१७. **सार्वजनिक निजी साझेदारीमा फोहरमैला व्यवस्थापन गर्न सकिनेः**
|
| 171 |
+
(१) ०स्थानीय तहले प्रचलित कानूनको अधीनमा रही निजी क्षेत्र, सामुदायिक एवं गैरसरकारी संघ, संस्थासगगको साझेदारीमा फोहरमैला व्यवस्थापन कार्य गर्न सक्नेछ।
|
| 172 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सामुदायिक एवं गैरसरकारी संघ, संस्थासगगको साझेदारीमा फोहरमैला न्यूनीकरणको लागि जनचेतना अभिबुद्धि, फोहरमैला सङ्लन, दुबानी, फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको बन्द पश्चात् व्यवस्थापन, उद्यान निर्माण र सौन्दर्यीकरण जस्ता कार्य मात्र गर्न बा गराउन सकिनेछ।
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
---
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 177 |
+
**फोहरमैला व्यवस्थापन सेवा शुल्क सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 178 |
+
|
| 179 |
+
१८. **सेवा शुल्क उठाउन सक्नेः**
|
| 180 |
+
(१) ०स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थ��पन गरे बापत सम्बन्धित व्यक्ति, संस्था बा निकायबाट सेवा शुल्क लगाई उठाउन सक्नेछ।
|
| 181 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको शुल्कको निर्धारण फोहरमैलाको परिमाण, तौल तथा प्रकृति र तोकिए बमोजिमका अन्य कुराहरुको आधारमा ०स्थानीय तहले गर्नेछ।
|
| 182 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको शुल्क सम्बन्धित स्थानीय तह आफैले बा निजले तोकेको संस्था बा निकाय मार्फत् समेत उठाउन सक्नेछ।
|
| 183 |
+
(४) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि दफा १४ बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापन गर्न जिम्मेबारी पाएको व्यक्ति, संस्था बा निकायले ०स्थानीय तहसँग भएको सहमतिको आधारमा फोहरमैला व्यवस्थापन गरे बापत सम्बन्धित व्यक्ति, संस्था बा निकायबाट सेवा शुल्क उठाउन सक्नेछ।
|
| 184 |
+
(५) तोकिए बमोजिमका बिपन्न बर्गलाई सेवा शुल्कमा तोकिए बमोजिम छूट दिइनेछ।
|
| 185 |
+
(६) यस दफा बमोजिम शुल्कबाट प्राप्त आम्दानी तथा फोहरमैला व्यवस्थापनमा निजी क्षेत्रलाई संलग्न गराउँदा प्राप्त हुने आम्दानी स्थानीय तहले एउटा छुट्टै शीर्षकमा राखी सो रकम तोकिएको मापदण्डको अधीनमा रही फोहरमैलाको व्यवस्थापन, बाताबरणीय संरक्षण तथा फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रभावित क्षेत्रको विकासमा खर्च गर्नु पर्नेछ।
|
| 186 |
+
|
| 187 |
+
१९. **सेवा निलम्बन वा अन्त्य गर्न सक्ने:**
|
| 188 |
+
(१) स्थानीय तहले दफा १८ बमोजिमको सेवा शुल्क नबुझाउने सेबाग्राहीको फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी सेवा निलम्बन वा अन्त्य गर्न सक्नेछ।
|
| 189 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि फोहरमेला व्यवस्थापन गर्न दफा १४ बमोजिम जिम्मेबारी पाएको व्यक्ति, संस्था वा निकायले दफा १८ को उपदफा (४) बमोजिमको सेवा शुल्क नबुझाउने सेबाग्राहीको फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी सेवा निलम्बन वा अन्त्य गर्न सक्नेछ र यसरी सेवा निलम्बन वा अन्त्य गरिएमा सोको जानकारी स्थानीय तहलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 190 |
+
(३) उपदफा (१) वा (२) बमोजिम सेबाको निलम्बन वा अन्त्य गरिएको अवस्थामा आफ्नो घरबाट उत्पादन हुने फोहरमैलाको व्यवस्थापन सम्बन्धित घरधनी आफैले गर्नु पर्नेछ।
|
| 191 |
+
(४) सेबाग्राहीले दफा १८ बमोजिम बुझाउनु पर्ने सेवा शुल्क बुझाएमा निजलाई पुनः सेवा प्रदान गरिनेछ।
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
---
|
| 194 |
+
|
| 195 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 196 |
+
**प्रदूषण नियन्त्रण तथा फोहरमैला व्यवस्थापन कार्यको अनुगमन सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 197 |
+
|
| 198 |
+
२०. **प्रदूषण नियन्त्रण:**
|
| 199 |
+
(१) आफ्नो क्षेत्रभित्र सङलित फोहरमैलाबाट सो क्षेत्रमा पर्न सक्ने प्रतिकूल बाताबरणीय प्रभावलाई यथाशक्य कम गरी प्रदूषणरहित ढङ्गले व्यवस्थापन गर्ने दायित्व स्थानीय तहको हुनेछ।
|
| 200 |
+
(२)
|
| 201 |
+
(३) स्थानीय तहले सङलित फोहरमैला निष्काशन तथा व्यवस्थापन गर्दा यस ऐन बमोजिम निर्धारित मापदण्डको पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
२१. **फोहरमैला व्यवस्थापनको अनुगमन:**
|
| 204 |
+
(१) स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थापन तथा निष्काशन कार्यको नियमित अनुगमन गर्नु बा गराउनु पर्नेछ।
|
| 205 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुगमन गर्ने बा गराउने प्रयोजनका लागि स्थानीय तहले आवश्यक कार्ययोजना बनाई लागु गर्न सक्नेछ।
|
| 206 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम अनुगमनमा खटिने व्यक्तिले अनुगमन पश्चात् सोको प्रतिवेदन सम्बन्धित स्थानीय तह समक्ष दिनु पर्नेछ।
|
| 207 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम प्राप्त प्रतिवेदनमा औंल्याइएका विषयहरुको सुधार तथा कार्यान्वयन गर्ने सम्बन्धमा स्थानीय तहले आवश्यक व्यवस्था गर्नु पर्नेछ।
|
| 208 |
+
|
| 209 |
+
२२. **फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रभावित क्षेत्रको आर्थिक, सामाजिक विकास तथा बातावरण संरक्षण सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 210 |
+
(१) स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रभावित क्षेत्रको आर्थिक, सामाजिक, भौतिक विकास तथा बातावरण संरक्षणको गुरुयोजना बनाई सो योजना कार्यान्वयनको लागि विभिन्न कार्यकम बनाई कार्यान्वयन गर्नेछ।
|
| 211 |
+
(२) उपदफा (१) को प्रयोजनको लागि स्थानीय तहले मूलतः देहायका क्षेत्रमा कार्यकम सञ्चालन गर्न सक्नेछ:-
|
| 212 |
+
(क) सडक निर्माण, बिघुत आपूर्ति, खानेपानी तथा ढल निकास, सरसफाई र बातावरण संरक्षण,
|
| 213 |
+
(ख) बिघालय र स्वास्थ्य संस्थाको स्थापना तथा सञ्चालन,
|
| 214 |
+
(ग) फोहरमैला व्यवस्थापन स्थल प्रभावित क्षेत्रका आर्थिक रुपले बिपन्न तथा सामाजिक रुपले पिछ्छििएका बर्गको उत्थान तथा बिकासको लागि आवश्यक कार्यकम।
|
| 215 |
+
(३) स्थानीय तहले सम्बन्धित समुदायस‘ग परामर्श गरी उपदफा (१) बमोजिम योजना तर्जुमा बा उपदफा (२) बमोजिम कार्यकमको छुर्नोट गर्नु पर्नेछ।
|
| 216 |
+
(४) यस दफा बमोजिम प्रभावित क्षेत्रको लागि तर्जुमा गरिएको कार्यकमको कार्यान्वयन गर्दा स्थानीय समुदायको सहभागिता रहने गरी गर्नु पर्नेछ।
|
| 217 |
+
(५) फोहरमैला व्यवस्थापन स्थलको सञ्चालन गर्दा बा सोको लागि कुनै कार्यकम कार्यान्वयन गर्दा बातावरण संरक्षण सम्बन्धी प्रचलित कानूनले तोकेको मापदण्डको अनुकूल हुने गरी गर्नु पर्नेछ।
|
| 218 |
+
(६) फोहरमैलाको व्यवस्थापन स्थलको कारणले गम्भीर प्रभावित क्षेत्र र प्रभावित क्षेत्रको आर्थिक तथा सामाजिक विकास एवं बातावरण संरक्षणमा सुझाव दिन स्थानीय स्तरमा तोकिए बमोजिमको समिति गटन गर्न सकिनेछ।
|
| 219 |
+
स्पष्टीकरण: यस दफाको प्रयोजनको लागि "गम्भीर प्रभावित क्षेत्र" भन्नाले नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकिदिएको क्षेत्रलाई सम्झनु पर्छ।
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| 220 |
+
|
| 221 |
+
---
|
| 222 |
+
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| 223 |
+
## परिच्छेद-७
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| 224 |
+
**फोहरमैला व्यवस्थापन परिषद् सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 225 |
+
|
| 226 |
+
२३. **परिषद्को गटन:**
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| 227 |
+
(१) फोहरमैला व्यवस्थापनका सम्बन्धमा अवलम्बन गर्नु पर्ने नीति निर्धारणको लागि एक फोहरमैला व्यवस्थापन परिषद् गटन गरिएको छ।
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| 228 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको परिषद्मा देहायका सदस्यहरु रहनेछन्:-
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| 229 |
+
(क) मन्त्री, स्थानीय विकास मन्त्रालय - अध्यक्ष
|
| 230 |
+
(ख) सचिव, भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्रालय - सदस्य
|
| 231 |
+
(ग) सचिव, उद्योग मन्त्रालय - सदस्य
|
| 232 |
+
(घ) सचिव, बातावरण मन्त्रालय - सदस्य
|
| 233 |
+
(ङ) सचिव, स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय - सदस्य
|
| 234 |
+
(च) सचिव, स्थानीय विकास मन्त्रालय - सदस्य
|
| 235 |
+
(छ) सचिव, राष्ट्रिय योजना आयोगको सचिवालय - सदस्य
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| 236 |
+
(ज) प्रमुख, काटमाडौं महानगरपालिका - सदस्य
|
| 237 |
+
(झ) नगरपालिका प्रमुखहरुमध्येबाट पाँच विकास क्षेत्रको प्रतिनिधित्व हुने गरी परिषद्ले मनोनयन गरेका पाँचजना - सदस्य
|
| 238 |
+
(ज) ०स्थानीय तहसँग सम्बन्धित संघ बा महासंघका पदाधिकारीहरुमध्येबाट कम्तीमा तीनजना महिला सहित नेपाल सरकारले मनोनयन गरेका पाँचजना - सदस्य
|
| 239 |
+
(ट) नेपाल सरकारले फोहरमैला अति प्रभावित क्षेत्र भनी तोकेको क्षेत्रबाट परिषद्ले मनोनयन गरेका कम्तीमा एकजना महिला सहित दुईजना - सदस्य
|
| 240 |
+
(ट) प्रतिनिधि, नेपाल उद्योग बाणिज्य महासंघ - सदस्य
|
| 241 |
+
(ड) फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी विशेषज्ञ तथा बैज्ञानिकहरुमध्येबाट कम्तीमा एकजना महिला सहित परिषद्ले मनोनयन गरेका दुईजना - सदस्य
|
| 242 |
+
(ढ) फोहरमैला व्यवस्थापनको क्षेत्रमा कार्यरत सामुदायिक संस्थाहरुमध्येबाट परिषद्ले मनोनयन गरेको संस्थाको प्रतिनिधि एकजना - सदस्य
|
| 243 |
+
(०) (ण) मन्त्रालयले तोकेको सहसचिव - सदस्य-सचिव
|
| 244 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (ड) बमोजिम परिषद्मा मनोनीत सदस्यको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ र निजको पुनः मनोनयन हुन सक्नेछ।
|
| 245 |
+
(४) उपदफा (२) को खण्ड (झ), (ट) र (ढ) बमोजिम मनोनीत सदस्यको पदाबधी एक बर्षको हुनेछ र पुनः मनोनयन हुन सक्ने छैन।
|
| 246 |
+
|
| 247 |
+
२४. **परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 248 |
+
परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 249 |
+
(क) फोहरमैला व्���वस्थापन सम्बन्धी राष्ट्रिय नीति तर्जुमा गरी स्वीकृतिको लागि नेपाल सरकार समक्ष पेश गर्ने,
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| 250 |
+
(ख) फोहरमैला व्यवस्थापन कार्यसँग सम्बद्ध निकायहरुबीच समन्वयको लागि नीतिगत व्यवस्था गर्ने,
|
| 251 |
+
(ग) फोहरमैला व्यवस्थापनको लागि ०स्थानीय तहले शुल्क निर्धारण गर्दा एकरूपता कायम गर्नको लागि त्यस्तो सेबा शुल्क निर्धारण गर्ने मापदण्ड स्वीकृत गर्ने,
|
| 252 |
+
(घ) फोहरमैला एकीकृत रुपमा व्यवस्थापन गर्न स्थानीय तहले कुनै लगानी गर्नु पर्ने अवस्थामा त्यस्तो लगानी गर्नु पर्ने रकमको प्रतिशत निर्धारण गर्ने,
|
| 253 |
+
(ङ) तोकिए बमोजिमका अन्य काम गर्ने।
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| 254 |
+
|
| 255 |
+
२५. **परिषद्को बैठक र निर्णय:**
|
| 256 |
+
(१) परिषद्को बैठक बर्षमा कम्तीमा एक पटक परिषद्को अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
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| 257 |
+
(२) परिषद्को बैठकको अध्यक्षता परिषद्को अध्यक्षले गर्नेछु र निजको अनुपस्थितिमा उपस्थित सदस्यहरुले आफूहरुमध्येबाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 258 |
+
(३) परिषद्को सम्पूर्ण सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा परिषद्को बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 259 |
+
(४) परिषद्को बैठकको निर्णय सामान्यतया सहमतिको आधारमा हुनेछ। सहमति हुन नसकेमा बहुमतको आधारमा हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकको अध्यक्षता गर्ने व्यत्तिले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 260 |
+
(५) परिषद्ले आवश्यक देखेमा फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी कुनै स्वदेशी बा विदेशी विशेषज्ञ बा सम्बन्धित पदाधिकारीलाई परिषद्को बैठकमा पर्यवेक्षकको रुपमा भाग लिन आमन्त्रण गर्न सक्नेछ।
|
| 261 |
+
(६) परिषद्को निर्णय सदस्य-सचिबद्वारा प्रमाणित गरिनेछ।
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| 262 |
+
(७) परिषद्को बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि परिषद् आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
---
|
| 265 |
+
|
| 266 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 267 |
+
**कसूर तथा सजाय**
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| 268 |
+
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| 269 |
+
३६. **कसूर:**
|
| 270 |
+
कसैले देहायको कुनै काम गरेमा यस ऐन बमोजिम कसूर गरेको मानिनेछ:-
|
| 271 |
+
(क) ०स्थानीय तहले तोकिदिएको समय र स्थान बाहेक अन्यत्र फोहरमैला निष्काशन गर्ने,
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| 272 |
+
(ख) कण्टेनर बा फोहरमैला सङ्लन केन्द्रमा राखिएको फोहरमैला अनधिकृत तबरले प्रयोग गर्ने,
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| 273 |
+
(ग) फोहरमैला सङ्लन केन्द्रमा राखिएको कण्टेनर तोडफोड गर्ने, क्षति पुऱ्याउने, राखिएको स्थानबाट हटाउने बा सङ्लन केन्द्रमा कुनै नोक्सानी पुऱ्याउने,
|
| 274 |
+
(घ) यस ऐन बमोजिम अनुमति नलिई फोहरमैला व्यवस्थापनको कार्य गर्ने,
|
| 275 |
+
(ङ) यस ऐन बमोजिम फोहरमैला व्यवस्थापनको लाग��� प्रदान गरिएको अनुमतिपत्रमा उल्लिखित शर्तहरु उल्लङ्घन गर्ने,
|
| 276 |
+
(च) फोहरमैला सङ्लन केन्द्र, कण्टेनर बा फोहरमैला थुपाने टाउँमा कुनै पनि किसिमको हानिकारक पदार्थ फाल्ने, राख्ने बा थुपानें,
|
| 277 |
+
(छ) घर, कम्पाउण्ड तथा परिसरको फोहरमैला सडक बा अन्य सार्वजनिक स्थानमा राख्ने, फाल्ने बा थुपानें,
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| 278 |
+
(ज) फोहरबाट निस्केको दूषित पानी (लिचेट) बा ढल चुहाई अन्य व्यत्तिको घर बा जग्गा प्रदूषित गराउने,
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| 279 |
+
(झ) सडक बा अन्य सार्वजनिक स्थानमा सरसफाई तथा फोहरमैला सङ्लन गर्न ०स्थानीय तहले तोकेको समय बा सफाई गर्दाको समयमा त्यस्तो टाउँमा कुनै पनि किसिमको सबारी साधन बिसाउने बा बिसाइराखेको सबारी साधन हटाउन इन्कार गर्ने,
|
| 280 |
+
(ज) ०स्थानीय तहले तोकेको टाउँमा बाहेक जनस्वास्थ्यमा प्रतिकूल असर पर्ने गरी सडक बा अन्य सार्वजनिक स्थानमा कुनै पनि किसिमको हानिकारक फोहरमैला राख्ने, फाल्ने, थुपानें बा निष्काशन गर्ने,
|
| 281 |
+
(ट) रासायनिक फोहरमैला, औघोगिक फोहरमैला, स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैला बा हानिकारक फोहरमैला जथाभावी फाल्ने, राख्ने बा निष्काशन गर्ने बा गराउने,
|
| 282 |
+
(ट) औद्योगिक प्रतिष्ठान वा स्वास्थ्य संस्थाले उद्योग वा स्वास्थ्य संस्थाबाट निस्कने हानिकारक फोहरमैला जथाभावी फाल्ने, राख्ने वा निष्काशन गर्ने वा गराउने,
|
| 283 |
+
(ड) फोहरमैला सङ्लन, डुबानी तथा फोहरमैला व्यवस्थापनमा बाधा अवरोध सिर्जना गर्ने,
|
| 284 |
+
(ढ) फोहरमैला सङ्लन, डुबानी तथा अन्तिम निष्काशन स्थलमा अवरोध, बन्द, घेराउ गर्ने वा फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी कार्यमा हडताल गर्ने,
|
| 285 |
+
(ण) फोहरमैला अत्यधिक उत्पादन हुने वस्तु भनी नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी प्रतिबन्ध लगाएको कुनै वस्तुको उत्पादन तथा बिक्री बितरण गर्ने,
|
| 286 |
+
(त) दफा ४४ विपरीत रासायनिक बिपादीको आयात गर्ने वा म्याद नाघेको (समयावधि सकिएको) औषधि नष्ट गर्ने जिम्मेबारी पूरा नगर्ने,
|
| 287 |
+
(थ) स्रोत मै फोहरमैलाको पृथकीकरण नगरी दफा ६ को विपरीत फोहरमैला मिसाएर निष्काशन गर्ने,
|
| 288 |
+
(द) मरेको वा मारेको पशुपक्षी र सोको लादी, प्वाँख, हड्डी तथा माछ्ठाको कत्ला आदि सार्वजनिक स्थल, सडक, गल्ली, चोकमा राख्ने, फाल्ने वा थुपार्ने।
|
| 289 |
+
|
| 290 |
+
३९. **सजाय:**
|
| 291 |
+
(१) दफा ३६ को खण्ड (कं) बमोजिमको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई स्थानीय तहले पहिलो पटक भए पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना, दोस्रो पटक सोही कसूर गरेमा पाँच हजार रुपैयाँ���ेखि दश हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना र सोही कसूर तेस्रो वा सोभन्दा बढी पटक गरेमा प्रत्येक पटकको लागि पन्थ्र हजार रुपैयाँका दरले जरिबाना गरी फोहरमैला उठाउँदा लाग्ने खर्च समेत निजबाट असूल उपर गर्न सक्नेछ।
|
| 292 |
+
(२) दफा ३६ को खण्ड (ख) र (झ) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई स्थानीय तहले पाँच सय रुपैयाँदेखि पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 293 |
+
(३) दफा ३६ को खण्ड (ग) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई स्थानीय तहले पन्थ्र हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गरी कण्टेनर वा सङ्लन केन्द्र व्यवस्थापन गर्न लाग्ने खर्च असूल उपर गर्न सक्नेछ।
|
| 294 |
+
(४) दफा ३६ को खण्ड (घ) र (ङ) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई ०स्थानीय तहले पन्थ्र हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना गरी अनुमति नलिएसम्म त्यस्तो कार्य गर्न रोक लगाउनेछ।
|
| 295 |
+
(५) दफा ३६ को खण्ड (च) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई ०स्थानीय तहले पाँच हजार रुपैयाँदेखि पन्थ्र हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्न सक्नेछ र त्यस्तो वस्तु बा पदार्थबाट कुनै क्षति भइसकेको भए त्यस्तो क्षति बापतको रकम समेत कसूरदारबाट असूल उपर गर्न सक्नेछ।
|
| 296 |
+
(६) दफा ३६ को खण्ड (छ), (ज) र (द) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई ०स्थानीय तहले पाँच हजार रुपैयाँदेखि पन्थ्र हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्न सक्नेछ।
|
| 297 |
+
(७) दफा ३६ को खण्ड (ज) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई ०स्थानीय तहले तीस हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्न सक्नेछ।
|
| 298 |
+
(८) दफा ३६ को खण्ड (ट), (ठ) र (त) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई ०स्थानीय तहले पचास हजार रुपैयाँदेखि एक लाख रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्न सक्नेछ र सोही कसूर पुनः गरेमा पहिलो पटक गरेको जरिवानाको दोब्बर जरिवाना गरी प्रचलित कानून बमोजिम अनुमति रद्द गर्नको लागि सम्बन्धित निकायमा लेखी पठाउन सक्नेछ।
|
| 299 |
+
(९) दफा ३६ को खण्ड (ड) र (ड) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई सम्बन्धित जिल्लाको प्रमुख जिल्ला अधिकारीले दश हजार रुपैयाँदेखि पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना बा पन्थ्र दिनदेखि तीन महिनासम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ।
|
| 300 |
+
(१०) दफा ३६ को खण्ड (ण) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई सम्बन्धित जिल्लाको प्रमुख जिल्ला अधिकारीले पाँच हजार रुपैयाँदेखि दश हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना बा तीन महिनासम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ।
|
| 301 |
+
(११) दफा ३६ को खण्ड (थ) बमोजिमको कसूर गर्नेलाई सम्बन्धित ०स्थानीय तहले प्रत्येक पटक पाँच सय रुपैयाँ जरिवाना गर्न सक्नेछ।
|
| 302 |
+
|
| 303 |
+
४०. **सेवा सुविधा रोक्न गर्न सकिनेः**
|
| 304 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम तोकिएको सेवा शुल्क नबुझाउने बा बुझाउन अटेर गर्ने व्यक्तिको ०स्थानीय तहले उपलब्ध गराउने कुनै सेवा सुविधाको अतिरिक्त बिघुत तथा टेलिफोन सेवा रोका गरिदिन तथा निजको नामको घर जग्मा बिक्री रोका गर्नको लागि ०स्थानीय तहले सम्बन्धित निकायमा लेखी पटाउन सक्नेछ।
|
| 305 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सो सम्बन्धमा सम्बन्धित व्यक्तिलाई लिखित रुपमा जानकारी दिनु पर्नेछ।
|
| 306 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम लेखी आएमा त्यस्तो सेवा सुविधा रोक्नु सम्बन्धित निकायको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 307 |
+
|
| 308 |
+
४१. **सरकारबादी हुने:**
|
| 309 |
+
दफा ३६ को खण्ड (ड), (ड) र (ण) बमोजिमको कसूरमा नेपाल सरकारबादी भई मुद्दा चल्नेछ र सो कसूर मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१ मा समावेश भएको मानिनेछ।
|
| 310 |
+
|
| 311 |
+
४२. **पुनरावेदन दिन सक्ने:**
|
| 312 |
+
दफा ३९, बमोजिम गरेको सजायको आदेश उपर चित्त नबुढने व्यक्तिले त्यस्तो आदेश भएको मितिले पैंतीस दिनभित्र सम्बन्धित ०जिल्ला अदालतमा पुनरावेदन दिन सक्नेछ।
|
| 313 |
+
|
| 314 |
+
---
|
| 315 |
+
|
| 316 |
+
## परिच्छेद-९
|
| 317 |
+
**बिबिध**
|
| 318 |
+
|
| 319 |
+
४३. **स्वास्थ्य संस्थाजन्य फोहरमैलाको व्यवस्थापन:**
|
| 320 |
+
(१) स्वास्थ्य संस्था स्थापना गर्नको लागि प्रचलित कानून बमोजिम अनुमति दिने निकायले त्यस्तो स्वास्थ्य संस्था स्थापना तथा सञ्चालनको लागि अनुमति दिनु पूर्व फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी उपयुक्त् व्यवस्था गरे बा नगरेको यकिन गरी उपयुक्त् व्यवस्था गरेको भएमा मात्र अनुमति दिनु पर्नेछ।
|
| 321 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुमति दिंदा स्वास्थ्य संस्थाले फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धमा पालन गर्नु पर्ने विशेष शर्त बा कायम गर्नु पर्ने मापदण्ड समेत तोकिदिन सक्नेछ।
|
| 322 |
+
|
| 323 |
+
४४. **रासायनिक बिषादी सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 324 |
+
(१) रासायनिक बिषादीको आयात गर्दा तोकिए बमोजिमको मापदण्डको अधीनमा रही गर्नु पर्नेछ।
|
| 325 |
+
(२) समयावधि सकिएको रासायनिक बिषादी तोकिएको मापदण्डको अधीनमा रही नष्ट गर्ने जिम्मेबारी सम्बन्धित व्यक्ति बा संस्थाको हुनेछ।
|
| 326 |
+
|
| 327 |
+
४५. **फोहरमैला व्यवस्थापनमा संलग्न सामुदायिक क्षेत्रका निकायको अभिलेख राख्ने:**
|
| 328 |
+
(१) प्रत्येक ०स्थानीय तहले आफ्नो क्षेत्रभित्रको फोहरमैला व्यवस्थापनमा काम गर्ने सामुदायिक क्षेत्रको अघ्राबधिक बिबरण राख्न सक्नेछ।
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| 329 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम राखिने बिबरणमा त्यस्तो क्षेत्���ले काम गरिरहेको क्षेत्र र प्रकृति, जनशक्ति, आर्थिक तथा प्राबिधिक स्रोत तथा ०स्थानीय तहले तोकेको अन्य बिबरण समेत उल्लेख गर्न सकिनेछ।
|
| 330 |
+
|
| 331 |
+
४६. **जानकारी गराउनु पर्ने:**
|
| 332 |
+
कसैले विदेशी व्यक्ति, संघ, संस्था बा दातृ निकायबाट सहयोग लिई फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा सम्बन्धित ०स्थानीय तह मार्फत मन्त्रालयलाई जानकारी गराउनु पर्नेछ।
|
| 333 |
+
|
| 334 |
+
४७. **अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 335 |
+
(१) नीतिगत बिषयमा निर्णय गर्नु पर्ने बाहेक परिषद्ले आफूलाई प्राप्त अधिकारहरुमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार परिषद्को अध्यक्ष बा सदस्यलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 336 |
+
|
| 337 |
+
४८. **नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 338 |
+
परिषद् ०........ ले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा स्थानीय विकास मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 339 |
+
|
| 340 |
+
४९. **पुरस्कार दिन सकिनेः**
|
| 341 |
+
(१) फोहरमैला व्यवस्थापनका लागि नवीनतम अवधारणाहरुको विकास गर्ने, त्यस्तो कार्यलाई प्रोत्साहित गर्ने तथा फोहरमैला व्यवस्थापन कार्यमा योगदान गर्ने व्यक्ति बा संस्थालाई मन्त्रालयले सम्मान स्वरूप उपयुक्त पुरस्कार दिन सक्नेछ।
|
| 342 |
+
(२) यस ऐनको प्रतिकूल हुने गरी जथाभावी फोहरमैला राख्ने, थुपानें बा फाल्ने व्यक्तिको बारेमा प्रमाण सहित उजुरी दिने व्यक्तिलाई सम्बन्धित ०स्थानीय तहले सम्मान एवं नगद पुरस्कार समेत दिन सक्नेछ।
|
| 343 |
+
|
| 344 |
+
५०. **नियम तथा विनियम बनाउने अधिकार:**
|
| 345 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारले आवश्यक नियम बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 346 |
+
|
| 347 |
+
५१. **मापदण्ड बा निर्देशिका जारी गर्न सक्नेः**
|
| 348 |
+
(१) यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमावलीको अधिनमा रही स्थानीय तहले बिभिन्न प्रकृतिका फोहोरमैला व्यवस्थापनको लागि बेग्लाबेग्लै मापदण्ड जारी गर्न सक्नेछ।
|
| 349 |
+
(२) सम्बन्धित ०स्थानीय तहले फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धमा आवश्यक निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 350 |
+
|
| 351 |
+
५२. **प्रचलित कानून बमोजिम हुने:**
|
| 352 |
+
फोहरमैला व्यवस्थापन सम्बन्धी विषयमा यस ऐनमा उल्लेख भएका कुराहरुमा यसै बमोजिम र अन्य कुराहरुमा प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 353 |
+
|
| 354 |
+
५३. **सम्पत्ति तथा दायित्व नेपाल सरकारमा सर्ने:**
|
| 355 |
+
फोहोरमैला व्यवस्थापन केन्द्र बिघटन भएपछि त्यसको सम्पूर्ण सम्पत्ति तथा दायित्व नेपाल सरकारमा सर्नेछ।
|
| 356 |
+
|
| 357 |
+
५४. **खारेजी र बचाऊ:**
|
| 358 |
+
(१) फोहरमैला (प्रबन्ध तथा स्रोत परिचालन) ऐन, २०४४ खारेज गरिएको छ।
|
| 359 |
+
(२) फोहरमैल��� (प्रबन्ध तथा स्रोत परिचालन) ऐन, २०४४ बमोजिम भए गरेका काम कारवाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ।
|
| 360 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको ऐन बमोजिम गठित फोहरमैला प्रबन्ध तथा स्रोत परिचालन केन्द्रको सम्पूर्ण चल, अचल सम्पत्ति, कर्मचारी तथा दायित्व यस ऐन अन्तर्गतको केन्द्रमा सर्नेछ।
|
| 361 |
+
|
| 362 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 363 |
+
(१) केही नेपाल कानून संशोधन, एकीकरण, समायोजन र खारेज गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा रुपान्तर भई मुलुकी संहिता सम्बन्धी केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा संशोधित शब्दहरू:-
|
| 364 |
+
"सरकारी मुद्दा सम्बन्धी ऐन, २०४९ को अनुसूची-१" भन्ने शब्दको सट्टा "मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१"।
|
| 365 |
+
(२) साबिकको स्थानीय विकास मन्त्रालयको सट्टा हाल संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय रहेको।
|
| 366 |
+
(३) साबिकको भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्रालयको सट्टा हाल भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्रालय रहेको।
|
| 367 |
+
(४) साबिकको उद्योग मन्त्रालयको सट्टा हाल उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय रहेको।
|
| 368 |
+
(५) साबिकको बाताबरण मन्त्रालयको सट्टा हाल वन तथा बाताबरण मन्त्रालय रहेको।
|
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| 1 |
+
**राष्ट्रिय दलित आयोग ऐन, २०७४**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण मिति**
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| 4 |
+
२०७४।६।२९
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
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| 8 |
+
२०७४।११।१९
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| 9 |
+
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| 10 |
+
**संबत् २०७४ सालको ऐन नं. २४**
|
| 11 |
+
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| 12 |
+
**प्रस्तावना:**
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| 13 |
+
दलित समुदायको मानव अधिकारको सम्मान तथा हक, हितको संरक्षण र सम्वर्द्धन तथा सो समुदायको सशक्तीकरण गर्न तथा जातीय भेदभाव र छुबछुतको अन्त्य गरी राष्ट्र निर्माण तथा विकासको मूल प्रवाहमा प्रभावकारी रूपमा समाहित गर्न राष्ट्रिय दलित आयोगको सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 14 |
+
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| 15 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९,६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
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| 16 |
+
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| 17 |
+
---
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| 18 |
+
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| 19 |
+
### **परिच्छेद-१**
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| 20 |
+
### **प्रारम्भिक**
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| 21 |
+
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| 22 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
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| 23 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय दलित आयोग ऐन, २०७४" रहेको छ ।
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| 24 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
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| 25 |
+
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| 26 |
+
**२. परिभाषा:**
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| 27 |
+
विषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा:
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| 28 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ र सो शब्दले कार्यबाहक अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ ।
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| 29 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४४ बमोजिमको राष्ट्रिय दलित आयोग सम्झनु पर्छ ।
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| 30 |
+
(ग) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
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| 31 |
+
(घ) "दलित समुदाय" भन्नाले आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले परिभाषित गरेको समुदाय सम्झनु पर्छ ।
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| 32 |
+
(ड) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ ।
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| 33 |
+
(च) "संबिधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
|
| 35 |
+
---
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| 36 |
+
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| 37 |
+
### **परिच्छेद-२**
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| 38 |
+
### **आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार**
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| 39 |
+
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| 40 |
+
**३. आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
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| 41 |
+
संबिधानको धारा २४६ मा उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त आयोगको अन्य काम कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
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| 42 |
+
(क) दलित समुदायसँग सम्बन्धित नीति तथा कार्यक्रमको समिक्षा, अनुगमन र मूल्याङ्कन गर्ने,
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| 43 |
+
(ख) दलित समुदायको हक, हितको संरक्षण र सम्बद्र्धन तथा सो समुदायको सशक्तीकरणका लागि दलितसँग सम्बन्धित प्रचलित कानूनी व्यवस्थाको अध्ययन, अनुसन्धान गरी त्यस्ता कानूनमा गर्नु पर्ने सुधारका सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 44 |
+
(ग) दलित समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्बद्र्धन तथा सो समुदायको सशक्तीकरणका सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
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| 45 |
+
(घ) कुनै जात, जाति बा उत्पत्तिका व्यक्ति बा समुदायक��� उच निच दर्शाउने, जात, जातिको आधारमा सामाजिक बिभेद न्यायोचित ठहराउने बा जातीय सर्वोच्चता बा घृणामा आधारित विचार, व्यवहार, अभ्यास बा जातीय भेदभाव, छुबाछुत बा सामाजिक कुरीति विरुद्ध सामाजिक सचेतना अभिबुद्धि गर्ने र त्यस्तो कार्यका लागि प्रचार प्रसार सामग्री तयार गरी वितरण गर्ने,
|
| 46 |
+
(ङ) दलित समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्वर्द्धन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरणको लागि आवश्यक सूचना, जानकारी एव चेतनामूलक कार्यक्रम तर्जुमा गरी कार्यान्वयन गर्ने,
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| 47 |
+
(च) दलित समुदायको सम्बन्धमा नेपाल पक्ष भएको अन्तराष्ट्रिय सन्धि-सम्झौता कार्यान्वयन भए नभएको अनुगमन गरी नेपाल सरकारलाई कार्यान्वयनको लागि आवश्यक सिफारिस गर्ने बा सुझाव दिने,
|
| 48 |
+
(छ) दलित समुदायको पहिचानका सम्बन्धमा विस्तृत अध्ययन र अनुसन्धान गरी थर सूचीकृत गर्न नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 49 |
+
(ज) दलित समुदायको हक हितको संरक्षण, सम्वद्र्धन र सशक्तीकरणका लागि नेपाल सरकार र अन्य सङ्घ संस्थाहरूले सञ्चालन गर्ने चेतनामूलक कार्यक्रमहरूको समीक्षा, अनुगमन तथा मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 50 |
+
(झ) आयोगले गरेका सिफारिसको कार्यान्वयनको अवस्थाको अनुगमन गर्ने, गराउने,
|
| 51 |
+
(ज) अध्यक्ष, सदस्य तथा आयोगका कर्मचारीको लागि आचारसंहिता बनाई लागू गर्ने बा गराउने,
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| 52 |
+
(ट) आयोगको बार्षिक कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने ।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
**४. राय परामर्श लिन सक्ने:**
|
| 55 |
+
आयोगले आफ्नो काम कारबाहीको सम्बन्धमा अन्य संवैधानिक निकाय, सरकारी कार्यालय बा सार्वजनिक संस्थासँग परामर्श गर्न बा राय लिन सक्नेछ ।
|
| 56 |
+
|
| 57 |
+
**५. विशेषज्ञको सेवा लिन सक्ने:**
|
| 58 |
+
आयोगले संविधान, यो ऐन र प्रचलित सङ्गीय कानून बमोजिम सम्पादन गर्नु पर्ने कुनै काम आयोगमा कार्यरत जनशक्तिबाट सम्पादन हुन नसक्ने भएमा आयोगले त्यसको कारण खुलाई प्रचलित सङ्गीय कानून बमोजिम विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेछ ।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
**६. समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्ने:**
|
| 61 |
+
(१) आयोगसँग सम्बन्धित कुनै विशेष प्रकृतिको कार्य सम्पादन गर्ने प्रयोजनको लागि आयोगले कार्यविधि ताकी कुनै समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 62 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको समिति कार्यदलको कार्यक्षेत्रगत शर्त त्यस्तो समिति बा कार्यदल गठन गर्दाका बखत आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 63 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम समिति बा कार्यदल गठन गर्दा संविधानमा व्यवस्था भए बमोजिम दलित समुदायभित्र पनि समानु���ातिक समावेशी सिद्धान्तका आधारमा प्रतिनिधित्व हुनु पर्नेछ ।
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
**७. समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्ने:**
|
| 66 |
+
आयोगले आवश्यकता अनुसार सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थासँग आवश्यक समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्नेछ ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
---
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| 69 |
+
|
| 70 |
+
### **परिच्छेद-३**
|
| 71 |
+
### **उजुरी कारबाही सम्बन्धी कार्यविधि**
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
**८. उजुरी दिन सक्ने:**
|
| 74 |
+
(१) कुनै व्यक्ति बा संस्थाले गरेको जातीय भेदभाव तथा छुबाछूत बा सामाजिक कुरीतिबाट पीडित भएको बा दलितको हक प्रयोगबाट बञ्चित गरेको विषयमा पीडित व्यक्ति बा निजको तर्फबाट जोसुकैले आयोग समक्ष लिखित बा मौखिक उजुरी दिन सक्नेछ ।
|
| 75 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी प्राप्त हुन आएमा आयोगले त्यस्तो उजुरी तोकिए बमोजिम दर्ता किताबमा दर्ता गर्नु पर्नेछ ।
|
| 76 |
+
(३) उपदफा (१) सँग सम्बन्धित विषयमा आयोगलाई अन्य कुनै माध्यमबाट जानकारी प्राप्त हुन आएमा आयोगले त्यस्तो जानकारी लिपिबद्ध गरी उपदफा (२) बमोजिम दर्ता किताबमा दर्ता गर्नु पर्नेछ ।
|
| 77 |
+
(४) यस ऐन बमोजिम आयोगमा उजुरी दिँदा कुनै दस्तुर लाग्ने छैन ।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
**९. प्रारम्भिक छानबिन तथा कारबाही:**
|
| 80 |
+
(१) दफा ८ को उपदफा (१) बमोजिम प्राप्त उजुरी बा उपदफा (३) बमोजिम प्राप्त जानकारी उपर आयोगले प्रारम्भिक छानबिन गर्नेछ ।
|
| 81 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रारम्भिक छानबिन गर्दा प्रथम दृष्टिमा नै दलितको हक हितमा प्रतिकूल असर परेको देखिएमा आयोगले त्यस्तो कार्य रोक्न सम्बन्धित व्यक्ति, निकाय बा पदाधिकारीलाई तत्काल रोक लगाउन सक्नेछ ।
|
| 82 |
+
|
| 83 |
+
**१०. उजुरीको छानबिन:**
|
| 84 |
+
(१) दफा ९ बमोजिम प्रारम्भिक छानबिन गर्दा दलित समुदायका हक हितमा प्रतिकूल असर परेको देखिएमा त्यस्तो उजुरी उपर आयोग आफैले बा आवश्यकता अनुसार समिति गठन गरी बा आयोगका अधिकृत कर्मचारीबाट तोकिए बमोजिम छानबिन गर्ने बा गराउन सक्नेछ ।
|
| 85 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम छानबिन गर्दा आयोग, छानबिन समिति बा छानबिन गर्ने अधिकृत कर्मचारीलाई देहाय बमोजिमको अधिकार हुनेछ:
|
| 86 |
+
(क) कुनै व्यक्तिलाई उपस्थित गराई जानकारी लिने,
|
| 87 |
+
(ख) कुनै व्यक्तिलाई कुनै लिखत बा कागजात बा प्रमाण पेश गर्न लगाउने,
|
| 88 |
+
(ग) आवश्यकता अनुसार स्थलगत निरीक्षण गर्ने,
|
| 89 |
+
(घ) कुनै सरकारी बा सार्वजनिक कार्यालयबाट जाँचबुझको विषयसँग सम्बन्धित कुनै लिखत बा त्यसको नकल झिकाउने ।
|
| 90 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम छानबिन सम्पन्न भएपछि त्यसको प्रतिवेदन आयोगमा पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 91 |
+
(४) उजुरीको छानबिन सम्बन्धी अन्य व्यवस्था त���किए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
**११. छानबिन नगर्ने:**
|
| 94 |
+
दफा ९, बा १० मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि प्रचलित कानून बमोजिम अन्य कुनै निकायबाट अनुसन्धान भइरहेको बा भइसकेको विषयमा आयोगले छानबिन बा कारबाही गर्ने छैन ।
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
**१२. मुद्दा दायर गर्न सिफारिस गर्ने:**
|
| 97 |
+
(१) दफा १० बमोजिम छानबिन गर्दा मुद्दा दायर गर्नु पर्ने देखिएमा त्यस्तो विषयको मुद्दा गर्ने हदम्यादभित्र आयोगले मुद्दा दायर गर्न सम्बन्धित निकाय समक्ष सिफारिस गरी त्यसको जानकारी सम्बन्धित व्यक्तिलाई समेत दिनु पर्नेछ ।
|
| 98 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सिफारिस गर्दा आयोगले मुद्दा दायर गर्न सहयोग पुग्ने छानबिनको क्रममा सङ्कलन गरेको तथ्य, कागज तथा प्रमाणको प्रतिलिपिसमेत सम्बन्धित निकायलाई उपलब्ध गराउन सक्नेछ ।
|
| 99 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम मुद्दा चलाउन लेखी आएमा सम्बन्धित निकायले सो विषयमा आवश्यक जाँचबुझ गरी मुद्दा चल्ने बा नचल्ने निर्णय गर्नेछ ।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
**१३. उजुरी खारेज गर्नसक्ने:**
|
| 102 |
+
(१) दफा ९, बा १० बमोजिम छानबिन गर्दा उजुरी आधारहीन देखिएमा आयोगले त्यसको कारण खुलाई त्यस्तो उजुरी खारेज गर्न सक्नेछ ।
|
| 103 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम उजुरी खारेज गर्ने निर्णय गरेकोमा त्यस्तो निर्णय भएको मितिले सात दिनभित्र सम्बन्धित उजुरकर्तालाई जानकारी दिनु पर्नेछ ।
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
**१४. मेलमिलाप सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 106 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगमा विचाराधीन रहेको कुनै उजुरीका सम्बन्धमा सम्बन्धित पक्षहरुले मेलमिलाप गराई पाउन संयुक्त निवेदन दिएमा आयोगले प्रचलित कानून बमोजिम मिलापत्र हुन सक्ने विषयमा मेलमिलाप गराइ दिन सक्नेछ ।
|
| 107 |
+
(२) कुनै उजुरीका सम्बन्धमा उपदफा (१) बमोजिम मेलमिलाप भएपछि मिलापत्र कार्यान्वयन नभएको विषयमा बाहेक अन्य विषयमा पुनः उजुरी लाग्ने छैन ।
|
| 108 |
+
(३) मेलमिलाप सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 109 |
+
|
| 110 |
+
**१५. सिफारिस बा निर्णयको कार्यान्वयन:**
|
| 111 |
+
(१) आयोगले संविधान बा यस ऐन बमोजिम गरेको सिफारिस बा निर्णयको कार्यान्वयनका लागि सम्बन्धित व्यक्ति, निकाय बा पदाधिकारीलाई लेखी पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 112 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगबाट लेखी आएमा सम्बन्धित व्यक्ति, निकाय बा पदाधिकारीले त्यसको कार्यान्वयन गरी आयोगलाई जानकारी दिनु पर्नेछ ।
|
| 113 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगबाट लेखी आएको विषय कुनै कारणले कार्यान्वयन गर्न नसकिने भएमा सम्बन्धित पदाधिक���री, व्यक्ति बा निकायले त्यसको कारण खुलाई अविलम्ब आयोगलाई जानकारी दिनु पर्नेछ ।
|
| 114 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम जानकारी प्राप्त भएमा आयोगले त्यस्तो विषयमा पुनः विचार गरी निर्णय गर्न र सो बमोजिम कुनै व्यक्ति, निकाय बा पदाधिकारीलाई कुनै विषय कार्यान्वयन गर्न लेखी पठाउन सक्नेछ ।
|
| 115 |
+
|
| 116 |
+
---
|
| 117 |
+
|
| 118 |
+
### **परिच्छेद—४**
|
| 119 |
+
### **आयोगको कार्य सञ्चालन**
|
| 120 |
+
|
| 121 |
+
**१६. आयोगको कार्यालय:**
|
| 122 |
+
(१) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि काठमाडौं उपत्यकामा आयोगको एक केन्द्रीय कार्यालय रहनेछ ।
|
| 123 |
+
(२) आयोगले आवश्यकता अनुसार प्रदेशमा कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ ।
|
| 124 |
+
|
| 125 |
+
**१७. आयोगको बैठक:**
|
| 126 |
+
(१) संविधान बा यस ऐन बमोजिम गर्नु पर्ने काम आयोगको बैठकको निर्णय बमोजिम हुनेछ ।
|
| 127 |
+
(२) आयोगको बैठक आवश्यकता अनुसार अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ ।
|
| 128 |
+
(३) आयोगको सचिवले आयोगको बैठक बस्ने मिति, समय र स्थान तोकी बैठकमा छलफल हुने विषय सूची सहितको सूचना बैठक बस्ने समयभन्दा साधारणतया अट्चालीस घण्टा अगाबै सबै सदस्यले पाउने गरी पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 129 |
+
(४) कुनै सदस्यले उपदफा (३) बमोजिम बैठकमा छलफल हुने विषय सूचीमा उल्लिखित विषयको अतिरिक्त अन्य कुनै विषयमा छलफल गराउन चाहेमा त्यसरी छलफल गर्न चाहेको विषय र कारण सहितको सूचना बैठक बस्नुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगाबै आयोगको सचिवलाई दिनु पर्नेछ । त्यसरी सूचना प्राप्त हुनासाथ आयोगको सचिवले त्यसको जानकारी सबै सदस्यलाई दिनेछ र सो विषय आयोगको बैठकको कार्यसूचीमा परेको मानिनेछ ।
|
| 130 |
+
(५) उपदफा (३) र (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगको बैठकमा उपस्थित सबै सदस्यको सहमतिले विषय सूचीमा नपरेको विषयमा पनि छलफल गरी निर्णय गर्न सकिनेछ ।
|
| 131 |
+
(६) आयोगमा तत्काल कायम रहेका पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्य उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपुरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 132 |
+
(७) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ ।
|
| 133 |
+
(८) आयोगको निर्णय बहुमतद्वारा हुनेछ र मत बराबर भएमा अध्यक्षले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 134 |
+
(९) आयोगको निर्णयको अभिलेख आयोगको सचिवले तयार गरी अध्यक्ष तथा सदस्यको दस्तखत गराई राख्नेछ ।
|
| 135 |
+
|
| 136 |
+
**१८. स्वार्थ बाझिएमा निर्णय प्रक्रियामा भाग लिन नहुने:**
|
| 137 |
+
आयोगमा विचाराधीन कुनै विषयमा आयोगको कुनै सदस्यको हित, सरोकार वा स्वार्थ रहेको वा निजको नजिकको नातेदार प्रत्यक्ष प्रभावित हुने भएमा त्यस्तो सदस्यले आयोगलाई त्यस्तो क���राको पूर्व जानकारी दिई त्यस्तो विषयमा आयोगबाट गरिने निर्णय प्रक्रियामा भाग लिन सक्ने छैन ।
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| 138 |
+
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| 139 |
+
**१९. कार्य विभाजन:**
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| 140 |
+
अध्यक्ष र सदस्यको कार्य विभाजन आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ ।
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| 141 |
+
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| 142 |
+
**२०. कार्यवाहक भई काम गर्ने:**
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| 143 |
+
कुनै कारणवश अध्यक्षको पद रिक्त भएमा, निज संविधानको धारा १०१ को उपधारा (६) बमोजिम आफ्नो पदको कार्यसम्पादन गर्न नपाउने भएमा, विदेश भ्रमणमा गएकोमा वा सात दिनभन्दा बढी समयसम्म विदामा रहेकोमा आयोगको बरिष्ठतम् सदस्यले आयोगको कार्यवाहक अध्यक्ष भई काम गर्नेछ ।
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| 144 |
+
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| 145 |
+
**२१. आयोगको काम कारवाहीमा बाधा नपर्ने:**
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| 146 |
+
कुनै सदस्यको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारवाहीमा बाधा पर्ने छैन ।
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| 147 |
+
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| 148 |
+
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| 149 |
+
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| 150 |
+
### **परिच्छेद—५**
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| 151 |
+
### **विविध**
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| 152 |
+
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| 153 |
+
**२२. आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारी:**
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| 154 |
+
(१) आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी नेपाल सरकारले स्वीकृत गरे बमोजिम हुनेछ ।
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| 155 |
+
(२) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारी नेपाल सरकारले उपलब्ध गराउनेछ ।
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| 156 |
+
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| 157 |
+
**२३. पदीय मर्यादा तथा आचरण पालन गर्नु पर्ने:**
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| 158 |
+
(१) आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले देहाय बमोजिमको पदीय मर्यादाको पालन गर्नु पर्नेछ:
|
| 159 |
+
(क) दलित समुदायको हक, हितको संरक्षण र सम्बद्ध्धन गर्न तथा दलित समुदायको सशक्तीकरणको लागि स्वतन्त्र, निष्पक्ष र इमान्दारीपूर्वक आफ्नो पदीय दायित्व निर्वाह गर्ने,
|
| 160 |
+
(ख) विभिन्न जातजाति, समुदाय तथा सम्प्रदाय बीचको सम्बन्धमा खलल पर्ने कुनै काम नगर्ने,
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| 161 |
+
(२) आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले यो ऐन बा प्रचलित कानून बमोजिमको पदीय आचरणको पालन गर्नु पर्नेछ ।
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| 162 |
+
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| 163 |
+
**२४. काम कारबाहीमा सहयोग गर्नु पर्ने:**
|
| 164 |
+
आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादनको सिलसिलामा कुनै निकाय बा पदाधिकारीको सहयोग माग गरेमा त्यस्तो सहयोग उपलब्ध गराउनु त्यस्तो निकाय बा पदाधिकारीको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 165 |
+
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| 166 |
+
**२५. कार्यान्वयनको लागि लेखी पठाउन सक्ने:**
|
| 167 |
+
संबिधान बा यस ऐन बमोजिम कुनै निकाय बा पदाधिकारीले आयोगले दिएको आदेश, आयोगको निर्णय बा सिफारिस जानीजानी कार्यान्वयन नगरेमा बा आयोगलाई आवश्यक सहयोग उपलब्ध नगराएमा आयोगले त्यस्तो निकाय बा अधिकारीको तालुक निकाय बा अधिकारी समक्ष सो विषय कार्यान्वयन गराउनको लागि लेखी पठाउन सक्नेछ ।
|
| 168 |
+
|
| 169 |
+
**२६. बार्षिक प्रतिवेदन:**
|
| 170 |
+
आयोगले संविधानको धारा २९४ बमोजिम राष्ट्रपति समक्ष पेश गर्ने बार्षिक प्रतिवेदनमा अन्य विषयहरूको अ��िरिक्त देहायका विषयहरू समेत समावेश गर्नु पर्नेछ:
|
| 171 |
+
(क) आयोगको बार्षिक कार्यक्रमको कार्यान्वयनको विवरण तथा लागत खर्च,
|
| 172 |
+
(ख) आयोगमा परेका उजुरीको विवरण तथा त्यस्तो उजुरी उपर आयोगले गरेको निर्णय तथा आदेशको विवरण,
|
| 173 |
+
(ग) आयोगले नेपाल सरकार बा अन्य कुनै निकायलाई दिएको सुझाव तथा त्यस्तो निकायलाई गरेको सिफारिसको विवरण,
|
| 174 |
+
(घ) खण्ड (ग) बमोजिमको सुझाव तथा सिफारिस कार्यान्वयनको अवस्था,
|
| 175 |
+
(ङ) आयोगको आर्थिक तथा भौतिक स्रोत साधन तथा त्यसको उपयोगको अवस्था,
|
| 176 |
+
(च) यस ऐन बमोजिम आयोगले पालन गर्नु पर्ने दायित्व निर्वाहका सम्बन्धमा गरिएको अन्य काम कारबाहीको विवरण ।
|
| 177 |
+
|
| 178 |
+
**२७. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 179 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा सङ्गीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय मार्फत् राख्नु पर्नेछ ।
|
| 180 |
+
|
| 181 |
+
**२८. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 182 |
+
आयोगले संविधान तथा यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार तोकिएको शर्तको अधीनमा रही प्रयोग र पालन गर्ने गरी अध्यक्ष, सदस्य, नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार, कुनै निकाय बा स्थानीय सरकारको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
**२९. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 185 |
+
(१) यो ऐन कार्यान्वयन गर्नको लागि आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 186 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाउने नियममा नेपाल सरकारलाई आर्थिक भार बा दायित्व पर्ने विषय समावेश भएमा आयोगले नेपाल सरकार अर्थ मन्त्रालयको सहमति लिनु पर्नेछ ।
|
| 187 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले बनाएको नियम नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन भएको मितिबाट प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 188 |
+
|
| 189 |
+
**३०. निर्देशिका बनाउने अधिकार:**
|
| 190 |
+
आयोगले सम्पादन गर्नु पर्ने काम सुचारू रूपले सञ्चालन गर्ने बा गराउनको लागि यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक निर्देशिका बनाउन सक्नेछ ।
|
| 191 |
+
|
| 192 |
+
**३१. असल नियतले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 193 |
+
आयोगका पदाधिकारी, कर्मचारी बा आयोगले खटाएको कुनै पनि व्यक्तिले यो ऐन बा यस अन्तर्गत बनेका नियमहरू बमोजिम असल नियतले गरेको कुनै काम कारबाहीका सम्बन्धमा नीजहरू उपर कुनै कानूनी कारबाही चलाइने छैन ।
|
| 194 |
+
|
| 195 |
+
**३२. खारेजी र बचाऊ:**
|
| 196 |
+
(१) सम्वत् २०४६ साल चैत्र ६ गते नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित सूचना बमोजिम गठित राष्ट्रिय दलित आयोग बिघटन गरिएको छ ।
|
| 197 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको आयोगबाट भए गरेका काम कारबाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ ।
|
| 198 |
+
(३) यो ऐन लागू हुँदाका बखत उपदफा (१) बमोजिमको राष्ट्रिय दलित आयोगमा बहाल रहेका पदाधिकारीहरू यो ऐन लागू भएपछि स्वतः पदमुक्त हुनेछन् ।
|
| 199 |
+
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| 200 |
+
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| 201 |
+
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| 202 |
+
**× अनुसूची**
|
| 203 |
+
**× केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४, द्वारा खारेज ।**
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section_1_pdf_19.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,178 @@
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| 1 |
+
**राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग ऐन, २०७४**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण मिति**
|
| 4 |
+
२०७४।६।२७
|
| 5 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 6 |
+
केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 7 |
+
२०७४।११।१९
|
| 8 |
+
|
| 9 |
+
**संबत् २०७४ सालको ऐन नं. १७**
|
| 10 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 11 |
+
राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकारका सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 12 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
---
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
### **परिच्छेद-१**
|
| 17 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
**१ संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः**
|
| 20 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग ऐन, २०७४" रहेको छ ।
|
| 21 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
**२ परिभाषाः**
|
| 24 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 25 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ ।
|
| 26 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४० बमोजिमको राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग सम्झनु पर्छ ।
|
| 27 |
+
(ग) "योजना" भन्नाले आयोजना, परियोजना, कार्यक्रम समेत सम्झनु पर्छ ।
|
| 28 |
+
(घ) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्ष समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 29 |
+
(ङ) "संविधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ ।
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
---
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
### **परिच्छेद-२**
|
| 34 |
+
**आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
**आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकारः**
|
| 37 |
+
(१) संविधान तथा यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ :-
|
| 38 |
+
(क) प्रदेश कानून बमोजिम प्रदेशले स्थानीय तहलाई दिने वित्तीय समानीकरण अनुदान सम्बन्धमा प्रदेशलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 39 |
+
(ख) प्रदेश कानून बमोजिम प्रदेशले स्थानीय तहलाई प्रदान गर्ने सशर्त अनुदानको आधार तयार गरी प्रदेशलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 40 |
+
(ग) नेपाल सरकार, प्रदेश बा स्थानीय तहबीच राजस्बको बाँडफाँट सम्बन्धमा उठेको बिबाद समाधान गर्न आवश्यक सहजीकरण र सहयोग गर्ने,
|
| 41 |
+
(घ) नेपाल सरकारले प्रदेश तथा स्थानीय तहलाई दिने अनुदान सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 42 |
+
(ङ) नेपाल सरकार तथा प्रदेशले राजस्ब बाँडफाँटका सम्बन्धमा कुनै सुझाव माग गरेमा आवश्यक सुझाव दिने,
|
| 43 |
+
(च) नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहले लगाउने करका सम्बन्धमा नेपाल सरकार, प्रदेश बा स्थानीय तहले सुझाव माग गरेमा आवश्यक सुझाव दिने,
|
| 44 |
+
(छ) प्राकृतिक स्रोतको संरक्षण र उपयोगका बिषयमा नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहलाई ��वश्यक सुझाव दिने ।
|
| 45 |
+
|
| 46 |
+
(२) आयोगले संविधान तथा यस ऐन बमोजिम सुझाव बा सिफारिस दिंदा बा ढाँचा तयार गर्दा प्रदेश तथा स्थानीय तहको कार्य सम्पादनलाई समेत आधार लिनेछ ।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
**राय परामर्श लिन सक्नेः**
|
| 49 |
+
आयोगले आफ्नो काम, कर्तव्यको सम्बन्धमा अन्य संबैधानिक निकाय, नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहका सरकारी कार्यालय बा सार्वजनिक संस्थासँग परामर्श गर्न बा राय लिन सक्नेछ ।
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
**४ विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेः**
|
| 52 |
+
आयोगले संविधान र यस ऐन बमोजिम सम्पादन गर्नु पर्ने कुनै काम आयोगमा कार्यरत जनशक्तिबाट सम्पादन हुन नसक्ने भएमा त्यसको कारण खुलाई प्रचलित सङ्गीय कानून बमोजिम सम्बन्धित विशेषज्ञ बा बिशिष्टीकृत निकायको सेवा लिन सक्नेछ ।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
**समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्ने:**
|
| 55 |
+
(१) आयोगसँग सम्बन्धित कुनै विशेष प्रकृतिको कार्य सम्पादन गर्ने प्रयोजनको लागि आयोगले कार्याबधि तोकी कुनै समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 56 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको समिति बा कार्यदलको काम, कार्यक्षेत्रगत शर्त तथा कार्याबधि त्यस्तो समिति बा कार्यदल गठन गर्दाका बखत आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
**समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्नेः**
|
| 59 |
+
आयोगले आवश्यकता अनुसार संबैधानिक निकाय, नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहका सरकारी कार्यालय बा सार्वजनिक संस्थासँग समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्नेछ ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**आयोगको काममा सहयोग गर्नु पर्नेः**
|
| 62 |
+
आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादनको सिलसिलामा कुनै निकाय बा पदाधिकारीसँग सूचना, बिबरण बा सहयोग माग गरेमा त्यस्तो सूचना, बिबरण बा सहयोग उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित निकाय बा पदाधिकारीको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
---
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
### **परिच्छेद-३**
|
| 67 |
+
**आयोगको कार्यसचालन**
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
**आयोगको कार्यालय:**
|
| 70 |
+
आयोगको कार्यालय काठमाडौं उपत्यकामा रहनेछ ।
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
**९० आयोगको बैठक:**
|
| 73 |
+
(१) आयोगले संविधान, यस ऐन र अन्य प्रचलित कानून बमोजिम गर्नु पर्ने काम आयोगको बैठकको निर्णय बमोजिम हुनेछ ।
|
| 74 |
+
(२) आयोगको बैठक आवश्यकता अनुसार अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ ।
|
| 75 |
+
(३) आयोगको सचिबले आयोगको बैठक बस्ने मिति, समय र स्थान तोकी बैठकमा छलफल हुने बिषयसूची सहितको सूचना बैठक बस्ने समयभन्दा साधारणतया अट्चालीस घण्टा अगाबै सबै सदस्यले पाउने गरी पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 76 |
+
(४) कुनै सदस्यले उपदफा (३) बमोजिम बैठकमा छलफल हुने बिषयसूचीमा उल्लिखित बिषयको अतिरिक्त अन्य कुनै बिषयम��� छलफल गराउन चाहेमा त्यसरी छलफल गराउन चाहेको बिषय र कारण सहितको सूचना बैठक बस्नुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगाबै आयोगको सचिबलाई दिनु पर्नेछ । त्यसरी सूचना प्राप्त हुनासाथ आयोगको सचिबले त्यसको जानकारी सबै सदस्यलाई दिनु पर्नेछ ।
|
| 77 |
+
|
| 78 |
+
(५) उपदफा (३) र (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगको बैठकमा उपस्थित सबै सदस्यको सहमतिले बिषयसूचीमा नपरेको बिषयमा पनि छलफल गरी निर्णय गर्न सकिनेछ ।
|
| 79 |
+
(६) आयोगमा तत्काल कायम रहेका पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्य उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपूरक सङ्स्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 80 |
+
(७) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ ।
|
| 81 |
+
(८) आयोगको निर्णय बहुमतद्वारा हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 82 |
+
(९) आयोगको निर्णयको अभिलेख आयोगको सचिवले तयार गरी अध्यक्ष तथा सदस्यको दस्तखत गराई राख्नेछ ।
|
| 83 |
+
(१०) आयोगको बरिष्ठतम् कर्मचारीले आयोगको बैठकमा सचिवको रूपमा काम गर्नेछ ।
|
| 84 |
+
(११) आयोगको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि आयोग आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
**९९ कार्य विभाजन:**
|
| 87 |
+
अध्यक्ष र सदस्यको कार्य विभाजन आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
**९२ कार्यबाहक भई काम गर्ने:**
|
| 90 |
+
कुनै कारणवश अध्यक्षको पद रिक्त भएमा, निज संविधानको धारा १०१ को उपधारा (६) बमोजिम आफ्नो पदको कार्यसम्पादन गर्न नपाउने भएमा, विदेश भ्रमणमा गएकोमा वा सात दिनभन्दा बढी समयसम्म विदामा रहेकोमा आयोगको बरिष्ठतम् सदस्यले आयोगको कार्यबाहक अध्यक्ष भई काम गर्नेछ । आयोगको काम कारबाहीमा बाधा नपर्ने: कुनै सदस्यको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारबाहीमा बाधा पर्ने छैन ।
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| 91 |
+
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| 92 |
+
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| 93 |
+
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| 94 |
+
### **परिच्छेद-४**
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| 95 |
+
**प्राकृतिक स्रोतको परिचालन, राजस्व बाँडफाँट तथा अनुदान**
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
**१४ प्राकृतिक स्रोतको परिचालन गर्दा लिइने आधार:**
|
| 98 |
+
(१) आयोगले प्राकृतिक स्रोतको परिचालनमा नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहले गर्ने लगानीको हिस्सा देहायका आधारमा तय गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्नु पर्नेछ :-
|
| 99 |
+
(क) राजस्वको अवस्था र उठाउन सक्ने क्षमता,
|
| 100 |
+
(ख) लगानी गर्न सक्ने क्षमता,
|
| 101 |
+
(ग) प्राप्त उपलब्धिको हिस्सा,
|
| 102 |
+
(घ) प्राप्त उपलब्धिको उपभोगको हिस्सा,
|
| 103 |
+
(ङ) पूर्वाधारको अवस्था र आवश्यकता,
|
| 104 |
+
(च) आर्थिक अवस्था र भौगोलिक बनोट ।
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम प्राकृतिक स्रोतको परिचालनबाट प्राप्त हुने ���्रतिफलको हिस्सा देहायका आधारमा निर्धारण गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्नु पर्नेछ :-
|
| 107 |
+
(क) परिचालित प्राकृतिक स्रोतको अवस्थिति,
|
| 108 |
+
(ख) प्राकृतिक स्रोतको परिचालनबाट प्रभावित क्षेत्र,
|
| 109 |
+
(ग) परिचालित प्राकृतिक स्रोत उपरको निर्भरता,
|
| 110 |
+
(घ) प्रतिफलबाट लाभान्वित जनसङ्ख्या,
|
| 111 |
+
(ङ) प्राकृतिक स्रोतमा आर्थिक जनसङ्ख्या,
|
| 112 |
+
(च) प्राकृतिक स्रोतको संरक्षण र दिगो व्यवस्थापनमा सहभागिता ।
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
**१५ राजस्वको बाँडफाँट गर्दा लिइने आधार:**
|
| 115 |
+
(१) आयोगले नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहबीच र प्रदेश तथा स्थानीय तहबीच राजस्वको बाँडफाँट गर्ने बिस्तृत आधार र ढाँचा देहायका आधारमा निर्धारण गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्नु पर्नेछ :-
|
| 116 |
+
(क) जनसङ्ख्या र जनसाङ्क्षियक विवरण,
|
| 117 |
+
(ख) क्षेत्रफल,
|
| 118 |
+
(ग) मानव विकास सूचकाङ्ग,
|
| 119 |
+
(घ) खर्चको आवश्यकता,
|
| 120 |
+
(ङ) राजस्व सङ्लनमा गरेको प्रयास,
|
| 121 |
+
(च) पूर्वाधार विकास,
|
| 122 |
+
(छ) विशेष अवस्था।
|
| 123 |
+
|
| 124 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले निर्धारण गरेको विस्तृत आधार र ढाँचा पाँच बर्षको लागि मान्य हुनेछ र आयोगले प्रत्येक पाँच बर्षमा पुनरावलोकन गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्नेछ ।
|
| 125 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यो ऐन लागू भएपछि पहिलो पटक उपदफा (१) बमोजिम निर्धारण गरेको विस्तृत आधार र ढाँचा विशेष कारणवश पाँच बर्ष अगावै पुनरावलोकन गर्न आवश्यक देखेमा नेपाल सरकारले आयोगलाई अनुरोध गर्न सक्नेछ । नेपाल सरकारले गरेको अनुरोध मनासिब देखिएमा आयोगले उपदफा (१) बमोजिम निर्धारित विस्तृत आधार र ढाँचामा पुनरावलोकन गरी नेपाल सरकारमा सिफारिस गर्नेछ ।
|
| 126 |
+
(४) उपदफा (३) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (१) बमोजिम पहिलो पटक निर्धारण भएको विस्तृत आधार र ढाँचा पाँच बर्षमा एकभन्दा बढी पटक पुनरावलोकन हुन सक्ने छैन ।
|
| 127 |
+
|
| 128 |
+
**१६ अनुदान सिफारिस गर्दा लिइने आधार:**
|
| 129 |
+
(१) नेपाल सरकारले प्रदेश तथा स्थानीय तहलाई र प्रदेशले स्थानीय तहलाई प्रचलित कानुन बमोजिम उपलब्ध गराउने वित्तीय समानीकरण अनुदानका सम्बन्धमा नेपाल सरकार तथा प्रदेशलाई सिफारिस गर्दा आयोगले देहायका आधार लिई गर्नु पर्नेछ:-
|
| 130 |
+
(क) प्रदेश तथा स्थानीय तहमा रहेको शिक्षा, स्वास्थ्य, खानेपानी जस्ता मानव विकास सूचकाइ,
|
| 131 |
+
(ख) अन्य प्रदेश बा स्थानीय तहको सन्तुलित विकासको अवस्था,
|
| 132 |
+
(ग) प्रदेश तथा स्थानीय तहमा रहेको आर्थिक, सामाजिक बा अन्य कुनै प्रकारको विभेदको अवस्था,
|
| 133 |
+
(घ) प्रदेश तथा स्थानीय तहको पूर्वाधार विकासको अवस्था र आवश्यकता,
|
| 134 |
+
(ङ) प्रदेश तथा स्थानीय तहले जनतालाई पु¥याउनु पर्ने सेवा,
|
| 135 |
+
(च) प्रदेश तथा स्थानीय तहको राजस्वको अवस्था र उठाउन सक्ने क्षमता,
|
| 136 |
+
(छ) प्रदेश तथा स्थानीय तहको खर्चको आवश्यकता ।
|
| 137 |
+
|
| 138 |
+
(२) नेपाल सरकारले प्रदेश तथा स्थानीय तहलाई र प्रदेशले स्थानीय तहलाई प्रचलित कानून बमोजिम उपलब्ध गराउने सशर्त अनुदानका सम्बन्धमा नेपाल सरकार तथा प्रदेशलाई सिफारिस गर्दा आयोगले संविधानको धारा २४१ को उपधारा (१) को खण्ड (ग) र उपदफा (१) मा उल्लिखित बिषयहरूलाई आधार लिई गर्नु पर्नेछ ।
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
(३) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम वित्तीय समानीकरण अनुदान सिफारिस गर्दा प्रत्येक प्रदेश र स्थानीय तहले प्राप्त गर्ने न्यूनतम अनुदान र उपदफा (१) बमोजिमका आधारहरू बमोजिम प्रत्येक प्रदेश र स्थानीय तहले प्राप्त गर्ने वित्तीय समानीकरण अनुदान सिफारिस गर्नेछ ।
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
---
|
| 143 |
+
|
| 144 |
+
### **परिच्छेद-५**
|
| 145 |
+
**विविध**
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
**आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारी:**
|
| 148 |
+
(१) आयोगको सङ्गठन संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी नेपाल सरकारले स्वीकृत गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 149 |
+
(२) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारी नेपाल सरकारले उपलब्ध गराउनेछ ।
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
**पदीय मर्यादा तथा आचरण पालन गर्नु पर्नेः**
|
| 152 |
+
आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले आफ्नो कार्य सम्पादन गर्दा संविधान, यस ऐन तथा प्रचलित कानून बमोजिमको पदीय मर्यादा तथा आचरण पालन गर्नुपर्नेछ ।
|
| 153 |
+
|
| 154 |
+
**बार्षिक प्रतिवेदन:**
|
| 155 |
+
(१) आयोगले आफूले गरेको काम कारबाहीको बार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक बर्ष समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र राष्ट्रपति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 156 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको बार्षिक प्रतिवेदनमा अन्य बिषयको अतिरिक्त देहायका बिषय समेत समावेश गर्नु पर्नेछ:-
|
| 157 |
+
(क) आयोगको बार्षिक कार्यक्रमको कार्यान्वयन सम्बन्धी बिबरण तथा खर्च,
|
| 158 |
+
(ख) आयोगले नेपाल सरकार, प्रदेश तथा स्थानीय तहलाई दिएको सिफारिस तथा सुझावको बिबरण,
|
| 159 |
+
(ग) सिफारिस तथा सुझाव कार्यान्वयनको अवस्था,
|
| 160 |
+
(घ) आयोगको आर्थिक तथा भौतिक स्रोत साधन तथा त्यसको उपयोगको अवस्था,
|
| 161 |
+
(ङ) प्राकृतिक स्रोत तथा राजस्व बाँडफाँट सम्बन्धी अन्य बिषयमा गर्नु पर्ने सुधार सम्बन्धी सुझाव,
|
| 162 |
+
(च) यस ऐन बमोजिम आयोगले पूरा गर्नुपर्ने दायित्व निर्वाहका सम्बन्धमा गरिएको अन्य काम कारबाहीको बिबरण ।
|
| 163 |
+
|
| 164 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदन सङ्गीय संसदमा पेश भएपछि आयोगले सो प्रतिवेदन सर्वसाधारणको जानकारीको लागि प्रकाशन गर्नेछ ।
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
**२० नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 167 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 168 |
+
|
| 169 |
+
**२१ अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 170 |
+
आयोगले संविधान तथा यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार तोकिएको शर्तको अधीनमा रही प्रयोग र पालना गर्ने गरी अध्यक्ष, सदस्य, आयोगको सचिव बा नेपाल सरकार, प्रदेश बा स्थानीय तहको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 171 |
+
|
| 172 |
+
**२२ नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 173 |
+
(१) यो ऐनको कार्यान्वयनको लागि आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 174 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाउने नियममा नेपाल सरकारलाई आर्थिक भार बा दायित्व पर्ने विषय समावेश भएमा अर्थ मन्त्रालयको सहमति लिनु पर्नेछ ।
|
| 175 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले बनाएको नियम नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन भएको मितिबाट प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 176 |
+
|
| 177 |
+
**२३ निर्देशिका बा कार्यविधि बनाउने अधिकार:**
|
| 178 |
+
आयोगबाट सम्पादन हुने काम सुचारू रूपले सञ्चालन गर्न बा गराउनको लागि आयोगले यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक निर्देशिका बा कार्यविधि बनाउन सक्नेछ ।
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section_1_pdf_21.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,151 @@
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| 1 |
+
**राष्ट्रिय समावेशी आयोग ऐन, २०७४**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण मिति**
|
| 4 |
+
२०७४।६।२७
|
| 5 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 6 |
+
केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 7 |
+
२०७४।११।१९
|
| 8 |
+
|
| 9 |
+
संबत् २०७४ सालको ऐन नं. १६
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 12 |
+
खस आर्य, पिछड्डा बर्ग, अपाइता भएका व्यक्ति, ज्येष्ठ नागरिक, श्रमिक, किसान, अल्पसङ्स्यक, सीमान्तीकृत समुदाय तथा पिछडिएको बर्ग र कर्णाली पिछडिएको क्षेत्र तथा आर्थिक रूपले बिपन्न बर्ग लगायतका समुदायको हक, अधिकारको संरक्षण र सम्बर्पन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरण गर्नको लागि राष्ट्रिय समावेशी आयोगको सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
---
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
### **परिच्छेद-१**
|
| 19 |
+
### **प्रारम्भिक**
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 22 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय समावेशी आयोग ऐन, २०७४" रहेको छ ।
|
| 23 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 26 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 27 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ र सो शब्दले कार्यबाहक अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ ।
|
| 28 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४६ बमोजिमको राष्ट्रिय समावेशी आयोग सम्झनु पर्छ ।
|
| 29 |
+
(ग) "कर्णाली" भन्नाले साबिकको कर्णाली अजललाई सम्झनु पर्छ ।
|
| 30 |
+
(घ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 31 |
+
(ङ) "पिछडिएको क्षेत्र" भन्नाले आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले परिभाषित गरेको क्षेत्रलाई सम्झनु पर्छ ।
|
| 32 |
+
(च) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ ।
|
| 33 |
+
(छ) "संविधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ ।
|
| 34 |
+
|
| 35 |
+
---
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
### **परिच्छेद-२**
|
| 38 |
+
### **आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
**३. आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 41 |
+
संविधानको धारा २४९ मा उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 42 |
+
(क) खस आर्य, पिछड्डा बर्ग, अपाइता भएका व्यक्ति, ज्येष्ठ नागरिक, श्रमिक, किसान, अल्पसङ्ख्यक एवं सीमान्तीकृत समुदाय तथा पिछडिएको बर्ग र कर्णालीमा बसोबास गर्ने तथा आर्थिक रूपले बिपन्न बर्ग लगायतका समुदायसँग सम्बन्धित नीति तथा कार्यक्रमको समीक्षा, अनुगमन र मूल्याङ्गन गर्ने,
|
| 43 |
+
(ख) आयोगले गरेका सिफारिस बा दिएका सुझाव कार्यान्वयनको सम्बन्धम�� अनुगमन गर्ने बा गराउने,
|
| 44 |
+
(ग) खण्ड (क) मा उल्लिखित समुदाय, वर्ग र क्षेत्रभित्र आर्थिक बा सामाजिक रूपमा पछाडि परेका व्यक्तिको विकास र सशक्तीकरणको लागि विशेष कार्यक्रम तर्जुमा गरी कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 45 |
+
(घ) खण्ड (क) मा उल्लिखित समुदाय, वर्ग र क्षेत्रको भाषा, लिपि, संस्कृति, इतिहास, परम्परा, साहित्य, कलाको अध्ययन अनुसन्धान गरी त्यस्तो भाषा, लिपि, संस्कृति, इतिहास, परम्परा, साहित्य, कलाको संरक्षण र विकासको लागि कार्यक्रम तर्जुमा गरी नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 46 |
+
(ङ) खण्ड (क) मा उल्लिखित समुदाय, वर्ग र क्षेत्रको हक हितको संरक्षण र सम्बर्पन तथा त्यस्तो वर्ग बा समुदायको सशक्तीकरणको लागि चेतनामूलक कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 47 |
+
(च) खण्ड (क) मा उल्लिखित समुदाय, वर्ग र क्षेत्रमा बिघमान सबै प्रकारको शोषणको अन्त्य गर्न कार्यक्रम तर्जुमा गरी नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 48 |
+
(छ) खण्ड (क) मा उल्लिखित वर्ग, क्षेत्र र समुदायको सम्बन्धमा नेपाल पक्ष भएको अन्तरराष्ट्रिय सन्धि सम्झौता कार्यान्वयन भए नभएको अनुगमन गरी नेपाल सरकारलाई कार्यान्वयनको लागि आवश्यक सिफारिस गर्ने बा सुझाव दिने,
|
| 49 |
+
(ज) खण्ड (क) मा उल्लिखित वर्ग, क्षेत्र र समुदायको अधिकार उल्लङ्घन गर्ने व्यक्ति बा संस्थाका विरुद्ध उजुरी संकलन गरी सो उपर छानबिन तथा तहकिकात गर्न सम्बन्धित निकायमा सिफारिस गर्ने,
|
| 50 |
+
(झ) खण्ड (क) मा उल्लिखित बर्ग, क्षेत्र र समुदायको पहिचानका सम्बन्धमा बिस्तृत अध्ययन र अनुसन्धान गरी थर सूचीकृत गर्न नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 51 |
+
(अ) खण्ड (क) मा उल्लिखित बर्ग, क्षेत्र र समुदायका सन्दर्भमा लिइने नीति, कार्यक्रम तथा निर्णयका सम्बन्धमा नेपाल सरकार र अन्य सह संस्थाहरूसँग आवश्यक समन्वय गर्ने,
|
| 52 |
+
(ट) अध्यक्ष, सदस्य तथा आयोगका कर्मचारीको लागि आचारसंहिता बनाई लागू गर्ने बा गराउने,
|
| 53 |
+
(ठ) आयोगको बार्षिक योजना तथा कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने ।
|
| 54 |
+
|
| 55 |
+
**४. राय परामर्श लिन सक्ने:**
|
| 56 |
+
आयोगले आफ्नो काम कारबाहीको सम्बन्धमा अन्य संवैधानिक निकाय, सरकारी कार्यालय बा सार्वजनिक संस्थासँग परामर्श गर्न बा राय लिन सक्नेछ ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
**५. विशेषज्ञको सेवा लिन सक्ने:**
|
| 59 |
+
आयोगले संविधान, यो ऐन र प्रचलित संघीय कानून बमोजिम सम्पादन गर्नु पर्ने कुनै काम आयोगमा कार्यरत जनशक्तिबाट सम्पादन हुन नसक्ने भएमा आयोगले त्यसक��� कारण खुलाई प्रचलित संघीय कानून बमोजिम विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेछ ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**६. समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्ने:**
|
| 62 |
+
(१) आयोगसँग सम्बन्धित कुनै विशेष प्रकृतिको कार्य सम्पादन गर्ने प्रयोजनको लागि आयोगले कार्यावधि तोकी कुनै समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 63 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको समिति, कार्यदलको कार्यक्षेत्रगत शर्त त्यस्तो समिति बा कार्यदल गठन गर्दाका बखत आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 64 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम समिति बा कार्यदल गठन गर्दा संविधानमा व्यवस्था भए बमोजिम समानुपातिक समावेशी सिद्धान्तको आधारमा प्रतिनिधित्व हुनु पर्नेछ ।
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
**७. समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्ने:**
|
| 67 |
+
आयोगले आवश्यकता अनुसार सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थासँग आवश्यक समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्नेछ ।
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
---
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
### **परिच्छेद-३**
|
| 72 |
+
### **आयोगको कार्य सञ्चालन**
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
**८. आयोगको कार्यालय:**
|
| 75 |
+
(१) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि काठमाडौं उपत्यकामा आयोगको एक केन्द्रीय कार्यालय रहनेछ ।
|
| 76 |
+
(२) आयोगले आवश्यकता अनुसार प्रदेशमा कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ ।
|
| 77 |
+
|
| 78 |
+
**९. आयोगको बैठक:**
|
| 79 |
+
(१) संविधान बा यस ऐन बमोजिम गर्नु पर्ने काम आयोगको बैठकको निर्णय बमोजिम हुनेछ ।
|
| 80 |
+
(२) आयोगको बैठक आवश्यकता अनुसार अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ ।
|
| 81 |
+
(३) आयोगको सचिवले आयोगको बैठक बस्ने मिति, समय र स्थान तोकी बैठकमा छलफल हुने विषय सूची सहितको सूचना बैठक बस्ने समयभन्दा साधारणतया अट्चालीस घण्टा अगावै सबै सदस्यले पाउने गरी पठाउनु पर्नेछ ।
|
| 82 |
+
(४) कुनै सदस्यले उपदफा (३) बमोजिम बैठकमा छलफल हुने विषय सूचीमा उल्लिखित विषयको अतिरिक्त अन्य कुनै विषयमा छलफल गराउन चाहेमा त्यसरी छलफल गर्न चाहेको विषय र कारण सहितको सूचना बैठक बस्नुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगावै आयोगको सचिवलाई दिनु पर्नेछ । त्यसरी सूचना प्राप्त हुनासाथ आयोगको सचिवले त्यसको जानकारी सबै सदस्यलाई दिनेछ र सो विषय आयोगको बैठकको कार्यसूचीमा परेको मानिनेछ ।
|
| 83 |
+
(५) उपदफा (३) र (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगको बैठकमा उपस्थित सबै सदस्यको सहमतिले विषय सूचीमा नपरेको विषयमा पनि छलफल गरी निर्णय गर्न सकिनेछ ।
|
| 84 |
+
(६) आयोगमा तत्काल कायम रहेका पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्य उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
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| 85 |
+
(७) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ ।
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| 86 |
+
(८) आयोगको निर्णय बहुमतद्वारा हुनेछ र मत बराबर भएमा अध्यक्षले निर्णायक मत दिनेछ ।
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| 87 |
+
(९) आयोगको निर्णयको अभिलेख आयोगको सचिवले तयार गरी अध्यक्ष तथा सदस्यको दस्तखत गराई राख्नेछ ।
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| 88 |
+
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| 89 |
+
**१०. सचिवको व्यवस्था:**
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| 90 |
+
नेपाल निजामती सेवाको राजपत्रांकित प्रथम श्रेणीको अधिकृतले आयोगको सचिवको रूपमा काम गर्नेछ । त्यस्तो कर्मचारी नियुक्ति नभएसम्म आयोगको बरिष्ठतम् कर्मचारीले आयोगको सचिव भई काम गर्नेछ ।
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| 91 |
+
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| 92 |
+
**११. कार्य विभाजन:**
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| 93 |
+
अध्यक्ष र सदस्यको कार्य विभाजन आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ ।
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| 94 |
+
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| 95 |
+
**१२. कार्यबाहक भई काम गर्ने:**
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| 96 |
+
कुनै कारणबश अध्यक्षको पद रिक्त भएमा, निज संविधानको धारा १०१ को उपधारा (६) बमोजिम आफ्नो पदको कार्यसम्पादन गर्न नपाउने भएमा, विदेश भ्रमणमा गएकोमा बा सात दिनभन्दा बढी समयसम्म विदामा रहेकोमा आयोगको बरिष्ठतम् सदस्यले आयोगको कार्यबाहक अध्यक्ष भई काम गर्नेछ ।
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| 97 |
+
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| 98 |
+
**१३. आयोगको काम कारबाहीमा बाधा नपर्ने:**
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| 99 |
+
कुनै सदस्यको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारबाहीमा बाधा पर्ने छैन ।
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| 100 |
+
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| 101 |
+
---
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| 102 |
+
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| 103 |
+
### **परिच्छेद-४**
|
| 104 |
+
### **विविध**
|
| 105 |
+
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| 106 |
+
**१४. आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारी:**
|
| 107 |
+
(१) आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी नेपाल सरकारले स्वीकृत गरे बमोजिम हुनेछ ।
|
| 108 |
+
(२) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारी नेपाल सरकारले उपलब्ध गराउनेछ ।
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| 109 |
+
|
| 110 |
+
**१५. पदीय मर्यादा तथा आचरण पालना गर्नु पर्ने:**
|
| 111 |
+
(१) आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले देहाय बमोजिमको पदीय मर्यादाको पालना गर्नु पर्नेछ:
|
| 112 |
+
(क) खस आर्य, पिछड्डा बर्ग, अपाइता भएका व्यक्ति, ज्येष्ठ नागरिक, श्रमिक, किसान, अल्पसङ्ख्यक एवं सीमान्तीकृत समुदाय तथा पिछडिएको बर्ग र कर्णालीमा बसोबास गर्ने तथा आर्थिक रूपले बिपन्न बर्ग लगायतका समुदायको हक, हितको संरक्षण र सम्बद्धन गर्न तथा सो बर्ग र समुदायको सशक्तीकरणको लागि स्वतन्त्र, निष्पक्ष र इमान्दारीपूर्वक आफ्नो पदीय दायित्व निर्वाह गर्ने,
|
| 113 |
+
(ख) विभिन्न जातजाति, समुदाय तथा सम्प्रदाय बीचको सम्बन्धमा खलल पर्ने कुनै काम नगर्ने,
|
| 114 |
+
(२) आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले यो ऐन बा प्रचलित कानून बमोजिमको पदीय आचरणको पालन गर्नु पर्नेछ ।
|
| 115 |
+
|
| 116 |
+
**१६. काम कारबाहीमा सहयोग गर्नु पर्ने:**
|
| 117 |
+
आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादनको सिलसिलामा कुनै निकाय बा पदाधिकारीको सहयोग माग गरेमा त्यस्तो सहयोग उपलब्ध गराउनु त्यस्तो निकाय बा पदा���िकारीको कर्तव्य हुनेछ ।
|
| 118 |
+
|
| 119 |
+
**१७. कार्यान्वयनका लागि लेखी पठाउन सक्ने:**
|
| 120 |
+
कुनै निकाय बा पदाधिकारीले आयोगलाई आवश्यक सहयोग उपलब्ध नगराएमा आयोगले कार्यान्वयनको लागि त्यस्तो निकाय बा अधिकारीको तालुक निकाय बा अधिकारी समक्ष लेखी पठाउन सक्नेछ ।
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
**१८. बार्षिक प्रतिवेदन:**
|
| 123 |
+
(१) आयोगले आफूले गरेको काम कारबाहीको बार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक वर्ष समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र राष्ट्रपति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 124 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको बार्षिक प्रतिवेदनमा अन्य विषयको अतिरिक्त देहायका विषय समेत समावेश गर्नु पर्नेछ:
|
| 125 |
+
(क) आयोगको बार्षिक कार्यक्रमको कार्यान्वयनको विवरण तथा लागत खर्च,
|
| 126 |
+
(ख) आयोगले नेपाल सरकार बा अन्य कुनै निकायलाई दिएको सिफारिस तथा सुझावको विवरण,
|
| 127 |
+
(ग) खण्ड (ख) बमोजिमको सिफारिस तथा सुझाव कार्यान्वयनको अवस्था,
|
| 128 |
+
(घ) आयोगको आर्थिक तथा भौतिक स्रोत साधन तथा त्यसको उपयोगको अवस्था,
|
| 129 |
+
(ङ) यस ऐन बमोजिम आयोगले पूरा गर्नु पर्ने दायित्व निर्वाहका सम्बन्धमा गरिएको अन्य काम कारबाहीहरूको विवरण ।
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
**१९. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
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| 132 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 133 |
+
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| 134 |
+
**२०. अधिकार प्रत्यायोजन:**
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| 135 |
+
आयोगले संविधान तथा यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार तोकिएको शर्तको अधीनमा रही प्रयोग र पालन गर्ने गरी अध्यक्ष, सदस्य, नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार, कुनै निकाय बा स्थानीय सरकारको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
**२१. असल नियतले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 138 |
+
आयोगका पदाधिकारी, कर्मचारी बा आयोगले खटाएको कुनै पनि व्यक्तिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमहरू बमोजिम असल नियतले गरेको कुनै काम कारबाहीका सम्बन्धमा निजहरू उपर कुनै कानूनी कारबाही चलाइने छैन ।
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
**२२. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 141 |
+
(१) यो ऐन कार्यान्वयन गर्नको लागि आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 142 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाउने नियममा नेपाल सरकारलाई आर्थिक भार बा दायित्व पर्ने विषय समावेश भएमा आयोगले नेपाल सरकार अर्थ मन्त्रालयको सहमति लिनु पर्नेछ ।
|
| 143 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले बनाएको नियम नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन भएको मितिबाट प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
**२३. निर्देशिका बनाउने अधिकार:**
|
| 146 |
+
आयोगले सम्पादन गर्नु पर्ने काम सुचा��ू रूपले सञ्चालन गर्न बा गराउनको लागि यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक निर्देशिका बनाउन सक्नेछ ।
|
| 147 |
+
|
| 148 |
+
---
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| 149 |
+
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| 150 |
+
×*अनुसूची*
|
| 151 |
+
**× केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७५, द्वारा खारेज ।**
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section_1_pdf_24.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,189 @@
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| 1 |
+
Here is the exact text extracted from the provided PDF document:
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
---
|
| 4 |
+
|
| 5 |
+
**मधेशी आयोग ऐन, २०७४**
|
| 6 |
+
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| 7 |
+
**प्रमाणीकरण मिति**
|
| 8 |
+
२०७४।६।२७
|
| 9 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 10 |
+
केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 11 |
+
२०७४।११।१९
|
| 12 |
+
|
| 13 |
+
**सम्बत् २०७४ सालको ऐन नं. २०**
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 16 |
+
मधेशी समुदायको इतिहास र संस्कृतिको पहिचान, हक, हितको संरक्षण र सम्बद्धंन तथा मधेशी समुदायको सशक्तीकरण गर्नको लागि मधेशी आयोगको सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 19 |
+
|
| 20 |
+
---
|
| 21 |
+
|
| 22 |
+
### **परिच्छेद-१**
|
| 23 |
+
### **प्रारम्भिक**
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 26 |
+
(१) यस ऐनको नाम "मधेशी आयोग ऐन, २०७४" रहेको छ।
|
| 27 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 30 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 31 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ र सो शब्दले कार्यबाहक अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ।
|
| 32 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २६२ बमोजिमको मधेशी आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 33 |
+
(ग) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(घ) "मधेशी समुदाय" भन्नाले आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले परिभाषित गरेको समुदाय सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ङ) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्षलाई समेत जनाउँछ।
|
| 36 |
+
(च) "संबिधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
|
| 38 |
+
---
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
### **परिच्छेद-२**
|
| 41 |
+
### **अध्यक्ष तथा सदस्यको योग्यता तथा पद रिक्त हुने अबस्था**
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
**३. अध्यक्ष तथा सदस्यको योग्यता:**
|
| 44 |
+
देहायको व्यक्ति आयोगको अध्यक्ष तथा सदस्यको पदमा नियुक्त हुन योग्य हुनेछ:
|
| 45 |
+
(क) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण, सम्बर्पन तथा मधेशी समुदायको सशक्तीकरण बा मानब अधिकार बा कानूनको क्षेत्रमा कम्तीमा दश बर्ष योगदान गरेको मधेशी,
|
| 46 |
+
(ख) मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयबाट स्नातक उपाधि हासिल गरेको,
|
| 47 |
+
(ग) नियुक्त हुँदाका बखत कुनै राजनीतिक दलको सदस्य नरहेको,
|
| 48 |
+
(घ) पैंतालीस बर्ष उमेर पूरा भएको,
|
| 49 |
+
(ङ) उच्च नैतिक चरित्र भएको।
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
**४. पद रिक्त हुने अबस्था:**
|
| 52 |
+
देहायको कुनै अबस्थामा आयोगका अध्यक्ष बा सदस्यको पद रिक्त हुनेछ:
|
| 53 |
+
(क) निजले राष्ट्रपति समक्ष लिखित राजीनामा दिएमा,
|
| 54 |
+
(ख) निजको उमेर पैंसट्टी बर्ष पूरा भएमा,
|
| 55 |
+
(ग) संविधानको धारा २६२ को उपधारा (३) बमोजिमको पदावधि समाप्त भएमा,
|
| 56 |
+
(घ) निजको विरुद्ध संविधानको धारा १०१ बमोजिम महाभियोगको प्रस्ताव पारित भएमा,
|
| 57 |
+
(ङ) शारीरिक बा मानसिक अस्वस्थताका कारण सेवामा रही कार्य सम्पादन गर्न असमर्थ रहेको भनी संवैधानिक परिषद्को सिफारिस बमोजिम राष्ट्रपतिले पदमुक्त गरेमा,
|
| 58 |
+
(च) निजको मृत्यु भएमा।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
**५. पुनः नियुक्ति हुन नसक्ने:**
|
| 61 |
+
आयोगमा नियुक्त अध्यक्ष तथा सदस्यको पुनः नियुक्ति हुन सक्ने छैन।
|
| 62 |
+
तर सदस्यलाई अध्यक्षको पदमा नियुक्ति गर्न सकिनेछ र त्यस्तो सदस्य अध्यक्षको पदमा नियुक्त भएमा निजको पदावधि गणना गर्दा सदस्य भएको अवधिलाई समेत जोडी गणना गरिनेछ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
**६. अन्य सरकारी सेवामा नियुक्ति हुन नसक्ने:**
|
| 65 |
+
अध्यक्ष बा सदस्य भइसकेको व्यक्ति अन्य सरकारी सेवामा नियुक्तिका लागि ग्राह्य हुने छैन।
|
| 66 |
+
तर कुनै राजनीतिक पदमा बा कुनै विषयको अनुसन्धान, जाँचबुझ बा छानबिन गर्ने बा कुनै विषयको अध्ययन बा अन्वेषण गरी राय, मन्तव्य बा सिफारिस पेश गर्ने कुनै पदमा नियुक्त भई काम गर्न यस दफामा लेखिएको कुनै कुराले बाधा पु¥याएको मानिने छैन।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
---
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
### **परिच्छेद-३**
|
| 71 |
+
### **आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
**७. आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 74 |
+
आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 75 |
+
(क) मधेशी समुदायको समग्र स्थितिको अध्ययन गरी तत्सम्बन्धमा गर्नु पर्ने नीतिगत, कानूनी र संस्थागत सुधारका विषयमा नेपाल सरकार समक्ष सिफारिस गर्ने,
|
| 76 |
+
(ख) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरणका लागि राष्ट्रिय नीति तथा कार्यक्रमको तर्जुमा गरी कार्यान्वयनका लागि नेपाल सरकार समक्ष सिफारिस गर्ने,
|
| 77 |
+
(ग) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरणको सम्बन्धमा भएका व्यवस्था प्रभावकारी रूपमा कार्यान्वयन भए नभएको विषयमा अध्ययन अनुसन्धान गरी प्रभावकारी कार्यान्वयन गर्न चाल्नु पर्ने कदमका सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 78 |
+
(घ) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरणको सम्बन्धमा भइरहेका कानूनी, नीतिगत तथा संस्थागत व्यवस्थामा गर्नु पर्ने सुधारका सम्बन्धमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 79 |
+
(ड) मधेशी समुदायसँग सम्बन्धित नीति तथा कार्यक्रम कार्यान्वयनको समीक्षा, अनुगमन तथा मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 80 |
+
(च) आयोगले गरेका सिफारिस बा दिएका सुझाव कार्यान्वयनको सम्बन्धमा अनुगमन गर्ने बा गराउने,
|
| 81 |
+
(छ) मधेशी समुदायभित्र आर्थिक बा सामाजिक रूपमा पछाडि परेका व्यक्तिको विकास र सशक्तीकरणका लागि विशेष कार्यक्रम तर्जुमा गरी कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकार समक्ष सिफारिस गर्ने,
|
| 82 |
+
(ज) मधेशी समुदायभित्रका विभिन्न भाषा, लिपि, संस्कृति, इतिहास, परम्परा, साहित्य, कलाको अध्ययन अनुसन्धान गरी त्यस्तो भाषा, लिपि, संस्कृति, इतिहास, परम्परा, साहित्य, कलाको संरक्षण र विकासको लागि कार्यक्रम तर्जुमा गरी नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 83 |
+
(झ) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण र सम्बद्धंन तथा त्यस्तो समुदायको सशक्तीकरणको लागि चेतनामूलक कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 84 |
+
(ज) मधेशी समुदायमा बिघमान कुरीति, अन्धविश्वास तथा सबै प्रकारको शोषणको अन्त्य गर्न र मधेशी समुदायको सशक्तीकरणको लागि कार्यक्रम तर्जुमा गरी नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने,
|
| 85 |
+
(ट) मधेशी समुदायको सम्बन्धमा नेपाल पक्ष भएको अन्तर्राष्ट्रिय सन्धि सम्झौता कार्यान्वयन भए नभएको अनुगमन गरी नेपाल सरकारलाई कार्यान्वयनको लागि आवश्यक सिफारिस गर्ने बा सुझाव दिने,
|
| 86 |
+
(ठ) मधेशी समुदायको अधिकार उल्लङ्घन गर्ने व्यक्ति बा संस्थाका विरुद्ध उजुरी सङ्गलन गरी सो उपर ज्ञानबिन तथा तहकिकात गर्न सम्बन्धित निकायमा सिफारिस गर्ने।
|
| 87 |
+
(ड) मधेशी समुदायको पहिचानका सम्बन्धमा विस्तृत अध्ययन र अनुसन्धान गरी थर सूचीकृत गर्न नेपाल सरकारलाई सिफारिस गर्ने।
|
| 88 |
+
(ण) मधेशी समुदायको हक हितको संरक्षण, सम्बद्धंन र सशक्तीकरणका लागि नेपाल सरकार र अन्य सङ् संस्थाहरूले सञ्चालन गर्ने चेतनामूलक कार्यक्रमहरूको समीक्षा, अनुगमन तथा मूल्याङ्कन गर्ने,
|
| 89 |
+
(त) आयोगका अध्यक्ष, सदस्य तथा कर्मचारीको लागि आचारसंहिता बनाई लागू गर्ने,
|
| 90 |
+
(थ) आयोगको वार्षिक योजना र कार्यक्रम स्वीकृत गर्ने।
|
| 91 |
+
|
| 92 |
+
**८. राय परामर्श लिन सक्ने:**
|
| 93 |
+
आयोगले आफ्नो काम कारबाहीको सम्बन्धमा अन्य संवैधानिक निकाय, सरकारी कार्यालय बा सार्वजनिक संस्थासँग समन्वय गर्न तथा परामर्श गर्न बा राय लिन सक्नेछ।
|
| 94 |
+
|
| 95 |
+
**९. विशेषज्ञको सेवा लिन सक्ने:**
|
| 96 |
+
आयोगले यो ऐन र प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिम सम्पादन गर्नु पर्ने कुनै काम आयोगमा कार्यरत जनशक्तिबाट सम्पादन हुन नसक्ने भएमा त्यसको कारण खुलाई प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिम विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेछ।
|
| 97 |
+
|
| 98 |
+
**१०. समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्ने:**
|
| 99 |
+
(१) आयोगसँग सम्बन्धित कुनै विशेष प्रकृतिको कार्य सम्पादन गर्ने प्रयोजनको लागि आयोगले कार्यावधि तोकी कुनै समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 100 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको समिति बा कार्यदलको काम बा कार्यक्षेत्रगत शर्त त्यस्तो समिति बा कार्यदल गठन गर्दाका बखत आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 101 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम समिति बा कार्यदल गठन गर्दा संविधानमा व्यवस्था भए बमोजिम समानुपातिक समावेशी सिद्धान्तको आधारमा प्रतिनिधित्व हुनु पर्नेछ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
**११. समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्ने:**
|
| 104 |
+
आयोगले आवश्यकता अनुसार सरकारी निकाय बा सार्वजनिक संस्थासँग आवश्यक समन्वय तथा सहकार्य गर्न सक्नेछ।
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
---
|
| 107 |
+
|
| 108 |
+
### **परिच्छेद-४**
|
| 109 |
+
### **आयोगको कार्य सञ्चालन**
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
**१२. आयोगको कार्यालय:**
|
| 112 |
+
(१) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि काठमाडौं उपत्यकामा आयोगको कार्यालय रहनेछ।
|
| 113 |
+
(२) आयोगले आवश्यकता अनुसार प्रदेश तहमा समेत कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ।
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
**१३. आयोगको बैठक:**
|
| 116 |
+
(१) आयोगले यस ऐन बमोजिम गर्नु पर्ने काम आयोगको बैठकको निर्णय बमोजिम हुनेछ।
|
| 117 |
+
(२) आयोगको बैठक आवश्यकता अनुसार अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 118 |
+
(३) आयोगको सचिबले आयोगको बैठक बस्ने मिति, समय र स्थान तोकी बैठकमा छलफल हुने विषय सूची सहितको सूचना बैठक बस्ने समयभन्दा साधारणतया अट्चालीस घण्टा अगाबै सबै सदस्यले पाउने गरी पठाउनु पर्नेछ।
|
| 119 |
+
(४) कुनै सदस्यले उपदफा (३) बमोजिम बैठकमा छलफल हुने विषय सूचीमा उल्लिखित विषयको अतिरिक्त अन्य कुनै विषयमा छलफल गराउन चाहेमा त्यसरी छलफल गर्न चाहेको विषय र कारण सहितको सूचना बैठक बस्नुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगाबै आयोगको सचिबलाई दिनु पर्नेछ। त्यसरी सूचना प्राप्त हुनासाथ आयोगको सचिबले त्यसको जानकारी सबै सदस्यलाई दिनेछ र सो विषय आयोगको कार्यसूचीमा परेको मानिनेछ।
|
| 120 |
+
(५) उपदफा (३) र (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगको बैठकमा उपस्थित सबै सदस्यको सहमतिले विषय सूचीमा नपरेको विषयमा पनि छलफल गरी निर्णय गर्न सकिनेछ।
|
| 121 |
+
(६) आयोगमा तत्काल कायम रहेका पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्य उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपूरक सङ्ख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 122 |
+
(७) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ।
|
| 123 |
+
(८) आयोगको निर्णय बहुमतद्वारा हुनेछ र मत बराबर भएमा अध्यक्षले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 124 |
+
(९) आयोगको निर्णयको अभिलेख आयोगको सचिबले तयार गरी अध्यक्ष तथा सदस्यको दस्��खत गराई राख्नेछ।
|
| 125 |
+
(१०) नेपाल निजामती सेवाको राजपत्रांकित प्रथम श्रेणीको अधिकृतले आयोगको सचिवको रूपमा काम गर्नेछ। त्यस्तो कर्मचारी नियुक्ति नभएसम्म आयोगको बरिष्ठतम् कर्मचारीले आयोगको सचिव भई काम गर्नेछ।
|
| 126 |
+
(११) आयोगको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यविधि आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 127 |
+
|
| 128 |
+
**१४. स्वार्थ बाझिएमा निर्णय प्रक्रियामा भाग लिन नहुने:**
|
| 129 |
+
आयोगमा विचाराधीन कुनै विषयमा आयोगको कुनै सदस्यको हित, सरोकार वा स्वार्थ रहेको वा निजको नजिकको नातेदार प्रत्यक्ष प्रभावित हुने भएमा त्यस्तो सदस्यले आयोगलाई त्यस्तो कुराको पूर्व जानकारी दिई त्यस्तो विषयमा आयोगबाट गरिने निर्णय प्रक्रियामा भाग लिन सक्ने छैन।
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
**१५. कार्य विभाजन:**
|
| 132 |
+
अध्यक्ष र सदस्यको कार्य विभाजन आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 133 |
+
|
| 134 |
+
**१६. कार्यबाहक भई काम गर्ने:**
|
| 135 |
+
कुनै कारणवश अध्यक्षको पद रिक्त भएमा, निज संविधानको धारा १०१ को उपधारा (६) बमोजिम आफ्नो पदको कार्यसम्पादन गर्न नपाउने भएमा, विदेश भ्रमणमा गएकोमा वा सात दिनभन्दा बढी समयसम्म विदामा रहेकोमा आयोगको बरिष्ठतम् सदस्यले आयोगको कार्यबाहक अध्यक्ष भई काम गर्नेछ।
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
**१७. आयोगको काम कारबाहीमा बाधा नपर्ने:**
|
| 138 |
+
कुनै सदस्यको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारबाहीमा बाधा पर्ने छैन।
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
---
|
| 141 |
+
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| 142 |
+
### **परिच्छेद-५**
|
| 143 |
+
### **विविध**
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
**१८. आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारी:**
|
| 146 |
+
(१) आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी नेपाल सरकारले स्वीकृत गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 147 |
+
(२) आयोगको कार्य सञ्चालनको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारी नेपाल सरकारले उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
**१९. पदीय मर्यादा तथा आचरण पालना गर्नु पर्ने:**
|
| 150 |
+
(१) आयोगको अध्यक्ष तथा सदस्यले देहाय बमोजिमको पदीय मर्यादाको पालना गर्नु पर्नेछ:
|
| 151 |
+
(क) मधेशी समुदायको हक, हितको संरक्षण र सम्बद्धंन गर्न तथा मधेशी समुदायको सशक्तीकरणको लागि स्वतन्त्र, निष्पक्ष र इमान्दारीपूर्वक आफ्नो पदीय दायित्व निर्वाह गर्ने,
|
| 152 |
+
(ख) विभिन्न जातजाति, समुदाय तथा सम्प्रदायबीचको सम्बन्धमा खलल पर्ने कुनै काम नगर्ने,
|
| 153 |
+
(२) आयोगका अध्यक्ष तथा सदस्यले यो ऐन बा प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिमको पदीय आचरणको पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 154 |
+
|
| 155 |
+
**२०. काम कारबाहीमा सहयोग गर्नु पर्ने:**
|
| 156 |
+
आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादनको सिलसिलामा कुनै निकाय बा पदाधिकारीको सहयोग माग गरेमा त्यस्तो सहयोग उपलब्ध गराउनु त्यस्तो निकाय बा पदाधिकारीको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 157 |
+
|
| 158 |
+
**२१. कार्यान्वयनका लागि लेखी पठाउन सक्ने:**
|
| 159 |
+
कुनै निकाय बा पदाधिकारीले आयोगलाई आवश्यक सहयोग उपलब्ध नगराएमा आयोगले सहयोगको लागि त्यस्तो निकाय बा अधिकारीको तालुक निकाय बा अधिकारी समक्ष लेखी पठाउन सक्नेछ।
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
**२२. वार्षिक प्रतिवेदन:**
|
| 162 |
+
(१) आयोगले आफूले गरेको काम कारबाहीको वार्षिक प्रतिवेदन आर्थिक वर्ष समाप्त भएको मितिले तीन महिनाभित्र राष्ट्रपति समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 163 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको वार्षिक प्रतिवेदनमा अन्य विषयको अतिरिक्त देहायका विषय समेत समावेश गर्नु पर्नेछ:
|
| 164 |
+
(क) आयोगको वार्षिक कार्यक्रमको कार्यान्वयनको विवरण तथा लागत खर्च,
|
| 165 |
+
(ख) आयोगले नेपाल सरकार बा अन्य कुनै निकायलाई दिएको सिफारिस तथा सुझावको विवरण,
|
| 166 |
+
(ग) खण्ड (ख) बमोजिमको सिफारिस तथा सुझाव कार्यान्वयनको अवस्था,
|
| 167 |
+
(घ) आयोगको आर्थिक तथा भौतिक स्रोत साधन तथा त्यसको उपयोगको अवस्था,
|
| 168 |
+
(ङ) यस ऐन बमोजिम आयोगले पूरा गर्नु पर्ने दायित्व निर्वाहका सम्बन्धमा गरिएको अन्य काम कारबाहीको विवरण।
|
| 169 |
+
|
| 170 |
+
**२३. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 171 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा सङ्घीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 172 |
+
|
| 173 |
+
**२४. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 174 |
+
आयोगले यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार तोकिएको शर्तको अधीनमा रही प्रयोग र पालना गर्ने गरी अध्यक्ष, सदस्य, नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार, कुनै निकाय बा स्थानीय सरकारको कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
**२५. असल नियतले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 177 |
+
आयोगका पदाधिकारी, कर्मचारी बा आयोगले खटाएको कुनै पनि व्यक्तिले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमहरू बमोजिम असल नियतले गरेको कुनै काम कारबाहीका सम्बन्धमा निजहरू उपर कुनै कानूनी कारबाही चलाइने छैन।
|
| 178 |
+
|
| 179 |
+
**२६. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 180 |
+
(१) यो ऐन कार्यान्वयन गर्नको लागि आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 181 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाउने नियममा नेपाल सरकारलाई आर्थिक भार बा दायित्व पर्ने विषय समावेश भएमा आयोगले नेपाल सरकार अर्थ मन्त्रालयको सहमति लिनु पर्नेछ।
|
| 182 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले बनाएको नियम नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन भएको मितिबाट प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
**२७. निर्देशिका बनाउने अधिकार:**
|
| 185 |
+
आयोगले सम्पादन गर्न��� पर्ने काम सुचारू रूपले सञ्चालन गर्न बा गराउनको लागि यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यक निर्देशिका बनाउन सक्नेछ।
|
| 186 |
+
|
| 187 |
+
×*अनुसूची*
|
| 188 |
+
.........
|
| 189 |
+
**केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७५ द्वारा खारेज ।**
|
section_1_pdf_25.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,101 @@
|
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| 1 |
+
**प्रदेश लोक सेवा आयोग (आधार र मापदण्ड निर्धारण) ऐन, २०७४**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०७४।१२।१४
|
| 5 |
+
संबत् २०७४ सालको ऐन नं ३४
|
| 6 |
+
प्रदेश लोक सेवा आयोगको गटन, काम, कर्तव्य र अधिकार सम्बन्धी आधार र मापदण्ड निर्धारण गर्न बनेको ऐन
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 9 |
+
प्रदेश लोक सेवा आयोगको गटन, काम, कर्तव्य र अधिकार सम्बन्धी आधार र मापदण्ड निर्धारण गरी प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश प्रहरी सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेवा, प्रदेश सङ्गटित संस्थाको सेवा, स्थानीय सरकारी सेवा तथा स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको पदमा उपयुक्त उम्मेदवारको छूर्नोटमा स्वच्छता तथा निष्पक्षता कायम गरी योग्यता प्रणालीलाई प्रवर्द्धन गर्दै सार्वजनिक प्रशासनलाई सक्षम, सुदृढ र सेबामुखी बनाउने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 10 |
+
संघीय संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 13 |
+
(१) यस ऐनको नाम "प्रदेश लोक सेवा आयोग (आधार र मापदण्ड निर्धारण) ऐन, २०७४" रहेको छ ।
|
| 14 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 17 |
+
बिपय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 18 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ ।
|
| 19 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४४ बमोजिमको प्रदेश लोक सेवा आयोग सम्झनु पर्छ ।
|
| 20 |
+
(ग) "प्रदेश अन्य सरकारी सेवा" भन्नाले प्रदेश निजामती सेवा र प्रदेश प्रहरी सेवा बाहेकका प्रदेश कानून बमोजिम गटन भएका अन्य सरकारी सेवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 21 |
+
(घ) "प्रदेश निजामती सेवा" भन्नाले प्रदेश प्रहरी सेवा र प्रदेश अन्य सरकारी सेवा तथा प्रदेश निजामती सेवा होइन भनी प्रदेश कानूनद्वारा तोकिएको सेवा बाहेकको प्रदेश सरकारको सेवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 22 |
+
(ङ) "प्रदेश प्रहरी सेवा" भन्नाले कानूनद्वारा गठन भएको प्रदेश प्रहरी सेवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 23 |
+
(च) "सङ्गटित संस्था" भन्नाले पचास प्रतिशत बा सोभन्दा बढी शेयर बा जायजेथामा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रण भएको संस्थान, कम्पनी, बेइ, समिति बा प्रदेश कानून बमोजिम स्थापित बा प्रदेश सरकारद्वारा गठित आयोग, संस्थान, प्राधिकरण, निगम, प्रतिष्ठान, बोर्ड, केन्द्र, परिषद् र यस्ते प्रकृतिका अन्य सङ्गटित संस्था सम्झनु पर्छ ।
|
| 24 |
+
(छ) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ ।
|
| 25 |
+
(ज) "स्थानीय तह" भन्नाले गाउँपालिका बा नगरपालिका सम्झनु पर्छ ।
|
| 26 |
+
(झ) "स्थानीय सरकारी सेवा" भन्नाले संविधानको धारा ���६४ को उपधारा (३) बमोजिम कानूनद्वारा गठन हुने स्थानीय सेवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 27 |
+
(ज) "स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको सेवा" भन्नाले स्थानीय तहमा स्थानीय कानून बमोजिम गठन भएका स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको सेवा सम्झनु पर्छ ।
|
| 28 |
+
(ट) "संविधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ ।
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
**३. आयोग गठनका आधार:**
|
| 31 |
+
(१) आयोगमा कम्तिमा एकजना महिला हुने गरी अध्यक्ष सहित बढीमा तीनजना सदस्य रहनेछन् ।
|
| 32 |
+
(२) अध्यक्ष र सदस्यको नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्न प्रदेश मुख्यमन्त्रीको अध्यक्षतामा प्रदेश सभाको सभामुख र प्रदेश सभामा बिपक्षी दलको नेता रहेको एक सिफारिस समिति रहनेछ ।
|
| 33 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको सिफारिस समितिले समानुपातिक समावेशी सिद्धान्तका आधारमा अध्यक्ष र सदस्यको पदमा नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्नु पर्नेछ ।
|
| 34 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिमको समितिको सिफारिसको आधारमा प्रदेश प्रमुखले अध्यक्ष र सदस्यको नियुक्ति गर्नेछ।
|
| 35 |
+
(४) देहायको योग्यता भएको नेपाली नागरिक अध्यक्ष बा सदस्यको पदमा नियुक्तिका लागि योग्य हुनेछः
|
| 36 |
+
(क) मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयबाट स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त गरेको,
|
| 37 |
+
(ख) नियुक्ति हुँदाका बखत कुनै राजनीतिक दलको सदस्य नरहेको,
|
| 38 |
+
(ग) अध्यक्षको हकमा पैतालीस बर्ष र सदस्यको हकमा पैतीस बर्ष उमेर पूरा भएको,
|
| 39 |
+
(घ) उच्च नैतिक चरित्र भएको ।
|
| 40 |
+
(६) आयोगका सदस्यहरुमध्ये कम्तीमा एकजना सदस्य बीस बर्ष बा सोभन्दा बढी अबधिसम्म कुनै सरकारी सेबामा रहेका व्यक्तिहरुमध्येबाट र बाँकी सदस्यहरु विज्ञान, प्रबिधि, कला, साहित्य, कानून, जनप्रशासन, समाजशास्त्र बा राष्ट्रिय जीवनका अन्य क्षेत्रमा शोध, अनुसन्धान, अध्यापन बा अन्य कुनै महत्वपूर्ण कार्य गरी ख्याति प्राप्त गरेको व्यक्तिहरुमध्येबाट नियुक्त हुनेछन् ।
|
| 41 |
+
(७) अध्यक्ष र सदस्यको पदाबधि नियुक्ति भएको मितिले छ बर्षको हुनेछ ।
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
**४. पद रिक्त हुने आधार:**
|
| 44 |
+
(१) देहायको आधारमा आयोगको अध्यक्ष र सदस्यको पद रिक्त हुने गरी प्रदेश कानूनमा व्यवस्था गर्नु पर्नेछः
|
| 45 |
+
(क) निजले प्रदेश प्रमुख समक्ष लिखित राजीनामा दिएमा,
|
| 46 |
+
(ख) निजको उमेर पैंसट्टी बर्ष पूरा भएमा,
|
| 47 |
+
(ग) उपदफा (४) बमोजिम पदमुक्त भएमा,
|
| 48 |
+
(घ) शारीरिक बा मानसिक अस्बस्थताको कारणले सेबामा रही कार्यसम्पादन गर्न असमर्थ रहेको भनी प्रदेश सरकारले गठन गरेको मेडिकल बोर्डले दिएको सिफारिसको आधारमा दफा ३ को उपदफा (२) बमोजि��को समितिको सिफारिसमा प्रदेश प्रमुखले पदमुक्त गरेमा,
|
| 49 |
+
(ङ) निजको मृत्यु भएमा ।
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
(२) संविधान र प्रचलित कानूनको गम्भीर उल्लङ्घन गरेको, कार्यक्षमताको अभाव बा खराब आचरण भएको बा इमान्दारीपूर्वक आफ्नो पदीय कर्तव्यको पालना नगरेको बा आचारसंहिताको गम्भीर उल्लङ्गन गरेको कारणले आफ्नो पदीय जिम्मेबारी पूरा गर्न नसकेको भनी प्रदेश सभाका तत्काल कायम रहेका सम्पूर्ण सदस्य सङ्ख्याको एक चौथाई सदस्यले अध्यक्ष बा सदस्य विरुद्ध आरोपको प्रस्ताव पेश गर्न सक्नेछन् ।
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| 52 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम आरोपको प्रस्ताव पेश भई दर्ता भएमा त्यस्तो प्रस्तावमा उल्लिखित आधार र कारण बिघमान भए नभएको सम्बन्धमा छानबिन गरी प्रतिवेदन पेश गर्न प्रदेश सभामा एक छानबिन समिति गठन गरिनेछ ।
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| 53 |
+
(४) अध्यक्ष बा सदस्य विरुद्धको आरोपको प्रस्ताव उपर छानबिन गर्ने सम्बन्धी व्यवस्था प्रदेश कानूनमा उल्लेख भए बमोजिम हुनेछ ।
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| 54 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको समितिले पद मुक्त गर्ने भनी सिफारिस सहितको प्रस्ताव प्रदेश सभामा पेश गरेमा र प्रदेश सभामा तत्काल कायम रहेको सम्पूर्ण सदस्य सङ्ख्याको दुई तिहाई बहुमतल प्रस्ताव पारित गरेमा अध्यक्ष बा सदस्य पदबाट मुक्त हुनेछ ।
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| 55 |
+
(६) उपदफा (४) बमोजिम पदमुक्त भएको व्यक्तिले त्यस्तो पदबाट पाउने कुनै सुविधा लिन र भविष्यमा कुनै पनि सार्वजनिक पदमा नियुक्ति बा मनोनित हुन सक्ने छैन ।
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+
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+
**५. पुनः नियुक्ति:**
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(१) अध्यक्ष र सदस्यको पुनः नियुक्ति हुन सक्नेछैन र निज कुनै पनि सरकारी सेबामा नियुक्तिका लागि ग्राहय हुने छैन ।
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| 59 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि देहायको अवस्थामा अध्यक्ष र सदस्य देहायको पदमा नियुक्तिको लागि ग्राह्य हुन सक्नेछ:-
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| 60 |
+
(क) संबैधानिक निकायको पदाधिकारीको पदमा नियुक्त हुन,
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| 61 |
+
(ख) आयोगको सदस्य सोही आयोगको अध्यक्ष पदमा नियुक्त हुन,
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| 62 |
+
(ग) कुनै राजनीतिक पदमा बा कुनै बिषयको अनुसन्धान, जाँचबुझ बा छानबिन गर्ने बा कुनै बिषयको अध्ययन बा अन्वेषण गरी राय, मन्तव्य बा सिफारिस पेश गर्ने कुनै पदमा नियुक्त हुन ।
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| 63 |
+
(३) आयोगको सदस्य सोही आयोगको अध्यक्ष पदमा नियुक्त हुने भएमा निजको पदावधि गणना गर्दा निज सदस्य भएको अवधि समेतलाई जोडी गणना गरिनेछ ।
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| 64 |
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+
**६. आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
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| 66 |
+
आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकारको सम्बन्धमा प्रदेश कानूनमा व्यवस्था गर्दा देहायका आधार र मापदण्ड बमोजिम गर��नु पर्नेछ:-
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| 67 |
+
(क) लोक सेवा आयोग सम्बन्धी प्रचलित कानूनी व्यवस्थाको आधारभूत मान्यता र सिद्धान्त, र
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| 68 |
+
(ख) विभिन्न सेबाको लागि उपयुक्त उम्मेदबार छुर्नोटका लागि सज्ञान गरिने परीक्षाको किसिम, पाठ्यक्रम तर्जुमा, परीक्षण बिधि निर्धारण, विज्ञहरुको छुर्नोट, प्रश्नपत्र निर्माण तथा परिमार्जन, परीक्षा सञ्चालन, उत्तरपुस्तिकामा सड्केत नम्बरको प्रयोग, उत्तरपुस्तिका परीक्षण, अन्तर्वार्ता सञ्चालन, नतिजा प्रकाशन र सिफारिस लगायतका काम कारबाही सम्बन्धमा लोक सेवा आयोगले अपनाएको अभ्यास, बिधि तथा मापदण्ड ।
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| 69 |
+
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| 70 |
+
**७. परीक्षा सञ्चालन:**
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| 71 |
+
(१) आयोगले प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्यसरकारी सेवा, प्रदेश सड्गटित संस्थाको सेवा, स्थानीय सरकारी सेवा र स्थानीय तहको सड्गटित संस्थाको सेबाको पदमा कर्मचारी नियुक्तिका लागि उपयुक्त उम्मेदवारको छुर्नोट गर्दा लिखित परीक्षाका अतिरिक्त देहायको कुनै एक बा एकभन्दा बढी तरिका अपनाउन सक्नेछ:-
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| 72 |
+
(क) प्रयोगात्मक परीक्षा,
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| 73 |
+
(ख) अन्तर्वार्ता, र
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| 74 |
+
(ग) आयोगले समय समयमा तोकेका अन्य तरिका ।
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| 75 |
+
(२) प्रदेश प्रहरी सेबाको पदपूर्तिका लागि लिइने लिखित परीक्षा आयोगले सञ्चालन गर्नेछ् ।
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| 76 |
+
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+
**८. परीक्षाको माघ्यम भाषाः**
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| 78 |
+
(१) आयोगले सञ्चालन गर्ने लिखित परीक्षाको माघ्यम भाषा सड्धीय सरकारी कामकाजको भाषा हुनेछ ।
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| 79 |
+
(२) उपदफा (१) मा लेखिएको भाषाका अतिरिक्त अड्ग्रेजी बा प्रदेश कानून बमोजिम निर्धारण गरिएको सरकारी कामकाजको भाषा समेत परीक्षाको माघ्यम भाषा हुन सक्नेछ ।
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| 80 |
+
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| 81 |
+
**९. लोक सेवा आयोगलाई अनुरोध गर्न सक्नेः**
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| 82 |
+
आयोगले सज्चालन गर्ने कुनै परीक्षा सज्चालन गरिदिन आयोगको सिफारिसमा प्रदेश सरकारले नेपाल सरकार मार्फत् लोक सेवा आयोगलाई अनुरोध गर्न सक्नेछ ।
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| 83 |
+
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| 84 |
+
**१०. स्थायी नियुक्ति र परामर्श:**
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| 85 |
+
(१) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेबाको पद, प्रदेश सङ्गटित संस्थाको सेबाको पद, स्थानीय सरकारी सेबाको पद, स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको सेबाको पदमा स्थायी नियुक्ति गर्दा आयोगको परामर्श बिना गरिने छैन ।
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| 86 |
+
(२) देहायका बिषयमा आयोगको परामर्श लिनु पर्नेछ:-
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| 87 |
+
(क) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेबाको पद र स्थानीय सरकारी सेबाको पदमा छ महिनाभन्दा बढी समयका लागि नियुक्ति गर्दा उम्मेदवारको उपयुक्तताको बिषयमा,
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| 88 |
+
(ख) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेवा, प्रदेश सङ्गटित संस्थाको सेवा र स्थानीय सरकारी सेवा तथा स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको सेबाको पदका कर्मचारीको सेवा, शर्त सम्बन्धी कानुनको बिषयमा,
|
| 89 |
+
(ग) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेवा, प्रदेश सङ्गटित संस्थाको सेवा र स्थानीय सरकारी सेवा तथा स्थानीय तहको सङ्गटित संस्थाको सेबाको पदमा नियुक्ति, बढुवा र विभागीय कारबाही गर्दा अपनाउनु पर्ने सिद्धान्तको बिषयमा,
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| 90 |
+
(घ) प्रदेश प्रहरी सेबाको पदमा नियुक्ति तथा बढुवा गर्दा अपनाउनु पर्ने सिद्धान्तको बिषयमा,
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| 91 |
+
(ङ) कुनै एक प्रकारको प्रदेश निजामती सेवा बा स्थानीय सरकारी सेबाको पदबाट अर्को प्रकारको प्रदेश निजामती सेवा बा स्थानीय सरकारी सेबाको पदमा बा प्रदेश अन्य सरकारी सेबाबाट प्रदेश निजामती सेवा बा स्थानीय सरकारी सेबाको पदमा सरुवा बा बढुवा गर्दा उम्मेदवारको उपयुक्तताको बिषयमा, र
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| 92 |
+
(च) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेवा बा स्थानीय सरकारी सेबाका कर्मचारीलाई दिइने विभागीय सजायको बिषयमा ।
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| 93 |
+
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| 94 |
+
**११. सिद्धान्त र मापदण्ड अवलम्बन गर्नु पर्नेः**
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| 95 |
+
(१) प्रदेश निजामती सेवा, प्रदेश प्रहरी सेवा, प्रदेश अन्य सरकारी सेवा, प्रदेश सड्गटित संस्थाको सेवा, स्थानीय सरकारी सेवा र स्थानीय तहको सड्गटित संस्थाको सेवाको पदको पदपूर्तिको लागि उम्मेदवारको छुर्नोटलाई स्वच्छ, निष्पक्ष र विश्वसनीय बनाउन लोक सेवा आयोगले संघीय कानून बमोजिम अपनाएको सिद्धान्त र मापदण्डलाई आयोगले अवलम्बन गर्नु पर्नेछ ।
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| 96 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको सिद्धान्त र मापदण्ड लोक सेवा आयोगले सार्वजनिक गर्नु पर्नेछ ।
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| 97 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सिद्धान्त र मापदण्ड बमोजिम काम कारवाही गर्नको लागि लोक सेवा आयोगले आयोगसँग आवश्यक समन्वय र सहकार्य गर्न सक्नेछ ।
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| 98 |
+
(४) उपदफा (१) विपरीत हुने गरी आयोगले गरेको काम, कारवाही स्वतः बदर भएको मानिनेछ ।
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| 99 |
+
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| 100 |
+
**१२. सहयोग लिन सक्नेः**
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| 101 |
+
आयोगले पाठ्यक्रम तर्जमा, प्रश्नपत्र निर्माण वा परीक्षा सम्बन्धी कुनै पनि विषयका सम्बन्धमा लोक सेवा आयोगको सहयोग लिन सक्नेछ ।
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section_1_pdf_26.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,222 @@
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| 1 |
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**राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग ऐन, २०६६**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०६६। १०।६।६
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
१. केही नेपाल कानून संशोधन तथा खारेज गर्ने ऐन, २०७२
|
| 8 |
+
२०७२।६।१४
|
| 9 |
+
२. राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगका अध्यक्ष र सदस्यको पारिश्रमिक सम्बन्धमा केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्न बनेको ऐन, २०७२
|
| 10 |
+
२०७२। १०।१२
|
| 11 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 12 |
+
२०७२। ११।१३
|
| 13 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
|
| 14 |
+
२०६२।०४।१४
|
| 15 |
+
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| 16 |
+
संबत् २०६६ को ऐन नं. १४
|
| 17 |
+
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा कार्यविधिका सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 20 |
+
मानव अधिकारको सम्मान, संरक्षण र सम्बद्धधन तथा त्यसको प्रभावकारी कार्यान्वयनलाई सुनिश्चित गर्न राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगको काम, कर्तव्य, अधिकार तथा कार्यविधिको सम्बन्धमा कानूनी व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, नेपालको अन्तरिम संविधान, २०६३ को धारा ६३ बमोजिमको व्यवस्थापिकासंसदको हैसियतमा संविधान सभाले यो ऐन बनाएको छ।
|
| 21 |
+
|
| 22 |
+
---
|
| 23 |
+
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| 24 |
+
### **परिच्छेद-१**
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| 25 |
+
### **प्रारम्भिक**
|
| 26 |
+
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| 27 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
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| 28 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग ऐन, २०६६" रहेको छ।
|
| 29 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 32 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 33 |
+
(क) "अध्यक्ष" भन्नाले आयोगको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४६ बमोजिम स्थापित राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ग) "उजुरी" भन्नाले मानव अधिकारको उल्लहन बा त्यसको दुरुत्साहनका सम्बन्धमा आयोग समक्ष दिएको निबेदन बा उजुरी सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अन्य कुनै स्रोतबाट सो बिषयमा आयोगलाई प्राप्त भएको जानकारी समेतलाई जनाउँछ।
|
| 36 |
+
(घ) "कर्मचारी" भन्नाले आयोगको कर्मचारी सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(च) "मानव अधिकार" भन्नाले व्यक्तिको जीवन, स्वतन्त्रता, समानता र मर्यादास"ग सम्बन्धित संविधान तथा अन्य प्रचलित कानूनद्वारा प्रदान गरिएका अधिकार सम्झनु पर्छ र सो शब्दले नेपाल पक्ष भएको मानव अधिकार सम्बन्धी अन्तर्रष्ट्रिय सन्धिमा निहित अधिकार समेतलाई जनाउँछ।
|
| 39 |
+
(छ) "सचिब" भन्नाले आयोगको सचिब सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ज) "सदस्य" भन्नाले आयोगको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्ष समेतलाई जनाउँछ।
|
| 41 |
+
(झ) "संबिधान" भन्नाले नेपालको संबिधान सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
---
|
| 44 |
+
|
| 45 |
+
### **परिच्छेद-२**
|
| 46 |
+
### **आयोगको बैठक, काम, कर्तव्य र अधिकार**
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
**३. आयोगको बैठक:**
|
| 49 |
+
(१) आयोगको बैठक महिनामा कम्तीमा दुई पटक बस्नेछ।
|
| 50 |
+
(२) आयोगको बैठक अध्यक्षले तोकेको मिति, समय र स्थानमा बस्नेछ।
|
| 51 |
+
(३) अध्यक्षको निर्देशन अनुसार आयोगको बैठक बस्ने मिति, समय, स्थान र छलफलको बिषय खुलाई सचिबले सामान्यतः बैठक हुनुभन्दा कम्तीमा चौबीस घण्टा अगाबै लिखित रूपमा सदस्यहरूलाई जानकारी दिनु पर्नेछ।
|
| 52 |
+
(४) आयोगमा तत्काल कायम रहेका सदस्यहरुमध्ये बहुमत सदस्य उपस्थित भएमा आयोगको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ।
|
| 53 |
+
(५) आयोगको बैठकको अध्यक्षता अध्यक्षले गर्नेछ र निज अनुपस्थित रहेको अबस्थामा बैठकमा उपस्थित बरिष्ठतम सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ।
|
| 54 |
+
(६) आयोगको निर्णय बैठकमा उपस्थित सदस्यहरूको बहुमतबाट हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ।
|
| 55 |
+
(७) आयोगको बैठकको निर्णय सचिबले प्रमाणित गर्नेछ।
|
| 56 |
+
(८) आयोगको बैठक सम्बन्धी अन्य कार्यबिधि आयोग आफैले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 57 |
+
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| 58 |
+
**४. आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 59 |
+
(१) संबिधानको धारा २४९ मा उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 60 |
+
(क) मानव अधिकारको संरक्षणका लागि कारागार, नेपाल सरकारका अन्य निकाय, सार्वजनिक संस्था बा निजी संस्था बा अन्य कुनै टाउँको निरीक्षण तथा अनुगमन गर्ने, गराउने र मानव अधिकारको संरक्षणको लागि त्यस्ता निकाय, संस्था बा टाँउमा गर्नु पर्ने सुधारका सम्बन्धमा सम्बन्धित निकायलाई आवश्यक सुझाव बा निर्देशन दिने,
|
| 61 |
+
(ख) मानव अधिकारको उल्लङ्गन भएको बारे अदालत समक्ष दावी समावेश भएको विचाराधीन मुदाका बिषयमा सम्बन्धित अदालतको अनुमतिबाट छानबिन गर्ने,
|
| 62 |
+
(ग) मानव अधिकार सम्बन्धी प्रचलित कानूनको कार्यान्वयन स्थितिको अनुगमन गर्ने तथा सोको प्रभावकारी कार्यान्वयनका लागि नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तह समक्ष सिफारिस गर्ने,
|
| 63 |
+
(घ) मानव अधिकारको संरक्षण, सम्बद्वधन, प्रबद्र्धन तथा कार्यान्वयनका सम्बन्धमा अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्ने,
|
| 64 |
+
(ड) मानव अधिकार सम्बन्धी शिक्षामूलक बिषयवस्तुलाई बिघालय तथा बिध्रबिघालयको पाठ्यक्रममा समावेश गर्न सम्बन्धित निकायमा सिफ��रिस गर्ने,
|
| 65 |
+
(च) मानव अधिकारको बिघमान अवस्था बारे समीक्षा गरी सो सम्बन्धी प्रतिवेदनहरु सार्वजनिक गर्ने,
|
| 66 |
+
(छ) मानव अधिकारको संरक्षण, सम्बद्र्धन तथा प्रवर्धनको लागि आवश्यक र उचित टानेका अन्य कार्य गर्ने बा गराउने।
|
| 67 |
+
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| 68 |
+
(२) मानव अधिकारको सम्मान, संरक्षण र सम्बद्धन गर्ने कार्यमा आयोग स्वतन्त्र र स्वायत्त रहनेछ।
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| 69 |
+
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| 70 |
+
**५. ध्यानाकर्षण गराउन सक्ने:**
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| 71 |
+
(१) आयोगले मानव अधिकारको संरक्षण र सम्बद्धनसँग सम्बन्धित कुनै विषयमा आवश्यकता अनुसार कुनै निकाय बा पदाधिकारीको ध्यानाकर्षण गराउन सक्नेछ।
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| 72 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले ध्यानाकर्षण गराएकोमा सम्बन्धित निकाय बा पदाधिकारीले सो विषयमा आवश्यक कारवाही गरी आयोगलाई जानकारी दिनु पर्नेछ।
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| 73 |
+
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| 74 |
+
**६. आयोगले राय बा परामर्श दिन सक्ने:**
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| 75 |
+
(१) मानव अधिकारसँग सम्बन्धित अन्तर्राष्ट्रिय सन्धि अन्तर्गत कुनै निकायमा प्रतिवेदन पटाउनु पर्ने दायित्व भएको विषयमा नेपाल सरकारले प्रतिवेदन पटाउनु अघि रायको लागि आयोग समक्ष लेखी पटाउनु पर्नेछ।
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| 76 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम लेखी आएमा आयोगले यथाशक्य छिटो सो विषयमा नेपाल सरकारलाई राय दिनु पर्नेछ।
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| 77 |
+
(३) मानव अधिकारसँग सम्बन्धित कुनै कानून निर्माण बा भइरहेको कुनै कानून संशोधन गर्ने सम्बन्धमा नेपाल सरकारले आयोगको परामर्श माग गरेमा आयोगले सो विषयमा नेपाल सरकारलाई राय उपलब्ध गराउन सक्नेछ।
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| 78 |
+
(४) आयोगले मानव अधिकारसँग सम्बन्धित नयाँ कानून निर्माण बा भइरहेको कुनै कानूनमा संशोधन गर्न बा कुनै अन्तर्राष्ट्रिय बा क्षेत्रीय महासन्धिको पक्ष बन्न नेपाल सरकार समक्ष सिफारिस गर्न सक्नेछ।
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| 79 |
+
(५) मानव अधिकारसँग सम्बन्धित कुनै अन्तर्राष्ट्रिय बा क्षेत्रीय सन्धिको पक्ष बन्ने सम्बन्धमा नेपाल सरकारले आयोगको परामर्श माग गरेमा आयोगले सो विषयमा नेपाल सरकारलाई राय उपलब्ध गराउनेछ।
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| 80 |
+
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| 81 |
+
**७. नाम सार्वजनिक गर्ने र अभिलेख राख्ने:**
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| 82 |
+
(१) आयोगले मानव अधिकारको उल्लङनका सम्बन्धमा गरेको सिफारिस, आदेश बा निर्देशनको जानी-जानी पालना बा कार्यान्वयन नगर्ने पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायको नाम मानव अधिकार उल्लङनकर्ताको रुपमा सार्वजनिक गर्नेछ।
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| 83 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम नाम सार्वजनिक गर्नु अघि आयोगबाट भएको सिफारिस, आदेश बा निर्देशन पालना बा कार्यान्वयन नगरेको कुरा उल्लेख गरी त्यस्तो पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायलाई सफाइ पेश गर्न प���्ध्र दिनको म्याद दिई लेखी पटाउनु पर्नेछ।
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| 84 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम लेखी पटाएकोमा म्यादभित्रै सम्बन्धित पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायले सफाइ पेश नगरेमा बा पेश गरेको सफाई मनासिब नदेखिएमा त्यस्तो पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायको नाम आयोगले उपदफा (१) बमोजिम सार्वजनिक गर्नेछ।
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| 85 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम नाम सार्वजनिक गरेपछि आयोगले त्यस्तो पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायको नाम अभिलेख गरी राख्नु पर्नेछ।
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| 86 |
+
(५) उपदफा (१) बमोजिम नाम सार्वजनिक गरिएको व्यक्तिलाई कुनै सार्वजनिक पदमा नयाँ नियुक्ति, बढुवा र बृत्ति विकासका लागि सिफारिस गर्दा सम्बन्धित निकायले उपदफा (४) बमोजिम राखिएको अभिलेखलाई समेत आधार लिन सक्नेछ।
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| 87 |
+
(६) उपदफा (१) बमोजिम नाम सार्वजनिक गरिएको पदाधिकारीलाई नयाँ जिम्मेबारी दिँदा निजको कार्यक्षमताको सम्बन्धमा सम्बन्धित निकायले उपदफा (४) बमोजिम राखिएको अभिलेखलाई समेत आधार लिन सक्नेछ।
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| 88 |
+
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| 89 |
+
**८. समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्ने:**
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| 90 |
+
(१) आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादनको लागि आवश्यकता अनुसार समिति बा कार्यदल गठन गर्न सक्नेछ।
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| 91 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित समिति बा कार्यदलको काम, कर्तव्य र अधिकार तथा त्यस्तो समिति बा कार्यदलका सदस्यहरूले पाउने सुविधा आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
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| 92 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको समिति बा कार्यदलले आयोगद्वारा तोकिएको कार्य सम्पन्न गरेपछि आयोग समक्ष आफूले सम्पादन गरेको कामको प्रतिबेदन बुझाउनु पर्नेछ।
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| 93 |
+
(४) आयोगलाई उपयुक्त लागेमा उपदफा (१) बमोजिमको समिति बा कार्यदल जुनसुकै बखत बिघटन गर्न सक्नेछ।
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| 94 |
+
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| 95 |
+
**९. अन्तरिम राहत तथा उद्धार सम्बन्धी व्यवस्था:**
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| 96 |
+
(१) पीडित व्यक्तिलाई तत्काल राहत उपलब्ध नगराउँदा बा उद्धार नगर्दा निजलाई थप क्षति हुन सक्ने देखिएमा आयोगले त्यस्तो व्यक्तिलाई तत्कालै अन्तरिम राहत उपलब्ध गराउन बा उद्धार गर्न सम्बन्धित निकायलाई आदेश गर्नेछ।
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| 97 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले आदेश गरेकोमा सम्बन्धित निकायले पीडित व्यक्तिलाई तत्कालै राहत उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
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| 98 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको राहत नगदमा उपलब्ध गराएको भए सम्बन्धित व्यक्ति बा निकायले सो रकम मानब अधिकार उल्लहनकर्ताबाट तोकिए बमोजिम असूल उपर गर्नेछ।
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| 99 |
+
(४) आयोगले पीडित व्यक्तिलाई अन्तरिम राहत उपलब्ध गराउन बा पीडितको उद्धार गर्न कुनै संघ संस्था बा व्यक्तिलाई सहयोगको लागि अनुरोध गर्न सक्नेछ।
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| 100 |
+
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| 101 |
+
---
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| 102 |
+
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| 103 |
+
### **परिच्छेद-३**
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| 104 |
+
### **उजुरी कारबाही सम्बन्धी कार्यबिधि**
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| 105 |
+
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| 106 |
+
**१०. उजुरी दिन सक्ने:**
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| 107 |
+
(१) मानब अधिकार उल्लइन बा त्यसको दुरुत्साहन भएकोमा पीडित व्यक्ति आफैले बा निजको तर्फबाट कसैले आयोग समक्ष तोकिए बमोजिम उजुरी दिन सक्नेछ।
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| 108 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी प्राप्त हुन आएमा आयोगले त्यस्तो उजुरी तोकिए बमोजिमको दर्ता किताबमा दर्ता गरी सोको निस्सा उजुरकर्तालाई दिनु पर्नेछ।
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| 109 |
+
(३) मानब अधिकार उल्लइन बा त्यसको दुरुत्साहन भएको सम्बन्धमा कसैले मौखिक रुपमा बा अन्य कुनै माध्यमद्वारा आयोगलाई जानकारी गराएमा आयोगले त्यस्तो जानकारी लिपिबद्ध गरी उपदफा (२) बमोजिमको दर्ता किताबमा दर्ता गर्नु पर्नेछ।
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| 110 |
+
(४) प्रबलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (१) बमोजिम उजुरी दिँदा बा उपदफा (३) बमोजिम जानकारी गराउँदा कुनै दस्तुर लाग्ने छैन।
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| 111 |
+
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| 112 |
+
**११. प्रारम्भिक कारबाही गर्ने:**
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| 113 |
+
(१) मानब अधिकार उल्लइन बा त्यसको दुरुत्साहन भएको सम्बन्धमा दफा १० को उपदफा (१) बमोजिम उजुरी परेमा बा उपदफा (३) बमोजिम जानकारी प्राप्त हुन आएमा बा सो बिषयमा आफ्नै स्वबिबेकमा छानबिन तथा अनुसन्धान गर्न उपयुक्त ठानेमा आयोगले तोकिए बमोजिम तत्कालै प्रारम्भिक कारबाही गर्नु पर्नेछ।
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| 114 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम कारबाही गर्दा प्रथम दृष्टिमा नै कुनै व्यक्तिको मानब अधिकारको उल्लइन बा त्यसको दुरुत्साहन भद्दरहेको देखिन आएमा आयोगले त्यस्तो कार्य तत्कालै रोक्न सम्बन्धित व्यक्ति, निकाय बा पदाधिकारीको नाममा आदेश दिन सक्नेछ।
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| 115 |
+
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| 116 |
+
**१२. छानबिन तथा अनुसन्धान गर्ने:**
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| 117 |
+
(१) दफा ११ को उपदफा (१) बमोजिम गरिएको प्रारम्भिक कारबाहीबाट कुनै व्यक्तिको मानब अधिकारको उल्लइन बा त्यसको दुरुत्साहन भएको देखिन आएमा आयोग आफैले बा आवश्यकता अनुसार अनुसन्धान टोली बा अनुसन्धान अधिकृत नियुक्त गरी तोकिए बमोजिम छानबिन तथा अनुसन्धान गर्न बा गराउन सक्नेछ।
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| 118 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम छानबिन तथा अनुसन्धान कार्य सम्पन्न भएपछि अनुसन्धान टोली बा अनुसन्धान अधिकृतले सोको प्रतिवेदन आयोग समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
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| 119 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम प्रतिवेदन प्राप्त भएपछि सो प्रतिवेदनमा उल्लिखित विषयका सम्बन्धमा आयोगले तोकिए बमोजिम विशेषज्ञको सेवा लिन, थप प्रमाण बा साक्षी बुझ्न बा सार्वजनिक सुनुवाई गर्न सक्नेछ।
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| 120 |
+
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| 121 |
+
**१३. उजुरी खारेज गर्न बा तामेलीमा राख्न सक्ने:**
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| 122 |
+
(१) आयोगमा प्राप्त उजुरी बा जानकारी बा आयोगले आफ्नै स्वविवेकमा छानबिन तथा अनुसन्धान गरेको विषय तथ्यहीन लागेमा बा सो विषय आयोगको क्षेत्राधिकारभित्र पर्ने नदेखिएमा आयोगले सोको कारण खुलाई त्यस्तो उजुरी, जानकारी बा विषय जुनसुकै समयमा खारेज गर्न बा तामेलीमा राख्न सक्नेछ।
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| 123 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी खारेज गरिएको बा तामेलीमा राखिएकोमा आयोगले सोको जानकारी पन्ध्र दिनभित्र सम्बन्धित उजुरकर्तालाई दिनु पर्नेछ।
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| 124 |
+
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| 125 |
+
**१४. मेलमिलाप सम्बन्धी व्यवस्था:**
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| 126 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगमा विचाराधीन रहेको कुनै उजुरीका सम्बन्धमा सम्बन्धित पक्षहरूले मेलमिलाप गराई पाउन संयुक्त निवेदन दिएमा आयोगले तोकिए बमोजिम मेलमिलाप गराइदिन सक्नेछ।
|
| 127 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम भएको मेलमिलापको पालना गर्नु सम्बन्धित पक्षहरूको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 128 |
+
(३) कुनै उजुरीका सम्बन्धमा उपदफा (१) बमोजिम मेलमिलाप भएपछि सो सम्बन्धी कारबाही अन्त्य भएको मानिनेछ र त्यस्तो विषयमा पुनः उजुरी गर्न सकिने छैन।
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| 129 |
+
|
| 130 |
+
**१५. निर्णय गर्नु पर्ने:**
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| 131 |
+
आयोगले मानव अधिकार उल्लङ्गन बा त्यसको दुरुत्साहन भएको सम्बन्धमा प्राप्त उजुरी बा जानकारी बा आफ्नै स्वविवेकमा कारबाही चलाएको सो विषयका सम्बन्धमा छानबिन तथा अनुसन्धान गरी प्रमाण हुन आएको प्रमाणका आधारमा मानब अधिकारको उल्लङ्गन बा त्यसको दुरुत्साहन भएको बा नभएको कुराको आधार र कारण खुलाई सामान्यतया उजुरी परेको छ महिनाभित्र निर्णय गर्नु पर्नेछ।
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| 132 |
+
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| 133 |
+
**१६. क्षतिपूर्ति सम्बन्धी व्यवस्था:**
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| 134 |
+
(१) दफा १२ बमोजिमको छानबिन तथा अनुसन्धानबाट पीडित व्यक्तिलाई क्षतिपूर्ति दिनु पर्ने देखिएमा आयोगले दफा १४ बमोजिम निर्णय गर्दा सो कुरा समेत खुलाई निर्णय गर्नु पर्नेछ।
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| 135 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गरिएको निर्णयमा क्षतिपूर्तिको किसिम, परिमाण बा रकम निर्धारण भएको हुनु पर्नेछ।
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| 136 |
+
(३) आयोगले उपदफा (२) बमोजिम रकम निर्धारण गर्दा पीडित व्यक्तिको अवस्था हेरी बढीमा तीन लाख रुपैयाँसम्म निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 137 |
+
(४) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि मानब अधिकारको उल्लङ्गन भएको सम्बन्धमा पीडित व्यक्तिले अन्य प्रचलित कानून बमोजिम क्षतिपूर्ति पाएको बा क्षतिपूर्तिका लागि कारबाही अगाडि बढाएको भएमा आयोगले क्षतिपूर्ति सम्बन्धमा कुनै निर्णय गर्ने छैन।
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| 138 |
+
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| 139 |
+
**१७. आयोगको सिफारिस, निर्णय बा ��देशको कार्यान्वयन:**
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| 140 |
+
(१) आयोगले संबिधान बा यस ऐन बमोजिम गरेको सिफारिस, निर्णय बा आदेशको कार्यान्वयनका लागि सम्बन्धित पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकाय समक्ष लेखी पटाउनु पर्नेछ।
|
| 141 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगबाट सिफारिस, निर्णय बा आदेश कार्यान्वयनको लागि लेखी आएमा सम्बन्धित पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायले सामान्यतया तीन महिनाभित्र त्यस्तो सिफारिस, निर्णय बा आदेश कार्यान्वयन गरी आयोगलाई जानकारी गराउनु पर्नेछ।
|
| 142 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम आयोगबाट प्राम्र सिफारिस, निर्णय बा आदेश कार्यान्वयन गर्न अप्ठ्यारो भएमा सोको कारण खुलाई आयोगबाट सिफारिस, निर्णय बा आदेश प्राम्र भएको मितिले दुई महिनाभित्र सम्बन्धित पदाधिकारी, व्यक्ति बा निकायले सो सम्बन्धी जानकारी आयोग समक्ष पटाउनु पर्नेछ।
|
| 143 |
+
|
| 144 |
+
---
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| 145 |
+
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| 146 |
+
### **परिच्छेद-४**
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| 147 |
+
### **विविध**
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| 148 |
+
|
| 149 |
+
**१८. आयोगले समन्वय बा सहकार्य गर्न सक्ने:**
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| 150 |
+
आयोगले आफ्नो काम कारबाहीको सिलसिलामा अन्य कुनै आयोग, समिति बा निकायसँग परामर्श गर्न, सहयोग लिन बा त्यस्तो काम कारबाहीको विषयमा आवश्यक समन्वय बा सहकार्य गर्न सक्नेछ।
|
| 151 |
+
|
| 152 |
+
**१९. विशेषज्ञ सेवा प्रदान गर्न बा लिन सक्ने:**
|
| 153 |
+
(१) आयोगले मानब अधिकार सम्बन्धी कुनै विषयमा कुनै निकायको अनुरोधमा तोकिए बमोजिम विशिष्टीकृत बा विशेषज्ञ सेवा प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 154 |
+
(२) आयोगले आफ्नो काम कारबाहीको सिलसिलामा तोकिए बमोजिम कुनै विशिष्टीकृत निकाय बा विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेछ।
|
| 155 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको विशिष्टीकृत बा विशेषज्ञ सेवा प्रदान गर्ने निकाय बा विशेषज्ञको काम कर्तव्य र अधिकार तथा त्यस्तो निकाय बा विशेषज्ञले पाउने सुविधा आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 156 |
+
|
| 157 |
+
**२०. संघ संस्थासँग सम्पर्क र सम्बन्ध कायम गर्न सक्ने:**
|
| 158 |
+
(१) आयोगले संविधान, यस ऐन तथा अन्य प्रचलित कानून बमोजिम आफ्नो जिम्मेबारी प्रभावकारी रूपमा बहन गर्नको लागि मानब अधिकारको संरक्षण र सम्बर्पन सम्बन्धी राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्थाहरूसँग आवश्यक सम्पर्क र सम्बन्ध राखी सहयोग आदान प्रदान गर्ने सम्झौता गर्न सक्नेछ।
|
| 159 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको सम्झौतामा आर्थिक विषय समावेश भएको भए आयोगले त्यस्तो सम्झौताका सम्बन्धमा अर्थ मन्त्रालयको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 160 |
+
(३) कुनै विदेशी संघ बा संस्थाले नेपालभित्र मानब अधिकारको संरक्षण र सम्बर्पन सम्बन्धी कुनै कार्यक्रम सञ्चालन गर्न चाहेमा तोकिए बमोजिम आयोगको सहमति लिनु पर्नेछ।
|
| 161 |
+
|
| 162 |
+
**२१. आयोगको काम कारबाहीमा सहयोग गर्नु पर्ने:**
|
| 163 |
+
(१) सम्बन्धित निकाय बा पदाधिकारीले आयोगले मागेको सहयोग उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 164 |
+
(२) आयोगले माग गरेको सूचना, कागजात बा प्रमाण जानी-जानी उपलब्ध नगराउने, आयोगको सिफारिस, आदेश बा निर्णय जानी-जानी पालना नगर्ने, आयोगको कार्यमा जानी-जानी असहयोग गर्ने बा आयोगले उपस्थितिको लागि बोलाएकोमा बिनाकारण अनुपस्थित हुने पदाधिकारी उपर विभागीय कारबाही चलाउन आयोगले सम्बन्धित निकायमा लेखी पटाउनु पर्नेछ।
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
**२२. अदालत बा अन्य निकायमा उजुरी गर्न जान जानकारी दिन सक्ने:**
|
| 167 |
+
आयोगले यस ऐन बमोजिम छानबिन तथा अनुसन्धान गरेको कुनै बिषय अदालत बा कुनै अन्य निकायबाट निरूपण भएमा पीडित व्यक्तिलाई न्याय पर्ने देखिएमा बा त्यस्तो बिषय कुनै अदालत बा निकायको क्षेत्राधिकारभित्र पर्ने लागेमा आयोगले सम्बद्ध पक्षलाई सो बिषयमा त्यस्तो अदालत बा निकायमा प्रचलित कानून बमोजिम उजुरी गर्न जानु भनी जानकारी गराउन सक्नेछ।
|
| 168 |
+
|
| 169 |
+
**२३. आयोगको काम कारबाहीमा बाधा नपर्ने:**
|
| 170 |
+
कुनै सदस्यको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारबाहीमा बाधा पर्ने छैन।
|
| 171 |
+
|
| 172 |
+
**२४. कार्यबाहक भई काम गर्न सक्ने:**
|
| 173 |
+
कुनै कारणबश अध्यक्षको पद रिक्त भएमा बा निज विदेश भ्रमणमा गएकोमा बा सात दिनभन्दा बढी समयसम्म बिदामा रहेकोमा आयोगको बरिष्ठतम सदस्यले आयोगको कार्यबाहक अध्यक्ष भई कार्य गर्नेछ।
|
| 174 |
+
|
| 175 |
+
**२५. पारिश्रमिक र सुबिधा:**
|
| 176 |
+
अध्यक्ष र सदस्यको पारिश्रमिक क्रमशः नेपालको प्रधान न्यायाधीश र सर्वोच्च अदालतको न्यायाधीश सरह हुनेछ।
|
| 177 |
+
तर सुबिधाको हकमा संबैधानिक निकायका पदाधिकारीहरुको पारिश्रमिक, सेबाको शर्त र सुबिधा सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 178 |
+
|
| 179 |
+
**२६. आयोगको कार्यालय:**
|
| 180 |
+
(१) आयोगको केन्द्रीय कार्यालय काठमाडौं उपत्यकामा रहनेछ।
|
| 181 |
+
(२) आयोगले आवश्यकता अनुसार अर्थ मन्त्रालयको परामर्शमा प्रदेश कार्यालय, प्रदेश शाखा कार्यालय बा सम्पर्क कार्यालय खोल्न सक्नेछ।
|
| 182 |
+
|
| 183 |
+
**२७. आयोगको सङ्गठन संरचना:**
|
| 184 |
+
आयोगको सङ्गठन संरचना र दरबन्दीको स्वीकृति आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले गर्नेछ।
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
**२८. आयोगको सचिव:**
|
| 187 |
+
(१) आयोगको प्रशासकीय प्रमुखको रूपमा काम गर्न एक सचिव रहनेछ।
|
| 188 |
+
(२) सचिवको नियुक्ति आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले गर्नेछ।
|
| 189 |
+
(३) सचिवको योग्यता, पारिश्रमिक, सुविधा र सेबाका अन्य शर्त नेपाल सरकारको राजपत्राद्वित विशिष्ट श्रेणीको कर्मचारी सरह हुनेछ।
|
| 190 |
+
(४) सचिवले अध्यक्षको सामान्य निर्देशनमा रही काम गर्नेछ।
|
| 191 |
+
(५) यो ऐन र अन्य प्रचलित कानूनमा तोकिएका काम कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त सचिवको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 192 |
+
(क) आयोगको प्रशासन र व्यवस्थापन सम्बन्धी कार्य गर्ने,
|
| 193 |
+
(ख) आयोगको वार्षिक बजेट, कार्यक्रम र योजना तयार गरी आयोग समक्ष पेश गर्ने,
|
| 194 |
+
(ग) आयोगको चल, अचल सम्पत्तिको रेखदेख, स्याहार सम्भार गर्ने,
|
| 195 |
+
(घ) आयोगको काम कारबाही सुचारुरुपले सञ्चालन गर्न आवश्यक व्यवस्था गर्ने,
|
| 196 |
+
(ङ) आयोगको नीति, कार्यक्रम र निर्णयहरु कार्यान्वयन गर्ने, गराउने, र
|
| 197 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन्य कार्य गर्ने।
|
| 198 |
+
(६) सचिवको पद रिक्त भएमा आयोगले आयोगमा कार्यरत अधिकृत कर्मचारीमध्ये बरिष्ठतम अधिकृतलाई अर्को व्यवस्था नभएसम्मका लागि कायम मुकायम सचिव भई काम गर्न तोक्न सक्नेछ।
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
**२९. आयोगको प्रतीक चिन्ह:**
|
| 201 |
+
आयोगले राज्यको निशाना छापका अतिरिक्त आयोगको छुट्टै प्रतीक चिन्ह प्रयोगमा ल्याउन सक्नेछ।
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
**३०. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 204 |
+
आयोगले संविधान र यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त अधिकारमध्ये केही अधिकार अध्यक्ष, सदस्य, आयोगका कुनै अधिकृतस्तरको कर्मचारी, नेपाल सरकारका कुनै अधिकृत कर्मचारी बा आयोगले गठन गर्ने समिति, कार्यदल बा कुनै निकाय, संघ, संस्था बा व्यक्तिलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 205 |
+
|
| 206 |
+
**३१. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 207 |
+
आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय मार्फत् राख्नु पर्नेछ।
|
| 208 |
+
तर आयोगले आफ्नो कार्य सम्पादन गर्ने सिलसिलामा अन्य कुनै निकायसँग सोझै सम्पर्क राख्न यस दफाले बाधा पुथ्याएको मानिने छैन।
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
**३२. नियम कार्यबिधि र निर्देशिका बनाउने अधिकार:**
|
| 211 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न आयोगले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ। त्यस्तो नियममध्ये नेपाल सरकारलाई आर्थिक व्ययभार हुने बिषय समावेश भएको नियम बनाउँदा अर्थ मन्त्रालयको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 212 |
+
(२) आयोगले आफ्नो कार्य व्यवस्थित रूपले सञ्चालन गर्नका लागि आवश्यक कार्यबिधि बा निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 213 |
+
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| 214 |
+
**३३. असल नियतले गरेकोमा बचाउ:**
|
| 215 |
+
आयोग, अध्यक्ष, सदस्य, कर्मचारी बा आयोगले खटाएको कुनै व्यक्तिले संविधान, यो ऐन बा यस ऐ�� अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम असल नियतले गरेको बा गर्न खोजिएको कुनै काम कारबाहीका सम्बन्धमा कुनै मुद्दा बा कानूनी कारबाही चलाइने छैन।
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
**३४. प्रचलित कानून बमोजिम हुने:**
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| 218 |
+
यस ऐनमा लेखिए जति कुरामा यसै ऐन बमोजिम र अन्य कुराका हकमा प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
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| 219 |
+
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| 220 |
+
**३५. खारेजी र बचाउ:**
|
| 221 |
+
(१) मानव अधिकार आयोग ऐन, २०४३ खारेज गरिएको छ।
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| 222 |
+
(२) मानव अधिकार आयोग ऐन, २०४३ बमोजिम भए गरेको काम कारबाही यसै ऐन बमोजिम भए गरेको सरह मानिनेछ।
|
section_2_pdf_13.txt
ADDED
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| 1 |
+
# राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान ऐन, २०६३
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| 2 |
+
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| 3 |
+
## प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
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| 4 |
+
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| 5 |
+
२०६३। ट। ट
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| 6 |
+
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| 7 |
+
२०६३ सालको ऐन न. २४
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| 8 |
+
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| 9 |
+
## राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 12 |
+
न्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायाधीश, कर्मचारी तथा कानून व्यवसायीको कार्य क्षमता र व्यावसायिक दक्षतामा अभिबुद्धि गर्न तथा कानून र न्यायको क्षेत्रमा अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्ने सम्बन्धमा राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठानको व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
प्रतिनिधिसभाको घोषणा, २०६३ जारी भएको पहिलो वर्षमा प्रतिनिधिसभाले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
---
|
| 17 |
+
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| 18 |
+
### परिच्छेद-१
|
| 19 |
+
**प्रारम्भिक**
|
| 20 |
+
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| 21 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 22 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान ऐन, २०६३" रहेको छ ।
|
| 23 |
+
(२) यो ऐन संबत् २०६३ साल भाद्र २४ गतेदेखि प्रारम्भ भएको मानिनेछ ।
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 26 |
+
विषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 27 |
+
(क) "प्रतिष्ठान" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान सम्झनु पर्छ ।
|
| 28 |
+
(ख) "परिषद्" भन्नाले दफा ६ बमोजिम गठन भएको न्यायिक प्रतिष्ठान परिषद् सम्झनु पर्छ ।
|
| 29 |
+
(ग) "समिति" भन्नाले दफा ९ बमोजिम गठन भएको कार्यकारी समिति सम्झनु पर्छ ।
|
| 30 |
+
(घ) "कार्यकारी निर्देशक" भन्नाले दफा १७ को उपदफा (२) बमोजिम खटिएको बा नियुक्त भएको कार्यकारी निर्देशक सम्झनु पर्छ ।
|
| 31 |
+
(ङ) "न्यायिक निकाय" भन्नाले प्रचलित कानूनबमोजिम स्थापना भएको अदालत, विशेष अदालत, न्यायाधिकरण बा न्यायिक निर्णय गर्ने निकाय सम्झनु पर्छ र सो शब्दले सरकारी बकील कार्यालय र कानून तथा न्यायको क्षेत्रसँग सम्बन्धित अन्य निकाय समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 32 |
+
(च) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐनअन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ ।
|
| 33 |
+
|
| 34 |
+
---
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
### परिच्छेद-२
|
| 37 |
+
**प्रतिष्ठानको स्थापना सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
**३. राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठानको स्थापना:**
|
| 40 |
+
(१) न्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायाधीश, कर्मचारी तथा कानून व्यवसायीको कार्य क्षमता र व्यावसायिक दक्षता अभिबुद्धि गर्न तथा कानून र न्यायको क्षेत्रमा अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्ने काम समेतको लागि राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान स्थापना गरिएकोछ ।
|
| 41 |
+
(२) प्रतिष्ठानको केन्द्रीय कार्यालय काठमाडौं उपत्यकामा रहनेछ र प्रतिष्ठानले आवश्यकता अनुसार काठमाडौं उपत्यकाबाहिर पनि प्रतिष्ठानको कार्यालय खोल्न सक्नेछ।
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
**४. प्रतिष्ठान स्वशासित र सङ्गठित संस्था हुने:**
|
| 44 |
+
(१) प्रतिष्ठान अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला स्वशासित र सङ्गठित संस्था हुनेछ ।
|
| 45 |
+
(२) प्रतिष्ठानको काम कारबाहीको निमित्त यसको एउटा छुट्टै छाप हुनेछ ।
|
| 46 |
+
(३) प्रतिष्ठानले व्यक्तिसरह चल, अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, उपभोग गर्न र बेचबिखन गर्न बा अन्य किसिमले व्यवस्था गर्न सक्नेछ ।
|
| 47 |
+
(४) प्रतिष्ठानले व्यक्तिसरह आफ्नो नामबाट नालिस उजूर गर्न र प्रतिष्ठान उपर पनि सोही नामबाट नालिस उजूर लाग्न सक्नेछ ।
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
**५. प्रतिष्ठानको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 50 |
+
प्रतिष्ठानको काम, कर्तव्य र अधिकार देहायबमोजिम हुनेछः-
|
| 51 |
+
(क) न्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायाधीश, कर्मचारी तथा कानून व्यवसायीको कार्य क्षमता र व्यावसायिक दक्षता अभिबुद्धि गर्नको निमित्त आवश्यकता अनुसार तालीम, प्रशिक्षण, सम्मेलन, कार्यशाला, गोष्ठी, सेमिनार, अन्तरक्रिया तथा त्यस्तै किसिमका अन्य कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने,
|
| 52 |
+
(ख) कानून र न्यायको क्षेत्रसँग सम्बन्धित विषयमा अनुसन्धान गर्ने तथा अनुसन्धानमूलक सामग्री प्रकाशन गर्ने,
|
| 53 |
+
(ग) कानून र न्यायसँग सम्बन्धित विषयमा परामर्श तथा सूचना सेवा उपलब्ध गर्ने, गराउने,
|
| 54 |
+
(घ) न्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायाधीश, कर्मचारी तथा कानून व्यवसायीको कार्य क्षमता र कार्य दक्षता अभिबुद्धि गर्न सर्वोच्च अदालत, महान्यायाधिबक्ताको कार्यालय, कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय, न्याय परिषद्, न्याय सेवा आयोग तथा नेपाल कानून व्यवसायी परिषद्सँग समन्वय गर्ने,
|
| 55 |
+
(द) अर्धन्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायिक काम गर्ने कर्मचारीको कार्य क्षमता र कार्य दक्षता अभिबुद्धि गर्न आवश्यकता अनुसार तालीम, गोष्ठी, सम्मेलन सञ्चालन गर्ने,
|
| 56 |
+
(च) कानून र न्यायको क्षेत्रमा देखिएका कमी, कमजोरी र त्रुटिलाई सुधार गर्न सम्बन्धित निकायलाई सहयोग गर्ने,
|
| 57 |
+
(छ) कानून र न्यायको क्षेत्रमा विकसित नयाँ प्रविधि र प्रयोगको सम्बन्धमा न्यायिक निकायमा कार्यरत जनशक्तिलाई प्रशिक्षित गराउने,
|
| 58 |
+
(ज) न्यायिक प्रशिक्षण कार्यकमलाई न्याय प्रशासनको अभिन्न अङ्को रुपमा आबद्ध गर्ने,
|
| 59 |
+
(झ) न्यायिक प्रशिक्षण कार्यकमलाई न्याय छिटो, सरल र सर्वसुलभ गराउने उद्देश्यसँग आबद्ध गर्ने,
|
| 60 |
+
(ज) न्याय सम्पादन, फैसला कार्यान्वयन, कानून तर्जुमा र न्याय प्रशासनसम्बन्धी ��ार्यबिधिका सम्बन्धमा ज्ञान र सीप अभिबुद्धि गरी प्रशिक्षणलाई वृत्ति विकाससँग आबद्ध गर्ने,
|
| 61 |
+
(ट) कानून व्यवसायलाई प्रतिस्पर्धि, सक्षम, सेवामुलक तथा प्रभावकारी व्यवसायको रुपमा विकास गर्नेसम्बन्धी कार्यकम सञ्चालन गर्ने,
|
| 62 |
+
(ट) कानून र न्यायका क्षेत्रमा देखिएका समस्या समाधानको लागि सम्बन्धित विषयका बिज्ञहरुलाई सहभागी गराई आवश्यकता अनुसार सेमिनार, गोष्ठी, सम्मेलन, कार्यशाला सञ्चालन गर्ने,
|
| 63 |
+
(ड) अन्य मुलुकका न्यायिक प्रशिक्षणसम्बन्धी संस्थासँग सम्पर्क राखी प्रशिक्षण कार्यकमलाई स्तरीय र प्रभावकारी बनाउन आवश्यक सहकार्य गर्ने,
|
| 64 |
+
(ढ) कानून र न्यायको क्षेत्रमा सञ्चालन गरिने क्षमता विकाससम्बन्धी कार्यकमको सम्बन्धमा नेपाल सरकार तथा अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्था बीच सम्पर्क निकायको रुपमा काम गर्ने,
|
| 65 |
+
(ण) न्यायिक निकायमा कार्यरत न्यायाधीश, कर्मचारी तथा कानून व्यवसायीको कार्य क्षमता र व्यावसायिक दक्षतामा अभिबुद्धि गर्न तथा कानून र न्यायको क्षेत्रमा अध्ययन तथा अनुसन्धान गर्न आवश्यकता अनुसार नेपाल सरकार, राष्ट्रिय वा अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्थासँग संयुक्त रुपमा कार्यकम सञ्चालन गर्ने, गराउने,
|
| 66 |
+
(त) प्रतिष्ठानको कार्यकम सञ्चालन र विकासको लागि नेपाल सरकार, विदेशी सरकार, अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्था बा व्यक्तिबाट आवश्यक स्रोत साधन जुटाउने,
|
| 67 |
+
(थ) न्यायिक जनशक्तिको क्षमता विकासको लागि विदेशी न्यायिक संस्था तथा प्रशिक्षण संस्थाहरुको अबलोकन भ्रमण तथा वैदेशिक तालीम, गोष्ठी, कार्यशाला आदि आवश्यक बिबिध कार्यकमको व्यवस्था मिलाउने,
|
| 68 |
+
(द) तोकिएबमोजिमको अन्य कार्य गर्ने, गराउने।
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
---
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
### परिच्छेद-३
|
| 73 |
+
**परिषद् सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 74 |
+
|
| 75 |
+
**६. परिषद्को गठन:**
|
| 76 |
+
(१) प्रतिष्ठानको सर्वोच्च निकायको रूपमा काम गर्न एक न्यायिक प्रतिष्ठान परिषद् रहनेछ।
|
| 77 |
+
(२) परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 78 |
+
(क) प्रधान न्यायाधीश - अध्यक्ष
|
| 79 |
+
(ख) कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्री - सदस्य
|
| 80 |
+
(ग) उपाध्यक्ष, राष्ट्रिय योजना आयोग - सदस्य
|
| 81 |
+
(घ) सर्वोच्च अदालतका न्यायाधीशहरुमध्येबाट दुईजना - सदस्य
|
| 82 |
+
(ङ) महान्यायाधिबक्ता - सदस्य
|
| 83 |
+
(च) सर्वोच्च अदालतका सेवा निवृत्त न्यायाधीशहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 84 |
+
(छ) डीन, कानून संकाय, त्रिभुवन विश्वविद्यालय - सदस्य
|
| 85 |
+
(ज) उच्च अदालतका न्यायाधीशहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 86 |
+
(झ) कानून बिषयमा प्राध्यापक भई कम्तीमा पाँच बर्ष अध्यापन गरेका व्यक्तिहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 87 |
+
(ञ) अध्यक्ष, नेपाल बार एशोसियसन - सदस्य
|
| 88 |
+
(ट) जिल्ला अदालतका न्यायाधीशहरुमध्येबाट एकजना - सदस्य
|
| 89 |
+
(ठ) कानूनमा स्नातकोपाधि हासिल गरी न्याय र कानूनको क्षेत्रमा कम्तीमा पन्ध्र बर्ष काम गरेका व्यक्तिहरुमध्येबाट महिला, जनजाति र दलितबाट प्रतिनिधित्व हुनेगरी तीनजना - सदस्य
|
| 90 |
+
(ड) कार्यकारी निर्देशक - सदस्य-सचिव
|
| 91 |
+
|
| 92 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (घ), (च), (ज), (झ) र (ट) बमोजिमका सदस्यहरुको मनोनयन प्रधान न्यायाधीशले र खण्ड (ठ) बमोजिमका सदस्यहरुको मनोनयन नेपाल सरकारले गर्नेछ । त्यसरी मनोनीत सदस्यहरुको पदाबधि दुई बर्षको हुनेछ ।
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
**७. परिषद्को बैठक:**
|
| 95 |
+
(१) परिषद्को बैठक बर्षको कम्तीमा दुई पटक बस्नेछ ।
|
| 96 |
+
(२) परिषद्को बैठक परिषद्को अध्यक्षको निर्देशनमा परिषद्को सदस्य-सचिबले बोलाउनेछ ।
|
| 97 |
+
(३) परिषद्को सदस्य-सचिबले परिषद्को बैठक बस्ने सूचना सहित बैठकमा छलफल हुने बिषयहरुको सूची सात दिन अगावै परिषद्का सदस्यहरुलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ ।
|
| 98 |
+
(४) परिषद्मा तत्काल कायम रहेका सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा परिषद्को बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 99 |
+
(५) परिषद्को बैठकको अध्यक्षता परिषद्को अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा परिषद्का सदस्यहरुले आफूमध्येबाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ ।
|
| 100 |
+
(६) परिषद्को बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 101 |
+
(७) परिषद्को बैठकको निर्णय परिषद्को सदस्य-सचिबद्वारा प्रमाणित गरिनेछ ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
**८. परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 104 |
+
परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 105 |
+
(क) प्रतिष्ठानबाट सञ्चालन गरिने प्रशिक्षण तथा अनुसन्धान कार्यकम सम्बन्धी नीति निर्धारण गर्ने,
|
| 106 |
+
(ख) प्रतिष्ठानको दीर्घकालिन योजना स्वीकृत गर्ने,
|
| 107 |
+
(ग) प्रतिष्ठानको बार्षिक कार्यक्रम तथा बजेट स्वीकृत गर्ने,
|
| 108 |
+
(घ) प्रतिष्ठानबाट भए गरेका कामको समीक्षा गर्ने,
|
| 109 |
+
(ङ) प्रतिष्ठानको लागि आवशयक नियम बनाउने,
|
| 110 |
+
(च) तोकिएबमोजिमको अन्य काम गर्ने।
|
| 111 |
+
|
| 112 |
+
---
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
### परिच्छेद-४
|
| 115 |
+
**समिति सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 116 |
+
|
| 117 |
+
**९. समितिको गठन:**
|
| 118 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यथा लेखिएकोमा बाहेक प्रतिष्ठानको तर्फबाट गर्नु पर्ने काम गर्नको लागि एक कार्यकारी समिति रहनेछ ।
|
| 119 |
+
(२) समितिको गठन देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 120 |
+
(क) कार्यकारी निर्देशक - अध्यक्ष
|
| 121 |
+
(ख) सचिब, कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय - सदस्य
|
| 122 |
+
(ग) सचिब, न्याय परिषद् - सदस्य
|
| 123 |
+
(घ) रजिष्ट्रार, सर्वोच्च अदालत - सदस्य
|
| 124 |
+
(ङ) बरिष्ठतम् नायब महान्यायाधिबक्ता, महान्यायाधिबक्ताको कार्यालय - सदस्य
|
| 125 |
+
(च) सचिब, नेपाल बार एशोसियसन - सदस्य
|
| 126 |
+
(छ) परिषद्ले तोकेको प्रतिष्ठानको बरिष्ठ कर्मचारी - सदस्य-सचिब
|
| 127 |
+
|
| 128 |
+
**१०. समितिको बैठक:**
|
| 129 |
+
(१) समितिको बैठक आवश्यकता अनुसार बस्नेछ ।
|
| 130 |
+
(२) समितिको बैठक समितिको अध्यक्षको निर्देशनमा समितिको सदस्य-सचिबले बोलाउनेछ ।
|
| 131 |
+
(३) समितिको सदस्य-सचिबले बैठक बस्ने सूचना सहित बैठकमा छलफल हुने बिषयहरुको सूची तीन दिन अगावै सदस्यहरुलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ ।
|
| 132 |
+
(४) समितिमा तत्काल कायम रहेको सदस्य संख्याको पचास प्रतिशतभन्दा बढी सदस्यहरु उपस्थित भएमा समितिको बैठकको लागि गणपूरक संख्या पुगेको मानिनेछ ।
|
| 133 |
+
(५) समितिको बैठकको अध्यक्षता समितिको अध्यक्षले गर्नेछ र निजको अनुपस्थितिमा समितिका सदस्यहरुले आफूमध्येबाट छानेको सदस्यले बैठकको अध्यक्षता गर्नेछ ।
|
| 134 |
+
(६) समितिको बैठकमा बहुमतको राय मान्य हुनेछ र मत बराबर भएमा बैठकमा अध्यक्षता गर्ने व्यक्तिले निर्णायक मत दिनेछ ।
|
| 135 |
+
(७) समितिको निर्णय समितिको सदस्य-सचिबद्वारा प्रमाणित गरिनेछ ।
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
**११. समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 138 |
+
समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 139 |
+
(क) प्रतिष्ठानको योजना तर्जुमा गर्ने,
|
| 140 |
+
(ख) प्रतिष्ठानबाट सञ्चालन गरिने प्रशिक्षण तथा अनुसन्धान कार्यकम सम्बन्धी नीति तर्जुमा गर्ने,
|
| 141 |
+
(ग) प्रतिष्ठानको बार्षिक कार्यक्रम तथा बजेट तयार गरी परिषद् समक्ष पेश गर्ने,
|
| 142 |
+
(घ) अनुसन्धान तथा प्रशिक्षण सम्बन्धी कार्यक्रम सञ्चालन गर्ने तथा परामर्श सेवा उपलब्ध गर्ने, गराउने,
|
| 143 |
+
(ङ) प्रतिष्ठानबाट सञ्चालित प्रशिक्षण कार्यक्रमहरुको मूल्याङ्गन गर्ने, गराउने,
|
| 144 |
+
(च) प्रशिक्षणलाई कार्यमूलक तथा व्यावहारिक बनाउन विभिन्न क्षेत्रका अनुभवी व्यक्तिहरुको सेवा आबधिक रुपमा आदान प्रदान गर्ने व्यवस्था मिलाउने,
|
| 145 |
+
(छ) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने, गराउने ।
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
---
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
### परिच्छेद-५
|
| 150 |
+
**प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 151 |
+
|
| 152 |
+
**१२. प्रशिक्षण कार्यक्रम र क्षेत्र निर्धारण गर्न सक्ने:**
|
| 153 |
+
(१) प्रतिष्ठानले आवश्यकता अनुसार न्यायिक निकायसँग परामर्श ग���ी प्रशिक्षण कार्यक्रम र तत्सम्बन्धी क्षेत्र निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 154 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम र क्षेत्रको आधारमा प्रतिष्ठानले प्रशिक्षण तथा मूल्याङ्गन पद्धति, सामग्री र बिषय निर्धारण गर्नेछ।
|
| 155 |
+
|
| 156 |
+
**१३. प्रशिक्षण कार्यक्रमको मूल्याङ्गन गराउने:**
|
| 157 |
+
(१) प्रतिष्ठानले आफुले सञ्चालन गरेको कार्यक्रमलाई सम्बन्धित विशेषज्ञको सहयोग लिई समय समयमा मूल्याङ्गन गराउनेछ।
|
| 158 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गरिएको मूल्याङ्गनको आधारमा प्रतिष्ठानले आफ्नो प्रशिक्षण कार्यक्रममा आवश्यकता अनुसार परिमार्जन बा परिवर्तन गर्न सक्नेछ।
|
| 159 |
+
|
| 160 |
+
**१४. प्रशिक्षण प्रविधि प्रयोग गर्न सक्ने:**
|
| 161 |
+
प्रतिष्ठानले प्रशिक्षण कार्यक्रममा प्रशिक्षार्थीको काम तथा बिषयको प्रकृति हेरी उपयोगी तथा आधुनिक प्रशिक्षण प्रविधि प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 162 |
+
|
| 163 |
+
**१५. प्रशिक्षण सामग्री व्यवस्था गर्न सक्ने:**
|
| 164 |
+
प्रतिष्ठानले प्रशिक्षण कार्यक्रमहरुको लागि आवश्यक र उपयुक्त प्रशिक्षण सामग्रीको व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 165 |
+
|
| 166 |
+
**१६. प्रशिक्षक सूची तयार गर्ने:**
|
| 167 |
+
(१) प्रतिष्ठानले कानून र न्यायको बिषयमा तालीम बा प्रशिक्षण दिन सक्ने व्यक्तिहरुको प्रशिक्षक सूची तयार गर्नेछ।
|
| 168 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सूची तयार गर्दा प्रतिष्ठानले सम्भव भएसम्म बिषयगत र क्षेत्रगत रुपमा अलग अलग सूची तयार गर्नु पर्नेछ।
|
| 169 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम तयार गरिएको सूचीलाई प्रतिष्ठानले समय समयमा अद्यावधिक गर्नेछ।
|
| 170 |
+
|
| 171 |
+
---
|
| 172 |
+
|
| 173 |
+
### परिच्छेद-६
|
| 174 |
+
**कार्यकारी निर्देशक तथा कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
**१७. कार्यकारी निर्देशक सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 177 |
+
(१) प्रतिष्ठानको प्रशासकीय प्रमुखको रुपमा काम गर्नको लागि एक कार्यकारी निर्देशक रहनेछ ।
|
| 178 |
+
(२) सर्वोच्च अदालतको न्यायाधीशको पदमा बहाल रहेको, उच्च अदालतको मुख्य न्यायाधीश बा न्यायाधीशको पदमा बहाल रहेको, सर्वोच्च अदालतको न्यायाधीशको पदमा बा उच्च अदालतको मुख्य न्यायाधीश बा न्यायाधीशको पदमा काम गरिसकेको बा उच्च अदालतको न्यायाधीश हुन योग्य व्यक्तिहरुमध्येबाट व्यवस्थापन, अनुसन्धान तथा प्रशिक्षण कार्यमा दक्षता भएको व्यक्तिलाई न्याय परिषद्को सिफारिसमा प्रधान न्यायाधीशले कार्यकारी निर्देशकको पदमा खटाउन बा नियुक्त गर्न सक्नेछ ।
|
| 179 |
+
(३) कार्यकारी निर्देशकको पदाबधि बढीमा चार बर्षको हुनेछ र निजको कार्य सन्तोषजनक देखिए���ा निजलाई एक अबधिको लागि पुनः खटाउन बा नियुक्त गर्न सकिनेछ।
|
| 180 |
+
(४) कार्यकारी निर्देशकको पारिश्रमिक तथा सेबाका अन्य शर्त र सुबिधा सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछन् ।
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
**१८. कार्यकारी निर्देशकलाई पदबाट हटाउन सक्ने:**
|
| 183 |
+
(१) कार्यकारी निर्देशकले आफ्नो पदीय जिम्मेबारी इमान्दारीपूर्वक पूरा नगरेमा बा निजको कार्य सन्तोषजनक नदेखिएमा बा निज खराब आचरणमा लागेको छ भन्ने परिषद्लाई लागेमा न्याय परिषद्को सिफारिसमा प्रधान न्यायाधीशले निजलाई पदाबधि समाप्त नहुँदै कार्यकारी निर्देशक पदबाट हटाउन सक्नेछ।
|
| 184 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि बहालबाला न्यायाधीशको पदबाट खटिएको कार्यकारी निर्देशकलाई खराब आचरणको आधारमा गरिने कारबाही निजको सेवा शर्तसम्बन्धी कानून बमोजिम हुनेछ ।
|
| 185 |
+
|
| 186 |
+
**१९. कार्यकारी निर्देशकको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 187 |
+
कार्यकारी निर्देशकको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः-
|
| 188 |
+
(क) परिषद् तथा समितिबाट भएका निर्णय तथा निर्देशनको कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
|
| 189 |
+
(ख) प्रतिष्ठानको दीर्घकालिन योजना, बार्षिक कार्यक्रम तथा बजेट तयार गरी परिषद् तथा समितिमा पेश गर्ने,
|
| 190 |
+
(ग) प्रतिष्ठानको प्रगति विवरण तथा बार्षिक प्रतिवेदन परिषद् तथा समिति समक्ष पेश गर्ने,
|
| 191 |
+
(घ) प्रतिष्ठानबाट सञ्चालित प्रशिक्षण कार्यक्रमको निरीक्षण, अनुगमन तथा मूल्याङ्कन गर्ने, गराउने,
|
| 192 |
+
(ङ) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने ।
|
| 193 |
+
|
| 194 |
+
**२०. न्यायाधीशलाई प्रतिष्ठानको काममा खटाउन सकिने:**
|
| 195 |
+
प्रतिष्ठानको अनुरोधमा उच्च अदालत बा जिल्ला अदालतको न्यायाधीशलाई प्रतिष्ठानको अनुसन्धान, अन्वेषण बा प्रशिक्षण सम्बन्धी कुनै काम गर्ने गरी अबधि तोकी काजमा खटाउन सकिनेछ ।
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
**२१. प्रतिष्ठानका कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 198 |
+
(१) प्रतिष्ठानमा तोकिए बमोजिमका कर्मचारीहरु रहनेछन् ।
|
| 199 |
+
(२) प्रतिष्ठानका कर्मचारीको नियुक्ति, पारिश्रमिक, सेबाको शर्त तथा सुविधा तोकिएबमोजिम हुनेछन् ।
|
| 200 |
+
(३) प्रतिष्ठानको अनुरोधमा नेपाल न्याय सेवाको कर्मचारीलाई प्रतिष्ठानको काम गर्नको लागि अबधि तोकी काजमा खटाउन सकिनेछ ।
|
| 201 |
+
|
| 202 |
+
---
|
| 203 |
+
|
| 204 |
+
### परिच्छेद-७
|
| 205 |
+
**कोष तथा लेखापरीक्षण सम्बन्धी व्यवस्था**
|
| 206 |
+
|
| 207 |
+
**२२. प्रतिष्ठानको कोष:**
|
| 208 |
+
(१) प्रतिष्ठानको एउटा छुट्टै कोष हुनेछ र सो कोषमा देहायका रकमहरु रहनेछन्:-
|
| 209 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट अनुदान स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 210 |
+
(ख) कुनै बिदेशी सरकार, व्यक्ति, अन्तर्राष्ट्रिय संघ संस्था आदिबाट प्राप्त रकम,
|
| 211 |
+
(ग) प्रतिष्ठानबाट परामर्श सेवा तथा अनुसन्धान कार्यबाट प्राप्त रकम,
|
| 212 |
+
(घ) प्रतिष्ठानबाट प्रकाशित प्रकाशनहरुको बिक्रीबाट प्राप्त रकम,
|
| 213 |
+
(ङ) अन्य स्रोतबाट प्राप्त रकम ।
|
| 214 |
+
|
| 215 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ख) बमोजिमको रकम प्राप्त गर्नुअघि प्रतिष्ठानले नेपाल सरकारको स्वीकृति लिनु पर्नेछ ।
|
| 216 |
+
(३) प्रतिष्ठानको कोषको रकम कुनै बैकमा खाता खोली जम्मा गरिनेछ ।
|
| 217 |
+
(४) प्रतिष्ठानको नामबाट गरिने सबै खर्च उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा जम्मा भएको रकमबाट व्यहोरिनेछ ।
|
| 218 |
+
|
| 219 |
+
**२३. लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 220 |
+
(१) प्रतिष्ठानको आय व्ययको लेखा प्रचलित कानून बमोजिम राखिनेछ ।
|
| 221 |
+
(२) प्रतिष्ठानको लेखापरीक्षण महालेखा परीक्षकबाट हुनेछ ।
|
| 222 |
+
|
| 223 |
+
---
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
### परिच्छेद-८
|
| 226 |
+
**विविध**
|
| 227 |
+
|
| 228 |
+
**२४. उपसमिति बा कार्यटोली गठन गर्न सक्ने:**
|
| 229 |
+
(१) प्रतिष्ठानले यस ऐन बमोजिम गर्नु पर्ने कुनै कामको लागि आवश्यकता अनुसार उपसमिति बा कार्यटोली गठन गर्न सक्नेछ ।
|
| 230 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित उपसमिति बा कार्यटोलीको काम, कर्तव्य, अधिकार र कार्यविधि तथा त्यस्तो उपसमिति बा कार्यटोलीका सदस्यले पाउने सुविधा प्रतिष्ठानले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ ।
|
| 231 |
+
|
| 232 |
+
**२५. बार्षिक प्रतिवेदन प्रकाशन गर्नु पर्ने:**
|
| 233 |
+
(१) प्रतिष्ठानले प्रत्येक बर्ष आफूले गरेको काम कारबाही सम्बन्धी प्रतिवेदन तयार गरी सार्वजनिक रुपमा प्रकाशन गर्नु पर्नेछ ।
|
| 234 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदनमा अन्य कुराका अतिरिक्त प्रतिष्ठानले बर्षभरिमा सञ्चालन गरेको कार्यक्रम, प्राप्त गरेको रकम, कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा हुन गएको लागत, कार्यक्रमबाट भएको उपलब्धी तथा भविष्यमा गर्नु पर्ने सुधार समेतका कुराहरु समावेश गर्नु पर्नेछ ।
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
**२६. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 237 |
+
(१) परिषद्ले यस ऐनबमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार समिति बा कार्यकारी निर्देशकलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 238 |
+
(२) समितिले यस ऐनबमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार दफा २४ बमोजिम गठित उपसमिति बा कार्यटोली, कार्यकारी निर्देशक बा प्रतिष्ठानको अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 239 |
+
(३) कार्यकारी निर्देशकले यस ऐनबमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार कुनै अधिकार आफू मातहतका अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ ।
|
| 240 |
+
|
| 241 |
+
**२७. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 242 |
+
प्रतिष्ठानले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ ।
|
| 243 |
+
|
| 244 |
+
**२८. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 245 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्नको लागि प्रतिष्ठानले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ ।
|
| 246 |
+
तर पारिश्रमिक, सुबिधा तथा नेपाल सरकारलाई आर्थिक व्ययभार पर्ने बिषयमा नियम बनाउँदा नेपाल सरकारसँग परामर्श गर्नु पर्नेछ ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
**२९. राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान अध्यादेश, २०६२ निष्क्रिय भएपछि त्यसको परिणाम:**
|
| 249 |
+
राष्ट्रिय न्यायिक प्रतिष्ठान अध्यादेश, २०६२ निष्क्रिय भएपछि अर्को अभिप्राय नदेखिएमा सो निष्क्रियताले,
|
| 250 |
+
(क) सो अध्यादेश निष्क्रिय हुँदाका बखत चल्ती नभएको बा कायम नरहेको कुनै कुरा पनि जगाउने छैन ।
|
| 251 |
+
(ख) सो अध्यादेश बमोजिम चालू भएको कुरा बा सो बमोजिम रीत पुन्याई अघि नै गरिएको कुनै काम बा भोगिसकेको कुनै कुरालाई असर पार्ने छैन,
|
| 252 |
+
(ग) सो अध्यादेश बमोजिम पाएको, हासिल गरेको बा भोगेको कुनै हक, सुविधा, कर्तव्य बा दायित्वमा असर पानें छैन,
|
| 253 |
+
(घ) सो अध्यादेश बमोजिम गरिएको कुनै दण्ड सजाय बा जफतलाई असर पानें छैन,
|
| 254 |
+
(ङ) माथि लेखिएको कुनै त्यस्तो हक, सुविधा, कर्तव्य, दायित्व बा दण्ड सजायका सम्बन्धमा गरिएको कुनै काम कारबाही बा उपायलाई असर पानें छैन र उक्त अध्यादेश कायम रहेसरह त्यस्तो कुनै कानूनी कारबाही बा उपायलाई पनि शुरु गर्न, चालू राख्न बा लागू गर्न सकिनेछ ।
|
| 255 |
+
|
| 256 |
+
---
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
### इष्टव्य:
|
| 259 |
+
(१) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा रुपान्तरण भएका शब्दहरु:-
|
| 260 |
+
"कानून, न्याय तथा संसदीय व्यवस्था मन्त्रालय", "कानून, न्याय, संविधान सभा तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय" बा "कानून, न्याय तथा संविधानसभा व्यवस्था मन्त्रालय" को सट्टा "कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय",
|
| 261 |
+
(२) न्याय प्रशासन ऐन, २०७३ द्वारा रपान्तर भएका शब्दहरु:-
|
| 262 |
+
"पुनराबेदन अदालतको" को सट्टा "उच्च अदालत" ।
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
|
section_2_pdf_14.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,261 @@
|
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|
| 1 |
+
# महान्यायाधिवक्ताको पारिश्रमिक, सेवाको शर्त र सुविधा सम्बन्धी ऐन, २०४२
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०४२।११।३
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
## संशोधन गर्ने ऐन
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
१. महान्यायाधिवक्ताको पारिश्रमिक, सेवाको शर्त र सुविधा सम्बन्धी (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४४
|
| 9 |
+
२०४४।९।७
|
| 10 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
२. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३
|
| 13 |
+
२०६३।६।२द
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
३. लैङ्गिक समानता कायम गर्ने केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३
|
| 16 |
+
२०६३।७।१७
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 19 |
+
२०६६।१०।७
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 22 |
+
२०७२।११।१३
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+
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+
२०४२ सालको ऐन नं. १३
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| 25 |
+
"..................
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+
महान्यायाधिवक्ताको पारिश्रमिक, सेवाको शर्त र सुविधा सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
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+
प्रस्तावना: महान्यायाधिवक्ताको पारिश्रमिक, सेवाको शर्त र सुविधा सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
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| 28 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज वीरेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको चौबीसौं वर्षमा संसदले यो ऐन बनाएकोछ।
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| 29 |
+
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| 30 |
+
* यो ऐन संवत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको।
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| 31 |
+
* गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
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| 32 |
+
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| 33 |
+
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+
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+
## परिच्छेद-१
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### प्रारम्भिक
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+
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१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:
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+
(१) यस ऐनको नाम "महान्यायाधिबक्ताको पारिश्रमिक, सेवाको शर्त र सुविधा सम्बन्धी ऐन, २०४२" रहेकोछ।
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+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 42 |
+
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+
२. परिभाषा:
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| 44 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा "महान्यायाधिबक्ता" भन्नाले "नेपालको संविधानको धारा १४७ को उपधारा (२) बमोजिम नियुक्त भएको नेपालको महान्यायाधिबक्ता सम्झनु पर्छ।
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| 45 |
+
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| 46 |
+
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+
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+
## परिच्छेद-२
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+
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+
### पारिश्रमिक र सुविधा
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+
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+
३. पारिश्रमिक:
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| 53 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको पारिश्रमिक दिइनेछ।
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| 54 |
+
(२) महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो पदबाट दिएको राजीनामा स्वीकृत भएमा बा निजको मृत्यु भएमा बा अरु कुनै कारणबाट निजले पदबाट अबकाश पाएमा निजलाई आफ्नो पदमा कायम रहेको दिनसम्म पाउने पारिश्रमिकको अतिरिक्त एक महिनाको थप पारिश्रमिक दिइनेछ।
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| 55 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम महान्यायाधिबक्ताले पाउने पारिश्रमिक तथा थप पारिश्रमिक अवस्था अनुसार निजलाई बा निजले इच्छाएको व्यक्तिलाई दिइनेछ। महान्यायाधिबक्ताको मृत्यु भएमा निजले कसैलाई इच्छाएको रहेनछ बा इच्छाइएको व्यक्ति जीवित रहेनछ भने त्यस्तो पारिश्रमिक निजको नजीकको हकबालालाई दिइनेछ।
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| 56 |
+
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| 57 |
+
* केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा संशोधित।
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| 58 |
+
* गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
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| 59 |
+
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| 60 |
+
४. आवास सुविधा:
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| 61 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई आवासको निमित्त नेपाल सरकारबाट सरकारी घरको बन्दोबस्त हुनेछ। त्यस्तो घरको बन्दोबस्त नभएकोमा बा काठमाडौं उपत्यकामा महान्यायाधिबक्ताको आफ्नो उपयुक्त घर नभई घर भाडामा लिनु परेमा निजलाई घरभाडा बापत प्रतिमास निजको मासिक पारिश्रमिकको आधा रकम दिइनेछ।
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| 62 |
+
(२) आफ्नो घरमा बस्ने महान्यायाधिबक्तालाई घर मर्मत र सरसफाईको निमित्त अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम दिइनेछ।
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| 63 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम महान्यायाधिबक्तालाई नेपाल सरकारको तर्फबाट सरकारी घरको बन्दोबस्त भएमा त्यस्तो घरको मर्मत र सम्भार नेपाल सरकारले गर्नेछ।
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| 64 |
+
(४) यस दफा बमोजिमको सुविधा महान्यायाधिबक्तालाई निजले आफ्नो पदबाट अवकाश पाएको मितिले सात दिनसम्म दिइनेछ।
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| 65 |
+
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| 66 |
+
५. बिजुली, धारा र टेलिफोन सुविधा:
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| 67 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताको आवासमा एक लाईन टेलिफोन जडान गर्न लाग्ने खर्च र धरोही बापत लाग्ने रकम नेपाल सरकारले ब्यहोनेंछ।
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| 68 |
+
(२) बिजुली, धारा र टेलिफोन महसुल बापत महान्यायाधिबक्तालाई अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम दिइनेछ।
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| 69 |
+
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| 70 |
+
६. सबारी तथा इन्धन सुविधा:
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| 71 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई ड्राइभर सहितको मोटर एक, मासिक एकसय पचास लिटर पेट्रोल र बैमासिक पाँच लिटर मोबिल उपलब्ध गराईनेछ।
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| 72 |
+
(२) आफ्नो निजी मोटर प्रयोग गर्ने महान्यायाधिबक्तालाई ड्राइभरको निमित्त नेपाल सरकारको हलुका सबारी चालकको तलबमानको शुरु अङ् बराबरको रकम तथा मासिक एकसय पचास लिटर पेट्रोल र बैमासिक पाँच लिटर मोबिल उपलब्ध गराइनेछ।
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| 73 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम उपलब्ध गराइएको मोटरको मर्मत र सम्भार तथा ग्रीजको बन्दोबस्त केन्द्रीय सेवा विभागबाट हुनेछ।
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| 74 |
+
(४) महान्यायाधिबक्ताले प्रयोग गरेको मोटरको पेट्रोल र मोबिलको बिल भाँचर बुझाउनु पर्ने छैन।
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| 75 |
+
(५) महान्यायाधिबक्तालाई यस दफा बमोजिमको सुविधा निजले आफ्नो पदबाट अबकाश पाएको मितिले सात दिनसम्म दिइनेछ।
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| 76 |
+
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| 77 |
+
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| 78 |
+
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| 79 |
+
## परिच्छेद-३
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| 80 |
+
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| 81 |
+
### दैनिक तथा भ्रमण भत्ता
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| 82 |
+
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| 83 |
+
९. दैनिक तथा भ्रमण भत्ता:
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| 84 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई आफ्नो ओहदा सम्बन्धी काममा नेपाल भित्र भ्रमण गर्दा देहाय बमोजिम दैनिक तथा भ्रमण भत्ता दिइनेछ:
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| 85 |
+
(क) दैनिक भत्ताः अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम।
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| 86 |
+
(ख) भ्रमण भत्ताः
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| 87 |
+
(१) पैदल भ्रमण गर्दा अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम।
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| 88 |
+
(२) बसबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने भाडा।
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| 89 |
+
(३) रेलबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने पहिलो दर्जाको टिकट खर्च।
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| 90 |
+
(४) हवाईजहाजबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने टिकट खर्च।
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| 91 |
+
(५) अन्य सवारीबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने भाडा।
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| 92 |
+
(२) महान्यायाधिबक्तालाई आफ्नो ओहदा सम्बन्धी काममा वा नेपाल सरकारको तर्फबाट कुनै समारोह, उत्सव, अन्तर्राह्रिय सम्मेलन, सेमिनार आदिमा भाग लिन नेपाल बाहिर भ्रमण गर्दा देहाय बमोजिम दैनिक तथा भ्रमण भत्ता दिइनेछ:
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| 93 |
+
(क) दैनिक भत्ता: अनुसूची-२ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम।
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| 94 |
+
(ख) भ्रमण भत्ता:
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| 95 |
+
(१) मोटरबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने बिल बमोजिमको मोटर भाडा।
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| 96 |
+
(२) रेलबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने पहिलो दर्जाको टिकट खर्च।
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| 97 |
+
(३) हवाई जहाजबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने बिजिनेश दर्जाको टिकट खर्च।
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| 98 |
+
(४) जलमार्गबाट भ्रमण गर्दा एकजनालाई लाग्ने बिल बमोजिमको खर्च।
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| 99 |
+
(३) महान्यायाधिबक्ताले नेपाल बाहिर औपचारिक रुपमा विदेशी राष्ट्रहरुको अतिथिको रुपमा भ्रमणमा जाँदा त्यस्तो राष्ट्रमा रहुन्जेलसम्म उपदफा (२) को खण्ड (क) बमोजिम पाउने दैनिक भत्ताको आधाको दरले मात्र दैनिक भत्ता पाउनेछ।
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| 100 |
+
|
| 101 |
+
१०. भ्रमण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था:
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| 102 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताले भ्रमणबाट फर्केको दिनको आधा दैनिक भत्ता पाउनेछ र त्यस्तो भत्ता फर्केको दिनको अघिल्लो दिन बसेको स्थानको लागि पाउने दैनिक भत्ताको आधा हुनेछ।
|
| 103 |
+
(२) भ्रमण भत्ताको भुक्तानीको निमित्त महान्यायाधिबक्ताले भ्रमणबाट फर्केको मितिले पैतीस दिनभित्र भ्रमण बिल भरी कोष प्रमाण, लगबूक, भरपाई आदि आवश्यक प्रमाणहरु उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
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| 104 |
+
|
| 105 |
+
९. बीमा खर्च तथा हवाई उडान कर:
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| 106 |
+
महान्यायाधिबक्तालाई आफ्नो ओहदा सम्बन्धी काममा बा नेपाल सरकारको तर्फबाट कुनै समारोह, उत्सव, अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलन, सेमिनार आदिमा भाग लिन हवाईजहाजबाट भ्रमण गर्दा तीन लाख रुपैयाँको बीमा खर्च र हवाई उडान कर बापत लाग्ने रकम दिइनेछ।
|
| 107 |
+
|
| 108 |
+
१०.क. लुगा भत्ता:
|
| 109 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई आफ्नो ओहदा सम्बन्धी काममा बा नेपाल सरकारको तर्फबाट कुनै समारोह, उत्सब, अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलन, सेमिनार आदिमा भाग लिन नेपाल बाहिर जाँदा तीन बर्षमा एक पटक लुगा भत्ता बापत अनुसूची-१ मा उल्लेख भए बमोजिमको रकम दिइनेछ।
|
| 110 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम नेपाल बाहिर जाँदा महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो श्रीमती बा श्रीमान् समेत साथमा लैजाने स्वीकृति पाएमा श्रीमती बा श्रीमान्को लागि तीन बर्षमा एकपटक आफ्नो एक महिनाको पारिश्रमिकको आधा रकम लुगा भत्ता बापत पाउनेछ।
|
| 111 |
+
|
| 112 |
+
११. नेता भत्ता:
|
| 113 |
+
महान्यायाधिबक्ताले प्रतिनिधि मण्डलको नेताको रुपमा नेपाल बाहिर जाँदा आफूले पाउने दैनिक भत्ताको पच्चीस प्रतिशत थप रकम नेता भत्ता बापत पाउनेछ।
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
१२. भैपरी आउने खर्च:
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| 116 |
+
(१) महान्यायाधिबक्तालाई आफ्नो मातहत कार्यालयको निरीक्षण भ्रमणमा जाँदा खर्चको फाँटबारी बुझाउनु नपर्ने गरी बर्षको बढीमा दुई पटक एक हजार रुपैयाँका दरले भैपरी आउने खर्च दिइनेछ।
|
| 117 |
+
(२) महान्यायाधिबक्तालाई कुनै समारोह, उत्सब, अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलन, सेमिनार आदिमा भाग लिन नेपाल बाहिर जाँदा नेपाल सरकारले निर्णय गरे बमोजिम भैपरी आउने खर्च दिइनेछ।
|
| 118 |
+
|
| 119 |
+
१३. चाडपर्व खर्च:
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| 120 |
+
महान्यायाधिबक्ताले प्रत्येक बर्ष चाडपर्व खर्च बापत आफूले खाईपाई आएको एक महिनाको पारिश्रमिक बराबरको रकम पाउनेछ।
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| 121 |
+
|
| 122 |
+
१४. विदा:
|
| 123 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताले देहाय बमोजिमका विदाहरु पाउन सक्नेछ:
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| 124 |
+
(क) पर्व विदा र भैपरी आउने विदा
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| 125 |
+
(ख) घर विदा
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| 126 |
+
(ग) बिरामी विदा
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| 127 |
+
(घ) किरिया विदा
|
| 128 |
+
(ङ) विशेष विदा
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| 129 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (क), (ख), (ग) र (घ) बमोजिमका विदाहरु पूरा पारिश्रमिक सहित र खण्ड (ङ) बमोजिमको विदा आधा पारिश्रमिक सहितको हुनेछ।
|
| 130 |
+
(३) महान्यायाधिबक्ताले प्रत्येक बर्ष भैपरी आउने विदा छ दिन र पर्व विदा छ दिन लिन पाउनेछ।
|
| 131 |
+
(४) महान्यायाधिबक्ताले काम गरेको अबधिको एघार दिनको एक दिनको दरले घर विदा पाउनेछ। घर विदा बढीमा एकसय पचास दिनसम्म सञ्चित गरी राख्न सकिनेछ। घर विदाको प्रयोजनको निमित्त काम गरेको अबधि कायम गर्दा भैपरी आउने विदा र पर्व विदा बसेको दिन र सार्वजनिक विदाको दिन समेत काम गरेको दिनमा जोडिनेछ।
|
| 132 |
+
(५) एकसय बीस दिनभन्दा बढी घर विदा सञ्चित हुने महान्यायाधिबक्ताले सो बढी घर विदामध्ये प्रत्येक बर्ष चैत्र मसान्तसम्म सञ्चित रहेको घर विदामध्ये बढीमा तीस दिनसम्मको घर विदा बापत निजले खाईपाई आएको पारिश्रमिकको दरले हुन आउने रकम सोही आर्थिक बर्षको अन्त्यसम्ममा एकमुष्ट लिन सक्नेछ।
|
| 133 |
+
(६) महान्यायाधिबक्ताले प्रत्येक बर्ष पन्ध्र दिनका दरले बिरामी विदा पाउनेछ। त्यस्तो बिर��मी विदा जति पनि सञ्चित गरी राख्न सकिनेछ। कुनै कडा रोग लागि महान्यायाधिबक्ताले स्वीकृत चिकित्सकको प्रमाणपत्र पेश गरेमा बिरामी विदा बाँकी नभए दुई महिनासम्म पारिश्रमिक सहितको र त्यस्तो पारिश्रमिक सहितको थप बिरामी विदा लिईसकेपछि एक पटकमा थप चार महिनासम्म र सेवाको अबधिभरमा बाह्र महिनामा नबढ्ने गरी बिना पारिश्रमिकको बिरामी विदा पाउन सक्नेछ।
|
| 134 |
+
(७) महान्यायाधिबक्ता आफै किरिया बस्नु परेमा कुल धर्म हेरी बढीमा पन्ध्र दिनसम्म किरिया विदा पाउनेछ।
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| 135 |
+
(८) महान्यायाधिबक्ताले देहाय बमोजिम विशेष विदा पाउन सक्नेछ:
|
| 136 |
+
(क) एक पटकमा एक महिनामा नबढाई,
|
| 137 |
+
(ख) सेवाको अबधिभरमा जम्मा तीन महिनामा नबढाई।
|
| 138 |
+
(९) संवैधानिक पदमा बा नेपाल सरकारको सेवामा रहेको कुनै व्यक्ति महान्यायाधिबक्ताको पदमा नियुक्त भएमा सो पदमा बा सेवामा रहँदाको निजको सञ्चित विदा सम्बन्धी हक उपभोग गर्नबाट निजलाई बञ्चित गरिने छैन।
|
| 139 |
+
(१०) महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो पदबाट अबकाश पाएमा उपदफा (४) र (६) बमोजिम सञ्चित रहेको घर विदा र बिरामी विदा बापत निजको पदाधिकार रहेको पदबाट खाईपाई आएको पारिश्रमिकको दरले हुन आउने रकम एकमुष्ट लिन पाउनेछ।
|
| 140 |
+
|
| 141 |
+
१५. विदा दिने अधिकारी:
|
| 142 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताले दफा १४ मा उल्लिखित विदाहरुमध्ये पर्व विदा र भैपरी आउने विदा आफै लिन सक्नेछ र अन्य विदा प्रधानमन्त्रीबाट स्वीकृत गराउनु पर्नेछ।
|
| 143 |
+
(२) महान्यायाधिबक्ताले उपदफा (१) बमोजिम लिएको बिदाको जानकारी प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालयलाई दिनु पर्नेछ।
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| 144 |
+
|
| 145 |
+
---
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| 146 |
+
|
| 147 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 148 |
+
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| 149 |
+
### उपचार खर्च, निवृत्तभरण र उपदान
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
१५. उपचार खर्च:
|
| 152 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताले आफू बिरामी भई उपचार गराउँदा देहाय बमोजिमको उपचार खर्च पाउनेछ:
|
| 153 |
+
(क) अस्पतालमा भर्ना हुँदा र उपचार गराउँदा लागेको अस्पतालको बिल बमोजिमको खर्च र अस्पतालको चिकित्सकको प्रेसकिप्सन बमोजिम खरिद गरेको औषधि खर्च।
|
| 154 |
+
(ख) प्लाष्टिक सर्जरी बाहेक सबै किसिमको चिरफार (सर्जिकल अपरेशन) गर्दा लागेको बिल बमोजिमको खर्च।
|
| 155 |
+
(ग) चश्मा, दाँत, एयरफोन आदि उपकरणको लागि नेपाल सरकारले तोकिदिएको रकममध्ये लागेको बिल बमोजिमको खर्च।
|
| 156 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो कार्यकाल भर पाउने उपचार खर्चको रकम निजले पाउने बाह्र महिनाको पारिश्रमिक बराबरको रकम भन्दा बढी हुने छैन।
|
| 157 |
+
(२क) मह���न्यायाधिबक्ताले आफ्नो सगोलको पति बा पत्नी, आमा, बाबु, छोरा बा छोरी बिरामी भएमा उपदफा (२) बमोजिम पाउने अधिकतम उपचार खर्चको रकमबाट कट्टा हुने गरी सो रकमको आधासम्म बिल बमोजिम भएको उपचार खर्चको नब्बे प्रतिशत रकम लिन पाउनेछ। त्यस्तो उपचार खर्चको माग गर्दा रोगको निदान (डाइग्नोसिस) गरिएको चिकित्सकको प्रमाणपत्र पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 158 |
+
(२ख) महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो सगोलको पति बा पत्नी, आमा, बाबु, छोरा बा छोरी बिरामी भई विदेशमा लगी उपचार गराउनु पर्दा बा स्वदेशकै अस्पतालमा भर्ना गराई शल्यक्रिया बा उपचार गराउनु पर्दा अस्पतालमा लागेको बिल बमोजिमको खर्च र अस्पतालको चिकित्सकको प्रेसक्रिप्सन बमोजिम लागेको औषधि उपचार खर्चको नब्बे प्रतिशत रकम उपदफा (२) बमोजिम महान्यायाधिबक्ताले पाउने रकम मध्येबाट पाउनेछ।
|
| 159 |
+
(२ग) उपदफा (२क) र (२ख) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएतापनि महान्यायाधिबक्ताको सगोलको पति बा पत्नी, आमा बा बाबु, छोरा बा छोरी कुनै संवैधानिक पदमा बा सरकारी सेवामा बा सरकारी स्वामित्व बा नियन्त्रण भएको संस्थाको सेवामा बहालबाला कर्मचारी भएमा त्यस्तो उपचार खर्च दिइने छैन।
|
| 160 |
+
(२घ) यस दफा बमोजिम उपचार खर्च माग गर्ने महान्यायाधिबक्ता कार्यालयमा उपस्थित हुन नसक्ने गरी बिरामी भएको अवस्थामा बिरामी विदा बाँकी भएसम्म बिरामी विदा नै माग गर्नु पर्नेछ। बिरामी विदा नभएमा मात्र अन्य विदा माग गर्न पाउनेछ।
|
| 161 |
+
(२ङ) यस दफा बमोजिम महान्यायाधिबक्ताले पाएको उपचार खर्चको बिबरण त्यस्तो महान्यायाधिबक्ताको बिदाको अभिलेख र व्यक्तिगत अभिलेखमा राखिनेछ।
|
| 162 |
+
(३) नेपाल सरकारद्वारा नियुक्त चिकित्सकहरुको समितिले महान्यायाधिबक्ताको नेपाल भित्र औषधि उपचार हुन नसक्ने भनी सिफारिस गरेमा र निजले विदेशमा गई उपचार गराउन चाहेमा नेपाल सरकारले महान्यायाधिबक्तालाई उपदफा (१) बमोजिम पाउने उपचार खर्चको अतिरिक्त नेपाल सरकारले उचित ठहन्याएको थप आर्थिक सहायता दिन सक्नेछ।
|
| 163 |
+
(४) महान्यायाधिबक्ताले सेवाबाट अलग हुँदा उपदफा (२) बमोजिम पाउने उपचार खर्चमध्ये केही लिई बा नलिई उपचार खर्च बाँकी रहेको भए त्यस्तो बाँकी भए जति रकमको दुई तिहाईको हिसाबले हुने एक मुद्द रकम लिन पाउनेछ।
|
| 164 |
+
(५) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि महान्यायाधिबक्ताको पदमा पाँच बर्ष सेवा नगरी सेवाबाट अलग हुने महान्याया��िबक्तालाई उपचार खर्च दिंदा यस ऐन बमोजिम पाउने सम्पूर्ण उपचार खर्चको रकमलाई पाँच बर्ष सेवा गरे बापत पाउने रकम मानी दामासाहीले हुन आउने रकम मात्र दिइनेछ।
|
| 165 |
+
(६) यस दफा बमोजिम पाउने उपचार खर्च लिन नपाउँदै महान्यायाधिबक्ताको मृत्यु भएमा दफा १६ बमोजिम पारिबारिक निवृत्तभरण बा उपदान पाउने टहरिएको व्यक्तिले सो उपचार खर्च लिन पाउनेछ।
|
| 166 |
+
|
| 167 |
+
१७. निवृत्तभरण र उपदान:
|
| 168 |
+
(१) संवैधानिक पदमा बा नेपाल सरकारको सेवामा बहाल रहेको बा त्यस्तो सेवाबाट अबकाश प्राप्त व्यक्ति महान्यायाधिबक्ताको पदमा नियुक्त भई सेवाबाट अबकाश पाएमा निजले त्यसरी अघि गरेको सेवा अबधि र महान्यायाधिबक्ताको पदमा गरेको सेवा अबधि गणना गर्दा बीस बर्ष बा सो भन्दा बढी हुने रहेछ भने निजले आफ्नो मासिक पारिश्रमिकको दुई तिहाई रकम बा देहायको हिसाबले हुने मासिक निवृत्तभरणमध्ये कुनै एक रोज्न सक्नेछ:
|
| 169 |
+
जम्मा सेवा वर्ष x मासिक पारिश्रमिक
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| 170 |
+
४०
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| 171 |
+
स्पष्टीकरण: यस खण्डको प्रयोजनको लागि "सरकारी सेवामा काम गरेको अबधि" भन्नाले नेपाल सरकारबाट निवृत्तभरण पाउन सक्ने कुनै पदमा नियुक्त भई काम गरेको अबधिलाई जनाउनेछ।
|
| 172 |
+
(१क) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएतापनि महान्यायाधिबक्ताको पदमा दस बर्ष सेवा अबधि पूरा गरिसकेको व्यक्ति सेवाबाट अबकाश भएमा निजले आफ्नो मासिक पारिश्रमिकको दुई तिहाई रकम मासिक निवृत्तभरण पाउनेछ।
|
| 173 |
+
(२) उपदफा (१) बा (१क) बमोजिमको निवृत्तभरण पाउने सेवा अबधि पूरा नहुँदै सेवाबाट अबकाश प्राप्त गर्ने महान्यायाधिबक्तालाई निजले सेवा गरेको जम्मा बर्षलाई निजले अबकाश हुँदा खाईपाई आएको डेढ महिनाको पारिश्रमिकको अङ्ले गुणन गर्दा हुन आउने एकमुष्ट रकम उपदान दिइनेछ।
|
| 174 |
+
(३) संवैधानिक पदमा बा नेपाल सरकारको सेवा गरे बापत उपदान पाइसकेको कुनै व्यक्ति महान्यायाधिबक्ताको पदमा नियुक्त भएमा निजले त्यसरी नियुक्त भएको एक बर्षभित्र आफूले अघि पाएको उपदानको पूरे रकम फिर्ता गरेमा मात्र निजले अघि गरेको सेवा अबधि निवृत्तभरणको प्रयोजनको लागि जोडिनेछ।
|
| 175 |
+
(४) यस दफा बमोजिम महान्यायाधिबक्ताले पाउने उपदानको रकम निजको बाह्र महिनाको पारिश्रमिक बराबरको रकम भन्दा बढी हुने छैन।
|
| 176 |
+
(५) महान्यायाधिबक्ताको पारिश्रमिक बृद्धि हुँदा पारिश्रमिक अङ्कमा जति बृद्धि भएको छ त्यसको दुई तिहाई रकम निवृत्तभरण पाइरहेको महान्यायाधिबक्��ाको निवृत्तभरणको रकममा पनि थप गरिनेछ।
|
| 177 |
+
(६) संवैधानिक पदमा बा नेपाल सरकारको सेवा गरे बापत निवृत्तभरण पाईरहेको व्यक्ति महान्यायाधिबक्ताको पदमा नियुक्त भई यस ऐन बमोजिम पनि निवृत्तभरण पाउन सक्ने भएमा निजले अघि पाइरहेको निवृत्तभरण र यस ऐन बमोजिम पाउने निवृत्तभरणमध्ये कुनै एक रोज्न सक्नेछ।
|
| 178 |
+
(७) उपदफा (१क) को प्रयोजनको लागि सेवा अबधि गणना गर्दा संवैधानिक पदमा बा सरकारी सेवाको पदमा बा सो दुवै पदमा काम गरेको कुल अबधिको आधा जोडी गणना गरिनेछ।
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| 179 |
+
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| 180 |
+
१६. पारिबारिक निवृत्तभरण र उपदान:
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| 181 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो परिवारका सदस्यहरुमध्ये कसैलाई इच्छाएको भए त्यस्तो व्यक्तिलाई र त्यस्तो इच्छाइएको व्यक्तिको पनि मृत्यु भएमा बा कसैलाई पनि नइच्छाएकोमा निजको परिवारका सदस्यहरुमध्ये नजीकको हकबालालाई देहायका आधारमा दफा १७ बमोजिमको निवृत्तभरण दिइनेछ:
|
| 182 |
+
(क) पदमा बहाल छद्दै महान्यायाधिबक्ताको मृत्यु भएमा मृत्यु भएको मिति देखि सात बर्षसम्म,
|
| 183 |
+
(ख) दफा १७ बमोजिम निवृत्तभरण पाउन थालेको सात बर्ष नपुरदै मृत्यु भएमा सो सातबर्ष पुग्न बाँकी अबधि सम्म।
|
| 184 |
+
(२) पदमा बहाल छद्दै महान्यायाधिबक्ताको मृत्यु भएमा र दफा १७ बमोजिम निवृत्तभरण पाउने नभई उपदान मात्र पाउने रहेछ भने सो उपदानको रकम निजको परिवारका सदस्यहरू मध्ये उपदफा (१) बमोजिमको व्यक्तिले पाउनेछ।
|
| 185 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको पारिबारिक निवृत्तभरण पाउने अबधि भुक्तान भइसके पछि मृत महान्यायाधिबक्ताको बिधबा पत्नी बा बिधुर पतिले जीवन भर त्यस्तो निवृत्तभरणको आधा रकम लिन पाउनेछ।
|
| 186 |
+
(४) महान्यायाधिबक्ताको पारिश्रमिक बृद्धि हँदा पारिश्रमिकको अङ्कमा जति बृद्धि भएकोछ त्यसको दुई तिहाई रकम उपदफा (१) बा (३) बमोजिम पारिबारिक निवृत्तभरण पाइरहेको व्यक्तिले खाईपाई आएको पारिबारिक निवृत्तभरण रकममा पनि थप गरिनेछ।
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| 187 |
+
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| 188 |
+
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| 189 |
+
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| 190 |
+
## परिच्छेद-५
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| 191 |
+
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| 192 |
+
### विविध
|
| 193 |
+
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| 194 |
+
१९. सञ्चय कोष:
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| 195 |
+
नेपाल सरकारले महान्यायाधिबक्ताको मासिक पारिश्रमिकबाट सयकडा दशका दरले सञ्चयकोष कट्टा गरी सो रकममा शत प्रतिशत रकम थप गरी सञ्चय कोषमा जम्मा गरी दिनेछ।
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| 196 |
+
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| 197 |
+
१९क. दैनिक तथा भ्रमण भत्ता पाउने:
|
| 198 |
+
महान्यायाधिबक्ताको पदमा तीन बर्ष काम गरिसकेको महान्यायाधिबक्ताले आफूले पकाएको घर बिदामा आफ्नो घर जाँदा र घरबाट फर्कदा बर्षको एक पटक यो ऐन बमोजिम पाउने दैनिक तथा भ्रमण भत्ताको आधाको दरले दैनिक तथा भ्रमण भत्ता पाउनेछ।
|
| 199 |
+
१९ख. बाटोको म्याद:
|
| 200 |
+
महान्यायाधिबक्ताले घर विदामा घर जाँदा र घर विदा भुक्तान गरी घरबाट आफ्नो कार्यालयमा हाजिर हुन आउँदा बर्षको एकपटक पैदलको बाटोलाई आटकोसको निमित्त एक दिनको दरले तथा मोटर, रेल, हवाईजहाजको बाटोलाई जति दिन लाग्ने हो त्यति दिन बाटो म्याद पाउनेछ।
|
| 201 |
+
२०. पारिश्रमिक तथा अन्य सुविधामा थप:
|
| 202 |
+
नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी अनुसूचीमा हेरफेर गरी यस ऐन बमोजिम महान्यायाधिबक्ताले पाउने पारिश्रमिक तथा सुविधामा थप गर्न सक्नेछ।
|
| 203 |
+
२१. शपथ ग्रहण:
|
| 204 |
+
महान्यायाधिबक्ताले आफ्नो पदको कार्यभार सम्हाल्नु अघि प्रधानन्यायाधीश समक्ष अनुसूची-२क बमोजिमको पद तथा गोपनीयताको शपथ गर्नु पर्नेछ।
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| 205 |
+
२२. खारेजी र बचाउ:
|
| 206 |
+
(१) महान्यायाधिबक्ता (सेवा शर्त) नियमावली, २०२० खारेज गरिएकोछ।
|
| 207 |
+
(२) नेपाल अधिराज्यको संविधान, २०४७ प्रारम्भ हुनु अघि महान्यायाधिबक्ताको पदमा नियुक्त भई महान्यायाधिबक्ता (सेवा शर्त) नियमावली, २०२० बमोजिम पाइरहेको निवृत्तभरण सुविधा यसै ऐन बमोजिम पाएको मानिनेछ।
|
| 208 |
+
(३) यो ऐन प्रारम्भ हुनु अघि महान्यायाधिबक्ताले प्राप्त गरेको पारिश्रमिक तथा सुविधा यसै ऐन बमोजिम पाएको मानिनेछ।
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| 209 |
+
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| 210 |
+
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| 211 |
+
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| 212 |
+
## अनुसूची-१
|
| 213 |
+
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| 214 |
+
(दफा ३, ४, ४, ७ र १० सँग सम्बन्धित)
|
| 215 |
+
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| 216 |
+
### महान्यायाधिबक्ताले पाउने पारिश्रमिक, सुविधा तथा भत्ता
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
| क.सं. | पारिश्रमिक, सुविधा तथा भत्ताको किसिम | पारिश्रमिक, सुविधा तथा भत्ताको दर |
|
| 219 |
+
|-------|-------------------------------------------|---------------------------------------|
|
| 220 |
+
| १. | पारिश्रमिक | प्रति महिना रु. ४४,३३०।- र विशेष भत्ता प्रति महिना रु. १०००।- |
|
| 221 |
+
| २. | घर मर्मत र सरसफाइ सुविधा | प्रति महिना रु. १,४००।- |
|
| 222 |
+
| ३. | बिजुली, धारा र टेलिफोन सुविधा | प्रति महिना रु. १,२००।- |
|
| 223 |
+
| ४. | दैनिक भत्ता | प्रति दिन रु. १६४।- |
|
| 224 |
+
| ५. | भ्रमण भत्ता | प्रति कोस रु. २४।- |
|
| 225 |
+
| ६. | लुगा भत्ता | रु. ७,०००।- |
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
---
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
## अनुसूची-२
|
| 230 |
+
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| 231 |
+
(दफा ७ को उपदफा (२) को खण्ड (क) सँग सम्बन्धित)
|
| 232 |
+
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| 233 |
+
### महान्यायाधिबक्ताले विदेश भ्रमण गर्दा पाउने दैनिक भत्ता
|
| 234 |
+
|
| 235 |
+
| मुलुक समूह | दैनिक भत्ता |
|
| 236 |
+
|-------------|--------------|
|
| 237 |
+
| सार्क मुलुक | अमेरिकी डलर १०० |
|
| 238 |
+
| अन्य मुलुक | अमेरिकी डलर १२४ |
|
| 239 |
+
|
| 240 |
+
---
|
| 241 |
+
|
| 242 |
+
## अनुसूची-२क
|
| 243 |
+
|
| 244 |
+
(दफा २१ सँग सम्बन्धित)
|
| 245 |
+
|
| 246 |
+
### शपथ
|
| 247 |
+
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| 248 |
+
म ................ मुलुक र जनताप्रति पूर्ण बफादार रही सत्य निष्ठापूर्वक प्रतिज्ञा ��र्दछु / ईश्वरको नाममा शपथ लिन्छु कि नेपालको राजकीय सत्ता र सार्वभौमसत्ता नेपाली जनतामा रहेको नेपालको संविधान, प्रति पूर्ण बफादार रहँदै महान्यायाधिबक्ता पदको कामकाज प्रचलित कानूनको अधीनमा रही मुलुक र जनताको सोझो चिताइ, कसैको डर नमानी, पक्षपात नगरी, पूर्वाग्रह बा खराब भावना नलिई इमान्दारिताका साथ गर्नेछु र आफ्नो कर्तव्य पालनाको सिलसिलामा आफूलाई जानकारीमा आएको कुरा म पदमा बहाल रहँदा बा नरहँदा जुनसुकै अबस्थामा पनि कानूनको पालना गर्दा बाहेक अरु अबस्थामा कुनै किसिमबाट पनि प्रकट बा सङ्केत गर्ने छैन।
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| 249 |
+
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| 250 |
+
मिति:
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| 251 |
+
हस्ताक्षर
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| 252 |
+
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+
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+
गणर्न्र सदृुढीकिण र्था केही नेपाल कानून संशोिन गनेऐन, २०६६ द्वािा थप ।
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| 255 |
+
केही नेपाल ऐन संशोिन गनेऐन, २०७२ द्वािा संशोधिर् ।
|
| 256 |
+
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| 257 |
+
अनसुूची–३
|
| 258 |
+
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| 259 |
+
केही नेपाल कानून संशोिन गनेऐन, २०६३ द्वािा िािेज ।
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| 260 |
+
रष्टव्याः- केही नेपाल कानून संशोिन गनेऐन, २०६३ द्वािा रुपान्र्ि भएको शब्दहरुाः–
|
| 261 |
+
“श्री ५ को सिकाि” को सट्टा “नेपाल सिकाि” ।
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section_2_pdf_16.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,153 @@
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| 1 |
+
**कानूनी सहायता सम्बन्धी ऐन, २०४४**
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 5 |
+
२०४४।९।७
|
| 6 |
+
१. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४४
|
| 7 |
+
२०४४।१०।७
|
| 8 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 9 |
+
२. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 10 |
+
२०६६।१०।७
|
| 11 |
+
३. लैङ्गिक समानता कायम गर्न तथा लैङ्गिक हिंसा अन्त्य गर्न केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 12 |
+
२०७२।६।१४
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
२०४४ सालको ऐन नं. १६
|
| 15 |
+
"...................
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
**कानूनी सहायता सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन**
|
| 18 |
+
**प्रस्तावनाः**
|
| 19 |
+
कानूनी राज्यको सिद्धान्त अनुरुप सबैलाई समान रुपमा न्याय उपलब्ध गराउन आवश्यक भएकोले आर्थिक र सामाजिक कारणबाट आफ्नो कानूनी हक हितको संरक्षण गर्न नसक्ने असमर्थ व्यक्तिका लागि आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने सम्बन्धमा कानूनी व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
थ्री ४ महाराजाधिराज वीरेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको छब्बीसौं बर्षमा संसदले यो ऐन बनाएकोछ।
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
[^0]
|
| 24 |
+
[^0]: ४ यो ऐन संबत् २०६४ साल जेठ १४ गतेदेखि लागू भएको।
|
| 25 |
+
२ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:-**
|
| 28 |
+
(१) यस ऐनको नाम "कानूनी सहायता सम्बन्धी ऐन, २०४४" रहेको छ।
|
| 29 |
+
(२) यो ऐनको दफा १ तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ र अन्य दफाहरु नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको क्षेत्रमा तोकिदिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछन्।
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
**२. परिभाषा:-**
|
| 32 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 33 |
+
(क) "कानूनी सहायता" भन्नाले यस ऐन बमोजिम असमर्थ व्यक्तिलाई दिइने कानूनी राय सल्लाह समझनु पर्छ र सो शब्दले त्यस्तो असमर्थ व्यक्तिको तर्फबाट अड्डा अदालतहरुमा गरिने बहस पैरबी, लेखापढी तथा कानूनी कारबाहीका सम्बन्धमा गरिने अन्य सेवा समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 34 |
+
(क१) "असमर्थ व्यक्ति" भन्नाले तोकिएको बार्षिक आय भन्दा कम आय भएको व्यक्ति बा लैङ्गिक हिंसा बा सशस्त्र द्वन्द्वबाट पीडित व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(ख) "केन्द्रीय समिति" भन्नाले दफा ६ बमोजिम गठित केन्द्रीय कानूनी सहायता समिति सम्झनु पर्छ।
|
| 36 |
+
(ग) "जिल्ला समिति" भन्नाले दफा ७ बमोजिम गठित जिल्ला कानूनी सहायता समिति सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(घ) "अदालत" भन्नाले कानूनी सहायता प्राप्त गर्ने व्यक्ति पक्ष रही कानूनी कारबाही चलिरहेको अड्डा अदालत सम्झनु पर्छ र सो शब्दले मुद��दा हेर्ने बा कानूनी कारबाही गर्ने अधिकारी बा कार्यालयलाई समेत जनाउनेछ।
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
[^0]
|
| 40 |
+
[^0]: (५) लैङ्गिक समानता कायम गर्न तथा लैङ्गिक हिंसा अन्त्य गर्न केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा थप।
|
| 41 |
+
|
| 42 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
|
| 44 |
+
**३. कानूनी सहायता प्राप्त गर्ने व्यक्तिः-**
|
| 45 |
+
(१) असमर्थ व्यक्तिले यस ऐन बमोजिम कानूनी सहायता प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 46 |
+
(२) कुनै व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने बा नगराउने कुराको निर्णय गर्ने अधिकार सम्बन्धित समितिलाई हुनेछ।
|
| 47 |
+
(३) सम्बन्धित समितिले कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने बिषयमा निर्णय गर्दा अरुलाई अनावश्यक रुपमा दुःख दिने र आधारहीन मुद्दा गर्ने प्रबृतिलाई प्रोत्साहन नहोस् भन्ने तर्फ समेत विचार गर्नु पर्नेछ।
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
**४. कानूनी सहायता बापतको खर्च सोधभर्ना गर्नुपनेः-**
|
| 50 |
+
(१) कुनै व्यक्तिले कानूनी सहायता प्राप्त गरेको कारणबाट कुनै सम्पत्ति बा आर्थिक लाभ प्राप्त गरेमा त्यस्तो व्यक्तिले कानूनी सहायता प्राप्त गरे बापत तोकिए बमोजिम सम्बन्धित समितिले गरेको खर्च समितिलाई सोधभर्ना गर्नु पर्नेछ।
|
| 51 |
+
तर त्यस्तो व्यक्तिबाट कानूनी सहायता बापतको खर्च सोधभर्ना लिँदा सो व्यक्तिलाई मर्का पर्ने देखिएमा सम्बन्धित समितिले त्यसरी आफूले गरेको खर्च आंशिक बा पूर्ण रुपमा नलिने गरी छुट दिन सक्नेछ।
|
| 52 |
+
(२) अदालतले आफ्नो फैसलामा सम्बन्धित समितिले कुनै व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउँदा गरेको खर्च त्यस्तो कानूनी सहायता प्राप्त गर्ने व्यक्तिबाट असूल उपर गरी लिन पाउने गरी आदेश दिन सक्नेछ र त्यस्तो आदेश प्रचलित कानून बमोजिम कार्यान्वयन गरिनेछ।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
**५. कानून व्यवसायीहरुको सूची र पारिश्रमिक:-**
|
| 55 |
+
(१) असमर्थ व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउनको लागि सम्बन्धित समितिले नेपाल बार एशोसिएशनका सदस्यहरु मध्येबाट छुट्टा छुट्टै विषय बा प्रकृतिका मुद्दा हेर्नका लागि छुट्टा छुट्टै कानून व्यवसायीहरुको सूची तयार गर्नेछ। तर,
|
| 56 |
+
(१) कुनै जिल्लामा नेपाल बार एशोसिएशनको इकाई नभएकोमा नेपाल बार एशोसिएशनका सदस्य नरहेका कानून व्यवसायीहरुलाई समेत कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने कानून व्यवसायीको सूचीमा समावेश गर्न सक्नेछ।
|
| 57 |
+
(२) कानून व्यवसायीको सूची तयार गर्दा कुनै जिल्लामा सम्ब��्धित विषय बा प्रकृतिका मुद्दा हेर्ने कानून व्यवसायी उपलब्ध नभएमा सम्बन्धित समितिले अर्को जिल्लाका कानून व्यवसायीलाई समेत सो कानून व्यवसायीको सहमति लिई कानून व्यवसायीको सूचीमा समावेश गर्न सक्नेछ।
|
| 58 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको सूचीमा परेका कानून व्यवसायीहरुले यस ऐन बमोजिम असमर्थ व्यक्तिलाई कानूनी सहायता प्रदान गर्न पाउने छन्।
|
| 59 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सूचीमा कुनै कानून व्यवसायीको नाम समावेश गर्ने बा त्यस्तो सूचीबाट कुनै कानून व्यवसायीको नाम हटाउने अधिकार सम्बन्धित समितिलाई हुनेछ।
|
| 60 |
+
तर त्यसरी सूचीबाट कुनै कानून व्यवसायीको नाम हटाइएकोमा चित्त नबुझ्ने सम्बन्धित कानून व्यवसायीले तोकिए बमोजिम उजुर गर्न सक्नेछ।
|
| 61 |
+
(४) कानूनी सहायता प्रदान गर्ने कानून व्यवसायीलाई सम्बन्धित समितिले तोकिए बमोजिम पारिश्रमिक उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
**६. केन्द्रीय कानूनी सहायता समितिको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार:-**
|
| 64 |
+
(१) असमर्थ व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने सम्बन्धमा आवश्यक व्यवस्था गर्न केन्द्रीय कानूनी सहायता समितिको गठन हुनेछ र सो समितिमा देहायका सदस्यहरु रहनेछन्:-
|
| 65 |
+
(क) कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्री - अध्यक्ष
|
| 66 |
+
(ख) अध्यक्ष, नेपाल कानून व्यवसायी परिषद् - सदस्य
|
| 67 |
+
(ख१) सचिव, कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय - सदस्य
|
| 68 |
+
(ख२) सचिव, महिला, बालबालिका तथा समाजकल्याण मन्त्रालय - सदस्य
|
| 69 |
+
(ग) अध्यक्ष, नेपाल बार एशोसिएशन - सदस्य
|
| 70 |
+
(घ) केन्द्रीय समितिबाट मनोनीत कानूनविद् एकजना - सदस्य
|
| 71 |
+
(ङ) नेपाल बार एशोसिएशनको सचिव - सदस्य-सचिव
|
| 72 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (घ) बमोजिम मनोनीत सदस्यको पदावधि तीन बर्षको हुनेछ।
|
| 73 |
+
(३) केन्द्रीय समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 74 |
+
(क) कानूनी सहायता सम्बन्धी नीति एवं कार्यक्रम निर्धारण गर्ने,
|
| 75 |
+
(ख) जिल्ला समितिहरुको काम कारवाहीहरुको रेखदेख र नियन्त्रण गर्ने तथा त्यस्ता समितिहरुलाई आवश्यकता अनुसार निर्देशन दिने,
|
| 76 |
+
(ग) कानूनी सहायता सम्बन्धी कार्यको लागि जिल्ला समितिलाई अनुदान दिने,
|
| 77 |
+
(घ) कानूनी सहायता सम्बन्धी कामको लागि आवश्यक रकमको व्यवस्था गर्ने,
|
| 78 |
+
(ङ) सर्वोच्च अदालतमा असमर्थ व्यक्तिको तर्फबाट कानूनी सहायता प्रदान गर्न कानून व्यवसायीहरुको सूची तयार गर्ने,
|
| 79 |
+
(च) जनसाधारणलाई कानून र कानूनी सहायता सम्बन्धमा जानकारी गराउन विभिन्न विषयका पर���चयात्मक पुस्तक, पुस्तिका, विवरण आदिको प्रकाशन तथा वितरण गर्ने र सो कामको लागि अनुसन्धान गर्ने, गराउने,
|
| 80 |
+
(छ) कानूनी सहायता सम्बन्धी कामको लागि आवश्यकता अनुसार विभिन्न उपसमितिहरु गठन गर्ने तथा त्यस्ता उपसमितिहरुको काम, कर्तव्य र अधिकार तोक्ने,
|
| 81 |
+
(ज) केन्द्रीय समितिलाई आवश्यक पर्ने कर्मचारीहरु नियुक्ति गर्ने,
|
| 82 |
+
(झ) आफूलाई प्राप्त भएको अधिकार मध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार यस ऐन बमोजिम गठित कुनै उपसमिति बा केन्द्रीय समितिका कुनै कर्मचारीलाई प्रत्यायोजित गर्ने,
|
| 83 |
+
(ट) यस ऐनको उद्देश्य पूर्तिका लागि तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्ने, गराउने।
|
| 84 |
+
(४) केन्द्रीय समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यविधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
**७. जिल्ला कानूनी सहायता समितिको गठन तथा काम, कर्तव्य र अधिकार:-**
|
| 87 |
+
(१) जिल्ला स्तरमा असमर्थ व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउन तथा असमर्थ व्यक्तिलाई कानूनी सहायता उपलब्ध गराउने कानून व्यवसायीहरुको सूची तयार गर्ने काम समेतको लागि प्रत्येक जिल्लामा देहाय बमोजिमका सदस्यहरु रहेको जिल्ला कानूनी सहायता समिति गठन हुनेछ:-
|
| 88 |
+
(क) उच्च अदालत रहेको जिल्लामा पुनरावेदन सरकारी बकील कार्यालयका सहन्यायाधिवक्ता बा सो नभएको जिल्लाहरुमा जिल्ला न्यायाधिवक्ता - अध्यक्ष
|
| 89 |
+
(क१) सम्बन्धित जिल्लाको महिला तथा बालबालिका कार्यालयका महिला विकास अधिकृत - सदस्य
|
| 90 |
+
(ख) जिल्लास्थित बार एशोसिएशनका इकाईहरुमध्ये माथिल्लो इकाईको अध्यक्ष - सदस्य
|
| 91 |
+
तर काठमाण्डौ जिल्लाको हकमा जिल्ला बार एशोसिएशनको अध्यक्ष सदस्य हुनेछ।
|
| 92 |
+
(ग) जिल्लाका कानून व्यवसायीहरुमध्ये जिल्ला समितिबाट मनोनीत दुई जना कानून व्यवसायी - सदस्य
|
| 93 |
+
(घ) जिल्लास्थित बार एशोसिएशनका इकाईहरुमध्ये माथिल्लो इकाईको सचिव - सदस्य-सचिव
|
| 94 |
+
तर काठमाण्डौ जिल्लाको हकमा जिल्ला बार एशोसिएशनको सचिव सदस्य सचिव हुनेछ।
|
| 95 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ग) बमोजिमका सदस्यहरुको पदावधि तीन वर्षको हुनेछ।
|
| 96 |
+
(३) जिल्ला समितिको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार तथा बैठक सम्बन्धी कार्यविधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 97 |
+
|
| 98 |
+
**८. कानूनी सहायता कोष:-**
|
| 99 |
+
(१) कानूनी सहायता सम्बन्धी कामको लागि एक कोष रहनेछ र सो कोषमा देहायका रकमहरु रहनेछन्:-
|
| 100 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट अनुदान स्वरुप प्राप्त रकम।
|
| 101 |
+
(ख) कुनै व्यक्ति, संघ बा संस्थाबाट अनुदान, चन्दा, सहयोग स्वरुप प्राप्त रकम।
|
| 102 |
+
(ग) अन्य स्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 103 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
**९. लेखा र लेखा परीक्षण:-**
|
| 106 |
+
(१) केन्द्रीय समिति र जिल्ला समितिले आफ्नो आय व्ययको लेखा प्रबलित कानून बमोजिमको ढाँचामा राख्नु पर्नेछ।
|
| 107 |
+
(२) केन्द्रीय समिति र जिल्ला समितिको आय व्ययको लेखा परीक्षण महालेखा परीक्षकको विभागबाट हुनेछ।
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| 108 |
+
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| 109 |
+
**१०. कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्था:-**
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| 110 |
+
(१) केन्द्रीय समिति र जिल्ला समितिमा आवश्यक संख्यामा कर्मचारीहरु नियुक्त गर्न सकिनेछ।
|
| 111 |
+
(९क) केन्द्रीय समितिले कानूनमा कम्तीमा स्नातक भएको व्यक्तिलाई कार्यालय सचिवको पदमा नियुक्त गर्न सक्नेछ। त्यसरी नियुक्त नभएसम्मको अवधिको लागि केन्द्रीय समितिको अनुरोधमा नेपाल सरकारले राजपत्रांकित कर्मचारीलाई कार्यालय सचिवको पदमा खटाउन सक्नेछ।
|
| 112 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि जिल्ला समितिले कर्मचारीहरु नियुक्ति गर्नु अघि केन्द्रीय समितिको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 113 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम नियुक्त कर्मचारीहरुको पारिश्रमिक, सेवाका शर्त तथा सुबिधा सम्बन्धी व्यवस्था केन्द्रीय समितिले तोकिदिए बमोजिम हुनेछ।
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| 114 |
+
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| 115 |
+
**११. नक्कल सार्न दिनु पर्ने:-**
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| 116 |
+
कानूनी सहायता सम्बन्धी काममा संलग्न सम्बन्धित कानून व्यवसायी तथा कर्मचारीलाई अदालतले प्रचलित कानून बमोजिम कागजको नकल सार्दा लिने दस्तुर नलिई सो कागजको नक्कल सार्न दिनु पर्नेछ।
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| 117 |
+
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| 118 |
+
**१२. नियम बनाउने अधिकार:-**
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| 119 |
+
(१) यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न केन्द्रीय समितिले आवश्यक नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
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| 120 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम बनाइएका नियमहरु नेपाल सरकार, कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालयबाट स्वीकृत भई नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन भएपछि लागू हुनेछन्।
|
| 121 |
+
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| 122 |
+
**दृष्टव्य:-**
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| 123 |
+
१. ऐनको दफाहरु लागू भएको मिति तथा जिल्लाहरु:
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| 124 |
+
१. मिति २०४४।१।२१ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा उक्त ऐनको दफा ६ र १२ मिति २०४४।१।२६ देखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको।
|
| 125 |
+
२. मिति २०४४।७।२३ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरु देहायका जिल्लाहरुमा मिति २०४४।७।२३ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
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| 126 |
+
(१) सुनसरी (२) बारा (३) दोलखा (४) पाल्पा र (५) बाँके।
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| 127 |
+
३. मिति २०४६।११।७ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरु मिति २०४६।११।७ गतेदेखि प्रारम्भ हु��े गरी तोकिएको:-
|
| 128 |
+
(१) सर्लाही (२) धादिङ र (३) गुल्मी।
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| 129 |
+
४. मिति २०४७।१२।२० गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०४६।१।१ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 130 |
+
(१) कञ्चनपुर (२) कास्की (३) मकवानपुर (४) धनुषा र (५) झापा।
|
| 131 |
+
५. मिति २०६०।६।२२ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०६०।९।१ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 132 |
+
(१) इलाम (२) मोरङ (३) पर्सा (४) महोत्तरी (५) काम्रेपलाञ्चोक (६) रुपन्देही (७) दाङ (८) स्याङ्जा (९) कैलाली (१०) डोटी।
|
| 133 |
+
६. मिति २०६१।६।१ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०६१।६।१ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 134 |
+
(१) धनकुटा (२) सर्लाही (३) सिराहा (४) रौतहट (५) सिन्धुपाल्चोक (६) तनहुँ (७) कपिलवस्तु (८) सुर्खेत (९) बर्दिया (१०) दार्चुला।
|
| 135 |
+
७. मिति २०६३।२।२९ गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०६३।४।१ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 136 |
+
(१) पाँचथर (२) उदयपुर (३) सिन्धुली (४) चितवन (५) नवलपरासी (६) बागलुङ (७) पर्वत (८) अर्घाखाँची (९) प्यूठान (१०) डडेलधुरा।
|
| 137 |
+
८. मिति २०६४।९।३० गतेको राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०६४।१०।१ गतेदेखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 138 |
+
(१) ताप्लेजुङ (२) बझाङ (३) नुवाकोट (४) लमजुङ (५) म्याग्दी (६) गोरखा (७) रामेछाप (८) जुम्ला (९) रोल्पा (१०) बैतडी।
|
| 139 |
+
९. मिति २०६६।४।२९ को नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित सूचनाद्वारा देहायका जिल्लाहरुमा प्रारम्भ हुन बाँकी सवै दफाहरू मिति २०६६।६।१ देखि प्रारम्भ हुने गरी तोकिएको:-
|
| 140 |
+
(१) काठमाण्डौं (२) ललितपुर (३) भक्तपुर (४) सोलुखुम्बु (५) भोजपुर (६) खोटाङ (७) अछाम (८) दैलेख (९) रुकुम (१०) जाजरकोट (११) ओखलडुङ्गा (१२) संखुवासभा (१३) तेह्रथुम (१४) बाजुरा (१५) हुम्ला (१६) डोल्पा (१७) मुगु (१८) रसुवा (१९) मनाङ (२०) मुस्ताङ (२१) सल्यान (२२) कालिकोट
|
| 141 |
+
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| 142 |
+
**२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४४ द्वारा प्रचलित कानूनमा टाउँ प्रयोग भएका देहायका शब्दहरुको सट्टा देहायका शब्दहरु राखी रुपान्तर गरिएकोछ:**
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| 143 |
+
(क) "सरकारी अधिवक्ता" को सट्टा "सहन्यायाधिवक्ता"
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| 144 |
+
(ख) "जिल्ला सरकारी अधिवक्ता" को सट्टा "जिल्ला न्यायाधिवक्ता"
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| 145 |
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| 146 |
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**३. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-**
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| 147 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"
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| 148 |
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| 149 |
+
**४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-**
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| 150 |
+
"कानून, न्याय तथा संसदीय व्यवस्था मन्त्रालय", "कानून, न्याय, संविधानसभा तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय" बा "कानून, न्याय तथा संविधानसभा व्यवस्था मन्त्रालय" को सट्टा "कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय"
|
| 151 |
+
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**५. न्याय प्रशासन ऐन, २०७३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:-**
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| 153 |
+
"पुनरावेदन अदालत" को सट्टा "उच्च अदालत"
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section_2_pdf_17.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,338 @@
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# नोटरी पब्लिक सम्बन्धी ऐन, २०६३
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| 2 |
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|
| 3 |
+
## प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०६३।६।२६
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
## संशोधन गर्ने ऐन
|
| 7 |
+
१. केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०६४
|
| 8 |
+
२०६४।४।९
|
| 9 |
+
२. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 10 |
+
२०६६।१०।७
|
| 11 |
+
३. केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 12 |
+
२०७२।११।१३
|
| 13 |
+
४. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 14 |
+
२०७४।११।१९
|
| 15 |
+
२०६३ सालको ऐन न. ९
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
## नोटरी पब्लिकको सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
**प्रस्तावना:** लिखत गर्दा लिखतमा हस्ताक्षर गर्ने वास्तविक व्यक्तिको यकिन गरी जालसाजी र कीर्तेजन्य काम कारवाही नियन्त्रण गर्न तथा सरल र सुलभ तरिकाले कागजातको अनुबाद गराउने व्यवस्था गरी सर्वसाधारणको हित कायम गर्नको लागि नोटरी पब्लिक सम्बन्धी कानूनी व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, प्रतिनिधि सभाको घोषणा, २०६३ जारी भएको पहिलो बर्षमा प्रतिनिधि सभाले यो ऐन बनाएकोछ ।
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
---
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
## परिच्छेद-१
|
| 24 |
+
## प्रारम्भिक
|
| 25 |
+
|
| 26 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
|
| 27 |
+
(१) यस ऐनको नाम "नोटरी पब्लिक सम्बन्धी ऐन, २०६३" रहेको छ।
|
| 28 |
+
(२) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 31 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 32 |
+
(क) "नोटरी पब्लिक" भन्नाले दफा १४ बमोजिम नोटरी पब्लिकको प्रमाणपत्र प्राप्त गरेको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 33 |
+
(ख) "परिषद्" भन्नाले दफा ३ बमोजिम स्थापना भएको नेपाल नोटरी पब्लिक परिषद् सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ग) "अध्यक्ष" भन्नाले परिषद्को अध्यक्ष सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(घ) "सदस्य" भन्नाले परिषद्को सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले अध्यक्ष समेतलाई जनाउँछ।
|
| 36 |
+
(ङ) "सचिब" भन्नाले दफा ७ बमोजिम नियुक्त भएको बा खटिएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(च) "प्रमाणपत्र" भन्नाले नोटरी पब्लिकको काम गर्न दफा १४ बमोजिम दिइएको प्रमाणपत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(छ) "लिखत" भन्नाले कुनै प्रकारको हक बा दायित्व सृजना गर्ने, हस्तान्तरण गर्ने, संशोधन गर्ने बा विस्तार गर्ने गरी दुई बा दुईभन्दा बढी व्यक्तिवीच गरिने कुनै लिखत सम्झनु पर्छ र सो शब्दले विदेशमा प्रयोग हुने तोकिएको लिखत बा अड्डा अदालतमा पेश गरिने सत्य बिबरणयुक्त कागज (एफिडाभिट) बा यस्तै प्रकारका अन्य कागज बा लिखत समेतलाई जनाउँछ।
|
| 39 |
+
(ज) "कागजात" भन्नाले सरकारी बा सार्वजनिक कार्यालय बा निजी संस्थाबाट जारी भएको कागजपत्र सम्झनु पर्छ र सो शब्दले लिखत समेतलाई जनाउँछ।
|
| 40 |
+
(झ) "प्रमाणीकरण" (सर्टिफिकेसन) भन्नाले नोटरी पब्लिकले दफा २७ बमोजिम लिखत प्रमाणीकरण गर्ने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(ज) "प्रतिनिधि" भन्नाले देहायका व्यक्ति सम्झनु पर्छ:-
|
| 42 |
+
(१) लिखत प्रमाणीकरण गराउन प्रचलित कानून बमोजिम अधिकृत बारेसनामा पाएको व्यक्ति, बा
|
| 43 |
+
(२) प्रचलित कानून बमोजिम संस्थापना भएको फर्म, कम्पनी बा संगठित संस्थाको तर्फबाट लिखतमा हस्ताक्षर गर्न अधिकार पाएको व्यक्ति।
|
| 44 |
+
(ट) "कानून व्यवसायी" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम कानून व्यवसायीको रुपमा दर्ता भएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 45 |
+
(ठ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
---
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
## परिच्छेद-२
|
| 50 |
+
## परिषद्को स्थापना तथा काम, कर्तव्य र अधिकार सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 51 |
+
|
| 52 |
+
**३. परिषद्को स्थापना:**
|
| 53 |
+
(१) लिखतको प्रमाणीकरण तथा कागजातको अनुबाद सम्बन्धी काम सरल र सुलभ तरिकाले गराउने व्यवस्थाको लागि नेपाल नोटरी पब्लिक परिषद् नामको एक परिषद् स्थापना गरिएकोछ।
|
| 54 |
+
(२) परिषद्को कार्यालय काठमाण्डौ उपत्यकामा रहनेछ।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
**४. परिषद् संगठित संस्था हुने:**
|
| 57 |
+
(१) परिषद् अविच्छिन्न उत्तराधिकारबाला स्वशासित र संगठित संस्था हुनेछ।
|
| 58 |
+
(२) परिषद्को काम कारबाहीको लागि एउटा छुट्टै छाप हुनेछ।
|
| 59 |
+
(३) परिषद्ले व्यक्ति सरह चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्न, भोग गर्न बा बेचबिखन गर्न सक्नेछ।
|
| 60 |
+
(४) परिषद्ले व्यक्ति सरह आफ्नो नामबाट नालेस उजूर गर्न र सो उपर पनि सोही नामबाट नालेस उजूर लाग्न सक्नेछ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
**५. परिषद्को गठन:**
|
| 63 |
+
(१) परिषद्को गठन देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 64 |
+
(क) महान्यायाधिबक्ता
|
| 65 |
+
(ख) अध्यक्ष, नेपाल बार एशोसियसन-सदस्य
|
| 66 |
+
(ग) सचिव, कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय-सदस्य
|
| 67 |
+
(घ) सचिव (कानून), प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय-सदस्य
|
| 68 |
+
(ङ) सचिव, नेपाल कानून आयोग-सदस्य
|
| 69 |
+
(च) सचिव, भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरिबी निवारण मन्त्रालय-सदस्य
|
| 70 |
+
(छ) सचिव, परराष्ट्र मन्त्रालय-सदस्य
|
| 71 |
+
(ज) रजिष्ट्रार, सर्वोच्च अदालत-सदस्य
|
| 72 |
+
(२) दफा ७ बमोजिमको सचिवले परिषद्को सचिव भई काम गर्नेछ।
|
| 73 |
+
(३) परिषद्को बैठक सम्बन्धी कार्यविधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 74 |
+
|
| 75 |
+
**६. परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 76 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र लेखिएको काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त परिषद्को काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 77 |
+
(क) नोटरी पब्लिक सम्बन्धमा अबलम्बन गर्नु पर्ने नीति तर्जुमा गरी कार्यान्वयन गर्ने,
|
| 78 |
+
(ख) नोटरी पब्लिकको प्रमाणपत्र दिने,
|
| 79 |
+
(ग) नोटरी पब्लिकले यस ऐन बा परिषद्ले बनाएको आचारसंहिता बमोजिम काम गरे नगरेको सम्बन्धमा अनुगमन गर्ने,
|
| 80 |
+
(घ) आफूले गर्नु पर्ने काम कारबाहीको सम्बन्धमा आवश्यकता अनुसार समिति गठन गरी त्यस्तो समितिको काम, कर्तव्य र अधिकार तोक्ने,
|
| 81 |
+
(ङ) लेखापरीक्षक नियुक्त गर्ने, र
|
| 82 |
+
(च) तोकिए बमोजिमका अन्य काम गर्ने।
|
| 83 |
+
|
| 84 |
+
**७. सचिव:**
|
| 85 |
+
(१) परिषद्को प्रशासकीय प्रमुखको रुपमा काम गर्न एक सचिव रहनेछ।
|
| 86 |
+
(२) परिषदले कानूनमा कम्तीमा स्नातक तह उत्तीर्ण गरेको व्यक्तिलाई तोकिए बमोजिम सचिवको पदमा नियुक्त गर्नेछ।
|
| 87 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम सचिव नियुक्त नभए सम्भको लागि परिषद्को अनुरोधमा नेपाल सरकारले न्याय सेबाको राजपत्राहित द्वितीय श्रेणीको अधिकृतलाई परिषद्को सचिवको रुपमा काम गर्न काजमा खटाउन सक्नेछ।
|
| 88 |
+
(४) सचिवको पदाबधि चार बर्षको हुनेछ।
|
| 89 |
+
(५) उपदफा (४) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सचिवले ईमान्दारीपूर्वक काम नगरेमा बा निज खराब आचरणमा लागेमा बा निजको काम सन्तोषजनक नभएमा परिषद्ले निजलाई जुनसुकै बखत सचिवको पदबाट हटाउन सक्नेछ।
|
| 90 |
+
(६) उपदफा (४) बमोजिम सचिवलाई पदबाट हटाउनु अघि निजलाई आफ्नो सफाई पेश गर्ने मौका दिनु पर्नेछ।
|
| 91 |
+
(७) सचिवको काम, कर्तव्य, अधिकार, पारिश्रमिक र सेबाका अन्य शर्त तोकिए बमोजिम हुनेछन्।
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
**८. परिषद्को कर्मचारी:**
|
| 94 |
+
(१) परिषद्या आवश्यक संख्यामा कर्मचारीहरु रहनेछन्।
|
| 95 |
+
(२) परिषद्का कर्मचारीको नियुक्ति, सेबाका शर्त, पारिश्रमिक र सुविधा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
**९. परिषद्को कोष:**
|
| 98 |
+
(१) परिषद्को एउटा छुट्टै कोष हुनेछ।
|
| 99 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कोषमा देहाय बमोजिमका रकमहरु रहनेछन्:-
|
| 100 |
+
(क) नेपाल सरकारबाट प्राप्त रकम,
|
| 101 |
+
(ख) कुनै व्यक्ति बा संघ संस्थाबाट प्राप्त रकम,
|
| 102 |
+
(ग) प्रमाणपत्र लिने व्यक्तिबाट शुल्क स्वरुप प्राप्त रकम,
|
| 103 |
+
(घ) जमानत स्वरुप प्राप्त रकम, र
|
| 104 |
+
(ङ) अन्य श्रोतबाट प्राप्त रकम।
|
| 105 |
+
(३) परिषद्को सम्पूर्ण खर्च उपदफा (१) बमोजिमको कोषबाट व्यहोरिनेछ। तर सो उपदफाको खण्ड (घ) बमोजिमको रकम परिषद्को काममा खर्च गर्न पाइने छैन।
|
| 106 |
+
(४) परिषद्को कोषको सञ्चालन तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 107 |
+
(५) परिषद्को लेखा परीक्षण तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 108 |
+
|
| 109 |
+
---
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
## परिच्छेद-३
|
| 112 |
+
## नोटरी पब्लिकको प्रमाणपत्र सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
**१०. प्रमाणपत्र नलिई नोटरी पब्लिकको काम गर्न नहुने:**
|
| 115 |
+
कसैले पनि यस ऐन बमोजिम प्रमाणपत्र नलिई नोटरी पब्लिकको काम गर्नु हुँदैन।
|
| 116 |
+
|
| 117 |
+
**११. परीक्षा उत्तीर्ण गर्नु पर्ने:**
|
| 118 |
+
(१) नोटरी पब्लिकको काममध्ये अनुबाद गर्ने र परिषद्ले तोकेको अन्य खास काम गर्न प्रमाणपत्र लिन चाहने व्यक्तिले नोटरी पब्लिक सम्बन्धी परीक्षा उत्तीर्ण गरेको हुनु पर्नेछ।
|
| 119 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको परीक्षा परिषद्ले आफै सञ्चालन गर्न बा न्याय बा कानून सम्बन्धी तालीम दिने बा कानून व्यवसायीको परीक्षा लिने कुनै संस्थालाई सञ्चालन गर्न लगाउने व्यवस्था गर्न सक्नेछ।
|
| 120 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको परीक्षाको पाठ्यक्रम, परीक्षाको किसिम र परीक्षा सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
**१२. नोटरी पब्लिकको योग्यता:**
|
| 123 |
+
देहायको व्यक्ति नोटरी पब्लिक हुनको लागि योग्य हुनेछ:-
|
| 124 |
+
(क) सात बर्ष अटुट रुपमा कानून व्यवसाय गरेको कानून व्यवसायी, बा
|
| 125 |
+
(ख) नेपाल न्याय सेबाको कम्तीमा राजपत्राहित द्वितीय श्रेणीको पदमा रही सेबाबाट अलग भएको व्यक्ति।
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
**१३. नोटरी पब्लिकको अयोग्यता:**
|
| 128 |
+
देहायको व्यक्ति नोटरी पब्लिकको लागि अयोग्य हुनेछ:-
|
| 129 |
+
(क) दफा ११ बमोजिमको परीक्षा उत्तीर्ण नगरेको,
|
| 130 |
+
(ख) दफा १२ बमोजिमको योग्यता नभएको,
|
| 131 |
+
(ग) ज्यान, चोरी, डौंका, कीर्ते, जालसाजी, भ्रष्टाचार, जबरजस्ती करणी, लागु पदार्थको ओसार-पसार तथा सेबन, जीउ मास्ने बेच्ने बा यस्ते प्रकृतिका अन्य संगीन अपराध गरे बापत अदालतबाट कसूरदार टहरी सजाय पाएको,
|
| 132 |
+
(घ) असल चालचलन नभएको,
|
| 133 |
+
(ड) गैर नेपाली नागरिक,
|
| 134 |
+
(च) साहूको दामासाहीमा परेको, र
|
| 135 |
+
(छ) मानसिक सन्तुलन ठीक नभएको।
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
**१४. प्रमाणपत्र सम्बन्धी व्यवस्था:**
|
| 138 |
+
(१) नोटरी पब्लिकको प्रमाणपत्र लिन चाहने व्यक्तिले प्रमाणपत्रको लागि तोकिएको दस्तुर संलग्न गरी तोकिए बमोजिमको ढाँचामा परिषद् समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 139 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन परेमा परिषद्ले सो निवेदन जाँचबुझ गरी सिफारिस गर्न तोकिए बमोजिमको एक समिति गठन गर्नेछ।
|
| 140 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको समितिले निवेदकलाई प्रमाणपत्र दिन सिफारिस गरेमा र त्यसरी गरेको सिफारिस जाँचबुझ गर्दा मनासिब देखिएमा परिषद्ले निवेदकसँग दफा १७ बमोजिमको जमानत लिई तोकिएको ढाँचामा प्रमाणपत्र दिनेछ।
|
| 141 |
+
(४) नोटरी पब्लिकले काम गर्न पाउने स्थान प्रमाणपत्रमा उल्लेख भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 142 |
+
|
| 143 |
+
**१५. नोटरी पब्लिक सम्बन्धी बि���रण पठाउनु पर्ने:**
|
| 144 |
+
(१) परिषद्ले दफा १४ बमोजिम प्रमाणपत्र दिइसकेपछि नोटरी पब्लिकको नाम, थर, ठेगाना र अन्य आवश्यक बिबरण जुन स्थानमा निजले नोटरी पब्लिकको रुपमा काम गर्ने हो सो जिल्लाको बार एशोसियसन र जिल्ला अदालत समक्ष पठाउनु पर्नेछ।
|
| 145 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको बिबरण प्राप्त भएपछि सम्बन्धित बार एशोसिएसन र जिल्ला अदालतले त्यस्तो बिबरण सबैले देख्न सक्ने ठाउँमा टाँस गर्नु पर्नेछ।
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
**१६. प्रमाणपत्रको अबधि र नवीकरण:**
|
| 148 |
+
(१) दफा १४ बमोजिम दिइएको प्रमाणपत्रको अबधि पाँच बर्षको हुनेछ।
|
| 149 |
+
(२) प्रमाणपत्र नवीकरण गर्न चाहने व्यक्तिले प्रमाणपत्रको अबधि समाप्त हुनुभन्दा साठी दिन अगावै तोकिए बमोजिमको दस्तुर संलग्न गरी परिषद् समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 150 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम निवेदन प्राप्त भएमा परिषद्ले आवश्यक जाँचबुझ गरी प्रमाणपत्र नवीकरण गरिदिन सक्नेछ।
|
| 151 |
+
(४) प्रमाणपत्र नवीकरण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 152 |
+
|
| 153 |
+
**१७. जमानत दाखिला गर्नु पर्ने:**
|
| 154 |
+
(१) प्रमाणपत्र लिने व्यक्तिले पचास हजार रुपैयाँ नगदै बा परिषदले तोकेको बैङबाट सो रकम बराबरको बैङ ग्यारेण्टी जमानतको रुपमा परिषद् समक्ष दाखिला गर्नु पर्नेछ।
|
| 155 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको जमानत नोटरी पब्लिकले सो हैसियतमा काम गर्दा बहन गर्नुपर्ने तोकिए बमोजिमको कामको लागि प्रयोग गरिनेछ।
|
| 156 |
+
(३) नोटरी पब्लिकले परिषद्मा दाखिला गरेको जमानतको रकम उपदफा (२) बमोजिमको काममा प्रयोग गर्दा घट्न गएमा त्यसरी घट्न गएको रकम बा सो बराबरको बैङ ग्यारेण्टी तीस दिनभित्र परिषद् समक्ष दाखिला गर्नु पर्नेछ।
|
| 157 |
+
(४) जमानत सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
**१८. प्रमाणपत्र रद्द हुने:**
|
| 160 |
+
(१) देहायको अबस्थामा नोटरी पब्लिकको प्रमाणपत्र रद्द हुनेछ:-
|
| 161 |
+
(क) निजले दफा १३ को खण्ड (ग) र (घ) मा उल्लिखित अपराधमा अदालतबाट कसुरदार टहरिई सजाय पाएमा,
|
| 162 |
+
(ख) निजको मृत्यु भएमा,
|
| 163 |
+
(ग) निजको मानसिक सन्तुलन ठीक नभएमा,
|
| 164 |
+
(घ) निजले प्रमाणपत्र नवीकरण नगराएमा,
|
| 165 |
+
(ङ) निजको कानून व्यवसायको प्रमाणपत्र रद्द भएमा बा निजको नाम कानून व्यवसायीको दर्ताबाट हटाइएमा, बा
|
| 166 |
+
(च) निजले स्वेच्छाले प्रमाणपत्र रद्द गर्न परिषद् समक्ष निवेदन दिएमा।
|
| 167 |
+
(२) कुनै नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गरेमा बा यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बिपरीत अन्य कुनै काम गरेमा परिषद्ले निजले पाएको प्रमाणपत्र रद्द गर्न सक्नेछ्।
|
| 168 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम प्रमाणपत्र रद्द गर्नु अघि परिषद्ले सम्बन्धित नोटरी पब्लिकलाई स्पष्टीकरण पेश गर्न पन्थ्र दिनको समय दिनु पर्नेछ।
|
| 169 |
+
(४) यस दफा बमोजिम प्रमाणपत्र रद्द भएमा परिषदले सो को जानकारी सम्बन्धित जिल्ला अदालत र बार एशोसिएसनलाई तुरुन्त दिनु पर्नेछ।
|
| 170 |
+
|
| 171 |
+
---
|
| 172 |
+
|
| 173 |
+
## परिच्छेद-४
|
| 174 |
+
## नोटरी पब्लिकको काम, कर्तव्य सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
**१९. नोटरी पब्लिकले गर्न सक्ने काम:**
|
| 177 |
+
नोटरी पब्लिकले यस ऐनको अधीनमा रही देहाय बमोजिमको काम गर्न सक्नेछ:-
|
| 178 |
+
(क) कुनै लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 179 |
+
(ख) एक भाषामा लेखिएको कागजात अर्को भाषामा अनुबाद गर्न, र
|
| 180 |
+
(ग) कुनै सक्कल कागजातको नक्कल प्रमाणित गर्न।
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
**२०. नोटरी पब्लिकले गर्न नहुने काम:**
|
| 183 |
+
नोटरी पब्लिकले देहायका काम गर्न हुँदैन:-
|
| 184 |
+
(क) आफ्नो कार्यालयको दर्ता किताबमा दर्ता नभएको लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 185 |
+
(ख) कुनै लिखत सक्कल हो भनी प्रमाणित गर्न,
|
| 186 |
+
(ग) आफैले गर्ने लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 187 |
+
(घ) आफ्नो स्वार्थ र कारोबारसँग सम्बन्धित लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 188 |
+
(ङ) आफ्नो निकटतम नातेदारको लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 189 |
+
स्पहीकरण: यस खण्डको प्रयोजनको लागि "निकटतम नातेदार" भन्नाले तोकिए बमोजिमका नातेदारलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 190 |
+
(च) कानून बमोजिम बाहेक लिखत प्रमाणीकरण गराउने व्यक्तिको स्वीकृति नलिई लिखत प्रमाणीकरण गर्दा आफूले थाहा पाएको कुरा प्रकट गर्न,
|
| 191 |
+
(छ) आफूसँग सुरक्षित रहेको लिखत बा कागजातमा हेरफेर, संशोधन बा थपघट गर्न,
|
| 192 |
+
(ज) दफा २७ बमोजिमको रीत नपुयाई लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 193 |
+
(झ) अनधिकृत रुपमा बा हेलचेक्याईपूर्वक कुनै लिखतको प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 194 |
+
(ज) लिखत प्रमाणीकरण गर्दा बा अनुबाद गर्दा लिन पाउनेभन्दा बढी शुल्क लिन,
|
| 195 |
+
(ट) शंकास्पद कागजातको अनुबाद गर्न,
|
| 196 |
+
(ट) कागजातमा उल्लेखित मिति, अङ बा व्यहोरा फरक पारी अनुबाद गर्न,
|
| 197 |
+
(ड) आफ्नो अधिकार क्षेत्र बाहिर गई नोटरी पब्लिकको काम गर्न,
|
| 198 |
+
(ढ) लिखत गर्ने व्यक्तिलाई आफू समक्ष उपस्थित नगराई कुनै लिखत प्रमाणीकरण गर्न,
|
| 199 |
+
(ण) आचार संहिता विपरीत कार्य गर्न,
|
| 200 |
+
(त) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम विपरीत अन्य कार्य गर्न, र
|
| 201 |
+
(थ) तोकिए बमोजिमको अन्य काम गर्न।
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
**२१. शपथ लिनु पर्ने:**
|
| 204 |
+
नोटरी पब्लिकले नोटरी पब्लिकको काम शुरु गर्नु अघि तोकिए बमोजिम शपथ लिनु पर्नेछ।
|
| 205 |
+
|
| 206 |
+
**२२. कार्यालय खोल्नु पर्ने:**
|
| 207 |
+
(१) नोटरी पब्लिकले आफूले काम गर्ने स्थानमा आफ्नो कार्यालय खोल्नु पर्��ेछ।
|
| 208 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कार्यालय एकभन्दा बढी स्थानमा खोल्न पाइने छैन।
|
| 209 |
+
(३) नोटरी पब्लिकले सबैले देख्ने गरी कार्यालय बाहिर आफ्नो नाम तथा प्रमाणपत्र संख्या रहेको साइन बोर्ड र कार्यालयभित्र प्रमाणपत्र राख्नु पर्नेछ।
|
| 210 |
+
|
| 211 |
+
**२३. दर्ता किताब राख्नु पर्ने:**
|
| 212 |
+
(१) नोटरी पब्लिकले लिखत प्रमाणीकरण र अनुबाद सम्बन्धी काम कारबाहीको अभिलेख राख्नको लागि छुट्टछुछ्रै दर्ता किताब राख्नु पर्नेछ।
|
| 213 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको दर्ता किताबमा उल्लेख गर्नु पर्ने कुरा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 214 |
+
(३) नोटरी पब्लिकले उपदफा (१) बमोजिमको दर्ता किताबमध्ये लिखत प्रमाणीकरण सम्बन्धी दर्ता किताब त्यस्तो दर्ता किताबको अन्तिम पृष्ठ समाप्त भएको मितिबाट पाँच बर्षसम्म सुरक्षित राख्नु पर्नेछ।
|
| 215 |
+
|
| 216 |
+
**२४. फाइल राख्नु पर्ने:**
|
| 217 |
+
(१) नोटरी पब्लिकले आफूले प्रमाणीकरण गरेको लिखत बा अनुबाद गरेको कागजात सुरक्षितसाथ राख्नको लागि आफ्नो कार्यालयमा छुईँ फाइल राख्नु पर्नेछ।
|
| 218 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको फाइलमा लिखत प्रमाणीकरण बा कागजात अनुबाद गराउने व्यक्तिको नाम, थर, ठेगाना समेत उल्लेख गरी प्रमाणीकरण गरिएको लिखत बा अनुबाद गरिएको लिखतको एक प्रति राख्नु पर्नेछ।
|
| 219 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम राखिएको फाइल नोटरी पब्लिकले त्यस्तो काम गर्न छाडेमा निजले र निजको मृत्यु भएमा बा मानसिक सन्तुलन ठीक नभएमा निजको नजिकको हकबालाले परिषद् समक्ष तोकिए बमोजिम बुझाउनु पर्नेछ।
|
| 220 |
+
|
| 221 |
+
**२५. प्रतिवेदन पेश गर्नु पर्ने:**
|
| 222 |
+
(१) नोटरी पब्लिकले आफूले गरेको काम कारबाहीको बार्षिक प्रतिवेदन तयार गरी प्रत्येक बर्षको बैशाख मसान्तसम्ममा सम्बन्धित जिल्ला अदालत र परिषद् समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 223 |
+
(२) अचल सम्पत्तिको हक हस्तान्तरण सम्बधी लिखत प्रमाणीकरण गर्ने नोटरी पब्लिकले आफूले गरेको काम कारबाहीको बिबरण प्रत्येक महिना सम्बन्धित मालपोत कार्यालयमा पठाउनु पर्नेछ।
|
| 224 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको प्रतिवेदनमा उल्लेख गर्नु पर्ने कुरा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 225 |
+
|
| 226 |
+
**२६. पदीय दुराचरण गरेको मानिने:**
|
| 227 |
+
नोटरी पब्लिकले दफा २० बमोजिमको कुनै काम गरेमा पदीय दुराचरण गरेको मानिनेछ।
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
---
|
| 230 |
+
|
| 231 |
+
## परिच्छेद-५
|
| 232 |
+
## लिखत प्रमाणीकरण तथा कागजात अनुबाद सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 233 |
+
|
| 234 |
+
**२७. लिखत प्रमाणीकरण सम्बन्धी कार्यबिधि:**
|
| 235 |
+
(१) कुनै लिखत प्रमाणीकरण गराउन चाहने व्यक्तिले लिखत प्रमाणीकरण गराउनको लागि तोकिए बमोजिम नोटरी पब्लिक समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 236 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन दिंदा निबेदकले आफूलाई चिने जानेका दुईजना साक्षी नोटरी पब्लिक समक्ष उपस्थित गराउनु पर्नेछ। त्यसरी साक्षी उपस्थित गराउँदा साक्षीको परिचय खुल्ने कागजात समेत पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 237 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन प्राप्त भएमा नोटरी पब्लिकले लिखतमा हस्ताक्षर गर्ने व्यक्तिको वास्तविकता यकिन गर्नु पर्नेछ।
|
| 238 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम व्यक्तिको यकिन गर्ने सम्बन्धमा नोटरी पब्लिकले निबेदकसँग थप कागजात माग गर्न, निबेदक र निजले उपस्थित गराएको साक्षीसँग आवश्यक सोधपुछ गर्न बा सो विषयमा निजको कागज गराउन सक्नेछ।
|
| 239 |
+
(५) नोटरी पब्लिकले अड्डा अदालतमा पेश गर्ने लिखतको प्रमाणीकरण गर्ने भएमा निबेदकलाई तोकिए बमोजिम शपथ गराउन सक्नेछ।
|
| 240 |
+
(६) नोटरी पब्लिकले निबेदकलाई व्यक्तिगत रुपमा चिने जानेको भएमा बा उपदफा (४) बमोजिम माग भएको कागजात बा निबेदकले उपस्थित गराएको साक्षीसँगको सोधपुछको आधारमा निबेदक वास्तविक व्यक्तिको हो भन्ने यकिन भएमा नोटरी पब्लिकले निबेदकद्वारा पेश भएको लिखतमा निजको हस्ताक्षर र ल्याप्चे सहिच्छाप गर्न लगाई बा हस्ताक्षर गर्न नसक्ने निबेदकको हकमा ल्याप्चे छाप गर्न लगाई तोकिए बमोजिम लिखत प्रमाणीकरण गर्न सक्नेछ।
|
| 241 |
+
(७) लिखत प्रमाणीकरण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 242 |
+
|
| 243 |
+
**२८. कागजात अनुवाद गर्ने सम्बन्धी कार्यबिधि:**
|
| 244 |
+
(१) कुनै कागजात अनुवाद गराउन चाहने व्यक्तिले कागजात अनुवादको लागि तोकिए बमोजिम नोटरी पब्लिक समक्ष निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 245 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन प्राप्त भएमा नोटरी पब्लिकले त्यस्तो कागजात आधिकारिक भए नभएको यकिन गर्नु पर्नेछ।
|
| 246 |
+
(३) कुनै कागजातको आधिकारिकताको सम्बन्धमा शंका लागेमा नोटरी पब्लिकले त्यस्तो कागजात आवश्यक जाँचबुझ बा परीक्षण गर्न बा त्यस्तो कागजात जारी गर्ने कार्यालय बा सो संस्थासँग सो सम्बन्धमा बुझ्न सक्नेछ।
|
| 247 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको जाँचबुझ समेतबाट त्यस्तो कागजात आधिकारिक देखिएमा नोटरी पब्लिकले त्यस्तो कागजात अनुवाद गरी सो कागजात तोकिए बमोजिम प्रमाणित गर्नु पर्नेछ।
|
| 248 |
+
(५) कागजात अनुवाद गर्ने सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 249 |
+
|
| 250 |
+
**२९. नक्कल प्रमाणित गर्ने कार्यबिधि:**
|
| 251 |
+
नोटरी पब्लिकले सक्कल कागजातको नक्कल प्रमाणित गर्दा अपनाउनु पर्ने कार��यबिधि तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
**३०. नोटरी पब्लिकले लिन पाउने शुल्क:**
|
| 254 |
+
नोटरी पब्लिकले लिखत प्रमाणीकरण बा कागजात अनुवाद गरे बापत लिन पाउने शुल्क तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 255 |
+
|
| 256 |
+
---
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
## परिच्छेद-६
|
| 259 |
+
## निरीक्षण, छानबिन तथा निलम्बन सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 260 |
+
|
| 261 |
+
**३१. निरीक्षण तथा अनुगमन गर्न सक्ने:**
|
| 262 |
+
(१) परिषद्ले नोटरी पब्लिकले गरेको काम कारबाहीको निरीक्षण बा अनुगमन गर्न बा त्यस्तो काम कारबाहीका सम्बन्धमा नोटरी पब्लिकबाट कागजात, जानकारी बा स्पष्टीकरण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 263 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम परिषद्ले माग गरेको कागजात, जानकारी बा स्पष्टीकरण सम्बन्धित नोटरी पब्लिकले समयमै परिषद्लाई दिनु पर्नेछ।
|
| 264 |
+
|
| 265 |
+
**३२. उजुरी, छानबिन तथा निलम्बन:**
|
| 266 |
+
(१) कुनै नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गरेमा सो थाहा पाउने व्यक्तिले त्यस्तो काम भएको दुई वर्षभित्र परिषद् समक्ष उजुरी गर्न सक्नेछ।
|
| 267 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी परेमा बा दफा ३१ बमोजिम निरीक्षण बा अनुगमन गर्दा बा अन्य कुनै श्रोतबाट नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गरेको कुरा जानकारी हुन आएमा परिषदले सम्बन्धित नोटरी पब्लिकसँग सो सम्बन्धमा अवधि तोकी जानकारी बा स्पष्टीकरण माग गर्न बा निजलाई आफू समक्ष उपस्थित गराई बयान गराउन सक्नेछ।
|
| 268 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम माग गरिएको जानकारी बा स्पष्टीकरण बा लिईएको बयानबाट नोटरी पब्लिकलाई निलम्बन गर्नु पर्ने देखिएमा परिषद्ले त्यस्तो नोटरी पब्लिकलाई निलम्बन गर्न सक्नेछ।
|
| 269 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको निलम्बनको अवधि दुई महिनाभन्दा बढी हुने छैन र परिषद्ले सो अवधिभित्र उजुरी सम्बन्धी काम टुङ्ग्याई सक्नु पर्नेछ।
|
| 270 |
+
(५) उजुरीको छानबिन सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 271 |
+
|
| 272 |
+
---
|
| 273 |
+
|
| 274 |
+
## परिच्छेद-७
|
| 275 |
+
## सजाय तथा क्षतिपूर्ति सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 276 |
+
|
| 277 |
+
**३३. सजाय:**
|
| 278 |
+
(१) कसैले यस ऐन बमोजिम प्रमाणपत्र नलिई नोटरी पब्लिकको काम गरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई तीन बर्षसम्म कैद बा एक लाख पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 279 |
+
(२) कुनै नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गरेमा कसूरको प्रकृति हेरी निजलाई चार बर्षसम्म कैद बा दुई लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 280 |
+
(३) लिखत गर्ने व्यक्तिले प्रमाणीकरण गरिएको लिखतमा लेखाएको ब्यहोरा झुट्टा ठहरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई चार बर्षसम्म कैद बा दुई लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 281 |
+
(४) कुनै व्यक्तिले दफा २७ को उपदफा (४) बमोजिम गरेको शपथ झुट्टा ठहरेमा त्यस्तो व्यक्तिलाई तीन महिनासम्म कैद बा पन्थ्र हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 282 |
+
(५) लिखत प्रमाणीकरण गर्न साक्षी बस्ने व्यक्तिले गलत व्यक्तिको यकिन गरेमा बा गलत बिबरण बा बयान दिएमा बा गलत कागज गरेमा निजलाई छ महिनासम्म कैद बा पच्चीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 283 |
+
(६) कसैले नोटरी पब्लिकसँगको मिलेमतोमा जालसाजी बा कीर्ते गरी बा झुक्याई लिखत प्रमाणीकरण गराएमा त्यस्तो व्यक्तिलाई एक बर्षसम्म कैद बा पचास हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 284 |
+
(७) कसैले अनुबाद गर्ने कागजातमा लेखिएको मिति, अङ बा व्यहोरा फरक पारी अनुबाद गरे गराएमा त्यस्तो व्यक्तिलाई तीन महिनासम्म कैद बा पन्थ्र हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 285 |
+
(८) कसैले यस दफामा लेखिएदेखि बाहेक यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बिपरीत कुनै काम गरेमा निजलाई तीन महिनासम्म कैद बा पन्थ्र हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 286 |
+
|
| 287 |
+
**३४. क्षतिपूर्ति भराई लिन सक्ने:**
|
| 288 |
+
(१) नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गरेको कारणले कुनै व्यक्तिलाई हानि नोक्सानी हुन गएमा सोबाट मर्का पर्ने व्यक्तिले त्यसरी पदीय दुराचरण भएको मितिले दुई बर्षभित्र सम्बन्धित जिल्ला अदालतमा नालिस गरी निजबाट क्षतिपूर्ति भराई लिन सक्नेछ।
|
| 289 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नोटरी पब्लिकले देहायका अवस्थामा गरेको पदीय दुराचरण प्रति लिखतमा हस्ताक्षर गर्ने व्यक्ति बा निजको प्रतिनिधि समेत त्यस्तो हानि नोक्सानीको लागि समान रुपले जिम्मेबार हुनेछ:-
|
| 290 |
+
(क) पदीय दुराचरण लिखतमा हस्ताक्षर गर्ने व्यक्तिको काम गर्दा भएको, र
|
| 291 |
+
(ख) नोटरी पब्लिकले पदीय दुराचरण गर्न लागेको कुरा थाहा हुँदाहुँदै त्यस्तो काम गर्न निजले सहमति जनाएको।
|
| 292 |
+
|
| 293 |
+
---
|
| 294 |
+
|
| 295 |
+
## परिच्छेद-८
|
| 296 |
+
## विविध
|
| 297 |
+
|
| 298 |
+
**३५. सार्वजनिक जबाफदेहीको पद मानिने:**
|
| 299 |
+
नोटरी पब्लिक सार्वजनिक जबाफदेहीको पद मानिनेछ।
|
| 300 |
+
|
| 301 |
+
**३६. नोटरी पब्लिकको छाप तथा यसको प्रयोग:**
|
| 302 |
+
(१) नोटरी पब्लिकको छाप तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 303 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको छाप नोटरी पब्लिकले नोटरी पब्लिकको काममा बाहेक अन्य काममा प्रयोग गर्न हुँदैन।
|
| 304 |
+
|
| 305 |
+
**३७. आचार संहिता बनाई लागू गर्ने:**
|
| 306 |
+
परिषदले नोटरी पब्लिकले पालना गर्नु पर्ने आचार संहिता बनाई लागू गर्नेछ।
|
| 307 |
+
|
| 308 |
+
**३८. नोटरी पब्ल���कको अभिलेख राख्नु पर्ने:**
|
| 309 |
+
परिषद्ले नोटरी पब्लिकको अभिलेख तोकिए बमोजिम राख्नु पर्नेछ।
|
| 310 |
+
|
| 311 |
+
**३९. अनुवाद गर्ने सम्बन्धी विशेष व्यवस्था:**
|
| 312 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यो ऐन प्रारम्भ हुँदाका बखत प्रचलित कानून बमोजिम स्थापना भई कागजात अनुवाद गर्न अधिकार पाएको संस्थाले परिषद्वाट स्वीकृति लिई कागजात अनुवाद गर्न सक्नेछ।
|
| 313 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम स्वीकृति पाएको संस्थाले कागजात अनुवाद गर्दा दफा २६ बमोजिमको प्रकृया पूरा गर्नु पर्नेछ।
|
| 314 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम स्वीकृति पाएको संस्थाले यस ऐन बिपरीत कागजात अनुवाद गरेमा त्यस्तो संस्थाको प्रमुखलाई दफा ३३ बमोजिमको सजाय हुनेछ।
|
| 315 |
+
|
| 316 |
+
**४०. प्रचलित कानून बमोजिम मुद्दा चलाउन बाधा नपर्ने:**
|
| 317 |
+
नोटरी पब्लिक, लिखत प्रमाणीकरण गराउने बा कागजात अनुवाद गर्ने गराउने व्यक्तिले यस ऐन बिपरीत गरेको कुनै काम अन्य कानून बमोजिम पनि सजाय हुने रहेछ भने निज उपर त्यस्तो कानून बमोजिम मुद्दा चलाउन यस ऐनले कुनै बाधा पुए्याएको मानिने छैन।
|
| 318 |
+
|
| 319 |
+
**४१. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 320 |
+
परिषद्ले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम आफूलाई प्राप्त भएको अधिकारमध्ये आवश्यकता अनुसार केही अधिकार अध्यक्ष, सदस्य, सचिब बा परिषद्को कुनै अधिकृत कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
**४२. नेपाल सरकार बादी हुने:**
|
| 323 |
+
(१) यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ।
|
| 324 |
+
(२) यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१ मा परेको मानिनेछ।
|
| 325 |
+
|
| 326 |
+
**४३. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 327 |
+
परिषद्ले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 328 |
+
|
| 329 |
+
**४४. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 330 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न परिषद्ले आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
|
| 331 |
+
|
| 332 |
+
---
|
| 333 |
+
|
| 334 |
+
## द्रष्टव्य:
|
| 335 |
+
१. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहर:-
|
| 336 |
+
"कानून, न्याय तथा संसदीय व्यवस्था मन्त्रालय", "कानून, न्याय, संविधानसभा तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय" बा "कानून, न्याय तथा संविधानसभा व्यवस्था मन्त्रालय" को सट्टा "कानून, न्याय तथा संविधानसभा मामिला मन्त्रालय",
|
| 337 |
+
२. केही नेपाल कानूनलाई संशोधन, एकीकरण, समायोजन र खारेज गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा रुपान्तरण भएका शब्दहरु:-
|
| 338 |
+
"सरकारी मुद्दा सम्बन्धी ऐन, २०४९ को अनुसूची-१" भन्ने शब्दहरुको सट्���ा "मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१"।
|
section_3_pdf_9.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,319 @@
|
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| 1 |
+
**निर्वाचन आयोग ऐन, २०७३**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**प्रमाणीकरण तथा प्रकाशन मिति**
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| 4 |
+
२०७३।१०।२०
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| 5 |
+
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| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
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| 7 |
+
१. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
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| 8 |
+
२०७४।११।१९
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| 9 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
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| 10 |
+
२०६२।०४।१४
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| 11 |
+
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| 12 |
+
संवत् २०७३ सालको ऐन नं. २२
|
| 13 |
+
निर्वाचन आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार सम्बन्धी कानूनलाई संशोधन र एकीकरण गर्न बनेको ऐन
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| 14 |
+
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| 15 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 16 |
+
निर्वाचन आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार सम्बन्धी कानूनलाई संशोधन र एकीकरण गर्न बाज्छुनीय भएकोले,
|
| 17 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका-संसदले यो ऐन बनाएको छ।
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| 18 |
+
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| 19 |
+
---
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| 20 |
+
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| 21 |
+
### **परिच्छेद-१**
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| 22 |
+
### **प्रारम्भिक**
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| 23 |
+
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| 24 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
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| 25 |
+
(१) यस ऐनको नाम "निर्वाचन आयोग ऐन, २०७३" रहेको छ।
|
| 26 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 27 |
+
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| 28 |
+
**२. परिभाषा:**
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| 29 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 30 |
+
(क) "आयुक्त" भन्नाले आयोगको निर्वाचन आयुक्त सम्झनु पर्छ र सो शब्दले प्रमुख निर्वाचन आयुक्तलाई समेत जनाउँछ।
|
| 31 |
+
(ख) "आयोग" भन्नाले संविधानको धारा २४४ बमोजिमको निर्वाचन आयोग सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
(ग) "उम्मेदबार" भन्नाले प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिम कुनै निर्वाचनका लागि उम्मेदबारको अन्तिम सूचीमा नाम समावेश भएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 33 |
+
(घ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियम बा आयोगले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी जारी गरेको आदेशमा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ङ) "नाम दर्ता अधिकारी" भन्नाले मतदाताको नाम तथा अन्य आवश्यक विवरण सङलन गर्ने, मतदाता नामावली तयार बा अद्यावधिक गर्ने समेतको कार्यका लागि आयोगले तोकेको प्रमुख नाम दर्ता अधिकारी, नाम दर्ता अधिकारी बा सहायक नाम दर्ता अधिकारी सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(च) "निर्वाचन" भन्नाले संविधान तथा सङ्घीय कानून बमोजिम हुने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सङ्घीय संसदका सदस्य, प्रदेश सभाका सदस्य तथा स्थानीय तहका सदस्यको निर्वाचन सम्झनु पर्छ र सो शब्दले उपनिर्वाचनलाई समेत जनाउँछ।
|
| 36 |
+
(छ) "निर्वाचन अधिकारी" भन्नाले तोकिए बमोजिमको निर्वाचन अधिकारी सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(ज) "निर्वाचन अधिकृत" भन्नाले दफा १९. बमोजिम नियुक्त भएको मुख्य निर्वाचन अधिकृत बा निर्वाचन अधिकृत सम्झनु पर्छ र सो शब्दले सहायक निर्वाचन अधिकृतलाई समेत जनाउँछ।
|
| 38 |
+
(झ) "निर्वाचन अवधि" भन्नाले निर्वाचन हुने मितिभन्दा एकसय बीस दिन ���गाडिदेखि निर्वाचनको अन्तिम परिणाम सार्वजनिक नभए सम्मको अवधि सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(ट) "मतदाता" भन्नाले सङ्घीय कानून बमोजिम अन्तिम मतदाता नामावलीमा नाम समावेश भएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
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| 40 |
+
(ट) "राजनीतिक दल" भन्नाले सङ्घीय कानून बमोजिम आयोगमा दर्ता भएको राजनीतिक दल सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(ड) "सचिव" भन्नाले आयोगको सचिव सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(ड) "संविधान" भन्नाले नेपालको संविधान सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
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| 44 |
+
---
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| 45 |
+
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| 46 |
+
### **परिच्छेद-२**
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| 47 |
+
### **आयोगको काम, कर्तव्य र अधिकार**
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| 48 |
+
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| 49 |
+
**३. निर्वाचन मिति तोक्ने:**
|
| 50 |
+
(१) सङ्घीय कानूनमा अन्यथा व्यवस्था भएकोमा बाहेक नेपाल सरकारले निर्वाचन गराउन मिति तोक्नेछ।
|
| 51 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निर्वाचन मिति तोकिएको सूचना नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गरिनेछ।
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
**४. सुरक्षा प्रबन्ध गर्न लेखी पठाउन सक्ने:**
|
| 54 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको प्रभावकारी सुरक्षा व्यवस्थापनका लागि नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा स्थानीय सरकारलाई लेखी पठाउन सक्नेछ।
|
| 55 |
+
(२) आयोगबाट उपदफा (१) बमोजिम लेखी आएमा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा स्थानीय सरकारले प्रभावकारी सुरक्षा प्रबन्ध मिलाई सुरक्षा योजनाका बारेमा आयोगलाई जानकारी गराउनु पर्नेछ।
|
| 56 |
+
|
| 57 |
+
**५. अनुगमन गर्ने बा गराउने:**
|
| 58 |
+
(१) आयोगले आयोगका पदाधिकारी बा कर्मचारी बा नेपाल सरकारका कर्मचारी बा प्रदेश सरकारका कर्मचारी बा विशेषज्ञ सहितका टोली गठन गरी निर्वाचन प्रचार प्रसार, निर्वाचनसँग सम्बन्धित मतदान, मतगणना बा अन्य काम कारबाहीको अनुगमन गर्न बा गराउन सक्नेछ।
|
| 59 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले टोली गठन गर्दा अनुगमन गर्ने निर्वाचन क्षेत्र, अनुगमन गर्दा अपनाउनु पर्ने कार्यबिधि र त्यस्ता टोलीले अनुगमनको काम सम्पन्न गर्नु पर्ने समय समेत निर्धारण गर्नु पर्नेछ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**६. पर्यवेक्षण गर्न दिन सक्ने:**
|
| 62 |
+
(१) कुनै स्वदेशी बा विदेशी व्यक्ति बा संस्थालाई निर्वाचनसँग सम्बन्धित काम कारबाहीको पर्यवेक्षण गर्नका लागि आयोगले अनुमति दिन सक्नेछ।
|
| 63 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुमति प्राप्त गरेका व्यक्ति बा संस्थाले आयोगले पर्यवेक्षणका निमित्त तोके बमोजिमको कार्यबिधि पूरा गरी पर्यवेक्षण गर्नु पर्नेछ र त्यस्तो कार्यबिधि पालना नगरी पर्यवेक्षण गर्ने व्यक्ति बा संस्थाको अनुमति आयोगले रद्द गर्नेछ।
|
| 64 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम अनुमति प्राप्त गरेका व्यक्ति बा संस्थाले पर्यवेक्षण कार्य समाप्त भएको तीस दिन भित्र त्यसको प्��तिवेदन आयोग समक्ष दिनु पर्नेछ।
|
| 65 |
+
(४) यस दफा बमोजिम पर्यवेक्षणका लागि अनुमति प्राप्त गरेका स्वदेशी बा विदेशी व्यक्ति बा संस्थाले पर्यवेक्षण गर्दा आयोगले बनाएको आचारसंहिता पालना गर्नु पर्नेछ।
|
| 66 |
+
|
| 67 |
+
**७. सहयोग लिन सक्ने:**
|
| 68 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको कामका लागि नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तह बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको कुनै मन्त्रालय, विभाग बा कार्यालय बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रणमा रहेको बा नेपाल सरकारको अनुदानमा सञ्चालित संस्थासँग सोझै सम्पर्क राख्न र त्यस्ता संस्था बा निकायबाट कुनै पनि सहयोग लिन सक्नेछ।
|
| 69 |
+
(२) आयोगले निर्वाचनसँग सम्बन्धित कामका लागि कुनै सार्वजनिक बा निजी संस्थाबाट आवश्यक सहयोग लिन बा त्यस्ता संस्था बा निकायबाट निर्वाचन सम्बन्धी काम गराउन सक्नेछ।
|
| 70 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम आयोगले मागेको सहयोग उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित संस्था बा निकायको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 71 |
+
|
| 72 |
+
**८. भौतिक साधन प्रयोग गर्न सक्ने:**
|
| 73 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको काम सञ्चालन गर्नका लागि नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार, नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रणमा रहेका संस्था बा स्थानीय तहको जागा, भवन, परिवहनको साधन, फर्निचर बा अन्य जुनसुकै भौतिक साधन पूर्व सूचना दिई आवश्यकता अनुसार प्राप्त गरी प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 74 |
+
(२) आयोगले निर्वाचनको काम सञ्चालन गर्नका लागि कुनै सार्वजनिक संस्था बा निकाय बा सामुदायिक बा निजी विद्यालय बा महाविद्यालयको जागा, भवन, फर्निचर बा अन्य भौतिक साधन पूर्व सूचना दिई आवश्यकता अनुसार प्राप्त गरी प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 75 |
+
(३) आयोगले निर्वाचनको काम सञ्चालन गर्नका लागि कुनै व्यक्ति बा गैरसरकारी संस्था बा निकायको जागा, भवन, परिवहनको साधन, फर्निचर बा अन्य भौतिक साधनको प्रचलित दर अनुसारको भाडा दिने गरी प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 76 |
+
(४) निर्वाचनको कुनै कामका लागि आयोगले बा आयोगको आदेशले कुनै व्यक्ति बा संस्था बा निकायको जागा, भवन, परिवहनको साधन, फर्निचर बा अन्य भौतिक साधन प्रचलित मूल्य बमोजिमको भाडा तिर्ने गरी प्रयोग गरेको अवस्थामा आयोगले त्यस्तो अवधिभरका लागि प्रयोग गरिएका जागा, भवन, परिवहनको साधन, फर्निचर बा अन्य भौतिक साधनको प्रचलित दर अनुसारको भाडा दिनेछ।
|
| 77 |
+
|
| 78 |
+
**९. उम्मेदवारको अयोग्यता सम्बन्धी निर्णय गर्ने:**
|
| 79 |
+
(१) उम्मेदवारको मनोनयन दर्ता भइसकेको तर निर्वाचन परिणाम घोषणा भई नसकेको अवस्थामा कुनै उम्मेदवार अयोग्य छ बा हुन गएको छ भन्ने विषयमा स्पष्ट प्रमाण सहित सम्बन्धित निर्वाचन अधिकृत मार्फत निर्वाचन आयोग समक्ष उजुरी दिन सकिनेछ।
|
| 80 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी प्राप्त भएमा सम्बन्धित निर्वाचन अधिकृतले त्यस्तो उम्मेदवारलाई सात दिनको म्याद दिई त्यस सम्बन्धमा स्पष्टीकरण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 81 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम स्पष्टीकरण प्राप्त भएपछि बा म्यादभित्र स्पष्टीकरण प्राप्त नभएमा सोही ब्यहोरा उल्लेख गरी सम्बन्धित निर्वाचन अधिकृतले उपदफा (१) बमोजिम परेको उजुरी र तत्सम्बन्धी कागजात यथाशीघ्र आयोगमा पठाउनु पर्नेछ।
|
| 82 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम उजुरी र तत्सम्बन्धी कागजात प्राप्त भएपछि आयोगले चाहेमा सम्बन्धित उम्मेदवारसँग बुझ्न बा थप प्रमाण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 83 |
+
(५) आयोगले यस दफा बमोजिम प्राप्त उजुरी र संलग्न कागजातउपर आवश्यक जाँचबुझ गरी उपदफा (३) बमोजिम निर्वाचन अधिकृतबाट आफू समक्ष उजुरी प्राप्त भएको मितिले सात दिनभित्र उम्मेदवारको अयोग्यता सम्बन्धमा निर्णय गरिसक्नु पर्नेछ।
|
| 84 |
+
(६) यस दफा बमोजिम आयोगले उम्मेदवारको अयोग्यता सम्बन्धमा निर्णय गर्दा अपनाउनु पर्ने कार्यबिधि आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 85 |
+
(७) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि आयोगले कुनै उम्मेदवारको अयोग्यताका सम्बन्धमा यस दफा बमोजिम निर्णय गरी नसकेको कारणबाट मात्र त्यस्तो निर्वाचनको काम कारबाहीमा कुनै असर पर्ने छैन।
|
| 86 |
+
|
| 87 |
+
**१०. निर्वाचन रद्द गर्न सक्ने:**
|
| 88 |
+
(१) कसैले धाक, धम्की, डर बा त्रास देखाई बा अन्य कुनै किसिमले अनुचित प्रभावमा पारी कुनै निर्वाचन क्षेत्र बा मतदान केन्द्रमा निर्वाचनको कुनै काम बा मतदानको कामको निष्पक्षता र स्वतन्त्रतामा असर पुए्याउने काम गरेको छ भनी आयोगमा उजुरी परेमा बा त्यस्तो कुराको जानकारी आयोगलाई प्राप्त भएमा आयोगले कुनै आयुक्त, सचिब बा आयोगबाट अधिकार प्रदान गरिएको अन्य कुनै अधिकारीबाट त्यस सम्बन्धमा तत्काल जाँचबुझ गराउन सक्नेछ।
|
| 89 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले गराएको जाँचबुझको प्रतिवेदनबाट निर्वाचनको कुनै काम स्वतन्त्र र निष्पक्ष नभएको कुरामा आयोग विश्वस्त भएमा त्यस्तो कुरा खुलाई त्यस्तो निर्वाचन क्षेत्रको निर्वाचन बा त्यस्तो निर्वाचन क्षेत्रको कुनै बा सबै मतदान केन्द्रको मतदानको काम रद्द गर्न सक्नेछ।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
**११. अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 92 |
+
संविधान, यस ऐन र अन्य सङ्घीय कानूनमा उल्लेख भएका काम, कर्तव्य र अधिकारको अतिरिक्त आयोगको अन्य काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछः
|
| 93 |
+
(क) निर्वाचन सम्बन्धी नीति, योजना, रणनीति तयार गर्ने, त्यसको कार्यान्वयन र अनुगमन गर्ने,
|
| 94 |
+
(ख) मतदाता पहिचानको लागि आवश्यक व्यवस्था मिलाउने,
|
| 95 |
+
(ग) निर्वाचन सम्बन्धी सुधारका विषयमा आवश्यक अध्ययन, अनुसन्धान गर्ने,
|
| 96 |
+
(घ) निर्वाचन सम्बन्धी सूचना तथा तथ्याङ्लाई एकीकृत गरी अभिलेखको व्यवस्थापन गर्ने,
|
| 97 |
+
(ङ) निर्वाचन कार्यालयहरुको पूर्वाधार विकास सम्बन्धी आवश्यक व्यवस्था मिलाउने,
|
| 98 |
+
(च) निर्वाचन सम्बन्धी विशेषज्ञ सेवा दिने व्यवस्था मिलाउने,
|
| 99 |
+
(छ) निर्वाचनसँग सम्बन्धित अन्तर्राहिय संघ संस्थासँग सम्बन्ध विस्तार गर्ने।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
---
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
### **परिच्छेद-३**
|
| 104 |
+
### **आयोगको कार्य सञ्चालन तथा व्यवस्थापन**
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
**१२. आयोगको कार्य विभाजन:**
|
| 107 |
+
प्रमुख निर्वाचन आयुक्त र आयुक्तको कार्य विभाजन आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 108 |
+
|
| 109 |
+
**१३. आयोगको बैठक र निर्णय:**
|
| 110 |
+
(१) संविधान तथा प्रचलित कानून बमोजिम आयोगले गर्नु पर्ने सबै काम प्रमुख निर्वाचन आयुक्त मात्र रहेको अवस्थामा निजबाट र अन्य आयुक्त समेत रहेको अवस्थामा निजहरुको बैठक बसी निर्णय भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 111 |
+
(२) आयोगको बैठकको अध्यक्षता प्रमुख निर्बाचन आयुक्तले गर्नेछ।
|
| 112 |
+
(३) आयोगको बैठक आवश्यकता अनुसार प्रमुख निर्बाचन आयुक्तले बोलाएको समयमा बस्नेछ।
|
| 113 |
+
(४) आयोगको निर्णयको अभिलेख आयोगको सचिवले प्रमाणित गरी रीतपूर्वक राख्नु पर्नेछ।
|
| 114 |
+
(५) आयोगको बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 115 |
+
|
| 116 |
+
**१४. आयोगको काम कारबाहीमा बाधा नपर्ने:**
|
| 117 |
+
कुनै आयुक्तको स्थान रिक्त रहेको कारणले मात्र आयोगको काम कारबाहीमा बाधा पर्ने छैन।
|
| 118 |
+
|
| 119 |
+
**१५. आयोगको सचिवालय:**
|
| 120 |
+
आयोगको कार्य सञ्चालन तथा व्यवस्थापनको लागि केन्द्रीय स्तरमा आयोगको सचिवालय रहनेछ।
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
**१६. आयोगको प्रादेशिक तथा अन्य कार्यालय:**
|
| 123 |
+
(१) आयोग आफैले सम्पादन गर्नु पर्ने कामका लागि आवश्यकता अनुसार प्रदेश तथा तोकिए बमोजिमको अन्य स्थानमा कार्यालय स्थापना गर्न सक्नेछ।
|
| 124 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम स्थापना भएका कार्यालयको काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 125 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम स्थापना भएका कार्यालयले उपदफा (२) मा उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त आयोगले तोकेको वा सुम्पेको जिम्मेबारी समेत बहन गर्नु पर्नेछ।
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
**१७. आयोगको सङ्गठन संरचना र कर्मचारी व्यवस्था:**
|
| 128 |
+
(१) आयोगको सङ्गठनात्मक संरचना र कर्मचारीको दरबन्दी आयोगको सिफारिसमा नेपाल सरकारले स्वीकृत गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 129 |
+
(२) आयोगको कार्य सञ्चालन तथा व्यवस्थापनको लागि आवश्यक पर्ने कर्मचारी नेपाल सरकारले उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
**१८. आयोगको सचिव:**
|
| 132 |
+
(१) आयोगको प्रशासनिक प्रमुखको रुपमा काम गर्न एक सचिव रहनेछ।
|
| 133 |
+
(२) सचिवले प्रमुख निर्बाचन आयुक्तको सामान्य निर्देशनमा रही यस ऐन र अन्य प्रचलित कानूनमा तोकिएका काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त देहाय बमोजिमका काम, कर्तव्य र अधिकार प्रयोग गर्नेछ:-
|
| 134 |
+
(क) आयोगको प्रशासन र व्यवस्थापन सम्बन्धी काम गर्ने, गराउने,
|
| 135 |
+
(ख) आयोगको बार्षिक बजेट, कार्यक्रम र योजना तयार गरी आयोग समक्ष पेश गर्ने, गराउने,
|
| 136 |
+
(ग) आयोगको चल, अचल सम्पतिको रेखदेख, स्याहार सम्भार गर्ने, गराउने,
|
| 137 |
+
(घ) आयोगको काम कारबाही सुचारु रुपले सञ्चालन गर्न आवश्यक व्यवस्था गर्ने, गराउने,
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| 138 |
+
(ङ) आयोगको नीति, कार्यक्रम तथा निर्णयको कार्यान्वयन गर्ने, गराउने,
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| 139 |
+
(च) आयोगले तोके बमोजिमको अन्य कार्य गर्ने गराउने।
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| 140 |
+
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| 141 |
+
**१९. कर्मचारी नियुक्त गर्न बा तोक्न सक्ने:**
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| 142 |
+
(१) आयोगले मतदाता नामावली तयार गर्नका लागि आवश्यक सङ्ख्यामा प्रमुख नाम दर्ता अधिकारी, नाम दर्ता अधिकारी, सहायक नाम दर्ता अधिकारी, मतदाता नामावली सङ्लनकर्ता र निर्वाचनको कामका लागि मुख्य निर्वाचन अधिकृत, निर्वाचन अधिकृत, सहायक निर्वाचन अधिकृत, मतदान अधिकृत, सहायक मतदान अधिकृत लगायत आवश्यक देखिएका अन्य पद सिर्जना गरी त्यस्ता पदमा आवश्यकता अनुसार कर्मचारी नियुक्त गर्न बा तोक्न सक्नेछु।
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| 143 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिमको कार्य सम्पादन गर्नका लागि सम्बन्धित अधिकारीलाई सहयोग पुन्याउन नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार तथा स्थानीय तहका कर्मचारी बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रणमा रहेको बा नेपाल सरकारको अनुदानमा सञ्चालित संस्थाका कर्मचारी बा विश्वविद्यालय बा सामुदायिक विद्यालयका शिक्षक बा कर्मचारीलाई खटाउन बा काममा लगाउन सक्नेछ।
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| 144 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम निर्वाचनको काममा संलग्न शिक्षक बा कर्मचारी निर्वाचनको काम सम्पन्न नहुजेलसम्म आयोगको कर्मचारी मानिनेछ।
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| 145 |
+
(४) निर्���ाचनको काममा खटाएको बा लगाएको कर्मचारीलाई आयोगको स्वीकृति बिना सरुवा गर्न बा काज खटाउन पाइने छैन।
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| 146 |
+
(५) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि निर्वाचन अवधिभर आयोगको स्वीकृति बिना कुनै पनि कर्मचारी सरुवा गर्न बा काज खटाउन पाइने छैन।
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| 147 |
+
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| 148 |
+
**२०. अस्थायी दरबन्दीको सिर्जना:**
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| 149 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको काम गर्न बढीमा छ महिनासम्मका लागि आवश्यक सङ्ख्यामा अस्थायी पदको दरबन्दी सिर्जना गर्न सक्नेछु।
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| 150 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सिर्जना भएको दरबन्दीमा नेपाल सरकारको जुनसुकै सेवाबाट अबकाश प्राप्त गरेको कर्मचारीलाई बढीमा निजले अबकाश प्राप्त गर्दाको पदको सुविधा पाउने गरी आयोगले नियुक्ति गर्न सक्नेछ।
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| 151 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको अवधिभित्र त्यस्तो पदको काम सम्पन्न नभएमा आयोगले एकैपटक बा पटक-पटक गरी छ महिनासम्म म्याद थप गर्न सक्नेछ।
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| 152 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम सिर्जना गरिएका पदमा आयोगले अस्थायी बा करार बा ज्यालादारीमा नियुक्त गर्न सक्नेछ।
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| 153 |
+
(५) तर यस दफा बमोजिम अस्थायी दरबन्दी सृजना गर्दा बा करार बा ज्यालादारीमा कर्मचारी नियुक्तिको सम्बन्धमा नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालयको सहमति लिई आयोगले बनाएको कार्यबिधि बमोजिम गर्नु पर्नेछ।
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| 154 |
+
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| 155 |
+
**२१. विशेषज्ञको सेवा लिन सक्ने:**
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| 156 |
+
(१) आयोगले आवश्यकता अनुसार निर्वाचनको कामको सम्बन्धमा विशेषज्ञको सेवा लिन सक्नेछ।
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| 157 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम लिइएको विशेषज्ञको सेवाको कार्य विवरण र पारिश्रमिक आयोगले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
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| 158 |
+
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| 159 |
+
---
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| 160 |
+
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| 161 |
+
### **परिच्छेद-४**
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| 162 |
+
### **निर्वाचन आचारसंहिता**
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| 163 |
+
|
| 164 |
+
**२२. निर्वाचन आचारसंहिता:**
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| 165 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनमा स्वच्छता, निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा भयमुक्त वातावरण कायम राख्न देहायका निकाय बा व्यक्तिले पालना गर्नु पर्ने आचारसंहिता बनाउन सक्नेछ:-
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| 166 |
+
(क) नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार र स्थानीय तहका सरकारी तथा अर्धसरकारी संस्थाको कार्यालय तथा कर्मचारी,
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| 167 |
+
(ख) नेपाली सेना, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल तथा राष्ट्रिय अनुसन्धान विभाग र प्रदेश प्रहरीका कार्यालय तथा सुरक्षाकर्मी,
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| 168 |
+
(ग) निर्वाचनको काममा संलग्न कर्मचारी,
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| 169 |
+
(घ) राजनीतिक दल,
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| 170 |
+
(ङ) उम्मेदबार तथा उम्मेदबारसँग सम्बन्धित व्यक्ति,
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| 171 |
+
(च) सरकारी तथा निजी क्षेत्रका सञ्चार माध्यम,
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| 172 |
+
(छ) निजी तथा गैरसरकारी संस्था,
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| 173 |
+
(ज) आयोगले तोकेका अन्य निकाय बा व्यक्ति।
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| 174 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम आचारसंहिता बनाउँदा ���म्बन्धित सरोकारबालासँग परामर्श गर्नेछ।
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| 175 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले आचारसंहिता बनाउँदा खासगरी निर्वाचनको स्वच्छता र निष्पक्षतामा प्रभाव पर्ने गरी नेपाल सरकारले नयाँ नीति, योजना तथा कार्यक्रम घोषणा गर्न, जनशक्ति तथा साधन स्रोतको परिचालन गर्न तथा निर्वाचन प्रचार-प्रसारका लागि सरकारी सञ्चार साधनको प्रयोग गर्न नपाउने विषयमा आचारसंहिता बनाउन सक्नेछ।
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| 176 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिम आयोगले बनाएको आचारसंहिता नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गरिनेछ र त्यस्तो आचारसंहिताको पालना गर्नु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
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| 177 |
+
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| 178 |
+
**२३. आचारसंहिता कार्यान्वयन तथा अनुगमन:**
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| 179 |
+
(१) दफा २२ बमोजिम आयोगले बनाएको आचारसंहिता पालना भए नभएको सम्बन्धमा आयोगले आवश्यकता अनुसार संयन्त्र निर्माण गरी जाँचबुझ तथा अनुगमन गर्नेछ।
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| 180 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम जाँचबुझ बा अनुगमन गर्दा कसैबाट आचारसंहिता पालना नभएको बा उल्लङ्गन भएको देखिएमा त्यस्तो काम तुरुन्त रोक्न बा बदर गर्नका लागि आयोगले सम्बन्धित राजनीतिक दल, उम्मेदबार, व्यक्ति, संस्था, पदाधिकारी बा निकायलाई आदेश दिनेछ।
|
| 181 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम आयोगले दिएको आदेश बमोजिम काम कारबाही नरोक्न बा बदर नगर्ने राजनीतिक दल, उम्मेदबार, व्यक्ति, संस्था, पदाधिकारी बा निकायलाई आयोगले एक लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 182 |
+
(४) कुनै उम्मेदबारले आयोगले बनाएको आचारसंहिताको उल्लङ्गन गरेको कारणबाट निर्वाचन स्वतन्त्र, स्वच्छ र धाँधलीरहित तवरबाट हुन नसक्ने कुरामा आयोग विश्वस्त भएमा त्यसको स्पष्ट आधार र कारण खोली आयोगले त्यस्तो उम्मेदबारको उम्मेदबारी रद्द गर्न सक्नेछ। यसरी उम्मेदबारी रद्द गर्नु अघि सम्बन्धित उम्मेदबारलाई सफाइको उचित मौका दिनु पर्नेछ।
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| 183 |
+
|
| 184 |
+
---
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| 185 |
+
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| 186 |
+
### **परिच्छेद-५**
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| 187 |
+
### **निर्वाचन खर्च सम्बन्धी व्यवस्था**
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| 188 |
+
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| 189 |
+
**२४. निर्वाचन खर्चको हद तोक्ने:**
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| 190 |
+
(१) आयोगले राजनीतिक दल वा उम्मेदवारले निर्वाचनमा गर्न पाउने खर्चको अधिकतम हद तोक्नेछ।
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| 191 |
+
(२) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम अधिकतम हद तोकिएको सूचना नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गर्नु पर्नेछ।
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| 192 |
+
(३) निर्वाचनमा भाग लिने राजनीतिक दल वा उम्मेदवारले उपदफा (१) बमोजिम तोकिएको अधिकतम हद भन्दा बढी हुने गरी निर्वाचन खर्च गर्नु वा गराउनु हुँदैन।
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| 193 |
+
|
| 194 |
+
**२५. निर्वाचन खर्चको विवरण पेश गर्नु पर्ने:**
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| 195 |
+
(१) निर्वाचन खर्चको विवरण पेश गर्नु पर्ने दायित्व भएको राजनीतिक दल वा उम्मेदवारले निर्वाचनको अन्तिम परिणाम प्रकाशित भएको मितिले तीस दिनभित्र आयोगले तोकेको ढाँचामा खर्चको बिल भरपाई सहित आयोगले तोकेको कार्यालयमा निर्वाचन खर्चको विवरण पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 196 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम पेश भएको निर्वाचन खर्चको विवरण आयोगवाट तोकिएको अवस्थामा मान्यता प्राप्त लेखा परीक्षकबाट लेखापरीक्षण गराउन सकिनेछ।
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| 197 |
+
|
| 198 |
+
**२६. निर्वाचनमा निर्धारित हदभन्दा बढी खर्च गरेमा हुने सजाय:**
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| 199 |
+
(१) आयोगले दफा २४ को उपदफा (१) बमोजिमको अधिकतम हदभन्दा बढी खर्च गर्ने वा दफा २४ को उपदफा (१) बमोजिम तोकिएको अवधिमा खर्च विवरण पेश नगर्ने राजनीतिक दल वा उम्मेदवारलाई निजले गरेको निर्वाचन खर्च वा आयोगद्वारा निर्धारित खर्चको हदमध्ये जुन बढी हुन्छ सोही बराबरको रकम जरिवाना गर्न सक्नेछ।
|
| 200 |
+
(२) कुनै राजनीतिक दल वा उम्मेदवारले दफा २४ को उपदफा (१) बमोजिम निर्वाचन खर्चको विवरण पेश नगरेमा वा त्यसरी पेश भएको विवरणमा सोही दफाको उपदफा (२) बमोजिम लेखापरीक्षण हुँदा लेखापरीक्षकको प्रतिवेदनको आधारमा अस्वाभाविक वा निर्वाचनको स्वच्छतामा प्रतिकूल हुने गरी वा गैरकानूनी प्रयोजनका लागि गैरकानूनी तवरले खर्च गरेको देखिएमा आयोगले सोको अभिलेख राखी त्यस्तो राजनीतिक दल वा उम्मेदवारलाई त्यसरी गरेको खर्च बराबरको रकम वा पाँच लाख रुपैयाँ मध्ये जुन बढी हुन्छ सो बराबरको रकम जरिवाना गर्न सक्नेछ।
|
| 201 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम भएको जरिबाना छ महिनासम्म नबुझाउने राजनीतिक दल बा उम्मेदबारलाई आयोगले तत्कालैदेखि लागू हुनेगरी बढीमा छ वर्षसम्म कुनैपनि निर्वाचनमा भाग लिन रोक लगाउन बा उम्मेदबार हुन अयोग्य घोषित गर्न सक्नेछ।
|
| 202 |
+
(४) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम जरिबाना गर्नु बा उपदफा (३) बमोजिम निर्णय गर्नुअघि आयोगले सम्बन्धित राजनीतिक दल बा व्यक्तिलाई आफ्नो सफाई पेश गर्ने मनासिब मौका दिनु पर्नेछ।
|
| 203 |
+
(५) आयोगले उपदफा (३) बमोजिम निर्णय गरेकोमा त्यस्तो व्यक्ति निर्वाचित भएको रहेछ भने निजको निर्वाचन स्वतः बदर हुनेछ।
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| 204 |
+
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| 205 |
+
---
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| 206 |
+
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| 207 |
+
### **परिच्छेद-६**
|
| 208 |
+
### **बजेट व्यवस्थापन तथा लेखापरीक्षण**
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
**२७. आयोगको बजेट व्यवस्थापन:**
|
| 211 |
+
(१) निर्वाचनको सञ्चालन, रेखदेख, निर्देशन र नियन्त्रण गर्ने प्रयोजनका लागि आयोगको खर्चको व्ययभार सङ्घीय सञ्चित कोषबाट हुनेछ।
|
| 212 |
+
(२) आयोगलाई प्राप्त हुने बजेटको व्यवस्थापन आयोगले गर्नेछ।
|
| 213 |
+
(३) आयोगलाई ���िर्वाचन प्रयोजनको लागि छुट्याइएको बजेट प्रचलित कानून बमोजिम खर्च गर्नु पर्नेछ।
|
| 214 |
+
|
| 215 |
+
**२८. भैपरी रकमको खर्च स्वीकृत कार्यबिधि बमोजिम गर्नेः**
|
| 216 |
+
प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले आयोगको लागि बजेटमा छुट्याएको भैपरी आउने शीर्षक अन्तर्गतको रकमको खर्च नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालयको सहमतिमा आयोगले बनाएको कार्यबिधिको आधारमा गर्नु पर्नेछ।
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
**२९. वित्तीय स्रोत जुटाउन सक्नेः**
|
| 219 |
+
आयोगले निर्वाचनको काम सम्पन्न गर्नका लागि नियमित बजेट शीर्षकबाट विनियोजित रकमका अतिरिक्त विकास सहायता सम्बन्धी नीतिको प्रतिकूल नहुने गरी नेपाल सरकारको पूर्व स्वीकृति लिई छुई वित्तीय स्रोत जुटाउन बा सहायता प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 220 |
+
|
| 221 |
+
**३०. लेखा र लेखापरीक्षण:**
|
| 222 |
+
(१) आयोगले निर्वाचन सम्बन्धी काममा गरेको खर्चको लेखा प्रचलित कानून बमोजिम राख्नु पर्नेछ।
|
| 223 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले राखेको लेखाको लेखापरीक्षण प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
---
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
### **परिच्छेद-७**
|
| 228 |
+
### **विविध**
|
| 229 |
+
|
| 230 |
+
**३१. राय तथा परामर्श लिन सक्ने:**
|
| 231 |
+
(१) आयोगले कुनै संवैधानिक बा निर्वाचन सम्बन्धी कानूनी प्रभमा निर्णय गर्नु पूर्व राय लिन उपयुक्त देखेमा महान्यायाधिबक्ताको कार्यालय बा कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मन्त्रालय बा अन्य विशेषज्ञको राय लिन सक्नेछ।
|
| 232 |
+
(२) आयोगले आफ्नो काम कर्तव्यको सम्बन्धमा कुनै संवैधानिक अड् बा नेपाल सरकारको कुनै मन्त्रालय, विभाग, कार्यालय, प्रदेश सरकार, स्थानीय तह, राजनीतिक दल बा अन्य कुनै निकाय बा संस्थासँग सम्पर्क राख्न, परामर्श गर्न बा राय लिन सक्नेछ।
|
| 233 |
+
|
| 234 |
+
**३२. छलफल बा परामर्श गर्न सक्ने:**
|
| 235 |
+
आयोगले बा आयोगका पदाधिकारीले स्वच्छ र स्वतन्त्र तवरबाट निर्वाचन गर्ने सन्दर्भमा कुनै राजनीतिक दल बा नागरिक समाजका प्रतिनिधि, निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञ बा अन्य सम्बन्धित व्यक्ति बा संस्थासँग छलफल बा परामर्श गर्न सक्नेछ।
|
| 236 |
+
|
| 237 |
+
**३३. मतदाता जागरण कार्यक्रम:**
|
| 238 |
+
निर्वाचनमा मतदाता नामावली सङ्ललन गर्ने, अद्यावधिक गर्ने तथा मतदान गर्ने प्रक्रिया र मतदाताको अधिकारका सम्बन्धमा मतदाताहरुलाई जानकारी गराउन आयोगले आवश्यकता अनुसार मतदाता जागरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्न, गराउन सक्नेछ।
|
| 239 |
+
|
| 240 |
+
**३४. नवीन प्रविधिको प्रयोग गर्ने:**
|
| 241 |
+
आयोगले निर्वाचन व्यवस्थापनका लागि नवीन प्रविधिको प्रयोग गर्ने व्यवस्था मिलाउ��ेछ।
|
| 242 |
+
|
| 243 |
+
**३५. सुविधा दिन सक्ने:**
|
| 244 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको कुनै काममा संलग्न पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई आयोगले निर्धारण गरे बमोजिमको रकम र बढी समय काममा लगाउनु परेमा खाजा तथा खाना खर्च र अतिरिक्त समय भत्ता समेत दिन सक्नेछ।
|
| 245 |
+
(२) आयोगले निर्वाचनको कुनै काममा लगाएका पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई निजले प्रचलित कानून बमोजिम पाउने दैनिक भत्ता र भ्रमण भत्तामा आयोगले निर्धारण गरे बमोजिमको रकम समेत आवश्यकता अनुसार थप दिन सक्नेछ।
|
| 246 |
+
(३) आयोगले निर्वाचनको कुनै काममा लगाएका पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई सो काममा संलग्न रहेको अवधिसम्मका लागि आयोगले निर्धारण गरे बमोजिमको रकम थप भत्ता दिन सक्नेछ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
**३६. बिमा गरिदिनु पर्ने:**
|
| 249 |
+
(१) आयोगले निर्वाचनको काममा संलग्न पदाधिकारी, कर्मचारी बा शिक्षकको निर्वाचन अवधिभर हुने दुर्घटनाका लागि बिमा गरिदिनु पर्नेछ। त्यसरी गरिने बिमाको बिमाइ रकम आयोगले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 250 |
+
(२) नेपाल सरकारले निर्वाचनको काममा संलग्न सुरक्षाकर्मीको निर्वाचन अवधिभर हुने दुर्घटनाका लागि बिमा गरिदिनु पर्नेछ। त्यसरी गरिने बिमाको बिमाइ रकम नेपाल सरकारले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 251 |
+
|
| 252 |
+
**३७. निर्वाचनमा खर्च गर्न सक्ने:**
|
| 253 |
+
(१) निर्वाचनको काममा खटिएका कर्मचारीलाई प्रचलित कानून बमोजिम पाउने दैनिक भत्ता, भ्रमण भत्ता, अन्य भत्ता र सुविधा त्यस्तो कर्मचारी खटिएके समयमा खर्च लेखी भुक्तानी दिन सकिनेछ।
|
| 254 |
+
(२) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (१) बमोजिम प्राप्त गरेको रकमको बिल भरपाई सम्बन्धित कर्मचारीले बुझाउनु पर्ने छैन।
|
| 255 |
+
(३) निर्वाचन सञ्चालनका लागि लाग्ने खर्च निर्वाचनमा खटिएका कर्मचारीलाई निजले खर्च गर्न पाउने गरी आयोगद्वारा निर्धारित दर बमोजिम खर्च लेखी दिइनेछ।
|
| 256 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिमको रकममध्ये आयोगले तोकिदिएको रकमको हकमा निर्वाचनको काममा खटिएका कर्मचारीले निज खटिई गएको काम समाप्त गरी फर्किएपछि बिल भरपाई पेश गर्नु पर्ने छैन।
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
**३८. मालसामान खरिद गर्न सक्ने:**
|
| 259 |
+
आयोगले निर्वाचन प्रयोजनको लागि आवश्यक बस्तु बा सेवा खरिद गर्दा सार्वजनिक खरिद सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम गर्नु पर्नेछ।
|
| 260 |
+
तर निर्वाचनका सम्बन्धमा तत्काल व्यवस्थापन गर्नु पर्ने तोकिए बमोजिमका निर्वाचन सामग्रीहरु खरिद गर्दा बा सेवा प्राप्त गर्दा प्रचलित सार्वजनिक खरिद सम्बन्धी कान���नको प्रक्रिया पूरा गर्न सम्भव नभएको अवस्थामा आयोगले आधार र कारण खुलाई छिटो माध्यमबाट बा सोझै बजारबाट मालसामान खरिद गर्न बा सेवा प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
**३९. सुझाव दिन सक्ने:**
|
| 263 |
+
(१) आयोगको काम कारबाहीको सिलसिलामा बा आयोगद्वारा आयोजित गोष्ठी, सेमिनार बा छलफलबाट प्राप्त निष्कर्षको आधारमा स्वच्छ र स्वतन्त्र निर्वाचनका लागि बिघमान नीति बा प्रचलित कानूनमा सुधार गर्न आवश्यक देखिएमा आयोगले सम्बन्धित निकायलाई सुझाव दिन सक्नेछ।
|
| 264 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दिइएको सुझाबको विवरण आयोगको वार्षिक प्रतिवेदनमा समावेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 265 |
+
|
| 266 |
+
**४०. निर्देशन दिन सक्ने:**
|
| 267 |
+
(१) आयोगले निर्वाचन सञ्चालन गर्ने सम्बन्धमा कुनै निकाय बा पदाधिकारीलाई आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 268 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले निर्देशन दिएकोमा सम्बन्धित निकाय बा पदाधिकारीले त्यस्तो विषयमा आवश्यक कारबाही गरी आयोगलाई त्यसको जानकारी दिनु पर्नेछ।
|
| 269 |
+
(३) आयोगले सचिव, आयोगका कर्मचारी, निर्वाचन अधिकृत, निर्वाचन अधिकारी, मतदान अधिकृत, सहायक मतदान अधिकृत, अनुगमनमा खटिएका अधिकृत, नाम दर्ता अधिकारी बा निर्वाचनमा खटिएका अन्य कुनै कर्मचारी बा व्यक्तिलाई निजले गर्नु पर्ने कामका सम्बन्धमा आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 270 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम आयोगले दिएको निर्देशन पालना गर्नु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 271 |
+
|
| 272 |
+
**४१. बहस पैरवी:**
|
| 273 |
+
(१) आयोगले कुनै कानूनी हक बा विवादको सम्बन्धमा कुनै अड्रा अदालतमा निवेदन दिन बा बादी भई मुद्दा चलाउन आवश्यक परेमा त्यस्तो निवेदन तयार गर्न, मुद्दा दायर गर्न र त्यसमा बहस पैरवी गर्न बा आयोग विरुद्ध कसैले कुनै कानूनी कारबाही चलाएकोमा बा मुद्दा दायर गरेकोमा लिखित जबाफ बा प्रतिउत्तरपत्र तयार गर्न, दर्ता गर्न बा बहस पैरवी बा प्रतिरक्षा गर्न आयोगले सरकारी बकिलको सहयोग लिनेछ।
|
| 274 |
+
(२) मतदाता नामावली तयार गर्ने लगायत निर्वाचन सम्बन्धी कुनै बा सबै कामका लागि आयोगबाट नियुक्त गरिएका, खटाइएका, तोकिएका बा लगाइएका पदाधिकारी तथा कर्मचारी एवं व्यक्तिहरुले प्रचलित कानून बमोजिम गर्नु पर्ने काम असल नियतले सम्पादन गर्दा त्यस सम्बन्धमा निजको विरुद्ध दिइएको मुद्दा बा कानूनी कारबाहीमा आयोगले आवश्यकता तथा उपयुक्तताको आधारमा सरकारी बकिल मार्फत प्रतिरक्षा गराउनेछ।
|
| 275 |
+
|
| 276 |
+
**४२. लैङ्गिकमैत्री र समावेशी हुनु पर्ने:**
|
| 277 |
+
आयोगले यस ऐन बमोजिम निर्वाचन सम्बन्धी नीति निर्धारण गर्दा, कार्यक्रम सञ्चालन गर्दा, कर्मचारी खटाउँदा, अनुगमन बा पर्यवेक्षण गर्दा बा गराउँदा लैङ्गिकमैत्री र समावेशी सिद्धान्तलाई अबलम्बन गर्नु पर्नेछ।
|
| 278 |
+
|
| 279 |
+
**४३. जिम्मेबारीबाट हटाउन बा निलम्बनको लागि सिफारिस गर्न सक्नेः**
|
| 280 |
+
(१) कुनै निर्वाचनको काममा खटिएको नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहको कर्मचारी, नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रणमा रहेको बा नेपाल सरकारको अनुदानमा सञ्चालित संस्थाको कुनै कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, विश्वविद्यालय बा सामुदायिक विद्यालयको शिक्षक बा कर्मचारीले निर्वाचनको स्वतन्त्रता, स्वच्छता र निष्पक्षतामा आँच आउने कुनै काम गरेमा आयोगले त्यस्तो कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी बा शिक्षकलाई निर्वाचन सम्बन्धी निजको जिम्मेबारीबाट हटाउन सक्नेछ।
|
| 281 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको अवस्था परी कुनै कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी बा शिक्षकलाई निलम्बन गर्नु पर्ने भएमा आयोग आफैले तत्काल निलम्बन गर्न बा सम्बन्धित अधिकारीबाला समक्ष निलम्बनको लागि सिफारिस गर्न सक्नेछ।
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| 282 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम सिफारिस प्राप्त भएमा सम्बन्धित अधिकारीले त्यस्तो कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी बा शिक्षकलाई अठ्रचालीस घण्टाभित्र निलम्बन सम्बन्धी आवश्यक कारबाही गरी त्यसको जानकारी आयोगलाई उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
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+
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| 284 |
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**४४. विभागीय कारबाही:**
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(१) आयोगले मतदाता नामाबली तयार गर्ने लगायत निर्वाचनको काममा नियुक्त गरिएका, खटाइएका बा तोकिएका बा आयोगको आदेश, निर्देशन पालना गर्नु पर्ने कर्तव्य भएका कुनै निजामती कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहको कर्मचारी बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वामित्व बा नियन्त्रणमा रहेको बा नेपाल सरकारको अनुदानमा सञ्चालित संस्थाको कर्मचारीले त्यस्तो काम सम्पादनको सिलसिलामा प्रचलित कानून बा आयोगको आदेश बा निर्देशनको जानाजानी उल्लङ्घन हुने गरी बा बदनियतले कुनै काम कारबाही गरेमा बा निर्वाचनको निष्पक्षतामा असर पर्ने काम गरेमा आयोगले त्यस्तो कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी उपर निजको सेवा शर्त सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम अधिकारीबालाको अधिकार प्रयोग गरी विभागीय कारबाही गर्न सक्नेछ।
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| 286 |
+
(२) उपदफा (१) मा लेखिएदेखि बाहेकका कुनै कर्मचारी बा पदाधिकार��ले निर्वाचनको कामको सम्बन्धमा प्रचलित कानून बा आयोगले दिएको निर्देशनको विपरीत कुनै काम कारबाही गरेमा आयोगले त्यस्तो कर्मचारी बा पदाधिकारी उपर निजको सेवा शर्त सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम विभागीय कारबाहीका लागि सम्बन्धित निकायमा लेखी पठाउनेछ।
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| 287 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम आयोगवाट लेखी आएमा सम्बन्धित निकायले त्यस्तो कर्मचारी बा पदाधिकारी उपर तीन महिना भित्र विभागीय कारबाही गरी त्यसको जानकारी आयोगलाई दिनु पर्नेछ।
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| 288 |
+
(४) आयोगले उपदफा (१) बमोजिम गरेको विभागीय कारबाही सम्बन्धी निर्णयमा चित्त नबुझ्ने कर्मचारीले त्यस्तो निर्णयउपर पुनराबेदनको म्याद पाएको बा जानकारी पाएको मितिले पैंतीस दिनभित्र सम्बन्धित उच्च अदालतमा पुनराबेदन गर्न सक्नेछ।
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+
**४५. वार्षिक प्रतिवेदन:**
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+
आयोगले सम्पादन गरेका काम कारबाही सहितको विवरण प्रत्येक वर्ष वार्षिक प्रतिवेदनको रुपमा संविधानको धारा २९४ बमोजिम राष्ट्रपति समक्ष पेश गरी सार्वजनिक गर्नेछ।
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+
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+
**४६. अधिकार प्रत्यायोजन:**
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| 294 |
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आयोगले यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त कुनै अधिकार शर्त तोकी प्रमुख निर्वाचन आयुक्त, आयुक्त बा कुनै सरकारी कर्मचारीलाई प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
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**४७. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
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| 297 |
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आयोगले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क गर्दा गृह मन्त्रालय मार्फत गर्नु पर्नेछ।
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+
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**४८. नियम बनाउन सक्ने:**
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आयोगले यो ऐन कार्यान्वयनको लागि आवश्यक नियम बनाउन सक्नेछ।
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**४९. आदेश जारी गर्ने:**
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(१) आयोगले संविधान तथा प्रचलित सङ्घीय कानून बमोजिम निर्वाचनको सञ्चालन, रेखदेख, निर्देशन र नियन्त्रण गर्ने प्रयोजनका लागि आवश्यक आदेश जारी गर्न सक्नेछ र त्यस्तो आदेश नेपाल राजपत्रमा प्रकाशन गरिनेछ।
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| 304 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको आदेश पालना गर्नु देहायका निकाय, संस्था, सङ्गठन बा व्यक्तिहरुको कर्तव्य हुनेछः
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+
(क) सरकारी बा अर्धसरकारी निकाय बा संस्था,
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| 306 |
+
(ख) निजी क्षेत्र बा गैरसरकारी संस्था,
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+
(ग) राजनीतिक दल तथा त्यसका पदाधिकारी,
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+
(घ) मतदाता,
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+
(ङ) उम्मेदवार र निजका प्रतिनिधि,
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| 310 |
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(च) निर्वाचनको प्रचार-प्रसार तथा अनुगमनमा संलग्न व्यक्तिहरु,
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| 311 |
+
(छ) आयोगले समय-समयमा तोकेको संस्था बा व्यक्ति।
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| 312 |
+
(३) यस दफा बमोजिम आयोगले जारी गरेको आदेश उल्लङ्गन गर्ने राजनीतिक दल, उम्मेदवार तथा अन्य सरोकारबाला निकाय, संस्था, सङ्गठन बा व्यक्तिलाई आयोगले एक लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
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| 313 |
+
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| 314 |
+
**५०. निर्देशिका तथा कार्यबिधि बनाउन सक्ने:**
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| 315 |
+
आयोगले यो ऐन तथा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही आवश्यकता अनुसार निर्देशिका तथा कार्यबिधि बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
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| 316 |
+
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+
**५१. खारेजी तथा बचाउ:**
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+
(१) निर्वाचन आयोग ऐन, २०६३ खारेज गरिएको छ।
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| 319 |
+
(२) निर्वाचन आयोग ऐन, २०६३ बमोजिम भए गरेका काम कारबाहीहरु यस ऐन बमोजिम भए गरेको मानिनेछ।
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section_4_pdf_18.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,113 @@
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| 1 |
+
**सार्वजनिक सुरक्षा ऐन, २०४६**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०४६।६।११
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
१. सार्वजनिक सुरक्षा (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४७
|
| 8 |
+
२०४७।१२।२९
|
| 9 |
+
२. सार्वजनिक सुरक्षा (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०४६
|
| 10 |
+
२०४६।७।२६
|
| 11 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४६
|
| 12 |
+
२०४९।१।६
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 15 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 16 |
+
२०६६।१०।७
|
| 17 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 18 |
+
२०७२।११।१३
|
| 19 |
+
६. सार्वजनिक सुरक्षा (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०७४
|
| 20 |
+
२०७४।६।२
|
| 21 |
+
७. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 22 |
+
२०७४।११।१९
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| 23 |
+
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| 24 |
+
२०४६ सालको ऐन नं. ४
|
| 25 |
+
२०
|
| 26 |
+
सार्वजनिक सुरक्षा कायम राख्ने सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 27 |
+
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| 28 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 29 |
+
नेपालको सार्वभौमसत्ता, भौगोलिक अखण्डता, सार्वजनिक शान्ति र व्यवस्था तथा सर्वसाधारण जनताको हित र विभिन्न जात, जाति र सम्प्रदायहरू बीचको सुसम्बन्ध कायम राख्न कुनै व्यक्तिलाई निबारक नजरबन्दमा राख्ने र स्थानहद गर्ने सम्बन्धमा समयोचित व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 30 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज वीरेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्मतिले यो ऐन बनाइएको छ।
|
| 31 |
+
|
| 32 |
+
---
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| 33 |
+
|
| 34 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भ:**
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| 35 |
+
१.१ यस ऐनको नाम "सार्वजनिक सुरक्षा ऐन, २०४६" रहेको छ।
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| 36 |
+
१.२ यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 37 |
+
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| 38 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 39 |
+
२.१ विषय वा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
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| 40 |
+
२.१.१ "नजरबन्दको आदेश" भन्नाले उपदफा ३.१ बमोजिमको आदेश सम्झनु पर्छ।
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| 41 |
+
२.१.२ "स्थानहदको आदेश" भन्नाले उपदफा ३.२ बमोजिमको आदेश सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
२.१.३ "स्थानीय अधिकारी" भन्नाले प्रमुख जिल्ला अधिकारी सम्झनु पर्छ र सो शब्दले निजको अनुपस्थितिमा निजको निमित्त भई काम गर्ने अधिकारी समेतलाई जनाउँछ।
|
| 43 |
+
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| 44 |
+
**३. आदेश जारी गर्ने अधिकार:**
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| 45 |
+
३.१ नेपालको सार्वभौमसत्ता, भौगोलिक अखण्डता र सार्वजनिक शान्ति र व्यवस्थामा तत्काल खलल पर्न सक्ने कुनै काम कुरा गर्नबाट कुनै व्यक्तिलाई रोक्नु पर्ने उचित र पर्याप्त आधार भएमा स्थानीय अधिकारीले निजलाई कुनै खास अवधिसम्म कुनै खास ठाउँमा नजरबन्द राख्ने आदेश जारी गर्न सक्नेछ।
|
| 46 |
+
३.१क. उपदफा ३.१ बमोजिम कुनै व्यक्तिलाई नजरबन्दमा राखिएमा स्थानीय अधिकारीले त्यसरी नजरबन्दमा राखिएको चौबिस घण्टाभित्र त्यस्तो व्यक्तिको स्थितिको बारेमा न��जको परिवारको सदस्य वा नजिकको नातेदारलाई जानकारी दिनु पर्नेछ। तर शत्रु देशको नागरिकको हकमा यो व्यवस्था लागू हुने छैन।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
३.२ सर्वसाधारण जनताको हित र विभिन्न जात, जाति र सम्प्रदायहरू बीचको सुसम्बन्धमा खलल पर्न सक्ने कुनै काम कुरा गर्नबाट कुनै व्यक्तिलाई रोक्नु पर्ने उचित र पर्याप्त आधार भएमा स्थानीय अधिकारीले त्यस्तो व्यक्तिलाई स्थानहद गर्नको लागि निजको नाममा देहाय बमोजिम कुनै आदेश जारी गर्न सक्नेछ:
|
| 49 |
+
३.२.१ नेपालको कुनै ठाउँमा नबस्नु भनी,
|
| 50 |
+
३.२.२ नेपालको कुनै ठाउँमा प्रवेश नगर्नु भनी,
|
| 51 |
+
३.२.३ नेपालको कुनै ठाउँमा मात्र बस्नु भनी।
|
| 52 |
+
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| 53 |
+
३.३ कुनै व्यक्तिलाई नेपालको सुरक्षा, शान्ति र व्यवस्था, मित्रराष्ट्रसँगको सुसम्बन्ध वा विभिन्न बर्ग वा क्षेत्रका जनताको बीचको सुसम्बन्धमा प्रतिकूल असर पर्न सक्ने कुनै काम कुरा गर्नबाट रोक्नको लागि नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयले त्यस्ता व्यक्तिलाई नेपाल सरकारको स्वीकृति बिना नेपाल बाहिर जान नपाउने गरी आदेश जारी गर्न सक्नेछ।
|
| 54 |
+
|
| 55 |
+
**४. आदेश सम्बन्धी कार्यविधि:**
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| 56 |
+
४.१ उपदफा ३.१ र ३.२ अन्तर्गत कुनै आदेश जारी गर्दा स्थानीय अधिकारीले त्यस्तो आदेश जारी गर्नु पर्ने कारण र आधार खुलाई सो आदेश सम्बन्धित व्यक्तिलाई दिनु पर्नेछ। स्थानीय अधिकारीले सो आदेशको प्रतिलिपि सहित त्यसको जानकारी नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालय र प्रदेश सरकारको आन्तरिक मामिला सम्बन्धी मन्त्रालयलाई पनि दिनु पर्नेछ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
४.२ कुनै व्यक्तिलाई नजरबन्द राख्ने गरी आदेश जारी भएकोमा जुन जिल्लामा नजरबन्द राख्ने आदेश भएको हो सो जिल्लाको जिल्ला अदालतलाई चौबीस घण्टाभित्र आदेशको प्रतिलिपि सहित स्थानीय अधिकारीले सूचना पठाउनु पर्नेछ।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
४.३ उपदफा ३.१ र ३.२ बमोजिमको आदेश जारी गर्नु परेको कारण विद्यमान नरहेको चौबीस घण्टा भित्र स्थानीय अधिकारीले त्यस्तो आदेश खारेज गर्नु पर्नेछ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
**५. नजरबन्दको आदेश लागू रहने अवधि:**
|
| 63 |
+
५.१ उपदफा ३.१ बमोजिम कसैलाई नजरबन्दमा राख्ने गरी जारी गरिएको आदेश अगावै खारेज भएमा बाहेक जारी भएको मितिले नब्बे दिनसम्म कायम रहनेछ।
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
५.२ उपदफा ५.१ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएता पनि देहायको अवस्थामा नजरबन्दको आदेशको अवधि देहाय बमोजिम हुनेछ:
|
| 66 |
+
५.२.१ यस ऐन बमोजिम नजरबन्द रहेको कुनै व्यक्तिलाई नब्बे दिन भन्दा बढी अवधिको लागि नजरबन्द राख्न आवश्यक देखिएमा त��यसको कारण र आधार सहित स्थानीय अधिकारीले नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयमा लेखी पठाउनु पर्नेछ। नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयले स्थानीय अधिकारीको सुझाव उचित ठहराई अनुमोदन गरेमा त्यस्तो आदेश जारी भएको मितिले छ महिना सम्म कायम रहनेछ।
|
| 67 |
+
५.२.२ यस ऐन बमोजिम नजरबन्दमा रहेको कुनै व्यक्तिलाई छ महिना भन्दा बढी अवधिको लागि नजरबन्द राख्नु पर्ने देखिएमा नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयले दफा ७ बमोजिमको सल्लाहकार समितिसँग राय लिनेछ। सल्लाहकार समितिले नजरबन्दको अवधि बढाउन उचित छ भनी राय दिएमा नजरबन्दको आदेशको अवधि त्यस्तो आदेश जारी भएको मितिले बाह्र महिनासम्म कायम रहनेछ।
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
**६. स्थानहदको आदेश लागू रहने अवधि:**
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| 70 |
+
६.१ कुनै व्यक्तिको सम्बन्धमा जारी गरिएको स्थानहदको आदेश अगावै खारेज गरिएमा बाहेक सो आदेश जारी गरिएको मितिले तीस दिनसम्म कायम रहनेछ।
|
| 71 |
+
६.२ उपदफा ६.१ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएता पनि यस ऐन बमोजिम जारी गरिएको स्थानहदको आदेश तीस दिन भन्दा बढी अवधिको लागि कायम राख्न आवश्यक देखिएमा त्यसको कारण र आधार सहित स्थानीय अधिकारीले नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयमा लेखी पठाउनु पर्नेछ। नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयले स्थानीय अधिकारीको सुझाव उचित ठहराई अनुमोदन गरेमा त्यस्तो आदेश जारी भएको मितिले नब्बे दिनसम्म कायम रहनेछ।
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| 72 |
+
|
| 73 |
+
**७. सल्लाहकार समितिको गठन:**
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| 74 |
+
यस ऐनको प्रयोजनको निमित्त नेपाल सरकारले प्रधान न्यायाधीशसँग परामर्श गरी सर्वोच्च अदालतका बहालवाला न्यायाधीशको अध्यक्षतामा सोही अदालतका बहालवाला वा अवकाश प्राप्त अन्य दुई जना न्यायाधीश सदस्य रहेको सल्लाहकार समिति गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 75 |
+
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| 76 |
+
**८. सल्लाहकार समितिको कार्यविधि:**
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| 77 |
+
८.१ नजरबन्दमा रहेको कुनै व्यक्तिको नजरबन्दको आदेशको अवधि छ महिनाभन्दा बढी समयसम्म कायम राख्न आवश्यक छ भन्ने लागेमा नेपाल सरकार, गृह मन्त्रालयले त्यसको कारण र आधार तथा स्थानीय अधिकारीले त्यस सम्बन्धमा कुनै सुझाव दिएको भए सो सुझाव र नजरबन्दमा रहेको व्यक्तिको तर्फबाट नेपाल सरकार समक्ष कुनै उजुरी परेको भए सो उजुरी सहितको प्रतिवेदन सल्लाहकार समिति समक्ष पेश गर्नु पर्छ।
|
| 78 |
+
८.२ उपदफा ८.१ बमोजिम प्राप्त प्रतिवेदन तथा अन्य कागजात र नजरबन्द राखिएको व्यक्तिसँग उपदफा ८.३ बमोजिम सोधपुछ गरिएको वा स्पष्टीकरण मागिएको भए निजको जबाफ वा स्पष्टीकरण समेत उपर विच���र गरी सल्लाहकार समितिले नजरबन्दको अवधि बढाउनु आवश्यक छ वा छैन भन्ने राय नेपाल सरकारसमक्ष पठाउनेछ।
|
| 79 |
+
८.३ सल्लाहकार समितिले आवश्यक देखेमा नजरबन्दमा रहेको व्यक्तिसित कुनै कुरा सोधपुछ गर्न वा स्पष्टीकरण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 80 |
+
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| 81 |
+
**९. आदेश खारेज गर्ने अधिकार:**
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| 82 |
+
९.१ स्थानीय अधिकारीले आफूले जारी गरेको कुनै पनि आदेशलाई सो आदेशमा तोकिएको अवधि अगावै जहिलेसुकै पनि खारेज गर्न सक्नेछ।
|
| 83 |
+
९.२ नेपाल सरकारले नजरबन्दको आदेश र स्थानहदको आदेशलाई जहिलेसुकै पनि खारेज गर्न सक्नेछ।
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| 84 |
+
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| 85 |
+
**१०. दण्ड सजाय:**
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| 86 |
+
१०.१ उपदफा ३.२ बमोजिमको आदेशको बर्खिलाप गर्ने व्यक्तिलाई स्थानीय अधिकारीले छ महिनासम्म कैद वा एकहजार रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
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| 87 |
+
१०.२ उपदफा १०.१ बमोजिमको सजायको आदेश उपर जिल्ला अदालतमा पुनरावेदन लाग्नेछ।
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| 88 |
+
१०.३ उपदफा १०.२ बमोजिम परेको पुनरावेदनमा जिल्ला अदालतले आदेशको बर्खिलाप भएको छ वा छैन भन्ने विषयमा सीमित रही पुनरावेदनको किनारा गर्नेछ।
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| 89 |
+
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| 90 |
+
**११. कुनै अदालतमा प्रश्न उठाउन नसकिने:**
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| 91 |
+
यस ऐन अन्तर्गत जारी भएको आदेश उपर कुनै अदालतमा प्रश्न उठाउन सकिने छैन।
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
**१२. छोड्न पर्दा अपनाउनु पर्ने कार्यविधि:**
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| 94 |
+
नजरबन्दमा राखिएको कुनै व्यक्तिलाई छोड्नु पर्दा सम्बन्धित जिल्ला अदालतको न्यायाधीश वा निजको अनुपस्थितिमा श्रेष्ठेदार र सम्भव भएसम्म नजरबन्दमा रहेको व्यक्तिको परिवारको सदस्य, नजिकको नातेदार वा नजरबन्दमा रहेको व्यक्तिले इच्छाएको व्यक्तिको रोहबरमा छोड्नु पर्छ।
|
| 95 |
+
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| 96 |
+
**१२क. बदनियतपूर्वक नजरबन्दमा राखेकोमा क्षतिपूर्ति पाउन सक्ने:**
|
| 97 |
+
१२क.१. यस ऐन बमोजिम नजरबन्दमा राखिएको व्यक्तिले आफूलाई यस ऐनको विपरीत वा बदनियतपूर्वक नजरबन्दमा राखेको लागेमा दफा ११ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नजरबन्दमा छँदै वा नजरबन्दबाट मुक्त भएको पैतीस दिन भित्र त्यस्तो नजरबन्दको आदेश जारी गर्ने स्थानीय अधिकारीबाट क्षतिपूर्ति भराई दिनको लागि जिल्ला अदालतमा उजुरी दिन सक्नेछ।
|
| 98 |
+
१२क.२. उपदफा १२क.१ बमोजिम गरेको उजुरीको व्यहोरा प्रमाणित भएमा जिल्ला अदालतले नजरबन्द राखिएको अवधि, नजरबन्दमा राखिएको व्यक्तिको उमेर, निजको सामाजिक प्रतिष्ठा, नजरबन्द रहेबाट निजलाई परेको आर्थिक हानी इत्यादि कुराहरूको विचार गरी नेपाल सरकारबाट उजुरीवालालाई मनासिब क्षतिपूर्ति भराई दिने निर्णय गर्नेछ।
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| 99 |
+
१२��.३. उपदफा १२क.१ बमोजिम परेको उजुरीको सम्बन्धमा प्रतिरक्षा गर्न स्थानीय अधिकारीले सरकारी वकिलको कार्यालयलाई अनुरोध गर्न सक्नेछ र त्यसरी अनुरोध गरेमा अदालतमा सरकारी वकिलले निजको प्रतिरक्षा गरी दिनु पर्नेछ।
|
| 100 |
+
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| 101 |
+
**१३. विभागीय कारबाही हुने:**
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| 102 |
+
यस ऐन अन्तर्गत स्थानीय अधिकारीले जारी गरेको आदेश बदनियत साथ जारी गरेको ठहरिएमा वा दफा ३ को उपदफा ३.१क बमोजिम नजरबन्दमा रहेको व्यक्तिको स्थितिको बारेमा निजको परिवारको सदस्य वा नजिकको नातेदारलाई जानकारी नदिएमा त्यस्तो अधिकारीलाई विभागीय कारबाही भई सजाय हुनेछ।
|
| 103 |
+
|
| 104 |
+
**१४. नियम बनाउने अधिकार:**
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| 105 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ।
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| 106 |
+
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| 107 |
+
**१५. खारेजी र बचाउ:**
|
| 108 |
+
१५.१ सार्वजनिक सुरक्षा ऐन, २०१६ खारेज गरिएको छ।
|
| 109 |
+
१५.२ सार्वजनिक सुरक्षा ऐन, २०१६ अन्तर्गत जारी गरिएको आदेशको सम्बन्धमा यसै ऐनको व्यवस्था लागू हुनेछ।
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
**दृष्टव्य:**
|
| 112 |
+
केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:
|
| 113 |
+
"श्री ५ को सरकार" भन्ने शब्दको सट्टा "नेपाल सरकार"
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section_4_pdf_19.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,107 @@
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| 1 |
+
**चन्दा ऐन, २०३०**
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०३०।४।१४
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
१. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 8 |
+
२०४३।७।२४
|
| 9 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४४
|
| 10 |
+
२०४४।१०।७
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 13 |
+
३. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६*
|
| 14 |
+
२०६६।१०।७
|
| 15 |
+
४. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 16 |
+
२०७२।११।१३
|
| 17 |
+
४. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 18 |
+
२०७४।११।१९
|
| 19 |
+
२०३० सालको ऐन नं. ३
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
---
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| 22 |
+
|
| 23 |
+
### चन्दा सम्बन्धी व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 26 |
+
सर्वसाधारण जनाताको सुविधा र आर्थिक हित कायम राख्न शैक्षिक, सामाजिक संस्था तथा अन्य विकास कार्यको लागि सर्वसाधारण जनतावाट प्राप्त हुने चन्दाको रकमको उपयोग तथा सञ्चालनलाई व्यवस्थित गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 27 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज वीरन्द्र वीर विक्रम शाहदेववाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्भतिले यो ऐन बनाइवक्सेकोछ।
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
---
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
**१. संक्षिप्त नाम विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 32 |
+
(१) यस ऐनको नाम "चन्दा ऐन, २०३०" रहेको छ।
|
| 33 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ।
|
| 34 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 37 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 38 |
+
(क) "समिति" भन्नाले दफा ४ बमोजिम गठित समिति सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(ख) "चन्दाको रकम" भन्नाले नगदी बा जिन्सी दुबैलाई जनाउँछ।
|
| 40 |
+
|
| 41 |
+
**३. चन्दा उटाउनमा प्रतिबन्ध:**
|
| 42 |
+
(१) नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्व स्वीकृति लिई धार्मिक, परोपकारी बा अन्य सार्वजनिक कार्यको लागि कसैले स्वेच्छाले दर नतोकी चन्दा लिन दिन बाहेक कुनै व्यक्ति बा सरकारी बा गैर सरकारी कार्यालय बा संस्थाले कसैबाट चन्दा उटाउन बा लिन हुँदैन।
|
| 43 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि दफा ४ बमोजिम गठित कुनै प्रदेशस्तरीय समितिबाट खास गरी शैक्षिक, सामाजिक, संस्था तथा अन्य विकास कार्यको लागि यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिए बमोजिम खर्च गर्ने गरी चन्दा उटाउन सकिनेछ।
|
| 44 |
+
|
| 45 |
+
**४. चन्दा संकलन समितिको गठन:**
|
| 46 |
+
(१) दफा ३ को उपदफा (२) बमोजिम चन्दा उटाउन आवश्यक र उपयुक्त देखिएमा नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा प्रदेश सरकारले प्रदेश राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी स्थानीय उद्योग बाणिज्य संघ तथा शैक्षिक संघ संस्था समेतको प्रतिनिधित्व हुने गरी नेपाल सरकारले बढीमा एघार सदस्य र प्रदेश सरकारले बढीमा सात सदस्य रहेको चन्दा संकलन समिति गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 47 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम गठित समितिमा रहने अध्यक्ष तथा सदस्यहरुको पदाबधि तथा समितिको बैठक सम्बन्धी कार्यबिधि उक्त समिति गठन गर्दा प्रकाशित सूचनामा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 48 |
+
(३) समितिले आवश्यक सम्झेमा सम्बन्धित जिल्ला समन्वय समितिको प्रमुखको अध्यक्षतामा जिल्लास्तरीय उपसमितिहरु गठन गर्न सक्नेछ।
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
**५. चन्दा उटाउनु अघि स्वीकृति प्राप्त गर्नुपर्ने:**
|
| 51 |
+
समितिले चन्दा उटाउनको लागि चन्दाबाट उटाउनु पर्ने रकम र सो रकम कसरी उटाउने हो सो कुरा निश्चित गरेपछि सो र सो रकम खर्च गरिने कार्य बा योजनाको सम्बन्धमा बिस्तृत बिबरण खोली नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको स्वीकृतिको लागि पेश गरी स्वीकृति प्राप्त भएपछि मात्र सो बमोजिम चन्दा उटाउन सकिनेछ।
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
**६. चन्दा रसीद:**
|
| 54 |
+
यस ऐन बमोजिम चन्दा उठाउँदा देहाय बमोजिम चन्दा रसीद छपाई सो रसीदको आधारमा मात्र चन्दा उठाउनु पर्छ।
|
| 55 |
+
(क) चन्दा रसीदमा सो छापने छापाखानाको नाम र ठेगाना छापिएको हुनु पर्छ।
|
| 56 |
+
(ख) चन्दा रसीदमा सिलसिलेबार नम्बर हुनु पर्छ।
|
| 57 |
+
(ग) चन्दा किताबको प्रत्येक पृष्ठमा रहने रसीदका तीन प्रतिहरु अनिबार्य रुपमा छपाउनु पर्छ। ती तीन प्रतिहरु मध्ये एक प्रति चन्दा दातालाई, एक प्रति चन्दा संकलनकर्ता कहाँ र एक प्रति महालेखापरीक्षकको कार्यालयमा पठाउनु बा रहनु पर्छ।
|
| 58 |
+
(घ) चन्दा संकलनको निमित्त छपाउने रसीदमा दाताले दिने नगदी जिन्सी भन्ने शब्दहरु पनि छापाखानाबाट छापिएको हुनु पर्छ।
|
| 59 |
+
(ङ) चन्दाको प्रत्येक रसीदमा समितिको कार्यालयको छाप र सदस्य सचिबको हस्ताक्षरको निस्सा लागेको हुनु पर्छ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**७. चन्दाको लेखा:**
|
| 62 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम उठाइएको बा उठाउने चन्दाको लेखा नेपाल सरकारको सामान्य आर्थिक नियम अनुसार नै राख्नु पर्छ।
|
| 63 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम राखिएको लेखाको पनि नेपाल सरकारको लेखा सरह कमसेकम आर्थिक बर्षको एक पटक लेखापरीक्षण महालेखापरीक्षकले तोकेको सरकारी बा गैरसरकारी संस्था बा व्यत्तिहरुद्वारा गराउनु पर्छ र लेखापरीक्षणको प्रतिबेदन जनसाधारणको जानकारीका लागि प्रकाशित गर्नु पर्छ।
|
| 64 |
+
(३) यस ऐन बमोजिम उठाइएको चन्दा रकमहरु निम्न लिखित तरीकाले सुरक्षित राख्नु समितिको सदस्य सचिबको कर्तव्य हुनेछ:
|
| 65 |
+
(क) यस ऐन बमोजिम उठाइएको चन्दाको रकममध्ये नगदका हकमा नजिकमा नेपाल राष्ट्र बैङ् बा कुनै बाणिज्य बैङ् बा ���ाल बा कोष तथा तहसील कार्यालयमा जम्मा गरी खाताको सञ्चालन समितिको अध्यक्ष र सदस्य सचिबको संयुक्त दस्तखतबाट गर्नुपर्छ।
|
| 66 |
+
(ख) जिन्सी सम्बन्धमा नाप तौल सहितको पूर्ण बिबरण तयार गरी हिनामिना हुन नपाउने पूरा प्रबन्ध गरी सुरक्षित राख्नु पर्छ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
(४) यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अघि उठाइएका चन्दाहरुवाट शुरु गरिएका कामहरु सम्पन्न भई नसकेको जतिमा यो ऐन बमोजिम स्रेस्ता राख्न र हिसाब प्रकाशित गर्नुपर्छ।
|
| 69 |
+
(५) चन्दा उठाउन के कति सङ्ख्यामा रसीदहरु छापिएको छ र रसीदहरुको क्रमसङ्ख्या कसरी रहेको छ भन्ने कुराको पूर्ण लगत तयार गर्नु पर्छ।
|
| 70 |
+
(६) चन्दा रसीद किताब वितरण गर्दा सम्पूर्ण विवरण खोली भरपाई गराएर मात्र वितरण गर्नुपर्छ।
|
| 71 |
+
(७) यो ऐन बमोजिम राखिएको स्रेस्ता नेपाल सरकार, प्रदेश सरकार बा लेखा परीक्षक बा समितिले हेर्न खोजेको बखत देखाउनु पर्छ र हाल साबिक हुँदा ३४ दिन बा समितिले तोकेको बढी म्याद भित्र बुझबुझारथमा चलाउनु पर्छ।
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
**८. चन्दाको उपयोग:**
|
| 74 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम उठाइएको चन्दाको रकमको उपयोग र संकलन गर्ने कार्यबिधि दफा ३ को उपदफा (२) को अधीनमा रही समितिले आफै व्यवस्थित गर्नेछ।
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
**९. चन्दाको रकमान्तर:**
|
| 77 |
+
यस ऐन बमोजिम जुन कार्य सञ्चालन गर्नको लागि चन्दा उठाएको हो सो कार्य अन्य कुनै स्रोतबाट सञ्चालन हुने भएमा बा कारणवस त्यसको कार्यान्वयन नहुने भएमा त्यसरी उठेको चन्दाको रकमलाई अन्य कुनै कार्यमा उपयोग गर्नको लागि रकमान्तर गर्नु परेमा नेपाल सरकारको स्वीकृति प्राप्त गर्नु पर्नेछ।
|
| 78 |
+
तर प्रदेश सरकारबाट गठित समितिबाट उठेको चन्दा रकमलाई रकमान्तर गर्नु परेमा प्रदेश सरकारको स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 79 |
+
|
| 80 |
+
**१०. चन्दाको विवरण प्रकाशित गर्ने:**
|
| 81 |
+
यस ऐन बमोजिम उठाइएको चन्दाको आम्दानी खर्चको फाँटबारी र सो चन्दाबाट भएको कामको विवरण समेत प्रत्येक आर्थिक बर्षमा एक पटक प्रकाशित गर्नु गराउनु पर्छ।
|
| 82 |
+
|
| 83 |
+
**११. चन्दाको सङ्लन:**
|
| 84 |
+
यस ऐन बमोजिम चन्दा उठाउने व्यत्तिले चन्दा उठाउँदा चन्दा दाताले दिएको चन्दाको रकमको अङ्ग, अक्षर बा नाप, तौल आवश्यकता अनुसार स्पष्ट खुलाई तीन प्रति रसीदमा लेखी दस्तखत गर्नुपर्छ। तर सीसाकलम बा अरु उड्ने मसीबाट लेखन र दस्तखत गर्नु हुँदैन।
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
**१२. नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारले निर्देशन दिन सक्ने:**
|
| 87 |
+
(१) नेपाल सरकारले समितिलाई आबश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 88 |
+
(२) प्रदेश सरकारब���ट गठित समितिलाई प्रदेश सरकारले आबश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 89 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिमको निर्देशन पालन गर्नु सम्बन्धित समितिको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
**१३. सजाय:**
|
| 92 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमहरुको बर्खिलाप हुने गरी बा करकाप गरी चन्दा उठाउने व्यक्तिलाई दुई बर्षसम्म कैद बा दुई हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ र त्यसरी उठाइएको चन्दाको रकम समेत निजबाट सरकारी बाँकी सरह असूल उपर गरिनेछ।
|
| 93 |
+
|
| 94 |
+
**१४. मुद्दा सरकार बादी हुने र मुद्दा हेर्ने अधिकारी:**
|
| 95 |
+
यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ र सो मुद्दाको शुरु कारबाई र किनारा गर्ने अधिकार जिल्ला अदालतलाई हुनेछ।
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
**१५. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 98 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्न नेपाल सरकारले नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
|
| 99 |
+
|
| 100 |
+
**१६. खारेजी:**
|
| 101 |
+
चन्दा सम्बन्धी नियमाबली, २०२४ खारेज गरिएको छ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
---
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 106 |
+
(१) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:
|
| 107 |
+
"थी ५ को सरकार" भन्ने शब्दको सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
section_4_pdf_20.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,87 @@
|
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|
|
|
|
|
| 1 |
+
# क्षतिपूर्ति ऐन, २०१९
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०१९।१२।३०
|
| 5 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 6 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 7 |
+
गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून
|
| 8 |
+
संशोधन गर्ने ऐन,२०६६
|
| 9 |
+
२०६६।१०। ७
|
| 10 |
+
२०१९ सालको ऐन नं. ४६
|
| 11 |
+
$\times$ $\qquad$
|
| 12 |
+
|
| 13 |
+
---
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
## क्षतिपूर्तिको व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 18 |
+
नेपाल कानून बमोजिम नेपाल सरकारले प्राप्त गरेको बा प्राप्त गरिने सम्पत्तिको क्षतिपूर्ति दिन बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 19 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र बीर विक्रम शाहदेवबाट नेपालको संविधानको धारा ९३ अनुसार यो ऐन बनाइबक्सेकोछ ।
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, र प्रारम्भ:**
|
| 22 |
+
(१) यो ऐनको नाम "क्षतिपूर्ति ऐन, २०१९" रहेको छ ।
|
| 23 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**२. परिभाषाः**
|
| 26 |
+
बिषय बा प्रसङ्कले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 27 |
+
(क) "सम्पत्ति" भन्नाले प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम प्राप्त गरेको बा प्राप्त गरिने जुनसुकै सम्पत्तिलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 28 |
+
(ख) "धनी" भन्नाले स्टक पाएको बा सो स्टकमा हक भएको व्यक्तिलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 29 |
+
(ग) "स्टक" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत निष्काशित गरिएको स्टकलाई सम्झनु पर्छ।
|
| 30 |
+
(घ) "बैङ्" भन्नाले नेपाल राष्ट्र बैङ्लाई सम्झनु पर्छ।
|
| 31 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिमको" भन्नाले यो ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिमको सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
**३. कुनै सम्पत्ति प्राप्त गर्न सकिने:**
|
| 34 |
+
(१) सार्वजनिक हितको लागि कुनै सम्पत्ति प्राप्त गर्न आवश्यक सम्झेमा नेपाल सरकारले सो सम्पत्ति प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 35 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्राप्त गरिएको सम्पत्तिको क्षतिपूर्तिको अङ्ग नेपाल सरकारबाट तोकिएको अधिकारीले निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 36 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम निर्धारण गरिएको क्षतिपूर्तिको अङ्गमा चित्त नबुझ्ने व्यत्तिले सो निर्धारणको सूचना पाएको मितिले ३४ दिन भित्र नेपाल सरकारमा उजूर गर्न सक्नेछ र नेपाल सरकारबाट भएको निर्णय अन्तिम हुनेछ।
|
| 37 |
+
(४) माथि जे सुकै लेखिएको भएतापनि कुनै सम्पत्तिको क्षतिपूर्ति प्रचलित कानून बमोजिम तोकेको भए सोही बमोजिम निर्धारण भई यो ऐन अन्तर्गत क्षतिपूर्ति दिन सकिनेछ ।
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
**४. क्षतिपूर्ति दिने:**
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| 40 |
+
कुनै नेपाल कानून बमोजिम उन्मूलन भएको प्राप्त गरिएको बा प्राप्त गरिने सम्पत्तिको क्षतिपूर्ति यस ऐन अन्तर्गत स्टकको रुपमा दिन सकिनेछ ।
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| 41 |
+
तर नेपाल सरकारले चाहेमा क्षतिपूर्ति पाउनेलाई नगदकै रुपमा पनि दिन सक्ने��।
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| 42 |
+
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+
**५. स्टक निष्काशित गर्ने अधिकार:**
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यस ऐन अन्तर्गत दिइने क्षतिपूर्तिको लागि तोकिए बमोजिमको ढाँचाको स्टक आवश्यकता अनुसार नेपाल सरकार बा बैङ्गले निष्काशित गर्न सक्नेछ ।
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| 45 |
+
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**६. स्टकको साँबा र ब्याजको भुक्तानी:**
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प्रचलित नेपाल कानूनमा जेसुकै लेखिएको भए तापनि धनी बा निजले इच्छाएको व्यत्तिलाई नेपाल सरकारको तर्फबाट बैङ्गले स्टकमा उल्लेख भए बमोजिमको साँबा र ब्याजको भुक्तानी दफा ७ को अधीनमा रही दिनेछ ।
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| 48 |
+
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**७. भुक्तानी अबधि र ब्याजको दर:**
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(१) स्टकको भुक्तानी अबधि र ब्याजको दर देहायमा तोकिएको माथिल्लो हदमा नबढाई नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिन सक्नेछ :-
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| 51 |
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(क) भुक्तानी अबधि २० बर्ष,
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| 52 |
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(ख) ब्याजको दर ४ प्रतिशत ।
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(२) उपदफा (१) मा जेसुकै लेखिएको भएतापनि नेपाल सरकारले चाहेमा कुनै सम्पत्ति उन्मूलन बा अधिग्रहण गरिएको मितिदेखि नै ब्याजको रकम दिन सकिनेछ ।
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+
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**८. स्टकको टृष्टी बैङ्ग हुन सक्ने:**
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(१) यस ऐन बमोजिम दिइएको स्टकको टृष्टी बैङ्ग हुन सक्नेछ ।
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+
(२) बैङ्गले धनीको नाम आफनो खातामा दर्ता गरी निजलाई तोकिए बमोजिमको निस्सा दिनुपर्छ ।
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| 58 |
+
(३) धनीले चाहेमा बैङ्गले निजको स्टकलाई आफनो जिम्मामा लिई बर्षमा दुई पटकमा नबढाई तोकिए बमोजिमको ब्याजको भुक्तानी दिन सक्नेछ ।
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+
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**९. स्टकको व्ययभार:**
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यस ऐन अन्तर्गत दिइएको स्टकको भुक्तानीको रकम सजित कोष प्रति व्ययभार हुनेछ ।
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**१०. ऋण मोचन कोष खडा गर्न सक्ने:**
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नेपाल सरकारले यो ऐनको प्रयोजनको लागि ऋण मोचन कोष खडा गर्न सक्नेछ ।
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**११. स्टक सम्बन्धी कारबाही:**
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यस ऐन बमोजिम निष्काशित स्टक सम्बन्धी कारबाही बैङ्गले मात्र गर्न सक्नेछ र सो कारबाही गर्दा नेपाल सरकारबाट स्वीकृत ढाँचामा स्टकको आर्थिक स्थिति बारेको प्रतिवेदन समय समयमा नेपाल सरकारमा दिनुपर्छ ।
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**१२. स्टकको नामसारी:**
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धनीले स्टकको नामसारीको लागि लिखित अनुरोध गरेमा बैङ्गले तोकेबमोजिमको फीस ली सबै कुरा बुझी नामसारी गरिदिन सक्नेछ ।
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+
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**१३. कुनै स्टकको धनीको सम्बन्धमा झैझगडा उत्पन्न भएमा:**
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| 73 |
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कुनै स्टकको धनीको सम्बन्धमा कुनै किसिमको शझ झैझगडा उत्पन्न भएमा अदालतबाट टहरे बमोजिम हुनेछ।
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**१४. बिर्ता उन्मूलन ऐन, २०१६ मा संशोधन:**
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+
बिर्ता उन्मूलन ऐन, २०१६ मा देहाय बमोजिम संशोधन गरिएको छ:
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+
(क) दफा ९ को उपदफा (१) मा रहेको "सोही अनुसूचीमा लेखिएको रीत बमोजिम" भन्ने शब्दहरुलाई झिकिएको छ ।
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+
(ख) भइरहेको अनुसूचीको "क्षतिपूर्तिको रीत" मा रहेका बाकाहरुलाई झिकिएको छ ।
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| 79 |
+
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| 80 |
+
**१५. नियम बनाउने अधिकार:**
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यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले बैङ्कको राय लिई नियमहरु बनाउन सक्नेछ ।
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+
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+
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+
**इष्टव्य:**
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| 86 |
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केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्द:
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| 87 |
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"श्री ४ को सरकार" सझ "नेपाल सरकार"
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section_4_pdf_21.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,411 @@
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|
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| 1 |
+
# जग्गा प्राप्ति ऐन, २०३४
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
## लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
२०३४।०४।२२
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
## संशोधन गर्ने ऐन
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
१. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 9 |
+
२०४६।०२।१६
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
२. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४६
|
| 12 |
+
२०४९।०१।०६
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
३. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४४
|
| 15 |
+
२०४४।१०।०७
|
| 16 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 19 |
+
२०६६।१०।०७
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
५. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 22 |
+
२०७२।११।१३
|
| 23 |
+
|
| 24 |
+
६. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 25 |
+
२०७४।११।१९
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
७. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०६२
|
| 28 |
+
२०६२।०४।१४
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
२०३४ सालको ऐन नं. ६
|
| 31 |
+
|
| 32 |
+
---
|
| 33 |
+
|
| 34 |
+
जग्गा प्राप्ति सम्बन्धी प्रचलित नेपाल कानूनलाई संशोधन तथा एकीकरण गर्न बनेको ऐन
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 37 |
+
जग्गा प्राप्त गर्ने सम्बन्धी प्रचलित नेपाल कानूनलाई संशोधन तथा एकीकरण गर्न बाज्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज बीरन्द्र बीर बिक्रम शाहादेबबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्भतिले यो ऐन बनाइबक्सेको छ।
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
---
|
| 40 |
+
|
| 41 |
+
### १. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:
|
| 42 |
+
(१) यस ऐनको नाम "जग्गा प्राप्ति ऐन, २०३४" रहेको छ।
|
| 43 |
+
(२) यस ऐनको विस्तार नेपाल भर हुनेछ।
|
| 44 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 45 |
+
|
| 46 |
+
---
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
### २. परिभाषा:
|
| 49 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 50 |
+
(क) "जग्गा" भन्नाले कसैको हकभोगमा रहेको जुनसुकै जग्गा र त्यसमा स्थायी रूपले रहेको पर्खाल, घर, रुख समेत सम्झनुपर्छ र सो शब्दले त्यस्तो जग्गामा स्थायी रूपले जडान भएको जुनसुकै वस्तुलाई समेत जनाउँछ।
|
| 51 |
+
|
| 52 |
+
(ख) "सार्वजनिक काम" भन्नाले सर्वसाधारण जनताको हित, लाभ बा उपयोगको लागि हुने काम बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको तर्फबाट हुने काम सम्झनु पर्छ र सो शब्दले देहायको कामलाई समेत जनाउँछ:
|
| 53 |
+
(१) नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारले स्वीकृत गरेको परियोजना,
|
| 54 |
+
(२) स्थानीय तहद्वारा सञ्चालन गरिने परियोजना।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
(ग) "स्थानीय अधिकारी" भन्नाले नेपाल सरकारले तोकेको अधिकृत सम्झनुपर्छ। त्यसरी कुनै अधिकृत नतोकोमा प्रमुख जिल्ला अधिकारी सम्झनुपर्छ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
(घ) "सरोकारबाला व्यक्ति" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत जग्गा प्राप्त गरे बापत दिइने क्षतिपूर्ति बा मुआब्जामा हक पुग्ने व्यक्ति सम्झनुपर्छ।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
(ङ) "संस्था" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम स्थापना बा गठन भएको कम्पनी, विकास समिति र संस्थान सम्झनुपर्छ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
(ङ९) स्थानीय तह भन्नाले गाँउपालीक�� बा नगरपालीका सम्झनुपर्छ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
---
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
### ३. सार्वजनिक कामको लागि जग्गा प्राप्त गर्ने नेपाल सरकारको अधिकार:
|
| 67 |
+
नेपाल सरकारले कुनै सार्वजनिक कामको निमित्त कुनै जग्गा प्राप्त गर्न आवश्यक ठहराएमा यस ऐन बमोजिमको मुआब्जा दिने गरी नेपाल सरकारले जुनसुकै ठाउँको जतिसुकै जग्गा प्राप्त गर्न सक्नेछ।
|
| 68 |
+
|
| 69 |
+
---
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
### ३क. प्रदेश बा स्थानीय तहको लागि जग्गा उपलब्ध गराइदिनु पर्ने:
|
| 72 |
+
प्रदेश बा स्थानीय तहद्वारा सञ्चालन गरिने परियोजनाको लागि जग्गा आवश्यक पर्ने भएमा सम्बन्धित प्रदेश बा स्थानीय तहले यस ऐन बमोजिमको मुआब्जा र अन्य सबै खर्च व्यहोर्ने गरी कुनै जग्गा प्राप्त गराई दिन नेपाल सरकार समक्ष अनुरोध गरेमा नेपाल सरकारले त्यस्तो जग्गा प्रदेश बा स्थानीय तहलाई जग्गा प्राप्त गराई दिने गरी निर्णय गर्न सक्नेछ।
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
---
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
### ४. संस्थाको लागि जग्गा प्राप्त गराई दिन सक्ने:
|
| 77 |
+
(१) कुनै संस्थाले यस ऐन बमोजिमको मुआब्जा र अन्य सबै खर्च व्यहोर्ने गरी देहाएको कामको लागि कुनै जग्गा प्राप्त गराईदिन नेपाल सरकार समक्ष अनुरोध गरेमा नेपाल सरकारले त्यस्तो संस्थालाई जग्मा प्राप्त गराई दिने गरी निर्णय गर्न सक्नेछ:
|
| 78 |
+
(क) संस्थाको कर्मचारी, मजदूर बा कामदार बस्ने घर बनाउन बा निजहरूको सुख सुविधाको अरू बन्दोबस्त गर्न बा सर्वसाधारण जनताको हित हुने कुनै काम गर्न,
|
| 79 |
+
(ख) नेपाल सरकारले पूर्ण स्वामित्व भएको संस्थासित सम्बन्धित परियोजना सञ्चालन गर्न बा त्यस्तो संस्थाको कारोबारसित सम्बन्धित बा त्यस्तो संस्थाले उत्पादन गरेको कुनै मालबस्तु सञ्चय गर्नको लागि गोदामघरको निर्माण गर्न।
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
(१क) प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएका संस्थासँग सम्बन्धित परियोजना सञ्चालन गर्न बा त्यस्तो संस्थाको कारोबारसँग सम्बन्धित बा त्यस्तो संस्थाले उत्पादन गरेको कुनै मालबस्तु सञ्चय गर्नको लागि गोदाम घर निर्माण गर्न यस ऐन बमोजिमको मुआव्जा र अन्य सबै खर्च व्यहोर्ने गरी कुनै जग्मा प्राप्त गराई दिन त्यस्तो संस्थाले प्रदेश सरकार समक्ष अनुरोध गरेमा प्रदेश सरकारले त्यस्तो जग्मा प्राप्त गराई दिन नेपाल सरकार समक्ष अनुरोध गर्न सक्नेछ। त्यसरी अनुरोध प्राप्त भएमा नेपाल सरकारले त्यस्तो संस्थालाई जग्मा प्राप्त गराई दिने गरी निर्णय गर्न सक्नेछ।
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| 82 |
+
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| 83 |
+
(२) उपदफा (१) बा (१क) बमोजिम जग्मा प्राप्त गराई दिन अनुरोध गर्ने संस्थाले देहायका बिषयहरूमा मन्जुरीको लिखत नगरुन्जेल यस ऐन बमोजिम जग्मा प्राप्त गर्ने कारबाही चलाइने छैन:
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| 84 |
+
(क) जग्मा प्राप्त गर्दा लागेको बा लाग्ने भएको खर्च नेपाल सरकारलाई दिने,
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| 85 |
+
(ख) मजदुर बा कालिगडहरू बस्ने घर बा निजहरूको सुख सुविधाको कुनै कामको निमित्त बनाउने भए कहिलेसम्ममा र के कस्तो बनी तयार हुने हो र कति अबधिसम्म कायम राखिने हो,
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| 86 |
+
(ग) अरू कुनै बनाउने कामको निमित्त भए सो कहिलेसम्ममा बनी तयार हुने हो र के कसरी उपयोग गर्न पाउने हो।
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| 87 |
+
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| 88 |
+
(३) उपदफा (१) बा (१क) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि त्यस्तो संस्थाले आफ्नो परियोजना सञ्चालन गर्न खेती गर्नु पर्ने रहेछ भने अनुसन्धानको लागि प्रयोगात्मक खेतीको निमित्त बाहेक अन्य खेतीको निमित्त ऐन अन्तर्गत नेपाल सरकारले जग्मा प्राप्त गराई दिने छैन।
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| 89 |
+
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| 90 |
+
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| 91 |
+
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| 92 |
+
### ५. जग्गा प्राप्त गर्ने कुराको निर्णय र प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारी:
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| 93 |
+
(१) दफा ३, ३क, बा ४ को प्रयोजनको लागि जग्गा प्राप्त गर्ने नेपाल सरकारले निर्णय गरेपछि जुन कार्यालयको निमित्त जग्गा प्राप्त गरिने हो सो कार्यालयको कम्तीमा राजपत्रादित तृतीय श्रेणी बा अधिकृतस्तरको कर्मचारी बा राजपत्रादित बा अधिकृतस्तरको कर्मचारी नभएमा कार्यालय प्रमुखले र कुनै परियोजनाको लागि प्रारम्भिक कारबाही चलाउन सक्ने छ।
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| 94 |
+
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| 95 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि संस्थाको निमित्त जग्मा प्राप्त गर्दा उपदफा (१) बमोजिमको प्रारम्भिक कारबाही गर्नको निमित्त संस्थाकै कर्मचारीको मनोनयन होस् भनि सम्बन्धित संस्थाबाट अनुरोध भएमा संस्थाले तोकेको कम्तीमा अधिकृत स्तरको कुनै कर्मचारीले त्यस्तो प्रारम्भिक कारबाही चलाउन पाउने गरी सम्बन्धित मन्त्रालयले आदेश दिन सक्नेछ।
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| 96 |
+
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| 97 |
+
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| 98 |
+
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| 99 |
+
### ६. जग्गा प्राप्त गर्ने सम्बन्धी प्रारम्भिक कारबाही:
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| 100 |
+
(१) दफा ४ बमाजिम प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारीले सरोकारबाला व्यक्तिको जानकारीको निमित्त देहायका कार्यालय बा स्थानमा एक एक प्रति सूचना टाँस गर्नु पर्नेछ:
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| 101 |
+
(क) सम्बन्धित जग्गाको आसपासमा सर्वसाधारण जनताको बढी आबागमन हुने स्थान,
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| 102 |
+
(ख) सम्बन्धित गाउँपालिका बा नगरपालिका कार्यालय,
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| 103 |
+
(ग) घर र त्यसले चर्चेको कुनै कम्पाउण्डसमेत प्राप्त गर्नु पर्ने भएमा त्यस्तो घर दैला बा कम्पाउण्डको पर्खाल।
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| 104 |
+
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| 105 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सूचना जारी भएको तीन दिनपछि कारबाही चलाउने अधिकारीले देहाएको कुनै काम कारबाही गर्नको निमित्त आफूले चाहेको सङ्ख्यामा कर्मचारी बा कामदार लिई सम्बन्धित जग्गा बा घर कम्पाउण्ड भित्र प्रवेश गर्न सक्नेछ:
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| 106 |
+
(क) त्यस्तो जग्गाको नाप नक्सा लिने बा सभै गर्ने,
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| 107 |
+
(ख) त्यस्तो जग्गा प्राप्त गर्न उपयुक्त छ छुहुने यकिन गर्नको लागि माटो, ढुङ्गा आदिको नमूना सङ्गलन गर्ने, खाडल खन्ने बा बोरिङ्ग गर्ने,
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| 108 |
+
(ग) प्राप्त गर्न उपयुक्त टहरिएको जति जग्गा छुट्याउन साँध, किल्ला खडा गर्न बा अरू कुनै प्रकारले निशाना लगाउने,
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| 109 |
+
(घ) खण्ड (क) बा (ख) सम्बन्धी कुनै काम कारबाहीको लागि आबश्यक पर्ने कुनै उपकरण जडान गर्ने बा खडा गर्ने।
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| 110 |
+
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| 111 |
+
(३) उपदफा (२) को खण्ड (क) देखि खण्ड (घ) समयको कुनै काम कारबाही गर्दा त्यस्तो जग्गामा लगाएको कुनै बाली बा रुख काट्न बा उखेल्नु परेमा बा कुनै छेकबार बा पर्खाल हटाउनु बा भत्काउनु परेमा प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारीको आदेश प्राप्त गरी कुनै ब्यक्तिले सो काम गर्न सक्नेछ र त्यस्तो काम गर्दा भरसक सरोकारबाला ब्यक्तिको उपस्थितिमा गर्नु पर्नेछ।
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| 112 |
+
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| 113 |
+
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| 114 |
+
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| 115 |
+
### ७. नोक्सानी बापत क्षतिपूर्ति दिइने:
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| 116 |
+
(१) दफा ६ बमोजिम बाली, रुख, पर्खाल आदि काटेको बा भत्काए बापतको नोक्सानीको लागि र माटो, ढुङ्गा, झिक्दा, खाडल खन्दा बा बोरिङ्ग गर्दा नोक्सानी भएमा सो बापत क्षतिपूर्ति दिइनेछ।
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| 117 |
+
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| 118 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको क्षतिपूर्तिको रकम प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारीले निर्धारण गरी सरोकारबाला ब्यक्तिलाई दिनेछ।
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| 119 |
+
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| 120 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम निर्धारण गरिएको क्षतिपूर्तिमा चित्त नबुझ्ने ब्यक्तिले त्यस्तो क्षतिपूर्ति निर्धारण भएको कुराको जानकारी प्राप्त गरेको मितिले पन्ध्र दिनभित्र प्रमुख जिल्ला अधिकारीसमक्ष उजुर गर्न सक्नेछ र त्यस्तोमा प्रमुख जिल्ला अधिकारीको निर्णय अन्तिम हुनेछ।
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| 121 |
+
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| 122 |
+
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| 123 |
+
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| 124 |
+
### ८. प्रारम्भिक कारबाहीको ठहर सम्बन्धी प्रतिबेदन पटाउनु पर्ने:
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| 125 |
+
(१) प्रारम्भिक कारबाही चलाएको मितिले पन्ध्र दिनभित्र प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारीले सो कारबाही प््रा गरी प्राप्त गर्न उपयुक्त देखिएको जग्गा यकिन गरी सो सम्बन्धी अन्य आबश्यक बिबरण सहितको प्रतिबेदन यथाशीघ्र स्थानःधय अधिकारी समक्ष पटाउनु पर्नेछ।
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| 126 |
+
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| 127 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रतिबेदन पटाउँदा दफा ७ को उपदफा (२) बमोजिम निर्धारित क्षतिपूर्तिको रकम र नोक्सानीको सम्पूर्ण बिबरण समेत उल्लेख गर्नु पर्नेछ।
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| 128 |
+
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| 129 |
+
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| 130 |
+
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| 131 |
+
### ��. जग्गा प्राप्ति गर्ने कुराको सूचना:
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| 132 |
+
(१) दफा द् बमोजिम प्रारम्भिक कारबाहीको प्रतिबेदन प्राप्त भएपछि प्राप्त गरिने जग्गाको सम्बन्धमा देहायका कुराहरू खंोली स्थानीय अधिकारीले सूचना जारी गर्नेछ:
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| 133 |
+
(क) कुन कामको लागि जग्गा प्राप्त गरिने हो,
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| 134 |
+
(ख) जग्गा मात्र प्राप्त गर्ने हो बा त्यसमा रहेको घर पर्खाल आदि समेत प्राप्त गर्ने हो,
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| 135 |
+
(ग) जग्गा रहेको गाउँपालिका बा नगरपालिकाको नाम र त्यसको बडा नम्बर,
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| 136 |
+
(घ) नापी भइसकेको टाउँमा भए कित्ता नम्बर,
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| 137 |
+
(ङ) नापी भइनसकेको जग्गा भए जग्गा चिन्हाउन सहायक हुने आवश्यक बिबरणहरू र जग्गाको चार किल्ला,
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| 138 |
+
(च) जग्गाको क्षेत्रफल बा माटो मुरी,
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| 139 |
+
(छ) अन्य आवश्यक बिबरण।
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| 140 |
+
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| 141 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिको सूचनाको एक-एक प्रति देहाएको कार्यालय बा स्थानमा टाँस्नु पर्नेछ:
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| 142 |
+
(क) जुन परियोजनाको लागि जग्गा प्राप्त गरिने हो सो परियोजनाको स्थानीय कार्यालय,
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| 143 |
+
(ख) जिल्ला प्रशासन कार्यालय,
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| 144 |
+
(ग) सम्बन्धित गाउँपालिका बा नगरपालिका कार्यालय,
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| 145 |
+
(घ) भूमि प्रशासन कार्यालय बा माल अड्डा,
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| 146 |
+
(ङ) सम्बन्धित जग्गाको आसपासमा सर्वसाधारण जनताको बढी आवागमन हुने स्थान,
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| 147 |
+
(च) स्थानीय अधिकारीले आवश्यक देखेमा अन्य कुनै स्थान।
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| 148 |
+
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| 149 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको सूचना प्रकाशित गर्दा कुनै सरोकारबाला व्यक्तिले जानकारी पाउन नसक्ने कुरामा स्थानीय अधिकारी बिश्वस्त भई त्यस्तो सरोकारबाला व्यक्तिलाई व्यक्तिगत तबरले सूचना पटाउन उपयुक्त र सम्भव देखेमा त्यस्तो सरोकारबाला व्यक्तिको हकमा व्यक्तिगत तबरले सूचना पनि दिन सक्नेछ र त्यसरी सूचना दिंदा मुआव्जा निर्धारण भई सकेको भए मुआव्जाको रकम बुझ्नको लागि कति दिनभित्र कुन कार्यालयमा उपस्थित हुनुपर्ने हो सो समेत उल्लेख गरिदिनु पर्छ।
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| 150 |
+
|
| 151 |
+
(४) उपदफा (१) बमोजिम सूचना टाँस भएपछि सम्बन्धित भूमि प्रशासन कार्यालय बा माल अड्डाले त्यस्तो जग्गाको कुनै किसिमले हक छोड्ने लिखतको रजिष्टेशन रोक्का फुकुवा गर्न स्थानीय अधिकारीबाट भूमि प्रशासन कार्यालय बा माल अड्डामा लेखि आएको रजिष्टेशन फुकुवा गरिनेछ।
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| 152 |
+
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| 153 |
+
---
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| 154 |
+
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| 155 |
+
### १०. जग्गा प्राप्त गर्ने सूचनामा खुलाउनु पर्ने अन्य कुराहरू:
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| 156 |
+
दफा ९ को उपदफा (१) बमोजिम जारी हुने सूचनामा सरोकारबाला व्यक्तिको जानकारीको निमित्त देहायका कुराहरू समेत खोलिदिनु पर्छ:
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| 157 |
+
(क) सरोकारबाला व्यक्तिले मुआव्जामा दाबी गर्न आ-आफ्नो हकदैया बा भोग चलन सम्बन्धी निस्सा प���रमाण सहित निबेदन गर्नको लागि कम्तीमा पन्ध्र दिनको म्याद,
|
| 158 |
+
(ख) सरोकारबाला व्यक्तिले त्यस्तो जग्गामा लगाएको बाली बा रुख काट्न तथा त्यसमा रहेका घर, पर्खाल आदि भत्काई लैजान पाउने भए त्यस्तो बाली रुख घर पर्खाल आदि लैजान पाउने म्याद।
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| 159 |
+
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| 160 |
+
---
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| 161 |
+
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| 162 |
+
### ११. जग्गा बालाले उजुर गर्न सक्ने:
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| 163 |
+
(१) दफा ९ बमोजिम सूचना टाँस भएको मितिले बाटोको म्याद बाहेक सात दिनभित्र आफ्नो जग्गा प्राप्त नगर्नु पर्ने कुनै कारण भए त्यसको कारण खोलि सम्बन्धित जग्गाबालाले स्थानीय अधिकारीको कार्यालय मार्फत नेपाल सरकार गृह मन्त्रालयमा उजुर गर्न सक्नेछ। जग्गाबालाको स्वीकृति लिई मोहीले पक्की घर बनाएको रहेछ भने त्यस्तो घर र सो घरले चर्चेको जग्गाको सम्बन्धमा त्यस्तो मोहीले पनि यस उपदफा बमोजिम उजुर गर्न पाउनेछ।
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| 164 |
+
|
| 165 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको उजुरी उपर नेपाल सरकार गृह मन्त्रालयले निर्णय गर्नु अघि प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारी र आवश्यक देखेमा स्थानीय अधिकारीको समेत राय बुझी निर्णय गर्नु पर्नेछ।
|
| 166 |
+
|
| 167 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम परेको उजुरीको सम्बन्धमा निर्णय दिनको लागि साक्षी सरजमिन बुझ्न बा कुनै लिखत कागजपत्र दाखिल गराउन परेमा यस दफा बमोजिम उजुरी सुन्ने नेपाल सरकार गृह मन्त्रालयलाई जिल्ला अदालतलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ।
|
| 168 |
+
|
| 169 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिमको उजुरीको निर्णय त्यस्तो उजुरी प्राप्त गरेको साधारणतया पन्ध्र दिनभित्र गर्नु पर्नेछ।
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| 170 |
+
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| 171 |
+
---
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| 172 |
+
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| 173 |
+
### १२. जग्मा कब्जामा लिने अधिकार:
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| 174 |
+
(१) दफा ९, को उपदफा (१) बमोजिमको सूचना जारी भएपछि दफा ११ को उपदफा (१) बमोजिमको उजुरी परेकोमा उजुरी टुङ्गो लागेपछि र उजुरी नपरेकोमा उजुर गर्ने म्याद नाघेपछि जुनसुकै बखत स्थानीय अधिकारीले सम्बन्धित जग्गालाई कब्जामा लिई जुन कार्यालय बा संस्थाको निमित्त जग्मा प्राप्त गरिएको हो सो कार्यालय बा संस्थालाई दिन सक्नेछ र तत्पश्चात सो जग्गालाई सम्बन्धित कामको निमित्त उपयोगमा ल्याउन सकिनेछ। यसरी जग्मा कब्जामा लिएपछि स्थानिय अधिकारीले सो कुराको सूचना नेपाल सरकारलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कुनै जग्मा प्राप्त गर्दा घरसमेत प्राप्त गरिएकोमा सो घरमा घरधनी आफै बसी आएको भए निजले पाउने मुआब्जाको रकम निर्धारण भइसकेको भए त्यसको पचास प्रतिशत रकम नदिई र मुआब्जाको रकम निर्धारण भद्द नसकेको भए निजलाई आफ्नो बासस्थान अन्यत्र सार्नको निमित्त आवश्यक पर्ने मनासिब माफिकको रकम पेश्की नदिई त्यस्तो घर कब्जा लिन हुँदैन।
|
| 177 |
+
|
| 178 |
+
---
|
| 179 |
+
|
| 180 |
+
### १३. मुआव्जाको किसिम र सो निर्धारण गर्ने अधिकारी:
|
| 181 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिने जग्माको मुआव्जा नगदीमा दिइनेछ।
|
| 182 |
+
|
| 183 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको मुआव्जाको रकम निर्धारण गर्न देहायका पदाधिकारीहरू भएको एउटा समिति रहनेछ:
|
| 184 |
+
(क) प्रमुख जिल्ला अधिकारी,
|
| 185 |
+
(ख) भूमि प्रशासक बा माल अड्डाको हाकिम,
|
| 186 |
+
(ग) परियोजनाको लागि जग्मा प्राप्त गरिएको भए परियोजना प्रमुख र अन्य कामको लागि जग्मा प्राप्त गरिएको भए प्रमुख जिल्ला अधिकारीले तोकेको एक जना अधिकृत,
|
| 187 |
+
(घ) सम्बन्धित गाउँपालिका बा नगरपालिकाको प्रतिनिधि।
|
| 188 |
+
|
| 189 |
+
(३) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएतापनि मुआव्जा निर्धारण गर्दा सम्पूर्ण जग्मा पर्ने र केही जग्मा मात्र पर्ने व्यक्तिको हकमा बेग्लाबेग्लै मुआव्जाको दर कायम गर्न सकिनेछ।
|
| 190 |
+
|
| 191 |
+
---
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
### १४. जग्मा सझमा दिन सकिने:
|
| 194 |
+
यस ऐन बमोजिम जग्मा प्राप्त गर्दा त्यस्तो जग्मा प्राप्त गरिएको टाउँमा सम्पूर्ण जग्मा पर्ने व्यत्किले मुआव्जा वापत जग्मा नै लिन चाहेकोमा ऐलानी बा नेपाल सरकारको स्वामित्व भएको बा नेपाल सरकारले प्रचलित कानूनबमोजिम बिक्री वितरण गर्ने व्यवस्था भएको कुनै जग्मा उपलब्ध भएमा नेपाल सरकारले त्यस्तो जग्मा नै सझमा दिन सक्नेछ।
|
| 195 |
+
|
| 196 |
+
---
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| 197 |
+
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| 198 |
+
### १५. गुटी जग्गाको मुआव्जा:
|
| 199 |
+
यस ऐन बमोजिम गुटी जग्गा प्राप्त गर्दा सो जग्गाको मुआव्जा सम्बन्धमा गुटी संस्थान ऐन, २०३३ मा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 200 |
+
|
| 201 |
+
---
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
### १६. मुआव्जा निर्धारण गर्दा विचार राख्नु पर्ने कुराहरू:
|
| 204 |
+
(१) नेपाल सरकार प्रदेश सरकार, स्थानीय तह बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्थाको लागि प्राप्त गरिने जग्माको मुआव्जा निर्धारण गर्दा मुआव्जा निर्धारण गर्ने समितिले देहायको कुराको विचार राख्नु पर्नेछ:
|
| 205 |
+
(क) नेपाल सरकारले मुआव्जा निर्धारण गर्ने सम्बन्धमा समय-समयमा दिएको मार्ग दर्शन, र
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| 206 |
+
(ख) जग्मा प्राप्त गरेको कारणले सरोकारबाला व्यत्किले आफ्नो बसोबास बा कारोबारको टाउँ अन्यत्र सार्नु परेबाट बेहोर्नु परेको नोक्सानी।
|
| 207 |
+
|
| 208 |
+
(२) स्थानीय तह र नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्था बाहेक अन्य संस्थाको लागि प्राप्त गरिने जग्माको मुआव्जा निर्धारण गर्दा मुआव्जा निर्धारण गर्ने समितिले देहायका कुराको वि��ार राख्नु पर्नेछ:
|
| 209 |
+
(क) दफा ९, बमोजिम जग्मा प्राप्त गर्ने सूचना प्रकाशित गर्दाको समयमा प्रचलित जग्माको मोल,
|
| 210 |
+
(ख) जग्मामा लागेको बाली तथा घर, पर्खाल, टहरो आदि सहित जग्मा प्राप्त गरेकोमा त्यसको मोल,
|
| 211 |
+
(ग) जग्मा प्राप्त गरेको कारणले सरोकारबाला व्यत्किले आफ्नो बसोबास बा कारोबारको टाउँ अन्यत्र सार्नु परेबाट बेहोर्नु परेको नोक्सानी।
|
| 212 |
+
|
| 213 |
+
---
|
| 214 |
+
|
| 215 |
+
### १७. हकबन्दीभन्दा बढीको जग्मा प्राप्त गर्दा निर्धारण गरिने मुआव्जा:
|
| 216 |
+
दफा १६ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकार प्रदेश सरकार स्थानीय तह बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्थाको निमित्त यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिने जग्मा भूमि सम्बन्धी ऐन, २०२१ बमोजिम राख्न पाउने हदबन्दी भन्दा बढीको जग्मा भएमा त्यस्तो जग्माको मुआव्जा निर्धारण गर्दा भूमि सम्बन्धी ऐन, २०२१ बमोजिम पाउने मुआव्जाको अङ् भन्दा बढी हुने छैन।
|
| 217 |
+
|
| 218 |
+
---
|
| 219 |
+
|
| 220 |
+
### १८. मुआव्जा पाउनेको नामावली र त्यस उपरको उजुरी:
|
| 221 |
+
(१) दफा ९, बमोजिमको सूचनामा तोकिएको म्यादभित्र प्राप्त भएका निवेदनहरूबाट मुआव्जा पाउने टहरिएका व्यक्तिहरूको नामावली तयार पारी सरोकारबाला व्यक्तिहरूको जानकारीको लागि स्थानीय अधिकारीले सूचना टाँस गर्नेछ।
|
| 222 |
+
|
| 223 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम टाँस गरिएको नामावलीमा चित्त नवझने व्यक्तिले त्यस्तो सूचना जारी भएको मितिले पन्ध्र दिनभित्र नेपाल सरकार गह मन्त्रालयमा उजुर गर्न सक्नेछ।
|
| 224 |
+
|
| 225 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम परेका उजुरी तेरो मेरो बा हकभोग सम्बन्धी बाहेक अरू बिषयको भए नेपाल सरकार गह मन्त्रालयले साधारणतया पन्ध्र दिनभित्र किनारा लगाउनु पर्नेछ।
|
| 226 |
+
|
| 227 |
+
तर त्यस्तो उजुरी तेरो मेरो बा हकभोग सम्बन्धी भएमा त्यस उपर कुनै कारबाही नगरी अदालतको अन्तिम निर्णयबाट हकदैया कायम गरी आउने व्यक्तिलाई यस ऐन बमोजिम पाउने मुआव्जा दिइनेछ भनि मुआव्जा धरौट रहने कार्यालयको नाम समेत उल्लेख गरी सम्बन्धित व्यक्तिलाई सूचना दिनुपर्छ।
|
| 228 |
+
|
| 229 |
+
(४) तेरो मेरो बा हकभोग सम्बन्धमा अदालतमा कारबाही चली त्यसको अन्तिम निर्णयबाट हकदैया कायम गरी आउने व्यक्तिले त्यस्तो अन्तिम निर्णय भएको २ बर्षभित्र उपदफा (३) बमोजिम धरौटी रहेको रकम बुझी लिनु पर्नेछ। सो म्याद नाघेपछि त्यस्तो धरौटी रहेको मुआव्जाको रकम लिन पाउने छैन र सो रकम सज्चित कोषमा दाखिल हुनेछ।
|
| 230 |
+
|
| 231 |
+
---
|
| 232 |
+
|
| 233 |
+
### १९. मुआव्जा निर्धारण भएपछि सूचना गर्ने:
|
| 234 |
+
मुआव्जा निर्धारण गर्ने समितिले मुआव्जा निर्धारण गरेपछि सम्बन्धित प्रमुख जिल्ला अधिकारीले सो कुराको सूचना नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
---
|
| 237 |
+
|
| 238 |
+
### २०. मोहीले पाउने मुआव्जा:
|
| 239 |
+
यस ऐन बमोजिम जग्गा प्राप्त गर्दा सो जग्गामा मोहियानी लागेको भए सो जग्गा वापत दिइने मुआव्जाको पचास प्रतिशत रकम मोहीले पाउनेछ।
|
| 240 |
+
|
| 241 |
+
तर, जग्गाबालाको स्वीकृति लिई मोहीले बनाएको घर समेत प्राप्त गरिएकोमा सो घर वापतको मुआव्जा निजले पूरै पाउनेछ।
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| 242 |
+
|
| 243 |
+
---
|
| 244 |
+
|
| 245 |
+
### २१. मुआव्जाबाट सरकारी बाँकी कट्टा गर्न सकिने:
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| 246 |
+
यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गाको मुआव्जा बितरण गर्दा सरोकारबाला व्यत्तिसित मालपोत, कर बा अन्य कुनै सरकारी रकम असुल गर्न बाँकी रहेछ भने त्यस्तो असुल गर्न बाकी रहेको रकम मुआव्जाबाट कट्टा गर्न सकिनेछ।
|
| 247 |
+
|
| 248 |
+
---
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| 249 |
+
|
| 250 |
+
### २२. जग्गाको स्वामित्व सर्ने:
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| 251 |
+
दफा १२ बमोजिम जग्गा कब्जामा लिएपछि त्यस्तो जग्गाको स्वामित्व नेपाल सरकारको निमित्त प्राप्त गरेकोमा नेपाल सरकारमा र कुनै संस्थाको निमित्त प्राप्त गरेकोमा त्यस्तो संस्थामा सर्नेछ।
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| 252 |
+
|
| 253 |
+
---
|
| 254 |
+
|
| 255 |
+
### २३. जग्गाको नामसारी र मालपोतको लगत कट्टा गर्ने:
|
| 256 |
+
(१) दफा २२ बमोजिम नेपाल सरकार बा संस्थाको स्वामित्वमा आएको जग्गा नेपाल सरकारको लागि प्राप्त गरिएकोमा मालपोतको लागत कट्टा गरी नेपाल सरकारको नाममा नामसारी गर्न र संस्थाको लागि प्राप्त गरिएकोमा त्यस्तो संस्थाको नाममा नामसारी र दाखिल खारेज गर्न स्थानीय अधिकारीले जग्गा कब्जामा लिएको पन्थ्र दिनभित्र त्यस्तो जग्गाको दर्ताको लगत रहेको कार्यालयलाई लेखी पटाउनु पर्नेछ र त्यस्तो कार्यालयले पनि सो बमोजिमको कार्य यथाशीघ्र सम्पन्न गरी त्यसको जानकारी स्थानीय अधिकारी र साबिक जग्गाबालालाई दिनुपर्नेछ।
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको लगत कट्टा गर्ने बा नामसारी गर्ने कार्य जुनसुकै मितिमा सम्पन्न भए तापनि त्यस्तो जग्गाको स्वामित्व सरेको मितिदेखि नै उक्त जग्गाको लगत कट्टा भएको बा नामसारी भएको मानिनेछ।
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
(३) यो ऐन प्रारम्भ हुनुभन्दा अगावै तत्काल प्रचलित कानून बमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गाको लगत कट्टा भएको रहेनछ भने यो ऐन प्रारम्भ भएपछि त्यस्तो जग्गाको लगत स्वतः कट्टा भएको मानिनेछ।
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
---
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
### २४. स्वामित्व सर्नुभन्दा अधिको अवस्थालाई असर नपार्ने:
|
| 265 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम नेपाल सरकार बा संस्थाको नाउँमा कुनै जग्गाको स��वामित्व सर्नु भन्दा अघिल्लो दिन तकको साबिक जग्गाबालाबाट त्यस्तो जग्गामा लागेको मालपोत बा करबापत कुनै रकम असूल उपर गर्न बाँकी रहेको भए त्यसरी जग्गाको स्वामित्व संरपछि पनि त्यस्तो बाँकी रकम असूल उपर गर्ने कारबाही चलाउन यस दफाले बाधा पुए्याएको मानिने छैन।
|
| 266 |
+
|
| 267 |
+
(२) मोहियानी लागेको कुनै जग्गा प्राप्त गरिएकोमा साबिक जग्गाबालाले तत्कालीन मोहीबाट त्यसरी जग्गा प्राप्त गर्नुभन्दा अधिको बक्यौता कुत असूल गर्ने कारबाही चलाउन यस ऐनको कुनै कुराले बाधा पुए्याएको मानिने छैन।
|
| 268 |
+
|
| 269 |
+
---
|
| 270 |
+
|
| 271 |
+
### २५. विशेष परिस्थितमा जग्गा प्राप्त गर्न सक्ने विशेष अधिकार:
|
| 272 |
+
(१) नदीले एकाएक धार बदलेको बा कुनै दैबी परेको कारणले यातायात बा सज्चारको साधनलाई यथाबत् चालु राख्न बा धनजनको व्यापक क्षतिबाट बचाबट गर्न बा अन्य कुनै सार्वजनिक सम्पत्तिको संरक्षणको निमित्त बा अन्य कुनै असाधारण अबस्था परी नेपाल सरकारले कुनै जग्गा तत्कालै प्राप्त गर्नु परेमा यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सो सम्बन्धमा नेपाल सरकारले निर्णय गरी त्यस्तो जग्गा प्राप्त गर्ने तर्फ कारबाही चलाउन स्थानीय अधिकारीलाई आदेश दिन सक्नेछ।
|
| 273 |
+
|
| 274 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कामको निमित्त प्राप्त गर्नु पर्ने जग्गाको सम्बन्धमा दफा ९ को उपदफा (१) मा उल्लिखित कुराहरूमध्ये उपलब्ध भएसम्मका कुराहरू खुलाई सरोकारबाला व्यत्तिहरूको जानकारीको लागि सूचना जारी गर्नेछ र त्यस्तो सूचना जारी गर्दा सरोकारबाला व्यत्तिहरूले शीघ्रतिशीघ्र जानकारी पाउन सक्ने भनि स्थानीय अधिकारीले उपयुक्त ठहराएको तरीकाबाट जारी गर्न सकिनेछ।
|
| 275 |
+
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| 276 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको सूचना टाँस भएपछि जुनसुकै बखत स्थानीय अधिकारीले जग्गा कब्जामा लिन सक्नेछ र त्यसरी कब्जामा लिएकै मितिदेखि त्यस्तो जग्गामा नेपाल सरकारको स्वामित्व कायम हुन जानेछ।
|
| 277 |
+
|
| 278 |
+
(४) यस दफाबमोजिम जग्गा प्राप्त गर्दा त्यस्तो जग्गामा लागेको बाली तथा रुख र त्यसमा बनेको घर, पर्खाल आदि समेत प्राप्त गरिने भएमा त्यसबापत सरोकारबाला व्यत्तिले क्षतिपूर्ति पाउनेछ।
|
| 279 |
+
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| 280 |
+
(५) यस दफा बमोजिम प्राप्त गरिने जग्गाको मुआब्जाको निर्धारण दफा १३ बमोजिमको मुआब्जा निर्धारण समितिले गर्नेछ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
(६) यस दफाबमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गाको मुआब्जा बा क्षतिपूर्तिको रकममा चित्त नबुझेकोमा बाहेक जग्गा प्राप्त गरिनु नपर्ने भन��ने बिषयमा उजुर लाग्ने छैन।
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| 283 |
+
|
| 284 |
+
(७) क्षतिपूर्ति बा मुआव्जामा चित्त नबुढने व्यत्तिले क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा निर्धारण भएको सूचना जारी भएको मितिले पन्थ्र दिनभित्र नेपाल सरकार गृह मन्त्रालयसमक्ष उजुर गर्न सक्नेछ र त्यस्तोमा नेपाल सरकार गृह मन्त्रालयको निर्णय अन्तिम हुनेछ।
|
| 285 |
+
|
| 286 |
+
(८) यस दफा बमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गाको मोलतोलको लगत कट्टा गर्ने सम्बन्धमा दफा २३ को कार्यबिधि अपनाई स्थानीय अधिकारीले कारबाही चलाउनेछ र त्यस्तो जग्गाको सम्बन्धमा दफा २४ को कुरा पनि लागू हुनेछ।
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| 287 |
+
|
| 288 |
+
---
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| 289 |
+
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| 290 |
+
### २६. जग्गाबालाको मझुरी भएमा रीत पुगेको मानिने:
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| 291 |
+
नेपाल सरकारले कुनै जग्गा कुनै सार्वजनिक काममा लगाइसकेकोमा त्यस्तो जग्गा यस ऐनको रीत पन्याई प्राप्त नगरिएको भए तापनि सम्बन्धित जग्गाबालाले मञ्जुर गरेको अबस्थामा सो जग्गाको क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा यस ऐन बमोजिम निर्धारण गर्न सकिनेछ। यसरी क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा निर्धारण गरिएपछि सो जग्गा यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिए सरह मानिनेछ।
|
| 292 |
+
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| 293 |
+
---
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| 294 |
+
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| 295 |
+
### २७. बार्ताद्वारा जग्गा प्राप्त गर्न सकिने:
|
| 296 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले सार्वजनिक कामको लागि कुनै जग्गा सम्बन्धित जग्गाबालासित बार्ताद्वारा प्राप्त गर्न सक्नेछ र त्यसरी बार्ताद्वारा जग्गा प्राप्त गर्दा यस ऐनमा लेखिएको अन्य रीत पन्याई रहनु पर्ने छैन।
|
| 297 |
+
|
| 298 |
+
---
|
| 299 |
+
|
| 300 |
+
### २८. कुटनैतिक नियोग तथा अन्तर्राष्ट्रिय संस्थाको निमित्त जग्गा प्राप्त गर्न सकिने:
|
| 301 |
+
(१) बाणिज्य दूताबास लगायत कुटनैतिक नियोग तथा अन्तर्राष्ट्रिय संस्थाहरूको निमित्त यस ऐन बमोजिम जग्गा प्राप्त गर्न सकिनेछ।
|
| 302 |
+
|
| 303 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्राप्त गरिने जग्गाको मुआव्जा निर्धारण गर्दा दफा १६ को उपदफा (२) बमोजिम निर्धारण गरिनेछ।
|
| 304 |
+
|
| 305 |
+
---
|
| 306 |
+
|
| 307 |
+
### २९. घर आदिसहितको जग्गा प्राप्त गर्दा:
|
| 308 |
+
यस ऐन बमोजिम जग्गा प्राप्त गर्दा सो जग्गामा रहेको बाली, रुख, पर्खाल, घर, आदि पूरै लिइयोस भनि सरोकारबाला व्यत्तिले निबेदन गरेमा सो सबै लिने गरी कारबाही चलाउनु पर्नेछ।
|
| 309 |
+
|
| 310 |
+
---
|
| 311 |
+
|
| 312 |
+
### ३०. नेपाल सरकारले जग्गा प्राप्त नगर्ने निर्णय गर्न सक्ने:
|
| 313 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम जग्गा प्राप्त गर्ने गरी कारबाही चलाएकोमा कुनै पनि अबस्थामा नेपाल सरकारले जग्गा प्राप्त नगर्ने गरी निर्णय गर्न सक्नेछ र त्यस्तोमा सरोकारबाला व्यत्तिको जानकारीको लागि स्थानीय अधिकारीले दफा ९, को उपदफा (२) बमोजिम सूचना टाँस्नु पर्नेछ।
|
| 314 |
+
|
| 315 |
+
(२) नेपाल सरकारले जग्गा नलिने गरी कारबाही थामे तापनि दफा ६ बमोजिम प्रारम्भिक कारबाही गर्दा भइसकेको नोक्सानी बापत प्रारम्भिक कारबाही चलाउने अधिकारीले क्षतिपूर्ति दिई नसकेको भए स्थानीय अधिकारीले दफा ७ बमोजिम क्षतिपूर्ति निर्धारण गरी दिनेछ।
|
| 316 |
+
|
| 317 |
+
---
|
| 318 |
+
|
| 319 |
+
### ३१. कमाउन दिए बापत जग्गामा मोहियानी हक प्राप्त नहुने:
|
| 320 |
+
यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिएको कुनै जग्गालाई जग्गा प्राप्त गरिएको प्रयोजनमा नल्याएसम्म नेपाल सरकार बा संस्थाले कबुलियत गराई कसैलाई दिन सक्नेछ। त्यसरी जग्गा कमाएको नाताले जग्गा कमाउने व्यक्तिलाई प्रचलित कानून बमोजिम मोहियानी हक प्राप्त हुने छैन।
|
| 321 |
+
|
| 322 |
+
---
|
| 323 |
+
|
| 324 |
+
### ३२. स्वीकृति नलिई बनाएको घर बा लगाएको बाली जफत हुने:
|
| 325 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरेको जग्गाको स्वामित्व नेपाल सरकार बा संस्थामा सरेपछि नेपाल सरकार बा संस्थाको लिखित स्वीकृति प्राप्त नगरी कसैले कुनै प्रकारको घर, टहरो, पर्खाल आदि बनाउन बा त्यस्तो जग्गा आबाद गर्न हुँदैन।
|
| 326 |
+
|
| 327 |
+
(२) उपदफा (१) को उल्लङ्रन गरी कसैले कुनै घर, टहरो, पर्खाल आदि बनाएमा बा जग्गा आबाद गरेमा त्यसरी बनाएको घर टहरो, पर्खाल आदि बा लगाएको बालीको कुनै क्षतिपूर्ति नदिई नेपाल सरकार बा संस्थाले जफत गर्न सक्नेछ।
|
| 328 |
+
|
| 329 |
+
---
|
| 330 |
+
|
| 331 |
+
### ३३. एक कामको लागि लिएको जग्गा अन्य कामको लागि प्रयोग गर्न सकिने:
|
| 332 |
+
नेपाल सरकार प्रदेश सरकार स्थानीय तह बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्था मात्र यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गा जुन कामको लागि प्राप्त गरिएको हो सोही कामका लागि आवश्यक नपरेमा बा त्यस्तो काममा प्रयोग गरेर बढी हुन आएमा त्यसरी आवश्यक नपरेको बा बढी भएको जग्गालाई नेपाल सरकार प्रदेश सरकार बा स्थानीय तहले भए अन्य कुनै सार्वजनिक काममा र त्यस्तो संस्थाले भए दफा ४ को उपदफा (१) मा तोकिएको कामहरूमध्ये कुनै काममा प्रयोग गर्न सक्नेछ।
|
| 333 |
+
|
| 334 |
+
---
|
| 335 |
+
|
| 336 |
+
### ३४. आवश्यक नभएको जग्गा साबिक जग्गाबालालाई फिर्ता गर्नु पर्ने:
|
| 337 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम प्राप्त गरिएको जग्गा जुन कामको लागि प्राप्त गरिएको हो, सो कामको लागि आवश्यक नपरी बा प्रयोग गरेर बढी हुन आएको जग्गा दफा ३३ बमोजिम नेपाल सरकार प्रदेश सरकार स्थानीय तह बा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्थाले अन्य काममा प्रयोग नगरेमा त्यस्तो आवश्यक नपरेको बा बढी भएको जग्गा साबिक जग्गाबालालाई फिर्ता गरिदिनु पर्नेछ।
|
| 338 |
+
|
| 339 |
+
(२) नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारको पूर्ण स्वामित्व भएको संस्था बाहेक अरू संस्थाको लागि यस ऐनबमोजिम प्राप्त गरिएको जग्मा दफा ४ को उपदफा (२) बमोजिम गरिएको लिखत बमोजिमको काममा प्रयोग नगरेमा त्यस्तो जग्मा साबिक जग्माबालालाई फिर्ता गरिदिनु पर्नेछ।
|
| 340 |
+
|
| 341 |
+
(३) उपदफा (१) र (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐन बमोजिम बितरण भएको मुआव्जामध्ये फिर्ता गरिने जग्मा जतिको मुआव्जाको रकम साबिक जग्माबालाले फिर्ता नबुझेसम्म यस दफा बमोजिम जग्मा फिर्ता गरिने छैन।
|
| 342 |
+
|
| 343 |
+
(४) यस दफाबमोजिम साबिक जग्माबालाबाट मुआव्जा र थप रकम बुझिलिई जग्मा फिर्ता गर्ने काम स्थानीय अधिकारीले गर्नेछ।
|
| 344 |
+
|
| 345 |
+
(५) साबिक जग्माबालालाई जग्मा फिर्ता गरेपछि सो जग्मा निजको नाउँमा नामसारी र दाखिल खारेज गर्नको लागि स्थानीय अधिकारीले सम्बन्धित कार्यालयमा लेखी पटाउनु पर्नेछ र त्यसरी लेखी आएपछि उक्त कार्यालयले पनि नामसारी र दाखिल खारेज गरी त्यसको सूचना स्थानीय अधिकारीलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 346 |
+
|
| 347 |
+
---
|
| 348 |
+
|
| 349 |
+
### ३५. प्राप्त गरिएको जग्मा बिकी गर्न सकिने:
|
| 350 |
+
दफा ३४ बमोजिम फिर्ता गरिने जग्मा साबिक जग्माबालाले लिन नचाहेमा बा निज फेला नपरेमा अरू कसैलाई बिकी गर्न सकिनेछ।
|
| 351 |
+
|
| 352 |
+
---
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| 353 |
+
|
| 354 |
+
### ३६. तोकिएको म्यादभित्र उठाई नलगेमा मालवस्तु फिर्ता गर्नु नपर्ने:
|
| 355 |
+
यस ऐनको बिभिन्न दफाहरू बमोजिम कुनै जग्मामा लगाएको बाली, रुख तथा त्यसमा बनेको घर, पर्खाल आदि उठाई लैजान पाउनेमा तोकिएको म्यादभित्र त्यस्तो मालवस्तु उठाई नलगेमा ती मालवस्तु स्थानीय अधिकारीले आफ्नो कव्जामा लिन सक्नेछ र त्यस्तो मालवस्तुमा सम्बन्धित मालधनीको कुनै दाबी लागने छैन।
|
| 356 |
+
|
| 357 |
+
---
|
| 358 |
+
|
| 359 |
+
### ३७. तोकिएको म्यादभित्र क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा बुझिलिनु पर्ने:
|
| 360 |
+
यस ऐनको बिभिन्न दफाहरूमा क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा लिनको लागि तोकिएको म्यादभित्र सरोकारबाला व्यत्किले सो रकम लिन नआएमा बा लिन मञ्जुर नगरेमा स्थानीय अधिकारीले त्यस्तो क्षतिपूर्ति बा मुआव्जाको रकम बुझ्नको लागि तीन महिनाको अन्तिम म्याद दिई सूचना प्रकाशित गर्नु पर्नेछ। सो म्यादभित्र पनि लिन नआउने सरोकारबाला व्यत्किले त्यस्तो क्षतिपूर्ति बा मुआव्जा पाउने छैन र सो क्षतिपूर्ति बा मुआव्जाको रकम सज्चित कोषमा दाखिल गरिनेछ।
|
| 361 |
+
|
| 362 |
+
---
|
| 363 |
+
|
| 364 |
+
### ३८. स्थानीय अधिकारीले मद्वत गर्नु पर्ने:
|
| 365 |
+
यस ऐ��� बमोजिम कुन काम गर्न अधिकार पाएको कुनै अधिकारीले आफूले गर्नुपर्ने कुनै कामको सिलसिलामा प्रमुख जिल्ला अधिकारी बा प्रहरीको मद्वत माग्न सक्नेछ र त्यसरी मद्वत मागिएकोमा प्रमुख जिल्ला अधिकारी तथा प्रहरीले मद्वत दिनु पर्नेछ।
|
| 366 |
+
|
| 367 |
+
---
|
| 368 |
+
|
| 369 |
+
### ३९. दण्ड सजाय:
|
| 370 |
+
(१) कसैले दफा ६ बमोजिमको कुनै कारबाही गर्न लाग्दा बाधा विरोध गरी त्यस्तो काम कारबाही गर्न नदिएमा बा त्यस्तो काम कारबाही गर्न जाने व्यक्तिहरूलाई हुल हुज्जत गरेमा बा हातपात गरेमा बा त्यस्तो काम कारबाहीको सिलसिलामा जडान बा खडा गरिएको कुनै उपकरणलाई तोडफोड गरेमा बा लगाएको बा बनाएको चिन्ह बा नक्सा मेटिदिएमा बा बिगारी दिएमा एक हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा एक महिनासम्म कैद बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 371 |
+
|
| 372 |
+
(२) कसैले दफा ९ बमोजिम सूचना टाँस गर्दा बाधा विरोध गरेमा बा हुल हुज्जत गरेमा एक हजार रुपयाँसम्म जरिबाना हुनेछ।
|
| 373 |
+
|
| 374 |
+
(३) दफा १२ को उपदफा (१) बा दफा २४ को उपदफा (३) बमोजिम स्थानीय अधिकारीले जग्गा कव्जामा लिँदा कसैले बाधा विरोध बा हुल हुज्जत गरेमा एक हजार रुपयाँसम्म जरिबाना बा एक महिनासम्म कैद बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 375 |
+
|
| 376 |
+
---
|
| 377 |
+
|
| 378 |
+
### ४०. मुद्दा हेर्ने र पुनराबेदन सुन्ने अधिकारीहरू:
|
| 379 |
+
(१) यस ऐन अन्तर्गत सजाय हुने कसूर सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही र किराना गर्ने अधिकार प्रमुख जिल्ला अधिकारीलाई हुनेछ।
|
| 380 |
+
|
| 381 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम प्रमुख जिल्ला अधिकारीले गरेको निर्णय उपर पैतीस दिनभित्र जिल्ला अदालतमा पुनराबेदन लाग्नेछ।
|
| 382 |
+
|
| 383 |
+
---
|
| 384 |
+
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| 385 |
+
### ४१. नेपाल सरकार बादी हुने:
|
| 386 |
+
यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ।
|
| 387 |
+
|
| 388 |
+
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| 389 |
+
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| 390 |
+
### ४२. नियम बनाउने अधिकार:
|
| 391 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ।
|
| 392 |
+
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| 393 |
+
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| 394 |
+
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| 395 |
+
### ४३. खारेजी र बचाउ:
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| 396 |
+
(१) जग्मा प्राप्ति ऐन, २०१६ खारेज गरिएको छ।
|
| 397 |
+
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| 398 |
+
(२) यो ऐन प्रारम्भ हुदाँको बखत जग्मा प्राप्ति ऐन, २०१६ अन्तर्गत कुनै जग्मा प्राप्त गर्ने सम्बन्धमा भइरहेको काम कारबाही यो ऐन प्रारम्भ भएपछि यसै ऐन अन्तर्गत भए गरेको मानी सो काम कारबाही चालू राख्न सकिनेछ।
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| 399 |
+
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| 400 |
+
---
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| 401 |
+
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| 402 |
+
**इष्टव्य:**
|
| 403 |
+
(१) जिल्ला विकास समिति ऐन, २०४६ द्वारा रूपान्तरण गरिएका शब्दहरू:
|
| 404 |
+
(क) "जिल्ला सभा" को सझ "जिल्ला परिषद्"।
|
| 405 |
+
(ख) "जिल्ला पञ्चायत" को सझ "जिल्ला विकास समिति"।
|
| 406 |
+
|
| 407 |
+
(२) स्थानीय प्रशासन (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०४६ द्वारा रूपान्तरण गरिएका शब्दहरू:
|
| 408 |
+
"जिल्ला कार्यालय" को सझ "जिल्ला प्रश��सन कार्यालय"।
|
| 409 |
+
|
| 410 |
+
(३) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:
|
| 411 |
+
"श्री ४ को सरकार" भन्ने शब्दको सझ "नेपाल सरकार"।
|
section_4_pdf_24.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,70 @@
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| 1 |
+
**चिह्रा ऐन, २०२४**
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| 2 |
+
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| 3 |
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लालमोहर र प्रकाशन मिति
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| 4 |
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२०२४। ७। ९
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| 5 |
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संशोधन गर्ने ऐन
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| 6 |
+
प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
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| 7 |
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गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
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| 8 |
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२०६६। १०। ७
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२०२४ सालको ऐन नं. २२
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| 10 |
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चिह्रा नियन्त्रण गर्ने व्यवस्थाको निमित्त बनेको ऐन
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| 12 |
+
**प्रस्तावना**: सर्वसाधारण जनताको सदाचार तथा आर्थिक हित कायम राख्न चिह्राको बिक्री वितरण र सञ्चालनमा नियन्त्रण गर्नु बाञ्छुनीय भएकोले श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाटे राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्भतिले यो ऐन बनाइवक्सेकोछ।
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| 13 |
+
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| 14 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ**:
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| 15 |
+
(१) यस ऐनको नाम "चिह्रा ऐन, २०२४" रहेकोछ।
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| 16 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ।
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(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
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| 18 |
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**२. चिह्रा बिक्री वितरण गर्न र खोल्न नपाउने**:
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| 20 |
+
यो ऐनको दफा ३ मा व्यवस्था गरिए बमोजिम नेपाल सरकारले अनुमति दिएकोमा बाहेक कसैले देहायका कुनै काम गर्न बा गराउन पाउने छैन:
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| 21 |
+
(क) कुनै चिह्रा खोल्ने, छ्वाप्ने बा प्रकाशित गर्ने,
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| 22 |
+
(ख) कुनै चिह्रा बिक्री वितरण गर्ने बा बिक्री वितरण बा विज्ञापनको लागि दिने,
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| 23 |
+
(ग) कुनै चिह्रा सम्बन्धी विज्ञापन छ्वाप्ने, प्रकाशित बा बिक्री वितरण गर्ने बा सो कामको लागि आफू साथ राख्ने,
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| 24 |
+
(घ) नेपाल सरकारले तोकी छुट दिएकोमा बाहेक विदेशी मुलुकबाट कुनै चिट्टा बा त्यस्तो विज्ञापन नेपाल भित्र बिक्री वितरणको लागि ल्याउने बा झिकाउने बा बिक्री वितरण गर्ने बा त्यसरी ल्याई बिक्री वितरण भएको चिट्टाबाट प्राप्त भएको आम्दानी बा त्यस्तो चिट्टाको बिक्री वितरण सम्बन्धी कुनै लगत नेपाल बाहिर पठाउने,
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| 25 |
+
(ङ) चिट्टा सम्बन्धी काम गर्नको लागि कुनै घर जग्गा प्रयोग गर्ने बा प्रयोग गर्न दिने।
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| 26 |
+
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| 27 |
+
**३. नेपाल सरकारको स्वीकृति लिएर चिट्टा खोल्ने**:
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| 28 |
+
(१) कुनै व्यक्ति बा संस्थाले चिट्टा खोल्न चाहेमा खोल्न चाहेको चिट्टाको पूर्ण बिबरण सहितको लिखित निवेदन नेपाल सरकार समक्ष दिएमा र नेपाल सरकारले सो काम मनासिब ठहन्याएमा अनुमति दिन सक्नेछ।
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| 29 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम चिट्टा खोल्न अनुमति प्राप्त गर्ने व्यक्ति बा संस्थाले देहायमा लेखिएको शर्त बन्देजको अधीनमा रही चिट्टाको बिक्री वितरण र सञ्चालन गर्न समेत सक्नेछ:
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| 30 |
+
(क) कुनै परोपकारी बा सार्वजनिक हित सम्बन्धी कार्यको सहायतार्थ चिट्टा खोल्दा संस्थाले मात्र खोल्न पाउनेछ र त्यसरी चिट्टा खोल्दा चिट्टा बिक्री भई प्राप्त भएको कूल रकम मध्येबाट ६० प्रतिशत पुरस्कार बाँडिनेछ। यस पछि बाँकी हुन आएको रकमलाई सम्बन्धित संस्थाले परोपकारी सार्वजनिक हित सम्बन्धी र चिट्टा सञ्चालन सम्बन्धी काममा लगाउन सक्नेछ।
|
| 31 |
+
(ख) परोपकारी बा सार्वजनिक हित सम्बन्धी कार्यको सहायतार्थ खोलिएकोमा बाहेक अरु चिट्टाको पुरस्कार नगदीमा हुने छैन र चिट्टा खोल्दा चिट्टा बिक्री भै प्राप्त भएको कूल रकम मध्येबाट ७४ प्रतिशत मूल्य बराबरको जिन्सी सामान पुरस्कार स्वरुप वितरण गरिनेछ। यस पछि बाँकी हुन आएको रकमलाई सम्बन्धित चिह्रा सञ्चालन गर्ने व्यक्ति बा संस्थाले मुनाफा स्वरूप र चिह्रा सञ्चालन सम्बन्धी कामको लागि लिन सक्नेछ।
|
| 32 |
+
(ग) सबै चिहाको प्रतिमा निम्न लिखित कुराहरु खोलिएको हुनु पर्छ:
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| 33 |
+
१. चिहाको मूल्य,
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| 34 |
+
२. पुरस्कारको विवरण,
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| 35 |
+
३. चिह्रा खोलिने स्थान,
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| 36 |
+
४. चिह्रा बिक्री वितरण र सञ्चालन गर्ने संस्थाको नाम,
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| 37 |
+
५. चिहाको क्रम संख्या,
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| 38 |
+
६. चिह्रा खुल्ने र बन्द हुने मिति,
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| 39 |
+
७. नेपाल सरकार बा अधिकार प्राप्त अधिकारीबाट चिह्रा खुल्ने अनुमति प्राप्त भएको मिति।
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| 40 |
+
(घ) कुनै सार्वजनिक प्रर्दशनी स्थल बा क्लब बा सोसाइटी जस्तो टाउँमा खोल्न बा सञ्चालन गर्न अनुमति पाएमा त्यस्तो टाउँमा बाहेक अन्यत्र चिहाको बिक्री वितरण गर्न र सञ्चालन गर्न पाइने छैन।
|
| 41 |
+
(ड) प्रत्येक चिहाको मूल्य बराबर हुनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(च) चिहाको पूरा मूल्य भुक्तान नभई चिह्रा बिक्री गर्न पाउने छैन।
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| 43 |
+
(छ) एक पटक बिक्री भइसकेको चिह्रा फिर्ता हुने छैन।
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| 44 |
+
(ज) यो ऐन अन्तर्गत बनेका नियममा तोकिएको कार्यबिधि अपनाउनु पर्नेछ।
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| 45 |
+
(३) चिहाको बढी से बढी कूल पूँजी तोक्ने र प्रत्येक चिहाको मूल्य निर्धारण गर्ने हकमा नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी आदेश निकाल्न सक्नेछ।
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| 46 |
+
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| 47 |
+
**४. पुरस्कारमा हेरफेर गर्न हुने**:
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| 48 |
+
चिट्टा बन्द हुने मितिसम्ममा चिट्टामा तोकिएको कूल पूँजी बमोजिम सबै चिट्टा बिक्री हुन नसकेमा सम्बन्धित व्यक्ति बा संस्थाले बिक्री भए जति चिट्टाको दामासाहीले पुरस्कारमा हेरफेर गर्न सक्नेछ।
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| 49 |
+
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| 50 |
+
**५. गिरफतार गर्ने र खानतलासी लिने अधिकार**:
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| 51 |
+
कसैले यो ऐनको बर्खिलाप काम कारबाही गरेको बा गराएको बा सो काम गर्न दुरुत्साहन दिएको छ भन्ने मुनासिब माफिकको कारण देखेमा बा पत्ता लागेमा नायब निरीक्षक बा सो भन्दा माथिल्लो दर्जाको प्रहरी अधिकृतबाट अधिकार पाएको प्रहरी कर्मचारीले सम्बन्धित व्यक्तिलाई गिरफतार गर्न घरजग्गामा प्रवेश गरी खानतलासी लिन र कसूर सम्बन्धी बस्तुहरु कब्जामा लिन सक्नेछ।
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| 52 |
+
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| 53 |
+
**६. अधिकार प्रत्यायोजन गर्ने**:
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| 54 |
+
नेपाल सरकारले दफा ३ बमोजिम आफूमा निहित रहेको अधिकार नेपाल राजपत्रमा प्रकाशित आदेशद्वारा सोही आदेशमा तोकिएको अधिकृतले प्रयोग गर्न पाउने गरी सुम्पन सक्नेछ।
|
| 55 |
+
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| 56 |
+
**७. दण्ड सजाय**:
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| 57 |
+
कसैले यो ऐन बर्खिलाप कुनै काम गरेमा निजलाई बिगो जफत भई बिगो बमोजिम जरिबाना बा ६ महिनासम्म कैद बा दुबै सजाय हुनेछ।
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| 58 |
+
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| 59 |
+
**८. नियमहरु बनाउने अधिकार**:
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| 60 |
+
यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
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| 61 |
+
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+
**९. यो ऐन बमोजिम हुने**:
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| 63 |
+
यो ऐन र यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा लेखिएको कुरामा सोही बमोजिम र अरुमा प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम हुनेछ।
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| 64 |
+
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| 65 |
+
**१०. खारेजी**:
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| 66 |
+
परोपकार संस्थालाई चिट्टा खोल्न दिने सम्बन्धमा २००९ साल चैत्र ६ गते रोज ५ मा भएको लालमोहर खारेज गरिएको छ।
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| 67 |
+
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| 68 |
+
**द्वष्टव्य**:
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| 69 |
+
केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर भएका शब्दहरु:
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| 70 |
+
"श्री ५ को सरकार" भन्ने शब्दको सट्टा "नेपाल सरकार"
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section_4_pdf_25.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,149 @@
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| 1 |
+
**आवश्यक पदार्थ नियन्त्रण (अधिकार) ऐन, २०१७**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
---
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| 4 |
+
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| 5 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
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| 6 |
+
२०१७।११।६
|
| 7 |
+
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| 8 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 9 |
+
१. नेपाल ऐनहरु संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राख्ने ऐन, २०१९
|
| 10 |
+
२०१९।१२।३०
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
२. आवश्यक पदार्थ नियन्त्रण (अधिकार) (पहिलो संशोधन) ऐन, २०३०
|
| 13 |
+
२०३०।१२।११
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
३. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 16 |
+
२०३६।२।१६
|
| 17 |
+
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| 18 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 19 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 20 |
+
२०६६।१०।७
|
| 21 |
+
|
| 22 |
+
५. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 23 |
+
२०७२।११।१३
|
| 24 |
+
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| 25 |
+
६. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल कानूनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 26 |
+
२०७४।११।१९
|
| 27 |
+
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| 28 |
+
२०१७ सालको ऐन नं. २६
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| 29 |
+
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| 30 |
+
---
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| 31 |
+
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| 32 |
+
**आवश्यक पदार्थ नियन्त्रण अधिकारको व्यवस्था गर्न बनेको ऐन**
|
| 33 |
+
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| 34 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 35 |
+
सर्वसाधारण जनताको सुविधा कायम राख्न समाजको दैनिक चलन, व्यवहार र आहारको लागि चाहिने खाद्यान्न, माल सामानको वितरण, बिक्री र व्यापारमा समय समयमा आवश्यकतानुसार कडा नियन्त्रण गर्ने अधिकारको व्यवस्था गर्नु बाञ्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराजबाट नेपालको संविधानको धारा ९३ अनुसार यो ऐन बनाइएको छ।
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
---
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारम्भ:**
|
| 40 |
+
(१) यस ऐनको नाम "आवश्यक पदार्थ नियन्त्रण (अधिकार) ऐन, २०१७" रहेको छ।
|
| 41 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ।
|
| 42 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 43 |
+
|
| 44 |
+
---
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| 45 |
+
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| 46 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 47 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 48 |
+
(क) "आवश्यक पदार्थ" भन्नाले देहायको कुनै पदार्थ सम्झनु पर्छ:
|
| 49 |
+
(१) धान र चामल, मकै, गहुँ, कोदो, जौ र तिनको पीटो, मैदा र त्यस्तै किसिमका अरु खाद्यान्न,
|
| 50 |
+
(२) रहर, मुगी, मास, मुसुरो, चना, केराउ, भटमास र तिनको पीटो र त्यस्तै किसिमका अरु खाद्यान्न,
|
| 51 |
+
(३) आलस, तोरी, सर्स्युं तिल र तेल निकाल्नको निमित्त प्रयोग हुने त्यस्तै अन्य तेलहन र सबै किसिमका तेल,
|
| 52 |
+
(४) दूध र दूधबाट तयार हुने खाद्य पदार्थ,
|
| 53 |
+
(५) उखू र त्यसबाट पैदा हुने गुंड, सखर चिनी र अन्य त्यस्तै पदार्थ,
|
| 54 |
+
(६) सूती बा ऊनी लत्ता कपडा, कपास तथा ऊन,
|
| 55 |
+
(७) कच्चा जूट र त्यसबाट तयार भएका बस्तुहरु,
|
| 56 |
+
(८) मझितेल, पेट्रोल, डिजेल र सबै प्रकार लुब्रिकैण्ट,
|
| 57 |
+
(९) फलाम र फलामबाट तयार भएका बस्तुहरु,
|
| 58 |
+
(१०) सिमेन्ट, ईंट, जस्तापाता आदि निर्माणको निमित्त आवश्यक पर्ने बस्तुहरु,
|
| 59 |
+
(११) सबारीको साधनहरु र त्यस्ता साधनहरुको निमित्त आवश्यक टायर, ट्यूब, पार्ट पुर्जाहरु,
|
| 60 |
+
(१२) नून,
|
| 61 |
+
(१३) औ��धी,
|
| 62 |
+
(१४) नेपाल सरकारले समय समयमा सूचित आदेशद्वारा आवश्यक पदार्थ भनी तोकेको कुनै पदार्थ बा बस्तु।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
(ख) "सूचित आदेश" भन्नाले नेपाल सरकारको हकमा नेपाल राजपत्रमा र प्रदेश सरकारको हकमा प्रदेश राजपत्रमा प्रकाशित आदेश सम्झनु पर्छ।
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
---
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
**३. आवश्यक पदार्थको उत्पादन बा वितरण नियन्त्रण गर्ने अधिकार:**
|
| 69 |
+
(१) कुनै आवश्यक पदार्थको वितरण बढाउन, कायम राख्न बा समान वितरण गराउन बा सुपथ मोलमा प्राप्त गराउन नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारले आवश्यक बा उचित ठहराएमा सूचित आदेशद्वारा त्यस्तो आवश्यक पदार्थको तोकिएको टाउँमा उत्पादन, वितरण बा व्यापारलाई नियमित बा नियन्त्रण गर्न सक्नेछ।
|
| 70 |
+
(२) उपदफा (१) ले दिएको अधिकारको सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल प्रभाव नपारी त्यस्तो आदेशले देहाय बमोजिम गर्न सक्छ:
|
| 71 |
+
(क) कुनै आवश्यक पदार्थको सञ्चय, वितरण, परिबहन, उत्पादन, व्यापार उपभोगलाई अनुमतिपत्र जारी गरी बा अरु किसिमबाट नियमित बा नियन्त्रण गर्न,
|
| 72 |
+
(ख) कुनै आवश्यक पदार्थको बिक्री गर्ने बा खरिद गर्ने मोल निर्धारण गर्न बा सूचित आदेशद्वारा तोकिएको अधिकारीको स्वीकृति बेगर कुनै आवश्यक पदार्थको प्रचलित मोलमा बृद्धि गर्न नपाउने गरी नियन्त्रण गर्न,
|
| 73 |
+
(ग) सामान्यतः बिक्रीको निमित्त राखेको आवश्यक पदार्थलाई बिक्री गर्दिन भनी अड्डी लिनेलाई सो गर्न नदिन,
|
| 74 |
+
(घ) आवश्यक पदार्थ सञ्चय गरी राख्ने व्यक्तिलाई त्यस्तो सजित पदार्थको सम्पूर्ण बा तोकिए बमोजिमको हिस्सा बा भाग नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकार बा कुनै अधिकारी बा कुनै व्यक्ति बा बर्गलाई तोकिएको इलाकामा तोकिएको अवस्थामा बिक्री गर्न बाध्य गराउन,
|
| 75 |
+
(ङ) सर्वसाधारणको हितको निमित्त आवश्यक देखिएमा कुनै आवश्यक पदार्थ सम्बन्धी व्यापारिक बा आर्थिक कारोबारलाई नियमित बा निषेध गर्न,
|
| 76 |
+
(च) माथि उल्लिखित कुनै बा सबै कुरालाई नियमित बा निषेध गर्ने अभिप्रायले समाचार बा तथ्याङ्ग सङ्कलन गर्न,
|
| 77 |
+
(छ) कुनै आवश्यक पदार्थ सञ्चय गर्ने, वितरण गर्ने बा व्यापार गर्ने व्यक्तिल्लाई तत्सम्बन्धी अभिलेख (रेकर्ड) र बहिखाताहरु दुरुस्त राख्न र त्यस किसिमका अभिलेख (रेकर्ड) बहिखाताहरु जाँचपडतालको निमित्त पेश गर्न बा तत्सम्बन्धी समाचार बिबरण दाखिल गर्न लगाउन,
|
| 78 |
+
(ज) कुनै अनुमतिपत्र दिँदा लाग्ने दस्तूर बा त्यस्तो अनुमतिपत्रमा उल्लिखित शर्त बन्देज पालनाको लागि तोकिएबमोजिम धरौट���को रकम दाखिला गराउने र अनुमति पत्रको कुनै शर्त उल्लइन भएमा धरौटी रहेको रकमको सम्पूर्ण बा केही खण्ड जफत गर्ने र सो प्रयोजनको निमित्त अधिकारी तोक्न,
|
| 79 |
+
(झ) कुनै प्रासङ्गिक र पूरक कुराहरुको निमित्त खास गरी गोदाम, गाडी, डुङ्गा, बायुयानभित्र प्रवेश गरी खानतलासी लिने, त्यस्तो खानतलासी लिँदा भेटिएको कुनै बस्तु जसको सम्बन्धमा आदेश उल्लइन भएको बा उल्लइन हुन लागेको छ भन्ने कुरा सो खानतलासी गर्ने व्यक्तिलाई बिश्रास भएमा सो बस्तु जफत गर्न,
|
| 80 |
+
(ज) आदेश उल्लइन गरे बापत सजाय गर्दा जफत गरिने पदार्थ तोक्न, र
|
| 81 |
+
(ट) यस दफासँग सम्बन्धित आवश्यक अन्य कुरा।
|
| 82 |
+
|
| 83 |
+
---
|
| 84 |
+
|
| 85 |
+
**३क. आवश्यक पदार्थको उत्पादन, बितरण बा व्यापार नियन्त्रण सम्बन्धी मापदण्ड:**
|
| 86 |
+
(१) नेपाल सरकारले आवश्यक पदार्थको उत्पादन, बितरण बा व्यापारलाई नियमित बा नियन्त्रण गर्ने सम्बन्धमा आवश्यक मापदण्ड निर्धारण गर्न सक्नेछ।
|
| 87 |
+
(२) प्रदेश सरकारले दफा ३ बमोजिम आवश्यक पदार्थको उत्पादन, बितरण बा व्यापारलाई नियमित बा नियन्त्रण गर्दा उपदफा (१) बमोजिम निर्धारित मापदण्डको अधीनमा रही गर्नु पर्नेछ।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
---
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| 90 |
+
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| 91 |
+
**४. आदेश बिरुद्ध कुनै काम गर्नेलाई सजाय:**
|
| 92 |
+
(१) कसैले दफा ३ अन्तर्गत निकालिएको आदेश बिरुद्ध कुनै काम गरेमा निजलाई पाँच बर्षसम्म कैद बा पन्ध्र हजार रुपैयाँसम्म बा कसूरसित सम्बन्धित पदार्थको बिगोमा जुन बढी हुन्छ सोही अइसम्म जरिबाना बा दुवै सजाय हुनेछ।
|
| 93 |
+
(२) दफा ३ बमोजिमको आदेशको विरुद्ध गरेको कसूरसित सम्बन्धित पदार्थ सोही दफा अन्तर्गत निकालिएको आदेशमा जफत गरिने भनी तोकिएको भए सो पदार्थ समेत जफत गरिनेछ।
|
| 94 |
+
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| 95 |
+
---
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| 96 |
+
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| 97 |
+
**५. उघोग र प्रेरणा बारे:**
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| 98 |
+
दफा ३ बमोजिम गरिएको आदेशको उल्लंघन गर्न प्रयत्न गरेमा बा सो गर्न दुरुत्साहन गरेमा सो आदेश उल्लंघन गरेको मानिनेछ।
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| 99 |
+
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| 100 |
+
---
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| 101 |
+
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| 102 |
+
**६. झूझ बयान दिएमा सजाय:**
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| 103 |
+
कसैले देहायको कसूर गरेमा दश हजार रुपैयाँ जरिबाना बा तीन वर्ष सम्म कैद बा दुबै सजाय हुनेछ:
|
| 104 |
+
(क) कसैलाई दफा ३ बमोजिम कुनै कुराको बयान या खवर गर्ने आदेश भएकोमा जानी जानी बा जान्नु पर्ने मनासिब माफिकको कारण भैकन पनि झूझ कुराको बयान, बंकपत्र बा खबर दिएमा,
|
| 105 |
+
(ख) यो आदेशबमोजिम राख्नु पर्ने कुनै बही हिसाबको कागज, खाता, श्रेस्ताका तमसुक, कबुलियत, हिसाब बा अरु कागजात राख्दा झूझ बा फरेब गरेको देखिएमा।
|
| 106 |
+
|
| 107 |
+
---
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| 108 |
+
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| 109 |
+
**६क. संगठित संस्था बा कम्पनीले गरेको कसूरको सजाय:**
|
| 110 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम क���ूर गर्ने व्यक्तिको कुनै संगठित संस्था बा कम्पनी भएमा सो कसूर भएको कुरा आफूलाई थाहा थिएन बा सो कसूर रोक्न आफूले सकभर प्रयत्न गरेको थियो भन्ने कुरा प्रमाणित गर्न सकेमा बाहेक त्यस्तो कसूरको लागि सम्बन्धित संगठित संस्था बा कम्पनीको काम कारबाही उपर नियन्त्रण राख्ने निर्देशक, म्यानेजर, अन्य कुनै अधिकारी बा व्यक्तिलाई सजाय हुनेछ।
|
| 111 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भएतापति कुनै संगटित संस्था बा कम्पनीले गरेको कसूर त्यस्तो संगटित संस्था बा कम्पनीको निर्देशक, म्यानेजर बा अरु कुनै अधिकारीको जानाजान बा लापरबाहीको कारण भएको हो भन्ने प्रमाणित भएमा त्यस्तो निर्देशक, म्यानेजर बा अधिकारी पनि यस ऐन बमोजिम सजायको भागी हुनेछ।
|
| 112 |
+
|
| 113 |
+
---
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
**७. मुद्दा हेर्ने अधिकारी:**
|
| 116 |
+
(१) यस ऐन अन्तर्गत सजाय हुने कसूर सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही र किनारा गर्ने अधिकार जिल्ला अदालतलाई हुनेछ।
|
| 117 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम जिल्ला अदालतले यस ऐन अन्तर्गतको मुद्दाको कारबाही गर्दा विशेष अदालत ऐन, २०४९, बमोजिमको कार्यबिधि अपनाउने र अधिकार प्रयोग गर्नेछ।
|
| 118 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम जिल्ला अदालतले गरेको निर्णय उपर उच्च अदालतमा पुनराबेदन लाग्नेछ।
|
| 119 |
+
|
| 120 |
+
---
|
| 121 |
+
|
| 122 |
+
**७क. नेपाल सरकार बादी हुने:**
|
| 123 |
+
यस ऐन अन्तर्गत सजाय हुने कसूर सम्बन्धी मुद्दा नेपाल सरकार बादी हुनेछ र सो मुद्दा मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची - १ मा परेको मानिनेछ।
|
| 124 |
+
|
| 125 |
+
---
|
| 126 |
+
|
| 127 |
+
**८. अधिकार दिने:**
|
| 128 |
+
(१) नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारले यस ऐन बमोजिम आफूलाई प्राप्त हुने कुनै बा सबै अधिकार सूचित आदेश जारी गरी कुनै अधिकृतलाई सुम्पन सक्नेछ।
|
| 129 |
+
(२) उपदफा (१) ले दिएको अधिकारको सर्वसामान्यतामा प्रतिकूल प्रभाव नपर्ने गरी त्यस्तो आदेशद्वारा नेपाल सरकार बा प्रदेश सरकारले निम्नलिखित अधिकार दिन सक्छ:
|
| 130 |
+
(क) कुनै घर, क्याम्पा, डुङ्गा, गाडा वा हवाई जहाजको खानतलासी लिने,
|
| 131 |
+
(ख) कुनै पदार्थका सम्बन्धमा यस ऐन बर्खिलाप कसूर गरेकोछ भन्ने विश्वास गर्नुपर्ने मनासिब माफिकको कारण छ भन्ने सो अधिकृतले ठहन्याएमा निजले सो पदार्थ कब्जा गर्ने र दाखिल गर्ने गराउने,
|
| 132 |
+
(ग) कुनै व्यक्तिले यस ऐन बर्खिलाप कसूर गरेकोछ भन्ने विश्वास गर्नु पर्ने मनासिब माफिकको कारण छ भन्ने सो अधिकृतले ठहन्याएमा सो व्यक्तिलाई गिरफ्तार गर्ने।
|
| 133 |
+
|
| 134 |
+
---
|
| 135 |
+
|
| 136 |
+
**९. सद्राबनाले गरेको कामको बचाउ:**
|
| 137 |
+
दफा ३ अन्तर्गत दिएको आद��श बमोजिम सद्राबनाले गरेको काम वा गर्न अटिको कामको लागि कुनै व्यक्ति उपर कुनै मुद्दा वा अरु कानूनी कारबाही चलाइने छैन।
|
| 138 |
+
|
| 139 |
+
---
|
| 140 |
+
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| 141 |
+
**१०. जाहेरबालाले कमिशन पाउने:**
|
| 142 |
+
यस ऐन बमोजिम नेपाल सरकार वा प्रदेश सरकारबाट निकालिएको आदेश बर्खिलाप गरेकोमा उजूर परी दोषी साबित भई अन्तिम ठहर फैसला भएमा बिगो जफत भएकोमा बिगोको र जफत नभएकोमा असूल भएको दण्डको सयकडा २५ पच्चीस जाहेरबालाले कमिशन पाउनेछ।
|
| 143 |
+
|
| 144 |
+
---
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| 145 |
+
|
| 146 |
+
**११. प्रचलित नेपाल कानूनसंग बाझिएमा गर्ने:**
|
| 147 |
+
यस ऐनमा लेखिएको जति कुरा यसै ऐन बमोजिम र यस ऐनमा नलेखिएको कुरा जति प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
पहहलो संशोििद्वारा प्रनिबन्त्िात्मक वाक्यांश स्िहकएको ।िेपालकोसंविािअिुकूलबिाउिकेहीिेपालऐिलाईसंशोििगिेऐि, २०७५द्वारासंशोनिि ।द्रष्टव्यः(१)हवशेषअदालिऐि, २०५९ द्वारा रुपान्त्िर गररएका शब्दहरु :–“हवशेषअदालिऐि, २०३१”को सिा “हवशेषअदालि ऐि, २०५९”।(२)केहीिेपालकािूिसंशोिि गिे ऐि, २०६३ द्वारा रूपान्त्िर भएका शब्दहरू:–“श्री ५ को सरकार”को सिा “िेपालसरकार”।(३)न्त्यायप्रशासि ऐि, २०७३ द्वारा रुपान्त्िर भएका शब्दहरु:–“पुिरावेदिअदालि”को सिा “उच्च अदालि”।
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| 1 |
+
**राज्य रजौटा ऐन, २०१७**
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०१७।१२।२७
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 7 |
+
१. राज्य रजौटा (संशोधन) ऐन, २०१९, २०१९।१२।३०
|
| 8 |
+
२. केही नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राखे ऐन, २०१९
|
| 9 |
+
२०१९।१२।३०
|
| 10 |
+
३. राज्य रजौटा (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०२४
|
| 11 |
+
२०२४।६।११
|
| 12 |
+
४. राज्य रजौटा (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०४४
|
| 13 |
+
२०४४।६।९
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
**प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति**
|
| 16 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 17 |
+
२०६६।१०। ७
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
२०१७ सालको ऐन नं. ३२
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
**राज्य र रोजा रजौटाका सम्बन्धमा समयानुकूल व्यवस्था गर्न बनेको ऐन**
|
| 22 |
+
**प्रस्तावना:** श्री ४. बडामहाराजा पृथ्वीनारायण शाहबाट बाँधिबक्सेको राष्ट्रिय एकतालाई अझ सुदृढ पारी विभिन्न वर्ग, पेशा बा क्षेत्रका जनताकाबीच सुसम्बन्ध कायम राख्न राज्य र राजा रजौटाका सम्बन्धमा समयानुकूल व्यवस्था गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 23 |
+
|
| 24 |
+
[^0]
|
| 25 |
+
[^0]: - यो ऐन संवत् २०६४ साल जेठ १४ गते देखि लागू भएको ।
|
| 26 |
+
3< गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा छिकिएको।
|
| 27 |
+
$\Sigma$ नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राखे ऐन, २०१९, द्वारा संशोधित।
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
श्री ४ महाराजाधिराजवाट २नेपालको संविधानको धारा ९३ अनुसार यो ऐन बनाइबक्सेकोछ ।
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 32 |
+
(१) यस ऐनको नाम "राज्य रजाँटा ऐन, २०१७" रहेकोछ ।
|
| 33 |
+
(२) यो ऐन नेपाल $\qquad$ भर लागू हुनेछ ।
|
| 34 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ ।
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
**२. राज्य रजाँटाको समाप्ति:**
|
| 37 |
+
(१) यो ऐन प्रारम्भ भएका अधिक्ला दिनसम्म नेपाल $\qquad$ मा रहिआएका सबै राज्य समाप्त गरिएकोछ ।
|
| 38 |
+
(२) यो ऐन प्रारम्भ भएपछि कसैले त्यस्तो कुनै राज्यका राजा रजाँटाका हैसियतमा कुनै अधिकार प्रयोग गर्न आउने छैन ।
|
| 39 |
+
|
| 40 |
+
**४. राज्य माल सरेकारी मालमा परिणत हुने:**
|
| 41 |
+
(१) यो ऐन बमोजिम समाप्त भएका राज्यहरूका माल अड्राहरू नेपाल सरकारका माल अड्राको रूपमा परिणत गरिएका छन् र त्यस्तो मालमा रहेका राज्य सम्बन्धी कागजपत्र नेपाल सरकारको कागजपत्र मानिनेछ ।
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
[^0]
|
| 44 |
+
[^0]: $X$ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
|
| 45 |
+
$\Omega$ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा खारेज।
|
| 46 |
+
$\Sigma$ नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राखे ऐन, २०१९, द्वारा संशोधित।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
(२) नेपाल सरकारको अर्को आदेश नभएसम्म उपदफा (१) बमोजिमका माल अट्टाहरूले साबिक बमोजिम असूल तहसील समेत जो गर्नु पर्ने काम कारबाही नेपाल सरकारको निमित्त गर्नेछन् ।
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
**६. पूजाआजा गुटी चलाउन सकिने:**
|
| 51 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि संवत् २०६४ साल चैत्र मसान्तसम्म तत्कालिन कानुन बमोजिम कायम रहेका राजा रजौटाहरूले कुनै देबालय, मठ मन्दिरमा पूजाआजा सज्ञान गरे बा गराएको रहेछ भने त्यस्तो देबालय, मठ मन्दिर सज्ञानका लागि छुट्टै आयस्रोतको व्यवस्था भएकोमा बाहेक त्यस्तो देबालय, मठ मन्दिरमा चलिआएको पूजाआजा सज्ञान गर्न नेपाल सरकारले दिएको आदेश अनुसार प्रचलित कानुन बमोजिम खडा भएको गुटी संस्थानले साबिक बमोजिम राजगुटीको आम्दानीबाट पूजाआजा गुटी सज्ञान गर्न आवश्यक खर्चको व्यवस्था गर्नेछ ।
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
**७. खारेजी:**
|
| 54 |
+
नेपाल २०६४ भिबका राज्य र राजा रजौटाहरूका सम्बन्धमा यो ऐन प्रारम्भ भएका अघिल्ला दिनसम्म भएको ऐन, सबाल र अन्य लिखत खारेज भएको बा यस ऐनसम्म मिल्ने गरी संशोधित भएको मानिनेछ ।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
[^0]
|
| 57 |
+
[^0]: $\theta$ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा संशोधित ।
|
| 58 |
+
$\Sigma$ नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राखे ऐन, २०१९, द्वारा संशोधित।
|
| 59 |
+
$x$ गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**द्रष्टव्य:**
|
| 62 |
+
केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ बमोजिम रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 63 |
+
"थी ४ को सरकार" भत्ते शब्दको सट्टा "नेपाल सरकार" ।
|
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ADDED
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|
|
|
|
|
|
|
|
| 1 |
+
# आवश्यक वस्तु संरक्षण ऐन, २०१२
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
## लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
|
| 5 |
+
२०१२।द।१३
|
| 6 |
+
|
| 7 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
|
| 8 |
+
१. आवश्यक वस्तु संरक्षण (प्रथम संशोधन) ऐन,२०१६
|
| 9 |
+
२०१६।९।१३
|
| 10 |
+
२. केही नेपाल कानून (संशोधन र पुनः व्यवस्थापन) ऐन,२०२०
|
| 11 |
+
२०२०।११।१६
|
| 12 |
+
३. आवश्यक वस्तु संरक्षण (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०२४
|
| 13 |
+
२०२४।७।६
|
| 14 |
+
४. न्याय प्रशासन सुधार (प्रथम संशोधन) ऐन, २०३३
|
| 15 |
+
२०३३।४।१०
|
| 16 |
+
५. आवश्यक वस्तु संरक्षण (तेस्रो संशोधन) ऐन, २०३६
|
| 17 |
+
२०३६।६।१४
|
| 18 |
+
६. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 19 |
+
२०४३।७।२४
|
| 20 |
+
७. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 21 |
+
२०४६।२।१६
|
| 22 |
+
८. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०४६
|
| 23 |
+
२०४९।१।६
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
## प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
९. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 28 |
+
२०६६।१०।७
|
| 29 |
+
१०. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 30 |
+
२०७२।११।१३
|
| 31 |
+
|
| 32 |
+
२०१२ सालको ऐन नं. १३
|
| 33 |
+
|
| 34 |
+
आवश्यक वस्तु संरक्षण ऐन, २०१२
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
* सर्वसाधारण जनताको सुविधा कायम राख्न जनउपयोगका आवश्यक वस्तु विशेषको संरक्षण गर्नु पर्ने आवश्यक देखिएकोले श्री ५ महाराजाधिराजबाट यो ऐन बनाई जारी गरीबक्सेकोछ।
|
| 37 |
+
|
| 38 |
+
१. संक्षिप्त नाम र बिस्तार :
|
| 39 |
+
(क) यो ऐनको नाम "आवश्यक बस्तु संरक्षण ऐन, २०१२" रहेकोछ।
|
| 40 |
+
(ख) यो ऐन नेपाल राज्यभर लागू हुनेछ।
|
| 41 |
+
|
| 42 |
+
२. परिभाषा :
|
| 43 |
+
विषय बा प्रसंगले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा "आवश्यक बस्तु" भन्नाले देहायको बस्तुहरू र सो साथमा रहेको बा जडान भएको अन्य बस्तुहरू समेत सम्झनु पर्छ,-
|
| 44 |
+
(क) टेलिग्राफ, टेलिफोन,
|
| 45 |
+
(ख) रोपबे, रेल्वे,
|
| 46 |
+
(ग) राजमार्ग, मूल बाटो, पुल,
|
| 47 |
+
(घ) ढल, निकासको पाईप लाईन,
|
| 48 |
+
(ङ) नेपाल सरकार बा कुनै संस्थाले बा नेपाल सरकार बा कुनै संस्थाको इजाजत लिई बनाइएको खानेपानीको मुहान,
|
| 49 |
+
(च) बिजुली, बिघुत उत्पादन उपकरणहरू,
|
| 50 |
+
(छ) मौसम तथा जलस्रोत सम्बन्धी स्टेशनहरू,
|
| 51 |
+
(ज) हबाई अड्रा, हबाई अड्राको क्षेत्र भित्र बा बाहिर रहेको सञ्चार केबुल लाईन, एन्टेना, रेडियो सञ्चार स्टेशनहरू, पथ प्रदर्शक, सुरक्षा, संकेत तथा यस्तै अन्य उपकरणहरू,
|
| 52 |
+
(झ) पेट्रोल, पेट्रोल पम्प स्टेशनहरू, फ्यूल डिपोहरू,
|
| 53 |
+
(अ) सर्वसाधारणको उपयोगको पाटी, पौबा, सत्तलहरू,
|
| 54 |
+
(ट) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिएको जनुसुकै बस्तुहरू।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
३. अनधिकृत मानिसले गर्न नपाउने र गरेमा सजाय :
|
| 57 |
+
कसैले कुनै आवश्यक वस्तुमा अरूलाई लगाई बा आफैले हात हाल्न, झिक्न, चुँडाल्न र कुनै किसिमले बिगार्न, चोरीगर्न, गर्न लगाउन हुँदैन। सो गरे गर्न लगाए ऐन सबालले हुने सजायको थप बिगो र बिगो बमोजिमको दण्ड, जरिबाना बा दुवै हुनेछ।
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तर बनाउन मर्मत गर्नकोलागि धनीबाट अधिकार प्राप्त व्यक्तिले चोरी बाहेक अरू माथि लेखिएका काम गरेमा निजलाई बात लाग्दैन भबितव्य पर्न गै कुनै आवश्यक वस्तुको नोक्सान हुन गएमा सो कुराको खबर मोफसलमा भए नजिकको कुनै सरकारी अड्रामा र सदरमा भए जिल्ला प्रशासन कार्यालयमा दियो भने यस दफा अन्तर्गतको कसरदार हुँदैन । नोक्सानी गरेको बिगो भने बुझाउनै पर्छ।
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४. अनधिकृत मानिसलाई मद्दत दिन, दबाउन नपाउने र सो गरेमा सजाय :
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कुनै स्थानका बासिन्दाहरूले उक्त चोरी बदमासी गर्नेहरूसँग मिलेमतो गरेको बा निजहरूलाई मद्दत गरेको बा त्यस्तालाई राखे पालेको अथवा ती चोर बदमासलाई लुकाई छिपाई राखेको बा कसूरबाट बचाउन खोजेको बा निचमारी रोक्न नखोजेको बा जानी जानी खबर नदिएको भए त्यस्ता मानिसलाई दफा ३ बमोजिम सजाय हुनेछ।
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५. स्थानीय तह बा प्रशासन अधिकृतको अधिकार :
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आवश्यक वस्तुको सबैले हेरचाह गर्नु पर्छ, सो नगरी कुनै इलाकामा आवश्यक वस्तु बराबर हराएमा, चोरिएमा बा अरू कुनै किसिमले हानी नोक्सानी पुक्ष्याइएमा सबभन्दा नजिकको गाउँपालिका बा नगरपालिकाले बा प्रशासन अधिकृतले पालो पहराको व्यवस्था गरी सुरक्षा गर्ने प्रबन्ध मिलाउनु पर्छ।
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६. कसूरदार उपर मनासिब माफिकको शक्ति प्रयोग गर्ने अधिकार :
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कसूरदारलाई बारदात भएको ठाउँमा पक्राउ गर्न खोज्दा जबरजस्ती हुल हुज्जत गरी बा त्यसै भाग्न उम्कन खोज्यो भने त्यस्तालाई भाग्न उम्कन दिनु हुँदैन। सो गर्दा हातहतियार नचलाई नहुने भएमा प्रहरी फोर्सको हेडकन्सटेबल र सोभन्दा माथिका कुनै अधिकृतले बा नेपाली सेनाका पति र सोभन्दा माथिका कुनै अधिकृतले अन्य फोर्सका सो सरहका कुनै पति बा अधिकृतले आफै बा आफ्ना मातहतका अरूलाई अर्डर दिई भरसक धुँडामुनि हातहतियार चलाई बा गोली हानी पक्राउ गर्नुपर्छ। लेखिए बमोजिम पक्राउ गर्न खोज्दा मानिस मर्न गएमा समेत सम्बन्धित सरकारी कर्मचारीलाई बात लाग्ने छैन।
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स्पष्टीकरण :
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यस दफाको प्रयोजनको निमित्त अन्य फोर्स भन्नाले मिलिसिया पाइनियर, रिजर्भ र ग्यारिजनलाई समेत जनाउँछ ।
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७. किन्ने बेच्नेलाई सजाय :
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आवश्यक बस्तु सम्बन्धी माल चोरीको हो भन्ने जानी जानी किन्ने, बेच्ने, राख्नेलाई दफा ३ बमोजिम सजाय हुनेछ।
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८. काम हुन नपाउँदै पकिनेलाई सजाय :
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आवश्यक बस्तु चोर्न बा नोक्सान गर्न गएको टाउँमा पुगी काम गर्न अटिको, मौकामा बा गरिरहेकै मौकामा काम हुन नपाउँदै पकाउमा पर्नेलाई अघि त्यस्तै कसूरमा सजाय पाएको रहेनछ भने १ बर्ष कैद गर्नु पर्छ।
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९. मुद्दा हेर्ने अधिकार र पुनराबेदन :
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यो ऐन अनुत्रर्गतको मुद्दा प्रमुख जिल्ला अधिकारीले हेर्नेछ र त्यस उपरको पुनराबेदन जिल्ला अदालतमा लाग्नेछ।
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१०. यस ऐनमा नलेखिएकोमा गर्ने काम :
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यस ऐनमा लेखिएको जति यही ऐन बमोजिम र अरूमा भैरहेको ऐन सवाल बमोजिम गर्नु पर्छ।
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+
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+
केहीनेपालऐनसंशोधनगनेऐन, २०७२ द्वारा ििवककको ।न्यायप्रशासनसुधार(प्रथमसंशोधन)ऐन, २०३३ द्वारा संशोमधत ।केहीनेपालऐनसंशोधनगनेऐन, २०४८ द्वारा संशोमधत ।केहीनेपालऐनसंशोधनगनेऐन, २०७२ द्वारा संशोमधत ।
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section_5_pdf_8.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,188 @@
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**हातहतियार खरखजाना ऐन, २०१९**
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| 2 |
+
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| 3 |
+
लालमोहर मिति
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| 4 |
+
२०१९।१०।२२
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| 5 |
+
प्रकाशन मिति
|
| 6 |
+
२०१९।१०।२३
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| 7 |
+
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| 8 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 9 |
+
१. न्याय प्रशासन सुधार ऐन, २०३१
|
| 10 |
+
२०३१।४।१६
|
| 11 |
+
२. केही नेपाल ऐन (संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 12 |
+
२०४३।७।२४
|
| 13 |
+
३. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 14 |
+
२०४३।७।२४
|
| 15 |
+
४. हातहतियार खरखजाना (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४६
|
| 16 |
+
२०४६।७।११
|
| 17 |
+
५. न्याय प्रशासन ऐन, २०४६
|
| 18 |
+
६. हातहतियार खरखजाना (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०६४
|
| 19 |
+
२०४६।२।१६
|
| 20 |
+
७. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६*
|
| 21 |
+
२०६६।१०।७
|
| 22 |
+
८. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 23 |
+
२०७२।११।१३
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| 24 |
+
९. केही नेपाल कानूनलाई संशोधन, एकीकरण, समायोजन र खारेज गर्ने ऐन, २०७४
|
| 25 |
+
२०७४।६।३०
|
| 26 |
+
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| 27 |
+
२०१९ सालको ऐन नं. ४४
|
| 28 |
+
हातहतियार खरखजाना सम्बन्धी नेपाल कानूनलाई एकीकरण तथा संशोधन गर्न बनेको ऐन
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| 29 |
+
|
| 30 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 31 |
+
नेपालको सुरक्षा एवं शान्ति र व्यवस्था कायम राख्नको निमित्त हतियार खरखजाना सम्बन्धी प्रचलित नेपाल कानूनलाई एकीकरण र संशोधन गर्न बाज्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट नेपालको संविधानको धारा ९३ अनुसार यो ऐन बनाइवक्सेकोछ ।
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
---
|
| 34 |
+
|
| 35 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 36 |
+
(१) यो ऐनको नाम "हातहतियार खरखजाना ऐन, २०१९" रहेकोछ ।
|
| 37 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ ।
|
| 38 |
+
(३) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ ।
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| 39 |
+
|
| 40 |
+
---
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| 41 |
+
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| 42 |
+
**२. परिभाषा:**
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| 43 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 44 |
+
(क) "हातहतियार" भन्नाले तोप, मोर्टार, बख्तरबन्द गाडी, मेशिनगन, राइफल, बन्दुक, पिस्तोल, रिभल्भर बा खरखजाना प्रयोग गरी बा नगरी चलाइने त्यस्तै प्रकृतिका अन्य यन्त्र सम्झनु पर्छ र सो शब्दले हातहतियार बनाउने मेशिन, उपकरण र हातहतियारको पाटपूर्जा समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 45 |
+
(ख) "मेशिनगन" भन्नाले ब्रेनगन, लुइसगन, स्टेगन, मेशिन, कारबाइन, टम्स मेशिन कारबाइन, जी.एम.जी, एल.एम.जी, सर्ट मेशिन गन बा त्यस्तै प्रकृतिका स्वचालित हातहतियार सम्झनु पर्छ र सो शब्दले मेशिनगन बनाउने मेशिन, उपकरण र मेशिनगनको पाटपूर्जा समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 46 |
+
(ग) "खरखजाना" भन्नाले हातहतियारमा राख्ने बारुद, केप, गोली, छर्रा, डिटोरेनेटर, कार्तुस, फ्यूज बा त्यस्तै प्रकृतिका अन्य पदार्थ समेतलाई जनाउँछ ।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
---
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
**३. इजाजतपत्र लिनु पर्ने:**
|
| 51 |
+
देहायका कुनै कार्य गर्न चाहने व्यक्तिले यस ऐ�� बमोजिम इजाजतपत्र लिनु पर्नेछ:-
|
| 52 |
+
(क) हातहतियार बा खरखजाना बनाउन बा मर्मत गर्न,
|
| 53 |
+
(ख) हातहतियार बा खरखजानाको निकासी बा पैठारी गर्न,
|
| 54 |
+
(ग) हातहतियार बा खरखजाना राख्न बा लिएर हिँड्न ।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
---
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
**४. स्वीकृति लिनु पर्ने:**
|
| 59 |
+
(१) कसैले पनि आफूसँग भएको निजी उपयोगको हातहतियार बा खरखजाना प्रचलित कानून बमोजिम निषेध गरेको अवस्थामा बाहेक अन्य व्यक्तिलाई बिक्री बा हस्तान्तरण गर्नु पर्दा खरिद गर्ने बा प्राम्र गर्ने व्यक्तिको नाम, थर, ठेगाना र नागरिकता नम्बर उल्लेख गरी सम्बन्धित जिल्ला प्रशासन कार्यालयबाट स्वीकृति लिनु पर्नेछ ।
|
| 60 |
+
(२) उपदफा (१) बिपरीत काम गर्ने व्यक्तिलाई दुई बर्षसम्म कैद र बीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना हुनेछ ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
---
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
**५. ल्याउन बा लैजान मनाही:**
|
| 65 |
+
(१) कसैले तोप बा मेशिन गन बिदेशबाट नेपाल भित्र ल्याउन, नेपाल बाट बिदेशमा लैजान बा नेपाल को एक जिल्लाबाट अर्को जिल्लामा ल्याउन लैजान समेत हुँदैन ।
|
| 66 |
+
(२) इजाजतपत्र नलिई बा इजाजतपत्रमा तोकिएको बन्देजमा नरही कुनै व्यत्तिले हातहतियार बा खरखजाना बिदेशबाट नेपाल भित्र ल्याउन, नेपाल बाट बिदेशमा लैजान बा नेपाल को एक जिल्लाबाट अर्को जिल्लामा ल्याउन लैजान समेत हुँदैन ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
---
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
**६. इजाजतपत्र बेगर हातहतियार लिएर हिड्न मनाही:**
|
| 71 |
+
(१) कुनै व्यत्तिले इजाजतपत्र नलिई बा इजाजतपत्रमा तोकिएको शर्त बन्देजमा नरही हातहतियार लिएर हिड्न हुँदैन ।
|
| 72 |
+
(२) उपदफा (१) बिपरीतको कसर गर्ने व्यत्तिलाई पकाउ गर्नु पर्ने भएमा सोको कारण र त्यस्तो व्यत्तिको पहिचान खुल्ने बिबरण सहित मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष पकाउ गर्ने अनुमतिको लागि निवेदन दिनु पर्नेछु ।
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
---
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
**७. खानतलासी लिने, कब्जा गर्ने:**
|
| 77 |
+
(१) इजाजतपत्र बेगर बा इजाजतपत्र भए तापनि कुनै गैरकानूनी काम गर्ने हेतुले कुनै व्यत्तिले हातहतियार बा खरखजाना निकासी बा पैटारी गरेको बा एक जिल्लाबाट अर्को जिल्लामा ओसार पसार गरेको शंका लागेमा सहायक निरीक्षक दर्जा बा सो भन्दा माथिल्लो दर्जाका प्रहरी अधिकृतले त्यस्तो व्यत्तिको जीउ र त्यस्तो बस्तु भएको शंका लागेको गाडी, पोका, भारी, बोक्ने जबानहरू र बसार पसार गर्दाको बाकसहरूलाई रोकी खानतलासी गर्न र त्यस्तो बस्तु फेला परेमा निजलाई बिना बारेन्ट गिरफ्तार गर्न र त्यस्तो हातहतियार बा खरखजाना कब्जा समेत गर्न सक्नेछ ।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
---
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
**८. खानतलासी गर्ने अड्डा बा चौकी:**
|
| 82 |
+
नेपाल सरकारल��� आवश्यक देखिएमा नेपाल सरहद र विदेशी सरहदको सीमानाका बीच हातहतियार बा खरखजानाको तलासी लिने चौकीहरू खडा गर्न सक्नेछ र नेपाल सरकारबाट अख्तियार पाएको व्यत्तिले त्यस ठाउँमा आबत जाबत गर्ने गाडी र भारी बोक्ने मानिस बा जीबजन्तुहरूलाई रोकी बसार पसार गर्दा प्रयोग गरिएको बाकसहरू र पोकाहरूको तलासी लिन सक्नेछ ।
|
| 83 |
+
|
| 84 |
+
---
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
**९. कुनै निश्चित ठाउँमा हातहतियार, खरखजाना राख्न मनाही:**
|
| 87 |
+
नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिएको ठाउँमा तोकिएको कुनै किसिमको हातहतियार बा खरखजाना कुनै व्यत्किले पनि राख्न नपाउने गर्न सक्नेछ ।
|
| 88 |
+
|
| 89 |
+
---
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
**१०. प्रहरी थानामा हातहतियार खरखजाना बुझाउने:**
|
| 92 |
+
(१) हातहतियार र खरखजाना राख्ने कुनै पनि व्यत्तिको इजाजतपत्रको अबधि समाम्र भएमा बा इजाजतपत्र बदर गरिएमा बा दफा द अन्तर्गत सूचना प्रकाशित भएबाट बा अरू कुनै तरिकाबाट त्यस्तो हातहतियार बा खरखजाना राख्न गैरकानूनी हुन आएमा त्यस्तो हातहतियार बा खरखजाना स्थानीय प्रहरी कार्यालयमा तुरुन्त बुझाई दिनु पर्छ र प्रहरी कार्यालयले पनि बुझी लिई प्रचलित कानून बमोजिम कारबाई गर्नुपर्छ।
|
| 93 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम हातहतियार बा खरखजाना बुझाई दिए पछि सो बुझाउने व्यत्तिले यो ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको अबधि समाम्र हुनु भन्दा अगावै पनि पुनः देहायको हक प्राम्र गर्न सक्नेछ:-
|
| 94 |
+
(क) त्यसरी बुझाएको हातहतियार बा खरखजाना आफूसाथ राख्न कानूनी हुन आएमा सो हातहतियार बा खरखजाना फिर्ता लिन पाउने,
|
| 95 |
+
(ख) त्यसरी बुझाएको हातहतियार बा खरखजाना कानूनी तबरबाट राख्न पाउने व्यक्तिलाई बिकी गर्न, गराउन बा त्यस्तो बिक्रीबाट आएको मुनाफा आफूले लिन पाउने ।
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
---
|
| 98 |
+
|
| 99 |
+
**११. इजाजतपत्र प्राप्त गर्ने बा रिन्यू गर्ने तरिका:**
|
| 100 |
+
(१) कुनै व्यत्किले यो ऐन अन्तर्गत इजाजतपत्र लिनको निमित्त तोकिएको दस्तूर र तोकिएको ढाँचाको दरखास्त प्रमुख जिल्ला अधिकारी छेउ दिनुपर्छ ।
|
| 101 |
+
(२) उपदफा (१) अन्तर्गत कसैको दरखास्त दाखिल भएपछि प्रमुख जिल्ला अधिकारीले तोकिए बमोजिमको आवश्यक जाँचबुझ गरी हेर्दा दरखास्तमा लेखिए बमोजिम काम गर्न पाउने गरी इजाजतपत्र दिन मनासिब सम्झिएमा तोकिए बमोजिमको शर्त बन्देज राखी दरखास्तवालालाई तोकिएको ढाँचाको इजाजतपत्र दिन सक्नेछ ।
|
| 102 |
+
|
| 103 |
+
---
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
**१२. इजाजतपत्र रद्दी बा स्थगित गर्ने अधिकार:**
|
| 106 |
+
(१) सार्वजनिक शान्ति सुरक्षाको लागि आव���्यक देखिएमा प्रमुख जिल्ला अधिकारीले कारण सहितको पर्चा खडा गरी आफनो अधिकार क्षेत्र भित्रको सबै टाउँमा बा त्यसको कुनै भागमा बा सबै बा केही इजाजतपत्र रद्दी बा स्थगित गर्न सक्नेछ ।
|
| 107 |
+
|
| 108 |
+
---
|
| 109 |
+
|
| 110 |
+
**१३. रोक्का गर्ने नेपाल सरकारको अधिकार:**
|
| 111 |
+
कसैले हातहतियार बा खरखजाना राख्न इजाजतपत्र पाएको भए तापनि नेपाल सरकारले सार्वजनिक सुरक्षाको लागि आवश्यक टानेमा जुनसुकै समयमा सो व्यक्तिको साथमा रहेको हातहतियार बा खरखजाना कब्जा गरी रोक्का राख्न आदेश दिन सक्छ।
|
| 112 |
+
|
| 113 |
+
---
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
**१४. लागू गर्ने नेपाल सरकारको अधिकार:**
|
| 116 |
+
नेपाल सरकारले समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी कुनै व्यक्ति बा व्यक्तिहरूको सम्बन्धमा बा कुनै खास इलाकामा बा कुनै खास किसिमको हातहतियार बा खरखजानको सम्बन्धमा यो ऐनको सबै बा केही कुराहरू लागू नहुने बा सोही सूचनामा तोकिएबमोजिम संशोधित भई लागू हुने गर्न सक्नेछ ।
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| 117 |
+
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| 118 |
+
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| 119 |
+
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| 120 |
+
**१५. हातहतियार, खरखजानाको लगत लिने अधिकार:**
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| 121 |
+
नेपाल सरकारले समय समयमा सूचना प्रकाशित गरी नेपाल भरमा सोही सूचनामा तोकिएको कुनै टाउँमा कुनै हातहतियार बा खरखजाना राख्ने व्यक्तिले त्यसको लगत तोकिएको अधिकारीलाई दिन निर्देशन गर्न सक्नेछ ।
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| 122 |
+
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**१६. हातहतियार, खरखजाना पदार्थ जफत गर्ने अधिकार:**
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| 126 |
+
कुनै व्यक्तिले हातहतियार खरखजाना सम्बन्धी कसूर गरेको साबित भएमा मुद्दा हेर्ने अधिकारीले निजसँग भएको कसूरसँग सम्बन्धित सबै बा कुनै हातहतियार बा त्यसको खरखजाना बा त्यसको सम्बन्धमा प्रयोग भएको सबारी, जन्तु, बाकस बा थैली जफत गरी नेपाल सरकार लाग्ने गर्न सक्नेछ ।
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| 127 |
+
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| 130 |
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**१७. सेना सम्बन्धी हातहतियारको प्रतिबेदन पेश नगरेमा जफत हुने:**
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| 131 |
+
कसैले सरकारी बोरको (सेना सम्बन्धी) राइफल, पिस्तौल, रिभाल्भर र त्यस्तै अरू हातहतियार इजाजतपत्र लिई झिकाएको भए त्यसको प्रमाण र कम्पनीको बिल समेत तोकिएको अबधि भित्र तोकिएको अधिकारी छेउ पेश गर्नु पर्छ । मुनासिब कारण बाहेक तोकिएको अबधि भित्र सो हातहतियार पेश नगरेमा नेपाल सरकारले बिना मुआवजा त्यस्तो हातहतियार जफत गर्न सक्नेछ ।
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| 132 |
+
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**१८. कसूरको सम्बन्धमा सूचना दिनुपर्नेः**
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| 136 |
+
यो ऐनले सजाय हुने कसूर गरेको काम कुरा थाहा पाउने प्रत्येक व्यत्तिले मनासिब माफिकको समयमा प्रमुख जिल्ला अधिकारीको कार्यालयमा बा प्रहरी कार्यालयमा उक्त कुराको सूचना दिनुपर्छ ।
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| 137 |
+
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**१९. मुद्दा हेर्ने अ��िकारी:**
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| 141 |
+
(१) दफा २० को उपदफा (१) बमोजिम सजाय हुने कसूर सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही र किनारा गर्ने अधिकार जिल्ला अदालतलाई हुनेछ ।
|
| 142 |
+
(२) उपदफा (१) मा लेखिएदेखि बाहेक यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसूर सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही र किनारा गर्ने अधिकार प्रमुख जिल्ला अधिकारीलाई हुनेछ ।
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| 143 |
+
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| 144 |
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+
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| 146 |
+
**२०. थुनामा राखी कारबाही गर्ने:**
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| 147 |
+
प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐन अन्तर्गतको मुदाका अभियुक्तलाई तत्काल प्राप्त प्रमाणका आधारमा थुनामा राखी कारबाही गर्नु पर्नेछ ।
|
| 148 |
+
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| 149 |
+
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+
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| 151 |
+
**२१. जाहेरवालालाई पुरस्कार दिने:**
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| 152 |
+
हातहतियार खरखजाना सम्बन्धी कसूरको सूचना दिने व्यक्तिलाई सो मुद्दामा कसूरदारबाट उपर भएको जरिबानाको सरकारी कर्मचारी भए चौथाई र अरू भए आधा पुरस्कार दिइनेछ ।
|
| 153 |
+
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| 154 |
+
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| 155 |
+
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| 156 |
+
**२२. नेपाल सरकारको नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 157 |
+
(१) यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ ।
|
| 158 |
+
(२) उपदफा (१) मा लेखिएको अधिकारको सर्वसामान्यतामा कुनै प्रतिकूल प्रभाव नपारी ती नियमहरूमा खास गरेर देहायका सबै बा केही कुराहरूको व्यवस्था गर्न सकिनेछ:-
|
| 159 |
+
(क) इजाजतपत्र दिने हातहतियारको किसिम र संख्या तोक्ने,
|
| 160 |
+
(ख) हातहतियार बा खरखजानाको सम्बन्धमा दिइने इजाजतपत्रको ढाँचा र इजाजतपत्र दिँदाको शर्त बन्देजहरू तोक्ने,
|
| 161 |
+
(ग) त्यस्तो इजाजतपत्र लागू हुने अबधि तोक्ने,
|
| 162 |
+
(घ) इजाजतपत्रको दस्तुर निर्धारित गर्ने,
|
| 163 |
+
(ङ) प्रत्येक इजाजतपत्रवालाले तोकिए बमोजिमको ढाँचामा इजाजतपत्र बमोजिम काम कुरा गरेको हिसाब किताब बा लगत राख्ने, र सरकारी कर्मचारीले जाँच्न चाहेमा त्यस्तो हिसाब किताब बा लगत देखाउनु पर्ने निर्देश दिने,
|
| 164 |
+
(च) प्रमुख जिल्ला अधिकारीले हातहतियार बा खरखजाना तयार हुने बा बिकी हुने टाउँमा प्रवेश गर्ने र जाँच निरीक्षण गर्ने बा हिसाब जाँच्ने कुनै सरकारी कर्मचारीलाई अख्तियार दिने,
|
| 165 |
+
(छ) इजाजतपत्र बमोजिमको बस्तु तयार गर्ने बा बिकी गर्ने व्यक्तिलाई आफ्नो साथमा रहेको बा नियन्त्रणमा रहेको हातहतियार बा खरखजाना नेपाल सरकारबाट अख्तियार पाएको व्यक्तिलाई देखाउन निर्देश दिने,
|
| 166 |
+
(ज) हातहतियार बा खरखजाना आफ्नो साथमा राख्ने व्यक्तिले नेपाल सरकारबाट जाँच्नको लागि अख्तियार पाएको व्यक्तिलाई लगत हिसाब दिने,
|
| 167 |
+
(झ) इजाजतपत्र रिन्यू गर्ने व्यवस्था गर्ने,
|
| 168 |
+
(ट) हातहतियार बा खरखजानाको पसल र कारखाना नेपाल भित्र खोल्न दिने व्यवस्था गर्ने,
|
| 169 |
+
(ठ) विदेशतर्फको इजाजतपत्र दिने,
|
| 170 |
+
(ड) कस्ता बन्दुक, राइफल, पिस्तौल र रिभाल्भर सरकारी बोरमा गणना गर्ने सो कुरा तोक्ने ।
|
| 171 |
+
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| 172 |
+
---
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| 173 |
+
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| 174 |
+
**इष्टव्य:**
|
| 175 |
+
१. प्रहरी (पहिलो संशोधन) ऐन, २०२९, द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 176 |
+
"असिष्टेण्ट सब ईन्सपेक्टर" को सट्टा "सहायक निरीक्षक" ।
|
| 177 |
+
२. नेपाल कानून (संशोधन) ऐन, २०२४ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 178 |
+
(क) "पुलिस" को सट्टा "प्रहरी" ।
|
| 179 |
+
(ख) "अफिसर" को सट्टा "अधिकृत" ।
|
| 180 |
+
(ग) "गजेट" को सट्टा "राजपत्र" ।
|
| 181 |
+
(घ) "रिपोंट" को सट्टा "प्रतिबेदन" ।
|
| 182 |
+
(ङ) "अपिल" को सट्टा "पुनराबेदन" ।
|
| 183 |
+
३. हातहतियार खरखजाना (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४६ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 184 |
+
"स्थानीय अञ्चलाधीश" को सट्टा "प्रमुख जिल्ला अधिकारी" ।
|
| 185 |
+
४. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 186 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार" ।
|
| 187 |
+
५. केही नेपाल कानूनलाई संशोधन, एकीकरण, समायोजन र खारेज गर्ने ऐन, २०७४ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 188 |
+
"लाइसेन्स" को सट्टा "इजाजतपत्र" ।
|
section_5_pdf_9.txt
ADDED
|
@@ -0,0 +1,139 @@
|
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| 1 |
+
**विष्फोटक पदार्थ ऐन, २०१६**
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
| | लालमोहर मिति | प्रकाशन मिति |
|
| 4 |
+
|---|--------------|---------------|
|
| 5 |
+
| | २०१६।२।१३ | २०१६।२।१४ |
|
| 6 |
+
|
| 7 |
+
**संशोधन गर्ने ऐन**
|
| 8 |
+
1. नेपाल ऐन (संशोधन गर्ने) ऐन, २०१६ — २०१६।७।३० — २०१६।६।१
|
| 9 |
+
2. नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने ऐन, २०१६ — २०१६।६।२३ — २०१६।९।१३
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
| | लालमोहर मिति र प्रकाशन मिति |
|
| 12 |
+
|---|-------------------------------|
|
| 13 |
+
3. नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने, खारेज गर्ने र पुनः व्यवस्थित गरी चालू राख्ने ऐन, २०१९ — २०१९।१२।३०
|
| 14 |
+
4. विष्फोटक पदार्थ (पहिलो संशोधन) ऐन, २०३१ — २०३१।६।२०
|
| 15 |
+
5. विष्फोटक पदार्थ (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०४६ — २०४६।७।१४
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
| | प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति |
|
| 18 |
+
|---|-----------------------------|
|
| 19 |
+
6. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६* — २०६६।१०।७
|
| 20 |
+
7. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२ — २०७२।११।१३
|
| 21 |
+
8. केही नेपाल कानूनलाई संशोधन, एकीकरण, समायोजन र खारेज गर्ने ऐन, २०७४* — २०७४।६।३०
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
२०१६ सालको ऐन नं. ६
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
विष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिबहन गर्ने र पैठारी गर्ने कामलाई व्यवस्थित गर्न बनेको ऐन
|
| 26 |
+
|
| 27 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 28 |
+
शान्ति र व्यवस्था कायम राख्न विष्फोटक पदार्थहरू उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिबहन गर्ने र पैठारी गर्ने कामलाई व्यवस्थित गर्नु बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
- यो ऐन संवत् २०६५ साल जेठ १५ गते देखि लागू भएको।
|
| 31 |
+
- यो ऐन सम्वत् २०७५ साल भदौ १ गते देखि प्रारम्भ भएको।
|
| 32 |
+
- गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा झिकिएको।
|
| 33 |
+
- नेपाल ऐनहरू संशोधन गर्ने ऐन, २०१६ द्वारा थपिएको।
|
| 34 |
+
|
| 35 |
+
श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवबाट नेपालको संविधानको धारा ९३ अनुसार यो ऐन बनाइबक्सेकोछ।
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
**१. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:**
|
| 38 |
+
(१) यस ऐनको नाम "विष्फोटक पदार्थ ऐन, २०१६" रहेको छ।
|
| 39 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ।
|
| 40 |
+
(३) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी तोकिदिएको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 41 |
+
|
| 42 |
+
**२. परिभाषा:**
|
| 43 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 44 |
+
(क) "विष्फोटक पदार्थ" भन्नाले विष्फोटन भई क्षति पु¥याउने आई.ई.डी, टी.एन.सी, एमाटोल, बारोटोल, पेन्टोलाइट, न्यापिड डिटोनेंटिभ एक्स्प्लोसिभ (आर.डी.एक्स), टोर फेक्स, ब्लाष्टिक एक्स्प्लोसिभ, डाइनामाइट, बारुद, नाइट्रोग्लिसिरिन, जेलेग्नाइट, स्टेमाइट, सेल्साइट, डिटोनेटर, ब्लाष्टिक क्य��प, विद्युतीय ब्लाष्टिक क्याप, प्यूज, आतिसबाजी, पटाका, गन कटन, गन पाउडर ब्लास्टिक पाउडर, पोरी (मर्करी) बा अन्य कुनै धातुको फुल्यूनेट, सोही प्रकृतिका विष्फोटन हुने अन्य कुनै पदार्थ बा नेपाल सरकारले समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको कुनै पदार्थ सम्झनु पर्छ र सो शब्दले बम समेतलाई जनाउँछ।
|
| 45 |
+
(क१) "बम" भन्नाले कुनै विष्फोटक पदार्थ बा अन्य कुनै साधन, फर्मूला, प्रक्रिया बा उपायद्वारा आफै बा अन्य कुनै पदार्थद्वारा विष्फोटन हुने गरी बनाइएको ग्रिनेड बा त्यस्तै प्रकृतिको अन्य विष्फोटक पदार्थयुक्त बस्तु बा पदार्थ सम्झनु पर्छ।
|
| 46 |
+
(ख) "उत्पादन" भन्नाले कुनै विष्फोटक पदार्थलाई भाग भागमा छुट्याउने बा टुक्राउने बा बनाइसकेकोलाई बिगानें विधि बा कुनै नोक्सानी भएको विष्फोटक पदार्थलाई काम लायक बनाउने विधि र कुनै विष्फोटक पदार्थलाई दोहन्याई बनाउने, हेरफेर गर्ने बा मरमत गर्ने विधिलाई समेत जनाउँछ।
|
| 47 |
+
(ग) "बोझ बाहक" भन्नाले मोटर, गाडा, बग्गी, रिक्सा, डुङ्गा, टाँगा र पानी बा जमीन बा हबाई मार्गबाट माल बस्तु बा यात्री ओसार्ने अरु जुनसुकै सबारीको साधनलाई समेत जनाउँछ।
|
| 48 |
+
(घ) "पैटारी" भन्नाले नेपाल भित्र ल्याउने काम सम्झनु पर्छ।
|
| 49 |
+
(ङ) "इजाजतपत्र" भन्नाले यो ऐन अन्तर्गत दिइएको इजाजतपत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 50 |
+
(च) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिमको" भन्नाले यो ऐन अन्तर्गत बनेका नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिमको सम्झनु पर्छ।
|
| 51 |
+
|
| 52 |
+
**३. विष्फोटक पदार्थ घोषित गर्ने अधिकार:**
|
| 53 |
+
नेपाल सरकारले समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी कुनै पदार्थ त्यसमा विष्फोटक तत्वहरू रहेको कारणले बा त्यसको उत्पादन गर्दाको सिलसिलामा चाहिने विधिहरू अपनाउँदा कुनै किसिमको विष्फोट हुने सम्भावना भएको कारणले व्यक्तिहरूको जीउ ज्यान बा सम्पत्तिमा खतरा हुने देखेमा नेपाल सरकारले सो पदार्थलाई विष्फोटक पदार्थ भनी घोषित गर्न सक्नेछु र त्यसरी घोषित गरिएका प्रत्येक पदार्थलाई यो ऐनको तात्पर्यको लागि विष्फोटक पदार्थ भनिनेछ।
|
| 54 |
+
|
| 55 |
+
**४. इजाजत पत्र लिनु पर्ने:**
|
| 56 |
+
(१) विष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्न, राख्ने, प्रयोग गर्न, बिक्री गर्न, ढुवानी बा परिवहन र पैटारी गर्न चाहने व्यक्तिले यस ऐन बमोजिम इजाजत पत्र लिनु पर्नेछ। त्यस्तो प्रत्येक इजाजतपत्रको ढाँचा, त्यसमा लाग्ने दस्तुर र त्यसको म्याद तोकिए बमोजिमको हुनेछ।
|
| 57 |
+
(२) क���नै विष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, ढुवानी बा परिवहन गर्ने बा पैटारी गर्ने कामको इजाजतपत्र लिन चाहने बा त्यस्तो इजाजतपत्रको म्याद बढाउन चाहने व्यक्तिले तोकिएको बिबरणहरू सहित तोकिएको ढाँचाको आवेदनपत्र प्रमुख जिल्ला अधिकारी समक्ष दिनु पर्छ।
|
| 58 |
+
(३) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमहरूको अधीनमा रही प्रमुख जिल्ला अधिकारीले कुनै इजाजतपत्रमा लेखिएका कुनै कुरामा सम्बन्धित इजाजतपत्रबालालाई सूचना दिई आवश्यक देखेको संशोधन गर्न सक्नेछ।
|
| 59 |
+
(४) आफ्नो इजाजतपत्रमा संशोधन गर्न चाहने कुनै ब्यक्तिले सो संशोधन गर्न चाहेको कुरा र त्यसको कारण खोली प्रमुख जिल्ला अधिकारी समक्ष आवेदनपत्र दिनु पर्छ। त्यसरी संशोधन गर्न लाग्ने दस्तुर तोकिए बमोजिमको हुनेछ।
|
| 60 |
+
|
| 61 |
+
**४क. उत्पादन बा कारोबारको अभिलेख राख्नु पर्ने:**
|
| 62 |
+
(१) विष्फोटक पदार्थको उत्पादन बा कारोबार गर्न इजाजत प्राप्त गरेको ब्यक्तिले त्यस्तो पदार्थको उत्पादन, निर्माण, तयारी बा कारोबार गर्दा प्रत्येक पटक उत्पादन बा कारोबार गरेको प्रत्येक विष्फोटक पदार्थको छुट्टै अभिलेख राख्नु पर्नेछ।
|
| 63 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको अभिलेखमा अन्य कुराको अतिरिक्त देहायका बिबरण खुलाउनु पर्नेछ:-
|
| 64 |
+
(क) के कस्ता विष्फोटक पदार्थ, के कति परिमाणमा उत्पादन, तयारी बा निर्माण भएको हो, सो कुरा,
|
| 65 |
+
(ख) बिस्फोटक पदार्थको कारोबार भएको भए के कस्तो प्रयोजनका लागि कारोबार भएको हो,
|
| 66 |
+
(ग) बिस्फोटक पदार्थ बिक्री बितरण भएको भए कुन ब्यक्तिलाई के कस्तो प्रयोजनका लागि के कति परिमाण बिक्री बितरण भएको हो।
|
| 67 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम राखिएको अभिलेख बिस्फोटक पदार्थको कारोबार गर्ने ब्यक्तिले प्रमुख जिल्ला अधिकारी, मुद्दाको तहकिकात बा अभियोजन गर्ने अधिकारी बा मुद्दा हेर्ने अधिकारीले मागेका बखत उपलब्ध गराउनु पर्नेछ।
|
| 68 |
+
(४) यस दफा बिपरीत काम गर्ने ब्यक्तिलाई तीन महिनासम्म कैद बा पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
**४ख. होसियारी अपनाउनु पर्ने:**
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| 71 |
+
विष्फोटक पदार्थको कारोबार गर्न इजाजतपत्र प्राप्त गरेको ब्यक्तिले त्यस्ता वस्तुको प्रयोग गर्दा, दुबानी बा ओसार पसार गर्दा बा भण्डारण गर्दा त्यस्तो पदार्थको प्रकृति अनुसार पर्याप्त सुरक्षा हुने गरी प्रयोग गर्नु बा उपयुक्त उपकरणमा राखी होसियारी पूर्बक दुबानी बा ओसार पसार बा भण्डारण गर्नु पर्नेछ।
|
| 72 |
+
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| 73 |
+
**५. विष्फोटक पदार्थको उत्पादन, प्रयोग, बिक्री, परिवहन र पैठारी गर्ने तथा राख्ने काम निषेध तथा नियन्त्रण गर्न सक्ने नेपाल सरकारको अधिकार:**
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| 74 |
+
यो ऐनको अन्य दफामा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले सार्वजनिक सुरक्षाको निमित्त आवश्यक देखेमा समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी कुनै विष्फोटक पदार्थलाई उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिवहन गर्ने बा पैठारी गर्ने कामलाई पूर्णतः बा केही हदसम्म मनाही गर्न सक्नेछ।
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| 75 |
+
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| 76 |
+
**६. निरीक्षण गर्ने, खोजतलासी गर्ने, कब्जा गर्ने, रोक्का गर्ने र हटाउने अधिकार:**
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| 77 |
+
(१) प्रमुख जिल्ला अधिकारीले बा निजले खटाएको कुनै राजपत्राहित बा घटीमा नायब निरीक्षक दर्जाका प्रहरी कर्मचारीले इजाजतपत्र अन्तर्गत कुनै विष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिवहन गर्ने बा पैठारी गर्ने काम भैरहेको कुनै टाउँ बा बोझ बाहकमा गई निरीक्षण र जाँचबुझ गर्न र त्यहाँ रहेको कुनै विष्फोटक पदार्थको नमूना मूल्य तिरी लिन सक्नेछ।
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| 78 |
+
(२) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको बर्खिलाप कुनै टाउँ बा बोझ बाहकमा कुनै विष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिवहन गर्ने बा पैठारी गर्ने काम भएको भन्ने बिश्वास हुने मनासिब माफिकको कारण भएमा प्रमुख जिल्ला अधिकारी बा निजले खटाएको कुनै राजपत्राहित कर्मचारीले बा घटीमा नायब निरीक्षक दर्जाका प्रहरी कर्मचारीले सो टाउँ बा बोझ बाहकमा गई निरीक्षण र जाँचबुझ गर्न, खोज तलासी गर्न त्यस्तो विष्फोटक पदार्थ फेला परेमा त्यस उपर कब्जा गर्न र त्यसलाई रोक्का गर्न सक्नेछ।
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| 79 |
+
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| 80 |
+
**७. गिरफ्तार गर्ने अधिकार:**
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| 81 |
+
(१) कुनै व्यक्तिलाई यस ऐन बमोजिमको कुनै कसूरको अनुसन्धानको सिलसिलामा पकाउ गर्नु पर्ने भएमा अनुसन्धान गर्ने अधिकारीले सोको कारण र त्यस्तो व्यक्तिको पहिचान खुल्ने बिबरण सहित मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष पकाउ गर्ने अनुमतिको लागि निवेदन दिनु पर्नेछ।
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| 82 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको निवेदनबाट पकाउ गर्नु पर्ने कारण मनासिब देखिएमा मुद्दा हेर्ने अधिकारीले पकाउ पूर्जी जारी गर्ने अनुमति दिन सक्नेछ।
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| 83 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम पक्राउ पूर्जी जारी गरिएको व्यक्तिलाई प्रहरीले गिरफ्तार गरी बाटोको म्याद बाहेक चौबीस घण्टाभित्र मुद्दा ह���र्ने अधिकारी समक्ष उपस्थित गराउनु पर्नेछ।
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| 84 |
+
(४) कसैले यस ऐन अन्तर्गत सजाय हुने कुनै कसूर गर्न लागेको फेला परेमा, निजको सो कामले गर्दा कुनै विष्फोटक पदार्थ उत्पादन हुने बा थन्क्याइने कुनै टाँउ बा कुनै रेल्वे लाइन बा कुनै बिमानस्थल बा कुनै माल बाहक बा त्यसको आसपासमा विष्फोटन हुने बा आगलागी हुने सम्भाबना देखिएमा सो टाँउ को भोग चलन गर्ने व्यक्तिले बा निजको प्रतिनिधि बा निजबाट अधिकार पाएको अरु व्यक्तिले बा सार्वजनिक यातायातका धनी बा कर्मचारीले बा रेल्वे प्रशासन बा बिमानस्थलका कुनै कर्मचारीले त्यस्तो व्यक्तिलाई भाग्न उम्कन नपाउने व्यवस्था गरी प्रहरीलाई खबर गर्नु पर्नेछ।
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| 85 |
+
(५) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (४) बमोजिमको अवस्था भएमा बा त्यस्तो व्यक्तिलाई तत्काल पक्राउ नगरिएमा त्यस्तो व्यक्ति भाग्ने, उम्कने बा निजले प्रमाण, दसी बा सबुत नष्ट गर्न सक्ने मनासिब कारण भएमा प्रहरीले त्यस्तो व्यक्तिलाई पक्राउ पूर्जी बिना गिरफ्तार गर्न सक्नेछु र गिरफ्तार गरिएको व्यक्तिलाई बाटाका म्याद बाहेक चौबीस घण्टाभित्र मुद्दा हेर्ने अधिकारी समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
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| 86 |
+
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| 87 |
+
**९. दुर्घटनाको सूचना:**
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| 88 |
+
कुनै विष्फोटक पदार्थ उत्पादन भैरहेको, राखिएको बा प्रयोग भैरहेको टाउँ बा परिवहन भैराखेको बा लाद्ने बा गिराउने काम भैराखेको कुनै बोझ बाहकमा बा सो टाउँ बा बोझ बाहकको आसपासमा विष्फोट बा आगलागी भै व्यक्तिहरूको जीउ, ज्यान बा सम्पत्तिको नाश भएमा बा टूलो क्षति भएमा सो टाउँको तत्काल भोग चलन गर्ने व्यक्ति बा सो बोझ बाहकको धनी बा तत्कालको चालकले सो कुराको सूचना तोकिएको तरीका बमोजिम तोकिएको म्यादभित्र सबैभन्दा नजिकको प्रहरी थाना चौकीको अधिकृत इञ्चार्ज कहाँ दिनु पर्छ।
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| 89 |
+
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| 90 |
+
**१०. दुर्घटनाको जाँचबुझ गर्ने:**
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| 91 |
+
(१) नेपाली सेनाको नियन्त्रणमा रहेको कुनै टाउँ बा बोझ बाहकमा बा त्यसको आसपासमा दफा ९ मा लेखिए बमोजिमको कुनै दुर्घटना भएमा सरोकारबाला नेपाली सेनाका अधिकारीले सो दुर्घटनाको कारणको जाँचबुझ गर्नु पर्छ र सो बाहेक अन्यत्र त्यस्तो कुनै दुर्घटना भएमा प्रमुख जिल्ला अधिकारीले सो दुर्घटनाको कारणको जाँचबुझ गर्नु पर्दछ।
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| 92 |
+
(२) उपदफा (१) अन्तर्गत जाँचबुझको काम गर्ने सैनिक अधिकृत बा उपदफा (४) अन्तर्गत जाँचबुझ गर्ने नेपाल सरकारबाट खटिएको अधिकारीलाई प्रमुख जिल्ल��� अधिकारी सरहको सबै अधिकार हुनेछ र दफा ६ बमोजिम प्रमुख जिल्ला अधिकारीले प्रयोग गर्न पाउने अधिकारको प्रयोग पनि सो जाँचबुझको प्रयोजनको निमित्त आवश्यक एवं उपयुक्त देखेमा गर्न सक्नेछ।
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| 93 |
+
(३) यस दफा अन्तर्गत कुनै दुर्घटना सम्बन्धी जाँचबुझ गर्ने ब्यक्तिले सो जाँचबुझ सकिएपछि सो दुर्घटनाको कारण र परिस्थिति समेत खोली नेपाल सरकारमा लिखित प्रतिवेदन पेश गर्नु पर्छ।
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| 94 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम प्रतिवेदन प्राप्त भै सकेपछि बा नहुँदै नेपाल सरकारले दुर्घटनाको रुप हेरी आवश्यक देखेमा उपदफा (१) अन्तर्गत जाँचबुझ गर्ने कामलाई रोक्ने आदेश दिन सक्नेछ र अरु उपयुक्त टानेका कुनै अधिकारीद्वारा सो दुर्घटनाको कारणको जाँचबुझ गराउन सक्नेछ।
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| 95 |
+
(४) यस दफा अन्तर्गत जाँचबुझ गर्न खटिएका अधिकारीलाई साक्षीहरू झिकाउने लिखत अन्य महत्वपूर्ण माल वस्तुहरू दाखिल गराउने, बयान बकपत्र गराउने सम्बन्धमा प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम शुरु अदालतलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ।
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| 96 |
+
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| 97 |
+
**११. दण्ड सजाय र जफती:**
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| 98 |
+
(१) कुनै व्यत्तिले दफा ४ अन्तर्गत इजाजतपत्र नलिई बा दफा ४ को उल्लंघन गरी देहायको बिष्फोटक पदार्थ उत्पादन गरेमा, राखेमा, प्रयोग गरेमा, बिकी गरेमा, परिवहन गरेमा बा पैटारी गरेमा निजलाई प्रत्येक कसूर बापत देहाय बमोजिम दण्ड सजाय हुनेछ:-
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| 99 |
+
(क) नाइट्रोग्लिसरीन, डाइनामाइट, ब्लास्टिङ पाउडर बा पारोको बा धातुको फलमिनेट भए दुई बर्षसम्म कैद बा बीस हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै,
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| 100 |
+
(ख) खण्ड (क) मा लेखिएको बिष्फोटक पदार्थ र आतसबाजी र पटाका बाहेक अन्य बिष्फोटक पदार्थ भए एक बर्षसम्म कैद बा दश हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै,
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| 101 |
+
(ग) आतसबाजी बा पटाका भए एक हजार रुपैयाँसम्म जरिबाना।
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| 102 |
+
तर एउटै बिष्फोटक पदार्थका सम्बन्धमा दण्ड सजाय गर्दा उत्पादन गरेको, पैटारी गरेको बा प्रयोग गरेको बापत सजाय हुने भएमा सो पदार्थ साथ राखे बापत र पैटारी गरेको, प्रयोग गरेको बा बिकी गरेको बापत सजाय हुने भएमा परिवहन गरेको बापत छुईँ दण्ड सजाय हुने छैन।
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| 103 |
+
(२) कुनै ब्यक्तिले दफा ४ अन्तर्गत लिएको इजाजतपत्रको शर्त उल्लंघन गरेमा बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम उल्लघंन गरेमा उपदफा (१) को खण्ड (क) को कुरामा पौंच हजार रुपैयाँसम्म, खण्ड (ख) को कुरामा दुई हजार पौंच सय रुपैयाँसम्म र खण्ड (ग) को कुरामा पाँच सय रुपैयाँसम्म जरिबाना हुनेछ।
|
| 104 |
+
स्पष्टीकरण: इजाजतपत्र��ो म्याद नाघेकोमा र इजाजतपत्रले अधिकार नै नदिएको काम कुरा गरेकोमा इजाजतपत्र नलिएको मानी कारबाही र सजाय हुनेछ।
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| 105 |
+
(३) दफा ४ बा ४ अन्तर्गतको कसूरसँग सम्बन्धित बिष्फोटक पदार्थ जफत भई नेपाल सरकार लाग्नेछ।
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| 106 |
+
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| 107 |
+
**१२. हातहतियार र खरखजाना सम्बन्धी नेपाल कानूनको बचाउ:**
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| 108 |
+
यो ऐनमा लेखिएका कुनै कुराले हातहतियार र खर खजाना सम्बन्धी नेपाल कानूनमा कुनै कुरालाई असर पार्ने छैन।
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| 109 |
+
तर कुनै बिष्फोटक पदार्थ उत्पादन गर्ने, राख्ने, प्रयोग गर्ने, बिक्री गर्ने, परिबहन गर्ने बा पैठारी गर्ने कामको इजाजतपत्र दिने प्रमुख जिल्ला अधिकारीलाई यो ऐन अन्तर्गत बनेका नियम बमोजिम अधिकार भएमा निजले दिएको कुनै इजाजतपत्रलाई हातहतियार र खरखजाना सम्बन्धी नेपाल कानून अन्तर्गत दिइए सरह मान्यता हुनेछ भन्ने सो इजाजतमा लेखिदिन सक्नेछ।
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| 110 |
+
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| 111 |
+
**१३. अन्य नेपाल कानून अन्तर्गत सजाय हुन सक्ने:**
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| 112 |
+
कुनै कसूर यो ऐन अन्तर्गत सजाय हुने र अन्य नेपाल कानून अन्तर्गत पनि सजाय हुने रहेछ भने सो कसूरमा कुनै ब्यक्तिलाई अन्य नेपाल कानून अन्तर्गत मुद्दा चलाउने बा यो ऐन भन्दा बढी सजाय हुने गरी व्यबस्था भएको अन्य नेपाल कानून अन्तर्गत सजाय दिनमा यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमका कुनै कुराले बाधा पन्याउने छैन।
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| 113 |
+
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| 114 |
+
**१४. बचाउ र लागू नगर्ने अधिकार:**
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| 115 |
+
(१) यो ऐनमा लेखिएका कुनै कुरा निम्नलिखित ब्यक्ति बा अधिकारीद्वारा उत्पादन हुने, राखिने, प्रयोग गरिने, परिबहन गरिने बा पैठारी गरिनेमा लागू हुने छैन:-
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| 116 |
+
(क) नेपाल सरकारले बनाएका नियम अनुसार नेपाली सेनाद्वारा,
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| 117 |
+
(ख) नेपाल सरकारको कुनै मन्त्रालय बिभाग बा अड्डाद्वारा।
|
| 118 |
+
(२) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी कुनै विष्फोटक पदार्थको सम्बन्धमा यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको सबै बा कुनै कुरा पूर्ण तथा केही शर्तका अधीनमा रही लागू नहुने गर्न सक्नेछ।
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| 119 |
+
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| 120 |
+
**१५. नियम बनाउने अधिकार:**
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| 121 |
+
यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ।
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| 122 |
+
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| 123 |
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| 124 |
+
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| 125 |
+
**इष्टव्य:**
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| 126 |
+
१. नेपाल कानून (संशोधन) ऐन, २०२४ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
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| 127 |
+
(क) "गजेटेड" को सट्टा "राजपत्राहित"।
|
| 128 |
+
(ख) "गजेट" को सट्टा "राजपत्र"।
|
| 129 |
+
(ग) "अफिसर" को सट्टा "अधिकृत"।
|
| 130 |
+
(घ) "रिपोर्ट" को सट्टा "प्रतिबेदन"।
|
| 131 |
+
(ङ) "पुलिस" को सट्टा "प्रहरी"।
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| 132 |
+
२. प्रहरी (पहिलो संशोधन) ऐन, २०१९, द्वारा रूपान्तर भएका शब्द:-
|
| 133 |
+
"सबइन्स्पेक्टर" को सट्टा "नायब निरीक्षक"।
|
| 134 |
+
३. विष्फोटक पदार्थ (दोखो संशोधन) ऐन, २०४६ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
|
| 135 |
+
"अजलाधीश" बा "जिल्लाका अञ्चलाधीश" को सट्टा "प्रमुख जिल्ला अधिकारी"।
|
| 136 |
+
४. सैनिक ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
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| 137 |
+
"शाही नेपाली सेना" को सट्टा "नेपाली सेना"।
|
| 138 |
+
५. केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
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| 139 |
+
"थी ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
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|
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|
|
|
| 1 |
+
# मदिरा ऐन, २०३१
|
| 2 |
+
|
| 3 |
+
## लालमोहर र प्रकाशित मिति
|
| 4 |
+
२०३१।०६।२०
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
## संशोधन गर्ने ऐन
|
| 7 |
+
१. न्याय प्रशासन सुधार (चौथो संशोधन) ऐन, २०४३
|
| 8 |
+
२०४३।०७।२४
|
| 9 |
+
२०४६।०२।१६
|
| 10 |
+
२०४७।१०।०४
|
| 11 |
+
|
| 12 |
+
३. मदिरा (पहिलो संशोधन) ऐन, २०४७
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
## प्रमाणीकरण र प्रकाशन मिति
|
| 15 |
+
४. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 16 |
+
२०६६।१०।०७
|
| 17 |
+
५. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 18 |
+
२०७२।११।१३
|
| 19 |
+
६. आर्थिक ऐन, २०७४
|
| 20 |
+
२०७४।०३।३२
|
| 21 |
+
७. आर्थिक ऐन, २०६०
|
| 22 |
+
२०६०।०३।३१
|
| 23 |
+
६. आर्थिक ऐन, २०६१
|
| 24 |
+
२०६१।०४।०१
|
| 25 |
+
९. आर्थिक ऐन,२०६२
|
| 26 |
+
२०६२।०३।३०
|
| 27 |
+
|
| 28 |
+
२०३१ सालको ऐन नं. १०
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
---
|
| 31 |
+
|
| 32 |
+
## मदिराको नियन्त्रण गर्न बनेको ऐन
|
| 33 |
+
|
| 34 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 35 |
+
सर्वसाधारण जनताको सदाचार, स्वास्थ्य, सुबिधा तथा आर्थिक हित कायम राख्नको लागि मदिराको उत्पादन, बिक्री वितरण र निकासी पैठारी समेतमा नियन्त्रण गर्न बाञ्छुनीय भएकोले, श्री ४ महाराजाधिराज बीरेन्द्र बीर विक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्मतिले यो ऐन बनाईवक्सेको छ।
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
---
|
| 38 |
+
|
| 39 |
+
### १. संक्षिप्त नाम, विस्तार र प्रारम्भ:
|
| 40 |
+
(१) यस ऐनको नाम "मदिरा ऐन, २०३१" रहेको छ।
|
| 41 |
+
(२) यो ऐन नेपाल भर लागू हुनेछ।
|
| 42 |
+
(३) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 43 |
+
|
| 44 |
+
---
|
| 45 |
+
|
| 46 |
+
### २. परिभाषा:
|
| 47 |
+
विषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 48 |
+
(क) "मदिरा" भन्नाले अन्न, फलफूल बा अन्य कुनै स्टार्चयुक्त वस्तुलाई जीव रासायनिक प्रक्रियाद्वारा कुहाई बा अन्य कुनै तरिकाबाट तयार पारिएको शून्य दशमलब पाँच प्रतिशतभन्दा बढी अल्कोहल भएको पदार्थ सम्झनु पर्छ र सो शब्दले रक्सी, जाँड, छपाङ, ह्रिस्की, रम, जिन, ब्राण्डी, भोड्का, बियर, बाइन, सेरी, सम्पेन, साइडर, पेरी, मिड, माल्टन, साके, सोजु, भरमाउथ, मदिरा मिश्रित तयारी पेय, औद्योगिक अल्कोहल, रेक्टिफाइड स्प्रिट, माल्ट स्प्रिट, साइलेन्ट स्प्रिट, डिनेचर्ड स्प्रिट, ई.एन.ए. र हेड्स् स्प्रिटलाई समेत जनाउँछ।
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
(ख) "उत्पादन" भन्नाले मदिरा तयार गर्नका लागि आवश्यक पदार्थ कुहाउने, तताउने, पकाउने बा त्यस्तो पदार्थमा बास्ना बा स्वाद आउने गरी कुनै कुराको सम्मिश्रण गर्ने बा मदिरा तयार गर्नको लागि अपनाइने सबै बा कुनै बिधि बा कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 51 |
+
|
| 52 |
+
(ग) "इजाजतपत्र" भन्नाले दफा ६क. बमोजिम मदिरा उत्पादन, बिक्री बितरण निकासी बा पैठारी गर्न दिइएको इजाजतपत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 53 |
+
|
| 54 |
+
(ग१) "अन्तःशुल्क अधिकृत" भन्नाले अन्तःशुल्क सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम तोकिएको अधिकृत सम्झनु पर्छ।
|
| 55 |
+
|
| 56 |
+
(ग२) "उत्पादक" भन्नाले मदिरा उत्पादन गर्न इजाजतपत्र प्राप्त गरेको व्यक्ति, फर्म, कम्पनी बा संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
(ग३) "व्यक्ति" भन्नाले कुनै व्यक्ति, प्रतिष्ठान, संघ, साझेदारी संस्था, सहकारी, संयुक्त व्यवसाय, गुटी बा कोषको सञ्चालक, प्रोप्राइटर बा मुख्य भई काम गर्ने प्रतिनिधि बा एजेण्ट सम्झनु पर्छ र सो शब्दले नाफाको उद्देश्य लिई बा नलिई मदिराको उत्पादन बा पैटारी गरी थोक बा खुद्रा बा जुनसुकै रूपमा बिक्री बितरण गर्ने निकाय बा त्यस्तो निकायको शाखा, उपशाखा बा त्यस्तै अन्य कारोबार गर्ने स्थान समेतलाई जनाउँछ।
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
(ग४) "पैटारी" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम विदेशबाट नेपालभित्र मदिरा ल्याउने कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
(घ) "विभाग" भन्नाले आन्तरिक राजस्व विभाग सम्झनु पर्छ।
|
| 63 |
+
|
| 64 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 65 |
+
|
| 66 |
+
---
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
### ३. मदिराको उत्पादनमा नियन्त्रण:
|
| 69 |
+
कुनै व्यत्तिले इजाजतपत्र बेगर र इजाजतपत्र पाएकोले पनि इजाजतपत्रमा तोकिएको शर्त बमोजिम बाहेक मदिराको उत्पादन गर्न पाउने छैन।
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
### ३क. स्थानीय मदिरा सम्बन्धी व्यवस्था:
|
| 72 |
+
स्थानीय मदिराको उत्पादन, ब्राण्डिङ्ग तथा नियमन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
---
|
| 75 |
+
|
| 76 |
+
### ४. मदिराको बिक्री बितरणमा नियन्त्रण:
|
| 77 |
+
कुनै व्यत्तिले इजाजतपत्र बेगर र इजाजतपत्र पाएकोले पनि इजाजतपत्रमा तोकिएको शर्त बमोजिम बाहेक मदिरा बिक्री, बितरण गर्न बा मदिरा खुबाउने बार बा रेहुरेण्ट बा पसल थाप्न पाउने छैन।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
---
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
### ४क. मदिराको उत्पादन तथा बिक्री बितरणमा बन्देज:
|
| 82 |
+
(१) कसैले पनि प्लाप्टिकको पोका (पाउच) मा मदिरा राखी मदिराको उत्पादन तथा बिक्री बितरण गर्नु हुँदैन।
|
| 83 |
+
(२) कसैले पनि अटार बर्षको उमेर पूरा नगरेको व्यत्तिलाई मदिरा बिक्री बितरण गर्नु हुँदैन।
|
| 84 |
+
(३) अटार बर्षको उमेर पूरा नगरेको व्यत्तिले मदिराको बिक्री बितरण गर्नु हुँदैन।
|
| 85 |
+
|
| 86 |
+
---
|
| 87 |
+
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| 88 |
+
### ५. मदिराको निकासी पैठारीमा नियन्त्रण:
|
| 89 |
+
कुनै व्यत्तिले इजाजतपत्र बेगर र इजाजतपत्र पाएकोले पनि इजाजतपत्रमा तोकिएको शर्त बमोजिम बाहेक मदिराको निकासी बा पैठारी गर्न पाउने छैन।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
---
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
### ६. इजाजतपत्र लिनु पर्ने:
|
| 94 |
+
अन्तःशुल्क ऐन, २०४६ बा अन्तःशुल्क नियमावली, २०४९, बमोजिम इजाजतपत्र नलिई कसैले पनि मदिराको उत्पादन, पैठारी, निकासी, बिकी बा सञ्चय गर्न ���ाउने छैन।
|
| 95 |
+
|
| 96 |
+
---
|
| 97 |
+
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| 98 |
+
### ६क. इजाजतपत्र दिनु पर्ने:
|
| 99 |
+
दफा ६ बमोजिम इजाजतपत्रको लागि कुनै निवेदन पर्न आएमा तोकिएको अधिकारीले सो निवेदन उपर आवश्यक जाँचबुझ गर्नेछ र त्यसरी जाँचबुझ गर्दा निवेदकलाई इजाजतपत्र दिन मनासिब देखेमा तोकिए बमोजिमको शर्तको अधीनमा रही मदिराको उत्पादन, बिकी बितरण, निकासी बा पैठारी गर्न तोकिएको दस्तुर लिई तोकिएको ढाँचामा इजाजतपत्र दिनु पर्नेछ। तर अठार बर्षको उमेर पूरा नगरेको व्यत्तिलाई इजाजतपत्र दिइने छैन।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
---
|
| 102 |
+
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| 103 |
+
### ६ख. इजाजतपत्रको अवधि र नवीकरण:
|
| 104 |
+
इजाजतपत्रको अवधि र नवीकरण दस्तुर सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 105 |
+
|
| 106 |
+
---
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| 107 |
+
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| 108 |
+
### ६ग. इजाजतपत्र रद् गर्न सक्ने:
|
| 109 |
+
तोकिएको अधिकारीले दफा ६क. बमोजिम दिइएको इजाजतपत्र देहायको अवस्थामा रद् गर्न सक्नेछ:
|
| 110 |
+
(क) इजाजतपत्र नवीकरण नगरेमा,
|
| 111 |
+
(ख) इजाजतपत्रमा तोकिएका शर्त उल्लङ्घन गरेमा,
|
| 112 |
+
(ग) दफा ४क. बिपरीत काम गरेमा।
|
| 113 |
+
|
| 114 |
+
---
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| 115 |
+
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| 116 |
+
### ७. लागू नहुने अवस्था:
|
| 117 |
+
यस ऐनका अन्य दफाहरुमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि निजी उपयोगको निमित्त तोकिएको परिमाणमा रक्सी बा जाँड बनाउन यस ऐन अन्तर्गत इजाजतपत्र लिनुपर्ने छैन।
|
| 118 |
+
|
| 119 |
+
---
|
| 120 |
+
|
| 121 |
+
### ८. खानतलासी, कब्जा बा गिरफ्तार गर्न सक्ने:
|
| 122 |
+
(१) कुनै स्थानमा यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसूर भएकोछ भन्ने मनासिब माफिकको कारण भएमा अन्तःशुल्क अधिकृतले त्यस्तो स्थानको खानतलासी गर्न सक्नेछ।
|
| 123 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम खानतलासी गर्दा अन्तःशुल्क अधिकृतले खानतलासी गर्नुपर्ने कारण खोली खानतलासी गर्ने स्थानको धनी बा तत्काल सो स्थान प्रयोग गरिरहेको व्यक्तिलाई सो स्थानमा प्रवेश गर्नु भन्दा अगावै सूचना दिएर मात्र खानतलासी गर्नु पर्नेछ।
|
| 124 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम खानतलासी गर्दा यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसूर भएको बिश्वसनीय कारण देखिएमा त्यस्तो कसूरसँग सम्बन्धित सामान कब्जामा लिन सकिनेछ।
|
| 125 |
+
(४) कुनै व्यक्तिले यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसूर गरेको बा गर्न लागेको छ र निजलाई गिरफ्तार नगरेमा निज भागी जाने सम्भावना छ भन्ने लागेमा अन्तःशुल्क अधिकृतले निजलाई गिरफ्तार गर्न सक्नेछ।
|
| 126 |
+
(५) यस दफा बमोजिम खानतलासी, कब्जा बा गिरफ्तार गर्दा अन्तःशुल्क अधिकृतलाई प्रचलित कानून बमोजिम प्रहरीलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ।
|
| 127 |
+
(६) अन्तःशुल्क अधिकृतले यस दफा बमोजिम खानतलासी, कब्जा बा गिरफ्तार गर्दा स्थानीय प्रतिनिधिको रोहबरमा गर्नु पर्नेछ।
|
| 128 |
+
(७) अन्तःशुल्क अध���कृतले यस दफा बमोजिम खानतलासी, कब्जा बा गिरफ्तार गर्दा अपनाउनुपर्ने अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 129 |
+
|
| 130 |
+
---
|
| 131 |
+
|
| 132 |
+
### ९. गिरफ्तारी र कब्जाको प्रतिवेदन दिनु पर्ने:
|
| 133 |
+
यस ऐन अन्तर्गत कसैलाई गिरफ्तार गरेको बा कुनै स्थानमा खानतलासी गरेको बा कुनै सामान कब्जा गरेकोमा अन्तःशुल्क अधिकृतले सो कुराको प्रतिवेदन चौबीस घण्टाभित्र छिटो साधनद्वारा आफूभन्दा एक तह माथिको अधिकारी समक्ष पटाउनु पर्नेछ।
|
| 134 |
+
|
| 135 |
+
---
|
| 136 |
+
|
| 137 |
+
### १०. नेपाल सरकारलाई तिर्नपर्ने रकम सरकारी बाँकी सरह असुल गर्ने:
|
| 138 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम कुनै व्यक्तिले नेपाल सरकारलाई तिर्नु बुझाउनुपर्ने रकम नतिरी नबुझाई बाँकी राखेमा त्यस्तो रकम निजवाट अन्तःशुल्क अधिकृतले सरकारी बाँकी सरह असुल उपर गर्नेछ।
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
---
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
### ११. दुःख दिने नियतले खानतलासी, कब्जा बा गिरफ्तार गर्नेलाई सजाय:
|
| 143 |
+
यस ऐनको विरुद्ध काम भए गरेको भन्ने मनासिब शङ्गा नभई अर्कालाई दुःख दिने, हैरानी गर्ने, बेइज्जती गर्ने बा क्षति पु¥याउने नियतले कुनै स्थानमा प्रवेश गर्न बा खानतलासी गर्ने गराउने, कसैलाई गिरफ्तार गर्ने गराउने, कब्जा बा जफत गर्न नहुने सामान कब्जा बा जफत गर्ने गराउने बा कसैलाई अनावश्यक क्षति बा चोट पु¥याउने बा पु¥याउन लगाउने व्यत्तिलाई छ महिनासम्म कैद बा एक लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना बा दुबै सजाय हुनेछ।
|
| 144 |
+
|
| 145 |
+
---
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
### १२. सजाय:
|
| 148 |
+
(१) कसैले देहायको कसुर गरेमा बिगो जफत गरी बिगो बमोजिम जरिबाना बा एक बर्पसम्म कैद बा दुबै सजाय हुनेछ:
|
| 149 |
+
(क) अन्तःशुल्क ऐन, २०४६ बमोजिम मदिरामा तिर्नुपर्ने अन्तःशुल्क दबाएमा, छिपाएमा बा छलेमा,
|
| 150 |
+
(ख) इजाजतपत्र नलिई मदिरा उत्पादन बा उत्पादन, निकासी बा पैटारी गरेमा,
|
| 151 |
+
(ग) कुनै व्यत्तिले झुहा लेखा बा कितें कागज तयार गरी यस ऐन बिपरीत कुनै कसुर गरेमा।
|
| 152 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (क), (ख) बा (ग) मा उल्लिखित कसुर गर्न प्रयत्न बा दुरुत्साहन गरेमा सो उपदफामा उल्लिखित सजायको आधा सजाय हुनेछ।
|
| 153 |
+
(३) कसुरसँग प्रत्यक्ष बा परोक्ष रूपमा प्रयोग हुन आएको भाँडा बर्तन, वस्तु बा सेबा उत्पादन गर्न प्रयोग गरिएको ज्याबल, मेशीन, उपकरण बा सबारी साधन समेत जफत हुनेछ।
|
| 154 |
+
(४) उपदफा (३) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि त्यस्तो सबारी साधन भाडाको सबारीमा दर्ता गरी सबारी साधनको मालिकको संलग्नतामा प्रयोग गरेको पाइएमा त्यस्तो सबारी साधन जफत हुनेछ।
|
| 155 |
+
|
| 156 |
+
---
|
| 157 |
+
|
| 158 |
+
### १३. मदिरा तथा अन्य सामा��को जफत र बिक्री:
|
| 159 |
+
(१) कुनै व्यत्तिले यस ऐन बिपरीत मदिराको उत्पादन, बिक्री बितरण, निकासी बा पैठारी गरेमा सो कार्यसँग सम्बन्धित मदिरा अन्तःशुल्क अधिकृतले जफत गर्नेछ।
|
| 160 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम जफत गरिएको मदिरामध्ये गुणस्तरयुक्त मदिरा अन्तःशुल्क अधिकृतले तोकिए बमोजिम लिलाम बिक्री गर्नु पर्नेछ।
|
| 161 |
+
(३) यस ऐन बिपरीत मदिराको कारोबार गर्न प्रयोग गरिएका सबै सामानहरु अन्तःशुल्क अधिकृतले जफत गरी तोकिए बमोजिम लिलाम बिक्री गर्नेछ।
|
| 162 |
+
|
| 163 |
+
---
|
| 164 |
+
|
| 165 |
+
### १४. सहयोग गर्नु पर्ने:
|
| 166 |
+
यस ऐन अन्तर्गत सजाय हुने कसूरको तहकिकातको सिलसिलामा अन्तःशुल्क अधिकृत बा निजबाट अधिकार पाएको कर्मचारीले सहयोग मागेमा आवश्यक सहयोग गर्नु सम्बन्धित व्यत्तिको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 167 |
+
|
| 168 |
+
---
|
| 169 |
+
|
| 170 |
+
### १५. मुद्दा हेर्ने अधिकारी:
|
| 171 |
+
(१) दफा ११ अन्तर्गतको मुद्दामा सुरु कारबाही र किनारा गर्ने अधिकार नेपाल सरकार बा नेपाल सरकारले तोकिदिएको अधिकारीलाई र सो बाहेक यस ऐन अन्तर्गतको अरु मुदाको सुरु कारबाई र किनारा गर्ने अधिकार अन्तःशुल्क अधिकृतलाई हुनेछ।
|
| 172 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सुरु कारबाई र किनारा गर्ने अधिकारीलाई प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम जिल्ला अदालतलाई भए सरहको अधिकार प्राप्त हुनेछ।
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
---
|
| 175 |
+
|
| 176 |
+
### १६. पुनरावेदन:
|
| 177 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम अन्तःशुल्क अधिकृतले गरेको निर्णय उपर राजस्व न्यायाधिकरणमा र नेपाल सरकारले तोकी दिएको अधिकारीले गरेको निर्णय उपर सम्बन्धित उच्च अदालतमा पुनरावेदन लाग्नेछ।
|
| 178 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम पुनरावेदन दिने व्यत्तिले पुनरावेदन दिएको पन्थ्र दिनभित्र पुनरावेदनको एक प्रति सम्बन्धित कार्यालयमा दर्ता गराउनु पर्नेछ।
|
| 179 |
+
|
| 180 |
+
---
|
| 181 |
+
|
| 182 |
+
### १७. पुरस्कार:
|
| 183 |
+
(१) कसैले यस ऐन बिपरीत मदिरा उत्पादन, सञ्चय, बिक्री बितरण, ओसार पसार, निकासी बा पैठारी गर्न लागेमा बा गरेमा त्यसको सुराक दिने बा सबुत प्रमाण सहित मानिस पकी पेश गर्ने व्यत्तिलाई सो कार्य भए गरेको प्रमाणित हुन आएमा देहाय बमोजिमको रकम पुरस्कार स्वरुप दिइनेछ:
|
| 184 |
+
(क) सुराक दिने व्यत्तिलाई बिगोको दश प्रतिशत,
|
| 185 |
+
(ख) मदिरा बा मानिस पकी पेश गर्ने व्यत्तिलाई बिगोको बीस प्रतिशत,
|
| 186 |
+
(ग) मदिरा र मानिस दुबै पकी पेश गर्ने व्यत्तिलाई बिगोको तीस प्रतिशत।
|
| 187 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम पुरस्कार दिने प्रयोजनको लागि मदिरा र सोसँग सम्बन्धित जफत भएको सामान लिलाम भएको अवस्थामा लिलामबाट प्राप्त रकमलाई बिगो मानिनेछ।
|
| 188 |
+
(३) कुनै कार���ले जफत भएको मदिरा बा सामान लिलाम हुन नसकेमा बा लिलाम नहुने भएमा नेपाल सरकारले त्यस्तो सुराक दिने बा सबुत प्रमाण सहित मानिस पकी पेश गर्ने व्यत्तिलाई उचित टहन्याएको रकम पुरस्कार स्वरुप दिन सक्नेछ।
|
| 189 |
+
(४) यस दफा बमोजिम पुरस्कार पाउने व्यत्ति एक जनाभन्दा बढी भएमा पुरस्कारको रकम दामासाहीले बितरण गरिनेछ।
|
| 190 |
+
|
| 191 |
+
---
|
| 192 |
+
|
| 193 |
+
### १८. नियम बनाउने अधिकार:
|
| 194 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
|
| 195 |
+
|
| 196 |
+
---
|
| 197 |
+
|
| 198 |
+
### १९. प्रचलित कानून बमोजिम हुने:
|
| 199 |
+
यस ऐनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि मदिरा प्रशासन सम्बन्धी अन्य प्रचलित नेपाल कानून बमोजिम इजाजतपत्र, मदिराको कच्चा पदार्थ, उत्पादन, निष्काशन, प्रतिलब्धि दर, दरबन्दी र दस्तुर सम्बन्धी ब्यबस्था अन्य प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
|
| 200 |
+
|
| 201 |
+
---
|
| 202 |
+
|
| 203 |
+
### २०. यसै ऐन बमोजिम हुने:
|
| 204 |
+
यस ऐनमा लेखिए जति कुरामा यसै ऐन बमोजिम हुनेछ र दफा १७ मा लेखिएदेखि बाहेक यस ऐनसित बाझिने प्रचलित नेपाल कानून बाझिएको हदसम्म यस ऐनको प्रयोजनको निमित्त खारेज भए सरह मानिनेछ।
|
| 205 |
+
|
| 206 |
+
---
|
| 207 |
+
|
| 208 |
+
**दष्टव्य:**
|
| 209 |
+
(१) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरु:
|
| 210 |
+
"श्री ४ को सरकार"को सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
| 211 |
+
(२) न्याय प्रशासन ऐन, २०७३ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरु:
|
| 212 |
+
"पुनराबेदन अदालत"को सट्टा "उच्च अदालत"।
|
| 213 |
+
(३) आर्थिक ऐन, २०७४ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरु:
|
| 214 |
+
"अनुमतिपत्र" भन्ने शब्दको सट्टा "इजाजतपत्र" भन्ने शब्द र "अन्तःशुल्क अधिकारी" भन्ने शब्दहरूको सट्टा "अन्तःशुल्क अधिकृत"।
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| 1 |
+
# वस्तु विनिमय बजार सम्बन्धी ऐन, २०७४
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| 2 |
+
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| 3 |
+
## प्रमाणीकरण तथा प्रकाशन मिति
|
| 4 |
+
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| 5 |
+
२०७४।४।११
|
| 6 |
+
संशोधन गर्ने ऐन
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| 7 |
+
मुलुकी संहिता सम्बन्धी केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४ २०७६।१।२
|
| 8 |
+
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| 9 |
+
## वस्तु विनिमय बजारका सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन
|
| 10 |
+
|
| 11 |
+
प्रस्तावनाः वस्तु विनिमय बजारको विकास तथा सञ्चालन, लगानीकर्ताको संरक्षण, वस्तुको कारोबार, राफसाफ तथा फर्स्योट र बेयर हाउस सञ्चालन सम्बन्धी व्यवसायलाई नियमन गर्न बाञ्छुनीय भएकोले,
|
| 12 |
+
|
| 13 |
+
नेपालको संविधानको धारा २९६ को उपधारा (१) बमोजिमको व्यवस्थापिका संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 14 |
+
|
| 15 |
+
---
|
| 16 |
+
|
| 17 |
+
## परिच्छेद - १
|
| 18 |
+
|
| 19 |
+
### प्रारम्भिक
|
| 20 |
+
|
| 21 |
+
**१. संक्षित नाम र प्रारम्भः**
|
| 22 |
+
(१) यस ऐनको नाम "वस्तु विनिमय बजार सम्बन्धी ऐन, २०७४" रहेको छ।
|
| 23 |
+
(२) यो ऐन प्रमाणीकरण भएको मितिले एकानब्बेधों दिनदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
**२. परिभाषाः**
|
| 26 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 27 |
+
(क) "अदालत" भन्नाले नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको अदालतको बाणिज्य इजलाश सम्झनु पर्छ।
|
| 28 |
+
(ख) "अध्यक्ष" भन्नाले बोर्डको अध्यक्ष सम्झनु पर्छ।
|
| 29 |
+
(ग) "अनुमतिपत्र" भन्नाले दफा ४ बमोजिमको अनुमतिपत्र सम्झनु पर्छ।
|
| 30 |
+
(घ) "कारोबार" भन्नाले वस्तु विनिमय बजारमा हुने वस्तु करारको खरिद, बिक्री, राफसाफ तथा फर्स्योट, हस्तान्तरण र तत्सम्बन्धी अन्य कार्य सम्झनु पर्छ।
|
| 31 |
+
(ङ) "तोकिएको" बा "तोकिए बमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको बा तोकिए बमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 32 |
+
(च) "बोर्ड" भन्नाले धितोपत्र सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम स्थापना भएको नेपाल धितोपत्र बोर्ड सम्झनु पर्छ।
|
| 33 |
+
(छ) "राफसाफ तथा फर्स्योट (क्लियरिइ एण्ड सेटलमेन्ट) व्यवसाय" भन्नाले दफा २६ बमोजिम राफसाफ तथा फर्स्योट सम्बन्धी कारोबार सम्झनु पर्छ।
|
| 34 |
+
(ज) "राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसायी (क्लियरिइ हाउस)" भन्नाले राफसाफ तथा फर्स्योट सम्बन्धी व्यवसाय गर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 35 |
+
(झ) "लगानीकर्ता" भन्नाले वस्तु विनिमय बजारमा वस्तु करार मार्फत वस्तु खरिद गर्ने व्यक्ति सम्झनु पर्छ र सो शब्दले वस्तु बिक्री गर्ने व्यक्तिलाई समेत जनाउँछ।
|
| 36 |
+
(ज) "वस्तु (कमोडिटिज)" भन्नाले वस्तु विनिमय बजारमा वस्तु करार मार्फत कारोबार हुन सक्ने तोकिए बमोजिमको वस्तु सम्झनु पर्छ।
|
| 37 |
+
(ट) "वस्तु विनिमय बजार" भन्नाले दफा ४ बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त संग���ित संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 38 |
+
(ड) "वस्तु कारोबार व्यवसाय" भन्नाले दफा १९ को उपदफा (१) बमोजिमको वस्तु कारोबार सम्बन्धी व्यवसाय सम्झनु पर्छ।
|
| 39 |
+
(ढ) "वस्तु कारोबार व्यवसायी" भन्नाले वस्तु कारोबार व्यवसाय गर्न अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ण) "वस्तु करार (डेरिभेटिभ)" भन्नाले खरिदकर्ता तथा विकताबीच कम्तीमा तीस दिन पछि वस्तु खरिद बा बिक्री गर्ने गरी वस्तुको मूल्य, परिमाण, गुणस्तर तथा हस्तान्तरण मिति उल्लेख गरी भएको वस्तु करार सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(त) "वेयर हाउस" भन्नाले बेयर हाउस सञ्चालन गर्न अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 42 |
+
(थ) "संस्था" भन्नाले प्रचलित कानून बमोजिम संस्थापना भएको कम्पनी बा संगठित संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(द) "संगठित संस्था" भन्नाले प्रचलित कम्पनी कानून बमोजिम संस्थापना भएको पब्लिक कम्पनी बा धितोपत्र बजार मार्फत धितोपत्रको सार्वजनिक निष्काशन गर्न सक्ने गरी स्थापना भएको संगठित संस्था सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
|
| 45 |
+
---
|
| 46 |
+
|
| 47 |
+
## परिच्छेद - २
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
### अनुमति सम्बन्धी व्यवस्था
|
| 50 |
+
|
| 51 |
+
**३. अनुमतिपत्र प्राप्त नगरी कारोबार गर्न नहुने:**
|
| 52 |
+
यस ऐन बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त नगरी कसैले पनि देहायको व्यवसाय सञ्चालन गर्नु हुँदैनः
|
| 53 |
+
(क) वस्तु विनिमय बजार,
|
| 54 |
+
(ख) वस्तु कारोबार व्यवसाय,
|
| 55 |
+
(ग) राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय, बा
|
| 56 |
+
(घ) बेयर हाउस।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
**४. अनुमतिपत्र प्राप्त गर्न निवेदन दिनु पर्ने:**
|
| 59 |
+
(१) वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्न चाहने संगठित संस्थाले वस्तु विनिमय बजार सञ्चालनको लागि अनुमतिपत्र प्राप्त गर्न तोकिए बमोजिमको बिबरण, कागजात तथा निवेदन शुल्कसहित बोर्ड समक्ष तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 60 |
+
(२) वस्तु कारोबार, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालन गर्न चाहने संस्थाले वस्तु कारोबार, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालनको लागि अनुमतिपत्र प्राप्त गर्न तोकिए बमोजिमका बिबरण, कागजात तथा निवेदन शुल्कसहित बोर्ड समक्ष तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 61 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम निवेदन दिने संगठित संस्था बा संस्थाको योग्यता तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
**५. अनुमतिपत्र दिन सक्ने:**
|
| 64 |
+
(१) दफा ४ बमोजिम प्राप्त निवेदन र कागजातको अध्ययन गर्दा लगानीकर्ता र सर्वसाधारणको हित हुने कुरामा बोर्ड सन्तुष्ट भएमा वस्तु विनिमय बजारको हकमा एकसय बीस दिनभित्र र वस्तु कार��बार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालनको हकमा नब्बे दिनभित्र बोर्डले तोकिए बमोजिमको दस्तुर लिई निवेदकलाई तोकिए बमोजिमको ढाँचामा अनुमतिपत्र दिनु पर्नेछ।
|
| 65 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको निवेदन र कागजातको अध्ययन गर्दा निवेदकसँग थप विवरण बा कागजात माग गर्नुपर्ने बा पेश भएको विवरण बा कागजातका सम्बन्धमा थप स्पष्ट गर्नु पर्ने देखिएमा बोर्डले त्यस्तो विवरण बा कागजात माग गर्न बा पेश भएको विवरण बा कागजातका सम्बन्धमा थप स्पष्ट गर्न बढीमा तीस दिनको अबधि तोकी आदेश दिन सक्नेछ।
|
| 66 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम आदेश भएमा सम्बन्धित निवेदकले त्यस्तो आदेश बमोजिम विवरण बा कागजात पेश गर्ने बा पेश भएको विवरण बा कागजातमा थप स्पष्ट गर्नु पर्नेछ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
**६. अनुमतिपत्र दिन इन्कार गर्न सकिनेः**
|
| 69 |
+
दफा ४ मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि बोर्डले मुलुकको अर्थतन्त्र, औघोगिक व्यवसायको विकास, वस्तु कारोबारको सम्भाव्यता तथा लगानीकर्ताको हित संरक्षणको दृष्टिकोणले उपयुक्त नदेखिएमा अनुमतिपत्र दिन इन्कार गर्न सक्नेछ र त्यसरी इन्कार गर्नाको आधार र कारण उल्लेख गरी यथाशीघ्र लिखित जानकारी निवेदकलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 70 |
+
|
| 71 |
+
**७. शर्तहरु तोक्न सक्नेः**
|
| 72 |
+
अनुमतिपत्र प्रदान गर्दा बोर्डले आवश्यक शर्तहरु तोक्न सक्नेछ र त्यस्तो शर्तहरुको पालना गर्नु अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 73 |
+
|
| 74 |
+
**८. अनुमतिपत्रको अबधि र नवीकरण सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 75 |
+
(१) अनुमतिपत्रको अबधि तीन बर्ष बहाल रहनेछ।
|
| 76 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त हुनु भन्दा नब्बे दिन अगावै अनुमतिपत्र नवीकरणका लागि तोकिए बमोजिमको दस्तुर सहित बोर्ड समक्ष तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदन दिनु पर्नेछ।
|
| 77 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त हुनु भन्दा कम्तीमा तीस दिन अगावै अनुमतिपत्र नवीकरणका लागि लारन दस्तुरको दोब्बर दस्तुर सहित बोर्ड समक्ष तोकिए बमोजिमको ढाँचामा निवेदन दिन सकिनेछ।
|
| 78 |
+
(४) उपदफा (२) बा (३) बमोजिम नवीकरणका लागि निवेदन प्राप्त भएमा बोर्डले निवेदन प्राप्त भएको तीस दिनभित्र नवीकरण गरी त्यसको जानकारी अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई दिनु पर्नेछ।
|
| 79 |
+
(५) यस दफा बमोजिम अनुमतिपत्र नवीकरण नभई अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त भएमा त्यस्तो संस्थाको अनुमतिपत्र दफा ३४ को उपदफा (१) बमोजि��� खारेज हुनेछ र त्यसको जानकारी सम्बन्धितलाई यथाशीघ्र दिनु पर्नेछ।
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
**९. पूर्वाधार सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 82 |
+
(१) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले अनुमतिपत्र प्राप्त गरेको मितिले एकसय असी दिनभित्र अनुमतिपत्र बमोजिमको व्यवसाय सञ्चालन गर्न तोकिए बमोजिमको पूर्वाधारको व्यवस्था गर्नु पर्नेछ।
|
| 83 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको अबधिभित्र पूर्वाधारको व्यवस्था गर्न नसकी थप अबधि माग गरेमा बोर्डले बढीमा नब्बे दिनसम्म थप गरिदिन सक्नेछ।
|
| 84 |
+
(३) यस दफा बमोजिम पूर्वाधार व्यवस्था नगरी अनुमति प्राप्त संस्थाले कारोबार सञ्चालन गर्न सक्ने छैन।
|
| 85 |
+
(४) उपदफा (२) बमोजिम थपिएको म्यादभित्र पनि पूर्वाधार व्यवस्था नगरेमा त्यस्तो संस्थाको अनुमतिपत्र दफा ३४ को उपदफा (१) बमोजिम खारेज हुनेछ।
|
| 86 |
+
|
| 87 |
+
**१०. न्यूनतम चुक्ता पूँजी र आर्थिक स्रोत कायम गरेको हुनु पर्नेः**
|
| 88 |
+
(१) वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्ने संगठित संस्थाको न्यूनतम चुक्ता पूँजी पचास करोड रुपैयाँमा नघट्ने गरी बोर्डले समय समयमा तोकिदिए बमोजिम हुनु पर्नेछ।
|
| 89 |
+
(२) वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालन गर्ने संस्थाको न्यूनतम चुक्ता पूँजी तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 90 |
+
|
| 91 |
+
---
|
| 92 |
+
|
| 93 |
+
## परिच्छेद - ३
|
| 94 |
+
|
| 95 |
+
### वस्तु विनिमय बजार
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
**११. बोर्डको पूर्व स्वीकृति लिनु पर्नेः**
|
| 98 |
+
(१) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्ने कम्पनी संस्थापना गर्नु अघि बोर्डको पूर्व स्वीकृति लिनु पर्नेछ।
|
| 99 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम स्वीकृति प्रदान गर्ने सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 100 |
+
|
| 101 |
+
**१२. सञ्चालक सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 102 |
+
(१) वस्तु विनिमय बजारमा कम्तीमा दुई जना स्वतन्त्र सञ्चालक सहित बढीमा सात जना सञ्चालक रहनेछन्।
|
| 103 |
+
(२) सञ्चालकको योग्यता देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 104 |
+
(क) अर्थशास्त्र, बाणिज्य शास्त्र, वित्त, लेखा, व्यवस्थापन बा कानून विषयमा मान्यताप्राप्त शिक्षण संस्थाबाट कम्तीमा स्नातकोत्तर बा चार्टर्ड एकाउन्टेन्सी उपाधि हासिल गरेको र सम्बन्धित क्षेत्रमा कम्तीमा पाँच बर्षको कार्य अनुभव भएको,
|
| 105 |
+
(ख) पैंतीस बर्ष उमेर पूरा गरेको, र
|
| 106 |
+
(ग) तोकिए बमोजिमको अयोग्यता नरहेको।
|
| 107 |
+
(३) सञ्चालकको नियुक्ति गर्दा सम्भब भएसम्म उपदफा (२) को खण्ड (क) मा उल्लिखित फरक फरक बिधाको प्रतिनिधित्व हुने गरी गर्नु पर्नेछ।
|
| 108 |
+
(४) स्वतन्त्र सञ्चालकको नियुक्ति गर्ने प्रयोजनको लागि वस्तु विनिमय बजारले रिक्त स्वतन्त्र सञ्चालकको संख्याको तेव्वर संख्यामा सम्भाव्य उम्मेदवारको नामावली सिफारिश गरी बोर्ड समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 109 |
+
(५) उपदफा (४) बमोजिम पेश भएका सम्भाव्य उम्मेदवारहरु मध्येबाट उपयुक्त उम्मेदवारलाई बोर्डले स्वतन्त्र सञ्चालक नियुक्त गर्नेछ।
|
| 110 |
+
|
| 111 |
+
**१३. वस्तु विनिमय बजारको शेयर सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 112 |
+
(१) कसैले पनि वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्ने कम्पनीको चुक्ता पूँजीको पाँच प्रतिशत भन्दा बढी शेयर लिन सक्ने छैन।
|
| 113 |
+
(२) उपदफा (१) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि विदेशी पूँजी, सीप तथा प्रबिधिको प्रयोग गरी वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्ने प्रयोजनको लागि रणनीतिक साझेदारको रूपमा विदेशी लगानीकर्ताले त्यस्तो कम्पनीको चुक्ता पूँजीको बढीमा एकाउन्र प्रतिशतसम्म शेयर लिन सक्नेछ।
|
| 114 |
+
(३) वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गर्ने कम्पनीको रणनीतिक साझेदार तथा शेयर खरिद सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 115 |
+
|
| 116 |
+
**१४. वस्तु विनिमय बजारको शेयर लिन नसक्ने अवस्थाः**
|
| 117 |
+
(१) देहायको व्यक्ति बा संस्थाले वस्तु विनिमय बजारको शेयर खरिद गर्न सक्ने छैन:-
|
| 118 |
+
(क) दामासाही सम्बन्धी कारवाहीमा परेको बाह्र वर्ष अवधि व्यतित नभएको,
|
| 119 |
+
(ख) अर्को वस्तु विनिमय बजारको शेयरधनी रहेको,
|
| 120 |
+
(ग) प्रचलित कानून बमोजिम करार गर्न अयोग्य रहेको,
|
| 121 |
+
(घ) प्रचलित कानून बमोजिम कालो सूचीमा रहेको बा त्यस्तो सूचीबाट हटेको तीन वर्षको अवधि पूरा नभएको,
|
| 122 |
+
(ङ) प्राकृतिक व्यक्तिको हकमा भ्रष्टाचार, सम्पत्ति शुद्धीकरण तथा आतइबादी क्रियाकलापमा बित्तीय लगानी सम्बन्धी कसूरको अभियोगमा अदालतको अन्तिम फैसलाबाट कसूरदार ठहर भएको,
|
| 123 |
+
(च) सरकारी रकम तिर्न बाँकी भएको,
|
| 124 |
+
(छ) नैतिक पतन देखिने फौजदारी कसूरमा सजाय पाएको,
|
| 125 |
+
(ज) तोकिए बमोजिमको अन्य अबस्थामा रहेको।
|
| 126 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम शेयर खरिद गर्न नसक्ने व्यक्ति बा संस्थाले कुनै किसिमले शेयर प्राप्त गरेमा बा शेयर खरिद गरिसकेपछि उपदफा (१) बमोजिमको अबस्था उत्पन्न भएमा पैतीस दिनभित्र त्यस्तो शेयर अरु कसैलाई बिक्री बा हस्तान्तरण गर्नु पर्नेछ।
|
| 127 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिमको अबधिभित्र शेयर बिक्री बा हस्तान्तरण नगरेमा बोर्डले त्यस्तो शेयर जफत गर्नेछ।
|
| 128 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम जफत गरेको शेयर बोर्डले तोकिए बमोजिम बिक्री गर्नेछ्।
|
| 129 |
+
|
| 130 |
+
**१५. वस्तु विनिमय बजारको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 131 |
+
यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त वस्तु विनिमय बजारको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 132 |
+
(क) लगानीकर्तालाई एकै ठाउँमा निरन्तर रुपमा वस्तु करार मार्फत वस्तुको खरिद, बिक्री बा विनिमय गर्ने बजार, स्थान बा सुविधा उपलब्ध गराउने,
|
| 133 |
+
(ख) वस्तु कारोबार व्यवसायीलाई सदस्यता प्रदान गर्ने,
|
| 134 |
+
(ग) वस्तु कारोबारको लागि वस्तुको सूचीकरण गर्ने बा गराउने,
|
| 135 |
+
(घ) वस्तु कारोबारलाई पारदर्शी, स्वच्छ्र र नियमित रुपमा सञ्चालन गर्ने बा गराउने,
|
| 136 |
+
(ङ) वस्तु कारोबार व्यवसायीको काम कारबाहीको अनुगमन र सुपरिबेक्षण गर्ने बा गराउने,
|
| 137 |
+
(च) वस्तु विनिमय बजारको कारोबार प्रणाली (ट्रेडिङ सिस्टम) लाई संरक्षण गर्न बा त्यसको संभावित जोखिम न्यूनीकरण गर्न आवश्यक उपाय अबलम्बन गर्ने,
|
| 138 |
+
(छ) बोर्डले दिएको निर्देशनको कार्यान्वयन गर्ने बा गराउने,
|
| 139 |
+
(ज) तोकिए बमोजिमका अन्य कार्य गर्ने बा गराउने।
|
| 140 |
+
|
| 141 |
+
**१६. वस्तु बा कारोबारको सीमा निर्धारण गर्न सक्नेः**
|
| 142 |
+
(१) एक पटकमा कारोबार गर्न सकिने वस्तुको सीमा बोर्डले निर्धारण गरे बमोजिम हुनेछ।
|
| 143 |
+
(२) वस्तुको सीमा निर्धारण गर्दा त्यस्तो वस्तु बा कारोबारको किसिमको आधारमा छुट्टाछुट्टै गर्न सकिनेछ।
|
| 144 |
+
(३) प्राकृतिक व्यक्ति बा संस्थाले आफ्नो स्वामित्वमा राख पाउने वस्तुको सीमा तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 145 |
+
|
| 146 |
+
**१७. लगानीकर्ता संरक्षण कोषको व्यवस्था गर्नु पर्नेः**
|
| 147 |
+
(१) वस्तु विनिमय बजारले लगानीकर्तालाई हुन सक्ने सम्भावित प्रणालीगत जोखिम (सिस्टमिक रिस्क) बाट सुरक्षित गर्न लगानीकर्ता संरक्षण कोषको स्थापना गर्नु पर्नेछ।
|
| 148 |
+
(२) लगानीकर्ता संरक्षण कोषको स्थापना तथा सञ्चालन सम्बन्धी व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 149 |
+
|
| 150 |
+
**१८. वस्तु विनिमय बजारको प्रमुख कार्यकारी अधिकृत सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 151 |
+
वस्तु विनिमय बजारको सञ्चालक समितिले प्रशासकीय प्रमुखको रुपमा कार्य गर्न देहायको योग्यता पुगेको व्यक्तिलाई प्रमुख कार्यकारी अधिकृतको पदमा नियुक्ति गर्नेछ:-
|
| 152 |
+
(क) अर्थशास्त्र, बाणिज्य शास्त्र, बित्त, लेखा, व्यवस्थापन बा कानून बिषयमा मान्यताप्राप्त शिक्षण संस्थाबाट कम्तीमा स्नातकोत्तर उपाधि हासिल गरेको र सम्बन्धित क्षेत्रमा कम्तीमा सात बर्षको कार्य अनुभव भएको,
|
| 153 |
+
(ख) तोकिए बमोजिमको अयोग्यता नरहेको।
|
| 154 |
+
|
| 155 |
+
---
|
| 156 |
+
|
| 157 |
+
## परिच्छेद - ४
|
| 158 |
+
|
| 159 |
+
### वस्तु कारोबार व्यवसाय
|
| 160 |
+
|
| 161 |
+
**१९. वस्तु कारोबा��� व्यवसायीले सञ्चालन गर्न सक्ने व्यवसाय:**
|
| 162 |
+
(१) वस्तु कारोबार व्यवसायीले देहायको व्यवसाय सञ्चालन गर्न सक्नेछ:-
|
| 163 |
+
(क) बजार निर्माण व्यवसाय,
|
| 164 |
+
(ख) लगानी व्यवस्थापन व्यवसाय,
|
| 165 |
+
(ग) लगानी परामर्शदाता व्यवसाय,
|
| 166 |
+
(घ) वस्तु संरक्षक (कस्टोडियन) सेवा व्यवसाय,
|
| 167 |
+
(ङ) वस्तु कारोबार दलाली व्यवसाय,
|
| 168 |
+
(च) वस्तु कारोबार व्यापार व्यवसाय,
|
| 169 |
+
(छ) तोकिए बमोजिमको अन्य वस्तु कारोबार व्यवसाय।
|
| 170 |
+
(२) उपदफा (१) को प्रयोजनको लागि वस्तु कारोबार व्यवसायीलाई देहाय बमोजिम बर्गीकरण गर्न सकिनेछ:-
|
| 171 |
+
(क) बजार निर्माता,
|
| 172 |
+
(ख) लगानी व्यवस्थापक,
|
| 173 |
+
(ग) लगानी परामर्शदाता,
|
| 174 |
+
(घ) संरक्षक (कस्टोडियन),
|
| 175 |
+
(ङ) वस्तु कारोबार दलाल,
|
| 176 |
+
(च) वस्तु कारोबार व्यापारी,
|
| 177 |
+
(छ) तोकिए बमोजिमको अन्य वस्तु कारोबार व्यवसायी।
|
| 178 |
+
(३) वस्तु कारोबार व्यवसाय सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 179 |
+
|
| 180 |
+
**२०. वस्तु कारोबार व्यवसायीले सदस्यता लिनु पर्नेः**
|
| 181 |
+
(१) वस्तु कारोबार व्यवसाय सञ्चालन गर्न तोकिए बमोजिमको वस्तु कारोबार व्यवसायीले वस्तु विनिमय बजारको सदस्यता लिनु पर्नेछ।
|
| 182 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम सदस्यता प्राप्त गर्ने कार्यविधि, सदस्यता तथा अन्य व्यवस्था सम्बन्धित वस्तु विनिमय बजारको विनियममा उल्लेख भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 183 |
+
|
| 184 |
+
**२१. शेयरधनी तथा स्वामित्व सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 185 |
+
(१) कुनै एक वस्तु कारोबार व्यवसायीको शेयरधनी बा निजको एकासगोलको परिवारको सदस्यले अर्को वस्तु कारोबार व्यवसायीको शेयर लिन पाउने छैन।
|
| 186 |
+
(२) वस्तु कारोबार व्यवसायीको शेयर बा त्यसको स्वामित्व, बिक्री बा हस्तान्तरण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 187 |
+
|
| 188 |
+
**२२. सम्झौता गर्नु पर्नेः**
|
| 189 |
+
वस्तु कारोबार व्यवसायीले लगानीकर्तासँग कारोबार गर्नु अघि तोकिए बमोजिम सम्झौता गर्नु पर्नेछ।
|
| 190 |
+
|
| 191 |
+
**२३. अभिलेख राख्नु पर्नेः**
|
| 192 |
+
(१) वस्तु कारोबार व्यवसायीले कारोबार गर्नु अघि लगानीकर्ताको वास्तविक रुपमा परिचय खुल्ने कागजात बा बिबरण लिनु पर्नेछ।
|
| 193 |
+
(२) वस्तु कारोबार व्यवसायीले लगानीकर्ताको परिचय खुल्ने कागजात बा बिबरण, कारोबारसँग सम्बन्धित रकम लेनदेन सम्बन्धी बिबरण बा तोकिए बमोजिमका अन्य कार्यको अभिलेख राख्नु पर्नेछ।
|
| 194 |
+
|
| 195 |
+
**२४. बीमा गराउनु पर्नेः**
|
| 196 |
+
वस्तु कारोबार व्यवसायीले बोर्डले तोकेको वस्तु कारोबार व्यवसायको बीमा गराउनु पर्नेछ।
|
| 197 |
+
|
| 198 |
+
---
|
| 199 |
+
|
| 200 |
+
## परिच्छेद - ५
|
| 201 |
+
|
| 202 |
+
### राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसाय
|
| 203 |
+
|
| 204 |
+
**२५. राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायी नियुक्त गर्नु पर्नेः**
|
| 205 |
+
(१) वस्तु विनिमय बजारले राफसाफ तथा फर्सोट सम्बन्धी कार्यको लागि राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायी नियुक्त गर्नु पर्नेछ।
|
| 206 |
+
(२) राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायी नियुक्त गर्दा वस्तु विनिमय बजारले राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायीसँग तोकिए बमोजिम सम्झौता गर्नु पर्नेछ र सम्झौताको एक प्रति वस्तु विनिमय बजारले त्यस्तो सम्झौता गरेको पन्ध्र दिनभित्र बोर्डसमक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 207 |
+
(३) राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायीको नियुक्ति तथा तत्सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 208 |
+
|
| 209 |
+
**२६. राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायीले गर्ने कारोबार:**
|
| 210 |
+
(१) राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायीले वस्तु विनिमय बजारमा वस्तु करार बमोजिम खरिद बा बिक्री भएको कारोबारलाई राफसाफ तथा फर्सोट गर्नु पर्नेछ।
|
| 211 |
+
(२) राफसाफ तथा फर्सोट व्यवसायीले गर्ने राफसाफ तथा फर्सोट सम्बन्धी अन्य कारोबार तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 212 |
+
|
| 213 |
+
---
|
| 214 |
+
|
| 215 |
+
## परिच्छेद - ६
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
### बेयर हाउस
|
| 218 |
+
|
| 219 |
+
**२७. बेयर हाउस तोक्न सक्नेः**
|
| 220 |
+
(१) दफा २६ बमोजिमको कारोबार गर्ने प्रयोजनको लागि वस्तु विनिमय बजारले दफा ४ बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई बेयर हाउस तोक्न सक्नेछ।
|
| 221 |
+
(२) बेयर हाउस तोकेदा वस्तु विनिमय बजारले बेयर हाउससँग तोकिए बमोजिम सम्झौता गर्नु पर्नेछ र सम्झौताको एक प्रति वस्तु विनिमय बजारले त्यस्तो सम्झौता गरेको पन्ध्र दिनभित्र बोर्डसमक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 222 |
+
(३) वस्तु विनिमय बजारले बेयर हाउस तोक्ने सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 223 |
+
|
| 224 |
+
**२८. बेयर हाउसले गर्न सक्ने कारोबार:**
|
| 225 |
+
(१) बेयर हाउसले देहायका कारोबार गर्न सक्नेछ:-
|
| 226 |
+
(क) वस्तु विनिमय बजारमा हुने कारोबारसँग सम्बन्धित वस्तुको भण्डारण गर्ने बा तत्सम्बन्धी निस्सा जारी गर्ने,
|
| 227 |
+
(ख) खण्ड (क) बमोजिम भण्डारण भएका वस्तुको संरक्षण तथा त्यस्तो वस्तुको कारोबार पथ्रात हस्तान्तरण गर्ने।
|
| 228 |
+
(२) बेयर हाउसको सञ्चालन सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 229 |
+
|
| 230 |
+
---
|
| 231 |
+
|
| 232 |
+
## परिच्छेद - ७
|
| 233 |
+
|
| 234 |
+
### बोर्डको काम, कर्तव्य र अधिकार
|
| 235 |
+
|
| 236 |
+
**२९. बोर्डको काम, कर्तव्य र अधिकार:**
|
| 237 |
+
प्रचलित कानून तथा यस ऐनमा अन्यत्र उल्लिखित काम, कर्तव्य र अधिकारका अतिरिक्त बोर्डको काम, कर्तव्य र अधिकार देहाय बमोजिम हुनेछ:-
|
| 238 |
+
(क) वस्तु विनिमय बजार तथा वस्तु कारोबारको विकाससँग सम्बन्धित बिषयमा नेपाल सरकारलाई सुझाव दिने,
|
| 239 |
+
(ख) वस्तु विनिमय बजारको विकासको ल��गि दीर्घकालीन तथा अल्पकालीन योजना तथा नीति स्वीकृत गर्ने,
|
| 240 |
+
(ग) वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन सम्बन्धी सम्भाव्यता अध्ययन गर्ने,
|
| 241 |
+
(घ) वस्तु विनिमय बजारमा कारोबार गर्न सकिने वस्तु तथा वस्तु करारको दर्ता गर्ने,
|
| 242 |
+
(ङ) अबधि तोकी वस्तु विनिमय बजार बन्द गर्न बा निश्चित अबधिका लागि अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कारोबार स्थगन गर्न आदेश दिने,
|
| 243 |
+
(च) कुनै वस्तु सूचीकरण गराउन बा सूचीकरणबाट हटाउन बा कुनै कारोबार रोक्न सम्बन्धित वस्तु विनिमय बजारलाई निर्देशन दिने,
|
| 244 |
+
(छ) वस्तु विनिमय बजारको बिघुतीय कारोबार प्रणालीमा कुनै समस्या देखिएमा बा सुधार गर्नुपर्ने देखिएमा त्यस्तो सुधार नगरेसम्मका लागि कारोबार स्थगन गर्न आदेश दिने,
|
| 245 |
+
(ज) बोर्डमा दर्ता भएको वस्तु तथा वस्तु करारको खरिद, बिक्री, हस्तान्तरणलाई नियमित तथा व्यवस्थित गर्ने,
|
| 246 |
+
(झ) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था तथा कारोबारमा संलग्न पक्षको काम कारबाहीको नियमन तथा अनुगमन गर्ने,
|
| 247 |
+
(ज) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको विनियम स्वीकृत गर्ने,
|
| 248 |
+
(ट) लगानीकर्ताको हित संरक्षण गर्न सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई विनियममा आवश्यक व्यवस्था गर्न निर्देशन दिने,
|
| 249 |
+
(ठ) वस्तु बा वस्तु करार सम्बन्धी बिषयमा सुपरिवेक्षण तथा नियमन गर्न अन्य नियमनकारी निकायसँग समन्त्रय गर्ने,
|
| 250 |
+
(ड) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको आर्थिक तथा व्यवस्थापकीय पक्षमा सुधार गर्न आवश्यक निर्देशन दिने,
|
| 251 |
+
(ढ) तोकिए बमोजिमका अन्य कार्य गर्ने।
|
| 252 |
+
|
| 253 |
+
**३०. बोर्डले आदेश बा निर्देशन दिन सक्नेः**
|
| 254 |
+
(१) बोर्डले वस्तु विनिमय बजार र कारोबारको स्थिति तथा लगानीकर्ताको हितलाई ध्यानमा राखी अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था बा कारोबारसँग सम्बन्धित पक्षलाई यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बमोजिम कुनै काम गर्न बा नगर्न आवश्यक आदेश बा निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 255 |
+
(२) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कुनै सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बा सो अन्तर्गत बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशन उल्लङ्गन गरेमा त्यस्तो सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई आवश्यक कारबाही चलाउन सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई आदेश दिन सक्नेछ।
|
| 256 |
+
(३) दफा ३२ बमोजिम पेश भएको निरीक्षण बा सुप्रीवेक्षण प्रतिवेदनको आधारमा बोर्डले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था बा कारोबारसँग सम्ब���्धित पक्ष बा सम्बन्धित संस्थाको सञ्चालक बा कर्मचारीलाई यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बमोजिम कुनै काम गर्न बा नगर्न निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 257 |
+
|
| 258 |
+
---
|
| 259 |
+
|
| 260 |
+
## परिच्छेद - ८
|
| 261 |
+
|
| 262 |
+
### नियमन, निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण
|
| 263 |
+
|
| 264 |
+
**३१. नियमन गर्ने अधिकार:**
|
| 265 |
+
(१) बोर्डलाई अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था र वस्तु विनिमय बजार मार्फत हुने कारोबारसँग सम्बन्धित पक्षको नियमन गर्ने बा गराउने पूर्ण अधिकार हुनेछ।
|
| 266 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम नियमन गर्ने प्रयोजनको लागि बोर्डले आवश्यक देखेका बिषयमा आदेश बा निर्देशन दिन बा सूचना बा परिपत्र जारी गर्न सक्नेछ।
|
| 267 |
+
|
| 268 |
+
**३२. निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण गर्न सक्नेः**
|
| 269 |
+
(१) बोर्डले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले कारोबार गर्दा यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम, विनियम बा सो अन्तर्गत जारी भएका आदेश बा निर्देशनको पालना गरे नगरेको सम्बन्धमा जुनसुकै बखत निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण गर्न बा गराउन सक्नेछ।
|
| 270 |
+
(२) बोर्डले आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ टोली बा बोर्डको अधिकृत कर्मचारीलाई खटाई अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको स्थलगत (अनसाइट) बा सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थामा रहेका सूचना, तथ्याइ, कागजात, अभिलेख तथा बिबरणहरु आफू समक्ष झिकाई (अफसाइट) निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण गर्न सक्नेछ।
|
| 271 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण गर्ने प्रयोजनको लागि बोर्डले आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ टोलीको गटन गर्न सक्नेछ र विशेषज्ञ टोलीले पाउने सुविधा त्यस्तो टोली गटन हुँदाका बखत बोर्डले तोके बमोजिम हुनेछ।
|
| 272 |
+
(४) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण गर्दा उपदफा (२) बमोजिमको विशेषज्ञ टोली बा बोर्डका अधिकृत कर्मचारीले सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कारोबारसँग सम्बन्धित सूचना, तथ्याइ, कागजात, अभिलेख तथा बिबरणको निरीक्षण तथा सुपरीवेक्षण गर्न बा सम्बन्धित व्यक्तिसँग सोधपुछ गर्न सक्नेछ।
|
| 273 |
+
(५) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको निरीक्षण तथा सुपरीवेक्षणको सिलसिलामा निरीक्षण तथा सुपरीवेक्षण गर्ने विशेषज्ञ टोली बा बोर्डको अधिकृत कर्मचारीले आवश्यक देखेमा अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कारोबारसँग सम्बन्धित सूचना, तथ्याइ, कागजात, अभिलेख तथा बिबरणमा शिलबन्दी गरी त्यसको अभिलेख राखी आफैसँग राख बा अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको जिम्मामा राख लगाउन सक्नेछ।
|
| 274 |
+
(६) विशेषज्ञ टोली बा बोर्डको अधिकृत कर्मचारीले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको निरीक्षण बा सुपरीवेक्षणको कार्य सम्पन्न गरेको मितिले पन्ध्र दिनभित्र त्यसको प्रतिवेदन बोर्ड समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 275 |
+
(७) निरीक्षण तथा सुपरिवेक्षण सम्बन्धी अन्य व्यवस्था तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 276 |
+
|
| 277 |
+
**३३. सूचना, तथ्याइ तथा बिबरण माग गर्न सक्नेः**
|
| 278 |
+
(१) बोर्डले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था बा कारोबारसँग सम्बन्धित व्यक्तिसँग कारोबार सम्बन्धी कुनै पनि सूचना, तथ्याइ बा बिबरण माग गर्न सक्नेछ।
|
| 279 |
+
(२) दफा ३२ बमोजिम निरीक्षण तथा सुपरिवेक्षणको सिलसिलामा आवश्यक देखेका कुनै पनि सूचना, तथ्याइ बा बिबरण बोर्ड बा बोर्डबाट अधिकार प्राप्त व्यक्तिले सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था बा व्यक्तिसँग माग गर्न सक्नेछ।
|
| 280 |
+
(३) उपदफा (१) बा (२) बमोजिम मागिएको सूचना, तथ्याइ बा बिबरण उपलब्ध गराउनु सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था बा व्यक्तिको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 281 |
+
|
| 282 |
+
**३४. अनुमतिपत्र निलम्बन गर्न सक्नेः**
|
| 283 |
+
(१) कुनै अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बिपरीत काम गरेमा बा बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशन पालना नगरेमा बा लगानीकर्ताको हित बिपरीत काम गरेमा बा बोर्ड समक्ष पेश गर्नुपर्ने आर्थिक तथा कारोबार सम्बन्धी बिबरण पेश नगरेमा बोर्डले अबधि तोकी त्यस्तो संस्थाको अनुमतिपत्र निलम्बन गर्न सक्नेछ।
|
| 284 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निलम्बनमा रहेको अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले निलम्बनको अबधिभर कारोबार गर्न सक्ने छैन।
|
| 285 |
+
|
| 286 |
+
**३५. अनुमतिपत्र खारेजी सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 287 |
+
(१) बोर्डले देहायका अबस्थामा अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको अनुमतिपत्र खारेज गर्नेछ:-
|
| 288 |
+
(क) दफा ८ बमोजिम अनुमतिपत्र नवीकरण नभई अनुमतिपत्रको अबधि समाप्त भएमा,
|
| 289 |
+
(ख) दफा ९, बमोजिम पूर्वाधारको व्यवस्था नगरेमा,
|
| 290 |
+
(ग) वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालन गर्न बन्द गरेमा,
|
| 291 |
+
(घ) प्रचलित कानून बमोजिम दामासाहीमा परेमा बा अन्य कुनै किसिमले बिघटन भएमा, बा
|
| 292 |
+
(ङ) अनुमतिपत्र खारेज गरी पाउँ भनी निवेदन दिएमा।
|
| 293 |
+
(२) बोर्डले देहायका अबस्थामा अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको अनुमतिपत्र खारेज गर्न सक्नेछ:-
|
| 294 |
+
(क) अनुमतिपत्रमा उल्लिखित शर्तहरु उल्लङ्गन गरेमा,
|
| 295 |
+
(ख) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनिय��को उल्लङ्गन गरेमा,
|
| 296 |
+
(ग) लगानीकर्ताको हित बिपरित हुने गरी वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालन गरेमा,
|
| 297 |
+
(घ) बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशनको बारम्बार उल्लङ्गन गरेमा,
|
| 298 |
+
(ङ) निलम्बन भएको अबधिभित्र बोर्डले माग गरेको आर्थिक तथा कारोबार सम्बन्धी बिबरण नबुझाएमा, बा
|
| 299 |
+
(च) यस ऐन बमोजिम बुझाउनु पर्ने रकम नबुझाएमा।
|
| 300 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम अनुमतिपत्र खारेज गर्नु अघि अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई सफाईको मौका दिनु पर्नेछ।
|
| 301 |
+
(४) उपदफा (१) र (२) बमोजिम अनुमतिपत्र खारेज भएको कारणबाट त्यस्तो अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले अनुमतिपत्र खारेज हुनुभन्दा अघि गरेको काम कारबाहीबाट सृजित दायित्वमा कुनै असर पर्ने छैन।
|
| 302 |
+
|
| 303 |
+
**३६. बोर्डले कारबाही गर्न सक्नेः**
|
| 304 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बमोजिम बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशनको पालना नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्था, सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई बोर्डले देहाय बमोजिमको कुनै एक बा एकभन्दा बढी कारबाही गर्न सक्नेछ:-
|
| 305 |
+
(क) सचेत गराउने बा लिखित चेताबनी दिने,
|
| 306 |
+
(ख) सुधारात्मक कदम चाल्न निर्देशन दिने,
|
| 307 |
+
(ग) कारोबारमा आंशिक बा पूर्णरूपमा प्रतिबन्ध लगाउने,
|
| 308 |
+
(घ) बोर्डले उपलब्ध गराउने सेवा निलम्बन गर्ने बा रोका राख्ने,
|
| 309 |
+
(ङ) निलम्बनमा राख्न आदेश दिने,
|
| 310 |
+
(च) सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको सञ्चालक समितिलाई तलब, भत्ता लगायतका सुविधाहरु उपलब्ध नगराउन आदेश दिने,
|
| 311 |
+
(छ) सञ्चालकलाई पदबाट हटाउन बा पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई सेबाबाट अबकाश दिन सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको सञ्चालक समितिलाई आदेश दिने।
|
| 312 |
+
|
| 313 |
+
**३७. जरिबाना गर्न सक्नेः**
|
| 314 |
+
(१) दफा ३ बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त नगरी देहायको कार्य गर्नेलाई बोर्डले देहाय बमोजिम जरिबाना गर्नेछ:-
|
| 315 |
+
(क) वस्तु विनिमय बजार सञ्चालन गरेमा बा वस्तु विनिमय बजारको नाम प्रयोग गरेमा दश लाख रुपैयाँदेखि पचास लाख रुपैयाँसम्म,
|
| 316 |
+
(ख) राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय बा बेयर हाउस सञ्चालन गरेमा दुई लाख रुपैयाँदेखि दश लाख रुपैयाँसम्म,
|
| 317 |
+
(ग) वस्तु कारोबार व्यवसाय गरेमा एक लाख रुपैयाँदेखि पाँच लाख रुपैयाँसम्म।
|
| 318 |
+
(२) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले दफा ९ को उपदफा (३) विपरीत कारोबार सञ्चालन गरेमा बोर्डले त्यस्तो संस्थालाई पचास हजार रुपैयाँदेखि तीन लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्नेछ।
|
| 319 |
+
(३) दफा ४६ बा ४९ बमोजिमको म्यादभित्र सूचना तथा विवरण नदिने बा प्रतिवेदन पेश नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई बोर्डले त्यस्तो सूचना तथा विवरण बा प्रतिवेदन पेश गर्ने म्याद समाप्त भएको दिनदेखि प्रतिदिन एक हजार रुपैयाँका दरले जरिबाना गर्नेछ।
|
| 320 |
+
(४) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशन बा तोकिएको शर्त पालना नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई बोर्डले एक लाख रुपैयाँदेखि पाँच लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 321 |
+
(५) यस ऐन बमोजिम बोर्डले निरीक्षण तथा सुप्रीवेक्षण बा जाँचबुझको सिलसिलामा माग गरेको सूचना, तथ्याइ, कागजात, अभिलेख तथा विवरण तोकिएको समयभित्र पेश नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाका सञ्चालक बा पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई बोर्डले पचास हजार रुपैयाँदेखि दुई लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 322 |
+
(६) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियम बा विनियम बमोजिम राख्नु पर्ने बा तयार गर्नु पर्ने बा पेश गर्नुपर्ने हिसाब किताब, खाता, विवरण बा यस्तै अन्य कुनै कागजात नराखे बा तयार नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई बोर्डले दुई लाख रुपैयाँदेखि दश लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना गर्न सक्नेछ।
|
| 323 |
+
(७) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बा बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशन विपरीत कार्य गरी लगानीकर्तालाई हानी नोक्सानी गरे बा गराएमा बोर्डले त्यस्तो अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई दश लाख रुपैयाँदेखि पचास लाख रुपैयाँसम्म जरिवाना गरी त्यस्तो हानी नोक्सानी भएको रकम समेत लगानीकर्तालाई भराई दिनु पर्नेछ।
|
| 324 |
+
(८) दफा ६० बमोजिमको आचारसंहिता पालना नगर्ने अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थालाई बोर्डले पच्चीस हजार रुपैयाँदेखि एक लाख रुपैयाँसम्म जरिवाना गर्नेछ।
|
| 325 |
+
|
| 326 |
+
---
|
| 327 |
+
|
| 328 |
+
## परिच्छेद - ९
|
| 329 |
+
|
| 330 |
+
### कसूर र सजाय
|
| 331 |
+
|
| 332 |
+
**३८. उजुरी दिने म्याद:**
|
| 333 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम सजाय हुने कसूरमा त्यस्तो कसूर हुन लागेको बा कसूर भएको कुरा थाहा पाएको मितिले एक बर्षभित्र उजुरी दिनु पर्नेछ।
|
| 334 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम उजुरी परेको मितिले छु महिनाभित्र सम्बन्धित अदालत समक्ष मुद्दा दायर गरिसक्नु पर्नेछ।
|
| 335 |
+
|
| 336 |
+
**३९. कसूर गरेको मानिने:**
|
| 337 |
+
कसैले देहायको कार्य गरे बा गराएमा यस ऐन बमोजिम कसूर गरेको मानिनेछ:-
|
| 338 |
+
(क) कृत्रिम बा झूटो कारोबार बा चकीय कारोबार (सर्कुलर ट्रेडिङ) गरी बा गराई बा कुनै व��्तु करारको मूल्यमा प्रभाव पार्ने उद्देश्यले त्यस्तो करार अरुले गर्न नसक्ने गरी अस्वाभाविक अबधिसम्म टूलो परिमाणमा जम्माखोरी गरी वस्तुको मूल्य स्थिर गराएमा, बढाएमा, घटाएमा बा बारम्बार परिवर्तन गराई मूल्यमा उतार चढाव गराएमा,
|
| 339 |
+
(ख) कारोबारमा प्रत्यक्ष बा अप्रत्यक्ष प्रभाव पार्न बा वस्तु करारको खरिद बा बिक्री नहोस् भन्ने उद्देश्यले आफैले बा अरुसँग मिली वस्तु करारको बजारमूल्य बढाउने, घटाउने बा मूल्यस्थिर बनाई वस्तु विनिमय बजारलाई प्रभावित परेमा,
|
| 340 |
+
(ग) झूटो, भ्रामक बा गलत विवरण बा पूर्व अनुमान सम्बन्धी विवरण प्रकाशित गर्ने बा त्यस्तो विवरण दिई प्रतिज्ञा गर्ने बा वस्तु विनिमय बजारमा कुनै वस्तुको सक्रिय रुपमा कारोबार भइरहेको छ भन्ने देखाउनका लागि मात्र कारोबार गर्ने बा बदनियतसाथ कुनै तथ्य बा जानकारी लुकाई झुक्याउने काम गरेमा,
|
| 341 |
+
(घ) कसैलाई हानी नोक्सानी पुऱ्याउने बा कसैबाट गलत फाइदा लिने बदनियतले झुक्याउने प्रबिधि प्रयोग गरेमा बा त्यस्तो नियतले प्रबिधिको दुरुपयोग गरेमा, योजना बनाएमा बा कुनै काम गरेमा बा कसैलाई झुक्यानमा पारी जालसाजीयुक्त कारोबार गरेमा,
|
| 342 |
+
(ङ) कसैले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बा विनियम बमोजिम राखेको लिखत, बिबरण बा अभिलेख नष्ट गरेमा, झुटो बनाएमा बा लुकाएमा,
|
| 343 |
+
(च) कसैलाई हानी नोक्सानी पुऱ्याउने उद्देश्यले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले दफा ४४ बमोजिम स्थापना गरेको बिघुतीय कारोबार प्रणालीमा क्षति पुऱ्याएमा बा त्यसको गलत प्रयोग गरेमा,
|
| 344 |
+
(छ) खण्ड (क) देखि (च) सम्मका कार्य गर्न कसैलाई मद्दत गरेमा बा दुरुत्साहन गरेमा।
|
| 345 |
+
|
| 346 |
+
**४०. सजाय:**
|
| 347 |
+
(१) देहायको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई देहाय बमोजिमको सजाय हुनेछ:-
|
| 348 |
+
(क) दफा ३९, को खण्ड (क) बमोजिमको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई बिगो खुलेकोमा बिगो भराई बिगो बमोजिमको जरिबाना र बिगो नखुलेकोमा पाँच लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना र पाँच बर्षसम्म कैद।
|
| 349 |
+
(ख) दफा ३९, को खण्ड (ख) बमोजिमको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई बिगो खुलेकोमा बिगो भराई बिगो बमोजिमको जरिबाना र बिगो नखुलेकोमा चार लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना र चार बर्षसम्म कैद।
|
| 350 |
+
(ग) दफा ३९, को खण्ड (ग), (घ) बा (ङ) बमोजिमको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई बिगो खुलेकोमा बिगो भराई बिगो बमोजिम जरिबाना र बिगो नखुलेकोमा तीन लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना र तीन बर्षसम्म कैद।
|
| 351 |
+
(घ) दफा ३९, को खण्ड (च) बमोजिमको कसू��� गर्ने व्यक्तिलाई बिगो खुलेकोमा बिगो भराई बिगो बमोजिमको जरिबाना र बिगो नखुलेकोमा दश लाख रुपैयाँसम्म जरिबाना र एक बर्षसम्म कैद।
|
| 352 |
+
(ङ) दफा ३९, को खण्ड (छ) बमोजिमको कसूर गर्ने व्यक्तिलाई मुख्य कसूरदारलाई हुने सजायको आधा सजाय।
|
| 353 |
+
(२) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको प्रयोग गरी कसैले दफा ३९, बमोजिमको कसूर गरेमा त्यस्तो कसूर गर्ने व्यक्ति, अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई उपदफा (१) बमोजिम सजाय हुनेछ।
|
| 354 |
+
(३) उपदफा (२) बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीको पहिचान हुन नसकेमा त्यस्तो कसूर हुँदाको बखत अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको प्रमुख भई कामकाज गर्ने सञ्चालक, पदाधिकारी बा कर्मचारीलाई उपदफा (१) बमोजिम सजाय हुनेछ।
|
| 355 |
+
|
| 356 |
+
---
|
| 357 |
+
|
| 358 |
+
## परिच्छेद - १०
|
| 359 |
+
|
| 360 |
+
### विविध
|
| 361 |
+
|
| 362 |
+
**४१. कोष सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 363 |
+
(१) बोर्डको कोषमा धितोपत्र सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम प्राप्त हुने रकमका अतिरिक्त यस ऐन बमोजिम बोर्डलाई प्राप्त हुने देहाय बमोजिमका रकमहरु रहनेछन्:-
|
| 364 |
+
(क) निवेदन शुल्क बापतको रकम,
|
| 365 |
+
(ख) अनुमतिपत्र दस्तुर बापतको रकम,
|
| 366 |
+
(ग) अनुमतिपत्र नवीकरण दस्तुर बापतको रकम,
|
| 367 |
+
(घ) जरिबाना बापतको रकम, र
|
| 368 |
+
(ङ) ऐन बमोजिम प्राप्त हुने अन्य कुनै रकम।
|
| 369 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम कोषमा प्राप्त रकमको उपयोग, त्यसको लेखा तथा लेखापरीक्षण सम्बन्धी व्यवस्था धितोपत्र सम्बन्धी प्रचलित कानूनमा व्यवस्था भए बमोजिम हुनेछ।
|
| 370 |
+
|
| 371 |
+
**४२. लेखा परीक्षक नियुक्ति:**
|
| 372 |
+
(१) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले तोकिएको अबधिभित्र लेखापरीक्षण नगराएमा बा अन्य कुनै कारणले लेखापरीक्षक नियुक्त हुन नसकेमा त्यस्तो अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको हिसाब, किताब, नगदी, जिन्सी सम्पत्ति समेतको लेखापरीक्षण गर्नु पर्ने देखिएमा बोर्डले लेखा परीक्षकको नियुक्ति गरी लेखा परीक्षण गराउन सक्नेछ।
|
| 373 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम नियुक्त भएको लेखापरीक्षकको पारिश्रमिक सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले व्यहोर्नु पर्नेछ।
|
| 374 |
+
|
| 375 |
+
**४३. सेवा शुल्क बा नियमन शुल्क सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 376 |
+
(१) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले सेवा प्रदान गरे बापत लिन सक्ने सेवा शुल्क तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 377 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले एक आर्थिक बर्षमा प्राप्त गरेको कुल सेवा शुल्कको तोकिए बमोजिमको रकम नियमन शुल्कको रुपमा बोर्डमा बुझाउनु पर्ने���।
|
| 378 |
+
|
| 379 |
+
**४४. बिघुतीय कारोबार प्रणाली स्थापना गर्नु पर्नेः**
|
| 380 |
+
(१) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले बिघुतीय रुपमा आफ्नो कारोबार गर्न सकिने गरी बिघुतीय कारोबार प्रणाली स्थापना गर्नु पर्नेछ।
|
| 381 |
+
(२) बिघुतीय कारोबार प्रणाली सुरक्षित, उपयुक्त र भरपर्दो हुनु पर्नेछ।
|
| 382 |
+
(३) बिघुतीय कारोबार प्रणालीलाई बोर्डले आवश्यकता अनुसार सम्परीक्षण (अडिट) गर्न बा गराउन सक्नेछ।
|
| 383 |
+
(४) बिघुतीय कारोबार प्रणालीमा कुनै प्रकारको सुधार गर्नु पर्ने देखिएमा बोर्डले आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ।
|
| 384 |
+
(५) उपदफा (४) बमोजिम प्राप्त निर्देशनको पालना गर्नु सम्बन्धित अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 385 |
+
|
| 386 |
+
**४५. वस्तु करार सम्बन्धी विशेष व्यवस्थाः**
|
| 387 |
+
(१) भविष्यमा वस्तु खरिद बा बिक्री गर्ने सम्बन्धमा अधिकार तथा दायित्वको विशेष व्यवस्था हुने गरी भएको वस्तु करारको कारोबार (ट्रेडिङ अफ अप्सन) का सम्बन्धमा लागू हुने व्यवस्था, शर्त तथा मापदण्ड तोकिए बमोजिम हुनेछ।
|
| 388 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको व्यवस्था, शर्त तथा मापदण्ड लागू नभएसम्म त्यस्तो वस्तु करारको कारोबार (ट्रेडिङ अफ अप्सन) गर्न पाइने छैन।
|
| 389 |
+
|
| 390 |
+
**४६. विदेशी वस्तु विनिमय बजारमा कारोबार गर्न सक्नेः**
|
| 391 |
+
वस्तु विनिमय बजारमा बजार निर्माता, कारोबारको अर्को पक्ष (काउन्टर पार्टी) को कार्य गर्ने व्यवसायी बा त्यस्तो प्रकृतिको व्यवसाय गर्ने व्यवसायीले यस ऐन बमोजिम कारोबार गरी बहन गर्नुपर्ने जोखिमलाई व्यवस्थित गर्न विदेशी वस्तु विनिमय बजारमा तोकिए बमोजिम वस्तु करारको खरिद बा बिक्री गर्न सक्नेछ।
|
| 392 |
+
|
| 393 |
+
**४७. विदेशी मुद्रामा कारोबार गर्न स्वीकृति लिनु पर्नेः**
|
| 394 |
+
वस्तु कारोबार गर्दा विदेशी मुद्रामा कारोबार गर्नुपर्ने भएमा विदेशी विनिमय सम्बन्धी प्रचलित कानून बमोजिम सम्बन्धित निकायको स्वीकृति लिएर मात्र कारोबार गर्नु पर्नेछ।
|
| 395 |
+
|
| 396 |
+
**४८. सूचना तथा विवरण दिनु पर्नेः**
|
| 397 |
+
अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले कारोबार बा व्यवसाय सम्बन्धी तोकिए बमोजिमको सूचना तथा विवरण तोकिए बमोजिमको समयभित्र बोर्डलाई दिनु पर्नेछ।
|
| 398 |
+
|
| 399 |
+
**४९. प्रतिवेदन पेश गर्नु पर्नेः**
|
| 400 |
+
अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले प्रत्येक आर्थिक बर्ष समाप्त भएको चार महिनाभित्र उक्त आर्थिक बर्षमा आफूले गरेको काम कारबाही तथा वस्तु कारोबार सम्बन्धी विवरण सहितको बार्षिक प्रतिवेदन तयार गरी बोर्ड समक्ष पेश गर्नु पर्नेछ।
|
| 401 |
+
|
| 402 |
+
**५०. ���िवरण सार्वजनिक गर्नु पर्नेः**
|
| 403 |
+
बोर्डले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको नियमन, निरीक्षण तथा सुप्रीबेक्षण सम्बन्धी काम कारबाहीको विवरण तथा यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम, विनियम बा निर्देशिका बमोजिम बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशनको अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले पालना गरे नगरेको तथा दफा ४८ बमोजिम अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले बोर्डमा पेश गरेको सूचना तथा विवरण तोकिए बमोजिम सार्वजनिक गर्नेछ।
|
| 404 |
+
|
| 405 |
+
**५१. आदेश बा निर्देशनको पालना गर्नु पर्नेः**
|
| 406 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम बमोजिम बोर्डले दिएको आदेश बा निर्देशनको पालना गर्नु सम्बन्धित पक्षको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 407 |
+
|
| 408 |
+
**५२. जरिबाना असुल गरिनेः**
|
| 409 |
+
(१) दफा ३७ बमोजिम भएको जरिबानाको रकम सम्बन्धित व्यत्तिले त्यस्तो जरिबानाको रकम तीस दिनभित्र बोर्डलाई बुझाउनु पर्नेछ।
|
| 410 |
+
(२) जरिबानाको रकम तीस दिनभित्र नबुझाएमा बोर्डले त्यस्तो व्यत्तिको चल अचल सम्पत्तिबाट सरकारी बाँकी सरह असूल उपर गरी लिन सक्नेछ।
|
| 411 |
+
|
| 412 |
+
**५३. पुनरावेदन गर्न सकिनेः**
|
| 413 |
+
दफा ३४ को उपदफा (२) बमोजिम अनुमतिपत्र खारेज गरेको बा दफा ३६ बमोजिम कारबाही गरेको बा दफा ३७ बमोजिम जरिबाना गरेको निर्णय उपर चित्त नबुझ्ने पक्षले बोर्डको त्यस्तो निर्णयको जानकारी पाएको मितिले पैतीस दिनभित्र उच्च अदालतमा पुनरावेदन गर्न सक्नेछ।
|
| 414 |
+
|
| 415 |
+
**५४. नेपाल सरकार बादी हुने:**
|
| 416 |
+
(१) दफा ३९ बमोजिमको कसूर सम्बन्धी मुद्दा नेपाल सरकार बादी भई दायर हुनेछ र त्यस्तो मुलुकी फौजदारी कार्यबिधि संहिता, २०७४ को अनुसूची-१ मा समावेश भएको मानिनेछ।
|
| 417 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको कसूरको अनुसन्धान बा अभियोजन गर्दा सम्बन्धित अधिकारीलाई बोर्डले आवश्यक सहयोग गर्नु पर्नेछ।
|
| 418 |
+
|
| 419 |
+
**५५. नेपाल सरकारले निर्देशन दिन सक्नेः**
|
| 420 |
+
वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय, बेयर हाउस सञ्चालन, वस्तु विनिमय बजारको विकास तथा लगानीकर्ताहरुको हित संरक्षण जस्ता नीतिगत बिषयमा नेपाल सरकारले बोर्डलाई समय समयमा आवश्यक निर्देशन दिन सक्नेछ र त्यस्तो निर्देशनको पालना गर्नु बोर्डको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 421 |
+
|
| 422 |
+
**५६. बोर्डलाई सहयोग गर्नु पर्नेः**
|
| 423 |
+
वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय तथा बेयर हाउस सञ्चालन, वस्तु विनिमय बजारको विकास तथा लगानीकर्ताको हितलाई संरक्षण गर्ने जस्ता बिषयलाई नियमित तथा व्यवस्थित गर्ने कार्यमा बोर्डलाई सहयोग पुग्याउनु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 424 |
+
|
| 425 |
+
**५७. अधिकार प्रत्यायोजन:**
|
| 426 |
+
यस ऐन अन्तर्गत बोर्डलाई प्राप्त अधिकारहरु मध्ये केही अधिकार बोर्डका अध्यक्ष, सञ्चालक बा कर्मचारीले प्रयोग गर्न पाउने गरी बोर्डले अधिकार प्रत्यायोजन गर्न सक्नेछ।
|
| 427 |
+
|
| 428 |
+
**५८. नेपाल सरकारसँग सम्पर्क:**
|
| 429 |
+
बोर्डले नेपाल सरकारसँग सम्पर्क राख्दा अर्थ मन्त्रालय मार्फत राख्नु पर्नेछ।
|
| 430 |
+
|
| 431 |
+
**५९. पदाधिकारीलाई कारबाही हुने:**
|
| 432 |
+
यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा जिम्मेबारी तोकिएको पदाधिकारीले आपूmलाई तोकिएको काम कारबाही समयभित्रै सम्पन्न नगरेमा बा बदनियतपूर्वक काम कारबाही गरेमा निजलाई प्रचलित कानून अनुसार कारबाही हुनेछ।
|
| 433 |
+
|
| 434 |
+
**६०. आचारसंहिता बनाई लागू गर्न सक्नेः**
|
| 435 |
+
(१) बोर्डले अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले पालना गर्नुपर्ने आचारसंहिता बनाई लागू गर्नेछ।
|
| 436 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम लागू गरेको आचारसंहिता पालना गर्नु अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 437 |
+
(३) अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले आफ्ना सञ्चालक तथा कर्मचारीले पालन गर्नु पर्ने आचारसंहिता बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 438 |
+
|
| 439 |
+
**६१. नियम बनाउने अधिकार:**
|
| 440 |
+
यस ऐनलाई कार्यान्वयन गर्न बोर्डले नेपाल सरकार, अर्थ मन्त्रालयको स्वीकृति लिई आवश्यक नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
|
| 441 |
+
|
| 442 |
+
**६२. विनियम बनाउन सक्नेः**
|
| 443 |
+
(१) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेका नियमको अधीनमा रही वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय, बेयर हाउस सञ्चालन तथा कारोबारलाई नियमन तथा व्यवस्थित गर्न बोर्डले आवश्यक विनियमहरु बनाई लागू गर्न सक्नेछ।
|
| 444 |
+
(२) यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही अनुमतिपत्र प्राप्त संस्थाले बोर्डको स्वीकृति लिई देहायका बिषयहरुमा आवश्यक विनियमहरु बनाउन सक्नेछ:-
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| 445 |
+
(क) सूचीकरण, कारोबार सञ्चालन तथा कारोबार प्रणाली,
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| 446 |
+
(ख) वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसायी, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसायी तथा बेयर हाउसको सदस्यता, सदस्यता शुल्क, सदस्यको व्यावसायिक मर्यादा तथा सदस्यता निलम्बन तथा खारेजी,
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| 447 |
+
(ग) वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय तथा बेयर हाउसको सञ्चालन तथा लगानीकर्ताको हितका लागि अन्य आवश्यक व्यवस्था गर्ने,
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| 448 |
+
(घ) वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसायी, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसायी तथा बेयर हाउसका कर्मचारीको सेबाका शर्त तथा सुबिधा र आचरण।
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| 449 |
+
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| 450 |
+
**६३. निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेः**
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| 451 |
+
यस ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियमको अधीनमा रही बोर्डले वस्तु कारोबारलाई व्यवस्थित गर्नका लागि देहायका बिषयमा निर्देशिका बनाई लागू गर्न सक्नेछ:-
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| 452 |
+
(क) वस्तु विनिमय बजार, वस्तु कारोबार व्यवसाय, राफसाफ तथा फर्स्योट व्यवसाय तथा बेयर हाउस सञ्चालन,
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| 453 |
+
(ख) वस्तु कारोबारको नियमन लगायत आवश्यक अन्य विषयहरु।
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| 454 |
+
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| 455 |
+
**६४. यसै ऐन बमोजिम हुने:**
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प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐनमा लेखिए जति विषयको हकमा यसै ऐन बमोजिम र अरुको हकमा प्रचलित कानून बमोजिम हुनेछ।
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| 1 |
+
**अन्तर्राहूिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सदस्यता प्राप्त गर्ने ऐन, २०२२**
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
**लालमोहर र प्रकाशन मिति**
|
| 4 |
+
२०२२।४।६
|
| 5 |
+
|
| 6 |
+
---
|
| 7 |
+
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| 8 |
+
### संशोधन गर्ने ऐन
|
| 9 |
+
9. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 10 |
+
२०६६।१०।७
|
| 11 |
+
2. नेपालको संविधान अनुकूल बनाउन केही नेपाल ऐनलाई संशोधन गर्ने ऐन, २०७४
|
| 12 |
+
२०७४।११।१९
|
| 13 |
+
|
| 14 |
+
२०२२ सालको ऐन नं. ६
|
| 15 |
+
|
| 16 |
+
---
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
### अन्तर्राहूिय फाइनान्स कर्पोरेशनको स्थापना र सञ्चालनको निमित्त अन्तर्राहूिय सम्झौताहरू स्वीकार गरी नेपालले उक्त कर्पोरेशनको सदस्य हुन पाउने गर्नको निमित्त बनेको ऐन
|
| 19 |
+
|
| 20 |
+
**प्रस्तावना:**
|
| 21 |
+
अन्तर्राहिय फाइनान्स कर्पोरेशनले यस ऐनको अनुसूची-१ मा उल्लेख भएका शर्तहरूमा नेपाललाई अन्तर्राहिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सदस्य बनाउन सकिने भनी शर्तहरू तोकेको, र माथि लेखिए बमोजिमका शर्तहरू पूरा गर्नका लागि यसपछि लेखिएका कुराहरूको व्यवस्था गर्नु आवश्यक भएकोले श्री ४ महाराजाधिराज महेन्द्र बीर बिक्रम शाहदेवबाट राष्ट्रिय पञ्चायतको सल्लाह र सम्मतिले यो ऐन बनाइबक्सेकोछ ।
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
---
|
| 24 |
+
|
| 25 |
+
### १. संक्षिप्त, नाम र प्रारम्भ:
|
| 26 |
+
(१) यस ऐनको नाम "अन्तर्राहिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सदस्यता प्राप्त गर्ने ऐन, २०२२" रहेकोछ।
|
| 27 |
+
(२) यो ऐन तुरुन्त प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 28 |
+
|
| 29 |
+
---
|
| 30 |
+
|
| 31 |
+
### २. परिभाषा:
|
| 32 |
+
बिषय बा प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 33 |
+
(क) "कर्पोरेशन" भन्नाले अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशन सम्झनुपर्छ।
|
| 34 |
+
(ख) "कर्पोरेशन सम्झौता" भन्नाले अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरू सम्झनुपर्छ।
|
| 35 |
+
|
| 36 |
+
---
|
| 37 |
+
|
| 38 |
+
### ३. सम्झौताहरू गर्ने र स्वीकृतिका लिखतहरू दाखिल गर्ने अधिकार:
|
| 39 |
+
नेपाल सरकारको अर्थ मन्त्रीले आफ्नो हस्ताक्षरको लिखत गरी सो लिखतमा तोकिएको व्यक्तिलाई नेपाल सरकारको तर्फबाट देहायबमोजिमको काम गर्ने अधिकार दिन सक्नेछ:
|
| 40 |
+
(क) अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरूमा हस्ताक्षर गर्ने।
|
| 41 |
+
(ख) नेपाल सरकारले नेपाल कानून बमोजिम सम्बन्धित सम्झौताहरू र त्यसमा तोकिएका शर्तहरू जुन शर्तहरूमा नेपाललाई अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सदस्यता प्रदान गरिनेछ, स्वीकार गरेको छ भन्ने व्यहोरा जनाई कर्पोरेशनको सम्झौताको स्वीकृतिको लिखत अन्तर्राष्ट्रिय पुनःनिर्माण एव बिकास बैङ्गमा दाखिल गर्ने।
|
| 42 |
+
|
| 43 |
+
---
|
| 44 |
+
|
| 45 |
+
### ४. कर्पोरेशनलाई रकमहरू भुक्तानी गर्ने अधिकार:
|
| 46 |
+
अनुसूची-१ मा ल���खिएको शर्तहरू र कर्पोरेशन सम्झौता अनुसार नेपाल सरकारको तर्फबाट समय समयमा सो कर्पोरेशनलाई भुक्तानी गर्नुपर्ने हुन आएको रकमहरू 'संघीय सञ्चित कोषबाट भुक्तान गर्ने अधिकार नेपाल सरकारको अर्थमन्त्रीलाई हुनेछ।
|
| 47 |
+
|
| 48 |
+
---
|
| 49 |
+
|
| 50 |
+
### ५. नेपाल राष्ट्र बैङ् डिपोजिटरी मनोनित हुने:
|
| 51 |
+
नेपाल राष्ट्र बैङ्लाई अनुसूची-२ बमोजिमको कर्पोरेशन सम्झौताको धारा ४ को दफा ९ को प्रयोजनको लागि डिपोजिटरी मनोनित गरिएकोछ।
|
| 52 |
+
|
| 53 |
+
---
|
| 54 |
+
|
| 55 |
+
### ६. लेखापढीको माध्यम:
|
| 56 |
+
नेपाल सरकारको सचिव, अर्थ मन्त्रालयलाई अनुसूची-३ बमोजिमको कर्पोरेशन सम्झौताको धारा ४ दफा १० को प्रयोजनको लागि लेखापढीको माध्यम मनोनित गरिएकोछ।
|
| 57 |
+
|
| 58 |
+
---
|
| 59 |
+
|
| 60 |
+
### ७. कर्पोरेशनको स्थिति त्यसलाई छुट र विशेषाधिकारहरू:
|
| 61 |
+
प्रचलित नेपाल कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएका भए तापनि अनुसूची-४ बमोजिमको कर्पोरेशनको सम्झौताको धारा ६ मा लेखिएबमोजिम कर्पोरेशनलाई स्थिति, छुट र विशेषाधिकारहरू प्राप्त हुनेछन्।
|
| 62 |
+
|
| 63 |
+
---
|
| 64 |
+
|
| 65 |
+
### ८. अनुसूचीमा संशोधन गर्ने अधिकार:
|
| 66 |
+
कर्पोरेशन सम्झौताको यो ऐनको अनुसूचीबमोजिमका कुनै कुरामा संशोधन गरिएमा सोहीबमोजिम नेपाल सरकारले समय समयमा नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशित गरी यो ऐनको अनुसूचीमा संशोधन गर्न सक्नेछ।
|
| 67 |
+
|
| 68 |
+
---
|
| 69 |
+
|
| 70 |
+
### ९. नियम बनाउने अधिकार:
|
| 71 |
+
यो ऐनको उद्देश्य कार्यान्वित गर्न नेपाल सरकारले नियमहरू बनाउन सक्नेछ।
|
| 72 |
+
|
| 73 |
+
---
|
| 74 |
+
|
| 75 |
+
### अनुसूची-१
|
| 76 |
+
|
| 77 |
+
**अन्तर्राह्यिय फाइनान्स कर्पोरेशन**
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
**प्रस्ताव नं.**
|
| 80 |
+
|
| 81 |
+
**नेपाललाई कर्पोरेशनको सदस्यता**
|
| 82 |
+
|
| 83 |
+
कर्पोरेशन सम्झौताको धारा २ को दफा १(ख) बमोजिम नेपाल सरकार नेपालले अन्तराह्यिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सदस्यताको लागि निवेदन दिएको, र कर्पोरेशनको बाईलजको दफा १७ बमोजिम कार्यकारी सञ्चालकहरूले नेपालका प्रतिनिधिहरूसँग परामर्श गरी यस निवेदनपत्र बारे गभर्नरहरूको बोर्डमा सिफारिस पेश गरेकोले, गभर्नरहरूको बोर्डले देहायको शर्त र अवस्थाहरूमा नेपाललाई कर्पोरेशनको सदस्यतामा प्रवेश गराउने प्रस्ताव गरेको छ:
|
| 84 |
+
|
| 85 |
+
---
|
| 86 |
+
|
| 87 |
+
### १. परिभाषा:
|
| 88 |
+
यो प्रस्तावमा प्रयोग गरिएबमोजिको:
|
| 89 |
+
(क) "कर्पोरेशन" भन्नाले अन्तर्राह्यिय फाइनान्स कर्पोरेशन सम्झनुपर्छ।
|
| 90 |
+
(ख) "धाराहरू" भन्नाले कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरू सम्झनुपर्छ।
|
| 91 |
+
(ग) "डलर" भन्नाले संयुक्त राज्य अमेरिकाको डलर सम्झनुपर्छ।
|
| 92 |
+
(घ) "चन्दा" भन्नाले सदस्यले कर्पोरेशनको क्यापिटल स्टकमा दिएको चन्दा सम्झनुपर्���।
|
| 93 |
+
(ङ) "सदस्य" भन्नाले कर्पोरेशनको सदस्य सम्झनुपर्छ।
|
| 94 |
+
|
| 95 |
+
---
|
| 96 |
+
|
| 97 |
+
### २. चन्दा:
|
| 98 |
+
कर्पोरेशनको सदस्यता स्वीकार गरेपछि नेपालले कर्पोरेशनको क्यापिटल स्टकको ४४ बटा शेयर चन्दा स्वरूप बुझाउनु पर्दछ र त्यस्तो प्रत्येक शेयरको मूल्य १००० डलर हुनेछ।
|
| 99 |
+
|
| 100 |
+
---
|
| 101 |
+
|
| 102 |
+
### ३. बैङ्को सदस्यताः
|
| 103 |
+
कर्पोरेशनको सदस्यता स्वीकार गर्नुभन्दा पहिले नेपाल अन्तर्राष्ट्रिय पुनःनिर्माण एवं विकास बैङ्को सदस्य भएको हुनुपर्दछ।
|
| 104 |
+
|
| 105 |
+
---
|
| 106 |
+
|
| 107 |
+
### ४. चन्दाको भुक्तानी:
|
| 108 |
+
कर्पोरेशनको सदस्यता प्राप्त गर्नुभन्दा पहिले कर्पोरेशनलाई नेपालले लिएको क्यापिटल स्टकको शेयर सुनमा बा सो बापत दिनुपर्ने ४,५,००० डलरको पूरै भुक्तानी दिनुपर्दछ।
|
| 109 |
+
|
| 110 |
+
---
|
| 111 |
+
|
| 112 |
+
### ५. जाहेरी र सूचनाः
|
| 113 |
+
कर्पोरेशनको सदस्यता स्वीकार गर्नुभन्दा पहिले नेपालले स्वीकृतिको लिखतलाई हस्ताक्षर गरी दाखिल गर्न र यस प्रस्तावको प्रकरण ६(ग) र (घ) मा लेखिएबमोजिमको धाराहरूमा हस्ताक्षर गर्न आवश्यक सबै काम कारबाही गरिसकेको छ भन्ने कुराको जाहेरी कर्पोरेशनलाई पठाउनु पर्दछ। कर्पोरेशनले ती काम कारबाहीको सम्बन्धमा अनुरोध गरेबमोजिमको सूचना नेपालले कर्पोरेशनलाई पठाउनु पर्दछ।
|
| 114 |
+
|
| 115 |
+
---
|
| 116 |
+
|
| 117 |
+
### ६. सदस्यता स्वीकार गर्ने:
|
| 118 |
+
नेपालले निम्नलिखित आवश्यकताहरू पूरा गरेको मितिमा यो प्रस्तावको प्रकरण २ मा लेखिएबमोजिमको चन्दा दिएपछि नेपाल कर्पोरेशनको सदस्य हुनेछ:
|
| 119 |
+
(क) यो प्रस्तावको प्रकरण ४ बमोजिमको रकम भुक्तानी गरी,
|
| 120 |
+
(ख) यो प्रस्तावको प्रकरण ४ बमोजिमको जाहेरी र सूचना पठाई,
|
| 121 |
+
(ग) नेपालले आफ्नो कानून अनुसार यो प्रस्तावमा लेखिएबमोजिमका सबै शर्त र अवस्थाहरू र धाराहरू स्वीकार गरेको छ। र धाराहरू यो प्रस्ताव अन्तर्गत आफ्नो सबै दायित्वहरू पूरा गर्नको लागि नेपालले आवश्यक सबै कदमहरू उठाई सकेको छ भन्ने जाहेरीको लिखत अन्तर्राष्ट्रिय पुनःनिर्माण एवं विकास बैङ्कमा दाखिल गरी,
|
| 122 |
+
(घ) अन्तर्राष्ट्रिय पुनःनिर्माण एवं विकास बैङ्कमा रहेको धाराहरूको मूल प्रतिलिपिमा हस्ताक्षर गरी।
|
| 123 |
+
|
| 124 |
+
---
|
| 125 |
+
|
| 126 |
+
### ७. सदस्यता स्वीकार गर्ने हद अबधिः
|
| 127 |
+
नेपालले सन् १९६५ मार्च ३१ सम्म यो प्रस्तावबमोजिम कर्पोरेशनको सदस्यता स्वीकार गर्न सक्नेछ। तर असाधारण परिस्थितिले गर्न्दा यो प्रस्तावबमोजिम सदस्यता स्वीकार गर्न सक्ने हद अबधि बढाउन पर्ने भनी कार्यकारी सञ्चालकहरूले देखेमा सो अबधिलाई बढाउन सक्नेछ।
|
| 128 |
+
|
| 129 |
+
---
|
| 130 |
+
|
| 131 |
+
### अनुसूची-२
|
| 132 |
+
|
| 133 |
+
**अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरूको धारा ४ को दफा ९**
|
| 134 |
+
|
| 135 |
+
**दफा ९ डिपोजिटरीहरू:**
|
| 136 |
+
प्रत्येक सदस्य मुलुकले कर्पोरेशनसँग रहने आफ्नो मुद्रा वा कर्पोरेशनको अरू जायजेथाको मौज्दातको निमित्ति आफ्नो केन्द्रीय बैङ्लाई डिपोजिटरी मनोनीत गर्नेछन् बा सो मुलुकको आफ्नो केन्द्रीय बैङ नभएमा यस्तै कामको लागि कर्पोरेशनलाई मजुर हुने यस्तै अरू संस्थालाई मनोनीत गर्नेछन्।
|
| 137 |
+
|
| 138 |
+
---
|
| 139 |
+
|
| 140 |
+
### अनुसूची-३
|
| 141 |
+
|
| 142 |
+
**अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरूको धारा ४ को दफा १०**
|
| 143 |
+
|
| 144 |
+
**दफा १० लेखापढीको माध्यम:**
|
| 145 |
+
प्रत्येक सदस्य मुलुकले यस सम्झौता अन्तर्गत उठेको कुनै कुराको सम्बन्धमा जुनद्वारा कर्पोरेशनले लेखापढी गर्नपर्नेछ त्यसमा माध्यमको निमित्त उचित अधिकारीलाई मनोनीत गर्नेछन्।
|
| 146 |
+
|
| 147 |
+
---
|
| 148 |
+
|
| 149 |
+
### अनुसूची-४
|
| 150 |
+
|
| 151 |
+
**अन्तर्राष्ट्रिय फाइनान्स कर्पोरेशनको सम्झौताको धाराहरूको धारा ६ स्थिति, छुट, विशेषाधिकारहरू**
|
| 152 |
+
|
| 153 |
+
**दफा १ उद्देश्य:**
|
| 154 |
+
कर्पोरेशनलाई सुम्पेको काम पूरा गर्न कर्पोरेशन सामथ्र्य बनाउन यो धारामा दिइएका स्थिति, छुट र विशेषधिकारहरू प्रत्येक सदस्यको प्रादेशिक क्षेत्रमा कर्पोरेशनलाई दिइनेछ।
|
| 155 |
+
|
| 156 |
+
---
|
| 157 |
+
|
| 158 |
+
**दफा २- कर्पोरेशनको स्थिति:**
|
| 159 |
+
कर्पोरेशनको कानूनी मान्यता प्राप्त व्यक्ति हुनेछ र कर्पोरेशनलाई विशेषतः देहायको कम गर्न अधिकार हुनेछ:
|
| 160 |
+
(१) ठेका लिने दिने,
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| 161 |
+
(२) चल अचल सम्पत्ति प्राप्त गर्ने वा बिक्री गर्ने,
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| 162 |
+
(३) कानूनी कारवाही गर्ने।
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| 163 |
+
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| 164 |
+
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| 165 |
+
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| 166 |
+
**दफा ३- अदालती कारबाहीको सम्बन्धमा कर्पोरेशनको स्थान:**
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| 167 |
+
कर्पोरेशनले आफ्नो कार्यालय भएका बा सेबा सूचना स्वीकार गर्नका लागि कर्पोरेशनले एजेण्ट नियुक्ति गरेको बा सिक्योरिटीहरू निकालेको बा ग्यारेण्टी गरेको कुनै सदस्यको प्रादेशिक क्षेत्रमा कानूनबमोजिम अधिकार प्राप्त अदालतमा मात्र कर्पोरेशन विरुद्ध कारबाही चलाउन सकिनेछ। सदस्यहरूले बा सदस्यहरूको निमित्त काम गर्ने व्यक्तिहरूले बा सदस्यहरूबाट दाबी लिने व्यक्तिहरूले कुनै कारबाही चलाउन सक्ने छैन। कर्पोरेशनको सम्पत्ति र जायजेथालाई जहाँसुकै रहेको बा जोसित रहेको भएपनि कर्पोरेशनको विरुद्ध अन्तिम फैसला हुनुभन्दा अघि पक्राउ, कब्जा बा कुर्किबाट छुट दिइनेछ।
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| 168 |
+
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| 169 |
+
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| 170 |
+
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+
**दफा ४- जायजेथा पक्राउ हुनबाट छुट:**
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| 172 |
+
कर्पोरेशनको सम्पत्ति र जायजेथालाई जहाँसुकै रहेको बा जोसित रहेपनि कार्यकारिणी बा कानूनी ���ारबाहीद्वारा खोज तलासी, अधिग्रहण, अपहरण, निस्बामीकरण बा अरू कुनै किसिमको पक्राउबाट छुट पाउनेछ।
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| 173 |
+
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| 174 |
+
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| 175 |
+
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| 176 |
+
**दफा ५- अभिलेख गृह (आर्चिम्स) सम्बन्धी छुट:**
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| 177 |
+
कर्पोरेशनको अभिलेख गृह (आर्चिम्स) भित्र दखल गर्न सकिने छैन।
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| 178 |
+
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+
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+
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+
**दफा ६- जायजेथामा प्रतिबन्ध नलाग्ने:**
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| 182 |
+
यस सम्झौताले दिएको कार्य सञ्चालन गर्न आवश्यक भएको हदसम्म र यस सम्झौताको धारा ३ दफा ४ र अन्य व्यवस्थाहरूको अधीनमा रही कर्पोरेशनका सबै सम्पत्ति र जायजेथामा कुनै किसिमको प्रतिबन्ध, नियम, नियन्त्रण र मोराटोरिया लाग्ने छैन।
|
| 183 |
+
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| 184 |
+
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| 185 |
+
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| 186 |
+
**दफा ७- लेखापढी गर्न विशेषाधिकार:**
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| 187 |
+
सदस्यहरूले कर्पोरेशनको अफिसियल लेखापढीलाई अरू सदस्यहरूको अफिसियल लेखापढीलाई सरह नै व्यवहार गर्नेछन्।
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| 188 |
+
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| 189 |
+
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| 190 |
+
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| 191 |
+
**दफा ८- कार्यालय र कर्मचारीहरूको निमित्त छुट र विशेषाधिकारहरू:**
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| 192 |
+
कर्पोरेशनको सबै गर्भनरहरू, सजलाकहरू, अल्टरनेटहरू, अधिकृतहरू र कर्मचारीहरूले:
|
| 193 |
+
(१) अफिसियल हैसियतले गरेको काम कार्यहरूमा कानूनी कारबाहीबाट छुट पाउने छन्।
|
| 194 |
+
(२) स्थानीय नागरिक नभएमा देशान्तरवाससम्बन्धी प्रतिबन्धहरू, विदेशीहरूको रजिष्ट्रसनसम्बन्धी आवश्यकताहरू, राष्ट्रिय सेबासम्बन्धी दायित्वहरूबाट छुट र बिनिमय प्रतिबन्धसम्बन्धी सुविधाहरू सदस्यहरूले अरू सदस्यहरूको सोही समान दर्जाको प्रतिनिधिहरू, अधिकारीबर्गहरू र कर्मचारीहरूलाई दिए सरह नै पाउने छन्।
|
| 195 |
+
(३) सदस्यहरूले अरू सदस्यहरूको सोही समान दर्जाको प्रतिनिधिहरू, अधिकारीबर्गहरू र कर्मचारीहरूलाई दिए सरह नै भ्रमण सुविधा पाउने छन्।
|
| 196 |
+
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| 197 |
+
---
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| 198 |
+
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| 199 |
+
**दफा ९- करबाट छुट:**
|
| 200 |
+
(क) कर्पोरेशन, यसको जायजेथा, सम्पत्ति, आम्दानी र यो सम्झौताद्वारा अधिकृत यसको सञ्चालन र कारोबारहरूले सबै कर र सबै भन्सार महसृृृलबाट छुट पाउनेछ। कुनै कर बा महसुल असूल बा भुक्तानी गर्ने दायित्वबाट पनि कर्पोरेशनले छुट पाउनेछ।
|
| 201 |
+
(ख) स्थानीय नागरिक, स्थानीय प्रजा बा अरू स्थानीय राष्ट्रिय नभएको कर्पोरेशनको कार्यकारी सञ्चालकहरू, अल्टरनेटहरू, अधिकारीबर्गहरू बा कर्मचारीहरूलाई कर्पोरेशनले दिने तलब र परिलाभमा कुनै पनि कर लिइने छैन।
|
| 202 |
+
(ग) कर्पोरेशनले निकालेको दायित्व बा सिक्योरिटी (त्यसको लाभांश बा ब्याज लगायतमा) जोसित रहेको भएपनि कुनै किसिमको कर लिइने छैन।
|
| 203 |
+
(१) यदि त्यसले सो दायित्व बा सिक्योरिटीलाई मात्र कर्पोरेशनद्वारा निकालिएको कारणले फरक ब्यबहार गरे���ो छ भने,
|
| 204 |
+
(२) यदि त्यस्तो कर ब्यबस्थाको निमित्त सम्पूर्ण अधिकारसम्बन्धी आधार सो दायित्व बा सिक्योरिटी निकालिएको बा भुक्तानी गर्नुपर्ने गरिएको बा भुक्तानी गरिएको ठाउँ बा मुद्रा बा कर्पोरेशनले राखेको कुनै कार्यालय बा कारोबारको स्थान भएमा।
|
| 205 |
+
(घ) कर्पोरेशनले ग्यारेण्टी दिएको कुनै दायित्व बा सिक्योरिटी (त्यसको लाभांश र ब्याज लगायतमा) जोसित रहेको भएपनि कुनै किसिमको कर लिइने छैन:
|
| 206 |
+
(१) यदि त्यसले सो दायित्व बा सिक्योरिटीलाई कर्पोरेशनले ग्यारेण्टी गरेको कारणले व्यवहार गरेको छ भने,
|
| 207 |
+
(२) यदि त्यस्तो कर व्यवस्थाको निमित्त सम्पूर्ण अधिकारसम्बन्धी आधार कर्पोरेशनले राखेको कुनै कार्यालय कारोबारको स्थान भएमा।
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| 208 |
+
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| 209 |
+
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| 210 |
+
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| 211 |
+
**दफा १०- धाराको प्रयोग:**
|
| 212 |
+
प्रत्येक सदस्यले यो धारामा दिइएको सिद्धान्तहरू आफ्नो कानून मुताबिक लागू गराउने उद्देश्यको निमित्त आफ्नो प्रादेशिक क्षेत्रभित्र आवश्यकतानुसारको कार्य गर्नेछ र आफूले गरेको कामको पूरा बिबरणको सूचना कर्पोरेशनलाई दिनेछ।
|
| 213 |
+
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| 214 |
+
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| 215 |
+
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| 216 |
+
**दफा ११- परित्याग:**
|
| 217 |
+
कर्पोरेशनले आफ्नो स्वविवेकमा यो धारा अन्तर्गत प्रदान गरिएको छुट र विशेषाधिकार चाहेको मात्रा र शर्तमा परित्याग गर्न सक्नेछ।
|
| 218 |
+
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| 219 |
+
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| 220 |
+
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| 221 |
+
**दूष्टव्य:**
|
| 222 |
+
(१) केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्द:
|
| 223 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
|
| 224 |
+
(२) गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६ द्वारा रुपान्तर गरिएका शब्दहरू:
|
| 225 |
+
"श्री ४ को अर्थ मन्त्री" को सट्टा "अर्थ मन्त्री"।
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section_7_pdf_16.txt
ADDED
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@@ -0,0 +1,226 @@
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| 1 |
+
**बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली ऐन, २०४६**
|
| 2 |
+
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| 3 |
+
---
|
| 4 |
+
|
| 5 |
+
### लालमोहर र प्रकाशन मिति
|
| 6 |
+
२०४६।१०।१७
|
| 7 |
+
|
| 8 |
+
### संशोधन गर्ने ऐन
|
| 9 |
+
1. बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली (पहिलो संशोधन) ऐन, २०६३
|
| 10 |
+
२०६३।७।१९
|
| 11 |
+
2. गणतन्त्र सुदृढीकरण तथा केही नेपाल कानुन संशोधन गर्ने ऐन, २०६६
|
| 12 |
+
२०६६।१०।७
|
| 13 |
+
3. बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली (दोस्रो संशोधन) ऐन, २०६६
|
| 14 |
+
२०६६।१०।१३
|
| 15 |
+
4. केही नेपाल ऐन संशोधन गर्ने ऐन, २०७२
|
| 16 |
+
२०७२।११।१३
|
| 17 |
+
|
| 18 |
+
---
|
| 19 |
+
|
| 20 |
+
### २०४६ सालको ऐन नं. १६
|
| 21 |
+
**बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुलीका सम्बन्धमा व्यवस्था गर्न बनेको ऐन**
|
| 22 |
+
|
| 23 |
+
**प्रस्तावनाः**
|
| 24 |
+
बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली सम्बन्धी मुद्दाहरु छिटो छरितो ढङ्गबाट कारबाही र किनारा गरी ऋणीबाट लिनु पर्ने ऋणको साँबा तथा व्याज रकम असुलउपर गर्ने व्यवस्था गर्न बाज्छुनीय भएकोले,
|
| 25 |
+
|
| 26 |
+
थी ४ महाराजाधिराज ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाहदेवको शासनकालको पहिलो बर्षमा संसदले यो ऐन बनाएको छ ।
|
| 27 |
+
|
| 28 |
+
---
|
| 29 |
+
|
| 30 |
+
### परिच्छेद-१
|
| 31 |
+
#### प्रारम्भिक
|
| 32 |
+
|
| 33 |
+
**१. संक्षिप्त नाम र प्रारम्भः**
|
| 34 |
+
(१) यस ऐनको नाम "बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली ऐन, २०४६" रहेको छ।
|
| 35 |
+
(२) यो ऐन नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी तोकेको मितिदेखि प्रारम्भ हुनेछ।
|
| 36 |
+
|
| 37 |
+
**२. परिभाषाः**
|
| 38 |
+
विषय र प्रसङ्गले अर्को अर्थ नलागेमा यस ऐनमा,
|
| 39 |
+
(क) "बैङ् तथा वित्तीय संस्था" भन्नाले दफा ४ बमोजिम स्थापना भएको न्यायाधिकरण सम्झनु पर्छ।
|
| 40 |
+
(ख) "न्यायाधिकरण" भन्नाले दफा ४ बमोजिम स्थापना भएको न्यायाधिकरण सम्झनु पर्छ।
|
| 41 |
+
(ग) "सदस्य" भन्नाले दफा ४ बमोजिम स्थापना भएको न्यायाधिकरणको सदस्य सम्झनु पर्छ र सो शब्दले न्यायाधिकरणको अध्यक्ष समेतलाई जनाउनेछ।
|
| 42 |
+
(घ) "पुनरावेदन न्यायाधिकरण" भन्नाले दफा ६ बमोजिम स्थापना भएको पुनरावेदन न्यायाधिकरण सम्झनु पर्छ।
|
| 43 |
+
(ड) "पुनरावेदन सुन्ने अधिकारी" भन्नाले दफा ९ बमोजिम नियुक्त भएको व्यक्ति सम्झनु पर्छ।
|
| 44 |
+
(च) "ऋण" भन्नाले चल, अचल सम्पत्ति, धितो, बन्धक बा अन्य आवश्यक सुरक्षण बा जमानत लिई बा नलिई बैङ् बा वित्तीय संस्थाले ऋणीलाई दिएको कर्जाको साँबा तथा ब्याज सम्झनु पर्छ र सो शब्दले बासलात बाहिरको कारोबारबाट लिन बाँकी रकम बा सो बापत लाग्ने शुल्क, कमिशन तथा ब्याज समेतलाई जनाउँनेछ।
|
| 45 |
+
(छ) "ऋणी" भन्नाले बैङ् बा वित्तीय संस्थाबाट ऋण लिने व्यत्कि, फर्म, कम्पनी वा प्रचलित कानूनबमोजिम स्थापना भएको संगठित संस्था सम्झनु पर्छ र सो शब्दले जमानत दिने व्यत्कि समेतलाई जनाउँनेछ।
|
| 46 |
+
(ज) "ऋण असुली अधिकृत" भन्नाले दफा २६ बमोजिम तोकिएको अधिकृत सम्झनु पर्छ।
|
| 47 |
+
(झ) "तोकिएको" वा "तोकिएबमोजिम" भन्नाले यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियममा तोकिएको वा तोकिएबमोजिम सम्झनु पर्छ।
|
| 48 |
+
|
| 49 |
+
**३. ऐनको व्यवस्था लागु हुने बैङ् तथा वित्तीय संस्थाहरु:**
|
| 50 |
+
देहायका बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली सम्बन्धी मुद्वाको लागि यस ऐनको व्यवस्था लागू हुनेछ—
|
| 51 |
+
(क) कृषि विकास बैङ् ऐन, २०२४ बमोजिम स्थापना भएका कृषि विकास बैक,
|
| 52 |
+
(ख) बाणिज्य बैङ् ऐन, २०३१ बमोजिम स्थापना भएका बाणिज्य बैङ्,
|
| 53 |
+
(ग) नेपाल औघोगिक विकास निगम ऐन, २०४६ बमोजिम स्थापना भएको नेपाल औघोगिक विकास निगम,
|
| 54 |
+
(घ) नेपाल राष्ट्र बैङ्ले समय समयमा तोकेका अन्य वित्तीय संस्थाहरु।
|
| 55 |
+
तर पाँच लाख रुपैयाँभन्दा कम साँवा रकम भएको ऋण असुल गर्दा यो ऐनको व्यवस्था लागू हुने छैन।
|
| 56 |
+
|
| 57 |
+
---
|
| 58 |
+
|
| 59 |
+
### परिच्छेद-२
|
| 60 |
+
#### न्यायाधिकरण तथा पुनरावेदन न्यायाधिकरणको स्थापना र गठन
|
| 61 |
+
|
| 62 |
+
**४. न्यायाधिकरणको स्थापना र गठन:**
|
| 63 |
+
(१) बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली सम्बन्धी मुद्वाको शुरु कारबाही तथा किनारा गर्नका लागि नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी आवश्यकता अनुसार ऋण असुली न्यायाधिकरणको स्थापना गर्न सक्नेछ।
|
| 64 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम स्थापना हुने न्यायाधिकरणको मुकाम तथा प्रादेशिक क्षेत्राधिकार त्यस्तो सूचनामा तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 65 |
+
(३) न्यायाधिकरणमा देहाय बमोजिमका सदस्य रहनेछन्:-
|
| 66 |
+
(क) कानून सदस्य,
|
| 67 |
+
(ख) बैंकिङ्ग सदस्य, र
|
| 68 |
+
(ग) लेखा सदस्य।
|
| 69 |
+
(३क) न्यायाधिकरणमा कार्यबोझ बढेमा नेपाल सरकारले सदस्य संख्या थप गर्न सक्नेछ।
|
| 70 |
+
(३ख) उपदफा (३क) बमोजिम सदस्य थपिएकोमा न्यायाधिकरणमा आवश्यकता अनुसार इजलास रहनेछन् र प्रत्येक इजलासमा कानून, बैंकिङ्ग र लेखा सदस्य रहनेछन्।
|
| 71 |
+
(३ग) न्यायाधिकरणमा एक भन्दा बढी इजलास भएकोमा इजलास गठन गरी मुद्दा तोक्ने कार्य अध्यक्षले गर्नेछ।
|
| 72 |
+
(४) न्यायाधिकरणको अध्यक्ष कानून सदस्य हुनेछ र एक भन्दा बढी सङ्ख्यामा कानून सदस्य भएको अवस्थामा न्यायाधिकरणमा पहिले नियुक्ति भएको कानून सदस्य, त्यस्तो कानून सदस्य अनुपस्थित भएमा अर्को कानून सदस्य र त्यस्तो कानून सदस्य नभएमा बा भएपनि अनुपस्थित भएमा पहिले नियुक्ति भएको बैंकिङ्ग सदस्य र निज पनि अनुपस्थित भएमा उपस्थित भएको बैंकिङ्ग सदस्य न्यायाधिकरणको अध्यक्ष हुनेछ��
|
| 73 |
+
(५) यस दफामा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी न्यायाधिकरणको प्रादेशिक क्षेत्राधिकारमा थप गरी ऋण असुली सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही तथा किनारा गर्न अधिकार प्रदान गर्न सक्नेछ।
|
| 74 |
+
|
| 75 |
+
**५. सदस्यको नियुक्ति:**
|
| 76 |
+
नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी दफा ६ बमोजिम योग्यता पुगेका व्यक्तिहरुमध्येबाट सदस्य नियुक्ति गर्नेछ।
|
| 77 |
+
तर बैंकिङ्ग तथा लेखा सदस्यको नियुक्ति गर्दा नेपाल सरकारले नेपाल राष्ट्र बैङ्कको परामर्श लिनेछ।
|
| 78 |
+
|
| 79 |
+
**६. सदस्यको योग्यताः**
|
| 80 |
+
सदस्य हुनका लागि देहायबमोजिमको योग्यता पुगेको हुनुपर्नेछ—
|
| 81 |
+
(क) कानून सदस्यको लागि जिल्ला अदालतको न्यायाधीश भैरहको बा भैसकेको बा हुन योग्यता पुगेको व्यक्ति,
|
| 82 |
+
(ख) बैंकिङ्ग सदस्यको लागि अर्थशास्त्र बा बाणिज्यशास्त्रमा कम्तीमा स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त गरी प्रचलित कानूनबमोजिम स्थापना भएको बैङ्ग बा वित्तीय संस्थाको कम्तीमा द्वितीय श्रेणीको अधिकृत स्तरको पदमा दश बर्षको अनुभव प्राप्त व्यक्ति,
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| 83 |
+
(ग) लेखा सदस्यको लागि बाणिज्यशास्त्रमा स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त गरी बा चार्टर्ड एकाउण्टेन्सी बा सो सरहको परीक्षा उत्तीर्ण गरी कम्तीमा "ख" श्रेणीको लेखापरीक्षकको प्रमाणपत्र प्राप्त गरी बैंकिङ्ग बा वित्तीय क्षेत्रको लेखापरीक्षण सम्बन्धी काममा कम्तीमा दश बर्षको अनुभव प्राप्त व्यक्ति।
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| 84 |
+
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| 85 |
+
**७. सदस्यको पदावधिः**
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| 86 |
+
सदस्य आफ्नो पदमा नियुक्त भएको मितिले पाँच बर्षको अवधिसम्म बहाल रहनेछ र निजको पुनः नियुक्ति हुन सक्नेछ।
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| 87 |
+
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| 88 |
+
**८. पुनरावेदन न्यायाधिकरणको स्थापनाः**
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| 89 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम न्यायाधिकरणले गरेको निर्णय उपर पुनरावेदन सुन्ने प्रयोजनको लागि नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी आवश्यकता अनुसार ऋण असुली पुनरावेदन न्यायाधिकरणको स्थापना गर्न सक्नेछ।
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| 90 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम पुनरावेदन न्यायाधिकरणको स्थापना गर्दा त्यस्ता पुनरावेदन न्यायाधिकरणको मुकाम तथा प्रादेशिक क्षेत्राधिकार समेत तोकिदिनु पर्नेछ।
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| 91 |
+
(३) नेपाल सरकारले नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी कुनै पुनरावेदन न्यायाधिकरणलाई आफ्नो प्रादेशिक क्षेत्राधिकारभन्दा बाहिरको न्यायाधिकरणले गरेको आदेश बा निर्णय उपर पुनरावेदन सुन्ने गरी तोक्न सक्नेछ।
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| 92 |
+
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| 93 |
+
**९. पुनरावेदन सुन्ने अधिकारीको नियुक्ति:**
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| 94 |
+
नेपाल सरकारले उच्च अदालतको न्यायाधीश भैरहेको बा भैसकेको बा हुन योग्यता पुगेको कुनै व्यक्तिलाई नेपाल राजपत्रमा सूचना प्रकाशन गरी पुनरावेदन न्यायाधिकरणको पुनरावेदन सुन्ने अधिकारीको पदमा नियुक्त गर्न सक्नेछ।
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| 95 |
+
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| 96 |
+
**१०. पुनरावेदन सुन्ने अधिकारीको पदावधि:**
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| 97 |
+
पुनरावेदन सुन्ने अधिकारी आफ्नो पदमा नियुक्त भएको मितिले पाँच बर्षको अवधिसम्म बहाल रहनेछ र निजको पुनः नियुक्ति हुन सक्नेछ।
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| 98 |
+
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| 99 |
+
**११. पारिश्रमिक तथा सुविधा:**
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| 100 |
+
सदस्य र पुनरावेदन सुन्ने अधिकारीको पारिश्रमिक तथा सुविधा र सेवाका अन्य शर्तहरु तोकिएबमोजिम हुनेछन्।
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| 101 |
+
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| 102 |
+
**१२. पदमा नरहने अवस्था:**
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| 103 |
+
(१) देहायका अवस्थामा सदस्य बा पुनरावेदन सुन्ने अधिकारी आफ्नो पदमा बहाल रहने छैन:-
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| 104 |
+
(क) यस ऐन बमोजिम पदावधि समाप्त भएमा,
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| 105 |
+
(ख) आफ्नो पदबाट दिएको राजिनामा नेपाल सरकारबाट स्वीकृत भएमा,
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| 106 |
+
(ग) खराब आचरण भएको बा कार्यक्षमताको अभाव भएको भन्ने आधारमा नेपाल सरकारले हटाएमा।
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| 107 |
+
(२) उपदफा (१) को खण्ड (ग) बमोजिम नेपाल सरकारले पदबाट हटाउने आदेश दिनुभन्दा अघि निजलाई सफाईको उचित मौका दिनु पर्नेछ।
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| 108 |
+
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| 109 |
+
**१३. रिक्त पदको पूर्तिः**
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| 110 |
+
दफा १२ बमोजिम बा अन्य कुनै कारणबाट सदस्य बा पुनरावेदन सुन्ने अधिकारीको पद रिक्त हुन आएमा त्यसरी रिक्त भएको पदमा निजको बाँकी अवधिको लागि दफा ४ बा दफा ९ बमोजिमको प्रक्रियाबाट पूर्ति गरिनेछ।
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| 111 |
+
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| 112 |
+
---
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| 113 |
+
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| 114 |
+
### परिच्छेद-३
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| 115 |
+
#### न्यायाधिकरण तथा पुनरावेदन न्यायाधिकरणको क्षेत्राधिकार तथा कार्यविधि
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| 116 |
+
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| 117 |
+
**१४. काम, कर्तव्य र क्षेत्राधिकार:**
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| 118 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम न्यायाधिकरण स्थापना भएपछि आफ्नो क्षेत्राधिकार भित्रको बैङ् तथा वित्तीय संस्थाको ऋण असुली सम्बन्धी मुद्दाको शुरु कारबाही तथा किनारा गर्ने अधिकार न्यायाधिकरणको हुनेछ।
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| 119 |
+
(२) न्यायाधिकरणको अधिकारक्षेत्रको प्रयोग तीनजना सदस्यले सामूहिक रुपमा गर्नेछन्। बहुमतको राय न्यायाधिकरणको निर्णय मानिनेछ।
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| 120 |
+
(३) उपदफा (२) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि कानून सदस्य सहित दुई जना सदस्यको उपस्थिति भएमा मुद्दाको कारबाही र किनारा गर्न सकिनेछ। कानून सदस्य बाहेक अरु दुई जना सदस्यको उपस्थितिमा मुद्दाको निर्णय गर्न बा अन्तिम आदेश दिन बाहेक अरु कारबाही गर्न सकिनेछ।
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| 121 |
+
(४) उपदफा (३) बमोजिम दुई जना सदस्यको उपस्थितिमा मुद्दाको कारबाही र किनारा गर्दा बहुमत हुन नसकेमा अनुपस्थित रहेको सदस्य समेतको उपस्थितिमा पेश गर्नु पर्नेछ।
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| 122 |
+
(५) उपदफा (४) बमोजिम पेश गर्दा पनि बहुमत कायम हुन नसकेमा त्यस्तो मुद्दाको हकमा पुनरावेदन न्यायाधिकरण समक्ष निकासको लागि लेखी पठाउनु पर्नेछ।
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| 123 |
+
(६) पुनरावेदन न्यायाधिकरण स्थापना भएपछि आफ्नो क्षेत्राधिकारभित्रको न्यायाधिकरणले दिएको आदेश उपर पुनरावेदन सुन्ने अन्तिम अधिकार पुनरावेदन न्यायाधिकरणको हुनेछ।
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| 124 |
+
(७) यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि बैङ् तथा वित्तीय संस्थाले आफूले असुल गर्नु पर्ने ऋण सम्बन्धमा देहायबमोजिमको अवस्था पूरा भएको ऋण असुली सम्बन्धमा मात्र निवेदन दिन सक्नेछ:-
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| 125 |
+
(क) ऋणीसँग ऋण फछ्र्यौट गर्न, गराउन यथेष्ट छलफल तथा क्रियाकलाप गरेको हुनु पर्ने,
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| 126 |
+
(ख) ऋण असुली सम्बन्धी बैङ् तथा वित्तीय संस्थाबाट पर्याप्त कारबाही भई ऋण असुल हुन नसकेको हुनु पर्ने।
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| 127 |
+
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| 128 |
+
**१५. न्यायाधिकरणमा निवेदन दिनु पर्नेः**
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| 129 |
+
(१) बैङ् तथा वित्तीय संस्थाले ऋणीबाट असुलउपर गर्नु पर्ने रकम असुलउपर गर्न नसकेमा देहायको म्यादभित्र न्यायाधिकरण समक्ष त्यस्तो रकम असुलउपर गराई पाउन तोकिएको दस्तुर संलग्न राखी तोकिएको ढाँचामा उजुरी निवेदन दिनु पर्नेछ:-
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| 130 |
+
(क) यो ऐन प्रारम्भ हुँदाका बखत भाखा नाघी सकेका कर्जाहरुको हकमा यो ऐन प्रारम्भ भएको मितिले पाँच वर्ष भित्र।
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| 131 |
+
(ख) यो ऐन प्रारम्भ भएपछि भाखा नाघेका कर्जाको हकमा त्यसरी भाखा नाघेको मितिले चार वर्ष भित्र।
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| 132 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम निवेदन दिंदा सम्बन्धित बैङ् तथा वित्तीय संस्थाले दाबी गरेको रकमको ०.२४ प्रतिशतले हुन आउने रकम समेत ऋण असुली शुल्क बापत अग्रिम रुपमा न्यायाधिकरण समक्ष बुझाउनु पर्नेछ।
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| 133 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिमको उजुरी निवेदन प्राप्त भएको मितिले पन्ध्र दिनभित्र न्यायाधिकरणले प्रतिबादीलाई आफ्नो सफाईको निमित्त सबुद प्रमाण सहित प्रतिउत्तर पेश गर्न पन्ध्र दिनको म्याद जारी गर्नु पर्नेछ र प्रतिबादीले सो अवधिभित्र प्रतिउत्तरपत्र दाखिल गर्नु पर्नेछ।
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| 134 |
+
तर काबू बाहिरको परिस्थिति परी सो म्यादभित्र प्रतिबादीले प्रतिउत्तरपत्र पेश गर्न नसकी सोको कारण खोली त्यसपछिको पन्ध्र दिनभित्र निवेदन दिएमा र त्यस्तो निवेदनको व्यहोरा मनासिब देखिएमा न्यायाधिकरणले पन्ध्र दिनसम्मको म्याद थप गर्न सक्नेछ।
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| 135 |
+
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| 136 |
+
**१६. अन्तरिम आदेश जारी गर्न सक्नेः**
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| 137 |
+
(१) न्यायाधिकरणमा विचाराधीन रहेको कुनै मुद्दाक�� सम्बन्धमा ऋण लिनको लागि राखिएको धितो बा ऋणीको जमानत दिने व्यक्तिको स्वामित्व बा कब्जामा रहेको बा हक भएको चल बा अचल सम्पत्ति हस्तान्तरण, नामसारी बा बिकी गर्न नपाउने गरी रोक्का राख्न आवश्यक छ भन्ने कुरा पक्षको निवेदनको आधारमा न्यायाधिकरणलाई लागेमा अर्को आदेश नदिएसम्म त्यस्तो सम्पत्ति रोक्का राख्न सम्बन्धित कार्यालयको नाममा न्यायाधिकरणले अन्तरिम आदेश जारी गर्न सक्नेछ।
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| 138 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको आदेशको पालना गर्नु सम्बन्धित कार्यालयको कर्तव्य हुनेछ।
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| 139 |
+
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| 140 |
+
**१७. मुद्दाको कारबाही र किनारा गर्नुपर्ने अवधिः**
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| 141 |
+
न्यायाधिकरणले प्रतिउत्तरपत्र दाखिला भएकोमा सो दाखिला भएको मितिले र प्रतिउत्तरपत्र दाखिल नभएकोमा सो दाखिल गर्नु पर्ने म्याद भुक्तान भएको मितिले एक सय पचास दिनभित्र यस ऐन बमोजिम परेको मुद्दामा अन्तिम कारबाही र किनारा गरिसक्नु पर्नेछ।
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| 142 |
+
तर दफा १४ को उपदफा (३) बमोजिम गुज्रेको म्याद थमाउन पाउने म्याद भुक्तान नभई मुद्दाको अन्तिम कारबाही र किनारा गर्न हुँदैन।
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| 143 |
+
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| 144 |
+
**१९. निर्णय सुनाउने:**
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| 145 |
+
(१) न्यायाधिकरणले गरेको निर्णय उपस्थित पक्ष बा निजहरुको बारेसलाई सुनाई निजहरुबाट निर्णय सुनी पाएको भरपाई गराउनु पर्नेछ।
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| 146 |
+
(२) निर्णय गर्दाका बखत सम्बन्धित पक्ष बा निजको बारेस अनुपस्थित रहेको भए निर्णय भएको सात दिनभित्र निजहरुलाई निर्णयको जानकारी पठाई दिनु पर्नेछ।
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| 147 |
+
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| 148 |
+
**२०. पुनरावेदन दिन सक्नेः**
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| 149 |
+
(१) न्यायाधिकरणले गरेको निर्णय उपर चित्त नबुझ्ने पक्षले सो निर्णयको प्रतिलिपि प्राप्त गरेको मितिले पन्ध्र दिनभित्र तोकिएको पुनरावेदन दस्तुर तिरी तोकिएबमोजिमको ढाँचामा सम्बन्धित पुनरावेदन न्यायाधिकरण समक्ष पुनरावेदन दिन सक्नेछ।
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| 150 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिमको पुनरावेदन दर्ता भएको मितिले सात दिनभित्र पुनरावेदन न्यायाधिकरणले प्रतिबादीलाई आफ्नो सफाईको निमित्त सबुद प्रमाण सहित प्रतिउत्तर पेश गर्न तीस दिनको म्याद दिनु पर्नेछ र प्रतिबादीले सो अवधिभित्र प्रतिउत्तरपत्र दाखिल गर्नुपर्नेछ।
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| 151 |
+
तर काबू बाहिरको परिस्थिति परी सो म्यादभित्र प्रतिबादीले प्रतिउत्तरपत्र पेश गर्न नसकी सोको कारण खोली निवेदन दिएमा पुनरावेदन न्यायाधिकरणले पन्ध्र दिनको म्याद थप गर्न सक्नेछ।
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| 152 |
+
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| 153 |
+
**२१. मिलापत्र हुन सक्नेः**
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| 154 |
+
(१) यस ऐनमा अन्यत्र जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि यस ऐन बमोजिम कारबाही तथा किनारा गर्न बाँकी रहेका कुनै मुद्दामा मिलापत्र गर्ने उद्देश्यले उजुरबाला र प्रतिबादी दुबैले आफूहरु मिल्ने ब्यहोराको निवेदन न्यायाधिकरण बा पुनरावेदन न्यायाधिकरण समक्ष दिएमा सो निवेदनको ब्यहोरा बादी प्रतिबादी दुबैलाई पढी बाची सुनाई त्यसको मतलब र परिणाम समेत राम्रोसित सम्झाई बुझाई त्यसरी सम्झाउँदा दुबै पक्षले मञ्जुर गरेमा मुद्दाको कारबाही जुनसुकै अवस्थामा पुगेको भए तापनि न्यायाधिकरण बा पुनरावेदन न्यायाधिकरणले मिलापत्र गराईदिन सक्नेछ।
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| 155 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम मिलापत्र गर्दा दाबी रकमको ०.४० प्रतिशतले हुन आउने रकम मिलापत्र दस्तुर बापत आधा आधा गरी उजुरबाला र प्रतिबादी दुबैले न्यायाधिकरणमा बुझाउनु पर्नेछ। यसरी उजुरबालाले बुझाउनु पर्ने मिलापत्र बापत लाग्ने दस्तुर निजले दफा १४ को उपदफा (२) बमोजिम अग्रिम रुपमा बुझाएको ऋण असुली शुल्कबाट कट्टी गरी लिइनेछ।
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| 156 |
+
(३) उपदफा (१) बमोजिम भएको मिलापत्रको कार्यान्वयन गर्न त्यसरी मिलापत्र गराउने न्यायाधिकरणले ऋण असुली अधिकृतलाई आदेश दिनु पर्नेछ।
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| 157 |
+
|
| 158 |
+
**२२. निर्णयको कार्यान्वयन:**
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| 159 |
+
(१) न्यायाधिकरणले दफा १६ बमोजिम निर्णय सुनाई सकेपछि सो निर्णय उपर पुनरावेदन परेकोमा पुनरावेदन न्यायाधिकरणको निर्णय प्राप्त भएपछि र पुनरावेदन नपरेकोमा पुनरावेदन दिने म्याद गुज्रेपछि निर्णय कार्यान्वयन गर्न ऋण असुली अधिकृतको नाममा आदेश जारी गर्नु पर्नेछ।
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| 160 |
+
(२) न्यायाधिकरणले उपदफा (१) बमोजिम आदेश जारी गर्दा निर्णयको कार्यान्वयन गर्ने अवधि समेत तोकिदिन सक्नेछ।
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| 161 |
+
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| 162 |
+
**२३. पुनरावेदनको लागि धरौटी जम्मा गर्नुपर्नेः**
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| 163 |
+
दफा १९ बमोजिम ऋणीले पुनरावेदन गर्दा न्यायाधिकरणले गरेको निर्णयबमोजिम असुलउपर गर्नु पर्ने ठहर भएको रकमको तीस प्रतिशत रकम धरौटी बापत नगद जम्मा गर्नु पर्नेछ।
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| 164 |
+
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| 165 |
+
**२४. पुनरावेदन किनारा लगाउनु पर्ने अवधिः**
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| 166 |
+
पुनरावेदन न्यायाधिकरणले पुनरावेदनको प्रतिउत्तर दाखिला भएकोमा सो दाखिला भएको मितिले र त्यस्तो प्रतिउत्तरपत्र दाखिला नभएकोमा सो दाखिला गर्नुपर्ने म्याद भुक्तान भएको मितिले नब्बे दिनभित्र यस ऐन बमोजिम परेको पुनरावेदनको अन्तिम कारबाही किनारा लगाई सोको जानकारी अन्तिम कारबाही किनारा भएको मितिले पन्ध्र दिनभित्र सम्बन्धित न्यायाधिकरणमा पठाउनु पर्नेछ।
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| 167 |
+
|
| 168 |
+
**२५. न्यायाधिकरण र पुनरावेदन न्यायाधिकरणको अ��िकार तथा कार्यविधिः**
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| 169 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम परेको मुद्दाको कारबाही तथा किनारा गर्दा न्यायाधिकरण र पुनरावेदन न्यायाधिकरणले यो ऐन बा यस ऐन अन्तर्गत बनेको नियम अन्तर्गत रही आफ्नो कार्यविधि आफैले निर्धारण गर्न सक्नेछ।
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| 170 |
+
(२) यस ऐन बमोजिम परेको मुद्दाको कारबाही तथा किनारा गर्दा न्यायाधिकरण बा पुनरावेदन न्यायाधिकरणलाई म्याद जारी गर्ने, बादी, प्रतिबादी, साक्षी झिकाउने, शपथ गराउने, बयान लिने, सबुत प्रमाण तथा आवश्यक कागजात बा विवरण बुझ्ने, कागजपत्र दाखिल गराउने, धरौटी जम्मा गर्न लगाउने र सजाय गर्ने समेत प्रचलित कानूनबमोजिम अदालतलाई भए सरहको अधिकार हुनेछ।
|
| 171 |
+
|
| 172 |
+
---
|
| 173 |
+
|
| 174 |
+
### परिच्छेद-४
|
| 175 |
+
#### ऋण असुली विधि
|
| 176 |
+
|
| 177 |
+
**२६. ऋण असुली विधिः**
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| 178 |
+
(१) ऋण असुली अधिकृतले न्यायाधिकरणको आदेश प्राप्त भएपछि सो आदेशमा तोकिएको म्यादभित्र ऋणीबाट ऋण रकम असुलउपर गरी सम्बन्धित बैङ् तथा वित्तीय संस्थालाई दिलाई दिनु पर्नेछ।
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| 179 |
+
(२) ऋण असुली अधिकृतले ऋणको साँबा तथा ब्याज रकम असुलउपर गर्दा प्रचलित कानूनको अधिनमा रही देहायका विधि अपनाउन सक्नेछ:-
|
| 180 |
+
(क) ऋणीको धितो राखिएको बा नराखिएको अन्य चल बा अचल सम्पत्ति कब्जा बा लिलामबिकी गर्ने,
|
| 181 |
+
(ख) जमानत दिने व्यक्तिको चल बा अचल सम्पत्ति कब्जा बा लिलामबिकी गर्ने,
|
| 182 |
+
(ग) कुनै व्यक्ति विशेष ऋणी बा जमानत दिने व्यक्ति भएकोमा त्यस्तो व्यक्तिलाई पकाउ गरी प्रचलित कानूनबमोजिम थुनामा राख्ने।
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| 183 |
+
|
| 184 |
+
**२७. जमानत दिने व्यक्तिको दायित्व:**
|
| 185 |
+
(१) ऋणीको निमित्त जमानत दिने व्यक्तिको दायित्व जमानत दिएको रकमको हदसम्म मात्र सीमित रहनेछ।
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| 186 |
+
(२) प्रचलित कानूनमा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि उपदफा (१) बमोजिम दायित्व जमानत दिने व्यक्तिबाट सोझै असुलउपर गर्न सकिनेछ।
|
| 187 |
+
|
| 188 |
+
**२८. ऋण असुली अधिकृतको आदेश न्यायाधिकरणको आदेश सरह हुने:**
|
| 189 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम ऋण असुलउपर गर्ने सन्दर्भमा ऋण असुली अधिकृतले दिएको आदेश न्यायाधिकरणले दिएको आदेश सरह हुनेछ र यस्तो आदेशको पालना गर्नु सम्बन्धित सबैको कर्तव्य हुनेछ।
|
| 190 |
+
(२) ऋण असुली अधिकृतले यस ऐन बमोजिम दिएको आदेशको कसैले अवहेलना गरेमा न्यायाधिकरणले निजलाई दफा ३० बमोजिम न्यायाधिकरणको अवहेलनामा कारबाही चलाउन सक्नेछ।
|
| 191 |
+
|
| 192 |
+
---
|
| 193 |
+
|
| 194 |
+
### परिच्छेद-५
|
| 195 |
+
#### विविध
|
| 196 |
+
|
| 197 |
+
**२९. ऋण असुली अधिकृत तोक्ने:**
|
| 198 |
+
(१) नेपाल सरकारले कम्तीमा राजपत्रांकित द्वितीय श्रेणीको अधिकृतलाई ऋण असुली अधिकृत तोक्न सक्नेछ।
|
| 199 |
+
(२) ऋण ��सुली अधिकृतको काम, कर्तव्य र अधिकार तोकिएबमोजिम हुनेछ।
|
| 200 |
+
|
| 201 |
+
**३०. अन्य कर्मचारी सम्बन्धी व्यवस्थाः**
|
| 202 |
+
ऋण असुली अधिकृतको अतिरिक्त न्यायाधिकरण तथा पुनरावेदन न्यायाधिकरणको कार्यसञ्चालन गर्नका लागि नेपाल सरकारले आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध गराउनेछ।
|
| 203 |
+
|
| 204 |
+
**३१. अवहेलनामा कारबाही चलाउन सक्नेः**
|
| 205 |
+
(१) न्यायाधिकरण बा पुनरावेदन न्यायाधिकरणले आफ्नो अवहेलनामा कारबाही चलाउन सक्नेछ।
|
| 206 |
+
(२) न्यायाधिकरणले आफ्नो अवहेलना गरेको ठहन्याएमा अभियुक्तलाई एक हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना बा एक महिनासम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ।
|
| 207 |
+
(३) पुनरावेदन न्यायाधिकरणले आफ्नो अवहेलना गरेको ठहन्याएमा अभियुक्तलाई पाँच हजार रुपैयाँसम्म जरिवाना बा तीन महिनासम्म कैद बा दुवै सजाय गर्न सक्नेछ।
|
| 208 |
+
(४) उपदफा (१) बा (३) मा जुनसुकै कुरा लेखिएको भए तापनि सम्बन्धित न्यायाधिकरण बा पुनरावेदन न्यायाधिकरणलाई सन्तोष हुने गरी अभियुक्तले क्षमायाचना गरेमा निजलाई कुनै सजाय नगरी क्षमा दिन बा सजाय तोकिसकेको भए सो सजाय घटाउन बा माफ गर्न बा सजाय मुन्तवी राखी तोकेको शर्त पालन भएमा सजाय कार्यान्वयन नगर्ने आदेश दिन सक्नेछ।
|
| 209 |
+
|
| 210 |
+
**३२. बैङ् तथा वित्तीय संस्थाले रकम तिर्नुपर्ने:**
|
| 211 |
+
(१) यस ऐन बमोजिम ऋण असुली भई सकेपछि असुली भएको ऋण रकमको १ प्रतिशत रकम ऋण असुली शुल्क बापत सम्बन्धित बैङ् बा वित्तीय संस्थाले न्यायाधिकरणलाई तिर्नु पर्नेछ। यसरी बैङ् तथा वित्तीय संस्थाले ऋण असुली शुल्क तिर्दा निजले दफा १४ को उपदफा (२) बमोजिम बुझाएको रकम कटाई बाँकी रकम मात्र तिर्नु पर्नेछ।
|
| 212 |
+
(२) उपदफा (१) बमोजिम दाखिला हुन आएको रकम न्यायाधिकरणले नेपाल सरकारले तोकेबमोजिम सञ्चित खातामा दाखिला गर्नु पर्नेछ।
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| 213 |
+
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| 214 |
+
**३३. मुद्दा सर्नेः**
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| 215 |
+
यो ऐन प्रारम्भ भएका बखत जिल्ला अदालत र उच्च अदालतमा छिन्न बाँकी रहेका यस ऐनको अधिकार क्षेत्रभित्र पर्ने ऋण सम्बन्धी मुद्दा सम्बन्धित न्यायाधिकरण वा पुनरावेदन न्यायाधिकरणमा सर्नेछन्।
|
| 216 |
+
|
| 217 |
+
**३४. नियम बनाउन सक्नेः**
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| 218 |
+
यस ऐनको उद्देश्य कार्यान्वयन गर्नको लागि नेपाल सरकारले आवश्यक नियमहरु बनाउन सक्नेछ।
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| 219 |
+
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| 220 |
+
---
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| 221 |
+
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| 222 |
+
### इष्टव्य:
|
| 223 |
+
(१) केही नेपाल कानून संशोधन गर्ने ऐन, २०६३ द्वारा रूपान्तर भएका शब्दहरू:-
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| 224 |
+
"श्री ४ को सरकार" को सट्टा "नेपाल सरकार"।
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| 225 |
+
(२) न्याय प्रशासन सम्बन्धी ऐन, २०७३ द्वारा रूपान्तर गरिएका शब्दहरू:-
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| 226 |
+
(क) "पुनरावेदन अदालतक��� न्यायाधीश" को सट्टा "उच्च अदालतको न्यायाधीश"।
|