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|---|---|---|
4,572 | यह खासियत धीरे - धीरे खत्म हो रही है । | negative |
4,573 | पच्चीकारी नष्ट हो रही है और नगीने उखड़ गए हैं । | negative |
4,574 | संगमरमर के पत्थर भी चटके हैं । | negative |
4,575 | मगर , इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा । | neutral |
4,576 | अद्भुत पच्चीकारी और दीवाल में जड़े खूबसूरत नगीने । | positive |
4,577 | सिविल कोर्ट में इसे शिवालय घोषित करने की मांग को लेकर वाद दायर किया गया है । | neutral |
4,578 | वहीं , संसद की पर्यावरण संबंधी स्थायी समिति ने भी निरीक्षण कर उसके पीले पडऩे पर मुहर लगा दी है । | negative |
4,579 | मगर , इससे भी बड़ी चिंता उसकी खासियत के अस्तित्व को बचाने की है । | neutral |
4,580 | ताज की खूबसूरती उसकी पच्चीकारी और एकरूपता में है । | positive |
4,581 | एक तरफ जिस डिजाइन में पच्चीकारी की गई है , दूसरी ओर भी हूबहू वही डिजाइन है । | positive |
4,582 | मगर , अब मुख्य मकबरे पर ताज की पच्चीकारी बदशक्ल हो रही है । | negative |
4,583 | कई जगह यह पूरी तरह नष्ट हो गई है तो कहीं पच्चीकारी युक्त पत्थर दीवाल से निकल रहे हैं । | negative |
4,584 | मुगल काल में पत्थरों के ज्वाइंट को मजबूत बनाने के लिए लगाई गई लोहे की क्लिप की वजह से कई जगह संगमरमर के पत्थर चटक गए हैं । | negative |
4,585 | जिससे ताज का सौंदर्य नष्ट हो रहा है । | negative |
4,586 | भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआइ ने ताज के निकले खूबसूरत नगीने दोबारा जडऩे की योजना तैयार की थी , मगर यह अब तक कागजों से निकलकर अमल में नहीं आ पाई है । | negative |
4,587 | शनिवार को निरीक्षण के लिए आई संसदीय समिति ने भी ताज की पच्चीकारी के नष्ट होने पर उसकी समानता नष्ट होने पर चिंता जताई थी । | negative |
4,588 | समिति ने अफसरों से ताज के संरक्षण की समग्र योजना मांगने के साथ विदेशों से एक्सपर्ट बुलाने के निर्देश दिए हैं । | neutral |
4,589 | जिससे कि ताज की खासियत उसकी समानता बरकरार रहे । | positive |
4,590 | ताज के निर्माण के लिए सफेद संगमरमर मकराना की खानों से मंगवाया गया था । | neutral |
4,591 | वहीं , पच्चीकारी के लिए चीन , रूस , इराक , तिब्बत , अफगानिस्तान , श्रीलंका आदि देशों से पत्थर मंगाया गया था । | neutral |
4,592 | भारत की खोज सड़कों पर सफर करते हुए की जा सकती है । | neutral |
4,593 | उन विहंगम छटाओं को जिसे देखकर आपकी ज़ुबाँ से बरबस ही उसकी प्रशंसा में शब्द निकल पड़े । | positive |
4,594 | अतुल्य भारत और उसकी प्राकृतिक छटा को महानगरों में नहीं बल्कि इन सड़कों के दोनों ओर देखा जा सकता है । | positive |
4,595 | गाड़ियों की खिड़कियों से क्षण - प्रतिक्षण तेजी से गुजरते हुए वन , धान के खेत , हिमाच्छिदत पहाड़ों की चोटियाँ किसी के भी सफर को सुहाना बनाने हैसियत रखते हैं । | positive |
4,596 | रोमांचक और मनोरम यात्रा के लिये यहाँ जरूर जाइये । | positive |
4,597 | खारदुंग ला दर्रा लेह से 40 किमी दूर खारदुंग ला दर्रा मध्य एशिया में कशगर को लेह से जोड़ने वाला ऐतिहासिक मार्ग है । | positive |
4,598 | समुद्र तल से लगभग 5602 मीटर 18,380 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह दर्रा विश्व का सबसे ऊँचा दर्रा है । | neutral |
4,599 | ' श्योक ' और ' नुब्रा ' घाटियों को जोड़ने वाला यह दर्रा मोटर साइकिल और पहाड़ों के बाइक अभियान के लिए विश्व प्रसिद्ध है । | positive |
4,600 | रोहतांग दर्रा समुद्र तल से 4,111 मीटर की ऊँचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा हिमालय भारत में स्थित एक प्रमुख दर्रा है । | neutral |
4,601 | हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक इस दर्रे को लाहोल और स्पीति जिलों का प्रवेश द्वार कहा जाता है । | neutral |
4,602 | कोंकण राष्ट्रीय राजमार्ग 17 पाँवेल के जरिये मुम्बई को कोच्चि से जोड़ने वाली 582 किलोमीटर की यह सड़क महाराष्ट्र , गोवा , केरल और कर्नाटक को जोड़ती है । | neutral |
4,603 | मुम्बई - गोवा राजमार्ग के नाम से जानी जाने वाली यह सड़क पहाड़ियों , नदियों और वनों से गुजरते हुए पश्चिम में अरब सागर की ओर जाती है जिसके दोनों ओर धान के खेत और नारियल के पेड़ एक विहंगम दृश्य की रचना करते दिखते हैं । | positive |
4,604 | पहाड़ियों को नज़दीक से देखने के श़ौकीन लोगों के लिये शिमला से किन्नौर का रास्ता चरम सुख देने वाला हो सकता है । | positive |
4,605 | इस मार्ग पर सफर करते हुए शाहबलूत से बुरूंश और लाल - पीले सेबों के ब़ागों से होते हुए किन्नौर कैलाश चोटी के जरिये प्रकृति को अपनी मनमोहक छवि को बदलते देखा जा सकता है । | positive |
4,606 | गंगटोक युकसोम मार्ग पूर्वी हिमालय के गोद में बनी यह सड़क गंगटोक से शुरू होकर हिमाच्छादित पहाड़ियों से होकर गुजरती है । | neutral |
4,607 | शक्तिशाली कंचनजंगा अथवा भारत और चीन की सीमाओं को बाँटने वाली नाथू ला दर्रे को देखने के लिये इस सड़क के सहारे युकसोम तक जाना पड़ता है । | neutral |
4,608 | शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान निम भी मदद करेगा । | positive |
4,609 | स्थानीय टूर और टै्रकिंग एजेंसियों की बैठक में निम ने अपनी भूमिका स्पष्ट की । | neutral |
4,610 | इससे शीतकालीन पर्यटन को एक और आयाम मिल गया है । | neutral |
4,611 | शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय टूर और ट्रैकिंग एसोसिएशन ने भी अपनी कोशिशें शुरू कर दी हैं । | neutral |
4,612 | सोमवार को निम सभागार में आयोजित बैठक में शीतकालीन पर्यटन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई । | neutral |
4,613 | भारत में लोगों के बीच हिल स्टेशन का क्रेज जबरदस्त है । | positive |
4,614 | मौसम कोई सा भी हो लोग हिल स्टेशन जाना नहीं भूलते । | positive |
4,615 | मुन्नार केरल का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है । | positive |
4,616 | दूर - दूर तक फैले खूबसूरत चाय के बागान , हरी - भरी घाटियां , सुहाना मौसम , ऊंची - ऊंची चोटियां , अभयारण्य , प्राकृतिक खुशबू से भरी हवा के अलावा बाकी वह सब कुछ है जिसे देखने के बाद आपको शांति और सुकून ही मिलेगा । | positive |
4,617 | मुन्नार की खूबसूरती को देखकर ऐसा लगता है , जैसे कि यह धरती का स्वर्ग है । | positive |
4,618 | मुन्नार की सुन्दरता इतनी अधिक है कि इसे ईश्वर का देश भी कहा जाता है । | positive |
4,619 | ऐसा लगता है मानो कि हम किसी ईश्वर की भूमि पर उतर आए । | positive |
4,620 | आपको यहा आने के बाद जाने का बिलकुल ही मन नहीं करेगा । | positive |
4,621 | यहां की झीलें और घने जंगल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं । | positive |
4,622 | ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजो के लिए मुन्नार दक्षिणी भारत का गर्मियों का रिजॉर्ट हुआ करता था । | neutral |
4,623 | वनों की विलक्षण वनस्पति तथा हरे घास के मैदानों के बीच यहां नीलकुरंजी नामक फूल पाया जाता है । | neutral |
4,624 | हरे घास के मैदानों में नीलकुरंजी फूल पूरी पहाड़ी को नीला कर देता है । | neutral |
4,625 | यह फूल बारह वर्षो में केवल एक बार ही खिलता है । | neutral |
4,626 | जब यह फूल खिलता है तो इसकी सुंदरता देखते ही बनती है । | positive |
4,627 | मुन्नार में देखने लायक जगह हैं आनामुड़ी शिखर , राजमाला , चितीरापुरम , इकोपाइंट और मट्टुपेटी बांध । | positive |
4,628 | मुन्नार की खूबसूरती पोतैमेदु में है , जो एक महत्त्वपूर्ण चाय बागान है । | positive |
4,629 | अगर आप रोमांचक खेल के शौकीन हैं तो मुन्नार में आपके लिए बहुत कुछ है । | positive |
4,630 | जैसे ट्रैकिंग , पारा ग्लाइडिंग , रोप क्लाइबिंग बोटिंग और हाइकिंग । | neutral |
4,631 | वैसे तो आप पूरे साल मुन्नार जा सकते हैं लेकिन यदि आपको इसकी खूबसूरती देखनी है तो दिसंबर और जनवरी का महीना सही माना जाता है । | positive |
4,632 | मुन्नार पहुंचने के लिए आप हवाई मार्ग , रेल मार्ग या सड़क मार्ग तीनों का इस्तेमाल कर सकते हैं । | neutral |
4,633 | कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मुन्नार के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है । | neutral |
4,634 | नजदीकी रेलवे स्टेशन तमिलनाडु का थेनी है जो मुन्नार से 60 किलोमीटर की दूरी पर है । | neutral |
4,635 | भारत का पूर्वोत्तर राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बदलते मौसम की वजह से पूरे विश्वभर में अपनी पहचान रखता है । | positive |
4,636 | यहां की कला और हस्तशिल्प की भव्यय विरासत तथा रंग बिरंगे त्यौहार प्रकृति की अपार शक्ति में लोगों के विश्वास को दर्शाता है । | neutral |
4,637 | ऐसी ही एक जगह है अरुणाचल प्रदेश में समुद्री तल से 5754 फीट 1,780 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जाइरो / जिरो , जो अपने सांस्कृसतिक विरासत और मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है । | positive |
4,638 | अपनी खूबसूरती की वजह से ही यह कस्बा यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में नामांकित भी हुआ है । | positive |
4,639 | अरूणाचल प्रदेश के सबसे प्रचीन शहरों में से एक , जाइरो एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो पाइन के पेड़ों से भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है । | neutral |
4,640 | पूरे क्षेत्र में फैले घने जंगल ही आदिवासी लोगों के घर हैं । | neutral |
4,641 | यह क्षेत्र अपनी धान की खेतों की वजह से भी काफी लोकप्रिय है । | positive |
4,642 | जाइरो पौधों और जन्तुओं के मामले में काफी धनी है तथा अपनी विविधता की वजह से प्रकृति प्रमियों के लिए आदर्श स्थान बनी हुई है । | positive |
4,643 | जाइरो में आदिवासी लोगों का प्रकृति से इतना अधिक लगाव है कि वह प्रकृति को भगवान की तरह पूजते हैं और खुद को इससे जुड़ा हुआ पाते हैं । | positive |
4,644 | वहां के लोग खेतो के अलावा हस्तशिल्प तथा हैन्डलूम उत्पादों को बनाकर अपना जीवनयापन करते हैं । | neutral |
4,645 | अन्य आदिवासी लोगों से अलग अपा टनी के लोग जाइरो क्षेत्र के स्थाई निवासी हैं । | neutral |
4,646 | अपा टनी द्वारा मनाए जाने वाले कई पर्व हैं जिनमें मार्च में मनाया जाने वाला म्योको त्यौहार , जनवरी में मनाया जाने वाला मुरुंग त्यौहार और जुलाई का द्री त्यौहार प्रमुख हैं । | neutral |
4,647 | अगर आप जाइरो जाने की योजना बना रहे हैं तो आप हरी - भरी शांन्त टैली घाटी , 5000 हजार साल पुरानी मेघना गुफा मंदिर जा सकते हैं । | neutral |
4,648 | यही नहीं खूबसूरत पक्षियों और सूर्योदय के खूबसूरत दृश्य देखना है तो आप किले पाखो भी जा सकते हैं । | positive |
4,649 | आजादी के बाद यहां पर अरूणाचल प्रदेश के पहले प्रशासनिक केन्द्र की स्थापना की गई थी । | neutral |
4,650 | इसके बाद छठे दशक में यहां पर सेना के कैम्प का निर्माण भी किया गया । | neutral |
4,651 | पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से खूबसूरत दृश्य भी देखे जा सकते हैं । | positive |
4,652 | हपोली से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोलो - मांडो डोलो और मांडो के प्रेम - संबंध के लिए प्रसिद्ध है । | positive |
4,653 | यहां से जाइरो और हपोली शहर के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं । | positive |
4,654 | पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगहों में से एक ' मछली फार्म ' हपोली से 3.5 किमी की दूरी पर स्थित है । | positive |
4,655 | यह बहुत ही खूबसूरत जगह है । | positive |
4,656 | यहां आने वाले पर्यटक अनेक प्रजातियों की खूबसूरत मछिलयों को देख सकते हैं । | positive |
4,657 | जाइरो की जलवायु मौसम के अनुसार बदलती रहती है । | neutral |
4,658 | वैसे तो पर्यटक पूरे साल भर जाइरो जाते हैं लेकिन यदि आपको वहां के मनमोहक दृश्य को देखना है अक्टूबर तथा नवम्बर का महीना आपके लिए सही रहेगा । | positive |
4,659 | देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को सर्वोच्च देवता के रूप में पूजने वाले उपासकों के लिए तमिलनाडु का चिदंबरम / नटराज मंदिर आस्था और सौंदर्य के प्रमुख केंद्रों में से एक है । | positive |
4,660 | हिन्दू साहित्य के मुताबिक चिदंबरम मंदिर उन पांच पवित्र शिव मंदिरों में से एक है , जो प्रकृतिक के पांच महत्वपूर्ण तत्वों का प्रतिनिधित्व करता है । | neutral |
4,661 | चिदंबरम मंदिर आकाश का प्रतिनिधित्व करता है वहीं आंध्र प्रदेश में कालहस्ती मंदिर - वायु , थिरुवनाईकवल जम्बुकेस्वरा - जल , कांची एकाम्बरेस्वरा - पृथ्वी और थिरुवन्नामलाई अरुणाचलेस्वरा - अग्नि को प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं । | neutral |
4,662 | लगभग 50 एकड़ में फैला यह रहस्यमयी मंदिर द्रविड़ वास्तुकलाशैली को दर्शाता है । | neutral |
4,663 | इसकी संरचना अपने आप में आकर्षक और विशिष्ट है । | positive |
4,664 | मंदिर की आंतरिक साज - सज्जा और शिल्पकारी के अलावा विशाल गुंबदों ने इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया है । | positive |
4,665 | इस मंदिर की एक अनूठी विशेषता आभूषणों से युक्त नटराज की छवि के रूप में भगवान शिव को भरतनाट्यम नृत्य के देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है । | positive |
4,666 | यह मंदिर भारत के उन गिनेचुने मंदिरों में से एक हैं जहां शिव को प्राचीन लिंगम के स्थान पर मानवरूपी मूर्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है । | positive |
4,667 | चिदंबरम जाने के लिए चेन्नई नजदीकी एयरपोर्ट है । | neutral |
4,668 | यहां से बस या ट्रेन के जरिए चिदंबरम पहुंचा जा सकता है । | neutral |
4,669 | चिदंबरम चेन्नई - तंजावुर मार्ग पर चेन्नई से 235 किमी दूर है । | neutral |
4,670 | रेलवे स्टेशन भी चिदंबरम नाम से ही है । | neutral |
4,671 | ऑटो - रिक्शा , टैक्सी और बस के जरिए चेन्नई से 4 से 5 घंटे में चिदंबरम पहुंचा जा सकता है । | neutral |
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