Dataset Viewer
Auto-converted to Parquet Duplicate
audio
audioduration (s)
1.59
21.2
id
int64
0
941
transcription
stringlengths
18
263
speaker_id
int64
4
4
gender
stringclasses
1 value
0
थोड़ा बहुत और अन मना पत्र व्यवहार हुआ, परिणाम वही अनिश्चितता, कैसे उसे अपने हाल पर छोड दूँ, मिनी तो एक नाज़ुक फ़र्न है, और मैं, एक घना शीरीष, मैं कटा, तो वह भी सूख जाएगी
4
Female
1
स्वयं मेरा मन किया, कि साड़ी पहनूँ तो लाल बंधेज की शिफ़ॉन साड़ी बाँध ली, बालों को एक ढीले जूडे में बाँध, सुर्ख़ लाल कार्नेशन का एक फूल, वाज़ में से निकाल लगा लिया
4
Female
2
कागज़ों पर हस्ताक्षर करने की अंतिम औपचारिकता पूरी कर, मानसी जब मुडी, तो उसे फिर याद आया, कि उसे आखिर जाना कहाँ है, वहाँ उसे यूँ जाना भी चाहिए या नहीं
4
Female
3
वह इन्डियन एयरलाईन्स के इन्क्वायरी बूथ की ओर बढी, असमंजस अब भी था, फिर भी उसने गुवाहाटी की अगली फ़्लाइट का समय पूछ लिया, पता चला, रात तीन बजे है
4
Female
4
बहुत अधीर हो रहा था, मैं जाकर पास के स्टॉल से, दो बड़े बड़े चॉकलेट्स ले आया
4
Female
5
मैं उसके सपने का हू बहू टुकडा पेश करने की कोशिश में, अपनी खाकी वर्दी पहन कर, फ़ैल्ट हैट लगा कर, उसकी उस, किशोर वय का नायक बन जाता हूँ
4
Female
6
एक तरफ़ आप किसी को भी बड़े मज़े से ढ़ूंढ़ सकते हैं, वहां सब कुछ है, जिसे सूंघते सूंघते लोग वहां तक आ जाते हैं
4
Female
7
और सिद्धार्थ, जहां तक मैं तुमको समझ सकी हूं, अभिषप्त ही तो कहना चाहते हो तुम, लेकिन क्यों आधार पर स्वतः आधेय भी होता है, तो फिर, अभिशप्तता कैसी स्वसृष्ट तो अपने आपमें आनंदित होता है
4
Female
8
मैंने हल्के हल्के सांस लेते फड फडाते नथुने देखे, उसके सांसों में भर आए तूफ़ान को, अपने में संभाले, और खद बदाती बेचैनी को अपने में भींचते
4
Female
9
काल का प्रभाव तुम पर पड़े, औश्र फिर भी न पड़े, पद्मपत्र, विमांभसा काल निरपेक्ष हो जाता है, तब, और तब भी उस निरपेक्ष से साक्षात्कार होता है तुम्हारा
4
Female
10
व्यक्ति जब विषयों का चिंतन करता है, विषयों के प्रति आसक्ति पैदा होती है, तब, ध्यायतो, विषयान् पुंस:, और यही आसक्ति, समस्त कामनाओं की जड़ है, और अतृप्त कामनाएं, विकारों को जन्म देती हैं, इनसे ही तो हटना है
4
Female
11
अत्यन्त विशाल एवं भव्य, द्वार के दोनो ओर, दो दीपस्तम्भ, जिन पर प्रतिस्थापित रत्नखचित दीपो का आकार, एवं व्यास अत्यन्त असामान्य रूप से वृहत था, में धृतादि से युक्त दिव्य प्रकाश, शोभायमान कर रहे थें
4
Female
12
उन पर अद्भुद कारी गरी युक्त संस्कृति के उत्तम चिन्ह उकेरे हुए थे, द्वार पर जटित हीरक कणियां, उस द्वार में चकित कर देने वाली मोहक छवि निर्मित कर रही थी
4
Female
13
पट के उर्ध्व पक्ष पर, अत्यंत तीक्ष्ण नोक वाले एवं विषैले भाले लगे हुए थे, जो भी शत्रु को विचारों को परास्त करने में सक्षम थे
4
Female
14
महाभट नंदी के तीक्ष्ण नैत्र, मानो द्वार के सम्मुख सघन वन की वृक्षा वलियों को भेद रहित थे
4
Female
15
सम्मुख महासेना पति नंदी राक्षसेन्द्र, रावण महाबलि बाणासुर, एवं पौरुषपति सहस्त्रबाहु, काष्ठ सेतु के इस ओर आ रहे थे
4
Female
16
कुछ फ़ुरसत होती तो मम्मी कहतीं, अच्छा, वो वाली राईम सुना दो
4
Female
17
उस दिन चिडिया, एक टेलेफ़ोन नंबर रट रही थी, मम्मी ने हैरान होकर पूछा, तो वह पूरी कहानी सुनाने लगी
4
Female
18
मॉम, लिंडा के मॉम, और डैड ने, उसको इतना मारा, कि वह मर ही गई
4
Female
19
उसके मॉम और डैड को, पुलिस पकड क़र ले गई, मिस जॉनसन कहती हैं, कि ये टेलेफ़ोन नम्बर, चाइल्ड एब्यूज़ हैल्प का है
4
Female
20
चिडिया आत्म दया से भर उठी, कैसी एग्ज़िस्टेंस है हमारी, कि अपने सरवाईवल तक के लिये, दूसरों का मुँह जोहना पडता है
4
Female
21
वे, वहीं रेस्ट हाउस में पड़े पड़े क़ागज़ों को निपटाते रहते, उसे डांटते रहते, चाय और दारू पीते रहते, खाना खाते रहते
4
Female
22
गाँव श्रध्दालुओं का कुंभ हो गया था, और चढोत्री से सती का चौरा और ब्राह्मण परिवार का पक्का मकान बन गया था, जो कि, आज भी गाँव के दो चार अच्छे मकानों में गिना जाता है
4
Female
23
जब उम्र में कच्चापन था, तब, जब उसने जिस सर्वश्रेष्ठ की कल्पना की रही होगी, शायद वह पैतींस के लपेटे में है
4
Female
24
और उनके नाम के आगे, बड़ी बड़ी ड़िग्रियां लगी हुई हैं, तो चालीस से कम भी नहीं होंगे
4
Female
25
ज़्यादातर कैम्पस के ही टैक्नीशन्स, और परमानेन्ट लेबर्स थे, जो नये प्रोजेक्ट में होने वाले एम्प्लॉयमेन्ट के सिलसिले में, अविनाश के पास, अपने लडक़ों की सिफ़ारिश लेकर आये थे
4
Female
26
मैं सेवेंथ के बच्चों को पढ़ाती हूं, डांस और म्यूज़िक के लिए, मेरे पास, सातवीं, आठवीं, नवीं, दसवीं के बच्चे होते हैं
4
Female
27
मिलिट्री वाले ट्रक लेकर, उन्होंने कहा, सब ट्रक पर चढ़ जाओ, तो जान बच सकती है
4
Female
28
शाबाश बेटी, चादर से मुंह ढापते हुए, मैंने अपने आप से वादा किया, शाम को तेरी चोकलेट पक्की
4
Female
29
मध्यम वर्गीय स्कूल के अध्यापकों की, इस कॉलोनी में, स्वयं भी संस्कृत की अध्यापिका, तथा फ़िज़ीक्स के वरिष्ठ अध्यापक की पत्नी माधवी, अपने परिवार की प्रशंसा करने में निपुण है
4
Female
30
पुराणों की मान्यता है, कि जो व्यक्ति घर पर आए, अतिथि सत्कार में, समाज की भलाई में, गरीबों को दान करने में, धन का उपयोग करता है
4
Female
31
लक्ष्मी को स्वकेन्द्रित न करके, व्यष्टि समष्टि की ओर, लक्ष्मी को ले जाता है, उसी के पास, लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है, अन्यथा, लक्ष्मी तो चं चला है
4
Female
32
घर में रोज़रोज़ की कलह से मैंने सोचा, यह एक अनन्य राहत भरी निजात थी, मगर मुझे ताज्जुब हुआ, जब किसी गुड्डे की तरह मुझे झिंझोड़कर, पिताजी, मिसमिसा पड़े
4
Female
33
अपनी शकल पर दाढ़ी बढ़ाने का कौल, उन्होंने इसलिए उठाया था, कि इस इम्तहान की मार्फ़त, ऐसे दूसरे इम्तहानों की खबर मुझे बाद में भी लगी, जिसमें शामिल थे
4
Female
34
उनके लिए भैया के बूढ़े होते, खिचड़ी दाढ़ी वाले अज नबी चेहरे से भी, बड़ी अड़चन, या प्राथमिकता, कार्टून नेटवर्क पर उस समय आते, पावर पफ़ गर्ल्स का, रिपीट शो था, जो उन्हें ज़्यादा अजीब था
4
Female
35
ट्री पर तो वह, खड़े खड़े जम्प मारकर चढ़ जाता था, और डाल पर चमगादड़ की तरह लटक कर मज़े से झूलता रहता था
4
Female
36
किसी काले, मूंड़वाली की गिरफ़्त में आकर उन्होंने, उस जंगल से ही तौबा कर ली, जिसमें बेबी ऊदबिलाव शहज़ादे की तरह बिचरता था
4
Female
37
इस दौरान भैया का एक खूबसूरत ग्रीटिंग कार्ड आया, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की थी
4
Female
38
और पुनश्र्च में लिखा था, कि कुछ छुट्टियों की व्य वस्था करके, मुझे स परिवार दिल्ली घूमने आना चाहिए
4
Female
39
खासकर इसलिए, कि उस रोज़ हुई चुटकी सी मुलाकात के बाद, प्रतीकरागिनी उन्हें इतने अच्छे लगे थे, कि गाहे बगाहे, उन्हें खूब हिचकियां आती हैं
4
Female
40
कुछ दिनों बाद, दफ़्तर के दौरान ही, चीनू ने बूथ से फ़ोन करके सूचित किया, कि वैसे तो उसकी नौकरी ठीकठाक चल रही है
4
Female
41
सिवाय, एक दिक्कत के, कि प्रबंधन के एक ग्रेजुएट को पता नहीं, किस कूढ़मगज़ ने, डाटाएंट्री के सड़े से काम में लगा रखा था
4
Female
42
न चाहते हुए भी दयाल ने कह डाला, साहब, हम मेंहदीरत्ता साहब की बहुत इज़्ज़त करते हैं
4
Female
43
मगर जिस एमबीए को प्रशासन और प्रबंधन का किताबी फ़र्क नहीं पता हो, टेली के तहत, जिसे ट्रायल बैलेंस चेक करना नहीं आता हो, उसे कम्पनी प्रबंधकीय ज़िम्मेदारी में कैसे खपा सकती है
4
Female
44
मन्दी से दिनरात लड़ती कम्पनी, किसी को वह मकान कैसे बख्श दे, जो उसका बाज़ारभाव ही नहीं
4
Female
45
कहानियों से हम सब का पुराना रिश्ता है.
4
Female
46
बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी, माँ-बाप, भाई-बहन हमें संसार की अच्छी और बुरी बातें कहानियों के माध्यम से हमें अवगत कराते थे.
4
Female
47
और कभी कभी हमें सपनों कि दुनिया में भी ले जाते थे, जिन्हें हम आज भी याद करके प्रसन्न हो जाते हैं.
4
Female
48
कहानियों के भी भिन्न भिन्न रूप होते हैं.
4
Female
49
जैसे कुछ कहानियाँ हमें प्रोत्साहित करती हैं.
4
Female
50
ऐसी ही कुछ कहानियाँ, मैं आप लोगो के समक्ष रख रहा हूँ.
4
Female
51
पक्षियों की सभा हो रही थी.
4
Female
52
सभा में तय होना था कि उनका राजा कौन बनेगा.
4
Female
53
इस मुद्दे पर कुछ पक्षी लड़ने लगे.
4
Female
54
यह देख कर सब से बुज़ुर्ग पक्षी, जिसे सभी लोग संत कहते थे, ने कहा.
4
Female
55
राजा वही बन सकता है जिसमें ताकत हो, सूझभूझ हो, और जो अपने समाज को एकजुट रख सके.
4
Female
56
यह सुन, सभी पक्षी एक दूसरे को देखने लगे.
4
Female
57
उसी समय एक पक्षी ने खड़े होकर कहा, मैं सबसे शक्तिशाली हूँ, इसलिए मैं राजा बनूँगा.
4
Female
58
उसकी बगल में पंख फैलाये दूसरे पक्षी ने कहा, तुमसे ज़्यादा शक्तिशाली और बुद्धिमान मैं हूँ.
4
Female
59
इसलिए राजा बनने का मौका मुझे मिलना चाहिए.
4
Female
60
जब सर्व सम्मति से तय नहीं हुआ कि राजा कौन बने, तो संत ने कहा.
4
Female
61
तुम दोनो लड़ो, जो जीत जाएगा वही राजा बनेगा.
4
Female
62
दोनो आपस में लड़ने लगे.
4
Female
63
पहले वाले पक्षी ने छल कपट से जीत हासिल कर ली.
4
Female
64
संत ने उसे विजयी घोषित कर दिया.
4
Female
65
सभी विजयी पक्षी के इर्द गिर्द जमा होकर उसका गुणगान करने लगे.
4
Female
66
विजयी पक्षी चाहता था कि उसके राजा बनने की बात आसपास के सभी पक्षी जान लें.
4
Female
67
इसलिए इतराता हुआ पेड़ की डाल पर बैठ गया और अकड़ कर ऊँची आवाज़ में बोला.
4
Female
68
सब लोग देखो मुझे, मैं हूँ विजयी पक्षी, मैं राजा बन गया हूँ.
4
Female
69
तभी ऊपर से एक चील ने उस पर झपटा मारा और उसे अपने पंजे में दबा कर उड़ गया.
4
Female
70
पक्षियों की सभा में हडकम्प मच गया और सब आँसू बहाने लगे.
4
Female
71
पक्षियों का संत बोला, तुम लोग आँसू क्यों बहा रहे हो, तुम्हें तो खुश होना चाहिए.
4
Female
72
संत ने कहा, तुम लोगों ने देखा होगा कि राजा बनने पर उसमें कितना अहंकार आ गया था.
4
Female
73
वह अहंकार वश अपना गुणगान खुद कर रहा था.
4
Female
74
एक अहंकारी राजा से हमें इतनी जल्दी मुक्ति मिल गई.
4
Female
75
यह तो हमारे समाज का सौभाग्य है.
4
Female
76
अहंकारी राजा कभी भी अपने समाज को सुरक्षा नहीं दे सकता.
4
Female
77
आज जो कहानी मैं लिखने जा रहा हूँ, वो बिल्कुल सत्य है.
4
Female
78
यह कहानी ज़्यादा पुरानी नहीं है
4
Female
79
एक परिवार था जिसमें पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे थे.
4
Female
80
बहुत ही खुश थे वो लोग और अपनी ज़िन्दगी अच्छी तरह से व्यतित कर रहे थे.
4
Female
81
पति अपने दफ़्तर जाता, पत्नी घर पर रहती, और बच्चे भी अपने काम पर जाते.
4
Female
82
पर एक दिन पति को कुछ तकलीफ़ हुई और वो डॉक्टर के पास गया.
4
Female
83
डॉक्टर ने उन्हें कुछ टेस्ट कराने को कहा और उन्होंने कराये भी.
4
Female
84
उनको इसका अनुमान भी न था कि उनको हुआ क्या है.
4
Female
85
और तभी डॉक्टर ने कहा कि आप के पेट में एक मास का टुकड़ा है जिसका आकार एक गेंद की भांति है.
4
Female
86
पर वो इन्सान बिल्कुल भी नहीं डरा और घबराया क्योंकि उसको जीने की चाह थी.
4
Female
87
उसके कंधों पर ज़िम्मेदारी थी.
4
Female
88
उसने डॉक्टर को कहा, डॉक्टर साहब आप बस मुझे दवाई दीजिए, बाकी सब मैं संभाल लूँगा.
4
Female
89
फिर उस व्यक्ति ने दवाई लेनी शुरू कर दी और अपनी ज़िन्दगी व्यतीत करने लगा.
4
Female
90
जैसे उसको कुछ हुआ ही नहीं था, एक आम आदमी की तरह अपनी ज़िन्दगी व्यतीत कर रहा था.
4
Female
91
उसकी बेटी की शादी तो पहले ही हो चुकी थी, अब उसने अपने पहले बेटे की भी शादी कर दी.
4
Female
92
धीरे-धीरे वक़्त बीतता गया और साल बीत गए.
4
Female
93
अब वो अपनी सरकारी नौकरी से भी सेवानिर्वित हो चुका था.
4
Female
94
अब उस व्यक्ति ने अपने छोटे बेटे की शादी भी तय कर दी, पर अब उसकी हालत पहले जैसी नहीं थी.
4
Female
95
वो शरीर से बहुत ज़्यादा कमज़ोर हो चुका था.
4
Female
96
ज़्यादा घूम फिर नहीं सकता था, पर फिर भी उसने कभी किसी से इस बात का ज़िक्र नहीं किया.
4
Female
97
बस अपनी ज़िम्मेदारी घर के लिए और जिस संस्था से जुड़ा हुआ था, उसके लिए काम करता चला गया.
4
Female
98
उसने अपने छोटे बच्चे की भी शादी कर दी, पर उसकी हालत धीरे-धीरे और ख़राब होती चली गई.
4
Female
99
घरवालों के लाख कहने पर उसने फिर से किसी और डॉक्टर को दिखाया और कुछ टेस्ट करवाए.
4
Female
End of preview. Expand in Data Studio
README.md exists but content is empty.
Downloads last month
41