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उनल हजर एक सय रपय थमइदइन र उनहरक कमक एकछन परशस गरन । |
अहल उनहर आफ ढग मट बकर बसत बनउन कससएक छन । |
उन अभनत टल शङखल मर बसस परशरण भइरहक छ । |
तयसक अलव चतनमलक लघ चलचतर पन नरमण भइरहक छन । |
समजसवसग उनहरक कलयतर पन उततक रफतरम अघ बढरहक छ । |
घमरसग हमल कह बर करकन गरय । |
कलकरतदख समजसवसममक यतर उनल यसर खलन ललतपरक दकषण भग अरथत चपगउम भएक ह उनक जनम । |
तकषण बदध चञचल सवभव र नतयम वशष रच उनक बलयवसथक वशषत न थय भनद फरक परदन । |
वदयलयक अभभवक दवस हस य अनय कन करयकरमम कममर मरकइ हलन सवभवक करण सकलम छप परसकक थयकञजन रमर त पढछन न तय भनद रमर नचछन र पछ गएर नतयङगन बनछन । |
तर उनक अरक सवभव थय । |
बचचदख कलकर बनन रहरल औध गजक थय उनलई । |
बजरबरह मनदर घर नजक भएकल चलचतर छयङकन भइरहनथय । |
चलचतर छयङकन भएक सईक पउन बततक कञजन कदद पगथन र अगड टसकक बसथन । |
करण थय सबभनद अगड बस कयमरल खचछ र चलचतरम आफलई पन दखउछ । |
तयस त उनलई आफ अगड बसद लगथय मलई पन कयमरम बलन दए हनथय न । |
म पन तयसत अभनय गरन सकथ । |
छयङकनक करमम हन हललखललल उनक मन उदधलत हनथय । |
भडल घरएक कलकर दखद आफ पन यसत कलकर बनन पए हनथय लगरहनथय । |
र त आज चलचतर छयङकन हदछ भनन हलल सनन बततक कततखर सकल छटट हनछ र सटङ हरन जउल भनन धयउननम हनथन उन । |
चलचतरम जयद लगव बढन थलपछ उनक पढइ खसकन थलय । |
तय भनद अघ ककषम दवतय ततय भइरहनथन बसतर पजसन घटन थलय । |
छरक पढइ खसकन थलक दखर अभभवक चनतत थए । |
तथप रमर नचछ कत कलकर बन प हलछ क भनन आश उनहरलई थय । |
तयस त छरलई ठल कलकर बनउन इचछ घरपरवरम नभएक हइन । |
तयसल हल उनलई नचनक लग घरपरवरल न हसल जगउथय । |
नय चलचतर परदरशन हन बततक हरन कदहलथन । |
बदक समयम डभ पलयरम चलचतरक भसडहर हलर हरन र त चलचतरक नयकहरल गरन अभनय दरसत ऐनम उतरन कशस गरथन । |
उनम हरइन बनन एक कसमक पयसन थय । |
चलचतर सककल नककलक सटङ भइरहक थय । |
चलचतरम शमभ परधन उनक शरमत नतन परधन छर ईशवर परधन र छरल समत अभनय गरक थए । |
उनल सचनचलचतरम अभनय गरन त आफन परवर प चहन रहछ त मर परवरक कसल फलम खलक थय भन मल पन मक पउथ क चलचतर रडय टलभजनम अभनय गरन र बलन उनक उतकट चहनलई वदयलयक शकषकल |
पन बझक थए । |
तयस हद ककष सत म पढद रडयम बलन मक पइन । |
नपल टलभजनक करयकरमम नतय कल परसतत गरन अवसर पन मलय । |
ककष नम अधययन गरद थइन कलकरत गरन रहर रकन नसकन गर अघ बढरहक थय । |
उन चलचतरम अडसन दन पगन । |
परवशक परकष दएर उजजवल शकषक बट करन परन छर सन उमरम चलचतरम हम फलन लगद बआमल रकन सवभवक थय । |
तयसत ककषम बरमबर अनपसथत भइरहन एसएलस पन नजकइसककल शकषकहर पन चलचतरम अडसन दन पठउदनथ । |
आमबब तथ शकषकक आख छलर उन अडसन दन जनथन । |
क क पणडक चतकर थय तय चलचतर । |
अडसन पस भएर छयङकन सर हन बलम परवशक परकष आइदय । |
उनल तय चलचतरम अभनय गरन पइनन । |
एसएलल परथम शरणम उततरण गरन । |
अननतत आइपगन कलकरतम नभपनदर परजल रडय नपलम कम गरथ । |
सयगल परजलसग उनक सनआमक भट भएछ । |
सनआम कटशवरम बसथन । |
सनआमल परजललई भनछन मर छर पन तपइजसत रडयम बलन चहन गरछन । |
उनलई अवसर दनहस न । |
उनल रडय नपलम रडय नटकहर नरदशन गरन मदनदस शरषठसग भट गरइदएछन । |
तय वस सलतरक कर ह । |
बलड र मठसपरण आवज । |
फरतल यवत । |
सपषट वकशल । |
उन छनट नहन कर थएन । |
शरषठल भवइस टषट लए । |
उन उततरण भइन र रडय नटकहरम आवज दन थलन । |
नतयम परङगत भएकल वभनन सटज करयकरम लघ चलचतर आदम अभनयक अवसर पउन थलन । |
इचछक सधन न ह सफलत उनक कलकरतक डरट नरमण हन थलय । |
परहरक समरपण रषटरक लग नपल सनक मटल मगदन आफल दनपरछ लगयत थपर टलचलचतरम उनल अभनय गरन मक पइन । |
उनक अभनय कशल तखरद थय । |
र भटए सतरमरडय नटकम आवज दन शलशलम दमन रपखतसग कञजनक बरमबर भटभइरहनथय । |
रडय नपलबट परशरण हन रडय नटक दन परतदन तयतबलक लकपरय रडय करयकरम थय । |
तयसम कञजनल पन आवज दनथन । |
तयसत करमम लन सतय भनन डम टलसरयल नरमणक कर उठय । |
कञजन तयसम अभनय गरथन भन सतरम कटटल धरमस र कदर घमर मगनबढ नरमण नयनतरकक रपम थए । |
सतरमसगक उनक पहल भट तयह भएक ह । |
पछ तय टल चलचतर पस भएन र परशरण पन भएन । |
लगतत उनहरल पन अरक हसय टलचलचतर मर बसस नरमण सर गर । |
सतरमसगक सहकरय नयमत रपम अघ बढय । |
यसर कसय लगन गठजवन नसचक परघटनक सगल ह । |
तयसत भय कञजन घमरक जवनयतर पन । |
कलकर बनछ भनन त सनदख थय तर उनलई डरयउन कह भएन । |
उनक आफनत नत गतक मनसहर चलचतरम उदयगम थएनन । |
कलकर बनन तवर चहनक करण वभनन ठउम पगन । |
अभनय गरन । |
आवज दइन । |
तयसतम भट भएक थय सतरम र कदरसग । |
सघरषक हद पर गरक आएक सतरम र कदर कमपरत अतयनत लगव रखथ । |
तयसबट अतयनत परभवत थइन कञजन । |
मर बससम धरमससनतलक जड जमद थय । |
आम दरशकल सतरम र कञजनलई धरमस र सनतलक रपम चनन थलसकक थए । |
अभनय यतरक दरनम मर बससक टमल घमउर परल य कतपय अवसथम सध जसकयउन थलसकक थयकञजन सतरम पन सघरष गरर आएक हन । |
कमपरत इमनदर छन । |
तमहर बह गरर सग यतर अघ बढए हनछ । |
तर भरखर कलकरत यतर पररमभ भएकल उनल तयततरफ धयन दइनन । |
उनहरक करकनलई कवल ठटटक रपम बझन । |
तयस त सतरमल पन वभनन वहनम परम परकट गररहक हनथ । |
कहल कह कञजनल आफन कर नसनद भवनतमक हसवल आकरषत गरन खजथ । |
सघरषक हसस थए सतरम । |
तयसल उनल आफन दखक कससहर सनउथ तर कञजन ठक उलट थइन । |
उन भनथनजवन सघरषक आयम ह । |
तयसभनद पर रहर सखक परकलपन गरन सकनन । |
फर वगत समझर दख र नरश बनरहन ह भन सखद भवषयक कलपन कसर गरन सकनछ भवनतमक हसवल अतयनत नजक थए उनहर । |
दव तरफक परवरम आउजउ पन हनथय । |
मर बसस छयङकनक करमम धरपटक सतरम कञजनक घरम पगक थए । |
आमबबसग कर पन गरथ । |
दवल एकअरकलई नक सघउथ पन । |
सतरमक मनम मयक अङकरण झगइसकक थय । |
तर कञजनक धयन अभनयम जयद भएकल परम य ववहपटट धयन थएन । |
तयसल उन सतरमलई समझउथन हम सग छ । |
Subsets and Splits
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