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c8e7d72fd4924abf954cebb9ec3f27a5 | यू-बोल्ट, जिसे अंग्रेजी में यू-बोल्ट नाम दिया गया है, एक गैर-मानक हिस्सा है। इसका आकार होने के कारण इसे यू-बोल्ट नाम दिया गया है। इसके दोनों सिरों पर धागे हैं और इन्हें नट्स के साथ जोड़ा जा सकता है। यह मुख्य रूप से ट्यूबलर ऑब्जेक्ट्स जैसे कि पानी के पाइप या शीट को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे ऑटोमोबाइल के पत्ती स्प्रिंग्स। घोड़ों पर सवार लोगों की तरह चीजों को ठीक करने के अपने तरीके के कारण इसे राइडिंग बोल्ट कहा जाता है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
a9fb8aeb870bd0823bc67b08f7d780ed | एक महीने के भीतर मजीठिया को जेल में डालेंगे और ड्रग्स के कारोबार पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी जाएगी। यह सिर्फ ‘आप’ की सरकार ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली मिले हुए हैं।वहीं, दूसरी ओर राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया ने जवाब देते हुए कहा कि केजरीवाल अपनी चिंता करें। वे खुद तीन महीने के भीतर जेल में होंगे। दिल्ली के सी.एम. और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर ने मालेरकोटला कुरान शरीफ बेअदबी कांड में आप विधायक का नाम आने को पंजाब सरकार की साजिश बताया है। रविवार को 51 सूत्रीय यूथ मेनिफेस्टो जारी करने के बाद उन्होंने कहा, 24 जून को बेअदबी कांड के अगले दिन बादल सरकार ने आरोपी पकड़ लिए थे। सरकार एक हफ्ते तक कहती रही कि आरोपी विजय गर्ग विश्व हिंदू परिषद का आदमी है, 2 जुलाई को आप का आदमी बता दिया। इसका मकसद सिर्फ उनकी पंजाब यात्रा को बर्बाद करना था।रेत, बजरी, शराब और अन्य ठेकों पर अकाली-भाजपा और कांग्रेसी नेताओं के रिश्तेदारों के कब्जे हैं, जिनकी जांच करवा कर आम युवाओं और बेरोजगारों को दिए जाएंगे।
- अमृतसरः दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में रविवार को 51 सूत्रीय यूथ मैनिफेस्टो जारी किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर 5 साल में पंजाब के 25 लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे।
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7ed3c904e024fb9c253140232d46ee65 | बरेली के कोविड अस्पताल पहुंचा मास्क, दवाइयों और इंजेक्शन का स्टॉक
बरेली के 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार शाम मास्क एंटीजन किट और दवाओं का स्टॉक पहुंच गया। जागरण ने 21 नवंबर के अंक में प्रमुखता से कोविड अस्पताल में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया था।
बरेली, जेएनएन : बरेली के 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार शाम मास्क, एंटीजन किट और दवाओं का स्टॉक पहुंच गया। जागरण ने 21 नवंबर के अंक में प्रमुखता से कोविड अस्पताल में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया था। जिसमें बताया था कि जिला कोविड अस्पताल के प्रशासनिक भवन, फ्लू कॉर्नर और एल-वन, एल-टू कॉर्नर मिलाकर करीब 60 लोगों का स्टाफ तैनात होता है। जबकि अभी तक महज 27 मास्क की औसत आपूíत थी।
20 दिन से थी स्टॉक की कमी
300 बेड कोविड अस्पताल में पिछले 20 दिन से मास्क, एंटीजन किट, कुछ दवाइयों, इंजेक्शन व विटामिन सी की कमी थी। इसको लेकर लगातार डिमाड की जा रही थी।
डिजिटल एक्स रे मशीन का बाकी इंतजार
कोविड अस्पताल में तीन एक्स रे मशीन की जरूरत है। लेकिन उपलब्ध महज एक है। डिजिटल एक्स रे मशीन की डिमाड अभी शासन से पूरी नहीं हुई है। वहीं रुहेलखंड कॉलेज से मिली मशीन में तकनीकी कमी है।
कोरोना से जंग में इन दवाओं का होता उपयोग
विटामिन-सी की गोलिया, रेंटीडिन इंजेक्शन, डॉक्सीसिलीन कैप्सूल, इनेक्सोपरीन इंजेक्शन और सोडियम हाइपोक्लोराइड का स्टॉक एक नवम्बर से नहीं था।
मास्क बांटकर कोरोना से बचाव के प्रति किया जागरूक
बरेली, जेएनएन : दिल्ली में फिर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रविवार को राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल ने कुतुबखाना घंटाघर पर एसपी क्राइम के नेतृत्व में मास्क वितरित किए। मंडल के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा, एसपी क्राइम सुशील कुमार ने लोगों को मास्क लगाने व शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य पवन अरोड़ा ने इस अभियान की सराहना की। व्यापारी नेता प्रवीण अग्रवाल, अमित भारद्वाज, कमल जगवानी, डा. शफीक उद्दीन, अमित गोयल, रितेश शर्मा, गौरव सक्सेना, नीरज रस्तोगी, कमल गोयल, राजू उपाध्याय, कमल जगवानी. नीरज रस्तोगी, पिकी सर्राफ आदि मौजूद रहे। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
eb85537ce976e7cf0665a72cd14c54e4 | महेंद्र सिंह धोनी बनेंगे झारखंड पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर
नई दिल्ली, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कहा कि झारखंड के पर्यटन का प्रचार-प्रसार इसके ब्रांड एंबेसडर और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी करेंगे. दास ने विश्व पर्यटन दिवस पर 'अनएक्सप्लोर्ड झारखंड-2105' कार्यक्रम में कहा, '2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 करोड़ की लागत से होने वाले मालुती के टेराकोटा मंदिरों के संरक्षण का अभियान ऑनलाइन शुरू करेंगे.'
दास ने कहा कि राज्य में पारिस्थितिकीय पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, मेडिकल पर्यटन, एडवेंचर और खनन पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं हैं.उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपोलो अस्पताल को प्रतीकात्मक एक रुपये में जमीन दी गई है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विश्व पर्यटन दिवस पर न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटकों को शुभकामनांए देते हुए झारखण्ड आने का न्यौता दिया. उन्होंने कहा कि झारखण्ड के गौरवशाली इतिहास , विशिष्ट संस्कृति और प्राकृतिक सुन्दरता को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर लाकर झारखण्ड की ब्रांडिंग करनी है. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
0da1d40b02ca63e5d218797363bff41b | नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण पर अंकुश की कवायद के तहत गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले सुनाते हुए राजनीतिक दलों को गुरुवार को निर्देश दिया कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की सूची और चयन का कारण अपनी वेबसाइटों पर अपलोड करें. न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल सीट जीतने की क्षमता को पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की पीठ ने भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय और रामबाबू ठाकुर की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया. न्यायालय ने इन निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर चुनाव आयोग को इस बात की अनुमति दी है कि वह राजनीतिक दलों के खिलाफ यह जानकारी न्यायालय को अवगत कराए.
राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए न्यायालय ने राजनीतिक दलों के लिए दिशानिर्देश जारी किये हैं. न्यायालय ने कहा कि पिछले चार आम चुनावों में राजनीति में अपराधीकरण तेजी से बढ़ा है. इसके अनुसार, यदि राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को टिकट दिया जाता है तो उसका आपराधिक विवरण पार्टी की वेबसाइट पर और सोशल मीडिया पर देना होगा.
साथ ही ,उन्हें यह भी बताना होगा कि किसी बेदाग को टिकट क्यों नहीं दिया गया. शीर्ष अदालत ने उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी अखबारों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर भी नामांकन क्लीयर होने के 48 घंटों के भीतर प्रकाशित करने को कहा है. साथ ही चुनाव आयोग को भी इस रिकॉर्ड को 72 घंटे के भीतर वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया. यदि राजनीतिक पार्टी ऐसा नहीं करती है तो चुनाव आयोग इसकी जानकारी शीर्ष अदालत को देगा. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
bab4a0f75b24c07b97c3a417e7983ea7 | नई दिल्ली. वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा वर्ज़न ऐप में नया पेमेंट फीचर जोड़ दिया गया है। इसकी मदद से यूज़र क्यूआर कोड स्कैन करके पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे। हाल ही में WhatsApp पर सेंड टुु यूपीआई आईडी फीचर आया था। इसके अलावा वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा ऐप पर एडवांस्ड जिफ सर्च और स्टीकर्स सर्च जैसे फीचर की भी झलक मिली है। लेकिन ये फीचर डिफॉल्ट में डिसेबल हैं। इतना तो तय है कि बीटा टेस्टिंग के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के बाद इन फीचर को जल्द ही स्टेबल ऐप का हिस्सा बनाया जाएगा।
ऐसे करें WhatsApp Payments क्यूआर स्कैन कोड को इस्तेमाल
अगर आपने गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के लिए सब्सक्राइब किया है तो आप WhatsApp वर्ज़न 2.18.93 पर चले जाएं। इस फीचर की मदद से यूज़र क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट कर पाएंगे। इसके लिए वॉट्सऐप एंड्रॉयड बीटा यूज़र को Settings > Payments > New Payments > Scan QR code में जाना होगा। इसके बाद आपको क्यूआर कोड स्कैन करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद आपसे भेजे जाने वाली राशि के बारे में पूछा जाएगा। इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए यूपीआई पिन मांगा जाएगा।
जिफ फीचर भी जल्द जोड़ेगा वॉट्सऐप
WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp पर जल्द एडवांस्ड जिफ सर्च फीचर आ सकता है। इसे बीटा ऐप हिस्सा बना दिया गया है, लेकिन डेेवलपमेंट के कारण यह फिलहाल डिसेबल है। इसकी मदद से यूज़र ट्रेंडिंग, हैप्पी और डासिंग जैसी कैटेगरी में जिफ खोज पाएंगे। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
d265606c7352ccc13833c45aec7ca3ab | आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक डॉक्टर मां ने अपने सात साल के बेटे को काफी सारी नींद की गोली देकर उसकी जान ले ली, बाद में मां ने भी गोली खाकर आत्महत्या कर ली. पहले मां-बेटे दोनों कोमा में चले गए, बाद में उनकी मौत हो गई. डॉक्टर मां की पहचान दोथामशेट्टी लावण्या के रूप में हुई है, जो डर्मेटोलॉजिस्ट थी. इनके पिता का नाम डॉ. बुद्धा, जो इलाके के जाने-माने डॉक्टर हैं.
33 वर्षीय लावण्या की शादी तेलंगाना स्थित एक डॉक्टर से हुई थी. हालांकि बाद में दोनों के बीच संबंध खराब हो गए थे. विवाद की वजह से लावण्या अपने पति से दूर राजमुंदरी में अपने पिता के साथ रह रही थी. बताया जा रहा है कि पति ने तलाक की नोटिस भेजा था.
जानकारी के मुताबिक लावण्या ने सबसे पहले अपने बेटे निशांत को नींद की गोली दी थी. बाद में उसने खुद भी नींद की गोली खा ली. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.
11वीं की छात्रा ने 20वीं मंजिल से कूदकर दी जान
उत्तर प्रदेश के नोएडा में ग्यारहवीं की एक छात्रा ने शनिवार देर शाम 20वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया. पुलिस के मुताबिक, छात्रा के पास या कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस का कहना है कि अभी आत्महत्या के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. घटना की जांच की जा रही है.
ये पूरा मामला नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सेक्टर-45 की आम्रपाली सफायर हाउसिंग सोसाइटी का है. युवती की उम्र 19 साल थी. युवती ने 20वीं मंजिल से छलांग लगा कर आत्महत्या की है. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
fbd0bef2c3fc6ef659f8c76277af0c97 | 3 Months of SSR: क्या सुशांत के केस से भटक रहा है फोकस? NCB और कंगना ने बटोरी बीते दिनों की सुर्खियां
|▶️14 जून को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की मौत, 3 महीने बाद भी हाथ नहीं लगा बड़ा सबूत|
|▶️NCB और कंगना ने ली CBI और सुशांत केस की लाइमलाइट, अब CBI के पास बचे हैं कुछ ही दिन|
|▶️ट्विटर पर की लोगों ने सुशांत के केस पर फोकस करने की डिमांड, #JustinceForSSRIsGlobalDemand किया ट्वीट|
Justice For SSR: सुशांत सिंह राजपूत की मौत को आज तीन महीने हो चुके हैं। लेकिन समय बीतने के साथ-साथ अब देश की जनता को ऐसा लग रहा है कि फोकस सुशांत के मुद्दे से भटककर धीरे-धीरे कहीं और जा रहा है। सुशांत के सपोर्ट में आगे आए देश के लोगों का मानना है कि ड्रग एंगल आने के बाद सुशांत के इंसाफ के लिए जली आग अब धीरे-धीरे बुझ रही है।
CBI से नहीं मिली कोई अपडेट
CBI को जिस दिन सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Case) का केस मिला था उस दिन देश की जनता काफ़ी ख़ुश थी। लेकिन अब सुशांत के चाहने वालों की उम्मीद टूटती हुई नज़र आ रही है। सुशांत केस में ड्रग कनेक्शन (Sushant Case Drug Connection) का पर्दा फाश होने के बाद सुर्खियों में CBI का आना बंद हो गया। पिछले कई दिनों से हेडलाइंस में लगातार NCB का नाम दिख रहा है। हालांकि लोग NCB के काम की तेजी और रिया-शौविक सहित अन्य ड्रग पेडलर्स की गिरफ़्तारी से ख़ुश हैं लेकिन उनका ये भी कहना है कि सुशांत के केस में कोई बड़ा सुराग अभी तक क्यों नहीं हाथ लगा? क्यों किसी को अभी तक सुशांत के केस में गिरफ्तार नहीं किया गया?
सुशांत सिंह राजपूत की जगह सुर्खियों में हैं कंगना
NCB की कड़ी जाँच-पड़ताल के बाद और रिया (Rhea Chakraborty) को गिरफ्तार करने के बाद सुशांत के फ़ैन्स को लगा था कि अब CBI की तरफ़ से भी कुछ बड़ा सुनने को मिलेगा सुशांत से जुड़ी किसी ऐसी बात का ख़ुलासा होगा जो पूरा देश जानना चाहता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, NCB के बाद सुर्खियों में अपनी जगह बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत (Kangana Ranut) ने बना ली। महाराष्ट्र और शिवसेना से हुए वाद-विवाद के बाद पिछले कुछ दिनों से कंगना लगातार मीडिया में मुख्य चर्चा का विषय रहीं हैं।
ट्विटर पर चली सुशांत केस पर फोकस करने की मुहीम
NCB और कंगना के लगातार ख़बरों में आने के बाद देश की जनता को लगा कि उन्हें एक बार फिर सोशल मीडिया की पावर का इस्तेमाल करना चाहिए और इस मामले में जाँच कर रही CBI सहित देश की मीडिया को ये याद दिलाना चाहिए की असली मुद्दा सुशांत की मौत (Sushant Death Case) का कारण या उसके कातिल का पता लगाना था। अब जब ड्रग कनेक्शन में बड़ी कामयाबी हासिल हो गई है तो CBI भी जल्द कुछ बड़ी सफलता हासिल करे। यही वजह है कि ट्विटर पर लोगों ने #FocusOnSSR और #JustinceForSSRIsGlobalDemand को लगातार ट्वीट किया और इसे ट्रेंडिंग हैशटैग बना दिया।
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- चीन में फैली नई बीमारी, अब तक 3,245 लोग संक्रमण की चपेट में
- प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार का तोहफ़ा, अब बेहद कम दामों में मिलेगा किराए का घर | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f5f0bd75a13724a427510ceffca1ab47 | सीरीज का आखिरी टेस्ट. लंदन के ओवल मैदान पर. सिक्का उछला और एक वही हुआ जो पिछली चार बार से हो रहा है. जो रूट ने टॉस जीत लिया. अपने कोहली ने सीरीज में लगातार 5वीं बार टॉस हारा. माइक जब कोहली के पास गया और कप्तान की रिएक्शन पूछी गई, कोहली ने कहा- लगता है मैं टॉस तभी जीतूंगा जब सिक्के को दोनों साइड हेड होगा.
‘I think I need a coin with heads on both sides’
— ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) September 7, 2018
ये अपने आप में हैरानी वाली बात है. मगर ये पहली बार नहीं हो रहा है कि किसी भारतीय कप्तान ने पांचों मैचों में टॉस हारा हो. कोहली से पहले साल 1948-49 में जब लाला अमरनाथ की कप्तानी में टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली थी तो भी यही हुआ था. अमरनाथ ने कप्तान जॉन गॉडर्ड से टॉस हारा था. फिर कपिल देव ने भी वेस्टइंडीज के खिलाफ 1981-82 में लगातार पांच बार टॉस हारा. उस वक्त विंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड थे. अब इंग्लैंड के जो रूट के नाम ये रिकॉर्ड हो गया है. वैसे टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करने के फैसला किया है और इंडिया की टीम में दो बदलाव हुए हैं. हनुमा विहारी और रवींद्र जडेजा टीम में शामिल किए गए हैं. हनुमा मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाए हैं. वहीं अश्विन की जगह जडेजा को शामिल किया गया है. बाकी टीम वही है. पृथ्वी शॉ को अभी मौका नहीं मिला है. वहीं ये मैच इंग्लैंड के एलेस्टेर कुक का आखिरी टेस्ट है. इस मैदान पर कुक का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है. इस मैच से पहले तक कुक ने 999 रन इस मैदान पर बनाए हैं. अब 1000 रन पार कर लिए हैं.
Alastair Cook becomes the latest big name to sign off from Test cricket at The Oval Live report: https://t.co/e4RrZvEuKE #ENGvIND #ThankYouChef pic.twitter.com/QWf6YGJBOB — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) September 7, 2018
पिछला मैच 60 रनों से हारने के बाद इंडिया ने सीरीज 1-3 से खो चुकी है. अब इस मैच में अच्छी परफॉर्मेंस से इस सीरीज को जीत के साथ खत्म करने टीम को आने वाले क्रिकेट सीजन की ओर बढना है. इसलिए टीम के लिए यहां सीरीज को 2-3 से खत्म करना होगा. वरना अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का है जहां एेसी ही कंडीशन्स मिलेंगी.
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e6b6f16a12d16e81d36d2710c2f5362a | टोनी एसोलन कॉन्ट्रा मुंडम
कई पाठकों ने रोड आइलैंड के डोमिनिकन-संचालित कॉलेज प्रोविडेंस कॉलेज के मजबूत रूढ़िवादी कैथोलिक साहित्य के प्रोफेसर एंथोनी एसोलेन के बारे में सुना होगा। प्रो। एसोलेन कई किताबों के लेखक हैं, जिनमें डांटे का उत्तम अनुवाद शामिल है दिव्य हास्य, जो उन तीन अनुवादों में से एक है जो मैं किसी से पूछता हूं जो मुझसे पूछता है जो पढ़ने के लिए सबसे अच्छा है। वह रूढ़िवादी ईसाई पत्रिकाओं के लिए भी अक्सर लिखते हैं जैसे कसौटी तथा संकट.
कुछ निबंध जो उन्होंने प्रकाशित किए संकट इस शरद ऋतु ने उनके कैंपस में एक बड़ी पंक्ति को उभार दिया। पहले "विविधता" की राजनीति की आलोचना करते हैं क्योंकि वे एक कैथोलिक अकादमिक सेटिंग के भीतर खेलते हैं। दूसरा वफादार कैथोलिकों (और अन्य ईसाइयों) से सवाल पूछता है: जब ज़ुल्म आएगा तो क्या करोगे?
स्वाभाविक रूप से, Esolen के परिसर में कुछ छात्र और संकाय उनके सुझाव से इतने नाराज थे कि "विविधता" के रूप में वे समझते हैं कि यह गुमराह और विनाशकारी है कि उन्होंने उसे दंडित करने के लिए एक अभियान शुरू किया है, शायद उसे आग लगाने के लिए भी। अब, एस्लेओन को उसी प्रश्न का उत्तर देना है जो उसने हाल ही में अपने पाठकों के लिए दूसरे निबंध में प्रस्तुत किया था। टोनी एसोलन ने ई-मेल के माध्यम से मुझसे कुछ सवालों के जवाब देने के लिए सहमति व्यक्त की। हमारी बातचीत नीचे दी गई है।
रॉड ड्रेहर: प्रोविडेंस कॉलेज में आपके साथ क्या हो रहा है? विवाद की व्याख्या करें।
टोनी एसोलन: यह एक लंबी कहानी है - यानी, दो साल लंबी बैक-स्टोरी है जिसमें मुझे शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इसमें पांच कैथोलिक सहकर्मी शामिल हैं, जिन्हें उनके धर्मनिरपेक्ष सहयोगियों द्वारा अपमानजनक व्यवहार किया गया है या पूछताछ के तहत पीड़ित किया गया है "पूर्वाग्रह प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल।" मैंने दो लेखों को लिखा संकट पत्रिका, उनमें से एक अप्रैल में और दूसरा कुछ हफ्ते पहले, अलर्ट के रूप में।
स्कूल में किसी ने उन्हें पकड़ लिया और, इससे पहले कि मैं यह जानता, मैं नाराजगी के बीच में था, मुख्य रूप से छात्रों के एक समूह से आ रहा हूं, जो मुझे लगता है कि कट्टरपंथी प्रोफेसरों द्वारा गुमराह किया गया है, जिन्होंने राजनीति को अपने भगवान के रूप में अपनाया है, चाहे ये प्रोफेसर हों इसके बारे में पता है या नहीं। छात्रों ने मुझ पर नस्लवाद का आरोप लगाया, लेखों में मेरे स्पष्ट बयानों के बावजूद कि मैं सभी जातीय और नस्लीय पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत करता हूं, और मेरी अपील के बावजूद, लेखों में से एक के अंत में, कि वे और उनके धर्मनिरपेक्ष प्रोफेसर हमें इसमें शामिल हों। साम्य जहां न तो ग्रीक और न ही यहूदी, आदि हैं, वे मेरे सुझाव से नाराज थे, एक लेख में, कि आम आग्रह में कुछ नशा था कि लोगों को उन लोगों की बजाय THEMSELVES का अध्ययन करना चाहिए जो लंबे समय से पहले रहते थे और संस्कृतियों में हमारे यहां से बहुत दूर थे। किसी भी सामान्य मानदंड से, और यह कि धर्मनिरपेक्ष के आवेग में कुछ अधिनायकवादी था, जो हमारे पाठ्यक्रम को वर्तमान राजनीतिक उद्देश्य की मांगों के अधीन करने का प्रयास करता था।
मैंने छात्रों में से एक से बात की, एक दोस्ताना साथी जिसे मैं बहुत पसंद करता हूं, और उसे समझाया कि मेरा झगड़ा छात्रों के साथ नहीं था, बल्कि कैथोलिक-विरोधी प्रोफेसरों के साथ और उनके साथियों को चोट पहुंचाने या उन्हें परेशान करने के उनके प्रयासों के साथ था। यह एक लंबी और गर्म बातचीत थी, जिसके अंत में मैंने उसे अपने समूह में रिले करने के लिए कहा कि मैं खुश था, यहां तक कि उत्सुक, किसी भी समय उनसे मिलने के लिए बात करने के लिए कि क्या यह प्रोविडेंस कॉलेज में अल्पसंख्यक छात्र होना पसंद है । मैंने उन्हें एक साल पहले मेरे मुख्य विविधता अधिकारी के मेरे प्रस्ताव को रिले करने के लिए कहा, अन्याय और पूर्वाग्रह के विषयों पर केंद्रित एक फिल्म श्रृंखला शुरू करने के लिए; फिल्मों में से एक मैंने विशेष रूप से उसे और अधिकारी को बताया था विनाशकारी एक आलू दो आलूएक अंतरजातीय विवाह के बारे में। तब से, हालांकि, मुझे किसी भी छात्रों से कोई फोन कॉल और कोई ई-मेल नहीं मिला है; और अभी तक शब्द परिसर के चारों ओर फैल गया है, संभवतः प्रशासन से ही उत्पन्न हुआ है, कि मैंने छात्रों को "उड़ा दिया" है, जब वास्तव में उल्टा सच है, और अगर किसी को "उड़ा दिया गया" है, तो यह मेरे पास है।
एक हफ्ते पहले पिछले गुरुवार को मुझे एक छात्र द्वारा छेड़ा गया था - सवाल में समूह का सदस्य नहीं था - कि परिसर में विरोध होने वाला था। प्रोविडेंस कॉलेज में यह अनसुना है। लगभग 60 छात्रों ने मार्च किया, जबकि एक महिला छात्र ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, एक बुलहॉर्न के माध्यम से नारे लगाते हुए। मुझे लगता है कि यह "हम क्या चाहते हैं?" समावेशन! हम इसे कब चाहते हैं? अब! "शोर तीन मंजिला इमारत के माध्यम से सुना जा सकता है जहां मेरा कार्यालय है। मैंने सोचा था कि वे हॉल में आकर मेरे दरवाजे पर दस्तक देंगे, लेकिन फिर वे चारों ओर मुड़ गए और राष्ट्रपति के कार्यालय में गए, जहां उन्होंने उनसे प्रतिक्रिया मांगी, और निश्चित रूप से कुछ छात्रों ने मांग की कि मैं निकाल दिया। वास्तव में, राष्ट्रपति ने उन छात्रों के साथ एक दिन पहले ही मुलाकात की थी, और उस विशेष मांग को सुना था, हालांकि निश्चित रूप से उन्होंने कहा कि मुझे अकादमिक स्वतंत्रता मिली। यह संभावना है कि वह पहले से ही प्रदर्शन के बारे में जानता था, क्योंकि छात्र मामलों के उपाध्यक्ष ने वास्तव में इसमें भाग लिया था। मुझे अनुमान लगाना चाहिए - क्योंकि उस सुबह किसी ने मेरी कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर लिखा था, "विविधता एक पंथ नहीं है!"
राष्ट्रपति ने इसके बाद सभी संकायों, सभी कर्मचारियों, सभी स्नातक और सभी स्नातकों को निम्नलिखित पत्र भेजा।
प्रोविडेंस कॉलेज समुदाय के प्रिय सदस्य:
कल मैंने अपने लगभग 60 छात्रों के साथ मुलाकात की, जो कैंपस से होकर आए और आखिरकार हरकिंस हॉल आए। उनकी शिकायत का प्राथमिक स्रोत हाल ही में हमारे संकाय के एक सदस्य द्वारा प्रकाशित लेखों की एक जोड़ी की सामग्री थी, कैसे उन्हें यह महसूस हुआ, और उनकी हताशा थी कि कॉलेज या मेरे द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई थी। छात्रों के साथ संवाद करने के बाद, मेरा मानना है कि उनकी चिंताओं का जवाब देना मेरे लिए अनिवार्य है।
शैक्षणिक स्वतंत्रता उच्च शिक्षा का एक आधारभूत सिद्धांत है। यह प्राध्यापकों को सत्य के अलावा बिना किसी संयम के पढ़ाने, लिखने और व्याख्यान करने की स् | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
3a49295da5670a82247b5ac0908e0558 | रमेश यादव ( संवाददाता )
दुद्धी। पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ एक जुट होकर इससे बचने व नियंत्रण के रास्ते खोज रहा है। पूरे भारत को प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिनों के लिए लॉक डाउन किया गया है। साथ ही जनहित व आवश्यक राहत कार्य को प्रभावशाली तरीके से भी किया जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार ने पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों सहित अन्य वर्ग के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से खाद्यान्न वितरित करने का निर्देश जारी कर दिया है। अन्त्योदय सहित मनरेगा,श्रम विभाग व दिहाड़ी मजदूर जो पंजीकृत हैं उन्हें मुफ्त राशन दिया जा रहा है। यह राशन बायोमेट्रिक मशीन से वितरित किया जा रहा है।
बायोमेट्रिक मशीन से खाद्यान्न वितरण कराने पर समाजसेवी व श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री आलोक अग्रहरि ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर इस मशीन के जगह आधार कार्ड से वितरित कराने की मांग की है। श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी व जिला आपूर्ति अधिकारी से मांग करते हुए कहा है कि बायोमेट्रिक मशीन से खाद्यान्न वितरण पर तत्काल रोक लगाया जाना जनहित में अच्छा रहेगा। इसका खास वजह है कि इस मशीन पर हर कार्डधारक अपने अंगुलियों के छाप देता है तब उसे राशन दिया जाता है। एक ओर जहाँ शासन प्रशासन सोशल डिस्टेंस का पालन करवा रही है वही एक मशीन को हर व्यक्ति अपने अंगुलियों से स्पर्श कर रहा है। हालांकि सरकारी राशन दुकान पर साबुन पानी की व्यवस्था है लेकिन वह इस परिस्थिति के लिए कारगर नही है। अच्छा होगा कि राशन का वितरण बायोमेट्रिक मशीन की जगह आधार कार्ड से कराया जाये जिससे संक्रमण की आशंका न हो।
बतादें की इस बायोमेट्रिक मशीन में आधार से वितरण का भी ऑप्शन होता है। कोटे की दुकानों पर जिलाप्रशासन की ओर से अधिकारी व सरकारी कर्मचारियों को राशन वितरण कराने के लिए नामित किया गया है। सभी सरकारी राशन दुकानों पर लगभग कई सैकड़े की संख्या में कार्डधारक हैं।
श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित में राशन दुकान पर नामित अधिकारी/कर्मचारियों के माध्यम से राशन का वितरण आधार कार्ड कराया जाना हितकर होगा।
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री आलोक अग्रहरि के इस प्रस्ताव व अनुरोध का श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल, जे बी ए एस अध्यक्ष कमलेश सिंह कमल, उपाध्यक्ष व डी सी एफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि,महामंत्री धीरज जायसवाल, कोषाध्यक्ष कृपाशंकर अग्रहरि गुड्डू, दुर्गा पूजा समिति विकास क्लब अध्यक्ष रूपेश जौहरी, महामंत्री भोलू जायसवाल, व्यापार मण्डल महामंत्री सुरेन्द्र होण्डा,जन सेवा समिति अध्यक्ष अनिल कुमार, संरक्षक कमलेश मोहन सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन कर जनहित में तत्काल आवश्यक दिशा निर्देश देनी की मांग जिलाधिकारी व जिला आपूर्ति अधिकारी से की है।
ज्ञात रहे कि 1 अप्रैल से ही राशन वितरण करने का निर्देश आला अधिकारियों द्वारा दिया गया और कोटेदार दुकानों पर खाद्यान्न वितरित भी कर रहे हैं। राशन दुकानों पर कार्डधारक उमड़ भी रहे हैं लेकिन दुकानदारों द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन तो कराया जा रहा है लेकिन केवल साबुन पानी के सफाई के भरोशे मशीन को स्पर्श कराना स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी करा सकता है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
640891e520fb606668c8e46ca2894d5b | देहरादून। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई है। इस कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्ताव आएं, जिन पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है।
कैबिनेट के अहम फैसले :-
शिक्षा विभाग – बीआरसी और CRC के पदों को मिली मंजूरी, आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे पद।
इको टूरिज्म की नई पॉलिसी को मिली मंजूरी, राज्य में ईको इको टूरिज्म की है अपार संभावनाएं है।
ईको टूरिज्म से होने वाली कुल आय का 10 प्रतिशत ट्रेजरी में जमा होगा, अन्य सभी विकास कार्यों में खर्च होगा।
चाइल्ड केयर लीव में हुआ बड़ा संशोधन, महिलाओं के साथ पुरुषो को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव।
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षार्थियों को मिलेगा बैक पेपर में देने का मौका। दो विषय में फेल होने पर छात्रों को मिलेगा मौका।
पैराग्लाइडिंग के तहत हादसा होने के लिए बनाई गई नियमावली हादसा ना हो इसके लिए नियमावली में ट्रेंड लोगों को ही लाइसेंस दिए जाने के बनाए गए नियम।
स्कूलों में प्रबंधन समिति के चुनाव 3 सालों में ही होंगे पहली प्रबंधन समिति का चुनाव 5 साल किए जाने पर मांगे भी थे सुझाव।
उत्तराखंड में अग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लिया गया बड़ा निर्णय फायर ब्रिगेड को 7 श्रेणियों में बांटा गया। मैदान के साथ साथ पहाड़ के शहरो में भी होगी फायर ब्रिगेड की टीम तैनात। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
bf45bd5a72948ae3618bdac31635557a | Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies
UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार) are part of UP Board Master for Class 12 Sociology. Here we have given UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार).
|Board||UP Board|
|Textbook||NCERT|
|Class||Class 12|
|Subject||Sociology|
|Chapter||Chapter 23|
|Chapter Name||Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार)|
|Number of Questions Solved||25|
|Category||Class 12 Sociology|
UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार)
यूपी बोर्ड कक्षा 12 के लिए समाजशास्त्र अध्याय 23 बेरोजगारी: कारण और इलाज (बेरोजगारी: कारण और इलाज)
विस्तृत उत्तर प्रश्न (6 अंक)
प्रश्न 1
“बेरोजगारी एक मुद्दा है।” भारत के विशेष संदर्भ में या उसके बारे में बात करें ‘बेरोजगारी के प्रकार का वर्णन करें। या क्या बेरोजगारी? भारत में बेरोजगारी और निवारक उपायों के लिए कारण दें। या बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? बेरोजगारी खत्म करने के लिए वकील। या भारत में बेरोजगारी दूर करने के उपायों की सिफारिश करें। या भारत में बेरोजगारी के लिए स्पष्टीकरण का विश्लेषण करें और इसके उन्मूलन की सिफारिश करें। या बेरोजगारी भारतीय गरीबी का अंतर्निहित कारण है। “इस दावे को स्पष्ट करें।
उत्तर: बेरोजगारी का अर्थ और परिभाषा
आमतौर पर, जब किसी व्यक्ति को अपने आवास के लिए कोई काम नहीं मिलता है, तो उस व्यक्ति को बेरोजगार के रूप में जाना जाता है और इस कमी को बेरोजगारी की कमी के रूप में जाना जाता है। अलग-अलग वाक्यांशों में, जब कोई व्यक्ति काम करने के लिए तैयार होता है और शारीरिक और मानसिक रूप से काम करने के लिए तैयार होता है, हालांकि उसे कोई काम नहीं मिलता है, ताकि वह अपना आवास अर्जित कर सके, तब इस तरह के व्यक्ति को बेरोजगार कहा जाता है। । जब समाज में ऐसे बेरोजगार व्यक्तियों की पर्याप्त विविधता हो सकती है, तो उत्पन्न होने वाले वित्तीय परिदृश्य को बेरोजगारी के मुद्दे के रूप में जाना जाता है।
प्रो। पीगू के जवाब में, “एक व्यक्ति को केवल बेरोजगार के रूप में जाना जाता है जब किसी के पास कोई काम नहीं होता है और काम करने की आवश्यकता होती है। हालाँकि किसी व्यक्ति को काम पाने की इच्छाशक्ति के साथ काम करने की शक्ति होनी चाहिए; इसके बाद, एक व्यक्ति जो काम करने के लिए योग्य है और काम करने की इच्छा रखता है, हालांकि उसे अपने साधनों के अनुसार काम नहीं मिल सकता है, उसे बेरोजगार कहा जा सकता है और उसकी कमी को बेरोजगारी के रूप में संदर्भित किया जा सकता है। कार्ल प्रेवराम के जवाब में, “बेरोजगारी श्रम बाजार की स्थिति है जिसमें श्रम-बल श्रम के विभिन्न स्थानों से अधिक होता है।”
गिलिन और गिलिन के जवाब में, “बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खुद के लिए और अपने घर की चाहत के लिए आम तौर पर अपनी कमाई के आधार पर एक सफल और काम की तलाश करने वाला व्यक्ति लाभकारी रोजगार की खोज करने में असमर्थ होता है। । “
संक्षेप में, एक उपयुक्त व्यक्ति जो स्वेच्छा से मजदूरी के प्रचलित आरोपों पर काम करना चाहता है, अपने साधनों के परिपूर्ण होने के लिए काम की खोज नहीं कर सकता है, इस उदाहरण को बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है।
तरह तरह की बेरोजगारी
बेरोजगारी के विभिन्न प्रकार हैं। इसके कुछ संस्करण इस प्रकार हैं
- छिपी बेरोजगारी – बेरोजगारी जो तुरंत दिखाई नहीं देती है उसे छिपी हुई बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। इसके लिए तर्क यह है कि अतिरिक्त व्यक्ति जरूरत से ज्यादा किसी काम में लगे हुए हैं। यहां तक कि जब उनमें से कुछ को समाप्त कर दिया जाता है, तो उस काम या विनिर्माण में कोई अंतर नहीं हो सकता है। ऐसी बेरोजगारी को छिपी हुई बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है।
- मौसमी बेरोजगारी – यह बेरोजगारी मौसम और मौसम में हेरफेर करके चलती है। कुछ मौसमी उद्योग हैं; जैसे – बर्फ निर्माण की सुविधा। गर्मियों में, व्यक्तियों को इसमें रोजगार मिलता है, हालांकि सर्दियों में, इसके निकट के व्यक्ति अप्रभावी हो जाते हैं।
- चक्रीय बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वाणिज्य के भीतर धीमे या धीमे होने और बढ़ावा देने या बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है। मंदी के दौर में बेरोजगारी बढ़ेगी, जबकि त्वरित के दौरान यह घट जाती है।
- संरचनात्मक बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वित्तीय निर्माण, दोष या किसी अन्य मकसद में बदलाव के कारण विकसित होती है। जब स्वचालित मशीनों को लगाया जाता है, तो उद्योगों में लगे कई व्यक्ति अप्रभावी हो जाते हैं।
- खुली बेरोजगारी – सुविधा और काम करने की इच्छा के बावजूद , काम नहीं करने वाले निवासियों को खुली बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। खुली बेरोजगारी का पता तब चलता है जब रोजगार के विकल्प राष्ट्र के भीतर काम करने से कम होते हैं।
- तकनीकी बेरोजगारी – तकनीकी या तकनीकी बेरोजगारी मशीनों या मशीनों की प्रकृति के भीतर संशोधनों से उत्पन्न होती है। यह बेरोजगारी भारी उद्योगों और नई मशीन विशेषज्ञता के विकास के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है।
- बेसिक बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वस्तुतः सभी समाजों में एक बिंदु तक मौजूद है, जिसका कोई मतलब नहीं है। इसके लिए तर्क यह है कि कुछ व्यक्ति प्रकृति और प्रकृति द्वारा या आलस्य या क्षमता की कमी के कारण रोजगार के लिए पात्र नहीं हैं।
- शिक्षित बेरोजगारी – यह बड़े प्रशिक्षण और कोचिंग वाले व्यक्तियों में बड़ी वृद्धि के परिणामस्वरूप है। उन्हें अपने साधन और प्रतिभा के अनुसार रोजगार नहीं मिलता है। यह बेरोजगारी भारत और विभिन्न देशों में चिंता का विषय है।
भारत में बेरोजगारी के कारण भारत में बेरोजगारी के सबसे महत्वपूर्ण कारण हैं
1. तेजी से बढ़ते निवासी – भारत में निवासी प्रत्येक वर्ष 25% की कीमत पर बढ़ रहे हैं, जबकि रोजगार के विकल्प आमतौर पर इस कीमत पर नहीं बढ़ रहे हैं। निवासियों के विकास मूल्य के जवाब में, लगभग 50 लाख व्यक्तियों को भारत में वार्षिक रूप से रोजगार के विकल्पों में प्रवेश करना चाहिए। विस्फोटक निवासियों के परिदृश्य के परिणामस्वरूप हमारे देश में बेरोजगारी मौजूद है।
2. दोषपूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली – हमारे देश की प्रशिक्षण प्रणाली दोषपूर्ण है। यह प्रशिक्षण सिर्फ रोजगारोन्मुखी नहीं है, जिससे शिक्षित बेरोजगारी बढ़ रही है। लगभग 10 लाख शिक्षित व्यक्ति बेरोजगारों की सड़क का हिस्सा हैं।
3. लघु और कुटीर उद्योगों की गिरावट – राष्ट्र के भीतर मशीनों और औद्योगीकरण के बढ़ते उपयोग के परिणामस्वरूप, हस्तकला और लघु और कुटीर उद्योगों की घटना धीमी हो गई है या आमतौर पर गिरावट आई है, जिसके कारण बेरोजगारी बढ़ रही है।
4. फ़्लाव्ड प्लानिंग – यद्यपि वित्तीय नियोजन के माध्यम से 1951 से भारत में राष्ट्र क | 4 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
612bad4a756614e33b26c6b8388c2fba | बोतल में बिजली गिराना एक कठिन काम की परिभाषा है, लेकिन अब भौतिकविदों ने अल्ट्रकोल्ड को शामिल करने का एक तरीका खोज लिया है प्लाज्मा एक चुंबकीय बोतल जाल में, एक सफलता जो भौतिकविदों को सौर हवाओं को समझने और परमाणु संलयन को प्राप्त करने के लिए एक कदम करीब ला सकती है।
प्लाज्मा चार राज्यों में से एक है मामला, सकारात्मक आयनों और नकारात्मक मुक्त इलेक्ट्रॉनों से मिलकर। लेकिन ठोस, तरल और गैसों के विपरीत, इसकी प्रवृत्ति केवल सबसे चरम स्थानों में होती है, जैसे कि आयनित हवा की लकीर में हम एक बिजली के बोल्ट को बुलाते हैं, औरोरा बोरेलिस के नृत्य पैटर्न में, या सूरज की सतह पर। इसे अध्ययन करना बेहद कठिन है।
यह कठिनाई केवल इस तथ्य से खराब हो गई है कि उत्तरी रोशनी में या सूरज की सतह पर प्लाज़्मा एक जटिल चुंबकीय क्षेत्र के साथ बातचीत करते हैं जिस तरह से वैज्ञानिकों ने अभी तक पूरी तरह से समझा है।
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“सूरज के वातावरण के दौरान, मजबूत (मजबूत) चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र के बिना आप जो अपेक्षा करते हैं, उसके सापेक्ष हर चीज को बदलने का प्रभाव होता है, लेकिन बहुत सूक्ष्म और जटिल तरीकों से जो वास्तव में आपके पास यात्रा कर सकते हैं यदि आपके पास वास्तव में नहीं है इसकी अच्छी समझ, “अध्ययन के सह-लेखक पीटर ब्रैडशॉ, ह्यूस्टन में राइस विश्वविद्यालय के एक खगोल भौतिकीविद्, एक बयान में कहा।
ठंडा कण धीमी गति से चलते हैं, जिससे उनके व्यवहार का अधिक सटीक मापन होता है। यह पता लगाने के लिए कि कैसे प्लाज़्मा चुंबकीय क्षेत्रों के साथ बातचीत करते हैं, वैज्ञानिकों ने अपने प्लाज्मा को ठंडा किया, जिससे बना स्ट्रोंटियम, लेजर-कूलिंग नामक तकनीक का उपयोग करके निरपेक्ष शून्य से लगभग 1 डिग्री नीचे (शून्य से 272 डिग्री सेल्सियस के आसपास) ऊपर।
आप सोचते होंगे कि किसी चीज पर लेजर लगाने से वह गर्म हो जाएगी, लेकिन अगर लेजर बीम में फोटॉन (प्रकाश कण) चलते हुए प्लाज्मा कणों के विपरीत दिशा में यात्रा कर रहे हैं, तो वे वास्तव में उन प्लाज्मा कणों को धीमा और ठंडा कर सकते हैं। वे नीचे।
एक बार प्लाज्मा ठंडा होने के बाद, शोधकर्ताओं ने इसे क्षण भर में आसपास के मैग्नेट से बलों के साथ फँसा दिया, जिससे वे इसे फैलने से पहले इसका अध्ययन कर सकें। वे फिर प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के आयनों और इलेक्ट्रॉनों के बीच बातचीत को अलग करने के लिए निकलते हैं, जो प्लाज्मा में बहुत भिन्न होता है। बातचीत इतनी जटिल थी कि उन्हें अपने डेटा की पूरी तरह से व्याख्या करने में एक साल लग गया।
“हम प्लाज्मा में आयनों को बिखरने से प्लाज्मा गुणों को मापते हैं, लेकिन चुंबकीय क्षेत्र वास्तव में जटिल है,” राइस डीन ऑफ नेचुरल साइंसेज और इसी लेखक टॉम किलियन ने लाइव साइंस को बताया। ऐसा इसलिए है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होता है कि कैसे आयन बहुत ही अप्रत्याशित तरीके से लेजर प्रकाश को बिखेरते हैं।
किलियन ने कहा, “इसके ऊपर, पूरे प्लाज्मा में चुंबकीय क्षेत्र अंतरिक्ष में अलग-अलग है।” समय के साथ बोतल में प्लाज्मा घनत्व और गति की एक तस्वीर पेंट करने के लिए।
उनके द्वारा प्रकट की गई तस्वीर वह थी जहां तेजी से बढ़ने वाले, कम द्रव्यमान वाले इलेक्ट्रॉनों को चुंबकीय क्षेत्र की रेखाओं पर कसकर पिन किया गया था और उनके चारों ओर सर्पिलिंग की गई थी, जो कि नकारात्मक चार्ज किए गए इलेक्ट्रॉनों के लिए उनके आकर्षण द्वारा जाल के अंदर आयोजित सकारात्मक आयनों के साथ थे। कागज के लेखक अनुमान लगाते हैं कि चुंबकीय क्षेत्र ने इलेक्ट्रॉनों और आयनों को संयोजन से तटस्थ रूप में रखा परमाणुओं, और इसलिए सूप को अपने प्लाज्मा राज्य में फंसा रखा है।
फँसाने की तकनीक प्लाज्मा अनुसंधान के लिए कई प्रकार के रास्ते खोलती है। यदि भौतिक विज्ञानी एक बोतल में अल्ट्रा-कोल्ड प्लाज्मा को कैप्चर कर सकते हैं, तो वे प्लाज्मा-निर्मित तारकीय वस्तुओं जैसे सफेद बौनों के व्यवहार का अध्ययन कर सकते हैं, या सूर्य के अंदर संलयन की शर्तों को दोहराने के लिए शुरू कर सकते हैं।
अगला, शोधकर्ताओं ने कहा कि वे एक लेजर ग्रिड डिजाइन करेंगे जो बोतल के चुंबकीय क्षेत्र में किसी भी छेद को प्लग करेगा जिसके माध्यम से आयन प्रयोग से बच सकते हैं। वे फंसे हुए प्लाज़्मा के अंदर होने वाली प्रक्रियाओं की और जाँच करने की भी आशा करते हैं, जैसे कि आयन और इलेक्ट्रान पुनर्संयोजन कैसे कर सकते हैं या सिस्टम के माध्यम से ऊर्जा और द्रव्यमान कैसे आगे बढ़ते हैं।
“हमारी नई क्षमताओं को उन घटनाओं का अध्ययन करने का एक शानदार अवसर मिल सकता है,” किलियन ने कहा। “इसी तरह के प्रभाव संभवतः कुछ अन्य प्रणालियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं जो कि सफेद बौने सितारों की तरह प्रयोग करना कठिन हैं।”
मूल रूप से लाइव साइंस पर प्रकाशित। | 4 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
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हिंगोली4 दिन पहले
इस पथराव में एक इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ में शनिवार को भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। इस हमले में एक सब-इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ मोबाइल चोरी के एक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची थी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए स्थानीय इंस्पेक्टर को हवा में 2 राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस स्टेशन पर हमला करने वाले डेढ़ 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अब तक 5 लोग पुलिस की गिरफ्त में भी आ चुके हैं। घायल पुलिसवालों को औंधा नागनाथ के ग्रामीण हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए भीड़ बना रही थी दबाव
पुलिस के मुताबिक, औंधा नागनाथ के माजिद सैयद रफीक का मोबाइल 12 मई को खो गया था। अगले दिन, उसका मोबाइल फोन पूरे दिन बंद रहा और शुक्रवार दोपहर उस पर घंटी जाने लगी। कई बार फोन करने पर किसी ने उसका फोन उठाया और उसके साथ गाली गलौज करने लगा। इसके बाद माजिद औंधा थाने पहुंचा और इस मामले में कंप्लेंट दर्ज कराई।
भीड़ पर पहले पुलिस ने किया बल प्रयोग
इसके बाद आज अचानक तकरीबन 100 से 150 लोगों की भीड़ अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। उसके बाद थाने के पुलिस इंस्पेक्टर वैजनाथ मुंडे और सब-इंस्पेक्टर मुंजाजी वाघमारे ने भीड़ को शांत करने का प्रयास किया किया। लॉकडाउन की वजह से पूरे इलाके में धारा 144 लागू है और भीड़ को एक साथ जमा होने पर पाबंदी लगाई गई है। भीड़ मानने को तैयार नहीं थी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पथराव के बाद भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंचे हुए हैं।
आक्रामक हुई भीड़ को कंट्रोल करने के लिए चलाई गोलियां
इससे मामला संभले की जगह बिगड़ गया और उन्होंने पुलिस स्टेशन पर पथराव शुरू कर दिया। इस पत्थरबाजी की चपेट में आने से पुलिस इंस्पेक्टर वैजनाथ मुंडे, सब-इंस्पेक्टर मुंजाजी वाघमारे, कांस्टेबल ज्ञानेश्वर गोरे, शेख एकबाल, राजकुमार सूर्या और दो अन्य घायल हो गए। भीड़ को आक्रामक होता देख इंस्पेक्टर मुंडे को हवा में दो राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर कोई।
डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज, पांच अब तक गिरफ्तार
इस बीच, घटना में घायल हुए पुलिस अधीक्षक और कर्मचारियों को इलाज के लिए औंधा नागनाथ के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक राकेश कलासागर, अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत काले, सहायक पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख और पुलिस उपाधीक्षक विवेकानंद वाखरे सहित दंगा नियंत्रण फोर्स औंधा नागनाथ पहुंची है। डेढ़ सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक अभी तक सिर्फ 5 लोग ही पकड़े गए हैं।
भीड़ ने इसी पुलिस स्टेशन के परिसर को घेर कर पथराव किया है।
Live Sachcha Dost TV | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
63dd5da144cfeddf0f110d964dc83637 | महेंद्रगढ़ में कबीरपंथी आश्रम संचालक को धमकी: 22 लाख रुपए और 6 एकड़ जमीन नाम कराने का दबाब; 2 पर FIR
महेंद्रगढ़38 मिनट पहले
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हरियाणा के महेंद्रगढ़ में 2 व्यक्तियों पर कबीर पंथी आश्रम के संचालक की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि ये उसको डरा धमका कर 22 लाख रुपए मांग रहे हैं और उसकी 6 एकड़ जमीन भी अपने नाम करवाने की साजिश कर रहे हैं। दोनों के खिलाफ धारा 386, 506, 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया है।
माजरा खुर्द निवासी रामदास चेला जगराम दास ने पुलिस में दी शिकायत ने बताया कि वह कबीर पंथी आश्रम का संचालन करता है। उसके पास वासुदेव निवासी नांगली निर्वाण जिला झुंझुनू राजस्थान मेरे आश्रम पर ही रहता था। उसने ही वासु देव की एलएलबी की पढ़ाई करवाई है। मेरे पास धर्मबीर निवासी मालडा सराय मेरे आश्रम में अक्सर आता रहता है। धर्मबीर व मेरा पैसे का लेन-देन था, जिसके रुपए वह दे चूका है।
वासुदेव धर्मबीर के बहकावे में आ गया और अब राजस्थान में रहता है। वर्ष 2018 मेरे विरुद्ध एक चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज हुआ था जिसके बारे में धर्मबीर व वासुदेव कहते हैं कि हमने तेरे इस चोरी के मुकदमे की पैरवी में काफी रुपए खर्च किए थे। तू अब ब्याज सहित 22 लाख रुपए दे, जबकि इन्होंने कोई पैसा नहीं लगाया है, झूठे आरोप लगा रहे हैं।
ये उसे डरा धमका कर के पैसा ऐठना चाहते हैं। वासुदेव और धर्मबीर ने 8 फरवरी 2023 को मेरे आश्रम पर आकर कहा की हमने तेरे चोरी वाले केस में 22 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। हमे 22 लाख रुपए दे दे, वरना तुझे जान से मार देंगे। तू जल्दी ही रुपए का इंतजाम कर दे।
वासुदेव ने यह भी कहा की तेरी 6 एकड़ जमीन मेरे नाम करवा दें। मेरा जमीनी विवाद 2010 से सुरेंद्र व अजय झुक के साथ चल रहा है। उसे शक है सुरेंद्र व अजय ही इनको भेज कर के धमकी दिलवा रहे है और फिरौती मांग रहे हैं। वह बहुत डरा हुआ है।
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03f7adf514242c609c41f24ac4111ec0 | मेरे प्यारी माताओं एवं बहनों आप लोगों को ये जानकर ख़ुशी होगी कि राजस्थान की मुख्यमंत्री बसुंधरा राजे (Rajasthan Chief Minister Basundhara Raje) ने आप लोगों के लिए “जननी सुरक्षा योजना” की घोषणा की हैं। आज मैं आप सभी लोगों को इस आर्टिकल में राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना के बारे में जानकारी दे रहा हूँ। जिससे की राज्य के सभी लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके।
जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत राजस्थान राज्य में केंद्र सरकार (Central Government in Rajasthan State) ने की थी। इस योजना के शुरू होने से राज्य की महिलाओं को कई लाभ प्राप्त होगें। सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान (Providing Financial Assistance to Pregnant Women) की जाएगी। जिससे की ये महिलायें अपना भरण पोषण कर सके। राजस्थान राज्य में बहुत से ऐसे लोग भी हैं। जिनको सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं हैं। जिससे की राज्य की कई गरीब महिलायें जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। लेकिन दोस्तों मेरी तरफ से हमेशा यह कोशिश रहती हैं। कि सभी लोगों को सरकारी योजनाओं बारे में जानकारी प्राप्त होती रहे। जिससे की सरकार की तरफ से मिलने वाली हर सरकारी योजना का लाभ (Benefits of Every Government Scheme) प्राप्त कर सके।
Contents
जननी शिशु सुरक्षा योजना क्या हैं ?
राजस्थान सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार की गयी हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी (Maternal Mortality and Infant Mortality Reduction) लाना हैं। और महिलाओं के प्रसव में वृद्धि करने के लिए इस योजना की घोषणा की हैं। इस योजना को 2005 में शुरू किया गया था। जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती हैं। इस योजना के तहत यदि गर्भवती महिला या नवजात बीमार (Pregnant Woman or Newborn ill) हो जाता है।
नवजात के जन्म के 30 दिनों के अंदर जो भी उपचार और दवाइयों का खर्चा सरकार के द्वारा मुफ्त में किया जायेगा। इस योजना के लिए महिलायें ऑनलाइन आवेदन, रेजिस्ट्रेशन या ऑनलाइन पंजीकरण (Online Application, Registration or Online Registration) कर सकते हैं। मेरी माताओं और बहनों अब आप लोग सोच रहे होगें कि जननी सुरक्षा योजना के लिए कैसे आवेदन करना हैं ?। कैसे इस योजना का लाभ प्राप्त होगा ? इसके लिए क्या योग्यता होगी ? इन सभी चीजों के बारें में मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊँगा। कृपया इस आर्टिकल को ध्यान पूर्वक पढ़े।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के लिए योग्यता
राजस्थान सरकार ने इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। जिनका विवरण नीचे किया गया हैं।
- जननी सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता महिला को राजस्थान राज्य की निवासी होना अनिवार्य हैं।
- सरकारी अस्पताल या मान्य प्राप्त निजी अस्पतालों में यदि गर्भवती महिलायें प्रसव कराती हैं। वे महिलायें इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- राज्य में जिन गर्भवती महिलाओं ने घर पर ही प्रसव कराया हैं। और उनके पास बीपीएल कार्ड (BPL Card) हैं। तो वो महिलायें भी जननी सुरक्षा योजना के लाभ उठा सकती हैं।
जननी सुरक्षा योजना के लिए दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के आवेदनकर्ता महिलाओं के पास कुछ आवश्यक दस्तावेजों को होना अवश्य हैं।
- निवास प्रमाण पत्र (Residence Certificate)
- आधार कार्ड (Aadhar Card)
- बीपीएल राशन कार्ड (BPL Ration Card)
- सरकारी अस्पताल द्वारा प्रमाणित कार्ड (Certified Card by Government Hospital)
- जननी सुरक्षा तहत मिले वाली धन राशि (Money Amount Received Under Mother Protection)
जननी सुरक्षा योजना सहायता राशि
दोस्तों इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को सरकार ने दो भागों में विभाजित किया हैं। ग्रामीण और शहरी प्रसव महिलाओं के लिए सरकार ने अलग अलग धनराशि निर्धारित की हैं। जो इस प्रकार हैं।
@} ग्रामीण गर्भवती महिलाओं के लिए धनराशि (Money for Rural Pregnant Women):-
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिला को प्रसव करने पर 1400 रूपये का नकद सहायता प्रदान की जाती हैं। आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 300 रुपये और प्रसव के पूर्व सेवा प्रदान करने के लिए भी 300 रूपये दिए जायेंगे।
@} शहरी गर्भवती महिला के लिए धनराशि (Money for Urban Pregnant Women):-
इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को 1000 रूपये की नगद सहायता प्रदान की जाएगी। आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 200 रुपये और प्रसव के पूर्व सेवा प्रदान करने के लिए भी 200 रूपये दिए जायेंगे।
Note- बीपीएल परिवार की सभी गर्भवती महिलाओं को 500 रूपये की आर्थिक प्रदान की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन
1.&» दोस्तों जननी सुरक्षा योजना के लिए आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं। तो सबसे पहले आपको इस ऑफिसियल वेबसाइट (Official Website) क्लिक करना होगा।
यहाँ क्लिक करे >>> Click Here
2.&» इस लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पेज खुल जायेगा। उस पेज आपको जननी सुरक्षा योजना डाउनलोड फॉर्म (Download Form) के विकल्प पर क्लिक करें।
3.&» इस आवेदन फॉर्म को डाउनलोड करें। और इसमें पूछी सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक दर्ज करें।
4.&» अब सबमिट बटन (Submit Button) पर क्लिक करें।
5.&» दोस्तों इस तरह से आपका जननी सुरक्षा योजना में आवेदन हो जायेगा। और जल्दी ही सरकार की तरफ से गर्भवती महिला को धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
दोस्तों मेरे द्वारा बताई गयी “जननी सुरक्षा योजना” के बारे में जानकारी आप लोगों को जरूर पसन्द आएगी। अगर आप को इसके बारे में कोई प्रश्न (Ask Question) पूछना चाहते हैं। तो कमेंट बॉक्स (Comment Box) में आकर पूछ सकते हो। मेरे द्वारा आप के प्रश्नों का उचित जवाब दिया जायेगा। | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
8164b299977de5eedcf84bedbb8ca390 | सिक्की कला ने संवार दी ‘सूरत’: नाजदा खातून
गरीबी को आमलोग अपनी नियति मान लेते हैं। नाजदा ने गरीबी के खिलाफ नियति से जंग छेड़ दी। दादी ने सिक्की से खेलना सिखाया था, उन्होंने सिक्की से कामयाबी की इबारत लिख दी।
Folkartopedia is the leading resource of knowledge on folk art and expression in India. Stay connected. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9732b100436a53f928d967ebcfc00c0b | लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से होने वाली मौतों का मामला बुधवार को विधानसभा में उठा और विपक्षी सदस्यों ने शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान सपा और बसपा सदस्यों ने जहरीली शराब से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने सरकार से प्रश्न किया कि जहरीली शराब से होने वाली मौतों की घटनाओं में कितनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया और कितनों को दंड मिला। कांग्रेस के नेता अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि जो लोग इसमें शामिल थे, जो शराब माफिया इसमें संलिप्त हैं, ना तो उन्हें चिह्नित किया गया और ना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी। उन्होंने सवाल किया कि जो माफिया इस शराब के खेल में लिप्त हैं, उनके खिलाफ क्या सरकार कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है?
इस पर आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कानूनों को कड़ा बनाया गया है और जुर्माने की राशि में कई गुना वृद्धि की गयी है। आजीवन कारावास एवं मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है ।मौतों का आंकडा देते हुए सिंह ने बताया कि 2017 में आजमगढ़ में 26 लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई। उन्होंने बताया कि 2018 में बाराबंकी में चार, गाजियाबाद में चार, कानपुर नगर में पांच, कानपुर देहात में चार, बिजनौर में एक और शामली में पांच लोगों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि 2019 में कुशीनगर में आठ, सहारनपुर में 36, कानपुर नगर में 10 और बाराबंकी में 24 लोगों की मौत हुई। मंत्री ने बताया कि विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई की जाती है। हर घटना के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है और जितने भी मामले हुए हैं, लगभग सभी में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
43b6fd9dae82ad22f482cb0b0b772cca | एनटीपीसी सिंगरौली में कवि सम्मेलन के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया
अवधनामा संवाददाता
सोनभद्र/शक्तिनगर एनटीपीसी-सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन में हिन्दी दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । हिन्दी दिवस के अवसर पर स्टेशन प्रमुख बसुराज गोस्वामी ने अपने विचार रखते हुए सभी को हिन्दी दिवस की बधाई दी तथा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों से अपने कार्यालयीन कामकाज हिन्दी में काम करने का निर्देश दिया। उन्होने हिन्दी भाषा की सरल -सहज अभिव्यक्ति की चर्चा करते हुए हिन्दी भाषा को एकता की कड़ी एवं संवाद का सबसे मजबूत माध्यम बताया । इस अवसर पर वि.शिवा प्रसाद, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन ने राजभाषा के विकास में काव्य मंच के योगदान पर विचार रखते हुए कार्यक्रम से जुड़ने के लिए सम्मानित कविगण का अभिनंदन किया । माइक्रोसाफ़ट टीम्स के माध्यम से आयोजित कवि सम्मेलन में डा0 योगेन्द्र मिश्र , एनसीएल खड़िया के वरिष्ठ प्रबंधक - पाणि पंकज पाण्डेय, डा0विजेन्द्र कुमार शुक्ल, प्रबंधक योजना एवं पद्धतिए, शोभनाथ सिंह यादव अभियन्ता प्रचालन, रवीन्द्र मिश्र, ने अपने ओजस्वी काव्य कृति से श्रोताओं को खूब आनंदित किया ।
कवि सम्मेलन आरंभ पूर्व कवि मंत्र की परंपरानुसार रवीन्द्र मिश्र ने “वाणी वंदना के रूप में वर दे वीणा वादिनी वर दे एवं तू जिंदगी में सिर्फ यही काम किए जा आराम किए जा आराम किए जा तथा भूतकाल भी दूर है भविष्य है दूर वर्तमान पास है इसे जिए भूरपूर”, सुनाकर श्रोताओं को जीवन जीने की कला का बोध कराया। शोभनाथ सिंह यादव ने सबसे सरल हिन्दी कविता का वाचन करते हुए एनटीपीसी पर आधारित काव्य पाठ किया । पाणि पंकज पाण्डेय ने भगवान राम के जीवन चरित्र को केन्द्रित कविता “जीवन पथ पर मोल नहीं है थक कर थमने वालो का कर्म पथ बढ़ा चले जो जीवन उन मतवालों का तथा कांटों पर भी फूल सदृश, जो चले वो सच्चा ज्ञानी है, पौरूष का पर्याय वहीं वहीं रामचन्द्र का ज्ञानी है” सुना कर त्याग मय जीवन का संदेश प्रदान किया ।
वहीं डा0 योगेन्द्र मिश्र ने हिन्दी की अम्यर्थना में, “मै हिन्दी हूँ / मै सदियों का आवाह्न हूँ मै वर्तमान की पाती हूँ ।मै हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ। हिन्दुस्तान की थाती हूँ”,सुनाकर खुब सराहे गये । डा0 बृजेन्द्र शुक्ल ने “आइए हम सब मिल अनुबंध ये करें सौमनष्य से वैमन्सय की खाइयां भरे सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया”। मंच के माननीय अध्यक्ष विनय कुमार अवस्थी अपर महाप्रबंधक तकनीकी सेवाएं ने राजभाषा पखवाड़ा के संवैधानिक पक्षों को रखते हुए “प्यार मातृभाषा के करना जैसे करते मां से प्यार, बनी राजभाषा हिन्दी को हर संभव देना विस्तार । हिन्दी बोलो, उर्दू बोलो मगर बोलना मधुर वचन बोल रहे हो हिन्दी तो” कर शुद्ध उच्चारण का संदेश दिया । कार्यक्रम के आयोजक ओमप्रकाश, वरिष्ठ प्रबंधक मा0 संसाधन-राजभाषा के आभार ज्ञापन से कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
65f2c1af60f8f0110fa84360690a5a5a | पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. बुधवार सीबीआई ने पूर्व मंत्री को उनके घर से गिरफ्तार किया था. जिसके बाद गुरुवार को सीबीआई हेडक्वार्टर में उनसे करीब 3 घंटे तक पूछताछ की गई. वहीं कोर्ट में पी. चिदंबरम के बचाव में कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें भी रखीं. हालांकि कोर्ट ने 26 अगस्त तक पी. चिदंबरम को सीबीआई रिमांड में भेज दिया है.
फैसले को मंजूरी देने वाले को आरोपी बनाया गया: सिंघवी
चिदंबरम के बचाव में सिंघवी ने दलील देते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सीबीआई का रवैया ही गलत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीबीआई इतनी परेशान क्यों है? उन्होंने कहा कि सीबीआई ने रिमांड की मांग की है लेकिन आरोप क्या है, इसे नहीं बताया. इस केस में और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. FIPB के 6 आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि फैसले को मंजूरी देने वाले को आरोपी बनाया गया है.
CBI का पूरा मामला इंद्राणी मुखर्जी के बयान पर आधारित: सिंघवी
पी. चिदंबरम के केस में अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई का पूरा मामला इंद्राणी मुखर्जी के सबूतों और केस डायरी पर आधारित है. उन्होंने कहा कि चिदंबरम को सिर्फ एक अप्रूवर के बयान पर गिरफ्तार किया गया है. अप्रूवर का बयान स्टेटस होता है, सबूत नहीं.
हमें मालूम है कि हिरासत में लेने के बाद वे क्या करेंगे: कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने जांच एजेंसियों को लेकर कहा- हमें मालूम है कि हिरासत में लेने के बाद वे क्या करेंगे. वे अपनी बात हमारे मुवक्किल के मुंह से कहलवाएंगे. बीती रात को भी इनको सोने नहीं दिया. सुबह 8 बजे से वे पूछताछ के लिए तैयार थे, लेकिन सीबीआई ने 11 बजे पूछताछ शुरू की. 12 सवाल पूछे और 6 के जवाब दिए गए. कोर्ट को सवाल करना चाहिए कि आखिर पी. चिदंबरम से क्या सवाल पूछे गए.
पी. चिदंबरम के मामले पर कपिल सिब्बल ने कहा कि कार्ति चिदंबरम को नियमित बेल मिलती रही है. भास्कर रमन को अग्रिम जमानत मिली. इन दोनों को ही सीबीआई ने कभी चैलेंज नहीं किया. दिल्ली हाईकोर्ट ने इन दोनों को जमानत दे रखी है. वहीं सिब्बल ने जमानत आदेश की प्रति अदालत को भी सौंपी.
पी. चिदंबरम की तरफ से सीबीआई को कहा गया था कि उन्हें सुबह गिरफ्तार करें. आज सुबह चिदंबरम से सिर्फ 12 सवाल पूछे गए, रात को कोई सवाल नहीं पूछा गया. कपिल सिब्बल की तरफ से कहा गया कि जो आरोप हैं वो कार्ति चिदंबरम पर थे, पी. चिदंबरम पर नहीं हैं. और कार्ति भी अभी बेल पर हैं, ऐसे में पी. चिदंबरम को भी जमानत दीजिए. क्या सीबीआई ने अभी तक चिदंबरम से पेमेंट को लेकर कोई सवाल पूछा है, सीबीआई उनपर गलत आरोप लगा रही है.
कपिल सिब्बल ने किया पांच दिन की हिरासत का विरोध
पी. चिदंबरम की तरफ से दलील रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में कार्ति चिदंबरम आरोपी हैं, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार नहीं किया. कपिल सिब्बल ने कहा कि केस के अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई है, ऐसे में इन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए. कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि इस डील को जिस FIPB के बोर्ड ने मंजूरी दी थी, उसमें 6 सेक्रेटरी केंद्र सरकार के थे उनमें से कुछ आरबीआई गवर्नर बन गए हैं, नीति आयोग के चेयरमैन भी बने हैं. लेकिन उनको तो कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि हम सभी रात को चिदंबरम के साथ थे, हमें बताया गया कि सीबीआई उन्हें कस्टडी में लेना चाहती है.
कोर्ट में बोली CBI- चिदंबरम ने किया पद का दुरुपयोग, 5 दिन की मांगी रिमांड
सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दलील कर रहे हैं. उन्होंने इस दौरान बताया कि INX मीडिया ने गलत तरीके से FDI वसूल की है, जो कि FIPB के नियमों का उल्लंघन है. चिदंबरम की वजह से INX मीडिया को गलत तरीके से फायदा पहुंचा, जिसके बाद कंपनी ने दूसरी कंपनियों को भी पैसा दिया है. कोर्ट में सीबीआई की तरफ से बताया गया कि लगभग 5 मिलियन डॉलर कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों को दिया गया. सीबीआई की तरफ से आरोप लगाया गया कि पी. चिदंबरम ने पद का दुरुपयोग किया. तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि किसी व्यक्ति का चुप रहना उसका अधिकार है, लेकिन जानबूझ कर सवालों को टालना गलत है. उन्होंने कहा कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए चिदंबरम की कस्टडी जरूरी है.
कठघरे में खड़े हुए पी. चिदंबरम…
सीबीआई ने पी. चिदंबरम को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर दिया है. चिदंबरम को कठघरे में खड़ा किया गया है. वहां खड़े होने के बाद उन्होंने कोर्ट रूम के छोटा होने पर हैरानी जताई. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि अदालत थोड़ी बड़ी होगी. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
99dc873212e7cc7b7c72923b10de6859 | भारत सरकार के सौजन्य से एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर चौरास में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया।
इस दो दिवसीय सेमिनार का मुख्य विषय ” संसदीय लोकतांत्रिक परम्परा में तकनीकी शब्दावली का महत्व” था जिसमें देश भर के विषय विशेषज्ञों ने जुटकर संसदीय तकनीकी शब्दावली के विकास एवं संवर्धन के विषय में विचार-विमर्श किया ।
कार्यशाला के द्वितीय दिवस का आरंभ तकनीकी सत्र के साथ हुआ ,जिसमें प्रो सुनील खोसला ने भारतीय संविधान के इतिहास, विकास तथा प्रस्तावना में वर्णित तकनीकी शब्दों के विषय पर विस्तृत चर्चा की।
दूसरे तकनीकी सत्र में प्रो नावेद जमाल ने “भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दों का योगदान” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने विस्तृत रूप से भारतीय भाषाओं में संविधान में तकनीकी शब्दावली के निर्माण के महत्व एवं विकास के संदर्भ में बातचीत की ।
तीसरे तकनीक सत्र में दून विश्वविद्यालय के प्रो हर्ष डोभाल ने अपना व्याख्यान ” संसदीय लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका” विषय पर प्रस्तुत किया। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में मीडिया तथा भाषाओं की विविधता और विकेंद्रीकरण पर जोर दिया।
प्रो राजेश पालीवाल ने आने अपने विषय “भारतीय संविधान के परिपेक्ष्य में संसदीय लोकतंत्र एवं न्यायिक दृष्टिकोण” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
दोपहर के बाद आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता प्रतिकुलपति प्रो आरसी भट्ट, ने की। कार्यशाला में मुख्य अतिथि पीवीवी सुब्रमण्यम , केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग, अति विशिष्ट अतिथि हिमालय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर काशीनाथ जैना एवं विशिष्ट अतिथि डॉ शहज़ाद अंसारी थे।
डॉ मनीष मिश्रा ने दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वानों एवं शोधार्थियों ने भी कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये ।
प्रो काशीनाथ जेना, पीवीवी सुब्रमण्यम , रघुनाथ कीर्ती संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग ने संसद की तकनीकी शब्दावली, भाषा, संप्रेषण एवं अनुवाद प्रक्रिया के विषय में अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया। प्रति कुलपति प्रो आरसी भट्ट ने भारत संसदीय व्यवस्थाओं के उदय , विकास तथा उनकी तकनीक शब्दावली पर अपने विचार व्यक्त किये ।
कार्यक्रम के अंत में प्रमाण – पत्रों के वितरण के पश्चात कार्यक्रम संयोजक प्रो एम एम सेमवाल ने अतिथियों एवं सभी प्रतिभागियों के आभार व्याकर करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लगातार विश्विद्यालय एवं विभाग में शोध एवं शिक्षा की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी।
इस अवसर पर प्रो नावेद जमाल , प्रो यूसी गैरोला, प्रो वीरपाल सिंह चौधरी, प्रो सुनील खोसला, प्रोफेसर दिनेश गहलौत,प्रो राजपाल सिंह नेगी, ,डॉ सर्वेश उनियाल, डॉ आकाश रावत, डॉ कपिल पँवार, डॉ आशुतोष गुप्त, डॉ अमित कुमार शर्मा कार्यशाला में आचार्य कमला कान्त मिश्र, पूर्व निदेशक, राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान (सम्प्रति केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), दिल्ली, डॉ एम.पी. मिश्रा, इग्नू, दिल्ली, डा ममता त्रिपाठी, गार्गी महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा डा अजय कुमार मिश्रा, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डा नवीन चन्द डा उमराव ओपन यूनिवर्सिटी से डॉक्टर लता जोशी, डॉ आरुषि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से डॉक्टर राखी पंचोला डॉक्टर सरिता मलिक डॉ अनिल सैनी, डॉक्टर अमिताभ भट्ट ,डा जगमोहन सिंह नेगी ने की विशेषज्ञों के रुप में इस संगोष्ठी में भाग लिया। इसके साथ ही 150 से अधिक शिक्षक, शोधकर्ताओं ने इस कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
अंत में प्रतिभागियों द्वारा कार्यशाला की फीडबैक भी प्रस्तुत की गई। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9b21d3dfc3c0d3a58a02fb7d40b884c3 | उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
माली, मंगलवार, 26 अक्तूबर 2021 (वीएनएस)- कोलोम्बिया की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया जो कथित इस्लामिक स्टेट के आतंकियों द्वारा अपहरण किये जाने के करीब पाँच सालों बाद रिहा हुईं कहा कि विश्वास और प्रार्थना ने ही उन्हें अग्नि परीक्षा से बचाया।
सिस्टर ग्लोरिया जो फ्राँसिसकन सिस्टर्स ऑफ मेरी इम्माकुलेट धर्मसमाज की धर्मबहन हैं, उनका अपहरण 7 फरवरी 2017 को हुआ था। परमधर्मपीठ एवं कोलोम्बिया के धर्माध्यक्षों के महीनों के प्रयास के बाद 9 अक्टूबर 2021 को उन्हें रिहा कर दिया गया।
वाटिकन न्यूज से बातें करते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने अपना अनुभव साझा किया तथा उन्होंने ईश्वर, कलीसिया, पोप फ्राँसिस और इटली के अधिकारियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें रिहा होने में मदद दी। उनके कैद के दौरान कोलोम्बिया की कलीसिया और धर्मसमाज ने उनके लिए लगातार प्रार्थना की तथा उनकी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा।
अपहरणकर्ताओं के साथ अच्छा संबंध
सिस्टर ग्लोरिया ने वाटिकन न्यूज के पत्रकार फादर मानुएल कुबियस को बतलाया कि आपसी सम्मान के कारण अपहरणकर्ताओं के साथ उनका अच्छा मानवीय संबंध रहा, हालांकि, उन्हें लगा कि धर्म और काथलिक विश्वास के कारण उनके साथ एक अजनबी की तरह व्यवहार किया गया। "उन्होंने हमेशा दोहराया कि इस्लाम ही सच्चा धर्म है। मैंने उन्हें सम्मान के साथ बोलने दिया किन्तु महसूस किया कि मेरे काथलिक एवं एक धर्मबहन होने के लिए वे मेरी उपेक्षा करते थे।"
हमेशा ईश्वर पर भरोसा
उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के लिए भयभीत नहीं थीं क्योंकि ईश्वर पर भरोसा रखती थी। "मैंने अपने आप से कहा, 'क्या होगा, क्या होगा'।" प्रार्थना करना एवं स्तोत्र के पाठ ने उन्हें बहुत मदद दिया और उन्हें सुरक्षा का भाव प्रदान किया। उन्होंने कहा कि रिहा होने के बाद उनका सबसे पहला विचार था पूरे हृदय से ईश्वर को धन्यवाद देना।
माली में फ्रांसिसकन धर्मबहनों की प्रेरिताई
फ्राँसिसकन धर्मसमाज द्वारा अपहरण के दौरान किये गये कार्यों के बारे बोलते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने बतलाया कि वे माली के कारांगासो जिला में लोगों के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र चलाती हैं, और एक अनाथालय देखती हैं जिसमें दर्जनों बच्चे हैं जिनकी माताएं बच्चों को जन्म देते समय मर गई हैं। फ्रांसिसन बहनें छोटे व्यवसायों, विशेष रूप से महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों के लिए माइक्रो-क्रेडिट का भी काम करती हैं ताकि उनके परिवारों के भरण-पोषण में सहयोग दे सकें।
माली में बढ़ती असुरक्षा
पिछले वर्षों में माली में कलीसिया की मिशनरी गतिविधि, साहेल क्षेत्र के अन्य देशों की तरह, जिहादी विद्रोह के कारण बढ़ती असुरक्षा से बाधित हुई है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों ने सहारा के किनारे अर्ध-शुष्क क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा दी है, जिससे जातीय संघर्षों को बढ़ावा मिला है और पूरे समुदायों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर किया है। ठीक एक साल पहले, सोसाइटी ऑफ अफ्रीकन मिशन के सदस्य, इताली काथलिक मिशनरी फादर पियेरलुइजी मेकाल्ली को नाइजर में एक जिहादी समूह द्वारा अपहरण किए जाने के दो साल बाद रिहा कर दिये गये थे। | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
2d4a554aa9fb586c8d04ca191c60cb91 | TRENDING ON ONEINDIA
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"स्मार्ट स्कूलिंग" से अपने बच्चे को बनाईए स्मार्ट
क्या आपका बच्चा स्कूल जाने से घबराता है, या फिर स्कूल की पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता। अब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए हाईटेक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, पहले जहां विदेशों के स्कूलों में बच्चें हाईटेक तरीके से पढ़ाई करते थे वहीं अब भारत में कई स्कूलों में हाईटेक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।
होम ऑटोमेशन और मोबाइल टेक्नालॉजी प्रोडेक्ट बनाने वाले स्मार्ट ग्रुप ने नया स्मार्ट स्कूलिंग ईफार्मेशन सिस्टम पेश किया है जिसकी मदद ये स्कूलों को हाईटेक बनाया जा सकता है। स्मार्ट स्कूलिंग इंफार्मेशन सिस्टम (SSIS) एक तरह के ईआरपी सिस्टम पर काम करता है जिसकी मदद से स्कूल की सभी चीजों को मैनेज किया जा सकता है। जैसे फीस मैनेजमेंट, रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन स्कूल एडमीशन।
इस नए सिस्टम से बच्चों की फीस बड़े आराम से ऑनलाइन जमा की जा सकती है। यानी ऑफिस से छुट्टी लेकर स्कूल जाने का कोई झंझट नहीं। इसके अलावा अगर आप अपने बच्चें का स्कूल में एडमीशन कराना चाहते हैं तो वो भी ऑनलाइन कर सकते हैं। अगर आपको अपने बच्चें की सुरक्षा की चिंता है तो स्मार्ट स्कूलिंग सिस्टम की मदद से आप अपने बच्चें की स्कूल बस को भी ट्रैक कर सकते हैं यानी इसमें जीपीएस सपोर्ट भी दिया गया है। एक तरह से ये किसी भी स्कूल लिए एक कंप्लीट सिस्टम हैं । | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
762d7f385ddabed09da68c0f5cc0e1c8 | शिमला, 19 जुलाई ।
शिमला जिला के दूरदराज क्षेत्र नेरवा से अब सीधे दिल्ली की बस पकड़ सकेंगे। परिवहन मंत्री मोहेन्द्र सिंह ठाकुर ने आज शिमला जिला के दूरदराज चौपाल क्षेत्र केे नेरवा में उप-बस डिपू का उद्घाटन किया तथा नेरवा- दिल्ली वाया शिलाई पांवटा बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया । उन्होने नेरवा में 2 करोड़ रू. की लागत से बनने वाले बस अड्डे का भी शिलान्यास किया ।
मंत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेडे में 200 नई बसो को जोड़ा जा रहा है जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और जिन रूटो पर परिवहन निगम की बसे चलाने में असुविधा हो रही है उन क्षेत्रों केे लोगों को परिवहन की सुविधा मिलेगी । उन्होंने कहा कि निगम शीघ्र ही वाहन चालको एवं परिचालको केे रिक्त पदो को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगा जिससे चालको एवं परिचालको की कमी पूरी करके बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा ।
मंत्री ने नेरवा से शिमला वाया मड़ावग नई बस सेवा शुरू करने का भी आश्वासन दिया जिससे क्षेत्र केे यात्रियों को शिमला पहुंचने तथा अपने उत्पादन मण्डियो तक पहुंचाने की सुविधा प्राप्त होगी । उन्होने कहा कि नेरवा बस उप डिपू में शुरूआती तौर पर पांच बसे उपलब्ध करवाई जायेगी और जरूरत के अनुसार इस डिपू में बसों की संख्या में बढ़ौतरी की जायेगी । | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
03541f88e0bdf42308ff4018a53ccc6c | ब्रॉक लैसनर (Brock Lesnar) की गिनती WWE इतिहास के सबसे बेहतरीन इन रिंग परफॉरमर्स में की जाती है, इसलिए उनसे बेकार मैचों की उम्मीद बहुत कम रहती है। लेकिन प्रो रेसलिंग में रेसलर्स को स्क्रिप्ट के अनुसार रिंग में प्रदर्शन करना होता है, इसलिए उनका अपने साथियों के साथ तालमेल बैठाना बहुत जरूरी हो जाता है।
इसलिए ब्रॉक लैसनर हों या कोई अन्य महान प्रो रेसलर। अगर वो अपने साथी रेसलर्स के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए, तो वो अच्छा मैच नहीं लड़ पाएंगे जिससे उन्हें आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ता है। 2012 में वापसी के बाद लैसनर WWE में एक पार्ट-टाइम सुपरस्टार की भूमिका निभाते आए हैं।
ये भी चौंकाने वाली बात है कि Wrestlemania 29 और 36 के बीच उन्होंने एक भी Wrestlemania के शो को मिस नहीं किया है। इस आर्टिकल में हम द बीस्ट के शानदार सफर को याद करते हुए उनके सबसे बेकार Wrestlemania मैचों से अवगत कराएंगे।
ब्रॉक लैसनर vs डीन एम्ब्रोज़ - WWE Wrestlemania 32
WWE में डीन एम्ब्रोज़ (जॉन मोक्सली) का किरदार ही ऐसा रहा, जिसे देखकर उनका ब्रॉक लैसनर के खिलाफ रिंग में उतरना ही थोड़ा अजीब लग रहा था। अगर जिस किरदार में वो AEW में काम कर रहे हैं, उसी किरदार में WWE में होते तो एम्ब्रोज़ vs लैसनर सबसे यादगार मैचों में से एक बन सकता था।
सबसे खराब बात ये रही कि लैसनर इस मैच में परफॉर्म नहीं करना चाहते थे। यहां तक कि स्टीव ऑस्टिन के Broken Skull Sessions पॉडकास्ट पर एम्ब्रोज़ ने इस मैच को सबसे बेकार मैच की संज्ञा दी थी, लेकिन असल में मुकाबला इतना बेकार नहीं था।
एम्ब्रोज़ इस मुकाबले में जितना हो सकता था उतनी हार्डकोर रेसलिंग करना चाहते थे। अगर लैसनर ने इस धमाकेदार मुकाबले के प्रति दिलचस्पी दिखाई होती तो जरूर फैंस के लिए Wrestlemania 32 का ये मैच यादगार बन सकता था।
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cc533b8da0642dae3b1e35ace019a1c1 | पाकिस्तान के पेशावर में आतंकी हमले की खबर है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला पेशावर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन की इमारत पर शुक्रवार को हुआ। पाकिस्तानी वेबसाइट द डॉन ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि आतंकियों की संख्या 3 थी। जब वे इमारत में दाखिल हुए तो उनके मुंह ढके हुए थे। इसके बाद उन्होंने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमले की खबर मिलने के बाद पुलिस और सेना मौके पर पहुंची। सुरक्षाबलों ने इलाके को खाली कराके आतंकियों के खात्मे की मुहिम शुरू कर दी। फिलहाल 4 लोगों के घायल होने की खबर है।
फिलहाल सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच ठहर ठहर कर फायरिंग जारी है। आसपास के लोगों ने धमाके होने की भी पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, इस परिसर के अंदर एक स्टूडेंट्स हॉस्टल भी है जिसमें करीब 100 छात्र रहते हैं। जहां यह हमला हुआ, वह यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित है, जो काफी व्यस्त माना जाता है। हमले के बाद इस रास्ते पर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी गई है। घायलों को खैबर टीचिंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया है, जो नजदीक में ही स्थित है। इनमें दो स्टूडेंट्स, एक गार्ड जबकि एक मीडियाकर्मी बताया जाता है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमला सुबह सवा 8 बजे के करीब हुआ। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि फायरिंग की आवाज सुनते ही वे भागे, लेकिन दो स्टूडेंट्स घायल हो गए।
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34ebeac58f4f1cf1ac4c4f0cb4b4c034 | - प्रसेनजीत भट्टाचार्य
नई दिल्ली- हाल ही में भारत के भ्रष्टाचार-विरोधी प्राधिकारी वर्ग ने नौकरशाहों, राजनेताओं और सरकारी कंपनियों के आला अधिकारियों को भ्रष्टाचार के बड़े मुद्दों को सुलटाने हेतु अपना भागीदार बनाया।
कई भारतीयों के लिए, लंबे समय से अपेक्षित जांच की ये कार्रवाई भारत की सुविदित नौकरशाही पर एक बड़ी चोट है। लेकिन इस दृष्टिकोण के अनायास प्रभाव भी थे: इसने कई क्षेत्रों में सरकारी निर्णय पर विराम भी लगा दिया। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
240437664b09576d527828fd8b350c12 | NEWSTODAYJ_Ranchi: उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को कोविड-19 टास्क फोर्स की बैठक बुलाई गयी. इस दौरान उपायुक्त ने 15 जनवरी 2022 तक जिले में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है. इसको लेकर उपायुक्त ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उपायुक्त ने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारियों और एमओआईसी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
उपायुक्त रंजन ने कहा कि 15 जनवरी 2022 तक शत-प्रतिशत टीकाकरण को लेकर जिले में कोविड-19 टीकाकरण महा अभियान चलाया जाएगा. उपायुक्त ने इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर टीम बनाने का निर्देश दिया.
आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर गठित टीम घर-घर जाकर सर्वे का कार्य करेगी. वोटर लिस्ट के माध्यम से घर के सभी सदस्यों के टीकाकरण की जानकारी टीम द्वारा ली जाएगी. टीकाकरण की जानकारी किसी व्यक्ति द्वारा दिए जाने पर उसे जिला प्रशासन की टीम को आवश्यक दस्तावेज भी दिखाने होंगे.
बैठक में उपायुक्त रंजन ने कहा कि जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए जिला प्रशासन की टीम घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति का कोविड-19 का दोनों डोज़ सुनिश्चित कराने का कार्य करेगी. उपायुक्त श्री रंजन ने महा टीकाकरण अभियान की शुरुआत को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर बनाई जाने वाली टीम के लिए एक फॉर्मेट भी तैयार करने का निर्देश दिया, जिसका उपयोग टीम द्वारा सर्वे कार्य के दौरान किया जाएगा. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
56a4459facd864703e6b979dcbb4c6fd | बिग बॉस 17 को शुरू हुए पांच हफ्ते पूरे हो चुके हैं। शो छठवें हफ्ते में पहुंच चुका है, लेकिन कंटेस्टेंट अभी तक कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं। बता दें शो के इस सीजन की टीआरपी बढ़ाने के लिए मेकर्स घर में नए-नए ट्विस्ट लेकर आ रहे हैं। लेकिन, कंटेस्टेंट्स की यूजलैस स्ट्रैटजी देखकर अब दर्शक भी बोर होने ल
ड्रामा क्वीन राखी सावंत एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने हाल ही में शाहरुख खान से अपना स्पर्म डोनेट करने की गुजारिश की है।
तमाम तरह के विवादों के बाद अब तनुश्री दत्ता ने राखी सावंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस दौरान एक्ट्रेस ने मीडिया से बातचीत में नाना पाटेकर पर भी कई तरह के आरोप लगाए।
हाल ही में राखी को एक पॉर्लर के बाहर स्पॉट किया गया।
हाल ही में गौहर खान ने राखी सावंत को धर्म का मजाक बनाने पर खूब खरी-खोटी सुनाई है।
आदिल ने राखी पर फर्जी प्रेग्नेंसी और मिसकैरेज के आरोपों को गलत बताया और कहा कि राखी कभी मां बन ही नहीं सकती है क्योंकी एक्ट्रेस अपनी यूट्रस रिमूव करवा चुकी है।
6 महीने बाद जेल से बाहर आए राखी सावंत के पति आदिल खान।
राखी एक वाइल्ड कार्ड के जीतने पर खुश तो हैं लेकिन वे एल्विश पर अपना गुस्सा भी जाहिर कर रही हैं।
राखी सांवत के इस वीडियो पर यूजर्स अपने रिएक्शन दे रहे हैं।
एक्ट्रेस का एक और वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।
राखी ने पैपराजी को दिए इंटरव्यू में पहले तो चंद्रयान 3 के लिए देश को बधाई दी लेकिन इसके बाद इसका क्रेडिट भी खुद ही ले लिया।
राखी का लेटेस्ट वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।
वीडियो में राखी ने लाल रंग का लहंगा पहना हुआ है और वह जमकर ढोल नगाड़ो पर डांस करती नजर आ रही हैं।
कैटरीना कैफ के गाने पर डांस करते-करते गिर पड़े Vicky Kaushal, आईफा के मंच से वायरल हुआ ये मजेदार वीडियो।
एक्ट्रेस राखी सांवत अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं। ऐसे में राखी को जान से मारने की धमकी मिली है।
राखी सावंत ने यूं बनाया मलाइका अरोड़ा का मजाक।
बॉलीवुड के दंबग यानी सलमान खान को हाल ही में गैंगस्टर से जान से मारने की धमकी मिली है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में राखी जमीन पर बैठी नजर आ रही हैं।
एक्ट्रेस ने दुबई में शर्लिन चोपड़ा के साथ मिलकर डांस और एक्टिंग एकेडमी खोली है।
हाल ही में एक पार्टी में शामिल हुई कश्मीरा ने राखी के मुद्दे पर अपनी बात रखी। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9e56387fae639d3d63405dfc81669b2e | ऐसे में फिल्म की लीड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना स्वाभाविक रूप से काफी उत्साहित हैं.
रश्मिका मंदाना (फोटो क्रेडिट: फोटो- IANS)
हाइलाइट
- ‘डियर कॉमरेड’ के हिंदी संस्करण ने 25 करोड़ व्यूज को पार किया
- विजय देवरकोंडा और रश्मिका की हो रही है तारीफ
- रश्मिका जल्द ही अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म में नजर आएंगी
नई दिल्ली:
विजय देवरकोंडा-स्टारर तेलुगु ब्लॉकबस्टर ‘डियर कॉमरेड’ के हिंदी डब संस्करण ने YouTube पर 250 मिलियन व्यूज को पार कर लिया है। ऐसे में फिल्म की लीड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना स्वाभाविक रूप से काफी उत्साहित हैं. रश्मिका मंदाना कहती हैं, ‘बात यह है कि मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है कि फिल्म के हिंदी डब वर्जन ने यूट्यूब पर 25 करोड़ व्यूज को पार कर लिया है क्योंकि मुझे लगता है कि यह इसके लायक है। यह लोगों की कहानी है, इसमें सच्चाई है और हमारे दर्शक इसे देख सकते हैं। यह देखकर मेरा दिल वास्तव में अच्छा लगता है कि हमारी फिल्म को देश भर के दर्शकों ने इतना प्यार दिया है। प्रिय कॉमरेड ने मुझे एक अभिनेता और एक इंसान के रूप में बहुत कुछ दिया है।
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रश्मिका मंदाना का दावा है कि भारत कम्मा द्वारा निर्देशित यह फिल्म हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहेगी। रश्मिका मंदाना कहती हैं, “डियर कॉमरेड’ का मेरे दिल में एक खास स्थान है। तैयारी, इसमें शामिल लोग, पूरी शूटिंग प्रक्रिया, पूरा अनुभव और दर्शक मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। मुझे नहीं लगता कि मैं कर पाऊंगी। मेरी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करें।
वर्क फ्रंट की बात करें तो रश्मिका मंदाना आने वाली फिल्म ‘मिशन मंजू’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं. इसके अलावा वह अमिताभ बच्चन स्टारर ‘गुडबॉय’ का भी हिस्सा हैं। रश्मिका मंदाना को कर्नाटक का क्रश कहा जाता था, लेकिन अब रश्मिका नेशनल क्रश बन गई हैं। रश्मिका मंदाना दक्षिण भारत के अलावा उत्तर भारत में भी काफी मशहूर हैं। रश्मिका मंदाना ने कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम किया है, रश्मिका मंदाना ने साल 2016 में फिल्म किरिक पार्टी से कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया था। यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल थी।
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पहली बार प्रकाशित : 19 जून 2021, 07:11:18 अपराह्न
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25bf121b7b0c4b88e3be640a68135d83 | सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, 500 मिलियन से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा ऑनलाइन लीक हो गया है। लेकिन सबसे भयावह बात यह है कि इन उपयोगकर्ताओं का डेटा मुफ्त में ऑनलाइन पाया जा सकता है।एक के अनुसार रिपोर्ट good बिजनेस इनसाइडर द्वारा प्रदान किए गए, उपयोगकर्ता विवरण में उनकी जन्म तिथि, मोबाइल फोन नंबर, फेसबुक आईडी, आदि शामिल हैं। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपने कभी अपने मोबाइल फोन नंबर का उपयोग अपने फेसबुक खाते के लिए लॉगिन विधि के रूप में किया है, तो आपको अपने खाते के स्पैम पाठ संदेशों तक पहुँचने के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी चुराने की स्थिति में सतर्क रहने की आवश्यकता हो सकती है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साइबर क्राइम कंपनी हडसन रॉक के सह-संस्थापक अलोन गैल का हवाला देते हुए, यह वही डेटाबेस है जो जनवरी से हैकर रोड में मौजूद है और पहली बार वैज्ञानिक प्रकाशनों पर जोर दिया गया है। मदरबोर्ड।
क्या फेसबुक उपयोगकर्ताओं को चिंतित होना चाहिए?
रिपोर्ट के अनुसार, 106 देशों के 533 मिलियन फेसबुक उपयोगकर्ताओं का गोपनीय डेटा मुफ्त में ऑनलाइन लीक हो गया है। इसमें भारत में 6 मिलियन से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डेटा शामिल हैं। इनसाइडर लीक हुए डेटा के नमूने देखने में कामयाब रहा और कुछ रिकॉर्ड को सत्यापित कर सकता है।
हालाँकि, यदि आप फेसबुक के कथन का अनुसरण करते हैं, तो डेटा “ बहुत पुराना है, ” और सामाजिक नेटवर्क की दिग्गज कंपनी ने दावा किया है कि अगस्त 2019 में ही समस्या का समाधान हो जाएगा। चूंकि साइबर क्रिमिनल्स इस सूचना का उपयोग उन्हें प्रतिरूपित करने या ब्लैकमेल करने के लिए कर सकते हैं, इसलिए यह अभी भी लाखों उपयोगकर्ताओं को जोखिम में डाल सकता है।
किसी भी तरह से, एलोन गैल सभी फेसबुक उपयोगकर्ताओं से आग्रह करता है कि आने वाले महीनों में अपने सामाजिक खातों पर संभावित हमलों के प्रति सतर्क रहने के लिए लीक हुए डेटाबेस में डेटा का उपयोग करें। यदि आपने हाल के महीनों में अपने फेसबुक पासवर्ड का उपयोग नहीं किया है, तो वह भी बुद्धिमान है।
बड़ी मात्रा में उपयोगकर्ता डेटा को संसाधित करते समय फेसबुक सख्त जांच का सामना करता है। कैम्ब्रिज एनालिटिका ने सोशल नेटवर्किंग की दिग्गज कंपनी और डेटा की सुरक्षा के अपने तरीकों का खुलासा किया। कंपनी को समय पर ढंग से इस मुद्दे को हल करने में विफल रहने के लिए अमेरिकी कांग्रेस कमेटी द्वारा बार-बार पूछताछ की गई है। | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
891e885c44cd7af91697763fa15ee1b3 | मुंबई। ये है बिग बॉस का घर और उसकी अनोखी दुनिया जहां हर घरवाला बिना एक-दूसरे से लड़ाई किये रह नहीं सकता। शो की यही खासियत शो को और इंट्रेस्टिंग भी बनाती है। खैर वैसे तो घर के सभी कंटेस्टेंट अपने दिमाग से गेम को खेलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उन्ह सभी के बीच हिना खान को सबसे ज्यादा शातिर माना जा रहा है।
वो शो की शुरुआत से ही सभी सदस्यों को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में जो उनके हिसाब से नहीं चलता वो उनका दुश्मन बन जाता है। वहीं, हिना के हौसलें अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने सलमान खान तक को नहीं छोड़ा। ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि इस बार सलमान भी उन्हें नहीं बख्शेंगे। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
8f850dfdfcd42ecacfaa9b28d0073958 | बीजेपी के संगठन महासचिव बी एल संतोष सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले चर्चित नेताओं में से हैं। लेकिन उनके कुछ ट्वीट ऐसे भी होते हैं, जिससे पार्टी में तमाम नेताओं की बेचैनी बढ़ भी जाती है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक बुधवार को संतोष ने एक पोस्ट को रीट्वीट किया, जिसमें उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया था। खंडूरी ने मीडिया सलाहकार की नियुक्ति की खबरों का खंडन करते हुए पत्र में बीजेपी महासचिव को भी उसकी कॉपी ईमेल कर दी थी। इस घटना से पता चलता है कि बीजेपी शासित राज्यों में उच्चस्तर पर सरकारी दफ्तरों में भी बी एल संतोष का दखल रहता है। यानी महत्वपूर्ण नियुक्तियां वगैरह उन्हीं से पूछकर होती हैं।
बीजेपी के अंदर सवाल पूछे जा रहे हैं कि उत्तराखंड स्पीकर के कार्यालय से भेजे गए पार्टी पदाधिकारी के पत्र को सोशल मीडिया पर क्यों ट्वीट किया गया। संतोष ने उस पोस्ट को तुरंत रीट्वीट किया, जिसे स्पीकर के कार्यालय से जारी किया गया था। किसी राज्य के प्रशासनिक कार्यों में बी एल संतोष के हस्तक्षेप की इस बात बीजेपी के तमाम पदाधिकारी पचा नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस अंदरुनी व्यवस्था को बी एल संतोष ने सार्वजनिक क्यों किया।
संतोष को आरएसएस की तरफ से बीजेपी में भेजा गया है। संघ से भेजे गए महत्वपूर्ण शख्स को बीजेपी में यही पद मिलता है। दरअसल, इस पद पर रहने वाला शख्स ही संघ और बीजेपी के बीच सेतु का काम करता है। हालांकि आरएसएस कहता रहता है कि बीजेपी में उसका कोई दखल नहीं रहता है लेकिन यह तथ्य सही नहीं है। दरअसल, संगठन महासचिव के जरिए ही नियंत्रण रखा जाता है।
इसी तरह बीजेपी शासित राज्यों में भी संघ की ओर एक शख्स नियुक्त किया जाता है। वो प्रभारी होता है और पार्टी की बैठकों से लेकर सरकार तक की बैठकों में शामिल रहता है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
011c383a2cb7ae53093c79b7dd0d64e4 | जयपुर। वूमेन पॉवर सोसायटी राजस्थान की जयपुर में महिलाओं , यूथ, बच्चों में बढ़ती हुई लोकप्रियता, सफल कार्यक्रमों के द्वारा जनजागृति के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका अरोड़ा, प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सक्सेना प्रदेश संयोजक संतोष कुमार की अनुशंसा मे महिला यूथ में नई शक्ति जोश “नारी शक्ति वंदन विधेयक” की अग्रिम कड़ी में हाल ही नव नियुक्त होने वाली एशली आशीष, मिस एशिया इंटरनेशनल को वूमेन पॉवर सोसायटी यूथ आइकॉन के लिए नामित किया गया है।
इस मौके पर प्रदेश संयोजक संतोष कुमार, जयपुर जिला संयोजक डॉक्टर वैशाली घई, मनोज खत्री, मालपुरा जिला अध्यक्ष बिशन लाल वर्मा, सहयोगी कार्यकर्ता मानसी मीरवाल सभी ने मिलकर स्वागत अभिनंदन किया। यूथ ब्रांड आइकॉन का सर्टिफिकेट, समाजसेवी महिलाओं में शिक्षा की प्रथम जन जागृति के प्रहरी माता सावित्री बाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले का प्रतीक चिन्ह, पुष्प गुच्छ, नेशनल वूमेन डांस लीग मोमेंटो और वूमेन पॉवर सोसायटी की विवरणिका बुक भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया। जिसमें जिला संयोजक और यूथ आइकॉन के द्वारा समाज में जागृति अभियान शुरू करने का भरोसा दिलाया और युवाओं को आगे लाने का निर्णय लिया गया। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
35136f7be9b6f5143ea81347a67e2a41 | नईदिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के 19वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) से हो रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके ने 20 ओेवर में 4 विकेट खोकर 191 रन बनाए हैं। रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने हर्षल पटेल के आखिरी ओवर में चौके-छक्कों की बारिश करते हुए 37 रन ठोके। उन्होंने इस दौरान 5 छक्के और एक चौका लगाया। इसके साथ ही हर्षल ने एक नो बॉल भी फेंकी, जिस पर जडेजा ने सिक्स जड़ा।
आईपीएल में इससे पहले क्रिस गेल ने साल 2011 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी मैदान पर कोच्चि टस्कर्स के खिलाफ प्रशांत परमेस्वरन के ओवर में तीन छक्के और तीन चौके की मदद से 37 रन बटोरे थे। आईपीएल के इतिहास में हर्षल पटेल ने अबतक का सबसे महंगा 20वां ओवर फेंका। हर्षल अपनी लाइन लैंथ से भटके हुए नजर आए जिसके जडेजा ने पूरा फायदा उठाया। जडेजा ने महज 28 गेंदों में 62 ठोके और 4 चौके और 5 लंबे सिक्स लगाए। जिसकी बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स ने आरसीबी के खिलाफ 4 विकेट खोकर 191 रन बनाए। जडेजा के अलावा, फाफ डुप्लेसिस ने भी 50 रनों की शानदार पारी खेली।
इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स की टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है और टीम ने पहला मैच गंवाने के बाद लगातार तीन मुकाबले जीते हैं। वहीं, विराट कोहली की अगुवाई में आरसीबी ने अबतक आईपीएल 2021 में एक भी मैच में हार का सामना नहीं किया है। टीम ने अभी तक खेले चारों ही मुकाबलों में जीत दर्ज की है। सीएसके ने अपने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव करते हुए इमरान ताहिर और ड्वेन ब्रावो को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है, जबकि बैंगलोर ने डेन क्रिश्चियन और नवदीप सैनी को टीम में शामिल किया है। देखना दिलचस्प होगा कि इस मुकाबले में कौन सी टीम किसके विजय रथ पर लगाम लगाने में सफल होती है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
fb7ea091cbfd86d8ee7b15a1173623c3 | मोहाली। पंजाब सहित कई राज्यों में लूटपाट की वारदातो को अंजाम देने वाले यूपी गिरोह के तीन सदस्यों को मोहाली पुलिस ने हथियारों समेत गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है,जबकि दो आरोपी फ़रार होने में कामयाब हो गए,पुलिस ने आरोपियों पास से दो पिस्टल,दो देशी कट्टे 19 जिंदा कारतूस और पांच मैगजीन बरामद किये है.आरोपियों के खिलाफ यूपी के थानो में लूटपाट,हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज है।
मोहाली पुलिस के डीएसपी गुरशेर सिंह संधू ने बताया की गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित शर्मा,अभिषेक शर्मा,और राहुल कुमार निवासी जिला मेरठ उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है,जबकि फ़रार दो आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
ab9460a85625d515c027ba4de277b5f5 | 06. एक घटना, 『दाईहन मेईल शिनबो』 (मई 1, 1906)
एक घटना.
उल्दोशहर के मजिस्ट्रेट शिम हंग-थैकने आंतरिक मामलों के मंत्रालय को सूचित किया कि जापान के कुछ अधिकारियों ने शहर का दौरा किया और दावा किया कि दोक्दो, जो शहर का हिस्सा है, जापान के अधिकार क्षेत्र में है और उन्होंने क्षेत्र का दौरा करके जनसंख्या और कृषि का आंकड़ा लिया । मंत्रालय ने यह निर्देश दिया कि इस गतिविधि को अनदेखा नहीं किया जा सकता कि जापानी सिर्फ घूमने के उद्देश्य से आए थे बल्कि यह कहना कि दोक्दोजापानी अधिकार क्षेत्र में है पूरी तरह से आधारहीन है और वे इस रिपोर्ट से आश्चर्यचकित रह गए।
* दाईहन मेईल शिनबो या कोरिया दैनिक समाचार जुलाई, 1904 ई० में पहली बार छपा था। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
37be78d0dd8074e8ac00a7c845170fd7 | फिटनेस हासिल करने के लिए लोगों की पहली पसंद जिम होता है। लोगों को वजन घटाना हो तो भी उनके जेहन में सबसे पहले जिम का ही खयाल आता है। जिम जाने वालों को लगता है कि तेजी से वजन कम करने के लिए यह सबसे उपयुक्त तरीका है। लेकिन अमेरिकी विशेषज्ञों ने इस धारणा को दूर करने के लिए एक विशेष रिपोर्ट तैयार की है।
जानें : जल्दी वजन घटाने वाले आहार
रिपोर्ट के मुताबिक एक्सरसाइज करने के लिए जिम जाना जरूरी नहीं है, न ही मशीनों पर लाखों रुपए खर्च करने की जरूरत है। घर पर ही छोटे छोटे उपकरणों के जरिए वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज की जा सकती है।
अमेरिकन काउंसिल ऑफ एक्सरसाइज की प्रवक्ता जेसिका मैथ्यू के मुताबिक पार्क में तेज रफ्तार से चहलकदमी करना, सीढियां चढ़ना, रस्सी कूदना, उछलना या हूला-हूपिंग करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके लिए जिम जाने की जरूरत बिल्कुल नहीं है।
इसके अलावा स्वस्थ रहने के लिए हफ्ते में पांच दिन एरोबिक्स और मॉर्निंग वॉक करना या दो या तीन दिन इलास्टिक बैंड के साथ स्ट्रेचिंग किया जा सकता है। इससे सीने, पीठ, पैरों व कंधो की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमाईहैल्थ की नहीं है । डिस्क्लेमर:ओन्लीमाईहैल्थ पर उपलब्ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नहीं है। | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
25e11d575f4b0275ffdc4fb12a1829a9 | दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट कर पुलिस को किया था आगाह, मेरी आंख के नीचे दलितों के साथ ऐसी दादागीरी नहीं चलेगी, आज ही इन्हें गिरफ्तार करो वरना हम रास्ते पर प्रदर्शन करेंगे...
जनज्वार। केंद्र की मोदी सरकार देश के विकास के तमाम दावे-वादे करती है, कहा जाता है कि देश विकास के पथ पर अग्रसर है, समाज से जातियों का भेद मिट गया है। हमारे तमाम माननीय दलितों के घर खाना खाते मीडिया में दिखाई देते हैं मगर इस तथाकथित विकास का आईना हर रोज सामने आता रहता है। मोदी के गृहराज्य गुजरात में ही दलित युवाओं की मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। इसमें एक युवक बुरी तरह घायल हो गया तो अन्य तीन को भी बहुत मारा गया है।
गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती इलाके में एक दलित युवा की पिटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस घटना में साबरमती इलाके में रविवार 3 नवंबर की रात को कुछ लोगों ने एक दलित व्यक्ति को बुरी तरह पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
ये घटना साबरमती इलाके के एक भोजनालय में घटी। यहां एक दलित युवक अपने कुछ दोस्तों के साथ एक रेस्तरां पर खाने के लिए गया था, जहां रेस्तरां मालिक के साथ दलित शख्स की किसी बात पर तू-तू, मैं-मैं हो गयी, जिसके बाद रेस्तरां मालिक के साथ मिलकर कुछ अन्य लोगों ने दलित लड़के और उसके साथियों को बुरी तरह पीट दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब ये दलित युवा जब ढाबे पर खाना खा रहे थे तो खाने की थाली नीचे गिर गयी, जिस पर ढाबा मालिक चीखने—चिल्लाने लगा और उसके बाद कुछ लोगों के साथ मिलकर दलित युवकों को पीट दिया। इस घटना का वीडियो किसी ने शूट कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया।
बाद में पुलिस ने मारपीट में बुरी तरह घायल प्रज्ञनेश परमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत में प्रज्ञनेश परमार ने कहा कि वह और उसके दोस्त खाना खाने के लिए महेश ठाकोर के भोजनालय गये थे, जहां गलती से उससे एक थाली गिर गई। इसके बाद महेश, जोगी ठाकोर और दो अन्य लोगों ने उसकी और उसके दोस्तों की पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
पिटाई के बाद एक दलित युवक प्रज्ञनेश परमार की हालत काफी खराब हो गयी थी, जबकि अन्य को भी खासी चोटें आयीं। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इन दलित युवाओं को इलाज के लिए भर्ती किया गया। दलित लडकों को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने भी इसे पोस्ट किया।
जिग्नेश मेवानी ने ट्वीटर पर यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा है "अगर 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दो युवा दलितों को पीटने वाले आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो मैं गुजरात बंद का ऐलान करूंगा, ऐसा मत समझिए की दलित डरपोक हैं, हम भी संविधान मानते हैं।"
जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट कर कहा कि, 'मैंने इस मामले में पुलिस थाने में भी बात की है। मेरी आंख के नीचे दलितों के साथ एसी दादागीरी नहीं चलेगी, आज ही इन्हें गिरफ्तार करो वरना हम रास्ते पर प्रदर्शन करेंगे।'
अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए दलित लड़कों की पिटाई करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी सूचना खुद जिग्नेश मेवानी ने ट्वीटर पर साझा की है।
अपने ट्वीटर हैंडल पर जिग्नेश मेवानी ने आज 5 नवंबर की रात को ट्वीट करते हुए लिखा है, मुझे बताया गया है कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के लिए गुजरात पुलिस को धन्यवाद। मुझे आशा है कि राज्य सरकार भविष्य के लिए यह सुनिश्चित करे कि आईंदा ऐसी कोई घटना दलितों और अन्य कमजोर समूहों के खिलाफ न हो।'
घटनाक्रम के मुताबिक रेस्तरां में हुए विवाद मामले में दलित और ठाकोर समाज के लोगों के बीच मारपीट हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 4 नवंबर की रात को एफआईआर दर्ज कर ली थी, साथ ही साबरमती थाना पुलिस के मुताबिक तभी एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि वीडियो के आधार पर दो आरोपियों की तलाश करने की बात पुलिस लगातार कर रही थी। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
35865dc73822aea12817ed73f74ebaa5 | नई दिल्ली। आज हुए हेलीकॉप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) और उनकी पत्नी मधुलिका की मृत्यु हो गई। जिसके बाद कल यानी गुरुवार शाम तक उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली छावनी में करने की योजना है। इसी कड़ी में अब रावत के गृह राज्य उत्तराखंड में राज्य सरकार ने 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा कर दी है।
आपको बता दें कि., CDS जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के पार्थिव शरीर गुरुवार शाम तक एक सैन्य विमान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। जिसके बाद शुक्रवार को पति-पत्नी के शवों को उनके घर लाया जाएगा। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अंतिम दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। उसके बाद कामराज मार्ग से दिल्ली कैंटोनमेंट के बराड़ चौराहा श्मशान घाट तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज शाम हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके जरिये हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। बता दें कि, प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में PM के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी उपस्थित रहे। हालांकि इस बैठक के बाद पीएम मोदी और अमित शाह के बीच अलग से लंबी मुलाकात चली। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
ef62ead96e5c9e22713cc0245ef556fb | रायपुर-नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेशाध्यक्ष व शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रान्तीय संचालक विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा द्वारा 5 जुलाई को रायपुर मे मुंडन कर धरना प्रदर्शन करने के पश्चात 28-जुलाई को मुख्यमंत्री के गृह जिला राजनांदगांव मे सफल धरना प्रदर्शन के बाद अब इसी कडी में 6 अगस्त को आठ वर्ष की बन्धन समाप्त करने,समयमान/क्रमोन्नति वेतनमान के अनुसार वेतन निर्धारण कर वेतन विसंगति को दूर कर क्रमोन्नति वेतनमान सहित संविलियन करने के बाद सातवां वेतनमान देने व दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग के आश्रित परिजन को नियमो मे शिथिलता प्रदान करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की मांग को लेकर शिक्षामंत्री के गृह सम्भाग बस्तर के जिला कांकेर मे धरना प्रदर्शन कर सरकार से आठ वर्ष से नीचे शिक्षक पंचायत,सहायक शिक्षक व दिवंगत शिक्षक पंचायत संवर्ग के परिजनों के साथ न्याय करने की अपील किया जायेगा।
प्रदेश संचालक चन्द्रदेव राय,गिरीश साहू प्रदेश महासचिव एवं प्रांतीय सह संचालक (दुर्ग) ,अजय कडव प्रदेश सह संचालक (राजनांदगॉव) ,सह संचालक प्रकाश चन्द कांगे(कांकेर),राजेश शुक्ला(बीजापुर),महेंद्र देवांगन(सुकमा), बलविंदर कौर(कोयलीबेड़ा),विद्या जुर्री,अरविंद शर्मा(कांकेर),नरेश चौहान(बीजापुर)रवि नारायण देशमुख(नारायणपुर)के साथ ही उमा जाटव एवं गंगा पासी जी ने अधिक से अधिक संख्या मे अपने अधिकार के लिये संघर्ष करने कांकेर पहुंचने की अपील शिक्षक पंचायत संवर्ग से किया है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
b2772b2ef6da8bd4be4b933b454a202b | टनकपुर। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पीेंचा ने सोमवार को मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में स्थापित की गई भैरव मन्दिर पुलिस चौकी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से मेला क्षेत्र में भैरव मन्दिर में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग की जा रही थी। जिसके क्रम में पुलिस चौकी भैरव मन्दिर का आज उद्घाटन कर 03 पुलिस कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति कर निरन्तर ड्यूटी करने हेतु निर्देशित किया गया है। वहीं चौकी खुलने पर सामान्य लोगों, मन्दिर क्षेत्र के व्यापारियों, मन्दिर समिति के सदस्यों ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गयी। उद्घाटन अवसर पर अध्यक्ष मंदिर समिति किशन तिवारी, पूर्व अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, सीओ अविनाश वर्मा, कोतवाल टनकपुर चंद्रमोहन सिंह, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार समेत तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान टैक्सी यूनियन व मन्दिर समिति ने पुलिस अधीक्षक को भैरव मन्दिर क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने पर स्मृति चिन्ह देकर आभार प्रकट किया। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9189af9493ba26a10d61e62047f5cbdd | आगरा में सदर बाजार के एक नॉनवेज रेस्टोरेंट में ऑर्डर देर से सर्व करने पर एक दारोगा ने हंगामा खड़ा कर दिया, कर्मचारी से हाथापाई कर उस पर सर्विस रिवॉल्वर तान दी। इससे रेस्टोरेंट में भगदड़ मच गई। वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने दारोगा को निलंबित कर दिया है।
मामला सदर स्थित मामा फ्रेंकी रेस्टोरेंट का है। यहां अवधपुरी चौकी प्रभारी लालता प्रसाद दो अन्य लोगों के साथ रविवार रात 7.45 बजे पहुंचे। उन्होंने मटन का ऑर्डर दिया। फिर उन्होंने अलग से ग्रेवी देने को कहा लेकिन कर्मचारी को ग्रेवी सर्व करने में थोड़ा समय लग गया। जब वह ग्रेवी लेकर पहुंचा, तो दारोगा जी ने ग्रेवी फिंकवा दी। इसके बाद टेबल ठोककर कहने लगे कि पैसे दिए हैं, ..में नहीं खिला रहे हो।
दारोगा जी सादा कपड़ों में थे, इसलिए कोई पहचान नहीं पाया। साथी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह आगे बढ़ते जा रहे थे। उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर कर्मचारी की कनपटी पर लगा दी और गोली मारने की धमकी देने लगे। उनके तेवर देख रेस्टोरेंट में भगदड़ मच गई। पुलिस दारोगा को किसी तरह वहां से थाने ले गई।
मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंच गई। रेस्टोरेंट मालिक हिमांशु ने कोई लिखित शिकायत नहीं की, मगर किसी ग्राहक ने दारोगा के हंगामे की वीडियो बना लिया था। इसके सामने आने के बाद सोमवार को आरोपी चौकी प्रभारी पर गाज गिर गई।
एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि लालता प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
b60affb0e7aecfd91539aa6ccd80e4dc | मंडी से मुख्यमंत्री की चर्चाओं के बीच मंडी Bus Stand में बम होने की एक अनजान फोन कॉल ने हड़कंप मचा दिया। सुरक्षा तंत्र हिल गया। पुलिस, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब साढ़े पांच घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद बस स्टैंड को सुरक्षित घोषित किया गया। किसी तरह का विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। मामले में भादंसं की धारा 505बी के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अंजान कॉलर की तलाश में है। बस स्टैंड को पूरी तरह सील कर अंदर आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। तुरंत बस स्टैंड खाली करने के फरमानों ने हड़कंप मचा रहा। लोग दुकानें खुली छोड़कर तो कुछ खाना खाते-खाते सुरक्षित जगह निकल गए।
Bus Stand में नहीं मिली बसें
मंडी बस स्टैंड से आवाजाही बनाए रखने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंतरराजीय बस स्टैंड में सुबह दस बजे तक शाम साढ़े चार बजे तक कोई बस नहीं मिली। यात्री बेहाल रहे। अव्यवस्था इस कद्र रही कि सवारियों को मनाली एनएच पर खड़े होकर बसों को पकड़ना पड़ा।
मनाली एनएच जाम रहा। उधर, एसपी मंडी अशोक कुमार ने कहा कि अड्डा प्रभारी के लैंडलाइन नंबर पर आए फोन की सूचना पुलिस महकमे को मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शाम साढ़े चार बजे बस स्टैंड को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित कर आवाजाही बहाल कर दी गई है।
Source – Amar Ujala | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
e551d590b1ee601f0c799b36df514c18 | मथुरा:
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समर्थकों की गुंडागर्दी सामने आई है। मथुरा में बीजेपी नेता के बेटे और समर्थक मंगलवार को टोल प्लाजा कर्मचारी से मारपीट करते हुए सीसीटीवी में कैद हुए हैं।
वीडियो में देखा गया है कि महुवन टोल प्लाजा के पास से विधायक पूरन प्रकाश की कार गुजर रही थी, उसी वक्त बैरिकेड कार के ऊपर गिरा। जिसके बाद बीजेपी विधायक के बेटे और समर्थक कार से बाहर निकलकर स्टाफ को पीट दिए।
बता दें कि जब पूरी घटना हुई उस वक्त विधायक प्रकाश कार के अंदर बैठे हुए थे। इसके बावजूद बीजेपी विधायक सब कुछ देखते रहे और टोल प्लाजा कर्मचारी को घटना के लिए जिम्मेदार बता दिया।
#WATCH Son of BJP MLA Pooran Prakash & his supporters thrashed a toll employee at Mahuvan toll plaza in front of his father after the barrier fell on their car in Mathura (CCTV footage) pic.twitter.com/22vHYBD7Qu— ANI UP (@ANINewsUP) February 13, 2018
पूरन प्रकाश उत्तर प्रदेश में मथुरा के बालदेव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
घटना के बाद प्रकाश ने कहा, 'मेरी सुरक्षा गाड़ी हमारे आने से पहले निकली थी। हमारी गाड़ी पर बड़े अक्षरों में 'विधायक' लिखा है, इसे देखने के बावजूद वे हमारी गाड़ी पर बैरिकेड गिरा दिए। यह कुछ नया नहीं है, वे हमेशा इस प्रकार की चीजें करते हैं।' | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
400fc19954dc7b762eb7b89ca268bcac | “जिले में शराबी शिक्षकों ने किया “शिक्षा विभाग को कलंकित”, नहीं थम रहा है ऐसा मामला,”ऐसे में कैसे गढ़ेंगे नवा छत्तीसगढ़”, शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था,जिसके बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए मौके पर जांच करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार ने शिक्षक द्वारा शराब का सेवन कर विद्यालय में उपस्थित होना एवं गुणवत्ता पूर्ण अध्यापन कार्य नही कराया जाना सही पाया गया, जिसके जांच प्रतिवेदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, इस दौरान निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
ae182aa59b47f6baa42be6833f2356a4 | आक्रोशित सपाइयों ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
करहल। लखनऊ एयर पोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को रोके जानेपर कस्वे के सपाई भड़क उठे। जिसके बाद सपाईओ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंक डाला पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इलाहाबाद जाने से रोके जाने पर करहल के सपाई बौखला गए। जिसके बाद लगभग आधा सैकड़ा कार्यकर्ता लाल टोपी लगाकर एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पुतला फूंक डाला।इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश यादव, पूर्व चैयरमैन अब्दुल नईम, प्रधान संघ के अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रधान अवनीश यादव, प्रधान प्रदीप पाल, बीडीसी राहुल यादव, बाबा दीपक राज यादव सहित आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
डॉ गिरीश शाक्य
आज का अपराध न्यूज़
जिला ब्यूरो चीफ मैनपुरी | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
7ddbc7ea48db754a213807b689f77fa2 | देहरादून। राज्य सरकार द्वारा समग्र शिक्षा परियोजना के तहत ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) व संकुल रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) के रिक्त पदों को भरने के लिये शैक्षिक योग्यता निर्धारित कर दी गई है। विद्यालयी शिक्षा विभाग अब राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में पिछले लम्बे समय से रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरेगा, जिसमें 10 फीसदी पदों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी मौका दिया जायेगा। सूबे में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार लाने के दृष्टिगत राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत पिछले चार वर्षों से रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के पदों के लिये शैक्षिक योग्यता तय कर दी है। बीआरपी-सीआरपी पदों पर नियुक्ति में सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी मौका दिया जा रहा है। सरकार ने इनके लिये 10फीसदी पद आरक्षित किये हैं। इससे पूर्व इन पदों पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक तैनात किये थे जिस कारण प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा था। जिसको देखते हुये विभागीय मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सीआरपी-बीआरपी के पदों को आउटसोर्स से भरने का प्रस्ताव राज्य कैबिनेट में रखा। जिसको कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने भर्ती के मानक भी तय कर दिये हैं।सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन द्वारा राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति (बीआरपी) हिन्दी पद हेतु विधि द्वारा स्थापित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से हिन्दी विषय में 55फीसदी अंकों के साथ स्नातकोत्तर तथा स्नातक स्तर पर हिन्दी एवं संस्कृत मुख्य विषय के साथ 55फीसदी अंकों के साथ स्नातक उपाधिधारक पात्र होगा। इसी प्रकार बीआरपी अंग्रेजी के लिये अंग्रेजी में 55फीसदी अंकों के साथ स्नातकोत्तर तथा स्नातक स्तर पर अंग्रेजी मुख्य विषय के रूप में 55प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक उपाधि होनी अनिवार्य है। बीआरपी विज्ञान के लिये भौतिकी,रसायन,जन्तु विज्ञान,वनस्पति विज्ञान में से किसी एक में 55फीसदी अंकों के साथ स्नातकोत्तर तथा भौतिकी, रसायन,जन्तु, वनस्पति विज्ञान में से किन्हीं दो विषयों में 55 फीसदी अंकों के साथ स्नातक की उपाधि होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार बीआरपी गणित के लिये गणित विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर तथा स्नातक स्तर पर गणित मुख्य विषय के साथ 55 फीसदी अंकों के साथ स्नातक उपाधि होनी चाहिये। बीआरीपी सामाजिक विज्ञान के लिये अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र,भूगोल,इतिहास में से किसी एक में 55फीसदी अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि तथा अर्थशास्त्र,राजनीतिशास्त्र,भूगोल,इतिहास में से किन्हीं दो विषयों के साथ 55 प्रतिशत अंकों में स्नातक उपाधि होनी अनिवार्य है। इसके अलावा संकुल संदर्भ व्यक्ति (सीआरपी) के लिये विधि द्वारा स्थापित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 55प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि होनी जरूरी है। इसके साथ ही बीआरीपी व सीआरपी पदों के लिये बीएड की उपाधि के साथ-साथ सीटीईटी अथवा यूटीईटी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा कम्प्यूटर में कार्य करने की दक्षता भी जरूरी है। जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये बीएड अथवा एलटी अर्हता होनी अनिवार्य है। शासन स्तर पर योग्यता निर्धारित करने के उपरांत अब परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा द्वारा आउटसोर्स एजेंसी का चयन कर बीआरपी- सीआरपी के 955पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जानी है। बीआरपी-सीआरपी पदों के लिये आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 42वर्ष निर्धारित की गई है जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिये अधिकतम आयु सीमा 65वर्ष तय की गई है। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पास चिकित्सा प्रमाण पत्र होना भी जरूरी है। राज्य में लम्बे समय से बीआरपी-सीआरपी के 955पद रिक्त चल रहे थे। सरकार ने इन पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है,जिसके लिये सेवा शर्तें व शैक्षिक योग्यताएं भी निर्धारित कर दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
90a2af61539c594c4e6e49af1e7693fd | प्रेस विज्ञप्ति : अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी को हमेशा डेली सोप में चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। श्रेया अब कलर्स मराठी के एक नए सीरियल “जय जय स्वामी समर्थ” के लिए काम करती नजर आ रही हैं। श्रेया उस विशेष ट्रैक में “सौदामिनी” नाम की नकारात्मक भूमिका निभा रही हैं, यह मराठी दर्शकों के लिए 10 में से 7.5 टीआरपी के साथ प्राइम टाइम शो है, जो फिर से उनके लिए इतने बड़े बैनर के साथ काम करने वाली एक और प्रमुख सफल चीज है।
जय जय स्वामी समर्थ महाराष्ट्र के सबसे प्रिय संत श्री स्वामी समर्थ के जीवन का पता लगाता है जो किसी और से अलग थे। उनके चमत्कार और जीवन दर्शन को महाराष्ट्र और उसके आसपास कई लोगों ने देखा है। यह शो आपको महान संत के जीवन के कुछ सबसे ज्ञानवर्धक प्रसंगों और कहानियों के बारे में बताता है। श्रेया कुलकर्णी को उनके प्रसिद्ध संगीत एकल गीत “डिंपल यते गलवार” के लिए जाना जाता है। अभिनेत्री श्रेया कुलकर्णी ने कई मराठी, हिंदी और संस्कृत फिल्मों, टीवी शो, लघु फिल्मों, विज्ञापनों और संगीत एल्बमों में भी काम किया है।
श्रेया ने फिल्म ‘एम3’ में मुख्य भूमिका निभाकर डेब्यू किया है। इसके अलावा श्रेया ने ज़ी और स्टार परिवार के प्रमुख टीवी शो में भूमिकाएँ निभाई हैं। श्रेया ने विभिन्न टीवीसी में भूमिकाएँ निभाई हैं जिनमें से एक स्किनक्राफ्ट की है। श्रेया ने “क्रिमिनल्स” – सोनी मराठी, “ती फुलरानी” सोनी मराठी, “तुझसे है राब्ता” – स्टार प्लस, “रंग माझा वेगला” – स्टार प्रवाह जैसे टीवी शो में अभिनय किया है। श्रेया ने “शादी का” में भी मुख्य भूमिका निभाई है। लड्डू और अन्य कई वेबसीरीज” श्रेया ने एमएक्स प्लेयर्स- “लव एक्स स्टोरीज” पर एक अच्छी भूमिका निभाई है। श्रेया को उनके म्यूजिक एल्बम “डिंपल यते गालवर” के कारण ब्रेक मिला। श्रेया ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म “बॉयज 2” से की और प्रवेश किया। निर्देशक महेश मांजरेकर की फिल्म “शिवाजी पार्क” से फिल्म उद्योग में प्रवेश किया। श्रेया जल्द ही फिल्मों – “जिद्दा और शतीर” में प्रमुख और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगी। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
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d0935db20db7ec520d00855f1363706c | Uttarkashi News: तहसील डंडा के अंतर्गत सुबह 8:45 पर एनएचडीसीएल के पूर्व ब्रह्म कालपोल गांव में निर्माण दिन रोड टनल जो सिलचर की ओर से लगभग 2340 मी निर्माण की गई है के सिल्की और की तरफ से टनल के 270 मी भाग के
पास लगभग 30 मीटर क्षेत्र में मलवा आने के कारण टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने का काम अभी भी जारी है जिला प्रशासन ने सभी टनल में फंसे हुए कामगारों की सूची जारी करते हुए कहा कि राहत और बचाव कर तेजी से चलाया गया हुआ है।
सिल्कियारा में निर्माणाधीन टनल के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है फंसे हुए मजदूर तक पानी के लिए बिछाए गए पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। सुरंग से मलवा हटाने और फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एस्केप पैसेज बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह, उप जिलाधिकारी डुंडा बृजेश कुमार तिवारी,उप जिलधिकारी बड़कोट मुकेश चंद रमोला घटना स्थल पर मौजूद हैं।
जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने जिले के सभी अधिकारियों के छुट्टियां रद्द करते हुए उन्हें तत्काल अपने-अपने कार्य स्थल पर रिपोर्ट करने औऱ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सिलक्यारा टनल के भीतर बचाव अभियान लगातार जारी है मलवा को निकालने के लिए बड़ी मशीनें काम में जुटाई गई है।
जिलाधिकारी अभिषेक रोहिला ने बताया है कि राहत और बचाव अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए स्थल पर बाहर से भी मशीने मंगवाई गई है। गिरते मलवा को थामने के लिए शॉर्ट कीटिंग मशीन मौके पर पहुंच चुकी है और लखवाड़ परियोजना से एक होरिजेंटल ड्रिलिंग मशीन मंगाई गई है ड्रिलिंग मशीन देर सायं तक सिलक्यारा टनल पर पहुंचने की उम्मीद है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
ba0167afce0f7eba0ae1871ee6789713 | Aatte Ke Laddu ki Recipe: लड्डू खाना किसे पसंद नहीं होता। लड्डू का नाम सुनते ही मुंह में पानी आना शुरू हो जाता है। बच्चे हो या बड़े हर कोई इसे बड़ी चौव के साथ खाता हैं। खुशी के मौके पर घर में लड्डू जरूर बनाई जाती है। इस बार आप बेसन के लड्डू की जगह आटे का लड्डू बनाएं। यकीन मानिए यह लड्डू आपकी खुशी को दुगना कर देगा। आटा का लड्डू बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। इसे आप बनाकर कुछ हफ्ते सुरक्षित भी रख सकते है। आप चाहे, तो आटे के लड्डू को बाहर भी आसानी से लेकर जा सकते है। यदि आप घर में इस बार लड्डू बनाने का प्लान बना रहे है, तो आटे का लड्डू बनाएं। इसे खाने के बाद आप बेसन के लड्डू बनाना भूल जाएंगे। यहां आप आटे का लड्डू बनाने की विधि देख और पढ़ सकते हैं
आटा का लड्डू बनाने की सामग्री
जब सारे लड्डू बनकर तैयार हो जाएं तो उसे एक टाइट कंटेनर में डालकर दें। बाद में जब भी खाने का मन करे निकाल कर खाएं। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9e740e885a889a459821fd719d0600da | CAA का विरोध करने मुंबई गए डॉक्टर कफील खान को यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, AMU में भड़काऊ भाषण का आरोप
गोरखपुर के मशहूर बच्चों को डॉक्टर कफील खान को उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ ने मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है. वो वहां CAA के खिलाफ हो रहे धरना-प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे थे. उन पर बीते साल दिसंबर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में CAA को लेकर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है. मुंबई पुलिस की मदद से एसटीएफ ने उन्हें हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया. वो CAA के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने के लिए मुंबई पहुंचे थे. गिरफ्तारी के बाद डॉक्टर कफील को मुंबई के शहर पुलिस थाने ले जाया गया.
डॉक्टर कफील खान पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
कफील खान ने बीते साल 12 दिसंबर को AMU में यह भाषण दिया था. उन पर इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप है.
उनके खिलाफ अलीगढ़ के सिविल लाइंस पुलिस थाने में 13 दिसंबर को आईपीसी की धारा 153-A के तहत केस दर्ज किया गया था. एफआईआर के मुताबिक डॉक्टर कफील के भाषण के समय स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी वहां मौजूद थे.
एफआईआर के मुताबिक उन्होंने AMU में करीब 600 छात्रों को संबोधित किया था. इसमें उन्होंने CAA को लेकर भड़काऊ बातें कहीं.
कफील खान गुरुवार को मुंबई के 'मुंबई बाग' में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने वहां गए थे. 'मुंबई बाग' में CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
कफील खान को आज 11 बजे 'मुंबई बाग' जाना था. लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बच्चों 50 से अधिक बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर कफील खान चर्चा में आ गए थे. ऑक्सीजन की कमी की वजह से मर रहे बच्चों को बचाने के लिए डॉक्टर कफील ने अपने पैसे से ऑक्सीजन के सिलेंडर खरीदे थे.
बाद में उन्हें काम में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. हाई कोर्ट से जमानत के बाद वो जेल से रिहा हुए थे.
इस मामले में हुई विभागीय जांच की रिपोर्ट बीते साल आई थी. इसमें उन्हें निर्दोष माना गया. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
651eb350ba04719d706eb0f97221cf38 | अनिल सोनी
बलरामपुर। तातापानी उत्तरी छत्तीसगढ़ के दुरूस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित है। धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण तातापानी का विशेष स्थान है। भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, गर्म जल स्त्रोत एवं शिव का विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित तथा तातापानी का शांत शीतल वातावरण व नैसर्गिक सुन्दरता पर्यटकों को अनुकूलता प्रदान करती है। वर्षों से मंकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला का आयोजन किया जाता है, जो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पा चुका है।
गर्म जल स्त्रोत होने के कारण ही इस क्षेत्र का नाम तातापानी पड़ा, क्योंकि क्षेत्रीय भाषा में तात का अर्थ गर्म होता है। यहां ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम ने खेल-खेल में सीता जी की ओर पत्थर फेंका जो कि सीता मां के हाथ में रखें गर्म तेल को कटोरे से जा टकराया, जो छलक कर धरती पर गिरा और जहां-जहां तेल की बूंदे पड़ी वहां से गर्म पानी धरती से फूट कर निकला। स्थानीय लोग इस स्थान को पवित्र मानते हैं तथा ऐसी मान्यता है कि यहां गर्म पानी से स्नान करने से चर्म रोग ठीक हो जाता है।तातापानी मेला समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में इस वर्ष भी सांस्कृतिक संध्या, लेजर लाईट शो तथा नृत्य एवं गायन के अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। मेला प्रांगण में आकाश झूले, बच्चों के लिए खिलौने, पारंपरिक व्यंजनों की दुकानें, साज-सज्जा के सामानों के साथ ही मनोरंजन के अनेक साधन उपलब्ध हैं। पूरे प्रदेश तथा आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक इस दौरान तातापानी पहुंचते हैं तथा पूजा अर्चना के साथ ही मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आनन्द ले रहें हैं।तातापानी मेला समिति द्वारा इस वर्ष भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से आगंतुकों का मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने क्षेत्रीय आदिवासी नृत्य जैसे करमा, सैला, सुआ, डण्डा नाचा, सरहुल की शानदार प्रस्तुति दी गई। छत्तीसगढ़ी लोक गायन में ओजस्वी साहू, अल्का चन्द्राकर, पण्डवानी में प्रतिमा वार्ले ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति तथा परम्परा का सम्पूर्ण चरित्र चित्रण प्रस्तुत किया। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों ने राज्यकीय गीत अरपा पैरी के धार गीत पर नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रों ने सैला-रीना, ढोला-मारू, सरहुल, देवार करमा नृत्य, ककसार नृत्य, देवार करमा, गौरा-गौरी, झालियाना जैसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी आदिवासी तथा परम्परागत् नृत्यों की पूरी श्रृंखला प्रस्तुत की। कामेडियन रविन्द्र जाॅनी ने जहां दर्शकों को हंसाकर लोटपोट किया, वहीं रजी मोहम्मद एवं साथियों ने पियानों की सुरीली धुन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेजर लाईट शो के माध्यम से पर्दे पर विभिन्न पौराणिक गाथाएं का प्रदर्शित की गई। रंग बिरंगे लाईटों में श्री राम, हनुमान तथा अन्य देवताओं को देखकर दर्शक अभिभूत हो गये।
कठपुतली, शोल शेकर डांस ग्रुप तथा शिव झांकी का विशेष आयोजन…
बलरामपुर। कठपुतली रंगमंच का प्राचीन माध्यम है, जिसमें गुड्डे-गुड्डियां, राजा-रानी, जोकर जैसे चरित्रो के माध्यम से मनोरंजन किया जाता है। कठपुतली के कलाकारों में आदिवासी सम्राट, कथककली नृत्यांगना, आदिवासी महिला, तपस्या, सुन्दरी एवं जोकर ने अपनी प्रतिभा से बच्चों का खास मनोरंजन किया।
कठपुतलियां पूरे महोत्सव में आकर्षण का केन्द्र बनी रही। शोल शेकर डांस ग्रुप ने वेस्टर्न डांस विधा में अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उत्कृष्ट नृत्य शैली एवं आधुनिक वेशभूषा से सुसज्जित कलाकारों ने ने दर्शकों को बांधकर रखा। शिव झांकी की कलाकारों ने राधाकृष्ण का प्रेम, शिव तांडव, राजा-रानी का प्रेम जैसे विषयों पर अपनी मनमोहक नृत्य का मंचन किया। तातापानी में भगवन शिव के विशेष आस्था का केन्द्र है। इसलिये शिव तांडव के मंचन को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
मेला समिति के आमंत्रण पर महोत्सव में पहुंचे प्रभारी सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी
स्टाॅल अवलोकन, लेजर लाईट शो तथा मेला प्रांगण का किया भ्रमण….
बलरामपुर- तातापानी मेला समिति के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ संभाग आयुक्त ईमिल लकड़ा, आईजी के.सी. अग्रवाल, मुख्य वनसंरक्षक ए.बी. मिंज, कलेक्टर संजीव कुमार झा तातापानी महोत्सव स्थल पहुंचे। मेला समिति के सदस्यों ने प्रभारी सचिव सहित सभी अधिकारियों का भव्य स्वागत किया। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों के साथ मेला परिसर का भ्रमण कर महोत्सव के सफल आयोजन हेतु तातापानी मेला समिति का साधूवाद दिया। उन्होंने विभिन्न स्व सहायता समूहों एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा लगाये स्टाॅलों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने अपने सम्बोधन में तातापानी मेला समिति को महोत्सव के गरिमामय आयोजन के लिए साधूवाद देते हुए आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन करने की बात कही। उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा गुलाब का फूल का देकर स्वागत करने पर उन्हें स्नेहाशिष प्रदान किया।
श्री पिंगुआ विभिन्न स्टाॅलों का निरीक्षण करते हुए बिहन अंगना पहुंचे और महिलाओं द्वारा आजीविका के लिए किये जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया। महिलाओं के द्वारा सचिव व अन्य अधिकारियों को अपने द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। प्रांगण में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टाॅल गढ़कलेवा को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की। संभाग आयुक्त ईमिल लकड़ा ने श्री पिंगुआ को जिले के महिलाओं द्वारा तैयार विभिन्न वन औषधि और वन उत्पादों के बारे में बताया। इस दौरान अधिकारियों ने लेजर लाईट शो का भी आनन्द लिया।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक टी.आर. कोसिमा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरीष एस., मेला समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
1d43875509af39d83d773b514482b7fa | सारा अली खान ने किसिंग और बिकिनी सीन पर दिया ये बयान, कहा- दर्शक के नजरिए से…
बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान अपनी फिल्म केदारनाथ से इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। सारा ने फिल्म केदारनाथ से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की है। बॉक्स-ऑफिस पर उनकी यह फिल्म अच्छी खासी कमाई भी कर रही है। सारा अली खान के साथ फिल्म में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में हैं। सारा और सुशांत के बीच में इस फिल्म में कई किंसिंग सीन भी नजर आए हैं। जिन पर काफी विवाद भी हुआ।
आपको बता दें कि केदारनाथ के साथ-साथ सारा अली खान की फिल्म सिंबा भी काफी चर्चे में है। यह फिल्म 28 दिसंबर को रिलीज होगी। इस फिल्म में उनके साथ रणवीर सिंह भी नजर आएंगे। सिंबा का प्रमोशन भी जोरोंसे शुरू हो चुका है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान ही सारा अली खान ने फिल्मों में किसिंग और बिकनी सीन को लेकर एक बड़ी बात बोली है। बता दें कि सारा से मीडिया ने सवाल किया कि ‘क्या आप आने वाली फिल्मों में बिकनी पहनेंगी और किसिंग जैसे बोल्ड सीन देंगी..??’
सारा अली खान ने इस बात का घूमा-फिराकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि ‘मैंने अभी सोचा नहीं है कि फिल्म में मैं कभी बिकनी पहनुंगी या कोई बोल्ड सीन करूंगी।’ सारा ने आगे कहा है कि ‘मैं वही करूंगी जो दर्शक के नजरिए से अच्छा होगा।’ इसके साथ ही सारा अली खान ने केदारनाथ को लेकर भी कई सारे खुलासे किए हैं।
गौरतलब है कि सारा अली खान औ र सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ को रिलीज हुए 13 दिन हो चुके हैं। इसके बाबजूद भी फिल्म टिकट खिड़की पर बड़ी ही मजबूती से टिकी हुई है। इसके अलावा बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार, ‘केदारनाथ ने रिलीज के पहले हफ्ते 42.16 करोड़ जुटाए थे। वहीं दूसरे शुक्रवार को 2.50 करोड़, शनिवार को 3.75 करोड़, रविवार को 5.25 करोड़, सोमवार को 2 करोड़ और मंगलवार को 1.90 करोड़ का बिजनेस किया है। फिल्म ने कुल 57.56 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है।’
वहीं सारा अली खान और रणवीर सिंह की फिल्म सिंबा की बात करें तो बीते दिनों ही इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। दर्शकों को सिंबा का ट्रेलर बेहद ही पसंद आया है। साथ ही इसके तीन गाने भी रिलीज हो चुके हैं। जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
350e720d0868256b5a03481d53608b9f | Chapters
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इस अनुच्छेद में, हम antisense morpholino oligonucleotides उपयोग कर वयस्क zebrafish telencephalon की निलय कोशिकाओं में जीन की अभिव्यक्ति के हेरफेर के लिए एक विधि का प्रदर्शन. हम वयस्क हड्डीवाला मस्तिष्क में कार्यात्मक अध्ययन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है कि एक कुशल और त्वरित प्रोटोकॉल के रूप में इस विधि प्रस्तुत करते हैं. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
5bec3fa5ff8f14e2be2a3c2db9dc40b4 | तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो में सोनू की भूमिका निभा चुकी निधि भानुशाली सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती हैं और उनका बोल्ड लुक सोशल मीडिया पर कई बार वायरल हो चूका है। तारक मेहता के शो में सोनू का किरदार निभा चुकी निधि भानुशाली दूसरी एक्ट्रेस थी।
सब टीवी का यह शो ट्रक मेहता का उल्टा चश्मा ने अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की है। इस टीवी शो ने सबसे लम्बा चलने वाले शो में अपना नाम दर्ज करवा रखा है। बात करे तारक मेहता का उल्टा चश्मा के शो की एक्ट्रेस निधि भानुशाली कि तो निधि अपनी निजी जिंदगी में बेहद बोल्ड है।
निधि भानुशाली अपने सोशल मीडिया से की कई बोल्ड तस्वीरें शेयर करती रहती है। इसी शो से जुड़े दो कलाकार सोनू और गोलू की कुछ खबरें सामने आई है। जब भी बात सोनू और गोली की होती है तब तब तारक मेहता का उल्टा चश्मा इसका जिक्र जरूर होता है। इन दोनों के बीच की केमिस्ट्री बड़ी ही दिलचस्प नजर आ रही है। गोली और सोनू की एक रियल लाइफ पिक आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोनू और गोली की तस्वीरें हुई वायरल :
सोशल मीडिया पर एक बार फिर से निधि भानुशाली चर्चा का विषय बनी हुई। हालहि में उनके कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इन तस्वीरो में निधि भानुशाली तारक मेहता का उल्टा चश्मा के ही एक एक्टर के साथ आपत्तिजनक हाल में नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों की वजह से काफी हंगामा मचा हुआ है और हर तरफ इसी कि बातें हो रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल इन तस्वीर में दोनों पुराने स्टार्स नजर आ रहे हैं। जहाँ कुश शाह ने एक हाथ से अपना चेहरा छुपते हुए नजर आ रहे हैं और उनके कंधे पर रखा निधि भानुशाली का हाथ से उनके चेहरे में एक अजीब सा डर देखा जा सकता है इस के साथ निधि उनके कंधे पर पीछे से हाथ डालकर खड़ी हुई है।
फैंस ने किये इन तस्वीरों पर गंदे कमेंट :
फैन्स ने इस तस्वीर पर काफी मजेदार कमेंट्स किए हैं। जैसे यूजर ने इस तस्वीर पर कमेंट करते हुए कहा कि” ये मोटू पतलू की जोड़ी है “तो एक और यूजर ने कमेंट करते हुए कही कि “टप्पू कहीं कोने में बैठकर रो रहा होगा” एक अन्य यूजर ने लिखा कि “लंबे समय बाद सोनू और गोली एक साथ”। अब तक तीन बार सोनू का किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियों बदली जा चुकी है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
4b983b1440aee7cdfc7a845b817adac4 | रायपुर। कोरोना लॉकडाउन के बीच खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने उचित मूल्यों की राशन दुकानों का जायजा लिया और राशन वितरण की पूर्ण जानकारी ली. इसके साथ ही टोकन देकर राशन बाँटने और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की जनता से अपील की है. राजधानी के राजा तालाब, श्याम नगर, रायपुरा, माना, ग्रामीण, केन्द्री, झांकी, अभनपुर, मानिकचौरी, पिप्रोड, कुरा, नया पारा स्थित राशन दुकानों का जायजा लिया. इस दौरान मंत्री अमरजीत भगत के साथ विभागीय सचिव और अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे.
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि राशन दुकानों में निर्देशों के पालन नहीं करने की शिकायत लगातार मिल रही थी. जिसके बाद आज रायपुर के सभी राशन दुकानों का जायजा लिया गया. राशन दुकानों में कितने लोगों को राशन बट रहा है, निर्धारित मूल्य में मिल रहा कि नहीं, सोशल डिस्टेंस का पालन और सेनेटाइज़र का इस्तेमाल पर संचालकों से बातचीत की गई. उन्होंने कहा कि लोग चावल के साथ दाल की भी माँग कर रहे हैं. इस पर उन्होंने कैबिनेट पर बात रखने के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कही है.
उन्होंने कहा कि सभी राशन दुकान नियमानुसार संचालित हो रही है. एडवाइजरी का भी पालन किया जा रहा है. सोशल डिस्टेंस के लिए उचित मूल्य राशन दुकान के संचालकों को टोकन देकर राशन बाँटने का आदेश दिया गया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर नियमानुसार कार्य नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
5c3173dbd1c412d407b93c4b7a036557 | :सबसे पहले हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री गोरी कॉलोनी योजना क्या है, क्योंकि किसी भी सरकारी योजना के बारे में जाने से पहले आपके लिए उस योजना को शुरू करने के लक्ष्य के बारे में जानना बहुत जरूरी है और लाभार्थी को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा।
आज से कुछ समय पहले लॉकडाउन के दौरान हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत की थी। क्योंकि उनका मकसद था कि लॉकडाउन में फंसे लोग उस समय से इस गरीब कल्याण योजना की मदद से लड़ सकें.
– चरण 3: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना मई 2021 से जून 2021 तक शुरू की गई थी।
– चरण 4: जुलाई-नवंबर, 2021 के दौरान योजना के चरण- IV पर विचार किया गया है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
312bf9b7d41983b23bdde2c7c7e8986c | श्रीगंगानगर जिले में बाहर से आने वाले पर निर्देशानुसार जांच कार्यवाही हो- कलक्टर
श्री गंगानगर 20 मई ,2020.
जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद एम नकाते ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव के दौरान वर्तमान समय में बाहर से आ रहे प्रवासियों, आईएलआई के रोगियों तथा जेल बंदियों के अलावा फ्रंट लाईन में कार्य करने वाले वाॅरियर्स के जांच नमूने लिये जाकर जांच करवाई जाये।
दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों को 14 दिन का पृथक वास की पालना कड़ाई से करवाई जाये।
जिला कलक्टर मुख्यमंत्री एवं जयपुर स्तरीय उच्च अधिकारियों की वीसी के पश्चात आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों की जांच के साथ-साथ उन्हें 14 दिवस का होम क्वारनटाईन किया जाये। अगर किसी नागरिक में कोई एक भी लक्षण है तो उनके नमूने अवश्य लिये जाये। होम क्वारनटाईन व संस्थागत क्वारनटाईन की कड़ाई से पालन सुनिश्चित की जाये।
क्वारनटाईन की अवहेलना करने पर कानूनी कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क ग्रुप की सघन निगरानी की जाये। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
04125bca82514b3e66e00aa819bce6e5 | नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। देश की राजधानी दिल्ली के गाजीपुर फूल मार्केट में आज (14 जनवरी) सुबह लावारिस बैग मिलने से अफरा तफरी मच गई सूचना मिलते ही पुलिस, फायर बिग्रेड दमकल के साथ बम निरोधक दस्ता के साथ नेशनल सिक्युरिटी गार्ड घटनास्थल पर पहुंच गए। बताया जा रहा हैं कि इस लावारिस बैग में बम मिला, इसे कंट्रोल्ड ब्लास्ट करके निष्क्रिय किया गया।
हम आपको बता दें कि पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल मंडी में एक शख्स सुबह करीब साढ़े नौ बजे स्कूटी से बाजार में आया और मौके से वह युवक फरार हो गया तभी बैग के साथ छोड़ी गई स्कूटी को थोड़ी देर बाद फूल विक्रेता ने देखा गया तब उसे कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ जिसकी सूचना पुलिस को फोन करके दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बैग के आसपास के एरिया को खाली करा दिया। यह बम की कॉल सुबह 10.30 बजे मिली थी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बैग के अंदर विस्फोटक और आईईडी लगाया गया था जिसको गाजीपुर सब्जी मंडी के पास ही एक खाली मैदान में गड्ढा खोदकर कंट्रोल ब्लास्ट के द्वारा डिफ्यूज किया गया है, टीम ने जब इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया तो उस जगह को पूरी तरह कॉर्डन ऑफ किया गया था। बैग से जो संदिग्ध चीज बरामद हुई, उसे सब्जी मंडी के अंदर एक खुले मैदान में 8 फीट गहरे गड्ढे के अंदर दफनाया गया। दरअसल पुलिस को संदेह है कि यह गणतंत्र दिवस समारोह से पहले एक आतंकी प्रयास था।
गौरतलब हैं कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच के बाद बैग से आईईडी विस्फोटक निकला है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि इस मामले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
a774756431a220a095593ba5b6e426c8 | बॉलीवुड की देसी गर्ल यानि प्रियंका चोपड़ा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. ऐसे में एक्ट्रेस ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी कर लिया है. आपको बता दें, इंस्टाग्राम पर प्रियंका चोपड़ा के 50 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं. विराट कोहली के बाद ऐसा करने वाली वह दूसरी भारतीय बन गई हैं. वहीं इंस्टाग्राम पर 50 मिलियन फॉलोअर्स पाने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई हैं. बता दें कि वर्तमान में इंस्टाग्राम पर विराट कोहली के 50.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. वहीं इस हफ्ते की शुरुआत में विराट कोहली ने यह उपलब्धि हासिल कर ली थी.
वहीं विराट और प्रियंका के बाद इस लिस्ट में दीपिका पादुकोण का नाम आता है. दीपिका के पास इस वक़्त 44.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं.
प्रियंका इंस्टाग्राम पर प्रति पोस्ट के लिए 2 लाख 71 हजार डॉलर चार्ज करती हैं. वहीं विराट अपने स्पांसर से एक पोस्ट के लिए 1 लाख 96 हजार डॉलर लेते हैं. वाकई सोशल मीडिया अब कमाई का बड़ा साधन बन गया है. जहां से सितारे खूब कमाई कर रहे हैं. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
945c1740315995767ab5f704d1e2ad57 | नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को स्कूल स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स को संबोधित किया. इस कार्यक्रम का दिल्ली के 700 स्कूलों में लाइव स्ट्रीमिंग हुआ. केजरीवाल ने लोगों से लोकसभा चुनाव में वोट देने की अपील की और कहा कि मोदीभक्ति की वजाय देशभक्ति को चुनें. केजरीवाल ने कहा, अगर आप लोगों से पूछें कि किसे वोट देंगे. उनका जवाब होता है मोदीजी. अगर आप उनसे पूछें कि क्यों तो उनका जवाब होता है क्योंकि वह मोदीजी को प्यार करते हैं. आप तय करिए कि क्या आप अपने बच्चों को प्यार करते हैं या मोदीजी को.
केजरीवाल ने कहा कि अगर आप अपने बच्चों को प्यार करते हैं तो उन्हें वोट दें जो उनके लिए काम कर रहे हैं और अगर आप अपने बच्चों को प्यार नहीं करते तो मोदीजी को वोट दें. मोदी ने आपके के लिए एक स्कूल तक नहीं बनवाया.या तो आप मोदीभक्ति करें या देशभक्ति. दोनों एकसाथ संभव नहीं है. केजरीवाल न्यू फ्रेंड्स कोलॉनी में सर्वोदय कन्या विद्यालय में छात्रों और उनके माता-पिता को संबोधित कर रहे थे.
एक अन्य कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी को देश के लिए खतरनाक बताया था. केजरीवाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव देश के लिये बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मोदी और शाह की जोड़ी को बाहर का रास्ता दिखाएं. उन्होंने दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों का जिक्र किया और कहा कि दिल्ली के स्कूल और अस्पताल आज अच्छी हालत में हैं. यही नहीं 10 लाख रुपये तक के ऑपरेशन भी मुफ्त किये जा रहे हैं. मोहल्ला क्लिनिक में आम आदमी को आज डॉक्टर मौजूद मिलते हैं और इलाज भी मुफ्त मिलता है. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f6389fdd03fe32272c65be204819f3f4 | सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान आजकल अपने डेब्यू की जमकर तैयारी कर रही हैं और अगर सूत्रों की मानें कि इसका पहला कदम है बाईक चलाना सीखना है और सारा उसमें जुट गई हैं।
सूत्रों की मानें तो सारा अली खान ऋतिक रोशन के अपोज़िट करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन्स से अपना स्टार डेब्यू करने जा रही हैं और इसलिए उनका खास ख्याल रखा जा रहा है।
इस फिल्म को डायरेक्ट करने वाले हैं करण मल्होत्रा। करण और ऋतिक पहले भी अग्निपथ में साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा करण ने धर्मा प्रोडक्शन्स के लिए ब्रदर्स डायरेक्ट की थी।
सारा अली खान करण जौहर की स्टूडेंट ऑफ द ईयर से डेब्यू करने वाली थीं जो कि फिलहाल नहीं हो रहा है लेकिन इसके बाद माना जा रहा था कि वो मोहित सूरी की The Fault In our Stars का रीमेक करेंगी।
[#Scoop: अमृता सिंह ने कसी बेटी पर लगाम...नहीं बनाना है करीना!]
माना जा रहा है कि ऋतिक और सारा की ये फिल्म काफी अलग है। ये फिल्म हल्की फुल्की रोमांटिक कॉमेडी होगी जिसके लिए सारा को बाइक चलाना सीखना है। वैसे सारा से पहले जानिए कौन कौन सी हीरोइनें बन चुकी हैं बुलेट रानी
डेब्यू से तेज़ तर्रार
अनुष्का शर्मा ने अपनी डेब्यू फिल्म रब ने बना दी जोड़ी में ही ये करतब दिखा दिया था। फिल्म में उन्होंने बाईक के साथ पूरा स्टंट सीन किया था।
जब तक है जान
अनुष्का का मन एक ही फिल्म से कहां भरता। इसलिए जब तक है जान में वो बाईक चलाती नज़र आईं।
डॉली की डोली
सोनम कपूर अपनी लुटेरी दुल्हन अवतार को पूरा करने के लिए डॉली की डोली में बाईक चलाती नज़र आईं।
सोनाक्षी सिन्हा
मज़ाक में ही सही पर सोनाक्षी सिन्हा ने सन ऑफ सरदार में बाईक चलाई थी।
कंगना रनौत
कंगना ने तनु वेड्स मनु में बाइक चलाई थी और उनके इस सीन ने काफी वाहवाही बटोरी थी।
ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा
फिल्म में कैटरीना कैफ ऋतिक का पीछा करते करते बाईक चलाकर उनसे मिलने पहुंची थी।
नरगिस फखरी
नरगिस ने भी दिल्ली की सड़कों पर रणबीर कपूर के साथ काफी तफरी की थी।
श्रद्धा कपूर
एक विलेन में श्रद्धा कपूर भी बाईक चलाती नज़र आई थीं।
खतरों के खिलाड़ी
फिल्म में ना सही पर प्रियंका चोपड़ा खतरों के खिलाड़ी में ज़रूर बाईक चलाती नज़र आईं थीं।
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9b742f2838a18cad10ba941d3b11c317 | विश्व बैंक के भीतर करीब 25 साल पहले इस बात पर गर्मागर्म बहस हो रही थी कि उसे भारत में टेलीफोन के खंभों में निवेश करना चाहिए या नहीं. विश्व बैंक के वर्तमान अध्यक्ष जिम योंग किम ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि खुशकिस्मती से हमने इसके खिलाफ निर्णय किया था.
किम काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस द्वारा आर्थिक वृद्धि और सुरक्षा के भविष्य पर न्यूयॉर्क में आयोजित एक परिचर्चा में आर्थिक वृद्धि के नए मॉडल की तलाश की चुनौतियों के बारे में बोल रहे थे.
किम ने कहा, एक करीबी दोस्त ने उन्हें बताया कि करीब 25 साल पहले भारत में टेलीफोन खंभों में निवेश करने को लेकर विश्वबैंक में गर्मागर्म बहस हुई थी.
विश्वबैंक कौनसी चुनौती का कर रहा था सामना
उन्होंने कहा कि विश्व बैंक के सामने आर्थिक वृद्धि के नए मॉडल की तलाश करने की चुनौती थी. उन्होंने कहा, ‘यह विश्व बैंक समूह में आज भी बड़ा सवाल है जिससे हम जूझ रहे हैं.’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन में रोबोटिक्स और स्वचालन संभवत: चरम पर है. उन्होंने कहा, ‘यह आश्चर्यजनक है कि वे रोबोट से किस तरह के काम करा पा रहे हैं और यह लगातार पहले से बेहतर होता जा रहा है. बुनाई जैसी चीजों के बारे में सोचा जाता था कि रोबोट यह करने में सक्षम नहीं हो पाएंगे, लेकिन अभी वे ऐसा कर पा रहे हैं.’
किम ने कहा, 'जब आप चारों तरफ देखेंगे और कहेंगे कि अच्छा अलग मॉडल भी मौजूद हैं... यह रोचक होगा? फिर से चीन को देखेंगे तो सिर्फ कृत्रिम समझ और अत्यधिक स्वचालन आधारित भारी विनिर्माण ही नहीं बल्कि उनके पास अलीबाबा, टेनसेंट और वीचैट भी मिलेगा जो बाजार के लिए पूंजी, खरीद तथा आलेखन की भी उपलब्धता का लोकतांत्रीकरण कर रहे हैं.
किम ने कहा, ‘हम अब सोच रहे हैं कि सहारा क्षेत्रीय अफ्रीका में यह एक संभावना हो सकती है. पूंजी की उपलब्धता का लोकतांत्रिकरण और बाजार तक बढ़ती पहुंच के जरिए हम छोटे और मध्यम उपक्रमों का उभार देख सकते हैं.’
रॉबर्ड वाड्रा का ये बयान बीजेपी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि यूपीए सरकार रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी की कंपनी को बिचौलिए के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती थी
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि भारत में आधार के बिना जीना अब मुश्किल है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, यदि आधार को प्रत्येक डेटाबेस से जोड़ दिया जाए तो ऐसे में निजता के अधिकार के उल्लंघन की आशंका है
सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट 2016 को संवैधानिक रूप से वैध माना है
सुप्रीम कोर्ट ने Employees Provident Fund Organisation (EPFO) के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है. आप अपना आधार और पैन ऑनलाइन भी EPFO के साथ जोड़ सकते हैं
गया जिले में अपराधियों से हाथ जोड़ने की बात पर लालू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, 'हाथ-गोड़ कुछउ जोड़, अपराधियों के चरण धोकर उनका चरणामृत भी पी लो, अरे शर्म करो’ | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
3e2bf57f7e60e292e1175da6e256ac54 | पाकिस्तान (Pakistan) के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस सप्ताह की शुरुआत में साल 2022 से जुड़ी अपनी प्रमुख सालाना स्टेट ऑफ़ ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट जारी की. इसमें उन्होंने पाकिस्तान में बीते साल हुई राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल पर चिंता व्यक्त की. इस रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा समेत मानवाधिकार उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं.
राजद्रोह कानूनों का हथियार के रूप में इस्तेमाल
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि औपनिवेशिक युग के राजद्रोह कानूनों को असंतोष को दबाने के लिए हथियार के रूप में पूरे साल राजनीतिक उत्पीड़न जारी रहा. एचआरसीपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दर्जनों पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने हिरासत में यातना के दावे किए. विडंबना यह है कि ये सब तब हुआ जिस साल संसद ने यातनाओं को आपराधिक कृत बनाने वाला एक विधेयक पारित भी किया था.
विधानसभा की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन
पूर्वप्रधान मंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास के सफल वोट के बाद हुए आंदोलन ने कानून प्रवर्तन कर्मियों को देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों के साथ संघर्ष करते हुए देखा, विधानसभा की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन किया गया और इसका दुरुपयोग भी किया गया. एचआरसीपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल आतंकी हमलों और उग्रवाद में चिंताजनक उछाल देखा गया, जो पांच साल में सबसे ज्यादा है, जिसमें 533 लोगों की मौत हुई है.
जबरन गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि
नागरिकों की चेतावनियों के बावजूद कि इस तरह के घटनाक्रम आसन्न थे, विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा में, राज्य उग्रवाद से निपटने में विफल रहा. एचआरसीपी ने यह भी नोट किया है कि नेशनल असेंबली द्वारा अधिनियम को आपराधिक बनाने वाला बिल पारित होने के बाद भी जबरन गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि हुई है, विशेष रूप से बलूचिस्तान में, रिपोर्ट किए गए 2,210 मामले अनसुलझे हैं.
आपदाओं के वक्त सरकार का ढीला रवैया
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चूंकि जलवायु परिवर्तन की वजह से बाढ़ ने देश के अधिकांश हिस्सों को तबाह कर दिया है, ऐसे में 3.3 करोड़ से अधिक प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास की भारी कमी कमी रही. आपदाओं के वक्त ढीले रवैये ने हर प्रांत और क्षेत्र में सशक्त, अच्छे संसाधनों वाली स्थानीय सरकारों की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
धर्म की स्वतंत्रता के लिए बढ़ रहा खतरा
धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता के लिए बढ़ते खतरे गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं. जहां ईशनिंदा के आरोपों पर पुलिस की रिपोर्ट की संख्या में कमी आई है, लेकिन मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं. अहमदिया समुदाय विशेष रूप से इस खतरे में आ गया, मुख्य रूप से पंजाब में कई पूजा स्थलों और 90 से अधिक कब्रों को उजाड़ दिया गया. महिलाओं के खिलाफ हिंसा बेरोकटोक जारी रही, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के कम से कम 4,226 मामलों के साथ अपराधियों के लिए सजा की दर बहुत कम थी.
श्रमिकों और किसानों के अधिकारों की भी अनदेखी
ऐसा साल जब देश की आर्थिक स्थिति चरमराने लगी है, रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रमिकों और किसानों के अधिकारों को एकदम नजरअंदाज किया गया. हालांकि न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की गई थी, लेकिन राज्य ने अभी तक यह स्वीकार नहीं किया है कि यह मजदूरी जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है. इसके अतिरिक्त, जबकि सिंध में लगभग 1,200 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कर दिया गया था. 2022 में गठित जिला सतर्कता समितियां काफी हद तक निष्क्रिय ही रहीं. देश की खदानों में मरने वालों की संख्या भी बहुत अधिक रही. एचआरसीपी इन मुद्दों पर राज्य द्वारा तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
Also Read: दिल्ली पहुंचे चीन के रक्षामंत्री, SCO बैठक में होंगे शामिल, गलवान झड़प के बाद पहली बार भारत का दौरा
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8a42dd30cacbe1327e6e732564bc77df | हेलो दोस्तो क्या आप भी अपने फोटो एडिटिंग के लिए आइडिया नहीं आता की किस तरह का फोटो एडिट करना है ये आपकी नहीं बल्कि बहुत सारे नए लोग जो फोटो एडिटिंग करना चाहते है उसकी समस्या है और जो भी फोटो editing करना चाहते है शुरू में सभी के साथ ये प्रेसानी आती है की फोटो एडिटिंग के लिए आइडिया ही नहीं मिल पाता उनको की किस तरह का फोटो एडिट करना है,तो दोस्तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है,आज मैं आपको बताऊंगा की आप फोटो editing के लिए कहां से आइडिया ढूंढ सकते है,तो ब्लॉग आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है तो ब्लॉग को लास्ट तक जरूर पढ़े।
Photo Editing के लिए idea कैसे लाए?
साथ ही में मैने आपको कुछ फोटो के जरिए फोटो एडिटिंग का आइडिया भी दिया है जो की आप नीचे देख सकते है और साथ ही में मैने खुद के कुछ पसंदीदा बैकग्राउंड भी दिया है जिसका यूज करके आप बहुत अच्छा फोटो एडिट कर सकते है,मैं आशा करता हु की आपको पसंद आएगा तो चलिए शुरू करते है।
How To find Idea’s for Photo edit?
फोटो एडिटिंग के लिए आइडिया ढूंढना आसान है आपको मैं कुछ बहुत कमाल के ट्रिक देने वाला हु जोकि आपको फोटो एडिटिंग का आईडिया ढूंढने के लिए फायदा करेगा।
आप लोग गूगल का भी यूज कर सकते है इसलिए लिए अब आप सोच रहे होंगे की गूगल का यूज करके कैसे फोटो एडिटिंग का आईडिया ला सकते है,तो जी हां बहुत ही आसान है सबसे पहले आपको गूगल पर जाना है और आपको वहां पर सर्च करना है (फोटो एडिटिंग आइडिया) इस तरह से आप गूगल से भी फोटो edit के लिए आइडिया को ढूंढ सकते है।
दूसरा तरीका यह है की आप इंस्टाग्राम पर बड़े बड़े एडिटर को Follow कर सकते है जैसे की (Nsb Picture, Taukeer Editz,Saha Social) इस तरह के एडिटर को Follow कर सकते है जोकि रोज पोस्ट डालते है जिनको देख के आपको फोटो एडिटिंग का आईडिया आ सकता है।
तीसरा तरीका यह है की आप बहुत सारे वेबसाइट की सहायता ले सकते है जिनमे आपको ढेर सारा आइडिया मिल सकता है जैसे की Pintrest,unplash इस तरह के वेबसाइट के सहायता से भी आप फोटो एडिटिंग का आईडिया ले सकते है।
Backgorund For Photo Editing→
आपको मैने कुछ खुद से बनाए हु बैकग्राउंड दिया है जिनका यूज करके आप अपने फोटो को बहुत शानदार बना सकते हो और इनको आप फ्री में और आसानी से डाउनलोड कर सकते हो मैने आपको बहुत गजब के बैकग्राउंड दिए है जिसको आप अपने मोबाइल और Pc में दोनो यूज कर सकते है।
मैने जितना भी आपको बैकग्राउंड दिया है आप इसे फोन और Pc में दोनो में यूज कर सकते हो,जैसे की आप इसे Picsart,Snapseed,Autodesk इस तरह में भी यूज कर सकते हो साथ ही साथ आप इस Presets को Adobe Photoshop में भी यूज कर सकते हो,और जितने में मैने आपको बैकग्राउंड दिए है सभी हाई क्वालिटी का बैकरग्राउंड है जिन्हे आप हमारे वेबसाइट से फ्री में डाउनलोड कर सकते है।
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37a028b051af4f8d3a2bda3285601c6e | ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े तमाम सवालों की सुनवाई का सिलसिला आज से शुरु हो रहा है. ज्ञानवापी मस्जिद पर जारी कानूनी दावेदारी को लेकर आज जिला अदालत में अहम सुनवाई का दिन है. आज जिला अदालत में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई होनी है जिसके बाद ये तय होगा कि सर्वे की रिपोर्ट और श्रृंगार गौरी से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई होगी या नहीं. मुस्लिम पक्ष ने पूजा स्थल अधिनियम 1991 का हवाला देते हुए ज्ञानवापी से जुड़ी याचिकाओं पर ऐतराज जताया है. सुप्रीम कोर्ट ने जिला अदालत को निर्देश दिया था कि वो सबसे पहले इसी याचिका पर सुनवाई करे. जिला अदालत ने ज्ञानवापी के भीतर हुए सर्वे को लेकर एक हफ्ते में आपत्ति मांगी है. देखें ये खास रिपोर्ट.
Today, the petition of the Muslim side is to be heard in the district court in the Gyanvapi case. Today it will be decided whether the survey report and the petitions related to Shringar Gauri will be heard or not. Watch this special report. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
995a4caefd496584662e771ba5efd737 | Noida News Hindi: नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए खास खबर है। नोएडा में गाड़ी चलाते समय बेवजह हॉर्न मारने पर अब भारी जुर्माना लग सकता है. क्योंकि नोएडा प्राधिकरण शहर के कुछ इलाकों को साइलेंस जोन बनाने वाली है. जहां हॉर्न मारने पर 10 हज़ार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ट्रैफिक सेल ने शहर में सर्वे करवाकर 140 ऐसे जगहों को चिन्हित किया है. जिन्हें साइलेन्स जोन बनाया जाएगा. प्राधिकरण की टीम ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है.
UP Breaking News: नोएडा प्राधिकरण ने इन इलाकों को चिन्हित करने के बाद अब यहां साइन बोर्ड लगाने का भी काम शुरू कर दिया गया है. यानी अब आने वाले दिनों में अगर नोएडा के इन इलाकों में गाड़ी लेकर एंटर करते हैं और हॉर्न बजाते हैं तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो पहली बार हॉर्न बजाने पर 1,000 का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं दूसरी बार बजाने पर 2,000 के जुर्माना लगेगा. इसी तरह अगर प्रेशर हॉर्न बजाया जाता है तो हॉर्न बजाने वाले पर 10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में हॉर्न बजाया जा सकता है.
नोएडा प्राधिकरण ट्रैफिक सेल के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया की नोएडा अभी तीन भागों में बटा हुआ है आवासीय, औद्योगिक और व्यवसायिक लेकिन अब एक चौथा जोन नोएडा में बना दिया गया है, जो साइलेंस जोन है. साइलेंस जोन (Silence Zone) में अस्पताल, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक स्थल और कोर्ट परिसर को रखा गया है. इसके साथ ही कई ऐसे सेक्टर को भी जोड़ा जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में वृद्ध लोग रहते हैं. साइलेन्स जोन में 100 मीटर के दायरे में हॉर्न बजाने पर बैन रहेगी. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
eb6e9a73f6eba5fc6804658ea86bbc6d | तालिबान के जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एनबीसी समाचार से कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन 9/11 के हमलों में शामिल था। उसने आगे कहा कि 20 साल के युद्ध के बाद भी कोई सबूत मौजूद नहीं है। वहीं तालिबान की वापसी के बाद आतंकी संगठन अलकायदा के फिर उभरने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अलकायदा (एक्यूआईएस) ने बयान जारी कर तालिबान को बधाई दी है। अलकायदा ने अपने बयान में अमेरिका को आक्रमणकारी और अफगान सरकार को उनका सहयोगी बताया है। जानकारों का कहना है, घरेलू उग्रवाद के साथ-साथ रूस और चीन के साइबर हमलों से जूझ रहे अमेरिका के लिए यह बड़ी परेशानियाें का सबब बन सकता है।
तालिबान ने कहा है कि दुश्मनों के खिलाफ इस लड़ाई में अफगान लोगों के बलिदान को भूला नहीं जा सकता है। इसके अलावा अलकायदा ने तालिबान की जीत को अमेरिका की हार बताया है। अपने बयान में उसने कहा है कि यह तालिबान के हाथों सोवियत और ब्रिटेन को मिली हार से भी बड़ी सफलता है।
अलकायदा फिर हो सकता है सक्रिय: क्रिस कोस्टा
ट्रंप प्रशासन में आंतकवाद रोधी मिशन के वरिष्ठ निदेशक रहे क्रिस कोस्टा का कहना है, अलकायदा को एक अवसर मिला है और वह इसका लाभ उठाने की कोशिश करेगा। इससे पहले, पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने स्वीकारा था कि अफगानिस्तान में अलकायदा की मौजूदगी है। लेकिन खुफिया जानकारियों में कमी से इसके आतंकियों की संख्या बताना कठिन है।
अमेरिका ने दो दशकों में खुद को पहले से काफी मजबूत कर लिया है। लेकिन जून में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अलकायदा का शीर्ष नेतृत्व सैकड़ों सशस्त्र लड़ाकों के साथ अफगानिस्तान में मौजूद है। इसमें बताया गया, तालिबान के साथ उसकी नजदीकी बनी हुई है।
जानकारों का कहना है कि अफगानिस्तान अब अनेक चरमपंथी गुटों की शरणगाह बन सकता है। यही वजह है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ओवर द होराइजन क्षमता की बात कहते रहे हैं। उनके सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भी बताया था, खुफिया समुदाय का मानना है कि अलकायदा के पास अमेरिका पर पहले जैसा हमला करने की क्षमता नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान में अमेरिकी की कमजोर खुफिया क्षमता को चेतावनी की तरह लेना चाहिए। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
28573dec5fdf83cf964c67ccac5f5325 | कलेक्टर ने लिखे विभाग प्रमुखों को पत्र भोपाल। लोकसभा निर्वाचन के दौरान मेडिकल के आधार पर ड्यूटी निरस्त कराने वाले 14 अधिकारियों-कर्मचारियों की...
कलेक्टर ने लिखे विभाग प्रमुखों को पत्र
भोपाल। लोकसभा निर्वाचन के दौरान मेडिकल के आधार पर ड्यूटी निरस्त कराने वाले 14 अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो सकती है। इस संबंध में भोपाल कलेक्टर एवं रिटर्निंग ऑफिसर संसदीय क्षेत्र भोपाल डॉ. सुदाम खाड़े ने संबंधित विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर उन्हें सेवा से पृथक करने को कहा है।
कलेक्टर डॉ. खाड़े ने बताया कि जिन कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने के लिए संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र लिखे गए हैं, उनमें नगर निगम भोपाल के मानचित्रकार कमाल उद्दीन, नीरज दुबे अनुसंधान सहायक (भू-जल), अशोक कुमार मेहरा समयपाल, आरिफ खान मैकनिक ग्रेड-3 कार्यालय सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ओपी यादव सहायक वर्ग-3 कार्यालय प्राचार्य शासकीय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गोविंदपुरा, उमा सक्सेना सहायक ग्रेड-2 कार्यालय अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मंडल, अहमद बैग अधीक्षक कार्यालय मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सुनील कुमार खरे सहायक सांख्यिकी अधिकारी संचालनालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हेमंत बहुगुणा डिप्टी मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रधान कार्यालय, नाहिद रिजवी शिक्षक शासकीय तात्याटोपे हाईस्कूल पुरानी जेल संकुल महाराणा प्रताप जहांगीराबाद, सावित्री विजय सहायक शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटरा सुल्तानाबाद, मनीषा बेरी उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निशातपुरा, कहकशा हबीब खान उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय हमीदिया कन्या हाई सेकेण्ड्री स्कूल क्रमांक-1 तथा हरप्रसाद वंशकार प्रधान अध्यापक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हर्राखेड़ा बैरसिया शामिल हैं।
कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि उन्होंने विभाग प्रमुखों को जारी पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि उक्त सभी अधिकारी-कर्मचारी किसी न किसी बीमारी से पीडि़त होकर निर्वाचन ड्यूटी करने में समर्थ नहीं हैं। इससे यह भी स्पष्ट है कि वे अन्य शासकीय कार्य भी संपादित करने में सक्षम नहीं हैं। प्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवकों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक सी-311/2017/एक-3 दिनांक 08 नवम्बर 2017 अनुसार 50 वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर शासकीय सेवकों के अभिलेखों की छानबीन कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में निर्देशित किया गया है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार विधि संगत कार्यवाही कर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल को की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
cb3e13ef8c7124aeeaa91701c7218216 | भरतपुर| सरकूलर रोड जिला अस्पताल के निकट स्थित रीकाे तिराहा पर मंगवार दोपहर करीब ढाई बजे केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक पर 5-7 युवकों ने हमला कर दिया। घटना में घायल होने पर पीडित शिक्षक को राहगीरों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हुआ यूं कि केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक लखनलाल मीना दोपहर करीब ढाई बजे अपने बच्चों को सेंट पीटर स्कूल से लेकर कार से लौट रहे थे, कार में उनकी प|ी भी साथ में सवार थीं। अचानक रीको तिराहा पर उनके बच्चों ने बताया कि पापा देखो नाना खड़े हुए हैं, उन्होंने देखा तो वहां उनके ससुर और सास खड़े हुए थे। इस पर वे अपनी कार काे उनके निकट ले गए, ज्याें ही वे कार से उतरने लगे तो अचानक उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। ससुर के साथ 5-7 लड़के भी खड़े हुए थे, जिन्होंने बैल्टों से शिक्षक लखनलाल को बुरी तरह से पीटा, देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई, प|ी और तमाशबीनों ने उन्हें बचाया और बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती शिक्षक लखनलाल मीणा ने मीडिया को बताया कि उनकी ससुराल बयाना तहसील क्षेत्र के गांव मिलकपुर में है। ससुर दौसा जिले के खेड़ला चौकी पर एएसआई पद पर तैनात हैं। उनसे उनका अभी तक कोई विवाद नहीं हुआ हैै और न ही किसी तरह का कोई विवाद प|ी से हुआ है। उन्होंने फिर भी मुझ पर अकारण हमला क्यों किया इस बात की काई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मैंने घटना की सूचना एसपी को दी है और जानकारी कराई है कि एएसआई आज बुधवार के दिन ड्यूटी पर हैं या छुट्टी पर हैं। साथ ही मेरे ऊपर किए गए हमले को लेकर उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए कहा है।
हमले में घायल शिक्षक लखनलाल मीना। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f6061a89d8877182d66b7d73d4b883a7 | 'ख़त्म हो जाएंगे बहुत से समुद्री जीव'
दुनिया भर के समुद्रों में ऐसिड का स्तर 'अभूतपूर्व गति' से बढ़ता जा रहा है और संभव है कि यह पिछले 30 करोड़ सालों में सबसे ज़्यादा हो.
वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसिड का स्तर बढ़ने की यह प्रक्रिया साल 2100 में 170 फ़ीसदी तक बढ़ सकती है.
उनका मानना है कि इन परिस्थितियों में 30 प्रतिशत समुद्री प्रजातियों का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा.
शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं इसके लिए मनुष्यों द्वारा कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है.
पोलैंड में अगले हफ़्ते वैश्विक पर्यावरण के मसले पर होने वाली बैठक में इस अध्ययन को पेश किया जाएगा.
घुलता ऐसिड
इस मुद्दे पर दुनिया के 500 से ज़्यादा जाने माने विशेषज्ञ साल 2012 में कैलिफ़ोर्निया में जुटे थे.
इंटरनेशनल बायोस्फ़ेयर-जियोस्फ़ेयर कार्यक्रम की अगुआई में हुए अध्ययन की रिपोर्ट अब प्रकाशित कर दी गई है.
इसमें कहा गया है कि ऐसिड स्तर बढ़ाने में इंसानी गतिविधियों का हाथ है जो हर दिन दो करोड़ 40 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड समुद्र में घोल रहे हैं.
इतनी भारी मात्रा में कार्बन घुलने से समुद्र के पानी का रासायनिक स्वरूप बदल गया है.
औद्योगिक क्रांति
औद्योगिक क्रांति की शुरूआत से लेकर अब तक पानी 26 फ़ीसदी ज़्यादा ऐसिडिक हो गया है.
फ्रांस की राष्ट्रीय शोध एजेंसी सीएनआरसी के प्रोफ़ेसर ज्यां पियरे गटूसो कहते हैं, ''मेरे साथियों ने भूगर्भीय रिकॉर्ड में कभी इतनी तेज़ी से बदलाव होते नहीं देखा है.''
वैज्ञानिकों को सबसे ज़्यादा चिंता है प्रवाल भित्तियों समेत समुद्री प्रजातियों पर पड़ने वाले असर की.
समुद्र की गहराई में किए गए अध्ययन से पता चलता है कि जहां पानी में ऐसिड का स्तर कार्बन डाई ऑक्साइड की वजह से ज़्यादा है वहां समुद्रिक जैव विविधता का 30 फ़ीसदी हिस्सा इस शताब्दी के अंत तक ख़त्म हो जाएगा.
भविष्य की तस्वीर
शोधकर्ता मानते हैं कि ये आंकड़े भविष्य की तस्वीर दिखाते हैं.
प्रोफ़ेसर गटूसो कहते हैं, ''साल 2100 में जिस तरह ऐसिड का स्तर बढ़ने की संभावना है उसमें कोई भी मोलस्क ज़िंदा नहीं रह सकता. यह निश्चित रूप से बेहद चौंकाने वाला है."
उन्होंने कहा, "ये तस्वीर पूरी तरह से सही नहीं है. इन जगहों पर केवल सामुद्रिक ऐसिड बढ़ रहा है लेकिन ये इस शताब्दी में बढ़ रहे तापमान को नहीं दिखाती. अगर आप दोनों को मिला दें तो स्थिति बहुत नाटकीय हो जाएगी.''
ऐसिड का सबसे ज़्यादा असर आर्कटिक और अंटार्कटिक में देखा जा रहा है.
नुकसानदायक
इन समुद्रों में कार्बन कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा और गैस का बढ़ता स्तर उन्हें बाक़ी दुनिया के मुक़ाबले बहुत तेज़ी से ऐसिड युक्त बना रहा है.
यह स्थिति समुद्री जीवों के लिए बेहद नुकसानदायक है.
शोधकर्ताओं का मानना है कि 2020 तक आर्कटिक का दस प्रतिशत हिस्सा उन प्रजातियों के लिए असह्य हो जाएगा जिनका कवच कैल्शियम कार्बोनेट से बनता है.
सामुद्रिक संरक्षण ज़ोन बनाने से कुछ समय के लिए मदद मिल सकती है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबी अवधि में केवल उत्सर्जन में कमी ही ऐसिड स्तर में बढ़ोत्तरी की समस्या से राहत दे सकती है. | 4 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
8eca99cdc86cdb5942cbfb9bc185a065 | ‘द क्विंट’ के मालिक राघव बहल के घर और ऑफिस में छापेमारी
राघव ने कहा कि हम पूरी तरह टैक्स भरते हैं और इनकम टैक्स अधिकारियों को सभी फाइनेंनसियल दस्तावेज दिखाए जाएंगें।'
राघव बहल, तस्वीर साभार-पंचायती टाइम्स
गुरुवार सुबह मीडिया कंपनी क्विंट के मालिक राघव बहल के घर, द क्विंट और द न्यूज़ मिनट के दफ्तर में आयकर विभाग ने छापेमारी की है। कहा जा रहा है कि टैक्स चोरी मामले में यह छापेमारी की गई है।
फ़र्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस मामले की जांच की जा रही है उससे जुड़े दस्तावेजों और अन्य सबूतों की तलाशी भी की जा रही है।
इस मामले में राघव बहल ने कहा, ‘मैं मुंबई में था तब इनकम टैक्स अधिकारी मेरे घर और क्विंट के ऑफिस में जांच के लिए पहुंचे थे। राघव ने आगे कहा हम पूरी तरह टैक्स भरते हैं और इनकम टैक्स अधिकारियों को सभी फाइनेंनसियल दस्तावेज दिखाए जाएंगें।’
राघव ने कहा ऑफिस में फोन करके इस बात की भी हिदायत दी गई है कि पत्रकारिता से जुड़े किसी भी संवेदनशील मुद्दे के बारे में किसी को कोई जानकारी या मेल की जानकारी न दी जाए। यदि इनकम टैक्स अधिकारी मीडिया से जुड़ी किसी चीज को लेकर ऑफिस कर्मियों के साथ कोई जबर्दस्ती करते हैं तो उसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि अधिकारी ऑफिस में किसी भी चीज की तस्वीर लेने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करें। मैं जल्द ही दिल्ली लौटूंगा। उन्होंने कहा कि एडिटर्स गिल्ड से अपील की है और जल्द ही इजी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
4cb3849165da834d75815beac7460559 | नई दिल्ली . यह बात जगजाहिर है कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर कितना सक्रिय रहते हैं. वे आए दिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मीम, मोटिवेशनल विचार व पुरानी यादें शेयर करते रहते हैं. कई दफा वे ट्विटर अकाउंट के ज़रिए अपने ह्यूमर का परिचय भी देते हैं. इसी तरह रविवार को उन्होंने एक कपल की तस्वीर शेयर कर बताया है कि भारत दुनिया में सबसे अधिक दोपहिया वाहन क्यों बनाता है.
आनंद महिंद्रा ने दोपहिया वाहन पर ढेर सारी कुर्सियां व कार्पेट ले जाते एक कपल की तस्वीर अपने ट्विटर पर शेयर की है. उन्होंने तस्वीर के साथ लिखा, “अब आप जान चुके होंगे कि भारत दुनिया में सबसे अधिक दोपहिया वाहन क्यों बनाता है. हमें पता है कि पहिए के प्रति वर्ग इंच पर सर्वाधिक माल ढुलाई कैसे करनी हैं. हम ऐसे ही हैं.”
महिंद्रा एंड मंहिद्रा की बिक्री में इजाफा
इस बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले मार्च में उसकी कुल बिक्री 35 प्रतिशत बढ़कर 54,643 इकाई हो गई. मुंबई स्थित भारत की शीर्ष ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल एमएंडएम ने मार्च 2021 में 40,403 इकाइयां फैक्ट्री से डिस्पैच की थीं.
कंपनी ने पिछले महीने घरेलू बाजार में 27,603 यात्री वाहनों की बिक्री की जबकि मार्च 2021 में कंपनी ने 16,700 वाहन बेचे थे. पिछले महीने घरेलू बाजार में इसने 23,880 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री की जबकि एक साल पहले की समान अवधि में इसने 21,577 वाहनों की बिक्री की थी.
कंपनी के निर्यात में हुई वृद्धि
कंपनी के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ विजय नाकरा ने एक बयान में कहा है, “हमने मार्च 2022 में कुल 54,643 वाहनों की बिक्री की. (बिक्री में) 35 फीसदी की बढ़त के साथ हमने अपनी वृद्धि की गति को लगातार बनाए रखा है.” उन्होंने आगे कहा, “मांग मजबूत बनी हुई है. हम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के प्रति सतर्क हैं और आवश्यकता पड़ने पर उचित कार्रवाई के लिए तैयार हैं.” पिछले महीने कंपनी ने भारत से 3,160 वाहनों का निर्यात किया जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 49 फीसदी अधिक था. पिछले साल मार्च में कंपनी ने 2,126 वाहनों का निर्यात किया था. कंपनी के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 2.30 फीसदी की बढ़त के साथ 825 रुपए पर बंद हुए. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
3ea88895470d43fae5b8b311a6be4057 | अहेवाल & तस्वीर
अभिषेक पारेख
(युवा पत्रकार,
जी एक्सप्रेस न्यूज)
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिव्यांग उद्यमियों/कारीगरों के उत्पादों और शिल्प कौशल को प्रदर्शित करने हेतु सूरत में दिव्य कला मेला का आयोजन किया गया।
यह आयोजन 29 दिसंबर से 7 जनवरी, 2024 तक एसएमसी ग्राउंड पार्टी प्लॉट अठवा लाइन्स सूरत में किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि के रूप में श्री नवीन शाह, आईएफएस, सीएमडी, एनडीएफडीसी, पद्मश्री कनु भाई टेलर, श्री वी एम बोर्डिया, श्रीमती संगीता पाटिल एमएलए लिंबायत विधान सभा, श्री अरविंद भाई राणा एमएलए सूरत ईस्ट, दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाले प्रमुख गैर सरकारी संगठन और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस मेले में लगभग 100 दिव्यांग कारीगर/कलाकार और उद्यमी सूरत में अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन किया। मेले में गृह सजावट, कपड़े, स्टेशनरी, पैकेज्ड भोजन और जैविक उत्पाद, खिलौने और उपहार, आभूषण, पेंटिंग समेत अन्य कई उत्पाद उपलब्ध है।
गुजरात के सुप्रसिद्ध ऐन्कर चैताली शाह ने पुरे मेला उद्घाटन समारोह में वहा पर मेले में लगे स्टॉल के विक्रेता के साथ भी बात करके उनकी प्रतिक्रिया जानी.
National Divyangjan Finance and Development Corporation Ministry of Social Justice and Empowerment, Government of India
#DivyaKalaMela2023 | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
2066c0095415256eba4325f21b94e42a | एडवाइजरी में यूं तो कई बिंदुओं पर सतर्क रहने का इशारा खुलकर किया गया है. विशेष बात यह है कि ट्रेनों पर भी इस बार असामाजिक तत्वों की नजर पड़ सकती है. इस बात का उल्लेख जारी अलर्ट में विशेष रुप से किया गया है. ताकि ट्रेनों की सुरक्षा वक्त रहते एहतियातन और भी ज्यादा मजबूत की जा सके. इस अलर्ट से सभी राज्यों के रेलवे सुरक्षाबल भी अलर्ट हो गए हैं. क्योंकि देश के किसी भी राज्य की सीमा में ट्रेनों की सुरक्षा का पहला और सीधा जिम्मा रेलवे पुलिस बल का ही होता है. कांवड़ यात्रा से पूर्व इस तरह का अलर्ट आना कोई नई बात नहीं है. अगर नई बात है तो यह है कि इस बार उपद्रवी या कहिए विध्वंसकारी ताकतों की नजर भारतीय ट्रेनों पर भी पड़ सकती है. | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
fb78024755fcce6250cba976e710ae04 | बिजली की आपूर्ति को सबसे अहम बुनियादी ढांचा माना जाता है। सामान्यतया, किसी एक देश की बिजली की खपत इस देश के औद्योगिक पैमाने और विकास स्तर का प्रतिनिधित्व करती है। पिछली शताब्दी में चीन को भी बिजली की कमी का सामना करना पड़ा था, और कई बड़े शहरों में बिजली कटौती की समस्याएं मौजूद रही थीं। हालांकि, वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद, चीन ने विद्युत ऊर्जा सुविधाओं के निर्माण में काफी प्रगतियां प्राप्त की हैं, आज चीन की विद्युत आपूर्ति पश्चिम के जी 7 देशों की कुल संख्या को पार कर दुनिया में पहले स्थान पर है।
वर्षों के विकास के बाद, चीन दुनिया में सबसे बड़ा ऊर्जा उत्पादक बन गया है। इसने एक देशव्यापी ऊर्जा अवसंरचना नेटवर्क बनाया है, जो आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ऊर्जा की मांग को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करता है। चीन ने 2.47 बिलियन किलोवाट बिजली उत्पादन क्षमता की स्थापना की है, जो पश्चिम के जी 7 देशों की कुल स्थापित क्षमता से अधिक है। इसके अलावा, 2.26 मिलियन किलोमीटर की लंबाई के साथ 35 केवी और उससे ऊपर की ट्रांसमिशन लाइन निर्मित हो चुके हैं, 33 यूएचवी ट्रांसमिशन चैनल परिचालन में आ गए हैं। पिछले दस वर्षों में, चीन में ऊर्जा उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 2.4% रही, जिसने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की औसत वार्षिक वृद्धि दर 6.6% का समर्थन किया है। और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दर 80% से अधिक पर बनी रही है। गौरतलब है कि चीन के बिजली निर्माण में हरित ऊर्जा का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। अक्षय ऊर्जा बिजली उत्पादन की कुल स्थापित क्षमता 1.1 बिलियन किलोवाट से अधिक है, जो एक दशक पहले की तुलना में तीन गुना अधिक है। और यह दुनिया में अक्षय ऊर्जा की कुल संख्या का 30% से अधिक है। चीन में निर्माणाधीन पनबिजली, पवन ऊर्जा, फोटोवोल्टिक, बायोमास बिजली उत्पादन और परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता दुनिया में पहले स्थान पर है।
वहीं, चीन ने 40 लाख चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाया है जो भी दुनिया में सबसे बड़ा होता है। चीन में कुल 270 हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन बनाए गए हैं, जो विश्व का लगभग 40% है, जो दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन में गैर-जीवाश्म ऊर्जा खपत दुनिया का लगभग एक चौथाई हिस्सा रहा है, जो दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, और प्रति व्यक्ति के लिए बिजली की खपत यूनाइटेड किंगडम और इटली की तुलना में अधिक है। चीन सभी विकासमान देशों में पहला देश बना है जिसमें हर व्यक्ति के लिए बिजली का सेवन कराया जाता है। चीन में 26.36 मिलियन किलोवाट की फोटोवोल्टिक गरीबी उन्मूलन परियोजना भी पूरी हो चुकी है, जिससे एक लाख गांवों तथा 4.15 मिलियन गरीब परिवारों को लाभ मिला है। देश के उत्तरी क्षेत्रों में स्वच्छ ताप दर 73.6% तक पहुंच गई है।
ऊर्जा निर्माण के विकास के साथ-साथ चीन में हाई-स्पीड रेलवे, राजमार्ग और पावर ग्रिड जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी गति दी गयी है। 2021 के अंत तक, चीन के व्यापक परिवहन नेटवर्क का कुल माइलेज 6 मिलियन किलोमीटर से अधिक हो गया है, 220 kV और उससे ऊपर की ट्रांसमिशन लाइनें 794,000 किलोमीटर तक पहुंच गई हैं, और ऑप्टिकल केबल लाइनों की कुल लंबाई 54.81 मिलियन किलोमीटर तक पहुंच गयी है। इन के अतिरिक्त सुपर हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और नेशनल ग्रिड तथा 4G नेटवर्क स्केल भी दुनिया में पहले स्थान पर रहते हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f25cdaa675b087e2ce46be58b8a7d671 | Oct, 30 2018
रायपुर. हमारे नेता ने भी हमें शहरी और गंवई में बांट दिया। हमें विकास के नाम पर सड़क तो दूर बरसात में ढंग की पगडंडी भी नहीं मिली। कोरबा ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जो आधा शहरी है तो आधे में ग्रामीण परिवेश नजर आता है। शहर और गाँव के विकास में तालमेल नहीं बिठा पाने की वजह से पिछले चुनाव में बोधराम कंवर को हार का सामना करना पड़ा था। जिन मुददें को लेकर पिछलीे बार जनता के बीच नाराजगी थी। वह आज भी उसी स्थिति में है। केबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने के बाद भी बदहाली दूर करने में लखन कुछ खास नहीं कर सके। पढ़िए कोरबा से आकाश श्रीवास्तव की ग्राउंड रिपोर्ट।
कोसा का गढ़ छुरी, हैंडलूम पार्क खटाई में, दो पुल बने ही नहीं
छुरी नगर कोसा का गढ़ माना जाता है। लेकिन यहां के बुनकरों की हालत बेहद दयनीय है। 21 करोड़ की लागत से हैंडलूम पार्क प्रस्तावित किया गया था। 32 एकड़ जमीन भी तय कर ली गई थी। लेकिन डीएमएफ की सूची से इसे बाहर कर दिया गया। इसके बनने से गरीब बुनकरों को एक छत के नीचे आवास के साथ हाइटेक प्रशिक्षण व कोसे से बनी साडिय़ां व अन्य समानों की उत्पादकता बढ़ती। देशभर में छुरी का नाम होता।
10 साल से पेयजल योजना पूरी नहीं
कटघोरा को जिला बनाने की मांग लंबे समय से की जाती रही है। लखन कहते हैं हमनें जिला बनाने की बात कभी नहीं की। जनता कह रही है जिला तो दूर की बात है यहां की हालत तो गांव से भी बद्तर है। 10 साल से पेयजल योजना पर काम चल रहा है। कब पूरा होगा ये तो माननीय भी नहीं बता पाते हैं।
चार साल में 9 बार कटघोरा के सीएमओ बदल गए। गौरव पथ स्वीकृत है, कब शुरू होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। कटघोरा नगर के बाहर जैसे ही निकलेंगे। दो दर्जन गांव के खेतों के लिए सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था ही नहीं है। 2014 से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट से दो हजार हेक्टयेर खेतों में सिंचाई होनी है। लेकिन योजना पूरी होने की तिथि हर साल बढ़ रही है। पूरी कब होगी, अफसर नहीं बता पा रहे।
कागजों में विकास
बांकीमोंगरा के गजेंद्र राजपूत बताते हैं कि पेयजल की जो योजना पर काम हुआ। उससे किसी को लाभ नहीं मिला। कागजों में विकास किया जा रहा है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई। मुश्ताक खान का कहना है कि बांकीमोंगरा से लेकर दीपका तक एक भी बड़ा स्वास्थ्य केन्द्र नहीं खुल सका। इलाज के लिए शहर जाने की मजबूरी पांच साल बाद भी खत्म नहीं हो सकी।
चुनाव से ठीक पहले सड़क का भूमिपूजन
चाकाबुड़ा से जवाली तक 14 किमी की सड़क एसईसीएल से 32 करोड़ का फंड मिलने के बाद डेढ़ साल तक शुरू नहीं की गई। अब ठीक चुनाव से एक माह पूर्व लखनलाल देवांगन ने इसका भूमिपूजन किया है। लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। सड़क की हालत ऐसी है इसे सड़क नहीं कहा जा सकता। बारिश में पोखरी और आम दिनों में बड़े-बड़े गड्ढे ही दिखाई देते हैं। यही हाल मुढ़ाली से कटसीरा मार्ग का है। इस क्षेत्र में भूविस्थापितों की समस्या एक बड़ा मुद्दा है।
इस बार प्रभावितों के दिल में दर्द ज्यादा है। भूविस्थापित कहते हैं जितने बार भी बैठक हुई, सिर्फ दिखावा रहा। हम जब विरोध करने सड़क पर उतरे तो हमारा नेता हमारे साथ नहीं था। हद तो तब हो गई जब डीएमएफ फंड के लिए बड़े हकदारों की याद चार साल बाद आ गई। अब लॉलीपॉप थमाने 13 गांव को मॉडल बनाने की घोषणा हुई है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
cdfcbec4208bc95d2d9cbf77db378e98 | चीन ने मंगलवार को ताइवान जलडमरूमध्य के माध्यम से अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक के पारित होने का विरोध किया, इसे क्षेत्र में स्थिरता को कमजोर करने के लिए एक जानबूझकर कदम बताया। अमेरिकी नौसेना ने एक बयान में कहा कि अर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस मिलियस ने “अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार मंगलवार को एक नियमित ताइवान स्ट्रेट ट्रांजिट का संचालन किया।” इसने कहा कि जहाज का पारगमन “एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
7वें फ्लीट की वेबसाइट पर बयान में कहा गया है, “संयुक्त राज्य की सेना कहीं भी उड़ान भरती है, पालती है और अंतरराष्ट्रीय कानून की अनुमति देती है।” चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत “नेविगेशन की स्वतंत्रता के नाम पर बार-बार ताइवान जलडमरूमध्य में मांसपेशियों को फ्लेक्स कर रहे हैं और परेशानी बढ़ा रहे हैं।” झाओ ने कहा, “यह स्वतंत्रता और खुलेपन के लिए प्रतिबद्धता नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बाधित करने और कमजोर करने का एक जानबूझकर प्रयास है।”
अमेरिकी नौसेना के जहाज नियमित रूप से ताइवान जलडमरूमध्य को पार करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय जल में स्थित है और दक्षिण चीन सागर और चीन, जापान, दक्षिण कोरिया आदि द्वारा उपयोग किए जाने वाले उत्तरी जल के बीच एक मुख्य नाली है। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है कि यदि बल द्वारा कब्जा कर लिया जाए ज़रूरी। अमेरिका के ताइवान के साथ अनौपचारिक संबंध हैं, लेकिन वह इसे रक्षात्मक हथियार प्रदान करता है और कानूनी रूप से द्वीप के लिए खतरों को “गंभीर चिंता का विषय” मानने के लिए बाध्य है।
यह कहानी एक थर्ड पार्टी सिंडिकेटेड फीड, एजेंसियों से ली गई है। मिड-डे इसकी निर्भरता, विश्वसनीयता, विश्वसनीयता और पाठ के डेटा के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व स्वीकार नहीं करता है। मिड-डे मैनेजमेंट/मिड-डे डॉट कॉम किसी भी कारण से अपने पूर्ण विवेक से सामग्री को बदलने, हटाने या हटाने (बिना सूचना के) का एकमात्र अधिकार सुरक्षित रखता है। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
b50242935f2d514751778c1561cf7683 | इस्लामाबाद: न्यूयॉर्क टाइम्स के काइरो ब्यूरो प्रमुख डेक्कन वाल्श द्वारा लिखी गई एक नई किताब द नाइन लाइव्स ऑफ पाकिस्तान में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आइएसआइ) पाकिस्तान के बाकी हिस्सों की तरह ही घपलेबाजी और भ्रष्टाचार की शिकार है।
उन्होंने पहले गाíडयन और फिर द टाइम्स के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता के रूप में नौ साल तक पाकिस्तान को कवर किया। फिर उन्हें देश से बाहर निकाल दिया गया।
वाल्स कहते हैं कि हाल के दशकों में आइएसआइ नेतृत्व ने अनुमान लगाने में बड़ी गलतियां की हैं, जिनका गंभीर अंजाम न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि खुफिया एजेंसी को भी भुगतना पड़ेगा। पुस्तक में कहा गया है कि आइएसआइ भय का इस्तेमाल हथियार के तौर पर करती है।
आइएसआइ अपनी प्रतिष्ठा को सर्वशक्तिमान बल के रूप में स्थापित करने के लिए बहुत कम काम करती है। इसके खतरनाक एजेंसी होने की बात गलत है। इसकी क्षमताओं को अक्सर कम करके आंका जाता है।
हालांकि, यह सड़क स्तर पर प्रभावी है और पश्चिमी जासूसी एजेंसियों द्वारा अपने भारतीय प्रतिद्वंद्वी रॉ से बेहतर एजेंसी के रूप में देखी जाती है। फिर भी यह सीआइए या ब्रिटेन की एमआइ-6 की तरह पेशेवर नहीं है।
किताब में कहा गया है कि सेना के जो अधिकारी इस एजेंसी का संचालन करते हैं, कुछ वर्षों में उन्हें अन्य शाखाओं में भेज दिया जाता है। जहां तक विश्लेषण की बात है, इसका रिकॉर्ड कमजोर है। वे लोग हर चीज को निश्चित विचारधारा के चश्मे से देखते हैं। | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
5797bf1e8e8e2a8545cd6263f9ac85f1 | कानपुर।केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में बढ़ौतरी से नाराज़ सर्राफा कारोबारियों ने आज भी अपनी दुकाने बंद रखीं और वित्तमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।कानपुर महानगर सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से वित्तमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमे कहा गया है कि सोने व हीरे के जेवरात में एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क की वृद्धि से छोटे कारोबारियों का व्यापार चौपट हो जायेगा।ज्ञापन में कहा गया कि व्यापारी हितों का बखान करने वाली केंद्र सरकार छोटे सर्राफा कारोबारियों को तबाह करने में लगी है जिसे क़तई बर्दाश्त नही किया जाएगा। व्यापारियों ने इसे काला क़ानून बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की।इस आदेश के विरोध में आज तीसरे दिन भी सराफा कारोबारियों ने अपनी दुकाने बंद कर विरोध दर्ज कराया।एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि इस काले क़ानून के ज़रिये जो मार्च २०१६ से प्रभावी हो रहा है उस से केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिकारियों द्वारा छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न की संभावनाएं बढ़ जाएँ गी।ज्ञापन देने वालों में राम निवास रस्तोगी पंकज अरोरा मुकुल वर्मा राजेंद्र रस्तोगी सौरभ मिश्रा आदि मौजूद थे। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
baedefc2dcb8657d706900ef5550e043 | नागौर। खबर राजस्थान के नागौर जिले से है। शहर के नकास गेट क्षेत्र में शनिवार शाम को एक सांड अचानक बेकाबू हो गया। बेकाबू हुए सांड ने करीब एक दर्जन लोगों को घायल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार नकास गेट क्षेत्र में शाम करीब साढ़े छह बजे एक सांड ने राहगीरों, वाहन चालकों को चोटिल कर दिया। लोगों ने सांड को काबू में करने का प्रयास किया लेकिन ये देख सांड और जयादा भडक़ गया। इस दौरान सांड नया दरवाजा से होते हुए प्रताप सागर तालाब क्षेत्र तक पहुंच गया। रास्ते में तीन-चार मोटरसाइकिल सवार, साइकिल सवार, राहगीरों समेत करीब एक दर्जन लोगों को घायल कर दिया।
जेएलएन अस्पताल में भर्ती घायल
बेकाबू सांड ने एक युवा को बेरहमी से घायल कर दिया। जानकारी के अनुसार सीने व सिर में चोट लगने से गंभीर घायल नया दरवाजा निवासी दिनेश (19) पुत्र ओमप्रकाश माली को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूचना मिलने पर नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची लेकिन सांड ने किसी को नजदीक नहीं आने दिया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात साढ़े आठ बजे रामप्रसाद भाटी, कपिल सैन, आसू भाटी ने सांड को काबू कर उसे कांजी हाउस भिजवाया।
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221841c1714298ea61d83fcdc8fcbcf3 | स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Tue, 11 Jan 2022 12:04 AM IST
विस्तार
भारत के प्रजनेश गुणेश्वरन ने ऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालिफायर के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। दुनिया के 221वें नंबर के खिलाड़ी प्रजनेश ने 119वें नंबर के कोलंबिया के डेनियल इलाही गालान को एक घंटे 13 मिनट में 6-4, 6-4 से पराजित किया। प्रजनेश का सामना जर्मनी के मैक्समिलियन मार्टरर से होगा जिन्होंने क्रोएशिया के निनो एस को 3-6, 6-1, 6-4 से मात दी। जीत के बाद प्रजनेश ने कहा कि यह मैच बहुत शानदार था। मैंने यहां अच्छी शुरुआत की। पिछले कुछ महीनों की तुलना में मैंने अच्छा खेल दिखाया और इस लय को आगे भी जारी रखना चाहता हूं।
रामकुमार, युकी व अंकिता आज उतरेंगे कोर्ट पर :
रामकुमार रामनाथन, युकी भांबरी और अंकिता रैना मंगलवार को अपने-अपने क्वालिफायर मुकाबलों के लिए मैदान में उतरेंगे। भांबरी को दुनिया के 248वें नंबर के पुर्तगाल के जोओ डोमिनगेज से और रामकुमार दुनिया के 197वें नंबर के इटली के जियान मोरोनी से खेलना है। रामकुमार अभी तक 22 प्रयास में ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं बना पाए हैं। महिलाओं में अंकिता रैना यूक्रेन की 118वीं रैंकिंग की लेसिया सुरेंको के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
बार्टी सिडनी क्लासिक से हटीं
एडिलेड। दुनिया की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एशले बार्टी सिडनी क्लासिक से हट गई हैं। स्थानीय खिलाड़ी ने रविवार को एडिलेड इंटरनेशनल में दोहरा खिताब जीता। उन्होंने एकल के बाद स्टोर्ड सैंडर्स के साथ मिलकर युगल की ट्रॉफी भी जीती। अब वह 17 जनवरी से शुरू होने वाले साल के पहले ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए सीधे मेलबर्न जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह असाधारण सप्ताह रहा है। हमने कई एकल और युगल मैच खेले और कोर्ट पर काफी समय बिताया। ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए तैयारी अच्छी है।’ वहीं सेमीफाइनल में बार्टी से हारने वाली पूर्व फ्रेंच ओपन चैंपियन इगा स्वियातेक भी सिडनी क्वालिसक में नहीं खेलेंगी।
निक किर्गियोस कोरोना संक्रमित, ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलना संदिग्ध
ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सिडनी क्लासिक टूर्नामेंट से हट गए। उन्हें सोमवार को पहले दौर में इटली के फैबियो फोगनिनी से खेलना था। दुनिया के 114वें नंबर के खिलाड़ी निक का ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलना भी संदिग्ध है। इससे पहले वह बीमारी के चलते पिछले हफ्ते मेलबर्न समर सेट वन टूर्नामेंट से भी हट गए थे। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
69ef337bf90c405dcef9e9ecbdacc855 | बॉम्बे हाईकोर्ट से भले ही निकिता जैकब को राहत मिल गई हो, लेकिन दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनके पास निकिता की गिरफ्तारी के पर्याप्त सबूत हैं। 11 फरवरी को दिल्ली पुलिस की टीम ने निकिता जैकब के मुंबई स्थित घर की 13 घंटे तक तलाशी ली थी। इस दौरान पुलिस ने निकिता के दो लैपटॉप और एक आईफोन जब्त करने के अलावा कुछ दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिये थे।
निकिता के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि निकिता सीधे खालिस्तानी समर्थक पीटर फ्रेडरिक के संपर्क में थी। वह लगातार खालिस्तानी संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का ईमेल भी इस्तेमाल कर रही थी। छानबीन के बाद पता चला है कि शांतनु और निकिता के कहने पर ही दिशा रवि ने स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चूंकि अचानक निकिता के घर पर छापेमारी की गई थी, इसलिए उसके मोबाइल और लैपटॉप में ज्यादातर डाटा पुलिस के हाथ लग गया हैं। निकिता के मोबाइल पर व्हाटसऐप चैट से पता चला है कि पीटर फ्रेडरिक से वह लगातार चैट रही थी। वह चैट के दौरान ऐसे ऐप के बारे में पीटर से पूछ रही थी, जिससे सुरक्षित सारे काम किए जा सके।
किसान आंदोलन की शुरूआत के साथ ही विदेशों में बैठे एमओ धालीवाल और पीटर फ्रेडरिक ने किसान आंदोलन को बड़ा बनाने और किसानों में असंतोष पैदा करने की योजना बना ली। इसके लिए दिसंबर से ही प्लानिंग होने लगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निकिता और शांतनु मुलुक पहले से पाएटिक जस्टिस फाउडेशन से जुड़े थे। वहीं दोनों पर्यावरण के लिए आवाज उठाने वाली एनजीओ -एक्सआर- से भी जुड़े हुए थे। इसमें दिशा रवि के अलावा कई देशों के पर्यावरणविद भी जुड़े थे।
शांतनु ने अपने मेल आईडी से टूलकिट का निर्माण करवाया। निकिता और दिशा ने उसमें एडिटिंग की। चूंकि टूलकिट को दुनियाभर के सेलिब्रिटीज को भेजा जाना था। इसलिए निकिता के कहने पर दिशा ने अपनी जानकार स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग को बिना एडिट की हुई टूलकिट शेयर कर दी। इसमें जब इनके नाम भी चले गए तो दिशा के होश उड़ गए। उसने तुरंत उसे डिलीट करवाया और एडिट की हुई टूलकिट भेजी गई।
हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। दिशा को जब भारी भूल का पता चला तो उसने तीन फरवरी से ही अपने मोबाइल व लैपटॉप से सबूत मिटाना शुरू कर दिए। हालांकि निकिता इससे चूक गई और उसके लैपटॉप और मोबाइल से पुलिस को अहम सुराग हाथ लग गए। पुलिस ने शांतनु के घर भी छापामारी कर उसके यहां से भी इलेक्ट्रॉनिक गेजेट बरामद किए हैं।
26 जनवरी को हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस की सभी एजेंसियों ने हिंसा की जांच शुरू कर दी। लोकल पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और साइबर सेल हिंसा की साजिश से पर्दा उठाने में जुट गई। 3 फरवरी को साइबर सेल के साथ ग्रेटा थनबर्ग का वह ट्वीट लग गया, जिसमें उसने गलती से बिना एडिट की हुई टूलकिट ट्वीट कर दी थी। ट्वीट होते ही चंद ही मिनटों में दिल्ली पुलिस के पास ग्रेटा का वह ट्वीट पहुंच गया। उसमें शांतनु, दिशा और निकिता के नाम थे। इसी आधार पर पुलिस ने छानबीन की। दूसरी ओर दिशा को भी गलती का पता चल चुका था। उसे भी पकड़े जाने का डर सताने लगा। बाद में उसने ग्रेटा से चैट कर ट्वीट को तुरंत हटाने के लिए कहा। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f1b190df13b36698efd184a11d1b7b44 | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक ने आरक्षण पर बड़ी बात कही है कि जब तक समाज में भेदभाव और असमानता रहेगी तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहेगी. इस पर कोई बहस भी नहीं है. वंचित वर्गों को लोकतंत्र और सेवाओं में समान प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी. यह प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो रहा है और इसे आगे भी जारी रखने के विरोध में कोई सोच विचार भी नहीं हो सकता है..!
प्रश्न यह है कि आरक्षण से भेदभाव और असमानता कम हो रही है या आरक्षण की ‘आदिस्मृति’ के कारण इन्हीं आरक्षित वर्ग में ही भेदभाव और असमानता की नई प्रवृत्ति बढ़ रही है. आरक्षित वर्गों में आरक्षण का लाभ लेकर राजनीति या सेवाओं में प्रतिनिधित्व करने वालों का एक श्रेष्ठ वर्ग विकसित हो गया है. आरक्षित वर्गों का धनाढ्य और शिक्षित तबका ही आरक्षण का लाभ हासिल कर आगे बढ़ रहा है. आरक्षित वर्ग में भी बेरोजगारी है. आरक्षण का लाभ आरक्षित वर्ग के सभी लोगों में समानता के साथ वितरित हो रहा है इसकी पड़ताल और समीक्षा करना बहुत जरूरी है.
आरक्षण की समीक्षा की बात कई बार आती है लेकिन इसका पुरजोर विरोध पूरे समाज के नाम पर आरक्षण से लाभान्वित तबका करने लगता है. सतही दृष्टि से भी देखा जाए तो चाहे राजनीति हो चाहे अखिल भारतीय सेवाएं हों चाहे राज्य की प्रतिष्ठित सेवाएं हों, सब जगह कुछ चुने हुए परिवार और तबके के लोग आरक्षण का लाभ लेकर अग्रणी पंक्ति में पहुंच गए हैं. आरक्षित वर्ग से किसी का भी आगे बढ़ना प्रसन्नता की बात हो सकती है लेकिन आरक्षण का लाभ कुछ खास तबके को ही बार-बार मिलता रहे इससे तो आरक्षण के बुनियादी लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं लगता है.
राजनीतिक जगत में किसी भी राज्य में आरक्षित सीटों पर जो भी सफल राजनीतिक चेहरे दिखाई पड़ते हैं वह सब परिवारिक ढंग से पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ उठाकर आगे खड़े हुए हैं. आरक्षित वर्ग से कभी सबसे बड़े नेता के रूप में जगजीवनराम को देखा जाता था. उनका परिवार आज भी राजनीति की मुख्य भूमिका में है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कर्नाटक सरकार में उनके बेटे मंत्री के रूप में पहुंचे हैं तो आरक्षण का ही लाभ परिवार ने उठाया है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसी भी व्यक्ति को आरक्षण का जब एक बार लाभ मिल गया है तो उसी व्यक्ति के परिवार के किसी अन्य व्यक्ति को दोबारा यह लाभ क्या दिया जाना चाहिए? आरक्षित वर्ग में जो लोग एक बार बराबरी के मौके हासिल करने के लिए आरक्षण का लाभ लेकर आगे पहुंच गए हैं उनकी ही क्षमता बार-बार उसी लाभ को लेकर आरक्षण का प्रतिनिधित्व तो पूरा कर सकता है लेकिन पूरे वर्ग में भेदभाव असमानता को दूर करने का नजरिया इस तरह कैसे पूरा होगा? भारत में आदिवासी आज भी सबसे वंचित तबके के रूप में देखे जाते हैं. कहने के लिए तो भारत की राष्ट्रपति भी आदिवासी महिला हैं. प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व से समाज में भेदभाव और असमानता कैसे दूर होगी?
यह तो कुछ उदाहरण हैं. किसी भी राज्य में सरकारी तौर पर देखने पर पता चल जाएगा कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के निर्वाचित प्रतिनिधियों के जो चेहरे स्थापित और सरकार में दिखाई पड़ते हैं वह सब कुछ खास परिवार और तबके के ही हैं. जब आरक्षित समाज में इस प्रकार की व्यवस्था को अंजाम दिया जाएगा कि आरक्षण का लाभ एक बार ही मिलेगा तो फिर हर बार नए नए लोगों को आगे आने का अवसर मिलेगा. इससे भेदभाव दूर करने और समानता के लक्ष्य को हासिल करने में सुविधा होगी.
अखिल भारतीय और राज्य की सेवाओं में भी इसी प्रकार की परिस्थितियां विद्यमान हैं. ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे जहां आरक्षित वर्ग के कुछ खास परिवार या तबके के लोग ही आरक्षण का लाभ लेकर उच्च पदों पर पहुंचे हैं. एक बार उच्च पदों पर बैठे आरक्षित वर्ग के लोगों के परिवार को सेवाओं में फिर से आरक्षण का लाभ देना क्या न्याय संगत माना जाएगा? ऐसे भी उदाहरण देखने को मिल जाएंगे जहां खास परिवार के दर्जनों लोग आरक्षण का लाभ उठाकर वरिष्ठ पदों पर पहुंचे हैं फिर भी उनके परिवार को आरक्षण का लाभ मिल रहा है.
राजनीति में तो आरक्षित वर्ग में अति पिछड़े और वंचित लोगों के समूह उभर रहे हैं लेकिन आरक्षण का लाभ एक ही बार देने की जब भी बात होती है तो आरक्षित वर्ग से लाभान्वित लोग ही इसका विरोध करने लगते हैं. जातिगत जनगणना आज सियासी विषय बन गया है. जब जातिगत जनगणना किया जाना जरूरी ही है तो फिर आरक्षित वर्ग में भी विभिन्न जातियों की भागीदारी का सर्वेक्षण भी किया जाना चाहिए. जिस तबके की भागीदारी कम हो उसे आरक्षण का लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए. इसके साथ ही लाभ लेने वाले परिवार के किसी अन्य व्यक्ति को आरक्षण का लाभ दोबारा नहीं दिया जाना चाहिए. ऐसे लोगों को मेरिट में कम्पीट करने के लिए संसाधनों और सुविधाओं की प्राथमिकता के साथ प्रतियोगिता में सक्षम बनाने के लिए नीति निर्धारित करना चाहिए.
शास्त्र और स्मृतियों को गाली देकर समानता की कल्पना नहीं की जा सकती. गैर बराबरी दूर कर बराबरी के लिए दुनिया में जो भी क्रांतियां हुई हैं वह सब बाद में नए तरह के भेदभाव को जन्म देने वाली साबित हुई हैं. साम्यवाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. महाशक्ति रूस में जब साम्यवाद में धन-संपत्ति की समानता की क्रांति का सूत्रपात किया था तब क्या किसी ने सोचा था कि कालांतर में समानता कि यह नई स्थिति नई असमानता को जन्म देगी? नई असमानता शासक और शासित की पैदा हो गई और यह असमानता पहले की असमानता से ज्यादा गंभीर और खतरनाक रूप में सामने आई.
आरक्षण की संविधान द्वारा दी गई शक्ति अमृतकाल में पहुंच गई है. वंचितों और शोषितों को 75 साल में समानता का एहसास मिला या आरक्षित वर्ग में असमानता का नया वर्ग पैदा हो गया है? अभी तो ऐसा ही लग रहा है कि आरक्षण का लाभ उठाने वाले और आरक्षण के लाभ से वंचित लोगों के दो वर्ग आरक्षित समाज में ही बन गए हैं. यह विभाजन लगातार बढ़ता जा रहा है. दूसरे समाज का व्यक्ति करें तभी वह शोषण है और अपने समाज का ही व्यक्ति शोषण करें तो उसे पोषण तो नहीं कहा जा सकता?
आरक्षण है, आरक्षण रहेगा लेकिन आरक्षण का लाभ कितनी बार मिले? आरक्षित वर्ग के हर परिवार को कैसे इसका लाभ मिले? भेदभाव और असमानता कैसे दूर हो? इस पर चिंतन सरकारों को तो करना ही चाहिए साथ ही आरक्षित वर्ग के उन लोगों पर ज्यादा जवाबदारी है जिन्हें समाज को मिले आरक्षण का लाभ उठाकर जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिला है.
अस्तित्व का विधान है कि अस्तित्व से जो मिला है उससे जरूरत पूरी करें और पुनर्जीवित | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
31c2886e545f6f2107a83a5ac7f6687e | ‘EVM’ और ‘हैकिंग.’ ये दोनों शब्द इतनी बार साथ लिखे जा चुके हैं कि अब तो फोन का ऑटोकरेक्ट भी EVM टाइप करने पर अगला शब्द ‘हैकिंग’ सजेस्ट कर देता है. ये तब है, जब कुछ भी साबित नहीं हुआ है. लेकिन फेक न्यूज़ चलाने वालों को भी पेट भरना होता है, इसलिए वो जब जी में आए, वहां ईवीएम हैकिंग की खबर चला देते हैं. गुजरात चुनाव के पहले चरण में दिनभर ईवीएम हैकिंग के दावे किए जाते रहे. एक और बम इधर इन दिनों भी गिरा है, एक पूर्व चुनाव आयोग का नाम नत्थी कर के.
गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए, तब ये कहा जाने लगा कि भाजपा ने EVM हैक कर के चुनाव जीते हैं. लेकिन हार्दिक पटेल के बयान को सीरियसली लिया नहीं जा रहा था. शायद इसलिए पूर्व चुनाव आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति का नाम लगाकर यही दावा किया जाने लगा. कम से कम एक वेबसाइट ने ये खबर चलाई. उसके बाद एक हिंदी अखबार ने इसे छाप भी दिया.
21 दिसंबर, 2017 को The Dailygraph ने लिखा,
”पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने यह कह कर सनसनी फैला दी है कि उत्तर प्रदेश उत्तराखंड गुजरात और हिमाचल प्रदेश का चुनाव सिर्फ और सिर्फ बीजेपी नें ईवीएम हेकिंग की वजह से जीता है.
कांग्रेस और समूचे विपक्ष को ईवीएम पर खुलकर विरोध और आदोलन तब तक करना चाहिए जब तक मोदी सरकार ईवीएम बैन कर बैलेट पेपर्स से चुनाव की घोषणा न कर दे.”
फिर यही खबर एक हिंदी अखबार ने छापी. किसने, ये फिलहाल हम नहीं जानते.
तो सच क्या है?
जो सच है, वो चार बिंदुओं में आपके सामने प्रस्तुत है-
#1. एक बात जो सत्रह आने (सोलह से एक ज़्यादा, कॉन्फिडेंस पर गौर करें) सही है, वो ये कि The Dailygraph और इस गुमनाम अखबार के पास ढंग के सब एडिटर नहीं हैं जो एक ठीक-ठाक कॉपी लिख सकें और बिना गलती पब्लिश कर सकें.
#2. दूसरी बात ये कि कृष्णमूर्ति फरवरी 2004 से मई 2005 तक देश के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे हैं. अगर उन्होंने गुजरात और हिमाचल चुनाव में EVM हैकिंग बारे में कुछ कहा होता वो सारे अखबारों की लीड स्टोरी बनती. लेकिन कृष्णमूर्ति का ये बयान इंटरनेट पर दूर-दूर तक नहीं मिलता. सिर्फ एक वेबसाइट ने इसे रिपोर्ट किया और एक नामालूम अखबार ने बिना एडिट किए उसे छाप दिया.
#3. तीसरी बात ये कि ऑल्ट न्यूज़ नाम की वेबसाइट ने इस बारे में कृष्णमू्र्ति से बात की थी. कृष्णमूर्ति ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया,
‘‘ये गलत है. मैंने गुजरात चुनाव में EVM के प्रयोग के बारे में कभी अपनी राय नहीं दी. मैंने EVM का बचाव ही किया है. मुझे EVM पर कोई संदेह नहीं.”
#4. अब चौथी बात पर आइए. गुजरात चुनाव के नतीजे आए थे 18 दिसंबर, 2017 को. इसी दिन कृष्णमूर्ति का एक बयान देशभर की न्यूज़ वेबसाइट्स पर छपा था. इसमें उन्होंने कहा कि गुजरात और हिमाचल चुनाव में असल विजेता EVM हैं और अब उन पर संदेह बंद होना चाहिए. ये बात कहने वाला शख्स भला इसका ठीक उलटा बयान क्यों देगा, और अगर देगा, तो मीडिया से बच कैसे जाएगा?
बयान देते रहते हैं कृष्णमूर्ति, लेकिन तरीके के
कृष्णमूर्ति चुनाव प्रक्रिया को लेकर बयान देते रहते हैं. उन्होंने 8 जनवरी, 2018 को उन्होंने कहा कि अगर एक सीट पर नोटा (NOTA) पर पड़े मतों की संख्या जीतने वाले कैंडिडेट की विनिंग मार्जिन (जीतने वाले प्रत्याशी और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी के बीच मतों का अंतर) से ज़्यादा हो तो दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत में चल रहे ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट सिस्टम’ (जिसमें सबसे ज़्यादा मतों वाला प्रत्याशी जीत जाता है, न्यूनतम वोट की कोई बंदिश नहीं होती और हारने वाले कैंडिडेट के हाथ कुछ नहीं आता) को बदलने का वक्त आ गया है और जीतने वाले कैंडिडेट पर कम से कम 33.33 % वोट की अनिवार्यता लागू करनी चाहिए.
लेकिन EVM हैकिंग से जुड़ा कोई बयान उन्होंने नहीं दिया, यही सच है.
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0bfd7d14bf4872e63015036708d79751 | नालंदा दर्पण (चुन्नु)। भाकपा माले प्रखंड कमिटी थरथरी की ओर से करियावां गांव निवासी सुरेन्द्र राम की निर्मम हत्या के खिलाफ थरथरी थाना कांड संख्या 138/19 के सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कठोर सजा देने परिवार के आश्रितों को दस लाख रुपया मुआवजा देने पीड़ित परिवार को जान-माल, इज्जत की सुरक्षा की गारंटी करने की मांग को लेकर हिलसा बुड़वा महादेव स्थान से सिनेमा मोड़, योगीपुर मोड़ से होते हुए अनुमंडलाधिकारी के समक्ष सैकड़ों महिला-पुरुष ने प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में माले नेता रामप्रवेश दास, बखोरी विंद, कम्मु राम, जयप्रकाश पासवान, प्रमोद यादव, अशर्फि रविदास, कामेश्वर प्रसाद, रामदास अकेला, अशोक पासवान, नन्दकिशोर चन्द्रवंशी, मुन्नी लाल यादव सहित दर्जनों नेता शामिल थे।
माले जिला सचिव सुरेन्द्र राम ने कहा कि घटना के दो माह बितने को है, लेकिन इस घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार नहीं क्या गया है। नीतीश मोदी की सरकार में गरीबों, दलितों, अतिपिछड़ों कि हत्याएं रोज हो रही है। लेकिन प्रशासन पंगु बनी हुई है।
प्रदर्शन के माध्यम से तीन सूत्री मांग पत्र अनुमंडलाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया गया। प्रदर्शन के अन्त में उपरोक्त घटना में शामिल अपराधियों को एक सप्ताह में गिरफ्तार करने की मांग किया गया। नहीं होने थरथरी बंद की बात कही गयी है। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
96bd92b2990f0385f8bba5cec96c5425 | नई दिल्ली/ दीक्षा शर्मा। (Kajari Teej 2020) पति की लंबी उम्र के लिए कजरी तीज का पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास होता है. आपको बता दें कि कजरी तीज को बूढ़ी तीज भी कहा जाता है. इसके अलावा साल में तीन बार तीज का त्योहार मनाया जाता है. हरियाली तीज, कजरी तीज और हरितालिका तीज. इस साल की कजरी तीज 6 अगस्त को पड़ रही है. पांच अगस्त को रात 10:50 मिनट पर तृतीया तिथि शुरू होगी जो सात अगस्त की रात 12:14 तक रहेगी.
प्राचीन काल से ही कजरी तीज का एक अलग ही महत्व है, इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सलमती के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. कहा जाता है कि जो महिलाएं कजरी तीन के दिन निर्जला व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से उनके सुहाग को लम्बी उम्र और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसी तरह यह भी मान्यता है कि अगर यह व्रत कुवांरी कन्याएं रखती हैं, तो उन्हें शादी के योग के साथ मनचाहे वर का वरदान भी मिलता है. इस व्रत में नीमड़ी माता की पूजा की जाती है. साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देकर इस व्रत को पूरा माना जाता है.
यह पर्व भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कई क्षेत्रों में रखा जाता है. मान्यताओं के मुताबिक कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से मनोकामना जरूर पूर्ण होती है. इसी के साथ यह दिन ख़ुशी और उल्लास के लिए भी जाना जाता है. माना जाता है कि इस व्रत को रखने से पारिवारिक सुखों में बढ़ोतरी होती है.
इस व्रत में नीमड़ी माता की पूजा की जाती है. साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देकर इस व्रत को पूरा माना जाता है. नीमड़ी माता को भोग में गेंहू, चावल, चना, घी और मेवों से बना प्रसाद चढ़ाया जाता है. | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
39434baef8ffea46b3c199a4e519ff74 | मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : बंबई उच्च न्यायालय ने सोहराबुद्दीन शेख मामले में गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी बंजारा व चार अन्य को निचली अदालत द्वारा आरोप मुक्त करने का फैसला बरकरार रखा है। आपको बता दें कि विगत दिनों विशेष सीबीआई अदालत ने गुजरात से ताल्लुक रखने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा और राजस्थान काडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन को सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापित से संबंधित कथित फर्जी मुठभेड़ मामलों में आज आरोप मुक्त कर दिया था।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुनील कुमार जे शर्मा नेवंजारा और दिनेश एमएन को आरोप मुक्त करने का फैसला सुनाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक रैंक के अधिकारी वंजारा को गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख को कथित फर्जी मुठभेड़ में मारने के मामले में 24 अप्रैल 2007 को गिर्रतार किया गया था। गुजरात पुलिस का दावा था कि सोहराबुद्दीन के संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से थे। बंबई उच्च न्यायालय ने सितंबर 2014 में वंजारा को जमानत दे दी थी। अदालत के आदेश पर प्रतिक््रया व्यक्त करते हुए वंजारा ने कहा, आखिरकार न्याय हुआ। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
2be6454ef1ca6e49a1a76f5d31ef4c1a | 15/Sep/2015international
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इस्लामाबाद। गुलाम कश्मीर के गिलगिट-बाल्टीस्तान क्षेत्र में पाकिस्तान ने चीन के सहयोग से पांच सुरंगों का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को "पाकिस्तान-चीन मैत्री सुरंग" का उद्घाटन किया। इन सुरंगों का निर्माण 275 मिलियन डॉलर (1824 करोड़ रुपये) की लागत से की गई है।
सुरंगों का निर्माण 24 किलोमीटर लंबी सड़क पुनर्निर्माण परियोजना का हिस्सा है। चीन के सहयोग से इसे तीन वर्षों से भी ज्यादा समय में पूरा किया गया है। सात किलोमीटर लंबी पांचों सुरंगों की मदद से हुंजा घाटी में स्थित अट्टाबाद झील के समीप से गुजरने वाली कराकोरम हाईवे (केकेएच) को फिर से शुरू किया जा सकेगा। इसके जरिये पाकिस्तान और चीन के बीच सड़क मार्ग से संपर्क भी बहाल हो सकेगा।
केकेएच को 46 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार होने वाले महत्वाकांक्षी पाकिस्तान-चीन आर्थिक गलियारा से भी जोड़ने की योजना है। पाकिस्तान के नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इन सुरंगों का निर्माण किया है। उद्घाटन के मौके पर गिलगिट-बाल्टीस्तान के गर्वनर बरजीस ताहिर, मुख्यमंत्री हफिजुर रहमान और पाकिस्तान में चीन के राजदूत सुन वेईडोंग भी मौजूद थे।
भारत करता रहा है विरोध
भारत गिलगिट-बाल्टीस्तान क्षेत्र को अपना हिस्सा मानता है और यहां किसी भी तरह के निर्माण या गतिविधि का विरोध करता रहा है। भारत रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में चीन की मौजूदगी पर पहले भी कड़ी आपत्ति दर्ज करा चुका है। | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
f983f472167ed49f1abdcb7e415709e6 | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) गवर्निंग काउंसिल (जीसी) 8 से 10 नवंबर तक टूर्नामेंट के फाइनल की तारीख को स्थगित करने और अपने हितधारकों – विशेष रूप से ब्रॉडकास्टर स्टार इंडिया को दिवाली के सप्ताह और अधिक उपयोग करने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। इस संबंध में अंतिम निर्णय तब लिया जाएगा जब अगले तीन दिनों में जीसी की बैठक होगी।
दो दिन की देरी, अगर पुष्टि की जाती है, तो यह भी सुनिश्चित करेगा कि भारतीय टीम – IPL 2020 के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरने वाली है – पहले घर लौटने के बजाय सीधे यूएई से यात्रा करेगी।
आरंभिक शेड्यूल में 19 सितंबर से 8 नवंबर तक IPL 2020 की तारीखों को अंतिम रूप दिया गया था, पिछले सप्ताह की तुलना में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की गई है। हालाँकि, जब IPL 2020 गवर्निंग काउंसिल के सदस्य आने वाले सप्ताहांत में एक टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से मिलते हैं, तो फाइनल को दो और दिनों तक बढ़ाते हैं – इस प्रकार 51-दिवसीय खिड़की को 54 दिनों तक विस्तारित करने की अनुमति मिलती है – चर्चा के लिए मेज पर रखी जाएगी।
टीओआई ने पिछले सप्ताह खबर दी थी कि स्टार ने ‘संकुचित शेड्यूलिंग’ के बारे में आरक्षण व्यक्त किया है, जो दिवाली सप्ताह का इष्टतम उपयोग करना चाहते हैं। IPL GC ने 26 से 19 सितंबर तक एक सप्ताह तक IPL 2020 को आगे बढ़ाया था – इस प्रकार लीग विंडो को 44 दिनों से बढ़ाकर 51 किया गया।
मुंबई इंडियंस और RCB के लिए झटका, श्रीलंकाई जोड़ी IPL 2020 के लिए समय पर नहीं पहुंच पाएगी
इनसाइडस्पोर्ट ने बताया कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को संयुक्त अरब अमीरात में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13 वें संस्करण के लिए एक सप्ताह तक देर हो जाएगी, अब हम मज़बूती से जान गए हैं कि लसिथ मलिंगा और कुरु उडाना की श्रीलंकाई जोड़ी को भी देर हो जाएगी न्यूनतम 7-8 दिनों तक।
मुंबई इंडियंस ने अनुभवी मलिंगा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नवोदित खिलाड़ी ईसरू उडाना को बनाया, दोनों को अगस्त 28 से शुरू होने वाले लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) में खेलना है। हालांकि, टूर्नामेंट पर उनके अभी भी कुछ सवालिया निशान हैं, लेकिन श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के अनुसार, किसी भी लंका के खिलाड़ी को IPL 2020 या किसी अन्य टूर्नामेंट के लिए टूर्नामेंट को बीच में छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
LPL का फाइनल 20 सितंबर को होने वाला है, IPL 2020 की शुरुआत के 1 दिन बाद। मलिंगा और उडाना दोनों को UAE पहुंचने के 72 घंटे बाद खुद को अलग करना होगा। यह सब उन्हें अपने संबंधित दस्तों में शामिल होने से पहले न्यूनतम 7-8 दिनों तक।
मलिंगा 122 खेलों में 177 स्कैलप के साथ वर्षों से एमआई स्क्वाड का बहुत महत्वपूर्ण सदस्य है। अपने कुशल कौशल के बावजूद उन्हें अभी भी मुंबई टीम को एक महत्वपूर्ण दल माना जाता है।
दूसरी ओर, उदाना आईपीएल और आरसीबी के गुना के लिए एक नए खिलाड़ी हैं और विराट कोहली की टीम ने उनकी अचूक कार्रवाई और शानदार कौशल के कारण उन्हें गेंद की गति बदलने के लिए चुना। | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
c7f337ba3454cd2f3e6bdd124cc8322c | हमेशां सरबत्त का भला माँगने वाले पंजाब के लोग सदा तरक्की के मार्ग पर चलने का लिए तत्पर रहे हैं। आज जहाँ लोग सुख शांति और अमन की हवा में श्वास ले रहे हैं, वहां ही कुछ राजनीतक और धार्मिक संगठन पंजाब को लगातार अप्रतिष्ठित करने का कोई भी मौक़ा हाथ से जाना नहीं देते। इन का मुख्य लक्ष्य पंजाब की आबो हवा में प्रापोगंडे को फैलाना है। इस घटिया स्तर की राजनीति, जिसका सपाट रूप पर नुकसान आम लोगों को भुगतना पड़े, प्रति अपने विचार पेश करते हुए प्रख्यात समाज सेवक प्रो: गुरविंदर सिंह ममणके ने खुल कर बोलते हुए कहा कि, पंजाब के लोग असल में सदभावना की तरक्की चाहते हैं, ना कि फिरकूप्रसती विचारधारा को प्रसारित करने का मौक़ा बाहरी शक्तियों को देना। उन्होंने कहा कि, खालिसतान, पंजाब और पंजाबीअत की माँग नहीं, बल्कि फिरकू सोच से पैदा हुआ एक काला संदेशा है, जो पंजाब के भाईचारे को ढाह लगाने की कोशिश कर रहा है। आज पंजाब के लोग पंजाब में तरक्की देखना चाहते हैं, जो कि फिरकूवाद का साथ देने से संभव नहीं। इन तथ्यों से आज पंजाबी सूचित हो चुका हैं। हिंसा से प्रजातंत्र को नुकसान झेलना पड़ता है। हिंसा किसी भी तरीक़े से आम लोगों के लिए सहायक सिद्ध नहीं हो पाता। पंजाब के लोगों को अहसास है कि हिंसा के मार्ग पर चलने से पंजाब की तरक्की को ढाह लगेगा। पंजाबियों के सपने चकनाचूर हो जाएँगे और पंजाब के लोगों का जनजीवन अभिभूत ही नहीं, बल्कि रुक जायेगा. सियासी और आत्मगत सवारथ की भरपाई के लिए छोटी छोटी जथेबंदीओं में बंटे विदेशों में बैठे पंजाब को अपनी थाप पर चलाने वाले आज के पंजाब की तरक्की से कोसों दूर हैं. ऐसे संस्थानों की ओर से पंजाब की तरक्की में योगदान डालने की जगह पंजाबीअत की विचारधारा को फिरकूप्रसती का घुण लगा रहा है. वर्षों में इन से पंजाब के बारे में कोई वैध निर्णय नहीं लिया गया और जितनी बार भी पंजाब की बात चलती है, उतनी बार फिरकू दस्तों ने पंजाब की धरती पर अलगाववाद का बीज बोने की कोशिश जरूर की है, पर अथक पंजाब के अवाम की ओर से हर बार इन को मूंहतोड़ जुआब दिया गया। फिरकूवाद के कारण बीते समय दौरान पंजाब को कई बार बड़ा नुकसान हो चुका है और पंजाबी अब वह गलती दोबारा दुहराना नहीं चाहते। पंजाब की अमन शांति पर नजायज प्रापोगंडा सरासर गलत है, क्युंकि पंजाब वह सूबा है, जिस को संपूर्ण दुनिया अन्नदाता मानती है। पंजाब की धरती ने योद्धा, सूरमे और शूरवीरों को जन्म दिया है, जिन्होंने अहिमद शाह अबदाली से ले कर हिंदुस्तान की आज़ादी तक असंख्य क़ुरबानियाँ, मानवी अधिकारों की रक्षा और सदभावना बरकरार रखने के लिए दीं हैं। सरबत्त का भला माँगने वाली कौम फिरकूवाद को मूंहतोड़ जुआब देने का लिए तत्पर है। अब अगर किसी चीज की जरूरत है तो वह है पंजाब के युवकों का आगे आना। जिस से वह अपने अधिकारों और पंजाब की समृद्धि के निमित्त फिरकाप्रसती को मूंहतोड़ जुआब दे पाएं.
नोट : किसी भी व्यक्ति विशेश के ब्यान अथवा विचारों से संपादक की सहमति होनी जरूरी नहीं. | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
a4e6563dbb85dcf60ea200369a66b14c | नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर दिल्ली (Delhi) में फिर बवाल हुआ है. पूर्वोत्तर दिल्ली के सीलमपुर (Seelampur) इलाके में मंगलवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रैली निकाली गई जिस दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव किया. इसके अलावा कई बसों को भी नुकसान पहुंचाया. भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस (Tear Gas) के गोले छोड़े. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति को देखते हुए दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों- वेलकम, जाफराबाद (Jafrabad), मौजपुर-बाबरपुर, जोहरी एनक्लेव, शिव विहार और गोकुलपुरी के प्रवेश व निकास द्वार मंगलवार को बंद कर दिए गए.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीलमपुर टी प्वाइंट पर लोग एकत्र हुए और दोपहर करीब बारह बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. प्रदर्शनकारी सीलमपुर से जाफराबाद की ओर बढ़ रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) और सरकार के विरोध में नारे लगाए. सीलमपुर चौक पर सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तब उनके बीच संघर्ष हुआ. यह भी पढ़ें- जामिया हिंसा मामला: दिल्ली पुलिस ने क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले 10 लोगों को किया गिरफ्तार, इनमें कोई भी छात्र शामिल नहीं.
Delhi: Police take away protesters from the spot in Jafrabad area where a clash broke out between police and protesters, during protest against #CitizenshipAmendmentAct today. Police has also used tear gas shells to disperse the protesters. pic.twitter.com/GU5mzV0dKm
— ANI (@ANI) December 17, 2019
प्रदर्शन में शामिल मोहम्मद सादिक ने समाचार एजेंसी ‘भाषा’ को बताया कि उनका यह विरोध जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई तथा देश में एनआरसी लागू करने के लिए तैयार की जा रही पृष्ठभूमि के खिलाफ है.
वहीं, कासिम नामक एक अन्य व्यक्ति ने कहा ‘देश में एनआरसी लागू नहीं होना चाहिए. हमारा विरोध इसी बात को लेकर है. पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है ताकि एनआरसी को देश भर में लागू किया जाए.’ बता दें कि प्रदर्शनकारियों द्वारा जाफराबाद थाने के बाहर भी प्रदर्शन हुआ और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए गए.
भाषा इनपुट | 2 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
725a9c68c2958ec15ff4c5404a000c62 | Kanhaiyalal Murder Case: कन्हैयालाल की हत्या के बाद राजस्थान सरकार ने उदयपुर के SP और IG रेंज को हटा दिया है. .
Kanhaiyalal massacre: राजस्थान के उदयपुर में इस्लामिक आतंकियों द्वारा कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई थी. इस मामले की जांच NIA की टीम कर रही है, हत्यारे रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद को अजमेर जेल में शिफ़ किया गया है। जांच अधिकारीयों ने कई इलाकों में छापा भी मारा है. इधर राजस्थान सरकार ने उदयपुर SP और IG रेंज को हटा दिया है और SIT को लीड करने वाले प्रफुल्ल कुमार को IG बनाया गया है।
NIA की टीम गुरुवार रात को कानपूर पहुंची और कई इलाकों में छापेमारी की. आतंकियों के पास से मिले दस्तावेजों से कानपूर का कनेक्शन निकल रहा है. NIA का कहना है कि रियाज और जब्बार का पाकिस्तान से कोई कनेक्शन नहीं है जबकि राजस्थान पुलिस का कहना है कि दोनों आतंकी पाकिस्तान के इस्मालिक संगठन से जुड़े हुए थे.
कन्हैयालाल की हत्या के बाद अबतक क्या हुआ
रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद के अलावा कन्हैयालाल की हत्या की साज़िश से जुड़े अन्य 2 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने मोहसिन और आरिफ नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. इसके अलावा 3 अन्य लोगों से भी पूछताछ चल रही है. उदयपुर जिला अदालत ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है. शुक्रवार को NIA ने केस से जुड़े दस्तावेज कोर्ट में पेश करने उदयपुर कोर्ट से आरोपियों की रिमांड मांगी है.
NIA और राजस्थान की अलग-अलग जांच
इस मामले की मुख्यरूप से जांच NIA कर रही है वहीं राजस्थान पुलिस और सरकार ने भी अपने स्तर पर जांच की है. NIA का कहना है कि इन दोनों हत्यारों का कोई आतंकी कनेक्शन नहीं मिल रहा है। जबकि राजस्थान सरकार का कहना है कि गौस मुहम्मद और रियाज जब्बार आतंकी हैं और पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं और यहां आकर ISIS के स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं. | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
a39175d542ca0cb3d71d8685725c1e51 | ‘सिंगर चायवाली’ की कहानी, पढ़ाई के साथ बेचती हैं चाय, पिता नाराज़ लेकिन मां ने दिया साथ
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना… गाने से प्रेरित हैं बिहार के भागलपुर की मोनालिसा, जो ‘सिंगर चायवाली’ के नाम से चर्चा में हैं. भागलपुर के तिलका मांझी विश्विद्यालय की छात्रा मोनालिसा ने ‘द क्लासिक टी’ के नाम से एक चाय का स्टॉल लगाना शुरू किया है. इस स्टॉल में वो गाने भी गाती हैं इसलिए लोग उन्हें ‘सिंगर चायवाली’ के नाम से पुकारते हैं.
पिता हैं नाराज, मां का मिला साथ
मोनालिसा अपनी खुद की एक पहचान बनाना चाहती हैं. उनका सपना है कि वो खुद के पैरों पर खड़ी हों. वो किसी पर निर्भर नहीं होना चाहती हैं. इसके लिए उन्होंने भागलपुर के तिलक मांझी चौक पर चाय स्टॉल का खुद का स्टार्टअप शुरू किया है. हालांकि उनके इस फैसले से उनके पिता नाराज हैं, मगर मोनालिसा की मां और बहन का उनको पूरा सपोर्ट है. उनके दोस्तों का भी मानना है कि उनका यह फैसला ठीक है.
मोनालिसा को बचपन से गाने का शौक है. उनका सपना है कि वो अपने दम पर कुछ करें. उनकी पढ़ाई भी जारी है. पार्ट टाइम में उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया है. दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक मोनालिसा चाय बेचती हैं. इसके बाद ट्यूशन भी पढ़ाती हैं.
मोनालिसा का मानना है उन्होंने भागलपुर में एक बदलाव लाने की कोशिश की है. वो शहर की पहली लड़की हैं, जिन्होंने चाय बेचना शुरू किया है. उन्हें स्थानीय लड़कियों का भी खूब समर्थन मिल रहा है. लड़कियां उनके इस फैसले की तारीफें कर रही हैं. वो उन लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं. | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
9cd5ca36728edb902164b154413d015c | कौशाम्बी :- कस्बो व गांवो मे बंदरों के आतंक से लोग परेशान है। खुंखार हो चूके बंदरों ने काट कर दर्जनों लोगो को घायल कर चुके है। नगर पंचायत सिराथू मे हजारो बंदरो का झुंड रहता है। जो आस पास के रामपुर धमावा , नगिया मई ,मधवा मई आदि गावो मे रहता है।
बीते नवंबर माह मे सिराथू निवासी वीरेंद्र केसरवानी के चारों ओर से बेटी नैंसी को आदमखोर बंदर ने काट कर जख्मी कर दिया था। सैनी ,दारानगर व अटसरई गांव मे भी सैकड़ों बंदरों का झुंड रहता है। दिसंबर महीने में अटसरई गांव मे घर के आंगन में खेल रही बब्लू की 3 वर्षीयबेटी दीक्षा को एक बंदर ने काट कर जख्मी कर दिया था।
इस दौरान बचाने गई उसकी 13 वर्ष की बहन संजना को भी बंदर ने काट कर जख्मी कर दिया था । जिन्हें परिजनों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। सैनी गांव के शोभित, संजोग को पिछले जनवरी महीने मे बंदर काट कर लहुलुहान कर दिया था। नगिया मई गांव मे पिछले साल अगस्त महीने मे छत पर सो रहे लल्लू पर बंदर ने हमला कर दिया ।
जिसमे काट कर गंभीर रुप से जख्मी कर दिया था। नगर पंचायत सिराथू में नगर प्रशासन द्वारा बंदरों को भगाने के लिए लोगों को उपकरण दिए गए थे इसके अलावा बंदरों को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई थी जिसकी वजह से आदमखोर हो चुके बंदरों को पकड़ कर वन विभाग के कर्मियों को दिया गया था।
रिपोर्ट श्रीकान्त यादव | 1 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
a6f88fda03681166b0bd7a1f3dd0442a | हिन्दी टीचर और कमसिन गर्ल स्टूडेंट की इंडियन फक मस्ती
हिन्दी टीचर अपने ही क्लास की कमसिन लड़के के साथ फक करता है. दोनो पास वेल होटेल मई गये और नंगे हो कर सेक्स करने लगे. इश्स इंडियन ब्लू फिल्म मई क्रेज़ी कपल ने मस्ती के साथ चुदाई की. क्रेज़ी गर्ल और उसके टीचर की इंडियन फक मस्ती वीडियो एक हिडन कॅम मई बनी. लड़की नंगी हो गई और उसके बाद वो छोरे से सेक्सी अडल्ट बात करने लगी. फिर दोनो ने खूब मज़े के साथ फक का ग़मे खेला.
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79d0aecb224cc3feb35e3ab7c0c100dd | वॉरेन बफे बर्कशायर हैथवे कंपनी के मालिक हैं. जाबड़ निवेशक. जिस कंपनी में पैसा लगा देते हैं, दुनिया भर के लोग उस कंपनी के पीछे भागते हैं. उस कंपनी के शेयर ऑटोपायलट मोड में भागने लगते हैं. बफे सालाना एक खत लिखते हैं. कहने वाले कहते हैं कि बफे की सालाना चिट्ठी दुनियाभर के बिज़नेस और निवेश को लेकर लिखी गई किताबों से बेहतर होती है. इस चिट्ठी को दुनियाभर के निवेशक उनकी सोच को समझने के लिए भी पढ़ते हैं. अबकी भी बफे ने चिट्ठी लिखी. लेकिन इस पर विवाद हो गया है. आइए जानते हैं क्या है चिट्टी में और इस पर विवाद क्यों हुआ है.
बफे ने 14 पन्नों का यह ख़त 27 फ़रवरी को लिखा था. इसे आप यहां क्लिक करके पूरा पढ़ सकते हैं. इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे महामारी की वज़ह से उनकी एक फर्नीचर कंपनी कई दिनों तक बंद रही.
किस बात पर लोगों के निशाने पर हैं बफे?
ब्लूमबर्ग से बात करते हुए अमेरिकी शोध कंपनी CFRA रिसर्च के एनालिस्ट कैथी सेफर्ट ने बफे की चिट्ठी को लेकर कहा है, ‘आप (बफे) इतनी बड़ी कंपनी के मालिक हैं. आपकी बात मायने रखती है. आपके पास ऐसे बिज़नेस हैं जो सीधे तौर पर महामारी से प्रभावित हुए. इंश्योरेंस कंपनियां जो ग्लोबल वार्मिंग और सोशल इन्फ्लेशन से प्रभावित हुईं. लेकिन आपने महामारी को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा. यह मेरे लिए चौंकाने वाला और निराशानजक था.’
दरअसल, 90 बरस के बफे मई 2020 में हुई सालाना मीटिंग के बाद असामान्य रूप से चुप हैं. रिपोर्टों के मुताबिक़, वे उन मसलों पर चुप रहे जो उनके ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं. जैसे कि इस साल के माहौल में बाज़ार आदि. जानकार बताते हैं कि महामारी और उसके चलते बिज़नेस पर पड़े प्रभाव को लेकर काफ़ी कुछ कहा गया है, बफे की चिट्ठी में महामारी को लेकर कुछ नहीं कहा गया है. वे इसे राजनीतिक बयान की तरह देख रहे हैं, जिससे कि बफे हालिया सालों में बचते नज़र आए हैं.
मामले को लेकर ब्लूमबर्ग ने बफे की कंपनी से प्रतिक्रया जाननी चाही जिसका तुरंत कोई जवाब नहीं मिला है. बर्कशायर फर्म के प्रेसिडेंट और पोर्टफोलियो मैनेजर ने कहा है कि चिट्ठी में ऐसा कुछ नहीं है, जो नहीं है. ये तो हो गई वो बातें जिनपर सवाल उठाए जा रहे हैं. अब चिट्ठी की कुछ ख़ास बातों के बारे में जान लेते हैं.
# बफे डील्स के बजाए बायबैक्स पर निर्भर?
बर्कशायर ने रिकॉर्ड 24.7 बिलियन डॉलर के अपने स्टॉक को फिर से ख़रीदा है. क्योंकि बफे ने बेहतर निवेश की तलाश में बहुत कोशिशें की लेकिन मामला जमा नहीं. ग्रुप पिछले साल के आख़िर से अपना स्टॉक ख़रीद रहा है और बहुत संभव है कि इसे आगे भी ज़ारी रखा जाएगा. इससे हुआ ये है कि बर्कशायर के बिज़नेस में खुद के स्वामित्व में 5.2 फीसद की बढ़ोतरी हो गई है.
कंपनी ने इस साल कोई बड़ा अधिग्रहण नहीं किया है. कंपनी इस साल नकदी में थोड़े फायदे में रही. चौथी तिमाही में कंपनी 138.3 बिलियन की हो गई. पिछले साल की चौथी तिमाही की तुलना में अबकी बार करीब 14 फीसद का लाभ दर्ज़ किया है.
# ऐपल फायदे का सौदा?
बर्कशायर ने ऐपल में 120 बिलियन डॉलर का निवेश किया हुआ है. उसने 2016 में ऐपल में 31.1 बिलियन डॉलर का हिस्सा ख़रीदा था. उस वक्त से अब तक कंपनी के लिए ऐपल टॉप तीन एसेट्स में से एक है.
बफे कहते रहे हैं कि वह टेक्नोलॉजी को ठीक तरह से समझ नहीं सके हैं लेकिन उन्होंने हमेशा से टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट पर जोर दिया है. ऐपल के साथ ही कंपनी ने एमेजॉन, स्नोफ्लेक आयर वेरिज़ोन आदि में निवेश किया है.
# बफे ने अपनी कौन सी गलती मानी?
बफे ने माना है कि पांच साल पहले प्रिसिजन कास्टपार्ट्स कॉर्प को 37.2 बिलियन डॉलर में खरीदकर उन्होंने गलती की थी. चिट्ठी में उन्होंने बताया कि कंपनी को बहुत ज्यादा पेमेंट किया गया. उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी ने गुमराह नहीं किया था. मैं खुद ही बहुत आशान्वित था.’
# किस चीज़ से दूर रहने की सलाह दी?
बॉन्ड्स. दुनिया भर में बहुत कम ब्याज दरों के कारण बॉन्ड्स ने बाज़ार के आकर्षण को कम कर दिया है. बॉन्ड्स आजकल ठीक नहीं हैं. 10 साल के यूएस ट्रैजरी बॉन्ड्स में भयंकर गिरावट है. ऐसे में बफे ने बॉन्ड्स से बचने की सलाह दी है.
# नेवर बेट अगेंस्ट अमेरिका
बफे ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि अपने 232 साल के अस्तित्व में अमेरिका जैसी मानवीय क्षमता के लिए कोई इन्क्युबेटर नहीं है. कई छोटी-बड़ी दिक्कतों के बावजूद हमारे देश की आर्थिक प्रगति लुभावनी रही है. हम ‘एक अधिक आदर्श यूनियन’ की संवैधानिक आकांक्षा को बनाए रखते हैं. इस फ्रंट पर प्रगति धीमी है लेकिन हम आगे बढ़ चुके हैं और बढ़ते रहेंगे.
एक और बात उन्होंने लिखी- नेवर बेट अगेंस्ट अमेरिका. माने अमेरिका के खिलाफ़ कभी कोई दांव न लगाएं . इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. यूजर्स इस बात का अलग-अलग मतलब निकाल रहे हैं.
वीडियो: क्या मोदी सरकार का बजट तीनों सेनाओं के लिए पूरा पड़ेगा? | 3 | finweb_2_hi | https://huggingface.co/datasets/HuggingFaceFW/fineweb-2 |
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