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यू-बोल्ट, जिसे अंग्रेजी में यू-बोल्ट नाम दिया गया है, एक गैर-मानक हिस्सा है। इसका आकार होने के कारण इसे यू-बोल्ट नाम दिया गया है। इसके दोनों सिरों पर धागे हैं और इन्हें नट्स के साथ जोड़ा जा सकता है। यह मुख्य रूप से ट्यूबलर ऑब्जेक्ट्स जैसे कि पानी के पाइप या शीट को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे ऑटोमोबाइल के पत्ती स्प्रिंग्स। घोड़ों पर सवार लोगों की तरह चीजों को ठीक करने के अपने तरीके के कारण इसे राइडिंग बोल्ट कहा जाता है।
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एक महीने के भीतर मजीठिया को जेल में डालेंगे और ड्रग्स के कारोबार पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी जाएगी। यह सिर्फ ‘आप’ की सरकार ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली मिले हुए हैं।वहीं, दूसरी ओर राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया ने जवाब देते हुए कहा कि केजरीवाल अपनी चिंता करें। वे खुद तीन महीने के भीतर जेल में होंगे। दिल्ली के सी.एम. और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर ने मालेरकोटला कुरान शरीफ बेअदबी कांड में आप विधायक का नाम आने को पंजाब सरकार की साजिश बताया है। रविवार को 51 सूत्रीय यूथ मेनिफेस्टो जारी करने के बाद उन्होंने कहा, 24 जून को बेअदबी कांड के अगले दिन बादल सरकार ने आरोपी पकड़ लिए थे। सरकार एक हफ्ते तक कहती रही कि आरोपी विजय गर्ग विश्व हिंदू परिषद का आदमी है, 2 जुलाई को आप का आदमी बता दिया। इसका मकसद सिर्फ उनकी पंजाब यात्रा को बर्बाद करना था।रेत, बजरी, शराब और अन्य ठेकों पर अकाली-भाजपा और कांग्रेसी नेताओं के रिश्तेदारों के कब्जे हैं, जिनकी जांच करवा कर आम युवाओं और बेरोजगारों को दिए जाएंगे। - अमृतसरः दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में रविवार को 51 सूत्रीय यूथ मैनिफेस्टो जारी किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर 5 साल में पंजाब के 25 लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे। Translate »
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बरेली के कोविड अस्पताल पहुंचा मास्क, दवाइयों और इंजेक्शन का स्टॉक बरेली के 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार शाम मास्क एंटीजन किट और दवाओं का स्टॉक पहुंच गया। जागरण ने 21 नवंबर के अंक में प्रमुखता से कोविड अस्पताल में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया था। बरेली, जेएनएन : बरेली के 300 बेड कोविड अस्पताल में शनिवार शाम मास्क, एंटीजन किट और दवाओं का स्टॉक पहुंच गया। जागरण ने 21 नवंबर के अंक में प्रमुखता से कोविड अस्पताल में संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया था। जिसमें बताया था कि जिला कोविड अस्पताल के प्रशासनिक भवन, फ्लू कॉर्नर और एल-वन, एल-टू कॉर्नर मिलाकर करीब 60 लोगों का स्टाफ तैनात होता है। जबकि अभी तक महज 27 मास्क की औसत आपूíत थी। 20 दिन से थी स्टॉक की कमी 300 बेड कोविड अस्पताल में पिछले 20 दिन से मास्क, एंटीजन किट, कुछ दवाइयों, इंजेक्शन व विटामिन सी की कमी थी। इसको लेकर लगातार डिमाड की जा रही थी। डिजिटल एक्स रे मशीन का बाकी इंतजार कोविड अस्पताल में तीन एक्स रे मशीन की जरूरत है। लेकिन उपलब्ध महज एक है। डिजिटल एक्स रे मशीन की डिमाड अभी शासन से पूरी नहीं हुई है। वहीं रुहेलखंड कॉलेज से मिली मशीन में तकनीकी कमी है। कोरोना से जंग में इन दवाओं का होता उपयोग विटामिन-सी की गोलिया, रेंटीडिन इंजेक्शन, डॉक्सीसिलीन कैप्सूल, इनेक्सोपरीन इंजेक्शन और सोडियम हाइपोक्लोराइड का स्टॉक एक नवम्बर से नहीं था। मास्क बांटकर कोरोना से बचाव के प्रति किया जागरूक बरेली, जेएनएन : दिल्ली में फिर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रविवार को राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल ने कुतुबखाना घंटाघर पर एसपी क्राइम के नेतृत्व में मास्क वितरित किए। मंडल के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा, एसपी क्राइम सुशील कुमार ने लोगों को मास्क लगाने व शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य पवन अरोड़ा ने इस अभियान की सराहना की। व्यापारी नेता प्रवीण अग्रवाल, अमित भारद्वाज, कमल जगवानी, डा. शफीक उद्दीन, अमित गोयल, रितेश शर्मा, गौरव सक्सेना, नीरज रस्तोगी, कमल गोयल, राजू उपाध्याय, कमल जगवानी. नीरज रस्तोगी, पिकी सर्राफ आदि मौजूद रहे।
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महेंद्र सिंह धोनी बनेंगे झारखंड पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर नई दिल्ली, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कहा कि झारखंड के पर्यटन का प्रचार-प्रसार इसके ब्रांड एंबेसडर और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी करेंगे. दास ने विश्व पर्यटन दिवस पर 'अनएक्सप्लोर्ड झारखंड-2105' कार्यक्रम में कहा, '2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 करोड़ की लागत से होने वाले मालुती के टेराकोटा मंदिरों के संरक्षण का अभियान ऑनलाइन शुरू करेंगे.' दास ने कहा कि राज्य में पारिस्थितिकीय पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, मेडिकल पर्यटन, एडवेंचर और खनन पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं हैं.उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपोलो अस्पताल को प्रतीकात्मक एक रुपये में जमीन दी गई है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विश्व पर्यटन दिवस पर न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटकों को शुभकामनांए देते हुए झारखण्ड आने का न्यौता दिया. उन्होंने कहा कि झारखण्ड के गौरवशाली इतिहास , विशिष्ट संस्कृति और प्राकृतिक सुन्दरता को पर्यटन के विश्व मानचित्र पर लाकर झारखण्ड की ब्रांडिंग करनी है.
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नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण पर अंकुश की कवायद के तहत गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले सुनाते हुए राजनीतिक दलों को गुरुवार को निर्देश दिया कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की सूची और चयन का कारण अपनी वेबसाइटों पर अपलोड करें. न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल सीट जीतने की क्षमता को पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए. न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की पीठ ने भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय और रामबाबू ठाकुर की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया. न्यायालय ने इन निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर चुनाव आयोग को इस बात की अनुमति दी है कि वह राजनीतिक दलों के खिलाफ यह जानकारी न्यायालय को अवगत कराए. राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए न्यायालय ने राजनीतिक दलों के लिए दिशानिर्देश जारी किये हैं. न्यायालय ने कहा कि पिछले चार आम चुनावों में राजनीति में अपराधीकरण तेजी से बढ़ा है. इसके अनुसार, यदि राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को टिकट दिया जाता है तो उसका आपराधिक विवरण पार्टी की वेबसाइट पर और सोशल मीडिया पर देना होगा. साथ ही ,उन्हें यह भी बताना होगा कि किसी बेदाग को टिकट क्यों नहीं दिया गया. शीर्ष अदालत ने उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी अखबारों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर भी नामांकन क्लीयर होने के 48 घंटों के भीतर प्रकाशित करने को कहा है. साथ ही चुनाव आयोग को भी इस रिकॉर्ड को 72 घंटे के भीतर वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया. यदि राजनीतिक पार्टी ऐसा नहीं करती है तो चुनाव आयोग इसकी जानकारी शीर्ष अदालत को देगा.
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नई दिल्ली. वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा वर्ज़न ऐप में नया पेमेंट फीचर जोड़ दिया गया है। इसकी मदद से यूज़र क्यूआर कोड स्कैन करके पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे। हाल ही में WhatsApp पर सेंड टुु यूपीआई आईडी फीचर आया था। इसके अलावा वॉट्सऐप के एंड्रॉयड बीटा ऐप पर एडवांस्ड जिफ सर्च और स्टीकर्स सर्च जैसे फीचर की भी झलक मिली है। लेकिन ये फीचर डिफॉल्ट में डिसेबल हैं। इतना तो तय है कि बीटा टेस्टिंग के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के बाद इन फीचर को जल्द ही स्टेबल ऐप का हिस्सा बनाया जाएगा। ऐसे करें WhatsApp Payments क्यूआर स्कैन कोड को इस्तेमाल अगर आपने गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के लिए सब्सक्राइब किया है तो आप WhatsApp वर्ज़न 2.18.93 पर चले जाएं। इस फीचर की मदद से यूज़र क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट कर पाएंगे। इसके लिए वॉट्सऐप एंड्रॉयड बीटा यूज़र को Settings > Payments > New Payments > Scan QR code में जाना होगा। इसके बाद आपको क्यूआर कोड स्कैन करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद आपसे भेजे जाने वाली राशि के बारे में पूछा जाएगा। इसके बाद वेरिफिकेशन के लिए यूपीआई पिन मांगा जाएगा। जिफ फीचर भी जल्द जोड़ेगा वॉट्सऐप WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp पर जल्द एडवांस्ड जिफ सर्च फीचर आ सकता है। इसे बीटा ऐप हिस्सा बना दिया गया है, लेकिन डेेवलपमेंट के कारण यह फिलहाल डिसेबल है। इसकी मदद से यूज़र ट्रेंडिंग, हैप्पी और डासिंग जैसी कैटेगरी में जिफ खोज पाएंगे।
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आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक डॉक्टर मां ने अपने सात साल के बेटे को काफी सारी नींद की गोली देकर उसकी जान ले ली, बाद में मां ने भी गोली खाकर आत्महत्या कर ली. पहले मां-बेटे दोनों कोमा में चले गए, बाद में उनकी मौत हो गई. डॉक्टर मां की पहचान दोथामशेट्टी लावण्या के रूप में हुई है, जो डर्मेटोलॉजिस्ट थी. इनके पिता का नाम डॉ. बुद्धा, जो इलाके के जाने-माने डॉक्टर हैं. 33 वर्षीय लावण्या की शादी तेलंगाना स्थित एक डॉक्टर से हुई थी. हालांकि बाद में दोनों के बीच संबंध खराब हो गए थे. विवाद की वजह से लावण्या अपने पति से दूर राजमुंदरी में अपने पिता के साथ रह रही थी. बताया जा रहा है कि पति ने तलाक की नोटिस भेजा था. जानकारी के मुताबिक लावण्या ने सबसे पहले अपने बेटे निशांत को नींद की गोली दी थी. बाद में उसने खुद भी नींद की गोली खा ली. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. 11वीं की छात्रा ने 20वीं मंजिल से कूदकर दी जान उत्तर प्रदेश के नोएडा में ग्यारहवीं की एक छात्रा ने शनिवार देर शाम 20वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया. पुलिस के मुताबिक, छात्रा के पास या कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस का कहना है कि अभी आत्महत्या के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. घटना की जांच की जा रही है. ये पूरा मामला नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सेक्टर-45 की आम्रपाली सफायर हाउसिंग सोसाइटी का है. युवती की उम्र 19 साल थी. युवती ने 20वीं मंजिल से छलांग लगा कर आत्महत्या की है.
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3 Months of SSR: क्या सुशांत के केस से भटक रहा है फोकस? NCB और कंगना ने बटोरी बीते दिनों की सुर्खियां |▶️14 जून को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत की मौत, 3 महीने बाद भी हाथ नहीं लगा बड़ा सबूत| |▶️NCB और कंगना ने ली CBI और सुशांत केस की लाइमलाइट, अब CBI के पास बचे हैं कुछ ही दिन| |▶️ट्विटर पर की लोगों ने सुशांत के केस पर फोकस करने की डिमांड, #JustinceForSSRIsGlobalDemand किया ट्वीट| Justice For SSR: सुशांत सिंह राजपूत की मौत को आज तीन महीने हो चुके हैं। लेकिन समय बीतने के साथ-साथ अब देश की जनता को ऐसा लग रहा है कि फोकस सुशांत के मुद्दे से भटककर धीरे-धीरे कहीं और जा रहा है। सुशांत के सपोर्ट में आगे आए देश के लोगों का मानना है कि ड्रग एंगल आने के बाद सुशांत के इंसाफ के लिए जली आग अब धीरे-धीरे बुझ रही है। CBI से नहीं मिली कोई अपडेट CBI को जिस दिन सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Case) का केस मिला था उस दिन देश की जनता काफ़ी ख़ुश थी। लेकिन अब सुशांत के चाहने वालों की उम्मीद टूटती हुई नज़र आ रही है। सुशांत केस में ड्रग कनेक्शन (Sushant Case Drug Connection) का पर्दा फाश होने के बाद सुर्खियों में CBI का आना बंद हो गया। पिछले कई दिनों से हेडलाइंस में लगातार NCB का नाम दिख रहा है। हालांकि लोग NCB के काम की तेजी और रिया-शौविक सहित अन्य ड्रग पेडलर्स की गिरफ़्तारी से ख़ुश हैं लेकिन उनका ये भी कहना है कि सुशांत के केस में कोई बड़ा सुराग अभी तक क्यों नहीं हाथ लगा? क्यों किसी को अभी तक सुशांत के केस में गिरफ्तार नहीं किया गया? सुशांत सिंह राजपूत की जगह सुर्खियों में हैं कंगना NCB की कड़ी जाँच-पड़ताल के बाद और रिया (Rhea Chakraborty) को गिरफ्तार करने के बाद सुशांत के फ़ैन्स को लगा था कि अब CBI की तरफ़ से भी कुछ बड़ा सुनने को मिलेगा सुशांत से जुड़ी किसी ऐसी बात का ख़ुलासा होगा जो पूरा देश जानना चाहता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, NCB के बाद सुर्खियों में अपनी जगह बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत (Kangana Ranut) ने बना ली। महाराष्ट्र और शिवसेना से हुए वाद-विवाद के बाद पिछले कुछ दिनों से कंगना लगातार मीडिया में मुख्य चर्चा का विषय रहीं हैं। ट्विटर पर चली सुशांत केस पर फोकस करने की मुहीम NCB और कंगना के लगातार ख़बरों में आने के बाद देश की जनता को लगा कि उन्हें एक बार फिर सोशल मीडिया की पावर का इस्तेमाल करना चाहिए और इस मामले में जाँच कर रही CBI सहित देश की मीडिया को ये याद दिलाना चाहिए की असली मुद्दा सुशांत की मौत (Sushant Death Case) का कारण या उसके कातिल का पता लगाना था। अब जब ड्रग कनेक्शन में बड़ी कामयाबी हासिल हो गई है तो CBI भी जल्द कुछ बड़ी सफलता हासिल करे। यही वजह है कि ट्विटर पर लोगों ने #FocusOnSSR और #JustinceForSSRIsGlobalDemand को लगातार ट्वीट किया और इसे ट्रेंडिंग हैशटैग बना दिया। आगे पढें : - श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा - दिशा सालियान की मौत को लेकर बड़ा खुलासा, पार्टी की उस रात इन चार लोगों ने किया था ऐक्ट्रेस के साथ दुष्कर्म - NIA ने द्वारा अल कायदा के 9 संदिग्ध आतंकियों की हुई गिरप्तारी - चीन में फैली नई बीमारी, अब तक 3,245 लोग संक्रमण की चपेट में - प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार का तोहफ़ा, अब बेहद कम दामों में मिलेगा किराए का घर
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सीरीज का आखिरी टेस्ट. लंदन के ओवल मैदान पर. सिक्का उछला और एक वही हुआ जो पिछली चार बार से हो रहा है. जो रूट ने टॉस जीत लिया. अपने कोहली ने सीरीज में लगातार 5वीं बार टॉस हारा. माइक जब कोहली के पास गया और कप्तान की रिएक्शन पूछी गई, कोहली ने कहा- लगता है मैं टॉस तभी जीतूंगा जब सिक्के को दोनों साइड हेड होगा. ‘I think I need a coin with heads on both sides’ — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) September 7, 2018 ये अपने आप में हैरानी वाली बात है. मगर ये पहली बार नहीं हो रहा है कि किसी भारतीय कप्तान ने पांचों मैचों में टॉस हारा हो. कोहली से पहले साल 1948-49 में जब लाला अमरनाथ की कप्तानी में टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली थी तो भी यही हुआ था. अमरनाथ ने कप्तान जॉन गॉडर्ड से टॉस हारा था. फिर कपिल देव ने भी वेस्टइंडीज के खिलाफ 1981-82 में लगातार पांच बार टॉस हारा. उस वक्त विंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड थे. अब इंग्लैंड के जो रूट के नाम ये रिकॉर्ड हो गया है. वैसे टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करने के फैसला किया है और इंडिया की टीम में दो बदलाव हुए हैं. हनुमा विहारी और रवींद्र जडेजा टीम में शामिल किए गए हैं. हनुमा मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाए हैं. वहीं अश्विन की जगह जडेजा को शामिल किया गया है. बाकी टीम वही है. पृथ्वी शॉ को अभी मौका नहीं मिला है. वहीं ये मैच इंग्लैंड के एलेस्टेर कुक का आखिरी टेस्ट है. इस मैदान पर कुक का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है. इस मैच से पहले तक कुक ने 999 रन इस मैदान पर बनाए हैं. अब 1000 रन पार कर लिए हैं. Alastair Cook becomes the latest big name to sign off from Test cricket at The Oval Live report: https://t.co/e4RrZvEuKE #ENGvIND #ThankYouChef pic.twitter.com/QWf6YGJBOB — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) September 7, 2018 पिछला मैच 60 रनों से हारने के बाद इंडिया ने सीरीज 1-3 से खो चुकी है. अब इस मैच में अच्छी परफॉर्मेंस से इस सीरीज को जीत के साथ खत्म करने टीम को आने वाले क्रिकेट सीजन की ओर बढना है. इसलिए टीम के लिए यहां सीरीज को 2-3 से खत्म करना होगा. वरना अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का है जहां एेसी ही कंडीशन्स मिलेंगी. Also Read
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टोनी एसोलन कॉन्ट्रा मुंडम कई पाठकों ने रोड आइलैंड के डोमिनिकन-संचालित कॉलेज प्रोविडेंस कॉलेज के मजबूत रूढ़िवादी कैथोलिक साहित्य के प्रोफेसर एंथोनी एसोलेन के बारे में सुना होगा। प्रो। एसोलेन कई किताबों के लेखक हैं, जिनमें डांटे का उत्तम अनुवाद शामिल है दिव्य हास्य, जो उन तीन अनुवादों में से एक है जो मैं किसी से पूछता हूं जो मुझसे पूछता है जो पढ़ने के लिए सबसे अच्छा है। वह रूढ़िवादी ईसाई पत्रिकाओं के लिए भी अक्सर लिखते हैं जैसे कसौटी तथा संकट. कुछ निबंध जो उन्होंने प्रकाशित किए संकट इस शरद ऋतु ने उनके कैंपस में एक बड़ी पंक्ति को उभार दिया। पहले "विविधता" की राजनीति की आलोचना करते हैं क्योंकि वे एक कैथोलिक अकादमिक सेटिंग के भीतर खेलते हैं। दूसरा वफादार कैथोलिकों (और अन्य ईसाइयों) से सवाल पूछता है: जब ज़ुल्म आएगा तो क्या करोगे? स्वाभाविक रूप से, Esolen के परिसर में कुछ छात्र और संकाय उनके सुझाव से इतने नाराज थे कि "विविधता" के रूप में वे समझते हैं कि यह गुमराह और विनाशकारी है कि उन्होंने उसे दंडित करने के लिए एक अभियान शुरू किया है, शायद उसे आग लगाने के लिए भी। अब, एस्लेओन को उसी प्रश्न का उत्तर देना है जो उसने हाल ही में अपने पाठकों के लिए दूसरे निबंध में प्रस्तुत किया था। टोनी एसोलन ने ई-मेल के माध्यम से मुझसे कुछ सवालों के जवाब देने के लिए सहमति व्यक्त की। हमारी बातचीत नीचे दी गई है। रॉड ड्रेहर: प्रोविडेंस कॉलेज में आपके साथ क्या हो रहा है? विवाद की व्याख्या करें। टोनी एसोलन: यह एक लंबी कहानी है - यानी, दो साल लंबी बैक-स्टोरी है जिसमें मुझे शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इसमें पांच कैथोलिक सहकर्मी शामिल हैं, जिन्हें उनके धर्मनिरपेक्ष सहयोगियों द्वारा अपमानजनक व्यवहार किया गया है या पूछताछ के तहत पीड़ित किया गया है "पूर्वाग्रह प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल।" मैंने दो लेखों को लिखा संकट पत्रिका, उनमें से एक अप्रैल में और दूसरा कुछ हफ्ते पहले, अलर्ट के रूप में। स्कूल में किसी ने उन्हें पकड़ लिया और, इससे पहले कि मैं यह जानता, मैं नाराजगी के बीच में था, मुख्य रूप से छात्रों के एक समूह से आ रहा हूं, जो मुझे लगता है कि कट्टरपंथी प्रोफेसरों द्वारा गुमराह किया गया है, जिन्होंने राजनीति को अपने भगवान के रूप में अपनाया है, चाहे ये प्रोफेसर हों इसके बारे में पता है या नहीं। छात्रों ने मुझ पर नस्लवाद का आरोप लगाया, लेखों में मेरे स्पष्ट बयानों के बावजूद कि मैं सभी जातीय और नस्लीय पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत करता हूं, और मेरी अपील के बावजूद, लेखों में से एक के अंत में, कि वे और उनके धर्मनिरपेक्ष प्रोफेसर हमें इसमें शामिल हों। साम्य जहां न तो ग्रीक और न ही यहूदी, आदि हैं, वे मेरे सुझाव से नाराज थे, एक लेख में, कि आम आग्रह में कुछ नशा था कि लोगों को उन लोगों की बजाय THEMSELVES का अध्ययन करना चाहिए जो लंबे समय से पहले रहते थे और संस्कृतियों में हमारे यहां से बहुत दूर थे। किसी भी सामान्य मानदंड से, और यह कि धर्मनिरपेक्ष के आवेग में कुछ अधिनायकवादी था, जो हमारे पाठ्यक्रम को वर्तमान राजनीतिक उद्देश्य की मांगों के अधीन करने का प्रयास करता था। मैंने छात्रों में से एक से बात की, एक दोस्ताना साथी जिसे मैं बहुत पसंद करता हूं, और उसे समझाया कि मेरा झगड़ा छात्रों के साथ नहीं था, बल्कि कैथोलिक-विरोधी प्रोफेसरों के साथ और उनके साथियों को चोट पहुंचाने या उन्हें परेशान करने के उनके प्रयासों के साथ था। यह एक लंबी और गर्म बातचीत थी, जिसके अंत में मैंने उसे अपने समूह में रिले करने के लिए कहा कि मैं खुश था, यहां तक कि उत्सुक, किसी भी समय उनसे मिलने के लिए बात करने के लिए कि क्या यह प्रोविडेंस कॉलेज में अल्पसंख्यक छात्र होना पसंद है । मैंने उन्हें एक साल पहले मेरे मुख्य विविधता अधिकारी के मेरे प्रस्ताव को रिले करने के लिए कहा, अन्याय और पूर्वाग्रह के विषयों पर केंद्रित एक फिल्म श्रृंखला शुरू करने के लिए; फिल्मों में से एक मैंने विशेष रूप से उसे और अधिकारी को बताया था विनाशकारी एक आलू दो आलूएक अंतरजातीय विवाह के बारे में। तब से, हालांकि, मुझे किसी भी छात्रों से कोई फोन कॉल और कोई ई-मेल नहीं मिला है; और अभी तक शब्द परिसर के चारों ओर फैल गया है, संभवतः प्रशासन से ही उत्पन्न हुआ है, कि मैंने छात्रों को "उड़ा दिया" है, जब वास्तव में उल्टा सच है, और अगर किसी को "उड़ा दिया गया" है, तो यह मेरे पास है। एक हफ्ते पहले पिछले गुरुवार को मुझे एक छात्र द्वारा छेड़ा गया था - सवाल में समूह का सदस्य नहीं था - कि परिसर में विरोध होने वाला था। प्रोविडेंस कॉलेज में यह अनसुना है। लगभग 60 छात्रों ने मार्च किया, जबकि एक महिला छात्र ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, एक बुलहॉर्न के माध्यम से नारे लगाते हुए। मुझे लगता है कि यह "हम क्या चाहते हैं?" समावेशन! हम इसे कब चाहते हैं? अब! "शोर तीन मंजिला इमारत के माध्यम से सुना जा सकता है जहां मेरा कार्यालय है। मैंने सोचा था कि वे हॉल में आकर मेरे दरवाजे पर दस्तक देंगे, लेकिन फिर वे चारों ओर मुड़ गए और राष्ट्रपति के कार्यालय में गए, जहां उन्होंने उनसे प्रतिक्रिया मांगी, और निश्चित रूप से कुछ छात्रों ने मांग की कि मैं निकाल दिया। वास्तव में, राष्ट्रपति ने उन छात्रों के साथ एक दिन पहले ही मुलाकात की थी, और उस विशेष मांग को सुना था, हालांकि निश्चित रूप से उन्होंने कहा कि मुझे अकादमिक स्वतंत्रता मिली। यह संभावना है कि वह पहले से ही प्रदर्शन के बारे में जानता था, क्योंकि छात्र मामलों के उपाध्यक्ष ने वास्तव में इसमें भाग लिया था। मुझे अनुमान लगाना चाहिए - क्योंकि उस सुबह किसी ने मेरी कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर लिखा था, "विविधता एक पंथ नहीं है!" राष्ट्रपति ने इसके बाद सभी संकायों, सभी कर्मचारियों, सभी स्नातक और सभी स्नातकों को निम्नलिखित पत्र भेजा। प्रोविडेंस कॉलेज समुदाय के प्रिय सदस्य: कल मैंने अपने लगभग 60 छात्रों के साथ मुलाकात की, जो कैंपस से होकर आए और आखिरकार हरकिंस हॉल आए। उनकी शिकायत का प्राथमिक स्रोत हाल ही में हमारे संकाय के एक सदस्य द्वारा प्रकाशित लेखों की एक जोड़ी की सामग्री थी, कैसे उन्हें यह महसूस हुआ, और उनकी हताशा थी कि कॉलेज या मेरे द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई थी। छात्रों के साथ संवाद करने के बाद, मेरा मानना है कि उनकी चिंताओं का जवाब देना मेरे लिए अनिवार्य है। शैक्षणिक स्वतंत्रता उच्च शिक्षा का एक आधारभूत सिद्धांत है। यह प्राध्यापकों को सत्य के अलावा बिना किसी संयम के पढ़ाने, लिखने और व्याख्यान करने की स्
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रमेश यादव ( संवाददाता ) दुद्धी। पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ एक जुट होकर इससे बचने व नियंत्रण के रास्ते खोज रहा है। पूरे भारत को प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिनों के लिए लॉक डाउन किया गया है। साथ ही जनहित व आवश्यक राहत कार्य को प्रभावशाली तरीके से भी किया जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार ने पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों सहित अन्य वर्ग के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से खाद्यान्न वितरित करने का निर्देश जारी कर दिया है। अन्त्योदय सहित मनरेगा,श्रम विभाग व दिहाड़ी मजदूर जो पंजीकृत हैं उन्हें मुफ्त राशन दिया जा रहा है। यह राशन बायोमेट्रिक मशीन से वितरित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक मशीन से खाद्यान्न वितरण कराने पर समाजसेवी व श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री आलोक अग्रहरि ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर इस मशीन के जगह आधार कार्ड से वितरित कराने की मांग की है। श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी व जिला आपूर्ति अधिकारी से मांग करते हुए कहा है कि बायोमेट्रिक मशीन से खाद्यान्न वितरण पर तत्काल रोक लगाया जाना जनहित में अच्छा रहेगा। इसका खास वजह है कि इस मशीन पर हर कार्डधारक अपने अंगुलियों के छाप देता है तब उसे राशन दिया जाता है। एक ओर जहाँ शासन प्रशासन सोशल डिस्टेंस का पालन करवा रही है वही एक मशीन को हर व्यक्ति अपने अंगुलियों से स्पर्श कर रहा है। हालांकि सरकारी राशन दुकान पर साबुन पानी की व्यवस्था है लेकिन वह इस परिस्थिति के लिए कारगर नही है। अच्छा होगा कि राशन का वितरण बायोमेट्रिक मशीन की जगह आधार कार्ड से कराया जाये जिससे संक्रमण की आशंका न हो। बतादें की इस बायोमेट्रिक मशीन में आधार से वितरण का भी ऑप्शन होता है। कोटे की दुकानों पर जिलाप्रशासन की ओर से अधिकारी व सरकारी कर्मचारियों को राशन वितरण कराने के लिए नामित किया गया है। सभी सरकारी राशन दुकानों पर लगभग कई सैकड़े की संख्या में कार्डधारक हैं। श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जनहित में राशन दुकान पर नामित अधिकारी/कर्मचारियों के माध्यम से राशन का वितरण आधार कार्ड कराया जाना हितकर होगा। श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री आलोक अग्रहरि के इस प्रस्ताव व अनुरोध का श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल, जे बी ए एस अध्यक्ष कमलेश सिंह कमल, उपाध्यक्ष व डी सी एफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि,महामंत्री धीरज जायसवाल, कोषाध्यक्ष कृपाशंकर अग्रहरि गुड्डू, दुर्गा पूजा समिति विकास क्लब अध्यक्ष रूपेश जौहरी, महामंत्री भोलू जायसवाल, व्यापार मण्डल महामंत्री सुरेन्द्र होण्डा,जन सेवा समिति अध्यक्ष अनिल कुमार, संरक्षक कमलेश मोहन सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन कर जनहित में तत्काल आवश्यक दिशा निर्देश देनी की मांग जिलाधिकारी व जिला आपूर्ति अधिकारी से की है। ज्ञात रहे कि 1 अप्रैल से ही राशन वितरण करने का निर्देश आला अधिकारियों द्वारा दिया गया और कोटेदार दुकानों पर खाद्यान्न वितरित भी कर रहे हैं। राशन दुकानों पर कार्डधारक उमड़ भी रहे हैं लेकिन दुकानदारों द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन तो कराया जा रहा है लेकिन केवल साबुन पानी के सफाई के भरोशे मशीन को स्पर्श कराना स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी करा सकता है।
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देहरादून। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई है। इस कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्ताव आएं, जिन पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है। कैबिनेट के अहम फैसले :- शिक्षा विभाग – बीआरसी और CRC के पदों को मिली मंजूरी, आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे पद। इको टूरिज्म की नई पॉलिसी को मिली मंजूरी, राज्य में ईको इको टूरिज्म की है अपार संभावनाएं है। ईको टूरिज्म से होने वाली कुल आय का 10 प्रतिशत ट्रेजरी में जमा होगा, अन्य सभी विकास कार्यों में खर्च होगा। चाइल्ड केयर लीव में हुआ बड़ा संशोधन, महिलाओं के साथ पुरुषो को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षार्थियों को मिलेगा बैक पेपर में देने का मौका। दो विषय में फेल होने पर छात्रों को मिलेगा मौका। पैराग्लाइडिंग के तहत हादसा होने के लिए बनाई गई नियमावली हादसा ना हो इसके लिए नियमावली में ट्रेंड लोगों को ही लाइसेंस दिए जाने के बनाए गए नियम। स्कूलों में प्रबंधन समिति के चुनाव 3 सालों में ही होंगे पहली प्रबंधन समिति का चुनाव 5 साल किए जाने पर मांगे भी थे सुझाव। उत्तराखंड में अग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लिया गया बड़ा निर्णय फायर ब्रिगेड को 7 श्रेणियों में बांटा गया। मैदान के साथ साथ पहाड़ के शहरो में भी होगी फायर ब्रिगेड की टीम तैनात।
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Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार) are part of UP Board Master for Class 12 Sociology. Here we have given UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार). |Board||UP Board| |Textbook||NCERT| |Class||Class 12| |Subject||Sociology| |Chapter||Chapter 23| |Chapter Name||Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार)| |Number of Questions Solved||25| |Category||Class 12 Sociology| UP Board Master for Class 12 Sociology Chapter 23 Unemployment: Causes and Remedies (बेकारी : कारण तथा उपचार) यूपी बोर्ड कक्षा 12 के लिए समाजशास्त्र अध्याय 23 बेरोजगारी: कारण और इलाज (बेरोजगारी: कारण और इलाज) विस्तृत उत्तर प्रश्न (6 अंक) प्रश्न 1 “बेरोजगारी एक मुद्दा है।” भारत के विशेष संदर्भ में या उसके बारे में बात करें ‘बेरोजगारी के प्रकार का वर्णन करें। या क्या बेरोजगारी? भारत में बेरोजगारी और निवारक उपायों के लिए कारण दें। या बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? बेरोजगारी खत्म करने के लिए वकील। या भारत में बेरोजगारी दूर करने के उपायों की सिफारिश करें। या भारत में बेरोजगारी के लिए स्पष्टीकरण का विश्लेषण करें और इसके उन्मूलन की सिफारिश करें। या बेरोजगारी भारतीय गरीबी का अंतर्निहित कारण है। “इस दावे को स्पष्ट करें। उत्तर: बेरोजगारी का अर्थ और परिभाषा आमतौर पर, जब किसी व्यक्ति को अपने आवास के लिए कोई काम नहीं मिलता है, तो उस व्यक्ति को बेरोजगार के रूप में जाना जाता है और इस कमी को बेरोजगारी की कमी के रूप में जाना जाता है। अलग-अलग वाक्यांशों में, जब कोई व्यक्ति काम करने के लिए तैयार होता है और शारीरिक और मानसिक रूप से काम करने के लिए तैयार होता है, हालांकि उसे कोई काम नहीं मिलता है, ताकि वह अपना आवास अर्जित कर सके, तब इस तरह के व्यक्ति को बेरोजगार कहा जाता है। । जब समाज में ऐसे बेरोजगार व्यक्तियों की पर्याप्त विविधता हो सकती है, तो उत्पन्न होने वाले वित्तीय परिदृश्य को बेरोजगारी के मुद्दे के रूप में जाना जाता है। प्रो। पीगू के जवाब में, “एक व्यक्ति को केवल बेरोजगार के रूप में जाना जाता है जब किसी के पास कोई काम नहीं होता है और काम करने की आवश्यकता होती है। हालाँकि किसी व्यक्ति को काम पाने की इच्छाशक्ति के साथ काम करने की शक्ति होनी चाहिए; इसके बाद, एक व्यक्ति जो काम करने के लिए योग्य है और काम करने की इच्छा रखता है, हालांकि उसे अपने साधनों के अनुसार काम नहीं मिल सकता है, उसे बेरोजगार कहा जा सकता है और उसकी कमी को बेरोजगारी के रूप में संदर्भित किया जा सकता है। कार्ल प्रेवराम के जवाब में, “बेरोजगारी श्रम बाजार की स्थिति है जिसमें श्रम-बल श्रम के विभिन्न स्थानों से अधिक होता है।” गिलिन और गिलिन के जवाब में, “बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खुद के लिए और अपने घर की चाहत के लिए आम तौर पर अपनी कमाई के आधार पर एक सफल और काम की तलाश करने वाला व्यक्ति लाभकारी रोजगार की खोज करने में असमर्थ होता है। । “ संक्षेप में, एक उपयुक्त व्यक्ति जो स्वेच्छा से मजदूरी के प्रचलित आरोपों पर काम करना चाहता है, अपने साधनों के परिपूर्ण होने के लिए काम की खोज नहीं कर सकता है, इस उदाहरण को बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। तरह तरह की बेरोजगारी बेरोजगारी के विभिन्न प्रकार हैं। इसके कुछ संस्करण इस प्रकार हैं - छिपी बेरोजगारी – बेरोजगारी जो तुरंत दिखाई नहीं देती है उसे छिपी हुई बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। इसके लिए तर्क यह है कि अतिरिक्त व्यक्ति जरूरत से ज्यादा किसी काम में लगे हुए हैं। यहां तक कि जब उनमें से कुछ को समाप्त कर दिया जाता है, तो उस काम या विनिर्माण में कोई अंतर नहीं हो सकता है। ऐसी बेरोजगारी को छिपी हुई बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। - मौसमी बेरोजगारी – यह बेरोजगारी मौसम और मौसम में हेरफेर करके चलती है। कुछ मौसमी उद्योग हैं; जैसे – बर्फ निर्माण की सुविधा। गर्मियों में, व्यक्तियों को इसमें रोजगार मिलता है, हालांकि सर्दियों में, इसके निकट के व्यक्ति अप्रभावी हो जाते हैं। - चक्रीय बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वाणिज्य के भीतर धीमे या धीमे होने और बढ़ावा देने या बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है। मंदी के दौर में बेरोजगारी बढ़ेगी, जबकि त्वरित के दौरान यह घट जाती है। - संरचनात्मक बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वित्तीय निर्माण, दोष या किसी अन्य मकसद में बदलाव के कारण विकसित होती है। जब स्वचालित मशीनों को लगाया जाता है, तो उद्योगों में लगे कई व्यक्ति अप्रभावी हो जाते हैं। - खुली बेरोजगारी – सुविधा और काम करने की इच्छा के बावजूद , काम नहीं करने वाले निवासियों को खुली बेरोजगारी के रूप में जाना जाता है। खुली बेरोजगारी का पता तब चलता है जब रोजगार के विकल्प राष्ट्र के भीतर काम करने से कम होते हैं। - तकनीकी बेरोजगारी – तकनीकी या तकनीकी बेरोजगारी मशीनों या मशीनों की प्रकृति के भीतर संशोधनों से उत्पन्न होती है। यह बेरोजगारी भारी उद्योगों और नई मशीन विशेषज्ञता के विकास के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है। - बेसिक बेरोजगारी – यह बेरोजगारी वस्तुतः सभी समाजों में एक बिंदु तक मौजूद है, जिसका कोई मतलब नहीं है। इसके लिए तर्क यह है कि कुछ व्यक्ति प्रकृति और प्रकृति द्वारा या आलस्य या क्षमता की कमी के कारण रोजगार के लिए पात्र नहीं हैं। - शिक्षित बेरोजगारी – यह बड़े प्रशिक्षण और कोचिंग वाले व्यक्तियों में बड़ी वृद्धि के परिणामस्वरूप है। उन्हें अपने साधन और प्रतिभा के अनुसार रोजगार नहीं मिलता है। यह बेरोजगारी भारत और विभिन्न देशों में चिंता का विषय है। भारत में बेरोजगारी के कारण भारत में बेरोजगारी के सबसे महत्वपूर्ण कारण हैं 1. तेजी से बढ़ते निवासी – भारत में निवासी प्रत्येक वर्ष 25% की कीमत पर बढ़ रहे हैं, जबकि रोजगार के विकल्प आमतौर पर इस कीमत पर नहीं बढ़ रहे हैं। निवासियों के विकास मूल्य के जवाब में, लगभग 50 लाख व्यक्तियों को भारत में वार्षिक रूप से रोजगार के विकल्पों में प्रवेश करना चाहिए। विस्फोटक निवासियों के परिदृश्य के परिणामस्वरूप हमारे देश में बेरोजगारी मौजूद है। 2. दोषपूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली – हमारे देश की प्रशिक्षण प्रणाली दोषपूर्ण है। यह प्रशिक्षण सिर्फ रोजगारोन्मुखी नहीं है, जिससे शिक्षित बेरोजगारी बढ़ रही है। लगभग 10 लाख शिक्षित व्यक्ति बेरोजगारों की सड़क का हिस्सा हैं। 3. लघु और कुटीर उद्योगों की गिरावट – राष्ट्र के भीतर मशीनों और औद्योगीकरण के बढ़ते उपयोग के परिणामस्वरूप, हस्तकला और लघु और कुटीर उद्योगों की घटना धीमी हो गई है या आमतौर पर गिरावट आई है, जिसके कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। 4. फ़्लाव्ड प्लानिंग – यद्यपि वित्तीय नियोजन के माध्यम से 1951 से भारत में राष्ट्र क
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बोतल में बिजली गिराना एक कठिन काम की परिभाषा है, लेकिन अब भौतिकविदों ने अल्ट्रकोल्ड को शामिल करने का एक तरीका खोज लिया है प्लाज्मा एक चुंबकीय बोतल जाल में, एक सफलता जो भौतिकविदों को सौर हवाओं को समझने और परमाणु संलयन को प्राप्त करने के लिए एक कदम करीब ला सकती है। प्लाज्मा चार राज्यों में से एक है मामला, सकारात्मक आयनों और नकारात्मक मुक्त इलेक्ट्रॉनों से मिलकर। लेकिन ठोस, तरल और गैसों के विपरीत, इसकी प्रवृत्ति केवल सबसे चरम स्थानों में होती है, जैसे कि आयनित हवा की लकीर में हम एक बिजली के बोल्ट को बुलाते हैं, औरोरा बोरेलिस के नृत्य पैटर्न में, या सूरज की सतह पर। इसे अध्ययन करना बेहद कठिन है। यह कठिनाई केवल इस तथ्य से खराब हो गई है कि उत्तरी रोशनी में या सूरज की सतह पर प्लाज़्मा एक जटिल चुंबकीय क्षेत्र के साथ बातचीत करते हैं जिस तरह से वैज्ञानिकों ने अभी तक पूरी तरह से समझा है। सम्बंधित: मैग्नेट के बारे में 9 अच्छे तथ्य “सूरज के वातावरण के दौरान, मजबूत (मजबूत) चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र के बिना आप जो अपेक्षा करते हैं, उसके सापेक्ष हर चीज को बदलने का प्रभाव होता है, लेकिन बहुत सूक्ष्म और जटिल तरीकों से जो वास्तव में आपके पास यात्रा कर सकते हैं यदि आपके पास वास्तव में नहीं है इसकी अच्छी समझ, “अध्ययन के सह-लेखक पीटर ब्रैडशॉ, ह्यूस्टन में राइस विश्वविद्यालय के एक खगोल भौतिकीविद्, एक बयान में कहा। ठंडा कण धीमी गति से चलते हैं, जिससे उनके व्यवहार का अधिक सटीक मापन होता है। यह पता लगाने के लिए कि कैसे प्लाज़्मा चुंबकीय क्षेत्रों के साथ बातचीत करते हैं, वैज्ञानिकों ने अपने प्लाज्मा को ठंडा किया, जिससे बना स्ट्रोंटियम, लेजर-कूलिंग नामक तकनीक का उपयोग करके निरपेक्ष शून्य से लगभग 1 डिग्री नीचे (शून्य से 272 डिग्री सेल्सियस के आसपास) ऊपर। आप सोचते होंगे कि किसी चीज पर लेजर लगाने से वह गर्म हो जाएगी, लेकिन अगर लेजर बीम में फोटॉन (प्रकाश कण) चलते हुए प्लाज्मा कणों के विपरीत दिशा में यात्रा कर रहे हैं, तो वे वास्तव में उन प्लाज्मा कणों को धीमा और ठंडा कर सकते हैं। वे नीचे। एक बार प्लाज्मा ठंडा होने के बाद, शोधकर्ताओं ने इसे क्षण भर में आसपास के मैग्नेट से बलों के साथ फँसा दिया, जिससे वे इसे फैलने से पहले इसका अध्ययन कर सकें। वे फिर प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के आयनों और इलेक्ट्रॉनों के बीच बातचीत को अलग करने के लिए निकलते हैं, जो प्लाज्मा में बहुत भिन्न होता है। बातचीत इतनी जटिल थी कि उन्हें अपने डेटा की पूरी तरह से व्याख्या करने में एक साल लग गया। “हम प्लाज्मा में आयनों को बिखरने से प्लाज्मा गुणों को मापते हैं, लेकिन चुंबकीय क्षेत्र वास्तव में जटिल है,” राइस डीन ऑफ नेचुरल साइंसेज और इसी लेखक टॉम किलियन ने लाइव साइंस को बताया। ऐसा इसलिए है क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होता है कि कैसे आयन बहुत ही अप्रत्याशित तरीके से लेजर प्रकाश को बिखेरते हैं। किलियन ने कहा, “इसके ऊपर, पूरे प्लाज्मा में चुंबकीय क्षेत्र अंतरिक्ष में अलग-अलग है।” समय के साथ बोतल में प्लाज्मा घनत्व और गति की एक तस्वीर पेंट करने के लिए। उनके द्वारा प्रकट की गई तस्वीर वह थी जहां तेजी से बढ़ने वाले, कम द्रव्यमान वाले इलेक्ट्रॉनों को चुंबकीय क्षेत्र की रेखाओं पर कसकर पिन किया गया था और उनके चारों ओर सर्पिलिंग की गई थी, जो कि नकारात्मक चार्ज किए गए इलेक्ट्रॉनों के लिए उनके आकर्षण द्वारा जाल के अंदर आयोजित सकारात्मक आयनों के साथ थे। कागज के लेखक अनुमान लगाते हैं कि चुंबकीय क्षेत्र ने इलेक्ट्रॉनों और आयनों को संयोजन से तटस्थ रूप में रखा परमाणुओं, और इसलिए सूप को अपने प्लाज्मा राज्य में फंसा रखा है। फँसाने की तकनीक प्लाज्मा अनुसंधान के लिए कई प्रकार के रास्ते खोलती है। यदि भौतिक विज्ञानी एक बोतल में अल्ट्रा-कोल्ड प्लाज्मा को कैप्चर कर सकते हैं, तो वे प्लाज्मा-निर्मित तारकीय वस्तुओं जैसे सफेद बौनों के व्यवहार का अध्ययन कर सकते हैं, या सूर्य के अंदर संलयन की शर्तों को दोहराने के लिए शुरू कर सकते हैं। अगला, शोधकर्ताओं ने कहा कि वे एक लेजर ग्रिड डिजाइन करेंगे जो बोतल के चुंबकीय क्षेत्र में किसी भी छेद को प्लग करेगा जिसके माध्यम से आयन प्रयोग से बच सकते हैं। वे फंसे हुए प्लाज़्मा के अंदर होने वाली प्रक्रियाओं की और जाँच करने की भी आशा करते हैं, जैसे कि आयन और इलेक्ट्रान पुनर्संयोजन कैसे कर सकते हैं या सिस्टम के माध्यम से ऊर्जा और द्रव्यमान कैसे आगे बढ़ते हैं। “हमारी नई क्षमताओं को उन घटनाओं का अध्ययन करने का एक शानदार अवसर मिल सकता है,” किलियन ने कहा। “इसी तरह के प्रभाव संभवतः कुछ अन्य प्रणालियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं जो कि सफेद बौने सितारों की तरह प्रयोग करना कठिन हैं।” मूल रूप से लाइव साइंस पर प्रकाशित।
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Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप हिंगोली4 दिन पहले इस पथराव में एक इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ में शनिवार को भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। इस हमले में एक सब-इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ मोबाइल चोरी के एक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची थी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए स्थानीय इंस्पेक्टर को हवा में 2 राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस स्टेशन पर हमला करने वाले डेढ़ 100 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अब तक 5 लोग पुलिस की गिरफ्त में भी आ चुके हैं। घायल पुलिसवालों को औंधा नागनाथ के ग्रामीण हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। मोबाइल चोर को पकड़ने के लिए भीड़ बना रही थी दबाव पुलिस के मुताबिक, औंधा नागनाथ के माजिद सैयद रफीक का मोबाइल 12 मई को खो गया था। अगले दिन, उसका मोबाइल फोन पूरे दिन बंद रहा और शुक्रवार दोपहर उस पर घंटी जाने लगी। कई बार फोन करने पर किसी ने उसका फोन उठाया और उसके साथ गाली गलौज करने लगा। इसके बाद माजिद औंधा थाने पहुंचा और इस मामले में कंप्लेंट दर्ज कराई। भीड़ पर पहले पुलिस ने किया बल प्रयोग इसके बाद आज अचानक तकरीबन 100 से 150 लोगों की भीड़ अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। उसके बाद थाने के पुलिस इंस्पेक्टर वैजनाथ मुंडे और सब-इंस्पेक्टर मुंजाजी वाघमारे ने भीड़ को शांत करने का प्रयास किया किया। लॉकडाउन की वजह से पूरे इलाके में धारा 144 लागू है और भीड़ को एक साथ जमा होने पर पाबंदी लगाई गई है। भीड़ मानने को तैयार नहीं थी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पथराव के बाद भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंचे हुए हैं। आक्रामक हुई भीड़ को कंट्रोल करने के लिए चलाई गोलियां इससे मामला संभले की जगह बिगड़ गया और उन्होंने पुलिस स्टेशन पर पथराव शुरू कर दिया। इस पत्थरबाजी की चपेट में आने से पुलिस इंस्पेक्टर वैजनाथ मुंडे, सब-इंस्पेक्टर मुंजाजी वाघमारे, कांस्टेबल ज्ञानेश्वर गोरे, शेख एकबाल, राजकुमार सूर्या और दो अन्य घायल हो गए। भीड़ को आक्रामक होता देख इंस्पेक्टर मुंडे को हवा में दो राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर कोई। डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज, पांच अब तक गिरफ्तार इस बीच, घटना में घायल हुए पुलिस अधीक्षक और कर्मचारियों को इलाज के लिए औंधा नागनाथ के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक राकेश कलासागर, अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत काले, सहायक पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख और पुलिस उपाधीक्षक विवेकानंद वाखरे सहित दंगा नियंत्रण फोर्स औंधा नागनाथ पहुंची है। डेढ़ सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक अभी तक सिर्फ 5 लोग ही पकड़े गए हैं। भीड़ ने इसी पुलिस स्टेशन के परिसर को घेर कर पथराव किया है। Live Sachcha Dost TV
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महेंद्रगढ़ में कबीरपंथी आश्रम संचालक को धमकी: 22 लाख रुपए और 6 एकड़ जमीन नाम कराने का दबाब; 2 पर FIR महेंद्रगढ़38 मिनट पहले - कॉपी लिंक हरियाणा के महेंद्रगढ़ में 2 व्यक्तियों पर कबीर पंथी आश्रम के संचालक की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि ये उसको डरा धमका कर 22 लाख रुपए मांग रहे हैं और उसकी 6 एकड़ जमीन भी अपने नाम करवाने की साजिश कर रहे हैं। दोनों के खिलाफ धारा 386, 506, 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया है। माजरा खुर्द निवासी रामदास चेला जगराम दास ने पुलिस में दी शिकायत ने बताया कि वह कबीर पंथी आश्रम का संचालन करता है। उसके पास वासुदेव निवासी नांगली निर्वाण जिला झुंझुनू राजस्थान मेरे आश्रम पर ही रहता था। उसने ही वासु देव की एलएलबी की पढ़ाई करवाई है। मेरे पास धर्मबीर निवासी मालडा सराय मेरे आश्रम में अक्सर आता रहता है। धर्मबीर व मेरा पैसे का लेन-देन था, जिसके रुपए वह दे चूका है। वासुदेव धर्मबीर के बहकावे में आ गया और अब राजस्थान में रहता है। वर्ष 2018 मेरे विरुद्ध एक चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज हुआ था जिसके बारे में धर्मबीर व वासुदेव कहते हैं कि हमने तेरे इस चोरी के मुकदमे की पैरवी में काफी रुपए खर्च किए थे। तू अब ब्याज सहित 22 लाख रुपए दे, जबकि इन्होंने कोई पैसा नहीं लगाया है, झूठे आरोप लगा रहे हैं। ये उसे डरा धमका कर के पैसा ऐठना चाहते हैं। वासुदेव और धर्मबीर ने 8 फरवरी 2023 को मेरे आश्रम पर आकर कहा की हमने तेरे चोरी वाले केस में 22 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। हमे 22 लाख रुपए दे दे, वरना तुझे जान से मार देंगे। तू जल्दी ही रुपए का इंतजाम कर दे। वासुदेव ने यह भी कहा की तेरी 6 एकड़ जमीन मेरे नाम करवा दें। मेरा जमीनी विवाद 2010 से सुरेंद्र व अजय झुक के साथ चल रहा है। उसे शक है सुरेंद्र व अजय ही इनको भेज कर के धमकी दिलवा रहे है और फिरौती मांग रहे हैं। वह बहुत डरा हुआ है। Source link
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मेरे प्यारी माताओं एवं बहनों आप लोगों को ये जानकर ख़ुशी होगी कि राजस्थान की मुख्यमंत्री बसुंधरा राजे (Rajasthan Chief Minister Basundhara Raje) ने आप लोगों के लिए “जननी सुरक्षा योजना” की घोषणा की हैं। आज मैं आप सभी लोगों को इस आर्टिकल में राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना के बारे में जानकारी दे रहा हूँ। जिससे की राज्य के सभी लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके। जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत राजस्थान राज्य में केंद्र सरकार (Central Government in Rajasthan State) ने की थी। इस योजना के शुरू होने से राज्य की महिलाओं को कई लाभ प्राप्त होगें। सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान (Providing Financial Assistance to Pregnant Women) की जाएगी। जिससे की ये महिलायें अपना भरण पोषण कर सके। राजस्थान राज्य में बहुत से ऐसे लोग भी हैं। जिनको सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं हैं। जिससे की राज्य की कई गरीब महिलायें जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। लेकिन दोस्तों मेरी तरफ से हमेशा यह कोशिश रहती हैं। कि सभी लोगों को सरकारी योजनाओं बारे में जानकारी प्राप्त होती रहे। जिससे की सरकार की तरफ से मिलने वाली हर सरकारी योजना का लाभ (Benefits of Every Government Scheme) प्राप्त कर सके। Contents जननी शिशु सुरक्षा योजना क्या हैं ? राजस्थान सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार की गयी हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी (Maternal Mortality and Infant Mortality Reduction) लाना हैं। और महिलाओं के प्रसव में वृद्धि करने के लिए इस योजना की घोषणा की हैं। इस योजना को 2005 में शुरू किया गया था। जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती हैं। इस योजना के तहत यदि गर्भवती महिला या नवजात बीमार (Pregnant Woman or Newborn ill) हो जाता है। नवजात के जन्म के 30 दिनों के अंदर जो भी उपचार और दवाइयों का खर्चा सरकार के द्वारा मुफ्त में किया जायेगा। इस योजना के लिए महिलायें ऑनलाइन आवेदन, रेजिस्ट्रेशन या ऑनलाइन पंजीकरण (Online Application, Registration or Online Registration) कर सकते हैं। मेरी माताओं और बहनों अब आप लोग सोच रहे होगें कि जननी सुरक्षा योजना के लिए कैसे आवेदन करना हैं ?। कैसे इस योजना का लाभ प्राप्त होगा ? इसके लिए क्या योग्यता होगी ? इन सभी चीजों के बारें में मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊँगा। कृपया इस आर्टिकल को ध्यान पूर्वक पढ़े। जननी शिशु सुरक्षा योजना के लिए योग्यता राजस्थान सरकार ने इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। जिनका विवरण नीचे किया गया हैं। - जननी सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता महिला को राजस्थान राज्य की निवासी होना अनिवार्य हैं। - सरकारी अस्पताल या मान्य प्राप्त निजी अस्पतालों में यदि गर्भवती महिलायें प्रसव कराती हैं। वे महिलायें इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। - राज्य में जिन गर्भवती महिलाओं ने घर पर ही प्रसव कराया हैं। और उनके पास बीपीएल कार्ड (BPL Card) हैं। तो वो महिलायें भी जननी सुरक्षा योजना के लाभ उठा सकती हैं। जननी सुरक्षा योजना के लिए दस्तावेज इस योजना का लाभ लेने के आवेदनकर्ता महिलाओं के पास कुछ आवश्यक दस्तावेजों को होना अवश्य हैं। - निवास प्रमाण पत्र (Residence Certificate) - आधार कार्ड (Aadhar Card) - बीपीएल राशन कार्ड (BPL Ration Card) - सरकारी अस्पताल द्वारा प्रमाणित कार्ड (Certified Card by Government Hospital) - जननी सुरक्षा तहत मिले वाली धन राशि (Money Amount Received Under Mother Protection) जननी सुरक्षा योजना सहायता राशि दोस्तों इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को सरकार ने दो भागों में विभाजित किया हैं। ग्रामीण और शहरी प्रसव महिलाओं के लिए सरकार ने अलग अलग धनराशि निर्धारित की हैं। जो इस प्रकार हैं। @} ग्रामीण गर्भवती महिलाओं के लिए धनराशि (Money for Rural Pregnant Women):- जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिला को प्रसव करने पर 1400 रूपये का नकद सहायता प्रदान की जाती हैं। आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 300 रुपये और प्रसव के पूर्व सेवा प्रदान करने के लिए भी 300 रूपये दिए जायेंगे। @} शहरी गर्भवती महिला के लिए धनराशि (Money for Urban Pregnant Women):- इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को 1000 रूपये की नगद सहायता प्रदान की जाएगी। आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 200 रुपये और प्रसव के पूर्व सेवा प्रदान करने के लिए भी 200 रूपये दिए जायेंगे। Note- बीपीएल परिवार की सभी गर्भवती महिलाओं को 500 रूपये की आर्थिक प्रदान की जाएगी। जननी सुरक्षा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 1.&» दोस्तों जननी सुरक्षा योजना के लिए आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं। तो सबसे पहले आपको इस ऑफिसियल वेबसाइट (Official Website) क्लिक करना होगा। यहाँ क्लिक करे >>> Click Here 2.&» इस लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पेज खुल जायेगा। उस पेज आपको जननी सुरक्षा योजना डाउनलोड फॉर्म (Download Form) के विकल्प पर क्लिक करें। 3.&» इस आवेदन फॉर्म को डाउनलोड करें। और इसमें पूछी सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक दर्ज करें। 4.&» अब सबमिट बटन (Submit Button) पर क्लिक करें। 5.&» दोस्तों इस तरह से आपका जननी सुरक्षा योजना में आवेदन हो जायेगा। और जल्दी ही सरकार की तरफ से गर्भवती महिला को धनराशि प्राप्त हो जाएगी। दोस्तों मेरे द्वारा बताई गयी “जननी सुरक्षा योजना” के बारे में जानकारी आप लोगों को जरूर पसन्द आएगी। अगर आप को इसके बारे में कोई प्रश्न (Ask Question) पूछना चाहते हैं। तो कमेंट बॉक्स (Comment Box) में आकर पूछ सकते हो। मेरे द्वारा आप के प्रश्नों का उचित जवाब दिया जायेगा।
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सिक्की कला ने संवार दी ‘सूरत’: नाजदा खातून गरीबी को आमलोग अपनी नियति मान लेते हैं। नाजदा ने गरीबी के खिलाफ नियति से जंग छेड़ दी। दादी ने सिक्की से खेलना सिखाया था, उन्होंने सिक्की से कामयाबी की इबारत लिख दी। Folkartopedia is the leading resource of knowledge on folk art and expression in India. Stay connected.
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से होने वाली मौतों का मामला बुधवार को विधानसभा में उठा और विपक्षी सदस्यों ने शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान सपा और बसपा सदस्यों ने जहरीली शराब से होने वाली मौतों का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने सरकार से प्रश्न किया कि जहरीली शराब से होने वाली मौतों की घटनाओं में कितनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया और कितनों को दंड मिला। कांग्रेस के नेता अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि जो लोग इसमें शामिल थे, जो शराब माफिया इसमें संलिप्त हैं, ना तो उन्हें चिह्नित किया गया और ना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी। उन्होंने सवाल किया कि जो माफिया इस शराब के खेल में लिप्त हैं, उनके खिलाफ क्या सरकार कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है? इस पर आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कानूनों को कड़ा बनाया गया है और जुर्माने की राशि में कई गुना वृद्धि की गयी है। आजीवन कारावास एवं मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है ।मौतों का आंकडा देते हुए सिंह ने बताया कि 2017 में आजमगढ़ में 26 लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई। उन्होंने बताया कि 2018 में बाराबंकी में चार, गाजियाबाद में चार, कानपुर नगर में पांच, कानपुर देहात में चार, बिजनौर में एक और शामली में पांच लोगों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि 2019 में कुशीनगर में आठ, सहारनपुर में 36, कानपुर नगर में 10 और बाराबंकी में 24 लोगों की मौत हुई। मंत्री ने बताया कि विभागीय स्तर पर निलंबन की कार्रवाई की जाती है। हर घटना के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है और जितने भी मामले हुए हैं, लगभग सभी में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं।
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एनटीपीसी सिंगरौली में कवि सम्मेलन के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया अवधनामा संवाददाता सोनभद्र/शक्तिनगर एनटीपीसी-सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन में हिन्दी दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । हिन्दी दिवस के अवसर पर स्टेशन प्रमुख बसुराज गोस्वामी ने अपने विचार रखते हुए सभी को हिन्दी दिवस की बधाई दी तथा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों से अपने कार्यालयीन कामकाज हिन्दी में काम करने का निर्देश दिया। उन्होने हिन्दी भाषा की सरल -सहज अभिव्यक्ति की चर्चा करते हुए हिन्दी भाषा को एकता की कड़ी एवं संवाद का सबसे मजबूत माध्यम बताया । इस अवसर पर वि.शिवा प्रसाद, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन ने राजभाषा के विकास में काव्य मंच के योगदान पर विचार रखते हुए कार्यक्रम से जुड़ने के लिए सम्मानित कविगण का अभिनंदन किया । माइक्रोसाफ़ट टीम्स के माध्यम से आयोजित कवि सम्मेलन में डा0 योगेन्द्र मिश्र , एनसीएल खड़िया के वरिष्ठ प्रबंधक - पाणि पंकज पाण्डेय, डा0विजेन्द्र कुमार शुक्ल, प्रबंधक योजना एवं पद्धतिए, शोभनाथ सिंह यादव अभियन्ता प्रचालन, रवीन्द्र मिश्र, ने अपने ओजस्वी काव्य कृति से श्रोताओं को खूब आनंदित किया । कवि सम्मेलन आरंभ पूर्व कवि मंत्र की परंपरानुसार रवीन्द्र मिश्र ने “वाणी वंदना के रूप में वर दे वीणा वादिनी वर दे एवं तू जिंदगी में सिर्फ यही काम किए जा आराम किए जा आराम किए जा तथा भूतकाल भी दूर है भविष्य है दूर वर्तमान पास है इसे जिए भूरपूर”, सुनाकर श्रोताओं को जीवन जीने की कला का बोध कराया। शोभनाथ सिंह यादव ने सबसे सरल हिन्दी कविता का वाचन करते हुए एनटीपीसी पर आधारित काव्य पाठ किया । पाणि पंकज पाण्डेय ने भगवान राम के जीवन चरित्र को केन्द्रित कविता “जीवन पथ पर मोल नहीं है थक कर थमने वालो का कर्म पथ बढ़ा चले जो जीवन उन मतवालों का तथा कांटों पर भी फूल सदृश, जो चले वो सच्चा ज्ञानी है, पौरूष का पर्याय वहीं वहीं रामचन्द्र का ज्ञानी है” सुना कर त्याग मय जीवन का संदेश प्रदान किया । वहीं डा0 योगेन्द्र मिश्र ने हिन्दी की अम्यर्थना में, “मै हिन्दी हूँ / मै सदियों का आवाह्न हूँ मै वर्तमान की पाती हूँ ।मै हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ। हिन्दुस्तान की थाती हूँ”,सुनाकर खुब सराहे गये । डा0 बृजेन्द्र शुक्ल ने “आइए हम सब मिल अनुबंध ये करें सौमनष्य से वैमन्सय की खाइयां भरे सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया”। मंच के माननीय अध्यक्ष विनय कुमार अवस्थी अपर महाप्रबंधक तकनीकी सेवाएं ने राजभाषा पखवाड़ा के संवैधानिक पक्षों को रखते हुए “प्यार मातृभाषा के करना जैसे करते मां से प्यार, बनी राजभाषा हिन्दी को हर संभव देना विस्तार । हिन्दी बोलो, उर्दू बोलो मगर बोलना मधुर वचन बोल रहे हो हिन्दी तो” कर शुद्ध उच्चारण का संदेश दिया । कार्यक्रम के आयोजक ओमप्रकाश, वरिष्ठ प्रबंधक मा0 संसाधन-राजभाषा के आभार ज्ञापन से कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।
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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. बुधवार सीबीआई ने पूर्व मंत्री को उनके घर से गिरफ्तार किया था. जिसके बाद गुरुवार को सीबीआई हेडक्वार्टर में उनसे करीब 3 घंटे तक पूछताछ की गई. वहीं कोर्ट में पी. चिदंबरम के बचाव में कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें भी रखीं. हालांकि कोर्ट ने 26 अगस्त तक पी. चिदंबरम को सीबीआई रिमांड में भेज दिया है. फैसले को मंजूरी देने वाले को आरोपी बनाया गया: सिंघवी चिदंबरम के बचाव में सिंघवी ने दलील देते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सीबीआई का रवैया ही गलत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीबीआई इतनी परेशान क्यों है? उन्होंने कहा कि सीबीआई ने रिमांड की मांग की है लेकिन आरोप क्या है, इसे नहीं बताया. इस केस में और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. FIPB के 6 आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि फैसले को मंजूरी देने वाले को आरोपी बनाया गया है. CBI का पूरा मामला इंद्राणी मुखर्जी के बयान पर आधारित: सिंघवी पी. चिदंबरम के केस में अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई का पूरा मामला इंद्राणी मुखर्जी के सबूतों और केस डायरी पर आधारित है. उन्होंने कहा कि चिदंबरम को सिर्फ एक अप्रूवर के बयान पर गिरफ्तार किया गया है. अप्रूवर का बयान स्टेटस होता है, सबूत नहीं. हमें मालूम है कि हिरासत में लेने के बाद वे क्या करेंगे: कपिल सिब्बल कपिल सिब्बल ने जांच एजेंसियों को लेकर कहा- हमें मालूम है कि हिरासत में लेने के बाद वे क्या करेंगे. वे अपनी बात हमारे मुवक्किल के मुंह से कहलवाएंगे. बीती रात को भी इनको सोने नहीं दिया. सुबह 8 बजे से वे पूछताछ के लिए तैयार थे, लेकिन सीबीआई ने 11 बजे पूछताछ शुरू की. 12 सवाल पूछे और 6 के जवाब दिए गए. कोर्ट को सवाल करना चाहिए कि आखिर पी. चिदंबरम से क्या सवाल पूछे गए. पी. चिदंबरम के मामले पर कपिल सिब्बल ने कहा कि कार्ति चिदंबरम को नियमित बेल मिलती रही है. भास्कर रमन को अग्रिम जमानत मिली. इन दोनों को ही सीबीआई ने कभी चैलेंज नहीं किया. दिल्ली हाईकोर्ट ने इन दोनों को जमानत दे रखी है. वहीं सिब्बल ने जमानत आदेश की प्रति अदालत को भी सौंपी. पी. चिदंबरम की तरफ से सीबीआई को कहा गया था कि उन्हें सुबह गिरफ्तार करें. आज सुबह चिदंबरम से सिर्फ 12 सवाल पूछे गए, रात को कोई सवाल नहीं पूछा गया. कपिल सिब्बल की तरफ से कहा गया कि जो आरोप हैं वो कार्ति चिदंबरम पर थे, पी. चिदंबरम पर नहीं हैं. और कार्ति भी अभी बेल पर हैं, ऐसे में पी. चिदंबरम को भी जमानत दीजिए. क्या सीबीआई ने अभी तक चिदंबरम से पेमेंट को लेकर कोई सवाल पूछा है, सीबीआई उनपर गलत आरोप लगा रही है. कपिल सिब्बल ने किया पांच दिन की हिरासत का विरोध पी. चिदंबरम की तरफ से दलील रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में कार्ति चिदंबरम आरोपी हैं, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल दी है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार नहीं किया. कपिल सिब्बल ने कहा कि केस के अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई है, ऐसे में इन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए. कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि इस डील को जिस FIPB के बोर्ड ने मंजूरी दी थी, उसमें 6 सेक्रेटरी केंद्र सरकार के थे उनमें से कुछ आरबीआई गवर्नर बन गए हैं, नीति आयोग के चेयरमैन भी बने हैं. लेकिन उनको तो कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि हम सभी रात को चिदंबरम के साथ थे, हमें बताया गया कि सीबीआई उन्हें कस्टडी में लेना चाहती है. कोर्ट में बोली CBI- चिदंबरम ने किया पद का दुरुपयोग, 5 दिन की मांगी रिमांड सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दलील कर रहे हैं. उन्होंने इस दौरान बताया कि INX मीडिया ने गलत तरीके से FDI वसूल की है, जो कि FIPB के नियमों का उल्लंघन है. चिदंबरम की वजह से INX मीडिया को गलत तरीके से फायदा पहुंचा, जिसके बाद कंपनी ने दूसरी कंपनियों को भी पैसा दिया है. कोर्ट में सीबीआई की तरफ से बताया गया कि लगभग 5 मिलियन डॉलर कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों को दिया गया. सीबीआई की तरफ से आरोप लगाया गया कि पी. चिदंबरम ने पद का दुरुपयोग किया. तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि किसी व्यक्ति का चुप रहना उसका अधिकार है, लेकिन जानबूझ कर सवालों को टालना गलत है. उन्होंने कहा कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए चिदंबरम की कस्टडी जरूरी है. कठघरे में खड़े हुए पी. चिदंबरम… सीबीआई ने पी. चिदंबरम को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर दिया है. चिदंबरम को कठघरे में खड़ा किया गया है. वहां खड़े होने के बाद उन्होंने कोर्ट रूम के छोटा होने पर हैरानी जताई. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि अदालत थोड़ी बड़ी होगी.
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भारत सरकार के सौजन्य से एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर चौरास में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस दो दिवसीय सेमिनार का मुख्य विषय ” संसदीय लोकतांत्रिक परम्परा में तकनीकी शब्दावली का महत्व” था जिसमें देश भर के विषय विशेषज्ञों ने जुटकर संसदीय तकनीकी शब्दावली के विकास एवं संवर्धन के विषय में विचार-विमर्श किया । कार्यशाला के द्वितीय दिवस का आरंभ तकनीकी सत्र के साथ हुआ ,जिसमें प्रो सुनील खोसला ने भारतीय संविधान के इतिहास, विकास तथा प्रस्तावना में वर्णित तकनीकी शब्दों के विषय पर विस्तृत चर्चा की। दूसरे तकनीकी सत्र में प्रो नावेद जमाल ने “भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दों का योगदान” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने विस्तृत रूप से भारतीय भाषाओं में संविधान में तकनीकी शब्दावली के निर्माण के महत्व एवं विकास के संदर्भ में बातचीत की । तीसरे तकनीक सत्र में दून विश्वविद्यालय के प्रो हर्ष डोभाल ने अपना व्याख्यान ” संसदीय लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका” विषय पर प्रस्तुत किया। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में मीडिया तथा भाषाओं की विविधता और विकेंद्रीकरण पर जोर दिया। प्रो राजेश पालीवाल ने आने अपने विषय “भारतीय संविधान के परिपेक्ष्य में संसदीय लोकतंत्र एवं न्यायिक दृष्टिकोण” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। दोपहर के बाद आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता प्रतिकुलपति प्रो आरसी भट्ट, ने की। कार्यशाला में मुख्य अतिथि पीवीवी सुब्रमण्यम , केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग, अति विशिष्ट अतिथि हिमालय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर काशीनाथ जैना एवं विशिष्ट अतिथि डॉ शहज़ाद अंसारी थे। डॉ मनीष मिश्रा ने दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वानों एवं शोधार्थियों ने भी कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये । प्रो काशीनाथ जेना, पीवीवी सुब्रमण्यम , रघुनाथ कीर्ती संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग ने संसद की तकनीकी शब्दावली, भाषा, संप्रेषण एवं अनुवाद प्रक्रिया के विषय में अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया। प्रति कुलपति प्रो आरसी भट्ट ने भारत संसदीय व्यवस्थाओं के उदय , विकास तथा उनकी तकनीक शब्दावली पर अपने विचार व्यक्त किये । कार्यक्रम के अंत में प्रमाण – पत्रों के वितरण के पश्चात कार्यक्रम संयोजक प्रो एम एम सेमवाल ने अतिथियों एवं सभी प्रतिभागियों के आभार व्याकर करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लगातार विश्विद्यालय एवं विभाग में शोध एवं शिक्षा की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। इस अवसर पर प्रो नावेद जमाल , प्रो यूसी गैरोला, प्रो वीरपाल सिंह चौधरी, प्रो सुनील खोसला, प्रोफेसर दिनेश गहलौत,प्रो राजपाल सिंह नेगी, ,डॉ सर्वेश उनियाल, डॉ आकाश रावत, डॉ कपिल पँवार, डॉ आशुतोष गुप्त, डॉ अमित कुमार शर्मा कार्यशाला में आचार्य कमला कान्त मिश्र, पूर्व निदेशक, राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान (सम्प्रति केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), दिल्ली, डॉ एम.पी. मिश्रा, इग्नू, दिल्ली, डा ममता त्रिपाठी, गार्गी महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा डा अजय कुमार मिश्रा, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डा नवीन चन्द डा उमराव ओपन यूनिवर्सिटी से डॉक्टर लता जोशी, डॉ आरुषि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से डॉक्टर राखी पंचोला डॉक्टर सरिता मलिक डॉ अनिल सैनी, डॉक्टर अमिताभ भट्ट ,डा जगमोहन सिंह नेगी ने की विशेषज्ञों के रुप में इस संगोष्ठी में भाग लिया। इसके साथ ही 150 से अधिक शिक्षक, शोधकर्ताओं ने इस कार्यशाला में प्रतिभाग किया। अंत में प्रतिभागियों द्वारा कार्यशाला की फीडबैक भी प्रस्तुत की गई।
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उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी माली, मंगलवार, 26 अक्तूबर 2021 (वीएनएस)- कोलोम्बिया की मिशनरी धर्मबहन ग्लोरिया जो कथित इस्लामिक स्टेट के आतंकियों द्वारा अपहरण किये जाने के करीब पाँच सालों बाद रिहा हुईं कहा कि विश्वास और प्रार्थना ने ही उन्हें अग्नि परीक्षा से बचाया। सिस्टर ग्लोरिया जो फ्राँसिसकन सिस्टर्स ऑफ मेरी इम्माकुलेट धर्मसमाज की धर्मबहन हैं, उनका अपहरण 7 फरवरी 2017 को हुआ था। परमधर्मपीठ एवं कोलोम्बिया के धर्माध्यक्षों के महीनों के प्रयास के बाद 9 अक्टूबर 2021 को उन्हें रिहा कर दिया गया। वाटिकन न्यूज से बातें करते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने अपना अनुभव साझा किया तथा उन्होंने ईश्वर, कलीसिया, पोप फ्राँसिस और इटली के अधिकारियों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें रिहा होने में मदद दी। उनके कैद के दौरान कोलोम्बिया की कलीसिया और धर्मसमाज ने उनके लिए लगातार प्रार्थना की तथा उनकी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा। अपहरणकर्ताओं के साथ अच्छा संबंध सिस्टर ग्लोरिया ने वाटिकन न्यूज के पत्रकार फादर मानुएल कुबियस को बतलाया कि आपसी सम्मान के कारण अपहरणकर्ताओं के साथ उनका अच्छा मानवीय संबंध रहा, हालांकि, उन्हें लगा कि धर्म और काथलिक विश्वास के कारण उनके साथ एक अजनबी की तरह व्यवहार किया गया। "उन्होंने हमेशा दोहराया कि इस्लाम ही सच्चा धर्म है। मैंने उन्हें सम्मान के साथ बोलने दिया किन्तु महसूस किया कि मेरे काथलिक एवं एक धर्मबहन होने के लिए वे मेरी उपेक्षा करते थे।" हमेशा ईश्वर पर भरोसा उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के लिए भयभीत नहीं थीं क्योंकि ईश्वर पर भरोसा रखती थी। "मैंने अपने आप से कहा, 'क्या होगा, क्या होगा'।" प्रार्थना करना एवं स्तोत्र के पाठ ने उन्हें बहुत मदद दिया और उन्हें सुरक्षा का भाव प्रदान किया। उन्होंने कहा कि रिहा होने के बाद उनका सबसे पहला विचार था पूरे हृदय से ईश्वर को धन्यवाद देना। माली में फ्रांसिसकन धर्मबहनों की प्रेरिताई फ्राँसिसकन धर्मसमाज द्वारा अपहरण के दौरान किये गये कार्यों के बारे बोलते हुए सिस्टर ग्लोरिया ने बतलाया कि वे माली के कारांगासो जिला में लोगों के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र चलाती हैं, और एक अनाथालय देखती हैं जिसमें दर्जनों बच्चे हैं जिनकी माताएं बच्चों को जन्म देते समय मर गई हैं। फ्रांसिसन बहनें छोटे व्यवसायों, विशेष रूप से महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों के लिए माइक्रो-क्रेडिट का भी काम करती हैं ताकि उनके परिवारों के भरण-पोषण में सहयोग दे सकें। माली में बढ़ती असुरक्षा पिछले वर्षों में माली में कलीसिया की मिशनरी गतिविधि, साहेल क्षेत्र के अन्य देशों की तरह, जिहादी विद्रोह के कारण बढ़ती असुरक्षा से बाधित हुई है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों ने सहारा के किनारे अर्ध-शुष्क क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा दी है, जिससे जातीय संघर्षों को बढ़ावा मिला है और पूरे समुदायों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर किया है। ठीक एक साल पहले, सोसाइटी ऑफ अफ्रीकन मिशन के सदस्य, इताली काथलिक मिशनरी फादर पियेरलुइजी मेकाल्ली को नाइजर में एक जिहादी समूह द्वारा अपहरण किए जाने के दो साल बाद रिहा कर दिये गये थे।
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TRENDING ON ONEINDIA - टेरर फंडिंग मामले में ED ने की 7 आतंकियों की संपत्ति कुर्क - कैश निकालने के अलावा एटीएम से कर सकते हैं ये सारे काम - Redmi Go: शाओमी का सबसे सस्ता और बढ़िया स्मार्टफोन हुआ लॉन्च - सब्जी और फलों में लगे पेस्टीसाइड्स को ऐसे करे दूर - BSF जवानों के साथ जमकर नाचे अक्षय कुमार और परीणिति चोपड़ा- केसरी प्रमोशन का वीडियो Viral - सेहरा बांधकर बैठा काैन है ये चेन्नई का शेर, एक फैन ने वीडियो शेयर कर खोली पोल - स्कोडा ऑक्टाविया कॉर्पोरेट एडिशन हुआ लॉन्च, कीमतें 15.49 लाख से शुरू - बैंगलोर की इन मशहूर जगहों पर लें नाश्ते का मज़ा - कॉमर्स के टॉप-10 कॉलेज जिनमें मिलता है लाखों का पैकेज "स्मार्ट स्कूलिंग" से अपने बच्चे को बनाईए स्मार्ट क्या आपका बच्चा स्कूल जाने से घबराता है, या फिर स्कूल की पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता। अब स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए हाईटेक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, पहले जहां विदेशों के स्कूलों में बच्चें हाईटेक तरीके से पढ़ाई करते थे वहीं अब भारत में कई स्कूलों में हाईटेक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। होम ऑटोमेशन और मोबाइल टेक्नालॉजी प्रोडेक्ट बनाने वाले स्मार्ट ग्रुप ने नया स्मार्ट स्कूलिंग ईफार्मेशन सिस्टम पेश किया है जिसकी मदद ये स्कूलों को हाईटेक बनाया जा सकता है। स्मार्ट स्कूलिंग इंफार्मेशन सिस्टम (SSIS) एक तरह के ईआरपी सिस्टम पर काम करता है जिसकी मदद से स्कूल की सभी चीजों को मैनेज किया जा सकता है। जैसे फीस मैनेजमेंट, रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन स्कूल एडमीशन। इस नए सिस्टम से बच्चों की फीस बड़े आराम से ऑनलाइन जमा की जा सकती है। यानी ऑफिस से छुट्टी लेकर स्कूल जाने का कोई झंझट नहीं। इसके अलावा अगर आप अपने बच्चें का स्कूल में एडमीशन कराना चाहते हैं तो वो भी ऑनलाइन कर सकते हैं। अगर आपको अपने बच्चें की सुरक्षा की चिंता है तो स्मार्ट स्कूलिंग सिस्टम की मदद से आप अपने बच्चें की स्कूल बस को भी ट्रैक कर सकते हैं यानी इसमें जीपीएस सपोर्ट भी दिया गया है। एक तरह से ये किसी भी स्कूल लिए एक कंप्लीट सिस्टम हैं ।
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शिमला, 19 जुलाई । शिमला जिला के दूरदराज क्षेत्र नेरवा से अब सीधे दिल्ली की बस पकड़ सकेंगे। परिवहन मंत्री मोहेन्द्र सिंह ठाकुर ने आज शिमला जिला के दूरदराज चौपाल क्षेत्र केे नेरवा में उप-बस डिपू का उद्घाटन किया तथा नेरवा- दिल्ली वाया शिलाई पांवटा बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया । उन्होने नेरवा में 2 करोड़ रू. की लागत से बनने वाले बस अड्डे का भी शिलान्यास किया । मंत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेडे में 200 नई बसो को जोड़ा जा रहा है जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और जिन रूटो पर परिवहन निगम की बसे चलाने में असुविधा हो रही है उन क्षेत्रों केे लोगों को परिवहन की सुविधा मिलेगी । उन्होंने कहा कि निगम शीघ्र ही वाहन चालको एवं परिचालको केे रिक्त पदो को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगा जिससे चालको एवं परिचालको की कमी पूरी करके बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा । मंत्री ने नेरवा से शिमला वाया मड़ावग नई बस सेवा शुरू करने का भी आश्वासन दिया जिससे क्षेत्र केे यात्रियों को शिमला पहुंचने तथा अपने उत्पादन मण्डियो तक पहुंचाने की सुविधा प्राप्त होगी । उन्होने कहा कि नेरवा बस उप डिपू में शुरूआती तौर पर पांच बसे उपलब्ध करवाई जायेगी और जरूरत के अनुसार इस डिपू में बसों की संख्या में बढ़ौतरी की जायेगी ।
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ब्रॉक लैसनर (Brock Lesnar) की गिनती WWE इतिहास के सबसे बेहतरीन इन रिंग परफॉरमर्स में की जाती है, इसलिए उनसे बेकार मैचों की उम्मीद बहुत कम रहती है। लेकिन प्रो रेसलिंग में रेसलर्स को स्क्रिप्ट के अनुसार रिंग में प्रदर्शन करना होता है, इसलिए उनका अपने साथियों के साथ तालमेल बैठाना बहुत जरूरी हो जाता है। इसलिए ब्रॉक लैसनर हों या कोई अन्य महान प्रो रेसलर। अगर वो अपने साथी रेसलर्स के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए, तो वो अच्छा मैच नहीं लड़ पाएंगे जिससे उन्हें आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ता है। 2012 में वापसी के बाद लैसनर WWE में एक पार्ट-टाइम सुपरस्टार की भूमिका निभाते आए हैं। ये भी चौंकाने वाली बात है कि Wrestlemania 29 और 36 के बीच उन्होंने एक भी Wrestlemania के शो को मिस नहीं किया है। इस आर्टिकल में हम द बीस्ट के शानदार सफर को याद करते हुए उनके सबसे बेकार Wrestlemania मैचों से अवगत कराएंगे। ब्रॉक लैसनर vs डीन एम्ब्रोज़ - WWE Wrestlemania 32 WWE में डीन एम्ब्रोज़ (जॉन मोक्सली) का किरदार ही ऐसा रहा, जिसे देखकर उनका ब्रॉक लैसनर के खिलाफ रिंग में उतरना ही थोड़ा अजीब लग रहा था। अगर जिस किरदार में वो AEW में काम कर रहे हैं, उसी किरदार में WWE में होते तो एम्ब्रोज़ vs लैसनर सबसे यादगार मैचों में से एक बन सकता था। सबसे खराब बात ये रही कि लैसनर इस मैच में परफॉर्म नहीं करना चाहते थे। यहां तक कि स्टीव ऑस्टिन के Broken Skull Sessions पॉडकास्ट पर एम्ब्रोज़ ने इस मैच को सबसे बेकार मैच की संज्ञा दी थी, लेकिन असल में मुकाबला इतना बेकार नहीं था। एम्ब्रोज़ इस मुकाबले में जितना हो सकता था उतनी हार्डकोर रेसलिंग करना चाहते थे। अगर लैसनर ने इस धमाकेदार मुकाबले के प्रति दिलचस्पी दिखाई होती तो जरूर फैंस के लिए Wrestlemania 32 का ये मैच यादगार बन सकता था। WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
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पाकिस्तान के पेशावर में आतंकी हमले की खबर है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला पेशावर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन की इमारत पर शुक्रवार को हुआ। पाकिस्तानी वेबसाइट द डॉन ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि आतंकियों की संख्या 3 थी। जब वे इमारत में दाखिल हुए तो उनके मुंह ढके हुए थे। इसके बाद उन्होंने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। हमले की खबर मिलने के बाद पुलिस और सेना मौके पर पहुंची। सुरक्षाबलों ने इलाके को खाली कराके आतंकियों के खात्मे की मुहिम शुरू कर दी। फिलहाल 4 लोगों के घायल होने की खबर है। फिलहाल सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच ठहर ठहर कर फायरिंग जारी है। आसपास के लोगों ने धमाके होने की भी पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, इस परिसर के अंदर एक स्टूडेंट्स हॉस्टल भी है जिसमें करीब 100 छात्र रहते हैं। जहां यह हमला हुआ, वह यूनिवर्सिटी रोड पर स्थित है, जो काफी व्यस्त माना जाता है। हमले के बाद इस रास्ते पर ट्रैफिक की आवाजाही रोक दी गई है। घायलों को खैबर टीचिंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया है, जो नजदीक में ही स्थित है। इनमें दो स्टूडेंट्स, एक गार्ड जबकि एक मीडियाकर्मी बताया जाता है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हमला सुबह सवा 8 बजे के करीब हुआ। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि फायरिंग की आवाज सुनते ही वे भागे, लेकिन दो स्टूडेंट्स घायल हो गए। Hindi News से जुड़े अपडेट और व्यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App
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- प्रसेनजीत भट्टाचार्य नई दिल्ली- हाल ही में भारत के भ्रष्टाचार-विरोधी प्राधिकारी वर्ग ने नौकरशाहों, राजनेताओं और सरकारी कंपनियों के आला अधिकारियों को भ्रष्टाचार के बड़े मुद्दों को सुलटाने हेतु अपना भागीदार बनाया। कई भारतीयों के लिए, लंबे समय से अपेक्षित जांच की ये कार्रवाई भारत की सुविदित नौकरशाही पर एक बड़ी चोट है। लेकिन इस दृष्टिकोण के अनायास प्रभाव भी थे: इसने कई क्षेत्रों में सरकारी निर्णय पर विराम भी लगा दिया।
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NEWSTODAYJ_Ranchi: उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को कोविड-19 टास्क फोर्स की बैठक बुलाई गयी. इस दौरान उपायुक्त ने 15 जनवरी 2022 तक जिले में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है. इसको लेकर उपायुक्त ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उपायुक्त ने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारियों और एमओआईसी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए उपायुक्त रंजन ने कहा कि 15 जनवरी 2022 तक शत-प्रतिशत टीकाकरण को लेकर जिले में कोविड-19 टीकाकरण महा अभियान चलाया जाएगा. उपायुक्त ने इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर टीम बनाने का निर्देश दिया. आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर गठित टीम घर-घर जाकर सर्वे का कार्य करेगी. वोटर लिस्ट के माध्यम से घर के सभी सदस्यों के टीकाकरण की जानकारी टीम द्वारा ली जाएगी. टीकाकरण की जानकारी किसी व्यक्ति द्वारा दिए जाने पर उसे जिला प्रशासन की टीम को आवश्यक दस्तावेज भी दिखाने होंगे. बैठक में उपायुक्त रंजन ने कहा कि जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए जिला प्रशासन की टीम घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति का कोविड-19 का दोनों डोज़ सुनिश्चित कराने का कार्य करेगी. उपायुक्त श्री रंजन ने महा टीकाकरण अभियान की शुरुआत को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर बनाई जाने वाली टीम के लिए एक फॉर्मेट भी तैयार करने का निर्देश दिया, जिसका उपयोग टीम द्वारा सर्वे कार्य के दौरान किया जाएगा.
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बिग बॉस 17 को शुरू हुए पांच हफ्ते पूरे हो चुके हैं। शो छठवें हफ्ते में पहुंच चुका है, लेकिन कंटेस्टेंट अभी तक कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं। बता दें शो के इस सीजन की टीआरपी बढ़ाने के लिए मेकर्स घर में नए-नए ट्विस्ट लेकर आ रहे हैं। लेकिन, कंटेस्टेंट्स की यूजलैस स्ट्रैटजी देखकर अब दर्शक भी बोर होने ल ड्रामा क्वीन राखी सावंत एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने हाल ही में शाहरुख खान से अपना स्पर्म डोनेट करने की गुजारिश की है। तमाम तरह के विवादों के बाद अब तनुश्री दत्ता ने राखी सावंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस दौरान एक्ट्रेस ने मीडिया से बातचीत में नाना पाटेकर पर भी कई तरह के आरोप लगाए। हाल ही में राखी को एक पॉर्लर के बाहर स्पॉट किया गया। हाल ही में गौहर खान ने राखी सावंत को धर्म का मजाक बनाने पर खूब खरी-खोटी सुनाई है। आदिल ने राखी पर फर्जी प्रेग्नेंसी और मिसकैरेज के आरोपों को गलत बताया और कहा कि राखी कभी मां बन ही नहीं सकती है क्योंकी एक्ट्रेस अपनी यूट्रस रिमूव करवा चुकी है। 6 महीने बाद जेल से बाहर आए राखी सावंत के पति आदिल खान। राखी एक वाइल्ड कार्ड के जीतने पर खुश तो हैं लेकिन वे एल्विश पर अपना गुस्सा भी जाहिर कर रही हैं। राखी सांवत के इस वीडियो पर यूजर्स अपने रिएक्शन दे रहे हैं। एक्ट्रेस का एक और वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। राखी ने पैपराजी को दिए इंटरव्यू में पहले तो चंद्रयान 3 के लिए देश को बधाई दी लेकिन इसके बाद इसका क्रेडिट भी खुद ही ले लिया। राखी का लेटेस्ट वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में राखी ने लाल रंग का लहंगा पहना हुआ है और वह जमकर ढोल नगाड़ो पर डांस करती नजर आ रही हैं। कैटरीना कैफ के गाने पर डांस करते-करते गिर पड़े Vicky Kaushal, आईफा के मंच से वायरल हुआ ये मजेदार वीडियो। एक्ट्रेस राखी सांवत अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं। ऐसे में राखी को जान से मारने की धमकी मिली है। राखी सावंत ने यूं बनाया मलाइका अरोड़ा का मजाक। बॉलीवुड के दंबग यानी सलमान खान को हाल ही में गैंगस्टर से जान से मारने की धमकी मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में राखी जमीन पर बैठी नजर आ रही हैं। एक्ट्रेस ने दुबई में शर्लिन चोपड़ा के साथ मिलकर डांस और एक्टिंग एकेडमी खोली है। हाल ही में एक पार्टी में शामिल हुई कश्मीरा ने राखी के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
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ऐसे में फिल्म की लीड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना स्वाभाविक रूप से काफी उत्साहित हैं. रश्मिका मंदाना (फोटो क्रेडिट: फोटो- IANS) हाइलाइट - ‘डियर कॉमरेड’ के हिंदी संस्करण ने 25 करोड़ व्यूज को पार किया - विजय देवरकोंडा और रश्मिका की हो रही है तारीफ - रश्मिका जल्द ही अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म में नजर आएंगी नई दिल्ली: विजय देवरकोंडा-स्टारर तेलुगु ब्लॉकबस्टर ‘डियर कॉमरेड’ के हिंदी डब संस्करण ने YouTube पर 250 मिलियन व्यूज को पार कर लिया है। ऐसे में फिल्म की लीड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना स्वाभाविक रूप से काफी उत्साहित हैं. रश्मिका मंदाना कहती हैं, ‘बात यह है कि मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है कि फिल्म के हिंदी डब वर्जन ने यूट्यूब पर 25 करोड़ व्यूज को पार कर लिया है क्योंकि मुझे लगता है कि यह इसके लायक है। यह लोगों की कहानी है, इसमें सच्चाई है और हमारे दर्शक इसे देख सकते हैं। यह देखकर मेरा दिल वास्तव में अच्छा लगता है कि हमारी फिल्म को देश भर के दर्शकों ने इतना प्यार दिया है। प्रिय कॉमरेड ने मुझे एक अभिनेता और एक इंसान के रूप में बहुत कुछ दिया है। यह भी देखें: देखें काजल अग्रवाल का पिछला 1 साल रश्मिका मंदाना का दावा है कि भारत कम्मा द्वारा निर्देशित यह फिल्म हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहेगी। रश्मिका मंदाना कहती हैं, “डियर कॉमरेड’ का मेरे दिल में एक खास स्थान है। तैयारी, इसमें शामिल लोग, पूरी शूटिंग प्रक्रिया, पूरा अनुभव और दर्शक मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। मुझे नहीं लगता कि मैं कर पाऊंगी। मेरी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करें। वर्क फ्रंट की बात करें तो रश्मिका मंदाना आने वाली फिल्म ‘मिशन मंजू’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं. इसके अलावा वह अमिताभ बच्चन स्टारर ‘गुडबॉय’ का भी हिस्सा हैं। रश्मिका मंदाना को कर्नाटक का क्रश कहा जाता था, लेकिन अब रश्मिका नेशनल क्रश बन गई हैं। रश्मिका मंदाना दक्षिण भारत के अलावा उत्तर भारत में भी काफी मशहूर हैं। रश्मिका मंदाना ने कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम किया है, रश्मिका मंदाना ने साल 2016 में फिल्म किरिक पार्टी से कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया था। यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल थी। संबंधित लेख पहली बार प्रकाशित : 19 जून 2021, 07:11:18 अपराह्न सभी नवीनतम के लिए मनोरंजन समाचार, बॉलीवुड समाचार, डाउनलोड समाचार राष्ट्र एंड्रॉयड तथा आईओएस मोबाईल ऐप्स। .
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सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, 500 मिलियन से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा ऑनलाइन लीक हो गया है। लेकिन सबसे भयावह बात यह है कि इन उपयोगकर्ताओं का डेटा मुफ्त में ऑनलाइन पाया जा सकता है।एक के अनुसार रिपोर्ट good बिजनेस इनसाइडर द्वारा प्रदान किए गए, उपयोगकर्ता विवरण में उनकी जन्म तिथि, मोबाइल फोन नंबर, फेसबुक आईडी, आदि शामिल हैं। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपने कभी अपने मोबाइल फोन नंबर का उपयोग अपने फेसबुक खाते के लिए लॉगिन विधि के रूप में किया है, तो आपको अपने खाते के स्पैम पाठ संदेशों तक पहुँचने के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी चुराने की स्थिति में सतर्क रहने की आवश्यकता हो सकती है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साइबर क्राइम कंपनी हडसन रॉक के सह-संस्थापक अलोन गैल का हवाला देते हुए, यह वही डेटाबेस है जो जनवरी से हैकर रोड में मौजूद है और पहली बार वैज्ञानिक प्रकाशनों पर जोर दिया गया है। मदरबोर्ड। क्या फेसबुक उपयोगकर्ताओं को चिंतित होना चाहिए? रिपोर्ट के अनुसार, 106 देशों के 533 मिलियन फेसबुक उपयोगकर्ताओं का गोपनीय डेटा मुफ्त में ऑनलाइन लीक हो गया है। इसमें भारत में 6 मिलियन से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डेटा शामिल हैं। इनसाइडर लीक हुए डेटा के नमूने देखने में कामयाब रहा और कुछ रिकॉर्ड को सत्यापित कर सकता है। हालाँकि, यदि आप फेसबुक के कथन का अनुसरण करते हैं, तो डेटा “ बहुत पुराना है, ” और सामाजिक नेटवर्क की दिग्गज कंपनी ने दावा किया है कि अगस्त 2019 में ही समस्या का समाधान हो जाएगा। चूंकि साइबर क्रिमिनल्स इस सूचना का उपयोग उन्हें प्रतिरूपित करने या ब्लैकमेल करने के लिए कर सकते हैं, इसलिए यह अभी भी लाखों उपयोगकर्ताओं को जोखिम में डाल सकता है। किसी भी तरह से, एलोन गैल सभी फेसबुक उपयोगकर्ताओं से आग्रह करता है कि आने वाले महीनों में अपने सामाजिक खातों पर संभावित हमलों के प्रति सतर्क रहने के लिए लीक हुए डेटाबेस में डेटा का उपयोग करें। यदि आपने हाल के महीनों में अपने फेसबुक पासवर्ड का उपयोग नहीं किया है, तो वह भी बुद्धिमान है। बड़ी मात्रा में उपयोगकर्ता डेटा को संसाधित करते समय फेसबुक सख्त जांच का सामना करता है। कैम्ब्रिज एनालिटिका ने सोशल नेटवर्किंग की दिग्गज कंपनी और डेटा की सुरक्षा के अपने तरीकों का खुलासा किया। कंपनी को समय पर ढंग से इस मुद्दे को हल करने में विफल रहने के लिए अमेरिकी कांग्रेस कमेटी द्वारा बार-बार पूछताछ की गई है।
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मुंबई। ये है बिग बॉस का घर और उसकी अनोखी दुनिया जहां हर घरवाला बिना एक-दूसरे से लड़ाई किये रह नहीं सकता। शो की यही खासियत शो को और इंट्रेस्टिंग भी बनाती है। खैर वैसे तो घर के सभी कंटेस्टेंट अपने दिमाग से गेम को खेलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उन्ह सभी के बीच हिना खान को सबसे ज्यादा शातिर माना जा रहा है। वो शो की शुरुआत से ही सभी सदस्यों को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में जो उनके हिसाब से नहीं चलता वो उनका दुश्मन बन जाता है। वहीं, हिना के हौसलें अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने सलमान खान तक को नहीं छोड़ा। ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि इस बार सलमान भी उन्हें नहीं बख्शेंगे।
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बीजेपी के संगठन महासचिव बी एल संतोष सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले चर्चित नेताओं में से हैं। लेकिन उनके कुछ ट्वीट ऐसे भी होते हैं, जिससे पार्टी में तमाम नेताओं की बेचैनी बढ़ भी जाती है। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक बुधवार को संतोष ने एक पोस्ट को रीट्वीट किया, जिसमें उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया था। खंडूरी ने मीडिया सलाहकार की नियुक्ति की खबरों का खंडन करते हुए पत्र में बीजेपी महासचिव को भी उसकी कॉपी ईमेल कर दी थी। इस घटना से पता चलता है कि बीजेपी शासित राज्यों में उच्चस्तर पर सरकारी दफ्तरों में भी बी एल संतोष का दखल रहता है। यानी महत्वपूर्ण नियुक्तियां वगैरह उन्हीं से पूछकर होती हैं। बीजेपी के अंदर सवाल पूछे जा रहे हैं कि उत्तराखंड स्पीकर के कार्यालय से भेजे गए पार्टी पदाधिकारी के पत्र को सोशल मीडिया पर क्यों ट्वीट किया गया। संतोष ने उस पोस्ट को तुरंत रीट्वीट किया, जिसे स्पीकर के कार्यालय से जारी किया गया था। किसी राज्य के प्रशासनिक कार्यों में बी एल संतोष के हस्तक्षेप की इस बात बीजेपी के तमाम पदाधिकारी पचा नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस अंदरुनी व्यवस्था को बी एल संतोष ने सार्वजनिक क्यों किया। संतोष को आरएसएस की तरफ से बीजेपी में भेजा गया है। संघ से भेजे गए महत्वपूर्ण शख्स को बीजेपी में यही पद मिलता है। दरअसल, इस पद पर रहने वाला शख्स ही संघ और बीजेपी के बीच सेतु का काम करता है। हालांकि आरएसएस कहता रहता है कि बीजेपी में उसका कोई दखल नहीं रहता है लेकिन यह तथ्य सही नहीं है। दरअसल, संगठन महासचिव के जरिए ही नियंत्रण रखा जाता है। इसी तरह बीजेपी शासित राज्यों में भी संघ की ओर एक शख्स नियुक्त किया जाता है। वो प्रभारी होता है और पार्टी की बैठकों से लेकर सरकार तक की बैठकों में शामिल रहता है।
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जयपुर। वूमेन पॉवर सोसायटी राजस्थान की जयपुर में महिलाओं , यूथ, बच्चों में बढ़ती हुई लोकप्रियता, सफल कार्यक्रमों के द्वारा जनजागृति के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका अरोड़ा, प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सक्सेना प्रदेश संयोजक संतोष कुमार की अनुशंसा मे महिला यूथ में नई शक्ति जोश “नारी शक्ति वंदन विधेयक” की अग्रिम कड़ी में हाल ही नव नियुक्त होने वाली एशली आशीष, मिस एशिया इंटरनेशनल को वूमेन पॉवर सोसायटी यूथ आइकॉन के लिए नामित किया गया है। इस मौके पर प्रदेश संयोजक संतोष कुमार, जयपुर जिला संयोजक डॉक्टर वैशाली घई, मनोज खत्री, मालपुरा जिला अध्यक्ष बिशन लाल वर्मा, सहयोगी कार्यकर्ता मानसी मीरवाल सभी ने मिलकर स्वागत अभिनंदन किया। यूथ ब्रांड आइकॉन का सर्टिफिकेट, समाजसेवी महिलाओं में शिक्षा की प्रथम जन जागृति के प्रहरी माता सावित्री बाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले का प्रतीक चिन्ह, पुष्प गुच्छ, नेशनल वूमेन डांस लीग मोमेंटो और वूमेन पॉवर सोसायटी की विवरणिका बुक भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया। जिसमें जिला संयोजक और यूथ आइकॉन के द्वारा समाज में जागृति अभियान शुरू करने का भरोसा दिलाया और युवाओं को आगे लाने का निर्णय लिया गया।
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नईदिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के 19वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) से हो रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके ने 20 ओेवर में 4 विकेट खोकर 191 रन बनाए हैं। रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने हर्षल पटेल के आखिरी ओवर में चौके-छक्कों की बारिश करते हुए 37 रन ठोके। उन्होंने इस दौरान 5 छक्के और एक चौका लगाया। इसके साथ ही हर्षल ने एक नो बॉल भी फेंकी, जिस पर जडेजा ने सिक्स जड़ा। आईपीएल में इससे पहले क्रिस गेल ने साल 2011 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी मैदान पर कोच्चि टस्कर्स के खिलाफ प्रशांत परमेस्वरन के ओवर में तीन छक्के और तीन चौके की मदद से 37 रन बटोरे थे। आईपीएल के इतिहास में हर्षल पटेल ने अबतक का सबसे महंगा 20वां ओवर फेंका। हर्षल अपनी लाइन लैंथ से भटके हुए नजर आए जिसके जडेजा ने पूरा फायदा उठाया। जडेजा ने महज 28 गेंदों में 62 ठोके और 4 चौके और 5 लंबे सिक्स लगाए। जिसकी बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स ने आरसीबी के खिलाफ 4 विकेट खोकर 191 रन बनाए। जडेजा के अलावा, फाफ डुप्लेसिस ने भी 50 रनों की शानदार पारी खेली। इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स की टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है और टीम ने पहला मैच गंवाने के बाद लगातार तीन मुकाबले जीते हैं। वहीं, विराट कोहली की अगुवाई में आरसीबी ने अबतक आईपीएल 2021 में एक भी मैच में हार का सामना नहीं किया है। टीम ने अभी तक खेले चारों ही मुकाबलों में जीत दर्ज की है। सीएसके ने अपने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव करते हुए इमरान ताहिर और ड्वेन ब्रावो को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है, जबकि बैंगलोर ने डेन क्रिश्चियन और नवदीप सैनी को टीम में शामिल किया है। देखना दिलचस्प होगा कि इस मुकाबले में कौन सी टीम किसके विजय रथ पर लगाम लगाने में सफल होती है।
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मोहाली। पंजाब सहित कई राज्यों में लूटपाट की वारदातो को अंजाम देने वाले यूपी गिरोह के तीन सदस्यों को मोहाली पुलिस ने हथियारों समेत गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है,जबकि दो आरोपी फ़रार होने में कामयाब हो गए,पुलिस ने आरोपियों पास से दो पिस्टल,दो देशी कट्टे 19 जिंदा कारतूस और पांच मैगजीन बरामद किये है.आरोपियों के खिलाफ यूपी के थानो में लूटपाट,हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज है। मोहाली पुलिस के डीएसपी गुरशेर सिंह संधू ने बताया की गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित शर्मा,अभिषेक शर्मा,और राहुल कुमार निवासी जिला मेरठ उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है,जबकि फ़रार दो आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।
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06. एक घटना, 『दाईहन मेईल शिनबो』 (मई 1, 1906) एक घटना. उल्दोशहर के मजिस्ट्रेट शिम हंग-थैकने आंतरिक मामलों के मंत्रालय को सूचित किया कि जापान के कुछ अधिकारियों ने शहर का दौरा किया और दावा किया कि दोक्दो, जो शहर का हिस्सा है, जापान के अधिकार क्षेत्र में है और उन्होंने क्षेत्र का दौरा करके जनसंख्या और कृषि का आंकड़ा लिया । मंत्रालय ने यह निर्देश दिया कि इस गतिविधि को अनदेखा नहीं किया जा सकता कि जापानी सिर्फ घूमने के उद्देश्य से आए थे बल्कि यह कहना कि दोक्दोजापानी अधिकार क्षेत्र में है पूरी तरह से आधारहीन है और वे इस रिपोर्ट से आश्चर्यचकित रह गए। * दाईहन मेईल शिनबो या कोरिया दैनिक समाचार जुलाई, 1904 ई० में पहली बार छपा था।
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Annotations for the Hindi Edu classifier 📚

Supported Tasks and Leaderboards

This dataset can be used for the task of text classification, specifically for educational quality assessment in Hindi text.

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Hindi.

Dataset Structure

Data Instances

  • id: a unique identifier for each sample (md5 hash).
  • text: a string of text in Hindi.
  • source: the source where that string originated.
  • subset: a short string indicating the name of the subset (referring to the original dataset or crawl).
  • score: the score assigned by Qwen/Qwen2.5-32B-Instruct.

Data Fields

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}

Subsets and Splits

This dataset contains a single split: train, which includes all 400,000 samples.

from datasets import load_dataset

# Load the main dataset
ds = load_dataset("Polygl0t/hindi-edu-qwen-annotations", split="train")

# If you don't want to download the entire dataset, set streaming to `True`
ds = load_dataset("Polygl0t/hindi-edu-qwen-annotations", split="train", streaming=True)

Dataset Creation

Source Data

All data was sourced from Polygl0t/gigalekh-v1. The id field corresponds to the md5 hash of the text.

Annotations

The dataset was created to provide high-quality educational annotations for Hindi text, leveraging the capabilities of Qwen2.5 to generate consistent and scalable annotations.

The score distribution of this dataset is the following:

Edu Score N samples
1 206822
2 135624
3 46287
4 11214
5 53

Annotation Process

The initial annotation was performed on a random sample of 400,000 documents from Polygl0t/gigalekh-v1, where we tried to sample equally from all the subsets that form this corpus. In terms of infrastructure, we used 4 x NVIDIA A100-SXM4-80GB GPUs and the vLLM library as our inference engine with 4-fold tensor parallelism.

The prompt used to make Qwen2.5 work as an annotator for educational data is the following:

You are a text quality evaluator for the Hindi language. Your task is to assess, from a scale of 1 to 5, how informative and educational a given text sample is. You MUST output your score in a JSON format.

### Evaluation Criteria:
- Give 1 if the text is not informative or educational. Also, give 1 if the text is too simple, too short, ill-formatted, non-sensical, or contains NSFW content.
- Give 2 if the text is somewhat informative but lacks educational value. For example, it might mix educational content with non-educational material, offering a superficial overview of potentially useful topics.
- Give 3 if the text is informative and appropriate for educational use and introduces key concepts relevant to school curricula. For example, if the text is a well-written article on a scientific topic, but it it may not be comprehensive or could include some extraneous information, being overly complex or too simple.
- Give 4 if the text is educational and informative, providing a highly relevant and beneficial for educational purposes for a level not higher than grade school, exhibiting a clear and consistent writing style. For example, it could be similar to a chapter from a textbook or a tutorial, offering substantial educational content, including exercises and solutions, with minimal irrelevant information.
- Give 5 if the text is highly educational and informative. For a 5 score, the text must be outstanding in its educational value, perfectly suited for teaching either at primary school or grade school. It follows detailed reasoning, the writing style is easy to follow and offers profound and thorough insights into the subject matter.

### Output Requirements:
- Your output must be a valid JSON object.
- The JSON must contain only one key-value pair.
- The key must be 'score'.
- The value must be an integer between 1 and 5.
- The value must be a faithful representation of the criteria above.

### Example Output:
\`\`\`json
{'score': 2}
\`\`\`

Ensure that your responses strictly adhere to this format and evaluate the text accurately based on the given criteria.

Considerations for Using the Data

Social Impact of Dataset

The dataset aims to provide a valuable resource for understanding and improving educational content in Hindi text. By offering high-quality annotations, it can help researchers and developers create more effective educational tools, promote better learning outcomes, and contribute to the broader field of NLP for low-resource languages.

Additional Information

Dataset Maintainers

Licensing Information

The dataset is licensed under the Apache-2.0 License.

Citation Information

@misc{shiza2026lilmoo,
      title={{Raising Bars, Not Parameters: LilMoo Compact Language Model for Hindi}}, 
      author={Shiza Fatimah and Aniket Sen and Sophia Falk and Florian Mai and Lucie Flek and Nicholas Kluge Corr{\^e}a},
      year={2026},
      eprint={2603.03508},
      archivePrefix={arXiv},
      primaryClass={cs.CL},
      url={https://arxiv.org/abs/2603.03508}, 
}

Acknowledgments

Polyglot is a project funded by the Federal Ministry of Education and Research (BMBF) and the Ministry of Culture and Science of the State of North Rhine-Westphalia (MWK) as part of TRA Sustainable Futures (University of Bonn) and the Excellence Strategy of the federal and state governments.

We also gratefully acknowledge the granted access to the Marvin cluster hosted by University of Bonn along with the support provided by its High Performance Computing & Analytics Lab.

Contributions

If you want to contribute, contact us at polyglot@uni-bonn.de!

Downloads last month
3

Models trained or fine-tuned on Polygl0t/hindi-edu-qwen-annotations

Collection including Polygl0t/hindi-edu-qwen-annotations

Paper for Polygl0t/hindi-edu-qwen-annotations