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माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह - सुनाता हूँ। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
रूपा बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
आज मामा आए मिठाई साथ लाए हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा से कहानी पूछेंगे । | |
रायपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सामने सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगमंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्होंने मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी ... | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेलरी चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेलवरी पहचानने पसंद करते हैं। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
का का काले बादल चाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मेरे भी नाच रहा है। सब चा चा नाच देख रहे हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से प छी पक्षी रहते थे। उ न में उनमें एक बूढ़ा कौला कौला कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुडा जुडा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक येजना योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बचपन बच्चों व अडों की देखभाल की कीजिए। हम आपके लिए भोजन ला यें गेलायेंगे।’’ इस इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मि ... | |
रानी नदी किरा किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनके उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग जिल में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिटाई वाला आया। माधव को मिटाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिटाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिटाइयाँ... | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
राधा अपनी दीदी के साथ रहती थी। एक दिन दीदी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई सैर लगाई। थोड़ी थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी दादी ने उसके लिए समोसे खरी... | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते है । दिन भर सब ठीक रखता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहा बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें अ... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। गद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के चूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने - - - - उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें अपने झोले में रख लिया। राधा का छोटा भाई घर पर था। अपने भाई के साथ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
आज जादूगर आया है। साथ में एक छड़ी लाया है। वह छड़ी को गोल-गोल घुमाकर, जादू का खेल दिखा | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते - - | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमा घुमा ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग रंगी सब्जियाँ और फली मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने छो छोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिटाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। - - - - - | |
मैं पापा के साथ बाजरा बाजार गया। बाजा और जूता आया । बाजा बजाकर गीत गाओ । जूता पहनकर घूमने गया । | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भालू का नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सपने दानीबजाई। | |
नीतू के घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी गदा पानी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकल निकलकर खेलने | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मिला मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। दोड़ा आया जाने पर वहं समोसे की - - - - - - | |
माँ ने कहवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने कहा। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक बाग में बहु बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बाहालों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर गयी और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चों पर को देखकर बहुत खुश हुई। शाम को परी ने बच्चों को कुछ लिखने दिए। फिर लाल परी अपनी परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-रंगी सब्जियाँ और फूल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपना झोले में रख दिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठा खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसे सद की कई सारी मिठाइयाँ भी खरीद।... | |
नीतू के घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई शहर में रहता है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ता है। वह बहुत मेहनती है। उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उसे कई खेल बहुत अच्छी तरह खेलने आते हैं। राजू उन दोनों की तरह बनना चाहता है। पढ़ाई में तेज़ होना चाहता है और अच्छा खिलाड़ी बनना चाहता है। | |
केशव अप अप अपने दादाजी के साथ रहता है रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचे घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी के पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव की जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेब... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल पुरी उन्हें देख रही थी लाल परी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रखा रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ ... | |
सोनम सोनम गाना गाती है। उसे गान अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मी ठी मीठी है। सब उसे पसंद पसंद करते हैं करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिशा बारिशा हो र ही रही थी। गाँवों में सभी जगह जन्दा पानी भर गया था। सभी बारिश बारिश के रुकने की राह राह देख देख रहे थे। - - - - - - | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई वह उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत सी दुकान दिखी माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। ना... | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ का पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ ऊपर की डाल पर थे आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। जब आसानी से आम उसके हाथों में आ गए। उसने भूख खूब मज़े से आम खाए। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के आस पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइ... | |
मिरे मीरे मेरे मेरे घर घर में दो दो पलंग पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा दूसरा बड़ा है। छोटी पर मैं सोता सोता हूँ। बड़े वाले वाले पर मेरा भाई सोता । | |
एक दिन बकरी दिनभर बकरी, चील और और मेंढक मेंढक ने आकाश आकाश में उड़ने उड़ने की । - - - - - - | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना गाना अच्छा लगता है। उसकी उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
राजू नाम राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन एक छोटी भाई छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहुत बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। दौड़ लगाता लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-करती करने थे। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। दौड़ आगे जाने पर उन्होंने मिठाई की एक बड़ी सी दुकान देखि। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई - - - - | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
राधा के पास एक दोदा है। उसकी चोंर लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आ राम आराम कर रहा था। अ चा न क अचानक उसने चींटे को देखा। चींटे पेड़ पर च ढ चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटे इतनी छोटी पर तुम कितनी मेहनत क र ती करती है। उसे देखे कर ल गता लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मांगकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने जा आते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। के... | |
ह म पस घू म ने गए। वहाँ ह म ने बं द र देखे। हमने उ न को कोले दिए। सबने केले खा लिए। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी से बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई बहुत माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद नान... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लकड़ी फैंकी। नेवला डर गया डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिटाई वाला आया। माधव को मिटाई खाना बहुत पसंद था। नानी के नानी ने उसके लिए कई सारी मिटाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी ... | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा ने राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे प्रस करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गदा गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचा नक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। अच्छे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को जाल दिखाने ले गई। वह खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग जाल में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जह कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वह एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाने खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कहीं सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइया... | |
हम सब घूमने गए। हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको - | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
रूपा बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
काले बादल छाए हैं। बजे बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से पशी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पशीयों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरफ तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते है। दिन भर सब ठीक करता दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती है। एक दिन दादी राधा को मेला राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ रेस लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसा समोसे की एक दुकान दिखी। राधा ने राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए स... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उस उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे है । आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उ न्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खि लौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। |
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