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राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचे घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
गाँव में भालू वे यह। उसने भालू का नीचा दिखाया। सब सब लोगों को मज़ा आया। सबने ला ताली बजाई। | |
सलामा बीच में घू घूमने गई। वह आम का एक बड़ा था। पेड़ पर बहुत आम थे। सल सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ आम नहीं पहुँचा पाये। देर तक सोच के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसके हाथ में आ गया। उसने खुश खूब मज़ा से आम खाए। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसके हाथों में आ गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमना घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। के... | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका गांव भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साती साथ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी देखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीद... | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
दिन में एक नाव है। व वह बदु बहुत पुरानी है। नाव नाव धीरे-धीरे धीरे चलती है। -- | |
सोन सो सो सो सोनमा गा गाना गाती है। उस उस गाने गाने अच्छा गाती है। उसके आवाज़ मी मीटी है। सबसे अच्छा उसे शब्द करते हैं। | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता था जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। लंबी उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते । | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरी सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी म... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम उनके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भालू का नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली बजाई। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फुट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार से बहुत बाज़ार में बहुत दुकान थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने का खाने में मज़ा आया। | |
एक दिन कं कनक को खेलते-खेलते छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इसे इतनी छोटी गिलहरी को क्या खिलाया जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर ख़ुशी खुशी से कुट-कुट करती है। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा ने समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइया... | |
नीतू के घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही है । गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
नदी के न नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चल चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
एक दिन कनक को खेलते-खेलते छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इतनी छोटी गिलहरी को क्या लिया आज जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर खुशी से कुट-कुट करती है। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात के चूहे बहुत परशन करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली बिल्ली ने डर से चूहों अब दुकान में नहीं आते हैं। पिजा पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम आराम से दुकान चलाते हैं। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई शहर में रहता है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ता है। वह बहुत मह मेहनती है। उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उसे कई खेल बहुत अच्छी तरह खेलने आते हैं। राजू उन दोनों की तरह बनना चाहता है। पढ़ाई में तेज़ होना चाहता है और अच्छा खिलाड़ी बनना चाहता है। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ख... | |
सलीम का गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। सलीम गाँव की सैर करता है। | |
गीता के बगीचे में नीम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत-सी चिड़ियाँ रहती थीं। गीता सुबह चिड़ियों की आवाज़ से उठती थी। नहा-धोकर वह स्कूल चली जाती थी। जब वह वापस आती, तब पेड़ पर चिड़ियाँ नहीं होती थीं। गीता सोचती थी, सारी चिड़ियाँ कहाँ चली जाती हैं? माँ ने कहा- चिड़ियाँ दिन में खाना ढूँढने जाती हैं। | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर पकाते खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
हम सभी मसूरी घूमने गए। वहाँ हमने पानी का झरना देखा। झरना बहुत ऊँचा था। वहाँ हम सबने फोटो भी खींची। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
सोना के पास एक गंदे है। गंदे का रंग लाल है। वह गेंद से खेलती है। उसे खेलकर मज़ा आता है। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर गई थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली कर बजाते। घर जाते सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
मेरे पास एक किताब है। मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़े है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन एक दिन कुछ लग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसके हाथों में आ गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
हमारे बाग में आम के बड़ेहैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे हैं । आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही है । फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हो गए । शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने पेरीलोक वापिस लौट गई। | |
सोना के पास एक गेंद है। गेंद का रंग लाल है। वह गेंद खेलती है। उसे खेल खेलने में मज़ा आता है। | |
एक बड़े तालाब में किनारे बहुत से कुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कुओं में देखते। कभी कुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते हैं , जैसे कोई पत्थर हो पत्थर हों। लड़के तो देखकर खूब ज़ोर से हँसते है खूब ताली बजाते हैं । घर जाकर सबको कुए हैं कहानी सुनाते। | |
गोलू के पास एक बकरी है। उसका रंग सफ़ेद है। वह घास खाती है। बकरी रोज़ दूध देती है। | |
अमन के पिता पिताजी दुकान दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूले बहुत परेशान करतेचूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान से निकल दिया । पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
राधा के पास एक तोता है। उनकी उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़ लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे जैसे कई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। |
Subsets and Splits
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The query retrieves audio paths and their corresponding transcribed text, excluding specific patterns in the URLs, which provides basic filtering but limited analytical value.