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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस में अध्यक्ष पद के मामले में चुटकी लेते हुए शनिवार को यहां कहा कि ‘पता नहीं कांग्रेस का अध्यक्ष कौन है, कांग्रेस का अध्यक्ष बनेगा भी या नहीं.'इसके साथ ही भारतीय वायुसेना द्वारा सीमापार आतंकी ठिकानों पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कभी पाकिस्तान की संप्रभुता पर चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की. भाजपा के देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत के लिए यहां आए राजनाथ सिंह ने पार्टी के कार्यक्रम में कहा, ‘जेपी नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करके हम लोगों ने अपनी सांगठनिक गतिविधियां भी प्रारंभ कर दी हैं... हमने तो अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं लेकिन जहां तक कांग्रेस का सवाल है ... पता ही नहीं है कि कांग्रेस का अध्यक्ष कौन है.' उन्होंने कहा,‘.... कांग्रेस का अध्यक्ष बनेगा भी या नहीं कह नहीं सकते. अभी तक कांग्रेस को अपने अध्यक्ष की तलाश है कि अध्यक्ष कौन बनेगा. यह स्थिति है.'
सिंह ने कहा कि दुनिया ने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है कि भारत अब कमजोर देश नहीं रहा बल्कि वह दुनिया का ताकतवर देश बन चुका है. राजनाथ ने कहा, ‘प्राचीन इतिहास को उठाकर देख लें कि दुनिया के किसी देश पर हमने आक्रमण नहीं किया है और दुनिया के किसी देश की एक ईंच जमीन पर हमने कभी कब्जा नहीं किया है यह है भारत का चरित्र.' उन्होंने कहा, ‘हमने दुनिया के किसी देश की संप्रभुता पर प्रश्न चिन्ह लगाने की कोशिश नहीं की. आतंकवाद का सफाया करना तो हमारी सरकार का संकल्प है हम इस काम को करेंगे ही.'
भारतीय वायुसेना द्वारा सीमापार आतंकी ठिकानों पर हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘जब हमारे सैनिक वहां गए तो पूरी सावधानी बरती कि आतंकवादी ठिकानों और वहां प्रशिक्षण ले रहे आतंकवादियों का सफाया हो ... लेकिन पाकिस्तान की सेना पर कोई आक्रमण इन लोगों ने नहीं किया. हमने वहां की पाकिस्तान की संप्रभुता पर चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की. यह जो काम किया हमने भारत के चरित्र के अनुरूप ही किया.' लोकसभा चुनावों में भाजपा व राजग को मिले भारी बहुमत का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि, ‘इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद भी न तो हमारी चाल बदली है न ही चरित्र बदला है.' इस अवसर पर पार्टी के सांसद राज्यवर्धन राठौड़, रामचरण बोहरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया व उपनेता राजेंद्र राठौड़ सहित पार्टी के विधायक व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
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संक्षिप्त सारांश: जयपुर में बीजेपी के सदस्यता कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे राजनाथ सिंह
कांग्रेस के 'अध्यक्ष पद' विवाद पर कसा तंज
कहा- पता नहीं कांग्रेस का अध्यक्ष कौन है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ कथित तौर पर उत्तर भारत के मुसलमानों को अलगाववादी बताने और उन्हें राज्य से बाहर करने की बात कहने के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।टिप्पणियां
अदालत ने कहा कि पुलिस का यह प्राथमिक कर्तव्य बनता है कि वह एफआईआर दर्ज करे और जांच करे लेकिन अधिकारी प्राथमिक कर्तव्य का पालन करने में विफल रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समीर वाजपेयी का यह आदेश अधिवक्ता मिथिलेश कुमार पांडे की याचिका पर आया जिन्होंने मुम्बई में ठाकरे की रैली में उनके भाषण का हवाला दिया था। इसमें ठाकरे ने असम दंगे के विरोध में 11 अगस्त 2012 की हिंसा के लिए कथित तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मुसलमानों पर आरोप लगाया था।
अदालत ने कहा कि पुलिस का यह प्राथमिक कर्तव्य बनता है कि वह एफआईआर दर्ज करे और जांच करे लेकिन अधिकारी प्राथमिक कर्तव्य का पालन करने में विफल रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समीर वाजपेयी का यह आदेश अधिवक्ता मिथिलेश कुमार पांडे की याचिका पर आया जिन्होंने मुम्बई में ठाकरे की रैली में उनके भाषण का हवाला दिया था। इसमें ठाकरे ने असम दंगे के विरोध में 11 अगस्त 2012 की हिंसा के लिए कथित तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मुसलमानों पर आरोप लगाया था।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समीर वाजपेयी का यह आदेश अधिवक्ता मिथिलेश कुमार पांडे की याचिका पर आया जिन्होंने मुम्बई में ठाकरे की रैली में उनके भाषण का हवाला दिया था। इसमें ठाकरे ने असम दंगे के विरोध में 11 अगस्त 2012 की हिंसा के लिए कथित तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मुसलमानों पर आरोप लगाया था।
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सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ कथित तौर पर उत्तर भारत के मुसलमानों को अलगाववादी बताने और उन्हें राज्य से बाहर करने की बात कहने के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे कावेरी नदी जल विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक को 27 सितंबर तक तमिलनाडू को 6000 क्यूसेक पानी देने का निर्देश दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी मेनेजमेंट बोर्ड का गठन करने का केंद्र सरकार को निदेर्श दिया.
अदालत ने बोर्ड का गठन करने के लिए 4 हफ्ते की समयसीमा निर्धारित करते हुए कहा कि केंद्र को पहले ही बोर्ड का गठन करना चाहिए था. बोर्ड ये निगरानी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि ट्रिब्यूनल के राज्यों को पानी के बंटवारे के आदेश का पालन सही से हो. मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी.
कर्नाटक सरकार अदालत के आदेश को झटका मान रही है. उसका कहना है कि 'ये आदेश सही नहीं है. इससे राज्य में पीने के पानी को तमिलनाडू को देना होगा. हम तमिलनाडू को पानी देंगे तो राज्य में हालात बिगड़ेंगे.' वहीं तमिलनाडु ने कहा है कि राज्य में पानी की कमी है और अगर पानी नहीं मिलेगा तो फसल खराब हो जाएगी.टिप्पणियां
हालांकि सुपरवाइजरी कमेटी ने तीन हजार क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे दुगना कर दिया है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पांच सितंबर को दिए गए फैसले में बदलाव किया था. अदालत ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु को 20 सितंबर तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी दे. अपने पहले के फैसले में उसने यह मात्रा 15 हजार क्यूसेक रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था यदि कोर्ट एक बार आदेश पारित कर देता है तो सरकार और लोगों के लिए इसे मानना अनिवार्य होता है. कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि तमिलनाडु को दिए जा रहे पानी का संग्रह किया जा रहा है जबकि कर्नाटक इस समय पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है.
अदालत ने बोर्ड का गठन करने के लिए 4 हफ्ते की समयसीमा निर्धारित करते हुए कहा कि केंद्र को पहले ही बोर्ड का गठन करना चाहिए था. बोर्ड ये निगरानी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि ट्रिब्यूनल के राज्यों को पानी के बंटवारे के आदेश का पालन सही से हो. मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी.
कर्नाटक सरकार अदालत के आदेश को झटका मान रही है. उसका कहना है कि 'ये आदेश सही नहीं है. इससे राज्य में पीने के पानी को तमिलनाडू को देना होगा. हम तमिलनाडू को पानी देंगे तो राज्य में हालात बिगड़ेंगे.' वहीं तमिलनाडु ने कहा है कि राज्य में पानी की कमी है और अगर पानी नहीं मिलेगा तो फसल खराब हो जाएगी.टिप्पणियां
हालांकि सुपरवाइजरी कमेटी ने तीन हजार क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे दुगना कर दिया है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पांच सितंबर को दिए गए फैसले में बदलाव किया था. अदालत ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु को 20 सितंबर तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी दे. अपने पहले के फैसले में उसने यह मात्रा 15 हजार क्यूसेक रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था यदि कोर्ट एक बार आदेश पारित कर देता है तो सरकार और लोगों के लिए इसे मानना अनिवार्य होता है. कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि तमिलनाडु को दिए जा रहे पानी का संग्रह किया जा रहा है जबकि कर्नाटक इस समय पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है.
कर्नाटक सरकार अदालत के आदेश को झटका मान रही है. उसका कहना है कि 'ये आदेश सही नहीं है. इससे राज्य में पीने के पानी को तमिलनाडू को देना होगा. हम तमिलनाडू को पानी देंगे तो राज्य में हालात बिगड़ेंगे.' वहीं तमिलनाडु ने कहा है कि राज्य में पानी की कमी है और अगर पानी नहीं मिलेगा तो फसल खराब हो जाएगी.टिप्पणियां
हालांकि सुपरवाइजरी कमेटी ने तीन हजार क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे दुगना कर दिया है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पांच सितंबर को दिए गए फैसले में बदलाव किया था. अदालत ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु को 20 सितंबर तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी दे. अपने पहले के फैसले में उसने यह मात्रा 15 हजार क्यूसेक रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था यदि कोर्ट एक बार आदेश पारित कर देता है तो सरकार और लोगों के लिए इसे मानना अनिवार्य होता है. कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि तमिलनाडु को दिए जा रहे पानी का संग्रह किया जा रहा है जबकि कर्नाटक इस समय पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है.
हालांकि सुपरवाइजरी कमेटी ने तीन हजार क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे दुगना कर दिया है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पांच सितंबर को दिए गए फैसले में बदलाव किया था. अदालत ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु को 20 सितंबर तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी दे. अपने पहले के फैसले में उसने यह मात्रा 15 हजार क्यूसेक रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था यदि कोर्ट एक बार आदेश पारित कर देता है तो सरकार और लोगों के लिए इसे मानना अनिवार्य होता है. कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि तमिलनाडु को दिए जा रहे पानी का संग्रह किया जा रहा है जबकि कर्नाटक इस समय पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पांच सितंबर को दिए गए फैसले में बदलाव किया था. अदालत ने कर्नाटक को आदेश दिया था कि वह तमिलनाडु को 20 सितंबर तक रोजाना 12 हजार क्यूसेक पानी दे. अपने पहले के फैसले में उसने यह मात्रा 15 हजार क्यूसेक रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था यदि कोर्ट एक बार आदेश पारित कर देता है तो सरकार और लोगों के लिए इसे मानना अनिवार्य होता है. कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि तमिलनाडु को दिए जा रहे पानी का संग्रह किया जा रहा है जबकि कर्नाटक इस समय पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को झटका मान रही है
केंद्र को पहले ही कावेरी मेनेजमेंट बोर्ड का गठन करना चाहिए था
सुपरवाइजरी कमेटी ने तीन हजार क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह कई इलाकों में बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में बदली छाई रही. यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया, 'दिन में आंशिक बदली छाई रहेगी। हल्की बारिश हो सकती है.'
मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह 8.30 बजे वातावरण में आर्द्रता 83 प्रतिशत से 97 प्रतिशत तक दर्ज की गई. पिछले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग में 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.टिप्पणियां
दिल्ली में एक दिन पहले यानी बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह 8.30 बजे वातावरण में आर्द्रता 83 प्रतिशत से 97 प्रतिशत तक दर्ज की गई. पिछले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग में 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.
दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.टिप्पणियां
दिल्ली में एक दिन पहले यानी बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.टिप्पणियां
दिल्ली में एक दिन पहले यानी बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली में एक दिन पहले यानी बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिन में आंशिक बदली छाई रहेगी. हल्की बारिश हो सकती है : मौसम विभाग
दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
न्यूनतम पारा सामान्य से एक डिग्री कम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र के गीत ‘वन वूमन’ में मशहूर सितार वादक पंडित रवि शंकर की बेटी अनुष्का शंकर भी दिखेंगी। महिलाओं के सम्मान में तैयार इस गाने में दुनिया के 20 देशों की 25 महिला कलाकार हिस्सा ले रही हैं।टिप्पणियां
दुनियाभर की महिलाओं के सम्मान में बने इस गाने को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रदर्शित किया जाएगा। इस गाने में बदलाव के आह्वान के साथ ही देश और समाज में अभिन्न योगदान देने वाली महिलाओं के धैर्य और साहस को सलाम किया गया है।
वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र के लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण इकाई यू एन वूमन के गठन के समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभागार में इस गीत को प्रदर्शित किया गया था।
दुनियाभर की महिलाओं के सम्मान में बने इस गाने को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रदर्शित किया जाएगा। इस गाने में बदलाव के आह्वान के साथ ही देश और समाज में अभिन्न योगदान देने वाली महिलाओं के धैर्य और साहस को सलाम किया गया है।
वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र के लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण इकाई यू एन वूमन के गठन के समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभागार में इस गीत को प्रदर्शित किया गया था।
वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र के लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण इकाई यू एन वूमन के गठन के समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभागार में इस गीत को प्रदर्शित किया गया था।
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संक्षिप्त पाठ: संयुक्त राष्ट्र के गीत ‘वन वूमन’ में मशहूर सितार वादक पंडित रवि शंकर की बेटी अनुष्का शंकर भी दिखेंगी। महिलाओं के सम्मान में तैयार इस गाने में दुनिया के 20 देशों की 25 महिला कलाकार हिस्सा ले रही हैं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में एक गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की घटना को नस्ली हमला समझा जा रहा है। इससे यहां के अल्पसंख्यक समुदाय में भय पैदा हो गया है और उसने सिखों की व्यापक सुरक्षा के लिए अपील की है। विक्टोरिया प्रांत के उत्तरी हिस्से में स्थित शेप्पार्टन में सिखों ने गुरुद्वारे पर हमला करने वाले लोगों से उन्हें अकेला छोड़ देने की अपील की है। 'एबीसी न्यूज' ने एक स्थानीय सिख के हवाले से बताया, वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, हम नहीं जानते हैं और मुझे लगता है कि इसमें थोड़ी नस्ली भावना है...मैं आश्वस्त नहीं हूं, लेकिन ऐसा हो सकता है। खबर में कहा गया है इस हालिया घटना के बाद गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। उन्होंने इस हमले को आहत करने वाला कहा। उन्होंने कहा, यदि किसी को कोई समस्या है, तो इस पर बात करने की जरूरत है। हम निश्चित तौर पर अमन चाहते हैं और चारों ओर अमन का पैगाम भेजना चाहते हैं।
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संक्षिप्त पाठ: विक्टोरिया प्रांत में एक गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की घटना को नस्ली हमला समझा जा रहा है। इससे यहां के अल्पसंख्यक समुदाय में भय पैदा हो गया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: Kumkum Bhagya Written Update: सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलूवालिया (Shabir Ahluwalia) स्टारर सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में रोज कोई-न-कोई तूफान प्रज्ञा और अभी की जिंदगी में आ ही जाता है. बहुत सारे ट्विस्ट और टर्न्स के बाद प्राची और रणवीर जेल से बाहर आ गए हैं. लेकिन अब निश, रिया को खूब ब्लैकमेल कर रहा है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया था कि निश, रिया को धमकी देता है कि अगर उसने जेल से नहीं छुड़वाया तो वो अभी को सब कुछ बता देगा. साथ ही निश, रिया को पैसे के लिए ब्लैकमेल भी करता है.
सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि रिया, निश की बात सुनकर बहुत ज्यादा परेशान हो जाती है और वो आलिया को इस बारे में बताना चाहती है. लेकिन पूरब, आलिया को अपने साथ डॉक्टर के पास ले जाता है, जिससे रिया काफी टेंशन में आ जाती है. रिया अपने दोस्तों की सलाह पर दासी के कमरे से गहने और पैसे चुराने के बारे में सोचती है. लेकिन जब वो दासी के कमरे में पहुंचती है तो उसे वहां कुछ नहीं मिलता.
जी टीवी के नंबर वन शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में आज दिखाया जाएगा कि निश, रिया की सच्चाई अभी, विक्रम और आलिया के सामने खोल देगा. निश, अभी को बता देगा कि रिया ने ही उसे प्राची (Mugdha Chapekar) को ड्रग्स के केस में फंसाने के लिए कहा था. रिया की सच्चाई सुनकर अभी को काफी गहरा सदमा लगेगा. अब देखना होगा कि रिया की सच्चाई जानकर अभी क्या करेगा?
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'कुमकुम भाग्य' में खुल जाएगा रिया का राज
अभी को रिया की सच्चाई जानकर लगेगा धक्का
'कुमकुम भाग्य' में होने वाले हैं कई धमाके
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में ट्रैक-2 कूटनीति के तौर पर पिछले दिनों यशवंत सिन्हा ने जो पहल की, क्या उसका असर पड़ेगा? केंद्र सरकार ने भले ही कहा हो कि यशवंत सिन्हा के इस दौरे से उसका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता की इस पहल को वहां बंद दरवाज़े खोलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
शायद यही वजह थी कि जब इस बार बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के घर पहुंचे तो उन्हें उनके किवाड़ खुले मिले. यही नहीं यशवंत सिन्हा और उनके साथ गए चार अन्य लोगों से गिलानी के अलावा मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और शब्बीर शाह भी मिले.
एनडीटीवी को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ इस डेलिगेशन से क़रीब 12 अलग-अलग धाराओं के नुमाइंदे मिले जिसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस, टीचर, वक़ील, होटल मालिक और सिवल लिबर्टी के लोग शामिल थे. यानी वो सब मिले जिन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था. इसे नई छोटी पहल माना जा रहा है.टिप्पणियां
तीन दिन के दौरे में सबने एक राय इस डेलगेशन के आगे रखी. बातचीत भी सब चाहते हैं लेकिन चाहते है कि केंद्र पहले पहल करे. सबको औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया जाए. आमंत्रण केंद्र की तरफ़ से आए. हालांकि सबकी राय पुरानी थी कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र माना और बिना शर्त कश्मीर पर वार्ता की जाए. इसके अलावा ये भी कहा गया कि हिंसा का दौर बंद किया जाए और जो नौजवान सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ़्तार किए हैं उन्हें रिहा किया जाए.
राज्य पुलिस ने अभी तक 450 लोगों को पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है और 5000 के क़रीब नौजवानों को पथर फेंकने के लिए. हालांकि ज़्यादातर जमानत पर छूट गए हैं और अब सिर्फ़ 800 के आस पास लोग पुलिस गिरफ़्त में हैं. ये गुट अब दिल्ली लौट आया है और जल्द अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगा.
शायद यही वजह थी कि जब इस बार बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के घर पहुंचे तो उन्हें उनके किवाड़ खुले मिले. यही नहीं यशवंत सिन्हा और उनके साथ गए चार अन्य लोगों से गिलानी के अलावा मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और शब्बीर शाह भी मिले.
एनडीटीवी को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ इस डेलिगेशन से क़रीब 12 अलग-अलग धाराओं के नुमाइंदे मिले जिसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस, टीचर, वक़ील, होटल मालिक और सिवल लिबर्टी के लोग शामिल थे. यानी वो सब मिले जिन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था. इसे नई छोटी पहल माना जा रहा है.टिप्पणियां
तीन दिन के दौरे में सबने एक राय इस डेलगेशन के आगे रखी. बातचीत भी सब चाहते हैं लेकिन चाहते है कि केंद्र पहले पहल करे. सबको औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया जाए. आमंत्रण केंद्र की तरफ़ से आए. हालांकि सबकी राय पुरानी थी कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र माना और बिना शर्त कश्मीर पर वार्ता की जाए. इसके अलावा ये भी कहा गया कि हिंसा का दौर बंद किया जाए और जो नौजवान सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ़्तार किए हैं उन्हें रिहा किया जाए.
राज्य पुलिस ने अभी तक 450 लोगों को पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है और 5000 के क़रीब नौजवानों को पथर फेंकने के लिए. हालांकि ज़्यादातर जमानत पर छूट गए हैं और अब सिर्फ़ 800 के आस पास लोग पुलिस गिरफ़्त में हैं. ये गुट अब दिल्ली लौट आया है और जल्द अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगा.
एनडीटीवी को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ इस डेलिगेशन से क़रीब 12 अलग-अलग धाराओं के नुमाइंदे मिले जिसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, कश्मीर इकोनॉमिक अलायंस, टीचर, वक़ील, होटल मालिक और सिवल लिबर्टी के लोग शामिल थे. यानी वो सब मिले जिन्होंने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था. इसे नई छोटी पहल माना जा रहा है.टिप्पणियां
तीन दिन के दौरे में सबने एक राय इस डेलगेशन के आगे रखी. बातचीत भी सब चाहते हैं लेकिन चाहते है कि केंद्र पहले पहल करे. सबको औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया जाए. आमंत्रण केंद्र की तरफ़ से आए. हालांकि सबकी राय पुरानी थी कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र माना और बिना शर्त कश्मीर पर वार्ता की जाए. इसके अलावा ये भी कहा गया कि हिंसा का दौर बंद किया जाए और जो नौजवान सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ़्तार किए हैं उन्हें रिहा किया जाए.
राज्य पुलिस ने अभी तक 450 लोगों को पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है और 5000 के क़रीब नौजवानों को पथर फेंकने के लिए. हालांकि ज़्यादातर जमानत पर छूट गए हैं और अब सिर्फ़ 800 के आस पास लोग पुलिस गिरफ़्त में हैं. ये गुट अब दिल्ली लौट आया है और जल्द अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगा.
तीन दिन के दौरे में सबने एक राय इस डेलगेशन के आगे रखी. बातचीत भी सब चाहते हैं लेकिन चाहते है कि केंद्र पहले पहल करे. सबको औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया जाए. आमंत्रण केंद्र की तरफ़ से आए. हालांकि सबकी राय पुरानी थी कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र माना और बिना शर्त कश्मीर पर वार्ता की जाए. इसके अलावा ये भी कहा गया कि हिंसा का दौर बंद किया जाए और जो नौजवान सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ़्तार किए हैं उन्हें रिहा किया जाए.
राज्य पुलिस ने अभी तक 450 लोगों को पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है और 5000 के क़रीब नौजवानों को पथर फेंकने के लिए. हालांकि ज़्यादातर जमानत पर छूट गए हैं और अब सिर्फ़ 800 के आस पास लोग पुलिस गिरफ़्त में हैं. ये गुट अब दिल्ली लौट आया है और जल्द अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगा.
राज्य पुलिस ने अभी तक 450 लोगों को पब्लिक सेफ़्टी ऐक्ट के तहत गिरफ़्तार किया है और 5000 के क़रीब नौजवानों को पथर फेंकने के लिए. हालांकि ज़्यादातर जमानत पर छूट गए हैं और अब सिर्फ़ 800 के आस पास लोग पुलिस गिरफ़्त में हैं. ये गुट अब दिल्ली लौट आया है और जल्द अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगा.
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यहाँ एक सारांश है:यशवंत सिन्हा से मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और शब्बीर शाह भी मिले
तीन दिन के दौरे में सबने एक राय इस डेलिगेशन के आगे रखी
बातचीत सब चाहते हैं लेकिन चाहते है कि केंद्र पहले पहल करे
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में ऋण सीमा बढ़ाने पर सांसदों में सहमति बनने से बंबई शेयर बाजार में चार दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स में 117 अंक की बढ़त दर्ज हुई। बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में पिछले चार सत्रों में 674 अंक की गिरावट आई थी। सोमवार को यह 117.13 अंक या 0.64 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,314.33 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स की बढ़त में मुख्य योगदान आईटी, वाहन और भारी मशीनरी वाले कंपनी शेयरों का रहा। एक समय सेंसेक्स 18,440.07 अंक की ऊंचाई पर पहुंच गया था। इसी के अनुरूप नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 34.80 अंक या 0.63 अंक की बढ़त के साथ 5,516.80 अंक पर पहुंच गया। एक समय यह 5,551.90 अंक पर पहुंच गया था। ब्रोकरों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की इस घोषणा कि देश में बजटीय घाटे को कम करने तथा ऋण डिफॉल्ट से बचाव पर सहमति बन गई है, एशियाई बाजारों में मजबूती का रुख था। घरेलू स्तर पर निर्यात के बेहतर आंकड़ों से भी बाजार धारणा मजबूत हुई। ब्रोकरों ने कहा कि सेंसेक्स की बढ़त में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, एसबीआई, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा लार्सन एंड टुब्रो ने प्रमुख योगदान दिया।
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यहाँ एक सारांश है:बंबई शेयर बाजार में चार दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और सेंसेक्स में 117 अंक की बढ़त दर्ज हुई।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: ओडिशा में सत्तारुढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक झीना हिकाका को एक महीने से अधिक समय तक बंधक बनाए रखने के बाद नक्सलियों ने बुधवार को उन्हें रिहा कर दिया जबकि छत्तीसगढ़ में अगवा सुकमा जिले के जिलाधिकारी अलेक्स पॉल मेनन के भविष्य को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
हिकाका की रिहाई हो जाने से नक्सलियों द्वारा अपहरण के दो मामलों में से एक पर तो विराम लग गया है लेकिन अधिकारी मेनन के भविष्य को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों से बातचीत के लिए नक्सलियों द्वारा नामित मध्यस्थों के रायपुर पहुंचने पर मेनन की रिहाई के प्रयासों की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। मेनन तक दमा की जरूरी दवाएं पहुंचाने वाले वामपंथी नेता मनीष कुंजम ने बताया कि जिलाधिकारी सेहतमंद एवं सुरक्षित हैं।
मेनन को बंधक बनाए गए ठिकाने से लौटते हुए कुंजम ने कहा कि वह जिलाधिकारी से मिल न सके लेकिन दवाइयां उन तक पहुंच गईं।
ज्ञात हो कि नक्सलियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कुंजम को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी। कुंजम सुकमा में मेनन की पत्नी आशा से भी मिले और उन्हें जिलाधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
हिकाका की रिहाई हो जाने से नक्सलियों द्वारा अपहरण के दो मामलों में से एक पर तो विराम लग गया है लेकिन अधिकारी मेनन के भविष्य को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों से बातचीत के लिए नक्सलियों द्वारा नामित मध्यस्थों के रायपुर पहुंचने पर मेनन की रिहाई के प्रयासों की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। मेनन तक दमा की जरूरी दवाएं पहुंचाने वाले वामपंथी नेता मनीष कुंजम ने बताया कि जिलाधिकारी सेहतमंद एवं सुरक्षित हैं।
मेनन को बंधक बनाए गए ठिकाने से लौटते हुए कुंजम ने कहा कि वह जिलाधिकारी से मिल न सके लेकिन दवाइयां उन तक पहुंच गईं।
ज्ञात हो कि नक्सलियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कुंजम को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी। कुंजम सुकमा में मेनन की पत्नी आशा से भी मिले और उन्हें जिलाधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों से बातचीत के लिए नक्सलियों द्वारा नामित मध्यस्थों के रायपुर पहुंचने पर मेनन की रिहाई के प्रयासों की प्रक्रिया ने गति पकड़ी। मेनन तक दमा की जरूरी दवाएं पहुंचाने वाले वामपंथी नेता मनीष कुंजम ने बताया कि जिलाधिकारी सेहतमंद एवं सुरक्षित हैं।
मेनन को बंधक बनाए गए ठिकाने से लौटते हुए कुंजम ने कहा कि वह जिलाधिकारी से मिल न सके लेकिन दवाइयां उन तक पहुंच गईं।
ज्ञात हो कि नक्सलियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कुंजम को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी। कुंजम सुकमा में मेनन की पत्नी आशा से भी मिले और उन्हें जिलाधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
मेनन को बंधक बनाए गए ठिकाने से लौटते हुए कुंजम ने कहा कि वह जिलाधिकारी से मिल न सके लेकिन दवाइयां उन तक पहुंच गईं।
ज्ञात हो कि नक्सलियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कुंजम को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी। कुंजम सुकमा में मेनन की पत्नी आशा से भी मिले और उन्हें जिलाधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
ज्ञात हो कि नक्सलियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता कुंजम को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया था लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी। कुंजम सुकमा में मेनन की पत्नी आशा से भी मिले और उन्हें जिलाधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
कुंजम द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद नक्सलियों ने बस्तर के पूर्व जिलाधिकारी बीडी शर्मा एवं हैदराबाद के प्रोफेसर जी. हरगोपाल को अपना मध्यस्थ नामित किया। शर्मा एवं हरगोपाल बातचीत के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा से मिलने वाले हैं।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं-इनमें जेल में बंद अपने आठ साथियों को छोड़ना एवं ऑपरेशन ग्रीन हंट पर रोक लगाना शामिल है।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
दूसरी ओर ओडिशा में हिकाका की रिहाई से सरकार और पीड़ित परिजनों ने राहत की सांस ली। 37 वर्षीय हिकाका अपनी पत्नी कौशल्या से गले मिलकर फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वह ठीक हैं और नक्सली उनके साथ सलीके से पेश आ रहे थे।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
बालिपेटा के एक आम के बाग में हिकाका सुबह 10.30 बजे जैसे ही कुछ ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। पत्रकारों ने नक्सलियों से पद छोड़ने का वादा करने के विषय में पूछने पर विधायक ने कहा, "आप इसके बारे में जान जाएंगे।" विधायक ने कहा कि वह फिलहाल मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "मैं हिकाका के मुक्त होने पर अति प्रसन्न हूं। दो हफ्ते पहले मैं उनकी वृद्ध मां से मिला था। उनका परिवार गहरे तनाव में था। उनकी माता बीमार थीं। अब पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है।"
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
बीजद के सांसद बैजयंत पांडा ने पत्रकारों से कहा, "उन्हें सुरक्षित देखकर हम अतिप्रसन्न हैं।"
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
नक्सलियों ने बुधवार को घोषणा की थी कि जन अदालत में हिकाका के ग्रामीणों एवं नक्सलियों से माफी मांगने के बाद उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया गया। नक्सलियों ने कोरापुट जिले के लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका का 24 मार्च को अपहरण कर लिया था।टिप्पणियां
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
स्थानीय टीवी चैनलों पर 'अरुणा' नाम की नक्सलियों की नेता के प्रसारित ऑडियो संदेश में कहा गया कि विधायक द्वारा विधानसभा एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का वादा करने के बाद यह निर्णय सोमवार एवं मंगलवार को आयोजित जन अदालत में लिया गया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जन अदालत में उपस्थित नक्सलियों एवं ग्रामीणों से राजनीतिक प्रक्रिया द्वारा उनकी समस्याएं सुलझाने में असमर्थ होने के कारण माफी मांगी थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
नक्सलियों ने विधायक को छोड़ने के बदले चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएस) के सदस्यों की रिहाई की मांग की थी। राज्य सरकार उनमें से 25 को छोड़ने पर राजी भी हो गई लेकिन नक्सलियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। नक्सलियों के एक नेता ने कुछ दिन पहले कहा था कि वे सीएमएस के सभी सदस्यों की रिहाई चाहते हैं। यद्यपि न तो नक्सलियों ने यह बताया कि सीएमएस के कितने सदस्य जेल में बंद हैं और न ही सरकार यह संख्या बताने को इच्छुक थी।
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सारांश: ओडिशा में सत्तारुढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक झीना हिकाका को एक महीने से अधिक समय तक बंधक बनाए रखने के बाद नक्सलियों ने बुधवार को उन्हें रिहा कर दिया जबकि छत्तीसगढ़ में अगवा सुकमा जिले के जिलाधिकारी अलेक्स पॉल मेनन के भविष्य को लेकर अभी अनिश्चितता बनी
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी क्षमताओं को दर्शाते हुए भारतीय वायुसेना ने आज दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में अपना सी-130जे सुपर हर्क्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उतारा। यह वही स्थान जहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर इसी वर्ष अप्रैल माह में चीनी सेना ने घुसपैठ की थी।
दौलत बेग ओल्डी इलाका 16,614 फीट पर है, इस ऊंचाई पर विमान उतारना विश्व रिकॉर्ड के समान है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय वायु सेना ने 1962 और 1965 में यहां पर विमान उतारा था। और अब करीब 43 वर्षों बाद चार वर्ष पूर्व भारत ने यहां पर अपना विमान उतारा थाऑ।
बता दें कि हर्क्यूलिस विमान की लैंडिंग काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विमान काफी भार उठा सकता है और भारतीय सेना के अग्रिम टुकड़ियों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
दौलत बेग ओल्डी इलाका 16,614 फीट पर है, इस ऊंचाई पर विमान उतारना विश्व रिकॉर्ड के समान है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय वायु सेना ने 1962 और 1965 में यहां पर विमान उतारा था। और अब करीब 43 वर्षों बाद चार वर्ष पूर्व भारत ने यहां पर अपना विमान उतारा थाऑ।
बता दें कि हर्क्यूलिस विमान की लैंडिंग काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विमान काफी भार उठा सकता है और भारतीय सेना के अग्रिम टुकड़ियों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय वायु सेना ने 1962 और 1965 में यहां पर विमान उतारा था। और अब करीब 43 वर्षों बाद चार वर्ष पूर्व भारत ने यहां पर अपना विमान उतारा थाऑ।
बता दें कि हर्क्यूलिस विमान की लैंडिंग काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विमान काफी भार उठा सकता है और भारतीय सेना के अग्रिम टुकड़ियों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
बता दें कि हर्क्यूलिस विमान की लैंडिंग काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विमान काफी भार उठा सकता है और भारतीय सेना के अग्रिम टुकड़ियों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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अपनी क्षमताओं को दर्शाते हुए भारतीय वायुसेना ने आज दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में अपना सी-130जे सुपर हर्क्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उतारा। यह वही स्थान जहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर इसी वर्ष अप्रैल माह में चीनी सेना ने घुसपैठ की थी।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मॉडल से अभिनेत्री बनी ईशा गुप्ता अपने सह अभिनेता इमरान हाशमी की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और उन्हें अपना मार्गदर्शक मानती हैं। विक्रम भट्ट की फिल्म ‘राज 3’ में ईशा दूसरी बार इमरान के साथ नजर आने वाली हैं।
23 वर्षीय अभिनेत्री ने अपनी फिल्मी कैरियर की शुरूआत इमरान के साथ ‘जन्नत 2’ फिल्म से की थी।टिप्पणियां
ईशा ने बताया ‘‘मैं इमरान से प्यार करती हूं। वास्तव में मैं ‘जन्नत’ फिल्म के दौरान उनसे डरती थी। वह एक शांत व्यक्ति हैं। ‘जन्नत’ की शूटिंग के दौरान वह इतनी सहजता के साथ काम करते थे कि मैं देखती रह जाती थी। जब वह कुछ पूछते थे तो मैं जवाब ही नहीं दे पाती थी। मैं नहीं जानती थी कि मैं क्या कर रही हूं। लेकिन, वह वास्तव में काफी प्यारे इंसान हैं।’’
‘जन्नत 2’ के बाद ईशा की झोली में कई फिल्म आ गयी हैं और वह काफी व्यस्त हो गयी है। वह ‘राज 3’, प्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ और भट्ट कैंप की एक और फिल्म में दिखाई देने वाली हैं।
23 वर्षीय अभिनेत्री ने अपनी फिल्मी कैरियर की शुरूआत इमरान के साथ ‘जन्नत 2’ फिल्म से की थी।टिप्पणियां
ईशा ने बताया ‘‘मैं इमरान से प्यार करती हूं। वास्तव में मैं ‘जन्नत’ फिल्म के दौरान उनसे डरती थी। वह एक शांत व्यक्ति हैं। ‘जन्नत’ की शूटिंग के दौरान वह इतनी सहजता के साथ काम करते थे कि मैं देखती रह जाती थी। जब वह कुछ पूछते थे तो मैं जवाब ही नहीं दे पाती थी। मैं नहीं जानती थी कि मैं क्या कर रही हूं। लेकिन, वह वास्तव में काफी प्यारे इंसान हैं।’’
‘जन्नत 2’ के बाद ईशा की झोली में कई फिल्म आ गयी हैं और वह काफी व्यस्त हो गयी है। वह ‘राज 3’, प्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ और भट्ट कैंप की एक और फिल्म में दिखाई देने वाली हैं।
ईशा ने बताया ‘‘मैं इमरान से प्यार करती हूं। वास्तव में मैं ‘जन्नत’ फिल्म के दौरान उनसे डरती थी। वह एक शांत व्यक्ति हैं। ‘जन्नत’ की शूटिंग के दौरान वह इतनी सहजता के साथ काम करते थे कि मैं देखती रह जाती थी। जब वह कुछ पूछते थे तो मैं जवाब ही नहीं दे पाती थी। मैं नहीं जानती थी कि मैं क्या कर रही हूं। लेकिन, वह वास्तव में काफी प्यारे इंसान हैं।’’
‘जन्नत 2’ के बाद ईशा की झोली में कई फिल्म आ गयी हैं और वह काफी व्यस्त हो गयी है। वह ‘राज 3’, प्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ और भट्ट कैंप की एक और फिल्म में दिखाई देने वाली हैं।
‘जन्नत 2’ के बाद ईशा की झोली में कई फिल्म आ गयी हैं और वह काफी व्यस्त हो गयी है। वह ‘राज 3’, प्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ और भट्ट कैंप की एक और फिल्म में दिखाई देने वाली हैं।
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संक्षिप्त सारांश: मॉडल से अभिनेत्री बनी ईशा गुप्ता अपने सह अभिनेता इमरान हाशमी की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और उन्हें अपना मार्गदर्शक मानती हैं। विक्रम भट्ट की फिल्म ‘राज 3’ में ईशा दूसरी बार इमरान के साथ नजर आने वाली हैं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: संसद पर हमले के दोषी और मौत की सजा पाने वाले अफजल गुरु की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी रकम खर्च हुई, इसका ब्यौरा तिहाड़ जेल के अधिकारियों के पास नहीं है। सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत मांगे गए एक प्रश्न के जवाब में जेल अधिकारियों ने यह सूचना दी है। अधिकारियों ने आवेदनकर्ता को बताया कि किसी भी कैदी के ऊपर खर्च होनेवाली इस तरह की राशि का ब्यौरा नहीं रखा जाता है। तिहाड़ जेल के जेल महानिदेशक कार्यालय के सार्वजनिक सूचना अधिकारी ने आवेदन के जवाब में कहा, किसी भी कैदी की सुरक्षा, सलामती और खाने-पीने के उपर खर्च होनेवाली राशि का ब्यौरा नहीं रखा गया है। गौरतलब है कि अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय नागरिक अधिकार परिषद (नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज) नामक एक गैर-सरकारी संगठन ने यह आवेदन दाखिल किया था और पूछा था कि सरकार ने अफजल गुरु की सुरक्षा और उसके खाने-पीने पर अभी तक कितना पैसा खर्च किया है। दूसरी तरफ, एनजीओ के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार ने इस जवाब को अविश्वसनीय बताया है और इसके खिलाफ जेल महानिदेशक कार्यालय की प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के सामने अपील की है। इस अपील में कुमार ने दावा किया है कि उनकी जानकारी के मुताबिक, हर जेल में हाई-प्रोफाइल कैदियों के खचरें का ब्यौरा रखा जाता है। अपने इस दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया है, जिनमें कहा गया था कि महाराष्ट्र सरकार, मुंबई हमलों के दोषी अजमल कसाब की सुरक्षा और खाने-पीने पर होने वाले खर्चे का ब्यौरा रख रही है। अपील में एनजीओ ने कहा, हमारी जानकारी के मुताबिक इस तरह के हाई-प्रोफाइल कैदी (अफजल गुरु) विशेष कक्ष में रखे जाते हैं और उसके ऊपर होने वाले हर तरह के खर्चे का ब्यौरा जेल अधिकारियों द्वारा रखा जाता है।
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संक्षिप्त सारांश: संसद हमलाकांड में मौत की सजा पाने वाले अफजल गुरु की सुरक्षा पर कितनी रकम खर्च हुई, इसका ब्यौरा तिहाड़ जेल के अधिकारियों के पास नहीं है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: सड़क पर चलने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियों के बैठने पर होने वाली असुविधा भले ही सबको पता हो, लेकिन हेलीकॉप्टर में ऐसी असुविधा का अनुभव बहुत ही कम लोगों को होगा। ‘चीता’ हेलीकॉप्टर में लोगों को कुछ ऐसी ही असुविधा हुई, क्योंकि यहां आपदा के दौरान एक-एक चक्कर में सेना के यह नन्हे हेलीकॉप्टर पांच-पांच लोगों को बाहर ले गए हैं ताकि राहत एवं बचावकार्य तेजी से चल सके।
सेना की हवाई शाखा के पायलट बद्रीनाथ, जंगलचट्टी और हरशिल तक दो सीट वाले ‘चीता’ को ले जा रहे हैं। पांच-पांच लोगों को ले जाने के लिए सीटें मोड़कर जगह बनाई गई है।टिप्पणियां
इन हेलीकॉप्टरों की मदद से आज टोही अभियान भी शुरू किया गया ताकि प्रभावी इलाकों में फंसे लोगों को बचाया जा सके। लोगों की जंगल में खोज के लिए 200 जवानों को भी भेजा गया है।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, हमने एक-एक चक्कर में कम से कम पांच पांच लोगों को बाहर पहुंचाया है। पहले बहुत ही कम ऐसा हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की जरूरत को देखते हुए पायलटों ने पहले सुरक्षा के पहलू पर विचार किया और फिर दोनों सीटों को मोड़कर जगह बनाई गई। उन्होंने बताया, अधिकतम ईंधन का उपयोग हो रहा है, लेकिन लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी है। लोगों और मशीन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। आर्मी एवियेशन कॉर्प्स (एएसी) ने पांच चीता हेलीकॉप्टर और दो ध्रुव हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। चीता के अभियान में एक पायलट और एक सह पायलट जुड़े हैं। यह हेलीकॉप्टर छोटी और ऐसी पट्टियों पर उतर सकता है, जो तैयार न की गई हो। अधिकारी ने बताया कि अब तक चीता करीब 500 लोगों को बचा चुके हैं। मौसम साफ होने पर फिर चीता मुहिम पर जा सकते हैं।
सेना की हवाई शाखा के पायलट बद्रीनाथ, जंगलचट्टी और हरशिल तक दो सीट वाले ‘चीता’ को ले जा रहे हैं। पांच-पांच लोगों को ले जाने के लिए सीटें मोड़कर जगह बनाई गई है।टिप्पणियां
इन हेलीकॉप्टरों की मदद से आज टोही अभियान भी शुरू किया गया ताकि प्रभावी इलाकों में फंसे लोगों को बचाया जा सके। लोगों की जंगल में खोज के लिए 200 जवानों को भी भेजा गया है।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, हमने एक-एक चक्कर में कम से कम पांच पांच लोगों को बाहर पहुंचाया है। पहले बहुत ही कम ऐसा हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की जरूरत को देखते हुए पायलटों ने पहले सुरक्षा के पहलू पर विचार किया और फिर दोनों सीटों को मोड़कर जगह बनाई गई। उन्होंने बताया, अधिकतम ईंधन का उपयोग हो रहा है, लेकिन लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी है। लोगों और मशीन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। आर्मी एवियेशन कॉर्प्स (एएसी) ने पांच चीता हेलीकॉप्टर और दो ध्रुव हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। चीता के अभियान में एक पायलट और एक सह पायलट जुड़े हैं। यह हेलीकॉप्टर छोटी और ऐसी पट्टियों पर उतर सकता है, जो तैयार न की गई हो। अधिकारी ने बताया कि अब तक चीता करीब 500 लोगों को बचा चुके हैं। मौसम साफ होने पर फिर चीता मुहिम पर जा सकते हैं।
इन हेलीकॉप्टरों की मदद से आज टोही अभियान भी शुरू किया गया ताकि प्रभावी इलाकों में फंसे लोगों को बचाया जा सके। लोगों की जंगल में खोज के लिए 200 जवानों को भी भेजा गया है।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, हमने एक-एक चक्कर में कम से कम पांच पांच लोगों को बाहर पहुंचाया है। पहले बहुत ही कम ऐसा हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की जरूरत को देखते हुए पायलटों ने पहले सुरक्षा के पहलू पर विचार किया और फिर दोनों सीटों को मोड़कर जगह बनाई गई। उन्होंने बताया, अधिकतम ईंधन का उपयोग हो रहा है, लेकिन लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी है। लोगों और मशीन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। आर्मी एवियेशन कॉर्प्स (एएसी) ने पांच चीता हेलीकॉप्टर और दो ध्रुव हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। चीता के अभियान में एक पायलट और एक सह पायलट जुड़े हैं। यह हेलीकॉप्टर छोटी और ऐसी पट्टियों पर उतर सकता है, जो तैयार न की गई हो। अधिकारी ने बताया कि अब तक चीता करीब 500 लोगों को बचा चुके हैं। मौसम साफ होने पर फिर चीता मुहिम पर जा सकते हैं।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, हमने एक-एक चक्कर में कम से कम पांच पांच लोगों को बाहर पहुंचाया है। पहले बहुत ही कम ऐसा हुआ है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की जरूरत को देखते हुए पायलटों ने पहले सुरक्षा के पहलू पर विचार किया और फिर दोनों सीटों को मोड़कर जगह बनाई गई। उन्होंने बताया, अधिकतम ईंधन का उपयोग हो रहा है, लेकिन लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी है। लोगों और मशीन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। आर्मी एवियेशन कॉर्प्स (एएसी) ने पांच चीता हेलीकॉप्टर और दो ध्रुव हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। चीता के अभियान में एक पायलट और एक सह पायलट जुड़े हैं। यह हेलीकॉप्टर छोटी और ऐसी पट्टियों पर उतर सकता है, जो तैयार न की गई हो। अधिकारी ने बताया कि अब तक चीता करीब 500 लोगों को बचा चुके हैं। मौसम साफ होने पर फिर चीता मुहिम पर जा सकते हैं।
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संक्षिप्त पाठ: सेना की हवाई शाखा के पायलट बद्रीनाथ, जंगलचट्टी और हरशिल तक दो सीट वाले ‘चीता’ को ले जा रहे हैं। पांच-पांच लोगों को ले जाने के लिए सीटें मोड़कर जगह बनाई गई है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने आप पार्टी के विधायक करतार सिंह तंवर के घर पर छापा मारा है। छतरपुर से आप के विधायक करतार सिंह तंवर समेत कई लोगों के यहां छापा मारा गया है। छापा करतार सिंह के फतेहपुर बेरी के फार्म हाउस पर पड़ा है।
जिन लोगों पर छापा मारा गया है वे सभी प्रॉपर्टी से जुड़े काम करते हैं। इनमें से कुछ लोगों के फॉर्म हाउस राधेमोहन ड्राइव में है। यहां भी IT की रेड अभी चल रही है। करतार सिंह पहले दिल्ली जलबोर्ड में इंजीनियर थे। वीआरएस लेकर राजनीति में आए और प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में करोड़ों कमाए। इनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दिल्ली के लोकायुक्त के पास की जा चुकी है।टिप्पणियां
आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, "सुबह सुबह हमारे छत्तरपुर विधायक के यहां इस तरह छापा मारा गया जैसे कोई बहुत बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला हो, विजय माल्या के यहां तो उस तरह की रेड नहीं की गई थी?"
जिन लोगों पर छापा मारा गया है वे सभी प्रॉपर्टी से जुड़े काम करते हैं। इनमें से कुछ लोगों के फॉर्म हाउस राधेमोहन ड्राइव में है। यहां भी IT की रेड अभी चल रही है। करतार सिंह पहले दिल्ली जलबोर्ड में इंजीनियर थे। वीआरएस लेकर राजनीति में आए और प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में करोड़ों कमाए। इनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दिल्ली के लोकायुक्त के पास की जा चुकी है।टिप्पणियां
आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, "सुबह सुबह हमारे छत्तरपुर विधायक के यहां इस तरह छापा मारा गया जैसे कोई बहुत बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला हो, विजय माल्या के यहां तो उस तरह की रेड नहीं की गई थी?"
आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, "सुबह सुबह हमारे छत्तरपुर विधायक के यहां इस तरह छापा मारा गया जैसे कोई बहुत बहुत बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला हो, विजय माल्या के यहां तो उस तरह की रेड नहीं की गई थी?"
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यह एक सारांश है: AAP पार्टी के दिल्ली के छतरपुर से विधायक करतार सिंह के घर रेड मारी गई है
रेड कई और लोगों के घरों पर भी मारी गई है
करतार सिंह पहले दिल्ली जलबोर्ड में इंजीनियर थे
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के वैशाली जिले में एक बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की गोली मारकर की गई हत्या को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर जमकर हमला बोला. बता दें कि बिहार के वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात अपराधियों ने पटना के एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी. पिछले सप्ताह पटना के दवा कारोबारी गुंजन खेमका की हत्या हाजीपुर में कर दी गई थी. अभी तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है. एक के बाद एक कई ट्वीट कर तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा. तेजस्वी ने ट्वीट किया, बिहार के वैशाली में एक और बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की गोली मारकर हत्या. 'बिहार में बहार है, गोलियों की बौछार है, अपराधियों का लहर है...व्यापारियों पर क़हर है, क्योंकि नीतीशे कुमार हैं.
बिहार के वैशाली में एक और बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की गोली मारकर हत्या।
बिहार में बहार है
गोलियों की बौछार है
अपराधियों का लहर है
व्यापारियों पर क़हर है
क्योंकि नीतीशे कुमार है।
बिहार में क़ानून व्यवस्था ICU में है। अपराधियों ने व्यवस्था को अपने जूते की नोक पर रखा हुआ है। सीएम और डिप्टी सीएम अपराधियों के आगे हाथ-पाँव जोड़कर गिड़गिड़ा रहे है। नीतीश जी ने राजधर्म नागपुर में गिरवी रख थानों को गुंडे-मव्वालियों के हाथों नीलाम कर दिया है। जनता त्रस्त है।
इसके बाद तेजस्वी ने एक और ट्वीट किया, 'बिहार में क़ानून व्यवस्था ICU में है. अपराधियों ने व्यवस्था को अपने जूते की नोक पर रखा हुआ है. सीएम और डिप्टी सीएम अपराधियों के आगे हाथ-पांव जोड़कर गिड़गिड़ा रहे हैं. नीतीश जी ने राजधर्म नागपुर में गिरवी रख थानों को गुंडे-मवालियों के हाथों नीलाम कर दिया है. जनता त्रस्त है...
जंगलराज के नाम पर छाती पीट मातम मनाने वाले लोग आज बिहार की बदहाल हो चुकी क़ानून व्यवस्था पर चुप है क्योंकि बिहार मे सामाजिक न्याय की सरकार नहीं है।
दलितों,पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के गठजोड़ की सामाजिक न्याय वाली सरकार आते ही “दोगले जातिवादियों” को बिहार में जंगलराज दिखने लगता है।
इसके बाद तेजस्वी का एक और ट्वीट आया, उन्होंने लिखा, 'जंगलराज के नाम पर छाती पीट मातम मनाने वाले लोग आज बिहार की बदहाल हो चुकी क़ानून व्यवस्था पर चुप है क्योंकि बिहार मे सामाजिक न्याय की सरकार नहीं है. दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के गठजोड़ की सामाजिक न्याय वाली सरकार आते ही 'दोगले जातिवादियों' को बिहार में जंगलराज दिखने लगता है. लो जी, अररिया में भी एक व्यवसायी की हत्या.
लो जी, अररिया में भी एक व्यवसायी की हत्या।
गूँगी,बहरी,अंधी,निर्मम और निर्लज्ज नीतीश सरकार को ना तो लोगों की कराह व अपराधियों की AK-47 की तड़तड़ाहट सुनाई दे रही और ना ही निर्दोष लोगों के ख़ून से सनी गलियाँ व सड़के दिखाई दे रही है।
इन्हें तो बस छल,फ़रेब से युक्त कुर्सी से मतलब है
गूंगी, बहरी, अंधी, निर्मम और निर्लज्ज नीतीश सरकार को ना तो लोगों की कराह व अपराधियों की AK-47 की तड़तड़ाहट सुनाई दे रही और ना ही निर्दोष लोगों के ख़ून से सनी गलियां व सड़के दिखाई दे रही है. इन्हें तो बस छल, फ़रेब से युक्त कुर्सी से मतलब है.
बता दें कि पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मंगलवार की देर शाम गोरौल थाना क्षेत्र के सोंधे गांव निवासी दीनानाथ राय (35) अपनी बाइक से पटना के लिए निकले थे, रास्ते में अपराधियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने उनका शव रात में वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के सर्किट हाउस के सामने से बरामद किया.
पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि राय की किसी अन्य जगह पर हत्या कर उसका शव यहां फेंक दिया गया है. मृतक पटना के जीरो माइल एक नंबर लेन में रामजी कैरियर ट्रांसपोर्ट का संचालक था. वह बाइक से प्रतिदिन पटना आता-जाता था. सदर थाना के पुलिस अधिकारी अभय कुमार ने बुधवार को बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है. फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
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यहाँ एक सारांश है:तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर बोला हमला
कहा- नीतीश जी ने राजधर्म नागपुर में गिरवी रख दिया
कहा-नीतीश जी को बस छल, फ़रेब से युक्त कुर्सी से मतलब
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बिल्डरों ने मौजूदा संकट के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरणों को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी कि दोषपूर्ण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के चलते भविष्य में भी इसी तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। रीयल एस्टेट कंपनियों के शीर्ष निकाय क्रेडाई ने कहा कि आपात उपबंध के इस्तेमाल की वजह से यह समस्या पैदा हो रही है। इस उपबंध से प्राधिकरण राष्ट्रीय हितों के लिए बलपूर्वक भूमि का अधिग्रहण कर रहे हैं। क्रेडाई ने कहा कि इसके अलावा, इन दो क्षेत्रों के विकास प्राधिकरण अधिग्रहीत की गई भूमि के इस्तेमाल का उद्देश्य भी औद्योगिक से आवास और आवास से औद्योगिक में बदल रहे हैं। क्रेडाई के अध्यक्ष (एनसीआर) पंकज बजाज ने बताया कि इस तरह के बदलावों की वजह से अन्य इलाकों के कई किसान अदालत जा रहे हैं, जिससे खरीदारों का हौसला पस्त हो रहा है और वे अपनी परिसंपत्तियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस क्षेत्र के अन्य गांवों के किसानों ने अधिक मुआवजे की मांग करते हुए न्यायालय में याचिका दायर की है।
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यह एक सारांश है: बिल्डरों ने चेतावनी दी है कि दोषपूर्ण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के चलते भविष्य में भी इसी तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
| 24
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर को हराकर आईपीएल फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद कहा कि उन्हें इस जीत का शत-प्रतिशत भरोसा नहीं था। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 175 रन बनाए, जिसके जवाब में चेन्नई की टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए सुरेश रैना की नाबाद 73 रन की पारी की बदौलत छह विकेट से जीत दर्ज की। धोनी ने मैच के बाद कहा, यह मुश्किल लक्ष्य था, लेकिन हम पहले भी ऐसे हालात का सामना कर चुके हैं और हमें विश्वास था कि हम इस तरह की परिस्थितियों में जीत सकते हैं। उन्होंने कहा, हम अपने ऊपर विश्वास रखते हैं कि हम ऐसा कर सकते हैं। लेकिन आप कह सकते हैं कि मुझे शत-प्रतिशत भरोसा नहीं था। एक टीम के रूप में हमें पता है कि हम किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। धोनी ने रैना ने अलावा उनके साथ सिर्फ तीन ओवर में नाबाद 46 रन की साझेदारी करने वाले एल्बी मोर्कल की भी जमकर तारीफ की। मोर्कल ने 10 गेंद में नाबाद 28 रन की पारी खेली। धोनी ने कहा, रैना ने बेहतरीन बल्लेबाजी की, लेकिन अंतिम ओवरों में मोर्कल की बल्लेबाजी बेजोड़ थी। दूसरी तरफ बैंगलौर के कप्तान डेनियल विटोरी ने कहा कि रैना ने उनसे मैच छीन लिया। उन्होंने कहा, हमने अच्छा खेला दिखाया। हम अच्छी स्थिति में थे, लेकिन इसके बाद रैना ने मैच हमारी पकड़ से दूर कर दिया। हम हालांकि थोड़ी बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। विटोरी को हालांकि इस बात की राहत है कि इस हार के बावजूद उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है और उसे फाइनल में जगह बनाने का एक और मौका मिलेगा। मैन ऑफ द मैच रैना ने कहा कि वह 20वें ओवर तक खेलने के लक्ष्य के साथ उतरे थे। उन्होंने कहा, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण मैच था। हमने अपनी रणनीतियों को बखूबी अंजाम तक पहुंचाया। मैं 20वें ओवर तक बल्लेबाजी करना चाहता था और इसमें सफल रहा।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चेन्नई के कप्तान धोनी ने बैंगलौर को हराकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद कहा कि उन्हें इस जीत का शत-प्रतिशत भरोसा नहीं था।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सलाह दी कि वह देश के प्रबंधन में सुधार के लिए राज्य सरकार के विकास के मॉडल को अमल में लाएं।
गुजरात कांग्रेस के आक्रामक ‘दिशा बदलो, दशा बदलो’ अभियान की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘काफी विज्ञापन आ रहे हैं, कुछ ऐसे लोगों की ओर से मुहिम चलाई जा रही है जो गुजरात की दशा और दिशा बदलना चाहते हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘गुजरात ने काफी तेज प्रगति की है। प्रधानमंत्री को देश की ‘दशा’ बदलने के लिए गुजरात की ‘दिशा’ लेनी चाहिए।’’
गुजरात कांग्रेस के आक्रामक ‘दिशा बदलो, दशा बदलो’ अभियान की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘काफी विज्ञापन आ रहे हैं, कुछ ऐसे लोगों की ओर से मुहिम चलाई जा रही है जो गुजरात की दशा और दिशा बदलना चाहते हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘गुजरात ने काफी तेज प्रगति की है। प्रधानमंत्री को देश की ‘दशा’ बदलने के लिए गुजरात की ‘दिशा’ लेनी चाहिए।’’
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सारांश: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सलाह दी कि वह देश के प्रबंधन में सुधार के लिए राज्य सरकार के विकास के मॉडल को अमल में लाएं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हेमराज हत्याकांड के लिए आज एक अहम दिन है। इस हत्याकांड में आरोपी राजेश और नूपुर तलवार के बयान गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे।
राजेश और नूपुर तलवार ने अदालत से उन 13 लोगों के बयान दर्ज रेज कराने की मांग की थी, जिनकी गवाही सीबीआई ने नहीं कराई। कोर्ट ने तलवार की यह मांग खारिज कर दी थी।
इससे पू्र्व सीबीआई ने अदालत को बताया था कि दंत चिकित्सक राजेश तलवार ने अपनी बेटी और नौकर को ‘आपत्तिजनक स्थिति’ में देखने के बाद दोनों की अपनी गोल्फ स्टिक और तेज धार के हथियार से हत्या कर दी।
जिरह के दौरान सीबीआई के अतिरिक्त अधीक्षक एजीएल कौल ने 15-16 मई 2008 की रात दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नुपूर तलवार के नोएडा स्थित निवास पर हुई 14 वर्षीय आरुषि और नौकर हेमराज की सनसनीखेज हत्या के पीछे की मंशा के बारे में बताया। कौल ने ही इस मामले की जांच की है।
कौल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक, राजेश तलवार रात 12 बजे अपने कमरे में जगे हुए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हत्या का वक्त भी रात 12 से एक बजे के बीच का है।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
राजेश और नूपुर तलवार ने अदालत से उन 13 लोगों के बयान दर्ज रेज कराने की मांग की थी, जिनकी गवाही सीबीआई ने नहीं कराई। कोर्ट ने तलवार की यह मांग खारिज कर दी थी।
इससे पू्र्व सीबीआई ने अदालत को बताया था कि दंत चिकित्सक राजेश तलवार ने अपनी बेटी और नौकर को ‘आपत्तिजनक स्थिति’ में देखने के बाद दोनों की अपनी गोल्फ स्टिक और तेज धार के हथियार से हत्या कर दी।
जिरह के दौरान सीबीआई के अतिरिक्त अधीक्षक एजीएल कौल ने 15-16 मई 2008 की रात दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नुपूर तलवार के नोएडा स्थित निवास पर हुई 14 वर्षीय आरुषि और नौकर हेमराज की सनसनीखेज हत्या के पीछे की मंशा के बारे में बताया। कौल ने ही इस मामले की जांच की है।
कौल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक, राजेश तलवार रात 12 बजे अपने कमरे में जगे हुए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हत्या का वक्त भी रात 12 से एक बजे के बीच का है।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
इससे पू्र्व सीबीआई ने अदालत को बताया था कि दंत चिकित्सक राजेश तलवार ने अपनी बेटी और नौकर को ‘आपत्तिजनक स्थिति’ में देखने के बाद दोनों की अपनी गोल्फ स्टिक और तेज धार के हथियार से हत्या कर दी।
जिरह के दौरान सीबीआई के अतिरिक्त अधीक्षक एजीएल कौल ने 15-16 मई 2008 की रात दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नुपूर तलवार के नोएडा स्थित निवास पर हुई 14 वर्षीय आरुषि और नौकर हेमराज की सनसनीखेज हत्या के पीछे की मंशा के बारे में बताया। कौल ने ही इस मामले की जांच की है।
कौल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक, राजेश तलवार रात 12 बजे अपने कमरे में जगे हुए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हत्या का वक्त भी रात 12 से एक बजे के बीच का है।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
जिरह के दौरान सीबीआई के अतिरिक्त अधीक्षक एजीएल कौल ने 15-16 मई 2008 की रात दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नुपूर तलवार के नोएडा स्थित निवास पर हुई 14 वर्षीय आरुषि और नौकर हेमराज की सनसनीखेज हत्या के पीछे की मंशा के बारे में बताया। कौल ने ही इस मामले की जांच की है।
कौल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक, राजेश तलवार रात 12 बजे अपने कमरे में जगे हुए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हत्या का वक्त भी रात 12 से एक बजे के बीच का है।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
कौल ने बताया कि उनकी जांच के मुताबिक, राजेश तलवार रात 12 बजे अपने कमरे में जगे हुए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हत्या का वक्त भी रात 12 से एक बजे के बीच का है।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
अधिकारी ने हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बिस्तर पर किया। उसे घसीटकर छत पर ले जाया गया जहां एक कोने में ले जाकर उसका गला काटा गया।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
घटनाओं का क्रमवार विवरण देते हुए कौल ने कहा कि राजेश आवाज सुनने के बाद हेमराज के कमरे में गया लेकिन वह वहां नहीं था।टिप्पणियां
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
कौल ने अपने बयान में कहा, ‘हेमराज के कमरे में दो गोल्फ स्टिक पड़े हुए थे, राजेश तलवार ने उसमें से एक उठाया। उसने आरुषि के कमरे से आ रही आवाज सुनी। कमरे का दरवाजा बंद नहीं था
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
सिर्फ भिड़ाया हुआ था। उसने दरवाजा खोला और अपनी बेटी के साथ हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।’ उन्होंने कहा कि दोनों को ऐसी स्थिति में देखकर राजेश तलवार ने हेमराज के सिर पर गोल्फ स्टिक से हमला किया। जब तक वह दूसरा वार करता नौकर का सिर अपनी जगह से हट गया और वार आरुषि के माथे पर जा लगा।
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यह एक सारांश है: नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हेमराज हत्याकांड के लिए आज एक अहम दिन है। इस हत्याकांड में आरोपी राजेश और नूपुर तलवार के बयान गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को रिपब्लिकन पार्टी के अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप पर पांच अंकों की बढ़त मिली है और बीते एक महीने में उनकी छवि में भी सुधार हुआ है। हाल में जारी हुए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण ने इसका श्रेय डेमाक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को दिया है जो अपनी उम्मीदवार हिलेरी को लेकर उत्साह से लबरेज हैं।
बीते गुरुवार को फिलाडेल्फिया में संपन्न हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की सफलता के बाद पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की छवि में लगभग नौ अंकों का सुधार हुआ है।
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने अपने हाल के ही सर्वेक्षण के परिणामों को जारी करते हुए कहा, 'क्लिंटन और ट्रंप के बीच आमने-सामने की सीधी भिडंत में क्लिंटन को 50 फीसदी अंक मिले, उन्हें 45 अंक पाने वाले ट्रंप पर बढ़त मिली। एक महीने पहले हुए सर्वेक्षण में सभी क्षेत्रों को मिलाकर तय किए गए अंकों में ट्रंप के 41 के मुकाबले क्लिंटन को 45 अंक पाकर बढ़त मिली थी और आमने-सामने में ट्रंप के 44 के मुकाबले क्लिंटन को 48 अंकों के साथ बढ़त मिली थी। इसलिए कोई खास बदलाव नहीं आया है।' इसमें आगे कहा गया, 'लेकिन खास बदलाव नहीं होना दरअसल क्लिंटन के लिए अच्छी खबर है।'
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर यह लड़ाई भी साल 2012 के चुनाव वाला रूप लेती जा रही है, जब बराक ओबामा जीते थे। जितने अंतर से ओबामा जीते थे उसे किसी भी लिहाज से भारी-भरकम जीत तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह ठोस विजय जरूर थी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि दोनों पार्टियों के कन्वेंशन समाप्त हो चुके हैं और उनके कारण परिदृश्य में कुछ खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन चुनाव के जो अंतिम महीने बचे हैं, उनमें हिलेरी पसंद बनती दिख रही हैं।
पीपीपी का राष्ट्रीय सर्वेक्षण दोनों पार्टियों के कन्वेंशन के समापन के बाद किया गया है और इसके मुताबिक एक महीने पहले हिलेरी की जो छवि थी, उसमें बहुत हद तक सुधार आया है और वे सर्वेक्षण में सकारात्मक छवि के साथ उभरी हैं। हालांकि ट्रंप अब भी उतने ही अलोकप्रिय हैं जितने की वे कन्वेंशन से पहले थे।
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीते गुरुवार को फिलाडेल्फिया में संपन्न हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन की सफलता के बाद पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की छवि में लगभग नौ अंकों का सुधार हुआ है।
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने अपने हाल के ही सर्वेक्षण के परिणामों को जारी करते हुए कहा, 'क्लिंटन और ट्रंप के बीच आमने-सामने की सीधी भिडंत में क्लिंटन को 50 फीसदी अंक मिले, उन्हें 45 अंक पाने वाले ट्रंप पर बढ़त मिली। एक महीने पहले हुए सर्वेक्षण में सभी क्षेत्रों को मिलाकर तय किए गए अंकों में ट्रंप के 41 के मुकाबले क्लिंटन को 45 अंक पाकर बढ़त मिली थी और आमने-सामने में ट्रंप के 44 के मुकाबले क्लिंटन को 48 अंकों के साथ बढ़त मिली थी। इसलिए कोई खास बदलाव नहीं आया है।' इसमें आगे कहा गया, 'लेकिन खास बदलाव नहीं होना दरअसल क्लिंटन के लिए अच्छी खबर है।'
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर यह लड़ाई भी साल 2012 के चुनाव वाला रूप लेती जा रही है, जब बराक ओबामा जीते थे। जितने अंतर से ओबामा जीते थे उसे किसी भी लिहाज से भारी-भरकम जीत तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह ठोस विजय जरूर थी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि दोनों पार्टियों के कन्वेंशन समाप्त हो चुके हैं और उनके कारण परिदृश्य में कुछ खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन चुनाव के जो अंतिम महीने बचे हैं, उनमें हिलेरी पसंद बनती दिख रही हैं।
पीपीपी का राष्ट्रीय सर्वेक्षण दोनों पार्टियों के कन्वेंशन के समापन के बाद किया गया है और इसके मुताबिक एक महीने पहले हिलेरी की जो छवि थी, उसमें बहुत हद तक सुधार आया है और वे सर्वेक्षण में सकारात्मक छवि के साथ उभरी हैं। हालांकि ट्रंप अब भी उतने ही अलोकप्रिय हैं जितने की वे कन्वेंशन से पहले थे।
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने अपने हाल के ही सर्वेक्षण के परिणामों को जारी करते हुए कहा, 'क्लिंटन और ट्रंप के बीच आमने-सामने की सीधी भिडंत में क्लिंटन को 50 फीसदी अंक मिले, उन्हें 45 अंक पाने वाले ट्रंप पर बढ़त मिली। एक महीने पहले हुए सर्वेक्षण में सभी क्षेत्रों को मिलाकर तय किए गए अंकों में ट्रंप के 41 के मुकाबले क्लिंटन को 45 अंक पाकर बढ़त मिली थी और आमने-सामने में ट्रंप के 44 के मुकाबले क्लिंटन को 48 अंकों के साथ बढ़त मिली थी। इसलिए कोई खास बदलाव नहीं आया है।' इसमें आगे कहा गया, 'लेकिन खास बदलाव नहीं होना दरअसल क्लिंटन के लिए अच्छी खबर है।'
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर यह लड़ाई भी साल 2012 के चुनाव वाला रूप लेती जा रही है, जब बराक ओबामा जीते थे। जितने अंतर से ओबामा जीते थे उसे किसी भी लिहाज से भारी-भरकम जीत तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह ठोस विजय जरूर थी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि दोनों पार्टियों के कन्वेंशन समाप्त हो चुके हैं और उनके कारण परिदृश्य में कुछ खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन चुनाव के जो अंतिम महीने बचे हैं, उनमें हिलेरी पसंद बनती दिख रही हैं।
पीपीपी का राष्ट्रीय सर्वेक्षण दोनों पार्टियों के कन्वेंशन के समापन के बाद किया गया है और इसके मुताबिक एक महीने पहले हिलेरी की जो छवि थी, उसमें बहुत हद तक सुधार आया है और वे सर्वेक्षण में सकारात्मक छवि के साथ उभरी हैं। हालांकि ट्रंप अब भी उतने ही अलोकप्रिय हैं जितने की वे कन्वेंशन से पहले थे।
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पब्लिक पॉलिसी पोलिंग (पीपीपी) ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर यह लड़ाई भी साल 2012 के चुनाव वाला रूप लेती जा रही है, जब बराक ओबामा जीते थे। जितने अंतर से ओबामा जीते थे उसे किसी भी लिहाज से भारी-भरकम जीत तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह ठोस विजय जरूर थी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि दोनों पार्टियों के कन्वेंशन समाप्त हो चुके हैं और उनके कारण परिदृश्य में कुछ खास बदलाव नहीं आया है, लेकिन चुनाव के जो अंतिम महीने बचे हैं, उनमें हिलेरी पसंद बनती दिख रही हैं।
पीपीपी का राष्ट्रीय सर्वेक्षण दोनों पार्टियों के कन्वेंशन के समापन के बाद किया गया है और इसके मुताबिक एक महीने पहले हिलेरी की जो छवि थी, उसमें बहुत हद तक सुधार आया है और वे सर्वेक्षण में सकारात्मक छवि के साथ उभरी हैं। हालांकि ट्रंप अब भी उतने ही अलोकप्रिय हैं जितने की वे कन्वेंशन से पहले थे।
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीपीपी का राष्ट्रीय सर्वेक्षण दोनों पार्टियों के कन्वेंशन के समापन के बाद किया गया है और इसके मुताबिक एक महीने पहले हिलेरी की जो छवि थी, उसमें बहुत हद तक सुधार आया है और वे सर्वेक्षण में सकारात्मक छवि के साथ उभरी हैं। हालांकि ट्रंप अब भी उतने ही अलोकप्रिय हैं जितने की वे कन्वेंशन से पहले थे।
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीपीपी ने कहा, 'बीते एक महीने के दौरान हिलेरी की कुल लोकप्रियता (नेट फेवरेबिलिटी) में नौ अंकों का सुधार हुआ है। हालांकि वे अब भी कुछ खास लोकप्रिय नहीं हैं। 51 में से 45 अंक (यानी शून्य से छह अंक कम) अच्छे नहीं कहे जा सकते, लेकिन पिछले महीने उन्हें 54 में से 39 अंक (यानी शून्य से पंद्रह अंक कम) मिले थे, उससे तो यह ताजा आंकड़े ज्यादा बेहतर हैं।टिप्पणियां
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीपीपी ने आगे कहा, 'हिलेरी के अंक बढ़े हैं तो इसका श्रेय डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों को जाता है जो अपने उम्मीदवार के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। उन्होंने ही हिलेरी को 83:12 में से 76:15 की रेटिंग दिलवाई है। जबकि ट्रंप को कुल लोकप्रियता में शून्य से 22 अंक कम मिले हैं। 58 फीसदी मतदाताओं में से 36 फीसदी उन्हें लोकप्रिय मानते हैं। बीते जून माह में यह आंकड़ा 35:58 था। इसलिए इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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सारांश: बीते एक महीने में हिलेरी क्लिंटन की छवि में भी सुधार हुआ है : पीपीपी
क्लिंटन को ट्रंप से आमने-सामने की सीधी भिडंत में 50 फीसदी अंक मिले।
एक महीने पहले हुए सर्वेक्षण में सभी क्षेत्रों को मिलाकर तय किए गए अंक।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डीवी सदानंद गौड़ा आज मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के रूप में एक महत्वपूर्ण दावेदार के रूप में उभर कर सामने आए। माना जाता है कि येदियुरप्पा ने भाजपा के केंद्रीय आलाकमान को नए मुख्यमंत्री के रूप में उनका नाम सुझाया। पार्टी सूत्रों के अनुसार येदियुरप्पा आज अपराह्न एक बजे के बाद किसी भी समय कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद पार्टी विधायक दल की बैठक में उनके उत्तराधिकारी का चुनाव किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में मंत्रियों वीएस आचार्य जगदीश शेट्टर और शोभा करांदलजे तथा पार्टी महासचिव एचएन अनंत कुमार के नाम शामिल हैं लेकिन गौड़ा इन सबमें सबसे आगे प्रतीत होते हैं। येदियुरप्पा ने पार्टी पर्यवेक्षकों अरुण जेटली और राजनाथ सिंह से मुलाकात की और कुछ समय तक उनसे गुफ्तगू की। लोकसभा सांसद गौड़ा ने कहा आज से शुरू हो रहे सावन के महीने के साथ कर्नाटक भाजपा के सुनहरे दिन आएंगे। वर्ष 2008 में राज्य में जब भाजपा सत्ता में आई तो उस समय गौड़ा ही राज्य इकाई के अध्यक्ष थे। गठबंधन सरकार के तहत जनता दल :एस: द्वारा भाजपा को सत्ता स्थानांतरित नहीं किए जाने से उपजी सहानुभूति के चलते भाजपा को राज्य में जीत मिली और येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने जिन्होंने तीन दशक में पार्टी को उंचाइयों पर पहुंचा दिया। इस बीच येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के रूप में बरकरार रखने के लिए लॉबिंग कर रहे विधायकों ने स्वीकार कर लिया है कि उनका प्रयास सफल नहीं हुआ लेकिन कहा कि वह उनके साथ रहेंगे और उनके उत्तराधिकारी के लिए उनके पसंदीदा व्यक्ति के लिए जोर लगाएंगे। येदियुरप्पा का खेमा उन्हें राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाने के लिए दबाव डाल रहा है जिनकी मई 2013 में होने वाले अगले चुनाव में टिकट वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। केंद्रीय भाजपा से जुड़े सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते येदियुरप्पा द्वारा उत्तराधिकारी को लेकर कोई सलाह दिए जाने में कुछ भी गलत नहीं है।
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संक्षिप्त पाठ: डीवी सदानंद गौड़ा आज मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी के रूप में एक महत्वपूर्ण दावेदार के रूप में उभर कर सामने आए।
| 27
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि बिहार में मीडिया आजाद नहीं है। जस्टिस काटजू ने शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय में एक सेमिनार में कहा कि बिहार में भले ही कानून-व्यवस्था की हालत सुधर गई हो, लेकिन जहां तक मीडिया की आजादी का सवाल है, उस पर सरकार का काफी दबाव है।टिप्पणियां
हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनके पास इसका कोई ठोस आधार नहीं है और वह सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि मीडिया पर दबाव के आरोपों की जांच कराई जाए।
जस्टिस काटजू के मुताबिक अगर कोई सरकार के खिलाफ लिख देता है, तो उसका तबादला करवा दिया जाता है। जस्टिस काटजू के इन बयानों का कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र उनके बयान से सहमत नजर आए। जिस वक्त यह सब चल रहा था, उस समय बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर भी मंच पर मौजूद थे।
हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनके पास इसका कोई ठोस आधार नहीं है और वह सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि मीडिया पर दबाव के आरोपों की जांच कराई जाए।
जस्टिस काटजू के मुताबिक अगर कोई सरकार के खिलाफ लिख देता है, तो उसका तबादला करवा दिया जाता है। जस्टिस काटजू के इन बयानों का कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र उनके बयान से सहमत नजर आए। जिस वक्त यह सब चल रहा था, उस समय बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर भी मंच पर मौजूद थे।
जस्टिस काटजू के मुताबिक अगर कोई सरकार के खिलाफ लिख देता है, तो उसका तबादला करवा दिया जाता है। जस्टिस काटजू के इन बयानों का कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र उनके बयान से सहमत नजर आए। जिस वक्त यह सब चल रहा था, उस समय बिहार के राज्यपाल देवानंद कुंवर भी मंच पर मौजूद थे।
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संक्षिप्त पाठ: प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि बिहार में भले ही कानून-व्यवस्था की हालत सुधर गई हो, लेकिन मीडिया पर सरकार का काफी दबाव है।
| 14
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने भत्तों पर दी गई 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 34 संशोधनों के साथ स्वीकार कर लिया है, जिसे लागू करने पर कुल 30,748.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, "संबंधित मंत्रालयों को अब यह सलाह दी गई है कि वे अपने मंत्रालय से संबंधित भत्तों पर अपने आदेश को तत्काल जारी करें, ताकि भत्तों की संशोधित दरों को सरकारी कर्मचारियों के चालू माह के वेतन बिलों में समाहित किया जा सके."
इस कदम से 48 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा. यह अधिसूचना भारत सरकार के गजट में गुरुवार को प्रकाशित की गई और यह 1 जुलाई से लागू होगा.
सरकार ने विशिष्ट कार्यरत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 12 भत्तों को समाप्त न करने का निर्णय लिया है. कई भत्तों के विशिष्ट स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विलय किये जाने वाले 37 भत्तों में से 3 भत्तों की अलग पहचान आगे भी बनी रहेगी. आवास किराया भत्ता (एचआरए) का भुगतान क्रमश: एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए 24, 16 और 8 फीसदी की दर से किया जाएगा.
एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए एचआरए 5400, 3600 एवं 1800 रुपये से कम नहीं होगा, 18000 रुपये के न्यूनतम वेतन के 30, 20 एवं 10 फीसदी की दर से इसकी गणना की जाएगी, इससे 7.5 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे.
7वें वेतन आयोग ने डीए के 50 एवं 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की स्थिति में एचआरए में संशोधन की सिफारिश की थी, हालांकि सरकार ने डीए के क्रमश: 25 एवं 50 फीसदी से ज्यादा होने की स्थिति में दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है.टिप्पणियां
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
इस कदम से 48 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा. यह अधिसूचना भारत सरकार के गजट में गुरुवार को प्रकाशित की गई और यह 1 जुलाई से लागू होगा.
सरकार ने विशिष्ट कार्यरत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 12 भत्तों को समाप्त न करने का निर्णय लिया है. कई भत्तों के विशिष्ट स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विलय किये जाने वाले 37 भत्तों में से 3 भत्तों की अलग पहचान आगे भी बनी रहेगी. आवास किराया भत्ता (एचआरए) का भुगतान क्रमश: एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए 24, 16 और 8 फीसदी की दर से किया जाएगा.
एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए एचआरए 5400, 3600 एवं 1800 रुपये से कम नहीं होगा, 18000 रुपये के न्यूनतम वेतन के 30, 20 एवं 10 फीसदी की दर से इसकी गणना की जाएगी, इससे 7.5 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे.
7वें वेतन आयोग ने डीए के 50 एवं 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की स्थिति में एचआरए में संशोधन की सिफारिश की थी, हालांकि सरकार ने डीए के क्रमश: 25 एवं 50 फीसदी से ज्यादा होने की स्थिति में दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है.टिप्पणियां
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
सरकार ने विशिष्ट कार्यरत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 12 भत्तों को समाप्त न करने का निर्णय लिया है. कई भत्तों के विशिष्ट स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विलय किये जाने वाले 37 भत्तों में से 3 भत्तों की अलग पहचान आगे भी बनी रहेगी. आवास किराया भत्ता (एचआरए) का भुगतान क्रमश: एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए 24, 16 और 8 फीसदी की दर से किया जाएगा.
एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए एचआरए 5400, 3600 एवं 1800 रुपये से कम नहीं होगा, 18000 रुपये के न्यूनतम वेतन के 30, 20 एवं 10 फीसदी की दर से इसकी गणना की जाएगी, इससे 7.5 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे.
7वें वेतन आयोग ने डीए के 50 एवं 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की स्थिति में एचआरए में संशोधन की सिफारिश की थी, हालांकि सरकार ने डीए के क्रमश: 25 एवं 50 फीसदी से ज्यादा होने की स्थिति में दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है.टिप्पणियां
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
एक्स, वाई एवं जेड शहरों के लिए एचआरए 5400, 3600 एवं 1800 रुपये से कम नहीं होगा, 18000 रुपये के न्यूनतम वेतन के 30, 20 एवं 10 फीसदी की दर से इसकी गणना की जाएगी, इससे 7.5 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी लाभान्वित होंगे.
7वें वेतन आयोग ने डीए के 50 एवं 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की स्थिति में एचआरए में संशोधन की सिफारिश की थी, हालांकि सरकार ने डीए के क्रमश: 25 एवं 50 फीसदी से ज्यादा होने की स्थिति में दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है.टिप्पणियां
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
7वें वेतन आयोग ने डीए के 50 एवं 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचने की स्थिति में एचआरए में संशोधन की सिफारिश की थी, हालांकि सरकार ने डीए के क्रमश: 25 एवं 50 फीसदी से ज्यादा होने की स्थिति में दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है.टिप्पणियां
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
अत्यंत जोखिम एवं कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सियाचिन भत्ते की दरों को 14000 रुपये प्रति माह (सैनिकों के लिए) से बढ़ाकर 30000 रुपये और 21000 रुपये प्रति माह (अधिकारियों के लिए) से बढ़ाकर 42500 रुपये कर दिया गया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
सरकार ने रखरखाव के साथ-साथ साफ-सफाई की निहायत जरूरत को ध्यान में रखते हुए नर्सों को हर महीने ड्रेस भत्ता देने का निर्णय लिया है. विशेष संरक्षण समूह के लिए ड्रेस भत्ते की ऊंची दर को सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सातवें वेतन आयोग में अलाउंसेस को लेकर रहा है असंतोष.
एक साल बाद कर्मचारियों मिला यह फैसला.
कर्मचारियों ने की थी कई मांगे.
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: मोहाली में इंग्लैंड को हराकर भारतीय क्रिकेट टीम ने पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। अब यह श्रृंखला उसके नाम हो चुकी है लेकिन इस वर्ष गर्मियों में टेस्ट श्रृंखला में मिली 0-4 की हार महेंद्र सिंह धोनी की टीम को पूरे सत्र में सालती रहेगी। इसका कारण यह है कि इस सत्र में भारत और इंग्लैंड के बीच कोई और टेस्ट श्रृंखला नहीं होनी है। अप्रैल-2012 में समाप्त हो रहे इस सत्र में भारत को वेस्टइंडीज के साथ तीन, ऑस्ट्रेलिया के साथ चार और अगर सम्भव हुआ तो पाकिस्तान के साथ तीन टेस्ट मैच खेलने हैं। पाकिस्तान और वेस्टइंडीज भारत दौरा करेंगे जबकि भारतीय टीम को दिसम्बर में ऑस्ट्रेलिया दौरा करना है। भारत और इंग्लैंड की अगली भिड़ंत अब नवम्बर-दिसम्बर 2012 में होनी है। उस समय इंग्लिश टीम चार टेस्ट मैचों के लिए भारत का दौरा करेगी। यही वह मौका होगा, जब धोनी के साथी इंग्लैंड से पिछली हार का हिसाब बराबर करना चाहेंगे। उस दौरे में इंग्लिश टीम सात एकदिवसीय और एक ट्वेंटी-20 मैच भी खेलेगी। इस लिहाज से भारत के पास एकदिवसीय मैचों में लगातार दूसरी बार इंग्लिश टीम को शर्मसार करने का मौका होगा क्योंकि बीते 28 वर्षों से इंग्लिश टीम ने भारत में कोई श्रृंखला नहीं जीती है। इंग्लैंड के हाथों इंग्लैंड में मिली 0-4 की हार ने भारत को न सिर्फ शर्मसार किया था बल्कि उससे सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेस्ट टीम का ताज भी छीन लिया था। इसके बाद इंग्लिश टीम ने भारत को एकदिवसीय रैंकिंग में भी पांचवें क्रम पर धकेल दिया था लेकिन हैदराबाद में मिली जीत के बाद भारत ने यह स्थान पुन: हासिल कर लिया था।
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संक्षिप्त सारांश: मोहाली में इंग्लैंड को हराकर भारतीय क्रिकेट टीम ने पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
| 29
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त में कालेधन के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए बनाए गए एक नए कानून के तहत संपत्ति रखने वालों के लिए सात साल तक के कठोर कारावास की सजा और जुर्माना हो सकता है. ऐसा रीयल एस्टेट क्षेत्र में कालेधन के प्रवाह को कम करने के लिए सरकार द्वारा पारित किए गए एक नए विधेयक की वजह से संभव हो सकेगा.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हाल ही में बेनामी लेनदेन निषेध (संशोधन) कानून-2016 पर हस्ताक्षर किया और यह अधिनियम अधिसूचित किया जा चुका है. इस में बेनामी संपत्ति को जब्त करने और इसके खिलाफ भारी जुर्माने का प्रावधान है.टिप्पणियां
इसके तहत वह सम्पत्ति बेनामी संपत्ति मानी जाएगी जो किसी और व्यक्ति के नाम हो या हस्तांतरित की गयी हो लेकिन उसका प्रावधान या भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया हो. इस तरह का सौदा बेनामी सम्पत्ति के प्रावधान या भुगतान करने वाले को तत्काल या भविष्य में लाभ पहुंचाने के उद्येश्य से किया गया होता है.
बेनामी लेनदेन कानून 1988 में संशोधन के लिए इस विधेयक को पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष 13 मई को लोकसभा में पेश किया था उसके बाद उसे वित्त मामलों की संसदीय स्थायीह समिति के पास भेज दिया गया. समिति ने इस पर अपनी रपट गत 28 अप्रैल को दी. लोकसभा ने इस विधेयक को 27 जुलाई को पारित किया और राज्यसभा ने दो अगस्त को इसे मंजूरी दी.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हाल ही में बेनामी लेनदेन निषेध (संशोधन) कानून-2016 पर हस्ताक्षर किया और यह अधिनियम अधिसूचित किया जा चुका है. इस में बेनामी संपत्ति को जब्त करने और इसके खिलाफ भारी जुर्माने का प्रावधान है.टिप्पणियां
इसके तहत वह सम्पत्ति बेनामी संपत्ति मानी जाएगी जो किसी और व्यक्ति के नाम हो या हस्तांतरित की गयी हो लेकिन उसका प्रावधान या भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया हो. इस तरह का सौदा बेनामी सम्पत्ति के प्रावधान या भुगतान करने वाले को तत्काल या भविष्य में लाभ पहुंचाने के उद्येश्य से किया गया होता है.
बेनामी लेनदेन कानून 1988 में संशोधन के लिए इस विधेयक को पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष 13 मई को लोकसभा में पेश किया था उसके बाद उसे वित्त मामलों की संसदीय स्थायीह समिति के पास भेज दिया गया. समिति ने इस पर अपनी रपट गत 28 अप्रैल को दी. लोकसभा ने इस विधेयक को 27 जुलाई को पारित किया और राज्यसभा ने दो अगस्त को इसे मंजूरी दी.
इसके तहत वह सम्पत्ति बेनामी संपत्ति मानी जाएगी जो किसी और व्यक्ति के नाम हो या हस्तांतरित की गयी हो लेकिन उसका प्रावधान या भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया हो. इस तरह का सौदा बेनामी सम्पत्ति के प्रावधान या भुगतान करने वाले को तत्काल या भविष्य में लाभ पहुंचाने के उद्येश्य से किया गया होता है.
बेनामी लेनदेन कानून 1988 में संशोधन के लिए इस विधेयक को पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष 13 मई को लोकसभा में पेश किया था उसके बाद उसे वित्त मामलों की संसदीय स्थायीह समिति के पास भेज दिया गया. समिति ने इस पर अपनी रपट गत 28 अप्रैल को दी. लोकसभा ने इस विधेयक को 27 जुलाई को पारित किया और राज्यसभा ने दो अगस्त को इसे मंजूरी दी.
बेनामी लेनदेन कानून 1988 में संशोधन के लिए इस विधेयक को पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष 13 मई को लोकसभा में पेश किया था उसके बाद उसे वित्त मामलों की संसदीय स्थायीह समिति के पास भेज दिया गया. समिति ने इस पर अपनी रपट गत 28 अप्रैल को दी. लोकसभा ने इस विधेयक को 27 जुलाई को पारित किया और राज्यसभा ने दो अगस्त को इसे मंजूरी दी.
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जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त में कालेधन के प्रयोग पर अंकुश की कोशिश
बेनामी संपत्ति के दोषियों को 7 साल की कठोर सजा, जुर्माना
इस प्रावधान वाले विधेयक को संसद ने पारित कर दिया है
| 1
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन की एक महिला सैनिक ने अफगानिस्तान में नाटो के उस सैन्य शिविर में बच्चे को जन्म दिया है, जिस पर कुछ दिन पहले तालिबान ने हमला किया था।
ब्रिटिश मीडिया की खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत स्थित कैम्प बेस्टन में मंगलवार को बच्चे को जन्म देने वाली ब्रिटिश सैनिक इस बारे में नहीं जानती थी कि वह गर्भवती है। उसे समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
गत 14 सितंबर को तालिबान द्वारा इस शिविर पर किए गए आत्मघाती हमले में अमेरिका के दो मैरीन सैनिक मारे गए थे और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। इसी शिविर में प्रिंस हैरी तैनात हैं।
जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर बताई जाती है और वे ऑक्सफोर्ड अस्पताल से विशेषज्ञ के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें ब्रिटेन लाया जाएगा।टिप्पणियां
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिटिश सैनिक ने 18 सितंबर को कैम्प बेस्टन फील्ड हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रक्षा मतंत्रालय को इस महिला सैनिक के गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी। सेना की नीति के अनुसार गर्भवती महिला को सैनिकों के अभियानों में तैनात नहीं किया जाता।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
ब्रिटिश मीडिया की खबरों में कहा गया है कि अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत स्थित कैम्प बेस्टन में मंगलवार को बच्चे को जन्म देने वाली ब्रिटिश सैनिक इस बारे में नहीं जानती थी कि वह गर्भवती है। उसे समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
गत 14 सितंबर को तालिबान द्वारा इस शिविर पर किए गए आत्मघाती हमले में अमेरिका के दो मैरीन सैनिक मारे गए थे और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। इसी शिविर में प्रिंस हैरी तैनात हैं।
जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर बताई जाती है और वे ऑक्सफोर्ड अस्पताल से विशेषज्ञ के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें ब्रिटेन लाया जाएगा।टिप्पणियां
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिटिश सैनिक ने 18 सितंबर को कैम्प बेस्टन फील्ड हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रक्षा मतंत्रालय को इस महिला सैनिक के गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी। सेना की नीति के अनुसार गर्भवती महिला को सैनिकों के अभियानों में तैनात नहीं किया जाता।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
गत 14 सितंबर को तालिबान द्वारा इस शिविर पर किए गए आत्मघाती हमले में अमेरिका के दो मैरीन सैनिक मारे गए थे और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। इसी शिविर में प्रिंस हैरी तैनात हैं।
जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर बताई जाती है और वे ऑक्सफोर्ड अस्पताल से विशेषज्ञ के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें ब्रिटेन लाया जाएगा।टिप्पणियां
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिटिश सैनिक ने 18 सितंबर को कैम्प बेस्टन फील्ड हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रक्षा मतंत्रालय को इस महिला सैनिक के गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी। सेना की नीति के अनुसार गर्भवती महिला को सैनिकों के अभियानों में तैनात नहीं किया जाता।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर बताई जाती है और वे ऑक्सफोर्ड अस्पताल से विशेषज्ञ के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें ब्रिटेन लाया जाएगा।टिप्पणियां
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिटिश सैनिक ने 18 सितंबर को कैम्प बेस्टन फील्ड हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रक्षा मतंत्रालय को इस महिला सैनिक के गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी। सेना की नीति के अनुसार गर्भवती महिला को सैनिकों के अभियानों में तैनात नहीं किया जाता।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिटिश सैनिक ने 18 सितंबर को कैम्प बेस्टन फील्ड हॉस्पिटल में एक बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रक्षा मतंत्रालय को इस महिला सैनिक के गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी। सेना की नीति के अनुसार गर्भवती महिला को सैनिकों के अभियानों में तैनात नहीं किया जाता।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल के अनुसार यह महिला सैनिक फिजी निवासी बताई जाती है। उसे अपने गर्भवती होने का तभी पता चला जब उसने डॉक्टरों को पेट में जबर्दस्त दर्द होने की शिकायत की। उसे बताया गया कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। इस महिला सैनिक को समय से पांच हफ्ते पहले प्रसव पीड़ा हुई।
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यहाँ एक सारांश है:ब्रिटेन की एक महिला सैनिक ने अफगानिस्तान में नाटो के उस सैन्य शिविर में बच्चे को जन्म दिया है, जिस पर कुछ दिन पहले तालिबान ने हमला किया था।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा किसानों के कर्ज माफ किए जाने की घोषणा के बाद अब महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में सहयोगी शिवसेना ने भी राज्य के किसानों के लिए कर्जमाफी की मांग शुरू कर दी है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2 करोड़ 15 लाख किसानों के 36 हजार 359 करोड़ रुपये माफ करने के लिए बधाई दी. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिखाया है कि कर्ज माफ करना महज 'चुनावी जुमला' नहीं है.
उद्धव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने किसानों को ऋण के बोझ से राहत दिलाई है. तुरंत फैसला लेने के लिए मैं उनको बधाई देता हूं. उन्होंने कहा, मैं (महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस से अपील करता हूं कि आदित्यनाथ के कदमों पर चलें और ऋण माफी की घोषणा करें. शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र दोनों स्थानों पर सरकार में भाजपा की सहयोगी है.टिप्पणियां
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा कि वादों को पूरा नहीं करना सत्तारूढ़ पार्टी की विशेषता है. पवार ने पनवेल में विपक्षी पार्टियों की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, लोगों के वादे पूरा नहीं करना बीजेपी की विशेषता है. इस रैली के साथ विपक्ष की सप्ताह भर लंबी संघर्ष यात्रा खत्म हो गई. इस रैली का मकसद महाराष्ट्र में किसानों के लिए कर्ज माफी की मांग करना था.
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि यात्रा बीजेपी सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह तेज होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चंद्रपुर का दौरा किया, फिर भी एक किसान ने आत्महत्या कर ली. चव्हाण ने दावा किया कि इस किसान का शव पेड़ से आठ घंटे तक लटका रहा.
उद्धव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने किसानों को ऋण के बोझ से राहत दिलाई है. तुरंत फैसला लेने के लिए मैं उनको बधाई देता हूं. उन्होंने कहा, मैं (महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस से अपील करता हूं कि आदित्यनाथ के कदमों पर चलें और ऋण माफी की घोषणा करें. शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र दोनों स्थानों पर सरकार में भाजपा की सहयोगी है.टिप्पणियां
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा कि वादों को पूरा नहीं करना सत्तारूढ़ पार्टी की विशेषता है. पवार ने पनवेल में विपक्षी पार्टियों की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, लोगों के वादे पूरा नहीं करना बीजेपी की विशेषता है. इस रैली के साथ विपक्ष की सप्ताह भर लंबी संघर्ष यात्रा खत्म हो गई. इस रैली का मकसद महाराष्ट्र में किसानों के लिए कर्ज माफी की मांग करना था.
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि यात्रा बीजेपी सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह तेज होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चंद्रपुर का दौरा किया, फिर भी एक किसान ने आत्महत्या कर ली. चव्हाण ने दावा किया कि इस किसान का शव पेड़ से आठ घंटे तक लटका रहा.
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा कि वादों को पूरा नहीं करना सत्तारूढ़ पार्टी की विशेषता है. पवार ने पनवेल में विपक्षी पार्टियों की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, लोगों के वादे पूरा नहीं करना बीजेपी की विशेषता है. इस रैली के साथ विपक्ष की सप्ताह भर लंबी संघर्ष यात्रा खत्म हो गई. इस रैली का मकसद महाराष्ट्र में किसानों के लिए कर्ज माफी की मांग करना था.
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि यात्रा बीजेपी सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह तेज होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चंद्रपुर का दौरा किया, फिर भी एक किसान ने आत्महत्या कर ली. चव्हाण ने दावा किया कि इस किसान का शव पेड़ से आठ घंटे तक लटका रहा.
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि यात्रा बीजेपी सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह तेज होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चंद्रपुर का दौरा किया, फिर भी एक किसान ने आत्महत्या कर ली. चव्हाण ने दावा किया कि इस किसान का शव पेड़ से आठ घंटे तक लटका रहा.
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यहाँ एक सारांश है:'महाराष्ट्र में भी माफ किए जाएं किसानों के कर्ज'
'यूपी सीएम ने साबित किया, कर्जमाफी चुनावी जुमला नहीं'
'आदित्यनाथ के कदमों पर चलें देवेंद्र फडणवीस'
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: अन्ना हजारे ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी को कथित तौर पर एक महिला के साथ आपत्तिजनक मुद्रा में दिखाने वाली सीडी के मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे देनी चाहिए।
हजारे ने कहा, ‘यदि सिंघवी को दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे देनी चाहिए।’
हजारे फिलहाल महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून के लिए अपने अभियान के तहत राज्य के दौरे पर निकले हुए हैं।टिप्पणियां
सिंघवी ने सीडी विवाद के सामने आने के बाद पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था हालांकि उनका कहना था कि सीडी फर्जी है।
हजारे ने यह भी कहा कि मजबूत लोकपाल आने से भ्रष्ट अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी वेबसाइट पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
हजारे ने कहा, ‘यदि सिंघवी को दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे देनी चाहिए।’
हजारे फिलहाल महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून के लिए अपने अभियान के तहत राज्य के दौरे पर निकले हुए हैं।टिप्पणियां
सिंघवी ने सीडी विवाद के सामने आने के बाद पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था हालांकि उनका कहना था कि सीडी फर्जी है।
हजारे ने यह भी कहा कि मजबूत लोकपाल आने से भ्रष्ट अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी वेबसाइट पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
हजारे फिलहाल महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून के लिए अपने अभियान के तहत राज्य के दौरे पर निकले हुए हैं।टिप्पणियां
सिंघवी ने सीडी विवाद के सामने आने के बाद पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था हालांकि उनका कहना था कि सीडी फर्जी है।
हजारे ने यह भी कहा कि मजबूत लोकपाल आने से भ्रष्ट अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी वेबसाइट पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
सिंघवी ने सीडी विवाद के सामने आने के बाद पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था हालांकि उनका कहना था कि सीडी फर्जी है।
हजारे ने यह भी कहा कि मजबूत लोकपाल आने से भ्रष्ट अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी वेबसाइट पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
हजारे ने यह भी कहा कि मजबूत लोकपाल आने से भ्रष्ट अफसरों को जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी वेबसाइट पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
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यह एक सारांश है: अन्ना हजारे ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी को कथित तौर पर एक महिला के साथ आपत्तिजनक मुद्रा में दिखाने वाली सीडी के मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे देनी चाहिए।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता को वैधानिक दर्जा दिए जाने के किसी भी कदम का विरोध करते हुए कहा है कि वर्तमान व्यवस्था ठीक से काम कर रही है।टिप्पणियां
मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने शनिवार को कहा, ‘आचार संहिता को वैधानिक दर्जा देने का सुझाव काफी अस्पष्ट है..जब हमें किसी भी तरह की शक्ति की आवश्यकता नहीं है तब आप क्यों हमें जबर्दस्ती इसे देना चाहते हैं।’
कुरैशी ने कहा, ‘आचार संहिता तुरंत कार्रवाई के समान है, यह आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र के समान है। यदि यह मामला अदालत में जाता है तो इस पर छह से सात साल लग सकता है, यह काफी प्रभावशाली है। पिछले तीन-चार साल में एक-दूसरे के खिलाफ एक भी नफरत वाले भाषण या निजी हमले नहीं हुए हैं। कई कानूनों की अपेक्षा में यह काफी प्रभावशाली है।’
मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने शनिवार को कहा, ‘आचार संहिता को वैधानिक दर्जा देने का सुझाव काफी अस्पष्ट है..जब हमें किसी भी तरह की शक्ति की आवश्यकता नहीं है तब आप क्यों हमें जबर्दस्ती इसे देना चाहते हैं।’
कुरैशी ने कहा, ‘आचार संहिता तुरंत कार्रवाई के समान है, यह आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र के समान है। यदि यह मामला अदालत में जाता है तो इस पर छह से सात साल लग सकता है, यह काफी प्रभावशाली है। पिछले तीन-चार साल में एक-दूसरे के खिलाफ एक भी नफरत वाले भाषण या निजी हमले नहीं हुए हैं। कई कानूनों की अपेक्षा में यह काफी प्रभावशाली है।’
कुरैशी ने कहा, ‘आचार संहिता तुरंत कार्रवाई के समान है, यह आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र के समान है। यदि यह मामला अदालत में जाता है तो इस पर छह से सात साल लग सकता है, यह काफी प्रभावशाली है। पिछले तीन-चार साल में एक-दूसरे के खिलाफ एक भी नफरत वाले भाषण या निजी हमले नहीं हुए हैं। कई कानूनों की अपेक्षा में यह काफी प्रभावशाली है।’
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चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता को वैधानिक दर्जा दिए जाने के किसी भी कदम का विरोध करते हुए कहा है कि वर्तमान व्यवस्था ठीक से काम कर रही है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: लंदन और आसपास के इलाकों में हो रहे दंगों के मद्देनजर भारत और इंग्लैंड के क्रिकेटरों को शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले अपने-अपने होटल में ही रुकने की सलाह दी गई है। टीम मैनेजर अनिरूद्ध चौधरी ने बताया, हमें बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि कल रात जहां थे, वहीं रहें। हमें बाहर आने जाने से मना किया गया है। उन्होंने ई-मेल से कहा, भारतीय टीम के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। टीम प्रबंधन हालात पर नजर रखे हुए हैं। भारतीय टीम शहर के बीचोंबीच होटल में ठहरी हैं जहां इंग्लैंड की टीम भी है। यह इलाका भी दंगाग्रस्त क्षेत्र में आता है। अभी तक दंगों के सिलसिले में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा की शुरुआत तब हुई जब कथित रूप से पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। डेली मेल के अनुसार हिंसा बर्मिघम तक पहुंच गई है और यही वजह है कि दोनों टीमों के क्रिकेटरों को बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है।
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यहाँ एक सारांश है:लंदन और आसपास के इलाकों में हो रहे दंगों के मद्देनजर भारत और इंग्लैंड के क्रिकेटरों को होटल में ही रुकने की सलाह दी गई है।
| 4
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि वह आर्थिक सुधारों की पक्षधर है लेकिन मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) राष्ट्रीय हितों के विपरीत है इसलिए खारिज करती है।
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आर्थिक सुधारों पर प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "देश के खिलाफ जो भी सुधार होगा हम उसका विरोध करेंगे और उसे खारिज करेंगे। हम सुधारों के विरोधी नहीं हैं लेकिन प्रत्येक बदलाव सुधार नहीं होता है। कुछ परिवर्तन राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाते हैं।"
पार्टी द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई से विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार घटेंगे और खुदरा क्षेत्र में रोजगार का सृजन नहीं होगा, जैसा कि सरकार कह रही है।
केंद्र सरकार ने मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई में 51 फीसदी की मंजूरी देते हुए कहा था कि इससे मध्यस्थों का खात्मा होगा और किसान लाभान्वित होंगे।
जेटली ने कहा, "यह झूठ है। लाभ विदेशी कम्पनी को होगा न कि किसानों को।"टिप्पणियां
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आर्थिक सुधारों पर प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "देश के खिलाफ जो भी सुधार होगा हम उसका विरोध करेंगे और उसे खारिज करेंगे। हम सुधारों के विरोधी नहीं हैं लेकिन प्रत्येक बदलाव सुधार नहीं होता है। कुछ परिवर्तन राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाते हैं।"
पार्टी द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई से विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार घटेंगे और खुदरा क्षेत्र में रोजगार का सृजन नहीं होगा, जैसा कि सरकार कह रही है।
केंद्र सरकार ने मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई में 51 फीसदी की मंजूरी देते हुए कहा था कि इससे मध्यस्थों का खात्मा होगा और किसान लाभान्वित होंगे।
जेटली ने कहा, "यह झूठ है। लाभ विदेशी कम्पनी को होगा न कि किसानों को।"टिप्पणियां
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
पार्टी द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई से विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार घटेंगे और खुदरा क्षेत्र में रोजगार का सृजन नहीं होगा, जैसा कि सरकार कह रही है।
केंद्र सरकार ने मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई में 51 फीसदी की मंजूरी देते हुए कहा था कि इससे मध्यस्थों का खात्मा होगा और किसान लाभान्वित होंगे।
जेटली ने कहा, "यह झूठ है। लाभ विदेशी कम्पनी को होगा न कि किसानों को।"टिप्पणियां
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
केंद्र सरकार ने मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई में 51 फीसदी की मंजूरी देते हुए कहा था कि इससे मध्यस्थों का खात्मा होगा और किसान लाभान्वित होंगे।
जेटली ने कहा, "यह झूठ है। लाभ विदेशी कम्पनी को होगा न कि किसानों को।"टिप्पणियां
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
जेटली ने कहा, "यह झूठ है। लाभ विदेशी कम्पनी को होगा न कि किसानों को।"टिप्पणियां
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जेटली ने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि एफडीआई से खुदरा क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खुदरा कम्पनियों ने अतिरिक्त रोजगार सृजन की जगह पुराने रोजगार को खत्म कर दिया।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर आधारित प्रस्ताव के अनुसार जेटली ने कहा कि चीन का उदाहरण देना गलत है।
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यह एक सारांश है: भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह आर्थिक सुधारों की पक्षधर है लेकिन मल्टीब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश राष्ट्रीय हितों के विपरीत है इसलिए खारिज करती है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से जो बोगी पलट गई थी, उसमें से दो बच्चों को जीवित बाहर निकाला गया है. इससे बचावकर्मियों को उम्मीद की किरण नजर आई है और वे धातुओं के जंजाल और बिखरे सामान के बीच जिंदा बचे लोगों को खोज रहे हैं. छह और सात साल के दो बच्चों को एस थ्री बोगी से निकाला गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों के निकट एक महिला मृत मिली है, जो संभवत: उनकी मां हो सकती है. एनडीआरएफ के कमांडेंट एके सिंह ने बताया कि एक अन्य कोच में दो लड़कियां फंसी हुई हैं.
उन्होंने कहा, 'बुरी तरह क्षतिग्रस्त एक अन्य कोच में दो लड़कियां अभी भी फंसी हुई हैं. उन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें बचा लिया जाएगा. इसके बाद हम शवों को खोजने के लिए तलाशी अभियान चलाएंगे.'टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि यहां भीड़ जमा हो रही है, जो एक बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे बचाव अभियान बाधित हो रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों के निकट एक महिला मृत मिली है, जो संभवत: उनकी मां हो सकती है. एनडीआरएफ के कमांडेंट एके सिंह ने बताया कि एक अन्य कोच में दो लड़कियां फंसी हुई हैं.
उन्होंने कहा, 'बुरी तरह क्षतिग्रस्त एक अन्य कोच में दो लड़कियां अभी भी फंसी हुई हैं. उन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें बचा लिया जाएगा. इसके बाद हम शवों को खोजने के लिए तलाशी अभियान चलाएंगे.'टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि यहां भीड़ जमा हो रही है, जो एक बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे बचाव अभियान बाधित हो रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'बुरी तरह क्षतिग्रस्त एक अन्य कोच में दो लड़कियां अभी भी फंसी हुई हैं. उन्हें बाहर निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें बचा लिया जाएगा. इसके बाद हम शवों को खोजने के लिए तलाशी अभियान चलाएंगे.'टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि यहां भीड़ जमा हो रही है, जो एक बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे बचाव अभियान बाधित हो रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंह ने बताया कि यहां भीड़ जमा हो रही है, जो एक बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे बचाव अभियान बाधित हो रहा है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त सारांश: छह और सात साल के ये बच्चे इंदौर-पटना एक्सप्रेस की S-3 बोगी से मिले हैं
इन बच्चों के पास एक महिला मृत मिली है, जो संभवत: उनकी मां हो सकती हैं
इस बच्चों के जीवत मिलने से बचावकर्मियों को उम्मीद की किरण नजर आई है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: हरियाणा के मुख्यमंत्री व बीजेपी प्रत्याशी मनोहरलाल खट्टर ने करनाल सीट से और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक जिले के गढ़ी सांपला-किलोई सीट से जीत हासिल की है. खट्टर ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तरलोचन सिंह को 45,188 मतों से हरा दिया.
बीजेपी के निवर्तमान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, ओपी धनखड़, रामबिलास शर्मा, कविता जैन, कृष्णलाल पंवार, मनीष ग्रोवर और कृष्ण कुमार बेदी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि बावल क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार और लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी मंत्री बनवारी लाल जीत हासिल करने में सफल हुए. स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अंबाला छावनी सीट से इस बार भी जीते. दो मंत्रियों राव नरबीर सिंह और विपुल गोयल को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया था.
कांग्रेस के मौजूदा विधायक कुलदीप बिश्नोई ने बीजेपी की उम्मीदवार टिकटॉक सेलिब्रिटी सोनाली फोगाट को 29,000 वोटों से पराजित कर दिया और अपनी आदमपुर विधानसभा सीट बरकार रखी. जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला और उनकी मां नैना चौटाला ने क्रमश: उचाना कलां और बड़हरा सीटें जीतीं.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला फतेहाबाद जिले में टोहाना विधानसभा सीट से जेजेपी के देवेंद्र सिंह बबली से 20,000 से अधिक वोटों से पराजित हो गए. चुनाव परिणाम के बाद बराला के पद से इस्तीफा देने की खबर आई हालांकि उन्होंने इसे अफवाह बताकर खारिज कर दिया.
बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान संदीप सिंह ने पिहोवा में कांग्रेस के मनदीप चट्ठा को हरा दिया. इस विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी पहली बार जीती है. सोनीपत जिले की बरोदा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार और अंतर्राष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त को हार का सामना करना पड़ा. यही नहीं दादरी सीट पर बीजेपी की प्रत्याशी पहलवान बबीता फोगाट भी हार गईं. बीजेपी की विधायक प्रेमलता, जो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की पत्नी हैं, इस चुनान में हार गईं. उन्हें जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने जींद जिले की उचाना कलां विधानसभा सीट पर पटखनी दे दी.
कांग्रेस को बड़ा झटका इसे राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला की हार से लगा. सुरजेवाला को बीजेपी प्रत्याशी लीलाराम सिर्फ 1,246 वोटों से हराने में सफल हो गए. कांग्रेस नेता किरण चौधरी तोशाम सीट पर 12,000 से अधिक मतों से जीत गईं.
(इनपुट एजेंसियों से भी)
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यहाँ एक सारांश है:हरियाणा में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, कई मंत्री हारे
बीजेपी के अधिकतर खिलाड़ी उम्मीदवार परास्त
हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा बनना तय हो गया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनके राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 11 प्रतिशत रही है जो चीन की विकास दर से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र की विकास दर भी 9.6 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है। नौंवे प्रवासी भारतीय दिवस के तीसरे और अंतिम दिन मोदी ने कहा कि पूरे देश में कृषि क्षेत्र की विकास दर तीन प्रतिशत है लेकिन गुजरात में इस क्षेत्र की विकास दर पिछले कुछ वर्षो से 9.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, "कृषि क्षेत्र में विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम हुई है।" इससे पहले योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के दृष्टि पत्र पर अनिवासी भारतीयों से सुझाव मांगे थे। 'समेकित विकास पर मुख्यमंत्रियों से विचार-विमर्श' सत्र का नेतृत्व कर रहे अहलूवालिया ने कहा कि भारत-गांगेय पट्टी के कुछ राज्य विकास के पैमानों पर तेजी से ऊपर उठे हैं। जिसके चलते नाटकीय रूप पहले से तेज विकास कर रहे राज्यों को अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है। अहलूवालिया ने कहा कि योजना आयोग 12 वीं पंचवर्षीय योजना के दृष्टि पत्र निर्माण का काम कर रहा है और इसके लिए योजना आयोग की वेबसाइट पर सभी से सुझाव मांगे गए हैं।
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संक्षिप्त सारांश: मोदी ने कहा कि पूरे देश में कृषि क्षेत्र की विकास दर तीन प्रतिशत है लेकिन गुजरात में इस क्षेत्र की विकास दर पिछले कुछ वर्षो से 9.6 प्रतिशत है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश की प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद ने कहा है कि वह गांधीवादी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे के साथ है, लेकिन एक शिक्षण संस्थान के रूप में उनके आंदोलन का समर्थन नहीं कर सकती। दारुल उलूम के कुलपति मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा, अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दा बिल्कुल वाजिब है। हम इस मुद्दे के साथ हैं। इसके बावजूद एक शिक्षण संस्थान होने के नाते हम उनके आंदोलन अथवा अनशन की हिमायत नहीं कर सकते। हजारे के आंदोलन का खुलकर समर्थन नहीं करने की वजह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, देखिए, दारुल उलूम एक शिक्षण संस्थान है। हम सियासी मसलों में शामिल नहीं हो सकते। कोई यह कहे कि हम किसी आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे तो ऐसा नहीं हो सकता। शिक्षण संस्था होने की वजह से हम अन्ना के आंदोलन की हिमायत नहीं कर सकते। जन लोकपाल की मांग को लेकर हजारे बीते 16 अगस्त से अनशन कर रहे हैं। फिलहाल दिल्ली के रामलीला मैदान में उनका अनशन चल रहा है। हजारे और उनकी टीम की मांग है कि सरकार उनकी ओर से तैयार किए गए जन लोकपाल विधेयक के मसौदे को स्वीकार करे। दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के गुस्से को जायज बताते हुए कहा, अन्ना हजारे ने वह मुद्दा उठाया है, जिससे पूरा देश परेशान है। यही वजह है कि आवाम सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने कहा, अब सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। देश की आवाम भी यही मांग कर रही है। सरकार को लोगों की मांग पर गौर करना चाहिए। ऑल इंडिया महिला मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की प्रमुख शाइस्ता अंबर ने कहा, जिस दिन अन्ना हजारे को हिरासत में लिया गया, उसी दिन से हमारा संगठन इस लड़ाई में अन्ना के साथ खड़ा हो गया। हम भ्रष्टाचार के विरोध और जन लोकपाल के पक्ष में कई कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। हम आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून की मांग करते रहेंगे। जन लोकपाल के बारे में देवबंद के कुलपति नोमानी ने कहा, जन लोकपाल विधेयक को देखे बिना मेरी ओर से इस पर कुछ कहना सही नहीं होगा। हम इतना कहना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त कानून बनना चाहिए। मुफ्ती नोमानी ने कहा, देश की आवाम भ्रष्टाचार से तंग आ गई है। हर कोई परेशान है। शायद यही वजह है कि लोग इसके खिलाफ अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद ने कहा है कि वह गांधीवादी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे के साथ है...
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम भले ही मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गई लेकिन सिडनी में वह अपक्षित परिणाम हासिल करने की उम्मीद रखते हैं।
मेलबर्न टेस्ट के चौथे दिन गुरुवार को भारतीय टीम को 122 रनों से हार मिली। इस जीत के साथ मेजबान टीम चार मैचों की इस श्रृंखला में 1-0 से आगे हो गई है। धोनी ने मैच के बाद कहा, "हम किसी शृंखला की शुरुआत अच्छी तरह नहीं कर पाते हैं लेकिन अगले ही मैच के साथ हम जोरदार वापसी करते हैं। यह कई मौकों पर हुआ है।"
"सभी जानते हैं कि हम मनमाफिक शुरुआत नहीं कर पाते हैं। मुझे उम्मीद है कि दूसरा टेस्ट हमारी उम्मीदों को पूरा करेगा।" कप्तान ने कहा कि गेंदबाज उनकी टीम को मैच में वापस लाए थे लेकिन खराब बल्लेबाजी के कारण उनकी टीम ने यह मैच जीतने का मौका गंवा दिया। धोनी ने कहा, "गेंदबाज हमें इस मैच में वापस लाए थे लेकिन हम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सके। पहली पारी में हम 50 रनों से पीछे रह गए और दूसरी पारी में बुरी तरह नाकाम रहे।" "दूसरी पारी में मेजबान टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों का विकेट चटकाने में हुई देरी से हमें खासा नुकसान हुआ। अगर हम उन्हें और पहले आउट कर देते तो हमें 50 से 60 रनों का कम लक्ष्य मिलता।" भारतीय कप्तान ने मेजबान गेंदबाजों की जमकर तारीफ की। कप्तान ने कहा, "ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बहुत सटीक गेंदबाजी की। उन्हें इस जीत का श्रेय मिलना चाहिए।"
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यह एक सारांश है: धोनी ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम भले ही मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गई।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 24.20 अंकों की गिरावट के साथ 19,460.57 पर और निफ्टी 5.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,897.85 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 32.82 अंकों की तेजी के साथ 19,517.59 पर खुला और 24.20 अंकों यानी 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 19,460.57 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,543.44 के ऊपरी और 19,416.94 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.55 अंकों की तेजी के साथ 5,920.05 पर खुला और 5.65 अंकों यानी 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 5,897.85 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,924.15 के ऊपरी और 5,879.10 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 12.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,743.99 पर और स्मॉलकैप 21.03 अंकों की गिरावट के साथ 6,773.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (0.91 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.74 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी), बैंकिंग (0.34 फीसदी) और बिजली (0.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 32.82 अंकों की तेजी के साथ 19,517.59 पर खुला और 24.20 अंकों यानी 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 19,460.57 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,543.44 के ऊपरी और 19,416.94 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.55 अंकों की तेजी के साथ 5,920.05 पर खुला और 5.65 अंकों यानी 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 5,897.85 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,924.15 के ऊपरी और 5,879.10 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 12.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,743.99 पर और स्मॉलकैप 21.03 अंकों की गिरावट के साथ 6,773.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (0.91 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.74 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी), बैंकिंग (0.34 फीसदी) और बिजली (0.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.55 अंकों की तेजी के साथ 5,920.05 पर खुला और 5.65 अंकों यानी 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 5,897.85 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,924.15 के ऊपरी और 5,879.10 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 12.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,743.99 पर और स्मॉलकैप 21.03 अंकों की गिरावट के साथ 6,773.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (0.91 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.74 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी), बैंकिंग (0.34 फीसदी) और बिजली (0.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 12.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,743.99 पर और स्मॉलकैप 21.03 अंकों की गिरावट के साथ 6,773.11 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (0.91 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.74 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी), बैंकिंग (0.34 फीसदी) और बिजली (0.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (0.91 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.74 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (0.47 फीसदी), बैंकिंग (0.34 फीसदी) और बिजली (0.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
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यहाँ एक सारांश है:सेंसेक्स 24.20 अंकों की गिरावट के साथ 19,460.57 पर और निफ्टी 5.65 अंकों की गिरावट के साथ 5,897.85 पर बंद हुआ।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में आज बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 49 अंक की गिरावट के साथ 19,732.76 अंक पर आ गया।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने आज चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। साथ ही परिषद का कहना है कि रुपये में स्थिरता आने तक कड़ी मौद्रिक नीति को जारी रखा जाना चाहिए।
पिछले सत्र में 216 अंक की गिरावट दर्ज करने के बाद आज सेंसेक्स 49.12 अंक या 0.25 फीसदी के नुकसान से 19,732.76 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह ऊपर में 19,899.37 और नीचे में 19,675.68 तक गया। इसी तरह का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.10 अंक की गिरावट के साथ 5,850.60 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 5,822.90 से 5,884.30 अंक के दायरे में घूमता रहा।
एमसीएक्स एसएक्स का एसएक्स 40 सूचकांक भी 28.16 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,706.18 अंक पर आ गया।
पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहेगी। पीएमईएसी ने अप्रैल में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।टिप्पणियां
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने आज चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। साथ ही परिषद का कहना है कि रुपये में स्थिरता आने तक कड़ी मौद्रिक नीति को जारी रखा जाना चाहिए।
पिछले सत्र में 216 अंक की गिरावट दर्ज करने के बाद आज सेंसेक्स 49.12 अंक या 0.25 फीसदी के नुकसान से 19,732.76 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह ऊपर में 19,899.37 और नीचे में 19,675.68 तक गया। इसी तरह का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.10 अंक की गिरावट के साथ 5,850.60 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 5,822.90 से 5,884.30 अंक के दायरे में घूमता रहा।
एमसीएक्स एसएक्स का एसएक्स 40 सूचकांक भी 28.16 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,706.18 अंक पर आ गया।
पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहेगी। पीएमईएसी ने अप्रैल में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।टिप्पणियां
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
पिछले सत्र में 216 अंक की गिरावट दर्ज करने के बाद आज सेंसेक्स 49.12 अंक या 0.25 फीसदी के नुकसान से 19,732.76 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह ऊपर में 19,899.37 और नीचे में 19,675.68 तक गया। इसी तरह का नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.10 अंक की गिरावट के साथ 5,850.60 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 5,822.90 से 5,884.30 अंक के दायरे में घूमता रहा।
एमसीएक्स एसएक्स का एसएक्स 40 सूचकांक भी 28.16 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,706.18 अंक पर आ गया।
पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहेगी। पीएमईएसी ने अप्रैल में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।टिप्पणियां
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
एमसीएक्स एसएक्स का एसएक्स 40 सूचकांक भी 28.16 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,706.18 अंक पर आ गया।
पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहेगी। पीएमईएसी ने अप्रैल में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।टिप्पणियां
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहेगी। पीएमईएसी ने अप्रैल में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।टिप्पणियां
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
अगस्त माह में महंगाई की दर घटकर 9.52 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रपया 63.7 प्रति डालर के स्तर पर चल रहा है।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी आई। इस सप्ताह यह कुल मिला कर 462.7 अंक या 2.40 प्रतिशत चढ़ा।
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उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में आज बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 49 अंक की गिरावट के साथ 19,732.76 अंक पर आ गया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री एक तरफ ममता बनर्जी के आगे झुके तो उन्हें दूसरी ओर डीएमके के भारी दबाव के आगे भी झुकना पड़ा। उन्हें संसद को आश्वस्त करना पड़ा कि भारत श्रीलंका के युद्ध अपराधों पर संयुक्त राष्ट्र में लाए जाने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करना चाहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसा किए जाने से तमिलों के लिए बराबरी, न्याय और आत्मसम्मान हासिल करना सुनिश्चित हो सकेगा। डीएमके अध्यक्ष एम. करूणानिधि ने प्रधानमंत्री के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए इसे श्रीलंकाई संघर्ष के लिए जीत करार दिया।
राष्ट्रपति के अभिभषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा कि जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में लाया जाने वाला प्रस्ताव, श्रीलंका में तमिलों का भविष्य सुनिश्चित कराने के भारत के उद्दश्यों को पूरा करने वाला होना चाहिए।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "हम यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का इरादा रखते हैं। हम संसद सदस्यों की चिंताओं में खुद को साझा करते हैं।"
मनमोहन ने कहा, "हम अभी प्रस्ताव के अंतिम मसौदे का इंतजार कर रहे हैं.. हमने श्रीलंका से कहा है कि वह सत्ता के अर्थपूर्ण बंटवारे पर जोर दे।"
राष्ट्रपति के अभिभषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा कि जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में लाया जाने वाला प्रस्ताव, श्रीलंका में तमिलों का भविष्य सुनिश्चित कराने के भारत के उद्दश्यों को पूरा करने वाला होना चाहिए।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, "हम यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का इरादा रखते हैं। हम संसद सदस्यों की चिंताओं में खुद को साझा करते हैं।"
मनमोहन ने कहा, "हम अभी प्रस्ताव के अंतिम मसौदे का इंतजार कर रहे हैं.. हमने श्रीलंका से कहा है कि वह सत्ता के अर्थपूर्ण बंटवारे पर जोर दे।"
सिंह ने कहा, "हम यूएनएचआरसी में प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का इरादा रखते हैं। हम संसद सदस्यों की चिंताओं में खुद को साझा करते हैं।"
मनमोहन ने कहा, "हम अभी प्रस्ताव के अंतिम मसौदे का इंतजार कर रहे हैं.. हमने श्रीलंका से कहा है कि वह सत्ता के अर्थपूर्ण बंटवारे पर जोर दे।"
मनमोहन ने कहा, "हम अभी प्रस्ताव के अंतिम मसौदे का इंतजार कर रहे हैं.. हमने श्रीलंका से कहा है कि वह सत्ता के अर्थपूर्ण बंटवारे पर जोर दे।"
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के लिए सोमवार का दिन संकट वाला था और दोनों ही इनसे पार पाने में सफल रहे।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आयरलैंड में चिकित्सकों की कथित उपेक्षा के कारण मौत का शिकार बनीं भारतीय महिला सविता हलप्पनवार के पति प्रवीण हलप्पनवार ने कहा है कि उन्हें उपलब्ध कराए गए मेडिकल नोट में गर्भपात करने संबंधी उनके आग्रह का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन चाय और टोस्ट से जुड़े आग्रहों का उल्लेख जरूर किया गया है।
प्रवीण ने कहा, ‘उनके पास इसे छोड़कर सभी आग्रहों की जानकारी उपलब्ध है। मसलन चाय और टोस्ट अथवा अतिरिक्त कंबल की मांग जैसी बातें नोट में शामिल की गई हैं। परंतु गर्भपात करने के आग्रह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इसमें नहीं है।’
सविता का विस्तृत चिकित्सा विवरण गैलवे यूनिवर्सिटी हास्पिटल की ओर से प्रवीण को उपलब्ध कराया गया है। इसमें 22 अक्टूबर का चिकित्सकों के नोट नहीं हैं जिस दिन इस दंपति ने पहली बार गर्भपात करने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
इसमें 23 अक्टूबर का नोट दिया गया है जिस पर सविता और उसके पति ने गर्भपात करने का कोई आग्रह नहीं किया था।
प्रवीण ने कहा कि इस घटना के कारण यहां की हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में उनका विश्वास को खत्म हो गया है।
प्रवीण ने कहा, ‘उनके पास इसे छोड़कर सभी आग्रहों की जानकारी उपलब्ध है। मसलन चाय और टोस्ट अथवा अतिरिक्त कंबल की मांग जैसी बातें नोट में शामिल की गई हैं। परंतु गर्भपात करने के आग्रह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इसमें नहीं है।’
सविता का विस्तृत चिकित्सा विवरण गैलवे यूनिवर्सिटी हास्पिटल की ओर से प्रवीण को उपलब्ध कराया गया है। इसमें 22 अक्टूबर का चिकित्सकों के नोट नहीं हैं जिस दिन इस दंपति ने पहली बार गर्भपात करने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
इसमें 23 अक्टूबर का नोट दिया गया है जिस पर सविता और उसके पति ने गर्भपात करने का कोई आग्रह नहीं किया था।
प्रवीण ने कहा कि इस घटना के कारण यहां की हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में उनका विश्वास को खत्म हो गया है।
सविता का विस्तृत चिकित्सा विवरण गैलवे यूनिवर्सिटी हास्पिटल की ओर से प्रवीण को उपलब्ध कराया गया है। इसमें 22 अक्टूबर का चिकित्सकों के नोट नहीं हैं जिस दिन इस दंपति ने पहली बार गर्भपात करने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
इसमें 23 अक्टूबर का नोट दिया गया है जिस पर सविता और उसके पति ने गर्भपात करने का कोई आग्रह नहीं किया था।
प्रवीण ने कहा कि इस घटना के कारण यहां की हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में उनका विश्वास को खत्म हो गया है।
इसमें 23 अक्टूबर का नोट दिया गया है जिस पर सविता और उसके पति ने गर्भपात करने का कोई आग्रह नहीं किया था।
प्रवीण ने कहा कि इस घटना के कारण यहां की हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में उनका विश्वास को खत्म हो गया है।
प्रवीण ने कहा कि इस घटना के कारण यहां की हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव (एचएसई) में उनका विश्वास को खत्म हो गया है।
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यहाँ एक सारांश है:आयरलैंड में चिकित्सकों की कथित उपेक्षा के कारण मौत का शिकार बनीं भारतीय महिला सविता हलप्पनवार के पति प्रवीण हलप्पनवार ने कहा है कि उन्हें उपलब्ध कराए गए मेडिकल नोट में गर्भपात करने संबंधी उनके आग्रह का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन चाय और टोस्ट से जुड़े आग्रहो
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के हापुड़ के गांव खेड़ा में कल रात एक चार वर्षीय दलित बच्ची से कथित रूप से बलात्कार किया गया और इसके बाद उसे बिना कपड़ों के जंगल में छोड़कर आरोपी फरार हो गया. बच्ची को गंभीर हालत में मेरठ भेज दिया गया हैं.
ग्रामवासियों ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 को जाम कर दिया. मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों को आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया और समझा बुझाकर जाम खुलवाया.टिप्पणियां
जानकारी के अनुसार दलित परिवार घर के बाहर सोया हुआ था. रात में करीब डेढ़ बजे बारिश के कारण सभी अंदर जाने के लिए उठे तो बच्ची अपने स्थान पर नहीं थी. काफी तलाश करने के बाद बच्ची घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर जंगल में एक ट्यूबवैल के पास बेहोश पड़ी थी. पीड़िता को गंभीर हालत में पिलखुआ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से मेरठ भेज दिया गया.
पुलिस अधीक्षक अलंकृता सिंह ने बताया कि इस संबंध में बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं. पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
ग्रामवासियों ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 को जाम कर दिया. मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों को आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया और समझा बुझाकर जाम खुलवाया.टिप्पणियां
जानकारी के अनुसार दलित परिवार घर के बाहर सोया हुआ था. रात में करीब डेढ़ बजे बारिश के कारण सभी अंदर जाने के लिए उठे तो बच्ची अपने स्थान पर नहीं थी. काफी तलाश करने के बाद बच्ची घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर जंगल में एक ट्यूबवैल के पास बेहोश पड़ी थी. पीड़िता को गंभीर हालत में पिलखुआ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से मेरठ भेज दिया गया.
पुलिस अधीक्षक अलंकृता सिंह ने बताया कि इस संबंध में बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं. पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
जानकारी के अनुसार दलित परिवार घर के बाहर सोया हुआ था. रात में करीब डेढ़ बजे बारिश के कारण सभी अंदर जाने के लिए उठे तो बच्ची अपने स्थान पर नहीं थी. काफी तलाश करने के बाद बच्ची घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर जंगल में एक ट्यूबवैल के पास बेहोश पड़ी थी. पीड़िता को गंभीर हालत में पिलखुआ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से मेरठ भेज दिया गया.
पुलिस अधीक्षक अलंकृता सिंह ने बताया कि इस संबंध में बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं. पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
पुलिस अधीक्षक अलंकृता सिंह ने बताया कि इस संबंध में बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं. पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के हापुड़ के गांव खेड़ा में बच्ची से रेप की खबर
चार साल की सोई हुई बच्ची को अगवा किया गया
पीड़ित को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया
| 9
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: हत्या और बलात्कार के मामले में जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने पैरोल की अर्जी दाखिल की है. उसने खेती करने के लिए पैरोल मांगी है. जेल अधीक्षक ने गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim Singh) के पक्ष में रिपोर्ट भी दी है. इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है. कवि डॉ. कुमार विश्वास (Dr Kumar Vishvas) ने राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) की पैरोल अर्जी के बहाने नेताओं पर तंज कसा है. कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने ट्वीट कर कहा, 'हत्या-बलात्कार के आरोप में न्यायालय द्वारा सिद्ध मुजरिम राम-रहीम 'खेती' करने के लिए सरकारी-अनुमति पाकर जेल से बाहर आना चाहता है. सही बात है...चार महीने बाद चुनाव हैं...वो 'खेती' नहीं करेगा तो राजनेता ''फ़सल'' कैसे काटेंगे? आपको बता दें कि गुरमीत राम रहीम की तरफ से 42 दिनों की पैरोल अर्ज़ी दाखिल की गई है. इसके बाद जेल अधीक्षक ने सिरसा जिला प्रशासन को खत लिखा है.
हत्या-बलात्कार के आरोप में न्यायालय द्वारा सिद्ध मुजरिम राम-रहीम “खेती” करने के लिए सरकारी-अनुमति पा कर जेल से बाहर आना चाहता है ! सही बात है, चार महीने बाद चुनाव है वो “खेती” नहीं करेगा तो राजनेता “फ़सल” कैसे काटेंगे ?
जेल अधीक्षक ने गुरमीत राम रहीम के पक्ष में रिपोर्ट दी है. जेल अधीक्षक ने पत्र में उल्लेख किया है कि गुरमीत का जेल में व्यवहार ठीक है और उसने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. बता दें कि जिला प्रशासन को एक रिपोर्ट रोहतक मंडल के आयुक्त को सौंपने के लिए कहा गया है. सिरसा पुलिस ने पत्र मिलने के बाद राजस्व विभाग से यह जानने के लिये संपर्क किया है कि डेरा प्रमुख के पास कितनी जमीन है. सिरसा के पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार ने बताया, "हमने राजस्व विभाग से पूछा है कि उनके नाम पर कितनी जमीन है. इसकी जानकारी मिलनी अभी बाकी है." दूसरी तरफ, इस मामले में हरियाणा सरकार के मंत्री केएल पंवार ने भी कहा है कि सभी दोषियों को दो साल बाद पैरोल का हकदार माना जाता है.
उन्होंने कहा कि अगर किसी दोषी का जेल में अच्छा आचरण होता है, तो जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर अंतिम फैसला लेते हैं. अधिकारियों के अनुसार जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh) ने हरियाणा के सिरसा में अपने खेतों में खेती करने के लिए एक महीने से अधिक समय की पैरोल मांगी है. गौरतलब है कि 51 साल का गुरमीत बलात्कार के दो मामलों और पत्रकार की हत्या में दोषी ठहराए जाने के बाद से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. गुरमीत (Gurmeet Ram Rahim) को दो महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में अगस्त 2017 में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी. पंचकुला में सीबीआई की विशेष अदालत ने इस साल जनवरी में उसे और तीन अन्य दोषियों को एक पत्रकार की हत्या के 16 साल पुराने मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
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यह एक सारांश है: राम रहीम ने खेती के लिए दी है पैरोल की अर्जी
कुमार विश्वास ने राम रहीम के बहाने नेताओं को घेरा
कहा- वो खेती नहीं करेगा, तो नेता फसल कैसे काटेंगे
| 24
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में बलात्कार रोकने के मकसद से शादी के लिए लड़कियों की उम्र घटाने का समर्थन नहीं किया गया। खाप के कुछ नेताओं ने पुरानी प्रथा का हवाला देते हुए शादी की उम्र घटाने की मांग की थी।
सर्व खाप जाट पंचायत राज्य की खाप पंचायतों की सर्वोच्च परिषद है जो सरकारी नौकरियों में जाट समुदाय के आरक्षण के लिए आंदोलन करती रही है। इन पंचायतों की यद्यपि कोई कानूनी हैसियत नहीं है लेकिन प्राय: वे गैर कानूनी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये अवैध अदालतें सामाजिक मुद्दों पर दिए अपने आदेशों को जबरदस्ती लागू भी कराती हैं।
सर्व खाप जाट पंचायत ने जाट आरक्षण पर विचार करने के लिए यहां की धर्मशाला में बैठक बुलाई जिसमें अधिकांश खाप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए राज्य में लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के लिए सरकार को मजबूर करने के मुद्दे पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई।
बैठक में लगभग 100 खापों के प्रतिनिधियों ने नफे सिंह नयन के नेतृत्व में हिस्सा लिया। उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया।
हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
सर्व खाप जाट पंचायत राज्य की खाप पंचायतों की सर्वोच्च परिषद है जो सरकारी नौकरियों में जाट समुदाय के आरक्षण के लिए आंदोलन करती रही है। इन पंचायतों की यद्यपि कोई कानूनी हैसियत नहीं है लेकिन प्राय: वे गैर कानूनी अदालत के रूप में काम करती हैं। ये अवैध अदालतें सामाजिक मुद्दों पर दिए अपने आदेशों को जबरदस्ती लागू भी कराती हैं।
सर्व खाप जाट पंचायत ने जाट आरक्षण पर विचार करने के लिए यहां की धर्मशाला में बैठक बुलाई जिसमें अधिकांश खाप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए राज्य में लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के लिए सरकार को मजबूर करने के मुद्दे पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई।
बैठक में लगभग 100 खापों के प्रतिनिधियों ने नफे सिंह नयन के नेतृत्व में हिस्सा लिया। उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया।
हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
सर्व खाप जाट पंचायत ने जाट आरक्षण पर विचार करने के लिए यहां की धर्मशाला में बैठक बुलाई जिसमें अधिकांश खाप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए राज्य में लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के लिए सरकार को मजबूर करने के मुद्दे पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई।
बैठक में लगभग 100 खापों के प्रतिनिधियों ने नफे सिंह नयन के नेतृत्व में हिस्सा लिया। उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया।
हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
बैठक में लगभग 100 खापों के प्रतिनिधियों ने नफे सिंह नयन के नेतृत्व में हिस्सा लिया। उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया।
हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था। उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है। लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।" उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं।टिप्पणियां
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे। इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं। इससे महिलाओं का भला होगा।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए। लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है। इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता।"
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यहाँ एक सारांश है:हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में बलात्कार रोकने के मकसद से शादी के लिए लड़कियों की उम्र घटाने का समर्थन नहीं किया गया। खाप के कुछ नेताओं ने पुरानी प्रथा का हवाला देते हुए शादी की उम्र घटाने की मांग की थी।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित मुजफ्फरनगर जिले का दौरा करेंगे। हिंसा शांत होते देख शनिवार को वहां कर्फ्यू में ढील दी गई। शहरी इलाके में शांति बहाल हो चुकी है, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों में तनाव अभी भी बरकरार है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, "प्रधानमंत्री 16 सितंबर को मुजफ्फरनगर के दौरे पर जाएंगे।" अधिकारी ने आगे बताया कि दौरे का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में तीन दिनों तक चली हिंसा में 47 लोग मारे गए, जबकि 43,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। मुजफ्फरनगर में 27 अगस्त को एक युवती के साथ हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पिछले सप्ताह हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा में लोगों की जान जाने पर प्रधानमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हर मृतक के आश्रितों को 2,00000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा भड़कने के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर आरोप लगाया है।
शनिवार को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन शांति रही। शहरी इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी जा रही है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, "प्रधानमंत्री 16 सितंबर को मुजफ्फरनगर के दौरे पर जाएंगे।" अधिकारी ने आगे बताया कि दौरे का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में तीन दिनों तक चली हिंसा में 47 लोग मारे गए, जबकि 43,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। मुजफ्फरनगर में 27 अगस्त को एक युवती के साथ हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पिछले सप्ताह हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा में लोगों की जान जाने पर प्रधानमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हर मृतक के आश्रितों को 2,00000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा भड़कने के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर आरोप लगाया है।
शनिवार को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन शांति रही। शहरी इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी जा रही है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में तीन दिनों तक चली हिंसा में 47 लोग मारे गए, जबकि 43,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। मुजफ्फरनगर में 27 अगस्त को एक युवती के साथ हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पिछले सप्ताह हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा में लोगों की जान जाने पर प्रधानमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हर मृतक के आश्रितों को 2,00000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा भड़कने के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर आरोप लगाया है।
शनिवार को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन शांति रही। शहरी इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी जा रही है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा भड़कने के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर आरोप लगाया है।
शनिवार को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन शांति रही। शहरी इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी जा रही है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
शनिवार को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार पांचवें दिन शांति रही। शहरी इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी जा रही है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
गावों में अमन-चैन की बहाली के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
मुजफ्फरनगर के शहरी इलाके में शुक्रवार को कर्फ्यू में 12 घंटे की ढील दी गई थी और इस दौरान हिंसा की नई घटना सामने नहीं आई। सुबह सात बजे से शाम सात बजे के बीच यह ढील शनिवार को भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बनाए गए 30 से अधिक राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोगों ने शरण ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों से आए इन लोगों को पुन: घर वापस भेजना है। लोग अभी भी दहशत के साए में जी रहे हैं और घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की ओर से हालांकि राहत शिविरों में दवाइयां, खाने के पैकेट और दूध जैसी जरूरी चीजों के इंतजाम करवाए जा रहे हैं। प्रभावितों की संख्या बढ़ने की वजह से प्रशासन को टेंट लगवाने पड़े हैं।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
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अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
विशेष कार्यबल के महानिदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि मुफ्फरनगर में स्थिति तेजी शांतिपूर्ण हो रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में दोबारा हिंसा न भड़के इसके लिए करीब 500 अति संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है और उन गावों में 500 से अधिक पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
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अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
अभी तक 11000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 187 को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
मुजफ्फरनगर की हिंसा के कारण उत्तर प्रदेश के अकोला कस्बे में रविवार को होने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सभा 29 सितंबर तक टाल दी गई है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
आगरा के संभागायुक्त प्रदीप भटनागर और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और स्थानीय सांसद राम शंकर कटारिया के साथ बातचीत की।टिप्पणियां
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
अधिकारी आगरा से 18 किलोमीटर दूर अकोला में 29 सितंबर को सभा आयोजन की अनुमति देने पर सहमत हुए।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
उधर, उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने राज्य पुलिस को राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
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सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित मुजफ्फरनगर जिले का दौरा करेंगे। हिंसा शांत होते देख शनिवार को वहां कर्फ्यू में ढील दी गई।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया है। इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आ रही थी बीएसपी लोकसभा में सरकार को बचाने के लिए उनके समर्थन में यह कदम उठा सकती है।टिप्पणियां
बुधवार को लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। इसी बात से नाराज बीएसपी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया।
इससे अब लोकसभा का गणित सरकार के पक्ष में हो गया है।
बुधवार को लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। इसी बात से नाराज बीएसपी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया।
इससे अब लोकसभा का गणित सरकार के पक्ष में हो गया है।
इससे अब लोकसभा का गणित सरकार के पक्ष में हो गया है।
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लोकसभा में बीएसपी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के प्रश्नों के जवाब देने की वजह से यह वॉकआउट किया। उनका कहना था कि मंत्री उनके प्रश्नों का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: Huawei के सब-ब्रांड Honor ने मंगलवार को भारतीय मार्केट में अपने Honor 20, Honor 20 Pro और Honor 20i स्मार्टफोन को पेश कर दिया। Honor के नए हैंडसेट को ऐसे वक्त पर लॉन्च किया गया है जब इसकी मालिक कंपनी हुवावे की गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ साझेदारी खतरे में है। Huawei और Honor के मौज़ूदा फोन तो हुवावे पर अमेरिकी बैन के खतरे से बच जाएंगे। लेकिन भविष्य में इन ब्रांड के फोन को Google Play Store और Google services जैसी सेवाएं नहीं मिलेंगी।
Honor 20, Honor 20 Pro और Honor 20i बीते महीने ही लॉन्च किए गए थे। बता दें कि हॉनर 20 और हॉनर 20 प्रो स्मार्टफोन होल-पंच सेल्फी कैमरे, क्वाड रियर कैमरा सेटअप, एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मैजिक यूआई 2.1 और हाइसिलिकॉन किरिन 980 प्रोसेसर के साथ आते हैं। दूसरी तरफ, हॉनर 20आई एक मिड-रेंज स्मार्टफोन है। इसमें वाटरड्रॉप नॉच, ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप, एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित ईएमयूआई 9.0 और हाइसिलिकॉन किरिन 710 प्रोसेसर दिया गया है। देखा जाए तो यह वाकई में हाल ही में लॉन्च किया गया Honor 20 Lite हैंडसेट ही है।
हॉनर के मुताबिक, Honor 20 को एक मात्र वेरिएंट 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वाला है। इसे 32,999 रुपये में बेचा जाएगा। दूसरी तरफ, Honor 20 Pro हैंडसेट 39,999 रुपये में बिकेगा। इस हैंडसेट का भी एक मात्र वेरिएंट मार्केट में उतारा गया है। यह 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज से लैस है। Honor 20i की कीमत 14,999 रुपये है। यह 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा।
कंपनी का कहना है कि Honor 20 की बिक्री फ्लिपकार्ट पर होगी। यह 25 जून से ओपन सेल में उपलब्ध होगा। वहीं, Honor 20i फ्लिपकार्ट के अलावा ऑफलाइन स्टोर्स में भी उपलब्ध होगा। हॉनर 20आई की सेल 18 जून से शुरू होगी। फिलहाल, Honor 20 Pro की उपलब्धता को लेकर कंपनी ने कुछ नहीं बताया है।
हॉनर की ओर से हॉनर 20 प्रो को सिर्फ फैंटम ब्लू रंग में बेचा जाएगा। Honor 20 को मिडनाइट ब्लैक और सेफायर ब्लू रंग में उपलब्ध कराया गया है। Honor 20i को ग्रेडिएंट रेड, ग्रेडिएंट ब्लू और मैजिक नाइट ब्लैक रंग में बेचा जाएगा।
हॉनर 20 प्रो एंड्रॉयड पाई पर आधारित मैजिक यूआई 2.1.0 पर चलेगा। फोन में 6.26 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है। यह 412 पिक्सल प्रति इंच की पिक्सल डेनसिटी और 91.7 प्रतिशत स्क्रीन टू बॉडी रेशियो से लैस है। फोन में किरिन 980 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। यह 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा।
Honor 20 Pro में क्वाड कैमरा सेटअप है। पिछले हिस्से पर 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 का प्राइमरी सेंसर है। यह एफ/1.8 अपर्चर से लैस है। सेकेंडरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। यह सुपर वाइड एंगल कैमरा है। इसके साथ 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया। इसका अपर्चर एफ/ 2.4 है। यह सेंसर 3x लॉसलेस ऑप्टिकल ज़ूम, 5x हाइब्रिड ज़ूम और 30x डिजिटल ज़ूम को सपोर्ट करता है।
क्वाड कैमरा सेटअप में चौथा सेंसर 2 मेगापिक्सल का है। इसका अपर्चर एफ/2.4 है। कैमरा सेटअप ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन, एआईएस, ईआईएस, पीडीएएफ, एआई अल्ट्रा क्लैयरिटी मोड, एआईएस सुपर नाइट मोड और अन्य फीचर को सपोर्ट करेगा। यह यूएचडी 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सपोर्ट करेगा। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है। यह 3डी पोर्ट्रेट लाइटनिंग के साथ आएगा।
हॉनर 20 प्रो की बैटरी 4,000 एमएएच की है और यह 22.5 वॉट हॉनर सुपर चार्ज को सपोर्ट करेगा। हैंडसेट का डाइमेंशन 154.60x73.97x8.44 मिलीमीटर और वज़न 182 ग्राम है। प्रॉक्सिमिटी सेंसर, डिजिटल कंपास, एंबियंट लाइट सेंसर, ग्रैविटी सेंसर, हॉल-सेंसर और जायरोस्कोप इस फोन का हिस्सा हैं।
कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई डुअल-बैंड 802.11 ए/बी/जी/एन/एसी, ब्लूटूथ 5 और यूएसबी 2.0 शामिल हैं। जैसा कि हमने आपको पहले बताया, Honor 20 Pro में किनारे पर फिंगरप्रिंट सेंसर है।
डुअल-सिम (नैनो) हॉनर 20 एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मैजिक यूआई 2.1 पर चलता है। इसमें 6.26 इंच की फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) ऑल-व्यू स्क्रीन है। यह पंच-होल डिज़ाइन, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो और 412 पीपीआई पिक्सल डेनसिटी से लैस है। स्मार्टफोन में हाइसिलिकॉन किरिन 980 प्रोसेसर, जीपीयू टर्बो 3.0 और 6 जीबी रैम है।
Honor ने हॉनर 20 में चार रियर कैमरे दिए हैं। इस फोन में 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 सेंसर है, एफ/ 1.8 लेंस के साथ। कैमरा एआई इमेज स्टेबलाइज़ेशन और एआईएस सुपर नाइट मोड के साथ आता है। सेकेंडरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। यह 117 डिग्री सुपर वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। स्मार्टफोन में 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर है। चौथा सेंसर भी 2 मेगापिक्सल का है, एफ/ 2.4 मैक्रो लैंस के साथ।
सेल्फी के लिए Honor 20 में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 32 मेगापिक्सल का सेंसर है। यह 3डी पोर्ट्रेट लाइटनिंग सपोर्ट के साथ आता है। एआई कैमरा, एआई अल्ट्रा क्लैयरिटी मोड और एआई कलर मोड भी इस फोन का हिस्सा हैं।
Honor 20 की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है और इसमें माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट नहीं है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। एंबियंट लाइट सेंसर, ग्रैविटी सेंसर, जायरोस्कोप, हॉल सेंसर, मैगनेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। इस फोन में भी किनारे पर फिंगरप्रिंट सेंसर है।
Honor 20 की बैटरी 3,750 एमएएच की है और यह 22.5 वॉट की सुपरचार्ज टेक को सपोर्ट करता है। इसके बारे में 30 मिनट में 50 प्रतिशत चार्ज देने का दावा है। स्मार्टफोन का डाइमेंशन 154.25x73.97x7.87 मिलीमीटर है और वज़न 174 ग्राम।
डुअल-सिम (नैनो) Honor 20i एंड्रॉयड पाई आधारित EMUI 9.0.1 पर चलता है। इसमें 6.21 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। फोन में टॉप पर वाटरड्रॉप नॉच भी है। नए हॉनर हैंडसेट में ऑक्टा-कोर किरिन 710 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। ग्राफिक्स के लिए माली जी51एमपी4 इंटिग्रेटेड है। यह 4 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। फोन में जीपीयू टर्बो 2.0 फीचर भी है। यानी गेमिंग परफॉर्मेंस बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है।
अब बात कैमरा सेटअप की। Honor 20i में पिछले हिस्से पर तीन कैमरे हैं। यहां एफ/ 1.8 अपर्चर वाला 24 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा और साथ में 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर है। फ्रंट पैनल पर एचडीआर सपोर्ट वाला एफ/ 2.0 अपर्चर से लैस 32 मेगापिक्सल का सेंसर है।
कनेक्टिविटी फीचर में 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन/एसी और ब्लूटूथ 4.2 शामिल हैं। Honor 20i की बैटरी 3,400 एमएएच की है। लेकिन यह फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट नहीं करती है। फोन का डाइमेंशन 154.8x73.64x7.95 मिलीमीटर है और वज़न 164 ग्राम।
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Honor 20 की कीमत है 32,999 रुपये
Honor 20 Pro हैंडसेट 39,999 रुपये में बिकेगा
Honor 20i की कीमत 14,999 रुपये है
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ के साथ चार देशों के विदेशमंत्रियों ने शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसके दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि अफगानिस्तान और क्षेत्र में स्थिरता के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करना महत्वपूर्ण है.
पीएम मोदी से किर्गिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और स्लोवाकिया के विदेशमंत्रियों के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार अज़ीज़ की यह मुलाकात हार्ट ऑफ एशिया के छठे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले हुई.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशमंत्रियों का स्वागत किया और अफगानिस्तान को उसकी मौजूदा कठिनाइयों से बाहर निकालने में मदद करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के आम लोगों और देश के नेतृत्व से कई दफा हुई बातचीत से उन्हें समझ में आया है कि अफगान जनता लगातार हिंसा और आतंकवाद से थक गई है.
विकास स्वरूप ने बताया, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अफगानिस्तान तथा हमारे क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया..." इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अच्छे नतीजे देगा.
पीएम मोदी से किर्गिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और स्लोवाकिया के विदेशमंत्रियों के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार अज़ीज़ की यह मुलाकात हार्ट ऑफ एशिया के छठे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले हुई.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशमंत्रियों का स्वागत किया और अफगानिस्तान को उसकी मौजूदा कठिनाइयों से बाहर निकालने में मदद करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के आम लोगों और देश के नेतृत्व से कई दफा हुई बातचीत से उन्हें समझ में आया है कि अफगान जनता लगातार हिंसा और आतंकवाद से थक गई है.
विकास स्वरूप ने बताया, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अफगानिस्तान तथा हमारे क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया..." इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अच्छे नतीजे देगा.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशमंत्रियों का स्वागत किया और अफगानिस्तान को उसकी मौजूदा कठिनाइयों से बाहर निकालने में मदद करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के आम लोगों और देश के नेतृत्व से कई दफा हुई बातचीत से उन्हें समझ में आया है कि अफगान जनता लगातार हिंसा और आतंकवाद से थक गई है.
विकास स्वरूप ने बताया, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अफगानिस्तान तथा हमारे क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया..." इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अच्छे नतीजे देगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के आम लोगों और देश के नेतृत्व से कई दफा हुई बातचीत से उन्हें समझ में आया है कि अफगान जनता लगातार हिंसा और आतंकवाद से थक गई है.
विकास स्वरूप ने बताया, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अफगानिस्तान तथा हमारे क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया..." इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अच्छे नतीजे देगा.
विकास स्वरूप ने बताया, "प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अफगानिस्तान तथा हमारे क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया..." इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अच्छे नतीजे देगा.
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संक्षिप्त सारांश: हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन से पहले चार देशों के विदेशमंत्रियों से मिले पीएम
मुलाकात में पाक पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ भी शामिल थे
पीएम ने कहा, अफगान जनता लगातार हिंसा और आतंकवाद से थक गई है
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: चैपियंस ट्रॉफी में रविवार को भारत का मुकाबला पाकिस्तान से है. भारत के खिलाफ जीतने के लिए तरस रहे पाकिस्तान की टीम हर दांव अजमा रही है. हाल ही के दिनों में जिस तरह से टीम इंडिया विराट की अगुवाई में खेल दिखा रही है उससे पाकिस्तान के होश उड़े हुए हैं. इसलिए वह टीम के हर खिलाड़ी पर दांव अजमा रहा है. विराट कोहली को रोकने के लिए पहले तो उसने तेज गेंदबाज जुनैद खान के नाम का हौवा खड़ा करने की कोशिश की. इतना ही नहीं जुनैद खान ने बयान दिया कि विराट कोहली भले ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हों लेकिन चार मैचों में उन्होंने तीन बार विराट को आउट किया है.
लेकिन मानसिक रूप से बेहद मजबूत टीम इंडिया पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिखाई दिया है क्योंकि जुनैद ने जब कोहली को आउट किया था तो वह तकनीकी रूप से बहुत मजबूत नहीं थे लेकिन पिछले 2 सालों में विराट ने अपनी सभी कमजोरियों को दूर कर लिया है. अब उनकी बल्लेबाजी देख कर ऐसा लगता है कि विराट सिर्फ अपनी ही गलती पर आउट हो सकते हैं.टिप्पणियां
वहीं पाकिस्तान ने अब नया शिगूफा छोड़ा है. बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच के बाद पाकिस्तान की मीडिया 23 साल के ऑलराउंडर खिलाड़ी फहीम अशरफ को ही सबसे बड़ा तुरुप का इक्का मानने लगी है. शनिवार को बांग्लादेश ने अभ्यास मैच में पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रखकर रख दीं और 341 रनों का लक्ष्य दे डाला. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम लड़खड़ाने लगी और उसके 8 विकेट गिर गए. लेकिन फहीम अशरफ ने 30 गेंदों 4 चौकों और 4 छक्कों मारकर 64 रन बनाए और पाकिस्तान को जीत दिला दी. उनकी इस पारी के दौरान हसन अली ने भी 15 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 27 रनों की पारी खेली.
इसके बाद से फहीम अशरफ को पाकिस्तान ने हीरो मान लिया है और उसे 'वंडर ब्वॉय' कहा जा रहा है. पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में फहीम को तेज गेंदबाज को तौर पर जाना जाता रहा है लेकिन एक मैच में उन्होंने शतक मारकर सबको हैरत में डाल दिया. वह घरेलू क्रिकेट में अब तक 1207 रन बना चुके हैं और 94 विकेट भी खाते में हैं. चैंपियंस ट्रॉफी उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होगा.
लेकिन मानसिक रूप से बेहद मजबूत टीम इंडिया पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिखाई दिया है क्योंकि जुनैद ने जब कोहली को आउट किया था तो वह तकनीकी रूप से बहुत मजबूत नहीं थे लेकिन पिछले 2 सालों में विराट ने अपनी सभी कमजोरियों को दूर कर लिया है. अब उनकी बल्लेबाजी देख कर ऐसा लगता है कि विराट सिर्फ अपनी ही गलती पर आउट हो सकते हैं.टिप्पणियां
वहीं पाकिस्तान ने अब नया शिगूफा छोड़ा है. बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच के बाद पाकिस्तान की मीडिया 23 साल के ऑलराउंडर खिलाड़ी फहीम अशरफ को ही सबसे बड़ा तुरुप का इक्का मानने लगी है. शनिवार को बांग्लादेश ने अभ्यास मैच में पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रखकर रख दीं और 341 रनों का लक्ष्य दे डाला. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम लड़खड़ाने लगी और उसके 8 विकेट गिर गए. लेकिन फहीम अशरफ ने 30 गेंदों 4 चौकों और 4 छक्कों मारकर 64 रन बनाए और पाकिस्तान को जीत दिला दी. उनकी इस पारी के दौरान हसन अली ने भी 15 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 27 रनों की पारी खेली.
इसके बाद से फहीम अशरफ को पाकिस्तान ने हीरो मान लिया है और उसे 'वंडर ब्वॉय' कहा जा रहा है. पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में फहीम को तेज गेंदबाज को तौर पर जाना जाता रहा है लेकिन एक मैच में उन्होंने शतक मारकर सबको हैरत में डाल दिया. वह घरेलू क्रिकेट में अब तक 1207 रन बना चुके हैं और 94 विकेट भी खाते में हैं. चैंपियंस ट्रॉफी उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होगा.
वहीं पाकिस्तान ने अब नया शिगूफा छोड़ा है. बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच के बाद पाकिस्तान की मीडिया 23 साल के ऑलराउंडर खिलाड़ी फहीम अशरफ को ही सबसे बड़ा तुरुप का इक्का मानने लगी है. शनिवार को बांग्लादेश ने अभ्यास मैच में पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रखकर रख दीं और 341 रनों का लक्ष्य दे डाला. इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम लड़खड़ाने लगी और उसके 8 विकेट गिर गए. लेकिन फहीम अशरफ ने 30 गेंदों 4 चौकों और 4 छक्कों मारकर 64 रन बनाए और पाकिस्तान को जीत दिला दी. उनकी इस पारी के दौरान हसन अली ने भी 15 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 27 रनों की पारी खेली.
इसके बाद से फहीम अशरफ को पाकिस्तान ने हीरो मान लिया है और उसे 'वंडर ब्वॉय' कहा जा रहा है. पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में फहीम को तेज गेंदबाज को तौर पर जाना जाता रहा है लेकिन एक मैच में उन्होंने शतक मारकर सबको हैरत में डाल दिया. वह घरेलू क्रिकेट में अब तक 1207 रन बना चुके हैं और 94 विकेट भी खाते में हैं. चैंपियंस ट्रॉफी उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होगा.
इसके बाद से फहीम अशरफ को पाकिस्तान ने हीरो मान लिया है और उसे 'वंडर ब्वॉय' कहा जा रहा है. पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में फहीम को तेज गेंदबाज को तौर पर जाना जाता रहा है लेकिन एक मैच में उन्होंने शतक मारकर सबको हैरत में डाल दिया. वह घरेलू क्रिकेट में अब तक 1207 रन बना चुके हैं और 94 विकेट भी खाते में हैं. चैंपियंस ट्रॉफी उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होगा.
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सारांश: बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में 30 गेंदों में 64 रन बना डाले
पाकिस्तान मीडिया कह रही है 'वंडर' ब्वॉय'
ऑलराउंडर हैं फहीम अशरफ
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद में भारत के रुत्बे से अच्छी तरह वाकिफ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने एक बार फिर भारत के साथ जल्द से जल्द क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने में अपना उत्साह दिखाया है। अशरफ ने दुबई में दिए अपने इस बयान पर भी सफाई दी कि पाकिस्तान के मौजूदा फार्म को देखते हुए भारत उनकी टीम से भिड़ने से हिचक रहा है।
अशरफ ने राष्ट्रीय स्टेडियम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे अध्यक्ष बनने के बाद से मैंने हर संभव प्रयास किया कि हम भारत के खिलाफ क्रिकेट खेलें। लेकिन मुझे उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली। मैं सिर्फ इतना कहा कि मुझे लगा कि संभवत: हमारी मौजूदा फॉर्म एक कारण कि भारत हमारे खिलाफ नहीं खेलना चाहता।’’ पीसीबी प्रमुख ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समक्ष के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने की जरूरत पर बल दिया। अशरफ ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब हमारे प्रधानमंत्री विश्व कप के दौरान मोहाली में मिले थे तो उन्होंने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाल होने की बात की थी।’’
अशरफ ने राष्ट्रीय स्टेडियम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे अध्यक्ष बनने के बाद से मैंने हर संभव प्रयास किया कि हम भारत के खिलाफ क्रिकेट खेलें। लेकिन मुझे उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली। मैं सिर्फ इतना कहा कि मुझे लगा कि संभवत: हमारी मौजूदा फॉर्म एक कारण कि भारत हमारे खिलाफ नहीं खेलना चाहता।’’ पीसीबी प्रमुख ने साथ ही कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समक्ष के साथ बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने की जरूरत पर बल दिया। अशरफ ने कहा, ‘‘यहां तक कि जब हमारे प्रधानमंत्री विश्व कप के दौरान मोहाली में मिले थे तो उन्होंने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाल होने की बात की थी।’’
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने एक बार फिर भारत के साथ जल्द से जल्द क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू करने में अपना उत्साह दिखाया है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफ्रीका में बनी Great Green Wall की तर्ज पर भारत में 'ग्रीन वॉल ऑफ इंडिया' बनाई जाएगी. पर्यावरण की रक्षा और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 1,400 किलोमीटर लंबी और 5 किलोमीटर चौड़ी 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) तैयार करने का फैसला किया है. अफ्रीका में ग्रीन वॉल सेनेगल से जिबूती तक बनी है. भारत में गुजरात से लेकर दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 'ग्रीन वॉल ऑफ इंडिया' का निर्माण किया जाएगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का यह विचार अभी अपने शुरूआती दौर में है, लेकिन कई मंत्रालयों के अधिकारियों में इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है. अगर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है तो यह भूमि अवक्रमण को कम करने में एक अहम प्रोग्राम साबित होगा. बता दें कि जैव-विविधता और मानव आवश्यकताओं की पूर्ति करने के कारण भूमि की क्षमता में लगातार कमी को भूमि अवक्रमण कहते हैं.
यह ग्रीन बेल्ट पोरबंदर से लेकर पानीपत तक बनने वाली है. इस ग्रीन वॉल से घट रहे वन क्षेत्रों में इजाफा होगा. साथ ही गुजरात, राजस्थान, हरियाणा से लेकर दिल्ली तक फैली अरावली की पहाड़ियों पर घटली हरियाली को वापस लाया जा सकेगा.
आपको बता दें कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को 2030 तक प्राथमिकता में रखकर जमीन पर उतारना चाहती है. हालांकि इस प्रोजेक्ट पर अभी आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है क्योंकि अभी इस प्लान को मंजूरी नहीं मिली है.
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संक्षिप्त सारांश: भारत में 'ग्रीन वॉल ऑफ इंडिया' बनाई जाएगी.
ये वॉल पर्यावरण की रक्षा और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देगी.
इस वॉल का निर्माण गुजरात से लेकर दिल्ली-हरियाणा सीमा तक किया जाएगा.
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का आज 55वां जन्मदिन है. उनके जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अमित शाह (Amit Shah Birthday) को बधाई संदेश दिया. उन्होंने शुभकामनाएं के साथ ही सरकार में बहुमूल्य भूमिका निभाने की सराहना भी की. पीएम मोदी ने ट्वीट किया और लिखा- ''कर्मठ, अनुभवी, कुशल संगठनकर्ता एवं मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अमित शाह जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। सरकार में बहुमूल्य भूमिका निभाने के साथ ही वे भारत को सशक्त और सुरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु करे और सदा स्वस्थ रखे.''
कर्मठ, अनुभवी, कुशल संगठनकर्ता एवं मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अमित शाह जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। सरकार में बहुमूल्य भूमिका निभाने के साथ ही वे भारत को सशक्त और सुरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु करे और सदा स्वस्थ रखे। @AmitShah
अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में काफी व्यस्त है. बीते महीने पीएम मोदी के जन्मदिन पर अमित शाह ने एक नहीं बल्कि दो ट्वीट करके उन्हें अनोखे अंदाज में बधाई दी थी. अमित शाह ने ट्वीट पर लिखा था कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निर्णायक नेतृत्व और अथक परिश्रम के प्रतीक देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. आपके नेतृत्व में उभरते नये भारत ने विश्व में एक मजबूत, सुरक्षित और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है.
उन्होंने दूसरे ट्वीट में नरेंद्र मोदी को लिखा था कि हर भारतीय के जीवन को सुगम बनाने के लिए आपका परिश्रम व संकल्प भाव हमारे लिए एक प्रेरणास्त्रोत है. एक जनप्रतिनिधि, एक कार्यकर्ता और एक देशवासी के रूप में आपके साथ राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में भागीदार बनना सौभाग्य की बात है. ईश्वर से आपके स्वस्थ जीवन व दीर्घायु की कामना करता हूं.
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यह एक सारांश है: गृहमंत्री अमित शाह का 55वां जन्मदिन
पीएम मोदी ने दी बधाई
ट्विटर पर लिखी ये बात
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: सीरिया के डेरा शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों पर पुलिस गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। समाचार वेबसाइट 'बीबीसी डॉट को डॉट यूके' के अनुसार डेरा के मध्य इलाके में रैली निकालने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों युवक जुटे हुए थे। उसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। एक सीरियाई मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 37 लोग मारे गए हैं। डेरा शहर में एक मस्जिद परिसर पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए छह प्रदर्शनकारियों के अंतिम संस्कार के दौरान जुटे लोगों पर भी पुलिस ने गोलियां बरसाईं। बुधवार की हिंसा से पहले सीरिया के दक्षिणी शहर डेरा में सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पों में कम से कम 12 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इन मौतों के खिलाफ पारदर्शी जांच की मांग की है और इनके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है। उधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "सार्वभौमिक अधिकारों की मांग करने वाले लोगों के खिलाफ सीरियाई सरकार की हिंसात्मक कार्रवाई, धमकियां और मनमाने तरीके से उनकी गिरफ्तारियां बेहद चिंताजनक है।" डेरा शहर में ताजा हिंसा बुधवार तड़के भड़क उठी। गत शुक्रवार से ही ओमारी मस्जिद के बाहर सैकड़ों लोग जुटे हुए हैं। ये प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों को मस्जिद में दाखिल होने से रोकने की कोशिशों के तहत वहां डटे हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आधी रात को बिजली काट दी गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और आंसू गैस छोड़ना शुरू कर दिया। 'ह्यूमन राइट्स वाच' के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता नदीम हौरी ने बताया, "पुलिस की कार्रवाई में कई लोगों के मरने और घायल होने की जानकारी मिली है।" इस बीच, बताया जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने छह प्रदर्शनकारी महिलाओं को रिहा कर दिया है। इन्हें राजनीतिक कैदियों की रिहाई को लेकर दमिश्क में आंतरिक मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
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संक्षिप्त पाठ: सीरिया के डेरा शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों पर पुलिस गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: महानगर के बाहरी इलाके में कार में सवार अज्ञात हमलावरों ने सुबह वाहनों की जांच के दौरान 49 वर्षीय एक हेडकांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी।टिप्पणियां
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नांगलोई के रहने वाले हेडकांस्टेबल रामकिशन ने एक हमलावर से पिस्तौल छीन लिया, लेकिन उन्होंने दूसरी पिस्तौल से उन पर गोली चला दी। घटना सुबह दो बजकर दस मिनट पर कंझावला की जोंटी सीमा पर हुई।
अधिकारी ने कहा, पुलिस दल सीमा पर वाहनों की जांच कर रहा था। रामकिशन ने जांच के लिए कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। अधिकारी ने कहा, पिछली सीट पर बैठे दो लोगों की जांच के बाद जब वह चालक की तरफ मुड़ा तो चालक के पास बैठे व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ब्रह्म शक्ति अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नांगलोई के रहने वाले हेडकांस्टेबल रामकिशन ने एक हमलावर से पिस्तौल छीन लिया, लेकिन उन्होंने दूसरी पिस्तौल से उन पर गोली चला दी। घटना सुबह दो बजकर दस मिनट पर कंझावला की जोंटी सीमा पर हुई।
अधिकारी ने कहा, पुलिस दल सीमा पर वाहनों की जांच कर रहा था। रामकिशन ने जांच के लिए कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। अधिकारी ने कहा, पिछली सीट पर बैठे दो लोगों की जांच के बाद जब वह चालक की तरफ मुड़ा तो चालक के पास बैठे व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ब्रह्म शक्ति अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारी ने कहा, पुलिस दल सीमा पर वाहनों की जांच कर रहा था। रामकिशन ने जांच के लिए कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। अधिकारी ने कहा, पिछली सीट पर बैठे दो लोगों की जांच के बाद जब वह चालक की तरफ मुड़ा तो चालक के पास बैठे व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ब्रह्म शक्ति अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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संक्षिप्त सारांश: महानगर के बाहरी इलाके में कार में सवार अज्ञात हमलावरों ने सुबह वाहनों की जांच के दौरान 49 वर्षीय एक हेडकांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: महान क्रिकेटर इयान बॉथम ने कहा कि इंग्लैंड की सरजमीं पर उसके खिलाफ आगामी शृंखला ही भारतीय टीम के लिए असली टेस्ट परीक्षा होगी। टीम इंडिया ने घरेलू शृंखला में जीत की बदौलत टेस्ट रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया था। बॉथम ने एक अखबार में अपने कॉलम में लिखा, भारतीय टीम मौजूदा समय में दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम है और वह अपनी सरजमीं पर शृंखला जीतने से इस मुकाम पर पहुंची। लेकिन अगर आप देखें, तो उन्होंने अपने विदेशी दौरों पर सिर्फ बांग्लादेश और न्यूजीलैंड को ही हराया है, आप महसूस कर सकते हैं कि उन्हें अपनी काबिलियत इस दौरे पर ही साबित करनी होगी। विश्व की नंबर एक भारतीय टीम जुलाई से तीसरे स्थान पर काबिज इंग्लैंड से चार मैचों की टेस्ट शृंखला खेलेगी, तभी बादशाहत का असली द्वंद्व शुरू होगा। इस दौरे पर भारतीय टीम चार टेस्ट मैच के अलावा पांच वनडे और एक ट्वेंटी-20 मैच खेलेगी। पहला टेस्ट 21 जुलाई से लॉर्ड्स पर शुरू होगा। बॉथम हालांकि आईसीसी रैंकिंग प्रणाली को तवज्जो नहीं देते और वह मानते हैं कि मौजूदा समय में इंग्लैंड की टीम ही इस लंबे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ है।
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सारांश: महान क्रिकेटर इयान बॉथम ने कहा कि इंग्लैंड की सरजमीं पर उसके खिलाफ आगामी शृंखला ही भारतीय टीम के लिए असली टेस्ट परीक्षा होगी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि घटना 24-25 जुलाई की दरम्यानी रात का है, जब 15-वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया और जिले के भटकोट गांव में चार युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
बाद में लड़की जब घर लौटी और अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी, तो आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि दोनों की पहचान रणजीत सिंह एवं संजीत कुमार के रूप में हुई है। उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि घटना 24-25 जुलाई की दरम्यानी रात का है, जब 15-वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया और जिले के भटकोट गांव में चार युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
बाद में लड़की जब घर लौटी और अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी, तो आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि दोनों की पहचान रणजीत सिंह एवं संजीत कुमार के रूप में हुई है। उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
बाद में लड़की जब घर लौटी और अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी, तो आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि दोनों की पहचान रणजीत सिंह एवं संजीत कुमार के रूप में हुई है। उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
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यह एक सारांश है: पुलिस ने बताया कि घटना 24-25 जुलाई की दरम्यानी रात का है, जब 15-वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया और जिले के भटकोट गांव में चार युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: इन दिनों बेंगलुरू एक ऐसी सरकारी योजना का विरोध कर रहा है जिसके तहत एयरपोर्ट तक जाने की सहूलियत के लिए एक स्टील का ब्रिज बनाया जाना है. इस प्रोजेक्ट का कुल खर्चा 1800 करोड़ रूपए है और इसके अलावा 800 से ज्यादा पेड़ों को भी रास्ते से हटाना होगा. जिन नागरिकों ने इस प्रस्तावित पुल के विरोध में हाइकोर्ट में दस्तक दी है उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ इसकी कीमत से ही नहीं बल्कि योजना में कमी को लेकर भी आपत्ति है. कहा जा रहा है कि इस योजना में इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया है कि बेंगलुरू में लगातार बढ़ रही भीड़ के आगे बढ़ने का भी ध्यान नहीं रखा गया है.
अगले रविवार शहर की सड़कों पर मानव श्रृंखला बनाकर कैबिनेट द्वारा मंज़ूर किए गए इस 6.72 किमो स्टील के ढांचे का विरोध किया जाएगा जिसे बेंगलुरू के बासवेश्वर सर्कल और हेब्बल के बीच बनाया जाएगा. राज्य सरकार की दलील है कि यह ब्रिज शहर के काफी काम आएगा और एयपोर्ट के रास्ते में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगा. साथ ही यह नैशनल हाइवे के लिए भी काफी अहम होने वाला है. बेंगलुरू विकास एवं शहरी योजना मंत्री केजी जॉर्ज ने विस्तृत प्रोजेक्ट प्लान को ट्वीट भी किया था.टिप्पणियां
इस ब्रिज का महत्व समझाते हुए योजना में लिखा गया है कि बेंगलुरू में साठ लाख वाहन हैं जो कि पिछले 10 सालों में 10 प्रतिशत से बढ़े हैं और यह शहर हर अहम मोड़ पर ट्रैफिक जाम देख रहा है. योजना में यह भी लिखा गया है कि कुछ साल पहले एयरपोर्ट के शिफ्ट हो जाने की वजह से शहर का 'यात्रा करने का तरीका' बदल गया है. प्लान में कीमत को लेकर भी सफाई दी गई है और कहा गया है कि 1791 करोड़ रुपए में सिर्फ स्टील का ढांचा ही नहीं बल्कि मुख्य फ्लायओवर, ऊपर-नीचे जाने वाले रैंप, 3 अंडरपास, सर्फेस लेवल रोड, ड्रेनेज सिस्टम, लाइटें और ट्रैफिक सुरक्षा का सामान भी शामिल है.
सरकार ने लागत को विस्तार से भी लिखा है और कहा है कि इस काम में किसी भी तरह की धरोहर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. जहां तक 812 पेड़ों के कटने की बात है तो बेंगलुरू के नगरनिगम ने इसके बदले 60 हज़ार पौधे लगाने का वादा भी किया है. हालांकि इस प्रोजेक्ट के आलोचक जिसमें अहम नागरिक, आर्किटेक्ट्स और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं - इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया राजागोपाल का कहना है कि 'इस मामले में पारदर्शिता नहीं है, हमें यह नहीं बताया जा रहा कि मौजूदा समस्या का निपटारा कैसे कर पाएगा.'
अगले रविवार शहर की सड़कों पर मानव श्रृंखला बनाकर कैबिनेट द्वारा मंज़ूर किए गए इस 6.72 किमो स्टील के ढांचे का विरोध किया जाएगा जिसे बेंगलुरू के बासवेश्वर सर्कल और हेब्बल के बीच बनाया जाएगा. राज्य सरकार की दलील है कि यह ब्रिज शहर के काफी काम आएगा और एयपोर्ट के रास्ते में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगा. साथ ही यह नैशनल हाइवे के लिए भी काफी अहम होने वाला है. बेंगलुरू विकास एवं शहरी योजना मंत्री केजी जॉर्ज ने विस्तृत प्रोजेक्ट प्लान को ट्वीट भी किया था.टिप्पणियां
इस ब्रिज का महत्व समझाते हुए योजना में लिखा गया है कि बेंगलुरू में साठ लाख वाहन हैं जो कि पिछले 10 सालों में 10 प्रतिशत से बढ़े हैं और यह शहर हर अहम मोड़ पर ट्रैफिक जाम देख रहा है. योजना में यह भी लिखा गया है कि कुछ साल पहले एयरपोर्ट के शिफ्ट हो जाने की वजह से शहर का 'यात्रा करने का तरीका' बदल गया है. प्लान में कीमत को लेकर भी सफाई दी गई है और कहा गया है कि 1791 करोड़ रुपए में सिर्फ स्टील का ढांचा ही नहीं बल्कि मुख्य फ्लायओवर, ऊपर-नीचे जाने वाले रैंप, 3 अंडरपास, सर्फेस लेवल रोड, ड्रेनेज सिस्टम, लाइटें और ट्रैफिक सुरक्षा का सामान भी शामिल है.
सरकार ने लागत को विस्तार से भी लिखा है और कहा है कि इस काम में किसी भी तरह की धरोहर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. जहां तक 812 पेड़ों के कटने की बात है तो बेंगलुरू के नगरनिगम ने इसके बदले 60 हज़ार पौधे लगाने का वादा भी किया है. हालांकि इस प्रोजेक्ट के आलोचक जिसमें अहम नागरिक, आर्किटेक्ट्स और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं - इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया राजागोपाल का कहना है कि 'इस मामले में पारदर्शिता नहीं है, हमें यह नहीं बताया जा रहा कि मौजूदा समस्या का निपटारा कैसे कर पाएगा.'
इस ब्रिज का महत्व समझाते हुए योजना में लिखा गया है कि बेंगलुरू में साठ लाख वाहन हैं जो कि पिछले 10 सालों में 10 प्रतिशत से बढ़े हैं और यह शहर हर अहम मोड़ पर ट्रैफिक जाम देख रहा है. योजना में यह भी लिखा गया है कि कुछ साल पहले एयरपोर्ट के शिफ्ट हो जाने की वजह से शहर का 'यात्रा करने का तरीका' बदल गया है. प्लान में कीमत को लेकर भी सफाई दी गई है और कहा गया है कि 1791 करोड़ रुपए में सिर्फ स्टील का ढांचा ही नहीं बल्कि मुख्य फ्लायओवर, ऊपर-नीचे जाने वाले रैंप, 3 अंडरपास, सर्फेस लेवल रोड, ड्रेनेज सिस्टम, लाइटें और ट्रैफिक सुरक्षा का सामान भी शामिल है.
सरकार ने लागत को विस्तार से भी लिखा है और कहा है कि इस काम में किसी भी तरह की धरोहर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. जहां तक 812 पेड़ों के कटने की बात है तो बेंगलुरू के नगरनिगम ने इसके बदले 60 हज़ार पौधे लगाने का वादा भी किया है. हालांकि इस प्रोजेक्ट के आलोचक जिसमें अहम नागरिक, आर्किटेक्ट्स और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं - इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया राजागोपाल का कहना है कि 'इस मामले में पारदर्शिता नहीं है, हमें यह नहीं बताया जा रहा कि मौजूदा समस्या का निपटारा कैसे कर पाएगा.'
सरकार ने लागत को विस्तार से भी लिखा है और कहा है कि इस काम में किसी भी तरह की धरोहर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. जहां तक 812 पेड़ों के कटने की बात है तो बेंगलुरू के नगरनिगम ने इसके बदले 60 हज़ार पौधे लगाने का वादा भी किया है. हालांकि इस प्रोजेक्ट के आलोचक जिसमें अहम नागरिक, आर्किटेक्ट्स और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं - इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया राजागोपाल का कहना है कि 'इस मामले में पारदर्शिता नहीं है, हमें यह नहीं बताया जा रहा कि मौजूदा समस्या का निपटारा कैसे कर पाएगा.'
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संक्षिप्त पाठ: बेंगलुरू में एक प्रस्तावित स्टील के ब्रिज का विरोध हो रहा है
लोगों को इस प्रोजेक्ट की लागत से आपत्ति है जो 1800 करोड़ रुपए है
इस प्रोजेक्ट का दावा है कि यह ट्रैफिक की समस्या को काफी कम कर देगा
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोल कीमत में वृद्धि को लेकर हो रही आलोचना के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इनके दाम नियंत्रित रखने में सरकार की असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को नियंत्रण मुक्त करना पूर्व राजग शासन की देन है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी ऊंचे स्तर पर हैं। पश्चिम क्षेत्र के राज्य सरकारों तथा बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, जो हमारी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनके शासनकाल में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था। मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रित गठबंधन शासन 1998 से 2004 के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत 24 डॉलर से 36 डॉलर बैरल के बीच थी जो अब बढ़कर 113 डॉलर बैरल पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में तेजी के मद्देनजर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की।
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प्रणब ने दाम नियंत्रित रखने में सरकार की असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को नियंत्रण मुक्त करना पूर्व राजग शासन की देन है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) लगभग 10 साल बाद एक बार फिर राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. महाराष्ट्र के एक मंत्री ने यह जानकारी दी. राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) के संस्थापक एवं कैबिनेट मंत्री महादेव जानकर ने रविवार को यहां बताया कि संजय दत्त (60), 25 सितंबर को उनकी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. आरएसपी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी है. पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री जानकर ने पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की, '...हमने अपनी पार्टी के विस्तार के लिए फिल्म क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया है. जिसके तहत अभिनेता संजय दत्त भी 25 सितंबर को राष्ट्रीय समाज पक्ष में शामिल हो रहे हैं."
संजय दत्त 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ से लोकसभा उम्मीदवार थे, लेकिन अदालत द्वारा शस्त्र अधिनियम के तहत उनकी सजा को निलंबित करने से इनकार करने के बाद वह पीछे हट गए थे.
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यहाँ एक सारांश है:फिर राजनीति के मैदान में उतरने की तैयारी में संजय
राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक ने किया बड़ा दावा
'25 सितंबर को पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं संजय दत्त'
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हाल ही में एक युवती से सामूहिक बलात्कार और नृशंस हत्या की वारदात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी में कोई सुरक्षा नहीं है और इसी वजह से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने 16 दिसंबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी और यह शहर में दोहराई जा रही है।
उन्होंने कहा, शहर में कोई सुरक्षा नहीं है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। न्यायाधीशों ने कहा कि राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षा के माहौल को लेकर वे चिंतित हैं, ताकि वे (महिलाएं) गरिमा के साथ रह सकें।
न्यायालय राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु कानून के छात्र की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में बलात्कार की शिकार युवतियों को मुआवजा दिलाने के लिए आपराधिक आघात मुआवजा बोर्ड गठित करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करने वाले वाहनों का लाइसेंस भी रद्द किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि बस मालिक को किसी ऐसे मार्ग पर बस प्रचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिस पर उसकी किसी बस ने कानून का उल्लंघन किया है। न्यायाधीशों ने कहा, हम सुरक्षा के माहौल को लेकर अधिक चिंतित हैं, जहां महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ काम कर सकें और इसे बहाल किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने 16 दिसंबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी और यह शहर में दोहराई जा रही है।
उन्होंने कहा, शहर में कोई सुरक्षा नहीं है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। न्यायाधीशों ने कहा कि राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षा के माहौल को लेकर वे चिंतित हैं, ताकि वे (महिलाएं) गरिमा के साथ रह सकें।
न्यायालय राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु कानून के छात्र की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में बलात्कार की शिकार युवतियों को मुआवजा दिलाने के लिए आपराधिक आघात मुआवजा बोर्ड गठित करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करने वाले वाहनों का लाइसेंस भी रद्द किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि बस मालिक को किसी ऐसे मार्ग पर बस प्रचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिस पर उसकी किसी बस ने कानून का उल्लंघन किया है। न्यायाधीशों ने कहा, हम सुरक्षा के माहौल को लेकर अधिक चिंतित हैं, जहां महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ काम कर सकें और इसे बहाल किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
उन्होंने कहा, शहर में कोई सुरक्षा नहीं है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। न्यायाधीशों ने कहा कि राजधानी में महिलाओं के लिए सुरक्षा के माहौल को लेकर वे चिंतित हैं, ताकि वे (महिलाएं) गरिमा के साथ रह सकें।
न्यायालय राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु कानून के छात्र की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में बलात्कार की शिकार युवतियों को मुआवजा दिलाने के लिए आपराधिक आघात मुआवजा बोर्ड गठित करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करने वाले वाहनों का लाइसेंस भी रद्द किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि बस मालिक को किसी ऐसे मार्ग पर बस प्रचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिस पर उसकी किसी बस ने कानून का उल्लंघन किया है। न्यायाधीशों ने कहा, हम सुरक्षा के माहौल को लेकर अधिक चिंतित हैं, जहां महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ काम कर सकें और इसे बहाल किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
न्यायालय राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु कानून के छात्र की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में बलात्कार की शिकार युवतियों को मुआवजा दिलाने के लिए आपराधिक आघात मुआवजा बोर्ड गठित करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करने वाले वाहनों का लाइसेंस भी रद्द किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि बस मालिक को किसी ऐसे मार्ग पर बस प्रचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिस पर उसकी किसी बस ने कानून का उल्लंघन किया है। न्यायाधीशों ने कहा, हम सुरक्षा के माहौल को लेकर अधिक चिंतित हैं, जहां महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ काम कर सकें और इसे बहाल किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि बस मालिक को किसी ऐसे मार्ग पर बस प्रचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिस पर उसकी किसी बस ने कानून का उल्लंघन किया है। न्यायाधीशों ने कहा, हम सुरक्षा के माहौल को लेकर अधिक चिंतित हैं, जहां महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ काम कर सकें और इसे बहाल किया जाना चाहिए।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
न्यायालय ने इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली सरकार तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से जवाब तलब किया है। इन सभी को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं।
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संक्षिप्त पाठ: एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल देने पर ज्यादा ध्यान देना होगा, ताकि वे सम्मान के साथ रह सकें। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को नोटिस भेजा है और दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी में मायावती और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बुआ-बबुआ की जोड़ी ने महागठबंधन की कवायदों में जुटी कांग्रेस को न सिर्फ झटका दिया है, बल्कि उसे सपा-बसपा गठबंधन से भी अलग कर दिया है. हालांकि, इस नए गठबंधन ने कांग्रेस की दोनों परंपरागत सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का ऐलान किया है. मायावती और अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर लड़ेगी. सपा-बसपा गठबंधन ने चार सीटें छोड़ दी हैं, जिसमें दो सीटें सहयोगियों के खाते में जाएगी वहीं, दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई हैं, अमेठी और रायबरेली है. साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर जमकर हमला बोला.
सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस को साथ न रखने पर मायावती ने कहा कि बीजेपी की तरह ही कांग्रेस की नीतियां भी भ्रष्ट हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों के शासनकाल में भ्रष्टाचार हुए. कांग्रेस और बीजेपी दोनों की नीति एक जैसी ही भ्रष्ट है और काग्रेस के साथ जाने पर बसपा को वोट शेयर में नुकसान होता है. सपा-बसपा को कांग्रेस के साथ जाने से कोई खास फायदा होने वाला नहीं है. हमनें अपने अनुभव को ही तरजीह दी है. कांग्रेस का साथ जाने से हमारे वोट शेयर पर बुरा असर पड़ता है. अगर हम इनके साथ नहीं जाते हैं तो हमारे पास वोट का शेयर ज्यादा रहता है. लिहाजा हमनें इस वजह से कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखा है. हालांकि हमारी पार्टी ने यह फैसला लिया है कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी या इस तरह की किसी भी अन्य पार्टी से गठबंधन करके चुनाव नहीं लड़ेगी जिससे हमारा वोट ही कट जाए.
उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के शासनकाल में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है. बीजेपी को इस बार कांग्रेस को हुई 1977 में हुए चुनाव की तरह ही बड़ा नुकसान होने वाला है. मायावती ने कहा कि बोफोर्स की वजह से कांग्रेस की सरकार गई थी, अब राफेल की वजह से बीजेपी की सरकार जाएगी. राफेल बीजेपी को ले डूबेगी. मायावती ने कहा कि बीजेपी ने प्रदेश में बेईमानी से सत्ता हासिल की है. हमने गठबंधन में कांग्रेस को नहीं रखा. कांग्रेस या बीजेपी कोई आए, दोनों में एक ही बात है. कांग्रेस और बीजेपी की नीतियां एक जैसी है. दोनों सरकारों का हाल एक जेस ही रहे हैं. अगर हम कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो हमें घाटा होगा. क्योंकि कांग्रेस के समय में भी भ्रष्टाचार हुआ. मायावती ने कहा कि यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई है. जनविरोधी को सत्ता में आने से रोकेंगे. बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान है. जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराएंगे.
इससे पहले मायावती ने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह दोनों गुरु चेले की नींद उड़ाने वाली अति महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रेस कांफ्रेंस होने जा रही है. हमारी पार्टी बीएसपी ने अंबेडकर के देहांत के बाद उनके कारवां को गति प्रदान की है. हमनें उस कारवां को ऐतिहासिक सफलता भी दिलाई है. हम जातिवादी व्यवस्था के शिकार लोगों को सम्मान दिलाने का काम कर रहे हैं. हम पहले भी साथ आए थे और आज फिर चुनाव के लिए साथ आ रहे हैं. हमें उस दौरान भी चुनाव में सफलता मिली थी. इस बार भी हम सफल होंगे. हमारी मकसद सिर्फ बीजेपी जैसी सांप्रदायिक पार्टियों को सत्ता से बाहर रखने का है. अब देश में जनहित को लखनऊ गेस्टहाउस कांड से ऊपर रखते हुए एक बार फिर हमनें उसी प्रकार की दूषित राजनीति को जड़ से हटाने के लिए एक साथ आने का फैसला लिया है.
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यहाँ एक सारांश है:सपा-बसपा को कांग्रेस के साथ जाने से कोई फायदा नहीं
बीजेपी की तरह ही कांग्रेस की नीतियां भी भ्रष्ट हैं
'राफेल की वजह से बीजेपी की सरकार जाएगी'
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत को और उकसाते हुए पाकिस्तान ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने को ‘न्यायेतर हत्या’ करार देते हुए मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है और दावा किया कि ‘जनमत संग्रह’ से इनकार घाटी में कश्मीरी लोगों के भड़कने का कारण था।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के मिशन द्वारा जारी बयान के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने पिछले सप्ताह यहां कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और कहा था कि देश ‘‘कश्मीर मुद्दे को नैतिक और कूटनीतिक समर्थन प्रदान करने की अपनी सैद्धांतिक नीति’’ पर कायम हैं। लोधी ने वानी के मारे जाने और प्रदर्शनों की स्वतंत्र जांच की मांग की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाता रहा है। लोधी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपना प्रस्ताव लागू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को ‘‘स्वतंत्र जनमत संग्रह’’ के माध्यम से ‘आत्मनिर्णय का अधिकार’ सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों में दिया गया था जिससे वंचित करने के कारण हालिया प्रदर्शन हुए जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न हुआ।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के मिशन द्वारा जारी बयान के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने पिछले सप्ताह यहां कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और कहा था कि देश ‘‘कश्मीर मुद्दे को नैतिक और कूटनीतिक समर्थन प्रदान करने की अपनी सैद्धांतिक नीति’’ पर कायम हैं। लोधी ने वानी के मारे जाने और प्रदर्शनों की स्वतंत्र जांच की मांग की।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाता रहा है। लोधी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपना प्रस्ताव लागू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को ‘‘स्वतंत्र जनमत संग्रह’’ के माध्यम से ‘आत्मनिर्णय का अधिकार’ सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों में दिया गया था जिससे वंचित करने के कारण हालिया प्रदर्शन हुए जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न हुआ।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाता रहा है। लोधी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपना प्रस्ताव लागू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को ‘‘स्वतंत्र जनमत संग्रह’’ के माध्यम से ‘आत्मनिर्णय का अधिकार’ सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों में दिया गया था जिससे वंचित करने के कारण हालिया प्रदर्शन हुए जिससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न हुआ।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: आतंकवादी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने की स्वतंत्र जांच हो
जनमत संग्रह’ से इनकार कश्मीरी लोगों के भड़कने का कारण बताया
संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर मुद्दा उठाता रहा है पाक
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराने वाले हजारों खरीदारों का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है, क्योंकि वैधानिक संस्था एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा के लिए मसौदा मास्टर प्लान- 2021 को मंजूरी दे दी है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने कहा कि एनसीआरपीबी के सदस्य सचिव और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकारियों वाली समिति ने मसौदा मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है और बोर्ड खुद इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।टिप्पणियां
शहरी विकास मंत्री कमलनाथ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष, जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं।
अक्टूबर, 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बाद एनसीआरपीबी ने ग्रेटर नोएडा मसौदा मास्टर प्लान 2021 की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में बोर्ड द्वारा योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने कहा कि एनसीआरपीबी के सदस्य सचिव और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकारियों वाली समिति ने मसौदा मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है और बोर्ड खुद इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।टिप्पणियां
शहरी विकास मंत्री कमलनाथ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष, जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं।
अक्टूबर, 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बाद एनसीआरपीबी ने ग्रेटर नोएडा मसौदा मास्टर प्लान 2021 की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में बोर्ड द्वारा योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।
शहरी विकास मंत्री कमलनाथ एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष, जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं।
अक्टूबर, 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बाद एनसीआरपीबी ने ग्रेटर नोएडा मसौदा मास्टर प्लान 2021 की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में बोर्ड द्वारा योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।
अक्टूबर, 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बाद एनसीआरपीबी ने ग्रेटर नोएडा मसौदा मास्टर प्लान 2021 की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में बोर्ड द्वारा योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।
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यहाँ एक सारांश है:नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराने वाले हजारों खरीदारों का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है, क्योंकि वैधानिक संस्था एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा के लिए मसौदा मास्टर प्लान- 2021 को मंजूरी दे दी है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विमान पकड़ने की जल्दबाजी में यात्री ना सिर्फ अपने मोबाइल फोन, चश्मे, चाबियां या पावर बैंक भूल जाते हैं, बल्कि वे लैपटॉप, शराब की बोतल जैसे महंगा सामान तक छोड़ जाते हैं.
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (आईजीआई) पर पिछले साल ऐसे ही करीब 10,000 सामान छूटने की रिपोर्ट हुई थी और आंकड़े बताते हैं कि ऐसी वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक सामान और शराब भी शामिल हैं.
सौभाग्य से 85 प्रतिशत सामान के दावेदार मिल गये हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में ब्रिसबेन हवाईअड्डा पर भूलवश छोड़े गये सामान में यात्रियों के कृत्रिम अंग तक मिलने की रिपोर्ट मिली थी. टिप्पणियां
दुबई हवाईअड्डा दुनिया के तीन सबसे व्यवस्ततम हवाईअड्डों में से एक है और वहां वर्ष 2017 में भूलवश छोड़े गये एक लाख से अधिक सामान की रिपोर्ट मिली थी, जिनमें मोबाइल फोन से लेकर कीमती घड़ियां और भारी मात्रा में नकद शामिल हैं.
हवाईअड्डा संचालक दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के अनुसार सही मालिक तक ऐसे सामान पहुंचाने के लिये पुरानी प्रक्रिया के बजाय अब सामान सौंपने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिये एक नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (आईजीआई) पर पिछले साल ऐसे ही करीब 10,000 सामान छूटने की रिपोर्ट हुई थी और आंकड़े बताते हैं कि ऐसी वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक सामान और शराब भी शामिल हैं.
सौभाग्य से 85 प्रतिशत सामान के दावेदार मिल गये हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में ब्रिसबेन हवाईअड्डा पर भूलवश छोड़े गये सामान में यात्रियों के कृत्रिम अंग तक मिलने की रिपोर्ट मिली थी. टिप्पणियां
दुबई हवाईअड्डा दुनिया के तीन सबसे व्यवस्ततम हवाईअड्डों में से एक है और वहां वर्ष 2017 में भूलवश छोड़े गये एक लाख से अधिक सामान की रिपोर्ट मिली थी, जिनमें मोबाइल फोन से लेकर कीमती घड़ियां और भारी मात्रा में नकद शामिल हैं.
हवाईअड्डा संचालक दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के अनुसार सही मालिक तक ऐसे सामान पहुंचाने के लिये पुरानी प्रक्रिया के बजाय अब सामान सौंपने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिये एक नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
सौभाग्य से 85 प्रतिशत सामान के दावेदार मिल गये हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में ब्रिसबेन हवाईअड्डा पर भूलवश छोड़े गये सामान में यात्रियों के कृत्रिम अंग तक मिलने की रिपोर्ट मिली थी. टिप्पणियां
दुबई हवाईअड्डा दुनिया के तीन सबसे व्यवस्ततम हवाईअड्डों में से एक है और वहां वर्ष 2017 में भूलवश छोड़े गये एक लाख से अधिक सामान की रिपोर्ट मिली थी, जिनमें मोबाइल फोन से लेकर कीमती घड़ियां और भारी मात्रा में नकद शामिल हैं.
हवाईअड्डा संचालक दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के अनुसार सही मालिक तक ऐसे सामान पहुंचाने के लिये पुरानी प्रक्रिया के बजाय अब सामान सौंपने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिये एक नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
दुबई हवाईअड्डा दुनिया के तीन सबसे व्यवस्ततम हवाईअड्डों में से एक है और वहां वर्ष 2017 में भूलवश छोड़े गये एक लाख से अधिक सामान की रिपोर्ट मिली थी, जिनमें मोबाइल फोन से लेकर कीमती घड़ियां और भारी मात्रा में नकद शामिल हैं.
हवाईअड्डा संचालक दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के अनुसार सही मालिक तक ऐसे सामान पहुंचाने के लिये पुरानी प्रक्रिया के बजाय अब सामान सौंपने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिये एक नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
हवाईअड्डा संचालक दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) के अनुसार सही मालिक तक ऐसे सामान पहुंचाने के लिये पुरानी प्रक्रिया के बजाय अब सामान सौंपने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिये एक नये सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जल्दबाजी में यात्री ना सिर्फ अपने मोबाइल फोन, चश्मे भूल जाते हैं
यात्री लैपटॉप, शराब की बोतल जैसे महंगा सामान तक छोड़ जाते हैं
पिछले साल ऐसे ही करीब 10,000 सामान छूटने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त ने कुश्ती को उन तीन खेलों में शामिल करने के अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) के फैसले का आज स्वागत किया जिनके लिए सिंतबर में मतदान होगा।
ओलिंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओलंपिक के मुख्य खेलों की सूची से हटा दिया था। कुश्ती को अब 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाली आईओसी की बैठक में स्क्वाश, सॉफ्टबाल एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा। इन तीनों में केवल एक खेल को ओलिंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी।
दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने कुश्ती का समर्थन किया। यह युवा पहलवानों के लिए बहुत अच्छी खबर है। मुझे उम्मीद है कि कुश्ती को फिर से ओलिंपिक में शामिल किया जाएगा। कुश्ती बेहद लोकप्रिय खेल है और आईओसी का यह अच्छा कदम है। टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि खेल को दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए उसमें लाए गए नए बदलाव उसके पक्ष में गए।
उन्होंने कहा, मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं। यह 2020 के ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है। हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलिंपिक का हिस्सा बनेंगे। सॉफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग- अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके कारण इस बार इनके लिए मिलकर दावा पेश किया गया है। कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं, बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
ओलिंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओलंपिक के मुख्य खेलों की सूची से हटा दिया था। कुश्ती को अब 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाली आईओसी की बैठक में स्क्वाश, सॉफ्टबाल एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा। इन तीनों में केवल एक खेल को ओलिंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी।
दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने कुश्ती का समर्थन किया। यह युवा पहलवानों के लिए बहुत अच्छी खबर है। मुझे उम्मीद है कि कुश्ती को फिर से ओलिंपिक में शामिल किया जाएगा। कुश्ती बेहद लोकप्रिय खेल है और आईओसी का यह अच्छा कदम है। टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि खेल को दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए उसमें लाए गए नए बदलाव उसके पक्ष में गए।
उन्होंने कहा, मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं। यह 2020 के ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है। हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलिंपिक का हिस्सा बनेंगे। सॉफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग- अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके कारण इस बार इनके लिए मिलकर दावा पेश किया गया है। कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं, बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने कुश्ती का समर्थन किया। यह युवा पहलवानों के लिए बहुत अच्छी खबर है। मुझे उम्मीद है कि कुश्ती को फिर से ओलिंपिक में शामिल किया जाएगा। कुश्ती बेहद लोकप्रिय खेल है और आईओसी का यह अच्छा कदम है। टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि खेल को दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए उसमें लाए गए नए बदलाव उसके पक्ष में गए।
उन्होंने कहा, मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं। यह 2020 के ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है। हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलिंपिक का हिस्सा बनेंगे। सॉफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग- अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके कारण इस बार इनके लिए मिलकर दावा पेश किया गया है। कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं, बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि खेल को दर्शकों के अनुकूल बनाने के लिए उसमें लाए गए नए बदलाव उसके पक्ष में गए।
उन्होंने कहा, मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं। यह 2020 के ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है। हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलिंपिक का हिस्सा बनेंगे। सॉफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग- अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके कारण इस बार इनके लिए मिलकर दावा पेश किया गया है। कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं, बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
उन्होंने कहा, मैं इस घटनाक्रम से बेहद खुश हूं। यह 2020 के ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की चाहत रखने वाले सभी युवा पहलवानों के लिए काफी बड़ी राहत है। हमें विश्वास है कि सितंबर में होने वाली बैठक में कुश्ती को आईओसी से अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी और हम फिर से ओलिंपिक का हिस्सा बनेंगे। सॉफ्टबाल एवं बेसबाल को 2009 में अलग- अलग खेलों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके कारण इस बार इनके लिए मिलकर दावा पेश किया गया है। कुश्ती आधुनिक ओलिंपिक ही नहीं, बल्कि प्राचीन ओलिंपिक खेलों का हिस्सा भी रही है। पांच अन्य खेल वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स भी ओलंपिक में जगह बनाने की कवायद में लगे थे लेकिन इन्हें कार्यकारी बोर्ड ने अपनी सूची में जगह नहीं दी।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कुश्ती को अब 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाली आईओसी की बैठक में स्क्वाश, सॉफ्टबाल एवं बेसबाल से मुकाबला करना होगा।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: SSC (कर्मचारी चयन आयोग) जल्द ही कॉन्सटेबल जीडी (SSC GD) के 54 हजार 953 पर होने वाली भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड (SSC Admit Card) जारी कर देगा. परीक्षा का समय नजदीक है, ऐसे में फरवरी के पहले सप्ताह में एडमिट कार्ड (SSC GD Admit Card) जारी कर दिया जाएगा. एसएससी जीडी कॉन्सटेबल एडमिट कार्ड SSC की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.nic.in पर जारी किया जाएगा. उम्मीदवार इस वेबसाइट पर जाकर ही अपना एडमिट कार्ड (SSC GD Constable Admit Card) डाउनलोड कर पाएंगे. कॉन्सटेबल जीडी के पदों पर भर्ती परीक्षा 11 फरवरी 2019 से 11 मार्च 2019 तक आयोजित की जाएगी. बता दें कि कॉन्सटेबल जीडी के 54 हजार 953 पर भर्ती के लिए पिछले साल जुलाई के महीने में नोटिफिकेशन जारी किया गया था.
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे.
एलिमेंट्री मैथ्स से नंबर सिस्टम, कंप्यूटेशन, डिसिमल, फ्रेक्शन्स, एलसीएम, एचसीएफ, अनुपात एवं समानुपात (Ratio and Proportion), परसेंटेज, मेन्सुरेशन, टाइम एंड वर्क, टाइम एंड डिस्टेंस, सिपल एंड कंपाउंड इंटरेस्ट, प्रॉफिट और लॉस, औसत आदि से सवाल होंगे. हिंदी या अंग्रेजी में आपसे साधारण से भाषा से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे.
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संक्षिप्त सारांश: SSC GD एडमिट कार्ड जल्द जारी होगा.
एडमिट कार्ड फरवरी की शुरुआत में जारी किया जाएगा.
भर्ती परीक्षा 11 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित की जाएगी.
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले मंत्रिपरिषद विस्तार और फेरबदल में तीन राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया है और तीन नए चेहरों को इसमें राज्य मंत्री बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया है। इस विस्तार और फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री की मंत्रिपरिषद का स्वरूप इस प्रकार हो गया है।कैबिनेट मंत्री :- प्रफुल्ल पटेल : भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम। श्रीप्रकाश जायसवाल : कोयला। सलमान खुर्शीद : जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक मामलों का अतिरिक्त प्रभार। शरद पवार : कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग। वीरभद्र सिंह : सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम। विलासराव देशमुख : ग्रामीण विकास और पंचायत राज का अतिरिक्त कार्यभार। एस. जयपाल रेड्डी : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस। कमलनाथ : शहरी विकास। वायलार रवि : प्रवासी भारतीय मामलों एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार। मुरली देवड़ा : कार्पोरेट मामलों का प्रभार। कपिल सिब्बल : मानव संसाधन विकास और दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार। बीके हांडिक : पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय। सीपी जोशी : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग। कुमारी शैलजा : आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन और संस्कृति का अतिरिक्त कार्यभार। सुबोध कांत सहाय : पर्यटन। एमएस गिल : सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्यवन। पवन कुमार बंसल : संसदीय कार्यमंत्री और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान का अतिरिक्त कार्यभार।राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)। बेनी प्रसाद वर्मा : इस्पात। अजय माकन : युवा मामलों एवं खेल। दिनशॉ पटेल : खान। केवी थॉमस : उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं जन वितरण।राज्य मंत्री :- अश्विनी कुमार : योजना एवं संसदीय कार्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान। केसी वेणुगोपाल : ऊर्जा। ई. अहमद : विदेश मंत्री। हरीश रावत : कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग। वी. नारायणस्वामी : संसदीय कार्यमंत्री एवं कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, प्रधानमंत्री कार्यालय। गुरुदास कामत : गृह मंत्रालय। ए. साई प्रताप : भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम। भरतसिंह सोलंकी : रेलवे। जितिन प्रसाद : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग। महादेव एस. खंडेला : जनजाति मंत्रालय। आरपीएन सिंह : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कार्पोरेट मामले। तुषारभाई चौधरी : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग। अरुण यादव : कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग। प्रतीक प्रकाशबापू पाटील : कोयला। विंसेट पाला : जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक मामले।
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संक्षिप्त सारांश: मनमोहन के नेतृत्व वाली सप्रंग सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले मंत्रिपरिषद विस्तार और फेरबदल में तीन राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन में फेसबुक के इस्तेमाल के जरिए दंगाइयों को उकसाने की कोशिश करने वाले दो युवकों को चार साल के लिए जेल भेज दिया गया है। चार दिनों तक चले दंगे और अशांति से जुड़े मामलों में अदालत का यह अब तक का सबसे सख्त आदेश है। लंदन में हाल ही में हुई हिंसा और लूट के लिए 1,000 से ज्यादा लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस बल के कार्यकारी आयुक्त टिम गुडविन ने बताया कि 1,733 लागों की गिरफ्तारी करने के बाद 1005 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इस फैसले को मील का पत्थर करार दिया। जोर्डन ब्लैकशॉ (20) और 22 साल के पेरी सतक्लिफ कीनन को चार साल की सजा सुनाई गई। हालांकि दोनों ने वास्तव में कुछ भी आयोजित नहीं किया। चेस्टर क्राउन अदालत में यह जोड़ी पेश हुई। पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने फेसबुक के माध्यम से लोगों को अपने गृहनगर में दंगा करने की अपील की। ब्रिटेन में हुए दंगों के मामलों में अदालत के सख्त फैसलों का प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बचाव किया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा, सजा के बारे में फैसला देना अदालत का काम है, लेकिन उन्होंने कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया है और यह बहुत अच्छा है कि अदालत ऐसा करने में सक्षम महसूस करते हैं। हालांकि कुछ सांसदों और विशेषज्ञों ने अदालत के फैसलों को बहुत कठोर बताया है। नार्थविच के ब्लैकशॉ ने फेसबुक पर एक पेज तैयार किया, जिसका शीषर्क नॉर्थविच शहर को नष्ट कर डालो, जबकि वारिंगटन के कीनन ने लैचफोर्ड में दंगा किया जाए पेज तैयार किया। दोनों को जानबूझ कर दंगा उकसाने का दोषी पाया गया। दोनों में से कोई भी खुद दंगा करने या लूटपाट करने का आरोपी नहीं था, लेकिन उन्हें इन मामलों से जुड़ी अब तक की सबसे लंबी सजा सुनाई गई। कार्यकारी आयुक्त गुडविन ने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत इकट्ठा कर रहे अधिकारियों के कामकाज को सराहा। लंदन के मेयर बोरिस जानसन ने कहा कि पुलिस के आंकड़े न केवल उनकी निष्ठा के सबूत हैं, बल्कि कानून का पालन करने वाले लंदन के निवासियों के असाधारण समर्थन को भी दिखाते हैं, जो ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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ब्रिटेन में फेसबुक के इस्तेमाल के जरिए दंगाइयों को उकसाने की कोशिश करने वाले दो युवकों को चार साल के लिए जेल भेज दिया गया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आज संत रविदास जी (Sant Ravidas) की जयंती है. संत रविदास जयंती (Sant Ravidas Jayanti) हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ पूर्णिमा को मनाई जाती है. 19 फरवरी यानी आज माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) पड़ने के चलते संत रविदास जयंती मनाई जा रही है. माघ पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था. रविदास की माता का नाम कलसा देवी और पिता का नाम श्रीसंतोख दास जी था. रविदासजी के जमाने में दिल्ली में सिकंदर लोदी का शासन था. कहते हैं सिकंदर लोदी ने उनकी ख्याति से प्रभावित होकर उन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन उन्होंने बड़ी विनम्रता से ठुकरा दिया था. मध्ययुगीन साधकों में रविदास जी (Sant Ravidas) का विशिष्ट स्थान है. रविदासजी कबीर की तरह ही उच्च कोटि के प्रमुख संत कवियों में विशिष्ट स्थान रखते हैं. स्वयं कबीरदास जी ने 'संतन में रविदास' कहकर इन्हें मान्यता दी है.
संत रविदास जी (Sant Ravidas) आडम्बर और बाह्याचार के घोर विरोधी थे. वे मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा आदि में बिल्कुल यकीन नहीं करते थे. वे व्यक्ति की निश्छल भावना और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे. यही कारण है कि रविदासजी की काव्य-रचनाओं में सरलता के साथ व्यावहारिकता का समर्थन मिलता है. संत रविदास दूसरों की मदद करने में सबसे आगे थे. रविदास कभी किसी की मदद करने से पीछे नहीं हटते थे.
उन्होंने अपनी कविताओं के लिए जनसाधारण की ब्रजभाषा का प्रयोग किया है. साथ ही इसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और रेख्ता यानी उर्दू-फ़ारसी के शब्दों का भी मिश्रण है. रविदासजी के लगभग चालीस पद सिख धर्म के पवित्र धर्मग्रंथ 'गुरुग्रंथ साहब' में भी सम्मिलित किए गए है. उनकी काव्य रचनाओं को रैदासी के नाम से जाता है.
राजस्थान की कवयित्री और कृष्ण भक्त मीरा का रविदास से मुलाकात का कोई आधिकारिक विवरण तो नहीं मिलता है, लेकिन कहते हैं मीरा के गुरु रविदासजी ही थे. कहते हैं संत रविदास ने कई बार मीराबाई की जान बचाई थी.
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रविदास जयंती माघ पूर्णिमा को मनाई जाती है.
आज माघ पूर्णिमा है.
मध्ययुगीन साधकों में रविदास जी का विशिष्ट स्थान है
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा के कनकोना इलाके में मंगलवार को एक विदेशी महिला की लाश मिली. वह 28 साल की एक आइरिश नागरिक थी. पुलिस को एक फोन कॉल आया था जिसमें लाश के बारे में सूचना दी गई थी. पहली बार में यह बलात्कार और हत्या का मामला समझ में आ रहा है. हालांकि पुलिस पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की इंतजार कर रही है. इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है.
चश्मदीद का कहना है कि, "मैंने करीब सात बजे लाश को देखा, जब मैं अपने खेत की तरफ जा रहा था. जब मैंने लाश देखी तो मैं घबराकर लौट आया. मैंने लोगों को इस बारे में बताया और फिर हमने पुलिस को इसकी सूचना दी."टिप्पणियां
प्राथमिक जांच के मुताबिक पहले बलात्कार और फिर हत्या की बात की जा रही है. हालांकि पुलिस किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस ने पोस्ट मार्टम करने के लिए डीन से डॉक्टरों का एक पैनल बनाने और सैम्पल्स को भी प्रिज़र्व करने का मांग की है. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
गोवा में देश भर में सबसे ज्यादा विदेशी पयर्टक आते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक इन विदेशी पर्यटकों के खिलाफ हुए अपराधों में साल 2014 में गोवा सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर था और साल 2015 में तीसरे स्थान पर. ऐसा हर एक अपराध इस आंकड़े को बढ़ाता है और गोवा की छवि को गिराता है.
चश्मदीद का कहना है कि, "मैंने करीब सात बजे लाश को देखा, जब मैं अपने खेत की तरफ जा रहा था. जब मैंने लाश देखी तो मैं घबराकर लौट आया. मैंने लोगों को इस बारे में बताया और फिर हमने पुलिस को इसकी सूचना दी."टिप्पणियां
प्राथमिक जांच के मुताबिक पहले बलात्कार और फिर हत्या की बात की जा रही है. हालांकि पुलिस किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस ने पोस्ट मार्टम करने के लिए डीन से डॉक्टरों का एक पैनल बनाने और सैम्पल्स को भी प्रिज़र्व करने का मांग की है. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
गोवा में देश भर में सबसे ज्यादा विदेशी पयर्टक आते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक इन विदेशी पर्यटकों के खिलाफ हुए अपराधों में साल 2014 में गोवा सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर था और साल 2015 में तीसरे स्थान पर. ऐसा हर एक अपराध इस आंकड़े को बढ़ाता है और गोवा की छवि को गिराता है.
प्राथमिक जांच के मुताबिक पहले बलात्कार और फिर हत्या की बात की जा रही है. हालांकि पुलिस किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस ने पोस्ट मार्टम करने के लिए डीन से डॉक्टरों का एक पैनल बनाने और सैम्पल्स को भी प्रिज़र्व करने का मांग की है. मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
गोवा में देश भर में सबसे ज्यादा विदेशी पयर्टक आते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक इन विदेशी पर्यटकों के खिलाफ हुए अपराधों में साल 2014 में गोवा सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर था और साल 2015 में तीसरे स्थान पर. ऐसा हर एक अपराध इस आंकड़े को बढ़ाता है और गोवा की छवि को गिराता है.
गोवा में देश भर में सबसे ज्यादा विदेशी पयर्टक आते हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक इन विदेशी पर्यटकों के खिलाफ हुए अपराधों में साल 2014 में गोवा सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर था और साल 2015 में तीसरे स्थान पर. ऐसा हर एक अपराध इस आंकड़े को बढ़ाता है और गोवा की छवि को गिराता है.
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सारांश: चश्मदीद ने सुबह सात बजे शव को देखा
बलात्कार के बाद हत्या का संदेह
पुलिस को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संत रविदास का मंदिर तुगलकाबाद में उसी जगह बनेगा जहां पर वह पहले था. सुप्रीम कोर्ट ने इसपर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है जिसमें उसी जगह पर मंदिर बनाने के लिए जमीन देने की बात कही गई है. बता दें कि कुछ महीने पहले ही प्रशासन ने दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित संत रविदास के मंदिर को ढहा दिया था. इसे लेकर बाद में जमकर बवाल भी हुआ है. और बाद में प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शांत और सद्भाव सनिश्चित करने के लिए किया जाना जरूरी है. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि साइट के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र को मंदिर निर्माण के लिए भक्तों की एक समिति को सौंपा जा सकता है. कोर्ट ने केंद्र के प्रस्ताव को रिकॉर्ड में ले लिया और सोमवार को आदेश पारित करने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि उन्होंने भक्तों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श किया और केंद्र सरकार ने साइट के लिए भक्तों की संवेदनशीलता और विश्वास को देखते हुए भूमि देने के लिए सहमति व्यक्त की.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर के लिए पक्का निर्माण किया जा सकता है. इसे लेकर केंद्र सरकार एक समिति का गठन करेगी जो मंदिर का निर्माण कराएगी. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उस जगह पर किसी के भी द्वारा व्यावसायिक पार्किंग या गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. संत रविदास के मंदिर का पक्का निर्माण करने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि क्योंकि यह मंदर जंगल के इलाके में है इसलिए यहां पक्का निर्माण करना सही नही होगा. लोगों की आस्था को देखते हुए सरकार जमीन दे रही है लेकिन यहां लकड़ी का ही मंदिर बनाया जा सकता है. इसपर कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार जमीन दे रही है तो मंदिर के लिए पक्के निर्माण पर रोक कैसे लगाई जा सकती है.
इसपर अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि मन्दिर की आड़ में लोगों ने जंगल क्षेत्र में बड़ी जगह घेर रखी थी. ट्रक पार्क करते थे. 2000 वर्ग मीटर जगह घेर रखी थी जबकि 400 वर्गमीटर ही हो सकता है. जंगल क्षेत्र में आप स्थाई निर्माण नहीं कर सकते. इसके जवाब में कोर्ट ने कहा कि सब समहत हो जाएं तो कोर्ट मंदिर के लिए समुचित जमीन को मंजूरी दे सकता है. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि हमारा आदेश इस जमीन का किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकेगा. हम चाहते हैं कि मंदिर के देखभाल के लिए एक कमेटी का गठन हो. और इस कमेटी का गठन केंद्र सरकार खुद करे. कोर्ट ने सरकार को अगले छह हफ्ते के अंदर कमेटी का गठन करने को कहा है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद दी मंजूरी
उसी जगह बनेगा संत रविदास मंदिर
केंद्र सरकार ने दी जमीन
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में हुए शृंखलाबद्ध विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पांच संदिग्धों का स्केच जारी किया है। इसमें एक विदेशी नागरिक का स्केच भी शामिल है।
बिहार पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि एनआईए की टीम ने बोधगया सहित गया जिले के ऑटो चालकों, रिक्शा चालकों तथा लोगों के बीच स्केच वितरित किए हैं। इसके साथ ही उन्हें पांच फोन नंबर भी दिए हैं जिस पर संदिग्धों की जानकारी उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व भी एनआईए ने एक लामा का दो स्केच जारी किया था। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम ने जानकारी देने वालों का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एनआईए की टीम इसके पूर्व स्थानीय लोगों सहित सुरक्षाकर्मी तथा मंदिर प्रबंधन समिति के लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। महाबोधि मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में 7 जुलाई को तड़के 10 शृंखलाबद्ध विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।
महाबोधि मंदिर बौद्ध संप्रदाय का प्रसिद्ध तीर्थस्थल और विश्व का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं।
बिहार पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि एनआईए की टीम ने बोधगया सहित गया जिले के ऑटो चालकों, रिक्शा चालकों तथा लोगों के बीच स्केच वितरित किए हैं। इसके साथ ही उन्हें पांच फोन नंबर भी दिए हैं जिस पर संदिग्धों की जानकारी उपलब्ध कराने का निवेदन किया गया है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व भी एनआईए ने एक लामा का दो स्केच जारी किया था। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम ने जानकारी देने वालों का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एनआईए की टीम इसके पूर्व स्थानीय लोगों सहित सुरक्षाकर्मी तथा मंदिर प्रबंधन समिति के लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। महाबोधि मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में 7 जुलाई को तड़के 10 शृंखलाबद्ध विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।
महाबोधि मंदिर बौद्ध संप्रदाय का प्रसिद्ध तीर्थस्थल और विश्व का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं।
गौरतलब है कि इसके पूर्व भी एनआईए ने एक लामा का दो स्केच जारी किया था। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम ने जानकारी देने वालों का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एनआईए की टीम इसके पूर्व स्थानीय लोगों सहित सुरक्षाकर्मी तथा मंदिर प्रबंधन समिति के लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। महाबोधि मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में 7 जुलाई को तड़के 10 शृंखलाबद्ध विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।
महाबोधि मंदिर बौद्ध संप्रदाय का प्रसिद्ध तीर्थस्थल और विश्व का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं।
उल्लेखनीय है कि एनआईए की टीम इसके पूर्व स्थानीय लोगों सहित सुरक्षाकर्मी तथा मंदिर प्रबंधन समिति के लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है। महाबोधि मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में 7 जुलाई को तड़के 10 शृंखलाबद्ध विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।
महाबोधि मंदिर बौद्ध संप्रदाय का प्रसिद्ध तीर्थस्थल और विश्व का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं।
महाबोधि मंदिर बौद्ध संप्रदाय का प्रसिद्ध तीर्थस्थल और विश्व का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं।
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संक्षिप्त सारांश: बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में हुए शृंखलाबद्ध विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पांच संदिग्धों का स्केच जारी किया है। इसमें एक विदेशी नागरिक का स्केच भी शामिल है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ग़ौरतलब है कि नए आदेश के मुताबिक कैबिनेट मंत्री अपने मोबाइल फोन, स्मार्टफ़ोन या टैबलेट आदि बैठक में नहीं ले जा सकते हैं. ये आदेश सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जारी किया गया. इसके पीछे दलील है कि आधुनिक तकनीक से स्मार्टफ़ोन की जासूसी हो सकती है.
शाम को प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले और उन्हें 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले की जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने शाम को 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने सरकारी निवास पर राष्ट्र के नाम संदेश रिकॉर्ड कराया. वहां से वो शाम करीब साढ़े सात बजे सीधे कैबिनेट बैठक में साउथ ब्लॉक पहुंचे.
कैबिनेट की बैठक में औपचारिक रूप से फैसले को मंज़ूरी दी गई. ठीक आठ बजे प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश का प्रसारण शुरू हुआ. तब पीएम अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ कैबिनेट की बैठक में ही थे. प्रसारण के समापन के बाद ही बैठक खत्म हुई. ये तय हुआ कि इस मुद्दे पर मंगलवार को पीएम के अलावा कोई अन्य मंत्री नहीं बोलेगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले दिन सुबह दूरदर्शन को साक्षात्कार देंगे ताकि आम लोगों के मन में उठे प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकें. ये भी तय हुआ कि अधिकारी विस्तार से फैसले की जानकारी देंगे ताकि कोई भ्रम न रहे.
इसीलिए प्रधानमंत्री के संदेश के तुरंत बाद अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. एक सवाल के जवाब में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोट खत्म करने के फैसले की जानकारी चुनिंदा लोगों को ही थी.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
शाम को प्रधानमंत्री राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले और उन्हें 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले की जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने शाम को 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने सरकारी निवास पर राष्ट्र के नाम संदेश रिकॉर्ड कराया. वहां से वो शाम करीब साढ़े सात बजे सीधे कैबिनेट बैठक में साउथ ब्लॉक पहुंचे.
कैबिनेट की बैठक में औपचारिक रूप से फैसले को मंज़ूरी दी गई. ठीक आठ बजे प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश का प्रसारण शुरू हुआ. तब पीएम अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ कैबिनेट की बैठक में ही थे. प्रसारण के समापन के बाद ही बैठक खत्म हुई. ये तय हुआ कि इस मुद्दे पर मंगलवार को पीएम के अलावा कोई अन्य मंत्री नहीं बोलेगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले दिन सुबह दूरदर्शन को साक्षात्कार देंगे ताकि आम लोगों के मन में उठे प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकें. ये भी तय हुआ कि अधिकारी विस्तार से फैसले की जानकारी देंगे ताकि कोई भ्रम न रहे.
इसीलिए प्रधानमंत्री के संदेश के तुरंत बाद अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. एक सवाल के जवाब में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोट खत्म करने के फैसले की जानकारी चुनिंदा लोगों को ही थी.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
कैबिनेट की बैठक में औपचारिक रूप से फैसले को मंज़ूरी दी गई. ठीक आठ बजे प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश का प्रसारण शुरू हुआ. तब पीएम अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ कैबिनेट की बैठक में ही थे. प्रसारण के समापन के बाद ही बैठक खत्म हुई. ये तय हुआ कि इस मुद्दे पर मंगलवार को पीएम के अलावा कोई अन्य मंत्री नहीं बोलेगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले दिन सुबह दूरदर्शन को साक्षात्कार देंगे ताकि आम लोगों के मन में उठे प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकें. ये भी तय हुआ कि अधिकारी विस्तार से फैसले की जानकारी देंगे ताकि कोई भ्रम न रहे.
इसीलिए प्रधानमंत्री के संदेश के तुरंत बाद अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. एक सवाल के जवाब में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोट खत्म करने के फैसले की जानकारी चुनिंदा लोगों को ही थी.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले दिन सुबह दूरदर्शन को साक्षात्कार देंगे ताकि आम लोगों के मन में उठे प्रश्नों के उत्तर दिए जा सकें. ये भी तय हुआ कि अधिकारी विस्तार से फैसले की जानकारी देंगे ताकि कोई भ्रम न रहे.
इसीलिए प्रधानमंत्री के संदेश के तुरंत बाद अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. एक सवाल के जवाब में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोट खत्म करने के फैसले की जानकारी चुनिंदा लोगों को ही थी.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
इसीलिए प्रधानमंत्री के संदेश के तुरंत बाद अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई. एक सवाल के जवाब में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि नोट खत्म करने के फैसले की जानकारी चुनिंदा लोगों को ही थी.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को इस बारे में जानकारी थी इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, खुद शक्तिकांत दास, आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और पीएमओ में प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा आदि शामिल हैं.टिप्पणियां
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
अधिकारियों का कहना है कि 500-1000 रुपये के नोट खत्म करने के फैसले में वैसी ही गोपनीयता रखी गई जैसी कि बजट बनाते वक्त होती है. इसके पीछे मक़सद यही था कि कोई भी इसका फायदा न उठा सके. सरकार को अपने इस मक़सद में पूरी कामयाबी मिली क्योंकि प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही पूरे देश को इसके बारे में पता चला.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
हालांकि इस पर काम करीब छह महीने पहले शुरू हो गया था. बैंकों में 2000 रुपये के नोट छप कर पहुंचने लगे थे. लेकिन बैंक कर्मचारियों को नहीं बताया गया था कि उन नोटों का क्या करना है और वो किसलिए पहुंचाए गए. जाहिर है इस ऐलान की कामयाबी इसी बात में थी कि इससे पर्दा न हट सके और इस मामले में पूरी तरह से ऐसा ही हुआ.
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संक्षिप्त पाठ: पीएम मोदी ने मंगलवार को किया बड़ा ऐलान
काले धन और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए सरकार ने उठाया कदम
बेहद गोपनीय रखी गई पूरी प्रक्रिया
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Google Search का इस्तेमाल हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं और इसी को लेकर सर्च इंजन ने दिलचस्प आंकड़ें साझा किए है. सबसे खास बात ये है कि इस साल यानी कि साल 2019 में भारत में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले गानों में गायिका रानू मंडल का गीत "तेरी-मेरी कहानी...." दूसरे नंबर पर रहा है, यही नहीं रानू मंडल सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले लोगों में सातवें स्थान पर हैं. बता दें कि रानू मंडल पश्चिम बंगाल के रानाघाट रेलवे स्टेशन पर गाना गाया करती थीं और उन्हें लोग रानाघाट की लता मंगेशकर बुलाया करते थे. उन्हें रातों-रात शोहरत तब मिली जब उनका एक गाना 'इक प्यार नगमा है ....' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और वे चर्चा के केंद्र में आ गईं.
यह भी पढ़ें- रानू मंडल का नाम सुनते ही भड़क गए हिमेश रेशमिया, बोले- मैं उनका मैनेजर नहीं हूं...
रानू मंडल को बचपन से ही गाने का शौक रहा है और वे लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी की गानें सुना करती थीं. गायिका बनने से पहले रानू मंडल गाना गाकर अपनी रोजी-रोटी चलाया करती थीं. सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनको एक रियलिटी शो में गाना गाने के लिए भी बुलाया गया. रानू की आवाज सुनने के बाद संगीतकार हिमेश रेशमिया ने उन्हें एक गाना गाने के लिए कहा. रानू मंडल ने अपने गायन के करियर की शुरुआत 'तेरी-मेरी कहानी....' गीत से की है. गानों के मामले में इस साल 'ले फोटो ले...', 'तेरी मेरी कहानी...', 'तेरी प्यारी प्यारी दो अंखियां...', 'वास्ते...', 'कोका-कोला तू...', 'गोरी तेरी चुनरी बा लाल लाल रे...', 'पल-पल दिल के पास...', 'लड़की आंख मारे...' और 'पायलिया बजनी लाडो पिया...' और 'क्या बात है...' को सबसे ज्यादा सर्च किया गया है.
यह भी पढ़ें- रानू मंडल इस तरह बनीं सोशल मीडिया सेंसेशन, इन Video ने पहुंचाया बुलंदियों पर
बता दें कि गूगल में इस साल सबसे ज्यादा क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) सर्च किया गया. दूसरे नंबर पर भारतीय लोगों ने सबसे ज्यादा लोकसभा इलेक्शन (Lok Sabha Elections ) सर्च किया है. इसके बाद सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉपिक्स में 'चंद्रयान 2' (Chandrayaan 2), 'कबीर सिंह' (Kabir Singh), 'अवेंजर्स: एंडगेम' (Avengers: Endgame), 'आर्टिकल 370' (Article 370), 'नीट रिजल्टस' (NEET results), 'जोकर' (Joker), 'कैप्टेन मारवेल' (Captain Marvel) और 'पीएम किसान योजना' (PM Kisan Yojana) शामिल हैं. इस साल लोगों ने अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman), लता मंगेशकर, युवराज सिंह, आनंद कुमार , विक्की कौशल, ऋषभ पंत, रानू मंडल, तारा सुतारिया, सिद्धार्थ शुक्ला और कोइना मित्रा को सबसे ज्यादा सर्च किया.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Ranu Monal स्टेशन पर गाना गाया करती थी
इस साल उनके बारे में काफी सर्च किया गया
रानू के गाने 'तेरी मेरी कहानी...' को बहुत पसंद किया गया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्व कप के फाइनल में शनिवार को यहां जब श्रीलंका का सामना करेगा तो उसका लक्ष्य सिर्फ 28 बरस बाद ट्राफी जीतना ही नहीं होगा। टीम इंडिया की नजरें ईडन गार्डन्स पर 1996 प्रतियोगिता की बुरी यादें मिटाने पर भी टिकी होगी जब भारतीय टीम विश्व कप सेमीफाइनल मैच गंवाने वाली दुनिया की एकमात्र टीम बनी थी। भारत ने यह मैच श्रीलंका के खिलाफ ही गंवाया था। इस सेमीफाइनल मैच के बारे में सोचने पर अब भी नाराज प्रशंसकों और आंसुओं से भरे विनोद कांबली के चेहरे की याद जेहन में ताजा हो जाती है। भारतीय बल्लेबाजी के ढहने के बाद दर्शक अनियंत्रित हो गये और उनके बुरे बर्ताव के कारण मैच पूरा नहीं हो सका तथा इसे श्रीलंका के नाम कर दिया गया। भारतीय टीम 252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में लेकिन सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया और उसका स्कोर आठ विकेट पर 120 रन हो गया। दर्शकों ने इसके बाद मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दी और स्टेडियम के एक हिस्से में बैठने के स्थान पर आग लगा दी थी जिसके बाद मैच रैफरी क्लाइव लाइड ने श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दर्शकों ने इसके बाद मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दी और स्टेडियम के एक हिस्से में बैठने के स्थान पर आग लगा दी थी जिसके बाद मैच रैफरी क्लाइव लाइड ने श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है क्योंकि वो मरीजों को मौत के मुह से बाहर निकाल लाते हैं और उन्हें नई जिंदगी देते हैं. ऐसा ही एक मामला चीन से न्यूयॉर्क जा रही एक फ्लाइट में देखने को मिला, जहां यात्रा के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान बचाकर डॉक्टर ने उसे नई जिंदगी दी. यहां आपको बता दें कि डॉक्टर ने मरीज की जान बचाने के लिए 37 मिनट तक उसका यूरिन चूसकर बाहर निकाली.
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक बुजुर्ग व्यक्ति दक्षिणी चीन एयरवेज में यात्रा कर रहा था लेकिन उड़ान के बीच ही उसकी तबियत अचानक काफी बिगड़ गई और फ्लाइट लैंड होने में 6 घंटे का वक्त बाकी था. ऐसे में क्रू के सदस्यों को इसकी जानकारी दी गई और कहा गया कि बुजुर्ग यात्री को जल्द ही इलाज की जरूरत है. अन्य यात्रियों ने देखा कि बुजुर्ग व्यक्ति काफी दर्द महसूस कर रहा है और उसे काफी ज्यादा पसीना आ रहा है. इसके बाद क्रू ने फ्लाइट में घोषणा करते हुए पूछा कि क्या वहां पर कोई डॉक्टर है. तभी डॉक्टर हांग बुजुर्ग यात्री की मदद के लिए आगे आए.
डॉ. हांग को मरीज के परिजनों ने बताया कि उसे पहले भी प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या हो चुकी है. इसके बाद डॉ. हांग को अंदेशा हुआ कि मरीज को पेशाब न आने के कारण यह दिक्कत और दर्द हो रहा है और उसके मूत्राशय में 1 लीटर मूत्र भर गई है. अगर जल्द से जल्द मूत्र को बाहर नहीं निकाला गया तो मरीज का मूत्राशय फट सकता है.
जिनान विश्वविद्यालय के संवहनी सर्जरी के प्रमुख, डॉ. हांग ने जल्द ही मरीज की समस्या को पहचान लिया. उन्होंने साउथ चाइना मोर्निंग पोस्ट को बताया, ''जब मैंने देखा कि बुजुर्ग व्यक्ति अब शायद ही दर्द सहन कर सकता है, तो मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि उसके मूत्राशय (bladder) में से यूरिन (मूत्र) कैसे निकालें. वह इस दर्द की वजह से सदमे में जा रहा था और अगर तुरंत कुछ नहीं किया जाता तो शायद उसकी जान को खतरा हो सकता था.
डॉ. हांग के पास मेडिकल उपकण फ्लाइट में मौजूद नहीं थे इसलिए उन्होंने हवाई जहाज में मौजूद ऑक्सीजन मास्क, सिरिंज, टेप और दूध की बोतल का इस्तेमाल किया लेकिन इससे काम नहीं बना. कोई और तरीका न होने की स्थिति में डॉ. हांग ने अपने मुंह से मूत्र चूस कर बाहर निकालने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने एक कप और पाइप का इस्तेमाल किया. डॉ. हांग ने लगभग 37 मिनट तक मरीज के मूत्राशय से 700 से 800 मिलीलीटर मूत्र बाहर निकाली और मरीज की जान बचाई. डॉ. हांग के इस कारनामे ने उन्हें हीरो बना दिया.
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डॉक्टर ने बीच फ्लाइट में बचाई मरीज की जान
मरीज को पेशाब न आने के कारण हो रही थी परेशानी
जान बचाने के लिए डॉक्टर ने चूस कर निकाली मूत्र
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: फरार चल रहे हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने आत्महत्या करने वाली पीड़िता गीतिका शर्मा को अपने एमडीएलआर समूह का निदेशक नियुक्त करते हुए शर्त रखी थी कि वह रोज शाम उन्हें रिपोर्ट करेंगी।
यह बात स्थानीय न्यायालय को बताई गई।
अतिरिक्त लोक अभियोजक राजीव मोहन ने अदालत में यह बात कहते हुए आरोप लगाया कि गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। कांडा इस मामले का मुख्य आरोपी है। कांडा लगातार छठे दिन गिरफ्तारी से बचा रहा।टिप्पणियां
इस बीच अदालत ने आत्महत्या के मामले में कांडा के मुख्य सहयोगी अरुणा चढ्ढा की पुलिस हिरासत को और तीन दिन के लिए बढ़ा दिया।
मोहन ने कहा, ‘हमें सूचना मिली है कि जिस दिन से कांडा फरार हैं कंपनी (एमडीएलआर) के रिकार्डों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमें जितनी जल्दी संभव हो अरुणा की मदद से उन्हें पाना होगा।’
यह बात स्थानीय न्यायालय को बताई गई।
अतिरिक्त लोक अभियोजक राजीव मोहन ने अदालत में यह बात कहते हुए आरोप लगाया कि गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। कांडा इस मामले का मुख्य आरोपी है। कांडा लगातार छठे दिन गिरफ्तारी से बचा रहा।टिप्पणियां
इस बीच अदालत ने आत्महत्या के मामले में कांडा के मुख्य सहयोगी अरुणा चढ्ढा की पुलिस हिरासत को और तीन दिन के लिए बढ़ा दिया।
मोहन ने कहा, ‘हमें सूचना मिली है कि जिस दिन से कांडा फरार हैं कंपनी (एमडीएलआर) के रिकार्डों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमें जितनी जल्दी संभव हो अरुणा की मदद से उन्हें पाना होगा।’
अतिरिक्त लोक अभियोजक राजीव मोहन ने अदालत में यह बात कहते हुए आरोप लगाया कि गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। कांडा इस मामले का मुख्य आरोपी है। कांडा लगातार छठे दिन गिरफ्तारी से बचा रहा।टिप्पणियां
इस बीच अदालत ने आत्महत्या के मामले में कांडा के मुख्य सहयोगी अरुणा चढ्ढा की पुलिस हिरासत को और तीन दिन के लिए बढ़ा दिया।
मोहन ने कहा, ‘हमें सूचना मिली है कि जिस दिन से कांडा फरार हैं कंपनी (एमडीएलआर) के रिकार्डों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमें जितनी जल्दी संभव हो अरुणा की मदद से उन्हें पाना होगा।’
इस बीच अदालत ने आत्महत्या के मामले में कांडा के मुख्य सहयोगी अरुणा चढ्ढा की पुलिस हिरासत को और तीन दिन के लिए बढ़ा दिया।
मोहन ने कहा, ‘हमें सूचना मिली है कि जिस दिन से कांडा फरार हैं कंपनी (एमडीएलआर) के रिकार्डों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमें जितनी जल्दी संभव हो अरुणा की मदद से उन्हें पाना होगा।’
मोहन ने कहा, ‘हमें सूचना मिली है कि जिस दिन से कांडा फरार हैं कंपनी (एमडीएलआर) के रिकार्डों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमें जितनी जल्दी संभव हो अरुणा की मदद से उन्हें पाना होगा।’
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फरार चल रहे हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने आत्महत्या करने वाली पीड़िता गीतिका शर्मा को अपने एमडीएलआर समूह का निदेशक नियुक्त करते हुए शर्त रखी थी कि वह रोज शाम उन्हें रिपोर्ट करेंगी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि कोई केंद्रीय यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक का दर्जा कैसे पा सकती है। कोई कालेज अल्पसंख्यक वर्ग चला रहा हो यह तो समझा जा सकता है। एजी मुकुल रोहतगी ने कहा था कि किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य में सरकार अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी कैसे स्थापित कर सकती है। अगर एएमयू से अल्पसंख्यक का दर्जा हट जाया है तो उसे भी नियमों के मुताबिक एससी, एसटी और ओबीसी कोटे को आरक्षण देना होगा।
दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1981 के संशोधन को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट के 1967 के फैसले को बरकरार रखा था। 2006 में तत्कालीन यूपीए सरकार और एएमयू ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1981 के संशोधन को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट के 1967 के फैसले को बरकरार रखा था। 2006 में तत्कालीन यूपीए सरकार और एएमयू ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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सारांश: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
1967 में अजीज बाशा केस में संविधान पीठ के जजमेंट को बनाया आधार
यूपीए सरकार की अपील को वापस ले लिया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना के प्रमुख एनएके ब्राउन ने सोमवार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड के बाढ़ग्रस्त इलाकों में अभी भी फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए उनके जवान तब तक हेलीकॉप्टर उड़ाते रहेंगे जब तक कि फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति को निकाल नहीं लिया जाता।
ब्राउनी ने फंसे हुए ऐसे लोगों को अपना संदेश पहुंचाया जिन्हें हवाई मार्ग से ही निकाला जा सकता है। ब्राउन ने अपने संदेश में कहा, "हमारे हेलीकॉप्टर के पंखे तब तक नहीं बंद होंगे जब तक कि हम आपमें से हर एक को नहीं निकाल लेते।"टिप्पणियां
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि वायुसेना ने राहत अभियान के लिए 45 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17 जून तक 10,731 लोगों को हवाई मार्ग द्वारा निकाला जा चुका है, जिसके के लिए 1,163 उड़ानें भरी गईं तथा 1,84,262 किलोग्राम राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान गिराए गए।
ब्राउनी ने फंसे हुए ऐसे लोगों को अपना संदेश पहुंचाया जिन्हें हवाई मार्ग से ही निकाला जा सकता है। ब्राउन ने अपने संदेश में कहा, "हमारे हेलीकॉप्टर के पंखे तब तक नहीं बंद होंगे जब तक कि हम आपमें से हर एक को नहीं निकाल लेते।"टिप्पणियां
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि वायुसेना ने राहत अभियान के लिए 45 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17 जून तक 10,731 लोगों को हवाई मार्ग द्वारा निकाला जा चुका है, जिसके के लिए 1,163 उड़ानें भरी गईं तथा 1,84,262 किलोग्राम राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान गिराए गए।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि वायुसेना ने राहत अभियान के लिए 45 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17 जून तक 10,731 लोगों को हवाई मार्ग द्वारा निकाला जा चुका है, जिसके के लिए 1,163 उड़ानें भरी गईं तथा 1,84,262 किलोग्राम राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान गिराए गए।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17 जून तक 10,731 लोगों को हवाई मार्ग द्वारा निकाला जा चुका है, जिसके के लिए 1,163 उड़ानें भरी गईं तथा 1,84,262 किलोग्राम राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान गिराए गए।
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यह एक सारांश है: भारतीय वायुसेना के प्रमुख एनएके ब्राउन ने सोमवार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड के बाढ़ग्रस्त इलाकों में अभी भी फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए उनके जवान तब तक हेलीकॉप्टर उड़ाते रहेंगे जब तक कि फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति को निकाल नहीं लिया जाता।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान (Chetan Chauhan) ने कहा कि किसी भी होमगार्ड को नहीं निकाला जाएगा, सभी अपनी दीपावली अच्छी तरह मनाएं. उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी होमगार्ड बेरोजगार नहीं होगा. चेतन चौहान ने जारी एक बयान में कहा, "अभी तक इस बारे में हमें औपचारिक तौर पर कोई लिखित प्रस्ताव या पत्र हमें नहीं मिला है. होमगार्ड का मानदेय बढ़ने की वजह से कुछ बड़ा बजट जरूर गड़बड़ हुआ है, लेकिन इसके लिए किसी होमगार्ड को निकाला नहीं जाएगा."
होमगार्ड मंत्री (Chetan Chauhan) ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवेदनशील हैं. जरूर कोई रास्ता निकलेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले पर विभागीय बैठक में विचार-विमर्श करेंगे. पुलिस विभाग को होमगार्ड की आवश्यकता है. होमगार्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है. यह सकारात्मक ढंग से चलती है. किसी की नौकरी लेने वाली नहीं है.
ज्ञात हो कि पुलिस विभाग ने 25 हजार होमगार्ड जवानों की ड्यूटी समाप्त करने का निर्णय लिया था. थानों में पुलिस बल की कमी की वजह से पिछले दिनों होमगार्ड जवानों को कानून व्यवस्था की ड्यूटी में लगाने का निर्णय लिया गया था. इसके लिए होमगार्ड विभाग ने 25 हजार जवानों को पुलिस ड्यूटी के लिए दिया था, जो थानों से लेकर चौराहों पर ट्रैफिक तक संभाल रहे हैं. होमगार्ड जवानों द्वारा दी गई सेवा के मानदेय का माहवार आकलन एक हफ्ते में करने को भी कहा गया है.
सोमवार के आदेश के मुताबिक, एडीजी के आदेश के बाद 25 हजार होमगार्ड की सेवाएं समाप्त हुई हैं. एडीजी (पुलिस मुख्यालय) बी.पी. जोगदंड की ओर से यह आदेश जारी किया था.
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यह एक सारांश है: होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान बोले
'कोई भी होमगार्ड नहीं होगा बेरोजगार'
कहा- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवेदनशील हैं
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही उमा भारती ने देहरादून में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
उमा ने केंद्र सरकार पर विपक्षी राज्य सरकार के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उमा ने कांग्रेस पर अपनी पार्टी के भ्रष्ट नेताओं का बचाव करने का भी आरोप लगाया। उमा ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस वही पार्टी है जिसने उत्तराखंड राज्य बनने का विरोध किया था हांलाकि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष पद की दावेदारी के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
उमा ने केंद्र सरकार पर विपक्षी राज्य सरकार के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उमा ने कांग्रेस पर अपनी पार्टी के भ्रष्ट नेताओं का बचाव करने का भी आरोप लगाया। उमा ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस वही पार्टी है जिसने उत्तराखंड राज्य बनने का विरोध किया था हांलाकि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष पद की दावेदारी के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
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संक्षिप्त सारांश: आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही उमा भारती ने देहरादून में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: जेएनयू की 28 साल की एक पीएचडी छात्रा के साथ बलात्कार करने के आरोपी उसके सहपाठी अनमोल रतन ने बुधवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इससे कुछ घंटे पहले पीड़ित ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) नुपूर प्रसाद ने कहा, 'अनमोल रतन ने वसंतकुंज (उत्तर) पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया.' अनमोल आईसा का कार्यकर्ता है. वह 20 अगस्त से फरार था. उसने रात 10 बजकर 15 मिनट पर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा और उसे औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उसे गुरुवार को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया जाएगा. नुपूर ने कहा, 'युवती मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए अपने बयान में अपने आरोपों पर कायम रही.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) नुपूर प्रसाद ने कहा, 'अनमोल रतन ने वसंतकुंज (उत्तर) पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया.' अनमोल आईसा का कार्यकर्ता है. वह 20 अगस्त से फरार था. उसने रात 10 बजकर 15 मिनट पर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया।टिप्पणियां
पुलिस ने कहा कि आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा और उसे औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उसे गुरुवार को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया जाएगा. नुपूर ने कहा, 'युवती मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए अपने बयान में अपने आरोपों पर कायम रही.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने कहा कि आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा और उसे औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उसे गुरुवार को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया जाएगा. नुपूर ने कहा, 'युवती मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए अपने बयान में अपने आरोपों पर कायम रही.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: 28 साल की पीएचडी छात्रा ने लगाया है रेप का आरोप
आरोपी छात्र अनमोल रतन आईसा का कार्यकर्ता है
20 अगस्त से फरार था अनमोल रतन
| 24
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सन्नी लियोन को दिल्ली के गोलगप्पे काफी पसंद हैं। सन्नी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए यहां हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली से प्यार है। सन्नी लियोन के रूप में यहां आने से पहले वह यहां आईं और गलियों में घूमकर गोलगप्पे खाए। भारतीय मूल की कनाडाई स्टार सन्नी ने 'जिस्म 2' के जरिये बॉलीवुड में प्रवेश किया था। वह अब मुम्बई में रह रही हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं मुम्बई में नए स्थान पर दो महीने पहले ही आई हैं। यह खूबसूरत है। यहां से अरब सागर दिखता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सुबह उठूंगी और कहूंगी कि मैं अरब सागर देख रही हूं।"
सन्नी इस समय 'रागिनी एमएमस 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली से प्यार है। सन्नी लियोन के रूप में यहां आने से पहले वह यहां आईं और गलियों में घूमकर गोलगप्पे खाए। भारतीय मूल की कनाडाई स्टार सन्नी ने 'जिस्म 2' के जरिये बॉलीवुड में प्रवेश किया था। वह अब मुम्बई में रह रही हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैं मुम्बई में नए स्थान पर दो महीने पहले ही आई हैं। यह खूबसूरत है। यहां से अरब सागर दिखता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सुबह उठूंगी और कहूंगी कि मैं अरब सागर देख रही हूं।"
सन्नी इस समय 'रागिनी एमएमस 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा, "मैं मुम्बई में नए स्थान पर दो महीने पहले ही आई हैं। यह खूबसूरत है। यहां से अरब सागर दिखता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सुबह उठूंगी और कहूंगी कि मैं अरब सागर देख रही हूं।"
सन्नी इस समय 'रागिनी एमएमस 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
सन्नी इस समय 'रागिनी एमएमस 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
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संक्षिप्त पाठ: सन्नी लियोन को दिल्ली के गोलगप्पे काफी पसंद हैं। सन्नी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए यहां हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली से प्यार है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा में बढ़ते बलात्कार के मामलों के विरोध में आज कई सामाजिक संगठनों ने दिल्ली में हरियाणा भवन के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने की।
गौरतलब है कि राज्य में पिछले 34 दिन में रेप की 19 घटानाओं के बाद हुड्डा सरकार निशाने पर है। विरोध इस बात को लेकर भी है कि राज्य के कुछ मंत्रियों ने बलात्कार के मामले में कई बार असंवेदनशील बयान भी दिए हैं। वह भी तब जब पिछले सोमवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जींद में बलात्कार पीड़ित एक लड़की के परिवार से मुलाकात की थी और भरोसा दिलाया था राज्य में लड़कियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य में पिछले 34 दिन में रेप की 19 घटानाओं के बाद हुड्डा सरकार निशाने पर है। विरोध इस बात को लेकर भी है कि राज्य के कुछ मंत्रियों ने बलात्कार के मामले में कई बार असंवेदनशील बयान भी दिए हैं। वह भी तब जब पिछले सोमवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जींद में बलात्कार पीड़ित एक लड़की के परिवार से मुलाकात की थी और भरोसा दिलाया था राज्य में लड़कियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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सारांश: हरियाणा में बढ़ते बलात्कार के मामलों के विरोध में आज कई सामाजिक संगठनों ने दिल्ली में हरियाणा भवन के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने की।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दो साल बाद भारतीय हॉकी शिविर में वापसी करने वाले गोलकीपर बलजीत सिंह को सितंबर में होने वाली पहली एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए 48 संभावित खिलाड़ियों में नहीं चुना गया है। तीन दिवसीय चयन ट्रायल शुक्रवार को साइ सेंटर पर खत्म हुए। बलजीत 2009 में अभ्यास के दौरान आंख में गोल्फ की गेंद से चोट लगने के कारण टीम से बाहर थे। चोट इतनी गंभीर थी कि एक समय तो लगा कि वह पहले की तरह देख नहीं पाएंगे, लेकिन इलाज और इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने वापसी की। इसके बावजूद वह संभावितों में जगह नहीं बना सके। हॉकी इंडिया के चयनकर्ता कर्नल बलबीर सिंह, बीपी गोविंदा, थोइबा सिंह और एबी सुब्बैया के अलावा सरकारी पर्यवेक्षक दिलीप टिर्की भी ट्रायल में मौजूद थे। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी चीन के ओडरेस में 3 से 12 सितंबर तक खेली जाएगी। इसमें ग्वांग्झू एशियाई खेलों में पहले छह स्थान पर रही टीमें भाग लेंगी, जिनमें पाकिस्तान, मलेशिया, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन शामिल हैं।
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दो साल बाद वापसी करने वाले गोलकीपर बलजीत सिंह को सितंबर में होने वाली पहली एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए संभावित खिलाड़ियों में नहीं चुना गया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि मुम्बई पर किसी एक व्यक्ति का हक नहीं है, बल्कि वह शहर सबका है और वहां सभी को रहने का हक है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों के बहिष्कार जैसे बयान के विषय में पूछे जाने पर पटना में नीतीश ने कहा कि ऐसा बयान चुनावी स्टंट है और चुनाव को देखते हुए ऐसा बयान दिया गया है। नीतीश ने कहा कि यह बयान देश को बांटने वाला बयान है।टिप्पणियां
महाराष्ट्र की कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार पर नीतीश ने निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयानों को वहां के सत्ता-प्रतिष्ठान भी शह देते हैं, जिसकी निन्दा की जानी चाहिये।
उन्होंने कहा कि बिहार से पलायन कम होने के कारण महाराष्ट्र में निर्माण कार्य में लगी कम्पनियों पर प्रभाव पड़ा है और उनकी परियोजनाएं समय से पूर्ण नहीं हो रही हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों के बहिष्कार जैसे बयान के विषय में पूछे जाने पर पटना में नीतीश ने कहा कि ऐसा बयान चुनावी स्टंट है और चुनाव को देखते हुए ऐसा बयान दिया गया है। नीतीश ने कहा कि यह बयान देश को बांटने वाला बयान है।टिप्पणियां
महाराष्ट्र की कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार पर नीतीश ने निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयानों को वहां के सत्ता-प्रतिष्ठान भी शह देते हैं, जिसकी निन्दा की जानी चाहिये।
उन्होंने कहा कि बिहार से पलायन कम होने के कारण महाराष्ट्र में निर्माण कार्य में लगी कम्पनियों पर प्रभाव पड़ा है और उनकी परियोजनाएं समय से पूर्ण नहीं हो रही हैं।
महाराष्ट्र की कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार पर नीतीश ने निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयानों को वहां के सत्ता-प्रतिष्ठान भी शह देते हैं, जिसकी निन्दा की जानी चाहिये।
उन्होंने कहा कि बिहार से पलायन कम होने के कारण महाराष्ट्र में निर्माण कार्य में लगी कम्पनियों पर प्रभाव पड़ा है और उनकी परियोजनाएं समय से पूर्ण नहीं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार से पलायन कम होने के कारण महाराष्ट्र में निर्माण कार्य में लगी कम्पनियों पर प्रभाव पड़ा है और उनकी परियोजनाएं समय से पूर्ण नहीं हो रही हैं।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मुम्बई पर किसी एक व्यक्ति का हक नहीं है, बल्कि वह शहर सबका है और वहां सभी को रहने का हक है।
| 34
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: Dehydration: शरीर में पानी की कमी के लक्षण, कब्ज, सिरदर्द, पेट दर्द के साथ हो सकती हैं ये समस्याएं...
Winter Fruits: सर्दियों में ये फल रखेंगे शरीर को गर्म, सर्दी-खांसी के साथ दूर करेंगे कई समस्याएं
नट्स प्रकृति के सबसे अच्छे सप्लीमेंट्स में से एक हैं जो आपको पोषित करने के लिए काफी अच्छे स्त्रोत हैं. 11 से ज्यादा प्रकार के नट्स हैं जो आपका वजन घटाने में मदद कर सकते हैं. जैसे बादाम, अखरोट, पिस्ता, ब्रेज़िल नट, हेज़लनट, मैकाडोनिया, चेस्टनट, काजू आदि. नट्स हेल्दी फैट के लिए काफी अच्छे हो सकेत हैं. जैसे मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (सिंघाड़े जो कम वसा वाले होते हैं), प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोस्टेरॉल जैसे वजन मैनजमेंट, हार्ट रोग में फायदेमंद हो सकते हैं. कोलेस्ट्रॉल लेवल, कैंसर को रोकना और टाइप 2 डायबिटीज में भी फायदेमंद हो सकते हैं.
Body Shape: सुंदर, स्लिम और मस्कुलर बॉडी पाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
कह सकते हैं कि 30-50 ग्राम या मुट्ठी भर नट्स आपके वजन घटाने के लिए प्रभावी हो सकते हैं. 100 ग्राम नट्स से 600-700 किलो कैलोरी मिलती है, जिसमें से बादाम, मूंगफली और पिस्ता प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा स्रोत हैं. ये 3 नट वजन घटाने के लिए स्नैक का एक आदर्श विकल्प हैं क्योंकि वे आपको परिपूर्णता की भावना देते हैं. अगर आप वैजिटेरियन हैं तो आप इन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं.
Weight Management: मोटापा कम करने के 5 आसान तरीके
नट्स का सेवन अधिक मात्रा में न करें क्योंकि नट्स फाइबर में उच्च होते हैं जो ब्लोटिंग का कारण बनते हैं अगर अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो यह आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.
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नोट: अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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Weight Gain Tips: दुबलेपन से हैं परेशान तो आजमाएं ये टिप्स, तेजी से बढ़ेगा वजन!
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वजन घटाने के लिए ये नट्स हो सकते हैं फायदेमंद.
वजन घटाने के लिए ये असरदार टिप्स जरूर आजमाएं.
वजन घटाने के लिए कैसे करें नट्स का सेवन?
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 21.56 अंकों की बढ़त के साथ 17,752.68 पर जबकि निफ्टी 9.70 अंकों की बढ़त के साथ 5,385.20 पर बंद हुआ।
बुधवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 188.81 अंकों की बढ़त के साथ 17,919.93 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 44.95 अंकों की बढ़त के साथ 5,424.95 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप में अच्छी बढ़त देखी गई। मिडकैप 69.40 अंकों की बढ़त के साथ 6386.82 पर जबकि स्मॉलकैप 42.06 अंक की बढ़त के साथ 6859.97 पर बंद हुआ।
बुधवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 188.81 अंकों की बढ़त के साथ 17,919.93 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 44.95 अंकों की बढ़त के साथ 5,424.95 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप में अच्छी बढ़त देखी गई। मिडकैप 69.40 अंकों की बढ़त के साथ 6386.82 पर जबकि स्मॉलकैप 42.06 अंक की बढ़त के साथ 6859.97 पर बंद हुआ।
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संक्षिप्त पाठ: देश के शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 21.56 अंकों की बढ़त के साथ 17,752.68 पर जबकि निफ्टी 9.70 अंकों की बढ़त के साथ 5,385.20 पर बंद हुआ।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दमिश्क के पास सीरिया सरकार की एक कुख्यात जेल में पिछले पांच सालों में करीब 13,000 लोगों को फांसी दी गई है. यह जानकारी 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' ने दी. इसके साथ ही संस्था ने शासन पर 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया है.
एमनेस्टी की 'ह्यूमन स्लॉटरहाउस: मास हैंगिंग एंड एक्सटरमिनेशन एट सैदनाया प्रीजन' शीर्षक वाली रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों, बंदियों और न्यायाधीशों सहित 84 प्रत्यक्षदर्शियों के साक्षात्कारों पर आधारित है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 से वर्ष 2015 के बीच सप्ताह में कम से कम एक बार करीब 50 लोगों के समूहों को मनमाने ढंग से मुकदमे की कार्यवाही करने, पीटने और फिर फांसी देने के लिए 'आधी रात को पूरी गोपनीयता के बीच' कारागार से बाहर निकाला जाता था.
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा, 'इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी. उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं'. पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे, जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे.
फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, 'वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे'. एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.टिप्पणियां
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
एमनेस्टी की 'ह्यूमन स्लॉटरहाउस: मास हैंगिंग एंड एक्सटरमिनेशन एट सैदनाया प्रीजन' शीर्षक वाली रिपोर्ट सुरक्षाकर्मियों, बंदियों और न्यायाधीशों सहित 84 प्रत्यक्षदर्शियों के साक्षात्कारों पर आधारित है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 से वर्ष 2015 के बीच सप्ताह में कम से कम एक बार करीब 50 लोगों के समूहों को मनमाने ढंग से मुकदमे की कार्यवाही करने, पीटने और फिर फांसी देने के लिए 'आधी रात को पूरी गोपनीयता के बीच' कारागार से बाहर निकाला जाता था.
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा, 'इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी. उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं'. पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे, जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे.
फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, 'वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे'. एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.टिप्पणियां
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 से वर्ष 2015 के बीच सप्ताह में कम से कम एक बार करीब 50 लोगों के समूहों को मनमाने ढंग से मुकदमे की कार्यवाही करने, पीटने और फिर फांसी देने के लिए 'आधी रात को पूरी गोपनीयता के बीच' कारागार से बाहर निकाला जाता था.
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा, 'इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी. उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं'. पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे, जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे.
फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, 'वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे'. एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.टिप्पणियां
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले समूह ने लिखा, 'इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बंधी रहती थी. उन्हें उनकी गर्दनों में फंदा डाले जाने तक यह भी नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं'. पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे, जिनके बारे में ऐसा माना जाता था कि वे राष्ट्रपति बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे.
फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, 'वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे'. एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.टिप्पणियां
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
फांसी के गवाह रहे एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा, 'वे उन्हें 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाए रखते थे'. एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है.टिप्पणियां
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
एमनेस्टी ने सीरिया सरकार पर बंदियों का बार-बार उत्पीड़न करके और उन्हें भोजन, पानी एवं चिकित्सकीय देखभाल से वंचित रखके 'तबाही की नीति' अपनाने का आरोप लगाया.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
समूह ने पहले कहा था कि मार्च 2011 से देश में उत्पन्न हुए संघर्ष के बाद से करीब 17,700 लोग सीरिया में सरकार की हिरासत में मारे गए.
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यह एक सारांश है: एमनेस्टी ने इसे युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया.
दमिश्क के पास सीरिया सरकार की एक कुख्यात जेल में दी गई फांसी.
पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे- रिपोर्ट
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आईओए की आंतरिक कलह ने आज नया मोड़ ले लिया, जब इसके महासचिव रणधीर सिंह ने ऐसे दस्तावेज जारी किए, जिनसे उनके इस दावे की पुष्टि होती है कि हाल ही में विवादित तरीके से भंग की गई सभी समितियों का गठन कार्यवाहक अध्यक्ष की सहमति से वैधानिक तौर पर हुआ था।
अपने आलोचक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष तरलोचन सिंह को करारा जवाब देते हुए रणधीर ने कहा कि इन समितियों का गठन कार्यवाहक अध्यक्ष वीके मल्होत्रा ने खुद किया था। तरलोचन ने कहा है कि आईओए अध्यक्ष को आमसभा की सहमति से नैतिक और अन्य समितियों का गठन फिर से करना चाहिए।
रणधीर ने दावा किया कि आईओए के कुछ सदस्य 'खेल' खेल रहे हैं और उन्हें हैरानी हो रही है कि कार्यवाहक अध्यक्ष को समितियों के पुनर्गठन के लिए कैसे कहा जा सकता है, जबकि ये समितियां उन्होंने ही गठित की हैं।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और उच्च न्यायालय के छह सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की सदस्यता वाले मध्यस्थता आयोग को खुद मल्होत्रा ने मंजूरी दी थी। उन्होंने उलटे सवाल दागा कि इसे भंग ही क्यों किया गया। रणधीर ने यह भी दावा किया कि नैतिकता आयोग का गठन भी मल्होत्रा के हस्ताक्षर से ही हुआ।
उन्होंने एक बयान में कहा, तीन अन्य समितियों, विपणन समिति (प्रायोजन और टीवी अधिकार), ओलिंपिक खेल 2012 निगरानी समिति, लंदन ओलिंपिक खेल टिकट समिति का गठन मल्होत्रा ने खुद हस्ताक्षर करके किया। नैतिकता समिति को विवादित तरीके से भंग किए जाने के बाद से रणधीर और तरलोचन के बीच वाक्युद्ध जारी है।
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आईओए की आंतरिक कलह ने आज नया मोड़ ले लिया, जब इसके महासचिव रणधीर सिंह ने कुछ दस्तावेज जारी किए, जिनसे उनके दावे की पुष्टि होती है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले टी-20 में अपने 10,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज क्रिस गेल ने कहा कि विश्व विजेता का नाम उन्हें अच्छा लगता है और यह विश्व विजेता अब भी जिंदा है. उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात को राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले गए मैच में रॉयल चैलेंजस बेंगलोर ने गेल (77) और कप्तान विराट कोहली (64) की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर गुजरात लायंस को 21 रनों से हरा दिया. इसके साथ ही गेल ने टी-20 करियर में अपने 10 हजार रन भी पूरे किए. टिप्पणियां
इस मैच के 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए गेल ने कहा, "मुझे विश्व विजेता का नाम अच्छा लगता है. वह वापस आया है और मैदान पर और भी बेहतर तरीके से उसने वापसी की है."
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."
इस मैच के 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए गेल ने कहा, "मुझे विश्व विजेता का नाम अच्छा लगता है. वह वापस आया है और मैदान पर और भी बेहतर तरीके से उसने वापसी की है."
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."
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यह एक सारांश है: टी20 में 10 हजार रन पूरे कर चुके क्रिस गेल को यूसुफ पठान की टक्कर
क्रिस गेल ने आईपीएल में जीते हैं 18 मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी
यूसुफ पठान ने आईपीएल में जीते हैं 16 मैन ऑफ द मैच ट्रॉफी
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: इसके बाद दुल्हन के पिता ने सभी बारातियों से कहा कि वह पहले खाना खा लें ताकि इसके साथ ही आगे के रिवाज शुरू किए जा सकें. बारातियों के खाने की व्यवस्था अलग से पंडाल में की गई थी. शानदार व्यवस्था देख सभी बाराती खुश थे. तभी अचानक दुल्हन और दूल्हे के चचेरे भाई मनोज के बीच बहस शुरू हो गई.
दरअसल खाने की प्लेट पर मनोज ने दो रसगुल्ले रख लिए थे जबकि दुल्हन पक्ष के जिस रिश्तेदार को मिठाई के स्टॉल की जिम्मेदारी दी गई थी उसे शायद बोला गया था कि हर बाराती को एक ही रसगुल्ला देना है. जब मनोज ने दो रसगुल्ले रख लिए तो उस रिश्तेदार ने मनोज को टोक दिया. इस पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और थोड़े ही देर में दूसरे बाराती भी वहां पहुंच गई और झगड़ा शुरू हो गया.
थोड़ी ही देर में पंडाल के पास नजारा कुश्ती का मैदान जैसा दिखने लगा और बुरी तरह से मारपीट शुरू हो गई. बारातियों और वधु पक्ष के बीच भयंकर हाथापाई चल रही थी. लोग एक दूसरे पर प्लेट फेंकने लगे. बारातियों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा था उन्होंने सारी हदें पार कर डालीं और खाने का सामान पूरे पंडाल में बिखरा डाला.
दुल्हन के पिता ने सभी बारातियों को समझान की कोशिश की लेकिन कोई भी मानने के लिए तैयार नहीं था. इतना ही नहीं मनोज और उसके साथियों ने दुल्हन के पिता के साथ धक्कामुक्की कर डाली. इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर कर दी जिसने मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया. इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई जिसमें फैसला लिया गया कि शादी को आगे बढ़ाया जाए लेकिन बारातियों के उत्पात से नाराज दुल्हन सविता ने शादी से करने से इनकार कर दिया. उसने लाख मनाने के बाद भी शादी के लिए हामी नहीं भरी.
फिर क्या था मिठाई और सब्जी चेहरे और कपड़ों में लगाए बाराती बिना दुल्हन के ही वापस लौट गए. इलाके के एसचओ मोहम्मद अशरफ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दुल्हन के पिता की ओर से शिकायत दर्ज करा दी गई है और मामले की जांच की जा रही है.
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पंडाल में प्लेटें उड़नतश्तरी की तरह उड़ रही थीं
रसगुल्ले बने विवाद की वजह
पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम ने अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के संशोधित प्रारूप का स्वागत किया है जिसके तहत द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में बॉल ट्रैकर तकनीक का इस्तेमाल वैकल्पिक रहेगा। टीम के एक सीनियर सदस्य ने अभ्यास सत्र के बाद कहा , यह अच्छी बात है कि ट्रैकर व्यवस्था वैकल्पिक हो गई है। हमें इसी पर ऐतराज था। आईसीसी कार्यकारी समिति की हांगकांग में हुई बैठक में यूडीआरएस का प्रयोग टेस्ट और वनडे दोनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इस फैसले के साथ शर्त यह थी कि बॉल ट्रैकर तकनीक की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई। इस तकनीक से यह पता चलता है कि गेंदबाज के हाथ से निकलने के बाद गेंद किस दिशा में जाएगी। नए नियम के तहत यदि कोई देश राजी नहीं होता है तो द्विपक्षीय श्रृंखला में यूडीआरएस का इस्तेमाल इस तकनीक के बिना किया जाएगा। इसके मायने है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अगले महीने होने वाली श्रृंखला में यूडीआरएस का इस्तेमाल ट्रैकर तकनीक के बिना किया जाएगा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच मौजूदा श्रृंखला में यूडीआरएस का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। क्रिकेटर ने बताया कि भारतीय टीम और बीसीसीआई यूडीआरएस की ट्रैकर प्रणाली के खिलाफ क्यों थे। उन्होंने कहा , ट्रैकर व्यवस्था में खामी है। पहले तो यह कि कैमरा अंपायर के ठीक पीछे नहीं होता है। दूसरा यह कि टप्पा खाने के बाद गेंद की वास्तविक ऊंचाई का तकनीक से अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा, तेज हवा, गति में बदलाव और असमान उछाल स्टम्प तक पहुंचने पर गेंद की वास्तविक ऊंचाई में काफी अंतर पैदा कर सकते हैं।
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भारतीय क्रिकेट टीम ने अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली के संशोधित प्रारूप का स्वागत किया है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 1.40 रुपये लीटर बढ़ा दिए। पिछले एक पखवाड़े में पेट्रोल के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं।
पेट्रोल के दाम नियंत्रणमुक्त हैं, इसलिए तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके दाम में होने वाली घटबढ़ के अनुरूप दाम तय करतीं हैं।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के अनुसार दो वजह हैं जिससे पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े। पहली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के दाम पिछले पखवाड़े के दौरान 128.57 डॉलर से बढ़कर 131 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए और दूसरी, इस अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया 53.43 से गिरकर 54.15 रुपये प्रति डॉलर रह गया।
पेट्रोल के दाम में की गई 1.40 रुपये लीटर की यह वृद्धि बिना मूल्य वर्धित कर (वैट) के है। वैट शामिल किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों के पेट्रोल के दाम में वृद्धि अलग-अलग हो सकती है।टिप्पणियां
दिल्ली में मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 69.06 से बढ़कर 70.74 रुपये लीटर होगा। इससे पहले 16 फरवरी को पेट्रोल के दाम डेढ़ रुपये लीटर बढ़ाए गए थे।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
पेट्रोल के दाम नियंत्रणमुक्त हैं, इसलिए तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके दाम में होने वाली घटबढ़ के अनुरूप दाम तय करतीं हैं।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के अनुसार दो वजह हैं जिससे पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े। पहली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के दाम पिछले पखवाड़े के दौरान 128.57 डॉलर से बढ़कर 131 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए और दूसरी, इस अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया 53.43 से गिरकर 54.15 रुपये प्रति डॉलर रह गया।
पेट्रोल के दाम में की गई 1.40 रुपये लीटर की यह वृद्धि बिना मूल्य वर्धित कर (वैट) के है। वैट शामिल किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों के पेट्रोल के दाम में वृद्धि अलग-अलग हो सकती है।टिप्पणियां
दिल्ली में मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 69.06 से बढ़कर 70.74 रुपये लीटर होगा। इससे पहले 16 फरवरी को पेट्रोल के दाम डेढ़ रुपये लीटर बढ़ाए गए थे।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के अनुसार दो वजह हैं जिससे पेट्रोल के दाम बढ़ाने पड़े। पहली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के दाम पिछले पखवाड़े के दौरान 128.57 डॉलर से बढ़कर 131 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए और दूसरी, इस अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपया 53.43 से गिरकर 54.15 रुपये प्रति डॉलर रह गया।
पेट्रोल के दाम में की गई 1.40 रुपये लीटर की यह वृद्धि बिना मूल्य वर्धित कर (वैट) के है। वैट शामिल किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों के पेट्रोल के दाम में वृद्धि अलग-अलग हो सकती है।टिप्पणियां
दिल्ली में मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 69.06 से बढ़कर 70.74 रुपये लीटर होगा। इससे पहले 16 फरवरी को पेट्रोल के दाम डेढ़ रुपये लीटर बढ़ाए गए थे।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
पेट्रोल के दाम में की गई 1.40 रुपये लीटर की यह वृद्धि बिना मूल्य वर्धित कर (वैट) के है। वैट शामिल किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों के पेट्रोल के दाम में वृद्धि अलग-अलग हो सकती है।टिप्पणियां
दिल्ली में मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 69.06 से बढ़कर 70.74 रुपये लीटर होगा। इससे पहले 16 फरवरी को पेट्रोल के दाम डेढ़ रुपये लीटर बढ़ाए गए थे।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
दिल्ली में मध्यरात्रि से पेट्रोल का दाम 69.06 से बढ़कर 70.74 रुपये लीटर होगा। इससे पहले 16 फरवरी को पेट्रोल के दाम डेढ़ रुपये लीटर बढ़ाए गए थे।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
मुंबई में पेट्रोल का दाम 75.89 रुपये से बढ़कर 77.66 रुपये, कोलकाता में 76.59 रुपये से बढ़कर 78.34 रुपये और चेन्नई में 72.17 रुपये लीटर से बढ़कर 73.95 रुपये लीटर होगा।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 1.40 रुपये लीटर बढ़ा दिए। पिछले एक पखवाड़े में पेट्रोल के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में हो रहा चुनाव अब अपने अंतिम दौर में है. इस अंतिम दौर में बनारस में वोटिंग होनी है. बनारस प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है लिहाजा सभी पार्टियों की निगाहें यहां की सीट पर लगी हैं. बीजेपी ने भी अपने गढ़ को बचाने के लिए सारी ताकत झोंक दी है. सभी नेता यहां बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं लेकिन इन वादों के बीच में बनारस अकेला किसी कोने में अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है. उसकी सुध किसी वादे में नजर नहीं आती. भाजपा के सभी बड़े मंत्री इन दिनों बनारस में ही कैम्प किए हुए हैं.
बनारस के एक सभागार में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी भाजपा के पक्ष में वोट की अपील करते हुए नजर आईं. स्मृति के अलावा भाजपा के लगभग सभी बड़े मंत्री इन दिनों बनारस में हैं. वे जगह-जगह सभा करके बीजेपी के शासन काल में हुए काम को जनता के बीच में बता रहे हैं. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली व्यापारियों और उद्यमियों की मीटिंग कर यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार उनके लिए कितनी लाभकारी योजनाएं लाई है.
बनारस की सरजमीं पर मंत्री बड़े-बड़े वादे तो कर रहे हैं पर बनारस की बदहाली अपनी जगह बदस्तूर है. बनारस की सड़कें जाम की समस्या से जूझ रही हैं. हर जगह कूड़े के अम्बार हैं. बनारस में हर दिन तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है. इसमें से 500 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण का दावा किया जाता है लेकिन जमीन पर हर जगह गंदगी है. यही नहीं गंगा भी उतनी ही मैली है. गंगा के दरकते घाट अपनी कहानी अलग बयां कर रहे हैं. गंगा के लिए लड़ाई लड़ने वाले इस बात से बेहद निराश हैं कि यह समस्या मुद्दा नहीं बनती.
बनारस की समस्याओं की फेहरिस्त इतनी ही नहीं है. अपनी-अपनी पार्टी की हवा बनाने में नेता जुटे हैं पर खुद बनारस की हवा जहरीली हो चुकी है. बनारस की कई सड़कें धूल के गुबार के बीच बमुश्किल दिखाई पड़ती हैं. वायु प्रदूषण सूचक मशीन बताती है कि पीएम-2.5 कण 990, पीएम-10, 687.9 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक समय-समय पर पाया जाता है. कहने का मतलब यह है कि पूरे शहर की फिजां में धूल के कण जिंदगी को बेजार किए हुए हैं. यह बात बनारस के युवाओं को भी सालती है और वे भी कहते हैं कि चुनाव में यह बुनियादी मुद्दे गुम हैं.
साफ है कि बनारस प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बाद भी अपनी बदहाली के लिए आंसू बहा रहा है. इसकी वजह राज्य और केंद्र सरकार दोनों हैं, जिनकी लड़ाई में बनारस बेबस है. चुनाव में दोनों ही सरकारें अपनी-अपनी पार्टी को जिताने के लिए बनारस में डेरा तो डाले हैं पर अफसोस ये है कि बनारस की इस दुर्दशा की चर्चा कोई नहीं कर रहा है.
साफ है कि बनारस प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बाद भी अपनी बदहाली के लिए आंसू बहा रहा है. इसकी वजह राज्य और केंद्र सरकार दोनों हैं, जिनकी लड़ाई में बनारस बेबस है. चुनाव में दोनों ही सरकारें अपनी-अपनी पार्टी को जिताने के लिए बनारस में डेरा तो डाले हैं पर अफसोस ये है कि बनारस की इस दुर्दशा की चर्चा कोई नहीं कर रहा है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गंदगी से सराबोर प्रदूषण की गिरफ्त में ऐतिहासिक शहर
गंगा में बढ़ती गंदगी नहीं बन पाई चुनाव का मुद्दा
चुनावी दौर में बड़े-बड़े नेता वाराणसी में डाले हैं डेरा
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। देश के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल देखी जा रही है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देशवासियों को जनमाष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, जन्माष्टमी के मौके पर मैं अपने देशवासियों को बधाई और शुभकामनायें देता हूं। उन्होंने कहा, आइये इस शुभ दिन खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित करें। आइये बिना फल की इच्छा करे, अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की ओर ध्यान केंद्रीत करें। सही कार्यों का निश्चित रूप से अच्छा परिणाम आएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने बधाई संदेश में कहा कि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के उस संदेश के उपलक्ष्य में मनाया जाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्म कर, फल की इच्छा मत कर ।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मौके पर देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार हमें भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं की याद दिलाता है। इस बीच दिल्ली के उप राज्यपाल तेजेंद्र खन्ना और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी आज जन्माष्टमी के मौके पर दिल्ली वासियों को बधाई दी है।
दिल्ली में जन्माष्टमी के अवसर पर सभी प्रमुख मंदिर सजे हुए हैं। दूसरी ओर मुंबई में इस अवसर पर दही-हांडी की धूम मची हुई है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन रखा गया है। इस्कॉन पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बताया कि इस मौके पर श्रीकृष्ण लीलामृत की प्रस्तुति की जाएगी। इस्कॉन के श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन और कई उत्कृष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देशवासियों को जनमाष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, जन्माष्टमी के मौके पर मैं अपने देशवासियों को बधाई और शुभकामनायें देता हूं। उन्होंने कहा, आइये इस शुभ दिन खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित करें। आइये बिना फल की इच्छा करे, अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की ओर ध्यान केंद्रीत करें। सही कार्यों का निश्चित रूप से अच्छा परिणाम आएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने बधाई संदेश में कहा कि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के उस संदेश के उपलक्ष्य में मनाया जाता है जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्म कर, फल की इच्छा मत कर ।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मौके पर देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार हमें भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं की याद दिलाता है। इस बीच दिल्ली के उप राज्यपाल तेजेंद्र खन्ना और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी आज जन्माष्टमी के मौके पर दिल्ली वासियों को बधाई दी है।
दिल्ली में जन्माष्टमी के अवसर पर सभी प्रमुख मंदिर सजे हुए हैं। दूसरी ओर मुंबई में इस अवसर पर दही-हांडी की धूम मची हुई है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन रखा गया है। इस्कॉन पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बताया कि इस मौके पर श्रीकृष्ण लीलामृत की प्रस्तुति की जाएगी। इस्कॉन के श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन और कई उत्कृष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस मौके पर देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार हमें भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं की याद दिलाता है। इस बीच दिल्ली के उप राज्यपाल तेजेंद्र खन्ना और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी आज जन्माष्टमी के मौके पर दिल्ली वासियों को बधाई दी है।
दिल्ली में जन्माष्टमी के अवसर पर सभी प्रमुख मंदिर सजे हुए हैं। दूसरी ओर मुंबई में इस अवसर पर दही-हांडी की धूम मची हुई है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन रखा गया है। इस्कॉन पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बताया कि इस मौके पर श्रीकृष्ण लीलामृत की प्रस्तुति की जाएगी। इस्कॉन के श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन और कई उत्कृष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
दिल्ली में जन्माष्टमी के अवसर पर सभी प्रमुख मंदिर सजे हुए हैं। दूसरी ओर मुंबई में इस अवसर पर दही-हांडी की धूम मची हुई है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन रखा गया है। इस्कॉन पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बताया कि इस मौके पर श्रीकृष्ण लीलामृत की प्रस्तुति की जाएगी। इस्कॉन के श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन और कई उत्कृष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
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एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन रखा गया है। इस्कॉन पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बताया कि इस मौके पर श्रीकृष्ण लीलामृत की प्रस्तुति की जाएगी। इस्कॉन के श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन और कई उत्कृष्ट आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
पटना के रामजानकी चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात में भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
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राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
इधर, पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में गुरुवार से तीन दिवसीय प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान रातभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
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राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद व मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
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राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
लखनऊ सहित कई शहरों में आज भव्य झाकियों का आयोजन किया गया है। उत्सव को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
जन्माष्टमी के मौके पर गृहस्थों के साथ ही साधु संत भी आज व्रत रखेंगे। मंदिरों के साथ शहर में कई जगह कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि पर संशय के चलते अधिकांश गृहस्थों ने गुरुवार को ही जन्माष्टमी मनायी।
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एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
पंडित कृष्णकांत ने बताया कि इस बार गृहस्थी और वैष्णवों को शुक्रवार रात को रोहिणी नक्षत्र नहीं मिलेगा। रोहिणी नक्षत्र शनिवार 11 अगस्त को सुबह 9.57 बजे के बाद शुरू होगा और यह रविवार 12 अगस्त को 12.31 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है।टिप्पणियां
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
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राजधानी लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा और कई अन्य शहरों में जन्माष्टमी आज मनायी जा रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर, पीएसी इस्कॉन मंदिर और अहियागंज स्थित बांके बिहारी के मंदिर सहित तमाम मंदिरों और उत्सव स्थलों में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर एहतियात के तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है।
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संक्षिप्त पाठ: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। देश के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल देखी जा रही है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में रहने वाली भारतीय मूल की लेखिका सुष्मिता बनर्जी की गुरुवार को उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई। वह अफगानिस्तान के पकतिका सूबे की राजधानी खराना में रहती थीं। उनके पति अफगान मूल के हैं और कारोबारी हैं।
तालिबान के चंगुल से बच निकलने के बारे में अपनी एक किताब से उनको बहुत नाम मिला था। 2003 में इस किताब पर फिल्म भी बनी।टिप्पणियां
सुष्मिता अपने पति के साथ रहने के लिए हाल ही में अफगानिस्तान लौटी थीं। वह आजकल स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तरह काम कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक आज कुछ आतंकवादी उनके घर आए। उनके पति और दूसरे लोगों को बांध दिया और उनको पकड़कर बाहर ले गए और गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि वह सुष्मिता के शव को एक मदरसे के पास फेंक गए। अब तक किसी आतंकवादी संगठन ने उनकी हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
तालिबान के चंगुल से बच निकलने के बारे में अपनी एक किताब से उनको बहुत नाम मिला था। 2003 में इस किताब पर फिल्म भी बनी।टिप्पणियां
सुष्मिता अपने पति के साथ रहने के लिए हाल ही में अफगानिस्तान लौटी थीं। वह आजकल स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तरह काम कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक आज कुछ आतंकवादी उनके घर आए। उनके पति और दूसरे लोगों को बांध दिया और उनको पकड़कर बाहर ले गए और गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि वह सुष्मिता के शव को एक मदरसे के पास फेंक गए। अब तक किसी आतंकवादी संगठन ने उनकी हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
सुष्मिता अपने पति के साथ रहने के लिए हाल ही में अफगानिस्तान लौटी थीं। वह आजकल स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तरह काम कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक आज कुछ आतंकवादी उनके घर आए। उनके पति और दूसरे लोगों को बांध दिया और उनको पकड़कर बाहर ले गए और गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि वह सुष्मिता के शव को एक मदरसे के पास फेंक गए। अब तक किसी आतंकवादी संगठन ने उनकी हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस के मुताबिक आज कुछ आतंकवादी उनके घर आए। उनके पति और दूसरे लोगों को बांध दिया और उनको पकड़कर बाहर ले गए और गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि वह सुष्मिता के शव को एक मदरसे के पास फेंक गए। अब तक किसी आतंकवादी संगठन ने उनकी हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
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यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान में रहने वाली भारतीय मूल की लेखिका सुष्मिता बनर्जी की गुरुवार को उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई। वह अफगानिस्तान के पकतिका सूबे की राजधानी खराना में रहती थीं। उनके पति अफगान मूल के हैं और कारोबारी हैं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: एमआर राजकीय कालेज के स्टेडियम में रविवार को चालीस हजार से अधिक दर्शकों के सामने तीसरे विश्व कप कबड्डी 2012 के तीन लीग मैच खेले गए। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपने दूसरे लीग मैच में कनाडा को 62-16 से हराकर लगातार दूसरी जीत से पूल ए में चोटी पर रहते हुए सेमीफाइनल में शान से प्रवेश पाया। इसी पूल में कनाडा की दूसरी हार के कारण डेनमार्क की टीम भी सीधे तौर पर सेमीफाइनल में पहुंच गई।
महिला वर्ग के एक अन्य मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराकर लगातार दूसरी जीत से सेमीफाइनल का दावा मजबूत किया, जबकि पुरुष वर्ग के खेले गए इकलौते मैच में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराकर सेमीफाइनल की तरफ एक कदम बढ़ाया।
मुकाबलों के मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भारत एवं कनाडा की महिला टीमों से जान-पहचान की। इस अवसर पर कनाडा से पूर्व संसद सदस्य मिस रूबी ढल्ला, पंजाब के वन मंत्री सुरजीत कुमारी जियाणी, शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका एवं संसद सदस्य शेर सिंह घुबाया विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे।
रविवार को अंतिम एवं तीसरे मैच में भारत ने कनाडा को 62-16 से हराया। आधे समय तक भारतीय टीम 30-9 से आगे थी। भारत की ओर से रेडर मीना एवं कुलविंद्र कौर ने 8-8, मंदीप कौर ने 7 और पिंकी एवं प्रिंयका ने 6-6 अंक लिए जबकि जाफी जतिंद्र कौर ने 9, अनुरानी ने 6 एवं मंदीप कौर ने 4 जफे लगाए। कनाडा की रेडर नवनीत कौर, लवलीन रंधाबा एवं लबदीप कौर ने 3-3 अंक लिए।
महिला वर्ग के मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराया। आधे समय तक मलेशिया की टीम 21-13 से आगे थी। यह मैच बहुत आकर्षक रहा और प्रत्येक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेलते हुए दर्शकों का दिल जीता। मलेशिया की रेडरों में से मनप्रीत कौर 10 एवं परमजीत कौर ने चार अंक लिए जबकि जाफी मंदीप कौर ने 13 एवं रेखा ने पांच जफे लगाए। इंग्लैंड की रेडर शैली टिडसबेल ने 6 एवं लियूस रेडमेड ने चार अंक बटौरे और जाफी रोजाना ने सात एवं एशले हंटर ने पांच जफे लगाए।टिप्पणियां
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
महिला वर्ग के एक अन्य मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराकर लगातार दूसरी जीत से सेमीफाइनल का दावा मजबूत किया, जबकि पुरुष वर्ग के खेले गए इकलौते मैच में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराकर सेमीफाइनल की तरफ एक कदम बढ़ाया।
मुकाबलों के मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भारत एवं कनाडा की महिला टीमों से जान-पहचान की। इस अवसर पर कनाडा से पूर्व संसद सदस्य मिस रूबी ढल्ला, पंजाब के वन मंत्री सुरजीत कुमारी जियाणी, शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका एवं संसद सदस्य शेर सिंह घुबाया विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे।
रविवार को अंतिम एवं तीसरे मैच में भारत ने कनाडा को 62-16 से हराया। आधे समय तक भारतीय टीम 30-9 से आगे थी। भारत की ओर से रेडर मीना एवं कुलविंद्र कौर ने 8-8, मंदीप कौर ने 7 और पिंकी एवं प्रिंयका ने 6-6 अंक लिए जबकि जाफी जतिंद्र कौर ने 9, अनुरानी ने 6 एवं मंदीप कौर ने 4 जफे लगाए। कनाडा की रेडर नवनीत कौर, लवलीन रंधाबा एवं लबदीप कौर ने 3-3 अंक लिए।
महिला वर्ग के मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराया। आधे समय तक मलेशिया की टीम 21-13 से आगे थी। यह मैच बहुत आकर्षक रहा और प्रत्येक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेलते हुए दर्शकों का दिल जीता। मलेशिया की रेडरों में से मनप्रीत कौर 10 एवं परमजीत कौर ने चार अंक लिए जबकि जाफी मंदीप कौर ने 13 एवं रेखा ने पांच जफे लगाए। इंग्लैंड की रेडर शैली टिडसबेल ने 6 एवं लियूस रेडमेड ने चार अंक बटौरे और जाफी रोजाना ने सात एवं एशले हंटर ने पांच जफे लगाए।टिप्पणियां
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
मुकाबलों के मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भारत एवं कनाडा की महिला टीमों से जान-पहचान की। इस अवसर पर कनाडा से पूर्व संसद सदस्य मिस रूबी ढल्ला, पंजाब के वन मंत्री सुरजीत कुमारी जियाणी, शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका एवं संसद सदस्य शेर सिंह घुबाया विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे।
रविवार को अंतिम एवं तीसरे मैच में भारत ने कनाडा को 62-16 से हराया। आधे समय तक भारतीय टीम 30-9 से आगे थी। भारत की ओर से रेडर मीना एवं कुलविंद्र कौर ने 8-8, मंदीप कौर ने 7 और पिंकी एवं प्रिंयका ने 6-6 अंक लिए जबकि जाफी जतिंद्र कौर ने 9, अनुरानी ने 6 एवं मंदीप कौर ने 4 जफे लगाए। कनाडा की रेडर नवनीत कौर, लवलीन रंधाबा एवं लबदीप कौर ने 3-3 अंक लिए।
महिला वर्ग के मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराया। आधे समय तक मलेशिया की टीम 21-13 से आगे थी। यह मैच बहुत आकर्षक रहा और प्रत्येक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेलते हुए दर्शकों का दिल जीता। मलेशिया की रेडरों में से मनप्रीत कौर 10 एवं परमजीत कौर ने चार अंक लिए जबकि जाफी मंदीप कौर ने 13 एवं रेखा ने पांच जफे लगाए। इंग्लैंड की रेडर शैली टिडसबेल ने 6 एवं लियूस रेडमेड ने चार अंक बटौरे और जाफी रोजाना ने सात एवं एशले हंटर ने पांच जफे लगाए।टिप्पणियां
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
रविवार को अंतिम एवं तीसरे मैच में भारत ने कनाडा को 62-16 से हराया। आधे समय तक भारतीय टीम 30-9 से आगे थी। भारत की ओर से रेडर मीना एवं कुलविंद्र कौर ने 8-8, मंदीप कौर ने 7 और पिंकी एवं प्रिंयका ने 6-6 अंक लिए जबकि जाफी जतिंद्र कौर ने 9, अनुरानी ने 6 एवं मंदीप कौर ने 4 जफे लगाए। कनाडा की रेडर नवनीत कौर, लवलीन रंधाबा एवं लबदीप कौर ने 3-3 अंक लिए।
महिला वर्ग के मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराया। आधे समय तक मलेशिया की टीम 21-13 से आगे थी। यह मैच बहुत आकर्षक रहा और प्रत्येक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेलते हुए दर्शकों का दिल जीता। मलेशिया की रेडरों में से मनप्रीत कौर 10 एवं परमजीत कौर ने चार अंक लिए जबकि जाफी मंदीप कौर ने 13 एवं रेखा ने पांच जफे लगाए। इंग्लैंड की रेडर शैली टिडसबेल ने 6 एवं लियूस रेडमेड ने चार अंक बटौरे और जाफी रोजाना ने सात एवं एशले हंटर ने पांच जफे लगाए।टिप्पणियां
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
महिला वर्ग के मैच में मलेशिया ने इंग्लैंड को 38-29 से हराया। आधे समय तक मलेशिया की टीम 21-13 से आगे थी। यह मैच बहुत आकर्षक रहा और प्रत्येक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड की महिला खिलाड़ियों ने पूरी जान लगाकर खेलते हुए दर्शकों का दिल जीता। मलेशिया की रेडरों में से मनप्रीत कौर 10 एवं परमजीत कौर ने चार अंक लिए जबकि जाफी मंदीप कौर ने 13 एवं रेखा ने पांच जफे लगाए। इंग्लैंड की रेडर शैली टिडसबेल ने 6 एवं लियूस रेडमेड ने चार अंक बटौरे और जाफी रोजाना ने सात एवं एशले हंटर ने पांच जफे लगाए।टिप्पणियां
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
इससे पूर्व दिन के पहले मैच में पुरुष वर्ग के मुकाबले में कनाडा ने नार्वे को 46-36 से हराया। कनाडा की टीम आधे समय तक 25-15 से आगे थी और दूसरे हाफ में नार्वे ने कनाडा को लीड में बिल्कुल बढ़ोतरी नहीं करने दी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने 21-21 अंक लिए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
कनाडा के रैडरों में से लाडी परसरामपुर ने 12, टैरी पुरेवाल ने 12 एवं कुलजीता मलसीहा ने 7 अंक लिए जबकि जाफी हरदीप ताऊ ने चार और भूरा कंडूया एवं दलविंद्र सिंह मुड्डा ने 3-3 जफे लगाए। नार्वे द्वारा रेडर रणजीत बाठ ने 12 एवं गुरनाम सिंह ने 6 अंक लिए और जाफी रच्छपाल सिंह ने पांच जफे लगाए।
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यह एक सारांश है: एमआर राजकीय कालेज के स्टेडियम में रविवार को चालीस हजार से अधिक दर्शकों के सामने तीसरे विश्व कप कबड्डी 2012 के तीन लीग मैच खेले गए। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपने दूसरे लीग मैच में कनाडा को 62-16 से हराकर लगातार दूसरी जीत से पूल ए में चोटी पर रहते हुए सेम
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को जबरदस्त उछाल दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 490.67 अंकों की तेजी के साथ 20,212.96 पर तथा निफ्टी 151.35 अंकों की तेजी के साथ 6,146.75 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 75.89 अंकों की तेजी के साथ 19,798.18 पर खुला और 490.67 अंकों यानी 2.49 फीसदी की तेजी के साथ 20,212.96 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,241.96 के ऊपरी 19,798.18 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.45 अंकों की तेजी के साथ 6,018.85 पर खुला और 151.35 अंकों यानी 2.52 फीसदी की तेजी के साथ 6,146.75 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,157.10 के ऊपरी 6,018.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 102.15 अंकों की तेजी के साथ 6,564.46 पर और स्मॉलकैप 60.22 अंकों की तेजी के साथ 6,176.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (4.04 फीसदी), बैंकिग (3.95 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.00 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.36 फीसदी) और वाहन (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 75.89 अंकों की तेजी के साथ 19,798.18 पर खुला और 490.67 अंकों यानी 2.49 फीसदी की तेजी के साथ 20,212.96 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,241.96 के ऊपरी 19,798.18 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.45 अंकों की तेजी के साथ 6,018.85 पर खुला और 151.35 अंकों यानी 2.52 फीसदी की तेजी के साथ 6,146.75 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,157.10 के ऊपरी 6,018.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 102.15 अंकों की तेजी के साथ 6,564.46 पर और स्मॉलकैप 60.22 अंकों की तेजी के साथ 6,176.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (4.04 फीसदी), बैंकिग (3.95 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.00 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.36 फीसदी) और वाहन (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.45 अंकों की तेजी के साथ 6,018.85 पर खुला और 151.35 अंकों यानी 2.52 फीसदी की तेजी के साथ 6,146.75 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,157.10 के ऊपरी 6,018.85 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 102.15 अंकों की तेजी के साथ 6,564.46 पर और स्मॉलकैप 60.22 अंकों की तेजी के साथ 6,176.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (4.04 फीसदी), बैंकिग (3.95 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.00 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.36 फीसदी) और वाहन (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 102.15 अंकों की तेजी के साथ 6,564.46 पर और स्मॉलकैप 60.22 अंकों की तेजी के साथ 6,176.89 पर बंद हुआ।
बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (4.04 फीसदी), बैंकिग (3.95 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.00 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.36 फीसदी) और वाहन (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
बीएसई के सभी सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (4.04 फीसदी), बैंकिग (3.95 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.00 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.36 फीसदी) और वाहन (2.29 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 490.67 अंकों की तेजी के साथ 20,212.96 पर तथा निफ्टी 151.35 अंकों की तेजी के साथ 6,146.75 पर बंद हुआ।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: ओडिशा के बारगढ़ में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और साध्वी निरंजन ज्योति के काफिले पर हमला हो गया। सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजेडी) के कुछ विधायकों सहित पार्टी समर्थकों पर केंद्रीय मंत्रियों के काफिले पर हमले का आरोप है। बीजेडी समर्थकों ने केंद्रीय मंत्रियों के काफिले पर पथराव किया और काले झंडे भी दिखाए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गंगवार और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री निरंजन ज्योति को उस वक्त बीजेडी नेताओं के रोष का सामना करना पड़ा जब वे जिले में भाजपा की विकास पर्व रैली में शिरकत करने के लिए आए। केंद्र में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी देश के अलग-अलग हिस्सों में विकास पर्व रैलियों का आयोजन कर रही है।
अधिकारी ने बताया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों के दौरे और रैली के लिए पुलिस के कम से कम नौ प्लाटून (करीब 270 जवान) तैनात किए गए थे। प्रदर्शनकारी बीजद समर्थकों ने गंगवार की गाड़ी के सामने काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किए। उन्होंने बताया कि इस घटना में कम से कम तीन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। इसमें वह गाड़ी भी शामिल है जिसमें गंगवार सफर कर रहे थे। टिप्पणियां
बीजेपी के प्रदेश महासचिव भृगु बक्षीपात्रा ने आरोप लगाया, 'जब बीजेडी नेता और समर्थक काले झंडे दिखा रहे थे उस वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।' बक्षीपात्रा ने बताया कि प्रदर्शनों के बावजूद गंगवार रैली में शिरकत के लिए रैली स्थल पहुंचे। जब बीजेपी समर्थकों ने बीजेडी समर्थकों की हरकतों का विरोध किया तो तनाव पैदा हो गया। काली कमीजें पहनकर और काले झंडे लेकर बीजेडी कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक के पास भी प्रदर्शन किया । बारगढ़ के विधायक देवेश आचार्य की अगुवाई में बीजद कार्यकर्ताओं ने सुबह एक बाइक रैली निकालकर भाजपा के विकास उत्सव का विरोध भी किया। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हरकतों का बचाव करते हुए आचार्य ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गंगवार और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री निरंजन ज्योति को उस वक्त बीजेडी नेताओं के रोष का सामना करना पड़ा जब वे जिले में भाजपा की विकास पर्व रैली में शिरकत करने के लिए आए। केंद्र में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी देश के अलग-अलग हिस्सों में विकास पर्व रैलियों का आयोजन कर रही है।
अधिकारी ने बताया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों के दौरे और रैली के लिए पुलिस के कम से कम नौ प्लाटून (करीब 270 जवान) तैनात किए गए थे। प्रदर्शनकारी बीजद समर्थकों ने गंगवार की गाड़ी के सामने काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किए। उन्होंने बताया कि इस घटना में कम से कम तीन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। इसमें वह गाड़ी भी शामिल है जिसमें गंगवार सफर कर रहे थे। टिप्पणियां
बीजेपी के प्रदेश महासचिव भृगु बक्षीपात्रा ने आरोप लगाया, 'जब बीजेडी नेता और समर्थक काले झंडे दिखा रहे थे उस वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।' बक्षीपात्रा ने बताया कि प्रदर्शनों के बावजूद गंगवार रैली में शिरकत के लिए रैली स्थल पहुंचे। जब बीजेपी समर्थकों ने बीजेडी समर्थकों की हरकतों का विरोध किया तो तनाव पैदा हो गया। काली कमीजें पहनकर और काले झंडे लेकर बीजेडी कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक के पास भी प्रदर्शन किया । बारगढ़ के विधायक देवेश आचार्य की अगुवाई में बीजद कार्यकर्ताओं ने सुबह एक बाइक रैली निकालकर भाजपा के विकास उत्सव का विरोध भी किया। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हरकतों का बचाव करते हुए आचार्य ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने बताया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों के दौरे और रैली के लिए पुलिस के कम से कम नौ प्लाटून (करीब 270 जवान) तैनात किए गए थे। प्रदर्शनकारी बीजद समर्थकों ने गंगवार की गाड़ी के सामने काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किए। उन्होंने बताया कि इस घटना में कम से कम तीन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। इसमें वह गाड़ी भी शामिल है जिसमें गंगवार सफर कर रहे थे। टिप्पणियां
बीजेपी के प्रदेश महासचिव भृगु बक्षीपात्रा ने आरोप लगाया, 'जब बीजेडी नेता और समर्थक काले झंडे दिखा रहे थे उस वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।' बक्षीपात्रा ने बताया कि प्रदर्शनों के बावजूद गंगवार रैली में शिरकत के लिए रैली स्थल पहुंचे। जब बीजेपी समर्थकों ने बीजेडी समर्थकों की हरकतों का विरोध किया तो तनाव पैदा हो गया। काली कमीजें पहनकर और काले झंडे लेकर बीजेडी कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक के पास भी प्रदर्शन किया । बारगढ़ के विधायक देवेश आचार्य की अगुवाई में बीजद कार्यकर्ताओं ने सुबह एक बाइक रैली निकालकर भाजपा के विकास उत्सव का विरोध भी किया। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हरकतों का बचाव करते हुए आचार्य ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीजेपी के प्रदेश महासचिव भृगु बक्षीपात्रा ने आरोप लगाया, 'जब बीजेडी नेता और समर्थक काले झंडे दिखा रहे थे उस वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।' बक्षीपात्रा ने बताया कि प्रदर्शनों के बावजूद गंगवार रैली में शिरकत के लिए रैली स्थल पहुंचे। जब बीजेपी समर्थकों ने बीजेडी समर्थकों की हरकतों का विरोध किया तो तनाव पैदा हो गया। काली कमीजें पहनकर और काले झंडे लेकर बीजेडी कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक के पास भी प्रदर्शन किया । बारगढ़ के विधायक देवेश आचार्य की अगुवाई में बीजद कार्यकर्ताओं ने सुबह एक बाइक रैली निकालकर भाजपा के विकास उत्सव का विरोध भी किया। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हरकतों का बचाव करते हुए आचार्य ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: बीजेपी की विकास पर्व रैली में शामिल होने आए थे दोनों केंद्रीय मंत्री
बीजेडी समर्थकों ने काफिले पर पथराव किया, काले झंडे भी दिखाए
घटना में उस गाड़ी को भी नुकसान हुआ, जिसमें गंगवार सवार थे
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['hin']
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