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इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रफेल नडाल ने पुरुष एकल फाइनल में स्पेन के हमवतन डेविड फेरर को सीधे सेटों में 6-3, 6-2, 6-3 से हराकर इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड आठवीं बार फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता।
टेनिस इतिहास में यह पहला मौका है जबकि किसी पुरुष खिलाड़ी ने एक ही ग्रैंडस्लैम खिताब को आठवीं बार जीता है। यह नडाल का 12वां ग्रैंडस्लैम खिताब है और वह सर्वाधिक ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पुरुष खिलाड़ियों की सूची में ऑस्ट्रेलिया के राय एमर्सन (12) के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे अधिक ग्रैंडस्लैम खिताब स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर (17) और अमेरिका के पीट सम्प्रास (14) ने ही जीते हैं।
नडाल ने पहली बार 31 बरस की उम्र में ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेल रहे फेरर को हराकर रोलां गैरों पर 60 मैचों में 59वीं जीत दर्ज की।
नडाल को हालांकि मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा जब एक प्रदर्शनकारी कमर से ऊपर बिना कोई कपड़े पहले फिलिप चैटरियर कोर्ट पर आ गया। इस प्रदर्शनकारी के हाथ में मशाल थी और वह फ्रांस के समान लिंग के लोगों के विवादास्पद विवाह कानून का विरोध कर रहा था।टिप्पणियां
यह प्रदर्शनकारी उस समय नडाल से कुछ फुट की दूरी पर पहुंचा जब वह दूसरे सेट में 5-1 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हालांकि प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल दिया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
टेनिस इतिहास में यह पहला मौका है जबकि किसी पुरुष खिलाड़ी ने एक ही ग्रैंडस्लैम खिताब को आठवीं बार जीता है। यह नडाल का 12वां ग्रैंडस्लैम खिताब है और वह सर्वाधिक ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पुरुष खिलाड़ियों की सूची में ऑस्ट्रेलिया के राय एमर्सन (12) के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे अधिक ग्रैंडस्लैम खिताब स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर (17) और अमेरिका के पीट सम्प्रास (14) ने ही जीते हैं।
नडाल ने पहली बार 31 बरस की उम्र में ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेल रहे फेरर को हराकर रोलां गैरों पर 60 मैचों में 59वीं जीत दर्ज की।
नडाल को हालांकि मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा जब एक प्रदर्शनकारी कमर से ऊपर बिना कोई कपड़े पहले फिलिप चैटरियर कोर्ट पर आ गया। इस प्रदर्शनकारी के हाथ में मशाल थी और वह फ्रांस के समान लिंग के लोगों के विवादास्पद विवाह कानून का विरोध कर रहा था।टिप्पणियां
यह प्रदर्शनकारी उस समय नडाल से कुछ फुट की दूरी पर पहुंचा जब वह दूसरे सेट में 5-1 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हालांकि प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल दिया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
नडाल ने पहली बार 31 बरस की उम्र में ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेल रहे फेरर को हराकर रोलां गैरों पर 60 मैचों में 59वीं जीत दर्ज की।
नडाल को हालांकि मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा जब एक प्रदर्शनकारी कमर से ऊपर बिना कोई कपड़े पहले फिलिप चैटरियर कोर्ट पर आ गया। इस प्रदर्शनकारी के हाथ में मशाल थी और वह फ्रांस के समान लिंग के लोगों के विवादास्पद विवाह कानून का विरोध कर रहा था।टिप्पणियां
यह प्रदर्शनकारी उस समय नडाल से कुछ फुट की दूरी पर पहुंचा जब वह दूसरे सेट में 5-1 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हालांकि प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल दिया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
नडाल को हालांकि मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा जब एक प्रदर्शनकारी कमर से ऊपर बिना कोई कपड़े पहले फिलिप चैटरियर कोर्ट पर आ गया। इस प्रदर्शनकारी के हाथ में मशाल थी और वह फ्रांस के समान लिंग के लोगों के विवादास्पद विवाह कानून का विरोध कर रहा था।टिप्पणियां
यह प्रदर्शनकारी उस समय नडाल से कुछ फुट की दूरी पर पहुंचा जब वह दूसरे सेट में 5-1 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हालांकि प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल दिया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
यह प्रदर्शनकारी उस समय नडाल से कुछ फुट की दूरी पर पहुंचा जब वह दूसरे सेट में 5-1 के स्कोर पर सर्विस कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हालांकि प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल दिया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
एक सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत वीआईपी बाक्स के सामने से आते हुए नडाल की मदद की। इस वीआईपी बाक्स में ओलिंपिक फर्राटा चैम्पियन उसेन बोल्ट और हालीवुड सुपरस्टार लियोनाडरे डि कैपरियो मैच का लुत्फ उठा रहे थे। | सारांश: दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रफेल नडाल ने पुरुष एकल फाइनल में स्पेन के हमवतन डेविड फेरर को सीधे सेटों में 6-3, 6-2, 6-3 से हराकर इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड आठवीं बार फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार 'बिजली उत्पादन, पारेषण तथा वितरण की व्यापक कार्ययोजना 2022' इस साल के आखिर तक पेश करेगी। यह बात एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कही।
भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अम्बुज शर्मा ने कहा, "एक मसौदा (रोडमैप 2022) विनिर्माण क्षेत्र के कारोबारी संघों और राज्यों जैसे सम्बंधित पक्षों को पहले जारी कर दिया गया है और आधे से अधिक राज्य सरकारों ने अपनी प्रतिक्रिया भेज दी है।"
रोडमैप में नीति और अनुपालन की रणनीति का उल्लेख होगा, जिनका अनुपालन देश में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने में करके इसे विकसित देशों की व्यवस्था के समकक्ष करना होगा।
कारोबारी संघ भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित पारेषण और वितरण पर एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि रोडमैप में उत्पादन, पारेषण और वितरण परियोजनाओं, ऑटोमेशन, उपकरण आयात और उपकरण निर्यात के समयबद्ध अनुपालन के लिए विशेष उपाय होंगे।
इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से कौशल विकास की योजना होगी।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अम्बुज शर्मा ने कहा, "एक मसौदा (रोडमैप 2022) विनिर्माण क्षेत्र के कारोबारी संघों और राज्यों जैसे सम्बंधित पक्षों को पहले जारी कर दिया गया है और आधे से अधिक राज्य सरकारों ने अपनी प्रतिक्रिया भेज दी है।"
रोडमैप में नीति और अनुपालन की रणनीति का उल्लेख होगा, जिनका अनुपालन देश में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने में करके इसे विकसित देशों की व्यवस्था के समकक्ष करना होगा।
कारोबारी संघ भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित पारेषण और वितरण पर एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि रोडमैप में उत्पादन, पारेषण और वितरण परियोजनाओं, ऑटोमेशन, उपकरण आयात और उपकरण निर्यात के समयबद्ध अनुपालन के लिए विशेष उपाय होंगे।
इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से कौशल विकास की योजना होगी।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
रोडमैप में नीति और अनुपालन की रणनीति का उल्लेख होगा, जिनका अनुपालन देश में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने में करके इसे विकसित देशों की व्यवस्था के समकक्ष करना होगा।
कारोबारी संघ भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित पारेषण और वितरण पर एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि रोडमैप में उत्पादन, पारेषण और वितरण परियोजनाओं, ऑटोमेशन, उपकरण आयात और उपकरण निर्यात के समयबद्ध अनुपालन के लिए विशेष उपाय होंगे।
इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से कौशल विकास की योजना होगी।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
कारोबारी संघ भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित पारेषण और वितरण पर एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि रोडमैप में उत्पादन, पारेषण और वितरण परियोजनाओं, ऑटोमेशन, उपकरण आयात और उपकरण निर्यात के समयबद्ध अनुपालन के लिए विशेष उपाय होंगे।
इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से कौशल विकास की योजना होगी।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से कौशल विकास की योजना होगी।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि 12वीं योजना में 10 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा गया है।टिप्पणियां
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऊर्जा की मांग में होने वाली वृद्धि को उत्पादन बढ़ाकर, पारेषण सुदृढ़ कर, ऊर्जा संरक्षण और पारेषण में होने वाले नुकसान को घटाकर पूरा किया जा सकता है।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
योजना आयोग में ऊर्जा सलाहकार आईए खान ने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र को जल्द ही राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ा जाएगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार 'बिजली उत्पादन, पारेषण तथा वितरण की व्यापक कार्ययोजना 2022' इस साल के आखिर तक पेश करेगी। यह बात एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कही। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक फुटेज में बुध ग्रह के समीप इसी ग्रह जितना बड़ा पदार्थ नजर आया है, जिसके बारे में एलियंस में दिलचस्पी रखने वालों का कहना है कि इस ग्रह के समीप खड़ा किया गया यह छद्म अंतरिक्षयान हो सकता है। नासा के स्टीरियो अंतरिक्ष यान द्वारा सूर्य से निकलने वाली लपटों की तस्वीर लेने के क्रम में यह पदार्थ नजर आया है। फुटेज में प्लाज्मा और सूर्य की लपटों को बुध ग्रह से पदार्थ को हटाते हुए दिखाया गया है। एक यू-ट्यूब उपयोगकर्ता ने लिखा है, दोनों ओर से यह बेलनाकार है। यह मुझे जहाज सा दिखता है। यह छद्म हो सकता है। यह जहाज है, इसके अलावा इस रहस्यम वस्तु की कोई व्याख्या नहीं है। 'लाइव सांइस' के अनुसार हालांकि विशेषज्ञों ने कहा कि हमारे सौरमंडल में कोई एलियन दौड़ नहीं है। अमेरिकी नौसना अनुसंधान प्रयोगशाला के इंजीनियर नाथन रिच ने कहा कि यह रहस्यमय वस्तु एक दिन पहले की बुध ग्रह की तस्वीर है। | अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक फुटेज में बुध ग्रह के समीप इसी ग्रह जितना बड़ा पदार्थ नजर आया है, जिसके बारे में एलियंस में दिलचस्पी रखने वालों का कहना है कि इस ग्रह के समीप खड़ा किया गया यह छद्म अंतरिक्षयान हो सकता है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: साइना नेहवाल घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबरी हैं, लेकिन लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली इस भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा कि वह अगले महीने चीन में विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स में खेलेंगी।
साइना ने कहा, चीन में सुपर सीरीज होने वाली है। दुनिया के चोटी के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में खेलेंगे। पिछले साल भी मैं फाइनल में हारी थी इसलिए इसे लेकर उत्सुक हूं। यह 22 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ यहां आई थीं। युवराज ने इस दौरान साइना की आत्मकथा ‘प्लेइंग टू विन.. माइ लाइफ ऑन एंड ऑफ कोर्ट’ का विमोचन किया।
इस महीने हांगकांग ओपन के दूसरे दौर में बाहर होने को छोड़ दिया जाएगा तो ओलिंपिक के बाद साइना ने अच्छे नतीजे हासिल किए हैं। उन्होंने डेनमार्क ओपन का खिताब जीता और फ्रांस ओपन के फाइनल में पहुंची। हाल में अपने घुटने में पट्टी बांधकर खेलने वाली साइना ने कहा, डेनमार्क और फ्रांस के बाद मुझे उबरने का काफी समय नहीं मिला।
साइना ने संबंधित लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक विश्व स्तरीय अकादमियां खोलें। उन्होंने कहा, भारतीयों में प्रतिभा है लेकिन हमारे पास काफी विश्व स्तरीय अकादमियां और विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय कोच नहीं हैं। हमें और अधिक अकादमियों और प्रायोजकों की जरूरत है। साइना ने कहा, भारत में 15..16 बरस का होने पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने। मेरे पिता ने मुझसे पूछा और मैंने कहा कि मैं बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती हूं और वह राजी हो गए। टिप्पणियां
ओलिंपिक 2012 के बारे में याद दिलाने पर साइना ने कहा, ओलिंपिक से सात दिन पहले मुझे वायरल था और मैं एंटीबायेटिक ले रही थी, लेकिन डॉक्टरों और फिजियो ने मुझे वहां जाकर अपना शत प्रतिशत देने को कहा। साइना ने इस दौरान कहा कि भारत में सिर्फ क्रिकेट ही छाया है। इस पर युवराज ने कहा, जब साइना खेल रही होती हैं और हम शीषर्क देखते हैं ‘साइना बनाम चाइना’ तो क्रिकेट की लोकप्रियता काफी कम हो जाती है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है।
साइना ने कहा, चीन में सुपर सीरीज होने वाली है। दुनिया के चोटी के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में खेलेंगे। पिछले साल भी मैं फाइनल में हारी थी इसलिए इसे लेकर उत्सुक हूं। यह 22 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ यहां आई थीं। युवराज ने इस दौरान साइना की आत्मकथा ‘प्लेइंग टू विन.. माइ लाइफ ऑन एंड ऑफ कोर्ट’ का विमोचन किया।
इस महीने हांगकांग ओपन के दूसरे दौर में बाहर होने को छोड़ दिया जाएगा तो ओलिंपिक के बाद साइना ने अच्छे नतीजे हासिल किए हैं। उन्होंने डेनमार्क ओपन का खिताब जीता और फ्रांस ओपन के फाइनल में पहुंची। हाल में अपने घुटने में पट्टी बांधकर खेलने वाली साइना ने कहा, डेनमार्क और फ्रांस के बाद मुझे उबरने का काफी समय नहीं मिला।
साइना ने संबंधित लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक विश्व स्तरीय अकादमियां खोलें। उन्होंने कहा, भारतीयों में प्रतिभा है लेकिन हमारे पास काफी विश्व स्तरीय अकादमियां और विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय कोच नहीं हैं। हमें और अधिक अकादमियों और प्रायोजकों की जरूरत है। साइना ने कहा, भारत में 15..16 बरस का होने पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने। मेरे पिता ने मुझसे पूछा और मैंने कहा कि मैं बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती हूं और वह राजी हो गए। टिप्पणियां
ओलिंपिक 2012 के बारे में याद दिलाने पर साइना ने कहा, ओलिंपिक से सात दिन पहले मुझे वायरल था और मैं एंटीबायेटिक ले रही थी, लेकिन डॉक्टरों और फिजियो ने मुझे वहां जाकर अपना शत प्रतिशत देने को कहा। साइना ने इस दौरान कहा कि भारत में सिर्फ क्रिकेट ही छाया है। इस पर युवराज ने कहा, जब साइना खेल रही होती हैं और हम शीषर्क देखते हैं ‘साइना बनाम चाइना’ तो क्रिकेट की लोकप्रियता काफी कम हो जाती है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है।
इस महीने हांगकांग ओपन के दूसरे दौर में बाहर होने को छोड़ दिया जाएगा तो ओलिंपिक के बाद साइना ने अच्छे नतीजे हासिल किए हैं। उन्होंने डेनमार्क ओपन का खिताब जीता और फ्रांस ओपन के फाइनल में पहुंची। हाल में अपने घुटने में पट्टी बांधकर खेलने वाली साइना ने कहा, डेनमार्क और फ्रांस के बाद मुझे उबरने का काफी समय नहीं मिला।
साइना ने संबंधित लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक विश्व स्तरीय अकादमियां खोलें। उन्होंने कहा, भारतीयों में प्रतिभा है लेकिन हमारे पास काफी विश्व स्तरीय अकादमियां और विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय कोच नहीं हैं। हमें और अधिक अकादमियों और प्रायोजकों की जरूरत है। साइना ने कहा, भारत में 15..16 बरस का होने पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने। मेरे पिता ने मुझसे पूछा और मैंने कहा कि मैं बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती हूं और वह राजी हो गए। टिप्पणियां
ओलिंपिक 2012 के बारे में याद दिलाने पर साइना ने कहा, ओलिंपिक से सात दिन पहले मुझे वायरल था और मैं एंटीबायेटिक ले रही थी, लेकिन डॉक्टरों और फिजियो ने मुझे वहां जाकर अपना शत प्रतिशत देने को कहा। साइना ने इस दौरान कहा कि भारत में सिर्फ क्रिकेट ही छाया है। इस पर युवराज ने कहा, जब साइना खेल रही होती हैं और हम शीषर्क देखते हैं ‘साइना बनाम चाइना’ तो क्रिकेट की लोकप्रियता काफी कम हो जाती है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है।
साइना ने संबंधित लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक विश्व स्तरीय अकादमियां खोलें। उन्होंने कहा, भारतीयों में प्रतिभा है लेकिन हमारे पास काफी विश्व स्तरीय अकादमियां और विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय कोच नहीं हैं। हमें और अधिक अकादमियों और प्रायोजकों की जरूरत है। साइना ने कहा, भारत में 15..16 बरस का होने पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने। मेरे पिता ने मुझसे पूछा और मैंने कहा कि मैं बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती हूं और वह राजी हो गए। टिप्पणियां
ओलिंपिक 2012 के बारे में याद दिलाने पर साइना ने कहा, ओलिंपिक से सात दिन पहले मुझे वायरल था और मैं एंटीबायेटिक ले रही थी, लेकिन डॉक्टरों और फिजियो ने मुझे वहां जाकर अपना शत प्रतिशत देने को कहा। साइना ने इस दौरान कहा कि भारत में सिर्फ क्रिकेट ही छाया है। इस पर युवराज ने कहा, जब साइना खेल रही होती हैं और हम शीषर्क देखते हैं ‘साइना बनाम चाइना’ तो क्रिकेट की लोकप्रियता काफी कम हो जाती है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है।
ओलिंपिक 2012 के बारे में याद दिलाने पर साइना ने कहा, ओलिंपिक से सात दिन पहले मुझे वायरल था और मैं एंटीबायेटिक ले रही थी, लेकिन डॉक्टरों और फिजियो ने मुझे वहां जाकर अपना शत प्रतिशत देने को कहा। साइना ने इस दौरान कहा कि भारत में सिर्फ क्रिकेट ही छाया है। इस पर युवराज ने कहा, जब साइना खेल रही होती हैं और हम शीषर्क देखते हैं ‘साइना बनाम चाइना’ तो क्रिकेट की लोकप्रियता काफी कम हो जाती है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है।
कैंसर के बाद वापसी कर रहे युवराज ने कहा, आप सिर्फ प्रतिस्पर्धा, अपने देश और इसके झंडे के बारे में सोचते हैं। देश के लिए खेलने का जज्बा और गौरव इससे जुड़ा है। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद कर सकता हूं कि साइना को उससे कभी नहीं गुजरना पड़े जिसका पिछले साल मैंने सामना किया। प्रत्येक खेल को साइना जैसे चैम्पियन की जरूरत है। | सारांश: साइना नेहवाल घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबरी हैं, लेकिन लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली इस भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा कि वह अगले महीने चीन में विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स में खेलेंगी। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: SonChiriya Box Office Collection: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) और भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) की फिल्म 'सोनचिड़िया' (Sonchiriya) शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई है. इस फिल्म में दोनों स्टार्स के अलावा दिग्गज कलाकार मनोज वाजपेयी, आशुतोष राणा व रणवीर शौरी भी धमाल मचाने को तैयार हैं. जबरदस्त स्टार कास्ट के साथ डायरेक्टर अभिषेक चौबे ने कहानी में कई ट्विस्ट दिखलाए. फिलहाल फर्स्ट डे कलेक्शन की बात करें तो इस फिल्म को टक्कर देने के लिए कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और कृति सेनन (Kriti Senon) की फिल्म 'लुका छिपी' भी रिलीज हुई है. लेकिन फिर भी डकैतों पर बनी फिल्म 'सोनचिड़िया' में कुछ अलग हटके कहानी देखने को मिलेगी. दर्शकों के बीच इस बात को लेकर काफी एक्साइटमेंट है.
एक अनुमान के अनुसार 'सोनचिड़िया (Sonchiriya)' फिल्म पहले दिन करीब 5 से 7 करोड़ रुपए कमा सकती है. इस फिल्म का ट्रेलर काफी हिट हुआ था. 'सोनचिड़िया (Sonchiriya)' फिल्म की टैगलाइन बहुत ही दिलचस्प हैः बैरी बेईमान, बागी सावधान! फिल्म में मान सिंह गैंग की कहानी दिखाई गई है और मनोज वाजपेयी जोरदार डायलॉग बोलते भी नजर आ रहे हैं. अभिषेक चौबे निर्देशित 'सोन चिड़िया'में धमाकेदार एक्शन की भरमार होगी. फिल्म डकैतों के शानदार गौरव की झलक देखने मिलेगी. मध्यप्रदेश के बीहड़ों में फिल्माई गयी, 'सोनचिड़िया' शानदार कलाका्रों की टोली के साथ एक दिलचस्प कहानी दर्शकों के सामने पेश होगी. जिसका इशारा फिल्म के ट्रेलर से ही मिल जाता है.
'उड़ता पंजाब' और 'इश्किया' जैसी कहानी के साथ दर्शकों का मनोरंजन कर चुके निर्देशक अभिषेक चौबे 'सोनचिड़िया' के साथ चंबल की कहानी पेश करने के लिए तैयार हैं. फिल्म के निर्माता रोनी स्क्रूवाला हैं. 'सोनचिड़िया' से उम्मीद की जा रही है कि डकैतों को लेकर जबरदस्त फिल्म होगी. वैसे भी सुशांत सिंह राजपूत अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए पहचाने जाते हैं तो भूमि पेडनेकर देसी रोल बहुत ही सधे हुए ढंग से करती हैं. | सारांश: 'सोन चिड़िया' हुई रिलीज
सुशांत-भूमि की शानदार जोड़ी
पहले दिन कमा सकती है इतने करोड़ | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के जासूसी कार्यक्रम का भंडाफोड़ करने वाले एडवर्ड स्नोडेन का किसी देश में शरण पाने के प्रयास को झटका लगा है क्योंकि रूस और कई यूरोपीय देशों का कहना है कि विदेश से किए जाने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
रूसी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि स्नोडेन ने उस वक्त अपना आवेदन वापस ले लिया जब उन्हें मास्को की शर्तों के बारे में पता चला।टिप्पणियां
पुतिन ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन जब तक चाहें तब तक उन्हें शरण देने को तैयार है, लेकिन इस दौरान उन्हें अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने का सिलसिला बंद रखना होगा।
इसके साथ ही पुतिन ने कहा था कि स्नोडेन को अमेरिका को सौंपने की उनकी कोई योजना नहीं है।
रूसी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि स्नोडेन ने उस वक्त अपना आवेदन वापस ले लिया जब उन्हें मास्को की शर्तों के बारे में पता चला।टिप्पणियां
पुतिन ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन जब तक चाहें तब तक उन्हें शरण देने को तैयार है, लेकिन इस दौरान उन्हें अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने का सिलसिला बंद रखना होगा।
इसके साथ ही पुतिन ने कहा था कि स्नोडेन को अमेरिका को सौंपने की उनकी कोई योजना नहीं है।
पुतिन ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन जब तक चाहें तब तक उन्हें शरण देने को तैयार है, लेकिन इस दौरान उन्हें अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने का सिलसिला बंद रखना होगा।
इसके साथ ही पुतिन ने कहा था कि स्नोडेन को अमेरिका को सौंपने की उनकी कोई योजना नहीं है।
इसके साथ ही पुतिन ने कहा था कि स्नोडेन को अमेरिका को सौंपने की उनकी कोई योजना नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के जासूसी कार्यक्रम का भंडाफोड़ करने वाले एडवर्ड स्नोडेन का किसी देश में शरण पाने के प्रयास को झटका लगा है क्योंकि रूस और कई यूरोपीय देशों का कहना है कि विदेश से किए जाने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से में एक बस स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए शृंखलाबद्ध कार बम विस्फोटों में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं।
ये विस्फोट कानो प्रांत के एक बस स्टेशन पर हुए। तीन संदिग्ध आत्मघाती हमलावर वोक्सवैगन गोल्फ कार से वहां आए और बसों में टक्कर मार दी।
विस्फोटों के तत्काल बाद सैनिकों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट साबोन गरी इलाके के एक बस स्टेशन पर उस वक्त किए गए जब वहां खड़ी कई बसें यात्रियों को लेकर रवाना होने वाली थीं।टिप्पणियां
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोटों में करीब 25 लोग मारे गए हैं। कानो प्रांत में पुलिस के प्रवक्ता मागाजी माजिया ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या बताने से इनकार कर दिया।
किसी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन यहां इस तरह के हमले कट्टरपंथी संगठन बोको हरम करता है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इस हमले की भर्त्सना की है।
ये विस्फोट कानो प्रांत के एक बस स्टेशन पर हुए। तीन संदिग्ध आत्मघाती हमलावर वोक्सवैगन गोल्फ कार से वहां आए और बसों में टक्कर मार दी।
विस्फोटों के तत्काल बाद सैनिकों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट साबोन गरी इलाके के एक बस स्टेशन पर उस वक्त किए गए जब वहां खड़ी कई बसें यात्रियों को लेकर रवाना होने वाली थीं।टिप्पणियां
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोटों में करीब 25 लोग मारे गए हैं। कानो प्रांत में पुलिस के प्रवक्ता मागाजी माजिया ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या बताने से इनकार कर दिया।
किसी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन यहां इस तरह के हमले कट्टरपंथी संगठन बोको हरम करता है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इस हमले की भर्त्सना की है।
विस्फोटों के तत्काल बाद सैनिकों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट साबोन गरी इलाके के एक बस स्टेशन पर उस वक्त किए गए जब वहां खड़ी कई बसें यात्रियों को लेकर रवाना होने वाली थीं।टिप्पणियां
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोटों में करीब 25 लोग मारे गए हैं। कानो प्रांत में पुलिस के प्रवक्ता मागाजी माजिया ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या बताने से इनकार कर दिया।
किसी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन यहां इस तरह के हमले कट्टरपंथी संगठन बोको हरम करता है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इस हमले की भर्त्सना की है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोटों में करीब 25 लोग मारे गए हैं। कानो प्रांत में पुलिस के प्रवक्ता मागाजी माजिया ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन हताहतों की संख्या बताने से इनकार कर दिया।
किसी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन यहां इस तरह के हमले कट्टरपंथी संगठन बोको हरम करता है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इस हमले की भर्त्सना की है।
किसी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन यहां इस तरह के हमले कट्टरपंथी संगठन बोको हरम करता है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इस हमले की भर्त्सना की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से में एक बस स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए शृंखलाबद्ध कार बम विस्फोटों में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों दूसरे टेस्ट में पारी और 68 रन की शिकस्त के बाद हार के लिए पहले सत्र में बल्लेबाजी क्रम के ढहने और विरोधी कप्तान माइकल क्लार्क के तिहरे शतक को जिम्मेदार ठहराया।
भारतीय टीम पहली पारी में सिर्फ 181 रन पर ढेर हो गई थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 659 रन के विशाल स्कोर पर पारी घोषित की थी। भारत को चौथे दिन पारी और 68 रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा और वह सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। यह हार भारत की विदेशी सरजमीं पर लगातार छठी शिकस्त है।टिप्पणियां
धोनी ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ‘हम पहले दिन पहले सत्र में ही पिछड़ गए थे। कुछ बल्लेबाज अच्छी गेंद पर आउट हुए, जिसके बाद क्लार्क और पोंटिंग ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने शानदार साझेदारी की।’ उन्होंने कहा, ‘यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट था। क्लार्क ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। उसने विकेट की तेजी को भांप लिया और पोंटिंग तथा हसी ने उनका अच्छा साथ निभाया।’
धोनी हालांकि पर्थ में 13 जनवरी से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी को लेकर आशावान हैं। उन्होंने कहा, ‘बेशक हम वहां जीत सकते हैं। हम कितनी भी मुश्किल में हों, हम पर्थ में जीतने की कोशिश करेंगे।’
भारतीय टीम पहली पारी में सिर्फ 181 रन पर ढेर हो गई थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 659 रन के विशाल स्कोर पर पारी घोषित की थी। भारत को चौथे दिन पारी और 68 रन की शिकस्त का सामना करना पड़ा और वह सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। यह हार भारत की विदेशी सरजमीं पर लगातार छठी शिकस्त है।टिप्पणियां
धोनी ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ‘हम पहले दिन पहले सत्र में ही पिछड़ गए थे। कुछ बल्लेबाज अच्छी गेंद पर आउट हुए, जिसके बाद क्लार्क और पोंटिंग ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने शानदार साझेदारी की।’ उन्होंने कहा, ‘यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट था। क्लार्क ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। उसने विकेट की तेजी को भांप लिया और पोंटिंग तथा हसी ने उनका अच्छा साथ निभाया।’
धोनी हालांकि पर्थ में 13 जनवरी से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी को लेकर आशावान हैं। उन्होंने कहा, ‘बेशक हम वहां जीत सकते हैं। हम कितनी भी मुश्किल में हों, हम पर्थ में जीतने की कोशिश करेंगे।’
धोनी ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा, ‘हम पहले दिन पहले सत्र में ही पिछड़ गए थे। कुछ बल्लेबाज अच्छी गेंद पर आउट हुए, जिसके बाद क्लार्क और पोंटिंग ने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने शानदार साझेदारी की।’ उन्होंने कहा, ‘यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट था। क्लार्क ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। उसने विकेट की तेजी को भांप लिया और पोंटिंग तथा हसी ने उनका अच्छा साथ निभाया।’
धोनी हालांकि पर्थ में 13 जनवरी से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी को लेकर आशावान हैं। उन्होंने कहा, ‘बेशक हम वहां जीत सकते हैं। हम कितनी भी मुश्किल में हों, हम पर्थ में जीतने की कोशिश करेंगे।’
धोनी हालांकि पर्थ में 13 जनवरी से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट में वापसी को लेकर आशावान हैं। उन्होंने कहा, ‘बेशक हम वहां जीत सकते हैं। हम कितनी भी मुश्किल में हों, हम पर्थ में जीतने की कोशिश करेंगे।’ | भारतीय कप्तान ने सिडनी टेस्ट में हार के लिए पहले सत्र में बल्लेबाजी क्रम के ढहने और विरोधी कप्तान क्लार्क के तिहरे शतक को जिम्मेदार ठहराया। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने मुस्लिम लेग स्पिनर फवद अहमद का वीबी ब्रांड का बीयर ‘लोगो’ नहीं पहनने का आग्रह मान लिया है।
पाकिस्तान में जन्में अहमद जुलाई में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बने थे, इंग्लैंड के खिलाफ पिछले हफ्ते के टी-20 मैचों में अपने अंतरराष्ट्रीय आगाज के दौरान उनकी शर्ट पर बीयर ब्रांड का लोगो नहीं था।टिप्पणियां
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी परिचालन महाप्रबंधक माइक मैकेना ने कहा कि इस खिलाड़ी ने जून में ब्रिटेन में ऑस्ट्रेलिया ए दौरे के लिए चुने जाने के बाद यह मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, फवद ने अपने धार्मिक विश्वास के कारण बीयर का लोगो पहनने में असहजता जतायी थी। उन्होंने कहा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और कार्लटन यूनाईटेड ब्रेवरीज फवद के व्यक्तिगत विश्वास का सम्मान करते हैं और उन्होंने ब्रांड के लोगो के बिना वाली शर्ट पहनने के आग्राह पर सहमति जता दी है।
पाकिस्तान में जन्में अहमद जुलाई में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बने थे, इंग्लैंड के खिलाफ पिछले हफ्ते के टी-20 मैचों में अपने अंतरराष्ट्रीय आगाज के दौरान उनकी शर्ट पर बीयर ब्रांड का लोगो नहीं था।टिप्पणियां
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी परिचालन महाप्रबंधक माइक मैकेना ने कहा कि इस खिलाड़ी ने जून में ब्रिटेन में ऑस्ट्रेलिया ए दौरे के लिए चुने जाने के बाद यह मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, फवद ने अपने धार्मिक विश्वास के कारण बीयर का लोगो पहनने में असहजता जतायी थी। उन्होंने कहा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और कार्लटन यूनाईटेड ब्रेवरीज फवद के व्यक्तिगत विश्वास का सम्मान करते हैं और उन्होंने ब्रांड के लोगो के बिना वाली शर्ट पहनने के आग्राह पर सहमति जता दी है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कार्यकारी परिचालन महाप्रबंधक माइक मैकेना ने कहा कि इस खिलाड़ी ने जून में ब्रिटेन में ऑस्ट्रेलिया ए दौरे के लिए चुने जाने के बाद यह मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, फवद ने अपने धार्मिक विश्वास के कारण बीयर का लोगो पहनने में असहजता जतायी थी। उन्होंने कहा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और कार्लटन यूनाईटेड ब्रेवरीज फवद के व्यक्तिगत विश्वास का सम्मान करते हैं और उन्होंने ब्रांड के लोगो के बिना वाली शर्ट पहनने के आग्राह पर सहमति जता दी है।
उन्होंने कहा, फवद ने अपने धार्मिक विश्वास के कारण बीयर का लोगो पहनने में असहजता जतायी थी। उन्होंने कहा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और कार्लटन यूनाईटेड ब्रेवरीज फवद के व्यक्तिगत विश्वास का सम्मान करते हैं और उन्होंने ब्रांड के लोगो के बिना वाली शर्ट पहनने के आग्राह पर सहमति जता दी है। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान में जन्में अहमद जुलाई में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बने थे, इंग्लैंड के खिलाफ पिछले हफ्ते के टी-20 मैचों में अपने अंतरराष्ट्रीय आगाज के दौरान उनकी शर्ट पर बीयर ब्रांड का लोगो नहीं था। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस निर्माणाधीन विमानवाहक पोत की लीक हुई तस्वीरों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, कर्नल वू क्विन ने कहा, 'मैं आपको केवल यह बताने के लिए अधिकृत हूं कि स्वदेश में निर्मित पहले विमानवाहक पोत का निर्माण योजना के अनुसार चल रहा है. स्वदेश में निर्मित हमारा यह पहला विमानवाहक पोत न केवल देखने में प्रभावी है बल्कि यह आंतरिक रूप से बेहद मजबूत और शक्तिशाली है.'
इस पोत का निर्माण बीजिंग के पूर्व में स्थित डलियन पोर्ट के ड्राई-डॉक पर किया जा रहा है.
इसे चीन के पहले पोत लियोनिंग की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो मूल रूप से रूस में बनाया गया था. हालांकि सोवियत संघ के विघटन के बाद इसे यूक्रेन स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां से 1998 में चीन ने इसे हासिल किया.
001 ए श्रेणी का यह पोत 24 शेनयांग जे-15 फाइटर्स सहित करीब 36 विमान, रूसी केए-31 हवाई चेतावनी और नियंत्रण हेलीकॉप्टर्स और आठ मल्टी-रोल (बहुुभूमिका वाले) हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना विमानवाहक पोत की दुनिया के सबसे अनुभवी संचालकों में से एक है, लेकिन उसके पास फिलहाल संचालन के योग्य केवल एक ही विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रमादित्य है. इस विमानवाहक पोत को रूस से हासिल किया गया था. भारत के स्वदेश निर्मित पहले विमानवाहक पोत, विक्रांत का निर्माण कोच्चि में 2009 से हो रहा है. हालांकि इसके निर्माण में लगातार देर हो रही है, क्योंकि इसके लिए प्राथमिक रडार सिस्टम और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हासिल की जानी हैं.
चीनी नौसेना की पोत निर्माण प्रक्रिया पर निगाह जमाए भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने NDTV से कुछ समय पहले कहा था कि विमानवाहक पोत के कुशल संचालन के लिए कई वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है. हालांकि जिस गति से चीन पनडुब्बी और विमानवाहक पोत सहित युद्धपोत तैयार कर रहा है, वह निश्चित रूप से 'आंखें खोलने' वाला है.
इस पोत का निर्माण बीजिंग के पूर्व में स्थित डलियन पोर्ट के ड्राई-डॉक पर किया जा रहा है.
इसे चीन के पहले पोत लियोनिंग की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो मूल रूप से रूस में बनाया गया था. हालांकि सोवियत संघ के विघटन के बाद इसे यूक्रेन स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां से 1998 में चीन ने इसे हासिल किया.
001 ए श्रेणी का यह पोत 24 शेनयांग जे-15 फाइटर्स सहित करीब 36 विमान, रूसी केए-31 हवाई चेतावनी और नियंत्रण हेलीकॉप्टर्स और आठ मल्टी-रोल (बहुुभूमिका वाले) हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना विमानवाहक पोत की दुनिया के सबसे अनुभवी संचालकों में से एक है, लेकिन उसके पास फिलहाल संचालन के योग्य केवल एक ही विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रमादित्य है. इस विमानवाहक पोत को रूस से हासिल किया गया था. भारत के स्वदेश निर्मित पहले विमानवाहक पोत, विक्रांत का निर्माण कोच्चि में 2009 से हो रहा है. हालांकि इसके निर्माण में लगातार देर हो रही है, क्योंकि इसके लिए प्राथमिक रडार सिस्टम और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हासिल की जानी हैं.
चीनी नौसेना की पोत निर्माण प्रक्रिया पर निगाह जमाए भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने NDTV से कुछ समय पहले कहा था कि विमानवाहक पोत के कुशल संचालन के लिए कई वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है. हालांकि जिस गति से चीन पनडुब्बी और विमानवाहक पोत सहित युद्धपोत तैयार कर रहा है, वह निश्चित रूप से 'आंखें खोलने' वाला है.
001 ए श्रेणी का यह पोत 24 शेनयांग जे-15 फाइटर्स सहित करीब 36 विमान, रूसी केए-31 हवाई चेतावनी और नियंत्रण हेलीकॉप्टर्स और आठ मल्टी-रोल (बहुुभूमिका वाले) हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना विमानवाहक पोत की दुनिया के सबसे अनुभवी संचालकों में से एक है, लेकिन उसके पास फिलहाल संचालन के योग्य केवल एक ही विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रमादित्य है. इस विमानवाहक पोत को रूस से हासिल किया गया था. भारत के स्वदेश निर्मित पहले विमानवाहक पोत, विक्रांत का निर्माण कोच्चि में 2009 से हो रहा है. हालांकि इसके निर्माण में लगातार देर हो रही है, क्योंकि इसके लिए प्राथमिक रडार सिस्टम और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हासिल की जानी हैं.
चीनी नौसेना की पोत निर्माण प्रक्रिया पर निगाह जमाए भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने NDTV से कुछ समय पहले कहा था कि विमानवाहक पोत के कुशल संचालन के लिए कई वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है. हालांकि जिस गति से चीन पनडुब्बी और विमानवाहक पोत सहित युद्धपोत तैयार कर रहा है, वह निश्चित रूप से 'आंखें खोलने' वाला है.
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना विमानवाहक पोत की दुनिया के सबसे अनुभवी संचालकों में से एक है, लेकिन उसके पास फिलहाल संचालन के योग्य केवल एक ही विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रमादित्य है. इस विमानवाहक पोत को रूस से हासिल किया गया था. भारत के स्वदेश निर्मित पहले विमानवाहक पोत, विक्रांत का निर्माण कोच्चि में 2009 से हो रहा है. हालांकि इसके निर्माण में लगातार देर हो रही है, क्योंकि इसके लिए प्राथमिक रडार सिस्टम और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हासिल की जानी हैं.
चीनी नौसेना की पोत निर्माण प्रक्रिया पर निगाह जमाए भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने NDTV से कुछ समय पहले कहा था कि विमानवाहक पोत के कुशल संचालन के लिए कई वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है. हालांकि जिस गति से चीन पनडुब्बी और विमानवाहक पोत सहित युद्धपोत तैयार कर रहा है, वह निश्चित रूप से 'आंखें खोलने' वाला है.
चीनी नौसेना की पोत निर्माण प्रक्रिया पर निगाह जमाए भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने NDTV से कुछ समय पहले कहा था कि विमानवाहक पोत के कुशल संचालन के लिए कई वर्षों के अनुभव की आवश्यकता होती है. हालांकि जिस गति से चीन पनडुब्बी और विमानवाहक पोत सहित युद्धपोत तैयार कर रहा है, वह निश्चित रूप से 'आंखें खोलने' वाला है. | यहाँ एक सारांश है:अगले वर्ष समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा जा सकता है
सिर्फ पोत के सुपरस्ट्रक्चर को स्थापित किया जाना है बाकी
लड़ाकू जेट विमानों और हेलीकॉप्टर का ठिकाना होगा यह पोत | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका डेंगू के अब तक के सबसे भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है जहां इस साल मच्छरजनित इस रोग से 225 लोगों की मौत हो चुकी है और 76,000 से अधिक लोग बीमार हुए हैं.
स्थिति के मद्देनजर सरकार ने कूड़े-कचरे को हटाने, गंदे तालाबों तथा मच्छर प्रजनन के अन्य संभावित स्थानों की सफाई के लिए 400 सैनिक और पुलिस अधिकारी तैनात किए हैं.टिप्पणियां
कोलंबो के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूवन विजयमुनि ने कहा कि पिछले महीने हुई भारी मानसूनी बारिश के बाद जमा गंदगी की सफाई करने में लोगों की विफलता की वजह से समस्या बढ़ी है.
उन्होंने कहा, यह दुखद है कि लोग अपने वातावरण को साफ नहीं रखते. कुछ लोग अपने घरों में निरीक्षण एवं सफाई के लिए अधिकारियों तक को घुसने नहीं देते. वास्तव में यह अस्वीकार्य है.
स्थिति के मद्देनजर सरकार ने कूड़े-कचरे को हटाने, गंदे तालाबों तथा मच्छर प्रजनन के अन्य संभावित स्थानों की सफाई के लिए 400 सैनिक और पुलिस अधिकारी तैनात किए हैं.टिप्पणियां
कोलंबो के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूवन विजयमुनि ने कहा कि पिछले महीने हुई भारी मानसूनी बारिश के बाद जमा गंदगी की सफाई करने में लोगों की विफलता की वजह से समस्या बढ़ी है.
उन्होंने कहा, यह दुखद है कि लोग अपने वातावरण को साफ नहीं रखते. कुछ लोग अपने घरों में निरीक्षण एवं सफाई के लिए अधिकारियों तक को घुसने नहीं देते. वास्तव में यह अस्वीकार्य है.
कोलंबो के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूवन विजयमुनि ने कहा कि पिछले महीने हुई भारी मानसूनी बारिश के बाद जमा गंदगी की सफाई करने में लोगों की विफलता की वजह से समस्या बढ़ी है.
उन्होंने कहा, यह दुखद है कि लोग अपने वातावरण को साफ नहीं रखते. कुछ लोग अपने घरों में निरीक्षण एवं सफाई के लिए अधिकारियों तक को घुसने नहीं देते. वास्तव में यह अस्वीकार्य है.
उन्होंने कहा, यह दुखद है कि लोग अपने वातावरण को साफ नहीं रखते. कुछ लोग अपने घरों में निरीक्षण एवं सफाई के लिए अधिकारियों तक को घुसने नहीं देते. वास्तव में यह अस्वीकार्य है. | श्रीलंका डेंगू के अब तक के सबसे भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है
76,000 से अधिक लोग बीमार हुए हैं
सफाई के लिए 400 सैनिक और पुलिस अधिकारी तैनात किए हैं | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल का दीदार करने के लिए सैलानियों को टिकट के लिए एक अच्छी कीमत चुकानी होती है. लेकिन अब जल्द ही ऐसा मौका आ रहा है, जब आप दुनिया के सबसे नायाब मकबरे में बिल्कुल फ्री एंट्री ले पाएंगे. दरअसल 12 अगस्त को ईद-उल-जुहा के चलते ताजमहल में नमाज के लिए फ्री में एंट्री मिलेगी. हालांकि यह एंट्री सिर्फ 3 घंटे के लिए ही मिलेगी. लेकिन खास बात ये है कि इस सुविधा का लाभ न सिर्फ नमाजी बल्कि देश-विदेश के पर्यटक भी उठा सकेंगे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने यह निर्णय लिया है.
पुरातत्वविद् बसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ईद-उल-जुहा 12 अगस्त को है और ताजमहल में नमाज के लिए इस दिन तीन घण्टे प्रवेश नि:शुल्क रहेगा. स्वर्णकार ने बताया कि यह अवधि सुबह सात से दस बजे तक रहेगी और इस दौरान सैलानी भी मुफ्त प्रवेश पा सकेंगे. उन्होंने बताया कि सुबह सात से दस बजे तक ताजमहल की पूर्वी एवं पश्चिमी गेट स्थित खिड़कियां बंद रहेंगी. | संक्षिप्त सारांश: 12 अगस्त को मिलेगा नि:शुल्क प्रवेश
ईद-उल-जुहा के चलते लिया गया फैसला
भारतीयों के लिए टिकट की कीमत है 50 रुपये | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अल-कायदा से जुड़े हक्कानी नेटवर्क के एक प्रमुख कमांडर बदरूद्दीन हक्कानी और शीर्ष पाकिस्तानी तालिबान कमांडर मुल्ला दादुल्ला की अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाके में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई।
अफगान कबीलाई नेता जलालुद्दीन हक्कानी का बेटा बदरूद्दीन हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख और अपने भाई सिराजुद्दीन के बाद दूसरे नंबर पर माना जाता है। बदरूद्दीन के बारे में कहा जा रहा है कि वह पाकिस्तान के तालिबान नियंत्रित कबायली एजेंसी में 18 अगस्त से किए गए पांच ड्रोन हमलों में से किसी एक में मारा गया। उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले शावल घाटी में चार मिसाइल हमले किए गए।टिप्पणियां
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि वह संभवत: 21 अगस्त को मिरानशाह के नजदीक हमले में मारा गया। इन लगातार हमलों के बाद इस्लामाबाद में हाल के दिनों में सबसे कड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ और विदेश मंत्रालय ने एक अमेरिकी राजनयिक को समन किया गया और हमलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
बदरूद्दीन करीब 30 साल का था और मिरानशाह शूरा परिषद का सदस्य था। मिरानशाह शूरा परिषद अफगानिस्तान तालिबान के चार क्षेत्रीय कमांड में से एक है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकवादियों के सभी क्रियाकलापों को नियंत्रित करता है।
अफगान कबीलाई नेता जलालुद्दीन हक्कानी का बेटा बदरूद्दीन हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख और अपने भाई सिराजुद्दीन के बाद दूसरे नंबर पर माना जाता है। बदरूद्दीन के बारे में कहा जा रहा है कि वह पाकिस्तान के तालिबान नियंत्रित कबायली एजेंसी में 18 अगस्त से किए गए पांच ड्रोन हमलों में से किसी एक में मारा गया। उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले शावल घाटी में चार मिसाइल हमले किए गए।टिप्पणियां
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि वह संभवत: 21 अगस्त को मिरानशाह के नजदीक हमले में मारा गया। इन लगातार हमलों के बाद इस्लामाबाद में हाल के दिनों में सबसे कड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ और विदेश मंत्रालय ने एक अमेरिकी राजनयिक को समन किया गया और हमलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
बदरूद्दीन करीब 30 साल का था और मिरानशाह शूरा परिषद का सदस्य था। मिरानशाह शूरा परिषद अफगानिस्तान तालिबान के चार क्षेत्रीय कमांड में से एक है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकवादियों के सभी क्रियाकलापों को नियंत्रित करता है।
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि वह संभवत: 21 अगस्त को मिरानशाह के नजदीक हमले में मारा गया। इन लगातार हमलों के बाद इस्लामाबाद में हाल के दिनों में सबसे कड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ और विदेश मंत्रालय ने एक अमेरिकी राजनयिक को समन किया गया और हमलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
बदरूद्दीन करीब 30 साल का था और मिरानशाह शूरा परिषद का सदस्य था। मिरानशाह शूरा परिषद अफगानिस्तान तालिबान के चार क्षेत्रीय कमांड में से एक है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकवादियों के सभी क्रियाकलापों को नियंत्रित करता है।
बदरूद्दीन करीब 30 साल का था और मिरानशाह शूरा परिषद का सदस्य था। मिरानशाह शूरा परिषद अफगानिस्तान तालिबान के चार क्षेत्रीय कमांड में से एक है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकवादियों के सभी क्रियाकलापों को नियंत्रित करता है। | यहाँ एक सारांश है:हक्कानी नेटवर्क के एक प्रमुख कमांडर बदरूद्दीन हक्कानी और शीर्ष पाकिस्तानी तालिबान कमांडर मुल्ला दादुल्ला की अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाके में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आवासीय भूखंड हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाने के आरोपों से घिरे कर्नाटक के मंत्री एस सुरेश कुमार ने इस्तीफा देने के अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है, हालांकि भाजपा के शीर्ष नेता उनपर इस्तीफा वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं।टिप्पणियां
शनिवार को इस्तीफा देने वाले कुमार ने कहा, ‘कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री का पद छोड़ने के फैसले से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।’
राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने उनसे संपर्क करके अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। कुमार ने समर्थन के लिए इन नेताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मेरे इस्तीफे के बाद मेरा समर्थन किया।’
शनिवार को इस्तीफा देने वाले कुमार ने कहा, ‘कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री का पद छोड़ने के फैसले से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।’
राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने उनसे संपर्क करके अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। कुमार ने समर्थन के लिए इन नेताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मेरे इस्तीफे के बाद मेरा समर्थन किया।’
राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं ने उनसे संपर्क करके अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया। कुमार ने समर्थन के लिए इन नेताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मेरे इस्तीफे के बाद मेरा समर्थन किया।’ | यहाँ एक सारांश है:आवासीय भूखंड हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाने के आरोपों से घिरे कर्नाटक के मंत्री एस सुरेश कुमार ने इस्तीफा देने के अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है, हालांकि भाजपा के शीर्ष नेता उनपर इस्तीफा वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले साल 13 जुलाई को मुंबई में हुए सीरियल धमाकों में चार्जशीट दायर कर दी गई है। मकोका कोर्ट में दायर महाराष्ट्र एटीएस की यह चार्जशीट साढ़े चार हजार पन्नों से ज्यादा की है। इसमें चार आरोपी नकी अहमद, नदीम अख्तर, कंवर पथरीजा और हारुन रशीद नाइक के नाम हैं।
धमाकों के मास्टरमाइंड माने जा रहे यासीन भटकल और दो पाक आरोपियों को चार्जशीट में वांटेड बताया गया है। नकी और नदीम अख्तर दोनों ही बिहार के दरभंगा जिले के हैं। उन पर उस स्कूटर को चुराने का आरोप है जिस पर झावेरी बाजार में बम प्लांट किया गया था।टिप्पणियां
आरोप है कि यासीन भटकल ने नकी को मुंबई धमाकों में मदद के लिए डेढ़ लाख रुपये दिये थे। इतना ही नहीं नकी पर यासीन को मुंबई में पनाह दिलाने का आरोप भी है। चार्जशीट के मुताबिक हारुन 137 धमाकों की साजिश रचने वालों में से एक हैं।
एटीएस की मानें तो नदीम अख्तर धमाकों की साजिश पर कबूलनामा दे चुका है। झावेरी बाजार, ऑपेरा हाउस और दादर में हुए धमाकों में 27 लोगों की मौत हुई थी जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
धमाकों के मास्टरमाइंड माने जा रहे यासीन भटकल और दो पाक आरोपियों को चार्जशीट में वांटेड बताया गया है। नकी और नदीम अख्तर दोनों ही बिहार के दरभंगा जिले के हैं। उन पर उस स्कूटर को चुराने का आरोप है जिस पर झावेरी बाजार में बम प्लांट किया गया था।टिप्पणियां
आरोप है कि यासीन भटकल ने नकी को मुंबई धमाकों में मदद के लिए डेढ़ लाख रुपये दिये थे। इतना ही नहीं नकी पर यासीन को मुंबई में पनाह दिलाने का आरोप भी है। चार्जशीट के मुताबिक हारुन 137 धमाकों की साजिश रचने वालों में से एक हैं।
एटीएस की मानें तो नदीम अख्तर धमाकों की साजिश पर कबूलनामा दे चुका है। झावेरी बाजार, ऑपेरा हाउस और दादर में हुए धमाकों में 27 लोगों की मौत हुई थी जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
आरोप है कि यासीन भटकल ने नकी को मुंबई धमाकों में मदद के लिए डेढ़ लाख रुपये दिये थे। इतना ही नहीं नकी पर यासीन को मुंबई में पनाह दिलाने का आरोप भी है। चार्जशीट के मुताबिक हारुन 137 धमाकों की साजिश रचने वालों में से एक हैं।
एटीएस की मानें तो नदीम अख्तर धमाकों की साजिश पर कबूलनामा दे चुका है। झावेरी बाजार, ऑपेरा हाउस और दादर में हुए धमाकों में 27 लोगों की मौत हुई थी जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
एटीएस की मानें तो नदीम अख्तर धमाकों की साजिश पर कबूलनामा दे चुका है। झावेरी बाजार, ऑपेरा हाउस और दादर में हुए धमाकों में 27 लोगों की मौत हुई थी जबकि 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मकोका कोर्ट में दायर महाराष्ट्र एटीएस की यह चार्जशीट साढ़े चार हजार पन्नों से ज्यादा की है। इसमें चार आरोपी नकी अहमद, नदीम अख्तर, कंवर पथरीजा और हारुन रशीद नाइक के नाम हैं। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता से सीधी बात करने के लिए एक जनता दरबार की शुरुआत की है। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5−कालीदास मार्ग पर ही शुरू हो गया है।
इस दरबार में अलग−अलग ज़िलों से सैंकड़ों लोग अपनी फ़रियाद लेकर पहुंचते हैं। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री आवास पर हर बुधवार को लगा करेगा। इसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे। यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान सपा ने यह वादा किया था कि वह जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू करेंगे। इससे पहले मुलायम सिंह जब मुख्यमंत्री थे तब भी जनता दरबार लगा करता थे लेकिन मायावती के शासन काल में इसे बंद कर दिया गया।
इस दरबार में अलग−अलग ज़िलों से सैंकड़ों लोग अपनी फ़रियाद लेकर पहुंचते हैं। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री आवास पर हर बुधवार को लगा करेगा। इसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे। यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान सपा ने यह वादा किया था कि वह जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू करेंगे। इससे पहले मुलायम सिंह जब मुख्यमंत्री थे तब भी जनता दरबार लगा करता थे लेकिन मायावती के शासन काल में इसे बंद कर दिया गया। | सारांश: इस दरबार में अलग−अलग ज़िलों से सैंकड़ों लोग अपनी फ़रियाद लेकर पहुंचते हैं। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री आवास पर हर बुधवार को लगा करेगा। इसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने गुरुवार को कहा कि वह मनी लांडरिंग एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण को लेकर एचएसबीसी के स्टाफ द्वारा सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के मामले की तह तक जाएगा।
भारत ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी सीनेट की स्थायी उप समिति द्वारा की गई जांच के बारे में अमेरिका से और जानकारी मांगेगा। इस उप समिति का कहना है कि एचएसबीसी के ‘एंटी मनी लांडरिंग कंप्लायंस’ विभाग में अपर्याप्त स्टाफ है। इस विभाग में भारत के एचएसबीसी कर्मचारी शामिल हैं।टिप्पणियां
गृह सचिव आर के सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह मामला काफी गंभीर है और हम इसकी तह तक जाएंगे। हमें अमेरिकियों से कुछ और सूचना चाहिए। हमें सूचना जल्द मिल जाएगी।’’ सिंह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें कहा गया है कि बैंक द्वारा मनी लांडरिंग एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण को लेकर बनाये गये सुरक्षा तंत्र के पालन के मामले में एचएसबीसी का भारतीय स्टाफ अपनी भूमिका में दोष को लेकर जांच के दायरे में हैं।
उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमने वित्तीय खुफिया इकाई बनायी है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी अपनी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए रोजाना नये नये तरीके अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें पकड़ने के लिए नई रणनीतियां बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई वित्तीय संस्थान वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स के अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को नहीं मानता तो इससे पूरी दुनिया के लिए असुरक्षा पैदा होती है।
भारत ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी सीनेट की स्थायी उप समिति द्वारा की गई जांच के बारे में अमेरिका से और जानकारी मांगेगा। इस उप समिति का कहना है कि एचएसबीसी के ‘एंटी मनी लांडरिंग कंप्लायंस’ विभाग में अपर्याप्त स्टाफ है। इस विभाग में भारत के एचएसबीसी कर्मचारी शामिल हैं।टिप्पणियां
गृह सचिव आर के सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह मामला काफी गंभीर है और हम इसकी तह तक जाएंगे। हमें अमेरिकियों से कुछ और सूचना चाहिए। हमें सूचना जल्द मिल जाएगी।’’ सिंह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें कहा गया है कि बैंक द्वारा मनी लांडरिंग एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण को लेकर बनाये गये सुरक्षा तंत्र के पालन के मामले में एचएसबीसी का भारतीय स्टाफ अपनी भूमिका में दोष को लेकर जांच के दायरे में हैं।
उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमने वित्तीय खुफिया इकाई बनायी है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी अपनी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए रोजाना नये नये तरीके अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें पकड़ने के लिए नई रणनीतियां बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई वित्तीय संस्थान वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स के अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को नहीं मानता तो इससे पूरी दुनिया के लिए असुरक्षा पैदा होती है।
गृह सचिव आर के सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह मामला काफी गंभीर है और हम इसकी तह तक जाएंगे। हमें अमेरिकियों से कुछ और सूचना चाहिए। हमें सूचना जल्द मिल जाएगी।’’ सिंह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें कहा गया है कि बैंक द्वारा मनी लांडरिंग एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण को लेकर बनाये गये सुरक्षा तंत्र के पालन के मामले में एचएसबीसी का भारतीय स्टाफ अपनी भूमिका में दोष को लेकर जांच के दायरे में हैं।
उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमने वित्तीय खुफिया इकाई बनायी है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी अपनी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए रोजाना नये नये तरीके अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें पकड़ने के लिए नई रणनीतियां बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई वित्तीय संस्थान वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स के अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को नहीं मानता तो इससे पूरी दुनिया के लिए असुरक्षा पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमने वित्तीय खुफिया इकाई बनायी है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी अपनी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए रोजाना नये नये तरीके अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें पकड़ने के लिए नई रणनीतियां बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई वित्तीय संस्थान वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स के अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों को नहीं मानता तो इससे पूरी दुनिया के लिए असुरक्षा पैदा होती है। | यह एक सारांश है: भारत ने गुरुवार को कहा कि वह मनी लांडरिंग एवं आतंकवादियों के वित्तपोषण को लेकर एचएसबीसी के स्टाफ द्वारा सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के मामले की तह तक जाएगा। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया के इदलिब शहर में सुरक्षा इमारतों को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर राजधानी दमिश्क से भी विस्फोट की खबर है।
संयुक्त राष्ट्र निगरानी मिशन के प्रमुख के यहां पहुंचने के एक दिन बाद यह हिंसा हुई है। इसे संयुक्त राष्ट्र समर्थित संघर्ष विराम को झटका माना जा रहा है। इससे जुड़ा समझौता पर 12 अप्रैल को प्रभावी हुआ था।टिप्पणियां
सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि इदलिब में विस्फोट में मारे गए ज्यादातर लोग सुरक्षा बलों के सदस्य थे।
सरकारी चैनल ने मरने वालों की संख्या आठ बताई है और कहा है कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इदलिब के हनानू चौक पर विस्फोट हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र निगरानी मिशन के प्रमुख के यहां पहुंचने के एक दिन बाद यह हिंसा हुई है। इसे संयुक्त राष्ट्र समर्थित संघर्ष विराम को झटका माना जा रहा है। इससे जुड़ा समझौता पर 12 अप्रैल को प्रभावी हुआ था।टिप्पणियां
सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि इदलिब में विस्फोट में मारे गए ज्यादातर लोग सुरक्षा बलों के सदस्य थे।
सरकारी चैनल ने मरने वालों की संख्या आठ बताई है और कहा है कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इदलिब के हनानू चौक पर विस्फोट हुआ है।
सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि इदलिब में विस्फोट में मारे गए ज्यादातर लोग सुरक्षा बलों के सदस्य थे।
सरकारी चैनल ने मरने वालों की संख्या आठ बताई है और कहा है कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इदलिब के हनानू चौक पर विस्फोट हुआ है।
सरकारी चैनल ने मरने वालों की संख्या आठ बताई है और कहा है कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इदलिब के हनानू चौक पर विस्फोट हुआ है। | यह एक सारांश है: सीरिया के इदलिब शहर में सुरक्षा इमारतों को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर राजधानी दमिश्क से भी विस्फोट की खबर है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर पाकिस्तान में अर्धसैनिक बलों की वर्दी में आतंकवादियों ने एक पर्वतारोहण आधार शिविर पर हमला करके 10 विदेशी पर्यटकों और एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या कर दी।
विदेशियों पर इस अप्रत्याशित हमले से हाल ही में सत्ता संभालने वाली पीएमएल एन सरकार के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसने आतंकवादियों से वार्ता की पेशकश की थी।टिप्पणियां
अधिकारियों ने बताया कि हमला देर रात हुआ, लेकिन सुरक्षाबलों को सुबह ही हादसे के बारे में सूचना मिली।
पाकिस्तान और भारत के बीच विवादास्पद क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान में इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या एवं उनकी राष्ट्रीयता को लेकर भ्रम बना रहा।
विदेशियों पर इस अप्रत्याशित हमले से हाल ही में सत्ता संभालने वाली पीएमएल एन सरकार के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसने आतंकवादियों से वार्ता की पेशकश की थी।टिप्पणियां
अधिकारियों ने बताया कि हमला देर रात हुआ, लेकिन सुरक्षाबलों को सुबह ही हादसे के बारे में सूचना मिली।
पाकिस्तान और भारत के बीच विवादास्पद क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान में इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या एवं उनकी राष्ट्रीयता को लेकर भ्रम बना रहा।
अधिकारियों ने बताया कि हमला देर रात हुआ, लेकिन सुरक्षाबलों को सुबह ही हादसे के बारे में सूचना मिली।
पाकिस्तान और भारत के बीच विवादास्पद क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान में इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या एवं उनकी राष्ट्रीयता को लेकर भ्रम बना रहा।
पाकिस्तान और भारत के बीच विवादास्पद क्षेत्र गिलगिट-बाल्टिस्तान में इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या एवं उनकी राष्ट्रीयता को लेकर भ्रम बना रहा। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर पाकिस्तान में अर्धसैनिक बलों की वर्दी में आतंकवादियों ने एक पर्वतारोहण आधार शिविर पर हमला करके 10 विदेशी पर्यटकों और एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या कर दी। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के सबसे प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-रुड़की में दाखिला पाना छात्रों का सपना होता है, मगर इस साल अभिस्नातक की 18 सीटें खाली रह गई हैं. यह पढ़कर आपको अचरज हो सकता है, मगर सच यही है. सूचना के अधिकार के तहत यह खुलासा हुआ है. मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने सूचना के अधिकार के जरिए आईआईटी-रुड़की जो कि इस बार की जेईई (एडवांस) परीक्षा की आयोजनकर्ता संस्था भी रही है, उससे यह जानकारी मांगी थी. उन्होंने जानना चाहा था कि, देशभर के विविध आईआईटी सस्थानों में वर्ष 2019 की काउंसलिंग प्रक्रिया (प्रवेश प्रक्रिया) पूरी होने के बाद किस आईआईटी में कुल कितनी सीटें खाली पड़ी है एवं इन सीटों को भरने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं.
गौड़ को सूचना के अधिकार के आवेदन के जवाब में केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने कहा कि, मांगी गई जानकारी जेईई एडवांस, रुड़की के दफ्तर में उपलब्ध नहीं है. यह जानकारी अलग-अलग संस्थान से हासिल की जा सकती है और इस आवेदन को आईआईटी-रुड़की के एकेडमिक अफेयर्स ऑफिस को अग्रेषित कर दी थी. आईआईटी रुड़की के एकेडमिक अफेयर्स ऑफिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि 20 जुलाई, 2019 के स्थान पर बढ़ाकर 31 जुलाई 2019 करने के बावजूद वर्ष 2019 में अभिस्नातक कार्यक्रम में कुल 18 सीटें रिक्त रह गई है.
यह बताना लाजिमी होगा कि, यह तो सिर्फ अकेले आईआईटी-रुड़की में ही खाली रह गई सीटों के आंकड़ें हैं, जबकि देशभर में कुल आईआईटी की संख्या 23 हैं, उनमें कितनी सीटें खाली रही होंगी, इसका ब्यौरा अभी तक सामने नहीं आया है. आईआईटी-रुड़की का महत्व इस बात से ही आंका जा सकता है कि हाल ही में इसके कुछ छात्रों को 60 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की नौकरी के सालाना पैकेज (अधिकतम) के प्रस्ताव मिले, जो सुर्खियों में हैं. गौड़ को ही पूर्व में एक आरटीआई आवेदन पर वर्ष 2017-18 की परीक्षा आयोजनकर्ता संस्था आईआईटी-मद्रास (चेन्नई) ने शैक्षणिक सत्र 2017-18 की संस्थान वार जानकारी देते हुए बताया था कि उस वर्ष विविध आईआईटी संस्थानों में कुल 119 सीटें खाली रह गई थीं.
गौड़ का कहना है, "इन प्रीमियर संस्थानों में प्रवेश पाना एक उम्मीदवार का सपना होता है. इसके लिए वह कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरता है एवं वहां पर भी इतनी सीटें खाली रह जाना चिंताजनक एवं परेशान करने वाला तो है ही, इसके साथ ही यह योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय एवं संसाधनों की बर्बादी भी है, क्योंकि यह सीटें पूरे चार साल तक खाली रहेंगी. इसलिए बेहतर होगा कि इन खाली पड़ी सीटों पर फिर से सप्लीमेंटरी काउंसलिंग कर इन्हें पात्र उम्मीदवारों से भरा जाए. यह उम्मीदवार एवं संस्थान दोनों के हित में होगा."
सूचना के अधिकार के तहत आईआईटी-रुड़की में सीटें खाली रह जाने का खुलासा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अगस्त में किए गए उस दावे पर सवाल खड़े कर रहा है, जिसमें कहा गया था कि, इस बार देश के सभी मौजूद 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की सभी सीटें पहली बार भर गई हैं. तब बताया गया था कि सभी आईआईटी के सक्रिय सहयोग और आईआईटी-रुड़की के समन्वयन से सभी आईआईटी में अंडरग्रेजुएट पाठयक्रमों की सभी 13,604 सीटें भर गई हैं
एचआरडी सचिव ने ट्वीट किया था, "इस वर्ष आईआईटी में 13,604 प्रवेश और कोई सीट खाली नहीं -एमएचआरडी में हमारे लिए एक महान कदम, जिसे सभी आईआईटी के सहयोग और आईआईटी रुड़की के समन्वयन से हासिल किया गया." अब आईआईटी-रुड़की में 18 सीटें खाली होने का खुलासा हुआ है, जो सवाल खड़े करने वाला है. सीटों का खाली रह जाना काबिल बच्चों के सपनों को तोड़ने वाला तो है ही, साथ ही प्रक्रिया को भी सवालों के घेरे में लाने वाला है. | संक्षिप्त पाठ: IIT रुड़की में इस साल 18 सीटें खाली रह गई हैं.
इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है.
देशभर में कुल आईआईटी की संख्या 23 हैं. | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इमरान खान के इस ऐलान से महज घंटे भर पहले विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि पाक प्रधानमंत्री भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव दूर करने के लिए भारतीय PM नरेंद्र मोदी से बातचीत करने को तैयार हैं. बता दें कि आज भारत ने पाकिस्तान को यह साफ कर दिया था कि विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी को लेकर कोई डील नहीं होगी.
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा था कि यदि भारतीय वायुसेना के पायलट की वापसी से भारत के साथ तनाव 'कम' होता है तो पाकिस्तान इस पर विचार करने को तैयार है. नियंत्रण रेखा के पास भारत और पाकिस्तान की वायु सेनाओं के बीच भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने भारतीय विंग कमांडर को उस समय हिरासत में ले लिया था जब उनका मिग 21 लड़ाकू विमान गिर गया था. इसके एक दिन बाद पाकिस्तान का यह बयान आया है. उधर, भारत और पाकिस्तान के बीच कायम तनातनी के बीच पाक की कैद में भारतीय पायलट के मामले में भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें पायलट की तुरंत वापसी चाहिए.
विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान रिहा करेगा.
बता दें कि पाकिस्तान की ओर से बातचीत की पेशकश पर भरत की ओर से यह कहा गया था कि पाकिस्तान पहले कार्रवाई करे और पुख्ता सबूत पेश करे तभी बातचीत की कोई गुंजाइश बन सकती है. इन सब के बीच यह भी खबर आई कि पाकिस्तान के 24 लड़ाकू विमान भारत की सीमा में 10 किलोमीटर अंदर तक दाखिल हो गए थे जिन्हें भारतीय वायुसेना के 8 विमानों ने खदेड़ दिया.
27 फरवरी को भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ जवाबी कार्रवाई को लेकर खबरें जोरों पर रहीं. पाकिस्तान ने एलओसी इलाके में अपने लड़ाकू विमान से घुसपैठ की कोशिश की जिसे भारतीय वायु सेना ने नाकाम कर दिया. पाकिस्तानी विमान का मलबा पाक अधिकृत कश्मीर में मिला. इस दौरान भारतीय वायुसेना को एक मिग विमान का नुकसान हो गया. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा एक पायलट लापता है. बाद में उसके पाकिस्तान में बंधक बनाए जाने की सूचना मिली. भरत ने पाकिस्तान के अधिकारियों को तलब किया और पाकिस्तान में कैद पायलट को सुरक्षित वापस करने को कहा.
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के साथ फिर से बातचीत का राग अलापा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि जंग हुई तो यह किसी के काबू में नहीं रहेगी. इमरान खान ने कहा कि हम भारत को बातचीत के लिए आमंत्रित करते हैं.
27 फरवरी की शाम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना प्रमुखों के साथ तकरीबन एक घंटे बात की. साथ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी उपस्थित थे. इससे पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हुए एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. भारत ने इसके अगले दिन ही सेना को खुली छूट देने की बात कही थी और पाकिस्तान से 'मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN)' दर्जा वापस ले लिया था. इसके बाद घाटी में हुए सर्च ऑपरेशन में जैश के कई आतंकवादी मारे गए थे. 26 फरवरी की रात में वायु सेना ने अपनी असैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को ध्वस्त कर दिया था. भारत की इस कार्रवाई का पूरी दुनिया ने समर्थन किया. | यहाँ एक सारांश है:भारतीय पायलट अभिनंदन कल होंगे रिहा
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने की घोषणा
शांति के कदम के तौर पर उठाया गया कदम | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रकाश अम्बेडकर ने यह भी कहा कि कार्यवाहक सरकार बन सकती है लेकिन राष्ट्रपति शासन लगने के बाद. क्या यही सरकार आगे कार्यवाहक के तौर पर काम कर सकती है? प्रकाश अम्बेडकर का कहना है कि हां, छह महीने तक काम कर सकती है.
दूसरी तरफ महाराष्ट्र में बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच सरकार के गठन को लेकर अभी भी तनाव चल रहा है. बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar) और चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) गुरुवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) से मिले. राज्यपाल से मिलने के बाद महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि सरकार बनाने में जो देरी हो रही है उसके बारे में राज्यपाल को जानकारी दी और क़ानूनी प्रावधानों पर बात की. महाराष्ट्र में सरकार गठन की डेडलाइन खत्म होने में अब 48 घंटे से भी कम वक्त बचा है.
वहीं मातोश्री पर शिवसेना विधायकों की अहम बैठक हुई. ख़बर ये भी है कि शिवसेना अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें इस बैठक के बाद किसी होटल में ले गई है. उधर बीजेपी द्वारा 182 विधायकों के समर्थन का दावा करने की खबरों के बाद शिवसेना ने गुरुवार को अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए जरूरी कदम उठाए. सामना के एक संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि विधायकों को बैग भरकर पैसे दिए जाने के प्रस्ताव मिल रहे हैं. | संक्षिप्त पाठ: 3-4 सदस्यों का शपथ दिलाकर संवैधानिक संकट से बचा जा सकता है
अगर ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रपति शासन लगाने के अलावा कोई चारा नहीं
राष्ट्रपति शासन लगने के बाद छह माह तक कार्यवाहक सरकार चल सकती है | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: छह केंद्रीय विश्वविद्यालय अगले शैक्षिक सत्र से नया या नये सिरे से संवारा गया योग विभाग शुरू करेंगे और एक साल के भीतर इनकी संख्या 20 हो जाएगी।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने योग पर राष्ट्रीय सेमिनार में इसकी घोषणा की, जहां उन्होंने तकनीकी संस्थानों के प्रमुखों से योग के फायदों पर अनुभवसिद्ध सबूत प्रदान करने में मदद का आह्वान किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘2016-17 में नये या नये सिरे से संवारे गए योग विभाग शुरू करने का फैसला किया गया है।’’ साथ ही कहा कि एक साल में इनकी संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन में विश्वभारती, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, इंफाल में मणिपुर विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ये विभाग अगले सत्र से शुरू होगा।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने योग पर राष्ट्रीय सेमिनार में इसकी घोषणा की, जहां उन्होंने तकनीकी संस्थानों के प्रमुखों से योग के फायदों पर अनुभवसिद्ध सबूत प्रदान करने में मदद का आह्वान किया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘2016-17 में नये या नये सिरे से संवारे गए योग विभाग शुरू करने का फैसला किया गया है।’’ साथ ही कहा कि एक साल में इनकी संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन में विश्वभारती, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, इंफाल में मणिपुर विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ये विभाग अगले सत्र से शुरू होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘2016-17 में नये या नये सिरे से संवारे गए योग विभाग शुरू करने का फैसला किया गया है।’’ साथ ही कहा कि एक साल में इनकी संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन में विश्वभारती, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, इंफाल में मणिपुर विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ये विभाग अगले सत्र से शुरू होगा।
उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन में विश्वभारती, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, इंफाल में मणिपुर विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ये विभाग अगले सत्र से शुरू होगा। | सारांश: नये सिरे से संवारे गए योग विभाग शुरू करने का फैसला
एक साल में 20 हो जाएगी योग विभाग की संख्या
योग पर राष्ट्रीय सेमिनार में स्मृति र्ईरानी ने किया ऐलान | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि लीबिया के शासक मुअम्मर गद्दाफी के लिए फैसले की घड़ी आ गई है और वह सत्ता छोड़कर अपने देश की समस्या का अंत कर सकते हैं। हिलेरी ने कहा, यह गद्दाफी और उनके सहयोगियों के अगले कदम पर निर्भर करता है कि आगे क्या होगा लेकिन हम उन्हें सही निर्णय लेने के लिए कहेंगे। हिलेरी ने यह बात मोरक्को के विदेश मंत्री तैयब फस्सी फिहरी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि गद्दाफी को सरकार चलाने का अधिकार और अपने नागरिकों का विश्वास खो चुके हैं। हिलेरी ने कहा, यह प्रमुख कारण है जिससे उन्हें सत्ता छोड़ देनी चाहिए। वह अपने नागरिकों की उम्मीदों को लगातार अनदेखा करके सरकार नहीं चला सकते। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पिछले कई हफ्तों से गद्दाफी और उनके सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाकर तथा संपत्तियां जब्त करके उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हिलेरी ने कहा, अब सैन्य कार्रवाई तो सबसे बड़ा दबाव है। इसलिए अब कज्जाफी और उनके साथियों को इस संबंध में फैसला लेना होगा। | सारांश: अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि लीबिया के शासक मुअम्मर गद्दाफी के लिए फैसले की घड़ी आ गई है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) दुनिया के अरबपतियों की सूची में भी आगे बढ़ रहे हैं. फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) छह पायदान की छलांग लगाकर 13वें स्थान पर पहुंच गये हैं. इस सूची में जेफ बेजोस हालांकि, इस बार भी पहले स्थान पर काबिज रहे हैं. फोर्ब्स ने कहा कि ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेज़ॅन के संस्थापक, 55 वर्षीय जेफ बेजोस इस सूची में पहले स्थान पर बरकरार हैं. उनके बाद बिल गेट्स और वारेन बफेट का स्थान है. बेजोस की संपत्ति पिछले एक साल में 19 अरब डॉलर बढ़कर 131 अरब डालर हो गई. मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की संपत्ति 2018 में 40.1 अरब डॉलर थी जो कि बढ़कर 50 अरब डालर पर पहुंच गई है.
दुनिया के अमीरों में पिछले साल मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) 19 वें स्थान पर थे और इस साल वह छह स्थान ऊपर चढ़कर 13वें नंबर पर आ गये हैं. हालांकि, उनके भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) इस सूची में कहीं नीचे 1349वें स्थान पर हैं. इससे पहले 2017 की फोर्ब्स पत्रिका की अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का स्थान 33वां था. फोर्ब्स की सूची में शामिल भारत के 106 अरबपतियों में मुकेश अंबानी सबसे आगे हैं. विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी 22.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस सूची में 36 वें स्थान पर हैं. प्रौद्योगिकी क्ष्रेत्र की प्रमुख कंपनी एचसीएल के सह-संस्थापक शिव नाडर 82वें और आर्सेलर मित्तल के चेयरमैन और सीईओ लक्ष्मी मित्तल 91वें स्थान पर रहे. ये सभी दुनिया के शीर्ष -100 अरबपतियों में शामिल हैं.
वैश्विक अरबपतियों की सूची में भारत के आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला (122वें स्थान), अदानी समूह के अध्यक्ष और संस्थापक गौतम अडानी (167वें), भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल (244 वां स्थान), उपभोक्ता सामान कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण (365वें), पीरामल एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष अजय पीरामल (436वेंस्थान), बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ (617वें स्थान), इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति (962वें स्थान) और आरकॉम के चेयरमैन अनिल अंबानी (1349वें स्थान) का नाम शामिल है. सूची में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग तीन स्थान नीचे आये हैं जबकि न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग दो स्थान ऊपर पहुंच गये हैं. पत्रिका ने कहा कि बिल गेट्स की संपत्ति पिछले साल के 90 अरब डॉलर से बढ़कर 96.5 अरब डॉलर हो गयी है. फोर्ब्स ने कहा कि मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) सबसे अमीर भारतीय हैं और पत्रिका की वर्ष 2018 की शक्तिशाली लोगों की सूची में वह 32 वें स्थान पर थे.
मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) को 2017 में ‘ग्लोबल गेम चेंजर' का दर्जा भी दिया गया था. फ्रांसीसी लक्जरी माल कंपनी एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अरनॉल्ट वैश्विक सूची में चौथे स्थान पर हैं जबकि जुकरबर्ग इसमें पांचवें स्थान से खिसककर आठवें स्थान पर पहुंच गये हैं. पत्रिका में कहा गया है कि यह सूची आठ फरवरी के कंपनियों के शेयर मूल्यों और विनिमय दर के आधार पर तैयार की गई है. इसके प्रकाशन के कुछ दिन के भीतर ही कुछ लोग और धनी हो गये या उनकी संपत्ति कम हुई है. फार्ब्स के इस 33वें सालाना रैकिंग वाली सूची में 2,153 अरब पतियों के नाम है जबकि 2018 में इससे अधिक 2,208 लोगों के नाम थे. इस साल के अबपतियों की कुल सुपत्ति 8,700 अरब डालर रही है जबकि 2018 में उनकी कुल संपत्ति 9,100 अरब डॉलर थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: Mukesh Ambani दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति बने
6 पायदान की छलांग लगाकर 13वें स्थान पर पहुंचे
अनिल अंबानी इस सूची में कहीं नीचे 1349वें स्थान पर हैं | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदार रॉन पॉल ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सम्बंधों को 'निराशाजनक स्थिति' करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान में अपना सैन्य अभियान समाप्त कर सकता है, लेकिन उन्हें लगता है कि ऐसा प्रयास 'नाकाम' साबित होगा। टेक्सास के सांसद रॉन पॉल ने बुधवार को समाचार चैनल 'एमएसएनबीसी' से कहा, "मैं पूरी चीजों को अव्यवस्थित देखता हूं और मेरा मानना है कि हम पाकिस्तान में कायम रहने जा रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मैं अगले अभियान के बारे में सोचता हूं तो मुझे डर लगता है। मेरा मानना है कि यह हास्यास्पद है और हमारी विदेश नीति ऐसी है कि हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है।" पॉल के अनुसार, वह अफगानिस्तान से भी बड़े पैमाने पर वहां सैन्य अभियान देखते हैं, लेकिन यदि ऐसा होता है तो 'यह सम्भवत: बेहद असफल होगा।' उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान में गृह युद्ध की स्थिति उत्पन्न कर दी है और अलकायदा सरगना ओसाम बिन लादेन के ठिकाने पर हमला कर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदार रॉन पॉल ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सम्बंधों को 'निराशाजनक स्थिति' करार दिया है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के कुख्यात कोट लखपत जेल में गुरुवार को मरने वाले सरबजीत सिंह दूसरे भारतीय हैं जिनकी मौत इस साल इस जेल में हुई। सरबजीत सिंह जेल में हुए हमले के बाद करीब एक सप्ताह तक गहन कोमा में थे।
सरबजीत (49) को मौत की सजा सुनाई गई थी, शुक्रवार को उनके छह साथियों द्वारा उनपर क्रूर हमला किया गया था। उनके सिर पर ईंटों से वार किया गया था। सरकारी जिन्ना अस्पताल में भर्ती सरबजीत मृत्यु तक कोमा में ही थे।
जनवरी में एक और भारतीय कैदी चमेल सिंह की जेल में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
जिस अस्पताल में सरबजीत की मौत हुई, कहा जाता है कि 60 वर्षीय चमेल को उसी अस्पताल में लाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उन्हें कथित रूप से जासूसी में लिप्त होने के मामले में पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी।
उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चमेल को यातना दिए जाने के लक्षण दिखे थे जिससे जेल प्रशासन ने इनकार किया था।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
सरबजीत (49) को मौत की सजा सुनाई गई थी, शुक्रवार को उनके छह साथियों द्वारा उनपर क्रूर हमला किया गया था। उनके सिर पर ईंटों से वार किया गया था। सरकारी जिन्ना अस्पताल में भर्ती सरबजीत मृत्यु तक कोमा में ही थे।
जनवरी में एक और भारतीय कैदी चमेल सिंह की जेल में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
जिस अस्पताल में सरबजीत की मौत हुई, कहा जाता है कि 60 वर्षीय चमेल को उसी अस्पताल में लाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उन्हें कथित रूप से जासूसी में लिप्त होने के मामले में पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी।
उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चमेल को यातना दिए जाने के लक्षण दिखे थे जिससे जेल प्रशासन ने इनकार किया था।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
जनवरी में एक और भारतीय कैदी चमेल सिंह की जेल में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
जिस अस्पताल में सरबजीत की मौत हुई, कहा जाता है कि 60 वर्षीय चमेल को उसी अस्पताल में लाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उन्हें कथित रूप से जासूसी में लिप्त होने के मामले में पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी।
उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चमेल को यातना दिए जाने के लक्षण दिखे थे जिससे जेल प्रशासन ने इनकार किया था।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
जिस अस्पताल में सरबजीत की मौत हुई, कहा जाता है कि 60 वर्षीय चमेल को उसी अस्पताल में लाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उन्हें कथित रूप से जासूसी में लिप्त होने के मामले में पांच वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई थी।
उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चमेल को यातना दिए जाने के लक्षण दिखे थे जिससे जेल प्रशासन ने इनकार किया था।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
उस वक्त पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चमेल को यातना दिए जाने के लक्षण दिखे थे जिससे जेल प्रशासन ने इनकार किया था।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
कोट लखपत जेल में 4,000 से अधिक कैदियों के रखने की क्षमता है लेकिन इसमें इसकी क्षमता से चार गुणा ज्यादा कैदी रहते हैं। इस वक्त इस जेल में 17,000 कैदी कैद हैं जिनमें कम से कम 36 भारतीय कैदी हैं।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
पिछले सप्ताह दौरे के दौरान एक भारत-पाक न्यायिक समिति के भारतीय सदस्यों ने भारतीय कैदियों का साक्षात्कार भी किया था। सरबजीत पर हमले से पहले कुछ कैदियों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें ‘‘वास्तव में कोई सुरक्षा’’ नहीं दी जाती।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, कैदियों ने कहा कि सरबजीत पर हमला होने के बाद जेल कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं और किसी भी कैदी को अन्य के नजदीक नहीं जाने दे रहे।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी।
समिति ने इससे पहले कराची और रावलपिंडी का भी दौरा किया था और वहां भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी। | पाकिस्तान के कुख्यात कोट लखपत जेल में गुरुवार को मरने वाले सरबजीत सिंह दूसरे भारतीय हैं जिनकी मौत इस साल इस जेल में हुई। सरबजीत सिंह जेल में हुए हमले के बाद करीब एक सप्ताह तक गहन कोमा में थे। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अन्ना हजारे के अनशन का आज नौवां दिन है। इतने दिनों तक अनशन की वजह से अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ रही है। उनकी सेहत की जांच करने वाले डॉक्टर नरेश त्रेहन के मुताबिक अन्ना हजारे काफी कमजोर हो गए हैं और अगले कुछ घंटे काफी अहम हो सकते हैं। सरकार भी अन्ना की सेहत को लेकर गंभीर है। सूत्रों के मुताबिक किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक वैकल्पिक योजना भी बनाई गई है। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि अगर गतिरोध नहीं टूटता है, तो सरकार अन्ना को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने या उन्हें ग्लूकोज चढ़ाने पर विचार कर सकती है। दूसरी ओर अन्ना ने ड्रिप से ग्लूकोज लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह दवा भी नहीं लेंगे। जन लोकपाल के मसले पर सरकार और टीम अन्ना के बीच समझौता की राह बनती नजर आ रही है। प्रणब मुखर्जी और टीम अन्ना की बातचीत के बाद देर रात प्रधानमंत्री के घर पर राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई। इसके अलावा कांग्रेस कोर कमेटी की भी बैठक हुई। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से आज कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सरकार की तरफ से बातचीत का मोर्चा प्रणब मुखर्जी ने संभाला, तो टीम अन्ना की तरफ से अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी बातचीत में शामिल हुए। खबर है कि सरकार प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने को तैयार हो गई है, जबकि न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखकर न्यायिक जवाबदेही कानून के जरिए इसकी जवाबदेही तय करने पर समझौते के आसार हैं। सरकार के साथ बातचीत के बाद टीम अन्ना का कहना है कि अन्ना बिना लिखित भरोसे के अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे। जन लोकपाल बिल को संसद के इसी सत्र में पास किया जाए। सरकार ने अपना फैसला सुनाने के लिए आज सुबह तक का वक्त मांगा है। सरकार और टीम अन्ना के बीच जिन मुद्दों पर बात बन गई है, वे हैं − सरकार अब कुछ शर्तों के साथ पीएम को लोकपाल के दायरे में लाने पर तैयार दिख रही है। न्यायपालिका के लिए लोकपाल के साथ अलग कानून का प्रावधान होगा। सरकार जजों के लिए ज्यूडिशियल एकाउंटिबिलिटी बिल लाने के लिए भी तैयार है, साथ ही भ्रष्टाचार के सभी मामलों की जांच सीबीआई के बजाए लोकपाल के दायरे में हो सकती है। | प्रणब और टीम अन्ना की बातचीत के बाद पीएम के घर पर राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक हुई। सरकार की ओर से आज फैसला हो सकता है। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में चुनाव हुआ और मंगलवार को मतों की गिनती हुई. रुझानों में बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती जा रही है और कांग्रेस पार्टी की राज्य में करारी हार हो गई है. पार्टी नेताओं ने इस हार को स्वीकार कर लिया है और हार का ठीकरा राज्य के नेताओं पर ही फोड़ दिया. कर्नाटक चुनाव से जुड़े कुछ अंधविश्वास हैं, या कहें की मान्यताएं हैं. कहा जाता है कि जो भी पार्टी कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीतते हैं वह केंद्र का चुनाव हार जाती है.
पढ़ें - कर्नाटक चुनाव परिणाम: सिद्धारमैया का सबसे बड़ा दांव क्या कांग्रेस पर ही पड़ा भारी? BJP की जीत के 10 बड़े कारण
इतना ही नहीं, कर्नाटक की एक सीट हमेशा से ऐसी सीट रही है जो बेलवेदर सीट बनी रही है. करीब एक दर्जन से ज्यादा चुनावों में इस सीट पर जो पार्टी जीती है वही सत्ता पर पहुंची है. राज्य में हमेशा से सभी की नजर इस सीट पर बनी रहती है. शिराहट्टी, मध्य कर्नाटक के गडग जिले की सीट है जिसका नाम स्थानीय पंचायत पर पड़ा है. यहां पर लोगों ने जिस पार्टी को वोट दिया है वह पार्टी सत्ता पर पहुंची है. इतना ही नहीं इस सीट पर वोट का हाल सात विधानसभा चुनाव और पांच लोकसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है.
पढ़ें - कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की हार पर ममता बनर्जी ने दे डाली ये सलाह
इस बार भी लोगों की निगाहें इन सीटों पर लगी हुई हैं.
सिराहट्टी उन आठ बेलवेदर सीट पर टॉप है जिसने हवा के रुख को पहचानने में सबसे पहले सफलता हासिल की. आज जब मतगणना जारी है, ऐसे में सभी की नजर इस सीट पर है. दोपहर 2.15 बजे तक मतगणना के अनुसार यहां पर बीजेपी आगे चल रही है और जीत के आसार हैं. यानी एक बार फिर यह बात सच होने जा रही है कि जो भी इस सीट पर जीतता है वह सरकार बनाता है.
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सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
पढ़ें - कर्नाटक चुनाव परिणाम: सिद्धारमैया का सबसे बड़ा दांव क्या कांग्रेस पर ही पड़ा भारी? BJP की जीत के 10 बड़े कारण
इतना ही नहीं, कर्नाटक की एक सीट हमेशा से ऐसी सीट रही है जो बेलवेदर सीट बनी रही है. करीब एक दर्जन से ज्यादा चुनावों में इस सीट पर जो पार्टी जीती है वही सत्ता पर पहुंची है. राज्य में हमेशा से सभी की नजर इस सीट पर बनी रहती है. शिराहट्टी, मध्य कर्नाटक के गडग जिले की सीट है जिसका नाम स्थानीय पंचायत पर पड़ा है. यहां पर लोगों ने जिस पार्टी को वोट दिया है वह पार्टी सत्ता पर पहुंची है. इतना ही नहीं इस सीट पर वोट का हाल सात विधानसभा चुनाव और पांच लोकसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है.
पढ़ें - कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की हार पर ममता बनर्जी ने दे डाली ये सलाह
इस बार भी लोगों की निगाहें इन सीटों पर लगी हुई हैं.
सिराहट्टी उन आठ बेलवेदर सीट पर टॉप है जिसने हवा के रुख को पहचानने में सबसे पहले सफलता हासिल की. आज जब मतगणना जारी है, ऐसे में सभी की नजर इस सीट पर है. दोपहर 2.15 बजे तक मतगणना के अनुसार यहां पर बीजेपी आगे चल रही है और जीत के आसार हैं. यानी एक बार फिर यह बात सच होने जा रही है कि जो भी इस सीट पर जीतता है वह सरकार बनाता है.
पढ़े - शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को दिया सुझाव, नाम बदल 'ये' नाम रख ले
सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
पढ़ें - कर्नाटक में बीजेपी की जीत पर उमर अब्दुल्ला बोले - कर्नाटक, 'तुम भी'?
उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
इतना ही नहीं, कर्नाटक की एक सीट हमेशा से ऐसी सीट रही है जो बेलवेदर सीट बनी रही है. करीब एक दर्जन से ज्यादा चुनावों में इस सीट पर जो पार्टी जीती है वही सत्ता पर पहुंची है. राज्य में हमेशा से सभी की नजर इस सीट पर बनी रहती है. शिराहट्टी, मध्य कर्नाटक के गडग जिले की सीट है जिसका नाम स्थानीय पंचायत पर पड़ा है. यहां पर लोगों ने जिस पार्टी को वोट दिया है वह पार्टी सत्ता पर पहुंची है. इतना ही नहीं इस सीट पर वोट का हाल सात विधानसभा चुनाव और पांच लोकसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है.
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सिराहट्टी उन आठ बेलवेदर सीट पर टॉप है जिसने हवा के रुख को पहचानने में सबसे पहले सफलता हासिल की. आज जब मतगणना जारी है, ऐसे में सभी की नजर इस सीट पर है. दोपहर 2.15 बजे तक मतगणना के अनुसार यहां पर बीजेपी आगे चल रही है और जीत के आसार हैं. यानी एक बार फिर यह बात सच होने जा रही है कि जो भी इस सीट पर जीतता है वह सरकार बनाता है.
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सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. टिप्पणियां
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उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
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उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे. | संक्षिप्त पाठ: कर्नाटक चुनाव में वोटों की गिनती जारी है
बीजेपी को बढ़त मिल रही है.
इन आठ सीटों में 6 पर बीजेपी जीत रही है. | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता संजय दत्त ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहीम की ओर से 1993 के विस्फोटों से पहले दुबई में आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए थे, लेकिन उनका दाउद से कोई रिश्ता नहीं है।
दत्त की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने न्यायमूर्ति पी सतशिवम और बीएस चौहान की पीठ को बताया, ‘मैं दाउद के घर पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुआ था। यह रात्रिभोज विस्फोटों से पहले आयोजित हुआ था। इसके अलावा मेरा कोई रिश्ता नहीं है।’टिप्पणियां
पीठ ने पूछा था कि क्या दत्त ने दाउद के घर पर आयोजित पार्टी में शामिल हुए थे। इसके जवाब में साल्वे ने पीठ के समक्ष यह बात कही।
साल्वे ने यह भी कहा कि दत्त का दाउद अथवा टाइगर मेमन के साथ कोई रिश्ता नहीं है। मेमन भी मुंबई विस्फोटों का षडयंत्रकारी है।
दत्त की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने न्यायमूर्ति पी सतशिवम और बीएस चौहान की पीठ को बताया, ‘मैं दाउद के घर पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुआ था। यह रात्रिभोज विस्फोटों से पहले आयोजित हुआ था। इसके अलावा मेरा कोई रिश्ता नहीं है।’टिप्पणियां
पीठ ने पूछा था कि क्या दत्त ने दाउद के घर पर आयोजित पार्टी में शामिल हुए थे। इसके जवाब में साल्वे ने पीठ के समक्ष यह बात कही।
साल्वे ने यह भी कहा कि दत्त का दाउद अथवा टाइगर मेमन के साथ कोई रिश्ता नहीं है। मेमन भी मुंबई विस्फोटों का षडयंत्रकारी है।
पीठ ने पूछा था कि क्या दत्त ने दाउद के घर पर आयोजित पार्टी में शामिल हुए थे। इसके जवाब में साल्वे ने पीठ के समक्ष यह बात कही।
साल्वे ने यह भी कहा कि दत्त का दाउद अथवा टाइगर मेमन के साथ कोई रिश्ता नहीं है। मेमन भी मुंबई विस्फोटों का षडयंत्रकारी है।
साल्वे ने यह भी कहा कि दत्त का दाउद अथवा टाइगर मेमन के साथ कोई रिश्ता नहीं है। मेमन भी मुंबई विस्फोटों का षडयंत्रकारी है। | संक्षिप्त पाठ: अभिनेता संजय दत्त ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहीम की ओर से 1993 के विस्फोटों से पहले दुबई में आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए थे, लेकिन उनका दाउद से कोई रिश्ता नहीं है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: काले धन के मुद्दे पर भूख हड़ताल करने की बाबा रामदेव की चेतावनी के बीच आयकर विभाग ने कहा कि वह काली कमाई के रुप में विदेश छुपाए गए देश के धन को निकलवाने के बारे में योगगुरू रामदेव के सुझावों पर विचार करने को तैयार है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुधीर चन्द्रा ने कहा, रामदेव जी के सुझाव रचनात्मक हैं जिन पर सरकार द्वारा विचार किया जाना चाहिए। इससे पहले चन्द्रा ने काले धन को बाहर निकालने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से रामदेव को अवगत कराया था। योग गुरू के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर चन्द्रा ने कहा, मुझे लगता है कि रामदेव जी संतुष्ट हैं। पिछले दो साल के दौरान काले धन को बाहर निकालने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से मैंने उन्हें अवगत कराया है। सरकार ने हाल ही में कई उपायों की घोषणा की जिसमें आयकर विभाग में एक आपराधिक जांच शाखा की स्थापना शामिल है। बाबा रामदेव ने काले धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 4 जून से भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। अपराध जांच निदेशालय की स्थापना के बारे में निवर्तमान सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, डीसीआई से बैंकिंग सूचनाएं हासिल करने और सीमा पार सौदों के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी। | यह एक सारांश है: आयकर विभाग ने कहा कि वह विदेशों में छुपाए गए धन को निकलवाने के बारे में योगगुरू रामदेव के सुझावों पर विचार करने को तैयार है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में 662 अरब डॉलर के भारी-भरकम रक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत जब तक कांग्रेस को पाकिस्तानी सरकार द्वारा देसी बमों (आईईडी) के खतरे से निपटने के तरीके के सम्बंध में रपट नहीं दी जाती, तब तक पाकिस्तान को मिलने वाली 70 करोड़ डॉलर की मदद रुकी रहेगी। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में बुधवार को 136 के मुकाबले 283 वोटों से इस विधेयक को मंजूरी मिल गई। गुरुवार को इसे सीनेट में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद इसे राष्ट्रपति बराक ओबामा के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। वैसे व्यावहारिक रूप में पाकिस्तान को मदद रोकने के प्रावधानों का कोई बड़ा प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पिछले महीने हुए नाटो हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद तनावपूर्ण वातावरण में अमेरिकी सरकार को अपने एक प्रमुख सहयोगी को मदद रोकने की जल्दी नहीं है। विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि जब मदद रोकने वाला प्रावधान कानून बन जाएगा तब ओबामा प्रशासन इसका पालन करने के रास्ते ढूंढ लेगा। उन्होंने कहा, "यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो हम पाकिस्तानी सरकार के साथ इस सम्बंध में चर्चा करेंगे कि कैसे आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है, लेकिन इसके लिए हमें सामरिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। साथ ही कांग्रेस को अपनी स्पष्ट रणनीति बतानी होगी।" प्रशासन द्वारा वीटो की चेतावनी वापस लिए जाने के चंद घंटों बाद रक्षा विधेयक पर सदन में मतदान हुआ। संदिग्ध आतंकवादियों से निपटने के सम्बंध में वीटो के इस्तेमाल की चेतावनी दी गई थी। निचले और ऊपरी सदन द्वारा इसमें व्हाइट हाउस की मर्जी के अनुसार परिवर्तन के लिए राजी हो जाने पर इस चेतावनी को वापस लिया गया। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्ने ने बुधवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि विधेयक की भाषा खतरनाक आतंकवादियों को पकड़ने के लिए खुफिया तंत्र के इस्तेमाल व अमेरिकी लोगों की सुरक्षा की राष्ट्रपति की क्षमता को चुनौती नहीं देती। खासतौर से विधेयक में इस बात का प्रावधान होगा कि सेना अमेरिका पर हमला करने अथवा हमले की योजना बनाने में शामिल अल कायदा या उसके सहयोगी संगठनों के संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लेगी। इसमें अमेरिकी नागरिकों के लिए छूट की व्यवस्था होगी। विधेयक में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए इस प्रावधान को हटा सकते हैं। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में 662 अरब डॉलर के भारी-भरकम रक्षा विधेयक को मंजूरी दे दी गई। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजनीतिक दलों ने गुरुवार रात हैदराबाद में हुए बम विस्फोटों की कड़ी निंदा की, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ‘कायराना हरकत’ के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह एक कायराना हमला है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’’ हमलों की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की।
सिंह तथा अंसारी दोनों ने जनता से संकट की इस घड़ी में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विस्फोटों में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद में हुए विस्फोटों पर दुख और आक्रोश जाहिर किया।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह एक कायराना हमला है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’’ हमलों की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की।
सिंह तथा अंसारी दोनों ने जनता से संकट की इस घड़ी में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विस्फोटों में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद में हुए विस्फोटों पर दुख और आक्रोश जाहिर किया।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
सिंह तथा अंसारी दोनों ने जनता से संकट की इस घड़ी में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विस्फोटों में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद में हुए विस्फोटों पर दुख और आक्रोश जाहिर किया।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
प्रधानमंत्री ने विस्फोटों में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद में हुए विस्फोटों पर दुख और आक्रोश जाहिर किया।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद में हुए विस्फोटों पर दुख और आक्रोश जाहिर किया।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पीड़ितों के परिजनों को सांत्वना देते हुए विस्फोटों की गहन जांच कराये जाने की मांग की।टिप्पणियां
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक निंदनीय घटना है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार घायलों को तत्काल पर्याप्त सहायता मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाएगी।’’ लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी विस्फोटों में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया और परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा।
पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के किरण कुमार रेड्डी से इसकी गहन जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को कहा। | सारांश: राजनीतिक दलों ने हैदराबाद में हुए बम विस्फोटों की कड़ी निंदा की, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ‘कायराना हरकत’ के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ाने वाला एक और बयान देते हुए पाकिस्तानी रक्षामंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने बुधवार को कहा कि कश्मीर को आजादी मिलने के बाद भारत 'टूट जाएगा.' आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान, कश्मीर के लोगों को अपना नैतिक सहयोग देता रहेगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ''जब कश्मीर में आजादी का आंदोलन सफल हो जाएगा तो यह भारत के अंत की शुरुआत होगी.'' पाकिस्तानी रक्षामंत्री ने कहा, ''कश्मीरी लोगों की कुर्बानियां जाया नहीं जाएंगी और जब कश्मीर को आजादी मिलेगी तो भारत टूट जाएगा और वह एकजुट नहीं रह सकेगा.''
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन 'हमें उनकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.'
उन्होंने कहा, ''जब कश्मीर में आजादी का आंदोलन सफल हो जाएगा तो यह भारत के अंत की शुरुआत होगी.'' पाकिस्तानी रक्षामंत्री ने कहा, ''कश्मीरी लोगों की कुर्बानियां जाया नहीं जाएंगी और जब कश्मीर को आजादी मिलेगी तो भारत टूट जाएगा और वह एकजुट नहीं रह सकेगा.''
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन 'हमें उनकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.'
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की, लेकिन 'हमें उनकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.' | संक्षिप्त सारांश: दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने वाला एक और बयान
पाकिस्तान, कश्मीर के लोगों को अपना नैतिक सहयोग देता रहेगा
नवाज शरीफ ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जमता पार्टी (भाजपा) ने अपने नेता अरुण जेटली की अनधिकृत निगरानी किए जाने को लेकर गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से सफाई की मांग की।
इस मामले में गिरफ्तार सिपाही ने हालांकि बताया है कि उसने निजी कारणों से कॉल डिटेल इकट्ठा किया था।
भाजपा ने इसे एक गंभीर मामला बताया और शिंदे से जेटली का फोन कॉल डिटेल मुहैया कराने का आदेश देने वाले व्यक्ति पर खुलकर सामने आने को कहा। जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं।
भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस तरीके से कॉल डिटेल इकट्ठा किया गया, उससे मामला गंभीर हो गया है। इस काम के पीछे जो भी व्यक्ति संलिप्त हो उसे दंडित किया जाना चाहिए। '' टिप्पणियां
जेटली की कॉल डिटेल तक पहुंचने की कोशिश दिल्ली पुलिस के एक 23 वर्षीय सिपाही अरविंद डबास ने की थी। दरअसल, वह जेटली और उत्तराखंड के एक नेता के बीच संपर्क को जांचना चाहता था। उत्तराखंड के इस नेता ने उत्तराखंड में एक प्रॉपर्टी डील का मामला जेटली के मार्फत सुलझाने का आश्वासन दिया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था।
इस मामले में गिरफ्तार सिपाही ने हालांकि बताया है कि उसने निजी कारणों से कॉल डिटेल इकट्ठा किया था।
भाजपा ने इसे एक गंभीर मामला बताया और शिंदे से जेटली का फोन कॉल डिटेल मुहैया कराने का आदेश देने वाले व्यक्ति पर खुलकर सामने आने को कहा। जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं।
भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस तरीके से कॉल डिटेल इकट्ठा किया गया, उससे मामला गंभीर हो गया है। इस काम के पीछे जो भी व्यक्ति संलिप्त हो उसे दंडित किया जाना चाहिए। '' टिप्पणियां
जेटली की कॉल डिटेल तक पहुंचने की कोशिश दिल्ली पुलिस के एक 23 वर्षीय सिपाही अरविंद डबास ने की थी। दरअसल, वह जेटली और उत्तराखंड के एक नेता के बीच संपर्क को जांचना चाहता था। उत्तराखंड के इस नेता ने उत्तराखंड में एक प्रॉपर्टी डील का मामला जेटली के मार्फत सुलझाने का आश्वासन दिया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था।
भाजपा ने इसे एक गंभीर मामला बताया और शिंदे से जेटली का फोन कॉल डिटेल मुहैया कराने का आदेश देने वाले व्यक्ति पर खुलकर सामने आने को कहा। जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं।
भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस तरीके से कॉल डिटेल इकट्ठा किया गया, उससे मामला गंभीर हो गया है। इस काम के पीछे जो भी व्यक्ति संलिप्त हो उसे दंडित किया जाना चाहिए। '' टिप्पणियां
जेटली की कॉल डिटेल तक पहुंचने की कोशिश दिल्ली पुलिस के एक 23 वर्षीय सिपाही अरविंद डबास ने की थी। दरअसल, वह जेटली और उत्तराखंड के एक नेता के बीच संपर्क को जांचना चाहता था। उत्तराखंड के इस नेता ने उत्तराखंड में एक प्रॉपर्टी डील का मामला जेटली के मार्फत सुलझाने का आश्वासन दिया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था।
भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जिस तरीके से कॉल डिटेल इकट्ठा किया गया, उससे मामला गंभीर हो गया है। इस काम के पीछे जो भी व्यक्ति संलिप्त हो उसे दंडित किया जाना चाहिए। '' टिप्पणियां
जेटली की कॉल डिटेल तक पहुंचने की कोशिश दिल्ली पुलिस के एक 23 वर्षीय सिपाही अरविंद डबास ने की थी। दरअसल, वह जेटली और उत्तराखंड के एक नेता के बीच संपर्क को जांचना चाहता था। उत्तराखंड के इस नेता ने उत्तराखंड में एक प्रॉपर्टी डील का मामला जेटली के मार्फत सुलझाने का आश्वासन दिया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था।
जेटली की कॉल डिटेल तक पहुंचने की कोशिश दिल्ली पुलिस के एक 23 वर्षीय सिपाही अरविंद डबास ने की थी। दरअसल, वह जेटली और उत्तराखंड के एक नेता के बीच संपर्क को जांचना चाहता था। उत्तराखंड के इस नेता ने उत्तराखंड में एक प्रॉपर्टी डील का मामला जेटली के मार्फत सुलझाने का आश्वासन दिया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था।
डबास को शुक्रवार को जेटली के फोन डिटेल तक पहुंचने की कोशिश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
डबास अपने दो साथियों के साथ उत्तराखंड में रीयल स्टेट का धंधा करता है। ऐसे ही एक धंधे में उसका पैसा फंसा हुआ था। उत्तराखंड के एक नेता ने जेटली से अपने परिचय का हवाला देते हुए पैसा निकलवाने का भरोसा दिलाया था। | भारतीय जमता पार्टी (भाजपा) ने अपने नेता अरुण जेटली की अनधिकृत निगरानी किए जाने को लेकर गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से सफाई की मांग की। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अखलाक की हत्या के एक आरोपी रॉबिन का शव देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच बिसाहड़ा लाया गया. आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इधर बुधवार को दिन भर रॉबिन के परिवारवाले, गांव वालों के साथ प्रदर्शन करते रहे. गांव की पंचायत की मांग है कि परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए.टिप्पणियां
रवि के घरवालों का आरोप है कि जेल में पिटाई होने से रवि की मौत हुई. रवि अपने कई साथियों के साथ हत्या के आरोप में पिछले एक साल से कासना जेल में बंद था. जेल के अधिकारी इस मामले पर कैमरे पर तो कुछ नहीं बोल रहे लेकिन उन्होंने बताया कि रवि को तबीयत खराब होने पर 30 सितंबर को नोएडा के सरकारी अस्पताल में दिखाया गया.
अस्पताल ने मेडिकल जांच के बाद उसे वापस भेज दिया था.उसके बाद उसका इलाज जेल के अस्पताल में ही चलता रहा. 4 सितंबर को तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे फिर से नोएडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. वहां से उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में रेफर कर दिया गया और 4 सितंबर की देर शाम उसकी मौत हो गई.
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रवि को सांस लेने की परेशानी के साथ-साथ, तेज बुखार और शुगर लेवल बहुत ज्यादा था. शुरुआती जांच में उसकी मौत की वजह किडनी फेल होना बताया गया है हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ़ हो पाएगी.
रवि के घरवालों का आरोप है कि जेल में पिटाई होने से रवि की मौत हुई. रवि अपने कई साथियों के साथ हत्या के आरोप में पिछले एक साल से कासना जेल में बंद था. जेल के अधिकारी इस मामले पर कैमरे पर तो कुछ नहीं बोल रहे लेकिन उन्होंने बताया कि रवि को तबीयत खराब होने पर 30 सितंबर को नोएडा के सरकारी अस्पताल में दिखाया गया.
अस्पताल ने मेडिकल जांच के बाद उसे वापस भेज दिया था.उसके बाद उसका इलाज जेल के अस्पताल में ही चलता रहा. 4 सितंबर को तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे फिर से नोएडा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. वहां से उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में रेफर कर दिया गया और 4 सितंबर की देर शाम उसकी मौत हो गई.
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रवि को सांस लेने की परेशानी के साथ-साथ, तेज बुखार और शुगर लेवल बहुत ज्यादा था. शुरुआती जांच में उसकी मौत की वजह किडनी फेल होना बताया गया है हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ़ हो पाएगी.
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रवि को सांस लेने की परेशानी के साथ-साथ, तेज बुखार और शुगर लेवल बहुत ज्यादा था. शुरुआती जांच में उसकी मौत की वजह किडनी फेल होना बताया गया है हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ़ हो पाएगी. | यहाँ एक सारांश है:बिसाहड़ा गांव में होगा अखलाक का अंतिम संस्कार
रवि के घरवालों का आरोप है कि जेल में पिटाई होने से उसकी मौत हुई
रवि एक साल से कासना जेल में बंद है | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुलायम सिंह यदाव ने बुधवार को अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के लिए जनसभा की और अपने सम्मान के नाम पर वोट मांगे. मुलायम के बाद उनकी बड़ी बहू और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी अपर्णा के लिए जनसभा की. अपर्णा लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार है. मुलायम की रैली में कांग्रेस के लोग भी मौजूद रहे. मुलायम अपनी छोटी बहू के लिए वोट मांगने जनता के बीच पहुंचे. इस चुनाव में अभी तक उन्होंने सिर्फ़ अपने छोटे भाई शिवपाल के लिए इटावा में दो रैलियां की हैं. मुलायम ने कहा कि अपर्णा के चुनाव से मेरा सम्मान भी जुड़ा है, इसलिए उसे जिता दें.
मुलायम के परिवार में अखिलेश को लेके भले आपस में मनमुटाव हो लेकिन डिंपल हुमेशा उससे डोर रही हैं. डिंपल ने भी अपर्णा के लिए जनसभा कर उनके लिए प्रचार किया. इस तरह यह संदेश देने की भी कोशिश है की परिवार में सब एक हैं.
मुलायम ने कहा, "हमारी अपील है कि आप अपर्णा को भारी बहुमत से जिताइए. आपसे अपील करता हूं कि सम्मान हमारा जुड़ा हुआ है. वैसे हम यह बात सम्मान की करते नहीं. आज इसलिए बोला है कि अपर्णा हमारे लड़के की पत्नी है. हमारी बहू है. आपकी भी बहू है. किसी की बहू हो सकती है. आप यह मान के चलना."
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से अंतर्राष्ट्रीय संबंध और राजनीति में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली अपर्णा अब सीधे सियासी अखाड़े में हैं. यह उनका पहला चुनाव है और मुक़ाबला है हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में गई रीता बहुगुणा जोशी से.टिप्पणियां
अपर्णा यादव ने कहा, "बहुत सारे लोग आजकल दल-बदल के घूम रहे हैं. जो अपने दल का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा. क्या होगा वो आपका ? मुलायम ने तफ़सील से बताया कि उन्हों समाज के अलग-अलग तबक़े के लिए क्या-क्या किया. उन्होंने अपर्णा के विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या दूर करने का वादा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए."
मुलायम के परिवार में अखिलेश को लेके भले आपस में मनमुटाव हो लेकिन डिंपल हुमेशा उससे डोर रही हैं. डिंपल ने भी अपर्णा के लिए जनसभा कर उनके लिए प्रचार किया. इस तरह यह संदेश देने की भी कोशिश है की परिवार में सब एक हैं.
मुलायम ने कहा, "हमारी अपील है कि आप अपर्णा को भारी बहुमत से जिताइए. आपसे अपील करता हूं कि सम्मान हमारा जुड़ा हुआ है. वैसे हम यह बात सम्मान की करते नहीं. आज इसलिए बोला है कि अपर्णा हमारे लड़के की पत्नी है. हमारी बहू है. आपकी भी बहू है. किसी की बहू हो सकती है. आप यह मान के चलना."
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से अंतर्राष्ट्रीय संबंध और राजनीति में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली अपर्णा अब सीधे सियासी अखाड़े में हैं. यह उनका पहला चुनाव है और मुक़ाबला है हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में गई रीता बहुगुणा जोशी से.टिप्पणियां
अपर्णा यादव ने कहा, "बहुत सारे लोग आजकल दल-बदल के घूम रहे हैं. जो अपने दल का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा. क्या होगा वो आपका ? मुलायम ने तफ़सील से बताया कि उन्हों समाज के अलग-अलग तबक़े के लिए क्या-क्या किया. उन्होंने अपर्णा के विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या दूर करने का वादा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए."
मुलायम ने कहा, "हमारी अपील है कि आप अपर्णा को भारी बहुमत से जिताइए. आपसे अपील करता हूं कि सम्मान हमारा जुड़ा हुआ है. वैसे हम यह बात सम्मान की करते नहीं. आज इसलिए बोला है कि अपर्णा हमारे लड़के की पत्नी है. हमारी बहू है. आपकी भी बहू है. किसी की बहू हो सकती है. आप यह मान के चलना."
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से अंतर्राष्ट्रीय संबंध और राजनीति में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली अपर्णा अब सीधे सियासी अखाड़े में हैं. यह उनका पहला चुनाव है और मुक़ाबला है हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में गई रीता बहुगुणा जोशी से.टिप्पणियां
अपर्णा यादव ने कहा, "बहुत सारे लोग आजकल दल-बदल के घूम रहे हैं. जो अपने दल का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा. क्या होगा वो आपका ? मुलायम ने तफ़सील से बताया कि उन्हों समाज के अलग-अलग तबक़े के लिए क्या-क्या किया. उन्होंने अपर्णा के विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या दूर करने का वादा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए."
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से अंतर्राष्ट्रीय संबंध और राजनीति में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली अपर्णा अब सीधे सियासी अखाड़े में हैं. यह उनका पहला चुनाव है और मुक़ाबला है हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में गई रीता बहुगुणा जोशी से.टिप्पणियां
अपर्णा यादव ने कहा, "बहुत सारे लोग आजकल दल-बदल के घूम रहे हैं. जो अपने दल का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा. क्या होगा वो आपका ? मुलायम ने तफ़सील से बताया कि उन्हों समाज के अलग-अलग तबक़े के लिए क्या-क्या किया. उन्होंने अपर्णा के विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या दूर करने का वादा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए."
अपर्णा यादव ने कहा, "बहुत सारे लोग आजकल दल-बदल के घूम रहे हैं. जो अपने दल का नहीं हुआ वो आपका क्या होगा. क्या होगा वो आपका ? मुलायम ने तफ़सील से बताया कि उन्हों समाज के अलग-अलग तबक़े के लिए क्या-क्या किया. उन्होंने अपर्णा के विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या दूर करने का वादा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए."
मुलायम ने तंज कसते हुए कहा, "आज मोदी साहब बनारस से लोकसभा के मेंबर हैं इसीलिए वो आज प्रधानमंत्री हैं. उत्तरप्रदेश की वजह से प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन्होंने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं किए. उन्होंने क्या कहा था कि साधारण नागरिक को 15-15 लाख रुपया देंगे, वे 15-15 रुपया भी नहीं दिए. 15 रुपये भी नहीं दिए." | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुलायम सिंह यदाव ने छोटी बहू अपर्णा यादव के लिए जनसभा की
कहा - अपर्णा के चुनाव से मेरा सम्मान भी जुड़ा है, इसलिए उसे जिता दें
अपर्णा लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार हैं | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पीएम मोदी (PM Modi) ने गोवा में रैली के दौरान कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने इस दौरान कहा कि कांग्रेस ने तो डिफेंस डील्स में ऐसे खेल खेले हैं कि देश के वीर जवानों के पराक्रम को ही लाचार कर दिया . कांग्रेस के राज में ऐसा कोई रक्षा सौदा नहीं था, जो संदेह के दायरे में नहीं था. पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि इन्होंने बोफोर्स में दलाली खाई और दलाल क्वात्रोकी मामा को भगा दिया. परिणाम ये हुआ कि दशकों तक हमारी सेना को एक नई तोप तक नहीं मिल पाई. क्योंकि कांग्रेस के पाप का हिस्सेदार कोई नहीं बनना चाहता था. उन्होंने (PM Modi) कहा कि जब राफेल की खरीद की बात सेना ने रखी, तो कांग्रेस के नामदार परिवारों के खास दलाल इसमें भी लग गए. परिणाम ये हुआ कि डील वर्षों से अटकी रही और सेना की शक्ति घटती रही. फिर 2014 से पहले घोटालों से भरे माहौल के बीच कांग्रेस ने राफेल का डिब्बा बंद कर दिया.
हेलिकॉप्टर घोटाले में खूब दलाली चली. तरीका वही था, बोफोर्स वाला. कांग्रेस ने मिशेल मामा जैसे दलालों को विदेश भगा दिया. इनको लगा था कि क्वात्रोकी को जैसे भगाया था, वैसे ही मामला दब जाएगा. इनको ये ज़रा भी ऐहसास नहीं था कि चौकीदार आएगा और इनके भगाए हर बिचौलिए को पाताल से भी ढूंढकर लाएगा. पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि अब धीरे-धीरे सारे घोटालों की सच्चाई सामने आ रही है. दलाली के तार जुड़ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के नेता अहमद पटेल पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि AP और फैमिली को कितना माल मिला, ये सामने आ रहा है. अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को भी याद किया.
उन्होंने (PM Modi) कहा कि आज ऐसे समय में आपके बीच आया हूं जब देश के एक महान सपूत, गोवा के विकास के लिए समर्पित, मेरे मित्र मनोहर पर्रिकर जी, हमारे बीच नहीं हैं. अपने समर्पण भाव से, अपने श्रम से कैसे कोई व्यक्ति ईमानदारी से जनहित में काम कर सकता है, ये पर्रिकर जी ने करके दिखाया. समाज के हर वर्ग के लिए सबका साथ - सबका विकास के मार्ग पर चलते हुए, कैसे काम होता है, ये पर्रिकर जी करके दिखाया. पीएम मोदी ने कहा कि देश का रक्षा मंत्री रहते हुए, देश के सैनिकों के प्रति, राष्ट्र रक्षा के लिए ज़रूरी फैसलों को लेकर जिस समर्पण भाव से मनोहर पर्रिकर जी ने काम किया, वो अतुलनीय है.
उनके रहते हुई सर्जिकल स्ट्राइक ने नए भारत की नई रीति, नई नीति की नींव रखी है. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मनोहर जी जैसे साथी के साथ मिलकर भारत के डिफेंस डॉक्ट्रिन को नई दिशा देने का अवसर मिला. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अटल जी की सरकार ने देश के शहीदों के लिए एक मानवीय फैसला लिया था.आज जो शहीदों के शव ताबूत में घर आते हैं, ऐसा पहले नहीं होता था. | मनोहर पर्रिकर को भी पीएम ने याद
गोवा के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध - पीएम मोदी
रक्षा सौदों में हुए घोटाले पर भी रखी बात | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इमरजेंसी के दिनों को दर्शाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal bihari vajpayee) की कविता को पढ़ा. कविता कुछ इस प्रकार है-:
झुलासाता जेठ मास,
शरद चांदनी उदास.
सिसकी भरते सावन का.
अंतर्घट रीत गया.
एक बरस बीत गया.
सींखचों में सिमटा जग,
किंतु विकल प्राण विहग.
धरती से अम्बर तक,
गूंज मुक्ति गीत गया.
एक बरस बीत गया.टिप्पणियां
पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.
झुलासाता जेठ मास,
शरद चांदनी उदास.
सिसकी भरते सावन का.
अंतर्घट रीत गया.
एक बरस बीत गया.
सींखचों में सिमटा जग,
किंतु विकल प्राण विहग.
धरती से अम्बर तक,
गूंज मुक्ति गीत गया.
एक बरस बीत गया.टिप्पणियां
पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.
सींखचों में सिमटा जग,
किंतु विकल प्राण विहग.
धरती से अम्बर तक,
गूंज मुक्ति गीत गया.
एक बरस बीत गया.टिप्पणियां
पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.
पथ निहारते नयन,
गिनते दिन पल छिन.
लौट कभी आएगा,
मन का जो मीत गया.
एक बरस बीत गया....
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है.
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. सोमवार को वह पहली वहां के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ट्रंप ने मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया है. | यहाँ एक सारांश है:पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के 42 साल पूरे होने का जिक्र किया
पीएम मोदी ने ईद और जगन्नाथ यात्रा की शुभकामना दी
पीएम मोदी ने खुले में शौच मुक्त होने वाले राज्यों को दी बधाई | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के आसानी से घुटने टेक देने से निराश शाहिद अफरीदी ने हालांकि भारत को बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय दिया और कहा कि गत चैंपियन टीम चैंपियंस ट्राफी के पहले मैच में खिताब के प्रबल दावेदार की तरह खेली. अफरीदी ने कहा कि उनकी टीम के खराब प्रदर्शन ने रविवार के मैच का सारा रोमांच छीन लिया. उन्होंने आईसीसी के लिये अपने कॉलम में लिखा, 'भारत पाक चैम्पियंस ट्राफी मैच में कोई रोमांच नहीं था क्योंकि पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. पाकिस्तानी समर्थक होने के नाते मुझे यह देखकर दुख हुआ लेकिन भारत ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया.'
अफरीदी ने कहा, 'भारत ने प्रबल दावेदार के रूप में खेलना शुरू किया और पूरा मैच उसी तरह से खेला. पाकिस्तान ने आसानी से घुटने टेक दिये.' भारत ने पाकिस्तान को 124 रन से हराकर शानदार शुरुआत की. अफरीदी ने पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद की रणनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'सरफराज ने टॉस जीता जो इस मौसम में काफी अहम था. बारिश की स्थिति में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा होता है, लेकिन रणनीति इतनी खराब थी और फील्डिंग बदतर कि टीम वह फायदा उठा नहीं सकी.'
मालूम हो कि चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार को खेले गए मैच में विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 124 रन (डकवर्थ लुईस नियम) से हरा दिया. बारिश के कारण यह मैच कई बार बाधित हुआ. पाकिस्तान के आमंत्रण पर पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 48 ओवर में 319 रन बनाए. चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक बनाए. रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 91, विराट कोहली ने नाबाद 81, शिखर धवन ने 68 और युवराज सिंह ने 53 रन का योगदान दिया. हरफनमौला हार्दिक पांड्या ने भी 6 गेंद पर नाबाद 20 रन का योगदान दिया.
बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को दो बार संशोाधित करना पड़ा. पहले पाकिस्तान को 48 ओवर में 324 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन इस लक्ष्य को भी बदलना पड़ा. बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को संशोधित कर 41 ओवर में 289 रन दिया गया. जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 164 रन बनाकर आउट हो गई. वहाब रियाज चोट (एबसेंट हर्ट) के कारण बैटिंग के लिए नहीं उतरे. टिप्पणियां
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में अजहर अली के 50 और मोहम्मद हफीज के 33 रन ही उल्लेखनीय रहे. भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. मैच में 32 गेंदों पर 53 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द मैच रहे.
इनपुट: भाषा
अफरीदी ने कहा, 'भारत ने प्रबल दावेदार के रूप में खेलना शुरू किया और पूरा मैच उसी तरह से खेला. पाकिस्तान ने आसानी से घुटने टेक दिये.' भारत ने पाकिस्तान को 124 रन से हराकर शानदार शुरुआत की. अफरीदी ने पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद की रणनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'सरफराज ने टॉस जीता जो इस मौसम में काफी अहम था. बारिश की स्थिति में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा होता है, लेकिन रणनीति इतनी खराब थी और फील्डिंग बदतर कि टीम वह फायदा उठा नहीं सकी.'
मालूम हो कि चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार को खेले गए मैच में विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 124 रन (डकवर्थ लुईस नियम) से हरा दिया. बारिश के कारण यह मैच कई बार बाधित हुआ. पाकिस्तान के आमंत्रण पर पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 48 ओवर में 319 रन बनाए. चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक बनाए. रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 91, विराट कोहली ने नाबाद 81, शिखर धवन ने 68 और युवराज सिंह ने 53 रन का योगदान दिया. हरफनमौला हार्दिक पांड्या ने भी 6 गेंद पर नाबाद 20 रन का योगदान दिया.
बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को दो बार संशोाधित करना पड़ा. पहले पाकिस्तान को 48 ओवर में 324 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन इस लक्ष्य को भी बदलना पड़ा. बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को संशोधित कर 41 ओवर में 289 रन दिया गया. जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 164 रन बनाकर आउट हो गई. वहाब रियाज चोट (एबसेंट हर्ट) के कारण बैटिंग के लिए नहीं उतरे. टिप्पणियां
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में अजहर अली के 50 और मोहम्मद हफीज के 33 रन ही उल्लेखनीय रहे. भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. मैच में 32 गेंदों पर 53 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द मैच रहे.
इनपुट: भाषा
मालूम हो कि चैंपियंस ट्रॉफी में रविवार को खेले गए मैच में विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 124 रन (डकवर्थ लुईस नियम) से हरा दिया. बारिश के कारण यह मैच कई बार बाधित हुआ. पाकिस्तान के आमंत्रण पर पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 48 ओवर में 319 रन बनाए. चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक बनाए. रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 91, विराट कोहली ने नाबाद 81, शिखर धवन ने 68 और युवराज सिंह ने 53 रन का योगदान दिया. हरफनमौला हार्दिक पांड्या ने भी 6 गेंद पर नाबाद 20 रन का योगदान दिया.
बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को दो बार संशोाधित करना पड़ा. पहले पाकिस्तान को 48 ओवर में 324 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन इस लक्ष्य को भी बदलना पड़ा. बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को संशोधित कर 41 ओवर में 289 रन दिया गया. जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 164 रन बनाकर आउट हो गई. वहाब रियाज चोट (एबसेंट हर्ट) के कारण बैटिंग के लिए नहीं उतरे. टिप्पणियां
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में अजहर अली के 50 और मोहम्मद हफीज के 33 रन ही उल्लेखनीय रहे. भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. मैच में 32 गेंदों पर 53 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द मैच रहे.
इनपुट: भाषा
बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को दो बार संशोाधित करना पड़ा. पहले पाकिस्तान को 48 ओवर में 324 रन बनाने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन इस लक्ष्य को भी बदलना पड़ा. बाद में बारिश के कारण लक्ष्य को संशोधित कर 41 ओवर में 289 रन दिया गया. जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 164 रन बनाकर आउट हो गई. वहाब रियाज चोट (एबसेंट हर्ट) के कारण बैटिंग के लिए नहीं उतरे. टिप्पणियां
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में अजहर अली के 50 और मोहम्मद हफीज के 33 रन ही उल्लेखनीय रहे. भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. मैच में 32 गेंदों पर 53 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द मैच रहे.
इनपुट: भाषा
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में अजहर अली के 50 और मोहम्मद हफीज के 33 रन ही उल्लेखनीय रहे. भारत की ओर से उमेश यादव ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए. मैच में 32 गेंदों पर 53 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले युवराज सिंह मैन ऑफ द मैच रहे.
इनपुट: भाषा
इनपुट: भाषा | यह एक सारांश है: पाकिस्तान पर भारत की जीत के बाद अफरीदी का आया बयान
कहा, चैंपियंस ट्रॉफी का प्रबल दावेदार है भारत
पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अगर आप चलती लोकल ट्रेन में दरवाजे पर खड़े हैं और फोन पर बात कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए. फटका गैंग आपका मोबाइल फ़ोन झपट सकता है. कुर्ला रेलवे स्टेशन पर ऐसी ही गैंग के दो सदस्य पकड़े गए हैं, जो प्लेट फॉर्म पर से छूटी गाड़ी में दरवाजे पर खड़े यात्री को फटका मारकर मोबाइल फ़ोन छीन कर जाने की फिराक में थे, लेकिन पास में ही खड़े आरपीएफ जवान को उन पर शक हो गया और लोगों की मदद से धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों के नाम नवीन प्रवीण दावने और अजीज उर रहमान खान हैं.
खास बात यह है कि फटका मारों की फोन गिराने और फिर उसे उठाने की पूरी करतूत प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी में कैद हुई है. कुर्ला आरपीएफ थाना इंचार्ज सुरेश अत्री के मुताबिक- 2 मई को शाम 6 बजकर 30 मिनट के करीब प्लेट फॉर्म नंबर 5 से जैसे ही टिटवाला के लिए लोकल गाड़ी रवाना हुई, प्लेटफॉर्म पर चल रहे एक आरोपी ने लोकल गाड़ी में दरवाजे पर खड़े होकर फोन पर बात कर रहे यात्री को हाथ से फटका मारता है. हाथ लगते ही उस यात्री का फोन प्लेटफॉर्म पर गिर जाता है. तब लोगों को बरगलाने के लिए शातिर आरोपी जोर से उस यात्री को आवाज भी देता है कि आपका फ़ोन गिर गया है. उसके बाद फोन उठाकर उसे पुलिस के पास जमा करने के नाम पर लेकर चंपत होना चाहता है, लेकिन तभी लोग घेर लेते हैं. आरपीएफ ने उसके साथी को भी पकड़ा है. चलती ट्रेन होने की वजह से पीड़ित यात्री ने अगले स्टेशन घाटकोपर से वापस आकर शिकायत दर्ज कराई और अपने फ़ोन की पहचान की. पीड़ित युवक संतोष बैत रत्नागिरी का रहने वाला है. आरपीएफ अब पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.
खास बात यह है कि फटका मारों की फोन गिराने और फिर उसे उठाने की पूरी करतूत प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी में कैद हुई है. कुर्ला आरपीएफ थाना इंचार्ज सुरेश अत्री के मुताबिक- 2 मई को शाम 6 बजकर 30 मिनट के करीब प्लेट फॉर्म नंबर 5 से जैसे ही टिटवाला के लिए लोकल गाड़ी रवाना हुई, प्लेटफॉर्म पर चल रहे एक आरोपी ने लोकल गाड़ी में दरवाजे पर खड़े होकर फोन पर बात कर रहे यात्री को हाथ से फटका मारता है. हाथ लगते ही उस यात्री का फोन प्लेटफॉर्म पर गिर जाता है. तब लोगों को बरगलाने के लिए शातिर आरोपी जोर से उस यात्री को आवाज भी देता है कि आपका फ़ोन गिर गया है. उसके बाद फोन उठाकर उसे पुलिस के पास जमा करने के नाम पर लेकर चंपत होना चाहता है, लेकिन तभी लोग घेर लेते हैं. आरपीएफ ने उसके साथी को भी पकड़ा है. चलती ट्रेन होने की वजह से पीड़ित यात्री ने अगले स्टेशन घाटकोपर से वापस आकर शिकायत दर्ज कराई और अपने फ़ोन की पहचान की. पीड़ित युवक संतोष बैत रत्नागिरी का रहने वाला है. आरपीएफ अब पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. | संक्षिप्त सारांश: फटका गैंग मोबाइल झपट लेता है
गैंग के दो लोग गिरफ्तार
लोकल ट्रेन के लोग बनते थे टारगेट | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विश्व की सर्वाधिक विशाल सक्रिय सेना, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पहली बार अपनी क्षमताओं का खुलासा करते हुए कहा है कि उसके पास अपने मिसाइलों के जखीरे से अलग कुल 14 लाख 83 हजार सैनिक हैं।
सेना, नौसेना और वायुसेना में कार्यरत सैनिकों संबंधी 23 लाख की सशक्त क्षमता वाली पीएलए के संबंध में जारी वार्षिक श्वेत-पत्र में यह जानकारी दी गई है। इसमें स्ट्रेटेजिक कमांड डिवीजन, सेकेंड आर्टिलरी फोर्स के बारे में खुलासा नहीं किया गया है जो इसके परमाणु और बैलेस्टिक मिसाइलों के जखीरे को संभालती है।
चीन के सशस्त्र बलों में विभिन्न खंडों में कार्यरत बलों के बारे में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान श्वेतपत्र जारी करते हुए रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग यूजिन पीएलए की 23 लाख की अनुमानित संख्या के संबंध में किए गए सवाल को टाल गए।
इस दस्तावेज की पड़ताल करने वाले रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि पीएलए की वास्तविक संख्या 23 लाख है क्योंकि श्वेतपत्र में चीनी सेना की मुख्य मिसाइल यूनिट सेकेंड आर्टिलरी की संख्या को शामिल नहीं किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में जवान और मोबाइल मिसाइल यूनिट शामिल हैं।
यांग ने कहा, ‘‘इससे मीडिया को सशस्त्र बलों को समझने में मदद मिलेगी।’’
1998 के बाद से चीन सरकार द्वारा जारी इस प्रकार के आठवें श्वेतपत्र के अनुसार, चीन की 18 संयुक्त कोर और अतिरिक्त स्वतंत्र संयुक्त आपरेशन ब्रिगेड में साढ़े आठ लाख सैनिक हैं। संयुक्त कोर में डिवीजन और ब्रिगेड शामिल हैं जो सात मिलिट्री एरिया कमांड के तहत काम करती हैं। पीएलए नौसेना में कुल 2.35 लाख सैनिक हैं और इसके पास तीन बेड़ों बेईहेई बेड़े, डोंगहाई बेड़े और नेनहई बेड़े की कमान है।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
सेना, नौसेना और वायुसेना में कार्यरत सैनिकों संबंधी 23 लाख की सशक्त क्षमता वाली पीएलए के संबंध में जारी वार्षिक श्वेत-पत्र में यह जानकारी दी गई है। इसमें स्ट्रेटेजिक कमांड डिवीजन, सेकेंड आर्टिलरी फोर्स के बारे में खुलासा नहीं किया गया है जो इसके परमाणु और बैलेस्टिक मिसाइलों के जखीरे को संभालती है।
चीन के सशस्त्र बलों में विभिन्न खंडों में कार्यरत बलों के बारे में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान श्वेतपत्र जारी करते हुए रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग यूजिन पीएलए की 23 लाख की अनुमानित संख्या के संबंध में किए गए सवाल को टाल गए।
इस दस्तावेज की पड़ताल करने वाले रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि पीएलए की वास्तविक संख्या 23 लाख है क्योंकि श्वेतपत्र में चीनी सेना की मुख्य मिसाइल यूनिट सेकेंड आर्टिलरी की संख्या को शामिल नहीं किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में जवान और मोबाइल मिसाइल यूनिट शामिल हैं।
यांग ने कहा, ‘‘इससे मीडिया को सशस्त्र बलों को समझने में मदद मिलेगी।’’
1998 के बाद से चीन सरकार द्वारा जारी इस प्रकार के आठवें श्वेतपत्र के अनुसार, चीन की 18 संयुक्त कोर और अतिरिक्त स्वतंत्र संयुक्त आपरेशन ब्रिगेड में साढ़े आठ लाख सैनिक हैं। संयुक्त कोर में डिवीजन और ब्रिगेड शामिल हैं जो सात मिलिट्री एरिया कमांड के तहत काम करती हैं। पीएलए नौसेना में कुल 2.35 लाख सैनिक हैं और इसके पास तीन बेड़ों बेईहेई बेड़े, डोंगहाई बेड़े और नेनहई बेड़े की कमान है।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
चीन के सशस्त्र बलों में विभिन्न खंडों में कार्यरत बलों के बारे में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान श्वेतपत्र जारी करते हुए रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग यूजिन पीएलए की 23 लाख की अनुमानित संख्या के संबंध में किए गए सवाल को टाल गए।
इस दस्तावेज की पड़ताल करने वाले रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि पीएलए की वास्तविक संख्या 23 लाख है क्योंकि श्वेतपत्र में चीनी सेना की मुख्य मिसाइल यूनिट सेकेंड आर्टिलरी की संख्या को शामिल नहीं किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में जवान और मोबाइल मिसाइल यूनिट शामिल हैं।
यांग ने कहा, ‘‘इससे मीडिया को सशस्त्र बलों को समझने में मदद मिलेगी।’’
1998 के बाद से चीन सरकार द्वारा जारी इस प्रकार के आठवें श्वेतपत्र के अनुसार, चीन की 18 संयुक्त कोर और अतिरिक्त स्वतंत्र संयुक्त आपरेशन ब्रिगेड में साढ़े आठ लाख सैनिक हैं। संयुक्त कोर में डिवीजन और ब्रिगेड शामिल हैं जो सात मिलिट्री एरिया कमांड के तहत काम करती हैं। पीएलए नौसेना में कुल 2.35 लाख सैनिक हैं और इसके पास तीन बेड़ों बेईहेई बेड़े, डोंगहाई बेड़े और नेनहई बेड़े की कमान है।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
इस दस्तावेज की पड़ताल करने वाले रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि पीएलए की वास्तविक संख्या 23 लाख है क्योंकि श्वेतपत्र में चीनी सेना की मुख्य मिसाइल यूनिट सेकेंड आर्टिलरी की संख्या को शामिल नहीं किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में जवान और मोबाइल मिसाइल यूनिट शामिल हैं।
यांग ने कहा, ‘‘इससे मीडिया को सशस्त्र बलों को समझने में मदद मिलेगी।’’
1998 के बाद से चीन सरकार द्वारा जारी इस प्रकार के आठवें श्वेतपत्र के अनुसार, चीन की 18 संयुक्त कोर और अतिरिक्त स्वतंत्र संयुक्त आपरेशन ब्रिगेड में साढ़े आठ लाख सैनिक हैं। संयुक्त कोर में डिवीजन और ब्रिगेड शामिल हैं जो सात मिलिट्री एरिया कमांड के तहत काम करती हैं। पीएलए नौसेना में कुल 2.35 लाख सैनिक हैं और इसके पास तीन बेड़ों बेईहेई बेड़े, डोंगहाई बेड़े और नेनहई बेड़े की कमान है।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
यांग ने कहा, ‘‘इससे मीडिया को सशस्त्र बलों को समझने में मदद मिलेगी।’’
1998 के बाद से चीन सरकार द्वारा जारी इस प्रकार के आठवें श्वेतपत्र के अनुसार, चीन की 18 संयुक्त कोर और अतिरिक्त स्वतंत्र संयुक्त आपरेशन ब्रिगेड में साढ़े आठ लाख सैनिक हैं। संयुक्त कोर में डिवीजन और ब्रिगेड शामिल हैं जो सात मिलिट्री एरिया कमांड के तहत काम करती हैं। पीएलए नौसेना में कुल 2.35 लाख सैनिक हैं और इसके पास तीन बेड़ों बेईहेई बेड़े, डोंगहाई बेड़े और नेनहई बेड़े की कमान है।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
पीएलए वायुसेना में सात मिलिट्री एरिया कमांड में प्रत्येक में करीब 3.98 लाख अधिकारी और सैनिक हैं। इसके अलावा इसमें एक हवाई कोर भी शामिल है।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता वाली पीएलए की सेकेंड आर्टिलरी फोर्स में परमाणु और पारंपरिक मिसाइल बल तथा आपरेशन सपोर्ट यूनिट शामिल हैं। हालांकि श्वेतपत्र में इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।टिप्पणियां
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
इस यूनिट में ‘डोंग फेंग’ बैलेस्टिक मिसाइल और ‘‘छांग जियान’’ मिसाइल की कई श्रंखलाएं मौजूद हैं। ये लंबी, मध्यम और कम दूरी की हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय रवैये और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने तथा हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रक्षा तथा सशस्त्र बल तैयार करेगा। श्वेतपत्र में यह भी कहा गया है कि चीन के समक्ष अभी भी बहुपक्षीय और पेचीदा सुरक्षा खतरे और चुनौतियां मौजूद हैं। | संक्षिप्त सारांश: विश्व की सर्वाधिक विशाल सक्रिय सेना, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पहली बार अपनी क्षमताओं का खुलासा करते हुए कहा है कि उसके पास अपने मिसाइलों के जखीरे से अलग कुल 14 लाख 83 हजार सैनिक हैं। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हत्या और डकैती के दर्जनों मामलों में वांछित एक गैंगस्टर को यहां एक गांव में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने बुधवार को बताया कि फिरोजपुर जिले में मल्लानवाला प्रखंड के कोहाला गांव में मंगलवार को अभियान के दौरान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को धर दबोच लिया गया, जबकि अशोक कुमार उर्फ अमन कुछ स्थानीय लोगों के साथ फरार होने में सफल रहा. फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव गर्ग ने बताया कि गोपी के पास से तीन हथियार बरामद किए गए. हालांकि अमन कुछ स्थानीय समर्थकों की मदद से फरार हो गया.टिप्पणियां
गर्ग ने बताया कि मल्लनवाला इलाके में कुछ गैंगस्टरों की गतिविधि के संबंध में खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने अपना अभियान शुरू किया. पुलिस गैंगस्टरों को मदद करने के संदेह में छह लोगों से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने बताया कि गोपी हत्या और डकैती के दो दर्जन से अधिक मामलों जबकि कुमार कई मामलों में वांछित था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गर्ग ने बताया कि मल्लनवाला इलाके में कुछ गैंगस्टरों की गतिविधि के संबंध में खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने अपना अभियान शुरू किया. पुलिस गैंगस्टरों को मदद करने के संदेह में छह लोगों से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने बताया कि गोपी हत्या और डकैती के दो दर्जन से अधिक मामलों जबकि कुमार कई मामलों में वांछित था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | हत्या और डकैती के दर्जनों मामलों में वांछित है गुरप्रीत उर्फ गोपी
मल्लानवाला प्रखंड के कोहाला गांव से मंगलवार को पकड़ा गया गोपी
गैंगस्टर अशोक कुमार उर्फ अमन फरार होने में कामयाब | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की किताब के बारे में खबर देते समय गुजरात के मुख्यमंत्री को बदनाम करने का आरोप लगाया।
कलाम ने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘टर्निंग प्वाइंट’ में वर्ष 2002 के गुजरात दंगे के बाद अपनी गुजरात यात्रा का जिक्र किया है।
कलाम की इस पुस्तक का जिक्र करते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर कहा कि वह मीडिया में आई खबरों से आश्चर्यचकित रह गए जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को नरेंद्र मोदी की सरकार को बचाने का प्रयास करते हुए दोषी बताया गया है।टिप्पणियां
आडवाणी ने कहा कि वाजपेयी ने सामान्य ढंग से कलाम से पूछा था, ‘क्या आप इस समय गुजरात जाना अनिवार्य समझते हैं।’ जिसका मीडिया ने यह तात्पर्य निकाला कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को गुजरात जाने से रोकना चाहते थे। आडवाणी ने कहा, ‘मैंने अक्सर पाया कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इतने व्यवस्थित और विद्वेषपूर्ण तरीके से बदनाम नहीं किया गया है जितना कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को किया गया। क्या ये खबरें जान बूझकर बदनाम करने के प्रयासों को उजागर नहीं करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार ने कलाम द्वारा अपनी पुस्तक में मोदी को दी गई बधाई की खबर नहीं दी।
भाजपा नेता ने कहा, ‘डॉ. कलाम ने इस आशंका का भी जिक्र किया है कि उन्होंने सुना था कि उनकी यात्रा का बहिष्कार किया जा सकता है। डॉ. कलाम का वास्तविक अनुभव बिल्कुल भिन्न था। मोदी और उनकी सरकार ने बड़े उत्साह से कलाम का सहयोग किया। लेकिन किसी भी पत्रकार ने उनकी बधाई संबंधी टिप्पणियों को खबर बनाना उचित नहीं समझा।’
कलाम ने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘टर्निंग प्वाइंट’ में वर्ष 2002 के गुजरात दंगे के बाद अपनी गुजरात यात्रा का जिक्र किया है।
कलाम की इस पुस्तक का जिक्र करते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर कहा कि वह मीडिया में आई खबरों से आश्चर्यचकित रह गए जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को नरेंद्र मोदी की सरकार को बचाने का प्रयास करते हुए दोषी बताया गया है।टिप्पणियां
आडवाणी ने कहा कि वाजपेयी ने सामान्य ढंग से कलाम से पूछा था, ‘क्या आप इस समय गुजरात जाना अनिवार्य समझते हैं।’ जिसका मीडिया ने यह तात्पर्य निकाला कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को गुजरात जाने से रोकना चाहते थे। आडवाणी ने कहा, ‘मैंने अक्सर पाया कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इतने व्यवस्थित और विद्वेषपूर्ण तरीके से बदनाम नहीं किया गया है जितना कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को किया गया। क्या ये खबरें जान बूझकर बदनाम करने के प्रयासों को उजागर नहीं करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार ने कलाम द्वारा अपनी पुस्तक में मोदी को दी गई बधाई की खबर नहीं दी।
भाजपा नेता ने कहा, ‘डॉ. कलाम ने इस आशंका का भी जिक्र किया है कि उन्होंने सुना था कि उनकी यात्रा का बहिष्कार किया जा सकता है। डॉ. कलाम का वास्तविक अनुभव बिल्कुल भिन्न था। मोदी और उनकी सरकार ने बड़े उत्साह से कलाम का सहयोग किया। लेकिन किसी भी पत्रकार ने उनकी बधाई संबंधी टिप्पणियों को खबर बनाना उचित नहीं समझा।’
कलाम की इस पुस्तक का जिक्र करते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर कहा कि वह मीडिया में आई खबरों से आश्चर्यचकित रह गए जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को नरेंद्र मोदी की सरकार को बचाने का प्रयास करते हुए दोषी बताया गया है।टिप्पणियां
आडवाणी ने कहा कि वाजपेयी ने सामान्य ढंग से कलाम से पूछा था, ‘क्या आप इस समय गुजरात जाना अनिवार्य समझते हैं।’ जिसका मीडिया ने यह तात्पर्य निकाला कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को गुजरात जाने से रोकना चाहते थे। आडवाणी ने कहा, ‘मैंने अक्सर पाया कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इतने व्यवस्थित और विद्वेषपूर्ण तरीके से बदनाम नहीं किया गया है जितना कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को किया गया। क्या ये खबरें जान बूझकर बदनाम करने के प्रयासों को उजागर नहीं करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार ने कलाम द्वारा अपनी पुस्तक में मोदी को दी गई बधाई की खबर नहीं दी।
भाजपा नेता ने कहा, ‘डॉ. कलाम ने इस आशंका का भी जिक्र किया है कि उन्होंने सुना था कि उनकी यात्रा का बहिष्कार किया जा सकता है। डॉ. कलाम का वास्तविक अनुभव बिल्कुल भिन्न था। मोदी और उनकी सरकार ने बड़े उत्साह से कलाम का सहयोग किया। लेकिन किसी भी पत्रकार ने उनकी बधाई संबंधी टिप्पणियों को खबर बनाना उचित नहीं समझा।’
आडवाणी ने कहा कि वाजपेयी ने सामान्य ढंग से कलाम से पूछा था, ‘क्या आप इस समय गुजरात जाना अनिवार्य समझते हैं।’ जिसका मीडिया ने यह तात्पर्य निकाला कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को गुजरात जाने से रोकना चाहते थे। आडवाणी ने कहा, ‘मैंने अक्सर पाया कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इतने व्यवस्थित और विद्वेषपूर्ण तरीके से बदनाम नहीं किया गया है जितना कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को किया गया। क्या ये खबरें जान बूझकर बदनाम करने के प्रयासों को उजागर नहीं करती हैं।’ उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार ने कलाम द्वारा अपनी पुस्तक में मोदी को दी गई बधाई की खबर नहीं दी।
भाजपा नेता ने कहा, ‘डॉ. कलाम ने इस आशंका का भी जिक्र किया है कि उन्होंने सुना था कि उनकी यात्रा का बहिष्कार किया जा सकता है। डॉ. कलाम का वास्तविक अनुभव बिल्कुल भिन्न था। मोदी और उनकी सरकार ने बड़े उत्साह से कलाम का सहयोग किया। लेकिन किसी भी पत्रकार ने उनकी बधाई संबंधी टिप्पणियों को खबर बनाना उचित नहीं समझा।’
भाजपा नेता ने कहा, ‘डॉ. कलाम ने इस आशंका का भी जिक्र किया है कि उन्होंने सुना था कि उनकी यात्रा का बहिष्कार किया जा सकता है। डॉ. कलाम का वास्तविक अनुभव बिल्कुल भिन्न था। मोदी और उनकी सरकार ने बड़े उत्साह से कलाम का सहयोग किया। लेकिन किसी भी पत्रकार ने उनकी बधाई संबंधी टिप्पणियों को खबर बनाना उचित नहीं समझा।’ | यहाँ एक सारांश है:भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की किताब के बारे में खबर देते समय गुजरात के मुख्यमंत्री को बदनाम करने का आरोप लगाया। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओलिंपिक धावक टायसन गे की बेटी ट्रिनिटी(15) की केंटुकी में गोली लगने से मौत हो गई. रविवार को टायसन के एजेंट और पुलिस अधिकारियों ने घटना के संबंध में जानकारी दी.
फयेट काउंटी के कोरोनर ऑफिस ने अपने बयान में कहा कि टायसन की बेटी ट्रिनिटी गे की यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी मेडिकल सेंटर में मौत हो गई. एथलीट के एजेंट मार्क वेटमोर ने भी AP को भेजे टेक्स्ट संदेश में घटना की पुष्टि की.
लेक्जिंगटन पुलिस ने अपने बयान में बताया कि सुबह चार बजे के करीब यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी के पास एक रेस्टोरेंट की पार्किंग में प्रत्यक्षदर्शियों ने दो गाडि़यों के बीच में गोली चलने की आवाज सुनी. पुलिस को तत्काल सूचित करने पर वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने एक गाड़ी को पकड़ लिया और दो लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है.टिप्पणियां
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस को यकीन नहीं है कि इन दोनों ही गाडि़यों में से किसी में ट्रिनिटी थी. उल्लेखनीय है कि टायसन गे पिछले तीन ओलिंपिक में हिस्सा लिया है. 2012 के लंदन ओलिंपिक में 4x100 मी रिले दौड़ जीतने वाली टीम का वह हिस्सा थे. यद्यपि 2013 में स्टेरॉयड लेने का दोषी पाए जाने के कारण उनसे मेडल छीन लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फयेट काउंटी के कोरोनर ऑफिस ने अपने बयान में कहा कि टायसन की बेटी ट्रिनिटी गे की यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी मेडिकल सेंटर में मौत हो गई. एथलीट के एजेंट मार्क वेटमोर ने भी AP को भेजे टेक्स्ट संदेश में घटना की पुष्टि की.
लेक्जिंगटन पुलिस ने अपने बयान में बताया कि सुबह चार बजे के करीब यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी के पास एक रेस्टोरेंट की पार्किंग में प्रत्यक्षदर्शियों ने दो गाडि़यों के बीच में गोली चलने की आवाज सुनी. पुलिस को तत्काल सूचित करने पर वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने एक गाड़ी को पकड़ लिया और दो लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है.टिप्पणियां
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस को यकीन नहीं है कि इन दोनों ही गाडि़यों में से किसी में ट्रिनिटी थी. उल्लेखनीय है कि टायसन गे पिछले तीन ओलिंपिक में हिस्सा लिया है. 2012 के लंदन ओलिंपिक में 4x100 मी रिले दौड़ जीतने वाली टीम का वह हिस्सा थे. यद्यपि 2013 में स्टेरॉयड लेने का दोषी पाए जाने के कारण उनसे मेडल छीन लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेक्जिंगटन पुलिस ने अपने बयान में बताया कि सुबह चार बजे के करीब यूनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी के पास एक रेस्टोरेंट की पार्किंग में प्रत्यक्षदर्शियों ने दो गाडि़यों के बीच में गोली चलने की आवाज सुनी. पुलिस को तत्काल सूचित करने पर वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने एक गाड़ी को पकड़ लिया और दो लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है.टिप्पणियां
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस को यकीन नहीं है कि इन दोनों ही गाडि़यों में से किसी में ट्रिनिटी थी. उल्लेखनीय है कि टायसन गे पिछले तीन ओलिंपिक में हिस्सा लिया है. 2012 के लंदन ओलिंपिक में 4x100 मी रिले दौड़ जीतने वाली टीम का वह हिस्सा थे. यद्यपि 2013 में स्टेरॉयड लेने का दोषी पाए जाने के कारण उनसे मेडल छीन लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक पुलिस को यकीन नहीं है कि इन दोनों ही गाडि़यों में से किसी में ट्रिनिटी थी. उल्लेखनीय है कि टायसन गे पिछले तीन ओलिंपिक में हिस्सा लिया है. 2012 के लंदन ओलिंपिक में 4x100 मी रिले दौड़ जीतने वाली टीम का वह हिस्सा थे. यद्यपि 2013 में स्टेरॉयड लेने का दोषी पाए जाने के कारण उनसे मेडल छीन लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टायसन गे ने तीन ओलिंपिक में लिया हिस्सा
बेटी की आयु 15 वर्ष थी
एथलीट के एजेंट ने घटना की पुष्टि की | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पारुपल्ली कश्यप का भले ही गुरुवार को कोर्ट पर भाग्य साथ नहीं दे पाया लेकिन भारत का यह स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ताजा विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर पर पहुंचने में सफल रहा जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग भी है। कश्यप को सोल में कोरिया ओपन से बाहर होने के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग की खबर पता चली जिससे इस शटलर को राहत मिली है।टिप्पणियां
वह हार से निराश हैं लेकिन प्रकाश पादुकोण और अपने मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के बाद इतनी ऊंची रैंकिंग पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बनने से उन्हें हार से उबरने में मदद मिलेगी। कश्यप ने कोरिया से कहा, ‘‘मुझे आज जीतना चाहिए था। भाग्य ने मेरा साथ नहीं दिया। तीसरे गेम में मैं 16-14 से बढ़त पर था लेकिन तभी रैकेट का एक धागा टूट गया और मेरा शॉट नेट पर चला गया। इसके बाद 17-16 पर भी फिर से धागा टूटने से स्मैश बाहर चला गया। उसने अगले दो अंक हासिल किये। कई बार भाग्य हमारा साथ नहीं देता। कुल मिलाकर मुझे खुशी है कि मैं आज विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मैच के बाद रैंकिंग के बारे में पता चला। मैं बहुत खुश हूं। यह प्रकाश और गोपी सर के बाद भारत की तरफ से पुरुष एकल खिलाड़ी की तीसरी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।’’ इस बीच महिला वर्ग में युवा खिलाड़ी पीवी सिंधु ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 17वीं रैंकिंग हासिल की। साइना नेहवाल पहले की तरह तीसरे नंबर पर बनी हुई हैं।
वह हार से निराश हैं लेकिन प्रकाश पादुकोण और अपने मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के बाद इतनी ऊंची रैंकिंग पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बनने से उन्हें हार से उबरने में मदद मिलेगी। कश्यप ने कोरिया से कहा, ‘‘मुझे आज जीतना चाहिए था। भाग्य ने मेरा साथ नहीं दिया। तीसरे गेम में मैं 16-14 से बढ़त पर था लेकिन तभी रैकेट का एक धागा टूट गया और मेरा शॉट नेट पर चला गया। इसके बाद 17-16 पर भी फिर से धागा टूटने से स्मैश बाहर चला गया। उसने अगले दो अंक हासिल किये। कई बार भाग्य हमारा साथ नहीं देता। कुल मिलाकर मुझे खुशी है कि मैं आज विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मैच के बाद रैंकिंग के बारे में पता चला। मैं बहुत खुश हूं। यह प्रकाश और गोपी सर के बाद भारत की तरफ से पुरुष एकल खिलाड़ी की तीसरी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।’’ इस बीच महिला वर्ग में युवा खिलाड़ी पीवी सिंधु ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 17वीं रैंकिंग हासिल की। साइना नेहवाल पहले की तरह तीसरे नंबर पर बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मैच के बाद रैंकिंग के बारे में पता चला। मैं बहुत खुश हूं। यह प्रकाश और गोपी सर के बाद भारत की तरफ से पुरुष एकल खिलाड़ी की तीसरी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।’’ इस बीच महिला वर्ग में युवा खिलाड़ी पीवी सिंधु ने भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 17वीं रैंकिंग हासिल की। साइना नेहवाल पहले की तरह तीसरे नंबर पर बनी हुई हैं। | यहाँ एक सारांश है:पारुपल्ली कश्यप का भले ही गुरुवार को कोर्ट पर भाग्य साथ नहीं दे पाया लेकिन भारत का यह स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ताजा विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर पर पहुंचने में सफल रहा जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग भी है। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल के निधन के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति ने सोमवार को बैठक की।
किम जोंग इल के निधन के बाद उत्तर कोरिया में परिवर्तनों की परिस्थितियां बन रही हैं। उत्तर कोरिया से असहमति के बावजूद वहां पर दक्षिण कोरिया और चीन दोनों के महत्वपूर्ण हित हैं।टिप्पणियां
जब भी दक्षिण कोरिया और चीन के नेताओं की मुलाकात होती थी उत्तर कोरिया एक चर्चा का मुद्दा होता था। परंतु गत महीने किम जांेग इल के निधन के बाद यह मुद्दो केंद्र बिंदु में आ गया।
दक्षिण कोरिया की संवाद समिति योनहाप ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक और चीन के राष्ट्रपति हूं जिंताओ ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेता शांति और स्थिरता के लिए एकसाथ काम करने पर सहमत हुए।
किम जोंग इल के निधन के बाद उत्तर कोरिया में परिवर्तनों की परिस्थितियां बन रही हैं। उत्तर कोरिया से असहमति के बावजूद वहां पर दक्षिण कोरिया और चीन दोनों के महत्वपूर्ण हित हैं।टिप्पणियां
जब भी दक्षिण कोरिया और चीन के नेताओं की मुलाकात होती थी उत्तर कोरिया एक चर्चा का मुद्दा होता था। परंतु गत महीने किम जांेग इल के निधन के बाद यह मुद्दो केंद्र बिंदु में आ गया।
दक्षिण कोरिया की संवाद समिति योनहाप ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक और चीन के राष्ट्रपति हूं जिंताओ ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेता शांति और स्थिरता के लिए एकसाथ काम करने पर सहमत हुए।
जब भी दक्षिण कोरिया और चीन के नेताओं की मुलाकात होती थी उत्तर कोरिया एक चर्चा का मुद्दा होता था। परंतु गत महीने किम जांेग इल के निधन के बाद यह मुद्दो केंद्र बिंदु में आ गया।
दक्षिण कोरिया की संवाद समिति योनहाप ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक और चीन के राष्ट्रपति हूं जिंताओ ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेता शांति और स्थिरता के लिए एकसाथ काम करने पर सहमत हुए।
दक्षिण कोरिया की संवाद समिति योनहाप ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक और चीन के राष्ट्रपति हूं जिंताओ ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेता शांति और स्थिरता के लिए एकसाथ काम करने पर सहमत हुए। | संक्षिप्त सारांश: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग इल के निधन के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति ने सोमवार को बैठक की। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंबेडकर भवन गिराने की निंदा के लिए डॉ बाबासाहब अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व में मंगलवार को दक्षिण मुंबई में एक बड़ी विरोध प्रदर्शन रैली निकाली गई। पार्टी लाइन से इतर मौजूद नेताओं ने मंच साझा किया और मामले पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार को निशाने पर लिया।
बायकला में शुरू हुई रैली दोपहर में दक्षिण मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुख्यालय पर पहुंची।
माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, शिवसेना नेता नीलम गोरहे, कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़, एआईएमआईएम के विधायक वारिस पठान सहित अन्य ने सभा को संबोधित किया।टिप्पणियां
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर भवन गिराने को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रत्नाकर गायकवाड़ और पीपुल्स इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एक ट्रस्टी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बायकला में शुरू हुई रैली दोपहर में दक्षिण मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मुख्यालय पर पहुंची।
माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, शिवसेना नेता नीलम गोरहे, कांग्रेस विधायक वर्षा गायकवाड़, एआईएमआईएम के विधायक वारिस पठान सहित अन्य ने सभा को संबोधित किया।टिप्पणियां
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर भवन गिराने को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रत्नाकर गायकवाड़ और पीपुल्स इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एक ट्रस्टी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर भवन गिराने को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रत्नाकर गायकवाड़ और पीपुल्स इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एक ट्रस्टी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व में एक बड़ी रैली निकाली गई
पार्टी लाइन से इतर मौजूद नेताओं ने मंच साझा किया
सीताराम येचुरी, कन्हैया कुमार ने सभा को संबोधित किया | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समुद्र में बढ़ती लूट की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भारत एक घरेलू कानून बनाने पर विचार कर रहा है। इस कानून से खासकर सोमालियाई लुटेरों की भारतीय तट में बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को दावा किया कि भारतीय और अन्य देशों की नौसेनाएं सोमालियाई लुटेरों पर शिकंजा कसने में कामयाब हुई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इसके परिणामस्वरूप उन्होंने हिंद महासागर की ओर रुख कर लिया है।" एक अन्य अधिकारी ने स्वीकार किया कि स्थिति 'गम्भीर' और 'दुखद' है लेकिन भारत सरकार सोमालियाई लुटेरों के कब्जे में अभी भी मौजूद 53 भारतीय नाविकों को मुक्त कराने का हरसम्भव प्रयास कर रही है। एक अधिकारी ने कहा, "समुद्री लूट से निपटने के लिए कोई अंतर्राष्ट्रीय कानून नहीं है। हम एक घरेलू कानून पर काम कर रहे हैं। हाल के वर्षो में सुमद्री लुटेरों की धमकियां बढ़ी हैं। यह बेहद जटिल मुद्दा है।" उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून में भारतीय समुद्र सीमा में प्रवेश करने वाले समुद्री लुटेरों से सख्ती से निपटने का प्रावधान होगा। अधिकारी ने बताया कि सोमालियाई लुटेरों ने वर्ष 2010 में 1016 लोगों को बंधक बनाया। इनमें से 638 अभी भी बंधक हैं। लुटेरों ने पिछले वर्ष कुल 49 जहाजों को अगवा किया। अधिकारी के अनुसार समुद्री लुटेरों ने वर्ष 2007 से कुल 175 भारतीय नाविकों को अगवा किया। इनमें से 122 नाविकों को उन्होंने रिहा कर दिया जबकि 53 अभी भी उनके कब्जे में हैं। | इस कानून से खासकर सोमालियाई लुटेरों की भारतीय तट में बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने ओवल में अब तक काफी निराश किया है। खेल के पहले सीजन में कुल 26 ओवरों की गेंदबाज़ी हुई, जिसमें रन तो केवल 75 ही बने, लेकिन इन चारों गेंदबाज़ों ने कोई कामयाबी हासिल नहीं की। आरपी सिंह ने 10 ओवरों में 3 मेडन फेंके हैं और इसमें महज 24 रन दिए लेकिन वे एक बार भी बल्लेबाज़ों को छकाने में कामयाब नहीं हुए। ईशांत शर्मा इस पूरे दौरे पर लय में आने के लिए संघर्ष कर रहे हैं यहां भी उनका संघर्ष जारी रहा है। 8 ओवरों में 17 रन दिए, लेकिन विकेट का इंतज़ार कायम है। इनमें सबसे ज्यादा महंगे साबित हुए श्रीसंत जिन्होंने 6 ओवरों में 4 से ज्यादा की औसत से 26 रन दे दिए। इस मैच में आरपी सिंह पर सबकी नज़रें थीं लेकिन पहले दिन के पहले सेशन में उन्होंने निराश किया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्हें मैच के पिछले दिन ही पता चला था कि वो खेल रहे हैं। इंग्लैंड जाने से पहले उन्होंने कुछ वनडे मैचों में हिस्सा लिया था। मैच की शुरुआत के समय वो थोड़े नर्वस थे लेकिन मैदान में कुछ समय बिताने के बाद वो ठीक हो गए, इसी वजह से शुरुआती ओवर उन्होनें खराब किए थे लेकिन आने वाले दिनों में वो अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगे। | खेल के पहले सीजन में कुल 26 ओवरों की गेंदबाज़ी हुई, जिसमें रन तो केवल 75 ही बने, लेकिन इन चारों गेंदबाज़ों ने कोई कामयाबी हासिल नहीं की। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आतंकवाद से मुकाबले के लिए नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (एनसीटीसी) के गठन की घोषणा को लेकर केंद्र सरकार शुक्रवार को मुश्किलों में फंस गई। सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राज्य सरकार के अधिकारों का हनन बताते हुए इस पर अपना विरोध जताया।
इस बीच, कांग्रेस ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में अपनी एक प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस द्वारा भी इसका विरोध किए जाने पर अपने तेवर कुछ हद तक ढीले किए। केंद्र सरकार के संकटमोचक प्रणब मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल में कहा कि इस पर कोई भी फैसला आलोचनाओं के अध्ययन के बाद ही लिया जाएगा।
एनसीटीसी के गठन की केंद्र सरकार की घोषणा को राज्यों के अधिकार क्षेत्र का हनन बताने वालों की जमात में शुक्रवार को तूणमूल अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हो गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों- गुजरात, मध्य प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ बिहार में भाजपा-जनता दल (युनाइटेड) गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने भी केंद्र सरकार की इस घोषणा का विरोध किया। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी एनसीटीसी के खिलाफ आवाज बुलंद की।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अलग-अलग पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि एनसीटीसी का गठन संघीय ढांचे तथा राज्यों के अधिकारों का हनन होगा।
आतंकवाद विरोधी इस सशक्त एजेंसी की संकल्पना केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पेश की, जो देश में आतंकवाद के खतरों से सम्बंधित सूचनाओं को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। इसका कामकाज एक मार्च से शुरू होने वाला है।
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
इस बीच, कांग्रेस ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में अपनी एक प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस द्वारा भी इसका विरोध किए जाने पर अपने तेवर कुछ हद तक ढीले किए। केंद्र सरकार के संकटमोचक प्रणब मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल में कहा कि इस पर कोई भी फैसला आलोचनाओं के अध्ययन के बाद ही लिया जाएगा।
एनसीटीसी के गठन की केंद्र सरकार की घोषणा को राज्यों के अधिकार क्षेत्र का हनन बताने वालों की जमात में शुक्रवार को तूणमूल अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हो गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों- गुजरात, मध्य प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ बिहार में भाजपा-जनता दल (युनाइटेड) गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने भी केंद्र सरकार की इस घोषणा का विरोध किया। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी एनसीटीसी के खिलाफ आवाज बुलंद की।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अलग-अलग पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि एनसीटीसी का गठन संघीय ढांचे तथा राज्यों के अधिकारों का हनन होगा।
आतंकवाद विरोधी इस सशक्त एजेंसी की संकल्पना केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पेश की, जो देश में आतंकवाद के खतरों से सम्बंधित सूचनाओं को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। इसका कामकाज एक मार्च से शुरू होने वाला है।
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
एनसीटीसी के गठन की केंद्र सरकार की घोषणा को राज्यों के अधिकार क्षेत्र का हनन बताने वालों की जमात में शुक्रवार को तूणमूल अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हो गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों- गुजरात, मध्य प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ बिहार में भाजपा-जनता दल (युनाइटेड) गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने भी केंद्र सरकार की इस घोषणा का विरोध किया। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी एनसीटीसी के खिलाफ आवाज बुलंद की।
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अलग-अलग पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि एनसीटीसी का गठन संघीय ढांचे तथा राज्यों के अधिकारों का हनन होगा।
आतंकवाद विरोधी इस सशक्त एजेंसी की संकल्पना केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पेश की, जो देश में आतंकवाद के खतरों से सम्बंधित सूचनाओं को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। इसका कामकाज एक मार्च से शुरू होने वाला है।
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अलग-अलग पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि एनसीटीसी का गठन संघीय ढांचे तथा राज्यों के अधिकारों का हनन होगा।
आतंकवाद विरोधी इस सशक्त एजेंसी की संकल्पना केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पेश की, जो देश में आतंकवाद के खतरों से सम्बंधित सूचनाओं को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। इसका कामकाज एक मार्च से शुरू होने वाला है।
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
आतंकवाद विरोधी इस सशक्त एजेंसी की संकल्पना केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पेश की, जो देश में आतंकवाद के खतरों से सम्बंधित सूचनाओं को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। इसका कामकाज एक मार्च से शुरू होने वाला है।
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
इस सशक्त एजेंसी को अधिकार गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से मिलेंगे, जो केंद्र सरकार की एजेंसियों को आतंकवाद से सम्बंधित मामलों में किसी भी राज्य में छापेमारी या गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसके लिए उसे राज्य सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने जोर देत हुए कहा कि सरकार कोई नया कानून नहीं बना रही। उन्होंने हालांकि एनसीटीसी के गठन को उचित ठहराते हुए कहा, "एनसीटीसी की अधिसूचना जारी करने से पहले राज्यों से मशविरे की कोई आवश्यकता है। यह आतंकवाद से लड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए गठित किया गया है।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस सम्बंध में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव समर घोष से भी बात की और उन्हें स्पष्ट किया कि कोई नया कानून नहीं बनाया जा रहा।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने चेताया कि राज्यों के अधिकारों में कटौती का कोई भी प्रयास केंद्र सरकार की स्थिरता के लिए घातक हो सकता है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने भी कहा, "आतंकवाद राष्ट्रीय समस्या है। यदि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री इस समस्या को लेकर गम्भीर हैं तो उन्हें राज्य सरकारों को भरोसे में लेना चाहिए था।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
ओडिशा के मुख्यमंत्री पटनायक ने एनसीटीसी को 'डरावना' करार दिया और मनमोहन सिंह से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने ही इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्पर्क किया। उनका कहना है कि एनसीटीसी के गठन की घोषणा से पहले राज्यों से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।टिप्पणियां
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
वहीं, ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर एनसीटीसी के गठन को लेकर दिए गए कार्यकारी आदेश की 'समीक्षा तथा इसे वापस लेने' की मांग की। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी द्वारा 'शक्ति के मनमाने इस्तेमाल' से संविधान में वर्णित राज्यों के अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का उल्लंघन होगा।
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।"
ममता के सहयोगी व केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुल्तान अहमद ने कहा, "केंद्र सरकार में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि हम अपने राज्य का हित भूल जाएं।" | संक्षिप्त पाठ: आतंकवाद से मुकाबले के लिए नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (एनसीटीसी) के गठन की घोषणा को लेकर केंद्र सरकार शुक्रवार को मुश्किलों में फंस गई। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उनकी पत्नी और चार अन्य लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है। वे जिस हेलीकॉप्टर में सवार थे, उसके हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण वे घायल हो गए थे।टिप्पणियां
अपोलो अस्पताल के अधीक्षक पीडी सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री और अन्य लोगों की हालत स्थिर है और बेहतर हो रही है। उनकी स्थिति के बारे में दिन में दूसरा बुलेटिन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर आघात प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर बुधवार को एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण उसमें सवार 44 वर्षीय मुंडा, उनकी पत्नी और चार अन्य लोग घायल हो गए। मुंडा के दाहिने टखने में दरार आ गई है और उनका बांये हाथ में खरोंचें हैं। उन्होंने बताया कि मुंडा की पत्नी मीरा और दो पायलटों जेपीएस कौशिक और विपुल कुमार सिंह की भी हालत स्थिर है। इनकी हड्डी में भी दरार आ गई थी। उन्होंने बताया कि मुंडा के सुरक्षा अधिकारी मनोज सिंह भी अब सामान्य हैं।
अपोलो अस्पताल के अधीक्षक पीडी सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री और अन्य लोगों की हालत स्थिर है और बेहतर हो रही है। उनकी स्थिति के बारे में दिन में दूसरा बुलेटिन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर आघात प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर बुधवार को एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण उसमें सवार 44 वर्षीय मुंडा, उनकी पत्नी और चार अन्य लोग घायल हो गए। मुंडा के दाहिने टखने में दरार आ गई है और उनका बांये हाथ में खरोंचें हैं। उन्होंने बताया कि मुंडा की पत्नी मीरा और दो पायलटों जेपीएस कौशिक और विपुल कुमार सिंह की भी हालत स्थिर है। इनकी हड्डी में भी दरार आ गई थी। उन्होंने बताया कि मुंडा के सुरक्षा अधिकारी मनोज सिंह भी अब सामान्य हैं।
बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर बुधवार को एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण उसमें सवार 44 वर्षीय मुंडा, उनकी पत्नी और चार अन्य लोग घायल हो गए। मुंडा के दाहिने टखने में दरार आ गई है और उनका बांये हाथ में खरोंचें हैं। उन्होंने बताया कि मुंडा की पत्नी मीरा और दो पायलटों जेपीएस कौशिक और विपुल कुमार सिंह की भी हालत स्थिर है। इनकी हड्डी में भी दरार आ गई थी। उन्होंने बताया कि मुंडा के सुरक्षा अधिकारी मनोज सिंह भी अब सामान्य हैं। | यहाँ एक सारांश है:झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उनकी पत्नी और चार अन्य लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है। वे जिस हेलीकॉप्टर में सवार थे, उसके हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण वे घायल हो गए थे। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में बिखराव शनिवार को भाजपा के यह कहने के साथ ही सतह पर आ गया कि यदि नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ने का फैसला ले ही लिया है तो वह इस्तीफा देकर ताजा जनादेश हासिल करें।
भाजपा नेता और मंत्री चंद्रमोहन राय ने मीडिया से कहा कि बिहार में 2010 में जनादेश जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा को संयुक्त रूप से शासन करने के लिए मिला था।
"नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें, क्योंकि राज्य की जनता ने 2010 में राजग को जनादेश दिया था।"
एक अन्य भाजपा नेता और सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने भी इसी प्रकार की मांग की। उन्होंने कहा, "यदि गठबंधन टूटता है तो नीतीश कुमार इस्तीफा दें और ताजा जनादेश हासिल करें।"
भाजपा नेताओं की यह मांग बिहार में गठबंधन में बढ़ते तनाव के कारण उठी है। नीतीश कुमार के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति के कारण गठबंधन में तनाव पैदा हुआ।
इससे पहले, शनिवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से मुलाकात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि नरेंद्र मोदी का मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
भाजपा नेता और मंत्री चंद्रमोहन राय ने मीडिया से कहा कि बिहार में 2010 में जनादेश जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा को संयुक्त रूप से शासन करने के लिए मिला था।
"नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें, क्योंकि राज्य की जनता ने 2010 में राजग को जनादेश दिया था।"
एक अन्य भाजपा नेता और सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने भी इसी प्रकार की मांग की। उन्होंने कहा, "यदि गठबंधन टूटता है तो नीतीश कुमार इस्तीफा दें और ताजा जनादेश हासिल करें।"
भाजपा नेताओं की यह मांग बिहार में गठबंधन में बढ़ते तनाव के कारण उठी है। नीतीश कुमार के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति के कारण गठबंधन में तनाव पैदा हुआ।
इससे पहले, शनिवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से मुलाकात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि नरेंद्र मोदी का मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
"नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें, क्योंकि राज्य की जनता ने 2010 में राजग को जनादेश दिया था।"
एक अन्य भाजपा नेता और सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने भी इसी प्रकार की मांग की। उन्होंने कहा, "यदि गठबंधन टूटता है तो नीतीश कुमार इस्तीफा दें और ताजा जनादेश हासिल करें।"
भाजपा नेताओं की यह मांग बिहार में गठबंधन में बढ़ते तनाव के कारण उठी है। नीतीश कुमार के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति के कारण गठबंधन में तनाव पैदा हुआ।
इससे पहले, शनिवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से मुलाकात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि नरेंद्र मोदी का मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
एक अन्य भाजपा नेता और सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने भी इसी प्रकार की मांग की। उन्होंने कहा, "यदि गठबंधन टूटता है तो नीतीश कुमार इस्तीफा दें और ताजा जनादेश हासिल करें।"
भाजपा नेताओं की यह मांग बिहार में गठबंधन में बढ़ते तनाव के कारण उठी है। नीतीश कुमार के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति के कारण गठबंधन में तनाव पैदा हुआ।
इससे पहले, शनिवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से मुलाकात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि नरेंद्र मोदी का मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
भाजपा नेताओं की यह मांग बिहार में गठबंधन में बढ़ते तनाव के कारण उठी है। नीतीश कुमार के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति के कारण गठबंधन में तनाव पैदा हुआ।
इससे पहले, शनिवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से मुलाकात करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि नरेंद्र मोदी का मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
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मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि नीतीश कुमार ने सुशील मोदी और सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव को राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाया था।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
भाजपा नेता नंद किशोर बिहार में राजग के संयोजक भी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री ने चर्चा के लिए उन्हें और सुशील मोदी को बुलाया था।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
अभी हाल तक सुशील कुमार मोदी न केवल नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं, बल्कि वे जदयू के साथ साझेदारी के पुरजोर समर्थक भी रहे हैं। उन्होंने अब अपना रवैया बदल लिया है।
बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
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अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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बिहार सरकार में भाजपा कोटे के मंत्री पिछले दो दिनों से कार्यालय जाना बंद कर रखा है।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
जदयू नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भाजपा को नरेंद्र मोदी पर अपना रुख साफ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शाही ने कहा, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जदयू के लिए गठबंधन का हिस्सा बने रहना संभव नहीं है।"
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार में राजनीतिक स्थिति 'कठिन' बताया था।टिप्पणियां
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
अब सभी की निगाहें जदयू अध्यक्ष शरद यादव पर टिकी हैं। वे शनिवार रात यहां पहुंचेंगे और नीतीश कुमार एवं पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी।
जदयू के एक अन्य नेता ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है और इस संबंध में रविवार को घोषणा की जाएगी। | बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में बिखराव शनिवार को भाजपा के यह कहने के साथ ही सतह पर आ गया कि यदि नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ने का फैसला ले ही लिया है तो वह इस्तीफा देकर ताजा जनादेश हासिल करें। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डीजल का दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ा दिया गया है। जनवरी के बाद से देश में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन के दामों में यह तीसरी बढ़ोतरी है।
इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने कहा कि डीजल के दाम शुक्रवार की मध्यरात्रि से 45 पैसे लिटर बढ़ जाएंगे। इसमें वैट शामिल नहीं है। दिल्ली में डीजल का दाम स्थानीय बिक्रीकर और वैट को जोड़ने के बाद 51 पैसे लिटर बढ़कर 48.67 रुपये प्रति लिटर हो जाएगा। अभी यह 48.16 रुपये प्रति लिटर है।
सरकार ने इस साल जनवरी में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल कीमतों में मासिक आधार पर छोटी यानी 50 पैसे प्रति लिटर वृद्धि तक की अनुमति दी थी। यह वृद्धि उस समय तक की जाएगी, जब तक कि डीजल की बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को हो रहा घाटा बराबर नहीं हो जाता।
पेट्रोलियम कंपनियों ने 18 जनवरी को डीजल के दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ाए थे। उसके बाद 16 फरवरी को भी डीजल कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी। 16 मार्च को पेट्रोल कीमतों में 2.40 रुपये लिटर की कटौती की गई थी और उसी दिन डीजल के दाम बढ़ने थे, लेकिन संसद में सरकार को परेशानी से बचाने के लिए यह फैसला टाल दिया गया था।
आज से संसद एक माह के लिए स्थगित हो गई है। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने कहा कि डीजल के दाम शुक्रवार की मध्यरात्रि से 45 पैसे लिटर बढ़ जाएंगे। इसमें वैट शामिल नहीं है। दिल्ली में डीजल का दाम स्थानीय बिक्रीकर और वैट को जोड़ने के बाद 51 पैसे लिटर बढ़कर 48.67 रुपये प्रति लिटर हो जाएगा। अभी यह 48.16 रुपये प्रति लिटर है।
सरकार ने इस साल जनवरी में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल कीमतों में मासिक आधार पर छोटी यानी 50 पैसे प्रति लिटर वृद्धि तक की अनुमति दी थी। यह वृद्धि उस समय तक की जाएगी, जब तक कि डीजल की बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को हो रहा घाटा बराबर नहीं हो जाता।
पेट्रोलियम कंपनियों ने 18 जनवरी को डीजल के दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ाए थे। उसके बाद 16 फरवरी को भी डीजल कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी। 16 मार्च को पेट्रोल कीमतों में 2.40 रुपये लिटर की कटौती की गई थी और उसी दिन डीजल के दाम बढ़ने थे, लेकिन संसद में सरकार को परेशानी से बचाने के लिए यह फैसला टाल दिया गया था।
आज से संसद एक माह के लिए स्थगित हो गई है। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
सरकार ने इस साल जनवरी में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल कीमतों में मासिक आधार पर छोटी यानी 50 पैसे प्रति लिटर वृद्धि तक की अनुमति दी थी। यह वृद्धि उस समय तक की जाएगी, जब तक कि डीजल की बिक्री पर पेट्रोलियम कंपनियों को हो रहा घाटा बराबर नहीं हो जाता।
पेट्रोलियम कंपनियों ने 18 जनवरी को डीजल के दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ाए थे। उसके बाद 16 फरवरी को भी डीजल कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी। 16 मार्च को पेट्रोल कीमतों में 2.40 रुपये लिटर की कटौती की गई थी और उसी दिन डीजल के दाम बढ़ने थे, लेकिन संसद में सरकार को परेशानी से बचाने के लिए यह फैसला टाल दिया गया था।
आज से संसद एक माह के लिए स्थगित हो गई है। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
पेट्रोलियम कंपनियों ने 18 जनवरी को डीजल के दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ाए थे। उसके बाद 16 फरवरी को भी डीजल कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी। 16 मार्च को पेट्रोल कीमतों में 2.40 रुपये लिटर की कटौती की गई थी और उसी दिन डीजल के दाम बढ़ने थे, लेकिन संसद में सरकार को परेशानी से बचाने के लिए यह फैसला टाल दिया गया था।
आज से संसद एक माह के लिए स्थगित हो गई है। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
आज से संसद एक माह के लिए स्थगित हो गई है। इसके बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
आईओसी ने कहा है कि इस वृद्धि के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल की प्रति लिटर की बिक्री पर अंतरराष्ट्रीय मूल्य के हिसाब से 8.19 रुपये का नुकसान हो रहा है।टिप्पणियां
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों को मिट्टी के तेल पर प्रति लिटर 33.43 रुपये और 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर 439 रुपये की कमाई का नुकसान हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन की बिक्री से 1,63,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। अकेले आईओसी का राजस्व नुकसान 86,400 करोड़ रुपये रहेगा।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है।
जनवरी के बाद से तीन किस्तों में डीजल के दाम 1.50 रुपये प्रति लिटर बढ़े हैं। मुंबई में कल से डीजल का दाम 54.83 रुपये लिटर हो जाएगा, जो अभी 54.26 रुपये लिटर है। | यह एक सारांश है: डीजल का दाम 45 पैसे प्रति लिटर बढ़ा दिया गया है। जनवरी के बाद से देश में सबसे ज्यादा खपत वाले ईंधन के दामों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में चलती बस में 23-वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी निर्मम हत्या के मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया है, जहां अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।टिप्पणियां
इस बीच, गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक राम सिंह, मामले की सुनवाई दिल्ली से बाहर कराए जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का विचार कर रहा है। राम सिंह के वकील वीके आनंद ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके मुवक्किल के लिए दिल्ली में सही सुनवाई संभव नहीं है।
आनंद ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उनके मुवक्किल को लेकर पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश (जहां की पीड़ित थी) को छोड़कर देश में कहीं भी कराई जाए। इससे पहले, एक अन्य आरोपी मुकेश के वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस जेल में आरोपियों को शारीरिक प्रताड़ना दे रही है।
इस बीच, गिरफ्तार छह आरोपियों में से एक राम सिंह, मामले की सुनवाई दिल्ली से बाहर कराए जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का विचार कर रहा है। राम सिंह के वकील वीके आनंद ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके मुवक्किल के लिए दिल्ली में सही सुनवाई संभव नहीं है।
आनंद ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उनके मुवक्किल को लेकर पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश (जहां की पीड़ित थी) को छोड़कर देश में कहीं भी कराई जाए। इससे पहले, एक अन्य आरोपी मुकेश के वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस जेल में आरोपियों को शारीरिक प्रताड़ना दे रही है।
आनंद ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उनके मुवक्किल को लेकर पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश (जहां की पीड़ित थी) को छोड़कर देश में कहीं भी कराई जाए। इससे पहले, एक अन्य आरोपी मुकेश के वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस जेल में आरोपियों को शारीरिक प्रताड़ना दे रही है। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में चलती बस में 23-वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी निर्मम हत्या के मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया है, जहां अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मॉडल और नवोदित अभिनेत्री कृतिका चौधरी की रहस्यमय मौत ने मुंबई पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है. पहले जहां यह एक हादसा लग रहा था वहीं अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ हो गया है कि कृतिका की मौत उसके सिर में चोट लगने की वजह से हुई है.
कृतिका के घर से हाथ में पहना जाने वाला नुकीला पंच बरामद हुआ है. शक है कि हत्या उसी से की गई है. साथ में खून से सनी एक शर्ट और टी शर्ट भी मिली है. नए खुलासे के बाद अंबोली पुलिस ने मामले में धारा 302 भी जोड़ दी है.
इलाके के एसीपी अरुण चव्हाण ने बताया कि पुलिस को अंधेरी पश्चिम में चार बंगला के भैरवनाथ बिल्डिंग की पांचवी मंजिल के एक घर से बदबू आने की सूचना मिली थी. पुलिस जब वहां पहुंची तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था और घर का एसी चल रहा था. अंदर जाने पर कृतिका का शव पड़ा मिला. शव सड़ना शुरू हो गया था. पुलिस को शक है कि कृतिका की मौत तीन से चार दिन पहले हुई होगी.टिप्पणियां
अंधेरी पश्चिम में चारबंगला की भैरवनाथ बिल्डिंग में रहने वाली कृतिका पेशे से मॉडल और अभिनेत्री थी. हरिद्वार से आई कृतिका बॉलीवुड में अपने पैर जमाने में जुटी थी. वह टीवी सीरियल में काम करने के अलावा फिल्म ‘रज्जो’ और ‘मुंबई कैन डांस साला’ में भी काम कर चुकी थी. बिल्डिंग के सामने बने मंदिर के पुजारी और कृतिका को जानने वाले अभिमन्यु पंडित के मुताबिक वह तकरीबन दो साल से उस मकान में किराए पर अकेली रह रही थी. कभी किसी से उसका कोई विवाद नहीं हुआ था.
इस बीच बिल्डिंग के चौकीदार से पूछताछ में पता चला है कि तीन दिन पहले दो लोग कृतिका से मिलने आए थे. पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. बिल्डिंग के बाहर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी खंगाली जा रही हैं.
पुलिस के मुताबिक घर से किसी भी तरह की चोरी के सबूत नहीं मिले हैं इसलिए आपसी विवाद ही हत्या की वजह हो सकती है. कृतिका के करीबी दोस्त भी शक के दायरे में हैं.
कृतिका के घर से हाथ में पहना जाने वाला नुकीला पंच बरामद हुआ है. शक है कि हत्या उसी से की गई है. साथ में खून से सनी एक शर्ट और टी शर्ट भी मिली है. नए खुलासे के बाद अंबोली पुलिस ने मामले में धारा 302 भी जोड़ दी है.
इलाके के एसीपी अरुण चव्हाण ने बताया कि पुलिस को अंधेरी पश्चिम में चार बंगला के भैरवनाथ बिल्डिंग की पांचवी मंजिल के एक घर से बदबू आने की सूचना मिली थी. पुलिस जब वहां पहुंची तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था और घर का एसी चल रहा था. अंदर जाने पर कृतिका का शव पड़ा मिला. शव सड़ना शुरू हो गया था. पुलिस को शक है कि कृतिका की मौत तीन से चार दिन पहले हुई होगी.टिप्पणियां
अंधेरी पश्चिम में चारबंगला की भैरवनाथ बिल्डिंग में रहने वाली कृतिका पेशे से मॉडल और अभिनेत्री थी. हरिद्वार से आई कृतिका बॉलीवुड में अपने पैर जमाने में जुटी थी. वह टीवी सीरियल में काम करने के अलावा फिल्म ‘रज्जो’ और ‘मुंबई कैन डांस साला’ में भी काम कर चुकी थी. बिल्डिंग के सामने बने मंदिर के पुजारी और कृतिका को जानने वाले अभिमन्यु पंडित के मुताबिक वह तकरीबन दो साल से उस मकान में किराए पर अकेली रह रही थी. कभी किसी से उसका कोई विवाद नहीं हुआ था.
इस बीच बिल्डिंग के चौकीदार से पूछताछ में पता चला है कि तीन दिन पहले दो लोग कृतिका से मिलने आए थे. पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. बिल्डिंग के बाहर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी खंगाली जा रही हैं.
पुलिस के मुताबिक घर से किसी भी तरह की चोरी के सबूत नहीं मिले हैं इसलिए आपसी विवाद ही हत्या की वजह हो सकती है. कृतिका के करीबी दोस्त भी शक के दायरे में हैं.
इलाके के एसीपी अरुण चव्हाण ने बताया कि पुलिस को अंधेरी पश्चिम में चार बंगला के भैरवनाथ बिल्डिंग की पांचवी मंजिल के एक घर से बदबू आने की सूचना मिली थी. पुलिस जब वहां पहुंची तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था और घर का एसी चल रहा था. अंदर जाने पर कृतिका का शव पड़ा मिला. शव सड़ना शुरू हो गया था. पुलिस को शक है कि कृतिका की मौत तीन से चार दिन पहले हुई होगी.टिप्पणियां
अंधेरी पश्चिम में चारबंगला की भैरवनाथ बिल्डिंग में रहने वाली कृतिका पेशे से मॉडल और अभिनेत्री थी. हरिद्वार से आई कृतिका बॉलीवुड में अपने पैर जमाने में जुटी थी. वह टीवी सीरियल में काम करने के अलावा फिल्म ‘रज्जो’ और ‘मुंबई कैन डांस साला’ में भी काम कर चुकी थी. बिल्डिंग के सामने बने मंदिर के पुजारी और कृतिका को जानने वाले अभिमन्यु पंडित के मुताबिक वह तकरीबन दो साल से उस मकान में किराए पर अकेली रह रही थी. कभी किसी से उसका कोई विवाद नहीं हुआ था.
इस बीच बिल्डिंग के चौकीदार से पूछताछ में पता चला है कि तीन दिन पहले दो लोग कृतिका से मिलने आए थे. पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. बिल्डिंग के बाहर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी खंगाली जा रही हैं.
पुलिस के मुताबिक घर से किसी भी तरह की चोरी के सबूत नहीं मिले हैं इसलिए आपसी विवाद ही हत्या की वजह हो सकती है. कृतिका के करीबी दोस्त भी शक के दायरे में हैं.
अंधेरी पश्चिम में चारबंगला की भैरवनाथ बिल्डिंग में रहने वाली कृतिका पेशे से मॉडल और अभिनेत्री थी. हरिद्वार से आई कृतिका बॉलीवुड में अपने पैर जमाने में जुटी थी. वह टीवी सीरियल में काम करने के अलावा फिल्म ‘रज्जो’ और ‘मुंबई कैन डांस साला’ में भी काम कर चुकी थी. बिल्डिंग के सामने बने मंदिर के पुजारी और कृतिका को जानने वाले अभिमन्यु पंडित के मुताबिक वह तकरीबन दो साल से उस मकान में किराए पर अकेली रह रही थी. कभी किसी से उसका कोई विवाद नहीं हुआ था.
इस बीच बिल्डिंग के चौकीदार से पूछताछ में पता चला है कि तीन दिन पहले दो लोग कृतिका से मिलने आए थे. पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. बिल्डिंग के बाहर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी खंगाली जा रही हैं.
पुलिस के मुताबिक घर से किसी भी तरह की चोरी के सबूत नहीं मिले हैं इसलिए आपसी विवाद ही हत्या की वजह हो सकती है. कृतिका के करीबी दोस्त भी शक के दायरे में हैं.
पुलिस के मुताबिक घर से किसी भी तरह की चोरी के सबूत नहीं मिले हैं इसलिए आपसी विवाद ही हत्या की वजह हो सकती है. कृतिका के करीबी दोस्त भी शक के दायरे में हैं. | संक्षिप्त सारांश: कृतिका की मौत उसके सिर में चोट लगने की वजह से हुई
तीन दिन पहले दो लोग कृतिका से मिलने आए थे
हरिद्वार से आई कृतिका बॉलीवुड में पैर जमाने में जुटी थी | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश की एक महिला ने विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र में अंदेशा जताया है कि उसका वैज्ञानिक बेटा अमेरिका में लापता हो गया है। महिला ने कहा है कि बेटे ने पिछले नौ साल से उनसे सम्पर्क नहीं किया है। मां ने मंत्रालय से अपने बेटे को ढूंढ़ने की गुहार लगाई है।
आंध्र प्रदेश में करीमनगर जिले के ओर्रे रमास्वामी 30 साल पहले अमेरिका गए थे। उनकी मां मल्लाव्या ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।
मल्लाव्या के अनुसार, उनके बेटे ने पिछले नौ वर्षों से उनसे सम्पर्क नहीं किया है। बुजुर्ग महिला ने यह भी कहा है कि उनके पति राजैया इस सदमे को नहीं बर्दाश्त कर सके और दो साल पहले चल बसे।टिप्पणियां
जगितयाल मंडल में मोरापल्ली गांव के रमास्वामी पिछले तीन दशक में सिर्फ तीन बार अपने पैतृक गांव आए हैं। बताया जाता है कि जब वह आखिरी बार यहां आए थे तो उन्होंने मां को चेन्नई की एक महिला की फोटो दिखाते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करते हैं और दोनों शादी करने वाले हैं।
विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद रामास्वामी ने चेन्नई, बेंगलुरु तथा दिल्ली के कई संगठनों में वैज्ञानिक के तौर पर काम किया था। वैज्ञानिक बेटे की गुमशुदगी के बारे में पत्र लिखने वाली महिला के पास अमेरिका में अपने बेटे का पता और सम्बंधित अन्य जानकारियां नहीं हैं।
आंध्र प्रदेश में करीमनगर जिले के ओर्रे रमास्वामी 30 साल पहले अमेरिका गए थे। उनकी मां मल्लाव्या ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।
मल्लाव्या के अनुसार, उनके बेटे ने पिछले नौ वर्षों से उनसे सम्पर्क नहीं किया है। बुजुर्ग महिला ने यह भी कहा है कि उनके पति राजैया इस सदमे को नहीं बर्दाश्त कर सके और दो साल पहले चल बसे।टिप्पणियां
जगितयाल मंडल में मोरापल्ली गांव के रमास्वामी पिछले तीन दशक में सिर्फ तीन बार अपने पैतृक गांव आए हैं। बताया जाता है कि जब वह आखिरी बार यहां आए थे तो उन्होंने मां को चेन्नई की एक महिला की फोटो दिखाते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करते हैं और दोनों शादी करने वाले हैं।
विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद रामास्वामी ने चेन्नई, बेंगलुरु तथा दिल्ली के कई संगठनों में वैज्ञानिक के तौर पर काम किया था। वैज्ञानिक बेटे की गुमशुदगी के बारे में पत्र लिखने वाली महिला के पास अमेरिका में अपने बेटे का पता और सम्बंधित अन्य जानकारियां नहीं हैं।
मल्लाव्या के अनुसार, उनके बेटे ने पिछले नौ वर्षों से उनसे सम्पर्क नहीं किया है। बुजुर्ग महिला ने यह भी कहा है कि उनके पति राजैया इस सदमे को नहीं बर्दाश्त कर सके और दो साल पहले चल बसे।टिप्पणियां
जगितयाल मंडल में मोरापल्ली गांव के रमास्वामी पिछले तीन दशक में सिर्फ तीन बार अपने पैतृक गांव आए हैं। बताया जाता है कि जब वह आखिरी बार यहां आए थे तो उन्होंने मां को चेन्नई की एक महिला की फोटो दिखाते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करते हैं और दोनों शादी करने वाले हैं।
विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद रामास्वामी ने चेन्नई, बेंगलुरु तथा दिल्ली के कई संगठनों में वैज्ञानिक के तौर पर काम किया था। वैज्ञानिक बेटे की गुमशुदगी के बारे में पत्र लिखने वाली महिला के पास अमेरिका में अपने बेटे का पता और सम्बंधित अन्य जानकारियां नहीं हैं।
जगितयाल मंडल में मोरापल्ली गांव के रमास्वामी पिछले तीन दशक में सिर्फ तीन बार अपने पैतृक गांव आए हैं। बताया जाता है कि जब वह आखिरी बार यहां आए थे तो उन्होंने मां को चेन्नई की एक महिला की फोटो दिखाते हुए कहा था कि वह उससे प्यार करते हैं और दोनों शादी करने वाले हैं।
विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद रामास्वामी ने चेन्नई, बेंगलुरु तथा दिल्ली के कई संगठनों में वैज्ञानिक के तौर पर काम किया था। वैज्ञानिक बेटे की गुमशुदगी के बारे में पत्र लिखने वाली महिला के पास अमेरिका में अपने बेटे का पता और सम्बंधित अन्य जानकारियां नहीं हैं।
विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के बाद रामास्वामी ने चेन्नई, बेंगलुरु तथा दिल्ली के कई संगठनों में वैज्ञानिक के तौर पर काम किया था। वैज्ञानिक बेटे की गुमशुदगी के बारे में पत्र लिखने वाली महिला के पास अमेरिका में अपने बेटे का पता और सम्बंधित अन्य जानकारियां नहीं हैं। | यहाँ एक सारांश है:आंध्र प्रदेश की एक महिला ने विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र में अंदेशा जताया है कि उसका वैज्ञानिक बेटा अमेरिका में लापता हो गया है। महिला ने कहा है कि बेटे ने पिछले नौ साल से उनसे सम्पर्क नहीं किया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद और पुलिस द्वारा छात्रों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार पर जनता के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्रिटीज भी अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. देश के लगभग सभी महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों के छात्र जामिया के छात्रों का समर्थन कर रहे हैं. अब जामिया मिल्लिया के छात्रों को बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) का समर्थन मिला है. आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कुछ फोटो शेयर की हैं, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रही हैं.
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बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने संविधान की प्रस्तावना की फोटो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की है. फोटो को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा है, "स्टूडेंट्स से कुछ सीखो." एक्ट्रेस की इस पोस्ट पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. बता दें, बॉलीवुड सेलेब्रिटीज स्वरा भास्कर (Swara Bhasker), ओनिर, ऋचा चड्ढा, जीशान अय्यूब (Zeeshan Ayyub) और फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) समेत कई सितारे इस कानून का विरोध कर रहे हैं और छात्रों को सपोर्ट कर रहे हैं.
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बता दें, नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ दिल्ली के सीलमपुर इलाके में प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन करने के लिए वहां करीब 2,000 लोग इकट्ठा हुए थे. भीड़ ने सीलमपुर टी पॉइंट से जाफराबाद टी प्वाइंट के बीच पथराव किया. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस चौकी को भी आग के हवाले कर दिया. कई बसों में तोड़फोड़ भी की. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है. | संक्षिप्त पाठ: आलिया भट्ट ने जामिया के छात्रों का किया सपोर्ट
इंस्टाग्राम पर पोस्ट की फोटो
फोटो पोस्ट कर कही ये बात | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: माफिया सरगना दाउद इब्राहिम का दाहिना हाथ माना जाने वाला इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया। मादक पदार्थों की तस्करी और 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोट मामलों में मुंबई पुलिस को 61 वर्षीय मेमन की तलाश थी। उसे एक आपराधिक मामले में लंदन में पुलिस ने दबोच लिया। सीबीआई के अनुसार, मेमन से लंदन पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ 1994 से इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस लंबित था। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि वह इंटरपोल और राजनयिक चैनलों के जरिए ब्रिटिश पुलिस से संपर्क करेंगे ताकि उसे भारत प्रत्यार्पित किया जा सके। इकबाल मिर्ची 80 के दशक के मध्य में मादक पदार्थ की तस्करी में एक बड़ा तस्कर बन गया। उसके द्वारा भेजी गई 80 लाख से अधिक मैंड्रेक्स गोलियों की खेप को जब्त कर लिया गया था। उसके परिवार का पारंपरिक कारोबार लाल मिर्च पाउडर का था और इसीलिए उसका नाम इकबाल मिर्ची पड़ गया। उसकी दौलत का अधिकांश हिस्सा रीयल एस्टेट कारोबार में लगा है। उसे पहले भी लंदन में हिरासत में लिया गया था लेकिन ब्रिटिश प्रशासन ने उस समय भारत प्रत्यार्पित करने की अपील को ठुकरा दिया था। लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस बार उसके खिलाफ अधिक सबूतों के साथ उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद है। | संक्षिप्त सारांश: माफिया सरगना दाउद इब्राहिम का दाहिना हाथ माना जाने वाला इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से सम्बंधित 29 वर्ष पुराने एक मामले में दोषी ठहराए गए पांच में से तीन मुजरिमों को गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेआर आर्यन ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को उम्र कैद की सजा सुनाई। अदालत ने इन तीनों को 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या करने का दोषी ठहराया था।
दंगा करने के जुर्म में दोषी ठहराए गए दो अन्य दोषियों पूर्व पार्षद महेंद्र यादव और पूर्व विधायक किशन खोक्कर को तीन वर्ष जेल की सजा सुनाई गई। हालांकि अदालत ने यादव और खोक्कर दोनों को जमानत प्रदान कर दी।
न्यायाधीश ने इसके साथ ही पांचों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जिस मामले में पांचों व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया था वह पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित है। इन सिखों की दिल्ली छावनी इलाके में स्थित राजनगर में भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस वारदात के शिकार एक ही परिवार के सदस्य थे।
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार भी इस मामले में आरोपी थे लेकिन अदालत ने उन्हें गत 30 अप्रैल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कुमार ‘संदेह का लाभ’ के हकदार हैं क्योंकि पीड़ितों में से एक और प्रमुख गवाह जगदीश कौर ने वर्ष 1985 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया था।टिप्पणियां
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेआर आर्यन ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को उम्र कैद की सजा सुनाई। अदालत ने इन तीनों को 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या करने का दोषी ठहराया था।
दंगा करने के जुर्म में दोषी ठहराए गए दो अन्य दोषियों पूर्व पार्षद महेंद्र यादव और पूर्व विधायक किशन खोक्कर को तीन वर्ष जेल की सजा सुनाई गई। हालांकि अदालत ने यादव और खोक्कर दोनों को जमानत प्रदान कर दी।
न्यायाधीश ने इसके साथ ही पांचों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जिस मामले में पांचों व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया था वह पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित है। इन सिखों की दिल्ली छावनी इलाके में स्थित राजनगर में भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस वारदात के शिकार एक ही परिवार के सदस्य थे।
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार भी इस मामले में आरोपी थे लेकिन अदालत ने उन्हें गत 30 अप्रैल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कुमार ‘संदेह का लाभ’ के हकदार हैं क्योंकि पीड़ितों में से एक और प्रमुख गवाह जगदीश कौर ने वर्ष 1985 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया था।टिप्पणियां
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
दंगा करने के जुर्म में दोषी ठहराए गए दो अन्य दोषियों पूर्व पार्षद महेंद्र यादव और पूर्व विधायक किशन खोक्कर को तीन वर्ष जेल की सजा सुनाई गई। हालांकि अदालत ने यादव और खोक्कर दोनों को जमानत प्रदान कर दी।
न्यायाधीश ने इसके साथ ही पांचों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जिस मामले में पांचों व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया था वह पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित है। इन सिखों की दिल्ली छावनी इलाके में स्थित राजनगर में भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस वारदात के शिकार एक ही परिवार के सदस्य थे।
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार भी इस मामले में आरोपी थे लेकिन अदालत ने उन्हें गत 30 अप्रैल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कुमार ‘संदेह का लाभ’ के हकदार हैं क्योंकि पीड़ितों में से एक और प्रमुख गवाह जगदीश कौर ने वर्ष 1985 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया था।टिप्पणियां
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
न्यायाधीश ने इसके साथ ही पांचों दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जिस मामले में पांचों व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया था वह पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित है। इन सिखों की दिल्ली छावनी इलाके में स्थित राजनगर में भीड़ ने हत्या कर दी थी। इस वारदात के शिकार एक ही परिवार के सदस्य थे।
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार भी इस मामले में आरोपी थे लेकिन अदालत ने उन्हें गत 30 अप्रैल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कुमार ‘संदेह का लाभ’ के हकदार हैं क्योंकि पीड़ितों में से एक और प्रमुख गवाह जगदीश कौर ने वर्ष 1985 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया था।टिप्पणियां
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार भी इस मामले में आरोपी थे लेकिन अदालत ने उन्हें गत 30 अप्रैल को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कुमार ‘संदेह का लाभ’ के हकदार हैं क्योंकि पीड़ितों में से एक और प्रमुख गवाह जगदीश कौर ने वर्ष 1985 में न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया था।टिप्पणियां
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
इससे पहले सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने बलवान खोक्कर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को यह कहते हुए मौत की सजा दिए जाने की मांग की कि वे ‘योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से नरसंहार’ में शामिल थे।
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’
सीबीआई अभियोजक आरएस चीमा ने कहा, ‘यह योजनाबद्ध साम्प्रदायिक दंगा था जिसमें पीड़ित अलग थलग हो गए थे। पीड़ित पूरी तरह से बेगुनाह थे और उन्होंने किसी को भड़काया नहीं था।’ | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से सम्बंधित 29 वर्ष पुराने एक मामले में दोषी ठहराए गए पांच में से तीन मुजरिमों को गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोगों को अगले साल से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना नहीं जाना पड़ेगा और किसी अपराध के खिलाफ आनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्यसभा को बताया कि सर्वर और नेटवर्क स्थापित हो जाने पर इस साल के अंत तक या अगले साल से आनलाइन प्राथमिकी दर्ज करायी जा सकेगी। वह पुलिस सुधारों के संबंध में एच के दुआ, रविशंकर प्रसाद, शिवानंद तिवारी और डी बंदोपाध्याय के पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे।
चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश से सहमत नहीं है कि किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करेगी। उन्होंने कहा कि डीजीपी का चयन राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि केंद्र डीजीपी का कार्यकाल दो साल निश्चित किए जाने के भी खिलाफ है क्योंकि इससे कैडर प्रबंधन में दिक्कतें आएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी इस निर्देश का पालन करने मे कठिनाई का जिक्र किया है।
उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी के चयन के अलावा राज्य सुरक्षा आयोग बनाने का भी निर्देश दिया। न्यायालय ने तबादला, नियुक्तियों, पदोन्नतियों जैसे मुद्दों पर फैसला करने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस स्थापना बोर्ड गठित करने का भी सुझाव दिया है।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्यसभा को बताया कि सर्वर और नेटवर्क स्थापित हो जाने पर इस साल के अंत तक या अगले साल से आनलाइन प्राथमिकी दर्ज करायी जा सकेगी। वह पुलिस सुधारों के संबंध में एच के दुआ, रविशंकर प्रसाद, शिवानंद तिवारी और डी बंदोपाध्याय के पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे।
चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश से सहमत नहीं है कि किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करेगी। उन्होंने कहा कि डीजीपी का चयन राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि केंद्र डीजीपी का कार्यकाल दो साल निश्चित किए जाने के भी खिलाफ है क्योंकि इससे कैडर प्रबंधन में दिक्कतें आएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी इस निर्देश का पालन करने मे कठिनाई का जिक्र किया है।
उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी के चयन के अलावा राज्य सुरक्षा आयोग बनाने का भी निर्देश दिया। न्यायालय ने तबादला, नियुक्तियों, पदोन्नतियों जैसे मुद्दों पर फैसला करने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस स्थापना बोर्ड गठित करने का भी सुझाव दिया है।
चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश से सहमत नहीं है कि किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक का चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करेगी। उन्होंने कहा कि डीजीपी का चयन राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि केंद्र डीजीपी का कार्यकाल दो साल निश्चित किए जाने के भी खिलाफ है क्योंकि इससे कैडर प्रबंधन में दिक्कतें आएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी इस निर्देश का पालन करने मे कठिनाई का जिक्र किया है।
उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी के चयन के अलावा राज्य सुरक्षा आयोग बनाने का भी निर्देश दिया। न्यायालय ने तबादला, नियुक्तियों, पदोन्नतियों जैसे मुद्दों पर फैसला करने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस स्थापना बोर्ड गठित करने का भी सुझाव दिया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र डीजीपी का कार्यकाल दो साल निश्चित किए जाने के भी खिलाफ है क्योंकि इससे कैडर प्रबंधन में दिक्कतें आएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी इस निर्देश का पालन करने मे कठिनाई का जिक्र किया है।
उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी के चयन के अलावा राज्य सुरक्षा आयोग बनाने का भी निर्देश दिया। न्यायालय ने तबादला, नियुक्तियों, पदोन्नतियों जैसे मुद्दों पर फैसला करने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस स्थापना बोर्ड गठित करने का भी सुझाव दिया है।
उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी के चयन के अलावा राज्य सुरक्षा आयोग बनाने का भी निर्देश दिया। न्यायालय ने तबादला, नियुक्तियों, पदोन्नतियों जैसे मुद्दों पर फैसला करने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस स्थापना बोर्ड गठित करने का भी सुझाव दिया है। | संक्षिप्त पाठ: लोगों को अगले साल से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना नहीं जाना पड़ेगा और किसी अपराध के खिलाफ आनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महान टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर ने शनिवार को रोजर फेडरर की तारीफ करते हुए कहा कि अपनी तकनीक की वजह से स्विट्जरलैंड का यह खिलाड़ी उनके ‘सर्व एंड वॉली’ युग में पूरी तरह सफल रहता।टिप्पणियां
बेकर ने यहां ‘हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में कहा, ‘‘फेडरर 31 वर्ष की उम्र में इसलिए भी सफल है क्योंकि उसकी तकनीक शानदार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह जब चाहे बेसलाइन से खेल सकता है और वह अन्य खिलाड़ियों की तुलना में नेट पर आ सकता है।’’
जर्मनी के इस स्टार टेनिस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि राफेल नडाल या नोवाक जोकोविच हमारे ‘सर्व एंड वॉली’ के युग में सफल होते लेकिन फेडरर इसमें कामयाब रहता।’’
बेकर ने यहां ‘हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में कहा, ‘‘फेडरर 31 वर्ष की उम्र में इसलिए भी सफल है क्योंकि उसकी तकनीक शानदार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह जब चाहे बेसलाइन से खेल सकता है और वह अन्य खिलाड़ियों की तुलना में नेट पर आ सकता है।’’
जर्मनी के इस स्टार टेनिस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि राफेल नडाल या नोवाक जोकोविच हमारे ‘सर्व एंड वॉली’ के युग में सफल होते लेकिन फेडरर इसमें कामयाब रहता।’’
जर्मनी के इस स्टार टेनिस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि राफेल नडाल या नोवाक जोकोविच हमारे ‘सर्व एंड वॉली’ के युग में सफल होते लेकिन फेडरर इसमें कामयाब रहता।’’ | सारांश: महान टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर ने शनिवार को रोजर फेडरर की तारीफ करते हुए कहा कि अपनी तकनीक की वजह से स्विट्जरलैंड का यह खिलाड़ी उनके ‘सर्व एंड वॉली’ युग में पूरी तरह सफल रहता। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार की राजधानी पटना में सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का खाता अब तक चालू है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि बीते करीब 50 साल से यह खाता चालू है।
अधिकारी ने बताया कि प्रसाद ने पंजाब नेशनल बैंक की एक्जिबिशन रोड शाखा में 24 अक्टूबर, 1962 को एक खाता खोला था। इसके कुछ महीने बाद ही उनका निधन हो गया था।
बैंक के मुख्य प्रबंधक एसएल गुप्ता ने बताया, "बैंक ने राजेंद्र प्रसाद के बचत खाते को प्रथम ग्राहक का दर्जा दिया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।"
गुप्ता ने बताया कि उनके बैंक खाते में ब्याज सहित कुल जमा राशि 1,813 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि आज तक इस पैसे को निकालने के लिए यहां कोई नहीं आया।
उन्होंने कहा, "हर छह महीने पर इस खाते में ब्याज का पैसा जमा कर दिया जाता है।" टिप्पणियां
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
अधिकारी ने बताया कि प्रसाद ने पंजाब नेशनल बैंक की एक्जिबिशन रोड शाखा में 24 अक्टूबर, 1962 को एक खाता खोला था। इसके कुछ महीने बाद ही उनका निधन हो गया था।
बैंक के मुख्य प्रबंधक एसएल गुप्ता ने बताया, "बैंक ने राजेंद्र प्रसाद के बचत खाते को प्रथम ग्राहक का दर्जा दिया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।"
गुप्ता ने बताया कि उनके बैंक खाते में ब्याज सहित कुल जमा राशि 1,813 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि आज तक इस पैसे को निकालने के लिए यहां कोई नहीं आया।
उन्होंने कहा, "हर छह महीने पर इस खाते में ब्याज का पैसा जमा कर दिया जाता है।" टिप्पणियां
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
बैंक के मुख्य प्रबंधक एसएल गुप्ता ने बताया, "बैंक ने राजेंद्र प्रसाद के बचत खाते को प्रथम ग्राहक का दर्जा दिया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।"
गुप्ता ने बताया कि उनके बैंक खाते में ब्याज सहित कुल जमा राशि 1,813 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि आज तक इस पैसे को निकालने के लिए यहां कोई नहीं आया।
उन्होंने कहा, "हर छह महीने पर इस खाते में ब्याज का पैसा जमा कर दिया जाता है।" टिप्पणियां
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
गुप्ता ने बताया कि उनके बैंक खाते में ब्याज सहित कुल जमा राशि 1,813 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि आज तक इस पैसे को निकालने के लिए यहां कोई नहीं आया।
उन्होंने कहा, "हर छह महीने पर इस खाते में ब्याज का पैसा जमा कर दिया जाता है।" टिप्पणियां
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
उन्होंने कहा, "हर छह महीने पर इस खाते में ब्याज का पैसा जमा कर दिया जाता है।" टिप्पणियां
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
बैंक की इस शाखा में राजेंद्र प्रसाद का खाता संख्या उनके छाया चित्र के साथ (0380000100030687) सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। खाता संख्या उनकी तस्वीर के नीचे दर्ज है।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे।
प्रसाद का जन्म तीन दिसम्बर, 1884 को बिहार के सीवान जिले के जिरादेई में हुआ था। उनका निधन 28 फरवरी, 1963 को पटना में हुआ। वह 1952 से 1962 तक देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे। | संक्षिप्त पाठ: अधिकारी ने बताया कि प्रसाद ने पंजाब नेशनल बैंक की एक्जिबिशन रोड शाखा में 24 अक्टूबर, 1962 को एक खाता खोला था। इसके कुछ महीने बाद ही उनका निधन हो गया था। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर पांच मार्च को समाप्त सप्ताह में घटकर 9.42 प्रतिशत हो गई है जो कि इससे पहले के सप्ताह में 9.52 प्रतिशत दर्ज की गई थी। सब्जियों, दूध, अंडे, मांस और पोल्ट्री उत्पादों की कीमतों में आई कमी के चलते खाद्य महंगाई दर में यह कमी आई है। गुरुवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह प्राथमिक क्षेत्र की वस्तुओं की महंगाई दर 13.96 प्रतिशत से घटकर 12.31 प्रतिशत हो गई जबकि ईंधन क्षेत्र की महंगाई दर 9.48 प्रतिशत से बढ़कर 12.79 प्रतिशत हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल के कुल महंगाई दर का अनुमान बढ़ा दिया है। नवम्बर में बैंक ने इस साल की महंगाई दर पांच प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान जताया था। पांच मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में पिछले वर्ष के समान सप्ताह के मुकाबले हुआ उतार चढ़ाव निम्न है:प्याज : 6.65 प्रतिशतसब्जियां : 8.71 प्रतिशतफल : 19.39 प्रतिशतआलू : (-)9.27 प्रतिशतदूध : 7.16 प्रतिशतअंडा, मांस मछली : 13.10 प्रतिशतमोटे अनाज : 3.38 प्रतिशतचावल : 2.75 प्रतिशतगेहूं : 0.69 प्रतिशतदालें : (-) 3.05 प्रतिशत | संक्षिप्त पाठ: खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 5 मार्च को समाप्त सप्ताह में घटकर 9.42 फीसद हो गई है जो कि इससे पहले के सप्ताह में 9.52 फीसद दर्ज की गई थी। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने रविवार को कहा कि देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को मस्तिष्काघात नहीं हुआ था और उनकी स्थिति तेजी से सुधर रही है। गिलानी ने बीबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि स्वदेश लौटने से पहले जरदारी को दुबई के अस्पताल में दो सप्ताह आराम की आवश्यकता है। उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि जरदारी को मस्तिष्काघात हुआ था और सेना उन्हें पद से हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जरदारी का ह्रदय संबंधी परेशानी का दुबई में इलाज हो रहा है और उनकी स्थिति सुधर रही है, उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट बिल्कुल ठीक है। लेकिन उन्हें स्वदेश लौटने से पहले दो सप्ताह आराम की जरुरत पड़ेगी। गिलानी ने इस बात से भी इनकार किया कि जरदारी ने अपना त्यागपत्र लिखा है जैसा कि दुबई में स्थित सूत्र ने दावा किया था। उन्होंने गुपचुप तख्तापलट के बारे में अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अफवाह तो अफवाह है। उन्होंने प्रश्न किया, वह (त्यागपत्र) क्यों लिखेंगे। उन्हें पूरे संसद का समर्थन प्राप्त है। | गिलानी ने कहा कि देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को मस्तिष्काघात नहीं हुआ था और उनकी स्थिति तेजी से सुधर रही है। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म 'काई पो चे' ने भारत में प्रदर्शन के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 4.5 करोड़ रुपये की कमाई की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर रही है।टिप्पणियां
मशहूर लेखक चेतन भगत के उपन्यास 'द थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ' के फिल्म रूपांतरण 'काई पो चे' में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार यादव और अमित साध ने काम किया है। देश के लगभग 1,000 सिनेमाघरों में शुक्रवार को फिल्म प्रदर्शित हुई।
फिल्म निर्माण कम्पनी यूटीवी मोशन पिक्चर्स ने 12 करोड़ के बजट से यह फिल्म बनाई है। डिजनी यूटीवी के निर्देशक गौरव कपूर ने एक बयान में कहा, फिल्म ने शानदार शुरुआत की है और सप्ताहांत में अच्छा व्यवसाय करेगी। हमें इस सप्ताहांत में फिल्म से बड़ी उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म कुल 250 सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई है। खाड़ी के देशों में गुरुवार को प्रदर्शित हुई फिल्म ने दो दिनों के भीतर 1,70,000 डॉलर कमाए हैं।
मशहूर लेखक चेतन भगत के उपन्यास 'द थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ' के फिल्म रूपांतरण 'काई पो चे' में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार यादव और अमित साध ने काम किया है। देश के लगभग 1,000 सिनेमाघरों में शुक्रवार को फिल्म प्रदर्शित हुई।
फिल्म निर्माण कम्पनी यूटीवी मोशन पिक्चर्स ने 12 करोड़ के बजट से यह फिल्म बनाई है। डिजनी यूटीवी के निर्देशक गौरव कपूर ने एक बयान में कहा, फिल्म ने शानदार शुरुआत की है और सप्ताहांत में अच्छा व्यवसाय करेगी। हमें इस सप्ताहांत में फिल्म से बड़ी उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म कुल 250 सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई है। खाड़ी के देशों में गुरुवार को प्रदर्शित हुई फिल्म ने दो दिनों के भीतर 1,70,000 डॉलर कमाए हैं।
फिल्म निर्माण कम्पनी यूटीवी मोशन पिक्चर्स ने 12 करोड़ के बजट से यह फिल्म बनाई है। डिजनी यूटीवी के निर्देशक गौरव कपूर ने एक बयान में कहा, फिल्म ने शानदार शुरुआत की है और सप्ताहांत में अच्छा व्यवसाय करेगी। हमें इस सप्ताहांत में फिल्म से बड़ी उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म कुल 250 सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई है। खाड़ी के देशों में गुरुवार को प्रदर्शित हुई फिल्म ने दो दिनों के भीतर 1,70,000 डॉलर कमाए हैं। | संक्षिप्त सारांश: निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म 'काई पो चे' ने भारत में प्रदर्शन के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 4.5 करोड़ रुपये की कमाई की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म अच्छा प्रदर्शन कर रही है। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल हो रहा है. आकाश विजयवर्गीय ने इंदौर में एक जर्जर मकान को तोड़ने पहुंचे नगर निगर के कर्मचारियों की बल्ले से पिटाई की. आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) की इस हरकत पर चौतरफा प्रतिक्रिया आ रही है. कांग्रेस तो हमलावर है ही, अब कवि डॉ. कुमार विश्वास (Dr Kumar Vishvas) ने भी आकाश विजयवर्गीय की निंदा की है. कुमार विश्वास ने ट्विटर पर कैलाश विजयवर्गीय को टैग करते हुए लिखा, 'आप बंगाल में जिस अराजकता से लड़ रहे हैं अगर आपका पुत्र भी सड़क पर वही अराजकता करेगा तो न केवल आपकी और अपनी संवैधानिक स्थिति कमजोर करेगा अपितु बंगाल मे किए आपके 3 साल के श्रम को व्यर्थ करेगा. आशा है आप आकाश विजयवर्गीय को न केवल समझायेंगे बल्कि खुद भी समझेंगें'.
भाई @KailashOnline आप बंगाल में जिस अराजकता से लड़ रहे हैं अगर आपका पुत्र भी सड़क पर वही अराजकता करेगा तो न केवल आपकी और अपनी संवैधानिक स्थिति कमजोर करेगा अपितु बंगाल मे किए आपके 3 साल के श्रम को व्यर्थ करेगा.आशा है आप #AkashVijayvargiya को न केवल समझायेंगे बल्कि खुद भी समझेंगें
आपको बता दें कि निगम कर्मियों से मारपीट के बाद आकाश विजयवर्गीय को गिरफ्तार कर लिया गया था. कोर्ट ने आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है. आकाश के खिलाफ थाना एमजी रोड में धारा 353, 294, 506, 147, 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि गंजी कंपाउंड स्थित जर्जर मकान तोड़ने के लिए निगम की टीम पहुंची तो वहां इंदौर तीन से विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम अधिकारियों को समझाया कि अगर आप 5 मिनट में यहां से नहीं गए तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी. इस दौरान जेसीबी मशीन की चाबी भी निकाल ली, जब निगम कर्मी पीछे नहीं हटे तो आकाश अपने हाथ में बल्ला लेकर उनकी पिटाई करते दिखे. यह वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हो गया. इंदौर में हुए इस घटना के दौरान आकाश को वीडियो में देखा गया कि वह एक क्रिकेट बैट के साथ नगर निगम के अधिकारी की पिटाई कर रहे हैं. | यह एक सारांश है: BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं आकाश
आकाश ने नगर निगम के कर्मियों को बल्ले से पीटा था
कुमार विश्वास ने आकाश विजयवर्गीय की निंदा की | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नाइजीरिया की राजधानी अबूजा में स्थित एक अग्रणी समाचार पत्र के कार्यालय पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदे वाहन को उड़ा दिया। इस विस्फोट में कम से कम 37 लोग मारे गए जबकि 100 अन्य घायल हो गए। अखबार के कडूना राज्य स्थित कार्यालय में भी विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोग मारे गए।
सेफलाइफ फाउंडेशन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक अबिसोला फर्नाडीस ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि दिस डे नामक समाचार पत्र के अबूजा में स्थित कार्यालय में हुए विस्फोट के बाद कम से 37 शव ले जाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन कार्यकर्ताओं ने विस्फोट स्थल पर पीड़ितों को निकालने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा कि इस विस्फोट में कम से कम 100 और लोग घायल हुए हैं।
कडूना राज्य पुलिस के प्रवक्ता अमिनू लवान ने सिन्हुआ को बताया कि यहां हुए अखबार के कार्यालय पर हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
'नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी' के प्रवक्ता यूशाउ ए. शुएब ने कहा कि बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा कि कडूना में जहां विस्फोट हुआ वहां दिस डे, दि सन और दि मोमेंट सहित कई अखबारों के कार्यालय हैं।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सेफलाइफ फाउंडेशन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक अबिसोला फर्नाडीस ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि दिस डे नामक समाचार पत्र के अबूजा में स्थित कार्यालय में हुए विस्फोट के बाद कम से 37 शव ले जाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन कार्यकर्ताओं ने विस्फोट स्थल पर पीड़ितों को निकालने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा कि इस विस्फोट में कम से कम 100 और लोग घायल हुए हैं।
कडूना राज्य पुलिस के प्रवक्ता अमिनू लवान ने सिन्हुआ को बताया कि यहां हुए अखबार के कार्यालय पर हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
'नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी' के प्रवक्ता यूशाउ ए. शुएब ने कहा कि बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा कि कडूना में जहां विस्फोट हुआ वहां दिस डे, दि सन और दि मोमेंट सहित कई अखबारों के कार्यालय हैं।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
कडूना राज्य पुलिस के प्रवक्ता अमिनू लवान ने सिन्हुआ को बताया कि यहां हुए अखबार के कार्यालय पर हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
'नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी' के प्रवक्ता यूशाउ ए. शुएब ने कहा कि बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा कि कडूना में जहां विस्फोट हुआ वहां दिस डे, दि सन और दि मोमेंट सहित कई अखबारों के कार्यालय हैं।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
'नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी' के प्रवक्ता यूशाउ ए. शुएब ने कहा कि बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया है।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा कि कडूना में जहां विस्फोट हुआ वहां दिस डे, दि सन और दि मोमेंट सहित कई अखबारों के कार्यालय हैं।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
प्रवक्ता ने कहा कि कडूना में जहां विस्फोट हुआ वहां दिस डे, दि सन और दि मोमेंट सहित कई अखबारों के कार्यालय हैं।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अभी तक किसी भी संगठन ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी नहीं ली है। | संक्षिप्त सारांश: नाइजीरिया की राजधानी अबूजा में स्थित एक अग्रणी समाचार पत्र के कार्यालय पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदे वाहन को उड़ा दिया। इस विस्फोट में कम से कम 37 लोग मारे गए जबकि 100 अन्य घायल हो गए। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी आइडिया सेल्युलर ने महत्वपूर्ण मुंबई सर्किल को शामिल कर देश भर में 4जी सेवा शुरू कर दी है. कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों को 10 जीबी 4जी डाटा मुफ्त देगी. नये ग्राहकों के लिये यह पहले तीन महीने के लिये होगा.टिप्पणियां
आइडिया ने एक बयान में कहा कि सेवा 2100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में है और यह फिलहाल मुंबई सर्किल में 44 लाख ग्राहकों को सेवा दे रही. कंपनी का आय के हिसाब से बाजार हिस्सेदारी 10.2 प्रतिशत है.
इसके साथ आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने सभी 20 सर्किल में 4जी सेवा शुरू कर दी है. कंपनी का विलय ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन की भारतीय इकाई में होगी.
आइडिया ने एक बयान में कहा कि सेवा 2100 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में है और यह फिलहाल मुंबई सर्किल में 44 लाख ग्राहकों को सेवा दे रही. कंपनी का आय के हिसाब से बाजार हिस्सेदारी 10.2 प्रतिशत है.
इसके साथ आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने सभी 20 सर्किल में 4जी सेवा शुरू कर दी है. कंपनी का विलय ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन की भारतीय इकाई में होगी.
इसके साथ आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने सभी 20 सर्किल में 4जी सेवा शुरू कर दी है. कंपनी का विलय ब्रिटेन की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन की भारतीय इकाई में होगी. | यहाँ एक सारांश है:मौजूदा ग्राहकों को 10 जीबी 4जी डाटा मुफ्त देगी
नये ग्राहकों के लिये यह पहले तीन महीने के लिये
आइडिया ने मुंबई सर्किल को शामिल कर देश भर में 4जी सेवा शुरू की | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात की सबसे अच्छी मानी जाने वाली महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी आजकल अपनी वार्षिक डायरी की वजह से विवादों में है. इस डायरी में सौंदर्य सर्जरी या कॉस्मेटिक सर्जरी का जनक ऋषि सुश्रुत को बताया गया है. डायरी में लिखा है कि आचार्य कणद न्युक्लियर टेक्नालॉजी के जनक रहे, ब्रह्मांड विज्ञान की खोज कपिल मुनि ने की. इसके अलावा राकेट और हवाई जहाज की खोज महर्षि भारद्वाज ने की. आयुर्विज्ञान के पिता चरक ऋषि थे तो सितारों के विज्ञान की खोज गर्ग मुनि ने की थी.
यूनिवर्सिटी ने यह तथ्य दीनानाथ बत्रा की विवादास्पद पुस्तक से लिए हैं. यूनिवर्सिटी का कहना है कि फैसला राजनैतिक नहीं था लेकिन सिंडीकेट की सिफारिश पर लिया गया. एमएस यूनिवर्सिटी के सिंडीकेट सदस्य जिग्नेश सोनी का कहना है कि इसमें कोई भगवाकरण करने वाली बात ही नहीं है. यह बिल्कुल तथ्यहीन आरोप है. आर्यभट्ट और भास्कराचार्य के नाम के उपग्रह जो छोड़े थे वे यूपीए के शासन के वक्त छोड़े गए थे.टिप्पणियां
हालांकि डायरी में लिए गए तथ्यों को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. शिक्षा से जुड़े कई लोग इसे छात्रों को गुमराह करने और शिक्षा के भगवाकरण की दिशा में कदम बढ़ाना मान रहे हैं.
यूनिवर्सिटी लंबे समय से लगातार कलाकारों पर हमलों और अन्य घटनाओं से विवाद में रही है. हाल ही में राजनीति में जाति विषय पर होने वाली एक वर्कशाप भी रद्द कर दी गई थी. इसकी वजह बताई गई थी कि रामजस कॉलेज में जो घटना हुई है वैसी घटना यहां भी हो सकती है. तभी से यूनिवर्सिटी में संवैधानिक अधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हिंदूवादी संगठनों के दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं.
यूनिवर्सिटी ने यह तथ्य दीनानाथ बत्रा की विवादास्पद पुस्तक से लिए हैं. यूनिवर्सिटी का कहना है कि फैसला राजनैतिक नहीं था लेकिन सिंडीकेट की सिफारिश पर लिया गया. एमएस यूनिवर्सिटी के सिंडीकेट सदस्य जिग्नेश सोनी का कहना है कि इसमें कोई भगवाकरण करने वाली बात ही नहीं है. यह बिल्कुल तथ्यहीन आरोप है. आर्यभट्ट और भास्कराचार्य के नाम के उपग्रह जो छोड़े थे वे यूपीए के शासन के वक्त छोड़े गए थे.टिप्पणियां
हालांकि डायरी में लिए गए तथ्यों को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. शिक्षा से जुड़े कई लोग इसे छात्रों को गुमराह करने और शिक्षा के भगवाकरण की दिशा में कदम बढ़ाना मान रहे हैं.
यूनिवर्सिटी लंबे समय से लगातार कलाकारों पर हमलों और अन्य घटनाओं से विवाद में रही है. हाल ही में राजनीति में जाति विषय पर होने वाली एक वर्कशाप भी रद्द कर दी गई थी. इसकी वजह बताई गई थी कि रामजस कॉलेज में जो घटना हुई है वैसी घटना यहां भी हो सकती है. तभी से यूनिवर्सिटी में संवैधानिक अधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हिंदूवादी संगठनों के दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं.
हालांकि डायरी में लिए गए तथ्यों को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. शिक्षा से जुड़े कई लोग इसे छात्रों को गुमराह करने और शिक्षा के भगवाकरण की दिशा में कदम बढ़ाना मान रहे हैं.
यूनिवर्सिटी लंबे समय से लगातार कलाकारों पर हमलों और अन्य घटनाओं से विवाद में रही है. हाल ही में राजनीति में जाति विषय पर होने वाली एक वर्कशाप भी रद्द कर दी गई थी. इसकी वजह बताई गई थी कि रामजस कॉलेज में जो घटना हुई है वैसी घटना यहां भी हो सकती है. तभी से यूनिवर्सिटी में संवैधानिक अधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हिंदूवादी संगठनों के दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं.
यूनिवर्सिटी लंबे समय से लगातार कलाकारों पर हमलों और अन्य घटनाओं से विवाद में रही है. हाल ही में राजनीति में जाति विषय पर होने वाली एक वर्कशाप भी रद्द कर दी गई थी. इसकी वजह बताई गई थी कि रामजस कॉलेज में जो घटना हुई है वैसी घटना यहां भी हो सकती है. तभी से यूनिवर्सिटी में संवैधानिक अधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हिंदूवादी संगठनों के दबाव में काम करने के आरोप लग रहे हैं. | यहाँ एक सारांश है:गुजरात का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी ने कई तथ्य दीनानाथ बत्रा की विवादास्पद पुस्तक से लिए
छात्रों को गुमराह करने और शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु के राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला ने सोमवार को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख जे जयललिता को राज्य की मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अम्मा के नाम से मशहूर 63-वर्षीय जयललिता के साथ कुल 33 मंत्रियों ने शपथ ली, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल है। इन 33 मंत्रियों में तीन महिलाएं तथा कुल 24 नए चेहरे शामिल हैं। जयललिता ने रविवार को राज्यपाल श्री बरनाला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। तीसरी बार राज्य की सर्वोच्च गद्दी संभालने वाली जया के मद्रास विश्वविद्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, आंध्र के नेता चंद्रबाबू नायडू तथा राष्ट्रीय लोकदल नेता अजित सिंह के अलावा वाम नेता एबी बर्धन और डी राजा भी पहुंचे हैं। उनके अलावा में भारतीय जनता पार्टी तथा वाम दलों के भी कई अन्य नेता समारोह में शामिल हैं। | संक्षिप्त पाठ: अम्मा के नाम से मशहूर 63-वर्षीय जयललिता के साथ कुल 33 मंत्रियों ने शपथ ली जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की कथित हत्या के मामले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद बुधवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने भी आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह ने आज विधानसभा में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रहे राहुल शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, ‘‘अभी तक की जांच में आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा की मौत की वजह आत्महत्या लग रही है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों और संदर्भों का पता लगाने के लिए समुचित जांच जरूरी होगी।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसी के मद्देनजर हमने राहुल शर्मा की मौत की परिस्थितियों और इसकी वजहों की जांच सीबीआई से कराए जाने का फैसला किया है।’’टिप्पणियां
रमण सिंह ने बताया कि इस बाबत औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने राहुल शर्मा की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। विधानसभा में विपक्ष के नेता रवींद्र चौबे ने कहा कि राहुल शर्मा की मौत किस परिस्थिति में हुई, इसका जवाब सरकार को देना होगा।
राहुल शर्मा के पिता ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार लगाई थी। दूसरी ओर, शर्मा की पत्नी और भारतीय रेलवे में अधिकारी जयश्री शर्मा ने भी सीधा आरोप लगाया, ‘‘मेरे पति ‘सिस्टम’ की भेंट चढ़ गए।’’ विपक्ष के नेता चौबे ने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि किन कोयला माफियाओं के कहने पर शर्मा पर दबाव डाला जा रहा था।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह ने आज विधानसभा में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रहे राहुल शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, ‘‘अभी तक की जांच में आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा की मौत की वजह आत्महत्या लग रही है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों और संदर्भों का पता लगाने के लिए समुचित जांच जरूरी होगी।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसी के मद्देनजर हमने राहुल शर्मा की मौत की परिस्थितियों और इसकी वजहों की जांच सीबीआई से कराए जाने का फैसला किया है।’’टिप्पणियां
रमण सिंह ने बताया कि इस बाबत औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने राहुल शर्मा की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। विधानसभा में विपक्ष के नेता रवींद्र चौबे ने कहा कि राहुल शर्मा की मौत किस परिस्थिति में हुई, इसका जवाब सरकार को देना होगा।
राहुल शर्मा के पिता ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार लगाई थी। दूसरी ओर, शर्मा की पत्नी और भारतीय रेलवे में अधिकारी जयश्री शर्मा ने भी सीधा आरोप लगाया, ‘‘मेरे पति ‘सिस्टम’ की भेंट चढ़ गए।’’ विपक्ष के नेता चौबे ने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि किन कोयला माफियाओं के कहने पर शर्मा पर दबाव डाला जा रहा था।
रमण सिंह ने बताया कि इस बाबत औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने राहुल शर्मा की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। विधानसभा में विपक्ष के नेता रवींद्र चौबे ने कहा कि राहुल शर्मा की मौत किस परिस्थिति में हुई, इसका जवाब सरकार को देना होगा।
राहुल शर्मा के पिता ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार लगाई थी। दूसरी ओर, शर्मा की पत्नी और भारतीय रेलवे में अधिकारी जयश्री शर्मा ने भी सीधा आरोप लगाया, ‘‘मेरे पति ‘सिस्टम’ की भेंट चढ़ गए।’’ विपक्ष के नेता चौबे ने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि किन कोयला माफियाओं के कहने पर शर्मा पर दबाव डाला जा रहा था।
राहुल शर्मा के पिता ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की गुहार लगाई थी। दूसरी ओर, शर्मा की पत्नी और भारतीय रेलवे में अधिकारी जयश्री शर्मा ने भी सीधा आरोप लगाया, ‘‘मेरे पति ‘सिस्टम’ की भेंट चढ़ गए।’’ विपक्ष के नेता चौबे ने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि किन कोयला माफियाओं के कहने पर शर्मा पर दबाव डाला जा रहा था। | यह एक सारांश है: छत्तीसगढ़ सरकार ने आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका की प्रसिद्ध पत्रिका 'टाइम' द्वारा हर साल दिए जाने वाले 'पर्सन ऑफ द ईयर' खिताब के लिए हो रही ऑनलाइन वोटिंग में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा, अमेरिका के ही नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के जाने-माने दिग्गजों को पछाड़कर सबसे आगे चल रहे हैं.
'टाइम' पत्रिका हर साल उस शख्स को इस खिताब से नवाज़ती है, जिसने उनके हिसाब से पिछले साल में ख़बरों तथा दुनिया को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया, भले ही वह अच्छे के लिए हो या बुरे के लिए. पिछले साल यह खिताब जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को दिया गया था.
लगातार चौथे साल इस दौड़ में बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 'हां' वाले कुल वोटों का 21 फीसदी लेकर सबसे आगे चल रहे हैं, और फिलहाल उनके आसपास भी कोई नज़र नहीं आ रहा है... ऑनलाइन डाले गए इन वोटों का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि दूसरे नंबर पर कोई नेता नहीं, बल्कि विकीलीक्स के विवादास्पद संस्थापक जूलियान असांजे हैं, जिन्हें आठ फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
इस समय नंबर तीन पर अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जिन्हें सात फीसदी वोटरों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि उनकी पत्नी तथा अमेरिका की मौजूदा फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को भी पांच फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस समय तक बराक ओबामा से पीछे हैं, और उन्हें छह-छह फीसदी वोट प्राप्त हो पाए हैं, जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने वाली डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को चार फीसदी वोट मिले हैं, और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को सिर्फ एक फीसदी लोगों का ही समर्थन मिल पाया है.टिप्पणियां
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
'टाइम' पत्रिका हर साल उस शख्स को इस खिताब से नवाज़ती है, जिसने उनके हिसाब से पिछले साल में ख़बरों तथा दुनिया को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया, भले ही वह अच्छे के लिए हो या बुरे के लिए. पिछले साल यह खिताब जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को दिया गया था.
लगातार चौथे साल इस दौड़ में बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 'हां' वाले कुल वोटों का 21 फीसदी लेकर सबसे आगे चल रहे हैं, और फिलहाल उनके आसपास भी कोई नज़र नहीं आ रहा है... ऑनलाइन डाले गए इन वोटों का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि दूसरे नंबर पर कोई नेता नहीं, बल्कि विकीलीक्स के विवादास्पद संस्थापक जूलियान असांजे हैं, जिन्हें आठ फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
इस समय नंबर तीन पर अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जिन्हें सात फीसदी वोटरों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि उनकी पत्नी तथा अमेरिका की मौजूदा फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को भी पांच फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस समय तक बराक ओबामा से पीछे हैं, और उन्हें छह-छह फीसदी वोट प्राप्त हो पाए हैं, जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने वाली डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को चार फीसदी वोट मिले हैं, और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को सिर्फ एक फीसदी लोगों का ही समर्थन मिल पाया है.टिप्पणियां
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
लगातार चौथे साल इस दौड़ में बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 'हां' वाले कुल वोटों का 21 फीसदी लेकर सबसे आगे चल रहे हैं, और फिलहाल उनके आसपास भी कोई नज़र नहीं आ रहा है... ऑनलाइन डाले गए इन वोटों का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि दूसरे नंबर पर कोई नेता नहीं, बल्कि विकीलीक्स के विवादास्पद संस्थापक जूलियान असांजे हैं, जिन्हें आठ फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
इस समय नंबर तीन पर अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जिन्हें सात फीसदी वोटरों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि उनकी पत्नी तथा अमेरिका की मौजूदा फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को भी पांच फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस समय तक बराक ओबामा से पीछे हैं, और उन्हें छह-छह फीसदी वोट प्राप्त हो पाए हैं, जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने वाली डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को चार फीसदी वोट मिले हैं, और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को सिर्फ एक फीसदी लोगों का ही समर्थन मिल पाया है.टिप्पणियां
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
इस समय नंबर तीन पर अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा हैं, जिन्हें सात फीसदी वोटरों का समर्थन हासिल हुआ है, जबकि उनकी पत्नी तथा अमेरिका की मौजूदा फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को भी पांच फीसदी वोट हासिल हुए हैं.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस समय तक बराक ओबामा से पीछे हैं, और उन्हें छह-छह फीसदी वोट प्राप्त हो पाए हैं, जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने वाली डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को चार फीसदी वोट मिले हैं, और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को सिर्फ एक फीसदी लोगों का ही समर्थन मिल पाया है.टिप्पणियां
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस समय तक बराक ओबामा से पीछे हैं, और उन्हें छह-छह फीसदी वोट प्राप्त हो पाए हैं, जबकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने वाली डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन को चार फीसदी वोट मिले हैं, और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को सिर्फ एक फीसदी लोगों का ही समर्थन मिल पाया है.टिप्पणियां
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
इस पोल में दावेदार के तौर पर कुल 30 शख्सियतों (और ग्रुपों) को शामिल किया गया है, जिनमें व्हिसलब्लोअरों से लेकर खिलाड़ी और पॉप गायक तक शामिल हैं. सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को दो फीसदी लोगों ने समर्थन दिया है, जबकि एप्पल के सीईओ टिम कुक, लोकप्रिय गायिका बियॉन्से नॉलेस तथा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को एक-एक फीसदी वोट ही अब तक मिल पाए हैं.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है.
हर साल 'टाइम' का संपादक मंडल ही अंतिम निर्णय लेता है कि 'टाइम पर्सन ऑफ द ईयर' का खिताब किसे दिया जाए, लेकिन वे अपने पाठकों को भी वोट करने का विकल्प देते हैं, जो पत्रिका के मुताबिक खिताब का विजेता तय करने में 'काफी महत्वपूर्ण भूमिका' निभाता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑनलाइन डाले गए वोटों में 21 फीसदी मतों के साथ फिलहाल पीएम शीर्ष पर
नंबर दो पर विकीलीक्स के संस्थापक जूलियान असांजे, आठ फीसदी मत मिले
ओबामा को 7, ट्रंप व पुतिन को 6-6, हिलेरी को 4 फीसदी मत मिले हैं अब तक | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 322.38 अंक की गिरावट के साथ 18,860.44 पर और निफ्टी 97.35 अंक की गिरावट के साथ 5,654.55 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 15.22 अंक की तेजी के साथ 19,198.04 पर खुला। सेंसेक्स ने 19,447.82 के ऊपरी और 18,811.96 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में सिर्फ पांच शेयरों, टाटा पावर (2.11 फीसदी), विप्रो (1.77 फीसदी), जिंदल स्टील (0.31 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.13 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनीलीवर (0.07 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स (4.62 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.16 फीसदी), एचडीएफसी (3.95 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.45 फीसदी) और बजाज ऑटो (3.09 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएससी) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.20 अंक की तेजी के साथ 5752.10 पर खुला। निफ्टी ने दिनभर के कारोबार में 5833.65 के ऊपरी और 5639.65 अंक के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉल कैप सूचकांक में भी गिरावट का रुख रहा। मिडकैप 86.40 अंक की गिरावट के साथ 7,223.78 पर और स्मॉलकैप 94.40 अंक की गिरावट के साथ 8,993.84 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में सभी गिरावट का शिकार हुए। रियल्टी (2.77 फीसदी), बैंकिंग (2.62 फीसदी), धातु (2.44 फीसदी), वाहन (2.31 फीसदी) और उपभोक्ता वस्तु (1.89 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 879 शेयरों में तेजी और 1956 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 151 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं देखा गया। | सारांश: सेंसेक्स 322.38 अंक की गिरावट के साथ 18,860.44 पर और निफ्टी 97.35 अंक की गिरावट के साथ 5,654.55 पर बंद हुआ। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि अगर बोर्ड न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करता है तो भारत को अगले साल इंग्लैंड में होने वाली चैम्पियंस ट्राफी से हटना पड़ेगा.
लोढ़ा पैनल द्वारा सुझाये गये सुधारों के अनुसार आईपीएल से पहले या बाद में 15 दिन की विंडो होनी चाहिए. चैम्पियंस ट्रॉफी एक से 18 जून तक होनी है और आईपीएल के मई के अंतिम हफ्ते में समाप्त होने की उम्मीद है.
ठाकुर ने कहा, "मैं नहीं जानता कि भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलने योग्य होगा या नहीं. अगर आप लोढ़ा समिति की रिपोर्ट के अनुसार चलोगे तो आपको या तो आईपीएल खेलना होगा या फिर चैम्पियंस ट्रॉफी में. इसलिए बीसीसीआई को इस पर फैसला लेना होगा."
बढ़ते राजनीति तनाव को देखते हुए जब भारत को पाकिस्तान के अलावा किसी अन्य ग्रुप में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो ठाकुर ने कहा, "आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले आस्ट्रेलियाई सीरीज है. इसलिए बीसीसीआई को फैसला करना होगा कि वे आईपीएल में खेलें या चैम्पियंस ट्रॉफी में - अगर आपको लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूर्णतया लागू करना है तो आपको इनमें से एक का चयन करना होगा." उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान का सवाल तो तब उठेगा जब भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलेगा."
यह पूछने पर कि आईपीएल का कार्यक्रम अलग तरह से बनाया जा सकता है तो ठाकुर ने कहा, "तुम मुझे बताओ तुम इसे कैसे कर सकते हो. मैं तुम्हें विंडो दे दूंगा." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह समस्या हर साल होगी, उन्होंने कहा, "आपके पास कुछ महीने भारत में खेलने के लिए होते हैं. आईपीएल के लिए एक विंडो उपलब्ध है इसलिए आपको फैसला करना होगा क्योंकि दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली लीग, जिसने दुनिया को दिखा दिया है कि आप घरेलू क्रिकेट को इतना लोकप्रिय कैसे बना सकते हो और फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी अन्य लीगों के जन्म देने के लिए प्रेरित करने वाली लीग, आगे चलना चाहिए या नहीं." ठाकुर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने हाल में काफी सुधार किए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लोढ़ा पैनल द्वारा सुझाये गये सुधारों के अनुसार आईपीएल से पहले या बाद में 15 दिन की विंडो होनी चाहिए. चैम्पियंस ट्रॉफी एक से 18 जून तक होनी है और आईपीएल के मई के अंतिम हफ्ते में समाप्त होने की उम्मीद है.
ठाकुर ने कहा, "मैं नहीं जानता कि भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलने योग्य होगा या नहीं. अगर आप लोढ़ा समिति की रिपोर्ट के अनुसार चलोगे तो आपको या तो आईपीएल खेलना होगा या फिर चैम्पियंस ट्रॉफी में. इसलिए बीसीसीआई को इस पर फैसला लेना होगा."
बढ़ते राजनीति तनाव को देखते हुए जब भारत को पाकिस्तान के अलावा किसी अन्य ग्रुप में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो ठाकुर ने कहा, "आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले आस्ट्रेलियाई सीरीज है. इसलिए बीसीसीआई को फैसला करना होगा कि वे आईपीएल में खेलें या चैम्पियंस ट्रॉफी में - अगर आपको लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूर्णतया लागू करना है तो आपको इनमें से एक का चयन करना होगा." उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान का सवाल तो तब उठेगा जब भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलेगा."
यह पूछने पर कि आईपीएल का कार्यक्रम अलग तरह से बनाया जा सकता है तो ठाकुर ने कहा, "तुम मुझे बताओ तुम इसे कैसे कर सकते हो. मैं तुम्हें विंडो दे दूंगा." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह समस्या हर साल होगी, उन्होंने कहा, "आपके पास कुछ महीने भारत में खेलने के लिए होते हैं. आईपीएल के लिए एक विंडो उपलब्ध है इसलिए आपको फैसला करना होगा क्योंकि दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली लीग, जिसने दुनिया को दिखा दिया है कि आप घरेलू क्रिकेट को इतना लोकप्रिय कैसे बना सकते हो और फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी अन्य लीगों के जन्म देने के लिए प्रेरित करने वाली लीग, आगे चलना चाहिए या नहीं." ठाकुर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने हाल में काफी सुधार किए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ठाकुर ने कहा, "मैं नहीं जानता कि भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलने योग्य होगा या नहीं. अगर आप लोढ़ा समिति की रिपोर्ट के अनुसार चलोगे तो आपको या तो आईपीएल खेलना होगा या फिर चैम्पियंस ट्रॉफी में. इसलिए बीसीसीआई को इस पर फैसला लेना होगा."
बढ़ते राजनीति तनाव को देखते हुए जब भारत को पाकिस्तान के अलावा किसी अन्य ग्रुप में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो ठाकुर ने कहा, "आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले आस्ट्रेलियाई सीरीज है. इसलिए बीसीसीआई को फैसला करना होगा कि वे आईपीएल में खेलें या चैम्पियंस ट्रॉफी में - अगर आपको लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूर्णतया लागू करना है तो आपको इनमें से एक का चयन करना होगा." उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान का सवाल तो तब उठेगा जब भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलेगा."
यह पूछने पर कि आईपीएल का कार्यक्रम अलग तरह से बनाया जा सकता है तो ठाकुर ने कहा, "तुम मुझे बताओ तुम इसे कैसे कर सकते हो. मैं तुम्हें विंडो दे दूंगा." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह समस्या हर साल होगी, उन्होंने कहा, "आपके पास कुछ महीने भारत में खेलने के लिए होते हैं. आईपीएल के लिए एक विंडो उपलब्ध है इसलिए आपको फैसला करना होगा क्योंकि दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली लीग, जिसने दुनिया को दिखा दिया है कि आप घरेलू क्रिकेट को इतना लोकप्रिय कैसे बना सकते हो और फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी अन्य लीगों के जन्म देने के लिए प्रेरित करने वाली लीग, आगे चलना चाहिए या नहीं." ठाकुर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने हाल में काफी सुधार किए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बढ़ते राजनीति तनाव को देखते हुए जब भारत को पाकिस्तान के अलावा किसी अन्य ग्रुप में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो ठाकुर ने कहा, "आईपीएल और चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले आस्ट्रेलियाई सीरीज है. इसलिए बीसीसीआई को फैसला करना होगा कि वे आईपीएल में खेलें या चैम्पियंस ट्रॉफी में - अगर आपको लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूर्णतया लागू करना है तो आपको इनमें से एक का चयन करना होगा." उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान का सवाल तो तब उठेगा जब भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलेगा."
यह पूछने पर कि आईपीएल का कार्यक्रम अलग तरह से बनाया जा सकता है तो ठाकुर ने कहा, "तुम मुझे बताओ तुम इसे कैसे कर सकते हो. मैं तुम्हें विंडो दे दूंगा." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह समस्या हर साल होगी, उन्होंने कहा, "आपके पास कुछ महीने भारत में खेलने के लिए होते हैं. आईपीएल के लिए एक विंडो उपलब्ध है इसलिए आपको फैसला करना होगा क्योंकि दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली लीग, जिसने दुनिया को दिखा दिया है कि आप घरेलू क्रिकेट को इतना लोकप्रिय कैसे बना सकते हो और फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी अन्य लीगों के जन्म देने के लिए प्रेरित करने वाली लीग, आगे चलना चाहिए या नहीं." ठाकुर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने हाल में काफी सुधार किए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह पूछने पर कि आईपीएल का कार्यक्रम अलग तरह से बनाया जा सकता है तो ठाकुर ने कहा, "तुम मुझे बताओ तुम इसे कैसे कर सकते हो. मैं तुम्हें विंडो दे दूंगा." उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह समस्या हर साल होगी, उन्होंने कहा, "आपके पास कुछ महीने भारत में खेलने के लिए होते हैं. आईपीएल के लिए एक विंडो उपलब्ध है इसलिए आपको फैसला करना होगा क्योंकि दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली लीग, जिसने दुनिया को दिखा दिया है कि आप घरेलू क्रिकेट को इतना लोकप्रिय कैसे बना सकते हो और फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, कबड्डी जैसी अन्य लीगों के जन्म देने के लिए प्रेरित करने वाली लीग, आगे चलना चाहिए या नहीं." ठाकुर ने यह भी कहा कि बीसीसीआई ने हाल में काफी सुधार किए हैं.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "अगर आप बीसीसीआई को देखो तो यह सुधारों के बारे में हमेशा खुला है. पिछले 18 महीनों में मैंने पहले क्रिकेट सलाहकार समिति गठित की, सचिन तेंदुकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली को शामिल किया. कोचों का चयन - राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति करना. हमने पिछले 18 महीनों में कई कदम उठाए हैं, यह लंबी सूची है." उच्चतम न्यायालय की 'रास्ते पर आओ वर्ना हम तुम्हें रास्ते पर ला देंगे' की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने यह पंक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश में नहीं देखी जैसी कि मीडिया में आई थी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:चैम्पियंस ट्राफी एक से 18 जून तक, आईपीएल मई के अंतिम हफ्ते तक चलेगा
लोढ़ा पैनल के अनुसार आईपीएल से पहले या बाद में हो 15 दिन की विंडो
भारत को अगले साल इंग्लैंड में होने वाली चैम्पियंस ट्राफी से हटना पड़ेगा | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को अपने टीम के साथियों से अनुरोध किया कि वे पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले को लेकर मीडिया के जबर्दस्त प्रचार से प्रभावित नहीं हों और अपना पूरा ध्यान मैच पर लगाएं। धोनी का कहना है कि टीम इंडिया के सभी सदस्य बुधवार को होने वाले क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह से फिट हैं। भारतीय कप्तान ने कहा कि भारत-पाक क्रिकेट मैचों को लेकर हमेशा ही काफी मीडिया प्रचार होता है और खिलाड़ियों के लिए यह जरूरी है कि वे इस प्रचार से प्रभावित हुए बगैर मैच से अपना ध्यान भंग नहीं होने दें। धोनी ने मैच से पूर्व मंगलवार को कहा, हम जानते हैं कि भारत-पाकिस्तान मैचों का किस तरह का प्रचार होता है। हम इसमें शामिल होने नहीं जा रहे हैं। हम यह जानने की जरूरत है कि हमें क्या करने की उम्मीद है और उसी पर ध्यान देना है। उन्होंने कहा, यह सब क्रिकेट का हिस्सा है और हमें इसे स्वीकार करना होगा। लेकिन इसमें शामिल नहीं होना जरूरी है। मैच देखने के लिए हमारे पास सबसे बड़े विशिष्ट मेहमान (प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी) होंगे, हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह पूछे जाने पर कि अपनी सरजमीं पर खेल रही भारतीय टीम क्या अत्यधिक प्रचार से प्रभावित होगी तो धोनी ने कहा, इससे हम पर असर नहीं पड़ने वाला है। हम सब जानते हैं कि यह बड़ा टूर्नामेंट है और हमने इसके लिए बहुत तैयारी की है। हमारी तैयारियां उसी तरह की हैं, जिस तरह हमने पिछले कुछ दिनों में की हैं। धोनी अपनी बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं और उन्होंने कहा कि वह गेंद को अच्छी तरह से खेल रहे हैं और उन्हें बड़ी पारी खेलने के अवसर नहीं मिल पाए हैं। धोनी से जब खास तौर पर पूछा गया कि क्या कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी को प्रभावित कर रहा है, तो उन्होंने कहा, यह केवल क्रिकेट का नजरिया है, इसका फॉर्म से कोई मतलब नहीं है। मैंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की है। कई बार ऐसी स्थितियां नहीं होतीं, जब आप धुआंधार क्रिकेट खेल सकें। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में इस तरह की स्थिति थी, लेकिन मुझे बल्लेबाजी करने को नहीं मिली। उन्होंने कहा, अगर आप पांचवें, छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो अगर शीर्ष क्रम बड़ा स्कोर बनाता है, ऐसे में आपको बहुत ज्यादा बल्लेबाजी करने को नहीं मिलती। मुझे लगता है कि (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) पिछला मैच आदर्श था, लेकिन गेंद सीधे क्षेत्ररक्षक के हाथ में चली गई। सब कुछ हमेशा आपके हिसाब से नहीं होता। फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीम के सभी खिलाड़ी फिट हैं, धोनी ने कहा, अभी सभी खिलाड़ी फिट नजर आ रहे हैं। आशा है कि वे फिट रहेंगे। धोनी से जब पूछा गया कि क्या यह मैच बतौर कप्तान उनका सबसे बड़ा मुकाबला है, तो उन्होंने कहा कि वह तुलना करने में विश्वास नहीं करते। भारतीय कप्तान ने कहा, क्रिकेटर के जीवन में कई मौके आते हैं, इसमें कोई शक नहीं है कि यह महत्वपूर्ण है। कुछ साल के बाद आप इसे भूल जाते हैं। मैं भूल चुका हूं कि वर्ष 2007 में (ट्वेंटी-20 विश्व कप) सेमीफाइनल और फाइनल से पहले हम कैसा महसूस कर रहे थे। तीन साल बीत चुके हैं, हर मैच अलग है। उन्होंने कहा, यह 50 ओवर का मैच है, आपको इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। आपको मैच जीतने के लिए 100 ओवर तक जज्बा बरकरार रखना होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मुकाबले से एकाग्रता पर असर पड़ेगा, लेकिन मैं सोचता हूं कि हम कैसे राजनीतिक बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं। मुझे टीम का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा गया है और मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से इसका निर्वाह करूंगा। धोनी ने कहा कि मैच में आखिरकार एक टीम को तो हारना पड़ेगा, इसलिए प्रशंसकों को इस मैच का नतीजा सही खेल भावना से लेने की जरूरत है। | सारांश: धोनी ने कहा कि भारत-पाक मैचों को लेकर काफी मीडिया प्रचार होता है और खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि वे इससे अपना ध्यान भंग नहीं होने दें। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: होंडा के साथ भागीदारी खत्म होने के बाद अकेले सफर पर निकली बीएम मुंजाल के नेतृत्व वाली हीरो समूह की दुपहिया वाहन विनिर्माता कंपनी हीरो मोटोकार्प ने बुधवार को तीन नए मॉडल पेश किए। ये अगले कुछ महीने में भारतीय बाजार में आएंगे।
कंपनी ने पिछले साल पहली बार हीरो ब्रांड की एक बाइक लॉन्च की थी। कंपनी ने बुधवार को दो नई बाइक- 100 सीसी की पैशन एक्सप्रो और 125 सीसी की बाइक इग्नाईटर और 110 सीसी का स्कूटर माएस्त्रो लॉन्च किया। हालांकि कंपनी ने नए वाहनों की कीमतों की घोषणा नहीं की है। कीमत की घोषणा बाजार लॉन्च के वक्त की जाएगी।
हीरो मोटोकार्प के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पवन मुंजाल ने कहा, ‘‘आज जो लॉन्च आप देख रहे हैं, वे न सिर्फ नए उत्पाद हैं, बल्कि बल्कि ये कंपनी की मंशा और दृष्टिकोण को जाहिर करते हैं। कंपनी श्रेष्ठता और सशक्त करने की रणनीति पर चल रही है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी ने साल 2011 में 60 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन बेचे, जो विश्व भर में एक विनिर्माता द्वारा बेचे गए वाहनों का रिकॉर्ड है। हीरो 2014 तक होंडा ब्रांड का इस्तेमाल कर सकता है। हीरो समूह और होंडा ने मार्च में नए लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत भारतीय कंपनी अपने जापानी भागीदार को 2014 तक 45 अरब येन (करीब 2,450 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगी। | यह एक सारांश है: होंडा के साथ भागीदारी खत्म होने के बाद अकेले सफर पर निकली हीरो मोटोकार्प ने बुधवार को तीन नए मॉडल पेश किए। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि निवेशकों की अपेक्षाओं के मुताबिक सरकार आर्थिक नीतियों में संशोधन करेगी, वित्तीय घाटा कम करेगी और विकास में तेजी लाएगी।
चिदम्बरम ने वित्त मंत्रालय का प्रभार सम्भालने के बाद पहली बार संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए कहा, "विभिन्न पक्षों की अपेक्षाओं पर खड़ा उतरने के लिए हमें नीतियों में संशोधन करना होगा।"
चिदम्बरम ने निवेश में तेजी लाकर विकास में तेजी लाने की एक योजना को सामने रखा। उन्होंने कहा, "विकास में तेजी लाने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से अधिक निवेश हासिल करना होगा। चूंकि निवेश भरोसा होने पर किया जाता है, हमें निवेशकों के मन से किसी भी चिंता या अविश्वास को समाप्त करना होगा।" उन्होंने कहा, "हम सम्भावित निवेशकों से अपनी नीतियों के बारे में बेहतर संवाद बनाएंगे। हमारा लक्ष्य भारत में कारोबार की राह में समझी जाने वाली बाधाओं को हटाना होगा, इसके तहत अनुचित नियमों के बोझ का डर भी शामिल है।"
चिदम्बरम ने कहा कि विशाल नकदी भंडार वाली भारतीय कम्पनियों को निवेश शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के पास आए प्रस्तावों पर तेजी से फैसला लेना होगा।
चिदम्बरम ने सामान्य कर परिवर्जन रोधी (गार) नियमों और कराधान के नियमों में पिछले समय से लागू होने वाले बदलावों जैसे मामलों में भी संशोधन का संकेत दिया।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने वित्त मंत्रालय का प्रभार सम्भालने के बाद पहली बार संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए कहा, "विभिन्न पक्षों की अपेक्षाओं पर खड़ा उतरने के लिए हमें नीतियों में संशोधन करना होगा।"
चिदम्बरम ने निवेश में तेजी लाकर विकास में तेजी लाने की एक योजना को सामने रखा। उन्होंने कहा, "विकास में तेजी लाने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से अधिक निवेश हासिल करना होगा। चूंकि निवेश भरोसा होने पर किया जाता है, हमें निवेशकों के मन से किसी भी चिंता या अविश्वास को समाप्त करना होगा।" उन्होंने कहा, "हम सम्भावित निवेशकों से अपनी नीतियों के बारे में बेहतर संवाद बनाएंगे। हमारा लक्ष्य भारत में कारोबार की राह में समझी जाने वाली बाधाओं को हटाना होगा, इसके तहत अनुचित नियमों के बोझ का डर भी शामिल है।"
चिदम्बरम ने कहा कि विशाल नकदी भंडार वाली भारतीय कम्पनियों को निवेश शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के पास आए प्रस्तावों पर तेजी से फैसला लेना होगा।
चिदम्बरम ने सामान्य कर परिवर्जन रोधी (गार) नियमों और कराधान के नियमों में पिछले समय से लागू होने वाले बदलावों जैसे मामलों में भी संशोधन का संकेत दिया।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने निवेश में तेजी लाकर विकास में तेजी लाने की एक योजना को सामने रखा। उन्होंने कहा, "विकास में तेजी लाने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से अधिक निवेश हासिल करना होगा। चूंकि निवेश भरोसा होने पर किया जाता है, हमें निवेशकों के मन से किसी भी चिंता या अविश्वास को समाप्त करना होगा।" उन्होंने कहा, "हम सम्भावित निवेशकों से अपनी नीतियों के बारे में बेहतर संवाद बनाएंगे। हमारा लक्ष्य भारत में कारोबार की राह में समझी जाने वाली बाधाओं को हटाना होगा, इसके तहत अनुचित नियमों के बोझ का डर भी शामिल है।"
चिदम्बरम ने कहा कि विशाल नकदी भंडार वाली भारतीय कम्पनियों को निवेश शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के पास आए प्रस्तावों पर तेजी से फैसला लेना होगा।
चिदम्बरम ने सामान्य कर परिवर्जन रोधी (गार) नियमों और कराधान के नियमों में पिछले समय से लागू होने वाले बदलावों जैसे मामलों में भी संशोधन का संकेत दिया।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने कहा कि विशाल नकदी भंडार वाली भारतीय कम्पनियों को निवेश शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के पास आए प्रस्तावों पर तेजी से फैसला लेना होगा।
चिदम्बरम ने सामान्य कर परिवर्जन रोधी (गार) नियमों और कराधान के नियमों में पिछले समय से लागू होने वाले बदलावों जैसे मामलों में भी संशोधन का संकेत दिया।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने सामान्य कर परिवर्जन रोधी (गार) नियमों और कराधान के नियमों में पिछले समय से लागू होने वाले बदलावों जैसे मामलों में भी संशोधन का संकेत दिया।
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार जल्द ही खर्चे पर लगाम लगाने और वित्तीय घाटा कम करने के उपाय पेश करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार को वित्तीय घाटा कम करने के उपाय सुझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि काम कुछ ही सप्ताह में समाप्त हो जाएगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
महंगाई के बारे में चिदम्बरम ने कहा कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के साथ महंगाई का दबाव कम करने के लिए काम करेगी।
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
दिन के पूर्वार्द्ध में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने चिवदम्बरम से मुलाकात की। दोनों ने आर्थिक स्थितियों पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत उच्च विकास दर फिर से हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि देश के सामने 1991, 1997 और 2008 में भी ऐसी ही स्थिति थी और देश ने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया।
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "आज आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। पिछले आठ वर्षो में से दो सालों में धीमा विकास होने से हमारा विश्वास कमजोर नहीं हो सकता है।"टिप्पणियां
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति आधारभूत संरचना परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा, "समिति (आधारभूत संरचना के) हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों की जांच करेगी और फैसले लेगी, जिससे उस क्षेत्र में व्यापक विकास होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "कुछ क्षेत्र दबाव में हैं जैसे पेट्रोलियम, बिजली और कपड़ा क्षेत्र। हमें कोयला, खनन, पेट्रोलियम, बिजली, सड़क परिवहन, रेलवे और बंदरगाह क्षेत्र में उच्च उत्पादन को बाधित करने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना होगा।" | सारांश: केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि निवेशकों की अपेक्षाओं के मुताबिक सरकार आर्थिक नीतियों में संशोधन करेगी, वित्तीय घाटा कम करेगी और विकास में तेजी लाएगी। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मध्य दिल्ली के छह मेट्रो स्टेशन रविवार को दिन में अधिकतर समय के लिए बंद रहेंगे। यह अप्रत्यक्ष रूप से कोयला ब्लॉक के आवंटन मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी प्रमुख नितिन गडकरी के आवासों का घेराव करने के लिए पूर्व टीम अन्ना की ओर से किए गए आह्वान के मद्देनजर ऐहतियाती कदम है।
दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक, रेसकोर्स, जोर बाग और खान मार्केट स्टेशन रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे।टिप्पणियां
बहरहाल केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर लाइन नंबर 2 से 6 के बीच अदला-बदली करने की इजाजत दी जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय दिल्ली पुलिस की ओर से प्राप्त निर्देशों के तहत लिया गया है। ये सभी मेट्रो स्टेशन प्रधानमंत्री और गडकरी के आवासों के नजदीक हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कोयला ब्लॉक के आवंटन में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सांठगांठ होने के आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह और गडकरी के आवासों का घेराव करने का आह्वान किया था। केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस और बीजेपी 1.86 लाख करोड़ रुपये लूटने के लिए एक साथ थे। प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी के आवासों का घेराव होगा। आइए, 26 अगस्त को जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे एकत्रित होते हैं।
दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक, रेसकोर्स, जोर बाग और खान मार्केट स्टेशन रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे।टिप्पणियां
बहरहाल केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर लाइन नंबर 2 से 6 के बीच अदला-बदली करने की इजाजत दी जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय दिल्ली पुलिस की ओर से प्राप्त निर्देशों के तहत लिया गया है। ये सभी मेट्रो स्टेशन प्रधानमंत्री और गडकरी के आवासों के नजदीक हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कोयला ब्लॉक के आवंटन में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सांठगांठ होने के आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह और गडकरी के आवासों का घेराव करने का आह्वान किया था। केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस और बीजेपी 1.86 लाख करोड़ रुपये लूटने के लिए एक साथ थे। प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी के आवासों का घेराव होगा। आइए, 26 अगस्त को जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे एकत्रित होते हैं।
बहरहाल केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर लाइन नंबर 2 से 6 के बीच अदला-बदली करने की इजाजत दी जाएगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय दिल्ली पुलिस की ओर से प्राप्त निर्देशों के तहत लिया गया है। ये सभी मेट्रो स्टेशन प्रधानमंत्री और गडकरी के आवासों के नजदीक हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कोयला ब्लॉक के आवंटन में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सांठगांठ होने के आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह और गडकरी के आवासों का घेराव करने का आह्वान किया था। केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस और बीजेपी 1.86 लाख करोड़ रुपये लूटने के लिए एक साथ थे। प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी के आवासों का घेराव होगा। आइए, 26 अगस्त को जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे एकत्रित होते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कोयला ब्लॉक के आवंटन में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सांठगांठ होने के आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह और गडकरी के आवासों का घेराव करने का आह्वान किया था। केजरीवाल ने कहा, कांग्रेस और बीजेपी 1.86 लाख करोड़ रुपये लूटने के लिए एक साथ थे। प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी के आवासों का घेराव होगा। आइए, 26 अगस्त को जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे एकत्रित होते हैं। | दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक, रेसकोर्स, जोर बाग और खान मार्केट स्टेशन रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गायिका जेनिफर लोपेज़ ने खुलासा किया है कि वह स्पेनिश संगीतकार एनरिके इग्लेसियस के साथ संगीतयात्रा करेंगी।टिप्पणियां
वेबसाइट 'द सन.को.यूके' के मुताबिक लोपेज़ ने कहा, "हमने जो भी पाया है, वह सब कुछ आपको देना चाहते हैं। मुझे लगता है कि यह अब तक की सबसे ऐतिहासिक संगीतयात्रा होगी। मुझे याद नहीं है कि इससे पहले कभी लातिनी (लैटिन) संगीतकार इस तरह एक परिवार के रूप में शामिल हुए हैं।"
इग्लेसियस वर्ष 2001 से ही रूसी टेनिस खिलाड़ी अन्ना कुर्निकोवा के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संगीतयात्रा के दौरान वह और लोपेज़ अपना संयुक्त संगीत भी पेश करेंगे और अलग-अलग गीत भी सुनाएंगे।
वेबसाइट 'द सन.को.यूके' के मुताबिक लोपेज़ ने कहा, "हमने जो भी पाया है, वह सब कुछ आपको देना चाहते हैं। मुझे लगता है कि यह अब तक की सबसे ऐतिहासिक संगीतयात्रा होगी। मुझे याद नहीं है कि इससे पहले कभी लातिनी (लैटिन) संगीतकार इस तरह एक परिवार के रूप में शामिल हुए हैं।"
इग्लेसियस वर्ष 2001 से ही रूसी टेनिस खिलाड़ी अन्ना कुर्निकोवा के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संगीतयात्रा के दौरान वह और लोपेज़ अपना संयुक्त संगीत भी पेश करेंगे और अलग-अलग गीत भी सुनाएंगे।
इग्लेसियस वर्ष 2001 से ही रूसी टेनिस खिलाड़ी अन्ना कुर्निकोवा के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संगीतयात्रा के दौरान वह और लोपेज़ अपना संयुक्त संगीत भी पेश करेंगे और अलग-अलग गीत भी सुनाएंगे। | यह एक सारांश है: लोपेज़ ने कहा, "हमने जो भी पाया है, वह सब कुछ आपको देना चाहते हैं। मुझे लगता है कि यह अब तक की सबसे ऐतिहासिक संगीतयात्रा होगी।" | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी और जदयू के बीच बढ़ती तल्खी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पार्टी प्रवक्ताओं से कहा कि वह ऐसा कुछ न करें जिससे राजग में मतभेद बढे़।
नीतीश ने कहा, ‘‘भाजपा प्रमुख नितिन गडकरी और जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने अपने विचार रखे हैं । मैंने अपने प्रवक्ताओं से कहा है कि वे तथ्यों के आधार पर और विषय की गंभीरता के अनुसार अपनी राय जाहिर करें और ऐसा कुछ न कहें जिससे मतभेद बढ़े।’’ नीतीश की यह टिप्प्णी भाजपा प्रमुख नितिन गडकरी की उस टिप्पणी के एक दिन बाद है जिसमें उन्होंने अपने सभी पदाधिकारियों और गठबंधन सहयोगियों से गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर विचार जाहिर करते समय संयम बरतने को कहा था।
नीतीश दो दिन की यात्रा पर राजधानी आए हुए हैं। वह बुधवार को बिहार के योजना आकार की मंजूरी के सिलसिले में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया से मुलाकात करेंगे।
नीतीश ने मंगलवार को केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री मंत्री सीपी जोशी से मुलाकात की और पटना में गंगा नदी पर बने महात्मा गांधी सेतु की मरम्मत और साथ ही इसके समानांतर एक नई पुल बनाने के मुद्दे पर बातचीत की।
इस मुलाकात के दौरान जोशी ने समानांतर पुल के निर्माण के लिए बिहार को अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी साथ ही इस पुल के निर्माण होने तक गांधी सेतु के मरम्मत का काम राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा कराए जाने पर भी सहमति जताई। | संक्षिप्त पाठ: बीजेपी और जदयू के बीच बढ़ती तल्खी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पार्टी प्रवक्ताओं से कहा कि वह ऐसा कुछ न करें जिससे राजग में मतभेद बढे़। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी एक बार फिर सिंचाई घोटाले में घिरे नजर आ रहे हैं। अब नितिन गडकरी की केंद्र को लिखी एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें वह जल संसाधन मंत्री पवन बंसल को खत लिखकर विदर्भ के गोसीखुर्द बांध प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांग रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार गडकरी के ही दोस्त अजय संचेती और बीजेपी के एक नेता मितेश बांगड़िया हैं। एक खास बात यह है कि ठीक यही चिट्ठी प्रकाश जावड़ेकर ने भी लिखी है। यानि एक ही चिट्ठी गडकरी के नाम से गई है और जावड़ेकर के नाम से भी।
एनडीटीवी से बातचीत में नितिन गडकरी ने चिट्ठी लिखने की बात स्वीकार की है।
इससे पहले उन पर अरविंद केजरीवाल टीम की अंजलि दमानिया ने सिंचाई घोटाले को दबाने के इल्जाम लगाए थे और अब एक चिट्ठी सामने आई है जो बताती है कि कैसे गडकरी केन्द्र को चिट्ठी लिखकर विदर्भ के गोसीखुर्द प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांग रहे हैं।
नितिन गडकरी की चिट्ठी :-
श्री पवन बंसल
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रीटिप्पणियां
गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
एनडीटीवी से बातचीत में नितिन गडकरी ने चिट्ठी लिखने की बात स्वीकार की है।
इससे पहले उन पर अरविंद केजरीवाल टीम की अंजलि दमानिया ने सिंचाई घोटाले को दबाने के इल्जाम लगाए थे और अब एक चिट्ठी सामने आई है जो बताती है कि कैसे गडकरी केन्द्र को चिट्ठी लिखकर विदर्भ के गोसीखुर्द प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांग रहे हैं।
नितिन गडकरी की चिट्ठी :-
श्री पवन बंसल
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रीटिप्पणियां
गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
इससे पहले उन पर अरविंद केजरीवाल टीम की अंजलि दमानिया ने सिंचाई घोटाले को दबाने के इल्जाम लगाए थे और अब एक चिट्ठी सामने आई है जो बताती है कि कैसे गडकरी केन्द्र को चिट्ठी लिखकर विदर्भ के गोसीखुर्द प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांग रहे हैं।
नितिन गडकरी की चिट्ठी :-
श्री पवन बंसल
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रीटिप्पणियां
गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
नितिन गडकरी की चिट्ठी :-
श्री पवन बंसल
केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रीटिप्पणियां
गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
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गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
गोसीखुर्द विदर्भ का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका उद्घाटन श्री राजीव गांधी ने 1988 में किया था। केंद्र सरकार ने 2009 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट माना इसलिए इसके लिए 90 फीसदी फंड केंद्र से मिलना है। केंद्र के कहने पर गोसीखुर्द का स्पेशल ऑडिट किया गया और हाईपावर कमेटी में राज्य के अधिकारियों ने सभी आपत्तियों के जवाब दिए। उन्होंने ये भी पाया कि शिकायतों का कोई आधार नहीं है। राज्य सरकार ने केंद्र के बताए हुए सभी कदम उठाए हैं और अब कुछ भी करना बाकी नहीं है। सेन्ट्रल वॉटर कमीशन के चेयरमैन ने भी गोसीखुर्द के काम का मुआयना शिकायतकर्ता के साथ किया है। ये सभी राजनीतिक तौर पर की गई शिकायतें हैं। अगर गोसीखुर्द के काम में कुछ गड़बड़ी है तो उसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है।
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी
14 मई 2012 को एक बार फिर बैठक हुई है और ये फैसला लिया गया कि केन्द्र से मिलने वाला पैसा रिलीज किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय में भेज दिया गया है। मुझे ऐसा पता चला है कि कुछ लोगों ने एक बार फिर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास नई शिकायतें की हैं इसीलिए ढाई महीने के बाद भी वित्त विभाग ने पैसा नहीं दिया है। बांध का काम तेजी से चल रहा है। पैसा न मिलने की वजह से ठेकेदारों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते ये पूरा काम ठप्प पड़ जाएगा। फिलहाल 400 करोड़ रुपये ठेकेदारों का बकाया है इसलिए आपसे निवेदन है कि प्रोजेक्ट के लिए ये पैसा दिया जाए।
धन्यवाद
नितिन गडकरी | महाराष्ट्र के सिंचाई घोटाले में संचेती को पैसा (400 करोड़) दिलाने के लिए गडकरी ने केंद्र को चिट्ठी लिखी थी। सभी शिकायतें नजरअंदाज करने को कहा था। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक श्रम बाजार में चीन की तुलना में भारत अपने युवा और अंग्रेजी बोलने वाले श्रमबल की वजह से लाभ की स्थिति में है। मानव संसाधन सलाहकार मैनपावर ने यह बात कही है।टिप्पणियां
मैनपावर समूह के अध्यक्ष (वैश्विक कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) डेविड आर्कलेस ने कहा, इसके बावजूद भारत सरकार और कंपनियों को भविष्य के लिए कौशल की जरूरत पर समझ बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्हें इसी के मद्देनजर अपनी युवा आबादी को प्रशिक्षित करने की जरूरत है, जिससे रोजगार बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन कायम रखा जा सके। विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में शामिल होने आए आर्कलेस ने कहा कि वह भारतीय श्रम बाजार को लेकर उम्मीदवान हैं, हालांकि वैश्विक स्तर पर स्थितियों में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता है।
उन्होंने कहा, हम अपने ग्राहकों को बता रहे हैं कि भविष्य में एक चीज ही निश्चित है और यह है अनिश्चितता। हम जानते हैं कि उतार- चढ़ाव रहेगा। हम अपने सभी सहयोगियों को कह रहे हैं कि यह सामान्य बात है। भारतीय श्रम बाजार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह उभरते बाजारों का परंपरागत श्रम बाजार नहीं है। यह एक अलग प्रकार का प्रतिभा वाला बाजार है। भारतीय अर्थव्यवस्था चीन तथा दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अलग तरीके से काम करती है।
मैनपावर समूह के अध्यक्ष (वैश्विक कॉरपोरेट एवं सरकारी मामले) डेविड आर्कलेस ने कहा, इसके बावजूद भारत सरकार और कंपनियों को भविष्य के लिए कौशल की जरूरत पर समझ बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्हें इसी के मद्देनजर अपनी युवा आबादी को प्रशिक्षित करने की जरूरत है, जिससे रोजगार बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन कायम रखा जा सके। विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में शामिल होने आए आर्कलेस ने कहा कि वह भारतीय श्रम बाजार को लेकर उम्मीदवान हैं, हालांकि वैश्विक स्तर पर स्थितियों में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता है।
उन्होंने कहा, हम अपने ग्राहकों को बता रहे हैं कि भविष्य में एक चीज ही निश्चित है और यह है अनिश्चितता। हम जानते हैं कि उतार- चढ़ाव रहेगा। हम अपने सभी सहयोगियों को कह रहे हैं कि यह सामान्य बात है। भारतीय श्रम बाजार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह उभरते बाजारों का परंपरागत श्रम बाजार नहीं है। यह एक अलग प्रकार का प्रतिभा वाला बाजार है। भारतीय अर्थव्यवस्था चीन तथा दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अलग तरीके से काम करती है।
उन्होंने कहा, हम अपने ग्राहकों को बता रहे हैं कि भविष्य में एक चीज ही निश्चित है और यह है अनिश्चितता। हम जानते हैं कि उतार- चढ़ाव रहेगा। हम अपने सभी सहयोगियों को कह रहे हैं कि यह सामान्य बात है। भारतीय श्रम बाजार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह उभरते बाजारों का परंपरागत श्रम बाजार नहीं है। यह एक अलग प्रकार का प्रतिभा वाला बाजार है। भारतीय अर्थव्यवस्था चीन तथा दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अलग तरीके से काम करती है। | संक्षिप्त पाठ: वैश्विक श्रम बाजार में चीन की तुलना में भारत अपने युवा और अंग्रेजी बोलने वाले श्रमबल की वजह से लाभ की स्थिति में है। मानव संसाधन सलाहकार मैनपावर ने यह बात कही है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जेल अधिकारियों से लेकर जेल मंत्री तक सबके पास बस एक ही जवाब हैं- इन सबकी जांच हो रही है. जेल मंत्री कुसुम महेदेले ने कहा कि सारे पहलू जांच के दायरे में हैं. मगर मुठभेड़ की सच्चाई पर सवाल बढ़ते जा रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक देश की सुरक्षा का हवाला दे रहे हैं.
इन सबके बीच राज्य सरकार ने साफ़ कर दिया है कि एनआईए की जांच मुठभेड़ पर नहीं, क़ैदियों की फ़रारी पर केंद्रित होगी. मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को दिया जा चुका है.जाहिर है, अब ये जांच से ही सामने आएगा कि फ़रारी और मारे जाने के बीच किन-किन लोगों ने क्या-क्या भूमिका अदा की.
इन सबके बीच राज्य सरकार ने साफ़ कर दिया है कि एनआईए की जांच मुठभेड़ पर नहीं, क़ैदियों की फ़रारी पर केंद्रित होगी. मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को दिया जा चुका है.जाहिर है, अब ये जांच से ही सामने आएगा कि फ़रारी और मारे जाने के बीच किन-किन लोगों ने क्या-क्या भूमिका अदा की. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेल से 12 किमी दूर हुई कथित मुठभेड़ पर सवाल उठा रहे वीडियो
एक चश्मदीद ने बताया, वे पत्थर फेंक रहे थे तभी ग्रामीणों ने घेर लिया
मध्यप्रदेश की जेल मंत्री का एक ही जवाब ' जांच हो रही है' | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल घाटे में चल रही एयर इंडिया के निजीकरण पर जल्दी ही कुछ निर्णय कर सकता है. नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि करदाता का पैसा एयरलाइन में लगाए जाने के बजाय उसका स्वास्थ्य एवं शिक्षा में उपयोग किया जा सकता है. एयर इंडिया को पूर्व संप्रग सरकार से 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रोत्साहन पैकेज मिला था. एयरलाइंस फिलहाल कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच वित्तीय स्थिति में सुधार के उपायों पर काम कर रही है.
नागर विमानन मंत्रालय एयर इंडिया के पुनर्गठन के लिए नीति आयोग की सिफारिशों पर गौर कर रहा है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह एयर इंडिया के विनिवेश की वकालत करते हुए कहा था कि एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है, जबकि कर्ज का बोझ 50,000 करोड़ रुपये है.टिप्पणियां
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल एयर इंडिया के निजीकरण पर फैसला कर सकता है, जिसकी वित्तीय स्थिति काफी खराब है.
अधिकारी ने कहा, 'एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. नीति आयोग का विचार है कि सरकार को एयर इंडिया पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च करना चाहिए'. उसने कहा कि मंत्रिमंडल जल्दी ही एयर इंडिया के निजीकरण पर निर्णय करेगा.
नागर विमानन मंत्रालय एयर इंडिया के पुनर्गठन के लिए नीति आयोग की सिफारिशों पर गौर कर रहा है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह एयर इंडिया के विनिवेश की वकालत करते हुए कहा था कि एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है, जबकि कर्ज का बोझ 50,000 करोड़ रुपये है.टिप्पणियां
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल एयर इंडिया के निजीकरण पर फैसला कर सकता है, जिसकी वित्तीय स्थिति काफी खराब है.
अधिकारी ने कहा, 'एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. नीति आयोग का विचार है कि सरकार को एयर इंडिया पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च करना चाहिए'. उसने कहा कि मंत्रिमंडल जल्दी ही एयर इंडिया के निजीकरण पर निर्णय करेगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह एयर इंडिया के विनिवेश की वकालत करते हुए कहा था कि एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है, जबकि कर्ज का बोझ 50,000 करोड़ रुपये है.टिप्पणियां
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल एयर इंडिया के निजीकरण पर फैसला कर सकता है, जिसकी वित्तीय स्थिति काफी खराब है.
अधिकारी ने कहा, 'एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. नीति आयोग का विचार है कि सरकार को एयर इंडिया पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च करना चाहिए'. उसने कहा कि मंत्रिमंडल जल्दी ही एयर इंडिया के निजीकरण पर निर्णय करेगा.
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल एयर इंडिया के निजीकरण पर फैसला कर सकता है, जिसकी वित्तीय स्थिति काफी खराब है.
अधिकारी ने कहा, 'एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. नीति आयोग का विचार है कि सरकार को एयर इंडिया पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च करना चाहिए'. उसने कहा कि मंत्रिमंडल जल्दी ही एयर इंडिया के निजीकरण पर निर्णय करेगा.
अधिकारी ने कहा, 'एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. नीति आयोग का विचार है कि सरकार को एयर इंडिया पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा पर खर्च करना चाहिए'. उसने कहा कि मंत्रिमंडल जल्दी ही एयर इंडिया के निजीकरण पर निर्णय करेगा. | यहाँ एक सारांश है:कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच AI वित्तीय स्थिति में सुधार के उपाय कर रही है.
नागर विमानन मंत्रालय नीति आयोग की सिफारिशों पर गौर कर रहा है.
अधिकारी ने कहा, एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति काफी खराब है. | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो बार की चैम्पियन साइना नेहवाल जकार्ता में कोरिया की जि हुन सुंग को सीधे सेटों में पराजित कर लगातार चौथी बार इंडोनेशियाई ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गई।
दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय खिलाड़ी ने लगातार 2009 और 2010 में खिताब जीते थे। वह पिछले साल ही खिताब हासिल नहीं कर पाई थी।
उन्हें महिला एकल के सेमीफाइनल में कोरिया की गैर वरीय हुन सुंग को हराने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और उसे 50 मिनट में 22-20 , 21-18 से चित कर दिया।
अब रविवार को फाइनल में साइना की भिड़ंत चौथी वरीय चीन की जुएरूई लि से होगी जिसने दूसरे सेमीफाइनल में शीर्ष वरीय और हमवतन यिहान वांग को पराजित किया।
साइना के लिए तीसरे इंडोनेशियाई खिताब की राह इतनी आसान नहीं होगी क्योंकि लि के खिलाफ उनका रिकार्ड इतना अच्छा नहीं है। ली ने पिछली पांच भिड़ंत में साइना को चार बार शिकस्त दी थी, जबकि यह भारतीय केवल एक बार ही जीत दर्ज कर पाई है।
भारत के लिए दिन हालांकि मिश्रित परिणाम वाला रहा क्योंकि इससे पहले ओलिंपिक खेलों की भारतीय टीम के बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप सेमीफाइनल की बाधा पार करने में असफल रहे और टूर्नामेंट से बाहर हो गए। | यह एक सारांश है: दो बार की चैम्पियन साइना नेहवाल जकार्ता में कोरिया की जि हुन सुंग को सीधे सेटों में पराजित कर लगातार चौथी बार इंडोनेशियाई ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गई। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके समकक्ष शिंजो आबे के बीच वार्ता के बाद आज भारत और जापान ने असैन्य परमाणु ऊर्जा को लेकर एक ऐतिहासिक करार पर हस्ताक्षर किए. इस करार से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में गति लाने और अमेरिका स्थित कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र लगाने में सहायता मिलेगी.
पिछले वर्ष दिसंबर में आबे की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश असैन्य परमाणु उर्जा सेक्टर में सहयोग के लिए एक व्यापक समझौते पर पहुंचे थे लेकिन कुछ मुद्दों को निपटाने में वक्त लगने के चलते करार पर हस्ताक्षर किया जाना बाकी था.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने आज ट्विट किया, ‘‘ स्वच्छ और हरित विश्व के लिए एक ऐतिहासिक करार . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री शिंजो आबे ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के आदान प्रदान के गवाह बने.’’ इस करार से जापान भारत में परमाणु तकनीक का निर्यात कर सकेगा. इसके साथ ही भारत तोक्यो के साथ ऐसा करार करने वाला पहला ऐसा देश बन गया है जिसने एनपीटी संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. यह करार द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा क्योंकि दोनों देश चीन का मुकाबला करने के लिए कमर कस रहे हैं.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान को परमाणु हमले का सामना करना पड़ा था और इसी के चलते जापान में भारत के साथ परमाणु करार को लेकर प्रतिरोध था. वर्ष 2011 के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुए हादसे के बाद से यह विरोध कहीं अधिक था.
परमाणु ऊर्जा बाजार में जापान एक प्रमुख देश है और इसके साथ परमाणु करार होने से अमेरिका स्थित परमाणु संयंत्रों के निर्माताओं वेस्टिंग्सहाउस इलैक्ट्रिक कोरपोरेशन और जीई एनर्जी इंक के लिए भारत में परमाणु संयंत्र लगाना आसाान हो जाएगा क्योंकि इन दोनों कंपनियों का जापान में निवेश है .टिप्पणियां
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले वर्ष दिसंबर में आबे की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश असैन्य परमाणु उर्जा सेक्टर में सहयोग के लिए एक व्यापक समझौते पर पहुंचे थे लेकिन कुछ मुद्दों को निपटाने में वक्त लगने के चलते करार पर हस्ताक्षर किया जाना बाकी था.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने आज ट्विट किया, ‘‘ स्वच्छ और हरित विश्व के लिए एक ऐतिहासिक करार . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री शिंजो आबे ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के आदान प्रदान के गवाह बने.’’ इस करार से जापान भारत में परमाणु तकनीक का निर्यात कर सकेगा. इसके साथ ही भारत तोक्यो के साथ ऐसा करार करने वाला पहला ऐसा देश बन गया है जिसने एनपीटी संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. यह करार द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा क्योंकि दोनों देश चीन का मुकाबला करने के लिए कमर कस रहे हैं.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान को परमाणु हमले का सामना करना पड़ा था और इसी के चलते जापान में भारत के साथ परमाणु करार को लेकर प्रतिरोध था. वर्ष 2011 के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुए हादसे के बाद से यह विरोध कहीं अधिक था.
परमाणु ऊर्जा बाजार में जापान एक प्रमुख देश है और इसके साथ परमाणु करार होने से अमेरिका स्थित परमाणु संयंत्रों के निर्माताओं वेस्टिंग्सहाउस इलैक्ट्रिक कोरपोरेशन और जीई एनर्जी इंक के लिए भारत में परमाणु संयंत्र लगाना आसाान हो जाएगा क्योंकि इन दोनों कंपनियों का जापान में निवेश है .टिप्पणियां
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने आज ट्विट किया, ‘‘ स्वच्छ और हरित विश्व के लिए एक ऐतिहासिक करार . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री शिंजो आबे ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के आदान प्रदान के गवाह बने.’’ इस करार से जापान भारत में परमाणु तकनीक का निर्यात कर सकेगा. इसके साथ ही भारत तोक्यो के साथ ऐसा करार करने वाला पहला ऐसा देश बन गया है जिसने एनपीटी संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. यह करार द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा क्योंकि दोनों देश चीन का मुकाबला करने के लिए कमर कस रहे हैं.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान को परमाणु हमले का सामना करना पड़ा था और इसी के चलते जापान में भारत के साथ परमाणु करार को लेकर प्रतिरोध था. वर्ष 2011 के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुए हादसे के बाद से यह विरोध कहीं अधिक था.
परमाणु ऊर्जा बाजार में जापान एक प्रमुख देश है और इसके साथ परमाणु करार होने से अमेरिका स्थित परमाणु संयंत्रों के निर्माताओं वेस्टिंग्सहाउस इलैक्ट्रिक कोरपोरेशन और जीई एनर्जी इंक के लिए भारत में परमाणु संयंत्र लगाना आसाान हो जाएगा क्योंकि इन दोनों कंपनियों का जापान में निवेश है .टिप्पणियां
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान को परमाणु हमले का सामना करना पड़ा था और इसी के चलते जापान में भारत के साथ परमाणु करार को लेकर प्रतिरोध था. वर्ष 2011 के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में हुए हादसे के बाद से यह विरोध कहीं अधिक था.
परमाणु ऊर्जा बाजार में जापान एक प्रमुख देश है और इसके साथ परमाणु करार होने से अमेरिका स्थित परमाणु संयंत्रों के निर्माताओं वेस्टिंग्सहाउस इलैक्ट्रिक कोरपोरेशन और जीई एनर्जी इंक के लिए भारत में परमाणु संयंत्र लगाना आसाान हो जाएगा क्योंकि इन दोनों कंपनियों का जापान में निवेश है .टिप्पणियां
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
परमाणु ऊर्जा बाजार में जापान एक प्रमुख देश है और इसके साथ परमाणु करार होने से अमेरिका स्थित परमाणु संयंत्रों के निर्माताओं वेस्टिंग्सहाउस इलैक्ट्रिक कोरपोरेशन और जीई एनर्जी इंक के लिए भारत में परमाणु संयंत्र लगाना आसाान हो जाएगा क्योंकि इन दोनों कंपनियों का जापान में निवेश है .टिप्पणियां
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत के साथ परमाणु करार करने वाले अन्य देशों में अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, फ्रांस, नामिबिया, अर्जेंटीना, कनाडा, कजाखस्तान तथा आस्ट्रेलिया शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंध बढ़ेंगे
अमेरिका स्थित कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र लगाने में मिलेगी मदद
भारत तोक्यो से करार करने वाला पहला देश जिसके एनपीटी संधि पर हस्ताक्षर नही | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में 8 मंजिला इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 290 हो गई है और मलबे में फंसे कुछ जिंदा लोगों को बाहर निकालने का प्रयास जोर-शोर से जारी है।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया, अब तक हमने 290 शव निकाले हैं और करीब 2100 लोगों को जिंदा बचाया है। अब हम मलबे के भीतर जिंदा बचे आखिरी कुछ लोगों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलबे के अंदर अभी कम से कम 24 लोगों के जिंदा होने की संभावना है और बचावकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात निकाले गए दो जिंदा लोग औद्योगिक पुलिस इकाई के लापता जासूस हैं, जो इमारत में दरार पड़ने के बाद इसकी जांच के लिए इमारत के भीतर गए थे। इससे पहले राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे मेजर जनरल अबू हसन सरवरदी ने कहा था कि बचावकर्मी एक और दिन जिंदा लोगों की तलाश करेंगे, क्योंकि उन लोगों के 72 घंटे तक बचे रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में सेना और अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षित बचावकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे के पास जुटे लोग हिंसक हो उठे, क्योंकि मलबे के नीचे दबे उनके रिश्तेदारों से उनका फोन संपर्क टूट गया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया, अब तक हमने 290 शव निकाले हैं और करीब 2100 लोगों को जिंदा बचाया है। अब हम मलबे के भीतर जिंदा बचे आखिरी कुछ लोगों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलबे के अंदर अभी कम से कम 24 लोगों के जिंदा होने की संभावना है और बचावकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं।टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात निकाले गए दो जिंदा लोग औद्योगिक पुलिस इकाई के लापता जासूस हैं, जो इमारत में दरार पड़ने के बाद इसकी जांच के लिए इमारत के भीतर गए थे। इससे पहले राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे मेजर जनरल अबू हसन सरवरदी ने कहा था कि बचावकर्मी एक और दिन जिंदा लोगों की तलाश करेंगे, क्योंकि उन लोगों के 72 घंटे तक बचे रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में सेना और अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षित बचावकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे के पास जुटे लोग हिंसक हो उठे, क्योंकि मलबे के नीचे दबे उनके रिश्तेदारों से उनका फोन संपर्क टूट गया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात निकाले गए दो जिंदा लोग औद्योगिक पुलिस इकाई के लापता जासूस हैं, जो इमारत में दरार पड़ने के बाद इसकी जांच के लिए इमारत के भीतर गए थे। इससे पहले राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे मेजर जनरल अबू हसन सरवरदी ने कहा था कि बचावकर्मी एक और दिन जिंदा लोगों की तलाश करेंगे, क्योंकि उन लोगों के 72 घंटे तक बचे रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में सेना और अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षित बचावकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे के पास जुटे लोग हिंसक हो उठे, क्योंकि मलबे के नीचे दबे उनके रिश्तेदारों से उनका फोन संपर्क टूट गया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में सेना और अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षित बचावकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे के पास जुटे लोग हिंसक हो उठे, क्योंकि मलबे के नीचे दबे उनके रिश्तेदारों से उनका फोन संपर्क टूट गया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में 8 मंजिला इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 290 हो गई है और मलबे में फंसे कुछ जिंदा लोगों को बाहर निकालने का प्रयास जोर-शोर से जारी है। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि, ऐसे लोग जो आयकर कानून के तहत प्रवासी भारतीयों में आते हैं, जो भारत के नागरिक नहीं हैं, 80 साल से अधिक उम्र के लोग, असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस अनिवार्यता से छूट दी गई है.
वीडियो- बिना आधार नहीं खुलेगा खाता
कर विभाग ने 31 जुलाई को कहा था कि जब तक यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि आधार संवैधानिक रूप से वैध नहीं है, करदाताओं को 31 अगस्त, 2017 तक अपने पैन को आधार से जोड़ना होगा. बात दें कि लोगों के लिए अपने बैंक को आधार से जोड़ने की समयसीमा भी 31 दिसंबर तक है.टिप्पणियां
करदाताओं को हालांकि अपने सालाना आयकर रिटर्न को 5 अगस्त तक आधार को पैन से जोड़े बिना जमा कराने की अनुमति दी गई थी. उन्हें रिटर्न में सिर्फ आधार नंबर बताना था या आधार के लिए आवेदन करने के बारे में प्राप्ति रसीद का ब्योरा देना था.
इनपुट- एजेंसियां
वीडियो- बिना आधार नहीं खुलेगा खाता
कर विभाग ने 31 जुलाई को कहा था कि जब तक यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि आधार संवैधानिक रूप से वैध नहीं है, करदाताओं को 31 अगस्त, 2017 तक अपने पैन को आधार से जोड़ना होगा. बात दें कि लोगों के लिए अपने बैंक को आधार से जोड़ने की समयसीमा भी 31 दिसंबर तक है.टिप्पणियां
करदाताओं को हालांकि अपने सालाना आयकर रिटर्न को 5 अगस्त तक आधार को पैन से जोड़े बिना जमा कराने की अनुमति दी गई थी. उन्हें रिटर्न में सिर्फ आधार नंबर बताना था या आधार के लिए आवेदन करने के बारे में प्राप्ति रसीद का ब्योरा देना था.
इनपुट- एजेंसियां
करदाताओं को हालांकि अपने सालाना आयकर रिटर्न को 5 अगस्त तक आधार को पैन से जोड़े बिना जमा कराने की अनुमति दी गई थी. उन्हें रिटर्न में सिर्फ आधार नंबर बताना था या आधार के लिए आवेदन करने के बारे में प्राप्ति रसीद का ब्योरा देना था.
इनपुट- एजेंसियां
इनपुट- एजेंसियां | पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा आज यानी 31 अगस्त है
वित्त मंत्रालय इस समय सीमा को बढ़ा सकता है
हो सकता है कि इस समय सीमा को साल के अंत तक कर दिया जाए | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार और इरफान पठान चोट के कारण वेस्टइंडीज 'ए' के खिलाफ भारत 'ए' की अनधिकृत वनडे शृंखला से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट बोर्ड के अनुसार उनकी जगह सिद्धार्थ कौल और आर विनय कुमार को टीम में शामिल किया गया है।
बोर्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा, प्रवीण कुमार और इरफान पठान चोट के कारण वेस्टइंडीज 'ए' के खिलाफ शृंखला के लिए भारत 'ए' टीम से बाहर हो गए। उनकी जगह सिद्धार्थ कौल और आर विनय कुमार लेंगे। केरल के बल्लेबाज वी जगदीश को दूसरे और चौथे चार-दिवसीय मैच के लिए भारत 'ए' टीम में जगह दी गई है।
बोर्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा, प्रवीण कुमार और इरफान पठान चोट के कारण वेस्टइंडीज 'ए' के खिलाफ शृंखला के लिए भारत 'ए' टीम से बाहर हो गए। उनकी जगह सिद्धार्थ कौल और आर विनय कुमार लेंगे। केरल के बल्लेबाज वी जगदीश को दूसरे और चौथे चार-दिवसीय मैच के लिए भारत 'ए' टीम में जगह दी गई है। | सारांश: उनकी जगह सिद्धार्थ कौल और आर विनय कुमार को टीम में शामिल किया गया है। केरल के बल्लेबाज वी जगदीश को दूसरे और चौथे चार-दिवसीय मैच के लिए भारत 'ए' टीम में जगह दी गई है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध नकदी बरामदी अभियान के तहत शनिवार को एक प्रमुख दर्जी के पास से तकरीबन 30 लाख रुपये नकद और 2.5 किलो सोना बरामद किया है.
यहां एक कपड़ा व्यापारी के पास से 2.19 करोड़ रुपये बरामद करने के तीन दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों ने यह जब्ती की है.
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इस संबंध में मिली एक जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोहाली (पंजाब) और सेक्टर 22 में महाराज दर्जी परिसर में छापा मारा.
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई राशि में दो हजार के नए नोटों में 18 लाख रुपये शामिल है. बाकि राशि 100 और 50 के नोटों में है.
उन्होंने बताया कि ईडी जांच कर रही है कि नोटों को कैसे बदला गया और किसके मार्फत बदला गया. दुकान के मालिकों ने सोना भी खरीदा था. उन्होंने कथित तौर पर 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर 2.5 किलो सोना खरीदा था.टिप्पणियां
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहां एक कपड़ा व्यापारी के पास से 2.19 करोड़ रुपये बरामद करने के तीन दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों ने यह जब्ती की है.
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इस संबंध में मिली एक जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोहाली (पंजाब) और सेक्टर 22 में महाराज दर्जी परिसर में छापा मारा.
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई राशि में दो हजार के नए नोटों में 18 लाख रुपये शामिल है. बाकि राशि 100 और 50 के नोटों में है.
उन्होंने बताया कि ईडी जांच कर रही है कि नोटों को कैसे बदला गया और किसके मार्फत बदला गया. दुकान के मालिकों ने सोना भी खरीदा था. उन्होंने कथित तौर पर 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर 2.5 किलो सोना खरीदा था.टिप्पणियां
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इस संबंध में मिली एक जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोहाली (पंजाब) और सेक्टर 22 में महाराज दर्जी परिसर में छापा मारा.
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई राशि में दो हजार के नए नोटों में 18 लाख रुपये शामिल है. बाकि राशि 100 और 50 के नोटों में है.
उन्होंने बताया कि ईडी जांच कर रही है कि नोटों को कैसे बदला गया और किसके मार्फत बदला गया. दुकान के मालिकों ने सोना भी खरीदा था. उन्होंने कथित तौर पर 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर 2.5 किलो सोना खरीदा था.टिप्पणियां
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई राशि में दो हजार के नए नोटों में 18 लाख रुपये शामिल है. बाकि राशि 100 और 50 के नोटों में है.
उन्होंने बताया कि ईडी जांच कर रही है कि नोटों को कैसे बदला गया और किसके मार्फत बदला गया. दुकान के मालिकों ने सोना भी खरीदा था. उन्होंने कथित तौर पर 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर 2.5 किलो सोना खरीदा था.टिप्पणियां
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि ईडी जांच कर रही है कि नोटों को कैसे बदला गया और किसके मार्फत बदला गया. दुकान के मालिकों ने सोना भी खरीदा था. उन्होंने कथित तौर पर 44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर 2.5 किलो सोना खरीदा था.टिप्पणियां
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी दुकान के बिल रिकॉर्डों की जांच भी कर रहे हैं. इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने कपड़ा व्यापारी इंद्रपाल महाजन को कमीशन पर नए नोट देने के मामले में मोहाली के एक निजी बैंक के वरिष्ठ बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: दर्जी के पास से 30 लाख रुपये नकद और 2.5 किलो सोना बरामद
जब्त की राशि में दो हजार के नए नोटों में 18 लाख रुपये शामिल
मोहाली स्थित एक निजी बैंक का अधिकारी भी गिरफ्तार | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पर जमुई रेलवे स्टेशन के पास करीब 100 नक्सलियों ने हमला कर दिया।
हथियारबंद नक्सलियों ने ट्रेन को जमुई जिले में भालुई और कुंडेर के बीच जबरन रोक लिया तथा रेलवे पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। मारे गए लोगों में आरपीएफ का एक जवान भी शामिल है।
गोली लगने से ट्रेन का चालक भी घायल हो गया। इस वारदात में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। पुलिस के मुताबिक यह हमला सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने के मकसद से किया गया।टिप्पणियां
जमुई और मननपुर स्टेशनों पर तैनात रेलवे अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय और जमुई जिलों के वरिष्ठ रेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सुरक्षाबलों से मदद मांगी। करीब आधे घंटे तक सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी रही, जिसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना हुई।
इस वारदात पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के लिए हथियार और गोला-बारूद के साधन खत्म हो रहे हैं, इसलिए वे इस तरह की वारदात का सहारा ले रहे हैं।
हथियारबंद नक्सलियों ने ट्रेन को जमुई जिले में भालुई और कुंडेर के बीच जबरन रोक लिया तथा रेलवे पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। मारे गए लोगों में आरपीएफ का एक जवान भी शामिल है।
गोली लगने से ट्रेन का चालक भी घायल हो गया। इस वारदात में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। पुलिस के मुताबिक यह हमला सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने के मकसद से किया गया।टिप्पणियां
जमुई और मननपुर स्टेशनों पर तैनात रेलवे अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय और जमुई जिलों के वरिष्ठ रेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सुरक्षाबलों से मदद मांगी। करीब आधे घंटे तक सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी रही, जिसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना हुई।
इस वारदात पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के लिए हथियार और गोला-बारूद के साधन खत्म हो रहे हैं, इसलिए वे इस तरह की वारदात का सहारा ले रहे हैं।
गोली लगने से ट्रेन का चालक भी घायल हो गया। इस वारदात में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। पुलिस के मुताबिक यह हमला सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने के मकसद से किया गया।टिप्पणियां
जमुई और मननपुर स्टेशनों पर तैनात रेलवे अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय और जमुई जिलों के वरिष्ठ रेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सुरक्षाबलों से मदद मांगी। करीब आधे घंटे तक सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी रही, जिसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना हुई।
इस वारदात पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के लिए हथियार और गोला-बारूद के साधन खत्म हो रहे हैं, इसलिए वे इस तरह की वारदात का सहारा ले रहे हैं।
जमुई और मननपुर स्टेशनों पर तैनात रेलवे अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलते ही लखीसराय और जमुई जिलों के वरिष्ठ रेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सुरक्षाबलों से मदद मांगी। करीब आधे घंटे तक सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी रही, जिसके बाद ट्रेन अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना हुई।
इस वारदात पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के लिए हथियार और गोला-बारूद के साधन खत्म हो रहे हैं, इसलिए वे इस तरह की वारदात का सहारा ले रहे हैं।
इस वारदात पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के लिए हथियार और गोला-बारूद के साधन खत्म हो रहे हैं, इसलिए वे इस तरह की वारदात का सहारा ले रहे हैं। | यह एक सारांश है: जमुई के पास करीब 100 नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने के मकसद से धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हमला कर दिया। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खाद्य मुद्रास्फीति 27 अगस्त को समाप्त सप्ताह में घटकर 9.55 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि सप्ताह के दौरान दाल और गेहूं को छोड़कर छोड़कर अन्य सभी प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम एक साल पहले की तुलना में ऊंचे रहे। इससे पूर्व सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 10.05 प्रतिशत थी, जबकि वर्ष 2010 के इसी सप्ताह में यह 14.76 प्रतिशत थी। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 27 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान दाल की कीमत सालाना आधार पर 1.56 प्रतिशत घटी, जबकि गेहूं 1.04 प्रतिशत सस्ता रहा। हालांकि आलोच्य सप्ताह के दौरान अन्य खाद्य वस्तुएं महंगी हुईं। सालाना आधार पर प्याज 42.03 प्रतिशत महंगा हुआ, जबकि आलू की कीमत आलोच्य सप्ताह के दौरान 13.38 प्रतिशत चढ़ी। इसी प्रकार, 27 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान फल एक साल पहले की तुलना में 16.57 प्रतिशत महंगा हुआ, जबकि इसी तरह सब्जी की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 22.42 प्रतिशत ऊंची रहीं। आंकड़ों के अनुसार आलोच्य में अंडा, मांस एवं मछली पिछले साल इसी समय की तुलना में 7.26 प्रतिशत, जबकि दूध तथा मोटे अनाज 9.12 प्रतिशत महंगे रहे। पिछले साल इसी दौरान मुद्रास्फीति 14 प्रतिशत से अधिक थी। | यह एक सारांश है: हालांकि सप्ताह के दौरान दाल और गेहूं को छोड़कर छोड़कर अन्य सभी प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम एक साल पहले की तुलना में ऊंचे रहे। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: न्यूयॉर्क में एक मस्जिद और मंदिरों समेत पांच जगहों पर पेट्रोल बमों से हमले के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक क्वींस के रहने वाले गयाना मूल के रे लाज़िएर लेंजेंड ने यह कबूल किया है कि यह हमले उसी ने किए थे। नए साल के पहले दिन लाज़िएर लेंजेंड ने बोतलों में पेट्रोल भरकर उसमें आग लगाने के बाद इस्लामिक केन्द्र और दो मंदिरों के अलावा एक किराने की दुकान और एक घर पर हमला किया था।
पुलिस का कहना है कि मंगलवार को ही उसे हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लाज़िएर लेंजेंड पर कुल पांच आरोप लगाए गए हैं जिसमें हेट क्राइम भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि उसने दुकान पर इसलिए हमला किया क्योंकि कुछ दिन पहले उसे वहां से सामान चुराते हुए पकड़ा गया था जबकि हिन्दू परिवार के घर पर इसलिए हमला किया क्योंकि उनके साथ उसका झगड़ा था। | संक्षिप्त पाठ: न्यूयॉर्क में एक मस्जिद और मंदिरों समेत पांच जगहों पर पेट्रोल बमों से हमले के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'गो गोवा गॉन' इस हफ्ते रिलीज हुई है, जो जॉम्बीज पर आधारित फिल्म है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, सैफ अली खान, कुणाल खेमू, वीर दास और पूजा गुप्ता।
आपने बहुत-सी हॉलीवुड फिल्म देखी होंगी, जहां मुख्य किरदार जॉम्बीज के बीच फंस जाते हैं और फिर शुरू होता है उनसे बचने का सिलसिला। ऐसा ही कुछ इस फिल्म में भी है। कुणाल, वीर और आनंद तिवारी तीनों दोस्त हैं, जो गोवा के एक बीच पर रेव पार्टी का हिस्सा बनने के लिए पहुंच जाते हैं।
रेव पार्टी में शामिल लोग एक ऐसा ड्रग लेते हैं, जो उन्हें जॉम्बी बना देता है। ये तीनो दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के साथ इन जॉम्बीज के बीच फंस जाते हैं। इनसे बचने में उनका साथ देते हैं, सैफ अली खान।
'गो गोवा गॉन' एक कॉमेडी फिल्म है, जहां कुणाल के वन लाइनर्स हंसाते हैं। आनंद तिवारी, जो बनी के किरदार में हैं, उनका भी जबरदस्त अभिनय है। वीरदास का काम ठीक है, वहीं पूजा और सैफ के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं दिखता। टिप्पणियां
फिल्म हंसाती है, पर एक अच्छी कहानी की कमी खलती है। कहानी का अनुमान दर्शक पहले से ही लगा सकते हैं इसलिए कहानी इतना मजा नहीं दे पाती। कई बार लगता है स्क्रीन प्ले आगे बढ़ता है, पर फिर वापस आ जाता है, जिसकी वजह से कहानी धीमी पड़ जाती है और उबाऊ लगने लगती है।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
आपने बहुत-सी हॉलीवुड फिल्म देखी होंगी, जहां मुख्य किरदार जॉम्बीज के बीच फंस जाते हैं और फिर शुरू होता है उनसे बचने का सिलसिला। ऐसा ही कुछ इस फिल्म में भी है। कुणाल, वीर और आनंद तिवारी तीनों दोस्त हैं, जो गोवा के एक बीच पर रेव पार्टी का हिस्सा बनने के लिए पहुंच जाते हैं।
रेव पार्टी में शामिल लोग एक ऐसा ड्रग लेते हैं, जो उन्हें जॉम्बी बना देता है। ये तीनो दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के साथ इन जॉम्बीज के बीच फंस जाते हैं। इनसे बचने में उनका साथ देते हैं, सैफ अली खान।
'गो गोवा गॉन' एक कॉमेडी फिल्म है, जहां कुणाल के वन लाइनर्स हंसाते हैं। आनंद तिवारी, जो बनी के किरदार में हैं, उनका भी जबरदस्त अभिनय है। वीरदास का काम ठीक है, वहीं पूजा और सैफ के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं दिखता। टिप्पणियां
फिल्म हंसाती है, पर एक अच्छी कहानी की कमी खलती है। कहानी का अनुमान दर्शक पहले से ही लगा सकते हैं इसलिए कहानी इतना मजा नहीं दे पाती। कई बार लगता है स्क्रीन प्ले आगे बढ़ता है, पर फिर वापस आ जाता है, जिसकी वजह से कहानी धीमी पड़ जाती है और उबाऊ लगने लगती है।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
रेव पार्टी में शामिल लोग एक ऐसा ड्रग लेते हैं, जो उन्हें जॉम्बी बना देता है। ये तीनो दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के साथ इन जॉम्बीज के बीच फंस जाते हैं। इनसे बचने में उनका साथ देते हैं, सैफ अली खान।
'गो गोवा गॉन' एक कॉमेडी फिल्म है, जहां कुणाल के वन लाइनर्स हंसाते हैं। आनंद तिवारी, जो बनी के किरदार में हैं, उनका भी जबरदस्त अभिनय है। वीरदास का काम ठीक है, वहीं पूजा और सैफ के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं दिखता। टिप्पणियां
फिल्म हंसाती है, पर एक अच्छी कहानी की कमी खलती है। कहानी का अनुमान दर्शक पहले से ही लगा सकते हैं इसलिए कहानी इतना मजा नहीं दे पाती। कई बार लगता है स्क्रीन प्ले आगे बढ़ता है, पर फिर वापस आ जाता है, जिसकी वजह से कहानी धीमी पड़ जाती है और उबाऊ लगने लगती है।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
'गो गोवा गॉन' एक कॉमेडी फिल्म है, जहां कुणाल के वन लाइनर्स हंसाते हैं। आनंद तिवारी, जो बनी के किरदार में हैं, उनका भी जबरदस्त अभिनय है। वीरदास का काम ठीक है, वहीं पूजा और सैफ के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं दिखता। टिप्पणियां
फिल्म हंसाती है, पर एक अच्छी कहानी की कमी खलती है। कहानी का अनुमान दर्शक पहले से ही लगा सकते हैं इसलिए कहानी इतना मजा नहीं दे पाती। कई बार लगता है स्क्रीन प्ले आगे बढ़ता है, पर फिर वापस आ जाता है, जिसकी वजह से कहानी धीमी पड़ जाती है और उबाऊ लगने लगती है।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
फिल्म हंसाती है, पर एक अच्छी कहानी की कमी खलती है। कहानी का अनुमान दर्शक पहले से ही लगा सकते हैं इसलिए कहानी इतना मजा नहीं दे पाती। कई बार लगता है स्क्रीन प्ले आगे बढ़ता है, पर फिर वापस आ जाता है, जिसकी वजह से कहानी धीमी पड़ जाती है और उबाऊ लगने लगती है।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स।
फिल्म के गाने अच्छे हैं, जैसे बाबा जी की बूटी...। हिन्दुस्तानी दर्शकों के लिए जॉम्बीज को समझना जरा मुश्किल है, पर फिल्म में कोशिश की गई है, जॉम्बी का मतलब समझाने की। अगर जॉम्बी आप समझते हैं और बिना लॉजिक लगाए फिल्म देखते हैं तो शायद यह कहानी आपको जम जाए। इस फिल्म के लिए रेटिंग है, 2.5 स्टार्स। | यहाँ एक सारांश है:फिल्म में कुणाल के वन लाइनर्स हंसाते हैं। आनंद तिवारी, जो बनी के किरदार में हैं, उनका भी जबरदस्त अभिनय है। वीरदास का काम ठीक है, वहीं पूजा और सैफ के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं दिखता। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव ने कहा कि शर्मीला और चुपचाप रहने वाला सचिन तेंदुलकर 1990 में जब 17 साल का था तो इंग्लैंड के अपने पहले दौर में दसवीं कक्षा की किताबें भी साथ लेकर आया था।
कपिल ने कहा, ‘‘वह चुपचाप रहता था। उस पहले दौर में वह पढ़ाई के लिए दसवीं कक्षा की किताबें भी साथ लेकर आया था। वह शर्मीला था और बहुत अधिक बात नहीं करता था। वह एक सामान्य बच्चे की तरह था। वह किसी विषय पर चर्चा में शामिल नहीं होता था। वह केवल उस पर मनन करता था।’’
उन्होंने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव कार्यक्रम में कहा, ‘‘उस उम्र में उसकी दो चीजें बहुत अलग थी। उसका संतुलन बहुत अच्छा या यूं कहें कि अविश्वसनीय था। और वह गेंद को हिट नहीं बल्कि पुश करता था। उसके पास भारी बल्ला था। उस दौर में मैंने किसी को भी उतने भारी बल्ले का उपयोग करते हुए नहीं देखा था।’’
इंग्लैंड के उस दौरे में कपिल को तेंदुलकर का ध्यान रखने के लिए कहा गया था। वह एक कमरे में रहते थे और तब कपिल ने इस युवा क्रिकेटर के अद्भुत कौशल को करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह बायें हाथ से लिखता था और खाना खाता था लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दाहिने हाथ से करता था। बाद में मुझे अहसास हुआ कि वह जरूर जीनियस है जिसके दोनों हाथों में शक्ति है। यह क्रिकेट का भविष्य है। यदि आप का शक्ति पर संतुलन है तो आप गेंद पर नियंत्रण और अपने शरीर पर संतुलन साध सकते हो।’’
कपिल ने उस दिन को याद किया जब उन्होंने पहली बार तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते हुए देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
कपिल ने कहा, ‘‘वह चुपचाप रहता था। उस पहले दौर में वह पढ़ाई के लिए दसवीं कक्षा की किताबें भी साथ लेकर आया था। वह शर्मीला था और बहुत अधिक बात नहीं करता था। वह एक सामान्य बच्चे की तरह था। वह किसी विषय पर चर्चा में शामिल नहीं होता था। वह केवल उस पर मनन करता था।’’
उन्होंने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव कार्यक्रम में कहा, ‘‘उस उम्र में उसकी दो चीजें बहुत अलग थी। उसका संतुलन बहुत अच्छा या यूं कहें कि अविश्वसनीय था। और वह गेंद को हिट नहीं बल्कि पुश करता था। उसके पास भारी बल्ला था। उस दौर में मैंने किसी को भी उतने भारी बल्ले का उपयोग करते हुए नहीं देखा था।’’
इंग्लैंड के उस दौरे में कपिल को तेंदुलकर का ध्यान रखने के लिए कहा गया था। वह एक कमरे में रहते थे और तब कपिल ने इस युवा क्रिकेटर के अद्भुत कौशल को करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह बायें हाथ से लिखता था और खाना खाता था लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दाहिने हाथ से करता था। बाद में मुझे अहसास हुआ कि वह जरूर जीनियस है जिसके दोनों हाथों में शक्ति है। यह क्रिकेट का भविष्य है। यदि आप का शक्ति पर संतुलन है तो आप गेंद पर नियंत्रण और अपने शरीर पर संतुलन साध सकते हो।’’
कपिल ने उस दिन को याद किया जब उन्होंने पहली बार तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते हुए देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
उन्होंने बीबीसी रेडियो फाइव लाइव कार्यक्रम में कहा, ‘‘उस उम्र में उसकी दो चीजें बहुत अलग थी। उसका संतुलन बहुत अच्छा या यूं कहें कि अविश्वसनीय था। और वह गेंद को हिट नहीं बल्कि पुश करता था। उसके पास भारी बल्ला था। उस दौर में मैंने किसी को भी उतने भारी बल्ले का उपयोग करते हुए नहीं देखा था।’’
इंग्लैंड के उस दौरे में कपिल को तेंदुलकर का ध्यान रखने के लिए कहा गया था। वह एक कमरे में रहते थे और तब कपिल ने इस युवा क्रिकेटर के अद्भुत कौशल को करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह बायें हाथ से लिखता था और खाना खाता था लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दाहिने हाथ से करता था। बाद में मुझे अहसास हुआ कि वह जरूर जीनियस है जिसके दोनों हाथों में शक्ति है। यह क्रिकेट का भविष्य है। यदि आप का शक्ति पर संतुलन है तो आप गेंद पर नियंत्रण और अपने शरीर पर संतुलन साध सकते हो।’’
कपिल ने उस दिन को याद किया जब उन्होंने पहली बार तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते हुए देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
इंग्लैंड के उस दौरे में कपिल को तेंदुलकर का ध्यान रखने के लिए कहा गया था। वह एक कमरे में रहते थे और तब कपिल ने इस युवा क्रिकेटर के अद्भुत कौशल को करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह बायें हाथ से लिखता था और खाना खाता था लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दाहिने हाथ से करता था। बाद में मुझे अहसास हुआ कि वह जरूर जीनियस है जिसके दोनों हाथों में शक्ति है। यह क्रिकेट का भविष्य है। यदि आप का शक्ति पर संतुलन है तो आप गेंद पर नियंत्रण और अपने शरीर पर संतुलन साध सकते हो।’’
कपिल ने उस दिन को याद किया जब उन्होंने पहली बार तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते हुए देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
कपिल ने उस दिन को याद किया जब उन्होंने पहली बार तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते हुए देखा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार उसे ब्रेबोर्न स्टेडियम (मुंबई) में बल्लेबाजी करते हुए देखा और मुझे उसे गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।’’ कपिल ने कहा, ‘‘मुझसे कहा गया कि इससे उसका उत्साह बढ़ेगा। मैंने कहा कि वह कौन है। मुझे बताया गया कि उसने स्कूल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और मैं उसे केवल कुछ गेंद करूं। वह 14 साल का लग रहा था। मैं उसे गेंदबाजी करते हुए नर्वस था। वह मेरे सामने काफी छोटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो तेज गेंद फेंकी। उसने उन्हें फ्लिक किया और उस उम्र में भी वह नेट पर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी जगह भरना असंभव होगा लेकिन खेल चलता रहेगा। द्रविड़ ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई उनकी जगह ले पाएगा। यह असंभव है। जब सुनील गावस्कर ने संन्यास लिया तो लोगों ने कहा कि अगला सुनील गावस्कर कहां से आएगा लेकिन तभी हमें सचिन तेंदुलकर मिल गया।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
तेंदुलकर ने पिछले साल वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन माना जा रहा है कि वह टेस्ट क्रिकेट में अभी कुछ समय तक बने रहेंगे।
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
तेंदुलकर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बारे में बताने पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और सुनील गावस्कर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में पर्थ में खेली गई पारी का जिक्र किया। भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया था लेकिन तेंदुलकर ने वाका की उछाल वाली पिच पर 114 रन की पारी खेली थी।टिप्पणियां
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
गांगुली ने कहा, ‘‘वह अब भी सर्वश्रेष्ठ पारी है। यह 18 साल का था। पर्थ की पिच में काफी उछाल थी। हमने उस सीरीज में करारी हार झेली थी लेकिन उसने वाका की तेज पिच पर क्रेग मैकडरमाट और मर्व ह्यूज पर करारे शॉट जमाए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम अक्सर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते हैं और हमें उस तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव है लेकिन तब हम छह साल में एक बार ऑस्ट्रेलिया जाते थे और हम उस तरह की तेज और उछाल वाली पिच पर खेलने के आदी नहीं थे।’’ | संक्षिप्त सारांश: कपिल ने कहा, ‘वह चुपचाप रहता था। उस पहले दौर में वह पढ़ाई के लिए दसवीं कक्षा की किताबें भी साथ लेकर आया था। वह शर्मीला था और बहुत अधिक बात नहीं करता था। वह एक सामान्य बच्चे की तरह था। वह किसी विषय पर चर्चा में शामिल नहीं होता था। वह केवल उस पर मनन करता था | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैसदेक ने पिछले साल मई में फेसबुक द्वारा जारी किए गए इंनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए एक करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने पर सहमति जताई है।
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैसदेक ने मई 2012 में फेसबुक आईपीओ के दौरान खराब व्यवस्था एवं निर्णय-क्षमता का परिचय दिया।
यह सुनिश्चित करना स्टॉक एक्सचेंज की जवाबदेही होती है कि आईपीओ को बाजार में लाने में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। फेसबुक आईपीओ को लेकर निवेशकों की व्यापक भागीदारी के अनुमान के बावजूद नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियां थीं, जिसके कारण आईपीओ खरीदने तथा बेचने के आदेश में बाधा उत्पन्न हुई।टिप्पणियां
नैसदेक के नेतृत्व ने समस्या को समझे बगैर खरीद-बिक्री शुरू की, जिसके कारण कई नियमों का उल्लंघन हुआ। समस्या के कारण फेसबुक के 30,000 से अधिक ऑर्डर करीब दो घंटे तक नैसदेक के सिस्टम में ही फंसे रहे, जबकि इनका त्वरित निष्पादन कर दिया जाना चाहिए था या इन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए था।
फेसबुक आईपीओ से जुड़ीं वाल स्ट्रीट कंपनियों का कहना है कि नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियों के कारण करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैसदेक ने मई 2012 में फेसबुक आईपीओ के दौरान खराब व्यवस्था एवं निर्णय-क्षमता का परिचय दिया।
यह सुनिश्चित करना स्टॉक एक्सचेंज की जवाबदेही होती है कि आईपीओ को बाजार में लाने में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। फेसबुक आईपीओ को लेकर निवेशकों की व्यापक भागीदारी के अनुमान के बावजूद नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियां थीं, जिसके कारण आईपीओ खरीदने तथा बेचने के आदेश में बाधा उत्पन्न हुई।टिप्पणियां
नैसदेक के नेतृत्व ने समस्या को समझे बगैर खरीद-बिक्री शुरू की, जिसके कारण कई नियमों का उल्लंघन हुआ। समस्या के कारण फेसबुक के 30,000 से अधिक ऑर्डर करीब दो घंटे तक नैसदेक के सिस्टम में ही फंसे रहे, जबकि इनका त्वरित निष्पादन कर दिया जाना चाहिए था या इन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए था।
फेसबुक आईपीओ से जुड़ीं वाल स्ट्रीट कंपनियों का कहना है कि नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियों के कारण करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
यह सुनिश्चित करना स्टॉक एक्सचेंज की जवाबदेही होती है कि आईपीओ को बाजार में लाने में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। फेसबुक आईपीओ को लेकर निवेशकों की व्यापक भागीदारी के अनुमान के बावजूद नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियां थीं, जिसके कारण आईपीओ खरीदने तथा बेचने के आदेश में बाधा उत्पन्न हुई।टिप्पणियां
नैसदेक के नेतृत्व ने समस्या को समझे बगैर खरीद-बिक्री शुरू की, जिसके कारण कई नियमों का उल्लंघन हुआ। समस्या के कारण फेसबुक के 30,000 से अधिक ऑर्डर करीब दो घंटे तक नैसदेक के सिस्टम में ही फंसे रहे, जबकि इनका त्वरित निष्पादन कर दिया जाना चाहिए था या इन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए था।
फेसबुक आईपीओ से जुड़ीं वाल स्ट्रीट कंपनियों का कहना है कि नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियों के कारण करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
नैसदेक के नेतृत्व ने समस्या को समझे बगैर खरीद-बिक्री शुरू की, जिसके कारण कई नियमों का उल्लंघन हुआ। समस्या के कारण फेसबुक के 30,000 से अधिक ऑर्डर करीब दो घंटे तक नैसदेक के सिस्टम में ही फंसे रहे, जबकि इनका त्वरित निष्पादन कर दिया जाना चाहिए था या इन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए था।
फेसबुक आईपीओ से जुड़ीं वाल स्ट्रीट कंपनियों का कहना है कि नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियों के कारण करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
फेसबुक आईपीओ से जुड़ीं वाल स्ट्रीट कंपनियों का कहना है कि नैसदेक की प्रणाली में डिजाइन सम्बंधी खामियों के कारण करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। | अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैसदेक ने पिछले साल मई में फेसबुक द्वारा जारी किए गए इंनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए एक करोड़ डॉलर का हर्जाना चुकाने पर सहमति जताई है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सेंसर बोर्ड ने आखिरकार अनुसूचित जाति आयोग को विवादित फिल्म आरक्षण दिखा ही दी और आयोग की राय में प्रकाश झा की इस फिल्म में कई जगह आपत्तिजनक संवाद और दृश्य हैं जिन्हें हटाया जाना चाहिए। एससी आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने बताया, हमने आयोग के सभी सदस्यों के साथ मंगलवार को यह फिल्म देख ली है। इसमें कई ऐसे संवाद हैं जो अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक हैं। हमने सेंसर बोर्ड से कहा है कि इन संवादों को फिल्म से हटाकर रिलीज किया जाए। अमिताभ बच्चन, मनोज बाजपेयी, सैफ अली खान, प्रतीक बब्बर और दीपिका पादुकोण अभिनीत यह फिल्म 12 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में उतरेगी। पुनिया ने उदाहरण के तौर पर बताया कि फिल्म में एक जगह कैंटीन में लिखा होता है आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है, इस बारे में कहा गया कि इसकी जगह यह लिखो कि आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध खरात है, इस तरह से आरक्षण का मजाक उड़ाया गया है। इस कांग्रेसी नेता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और संविधान कह चुका है कि आरक्षण सही है फिर भी फिल्म में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा, यह फिल्म शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ है, अनुसूचित जाति को अधिकार दिलाने को लेकर जो भूमिका है उसे अमिताभ बच्चन ने निभाया है लेकिन जो संवाद है वह अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक है जो पूरे समाज की समरसता के लिए घातक है। यह पूछे जाने पर कि इन आपत्तिजनक संवादों और दृश्यों को हटाये बगैर ही यदि यह फिल्म रिलीज होती है तो आयोग का क्या कदम होगा, पुनिया ने कहा, हमारा काम (सिफारिश करने का) यहां पूरा हो जाता है। हम झगड़ा तो करने नहीं जा रहे। संवैधानिक संस्था होने के नाते यह हमारा दायित्व था और अनुच्छेद 338 के तहत यह हमारे अधिकार क्षेत्र में आता है। इससे पहले महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री और दलित नेता छगन भुजबल भी आरक्षण के कुछ दृश्यों और संवादों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। फिल्म से उठे विवादों के बाद प्रकाश झा ने कल रात दक्षिण मुंबई के एक थियेटर में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद भुजबल ने कहा कि फिल्म के कुछ दृश्य और संवाद आपत्तिजनक हैं और इन्हें हटाने के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह दूसरी पार्टी के नेताओं के साथ इस पर चर्चा करेंगे। इसके बाद ही आज इस विषय पर अंतिम निर्णय किया जायेगा। फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान महाराष्ट्र के मंत्री शिवाजीराव मोघे और वष्रा गायकवाड भी मौजूद थी। बंबई उच्च न्यायालय हालांकि इस फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दिखा चुका है और रिलीज से पहले इसकी विशेष स्क्रीनिंग की मांग अस्वीकार कर चुका है। | आयोग की राय में प्रकाश झा की इस फिल्म में कई जगह आपत्तिजनक संवाद और दृश्य हैं जिन्हें हटाया जाना चाहिए। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईएएस दम्पती की युवा बेटी को गुरुवार को उसके किराये के फ्लैट पर मृत पाया गया। पुलिस ने बताया कि पेशे से वकील 25 वर्षीय पल्लवी पुरकायस्थ को उसके किराये के फ्लैट पर मृत पाया गया। पल्लवी के मात पिता आईएएस हैं और दिल्ली में रहते हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीन सालुंखे ने बताया कि पल्लवी के सह जीवन साथी (लिव इन पार्टनर) अविक सेनगुप्ता (26) ने वडाला स्थित ‘हिमालयन हाइट्स अपार्टमेंट’ में उसका शव देखा। अविक भी पेशे से वकील हैं।टिप्पणियां
सालुंखे ने बताया कि पल्लवी के शव पर वार के कई निशान हैं। घटनास्थल को देख प्रतीत होता है कि पल्लवी ने खुद को बचाने के लिये संघर्ष किया। सुबह साढ़े पांच बजे जब अविक घर पर पहुंचा तो उसने देखा कि दरवाजा थोड़ा खुाला हुआ है। उसने अंदर पल्लवी के खून से लथपथ शव को पाया जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पल्लवी का गला भी कटा था।
पुलिस ने बताया कि पल्लवी के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मान रही है कि पल्लवी की पहचान का व्यक्ति ही इस अपराध में शामिल है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीन सालुंखे ने बताया कि पल्लवी के सह जीवन साथी (लिव इन पार्टनर) अविक सेनगुप्ता (26) ने वडाला स्थित ‘हिमालयन हाइट्स अपार्टमेंट’ में उसका शव देखा। अविक भी पेशे से वकील हैं।टिप्पणियां
सालुंखे ने बताया कि पल्लवी के शव पर वार के कई निशान हैं। घटनास्थल को देख प्रतीत होता है कि पल्लवी ने खुद को बचाने के लिये संघर्ष किया। सुबह साढ़े पांच बजे जब अविक घर पर पहुंचा तो उसने देखा कि दरवाजा थोड़ा खुाला हुआ है। उसने अंदर पल्लवी के खून से लथपथ शव को पाया जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पल्लवी का गला भी कटा था।
पुलिस ने बताया कि पल्लवी के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मान रही है कि पल्लवी की पहचान का व्यक्ति ही इस अपराध में शामिल है।
सालुंखे ने बताया कि पल्लवी के शव पर वार के कई निशान हैं। घटनास्थल को देख प्रतीत होता है कि पल्लवी ने खुद को बचाने के लिये संघर्ष किया। सुबह साढ़े पांच बजे जब अविक घर पर पहुंचा तो उसने देखा कि दरवाजा थोड़ा खुाला हुआ है। उसने अंदर पल्लवी के खून से लथपथ शव को पाया जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पल्लवी का गला भी कटा था।
पुलिस ने बताया कि पल्लवी के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मान रही है कि पल्लवी की पहचान का व्यक्ति ही इस अपराध में शामिल है।
पुलिस ने बताया कि पल्लवी के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मान रही है कि पल्लवी की पहचान का व्यक्ति ही इस अपराध में शामिल है। | यह एक सारांश है: आईएएस दम्पती की युवा बेटी को गुरुवार को उसके किराये के फ्लैट पर मृत पाया गया। पुलिस ने बताया कि पेशे से वकील 25 वर्षीय पल्लवी पुरकायस्थ को उसके किराये के फ्लैट पर मृत पाया गया। पल्लवी के माता पिता आईएएस हैं और दिल्ली में रहते हैं। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन की सेना ने व्यापक हवाई हमलों के परिदृश्य के तहत अपनी एकीकृत हवाई रक्षा क्षमता को परखने के लिए पिछले सप्ताह एक अभ्यास किया। आधिकारिक मीडिया खबरों में कहा गया कि पिछले सप्ताह किए गए परीक्षणों का उद्देश्य चीन द्वारा निर्मित विभिन्न तरह की मिसाइल प्रणाली की क्षमता को परखना था। परीक्षणों में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल थीं। चीन ने वर्षों में एक जबर्दस्त मिसाइल रक्षा नेटवर्क निर्मित किया है, जिसमें विभिन्न तरह की मिसाइल प्रणाली शामिल है। मिसाइल रेजीमेंट के कमांडर वान देक्सिन ने परीक्षण स्थल का खुलासा किए बिना कहा कि हाल के सालों में सेना को सौंपी गई नई मिसाइल प्रणाली पुराने मॉडल के अनुरूप नहीं है। वान ने कहा, उनका स्वरूप आकार-प्रकार विभिन्न तरह का है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मिसाइलों की एकीकृत प्रणाली ने समूची रेजीमेंट की युद्धक क्षमता को मजबूत किया है। सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चीनी वायु सेना के लॉजिस्टिक्स कॉलेज के प्रोफेसर झांग किहुअई ने कहा, चीन की हवाई रक्षा प्रौद्योगिकी आधुनिक है, लेकिन अमेरिकी क्षमताओं से संतुलन के लिए इसमें सुधार की जरूरत है। | संक्षिप्त पाठ: चीन की सेना ने व्यापक हवाई हमलों के परिदृश्य के तहत अपनी एकीकृत हवाई रक्षा क्षमता को परखने के लिए पिछले सप्ताह एक अभ्यास किया। | 30 | ['hin'] |
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