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इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर में सोमवार को 5.8 तीव्रता के भूकम्प के झटके महसूस किए। इसका केंद्र भारत-पाकिस्तान की सीमा पर गिलगित क्षेत्र में था। फिलहाल इसमें जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।टिप्पणियां स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया, "भूकम्प पूर्वाह्न् 11.36 बजे आया। इसका केंद्र पाकिस्तान की सीमा से सटे गिलगित क्षेत्र में था, जो 36.8 डिग्री अक्षांश और 73.4 डिग्री देशांतर पर स्थित है। भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई।" इससे पहले वर्ष 2005 में आठ मार्च को नियंत्रण रेखा पर आए भूकम्प में 40 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। तब भूकम्प की तीव्रता 7.9 थी। स्थानीय मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया, "भूकम्प पूर्वाह्न् 11.36 बजे आया। इसका केंद्र पाकिस्तान की सीमा से सटे गिलगित क्षेत्र में था, जो 36.8 डिग्री अक्षांश और 73.4 डिग्री देशांतर पर स्थित है। भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई।" इससे पहले वर्ष 2005 में आठ मार्च को नियंत्रण रेखा पर आए भूकम्प में 40 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। तब भूकम्प की तीव्रता 7.9 थी। इससे पहले वर्ष 2005 में आठ मार्च को नियंत्रण रेखा पर आए भूकम्प में 40 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। तब भूकम्प की तीव्रता 7.9 थी।
यहाँ एक सारांश है:जम्मू एवं कश्मीर में सोमवार को 5.8 तीव्रता के भूकम्प के झटके महसूस किए। इसका केंद्र भारत-पाकिस्तान की सीमा पर गिलगित क्षेत्र में था।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्पॉट फिक्सिंग मामले में तमिलनाडु पुलिस ने शुक्रवार को क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इनसे 14 लाख रुपये कैश बरामद किया है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल और कंप्यूटर बरामद किए हैं, जिनसे जानकारी मिली है कि ये करीब एक करोड़ का सट्टा लगा रहे थे। इसके एक दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को कथितरूप से स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां अपराध शाखा के अपराध जांच विभाग (सीबीसीआईडी) के एक अधिकारी ने कहा, हमने 10 जगहों पर छापे मारे और क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। यह मैच फिक्सिंग नहीं बल्कि सट्टेबाजी है। जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। दिल्ली पुलिस ने भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 11 सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया था। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल और कंप्यूटर बरामद किए हैं, जिनसे जानकारी मिली है कि ये करीब एक करोड़ का सट्टा लगा रहे थे। इसके एक दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को कथितरूप से स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां अपराध शाखा के अपराध जांच विभाग (सीबीसीआईडी) के एक अधिकारी ने कहा, हमने 10 जगहों पर छापे मारे और क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। यह मैच फिक्सिंग नहीं बल्कि सट्टेबाजी है। जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। दिल्ली पुलिस ने भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 11 सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया था। इसके एक दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को कथितरूप से स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां अपराध शाखा के अपराध जांच विभाग (सीबीसीआईडी) के एक अधिकारी ने कहा, हमने 10 जगहों पर छापे मारे और क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। यह मैच फिक्सिंग नहीं बल्कि सट्टेबाजी है। जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। दिल्ली पुलिस ने भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 11 सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया था। अपराध शाखा के अपराध जांच विभाग (सीबीसीआईडी) के एक अधिकारी ने कहा, हमने 10 जगहों पर छापे मारे और क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। यह मैच फिक्सिंग नहीं बल्कि सट्टेबाजी है। जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। दिल्ली पुलिस ने भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 11 सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया था। दिल्ली पुलिस ने भारत के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदेला को बुधवार को गिरफ्तार किया था। इस दौरान 11 सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया था।
तमिलनाडु पुलिस ने शुक्रवार को क्रिकेट के छह सट्टेबाजों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इनसे 14 लाख रुपये कैश बरामद किया है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय ने एक प्रस्ताव को पारित कर लिट्टे के खिलाफ लड़ाई में कथित युद्ध अपराधों के लिए श्रीलंका की निंदा की है। अमेरिका प्रायोजित इस प्रस्ताव पर भारत ने पश्चिमी देशों का साथ देते हुए उसके पक्ष में मतदान किया। 47 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत समेत 24 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 15 देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। आठ देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। आमतौर पर देश विशेष से जुड़े प्रस्ताव पर मतदान नहीं करने वाले भारत ने द्रमुक समेत तमिलनाडु की पार्टियों की ओर से जबर्दस्त दबाव के बाद अंतिम समय में अपने रुख में परिवर्तन करते हुए श्रीलंका के खिलाफ मतदान किया। द्रमुक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों को हटाने पर विचार कर रही थी। दिलचस्प बात यह है कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के पड़ोसियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। मालदीव ने कहा कि प्रस्ताव जरूरी नहीं है और श्रीलंका को रिकमेंडेशन्स ऑफ द लेसंस लर्न्ट एंड रिकॉन्सिलिएशन कमीशन (एलएलआरसी) को लागू करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। मतदान श्रीलंका के बागान उद्योग मंत्री महिंदा समरसिंघे की ओर से जोरदार विरोध के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के बारे में बाहर से कोई भी उनके देश को आदेश नहीं दे सकता। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह स्पष्ट करे कि कैसे वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन का निराकरण करेगी और कैसे वह एलएलआरसी की सिफारिशों को लागू करेगी। इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ 47 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत समेत 24 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 15 देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। आठ देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। आमतौर पर देश विशेष से जुड़े प्रस्ताव पर मतदान नहीं करने वाले भारत ने द्रमुक समेत तमिलनाडु की पार्टियों की ओर से जबर्दस्त दबाव के बाद अंतिम समय में अपने रुख में परिवर्तन करते हुए श्रीलंका के खिलाफ मतदान किया। द्रमुक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों को हटाने पर विचार कर रही थी। दिलचस्प बात यह है कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के पड़ोसियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। मालदीव ने कहा कि प्रस्ताव जरूरी नहीं है और श्रीलंका को रिकमेंडेशन्स ऑफ द लेसंस लर्न्ट एंड रिकॉन्सिलिएशन कमीशन (एलएलआरसी) को लागू करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। मतदान श्रीलंका के बागान उद्योग मंत्री महिंदा समरसिंघे की ओर से जोरदार विरोध के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के बारे में बाहर से कोई भी उनके देश को आदेश नहीं दे सकता। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह स्पष्ट करे कि कैसे वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन का निराकरण करेगी और कैसे वह एलएलआरसी की सिफारिशों को लागू करेगी। इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ आमतौर पर देश विशेष से जुड़े प्रस्ताव पर मतदान नहीं करने वाले भारत ने द्रमुक समेत तमिलनाडु की पार्टियों की ओर से जबर्दस्त दबाव के बाद अंतिम समय में अपने रुख में परिवर्तन करते हुए श्रीलंका के खिलाफ मतदान किया। द्रमुक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों को हटाने पर विचार कर रही थी। दिलचस्प बात यह है कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के पड़ोसियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। मालदीव ने कहा कि प्रस्ताव जरूरी नहीं है और श्रीलंका को रिकमेंडेशन्स ऑफ द लेसंस लर्न्ट एंड रिकॉन्सिलिएशन कमीशन (एलएलआरसी) को लागू करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। मतदान श्रीलंका के बागान उद्योग मंत्री महिंदा समरसिंघे की ओर से जोरदार विरोध के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के बारे में बाहर से कोई भी उनके देश को आदेश नहीं दे सकता। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह स्पष्ट करे कि कैसे वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन का निराकरण करेगी और कैसे वह एलएलआरसी की सिफारिशों को लागू करेगी। इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ दिलचस्प बात यह है कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के पड़ोसियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। मालदीव ने कहा कि प्रस्ताव जरूरी नहीं है और श्रीलंका को रिकमेंडेशन्स ऑफ द लेसंस लर्न्ट एंड रिकॉन्सिलिएशन कमीशन (एलएलआरसी) को लागू करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। मतदान श्रीलंका के बागान उद्योग मंत्री महिंदा समरसिंघे की ओर से जोरदार विरोध के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के बारे में बाहर से कोई भी उनके देश को आदेश नहीं दे सकता। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह स्पष्ट करे कि कैसे वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन का निराकरण करेगी और कैसे वह एलएलआरसी की सिफारिशों को लागू करेगी। इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ मतदान श्रीलंका के बागान उद्योग मंत्री महिंदा समरसिंघे की ओर से जोरदार विरोध के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के बारे में बाहर से कोई भी उनके देश को आदेश नहीं दे सकता। प्रस्ताव में सरकार से कहा गया कि वह स्पष्ट करे कि कैसे वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के कथित उल्लंघन का निराकरण करेगी और कैसे वह एलएलआरसी की सिफारिशों को लागू करेगी। इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ इसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को प्रोत्साहित किया कि वह श्रीलंका को सलाह और सहायता की पेशकश करे और सरकार इसे स्वीकार करे। प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने के अपने रुख को स्पष्ट करते हुए भारत ने कहा कि उसका मानना है कि मानवाधिकारों के प्रोत्साहन और रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्यों पर होती है। उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ उसने कहा कि वह प्रस्ताव के व्यापक संदेश और जिस उद्देश्य को यह प्रोत्साहित करता है उसका समर्थन करता है। उसने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से कोई भी सहायता या यूएन स्पेशल प्रोसिजर्स की कोई भी यात्रा श्रीलंकाई सरकार के साथ विचार-विमर्श के जरिए होनी चाहिए। स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ स्पष्टीकरण नोट में कहा गया है, ‘ये मानदंड हैं जिसका परिषद में हम सब समर्थन करते हैं। श्रीलंका जैसे लोकतांत्रिक देश को सुलह और शांति के लक्ष्य को हासिल करने लिए समय दिया जाना चाहिए।’ भारत ने कहा कि परिषद में सबकी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि ‘हमारे निष्कर्ष इस लक्ष्य में बाधा पहुंचाने की बजाय इसमें योगदान करते हैं।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ भारत ने श्रीलंकाई सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वह व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और 13 वें संविधान संशोधन को लागू करने समेत सत्ता के सार्थक हस्तांतरण की दिशा में ठोस प्रगति दर्शाए। उसने कहा, ‘हम श्रीलंका से यह भी अनुरोध करेंगे और वह जवाबदेही के उपायों को आगे बढ़ाए और मानवाधिकारों को प्रोत्साहन दे जिसके लिए वह प्रतिबद्ध है। इन्हीं कदमों की परिषद में हम घोषणा करते हैं जो अल्पसंख्यक तमिल समुदाय समेत श्रीलंका के सभी समुदायों के बीच वास्तविक मेल-मिलाप कायम करेगा।’ भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद को श्रीलंका की सरकार ने इस सत्र में रिपोर्ट और अन्य उपायों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है। उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ उसने कहा, ‘हम इन कदमों का स्वागत करते हैं। हम आश्वस्त हैं कि रिपोर्ट का कार्यान्वयन वास्तविक मेल-मिलाप को बढ़ावा देगा।’ श्रीलंका में घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकने की बात करते हुए भारत ने कहा कि वह श्रीलंका से बातचीत जारी रखेगा ताकि मेल-मिलाप की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके जिससे उसके सभी नागरिकों का समानता, मर्यादा, न्याय और आत्म सम्मान पर आधारित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।टिप्पणियां समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ समरसिंघे ने अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘गलत समझा गया, गैर जरूरी और गलत समय पर पेश किया गया’ प्रस्ताव करार दिया। इस दौरान उनके साथ श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी एल पीरिस और वरिष्ठ तमिल नेता और मंत्री डगलस देवनंदा भी मौजूद थे। द्वीप देश में मई 2009 में दशकों लंबे संघर्ष के खत्म होने के बाद स्थिरता और शांति हासिल करने का दावा करते हुए उन्होंने परिषद से कहा कि श्रीलंका को हासिल की गई प्रगति को और मजबूत बनाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘प्रस्ताव में ऐसे कई हानिकारक तत्व हैं जो साफ तौर पर महत्वपूर्ण सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं जिसका भविष्य में प्रतिकूल प्रभाव न सिर्फ हमारे देश पर बल्कि अनेक अन्य देशों पर पड़ेगा।’
संक्षिप्त सारांश: परिषद में भारत समेत 24 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, वहीं चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के पड़ोसियों ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से टकराव का मुद्दा रहे कश्मीर की 'विस्फोटक' स्थिति पर एक बार फिर मध्यस्थता की पेशकश की है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सप्ताहांत में यह मुद्दा उठायेंगे. अमेरिका ने पीएम नरेंद्र मोदी से कश्मीर में तनाव कम करने के लिये कदम उठाने का अनुरोध किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "कश्मीर बेहद जटिल जगह है. यहां हिंदू हैं और मुसलमान भी और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है." उन्होंने कहा, "मध्यस्थता के लिये जो भी बेहतर हो सकेगा, मैं वो करूंगा." इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बातचीत की था और उन्हें कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयानबाजी में एहतियात बरतने को कहा . ट्रम्प ने साथ ही स्थिति को मुश्किल बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा था. ट्रंप ने, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सोमवार को फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद खान से बात की थी. मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे का मुद्दा उठाया था. व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रम्प ने खान से जम्मू-कश्मीर मामले पर भारत के खिलाफ बयानबाजी में संयम बरतने और तनाव कम करने को लेकर चर्चा की. कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए खान ने रविवार को भारत सरकार को 'फासीवादी' और 'श्रेष्ठतावादी' करार दिया था तथा कहा था कि यह पाकिस्तान और भारत में अल्पसंख्यकों के लिए खतरा है. उन्होंने यह भी कहा था कि दुनिया को भारत के परमाणु आयुध की सुरक्षा पर भी गौर करना चाहिए क्योंकि यह न केवल क्षेत्र, बल्कि विश्व पर असर डालेगा. व्हाइट हाउस ने कहा कि खान के साथ बातचीत के दौरान, ट्रम्प ने दोनों पक्षों से तनाव बढ़ने से बचने और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया. इसने कहा कि दोनों नेताओं ने अमेरिका-पाकिस्तान आर्थिक एवं व्यापार सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने पर भी सहमति जतायी थी. डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ व्हाइट हाउस में बैठक के दौरान कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच 'मध्यस्थ' बनने की पेशकश की थी. हालांकि भारत ने सीधे तौर पर ट्रंप की इस पेशकश को खारिज कर दिया था.
सारांश: कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप ने फिर की मध्यस्थता की पेशकश कहा- PM मोदी से करूंगा बात इससे पहले भी उन्होंने की थी मध्यस्थता की पेशकश
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: किशोर मुक्केबाज शिव थापा (56 किग्रा) ने भारतीय मुक्केबाजी के उदीयमान स्टार की अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए जॉर्डन के अम्मान में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वह इस चैंपियनशिप में सोने का तमगा जीतने वाले भारत के सबसे युवा मुक्केबाज बन गए हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ में प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय निलंबन झेल रहे भारत ने इस तरह से एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का अंत किया। भारतीय मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ के ध्वज तले भाग लिया था।टिप्पणियां एल देवेंद्रों सिंह (49 किग्रा) और मनदीप जांगड़ा (69 किग्रा) ने रजत पदक जीते जबकि मनोज कुमार (64 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया। असम के 19 वर्षीय थापा ने स्थानीय मुक्केबाज ओबादा अलकाबेह को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पिछले साल लंदन ओलिंपिक में भाग लेने वाले थापा इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय मुक्केबाज हैं। उनसे पहले राजकुमार सांगवान ने 1994 और सुरंजय सिंह ने 2009 में सोने का तमगा जीता था। राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू ने कहा, ‘शिव ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उसने अपना दिमाग लगाया और तीनों दौर में दबदबा बनाए रखा। फैसले में अंक भले ही बंट गए लेकिन वह साफ तौर पर दोनों में बेहतर मुक्केबाज था।’ भारतीय मुक्केबाजी महासंघ में प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण पिछले एक साल से अंतरराष्ट्रीय निलंबन झेल रहे भारत ने इस तरह से एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का अंत किया। भारतीय मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ के ध्वज तले भाग लिया था।टिप्पणियां एल देवेंद्रों सिंह (49 किग्रा) और मनदीप जांगड़ा (69 किग्रा) ने रजत पदक जीते जबकि मनोज कुमार (64 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया। असम के 19 वर्षीय थापा ने स्थानीय मुक्केबाज ओबादा अलकाबेह को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पिछले साल लंदन ओलिंपिक में भाग लेने वाले थापा इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय मुक्केबाज हैं। उनसे पहले राजकुमार सांगवान ने 1994 और सुरंजय सिंह ने 2009 में सोने का तमगा जीता था। राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू ने कहा, ‘शिव ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उसने अपना दिमाग लगाया और तीनों दौर में दबदबा बनाए रखा। फैसले में अंक भले ही बंट गए लेकिन वह साफ तौर पर दोनों में बेहतर मुक्केबाज था।’ एल देवेंद्रों सिंह (49 किग्रा) और मनदीप जांगड़ा (69 किग्रा) ने रजत पदक जीते जबकि मनोज कुमार (64 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया। असम के 19 वर्षीय थापा ने स्थानीय मुक्केबाज ओबादा अलकाबेह को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पिछले साल लंदन ओलिंपिक में भाग लेने वाले थापा इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय मुक्केबाज हैं। उनसे पहले राजकुमार सांगवान ने 1994 और सुरंजय सिंह ने 2009 में सोने का तमगा जीता था। राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू ने कहा, ‘शिव ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उसने अपना दिमाग लगाया और तीनों दौर में दबदबा बनाए रखा। फैसले में अंक भले ही बंट गए लेकिन वह साफ तौर पर दोनों में बेहतर मुक्केबाज था।’ राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू ने कहा, ‘शिव ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उसने अपना दिमाग लगाया और तीनों दौर में दबदबा बनाए रखा। फैसले में अंक भले ही बंट गए लेकिन वह साफ तौर पर दोनों में बेहतर मुक्केबाज था।’
सारांश: किशोर मुक्केबाज शिव थापा (56 किग्रा) ने भारतीय मुक्केबाजी के उदीयमान स्टार की अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए जॉर्डन के अम्मान में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के सत्र के पहले दिन विधायक विभिन्न तरीकों से विधानसभा पहुंचे. कोई अपनी महंगी गाड़ी में विधानसभा आया तो कोई सरकारी सवारी से. दो विधायक तो ई-रिक्शा और बैलगाड़ी से ही विधानसभा पहुंचे. झांसी के गरौठा से भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपुर सोमवार को विधान भवन परिसर में बैलगाड़ी लेकर पहुंचे. बैलगाड़ी को बकायदा फूलों से सजाया गया था. दो सफेद बैलों को मालाएं पहनाई गई थीं. खुद को किसान बताने वाले विधायक राजपूत जब बैलगाड़ी लेकर विधानसभा के मुख्यद्वार पर पहुंचे तो सुरक्षाकर्मी ही नहीं विधानसभा सदस्य भी हैरान हो गए और मुस्कराए बिना नहीं रह सके. मुख्य द्वार पर वाहन पास को लेकर पहले परेशानी हुई. लेकिन, मामला सत्ता पक्ष के विधायक का होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जाने दिया. वहीं बाद में बैल गाड़ी चालक को उसका किराया नहीं देने को लेकर मीडिया में खबरें उड़ीं और ये भी चर्चा का विषय बन गई. इसी तरह विधानभवन में श्रावस्ती के भिनगा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम राइनी ने विधानसभा के मुख्य द्वार तक का सफर ई-रिक्शा से तय किया. वह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे. टिप्पणियां बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इंदिरा गांधी की सरकार में महंगाई का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे.   (इनपुट आईएएनएस से भी) झांसी के गरौठा से भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपुर सोमवार को विधान भवन परिसर में बैलगाड़ी लेकर पहुंचे. बैलगाड़ी को बकायदा फूलों से सजाया गया था. दो सफेद बैलों को मालाएं पहनाई गई थीं. खुद को किसान बताने वाले विधायक राजपूत जब बैलगाड़ी लेकर विधानसभा के मुख्यद्वार पर पहुंचे तो सुरक्षाकर्मी ही नहीं विधानसभा सदस्य भी हैरान हो गए और मुस्कराए बिना नहीं रह सके. मुख्य द्वार पर वाहन पास को लेकर पहले परेशानी हुई. लेकिन, मामला सत्ता पक्ष के विधायक का होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जाने दिया. वहीं बाद में बैल गाड़ी चालक को उसका किराया नहीं देने को लेकर मीडिया में खबरें उड़ीं और ये भी चर्चा का विषय बन गई. इसी तरह विधानभवन में श्रावस्ती के भिनगा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम राइनी ने विधानसभा के मुख्य द्वार तक का सफर ई-रिक्शा से तय किया. वह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे. टिप्पणियां बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इंदिरा गांधी की सरकार में महंगाई का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे.   (इनपुट आईएएनएस से भी) मुख्य द्वार पर वाहन पास को लेकर पहले परेशानी हुई. लेकिन, मामला सत्ता पक्ष के विधायक का होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जाने दिया. वहीं बाद में बैल गाड़ी चालक को उसका किराया नहीं देने को लेकर मीडिया में खबरें उड़ीं और ये भी चर्चा का विषय बन गई. इसी तरह विधानभवन में श्रावस्ती के भिनगा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम राइनी ने विधानसभा के मुख्य द्वार तक का सफर ई-रिक्शा से तय किया. वह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे. टिप्पणियां बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इंदिरा गांधी की सरकार में महंगाई का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे.   (इनपुट आईएएनएस से भी) इसी तरह विधानभवन में श्रावस्ती के भिनगा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम राइनी ने विधानसभा के मुख्य द्वार तक का सफर ई-रिक्शा से तय किया. वह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे. टिप्पणियां बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इंदिरा गांधी की सरकार में महंगाई का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे.   (इनपुट आईएएनएस से भी) बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इंदिरा गांधी की सरकार में महंगाई का विरोध करते हुए बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे.   (इनपुट आईएएनएस से भी) (इनपुट आईएएनएस से भी)
सारांश: उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के सत्र का आज पहला दिना था पहले दिन BJP विधायक बैलगाड़ी से विधानसभा भवन पहुंचे इससे पहले भी नेता बैलगाड़ी या ऑटो रिक्शा से संसद जाते रहे हैं
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न हवाई अड्डे पर दो विमान हवाई पट्टी पर टकरा गए, जिस कारण दोनों विमान क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इस हादसे को देखने वाले इंजीनियरों ने बताया कि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया 737 और ए320 जेटस्टार विमान की टक्कर होने के बाद एक विमान का पिछला हिस्सा टूट गया और दूसरे का पंख क्षतिग्रस्त हो गया।टिप्पणियां मेलबर्न हवाई अड्डे ने ट्विटर पर कहा है, दो विमानों की टक्कर में कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा सुबह हुआ और इसकी जांच की जा रही है। इसमें आगे कहा गया है, हवाईअड्डे पर कामकाज सामान्य है। दोनों विमानों को जांच के लिए वहां से अन्यत्र ले जाया गया है। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, उसका विमान 175 यात्रियों को लेकर मरूकाइडोर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह उड़ान भरने के लिए आगे बढ़ रहा था, लेकिन जेटस्टार के खाली विमान से टकरा गया। इंजीनियर पॉल कजिन्स ने बताया कि टक्कर के बाद वर्जिन के विमान का पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि जेटस्टार का पिछला हिस्सा टूट गया। इस हादसे को देखने वाले इंजीनियरों ने बताया कि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया 737 और ए320 जेटस्टार विमान की टक्कर होने के बाद एक विमान का पिछला हिस्सा टूट गया और दूसरे का पंख क्षतिग्रस्त हो गया।टिप्पणियां मेलबर्न हवाई अड्डे ने ट्विटर पर कहा है, दो विमानों की टक्कर में कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा सुबह हुआ और इसकी जांच की जा रही है। इसमें आगे कहा गया है, हवाईअड्डे पर कामकाज सामान्य है। दोनों विमानों को जांच के लिए वहां से अन्यत्र ले जाया गया है। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, उसका विमान 175 यात्रियों को लेकर मरूकाइडोर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह उड़ान भरने के लिए आगे बढ़ रहा था, लेकिन जेटस्टार के खाली विमान से टकरा गया। इंजीनियर पॉल कजिन्स ने बताया कि टक्कर के बाद वर्जिन के विमान का पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि जेटस्टार का पिछला हिस्सा टूट गया। मेलबर्न हवाई अड्डे ने ट्विटर पर कहा है, दो विमानों की टक्कर में कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा सुबह हुआ और इसकी जांच की जा रही है। इसमें आगे कहा गया है, हवाईअड्डे पर कामकाज सामान्य है। दोनों विमानों को जांच के लिए वहां से अन्यत्र ले जाया गया है। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, उसका विमान 175 यात्रियों को लेकर मरूकाइडोर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह उड़ान भरने के लिए आगे बढ़ रहा था, लेकिन जेटस्टार के खाली विमान से टकरा गया। इंजीनियर पॉल कजिन्स ने बताया कि टक्कर के बाद वर्जिन के विमान का पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि जेटस्टार का पिछला हिस्सा टूट गया। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, उसका विमान 175 यात्रियों को लेकर मरूकाइडोर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह उड़ान भरने के लिए आगे बढ़ रहा था, लेकिन जेटस्टार के खाली विमान से टकरा गया। इंजीनियर पॉल कजिन्स ने बताया कि टक्कर के बाद वर्जिन के विमान का पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि जेटस्टार का पिछला हिस्सा टूट गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस हादसे को देखने वाले इंजीनियरों ने बताया कि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया 737 और ए320 जेटस्टार विमान की टक्कर होने के बाद एक विमान का पिछला हिस्सा टूट गया और दूसरे का पंख क्षतिग्रस्त हो गया।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा के कई हिस्सों में रविवार को भी भीषण लू का चलना जारी रहा और गर्मी के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अधीनस्थ सचिव पीआर महापात्रा ने बताया कि राज्य में लू के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। कुछ तटीय इलाकों में पिछले दो दिनों के दौरान हालांकि तापमान थोड़ा कम हुआ है, लेकिन राज्य के पश्चिमी हिस्से भयानक तपिश से जूझ रहे हैं, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने एक बुलेटिन में कहा है कि सम्बलपुर जिला मुख्यालय और जिले के हीराकुंड कस्बे में शनिवार को क्रमश: अधिकतम 45.5 डिग्री सेल्सियस और 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।टिप्पणियां मौसम विभाग ने कहा है कि सुबर्णपुर जिला मुख्यालय सोनपुर और बालंगीर जिले के तितलागढ़ कस्बे में दिन का अधिकतम तापमान अलग-अलग 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भुवनेश्वर में इस वर्ष 5 जून को, इसके पहले के सर्वाधिक तापमान का रिकार्ड (22 मई, 1972 को 46.5 डिग्री सेल्सियस) तोड़ने वाला 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों ने अनुमान किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में अगले सप्ताह दस्तक दे सकता है। कुछ तटीय इलाकों में पिछले दो दिनों के दौरान हालांकि तापमान थोड़ा कम हुआ है, लेकिन राज्य के पश्चिमी हिस्से भयानक तपिश से जूझ रहे हैं, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र ने एक बुलेटिन में कहा है कि सम्बलपुर जिला मुख्यालय और जिले के हीराकुंड कस्बे में शनिवार को क्रमश: अधिकतम 45.5 डिग्री सेल्सियस और 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।टिप्पणियां मौसम विभाग ने कहा है कि सुबर्णपुर जिला मुख्यालय सोनपुर और बालंगीर जिले के तितलागढ़ कस्बे में दिन का अधिकतम तापमान अलग-अलग 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भुवनेश्वर में इस वर्ष 5 जून को, इसके पहले के सर्वाधिक तापमान का रिकार्ड (22 मई, 1972 को 46.5 डिग्री सेल्सियस) तोड़ने वाला 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों ने अनुमान किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में अगले सप्ताह दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि सुबर्णपुर जिला मुख्यालय सोनपुर और बालंगीर जिले के तितलागढ़ कस्बे में दिन का अधिकतम तापमान अलग-अलग 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भुवनेश्वर में इस वर्ष 5 जून को, इसके पहले के सर्वाधिक तापमान का रिकार्ड (22 मई, 1972 को 46.5 डिग्री सेल्सियस) तोड़ने वाला 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों ने अनुमान किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में अगले सप्ताह दस्तक दे सकता है। राजधानी भुवनेश्वर में इस वर्ष 5 जून को, इसके पहले के सर्वाधिक तापमान का रिकार्ड (22 मई, 1972 को 46.5 डिग्री सेल्सियस) तोड़ने वाला 46.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों ने अनुमान किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में अगले सप्ताह दस्तक दे सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओडिशा के कई हिस्सों में रविवार को भी भीषण लू का चलना जारी रहा और गर्मी के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शुक्रवार रात 11 बजे के आसपास दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में यमुना खादर के पास जर्मनी के एक नागरिक बेंजामिन को रिक्‍शा चालक और उसके साथी ने लूटपाट के इरादे से ब्लेडनुमा चीज मारकर घायल कर दिया. उसका फोन, पर्स, विदेशी और इंडियन करेंसी लूट ली गई. यह जर्मन नागरिक 12 मार्च को टूरिस्‍ट वीजा पर आया था. पुलिस के मुताबिक जर्मनी का नागरिक चांदनी चौक से ऑटो करके कश्मीरी गेट के लिए निकला था. वहां से वह बस पकड़कर अमृतसर जाने वाला था.टिप्पणियां इस बीच रास्ते में रिक्शे वाले ने एक और शख्स को बैठा लिया और लूटपाट के इरादे से ब्लेड नुमा चीज से विदेशी के चेहरे पर हमला किया. हमला होने के बाद विदेशी नागरिक फ्लाईओवर की तरफ भागा वहां कुछ लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया. जर्मन नागरिक फ़िलहाल खतरे से बाहर है. उसके चेहरे और पैर में कई जगह चोटें आई हैं. इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों ही आरोपियों के सुराग मिल गए हैं और इनकी पहचान कर ली गई है. वह रिक्‍शा भी बरामद हो गया है. फिलहाल पुलिस उन आरोपियों की तलाश कर रही है. पुलिस पूरे रास्ते की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और दिल्ली सरकार को जर्मन नागरिक की पूरी मदद करने को कहा है. इस बीच रास्ते में रिक्शे वाले ने एक और शख्स को बैठा लिया और लूटपाट के इरादे से ब्लेड नुमा चीज से विदेशी के चेहरे पर हमला किया. हमला होने के बाद विदेशी नागरिक फ्लाईओवर की तरफ भागा वहां कुछ लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया. जर्मन नागरिक फ़िलहाल खतरे से बाहर है. उसके चेहरे और पैर में कई जगह चोटें आई हैं. इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों ही आरोपियों के सुराग मिल गए हैं और इनकी पहचान कर ली गई है. वह रिक्‍शा भी बरामद हो गया है. फिलहाल पुलिस उन आरोपियों की तलाश कर रही है. पुलिस पूरे रास्ते की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और दिल्ली सरकार को जर्मन नागरिक की पूरी मदद करने को कहा है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों ही आरोपियों के सुराग मिल गए हैं और इनकी पहचान कर ली गई है. वह रिक्‍शा भी बरामद हो गया है. फिलहाल पुलिस उन आरोपियों की तलाश कर रही है. पुलिस पूरे रास्ते की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और दिल्ली सरकार को जर्मन नागरिक की पूरी मदद करने को कहा है.
जर्मन नागरिक ने कश्‍मीरी गेट जाने के लिए रिक्‍शा रास्‍ते में रिक्‍शेवाले ने अपने साथी को बिठाया उसके बाद ब्‍लेडनुमा चाकू से मारकर घायल किया
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के टी-20 कप्तान जॉर्ज बेली ने कहा है कि यदि उनका क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी संघ भुगतान संबंधी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने में नाकाम रहता है, तो यह बेहद दुखद होगा।टिप्पणियां मौजूदा समझौता 30 जून को खत्म हो रहा है। यदि तब तक नए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, तो खिलाड़ी हड़ताल पर जा सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ की कार्यकारी समिति के सदस्य बेली ने कहा कि खिलाड़ियों को उम्मीद है कि मसले का हल निकल आएगा। उन्होंने कहा, खिलाड़ियों को एसीए और सीए पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है कि सारे मतभेद दूर होकर मसले का हल निकल आएगा। बेली ने कहा, मुझे दोनों पक्षों पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में मतभेद दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि गतिरोध से राज्य स्तर के खिलाड़ियों पर भी असर हो रहा है। मौजूदा समझौता 30 जून को खत्म हो रहा है। यदि तब तक नए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, तो खिलाड़ी हड़ताल पर जा सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ की कार्यकारी समिति के सदस्य बेली ने कहा कि खिलाड़ियों को उम्मीद है कि मसले का हल निकल आएगा। उन्होंने कहा, खिलाड़ियों को एसीए और सीए पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है कि सारे मतभेद दूर होकर मसले का हल निकल आएगा। बेली ने कहा, मुझे दोनों पक्षों पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में मतभेद दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि गतिरोध से राज्य स्तर के खिलाड़ियों पर भी असर हो रहा है। उन्होंने कहा, खिलाड़ियों को एसीए और सीए पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है कि सारे मतभेद दूर होकर मसले का हल निकल आएगा। बेली ने कहा, मुझे दोनों पक्षों पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में मतभेद दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि गतिरोध से राज्य स्तर के खिलाड़ियों पर भी असर हो रहा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलिया के टी-20 कप्तान जॉर्ज बेली ने कहा है कि यदि उनका क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी संघ भुगतान संबंधी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने में नाकाम रहता है, तो यह बेहद दुखद होगा।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं पढ़ा है. देश के बच्चे, बच्चे को सेना पर भरोसा है, गर्व है और रहेगा. गृह मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसी भी कीमत पर किसी को भी देश के सम्मान और इज्जत को ठेस पहुंचाने की इजाज़त नहीं देगी. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश का सिर हमेशा उंचा रहे.टिप्पणियां लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की मांग के बारे में पूछे जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने कश्मीर, जम्मू और लद्दाख के लोगों की बात सुनी है, लेकिन इस बारे में कोई भी निर्णय सहमति के आधार पर ही लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की मांग के बारे में पूछे जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने कश्मीर, जम्मू और लद्दाख के लोगों की बात सुनी है, लेकिन इस बारे में कोई भी निर्णय सहमति के आधार पर ही लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:देश के प्रत्येक नागरिक को सशस्त्र सेनाओं में भरोसा है : राजनाथ सिंह लद्दाख, कारगिल की दो दिवसीय यात्रा पर हैं राजनाथ देश के बच्चे, बच्चे को सेना पर भरोसा है, गर्व है और रहेगा : गृह मंत्री
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन में मारे गए भारतीय छात्र अनुज बिदवे के शव को लेकर उनके परिजन मुंबई पहुंच गए हैं। शव का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। इससे पहले परिवार ने लंदन में उस जगह का दौरा किया, जहां उनके बेटे की हत्या की गई थी। घटनास्थल पर पहुंच कर अनुज के पिता सुभाष बिदवे और मां योगिनी ने कहा कि यहां आना उनके लिए बहुत कठिन था। उन्होंने कहा कि सिर्फ अनुज को गोली मारने वाला ही उसकी मौत का जिम्मेदार है, वह सैल्फर्ड के लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं मानते। 23 साल के अनुज की हत्या 26 दिसंबर को उस वक्त कर दी गई थी, जब वह अपने दोस्तों के साथ टहल रहा था। उन्होंने कहा कि सिर्फ अनुज को गोली मारने वाला ही उसकी मौत का जिम्मेदार है, वह सैल्फर्ड के लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं मानते। 23 साल के अनुज की हत्या 26 दिसंबर को उस वक्त कर दी गई थी, जब वह अपने दोस्तों के साथ टहल रहा था।
संक्षिप्त पाठ: ब्रिटेन में मारे गए भारतीय छात्र अनुज बिदवे के शव को लेकर उनके परिजन मुंबई पहुंच गए हैं। शव का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड ने ओल्ड ट्रैफर्ड में पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में श्रीलंका को 16 रन से हराकर श्रृंखला 3-2 से अपने नाम कर ली। इंग्लैंड के 269 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 10 गेंद शेष रहते 252 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज जेड डर्नबैक ने श्रीलंका की ओर से सर्वाधिक 62 रन बनाने वाले एंजेलो मैथ्यूज को आउट करने के बाद लसिथ मलिंगा को बोल्ड करके इंग्लैंड को जीत दिलाई। श्रीलंका ने अपने अंतिम चार विकेट सिर्फ सात रन जोड़कर गंवाए। तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनैन ने 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए। मेहमान टीम की ओर से मैथ्यूज के अलावा दिनेश चांदीमल (54), पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (48) और जीवन मेंडिस (48) ने भी उम्दा पारियां खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। इससे पहले सूरज रणदीव के पांच विकेट की बदौलत श्रीलंका ने इंग्लैंड को नौ विकेट पर 268 रन के स्कोर पर रोक दिया। ऑफ स्पिनर रणदीव ने अपने करियर में पहली बार पांच विकेट हासिल किए। उन्होंने 10 ओवर में 42 रन देकर पांच विकेट चटकाए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंग्लैंड ने ओल्ड ट्रैफर्ड में पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में श्रीलंका को 16 रन से हराकर श्रृंखला 3-2 से अपने नाम कर ली।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कथित ईशनिंदा को लेकर एक पाकिस्तानी छात्र की पीट-पीटकर हत्या किए जाने से नाराज मलाला युसूफजई ने कहा कि इस्लाम और देश की छवि धूमिल करने के लिए पाकिस्तानी खुद जिम्मेदार हैं. खबर पख्तूनख्वा के अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले मशाल खान को विश्वविद्यालय के छात्रों की भीड़ ने बेरहमी से पीटा और इसके बाद उसकी गोली मार कर हत्या कर दी. दरअसल, उन लोगों को इस छात्र पर ईशनिंदा करने वाली चीजें इंटरनेट पर डालने और अहमदी संप्रदाय को बढ़ावा देने का शक था. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ब्रिटेन में रह रही 19 साल की बालिका शिक्षा की पैरोकार मलाला ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आज मुझे मशाल खान की मौत की खबर मिली. यह घटना पूरी तरह से आतंक और हिंसा की है. मैंने उसके पिता से बात की जिन्होंने शांति और धैर्य का संदेश दिया. मैं उनके धैर्य और शांति के संदेश की सराहना और सलाम करती हूं.’’ मलाला ने कहा, ‘‘हमें शिकायत है कि इस्लामोफोबिया है, दूसरे देश हमारे देश को बदनाम कर रहे हैं. कोई भी पाकिस्तान और इस्लाम को कमतर नहीं कर रहा, हम खुद पाकिस्तान और इस्लाम की छवि धूमिल कर रहे हैं. पाकिस्तान की छवि धूमिल करने के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं.’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मशाल खान की अंत्येष्टि है बल्कि यह हमारे धर्म की भी अंत्येष्टि है. हम इस्लाम की शिक्षाओं को भूल गए हैं, जो हमें शांति एवं धैर्य की शिक्षा देता है. उन्होंने खान को पीट-पीट कर मार डाले जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि हम एक दूसरे की इस तरह से जान लेते रहेंगे तो कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’ खबर पख्तूनख्वा के अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले मशाल खान को विश्वविद्यालय के छात्रों की भीड़ ने बेरहमी से पीटा और इसके बाद उसकी गोली मार कर हत्या कर दी. दरअसल, उन लोगों को इस छात्र पर ईशनिंदा करने वाली चीजें इंटरनेट पर डालने और अहमदी संप्रदाय को बढ़ावा देने का शक था. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ब्रिटेन में रह रही 19 साल की बालिका शिक्षा की पैरोकार मलाला ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आज मुझे मशाल खान की मौत की खबर मिली. यह घटना पूरी तरह से आतंक और हिंसा की है. मैंने उसके पिता से बात की जिन्होंने शांति और धैर्य का संदेश दिया. मैं उनके धैर्य और शांति के संदेश की सराहना और सलाम करती हूं.’’ मलाला ने कहा, ‘‘हमें शिकायत है कि इस्लामोफोबिया है, दूसरे देश हमारे देश को बदनाम कर रहे हैं. कोई भी पाकिस्तान और इस्लाम को कमतर नहीं कर रहा, हम खुद पाकिस्तान और इस्लाम की छवि धूमिल कर रहे हैं. पाकिस्तान की छवि धूमिल करने के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं.’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मशाल खान की अंत्येष्टि है बल्कि यह हमारे धर्म की भी अंत्येष्टि है. हम इस्लाम की शिक्षाओं को भूल गए हैं, जो हमें शांति एवं धैर्य की शिक्षा देता है. उन्होंने खान को पीट-पीट कर मार डाले जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि हम एक दूसरे की इस तरह से जान लेते रहेंगे तो कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’ नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और ब्रिटेन में रह रही 19 साल की बालिका शिक्षा की पैरोकार मलाला ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आज मुझे मशाल खान की मौत की खबर मिली. यह घटना पूरी तरह से आतंक और हिंसा की है. मैंने उसके पिता से बात की जिन्होंने शांति और धैर्य का संदेश दिया. मैं उनके धैर्य और शांति के संदेश की सराहना और सलाम करती हूं.’’ मलाला ने कहा, ‘‘हमें शिकायत है कि इस्लामोफोबिया है, दूसरे देश हमारे देश को बदनाम कर रहे हैं. कोई भी पाकिस्तान और इस्लाम को कमतर नहीं कर रहा, हम खुद पाकिस्तान और इस्लाम की छवि धूमिल कर रहे हैं. पाकिस्तान की छवि धूमिल करने के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं.’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मशाल खान की अंत्येष्टि है बल्कि यह हमारे धर्म की भी अंत्येष्टि है. हम इस्लाम की शिक्षाओं को भूल गए हैं, जो हमें शांति एवं धैर्य की शिक्षा देता है. उन्होंने खान को पीट-पीट कर मार डाले जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि हम एक दूसरे की इस तरह से जान लेते रहेंगे तो कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’ मलाला ने कहा, ‘‘हमें शिकायत है कि इस्लामोफोबिया है, दूसरे देश हमारे देश को बदनाम कर रहे हैं. कोई भी पाकिस्तान और इस्लाम को कमतर नहीं कर रहा, हम खुद पाकिस्तान और इस्लाम की छवि धूमिल कर रहे हैं. पाकिस्तान की छवि धूमिल करने के लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं.’’ टिप्पणियां उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मशाल खान की अंत्येष्टि है बल्कि यह हमारे धर्म की भी अंत्येष्टि है. हम इस्लाम की शिक्षाओं को भूल गए हैं, जो हमें शांति एवं धैर्य की शिक्षा देता है. उन्होंने खान को पीट-पीट कर मार डाले जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि हम एक दूसरे की इस तरह से जान लेते रहेंगे तो कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’ उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मशाल खान की अंत्येष्टि है बल्कि यह हमारे धर्म की भी अंत्येष्टि है. हम इस्लाम की शिक्षाओं को भूल गए हैं, जो हमें शांति एवं धैर्य की शिक्षा देता है. उन्होंने खान को पीट-पीट कर मार डाले जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि हम एक दूसरे की इस तरह से जान लेते रहेंगे तो कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’ मलाला ने कहा, ‘‘इसलिए मेरा हर किसी को संदेश है कि कृपया आप अपने धर्म, संस्कृति, मूल्य को जाने जिसने हमेशा ही हमें धैर्य की शिक्षा दी है और शांति का उपदेश दिया है. आखिर में मैं सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और सरकार से शांति एवं न्याय के लिए खड़े होने का अनुरोध करूंगी. मशाल खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए खड़े होइए और चुप नहीं बैठिए.’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक पाकिस्तानी छात्र की पीट-पीटकर हत्या युसूफजई ने कहा कि इस्लाम और देश की छवि धूमिल बालिका शिक्षा की पैरोकार मलाला ने एक वीडियो संदेश में कहा
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें अनुराग ठाकुर को आपराधिक मामले में बरी करने के फैसले को चुनौती दी गई थी. जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने 30 मई 2016 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है जिसमें ठाकुर के खिलाफ मामले को रद्द कर दिया था.टिप्पणियां कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनुराग ठाकुर समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा निरस्त करने का हाईकोर्ट का फैसला त्रुटिपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ठाकुर और उनके साथ करीब 250 लोगों ने 2013 में धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में जबरन घुसकर सरकारी अधिकारियों के कामकाज को अवरुद्ध किया था. लोगों ने नारेबाजी की और पटाखे भी चलाए. ऐसे में इन लोगों को आसानी से नहीं छोड़ा जाना चाहिए. इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अनुराग ठाकुर और अन्य आरोपियों को समन किया था क्योंकि किसी सरकारी नौकर या वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं की थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश अनुराग ठाकुर और अन्य द्वारा ट्रायल कोर्ट के समन किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया था. जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने 30 मई 2016 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है जिसमें ठाकुर के खिलाफ मामले को रद्द कर दिया था.टिप्पणियां कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनुराग ठाकुर समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा निरस्त करने का हाईकोर्ट का फैसला त्रुटिपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ठाकुर और उनके साथ करीब 250 लोगों ने 2013 में धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में जबरन घुसकर सरकारी अधिकारियों के कामकाज को अवरुद्ध किया था. लोगों ने नारेबाजी की और पटाखे भी चलाए. ऐसे में इन लोगों को आसानी से नहीं छोड़ा जाना चाहिए. इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अनुराग ठाकुर और अन्य आरोपियों को समन किया था क्योंकि किसी सरकारी नौकर या वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं की थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश अनुराग ठाकुर और अन्य द्वारा ट्रायल कोर्ट के समन किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया था. कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनुराग ठाकुर समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा निरस्त करने का हाईकोर्ट का फैसला त्रुटिपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ठाकुर और उनके साथ करीब 250 लोगों ने 2013 में धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में जबरन घुसकर सरकारी अधिकारियों के कामकाज को अवरुद्ध किया था. लोगों ने नारेबाजी की और पटाखे भी चलाए. ऐसे में इन लोगों को आसानी से नहीं छोड़ा जाना चाहिए. इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अनुराग ठाकुर और अन्य आरोपियों को समन किया था क्योंकि किसी सरकारी नौकर या वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं की थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश अनुराग ठाकुर और अन्य द्वारा ट्रायल कोर्ट के समन किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया था. इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अनुराग ठाकुर और अन्य आरोपियों को समन किया था क्योंकि किसी सरकारी नौकर या वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं की थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश अनुराग ठाकुर और अन्य द्वारा ट्रायल कोर्ट के समन किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया था.
ठाकुर और उनके साथी धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक दफ्तर में जबरन घुसे थे सरकारी अधिकारियों के कामकाज को अवरुद्ध करने का आरोप ट्रायल कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र से हटकर ठाकुर और अन्य को समन किया था
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आने वाले दिनों में आपका मोबाइल और इंटरनेट बिल बढ़ने जा रहा है. एयरटेल और वोडाफोन ने दरें बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. पहले से संकट से जूझ रहे टेलीकॉम सेक्टर में दूसरी कंपनियां भी ये रास्ता अख़्तियार कर सकती हैं. एक तिमाही में 50,000 करोड़ से ज़्यादा का घाटा उठाने वाली टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन ने आखिरकार अपना बोझ ग्राहकों पर डालने का फ़ैसला किया है. यही रास्ता भारती एयरटेल भी ले रही है, जिसे पिछली तिमाही में 23,000 करोड़ से ज़्यादा का घाटा हुआ है. नतीजा ये है कि एक दिसंबर से ये कंपनियां अपनी दरें बढ़ाने जा रही हैं. हालांकि फिलहाल वो बेहतर सुविधाओं का वादा भी कर रही हैं. दरों के बढ़ाए जाने के बारे में वोडाफोन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिवों की समिति सेक्टर को राहत देने के विकल्पों पर विचार कर रही है. दरअसल पिछले महीने एडजस्‍टेड ग्रॉस रेवेन्‍यू यानी AGR पर दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कमर तोड़ दी है जिसमें टेलिकॉम आपरेटरों को करीब 92000 करोड़ की बकाया रकम सरकार को चुकाने का निर्देश दिया गया है. सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डीजी ने शुक्रवार को एनडीटीवी से कहा कि वोडाफोन और एयरटेल राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकते हैं और एडजस्‍टेड ग्रॉस रेवेन्‍यू यानी AGR पर दिए फ़ैसले पर फिर से विचार की गुज़ारिश कोर्ट से कर सकते हैं.  बता दें, गुरुवार को ही वोडाफ़ोन ने ऐलान किया था कि दूसरी तिमाही में उसे 50921 करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि इस तिमाही में एयरटेल को 23045 करोड़ का घाटा हुआ है. सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद टेलीकॉम ऑपरेटर्स का कुल घाटा बढ़कर 4.72 लाख करोड़ पहुंच गया है. वो चाहते हैं कि घाटा कम करने में सरकार लाइसेन्स फीस और स्पेक्ट्रम यूज़ेस चार्ज घटाए. साफ है संकट बड़ा है. टेलिकॉम सेक्टर पर कर्ज़ का बोझ बढ़कर 7.6 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है.
यह एक सारांश है: एयरटेल और वोडाफोन ने दरें बढ़ाने का ऐलान कर दिया है संकट से जूझ रहे टेलीकॉम सेक्टर में दूसरी कंपनियां भी अपना सकती है यही रुख टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन ने आखिरकार अपना बोझ ग्राहकों पर डालने का फ़ैसला किया
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: हिसार में हिसार चंडीगढ़ रोड पर दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है।टिप्पणियां हादसा सुबह के करीब पांच का है, धुंध होने की वजह से मिनी ट्रक और केंटर टकरा गईं। बताया जा रहा है कि मिनी ट्रक में करीब 16 लोग सवार थे जो चंडीगढ़ से सिरसा जा रहे थे। हादसे में घायल नौ लोगों में से छह लोगों को चंडीगढ़ के पीजीआई भेजा गया है। जबकि तीन घायलों को नरवाना के सरकारी अस्पताल में रखा गया है। हादसा सुबह के करीब पांच का है, धुंध होने की वजह से मिनी ट्रक और केंटर टकरा गईं। बताया जा रहा है कि मिनी ट्रक में करीब 16 लोग सवार थे जो चंडीगढ़ से सिरसा जा रहे थे। हादसे में घायल नौ लोगों में से छह लोगों को चंडीगढ़ के पीजीआई भेजा गया है। जबकि तीन घायलों को नरवाना के सरकारी अस्पताल में रखा गया है। हादसे में घायल नौ लोगों में से छह लोगों को चंडीगढ़ के पीजीआई भेजा गया है। जबकि तीन घायलों को नरवाना के सरकारी अस्पताल में रखा गया है।
हिसार में हिसार चंडीगढ़ रोड पर दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अर्जुन पुरस्कार विजेता ड्राइवर गौरव गिल (Gaurav Gill) की कार शनिवार को राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप की रेस के दौरान ट्रैक पर आयी एक मोटरसाइकिल से टकरा गयी जिसमें एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गयी. गिल हाल ही में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले पहले रैली चालक बने. दुर्घटना में उन्हें भी चोट आयी है और वह अस्पताल में है. यह दुर्घटना एफएमएससीआई इंडियन रैली चैम्पियनशिप 2019 के तीसरे दौर के दौरान हुआ. इसका नाम मैक्सपीरिएंस रैली रखा गया था. अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना उस समय हुई जब रेसिंग प्रतियोगिता में शामिल एक कार ने होतरड़ा गांव के पास ट्रैक पर सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी जो प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गयी थी. तहसीलदार राकेश जैन ने बताया कि हादसे में नरेंद्र (पुत्र नेमराम), उसकी पत्नी पुष्पा व उनके बेटे जितेंद्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. उन्होंने बताया, ‘यह कार एक कार रेसिंग काफिले का हिस्सा थी. इस प्रतियोगिता का आयोजन हरियाणा की एक कंपनी मैक्सपीरियंस कर रही थी.' रेसिंग ट्रैक पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद शनिवार को इस रैली को रद्द कर दिया गया. रैली के स्थानीय आयोजक अरविंद बालन ने कहा, ‘रैली में शामिल एक कार द्वारा मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों को टक्कर मारे जाने की दुखद: घटना के बाद आईएनआरसी इंडियन रैली चैम्पियनशिप के तीसरे दौर को रद्द कर दिया गया. मोटरसाइकिल गलती से प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गई थी. कार काफी तेज रफ्तार में थी और चालक तीखे मोड़ के कारण मोटरसाइकिल को देख भी नहीं सका.' आईएनआरसी के प्रमोटर वाम्सी मेरला ने पीटीआई से कहा, ‘स्टेज एक में गौरव की कार सबसे आगे थी. वह लगभग 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. वह एक तीखे मोड़ पर मुड़ते ही मोटरसाइकिल से टकरा गयी. गौरव ने ब्रेक लगाकर कार रोकने की कोशिश की लेकिन रफ्तार के कारण वह कुछ नहीं कर सके.' एफएफएससीआई के अध्यक्ष और प्रतियोगिता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे. पृथ्वीराज ने कहा, ‘सभी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन करने के बावजूद ट्रैक पर यह दुखद: घटना हुई. हम इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं. दुख के इस पल में समूचा मोटरस्पोटर्स परिवार उनके साथ खड़ा है.'
संक्षिप्त सारांश: एफएमएससीआई इंडियन रैली चैम्पियनशिप के दौरान हादसा रेस के दौरान गिल की कार से टकराकर तीन लोगों की मौत गिल हाल ही में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले पहले रैली चालक बने थे
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी द्वारा अपने समर्थकों को सड़कों पर उतारने की घोषणा पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के अवर महासचिव लिन पास्को ने पत्रकारों से कहा,"स्थितियां और बदतर हो सकती हैं।" उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को दूसरे लोगों पर हमला करने के लिए कहना बेहद खतरनाक है। गद्दाफी ने मंगलवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में कहा कि वह देशव्यापी विद्रोह के बावजूद अपना पद नहीं छोड़ेंगे और अपने देश में शहीद की तरह मरने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण करने का संकल्प जताया। गद्दाफी ने कहा कि यदि विरोधियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो वह 'लीबिया के एक-एक घर को उनसे मुक्त कराएंगे।' गद्दाफी वर्ष 1969 से लीबिया की सत्ता में बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मुताबिक लीबिया में 15 फरवरी के बाद से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 500 लोगों को मार दिया गया है और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में 4,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी द्वारा अपने समर्थकों को सड़कों पर उतारने की घोषणा पर चिंता जताई है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के सॉन्ग आते ही यूट्यूब (YouTube) पर छा जाते हैं. खेसारी लाल यादव का फिर से एक वीडियो सॉन्ग धूम मचा रहा है. खेसारी लाल यादव के इस गाने को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav Songs) के इस गाने का नाम 'सलवार धरा गईल बा पेटी में' (Salwar Dhara Gail Peti Me) है.  खेसारी लाल यादव का यह भोजपुरी सॉन्ग उनके फैन्स को खूब पसंद आ रहा है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक 2 करोड़ 54 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस गाने का बोल पवन पांडे ने लिखा है. खेसारी लाल यादव के भोजपुरी गाने  'सलवार धरा गईल बा पेटी में' (Salwar Dhara Gail Peti Me) का संगीत शंकर सिंह ने दिया है. इस गाने को आदिशक्ति फिल्मस के यूट्यूब चैनल पर पब्लिश किया गया है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) भारत के प्रसिद्ध भोजपुरी गायक और अभिनेता हैं. खेसारी को पहली सफलता अपने भोजपुरी एल्बम 'माल भेटाई मेला' से मिली थी. 2012 में आई अपनी पहली फिल्म 'साजन चले ससुराल' से वो रातो रात भोजपुरी फिल्म जगत के सितारे बन गए. अपनी गायकी में वे अपनी ठेठ देहाती भाषा का उपयोग करते हैं. शुरू से ही खेसारी लाल लोक गायक और साथ ही वो एक अच्छे नृतक भी हैं. शुरुआत में उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन आज वो भोजपुरी के सबसे सितारों में से एक हैं.
संक्षिप्त पाठ: खेसारी लाल यादव ने मचाई धूम खेसारी लाल यादव के सॉन्ग की यूट्यूब पर धूम 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (एफबीआई) के एक एजेंट ने शिकागो की अदालत में बताया कि पाकिस्तानी मूल के कानाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस एजेंसी (आईएसआई) के अधिकारी 'मेजर इकबाल' से ई-मेल पर मुम्बई में आतंकवादी हमले की 'प्रगति' को लेकर चर्चा की थी। एफबीआई के एजेंट ने बुधवार को शिकागो की अदालत में कहा कि 'मेजर इकबाल' ने सात जुलाई, 2008 के ई-मेल में कथित तौर पर राणा से पूछा था कि 'क्या परियोजना पर कोई प्रगति हुई?' 'शिकागो सन टाइम्स' के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि वह मुम्बई हमले के सम्बंध में बात कर रहा था। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि इकबाल और राणा के बीच जो भी बातचीत हुई, वह राणा के आव्रजन व्यवसाय से जुड़ी थी। उल्लेखनीय है कि मुम्बई हमले के षड्यंत्र में अपनी भूमिका स्वीकार करने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली ने अपनी गवाही के दौरान कहा था कि 'मेजर इकबाल' भी मुम्बई हमले का षड्यंत्र बनाने में शामिल थे। हेडली ने अपनी गवाही में यह भी कहा था कि इकबाल ने राणा को मुम्बई में व्यावसायिक कार्यालय खोलने के लिए पैसे दिए थे, जिसके जरिये मुख्य षड्यंत्रकारियों ने हमले के निशानों के बारे में जानकारी जुटाई।
यहाँ एक सारांश है:एफबीआई एजेंट ने कहा कि 'मेजर इकबाल' ने सात जुलाई, 2008 के ई-मेल में कथित तौर पर राणा से पूछा था कि 'क्या परियोजना पर कोई प्रगति हुई?'
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वाहन कंपनी ह्यूंडई मोटर इंडिया ने कहा है कि उसे ग्रैंड आई-10 को पेश करने के 20 दिनों के भीतर इस कार के लिए 10,000 से अधिक बुकिंग प्राप्त हुई है।टिप्पणियां कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय बाजार में ग्रैंड को पेश करने के बाद से सभी क्षेत्रों में ह्यूंडई के शोरूम में ग्राहकों का आगमन 55 प्रतिशत तक बढ़ गया है और ज्यादातर डीलर इससे उत्साहित हैं। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री व विपणन) राकेश श्रीवास्तव ने कहा, इस तिमाही में चुनौतीपूर्ण बाजार परिदृश्य के बावजूद हमें लगता है कि ग्रैंड आई-10 के प्रति ग्राहकों की रुचि बनी रहेगी। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय बाजार में ग्रैंड को पेश करने के बाद से सभी क्षेत्रों में ह्यूंडई के शोरूम में ग्राहकों का आगमन 55 प्रतिशत तक बढ़ गया है और ज्यादातर डीलर इससे उत्साहित हैं। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री व विपणन) राकेश श्रीवास्तव ने कहा, इस तिमाही में चुनौतीपूर्ण बाजार परिदृश्य के बावजूद हमें लगता है कि ग्रैंड आई-10 के प्रति ग्राहकों की रुचि बनी रहेगी। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री व विपणन) राकेश श्रीवास्तव ने कहा, इस तिमाही में चुनौतीपूर्ण बाजार परिदृश्य के बावजूद हमें लगता है कि ग्रैंड आई-10 के प्रति ग्राहकों की रुचि बनी रहेगी।
संक्षिप्त पाठ: वाहन कंपनी ह्यूंडई मोटर इंडिया ने कहा है कि उसे ग्रैंड आई-10 को पेश करने के 20 दिनों के भीतर इस कार के लिए 10,000 से अधिक बुकिंग प्राप्त हुई है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने शुक्रवार शाम हुई कांग्रेस कोर समूह की बैठक से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सलाह-मशविरा किया। हालांकि संकेत ऐसे थे कि राहुल पार्टी के शीर्ष नेताओं के कोर समूह की बैठक में भाग लेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।  राहुल कोर समूह की बैठक से कुछ देर पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आधिकारिक आवास 7, रेसकोर्स रोड पहुंचे और उनके साथ अलग से सलाह-मशविरा किया। चार अगस्त को अपने इलाज के लिए विदेश गईं पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हालांकि लौटने के बाद गुरुवार को पहली बार पार्टी की बैठक की अध्यक्षता की थी लेकिन कोर समूह की बैठक में उन्होंने भी भाग नहीं लिया। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को हुई कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में राहुल ने भाग लिया था। एक घंटे चली इस बैठक में अगले वर्ष मई में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए गए। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई पार्टी कोर समूह की बैठक की अध्यक्षता मनमोहन सिंह ने की, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी तथा सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल शामिल हुए।
संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने शुक्रवार शाम हुई कांग्रेस कोर समूह की बैठक से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सलाह-मशविरा किया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कई दशक से चले आ रहे राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम टिप्पणी करते हुए सुझाव दिया कि यह मुद्दा कोर्ट के बाहर बातचीत से हल किया जाना चाहिए. भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि दोनों पक्षों को मिल-बैठकर इस मुद्दे को बातचीत से हल करना चाहिए. दरअसल, बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कोर्ट से आग्रह किया था कि वह पिछले छह साल से लंबित राम मंदिर अपील पर रोज़ाना सुनवाई करे, और जल्द फैसला सुनाए. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि मामला धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए दोनों पक्ष आपस में बैठें और बातचीत के ज़रिये हल निकालने की कोशिश करें. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया और कहा कि सभी संबंधित पक्षों को आम सहमति बनानी चाहिए. इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने जानबूझकर कोर्ट को यह जानकारी नहीं दी कि इससे पहले भी छह बार इसी तरह की कोशिशें की जा चुकी हैं, जो राजीव गांधी, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्रित्व काल में की गई थीं. लेकिन अब पर्सनल लॉ बोर्ड यह फैसला कर चुका है कि वह किसी से भी बातचीत नही करेगा, और उसने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में रोज़ाना सुनवाई की जाए. उधर, ढांचा गिराए जाने वक्त कारसेवकों के साथ मौजूद रहीं और मामले में आरोपी रह चुकीं उमा भारती ने कहा है कि जहां रामलला हैं, वहां सोमनाथ जैसे भव्य मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने कोर्ट की सलाह का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि मुस्लिम समाज सहयोग करेगा. सुप्रीम कोर्ट का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अब तो सिर्फ भूमि विवाद रह गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में सुनवाई जारी है, इसलिए वह कुछ भी कहना नहीं चाहतीं. बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक ज़फ़रयाब जिलानी का भी कहना है कि पिछले 27 सालों में इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई तमाम बातचीत भी अब तक फ़ेल ही रही है, सो, अब अगर सुप्रीम कोर्ट के जज मध्यस्थता करें, तो ही हम भरोसा करेंगे. मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के कहे का सम्मान करते हैं, और पर्सनल लॉ बोर्ड भी राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद के अदालती हल का पक्षधर रहा है. एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु उमेर इलियासी ने कहा है कि यह मुद्दा बातचीत से सुलझ जाए, तो बेहतर है, और बातचीत से ऐसा हल निकाला जाना चाहिए, जो दोनों पक्षों के हक में हो. इस बीच, बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की टिप्पणी है, उनका फैसला नहीं है, लेकिन अब कोर्ट के कहने के बाद रास्ता ज़रूर निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पहल करेंगे, और जब बातचीत शुरू होती है, तो रास्ते निकल ही आते हैं, इसलिए जिनसे ज़रूरी हो, उनसे बात होनी चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने जानबूझकर कोर्ट को यह जानकारी नहीं दी कि इससे पहले भी छह बार इसी तरह की कोशिशें की जा चुकी हैं, जो राजीव गांधी, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्रित्व काल में की गई थीं. लेकिन अब पर्सनल लॉ बोर्ड यह फैसला कर चुका है कि वह किसी से भी बातचीत नही करेगा, और उसने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में रोज़ाना सुनवाई की जाए. उधर, ढांचा गिराए जाने वक्त कारसेवकों के साथ मौजूद रहीं और मामले में आरोपी रह चुकीं उमा भारती ने कहा है कि जहां रामलला हैं, वहां सोमनाथ जैसे भव्य मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने कोर्ट की सलाह का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि मुस्लिम समाज सहयोग करेगा. सुप्रीम कोर्ट का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अब तो सिर्फ भूमि विवाद रह गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में सुनवाई जारी है, इसलिए वह कुछ भी कहना नहीं चाहतीं. बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक ज़फ़रयाब जिलानी का भी कहना है कि पिछले 27 सालों में इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई तमाम बातचीत भी अब तक फ़ेल ही रही है, सो, अब अगर सुप्रीम कोर्ट के जज मध्यस्थता करें, तो ही हम भरोसा करेंगे. मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के कहे का सम्मान करते हैं, और पर्सनल लॉ बोर्ड भी राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद के अदालती हल का पक्षधर रहा है. एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु उमेर इलियासी ने कहा है कि यह मुद्दा बातचीत से सुलझ जाए, तो बेहतर है, और बातचीत से ऐसा हल निकाला जाना चाहिए, जो दोनों पक्षों के हक में हो. इस बीच, बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की टिप्पणी है, उनका फैसला नहीं है, लेकिन अब कोर्ट के कहने के बाद रास्ता ज़रूर निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पहल करेंगे, और जब बातचीत शुरू होती है, तो रास्ते निकल ही आते हैं, इसलिए जिनसे ज़रूरी हो, उनसे बात होनी चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. उधर, ढांचा गिराए जाने वक्त कारसेवकों के साथ मौजूद रहीं और मामले में आरोपी रह चुकीं उमा भारती ने कहा है कि जहां रामलला हैं, वहां सोमनाथ जैसे भव्य मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने कोर्ट की सलाह का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि मुस्लिम समाज सहयोग करेगा. सुप्रीम कोर्ट का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अब तो सिर्फ भूमि विवाद रह गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में सुनवाई जारी है, इसलिए वह कुछ भी कहना नहीं चाहतीं. बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक ज़फ़रयाब जिलानी का भी कहना है कि पिछले 27 सालों में इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई तमाम बातचीत भी अब तक फ़ेल ही रही है, सो, अब अगर सुप्रीम कोर्ट के जज मध्यस्थता करें, तो ही हम भरोसा करेंगे. मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के कहे का सम्मान करते हैं, और पर्सनल लॉ बोर्ड भी राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद के अदालती हल का पक्षधर रहा है. एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु उमेर इलियासी ने कहा है कि यह मुद्दा बातचीत से सुलझ जाए, तो बेहतर है, और बातचीत से ऐसा हल निकाला जाना चाहिए, जो दोनों पक्षों के हक में हो. इस बीच, बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की टिप्पणी है, उनका फैसला नहीं है, लेकिन अब कोर्ट के कहने के बाद रास्ता ज़रूर निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पहल करेंगे, और जब बातचीत शुरू होती है, तो रास्ते निकल ही आते हैं, इसलिए जिनसे ज़रूरी हो, उनसे बात होनी चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के कहे का सम्मान करते हैं, और पर्सनल लॉ बोर्ड भी राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद के अदालती हल का पक्षधर रहा है. एक अन्य मुस्लिम धर्मगुरु उमेर इलियासी ने कहा है कि यह मुद्दा बातचीत से सुलझ जाए, तो बेहतर है, और बातचीत से ऐसा हल निकाला जाना चाहिए, जो दोनों पक्षों के हक में हो. इस बीच, बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की टिप्पणी है, उनका फैसला नहीं है, लेकिन अब कोर्ट के कहने के बाद रास्ता ज़रूर निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पहल करेंगे, और जब बातचीत शुरू होती है, तो रास्ते निकल ही आते हैं, इसलिए जिनसे ज़रूरी हो, उनसे बात होनी चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. इस बीच, बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि यह कोर्ट की टिप्पणी है, उनका फैसला नहीं है, लेकिन अब कोर्ट के कहने के बाद रास्ता ज़रूर निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पहल करेंगे, और जब बातचीत शुरू होती है, तो रास्ते निकल ही आते हैं, इसलिए जिनसे ज़रूरी हो, उनसे बात होनी चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) महासचिव सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी में कहा कि मसला बातचीत से हल नहीं हो पाया, इसीलिए कोर्ट की शरण ली गई थी. उनके मुताबिक सवाल यह है कि ज़मीन की मिल्कियत किसकी है, और चूंकि यह कानूनी मामला है, सो, यह कोर्ट को ही तय करना है, और उसी के बाद बात आगे बढ़ सकेगी. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. इस बीच, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी के लिए आस्था का नहीं, सियासी मामला है. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि यह मुद्दा बीजेपी के लिए न तो आस्था का सवाल है, और न ही वह इस पर कोई अमल या हल चाहती है. बीजेपी के लिए यह मुद्दा पूरी तरह राजनैतिक मामला है. प्रमोद तिवारी ने कहा कि न्यायालय का जो भी फैसला हो, वह स्वीकार किया जाना चाहिए, या दोनों पक्षों को बातचीत के ज़रिये इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि सभी भारतीयों की शिरकत से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह फैसला धर्म संसद तथा उन सभी पक्षों को करना है, जो कोर्ट गए हैं.टिप्पणियां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर खुद पहल करनी चाहिए, क्योंकि योगी आदित्यनाथ किस रास्ते पर चले जाएंगे, यह हम सबके लिए चिंता का विषय है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा है कि हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का मुद्दा संवैधानिक ढांचे के भीतर सहमति के माध्यम से ही हल होना चाहिए.
ओवैसी ने कहा, अब पर्सनल लॉ बोर्ड किसी से भी बातचीत नही करेगा उमा भारती ने कहा, उन्हें भरोसा है कि मुस्लिम समाज सहयोग करेगा बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा है कि कोर्ट के बयान का स्वागत करता हूं
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इसी बीच, मध्यप्रदेश जन संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता कमलेश रैकवार ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि मध्यप्रदेश के सबसे बड़े बांध इंदिरा सागर में बृहस्पतिवार को जलस्तर 260.40 मीटर तक पहुंच गया है, जो फुल लेवल से 1.73 मीटर कम है. इस बांध का फुल लेवल 262.13 मीटर है. खंडवा जिले में बने इस बांध की कुल क्षमता 8364 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी भरने की है. मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अजमेर, बांसवाडा, बांरा, भरतपुर, भीलवाडा, बूंदी, चित्तौडगढ, डूंगरपुर, झालावाड़,कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही, टोंक और उदयपुर में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं अलवर, करौली, दौसा, धोलपुर, जयपुर, सवाईमाधोपुर, सीकर और पाली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. देश के इस दक्षिणी राज्य में बारिश की तेजी में कमी आई है और प्रदेश के सभी 14 जिलों में से किसी में भी ‘रेड अलर्ट' जारी नहीं किया गया है. मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के कन्नूर एवं कासरगोड़ जिले में गुरुवार को ‘आरेंज अलर्ट' जारी किया गया (इसका मतलब है कि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है) जबकि इडुक्की, कन्नूर और कसारगोड में शुक्रवार के लिए ‘यलो अलर्ट' (तेज बारिश) जारी किया गया है.     वायनाड के पुथुमाला एवं मलप्पुरम के कवलप्पारा में तलाश अभियान जारी है, जहां पिछले हफ्ते एक के बाद हुई भूस्खलन की कई घटनाओं के कारण दो गांव जमींदोज हो गए थे, जिनके बारे में यह माना जा रहा है कि वहां लोग जिंदा दफन हो गए थे. पुथुमाला में यह तुलनात्मक रूप से एक धूप वाला दिन था, जहां मिट्टी हटाने वाली मशीन और खोजी श्वान दस्ते को लापता लोगों को ढूंढने के लिए लगाया गया है. कवलप्परा में तलाश अभियान के लिए ड्रोन को लगाया गया है.     दोपहर तीन बजे तक सरकार की ओर से जारी अद्यतन रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 104 लोगों की मौत हो गई है.    गौरतलब है कि लोगों ने कई स्थानों पर अपने-अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है. हालांकि 1,057 राहत शिविरों में अब भी 1,75,373 लोग शरण लिए हुए हैं. उत्तरी मलप्पुरम जिले में गुरुवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 43 तक पहुंच गई है जो सबसे अधिक है. जिले में 28 लोग अब भी लापता हैं. इसके बाद कोझीकोड़ में 17 वायनाड में 12 जबकि कन्नूर और त्रिशूर में नौ नौ लोगों की मौत हुई है जबकि वायनाड में सात लोग लापता हैं. सरकार के आकंड़ों के अनुसार कुल 11 हजार 901 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 1115 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
बाढ़ प्रभावित केरल में स्थिति सामान्य हुई केरल में मरने वालों की संख्या 104 पहुंची मध्यप्रदेश के पाटन में 24 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की आवाज का एक दुर्लभ ऑडियो मिला है, जो 97 साल पहले का है। कभी अपनी आवाज से अंग्रेजों को थर्रा देने वाले इस महान नेता के प्रपौत्र दीपक तिलक ने बताया कि केसरी ट्रस्ट के पुस्तकालय में वर्षों से लोकमान्य के लेखों और किताबों के व्यापक संग्रह को संभालकर रखा गया है, लेकिन उनकी आवाज का ऑडियो उपलब्ध नहीं था। तिलक की आवाज का यह ऑडियो 21 सितंबर, 1915 को गणेश उत्सव के दौरान एक संगीत कार्यक्रम में सेठ लखमीचंद नारंग ने रिकॉर्ड किया था। गणेश उत्सव की शुरुआत लोगों को एकजुट करने के लिए खुद तिलक ने ही की थी। संगीत के कद्रदान रहे नारंग अपने जमाने के मशहूर शास्त्रीय गायकों- मास्टर कृष्णराव, पंडित भास्करबुआ बाखले और बालगंधर्व के कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के लिए अमेरिका में निर्मित एक रिकॉर्डिंग मशीन लेकर आए थे। इन गायकों को 'केसरी वाडा' में आयोजित उत्सव के लिए तिलक ने आमंत्रित किया था। इस ऑडियो में तिलक समारोह में बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों से शांत रहने की अपील करते सुनाई देते हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सके। बाखले के पौत्रों- सुहास और सुधीर दातर तथा पौत्रवधू शैलजा दातर के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लोकमान्य मराठी में यह कहते सुनाई देते हैं, मेरी इच्छा है कि श्रोता शांति बनाए रखें। मैं किसी तरह का शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिन्हें बाहर जाना है जा सकते हैं, लेकिन समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार चलेगा।टिप्पणियां इस घटना का संदर्भ मास्टर कृष्णराव द्वारा तिलक की स्मृति में लिखी गई किताब में भी मिलता है। किताब में उल्लेख किया गया है कि गणेश उत्सव में संगीत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों को शांत करने के लिए तिलक को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रोता जाने-माने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायकों को सुनने के लिए बेताब थे। लोकमान्य के इस हस्तक्षेप का वर्णन पंडित बाखले से संबंधित दस्तावेजों में भी है। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था। तिलक की आवाज का यह ऑडियो 21 सितंबर, 1915 को गणेश उत्सव के दौरान एक संगीत कार्यक्रम में सेठ लखमीचंद नारंग ने रिकॉर्ड किया था। गणेश उत्सव की शुरुआत लोगों को एकजुट करने के लिए खुद तिलक ने ही की थी। संगीत के कद्रदान रहे नारंग अपने जमाने के मशहूर शास्त्रीय गायकों- मास्टर कृष्णराव, पंडित भास्करबुआ बाखले और बालगंधर्व के कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के लिए अमेरिका में निर्मित एक रिकॉर्डिंग मशीन लेकर आए थे। इन गायकों को 'केसरी वाडा' में आयोजित उत्सव के लिए तिलक ने आमंत्रित किया था। इस ऑडियो में तिलक समारोह में बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों से शांत रहने की अपील करते सुनाई देते हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सके। बाखले के पौत्रों- सुहास और सुधीर दातर तथा पौत्रवधू शैलजा दातर के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लोकमान्य मराठी में यह कहते सुनाई देते हैं, मेरी इच्छा है कि श्रोता शांति बनाए रखें। मैं किसी तरह का शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिन्हें बाहर जाना है जा सकते हैं, लेकिन समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार चलेगा।टिप्पणियां इस घटना का संदर्भ मास्टर कृष्णराव द्वारा तिलक की स्मृति में लिखी गई किताब में भी मिलता है। किताब में उल्लेख किया गया है कि गणेश उत्सव में संगीत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों को शांत करने के लिए तिलक को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रोता जाने-माने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायकों को सुनने के लिए बेताब थे। लोकमान्य के इस हस्तक्षेप का वर्णन पंडित बाखले से संबंधित दस्तावेजों में भी है। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था। इन गायकों को 'केसरी वाडा' में आयोजित उत्सव के लिए तिलक ने आमंत्रित किया था। इस ऑडियो में तिलक समारोह में बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों से शांत रहने की अपील करते सुनाई देते हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से चल सके। बाखले के पौत्रों- सुहास और सुधीर दातर तथा पौत्रवधू शैलजा दातर के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लोकमान्य मराठी में यह कहते सुनाई देते हैं, मेरी इच्छा है कि श्रोता शांति बनाए रखें। मैं किसी तरह का शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिन्हें बाहर जाना है जा सकते हैं, लेकिन समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार चलेगा।टिप्पणियां इस घटना का संदर्भ मास्टर कृष्णराव द्वारा तिलक की स्मृति में लिखी गई किताब में भी मिलता है। किताब में उल्लेख किया गया है कि गणेश उत्सव में संगीत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों को शांत करने के लिए तिलक को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रोता जाने-माने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायकों को सुनने के लिए बेताब थे। लोकमान्य के इस हस्तक्षेप का वर्णन पंडित बाखले से संबंधित दस्तावेजों में भी है। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था। बाखले के पौत्रों- सुहास और सुधीर दातर तथा पौत्रवधू शैलजा दातर के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लोकमान्य मराठी में यह कहते सुनाई देते हैं, मेरी इच्छा है कि श्रोता शांति बनाए रखें। मैं किसी तरह का शोर-शराबा बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिन्हें बाहर जाना है जा सकते हैं, लेकिन समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार चलेगा।टिप्पणियां इस घटना का संदर्भ मास्टर कृष्णराव द्वारा तिलक की स्मृति में लिखी गई किताब में भी मिलता है। किताब में उल्लेख किया गया है कि गणेश उत्सव में संगीत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों को शांत करने के लिए तिलक को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रोता जाने-माने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायकों को सुनने के लिए बेताब थे। लोकमान्य के इस हस्तक्षेप का वर्णन पंडित बाखले से संबंधित दस्तावेजों में भी है। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था। इस घटना का संदर्भ मास्टर कृष्णराव द्वारा तिलक की स्मृति में लिखी गई किताब में भी मिलता है। किताब में उल्लेख किया गया है कि गणेश उत्सव में संगीत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों को शांत करने के लिए तिलक को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रोता जाने-माने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायकों को सुनने के लिए बेताब थे। लोकमान्य के इस हस्तक्षेप का वर्णन पंडित बाखले से संबंधित दस्तावेजों में भी है। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था। तिलक ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक तिलक के अनुसार यह लोकमान्य की आवाज की एकमात्र रिकॉर्डिंग है, जिसे सेठ लखमीचंद के पौत्र मुकेश नारंग ने संभालकर रखा हुआ था।
यह एक सारांश है: बाल गंगाधर तिलक की आवाज का एक दुर्लभ ऑडियो मिला है, जो 97 साल पहले का है। यह ऑडियो 21 सितंबर, 1915 को गणेश उत्सव के दौरान एक कार्यक्रम में रिकॉर्ड किया गया था।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात दंगों के संदर्भ में 'पिल्ले' शब्द के उपयोग से उठे विवाद पर सफाई देने के प्रयास में नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि हमारी संस्कृति में हर प्रकार के जीव का सम्मान है और उसकी पूजा की जाती है। मोदी ने अपने बयान से उठे राजनीतिक बवंडर के कुछ ही देर बाद ट्वीट किया, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। एक इंटरव्यू में दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी कि "अगर पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं", की तीखी आलोचना हुई है और समाजवादी पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुस्लिमों की तुलना पिल्लों से की है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि 2002 के दंगों में हजारों लोगों की जानें चली गईं और इस पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रयुक्त तुलना निंदनीय है... सभ्य भारत में ऐसी तुलना के लिए कोई स्थान नहीं है। सपा प्रवक्ता कमल फारूकी ने कहा कि यह काफी दुखद, अत्यंत अपमानजनक और काफी परेशान करने वाला बयान है... मोदी क्या सोचते हैं कि मुसलमान पिल्लों से भी गए-गुजरे हैं? उनके पास मुसलमानों के लिए कोई भावना नहीं है... उन्हें दुखी होना चाहिए... उन्हें माफी मांगनी चाहिए। टिप्पणियां उधर, बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने मोदी के बचाव में उतरते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय का तुष्टिकरण करने के लिए मोदी की टिप्पणी को जानबूझ कर गलत अर्थ दिया गया है। यह कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। मोदी की 'पिल्ले' वाली टिप्पणी पर सीपीआई नेता एबी वर्धन ने हैरत जताई कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री कार में बैठे मासूम मुसाफिर थे और क्या वह यह नहीं जानते थे कि इसे ड्राइव कौन कर रहा था। वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि मोदी नरसंहार को न्यायोचित ठहरा रहे हैं और इसकी भयावहता को उचित ठहराने के लिए अनुचित उदाहरण पेश कर रहे हैं। मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वृंदा ने कहा कि मोदी न तो नरसंहार के लिए अफसोस जताने को तैयार हैं, न ही पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बेकसूर लोगों की गई हत्या के लिए। यह मोदी के शासन का मॉडल है। मोदी ने अपने बयान से उठे राजनीतिक बवंडर के कुछ ही देर बाद ट्वीट किया, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। एक इंटरव्यू में दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी कि "अगर पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं", की तीखी आलोचना हुई है और समाजवादी पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुस्लिमों की तुलना पिल्लों से की है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि 2002 के दंगों में हजारों लोगों की जानें चली गईं और इस पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रयुक्त तुलना निंदनीय है... सभ्य भारत में ऐसी तुलना के लिए कोई स्थान नहीं है। सपा प्रवक्ता कमल फारूकी ने कहा कि यह काफी दुखद, अत्यंत अपमानजनक और काफी परेशान करने वाला बयान है... मोदी क्या सोचते हैं कि मुसलमान पिल्लों से भी गए-गुजरे हैं? उनके पास मुसलमानों के लिए कोई भावना नहीं है... उन्हें दुखी होना चाहिए... उन्हें माफी मांगनी चाहिए। टिप्पणियां उधर, बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने मोदी के बचाव में उतरते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय का तुष्टिकरण करने के लिए मोदी की टिप्पणी को जानबूझ कर गलत अर्थ दिया गया है। यह कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। मोदी की 'पिल्ले' वाली टिप्पणी पर सीपीआई नेता एबी वर्धन ने हैरत जताई कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री कार में बैठे मासूम मुसाफिर थे और क्या वह यह नहीं जानते थे कि इसे ड्राइव कौन कर रहा था। वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि मोदी नरसंहार को न्यायोचित ठहरा रहे हैं और इसकी भयावहता को उचित ठहराने के लिए अनुचित उदाहरण पेश कर रहे हैं। मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वृंदा ने कहा कि मोदी न तो नरसंहार के लिए अफसोस जताने को तैयार हैं, न ही पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बेकसूर लोगों की गई हत्या के लिए। यह मोदी के शासन का मॉडल है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि 2002 के दंगों में हजारों लोगों की जानें चली गईं और इस पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रयुक्त तुलना निंदनीय है... सभ्य भारत में ऐसी तुलना के लिए कोई स्थान नहीं है। सपा प्रवक्ता कमल फारूकी ने कहा कि यह काफी दुखद, अत्यंत अपमानजनक और काफी परेशान करने वाला बयान है... मोदी क्या सोचते हैं कि मुसलमान पिल्लों से भी गए-गुजरे हैं? उनके पास मुसलमानों के लिए कोई भावना नहीं है... उन्हें दुखी होना चाहिए... उन्हें माफी मांगनी चाहिए। टिप्पणियां उधर, बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने मोदी के बचाव में उतरते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय का तुष्टिकरण करने के लिए मोदी की टिप्पणी को जानबूझ कर गलत अर्थ दिया गया है। यह कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। मोदी की 'पिल्ले' वाली टिप्पणी पर सीपीआई नेता एबी वर्धन ने हैरत जताई कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री कार में बैठे मासूम मुसाफिर थे और क्या वह यह नहीं जानते थे कि इसे ड्राइव कौन कर रहा था। वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि मोदी नरसंहार को न्यायोचित ठहरा रहे हैं और इसकी भयावहता को उचित ठहराने के लिए अनुचित उदाहरण पेश कर रहे हैं। मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वृंदा ने कहा कि मोदी न तो नरसंहार के लिए अफसोस जताने को तैयार हैं, न ही पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बेकसूर लोगों की गई हत्या के लिए। यह मोदी के शासन का मॉडल है। उधर, बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने मोदी के बचाव में उतरते हुए आरोप लगाया कि एक खास समुदाय का तुष्टिकरण करने के लिए मोदी की टिप्पणी को जानबूझ कर गलत अर्थ दिया गया है। यह कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। मोदी की 'पिल्ले' वाली टिप्पणी पर सीपीआई नेता एबी वर्धन ने हैरत जताई कि क्या गुजरात के मुख्यमंत्री कार में बैठे मासूम मुसाफिर थे और क्या वह यह नहीं जानते थे कि इसे ड्राइव कौन कर रहा था। वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि मोदी नरसंहार को न्यायोचित ठहरा रहे हैं और इसकी भयावहता को उचित ठहराने के लिए अनुचित उदाहरण पेश कर रहे हैं। मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वृंदा ने कहा कि मोदी न तो नरसंहार के लिए अफसोस जताने को तैयार हैं, न ही पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बेकसूर लोगों की गई हत्या के लिए। यह मोदी के शासन का मॉडल है। वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि मोदी नरसंहार को न्यायोचित ठहरा रहे हैं और इसकी भयावहता को उचित ठहराने के लिए अनुचित उदाहरण पेश कर रहे हैं। मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वृंदा ने कहा कि मोदी न तो नरसंहार के लिए अफसोस जताने को तैयार हैं, न ही पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से बेकसूर लोगों की गई हत्या के लिए। यह मोदी के शासन का मॉडल है।
यह एक सारांश है: गुजरात दंगों के संदर्भ में 'पिल्ले' शब्द के उपयोग से उठे विवाद पर सफाई देने के प्रयास में नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि हमारी संस्कृति में हर प्रकार के जीव का सम्मान है और उसकी पूजा की जाती है।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के लखीसराय जिले के सदर थाना क्षेत्र में एक ट्रक द्वारा मोटरसाइकिल सवार दंपति को कुचले जाने की घटना से आक्रोशित लोगों ने क्षेत्र में 22 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया तथा कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।टिप्पणियां पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात प्रेमडीहा गांव निवासी विजय साह अपनी पत्नी मुन्नी देवी के साथ बाजार से खरीदारी कर अपने घर जा रहे थे, तभी अष्टदेवी मंदिर के सामने एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस घटना में मुन्नी देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि विजय बुरी तरह घायल हो गए। विजय को स्थानीय सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही विजय की भी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क से गुजर रहे सभी ट्रकों में एक-एक कर आग लगाना शुरू कर दिया। देखते-देखते गुस्साए लोगों ने 22 से ज्यादा वाहन फूंक डाले और सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया। सुबह से ही घटना के विरोध में लखीसराय बाजार बंद है और क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। लखीसराय के पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने शनिवार को बताया कि स्थानीय लोगों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास जारी है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार की रात प्रेमडीहा गांव निवासी विजय साह अपनी पत्नी मुन्नी देवी के साथ बाजार से खरीदारी कर अपने घर जा रहे थे, तभी अष्टदेवी मंदिर के सामने एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस घटना में मुन्नी देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि विजय बुरी तरह घायल हो गए। विजय को स्थानीय सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही विजय की भी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क से गुजर रहे सभी ट्रकों में एक-एक कर आग लगाना शुरू कर दिया। देखते-देखते गुस्साए लोगों ने 22 से ज्यादा वाहन फूंक डाले और सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया। सुबह से ही घटना के विरोध में लखीसराय बाजार बंद है और क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। लखीसराय के पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने शनिवार को बताया कि स्थानीय लोगों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास जारी है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात नियंत्रण में है। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क से गुजर रहे सभी ट्रकों में एक-एक कर आग लगाना शुरू कर दिया। देखते-देखते गुस्साए लोगों ने 22 से ज्यादा वाहन फूंक डाले और सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया। सुबह से ही घटना के विरोध में लखीसराय बाजार बंद है और क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। लखीसराय के पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने शनिवार को बताया कि स्थानीय लोगों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास जारी है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात नियंत्रण में है।
सारांश: बिहार के लखीसराय जिले के सदर थाना क्षेत्र में एक ट्रक द्वारा मोटरसाइकिल सवार दंपति को कुचले जाने की घटना से आक्रोशित लोगों ने क्षेत्र में 22 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया तथा कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 15 अगस्त से पहले दिल्ली से एक पाकिस्तानी नागरिक के गायब होने पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. सलीम नाम का यह व्यक्ति समझौता एक्सप्रेस से आया था और उसे 16 जुलाई को लौटना था. सलीम होटल से स्टेशन के लिए निकला, लेकिन कहां गया यह किसी को नहीं पता. बाद में होटल के कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी. यह पाया गया कि सलीम अपने सामान के साथ लापता है. इसके अलावा कुछ संदिग्ध आतंकी भी दिल्ली पुलिस के रडार पर हैं. इनकी तलाश में तमाम सुरक्षा एजेंसिया लगी हैं और आतंकियों के पोस्टर भी लगाए गए हैं.टिप्पणियां एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद सलीम यहां पर 140 पाकिस्तानियों के एक समूह के साथ 22 जुलाई को यहां आया था. यह समूह मध्य दिल्ली के नबी करीम इलाके में होटल में रुका था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके अलावा कुछ संदिग्ध आतंकी भी दिल्ली पुलिस के रडार पर हैं. इनकी तलाश में तमाम सुरक्षा एजेंसिया लगी हैं और आतंकियों के पोस्टर भी लगाए गए हैं.टिप्पणियां एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद सलीम यहां पर 140 पाकिस्तानियों के एक समूह के साथ 22 जुलाई को यहां आया था. यह समूह मध्य दिल्ली के नबी करीम इलाके में होटल में रुका था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद सलीम यहां पर 140 पाकिस्तानियों के एक समूह के साथ 22 जुलाई को यहां आया था. यह समूह मध्य दिल्ली के नबी करीम इलाके में होटल में रुका था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:15 अगस्त से पहले गायब हुआ पाकिस्तानी नागरिक सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं तलाश दिल्ली पुलिस ने कुछ संदिग्धों के पोस्टर जारी किए
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: पुणे के पास पिंपरी चिंचवड के दापोडी इलाके में रविवार शाम मिट्टी का ढेर गिरने से उसके नीचे दबने के कारण एक दमकलकर्मी की मौत हो गई. एक मजदूर भी मिट्टी के नीचे फंसा हुआ है और उसे बचाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस के अनुसार दापोडी में सीवर लाइन बिछाने के लिए 20 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया था और निकाली गई मिट्टी का ढेर जमीन पर रखा हुआ था. पिंपरी चिंचवड के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'काम करते समय एक मजदूर गलती से खाई में गिर गया और मदद के लिए पुकारने लगा. दो स्थानीय निवासी तुरंत नीचे जाकर उसे बचाने की कोशिश करने लगे. जल्द ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए.' उन्होंने कहा, 'तीन दमकलकर्मियों ने खाई में प्रवेश किया और दोनों स्थानीय निवासियों को बचाकर ऊपर भेजा, लेकिन जब वे मजदूर को बचाने की कोशिश कर रहे थे तभी मिट्टी का एक ढेर उन पर गिर गया और वे चारों फंस गए.' अन्य दमकल कर्मियों ने अपने फंसे हुए साथियों को बचाया. उनमें से एक की हालत गंभीर थी, बाद में उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा, 'मजदूर अब भी नीचे फंसा हुआ है और उसे बचाने के प्रयास जारी हैं. एनडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में लगी हुई है.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मिट्टी का ढेर गिरने से उसके नीचे दबने के कारण एक दमकलकर्मी की मौत हो गई एक मजदूर भी मिट्टी के नीचे फंसा हुआ है और उसे बचाने के प्रयास जारी हैं दापोडी में सीवर लाइन बिछाने के लिए 20 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया था
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में तकरार तीखी होती जा रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती इस बिल पर बहस को लेकर राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी से भिड़ गईं। सरकार के रवैये से नाराज मायावती ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। रिटेल में एफ़डीआई पर सरकार का साथ देने वाली मायावती ने कहा कि सरकार प्रमोशन में आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में आज जो कुछ हुआ, वह तो शुरुआत भर है। उल्लेखनीय है कि सदन में प्रश्नकाल सामान्य रूप से चल रहा था और करीब साढ़े 11 बजे मायावती पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों के साथ सदन में आई। अपने स्थान पर आते ही मायावती ने अप्रत्याशित तरीके से सभापति हामिद अंसारी से कहा कि सदन की कार्यवाही आए दिन प्रश्नकाल के बाद स्थगित हो जाती है। उन्होंने अंसारी से कहा, 12 बजे आप चले जाते हैं...। मायावती ने कहा कि आए दिन 12 बजे के बाद सदन नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि सदन सुचारू रूप से चले, इसकी व्यवस्था कौन करेगा?टिप्पणियां उन्होंने अंसारी से कहा कि सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चले, यह जिम्मेदारी आपकी है। अंसारी ने उनसे शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सदन सभी दलों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकता है और वह अभी प्रश्नकाल चलने दें, लेकिन नाराज मायावती ने उनकी अपील अनसुनी कर दी और आसन के समीप आ गईं। मायावती के साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य भी आसन के समीप आ गए। अंसारी ने मायावती के आसन के समीप आने पर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बसपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की बैठक करीब साढ़े 11 बजे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी सदन का माहौल शांत नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार के रवैये से नाराज मायावती ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। रिटेल में एफ़डीआई पर सरकार का साथ देने वाली मायावती ने कहा कि सरकार प्रमोशन में आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में आज जो कुछ हुआ, वह तो शुरुआत भर है। उल्लेखनीय है कि सदन में प्रश्नकाल सामान्य रूप से चल रहा था और करीब साढ़े 11 बजे मायावती पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों के साथ सदन में आई। अपने स्थान पर आते ही मायावती ने अप्रत्याशित तरीके से सभापति हामिद अंसारी से कहा कि सदन की कार्यवाही आए दिन प्रश्नकाल के बाद स्थगित हो जाती है। उन्होंने अंसारी से कहा, 12 बजे आप चले जाते हैं...। मायावती ने कहा कि आए दिन 12 बजे के बाद सदन नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि सदन सुचारू रूप से चले, इसकी व्यवस्था कौन करेगा?टिप्पणियां उन्होंने अंसारी से कहा कि सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चले, यह जिम्मेदारी आपकी है। अंसारी ने उनसे शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सदन सभी दलों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकता है और वह अभी प्रश्नकाल चलने दें, लेकिन नाराज मायावती ने उनकी अपील अनसुनी कर दी और आसन के समीप आ गईं। मायावती के साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य भी आसन के समीप आ गए। अंसारी ने मायावती के आसन के समीप आने पर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बसपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की बैठक करीब साढ़े 11 बजे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी सदन का माहौल शांत नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। उल्लेखनीय है कि सदन में प्रश्नकाल सामान्य रूप से चल रहा था और करीब साढ़े 11 बजे मायावती पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों के साथ सदन में आई। अपने स्थान पर आते ही मायावती ने अप्रत्याशित तरीके से सभापति हामिद अंसारी से कहा कि सदन की कार्यवाही आए दिन प्रश्नकाल के बाद स्थगित हो जाती है। उन्होंने अंसारी से कहा, 12 बजे आप चले जाते हैं...। मायावती ने कहा कि आए दिन 12 बजे के बाद सदन नहीं चल पाता है। उन्होंने कहा कि सदन सुचारू रूप से चले, इसकी व्यवस्था कौन करेगा?टिप्पणियां उन्होंने अंसारी से कहा कि सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चले, यह जिम्मेदारी आपकी है। अंसारी ने उनसे शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सदन सभी दलों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकता है और वह अभी प्रश्नकाल चलने दें, लेकिन नाराज मायावती ने उनकी अपील अनसुनी कर दी और आसन के समीप आ गईं। मायावती के साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य भी आसन के समीप आ गए। अंसारी ने मायावती के आसन के समीप आने पर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बसपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की बैठक करीब साढ़े 11 बजे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी सदन का माहौल शांत नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। उन्होंने अंसारी से कहा कि सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चले, यह जिम्मेदारी आपकी है। अंसारी ने उनसे शांत होने की अपील करते हुए कहा कि सदन सभी दलों के सहयोग से ही सुचारू रूप से चल सकता है और वह अभी प्रश्नकाल चलने दें, लेकिन नाराज मायावती ने उनकी अपील अनसुनी कर दी और आसन के समीप आ गईं। मायावती के साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य भी आसन के समीप आ गए। अंसारी ने मायावती के आसन के समीप आने पर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बसपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की बैठक करीब साढ़े 11 बजे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी सदन का माहौल शांत नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। मायावती के साथ उनकी पार्टी के अन्य सदस्य भी आसन के समीप आ गए। अंसारी ने मायावती के आसन के समीप आने पर कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन बसपा सदस्यों का हंगामा जारी रहा और सभापति ने सदन की बैठक करीब साढ़े 11 बजे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 12 बजे के बाद भी सदन का माहौल शांत नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सारांश: प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में तकरार तीखी होती जा रही है। बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती इस बिल पर बहस को लेकर राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी से भिड़ गईं।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2011-12 में राजकोषीय घाटा अनुमान से अधिक हो सकता है। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के कारण राजकोषीय घाटा 2008-09 में बढ़कर 6.5 प्रतिशत तक पहुंच गया था जिसे 2009-10 में कम कर 4.5 प्रतिशत के स्तर पर लाया गया। उन्होंने कहा, ‘...लेकिन 2011-12 में राजकोषीय घाटा अनुमान से अधिक रह सकता है।’ इस साल के बजट में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय एवं कुल राजस्व के बीच अंतर को बताता है।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर पहले नौ प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत कम या ज्यादा रहने की उम्मीद लगाई गई थी।’ उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र में ऋण संकट तथा दुनिया के अन्य देशों में धीमी आर्थिक वृद्धि का भारत पर भी असर पड़ सकता है। मुखर्जी ने कहा, ‘मैं दावा नहीं कर सकता कि हम यूरोप के संकट से अछूते हैं। इसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में योग्य पेशेवर तथा प्रबंधक उपलब्धता के साथ 60 प्रतिशत युवा आबादी वाले देश भारत की बुनियाद मजबूत है। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 2020 तक फिर से मजबूत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर होंगे। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के कारण राजकोषीय घाटा 2008-09 में बढ़कर 6.5 प्रतिशत तक पहुंच गया था जिसे 2009-10 में कम कर 4.5 प्रतिशत के स्तर पर लाया गया। उन्होंने कहा, ‘...लेकिन 2011-12 में राजकोषीय घाटा अनुमान से अधिक रह सकता है।’ इस साल के बजट में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय एवं कुल राजस्व के बीच अंतर को बताता है।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर पहले नौ प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत कम या ज्यादा रहने की उम्मीद लगाई गई थी।’ उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र में ऋण संकट तथा दुनिया के अन्य देशों में धीमी आर्थिक वृद्धि का भारत पर भी असर पड़ सकता है। मुखर्जी ने कहा, ‘मैं दावा नहीं कर सकता कि हम यूरोप के संकट से अछूते हैं। इसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में योग्य पेशेवर तथा प्रबंधक उपलब्धता के साथ 60 प्रतिशत युवा आबादी वाले देश भारत की बुनियाद मजबूत है। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 2020 तक फिर से मजबूत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर होंगे। इस साल के बजट में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय एवं कुल राजस्व के बीच अंतर को बताता है।टिप्पणियां वित्त मंत्री ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर पहले नौ प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत कम या ज्यादा रहने की उम्मीद लगाई गई थी।’ उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र में ऋण संकट तथा दुनिया के अन्य देशों में धीमी आर्थिक वृद्धि का भारत पर भी असर पड़ सकता है। मुखर्जी ने कहा, ‘मैं दावा नहीं कर सकता कि हम यूरोप के संकट से अछूते हैं। इसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में योग्य पेशेवर तथा प्रबंधक उपलब्धता के साथ 60 प्रतिशत युवा आबादी वाले देश भारत की बुनियाद मजबूत है। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 2020 तक फिर से मजबूत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर होंगे। वित्त मंत्री ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर पहले नौ प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत कम या ज्यादा रहने की उम्मीद लगाई गई थी।’ उन्होंने कहा कि यूरो क्षेत्र में ऋण संकट तथा दुनिया के अन्य देशों में धीमी आर्थिक वृद्धि का भारत पर भी असर पड़ सकता है। मुखर्जी ने कहा, ‘मैं दावा नहीं कर सकता कि हम यूरोप के संकट से अछूते हैं। इसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में योग्य पेशेवर तथा प्रबंधक उपलब्धता के साथ 60 प्रतिशत युवा आबादी वाले देश भारत की बुनियाद मजबूत है। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 2020 तक फिर से मजबूत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर होंगे। मुखर्जी ने कहा, ‘मैं दावा नहीं कर सकता कि हम यूरोप के संकट से अछूते हैं। इसका असर विकसित और विकासशील दोनों तरह की अर्थव्यवस्थाओं पर है।’ वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में योग्य पेशेवर तथा प्रबंधक उपलब्धता के साथ 60 प्रतिशत युवा आबादी वाले देश भारत की बुनियाद मजबूत है। ऐसे में इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 2020 तक फिर से मजबूत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर होंगे।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2011-12 में राजकोषीय घाटा अनुमान से अधिक हो सकता है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चलाए दहेज और बाल विवाह विरोधी अभियान का असर अब राज्य के शहरों से लेकर गांवों तक में देखने को मिल रहा है. दहेज और बाल विवाह के खिलाफ ग्रामीण न केवल सामाजिक स्तर पर विरोध कर रहे हैं, बल्कि कई मामलों में पुलिस को भी इसकी सूचना दे रहे हैं. इन कुरीतियों के खिलाफ आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है. वैशाली जिले के देसरी प्रखंड के चौनपुर नन्हकार गांव में गुरुवार की रात दो नाबालिग बहनों की शादी मुखिया और ग्रामीणों के हस्तक्षेप से रुकी. गांव के राम बाबू पासवान अपनी 15 वर्षीय और 13 वर्षीय दो पुत्रियों की शादी दोगुने उम्र के लड़कों के साथ अपने घर पर ही कर रहे थे. इसकी जानकारी गांव के लोगों को मिल गई. ग्रामीणों ने इसकी सूचना मुखिया सुबोध ठाकुर को दी. मुखिया ने भी आगे बढ़कर बाल विवाह का विरोध किया और शादी रोकी गई. पुलिस के अनुसार, फलका के ठाकुरबाड़ी मंदिर में एक नाबालिग लड़की की शादी जबरन उससे दोगुने उम्र के पुरुष (समस्तीपुर निवासी मदन सहनी) से करवाया जा रहा था, जिसकी सूचना ग्रामीणों को मिल गई. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दे दी. फलका थाना के सहायक अवर निरीक्षक फैयाज खान ने बताया कि दूल्हे और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है.  मुख्यमंत्री ने राज्य में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ अभियान छेड़ते हुए 2 अक्टूबर को घोषणा की है कि इसको लेकर अगले साल 21 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाई जाएगी.  नीतीश ने कहा, बापू के चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पूरा होने के अवसर पर शराबबंदी के बाद अब राज्य में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो बापू के विचारों के प्रति हम लोगों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से मिटाना जरूरी है. बिहार में इन कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तथा लोगों को इन कुरीतियों के खिलाफ शपथ भी दिलाई जा रही है.  इससे पहले, पटना जिले के दनियांवा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय अधेड़ दूल्हे कृष्णा सिंह उर्फ तारण सिंह को उसके परिजनों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस क्रम में पुलिस ने शादी कराने वाले दो एजेंटों (दलालों) को भी गिरफ्तार किया है. पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री ने राज्य में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ अभियान छेड़ते हुए 2 अक्टूबर को घोषणा की है कि इसको लेकर अगले साल 21 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाई जाएगी.  नीतीश ने कहा, बापू के चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पूरा होने के अवसर पर शराबबंदी के बाद अब राज्य में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो बापू के विचारों के प्रति हम लोगों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से मिटाना जरूरी है. बिहार में इन कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तथा लोगों को इन कुरीतियों के खिलाफ शपथ भी दिलाई जा रही है.  इससे पहले, पटना जिले के दनियांवा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय अधेड़ दूल्हे कृष्णा सिंह उर्फ तारण सिंह को उसके परिजनों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस क्रम में पुलिस ने शादी कराने वाले दो एजेंटों (दलालों) को भी गिरफ्तार किया है. पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नीतीश ने कहा, बापू के चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पूरा होने के अवसर पर शराबबंदी के बाद अब राज्य में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो बापू के विचारों के प्रति हम लोगों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से मिटाना जरूरी है. बिहार में इन कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तथा लोगों को इन कुरीतियों के खिलाफ शपथ भी दिलाई जा रही है.  इससे पहले, पटना जिले के दनियांवा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय अधेड़ दूल्हे कृष्णा सिंह उर्फ तारण सिंह को उसके परिजनों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस क्रम में पुलिस ने शादी कराने वाले दो एजेंटों (दलालों) को भी गिरफ्तार किया है. पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक बड़ी सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से मिटाना जरूरी है. बिहार में इन कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तथा लोगों को इन कुरीतियों के खिलाफ शपथ भी दिलाई जा रही है.  इससे पहले, पटना जिले के दनियांवा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय अधेड़ दूल्हे कृष्णा सिंह उर्फ तारण सिंह को उसके परिजनों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस क्रम में पुलिस ने शादी कराने वाले दो एजेंटों (दलालों) को भी गिरफ्तार किया है. पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले, पटना जिले के दनियांवा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से शादी करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय अधेड़ दूल्हे कृष्णा सिंह उर्फ तारण सिंह को उसके परिजनों के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस क्रम में पुलिस ने शादी कराने वाले दो एजेंटों (दलालों) को भी गिरफ्तार किया है. पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटना जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ललन मोहन प्रसाद कहते हैं कि कई मौकों पर पुलिस को समय रहते सूचना मिल जाती है, तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करती है. उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता आ रही है और लोग अब इसकी सूचना भी पुलिस को दे रहे हैं, यह अच्छी पहल है.टिप्पणियां पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पटना विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, इन कुरीतियों को सरकार और कानून के दम पर नहीं मिटाया जा सकता, इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक होना होगा. सरकार द्वारा इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार का यह प्रयास प्रशंसनीय है, लेकिन अभी इसके लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लोगों को शिक्षित कर सामाज में व्याप्त ऐसी कई कुरीतियों को खत्म किया जा सकता है. भारती कहती हैं कि ग्रामीण अगर ऐसी पहल कर रहे हैं, तो यह तय है कि अब कई जिंदगियां उजड़ने से बच जाएंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: नीतीश कुमार का बाल विवाह विरोधी अभियान शहरों ही नहीं गांवों में भी दिख रहा है असर कुरीतियों के खिलाफ आम लोग भी उठा रहे हैं आवाज
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली भाजपा के प्रमुख विजय गोयल इसी वर्ष नवंबर में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को गठित चुनाव समिति के भी प्रमुख होंगे।टिप्पणियां पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, 24 सदस्यीय चुनाव समिति में दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन और दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता व अन्य लोग शामिल हैं। 54 सदस्यीय चुनाव कोर समूह के सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई है। इस समूह में पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, पूर्व मेयर आरती मेहरा और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव वाणी त्रिपाठी को शामिल किया गया है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को दिल्ली मामलों का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, 24 सदस्यीय चुनाव समिति में दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन और दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता व अन्य लोग शामिल हैं। 54 सदस्यीय चुनाव कोर समूह के सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई है। इस समूह में पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, पूर्व मेयर आरती मेहरा और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव वाणी त्रिपाठी को शामिल किया गया है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को दिल्ली मामलों का प्रभारी बनाया गया है। 54 सदस्यीय चुनाव कोर समूह के सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई है। इस समूह में पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, पूर्व मेयर आरती मेहरा और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव वाणी त्रिपाठी को शामिल किया गया है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को दिल्ली मामलों का प्रभारी बनाया गया है।
सारांश: दिल्ली भाजपा के प्रमुख विजय गोयल इसी वर्ष नवंबर में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को गठित चुनाव समिति के भी प्रमुख होंगे।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार : रंजन सोढ़ी (निशानेबाजी)      अर्जुन पुरस्कार : चेक्रोवोलू स्वरो (तीरंदाजी), रंजित महेश (एथलेटिक्स), पी.वी सिंधु (बैडमिंटन), कविता चहल (मुक्केबाजी), रूपेश शाह (बिलियर्डस एवं स्नूकर), विराट कोहली (क्रिकेट), अभिजीत गुप्ता (शतरंज), गगन जीत भुल्लर (गोल्फ), सबा अंजुम (हॉकी), राजकुमारी राठौर (निशानेबाजी), जोशना चिनप्पा (स्नूकर), मौमा दास (टेबल टेनिस), नेहा राठी (कुश्ती), धर्मेद्र लाल (कुश्ती), अमित कुमार सरोहा (एथलेटिक्स)।टिप्पणियां द्रोणाचार्य पुरस्कार : पूर्णिमा महतो (तीरंदाजी), महावीर सिंह (मुक्केबाजी), नरसिंह सैनी (हॉकी), के.पी. थॉमस (एथलेटिक्स),  राज सिंह (कुश्ती)। ध्यानचंद पुरस्कार : मेरी डिसूजा (एथलेटिक्स), सैयद अली (हॉकी), अनिल मान (कुश्ती) एवं गिरिराज सिंह (पैरा स्पोर्ट्स-एथलेक्टिस)। द्रोणाचार्य पुरस्कार : पूर्णिमा महतो (तीरंदाजी), महावीर सिंह (मुक्केबाजी), नरसिंह सैनी (हॉकी), के.पी. थॉमस (एथलेटिक्स),  राज सिंह (कुश्ती)। ध्यानचंद पुरस्कार : मेरी डिसूजा (एथलेटिक्स), सैयद अली (हॉकी), अनिल मान (कुश्ती) एवं गिरिराज सिंह (पैरा स्पोर्ट्स-एथलेक्टिस)। ध्यानचंद पुरस्कार : मेरी डिसूजा (एथलेटिक्स), सैयद अली (हॉकी), अनिल मान (कुश्ती) एवं गिरिराज सिंह (पैरा स्पोर्ट्स-एथलेक्टिस)।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्र सरकार ने चयन समितियों की अनुशंसा पर विभिन्न खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संगठनों को वर्ष 2013 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: नीति बनाने से जुड़े जो फैसले असंवैधानिक होंगे उन्हें खारिज करने का कोर्ट को पूरा अधिकार है। 2-जी घोटाले में 122 लाइसेंस रद्द करने से जुड़ा अहम फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गांगुली ने यह बात कही है। जस्टिस गांगुली लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें चटर्जी ने कहा था कि कोर्ट ने अपने अधिकार से बाहर जाते हुए ये फैसला लिया है। उनकी दलील है कि कोर्ट जनहित की दलील देते हुए कार्यपालिका के फैसलों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। जस्टिस गांगुली ने कहा कि न्यायिक समीक्षा संविधान की एक बुनियादी विशेषता है और इस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कोर्ट ऐसे सभी नीतिगत फैसलों को रद्द कर सकता है जो संविधान के मुताबिक ना लिए गए हों। जस्टिस गांगुली लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें चटर्जी ने कहा था कि कोर्ट ने अपने अधिकार से बाहर जाते हुए ये फैसला लिया है। उनकी दलील है कि कोर्ट जनहित की दलील देते हुए कार्यपालिका के फैसलों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। जस्टिस गांगुली ने कहा कि न्यायिक समीक्षा संविधान की एक बुनियादी विशेषता है और इस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कोर्ट ऐसे सभी नीतिगत फैसलों को रद्द कर सकता है जो संविधान के मुताबिक ना लिए गए हों।
यह एक सारांश है: नीति बनाने से जुड़े जो फैसले असंवैधानिक होंगे उन्हें खारिज करने का कोर्ट को पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गांगुली ने यह बात कही है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसी भी दौरे से पहले एयरकंडीशनरों, भगवा रंग के गमछों और सोफे की व्यवस्था की जाती रही है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारियों को 'दिखावे' पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है, और आदेश का पालन नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है. पिछले माह योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "हमें ज़मीन पर बैठने की आदत है... मुख्यमंत्री उसी समय सम्मान का अधिकारी होता है, जब राज्य की जनता सम्मानित महसूस करे..." लेकिन संभवत उनका यह निर्देश प्रशासन को उस समय याद नहीं रहा, जब हाल ही में वह देवरिया और गोरखपुर में सैनिकों के परिवारों से मिलने गए. एक नए आदेश में योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से कहा गया है कि वह रेड कारपेट, 'खास रंग के गमछों' तथा विशेष सोफा का इंतज़ाम करने में होने वाली फिज़ूलखर्ची से "बेहद नाराज़" हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रशासनिक व पुलिस शीर्षाधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए आदेश में गुरुवार को कहा, "यह भविष्य में फिर नहीं होना चाहिए... किसी तरह का दिखावा या लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए..." मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पिछले सप्ताह कश्मीर में मारे गए एक पुलिसकर्मी के परिवार से मिलने गए थे, तो पुलिसकर्मी के घर तक रेड कारपेट बिछाया गया था, और पड़ोस के लोगों की नज़रों से बचाने के लिए पर्दे भी डाले गए थे. भगवा रंग के पर्दे, कूलर, एक्ज़ॉस्ट फैन और सोफा भी वहां लगाए गए थे. बताया जाता है कि सैनिक के परिवार को छह लाख रुपये का चेक देने के लिए वहां पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ इस सबसे काफी नाराज़ हुए थे.टिप्पणियां इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. पिछले माह योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "हमें ज़मीन पर बैठने की आदत है... मुख्यमंत्री उसी समय सम्मान का अधिकारी होता है, जब राज्य की जनता सम्मानित महसूस करे..." लेकिन संभवत उनका यह निर्देश प्रशासन को उस समय याद नहीं रहा, जब हाल ही में वह देवरिया और गोरखपुर में सैनिकों के परिवारों से मिलने गए. एक नए आदेश में योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से कहा गया है कि वह रेड कारपेट, 'खास रंग के गमछों' तथा विशेष सोफा का इंतज़ाम करने में होने वाली फिज़ूलखर्ची से "बेहद नाराज़" हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रशासनिक व पुलिस शीर्षाधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए आदेश में गुरुवार को कहा, "यह भविष्य में फिर नहीं होना चाहिए... किसी तरह का दिखावा या लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए..." मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पिछले सप्ताह कश्मीर में मारे गए एक पुलिसकर्मी के परिवार से मिलने गए थे, तो पुलिसकर्मी के घर तक रेड कारपेट बिछाया गया था, और पड़ोस के लोगों की नज़रों से बचाने के लिए पर्दे भी डाले गए थे. भगवा रंग के पर्दे, कूलर, एक्ज़ॉस्ट फैन और सोफा भी वहां लगाए गए थे. बताया जाता है कि सैनिक के परिवार को छह लाख रुपये का चेक देने के लिए वहां पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ इस सबसे काफी नाराज़ हुए थे.टिप्पणियां इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. एक नए आदेश में योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से कहा गया है कि वह रेड कारपेट, 'खास रंग के गमछों' तथा विशेष सोफा का इंतज़ाम करने में होने वाली फिज़ूलखर्ची से "बेहद नाराज़" हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रशासनिक व पुलिस शीर्षाधिकारियों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए आदेश में गुरुवार को कहा, "यह भविष्य में फिर नहीं होना चाहिए... किसी तरह का दिखावा या लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए..." मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पिछले सप्ताह कश्मीर में मारे गए एक पुलिसकर्मी के परिवार से मिलने गए थे, तो पुलिसकर्मी के घर तक रेड कारपेट बिछाया गया था, और पड़ोस के लोगों की नज़रों से बचाने के लिए पर्दे भी डाले गए थे. भगवा रंग के पर्दे, कूलर, एक्ज़ॉस्ट फैन और सोफा भी वहां लगाए गए थे. बताया जाता है कि सैनिक के परिवार को छह लाख रुपये का चेक देने के लिए वहां पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ इस सबसे काफी नाराज़ हुए थे.टिप्पणियां इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब पिछले सप्ताह कश्मीर में मारे गए एक पुलिसकर्मी के परिवार से मिलने गए थे, तो पुलिसकर्मी के घर तक रेड कारपेट बिछाया गया था, और पड़ोस के लोगों की नज़रों से बचाने के लिए पर्दे भी डाले गए थे. भगवा रंग के पर्दे, कूलर, एक्ज़ॉस्ट फैन और सोफा भी वहां लगाए गए थे. बताया जाता है कि सैनिक के परिवार को छह लाख रुपये का चेक देने के लिए वहां पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ इस सबसे काफी नाराज़ हुए थे.टिप्पणियां इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. बताया जाता है कि सैनिक के परिवार को छह लाख रुपये का चेक देने के लिए वहां पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ इस सबसे काफी नाराज़ हुए थे.टिप्पणियां इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री को आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब एक अन्य सैनिक के घर जाने पर इसी तरह के वीआईपी इंतज़ाम किए गए थे. सैनिक के परिवार का कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे से शर्मिन्दगी महसूस हुई. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे. इस मामले में विपक्षी दलों द्वारा हमला किए जाने पर योगी आदित्यनाथ के सहयोगियों ने दावा किया था कि योगी से राजनेता बने सीएम पूरी तरह सादगी में यकीन रखते हैं, और उन्होंने नई एसयूवी खरीदे जाने से इंकार कर उन्हीं कारों को इस्तेमाल किया है, जिन्हें पिछले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस्तेमाल करते रहे थे.
CM के दौरों पर एसी, भगवा गमछों और सोफा का इंतज़ाम करने पर योगी नाराज़ हैं मुख्यमंत्री कार्यालय ने दिखावे और फिज़ूलखर्ची पर कतई पाबंदी लगाई है CMO से जारी आदेश में आज्ञापालन न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक में भाजपा के पूर्व नेता बीएस येदियुरप्पा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले आम चुनाव के लिए प्रधानमंत्री प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा के बाद शुक्रवार को पार्टी में लौटने के संकेत दिए। मोदी के नाम की घोषणा के तुरंत बाद ही येदियुरप्पा ने कहा, "हम 18 और 19 सितंबर को अपनी पार्टी (कर्नाटक जनता पार्टी) के वरिष्ठ नेताओं के साथ विमर्श करने के बाद फैसला लेंगे।"टिप्पणियां कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सरकार के पहले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि वे मोदी के मनोनयन का स्वागत करते हैं और वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की मजबूती के लिए काम करेंगे। खनन घोटाले के आरोपों को लेकर येदियुरप्पा को जुलाई 2011 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा था। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अपनी पार्टी केजेपी गठित की। 5 मई को संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। उनकी पार्टी सिर्फ छह सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। मोदी के नाम की घोषणा के तुरंत बाद ही येदियुरप्पा ने कहा, "हम 18 और 19 सितंबर को अपनी पार्टी (कर्नाटक जनता पार्टी) के वरिष्ठ नेताओं के साथ विमर्श करने के बाद फैसला लेंगे।"टिप्पणियां कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सरकार के पहले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि वे मोदी के मनोनयन का स्वागत करते हैं और वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की मजबूती के लिए काम करेंगे। खनन घोटाले के आरोपों को लेकर येदियुरप्पा को जुलाई 2011 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा था। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अपनी पार्टी केजेपी गठित की। 5 मई को संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। उनकी पार्टी सिर्फ छह सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सरकार के पहले मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि वे मोदी के मनोनयन का स्वागत करते हैं और वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की मजबूती के लिए काम करेंगे। खनन घोटाले के आरोपों को लेकर येदियुरप्पा को जुलाई 2011 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा था। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अपनी पार्टी केजेपी गठित की। 5 मई को संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। उनकी पार्टी सिर्फ छह सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। खनन घोटाले के आरोपों को लेकर येदियुरप्पा को जुलाई 2011 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ा था। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अपनी पार्टी केजेपी गठित की। 5 मई को संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। उनकी पार्टी सिर्फ छह सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।
संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक में भाजपा के पूर्व नेता बीएस येदियुरप्पा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले आम चुनाव के लिए प्रधानमंत्री प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा के बाद शुक्रवार को पार्टी में लौटने के संकेत दिए।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जिले के एक किसान ने कर्ज के बोझ से दबे होने का दावा करते हुए शहर में कुछ जगह पोस्टर लगाकर अपनी किडनी बेचने की घोषणा की है. इस बीच सहारनपुर के मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा है कि इस मामले में जांच होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. जिले के सरसावा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले सतरसाली गांव निवासी रामकुमार ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण लिया था. प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र होने के बावजूद उसे किसी सरकारी बैंक से रिण नहीं मिला. उन्होंने बताया कि बैंकों से लोन नहीं मिलने के बाद उसने अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों से कर्जा लेकर पशुओं को खरीदा और उनके लिए शेड बनवाया.  उन्होंने दावा किया कि अब कर्ज देने वाले लोग उससे ब्याज सहित उनका पैसा मांग रहे हैं. रामकुमार ने दावा किया कि उसके पास कर्ज लौटाने के लिए धन नहीं है और दबाव में उसके पास अब अपनी किडनी बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह गया है. इसलिए उसने अपनी किडनी को बेचने संबंधी पोस्टर लगाये हैं. इस संबंध में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर सहारनपुर के मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा, "यह मामला अभी उनकी जानकारी में आया है."  उन्होंने कहा कि वह इस बात की जांच करायेंगे कि किस स्तर पर इस किसान को बैंक द्वारा लोन वितरण नहीं किया गया. उन्होंने कहा, "जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी कि किस कारण से किसान रामकुमार को बैंक द्वारा रिण का वितरण नहीं किया गया है."
संक्षिप्त पाठ: कर्ज से दबे किसान ने लगाए पोस्टर किडनी बेचने के लिए लगाए पोस्टर प्रशासन ने जांच कराने को कहा
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता रणवीर सिंह उस समय चिढ़ गए जब अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से उनकी सगाई की अफवाहों के बारे में सवाल किया गया। रणवीर ने मीडियाकर्मियों से अच्छे प्रश्न करने को कहा। दरअसल, रणवीर और दीपिका की शादी को लेकर पिछले महीने से अफवाहें चल रही हैं और कुछ रिपोर्ट के अनुसार दोनों पहले ही सगाई कर चुके हैं। पिछली रात दोनों इरफान खान की अभिनीत फिल्म मदारी की विशेष स्क्रीनिंग में आए थे। जब दीपिका से उनकी सगाई की अफवाह के बारे में पूछा गया तो रणवीर ने उनकी ओर देखा और कहा, 'हम चलें।' 'पीकू' अभिनेत्री ने जाने से पहले 'थैंक्स, बाय' कहा।टिप्पणियां रणवीर ने संवाददाताओं से कहा, 'जिस टाईप की फिल्म (मदारी की ओर इशारा करते हुए) देखी है, उसका तो लिहाज करें, इस टाईप की फिजूल की बातें न करें।' 31 वर्षीय 'लुटेरा' अभिनेता तब दीपिका को छोड़ने गए। वह लौटकर आए और उन्होंने कहा, 'जैसी टाईप की फिल्म है, तो अच्छे-अच्छे सवाल करना, मेरी रिक्वेस्ट है आपसे।' पहले दीपिका ने अपनी शादी की खबरों का खंड किया था और कहा था कि उनकी जल्द शादी के बंधन में बंधने की कोई योजना नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दरअसल, रणवीर और दीपिका की शादी को लेकर पिछले महीने से अफवाहें चल रही हैं और कुछ रिपोर्ट के अनुसार दोनों पहले ही सगाई कर चुके हैं। पिछली रात दोनों इरफान खान की अभिनीत फिल्म मदारी की विशेष स्क्रीनिंग में आए थे। जब दीपिका से उनकी सगाई की अफवाह के बारे में पूछा गया तो रणवीर ने उनकी ओर देखा और कहा, 'हम चलें।' 'पीकू' अभिनेत्री ने जाने से पहले 'थैंक्स, बाय' कहा।टिप्पणियां रणवीर ने संवाददाताओं से कहा, 'जिस टाईप की फिल्म (मदारी की ओर इशारा करते हुए) देखी है, उसका तो लिहाज करें, इस टाईप की फिजूल की बातें न करें।' 31 वर्षीय 'लुटेरा' अभिनेता तब दीपिका को छोड़ने गए। वह लौटकर आए और उन्होंने कहा, 'जैसी टाईप की फिल्म है, तो अच्छे-अच्छे सवाल करना, मेरी रिक्वेस्ट है आपसे।' पहले दीपिका ने अपनी शादी की खबरों का खंड किया था और कहा था कि उनकी जल्द शादी के बंधन में बंधने की कोई योजना नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब दीपिका से उनकी सगाई की अफवाह के बारे में पूछा गया तो रणवीर ने उनकी ओर देखा और कहा, 'हम चलें।' 'पीकू' अभिनेत्री ने जाने से पहले 'थैंक्स, बाय' कहा।टिप्पणियां रणवीर ने संवाददाताओं से कहा, 'जिस टाईप की फिल्म (मदारी की ओर इशारा करते हुए) देखी है, उसका तो लिहाज करें, इस टाईप की फिजूल की बातें न करें।' 31 वर्षीय 'लुटेरा' अभिनेता तब दीपिका को छोड़ने गए। वह लौटकर आए और उन्होंने कहा, 'जैसी टाईप की फिल्म है, तो अच्छे-अच्छे सवाल करना, मेरी रिक्वेस्ट है आपसे।' पहले दीपिका ने अपनी शादी की खबरों का खंड किया था और कहा था कि उनकी जल्द शादी के बंधन में बंधने की कोई योजना नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रणवीर ने संवाददाताओं से कहा, 'जिस टाईप की फिल्म (मदारी की ओर इशारा करते हुए) देखी है, उसका तो लिहाज करें, इस टाईप की फिजूल की बातें न करें।' 31 वर्षीय 'लुटेरा' अभिनेता तब दीपिका को छोड़ने गए। वह लौटकर आए और उन्होंने कहा, 'जैसी टाईप की फिल्म है, तो अच्छे-अच्छे सवाल करना, मेरी रिक्वेस्ट है आपसे।' पहले दीपिका ने अपनी शादी की खबरों का खंड किया था और कहा था कि उनकी जल्द शादी के बंधन में बंधने की कोई योजना नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: रणवीर ने मीडियाकर्मियों से अच्छे प्रश्न करने को कहा। दोनों इरफान खान की फिल्म मदारी की विशेष स्क्रीनिंग में आए थे। सवाल करने पर दीपिका ने जाने से पहले कहा- 'थैंक्स, बाय'।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यमुना एक्‍सप्रेस वे में रविवार को सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है और 23 लोग घायल हो गए हैं.  बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार बस यमुना एक्‍सप्रेस वे पर बने फेंसिंग तोड़कर कर हाईवे से नीचे गिर गई. इससे बस में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. टिप्पणियां इस हादसे में घायल 23 लोगों को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और बचाव का काम जारी है.  अभी यह पता नहीं चल सका है कि तेज रफ्तार बस किस वजह से फेंसिंग तोड़कर हाईवे से नीचे गिर गई.  बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार बस यमुना एक्‍सप्रेस वे पर बने फेंसिंग तोड़कर कर हाईवे से नीचे गिर गई. इससे बस में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. टिप्पणियां इस हादसे में घायल 23 लोगों को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और बचाव का काम जारी है.  अभी यह पता नहीं चल सका है कि तेज रफ्तार बस किस वजह से फेंसिंग तोड़कर हाईवे से नीचे गिर गई.  इस हादसे में घायल 23 लोगों को पास के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और बचाव का काम जारी है.  अभी यह पता नहीं चल सका है कि तेज रफ्तार बस किस वजह से फेंसिंग तोड़कर हाईवे से नीचे गिर गई.  अभी यह पता नहीं चल सका है कि तेज रफ्तार बस किस वजह से फेंसिंग तोड़कर हाईवे से नीचे गिर गई.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यमुना एक्‍सप्रेस वे में हुए एक सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत इस सड़क हादसे में 23 लोग घायल हो गए हैं. बस यमुना एक्‍सप्रेस वे बने फेंसिंग तोड़कर कर हाईवे से नीचे गिरी
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान में पुलिस ने आतंकवादी समूह तालिबान द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और मारे गए पंजाब के गर्वनर सलमान तासिर के बेटों सहित अगवा किए गए लोगों के परिवार वालों से फिरौती की रकम मांगने के लिए चलाए जा रहे एक अवैध टेलीफोन कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। लाहौर पुलिस प्रमुख राय ताहिर ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि मंगलवार की छापेमारी में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक महिला सहित कम से कम पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और मारे गए पंजाब गर्वनर सलमान तासीर के परिवार वालों से उनके बेटों क्रमश: अली हैदर गिलानी और शहबाज तासीर के रिहाई के बदले फिरौती की मांग के लिए भी संपर्क किया था। छापा मारने वाले दल ने लाहौर में ग्रीन टाउन के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक मकान से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किया है। एक पुलिस अधिकारी ने इस कॉल सेंटर को एक 'अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र' बताया, जहां से किए गए कॉल के कोड नंबर से लगता था कि वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से किए गए हैं, जबकि ये इस केंद्र से किए जाते थे। लाहौर पुलिस प्रमुख राय ताहिर ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि मंगलवार की छापेमारी में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक महिला सहित कम से कम पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और मारे गए पंजाब गर्वनर सलमान तासीर के परिवार वालों से उनके बेटों क्रमश: अली हैदर गिलानी और शहबाज तासीर के रिहाई के बदले फिरौती की मांग के लिए भी संपर्क किया था। छापा मारने वाले दल ने लाहौर में ग्रीन टाउन के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक मकान से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किया है। एक पुलिस अधिकारी ने इस कॉल सेंटर को एक 'अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र' बताया, जहां से किए गए कॉल के कोड नंबर से लगता था कि वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से किए गए हैं, जबकि ये इस केंद्र से किए जाते थे। पुलिस ने बताया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और मारे गए पंजाब गर्वनर सलमान तासीर के परिवार वालों से उनके बेटों क्रमश: अली हैदर गिलानी और शहबाज तासीर के रिहाई के बदले फिरौती की मांग के लिए भी संपर्क किया था। छापा मारने वाले दल ने लाहौर में ग्रीन टाउन के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक मकान से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किया है। एक पुलिस अधिकारी ने इस कॉल सेंटर को एक 'अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र' बताया, जहां से किए गए कॉल के कोड नंबर से लगता था कि वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से किए गए हैं, जबकि ये इस केंद्र से किए जाते थे। छापा मारने वाले दल ने लाहौर में ग्रीन टाउन के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित एक मकान से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किया है। एक पुलिस अधिकारी ने इस कॉल सेंटर को एक 'अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र' बताया, जहां से किए गए कॉल के कोड नंबर से लगता था कि वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से किए गए हैं, जबकि ये इस केंद्र से किए जाते थे।
यहाँ एक सारांश है:एक पुलिस अधिकारी ने इस कॉल सेंटर को एक 'अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र' बताया, जहां से किए गए कॉल के कोड नंबर से लगता था कि वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबायली इलाकों से किए गए हैं, जबकि ये इस केंद्र से किए जाते थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के एक मंत्री की पत्नी ने अपने पति के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। होम्योपैथिक चिकित्सा मंत्री नंद गोपाल नंदी की पत्नी अभिलाषा (38) ने तीसरे दौर का चुनाव नामांकन बंद होने से कुछ देर पहले शनिवार शाम को इलाहाबाद (दक्षिण) सीट से अपना नामांकन भरा। खास बात यह है कि नंदी ने 25 जनवरी को जब इसी सीट से अपना नामांकन भरा था तो उस समय उनकी पत्नी उनके साथ थीं। मंत्री के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि नंदी की पत्नी ने 2007 में भी नामांकन भरा था लेकिन बाद में वापस ले लिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नंदी ने वर्ष 2007 में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन राज्य भाजपा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को हराकर सनसनी फैला दी थी। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे। होम्योपैथिक चिकित्सा मंत्री नंद गोपाल नंदी की पत्नी अभिलाषा (38) ने तीसरे दौर का चुनाव नामांकन बंद होने से कुछ देर पहले शनिवार शाम को इलाहाबाद (दक्षिण) सीट से अपना नामांकन भरा। खास बात यह है कि नंदी ने 25 जनवरी को जब इसी सीट से अपना नामांकन भरा था तो उस समय उनकी पत्नी उनके साथ थीं। मंत्री के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि नंदी की पत्नी ने 2007 में भी नामांकन भरा था लेकिन बाद में वापस ले लिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नंदी ने वर्ष 2007 में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन राज्य भाजपा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को हराकर सनसनी फैला दी थी। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे। खास बात यह है कि नंदी ने 25 जनवरी को जब इसी सीट से अपना नामांकन भरा था तो उस समय उनकी पत्नी उनके साथ थीं। मंत्री के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि नंदी की पत्नी ने 2007 में भी नामांकन भरा था लेकिन बाद में वापस ले लिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नंदी ने वर्ष 2007 में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन राज्य भाजपा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को हराकर सनसनी फैला दी थी। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे। मंत्री के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि नंदी की पत्नी ने 2007 में भी नामांकन भरा था लेकिन बाद में वापस ले लिया था।टिप्पणियां गौरतलब है कि नंदी ने वर्ष 2007 में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन राज्य भाजपा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को हराकर सनसनी फैला दी थी। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे। गौरतलब है कि नंदी ने वर्ष 2007 में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और तत्कालीन राज्य भाजपा अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को हराकर सनसनी फैला दी थी। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे। नंदी पर 12 जुलाई 2010 को उनके आवास के बाहर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हुए थे।
उत्तर प्रदेश के एक मंत्री की पत्नी ने अपने पति के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: बलूचिस्तान के एक शीर्ष नेता ने शनिवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षाबल बलूचिस्तान में 'मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन' कर रहे हैं. उन्होंने बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन में भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की मांग भी की है. 'बलूच रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष एवं बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते ब्रहुमदाग़ बुगती ने हाल में बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया. गौरतलब है कि 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे. स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते.' अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है. बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'बलूच रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष एवं बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब अकबर खान बुगती के पोते ब्रहुमदाग़ बुगती ने हाल में बलूचिस्तान में हालात का मुद्दा उठाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया. गौरतलब है कि 10 साल पहले पाकिस्तानी सेना के साथ एक मुठभेड़ में नवाब अकबर खान बुगती मारे गए थे. स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते.' अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है. बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्विटजरलैंड में रह रहे बुगती ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बलूच लोगों के बीच जनमत संग्रह कराने की मांग करते हुए कहा, 'पाक सुरक्षा बल मानवाधिकारों के बेइंतहां उल्लंघनों में संलिप्त रहे हैं. हम लोग किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ अब और नहीं रहना चाहते.' अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है. बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अपने दादा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में स्विट्जरलैंड गए बुगती ने फोन पर हुई बातचीत में अमेरिका, नाटो देशों, इस्राइल और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे उनकी लड़ाई में उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के आंदोलन पर वह पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है. बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि फ्रांस के क्षेत्रफल के बराबर बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है, जिस पर पिछले सात दशक से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. बुगती ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणी बीते सात दशक में 'सबसे प्रभावशाली बयान' है. बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी को लेकर वह आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस संबंध में बोला है. हमारा मानना है कि भारत को यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था.' बलूच लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के अपराध को वैश्विक समुदाय के लिए चौंकाने वाला बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में बलूच लोगों की आवाज उठाने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बुगती ने दावा किया कि बलूचिस्तान में हवाई बमबारी, गैसों का इस्तेमाल रोजाना की बात हो गई है और यह क्षेत्र गुमशुदा लोगों की वैश्विक राजधानी बन गया है. उन्होंने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं. हम इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहते हैं. लेकिन, अब किसी भी हाल में हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते. हम पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं. हम इतने मूर्ख नहीं हैं जो बार-बार पाकिस्तान के साथ अपनी किस्मत आजमाएं. हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के लिए तैयार हैं.'टिप्पणियां बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बलूच नेता ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जागरुकता फैलाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बलूच स्वतंत्रता संघर्ष में सैन्य सहायता के लिए भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'हमें अब तक भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी देश से कोई सहयोग नहीं मिला है. हम भारत और अन्य देशों से बलूचिस्तान की मदद करने का अनुरोध करते हैं. पाकिस्तान में बलूच लोगों का नरसंहार जारी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: बुगती ने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाने पर पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया बुगती ने यूएन की देखरेख में बलूचिस्तान में जनमत संग्रह की मांग की उन्होंने कहा, पीएम मोदी की टिप्पणी बीते सात दशक में सबसे प्रभावशाली बयान
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['hin']
एक सारांश बनाओ: टाटा संस ने अपने हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री पर गोपनीयता नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनसे सभी वर्गीकृत दस्तावेज लौटाने को कहा है. साथ ही कंपनी ने मिस्त्री से 48 घंटे के अंदर यह हलफनामा देने को भी कहा गया है कि वह भविष्य में ऐसी सूचनाओं का खुलासा नहीं करेंगे. तीन दिन में मिस्त्री को भेजे एक दूसरे कानूनी नोटिस में टाटा संस ने आरोप लगाया है कि मिस्त्री गलत तरीके तथा बेईमानी से गोपनीय सूचनाएं कंपनी के परिसर के बाहर बिना सहमति के लेकर गए. टाटा संस ने मिस्त्री से उनके पास मौजूद सभी गोपनीय सूचनाएं लौटाने को कहा है. साथ ही मिस्त्री से कहा गया है कि वह इन दस्तावेजों की प्रतियां भी अपने पास नहीं रखें. नमक से लेकर साफ्टवेयर क्षेत्र में काम करने वाले 103 अरब डॉलर के समूह ने मिस्त्री से 48 घंटे में यह हलफनामा भी देने को कहा है कि वह सभी गोपनीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे और इसका खुलासा किसी को भी नहीं, संबद्ध इकाइयों, संबंधियों या परिवार के सदस्‍यों को को नहीं करेंगे. इससे पहले मंगलवार को टाटा संस ने मिस्त्री पर गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कानूनी नोटिस भेजा था. मिस्त्री की परिवार की निवेश कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में उनको हटाए जाने के खिलाफ जो अपील दायर की थी उसमें कंपनी के दर्जनों संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज नत्थी किए गए थे. मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीन दिन में मिस्त्री को भेजे एक दूसरे कानूनी नोटिस में टाटा संस ने आरोप लगाया है कि मिस्त्री गलत तरीके तथा बेईमानी से गोपनीय सूचनाएं कंपनी के परिसर के बाहर बिना सहमति के लेकर गए. टाटा संस ने मिस्त्री से उनके पास मौजूद सभी गोपनीय सूचनाएं लौटाने को कहा है. साथ ही मिस्त्री से कहा गया है कि वह इन दस्तावेजों की प्रतियां भी अपने पास नहीं रखें. नमक से लेकर साफ्टवेयर क्षेत्र में काम करने वाले 103 अरब डॉलर के समूह ने मिस्त्री से 48 घंटे में यह हलफनामा भी देने को कहा है कि वह सभी गोपनीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे और इसका खुलासा किसी को भी नहीं, संबद्ध इकाइयों, संबंधियों या परिवार के सदस्‍यों को को नहीं करेंगे. इससे पहले मंगलवार को टाटा संस ने मिस्त्री पर गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कानूनी नोटिस भेजा था. मिस्त्री की परिवार की निवेश कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में उनको हटाए जाने के खिलाफ जो अपील दायर की थी उसमें कंपनी के दर्जनों संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज नत्थी किए गए थे. मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टाटा संस ने मिस्त्री से उनके पास मौजूद सभी गोपनीय सूचनाएं लौटाने को कहा है. साथ ही मिस्त्री से कहा गया है कि वह इन दस्तावेजों की प्रतियां भी अपने पास नहीं रखें. नमक से लेकर साफ्टवेयर क्षेत्र में काम करने वाले 103 अरब डॉलर के समूह ने मिस्त्री से 48 घंटे में यह हलफनामा भी देने को कहा है कि वह सभी गोपनीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे और इसका खुलासा किसी को भी नहीं, संबद्ध इकाइयों, संबंधियों या परिवार के सदस्‍यों को को नहीं करेंगे. इससे पहले मंगलवार को टाटा संस ने मिस्त्री पर गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कानूनी नोटिस भेजा था. मिस्त्री की परिवार की निवेश कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में उनको हटाए जाने के खिलाफ जो अपील दायर की थी उसमें कंपनी के दर्जनों संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज नत्थी किए गए थे. मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नमक से लेकर साफ्टवेयर क्षेत्र में काम करने वाले 103 अरब डॉलर के समूह ने मिस्त्री से 48 घंटे में यह हलफनामा भी देने को कहा है कि वह सभी गोपनीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखेंगे और इसका खुलासा किसी को भी नहीं, संबद्ध इकाइयों, संबंधियों या परिवार के सदस्‍यों को को नहीं करेंगे. इससे पहले मंगलवार को टाटा संस ने मिस्त्री पर गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कानूनी नोटिस भेजा था. मिस्त्री की परिवार की निवेश कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में उनको हटाए जाने के खिलाफ जो अपील दायर की थी उसमें कंपनी के दर्जनों संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज नत्थी किए गए थे. मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले मंगलवार को टाटा संस ने मिस्त्री पर गोपनीयता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्‍हें कानूनी नोटिस भेजा था. मिस्त्री की परिवार की निवेश कंपनी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में उनको हटाए जाने के खिलाफ जो अपील दायर की थी उसमें कंपनी के दर्जनों संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज नत्थी किए गए थे. मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिस्त्री को अपनी विधि कंपनी के जरिये आज भेजे दूसरे नोटिस में टाटा संस ने कहा कि मिस्त्री के पास गोपनीय तथा वाणिज्यिक दृष्टि से संवेदनशील सूचनाएं और दस्तावेज हैं. टाटा संस ने मिस्त्री से इन सभी गोपनीय दस्तावेजों को लौटाने को कहा है और साथ ही इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखने को कहा है. मिस्त्री से इस तरह की सूचनाओं का खुलासा करने से बचने को कहा गया है. इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके साथ ही टाटा संस चाहती है कि मिस्त्री यह हलफनामा दें कि उन्होंने सभी गोपनीय सूचनाएं लौटा दी हैं तथा इनकी प्रतियां अपने पास नहीं रखी हैं.टिप्पणियां कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कानूनी नोटिस में गोपनीय सूचनाओं को कंपनी की सभी कारोबारी, कानूनी, व्यावसायिक तथा तकनीकी सूचनाओं के रूप में परिभाषित किया गया है. टाटा संस चाहती हैं कि मिस्त्री यह नोटिस पाने के दो दिन में यह हलफनामा दें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी ने मिस्त्री से 48 घंटे के अंदर एक हलफनामा देने को भी कहा. भविष्य में ऐसी सूचनाओं का खुलासा नहीं करेंगे- मिस्‍त्री से टाटा संस मिस्त्री से कहा गया कि वह इन दस्तावेजों की प्रतियां भी पास नहीं रखेंगे.
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 48वां शतक जड़ा, लेकिन शेष भारत की टीम ड्रॉ हुए पांच दिवसीय मैच में पहली पारी की 117 रन की बढ़त के आधार पर ईरानी ट्रॉफी जीतने में सफल रही। शेष भारत ने टूर्नामेंट के 51वें साल में 26वीं बार खिताब जीता। टीम का खिताब जीतना शनिवार को ही सुनिश्चित हो गया था, जब उसने दूसरी पारी में चार विकेट पर 296 रन के स्कोर के साथ कुल 413 रन की बढ़त बना ली थी।टिप्पणियां हरभजन सिंह की अगुवाई वाले शेष भारत ने रविवार को अपनी बढ़त को 506 रन तक पहुंचाने के बाद पांच विकेट पर 389 रन के स्कोर पर पारी घोषित की। अंबाती रायुडू ने नाबाद 156 रन बनाए। उन्होंने छह घंटे से अधिक बल्लेबाजी की और अपनी पारी में 12 चौके और चार छक्के मारे। मुंबई ने इसके बाद अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 160 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए एक बार फिर नजरअंदाज किए गए वसीम जाफर ने नाबाद 101 रन बनाए, जिसके बाद अंतिम घंटे में तीसरा अनिवार्य ओवर फेंके जाने के बाद दोनों कप्तानों की सहमति से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। शेष भारत ने इस तरह ईरानी ट्रॉफी बरकरार रखी, जो उसने पिछले साल बेंगलुरु में राजस्थान को पारी और 79 रन से हराकर जीती थी। शेष भारत ने टूर्नामेंट के 51वें साल में 26वीं बार खिताब जीता। टीम का खिताब जीतना शनिवार को ही सुनिश्चित हो गया था, जब उसने दूसरी पारी में चार विकेट पर 296 रन के स्कोर के साथ कुल 413 रन की बढ़त बना ली थी।टिप्पणियां हरभजन सिंह की अगुवाई वाले शेष भारत ने रविवार को अपनी बढ़त को 506 रन तक पहुंचाने के बाद पांच विकेट पर 389 रन के स्कोर पर पारी घोषित की। अंबाती रायुडू ने नाबाद 156 रन बनाए। उन्होंने छह घंटे से अधिक बल्लेबाजी की और अपनी पारी में 12 चौके और चार छक्के मारे। मुंबई ने इसके बाद अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 160 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए एक बार फिर नजरअंदाज किए गए वसीम जाफर ने नाबाद 101 रन बनाए, जिसके बाद अंतिम घंटे में तीसरा अनिवार्य ओवर फेंके जाने के बाद दोनों कप्तानों की सहमति से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। शेष भारत ने इस तरह ईरानी ट्रॉफी बरकरार रखी, जो उसने पिछले साल बेंगलुरु में राजस्थान को पारी और 79 रन से हराकर जीती थी। हरभजन सिंह की अगुवाई वाले शेष भारत ने रविवार को अपनी बढ़त को 506 रन तक पहुंचाने के बाद पांच विकेट पर 389 रन के स्कोर पर पारी घोषित की। अंबाती रायुडू ने नाबाद 156 रन बनाए। उन्होंने छह घंटे से अधिक बल्लेबाजी की और अपनी पारी में 12 चौके और चार छक्के मारे। मुंबई ने इसके बाद अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 160 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए एक बार फिर नजरअंदाज किए गए वसीम जाफर ने नाबाद 101 रन बनाए, जिसके बाद अंतिम घंटे में तीसरा अनिवार्य ओवर फेंके जाने के बाद दोनों कप्तानों की सहमति से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। शेष भारत ने इस तरह ईरानी ट्रॉफी बरकरार रखी, जो उसने पिछले साल बेंगलुरु में राजस्थान को पारी और 79 रन से हराकर जीती थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए एक बार फिर नजरअंदाज किए गए वसीम जाफर ने नाबाद 101 रन बनाए, जिसके बाद अंतिम घंटे में तीसरा अनिवार्य ओवर फेंके जाने के बाद दोनों कप्तानों की सहमति से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया। शेष भारत ने इस तरह ईरानी ट्रॉफी बरकरार रखी, जो उसने पिछले साल बेंगलुरु में राजस्थान को पारी और 79 रन से हराकर जीती थी।
संक्षिप्त सारांश: मुंबई के सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 48वां शतक जड़ा, लेकिन शेष भारत की टीम ड्रॉ हुए पांच दिवसीय मैच में पहली पारी की 117 रन की बढ़त के आधार पर ईरानी ट्रॉफी जीतने में सफल रही।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: हमारे प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान आईआईएम सरकार की उस मुहिम का हिस्सा बनेंगे जिसके तहत वह देश में विश्व स्तर के 20 संस्थान खड़ा करना चाहती है. सरकार ने ये भी तय किया है कि सभी आईआईएम की कुल सीटों को अगले कुछ सालों में दुगना कर दिया जाये. आईआईएम निदेशकों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने निदेशकों को सीटें बढ़ाने के लिये कहा है. एनडीटीवी इंडिया से प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'इस बारे में चर्चा हुई है. हर आईआईएम इस बारे में अपना प्लान अगले 2-3 महीने में देगा. कोई कम सीटें बढ़ा सकता है और कोई अधिक सीटें बढ़ा सकता है.' देश के सभी 19 आईआईएम में अभी कुल मिलाकर 9000 छात्र पढ़ते हैं जिन्हें दो साल का पीजी डिप्लोमा दिया जाता है. इन सीटों की कुल संख्या जल्द ही बढ़ाकर 20000 करने का प्रस्ताव है. हालांकि सरकार ने ये साफ किया कि वह आईआईएम को किसी समय सीमा के दबाव में नहीं डालना चाहती. जावड़ेकर ने कहा, 'हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को अच्छे शैक्षिक संस्थान में प्रवेश मिले और अच्छी शिक्षा की सुविधा मिले. इस मामले में आईआईटी और आईआईएम ने जगह बनाई है. हम ये देखना चाहते हैं कि वहां जो मूलभूत ढांचा है उसी में थोड़ा और जोड़कर कितनी संख्या बढ़ाई जा सकती है.' टिप्पणियां सरकार ये भी चाहती है कि आईआईएम डिप्लोमा की जगह छात्रों को डिग्री दिया करें लेकिन प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिये कानून में बदलाव करना होगा जिसके लिये संसद में जल्द ही बिल पेश किया जा सकता है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से कहा है कि वह आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है. सरकार की इस मुहिम के तहत भारत में विश्व स्तर के 10 सरकारी और 10 निजी संस्थान बनाये जाने हैं. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है. आईआईएम निदेशकों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने निदेशकों को सीटें बढ़ाने के लिये कहा है. एनडीटीवी इंडिया से प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'इस बारे में चर्चा हुई है. हर आईआईएम इस बारे में अपना प्लान अगले 2-3 महीने में देगा. कोई कम सीटें बढ़ा सकता है और कोई अधिक सीटें बढ़ा सकता है.' देश के सभी 19 आईआईएम में अभी कुल मिलाकर 9000 छात्र पढ़ते हैं जिन्हें दो साल का पीजी डिप्लोमा दिया जाता है. इन सीटों की कुल संख्या जल्द ही बढ़ाकर 20000 करने का प्रस्ताव है. हालांकि सरकार ने ये साफ किया कि वह आईआईएम को किसी समय सीमा के दबाव में नहीं डालना चाहती. जावड़ेकर ने कहा, 'हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को अच्छे शैक्षिक संस्थान में प्रवेश मिले और अच्छी शिक्षा की सुविधा मिले. इस मामले में आईआईटी और आईआईएम ने जगह बनाई है. हम ये देखना चाहते हैं कि वहां जो मूलभूत ढांचा है उसी में थोड़ा और जोड़कर कितनी संख्या बढ़ाई जा सकती है.' टिप्पणियां सरकार ये भी चाहती है कि आईआईएम डिप्लोमा की जगह छात्रों को डिग्री दिया करें लेकिन प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिये कानून में बदलाव करना होगा जिसके लिये संसद में जल्द ही बिल पेश किया जा सकता है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से कहा है कि वह आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है. सरकार की इस मुहिम के तहत भारत में विश्व स्तर के 10 सरकारी और 10 निजी संस्थान बनाये जाने हैं. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है. देश के सभी 19 आईआईएम में अभी कुल मिलाकर 9000 छात्र पढ़ते हैं जिन्हें दो साल का पीजी डिप्लोमा दिया जाता है. इन सीटों की कुल संख्या जल्द ही बढ़ाकर 20000 करने का प्रस्ताव है. हालांकि सरकार ने ये साफ किया कि वह आईआईएम को किसी समय सीमा के दबाव में नहीं डालना चाहती. जावड़ेकर ने कहा, 'हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को अच्छे शैक्षिक संस्थान में प्रवेश मिले और अच्छी शिक्षा की सुविधा मिले. इस मामले में आईआईटी और आईआईएम ने जगह बनाई है. हम ये देखना चाहते हैं कि वहां जो मूलभूत ढांचा है उसी में थोड़ा और जोड़कर कितनी संख्या बढ़ाई जा सकती है.' टिप्पणियां सरकार ये भी चाहती है कि आईआईएम डिप्लोमा की जगह छात्रों को डिग्री दिया करें लेकिन प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिये कानून में बदलाव करना होगा जिसके लिये संसद में जल्द ही बिल पेश किया जा सकता है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से कहा है कि वह आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है. सरकार की इस मुहिम के तहत भारत में विश्व स्तर के 10 सरकारी और 10 निजी संस्थान बनाये जाने हैं. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है. जावड़ेकर ने कहा, 'हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को अच्छे शैक्षिक संस्थान में प्रवेश मिले और अच्छी शिक्षा की सुविधा मिले. इस मामले में आईआईटी और आईआईएम ने जगह बनाई है. हम ये देखना चाहते हैं कि वहां जो मूलभूत ढांचा है उसी में थोड़ा और जोड़कर कितनी संख्या बढ़ाई जा सकती है.' टिप्पणियां सरकार ये भी चाहती है कि आईआईएम डिप्लोमा की जगह छात्रों को डिग्री दिया करें लेकिन प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिये कानून में बदलाव करना होगा जिसके लिये संसद में जल्द ही बिल पेश किया जा सकता है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से कहा है कि वह आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है. सरकार की इस मुहिम के तहत भारत में विश्व स्तर के 10 सरकारी और 10 निजी संस्थान बनाये जाने हैं. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है. सरकार ये भी चाहती है कि आईआईएम डिप्लोमा की जगह छात्रों को डिग्री दिया करें लेकिन प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके लिये कानून में बदलाव करना होगा जिसके लिये संसद में जल्द ही बिल पेश किया जा सकता है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से कहा है कि वह आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है. सरकार की इस मुहिम के तहत भारत में विश्व स्तर के 10 सरकारी और 10 निजी संस्थान बनाये जाने हैं. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है. सरकार ने आईआईएम निदेशकों से अपने संस्थान में पीएचडी प्रोग्राम का विस्तार करने को कहा है ताकि फैकल्टी की कमी से निबटा जा सके. सरकार का कहना है आईआईटी की तर्ज पर प्रधानमंत्री योजना के तहत आईआईएम में भी फेलोशिप दी जा सकती हैं. लंबे समय से ये कयास भी लग रहा था कि क्या आईआईएम में फैकल्टी की नियुक्ति में रिज़र्वेशन खत्म किया जायेगा लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है वह ऐसा कुछ करने के मूड में नहीं है.
यहाँ एक सारांश है:हर आईआईएम इस बारे में अपना प्लान अगले 2-3 महीने में देगा सीटों की कुल संख्या जल्द ही बढ़ाकर 20000 करने का प्रस्ताव है सरकार आईआईएम को विश्व स्तर के 20 भारतीय संस्थानों में देखना चाहती है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: साल 2016 में आई 'द जंगल बुक' ने लोगों के दिलों पर राज किया था. अब वॉल्ट डिज्नी जल्द ही अपनी लेजेंडरी फ्रेंचाइजी 'द लायन किंग' लेकर आ रही है. बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और उनके बेटे आर्यन फिल्म 'द लायन किंग' के हिंदी वर्जन में अपनी आवाज दे रहे हैं. इस एनिमेटिड फिल्म में शाहरुख खान किंग 'मुफासा' की आवाज बनेंगे तो वहीं उनके बेटे आर्यन 'सिंबा' की आवाज देंगे. हॉलीवुड की फिल्म 'द लायन किंग' भारत के साथ-साथ दुनियाभर में भी 19 जुलाई को रिलीज होगी. शाहरुख खान के फैन्स उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि पहला मौका होगा जब शाहरुख और आर्यन साथ में कुछ करेंगे.  हाल ही में एक्टर शाहरुख खान ने 'द लायन किंग' का उनके जीवन में महत्व और इस फिल्म से सबक को लेकर बातचीत में कहा, 'इस फिल्म की कहानी कई सबक देती है. मैं खुद कभी फिल्मों को सबक मिलने के नजरिये से नहीं देखता बल्कि एंटरटेनमेंट के नजरिये से देखता हूं. ये फिल्म बहुत ज्यादा मनोरंजक है क्योंकि ये रिश्तों के बारे में बात करती है. ज्यादातर समय, जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं तो उन्हें पता नहीं चलता कि उनके मां-बाप उन्हें जो भी सीख दे रहे हैं, वो सब आगे काम आएंगी. ये बहुत बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि बच्चों को अपने पैरेंट्स द्वारा दिए गए सबक की तब याद आती है, जब वो उनके साथ नहीं होते.' शाहरुख खान ने आगे कहा, 'इस फिल्म की कहानी में दर्शाया गया है कि अपने पैरेंट्स की बातों को सुनना और उनके गहरे मतलब को समझना अच्छा होता है. ये आपको सिखाती है कि आपके पैरेंट्स हमेशा आपके अंदर रहते हैं और उनके सिखाए गए सबक कभी जाते नहीं हैं. पर्सनली मैं भी यही महसूस करता हूं. जो छोटी-छोटी बातें मेरे माता-पिता मुझसे कहा करते थे वो मुझे अब समझ आती हैं. उस समय मैं उन बातों को समझ नहीं पाया था.'
सारांश: शाहरुख खान ने 'द लायन किंग' को लेकर कही ये बात बताया, इस फिल्म से मिलते हैं कई सबक 19 जुलाई को रिलीज होगी हॉलीवुड फिल्म 'द लायन किंग'
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेट्रोल पंपों और हवाई अड्डों पर 500 रुपये के पुराने नोट अब दो दिसंबर तक ही स्वीकार किये जायेंगे. पहले यह समयसीमा 15 दिसंबर तक थी. सरकार ने समयसीमा घटाकर दो दिसंबर कर दी. सरकार ने कहा है कि पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदने और हवाईअड्डों पर विमान यात्रा के टिकट खरीदने के लिये 500 रुपये के पुराने नोट दो दिसंबर तक ही स्वीकार किये जायेंगे. सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि तीन दिसंबर 2016 से सरकारी पेट्रोलियम कंपनी के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल और गैस आदि खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इसके अलावा हवाईअड्डों की खिड़की पर हवाई यात्रा के लिये भी तीन दिसंबर से पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे.टिप्पणियां इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान में भी तीन दिसंबर से 500 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इससे पहले सरकार ने कहा था कि दो दिसंबर तक 500 और 1,000 रुपये के नोट से टोल भुगतान हो सकेगा. तीन दिसंबर के बाद 15 दिसंबर तक केवल 500 रुपये के नोट ही स्वीकार किये जायेंगे. लेकिन अब इस योजना को त्याग दिया गया है. दो दिसंबर के बाद टोल भुगतान में 500, 1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. सरकार ने गत आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट अमान्य कर दिये थे. हालांकि कुछ जरूरी सेवाओं के भुगतान में इनका इस्तेमाल शुरू में 72 घंटे के लिये और फिर बढ़ाकर 24 नवंबर तक जारी रखा गया था. बाद में इसमें संशोधन करते हुये कहा गया कि बिजली बिल, पानी, स्कूल फीस, प्री-पेड मोबाइल कूपन, ईंधन और एयरलाइन के टिकट खरीदने के लिये केवल 500 रपये के पुराने नोट इस्तेमाल किया जा सकेंगे. ताजा अधिसूचना के मुताबिक बिजली, पानी के बिल का भुगतान, रेलवे टिकट खरीदने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के परिवहन निगम की बसों में यात्रा के लिये टिकट खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किये जायेंगे लेकिन पेट्रोल पंप और हवाईअड्डों से हवाई टिकट खरीदने के लिये तीन दिसंबर से इन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा. तीन दिसंबर 2016 से आपको यदि हवाईअड्डे पर विमान यात्रा का टिकट खरीदना है, पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदना है अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल का भुगतान करना है तो यह काम केवल नये नोट से भुगतान करके ही किया जा सकेगा. बैंकों के डेबिट, क्रेडिट कार्ड पहले की तरह इस्तेमाल किये जा सकेंगे. सरकार ने इन सुविधाओं में पुराने नोट का इस्तेमाल करते हुये कालेधन को निकाले जाने की रिपोर्टें मिलने के बाद यह कदम उठाया है. सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि तीन दिसंबर 2016 से सरकारी पेट्रोलियम कंपनी के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल और गैस आदि खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इसके अलावा हवाईअड्डों की खिड़की पर हवाई यात्रा के लिये भी तीन दिसंबर से पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे.टिप्पणियां इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान में भी तीन दिसंबर से 500 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इससे पहले सरकार ने कहा था कि दो दिसंबर तक 500 और 1,000 रुपये के नोट से टोल भुगतान हो सकेगा. तीन दिसंबर के बाद 15 दिसंबर तक केवल 500 रुपये के नोट ही स्वीकार किये जायेंगे. लेकिन अब इस योजना को त्याग दिया गया है. दो दिसंबर के बाद टोल भुगतान में 500, 1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. सरकार ने गत आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट अमान्य कर दिये थे. हालांकि कुछ जरूरी सेवाओं के भुगतान में इनका इस्तेमाल शुरू में 72 घंटे के लिये और फिर बढ़ाकर 24 नवंबर तक जारी रखा गया था. बाद में इसमें संशोधन करते हुये कहा गया कि बिजली बिल, पानी, स्कूल फीस, प्री-पेड मोबाइल कूपन, ईंधन और एयरलाइन के टिकट खरीदने के लिये केवल 500 रपये के पुराने नोट इस्तेमाल किया जा सकेंगे. ताजा अधिसूचना के मुताबिक बिजली, पानी के बिल का भुगतान, रेलवे टिकट खरीदने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के परिवहन निगम की बसों में यात्रा के लिये टिकट खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किये जायेंगे लेकिन पेट्रोल पंप और हवाईअड्डों से हवाई टिकट खरीदने के लिये तीन दिसंबर से इन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा. तीन दिसंबर 2016 से आपको यदि हवाईअड्डे पर विमान यात्रा का टिकट खरीदना है, पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदना है अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल का भुगतान करना है तो यह काम केवल नये नोट से भुगतान करके ही किया जा सकेगा. बैंकों के डेबिट, क्रेडिट कार्ड पहले की तरह इस्तेमाल किये जा सकेंगे. सरकार ने इन सुविधाओं में पुराने नोट का इस्तेमाल करते हुये कालेधन को निकाले जाने की रिपोर्टें मिलने के बाद यह कदम उठाया है. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान में भी तीन दिसंबर से 500 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इससे पहले सरकार ने कहा था कि दो दिसंबर तक 500 और 1,000 रुपये के नोट से टोल भुगतान हो सकेगा. तीन दिसंबर के बाद 15 दिसंबर तक केवल 500 रुपये के नोट ही स्वीकार किये जायेंगे. लेकिन अब इस योजना को त्याग दिया गया है. दो दिसंबर के बाद टोल भुगतान में 500, 1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किये जायेंगे. सरकार ने गत आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट अमान्य कर दिये थे. हालांकि कुछ जरूरी सेवाओं के भुगतान में इनका इस्तेमाल शुरू में 72 घंटे के लिये और फिर बढ़ाकर 24 नवंबर तक जारी रखा गया था. बाद में इसमें संशोधन करते हुये कहा गया कि बिजली बिल, पानी, स्कूल फीस, प्री-पेड मोबाइल कूपन, ईंधन और एयरलाइन के टिकट खरीदने के लिये केवल 500 रपये के पुराने नोट इस्तेमाल किया जा सकेंगे. ताजा अधिसूचना के मुताबिक बिजली, पानी के बिल का भुगतान, रेलवे टिकट खरीदने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के परिवहन निगम की बसों में यात्रा के लिये टिकट खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किये जायेंगे लेकिन पेट्रोल पंप और हवाईअड्डों से हवाई टिकट खरीदने के लिये तीन दिसंबर से इन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा. तीन दिसंबर 2016 से आपको यदि हवाईअड्डे पर विमान यात्रा का टिकट खरीदना है, पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदना है अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल का भुगतान करना है तो यह काम केवल नये नोट से भुगतान करके ही किया जा सकेगा. बैंकों के डेबिट, क्रेडिट कार्ड पहले की तरह इस्तेमाल किये जा सकेंगे. सरकार ने इन सुविधाओं में पुराने नोट का इस्तेमाल करते हुये कालेधन को निकाले जाने की रिपोर्टें मिलने के बाद यह कदम उठाया है. ताजा अधिसूचना के मुताबिक बिजली, पानी के बिल का भुगतान, रेलवे टिकट खरीदने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के परिवहन निगम की बसों में यात्रा के लिये टिकट खरीदने में पुराने 500 रुपये के नोट 15 दिसंबर तक स्वीकार किये जायेंगे लेकिन पेट्रोल पंप और हवाईअड्डों से हवाई टिकट खरीदने के लिये तीन दिसंबर से इन्हें स्वीकार नहीं किया जायेगा. तीन दिसंबर 2016 से आपको यदि हवाईअड्डे पर विमान यात्रा का टिकट खरीदना है, पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदना है अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल का भुगतान करना है तो यह काम केवल नये नोट से भुगतान करके ही किया जा सकेगा. बैंकों के डेबिट, क्रेडिट कार्ड पहले की तरह इस्तेमाल किये जा सकेंगे. सरकार ने इन सुविधाओं में पुराने नोट का इस्तेमाल करते हुये कालेधन को निकाले जाने की रिपोर्टें मिलने के बाद यह कदम उठाया है.
सारांश: पेट्रोल पंपों, हवाई अड्डों पर 500 के पुराने नोट अब दो दिसंबर तक ही चलेंगे पहले यह समयसीमा 15 दिसंबर तक थी NCR पर टोल पेमेंट में तीन दिसंबर से 500 रु के पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी पर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को एक बार फिर से धरातल पर उतारने में जुटी है. अगले हफ्ते होने वाली कैबिनेट की बैठक में एनपीआर के नवीनीकरण को हरी झंडी मिलने की संभावना है. पश्चिम बंगाल और केरल सरकार ने एनपीआर का भी विरोध किया है. हालांकि यह एनआरसी से पूरी तरह अलग है. नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर(एनपीआर) के तहत एक अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए देशभर में घर-घर जाकर जनगणना की तैयारी है. एनपीआर का पूरा नाम नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर है. देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना इसका मुख्य लक्ष्य है. इस डेटा में जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में 2010 में एनपीआर बनाने की पहल शुरू हुई थी. तब 2011 में जनगणना के पहले इस पर काम शुरू हुआ था. अब फिर 2021 में जनगणना होनी है. ऐसे में एनपीआर पर भी काम शुरू हो रहा है.
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को धरातल पर उतारने की तैयारी अगले हफ्ते होने वाली कैबिनेट की बैठक में चर्चा की संभावना पश्चिम बंगाल और केरल सरकार ने एनपीआर का विरोध किया है
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन (Arvind Subramanian) के आरोपों को बुधवार को खारिज कर दिया. परिषद ने कहा कि वह जल्दी ही आरोपों का बिंदुवार उत्तर देगी. दरअसल, सुब्रमण्यन ने एक शोधपत्र में दावा किया था कि जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव के कारण 2011-12 से 2016-17 के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े को करीब 2.50 प्रतिशत बढ़ाकर दिखाया गया है. परिषद ने एक बयान में कहा कि वह सुब्रमण्यन के आकलन को विस्तार से देखेगी और बिंदुवार उत्तर लेकर सामने आएगी.   परिषद ने कहा, ‘अभी के समय में उचित अकादमिक बहस के मुद्दे को सनसनी बनाने की किसी कोशिश में उलझना भारतीय सांख्यिकी प्रणाली की गुणवत्ता और स्वतंत्रता को बचाये रखने के लिये उचित नहीं है. इन सब से पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार भी अच्छे से परिचित हैं' उसने कहा, ‘निश्चित तौर पर डॉ. अरविंद सुब्रमण्यन ने इन मुद्दों को तब भी उठाया होगा जब वह मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर काम रहे थे. हालांकि उन्होंने खुद माना कि उन्होंने समझने के लिये समय लिया और अब भी वह संशय में हैं'. आपको बता दें कि अरविंद सुब्रमण्यन (Arvind Subramanian) के आरोपों को पहले भी सरकार ने खारिज किया था.   सरकार की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया कि देश के सकल आर्थिक वृद्धि दर अनुमान की गणना में उचित तरीके अपनाए गए. सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि देश के आर्थिक विकास का अनुमान 'स्वीकृत प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और उपलब्ध आंकड़ों' पर आधारित है. बता दें कि डॉ. सुब्रमण्यन ने कहा था कि , 'भारत ने 2011-12 से आगे की अवधि के जीडीपी के अनुमान के लिए आंकड़ों के स्रोतों और जीडीपी अनुमान की पद्धति बदल दी है. इससे आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान अच्छा-खासा ऊंचा हो गया.' जीडीपी की नई श्रृंखला के तहत देश की आर्थिक वृद्धि को लेकर विवाद के बीच उनका यह बयान सामने आया था.
सारांश: पीएमईएसी ने जीडीपी को लेकर आरोपों को खारिज किया कहा- अरविंद सुब्रमण्यन के आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे अभी सनसनी बनाने की किसी कोशिश में उलझना ठीक नहीं
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी साइना नेहवाल को मलेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल मुकाबले के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को खेले गए महिलाओं की एकल वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन की यिहान वांग ने सायना को 21-15, 21-16 से शिकस्त दी।टिप्पणियां वांग ने इस मुकाबले को 41 मिनट में अपने नाम किया। साइना और वांग के बीच यह पांचवीं और इस साल की पहली भिड़ंत थी। इससे पहले, वांग ने चारों मुकाबलों में सायना को मात दी थी। इसके साथ ही वांग ने साइना के खिलाफ अपनी कुल पांचवीं जीत दर्ज की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त साइना ने शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांचवीं वरीयता प्राप्त डेनमार्क की टिने बायून को 21-13, 21-23, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उल्लेखनीय है कि साइना और वांग इससे पहले पिछले वर्ष दिसम्बर में खेले गए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में आमने-सामने हुई थीं, जहां वांग ने साइना को हराकर खिताबी जीत दर्ज की थी। वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के फाइनल में पहुंचने वाली साइना ने भारत की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। वांग ने इस मुकाबले को 41 मिनट में अपने नाम किया। साइना और वांग के बीच यह पांचवीं और इस साल की पहली भिड़ंत थी। इससे पहले, वांग ने चारों मुकाबलों में सायना को मात दी थी। इसके साथ ही वांग ने साइना के खिलाफ अपनी कुल पांचवीं जीत दर्ज की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त साइना ने शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांचवीं वरीयता प्राप्त डेनमार्क की टिने बायून को 21-13, 21-23, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उल्लेखनीय है कि साइना और वांग इससे पहले पिछले वर्ष दिसम्बर में खेले गए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में आमने-सामने हुई थीं, जहां वांग ने साइना को हराकर खिताबी जीत दर्ज की थी। वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के फाइनल में पहुंचने वाली साइना ने भारत की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था। उल्लेखनीय है कि साइना और वांग इससे पहले पिछले वर्ष दिसम्बर में खेले गए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में आमने-सामने हुई थीं, जहां वांग ने साइना को हराकर खिताबी जीत दर्ज की थी। वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स के फाइनल में पहुंचने वाली साइना ने भारत की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था।
सारांश: साइना नेहवाल को मलेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के एकल मुकाबले के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे की सत्र न्यायालय ने नयना पुजारी अपहरण, गैंगरेप और हत्या के तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. तीनों के नाम योगेश राऊत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम हैं. इस मामले में सुबह से अदालत में बहस चल रही थी. दोषियों की तरफ से दया की दलील दी गई थी, लेकिन अदालत ने कहा कि इनके अपराध क्षमा के लायक नही हैं. जिस क्रूरता से दोषियों ने वारदात को अंजाम दिया था वो रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर कैटेगरी में आता है, इसलिए तीनों मौत की सजा के हकदार हैं. दरअसल, नयना पुजारी गैंगरेप मामले में सात साल बाद आए फैसले में पुणे की अदालत ने सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. पुणे की एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी को 8 अगस्त 2009 को अगवा कर बलात्कार किया गया, बाद में हत्या कर दी गई थी. मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से एक बाद में सरकारी गवाह बन गया. पुलिस के मुताबिक पुणे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी 8 अगस्त 2009 को दफ्तर से घर जाने के लिए खरड़ी में बस स्टॉप पर खड़ी थी कि योगेश राउत नाम के शख्स ने अपनी इंडिका कार से घर की तरफ छोड़ने का लालच दिया. योगेश ने नयना को बताया था कि वो उसी तरफ जा रहा है, इसलिए घर तक छोड़ देगा... लेकिन वो नयना को जंगल मे निर्जन स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों को बुला लिया. बाद में आरोपियों ने नयना के साथ सामूहिक बलात्कार किया फिर ओढ़नी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. शव पहचान में ना आए, इस‍लिए हत्यारों ने पत्थर मारकर चेहरा भी खराब कर दिया था. करीब महीने भर की कोशिश के बाद पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर, विश्वास कदम और राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. बाद एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया. सात साल बाद अदालत ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को अपहरण, बलात्कार, हत्या और साजिश करने का दोषी करार दिया है. लेकिन नयना के पति का कहना है की देश मे इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं इसलिए दोषियों को मौत की सज़ा ही सही न्याय होगा.टिप्पणियां सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. इस मामले में सुबह से अदालत में बहस चल रही थी. दोषियों की तरफ से दया की दलील दी गई थी, लेकिन अदालत ने कहा कि इनके अपराध क्षमा के लायक नही हैं. जिस क्रूरता से दोषियों ने वारदात को अंजाम दिया था वो रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर कैटेगरी में आता है, इसलिए तीनों मौत की सजा के हकदार हैं. दरअसल, नयना पुजारी गैंगरेप मामले में सात साल बाद आए फैसले में पुणे की अदालत ने सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. पुणे की एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी को 8 अगस्त 2009 को अगवा कर बलात्कार किया गया, बाद में हत्या कर दी गई थी. मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से एक बाद में सरकारी गवाह बन गया. पुलिस के मुताबिक पुणे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी 8 अगस्त 2009 को दफ्तर से घर जाने के लिए खरड़ी में बस स्टॉप पर खड़ी थी कि योगेश राउत नाम के शख्स ने अपनी इंडिका कार से घर की तरफ छोड़ने का लालच दिया. योगेश ने नयना को बताया था कि वो उसी तरफ जा रहा है, इसलिए घर तक छोड़ देगा... लेकिन वो नयना को जंगल मे निर्जन स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों को बुला लिया. बाद में आरोपियों ने नयना के साथ सामूहिक बलात्कार किया फिर ओढ़नी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. शव पहचान में ना आए, इस‍लिए हत्यारों ने पत्थर मारकर चेहरा भी खराब कर दिया था. करीब महीने भर की कोशिश के बाद पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर, विश्वास कदम और राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. बाद एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया. सात साल बाद अदालत ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को अपहरण, बलात्कार, हत्या और साजिश करने का दोषी करार दिया है. लेकिन नयना के पति का कहना है की देश मे इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं इसलिए दोषियों को मौत की सज़ा ही सही न्याय होगा.टिप्पणियां सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. दरअसल, नयना पुजारी गैंगरेप मामले में सात साल बाद आए फैसले में पुणे की अदालत ने सोमवार को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. पुणे की एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी को 8 अगस्त 2009 को अगवा कर बलात्कार किया गया, बाद में हत्या कर दी गई थी. मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें से एक बाद में सरकारी गवाह बन गया. पुलिस के मुताबिक पुणे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी 8 अगस्त 2009 को दफ्तर से घर जाने के लिए खरड़ी में बस स्टॉप पर खड़ी थी कि योगेश राउत नाम के शख्स ने अपनी इंडिका कार से घर की तरफ छोड़ने का लालच दिया. योगेश ने नयना को बताया था कि वो उसी तरफ जा रहा है, इसलिए घर तक छोड़ देगा... लेकिन वो नयना को जंगल मे निर्जन स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों को बुला लिया. बाद में आरोपियों ने नयना के साथ सामूहिक बलात्कार किया फिर ओढ़नी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. शव पहचान में ना आए, इस‍लिए हत्यारों ने पत्थर मारकर चेहरा भी खराब कर दिया था. करीब महीने भर की कोशिश के बाद पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर, विश्वास कदम और राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. बाद एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया. सात साल बाद अदालत ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को अपहरण, बलात्कार, हत्या और साजिश करने का दोषी करार दिया है. लेकिन नयना के पति का कहना है की देश मे इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं इसलिए दोषियों को मौत की सज़ा ही सही न्याय होगा.टिप्पणियां सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. पुलिस के मुताबिक पुणे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयना पुजारी 8 अगस्त 2009 को दफ्तर से घर जाने के लिए खरड़ी में बस स्टॉप पर खड़ी थी कि योगेश राउत नाम के शख्स ने अपनी इंडिका कार से घर की तरफ छोड़ने का लालच दिया. योगेश ने नयना को बताया था कि वो उसी तरफ जा रहा है, इसलिए घर तक छोड़ देगा... लेकिन वो नयना को जंगल मे निर्जन स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों को बुला लिया. बाद में आरोपियों ने नयना के साथ सामूहिक बलात्कार किया फिर ओढ़नी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. शव पहचान में ना आए, इस‍लिए हत्यारों ने पत्थर मारकर चेहरा भी खराब कर दिया था. करीब महीने भर की कोशिश के बाद पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर, विश्वास कदम और राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. बाद एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया. सात साल बाद अदालत ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को अपहरण, बलात्कार, हत्या और साजिश करने का दोषी करार दिया है. लेकिन नयना के पति का कहना है की देश मे इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं इसलिए दोषियों को मौत की सज़ा ही सही न्याय होगा.टिप्पणियां सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. करीब महीने भर की कोशिश के बाद पुलिस ने योगेश राउत, महेश ठाकुर, विश्वास कदम और राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया. बाद एक आरोपी सरकारी गवाह बन गया. सात साल बाद अदालत ने योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को अपहरण, बलात्कार, हत्या और साजिश करने का दोषी करार दिया है. लेकिन नयना के पति का कहना है की देश मे इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं इसलिए दोषियों को मौत की सज़ा ही सही न्याय होगा.टिप्पणियां सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. सरकारी वकील हर्षल निम्बालकर ने बताया कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने सरकारी गवाह के साथ 37 गवाहों को पेश किया था. उनमें वारदात के चश्मदीद भी थे. मौके से मिले सबूतों के साथ आरोपियों के कपड़ों पर लगे नयना के खून की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कारगर साबित हुई. नयना पुजारी के आरोपियों पर मुकदमा साल 2011 में ही शुरू हो गया था. लेकिन तभी मुख्य आरोपी योगेश राउत मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाते हुए फरार हो गया. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है. महीनों बीत गए लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला. उसी दौरान दिल्ली में निर्भया गैंगरेप की वारदात से पूरे देश मे आक्रोश फैल गया. पुणे में नयना पुजारी को न्याय दिलाने के लिए भी प्रदर्शन शुरू हो गए. तब फिर से पुलिस हरकत में आयी और 18 महीने बाद योगेश को पकड़ लाई और मुकदमा  फिर से शुरू हुआ. अब 7 साल बाद दोष साबित हो चुका है लेकिन सजा मिलनी बाकी है.
सारांश: तीनों दोषियों के नाम योगेश राऊत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम हैं. दोषियों की तरफ से दया की दलील दी गई थी. अदालत ने कहा कि इनके अपराध क्षमा के लायक नही हैं.
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अक्षय ने पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा पर फिर से विचार करने की मांग की है. दोषी ने सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने में हुई देरी के लिए भी माफी की बात कही है. याचिका में अक्षय ने अपील की है कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है. साथ ही यहां का पानी भी जहरीला हो चुका है. ऐसे में जब खराब हवा और पानी के चलते उम्र पहले से ही कम से कम होती जा रही है फिर फांसी की सजा की जरूरत क्यों है? बता दें कि 9 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप मामले में तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी. चौथे आरोपी अक्षय ने अब तक पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी. कोर्ट ने कहा था कि सारे मैटेरियल पर गौर करने के बाद हम पाते हैं कि पुनर्विचार करने का कोई आधार नहीं है. याचिका में कोई मेरिट नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने विनय, मुकेश और पवन की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनाया था. इससे पहले अदालत ने 4 मई 2018 को सुनवाई खत्म कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 5 मई 2017 को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तिहाड़ में निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तैयारी शुरू आरोपियों में से एक अक्षय पहुंचा सुप्रीम कोर्ट आरोपी अक्षय के दाखिल की पुनर्विचार याचिका
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बहरहाल, राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद महंत ने भी कहा कि नर्मदा नदी को बचाने के लिये समिति बनाये जाने की मांग प्रदेश सरकार द्वारा पूरी किये जाने के कारण यह यात्रा निरस्त कर दी गयी है. इस बीच, कांग्रेस ने कम्प्यूटर बाबा और महंत की मंशा पर सवाल उठाये हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, "इन दोनों को स्पष्ट करना चाहिये कि उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ कौन-सी डील के तहत नर्मदा घोटाला रथ यात्रा रद्द कर दी है. क्या इन्होंने राज्यमंत्री का दर्जा हासिल करने के लिये ही इस यात्रा का ऐलान किया था." इस बीच, कांग्रेस ने कम्प्यूटर बाबा और महंत की मंशा पर सवाल उठाये हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, "इन दोनों को स्पष्ट करना चाहिये कि उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ कौन-सी डील के तहत नर्मदा घोटाला रथ यात्रा रद्द कर दी है. क्या इन्होंने राज्यमंत्री का दर्जा हासिल करने के लिये ही इस यात्रा का ऐलान किया था."
यहाँ एक सारांश है:पांच लोगों को नर्मदा नदी की रक्षा के लिये राज्यमंत्री के दर्जे से नवाजा प्रस्तावित 'नर्मदा घोटाला रथ यात्रा' रद्द कर दी राज्य सरकार के तीन अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार मिला दर्जा.
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चांद पर पहला कदम रखने वाले दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री नील आर्म्सट्रांग नहीं रहे। 82 वर्ष की उम्र में शनिवार को उनका निधन हो गया। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित दुनियाभर की हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। ओबामा ने आर्म्सट्रांग को श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, "वह न केवल अपने जमाने के, बल्कि हर समय के हीरो थे।" उन्होंने आर्म्सट्रांग को दुनिया को 'एक छोटे कदम की ताकत' दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रमुख चार्ल्स बोल्डेन ने आर्म्सट्रांग को 'अमेरिका के महान खोजकर्ताओं में से एक' बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 के पायलट माइकल कोलिन ने कहा, "वह उम्दा थे, मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।" आर्म्सट्रांग ने 20 जुलाई, 1969 को पहली बार चांद पर कदम रखा था। चांद पर यह पहला इंसानी कदम था। तब उन्होंने इसे 'एक आदमी का छोटा कदम, मानवता के लिए बड़ी छलांग' बताया था। 20वीं शताब्दी में उनकी यह उक्ति खासी लोकप्रिय हुई थी। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। ओबामा ने आर्म्सट्रांग को श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, "वह न केवल अपने जमाने के, बल्कि हर समय के हीरो थे।" उन्होंने आर्म्सट्रांग को दुनिया को 'एक छोटे कदम की ताकत' दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रमुख चार्ल्स बोल्डेन ने आर्म्सट्रांग को 'अमेरिका के महान खोजकर्ताओं में से एक' बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 के पायलट माइकल कोलिन ने कहा, "वह उम्दा थे, मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।" आर्म्सट्रांग ने 20 जुलाई, 1969 को पहली बार चांद पर कदम रखा था। चांद पर यह पहला इंसानी कदम था। तब उन्होंने इसे 'एक आदमी का छोटा कदम, मानवता के लिए बड़ी छलांग' बताया था। 20वीं शताब्दी में उनकी यह उक्ति खासी लोकप्रिय हुई थी। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। वहीं, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रमुख चार्ल्स बोल्डेन ने आर्म्सट्रांग को 'अमेरिका के महान खोजकर्ताओं में से एक' बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 के पायलट माइकल कोलिन ने कहा, "वह उम्दा थे, मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।" आर्म्सट्रांग ने 20 जुलाई, 1969 को पहली बार चांद पर कदम रखा था। चांद पर यह पहला इंसानी कदम था। तब उन्होंने इसे 'एक आदमी का छोटा कदम, मानवता के लिए बड़ी छलांग' बताया था। 20वीं शताब्दी में उनकी यह उक्ति खासी लोकप्रिय हुई थी। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। उनके अंतरिक्ष मिशन अपोलो 11 के पायलट माइकल कोलिन ने कहा, "वह उम्दा थे, मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।" आर्म्सट्रांग ने 20 जुलाई, 1969 को पहली बार चांद पर कदम रखा था। चांद पर यह पहला इंसानी कदम था। तब उन्होंने इसे 'एक आदमी का छोटा कदम, मानवता के लिए बड़ी छलांग' बताया था। 20वीं शताब्दी में उनकी यह उक्ति खासी लोकप्रिय हुई थी। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। आर्म्सट्रांग ने 20 जुलाई, 1969 को पहली बार चांद पर कदम रखा था। चांद पर यह पहला इंसानी कदम था। तब उन्होंने इसे 'एक आदमी का छोटा कदम, मानवता के लिए बड़ी छलांग' बताया था। 20वीं शताब्दी में उनकी यह उक्ति खासी लोकप्रिय हुई थी। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। बीबीसी के अनुसार, आर्म्सट्रांग के परिजनों ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा था कि हृदय रोग के निदान के लिए हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई और शनिवार को अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। परिजनों ने आर्म्सट्रांग के चाहने वालों से कहा कि अगली बार रात में जब कभी घर के बाहर टहलते हुए आप चांद को देखें तो आर्म्सट्रांग के बारे में सोचें, आप उन्हें वहां से मुस्कराते हुए पाएंगे।टिप्पणियां आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। आर्म्सट्रांग ने 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था। ओहियो में वर्ष 1930 में जन्म लेने वाले और पलने-बढ़ने वाले आर्म्सट्रांग ने छह साल की उम्र में पहली बार पिता के साथ विमान यात्रा की थी और तभी से आकाश में उड़ना उन्हें बेहद पसंद था।
यहाँ एक सारांश है:चांद पर पहला कदम रखने वाले दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री नील आर्म्सट्रांग नहीं रहे। 82 वर्ष की उम्र में शनिवार को उनका निधन हो गया। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित दुनियाभर की हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को वर्ष 2006 के निठारी हत्याकांड में मृत्युदंड पा चुके सुरेंद्र कोली की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सुनवाई स्थगित कराने के लिए बहानेबाजी करने पर जांच एजेंसी को लताड़ लगाई। न्यायमूर्ति मरक डेय काटजू और न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की खंडपीठ ने सीबीआई द्वारा मामले के दस्तावेजों के अनुवाद के लिए छह हफ्तों के समय की जरूरत बताते हुए सुनवाई स्थगित करने की मांग किए जाने पर उसे फटकार लगाई। न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा इस तरह के बहानेबाजी करना उपयुक्त नहीं है, वह भी एक ऐसे मामले में जहां दोषी को सजा- ए- मौत सुनाई जा चुकी है। सीबीआई ने यह बात कहकर न्यायालय को नाराज कर दिया कि उसने नवम्बर 2010 में यह काम शुरू किया था। इस पर न्यायालय ने जानना चाहा कि क्या अनुवाद कार्य पूरा करने के लिए तीन महीने का समय कम था। न्यायालय ने मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि इसके बाद इस तरह के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। कोली को पिछले साल 22 दिसम्बर में मृत्युदंड सुनाया गया था।
न्यायालय ने कहा कि सीबीआई द्वारा इस तरह के बहानेबाजी करना उपयुक्त नहीं है, वह भी एक ऐसे मामले में जहां दोषी को मृत्युदंड सुनाई जा चुकी है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच यहां पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान मैदान पर तनाव भी देखने को मिला जब पाकिस्तानी पारी के 18वें ओवर में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और बल्लेबाज कामरान अकमल में तीखी बहस हो गई।टिप्पणियां इशांत की गेंद पर कामरान लगातार चूक रहे थे। उसके बाद दोनों ने एक दूसरे को कुछ कहा। दोनों आक्रामक मुद्रा में एक दूसरे की तरफ बढ़े और चिल्लाने लगे। मामले को तूल पकड़ता देख अंपायर दौड़े। सुरेश रैना और युवराज सिंह ने बीच बचाव किया तो मामला सुलझ सका। इसके बाद अगले ओवर में अशोक डिंडा की गेंद पर थर्डमैन में इशांत ने कामरान का कैच लपका और उसके बाद फिर एक बार जोर से चिल्लाए। इशांत की गेंद पर कामरान लगातार चूक रहे थे। उसके बाद दोनों ने एक दूसरे को कुछ कहा। दोनों आक्रामक मुद्रा में एक दूसरे की तरफ बढ़े और चिल्लाने लगे। मामले को तूल पकड़ता देख अंपायर दौड़े। सुरेश रैना और युवराज सिंह ने बीच बचाव किया तो मामला सुलझ सका। इसके बाद अगले ओवर में अशोक डिंडा की गेंद पर थर्डमैन में इशांत ने कामरान का कैच लपका और उसके बाद फिर एक बार जोर से चिल्लाए। मामले को तूल पकड़ता देख अंपायर दौड़े। सुरेश रैना और युवराज सिंह ने बीच बचाव किया तो मामला सुलझ सका। इसके बाद अगले ओवर में अशोक डिंडा की गेंद पर थर्डमैन में इशांत ने कामरान का कैच लपका और उसके बाद फिर एक बार जोर से चिल्लाए।
संक्षिप्त सारांश: भारत और पाकिस्तान के बीच यहां पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान मैदान पर तनाव भी देखने को मिला जब पाकिस्तानी पारी के 18वें ओवर में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और बल्लेबाज कामरान अकमल में तीखी बहस हो गई।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: भाजपा के खिलाफ नया मोर्चा खोलते हुए जद एस नेता एच डी कुमारस्वामी ने बुधवार को कहा कि वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा के दोमुंहेपन का पर्दाफाश कर दूंगा। जहां राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा नेता संप्रग सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं वहीं पार्टी के कुछ नेता कर्नाटक के मुख्यमंत्री का बचाव करने में लगे हुए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव बीजे पुट्टास्वामी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली और संचालित कंपनी को कुमारस्वामी के कार्यकाल में 167 करोड़ रूपये प्राप्त हुए थे। कुमारस्वामी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कुमारस्वामी ने कहा, मेरे भाइयों की कंपनी के कारोबारी लेनदेन में कोई अवैध काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, भाजपा ने 24 जून से संप्रग सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे दो दिन पहले मैं नई दिल्ली में येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार के बारे में नया दस्तावेज जारी करूंगा। उन्होंने पूछा, मेरे परिवार में कौन हैं। वह मेरी पत्नी अनिता और मेरा बेटा निखिल गौड़ा होंगे। क्या वे अवैध व्यापार में संलग्न होंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उन्होंने कहा, भाजपा के 24 जून से भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन से दो दिन पहले मैं येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार के बारे में नया दस्तावेज जारी करूंगा।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूरोजोन के वित्त मंत्रियों के बीच मंगलवार को ग्रीस ऋण योजना पर सहमति कायम हो गई। योजना में ग्रीस के कर्ज को घटाकर 2020 तक उसके सकल घरेलू उत्पाद के 120.5 फीसदी तक लाने के लिए विभिन्न उपायों पर सहमति बनी। यूरोजोन के अधिकारियों ने कहा कि नई योजना के तहत ग्रीस को अतिरिक्त 130 अरब यूरो का कर्ज मिलेगा, ताकि मार्च में परिपक्व होने वाले पुराने कर्ज का भुगतान किया जा सके। बैठक लगभग 12 घंटे चली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यूरोजोन के अधिकारियों ने पहले ही सहमति हो जाने के संकेत दिए थे, क्योंकि एथेंस ने कर्जदाताओं की शर्तो को मान लिया था।टिप्पणियां यूरो समूह के प्रमुख जीन-क्लाउडी जंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि ग्रीस ने हमारी अधिकतर मांगों को मान लिया है। हमें आज ही फैसला लेना होगा। अब समय बहुत कम है। जंकर लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री भी हैं। बैठक सोमवार से मंगलवार सुबह तक चली। यूरोजोन के अधिकारियों ने कहा कि नई योजना के तहत ग्रीस को अतिरिक्त 130 अरब यूरो का कर्ज मिलेगा, ताकि मार्च में परिपक्व होने वाले पुराने कर्ज का भुगतान किया जा सके। बैठक लगभग 12 घंटे चली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यूरोजोन के अधिकारियों ने पहले ही सहमति हो जाने के संकेत दिए थे, क्योंकि एथेंस ने कर्जदाताओं की शर्तो को मान लिया था।टिप्पणियां यूरो समूह के प्रमुख जीन-क्लाउडी जंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि ग्रीस ने हमारी अधिकतर मांगों को मान लिया है। हमें आज ही फैसला लेना होगा। अब समय बहुत कम है। जंकर लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री भी हैं। बैठक सोमवार से मंगलवार सुबह तक चली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यूरोजोन के अधिकारियों ने पहले ही सहमति हो जाने के संकेत दिए थे, क्योंकि एथेंस ने कर्जदाताओं की शर्तो को मान लिया था।टिप्पणियां यूरो समूह के प्रमुख जीन-क्लाउडी जंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि ग्रीस ने हमारी अधिकतर मांगों को मान लिया है। हमें आज ही फैसला लेना होगा। अब समय बहुत कम है। जंकर लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री भी हैं। बैठक सोमवार से मंगलवार सुबह तक चली। यूरो समूह के प्रमुख जीन-क्लाउडी जंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि ग्रीस ने हमारी अधिकतर मांगों को मान लिया है। हमें आज ही फैसला लेना होगा। अब समय बहुत कम है। जंकर लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री भी हैं। बैठक सोमवार से मंगलवार सुबह तक चली। बैठक सोमवार से मंगलवार सुबह तक चली।
यहाँ एक सारांश है:योजना में ग्रीस के कर्ज को घटाकर 2020 तक उसके सकल घरेलू उत्पाद के 120.5 फीसदी तक लाने के लिए विभिन्न उपायों पर सहमति बनी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया- सरकार तीन महीने में ट्रस्ट बना दे. लेकिन ट्रस्ट को लेकर तरह-तरह के विवाद शुरू हो गए हैं. अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट के गठन का कोई बिल संसद के शीतकालीन सत्र में नहीं आ रहा है. क़ानून मंत्रालय ने गुरुवार को ये बात साफ़ कर दी है. लेकिन ट्रस्ट को लेकर सरकार के भीतर और बाहर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. गुरुवार को अयोध्या से आए राम जन्मभूमि रामालय न्यास ने बाक़ायदा मंदिर निर्माण की ज़िम्मेदारी पर अपना दावा ठोक दिया. पीएमओ और गृह सचिव को न्यास ने एक मेमोरंडम भी सौंपा है. चेतावनी कोर्ट तक जाने की है. अयोध्या राम जन्मभूमि रामालय न्यास के सचिव अविमुक्तेश्वरनंद सस्वती ने एनडीटीवी से कहा, "मंदिर निर्माण की ज़िम्मेदारी धर्माचार्यों की है ... अगर सरकार ने हठधर्मी दिखाई तो हम मामले को लेकर अदालत जाएंगे. ये विकल्प हमारे सामने है." जबकि राम जन्मभूमि न्यास भी यही दावा कर रहा है कि ट्रस्ट बना हुआ है, नए ट्रस्ट की ज़रूरत नहीं है. और निर्मोही अखाड़े का कहना है कि जो नया ट्रस्ट बने, उसमें उसकी अहम भूमिका हो, ये अदालत ने कहा है. निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने एनडीटीवी से कहा, "कोर्ट ने कहा है कि ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े का समुचित प्रतिनिधित्व होगा. हम सरकार से स्पष्टता चाहते हैं कि निर्मोही अखाड़ा को ट्रस्ट में किस रूप में रखा जाएगा और उसका ट्रस्ट के कामकाज में क्या रोल होगा." अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब हिन्दू धार्मिक संगठनों में इस बात को लेकर होड़ लग गई है कि नए प्रस्तावित ट्रस्ट में किसको शामिल किया जाए, किसे अहम भूमिका सौंपी जाए और मंदिर निर्माण की ज़िम्मेदारी किसकों सौंपी जाए...साफ है, मामला संवेदनशील और पेचीदा है, और सरकार को संभलकर इन दावों से निपटना होगा.
पीएमओ और गृह सचिव को रामालय न्यास ने मेमोरंडम सौंपा निर्मोही अखाड़ा नए ट्रस्ट में चाहता है अहम भूमिका राम जन्मभूमि न्यास भी कर रहा ट्रस्ट बना होने का दावा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में बर्फ़ीले तूफ़ान के कहर के बाद अब जम्मू-कश्मीर के कई इलाक़ों में भी अलर्ट जारी किया गया है. शनिवार रात से राज्य में जारी बर्फ़बारी और बारिश की वजह से जम्मू-श्रीनगर हाइवे को एक बार फिर बंद कर दिया गया है. इसकी वजह से हाइवे पर कई वाहन फंसे हुए हैं. इसके पहले भी दो दिन से हाइवे पर एक तरफ़ से ही रास्ता खुला हुआ था. बर्फ़बारी की वजह से वैष्षो देवी के नए ट्रैक को भी बंद कर दिया गया है. नए ट्रैक पर कई जगह पत्थर और पेड़ गिरने की वजह से इसे रोका गया है. इसके अलावा वैष्णो देवी के लिए चलने वाली हेलीकॉप्टर सर्विस को भी सस्पेंड कर दिया गया है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से सटी अफगानिस्तान सीमा पर भारी बर्फबारी के चलते हिमस्खलन की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और इनमें से 50 लोग एक ही गांव के हैं. मृतकों की संख्या और बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया हिमस्खलन तीन दिन की भारी बर्फबारी की वजह से हुआ है और इसकी वजह से मुख्य रूप से मध्य और पूर्वोत्तर प्रांतों में सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए हैं और सड़कें अवरुद्ध हो गई है. सड़कें अवरुद्ध होने की वजह से बचाव दल को हिमस्खलन का शिकार हुए गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. बर्फ़बारी की वजह से वैष्षो देवी के नए ट्रैक को भी बंद कर दिया गया है. नए ट्रैक पर कई जगह पत्थर और पेड़ गिरने की वजह से इसे रोका गया है. इसके अलावा वैष्णो देवी के लिए चलने वाली हेलीकॉप्टर सर्विस को भी सस्पेंड कर दिया गया है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से सटी अफगानिस्तान सीमा पर भारी बर्फबारी के चलते हिमस्खलन की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और इनमें से 50 लोग एक ही गांव के हैं. मृतकों की संख्या और बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया हिमस्खलन तीन दिन की भारी बर्फबारी की वजह से हुआ है और इसकी वजह से मुख्य रूप से मध्य और पूर्वोत्तर प्रांतों में सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए हैं और सड़कें अवरुद्ध हो गई है. सड़कें अवरुद्ध होने की वजह से बचाव दल को हिमस्खलन का शिकार हुए गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से सटी अफगानिस्तान सीमा पर भारी बर्फबारी के चलते हिमस्खलन की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और इनमें से 50 लोग एक ही गांव के हैं. मृतकों की संख्या और बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया हिमस्खलन तीन दिन की भारी बर्फबारी की वजह से हुआ है और इसकी वजह से मुख्य रूप से मध्य और पूर्वोत्तर प्रांतों में सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए हैं और सड़कें अवरुद्ध हो गई है. सड़कें अवरुद्ध होने की वजह से बचाव दल को हिमस्खलन का शिकार हुए गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. अधिकारियों ने बताया हिमस्खलन तीन दिन की भारी बर्फबारी की वजह से हुआ है और इसकी वजह से मुख्य रूप से मध्य और पूर्वोत्तर प्रांतों में सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए हैं और सड़कें अवरुद्ध हो गई है. सड़कें अवरुद्ध होने की वजह से बचाव दल को हिमस्खलन का शिकार हुए गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है.
यह एक सारांश है: अफगान सीमा पर हिमस्खलन से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई अधिकारियों ने बताया हिमस्खलन तीन दिन की भारी बर्फबारी से हुआ बचाव दल को हिमस्खलन का शिकार हुए गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'अर्थ', 'सारांश', 'हम हैं राही प्यार के' और 'गुमराह' जैसी कई चर्चित फिल्मों के पटकथा लेखक स्व. सुजीत सेन की डायरी के पन्नों से निकली एक कहानी रुपहले पर्दे पर अफसाना लिखने को तैयार है। 'लाइफ इज गुड' नाम से बन रही यह फिल्म प्रदर्शन के लिए तैयार है। इस फिल्म का निर्देशन जाने-माने चरित्र अभिनेता अनंद महादेवन ने किया है, जबकि मुख्य भूमिका में जैकी श्राफ, रजत कपूर, मोहन कपूर और नकुल सहेदव जैसे मंजे कलाकार हैं। 'लाइफ इज गुड' इस मायने में अलग है कि फिल्म सुजीत सेन की जिंदगी में घटित घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म का मुख्य किरदार यानी रामेश्वर अपनी मां के निधन के बाद पूरी तरह टूट जाता है। तब उसकी जिंदगी में एक छह साल की बच्ची मिष्टी उम्मीद की नई किरण लेकर आती है और उसके जीने का नजरिया बदल देती है। फिल्म वास्तविक कहानी से प्रेरित है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टिकोण का पूरा ख्याल रखा गया है। फिल्म के निर्माता आनंद शुक्ला बताते हैं,"यूं फिल्म की कहानी सुजीत दा की डायरी से ही निकली है। लेकिन, इसे नए रूप में संवारा गया है। फिल्म में कई ऐसे अवसर हैं, जहां दर्शक भावुकता में रो पड़ेंगे तो कई दृश्य उनके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देंगे। फिल्म के स्क्रीनप्ले को जानदार बनाने में के लिए अनंत महादेवन और वर्षा जैन ने खासी मशक्कत की है।" टिप्पणियां आनंद शुक्ला का दावा है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ की निभाई भूमिका उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिकाओं में से एक है। वह कहते हैं, "जैकी श्रॉफ का चयन अनंत महादेवन के कहने पर हुआ। जैकी श्रॉफ लेखक सुजीत सेन के बहुत अच्छे मित्रों में थे। जैकी श्राफ को उनकी यह कहानी हमने सुनाई तो वह फौरन राजी हो गए। इसके बाद जिस शिद्दत से उन्होंने अपनी भूमिका को निभाया है, वह देखने के काबिल है।" एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है। 'लाइफ इज गुड' नाम से बन रही यह फिल्म प्रदर्शन के लिए तैयार है। इस फिल्म का निर्देशन जाने-माने चरित्र अभिनेता अनंद महादेवन ने किया है, जबकि मुख्य भूमिका में जैकी श्राफ, रजत कपूर, मोहन कपूर और नकुल सहेदव जैसे मंजे कलाकार हैं। 'लाइफ इज गुड' इस मायने में अलग है कि फिल्म सुजीत सेन की जिंदगी में घटित घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म का मुख्य किरदार यानी रामेश्वर अपनी मां के निधन के बाद पूरी तरह टूट जाता है। तब उसकी जिंदगी में एक छह साल की बच्ची मिष्टी उम्मीद की नई किरण लेकर आती है और उसके जीने का नजरिया बदल देती है। फिल्म वास्तविक कहानी से प्रेरित है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टिकोण का पूरा ख्याल रखा गया है। फिल्म के निर्माता आनंद शुक्ला बताते हैं,"यूं फिल्म की कहानी सुजीत दा की डायरी से ही निकली है। लेकिन, इसे नए रूप में संवारा गया है। फिल्म में कई ऐसे अवसर हैं, जहां दर्शक भावुकता में रो पड़ेंगे तो कई दृश्य उनके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देंगे। फिल्म के स्क्रीनप्ले को जानदार बनाने में के लिए अनंत महादेवन और वर्षा जैन ने खासी मशक्कत की है।" टिप्पणियां आनंद शुक्ला का दावा है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ की निभाई भूमिका उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिकाओं में से एक है। वह कहते हैं, "जैकी श्रॉफ का चयन अनंत महादेवन के कहने पर हुआ। जैकी श्रॉफ लेखक सुजीत सेन के बहुत अच्छे मित्रों में थे। जैकी श्राफ को उनकी यह कहानी हमने सुनाई तो वह फौरन राजी हो गए। इसके बाद जिस शिद्दत से उन्होंने अपनी भूमिका को निभाया है, वह देखने के काबिल है।" एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है। 'लाइफ इज गुड' इस मायने में अलग है कि फिल्म सुजीत सेन की जिंदगी में घटित घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म का मुख्य किरदार यानी रामेश्वर अपनी मां के निधन के बाद पूरी तरह टूट जाता है। तब उसकी जिंदगी में एक छह साल की बच्ची मिष्टी उम्मीद की नई किरण लेकर आती है और उसके जीने का नजरिया बदल देती है। फिल्म वास्तविक कहानी से प्रेरित है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टिकोण का पूरा ख्याल रखा गया है। फिल्म के निर्माता आनंद शुक्ला बताते हैं,"यूं फिल्म की कहानी सुजीत दा की डायरी से ही निकली है। लेकिन, इसे नए रूप में संवारा गया है। फिल्म में कई ऐसे अवसर हैं, जहां दर्शक भावुकता में रो पड़ेंगे तो कई दृश्य उनके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देंगे। फिल्म के स्क्रीनप्ले को जानदार बनाने में के लिए अनंत महादेवन और वर्षा जैन ने खासी मशक्कत की है।" टिप्पणियां आनंद शुक्ला का दावा है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ की निभाई भूमिका उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिकाओं में से एक है। वह कहते हैं, "जैकी श्रॉफ का चयन अनंत महादेवन के कहने पर हुआ। जैकी श्रॉफ लेखक सुजीत सेन के बहुत अच्छे मित्रों में थे। जैकी श्राफ को उनकी यह कहानी हमने सुनाई तो वह फौरन राजी हो गए। इसके बाद जिस शिद्दत से उन्होंने अपनी भूमिका को निभाया है, वह देखने के काबिल है।" एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है। फिल्म के निर्माता आनंद शुक्ला बताते हैं,"यूं फिल्म की कहानी सुजीत दा की डायरी से ही निकली है। लेकिन, इसे नए रूप में संवारा गया है। फिल्म में कई ऐसे अवसर हैं, जहां दर्शक भावुकता में रो पड़ेंगे तो कई दृश्य उनके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देंगे। फिल्म के स्क्रीनप्ले को जानदार बनाने में के लिए अनंत महादेवन और वर्षा जैन ने खासी मशक्कत की है।" टिप्पणियां आनंद शुक्ला का दावा है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ की निभाई भूमिका उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिकाओं में से एक है। वह कहते हैं, "जैकी श्रॉफ का चयन अनंत महादेवन के कहने पर हुआ। जैकी श्रॉफ लेखक सुजीत सेन के बहुत अच्छे मित्रों में थे। जैकी श्राफ को उनकी यह कहानी हमने सुनाई तो वह फौरन राजी हो गए। इसके बाद जिस शिद्दत से उन्होंने अपनी भूमिका को निभाया है, वह देखने के काबिल है।" एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है। आनंद शुक्ला का दावा है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ की निभाई भूमिका उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिकाओं में से एक है। वह कहते हैं, "जैकी श्रॉफ का चयन अनंत महादेवन के कहने पर हुआ। जैकी श्रॉफ लेखक सुजीत सेन के बहुत अच्छे मित्रों में थे। जैकी श्राफ को उनकी यह कहानी हमने सुनाई तो वह फौरन राजी हो गए। इसके बाद जिस शिद्दत से उन्होंने अपनी भूमिका को निभाया है, वह देखने के काबिल है।" एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है। एकता आनंद बैनर तले बन रही 'लाइफ इज गुड' में अभिषेक राय और आशा भोंसले ने संगीत दिया है। फिल्म को मई के आखिरी या जून के पहले हफ्ते में रिलीज करने की योजना है।
'अर्थ', 'सारांश', 'हम हैं राही प्यार के' और 'गुमराह' जैसी कई चर्चित फिल्मों के पटकथा लेखक स्व. सुजीत सेन की डायरी के पन्नों से निकली एक कहानी रुपहले पर्दे पर अफसाना लिखने को तैयार है।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आठ कमांडरों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी कदम का आज स्वागत किया, जिनमें मुंबई हमले का मास्टरमाइंड साजिद मीर और लश्कर संस्थापक हाफिज सईद का बेटा शामिल है। विदेशमंत्री रंजन मथाई ने संवाददाताओं से कहा, हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं और अमेरिका द्वारा उठाए गए कदम निश्चित ही उसी दिशा में हैं। मथाई से ओबामा प्रशासन के फैसले पर संवाददाताओं ने प्रतिक्रिया मांगी थी। अमेरिका ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा जनवरी, 2002 में विदेशी आतंकवादी संगठन करार दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान में अपनी गतिविधियां चला रहा है। उसने पाकिस्तानी, भारतीय, अफगान और अमेरिकी हितों पर आतंकवादी हमले किए और वही नवंबर, 2008 के मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है।टिप्पणियां मीर के अलावा जिन अन्य लश्कर नेताओं पर प्रतिबंध लगाया है वे अब्दुला मुजाहिद, अहमद याकूब, हाफिज खालिद वालिद, कारी मुहम्मद याकूब शेख, अमीर हमजा, अब्दुल्ला मुंतजिर ओर तल्हा सईद हैं। तल्हा सईद लश्कर नेता हाफिज सईद का बेटा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों एवं कंपनियों पर इन सभी के साथ कोई भी कारोबारी लेन-देन या अन्य लेन-देन पर रोक लगा दी है और उसने यह भी कहा है कि अमेरिका में यदि उनकी कोई संपत्ति होगी, उस पर भी रोक होगी। विदेशमंत्री रंजन मथाई ने संवाददाताओं से कहा, हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं और अमेरिका द्वारा उठाए गए कदम निश्चित ही उसी दिशा में हैं। मथाई से ओबामा प्रशासन के फैसले पर संवाददाताओं ने प्रतिक्रिया मांगी थी। अमेरिका ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा जनवरी, 2002 में विदेशी आतंकवादी संगठन करार दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान में अपनी गतिविधियां चला रहा है। उसने पाकिस्तानी, भारतीय, अफगान और अमेरिकी हितों पर आतंकवादी हमले किए और वही नवंबर, 2008 के मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है।टिप्पणियां मीर के अलावा जिन अन्य लश्कर नेताओं पर प्रतिबंध लगाया है वे अब्दुला मुजाहिद, अहमद याकूब, हाफिज खालिद वालिद, कारी मुहम्मद याकूब शेख, अमीर हमजा, अब्दुल्ला मुंतजिर ओर तल्हा सईद हैं। तल्हा सईद लश्कर नेता हाफिज सईद का बेटा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों एवं कंपनियों पर इन सभी के साथ कोई भी कारोबारी लेन-देन या अन्य लेन-देन पर रोक लगा दी है और उसने यह भी कहा है कि अमेरिका में यदि उनकी कोई संपत्ति होगी, उस पर भी रोक होगी। अमेरिका ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा जनवरी, 2002 में विदेशी आतंकवादी संगठन करार दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान में अपनी गतिविधियां चला रहा है। उसने पाकिस्तानी, भारतीय, अफगान और अमेरिकी हितों पर आतंकवादी हमले किए और वही नवंबर, 2008 के मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है।टिप्पणियां मीर के अलावा जिन अन्य लश्कर नेताओं पर प्रतिबंध लगाया है वे अब्दुला मुजाहिद, अहमद याकूब, हाफिज खालिद वालिद, कारी मुहम्मद याकूब शेख, अमीर हमजा, अब्दुल्ला मुंतजिर ओर तल्हा सईद हैं। तल्हा सईद लश्कर नेता हाफिज सईद का बेटा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों एवं कंपनियों पर इन सभी के साथ कोई भी कारोबारी लेन-देन या अन्य लेन-देन पर रोक लगा दी है और उसने यह भी कहा है कि अमेरिका में यदि उनकी कोई संपत्ति होगी, उस पर भी रोक होगी। मीर के अलावा जिन अन्य लश्कर नेताओं पर प्रतिबंध लगाया है वे अब्दुला मुजाहिद, अहमद याकूब, हाफिज खालिद वालिद, कारी मुहम्मद याकूब शेख, अमीर हमजा, अब्दुल्ला मुंतजिर ओर तल्हा सईद हैं। तल्हा सईद लश्कर नेता हाफिज सईद का बेटा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों एवं कंपनियों पर इन सभी के साथ कोई भी कारोबारी लेन-देन या अन्य लेन-देन पर रोक लगा दी है और उसने यह भी कहा है कि अमेरिका में यदि उनकी कोई संपत्ति होगी, उस पर भी रोक होगी। अमेरिका ने अपने नागरिकों एवं कंपनियों पर इन सभी के साथ कोई भी कारोबारी लेन-देन या अन्य लेन-देन पर रोक लगा दी है और उसने यह भी कहा है कि अमेरिका में यदि उनकी कोई संपत्ति होगी, उस पर भी रोक होगी।
भारत ने लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आठ कमांडरों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी कदम का आज स्वागत किया, जिनमें मुंबई हमले का मास्टरमाइंड साजिद मीर और लश्कर संस्थापक हाफिज सईद का बेटा शामिल है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव (General Election 2019) का रण जारी है. एक तरफ सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी वापसी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. तो दूसरी तरफ, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल मोदी सरकार को हटाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं. तमाम सियासी समीकरणों के बीच कई ऐसे नाम भी सामने आए हैं जो संभावित तौर पर प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं. इसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का नाम भी शामिल है. हालांकि नितिन गडकरी ने रविवार को साफ कहा कि वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं. गडकरी से जब भोपाल में सवाल किया गया कि क्या वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की दौड़ में हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं पहले भी कह चुका हूं कि मैं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं हूं'. उन्होंने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री पद का कोई एजेंडा नहीं है.  नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने दावा कि भाजपा इस बार पिछले लोकसभा चुनाव से ज्यादा सीटें जीतेगी और नरेन्द्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. सड़क निर्माण, जलमार्ग, कृषि सहित मोदी सरकार द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘इस चुनाव में विकास का एजेंडा ही हमारा एजेंडा होगा. उसी के नाम पर हम चुनाव लड़ रहे हैं, ताकि देश ‘सुपर इकोनॉमिक पावर' बने'. गडकरी (Nitin Gadkari) ने दावा करते हुए कहा कि जितना काम कांग्रेस ने अपने 50 साल के शासनकाल के दौरान नहीं किया हमने पिछले पांच साल में कर दिया है. केंद्रीय मंत्री ने आतंकवाद पर भाजपा द्वारा उठाये गये कदमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में हमने देश को अच्छी दिशा दी है. भाजपा द्वारा हिन्दुत्व को कथित रूप से मुद्दा बनाये जाने को लेकर पूछे गये एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व जीवन जीने का एक तरीका है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीतीन गडकरी ने कहा- मैं पीएम पद की दौड़ में नहीं बोले- मेरा प्रधानमंत्री पद का कोई एजेंडा नहीं नरेन्द्र मोदी ही दोबारा देश के प्रधानमंत्री बनेंगे
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में गठबंधन सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. सोमवार को पार्टी के दो विधायकों द्वारा विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद राजनीति फिर से गरमा गई है. दोनों ही विधायकों ने अपना इस्तीफा स्पीकर के.आर. रमेश कुमार को सौंपा है. सोमवार को पहले तो विधायक आनंद सिंह ने इस्‍तीफा दिया. उसके बाद शाम होते होते एक और विधायक रमेश जरकीहोली के इस्‍तीफा देने की खबरें आ गईं. पार्टी विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने बेंगलुरू में अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई है. सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया इस बैठक में विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में बन रही स्थिति पर बात कर सकते हैं. उधर कर्नाटक बीजेपी के नेता व राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों के इस्‍तीफे के बाद वो राज्‍य में बीजेपी की सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशेंगे. बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब कर्नाटक में गठबंधन सरकार के सामने सभी को एकजुट रखते हुए साथ चलने की चुनौती आई हो. इससे पहले भी कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की बात सामने आई थी. उस दौरान कहा गया था कि कांग्रेस के कुछ विधायक पार्टी से नाराज हैं और बीजेपी के साथ जाना चाहते हैं. हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इन तमाम अटकलों को गलत बताया था. गौरतलब है कि आनंद सिंह ने कांग्रेस से अपने इस्तीफे के बाद कहा, 'हां, मैंने आज सुबह इस्तीफा दिया है.' यह बताए जाने पर कि विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने इस्तीफे की पुष्टि नहीं की है, सिंह ने कहा, 'क्या ऐसा है? तो मैं फिर से इस्तीफा दूंगा.' अध्यक्ष ने कोई इस्तीफा मिलने से इनकार किया है. कुमार ने कहा, ‘‘मुझे कोई इस्तीफा नहीं मिला है. किसी ने इस्तीफा देने के लिए मुझसे संपर्क नहीं किया है.'' विधायक ने यह नहीं बताया कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया है. सिंह ने बताया कि वह राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात करेंगे और उनसे मुलाकात के बाद इस्तीफे का कारण बताएंगे. जद(एस) नेता एवं मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी एक मंदिर की नींव रखने के कार्यक्रम के लिए अमेरिका में हैं. इन सब के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कांग्रेस विधायकों के ट्वीट की खबरों के बीच एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि स्वामीजी के तत्वावधान में न्यूजर्सी में कालभैरवेश्वर मंदिर की नींव रखी जा रही है. मैं यहां से पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा हूं. भाजपा सरकार को अस्थिर करने का दिवा-स्वप्न देख रही है.'' ध्यान हो कि सिंह ने जेएसडब्ल्यू स्टील को 3,667 एकड़ जमीन की बिक्री के खिलाफ हाल में बेल्लारी में एक संवाददाता सम्मेलन किया था. उन्होंने कहा था कि जिले के हितों की रक्षा करना पार्टी से अधिक महत्वपूर्ण है और उन्होंने इस्तीफा देने का संकेत दिया था. अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल होंगे.  कांग्रेस में पिछले साल जब असंतोष चरम पर था तब सिंह एकांत में चले गए थे, लेकिन वह बाद में सामने आए थे और उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी दिखाई थी. इस प्रकार की अटकलें भी तेज थीं कि कांग्रेस के कम से कम छह और विधायक भी पार्टी के खिलाफ बगावत कर सकते हैं. वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि अगर सरकार गिर जाती है तो हम सरकार बनाने की सारी संभावनाएं तलाशेंगे लेकिन नए चुनाव का कोई सवाल ही नहीं है.
कर्नाटक के दो विधायकों ने छोड़ी पार्टी कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल तेज सिद्धारमैया ने बुलाई विधायक दल की बैठक
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मामलों के राज्यमंत्री वी. नारायणसामी  ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नहीं चाहती थी कि लोकपाल विधेयक राज्य सभा में पारित हो और वह इसे लटकाना चाहती है। नारायणसामी ने कहा कि बजट सत्र में यह विधेयक सदन में पुन: पेश किया जाएगा। नारायणसामी ने साथ ही यह भी कहा कि बीजेपी की दादागिरी को सभी ने देखा। टीवी चैनल से बातचीत में नारायणसामी ने कहा, "सभी संशोधनों पर विचार एवं सभी दलों से बातचीत के बाद बजट सत्र में इसे फिर से सदन में पेश किया जाएगा।" राज्य सभा गुरुवार को स्थगित हो गई थी जिसकी वजह से लोकपाल विधेयक अधर में लटक गया है। राज्य सभा की पूरी बहस को प्रायोजित बताने के भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा, "शुरू से ही भाजपा विधेयक को संसद में पारित नहीं होने देना चाहती थी। वे इसे अधर में लटकाना चाहते थे। यह भाजपा द्वारा प्रायोजित तमाशा था।" उन्होंने कहा, "यदि सरकार का इरादा नहीं था, तो हम क्यों इसे भाजपा के विरोध के बावजूद लोक सभा में पारित कराते। भाजपा एवं अन्य सदस्यों ने सदन की कार्यवाही को बाधित किया।"
यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री नारायणसामी ने एनडीटीवी से कहा कि गुरुवार संसद में सबने बीजेपी की दादागिरी देख ली।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के विदिशा में एक युवक उसी लड़की को भगा ले गया जिसको वह शादी के लिए देखने के लिए आया था. हालांकि लड़की की उम्र अभी 14 साल ही है. इससे लड़की के परिजनों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वह नाबालिग की शादी करने जा रहे थे. मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक नटेरन थाना इलाके में युवक उस लड़की देखने आया था और दोनों ने ही एक-दूसरे को पसंद कर लिया. लेकिन दोनों परिवारों के बीच बात नहीं बन पाई. टिप्पणियां वहीं पहली ही नजर में लड़का और लड़की एक दूसरे चाहने लगे थे. एक दिन लड़की अपनी भाभी के साथ बाजार गई थी. वहीं दोबारा युवक से मुलाकात हो गई. मौका देखते ही लड़की उसके साथ वहीं से भाग गई. इसके बाद तो परिजनों के होश उड़ गए और उन लोगों ने नटेरन पुलिस थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया.  पुलिस ने पूरे इलाके में उस लड़की तलाश शुरू कर दी. इसी बीच किसी ने उसके भाई को सूचना दी कि वह किसी लड़के साथ इस जगह पर देखी गई है. भाई पुलिस के साथ बताई गई जगह पर पहुंचा तो वहां पर लड़का-लड़की दोनों मौजूद थे. पुलिस ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ नाबालिग का अपहरण का मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. वहीं लड़की का कहना है कि वह एक-दूसरे को पसंद करते हैं.  वहीं पहली ही नजर में लड़का और लड़की एक दूसरे चाहने लगे थे. एक दिन लड़की अपनी भाभी के साथ बाजार गई थी. वहीं दोबारा युवक से मुलाकात हो गई. मौका देखते ही लड़की उसके साथ वहीं से भाग गई. इसके बाद तो परिजनों के होश उड़ गए और उन लोगों ने नटेरन पुलिस थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया.  पुलिस ने पूरे इलाके में उस लड़की तलाश शुरू कर दी. इसी बीच किसी ने उसके भाई को सूचना दी कि वह किसी लड़के साथ इस जगह पर देखी गई है. भाई पुलिस के साथ बताई गई जगह पर पहुंचा तो वहां पर लड़का-लड़की दोनों मौजूद थे. पुलिस ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ नाबालिग का अपहरण का मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. वहीं लड़की का कहना है कि वह एक-दूसरे को पसंद करते हैं.  पुलिस ने पूरे इलाके में उस लड़की तलाश शुरू कर दी. इसी बीच किसी ने उसके भाई को सूचना दी कि वह किसी लड़के साथ इस जगह पर देखी गई है. भाई पुलिस के साथ बताई गई जगह पर पहुंचा तो वहां पर लड़का-लड़की दोनों मौजूद थे. पुलिस ने लड़के को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ नाबालिग का अपहरण का मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. वहीं लड़की का कहना है कि वह एक-दूसरे को पसंद करते हैं.
यह एक सारांश है: दोनों परिवारों के बीच शादी की बात बन नहीं पा रही थी लड़की अभी नाबालिग है पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया है
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गोल्डमेन साक्स के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता पर भेदिया कारोबार के जुर्म में 1.39 करोड़ डॉलर का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा वे अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में अधिकारी या निदेशक के रूप में काम नहीं कर सकेंगे। न्यूयार्क की एक जिला अदालत में जज जेड एस राकॉफ ने यह आदेश जारी किया। भारतीय मूल के गुप्ता पर यह जुर्माना अमेरिकी इतिहास के अब तक के सबसे बड़े भेदिया कारोबार मामले में लगाया गया है। गुप्ता जून 2012 में दोषी ठहराए जाने के एक समानांतर मामले में अपील कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें दो साल की जेल तथा 50 लाख डॉलर जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बुधवार को लगाए गए जुर्माने के बारे में गुप्ता के अटार्नी से टिप्पणी नहीं ली जा सकी। इस मामले में गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं अपने मित्र व हेज फंड प्रबंधक राज राजारत्नम को बताई। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। न्यूयार्क की एक जिला अदालत में जज जेड एस राकॉफ ने यह आदेश जारी किया। भारतीय मूल के गुप्ता पर यह जुर्माना अमेरिकी इतिहास के अब तक के सबसे बड़े भेदिया कारोबार मामले में लगाया गया है। गुप्ता जून 2012 में दोषी ठहराए जाने के एक समानांतर मामले में अपील कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें दो साल की जेल तथा 50 लाख डॉलर जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बुधवार को लगाए गए जुर्माने के बारे में गुप्ता के अटार्नी से टिप्पणी नहीं ली जा सकी। इस मामले में गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं अपने मित्र व हेज फंड प्रबंधक राज राजारत्नम को बताई। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। गुप्ता जून 2012 में दोषी ठहराए जाने के एक समानांतर मामले में अपील कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें दो साल की जेल तथा 50 लाख डॉलर जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बुधवार को लगाए गए जुर्माने के बारे में गुप्ता के अटार्नी से टिप्पणी नहीं ली जा सकी। इस मामले में गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं अपने मित्र व हेज फंड प्रबंधक राज राजारत्नम को बताई। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। बुधवार को लगाए गए जुर्माने के बारे में गुप्ता के अटार्नी से टिप्पणी नहीं ली जा सकी। इस मामले में गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं अपने मित्र व हेज फंड प्रबंधक राज राजारत्नम को बताई। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। इस मामले में गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने कंपनी से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं अपने मित्र व हेज फंड प्रबंधक राज राजारत्नम को बताई। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) ने कहा है कि गुप्ता अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।टिप्पणियां नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। नियामक ने इससे पहले राजारत्नम पर भेदिया कारोबार के आरोप में 9.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है। जज ने कहा कि इस फैसले से उन बोर्ड सदस्यों को स्पष्ट संकेत मिलेगा जिन पर कंपनियों की गोपनीयता की रक्षा की जिम्मेदारी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोल्डमेन साक्स के पूर्व निदेशक रजत गुप्ता पर भेदिया कारोबार के जुर्म में 1.39 करोड़ डॉलर का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा वे अब कभी किसी सूचीबद्ध कंपनी में अधिकारी या निदेशक के रूप में काम नहीं कर सकेंगे।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जीलिंग में हो रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को प्रदर्शनकारियों से हिंसा नहीं करने और किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत करने की अपील की. राजनाथ सिंह ने वहां रहने वाले लोगों से कहा कि हिंसा से उन्हें कभी कोई समाधान खोजने में मदद नहीं मिलेगी और उन्हें शांति के साथ रहना चाहिए. उन्होंने कहा, सभी संबंधित पार्टियों और पक्षों को सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत के जरिये अपने मतभेदों और गलतफहमियों को सुलझाना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में हिंसा से कभी कोई समाधान खोजने में मदद नहीं मिलेगी. हर मुद्दे को आपसी वार्ता से सुलझाया जा सकता है. उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं दार्जीलिंग और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील करता हूं कि शांत रहें. किसी को हिंसा नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की और वहां मौजूद हालात पर चर्चा की. राजनाथ ने शनिवार को भी ममता से बात की थी और उनसे हरसंभव कदम उठाने को कहा था, ताकि इस पर्वतीय पर्यटन केंद्र में शांति बहाल हो सके, जहां लोग स्कूलों में बांग्ला को अनिवार्य भाषा के तौर पर लागू करने का विरोध कर रहे हैं. अर्द्धस्वायत्तशासी गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में शासन संभाल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) वहां अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है. दार्जीलिंग रविवार को भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौकबाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.टिप्पणियां शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, सभी संबंधित पार्टियों और पक्षों को सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत के जरिये अपने मतभेदों और गलतफहमियों को सुलझाना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में हिंसा से कभी कोई समाधान खोजने में मदद नहीं मिलेगी. हर मुद्दे को आपसी वार्ता से सुलझाया जा सकता है. उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं दार्जीलिंग और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील करता हूं कि शांत रहें. किसी को हिंसा नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की और वहां मौजूद हालात पर चर्चा की. राजनाथ ने शनिवार को भी ममता से बात की थी और उनसे हरसंभव कदम उठाने को कहा था, ताकि इस पर्वतीय पर्यटन केंद्र में शांति बहाल हो सके, जहां लोग स्कूलों में बांग्ला को अनिवार्य भाषा के तौर पर लागू करने का विरोध कर रहे हैं. अर्द्धस्वायत्तशासी गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में शासन संभाल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) वहां अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है. दार्जीलिंग रविवार को भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौकबाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.टिप्पणियां शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं दार्जीलिंग और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील करता हूं कि शांत रहें. किसी को हिंसा नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की और वहां मौजूद हालात पर चर्चा की. राजनाथ ने शनिवार को भी ममता से बात की थी और उनसे हरसंभव कदम उठाने को कहा था, ताकि इस पर्वतीय पर्यटन केंद्र में शांति बहाल हो सके, जहां लोग स्कूलों में बांग्ला को अनिवार्य भाषा के तौर पर लागू करने का विरोध कर रहे हैं. अर्द्धस्वायत्तशासी गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में शासन संभाल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) वहां अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है. दार्जीलिंग रविवार को भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौकबाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.टिप्पणियां शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजनाथ ने शनिवार को भी ममता से बात की थी और उनसे हरसंभव कदम उठाने को कहा था, ताकि इस पर्वतीय पर्यटन केंद्र में शांति बहाल हो सके, जहां लोग स्कूलों में बांग्ला को अनिवार्य भाषा के तौर पर लागू करने का विरोध कर रहे हैं. अर्द्धस्वायत्तशासी गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में शासन संभाल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) वहां अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है. दार्जीलिंग रविवार को भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौकबाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.टिप्पणियां शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अर्द्धस्वायत्तशासी गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में शासन संभाल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) वहां अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है. दार्जीलिंग रविवार को भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौकबाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.टिप्पणियां शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जीलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:दार्जीलिंग में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है राजनाथ ने लोगों से हिंसा छोड़कर वार्ता के लिए आगे आने को कहा राजनाथ ने ममता बनर्जी से दार्जीलिंग के हालात पर बात की
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सार्वजनिक क्षेत्र की सेल की रेलवे के साथ मिलकर कांचड़पाड़ा (पश्चिम बंगाल) में रेल कोच बनाने का कारखाना लगाने की योजना है। इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बताया कि सेल पश्चिम बंगाल में कोच कारखाना लगाने के लिए रेलवे के साथ बातचीत कर रही है। यह वैसा ही संयुक्त उद्यम होगा जैसा कंपनी कुल्टी में वैगन बनाने के लिए राइट्स के साथ कर चुकी है। उन्होंने बताया कि यह कोच कारखाना पश्चिम बंगाल में कांचड़पाड़ा जिले में स्थापित करने का प्रस्ताव है। सेल के अधिकारी इस बारे में सितंबर बाद से रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। इस्पात मंत्री ने हालांकि प्रस्तावित निवेश या रेल कोच कारखाने की क्षमता के बारे में टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि रेलवे तथा सेल ने मेट्रो कोच बनाने तथा रेल पटरी बिछाने के क्षेत्र में उतरने की संभावना टटोलने के लिए संयुक्त टीम गठित की है। सेल के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कंपनी मेट्रो रेल के लिए कोच बनाने के लिए कुछ प्रमुख यूरोपीय रेल प्रौद्योगिकी कंपनियों से बातचीत कर रही है। सेल के चेयरमैन सीएस वर्मा ने कोच कारखाने के सिलसिले में पिछले महीने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी।
संक्षिप्त सारांश: सार्वजनिक क्षेत्र की सेल की रेलवे के साथ मिलकर कांचड़पाड़ा (पश्चिम बंगाल) में रेल कोच बनाने का कारखाना लगाने की योजना है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम मंत्रालय संभालने के फौरन बाद वीरप्पा मोइली ने संकेत दिया है  कि सरकार आने वाले समय में डीज़ल, कैरोसिन और गैस पर सब्सिडी कम कर सकती है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री ने सीधे-सीधे यह बात नहीं कही है, लेकिन, उन्होंने कहा है कि सबसिडी की मौजूदा नीति पर विचार करना होगा। देखना होगा कि इसके लाभ ज़रूरतमंद आदमी तक जाएं। वीरप्पा मोइली का कहना था कि सिर्फ डीजल, कैरोसिन और गैस पर रोज 433 करोड़ की अंडर रिकवरी हो रही है। इस साल यह अंडर रिकवरी एक लाख 63 हज़ार करोड़ हो जाएगी। अगर सरकार सब्सिडी घटाने का फैसला लेती है हो तो तेल उत्पादों के दाम बढ़ेंगे, यानि पेट्रोल, डीज़ल समेत रसोई गैस के दाम बढ़ेंगे।टिप्पणियां वहीं, बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि रेड्डी जैसे वरिष्ठ मंत्री को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा कर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया। नायडू ने कहा, 'मैंने सुना है कि व्यापारियों का दबाव था रेड्डी को हटाने को लेकर।' लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री ने सीधे-सीधे यह बात नहीं कही है, लेकिन, उन्होंने कहा है कि सबसिडी की मौजूदा नीति पर विचार करना होगा। देखना होगा कि इसके लाभ ज़रूरतमंद आदमी तक जाएं। वीरप्पा मोइली का कहना था कि सिर्फ डीजल, कैरोसिन और गैस पर रोज 433 करोड़ की अंडर रिकवरी हो रही है। इस साल यह अंडर रिकवरी एक लाख 63 हज़ार करोड़ हो जाएगी। अगर सरकार सब्सिडी घटाने का फैसला लेती है हो तो तेल उत्पादों के दाम बढ़ेंगे, यानि पेट्रोल, डीज़ल समेत रसोई गैस के दाम बढ़ेंगे।टिप्पणियां वहीं, बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि रेड्डी जैसे वरिष्ठ मंत्री को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा कर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया। नायडू ने कहा, 'मैंने सुना है कि व्यापारियों का दबाव था रेड्डी को हटाने को लेकर।' लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है। वीरप्पा मोइली का कहना था कि सिर्फ डीजल, कैरोसिन और गैस पर रोज 433 करोड़ की अंडर रिकवरी हो रही है। इस साल यह अंडर रिकवरी एक लाख 63 हज़ार करोड़ हो जाएगी। अगर सरकार सब्सिडी घटाने का फैसला लेती है हो तो तेल उत्पादों के दाम बढ़ेंगे, यानि पेट्रोल, डीज़ल समेत रसोई गैस के दाम बढ़ेंगे।टिप्पणियां वहीं, बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि रेड्डी जैसे वरिष्ठ मंत्री को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा कर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया। नायडू ने कहा, 'मैंने सुना है कि व्यापारियों का दबाव था रेड्डी को हटाने को लेकर।' लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है। अगर सरकार सब्सिडी घटाने का फैसला लेती है हो तो तेल उत्पादों के दाम बढ़ेंगे, यानि पेट्रोल, डीज़ल समेत रसोई गैस के दाम बढ़ेंगे।टिप्पणियां वहीं, बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि रेड्डी जैसे वरिष्ठ मंत्री को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा कर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया। नायडू ने कहा, 'मैंने सुना है कि व्यापारियों का दबाव था रेड्डी को हटाने को लेकर।' लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है। वहीं, बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने कहा है कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि रेड्डी जैसे वरिष्ठ मंत्री को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा कर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया। नायडू ने कहा, 'मैंने सुना है कि व्यापारियों का दबाव था रेड्डी को हटाने को लेकर।' लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है। लेकिन, वीरप्पा मोइली का कहना है कि जयपाल रेड्डी अच्छा काम कर रहे थे। उनका मंत्रालय बदले जाने के पीछे कोई मंशा खोजना ठीक नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय संभालने के फौरन बाद वीरप्पा मोइली ने संकेत दिया है कि सरकार आने वाले समय में डीज़ल, कैरोसिन और गैस पर सब्सिडी कम कर सकती है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में जेडीयू के साथ गठबंधन पर मंडरा रहे ख़तरे के बीच भाजपा राज्य की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। आज बिहार भाजपा नेताओं के साथ बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी से हर बूथ पर पार्टी को मज़बूत करने में जुट जाएं नेता। कोर ग्रुप के नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर की बैठक में जेडीयू के बिना भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बात हुई। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि राजनाथ सिंह जी ने अपनी राय दी है। संगठन का विस्तार करना है, भाजपा को ताक़तवर बनाना है और विकास में अपना सहयोग देना है। 14 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे हमलों ने अब भाजपा के लिए रास्ता बंद कर दिया है। गठबंधन टूट की कगार पर है और सवाल यही है कब टूटेगा?टिप्पणियां हालांकि कुछ जेडीयू नेताओं को लगता है ये टूट चुका है। जेडीयू नेता वृषण पटेल का कहना है कि गठबंधन मर रहा है और सिर्फ अंतिम संस्कार बाक़ी है। भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस पर पलटवार किया और पूछा कि किस विधि से करना है? भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है। कोर ग्रुप के नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर की बैठक में जेडीयू के बिना भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बात हुई। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि राजनाथ सिंह जी ने अपनी राय दी है। संगठन का विस्तार करना है, भाजपा को ताक़तवर बनाना है और विकास में अपना सहयोग देना है। 14 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे हमलों ने अब भाजपा के लिए रास्ता बंद कर दिया है। गठबंधन टूट की कगार पर है और सवाल यही है कब टूटेगा?टिप्पणियां हालांकि कुछ जेडीयू नेताओं को लगता है ये टूट चुका है। जेडीयू नेता वृषण पटेल का कहना है कि गठबंधन मर रहा है और सिर्फ अंतिम संस्कार बाक़ी है। भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस पर पलटवार किया और पूछा कि किस विधि से करना है? भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि राजनाथ सिंह जी ने अपनी राय दी है। संगठन का विस्तार करना है, भाजपा को ताक़तवर बनाना है और विकास में अपना सहयोग देना है। 14 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे हमलों ने अब भाजपा के लिए रास्ता बंद कर दिया है। गठबंधन टूट की कगार पर है और सवाल यही है कब टूटेगा?टिप्पणियां हालांकि कुछ जेडीयू नेताओं को लगता है ये टूट चुका है। जेडीयू नेता वृषण पटेल का कहना है कि गठबंधन मर रहा है और सिर्फ अंतिम संस्कार बाक़ी है। भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस पर पलटवार किया और पूछा कि किस विधि से करना है? भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है। 14 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे हमलों ने अब भाजपा के लिए रास्ता बंद कर दिया है। गठबंधन टूट की कगार पर है और सवाल यही है कब टूटेगा?टिप्पणियां हालांकि कुछ जेडीयू नेताओं को लगता है ये टूट चुका है। जेडीयू नेता वृषण पटेल का कहना है कि गठबंधन मर रहा है और सिर्फ अंतिम संस्कार बाक़ी है। भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस पर पलटवार किया और पूछा कि किस विधि से करना है? भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है। हालांकि कुछ जेडीयू नेताओं को लगता है ये टूट चुका है। जेडीयू नेता वृषण पटेल का कहना है कि गठबंधन मर रहा है और सिर्फ अंतिम संस्कार बाक़ी है। भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने इस पर पलटवार किया और पूछा कि किस विधि से करना है? भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी अपनी ओर से गठबंधन नहीं तोड़ेगी। लेकिन अगर बयानबाज़ी ऐसे ही होती रही तो शायद संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाकर इस बारे में अंतिम फ़ैसला भी करना पड़े। भाजपा ने बिहार को 12 हज़ार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया है और कहा 20 हज़ार करोड़ मांगे गए थे लिहाज़ा ये बिहार की जनता के साथ मज़ाक़ है।
संक्षिप्त सारांश: बिहार में जेडीयू के साथ गठबंधन पर मंडरा रहे ख़तरे के बीच भाजपा राज्य की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट गई है। आज बिहार भाजपा नेताओं के साथ बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी से हर बूथ पर पार्टी को मज़बूत करने में जुट जाएं ने
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 11 दिन बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोडशो के दौरान तबीयत खराब होने के बाद रोड शो को बीच में छोड़कर सोनिया गांधी एक चार्टर्ड विमान से दिल्‍ली के लिए रवाना हो गई थीं. सर गंगा राम हॉस्पिटल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन डॉक्टर डीएस राना ने कहा- डिस्चार्ज के वक्त श्रीमती सोनिया गांधी की तबीयत स्थिर है. उन्हें आराम की सलाह दी गई है और दवाएं जारी रखने के लिए कहा गया है. आने वाले सप्ताह में वह चेकअप के लिए हॉस्पिटल आएंगीं. 3 अगस्त को उनके कंधे की सर्जरी हुई और डॉक्टरों का कहना है कि वह चोट से काफी हद तक उबर चुकी हैं.टिप्पणियां 69-वर्षीय सोनिया गांधी को तबीयत खराब होने पर दिल्‍ली में सेना के अस्‍पताल में भर्ती किया गया था और बाद में बुधवार यानी 3 अगस्तको उन्‍हें गंगाराम अस्‍पताल में दाखिल कर दिया गया. एक बयान में बताया गया था कि 'उनके शरीर में पानी की काफी कमी हो गई थी लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है और आगे की जांच की जा रही है.' डॉक्टरों ने उन्हें डिहाइड्रेशन और बुखार की शिकायत बताई थी.   सर गंगा राम हॉस्पिटल के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन डॉक्टर डीएस राना ने कहा- डिस्चार्ज के वक्त श्रीमती सोनिया गांधी की तबीयत स्थिर है. उन्हें आराम की सलाह दी गई है और दवाएं जारी रखने के लिए कहा गया है. आने वाले सप्ताह में वह चेकअप के लिए हॉस्पिटल आएंगीं. 3 अगस्त को उनके कंधे की सर्जरी हुई और डॉक्टरों का कहना है कि वह चोट से काफी हद तक उबर चुकी हैं.टिप्पणियां 69-वर्षीय सोनिया गांधी को तबीयत खराब होने पर दिल्‍ली में सेना के अस्‍पताल में भर्ती किया गया था और बाद में बुधवार यानी 3 अगस्तको उन्‍हें गंगाराम अस्‍पताल में दाखिल कर दिया गया. एक बयान में बताया गया था कि 'उनके शरीर में पानी की काफी कमी हो गई थी लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है और आगे की जांच की जा रही है.' डॉक्टरों ने उन्हें डिहाइड्रेशन और बुखार की शिकायत बताई थी.   69-वर्षीय सोनिया गांधी को तबीयत खराब होने पर दिल्‍ली में सेना के अस्‍पताल में भर्ती किया गया था और बाद में बुधवार यानी 3 अगस्तको उन्‍हें गंगाराम अस्‍पताल में दाखिल कर दिया गया. एक बयान में बताया गया था कि 'उनके शरीर में पानी की काफी कमी हो गई थी लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है और आगे की जांच की जा रही है.' डॉक्टरों ने उन्हें डिहाइड्रेशन और बुखार की शिकायत बताई थी.
यहाँ एक सारांश है:सोनिया गांधी की वाराणसी दौरे के दौरान तबीयत खऱाब हो गई थी वह गंगा राम हॉस्पिटल में ऐडमिट थीं अब वह रिलीज कर दी गई हैं, अगले हफ्ते चेकअप के लिए हॉस्पिटल आएंगी
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय के दौरान अंपायर के फैसले के प्रति विरोध जताकर आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने पर फटकार लगाई गई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एक बयान में कहा, सोमवार को अहमदाबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय मैच के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने पर भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को फटकार लगाई गई। कोहली ने लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है और मैच खत्म होने के बाद उन्होंने मैच रैफरी की प्रस्तावित सजा भी स्वीकार कर ली। कोहली को संहिता की धारा 2.1 . 3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है जो अंपायर के फैसले पर विरोध जताने से संबंधित है। नौवें ओवर में आउट दिए जाने के बावजूद कोहली काफी समय तक क्रीज में खड़े रहे थे और फिर बाद में पवेलियन लौटे थे। इसे अंपायर के फैसले का विरोध माना गया जिसे खिलाड़ी ने भी स्वीकार किया। कोहली के दोष और प्रस्तावित सजा को स्वीकार करने के बाद औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदानी अंपायरों टोनी हिल और सुधीर असनानी तथा तीसरे अंपायर विनीत कुलकर्णी ने कोहली के खिलाफ आरोप लगाए थे।
सारांश: कोहली को मोटेरा वनडे के दौरान अंपायर के फैसले का विरोध जताने पर आचार संहिता का उल्लंघन करने पर फटकार लगाई गई है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने का प्रयास करने वाले एक एसडीएम उस समय बाल-बाल बच गए, जब अवैध रूप से खनन कर ले जाई जा रही बजरी से लदे ट्रैक्टर ट्रॉली ने उनके वाहन में बार-बार टक्कर मारी। पुलिस ने बताया कि नालागढ़ के एसडीएम यूनुस खान पर शिमला से 140 किलोमीटर दूर नालागढ़ रोपड़ रोड पर स्थित सिरसा पुल पर हमला किया गया। यूनुस उत्तर प्रदेश में रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाली निलंबित एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के बैच के आईएएस अधिकारी हैं।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि यूनुस के उड़न दस्ते के वाहन को अवैध रूप से खनन कर ले जाए जा रहे पत्थर से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तीन बार टक्कर मारी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक ने ट्रॉली की सामग्री वाहन पर गिराने का प्रयास किया। यद्यपि ट्रॉली की सामग्री यूनुस के वाहन पर नहीं गिरी। पुलिस अधीक्षक एस अरल ने कहा, एसडीएम बुधवार शाम अवैध खनन रोकने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे। जब उन्होंने बजरी और बालू लदे दो वाहनों को देखा, तो उन्होंने उन्हें रुकने का इशारा किया। उनमें से एक वाहन उनकी ओर बढ़ने लगा और उनके वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि नालागढ़ के एसडीएम यूनुस खान पर शिमला से 140 किलोमीटर दूर नालागढ़ रोपड़ रोड पर स्थित सिरसा पुल पर हमला किया गया। यूनुस उत्तर प्रदेश में रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाली निलंबित एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के बैच के आईएएस अधिकारी हैं।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि यूनुस के उड़न दस्ते के वाहन को अवैध रूप से खनन कर ले जाए जा रहे पत्थर से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तीन बार टक्कर मारी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक ने ट्रॉली की सामग्री वाहन पर गिराने का प्रयास किया। यद्यपि ट्रॉली की सामग्री यूनुस के वाहन पर नहीं गिरी। पुलिस अधीक्षक एस अरल ने कहा, एसडीएम बुधवार शाम अवैध खनन रोकने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे। जब उन्होंने बजरी और बालू लदे दो वाहनों को देखा, तो उन्होंने उन्हें रुकने का इशारा किया। उनमें से एक वाहन उनकी ओर बढ़ने लगा और उनके वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि यूनुस के उड़न दस्ते के वाहन को अवैध रूप से खनन कर ले जाए जा रहे पत्थर से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तीन बार टक्कर मारी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक ने ट्रॉली की सामग्री वाहन पर गिराने का प्रयास किया। यद्यपि ट्रॉली की सामग्री यूनुस के वाहन पर नहीं गिरी। पुलिस अधीक्षक एस अरल ने कहा, एसडीएम बुधवार शाम अवैध खनन रोकने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे। जब उन्होंने बजरी और बालू लदे दो वाहनों को देखा, तो उन्होंने उन्हें रुकने का इशारा किया। उनमें से एक वाहन उनकी ओर बढ़ने लगा और उनके वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक एस अरल ने कहा, एसडीएम बुधवार शाम अवैध खनन रोकने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर गए थे। जब उन्होंने बजरी और बालू लदे दो वाहनों को देखा, तो उन्होंने उन्हें रुकने का इशारा किया। उनमें से एक वाहन उनकी ओर बढ़ने लगा और उनके वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया।
संक्षिप्त पाठ: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने का प्रयास करने वाले एक एसडीएम उस समय बाल-बाल बच गए, जब अवैध रूप से खनन कर ले जाई जा रही बजरी से लदे ट्रैक्टर ट्रॉली ने उनके वाहन में बार-बार टक्कर मारी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के गुरदासपुर सीट से लोकसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बता दें कि सुनील जाखड़ को इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार सनी देओल ने बड़े अंतर से हराया है. सुनील जाखड़ ने अपना इस्तीफा मौजूदा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है. सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर से बीजेपी के सांसद विनोद खन्ना के निधन के बाद इस सीट पर 2017 में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. सुनील जाखड़ के एक सहयोगी ने सोमवार को बताया कि उन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है . खास बात यह है कि सुनील जाखड़ ने पत्र में लिखा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के समर्थन के बावजूद वह सीट को बरकरार नहीं रख पाए. इस बार के चुनाव में पंजाब में सत्तारूढ कांग्रेस ने राज्य की 13 में से आठ संसदीय सीटों पर जीत हासिल की है. हालांकि, इस बार जाखड़ को अभिनेता से नेता बने देओल ने 82,459 मतों के अंतर से हराया. पंजाब कांग्रेस विधायक दल के तत्कालीन नेता जाखड़ ने पांच साल पहले भी फिरोजपुर लोकसभा सीट हारने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी लेकिन तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया था. बहरहाल इन सब के बीज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अपने पद से इस्तीफा देने पर अड़े हैं. राहुल गांधी के करीबी सूत्रों ने बताया, वह इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं, लेकिन वह पद को 'खाली' नहीं छोड़ेंगे. नया अध्यक्ष चुनने के लिए वे पार्टी को समय देंगे. राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी कथित तौर पर उनके फैसले के साथ हैं.  वहीं दूसरी ओर खबर है कि राहुल गांधी किसी से भी नहीं मिल रहे हैं. कुछ नवनिर्वाचित सांसदों ने उन्हें कॉल किया, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया. इसके साथ ही उनकी सभी बैठकों और कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है. सोमवार को उन्होंने कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता केसी वेनुगोपाल और अहमद पटेल से मुलाकात की. इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे कहा कि आप मेरा विकल्प ढूंढ़ लीजिए, क्योंकि मैं इस्तीफा वापस नहीं लूंगा. साथ ही सूत्रों का यह भी कहना है कि सप्ताह भर से कांग्रेस नेता उन्हें मनाने में जुटे हैं और लेकिन राहुल गांधी ने अपना मन नहीं बदला. आधिकारिक तौर पर, पार्टी ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को 'सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया था.' कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के ढीलेपन को लेकर उन पर निशाना साधा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने पार्टी से आगे अपने बेटों को रखा और उन्हें टिकट दिलाने के लिए दबाव बनाया. हालांकि, राहुल गांधी ने किसी का नाम नहीं किया, लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं के बेटे और बेटियों को हार का सामना करना पड़ा. इनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव शामिल हैं. जब राहुल गांधी ने बैठक में इस्तीफे की पेशकश की तो पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि अगर वह इस्तीफा देते हैं दक्षिण से कांग्रेस कार्यकर्ता सुसाइड कर सकते हैं. (इनपुट भाषा से)
यहाँ एक सारांश है:सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर से हार के बाद दिया इस्तीफा बीजेपी के उम्मीदवार सनी देओल ने गुरदासपुर से हराया सुनील जाखड़ ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर बताई इस्तीफे की वजह
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात सरकार  2002 के नरोडा पाटिया दंगा मामले में एक अपील दायर कर 10 दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करेगी। इन दस दोषियों में मोदी सरकार की पूर्व मंत्री डॉ. माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी भी शामिल है। इसी के साथ गुजरात सरकार ने 22 अन्य दोषियों की सजा बढ़ाने के लिए भी अपील करने का फैसला किया है। गुजरात हाईकोर्ट के तीन जजों का पैनल इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इससे पहले माया कोडनानी को स्पेशल कोर्ट ने 28 साल कैद की सजा सुनाई थी जबकि वीएचपी के पूर्व नेता बाबू बजरंगी को भी आजीवन जेल में रहने की सजा दी थी। इस मामले में कुल 32 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। गुजरात हाईकोर्ट के तीन जजों का पैनल इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इससे पहले माया कोडनानी को स्पेशल कोर्ट ने 28 साल कैद की सजा सुनाई थी जबकि वीएचपी के पूर्व नेता बाबू बजरंगी को भी आजीवन जेल में रहने की सजा दी थी। इस मामले में कुल 32 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
गुजरात सरकार नरोडा पाटिया केस में पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी समेत कुल दस लोगों को फांसी देने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेगी।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो एबे ने इस सप्ताह के शुरू में उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है।टिप्पणियां दोनों नेताओं ने बुधवार को फोन पर बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के खिलाफ उकसावे की इस कार्रवाई का जवाब देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया है, "उन्होंने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अहम कार्रवाई कर सके इसके लिए और उत्तर कोरिया के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने के कदम पर सहयोग करने की बात कही है।" बातचीत के दौरान ओबामा ने दोहराया कि अमेरिका जापान से की गई आत्मरक्षा की प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा। दोनों नेताओं ने बुधवार को फोन पर बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के खिलाफ उकसावे की इस कार्रवाई का जवाब देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया है, "उन्होंने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अहम कार्रवाई कर सके इसके लिए और उत्तर कोरिया के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने के कदम पर सहयोग करने की बात कही है।" बातचीत के दौरान ओबामा ने दोहराया कि अमेरिका जापान से की गई आत्मरक्षा की प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया है, "उन्होंने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अहम कार्रवाई कर सके इसके लिए और उत्तर कोरिया के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने के कदम पर सहयोग करने की बात कही है।" बातचीत के दौरान ओबामा ने दोहराया कि अमेरिका जापान से की गई आत्मरक्षा की प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो एबे ने इस सप्ताह के शुरू में उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चेन्नई में रविवार को आईपीएल-6 के लिए होने जा रही खिलाड़ियों की नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और मौजूदा कप्तान माइकल क्लार्क का बेस प्राइस चार लाख डॉलर (करीब दो करोड़ 10 लाख रुपये) रखा गया है, जो सर्वाधिक है। सूची में पोंटिंग और क्लार्क के अलावा दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला जोहान बोथा और भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। इन्हें एक लाख डॉलर (53.3 लाख रुपये) बेस प्राइस मिला है। आरपी सिंह को पिछले साल मुंबई इंडियन्स ने छह लाख डॉलर में खरीदा था, लेकिन वह 11 मैचों में 10 विकेट ही ले सके। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें छोड़ दिया। क्लार्क पहले पुणे वॉरियर्स के साथ थे, जबकि पोंटिंग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला था। बोथा को तीन लाख डॉलर (एक करोड़ 60 लाख रुपये) का बेस प्राइस मिला है। सूची में सात भारतीय, दो इंग्लिश खिलाड़ी और आयरलैंड के केविन ओब्रायन शामिल हैं।टिप्पणियां क्लार्क दो साल पहले टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पोंटिंग की गिनती भी टी-20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में नहीं होती है। पिछले साल टी-20 विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रहे डेरेन सैमी पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उनका बेस प्राइस एक लाख डॉलर है। अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में इंग्लैंड के मैट प्रायर और रवि बोपारा शामिल हैं, जो पिछले सत्र में बिक नहीं सके थे। उन्हें क्रमश: एक लाख और दो लाख डॉलर बेस प्राइस मिला है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है। सूची में पोंटिंग और क्लार्क के अलावा दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला जोहान बोथा और भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। इन्हें एक लाख डॉलर (53.3 लाख रुपये) बेस प्राइस मिला है। आरपी सिंह को पिछले साल मुंबई इंडियन्स ने छह लाख डॉलर में खरीदा था, लेकिन वह 11 मैचों में 10 विकेट ही ले सके। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें छोड़ दिया। क्लार्क पहले पुणे वॉरियर्स के साथ थे, जबकि पोंटिंग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला था। बोथा को तीन लाख डॉलर (एक करोड़ 60 लाख रुपये) का बेस प्राइस मिला है। सूची में सात भारतीय, दो इंग्लिश खिलाड़ी और आयरलैंड के केविन ओब्रायन शामिल हैं।टिप्पणियां क्लार्क दो साल पहले टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पोंटिंग की गिनती भी टी-20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में नहीं होती है। पिछले साल टी-20 विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रहे डेरेन सैमी पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उनका बेस प्राइस एक लाख डॉलर है। अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में इंग्लैंड के मैट प्रायर और रवि बोपारा शामिल हैं, जो पिछले सत्र में बिक नहीं सके थे। उन्हें क्रमश: एक लाख और दो लाख डॉलर बेस प्राइस मिला है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है। आरपी सिंह को पिछले साल मुंबई इंडियन्स ने छह लाख डॉलर में खरीदा था, लेकिन वह 11 मैचों में 10 विकेट ही ले सके। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें छोड़ दिया। क्लार्क पहले पुणे वॉरियर्स के साथ थे, जबकि पोंटिंग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला था। बोथा को तीन लाख डॉलर (एक करोड़ 60 लाख रुपये) का बेस प्राइस मिला है। सूची में सात भारतीय, दो इंग्लिश खिलाड़ी और आयरलैंड के केविन ओब्रायन शामिल हैं।टिप्पणियां क्लार्क दो साल पहले टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पोंटिंग की गिनती भी टी-20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में नहीं होती है। पिछले साल टी-20 विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रहे डेरेन सैमी पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उनका बेस प्राइस एक लाख डॉलर है। अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में इंग्लैंड के मैट प्रायर और रवि बोपारा शामिल हैं, जो पिछले सत्र में बिक नहीं सके थे। उन्हें क्रमश: एक लाख और दो लाख डॉलर बेस प्राइस मिला है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है। क्लार्क पहले पुणे वॉरियर्स के साथ थे, जबकि पोंटिंग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला था। बोथा को तीन लाख डॉलर (एक करोड़ 60 लाख रुपये) का बेस प्राइस मिला है। सूची में सात भारतीय, दो इंग्लिश खिलाड़ी और आयरलैंड के केविन ओब्रायन शामिल हैं।टिप्पणियां क्लार्क दो साल पहले टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पोंटिंग की गिनती भी टी-20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में नहीं होती है। पिछले साल टी-20 विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रहे डेरेन सैमी पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उनका बेस प्राइस एक लाख डॉलर है। अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में इंग्लैंड के मैट प्रायर और रवि बोपारा शामिल हैं, जो पिछले सत्र में बिक नहीं सके थे। उन्हें क्रमश: एक लाख और दो लाख डॉलर बेस प्राइस मिला है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है। क्लार्क दो साल पहले टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, जबकि पोंटिंग की गिनती भी टी-20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में नहीं होती है। पिछले साल टी-20 विश्वकप जीतने वाली वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रहे डेरेन सैमी पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उनका बेस प्राइस एक लाख डॉलर है। अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में इंग्लैंड के मैट प्रायर और रवि बोपारा शामिल हैं, जो पिछले सत्र में बिक नहीं सके थे। उन्हें क्रमश: एक लाख और दो लाख डॉलर बेस प्राइस मिला है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है। सूची में सितारा खिलाड़ियों के नहीं होने से नीलामी में उतनी रौनक नहीं रहेगी। एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, इस बार कोई बड़ी नीलामी नहीं हो रही है। सभी टीमें इक्के-दुक्के खिलाड़ियों की कमी पूरी करेंगी। खिलाड़ियों के करार 2013 सत्र के बाद खत्म होंगे, लिहाजा किसी बड़े खिलाड़ी को खरीदना इस बार मुमकिन नहीं है।
संक्षिप्त पाठ: चेन्नई में रविवार को आईपीएल-6 के लिए होने जा रही खिलाड़ियों की नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और मौजूदा कप्तान माइकल क्लार्क का बेस प्राइस चार लाख डॉलर रखा गया है, जो सर्वाधिक है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए एकता और ममता को मूल मंत्र बताया और बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि एक न एक दिन उन लोगों को 'इन बेकसूर' बच्चों को जवाब देना ही होगा. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी हो, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है. पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में घाटी में अशांति के बारे में कहा, 'कश्मीर में सभी पक्षों के साथ मेरे संवाद में एक चीज उभरी है, जिसे सरल शब्दों में 'एकता' और 'ममता' कहा जा सकता है. यह दोनों चीजें ही (वहां की समस्या हल करने का) मूल मंत्र हैं.' उन्होंने कहा कि कश्मीर पर सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में बात की है, जिससे पूरी दुनिया में, तथा अलगाववादी ताकतों तक संदेश पहुंचा है और इसके साथ ही कश्मीर के लोगों तक हमारी भावनाएं पहुंची हैं. 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कश्मीर में अशांति पैदा करने की कोशिश में छोटे बच्चों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि 'एक दिन उन लोगों को इन बेकसूर बच्चों को जवाब देना ही होगा.' प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी से मुलाकात कर उन्हें 'तीन सूत्रीय कार्य योजना' पेश की थी. इस कार्य योजना में सभी पक्षों के साथ बातचीत शामिल है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश बहुत बड़ा और विविधताओं से परिपूर्ण है. इसे एकजुट रखने के लिए एक नागरिक, एक समाज और एक सरकार के तौर पर एकता को उतना अधिक मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है जितना कि हम कर सकते हैं. तब ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो पाएगा. मुझे देश के 125 करोड़ लोगों की शक्ति पर पूरा भरोसा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी हो, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है. पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में घाटी में अशांति के बारे में कहा, 'कश्मीर में सभी पक्षों के साथ मेरे संवाद में एक चीज उभरी है, जिसे सरल शब्दों में 'एकता' और 'ममता' कहा जा सकता है. यह दोनों चीजें ही (वहां की समस्या हल करने का) मूल मंत्र हैं.' उन्होंने कहा कि कश्मीर पर सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में बात की है, जिससे पूरी दुनिया में, तथा अलगाववादी ताकतों तक संदेश पहुंचा है और इसके साथ ही कश्मीर के लोगों तक हमारी भावनाएं पहुंची हैं. 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कश्मीर में अशांति पैदा करने की कोशिश में छोटे बच्चों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि 'एक दिन उन लोगों को इन बेकसूर बच्चों को जवाब देना ही होगा.' प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी से मुलाकात कर उन्हें 'तीन सूत्रीय कार्य योजना' पेश की थी. इस कार्य योजना में सभी पक्षों के साथ बातचीत शामिल है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश बहुत बड़ा और विविधताओं से परिपूर्ण है. इसे एकजुट रखने के लिए एक नागरिक, एक समाज और एक सरकार के तौर पर एकता को उतना अधिक मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है जितना कि हम कर सकते हैं. तब ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो पाएगा. मुझे देश के 125 करोड़ लोगों की शक्ति पर पूरा भरोसा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में घाटी में अशांति के बारे में कहा, 'कश्मीर में सभी पक्षों के साथ मेरे संवाद में एक चीज उभरी है, जिसे सरल शब्दों में 'एकता' और 'ममता' कहा जा सकता है. यह दोनों चीजें ही (वहां की समस्या हल करने का) मूल मंत्र हैं.' उन्होंने कहा कि कश्मीर पर सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में बात की है, जिससे पूरी दुनिया में, तथा अलगाववादी ताकतों तक संदेश पहुंचा है और इसके साथ ही कश्मीर के लोगों तक हमारी भावनाएं पहुंची हैं. 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कश्मीर में अशांति पैदा करने की कोशिश में छोटे बच्चों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि 'एक दिन उन लोगों को इन बेकसूर बच्चों को जवाब देना ही होगा.' प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी से मुलाकात कर उन्हें 'तीन सूत्रीय कार्य योजना' पेश की थी. इस कार्य योजना में सभी पक्षों के साथ बातचीत शामिल है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश बहुत बड़ा और विविधताओं से परिपूर्ण है. इसे एकजुट रखने के लिए एक नागरिक, एक समाज और एक सरकार के तौर पर एकता को उतना अधिक मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है जितना कि हम कर सकते हैं. तब ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो पाएगा. मुझे देश के 125 करोड़ लोगों की शक्ति पर पूरा भरोसा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कश्मीर में अशांति पैदा करने की कोशिश में छोटे बच्चों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि 'एक दिन उन लोगों को इन बेकसूर बच्चों को जवाब देना ही होगा.' प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी से मुलाकात कर उन्हें 'तीन सूत्रीय कार्य योजना' पेश की थी. इस कार्य योजना में सभी पक्षों के साथ बातचीत शामिल है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश बहुत बड़ा और विविधताओं से परिपूर्ण है. इसे एकजुट रखने के लिए एक नागरिक, एक समाज और एक सरकार के तौर पर एकता को उतना अधिक मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है जितना कि हम कर सकते हैं. तब ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो पाएगा. मुझे देश के 125 करोड़ लोगों की शक्ति पर पूरा भरोसा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी ने कहा, 'यह देश बहुत बड़ा और विविधताओं से परिपूर्ण है. इसे एकजुट रखने के लिए एक नागरिक, एक समाज और एक सरकार के तौर पर एकता को उतना अधिक मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है जितना कि हम कर सकते हैं. तब ही देश का भविष्य उज्ज्वल हो पाएगा. मुझे देश के 125 करोड़ लोगों की शक्ति पर पूरा भरोसा है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 'घाटी में किसी की भी जान जाए, वह देश का नुकसान' 'कश्मीर पर सभी दलों ने एक स्वर में बात की है' 'कश्मीर के लोगों तक हमारी भावनाएं पहुंची हैं'
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिसार के पत्रकार अनूप कुंडू पर मानहानि और अवैध घुसपैठ का मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा इसलिए की गई है क्योंकि अनूप ने उकलाना में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में खराब हो रही गेहूं की खबर को कवर किया था. वहीं एफआईआर में कहा गया है कि पत्रकार ने विभाग को बदनाम करने के लिए अपने चैनल पर फर्जी वीडियो चलाया. बता दें कि 17 जुलाई को पता लगा कि उकलाना के डीएफएससी गोदाम में पानी की वजह से गेहूं खराब हो रहा है. इस बारे में पत्रकार ने सिक्योरिटी गार्ड से बात की और घटना का वीडियो बनाया. उन्होंने फूड सप्लाई इंस्पेक्टर राम फल से भी बात की लेकिन उन्होंने उसे धमका दिया.   18 जुलाई को इस बारे में चैनल पर 21 मिनट की स्टोरी चलाई गई. मंत्री करन देव कंबोज ने चैनल से बात की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया. इसी दिन मंत्री ने डीएफएससी सुभाष को जांच का सुझाव दिया जिसके बाद पत्रकार समेत कुछ बीजेपी नेता और जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर ने गोदाम का निरीक्षण किया. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने की अपील  इस दौरान अधिकारियों को खराब अनाज मिला. अधिकारियों ने गलती को स्वीकार किया और साउंडबाइट दिया. लेकिन 19 जुलाई को जब करनाल में मंत्री से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पत्रकार ने गलत खबर दी है. 25 जुलाई को पत्रकार ने डीसी हिसार के पास शिकायत दर्ज कराई और इस शिकायत को डीएफएससी हिसार के पास भी भेजा लेकिन यह अभी तक पेंडिंग है. इसके बाद 8 सितंबर को पत्रकार के खिलाफ धारा 451, 465 और 500 के तहत मामला दर्ज किया गया. अनूप कुण्डू पर दर्ज मुकदमे को लेकर जिले भर के पत्रकारों ने स्थानीय मीडिया सेंटर में एक बैठक का आयोजन कर रोष प्रकट किया और बैठक में जिले के सभी खंडों के पत्रकारों ने शिरकत की. यहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत सौंपी गई जिसमें पत्रकार पर दर्ज मुकदमे को खारिज करते हुए फर्जी जांच रिपोर्ट पेश करने वाले जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुभाष सिहाग और जिला परिषद के निवर्तमान कार्यकारी अधिकारी विकास यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की गई.  छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत   अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि पत्रकारों को डिमांड को संबंधित अधिकारी को प्रेषित करते हुए दोबारा निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी. साथ ही कहा कि किसी भी तरीके से मीडियाकर्मी के साथ गलत नही होने दिया जाएगा. अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उस आरोप को भी नकारा जिसमे कहा गया है कि अवैध रूप से परिसर में घुसे हैं. उत्तम सिंह ने कहा कि इस तरीके की धाराएं प्राइवेट प्रॉपर्टी पर लागू होती हैं ना कि पब्लिक प्रॉपर्टी पर.    हिसार के जिला पुलिस कप्तान के बाहर होने पर शिकायत की कॉपी पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार को सौंपी गई जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक कुमार ने कहा कि दोबारा से जांच कर दोनों पक्षों को शामिल किया जाएगा और निष्पक्षता से कार्यवाही करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा.
सारांश: पत्रकार ने चैनल पर खबर चलाई तो दर्ज हुआ मामला अनूप कुंडू पर मानहानि और अवैध घुसपैठ का मामला दर्ज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में खराब हो रही गेहूं की खबर की थी कवर
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महंगाई से परेशान आम लोगों की समस्या बढ़ाते हुए सरकार ने डीजल, केरोसीन तथा एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि की घोषणा की। डीजल के दाम में 3 रुपये लीटर की वृद्धि की गई है वहीं केरोसीन के दाम में 2 रुपये लीटर की वृद्धि की गई। एलपीजी सिलेंडर के मूल्य में 50 रुपये की खासी वृद्धि की गई है। हालांकि पेट्रोलियम उत्पादों पर सीमा शुल्क तथा उत्पाद शुल्क में भी कमी गई है जिससे सरकार को चालू वित्त वर्ष 2011-12 में 49,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। इस वृद्धि से तेल विपणन कंपनियों के नुकसान में 21,000 करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है। कीमतों में वृद्धि मध्य रात्रि से प्रभावी होगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों का अधिकार प्राप्त समूह की हुई बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ाने का निर्णय किया गया। सरकार के इस निर्णय से तेल कंपनियों का घाटा 21,000 करोड़ रुपया कम होगा। कंपनियों का घाटा फिलहाल 1,71,140 करोड़ रुपये है। हाल ही में सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये की वृद्धि की थी।
सरकार ने डीज़ल और गैस के दामों पर आखिर फैसला कर ही लिया। डीजल अब तीन रुपये प्रति लीटर महंगा है और एलपीजी 50 रुपये प्रति सिलेंडर।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बलरुस्कोनी 9/11 के आतंकवादी हमले का मंजर देखने के बाद खुद को रोक नहीं पाए थे और बिलख पड़े थे। उन्होंने हमले के 10 साल बाद एक टीवी कार्यक्रम पर यह राज खोला। राय उनो स्टेशन पर हमले की बरसी के अवसर पर शनिवार की शाम उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, अन्य बहुत से लोगों की तरह मैंने भी टीवी पर देखा की वहां क्या हो रहा है और मैं रोने लगा, मैं खुद को रोक ही नहीं पाया। उन्होंने कहा, 11 सितंबर के पहले सभी पश्चिमी देश अपनी आतंरिक सुरक्षा की ओर से निश्िंचत थे खास तौर से बर्लिन की दीवार गिराए जाने से बाद से। उन्होंने कहा, हालांकि उस हमले के बाद से एक बिल्कुल अलग लड़ाई शुरू हो गयी है जो देशों की मानवता को शर्मसार करने वाली लड़ाइयों से बहुत अलग है। बलरुस्कोनी ने कहा, यह देशों के बीच का मतभेद है सभ्यताओं के बीच का नहीं क्योंकि यह पश्चिम द्वारा इस्लाम के खिलाफ हमला नहीं है। उन्होंने कहा, पश्चिमी लोकतंत्र से जुड़े उदारपंथी इस्लाम भी आतंकवाद का निशाना है। यहां तक कि यह पहली लाइन में हैं। बलरुस्कोनी ने कहा, मुझे लगता है कि लोकतांत्रिक सरकारों को कई बड़े काम करने हैं- उन्हें अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, अपने निवासियों की सुरक्षा का ख्याल रखना है और उन्हें एक भयमुक्त स्वतंत्रता देनी है।
सारांश: बलरुस्कोनी 9/11 के आतंकी हमले का मंजर देखने के बाद खुद को रोक नहीं पाए थे और बिलख पड़े थे। उन्होंने हमले के 10 साल बाद एक टीवी कार्यक्रम पर यह राज खोला।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम इंडिया के नए कोच डंकन फ्लेचर ने इस बात से इनकार किया कि भारतीय क्रिकेट टीम की कोचिंग में तानाशाही शैली चल पाएगी। जिम्बाब्वे के इस कोच ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के बदलाव से पहले खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे। फ्लेचर ने कहा कि उनकी पिछले कोच गैरी कर्स्टन से पहले ही बात हो चुकी है। कर्स्टन की अगुवाई में ही भारतीय टीम ने 28 साल के बाद विश्व कप जीता था। कर्स्टन ने न सिर्फ भारतीय क्रिकेटरों में बल्कि प्रशासन में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी है और फ्लेचर ने कहा कि उनकी नीति भी कर्स्टन से बहुत ज्यादा अलग नहीं होगी। भारतीय टीम के कोच नियुक्त होने के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फ्लेचर ने कहा, टीम को तैयार करने में मैं बहुत ज्यादा बड़े बदलाव लाने के पक्ष में नहीं हूं। मैंने भारतीय क्रिकेट का प्रदर्शन विश्व कप और दक्षिण अफ्रीका के समय देखा था और मैं अब टीम से जुड़ने के बाद ही अपनी भावी नीति के बारे में विचार करूंगा और कुछ बदलाव की जरूरत अगर महसूस होती है तो करूंगा। कोच ने कहा कि वे जिस जगह पर हैं, वहां से कोई तानाशाही शैली नहीं अपनाई जा सकती। फ्लेचर ने कहा, यह मेरे लिए नई चुनौती है। मैंने कोच गैरी के अलावा गेंदबाजी कोच एरिक सिमन्स से सलाह की है। मैंने कप्तान एमएस धोनी से बात की है। विश्व चैम्पियन टीम को कोचिंग देना मेरे लिए बहुत ही रोमांचक काम है। यह उच्च स्तर का काम है।
संक्षिप्त सारांश: टीम इंडिया के नए कोच डंकन फ्लेचर ने इस बात से इनकार किया कि भारतीय क्रिकेट टीम की कोचिंग में तानाशाही शैली चल पाएगी।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक व्यक्ति ने भारतीय रिजर्व बैंक के खिलाफ शिकायत करने के लिए केवल इसलिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया क्योंकि बैंक के रखवालों ने उसे बैंक की तस्वीरें खींचने से रोक दिया था. उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को लेकर उसके पास आने की अरल मोझी सेल्वन की कोशिश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने एवं न्यायालय का समय नष्ट करने के लिए उस पर 50,000 रुपए जुर्माना लगाया. मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर एवं न्यायमूर्त डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने उससे कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पास जुर्माना जमा कराए. उसने कहा कि एससीबीए इस धन का उपयोग अपने पुस्तकालय का सुधार करने में करेगी. टिप्पणियां सेल्वन को सुरक्षा गार्डो ने संसद मार्ग स्थित आरबीआई इमारत की तस्वीरें लेने से रोक दिया था. सेल्वन ने उसके मौलिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर आरबीआई के खिलाफ याचिका दायर की थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को लेकर उसके पास आने की अरल मोझी सेल्वन की कोशिश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने एवं न्यायालय का समय नष्ट करने के लिए उस पर 50,000 रुपए जुर्माना लगाया. मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर एवं न्यायमूर्त डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने उससे कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पास जुर्माना जमा कराए. उसने कहा कि एससीबीए इस धन का उपयोग अपने पुस्तकालय का सुधार करने में करेगी. टिप्पणियां सेल्वन को सुरक्षा गार्डो ने संसद मार्ग स्थित आरबीआई इमारत की तस्वीरें लेने से रोक दिया था. सेल्वन ने उसके मौलिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर आरबीआई के खिलाफ याचिका दायर की थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर एवं न्यायमूर्त डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने उससे कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पास जुर्माना जमा कराए. उसने कहा कि एससीबीए इस धन का उपयोग अपने पुस्तकालय का सुधार करने में करेगी. टिप्पणियां सेल्वन को सुरक्षा गार्डो ने संसद मार्ग स्थित आरबीआई इमारत की तस्वीरें लेने से रोक दिया था. सेल्वन ने उसके मौलिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर आरबीआई के खिलाफ याचिका दायर की थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सेल्वन को सुरक्षा गार्डो ने संसद मार्ग स्थित आरबीआई इमारत की तस्वीरें लेने से रोक दिया था. सेल्वन ने उसके मौलिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर आरबीआई के खिलाफ याचिका दायर की थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अरल मोझी सेल्वन ने RBI इमारत की फोटो लेने की कोशिश की थी अरल को आरबीआई के सुरक्षागार्डों ने मना कर दिया अरल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक और 'लाल बजरी के बादशाह' स्पेन के राफेल नडाल के बीच खेले जा रहे मुकाबले में बारिश ने विलेन की भूमिका अदा की। खेले रोके जाने तक नडाल ने दो सेट जीत लिए थे जबकि तीसरा सेट जोकोविक ने जीता। नडाल ने पहले दोनों सेट 6-4, 6-3 से जीता जबकि तीसरे सेट में जोकोविक ने उन्हें 6-2 से पराजित कर मुकाबले को जिंदा रखा। चौथे सेट में जोकोविक 2-1 से आगे थे कि बारिश ने मैच में व्यवधान डाला और खेल रुक गया। इससे पहले भी एक बार मैच बारिश के कारण रूका था लेकिन बारिश थमने के बाद मैच हो गया था। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। खेले रोके जाने तक नडाल ने दो सेट जीत लिए थे जबकि तीसरा सेट जोकोविक ने जीता। नडाल ने पहले दोनों सेट 6-4, 6-3 से जीता जबकि तीसरे सेट में जोकोविक ने उन्हें 6-2 से पराजित कर मुकाबले को जिंदा रखा। चौथे सेट में जोकोविक 2-1 से आगे थे कि बारिश ने मैच में व्यवधान डाला और खेल रुक गया। इससे पहले भी एक बार मैच बारिश के कारण रूका था लेकिन बारिश थमने के बाद मैच हो गया था। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। चौथे सेट में जोकोविक 2-1 से आगे थे कि बारिश ने मैच में व्यवधान डाला और खेल रुक गया। इससे पहले भी एक बार मैच बारिश के कारण रूका था लेकिन बारिश थमने के बाद मैच हो गया था। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। इस मुकाबले में इतिहास बनना तय है, क्योंकि एक ओर बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोकोविक हैं जो यदि इस टूर्नामेंट पर कब्जा करते हैं तो वह 43 वर्ष में ओपन एरा में लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। दूसरी ओर, सातवीं बार चैम्पियन बनने के इरादे से उतरे बजरी के बादशाह नडाल यदि इस टूर्नामेंट को अपने नाम करने में सफल रहते हैं तो वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिसके नाम सात बार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि नडाल और ब्योनबर्ग ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने फ्रेंच ओपन पर छह-छह पर कब्जा किया है।टिप्पणियां जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक ने शुक्रवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में 16 बार के ग्रैंड स्लैम चैम्पियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराया था जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में नडाल ने हमवतन डेविड फेरर को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं। जोकोविक का नडाल के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 14-18 रहा है। क्ले कोर्ट पर जोकोविक ने 12 मैचों में से 10 गंवाए हैं जिनमें फ्रेंच ओपन के पिछले (2006, 2007, 2008) तीन मुकाबले शामिल हैं।
यहाँ एक सारांश है:वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक और 'लाल बजरी के बादशाह' स्पेन के राफेल नडाल के बीच खेले जा रहे मुकाबले में बारिश ने विलेन की भूमिका अदा
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Grenade Attack in Srinagar: कड़ी सुरक्षा के बावजूद श्रीनगर (Srinagar) में लाल चौक (Lal Chowk) के करीब हरि सिंह स्ट्रीट के पास आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका है. इस हमले में सात लोग घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है. यह ग्रेनेड अटैक (Grenade Attack) तब हुआ है, जब घाटी में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम बेहद पुख्ता हैं. चौराहे के हर कोने पर जवान तैनात हैं. घायलों को स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया है. घटना के तत्काल बाद  सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. घटनास्थल पर जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की टीम भी मौजूद है. फिलहाल सुरक्षाबल ग्रेनेड हमले के बारे में पड़ताल कर रहे है.  इससे पहले दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने पांच अक्टूबर को ग्रेनेड हमला किया था. डीसी ऑफिस के बाहर किए गए इस हमले में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी और एक पत्रकार समेत 14 लोग घायल हुए थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हरि सिंह स्ट्रीट के पास हुआ हमला कई लोग गंभीर रूप से घायल 5 अक्टूबर को भी हुआ था हमला
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के अभियोजकों ने शनिवार को मुम्बई के 26/11 आतंकवादी हमले के सात आरोपियों की सुनवाई कर रही आतंकवाद निरोधी अदालत में भारत के दस्तावेजी सबूत सौंपे। रावलपिंडी के अदीआला जेल में न्यायाधीश शाहिद रफीक ने मामले की सुनवाई शुरू की। हाल ही में नियुक्त न्यायाधीश रफीक वर्ष 2009 की शुरुआत में प्रारम्भ होने वाली सुनवाई के बाद से इस मामले में पांचवें न्यायाधीश हैं। ज्ञात हो कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना जकीउर रहमान लखवी सहित छह आतंकवादियों की मुम्बई हमले में कथित संलिप्तता पर उनके खिलाफ सुनवाई चल रही है। मुम्बई पर हुए इस आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे। अदालत में मुम्बई आतंकवादी हमले के लिए फांसी की सजा पाए अजमल कसाब के कबूलनामे सहित मारे गए आतंकवादियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दाखिल की गई है। समाचार एजेंसी 'ऑन लाइन' के मुताबिक रक्षा विभाग के वकीलों के आवेदन के बाद संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के अभियोजकों ने अदालत में साक्ष्यों को पेश किया। न्यायाधीश रफीक ने मामले की सुनवाई 23 जुलाई तक के लिए टाल दी है। उल्लेखनीय है कि इन सातों पर मुम्बई आतंकवादी हमले की साजिश रचने और आतंकवादियों की मदद करने का आरोप है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के अभियोजकों ने 26/11 आतंकवादी हमले के सात आरोपियों की सुनवाई कर रही आतंकवाद निरोधी अदालत में भारत के दस्तावेजी सबूत सौंपे।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर में एक युवा जोड़े को कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया, उन्हें खंभे से बांधकर पीटा गया. ये सब महज़ इसलिये क्योंकि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से शादी की थी. मामला अलीराजपुर जिला मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर हरदासपुर गांव का है. ये सब तक जब पीड़ितों के मुताबिक, जाति पंचायत के फैसले के मुताबिक उन्होंने लड़की के घरवालों को 70,000 रुपये नकद और दो बकरियां सौंप दी और घरवालों ने पंचायत के सामने शादी की सहमति दे दी.टिप्पणियां आम्बुआ थाने के प्रभारी विकास कपीस ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. अपनी शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि हरदासपुर गांव में तकरीबन ढाई महीने पहले सरपंच की 21 साल की बेटी ने गांव के ही रमेश भिलाला से शादी कर ली थी. स्थानीय आदिवासी परंपरा अनुसार, मामले को लेकर पंचायत बैठी और उसमें सुलह हो गई. इसके बाद दंपति मजदूरी करने गुजरात चला गया. थाना प्रभारी के अनुसार, 24 जुलाई को त्योहार मनाने के लिए दंपति घर लौटा था. दोनों चाचा के घर पर थे. 25 जुलाई को अल सुबह लगभग चार बजे लड़की के पिता अपने दो भाइयों और तीन परिजनों के साथ उनके घर में घुस गए. ये लोग जबरन युवक और युवती को घर से बाहर ले गए और उनकी पिटाई की. घटना 25 जुलाई की है. मामले का एक वीडियो सामने आए जिसे कथित तौर पर एक आरोपी ने बनाया था, जिसमें पीड़ित खंबे से बंधा है, उसके सामने लड़की बैठी हुई है जिसके बाल काटकर उसके कपड़े तितर-बितर कर दिये गये हैं. इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता ओर चाचाओं सहित 6 परिजनों पर मामला दर्ज किया है.   आम्बुआ थाने के प्रभारी विकास कपीस ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. अपनी शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि हरदासपुर गांव में तकरीबन ढाई महीने पहले सरपंच की 21 साल की बेटी ने गांव के ही रमेश भिलाला से शादी कर ली थी. स्थानीय आदिवासी परंपरा अनुसार, मामले को लेकर पंचायत बैठी और उसमें सुलह हो गई. इसके बाद दंपति मजदूरी करने गुजरात चला गया. थाना प्रभारी के अनुसार, 24 जुलाई को त्योहार मनाने के लिए दंपति घर लौटा था. दोनों चाचा के घर पर थे. 25 जुलाई को अल सुबह लगभग चार बजे लड़की के पिता अपने दो भाइयों और तीन परिजनों के साथ उनके घर में घुस गए. ये लोग जबरन युवक और युवती को घर से बाहर ले गए और उनकी पिटाई की. घटना 25 जुलाई की है. मामले का एक वीडियो सामने आए जिसे कथित तौर पर एक आरोपी ने बनाया था, जिसमें पीड़ित खंबे से बंधा है, उसके सामने लड़की बैठी हुई है जिसके बाल काटकर उसके कपड़े तितर-बितर कर दिये गये हैं. इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता ओर चाचाओं सहित 6 परिजनों पर मामला दर्ज किया है.   घटना 25 जुलाई की है. मामले का एक वीडियो सामने आए जिसे कथित तौर पर एक आरोपी ने बनाया था, जिसमें पीड़ित खंबे से बंधा है, उसके सामने लड़की बैठी हुई है जिसके बाल काटकर उसके कपड़े तितर-बितर कर दिये गये हैं. इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता ओर चाचाओं सहित 6 परिजनों पर मामला दर्ज किया है.
सारांश: अलीराजपुर में एक युवा जोड़े को कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया युवा जोड़े को खंभे से बांधकर पीटा गया युवा जोड़े ने अपनी मर्ज़ी से शादी की थी
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: निचले असम के जिलों में हिंसा के विरोध में बजरंग दल द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद से आम-जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन जिलों में स्थिति शांत है और आज हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बंद समर्थकों ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में टायर जलाये और वाहनों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद गुवाहाटी, धुबरी में गोलोकगंज और अगोमोनी में 500 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वित्तीय संस्थान बंद हैं और सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति बहुत कम है। वाहन सड़क से नदारद हैं और राज्य परिवहन निगम की कुछ बसें पुलिस की सुरक्षा में चल रही हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि यहां मालीगांव में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के पास भी बंद समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। ये लोग रेलवे के कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से रोक रहे थे हालांकि रेल और हवाई सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। विश्व हिन्दू परिषद और आरएसएस ने इस बंद का समर्थन किया है। गत शाम से निचले असम के जिलों में हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है, जहां शुक्रवार से सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो अन्य घायल हैं। इससे पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। कोकराझार, चिरांग और धुबरी में रात का कर्फ्यू जारी है और सेना गश्त लगा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बंद समर्थकों ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में टायर जलाये और वाहनों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद गुवाहाटी, धुबरी में गोलोकगंज और अगोमोनी में 500 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। सूत्रों ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वित्तीय संस्थान बंद हैं और सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति बहुत कम है। वाहन सड़क से नदारद हैं और राज्य परिवहन निगम की कुछ बसें पुलिस की सुरक्षा में चल रही हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि यहां मालीगांव में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के पास भी बंद समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। ये लोग रेलवे के कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से रोक रहे थे हालांकि रेल और हवाई सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। विश्व हिन्दू परिषद और आरएसएस ने इस बंद का समर्थन किया है। गत शाम से निचले असम के जिलों में हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है, जहां शुक्रवार से सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो अन्य घायल हैं। इससे पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। कोकराझार, चिरांग और धुबरी में रात का कर्फ्यू जारी है और सेना गश्त लगा रही है। सूत्रों ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वित्तीय संस्थान बंद हैं और सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति बहुत कम है। वाहन सड़क से नदारद हैं और राज्य परिवहन निगम की कुछ बसें पुलिस की सुरक्षा में चल रही हैं।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि यहां मालीगांव में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के पास भी बंद समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। ये लोग रेलवे के कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से रोक रहे थे हालांकि रेल और हवाई सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। विश्व हिन्दू परिषद और आरएसएस ने इस बंद का समर्थन किया है। गत शाम से निचले असम के जिलों में हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है, जहां शुक्रवार से सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो अन्य घायल हैं। इससे पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। कोकराझार, चिरांग और धुबरी में रात का कर्फ्यू जारी है और सेना गश्त लगा रही है। उन्होंने बताया कि यहां मालीगांव में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के पास भी बंद समर्थकों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। ये लोग रेलवे के कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से रोक रहे थे हालांकि रेल और हवाई सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। विश्व हिन्दू परिषद और आरएसएस ने इस बंद का समर्थन किया है। गत शाम से निचले असम के जिलों में हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है, जहां शुक्रवार से सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो अन्य घायल हैं। इससे पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। कोकराझार, चिरांग और धुबरी में रात का कर्फ्यू जारी है और सेना गश्त लगा रही है। गत शाम से निचले असम के जिलों में हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है, जहां शुक्रवार से सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो अन्य घायल हैं। इससे पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। कोकराझार, चिरांग और धुबरी में रात का कर्फ्यू जारी है और सेना गश्त लगा रही है।
यह एक सारांश है: निचले असम के जिलों में हिंसा के विरोध में बजरंग दल द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद से आम-जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इन जिलों में स्थिति शांत है और आज हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: आमतौर पर यह बीमारी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में पाई जाती है. बाइपोलर डिस्‍आर्डर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं. बाइपोलर डिस्‍आर्डर के लक्षण क्या होते हैं साथ ही बाइपोलर डिस्‍आर्डर क्या है  इन सबकी जानकारी हम यहां देने वाले हैं अगर आप इस बीमारी के बारे में जानना चाहते हैं तो आप सही जगह आए हैं.. कई लोग बाइपोलर डिस्‍आर्डर का इलाज कैसे किया जा सकता है यह भी जानना चाहते हैं इसके उपाय क्या हो सकते हैं हम बताएंगे यहां.  What is Bipolar disorder: बॉर्डरलाइन बाइपोलर डिसऑर्डर और बाइपोलर डिसऑर्डर में क्‍या है अंतर बाइपोलर डिसऑर्डर एक प्रकार का मूड डिसऑर्डर है, जिसे उन्माद और हाइपोमेनिया के रूप में समझा जा सकता है. ये दोनों समस्‍याएं दिनों से लेकर महीनों तक हो सकती हैं. व्यक्ति का मूड बार-बार बदल सकता है, वह ऊर्जा से भरा महसूस कर सकता है. इस दौरान, लोग पूरे दिन और रात में बहुत कुछ करते हैं, पर थकते नहीं हैं. रोगी का यह स्‍वभाव लंबे समय तक जारी रह सकता है. आपके व्यवहार में बदलाव हाइपोमेनिक भी हो सकता है, इसमें व्यक्ति कम ऊर्जा के साथ उदास महसूस कर सकता है. नींद आना और कुछ भी नहीं करने करना, बाइपोलर डिसऑर्डर से संबंधित लक्षण हो सकते हैं. वायु प्रदूषण बना रहा बच्चों को मानसिक बीमार, स्टडी में आया सामने 1. बाइपोलर डिसऑर्डर में आपको नींद न आने की समस्‍या हो सकती है. डिप्रेशन और थकान होना भी आम बात है. 2. इस रोग से पड़ित व्यक्ति का व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है. बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति में पागलपन और डिप्रेशन दोनों ही एक साथ हो सकते हैं. छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ा हो जाना भी इसका एक लक्षण है. 3. बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को सोचने में भी परेशानी होती है. वह किसी चीज के बारे में सोच नहीं पाते जिससे उन्हें भूलने की भी बीमारी हो जाती है. 4. इस रोग में व्‍यक्ति किसी काम को अच्‍छे से नहीं कर पाता. दूसरों से बात करने में परेशानी के कारण ऐसा होता है, जिसके कारण उनके काम में लगातार गड़बड़ी होती रहती है डिप्रेशन के खतरे को कम करता है Mahajong Game स्टडी में आया सामने 5. एनर्जी में कमी होना भी बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्‍यक्ति का आम लक्षण होता है. वह किसी कार्य को पूरा करने में परेशानी महसूस करते हैं. इस रोग से ग्रस्‍त व्यक्ति अपनी पूरी ऊर्जा काम में नहीं लगा पाते हैं.  6. बाइपोलर डिसऑर्डर से पी‍ड़ित व्‍यक्ति हमेशा अपने ख्‍यालों में खोया रहता है. वह अपने खयालों में न जाने कहां तक पहुंचा जाता है. ऐसे व्यक्ति के दिमाग में हजारों बातें चलती रहती हैं जिन पर उनका काबू नहीं रहता. इनता भी बुरा नहीं है फोन पर वक्त बिताना... 7. बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या अधिकतर उन लोगों में पायी जाती है जो शराब व नशीली दवाओं का उपयोग डिप्रेशन से बाहर आने के लिए करते हैं. ऐसे लोग शराब के इस्‍तेमाल से डिप्रेशन से बाहर तो नहीं आ पाते, बल्कि बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार हो जाते हैं. 8. बेकार की चीजों पर बहुत पैसा खर्च करना भी इस बीमारी का आम लक्षण है. व्यक्ति सोच ही नहीं पाता कि वह क्या कर रहा है. Personality Disorders: बार-बार अंगुलियां चटकाने के पीछे हो सकती है यह बीमारी 9. खाना न खाना भी इस बीमारी का लक्षण है. चिड़चिड़ेपन की वजह से ऐसे रोगी खाना भी बहुत कम खाते हैं.  10. ऐसे रोगियों को उन चीजों का दुख होता है जिनका कोई महत्व ही नहीं होता है. बिना काम की चीजों पर वह अचानक दुखी हो सकते हैं. महिला या पुरुष... कौन महसूस करता है अधिक अकेलापन? यह देखा गया है, कि बाइपोलर डिसऑर्डर वाले लोगों को हाइपोमेनिक या अवसादग्रस्तता के दौरान मदद लेने की संभावना होती है, इस प्रकार, एमएचपी मानसिक स्वास्थ्य की जांच करके, फैमिली फोकस्ड थेरेपी जैसे ईसीटी द्वारा रोगी को मदद दी जाती है. रोगी को इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी या साइको-एजुकेशन और कुछ दवाएं, जिनमें मूड स्टेबलाइजर्स और एंटीडिपेंटेंट्स शामिल हैं, दी जाती हैं. क्या होता है इमोशनल इंटेलीजेंस, बच्चों में इसे कैसे बढ़ाएं? कैसे दूर करें एंग्जाइटी? इससे छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये 7 टिप्स क्‍या आप सोचते हैं जरूरत से ज्‍यादा? और खबरों के लिए क्लिक करें एक नजर इन पर भी डालें सिज़ोफ्रेनिया: कारण और लक्षण, जिन्‍हें जानना है जरूरी मेंटल डिसऑर्डर से जुड़ें हैं कई मिथक, जानें इनके बारे में Anger Management: इन 10 तरीकों से पाएं अपने गुस्‍से पर काबू क्‍या है ऐंगज़ाइअटी डिसऑर्डर? जानें इसके प्रकार और कारण अब घर बैठे ही चैक हो सकेंगी गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल की धड़कनें... OMG! 15 करोड़ लोगों को है मेंटल हेल्थ केयर की जरूरत, पर क्यों!
सारांश: बाइपोलर डिस्‍आर्डर के रोगी का माइंड लगातार बदलता रहता है इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति एक पल में खुश, दूसरे पल में दुखी हो जाते हैं क्या होता है बाइपोलर डिस्‍आर्डर और इसके लक्षण जानें क्या हैं उपाय
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यहां की अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान पर बंदूकधारियों के हमले में कम से कम एक छात्र की मौत हो गई और 14 अन्‍य घायल हो गए हैं. इसके अलावा वहां धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं. एक बदहवास छात्र ने फोन पर बताया, मैंने धमाके की आवाजें सुनीं और काफी करीब से गोलीबारी जारी है. पूरी क्लास धुएं और धूल से भरी है. हम अंदर फंसे हुए हैं और बहुत डरे हुए हैं. वहां फंसे कई अन्य छात्र मदद के लिए लगातार ट्विटर पर मैसेज पोस्ट कर रहे थे. उनमें से एसोसिएटेड प्रेस के फोटो जर्नलिस्ट और पुलित्जर पुरस्कार विजेता मसूद हुसैनी भी शामिल थे. अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. आंतरिक मामलों के एक अधिकारी और एक छात्र ने पुष्टि करते हुए कहा कि अंदर विदेशी स्‍टाफ और सैकड़ों छात्र फंसे हैं. आंतरिक मामलों के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि अफगान सेनाओं ने यूनिवर्सिटी को बाहर से चारों तरफ घेर लिया है और गोलीबारी जारी है. इसके साथ ही जोड़ा कि शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि कई बंदूकधारी इस हमले में शामिल हैं और उसमें से कुछ ने आत्‍मघाती बेल्‍ट बांध रखी हैं. अधिकारी ने कहा, ''कई बंदूकधारियों ने काबुल में अमेरिकन यूनिवर्सिटी पर हमला किया है और गोलीबारी और धमाकों की रिपोर्ट आ रही हैं...हमलावर कैंपस के भीतर हैं और वहां सैकड़ों छात्रों के साथ विदेशी प्रोफेसर भी मौजूद हैं.''  टिप्पणियां इस महीने की शुरुआत में सात अगस्‍त को काबुल शहर के व्‍यस्‍ततम इलाके से इसी यूनिवर्सिटी के एक अमेरिकी और एक ऑस्‍ट्रेलियाई प्रोफेसर के अपहरण के बाद यह घटना घटी है. वे दोनों प्रोफेसरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. ताजा घटना को विदेशियों को निशाना बनाने के मामलों की अगली कड़ी में ही देखा जा रहा है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहां फंसे कई अन्य छात्र मदद के लिए लगातार ट्विटर पर मैसेज पोस्ट कर रहे थे. उनमें से एसोसिएटेड प्रेस के फोटो जर्नलिस्ट और पुलित्जर पुरस्कार विजेता मसूद हुसैनी भी शामिल थे. अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. आंतरिक मामलों के एक अधिकारी और एक छात्र ने पुष्टि करते हुए कहा कि अंदर विदेशी स्‍टाफ और सैकड़ों छात्र फंसे हैं. आंतरिक मामलों के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि अफगान सेनाओं ने यूनिवर्सिटी को बाहर से चारों तरफ घेर लिया है और गोलीबारी जारी है. इसके साथ ही जोड़ा कि शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि कई बंदूकधारी इस हमले में शामिल हैं और उसमें से कुछ ने आत्‍मघाती बेल्‍ट बांध रखी हैं. अधिकारी ने कहा, ''कई बंदूकधारियों ने काबुल में अमेरिकन यूनिवर्सिटी पर हमला किया है और गोलीबारी और धमाकों की रिपोर्ट आ रही हैं...हमलावर कैंपस के भीतर हैं और वहां सैकड़ों छात्रों के साथ विदेशी प्रोफेसर भी मौजूद हैं.''  टिप्पणियां इस महीने की शुरुआत में सात अगस्‍त को काबुल शहर के व्‍यस्‍ततम इलाके से इसी यूनिवर्सिटी के एक अमेरिकी और एक ऑस्‍ट्रेलियाई प्रोफेसर के अपहरण के बाद यह घटना घटी है. वे दोनों प्रोफेसरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. ताजा घटना को विदेशियों को निशाना बनाने के मामलों की अगली कड़ी में ही देखा जा रहा है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. आंतरिक मामलों के एक अधिकारी और एक छात्र ने पुष्टि करते हुए कहा कि अंदर विदेशी स्‍टाफ और सैकड़ों छात्र फंसे हैं. आंतरिक मामलों के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि अफगान सेनाओं ने यूनिवर्सिटी को बाहर से चारों तरफ घेर लिया है और गोलीबारी जारी है. इसके साथ ही जोड़ा कि शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि कई बंदूकधारी इस हमले में शामिल हैं और उसमें से कुछ ने आत्‍मघाती बेल्‍ट बांध रखी हैं. अधिकारी ने कहा, ''कई बंदूकधारियों ने काबुल में अमेरिकन यूनिवर्सिटी पर हमला किया है और गोलीबारी और धमाकों की रिपोर्ट आ रही हैं...हमलावर कैंपस के भीतर हैं और वहां सैकड़ों छात्रों के साथ विदेशी प्रोफेसर भी मौजूद हैं.''  टिप्पणियां इस महीने की शुरुआत में सात अगस्‍त को काबुल शहर के व्‍यस्‍ततम इलाके से इसी यूनिवर्सिटी के एक अमेरिकी और एक ऑस्‍ट्रेलियाई प्रोफेसर के अपहरण के बाद यह घटना घटी है. वे दोनों प्रोफेसरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. ताजा घटना को विदेशियों को निशाना बनाने के मामलों की अगली कड़ी में ही देखा जा रहा है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. अधिकारी ने कहा, ''कई बंदूकधारियों ने काबुल में अमेरिकन यूनिवर्सिटी पर हमला किया है और गोलीबारी और धमाकों की रिपोर्ट आ रही हैं...हमलावर कैंपस के भीतर हैं और वहां सैकड़ों छात्रों के साथ विदेशी प्रोफेसर भी मौजूद हैं.''  टिप्पणियां इस महीने की शुरुआत में सात अगस्‍त को काबुल शहर के व्‍यस्‍ततम इलाके से इसी यूनिवर्सिटी के एक अमेरिकी और एक ऑस्‍ट्रेलियाई प्रोफेसर के अपहरण के बाद यह घटना घटी है. वे दोनों प्रोफेसरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. ताजा घटना को विदेशियों को निशाना बनाने के मामलों की अगली कड़ी में ही देखा जा रहा है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इस महीने की शुरुआत में सात अगस्‍त को काबुल शहर के व्‍यस्‍ततम इलाके से इसी यूनिवर्सिटी के एक अमेरिकी और एक ऑस्‍ट्रेलियाई प्रोफेसर के अपहरण के बाद यह घटना घटी है. वे दोनों प्रोफेसरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. ताजा घटना को विदेशियों को निशाना बनाने के मामलों की अगली कड़ी में ही देखा जा रहा है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्‍तान की स्‍थापना 2006 में हुई थी और इसमें 1,700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सारांश: धमाके और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं कई छात्र यूनिवर्सिटी में फंसे ट्विटर के जरिये लगातार मदद मांगते रहे छात्र
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: औद्योगिक उत्पादन की विकास दर बढ़ने और खाद्य महंगाई दर घटने से अर्थव्यवस्था की गाड़ी तो पटरी पर दिख रही है लेकिन बुरी खबर ये है कि इससे रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती का संभावना को कुछ समय के लिए टाल सकता है। सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को घोषित होने वाली अपनी कर्ज नीति ब्याज दरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा। दरअसल, सरकार का ध्यान 7 से 8 फीसदी के बीच झूल रही महंगाई दर पर है जिसे वह मार्च तक 5 से 6 फीसदी पर लाने की सोच रही है। अधिकारियों के मुताबिक महंगाई दर जब तक तय लक्ष्य के आस−पास नहीं आ जाती तब तक सरकार ब्याज दरों में बदलाव का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। दरअसल, सरकार का ध्यान 7 से 8 फीसदी के बीच झूल रही महंगाई दर पर है जिसे वह मार्च तक 5 से 6 फीसदी पर लाने की सोच रही है। अधिकारियों के मुताबिक महंगाई दर जब तक तय लक्ष्य के आस−पास नहीं आ जाती तब तक सरकार ब्याज दरों में बदलाव का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।
संक्षिप्त पाठ: सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को घोषित होने वाली अपनी कर्ज नीति ब्याज दरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आई आपदा में मारे गए पशुओं के अवशेष को निपटाने के लिए केंद्र सरकार से 100 टन ब्लीचिंग पाउडर देने का आग्रह किया है। रविवार को यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी।टिप्पणियां स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक जगदीश प्रसाद ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह आग्रह किया गया। केदारनाथ और बद्रीनाथ ले जाने वाले खच्चर और घोड़े बाढ़ में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ बह गए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने राज्य के सभी 13 जिलों का दौरा किया है, लेकिन अभी तक महामारी का खतरा उभरकर सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि तीन केंद्रीय लोक स्वास्थ्य टीमें उत्तराखंड में तैनात हैं और उन्हें चमोली व जोशीमठ के प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक जगदीश प्रसाद ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह आग्रह किया गया। केदारनाथ और बद्रीनाथ ले जाने वाले खच्चर और घोड़े बाढ़ में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ बह गए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने राज्य के सभी 13 जिलों का दौरा किया है, लेकिन अभी तक महामारी का खतरा उभरकर सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि तीन केंद्रीय लोक स्वास्थ्य टीमें उत्तराखंड में तैनात हैं और उन्हें चमोली व जोशीमठ के प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। केदारनाथ और बद्रीनाथ ले जाने वाले खच्चर और घोड़े बाढ़ में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ बह गए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने राज्य के सभी 13 जिलों का दौरा किया है, लेकिन अभी तक महामारी का खतरा उभरकर सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि तीन केंद्रीय लोक स्वास्थ्य टीमें उत्तराखंड में तैनात हैं और उन्हें चमोली व जोशीमठ के प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
संक्षिप्त पाठ: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आई आपदा में मारे गए पशुओं के अवशेष को निपटाने के लिए केंद्र सरकार से 100 टन ब्लीचिंग पाउडर देने का आग्रह किया है। रविवार को यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा घेरे से वंचित किए गए पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को ‘‘शिष्टाचार’’ के रूप में सेना कुछ सहायक उपलब्ध कराएगी जो रोजाना के कामकाज में उनकी मदद करेंगे। सेना के सूत्रों ने यहां कहा कि जनरल वीके सिंह को सहायक के रूप में कुछ कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे जो रोजाना के कामकाज में उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि यह शिष्टाचार पूर्व सेना प्रमुखों और रेजीमेंटों के पूर्व कर्नलों को मिलता है। सूत्रों ने कहा कि लेकिन सिंह के साथ सुरक्षाकर्मी नहीं होंगे। सिंह को 30 नवम्बर तक जैड ‘प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, लेकिन सरकार ने हाल में एक समीक्षा बैठक में उन्हें मिली सुरक्षा की अवधि विस्तारित नहीं करने का फैसला किया।टिप्पणियां उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ कार सहित सात वाहन और करीब 35 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने वाली सेना ने अब उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था। सेना के सूत्रों ने यहां कहा कि जनरल वीके सिंह को सहायक के रूप में कुछ कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे जो रोजाना के कामकाज में उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि यह शिष्टाचार पूर्व सेना प्रमुखों और रेजीमेंटों के पूर्व कर्नलों को मिलता है। सूत्रों ने कहा कि लेकिन सिंह के साथ सुरक्षाकर्मी नहीं होंगे। सिंह को 30 नवम्बर तक जैड ‘प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, लेकिन सरकार ने हाल में एक समीक्षा बैठक में उन्हें मिली सुरक्षा की अवधि विस्तारित नहीं करने का फैसला किया।टिप्पणियां उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ कार सहित सात वाहन और करीब 35 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने वाली सेना ने अब उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह शिष्टाचार पूर्व सेना प्रमुखों और रेजीमेंटों के पूर्व कर्नलों को मिलता है। सूत्रों ने कहा कि लेकिन सिंह के साथ सुरक्षाकर्मी नहीं होंगे। सिंह को 30 नवम्बर तक जैड ‘प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, लेकिन सरकार ने हाल में एक समीक्षा बैठक में उन्हें मिली सुरक्षा की अवधि विस्तारित नहीं करने का फैसला किया।टिप्पणियां उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ कार सहित सात वाहन और करीब 35 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने वाली सेना ने अब उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था। सिंह को 30 नवम्बर तक जैड ‘प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, लेकिन सरकार ने हाल में एक समीक्षा बैठक में उन्हें मिली सुरक्षा की अवधि विस्तारित नहीं करने का फैसला किया।टिप्पणियां उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ कार सहित सात वाहन और करीब 35 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने वाली सेना ने अब उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था। उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेट प्रूफ कार सहित सात वाहन और करीब 35 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने वाली सेना ने अब उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अक्तूबर के पहले हफ्ते में एक बैठक में फैसला किया था और सेना मुख्यालय को इसके तुरंत बाद इस बारे में सूचित कर दिया गया था।
संक्षिप्त पाठ: सुरक्षा घेरे से वंचित किए गए पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह को ‘‘शिष्टाचार’’ के रूप में सेना कुछ सहायक उपलब्ध कराएगी जो रोजाना के कामकाज में उनकी मदद करेंगे।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'बॉजीराव मस्‍तानी' के बाद मशहूर फिल्‍म मेकर संजय लीला भंसाली पीरियड फिल्‍म 'पद्मावती' बना रहे हैं. मुख्‍य भूमिका में रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण हैं. वह इसकी शूटिंग करने राजस्‍थान के जयपुर गए. वहां पर शुक्रवार शाम राजपूत समाज से जुड़े एक संगठन करणी सेना ने उन पर हमला कर दिया. उनका आरोप है कि भंसाली फिल्‍म के लिए ऐतिहासिक तथ्‍यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. ऐसे में अतीत का एक किरदार फिर से सुर्खियों का सबब बन गया है और लोगों की अचानक 'पद्मावती' के किरदार में दिलचस्‍पी पैदा हो गई है. सवाल यहीं से शुरू होता है कि आखिर रानी पद्मावती कौन थी? वह ऐतिहासिक किरदार हैं या केवल साहित्यिक किरदार हैं. अतीत के आईने में यदि झांक कर देखा जाए तो माना जाता है कि 15-16वीं सदी में यह किरदार सबसे पहले चर्चित हुआ. दरअसल मलिक मुहम्‍मद जायसी ने 1540 ईस्‍वी के आसपास महाकाव्‍य 'पद्मावत' लिखा था. उस कृति के मुताबिक रानी पद्मावती, चित्‍तौड़ के राजा रावल रतन सिंह की पत्‍नी थीं.टिप्पणियां उस कहानी में बताया गया है कि रानी पद्मावती अप्रतिम सौंदर्य की मलिका थीं. दिल्‍ली का शासक अलाउद्दीन खिलजी उन पर आसक्‍त था. पद्मावती को पाने के लिए उसने 1303 में चित्‍तौड़ पर हमला कर दिया और राजपूतों की उस युद्ध में हार हुई. खिलजी जब महल पहुंचा तो उसने देखा कि रानी पद्मावती समेत राजपूत महिलाओं ने जौहर कर लिया था. जौहर मध्‍ययुग में एक ऐसी प्रथा थी जब राजपूत राजाओं के युद्ध में मारे जाने के बाद उनकी रानियां दुश्‍मन के चंगुल से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्‍मदाह कर लेती थीं.   हालांकि इसकी प्रामाणिकता को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं. कई इतिहासकारों का मानना है कि पद्मावती नाम का कोई किरदार इतिहास में नहीं था. उनके मुताबिक पद्मावती केवल एक साहित्यिक किरदार थी और वह ऐतिहासिक किरदार नहीं थी. ये इतिहासकार कहते हैं कि अलाउद्दीन के जमाने में इस तरह के किसी किरदार का जिक्र नहीं मिलता. वे मानते हैं कि चारण परंपरा, लोक कथाओं, वाचक परंपरा और जनश्रुति के चलते यह किरदार सदियों से जीवित है. सवाल यहीं से शुरू होता है कि आखिर रानी पद्मावती कौन थी? वह ऐतिहासिक किरदार हैं या केवल साहित्यिक किरदार हैं. अतीत के आईने में यदि झांक कर देखा जाए तो माना जाता है कि 15-16वीं सदी में यह किरदार सबसे पहले चर्चित हुआ. दरअसल मलिक मुहम्‍मद जायसी ने 1540 ईस्‍वी के आसपास महाकाव्‍य 'पद्मावत' लिखा था. उस कृति के मुताबिक रानी पद्मावती, चित्‍तौड़ के राजा रावल रतन सिंह की पत्‍नी थीं.टिप्पणियां उस कहानी में बताया गया है कि रानी पद्मावती अप्रतिम सौंदर्य की मलिका थीं. दिल्‍ली का शासक अलाउद्दीन खिलजी उन पर आसक्‍त था. पद्मावती को पाने के लिए उसने 1303 में चित्‍तौड़ पर हमला कर दिया और राजपूतों की उस युद्ध में हार हुई. खिलजी जब महल पहुंचा तो उसने देखा कि रानी पद्मावती समेत राजपूत महिलाओं ने जौहर कर लिया था. जौहर मध्‍ययुग में एक ऐसी प्रथा थी जब राजपूत राजाओं के युद्ध में मारे जाने के बाद उनकी रानियां दुश्‍मन के चंगुल से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्‍मदाह कर लेती थीं.   हालांकि इसकी प्रामाणिकता को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं. कई इतिहासकारों का मानना है कि पद्मावती नाम का कोई किरदार इतिहास में नहीं था. उनके मुताबिक पद्मावती केवल एक साहित्यिक किरदार थी और वह ऐतिहासिक किरदार नहीं थी. ये इतिहासकार कहते हैं कि अलाउद्दीन के जमाने में इस तरह के किसी किरदार का जिक्र नहीं मिलता. वे मानते हैं कि चारण परंपरा, लोक कथाओं, वाचक परंपरा और जनश्रुति के चलते यह किरदार सदियों से जीवित है. उस कहानी में बताया गया है कि रानी पद्मावती अप्रतिम सौंदर्य की मलिका थीं. दिल्‍ली का शासक अलाउद्दीन खिलजी उन पर आसक्‍त था. पद्मावती को पाने के लिए उसने 1303 में चित्‍तौड़ पर हमला कर दिया और राजपूतों की उस युद्ध में हार हुई. खिलजी जब महल पहुंचा तो उसने देखा कि रानी पद्मावती समेत राजपूत महिलाओं ने जौहर कर लिया था. जौहर मध्‍ययुग में एक ऐसी प्रथा थी जब राजपूत राजाओं के युद्ध में मारे जाने के बाद उनकी रानियां दुश्‍मन के चंगुल से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्‍मदाह कर लेती थीं.   हालांकि इसकी प्रामाणिकता को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं. कई इतिहासकारों का मानना है कि पद्मावती नाम का कोई किरदार इतिहास में नहीं था. उनके मुताबिक पद्मावती केवल एक साहित्यिक किरदार थी और वह ऐतिहासिक किरदार नहीं थी. ये इतिहासकार कहते हैं कि अलाउद्दीन के जमाने में इस तरह के किसी किरदार का जिक्र नहीं मिलता. वे मानते हैं कि चारण परंपरा, लोक कथाओं, वाचक परंपरा और जनश्रुति के चलते यह किरदार सदियों से जीवित है. हालांकि इसकी प्रामाणिकता को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं. कई इतिहासकारों का मानना है कि पद्मावती नाम का कोई किरदार इतिहास में नहीं था. उनके मुताबिक पद्मावती केवल एक साहित्यिक किरदार थी और वह ऐतिहासिक किरदार नहीं थी. ये इतिहासकार कहते हैं कि अलाउद्दीन के जमाने में इस तरह के किसी किरदार का जिक्र नहीं मिलता. वे मानते हैं कि चारण परंपरा, लोक कथाओं, वाचक परंपरा और जनश्रुति के चलते यह किरदार सदियों से जीवित है.
यहाँ एक सारांश है:कई इतिहासकारों ने इस किरदार की प्रामाणिकता पर उठाए हैं सवाल 1540 में मलिक मुहम्‍मद जायसी ने 'पद्मावत' की रचना की इतिहासकारों के मुताबिक यह एक साहित्यिक किरदार है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को अस्थायी कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान ही वेतन देने की घोषणा की. उन्होंने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि वह तुरंत इसे लागू करेंगे. साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से इस फैसले को तुरंत लागू करने की मांग की. इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया. न्यायालय ने अपने बुधवार के फैसले में कहा कि अस्थायी कर्मचारी भी नियमित कर्मचारियों के समान ही वेतन पाने के हकदार हैं. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का ऐतहासिक फैसला. दिल्ली में इसे तुरंत लागू किया जाएगा और उन्हें (अस्थायी कर्मचारियों को) नियमित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी." एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर आया है. हम पंजाब सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग करते हैं." टिप्पणियां दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सभी विभागों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने के संबंध में एक प्रस्ताव 15 नवंबर से पहले प्रस्तुत करने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यायालय ने अपने बुधवार के फैसले में कहा कि अस्थायी कर्मचारी भी नियमित कर्मचारियों के समान ही वेतन पाने के हकदार हैं. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का ऐतहासिक फैसला. दिल्ली में इसे तुरंत लागू किया जाएगा और उन्हें (अस्थायी कर्मचारियों को) नियमित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी." एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर आया है. हम पंजाब सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग करते हैं." टिप्पणियां दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सभी विभागों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने के संबंध में एक प्रस्ताव 15 नवंबर से पहले प्रस्तुत करने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का ऐतहासिक फैसला. दिल्ली में इसे तुरंत लागू किया जाएगा और उन्हें (अस्थायी कर्मचारियों को) नियमित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी." एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर आया है. हम पंजाब सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग करते हैं." टिप्पणियां दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सभी विभागों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने के संबंध में एक प्रस्ताव 15 नवंबर से पहले प्रस्तुत करने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर आया है. हम पंजाब सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग करते हैं." टिप्पणियां दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सभी विभागों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने के संबंध में एक प्रस्ताव 15 नवंबर से पहले प्रस्तुत करने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सभी विभागों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने के संबंध में एक प्रस्ताव 15 नवंबर से पहले प्रस्तुत करने को कहा था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की सराहना की पंजाब सरकार से इस फैसले को तुरंत लागू करने की मांग की. फैसला पंजाब के कर्मचारियों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले छह महीने से वनडे टीम से बाहर हरफनमौला रविंदर जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ दो सितंबर से शुरू हो रही वनडे श्रृंखला के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चोटिल गौतम गंभीर की जगह ली। गंभीर के सिर में चोट लगी है जिसकी वजह से उन्हें धुंधला दिख रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में फील्डिंग के दौरान उन्हें चोट लगी थी। बीसीसीआई सचिव एन श्रीनिवासन ने एक विज्ञप्ति में कहा, खेल फिजिशियन और न्यूरोलाजिस्ट उसका इलाज कर रहे हैं। एहतियातन उसके सिर और गले का सीटी और एमआरआई स्कैन कराया गया जो सामान्य आया है। वह आराम कर रहा है लेकिन हालात स्थिर है। उन्होंने कहा, अभी भी वह स्पष्ट देख नहीं पा रहे हैं। नेत्ररोग विशेषज्ञ ने हालांकि कहा है कि उसकी आंख ठीक है। श्रीनिवासन ने कहा, गौतम को आराम करने की सलाह दी गई है। उसे अब मेडिकल सहायता की जरूरत नहीं है। वह ठीक हो रहा है और जल्दी ही भारत लौटेगा। रविंदर जडेजा टीम में उसकी जगह लेगा। गंभीर की गैर मौजूदगी में सुरेश रैना को उपकप्तान बनाया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया, सुरेश रैना को वनडे सीरिज के लिये उपकप्तान बनाया गया है। जडेजा ने आखिरी बार भारत के लिये वनडे छह महीने पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में 4-0 से पराजय झेलनी पड़ी। जहीर खान, युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे प्रमुख खिलाड़ी टीम में नहीं है।
यहाँ एक सारांश है:गंभीर के सिर में चोट लगी है जिसकी वजह से उन्हें धुंधला दिख रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में फील्डिंग के दौरान उन्हें चोट लगी थी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कहते हैं, बच्चे किसी के भी हों, प्यारे ही लगते हैं... बात तो बिल्कुल सही है, लेकिन हम अक्सर सोचते हैं, दुनियाभर में पसंद किए जाने वाले फिल्मी सितारे अपने बचपन में कैसे दिखते रहे होंगे... वैसे, यूट्यूब पर हाल ही में एक वीडियो दिखाई दिया, जिसे देखकर एहसास हुआ, हमारी तरह सोचने वाले और भी हैं, जिनकी पहुंच हमारे चहेते फिल्मी सितारों की स्कूली दिनों की कुछ तस्वीरों तक थी, सो, उन्होंने यह वीडियो बनाकर परोस दिया, जो शर्तिया आपका दिन बना देगा... वैसे तो बॉलीवुड सितारों के बचपन की तस्वीरें गाहे-बगाहे छपती ही रहती हैं, लेकिन इस वीडियो में जो तस्वीरें हैं, वे कम से कम हमने पहले नहीं देखीं... पूर्व मिस वर्ल्ड रहीं ऐश्वर्या राय बच्चन और प्रियंका चोपड़ा अपने स्कूल के दिनों में कैसी दिखती थीं, यह देखना अपने आप में खासा प्यारा अनुभव है... इनके अलावा शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, रणवीर सिंह, कैटरीना कैफ और जेनेलिया डिसूज़ा देशमुख के स्कूली दिनों की तस्वीरें भी इस वीडियो में दिखाई दे रही हैं, जो बेहद प्यारी हैं... 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से 'कपूर एंड सन्स' तक का सफर तय करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा, 'बाहुबली' से बेहद मशहूर हो चुकीं तमन्ना भाटिया और 'इशकज़ादे' व 'लेडीज़ वर्सेज़ रिकी बहल' में अभिनय के जलवे बिखेर चुकीं परिणीति चोपड़ा के भी स्कूली दिन इस वीडियो में समेटे गए हैं... और हां, इस तरह का कोई भी वीडियो भला 'बॉलीवुड के बादशाह' शाहरुख खान और 'दबंग' सलमान खान के बचपन की तस्वीरों के बिना कैसे पूरा हो सकता था, सो, इन दोनों के स्कूली दिनों की यादें भी इस वीडियो में परोसी गई हैं...टिप्पणियां इस वीडियो को इसी महीने की शुरुआत में अपलोड किया गया था, और इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है, सो आइए, आप भी खुद ही देखिए, आपके चहेते सितारे कैसे दिखा करते थे अपने स्कूली दिनों में... वैसे तो बॉलीवुड सितारों के बचपन की तस्वीरें गाहे-बगाहे छपती ही रहती हैं, लेकिन इस वीडियो में जो तस्वीरें हैं, वे कम से कम हमने पहले नहीं देखीं... पूर्व मिस वर्ल्ड रहीं ऐश्वर्या राय बच्चन और प्रियंका चोपड़ा अपने स्कूल के दिनों में कैसी दिखती थीं, यह देखना अपने आप में खासा प्यारा अनुभव है... इनके अलावा शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, रणवीर सिंह, कैटरीना कैफ और जेनेलिया डिसूज़ा देशमुख के स्कूली दिनों की तस्वीरें भी इस वीडियो में दिखाई दे रही हैं, जो बेहद प्यारी हैं... 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से 'कपूर एंड सन्स' तक का सफर तय करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा, 'बाहुबली' से बेहद मशहूर हो चुकीं तमन्ना भाटिया और 'इशकज़ादे' व 'लेडीज़ वर्सेज़ रिकी बहल' में अभिनय के जलवे बिखेर चुकीं परिणीति चोपड़ा के भी स्कूली दिन इस वीडियो में समेटे गए हैं... और हां, इस तरह का कोई भी वीडियो भला 'बॉलीवुड के बादशाह' शाहरुख खान और 'दबंग' सलमान खान के बचपन की तस्वीरों के बिना कैसे पूरा हो सकता था, सो, इन दोनों के स्कूली दिनों की यादें भी इस वीडियो में परोसी गई हैं...टिप्पणियां इस वीडियो को इसी महीने की शुरुआत में अपलोड किया गया था, और इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है, सो आइए, आप भी खुद ही देखिए, आपके चहेते सितारे कैसे दिखा करते थे अपने स्कूली दिनों में... इनके अलावा शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, रणवीर सिंह, कैटरीना कैफ और जेनेलिया डिसूज़ा देशमुख के स्कूली दिनों की तस्वीरें भी इस वीडियो में दिखाई दे रही हैं, जो बेहद प्यारी हैं... 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से 'कपूर एंड सन्स' तक का सफर तय करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा, 'बाहुबली' से बेहद मशहूर हो चुकीं तमन्ना भाटिया और 'इशकज़ादे' व 'लेडीज़ वर्सेज़ रिकी बहल' में अभिनय के जलवे बिखेर चुकीं परिणीति चोपड़ा के भी स्कूली दिन इस वीडियो में समेटे गए हैं... और हां, इस तरह का कोई भी वीडियो भला 'बॉलीवुड के बादशाह' शाहरुख खान और 'दबंग' सलमान खान के बचपन की तस्वीरों के बिना कैसे पूरा हो सकता था, सो, इन दोनों के स्कूली दिनों की यादें भी इस वीडियो में परोसी गई हैं...टिप्पणियां इस वीडियो को इसी महीने की शुरुआत में अपलोड किया गया था, और इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है, सो आइए, आप भी खुद ही देखिए, आपके चहेते सितारे कैसे दिखा करते थे अपने स्कूली दिनों में... और हां, इस तरह का कोई भी वीडियो भला 'बॉलीवुड के बादशाह' शाहरुख खान और 'दबंग' सलमान खान के बचपन की तस्वीरों के बिना कैसे पूरा हो सकता था, सो, इन दोनों के स्कूली दिनों की यादें भी इस वीडियो में परोसी गई हैं...टिप्पणियां इस वीडियो को इसी महीने की शुरुआत में अपलोड किया गया था, और इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है, सो आइए, आप भी खुद ही देखिए, आपके चहेते सितारे कैसे दिखा करते थे अपने स्कूली दिनों में... इस वीडियो को इसी महीने की शुरुआत में अपलोड किया गया था, और इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है, सो आइए, आप भी खुद ही देखिए, आपके चहेते सितारे कैसे दिखा करते थे अपने स्कूली दिनों में...
यहाँ एक सारांश है:इस यूट्यूब वीडियो में जो तस्वीरें हैं, कम से कम हमने पहले नहीं देखीं... ऐश्वर्या और प्रियंका के स्कूली दिनों की तस्वीर देखना प्यारा अनुभव है... इस वीडियो में शाहरुख और सलमान के बचपन की तस्वीरें भी हैं...
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['hin']