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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के टेक्सास राज्य में ट्रैफिक सिग्नल पर एक हमले में मारे गए भारतीय-अमेरिकी सिख पुलिस अधिकारी का दो अक्टूबर को अंतिम संस्कार किया जाएगा. संदीप सिंह धालीवाल ने शनिवार को ट्रैफिक सिग्नल पर एक वाहन को रोका था, जिसमें से एक व्यक्ति ने बाहर निकल का उन पर गोलियां चला दी थीं. धालीवाल (42) की याद में बुधवार को उनका विभाग एक कार्यक्रम आयोजित करेगा और एक सिख धार्मिक कार्यक्रम की भी योजना है. इस हादसे से ह्यूस्टन में समुदाय के लोग स्तब्ध हैं.  स्वयंसेवकों के समूह उन लोगों को काले और नीले रंग के रिबन दे रहे हैं, जो कानून एजेंसियों या धालीवाल के प्रति अपना समर्थन जाहिर करना चाहते हैं.  गौरतलब है कि धालीवाल इस एजेंसी के पहले सिख डिप्टी थे. वह टेक्सास में पहले ऐसे पुलिस अधिकारी थे जो सिख धर्म की मान्यताओं (पगड़ी और दाढ़ी) के साथ सेवा दे रहे थे. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
सिख पुलिस अधिकारी का 2 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार शनिवार को एक शख्स ने अधिकारी पर बरसाईं थीं गोलियां मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नरेंद्र मोदी सरकार श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है, जिससे कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी (हायर और फायर) करना आसान हो जाएगा. श्रम मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस नए कदम से लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी. साल 2014 में सत्‍ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सुधार एजेंडे के तहत भारत के श्रम बाजार में बड़ा बदलाव करने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रेड यूनियनों और सुधार से जुड़े अन्य विधेयकों की वजह से उस वक्‍त यह नहीं किया जा सका. श्रम मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने बताया कि अगस्त में देश के सबसे बड़े टैक्‍स सुधार उत्पाद एवं सेवा कर (जीएसटी) के संसद से पास होने के बाद सरकार को लगता है कि यही सही वक्‍त है जब श्रम सुधारों को फिर से प्राथमिकता दी जाए. शंकर अग्रवाल ने एक साक्षात्कार में कहा, 'हमें कानून में सुधार करना होगा. नौकरियों के लिए नियुक्ति करने के मामले में कंपनियां और नियोक्‍ताएं लचीलापन चाहते हैं.' उन्‍होंने कहा कि औद्योगिक संबंध और मजदूरी से जुड़े दो अहम विधेयकों को इस महीने कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से इन्‍हें मंजूरी मिल जाती है तो फिर नवंबर से शुरू हो रहे संसद के अगले सत्र में इन्‍हें पेश किया जाएगा. सरकार की तरफ से जिन नियमों में ढील दी जा सकती है वे श्रमिकों के लिहाज से काफी अहम हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के लिए कंपनियों को सरकार से इजाजत की जरूरत होती है, जो कि सरकार मुश्किल से ही देती है. कंपनियों की शिकायत है कि इस नियम ने स्‍थायी नियुक्ति को हतोत्‍साहित किया और इसकी वजह से फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है. इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए नए कानून में अब इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. साल 2014 में सत्‍ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सुधार एजेंडे के तहत भारत के श्रम बाजार में बड़ा बदलाव करने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रेड यूनियनों और सुधार से जुड़े अन्य विधेयकों की वजह से उस वक्‍त यह नहीं किया जा सका. श्रम मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने बताया कि अगस्त में देश के सबसे बड़े टैक्‍स सुधार उत्पाद एवं सेवा कर (जीएसटी) के संसद से पास होने के बाद सरकार को लगता है कि यही सही वक्‍त है जब श्रम सुधारों को फिर से प्राथमिकता दी जाए. शंकर अग्रवाल ने एक साक्षात्कार में कहा, 'हमें कानून में सुधार करना होगा. नौकरियों के लिए नियुक्ति करने के मामले में कंपनियां और नियोक्‍ताएं लचीलापन चाहते हैं.' उन्‍होंने कहा कि औद्योगिक संबंध और मजदूरी से जुड़े दो अहम विधेयकों को इस महीने कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से इन्‍हें मंजूरी मिल जाती है तो फिर नवंबर से शुरू हो रहे संसद के अगले सत्र में इन्‍हें पेश किया जाएगा. सरकार की तरफ से जिन नियमों में ढील दी जा सकती है वे श्रमिकों के लिहाज से काफी अहम हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के लिए कंपनियों को सरकार से इजाजत की जरूरत होती है, जो कि सरकार मुश्किल से ही देती है. कंपनियों की शिकायत है कि इस नियम ने स्‍थायी नियुक्ति को हतोत्‍साहित किया और इसकी वजह से फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है. इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए नए कानून में अब इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. श्रम मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने बताया कि अगस्त में देश के सबसे बड़े टैक्‍स सुधार उत्पाद एवं सेवा कर (जीएसटी) के संसद से पास होने के बाद सरकार को लगता है कि यही सही वक्‍त है जब श्रम सुधारों को फिर से प्राथमिकता दी जाए. शंकर अग्रवाल ने एक साक्षात्कार में कहा, 'हमें कानून में सुधार करना होगा. नौकरियों के लिए नियुक्ति करने के मामले में कंपनियां और नियोक्‍ताएं लचीलापन चाहते हैं.' उन्‍होंने कहा कि औद्योगिक संबंध और मजदूरी से जुड़े दो अहम विधेयकों को इस महीने कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से इन्‍हें मंजूरी मिल जाती है तो फिर नवंबर से शुरू हो रहे संसद के अगले सत्र में इन्‍हें पेश किया जाएगा. सरकार की तरफ से जिन नियमों में ढील दी जा सकती है वे श्रमिकों के लिहाज से काफी अहम हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के लिए कंपनियों को सरकार से इजाजत की जरूरत होती है, जो कि सरकार मुश्किल से ही देती है. कंपनियों की शिकायत है कि इस नियम ने स्‍थायी नियुक्ति को हतोत्‍साहित किया और इसकी वजह से फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है. इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए नए कानून में अब इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. शंकर अग्रवाल ने एक साक्षात्कार में कहा, 'हमें कानून में सुधार करना होगा. नौकरियों के लिए नियुक्ति करने के मामले में कंपनियां और नियोक्‍ताएं लचीलापन चाहते हैं.' उन्‍होंने कहा कि औद्योगिक संबंध और मजदूरी से जुड़े दो अहम विधेयकों को इस महीने कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट से इन्‍हें मंजूरी मिल जाती है तो फिर नवंबर से शुरू हो रहे संसद के अगले सत्र में इन्‍हें पेश किया जाएगा. सरकार की तरफ से जिन नियमों में ढील दी जा सकती है वे श्रमिकों के लिहाज से काफी अहम हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के लिए कंपनियों को सरकार से इजाजत की जरूरत होती है, जो कि सरकार मुश्किल से ही देती है. कंपनियों की शिकायत है कि इस नियम ने स्‍थायी नियुक्ति को हतोत्‍साहित किया और इसकी वजह से फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है. इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए नए कानून में अब इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. सरकार की तरफ से जिन नियमों में ढील दी जा सकती है वे श्रमिकों के लिहाज से काफी अहम हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के लिए कंपनियों को सरकार से इजाजत की जरूरत होती है, जो कि सरकार मुश्किल से ही देती है. कंपनियों की शिकायत है कि इस नियम ने स्‍थायी नियुक्ति को हतोत्‍साहित किया और इसकी वजह से फैक्ट्रियों का आकार छोटा रहता है. इस शिकायत को ध्यान में रखते हुए नए कानून में अब इन प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. अग्रवाल ने कहा, 'यह प्राथमिकता तय करने का सवाल है. हमने सोचा कि यह काफी बढ़िया विचार होगा कि जीएसटी को पहले पेश किया जाए ताकि हम अपनी ऊर्जा गंवा न सकें.' वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि श्रम बाजार को मुक्त करने से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश आएगा और कंपनियों को विस्‍तार करने का प्रोत्‍साहन मिलेगा.टिप्पणियां हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. हालांकि ट्रेड यूनियनों का कहना है कि इन सुधार से नौकरियों पर संकट पैदा हो जाएगा और कर्मचारियों के लिए यूनियन बनाना या फिर हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा. इन रिफॉर्म्‍स के तहत 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए लेबर कोड्स बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है. गौरतलब है कि अगले दो दशक में 20 करोड़ से अधिक भारतीय युवा कामकाजी उम्र में आ जाएंगे और इनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है.
यह एक सारांश है: श्रम बाजार को मुक्त करने से विदेशी निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद इस सुधार से कंपनियों को नई नियुक्तियां करने में मदद मिलेगी अगले दो दशक में करीब 20 करोड़ भारतीय कामकाजी उम्र में पहुंच जाएंगे
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर आंदोलनरत तेलगांना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने बुधवार से प्रस्तावित तीन दिनों के रेल रोको अभियान को 15 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया है। इसको देखते हुए रेलवे ने तेलंगाना क्षेत्र में रेल सेवा सुचारु रहने की घोषणा की है। उधर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव सहित तीन नेताओं के खिलाफ उकसावे वाला बयान देने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इस बीच तेलंगाना की सड़कों पर मंगलवार को कुछ बसें लौट आईं। परिवहन निगम के कुछ कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल वापस लेने की सोमवार को घोषणा की थी। जेएसी ने मंगलवार को घोषणा की कि रेल रोको आंदोलन अब 12, 13 और 14 अक्टूबर के बजाय 15, 16 व 17 को प्रभावी होगा।  यह निर्णय जेएसी की आपात बैठक में लिया गया, लेकिन स्थगन का कारण नहीं बताया गया। रेल रोको आंदोलन दूसरी बार स्थगित किया गया है। मूल रूप से आंदोलन की तारीखें 9, 10 और 11 अक्टूबर तय की गई थीं। जेएसी के निर्णय के मद्देनजर दक्षिण मध्य रेलवे ने घोषणा की कि बुधवार से रेलगाड़ियां तय समय पर चलेंगी। उसने रेल सेवाएं रद्द करने की अपनी पूर्व की घोषणा वापस ले ली है। दक्षिण मध्य रेलवे ने बुधवार से 40 एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को आंशिक तौर पर रद्द करने तथा 70 रेलगाड़ियों के मार्ग में तब्दीली करने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि पिछली बार 24 और 25 सितम्बर को दो दिनों के लिए रेलमार्ग अवरुद्ध किए गए थे, जिसकी वजह से 72 एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और 264 सवारी रेलगाड़ियों को रद्द किया गया था। वहीं, पुलिस ने उकसावे वाला बयान देने के आरोप में टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव सहित तीन नेताओं तथा जेएसी के नेताओं स्वामी गौड़ और विट्ठल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि तेलंगाना के पुलिसकर्मी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार टीआरएस प्रमुख राव के खिलाफ सैफाबाद पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। राव पर आरोप है कि उन्होंने अपने बयान में लोगों से उन मंत्रियों और सांसदों के घरों पर हमला करने की अपील की थी, जो अपने पद से इस्तीफा देकर इस आंदोलन में शामिल होने को तैयार नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री एन.किरण कुमार रेड्डी ने एक दिन पहले ही अपने बयान में कहा था कि कानून एवं व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। उधर, तेलंगाना की सड़कों पर 22 दिन बाद मंगलवार को कुछ बसें लौट आईं। आंध्र प्रदेश राज्य परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) की हड़ताल के कारण ये सरकारी बसें सड़कों से गायब थीं। हैदराबाद और सिकंदराबाद की सड़कों पर बसें दिखने लगी हैं, लेकिन तेलंगाना क्षेत्र के खम्मम, करीमनगर व नलगोंडा जिलों के अलावा अन्य छह जिलों में कहीं पर भी बसें नहीं दिखीं। आदिलाबाद, निजामाबाद व वारंगल जैसे जिलों में हड़ताल कर रहे एपीएसआरटीसी के कर्मचारी व तेलंगाना के आंदोलनकारी बसें चलाने का विरोध कर रहे हैं। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि पुलिस सुरक्षा के बीच शाम तक सड़कों पर बसों की संख्या बढ़ जाएगी। निगम के प्रबंध निदेशक प्रसाद राव को दो-तीन दिनों में बस परिवहन सुचारु रूप से शुरू हो जाने की उम्मीद है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तेलंगाना की मांग को लेकर आंदोलनरत तेलगांना संयुक्त कार्रवाई समिति ने तीन दिन के रेल रोको अभियान को 15 अक्टू. तक स्थगित कर दिया।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सेंसेक्स की शीर्ष सात कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बीते सप्ताह 45,013 करोड़ रुपये घट गया। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) को इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सीआईएल का बाजार पूंजीकरण सप्ताह के दौरान 13,612 करोड़ रुपये घटकर 2,08,187 करोड़ रुपये पर आ गया।टिप्पणियां इसके बाद देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 8,728 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 1,26,593 करोड़ रुपये रह गया। एफएमसजी क्षेत्र की कंपनी आईटीसी के बाजार पूंजीकरण में 6,763 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 1,86,156 करोड़ रुपये रह गया। एनटीपीसी को सप्ताह के दौरान 6,225 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा और उसका बाजार पूंजीकरण 1,27,722 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 4,404 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 2,37,879 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह, ओएनजीसी का बाजार मूल्य 3,722 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 2,22,014 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक को 1,559 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,25,794 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, इंफोसिस और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। इसके बाद देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 8,728 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 1,26,593 करोड़ रुपये रह गया। एफएमसजी क्षेत्र की कंपनी आईटीसी के बाजार पूंजीकरण में 6,763 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 1,86,156 करोड़ रुपये रह गया। एनटीपीसी को सप्ताह के दौरान 6,225 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा और उसका बाजार पूंजीकरण 1,27,722 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 4,404 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 2,37,879 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह, ओएनजीसी का बाजार मूल्य 3,722 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 2,22,014 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक को 1,559 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,25,794 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, इंफोसिस और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 4,404 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 2,37,879 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह, ओएनजीसी का बाजार मूल्य 3,722 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 2,22,014 करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक को 1,559 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,25,794 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, इंफोसिस और भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेंसेक्स की शीर्ष सात कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह 45,013 करोड़ रुपये घट गया। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड को इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा तब तक उठाता रहेगा, जब तक इसका समाधान नहीं निकल जाता। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, गिलानी ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर का मुद्दा उनके दिल के करीब है। उन्होंने संकल्प लिया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सरकार इस मुद्दे को तब तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाती रहेगी, जब तक इसका समाधान नहीं होता। गिलानी पंजाब और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को जोड़ने वाले एक पुल और मंगला बांध परियोजना का उद्घाटन करने के बाद डडयाल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का यह उनका 8वां दौरा था। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि कश्मीर उनका दूसरा घर है और उन्होंने आश्वस्त किया कि वह कश्मीर के लोगों की बेहतरी तथा लोगों को यथासंभव सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं मुहैया कराने के लिए लगातार काम करते रहेंगे। गिलानी ने कहा कि उन्हें पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में दो प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन कर खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के लोगों के आर्थिक विकास और समृद्धि के एक नए युग का सूत्रपात करेंगी।
संक्षिप्त सारांश: पाक के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा तब तक उठाता रहेगा, जब तक इसका हल नहीं निकल जाता।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: बता दें, गठबंधन की शुरुआती पहल के दौर में आप ने दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी गठबंधन करने की कांग्रेस के समक्ष पेशकश की थी, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही कांग्रेस नेतृत्व को राज्य में पार्टी के मजबूत होने का हवाला देते हुये आप के साथ गठबंधन की जरूरत को सिरे से खारिज कर दिया था. इसके बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भी पार्टी नेतृत्व को गठबंधन नहीं करने का सुझाव दिया है. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी में पिछले दो दिनों से आप के साथ गठबंधन के मुद्दे पर पार्टी की प्रदेश और केन्द्रीय नेताओं के बीच विचार मंथन जारी है.  इस सिलसिले में कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पी सी चाको ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित सहित अन्य नेताओं से मुलाकात कर गठबंधन के बारे में पार्टी नेताओं के बीच आमराय कायम करने की कोशिश की. इसके बाद देर शाम चाको ने हरियाणा में आप को एक सीट देने के मुद्दे पर हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार हुड्डा और तंवर ने पार्टी नेतृत्व को आप के साथ हरियाणा में गठबंधन की जरूरत से दो टूक इंकार कर दिया.  इसके बाद शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिर्फ दिल्ली में गठबंधन की संभावनायें टटोलने के लिये चाको और दीक्षित सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की. समझा जाता है कि दीक्षित सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं में दिल्ली में आप के साथ गठबंधन पर सहमति बन गयी है. सीटों के बंटवारे को लेकर दीक्षित ने प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ बैठक की. इस बीच केजरीवाल ने अकेले दिल्ली में गठबंधन की बात को अस्वीकार करते हुये कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट कर दिया है कि चंडीगढ़ में कांग्रेस के उम्मीदवार को आप का समर्थन तब ही मिलेगा जब कांग्रेस हरियाणा में उसे तीन सीटों (फरीदाबाद, गुरुग्राम और करनाल) पर समर्थन दे.
यहाँ एक सारांश है:कई दिनों से चल रही है गठबंधन की बातचीत दोनों तरफ से कई बार किया गया मना पर अभी नहीं लगा विराम
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: Saaho 'Psycho Saiyaan' Song: 'बाहुबली' एक्टर प्रभास (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की मोस्ट अवेटिड फिल्म 'साहो' (Saaho) का पहला गाना 'साइको सैंया (Psycho Saiyan)' रिलीज हो गया है. डायरेक्टर सुजीत के निर्देशन में बन रही फिल्म 'साहो' (Saaho) स्वतंत्रता दिवस के मौके यानी 15 अगस्त को रिलीज होगी. 'साहो' के पहले सॉन्ग 'साइको सैंया (Psycho Saiyan)' का टीजर तो पहले ही रिलीज हो गया था. हालांकि अब पूरा सॉन्ग रिलीज हो गया है. 'साइको सैंया (Psycho Saiyaan)' में एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) ग्लैमरस लुक में कहर ढा रही हैं वहीं प्रभास (Prabhas) भी अपने डैशिंग अंदाज से फैन्स को दीवाना बना रहे हैं. प्रभास (Prabhas) की फिल्म फिल्म 'साहो' (Saaho) के इस गाने को ध्वनी भानुशाली और सचेत टंडन ने गाया है. वहीं इस गाने को तनिष्क बागची ने लिखा है. फैन्स को प्रभास की फिल्म का काफी बेसब्री से इंतजार है तभी तो 'साहो' (Saaho) के पहले गाने 'साइको सैंया (Psycho Saiyan)' के रिलीज होते ही ये सोशल मीडिया पर छा गया.  प्रभास  (Prabhas) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) फिल्म 'साहो (Saaho)' के जरिए पहली बार बड़े पर्दे पर साथ नजर आएंगे. मोस्ट अवेटिड इस फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगु तीन भाषाओं में शूट किया जा रहा है. 'साहो' में प्रभास और श्रद्धा कपूर के अलावा नील नितिन मुकेश (Neil Nitin Mukesh), जैकी श्रॉफ, मंदिरा बेदी, महेश मांजरेकर, चंकी पांडे, अरुण विजय और मुरली शर्मा एंटरटेनमेंट का तड़का लगाते नजर आएंगे. 'साहो' एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसे टी-सीरीज प्रस्तुत कर रहा है. 'साहो (Saaho)' को यूवी क्रिएशंस के बैनर तले बनाया जा रहा है.
यह एक सारांश है: प्रभास की फिल्म 'साहो' का सॉन्ग हुआ रिलीज 'साइको सैंया' में अपनी अदाओं के जलवे बिखेरती नजर आईं श्रद्धा 15 अगस्त को रिलीज होगी प्रभास की एक्शन थ्रिलर
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल में समाप्त हुई एकदिवसीय श्रृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मध्यक्रम के भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा आईसीसी वनडे रैंकिंग में 32 पायदान की छलांग लगाकर 49वें स्थान पर पहुंच गए। रोहित ने पांच मैच में 257 रन बनाये और उन्हें मैन आप द सीरीज चुना गया। भारत ने यह श्रृंखला 3-2 से जीती। भारत के अन्य बल्लेबाजों में विराट कोहली सातवें नंबर पर पहुंच गये जबकि पार्थिव पटेल ने भी 75 पायदान की लंबी छलांग लगाई है और वह 103वें स्थान पर काबिज हो गये हैं। भारत के कार्यवाहक कप्तान सुरेश रैना (36) और आलराउंडर यूसुप पठान (55वें) हालांकि नीचे खिसक गए। गेंदबाजों में लेग स्पिनर अमित मिश्रा को श्रृंखला में 11 विकेट लेने का इनाम 108 पायदान की लंबी छलांग के रूप में मिला। वह अब 65वें स्थान पर पहुंच गये हैं। लेग स्पिनर हरभजन सिंह छह पायदान ऊपर 11वें जबकि तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार और मुनाप पटेल चार-चार पायदान ऊपर क्रमश: 25वें और 27वें स्थान पर काबिज हो गए हैं। अंतिम एकदिवसीय मैच में अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 86 रन की पारी खेलने वाले डेरेन ब्रावो 67वें जबकि मलरेन सैमुअल्स 16 पायदान ऊपर 106वें नंबर पर काबिज हो गए हैं लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी 107वें स्थान पर खिसक गए हैं। गेंदबाजों में श्रृंखला में आठ विकेट लेने वाले आंद्रे रसेल ने भी 85 पायदान की छलांग लगाई है और वह अब 127वें स्थान पर हैं। इस बीच आईसीसी एकदिवसीय चैंपियनशिप तालिका में भारत ने अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है लेकिन अब वह तीसरे स्थान पर काबिज श्रीलंका से केवल एक रेंटिंग अंक ही आगे हैं। इसके विपरीत वेस्टइंडीज को पांच अंक का पायदा हुआ और इससे उसके 77 रेटिंग अंक हो गए हैं। वह अब नौवें स्थान पर काबिज बांग्लादेश से दस रेंटिंग अंक आगे हो गया है।
सारांश: भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा आईसीसी वनडे रैंकिंग में 32 पायदान की छलांग लगाकर 49वें स्थान पर पहुंच गए।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम को 20 साल की सजा हो गई है, लेकिन उनके साथ साये की तरह रहने वाली हनीप्रीत गायब है. हनीप्रीत के लिए आज से सर्च अभियान शुरू होगा. ये राम रहीम की गोद ली हुई बेटी है. पहले इनका नाम प्रियंका तनेजा था बाद में वह हनीप्रीत बन गईं. वह राम रहीम के साथ कई फिल्मों में काम कर चुकी है. वह उसी हेलीकॉप्टर में सवार थीं, जिसमें राम रहीम को पंचकूला कोर्ट तक लाया गया था. डेरा सच्चा सौदा में हनीप्रीत की सबसे ज्यादा चलती है इसलिए उन्हें डेरा की अगली उत्तराधिकारी के तौर पर भी देखा जा रहा था.     मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरमीत राम रहीम ने सुनारिया जेल में मुलाकात के लिए जिन पांच लोगों के नामों की सूची दी है, उसमें हनीप्रीत का नाम शामिल नहीं होना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है. जिस दिन डेरा प्रमुख 28 अगस्त को जेल गया था, तब रात 10 बजे के बाद से हनीप्रीत का कुछ पता नहीं है. उसके न तो फतेहाबाद होने की सूचना है और न ही सिरसा डेरे में रहने की कोई खबर है.   टिप्पणियां हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता की शादी राम रहीम ने ही कराई थी. हालांकि दोनों की शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी. कुछ समय बाद उसने राम रहीम से शिकायत की कि उसके ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं. इसके बाद राम रहीम ने साल 2009 में उसे गोद ले लिया था. हालांकि राम रहीम पहले से ही तीन बच्‍चों का बायलॉजिकल पिता है, जिनमें दो बेटियां अमनप्रीत, चमनप्रीत और बेटा जसमीत इंसा शामिल हैं. साल 2011 में विश्वास गुप्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मुकदमा ठोंककर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के कब्जे से बीवी को मुक्त कराने की मांग भी की थी. गुप्‍ता ने राम रहीम पर हनीप्रीत के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया था.    हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता की शादी राम रहीम ने ही कराई थी. हालांकि दोनों की शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी. कुछ समय बाद उसने राम रहीम से शिकायत की कि उसके ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं. इसके बाद राम रहीम ने साल 2009 में उसे गोद ले लिया था. हालांकि राम रहीम पहले से ही तीन बच्‍चों का बायलॉजिकल पिता है, जिनमें दो बेटियां अमनप्रीत, चमनप्रीत और बेटा जसमीत इंसा शामिल हैं. साल 2011 में विश्वास गुप्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मुकदमा ठोंककर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के कब्जे से बीवी को मुक्त कराने की मांग भी की थी. गुप्‍ता ने राम रहीम पर हनीप्रीत के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया था.  साल 2011 में विश्वास गुप्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मुकदमा ठोंककर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के कब्जे से बीवी को मुक्त कराने की मांग भी की थी. गुप्‍ता ने राम रहीम पर हनीप्रीत के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुरमीत राम रहीम ने ही कराई थी हनीप्रीत की शादी राम रहीम के साथ कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं डेरा की अगली उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी भारतीय टीम ने धुर विरोधी पाकिस्तान टीम को शनिवार को इस टूर्नामेंट में दूसरी बार करारी मात दी. टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर 6-1 से बड़ी जीत दर्ज की. भारत ने पूरे समय मैच में दबदबा बनाए रखते हुए पाक को हर मामले में पछाड़ा. यह मैच पांचवें से आठवें स्थान के क्लासिफिकेशन के लिए था. इससे पहले भारत ने लंदन में खेले गए मैच में पाकिस्तान को 7-1 से हराया था. भारतीय टीम अब पांचवें और छठे स्थान के लिए कनाडा से भिड़ेगी. भारत की ओर से रमनदीप सिंह और मदनदीप सिंह ने दो-दो गोल दागे, जबकि तलविंदर सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने एक-एक गोल करते हुए विशाल जीत में अहम भूमिका निभाई. भारत ने मैच में शुरुआत से ही पकड़ बनाकर रखी और पहला गोल रमनदीप सिंह ने आठवें मिनट में दागा. फिर 25वें और 27वें मिनट में तलविंदर और मनदीप ने एक-एक गोल करते हुए टीम की बढ़त 3-0 कर दी. फिर 28वें मिनट में रमनदीप ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम का स्कोर 4-0 कर दिया. 36वें मिनट में हरमनप्रीत की स्टिक ने कमाल किया और स्कोर 5-0 हो गया. 59वें मिनट में मनदीप ने अपना दूसरा गोल किया. टिप्पणियां पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल एजाज अहमद ने 41वें मिनट में किया. मैच में भारत और पाक के एक-एक खिलाड़ी को कार्ड दिखाया गया. भारत के सरदार सिंह को ग्रीन कार्ड, जबकि पाक के उमर सरफराज को यलो कार्ड दिखाया गया. गौरतलब है कि विश्व में छठे रैंकिंग की भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में 14वीं रैंकिंग की मलेशियाई टीम से 2-3 से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई थी. इससे पहले वह नीदरलैंड से भी हार गई थी. भारत की ओर से रमनदीप सिंह और मदनदीप सिंह ने दो-दो गोल दागे, जबकि तलविंदर सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने एक-एक गोल करते हुए विशाल जीत में अहम भूमिका निभाई. भारत ने मैच में शुरुआत से ही पकड़ बनाकर रखी और पहला गोल रमनदीप सिंह ने आठवें मिनट में दागा. फिर 25वें और 27वें मिनट में तलविंदर और मनदीप ने एक-एक गोल करते हुए टीम की बढ़त 3-0 कर दी. फिर 28वें मिनट में रमनदीप ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम का स्कोर 4-0 कर दिया. 36वें मिनट में हरमनप्रीत की स्टिक ने कमाल किया और स्कोर 5-0 हो गया. 59वें मिनट में मनदीप ने अपना दूसरा गोल किया. टिप्पणियां पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल एजाज अहमद ने 41वें मिनट में किया. मैच में भारत और पाक के एक-एक खिलाड़ी को कार्ड दिखाया गया. भारत के सरदार सिंह को ग्रीन कार्ड, जबकि पाक के उमर सरफराज को यलो कार्ड दिखाया गया. गौरतलब है कि विश्व में छठे रैंकिंग की भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में 14वीं रैंकिंग की मलेशियाई टीम से 2-3 से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई थी. इससे पहले वह नीदरलैंड से भी हार गई थी. भारत ने मैच में शुरुआत से ही पकड़ बनाकर रखी और पहला गोल रमनदीप सिंह ने आठवें मिनट में दागा. फिर 25वें और 27वें मिनट में तलविंदर और मनदीप ने एक-एक गोल करते हुए टीम की बढ़त 3-0 कर दी. फिर 28वें मिनट में रमनदीप ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम का स्कोर 4-0 कर दिया. 36वें मिनट में हरमनप्रीत की स्टिक ने कमाल किया और स्कोर 5-0 हो गया. 59वें मिनट में मनदीप ने अपना दूसरा गोल किया. टिप्पणियां पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल एजाज अहमद ने 41वें मिनट में किया. मैच में भारत और पाक के एक-एक खिलाड़ी को कार्ड दिखाया गया. भारत के सरदार सिंह को ग्रीन कार्ड, जबकि पाक के उमर सरफराज को यलो कार्ड दिखाया गया. गौरतलब है कि विश्व में छठे रैंकिंग की भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में 14वीं रैंकिंग की मलेशियाई टीम से 2-3 से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई थी. इससे पहले वह नीदरलैंड से भी हार गई थी. पाकिस्तान की ओर से एकमात्र गोल एजाज अहमद ने 41वें मिनट में किया. मैच में भारत और पाक के एक-एक खिलाड़ी को कार्ड दिखाया गया. भारत के सरदार सिंह को ग्रीन कार्ड, जबकि पाक के उमर सरफराज को यलो कार्ड दिखाया गया. गौरतलब है कि विश्व में छठे रैंकिंग की भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में 14वीं रैंकिंग की मलेशियाई टीम से 2-3 से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई थी. इससे पहले वह नीदरलैंड से भी हार गई थी. गौरतलब है कि विश्व में छठे रैंकिंग की भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में 14वीं रैंकिंग की मलेशियाई टीम से 2-3 से हारकर खिताब की दौड़ से बाहर हो गई थी. इससे पहले वह नीदरलैंड से भी हार गई थी.
सारांश: हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में भारत-पाक का यह दूसरा मुकाबला रहा पहले मुकाबले में भी टीम इंडिया ने पाक को 7-1 से बुरी तरह हराया था भारत इस टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में मलेशिया से हारकर बाहर हो चुका है
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईएएस बी चंद्रकला ( B Chandrakala) ED की नोटिस के बाद भी बीते 24 जनवरी को लखनऊ ऑफिस पर पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुईं, बल्कि उन्होंने अपने वकील से ही जरूरी दस्तावेज भेज दिए थे. हालांकि ईडी चंद्रकला से ही पूछताछ कर सभी आरोपों की छानबीन करना चाहता है. बताया जा रहा है कि चंद्रकला को ईडी ने पूछताछ के लिए फिर से समन जारी किया है. सूत्र बता रहे हैं कि अगर चंद्रकला ने पूछताछ के दौरान अपने ऊपर खनन के पट्टों के लिए ऊपर से आए दबावों का कहानी बयां की तो कई बड़े नेता और उस दौरान पंचम तल पर तैनात वरिष्ठ अफसर फंस सकते हैं. सूत्र बताते हैं कि गायत्री प्रजापति के खनन मंत्री रहते हुए लखनऊ से कई जिलों के डीएम को खनन पट्टों के लिए मौखिक आदेश जारी किए जाते थे. इनमें ज्यादातर पट्टे तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों से जुड़े होते थे. कुछ डीएम ने लखनऊ से आए फोन के आगे घुटने नहीं टेके तो आज वे बेखौफ होकर नौकरी कर रहे हैं, मगर ऊपरी दबाव में आकर हमीरपुर में नियमों को धता बताकर खनन के पट्टे रेवड़ियों की तरह बांटने के चलते आज चंद्रकला सीबीआई और ईडी की जांच में फंस गईं हैं. खनन घोटाले के पचड़े में फंसने से बी चंद्रकला की वह सारी लोकप्रियता मिट्टी में मिल गई, जो उन्होंने नौकरी के कुछ वर्षों बाद से अपने एक्शन से हासिल की थी.  चंद्रकला से पूछताछ को लेकर जिस तरह से ईडी सक्रिय हुई है, उससे पिछली सरकार में प्रभावशाली पदों पर रहे कई बड़े अफसरों की भी नींद उड़ी हुई है. बता दें कि बीते पांच जनवरी को बी. चंद्रकला (IAS B Chandrakala) के लखनऊ स्थित घर पर सीबीआई ने पकरीब दो घंटे तक छापेमारी की थी. IAS बी. चंद्रकला पर गलत तरीके से खनन पट्टे देने का आरोप है. चंद्रकला बुलंदशहर, हमीरपुर, मथुरा, मेरठ और बिजनौर में डीएम रह चुकी हैं. बी चंद्रकला  (IAS B Chandrakala) तेलंगाना के करीमनगर जिले की रहने वाली हैं. 2008 की यूपी काडर आईएएस हैं. बुलंदशहर में डीएम रहते चंद्रकला का 2014 में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसने उन्हें सोशल मीडिया की सनसनी बना दिया. उस वीडियो में वह सड़क की खराब गुणवत्ता पर ठेकेदार और इंजीनियर को सरेआम फटकार लगा रहीं थीं. चंद्रकला कई जिलों में डीएम रहीं, जिसमें हमीरपुर भी शामिल है.  हमीरपुर में डीएम रहते चंद्रकला पर सपा एमएलसी रमेश मिश्रा सहित कुल 10 लोगों के साथ मिलकर अवैध खनन का आरोप है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच में जुटी सीबीआई ने 5 जनवरी को उनके अलावा अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. एक जनवरी 2019 को उनके खिलाफ सीबीआई के डिप्टी एसपी केपी शर्मा ने खनन मामले में केस दर्ज किया है. इस मामले की जांच जारी है. बताया जा रहा है कि यूपी में अवैध खनन मामले में सूत्रों का कहना है कि 2012 से जुलाई 2013 तक यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी खनन मंत्री रहे हैं. ऐसे में उनकी भूमिका की भी जांच होगी और सीबीआई से पूछताछ भी संभव है.
यहाँ एक सारांश है:आईएएस बी चंद्रकला को ईडी की नोटिस से कई बड़े अफसर परेशान ये वही अफसर हैं, जिन पर पंचम तल की तैनाती के दौरान दबाव डालने का आरोप सचिवालय से कई जिलों के डीएम को खनन के पट्टे जारी करने के दिए जाते थे आदेश
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हमारी आकाशगंगा के केंद्र में ब्लैक होल के पास 35 लाख वर्ष पहले भीषण ऊर्जा का विस्फोट हुआ था. एक रिसर्च में दावा किया गया है कि इस खगोलीय घटना के समय तक अफ्रीका में हमारे पूर्वजों ने दस्तक दे दी थी. ‘एस्ट्रोफिजिकल' पत्रिका में प्रकाशित रिसर्च में कहा गया है कि इस घटना के चलते आकाशगंगा के दोनों ध्रुवों के जरिए और बाह्य अंतरिक्ष में कोण के आकार में विकिरण का प्रवाह हुआ था. इस घटना को ‘सेफर्ट फ्लेयर' कहा जाता है.  बता दें कि रिसर्च में शोधार्थियों ने पाया है कि इससे निकली रोशनी इतनी अधिक शक्तिशाली थी कि इसका असर मैगेलैनिक स्ट्रीम पर भी पड़ा. ऑस्ट्रेलिया के एआरसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑल स्काय एस्ट्रोफिजिक्स इन थ्री डायमेंशन (एस्ट्रो-थ्रीडी) के प्रोफेसर जोस ब्लांड-हेथ्रोन के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के किए गए अध्ययन के मुताबिक, मैगेलैनिक स्ट्रीम आकाशगंगा से औसतन 200,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है . रिसर्च के मुताबिक, विस्फोट इतना भीषण था कि यह सूरज की तुलना में 42 लाख गुणा अधिक शक्तिशाली था. यह ऐसा ही है कि कि घुप्प अंधेरे के बाद कोई प्रकाशस्तंभ की रोशनी जला दे .  वहीं हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन से जमा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, शोधार्थियों ने आकलन किया कि 30 लाख से ज्यादा साल पहले यह घटना हुई थी. क्षुद्रग्रह के कारण धरती पर 6.3 करोड़ वर्ष पहले ही डायनासोर विलुप्त हो गए थे और मानवों के पूर्वज ऑस्ट्रैलोपाइथेशियन ने अफ्रीका में कदम रख दिए थे .
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्लैक होल के पास 35 लाख वर्ष पहले भीषण ऊर्जा का विस्फोट हुआ था इस घटना को ‘सेफर्ट फ्लेयर’ कहा जाता है. यह सूरज की तुलना में 42 लाख गुणा अधिक शक्तिशाली था
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: मक्का की पवित्र मस्जिद के प्रांगण में बुर्का पहने चार महिलाओं की एक तस्वीर सऊदी अरब में विवादों के घेरे में आ गई है. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दरअसल बुर्का पहने ये महिलाएं मस्जिद के प्रांगण में कोई 'बोर्ड गेम' खेलती नजर आ रही हैं. इस तस्वीर के वायरल होने के कुछ ही समय बाद सऊदी अरब अथॉरिटी ने एक स्टेटमेंट जारी कर दिया. स्टेपफीड नामक वेबसाइट के हवाले में न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि पवित्र मस्जिद की गवर्निंग अथॉरिटी के एक प्रवक्ता के मुताबिक, सुबह 11 बजे पिछले शुक्रवार कुछ सिक्यॉरिटी अफसरों ने चार महिलाओं को सीक्वेंस नामक बोर्ड गेम खेलते देखा. स्टेटमेंट में कहा गया है- हमने तुरंत महिला अधिकारियों को मौके पर भेजा और उन्होंने महिलाओं से ऐसी चीजें जगह की शुचिता को ध्यान में रखते हुए न करने के लिए कहा. महिलाओं ने बात मानते हुए तुरंत इस एरिया को खाली कर दिया था.टिप्पणियां स्टेपफीड एक अंग्रेजी वेबसाइट है जिसका कहना है कि यह मामला 'अरब जगत में ट्रेंड कर रहा है'. हालांकि इंटरनेट पर लोग इसे अलग अलग तरह से ले रहे हैं. किसी ने महिलाओं के यूं बोर्ड गेम खेलने की निंदा की जबकि किसी ने उनका विरोध करने का वालों से असहमति जताई. इसी बीच बता दें कि साल 2015 में मदीना के मस्जिद-ए-नवाबी में कुछ युवा कार्ड्स खेलते हुए पाए गए थे. रिपोर्ट्स थीं कि सुरक्षागार्डों ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था.   इस तस्वीर के वायरल होने के कुछ ही समय बाद सऊदी अरब अथॉरिटी ने एक स्टेटमेंट जारी कर दिया. स्टेपफीड नामक वेबसाइट के हवाले में न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि पवित्र मस्जिद की गवर्निंग अथॉरिटी के एक प्रवक्ता के मुताबिक, सुबह 11 बजे पिछले शुक्रवार कुछ सिक्यॉरिटी अफसरों ने चार महिलाओं को सीक्वेंस नामक बोर्ड गेम खेलते देखा. स्टेटमेंट में कहा गया है- हमने तुरंत महिला अधिकारियों को मौके पर भेजा और उन्होंने महिलाओं से ऐसी चीजें जगह की शुचिता को ध्यान में रखते हुए न करने के लिए कहा. महिलाओं ने बात मानते हुए तुरंत इस एरिया को खाली कर दिया था.टिप्पणियां स्टेपफीड एक अंग्रेजी वेबसाइट है जिसका कहना है कि यह मामला 'अरब जगत में ट्रेंड कर रहा है'. हालांकि इंटरनेट पर लोग इसे अलग अलग तरह से ले रहे हैं. किसी ने महिलाओं के यूं बोर्ड गेम खेलने की निंदा की जबकि किसी ने उनका विरोध करने का वालों से असहमति जताई. इसी बीच बता दें कि साल 2015 में मदीना के मस्जिद-ए-नवाबी में कुछ युवा कार्ड्स खेलते हुए पाए गए थे. रिपोर्ट्स थीं कि सुरक्षागार्डों ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था.   स्टेपफीड एक अंग्रेजी वेबसाइट है जिसका कहना है कि यह मामला 'अरब जगत में ट्रेंड कर रहा है'. हालांकि इंटरनेट पर लोग इसे अलग अलग तरह से ले रहे हैं. किसी ने महिलाओं के यूं बोर्ड गेम खेलने की निंदा की जबकि किसी ने उनका विरोध करने का वालों से असहमति जताई. इसी बीच बता दें कि साल 2015 में मदीना के मस्जिद-ए-नवाबी में कुछ युवा कार्ड्स खेलते हुए पाए गए थे. रिपोर्ट्स थीं कि सुरक्षागार्डों ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था.
बुर्का पहने चार महिलाओं की एक तस्वीर वायरल हुई महिलाएं मक्का की पवित्र मस्जिद के प्रांगण में बोर्ड गेम खेल रही थीं जब उन्हें टोका गया तो वह वहां से चली गई थीं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 34.37 अंकों की तेजी के साथ पर 20,247.33 और निफ्टी 23.15 अंकों की तेजी के साथ 6,169.90 पर बंद हुआ।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 45.03 अंकों की गिरावट के साथ 20,167.93  पर खुला और 34.37 अंकों यानी 0.17 फीसदी तेजी के साथ 20,247.33 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,326.48 के ऊपरी और 20,162.12 के निचले स्तर को छुआ।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.50 अंकों की गिरावट के साथ 6,128.25 पर खुला और 23.15 अंकों या 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 6,169.90 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,187.30 के ऊपरी और 6,128.25 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 27.75 अंकों की तेजी के साथ 6,592.21 पर और स्मॉलकैप 14.05 अंकों की तेजी के साथ 6,190.94 पर बंद हुआ।   बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (1.81 फीसदी), तेल एवं गैस (1.64 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (1.53 फीसदी), बैंकिंग (1.11 फीसदी) और पूंजीगत वस्तुएं (0.84 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
यहाँ एक सारांश है:प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 34.37 अंकों की तेजी के साथ पर 20,247.33 और निफ्टी 23.15 अंकों की तेजी के साथ 6,169.90 पर बंद हुआ।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में कुंडा के डीएसपी ज़िया उल हक़ की हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है। शनिवार को राजेश पासी नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।टिप्पणियां इससे पहले, इस मामले में प्रतापगढ़ के कुंडा सर्कल के सई चार थानों के सभी पुलिस कर्मियों का तबादला कर दिया गया। डीएसपी की हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में कुंडा के निर्दलीय विधायक और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे राजा भैया का नाम भी आया है। इससे पहले, इस मामले में प्रतापगढ़ के कुंडा सर्कल के सई चार थानों के सभी पुलिस कर्मियों का तबादला कर दिया गया। डीएसपी की हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में कुंडा के निर्दलीय विधायक और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे राजा भैया का नाम भी आया है। डीएसपी की हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में कुंडा के निर्दलीय विधायक और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे राजा भैया का नाम भी आया है।
यूपी में कुंडा के डीएसपी ज़िया उल हक़ की हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है। शनिवार को राजेश पासी नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग का फाइनल चीन की ली ना और इटली की फ्रांसिस्का शियावोन के बीच खेला जाएगा। ली ना ने गुरुवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में रूस की मारिया शारापोवा को हराया जबकि शियावोन ने फ्रांसीसी खिलाड़ी मैरियन बार्तोली का पत्ता साफ किया। टूर्नामेंट की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ली ना ने आठवीं वरीयता प्राप्त शारापोवा को 6-4, 7-5 से हराया। ली ना इस वर्ष ऑस्ट्रेलियन ओपन का भी फाइनल खेल चुकी हैं। दूसरी ओर, गति उपविजेता पांचवी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शियावोन ने 11वीं वरीयता प्राप्त बार्तोली को 6-3, 6-3 से मात दी। यह मुकाबला 108 मिनट तक चला। उधर, बेलारूस के मैक्स मिर्नी और कनाडा का डेनियल नेस्टर की जोड़ी पुरुषों के युगल मुकाबलों के फाइनल में पहुंच गई है। मिर्नी और नेस्टर की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फ्रांस के माइकल लोर्डा और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक की चौथी वरीय जोड़ी को सीधे सेटों में 7-6, 7-6 से पराजित किया। फाइनल में नेस्टर और मिर्नी का सामना अमेरिका के ब्रायन बंधुओं-माइक और बॉब तथा कोलम्बिया के जुआन केबाल और अर्जेंटीना के एडवडरे श्वांक की जोड़ी के बीच होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले के विजेता के साथ होगा।
फ्रेंच ओपन के महिला एकल वर्ग का फाइनल चीन की ली ना और इटली की फ्रांसिस्का शियावोन के बीच खेला जाएगा।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिग्गज फिल्म अभिनेत्री रेखा भी राज्यसभा सदस्य के रूप में जैसे ही संसद पहुंचीं, मीडिया ने उन्हें भी नहीं बख्शा... बहरहाल, अंदर पहुंचकर उन्होंने सांसदों के हंगामे का नज़ारा देखा, और सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर राजीव शुक्ला जब मास्टर ब्लास्टर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को लेकर सेंट्रल हॉल में गए, तब रेखा भी साथ ही थीं... उनके पीछे-पीछे माकपा नेता सीताराम येचुरी भागते हुए आए और रेखा को बताने लगे कि यही वह जगह है, जहां भगत सिंह ने बम फेंका था... वह सेंट्रल हॉल में लगी तमाम मूर्तियों और तस्वीरों के बारे में भी अभिनेत्री को जानकारी दे रहे थे... केन्द्रीय मंत्री नारायण सामी भी कहां पीछे रहने वाले थे, सो, वह रेखा को तमिल में कुछ समझाने की कोशिश कर रहे थे... वैसे सचिन और रेखा के आसपास की सीटों पर बैठे थे, विजय माल्या और गीतकार जावेद अख्तर... उनके पीछे-पीछे माकपा नेता सीताराम येचुरी भागते हुए आए और रेखा को बताने लगे कि यही वह जगह है, जहां भगत सिंह ने बम फेंका था... वह सेंट्रल हॉल में लगी तमाम मूर्तियों और तस्वीरों के बारे में भी अभिनेत्री को जानकारी दे रहे थे... केन्द्रीय मंत्री नारायण सामी भी कहां पीछे रहने वाले थे, सो, वह रेखा को तमिल में कुछ समझाने की कोशिश कर रहे थे... वैसे सचिन और रेखा के आसपास की सीटों पर बैठे थे, विजय माल्या और गीतकार जावेद अख्तर...
यहाँ एक सारांश है:माकपा नेता सीताराम येचुरी ने रेखा को वह जगह दिखाई, जहां भगत सिंह ने बम फेंका था... नारायण सामी भी रेखा को तमिल में कुछ समझा रहे थे...
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत का घरेलू क्रिकेट जब बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है तब महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने शनिवार को सुझाव दिया कि रणजी ट्रॉफी का प्रत्येक मैच दो अलग-अलग पिचों पर खेला जाना चाहिए, जिससे कि विदेशी दौरों के लिए बेहतर टेस्ट टीम तैयार की जा सके. द्विपक्षीय सीरीज को अधिक रोमांचक बनाने के लिए भी तेंदुलकर ने सुझाव दिया कि दोनों टीमों के बीच घरेलू और विदेशी सरजमीं के आधार पर लगातार दो सीरीज होनी चाहिए, जिससे कि अलग अलग हालात में दोनों टीमों की मजबूती का आकलन हो. एक ही रणजी मैच में दो पिचों का तेंदुलकर का सुझाव लोगों को हालांकि अधिक रोमांचक लगा. सचिन तेंदुलकर ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ के दौरान कहा, ‘‘मैंने रणजी ट्रॉफी में तटस्थ स्थानों (इस सत्र में जिस पर परीक्षण हो रहा है) के बारे में काफी सोच विचार किया. मेरे पास एक सुझाव है. जब हम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसे स्थानों पर जाते हैं तो कूकाबूरा गेंदों से खेलते हैं जो शुरू में स्विंग करती हैं. ऐसे में उस युवा रणजी बल्लेबाज के बारे में सोचिए जो भारत में एसजी टेस्ट गेंद से खेलता है और इसके बाद विदेशों में उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करते हैं पहली पारी कूकाबूरा गेंद से घसियाली पिचों पर कराते हैं जिससे सलामी बल्लेबाजों को चुनौती मिलेगी. यहां तक कि गेंदबाजों को मदद मिलेगी. हमारे स्पिनर भी घसियाली पिचों पर कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी सीखेंगे.’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इस घसियाली पिच के साथ ही दूसरी पिच होनी चाहिए जो पूरी तरह से स्पिन के अनुकूल हो. दूसरी पारी इस पिच पर एसजी टेस्ट गेंद से खेली जानी चाहिए, जिससे हमारेगेंदबाजों को स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेलने में भी मदद मिलेगी. हम विदेशी हालात में तेज गेंदबाजी को खेलने में काफी ध्यान लगाते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्पिन गेंदबाजी को कैसे खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) द्विपक्षीय सीरीज को अधिक रोमांचक बनाने के लिए भी तेंदुलकर ने सुझाव दिया कि दोनों टीमों के बीच घरेलू और विदेशी सरजमीं के आधार पर लगातार दो सीरीज होनी चाहिए, जिससे कि अलग अलग हालात में दोनों टीमों की मजबूती का आकलन हो. एक ही रणजी मैच में दो पिचों का तेंदुलकर का सुझाव लोगों को हालांकि अधिक रोमांचक लगा. सचिन तेंदुलकर ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ के दौरान कहा, ‘‘मैंने रणजी ट्रॉफी में तटस्थ स्थानों (इस सत्र में जिस पर परीक्षण हो रहा है) के बारे में काफी सोच विचार किया. मेरे पास एक सुझाव है. जब हम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसे स्थानों पर जाते हैं तो कूकाबूरा गेंदों से खेलते हैं जो शुरू में स्विंग करती हैं. ऐसे में उस युवा रणजी बल्लेबाज के बारे में सोचिए जो भारत में एसजी टेस्ट गेंद से खेलता है और इसके बाद विदेशों में उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करते हैं पहली पारी कूकाबूरा गेंद से घसियाली पिचों पर कराते हैं जिससे सलामी बल्लेबाजों को चुनौती मिलेगी. यहां तक कि गेंदबाजों को मदद मिलेगी. हमारे स्पिनर भी घसियाली पिचों पर कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी सीखेंगे.’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इस घसियाली पिच के साथ ही दूसरी पिच होनी चाहिए जो पूरी तरह से स्पिन के अनुकूल हो. दूसरी पारी इस पिच पर एसजी टेस्ट गेंद से खेली जानी चाहिए, जिससे हमारेगेंदबाजों को स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेलने में भी मदद मिलेगी. हम विदेशी हालात में तेज गेंदबाजी को खेलने में काफी ध्यान लगाते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्पिन गेंदबाजी को कैसे खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक ही रणजी मैच में दो पिचों का तेंदुलकर का सुझाव लोगों को हालांकि अधिक रोमांचक लगा. सचिन तेंदुलकर ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ के दौरान कहा, ‘‘मैंने रणजी ट्रॉफी में तटस्थ स्थानों (इस सत्र में जिस पर परीक्षण हो रहा है) के बारे में काफी सोच विचार किया. मेरे पास एक सुझाव है. जब हम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसे स्थानों पर जाते हैं तो कूकाबूरा गेंदों से खेलते हैं जो शुरू में स्विंग करती हैं. ऐसे में उस युवा रणजी बल्लेबाज के बारे में सोचिए जो भारत में एसजी टेस्ट गेंद से खेलता है और इसके बाद विदेशों में उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करते हैं पहली पारी कूकाबूरा गेंद से घसियाली पिचों पर कराते हैं जिससे सलामी बल्लेबाजों को चुनौती मिलेगी. यहां तक कि गेंदबाजों को मदद मिलेगी. हमारे स्पिनर भी घसियाली पिचों पर कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी सीखेंगे.’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इस घसियाली पिच के साथ ही दूसरी पिच होनी चाहिए जो पूरी तरह से स्पिन के अनुकूल हो. दूसरी पारी इस पिच पर एसजी टेस्ट गेंद से खेली जानी चाहिए, जिससे हमारेगेंदबाजों को स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेलने में भी मदद मिलेगी. हम विदेशी हालात में तेज गेंदबाजी को खेलने में काफी ध्यान लगाते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्पिन गेंदबाजी को कैसे खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करते हैं पहली पारी कूकाबूरा गेंद से घसियाली पिचों पर कराते हैं जिससे सलामी बल्लेबाजों को चुनौती मिलेगी. यहां तक कि गेंदबाजों को मदद मिलेगी. हमारे स्पिनर भी घसियाली पिचों पर कूकाबूरा गेंद से गेंदबाजी सीखेंगे.’’ तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इस घसियाली पिच के साथ ही दूसरी पिच होनी चाहिए जो पूरी तरह से स्पिन के अनुकूल हो. दूसरी पारी इस पिच पर एसजी टेस्ट गेंद से खेली जानी चाहिए, जिससे हमारेगेंदबाजों को स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेलने में भी मदद मिलेगी. हम विदेशी हालात में तेज गेंदबाजी को खेलने में काफी ध्यान लगाते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्पिन गेंदबाजी को कैसे खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तेंदुलकर ने कहा, ‘‘इस घसियाली पिच के साथ ही दूसरी पिच होनी चाहिए जो पूरी तरह से स्पिन के अनुकूल हो. दूसरी पारी इस पिच पर एसजी टेस्ट गेंद से खेली जानी चाहिए, जिससे हमारेगेंदबाजों को स्तरीय स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ खेलने में भी मदद मिलेगी. हम विदेशी हालात में तेज गेंदबाजी को खेलने में काफी ध्यान लगाते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि स्पिन गेंदबाजी को कैसे खेलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘मत भूलिए कि विदेशी टीमें भी भारत में हमारे से हार रही हैं. शायद वे अपने घरेलू मैचों में एसजी गेंदों का इस्तेमाल शुरू कर दें.’’ तेंदुलकर ने कहा कि दो पारियां दो पिचों पर खेलने से क्यूरेटर टीम के अनुकूल पिच तैयार नहीं कर पाएंगे और साथ ही टॉस की भूमिका भी सीमित हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान सोचने लगेगा कि टॉस जीतकर उसे पहले बैटिंग चुनने के अधिकार से सिर्फ 10 प्रतिशत ही फायदा मिलेगा लेकिन अगर वह घसियाली पिच पर पहले गेंदबाजी चुनता है तो उसे याद रखना चाहिए कि उसे चौथी पारी में स्पिन की अनुकूल पिच पर खेलना होगा.’’ तेंदुलकर जब यह सुझाव दे रहे थे तो दर्शकों के बीच बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे.टिप्पणियां टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टेस्ट क्रिकेट में घटते दर्शकों के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने इसके लिए लंबे प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता की कमी और टी20 क्रिकेट को जिम्मेदार ठहराया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सचिन ने एक ही मैच के लिए दो पिच का दिया सुझाव सचिन ने कहा एक पिच तेज, तो दूसरी स्पिन हो अभी ज्यादातर विकेट सपाट या स्पिन फ्रेंडली होते हैं
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या राजस्थान से रक्षा राज्यमंत्री बनाए गए लालचंद कटारिया का महकमा बदला जा सकता है इसको लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। एक दलील यह दी जा रही है कि राजस्थान से ही लालचंद कटारिया और जितेंद्र सिंह रक्षा राज्यमंत्री हो गए हैं।टिप्पणियां लेकिन, सूत्रों के मुताबिक सबसे अहम खबर यह बताई जा रही है कि खुद रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस पर ऐतराज़ किया है। गौरतलब है कि रविवार को हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में कई नए चेहरे शामिल किए गए और तमाम पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया है। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक सबसे अहम खबर यह बताई जा रही है कि खुद रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस पर ऐतराज़ किया है। गौरतलब है कि रविवार को हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में कई नए चेहरे शामिल किए गए और तमाम पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया है। गौरतलब है कि रविवार को हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में कई नए चेहरे शामिल किए गए और तमाम पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया है।
यहाँ एक सारांश है:क्या राजस्थान से रक्षा राज्यमंत्री बनाए गए लालचंद कटारिया का महकमा बदला जा सकता है इसको लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। सूत्रों के मुताबिक सबसे अहम खबर यह बताई जा रही है कि खुद रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस पर ऐतराज़ किया है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीएसपी सुप्रीम मायावती ने अपनी पार्टी के खाते में 104 करोड़ आने और अपने भाई के खाते में 1.43 करोड़ रुपये आने के मामले में सफाई दी है. उन्होंने कहा कि ये पार्टी का पैसा है. उन्होंने कहा कि यह सब बीएसपी को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने दावा किया कि अकाउंट में जायज़ पैसा है. उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के मुताबिक पैसे जमा हुए. उनका कहना है कि खबर तोड़-मरोड़ कर दी जा रही है. इसमें कोई हेराफेरी नहीं है.टिप्पणियां बीएसपी सुप्रीमो मायावती इसके जरिए बीजेपी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यह सब जातिवादी सोच का असर है. उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है. इस सबके जरिए पार्टी की छवि ख़राब करने की कोशिश हो रही है. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है. जब अन्य पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है तब उनके खातों की चर्चा क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इन लोगों को दलित की बेटी मंज़ूर नहीं है. मायावती ने कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि छापे बीएसपी के लिए शुभ रहे हैं. ये जनता का पैसा है और कालाधन नहीं. उन्होंने कहा कि इस बार जनता चुनाव में फिर बीएसपी को चुनेगी. यह कार्रवाई बीजेपी की हताशा का नतीजा है. उन्होंने कहा कि यह सब बीएसपी को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने दावा किया कि अकाउंट में जायज़ पैसा है. उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के मुताबिक पैसे जमा हुए. उनका कहना है कि खबर तोड़-मरोड़ कर दी जा रही है. इसमें कोई हेराफेरी नहीं है.टिप्पणियां बीएसपी सुप्रीमो मायावती इसके जरिए बीजेपी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यह सब जातिवादी सोच का असर है. उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है. इस सबके जरिए पार्टी की छवि ख़राब करने की कोशिश हो रही है. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है. जब अन्य पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है तब उनके खातों की चर्चा क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इन लोगों को दलित की बेटी मंज़ूर नहीं है. मायावती ने कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि छापे बीएसपी के लिए शुभ रहे हैं. ये जनता का पैसा है और कालाधन नहीं. उन्होंने कहा कि इस बार जनता चुनाव में फिर बीएसपी को चुनेगी. यह कार्रवाई बीजेपी की हताशा का नतीजा है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती इसके जरिए बीजेपी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यह सब जातिवादी सोच का असर है. उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है. इस सबके जरिए पार्टी की छवि ख़राब करने की कोशिश हो रही है. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है. जब अन्य पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है तब उनके खातों की चर्चा क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इन लोगों को दलित की बेटी मंज़ूर नहीं है. मायावती ने कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि छापे बीएसपी के लिए शुभ रहे हैं. ये जनता का पैसा है और कालाधन नहीं. उन्होंने कहा कि इस बार जनता चुनाव में फिर बीएसपी को चुनेगी. यह कार्रवाई बीजेपी की हताशा का नतीजा है. मायावती ने कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी मानसिकता वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि छापे बीएसपी के लिए शुभ रहे हैं. ये जनता का पैसा है और कालाधन नहीं. उन्होंने कहा कि इस बार जनता चुनाव में फिर बीएसपी को चुनेगी. यह कार्रवाई बीजेपी की हताशा का नतीजा है.
यहाँ एक सारांश है:यह सब बीएसपी को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. नियमों के मुताबिक पैसे जमा हुए खबर तोड़-मरोड़ कर दी जा रही है. इसमें कोई हेराफेरी नहीं है.
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर के साथ जरूरत आधारित रिश्ता नहीं बनाना चाहती, बल्कि ऐसा रिश्ता चाहती है जो भावनाओं पर आधारित हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि कश्मीर घाटी में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने दें। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को भीड़ के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल से यथासंभव परहेज करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह गैर-घातक हथियारों के उपयोग पर गौर करने के लिए उनके द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति दो महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी। राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाटी के हालात से बहुत चिंतित हैं। गृहमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाता है, दूसरी ओर कश्मीर में युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। राजनाथ ने कहा, 'इसे रोका जाना चाहिए। पाकिस्तान की भूमिका ठीक नहीं है। उसे जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी आदत और सोच बदलनी चाहिए।' राजनाथ ने अशांति के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि उन्हें गोलीबारी से बचना चाहिए। राजनाथ ने घाटी का दौरा ऐसे समय में किया है, जब 8 जुलाई को एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सड़कों पर भड़के विरोध प्रदर्शनों में अबतक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं। घाटी की अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। टिप्पणियां गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।' राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को भीड़ के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल से यथासंभव परहेज करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह गैर-घातक हथियारों के उपयोग पर गौर करने के लिए उनके द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति दो महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी। राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाटी के हालात से बहुत चिंतित हैं। गृहमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाता है, दूसरी ओर कश्मीर में युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। राजनाथ ने कहा, 'इसे रोका जाना चाहिए। पाकिस्तान की भूमिका ठीक नहीं है। उसे जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी आदत और सोच बदलनी चाहिए।' राजनाथ ने अशांति के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि उन्हें गोलीबारी से बचना चाहिए। राजनाथ ने घाटी का दौरा ऐसे समय में किया है, जब 8 जुलाई को एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सड़कों पर भड़के विरोध प्रदर्शनों में अबतक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं। घाटी की अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। टिप्पणियां गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।' राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाटी के हालात से बहुत चिंतित हैं। गृहमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाता है, दूसरी ओर कश्मीर में युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। राजनाथ ने कहा, 'इसे रोका जाना चाहिए। पाकिस्तान की भूमिका ठीक नहीं है। उसे जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी आदत और सोच बदलनी चाहिए।' राजनाथ ने अशांति के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि उन्हें गोलीबारी से बचना चाहिए। राजनाथ ने घाटी का दौरा ऐसे समय में किया है, जब 8 जुलाई को एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सड़कों पर भड़के विरोध प्रदर्शनों में अबतक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं। घाटी की अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। टिप्पणियां गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।' राजनाथ ने घाटी का दौरा ऐसे समय में किया है, जब 8 जुलाई को एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सड़कों पर भड़के विरोध प्रदर्शनों में अबतक 45 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, और बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं। घाटी की अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। टिप्पणियां गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।' गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।' श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।'
संक्षिप्त पाठ: 'पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा न दे' 'युवाओं से पत्थरबाजी न करने की अपील' 'घायलों के इलाज में हम पीछे नहीं रहेंगे'
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटाए गए साइरस मिस्त्री और कंपनी के मौजूदा नेतृत्व के बीच वाक्युद्ध मंगलवार और तेज हो गया है, जिसमें अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने आज कहा कि समूह की सफलता के लिए मिस्त्री को हटाना 'बहुत ही जरूरी' हो गया था. इससे पहले आज ही मिस्त्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह आक्षेप 'गलत और शरारत भरा' है कि उन्होंने टाटा-डोकोमो मामले में जो कार्रवाई की वह अपनी मर्जी से की और रतन टाटा को उसकी जानकारी नहीं थी. टाटा समूह ने डोकोमो मामले को न्यायालय के विचाराधीन बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया और कहा कि अब 'आक्षेपों की कल्पना की जा रही है'. रतन टाटा ने 100 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार करने वाले अपने समूह के कर्मचारियों को लिखे एक संदेश में कहा है, 'टाटा संस के नेतृत्व में परिवर्तन का फैसला सुविचारित था और इसे निदेशक मंडल के सदस्यों ने पूरी गंभीरता से यह फैसला किया था. यह कठिन फैसला सावधानीपूर्वक और सोच-विचार के साथ चर्चा के बाद लिया गया और निदेशक मंडल मानता है कि टाटा समूह की भविष्य की सफलता के लिए यह निर्णय नितांत आवश्यक था'. टाटा ने मिस्त्री के बयान के ठीक बाद जारी इस पत्र में रतन टाटा (78) ने फिर से समूह की बागडोर संभालने के अपने निर्णय को उचित बताया और कहा कि उन्होंने यह 'स्थिरता को बनाए रखने' और 'नेतृत्व की निरंतरता के लिए' फिर से अंतरिम चेयरमैन का पद संभाला है. उन्होंने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्वकर्ता' प्रदान करेंगे.टिप्पणियां मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले आज ही मिस्त्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह आक्षेप 'गलत और शरारत भरा' है कि उन्होंने टाटा-डोकोमो मामले में जो कार्रवाई की वह अपनी मर्जी से की और रतन टाटा को उसकी जानकारी नहीं थी. टाटा समूह ने डोकोमो मामले को न्यायालय के विचाराधीन बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया और कहा कि अब 'आक्षेपों की कल्पना की जा रही है'. रतन टाटा ने 100 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार करने वाले अपने समूह के कर्मचारियों को लिखे एक संदेश में कहा है, 'टाटा संस के नेतृत्व में परिवर्तन का फैसला सुविचारित था और इसे निदेशक मंडल के सदस्यों ने पूरी गंभीरता से यह फैसला किया था. यह कठिन फैसला सावधानीपूर्वक और सोच-विचार के साथ चर्चा के बाद लिया गया और निदेशक मंडल मानता है कि टाटा समूह की भविष्य की सफलता के लिए यह निर्णय नितांत आवश्यक था'. टाटा ने मिस्त्री के बयान के ठीक बाद जारी इस पत्र में रतन टाटा (78) ने फिर से समूह की बागडोर संभालने के अपने निर्णय को उचित बताया और कहा कि उन्होंने यह 'स्थिरता को बनाए रखने' और 'नेतृत्व की निरंतरता के लिए' फिर से अंतरिम चेयरमैन का पद संभाला है. उन्होंने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्वकर्ता' प्रदान करेंगे.टिप्पणियां मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टाटा समूह ने डोकोमो मामले को न्यायालय के विचाराधीन बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया और कहा कि अब 'आक्षेपों की कल्पना की जा रही है'. रतन टाटा ने 100 अरब डॉलर से अधिक का कारोबार करने वाले अपने समूह के कर्मचारियों को लिखे एक संदेश में कहा है, 'टाटा संस के नेतृत्व में परिवर्तन का फैसला सुविचारित था और इसे निदेशक मंडल के सदस्यों ने पूरी गंभीरता से यह फैसला किया था. यह कठिन फैसला सावधानीपूर्वक और सोच-विचार के साथ चर्चा के बाद लिया गया और निदेशक मंडल मानता है कि टाटा समूह की भविष्य की सफलता के लिए यह निर्णय नितांत आवश्यक था'. टाटा ने मिस्त्री के बयान के ठीक बाद जारी इस पत्र में रतन टाटा (78) ने फिर से समूह की बागडोर संभालने के अपने निर्णय को उचित बताया और कहा कि उन्होंने यह 'स्थिरता को बनाए रखने' और 'नेतृत्व की निरंतरता के लिए' फिर से अंतरिम चेयरमैन का पद संभाला है. उन्होंने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्वकर्ता' प्रदान करेंगे.टिप्पणियां मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टाटा ने मिस्त्री के बयान के ठीक बाद जारी इस पत्र में रतन टाटा (78) ने फिर से समूह की बागडोर संभालने के अपने निर्णय को उचित बताया और कहा कि उन्होंने यह 'स्थिरता को बनाए रखने' और 'नेतृत्व की निरंतरता के लिए' फिर से अंतरिम चेयरमैन का पद संभाला है. उन्होंने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्वकर्ता' प्रदान करेंगे.टिप्पणियां मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्वकर्ता' प्रदान करेंगे.टिप्पणियां मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिस्त्री को पिछले महीने के आखिर में टाटा संस के चेयरमैन पद से अचानक से हटाकर रतन टाटा को चार माह के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है. नए चेयरमैन की तलाश के लिए पांच सदस्यों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें रतन टाटा स्वयं शामिल हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समूह की सफलता के लिए मिस्त्री को हटाना 'बहुत ही जरूरी' हो गया था: टाटा टाटा संस के नेतृत्व में परिवर्तन का फैसला सुविचारित था : रतन टाटा रतन टाटा का वादा, समूह को एक 'विश्वस्तरीय नेतृत्‍व प्रदान करेंगे.
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 153.17 अंकों की गिरावट के साथ 19,164.02 पर और निफ्टी 49.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 82.36 अंकों की तेजी के साथ 19,399.55 पर खुला और 153.17 अंकों या 0.79 फीसदी गिरावट के साथ 19,164.02 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,451.70 के ऊपरी और 19,078.72 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से छह शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (1.66 फीसदी), इंफोसिस (1.04 फीसदी), आरआईएल (0.84 फीसदी), विप्रो (0.58 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.45 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.29 फीसदी), कोल इंडिया (5.84 फीसदी), टाटा पावर (3.93 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.92 फीसदी) और टाटा स्टील (3.74 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.20 अंकों की तेजी के साथ 5,750.05 पर खुला और 49.95 अंकों या 0.87 फीसदी गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,761.85 के ऊपरी और 5,649.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 82.36 अंकों की तेजी के साथ 19,399.55 पर खुला और 153.17 अंकों या 0.79 फीसदी गिरावट के साथ 19,164.02 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,451.70 के ऊपरी और 19,078.72 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से छह शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (1.66 फीसदी), इंफोसिस (1.04 फीसदी), आरआईएल (0.84 फीसदी), विप्रो (0.58 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.45 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.29 फीसदी), कोल इंडिया (5.84 फीसदी), टाटा पावर (3.93 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.92 फीसदी) और टाटा स्टील (3.74 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.20 अंकों की तेजी के साथ 5,750.05 पर खुला और 49.95 अंकों या 0.87 फीसदी गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,761.85 के ऊपरी और 5,649.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से छह शेयरों में तेजी रही। टीसीएस (1.66 फीसदी), इंफोसिस (1.04 फीसदी), आरआईएल (0.84 फीसदी), विप्रो (0.58 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.45 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.29 फीसदी), कोल इंडिया (5.84 फीसदी), टाटा पावर (3.93 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.92 फीसदी) और टाटा स्टील (3.74 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.20 अंकों की तेजी के साथ 5,750.05 पर खुला और 49.95 अंकों या 0.87 फीसदी गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,761.85 के ऊपरी और 5,649.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (7.29 फीसदी), कोल इंडिया (5.84 फीसदी), टाटा पावर (3.93 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.92 फीसदी) और टाटा स्टील (3.74 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.20 अंकों की तेजी के साथ 5,750.05 पर खुला और 49.95 अंकों या 0.87 फीसदी गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,761.85 के ऊपरी और 5,649.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.20 अंकों की तेजी के साथ 5,750.05 पर खुला और 49.95 अंकों या 0.87 फीसदी गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,761.85 के ऊपरी और 5,649.00 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप 21.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,429.04 पर और स्मॉलकैप 69.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,178.03 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (5.38 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.96 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.55 फीसदी) एवं तेल एवं गैस (0.08 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (4.01 फीसदी), बिजली (3.77 फीसदी), धातु (3.65 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (2.64 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (1.55 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 742 शेयरों में तेजी और 1534 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 153.17 अंकों की गिरावट के साथ 19,164.02 पर और निफ्टी 49.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,677.90 पर बंद हुआ।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज कांग्रेस पर मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन को भड़काने और उसका राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया तथा हिंसा प्रभावित मंदसौर के राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को ‘फोटो खिंचवाने का एक अवसर’ करार दिया. नायडू ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस की इस मांग को भी खारिज कर दिया कि मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस्तीफा दे देना चाहिए. विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने 12 जुलाई, 1998 को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हुई उस घटना की याद दिलाई, जब कथित तौर पर पुलिस गोलीबारी में 24 किसान मारे गए थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गोलीबारी का आदेशस दिया था. नायडू ने कहा, ‘‘कांग्रेस भड़का रही है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. वहां सामान्य हालात बहाल करने के लिए उसे यह बंद करना चाहिए और एक जिम्मेदार राजनीतिक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करना चाहिए.’’ उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित मंदसौर दौरे को ‘फोटो खिंचवाने का एक और अवसर’ करार दिया. चौहान के इस्तीफे की मांग पर नायडू ने सवाल किया कि क्या किसानों के मारे जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने इस्तीफा दिया था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस की इस मांग को भी खारिज कर दिया कि मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस्तीफा दे देना चाहिए. विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने 12 जुलाई, 1998 को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हुई उस घटना की याद दिलाई, जब कथित तौर पर पुलिस गोलीबारी में 24 किसान मारे गए थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गोलीबारी का आदेशस दिया था. नायडू ने कहा, ‘‘कांग्रेस भड़का रही है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. वहां सामान्य हालात बहाल करने के लिए उसे यह बंद करना चाहिए और एक जिम्मेदार राजनीतिक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करना चाहिए.’’ उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित मंदसौर दौरे को ‘फोटो खिंचवाने का एक और अवसर’ करार दिया. चौहान के इस्तीफे की मांग पर नायडू ने सवाल किया कि क्या किसानों के मारे जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने इस्तीफा दिया था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने 12 जुलाई, 1998 को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हुई उस घटना की याद दिलाई, जब कथित तौर पर पुलिस गोलीबारी में 24 किसान मारे गए थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गोलीबारी का आदेशस दिया था. नायडू ने कहा, ‘‘कांग्रेस भड़का रही है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. वहां सामान्य हालात बहाल करने के लिए उसे यह बंद करना चाहिए और एक जिम्मेदार राजनीतिक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करना चाहिए.’’ उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित मंदसौर दौरे को ‘फोटो खिंचवाने का एक और अवसर’ करार दिया. चौहान के इस्तीफे की मांग पर नायडू ने सवाल किया कि क्या किसानों के मारे जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने इस्तीफा दिया था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नायडू ने कहा, ‘‘कांग्रेस भड़का रही है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. वहां सामान्य हालात बहाल करने के लिए उसे यह बंद करना चाहिए और एक जिम्मेदार राजनीतिक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करना चाहिए.’’ उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित मंदसौर दौरे को ‘फोटो खिंचवाने का एक और अवसर’ करार दिया. चौहान के इस्तीफे की मांग पर नायडू ने सवाल किया कि क्या किसानों के मारे जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने इस्तीफा दिया था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चौहान के इस्तीफे की मांग पर नायडू ने सवाल किया कि क्या किसानों के मारे जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने इस्तीफा दिया था.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘क्या जब 24 किसान मारे गए थे तो क्या उन्होंने सिंह से इस्तीफा मांगा था? क्या उस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष पीड़ित किसानों के पास गए थे?’’ नायडू ने चौहान को सर्वाधिक किसान हितैषी मुख्यमंत्री करार दिया और कांग्रेस एवं राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी कदमों का उल्लेख किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नायडू ने शिवराज सिंह के इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया नायडू ने कहा कि कांग्रेस किसानों को भड़का रही है कांग्रेस को 1998 में हुई घटना की याद दिलाई
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय अंपायर एस रवि के कुछ विवादास्पद फैसलों की भी रविवार को हां पहले एकदिवसीय क्रिकेट मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों भारत की छह विकेट की हार में अहम भूमिका रही। न्यूजीलैंड के बिली बोडेन और एस रवि आज के मैच के मैदानी अंपायर थे और शृंखला के पहले मैच में भारतीय अंपायर के कुछ फैसले मेजबान टीम के खिलाफ गए। भारत ने इससे पहले गेंदबाजी के अनुकूल हालात में टॉस गंवा दिया था। भारत को रवि की खराब अंपायरिंग का सामना सबसे पहले पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में करना पड़ा। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन गेंद करा रहे थे। उनकी पहली गेंद शतकवीर नासिर जमशेद के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराते हुए पहली स्लिप में वीरेंद्र सहवाग ने पास पहुंची जिन्होंने इसे लपक लिया। भारतीयों ने पहले पगबाधा और फिर कैच की अपील की लेकिन रवि ने इसे ठुकरा दिया। इस समय जमशेद 24 रन बनाकर खेल रहे थे। अश्विन ने इसके बाद पारी के 28वें ओवर में यूनिस खान के खिलाफ भी पगबाधा की विश्वनीय अपील की लेकिन इस बार भी रवि का फैसला भारतीयों के खिलाफ गया। जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। न्यूजीलैंड के बिली बोडेन और एस रवि आज के मैच के मैदानी अंपायर थे और शृंखला के पहले मैच में भारतीय अंपायर के कुछ फैसले मेजबान टीम के खिलाफ गए। भारत ने इससे पहले गेंदबाजी के अनुकूल हालात में टॉस गंवा दिया था। भारत को रवि की खराब अंपायरिंग का सामना सबसे पहले पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में करना पड़ा। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन गेंद करा रहे थे। उनकी पहली गेंद शतकवीर नासिर जमशेद के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराते हुए पहली स्लिप में वीरेंद्र सहवाग ने पास पहुंची जिन्होंने इसे लपक लिया। भारतीयों ने पहले पगबाधा और फिर कैच की अपील की लेकिन रवि ने इसे ठुकरा दिया। इस समय जमशेद 24 रन बनाकर खेल रहे थे। अश्विन ने इसके बाद पारी के 28वें ओवर में यूनिस खान के खिलाफ भी पगबाधा की विश्वनीय अपील की लेकिन इस बार भी रवि का फैसला भारतीयों के खिलाफ गया। जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। भारत को रवि की खराब अंपायरिंग का सामना सबसे पहले पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में करना पड़ा। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन गेंद करा रहे थे। उनकी पहली गेंद शतकवीर नासिर जमशेद के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराते हुए पहली स्लिप में वीरेंद्र सहवाग ने पास पहुंची जिन्होंने इसे लपक लिया। भारतीयों ने पहले पगबाधा और फिर कैच की अपील की लेकिन रवि ने इसे ठुकरा दिया। इस समय जमशेद 24 रन बनाकर खेल रहे थे। अश्विन ने इसके बाद पारी के 28वें ओवर में यूनिस खान के खिलाफ भी पगबाधा की विश्वनीय अपील की लेकिन इस बार भी रवि का फैसला भारतीयों के खिलाफ गया। जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। अश्विन ने इसके बाद पारी के 28वें ओवर में यूनिस खान के खिलाफ भी पगबाधा की विश्वनीय अपील की लेकिन इस बार भी रवि का फैसला भारतीयों के खिलाफ गया। जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं। आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं।
भारतीय अंपायर एस रवि के कुछ विवादास्पद फैसलों की भी रविवार को हां पहले एकदिवसीय क्रिकेट मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों भारत की छह विकेट की हार में अहम भूमिका रही।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के शीर्ष एकल टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन मियामी मास्टर्स के तीसरे दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। सोमदेव को सोमवार को पुरुष वर्ग के एकल स्पर्धा के तीसरे दौर में विश्व के छठीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी डेविड फेरर ने 6-4, 6-2 से पराजित किया। इससे पहले, विश्व के 73वें वरीयता प्राप्त सोमदेव ने दूसरे दौर में विश्व के 34वें वरीयता प्राप्त कनाडा के खिलाड़ी मिलोस राओनिक को 7-6(5), 7-5 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया था। उल्लेखनीय है कि सोमदेव पिछले एक महीने में शीर्ष 50 में शामिल तीन खिलाड़ियों को हरा चुके हैं। उन्होंने बीएनपी परिबास एटीपी मास्टर्स टूर्नामेंट में विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त मार्कस बघदातिस को हराया था जबकि इसी टूर्नामेंट में उन्होंने विश्व के 45वें वरीयता प्राप्त जेवियर मालिसे को भी शिकस्त दी थी वहीं डेविस कप मुकाबले में उन्होंने विश्व के 44वें वरीयता प्राप्त सर्बिया के जांको टिपसारेविक को मात दी थी।
सारांश: भारत के शीर्ष एकल टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन मियामी मास्टर्स के तीसरे दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के गृहसचिव चौधरी कमर ज़मां अपने भारतीय समकक्ष जीके पिल्लै के साथ वार्ता करने के लिए रविवार को अटारी पहुंचे और उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच के शांतिपूर्ण संबंध आगे बढ़ेंगे। छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वाले ज़मा ने यहां अटारी वाघा सीमा पर संवाददाताओं से कहा, दोनों पक्षों के बीच ऐसे प्रयासों से शांतिपूर्ण संबंध आगे बढ़ेंगे और लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पिल्लै के साथ उनकी बैठक का लक्ष्य दोनों पड़ोसियों के बीच शांति को बढ़ावा देना एवं मजबूत करना है। सोमवार से शुरू हो रही इस बैठक के एजेंडे के बारे में पूछे जाने पर पाक विदेश सचिव ने कहा कि सभी मूल मुद्दों पर शांतिपूर्ण माहौल में चर्चा होगी। उधर दिल्ली में अधिकारियों ने कहा है कि दो दिवसीय इस बैठक में विविध मुद्दों पर चर्चा होगी जिनमें मुम्बई हमले के कथित साजिशकर्ताओं को इंसाफ के कठघरे में लाने में पाकिस्तान की अनिच्छा भी शामिल है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से अपने पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को वर्ल्ड कप मैच देखने आने का न्यौता देने की सराहना करते हुए ज़मां ने उम्मीद जतायी कि इससे :ऐसे न्यौतों से: भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिपूर्ण माहौल तैयार होगा। पाक विदेश सचिव ने कहा कि अपनी इस आधिकारिक यात्रा के दौरान वह बुधवार को मोहाली में मैच देखने का पूरा प्रयास करेंगे और उन्होंने पाकिस्तानी टीम को जीत की शुभकामनाएं दीं। यहां पहुंचने पर ज़मा और उनके प्रतिनिधिमंडल को जिला के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया।
यहाँ एक सारांश है:दोनों पक्षों के बीच ऐसे प्रयासों से शांतिपूर्ण संबंध आगे बढ़ेंगे और लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरदार पटेल की जयंती के मौके पर रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को जोड़ने का श्रेय सरदार पटेल को जाता है. हर हिन्दुस्तानी का सपना है हिन्दुस्तान मजबूत हो. एकता होगी तभी देश मजबूत होगा. देश को तोड़ने के लिए, देश में बिखराव के लिए ढेर सारी शक्तियां काम कर रही हैं, हमें जोड़ने वाली चीजों को बार-बार याद करना चाहिए. आज एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना लॉन्च होगी. इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारत के प्रति उनके योगदान को याद किया. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करता हूं. हम भारत के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हैं." पीएम मोदी ने एक तस्वीर साझा करते हुए अन्य ट्वीट में कहा, "महान सरदार पटेल को पुष्पांजलि." सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के एक छोटे से गांव नडियाड में हुआ था. उन्हें देश के लिए उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए 1991 में सर्वोच्च नागरिक सम्मान (मरणोपरांत) भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने रविवार को दीवाली पर अपने 25वें 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्र से एकता और समानता बढ़ाने का आग्रह किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा, "कल हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाएंगे. उन्होंने सभी को एकजुट करने के लिए काम किया. उन्होंने एकता के लिए काम किया, एकता के लिए लड़े और लोगों में एकता पैदा की. हम सभी को यह याद रखना चाहिए." पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने हमें एकजुट भारत दिया था और उसे अखंड बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है." (इनपुट्स एजेंसी से भी)   इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारत के प्रति उनके योगदान को याद किया. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करता हूं. हम भारत के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हैं." पीएम मोदी ने एक तस्वीर साझा करते हुए अन्य ट्वीट में कहा, "महान सरदार पटेल को पुष्पांजलि." सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के एक छोटे से गांव नडियाड में हुआ था. उन्हें देश के लिए उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए 1991 में सर्वोच्च नागरिक सम्मान (मरणोपरांत) भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने रविवार को दीवाली पर अपने 25वें 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्र से एकता और समानता बढ़ाने का आग्रह किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा, "कल हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाएंगे. उन्होंने सभी को एकजुट करने के लिए काम किया. उन्होंने एकता के लिए काम किया, एकता के लिए लड़े और लोगों में एकता पैदा की. हम सभी को यह याद रखना चाहिए." पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने हमें एकजुट भारत दिया था और उसे अखंड बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है." (इनपुट्स एजेंसी से भी)   सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के एक छोटे से गांव नडियाड में हुआ था. उन्हें देश के लिए उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए 1991 में सर्वोच्च नागरिक सम्मान (मरणोपरांत) भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है. टिप्पणियां पीएम मोदी ने रविवार को दीवाली पर अपने 25वें 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्र से एकता और समानता बढ़ाने का आग्रह किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा, "कल हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाएंगे. उन्होंने सभी को एकजुट करने के लिए काम किया. उन्होंने एकता के लिए काम किया, एकता के लिए लड़े और लोगों में एकता पैदा की. हम सभी को यह याद रखना चाहिए." पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने हमें एकजुट भारत दिया था और उसे अखंड बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है." (इनपुट्स एजेंसी से भी)   पीएम मोदी ने रविवार को दीवाली पर अपने 25वें 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्र से एकता और समानता बढ़ाने का आग्रह किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा, "कल हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाएंगे. उन्होंने सभी को एकजुट करने के लिए काम किया. उन्होंने एकता के लिए काम किया, एकता के लिए लड़े और लोगों में एकता पैदा की. हम सभी को यह याद रखना चाहिए." पीएम मोदी ने कहा, "उन्होंने हमें एकजुट भारत दिया था और उसे अखंड बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है." (इनपुट्स एजेंसी से भी)   (इनपुट्स एजेंसी से भी)
यह एक सारांश है: आज एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना लॉन्च : पीएम मोदी हर हिन्दुस्तानी का सपना है हिन्दुस्तान मजबूत हो एकता होगी तभी देश मजबूत होगा.
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड फिल्‍म निर्माता सुभाष घई को सुप्रीम कोर्ट ने भी जोरदार झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को बॉम्‍बे हाईकोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया है, जिसमें घई को फिल्‍म इंस्टीट्यूट के लिए महाराष्‍ट्र सरकार की तरफ किए गए ज़मीन आवंटन को रद्द किया गया था। शीर्ष अदालत ने महाराष्‍ट्र के पूर्व सीएम तथा वर्तमान में केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री विलासराव देशमुख को भी निशाने पर लिया, जिन्‍होंने घई को यह जमीन आवंटित की थी। गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में यह ज़मीन उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में घई के साथ एक संयुक्त उपक्रम के तहत फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर आवंटित की गई थी।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि इसी साल फरवरी में घई को करारा झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें उनके महत्वाकांक्षी फिल्म इंस्टीट्यूट 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के लिए आवंटित की गई ज़मीन लौटाने का आदेश दिया था। एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया था कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा था। शीर्ष अदालत ने महाराष्‍ट्र के पूर्व सीएम तथा वर्तमान में केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री विलासराव देशमुख को भी निशाने पर लिया, जिन्‍होंने घई को यह जमीन आवंटित की थी। गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में यह ज़मीन उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में घई के साथ एक संयुक्त उपक्रम के तहत फिल्म इंस्टीट्यूट खोलने के नाम पर आवंटित की गई थी।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि इसी साल फरवरी में घई को करारा झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें उनके महत्वाकांक्षी फिल्म इंस्टीट्यूट 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के लिए आवंटित की गई ज़मीन लौटाने का आदेश दिया था। एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया था कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा था। उल्लेखनीय है कि इसी साल फरवरी में घई को करारा झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें उनके महत्वाकांक्षी फिल्म इंस्टीट्यूट 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के लिए आवंटित की गई ज़मीन लौटाने का आदेश दिया था। एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया था कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा था। एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि ज़मीन गैरकानूनी तरीके से आवंटित की गई। कोर्ट ने घई को निर्देश दिया था कि वह उनके कब्जे में ओपन लैण्ड के रूप में मौजूद फिल्म स्कूल के लिए आवंटित की गई 14.5 एकड़ ज़मीन तुरंत सरकार को लौटा दें, तथा स्टूडियो व फिल्म इंस्टीट्यूट के कब्जे में मौजूद 5.5 एकड़ जमीन 31 जुलाई, 2014 तक लौटाएं। कोर्ट ने घई से वर्ष 2000 से 5.3 करोड़ रुपये सालाना के हिसाब से किराया देने के लिए भी कहा था।
शीर्ष अदालत ने महाराष्‍ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देशमुख को भी निशाने पर लिया है, जिन्‍होंने फिल्मकार घई को यह ज़मीन आवंटित की थी।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी चीन के चेन लोंग ने शनिवार को पुरुष एकल वर्ग के ओलिंपिक फाइनल में जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. लगातार तीसरी बार ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचे मलेशिया के ली चोंग वेई को एक बार फिर रजत पदक से संतोष करना पड़ा और स्वर्ण जीतने का उनका सपना अधूरा ही रह गया. रियो सेंटर पैवेलियन-4 पर हुए फाइनल में लोंग ने विश्व चैंपियनशिप-2015 के फाइनल को दोहराते हुए सर्वोच्च वरीयता प्राप्त वेई को सीधे गेमों में 21-18, 21-18 से मात दे दी. लंदन ओलिंपिक 2012 में भी वेई स्वर्ण पदक से चूक गए थे, उस वक्त चीन के ही लिन डैन ने उन्हें फाइनल में मात देकर रजत पदक तक सीमित कर दिया था. हालांकि डैन को इस बार रियो से खाली हाथ लौटना पड़ा. शनिवार को ही इससे पहले कांस्य पदक के लिए हुए मैच में डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन ने डैन को हराकर कांस्य पदक जीता. विश्व के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई और बेहतरीन रैलियों के बीच अंक हासिल करने की जद्दोजहद ने मैच में दर्शकों को अपनी जगह से उठने नहीं दिया. वेई ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की और 3-0 से बढ़त ले ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया. इसके बाद स्कोर 5-5, 6-6, और 7-7 तक बराबरी पर चलता रहा. यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली. इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया. यह गेम 35 मिनट तक चला. दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली. वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए.टिप्पणियां लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रियो सेंटर पैवेलियन-4 पर हुए फाइनल में लोंग ने विश्व चैंपियनशिप-2015 के फाइनल को दोहराते हुए सर्वोच्च वरीयता प्राप्त वेई को सीधे गेमों में 21-18, 21-18 से मात दे दी. लंदन ओलिंपिक 2012 में भी वेई स्वर्ण पदक से चूक गए थे, उस वक्त चीन के ही लिन डैन ने उन्हें फाइनल में मात देकर रजत पदक तक सीमित कर दिया था. हालांकि डैन को इस बार रियो से खाली हाथ लौटना पड़ा. शनिवार को ही इससे पहले कांस्य पदक के लिए हुए मैच में डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन ने डैन को हराकर कांस्य पदक जीता. विश्व के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई और बेहतरीन रैलियों के बीच अंक हासिल करने की जद्दोजहद ने मैच में दर्शकों को अपनी जगह से उठने नहीं दिया. वेई ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की और 3-0 से बढ़त ले ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया. इसके बाद स्कोर 5-5, 6-6, और 7-7 तक बराबरी पर चलता रहा. यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली. इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया. यह गेम 35 मिनट तक चला. दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली. वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए.टिप्पणियां लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लंदन ओलिंपिक 2012 में भी वेई स्वर्ण पदक से चूक गए थे, उस वक्त चीन के ही लिन डैन ने उन्हें फाइनल में मात देकर रजत पदक तक सीमित कर दिया था. हालांकि डैन को इस बार रियो से खाली हाथ लौटना पड़ा. शनिवार को ही इससे पहले कांस्य पदक के लिए हुए मैच में डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन ने डैन को हराकर कांस्य पदक जीता. विश्व के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई और बेहतरीन रैलियों के बीच अंक हासिल करने की जद्दोजहद ने मैच में दर्शकों को अपनी जगह से उठने नहीं दिया. वेई ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की और 3-0 से बढ़त ले ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया. इसके बाद स्कोर 5-5, 6-6, और 7-7 तक बराबरी पर चलता रहा. यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली. इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया. यह गेम 35 मिनट तक चला. दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली. वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए.टिप्पणियां लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विश्व के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई और बेहतरीन रैलियों के बीच अंक हासिल करने की जद्दोजहद ने मैच में दर्शकों को अपनी जगह से उठने नहीं दिया. वेई ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की और 3-0 से बढ़त ले ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया. इसके बाद स्कोर 5-5, 6-6, और 7-7 तक बराबरी पर चलता रहा. यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली. इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया. यह गेम 35 मिनट तक चला. दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली. वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए.टिप्पणियां लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली. इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया. यह गेम 35 मिनट तक चला. दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली. वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए.टिप्पणियां लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चेन लोंग ने मलेशिया के ली चोंग वेई को हराया लोंग ने वेई को 21-18, 21-18 से मात दी लंदन ओलिंपिक में भी वेई को मिला था रजत पदक
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अपनी फिल्म 'मद्रास कैफे' के विवादों में घिरने से अभिनेता और निर्माता जॉन अब्राहम काफी दुखी हैं। जॉन का कहना है कि फिल्म के प्रचार के लिए विवादों का सहारा लेने का उनका कोई इरादा नहीं था। जॉन के प्रोडक्शन की दूसरी फिल्म 'मद्रास कैफे' का निर्देशन सुजित सरकार ने किया है। यह फिल्म 80 के दशक के उत्तरार्ध और 90 के दशक के शुरुआती सालों के बीच भारत और श्रीलंका के संबंधों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह थ्रिलर जासूसी, राजनीतिक और सैन्य पृष्ठभूमि पर बनी है। फिल्म में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और श्रीलंका के उग्रवादी समूह लिट्टे की गतिविधियों को एक खुफिया एजेंट के नजरिये से दिखाया गया है। जॉन खुफिया एजेंट की भूमिका में हैं।टिप्पणियां जॉन ने पीटीआई को बताया, मुझे नहीं लगता कि हमने यह फिल्म विवाद पैदा करने के उद्देश्य से बनाई है और न ही यह हमारा प्रचार का हथकंडा है। जो हो रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं, क्योंकि फिल्म की रिलीज की तारीख भी करीब है। एमडीएमके नेता वाइको, सीमन, 'नाम थामीझार काची' (वी तमिल पार्टी) के संस्थापक और अन्य तमिल समर्थक संगठनों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में लिट्टे को गलत तरीके दर्शाया गया है। 40-वर्षीय जॉन अब्राहम ने कहा, लोकतंत्र और सरकार में हमारी पूरी आस्था है और उम्मीद है कि लोग फिल्म देखने जरूर आएंगे। जॉन के प्रोडक्शन की दूसरी फिल्म 'मद्रास कैफे' का निर्देशन सुजित सरकार ने किया है। यह फिल्म 80 के दशक के उत्तरार्ध और 90 के दशक के शुरुआती सालों के बीच भारत और श्रीलंका के संबंधों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह थ्रिलर जासूसी, राजनीतिक और सैन्य पृष्ठभूमि पर बनी है। फिल्म में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और श्रीलंका के उग्रवादी समूह लिट्टे की गतिविधियों को एक खुफिया एजेंट के नजरिये से दिखाया गया है। जॉन खुफिया एजेंट की भूमिका में हैं।टिप्पणियां जॉन ने पीटीआई को बताया, मुझे नहीं लगता कि हमने यह फिल्म विवाद पैदा करने के उद्देश्य से बनाई है और न ही यह हमारा प्रचार का हथकंडा है। जो हो रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं, क्योंकि फिल्म की रिलीज की तारीख भी करीब है। एमडीएमके नेता वाइको, सीमन, 'नाम थामीझार काची' (वी तमिल पार्टी) के संस्थापक और अन्य तमिल समर्थक संगठनों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में लिट्टे को गलत तरीके दर्शाया गया है। 40-वर्षीय जॉन अब्राहम ने कहा, लोकतंत्र और सरकार में हमारी पूरी आस्था है और उम्मीद है कि लोग फिल्म देखने जरूर आएंगे। यह थ्रिलर जासूसी, राजनीतिक और सैन्य पृष्ठभूमि पर बनी है। फिल्म में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और श्रीलंका के उग्रवादी समूह लिट्टे की गतिविधियों को एक खुफिया एजेंट के नजरिये से दिखाया गया है। जॉन खुफिया एजेंट की भूमिका में हैं।टिप्पणियां जॉन ने पीटीआई को बताया, मुझे नहीं लगता कि हमने यह फिल्म विवाद पैदा करने के उद्देश्य से बनाई है और न ही यह हमारा प्रचार का हथकंडा है। जो हो रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं, क्योंकि फिल्म की रिलीज की तारीख भी करीब है। एमडीएमके नेता वाइको, सीमन, 'नाम थामीझार काची' (वी तमिल पार्टी) के संस्थापक और अन्य तमिल समर्थक संगठनों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में लिट्टे को गलत तरीके दर्शाया गया है। 40-वर्षीय जॉन अब्राहम ने कहा, लोकतंत्र और सरकार में हमारी पूरी आस्था है और उम्मीद है कि लोग फिल्म देखने जरूर आएंगे। जॉन ने पीटीआई को बताया, मुझे नहीं लगता कि हमने यह फिल्म विवाद पैदा करने के उद्देश्य से बनाई है और न ही यह हमारा प्रचार का हथकंडा है। जो हो रहा है, उससे हम बेहद दुखी हैं, क्योंकि फिल्म की रिलीज की तारीख भी करीब है। एमडीएमके नेता वाइको, सीमन, 'नाम थामीझार काची' (वी तमिल पार्टी) के संस्थापक और अन्य तमिल समर्थक संगठनों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में लिट्टे को गलत तरीके दर्शाया गया है। 40-वर्षीय जॉन अब्राहम ने कहा, लोकतंत्र और सरकार में हमारी पूरी आस्था है और उम्मीद है कि लोग फिल्म देखने जरूर आएंगे। एमडीएमके नेता वाइको, सीमन, 'नाम थामीझार काची' (वी तमिल पार्टी) के संस्थापक और अन्य तमिल समर्थक संगठनों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में लिट्टे को गलत तरीके दर्शाया गया है। 40-वर्षीय जॉन अब्राहम ने कहा, लोकतंत्र और सरकार में हमारी पूरी आस्था है और उम्मीद है कि लोग फिल्म देखने जरूर आएंगे।
अपनी फिल्म 'मद्रास कैफे' के विवादों में घिरने से अभिनेता और निर्माता जॉन अब्राहम काफी दुखी हैं। जॉन का कहना है कि फिल्म के प्रचार के लिए विवादों का सहारा लेने का उनका कोई इरादा नहीं था।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: A post shared by Romeo Akbar Walter (@romeoakbarwalter) on Mar 7, 2019 at 6:47am PST जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टर' (Romeo Akbar Walter) यानी 'रॉ' (RAW) ने इस हफ्ते यानी शुक्रवार को 1.25 करोड़, शनिवार को 2.25 करोड़ और रविवार को करीब 3 करोड़ और सोमवार को भी 1 करोड़ के आस-पास का बिजनेस कर लिया है. जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में  'रोमियो अकबर वाल्टर'  यानी 'रॉ'  और बेहतर प्रदर्शन कर सबको चौंकाएगी. जॉन अबॅाहम की फिल्म से ज्यादा कमाई की उम्मीद नहीं की जा रही थी, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन सबको चौंका दिया है. जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टर' (Romeo Akbar Walter) ने रिलीज के पहले दिन 5 करोड़ 25 लाख, शनिवार को 7 करोड़ 25 लाख, रविवार को 8.50 करोड़, सोमवार को 2.50 करोड़, मंगलवार को 2.25 करोड़, बुधवार को 1.50 करोड़, गुरुवार को भी करीब 1.75 करोड़ रुपये की कमाई की थी. जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टर' (Romeo Akbar Walter) ने वर्ल्ड वाइड 44 करोड़ से अधिक का कलेक्शन कर लिया है. बताया जाता है कि फिल्म की लागत 34-35 करोड़  है. इस हिसाब से देखा जाए तो फिल्म ने अपनी लागत निकाल ली है. जॉन अब्राहम (John Abraham) की 'रॉ' 'RAW' को रॉबी ग्रेवाल ने डायरेक्ट किया है. फिल्म में जॉन अब्राहम  (John Abraham) के अलावा मौनी रॉय, सिकंदर खेर और जैकी श्रॉफ भी थे. जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff) ने RAW में खुफिया विभाग के प्रमुख का रोल किया है. दर्शकों को जॉन अब्राहम की यह फिल्म खूब पसंद आ रही है.
संक्षिप्त पाठ: 'रोमियो अकबर वाल्टर' की शानदार कमाई जॉन अब्राहम ने बिखेरा जलवा लोगों को पसंद आ रही है फिल्म
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के घर लोकायुक्त के छापे जारी हैं। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की एक टीम ने बीके सिंह नाम के एक फॉरेस्ट ऑफिसर के भोपाल और उज्जैन स्थित घरों पर छापे मारे। आरंभिक जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में फॉरेस्ट ऑफिसर के पास 45 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है। पुलिस को बीके सिंह के पास मध्य प्रदेश के सीहोर, बुधनी और उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 400 बीघा जमीन के कागजात मिले हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में ही मैरिज गार्डन के अलावा 10,000 स्क्वायर फीट का मकान, वाराणसी में होटल इन्वेस्टमेंट, सीहोर में फार्म हाउस और अन्य संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं। पुलिस को इनके दोनों घरों से सात लाख रुपये कैश और लाखों के गहने भी मिले हैं। राज्य के सरकारी अफसरों के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति मिलने का यह पहला मामला नहीं है। बीते दो सालों में लोकायुक्त के दर्जनों छापों के दौरान कई सौ करोड़ की काली कमाई का खुलासा हो चुका है। मंगलवार को भोपाल में बिजली विभाग के एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति मिली थी। अर्जुन दास लालवाणी नाम के इस क्लर्क के यहां छापे में चार मकान, 12 दुकानें और जमीनों के कागजात मिले। साथ ही 60 लाख रुपये के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। आरंभिक जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में फॉरेस्ट ऑफिसर के पास 45 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है। पुलिस को बीके सिंह के पास मध्य प्रदेश के सीहोर, बुधनी और उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 400 बीघा जमीन के कागजात मिले हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में ही मैरिज गार्डन के अलावा 10,000 स्क्वायर फीट का मकान, वाराणसी में होटल इन्वेस्टमेंट, सीहोर में फार्म हाउस और अन्य संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं। पुलिस को इनके दोनों घरों से सात लाख रुपये कैश और लाखों के गहने भी मिले हैं। राज्य के सरकारी अफसरों के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति मिलने का यह पहला मामला नहीं है। बीते दो सालों में लोकायुक्त के दर्जनों छापों के दौरान कई सौ करोड़ की काली कमाई का खुलासा हो चुका है। मंगलवार को भोपाल में बिजली विभाग के एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति मिली थी। अर्जुन दास लालवाणी नाम के इस क्लर्क के यहां छापे में चार मकान, 12 दुकानें और जमीनों के कागजात मिले। साथ ही 60 लाख रुपये के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में ही मैरिज गार्डन के अलावा 10,000 स्क्वायर फीट का मकान, वाराणसी में होटल इन्वेस्टमेंट, सीहोर में फार्म हाउस और अन्य संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं। पुलिस को इनके दोनों घरों से सात लाख रुपये कैश और लाखों के गहने भी मिले हैं। राज्य के सरकारी अफसरों के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति मिलने का यह पहला मामला नहीं है। बीते दो सालों में लोकायुक्त के दर्जनों छापों के दौरान कई सौ करोड़ की काली कमाई का खुलासा हो चुका है। मंगलवार को भोपाल में बिजली विभाग के एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति मिली थी। अर्जुन दास लालवाणी नाम के इस क्लर्क के यहां छापे में चार मकान, 12 दुकानें और जमीनों के कागजात मिले। साथ ही 60 लाख रुपये के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। राज्य के सरकारी अफसरों के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति मिलने का यह पहला मामला नहीं है। बीते दो सालों में लोकायुक्त के दर्जनों छापों के दौरान कई सौ करोड़ की काली कमाई का खुलासा हो चुका है। मंगलवार को भोपाल में बिजली विभाग के एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति मिली थी। अर्जुन दास लालवाणी नाम के इस क्लर्क के यहां छापे में चार मकान, 12 दुकानें और जमीनों के कागजात मिले। साथ ही 60 लाख रुपये के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। मंगलवार को भोपाल में बिजली विभाग के एक क्लर्क के पास 40 करोड़ की संपत्ति मिली थी। अर्जुन दास लालवाणी नाम के इस क्लर्क के यहां छापे में चार मकान, 12 दुकानें और जमीनों के कागजात मिले। साथ ही 60 लाख रुपये के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। पिछले साल दिसंबर में उज्जैन बिजली विभाग के सहायक इंजीनियर आरएल शर्मा के घर भी लोकायुक्त के छापे में पांच से सात करोड़ की संपत्ति मिली थी और इसके अलावा उनके पास कई प्लॉट, घर, विदेशी मुद्रा और 20 से ज्यादा बैंकों में खाते होने की जानकारी हासिल हुई थी।टिप्पणियां नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। नवंबर में डीआईजी (जेल) उमेश गांधी और जेल विभाग में ही बतौर कॉन्सटेबल काम कर रहे उनके भाई अजय गांधी के घर पड़े छापों में 25 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई थी। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था। लेकिन राज्य के इतिहास में काली कमाई का सबसे बड़ा खुलासा कुछ साल पहले एक आईएएस दंपति के यहां छापों से हुआ था। आयकर विभाग ने अरविंद जोशी और टीनू जोशी के पास 360 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता लगाया था। दोनों ने जमीन और रीयल इस्टेट से लेकर शेयर बाजार तक में काफी पैसा लगाया था।
यहाँ एक सारांश है:उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की एक टीम ने बीके सिंह नाम के एक फॉरेस्ट ऑफिसर के भोपाल और उज्जैन स्थित घरों पर छापे मारे। इस छापेमारी में फॉरेस्ट ऑफिसर के पास 45 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और बांग्‍लादेश के बीच हैदराबाद टेस्‍ट के दूसरे दिन, विराट कोहली के प्रशंसकों के चेहरे पर उस समय निराशा छा गई जब अम्‍पायर ने टीम इंडिया के कप्‍तान को स्पिनर मेहदी हसन मिराज की गेंद पर एलबीडब्‍ल्‍यू दिया. हालांकि टीम इंडिया की ओर से रिव्‍यू मांगे जाने के बाद यह फैसला विराट के पक्ष में गया और अम्‍पायर को फैसला बदलना पड़ा. तब जाकर फैन्स ने राहत की सांस ली और उनको एक बार फिर विराट से दोहरे शतक की उम्मीद जग गई.टिप्पणियां यह वाकया है, पारी के 117वें ओवर का. मेहदी हसन यह ओवर फेंक रहे थे. इस ओवर की चौथी गेंद पर विराट के खिलाफ एलबीडब्‍ल्‍यू की जोरदार अपील हुई और अम्‍पायर ने अंगुली उठा दी. अपने पक्ष में फैसला होने के बाद बांग्‍लादेशी खिलाड़ी जश्‍न की मुद्रा में थे, वहीं स्‍टेडियम में मौजूद दर्शकों और टीवी पर मैच देख रहे क्रिकेटप्रेमियों में निराशा थी.  फैसले से असंतुष्‍ट विराट ने डीआरएस (डिसीजन रिव्‍यू सिस्‍टम) का सहारा लिया, जिसमें पता चला कि गेंद कोहली के पैड पर लगते समय स्‍टंप से थोड़ी से बाहर थी.  यह फैसला टीम इंडिया और इसके कप्‍तान के पक्ष में गया. विराट के वापस क्रीज पर बैटिंग के लिए लौटते ही हैदराबाद के राजीव गांधी स्‍टेडियम में दर्शकों की खुशी देखते ही बन रही थी. हर तरफ तिरंगा लहरा रहा था. इसके अगले ही ओवर में बांग्‍लादेश के कप्‍तान और विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जीवनदान दिया. गेंदबाज थे ताइजुल इस्‍लाम. उनकी गेंद पर साहा क्रीज से निकले लेकिन स्‍ट्रोक मिस कर गए. रहीम के पास स्‍टंपिंग का मौका था, लेकिन वे पहले प्रयास में विकेट पर गेंद को नहीं मार सके. दूसरी बार भी उनकी विकेट पर गेंद मारने की कोशिश नाकाम हुई. इतना समय साहा के लिए काफी था वे क्रीज तक वापस पहुंच गए और बांग्‍लादेश के लिए यह मौका भी हाथ से जाता रहा. यह वाकया है, पारी के 117वें ओवर का. मेहदी हसन यह ओवर फेंक रहे थे. इस ओवर की चौथी गेंद पर विराट के खिलाफ एलबीडब्‍ल्‍यू की जोरदार अपील हुई और अम्‍पायर ने अंगुली उठा दी. अपने पक्ष में फैसला होने के बाद बांग्‍लादेशी खिलाड़ी जश्‍न की मुद्रा में थे, वहीं स्‍टेडियम में मौजूद दर्शकों और टीवी पर मैच देख रहे क्रिकेटप्रेमियों में निराशा थी.  फैसले से असंतुष्‍ट विराट ने डीआरएस (डिसीजन रिव्‍यू सिस्‍टम) का सहारा लिया, जिसमें पता चला कि गेंद कोहली के पैड पर लगते समय स्‍टंप से थोड़ी से बाहर थी.  यह फैसला टीम इंडिया और इसके कप्‍तान के पक्ष में गया. विराट के वापस क्रीज पर बैटिंग के लिए लौटते ही हैदराबाद के राजीव गांधी स्‍टेडियम में दर्शकों की खुशी देखते ही बन रही थी. हर तरफ तिरंगा लहरा रहा था. इसके अगले ही ओवर में बांग्‍लादेश के कप्‍तान और विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जीवनदान दिया. गेंदबाज थे ताइजुल इस्‍लाम. उनकी गेंद पर साहा क्रीज से निकले लेकिन स्‍ट्रोक मिस कर गए. रहीम के पास स्‍टंपिंग का मौका था, लेकिन वे पहले प्रयास में विकेट पर गेंद को नहीं मार सके. दूसरी बार भी उनकी विकेट पर गेंद मारने की कोशिश नाकाम हुई. इतना समय साहा के लिए काफी था वे क्रीज तक वापस पहुंच गए और बांग्‍लादेश के लिए यह मौका भी हाथ से जाता रहा. इसके अगले ही ओवर में बांग्‍लादेश के कप्‍तान और विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम ने टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जीवनदान दिया. गेंदबाज थे ताइजुल इस्‍लाम. उनकी गेंद पर साहा क्रीज से निकले लेकिन स्‍ट्रोक मिस कर गए. रहीम के पास स्‍टंपिंग का मौका था, लेकिन वे पहले प्रयास में विकेट पर गेंद को नहीं मार सके. दूसरी बार भी उनकी विकेट पर गेंद मारने की कोशिश नाकाम हुई. इतना समय साहा के लिए काफी था वे क्रीज तक वापस पहुंच गए और बांग्‍लादेश के लिए यह मौका भी हाथ से जाता रहा.
संक्षिप्त पाठ: बांग्‍लादेश के स्पिनर मेहदी हसन फेंक रहे थे यह ओवर चौथी गेंद पर विराट को अम्‍पायर ने एलबीडब्‍ल्‍यू दिया डीआरएस में फैसला टीम इंडिया और विराट में पक्ष गें गया
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['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में सरकार गठन (Maharashtra Government Formation) की गहमा-गहमी लगातार जारी है. NCP के बाद कांग्रेस के समर्थन के ऐलान के बाद शिवसेना (Shiv Sena) की सरकार बनना लगभग तय माना जा रहा है. ऐसे में कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने अपने अंदाज में मीडिया को सवालों के घेरे में लेते हुए बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा. कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर अकांउट पर लिखा कि पिछले अनेक अवसरों पर हरियाणा, बिहार, कश्मीर, कर्नाटक आदि प्रदेशों में, प्रत्येक दल द्वारा किए गए मौक़ापरस्त व अनैतिक गठबंधनों को “मास्टर-स्ट्रोक” बताते आ रहे चैनलों के चर्चा-चक्रवर्ती एंकरों के मुंह से महाराष्ट्र के बहाने “नैतिकता पर प्रवचन” सुनना कितना क्यूट लग रहा है. पिछले अनेक अवसरों पर हरियाणा, बिहार, कश्मीर, कर्नाटक आदि प्रदेशों में, प्रत्येक दल द्वारा किए गए मौक़ापरस्त व अनैतिक गठबंधनों को “मास्टर-स्ट्रोक” बताते आ रहे चैनलों के चर्चा-चक्रवर्ती एंकरों के मुँह से महाराष्ट्र के बहाने “नैतिकता पर प्रवचन” सुनना कितना क्यूट लग रहा है ???????????????? गौर हो कि जिन प्रदेशों का जिक्र कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में किया है उन सभी राज्यों में बीजेपी किसी न किसी दल के साथ सत्ता में है या फिर सत्ता में रह चुकी है. हाल ही हरियाणा में विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया. इसके अलावा बिहार में बीजेपी जेडीयू के साथ सत्ता में है तो कश्मीर में बीजेपी ने कभी पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी वहीं बात करें कर्नाटक की तो, आपको बता दें कि काफी उठापटक के बाद बीजेपी सत्ता पर काबिज होने में कामयाब हो पाई थी. ऐसे में कुमार विश्वास का इशारा किस तरफ है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.
सारांश: महाराष्ट्र की सियायी भागदौड़ पर कुमार विश्वास ने किया ट्वीट मीडिया को सवालों में लेते हुए बीजेपी पर साधा निशाना कहा- एंकरों के मुंह से नैतिकता का प्रवचन कितना क्यूट लगता है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय द्वारा जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को लेकर जारी रिपोर्ट पर अपना कड़ा ऐतराज जताया है. भारत ने सोमवार को कहा यह झूठ और राजनीति से प्रेरित विमर्श की निरंतरता भर है. साथ ही यह पाकिस्तान से होने वाले आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी करने जैसा है. बता दें कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त (ओएचसीएचआर) ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी. अब सोमवार को उसने अपनी उसी रिपोर्ट की अगली कड़ी में दावा किया कि न तो भारत ने और न ही पाकिस्तान ने उसके द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया है. इस रिपोर्ट के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि ओएचसीएचआर की रिपोर्ट की अगली कड़ी जम्मू कश्मीर की स्थिति पर उसके पिछले झूठे और राजनीति से प्रेरित विमर्श की निरंतरता भर है. उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में कही गई बातें भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती हैं और उसमें सीमापार आतंकवाद के मूल मुद्दे की अनदेखी की गयी है. कुमार ने कहा कि वर्षों से पाकिस्तान से जो सीमापार आतंकवाद चल रहा है, उससे उत्पन्न स्थिति का और उसकी वजह से होने वालों हताहतों का हवाला दिये बगैर विश्लेषण किया गया है. यह दुनिया के सबसे बड़े और जीवंत लोकतंत्र के साथ आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करने वाले देश की कृत्रिम रूप से बराबरी करने की काल्पनिक कोशिश भर है. उन्होंने कहा कि हमने मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से इस कड़ी को लेकर कड़ा एतराज जताया है. गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने पिछले साल भी संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था. उस दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार के हनन को लेकर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को भारत ने 'भ्रामक' बताकर खारिज कर दिया था. विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्टो का तीखा जवाब देते हुए कहा था कि ये तथ्यात्मक रूप से गलत, किसी खास मकसद से और शरारत के तहत है. हम इस रिपोर्ट की मंशा पर सवाल उठाते हैं. विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि रिपोर्ट पूरी तरह से पूर्वाग्रह से प्रेरित है और गलत तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रही है. गौरतलब है कि जारी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कही थी और इस बारे में अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की थी.
संक्षिप्त पाठ: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर भारत ने जताया ऐतराज भारत ने रिपोर्ट के खिलाफ उठाई आवाज पिछले साल भी आई थी ऐसी ही एक रिपोर्ट
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त डेनमार्क की महिला टेनिस खिलाड़ी कारोलीन वोज्नियास्की और रूस की मारिया शारापोवा इटैलियन मास्टर्स टूर्नामेंट के अंतिम-4 में प्रवेश कर गई हैं। वोज्नियास्की ने महिला वर्ग की एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पांचवी वरीयता प्राप्त सर्बियाई खिलाड़ी येलेना यांकोविच को 6-3, 1-6, 6-3 से पराजित किया। एक अन्य क्वार्टर फाइनल मुकाबला सातवीं वरीयता प्राप्त शारापोवा और बेलारूस की खिलाड़ी विक्टोरिया अजारेंका के बीच खेला गया। इस मुकाबले का पहला सेट अजारेंका ने 6-4 से अपने नाम किया। इसके बाद अजारेंका कोहनी में चोट के कारण मुकाबला अधूरा छोड़कर कोर्ट से बाहर चली गईं। दूसरे सेट में शारापोवा ने 3-0 की बढ़त बनाई थी। अजारेंका के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद शारापोवा को विजेता घोषित कर दिया गया। इस प्रकार शारापोवा सेमीफाइनल में प्रवेश करने में सफल रहीं।
डेनमार्क की टेनिस खिलाड़ी कारोलीन वोज्नियास्की और रूस की मारिया शारापोवा इटैलियन मास्टर्स टूर्नामेंट के अंतिम-4 में प्रवेश कर गई हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना के अरुणाचल प्रदेश में लापता परिवहन विमान एएन-32 की तलाश में वायुसेना, आईटीबीपी और सेना के बाद अब नौसेना भी मैदान में उतर आई है. नौसेना के 'पी 8 आई' टोही विमान ने आज तमिलनाडु के आराकोणम से अरुणाचल प्रदेश के लिए उड़ान भरी. पी 8 आई निगरानी विमान ने लापता विमान की तलाशी का काम शुरू कर दिया है. इस टोही विमान में बेहद शक्तिशाली सिंथेटिक एपरचर राडार लगा होता है जिससे बेहद घने जंगल में लापता विमान को खोजने में मदद मिलेगी . उम्मीद की जानी चाहिए कि पी 8 आई टोही विमान अपने इलेक्ट्रो ऑप्टिकल और इंफ्रा रेड सेंसर्स की मदद से लापता AN-32 का पता लगा पाए. गौरतलब है कि AN-32 को लापता हुए 26 घंटे से ज़्यादा वक़्त बीत चुका है लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है. यह विमान तीन मई को 12.25 मिनट पर असम के जोरहाट से मेंचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ा था लेकिन एक बजे इसका संपर्क टूट गया. उसके बाद से विमान का कोई पता नहीं चल पाया है. इस विमान में पायलट सहित कुल 13 लोग सवार थे. सूत्रों के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग जिले के करीब टाटो गांव के आसपास इस विमान को अंतिम बार देखा गया था. इस इलाके में ऊंची पहाड़ियां और बेहद घना जंगल है और लापता विमान की तलाश का काम बेहद मुश्किल है. साथ में मौसम भी खराब रहता है. इसके बावजूद सेना युद्धस्तर पर विमान की तलाशी में जुटी है.
संक्षिप्त सारांश: AN-32 को लापता हुए 26 घंटे से ज़्यादा वक़्त बीत चुका पश्चिमी सियांग के टाटो गांव के आसपास अंतिम बार देखा गया था नौसेना के 'पी 8 आई' टोही विमान ने अरुणाचल में तलाश शुरू की
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों की खरीद को लेकर सीएजी की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश कर दी गई है। इस रिपोर्ट में इस सौदे की कई गड़बड़ियों की ओर इशारा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सौदे में कायदों की अनदेखी हुई है। रिपोर्ट कहती है कि ऐसी कई मिसालें दिखती हैं, जब मंत्रापय ने 2006 के रक्षा खरीद कायदों के बाहर जाकर फैसला किया। 11 कारोबारियों को मार्च 2002 में दिए गए शुरुआती प्रस्ताव को प्रधानमंत्री दफ्तर के ऐतराज के बाद रद्द कर दिया गया। इसकी वजह से एक वेंडर की नौबत आई। करार पर बातचीत करने वाली कमेटी ने बेंचमार्क लागत बहुत ज्यादा तय की। करार में कई चीजें अस्पष्ट रहीं। 10 साल से ज्यादा की देरी की वजह से भी नुकसान हुआ। रिपोर्ट कहती है कि ऐसी कई मिसालें दिखती हैं, जब मंत्रापय ने 2006 के रक्षा खरीद कायदों के बाहर जाकर फैसला किया। 11 कारोबारियों को मार्च 2002 में दिए गए शुरुआती प्रस्ताव को प्रधानमंत्री दफ्तर के ऐतराज के बाद रद्द कर दिया गया। इसकी वजह से एक वेंडर की नौबत आई। करार पर बातचीत करने वाली कमेटी ने बेंचमार्क लागत बहुत ज्यादा तय की। करार में कई चीजें अस्पष्ट रहीं। 10 साल से ज्यादा की देरी की वजह से भी नुकसान हुआ।
राज्यसभा में पेश की गई इस मामले में सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमत का अनुमान बढ़ा−चढ़ाकर दिखाया गया। इसके अलावा सीएजी का कहना है कि सौदे में 10 साल की देरी से भी देश को नुकसान हुआ है।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष युगल वर्ग में छठी जबकि लिएंडर पेस और उनके नए जोड़ीदार एलेक्जेंद्र पेया की जोड़ी को सातवीं वरीयता दी गई है। भूपति और बोपन्ना की नजरें लंदन ओलिंपिक से पहले युगल रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने पर टिकी हुई है। फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में भूपति और पेया की जोड़ी का सामना फ्रांस के मार्क गिक्वेल और एडूआडरे रोजर-वैसलीन की जोड़ी से होगा। उल्लेखनीय है कि एटीपी की जारी ताजा रैंकिंग में बोपन्ना 12वें जबकि भूपति 13वें स्थान पर हैं। सातवीं वरीयता प्राप्त पेस और ऑस्ट्रिया के पेया की जोड़ी का पहले दौर में सामना इटली के सिमोने बोलेली और फाबियो फोगनिनी की जोड़ी से बुधवार को होगा। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। भूपति और बोपन्ना की नजरें लंदन ओलिंपिक से पहले युगल रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने पर टिकी हुई है। फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में भूपति और पेया की जोड़ी का सामना फ्रांस के मार्क गिक्वेल और एडूआडरे रोजर-वैसलीन की जोड़ी से होगा। उल्लेखनीय है कि एटीपी की जारी ताजा रैंकिंग में बोपन्ना 12वें जबकि भूपति 13वें स्थान पर हैं। सातवीं वरीयता प्राप्त पेस और ऑस्ट्रिया के पेया की जोड़ी का पहले दौर में सामना इटली के सिमोने बोलेली और फाबियो फोगनिनी की जोड़ी से बुधवार को होगा। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। फ्रेंच ओपन के पहले दौर के मुकाबले में भूपति और पेया की जोड़ी का सामना फ्रांस के मार्क गिक्वेल और एडूआडरे रोजर-वैसलीन की जोड़ी से होगा। उल्लेखनीय है कि एटीपी की जारी ताजा रैंकिंग में बोपन्ना 12वें जबकि भूपति 13वें स्थान पर हैं। सातवीं वरीयता प्राप्त पेस और ऑस्ट्रिया के पेया की जोड़ी का पहले दौर में सामना इटली के सिमोने बोलेली और फाबियो फोगनिनी की जोड़ी से बुधवार को होगा। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। उल्लेखनीय है कि एटीपी की जारी ताजा रैंकिंग में बोपन्ना 12वें जबकि भूपति 13वें स्थान पर हैं। सातवीं वरीयता प्राप्त पेस और ऑस्ट्रिया के पेया की जोड़ी का पहले दौर में सामना इटली के सिमोने बोलेली और फाबियो फोगनिनी की जोड़ी से बुधवार को होगा। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। सातवीं वरीयता प्राप्त पेस और ऑस्ट्रिया के पेया की जोड़ी का पहले दौर में सामना इटली के सिमोने बोलेली और फाबियो फोगनिनी की जोड़ी से बुधवार को होगा। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। 15वीं वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और बेथानी माटेक सैंड्स की जोड़ी महिला युगल के पहले दौर में अर्जेंटीना की जिसेला डूल्को और आउलो सुआरेज से मंगलवार को भिड़ेगी। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। उल्लेखनीय है कि सानिया और बेथानी की जोड़ी ने हाल में ब्रसेल्स ओपन टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं। वर्ष 2011 में सानिया रूस की एलीना वेस्नीना के साथ जोड़ी बनाकर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थीं।
भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के पुरुष युगल वर्ग में छठी जबकि लिएंडर पेस और उनके नए जोड़ीदार एलेक्जेंद्र पेया की जोड़ी को सातवीं वरीयता दी गई है।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अब आने वाले दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आपको खुले मैदान में कार ड्राइविंग का टेस्ट नहीं देना होगा, बल्कि एक बंद कमरे के भीतर ही आपका टेस्ट हो जाएगा. ये मुमकिन होगा कार ड्राइविंग सिम्युलेटर के जरिए. ये तकनीक ड्राइविंग के दौरान आने वाली स्थितियों पर आपके रिस्पॉन्स की भी जांच करेगी. वो देखेगी कि अगर कोई जानवर या आदमी अचानक आपके सामने आ जाए तो आप कितनी तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हैं. इसे CSIR-CRRI,CSIO, नेशनल एयरो स्पेस और Faros ने मिलकर तैयार किया है.   कार ड्राइविंग सिम्युलेटर के ज़रिए होने वाले इस टेस्ट में कभी ड्राइवर के आगे जानवर आ सकता है तो कभी आदमी सड़क से गुजर सकता है. कभी दिन के हालात तो कभी रात की हालत. कभी कुहरे का मौसम तो कभी उबड़-खाबड़ सड़कें. इतना ही नहीं आरटीओ ट्रैक्स भी हैं, जहां एक सीमित समय में आपको परीक्षा पास करनी है.टिप्पणियां अब इसका फाइनल डेमो सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के सामने होना है. CSIR-CRRI के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र का कहना है कि 'हमारा मकसद यह है कि यह अगर यह यूनिट सभी आरटीओ कार्यालय में लग जाए, जहां से लाइसेंस जारी होता है और लाइसेंस इश्‍यु करने से पहले अगर ड्राइवर का टेस्‍ट हो जाए कि वह रोड और हाइवे पर गाड़ी चलाने के लिए कितना सक्षम है, खासकर हैवी-कमर्शियल व्‍हीकल्‍स में... तो इसमें हम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में अपना योगदान दे पाएंगे'. ये मुमकिन होगा कार ड्राइविंग सिम्युलेटर के जरिए. ये तकनीक ड्राइविंग के दौरान आने वाली स्थितियों पर आपके रिस्पॉन्स की भी जांच करेगी. वो देखेगी कि अगर कोई जानवर या आदमी अचानक आपके सामने आ जाए तो आप कितनी तेज़ी से प्रतिक्रिया देते हैं. इसे CSIR-CRRI,CSIO, नेशनल एयरो स्पेस और Faros ने मिलकर तैयार किया है.   कार ड्राइविंग सिम्युलेटर के ज़रिए होने वाले इस टेस्ट में कभी ड्राइवर के आगे जानवर आ सकता है तो कभी आदमी सड़क से गुजर सकता है. कभी दिन के हालात तो कभी रात की हालत. कभी कुहरे का मौसम तो कभी उबड़-खाबड़ सड़कें. इतना ही नहीं आरटीओ ट्रैक्स भी हैं, जहां एक सीमित समय में आपको परीक्षा पास करनी है.टिप्पणियां अब इसका फाइनल डेमो सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के सामने होना है. CSIR-CRRI के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र का कहना है कि 'हमारा मकसद यह है कि यह अगर यह यूनिट सभी आरटीओ कार्यालय में लग जाए, जहां से लाइसेंस जारी होता है और लाइसेंस इश्‍यु करने से पहले अगर ड्राइवर का टेस्‍ट हो जाए कि वह रोड और हाइवे पर गाड़ी चलाने के लिए कितना सक्षम है, खासकर हैवी-कमर्शियल व्‍हीकल्‍स में... तो इसमें हम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में अपना योगदान दे पाएंगे'. अब इसका फाइनल डेमो सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के सामने होना है. CSIR-CRRI के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र का कहना है कि 'हमारा मकसद यह है कि यह अगर यह यूनिट सभी आरटीओ कार्यालय में लग जाए, जहां से लाइसेंस जारी होता है और लाइसेंस इश्‍यु करने से पहले अगर ड्राइवर का टेस्‍ट हो जाए कि वह रोड और हाइवे पर गाड़ी चलाने के लिए कितना सक्षम है, खासकर हैवी-कमर्शियल व्‍हीकल्‍स में... तो इसमें हम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में अपना योगदान दे पाएंगे'. CSIR-CRRI के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र का कहना है कि 'हमारा मकसद यह है कि यह अगर यह यूनिट सभी आरटीओ कार्यालय में लग जाए, जहां से लाइसेंस जारी होता है और लाइसेंस इश्‍यु करने से पहले अगर ड्राइवर का टेस्‍ट हो जाए कि वह रोड और हाइवे पर गाड़ी चलाने के लिए कितना सक्षम है, खासकर हैवी-कमर्शियल व्‍हीकल्‍स में... तो इसमें हम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में अपना योगदान दे पाएंगे'.
संक्षिप्त पाठ: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए खुले मैदान में ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा. तकनीक ड्राइविंग के दौरान आने वाली स्थितियों पर रिस्पॉन्स को भी जांचेगी. इसका फाइनल डेमो सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के सामने होना है.
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने रविवार को कहा कि सोमवार से शुरू होने वाला महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) का शीतकालीन सत्र (Winter Session) ''ढोंग'' है क्योंकि उद्धव ठाकरे नीत राज्य सरकार ने मंत्रियों को प्रभार नहीं दिए हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में ''गलत जानकारी'' फैला रही है. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार किसानों को उनके बकाये ऋण माफ करने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करे. महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार का नेतृत्व करने वाले ठाकरे ने छह मंत्रियों के साथ 28 नवम्बर को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इन मंत्रियों में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के दो-दो मंत्री शामिल थे. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विभागों का बंटवारा करते हुए 12 दिसम्बर को शिवसेना को गृह, उद्योग और शहरी विकास विभाग के प्रभार दिये थे, वहीं एनसीपी को वित्त और कांग्रेस को राजस्व विभाग का प्रभार मिला था. राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नागपुर में सोमवार को शुरू होगा और 21 दिसम्बर को समाप्त होगा. फडणवीस ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि नई सरकार को सत्ता में आये दो सप्ताह से अधिक समय हो चुका है लेकिन ''अभी तक विभागों का आधिकारिक तौर पर आवंटन नहीं हुआ है.'' बीजेपी नेता ने कहा, ''वर्तमान में मंत्रियों के विभागों का आवंटन अस्थायी है. इसलिए शीतकालीन सत्र और कुछ नहीं बल्कि ढोंग है. ऐसा लगता है कि ठाकरे नीत सरकार इस सत्र को लेकर गंभीर नहीं है.'' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में ''गलत सूचना'' फैलाने के जानबूझकर प्रयास किये जा रहे हैं. फडणवीस ने कहा, ''कुछ ऋण थे जो बजट के बाहर लिये गए थे लेकिन उसे बजट के हिस्से के तौर पर दिखाया गया है और बकाया ऋण की राशि बढ़ायी गई है. मुझे लगता है कि यह सूचना भविष्य में कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों को टालने के लिए फैलायी जा रही है.'' उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार किसानों के बकायों को माफ करने के लिए उन्हें 23 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करे. फडणवीस ने कहा, ''ठाकरे और राकांपा एवं कांग्रेस ने पूर्व में 23 हजार करोड़ रुपये के भुगतान की मांग की थी. अब इसे लागू करने का समय है.'' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''बीजेपी इसकी मांग नहीं कर रही है बल्कि हम उन्हीं की मांग का उल्लेख कर रहे हैं जो इन पार्टियों (राकांपा और कांग्रेस) ने तब की थी जब वे विपक्ष में थे.'' उन्होंने कहा कि शिवसेना ने पूर्व में 7/11 भूमि रिकार्ड पर्ची देने का काम पूरा करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि ठाकरे नीत राज्य सरकार को अब इसे जल्द से जल्द करना चाहिए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र को बताया ढोंग फडणवीस ने कहा- अभी तक विभागों का आधिकारिक तौर पर आवंटन नहीं हुआ है फडणवीस ने किसानों के बकाया ऋण माफ करने की भी मांग की
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 38.69 अंकों की तेजी के साथ 18,558.13 पर तथा निफ्टी 4.75 अंकों की तेजी के साथ 5,476.50 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 83.12 अंकों की तेजी के साथ 18,602.56 पर खुला और 38.69 अंकों या 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 18,558.13 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,728.19 के ऊपरी और 18,488.93 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (6.63 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.79 फीसदी), विप्रो (2.52 फीसदी), एनटीपीसी (2.52 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे ओएनजीसी (3.16 फीसदी), गेल इंडिया (3.02 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.58 फीसदी), टाटा स्टील (1.70 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.93 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.65 अंकों की तेजी के साथ 5,499.40 पर खुला और 4.75 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ  5,476.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,528.70 के ऊपरी और 5,454.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 32.03 अंकों की तेजी के साथ 5,390.78 पर और स्मॉलकैप 41.94 अंकों की तेजी के साथ 5,289.45 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 83.12 अंकों की तेजी के साथ 18,602.56 पर खुला और 38.69 अंकों या 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 18,558.13 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,728.19 के ऊपरी और 18,488.93 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (6.63 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.79 फीसदी), विप्रो (2.52 फीसदी), एनटीपीसी (2.52 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे ओएनजीसी (3.16 फीसदी), गेल इंडिया (3.02 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.58 फीसदी), टाटा स्टील (1.70 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.93 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.65 अंकों की तेजी के साथ 5,499.40 पर खुला और 4.75 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ  5,476.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,528.70 के ऊपरी और 5,454.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 32.03 अंकों की तेजी के साथ 5,390.78 पर और स्मॉलकैप 41.94 अंकों की तेजी के साथ 5,289.45 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (6.63 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (2.79 फीसदी), विप्रो (2.52 फीसदी), एनटीपीसी (2.52 फीसदी) और हीरो मोटोकॉर्प (2.35 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे ओएनजीसी (3.16 फीसदी), गेल इंडिया (3.02 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.58 फीसदी), टाटा स्टील (1.70 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.93 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.65 अंकों की तेजी के साथ 5,499.40 पर खुला और 4.75 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ  5,476.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,528.70 के ऊपरी और 5,454.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 32.03 अंकों की तेजी के साथ 5,390.78 पर और स्मॉलकैप 41.94 अंकों की तेजी के साथ 5,289.45 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे ओएनजीसी (3.16 फीसदी), गेल इंडिया (3.02 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.58 फीसदी), टाटा स्टील (1.70 फीसदी) और टाटा मोटर्स (0.93 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.65 अंकों की तेजी के साथ 5,499.40 पर खुला और 4.75 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ  5,476.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,528.70 के ऊपरी और 5,454.45 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 32.03 अंकों की तेजी के साथ 5,390.78 पर और स्मॉलकैप 41.94 अंकों की तेजी के साथ 5,289.45 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप 32.03 अंकों की तेजी के साथ 5,390.78 पर और स्मॉलकैप 41.94 अंकों की तेजी के साथ 5,289.45 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 8 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। बिजली (1.56 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.25 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.12 फीसदी), धातु (1.05 फीसदी) और रियल्टी (0.99 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। चार सेक्टरों बैंकिंग (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.43 फीसदी), सार्वजनिक कंपनी (0.18 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.05 फीसदी) और वाहन (0.35 अंक) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1298 शेयरों में तेजी और 992 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 38.69 अंकों की तेजी के साथ 18,558.13 पर तथा निफ्टी 4.75 अंकों की तेजी के साथ 5,476.50 पर बंद हुआ।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन ने श्रीलंका के साथ करीबी रिश्ते की इच्छा जाहिर की है। वह भारत के इस पड़ोसी देश के साथ व्यापार और निवेश में वृद्धि चाहता है। चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वू बांगगुआओ इन दिनों श्रीलंका दौरे पर हैं। उन्होंने सोमवार को श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष चमल राजपक्षा से इन सभी मुद्दों पर बात की।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने वू के हवाले से लिखा है कि दोनों देशों को अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहिए। साथ ही वू ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास बढ़ाने की भी बात कही। वू ने कहा कि चीन हर हाल में श्रीलंका के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है। वह चाहता है कि श्रीलंका उसके आयात में साझीदार बने। राजपक्षा ने कहा कि चीन तेजी से विकास कर रहा है और यह बात श्रीलंका के लिए काफी फायदेमंद है। चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वू बांगगुआओ इन दिनों श्रीलंका दौरे पर हैं। उन्होंने सोमवार को श्रीलंकाई संसद के अध्यक्ष चमल राजपक्षा से इन सभी मुद्दों पर बात की।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने वू के हवाले से लिखा है कि दोनों देशों को अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहिए। साथ ही वू ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास बढ़ाने की भी बात कही। वू ने कहा कि चीन हर हाल में श्रीलंका के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है। वह चाहता है कि श्रीलंका उसके आयात में साझीदार बने। राजपक्षा ने कहा कि चीन तेजी से विकास कर रहा है और यह बात श्रीलंका के लिए काफी फायदेमंद है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने वू के हवाले से लिखा है कि दोनों देशों को अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहिए। साथ ही वू ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास बढ़ाने की भी बात कही। वू ने कहा कि चीन हर हाल में श्रीलंका के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है। वह चाहता है कि श्रीलंका उसके आयात में साझीदार बने। राजपक्षा ने कहा कि चीन तेजी से विकास कर रहा है और यह बात श्रीलंका के लिए काफी फायदेमंद है। वू ने कहा कि चीन हर हाल में श्रीलंका के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है। वह चाहता है कि श्रीलंका उसके आयात में साझीदार बने। राजपक्षा ने कहा कि चीन तेजी से विकास कर रहा है और यह बात श्रीलंका के लिए काफी फायदेमंद है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन ने श्रीलंका के साथ करीबी रिश्ते की इच्छा जाहिर की है। वह भारत के इस पड़ोसी देश के साथ व्यापार और निवेश में वृद्धि चाहता है।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: लगातार बारिश के चलते बिहार में बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने  राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के 20 दलों को भेजा है और भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों को काम में लगाया है. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के नेतृत्व में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (NCMC) ने मंगलवार को बिहार में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. बिहार के 16 जिले जल प्रलय से प्रभावित हैं. केंद्र सरकार ने NDRF के 20 दलों को राज्य में तैनात किया है. इसमें 900 बचाव कर्मी शामिल हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि छह दलों को राजधानी पटना में तैनात किया गया है, जहां पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है और जलभराव हो गया है. भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर भी राहत एवं बचाव अभियान में लगे हुए हैं.  बता दें कि बिहार सरकार ने NCMC को सूचित किया कि नदियों के उफान पर होने के साथ अत्यधिक बारिश के कारण 16 जिलों में बाढ़ आ गई है. अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों से स्थान खाली कराए और बचाव तथा राहत प्रयास भी चल रहे हैं. इसमें NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने मदद दी. कोयला मंत्रालय द्वारा मुहैया कराए गए चार भारी पम्प पटना पहुंच रहे हैं. इन पम्पों को जलभराव वाले इलाकों में हर मिनट करीब 3,000 गैलन पानी की निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन और पेयजल की आपूर्ति कर रही है और वहां बिजली बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं.  इसके अलावा एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालयों के दलों ने राज्य में नुकसान का आकलन कर लिया है, लेकिन मौजूदा हालात का जायजा लेने के लिए वे नया दौरा करेंगे. वहीं मौसम विभाग ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बिहार में बहुत भारी बारिश हुई है, लेकिन हालात अब सुधर रहे हैं. कैबिनेट सचिव ने मौजूदा स्थिति, तैयारी, बचाव और राहत अभियानों का जायजा लिया तथा निर्देश दिया कि इस आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा मांगी सहायता उसे तत्काल मुहैया कराई जाए. बता दें कि गृह और रक्षा मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मौसम विभाग, NDRF और केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी मंगलवार की सुबह बैठक में शामिल हुए. बिहार सरकार के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में भाग लिया. बिहार में आए जल प्रलय से अब तक कम से कम 28 लोगों की जान जा चुकी है.
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के 20 दलों को भेजा भारतीय वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर भी राहत एवं बचाव अभियान में लगे अत्यधिक बारिश के कारण 16 जिलों में बाढ़ आ गई है
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (स्पेशल शाखा) ने एक नया फरमान जारी किया है, जिसके बाद अब एकांत स्थानों पर बैठने वाले प्रेमी जोड़े चैन की सांस ले सकेंगे। दरअसल, पुलिस ने पहले निर्देश जारी किया था कि ऐसे जोड़ों को चेतावनी देकर हटा दिया जाए, लेकिन गुरुवार को जारी नए निर्देश में कहा गया है कि ऐसे इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि जोड़े किन्हीं अवांछित तत्वों का शिकार न बनें। पुलिस की दलील है कि यह एक 'एहतियाती' कदम होगा, ताकि प्रेमी जोड़े बदमाशों के हाथों न सताए जा सकें और उनके शिकार न बनें। हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान चुने हुए थानों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले इलाकों की ऐसी एकांत जगहों पर पैनी नजर रखें, जहां प्रेमी जोड़े अक्सर मिलते हों। फरमान के मुताबिक यदि प्रेमी जोड़े एकांत में बैठे नजर आएं तो उन्हें तुरंत वहां से जाने को कहा जाए। एकांत में बैठे जोड़े को खतरा समझाकर लौट जाने के लिए कहा जाएगा, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो मुंबई पुलिस कानून की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के प्रवक्ता अंबादास पोटे ने कहा, 'इस कदम के पीछे वजह यह है कि हम नहीं चाहते कि प्रेमी जोड़े बदमाशों के शिकार बनें। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है।' जिन इलाकों में पुलिस प्रेमी जोड़ों पर नजर रख रही है, उनमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वर्ली सी फेस, मरीन ड्राइव, बांद्रा बैंड स्टैंड, वर्सोवा बीच, अक्सा बीच, दादर, चौपाटी, मड आइलैंड, गोरई मनोरी बीच, गिरगाम चौपाटी और जूहू बीच भी शामिल हैं। पुलिस की दलील है कि यह एक 'एहतियाती' कदम होगा, ताकि प्रेमी जोड़े बदमाशों के हाथों न सताए जा सकें और उनके शिकार न बनें। हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान चुने हुए थानों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले इलाकों की ऐसी एकांत जगहों पर पैनी नजर रखें, जहां प्रेमी जोड़े अक्सर मिलते हों। फरमान के मुताबिक यदि प्रेमी जोड़े एकांत में बैठे नजर आएं तो उन्हें तुरंत वहां से जाने को कहा जाए। एकांत में बैठे जोड़े को खतरा समझाकर लौट जाने के लिए कहा जाएगा, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो मुंबई पुलिस कानून की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के प्रवक्ता अंबादास पोटे ने कहा, 'इस कदम के पीछे वजह यह है कि हम नहीं चाहते कि प्रेमी जोड़े बदमाशों के शिकार बनें। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है।' जिन इलाकों में पुलिस प्रेमी जोड़ों पर नजर रख रही है, उनमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वर्ली सी फेस, मरीन ड्राइव, बांद्रा बैंड स्टैंड, वर्सोवा बीच, अक्सा बीच, दादर, चौपाटी, मड आइलैंड, गोरई मनोरी बीच, गिरगाम चौपाटी और जूहू बीच भी शामिल हैं। फरमान के मुताबिक यदि प्रेमी जोड़े एकांत में बैठे नजर आएं तो उन्हें तुरंत वहां से जाने को कहा जाए। एकांत में बैठे जोड़े को खतरा समझाकर लौट जाने के लिए कहा जाएगा, लेकिन यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो मुंबई पुलिस कानून की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। टिप्पणियां मुंबई पुलिस के प्रवक्ता अंबादास पोटे ने कहा, 'इस कदम के पीछे वजह यह है कि हम नहीं चाहते कि प्रेमी जोड़े बदमाशों के शिकार बनें। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है।' जिन इलाकों में पुलिस प्रेमी जोड़ों पर नजर रख रही है, उनमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वर्ली सी फेस, मरीन ड्राइव, बांद्रा बैंड स्टैंड, वर्सोवा बीच, अक्सा बीच, दादर, चौपाटी, मड आइलैंड, गोरई मनोरी बीच, गिरगाम चौपाटी और जूहू बीच भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता अंबादास पोटे ने कहा, 'इस कदम के पीछे वजह यह है कि हम नहीं चाहते कि प्रेमी जोड़े बदमाशों के शिकार बनें। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है।' जिन इलाकों में पुलिस प्रेमी जोड़ों पर नजर रख रही है, उनमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वर्ली सी फेस, मरीन ड्राइव, बांद्रा बैंड स्टैंड, वर्सोवा बीच, अक्सा बीच, दादर, चौपाटी, मड आइलैंड, गोरई मनोरी बीच, गिरगाम चौपाटी और जूहू बीच भी शामिल हैं। जिन इलाकों में पुलिस प्रेमी जोड़ों पर नजर रख रही है, उनमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, वर्ली सी फेस, मरीन ड्राइव, बांद्रा बैंड स्टैंड, वर्सोवा बीच, अक्सा बीच, दादर, चौपाटी, मड आइलैंड, गोरई मनोरी बीच, गिरगाम चौपाटी और जूहू बीच भी शामिल हैं।
सारांश: पुलिस की दलील है कि यह एक 'एहतियाती' कदम होगा, ताकि प्रेमी जोड़े बदमाशों के हाथों न सताए जा सकें और उनके शिकार न बनें।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: NDTV के श्रीनिवासन जैन के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ के सबूत नहीं हैं. लोगों ने सिर्फ़ शिकायतें की, सबूत नहीं दिए. सीईसी नसीम जैदी ने कहा कि मैं भरोसे से कह सकता हूं कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं. चुनाव आयोग को अभी तक ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है. पिछले सप्ताह सर्वदलीय बैठक में हैकाथॉन चैलेंज का निर्णय लिया गया था जो कि 3 जून से शुरू होगा. जैदी ने दावा किया कि अभी तक हैकाथॉन के लिए किसी भी पार्टी की ओर से कोई नाम सबमिट नहीं किया गया. यहां तक कि हमने उनसे प्रतिनिधियों का नाम मांगा है. नाम सबमिट कराने की डेडलाइन 26 मई है. टिप्पणियां आम आदमी पार्टी नेता के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा हैकाथॉन के लिए चुनाव आयोग की शर्तों पर आपत्ति जताई है. आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि आयोग की गाइडलाइंस वैसी ही हैं जैसे 'किसी व्यक्ति को बांधकर समुद्र में फेंक दिया जाए और उससे तैरने के लिए कहा जाए.' जैदी ने कहा कि जो हालात पोलिंग स्टेशन में होते हैं वही मुहैया कराए जाएंगे. हमने पार्टियों से कहा है कि चार पोलिंग स्टेशन से चार ईवीएम चुन सकते हैं. मशीनें सील हालात में आती हैं, नियम के मुताबिक सील मशीनें ही उनको दी जाएंगी. मशीन को खोलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 जून को सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियों को ईवीएम को टैम्पर या हैक करने की चुनौती दी है, जिसमें यह कहा गया गया है कि आयोग की निगरानी में चार घंटे के भीतर ईवीएम को बाहर से बटन आदि दबाकर या वाईफाई, ब्लूटूथ, इंटरनेट आदि से टैम्पर या हैक करके दिखाएं. इस दौरान पॉलिटिकल पार्टी के नुमाइंदों को ईवीएम को अंदर से देखने की छूट होगी लेकिन अंदर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. जैदी ने दावा किया कि अभी तक हैकाथॉन के लिए किसी भी पार्टी की ओर से कोई नाम सबमिट नहीं किया गया. यहां तक कि हमने उनसे प्रतिनिधियों का नाम मांगा है. नाम सबमिट कराने की डेडलाइन 26 मई है. टिप्पणियां आम आदमी पार्टी नेता के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा हैकाथॉन के लिए चुनाव आयोग की शर्तों पर आपत्ति जताई है. आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि आयोग की गाइडलाइंस वैसी ही हैं जैसे 'किसी व्यक्ति को बांधकर समुद्र में फेंक दिया जाए और उससे तैरने के लिए कहा जाए.' जैदी ने कहा कि जो हालात पोलिंग स्टेशन में होते हैं वही मुहैया कराए जाएंगे. हमने पार्टियों से कहा है कि चार पोलिंग स्टेशन से चार ईवीएम चुन सकते हैं. मशीनें सील हालात में आती हैं, नियम के मुताबिक सील मशीनें ही उनको दी जाएंगी. मशीन को खोलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 जून को सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियों को ईवीएम को टैम्पर या हैक करने की चुनौती दी है, जिसमें यह कहा गया गया है कि आयोग की निगरानी में चार घंटे के भीतर ईवीएम को बाहर से बटन आदि दबाकर या वाईफाई, ब्लूटूथ, इंटरनेट आदि से टैम्पर या हैक करके दिखाएं. इस दौरान पॉलिटिकल पार्टी के नुमाइंदों को ईवीएम को अंदर से देखने की छूट होगी लेकिन अंदर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. आम आदमी पार्टी नेता के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा हैकाथॉन के लिए चुनाव आयोग की शर्तों पर आपत्ति जताई है. आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि आयोग की गाइडलाइंस वैसी ही हैं जैसे 'किसी व्यक्ति को बांधकर समुद्र में फेंक दिया जाए और उससे तैरने के लिए कहा जाए.' जैदी ने कहा कि जो हालात पोलिंग स्टेशन में होते हैं वही मुहैया कराए जाएंगे. हमने पार्टियों से कहा है कि चार पोलिंग स्टेशन से चार ईवीएम चुन सकते हैं. मशीनें सील हालात में आती हैं, नियम के मुताबिक सील मशीनें ही उनको दी जाएंगी. मशीन को खोलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 जून को सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियों को ईवीएम को टैम्पर या हैक करने की चुनौती दी है, जिसमें यह कहा गया गया है कि आयोग की निगरानी में चार घंटे के भीतर ईवीएम को बाहर से बटन आदि दबाकर या वाईफाई, ब्लूटूथ, इंटरनेट आदि से टैम्पर या हैक करके दिखाएं. इस दौरान पॉलिटिकल पार्टी के नुमाइंदों को ईवीएम को अंदर से देखने की छूट होगी लेकिन अंदर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 3 जून को सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियों को ईवीएम को टैम्पर या हैक करने की चुनौती दी है, जिसमें यह कहा गया गया है कि आयोग की निगरानी में चार घंटे के भीतर ईवीएम को बाहर से बटन आदि दबाकर या वाईफाई, ब्लूटूथ, इंटरनेट आदि से टैम्पर या हैक करके दिखाएं. इस दौरान पॉलिटिकल पार्टी के नुमाइंदों को ईवीएम को अंदर से देखने की छूट होगी लेकिन अंदर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती.
संक्षिप्त सारांश: मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ के सबूत नहीं हैं बोले - मैं भरोसे से कह सकता हूं कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं आयोग को अभी तक ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाओं के बाद से जिस तरह से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है उस पर पूरी दुनिया की नजर है. संयुक्त राष्ट्र से भी इससे चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी भारत-पाकिस्तान पर नजर रख रहे हैं और उन्होंने दक्षिण एशिया के पड़ोसी मुल्कों को बातचीत और सहयोग के जरिए समस्या का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की बात दोहराई है. गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि महासचिव इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने के खिलाफ नहीं हैं. दुजारिक ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह मामला अनिच्छा का है. जैसा मैंने कहा है, वह स्थिति पर करीबी से नजर रख रहे हैं और उन्होंने पक्षों से बातचीत और सहयोग के जरिए समस्या का शांतिपूर्ण समाधान तलाश करने की बात दोहराई है.’’ दुनिया भर में इसी प्रकार से बढ़ते तनाव और अस्थिर हालात का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘इतिहास के छात्र’’ महासचिव जानते हैं कि क्या हुआ है.  दुजारिक ने लगातार यह बात दोहराई है कि गुतारेस भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच कश्मीर के हालात पर नजर रख रहे हैं. हालांकि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस मुद्दे के हल के लिए सीधा हस्तक्षेप नहीं किया है, उनके प्रवक्ता लगातार कहते आ रहे हैं कि युनाइटेड नेशन के प्रमुख बातचीत और सहयोग के जरिए समस्या का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की बात दोहराते हैं. गौरतलब है कि उड़ी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और उसके बाद कश्मीर में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों के बीच भी कई बार बैठकें हो चुकी हैं.टिप्पणियां लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है जिसमें सीमा के आसापास बसे गांवों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. दूसरी ओर से सीमा पार से प्रायोजित आतंकी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.     दुनिया भर में इसी प्रकार से बढ़ते तनाव और अस्थिर हालात का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘इतिहास के छात्र’’ महासचिव जानते हैं कि क्या हुआ है.  दुजारिक ने लगातार यह बात दोहराई है कि गुतारेस भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच कश्मीर के हालात पर नजर रख रहे हैं. हालांकि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस मुद्दे के हल के लिए सीधा हस्तक्षेप नहीं किया है, उनके प्रवक्ता लगातार कहते आ रहे हैं कि युनाइटेड नेशन के प्रमुख बातचीत और सहयोग के जरिए समस्या का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की बात दोहराते हैं. गौरतलब है कि उड़ी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और उसके बाद कश्मीर में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों के बीच भी कई बार बैठकें हो चुकी हैं.टिप्पणियां लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है जिसमें सीमा के आसापास बसे गांवों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. दूसरी ओर से सीमा पार से प्रायोजित आतंकी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.     गौरतलब है कि उड़ी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और उसके बाद कश्मीर में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. दोनों देशों की सेनाओं के अधिकारियों के बीच भी कई बार बैठकें हो चुकी हैं.टिप्पणियां लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है जिसमें सीमा के आसापास बसे गांवों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. दूसरी ओर से सीमा पार से प्रायोजित आतंकी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.     लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है जिसमें सीमा के आसापास बसे गांवों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. दूसरी ओर से सीमा पार से प्रायोजित आतंकी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है.
संक्षिप्त पाठ: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर यूएन प्रमुख की नजर शांतिपूर्वक समाधान निकालने की सलाह पड़ोसी मुल्कों के बीच हो बातचीत
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी बनाम राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू यादव व उनके परिवार के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. दोनों के परिवारों की बेनामी सम्पत्ति उजागर करने का सिलसिला चल रहा है. लालू यादव या उनके दोनों मंत्री बेटे किसी आरोप का जवाब नहीं दे रहे हैं. मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपनी चुप्पी तोड़ने का अनुरोध किया है.   सुशील मोदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पिछले सोमवार को अपने ऊपर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा द्वारा लगाए गए आरोपों पर कहा कि उनके पचास से अधिक सम्बंधी व्यापार करते हैं लेकिन न वे किसी कंपनी में निदेशक हैं, न उनकी कोई  हिस्सेदारी है और न ही वे सहयोगी हैं. मोदी ने यह भी दावा किया कि उनके जिस भाई की कंपनी के सम्बंध में आरोप लगाए गए हैं वह 20 वर्ष पूर्व लालू  राबड़ी  के जंगल राज से त्रस्त होकर बिहार से पलायन कर चुके हैं. मोदी ने राजद को चुनौती देते हुए कहा कि लालू यादव ऐसे उनके सम्बंधियों पर दबाब डालने के हथकंडे पहले अपना चुके हैं और वे उनकी गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं. मोदी ने साफ किया कि जिन कंपनियों के बारे में आरोप लगाया गया है उनका जवाब उस कंपनी के मालिक ही दे सकते हैं लेकिन में पूरे समय राजनीति करता हूं. न कोई व्यवसाय करता हूं न ठेकेदारी.  टिप्पणियां मोदी ने पिछले दो हफ्ते में कई संवाददाता सम्मलेन कर लालू यादव के परिवार की उन सम्पत्तियों का खुलासा किया है जिनका मालिकाना हक किसी ऐसी कंपनी के माध्यम से हुआ है जिसमें पहले कोई निदेशक होते थे लेकिन बाद में शेयर लेकर अचानक या तो राबड़ी देवी या उनके दोनों बेटे तेजस्वी या तेजप्रताप यादव, नहीं तो उनकी सात बेटियों में से किसी को निदेशक बनाया गया. मोदी का आरोप है कि लालू यादव या नीतीश मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी तेजस्वी इस बात की सफाई नहीं दे रहे हैं कि आखिर सम्पति या कंपनी उन्होंने किस आधार  पर बनाई.  लेकिन लालू यादव पहले ही इस मुद्दे पर बोल चुके हैं कि सारी जानकारी सार्वजनिक है इसलिए मोदी खुलासा नहीं बल्कि कागजात पर राजनीति कर रहे हैं.   इस बीच सम्पत्ति विवाद पर रविवार को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान पर कि मोदी पचास प्रतिशत पर उनकी सम्पति ले लें, मोदी ने कहा कि एक प्रतिशत पर भी अगर तेजस्वी  सम्पत्ति देने के लिए तैयार हो जाएं तो उनके पास उतने लाख नहीं हैं, क्योंकि उनकी सम्पत्ति अरबो में है. लेकिन इस बीच पूरे मामले में नीतीश कुमार को घसीटकर मोदी ने जनता दल की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं. लेकिन जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि नीतीश इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे जरूर लेकिन अपने समय पर, सम्पति के खेल को समझने के बाद. सुशील मोदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पिछले सोमवार को अपने ऊपर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा द्वारा लगाए गए आरोपों पर कहा कि उनके पचास से अधिक सम्बंधी व्यापार करते हैं लेकिन न वे किसी कंपनी में निदेशक हैं, न उनकी कोई  हिस्सेदारी है और न ही वे सहयोगी हैं. मोदी ने यह भी दावा किया कि उनके जिस भाई की कंपनी के सम्बंध में आरोप लगाए गए हैं वह 20 वर्ष पूर्व लालू  राबड़ी  के जंगल राज से त्रस्त होकर बिहार से पलायन कर चुके हैं. मोदी ने राजद को चुनौती देते हुए कहा कि लालू यादव ऐसे उनके सम्बंधियों पर दबाब डालने के हथकंडे पहले अपना चुके हैं और वे उनकी गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं. मोदी ने साफ किया कि जिन कंपनियों के बारे में आरोप लगाया गया है उनका जवाब उस कंपनी के मालिक ही दे सकते हैं लेकिन में पूरे समय राजनीति करता हूं. न कोई व्यवसाय करता हूं न ठेकेदारी.  टिप्पणियां मोदी ने पिछले दो हफ्ते में कई संवाददाता सम्मलेन कर लालू यादव के परिवार की उन सम्पत्तियों का खुलासा किया है जिनका मालिकाना हक किसी ऐसी कंपनी के माध्यम से हुआ है जिसमें पहले कोई निदेशक होते थे लेकिन बाद में शेयर लेकर अचानक या तो राबड़ी देवी या उनके दोनों बेटे तेजस्वी या तेजप्रताप यादव, नहीं तो उनकी सात बेटियों में से किसी को निदेशक बनाया गया. मोदी का आरोप है कि लालू यादव या नीतीश मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी तेजस्वी इस बात की सफाई नहीं दे रहे हैं कि आखिर सम्पति या कंपनी उन्होंने किस आधार  पर बनाई.  लेकिन लालू यादव पहले ही इस मुद्दे पर बोल चुके हैं कि सारी जानकारी सार्वजनिक है इसलिए मोदी खुलासा नहीं बल्कि कागजात पर राजनीति कर रहे हैं.   इस बीच सम्पत्ति विवाद पर रविवार को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान पर कि मोदी पचास प्रतिशत पर उनकी सम्पति ले लें, मोदी ने कहा कि एक प्रतिशत पर भी अगर तेजस्वी  सम्पत्ति देने के लिए तैयार हो जाएं तो उनके पास उतने लाख नहीं हैं, क्योंकि उनकी सम्पत्ति अरबो में है. लेकिन इस बीच पूरे मामले में नीतीश कुमार को घसीटकर मोदी ने जनता दल की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं. लेकिन जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि नीतीश इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे जरूर लेकिन अपने समय पर, सम्पति के खेल को समझने के बाद. मोदी ने पिछले दो हफ्ते में कई संवाददाता सम्मलेन कर लालू यादव के परिवार की उन सम्पत्तियों का खुलासा किया है जिनका मालिकाना हक किसी ऐसी कंपनी के माध्यम से हुआ है जिसमें पहले कोई निदेशक होते थे लेकिन बाद में शेयर लेकर अचानक या तो राबड़ी देवी या उनके दोनों बेटे तेजस्वी या तेजप्रताप यादव, नहीं तो उनकी सात बेटियों में से किसी को निदेशक बनाया गया. मोदी का आरोप है कि लालू यादव या नीतीश मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी तेजस्वी इस बात की सफाई नहीं दे रहे हैं कि आखिर सम्पति या कंपनी उन्होंने किस आधार  पर बनाई.  लेकिन लालू यादव पहले ही इस मुद्दे पर बोल चुके हैं कि सारी जानकारी सार्वजनिक है इसलिए मोदी खुलासा नहीं बल्कि कागजात पर राजनीति कर रहे हैं.   इस बीच सम्पत्ति विवाद पर रविवार को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान पर कि मोदी पचास प्रतिशत पर उनकी सम्पति ले लें, मोदी ने कहा कि एक प्रतिशत पर भी अगर तेजस्वी  सम्पत्ति देने के लिए तैयार हो जाएं तो उनके पास उतने लाख नहीं हैं, क्योंकि उनकी सम्पत्ति अरबो में है. लेकिन इस बीच पूरे मामले में नीतीश कुमार को घसीटकर मोदी ने जनता दल की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं. लेकिन जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि नीतीश इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे जरूर लेकिन अपने समय पर, सम्पति के खेल को समझने के बाद. इस बीच सम्पत्ति विवाद पर रविवार को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के उस बयान पर कि मोदी पचास प्रतिशत पर उनकी सम्पति ले लें, मोदी ने कहा कि एक प्रतिशत पर भी अगर तेजस्वी  सम्पत्ति देने के लिए तैयार हो जाएं तो उनके पास उतने लाख नहीं हैं, क्योंकि उनकी सम्पत्ति अरबो में है. लेकिन इस बीच पूरे मामले में नीतीश कुमार को घसीटकर मोदी ने जनता दल की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं. लेकिन जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि नीतीश इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे जरूर लेकिन अपने समय पर, सम्पति के खेल को समझने के बाद.
संक्षिप्त पाठ: लालू यादव या उनके दोनों मंत्री बेटे किसी आरोप का जवाब नहीं दे रहे मोदी ने कहा, न तो वे किसी कंपनी में निदेशक न ही उनकी हिस्सेदारी नीतीश अपनी चुप्पी तोड़ेंगे जरूर, लेकिन समय आने पर
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने नेताओं से एक अपील की है. उन्होंने कहा कि है कि प्रदेश इकाई के नेता अब सामूहिक नेतृत्व के अंतर्गत काम करने और राज्य के प्रभावशाली समुदायों को विश्वास में लेने को लेकर काम करें. पार्टी के वरिष्ठ नेता एस आर पाटिल ने एम सी वेणुगोपाल के साथ गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की थी. उन्होंने गुरुवार को बताया कि पार्टी प्रमुख से राज्य में बाढ़ की स्थिति और 15 विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनाव के बारे में विस्तार से चर्चा की. पाटिल ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि पार्टी प्रमुख ने हमसे सामूहिक नेतृत्व में काम करने और सभी प्रमुख जातियों और समुदायों को विश्वास में लेने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि वह प्रमुख समुदायों, खासकर, वोक्कालिगा, लिंगायत और ब्राह्मण का जिक्र कर रही थी. पाटिल ने बताया कि गांधी ने राज्य के नेताओं से निजी अहम् को त्यागने और राज्य में मजबूत पार्टी खड़ी करने की भी सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि पार्टी को दिसंबर में होने वाले उपचुनाव में जीत दर्ज करनी चाहिए.  गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही  कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा था कि कांग्रेस-जद (एस) के अयोग्य ठहराए गए विधायक अगर उप चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें बीजेपी के टिकट दिए जाएंगे, हालांकि पार्टी के भीतर से ही किसी भी ऐसे कदम के खिलाफ विरोध के स्वर उठ रहे हैं. उन्होंने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि पूर्व विधायकों को टिकट देने की 'हमारी जिम्मेदारी' है. तत्कालीन विधायकों द्वारा की गई बगावत के कारण जुलाई में कांग्रेस-जद(एस) की सरकार गिर गई थी और उसके बाद राज्य में बीजेपी ने सरकार बना ली थी. अयोग्य विधायक जिन निर्वाचन क्षेत्रों से आते हैं वहां पर दिसंबर माह में उप चुनाव होने है.  येदियुरप्पा ने 2018 में हारे उम्मीदवारों और भाजपा के टिकट के आकांक्षियों को यह कहकर संतुष्ट करने का प्रयास किया है कि उन लोगों के लिए राज्य संचालित बोर्ड एवं निगमों में अवसर गढ़े जाएंगे.  उन्होंने शिमोगा जिले के शिकारीपुरा में संवाददाताओं से कहा था कि उप चुनाव नजदीक हैं, 15 सीटों के लिए तारीखों की घोषणा हो गई है. अमित शाह ने कहा था कि इस्तीफा देने वाले और बीजेपी से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को सीट (टिकट) दिए जाएंगे, यह हमारी जिम्मेदारी है.' उन्होंने कहा था कि यदि आप हमारी पार्टी की ओर से खड़ा होना चाहते हैं तो आपको प्राथमिकता दी जाएगी, उम्मीदवार बनाया जाएगा. आपकी जीत की जिम्मेदारी भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं की होगी.' येदियुरप्पा की टिप्पणियां इस मायने में अहम हैं कि अयोग्य विधायकों को उप चुनाव के टिकट देने के खिलाफ भाजपा के भीतर से ही आवाजें उठ रही हैं.  कांग्रेस के अयोग्य विधायक बीसी पाटिल ने येदियुरप्पा के बयान का स्वागत किया. हालांकि उन्होंने कहा कि अयोग्य विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने के बारे में अभी विचार नहीं किया है. उन्होंने कहा था कि अदालत को हमारी योग्यता के बारे में फैसला करने दीजिए उसके बाद हम इस पर विचार करेगे और फैसला लेंगे. भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए आगामी उप चुनाव में कम से कम छह सीटें जीतनी होंगी.
यह एक सारांश है: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से की बात कर्नाटक नेताओं को दिया निर्देश उप-चुनाव से पहले पार्टी ने बनाई रणनीति
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Chandrayaan2: ‘चंद्रयान-2' का लैंडर ‘विक्रम' शनिवार तड़के चांद की सतह पर ऐतिहासिक ‘सॉफ्ट लैंडिंग' के लिए तैयार है और यह क्षण इसरो के वैज्ञानिकों के लिए ‘दिल की धड़कनों को थमा देने वाला' होगा. भारत के लोग देश की इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष छलांग की सफलता के लिए प्रार्थना करने के साथ ही शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली ‘सॉफ्ट लैंडिंग' की घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य राष्ट्रों की निगाहें भी इस मिशन पर टिकी हैं. सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग' भारत को रूस, अमेरिका और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बना देगी. इसके साथ ही भारत अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय लिखते हुए चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला विश्व का प्रथम देश बन जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्विज प्रतियोगिता के जरिए देशभर से चुने गए लगभग 60-70 हाईस्कूल छात्र-छात्राओं के साथ इस ऐतिहासिक लम्हे का सीधा नजारा देखने के लिए इसरो के बेंगलुरु केंद्र में मौजूद रहेंगे. लैंडर ‘विक्रम' शनिवार रात एक से दो बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा. ‘विक्रम' अभी कक्षा में चंद्र सतह से इसके निकटतम बिन्दु लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है जहां से यह चांद की तरफ नीचे की ओर बढ़ना शुरू करेगा. इसरो ने कहा है कि ‘चंद्रयान-2' अपने लैंडर को 70 डिग्री दक्षिणी अक्षांश में दो गड्ढों- ‘मैंजिनस सी' और ‘सिंपेलियस एन' के बीच ऊंचे मैदानी इलाके में उतारने का प्रयास करेगा. अंतरिक्ष एजेंसी के अघ्यक्ष के. सिवन ने कहा कि प्रस्तावित ‘सॉफ्ट लैंडिंग' दिलों की धड़कन थाम देने वाली साबित होने जा रही है क्योंकि इसरो ने ऐसा पहले कभी नहीं किया है. यान के चांद पर उतरने की प्रक्रिया को समझाते हुए सिवन ने कहा था कि एक बार जब लगभग 30 किलोमीटर की दूरी से संबंधित प्रक्रिया शुरू होगी तो इसे पूरा होने में 15 मिनट लगेंगे. लैंडर के चांद पर उतरने के बाद इसके भीतर से रोवर ‘प्रज्ञान' बाहर निकलेगा और एक चंद्र दिवस यानी के पृथ्वी के 14 दिनों की अवधि तक अपने वैज्ञानिक कार्यों को अंजाम देगा. रोवर 27 किलोग्राम वजनी छह पहिया रोबोटिक वाहन है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस है. इसका नाम ‘प्रज्ञान' है जिसका मतलब ‘बुद्धिमत्ता' से है. यह ‘लैंडिंग' स्थल से 500 मीटर तक की दूरी तय कर सकता है और यह अपने परिचालन के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा. यह लैंडर को जानकारी भेजेगा और लैंडर बेंगलुरु के पास ब्याललु स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क को जानकारी प्रसारित करेगा. इसरो के अनुसार लैंडर में तीन वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं जो चांद की सतह और उप सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा, जबकि रोवर के साथ दो वैज्ञानिक उपकरण हैं जो चांद की सतह से संबंधित समझ में मजबूती लाने का काम करेंगे. इसरो के अनुसार चांद का दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र बेहद रुचिकर है क्योंकि यह उत्तरी ध्रुव क्षेत्र के मुकाबले काफी बड़ा है और अंधकार में डूबा रहता है.  इसरो ने कहा है कि भारत के इस मिशन पर देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर की नजरें टिकी हैं. पूरी दुनिया में लोगों को भारत के इस मिशन के पूर्ण होने का उत्सुकता से इंतजार है. वहीं, नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेंजर ने कहा है कि भारत का दूसरा चंद्र मिशन न सिर्फ देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे ले जाने में मदद करेगा, बल्कि अंतत: चांद पर मानव की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने में उन सभी देशों की भी मदद करेगा जो अंतरिक्ष में जाने की क्षमता रखते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चंद्रमा की सतह के काफी करीब पहुंचा विक्रम लैंडर कंट्रोल रूम में विक्रम लैंडर से सिग्‍नल का इंतजार इसरो के प्रमुख ने कहा, विक्रम लैंडर से संपर्क टूटा
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उड़ीसा हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें दक्षिण कोरियाई इस्पात कंपनी पॉस्को को प्रदेश में प्रस्तावित इस्पात संयंत्र के लिए सुंदरगढ़ जिले में खंडधार पहाड़ी में लौह अयस्क लाइसेंस आवंटित करने संबंधी राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी गई थी। न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की पीठ ने केंद्र से कहा कि है वह इस वृहद इस्पात संयंत्र से जुड़े सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार करे और फैसला करे। उच्चतम न्यायालय लौह अयस्क खानों के आवंटन के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और एक अन्य खनन कंपनी की और से एक-दूसरे के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रहा था।टिप्पणियां ओडिशा सरकार और जियोमिन मिनरल्स एंड मार्केटिंग लिमिटेड ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने खंडधार पहाड़ियों में करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में लौह अयस्क खनन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को पलट दिया था। उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई, 2010 को जियोमिन मिनरल्स की याचिका पर राज्य सरकार के फैसले को दरकिनार कर दिया था। जियोमिन मिनरल्स ने उच्च न्यायालय के सामने दलील दी थी कि उसने पॉस्को के आवेदन से बहुत पहले खंडधार लौह अयस्क खानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार ने 1987 से पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बिना जो भी खनन क्षेत्र आरक्षित किया है, वह आरक्षित नहीं माना जाएगा। न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की पीठ ने केंद्र से कहा कि है वह इस वृहद इस्पात संयंत्र से जुड़े सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार करे और फैसला करे। उच्चतम न्यायालय लौह अयस्क खानों के आवंटन के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और एक अन्य खनन कंपनी की और से एक-दूसरे के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रहा था।टिप्पणियां ओडिशा सरकार और जियोमिन मिनरल्स एंड मार्केटिंग लिमिटेड ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने खंडधार पहाड़ियों में करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में लौह अयस्क खनन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को पलट दिया था। उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई, 2010 को जियोमिन मिनरल्स की याचिका पर राज्य सरकार के फैसले को दरकिनार कर दिया था। जियोमिन मिनरल्स ने उच्च न्यायालय के सामने दलील दी थी कि उसने पॉस्को के आवेदन से बहुत पहले खंडधार लौह अयस्क खानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार ने 1987 से पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बिना जो भी खनन क्षेत्र आरक्षित किया है, वह आरक्षित नहीं माना जाएगा। ओडिशा सरकार और जियोमिन मिनरल्स एंड मार्केटिंग लिमिटेड ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने खंडधार पहाड़ियों में करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में लौह अयस्क खनन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को पलट दिया था। उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई, 2010 को जियोमिन मिनरल्स की याचिका पर राज्य सरकार के फैसले को दरकिनार कर दिया था। जियोमिन मिनरल्स ने उच्च न्यायालय के सामने दलील दी थी कि उसने पॉस्को के आवेदन से बहुत पहले खंडधार लौह अयस्क खानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार ने 1987 से पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बिना जो भी खनन क्षेत्र आरक्षित किया है, वह आरक्षित नहीं माना जाएगा। जियोमिन मिनरल्स ने उच्च न्यायालय के सामने दलील दी थी कि उसने पॉस्को के आवेदन से बहुत पहले खंडधार लौह अयस्क खानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार ने 1987 से पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बिना जो भी खनन क्षेत्र आरक्षित किया है, वह आरक्षित नहीं माना जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें खंडाधर पहाड़ी क्षेत्र में पॉस्को को लौह अयस्क लाइसेंस आवंटित करने की राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 140 अंक चढ़ने के बाद कोयला ब्लॉकों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट आने के बाद ‘घबरा’ गया और अंत में यह मात्र 34 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि निजी कंपनियों को सीधे नामांकन के आधार पर कोयला खानें आवंटित किए जाने से सरकार को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें जिंदल स्टील, टाटा पावर, हिंडाल्को और आर पावर जैसी कंपनियों के नाम का उल्लेख है। सेंसेक्स एक समय 17,801.39 अंक सुधरने के बाद 17,622.62 अंक तक गिर गया था। हालांकि टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी शेयरों में लिवाली से अंत में सेंसेक्स कुछ सुधार के साथ 33.87 की बढ़त के साथ 17,691.08 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 3.35 अंक की बढ़त के साथ 5,366.30 अंक पर बंद हुआ। एक अन्य रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि सरकार द्वारा सासन बिजली संयंत्र को आवंटित ब्लॉक के अतिरिक्त कोयले का इस्तेमाल कंपनी को अन्य परियोजनाओं में करने की अनुमति दिए जाने से रिलायंस पावर को 29,033 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। इससे रिलायंस पावर का शेयर 5.6 प्रतिशत लुढ़़क गया।टिप्पणियां टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि निजी कंपनियों को सीधे नामांकन के आधार पर कोयला खानें आवंटित किए जाने से सरकार को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें जिंदल स्टील, टाटा पावर, हिंडाल्को और आर पावर जैसी कंपनियों के नाम का उल्लेख है। सेंसेक्स एक समय 17,801.39 अंक सुधरने के बाद 17,622.62 अंक तक गिर गया था। हालांकि टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी शेयरों में लिवाली से अंत में सेंसेक्स कुछ सुधार के साथ 33.87 की बढ़त के साथ 17,691.08 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 3.35 अंक की बढ़त के साथ 5,366.30 अंक पर बंद हुआ। एक अन्य रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि सरकार द्वारा सासन बिजली संयंत्र को आवंटित ब्लॉक के अतिरिक्त कोयले का इस्तेमाल कंपनी को अन्य परियोजनाओं में करने की अनुमति दिए जाने से रिलायंस पावर को 29,033 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। इससे रिलायंस पावर का शेयर 5.6 प्रतिशत लुढ़़क गया।टिप्पणियां टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। सेंसेक्स एक समय 17,801.39 अंक सुधरने के बाद 17,622.62 अंक तक गिर गया था। हालांकि टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी शेयरों में लिवाली से अंत में सेंसेक्स कुछ सुधार के साथ 33.87 की बढ़त के साथ 17,691.08 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 3.35 अंक की बढ़त के साथ 5,366.30 अंक पर बंद हुआ। एक अन्य रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि सरकार द्वारा सासन बिजली संयंत्र को आवंटित ब्लॉक के अतिरिक्त कोयले का इस्तेमाल कंपनी को अन्य परियोजनाओं में करने की अनुमति दिए जाने से रिलायंस पावर को 29,033 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। इससे रिलायंस पावर का शेयर 5.6 प्रतिशत लुढ़़क गया।टिप्पणियां टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 3.35 अंक की बढ़त के साथ 5,366.30 अंक पर बंद हुआ। एक अन्य रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि सरकार द्वारा सासन बिजली संयंत्र को आवंटित ब्लॉक के अतिरिक्त कोयले का इस्तेमाल कंपनी को अन्य परियोजनाओं में करने की अनुमति दिए जाने से रिलायंस पावर को 29,033 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। इससे रिलायंस पावर का शेयर 5.6 प्रतिशत लुढ़़क गया।टिप्पणियां टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। एक अन्य रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि सरकार द्वारा सासन बिजली संयंत्र को आवंटित ब्लॉक के अतिरिक्त कोयले का इस्तेमाल कंपनी को अन्य परियोजनाओं में करने की अनुमति दिए जाने से रिलायंस पावर को 29,033 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। इससे रिलायंस पावर का शेयर 5.6 प्रतिशत लुढ़़क गया।टिप्पणियां टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। टाटा पावर में 3.71 प्रतिशत, जिंदल स्टील में 4.02 प्रतिशत तथा हिंडाल्को में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया। दिल्ली हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों पर विकास शुल्क लगाने को कैग ने गलत ठहराया है। कैग ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जीएमआर की अगुवाई वाली डायल को फायदा पहुंचाने के लिए बोली शर्तों का उल्लंघन किया। इससे डायल को 3,415 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा। इससे जीएमआर का शेयर 3 प्रतिशत नीचे आ गया।
संक्षिप्त सारांश: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 140 अंक चढ़ने के बाद कोयला ब्लॉकों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट आने के बाद ‘घबरा’ गया और अंत में यह मात्र 34 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को 2जी मामले में केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम की तत्कालीन वित्त मंत्री के रूप में उनकी भूमिका की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में दो स्वतंत्र व्यक्तियों द्वारा मामले की प्रतिदिन निगरानी किए जाने की भी मांग की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जीएस सिंघवी एवं न्यायाधीश एके गांगुली की खण्डपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। जनता पार्टी के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका में 2जी स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण में वित्त मंत्री के रूप में चिदम्बरम की भूमिका की जांच की मांग की थी। एक अन्य याचिकाकर्ता 'सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन' (सीपीआईएल) ने मामले की निगरानी दो स्वतंत्र व्यक्तियों से कराने की याचिका दायर की है। दूसरी तरफ सीबीआई ने कहा कि उसने स्वामी द्वारा जमा किए गए कागजातों का अध्ययन किया है और इसमें कुछ भी नया नहीं है। सीबीआई ने कहा कि स्वामी ने दस्तावेज के रूप में वित्त मंत्रालय का 25 मार्च 2011 को लिखा गया नोट जमा किया है जिसमें 2जी आवंटन के मामले में सरकार के भीतर किए गए पत्राचार का ब्योरा भर है।  सीबीआई ने सीपीआईएल की याचिका का भी विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ता को जांच एवं उसकी संस्तुतियों की जानकारी नहीं है।
संक्षिप्त पाठ: न्यायालय ने 2जी मामले में चिदम्बरम की उनकी भूमिका की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के मरदान में एक जनाजे को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में एक प्रांतीय विधायक सहित कम से कम 28 लोग मारे गए और 60 से अधिक अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान जिला स्थित शेरगढ़ क्षेत्र में दोपहर में 100 से अधिक लोग एक व्यापारी के जनाजे में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए थे। इसी दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने विधायक इमरान खान मोहमंद के पास विस्फोटक से भरे अपने जैकेट में विस्फोट कर दिया। खबर पख्तूनख्वा प्रांत के सूचना मंत्री शौकत यूसुफजई ने कहा, ‘विधायक इमरान खान मोहम्मद हमले में मारे गए लोगों में शामिल थे।’ अन्य अधिकारियों ने कहा कि इस हमले में कुल 28 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हो गए। चिकित्सकों ने 10 घायलों की हालत गंभीर बताई है।टिप्पणियां विस्फोट ‘नमाजे जनाजा’ की समाप्ति पर हुआ। हमले के बाद लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भाग रहे थे। एक पेट्रोल पंप मालिक हाजी अब्दुल्ला की अज्ञात सशस्त्र व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके जनाजे में कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और नेता शामिल हुए थे। घायलों को मरदान और पास के जिलों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मोहम्मद प्रांतीय एसेंबली के लिए निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह बाद में इमरान खान की तहरीके इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए जो कि प्रांत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करती है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने हमले की निंदा की है। पुलिस अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान जिला स्थित शेरगढ़ क्षेत्र में दोपहर में 100 से अधिक लोग एक व्यापारी के जनाजे में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए थे। इसी दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने विधायक इमरान खान मोहमंद के पास विस्फोटक से भरे अपने जैकेट में विस्फोट कर दिया। खबर पख्तूनख्वा प्रांत के सूचना मंत्री शौकत यूसुफजई ने कहा, ‘विधायक इमरान खान मोहम्मद हमले में मारे गए लोगों में शामिल थे।’ अन्य अधिकारियों ने कहा कि इस हमले में कुल 28 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हो गए। चिकित्सकों ने 10 घायलों की हालत गंभीर बताई है।टिप्पणियां विस्फोट ‘नमाजे जनाजा’ की समाप्ति पर हुआ। हमले के बाद लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भाग रहे थे। एक पेट्रोल पंप मालिक हाजी अब्दुल्ला की अज्ञात सशस्त्र व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके जनाजे में कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और नेता शामिल हुए थे। घायलों को मरदान और पास के जिलों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मोहम्मद प्रांतीय एसेंबली के लिए निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह बाद में इमरान खान की तहरीके इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए जो कि प्रांत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करती है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने हमले की निंदा की है। खबर पख्तूनख्वा प्रांत के सूचना मंत्री शौकत यूसुफजई ने कहा, ‘विधायक इमरान खान मोहम्मद हमले में मारे गए लोगों में शामिल थे।’ अन्य अधिकारियों ने कहा कि इस हमले में कुल 28 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हो गए। चिकित्सकों ने 10 घायलों की हालत गंभीर बताई है।टिप्पणियां विस्फोट ‘नमाजे जनाजा’ की समाप्ति पर हुआ। हमले के बाद लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भाग रहे थे। एक पेट्रोल पंप मालिक हाजी अब्दुल्ला की अज्ञात सशस्त्र व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके जनाजे में कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और नेता शामिल हुए थे। घायलों को मरदान और पास के जिलों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मोहम्मद प्रांतीय एसेंबली के लिए निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह बाद में इमरान खान की तहरीके इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए जो कि प्रांत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करती है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने हमले की निंदा की है। विस्फोट ‘नमाजे जनाजा’ की समाप्ति पर हुआ। हमले के बाद लोग अफरा-तफरी में इधर-उधर भाग रहे थे। एक पेट्रोल पंप मालिक हाजी अब्दुल्ला की अज्ञात सशस्त्र व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके जनाजे में कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और नेता शामिल हुए थे। घायलों को मरदान और पास के जिलों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मोहम्मद प्रांतीय एसेंबली के लिए निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह बाद में इमरान खान की तहरीके इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए जो कि प्रांत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करती है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने हमले की निंदा की है। मोहम्मद प्रांतीय एसेंबली के लिए निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। वह बाद में इमरान खान की तहरीके इंसाफ पार्टी में शामिल हो गए जो कि प्रांत में सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व करती है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने हमले की निंदा की है।
सारांश: पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के मरदान में एक जनाजे को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में एक प्रांतीय विधायक सहित कम से कम 28 लोग मारे गए और 60 से अधिक अन्य घायल हो गए।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजू ने ट्वीट किया, एक नयी शुरुआत. एलायंस एयर ने आज नया हवाईअड्डा से शिरडी के लिए मुंबई की पहली उड़ान शुरू की. बाबा का @एयरइंडिया पर आशीर्वाद बना रहे. एयर इंडिया ने एक बयान में बताया कि 72 सीटों वाली एक उड़ान रोजाना मुंबई से शिरडी के बीच परिचालित होंगी. गौरतलब है कि शिरडी साई बाबा का प्रसिद्ध तीर्थस्थान है. यहां देशभर से लोग दर्शन के लिए आते हैं. एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग 60,000 लोग शिरडी में दर्शन करने आते हैं. हवाई अड्डा प्राधिकरण का इरादा इनमें से 10 से 12 प्रतिशत यात्री हासिल करने का है. यह साल साईं बाबा का 100वां पुण्य तिथि का वर्ष है. इस हवाई अड्डे का स्वामित्व और विकास महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास कंपनी (एमएडीसी) ने किया है. यह राज्य में हवाई अड्डों का विकास करने वाली विशेष इकाई है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिरडी हवाई अड्डे की पहली परीक्षण उड़ान कल शाम सफलतापूर्वक यहां उतर गयी. अलायंस एयर का एटीआर 72-600 विमान कल शाम पांच बजे यहां उतरा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक अक्तूबर को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे.
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या इन चुनावों में पैसे और ग्लैमर का बोलबाला पहले से ज़्यादा बढ़ गया है? ख़ुद कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी सपा के टिकट पर लखनऊ से चुनाव मैदान में हैं और पांचवे दौर की सबसे अमीर उम्मीदवार साबित हो रही हैं. लखनऊ सीट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह को चुनौती देने उतरीं सपा उम्मीदवार पूनम शत्रुघ्न सिन्हा पांचवे चरण की सबसे अमीर उम्मीदवार हैं. अपने चुनावी हलफनामे में पूनम सिन्हा ने कुल 193 करोड़ की संपत्ति घोषित की है. इसमें 27.27 करोड़ चल संपत्ति है और 166.26 करोड़ की अचल संपत्ति है. पूनम शत्रुघ्न सिन्हा पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. अब तक वे सार्वजनिक जीवन में बहुत सक्रिय नहीं दिखी हैं. माना जा रहा है कि सपा उनकी मार्फ़त शत्रुघ्न सिन्हा की शोहरत से फ़ायदा उठाने की कोशिश में है. इलेक्शन वॉच के हेड अनिल वर्मा ने एनडीटीवी से कहा कि अमीर लोग शोहरत और सत्ता के लिए राजनीति में आ रहे हैं. अमीर उम्मीदवारों की सूची में सीतापुर के उम्मीदवार विजय कुमार मिश्र 177 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा 77 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं. इस दौर का हर चौथा उम्मीदवार करोड़पति है.
संक्षिप्त पाठ: चुनावों में पैसे और ग्लैमर का बोलबाला पहले से ज़्यादा बढ़ गया पूनम सिन्हा ने कुल 193 करोड़ की संपत्ति घोषित की सपा उनके मार्फ़त शत्रुघ्न सिन्हा की शोहरत से फ़ायदा उठाने की कोशिश में
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वेस्टइंडीज दौरे से हटने वाले चोटिल तेज गेंदबाज इरफान पठान के एक सप्ताह के अंदर फिट होने की संभावना है। इरफान ने कहा, मेरी चोट गंभीर नहीं है। मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और दो दिन के अंदर नेट्स पर गेंदबाजी भी शुरू कर दूंगा। मुझे एक सप्ताह के भीतर फिट हो जाना चाहिए। पठान चैंपियन्स ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा था, लेकिन वह किसी भी मैच में नहीं खेले थे। उन्होंने केवल श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच खेला था, जिसमें उन्होंने पांच ओवर में 45 रन दिए थे। इस ऑलराउंडर की प्राथमिकता चोटों से बचने के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी बेंगलुरु में रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लेना है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैंने अभ्यास कार्यक्रम तैयार किया है और मैं उसी के हिसाब से काम करूंगा। हमारा आगे लंबा सत्र है और मैं सत्र शुरू होने के समय तक पूरी तरह फिट होना चाहता हूं। बाएं हाथ के इस गेंदबाज को इंग्लिश काउंटी टीम से लुभावना प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया, क्योंकि वह रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहता है। पठान ने कहा, मुझे प्रो.40 और चार दिवसीय मैचों में खेलने के लिए इंग्लिश काउंटी टीम से अच्छी पेशकश मिली थी, लेकिन मेरे लिए पूरी तरह फिट होकर भारतीय टीम में फिर से जगह हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए मैंने वह पेशकश ठुकरा दी, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मुझे अपने अभ्यास कार्यक्रम के साथ किसी तरह का समझौता करना पड़े। पठान चैंपियन्स ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा था, लेकिन वह किसी भी मैच में नहीं खेले थे। उन्होंने केवल श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच खेला था, जिसमें उन्होंने पांच ओवर में 45 रन दिए थे। इस ऑलराउंडर की प्राथमिकता चोटों से बचने के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी बेंगलुरु में रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में भाग लेना है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैंने अभ्यास कार्यक्रम तैयार किया है और मैं उसी के हिसाब से काम करूंगा। हमारा आगे लंबा सत्र है और मैं सत्र शुरू होने के समय तक पूरी तरह फिट होना चाहता हूं। बाएं हाथ के इस गेंदबाज को इंग्लिश काउंटी टीम से लुभावना प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया, क्योंकि वह रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहता है। पठान ने कहा, मुझे प्रो.40 और चार दिवसीय मैचों में खेलने के लिए इंग्लिश काउंटी टीम से अच्छी पेशकश मिली थी, लेकिन मेरे लिए पूरी तरह फिट होकर भारतीय टीम में फिर से जगह हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए मैंने वह पेशकश ठुकरा दी, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मुझे अपने अभ्यास कार्यक्रम के साथ किसी तरह का समझौता करना पड़े। उन्होंने कहा, मैंने अभ्यास कार्यक्रम तैयार किया है और मैं उसी के हिसाब से काम करूंगा। हमारा आगे लंबा सत्र है और मैं सत्र शुरू होने के समय तक पूरी तरह फिट होना चाहता हूं। बाएं हाथ के इस गेंदबाज को इंग्लिश काउंटी टीम से लुभावना प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया, क्योंकि वह रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहता है। पठान ने कहा, मुझे प्रो.40 और चार दिवसीय मैचों में खेलने के लिए इंग्लिश काउंटी टीम से अच्छी पेशकश मिली थी, लेकिन मेरे लिए पूरी तरह फिट होकर भारतीय टीम में फिर से जगह हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए मैंने वह पेशकश ठुकरा दी, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मुझे अपने अभ्यास कार्यक्रम के साथ किसी तरह का समझौता करना पड़े। पठान ने कहा, मुझे प्रो.40 और चार दिवसीय मैचों में खेलने के लिए इंग्लिश काउंटी टीम से अच्छी पेशकश मिली थी, लेकिन मेरे लिए पूरी तरह फिट होकर भारतीय टीम में फिर से जगह हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए मैंने वह पेशकश ठुकरा दी, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मुझे अपने अभ्यास कार्यक्रम के साथ किसी तरह का समझौता करना पड़े।
संक्षिप्त पाठ: इरफान ने कहा, मेरी चोट गंभीर नहीं है। मैंने दौड़ना शुरू कर दिया है और दो दिन के अंदर नेट्स पर गेंदबाजी भी शुरू कर दूंगा। मुझे एक सप्ताह के भीतर फिट हो जाना चाहिए।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों और वकार यूनिस ने एक-दूसरे के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद सम्बंधी खबरों को सिरे से नकार दिया है। वकार के हाल में राष्ट्रीय टीम के कोच पद से इस्तीफा देने की घोषणा के बाद मीडिया में ऐसी खबरें आई थी कि वकार के पीसीबी अधिकारियों के साथ मतभेद है इसलिए उन्होंने ऐसा किया है। वकार ने शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में व्यक्तिगत कारणों की वजह से कोच पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, जिसमें चिकित्सकीय कारण भी शामिल थे। समाचार पत्र ने पीसीबी के मुख्य संचालन अधिकारी सुभान अहमद के हवाले से लिखा है, "वकार ने निजी कारणों से अपने पद से मुक्त होने के लिए अनुरोध किया था। यद्यपि बोर्ड के लिए इस पर फैसला करना मुश्किल था। हम अभी भी उनके इस्तीफा देने के कारणों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।" उल्लेखनीय है कि संवाददाता सम्मेलन में वकार ने कहा था कि उन्होंने बीते सप्ताह पीसीबी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि कोच के तौर पर जिम्बाब्वे दौरा उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय दौरा होगा। पत्र के मुताबिक वकार ने अपने बचाव में कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैंने इस्तीफा देने से पहले कारणों को बता दिया फिर भी मेरे इस्तीफे को लेकर अलग-अलग कहानी बनाई जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों के साथ मतभेद की खबरें बिल्कुल गलत हैं।"
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों और वकार यूनिस ने एक-दूसरे के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद सम्बंधी खबरों को सिरे से नकार दिया है।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महज एक मोबाइल खरीदने के लिए 17 साल के युवक ने अपने पड़ोस में रहने वाली 22 साल की तनुश्री की उसके 10 महीने के बच्चे के सामने गला रेत कर हत्या कर दी। इस मामले में नालासोपारा पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले 17 साल के नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की और जल्द ही उसने अपना गुनाह कबूल कर पुलिस को पूरी घटना की जानकरी दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर लूट और हत्या का मामला दर्ज कर लिया।टिप्पणियां नालासोपारा पश्चिम के डी.डी. कॉम्पलेक्स में बी विंग में पहले मालेपर पर रहनेवाली 22 साल की तनुश्री अनिल दलोई की हत्या चोरी के उद्देश्य से की गई थी। तनुश्री के पति अनिल दलोई मुंबई में गहनों की डिजाइन बनाने का काम करते हैं। नालासोपारा में तैनात डीएसपी अनिल आकडे के मुताबिक शनिवार की सुबह तनुश्री के पति और उनका देवर काम के लिए निकल गये। तभी दोपहर में पड़ोस में रहने वाला 17 साल का आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसा और उसने लूट के बाद तनुश्री की गला रेतकर हत्या कर दी और तनुश्री के गले की चेन और मोबाइल ले गया। तनुश्री के जिस्म पर चोट के निशान भी पाये गये हैं। तनुश्री ने ने घटना के वक्त आरोपी के साथ काफी जद्दोजहद की होगी इसलिए उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। नालासोपारा पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसे अदालत ने भिवंडी बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 55000 रुपये नकद और एक छुरा भी बरामद किया है। इस मामले में नालासोपारा पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले 17 साल के नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की और जल्द ही उसने अपना गुनाह कबूल कर पुलिस को पूरी घटना की जानकरी दी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर लूट और हत्या का मामला दर्ज कर लिया।टिप्पणियां नालासोपारा पश्चिम के डी.डी. कॉम्पलेक्स में बी विंग में पहले मालेपर पर रहनेवाली 22 साल की तनुश्री अनिल दलोई की हत्या चोरी के उद्देश्य से की गई थी। तनुश्री के पति अनिल दलोई मुंबई में गहनों की डिजाइन बनाने का काम करते हैं। नालासोपारा में तैनात डीएसपी अनिल आकडे के मुताबिक शनिवार की सुबह तनुश्री के पति और उनका देवर काम के लिए निकल गये। तभी दोपहर में पड़ोस में रहने वाला 17 साल का आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसा और उसने लूट के बाद तनुश्री की गला रेतकर हत्या कर दी और तनुश्री के गले की चेन और मोबाइल ले गया। तनुश्री के जिस्म पर चोट के निशान भी पाये गये हैं। तनुश्री ने ने घटना के वक्त आरोपी के साथ काफी जद्दोजहद की होगी इसलिए उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। नालासोपारा पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसे अदालत ने भिवंडी बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 55000 रुपये नकद और एक छुरा भी बरामद किया है। नालासोपारा पश्चिम के डी.डी. कॉम्पलेक्स में बी विंग में पहले मालेपर पर रहनेवाली 22 साल की तनुश्री अनिल दलोई की हत्या चोरी के उद्देश्य से की गई थी। तनुश्री के पति अनिल दलोई मुंबई में गहनों की डिजाइन बनाने का काम करते हैं। नालासोपारा में तैनात डीएसपी अनिल आकडे के मुताबिक शनिवार की सुबह तनुश्री के पति और उनका देवर काम के लिए निकल गये। तभी दोपहर में पड़ोस में रहने वाला 17 साल का आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसा और उसने लूट के बाद तनुश्री की गला रेतकर हत्या कर दी और तनुश्री के गले की चेन और मोबाइल ले गया। तनुश्री के जिस्म पर चोट के निशान भी पाये गये हैं। तनुश्री ने ने घटना के वक्त आरोपी के साथ काफी जद्दोजहद की होगी इसलिए उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। नालासोपारा पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसे अदालत ने भिवंडी बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 55000 रुपये नकद और एक छुरा भी बरामद किया है। तनुश्री के जिस्म पर चोट के निशान भी पाये गये हैं। तनुश्री ने ने घटना के वक्त आरोपी के साथ काफी जद्दोजहद की होगी इसलिए उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। नालासोपारा पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसे अदालत ने भिवंडी बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस ने उसके पास से 55000 रुपये नकद और एक छुरा भी बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपी पर लूट और हत्या का मामला दर्ज किया पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपना गुनाह चोरी के उद्देश्‍य से की गई तनुश्री दलोई की हत्‍या
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख अहमद शूजा पाशा का कार्यकाल नहीं बढ़ाने जाने की संभावना है। उनका कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाने का फैसला सेना और असैन्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति के कारण हो सकता है। यह विवाद मेमोगेट विवाद के कारण खड़ा हुआ था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पाशा का कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। उनका कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है। मार्च, 2010 में ही उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था। कराची कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद जहीरुल इस्लाम 59 साल के पाशा का स्थान ले सकते हैं। पाशा 18 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे।टिप्पणियां इस्लाम की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि वह पहले आईएसआई के साथ जुड़ चुके हैं। वह आईएसआई की आंतरिक शाखा के प्रमुख रहे थे। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाने का फैसला सेना और असैन्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति के कारण हो सकता है। यह विवाद मेमोगेट विवाद के कारण खड़ा हुआ था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पाशा का कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। उनका कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है। मार्च, 2010 में ही उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था। कराची कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद जहीरुल इस्लाम 59 साल के पाशा का स्थान ले सकते हैं। पाशा 18 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे।टिप्पणियां इस्लाम की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि वह पहले आईएसआई के साथ जुड़ चुके हैं। वह आईएसआई की आंतरिक शाखा के प्रमुख रहे थे। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पाशा का कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। उनका कार्यकाल दो बार बढ़ाया जा चुका है। मार्च, 2010 में ही उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था। कराची कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद जहीरुल इस्लाम 59 साल के पाशा का स्थान ले सकते हैं। पाशा 18 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे।टिप्पणियां इस्लाम की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि वह पहले आईएसआई के साथ जुड़ चुके हैं। वह आईएसआई की आंतरिक शाखा के प्रमुख रहे थे। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा। कराची कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद जहीरुल इस्लाम 59 साल के पाशा का स्थान ले सकते हैं। पाशा 18 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे।टिप्पणियां इस्लाम की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि वह पहले आईएसआई के साथ जुड़ चुके हैं। वह आईएसआई की आंतरिक शाखा के प्रमुख रहे थे। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा। इस्लाम की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि वह पहले आईएसआई के साथ जुड़ चुके हैं। वह आईएसआई की आंतरिक शाखा के प्रमुख रहे थे। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी फैसला ‘उचित समय’ पर किया जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख अहमद शूजा पाशा का कार्यकाल नहीं बढ़ाने जाने की संभावना है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीसीसीआई ने भले ही राजीव शुक्ला का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह अगले साल आईपीएल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं उठाएंगे। शुक्ला ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए ही मैंने अब भी चैंपियंस ट्रॉफी की बैठकों की अध्यक्षता की थी, लेकिन इतना सुनिश्चित है कि मैं अगले साल आईपीएल अध्यक्ष पद नहीं लूंगा। मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और दोबारा इस पद पर काबिज होने की इच्छा नहीं है। शुक्ला ने कहा, जहां तक लंदन में चैंपियंस लीग बैठक की अध्यक्षता का संबंध है, तो मुझे लगता है कि मेरा इस्तीफा आईपीएल से था और इसे भी अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। चैंपियंस ट्रॉफी 21 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें पहले मैच में मुंबई इंडियन्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स से होगी। नई दिल्ली में 6 अक्टूबर को फाइनल खेला जाएगा। शुक्ला ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां उन्होंने कहा, इसलिए ही मैंने अब भी चैंपियंस ट्रॉफी की बैठकों की अध्यक्षता की थी, लेकिन इतना सुनिश्चित है कि मैं अगले साल आईपीएल अध्यक्ष पद नहीं लूंगा। मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और दोबारा इस पद पर काबिज होने की इच्छा नहीं है। शुक्ला ने कहा, जहां तक लंदन में चैंपियंस लीग बैठक की अध्यक्षता का संबंध है, तो मुझे लगता है कि मेरा इस्तीफा आईपीएल से था और इसे भी अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। चैंपियंस ट्रॉफी 21 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें पहले मैच में मुंबई इंडियन्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स से होगी। नई दिल्ली में 6 अक्टूबर को फाइनल खेला जाएगा। उन्होंने कहा, इसलिए ही मैंने अब भी चैंपियंस ट्रॉफी की बैठकों की अध्यक्षता की थी, लेकिन इतना सुनिश्चित है कि मैं अगले साल आईपीएल अध्यक्ष पद नहीं लूंगा। मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और दोबारा इस पद पर काबिज होने की इच्छा नहीं है। शुक्ला ने कहा, जहां तक लंदन में चैंपियंस लीग बैठक की अध्यक्षता का संबंध है, तो मुझे लगता है कि मेरा इस्तीफा आईपीएल से था और इसे भी अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। चैंपियंस ट्रॉफी 21 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें पहले मैच में मुंबई इंडियन्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स से होगी। नई दिल्ली में 6 अक्टूबर को फाइनल खेला जाएगा। शुक्ला ने कहा, जहां तक लंदन में चैंपियंस लीग बैठक की अध्यक्षता का संबंध है, तो मुझे लगता है कि मेरा इस्तीफा आईपीएल से था और इसे भी अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। चैंपियंस ट्रॉफी 21 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें पहले मैच में मुंबई इंडियन्स की भिड़ंत राजस्थान रॉयल्स से होगी। नई दिल्ली में 6 अक्टूबर को फाइनल खेला जाएगा।
सारांश: बीसीसीआई ने भले ही राजीव शुक्ला का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह अगले साल आईपीएल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं उठाएंगे।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक स्वयंसेवी संगठन के अध्ययन के अनुसार, राजस्थान स्कूली शिक्षा पर अपने कुल बजट का मात्र 16.7 फीसदी हिस्सा खर्च करता है, जो पिछले चार सालों से स्थिर बना हुआ है. चाईल्ड राइट्स एंड यू तथा सेंटर फॉर बजट्स गवर्नेन्स एण्ड अकाउन्टेबिलिटी (क्राई) की ओर से जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का प्रति विद्यार्थी व्यय 13,512 रुपये है, जो ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी कम है. क्राई की उत्तर क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा के अनुसार राजस्थान में स्कूल जाने वाले 33 फीसदी बच्चे सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर वर्ग से हैं. सीमांत आबादी के लिए शैक्षणिक योजनाओं पर स्कूली शिक्षा बजट का मात्र 20 फीसदी हिस्सा ही खर्च किया जाता है. इसके अलावा माध्यमिक स्तर पर लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर क्रमश: 18.49 फीसदी और 15.47 फीसदी है, जो प्राथमिक स्तर की तुलना में तीन से चार गुना अधिक है. प्राथमिक स्तर से उच्च माध्यमिक स्तर तक की लड़कियों के स्कूल में पंजीकरण की दर में भी गिरावट आई है. उन्होंने वर्ष 2011 की जनगणना के हवाले से बताया कि राज्य में 6-18 आयुवर्ग के 57 लाख बच्चे (28 फीसदी) स्कूल नहीं जाते और इनमें से तकरीबन 33 लाख बच्चों का स्कूल में नामांकन ही नहीं किया गया है. टिप्पणियां राज्य में 21.1 फीसदी स्कूली बच्चे प्राथमिक स्तर के हैं. राज्‍यों के लिहाज से इस मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर है. हालांकि, राज्य इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान बजट (2014-15) का मात्र 0.03 फीसदी हिस्सा ही खर्च करता है. गौरतलब है कि यह आंकड़ा भी 2013-14 की तुलना में गिरा है। 14-18 आयुवर्ग के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) क्राई की उत्तर क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा के अनुसार राजस्थान में स्कूल जाने वाले 33 फीसदी बच्चे सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर वर्ग से हैं. सीमांत आबादी के लिए शैक्षणिक योजनाओं पर स्कूली शिक्षा बजट का मात्र 20 फीसदी हिस्सा ही खर्च किया जाता है. इसके अलावा माध्यमिक स्तर पर लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर क्रमश: 18.49 फीसदी और 15.47 फीसदी है, जो प्राथमिक स्तर की तुलना में तीन से चार गुना अधिक है. प्राथमिक स्तर से उच्च माध्यमिक स्तर तक की लड़कियों के स्कूल में पंजीकरण की दर में भी गिरावट आई है. उन्होंने वर्ष 2011 की जनगणना के हवाले से बताया कि राज्य में 6-18 आयुवर्ग के 57 लाख बच्चे (28 फीसदी) स्कूल नहीं जाते और इनमें से तकरीबन 33 लाख बच्चों का स्कूल में नामांकन ही नहीं किया गया है. टिप्पणियां राज्य में 21.1 फीसदी स्कूली बच्चे प्राथमिक स्तर के हैं. राज्‍यों के लिहाज से इस मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर है. हालांकि, राज्य इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान बजट (2014-15) का मात्र 0.03 फीसदी हिस्सा ही खर्च करता है. गौरतलब है कि यह आंकड़ा भी 2013-14 की तुलना में गिरा है। 14-18 आयुवर्ग के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने वर्ष 2011 की जनगणना के हवाले से बताया कि राज्य में 6-18 आयुवर्ग के 57 लाख बच्चे (28 फीसदी) स्कूल नहीं जाते और इनमें से तकरीबन 33 लाख बच्चों का स्कूल में नामांकन ही नहीं किया गया है. टिप्पणियां राज्य में 21.1 फीसदी स्कूली बच्चे प्राथमिक स्तर के हैं. राज्‍यों के लिहाज से इस मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर है. हालांकि, राज्य इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान बजट (2014-15) का मात्र 0.03 फीसदी हिस्सा ही खर्च करता है. गौरतलब है कि यह आंकड़ा भी 2013-14 की तुलना में गिरा है। 14-18 आयुवर्ग के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य में 21.1 फीसदी स्कूली बच्चे प्राथमिक स्तर के हैं. राज्‍यों के लिहाज से इस मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर है. हालांकि, राज्य इन बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान बजट (2014-15) का मात्र 0.03 फीसदी हिस्सा ही खर्च करता है. गौरतलब है कि यह आंकड़ा भी 2013-14 की तुलना में गिरा है। 14-18 आयुवर्ग के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले चार सालों से बजट स्थिर राज्य का प्रति विद्यार्थी व्यय 13,512 रुपये है यह राशि ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी कम है
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले को लेकर राजनीति जारी है। बीजेपी ने मांग की है कि हमले में जिंदा बचे कांग्रेसी विधायक कवासी लखमा का नार्को टेस्ट होना चाहिए।टिप्पणियां पार्टी के राज्य प्रवक्ता अजय चंद्रारकर ने कहा कि वह कवासी घटना के अहम गवाह हैं और उन्हें छोड़े जाने से पहले नक्सलियों से उनकी क्या बात हुई यह जानना बेहद जरूरी है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि इस टेस्ट के बाद सामने आ जाएगा की प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता परिवर्तन यात्रा से अलग क्यों थे। गौरतलब है कि 25 मई को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाकर नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें पार्टी के कई बड़े नेताओं समते 30 लोगों की मौत हो गई थी। पार्टी के राज्य प्रवक्ता अजय चंद्रारकर ने कहा कि वह कवासी घटना के अहम गवाह हैं और उन्हें छोड़े जाने से पहले नक्सलियों से उनकी क्या बात हुई यह जानना बेहद जरूरी है। चंद्राकर ने यह भी कहा कि इस टेस्ट के बाद सामने आ जाएगा की प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता परिवर्तन यात्रा से अलग क्यों थे। गौरतलब है कि 25 मई को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाकर नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें पार्टी के कई बड़े नेताओं समते 30 लोगों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि 25 मई को सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाकर नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें पार्टी के कई बड़े नेताओं समते 30 लोगों की मौत हो गई थी।
पार्टी के राज्य प्रवक्ता अजय चंद्रारकर ने कहा कि वह कवासी घटना के अहम गवाह हैं और उन्हें छोड़े जाने से पहले नक्सलियों से उनकी क्या बात हुई यह जानना बेहद जरूरी है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार के गोदामों में रखी 200 करोड़ की शराब के स्टॉक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के विरोध के बावजूद बिहार के गोदामों में रखी शराब निकालने के लिए 31 जुलाई तक का वक्त दे दिया है. बिहार सरकार ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि 31 गोदामों में करीब 2 करोड़ 80 लाख बोतलें रखी हैं, जिनमें से सिर्फ 10 लाख बोतलें ही निकाली गई हैं. इस शराब के स्टॉक की सुरक्षा के लिए सरकार का हर महीने एक करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं.राज्य में शराब रखी होने की वजह से कानून-व्यवस्था के खराब होने की आशंका है.  सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा कि जब शराब सरकार की सुरक्षा में है तो फिर ये बाहर कैसे बिकेगी. कोर्ट ने कंपनियों से कहा कि इसके बाद और वक्त नहीं मिलेगा. वहीं कंपनियों का कहना था कि कंपनियों ने शराब को दूसरे राज्यों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.टिप्पणियां बिहार में शराबबंदी के चलते शराब निर्माता कंपनियों के गोदामों में रखे 200 करोड़ रुपये के शराब के स्टॉक पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कंपनियों ने बिहार में गोदामों में पड़े शराब के स्टॉक को निकालने के लिए तीन महीने का वक्त और बढ़ाने की मांग की थी. याचिका में कहा गया कि स्टॉक को निकालने के लिए कंपनियों को और वक्त चाहिए, 31 मई तक गोदाम से सारा स्टॉक नहीं निकाला जा सकता.  गौरतलब है कि  31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने शराब निर्माता कंपनियों को 31 मई तक बिहार से शराब का सारा स्टॉक निकालने की इजाजत दी थी. शराब कंपनियों की ओर से कहा गया कि शराबंदी कानून के वक्त उनके गोदामों में शराब का स्टोर में पड़ा है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह ये स्टॉक निकालने के लिए तीन महीने की वक्त दे. वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने 30 मार्च को ही प्रस्ताव पास किया है कि 30 अप्रैल तक कंपनियां गोदाम से शराब निकाल सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनियों को दो महीने का वक्त देते हुए कहा था कि 31 मई तक गोदाम से स्टाक निकाल लिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा कि जब शराब सरकार की सुरक्षा में है तो फिर ये बाहर कैसे बिकेगी. कोर्ट ने कंपनियों से कहा कि इसके बाद और वक्त नहीं मिलेगा. वहीं कंपनियों का कहना था कि कंपनियों ने शराब को दूसरे राज्यों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.टिप्पणियां बिहार में शराबबंदी के चलते शराब निर्माता कंपनियों के गोदामों में रखे 200 करोड़ रुपये के शराब के स्टॉक पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कंपनियों ने बिहार में गोदामों में पड़े शराब के स्टॉक को निकालने के लिए तीन महीने का वक्त और बढ़ाने की मांग की थी. याचिका में कहा गया कि स्टॉक को निकालने के लिए कंपनियों को और वक्त चाहिए, 31 मई तक गोदाम से सारा स्टॉक नहीं निकाला जा सकता.  गौरतलब है कि  31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने शराब निर्माता कंपनियों को 31 मई तक बिहार से शराब का सारा स्टॉक निकालने की इजाजत दी थी. शराब कंपनियों की ओर से कहा गया कि शराबंदी कानून के वक्त उनके गोदामों में शराब का स्टोर में पड़ा है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह ये स्टॉक निकालने के लिए तीन महीने की वक्त दे. वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने 30 मार्च को ही प्रस्ताव पास किया है कि 30 अप्रैल तक कंपनियां गोदाम से शराब निकाल सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनियों को दो महीने का वक्त देते हुए कहा था कि 31 मई तक गोदाम से स्टाक निकाल लिया जाए. बिहार में शराबबंदी के चलते शराब निर्माता कंपनियों के गोदामों में रखे 200 करोड़ रुपये के शराब के स्टॉक पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कंपनियों ने बिहार में गोदामों में पड़े शराब के स्टॉक को निकालने के लिए तीन महीने का वक्त और बढ़ाने की मांग की थी. याचिका में कहा गया कि स्टॉक को निकालने के लिए कंपनियों को और वक्त चाहिए, 31 मई तक गोदाम से सारा स्टॉक नहीं निकाला जा सकता.  गौरतलब है कि  31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने शराब निर्माता कंपनियों को 31 मई तक बिहार से शराब का सारा स्टॉक निकालने की इजाजत दी थी. शराब कंपनियों की ओर से कहा गया कि शराबंदी कानून के वक्त उनके गोदामों में शराब का स्टोर में पड़ा है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह ये स्टॉक निकालने के लिए तीन महीने की वक्त दे. वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने 30 मार्च को ही प्रस्ताव पास किया है कि 30 अप्रैल तक कंपनियां गोदाम से शराब निकाल सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनियों को दो महीने का वक्त देते हुए कहा था कि 31 मई तक गोदाम से स्टाक निकाल लिया जाए. गौरतलब है कि  31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने शराब निर्माता कंपनियों को 31 मई तक बिहार से शराब का सारा स्टॉक निकालने की इजाजत दी थी. शराब कंपनियों की ओर से कहा गया कि शराबंदी कानून के वक्त उनके गोदामों में शराब का स्टोर में पड़ा है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह ये स्टॉक निकालने के लिए तीन महीने की वक्त दे. वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने 30 मार्च को ही प्रस्ताव पास किया है कि 30 अप्रैल तक कंपनियां गोदाम से शराब निकाल सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनियों को दो महीने का वक्त देते हुए कहा था कि 31 मई तक गोदाम से स्टाक निकाल लिया जाए.
सारांश: 200 करोड़ की शराब के स्टॉक के मामले में SC का फैसला बिहार सरकार ने किया था अर्जी का विरोध शराब के कारण कानून-व्यवस्था खराब होने की आशंका
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व कोच मिकी आर्थर के खुलासे के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की एकजुटता पर उठ रहे सवालों के बीच इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक को पिछले साल उनकी टीम में उठा तूफान याद आ गया और उनकी राय है कि टीम में एकता बनाए रखना आसान काम नहीं है। आर्थर ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क और शेन वाटसन के बीच मतभेदों का खुलासा किया है। इस विवाद के साये में लार्ड्स में दूसरा एशेज टेस्ट मैच शुरू हो रहा है।टिप्पणियां पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के इंग्लैंड दौरे के दौरान केविन पीटरसन को बाहर किए जाने के बाद इंग्लैंड की टीम की एकजुटता पर भी सवाल उठे थे। कुक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘मैं केवल उसी के बारे में बात कर सकता हूं जो हमारे ड्रेसिंग रूम से संबंधित हो और पिछली गर्मियों का अनुभव अच्छा नहीं था। इससे पता चलता है कि टीम पर आपको कितनी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि पूरी तरह से एकजुट टीम आपकी क्रिकेट को फायदा पहुंचाती है।’’ इस बीच क्लार्क ने कहा कि उनकी टीम पर हाल की घटनाओं का कोई असर नहीं है और वह पूरे जोश में है। उन्होंने कहा, ‘टीम किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह पूरे जोश में है। सभी खिलाड़ी वास्तव में बेहतर स्थिति में हैं और हम मैच के लिए तैयार हैं।’ आर्थर ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क और शेन वाटसन के बीच मतभेदों का खुलासा किया है। इस विवाद के साये में लार्ड्स में दूसरा एशेज टेस्ट मैच शुरू हो रहा है।टिप्पणियां पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के इंग्लैंड दौरे के दौरान केविन पीटरसन को बाहर किए जाने के बाद इंग्लैंड की टीम की एकजुटता पर भी सवाल उठे थे। कुक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘मैं केवल उसी के बारे में बात कर सकता हूं जो हमारे ड्रेसिंग रूम से संबंधित हो और पिछली गर्मियों का अनुभव अच्छा नहीं था। इससे पता चलता है कि टीम पर आपको कितनी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि पूरी तरह से एकजुट टीम आपकी क्रिकेट को फायदा पहुंचाती है।’’ इस बीच क्लार्क ने कहा कि उनकी टीम पर हाल की घटनाओं का कोई असर नहीं है और वह पूरे जोश में है। उन्होंने कहा, ‘टीम किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह पूरे जोश में है। सभी खिलाड़ी वास्तव में बेहतर स्थिति में हैं और हम मैच के लिए तैयार हैं।’ पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के इंग्लैंड दौरे के दौरान केविन पीटरसन को बाहर किए जाने के बाद इंग्लैंड की टीम की एकजुटता पर भी सवाल उठे थे। कुक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘मैं केवल उसी के बारे में बात कर सकता हूं जो हमारे ड्रेसिंग रूम से संबंधित हो और पिछली गर्मियों का अनुभव अच्छा नहीं था। इससे पता चलता है कि टीम पर आपको कितनी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि पूरी तरह से एकजुट टीम आपकी क्रिकेट को फायदा पहुंचाती है।’’ इस बीच क्लार्क ने कहा कि उनकी टीम पर हाल की घटनाओं का कोई असर नहीं है और वह पूरे जोश में है। उन्होंने कहा, ‘टीम किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह पूरे जोश में है। सभी खिलाड़ी वास्तव में बेहतर स्थिति में हैं और हम मैच के लिए तैयार हैं।’ इस बीच क्लार्क ने कहा कि उनकी टीम पर हाल की घटनाओं का कोई असर नहीं है और वह पूरे जोश में है। उन्होंने कहा, ‘टीम किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह पूरे जोश में है। सभी खिलाड़ी वास्तव में बेहतर स्थिति में हैं और हम मैच के लिए तैयार हैं।’
यहाँ एक सारांश है:पूर्व कोच मिकी आर्थर के खुलासे के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की एकजुटता पर उठ रहे सवालों के बीच इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक को पिछले साल उनकी टीम में उठा तूफान याद आ गया...
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लाल किला और इसके आसपास के इलाकों में आसमान से लेकर जमीन तक अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा लगाया गया है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 70वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैनी नजर रखी जा रही है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक लाल किले एवं इसके इर्द-गिर्द सुरक्षा चाक-चौबंद सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 5,000 कर्मियों सहित हजारों सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. इस आयोजन में वरिष्ठ मंत्री, शीर्ष नौकरशाह, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और आम लोग उपस्थित रहेंगे. राजपथ के आसपास भी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां सात दिन तक चलने वाला सांस्कृतिक महोत्सव 'भारत पर्व' चल रहा है. लाल किले पर एनएसजी स्नाइपर्स एवं कमांडो का एक विशेष दल सुरक्षा घेरे की भीतरी स्तर का निर्माण करेगा, जबकि ड्रोन एवं प्रोजैक्टाइल जैसे किसी भी हवाई घुसपैठ को रोकने के लिए विमान भेदी तोपों को तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस ने पहले से ही समूचे शहर में 10 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जिनमें पैराग्लाडिंग, यूएवी उड़ान एवं हॉट एयर बैलून शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के रहने तक लाल किले के आस पास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निर्गम मार्गों को बंद रखा जाएगा. इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है. अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है. लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक लाल किले एवं इसके इर्द-गिर्द सुरक्षा चाक-चौबंद सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 5,000 कर्मियों सहित हजारों सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. इस आयोजन में वरिष्ठ मंत्री, शीर्ष नौकरशाह, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और आम लोग उपस्थित रहेंगे. राजपथ के आसपास भी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां सात दिन तक चलने वाला सांस्कृतिक महोत्सव 'भारत पर्व' चल रहा है. लाल किले पर एनएसजी स्नाइपर्स एवं कमांडो का एक विशेष दल सुरक्षा घेरे की भीतरी स्तर का निर्माण करेगा, जबकि ड्रोन एवं प्रोजैक्टाइल जैसे किसी भी हवाई घुसपैठ को रोकने के लिए विमान भेदी तोपों को तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस ने पहले से ही समूचे शहर में 10 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जिनमें पैराग्लाडिंग, यूएवी उड़ान एवं हॉट एयर बैलून शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के रहने तक लाल किले के आस पास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निर्गम मार्गों को बंद रखा जाएगा. इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है. अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है. लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजपथ के आसपास भी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां सात दिन तक चलने वाला सांस्कृतिक महोत्सव 'भारत पर्व' चल रहा है. लाल किले पर एनएसजी स्नाइपर्स एवं कमांडो का एक विशेष दल सुरक्षा घेरे की भीतरी स्तर का निर्माण करेगा, जबकि ड्रोन एवं प्रोजैक्टाइल जैसे किसी भी हवाई घुसपैठ को रोकने के लिए विमान भेदी तोपों को तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस ने पहले से ही समूचे शहर में 10 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जिनमें पैराग्लाडिंग, यूएवी उड़ान एवं हॉट एयर बैलून शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के रहने तक लाल किले के आस पास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निर्गम मार्गों को बंद रखा जाएगा. इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है. अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है. लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली पुलिस ने पहले से ही समूचे शहर में 10 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जिनमें पैराग्लाडिंग, यूएवी उड़ान एवं हॉट एयर बैलून शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के रहने तक लाल किले के आस पास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निर्गम मार्गों को बंद रखा जाएगा. इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है. अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है. लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है. अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है. लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे.टिप्पणियां उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी 'अचानक पैदा होने वाली स्थितियों' से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे. 7 आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली पुलिस के 5,000 कर्मियों सहित हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात पीएम के रहने तक लालकिले के आसपास के मेट्रो स्टेशनों से एंट्री-एग्जिट बंद पीएम के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी होगी
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मालदीव की सरकार संचालित एमएसीएल कंपनी ने शुक्रवार की रात ढांचागत क्षेत्र की भारतीय कंपनी जीएमआर से माले अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का संचालन अपने हाथों में ले लिया। इससे पहले जीएमआर कंपनी हवाईअड्डे के आधुनिकीकरण के लिए 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका एकपक्षीय तरीके से समाप्त किए जाने के मामले में एक सप्ताह की कानूनी लड़ाई हार चुकी है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने कहा, ‘‘मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड ने जीएमआर से इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन अपने हाथ में ले लिया है। हस्तांतरण प्रक्रिया बहुत सुगम और सहज रही।’’ उन्होंने कहा कि तीन सप्ताह की अवधि तक जीएमआर और एमएसीएल मिलकर काम करेंगे। इमाद ने बताया, ‘‘जीएमआर अगले तीन सप्ताह के लिए एमएसीएल के साथ काम करने को राजी हो गई है ताकि एमएसीएल को कागजी कार्रवाई पूरी करने और किसी तरह का संदेह दूर करने में मदद मिल सके क्योंकि जीएमआर पिछले दो साल से हवाईअड्डे का परिचालन कर रही थी।’’ टिप्पणियां मालदीव सरकार ने जीएमआर को दिया गया 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका 27 नवंबर को निलंबित करते हुए कंपनी को इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन आज मध्यरात्रि तक मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लि. (एमएसीएल) को सौंपने का समय दिया था। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे। इससे पहले जीएमआर कंपनी हवाईअड्डे के आधुनिकीकरण के लिए 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका एकपक्षीय तरीके से समाप्त किए जाने के मामले में एक सप्ताह की कानूनी लड़ाई हार चुकी है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने कहा, ‘‘मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड ने जीएमआर से इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन अपने हाथ में ले लिया है। हस्तांतरण प्रक्रिया बहुत सुगम और सहज रही।’’ उन्होंने कहा कि तीन सप्ताह की अवधि तक जीएमआर और एमएसीएल मिलकर काम करेंगे। इमाद ने बताया, ‘‘जीएमआर अगले तीन सप्ताह के लिए एमएसीएल के साथ काम करने को राजी हो गई है ताकि एमएसीएल को कागजी कार्रवाई पूरी करने और किसी तरह का संदेह दूर करने में मदद मिल सके क्योंकि जीएमआर पिछले दो साल से हवाईअड्डे का परिचालन कर रही थी।’’ टिप्पणियां मालदीव सरकार ने जीएमआर को दिया गया 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका 27 नवंबर को निलंबित करते हुए कंपनी को इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन आज मध्यरात्रि तक मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लि. (एमएसीएल) को सौंपने का समय दिया था। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद के प्रेस सचिव मसूद इमाद ने कहा, ‘‘मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड ने जीएमआर से इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन अपने हाथ में ले लिया है। हस्तांतरण प्रक्रिया बहुत सुगम और सहज रही।’’ उन्होंने कहा कि तीन सप्ताह की अवधि तक जीएमआर और एमएसीएल मिलकर काम करेंगे। इमाद ने बताया, ‘‘जीएमआर अगले तीन सप्ताह के लिए एमएसीएल के साथ काम करने को राजी हो गई है ताकि एमएसीएल को कागजी कार्रवाई पूरी करने और किसी तरह का संदेह दूर करने में मदद मिल सके क्योंकि जीएमआर पिछले दो साल से हवाईअड्डे का परिचालन कर रही थी।’’ टिप्पणियां मालदीव सरकार ने जीएमआर को दिया गया 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका 27 नवंबर को निलंबित करते हुए कंपनी को इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन आज मध्यरात्रि तक मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लि. (एमएसीएल) को सौंपने का समय दिया था। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे। इमाद ने बताया, ‘‘जीएमआर अगले तीन सप्ताह के लिए एमएसीएल के साथ काम करने को राजी हो गई है ताकि एमएसीएल को कागजी कार्रवाई पूरी करने और किसी तरह का संदेह दूर करने में मदद मिल सके क्योंकि जीएमआर पिछले दो साल से हवाईअड्डे का परिचालन कर रही थी।’’ टिप्पणियां मालदीव सरकार ने जीएमआर को दिया गया 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका 27 नवंबर को निलंबित करते हुए कंपनी को इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन आज मध्यरात्रि तक मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लि. (एमएसीएल) को सौंपने का समय दिया था। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे। मालदीव सरकार ने जीएमआर को दिया गया 51.1 करोड़ डॉलर का ठेका 27 नवंबर को निलंबित करते हुए कंपनी को इब्राहिम नासिर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन आज मध्यरात्रि तक मालदीव एयरपोर्ट कंपनी लि. (एमएसीएल) को सौंपने का समय दिया था। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे। गुरुवार को मालदीव के पक्ष में निर्णय देते हुए सिंगापुर उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मालदीव की सरकार के पास यह अधिकार है कि वह हवाईअड्डे के साथ जो चाहे करे।
सारांश: मालदीव की सरकार संचालित एमएसीएल कंपनी ने शुक्रवार की रात ढांचागत क्षेत्र की भारतीय कंपनी जीएमआर से माले अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का संचालन अपने हाथों में ले लिया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई इंडियन्स के पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने के बाद स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस ट्वेंटी-20 लीग को 'अलविदा' कह दिया।टिप्पणियां तेंदुलकर ने अपनी टीम की खिताबी जीत के तुरंत बाद कहा, ‘यह मेरा आखिरी आईपीएल था। मैं समझता हूं कि यह आईपीएल को अलविदा कहने का सही समय है। मुझे वास्तविकता स्वीकार करनी होगी। मैंने फैसला किया है कि यह मेरा आखिरी आईपीएल है। इससे बढ़िया समापन नहीं हो सकता।’ जब एक अन्य महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने तेंदुलकर से पूछा कि क्या वह अगले साल वानखेड़े में मुंबई इंडियन्स का पहला मैच खेलकर संन्यास लेना पसंद नहीं करेंगे, उन्होंने कहा, ‘मैंने विश्व कप के लिए 21 साल तक इंतजार किया लेकिन आईपीएल खिताब के लिए केवल छह साल तक इंतजार करना पड़ा। यह मेरे लिए बहुत खास है। मैं आईपीएल के अगले सत्र में नहीं खेलूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ट्राफी चूमने के लिए बेताब हूं। यह सभी को शुक्रिया कहने का सही समय है।’ तेंदुलकर ने अपनी टीम की खिताबी जीत के तुरंत बाद कहा, ‘यह मेरा आखिरी आईपीएल था। मैं समझता हूं कि यह आईपीएल को अलविदा कहने का सही समय है। मुझे वास्तविकता स्वीकार करनी होगी। मैंने फैसला किया है कि यह मेरा आखिरी आईपीएल है। इससे बढ़िया समापन नहीं हो सकता।’ जब एक अन्य महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने तेंदुलकर से पूछा कि क्या वह अगले साल वानखेड़े में मुंबई इंडियन्स का पहला मैच खेलकर संन्यास लेना पसंद नहीं करेंगे, उन्होंने कहा, ‘मैंने विश्व कप के लिए 21 साल तक इंतजार किया लेकिन आईपीएल खिताब के लिए केवल छह साल तक इंतजार करना पड़ा। यह मेरे लिए बहुत खास है। मैं आईपीएल के अगले सत्र में नहीं खेलूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ट्राफी चूमने के लिए बेताब हूं। यह सभी को शुक्रिया कहने का सही समय है।’ जब एक अन्य महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने तेंदुलकर से पूछा कि क्या वह अगले साल वानखेड़े में मुंबई इंडियन्स का पहला मैच खेलकर संन्यास लेना पसंद नहीं करेंगे, उन्होंने कहा, ‘मैंने विश्व कप के लिए 21 साल तक इंतजार किया लेकिन आईपीएल खिताब के लिए केवल छह साल तक इंतजार करना पड़ा। यह मेरे लिए बहुत खास है। मैं आईपीएल के अगले सत्र में नहीं खेलूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ट्राफी चूमने के लिए बेताब हूं। यह सभी को शुक्रिया कहने का सही समय है।’
यह एक सारांश है: मुंबई इंडियन्स के पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने के बाद स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस ट्वेंटी-20 लीग को 'अलविदा' कह दिया।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाजसेवी अन्ना हजारे के सहयोगियों ने प्रधानमंत्री पर कोयला आवंटन में लगे आरोपों को खारिज करने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की आलोचना की और कहा कि कार्यालय ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे कि देश में कहीं भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है। अन्ना के वरिष्ठ सहयोगी मनीष शिशौदिया ने पत्रकारों से कहा, "पत्र की विषय वस्तु यह सिद्ध करने का प्रयास कर रही है कि जैसे देश में भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है और सभी मंत्री और अधिकारी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं और हम लोग बेवजह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शोर कर रहे हैं।" उन्होंने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले की जांच कर रही है तो दूसरी तरफ सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कोयला ब्लॉकों के आवंटन में कोई अनियमितता नहीं हुई है। मनीष ने कहा, "इस तरह सरकार को पहले ही मालूम है कि सीबीआई की जांच का क्या परिणाम आएगा।" अन्ना की एक अन्य सहयोगी किरण बेदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "अन्नाजी के प्रधानमंत्री एवं 14 मंत्रियों पर लगाए आरोपों को पीएमओ द्वारा खारिज करने का आधार तुच्छ है। कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव ने कैमरे के सामने सीएजी की रिपोर्ट का समर्थन किया है।" पीएमओ ने अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितता बरतने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे 'निराधार' आरोपों को सहन नहीं किया जाएगा। पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" अन्ना के वरिष्ठ सहयोगी मनीष शिशौदिया ने पत्रकारों से कहा, "पत्र की विषय वस्तु यह सिद्ध करने का प्रयास कर रही है कि जैसे देश में भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है और सभी मंत्री और अधिकारी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं और हम लोग बेवजह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शोर कर रहे हैं।" उन्होंने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि एक तरफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले की जांच कर रही है तो दूसरी तरफ सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कोयला ब्लॉकों के आवंटन में कोई अनियमितता नहीं हुई है। मनीष ने कहा, "इस तरह सरकार को पहले ही मालूम है कि सीबीआई की जांच का क्या परिणाम आएगा।" अन्ना की एक अन्य सहयोगी किरण बेदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "अन्नाजी के प्रधानमंत्री एवं 14 मंत्रियों पर लगाए आरोपों को पीएमओ द्वारा खारिज करने का आधार तुच्छ है। कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव ने कैमरे के सामने सीएजी की रिपोर्ट का समर्थन किया है।" पीएमओ ने अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितता बरतने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे 'निराधार' आरोपों को सहन नहीं किया जाएगा। पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" मनीष ने कहा, "इस तरह सरकार को पहले ही मालूम है कि सीबीआई की जांच का क्या परिणाम आएगा।" अन्ना की एक अन्य सहयोगी किरण बेदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "अन्नाजी के प्रधानमंत्री एवं 14 मंत्रियों पर लगाए आरोपों को पीएमओ द्वारा खारिज करने का आधार तुच्छ है। कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव ने कैमरे के सामने सीएजी की रिपोर्ट का समर्थन किया है।" पीएमओ ने अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितता बरतने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे 'निराधार' आरोपों को सहन नहीं किया जाएगा। पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" अन्ना की एक अन्य सहयोगी किरण बेदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "अन्नाजी के प्रधानमंत्री एवं 14 मंत्रियों पर लगाए आरोपों को पीएमओ द्वारा खारिज करने का आधार तुच्छ है। कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव ने कैमरे के सामने सीएजी की रिपोर्ट का समर्थन किया है।" पीएमओ ने अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितता बरतने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे 'निराधार' आरोपों को सहन नहीं किया जाएगा। पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" पीएमओ ने अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कोयला ब्लॉकों के आवंटन में अनियमितता बरतने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे 'निराधार' आरोपों को सहन नहीं किया जाएगा। पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" पीएमओ में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शुक्रवार को अन्ना को लिखे पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ लगे आरोप भारत के नियंत्रक लेखा महापरीक्षक (सीएजी) की लीक ड्रॉफ्ट रिपोर्ट एवं संचार माध्यमों में आई खबरों पर आधारित हैं। पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" पत्र में कहा गया, "आपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया और आप स्वयं कह चुके हैं कि आप आरोप नहीं लगा रहे हैं। कोयला ब्लॉकों के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया कोयला मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" यह पत्र शनिवार को सार्वजनिक किया गया। अन्ना के सहयोगियों ने 26 मई को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडल के 14 सहयोगियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" नारायणसामी ने कहा कि सरकार ने अन्ना के सहयोगियों की मांग पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "आप के द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच एवं कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधान हैं। आप की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।" नवम्बर 2006 से मई 2009 के मध्य तक कोयला मंत्रालय का प्रभार मनमोहन सिंह के पास था।टिप्पणियां नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" नारायणसामी ने कहा कि अन्ना के सहयोगियों के पत्र का तरीका एवं 'निराधार' आरोप स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।" सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर अन्ना के सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी और पर नहीं बल्कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आप अपने आरोपों के समर्थन में किसी भी प्रकार का सबूत भी नहीं पेश कर रहे हैं और ऊपर से आशा करते हैं कि आप के सिर्फ आरोपों के कारण प्रक्रिया शुरू हो जाए।"
यहाँ एक सारांश है:समाजसेवी अन्ना हजारे के सहयोगियों ने प्रधानमंत्री पर कोयला आवंटन में लगे आरोपों को खारिज करने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की आलोचना की और कहा कि कार्यालय ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे कि देश में कहीं भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड, हाफिज सईद ने कहा है कि अमेरिका जब चाहे उससे सम्पर्क कर सकता है। यह जानकारी एक मीडिया रपट में सामने आई है। सईद ने जियो टीवी के 'कैपिटल टॉक' कार्यक्रम में कहा, "मैं खुलेआम अपना जीवन जी रहा हूं और अमेरिका जब चाहे मुझसे सम्पर्क कर सकता है।" ज्ञात हो कि अमेरिका ने सोमवार को 'रिवार्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत सईद के बारे में सूचना देने के लिए एक करोड़ डॉलर इनाम और हाफिज अब्दुल रहमान मक्की के बारे में सूचना देने के लिए 20 लाख डॉलर इनाम की घोषणा की। सईद ने कहा, "अमेरिका सरकार भारत के इशारे पर काम कर रही है और अपने खुद के निर्णय नहीं ले रही है।"टिप्पणियां सईद ने इसके पहले अलजजीरा टीवी चैनल से कहा था कि अमेरिका ने यह कदम इसिलए उठाया है, क्योंकि वह अफगानिस्तान के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के आपूर्ति मार्ग खोले जाने के खिलाफ रैलियां आयोजित कर रहा है। पिछले 26 नवम्बर को पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम में मोहमंद एजेंसी में स्थित पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों पर नाटो द्वारा किए गए हवाई हमले में 20 से पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। इसे लेकर पाकिस्तान में आक्रोश बढ़ गया था। इस घटना के तत्काल बाद पाकिस्तान ने अपने देश से होकर जाने वाली नाटो की आपूर्ति रोक दी थी और अफगानिस्तान में भावी कार्ययोजना पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था। उसने अमेरिका से शम्सी हवाई ठिकाना भी खाली करने के लिए कह दिया था, जिसका इस्तेमाल वह ड्रोन हमलों के लिए करता था। सईद ने जियो टीवी के 'कैपिटल टॉक' कार्यक्रम में कहा, "मैं खुलेआम अपना जीवन जी रहा हूं और अमेरिका जब चाहे मुझसे सम्पर्क कर सकता है।" ज्ञात हो कि अमेरिका ने सोमवार को 'रिवार्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत सईद के बारे में सूचना देने के लिए एक करोड़ डॉलर इनाम और हाफिज अब्दुल रहमान मक्की के बारे में सूचना देने के लिए 20 लाख डॉलर इनाम की घोषणा की। सईद ने कहा, "अमेरिका सरकार भारत के इशारे पर काम कर रही है और अपने खुद के निर्णय नहीं ले रही है।"टिप्पणियां सईद ने इसके पहले अलजजीरा टीवी चैनल से कहा था कि अमेरिका ने यह कदम इसिलए उठाया है, क्योंकि वह अफगानिस्तान के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के आपूर्ति मार्ग खोले जाने के खिलाफ रैलियां आयोजित कर रहा है। पिछले 26 नवम्बर को पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम में मोहमंद एजेंसी में स्थित पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों पर नाटो द्वारा किए गए हवाई हमले में 20 से पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। इसे लेकर पाकिस्तान में आक्रोश बढ़ गया था। इस घटना के तत्काल बाद पाकिस्तान ने अपने देश से होकर जाने वाली नाटो की आपूर्ति रोक दी थी और अफगानिस्तान में भावी कार्ययोजना पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था। उसने अमेरिका से शम्सी हवाई ठिकाना भी खाली करने के लिए कह दिया था, जिसका इस्तेमाल वह ड्रोन हमलों के लिए करता था। सईद ने इसके पहले अलजजीरा टीवी चैनल से कहा था कि अमेरिका ने यह कदम इसिलए उठाया है, क्योंकि वह अफगानिस्तान के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के आपूर्ति मार्ग खोले जाने के खिलाफ रैलियां आयोजित कर रहा है। पिछले 26 नवम्बर को पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम में मोहमंद एजेंसी में स्थित पाकिस्तानी सेना की दो चौकियों पर नाटो द्वारा किए गए हवाई हमले में 20 से पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। इसे लेकर पाकिस्तान में आक्रोश बढ़ गया था। इस घटना के तत्काल बाद पाकिस्तान ने अपने देश से होकर जाने वाली नाटो की आपूर्ति रोक दी थी और अफगानिस्तान में भावी कार्ययोजना पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था। उसने अमेरिका से शम्सी हवाई ठिकाना भी खाली करने के लिए कह दिया था, जिसका इस्तेमाल वह ड्रोन हमलों के लिए करता था। इसे लेकर पाकिस्तान में आक्रोश बढ़ गया था। इस घटना के तत्काल बाद पाकिस्तान ने अपने देश से होकर जाने वाली नाटो की आपूर्ति रोक दी थी और अफगानिस्तान में भावी कार्ययोजना पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था। उसने अमेरिका से शम्सी हवाई ठिकाना भी खाली करने के लिए कह दिया था, जिसका इस्तेमाल वह ड्रोन हमलों के लिए करता था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड, हाफिज सईद ने कहा है कि अमेरिका जब चाहे उससे सम्पर्क कर सकता है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को कुश्ती को 2020 ओलिंपिक खेलों के कार्यक्रम से हटा दिया। इस फैसले से जुड़े एक अधिकारी ने प्रेस को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने कुश्ती को हटाकर उसकी जगह पर मॉर्डन पेंटाथलन को फिर से ओलिंपिक खेलों से जोड़ने का फैसला किया, जिसे अधिक जोखिम वाला खेल माना जाता है।टिप्पणियां अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर यह बात कही, क्योंकि फैसले की अभी तक अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। आईओसी बोर्ड ने वर्तमान ओलिंपिक कार्यक्रम के 26 खेलों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला किया। एक खेल को हटाने से अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति को इस साल के आखिर में कार्यक्रम में नया खेल जोड़ने का मौका मिलेगा। कुश्ती में फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन की स्पर्धाएं होती है। पिछले साल लंदन ओलिंपिक में फ्रीस्टाइल में 11 स्वर्ण पदक और ग्रीको रोमन में छह स्वर्ण पदक दांव पर लगे थे। कुश्ती अब उन सात खेलों में शामिल हो गई है, जिन्हें 2020 खेलों में शामिल होने के लिए आवेदन करना होगा। अन्य खेलों में बेसबॉल एवं सॉफ्टबॉल, कराटे, स्क्वाश, रोलर स्पोर्ट्स स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, वेकबोर्डिंग और वुशु शामिल हैं। इनमें से किसी एक खेल को ही 2020 खेलों में जगह मिल पाएगी। आईओसी कार्यकारी बोर्ड की रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक होगी, जिसमें 2020 खेलों में शामिल किए जाने वाले खेल का फैसला होगा। इस संबंध में आखिरी फैसला सितंबर में अर्जेंटीना के ब्यूनसआयर्स में आईओसी आम सभा में किया जाएगा। अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर यह बात कही, क्योंकि फैसले की अभी तक अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। आईओसी बोर्ड ने वर्तमान ओलिंपिक कार्यक्रम के 26 खेलों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला किया। एक खेल को हटाने से अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति को इस साल के आखिर में कार्यक्रम में नया खेल जोड़ने का मौका मिलेगा। कुश्ती में फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन की स्पर्धाएं होती है। पिछले साल लंदन ओलिंपिक में फ्रीस्टाइल में 11 स्वर्ण पदक और ग्रीको रोमन में छह स्वर्ण पदक दांव पर लगे थे। कुश्ती अब उन सात खेलों में शामिल हो गई है, जिन्हें 2020 खेलों में शामिल होने के लिए आवेदन करना होगा। अन्य खेलों में बेसबॉल एवं सॉफ्टबॉल, कराटे, स्क्वाश, रोलर स्पोर्ट्स स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, वेकबोर्डिंग और वुशु शामिल हैं। इनमें से किसी एक खेल को ही 2020 खेलों में जगह मिल पाएगी। आईओसी कार्यकारी बोर्ड की रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक होगी, जिसमें 2020 खेलों में शामिल किए जाने वाले खेल का फैसला होगा। इस संबंध में आखिरी फैसला सितंबर में अर्जेंटीना के ब्यूनसआयर्स में आईओसी आम सभा में किया जाएगा। कुश्ती अब उन सात खेलों में शामिल हो गई है, जिन्हें 2020 खेलों में शामिल होने के लिए आवेदन करना होगा। अन्य खेलों में बेसबॉल एवं सॉफ्टबॉल, कराटे, स्क्वाश, रोलर स्पोर्ट्स स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, वेकबोर्डिंग और वुशु शामिल हैं। इनमें से किसी एक खेल को ही 2020 खेलों में जगह मिल पाएगी। आईओसी कार्यकारी बोर्ड की रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक होगी, जिसमें 2020 खेलों में शामिल किए जाने वाले खेल का फैसला होगा। इस संबंध में आखिरी फैसला सितंबर में अर्जेंटीना के ब्यूनसआयर्स में आईओसी आम सभा में किया जाएगा।
सारांश: अधिकारी ने बताया कि आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने कुश्ती को हटाकर उसकी जगह पर मॉर्डन पेंटाथलन को फिर से ओलिंपिक खेलों से जोड़ने का फैसला किया, जिसे अधिक जोखिम वाला खेल माना जाता है।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा है कि अब उनका देश भारत के साथ वार्ता करने का इच्छुक नहीं है क्योंकि वह शांति वार्ता की पेशकश कई बार ठुकरा चुका है. हालांकि, भारत ने इमरान खान (Imran Khan) के इस दावे को खारिज कर दिया. इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिये जाने के बाद भारत की आलोचना के लिये एक कदम आगे बढ़ते हुए खान ने समाचार पत्र ''द न्यूयॉर्क टाइम्स'' से कहा कि उन्हें दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ने का डर है. इमरान खान ने कहा, " उनसे (भारत से) बात करने का कोई मतलब नहीं है. मेरा मतलब है, मैंने हर तरह से बात कर ली. दुर्भाग्यवश, अब मैं जब पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि मेरी ओर से शांति और संवाद के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों को उन्होंने तुष्टीकरण के रूप में लिया." उन्होंने कहा, "हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते." वहीं, अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने खान के आरोपों को खारिज कर दिया. श्रृंगला न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय बोर्ड से मिलने गए थे.  उन्होंने कहा, "हमारा अनुभव है कि हमने जब भी शांति की पहल की, यह हमारे लिये बुरी साबित हुई." श्रृंगला ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय, अपरिवर्तनीय और सत्यापित कार्रवाई करेगा." भारत ने जनवरी 2016 में पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन के हमले के बाद से वार्ता रोक रखी है. भारत का कहना है कि वार्ता और आतंकवाद दोनों एक साथ नहीं चल सकते.
यह एक सारांश है: भारत से बातचीत के संबंध में सवाल पर इमरान खान बोले पाकिस्तान अब भारत से वार्ता करने का इच्छुक नहीं 'भारत शांति वार्ता की पेशकश कई बार ठुकरा चुका है'
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार को सोमवार को 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के पहले दिन 9,224.75 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुइ’। ऊंचे आधार मूल्य की वजह से दूरसंचार कंपनियों ने स्पेक्ट्रम नीलामी में अभी ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए एक भी बोली नहीं मिली। सरकार ने अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए शुरुआती मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा है। मुख्य रूप से मांग गुजरात, उत्तर प्रदेश (पूर्व) तथा उत्तर प्रदेश (पश्चिम) जैसे चुनिंदा केंद्रों पर केंद्रित रही। कुल 22 दूरसंचार सर्कलों में से बोलियां सिर्फ 18 सर्कलों के लिए मिलीं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्कलों के लिए पहले दिन एक भी बोली प्राप्त नहीं हुई। दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा, ‘नीलामी के सात दौर आज पूरे हुए। नीलामी अभी पूरी नहीं हुई है और बुधवार को जारी रहेगी। 176 ब्लॉक की पेशकश की गई जिसमें से 98 के लिए बोली आई।’’ अंतिम दौर की नीलामी के बाद कुल मिलाकर 9,224.75 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई। सातवें दौर की नीलामी में उत्तर प्रदेश (पश्चिम) तथा गुजरात सर्कल के लिए कोई बोली नहीं मिली। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महासचिव आर एस मैथ्यूज ने कहा कि हमने कहा था कि ऊंचे आरक्षित मूल्य की वजह से कम कंपनियां ही इसमें शामिल होंगी और यही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीओएआई ने सही अनुमान लगाया था कि कई सर्कलों में एक भी बोली नहीं मिलेगी। मैथ्यूज ने कहा कि नीलामी दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। सातवें दौर में बिहार को छोड़कर अधिकतर सर्कलों में स्पेक्ट्रम के लिए कम मांग देखी गई। बिहार के मामले में नीलामी के लिए पेशकश सभी आठ ब्लॉक के लिए बोली प्राप्त हुई। नीलामी का सातवां दौर पूरा होने के बाद असम में सात ब्लॉक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर के लिए 6-6 ब्लाकों और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए पांच बोलियां प्राप्त हुई हैं।टिप्पणियां वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए एक भी बोली नहीं मिली। सरकार ने अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए शुरुआती मूल्य 14,000 करोड़ रुपये रखा है। मुख्य रूप से मांग गुजरात, उत्तर प्रदेश (पूर्व) तथा उत्तर प्रदेश (पश्चिम) जैसे चुनिंदा केंद्रों पर केंद्रित रही। कुल 22 दूरसंचार सर्कलों में से बोलियां सिर्फ 18 सर्कलों के लिए मिलीं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्कलों के लिए पहले दिन एक भी बोली प्राप्त नहीं हुई। दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा, ‘नीलामी के सात दौर आज पूरे हुए। नीलामी अभी पूरी नहीं हुई है और बुधवार को जारी रहेगी। 176 ब्लॉक की पेशकश की गई जिसमें से 98 के लिए बोली आई।’’ अंतिम दौर की नीलामी के बाद कुल मिलाकर 9,224.75 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई। सातवें दौर की नीलामी में उत्तर प्रदेश (पश्चिम) तथा गुजरात सर्कल के लिए कोई बोली नहीं मिली। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महासचिव आर एस मैथ्यूज ने कहा कि हमने कहा था कि ऊंचे आरक्षित मूल्य की वजह से कम कंपनियां ही इसमें शामिल होंगी और यही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीओएआई ने सही अनुमान लगाया था कि कई सर्कलों में एक भी बोली नहीं मिलेगी। मैथ्यूज ने कहा कि नीलामी दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। सातवें दौर में बिहार को छोड़कर अधिकतर सर्कलों में स्पेक्ट्रम के लिए कम मांग देखी गई। बिहार के मामले में नीलामी के लिए पेशकश सभी आठ ब्लॉक के लिए बोली प्राप्त हुई। नीलामी का सातवां दौर पूरा होने के बाद असम में सात ब्लॉक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर के लिए 6-6 ब्लाकों और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए पांच बोलियां प्राप्त हुई हैं।टिप्पणियां वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्कलों के लिए पहले दिन एक भी बोली प्राप्त नहीं हुई। दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर ने कहा, ‘नीलामी के सात दौर आज पूरे हुए। नीलामी अभी पूरी नहीं हुई है और बुधवार को जारी रहेगी। 176 ब्लॉक की पेशकश की गई जिसमें से 98 के लिए बोली आई।’’ अंतिम दौर की नीलामी के बाद कुल मिलाकर 9,224.75 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई। सातवें दौर की नीलामी में उत्तर प्रदेश (पश्चिम) तथा गुजरात सर्कल के लिए कोई बोली नहीं मिली। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महासचिव आर एस मैथ्यूज ने कहा कि हमने कहा था कि ऊंचे आरक्षित मूल्य की वजह से कम कंपनियां ही इसमें शामिल होंगी और यही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीओएआई ने सही अनुमान लगाया था कि कई सर्कलों में एक भी बोली नहीं मिलेगी। मैथ्यूज ने कहा कि नीलामी दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। सातवें दौर में बिहार को छोड़कर अधिकतर सर्कलों में स्पेक्ट्रम के लिए कम मांग देखी गई। बिहार के मामले में नीलामी के लिए पेशकश सभी आठ ब्लॉक के लिए बोली प्राप्त हुई। नीलामी का सातवां दौर पूरा होने के बाद असम में सात ब्लॉक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर के लिए 6-6 ब्लाकों और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए पांच बोलियां प्राप्त हुई हैं।टिप्पणियां वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। सातवें दौर की नीलामी में उत्तर प्रदेश (पश्चिम) तथा गुजरात सर्कल के लिए कोई बोली नहीं मिली। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महासचिव आर एस मैथ्यूज ने कहा कि हमने कहा था कि ऊंचे आरक्षित मूल्य की वजह से कम कंपनियां ही इसमें शामिल होंगी और यही हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीओएआई ने सही अनुमान लगाया था कि कई सर्कलों में एक भी बोली नहीं मिलेगी। मैथ्यूज ने कहा कि नीलामी दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। सातवें दौर में बिहार को छोड़कर अधिकतर सर्कलों में स्पेक्ट्रम के लिए कम मांग देखी गई। बिहार के मामले में नीलामी के लिए पेशकश सभी आठ ब्लॉक के लिए बोली प्राप्त हुई। नीलामी का सातवां दौर पूरा होने के बाद असम में सात ब्लॉक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर के लिए 6-6 ब्लाकों और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए पांच बोलियां प्राप्त हुई हैं।टिप्पणियां वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। उन्होंने कहा कि सीओएआई ने सही अनुमान लगाया था कि कई सर्कलों में एक भी बोली नहीं मिलेगी। मैथ्यूज ने कहा कि नीलामी दो दिन से ज्यादा नहीं चलेगी। सातवें दौर में बिहार को छोड़कर अधिकतर सर्कलों में स्पेक्ट्रम के लिए कम मांग देखी गई। बिहार के मामले में नीलामी के लिए पेशकश सभी आठ ब्लॉक के लिए बोली प्राप्त हुई। नीलामी का सातवां दौर पूरा होने के बाद असम में सात ब्लॉक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर के लिए 6-6 ब्लाकों और महाराष्ट्र क्षेत्र के लिए पांच बोलियां प्राप्त हुई हैं।टिप्पणियां वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। वहीं आंध्र प्रदेश, कोलकाता और तमिलनाडु सर्कलों के लिए आठ ब्लॉकों की पेशकश पर सिर्फ चार ब्लॉकों के लिए बोलियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश (पूर्व), हिमाचल प्रदेश, केरल तथा पंजाब में केवल एक ब्लाक के लिए बोली प्राप्त हुई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई। भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन और नॉर्वे की टेलीनार जीएसएम स्पेक्ट्रम के लिए दौड़ में हैं, जबकि सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए टाटा टेलीसर्विसेज और वीडियोकान के हटने के बाद कोई कंपनी दौड़ में नहीं रह गई।
यहाँ एक सारांश है:सरकार को सोमवार को 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के पहले दिन 9,224.75 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुइ’। ऊंचे आधार मूल्य की वजह से दूरसंचार कंपनियों ने स्पेक्ट्रम नीलामी में अभी ज्यादा रुचि नहीं दिखाई।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म 'खिलाड़ी 786' के आइटम सॉन्ग 'बलमा' में अपने लटके-झटके दिखा चुकीं पोलिश-जर्मन मॉडल क्लाउडिया सीस्ला ने कहा कि 'बलमा' ने उन्हें फिल्म उद्योग का चर्चित चेहरा बना दिया है। इस 35-वर्षीय मॉडल सह अभिनेत्री ने कहा कि इस आइटम सॉन्ग की अपार सफलता के बाद उन्हें अब दक्षिण भारत से भी कई प्रस्ताव मिल रहे हैं। इस गीत में उन्होंने अक्षय और असिन के साथ डिस्को डांस किया है। क्लाउडिया ने कहा, मेरे आइटम सॉन्ग के बाद मुझे उद्योग से तारीफ मिल रही है। यहां तक कि जब अक्षय सर ने पहली बार यह गीत देखा, तो उन्होंने मेरी प्रशंसा की। मुझे बॉलीवुड, दक्षिणी फिल्म उद्योग, विज्ञापनों और कई अन्य की ओर से काफी प्रस्ताव मिल रहे हैं। अब मैं अभिनय पर ध्यान दूंगी। मैं इस गीत में शामिल होकर भाग्यशाली महसूस कर रही हूं, क्योंकि इसने मुझे भारत में पहचान दी।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उन्हें आगे भी ऐसे गीतों पर डांस करने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा, मैं आइटम गर्ल कहलाना पसंद करूंगी। अब यह सम्माननीय पद है, क्योंकि उद्योग की सभी मुख्य अभिनेत्रियां आइटम सॉन्ग कर रही हैं, फिर चाहे यह करीना हों या कैटरीना। यह नई अभिनेत्रियों के लिए अच्छा मंच है, जहां वह अपनी अदाकारी और नृत्य कौशल दिखा सकती हैं। श्रेया घोषाल और श्रीराम द्वारा गाया गया गीत 'बलमा' दिग्गज संगीत निदेशक आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि है। इस गीत को गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया है। इस 35-वर्षीय मॉडल सह अभिनेत्री ने कहा कि इस आइटम सॉन्ग की अपार सफलता के बाद उन्हें अब दक्षिण भारत से भी कई प्रस्ताव मिल रहे हैं। इस गीत में उन्होंने अक्षय और असिन के साथ डिस्को डांस किया है। क्लाउडिया ने कहा, मेरे आइटम सॉन्ग के बाद मुझे उद्योग से तारीफ मिल रही है। यहां तक कि जब अक्षय सर ने पहली बार यह गीत देखा, तो उन्होंने मेरी प्रशंसा की। मुझे बॉलीवुड, दक्षिणी फिल्म उद्योग, विज्ञापनों और कई अन्य की ओर से काफी प्रस्ताव मिल रहे हैं। अब मैं अभिनय पर ध्यान दूंगी। मैं इस गीत में शामिल होकर भाग्यशाली महसूस कर रही हूं, क्योंकि इसने मुझे भारत में पहचान दी।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उन्हें आगे भी ऐसे गीतों पर डांस करने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा, मैं आइटम गर्ल कहलाना पसंद करूंगी। अब यह सम्माननीय पद है, क्योंकि उद्योग की सभी मुख्य अभिनेत्रियां आइटम सॉन्ग कर रही हैं, फिर चाहे यह करीना हों या कैटरीना। यह नई अभिनेत्रियों के लिए अच्छा मंच है, जहां वह अपनी अदाकारी और नृत्य कौशल दिखा सकती हैं। श्रेया घोषाल और श्रीराम द्वारा गाया गया गीत 'बलमा' दिग्गज संगीत निदेशक आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि है। इस गीत को गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया है। क्लाउडिया ने कहा, मेरे आइटम सॉन्ग के बाद मुझे उद्योग से तारीफ मिल रही है। यहां तक कि जब अक्षय सर ने पहली बार यह गीत देखा, तो उन्होंने मेरी प्रशंसा की। मुझे बॉलीवुड, दक्षिणी फिल्म उद्योग, विज्ञापनों और कई अन्य की ओर से काफी प्रस्ताव मिल रहे हैं। अब मैं अभिनय पर ध्यान दूंगी। मैं इस गीत में शामिल होकर भाग्यशाली महसूस कर रही हूं, क्योंकि इसने मुझे भारत में पहचान दी।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उन्हें आगे भी ऐसे गीतों पर डांस करने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा, मैं आइटम गर्ल कहलाना पसंद करूंगी। अब यह सम्माननीय पद है, क्योंकि उद्योग की सभी मुख्य अभिनेत्रियां आइटम सॉन्ग कर रही हैं, फिर चाहे यह करीना हों या कैटरीना। यह नई अभिनेत्रियों के लिए अच्छा मंच है, जहां वह अपनी अदाकारी और नृत्य कौशल दिखा सकती हैं। श्रेया घोषाल और श्रीराम द्वारा गाया गया गीत 'बलमा' दिग्गज संगीत निदेशक आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि है। इस गीत को गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें आगे भी ऐसे गीतों पर डांस करने में कोई संकोच नहीं है। उन्होंने कहा, मैं आइटम गर्ल कहलाना पसंद करूंगी। अब यह सम्माननीय पद है, क्योंकि उद्योग की सभी मुख्य अभिनेत्रियां आइटम सॉन्ग कर रही हैं, फिर चाहे यह करीना हों या कैटरीना। यह नई अभिनेत्रियों के लिए अच्छा मंच है, जहां वह अपनी अदाकारी और नृत्य कौशल दिखा सकती हैं। श्रेया घोषाल और श्रीराम द्वारा गाया गया गीत 'बलमा' दिग्गज संगीत निदेशक आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि है। इस गीत को गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया है। श्रेया घोषाल और श्रीराम द्वारा गाया गया गीत 'बलमा' दिग्गज संगीत निदेशक आरडी बर्मन को श्रद्धांजलि है। इस गीत को गणेश आचार्य ने कोरियोग्राफ किया है।
अक्षय कुमार की फिल्म 'खिलाड़ी 786' के आइटम सॉन्ग 'बलमा' में अपने लटके-झटके दिखा चुकीं पोलिश-जर्मन मॉडल क्लाउडिया सीस्ला ने कहा कि 'बलमा' ने उन्हें फिल्म उद्योग का चर्चित चेहरा बना दिया है।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के एक मंत्री की जेल में बंद सांसद वाईएस जगमोहन रेड्डी के संबंध में दिए गए बयान को लेकर वाईएसआर कांग्रेस ने शनिवार को मंत्री के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन किए। जगमोहन रेड्डी वाइएसआर कांग्रेस के नेता हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके। अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। जगमोहन रेड्डी वाइएसआर कांग्रेस के नेता हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके। अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया और राज्य के वित्तमंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी के पुतले फूंके। अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। अनाम रामनारायण रेड्डी ने शुक्रवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के लिए जगमोहन रेड्डी को फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। लोगों में जगन के नाम से मशहूर कड़पा से सांसद जगमोहन रेड्डी इन दिनों ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में चंचलगुड़ा जेल मे बंद हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ अपने पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के साथ सांठगांठ कर अपने कारोबार में पैसा लगाने वाली कंपनियों और व्यक्तियों को सीमा से परे जाकर मदद कराने का आरोप लगाया है।
संक्षिप्त पाठ: आंध्र प्रदेश के एक मंत्री की जेल में बंद सांसद वाईएस जगमोहन रेड्डी के संबंध में दिए गए बयान को लेकर वाईएसआर कांग्रेस ने शनिवार को मंत्री के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन किए।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईपीएल में तीसरी जीत दर्ज करने वाली कोच्चि टस्कर्स केरल के कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि टीम अच्छी एकजुटता का परिचय दे रही है और यही उनकी सफलता का मूलमंत्र है। ईडन गार्डन्स में बुधवार को खेले गए आईपीएल मैच में कोच्चि ने कोलकाता नाइटराडइर्स को छह रन से हरा दिया। खास बात यह है कि कोच्चि ने सत्र की शुरुआत दो हार से की थी, लेकिन उसके बाद इस टीम ने गत विजेता चेन्नई सुपरकिंग्स, मुंबई इंडियन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों को मात दी। जयवर्धने ने जीत के बाद कहा, यह पूरी तरह टीम की एकजुटता की वजह से है। हम अपनी क्षमताओं में विश्वास करते हैं। हम इसी के अनुसार मैच की योजनाओं को तैयार करते हैं। हर कोई दूसरे की सफलता की प्रशंसा करता है। इस तरह का समूह होना बेहतर है। उन्होंने टीम के हरफनमौला प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। कप्तान ने कहा, यह आईपीएल के बारे में अच्छी बात है, विभिन्न पिचों पर खेलना, आपको स्थिति के अनुरूप ढलना होता है। गेंदबाजों ने दबाव में अच्छी गेंदबाजी की और क्षेत्ररक्षण शानदार था। टीम का यह अच्छी एकजुट प्रयास था।
संक्षिप्त सारांश: आईपीएल में तीसरी जीत दर्ज करने वाली कोच्चि टस्कर्स केरल के कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि टीम अच्छी एकजुटता का परिचय दे रही है।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक जमाने में हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए कौरवों और पांडवों में संघर्ष हुआ था. दुर्योधन ने उस वक्‍त पांडवों को जमीन का एक टुकड़ा भी देने से इनकार कर दिया. नतीजतन महाभारत हुई. युग बदले-समय बदला. अब हस्तिनापुर एक विधानसभा सीट है जोकि मेरठ जिले में आता है. यह एक सुरक्षित सीट है. अबकी बार फिर इस सीट पर 'दुर्योधन' नाम के एक शख्‍स की दावेदारी है. दरअसल दुर्योधन कुमार हस्तिनापुर सुरक्षित सीट से बहुजन मुक्ति पार्टी नामक दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. दुर्योधन कुमार पेशे से कार की पेंटिंग का काम करते हैं. चुनाव लड़ने के बारे में हल्‍के-फुल्‍के अंदाज में उनका कहना है कि वह दरअसल अपने नाम और इस विधानसभा सीट के नाम की वजह से चुनाव मैदान में हैं. 5000 साल पहले हस्तिनापुर की गद्दी पर दुर्योधन ने दावेदारी की थी. पांडवों ने महाभारत में उसको हरा दिया. अब इतने वर्षों बाद एक दूसरा दुर्योधन इस बार चुनाव में उतरकर अपनी खोई हुई विरासत को पाने की लड़ाई लड़ रहा है.टिप्पणियां हालांकि इसके साथ ही उनका कहना है कि वह चुनाव जीतकर दुर्योधन नाम के साथ जुड़ी नकारात्‍मक छवि को खत्‍म करना चाहते हैं. 1967 से ही हस्तिनापुर सुरक्षित सीट है. इसके बारे में मशहूर है कि इस सीट से जो भी पार्टी जीतती है, वह सत्‍ता में आती है. अपने दुर्योध्‍ान नामकरण के बारे में मजाकिया अंदाज में उनका कहना है कि जब जन्‍म हुआ तो पिता ने ज्‍योतिषी से जब पूछा कि शिशु का नाम क्‍या रखा जाए तो उसने कहा कि आपके घर में दुर्योधन पैदा हुआ है. उसके बाद से ही यह नाम पड़ गया. शुरुआत में उनको हालांकि यह नाम खराब लगता था लेकिन बाद में अब यही नाम उनकी उम्‍मीदवारी का सबब भी बना है. दुर्योधन कुमार पेशे से कार की पेंटिंग का काम करते हैं. चुनाव लड़ने के बारे में हल्‍के-फुल्‍के अंदाज में उनका कहना है कि वह दरअसल अपने नाम और इस विधानसभा सीट के नाम की वजह से चुनाव मैदान में हैं. 5000 साल पहले हस्तिनापुर की गद्दी पर दुर्योधन ने दावेदारी की थी. पांडवों ने महाभारत में उसको हरा दिया. अब इतने वर्षों बाद एक दूसरा दुर्योधन इस बार चुनाव में उतरकर अपनी खोई हुई विरासत को पाने की लड़ाई लड़ रहा है.टिप्पणियां हालांकि इसके साथ ही उनका कहना है कि वह चुनाव जीतकर दुर्योधन नाम के साथ जुड़ी नकारात्‍मक छवि को खत्‍म करना चाहते हैं. 1967 से ही हस्तिनापुर सुरक्षित सीट है. इसके बारे में मशहूर है कि इस सीट से जो भी पार्टी जीतती है, वह सत्‍ता में आती है. अपने दुर्योध्‍ान नामकरण के बारे में मजाकिया अंदाज में उनका कहना है कि जब जन्‍म हुआ तो पिता ने ज्‍योतिषी से जब पूछा कि शिशु का नाम क्‍या रखा जाए तो उसने कहा कि आपके घर में दुर्योधन पैदा हुआ है. उसके बाद से ही यह नाम पड़ गया. शुरुआत में उनको हालांकि यह नाम खराब लगता था लेकिन बाद में अब यही नाम उनकी उम्‍मीदवारी का सबब भी बना है. हालांकि इसके साथ ही उनका कहना है कि वह चुनाव जीतकर दुर्योधन नाम के साथ जुड़ी नकारात्‍मक छवि को खत्‍म करना चाहते हैं. 1967 से ही हस्तिनापुर सुरक्षित सीट है. इसके बारे में मशहूर है कि इस सीट से जो भी पार्टी जीतती है, वह सत्‍ता में आती है. अपने दुर्योध्‍ान नामकरण के बारे में मजाकिया अंदाज में उनका कहना है कि जब जन्‍म हुआ तो पिता ने ज्‍योतिषी से जब पूछा कि शिशु का नाम क्‍या रखा जाए तो उसने कहा कि आपके घर में दुर्योधन पैदा हुआ है. उसके बाद से ही यह नाम पड़ गया. शुरुआत में उनको हालांकि यह नाम खराब लगता था लेकिन बाद में अब यही नाम उनकी उम्‍मीदवारी का सबब भी बना है. अपने दुर्योध्‍ान नामकरण के बारे में मजाकिया अंदाज में उनका कहना है कि जब जन्‍म हुआ तो पिता ने ज्‍योतिषी से जब पूछा कि शिशु का नाम क्‍या रखा जाए तो उसने कहा कि आपके घर में दुर्योधन पैदा हुआ है. उसके बाद से ही यह नाम पड़ गया. शुरुआत में उनको हालांकि यह नाम खराब लगता था लेकिन बाद में अब यही नाम उनकी उम्‍मीदवारी का सबब भी बना है.
संक्षिप्त पाठ: मेरठ की सुरक्षित सीट हस्तिनापुर है यहां से एक प्रत्‍याशी दुर्योधन कुमार हैं वह पेशे से कारों की पेंटिंग का काम करते हैं
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सोमवार को कहा कि अनुकूल परिस्थितियों, प्रासंगिक मुद्दों और नरेंद्र मोदी के उभरने से ऐसे कई नेताओं को 2014 के लोकसभा चुनावों में जीतने में मदद मिली जिनकी विधानसभा चुनाव में जमानत तक जब्त हो गयी थी. उमा ने कहा, ''कई बार इस तरह की परिस्थिति आती है कि कोई भी बड़ा पद हासिल कर सकता है. मैं नाम नहीं लूंगी लेकिन पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान कई ऐसे लोग दो-तीन लाख वोटों से जीत गये जिनकी विधानसभा चुनावों में जमानत जब्त हो गयी थी क्योंकि अनुकूल परिस्थितियां थीं, प्रासंगिक मुद्दे थे और मोदीजी उभरे थे.'' उन्होंने कहा, ''आपको कभी पता नहीं होता कि कौन चुनाव जीतेगा और उसे क्या पद मिलेगा. मैंने अच्छे अच्छे नेताओं को चुनाव हारते देखा है.'' उमा ने यहां संघ के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी समारोहों के उद्घाटन के दौरान यह बात कही. समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने भी भाग लिया. देशमुख की तारीफ करते हुए उमा ने कहा कि वह अन्य राजनेताओं से अलग थे और उनके सामने राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी खुद को 'बौना' महसूस करते थे. मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय ने चित्रकूट के विकास के लिए 43 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है जो देशमुख की कर्मभूमि थी.टिप्पणियां उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उमा ने कहा, ''कई बार इस तरह की परिस्थिति आती है कि कोई भी बड़ा पद हासिल कर सकता है. मैं नाम नहीं लूंगी लेकिन पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान कई ऐसे लोग दो-तीन लाख वोटों से जीत गये जिनकी विधानसभा चुनावों में जमानत जब्त हो गयी थी क्योंकि अनुकूल परिस्थितियां थीं, प्रासंगिक मुद्दे थे और मोदीजी उभरे थे.'' उन्होंने कहा, ''आपको कभी पता नहीं होता कि कौन चुनाव जीतेगा और उसे क्या पद मिलेगा. मैंने अच्छे अच्छे नेताओं को चुनाव हारते देखा है.'' उमा ने यहां संघ के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी समारोहों के उद्घाटन के दौरान यह बात कही. समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने भी भाग लिया. देशमुख की तारीफ करते हुए उमा ने कहा कि वह अन्य राजनेताओं से अलग थे और उनके सामने राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी खुद को 'बौना' महसूस करते थे. मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय ने चित्रकूट के विकास के लिए 43 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है जो देशमुख की कर्मभूमि थी.टिप्पणियां उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ''आपको कभी पता नहीं होता कि कौन चुनाव जीतेगा और उसे क्या पद मिलेगा. मैंने अच्छे अच्छे नेताओं को चुनाव हारते देखा है.'' उमा ने यहां संघ के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी समारोहों के उद्घाटन के दौरान यह बात कही. समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने भी भाग लिया. देशमुख की तारीफ करते हुए उमा ने कहा कि वह अन्य राजनेताओं से अलग थे और उनके सामने राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी खुद को 'बौना' महसूस करते थे. मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय ने चित्रकूट के विकास के लिए 43 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है जो देशमुख की कर्मभूमि थी.टिप्पणियां उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समारोह में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने भी भाग लिया. देशमुख की तारीफ करते हुए उमा ने कहा कि वह अन्य राजनेताओं से अलग थे और उनके सामने राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी खुद को 'बौना' महसूस करते थे. मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय ने चित्रकूट के विकास के लिए 43 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है जो देशमुख की कर्मभूमि थी.टिप्पणियां उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मंत्री महेश शर्मा ने जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय ने चित्रकूट के विकास के लिए 43 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है जो देशमुख की कर्मभूमि थी.टिप्पणियां उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्रालय यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के परिसर में 15 से 23 अक्‍टूबर तक ग्रामीण भारत पर आधारित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, 2016 आयोजित कर रहा है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और खाद्य संस्कृति की झलक मिलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: जीतने वाले कई एमपी की विधानसभा चुनाव में जमानत जब्‍त हो गई थी अनुकूल परिस्थितियां, प्रासंगिक मुद्दे और मोदी जी के उभार से मिली जीत नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी समारोहों के उद्घाटन के दौरान कही बात
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंग्रेजी की मुखालफत की है। उन्होंने कहा कि लोगों के सिर पर अंग्रेजी का भूत सवार हो गया है और इस भूत को उतारना बहुत जरूरी है।टिप्पणियां शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अंग्रेजी बोलने वाले लोग मुमहामेधीभर ही हैं, जिन्होंने इसका ऐसा मायाजाल फैला रखा है कि इसके बगैर कुछ हो ही नहीं सकता है। यह वर्ग नहीं चाहता कि अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म हो। उसे डर है कि अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई तो मध्यप्रदेश के गांवों में बैठा व्यक्ति आईएएस, आईपीएस बन जाएगा। चौहान ने कहा कि एकात्मक मानववाद की सोच के अनुसार ही प्रदेश का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जनवरी को युवा पंचायत होगी। जनवरी से जून तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली मिलना शुरू हो जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अंग्रेजी बोलने वाले लोग मुमहामेधीभर ही हैं, जिन्होंने इसका ऐसा मायाजाल फैला रखा है कि इसके बगैर कुछ हो ही नहीं सकता है। यह वर्ग नहीं चाहता कि अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म हो। उसे डर है कि अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई तो मध्यप्रदेश के गांवों में बैठा व्यक्ति आईएएस, आईपीएस बन जाएगा। चौहान ने कहा कि एकात्मक मानववाद की सोच के अनुसार ही प्रदेश का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जनवरी को युवा पंचायत होगी। जनवरी से जून तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली मिलना शुरू हो जाएगी। चौहान ने कहा कि एकात्मक मानववाद की सोच के अनुसार ही प्रदेश का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जनवरी को युवा पंचायत होगी। जनवरी से जून तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली मिलना शुरू हो जाएगी।
यह एक सारांश है: शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि अंग्रेजी बोलने वाले लोग मुमहामेधीभर ही हैं, जिन्होंने इसका ऐसा मायाजाल फैला रखा है कि इसके बगैर कुछ हो ही नहीं सकता है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंग्रेजी दैनिक 'मिड-डे' के सम्पादक (विशेष खोज) ज्योतिर्मय डे की पिछले साल जून में हुई हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार महिला पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ मुम्बई पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की अदालत में मंगलवार को आरोप-पत्र दाखिल किया। साथ ही यह भी कहा कि दोनों पत्रकारों के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही डे की जान गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) देवेंद्र भारती ने बताया, "हमने मकोका की अदालत में आज (मंगलवार को) वोरा के खिलाफ अनुपूरक आरोप-पत्र दाखिल किया। उसके खिलाफ मामला बनाने के लिए हमने पर्याप्त सबूत सूचीबद्ध किए हैं।" भारती ने बताया कि आरोप-पत्र 1,400 पृष्ठों का है और इसमें उन सभी सबूतों को शामिल किया गया है, जिसे अपराध शाखा ने जुटाए हैं। पिछले वर्ष 11 जून को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने घर लौटते वक्त मुम्बई के पवई इलाके में डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वोरा को इस सिलसिले में पिछले साल 25 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था। वह मुम्बई के एक दैनिक समाचार पत्र में उप ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत थी। आरोप है कि उसने ही डे का मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता फरार माफिया डॉन राजन को मुहैया कराया था। मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था।टिप्पणियां मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) देवेंद्र भारती ने बताया, "हमने मकोका की अदालत में आज (मंगलवार को) वोरा के खिलाफ अनुपूरक आरोप-पत्र दाखिल किया। उसके खिलाफ मामला बनाने के लिए हमने पर्याप्त सबूत सूचीबद्ध किए हैं।" भारती ने बताया कि आरोप-पत्र 1,400 पृष्ठों का है और इसमें उन सभी सबूतों को शामिल किया गया है, जिसे अपराध शाखा ने जुटाए हैं। पिछले वर्ष 11 जून को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने घर लौटते वक्त मुम्बई के पवई इलाके में डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वोरा को इस सिलसिले में पिछले साल 25 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था। वह मुम्बई के एक दैनिक समाचार पत्र में उप ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत थी। आरोप है कि उसने ही डे का मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता फरार माफिया डॉन राजन को मुहैया कराया था। मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था।टिप्पणियां मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। भारती ने बताया कि आरोप-पत्र 1,400 पृष्ठों का है और इसमें उन सभी सबूतों को शामिल किया गया है, जिसे अपराध शाखा ने जुटाए हैं। पिछले वर्ष 11 जून को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने घर लौटते वक्त मुम्बई के पवई इलाके में डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वोरा को इस सिलसिले में पिछले साल 25 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था। वह मुम्बई के एक दैनिक समाचार पत्र में उप ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत थी। आरोप है कि उसने ही डे का मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता फरार माफिया डॉन राजन को मुहैया कराया था। मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था।टिप्पणियां मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। पिछले वर्ष 11 जून को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने घर लौटते वक्त मुम्बई के पवई इलाके में डे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वोरा को इस सिलसिले में पिछले साल 25 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया था। वह मुम्बई के एक दैनिक समाचार पत्र में उप ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत थी। आरोप है कि उसने ही डे का मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता फरार माफिया डॉन राजन को मुहैया कराया था। मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था।टिप्पणियां मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। मुम्बई पुलिस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में भी इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था, लेकिन उसमें वोरा का नाम नहीं था।टिप्पणियां मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। मकोका की विशेष अदालत में दाखिल 3,055 पृष्ठों के आरोप-पत्र में डे की हत्या में शामिल 10 लोगों की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा दिया गया था, जिसमें भगोड़ा डॉन छोटा राजन का नाम भी दर्ज है। राजन तथा इस मामले के एक अन्य आरोपी नयन सिंह अब भी फरार हैं। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई। अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास इसके पक्ष में पर्याप्त तर्क हैं कि डे और वोरा के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण ही उनकी हत्या हुई।
यहाँ एक सारांश है:अंग्रेजी दैनिक 'मिड-डे' के सम्पादक (विशेष खोज) ज्योतिर्मय डे की पिछले साल जून में हुई हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार महिला पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ मुम्बई पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की अदालत में मंगलवार को आरोप-पत्र दाखिल क
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यह पहना मौका नहीं है जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐसा रुख अपनाया हो. बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ सिलसिला अभी तक जारी है. सिन्हा ने सर्जिकल स्ट्राइक, तूतीकोरन, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने की कवायद तक पर पार्टी को नसीहत दे डाली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान सिन्हा ने तो पीएम मोदी पर निशाना साधते हुये कहा था कि प्रधानमंत्री बन जाने से कोई बुद्धिमान नहीं हो जाता है. वहीं एक बार बीजेपी को नसीहत देते हुये तेजस्वी की तारीफ भी कर डाली थी उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के ‘‘मित्रों ’’ अब काम शुरू कर दो वरना ‘‘ अर्जुन ’’सत्ता हथियाने को तैयार है, क्योंकि तेजस्वी यादव की चुनौती अब उनके दरवाजे पर दस्तक दे रही है.  उन्होंने ट्वीटर पर लिखा है, 'एनडीए में शामिल मेरे दोस्त बिहार के लिये कुछ काम करना शुरू करो नहीं तो अर्जुन यानी तेजस्वी यादव आपकी जगह लेने के लिये तैयार है. तेजस्वी यादव की चुनौती अब बिहार के हर कोने से गूंज रही है.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में हुआ विरोध मनीष सिसोदिया के साथ थे सिन्हा पार्टी के रुख के खिलाफ बयान देते हैं शत्रुघ्न
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी(सपा)प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को यहां कहा कि पार्टी के प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर उन्हें और उनके पुत्र अखिलेश यादव को सुबह कई घंटे तक नजरबंद रखने के मायावती सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये का मामला वह लोकसभा में उठाएंगे। लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग में अपने आवास के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में यादव ने मायावती सरकार पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि बहुजन समाज पार्टी(बसपा) सरकार के इस निरंकुश कदम का मुद्दा वह लोकसभा में उठाएंगे। सपा प्रमुख ने दावा किया लोकसभाध्यक्ष को पत्र फैक्स करने के बाद सख्ती कम की गई और उन्हें बाहर निकलने दिया गया। इस पत्र में यादव ने कहा था कि उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। इसलिए वह लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे आवास और पार्टी मुख्यालय को छावनी में बदल दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस तैनात करके सारे रास्तों पर पुलिस ने बैरीकेडिंग कर दी गई थी। संवाददाताओं से बातचीत के बाद यादव दिल्ली के लिए रवाना हो गये। उधर, लखनऊ के जिलाधिकारी अनिल कुमार सागर ने संवाददाताओं से यादव के दावे को खारिज करते हुए कहा कि न तो किसी को नजरबंद किया गया और न ही सारे रास्ते बंद किये। हां, सुरक्षा के कड़े इंतजाम जरूर किये गये थे। सपा मुखिया की तरफ से लोकसभाध्यक्ष को फैक्स किये गये पत्र के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उधर, मायावती सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सपा कार्यकर्ता राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदशर्न कर रहे हैं। सपा के उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि मायावती सरकार की तानाशाही और लूट व भ्रष्टाचार के खिलाफ सपा के कार्यकर्ता तीन दिन तक प्रदेशभर में प्रदशर्न करेंगे।
संक्षिप्त पाठ: मुलायम सिंह यादव ने कहा कि पार्टी के प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के मद्देनजर उन्हें और उनके पुत्र अखिलेश यादव को सुबह कई घंटे तक नजरबंद रखा गया।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने प्रशंसा करते हुए कहा कि वित्त मंत्री बेहतर प्रधानमंत्रियोंमें शुमार हो सकते हैं, जिसका देश को अभी तक इंतजार है। भारतीय सांख्यकी संस्थान (आईएसआई) में अपना विचार रखते हुए पत्रकार से राजनेता बने शौरी ने कहा कि मुखर्जी की केंद्र सरकार में अहम भूमिका है और भारतीय राजनीति में वह सबसे विश्वस्त व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय राजनीति में प्रणब मुखर्जी पर लोगों को जितना भरोसा है, उतना किसी पर नहीं। वह वर्तमान सरकार के मुख्य स्तंभ हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि वह आज देश का शासन चलाने में भी सक्षम साबित हो सकते हैं।" उल्लेखनीय है कि 2004 में सत्ता में आने के बाद से ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मुखर्जी की संकट हरने वाले की भूमिका रही है। शौरी ने कहा, "जब भी कोई समस्या आती है तो प्रणब मुखर्जी को बुलाया जाता है। इसलिए मुझे विश्वास है कि वह बेहतर प्रधानमंत्री साबित हो सकते हैं, जिसका हमें इंतजार है।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उल्लेखनीय है कि 2004 में सत्ता में आने के बाद से ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मुखर्जी की संकट हरने वाले की भूमिका रही है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरएसएस के असंतुष्ट कार्यकर्ता कमल चौहान ने दावा किया कि उसने वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस में बम रखा जिसमें 68 लोग मारे गये थे। मारे गए लोगों में ज्यादातर पाकिस्तानी थे।टिप्पणियां चौहान ने पंचकुला में बंद कमरे हुई सुनवाई के बाद वहां से ले जाए जाते समय मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हां मैंने इसे अपनी इच्छा से किया था।’’ अदालत ने सुनवाई के दौरान दिल्ली से लाहौर जाने वाली ट्रेन में विस्फोट में उसकी कथित भूमिका को देखते हुए उसे पूछताछ के लिए 24 फरवरी तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया। उसकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब एनआईए ने आरोप लगाया था कि इंदौर में रहने वाले चौहान ने समझौता एक्सप्रेस में बम रखा था और उसने हरियाणा और मध्य प्रदेश में हथियारों और विस्फोटकों का प्रशिक्षण हासिल किया था। चौहान ने पंचकुला में बंद कमरे हुई सुनवाई के बाद वहां से ले जाए जाते समय मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हां मैंने इसे अपनी इच्छा से किया था।’’ अदालत ने सुनवाई के दौरान दिल्ली से लाहौर जाने वाली ट्रेन में विस्फोट में उसकी कथित भूमिका को देखते हुए उसे पूछताछ के लिए 24 फरवरी तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया। उसकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब एनआईए ने आरोप लगाया था कि इंदौर में रहने वाले चौहान ने समझौता एक्सप्रेस में बम रखा था और उसने हरियाणा और मध्य प्रदेश में हथियारों और विस्फोटकों का प्रशिक्षण हासिल किया था। उसकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब एनआईए ने आरोप लगाया था कि इंदौर में रहने वाले चौहान ने समझौता एक्सप्रेस में बम रखा था और उसने हरियाणा और मध्य प्रदेश में हथियारों और विस्फोटकों का प्रशिक्षण हासिल किया था।
संक्षिप्त पाठ: एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए आरएसएस के असंतुष्ट कार्यकर्ता कमल चौहान ने दावा किया कि उसने समझौता एक्सप्रेस में बम रखा जिसमें 68 लोग मारे गये थे।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुपरमॉडल केट मॉस के चाहने वालों के लिए खुशखबरी है कि मुमकिन है कि वह अब जल्द ही फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत कर दें। उल्लेखनीय है कि केट ने 'एब्सॉल्यूटली फैब्युलस' के विशेष चैरिटी शो में एक छोटी-सी भूमिका की थी, और उनके अभिनय से शो की निर्माता जेनिफर सांडर्स काफी प्रभावित हुई थीं, और जेनिफर अब चाहती हैं कि केट फिल्म में अभिनय करें।टिप्पणियां पत्रिका 'क्लोज़र' के मुताबिक जेनिफर ने कहा, "मॉस ने टीम के साथ बहुत अच्छा काम किया। हम दोबारा उनके साथ काम करना पसंद करेंगे। मैं वर्तमान में फिल्म लिख रही हूं, जिसमें मैं उन्हें जगह देना चाहती हूं।" उन्होंने यह भी कहा, "मॉस बहुत अच्छी और प्यारी हैं। उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है। वह बहुत मधुर व्यक्ति हैं। उनके नखरे नहीं हैं।" उल्लेखनीय है कि केट ने 'एब्सॉल्यूटली फैब्युलस' के विशेष चैरिटी शो में एक छोटी-सी भूमिका की थी, और उनके अभिनय से शो की निर्माता जेनिफर सांडर्स काफी प्रभावित हुई थीं, और जेनिफर अब चाहती हैं कि केट फिल्म में अभिनय करें।टिप्पणियां पत्रिका 'क्लोज़र' के मुताबिक जेनिफर ने कहा, "मॉस ने टीम के साथ बहुत अच्छा काम किया। हम दोबारा उनके साथ काम करना पसंद करेंगे। मैं वर्तमान में फिल्म लिख रही हूं, जिसमें मैं उन्हें जगह देना चाहती हूं।" उन्होंने यह भी कहा, "मॉस बहुत अच्छी और प्यारी हैं। उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है। वह बहुत मधुर व्यक्ति हैं। उनके नखरे नहीं हैं।" पत्रिका 'क्लोज़र' के मुताबिक जेनिफर ने कहा, "मॉस ने टीम के साथ बहुत अच्छा काम किया। हम दोबारा उनके साथ काम करना पसंद करेंगे। मैं वर्तमान में फिल्म लिख रही हूं, जिसमें मैं उन्हें जगह देना चाहती हूं।" उन्होंने यह भी कहा, "मॉस बहुत अच्छी और प्यारी हैं। उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है। वह बहुत मधुर व्यक्ति हैं। उनके नखरे नहीं हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "मॉस बहुत अच्छी और प्यारी हैं। उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है। वह बहुत मधुर व्यक्ति हैं। उनके नखरे नहीं हैं।"
'एब्सॉल्यूटली फैब्युलस' के विशेष चैरिटी शो की निर्माता जेनिफर सांडर्स इस सुपरमॉडल के अभिनय से काफी प्रभावित हैं, और चाहती हैं कि केट फिल्म में अभिनय करें।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) से मुख्यमंत्री पेमा खांडू और छह अन्य विधायकों को निलंबित किए जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश की सियासत में नया सियासी नाटक सामने आया है. खांडू की सरकार ने शुक्रवार को 49 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया. भाजपा ने भी खांडू को समर्थन देने की बात कही है. भाजपा का यह भी कहना है कि किसी अन्य मुख्यमंत्री का 'कभी भी' समर्थन नहीं करेगी. दूसरी ओर, पीपीए ने कहा कि नेतृत्व में बदलाव होगा. पीएचईडी मंत्री टाकम पारियो अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं. पेमा खांडू की सरकार ने पीपीए के 35 विधायकों सहित कुल 49 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया. अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में कुल 60 विधायक हैं . खांडू को कल उन्हीं की पार्टी पीपीए ने निलंबित कर दिया था. उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता बामांग फेलिक्स ने दावा किया कि पीपीए के 43 में से 35 विधायकों ने खांडू के नेतृत्व के प्रति यकीन और वफादारी जाहिर की है. फेलिक्स ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "पीपीए के 35, भाजपा के 12, भाजपा से संबद्ध एक सदस्य और एक निर्दलीय सहित कुल 49 विधायकों का समर्थन हमें प्राप्त है." सवालों के जवाब में फेलिक्स ने कहा, "हर चीज पहले की तरह सामान्य चल रही है और मुख्यमंत्री को अब भी पीपीए, भाजपा एवं निर्दलीय विधायकों से स्पष्ट बहुमत प्राप्त है." 43 विधायकों वाली पीपीए ने कल आधी रात को मुख्यमंत्री खांडू, उप-मुख्यमंत्री चोवना मेन और पांच अन्य विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. फेलिक्स ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, "हम खांडू सहित सात विधायकों के निलंबन के कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा, "पीपीए किसी एक आदमी की पार्टी नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष काहफा बेंजिया ने जो भी फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय था."टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दूसरी ओर, पीपीए ने कहा कि नेतृत्व में बदलाव होगा. पीएचईडी मंत्री टाकम पारियो अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं. पेमा खांडू की सरकार ने पीपीए के 35 विधायकों सहित कुल 49 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया. अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में कुल 60 विधायक हैं . खांडू को कल उन्हीं की पार्टी पीपीए ने निलंबित कर दिया था. उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता बामांग फेलिक्स ने दावा किया कि पीपीए के 43 में से 35 विधायकों ने खांडू के नेतृत्व के प्रति यकीन और वफादारी जाहिर की है. फेलिक्स ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "पीपीए के 35, भाजपा के 12, भाजपा से संबद्ध एक सदस्य और एक निर्दलीय सहित कुल 49 विधायकों का समर्थन हमें प्राप्त है." सवालों के जवाब में फेलिक्स ने कहा, "हर चीज पहले की तरह सामान्य चल रही है और मुख्यमंत्री को अब भी पीपीए, भाजपा एवं निर्दलीय विधायकों से स्पष्ट बहुमत प्राप्त है." 43 विधायकों वाली पीपीए ने कल आधी रात को मुख्यमंत्री खांडू, उप-मुख्यमंत्री चोवना मेन और पांच अन्य विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. फेलिक्स ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, "हम खांडू सहित सात विधायकों के निलंबन के कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा, "पीपीए किसी एक आदमी की पार्टी नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष काहफा बेंजिया ने जो भी फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय था."टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता बामांग फेलिक्स ने दावा किया कि पीपीए के 43 में से 35 विधायकों ने खांडू के नेतृत्व के प्रति यकीन और वफादारी जाहिर की है. फेलिक्स ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "पीपीए के 35, भाजपा के 12, भाजपा से संबद्ध एक सदस्य और एक निर्दलीय सहित कुल 49 विधायकों का समर्थन हमें प्राप्त है." सवालों के जवाब में फेलिक्स ने कहा, "हर चीज पहले की तरह सामान्य चल रही है और मुख्यमंत्री को अब भी पीपीए, भाजपा एवं निर्दलीय विधायकों से स्पष्ट बहुमत प्राप्त है." 43 विधायकों वाली पीपीए ने कल आधी रात को मुख्यमंत्री खांडू, उप-मुख्यमंत्री चोवना मेन और पांच अन्य विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. फेलिक्स ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, "हम खांडू सहित सात विधायकों के निलंबन के कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा, "पीपीए किसी एक आदमी की पार्टी नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष काहफा बेंजिया ने जो भी फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय था."टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सवालों के जवाब में फेलिक्स ने कहा, "हर चीज पहले की तरह सामान्य चल रही है और मुख्यमंत्री को अब भी पीपीए, भाजपा एवं निर्दलीय विधायकों से स्पष्ट बहुमत प्राप्त है." 43 विधायकों वाली पीपीए ने कल आधी रात को मुख्यमंत्री खांडू, उप-मुख्यमंत्री चोवना मेन और पांच अन्य विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. फेलिक्स ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, "हम खांडू सहित सात विधायकों के निलंबन के कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा, "पीपीए किसी एक आदमी की पार्टी नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष काहफा बेंजिया ने जो भी फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय था."टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फेलिक्स ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा, "हम खांडू सहित सात विधायकों के निलंबन के कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा, "पीपीए किसी एक आदमी की पार्टी नहीं है. पार्टी के अध्यक्ष काहफा बेंजिया ने जो भी फैसला किया, वह उनका अपना निर्णय था."टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रवक्ता ने कहा, "हम पार्टी विधायकों के बीच के मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं." पीपीए विधायकों के भाजपा में शामिल होने की तैयारियों के भाजपा के दावे पर फेलिक्स ने कहा कि चूंकि पीपीए भाजपा की अगुवाई वाले पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) सरकार में साझेदार है, लिहाजा "ऐसा कोई सवाल पैदा नहीं होता." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाजपा ने भी खांडू को समर्थन देने की बात कही है पीपीए अध्यक्ष ने कहा कि नेतृत्व में बदलाव होगा पीएचईडी मंत्री टाकम पारियो अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पणजी से कुछ दूर स्थित अस्सागाओ गांव के पास जंगली इलाके में एक युवती का शव पाया गया है और पुलिस को संदेह है कि यह बलात्कार का मामला हो सकता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस युवती के शरीर पर कपड़े नहीं थे और उसकी उम्र 20 साल के आसपास है। उन्होंने बताया कि लड़की के सिर को बुरी तरह से कुचल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले के संदिग्ध की पहचान पहले ही कर ली गई है। युवती के शव को दो वनरक्षकों ने देखा जो अस्सागाओ की नियमित गश्त पर थे।टिप्पणियां पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि संदिग्ध स्कूटर से जंगल से निकल रहा था, जिसे वनरक्षकों ने देख लिया । संदिग्ध की पहचान रंजीत तुइंकर के रूप में की गई है, जो अंजुना गांव का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, संदिग्ध अभी फरार है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस युवती के शरीर पर कपड़े नहीं थे और उसकी उम्र 20 साल के आसपास है। उन्होंने बताया कि लड़की के सिर को बुरी तरह से कुचल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले के संदिग्ध की पहचान पहले ही कर ली गई है। युवती के शव को दो वनरक्षकों ने देखा जो अस्सागाओ की नियमित गश्त पर थे।टिप्पणियां पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि संदिग्ध स्कूटर से जंगल से निकल रहा था, जिसे वनरक्षकों ने देख लिया । संदिग्ध की पहचान रंजीत तुइंकर के रूप में की गई है, जो अंजुना गांव का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, संदिग्ध अभी फरार है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि संदिग्ध स्कूटर से जंगल से निकल रहा था, जिसे वनरक्षकों ने देख लिया । संदिग्ध की पहचान रंजीत तुइंकर के रूप में की गई है, जो अंजुना गांव का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, संदिग्ध अभी फरार है। संदिग्ध की पहचान रंजीत तुइंकर के रूप में की गई है, जो अंजुना गांव का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, संदिग्ध अभी फरार है।
संक्षिप्त पाठ: पणजी से कुछ दूर स्थित अस्सागाओ गांव के पास जंगली इलाके में एक युवती का शव पाया गया है और पुलिस को संदेह है कि यह बलात्कार का मामला हो सकता है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि 2012-13 में अधिकतर भारतीय कंपनियों की बिक्री और लाभ कम रही। आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "2011-12 के मुकाबले 2012-13 में अधिकतर कंपनियों में बिक्री और लाभ कम रही।" बयान के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में प्रमुख उद्योगों में मशीन, वाहन और सीमेंट उद्योगों में बिक्री घटी। लोहा और इस्पात उद्योग में लाभ मार्जिन बेहतर हुआ, जबकि सीमेंट उद्योग में लाभ मार्जिन घटा। यह आंकड़े शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 2,931 गैर सरकारी और गैर वित्तीय कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।टिप्पणियां बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "2011-12 के मुकाबले 2012-13 में अधिकतर कंपनियों में बिक्री और लाभ कम रही।" बयान के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में प्रमुख उद्योगों में मशीन, वाहन और सीमेंट उद्योगों में बिक्री घटी। लोहा और इस्पात उद्योग में लाभ मार्जिन बेहतर हुआ, जबकि सीमेंट उद्योग में लाभ मार्जिन घटा। यह आंकड़े शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 2,931 गैर सरकारी और गैर वित्तीय कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।टिप्पणियां बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। बयान के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में प्रमुख उद्योगों में मशीन, वाहन और सीमेंट उद्योगों में बिक्री घटी। लोहा और इस्पात उद्योग में लाभ मार्जिन बेहतर हुआ, जबकि सीमेंट उद्योग में लाभ मार्जिन घटा। यह आंकड़े शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 2,931 गैर सरकारी और गैर वित्तीय कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।टिप्पणियां बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। लोहा और इस्पात उद्योग में लाभ मार्जिन बेहतर हुआ, जबकि सीमेंट उद्योग में लाभ मार्जिन घटा। यह आंकड़े शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 2,931 गैर सरकारी और गैर वित्तीय कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।टिप्पणियां बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। यह आंकड़े शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 2,931 गैर सरकारी और गैर वित्तीय कंपनियों के वित्तीय परिणामों पर आधारित हैं।टिप्पणियां बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। बयान के मुताबिक विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी को छोड़कर सेवा उद्योग में बिक्री कम रही। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी। बयान के मुताबिक छोटी कंपनियों (एक अरब रुपये तक की बिक्री) की बिक्री 2008-09 के बाद से लगातार घटती गई, जबकि बड़ी कंपनियों की बिक्री 2012-13 में तेजी से घटी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि 2012-13 में अधिकतर भारतीय कंपनियों की बिक्री और लाभ कम रही। आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "2011-12 के मुकाबले 2012-13 में अधिकतर कंपनियों में बिक्री और लाभ कम रही।"
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एजेंसी ने कहा कि राजन का रिकॉर्डेड आवाज नमूना छोटा राजन और जिग्ना के बीच हुई बातचीत से मेल खाता है. अदालत ने पिछले महीने आज तक के लिए सुनवाई स्थगित करते हुए कहा था कि अगर एजेंसी ने आरोप पत्र दायर नहीं किया तो वह मुंबई पुलिस की अपराध शाखा द्वारा पहले दायर आरोप-पत्र के मुताबिक ही आरोप तय कर देगी. विशेष लोक अभियोजक भारत बादामी ने तब अदालत को सूचित किया था कि एजेंसी को वांछित आरोपी नयन सिंह बिष्ट के खिलाफ कुछ और सबूत मिले हैं और वह उसे आरोप-पत्र में शामिल कर रही है। राजन को पिछले वर्ष 25 अक्टूबर को इंडोनेशिया में बाली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया था. उसके ऊपर महाराष्ट्र में करीब 70 मामले हैं जिनमें 2011 में जे डे हत्या मामला भी शामिल है. महाराष्ट्र सरकार ने इस सभी मामलों को सीबीआई को सौंप दिया है. वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर  डे की 11 जून 2011 को पोवई में कथित तौर पर राजन के इशारे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जांचकर्ताओं के मुताबिक राजन डे द्वारा अपने बारे में लिखे गए कुछ लेखों से क्षुब्ध था. वर्ष 2011 में दायर पहले आरोपपत्र में सतीश कालिया, अभिजीत शिंदे, अरुण डाके, सचिन गायकवाड़, अनिल वाघमोडे, निलेश शेंगदे, मंगेश अगावाने, विनोद असरानी, पॉल्सन जोसफ और दीपक सिसोदिया के नाम शामिल हैं. इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है.टिप्पणियां अगले वर्ष पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ एक और आरोपपत्र दायर किया गया था. वोरा पर आरोप है कि पेशेवर प्रतिद्वंद्विता में उन्होंने डे के खिलाफ राजन को उकसाया. वोरा अब जमानत पर हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजन को पिछले वर्ष 25 अक्टूबर को इंडोनेशिया में बाली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया था. उसके ऊपर महाराष्ट्र में करीब 70 मामले हैं जिनमें 2011 में जे डे हत्या मामला भी शामिल है. महाराष्ट्र सरकार ने इस सभी मामलों को सीबीआई को सौंप दिया है. वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर  डे की 11 जून 2011 को पोवई में कथित तौर पर राजन के इशारे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जांचकर्ताओं के मुताबिक राजन डे द्वारा अपने बारे में लिखे गए कुछ लेखों से क्षुब्ध था. वर्ष 2011 में दायर पहले आरोपपत्र में सतीश कालिया, अभिजीत शिंदे, अरुण डाके, सचिन गायकवाड़, अनिल वाघमोडे, निलेश शेंगदे, मंगेश अगावाने, विनोद असरानी, पॉल्सन जोसफ और दीपक सिसोदिया के नाम शामिल हैं. इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है.टिप्पणियां अगले वर्ष पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ एक और आरोपपत्र दायर किया गया था. वोरा पर आरोप है कि पेशेवर प्रतिद्वंद्विता में उन्होंने डे के खिलाफ राजन को उकसाया. वोरा अब जमानत पर हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्ष 2011 में दायर पहले आरोपपत्र में सतीश कालिया, अभिजीत शिंदे, अरुण डाके, सचिन गायकवाड़, अनिल वाघमोडे, निलेश शेंगदे, मंगेश अगावाने, विनोद असरानी, पॉल्सन जोसफ और दीपक सिसोदिया के नाम शामिल हैं. इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है.टिप्पणियां अगले वर्ष पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ एक और आरोपपत्र दायर किया गया था. वोरा पर आरोप है कि पेशेवर प्रतिद्वंद्विता में उन्होंने डे के खिलाफ राजन को उकसाया. वोरा अब जमानत पर हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अगले वर्ष पत्रकार जिग्ना वोरा के खिलाफ एक और आरोपपत्र दायर किया गया था. वोरा पर आरोप है कि पेशेवर प्रतिद्वंद्विता में उन्होंने डे के खिलाफ राजन को उकसाया. वोरा अब जमानत पर हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: सीबीआई ने छोटा राजन के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दायर किया एजेंसी ने अपने आरोप-पत्र में 41 गवाहों के बयान दर्ज किए गिरफ्तार पत्रकार जिग्ना वोरा और राजन की बातचीत का ब्यौरा भी शामिल
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव हो रहे हैं और इसके साथ ही वर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का कार्यकाल समाप्त हो गया है. इस साल 9 फरवरी को जेएनयू में हुई घटना के बाद से चर्चा में आए कन्हैया कुमार ने अपने कार्यकाल खत्म होने पर फेसबुक पर एक पोस्ट डाली है जिसमें उन्होंने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों से लेकर उन तमाम शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उनके कार्यकाल खासकर जेएनयू छात्रसंघ के संघर्ष के दौरान उनका साथ दिया.  टिप्पणियांबता दें कि देश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आज छात्र संघ चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. राजनीतिक रूप से सक्रिय दोनों विश्वविद्यालयों में करीब 35 उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य का फैसला होगा. अधिकरियों ने दोनों विश्वविद्यालयों में मतदान के लिए तैयारियां कर ली हैं. हाल के महीनों में विश्वविद्यालय परिसरों में हुए विवादों की पृष्ठभूमि में यह चुनाव हो रहा है और लोगों की नजरें इस पर लगी हुई हैं. नौ फरवरी की घटना की पृष्ठभूमि में जेएनयू के चुनाव पर इस बार विशेष रूप से नजर है. उस घटना में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए थे और जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था. इस मामले ने देश भर में काफी सुर्खियां बटोरी थी.  टिप्पणियांबता दें कि देश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आज छात्र संघ चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. राजनीतिक रूप से सक्रिय दोनों विश्वविद्यालयों में करीब 35 उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य का फैसला होगा. अधिकरियों ने दोनों विश्वविद्यालयों में मतदान के लिए तैयारियां कर ली हैं. हाल के महीनों में विश्वविद्यालय परिसरों में हुए विवादों की पृष्ठभूमि में यह चुनाव हो रहा है और लोगों की नजरें इस पर लगी हुई हैं. नौ फरवरी की घटना की पृष्ठभूमि में जेएनयू के चुनाव पर इस बार विशेष रूप से नजर है. उस घटना में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए थे और जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था. इस मामले ने देश भर में काफी सुर्खियां बटोरी थी. बता दें कि देश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आज छात्र संघ चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. राजनीतिक रूप से सक्रिय दोनों विश्वविद्यालयों में करीब 35 उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य का फैसला होगा. अधिकरियों ने दोनों विश्वविद्यालयों में मतदान के लिए तैयारियां कर ली हैं. हाल के महीनों में विश्वविद्यालय परिसरों में हुए विवादों की पृष्ठभूमि में यह चुनाव हो रहा है और लोगों की नजरें इस पर लगी हुई हैं. नौ फरवरी की घटना की पृष्ठभूमि में जेएनयू के चुनाव पर इस बार विशेष रूप से नजर है. उस घटना में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए थे और जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था. इस मामले ने देश भर में काफी सुर्खियां बटोरी थी. नौ फरवरी की घटना की पृष्ठभूमि में जेएनयू के चुनाव पर इस बार विशेष रूप से नजर है. उस घटना में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गए थे और जेएनयू के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था. इस मामले ने देश भर में काफी सुर्खियां बटोरी थी.
यहाँ एक सारांश है:जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में कन्हैया कुमार का कार्यकाल समाप्त इस मौके पर कन्हैया कुमार ने फेसबुक पोस्ट पर सबका धन्यवाद दिया शुक्रवार को जेएनयू और डीयू में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी गोवा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से दूरी बनाने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य नेताओं पर उस वक्त परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए दिखाई दिए जब उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी दरियादिली को बाहर बैठे लोग नहीं समझेंगे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को उनके बाद भाषण देना चाहिए क्योंकि लोकप्रिय नेता को बाद में बोलना चाहिए। भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मोदी ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, ‘मैं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के प्रति बहुत कृतज्ञ हूं कि उन्होंने न केवल मुझे नई जिम्मेदारी सौंपी है बल्कि कार्यकर्ताओं और देश की जनता के सामने बहुत सम्मान भी दिया है। मैं उनके प्रति आभारी हूं।’ मोदी ने कहा, ‘राजनाथ जी बोलने के लिए खड़े हुए और मुझे बैठने को कहा। बाहर जो लोग बैठे हैं उनके लिए इसके महत्व को समझना कठिन है। कोई व्यक्ति केवल पद होने पर ऐसा नहीं करता बल्कि उसके लिए बड़ा दिल होना भी जरूरी है। इसे दरियादिली कहते हैं, जो पार्टी अध्यक्ष ने दिखाई।’ मोदी ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन माना जा रहा है कि ऐसी टिप्पणी करके उन्होंने आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं की ओर इशारा किया जो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री ने उसी वक्त यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके राजनीतिक करियर को आकार दिया है जिन्होंने अपने परिवार से ज्यादा वक्त उनके साथ बिताया।टिप्पणियां मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को उनके बाद भाषण देना चाहिए क्योंकि लोकप्रिय नेता को बाद में बोलना चाहिए। भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मोदी ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, ‘मैं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के प्रति बहुत कृतज्ञ हूं कि उन्होंने न केवल मुझे नई जिम्मेदारी सौंपी है बल्कि कार्यकर्ताओं और देश की जनता के सामने बहुत सम्मान भी दिया है। मैं उनके प्रति आभारी हूं।’ मोदी ने कहा, ‘राजनाथ जी बोलने के लिए खड़े हुए और मुझे बैठने को कहा। बाहर जो लोग बैठे हैं उनके लिए इसके महत्व को समझना कठिन है। कोई व्यक्ति केवल पद होने पर ऐसा नहीं करता बल्कि उसके लिए बड़ा दिल होना भी जरूरी है। इसे दरियादिली कहते हैं, जो पार्टी अध्यक्ष ने दिखाई।’ मोदी ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन माना जा रहा है कि ऐसी टिप्पणी करके उन्होंने आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं की ओर इशारा किया जो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री ने उसी वक्त यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके राजनीतिक करियर को आकार दिया है जिन्होंने अपने परिवार से ज्यादा वक्त उनके साथ बिताया।टिप्पणियां मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मोदी ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, ‘मैं पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के प्रति बहुत कृतज्ञ हूं कि उन्होंने न केवल मुझे नई जिम्मेदारी सौंपी है बल्कि कार्यकर्ताओं और देश की जनता के सामने बहुत सम्मान भी दिया है। मैं उनके प्रति आभारी हूं।’ मोदी ने कहा, ‘राजनाथ जी बोलने के लिए खड़े हुए और मुझे बैठने को कहा। बाहर जो लोग बैठे हैं उनके लिए इसके महत्व को समझना कठिन है। कोई व्यक्ति केवल पद होने पर ऐसा नहीं करता बल्कि उसके लिए बड़ा दिल होना भी जरूरी है। इसे दरियादिली कहते हैं, जो पार्टी अध्यक्ष ने दिखाई।’ मोदी ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन माना जा रहा है कि ऐसी टिप्पणी करके उन्होंने आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं की ओर इशारा किया जो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री ने उसी वक्त यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके राजनीतिक करियर को आकार दिया है जिन्होंने अपने परिवार से ज्यादा वक्त उनके साथ बिताया।टिप्पणियां मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। मोदी ने कहा, ‘राजनाथ जी बोलने के लिए खड़े हुए और मुझे बैठने को कहा। बाहर जो लोग बैठे हैं उनके लिए इसके महत्व को समझना कठिन है। कोई व्यक्ति केवल पद होने पर ऐसा नहीं करता बल्कि उसके लिए बड़ा दिल होना भी जरूरी है। इसे दरियादिली कहते हैं, जो पार्टी अध्यक्ष ने दिखाई।’ मोदी ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन माना जा रहा है कि ऐसी टिप्पणी करके उन्होंने आडवाणी और कुछ अन्य नेताओं की ओर इशारा किया जो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री ने उसी वक्त यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके राजनीतिक करियर को आकार दिया है जिन्होंने अपने परिवार से ज्यादा वक्त उनके साथ बिताया।टिप्पणियां मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने उसी वक्त यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही उनके राजनीतिक करियर को आकार दिया है जिन्होंने अपने परिवार से ज्यादा वक्त उनके साथ बिताया।टिप्पणियां मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। मोदी ने राजनाथ, अरुण जेटली और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है। इससे पहले, राजनाथ ने कहा कि मोदी को चुनाव प्रचार की कमान सौंपने का फैसला पार्टी के लिए नहीं बल्कि देश के लिए है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नरेंद्र मोदी गोवा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से दूरी बनाने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य नेताओं पर उस वक्त परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए दिखाई दिए जब उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी दरियादि
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर माइक मुलेन के मुताबिक पाकिस्तान में अशरफ परवेज कयानी सबसे शक्तिशाली शख्स हैं और उनका कहना है कि सेना प्रमुख आईएसआई को नियंत्रित करते हैं जो हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तय्यबा को समर्थन देती है और उनका मुखौटे के तौर पर इस्तेमाल करती है। हक्कानी नेटवर्क को आईएसआई का वास्तविक हिस्सा बताए जाने की अपनी बेबाक टिप्पणी पर कायम रहते हुए मुलेन ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अपने सुरक्षा हितों के लिए हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तय्यबा का इस्तेमाल करती है। ज्वांयट चीफ ऑफ स्टॉफ ने जहां अपने रूख को बरकरार रखा है, वहीं व्हाइट हाउस और विदेश विभाग ने उनके इस बयान से दूरी बनाई है। लोकप्रिय नेशनल पब्लिक रेडियो को दिए साक्षात्कार में लंबे समय तक पाकिस्तान के सबसे करीबी मित्र माने जाने वाले मुलेन ने कयानी को पाकिस्तान का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति करार दिया। पिछले ढाई साल में मुलेन और कयानी के बीच करीब 30 बार मुलाकात हो चुकी है। इस महीने के आखिर में पद से विदाई लेने वाले मुलेन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कयानी पाकिस्तान के दोनों तरफ सुरक्षित सीमा चाहते हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या सेना प्रमुख भारत के साथ शांति चाहते हैं। माइक मुलेन ने कहा, आपने मुझसे पूछा कि वह क्या महसूस करते हैं, वह किसमें विश्वास करते हैं और हम क्या बात करते हैं। मेरा मानना है कि यह दीर्घकालिक नजरिया है, दोनों सीमाओं पर शांति और सुरक्षा जिससे बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश के मौके मिलेंगे और एक स्थिर देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, उस देश में सेना एक अति महत्वपूर्ण संगठन है लेकिन हमें केवल उन्हें से संपर्क नहीं रखना चाहिए। अमेरिकी कमांडर ने कहा, राजनीतिक नेताओं से संपर्क, अर्थ जगत के नेताओं से संपर्क, क्षेत्र से संपर्क। मुलेन ने कहा, मैं काफी समय से कह रहा हूं : कश्मीर को सुलझाना जोकि भारत पाक सीमा पर बहुत मुश्किल मुद्दा है। मेरा मानना है कि हमें एक रास्ता निकालने के लिए कोशिश जारी रखनी चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:मुलेन के मुताबिक सेना प्रमुख आईएसआई को नियंत्रित करते हैं जो हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तय्यबा को समर्थन देती है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राहुल गांधी की नागरिकता का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. हिन्दू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है और उनके नामांकन को रद्द करने की मांग की. जानकारी के मुताबिक हिन्दू महासभा की तरफ से जय भगवान गोयल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है और जल्द सुनवाई की मांग की. जल्द सुनवाई की मांग पर कोर्ट ने कहा कि पहले आप रजिस्ट्री से डायरी नंबर दें. याचिका में कहा गया है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं लेकिन फिर भी चुनाव आयोग ने उनका नामांकन मंजूर कर लिया है. आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता का सवाल पहले भी उठ चुका है और उन्होंने इस मुद्दे पर उस समय जोरदार तरीके से बचाव किया था, जब इसे संसद की आचार समिति के समक्ष उठाया गया था. वर्ष 2016 में इस मामले को संसद की आचार समिति में उठाया गया था, जिसके अध्यक्ष भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी हैं. राहुल गांधी उस समय कांग्रेस अध्यक्ष नहीं थे, और उन्होंने कथित तौर पर समिति के समक्ष कहा था कि वह चकित हैं कि उनकी ब्रिटिश नागरिकताकी शिकायत का संज्ञान लिया गया है, जबकि यह व्यवस्थित भी नहीं. उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह का कोई आवेदन ब्रिटिश गृह विभाग में उपलब्ध होगा. रपटों के अनुसार, उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी भी ब्रिटिश नागरिकता पाने की कोशिश नहीं की और यह शिकायत उनकी छवि खराब करने की एक साजिश का हिस्सा है. बता दें कि दिसंबर 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिकता के संबंध में पेश किए गए सबूतों को खारिज कर चुका था. याचिका वकील एम.एल. शर्मा ने दायर की थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने फर्जी बताया था. न्यायालय ने उस समय दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए थे.तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एच.एल. दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा था, "आपको कैसे पता कि ये दस्तावेज प्रामाणिक है?"शर्मा द्वारा सुनवाई पर जोर दिए जाने पर न्यायमूर्ति दत्तू ने शर्मा से कहा था, "मेरी सेवानिवृत्ति के बस दो दिन शेष बचे हैं.आप मुझे मजबूर मत कीजिए कि मैं आपके ऊपर जुर्माना लगा दूं."
यहाँ एक सारांश है:राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर बवाल अब हिन्दू महासभा पहुंची सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी का नामांकन रद्द करने की मांग की
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान ने कहा है कि केंद्र में सत्तासीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कॉमनवेल्थ खेलों के लिए जितने भी ठेके दिए गए थे, उनकी भी जांच की जानी चाहिए। आजम खान ने हाल ही में वाराणसी कमिश्नरी सभागार में समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले उन्होंने ही उठाया था, लेकिन तब किसी ने नही सुनी, इसलिए अब सिर्फ जांच ही नहीं, कार्रवाई भी होनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने टीम अन्ना से अलग हुए अरविंद केजरीवाल की भी चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह मीडिया ने अन्ना हजारे को कुतुब मीनार पर चढ़ा दिया था, वैसे ही अब अरविंद केजरीवाल को चढ़ा रहा है, लेकिन जल्द ही इनकी सीढ़ी भी गायब हो जाएगी। राज्य में पूर्ववर्ती मायावती सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने प्रदेश की स्थिति खराब कर दी है, जिसे सुधारने में वक्त लगेगा। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक को जिलाधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी है। बरेली, शाहजहांपुर आदि कई जनपदों की रिपोर्ट की जांच में यह पर्दाफाश हुआ है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को शाबाशी और खराब काम करने वालों को सजा मिलेगी। आजम खान ने हाल ही में वाराणसी कमिश्नरी सभागार में समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले उन्होंने ही उठाया था, लेकिन तब किसी ने नही सुनी, इसलिए अब सिर्फ जांच ही नहीं, कार्रवाई भी होनी चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने टीम अन्ना से अलग हुए अरविंद केजरीवाल की भी चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह मीडिया ने अन्ना हजारे को कुतुब मीनार पर चढ़ा दिया था, वैसे ही अब अरविंद केजरीवाल को चढ़ा रहा है, लेकिन जल्द ही इनकी सीढ़ी भी गायब हो जाएगी। राज्य में पूर्ववर्ती मायावती सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने प्रदेश की स्थिति खराब कर दी है, जिसे सुधारने में वक्त लगेगा। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक को जिलाधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी है। बरेली, शाहजहांपुर आदि कई जनपदों की रिपोर्ट की जांच में यह पर्दाफाश हुआ है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को शाबाशी और खराब काम करने वालों को सजा मिलेगी। उन्होंने टीम अन्ना से अलग हुए अरविंद केजरीवाल की भी चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह मीडिया ने अन्ना हजारे को कुतुब मीनार पर चढ़ा दिया था, वैसे ही अब अरविंद केजरीवाल को चढ़ा रहा है, लेकिन जल्द ही इनकी सीढ़ी भी गायब हो जाएगी। राज्य में पूर्ववर्ती मायावती सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने प्रदेश की स्थिति खराब कर दी है, जिसे सुधारने में वक्त लगेगा। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक को जिलाधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी है। बरेली, शाहजहांपुर आदि कई जनपदों की रिपोर्ट की जांच में यह पर्दाफाश हुआ है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को शाबाशी और खराब काम करने वालों को सजा मिलेगी। राज्य में पूर्ववर्ती मायावती सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों ने प्रदेश की स्थिति खराब कर दी है, जिसे सुधारने में वक्त लगेगा। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक को जिलाधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी है। बरेली, शाहजहांपुर आदि कई जनपदों की रिपोर्ट की जांच में यह पर्दाफाश हुआ है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को शाबाशी और खराब काम करने वालों को सजा मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ने कहा कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कॉमनवेल्थ खेलों के लिए जितने भी ठेके दिए गए थे, उनकी भी जांच की जानी चाहिए।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना और भाजपा के बीच वाकयुद्ध उस वक्त और तेज हो गया जब भाजपा के एक प्रकाशन ने अपने लेख में एक भाजपा नेता ने उद्धव ठाकरे की पार्टी को ‘तलाक’ लेने की चुनौती दे दी। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रकाशन ‘मनोगत’ में पार्टी के महाराष्ट्र प्रवक्ता माधव भंडारी ने ‘आप तलाक कब ले रहे हैं, श्रीमान राउत’ नामक शीर्षक से एक लेख लिखा है। लेख में शिवसेना को गठबंधन से अलग होने की चुनौती दी गई है तथा दोनों पार्टियों के कई वर्ष पुराने गठबंधन में भाजपा की ओर से किए गए त्याग का उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि शिवसेना के सांसद संजय राउत के 'निजाम' वाले बयान को लेकर इस लेख में उन पर निशाना साधा गया है। लेख में कहा गया, 'एक तरफ वे उसी ‘निजाम’ के दिए प्लेट में ‘बिरयानी’ खाते हैं और दूसरी तरफ हमारी आलोचना करते हैं। उनको केंद्र और राज्य में मंत्रालय मिले हुए हैं, उसी ‘निजाम’ की मदद से सत्ता का सुख भोग रहे हैं और फिर भाजपा को बुरा-भला कहते हैं। इसे कृतघ्नता कहते हैं।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में कहा गया है, 'अगर वे ‘निजाम’ से इतने पीड़ित महसूस करते हैं तो बाहर क्यों नहीं निकल जाते। परंतु वे साहस नहीं दिखाते।' राउत ने हाल ही में कहा था कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारें निजाम की सरकार से भी बदतर हैं। भंडारी ने कहा, 'वे हमारे साथ बैठते है, हमारे साथ खाते हैं और फिर हम पर हमले भी करते हैं..बेहतर होगा कि 'निजाम' के पिता से तलाक ले लिया जाए। इसलिए श्रीमान राउत, आप तलाक कब ले रहे हैं?’ राउत के कथित पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए लेख में कहा गया है कि राउत को लगता है कि मौजूदा सरकार ने बहुत अन्याय किया है और उनको महाराष्ट्र में ‘जल युक्त शिवार’ के माध्यम से किए गए बहुत सारे काम भी दिखाई नहीं देते। चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लेख में कहा गया, '1995 में भाजपा ने 117 सीटों पर चुनाव लड़ा और 65 जीती। 2009 में कम सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा ने शिवसेना से अधिक सीटें जीतीं।' भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' उनके लेख में कहा गया, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेख में शिवसेना को गठबंधन से अलग होने की चुनौती दी गई है तथा दोनों पार्टियों के कई वर्ष पुराने गठबंधन में भाजपा की ओर से किए गए त्याग का उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि शिवसेना के सांसद संजय राउत के 'निजाम' वाले बयान को लेकर इस लेख में उन पर निशाना साधा गया है। लेख में कहा गया, 'एक तरफ वे उसी ‘निजाम’ के दिए प्लेट में ‘बिरयानी’ खाते हैं और दूसरी तरफ हमारी आलोचना करते हैं। उनको केंद्र और राज्य में मंत्रालय मिले हुए हैं, उसी ‘निजाम’ की मदद से सत्ता का सुख भोग रहे हैं और फिर भाजपा को बुरा-भला कहते हैं। इसे कृतघ्नता कहते हैं।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में कहा गया है, 'अगर वे ‘निजाम’ से इतने पीड़ित महसूस करते हैं तो बाहर क्यों नहीं निकल जाते। परंतु वे साहस नहीं दिखाते।' राउत ने हाल ही में कहा था कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारें निजाम की सरकार से भी बदतर हैं। भंडारी ने कहा, 'वे हमारे साथ बैठते है, हमारे साथ खाते हैं और फिर हम पर हमले भी करते हैं..बेहतर होगा कि 'निजाम' के पिता से तलाक ले लिया जाए। इसलिए श्रीमान राउत, आप तलाक कब ले रहे हैं?’ राउत के कथित पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए लेख में कहा गया है कि राउत को लगता है कि मौजूदा सरकार ने बहुत अन्याय किया है और उनको महाराष्ट्र में ‘जल युक्त शिवार’ के माध्यम से किए गए बहुत सारे काम भी दिखाई नहीं देते। चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लेख में कहा गया, '1995 में भाजपा ने 117 सीटों पर चुनाव लड़ा और 65 जीती। 2009 में कम सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा ने शिवसेना से अधिक सीटें जीतीं।' भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' उनके लेख में कहा गया, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेख में कहा गया, 'एक तरफ वे उसी ‘निजाम’ के दिए प्लेट में ‘बिरयानी’ खाते हैं और दूसरी तरफ हमारी आलोचना करते हैं। उनको केंद्र और राज्य में मंत्रालय मिले हुए हैं, उसी ‘निजाम’ की मदद से सत्ता का सुख भोग रहे हैं और फिर भाजपा को बुरा-भला कहते हैं। इसे कृतघ्नता कहते हैं।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में कहा गया है, 'अगर वे ‘निजाम’ से इतने पीड़ित महसूस करते हैं तो बाहर क्यों नहीं निकल जाते। परंतु वे साहस नहीं दिखाते।' राउत ने हाल ही में कहा था कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारें निजाम की सरकार से भी बदतर हैं। भंडारी ने कहा, 'वे हमारे साथ बैठते है, हमारे साथ खाते हैं और फिर हम पर हमले भी करते हैं..बेहतर होगा कि 'निजाम' के पिता से तलाक ले लिया जाए। इसलिए श्रीमान राउत, आप तलाक कब ले रहे हैं?’ राउत के कथित पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए लेख में कहा गया है कि राउत को लगता है कि मौजूदा सरकार ने बहुत अन्याय किया है और उनको महाराष्ट्र में ‘जल युक्त शिवार’ के माध्यम से किए गए बहुत सारे काम भी दिखाई नहीं देते। चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लेख में कहा गया, '1995 में भाजपा ने 117 सीटों पर चुनाव लड़ा और 65 जीती। 2009 में कम सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा ने शिवसेना से अधिक सीटें जीतीं।' भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' उनके लेख में कहा गया, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भंडारी ने कहा, 'वे हमारे साथ बैठते है, हमारे साथ खाते हैं और फिर हम पर हमले भी करते हैं..बेहतर होगा कि 'निजाम' के पिता से तलाक ले लिया जाए। इसलिए श्रीमान राउत, आप तलाक कब ले रहे हैं?’ राउत के कथित पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए लेख में कहा गया है कि राउत को लगता है कि मौजूदा सरकार ने बहुत अन्याय किया है और उनको महाराष्ट्र में ‘जल युक्त शिवार’ के माध्यम से किए गए बहुत सारे काम भी दिखाई नहीं देते। चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लेख में कहा गया, '1995 में भाजपा ने 117 सीटों पर चुनाव लड़ा और 65 जीती। 2009 में कम सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा ने शिवसेना से अधिक सीटें जीतीं।' भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' उनके लेख में कहा गया, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' उनके लेख में कहा गया, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।'टिप्पणियांडिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:लेख में कहा, आप उसी 'निजाम' की मदद से सत्ता सुख भोग रहे हैं 'कम सीटों पर चुनाव लड़े पर बीजेपी ने शिवसेना से ज्‍यादा सीटें जीतीं' कहा-शिवसेना प्रमुख मान नहीं पा रहे कि उनकी ताकत कम हो रही है
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईसीसी ने आईपीएल शुरू होने से पहले गुरुनाथ मयप्पन को लेकर बीसीसीआई को चेतावनी दे दी थी। आईसीसी ने मयप्पन और बुकीज के बीच रिश्तों की बात कही थी। इसके बाद मयप्पन ने इस चेतावनी के बारे में विंदू दारा सिंह को फोन पर बताया था, जिसकी ट्रांस्क्रीप्ट मुंबई पुलिस के पास है। इस ट्रांस्क्रीप्ट से यह भी पता चलता है कि मयप्पन सट्टेबाजी को लेकर विंदू दारा सिंह को निर्देश देता था। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब आईसीसी ने चेतावनी दी थी तो आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला, बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन को भी यह जानकारी होगी, उन्होंने आखिर इसे क्यों दबाया? वहीं श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर सफाई दी है कि उन्हें आईसीसी की चेतावनी की कोई जानकारी नहीं है। वह इस्तीफा नहीं देंगे। उधर, स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार गुरुनाथ मयप्पन और विंदू दारा सिंह की पुलिस हिरासत 3 जून तक बढ़ा दी गई है। इनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी कोर्ट ने 3 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। टिप्पणियां इस बीच स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पूछताछ के दायरे में आए चेन्नई के होटल मालिक विक्रम अग्रवाल मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने आज उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। क्राइम ब्रांच उनको और मयप्पन को साथ बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस को शक है कि विक्रम अग्रवाल भी सट्टेबाजी में शामिल है और उसने ही विंदू को मयप्पन से मिलाया। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब आईसीसी ने चेतावनी दी थी तो आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला, बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन को भी यह जानकारी होगी, उन्होंने आखिर इसे क्यों दबाया? वहीं श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर सफाई दी है कि उन्हें आईसीसी की चेतावनी की कोई जानकारी नहीं है। वह इस्तीफा नहीं देंगे। उधर, स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार गुरुनाथ मयप्पन और विंदू दारा सिंह की पुलिस हिरासत 3 जून तक बढ़ा दी गई है। इनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी कोर्ट ने 3 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। टिप्पणियां इस बीच स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पूछताछ के दायरे में आए चेन्नई के होटल मालिक विक्रम अग्रवाल मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने आज उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। क्राइम ब्रांच उनको और मयप्पन को साथ बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस को शक है कि विक्रम अग्रवाल भी सट्टेबाजी में शामिल है और उसने ही विंदू को मयप्पन से मिलाया। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर सफाई दी है कि उन्हें आईसीसी की चेतावनी की कोई जानकारी नहीं है। वह इस्तीफा नहीं देंगे। उधर, स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार गुरुनाथ मयप्पन और विंदू दारा सिंह की पुलिस हिरासत 3 जून तक बढ़ा दी गई है। इनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी कोर्ट ने 3 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। टिप्पणियां इस बीच स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पूछताछ के दायरे में आए चेन्नई के होटल मालिक विक्रम अग्रवाल मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने आज उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। क्राइम ब्रांच उनको और मयप्पन को साथ बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस को शक है कि विक्रम अग्रवाल भी सट्टेबाजी में शामिल है और उसने ही विंदू को मयप्पन से मिलाया। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उधर, स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार गुरुनाथ मयप्पन और विंदू दारा सिंह की पुलिस हिरासत 3 जून तक बढ़ा दी गई है। इनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी कोर्ट ने 3 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। टिप्पणियां इस बीच स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पूछताछ के दायरे में आए चेन्नई के होटल मालिक विक्रम अग्रवाल मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने आज उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। क्राइम ब्रांच उनको और मयप्पन को साथ बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस को शक है कि विक्रम अग्रवाल भी सट्टेबाजी में शामिल है और उसने ही विंदू को मयप्पन से मिलाया। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इस बीच स्पॉट फिक्सिंग के मामले में पूछताछ के दायरे में आए चेन्नई के होटल मालिक विक्रम अग्रवाल मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे। दरअसल, क्राइम ब्रांच ने आज उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। क्राइम ब्रांच उनको और मयप्पन को साथ बिठाकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस को शक है कि विक्रम अग्रवाल भी सट्टेबाजी में शामिल है और उसने ही विंदू को मयप्पन से मिलाया। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उधर, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन ने इंडिया सीमेंट, मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
सारांश: वहीं श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर सफाई दी है कि उन्हें आईसीसी की चेतावनी की कोई जानकारी नहीं है। वह इस्तीफा नहीं देंगे।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्मृति ईरानी का डिग्री मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है.  हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड तलब किया है. इस मामले की सुनवाई 13 सितंबर को होगी. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 साल की देरी की वजह से याचिका को खारिज कर दिया था. 18 अक्तूबर 2016 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शैक्षणिक योग्यता के बारे में कथित तौर पर गलत सूचना देने को लेकर पूर्व केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ दायर शिकायत को रद्द कर दिया था. ये स्मृति ईरानी के लिए बड़ी राहत थी क्योंकि उनकी शिक्षा को लेकर चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे पर कई बार सवाल उठाए गए थे. कोर्ट ने इस मामले में स्मृति ईरानी को समन भेजने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि 'पहली बात यह कि असली दस्तावेज समय के साथ खो गए हैं और उपलब्ध दस्तावेज मंत्री को समन भेजने के लिए काफी नहीं हैं.' कोर्ट ने इसमें शिकायतकर्ता की मंशा पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की शिकायत करने में 11 साल लग गए यानी जाहिर है कि मंत्री को परेशान करने की मंशा से शिकायत की गई.टिप्पणियां स्मृति ईरानी पर ये आरोप लगाकर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अपने अब तक के तीन चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी हैं. उनके खिलाफ यह शिकायत कोर्ट में फ्रीलांसर राइटर अहमर खान ने दायर की थी. खान का आरोप है कि स्मृति ने अलग-अलग जगह अपने शैक्षणिक ब्यौरे अलग-अलग दिए.  पिछले दो चुनाव में चुनाव आयोग को दिए गए शिक्षा को लेकर दिए हलफनामे आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. इनमें से एक शपथ पत्र में स्मृति ने खुद को बीकॉम बताया है तो दूसरे में बीए. स्मृति ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिए एफिडेविट में खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच का बी.ए. ग्रैजुएट बताया था. इसके बाद 2011 में राज्यसभा में नोमिनेशन के लिए दिए गए एफिडेविट में उन्होंने खुद को डीयू के स्कूल ऑफ करेसपोंडेंस से बी.कॉम पार्ट-I किया बताया था. लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए दाखिल अपने तीसरे एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी. कॉम पार्ट-I किया था. कोर्ट ने इस मामले में स्मृति ईरानी को समन भेजने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि 'पहली बात यह कि असली दस्तावेज समय के साथ खो गए हैं और उपलब्ध दस्तावेज मंत्री को समन भेजने के लिए काफी नहीं हैं.' कोर्ट ने इसमें शिकायतकर्ता की मंशा पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की शिकायत करने में 11 साल लग गए यानी जाहिर है कि मंत्री को परेशान करने की मंशा से शिकायत की गई.टिप्पणियां स्मृति ईरानी पर ये आरोप लगाकर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अपने अब तक के तीन चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी हैं. उनके खिलाफ यह शिकायत कोर्ट में फ्रीलांसर राइटर अहमर खान ने दायर की थी. खान का आरोप है कि स्मृति ने अलग-अलग जगह अपने शैक्षणिक ब्यौरे अलग-अलग दिए.  पिछले दो चुनाव में चुनाव आयोग को दिए गए शिक्षा को लेकर दिए हलफनामे आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. इनमें से एक शपथ पत्र में स्मृति ने खुद को बीकॉम बताया है तो दूसरे में बीए. स्मृति ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिए एफिडेविट में खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच का बी.ए. ग्रैजुएट बताया था. इसके बाद 2011 में राज्यसभा में नोमिनेशन के लिए दिए गए एफिडेविट में उन्होंने खुद को डीयू के स्कूल ऑफ करेसपोंडेंस से बी.कॉम पार्ट-I किया बताया था. लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए दाखिल अपने तीसरे एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी. कॉम पार्ट-I किया था. स्मृति ईरानी पर ये आरोप लगाकर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि अपने अब तक के तीन चुनावी हलफनामों में उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी हैं. उनके खिलाफ यह शिकायत कोर्ट में फ्रीलांसर राइटर अहमर खान ने दायर की थी. खान का आरोप है कि स्मृति ने अलग-अलग जगह अपने शैक्षणिक ब्यौरे अलग-अलग दिए.  पिछले दो चुनाव में चुनाव आयोग को दिए गए शिक्षा को लेकर दिए हलफनामे आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. इनमें से एक शपथ पत्र में स्मृति ने खुद को बीकॉम बताया है तो दूसरे में बीए. स्मृति ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिए एफिडेविट में खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच का बी.ए. ग्रैजुएट बताया था. इसके बाद 2011 में राज्यसभा में नोमिनेशन के लिए दिए गए एफिडेविट में उन्होंने खुद को डीयू के स्कूल ऑफ करेसपोंडेंस से बी.कॉम पार्ट-I किया बताया था. लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए दाखिल अपने तीसरे एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी. कॉम पार्ट-I किया था. स्मृति ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिए एफिडेविट में खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच का बी.ए. ग्रैजुएट बताया था. इसके बाद 2011 में राज्यसभा में नोमिनेशन के लिए दिए गए एफिडेविट में उन्होंने खुद को डीयू के स्कूल ऑफ करेसपोंडेंस से बी.कॉम पार्ट-I किया बताया था. लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए दाखिल अपने तीसरे एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी. कॉम पार्ट-I किया था.
यहाँ एक सारांश है:चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे पर सवाल अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता बताई हलफनामे आपस में मेल नहीं खाते
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: - 2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया, गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं.टिप्पणियां - गोरखपुर के इलाके में योगी आदित्यनाथ की कही बातों को उनके समर्थक कानून के रूप में पालन करवाते हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आदित्यनाथ के कहने के चलते ही गोरखनाथ मंदिर में होली और दीपावली जैसे बड़े त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं.  - 7 सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था. इस हमले में वे बाल-बाल बचे थे, यह हमला इतना बड़ा था कि 100 अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया. - गोरखपुर के इलाके में योगी आदित्यनाथ की कही बातों को उनके समर्थक कानून के रूप में पालन करवाते हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आदित्यनाथ के कहने के चलते ही गोरखनाथ मंदिर में होली और दीपावली जैसे बड़े त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं.  - 7 सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था. इस हमले में वे बाल-बाल बचे थे, यह हमला इतना बड़ा था कि 100 अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया. - 7 सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था. इस हमले में वे बाल-बाल बचे थे, यह हमला इतना बड़ा था कि 100 अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया.
सारांश: योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था योगी आदित्यनाथ गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी कर चुके हैं गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं योगी आदित्यनाथ
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के पुंछ और कठुआ जिलों में अग्रिम चौकियों और गांवों पर मोर्टार दागे और गोली बारी की. इस घटना में बीएसएफ का एक जवान भी घायल हो गया है.  सेना के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात कठुआ जिले में हीरानगर सेक्टर के मनयारी में एक चौकी के पास मोर्टार का गोला दागे जाने के कारण कांस्टेबल अभिषेक राय छर्रे लगने से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने रात आठ बजकर 15 मिनट पर सेक्टर में गोलीबारी की और मोर्टार के गोले दागे. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे बीएसएफ के जवानों ने डटकर मुंहतोड़ जवाब दिया. अधिकारियों ने बताया कि दोनों ओर से मंगलवार देर रात तीन बजकर 25 मिनट तक गोलीबारी जारी थी. जवान देर रात करीब साढ़े 11 बजे घायल हुआ. अभिषेक को उपचार के लिए जम्मू के एक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.  एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास शाहपुर और कर्णी सेक्टरों में भी अग्रिम चौकियां एवं गांवों में मोर्टार के गोले दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने आज (मंगलवार) सुबह करीब पौने आठ बजे पुंछ जिले के शाहपुर और कर्णी सेक्टरों में बिना की उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी कर और मोर्टार के गोले दागकर संघर्षविराम का उल्लंघन किया.'' पुंछ में पाकिस्तानी बलों की गोलीबारी में रविवार को छह लोग घायल हो गए थे.
संक्षिप्त सारांश: सोमवार रात 8:15 पर शुरू हुई गोलीबारी पाक सेना ने दागे मोर्टार, चलाईं गोलियां घायल सैनिक की पहचान अभिषेक राय के तौर पर हुई
10
['hin']