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हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से संबंधित प्रोग्राम्स को देखने के लिए सब्सक्राइब करें स्टडी आईक्यू आईएस हिंदी नमस्कार बहुत-बहुत स्वागत है आप सभी का स्टडी आईक्यू आईएफ हिंदी में मेरा नाम है अतुल
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जैन कॉलेजों में लड़कियों को हिजाब पहनने की अनुमति होनी चाहिए या फिर नहीं यह मुद्दा जो है यह बड़ा पुराना है कई सालों से इस पर हम बात कर रहे हैं और इसका अभी तक कोई कंक्लूजन कि कोई तयशुदा जो अ एक मामला एक तयशुदा आदेश इस पर आया नहीं है
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कोई भी तयशुदा नियम इस पर है नहीं अ कई जगहों पर यह मांग करी जाती है मैं आपको इसका तर्क बताता हूं कई जगहों पर इस पर यह मांग करी जाती है कि भाई कॉलेज जो है वो धार्मिक कोई भी शैक्षणिक संस्थान जो है वो धार्मिक चिन्हों को प्रदर्शित करने की जगह
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नहीं है कि आप क्योंकि हिजाब पहनना बुर्का पहनना ये एक तरह का धार्मिक चिन्ह है और कॉलेज जो है वो धार्मिक तौर पर एक तरह से न्यूट्रल होना चाहिए धार्मिक तौर पर वो अ एक सार होना चाहिए एक समान होना चाहिए तो कॉलेज में इस प्रकार के गतिविधियों को
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करना प्रतिबंधित माना जा सकता है वहीं दूसरी ओर यह तर्क दिया जाता है कि भाई कोई भी व्यक्ति अपने अपने धर्म के अनुपालन में अपने शरीर पर क्या धारण कर रहा है जब तक वह किसी प्रकार के कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा अगर वह कोई व्यक्ति अपने शरीर पर
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एक अपने धर्म की विशेष वेशभूषा धारण कर रहा है कोई धर्म के चिन्ह लगा रहा है तो इसको आप अगर पालन करने से रोक ते हैं तब यह तो व्यक्ति के अपने धर्म को मानने का जो मूल अधिकार है उसका उल्लंघन हो गया उसका खंडन हो गया तो यह जो विवाद है भारत
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में काफी समय से चला रहा है और अभी क्या हुआ है सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस एक निर्णय में लड़कियों को मुंबई के कॉलेजों में मुंबई के एक कॉलेज का आदेश था जिसमें उसने लड़कियों को हिजाब पहनने से रोकने की का आदेश जारी किया था सुप्रीम कोर्ट ने इस
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आदेश को अवैध ठहराया है इस आदेश को रद्द कर दिया है यह मामला क्या है यह आपको मैं अगले कुछ मिनटों में बताऊंगा साथ के साथ यह भी बताऊंगा कि इसके पीछे कुछ महत्त्वपूर्ण समस्या क्या है इसके बारे में भी हम 5 मिनट चर्चा करेंगे लेकिन उसके
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पहले आपको बता दूं कि भाई हमारा पीटू आई अर्जुन बैच जो है जिसको हम कह रहे हैं कि अभी नहीं तो कभी नहीं क्योंकि अगस्त का मध्य आ गया है अब लगभग अगर अब आपने बैच से जुड़कर तैयारी शुरू करनी तैयारी करनी शुरू नहीं की तो भाई आप जो है फिर निश्चित तौर
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पर 2025 वाले अटेंप्ट के लिए तो बहुत लेट हो जाओगे इसमें कोई डाउट नहीं है 2025 25 के लिए आप बहुत लेट हो जाएंगे और फिर आपको फिर आप 2627 में एग्जाम देना चाहते हैं तो अच्छी बात है लेकिन 25 के लिए आप फिर एलिजिबल आप जो है ठीक से तैयारी कर नहीं
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पाएंगे तो तुरंत जुड़ जाइए एजे लाइफ कोड लगा के 26500 में यहां 27999 लिखा है लेकिन पोर्टल पे आपको 26500 का मिलेगा इससे कम का मिलेगा बेसिकली तो इसमें आपको रोज 3 घंटे की लाइव क्लास मेंटरशिप डेली प्रैक्टिस क्वेश्चंस प्री और मेंस के मेंस
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के क्वेश्चंस का रोज समाधान प्री और मेंस दोनों की टेस्ट सीरीज 18 किताबें आपके घर पे और अगर आप प्री क्वालीफाई करते हैं तो मेंस की तैयारी के लिए आपको जो है हम दिल्ली बुलाएंगे आपका रहना खाना पढ़ना सब कुछ फ्री होगा और यह पूरी फीस आपको रिफंड
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कर दी जाएगी यह सारी सुविधाएं आपको मिलेंगी बैच कल शाम 6:00 बजे से शुरू है देर मत कीजिए तुरंत जुड़ जाइए और अगर आप एक ऐसे विद्यार्थी हैं जो यह परीक्षा अभी नहीं देना चाहते लेकिन आप इस परीक्षा को 2026 या 27 में देंगे तो भाई एक लॉन्ग
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टर्म बैच है हमारा वो शुरू हो चुका है एजे लाइफ कोड लगा के 31000 में आप उससे भी जुड़ सकते हैं इसमें क्या होगा पहले एक साल हम बेसिक पढ़ाएंगे और उसके अगले एक साल जो है हम लोग आपको एडवांस लेवल पढ़ाएंगे तो भाई आप जो है इस बैच से तुरंत
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जुड़ जाइए एजे लाइव कोड लगा के अभी इंट्रो क्लासेस हुई हैं मेन क्लासेस शुरू होनी बाकी हैं तो आप जो है तुरंत इस बैच से जुड़कर अपनी तैयारी को सही आकार प्रदान कीजिए चलिए तो हुआ क्या भाई मुंबई में एक कुछ कॉलेजेस हैं एक संगठन है अ जिसका नाम
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है चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी यह नाम इत्यादि इंपॉर्टेंट नहीं है याद रखिएगा ये नाम वगैरह आपको याद करने की कोई जरूरत नहीं है चेंबूर नाम की एक जगह है बॉम्बे में चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी है ये और ये
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सोसाइटी जो है ये कई सारे कॉलेजेस मुंबई में चलाती है तो इस सोसाइटी द्वारा चलाए जाने वाले कॉलेजेस जो हैं इन कॉलेजेस के है और दूसरा कॉलेज जो है वो है डीके मराठे कॉलेज तो इन दोनों कॉलेजेस में अब जैसे
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होता है कॉलेजों में आजकल अ कोई भी इस तरह का अ अटायर जो कि किसी भी प्रकार का धार्मिक अ एक चिन्ह दिखाता हो तो बेसिकली हिसाब को ही समझ लीजिए आप किसी भी तरह का हिजाब
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नकाब बुरका टोपी इत्यादि पहनने पर कॉलेज के अंदर प्रेमिसेस के अंदर प्रतिबंध लगा दिया गया यह आदेश जारी किया गया कि भाई यह अगर ऐसी कोई भी चीज़ पहनकर आप कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकते यह आदेश इस कॉलेज ने
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जारी कर दिया अब कॉलेज के अंदर बहुत सारी छात्राएं ऐसी हैं जिन्होंने इस पर आपत्ति की उन्होंने कहा कि भाई यह हमारा अधिकार है हम इस्लाम को मानते हैं तो ये हमारा अधिकार है कि हम हिजाब या नकाब पहन कर आएं तो इसके खिलाफ पहले उन्होंने कॉलेज से
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संपर्क किया प्रिंसिपल से कहा प्रिंसिपल के बाद उन्होंने वाइस चांसलर से कहा यूजीसी से कहा जब किसी ओर से उन्हें कोई राहत नहीं मिली तो उसके बाद वो बॉम्बे हाई कोर्ट गए और बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी यह जजमेंट दिया कि भाई अपने यहां ड्रेस कोड
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लगाना कॉलेजेस का अधिकार है बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसमें यह कहा बॉम्बे उच्च न्यायालय ने यह कहा कि भाई अपने कॉलेजों में अनुशासन के लिए ड्रेस कोड लगाना कॉलेज का अधिकार है और इसमें हम दखल नहीं दे सकते कि कॉलेज अपने
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ड्रेस कोड में क्या शामिल करता है क्या शामिल नहीं करता यह कॉलेज का अधिकार है यह कॉलेज का विशेष अधिकार है इसमें हम किसी तरह की दखल अंदाजी नहीं करेंगे यह बात बॉम्बे हाई कोर्ट ने कही थी अब इस बात के विरोध में इस बात के विरोध में क्या हुआ
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ये जो मामला था सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट में अब जजेस ने सुनवाई में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार ने यहां पर यह कहा कि भाई एक तो उन्होंने इस बैन को रद्द कर दिया कि आपने ये जो बैन लगाया है यह बैन पूरी तरह से गलत है पूरी
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तरह से बैड इन लॉ है गैर कानूनी है उन्होंने ये कहा कि आपका जो प्रतिबंध है आपका प्रतिबंध जो है वो सिलेक्टिव है जजज ने ये कहा कि आपका प्रतिबंध जो है वो सिलेक्टिव है यानी कि आपने क्या किया सिर्फ एक धर्म को चुनकर उसके सारे चिन्हों
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पर आपने प्रतिबंध लगा दिया तो जजेस ने यह सवाल पूछा कोर्ट में कि एक बात बताइए अगर आपने बुर्के को बैन किया है क्या आपने तिलक लगाने को भी बैन किया है आपके कॉलेज में क्या कोई छात्र छात्रा तिलक लगा के नहीं आ सकता क्या आपके कॉलेज में कोई भी
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छात्र-छात्रा जो है इस तरह की चीजें कोई बिंदी लगाकर नहीं आ सकता तो अगर आपके कॉलेज में इस तरह के धार्मिक चिन्हों पर प्रतिबंध नहीं है तो आप बुर्के पर प्रतिबंध क कैसे लगा सकते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा कि देखिए ड्रेस कोड आपका
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अधिकार हो सकता है यह बात सही है लेकिन वो फेयर तो होना चाहिए ना वो सबकी तरफ एक जैसा होना चाहिए आप ऐसा नहीं कर सकते कि आप एक धर्म के तो सारे चिन्हों को बैन कर दें और दूसरे धर्म के सारे चिन्हों को अलाउ कर दें कि आपको जो पहन के आना है आओ
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आपको जो करना है करो तो ये ये अलाउड नहीं हो सकता ये बात एकदम स्पष्ट है ये बात उन्होंने जो है सुप्रीम कोर्ट ने एकदम क्लीयरली कही और उन्होंने ये कहा कि भाई एकदम स्पष्ट है कि महिला छात्राओं को भी ये यह तय करने का अधिकार है कि वो क्या
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पहन के ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करती हैं अगर आप ड्रेस कोट लगा रहे हैं तो सबके लिए लगाइए अगर आप धार्मिक चिन्ह बैन कर रहे हैं तो सबके लिए लगाइए आप ये नहीं कर सकते कि कुछ महिला छात्राओं के लिए ये चीजें बैंड हैं बाकी महिला छात्राएं बिंदी पहन
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के आए और तिलक लगा के आए हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता ये आप नहीं कर सकते तो अगर आप ड्रेस कोड नहीं लगा रहे तो महिलाओं का अधिकार है कि जो उनको जिस चीज में उनको आराम मिले जो चीज वो जो चीज पहनकर वो बेहतर महसूस करें वो पहन कर आए और अगर आप
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ड्रेस कोड लगा रहे हैं तो उसमें भेदभाव नहीं हो सकता सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि भेदभाव पूर्ण ड्रेस कोड आप यहां पर नहीं लगा सकते यह बात सुप्रीम कोर्ट ने जो है इस चीज को कही है तो यह अपने आप में एक बहुत इंपॉर्टेंट बात जो है सुप्रीम कोर्ट
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ने कह दी है याद रखिएगा इसमें एक चीज जो इंपॉर्टेंट है वो यह है कि इसमें इसके पहले भी जब हिसाब वाले मुद्दे पहले भी उठे थे तब इसमें एक एसेंशियल प्रैक्टिस टेस्ट जो है वो आया था हमेशा ऐसे मामलों में चर्चा में आता है एसेंशियल प्रैक्टिस
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टेस्ट एसेंशियल प्रैक्टिस टेस्ट क्या होता है कि कोई कोई चीज देखिए अब क्या होता है धर्मों में बहुत सारी चीजें लिखी हुई हैं और कोर्ट जो है वो यह चाहती है कि भाई धार्मिक मामलों में हम कम से कम दखल अंदाजी करें तो ऐसे
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लेकिन अब यह है कि भाई सार्वजनिक स्थलों पर अब आप निश्चित तौर पर धार्मिक गतिविधियों को तो रोकना चाहेंगे कुछ हद तक जैसे सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यह कहा कि भाई बुरका हिसाब आप कॉलेज में पहन के आ सकते हैं क्लासरूम में अगर आपसे कहा
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जाए कि आपको नहीं पहनना है तो आपको नहीं पहनना पड़ेगा इसके अलावा कोई भी धार्मिक गतिविधि कॉलेज में नहीं हो सकती यह बात एकदम सही है इसमें कोई दिक्कत नहीं ऐसा नहीं है कि आप बुर्का भी पहन कर आए हैं तो फिर आप कॉलेज में धार्मिक गतिविधि भी
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करेंगे ऐसा बिल्कुल नहीं है ये आप नहीं करेंगे लेकिन प्रॉब्लम क्या है तो भाई एसेंशियल प्रैक्टिस टेस्ट क्या होता है कि आप सुप्रीम कोर्ट आमतौर पे यह जानना चाहता है कि यार यह काम ना करने से क्या आपके और आपके धर्म के मानने में कोई फर्क पड़
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जाएगा जैसे अगर आप बुरका नहीं पहन रहे हैं तो क्या बुर्का पहनना इस्लाम का इतना बड़ा एक लक्षण है इतना बड़ा एक सिंबल है कि अगर आपने बुर्का नहीं पहना तो ये ये आपका इस्लाम का मानना ही एक तरह से खतरे में पड़ जाएगा तो जो याचिकाकर्ता है
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याचिकाकर्ता ने कहा कि हिसाब जो है यह एसेंशियल प्रैक्टिस है ऐसा को कुरान शरीफ में लिखा हुआ है लेकिन ये एक अलग बात है इस पर चर्चा बहुत बार हो चुकी है अलग-अलग समय पर इस चर्चा में हम नहीं पढ़ेंगे क्योंकि एसेंशियल प्रैक्टिस क्या होती है
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और क्या नहीं होती ये तो एक अलग मुद्दा है इस पर हम कभी और चर्चा करेंगे लेकिन अभी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि ये जो प्रतिबंध आपने लगाया है यह प्रतिबंध चूंकि भेदभाव पूर्ण है और ऐसे भेद भावपूर्ण प्रतिबंध को हम स्वीकार नहीं कर सकते
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इसीलिए ये प्रतिबंध जो है ये अपनी जगह पर अब नहीं रहेगा ये बात सुप्रीम कोर्ट ने कह दी है ठीक है जी ये बात क्लियर हो गई चलिए तो अभी के लिए इतना ही इसमें आगे कुछ और होगा तो मैं आपको बताऊंगा लेकिन अभी के लिए इसमें इतना ही है आपको एक बार फिर से
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बता दूं कि हमारा अर्जुन बैच लॉन्ग ट बैच जो है वो शुरू हो चुका है याद रखिएगा एजे लाइव कोड लगा के उससे आप जुड़ सकते हैं ₹ 1000 में और हमारा जो अर्जुन बैच है जो भाई कल से शुरू हो रहा है शाम 6:00 बजे से तो बिल्कुल भी देर मत कीजिए क्योंकि टाइम
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ऑलरेडी बहुत सारा निकल चुका है अब अगर लेट करेंगे तो बड़े संकट में फंस जाएंगे आप लोग तो तुरंत इस बैच से जुड़ जाइए और अपनी तैयारी को सही आकार प्रदान कीजिए इस चर्चा से जुड़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से
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दोस्तों आपने गाजर घास के बारे में तो जरूर सुना होगा बड़ी ही ढीठ और बेशर्म किस्म का पौधा है कितना भी जला दो मिटा दो उखाड़ के फेंक दो फिर से वापस उग जाता है सबसे खराब बात यह है कि यह जहां उग जाता है वहां दूसरे पौधे के विकास को रोक देता
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है इतना ही नहीं फसलों के साथ-साथ यह इंसानों और जानवरों को भी नुकसान पहुंचाता है टेररिज्म की सिचुएशन भी कुछ हद तक गाजर घास के जैसी ही है इनको एक जगह से खदेड़ के मार के भगा दो तो यह दूसरी जगह अपनी जड़े बिछाने में लग जाते
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उत्तरी भारत में अब ऐसा ही होता दिख रहा है अब टेररिज्म ने अपना एक नया गढ़ बना लिया है और यह गढ़ है जम्मू यहां बहुत ही खतरनाक सिचुएशन बनती जा रही है इतनी खतरनाक जो अब से पहले कभी नहीं देखी गई आपको बता दें कि 2021 से ही पुंछ राजौरी
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और जम्मू सहित पीर पंजाल रेंज के दक्षिणी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर आतंकी हमलों में खतरनाक तेजी देखी गई है पीटीआई के अनुसार 1 जनवरी से अब तक टेररिस्ट हमलों में एक मेजर 12 सुरक्षाकर्मी और 10 नागरिक जा चुके हैं
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सिचुएशन इतनी गंभीर है कि नए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पिछले महीने अपना पद संभालने के बाद से दो बार जम्मू का दौरा कर चुके हैं जम्मू क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करना अब जनरल उपेंद्र द्विवेदी की प्रायोरिटी हो गई है लेकिन
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आखिर क्या वजह है कि टेररिज्म का पलायन कश्मीर घाटी से हो रहा है और क्या वजह है कि यह टेररिस्ट अब अपनी नई जमीन जम्मू रीजन में तलाश रहे हैं क्यों कहा जा रहा है कि इस बार टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन जैश मोहम्मद और लश्कर तैयबा का 20 साल पुराना
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नेटवर्क फिर से एक्टिव हो गया है आखिर क्यों आतंकवादियों के स्लीपर सेल फिर से एक्टिव हो रहे हैं नया टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन द रेजिस्टेंस फ्रंट कितना खतरनाक है क्या यह कोई बड़ी घटना को अंजाम देना चाहते हैं क्या हम सब भारत में
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टेररिज्म के एक नए चैप्टर के शुरुआत के साक्षी बनते जा रहे हैं क्या आतंकवादियों के निशाने पर जम्मूकश्मीर के विधानसभा चुनाव हैं क्या अब ऑपरेशन सर्प विनाश 2.2 की जरूरत है इन सारे सवालों के जवाब मिलेंगे इस वीडियो में वीडियो को लास्ट तक
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देखना मत भूलिए सीखने को जानने को बहुत कुछ मिलेगा आप देख रहे हैं फोर्थ डायमेंशन मेरा नाम है अमृत हिंदी माध्यम से यूपीएससी की तैयारी करते हैं आप तो क्या स्टडी आईक्यू आईएस हिंदी के प्रतिज्ञा प्रीलिम्स टू इंटरव्यू बैच यानी पीटू आई
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बैच के बारे में जानते हैं देखिए प्रतिज्ञा पीटू आई बैच में आपको हजार घंटों से ज्यादा की लाइव क्लासेस वन टू वन मेंटरशिप एसआईपी क्रैश कोर्स डेली करंट अफेयर्स और सीसेट क्लासेस आदि तो मिलती ही हैं साथ ही सबसे बड़ी सुविधा के तौर पर
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आपको मिलती है प्रीलिम्स पास करने पर एक साल की एक्सटेंडेड वैलिडिटी के साथ फुल फीस वापसी की गारंटी और निशुल्क आवासीय सुविधा और एक और खास बात इस 27 जुलाई से शुरू होने वाले प्रतिज्ञा बैच की शुरुआत हो रही है मेरे पॉलिटी लेक्चर के साथ तो
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अगर आप इस कार्यक्रम के साथ जुड़ना चाहते हैं तो अभी अमृत लाइव कोड यूज कर इसे परचेस कीजिए और कुछ कंफ्यूजन हो तो अमृत @ स्टडी iq.com पर मुझे मेल कर दीजिए [संगीत] आगे बढ़ें उससे पहले एक बार शॉर्ट में जान
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लेते हैं कि पिछले कुछ सालों से टेररिज्म का ट्रेंड कैसा चल रहा है शुरुआत करते हैं फरवरी 2018 के सुंजवान आतंकी हमले से 2018 में जम्मू के सुंजवान में एक आर्मी कैंप पर जैशे मोहम्मद आतंकी संगठन ने हमला किया था इसमें भारी हथियारों से लैज टेररिस्ट
15.870998
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ने एक सैन्य शिविर पर हमला किया हमले में पांच जवान और एक नागरिक की मौत हो गई फिर जनवरी से मार्च 2021 में टेररिस्ट गतिविधि और सीमा पार से घुस बैठ बढ़ने के संकेत मिले खतरे की बात यह कि पाकिस्तान समर्थित टेररिस्ट द्वारा एक पूरी तरह से नई
16.509002
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ऑपरेशनल रणनीति का इस्तेमाल किया गया जैसे सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से स्टिकी बम जप्त किए गए और टेररिस्ट ने सीमा बाढ़ के नीचे सुरंग बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया इसके बाद 27 जून 2021 को पहली बार जम्मू
15.589002
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वायुसेना स्टेशन पर दो इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस आईईडी गिराने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की खबर आई मई 2022 में कटरा बस अग्निकांड में चार लोगों की मौत हो गई शुरू में इसे दुर्घटना माना गया
15.43
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लेकिन बाद में संदेह हुआ कि यह आतंकी हमला था जिसमें स्टिकी बम का इस्तेमाल किया गया था फिर दिसंबर 2022 में जम्मू के पास सिध्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में चार टेररिस्ट मारे गए कहा जाता है कि इस मुठभेड़ से एक बड़ा आतंकी हमला टला
15.15
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क्योंकि भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए फिर जनवरी 2023 में डांगरी गांव में एक बहुत ही विभ नरसंहार हुआ इस हमले के बाद लोगों की सुरक्षा के लिए गांव के आम नागरिकों को हथियार बांटे गए और उन्हें प्रशिक्षण दिया गया इन सबके अलावा केवल इस
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साल की टेररिस्ट घटनाओं को देखें तो अप्रैल में राजौरी जिले में उधमपुर जिले में टेररिस्ट ने हत्याएं की 4 मई को पुंछ जिले में टेररिस्ट हमले में भारतीय वायुसेना का एक जवान शहीद हो गया वहीं 9 से 12 जून 2024 के बीच टेररिस्ट ने जम्मू
17.469002
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क्षेत्र में चार हमले किए इसमें सबसे कायराना हमला रियासी में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हुआ यह हमला उसी दिन हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तीसरी पारी के लिए शपथ ली हालांकि बस ड्राइवर ने हमले से बचने का प्रयास किया
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लेकिन बस पर से कंट्रोल छूट गया और बस खाई में जा गिरी जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई 33 लोग घायल हो गए फिर कठुआ में और डोडा जिले के गंडो और चतर गला में हमले हुए 7 जुलाई को राजौरी जिले में एक सुरक्षा चौकी पर टेररिस्ट हमला हुआ 15 जुलाई को डोडा
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जिले में टेररिस्ट के साथ मुठभेड़ के दौरान एक अधिकारी सहित चार सैन्य कर्मी शहीद हो गए 18 जुलाई को टेररिस्ट और सुरक्षा बलों के बीच तीन जगह मुठभेड़ हुई डोडा में कश्ती गढ़ एरिया राजौरी के सुंदरवान एरिया और कुपवाड़ा के केरल कुल
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मिलाकर अब तक इस साल छह अलग-अलग दुर्घटनाओं में 11 सशस्त्र बल कर्मियों की मौत हो चुकी है इकोनॉमिक टाइम्स की माने तो पिछले 32 महीनों में टेररिस्ट हमलों में 48 सैनिक मारे गए अब सवाल यह है कि आखिर इस रीजन में हमले इतने क्यों बढ़ रहे
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हैं अगर आप जम्मू और कश्मीर का मैप देखेंगे तो आप पाएंगे कि बीते कुछ समय से अधिकतर हमले राजौरी पुंछ डोडा रियासी कठुआ सांबा जैसे जिलों में हुए और यह सारे जिले जम्मू रीजन के तहत आते हैं पहले आतंकी गतिविधियों का केंद्र था कश्मीर घाटी आपने
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न्यूज़ में अक्सर अनंतनाग पुलगाम पुलवामा श्रीनगर में टेररिस्ट हमलों के बारे में देखा है अब तस्वीर बदल गई है तो सवाल लाजमी है कि आखिर क्यों टेररिज्म की जड़ें जम्मू रीजन की तरफ फैल रही हैं इसका जवाब मिलता है हिंदुस्तान टाइम्स की 9 जुलाई की
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रिपोर्ट में इसके अनुसार एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस रीजन में टेररिस्ट गतिविधियों में वृद्धि का कारण जम्मू में सेना की मौजूदगी में कमी है देखिए इस एरिया में सेना की कमी दो कारणों से हुई पूर्व जनरल कमांडिंग इन चीफ नॉर्दर्न कमांड
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लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुड्डा कहते हैं कि 2020 तक जम्मू रीजन में काफी सुरक्षा बल तैनात था लेकिन जब गलवान घाटी विवाद हुआ तो चीन की तरफ से पैदा हुए खतरे को काउंटर करने के लिए यहां की सेना को लद्दाख भेज दिया गया इसकी वजह से पीर
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पंजाल रेंज के दक्षिण में सैन्य घनत्व कम हो गया आतंकियों ने भारत के इस कदम को मौके के रूप में भुनाया और अपना बेस कश्मीर से जम्मू की तरफ शिफ्ट कर लिया यह तो एक कारण हो गया इसके अलावा टेररिस्ट समूहों ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के
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बाद अपनी रणनीति भी बदली है यानी अब अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद बाद टेररिस्ट समूहों ने अपना ध्यान भारी सुरक्षा वाली कश्मीर घाटी से हटाकर तुलनात्मक रूप से कमजोर जम्मू क्षेत्र पर फोकस कर लिया है अब दुर्भाग्य है कि भले
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ही सरकार ने कश्मीर में पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को लगभग रोक दिया हो लेकिन टेररिस्ट गतिविधियों को जम्मू की ओर बढ़ना सरकार के माथे पर चिंता की लकीर बना रहा है अब सवाल यह भी है कि जम्मू से 20 साल पहले खत्म किया गया टेररिस्ट नेटवर्क कैसे
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फिर से जुड़ रहा है इन मामलों के जानकारों के अनुसार पाकिस्तान बेस टेररिस्ट समूह जम्मू के विशाल और उबड़ खाबड़ इलाकों का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पार टेररिस्ट की घुसपैठ करवा रहे
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हैं यह टेररिस्ट अक्सर आम नागरिकों के भेष में छिपकर स्थानीय ठिकानों से हथियार हासिल करते हैं एक और इंपॉर्टेंट बात यह है कि यहां इन टेररिस्ट का पुराना लोकल नेटवर्क और स्लीपर सेल पहले से ही मौजूद था जिसे बस फिर से एक्टिव करना था और
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एगजैक्टली यही हुआ है आपको बता दें कि जम्मू रीजन में सेना ने 20 साल पहले आतंकी संगठन जैशे मोहम्मद और लश्करए तैयबा के लोकल नेटवर्क को सख्ती से निष्क्रिय कर दिया था जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी के मुताबिक आर्टिकल 370 हटने
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के बाद से ही पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई ने जम्मू को टारगेट करना शुरू कर दिया था 2 साल लग गए इस नेटवर्क को एक्टिव करने में अब यह नेटवर्क फिर से एक्टिव हो गया है बीते कुछ दिनों में सेना ने लगभग 25 संदिग्धों को हिरासत में लिया है इनसे जब
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पूछताछ की गई तो उन्हों उन्होने कुछ चौकाने वाले बयान दिए इनके अनुसार पहले यह लोग आतंकियों का सामान ढोने का काम करते थे लेकिन अब आतंकियों को गांवों में ही हथियार गोला बारूद और खाना पना प्रोवाइड करवा रहे हैं खतरे की बात यह है कि यह
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नेटवर्क जम्मू के 10 में से नौ जिलों राजौरी पुंछ रियासी उधमपुर कठुआ डोडा किश्तवाड़ जम्मू और रामबन में जम चुका है इसी नेटवर्क की मदद से आतंकियों ने 2020 में पुंछ और राजौरी में सेना पर बड़े हमले किए और इसके बाद उधमपुर रियासी डोडा और
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कठुआ को निशाने पर लिया था आपको यह भी बता दें कि इस पूरी कहानी में स्लीपर सेल अपना रोल बखूबी निभा रहे हैं मई 2022 में कटरा बस बम विस्फोट हुआ था उसके पीछे कथित मास्टरमाइंड एक शिक्षक था यह एक स्लीपर सेल था सैन्य सूत्रों ने बताया कि रियासी
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हमले के बाद मारे गए आतंकियों से जो हथियार और सैटेलाइट फोन मिले थे वह इस बात के सबूत हैं कि नए आतंकियों में पाक सेना के पूर्व या फिर वर्तमान सैनिक भी हैं इनके हमलों का तरी का पाकिस्तान सेना के पैरा ट्रूपर डिवीजन जैसा है सेटेलाइट फोन
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भी पूरी तरह से एंड टू एंड एनक्रिप्टेड है जैश के नए आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स में इन सैनिकों की भर्ती के संकेत मिल चुके हैं इंडियन एक्सप्रेस की माने तो हाल के हमलों के पीछे पिछले छ महीनों में घुसपैठ करने वाले टेररिस्ट के नए समूह का हाथ
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होने का संदेह है कहा जा रहा है कि इसमें पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तून खवा क्षेत्रों के लड़ाके शामिल है अब सवाल है कि क्या पहले भी जम्मू टेररिज्म का दंश झेल चुका है बिल्कुल देखिए पाकिस्तान ने 1989 में कश्मीर में
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अपना प्रॉक्सी वॉर शुरू किया पाकिस्तान ने धीरे-धीरे घुन की तरह भारतीय सेना को कमजोर किया और स्थानीय मुस्लिम आबादी को भड़काने के लिए जम्मू में उग्रवाद फैलाया अगर आप जम्मू रीजन का मैप देखेंगे तो आप पाएंगे कि जम्मू रीजन में उबड़ खाबड़
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इलाके पहाड़ चट्टानी इलाके और घने जंगल हैं और जम्मू की यही दुर्गम जियोग्राफी टेररिस्ट के लिए एक नेचुरल हाइड आउट की जगह बन गई इस प्रकार 1990 के दशक में जम्मू में टारगेट किलिंग और टेररिज्म का एक काला दौर शुरू हुआ था अगस्त 1993 में
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टेररिस्ट ने किश्तवाड़ में एक बस पर हमला किया जिसमें 17 हिंदू यात्री मारे गए इसके बाद 1998 में प्राण कोट और डाकी कोटे गांव में 26 हिंदुओं का सिर काट दिया गया टाइम्स ऑफ इंडिया की अगस्त 2001 की एक रिपोर्ट के अनुसार टेररिस्ट ने पुंछ जिले
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में एक भयानक हमला किया जहां उन्होंने एक मंदिर से दो हिंदू पुजारियों का अपहरण करने के बाद उनका सिर काट दिया और बाद में एक मुस्लिम व्यापारी के परिवार के पांच सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी जम्मू में हिंदू मंदिर भी निशाना बने 2002 में
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रघुनाथ मंदिर पर फिदाई हमले में 12 से अधिक श्रद्धालु मारे गए और 20 घायल हो गए 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में यह क्षेत्र टेररिज्म का एपी सेंटर था जहां हिंदुओं की हत्याएं हुई सिचुएशन इतनी खराब हो गई थी कि हिंदुओं को किश्तवाड़ और
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अन्य जिलों से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा सिचुएशन इतनी गंभीर थी कि इस क्षेत्र में आसपा लगाना पड़ गया अब सवाल यह आता है कि जब अतीत में जम्मू में इतने खतरनाक आतंकी हमले हो रहे थे तब सरकार ने क्या किया था कैसे जम्मू को साफ
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किया गया था इसका जवाब है ऑपरेशन सर्प विनाश जब टेररिज्म अपनी चरम पोजीशन पर था तो से रोकने के लिए सेना ने उस समय एक ऑपरेशन लॉन्च किया था जो आज भी सेना का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जाता है ऑपरेशन का नाम था सर्प विनाश दरअसल 1998 से 2003 के
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बीच लश्कर और जैश के आतंकियों ने जम्मू के सूरन कोट के हिलकार्ट 150 स्क्वायर किलोमीटर के इलाके में चलाया जाना था सच में यह एक बहुत बड़ा ऑपरेशन था इसमें गुरखा गढ़वाल राइफल और राष्ट्रीय
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राइफल बटालियन के जवान शामिल हुए थे इस तरह लेफ्टिनेंट जनरल रोस्ता नानावटी के नेतृत्व में सेना ने 21 अप्रैल 2003 को ऑपरेशन सर्प विनाश शुरू किया जब ऑपरेशन शुरू किया गया तो यह अनुमान था कि तकरीबन 100 आतंकी
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हिलकार्ट दिया सेना ने इस ऑपरेशन में 65 आतंकियों को मार गिराया और 60 से ज्यादा हाइड आउट को बर्बाद कर दिया दिया बड़ी संख्या में हथियार और गोला बारूद जैसे ak47 पका गन स्नाइपर राइफल ग्रेनेड लॉन्चर और 45 केजी प्लास्टिक विस्फोटक के साथ-साथ
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रेडियो सेट बरामद किए गए आपको यह जानकर और ताज्जुब होगा कि सेना ने राशन भी बरामद किया था जो 500 लोगों के लिए 2 हफ्ते तक चलने वाला था सोचिए इतनी प्लानिंग से टेररिस्ट इस जगह से ऑपरेट कर रहे थे इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना के ए 17 का
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भी इस्तेमाल किया गया था अनुमान के अनुसार उस वक्त जम्मू कश्मीर में 3000 से 3500 आतंकी मौजूद थे जिसमें 80 पर पाकिस्तानी थे इसके अलावा 2000 आतंकी घुसपैठ करने के लिए पीओके में मौजूद थे ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान इन आतंकी गतिविधियों को
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अंजाम देने के लिए लगभग ₹1 करोड़ खर्च कर रहा था लेकिन तब के टेररिज्म में और आज के टेररिज्म में काफी फर्क आ गया है भले ही जम्मू की टोपोग्राफी ना बदली हो टेररिस्ट के मंसूबे ना बदले हो लेकिन आतंक फैलाने का तरीका जरूर बदल गया है और यह सेना के
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लिए एक बड़ी चुनौती होने वाला है हिंदी माध्यम से यूपीएससी की तैयारी करते हैं आप तो क्या स्टडी आईक्यू आईएस हिंदी के प्रतिज्ञा प्रीलिम्स टू इंटरव्यू बैच यानी पीटीआई बैच के बारे में जानते हैं देखिए प्रतिज्ञा पीटू आई बैच में आपको
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हजार घंटों से ज्यादा की लाइव क्लासेस वन टू वन मेंटरशिप एसआईपी क्रैश कोर्स डेली करंट अफेयर्स और सीसेट क्लासेस आदि तो मिलती ही हैं साथ ही सबसे बड़ी सुविधा के तौर पर आपको मिलती है प्रीलिम्स पास करने पर 1 साल की एक्सटेंडेड वैलिडिटी के साथ
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फुल फीस वापसी की गारंटी और निशुल्क आवासीय सुविधा और एक और खास बात इस 27 जुलाई से शुरू होने वाले प्रतिज्ञा बैच की शुरुआत हो रही है मेरे पॉलिटी लेक्चर के साथ तो अगर आप इस कार्यक्रम के साथ जुड़ना चाहते हैं तो अभी अमृत लाइव कोड यूज कर
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