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उन्होंने कहा कि भारत की मेधावी युवा जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए गुणवत्तापूर्ण स्तरीय शिक्षा आवश्यक है। भारत के पास टेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बनने की क्षमता है।
आईआईटी दिल्ली द्वारा उद्यमिता विकास को प्रोत्साहन दिए जाने की सराहना करते हुए श्री नायडू ने कहा कि दिल्ली आईआईटी अब रोज़गार खोजने वाले विद्यार्थी नहीं बल्कि रोज़गार पैदा करने वाले युवा उद्यमियों को शिक्षित प्रशिक्षित कर रहा है जो देश के अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए भी अनुकरणीय है।
इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो वी रामगोपाल राव तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत ने 3 करोड़ से अधिक कोविड परीक्षण करके नया कीर्तिमान बनाया परीक्षण प्रति 10 लाख व्यक्ति (टीपीएम) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और आज यह 21769 पर पहुंच गया है जबकि संचयी परीक्षण जो 14 जुलाई 2020 को 12 करोड़ था 16 अगस्त 2020 को बढ़कर 30 करोड़ हो गया। पॉजिटिव मामलों की दर इसी अवधि क...
हालांकि अधिक संख्या में हुए परीक्षण शुरू में पॉजिटिव मामलों की दर में वृद्धि करेंगे लेकिन शीघ्र आइसोलेशन ट्रैकिंग और समय पर नैदानिक प्रबंधन जैसे अन्य उपाय के कारण इसमें कमी आएगी जैसा कि दिल्ली के अनुभव ने दर्शाया है।
आक्रामक परीक्षण ने कोविड19 के पॉजिटिव मामलों की जल्दी पहचान और आइसोलेशन को बढ़ावा दिया है।
इसके साथसाथ निपुण नैदानिक उपचार से मृत्यु दर में कमी आई है। इस प्रकार समय पर परीक्षण न केवल पॉजिटिव मामलों की दर को कम कर रहा है बल्कि मृत्यु दर को भी घटा रहा है।
परीक्षण रणनीति ही पूरे देश में तेजी से बढ़ रही नैदानिक प्रयोगशाला नेटवर्क की मुख्य निर्धारक है।
जनवरी 2020 में पुणे में एक प्रयोगशाला से बढ़कर आज देश में 1470 प्रयोगशालाएं हो गई हैं जिनमें 969 प्रयोगशालाएं सरकारी क्षेत्र में है और 501 निजी प्रयोगशालाएं हैं।
जो इस प्रकार हैं वास्तविक समय आरटी पीसीआर आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं 754 (सरकारी 450 निजी 304) ट्रूनेट आधारित परीक्षण प्रयोगशाला 599 (सरकारी 485 निजी 114) सीबीएनएएटी आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं 117 (सरकारी 34 निजी 83) कोविड19 से संबंधित तकनीकी सवाल technicaluerycovid19govin और अन्य सवाल ncov2019govin एवं ovidindias...
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय श्री नितिन गडकरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मणिपुर में 13 राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी तथा एक सड़क सुरक्षा परियोजना का उद्घाटन किया और साथ ही पूर्वोत्तरर राज्यों के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री श्री एन बीरेन सिंह से राज्य के हस्तशिल्प हथकरघा और...
इन सड़कों के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ ही क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अवसंरचना विकास की इच्छा को ध्यान में रखते हुए ही इस क्षेत्र में कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में मणिपुर में कई और सड़क परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इम्फाल में एक एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और दोतीन महीनों में इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के काम में तेजी लानेके लिए कहा ताकि परियोजनाओं पर काम जल्द शुरू किया जा सके।
केन्द्रीय सड़क कोष (सीआरएफ) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जैसे ही राज्य की ओर से पहले दिए गए पैसों केखर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराया जाएगा उसके लिए कोष से करीब 250 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी जाएगी।
श्री गडकरी ने बताया कि ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों से गाद निकालने का काम पूरा हो चुका है और अब इन नदियों के जलमार्ग का इस्तेमाल लोगों तथा सामानों के परिवहन के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने नदियों से महज 5060 किलोमीटर दूरी पर स्थित इम्फाल को भी नदी मार्ग से जोड़ने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के लिए वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल का आग्रह करते हुए कहा कि यह सस्ता होने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल भी होगा।
श्री गडकरी ने मणिपुर में रोजगार और आर्थिक परिदृश्य को बेहतर बनाने में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डाला।
एमएसएमई इकाइयों की परिभाषा कोऔर व्यापक रूप दिए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने इसका लाभ उठाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री से हस्तशिल्प औरहथकरघातथाशहदऔरबांस आदि से बनेउत्पादों की निर्यात क्षमता का पता लगाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससेबड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री बीरेन सिंह ने कहाकि चारों तरफ पर्वतों से घिरे मणिपुर में भारी बारिश होती है ऐसे में राज्य में ऐसी गुणवत्ता वाली सड़कों की आवश्यकता है जो खराब मौसम को झेल सकें।
उन्होंने इम्फाल में 25 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क बनाए जाने के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने इसके साथ ही इम्फाललोकताक राजमार्ग की चारलेन का बनाए जाने की आवश्यकता की ओर ध्यान दिलाया। एक आकर्षक पर्यटन स्थल होने के कारण इस राजमार्ग पर बड़ी संख्या में वाहनों का आनाजाना लगा रहता है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत) वीके सिंह ने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के तहत सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि म्यांमार के साथ सीमा लगी होने के कारण मणिपुर का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि भारत को म्यांमार थाईलैंड से जोड़ने वाला अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग मणिपुर से ही शुरू होता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या37 पर बराक और माकू नदियों के ऊपर पुल बनाने का काम अगले साल मार्च तक दो पूरा हो जाएगा। इससे देश के अन्य हिस्सों से राज्य का सड़क संपर्क और बेहतर हो जाएगा।
परियोजनाओं में निम्नलिखित शामिल हैं एनएचआईडीसीएल क्रसं
परियोजना का नाम लंबाई (किलोमीटर में) लागत (करोड़ रुपये में) 1
एनएच39(एनएच102) के इंफालमोरेह खंड को 33000 किमी से 35000 किमी तक चार लेन का बनाना (पैकेजi) 20 762 2
एनएच 102बी के चुराचंदपुरतुईवई खंड को 0000 किमी से 13747 किमीतक चौड़ा करके दो लेन का बनाना अतिरिक्त मजबूत फुटपाथ के साथ (पैकेज1ए) 1375 16795 3
एनएच 102बीके चुराचंदपुरतुईवई खंड को 13747 किमी से 32835 किमी तक चौड़ा करके दो लेन का बनाना अतिरिक्त मजबूत फुटपाथ के साथ (पैकेज1बी) 1908 24152 4
एनएच 102बीके चुराचंदपुरतुईवई खंड को 32835किमी से 48587 किमी तकचौड़ा करके दो लेन का बनाना अतिरिक्त मजबूत फुटपाथ के साथ (पैकेज2ए) 1575 23299 5
एनएच 102बीके चुराचंदपुरतुईवई खंड को 118850 किमी से 130000 किमी तक चौड़ा करके दो लेन का बनाना अतिरिक्त मजबूत फुटपाथ के साथ (पैकेज4ए) 1115 20412 6
एनएच39पर 421950 किमी से 425411 किमी तक (लंबाई 252 किमी) मोरे बाईपास को दो लेन का बनाना अतिरिक्त फुटपाथ के साथ 252 6814 8
1407 24142 10 एनएच102बी (2बी पैकेज)के चुराचंदपुरतुईवई खंड को दो लेन का बनाना 2188 36533 11 एनएच102बी (4बी पैकेज)के चुराचंदपुरतुईवई खंड को दो लेन का बनाना 1103 17777 कुल 16442 किलोमीटर 280635 करोड़ रुपये सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मणिपुर क्र सं
8350 किलोमीटर रुपये5552 करोड़ 2
6800 किलोमीटर रुपये 5381 करोड़ 3
मणिपुर राज्य में सड़क सुरक्षा वार्षिक योजना 201718 के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 150 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग02) के किलोमीटर 462 से 464 में तथा राष्ट्रीय राजमार्ग39 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग102) के 320 किलोमीटर पर जक्शनों फुट ऑवर ब्रिज फुटपाथ सड़क संकेत और मार्किंग आदि में सुधार द्वारा सड़क सुरक्षा कार्य) कार्य संख्या 150 एं...
वित्त मंत्रालय 522 प्रतिशत जीएस 2025' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी 619 प्रतिशत जीएस 2034' की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी और 716 प्रतिशत जीएस 2050 की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी के जरिए 12000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए 522 प्रतिशत सरकारी स्टॉक...
ये नीलामियां विविध मूल्य विधि का उपयोग करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक मुम्बई कार्यालय फोर्ट मुम्बई द्वारा 21अगस्त 2020 (शुक्रवार) को संचालित की जाएंगी।
नीलामी हेतु प्रतिस्पर्धी और अप्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां भारतीय रिजर्व बैंक की कोर बैंकिंग सोल्यूशन (ईकुबेर) प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र में 21 अगस्त 2020 को प्रस्तुत की जानी चाहिए।
नीलामियों के परिणाम की घोषणा 21 अगस्त 2020 (शुक्रवार) को की जाएगी और सफल बोलीदाताओें द्वारा भुगतान 24 अगस्त 2020 (सोमवार) को किया जाएगा।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने वित्तीय वर्ष 201718 के लिए आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की वैधानिक लेखा परीक्षा की गुणवत्ता समीक्षा रिपोर्ट जारी की राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने वित्तीय वर्ष 201718 के लिए आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लि...
इस कार्य के लिए बीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी (बीएसआर) वैधानिक लेखा परीक्षक थे।
एक्यूआरआर को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 132 (2) (बी) और एनएफआरए नियमावली 2018 के अनुपालन में आयोजित की गई जिसके लिए एनएफआरए लेखा मानकों और लेखा परीक्षा मानकों के साथ अनुपालन की निगरानी और उसे लागू करना आवश्यक है।
वित्त मंत्रालय आंशिक ण गारंटी योजना (पीसीजीएस) 20 की अवधि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अधिक लचीलेपन के साथ बढ़ाई गई पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 3 माह का समय दिया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय डॉ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ
विनोद के पॉल ने भी डिजिटल माध्यम से इसमें भाग लिया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य और सीआईआई टीबी मुक्त कार्यस्थल अभियान पर एक वर्चुअल प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया गया और उनकी उपस्थिति में सीआईआई सार्वजनिक स्वास्थ्य रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया।
कोविड महामारी के बीच इस कार्यक्रम के आयोजन पर सीआईआई को धन्यवाद देते हुए उन्होंने दर्शकों को याद दिलाया कि इस महामारी ने हमें अपने देश के लिए एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे पर पुनर्विचार करने और संरचनात्मक रूप से फिर से कल्पना करने का अवसर दिया है। स्वास्थ्य के प्रति इस बड़े जोखिम के रोकथाम और उपचार में भारत की सफल...
हर्ष वर्धन ने कहा कि टीबी के 264 लाख मामलों के साथ भारत की वैश्विक स्तर पर टीबी के मामलों में बड़ी हिस्सेदारी है।
प्रधानमंत्री ने 2014 में कार्यभार संभालने के बाद से ही टीबी के मामले पता लगाने के लिए व्यापक सर्वेक्षण की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि टीबी का हर मरीज और यहां तक कि बहु दवा प्रतिरोधी टीबी से पीड़ित लोगों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है जिसकी पूरी लागत का वहन सरकार करती है। वहीं टीबी के मामलों की सूचना देने के लिए चिक...
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जाहिर कहते हुए कहा कि सरकार के आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन दिए जाने से इसी प्रकार कालाअजार और कुष्ठ जैसी बीमारियों का उन्मूलन होगा साथ ही मातृ मृत्यु दर घटकर शून्य के स्तर पर आ जाएगी।
श्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध होने से कैसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में क्रांतिकारी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा दूरस्थ चिकित्सा के व्यापक उपयोग से ईसंजीवनी टेलीकंसल्टेशन प्लेटफॉर्म पर 15 लाख परामर्श दर्ज किए जा चुके...
रणदीप गुलेरिया सीआईआई पब्लिक हैल्थ काउंसिल के चेयरमैन के रूप में और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक श्री चंद्रजित बनर्जी भी डिजिटल माध्यम से उपस्थित रहे।
जनजातीय कार्य मंत्रालय जनजातीय स्वास्थ्य और पोषण पोर्टल स्वास्थ्य तथा राष्ट्रीय प्रवासी पोर्टल और राष्ट्रीय जनजातीय फैलोशिप पोर्टल का शुभारंभ जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा आज कई पहलों की घोषणा की हैं जिनमें जनजातीय स्वास्थ्य एवं पोषण पोर्टल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य तथा पोषण पर ईन्यूजलेटर आलेख राष्ट्रीय प्रवासी पोर्ट...
हालांकि समय के साथसाथ सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों में काफी सुधार हुआ है लेकिन जनजातीय और गैरजनजातीय आबादी के बीच अंतर बना हुआ है।
हम इस अंतर को पाटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुझे खुशी है कि स्वास्थ्य पोर्टल बहुत अच्छा काम करेगा।
इस पोर्टल की शुरुआत देश की जनजातीय आबादी की सेवा करने के बड़े लक्ष्य की दिशा में पहला कदम है।
सभी हितधारकों के सहयोग से मुझे मजबूत होने और हमारे प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने की दिशा में बेहतर सेवा करने की उम्मीद है। उन्होंने गोइंग ऑनलाइन एज लीडर्स (जीओएएल) के माध्यम से फेसबुक के साथ भागीदारी में मंत्रालय की पहल के बारे में भी जानकारी दी।
इस जीओएएल के माध्यम से मंत्रालय का उद्देश्य देश के 5000 जनजातीय युवाओं को सलाह देना और उन्हें अपने समुदाय के लिए ग्राम स्तर के डिजिटल युवा नेता बनाने में सक्षम करना है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि यह पहल अपने उद्देश्यों को प्राप्त करेगी और जनजातीय युवाओं को अपने प्रभाव क्षेत्र में अग्रणी संसाधन बनाने के लिए सशक्त बनाएगी। इसके अलावा उन्हें नेतृत्व कौशल प्राप्त करने अपने समाज में समस्याओं की पहचान करने उनका समाधान करने और समाज की सामाजिकआर्थिक स्थिति के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने में भी सम...
इस कार्यक्रम के तहत 5 सितम्बर 2020 को शिक्षक दिवस के अवसर पर मोबाइल वितरण और कार्यक्रम लॉन्च करने की भी घोषणा की गई।
डीबीटी पोर्टल पर टिप्पणी करते हुए श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय ने अभी हाल में डीबीटी मिशन के मार्गदर्शन के अधीन आईटी सक्षम छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से जनजातीय लोगों के सशक्तिकरण के लिए 66वें स्कोच स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किए हैं।
यह भी जानकारी दी गई कि केपीएमजी द्वारा सामाजिक समग्रता पर केन्द्रित केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के राष्ट्रीय आकलन ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पोर्टल को मान्यता दी है। इस पोर्टल को ईगवर्नेंस में श्रेष्ठ प्रक्रिया अनुसूचित जनजाति के छात्रों को सेवा की आपूर्ति में पारदर्शिता जवाबदेही और मौलिक सुधार ...
फैलोशिप और प्रवासी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन के शुरू होने के बारे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फैलोशिप और प्रवासी छात्रवृत्ति पोर्टल अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए बेहतर पारदर्शिता और आसान जानकारी उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने की दिशा में उनके मंत्रालय द्वारा किए जा रहे असाधारण प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी।
श्रीमती रेणुका सिंह सरुता ने एक त्रैमासिक ईन्यूज लेटर आलेख जारी किया।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य और भलाई में सुधार के लिए प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मैं उन व्यक्तियों और संगठन के प्रति बड़ी आभारी हूं जो कोविड के दौरान अनुसूचित जनजाति के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में विशेष रूप से समुदाय की बेहतरी के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
मुझे उम्मीद है कि यह न्यूज लेटर हमारे सभी हितधारकों के काम का प्रदर्शन करने और उन्हें एकदूसरे की सफलता और असफलताओं से सीखने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
मुझे खुशी है कि जीओएएल कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय कार्य मंत्रालय और फेसबुक संयुक्त रूप से जनजातीय युवाओं विशेष रूप से लड़कियों तक पहुंच रहे हैं और डिजिटल मंच के माध्यम से उनमें उद्यमशीलता कौशल विकसित कर रहे हैं।
मुझे पूरा विश्वास है कि यह उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से चैंपियन बनने हेतु सशक्त करेगा। कैबिनेट सचिवालय में सचिव (समन्वय) श्री वीपी जॉय ने शैक्षणिक वर्ष 202021 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय प्रवासी और राष्ट्रीय फैलोशिप पोर्टल का शुभारंभ किया।
उन्होंने डीबीटी के माध्यम से सभी छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में उत्कृष्ट डेटाबेस बनाने और डैशबोर्डके माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर पीरामल फाउंडेशन के सीईओ श्री परेश परासनिस पब्लिक हेल्थ नवाचार पीरामल स्वास्थ्य के उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र हेगड़े और फेसबुक से श्री रजत अरोड़ा उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय प्रधानमंत्री ने पंडित जसराज के निधन पर शोक व्यक्त किया प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित जसराजजी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा पंडित जसराजजी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से भारतीय सांस्कृतिक जगत में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है।
न केवल उनकी प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं बल्कि उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।
उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय उपराष्ट्रपति कल अटल नवाचार उपलब्धि संस्थान रैंकिंग (एआरआईआईए) 2020 के परिणाम जारी करेंगे श्री रमेश पोखरियाल निशंकऔर श्री संजय शामराव धोत्रे भी इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप में भाग लेंगेएआरआईआईए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक पहल हैजिसके तहत नवाचार से संबंधित संकेतकों के आधार पर देश में उच्च...
एआरआईआईए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक पहल है जिसे एआईसीटीई और मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ द्वारा लागू किया गया है जो देश में छात्रों और संकायों के बीच नवाचार स्टार्टअप और उद्यमिता विकास से संबंधित संकेतकों के आधार पर उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को प्रणालीबद्ध रैंकिंग देता है।
अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा कि दुनिया का ध्यान इस ओर आकृष्ट हुआ है कि वैश्विक नवोन्मेष सूचकांक रैंकिंग में भारत के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
भारत 2014 में वैश्विक नवाचार सूचकांक में 81वें स्थान पर था जबकि 2019 में देश ने 52वां पायदान हासिल किया है।
एआईसीटीई का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत एचआरडी मंत्रालय द्वारा की गई पहल के साथ वैश्विक नवाचार पर और सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
उन्होंने कहा कि एआरआईआईएशिक्षा संस्थानोंमें होने वाले नवाचारों की गुणवत्ता और मात्रा पर ध्यान केंद्रित करता है और इन नवाचारों द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए वास्तविक प्रभावों का आकलन करता है।
एआरआईआईए मूल्यांकन समिति के चेयरमैन श्री बीवीआर मोहन रेड्डी के अनुसार नया भारत बदल रहा है और नवाचार प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करके हमारे शिक्षा संस्थान इस बदलाव में भाग ले रहे हैं।
एआरआईआईएएक रूपरेखा है जो हमारी शिक्षा प्रणाली में हो रहे इस बदलाव का आकलन करता है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालयके नवाचार प्रकोष्ठ के मुख्य नवाचार अधिकारीडॉ
एआरआईआईएरैंकिंग निश्चित रूप से भारतीय संस्थानों को देश में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी सोचसमझ को फिर से पारिभाषित करने और एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
पिछले साल एआरआईआईए2019 के दौरान 'सार्वजनिक वित्त पोषित' में शीर्ष 10 संस्थानों और 'निजी और स्ववित्त पोषित' श्रेणियों में 5 संस्थानों की घोषणाकी गयी थी और राष्ट्रपति द्वारा 8 अप्रैल 2019 को विज्ञान भवन नई दिल्ली में सर्वोच्च वरीयता प्राप्त संस्थानों को सम्मानित किया गया था।