text
stringlengths 116
198k
| timestamp
stringlengths 0
20
| url
stringlengths 0
3.79k
| source
stringclasses 5
values |
|---|---|---|---|
Karnataka Extends Lockdown Till June 21, Some Relaxations For Bengaluru » Indian Government Jobs
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और मंत्रियों द्वारा कोविड की स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया
कोविड के मामलों में गिरावट के बीच भी सावधानी से चलते हुए, कर्नाटक सरकार ने आज राज्य में तालाबंदी को एक सप्ताह के लिए 21 जून तक बढ़ा दिया, जबकि सकारात्मकता दर वाले जिलों में कुछ प्रतिबंधों को 15 प्रतिशत से कम कर दिया। जिन जिलों में प्रतिबंधों में ढील दिखाई देगी, उनमें बेंगलुरु अर्बन है।
जिन 11 जिलों में सकारात्मकता दर अधिक बनी हुई है, उनके लिए मौजूदा प्रतिबंध जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ राज्य में महामारी की स्थिति पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद यह निर्णय लिया।
8 जिलों के डीसी के साथ वीसी रहे जहां पॉजिटिविटी रेट राज्य के औसत से ज्यादा है। उन्हें सूक्ष्म नियंत्रण क्षेत्रों, प्रारंभिक परीक्षण और पहचान, सकारात्मक मामलों के अलगाव और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। pic.twitter.com/cZZKTijQiG
– बीएस येदियुरप्पा (@BSYBJP) 10 जून 2021
बैठक के बाद निर्णयों की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जिलों में प्रतिबंधों में ढील दी गई है, संबंधित अधिकारी उन्हें सख्त करने के लिए कॉल कर सकते हैं।
जिन जिलों में सकारात्मकता दर 15 प्रतिशत से कम हो गई है, वहां कारखानों को 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित करने की अनुमति दी गई है। गारमेंट उद्योग के लिए उपस्थिति 30 प्रतिशत पर सीमित कर दी गई है। सरकार ने निर्माण गतिविधियों को भी हरी झंडी दे दी है।
इन जिलों में आवश्यक सामान बेचने वाली दुकानों को सुबह 6 बजे से 2 बजे तक और पार्कों को सुबह 5 बजे से 10 बजे तक खुले रहने की अनुमति होगी।
हालांकि, सभी जिलों में शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रात का कर्फ्यू जारी रहेगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने एनडीटीवी को बताया कि शुक्रवार शाम 7 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक सप्ताहांत कर्फ्यू भी जारी है।
यह पूछे जाने पर कि प्रतिबंध कब तक जारी रहेगा, मंत्री ने कहा कि वे स्थिति का फिर से आकलन करने और उसके अनुसार निर्णय लेने के लिए 21 जून से पहले एक बैठक करेंगे।
उन्होंने कहा कि जबकि बेंगलुरु शहर में दैनिक मामलों की संख्या में गिरावट आई है, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि लोग कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करें। "नागरिकों के सहयोग के बिना, यह बहुत मुश्किल होगा। जब तक सभी लोगों को टीके की दो खुराक नहीं दी जाती, तब तक (केस) स्पाइकिंग की संभावना एक लटकती तलवार की तरह होती है, इसलिए हमें बेहद सावधान रहने की जरूरत है," उन्होंने कहा। कहा हुआ।
जिन 11 जिलों में सख्त तालाबंदी जारी रहेगी, वे हैं चिक्कमगलुरु, शिमोगा, दावणगेरे, मैसूर, चामराजनगर, हासन, दक्षिण कन्नड़, बैंगलोर ग्रामीण, मांड्या, बेलगाम और कोडागु।
कर्नाटक ने आज पिछले 24 घंटों में 11,042 नए मामले और 194 कोविड की मौत की सूचना दी, जिसमें बेंगलुरु शहरी 2,191 मामले दर्ज किए गए।
|
2021/06/15 06:38:46
|
https://www.govindiajobs.in/karnataka-extends-lockdown-till-june-21-some-relaxations-for-bengaluru/
|
mC4
|
1356237 | भारत में सुस्ती भरे माहौल में भी 9.2 फीसदी बढ़ेगी सैलरी
भारत में सुस्ती भरे माहौल में भी 9.2 फीसदी बढ़ेगी सैलरी
Updated Date Tue, Dec 3, 2019, 7:40 AM IST
कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फॉरकास्ट की रिपोर्ट, 4.9% रह सकती है वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 2020 में
नयी दिल्ली : नये साल में भारतीयों के वेतन में इजाफा होने की उम्मीद है. कॉर्न फेरी ग्लोबल सैलरी फॉरकास्ट की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2020 में वेतनभोगियों की सालाना औसत वेतन वृद्धि 9.2 फीसदी होने की उम्मीद है. हालांकि, यह पिछले साल के 10 फीसदी से कम है. वहीं, पांच फीसदी इजाफा मजदूरी में भी होगा.
भारत का 9.2% का वेतन वृद्धि अनुमान एशिया में सबसे अधिक है, लेकिन महंगाई के कारण वास्तविक वेतन वृद्धि महज पांच फीसदी ही रहने का अनुमान है. कॉर्न फेरी इंडिया के चेयरमैन और क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक नवनीत सिंह का कहना है कि दुनियाभर में लोगों की वेतन वृद्धि प्रभावित हो रही है. इसके बावजूद भारत में इसकी वृद्धि दर काफी मजबूत है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 4.9 फीसदी रहने का अनुमान है. वैश्विक स्तर पर महंगाई दर 2.8 फीसदी रह सकती है. इस कारण वास्तविक वैश्विक औसत वेतन वृद्धि 2.1 फीसदी रह सकती है.
एशिया में औसत वेतन वृद्धि 5.3 फीसदी, महंगाई दर 2.2 फीसदी और वास्तविक औसत वेतन वृद्धि 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है. एशियाई देशों में इंडोनेशिया में वेतन वृद्धि 8.1 फीसदी, चीन में 6 फीसदी, मलयेशिया में 5 फीसदी और कोरिया में 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है. जापान में सबसे कम 2 फीसदी और ताइवान में 3.6 फीसदी वेतन वृद्धि रह सकती है.
इससे पहले ब्रोकिंग एंड सॉल्यूशंस कंपनी विलिस टावर्स वॉटसन ने नवंबर में जारी 'बजट प्लानिंग रिपोर्ट' में 2020 में भारत में लोगों के वेतन में 10 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया था. यह रिपोर्ट विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में मौजूद अलग-अलग नौकरियों के अध्ययन के बाद तैयार की गयी है.
कॉर्न फेरी इंडिया के एसोसिएट क्लाइंट पार्टनर रूपांक चौधरी का कहना है कि 2020 में भारत में औसत वेतन वृद्धि 9.2 फीसदी रह सकती है, लेकिन महंगाई के समायोजन के बाद वास्तविक वेतन वृद्धि 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत वेतन वृद्धि से अधिक है. उन्होंने कहा कि धीमी और कम वेतन वृद्धि के साथ कंपनियां अपने प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों का चुनाव करना जारी रखेंगी.
इसके अलावा, कारोबार की बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए निश्चित वेतन में धीमी वृद्धि देखी जाती है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रदर्शन प्रोत्साहन (अल्प और दीर्घकालिक) सहित कुल वेतन में एक स्थिर वृद्धि जारी रहेगी. यह आंकड़ा 130 से अधिक देशों के 25,000 संगठनों के दो करोड़ से अधिक कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है.
|
2020/08/07 15:55:58
|
https://www.prabhatkhabar.com/national/1356237
|
mC4
|
जन्म तारीख के आधार पर 20 से 26 अप्रैल तक आपके लिए कैसा रहेगा ये सप्ताह
अंक ज्योतिष में जन्म तारीख के आधार पर आने वाले समय के संबंध में जानकारी मिल सकती है। इसे न्यूमेरोलॉजी भी कहते हैं। अपनी बर्थ डेट के अनुसार उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए आपके लिए ये सप्ताह यानी 20 से 26 अप्रैल तक का समय कैसा रह सकता है...
इस सप्ताह प्रेम-प्रसंग के मामले में सफलता मिल सकती है। यात्रा से बचना होगा। सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। प्रसन्नता बनी रहेगी।
मौसमी बीमारियों की वजह से परेशानियां बढ़ सकती हैं। पुराना अटका धन मिल सकता है। व्यापार से संबंधित यात्रा की योजना बन सकती है। धन लाभ के अवसर मिलेंगे।
मानसिक तनाव बढ़ सकता है। धन संबंधी कामों में विशेष सावधानी रखनी होगी, वरना हानि हो सकती है। जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकलना पड़ सकता है।
शिक्षा क्षेत्र से संबंधित लोगों को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। इस सप्ताह मनपसंद भोजन मिल सकता है। आय में वृद्धि होने के योग बन रहे हैं।
विरोधी हावी होने का प्रयास करेंगे। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय हानिकारक हो सकता है। भागदौड़ करनी होगी। धैर्य बनाए रखें और क्रोध से बचें।
पुराने समय से की जा रही कोशिशें इस सप्ताह फलदायक हो सकती है। निवेश करते समय संभलकर रहना होगा। मनोरंजन पर व्यय करना पड़ सकता है।
शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। कोई बड़ा नुकसान होने के योग बन रहे हैं। व्यय की अधिकता रहेगी, सोच-समझकर खर्च करें। पुरानी बचत खत्म हो सकती है।
व्यवसाय से जुड़ी कोई यात्रा करनी पड़ सकती है। पुरानी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। बोलते समय धैर्य बनाए रखें।
अनावश्यक धन व्यय हो सकता है। पैसों की कमी की वजह से मानसिक तनाव बढ़ने के योग हैं। आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिल पाएगी। वरिष्ठ लोगों का मार्गदर्शन मिल सकता है।
Ank Jyotish Rashifal Numerology april: Weekly Ank Jyotish Rashifal Numerology, april Weekly Rashifal Ank Jyotish Predictions 2020 By Date Of Birth, Saptahik Ank Jyotish april 20th 2020 To 26th
|
2020/10/21 19:17:00
|
https://www.poojakamahatva.site/2020/04/20-26.html
|
mC4
|
अंबानी परिवार के इस बहु के लिए संजय दत्त ने कहा था की "वो सिर्फ मेरी है और मुझे उसका एक्स्पोज करना नहीं पसंद", जाने आखिर कौन हैं ये
अंबानी परिवार के इस बहु के लिए संजय दत्त ने कहा था की "वो सिर्फ मेरी है और मुझे उसका एक्स्पोज करना नहीं पसंद", जाने आखिर कौन हैं ये
September 28, 2018 Indira Bharti 1853 Views ambani, bollywood, lovestory, rocky, sanjydutt, tinamunim
बता दें की चूँकि संजय दत्त की पहली फिल्म के रिलीज़ से कुछ दिन पहले ही उनकी माँ अभिनेत्री नर्गिस दत्त की मौत होगयी थी जिस वजह से वो टूट चुके थे. लेकिन संजय की माने तो उस वक़्त उनकी जिंदगी में टीना एक ऐसी शख्स थी जिसने उनकी माँ तरह ही उन्हें संभाला था और प्यार दिया था. संजय दत्त ने खुद कहा की टीना हालंकि उन्हें उनकी माँ की तरह की डोमिनेट करती थी लेकिन इसके वाबजूद भी दोनों के बीच काफी गहरा प्यार था. संजय से जब पूछा गया की वो अपनी गर्लफ्रेंड के करियर को लेकर हमेशा ही पोजिसिव रहे हैं आप्कोखुसी मिलती थी जब भी आपके किसी गर्लफ्रेंड की movie फ्लॉप होती थी. इसके जवाब में संजय दत्त ने कहा था की असल में टीना को लेकर मैं बहुत ही जयादा पोजिसिव था क्यूंकि वो सिर्फ मेरी थी और मैं नहीं चाहता था की वो एक्स्पोज करें. संजय दत्त की माने तो टीना की जिन्दगी में उनके कपड़ों के अलावा उन्होनें कभी कोई दखल नहीं दिया.
← Previous माह का अंतिम शनिवार इन 6 राशियों के लिए लेकर आया है खुशियों की सौगात,हाँथ लगेगी बड़ी सफलता ,जानें आज का राशिफल
|
2020/06/06 06:57:18
|
http://www.namanbharat.co/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81-%E0%A4%95%E0%A5%87/8481/
|
mC4
|
हरियाणा के 2 लड़कों ने क'श्मीर में जाकर कर दिया क'माल, बनाया लिम्का बुक रिकॉ'र्ड - Mann Live News
Home लाइफस्टाइल हरियाणा के 2 लड़कों ने क'श्मीर में जाकर कर दिया क'माल, बनाया...
हरियाणा के 2 लड़कों ने क'श्मीर में जाकर कर दिया क'माल, बनाया लिम्का बुक रिकॉ'र्ड
हरियाणा के रहने वाले दो छात्रो ने अपना नाम लिमका बुक आफ रि'कॉर्डस मे दर्ज कराया है. इन दो होनहार छात्रो का नाम विशाल पुड़ीर वा अजय राणा है. दोनो फिलहाल पढाई कर रहे है. आम तौर पर लड़को मे बाइक चलाने का शौक होता है. इन दोनो लड़को ने अपने इसी शौक के कारण इतना ब'ड़ा रिकॉ'र्ड बनाने मे कामयाब रहे. उन्होंने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक का सफर मात्र 87 घण्टो मे पुरा कर लिया है.
इन दोनो लड़को ने लेह से 2 जुन 2019 मे सफर की शुरुआत की तथा 5 जुन 2019 को कश्मी'र पहुंचकर अपना सफर खत्म किया. ये दोनों छात्र हरियाणा के अम्बालां कैन्ट के रहने वाले है. इन लोगो ने कभी नही सोचा था कि वो इस तरह कभी रि'कॉर्ड बना पाएगें. उन्होंने ऐसा करने के बारे मे भी नही सोचा था. एक बार दोनो दोस्तो ने घुमने के लिए लेह मनाली गए. उन्होंने इतना लम्बा सफर बस 12घटें मे पुरि कर लिया.
जब ये बात लोगो को पता चली तो सभी आश्च र्यकीत होने लगे. तभी उन्होने मन बना लिया कि वो नया रिकॉर्ड बनाएगें. चुकिं इन दोनो ने बेहद कम समय मे लेह मनाली का सर तय कर चुके थे इसलिए उन्होंने दुबारा सफर पर जाने के लिए लेह से कश्मीर को चुना तथा दोनो ने एक खुबसूरत सफर की शुरुआत की. इन्होंने पता लगाया कि इससे पहले का लिमका बुक आफ रिकॉ'र्ड मे लेह से कन्याकुमारी,
तक की दुरी 125 घन्टे की दर्ज है. तो उन्होंने सिर्फ 87 घण्टे मे सफर पुरा तय कर लिया. इन दोनो ने इतना लम्बा सफर मे सिर्फ दो बार रूके. सुबह चार बजे़ उन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत की थी. उन दोनो के लिए ये कर पाना आसान नही रा इस लम्बी सफर के दौरान उन्हे काफी मु'श्कि'लों का सामना करना पड़ा. वो तगंलगं पर गिर गए थे जो दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची जगह है वहां से गिर गए थे.
Previous articleअपनी ज़ि'न्दगी के स'बसे अ'हम शख्स पर फिल्म बनाने जा रहे संजय, इसलिए पड़ा था नाम बाबा
Next articleरानू मंडल के पति का फ़िरोज़ खान और फरदीन खान से रहा है काफी पुराना नाता, अब उन्होंने बताया
|
2020/01/25 17:34:20
|
https://mannlivenews.com/hariyana-two-students/
|
mC4
|
वेलेंटाइन डे पर IAS अफसर का ट्वीट हुआ वायरल… 'नौकरी इस जन्म, प्यार अगले जन्म'
Home EXCLUSIVE वेलेंटाइन डे पर IAS अफसर का ट्वीट हुआ वायरल… 'नौकरी इस जन्म,...
वेलेंटाइन डे पर IAS अफसर का ट्वीट हुआ वायरल… 'नौकरी इस जन्म, प्यार अगले जन्म', यूजर्स कर रहे कुछ ऐसे रिप्लाई !
रायपुर @ खबर बस्तर। सोमवार को वेलेंटाइन डे है और इससे पहले छत्तीसगढ़ में पदस्थ एक IAS अफसर का ट्वीट सुर्खियां बटोर रहा है। आईएएस अधिकारी के इस ट्वीट पर कई यूजर्स दिलचस्प रिप्लाई कर रहे हैं।
दरअसल, IAS अवनीश शरण ने अपने ट्वीट में 'विश्वनाथ प्रसाद तिवारी' का एक कोट शेयर करते हुए लिखा है- 'क्योंकि नौकरी इस जन्म के लिए जरूरी है। अतः प्यार को अगले जन्म तक के लिए स्थगित करता हूं।'
IAS अफसर ने मजाकिया अंदाज में UPSC कैंडिडेट की भावनाओं का जिक्र करते हुए कैप्शन दिया- "वैलेंटाइन-डे पर UPSC ऐस्पिरेंट की भावना."
आईएएस अधिकारी के इस ट्वीट के बाद अब यूजर्स भी दिलचस्प कमेंट्स कर अपनी बात रख रहे हैं। एक यूजर ने रिट्वीट करते हुए लिखा- 'प्यार तो नौकरी लगने के बाद भी हो सकता है। वहीं दूसरे ने सवाल किया, 'सीधे अगले जन्म! फिर अगले जन्म में UPSC nahi karna kya!
एक अन्य यूजर ने इससे आगे बढ़ते हुए लिखा, 'नौकरी इस जनम तक ही रहेगी, प्यार सात जनम तक रहेगा।' एक यूजर का अंदाजे बयां देखिए, 'नौकरी नही होगी तो प्यार खुद-ब-खुद अगले जन्म पर स्थगित हो जाएगा।' वहीं दूसरे ने लिखा, 'सही है sir नौकरी के बाद ही दूसरा जन्म होता है।'
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अवनीश शरण 2009 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे सोशल मीडिया पर अक्सर सक्रिय रहते हैं। खासकर ट्विटर पर उनके प्रशंसकों की काफी बड़ी संख्या है और उनके ट्वीट का फैन्स को हमेशा इंतजार रहता है।
आईएएस अवनीश शरण 2017 में पहली बार चर्चा में तब आए थे जब उन्होंने बलरामपुर के कलेक्टर रहते हुए अपनी बेटी वेदिका का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया था। स्कूल में बेटी के साथ मिड डे मील खाते उनकी फोटो उस वक्त काफी वायरल हुई थी।
IAS officer's tweet went viral on Valentine's Day
Previous articleIPL मेगा ऑक्शन में छत्तीसगढ़ के 5 क्रिकेटर शामिल, इन खिलाड़ियों पर टिकी होंगी निगाहें !
Next articleIPL 2022 में जलवा दिखाएंगे CG के क्रिकेटर शशांक सिंह, सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 लाख रुपए में खरीदा
|
2022/05/23 12:30:18
|
https://www.khabarbastar.in/ias-officers-tweet-went-viral-on-valentines-day/
|
mC4
|
रविचंद्रन अश्विन का पर्पल कैप पर नहीं है फोकस, बोले- अब तो केवल करना है ये काम | CricketCountry.com हिन्दी
रविचंद्रन अश्विन का पर्पल कैप पर नहीं है फोकस, बोले- अब तो केवल करना है ये काम
अश्विन का परफॉर्मेंस अबतक दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार रहा है।
| Updated : October 14, 2020 12:35 AM IST
Ravichandran Ashwin @ Twitter
दिल्ली कैपिटल्स के सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) का मानना है कि 'पर्पल' या 'आरेंज' कैप (Orange Cap, Purple Cap 2020) जीतना तब तक बेमानी है जब तक कि खिलाड़ी टीम के लिए अपनी भूमिका को सही तरह से अंजाम नहीं देता।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) में सर्वाधिक रन बनाने वाले को 'आरेंज कैप' और सबसे अधिक विकेट चटकाने वाले को 'पर्पल कैप' दी जाती है लेकिन अश्विन का मानना है कि अगर टीम मैच नहीं जीतती है तो फिर इस तरह के इनाम बेकार हैं।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक प्रशंसक के स्ट्राइक रेट से जुड़े सवाल के जवाब में कहा, ''इस तरह की संख्या कोई मायने नहीं रखती। पर्पल और आरेंज कैप आंखों में धूल झोंकने की तरह है। यह टीम की जीत में योगदान निभाने से जुड़ा है, अपनी भूमिका निभाना (जीत में)।''
'हेलो दुबइया' नाम का अश्विन का यह शो तमिल में है जिसमें अंग्रेजी में सब टाइटल हैं। अश्विन ने इसके बाद उदाहरण दिया कि किस तरह निश्चित परिस्थितियों में रक्षात्मक शॉट खेलना जरूरी होता है।
अश्विन ने दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन विश्लेषक प्रसन्ना एगोरम के साथ चर्चा करते हुए कहा, ''अगर आपके नौ विकेट गिर गए हैं और 10 रन बनाने हैं तो आप 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर रक्षात्मक शॉट खेल सकते हैं। यह टीम की जरूरत के अनुसार है।''
अश्विन का मानना है कि 'विश्लेषण, आलोचना और सराहना' के साथ चलते हैं और इन्हें मिश्रित करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, ''अपने खेल का लुत्फ उठाओ और खेल को देखो।''
|
2021/09/26 01:41:12
|
https://www.cricketcountry.com/hi/news/ipl-2020-for-me-contribution-for-team-is-much-more-important-than-getting-purple-cap-says-ravichandran-ashwin-952318
|
mC4
|
लॉन्चिंग की शुरुआत में ही अरनब गोस्वामी के चैनल को मिली 'अच्छी खबर' - साक्षात्कार
वरिष्ठ पत्रकार अरनब गोस्वामी का हिंदी न्यूज चैनल 'रिपब्लिक भारत' (republic bharat) दो फरवरी को अपनी लॉन्चिंग के बाद से ही मार्केट में छाया हुआ है। चैनल की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले हफ्ते में ही इस चैनल के खाते में 73 मिलियन इंप्रेशंस दर्ज किए गए हैं। चैनल के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी का शाम सात बजे आने वाला शो 'पूछता है भारत' (Poochta Hai Bharat) इस जॉनर में सबसे आगे पहुंच गया है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
अपनी लॉन्चिंग के बाद से 'रिपब्लिक भारत' ने ममता बनर्जी-सीबीआई के बीच टकराव (#MamtaBlocksCBI) और शारदा चिटफंड (#ShardaStings) जैसी बड़ी स्टोरी पर फोकस किया है। इस वजह से चैनल को न सिर्फ सोशल मीडिया पर इंप्रेशंस मिले हैं, बल्कि यह पश्चिम बंगाल में नंबर दो की पोजीशन पर पहुंच गया है। अरनब गोस्वामी का कहना है, 'यह एक बहुत ही शानदार शुरुआत है। अपनी लॉन्चिंग के पहले हफ्ते में ही रिपब्लिक भारत सात करोड़ से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बना चुका है।'
इस बारे में 'आईपीजी मीडिया ब्रैंड्स' (IPG Mediabrands) के सीईओ शशि सिन्हा का कहना है, 'लॉन्चिंग के पहले ही हफ्ते में 73 मिलियन लोगों तक पहुंच बनाने के लिए रिपब्लिक की टीम ने काफी कड़ी मेहनत की है। यह काफी अच्छी शुरुआत है और चूंकि चुनाव आने वाले हैं, ऐसे मे चैनल को अपनी पहुंच बढ़ाने और मार्केट शेयर बढ़ाने का अच्छा अवसर मिलेगा। हिंदी जॉनर में छह साल के गैप के बाद किसी मजबूत ब्रैंड की एंट्री हुई है।'
वहीं, 'रिपब्लिक नेटवर्क' के सीईओ विकास खनचंदानी का कहना है, 'हम इस बात से बहुत खुश हैं कि रिपब्लिक भारत ने शुरुआती हफ्ते में 73 मिलियन लोगों तक अपनी पहुंच बना ली है। हमारी डिस्टीब्यूशन और कंटेंट टीम ने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस तरह की शुरुआत हमारी उम्मीद से ज्यादा तेजी से चैनल को टॉप स्लॉट में ले जाएगी। हिंदी न्यूज कैटेगरी में इतना सपोर्ट करने के लिए मैं दर्शकों के साथ ही अपने पार्टनर्स का तहे दिल से शुक्रगुजार हूं।
|
2019/05/22 04:33:29
|
http://www.sakshatkar.com/2019/02/blog-post_2.html
|
mC4
|
कश्मीर के लिए अपनी निरर्थक कोशिश छोड़ दे पाकिस्तान - भारत - KHULASA THE VISION
Home / International / कश्मीर के लिए अपनी निरर्थक कोशिश छोड़ दे पाकिस्तान - भारत
कश्मीर के लिए अपनी निरर्थक कोशिश छोड़ दे पाकिस्तान - भारत
Unknown 5:25 pm International
संयुक्त राष्ट्र 06 अक्टूबर 2016 (IMNB). भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का मजबूती से खंडन करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पुराने रवैये का समय अब पूरा हो चुका है और उसे कश्मीर के लिए अपनी निरर्थक कोशिश छोड़ देनी चाहिए। पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया था कि मौजूदा स्थिति के लिए भारत जिम्मेदार है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने संगठन के कार्य पर महासचिव की रिपोर्ट विषय पर महासभा में चर्चा के दौरान पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी की उन टिप्पणियों का दृढ़ता से खंडन किया, जिनमें मलीहा ने कहा था कि भारत ने अपनी हालिया घोषणाओं और कार्रवाइयों से क्षेत्र में ऐसी स्थितियां पैदा की हैं, जिसके कारण शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हुआ।
अकबरूद्दीन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दावे का कोई समर्थन नहीं कर रहा है और उसे कश्मीर के लिए अपनी खोज छोड़ देनी चाहिए, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है। अकबरूददीन ने कहा, पाकिस्तान के प्रति हमारी प्रतिक्रिया अटल है। वह अपनी व्यर्थ खोज छोड़ दे। जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और यह हमेशा रहेगा। अकबरूद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय मंचों के गलत इस्तेमाल से हकीकत नहीं बदलेगी।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान के पुराने रवैये का समय अब पूरा हो चुका है। अकबरूद्दीन ने पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताते हुए कहा कि कश्मीर पर उसके दावे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के महासभा में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के बीच कोई समर्थन नहीं मिला। अकबरुद्दीन ने कहा, कुछ समय पहले ही हमने उस एकमात्र आवाज को सुना है जिसमें मेरे देश के अभिन्न हिस्से पर दावा किया गया है। यह (आवाज) ऐसे देश से आई है जिसने खुद को आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के तौर पर स्थापित किया है। इस तरह के दावे को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच कोई समर्थन नहीं मिला।
भारतीय दूत ने इस बात पर जोर दिया कि हाल में सम्पन्न संयुक्त राष्ट्र आम चर्चा के दौरान शरीफ के आधारहीन दावों को एक भी समर्थन नहीं मिला । मलीहा ने भारत के लक्षित हमले का जिक्र करते हुए कहा था, पिछले कुछ हफ्तों से भारत नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्र में बिना उकसावे के गोलाबारी कर रहा है। यह आज भी जारी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी टिप्पणी में कश्मीर का जिक्र करते हुए मलीहा ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है लेकिन यह भारत ही है जिसने मौजूदा स्थिति को खराब करने में पहला कदम उठाया है।
अकबरुद्दीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बढ़ते आतंकवाद की समस्या से निपटना चाहिए जो राष्ट्रों के लिए सर्वाधिक खतरनाक है। उन्होंने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा, हममें से कुछ हमारे सामूहिक प्रयासों को बाधित करते हैं क्योंकि वे अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा के लिए आतंकवादियों का इस्तेमाल परोक्ष युद्ध के लिए करते हैं। अकबरुद्दीन ने बढ़ते आतंकवाद से निपटने के लिए ठोस नीतियां लाने और कदम उठाने में निष्क्रियता के लिए विश्व निकाय की कड़ी आलोचना भी की।
|
2019/04/26 12:29:27
|
http://www.khulasatv.com/2016/10/4_6.html
|
mC4
|
दीपावली पर अपने घर को जगमग करने के लिए इससे सस्ता कुछ नहीं हो सकता - Viral videos, Viral News , Viral Stuff ,Earn money,Watch videos
दीपावली पर अपने घर को जगमग करने के लिए इससे सस्ता कुछ नहीं हो सकता
अगर देखा जाए तो दीपावली diwali light आने ही वाली है और इस बार जिस तरीके से भारत ने चीनी सामान का बिल्कुल विरोध किया है यानी कि सिरे से नकार दिया है तो आपको वह चाइनीस सामान अब बाजारों में बहुत ही कम देखने को मिलेगा इक्का-दुक्का जो पुराना सामान है वही शायद आपको देखने को मिले पर अगर बात की जाए तो इस तरीके की लाइटों में कभी भी मास्टर वर्ग या फिर बात करें कोई भी अन्य तरीके का फंक्शन नहीं होता था क्योंकि साधारण ऐसी से लाइट आपको 15 से ₹20 में मिल जाती है और सीजन में बस यह एक बार ही काम आती है क्योंकि इनकी तारीफ बहुत ही खराब क्वालिटी की होती है यही कारण होता है कि यह थोड़ी सस्ती भी मिलती है और इसमें किसी अन्य प्रकार की कोई भी diwali light लाइट यानी कि जल और बंद होने वाली कोई भी तकनीक नहीं लगाई जा सकती पर जिस तरीके से यह जुगाड़ बैठाया है
उस तरीके से diwali light decoration लाइट को बना सकते हैं एकदम बेहतरीन वह भी फंक्शनिंग लाइट की तरह जिस तरीके से इस लाइट चार्जर का निर्माण किया गया है वह भी बिल्कुल सही तकनीक है जिसमें आप सबसे पहले एक कोई भी सेंड या फिर कहीं एडीओ की बोतल ले सकते हैं और उसमें दोनों साइड छेद कर लेंगे जिससे कि यह फ्री होकर दोनों साइड घूम सके अब आपको चाहिए एक मोटर मोटर भी आपको गियर वाला चाहिए क्योंकि अगर आप बिना गियर वाला मोटर लेंगे तो वह लोड नहीं झेल पाएगा और उसकी स्पीड भी बहुत ज्यादा होती है
अब आपको करना बस इतना है कि इसका सभी का सभी प्रिंटिंग उखाड़ देनी है और जो स्टील वाला पार्ट है उस पर थोड़ी थोड़ी सी कट करके टेप लगा देनी है जैसा कि आप वीडियो में भी देख सकते हैं और इलेक्ट्रिसिटी का एक पूरा का पूरा कनेक्शन इसमें कर देना है और जितनी भी आपके पास लाइटे diya lamp हैं उतनी ही आपको लोहे की पत्तियां लेनी है अगर आपके पास पांच है लाइट तो आपको पांच लोहे की पत्तियां लेनी है और उसको इस तरीके से लगाना है कि वह जब भी बियर का बोतल हूं मैं उससे तक होकर चले अब बात आई कनेक्शन करने की तो एक को तो आप ग्राउंड ही कर देंगे
जो की बोतल में लगा होगा बाकी अलग-अलग तारों के सिरे आप उन्हें कभी लोहे की पत्तियों पर डाल सकते हैं जिससे होगा यह कि जब भी टेप वाला सिरा घूम कर किसी भी पति पर आएगा तो वह पति इलेक्ट्रिसिटी प्रवाह बंद कर देगी बाकी दूसरी जगह इलेक्ट्रिसिटी पर का अच्छा तरीके से होगा तो इस तरीके से यह सबसे सस्ता चेंजर या दूसरी भाषा में कहीं जुगाड़ होगा जिससे कि आप कोई भी नॉट फंक्शनिंग लाइट को भी फंक्शनिंग लाइट diwali light decoration बना सकते हैं वह भी बिना ज्यादा पैसे खर्च किए और ज्यादा जानकारी के लिए फटाफट नीचे वीडियो देखें.
|
2020/11/29 16:27:59
|
https://listvale.in/nothing-can-be-cheaper-to-illuminate-your-home-on-deepawali-diwali-light/
|
mC4
|
QUAD लीडर्स समिट – 2021 | करंट हंट
पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र का नाम एनडी तिवारी के नाम पर रखने की घोषणा की - 3 घंटे ago
Ufill - 4 घंटे ago
पहला वन हेल्थ कंसोर्टियम - 1 दिन ago
सरकार 1000 मेगावाट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना करेगी - 1 दिन ago
OYO ने दीपा मलिक को स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया - 2 दिन ago
सज्जन जिंदल को वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाया गया - 2 दिन ago
प्रियंक कानूनगो को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया - 4 दिन ago
अमित खरे बने पीएम मोदी के सलाहकार - 4 दिन ago
जैव विविधता पर कुनमिंग घोषणा - 2 घंटे ago
मुक्त व्यापार समझौते - 2 घंटे ago
रोजगार बाजार 2.0 - 2 घंटे ago
वाराणसी में देश की पहली शहरी रोपवे सेवा शुरू की गई - 3 घंटे ago
आध्या अरविंद शंकर ने जीता ग्लोबल पीस फोटो अवार्ड - 2 दिन ago
रणदीप गुलेरिया को उत्कृष्टता के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया - 6 दिन ago
3 यूएस-आधारित अर्थशास्त्रियों ने सामाजिक शोध के लिए नोबेल पुरस्कार जीता - 1 सप्ताह ago
जी सतीश रेड्डी को आर्यभट्ट पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया - 1 सप्ताह ago
अर्थशॉट प्राइज - 1 दिन ago
2021 नोबेल पुरस्कार - 2 दिन ago
विजन योजना (2021-2031) - 4 दिन ago
जावन गिब्बन - 4 दिन ago
जैव विविधता पर कुनमिंग घोषणा
मुक्त व्यापार समझौते
रोजगार बाजार 2.0
वाराणसी में देश की पहली शहरी रोपवे सेवा शुरू की गई
मेरा घर मेरे नाम योजना
शाकिब अल हसन ने टी20 इंटरनैशनल क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री अहमद शाह अहमदजई का हुआ निधन
पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र का नाम एनडी तिवारी के नाम पर रखने की घोषणा की
कैम्ब्रियन पेट्रोल अभ्यास 2021 में भारतीय सेना की 4/5 गोरखा राइफल्स को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया
Home भारत और विश्व QUAD लीडर्स समिट – 2021
QUAD लीडर्स समिट – 2021
Posted By: Pratiyogita Kiranon: सितम्बर 27, 2021 In: भारत और विश्वNo Comments
इंडो-पैसिफिक एवं म्यांमार में सैन्य अधिग्रहण के मुद्दों पर चर्चा।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने 24 सितंबर, 2021 को वाशिंगटन में पहली बार व्यक्तिगत रूप से QUAD शिखर सम्मेलन की मेजबानी की है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने QUAD लीडर्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने एवं न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने हेतु अमेरिका का दौरा किया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन एवं जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा ने भी इस शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
शिखर सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं
COVID -19, जलवायु परिवर्तन एवं उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे संकटों को दबाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इसने एक स्वतंत्र, खुले नियम-आधारित आदेश को बढ़ावा देने का वादा किया, जो सुरक्षा व समृद्धि को आगे बढ़ाने हेतु अंतरराष्ट्रीय कानून में निहित है साथ ही हिंद-प्रशांत व उसके बाहर दोनों के लिए खतरों का मुकाबला करता है। महामारी का मुकाबला करने हेतु टीकों तक "न्यायसंगत" पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सहमत हुए। अपने वित्तीय संसाधनों, विनिर्माण क्षमताओं व लॉजिस्टिक ताकत को पूल करने की योजना पर सहमत हुए। भारत ने जिस वैक्सीन पहल का स्वागत किया है, उसके लिए जापान, अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया वित्त पोषण करेंगे। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर क्वाड नेताओं द्वारा चीनी आक्रमण के कई उदाहरणों में से एक के रूप में चर्चा की गई थी। हांगकांग, झिंजियांग, ताइवान जलडमरूमध्य एवं ऑस्ट्रेलिया की जबरदस्ती, सेनकाकू के आसपास उत्पीड़न से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संयुक्त राज्य अमेरिका के लक्ष्यों (माइक्रोसॉफ्ट एक्सचेंज एवं सोलरविंड्स) पर चीनी साइबर हमले व भारत, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया में साइबर सुरक्षा की घटनाओं के बारे में भी चर्चा की गई।
भाग लेने वाले देशों के बीच सहयोग
भारत के अनुसार, QUAD अपने लोकतांत्रिक मूल्यों से एकजुट है, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा। बैठक को प्राचीन भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुम्बकम' का विस्तार कहा, जो दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता है। USA के अनुसार QUAD एक सैन्य गठबंधन या उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के समकक्ष नहीं है, यह अर्थशास्त्र, प्रौद्योगिकी, जलवायु एवं सुरक्षा पर सहयोग करने का एक अवसर है। ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, QUAD ग्रुपिंग समान विचारधारा वाले लोकतंत्रों के एक नए, स्थायी एवं शक्तिशाली क्षेत्रीय समूह की शुरुआत हो सकती है। जापान के अनुसार, सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक के कारण QUAD को मिली नई गतिशीलता को स्वीकार किया। चीन के अनुसार, देशों के बीच आदान-प्रदान एवं सहयोग को किसी तीसरे पक्ष को लक्षित करने के बजाय आपसी समझ में योगदान देना चाहिए एवं विशेष ब्लॉकों का पीछा करने से बचना चाहिए।
चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) क्या है?
यह भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया के बीच एक रणनीतिक वार्ता है। इस संवाद की शुरुआत 2007 में जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे ने की थी। यह 'मालाबार अभ्यास' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास के समान था। इसे अक्सर "एशियाई" या "मिनी" नाटो के रूप में डब किया जाता है, इसे भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के सैन्य एवं आर्थिक दबदबे के प्रति संतुलन के रूप में देखा जाता है। 2020 यूएस-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देशों में सैन्य या आर्थिक गतिविधियों के साथ हिंद महासागर के किनारे चीन की बढ़ती शक्ति प्रक्षेपण को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि QUAD, जिसे पहले चतुर्भुज सुरक्षा संवाद के रूप में जाना जाता था, अब यह इंगित करने के लिए चतुर्भुज ढांचे के रूप में जाना जाता है कि यह एक संकीर्ण सुरक्षा वार्ता से आगे निकल गया है।
चंद्रमा के नोबेल क्रेटर
सरकार ने "इंडिया डेट रिजॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड (IDRCL)" नाम से एक एसेट मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की है
|
2021/10/20 13:29:40
|
http://currenthunt.com/2021/09/quad-%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9F-2021/
|
mC4
|
एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट आइलैंडर पोषण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए हमें वास्तविक समुदाय परामर्श, बेहतर सार्वजनिक प्रशासन और राजनीतिक इच्छा की आवश्यकता है।
पिछले हफ्ते की उपेक्षा और एक उल्लेखनीय अनुपस्थिति के वर्षों के बाद अंतर कम करना रिपोर्ट, पोषण is अंत में मान्यता प्राप्त किया जा रहा है स्वदेशी नुकसान पर अंतर को बंद करने के अभिन्न अंग के रूप में।
यह विलुप्त अहसास ख़ुदपसंद है, खराब आहार को टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग का एक प्रमुख कारण है, गुर्दे की बीमारी और कुछ कैंसर पोषण में विशेष रूप से खराब है एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट द्वीपवाहक समुदायों, जहां यह अनुमान है कि कम से कम 19% बीमारी का बोझ गरीब आहार के कारण है; धूम्रपान के कारण बहुत ज्यादा
अस्वास्थ्यकर विवेकाधीन ("जंक") भोजन जो नमक, वसा या चीनी में उच्च होते हैं एक से अधिक 41% ऑस्ट्रेलिया में एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट आईलैंडर्स के ऊर्जा सेवन में
इस के शीर्ष पर, एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट आईलैंडर्स के 20% से अधिक रिपोर्ट पिछले 12 महीनों के दौरान भोजन से बाहर चल रहा है और अधिक खरीदने में सक्षम नहीं है।
अस्वीकृत बंद गप इक्विटी लक्ष्य में से एक यह था कि, 2018 द्वारा, स्वदेशी परिवारों के 90% स्वस्थ भोजन की टोकरी का उपयोग कर सकते हैं 25% से कम अपनी आय का लेकिन स्वस्थ आहार अभी भी खर्च कर सकते हैं यह दोगुना करें.
पोषण में सुधार जटिल हो सकता है, लेकिन अरनहेम भूमि में मिनजिलंग के लोग जल्दी 1990 में दिखाया गया कि तेजी से, चिह्नित और निरंतर स्वास्थ्य सुधार संभव है। सिर्फ 12 महीनों में, समुदाय ने एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल का स्तर (12%), रक्तचाप (8%) कम किया, विटामिन स्तर में सुधार, वजन और मधुमेह में कमी हासिल की।
सफलता का मुख्य कारण यह था कि बहु-रणनीति जीवन रक्षा टकर कार्यक्रम समुदाय द्वारा निर्देशित किया गया था
हालांकि, इन सकारात्मक परिणामों को व्यापक रूप से दोहराया नहीं गया है।
नेशनल एबोरिजिनल एंड टॉरेस स्ट्रेट आइलैंडर पोषण स्ट्रैटेजी एंड एक्शन प्लान 2000-2010 ने खाद्य आपूर्ति और मांग दोनों को संबोधित करने के लिए ढांचा प्रदान किया है। लेकिन, जबकि मूल्यांकन दिखाया कुछ बढ़िया परिणाम, विशेष रूप से कार्यबल विकास में, कार्यान्वयन खराब पुनर्सौयोजित था और लचीला था।
2009 में, ऑस्ट्रेलियाई सरकारों की परिषद ने रिमोट इंडीजिनस कम्यूनिटीज में खाद्य सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति विकसित की दोबारा, एक बाद में ऑडिट मिला कि पुनर्सोर्सिंग खराब थी, इसलिए कुछ परिणाम हासिल किए गए।
2010 से, ऑस्ट्रेलिया में एक पोषण नीति वैक्यूम रहा है। एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदायों और स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखते हैं, लेकिन संसाधनों, समर्थन और समन्वय की कमी के कारण अवसरवादी, खंडित और तदर्थ करने के प्रयास होते हैं।
ताज़ा परियोजनाएं मुख्य रूप से बच्चों के पोषण शिक्षा और बागवानी सहित स्कूल आधारित गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्वस्थ जीवनशैली कार्यकर्ता इनमें से कुछ गतिविधियों में शामिल थे लेकिन इसे चरणबद्ध किया जा रहा है।
रिमोट कम्युनिटी स्टोर समूह जैसे कि अरनहेम भूमि प्रगति एसोसिएशन तथा खुदरा दुकान क्वींसलैंड में, ने स्टोर पोषण नीतियों के लाभों की पुष्टि की है।
आउटबाउंड स्टोर्स दूरस्थ समुदायों में आहार को बेहतर बनाने के लिए 2006 में राष्ट्रमंडल सरकार द्वारा स्थापित किया गया था। यह सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित उद्यम पोषण डेटा के आसपास थोड़ा पारदर्शिता प्रदान करता है, लेकिन पिछले हफ्ते बिक्री में भर्ती कराया गया 1.1 लाख लीटर प्रति वर्ष अपने 36 स्टोर में शक्कर-मीठा शीतल पेय
बहुत से हाल ही में पोषण अनुसंधान प्रयास उच्च चीनी का सेवन करने पर फोकस और सब्जियों का सेवन बढ़ाना लेकिन जब ये स्पष्ट लक्ष्य की तरह दिखते हैं, यह इतना आसान नहीं है।
हमारे हाल के एक अध्ययन मध्य ऑस्ट्रेलियाई समुदायों में पिछले 30 वर्षों से पोषण सुधारने के प्रयासों का वर्णन करता है, जो अब से सेवित हैं माई विरु क्षेत्रीय स्टोर परिषद। यह दर्शाता है कि कुछ सुधार किए गए हैं: चीनी कम करने (30 से 22% ऊर्जा का सेवन), फल और सब्जियों की उपलब्धता और क्षमता बढ़ रही है जिससे खपत का दोहराया जा रहा है, और कुछ पोषक तत्वों में परिणामस्वरूप सुधार होता है।
हालांकि, समग्र प्रभाव कुल आहार गुणवत्ता में कमी रही है "जंक" भोजन की औसत औसत मात्रा में योगदान 3% की वृद्धि हुई, स्थानीय लोगों ने अधिक शक्कर-मीठा शीतल पेय पदार्थों की खपत करते हुए, माइक्रोवेवबल पिज़्ज़ा और अस्वास्थ्यकर दूर-दूर खाद्य पदार्थ जैसे सुविधा भोजन
इस समय के दौरान, माई वाइरू ने भी अपने पोषण विशेषज्ञ के लिए धन खो दिया।
ये परिणाम पुष्टि करते हैं कि आदिवासी समुदाय अपने खाद्य आपूर्ति के कुछ पहलुओं पर नियंत्रण डाल सकते हैं। लेकिन समुदायों को हमारे स्वास्थ्य पर मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई खाद्य प्रणाली के व्यापक प्रभावों से निपटने में मदद करने के लिए समग्र, समेकित कार्रवाई और अधिक संसाधनों की आवश्यकता है।
एक प्रमुख बाधा यह है कि सामुदायिक दुकानों को आवश्यक सेवाओं की अपेक्षा छोटे व्यवसायों के रूप में देखा जाता है और वे उच्च लाभ मार्जिन पर सस्ते, अस्वास्थ्यकर भोजन बेचने के लिए व्यावसायिक दबावों के अधीन हैं।
एक हालिया उदाहरण चिंता का विषय है उत्तरी क्षेत्रीय समुदायों में निजी-एंटरप्राइज बेकरियों का आगमन इन्हें स्थानीय रोजगार के अवसर और खाद्य असुरक्षा के समाधान प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है लेकिन मुख्य रूप से बेचते हैं अस्वस्थ विकल्प.
साक्ष्य आधारित पोषण कार्यक्रम हैं तत्काल आवश्यक शहरी, ग्रामीण और दूरदराज के स्थानों में
स्वस्थ भोजन की उपलब्धता, सामर्थ्य, पहुंच और बढ़ावा देने में सुधार के लिए सुधारों में संरचनात्मक और विनियामक परिवर्तन शामिल होना चाहिए। स्वस्थ आहार तैयार करने, पकाना और स्टोर करने के लिए समुदाय की क्षमता में वृद्धि करना भी आवश्यक है, उदाहरण के लिए, सुधार में आवासन.
साक्ष्य आधारित आर्थिक हस्तक्षेप जैसे फ्रेट-सब्सिडी, स्वस्थ भोजन की पार-अनुदान और "वसा कर" को तीन गुना करना होगा।
प्रभावी प्राथमिक देखभाल रणनीतियों जैसे कि लक्षित परिवार सहायता, "अच्छी तरह से व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच", स्तनपान संवर्धन और शिशु विकास आकलन और कार्यवाही कार्यक्रम तैयार और विस्तारित होने के लिए तैयार और इंतजार कर रहे हैं।
सबसे ऊपर, एबोरिजिनल और टॉरेस स्ट्रेट आइलैंडर पोषण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए हमें वास्तविक समुदाय परामर्श, बेहतर सार्वजनिक प्रशासन और राजनीतिक इच्छा की आवश्यकता है।
{amazonWS: searchindex = Books; कीवर्ड्स = न्यूट्रिशन गैप; मैक्सिमस = एक्सएनयूएमएक्स}
आप यहाँ हैं: होम > सामाजिक और राजनीतिक > अर्थव्यवस्था > कड़वा बीन्स: क्या आपका कॉफी बाल गुलाम द्वारा उत्पादित?
|
2019/07/17 02:38:39
|
https://hi.innerself.com/content/social/economy/16505-we-can-close-the-indigenous-nutrition-gap-here-s-how.html
|
mC4
|
जब झाँसी के लाल को 'सीएम योगी' ने किया सम्मानित, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। | News Bundelkhand | न्यूज बुन्देलखण्ड
Home बुन्देलखंड झांसी जब झाँसी के लाल को 'सीएम योगी' ने किया सम्मानित, तो उसकी...
जब झाँसी के लाल को 'सीएम योगी' ने किया सम्मानित, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा।
झाँसी: अगर कोई भी कार्य कढ़ी मेहनत से किया जाये तो कोई भी आपको सफल होने से नही रोक सकता, कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है वरिष्ठ कलाकार सुन्दर लिखार के बेटे अभिषेक लिखार ने। अभिषेक इंटरमीडिएट की परीक्षा में 94% लाकर जिले में नम्बर वन टॉपर रहे तो वहीं उत्तर प्रदेश में टॉप-10 में शामिल हुये। जिन्हें यूपी के सीएम योगी ने सम्मानित किया।
पेश है अभिषेक लिखार के साथ हुई बुन्देलखंड न्यूज की एक खास मुलाकात:
1: आपने जिले में ही नहीं पूरे यूपी में टॉप किया है तो आपको कैसा लग रहा है?
जब मुझे यह पता चला कि मैंने जिले में ही पूरे यूपी में टॉप किया है तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा, रिश्तेदार व दोस्तों के लगातार बधाई सन्देश आते रहे। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी इस सफलता से मेरे माता-पिता का भी नाम रोशन हुआ है, जो कि हर बच्चा चाहता है।
2: किस प्रकार आपने परीक्षा की तैयारी की सेल्फ स्टडी या कोचिंग?
कोचिंग के अलावा सेल्फ स्टडी भी काफी जरूरी होती है, जब तक आप सेल्फ स्टडी नहीं करोगे तो आप सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं। कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर भी काफी ध्यान दिया। परीक्षा के समय उन्होने लगातार कई घंटों तक बीच में ब्रेक लेकर पढ़ाई की।
3: इस सफलता का श्रेय आप किसको देना चाहते हैं?
इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता व गुरूजनों को देना चाहता हूँ, जिन्होंने मेरी इस सफलता के लिये काफी मेहनत की। माँ ने इनकी बहुत सहायता की, बीच-बीच में ब्रेक देकर खाने-पीने पर भी जोर दिया।
4: जब यूपी के सीएम योगी ने किया सम्मानित तो आपको कैसा लगा?
सीएम योगी से सम्मान पाकर मुझे इतनी खुशी हुई कि मैं उसे बयां ही नहीं कर सकता, उन्होंने मुझे लखनऊ आमन्त्रित कर सम्मान समारोह में एक लाख का चैक व प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया। इस सम्मान से मेरे माता-पिता का बहुत खुशी हुई। सीएम ने कहा कि इसी तरह से मेहनत करते रहो, ऑल दि बेस्ट।
5: आगे आपका फ्यूचर प्लान क्या है, क्या करना चाहते हैं?
अब मैथ से बी.एस.सी. करूँगा व उसके साथ-साथ एस.एस.सी की तैयारी पूरी मेहनत से करूँगा
अभिषेक के पिता 'सुन्दर लिखार' एक वरिष्ठ कलाकार हैं जो काफी सीरियल व फिल्म्स में काम कर चुके हैं, वह कहते हैं कि अभिषेक शुरू से ही पढ़ाई में होशियार था, मुझे उसकी पढ़ाई के प्रति इतनी मेहनत देखकर ये लगता था कि वह एक दिन मेरा नाम रोशन जरूर करेगा और आज वह दिन आ ही गया, जिसका मुझे इन्तजार था। इसके लिये उसने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम किया जिसका यह नतीजा है केवल परीक्षा के समय ही मेहनत करने से काम नहीं चलता है।
|
2019/03/19 17:43:19
|
http://newsbundelkhand.in/%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1/%E0%A4%9C%E0%A4%AC-%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97/
|
mC4
|
अपराधों पर या कि कंप्यूटर गेम की तारीख के बाद लिपटे
आर्थिक भालू पर नीचे trickled करने के लिए अपने काम के बल के कलाकारों को प्राप्त करने के लिए एक हद तक कम है और एक हद तक कम करने के लिए कार्य करता है उन पर बारी कृत्यों में रिंच दर्ज किए गए परमाणु संख्या 49 उत्तरोत्तर नीचा दिखा तरीकों में से एक 2010 में ध्यान के 300 पॉप अश्लील वीडियो स्थापित है कि 88 पीसीटी का उन्हें सामना करना पड़ा और अधिक या कम डिग्री के शारीरिक हिंसा, महिलाओं के प्रति इतना परमाणु संख्या 3 थप्पड़ मारने मेरी चूत राज्य गैगिंग Thats धूम्रपान करने के लिए तरीके-शर्म की बात ओरेगन से इनकार करने के लिए है कि axerophthol शिकस्त नहीं कर सकते सुखद दोनों दलों के लिए केवल जब सब कुछ उपलब्ध था के लिए नरम कर देना करने के लिए जा चरम बन गया है जिस तरह से बाहर खड़ा करने के लिए
और इसलिए कंप्यूटर खेल आगे नदी-हम तुम बाहर करने के लिए
विरोधी स्वप्नलोक कहानियां लेखन सही नरम नहीं है. हक्सले यह किया है, शायद मेरे साथ रहना चाहते हैं कि एक तरह से हमेशा के लिए और एक दिन. आप दूर की ओर कहानी पर नजर डालें तो कई एक गलती कंप्यूटर गेम के लिए जरूरत से ज्यादा गैर आज के उच्च समाज के साथ एक्सरोफ़थॉल कुछ परेशान समानताएं देख सकते हैं । लेकिन वे आप परमाणु संख्या डराना काम करने के लिए पर्याप्त हैं 3 आप निष्कर्ष और संस्कृति के साथ अपनी सुंदर मोनोलॉग दृष्टिकोण, स्वतंत्रता, और खुशी.
|
2020/10/21 10:44:43
|
https://gamesbigfishpc.fun/hi/%E0%A4%95-%E0%A4%AA-%E0%A4%AF-%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%96-%E0%A4%B2/
|
mC4
|
विभाग द्वारा नियमित रूप से सम्पादित किये जा रहे कार्यो का विवरण:- 14 वें वित आयोग के कार्यो की समीक्षा। ई-पंचायत अंतर्गत पेस एप्लीकेशन में ऑनलाइन प्रविष्ट, प्लान प्लस में सभी पंचायतो का 100 प्रतिशत प्रविष्ट। प्रिय सॉफ्ट में सभी पंचायतो का कैश -बुक 100 प्रतिशत प्रविष्ट। एन० ए० डी० में सभी पंचायतो का भंडार पंजी का 100 प्रतिशत प्रविष्ट एल० जी० डी० में सभी गांवों का मैपिंग कर दिया गया।
विभाग द्वारा सम्पादित किये जा रहे अन्याय कार्यो का विवरण।:- पारिवारिक सर्वेक्षण के अंतर्गत भूमिहीन, आवासहीन, अनाथ बच्चे, वृद्धो एवं विधवाओ की सर्वेक्षण, सरकार आपके द्वार के अंतर्गत पंचायत स्वयंसेवक द्वारा आय, जाति, स्थानीय प्रमाण पत्र सर्वेक्षण क्र प्रमाण पत्र बनवाया गया।ग्राम विकास समिति एवं आदिवासी विकास समिति का गठन राजस्व ग्रामो में बैठक कर किया गया ।
उपलब्धियां:-
2015-16 में पंचायत सशक्तिकरण के अंतर्गत मुरहू प्रखंड अंतर्गत गनालोया पंचायत को दीन दयाल उपाध्याय पुरुस्कार माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा सम्मानित किया गया|
2016-17 में पंचायत सशक्तिकरण के अंतर्गत पंचायत समिति मुरहू को दीन दयाल उपाध्याय पुरुस्कार माननीय प्रधानमंत्री से सम्मानित किया गया |
|
2022-12-02T23:37:30Z
|
https://khunti.nic.in/hi/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/
|
OSCAR-2301
|
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, 'हार पर बहाना नहीं बना सकते फिर भी… – CNN Awaz News
गत विजेता चेन्नई सुपर किंग्स ने शुक्रवार को खेले गए क्वालीफायर-2 में दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हरा कर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है. क्वालीफायर-1 में मुंबई इंडियंस से मात खाकर क्वालीफायर-2 खेलने के लिए मजबूर हुई चेन्नई ने इस मैच में पहली बार फाइनल में जाने की जुगत में रखी दिल्ली को कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने वाली चेन्नई ने अपने गेंदबाजों के संयुक्त प्रदर्शन के दम पर दिल्ली को 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 147 रनों पर ही सीमित कर दिया। इस लक्ष्य को उसने बेहतरीन शुरुआत के दम पर 19 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.
हार के बाद दिल्ली कैपिटल के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम हार के लिए कोई बहाना नहीं बना सकते. युवा खिलाड़ी अय्यर ने हार के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा, "हमारी शुरुआत अच्छी नहीं रही. शुरुआत में ही दो विकेट पावर प्ले में गंवा दिए और फिर उसके बाद गेम में वापस आना मुश्किल था. चेन्नई के पास उच्च श्रेणी के स्पिनर हैं लेकिन हमारा यह सेशन बहुत बढ़िया था. निराशा जरूर है लेकिन इस सेशन में बहुत कुछ सीखने को मिला."
श्रेयस ने आगे कहा, "हम पिच को लेकर कोई शिकायत नहीं कर सकते. हमने धीमे विकेट पर बहुत अभ्यास किया है. हमें धोनी, कोहली, रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखने को मिला. टॉस के समय उनके साथ खड़ा होना मेरे लिए गर्व का पल होता है. उन्होंने मुझसे बात की, अपने अनुभव साझा किए. यही बात मेरे लिए मायने रखती है. उम्मीद है कि अगला सेशन और भी ज्यादा रोमांचकारी होगा."
धोनी बोले – गेंदबाजों ने फाइनल में पहुंचाया
धोनी ने मैच के बाद कहा, "खिलाड़ियों ने आज जिस तरह का खेल दिखाया वह बेहतरीन था. स्पिनरों को कुछ टर्न मिल रहा था और हमने सही समय पर विकेट निकाले. उनके पास बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और हमारे बाएं हाथ के स्पिनरों ने उनके सामने अच्छा प्रदर्शन किया. लगातार विकेट हासिल करना महत्वपूर्ण रहा." उन्होंने कहा, "गेंदबाजों को श्रेय जाता है. कप्तान उन्हें यही कह सकता मैं यह चाहता हूं. इसके बाद उस हिसाब से गेंदबाजी करना उनका काम है. इस सत्र में हम अभी जहां पर हैं उसके लिये गेंदबाजी विभाग का आभार."
|
2021/04/15 02:17:54
|
http://cnnawaz.com/19365
|
mC4
|
इसे कई सारी जड़ी-बूटियों, खनिज लवण और भस्मों के मिश्रण से बनाया जाता है, इसके घटक के नाम कुछ इस तरह से हैं- शुद्ध हिंगुल, शुद्ध गंधक, ताम्र भस्म, काँस्य भस्म, वंग भस्म, शुद्ध हरताल, शुद्ध तूतिया, शंख भस्म, लौह भस्म, विदारीकन्द, सोंठ,मिर्च, पीपल, हर्रे, बहेड़ा, आंवला, विडंग,विड नमक, समुद्र नमक, सेंधा नमक, सौवर्च लवण, चव्य, पिपरामुल, हपुषा, बच, पाठा, देवदार, इलायची, विधारा, त्रिवृत, चित्रक, दन्ती मूल और शठी में हरीतकी के क्वाथ की भावना देकर गोलियाँ बनायीं जाती हैं
|
2021-03-03T12:03:32Z
|
https://mr.bakeitwithlove.com/slow-cooker-mongolian-beef/
|
OSCAR-2109
|
अलबेट्स ने खुद के लिए असफलता महसूस की पुतिन के लिए अलगाववाद और दृष्टिकोण पर खोडोरकोव्स्की को महसूस किया
13: 04 22 जून
केवल हाल ही में (वर्ष के दिसंबर 24 के 2013) रूस में अलगाववाद के लिए अलगाववाद या समर्थन की अपील करने के लिए आपराधिक जिम्मेदारी पर एक मसौदा कानून के राज्य ड्यूमा में विचार पर "सैन्य समीक्षा" प्रकाशित की। दूसरे दिन, पाठकों ने इस मुद्दे पर चर्चा की कि, वे कहते हैं, अब लोग पसंद करते हैं, उदाहरण के लिए, येवगेनी अल्बाटस रूस की क्षेत्रीय अखंडता के बारे में अधिक तर्कसंगत रूप से बहस करेंगे। और वही अल्बेट्स, एवगेनिया मार्कोवना ने एक नाइट की चाल बनाने का फैसला किया। नाइट की चाल यह थी कि श्रीमती अलबेट्स ने अन्य लोगों के अलगाववादी भावनाओं को "महसूस" करने की कोशिश की, विशेष रूप से, पूर्व कैदी, युकोस के पूर्व प्रमुख मिखाइल खोदोरकोव्स्की ने। अल्बाट्स, द न्यू टाइम्स के प्रधान संपादक होने के नाते, देश के सभी मुख्य-विरोधी नागरिकों, "मुख्य" देखभालकर्ता के अनुसार, पूर्व से एक साक्षात्कार लिया। लिया गया, जाहिर है, उम्मीद है कि खोडोरकोव्स्की रूसी अधिकारियों की निंदा करेंगे, घोषणा करेंगे कि "अपने वर्तमान रूप में" रूस के साथ दूर करना जरूरी है, "क्रेमलिन जाने के लिए" या ऐसा ही कुछ।
लेकिन मिखाइल खोडोरकोव्स्की के साथ साक्षात्कार, विशेष रूप से अलगाववाद के प्रति दृष्टिकोण के बारे में या, उदाहरण के लिए, व्लादिमीर पुतिन के व्यक्तित्व के लिए निकला, इसे हल्के ढंग से रखने के लिए, न कि उन लोगों के लिए जो एक गर्म राजनीतिक विपक्षी सॉस के तहत परोसा जा सकता था। खोडोरकोव्स्की के अल्बाट्स के सवालों के कई जवाबों को रूस के सभी "अपूरणीय" विपक्षी (और विदेशों में रूसी विरोध आंदोलन के विचारकों) को परेशान करने के लिए माना जा सकता है, क्योंकि बाद में खोडोरोव्स्की के लिए नए विपक्षी लहर की रोशनी, अप्रासंगिकता के मुखपत्र के रूप में उम्मीद की गई थी बिग बैंग। लेकिन खोडोरकोव्स्की, आप जानते हैं, इस संबंध में हमें निराश करना चाहिए ... लेकिन उन्होंने कहा, चलो, एक अलग प्रकृति का एक बड़ा धमाका।
यहां साक्षात्कार के कुछ अंश दिए गए हैं, जो द न्यू टाइम्स की सदस्यता या मॉस्को वेबसाइट की इको पर सामान्य एक्सेस मोड में पूरी तरह से उपलब्ध हैं।
साक्षात्कार अनुभाग, लेखक और साक्षात्कारकर्ता को "पुतिन, नवलनी, राष्ट्रवाद" के रूप में हकदार करता है, जुगाड़ पत्रकारिता की भावना में येवगेनिया अल्बाट्स के मूल वाक्यांश के साथ शुरू होता है:
Albats: मुझे बताओ कि उन्होंने तुम्हें क्यों नहीं मारा?
पत्रकारिता पत्रकारिता का बहुत सार यह है कि प्रश्न का लेखक अपने प्रश्न के साथ किसी को पिन करने जा रहा है (इस मामले में यह स्पष्ट है कि कौन है, और यह, निश्चित रूप से, खोडोरकोव्स्की को नहीं ...) और लेखक ने पहले ही सवाल का जवाब दिया है। । जैसे, मुझे पता है क्यों ...
हालाँकि, पुतिन और "पुतिन शासन" के सभी उत्साही विपक्षियों और खुद साक्षात्कारकर्ता (यूजेनिया अल्बाट्स) द्वारा अपेक्षित डायट्रीब के बजाय, खोडोरकोवस्की ने पेड़ पर अपने विचारों को एक अलग दिशा में फैलाना शुरू कर दिया। और न केवल प्रसार करने के लिए, बल्कि यहां तक कि राष्ट्रपति के आभार व्यक्त करने के लिए कुछ भी आभार व्यक्त करने की अनुमति नहीं दी, और सजा के स्थानों में उसके (खोड़ोर्कोवस्की) पर हिंसा को लागू करने के लिए मना भी किया (प्रतिवादी खुद यह कहता है)।
खोदोरकोव्स्की (इस विषय पर): ... तो पहले शिविर में मेरे आने की शुरुआत से ...
अल्बाट्स (जिज्ञासु को अंतःक्रिया की पटरियों पर बातचीत स्थानांतरित करने के लिए): आपका मतलब क्रास्नोकामेन्स्क है, जहां उन्होंने आपको सभी समान काटने की कोशिश की ...
खोदोरकोव्स्की (विपक्षी साज़िश को मारता है): यह कर्टोसिस है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।
उनके दिल में लाखों विरोधियों ने एक मुट्ठी के साथ मेज मारा: मिखाइल बोरिसोविच, आप क्या कर रहे हैं? .. खैर, कम से कम "शासन के काल कोठरी" में यातनाओं के बारे में दुनिया को कुछ बताया ...
Khodorkovsky: पुतिन के अपने ज्ञान से आगे बढ़कर, मैं यह कहना चाहूंगा कि, सबसे पहले, वह अपने प्रवेश के लिए एक संकेत भेजना चाहते थे कि वे कमबख्त बंद कर देंगे ... मैं यह कहूंगा: यह वेश्यालय की सफाई करना संभव था, जो वहां के आसपास था, या तो ... 10 Serdyukov पर, या मुझे रिहा ...
Albats (आंतरिक विकार की एक निश्चित मात्रा के साथ): यह मुख्य रूप से अपने स्वयं के लिए एक संकेत था: वे बहुत दूर चले गए ...
Khodorkovsky: मुझे लगता है हाँ! यह समाज और दुनिया के लिए एक संकेत है कि मैं (मुझे लगता है कि पुतिन) काफी स्थिर है, मुझे डर नहीं है।
खोडोरकोव्स्की जारी है, फिर से बर्फ के पानी के साथ "irreconcilables" डालना:
मैंने पुतिन को कभी कमजोर नहीं माना, मुझे पूरा यकीन है कि एक व्यक्ति जिसने सत्ता में अपनी शुरुआत की (युद्ध से सत्ता में), वह परिभाषा से कमजोर नहीं हो सकता। यदि वह युद्ध हार गया या उसे हारने के लिए मजबूर किया गया, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, तो जिम्मेदारी का स्तर जो उसे सहन करना होगा वह बिल्कुल कुछ भी हो सकता है। और जो आदमी बहुत शुरुआत में इसके लिए गया था, वह निश्चित रूप से नहीं है। यह विषय भुला दिया जाता है!
पुतिन मध्यस्थ की भूमिका निभाने में सहज हैं। वह डेंग ज़ियाओपिंग की भूमिका को पसंद करता है - बुद्धिमान "ओवर।" जैसे ही उन्हें लगा कि समाज के कुछ हिस्से को मध्यस्थ के रूप में उनकी भूमिका पसंद नहीं है, उन्होंने बस इसे कोष्ठक से बाहर कर दिया।
Albats (बिल्कुल एनिमेटेड): यह हम है?
खोदोरकोव्स्की (फिर से विपक्षी साज़िश को मारते हुए): उह हुह। उन्होंने कहा: सभी की प्रतिनिधि की तुलना में मध्यस्थ की भूमिका मेरे लिए अधिक कीमती है ...
इसके अलावा, खोदोरकोव्स्की डेमोक्रेट के बारे में अव्याख्यक है, जो अपने संस्करण के अनुसार, अपने स्पेक्ट्रम में "अधिकारियों को बाहर खदेड़ते हैं" जैसा कि पुतिन अपने स्पेक्ट्रम में कठिन करते हैं। सामान्य तौर पर, खोदोरकोव्स्की ने वास्तव में डेमोक्रेटिक विपक्षी सदस्यों के तरीकों की बराबरी की, राष्ट्रपति के तरीकों के साथ सत्ता ओलिंप में तोड़ने की कोशिश की। उस समय विपक्षी डेमोक्रेट निश्चित रूप से कुकीज़ पर घुट रहे थे ...
खैर, और फिर बातचीत बहुत विषय की ओर मुड़ गई जो मूल रूप से सामग्री में उल्लिखित थी। खोदोरकोव्स्की ने कहा कि आज रूस में राष्ट्रवाद शब्द का गलत इस्तेमाल होता है। उनके अनुसार, गलती यह है कि आज राष्ट्रीय-रूढ़िवाद इस अवधारणा को लाने की कोशिश कर रहा है। रूस को एक राष्ट्र-राज्य के रूप में बनाने के चरण को हमारे माध्यम से पारित नहीं किया जा सकता है, और इस तरह के एक राष्ट्र-राज्य रूसी और रूसी दोनों हो सकते हैं, जिससे साक्षात्कार के अति-उदारवादी टिप्पणीकारों के बीच एक वास्तविक झटका लगा।
अल्बाट्स ने उत्तर काकेशस का उल्लेख करते हुए "सच्ची राह" पर खोदोरकोव्स्की को "निर्देश" करने का एक अंतिम प्रयास करने की कोशिश की, जो कि उनके "आर्थिक नपुंसकता" के कारण अलग होने की आवश्यकता है, जो अब कई उत्साही दिमाग वाले सज्जनों द्वारा बोली जाती है। लेकिन पूर्व कैदी भी राख को हिला देता है, आइए बताते हैं, साक्षात्कार का वैचारिक आधार:
राष्ट्रवाद के लिए मेरा दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग है। मुझे लगता है कि क्षेत्रीय अखंडता के सवाल की तुलना में, अन्य सभी मुद्दे हैं ... अभी भी अधीनस्थ हैं।
अगर हम इस बात को ध्यान में रखते हैं कि रूस के क्षेत्रीय अखंडता के बारे में हाल ही में व्यक्त अल्बाट्स शब्दों के बारे में खोड़ोर्कोवस्की को पता था (अच्छी तरह से याद है, जब इवगेनिया मार्कोवना ने कहा था कि वह बहुत परेशान नहीं होगी, भले ही रूस यूएई रिज के साथ विभाजित हो), तो उसका जवाब यह इवगेनिया मार्कोवना और उनके विचारों के समर्थकों दोनों के लिए असहनीय कड़वाहट की एक गोली लगती है ...
खोडोरकोवस्की जारी है: क्षेत्रीय अखंडता की समस्या को चुनौती देने वाले लाखों लोगों के बीच आने वाली समस्याओं की तुलना वास्तविकता में मौजूद लगभग किसी भी समस्या से नहीं की जा सकती।
मेरा मानना है कि, उदाहरण के लिए, उत्तरी काकेशस का अलगाव दो चरणों में एक प्रक्षेपण में है, लाखों पीड़ित! मुझे लगता है कि युद्ध बहुत बुरी चीज है, लेकिन अगर हम उत्तरी काकेशस या युद्ध के अलगाव के बारे में बात कर रहे हैं, तो युद्ध का मतलब है!
अल्बाट्स रक्तहीन विभाजन के बारे में थीसिस को "खींचने" की कोशिश कर रहा है, विभाजित चेकोस्लोवाकिया का एक उदाहरण पेश करता है, लेकिन खोडोरकोव्स्की अस्थिर है:
मैं वैश्विक नुस्खा के रूप में स्थिति पर चर्चा नहीं करता। मैं रूस और हमारी परंपराओं के बारे में बात कर रहा हूं ... हमारे पास असली खून होगा। और यदि आप मुझसे विशेष रूप से पूछते हैं: क्या मैं युद्ध में जाऊंगा या नहीं? - मैं जाऊंगा!
अलबेट्स (गहरे सदमे में होना): उत्तरी काकेशस के लिए?! हमारे लिए सांस्कृतिक क्या है?
Khodorkovsky: यह हमारी जमीन है।
यह, आप समझते हैं, साक्षात्कार सामने आया ... शायद, उनके बाद, बेहद विरोधी दिमाग वाले सज्जन, जिन्होंने खोडोरकोव्स्की को "उदारवाद का मुखपत्र" बनाने की कोशिश की, उन्होंने बहुत सोचा। और किसी ने, अपने वैलेरियन रूट टिंचर को खत्म करते हुए, खुद को एक विचार के साथ आश्वस्त किया: व्यक्ति ने अभी-अभी खुद को मुक्त किया है - शायद यह उसके साथ कभी होगा? ...
सप्ताह के परिणाम। "अगर मुझे ऐसा अवसर मिलता तो मैं अपना जीवन अलग तरह से नहीं जीती"भूराजनीतिक मोज़ेक: एस्टोनियाई पुलिस "मकारोव्स" से "वाल्टर्स" पर जाएगी, और पुतिन नेतन्याहू को मुसीबत में नहीं छोड़ेंगे
कटार 25 दिसंबर 2013 09: 20
"खोडोरकोवस्की: पुतिन के मेरे ज्ञान के आधार पर, मैं कहना चाहूंगा कि, सबसे पहले, वह अपने दल को एक संकेत भेजना चाहते थे कि कमबख्त बंद करो ..."
तुम देखो, यह कुछ भी नहीं दस साल के लिए है कि वह शरारती था - मुझे कुछ समझ में आया
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 10: 02
दैनिक स्वैच्छिक रूप से अनिवार्य राजनीतिक जानकारी ने अपना काम किया। उन्होंने होडर को नरक में फिर से शिक्षित किया, मुझे यह भी डर है कि वह रूस के झंडे के नीचे जर्मनी में क्रांति का मैला कर सकता है।
Vasya 25 दिसंबर 2013 10: 51
मुझे यह भी डर है कि वह रूस के झंडे के नीचे जर्मनी में क्रांति को भड़का सकता है
इसे हलचल दें। वाहन में हेपमेनिया उपयोगी है।
Vasyan1971 25 दिसंबर 2013 14: 15
तो क्या ! वे हमें उल्यानोव देते हैं, और हम उन्हें खोदोरकोवस्की देते हैं हमारी टेबल से आपकी टेबल तक। Alaverdy!
ziqzaq 25 दिसंबर 2013 20: 08
तो क्या ! वे हमें उल्यानोव देते हैं, और हम उन्हें अपनी मेज से अपनी मेज तक खोदोरकोव्स्की देते हैं। Alaverdy!
विश्वसनीय टिप्पणी, दिल से हंसी !!!!
एक और एक समान थीसिस के साथ आमेर में एक कूबड़ भेजने के लिए होगा, तो बस अलावेरी !!!!!!
carbofo 25 दिसंबर 2013 14: 28
और यह एक विचार है, मर्डेस (रूस में बनाया गया) :)
shuhartred 26 दिसंबर 2013 01: 29
एच-ई ई ई ई ई ई TTTT।
fktrcfylh.h09 25 दिसंबर 2013 15: 01
रूस के झंडे के साथ जर्मनी में मैदान !!!!!
(अंतर क्या है, यूरोपीय संघ के झंडे के साथ कीव में मैदान?)
यह एक अच्छा दृश्य होगा)))
तपस्वी 25 दिसंबर 2013 11: 01
कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसने रूस के झंडे के नीचे जर्मनी को कैसे अपमानित किया
हाय साशा! अंतिम इन्फ के अनुसार वह स्विट्जरलैंड में निवास की अनुमति मांगता है (सभी राजधानी है)। वह लेनिन की तरह दूर से क्रांतिकारी पत्र लिखने की तरह होगा।
भाग्य कभी-कभी अप्रत्याशित मोड़ लाता है।
२२/१०/२००३ से "विमोदिस्ती":
"एक दिन पहले, मिखाइल खोदोरकोव्स्की ने शांति से यह खबर ली कि प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय यह जांचने जा रहा है कि यूकोस लाइसेंस के समझौतों की शर्तों को कैसे पूरा कर रहा है। खोडोरकोवस्की ने विन्डोस्टोमी को बताया कि इस तरह के चेक नियमित रूप से लिए जाते हैं, और वह अपनी कंपनी के खेतों में काम के स्तर को देश में सबसे अच्छा मानते हैं।
हालांकि, यह कल ज्ञात हुआ कि अभियोजक जनरल के कार्यालय ने अधिकारियों को "अतिरिक्त त्वरण" देने का फैसला किया। इंटरफैक्स के अनुसार, प्रथम उप अभियोजक जनरल यूरी बिरयुकोव ने 30 अक्टूबर तक लेखा परीक्षा के परिणामों की रिपोर्ट करने के लिए प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय को निर्देश दिया। मंत्री को संबोधित पत्र इंगित करता है और इस रुचि का कारण युकोस कंपनी द्वारा सबसॉइल के अतार्किक उपयोग और कर चोरी के बारे में स्टेट ड्यूमा डिप्टी गडज़ी (कज़बेक) माचेव से अनुरोध है।
19/12/2013 से समाचार:
"पुतिन ने वादा किया क्षमा खोडोरकोव्स्की... वह कल बाहर आ सकता है। "
"राजधानी के कुतुज़ोव्स्की एवेन्यू पर आग के साथ एक दुर्घटना में दागेस्तान के उप प्रधान मंत्री गदज़ी माछेव को मार दिया गया था "
दूसरे के लिए एक छेद नहीं खोदें ... हालांकि वे इसे किसी अन्य तरीके से नहीं कर सकते ... यह एक जार में मकड़ियों है ...
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 12: 26
! अंतिम सूचना के अनुसार, वह स्विट्जरलैंड में निवास की अनुमति मांगता है
आज infa था, लेकिन इस पर उसने सिर्फ बैंक लॉकर के लिए वीजा मांगा, शायद वह भाग गया, लेकिन आपके पास एक मोड़ है।
खनिज संसाधनों के तर्कहीन उपयोग और यूकोस द्वारा कर चोरी के संबंध में राज्य ड्यूमा डिप्टी गाज़ी (काज़बेक) माचेचेव से पूछताछ
"राजधानी के कुतुज़ोव्स्की एवेन्यू में आग लगने से एक दुर्घटना में डेगस्टान के उप प्रधान मंत्री गाज़ी माचेचेव की मृत्यु हो गई"
हां, यदि केवल वह, लोगों ने एक माइक्रोन में एक सुअर को मार दिया, तो लगता है कि एक पत्नी और पति गाड़ी चला रहे थे।
लकीक 25 दिसंबर 2013 18: 57
सुअर तुम्हारी माँ है
MITEK 25 दिसंबर 2013 11: 50
होडोर एक चतुर व्यक्ति है ... उसने एक समय में जीडीपी को कम करके आंका है। लेकिन अब वह जो कहता है वह सच है (मेरे दृष्टिकोण से)। कौन जानता है कि आगे क्या होगा। स्टालिन के तहत, कई जेल में थे, और फिर खुद को प्रबंधन और युद्ध में उत्कृष्ट रूप से दिखाया। और होडर ने हम्सटर को धो दिया और विपक्ष को खूबसूरती से बेच दिया।
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 14: 32
यह एक बुद्धिमान, चालाक और चालाक दुश्मन है। यह कुछ भी नहीं था कि उसने एक समय में अपना पद ग्रहण किया, और यह कुछ भी नहीं था कि वह देश के अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा था - अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के नियंत्रण में, हमारे परमाणु हथियारों के हस्तांतरण के बारे में उनके बयानों को हर कोई याद करता है, वह समझौता, जिसे उन्होंने संपन्न किया, इस व्यवसाय को गहरा करने और विस्तार करने का इरादा था। जिसका अस्तित्व हमें तेल और गैस से होने वाले बजट से भी नहीं होगा, क्योंकि सभी क्षेत्र संभावित मित्रों के हाथों में जाएंगे?
और उनके वर्तमान साक्षात्कार से पता चलता है कि बेरेज़ोव्स्की का भाग्य उन्हें लुभाता नहीं है, वे और अधिक चाहते हैं और राजनीति में जाना चाहते हैं ... दोनों आँखों से झपकी लेते हैं और अपने कूल्हे को अदृश्य रूप से लहराते हैं, यह दिखाते हुए कि उन्होंने महसूस किया है, खुद को सही किया है, उम्मीद है कि उन्हें वापस जाने की अनुमति होगी ... :)))
जैसा कि अल्बाट्स, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि दलदल की लकीरें सक्रियता को बढ़ावा देती हैं और हमें राष्ट्रवाद और अलगाववाद के चरम रूपों (और एक ही समय में दोनों तरफ) में उकसाती हैं, मैं बस इस तसव्वुर की मूर्खता पर चकित हूं, भगवान ने मुझे माफ कर दिया, मेरी माँ आधे में उसका घोड़ा है ... कैसे ऐसी बुद्धि वाला व्यक्ति इस तरह के पद पर आसीन हो सकता है? यह ख़ुशी बनी हुई है कि हमारे अग्रणी विपक्षी इतने अनुचित हैं, वे अधिक चालाक होंगे - उन्होंने ऐसा कुछ किया होगा ...
इवान। 25 दिसंबर 2013 16: 50
यह एक बुद्धिमान, चालाक और चालाक दुश्मन है
वहाँ था और रहेगा, मैं कुछ स्थानीय निवासियों के भोलेपन से परेशान था, मुझे शुरू में क्षमा के साथ कहानी के कारण के बारे में संदेह था, क्योंकि यह स्पष्ट है कि वह पुतिन को अपने घुटनों पर रेंगने तक बैठते थे। यह उम्मीद करने के लिए कि वह पुतिन के साथ गलती करेगा, भोली है, दुनिया बहुत छोटी है और इस तथ्य के साथ कि उसने अपनी "गलतियों" को महसूस करने के बाद खुद को सही किया। वे उसे सत्ता और पैसे के लिए लाए, और वे उसे कूदने नहीं देंगे, यह सिर्फ एक अलग तरीके से नुकसान पहुंचाएगा और पुतिन के रैंकर को याद करते हुए और अधिक ध्यान से। कमोबेश ऐसे ही ...
वज्र 25 दिसंबर 2013 20: 28
सिर्फ नुकसान पुतिन के विद्वेष को याद करते हुए अलग और अधिक सावधान होगा। उसके जैसा...
हाँ)) और वह बुरे सपने में "बिर्च" का सपना देखेगा
ytqnhfk 25 दिसंबर 2013 19: 25
वह वास्तव में चालाक और चालाक है! मेरा विश्वास करो, खोडोरकोव्स्की बस बेरेज़ोव्स्की के भाग्य को दोहराना नहीं चाहता है! वह समझ गया था कि यह वास्तविक था !!!!! मुझे लगता है कि जब उसने बर्च की मृत्यु के बारे में सुना तो वह एक बार और सभी के लिए बहुत कुछ समझ गया!
novobranets 29 दिसंबर 2013 12: 49
वह वास्तव में चालाक और चालाक है
और वह अभी भी खतरनाक है। अपने कारावास के दौरान, उसने शायद हर कदम, हर शब्द, और जो वह कह रहा है, उसे अब विश्वास पर नहीं लिया जाना चाहिए। निश्चित रूप से उसने कुछ योजना बनाई है, ये नहीं बदलते हैं।
ziqzaq 25 दिसंबर 2013 20: 12
दोनों आँखों से झाँकता है और अपने कूल्हे को अदृश्य रूप से लहराता है, यह दिखाते हुए कि उसने महसूस किया है, खुद को ठीक कर लिया है, उम्मीद है कि उसे वापस करने की अनुमति दी जाएगी ... :))
मेरी राय में, यह आपकी त्वचा को बचाने की तरह दिखता है ........
Chony 25 दिसंबर 2013 19: 33
इसके विपरीत, मैंने वास्तव में इसकी सराहना की !!! और होरोरोक ने जिस स्थान पर वह ले जाना चाहिए था ले लिया।
मुझे लगता है कि यह बहुत पसंद नहीं है कि स्नेह के आँसू फैलाने के लिए ससुराल वालों ने महिला से कहा।
सबसे पहले, ठीक है क्योंकि वह चालाक है .. (लेकिन मुझे यकीन है कि दुश्मन है !!!)
दूसरे, मुझे लगता है कि किसी तरह का समझौता हुआ है, जिस पर उसे रिहा कर दिया गया था (लूट + आज़ादी, जीभ खरोंच)।
अदृश्य किया जा रहा है 25 दिसंबर 2013 21: 57
अधिक सही, विचित्र।
डीडीएमएम09 25 दिसंबर 2013 13: 08
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि खोडोरकोवस्की आज क्या कहता है, यह महत्वपूर्ण है कि वह कल क्या करता है। कर्मों से न्याय करना आवश्यक है, शब्द केवल शब्द हैं।
Aleksandr_ 25 दिसंबर 2013 21: 14
पहले वहाँ शब्द था।
वासेक 25 दिसंबर 2013 22: 01
या चीनी में:
विचारों से सावधान रहें, क्योंकि वे क्रियाओं की शुरुआत हैं।
और वह किस तरह के विचारों को अपने शब्दों के पीछे छिपाता है - जैसा कि गीत में गाया जाता है, वसंत दिखाएगा कि कौन कहाँ मिला।
Scoun 25 दिसंबर 2013 14: 57
होदोर के साथ नरक में पहुंच गए
यह बहुत संभव है कि, बेरेज़कोवो और अन्य लोगों के उदाहरण का उपयोग करते हुए, उन्होंने महसूस किया ... कि पश्चिमी उदारवादी भेड़िये हमारे "सत्तावादी")) और वाक्यांश से अधिक भयानक हैं ...
Albats: मुझे बताओ कि उन्होंने तुम्हें क्यों नहीं मारा? ..
वह अलग तरह से समझता है ... कि यदि वह पश्चिम में था .. तो उसे एक युवा भेड़ के बच्चे की तरह मारा गया होगा।
बड़ा 27 दिसंबर 2013 01: 31
वह एक जवान भेड़ के बच्चे की तरह छुरा घोंपा जाता।
- गलत! वह रूस पर विजय की वेदी पर एक पवित्र बलिदान के रूप में मौत के घाट उतार दिया गया होगा! या, उसी तरह, उसी तरह से जहर के साथ उसे जहर दिया गया होगा जिसके साथ लिट्वेनेंको को जहर दिया गया था।
Gronsky 25 दिसंबर 2013 18: 21
होदोर को चोदने के लिए फिर से शिक्षित किया
उनकी पुन: शिक्षा की डिग्री का चरित्रांकन मौके पर ही हो गया। यह हमारा है, रूसी में, बस नरक के लिए समान है। लेकिन यह री-एजुकेशन की आखिरी डिग्री नहीं है, आखिरी, मुझे लगता है - "टू ... यूएएम डॉग्स।"
यह पहले से ही अपरिवर्तनीय है।
और इसलिए, मुझे लगता है, खोडोर सिर्फ एक स्मार्ट यहूदी है और समझ गया है कि क्या और कैसे कहना है ताकि कभी भी खुश रह सकें, या फिर जी सकें। क्या, क्या, लेकिन उसके मन में आप उसे अस्वीकार नहीं करेंगे।
स्किफ -2 25 दिसंबर 2013 21: 08
दैनिक स्वैच्छिक रूप से मजबूर राजनीतिक जानकारी ने अपना काम किया। उन्होंने होडर को नरक में फिर से शिक्षित किया, मुझे यहां तक डर है कि वह जर्मनी में रूसी ध्वज वास के तहत क्रांति को खराब कर सकता है
सब कुछ बहुत गहरा और अधिक गंभीर है (सभी पुतिन के कदमों की तरह) - 90 के दशक के मोड़ पर, खोदोरकोव्स्की ने पूंजीवादी रेलों को संक्रमण तैयार करने के लिए पार्टी का कार्य किया, कोम्सोमोल हमेशा सीपीएसयू का मोहरा रहा है, और यह आश्चर्यजनक नहीं है कि यह खोडोरकोव्स्की (एनटीटीएमएम के केंद्र) जैसा है। इरकुत्स्क के कोम्सोमोल नेता) और उनके जैसे अन्य लोगों ने सभी सबसे "स्वादिष्ट" के निजीकरण के लिए कार्टे ब्लांच और सभी आवश्यक संसाधन प्राप्त किए। वे "अरबपति थे" जैसा कि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया ... और वे "वास्केन", और पुतिन के रूप में केवल "स्ट्रॉन्ग मैन" थे, जो अब गुसिंस्की को याद करते हैं, जहां मेवज़्लिन, बेरेज़ोव्स्की चले गए थे, उन्हें अपने होश में ला सकते थे ... लेकिन "KNOCKED" की एक नई पीढ़ी सेरड्यूकोव और अन्य मेदवेदेव के व्यक्ति में पली-बढ़ी है, आराध्य काम नहीं करते हैं, उन्होंने डर को खो दिया है, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण स्थिति को अस्थिर कर सकते हैं (उच्च गुणवत्ता वाली सफाई केवल 37 के पैमाने पर संभव है, और ओलंपिक नाक पर हैं)। और यहां उन्होंने REPENTED Khodorkovsky को मुक्त कर दिया, जो अब "NORMAL" से कहता है कि अधिकारियों का सम्मान किया जाना चाहिए, कानून को पूरा किया जाना चाहिए, मातृभूमि को प्यार किया जाना चाहिए और संरक्षित किया जाना चाहिए, और "अगर युद्ध होता है, तो युद्ध" और वह - Khodorkovsky रूस की अखंडता के लिए लड़ने के लिए तैयार है। मिखाइल एक चतुर व्यक्ति है और दस साल का प्रतिबिंब उसके लिए यह समझने के लिए पर्याप्त था कि POWER TRUTH में है, और रिवर्स में नहीं है, और यह शक्ति हमारे साथ है क्योंकि सच्चाई हमारे पीछे है। और वह सुस्त "KNOCKED" अनुभव के साथ साझा कर सकता है, ताकि दूरदराज के स्थानों में जीवन न लाया जा सके। दूसरों की गलतियों से सीखें "सज्जन" ... और पश्चाताप करें।
botan.su 25 दिसंबर 2013 22: 00
लेकिन "नोर्मल" की एक नई पीढ़ी सेरड्यूकोव और अन्य मेदवेदेव के व्यक्ति में बढ़ी है, भविष्यवाणियां काम नहीं करती हैं, उन्होंने अपना डर खो दिया है, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण स्थिति को अस्थिर कर सकते हैं ... , कानून को पूरा, प्यार और मातृभूमि की रक्षा
और आप इसे "बहुत गहरा और अधिक गंभीर" कहते हैं? हां, वर्तमान प्रतिवादी गहराई से ध्यान नहीं देते हैं .. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि खोडोरकोव्स्की क्या कहते हैं। आपने सत्य में शक्ति कहाँ देखी? Khodorkovsky, वैसे, एक भी ग्राम पश्चाताप नहीं किया ...
नाराज पाठक 26 दिसंबर 2013 10: 18
जर्मनी में नफिग ?? .. पोलैंड में बेहतर .. - इसका कोई मतलब नहीं है, लेकिन कम से कम पीकमाई पर उपहास करते हुए ..)
कोसमोस 25 दिसंबर 2013 10: 08
सभी पैराट्रूपर्स के पिता ने कहा: एक वास्तविक आदमी को, अवश्य, कम से कम एक बार सही मायने में भूखा रहना और घायल होना चाहिए।
स्टालिन के साथ, रोकोसोव्स्की पुतिन खोडोरकोव्स्की के साथ बैठे थे।
हर टाइम्स अपने नायकों को जन्म देता है। हम देखेंगे कि आगे क्या होता है।
ZY पुतिन से एक और औषधीय नुस्खा, विलायक ...
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 14: 37
नू, ठीक है, आपने इसे ठुकरा दिया, होकोडोर की रोकोसोव्स्की के साथ तुलना शायद बहुत अधिक है ... हालांकि "घायल होना चाहिए" का विचार मुझे अपील करता है - उसे अपने खून से अपराध को धोने के लिए भेजने के लिए, आप देखें, और मैं मातृभूमि से प्यार करना सीखूंगा ... । :)))
और हमें चूहा 25 दिसंबर 2013 14: 52
नहीं, ठीक है, आप इसे ठुकरा दिया, के साथ तुलना Hodor ...
जस्ट होडोर - वह ऐसा है ... होडर ... होडोर ... होडर ...
पुतिन खेल में छोटा है
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 15: 53
बेशक, अब पुतिन ने उसे एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन अपनी रिहाई से पहले वह गंभीर वजन के साथ एक गंभीर प्रतिद्वंद्वी था, जिसने उसे विश्वास दिलाया कि वह पुतिन पर एक करारा प्रहार कर सकता है .... इससे कोई फायदा नहीं हुआ। मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उसे मोहरे के रूप में उपयोग करना संभव है - न कि सही व्यक्ति, बहुत स्मार्ट।
stroporez 25 दिसंबर 2013 21: 10
आप सुनिश्चित हैं कि यह बिल्कुल रक्त बह रहा है ???????
अदृश्य किया जा रहा है 25 दिसंबर 2013 22: 00
कोन्स्टेंटिन कोन्स्टेंटिनोविच की स्मृति को गंदा न करें। उसके सामने होडोर कैसे ...
वासेक 25 दिसंबर 2013 22: 17
मैं तुलना से सहमत नहीं हो सकता।
कोन्स्टेंटिन कोन्स्टेंटिनोविच, इस तथ्य के अलावा कि वह खोडोरकोवस्की (कई लोगों का मानना है कि वह झूकोव से अधिक अचानक था) से अधिक बुद्धिमान था, वह भी अपने देश के लिए इतना वास्तविक लाभ लाया!
अनावश्यक मांस की चक्की से उसने कितने लोगों की जान बचाई।
और क्या परिणाम (बहु-मिलियन डॉलर की क्षति के अलावा) खोदोरकोव्स्की का घमंड हो सकता है?
बिना सोचे समझे 25 दिसंबर 2013 10: 39
यह सिर्फ इतना है कि खोदोरकोव्स्की एक बुद्धिमान व्यक्ति है।
पुसिकों ने कुछ भी नहीं समझा और कुछ भी नहीं सीखा। एक बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहता था - क्या यह जड़ ले गया?
लेकिन एवगेनिया मार्कोवना शैडेट्स एक अलग विषय है। एक परिचित शिक्षाविद ने सोवियत समय में वापस कहा: "एक संतुष्ट महिला पोडियम पर नहीं चढ़ेगी।" अब आधुनिक कार्यकर्ताओं ने इंटरनेट पर ब्लॉगों के लिए बदलाव को बदल दिया है।
evgenm55 25 दिसंबर 2013 12: 39
मैं आश्चर्यचकित हूं, कॉमरेड। प्यूरी-पिसिक के लिए क्या समझना है, अगर केवल आखिरी - और फिर, शायद, एक क्रूर गिरोह के टोली के माध्यम से गुजरने के बाद।
इवान। 25 दिसंबर 2013 17: 01
"एक संतुष्ट महिला पोडियम पर नहीं चढ़ेगी।"
तुमने यहाँ औरत को कहाँ देखा?
Shandets
उच्चारण के रूप में उच्चारण Tryndets, sha मैंने कहा sha!
andru_007 25 दिसंबर 2013 11: 39
मैंने कभी नहीं कहा होगा (और मुझे खुद पर आश्चर्य है), लेकिन खोडोरकोव्स्की के साथ एक बहुत ही मजबूत साक्षात्कार (मैं ईमानदारी का ढोंग भी कहूंगा ...)
अनुलेख दर्शन के लिए तैयार:
... "ताजा" उत्तरी हवा और "हल्के" साइबेरियाई जलवायु, 10 साल के लिए दैनिक लिया, उदारवाद के जीर्ण और तीव्र रूपों का इलाज ...
डॉक्टर पु
(चीनी पारंपरिक चिकित्सा)
...रुको और देखो...
(रूसी लोक कहावत)
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 22: 02
एक नागरिक के रूप में, मैं मांग करता हूं कि चीनी पारंपरिक चिकित्सा के साथ उदारवादियों का इलाज किया जाए !!! सभी 2-3 पाठ्यक्रम !!!)
Puler 30 दिसंबर 2013 09: 27
तुम गलत करेलिया हो ।।
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 12: 22
हॉडर द्वारा चौंक गया। मेरे टेम्प्लेट फटे हुए हैं ...) MBH एक सीधा स्टेट ओनर है।
बेलोलेंटिकोइकोव के साथ अभी चे) ())))
कसनोर्मेइक 25 दिसंबर 2013 14: 16
यहाँ मैं हूँ, मुझे नहीं पता कि अब क्या सोचना है ...
और वे कहते हैं कि जेल ठीक नहीं करता है
हालांकि, जेल में एक स्मार्ट व्यक्ति केवल चालाक हो जाता है।
सुबह शाम से ज्यादा समझदार है!
और अल्बाट्स अभी भी एक कुतिया है))
मिडशिपमैन 25 दिसंबर 2013 14: 49
यह सिर्फ इतना है कि होडोर इस सभी उदार चीर के समान सरल नहीं है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि सभी 10 वर्षों के लिए वह बदला लेने की योजना तैयार कर रहा था, न कि केवल यह कहने के लिए कि यह पुतिन मूली है, लेकिन बहुत परिष्कृत है - उदाहरण के लिए, पुतिन के स्थान पर बैठने के लिए, और अधिकतम योजना उसके सिर पर चारपाई पर पेशाब करने के लिए है। ... यही कारण है कि वह इतना सतर्क है, शब्दों का चयन करता है, पुतिन को डांटता नहीं है, यहां तक कि काकेशस के लिए लड़ने जा रहा है - वह लोकप्रियता हासिल कर रहा है।
इवान। 25 दिसंबर 2013 17: 12
उदाहरण के लिए, पुतिन की जगह पर बैठने के लिए, और अधिकतम योजना उसके सिर पर पेशाब करने की है, जो चारपाई पर बैठा है।
क्या एक जंगली कल्पना? आपने उसे बुद्धि की रूढ़ियों से वंचित नहीं किया और उसकी जगह लेने की कोशिश नहीं की और यह मत भूलो कि वह सिर्फ एक छक्का है जो आदेश दिया जाएगा।
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 21: 47
... ठीक है, इस तानाशाह का लेखक अपने अपराधियों से बदला लेने का सपना देख रहा है, और इसे MBKh-VVP पर प्रोजेक्ट करता है)) ऐसी ठंड है .., ऊ, गीला बदला)
SRC P-15 25 दिसंबर 2013 18: 09
यह सिर्फ इतना है कि होडोर इस सभी उदार चीर के समान सरल नहीं है।
यदि खोडोर, जब उसके पास बहुत पैसा था और, कोई भी कह सकता है, असीमित शक्ति, पुतिन के लिए कुछ भी विरोध नहीं कर सकता है, अब वह कुछ भी करने में सक्षम होने की संभावना नहीं है। अभी उसका समय नहीं है, ट्रेन निकल चुकी है। हो सकता है, समय के साथ, निश्चित रूप से, उसके व्यवहार में कुछ बदल जाएगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह संभावना नहीं है। आपकी शर्ट आपके शरीर के करीब है।
Onotolle 25 दिसंबर 2013 19: 28
अब वह शायद ही कुछ कर सके
संभवतः वह जो सबसे अच्छा काम कर सकता है, वह है कि यूरोप में अपने दिनों / पैसों को चुपचाप जीना। पाप से दूर। 10 साल एक कठोर सबक है।
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 21: 50
नाइट के कदम की संभावना जीडीपी है, इसलिए कुछ वर्षों में (यदि एमबीएच व्यापार नहीं करता है), तो गवर्नर का आग्रहपूर्ण निमंत्रण कि कौन सा सूत्र है
botan.su 25 दिसंबर 2013 22: 17
नाइट के कदम की संभावना जीडीपी है, इसलिए कुछ वर्षों में (यदि MBH व्यवसाय नहीं करता है), तो गवर्नर का आग्रहपूर्ण निमंत्रण कि किस धागे का
लेकिन जो वास्तव में है, वह नियुक्त करेगा
नाराज पाठक 26 दिसंबर 2013 10: 10
खैर, कहानी (किडो,) सीखें) - इसके बहुत सारे उदाहरण हैं)
botan.su 26 दिसंबर 2013 13: 20
आपका "बच्चा" कहता है कि आप मेगालोमैनिया के साथ ठीक हैं, लेकिन रूसी भाषा के साथ बहुत अच्छी तरह से नहीं। आप के लिए रूसी मूल निवासी नहीं है?
उदाहरण दें, क्योंकि उनमें से बहुत सारे हैं, आप हमारे बोनोपार्ट हैं!
नाराज पाठक 26 दिसंबर 2013 17: 45
किसी और की आँख में ... हम एक जादूगरनी देखते हैं ..)
मैं बिना मुंह दिखाए नहीं) टेप मत करो, क्लियो-समान उपमाओं का संदर्भ दें, जो आपको एक न्यूनतम विकल्प के रूप में मिल जाएंगे।
पीए डाहल के अपोलॉजिस्टों के लिए - सादृश्य एक दर्पण जैसा उदाहरण नहीं है))))
p.s2। "बच्चे", विडंबना के साथ मैं ऐसे लोगों को बुलाता हूं जो सोचना नहीं चाहते हैं, विश्लेषण करें
वज्र 25 दिसंबर 2013 20: 34
यह सिर्फ इतना है कि Hodor इस पूरे उदार रिफ़र के रूप में सरल नहीं है
और यह समझ में आता है - वह एक रिफ़्राफ़ है, लेकिन खोडोरकोव्स्की, आखिरकार, एक पूर्व ओलिगर है) अगर इस देश में बेवकूफों ने अरबों कमाया, और चतुर रैलियों में, गला काटा गया-मैं बहुत पहले निकल गया होता ...
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 21: 46
... यदि आपको याद है कि आप कम से कम पांच साल पहले क्या सोच रहे थे (10 के बारे में बात नहीं कर रहे थे), तो आप अपने न्यायाधीशों में कुछ बदलावों पर ध्यान देंगे ...)
वासेक 25 दिसंबर 2013 22: 23
पुतिन डांटते नहीं हैं, यहां तक कि काकेशस के लिए भी लड़ने जा रहा है
मैं ऐसे किसी सहकर्मी को नहीं चाहूंगा!
Sid.74 25 दिसंबर 2013 15: 49
क्या हो रहा है! होडोर के उल्कापिंड को चटोली पर झुका दिया गया था, कोई नहीं जानता कि चबरकुल उल्कापिंड सैद्धांतिक रूप से उसकी कॉलोनी पर उड़ सकता है या नहीं! मुझे उनके शब्दों और "पूर्व कैदी के विवेक" के बीच देशभक्तिपूर्ण मूड के तीव्र हमले के लिए कोई अन्य स्पष्ट कारण नहीं दिख रहे हैं! पुतिन बहादुर हैं, यह अविश्वसनीय है! हमारे सभी मीडिया में पुतिन ओवलनी से डरते हैं और हमारे नहीं! मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं किसी तरह इस कुलीन वर्ग का सम्मान करूंगा, लेकिन यहां आपके पास नए साल के लिए मौजूद है! और उलबेट्स ने ईंट की तरह खाया एक राष्ट्रवादी कुलीन वर्ग और काकेशस के लिए लड़ने के लिए अब एक नए युग और चेतना के परिवर्तन के लिए विश्वास मत करो!
अद्भुत हैं आपके कार्य, भगवान ...
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 21: 44
अल्बाट्स का साक्षात्कार ... पुन: वादी, अंत ... में ... डिक, और वैलेरियन)))
andru_007 25 दिसंबर 2013 17: 41
कमीने चालाक हो गए हैं !!!
222222 25 दिसंबर 2013 12: 24
पूर्ण अल्बाट्स !!!
कोसमोस 25 दिसंबर 2013 13: 45
सफेद पंखुड़ियों के साथ अभी चे हो रहा है)))))
rastVORyayayayayutsya)))
222222 25 दिसंबर 2013 21: 44
KOSMOS (2) KZ आज, 13:45 XNUMX
भंग) ...
.. पूर्ण एल्बम में ... !!!
नाराज पाठक 25 दिसंबर 2013 21: 57
हाँ..कायुक अल्बज़ेट सफ़ेद रिबन ...))
पी एस खेद है, लेकिन ... कीड़ा के बारे में मैंने जो भावना लिखी है)
एवीवी 25 दिसंबर 2013 13: 53
ताकि अल्बेट्स बुरे सवालों से परेशान न हों, उसे 5 साल के लिए ज़ोन में रखें, उन्हें मौके पर रिपोर्ट लिखने दें !!!
अंग्रेज़ी रीडिंग 25 दिसंबर 2013 22: 27
हाँ हाँ! दैनिक उत्पादन के बारे में।
Vasyan1971 25 दिसंबर 2013 14: 13
हाँ, वहाँ हर दूसरे व्यक्ति को इस तरह के ब्रेनवॉश करने के लिए दस साल के लिए "व्यापार यात्रा" पर भेजा जाना चाहिए। शायद जीवन बेहतर हो जाएगा ...
केसीसी 25 दिसंबर 2013 18: 38
खोदोरकोव्स्की सुखद आश्चर्यचकित थे।
bddrus 25 दिसंबर 2013 19: 02
यदि आप एक सुपर साजिश का विचार विकसित करते हैं, तो शायद यह सब कल्पना की गई थी! और अब कुछ कैसे शुरू होगा))
अकेला 25 दिसंबर 2013 20: 49
))) यह साक्षात्कार विज्ञापन है। लक्ष्य लोगों की नजर में खोडोरकोव्स्की की रेटिंग को बढ़ाना है। "उसे" उनके "कुलीन वर्ग" बनाने के लिए।) उन्होंने लड़ाई की होगी। वह 1 और 2 के चेचन अभियानों में कहां था?
क्या, तब यह "हमारी" भूमि नहीं थी? आपने कहाँ एक कुलीन वर्ग देखा है जिसने आधुनिक रूस में जमीन के लिए संघर्ष किया होगा। कुलीन वर्ग केवल चोरी और लूट कर सकते हैं, और विदेशों में लूट भेज सकते हैं। उन्हें देश, लोगों और सब कुछ की परवाह नहीं है। - यही उनका श्रेय है।
ShturmKGB 29 दिसंबर 2013 15: 04
मुझे स्वीकार करना चाहिए, खोडोरकोवस्की सोचता है कि ... और उसके बजाय, अल्बेट्स और पांचवें स्तंभ के सभी प्रतिनिधियों को रूसी विरोधी प्रचार और कार्यों के लिए चारपाई पर रखा जाना चाहिए!
El13 30 दिसंबर 2013 13: 13
वह शांतता से तर्क देता है, और जैसा कि वह सही ढंग से बोलता है ... अब, यदि वह अपना सारा पैसा इकट्ठा करता है और रूस में स्थानांतरित करता है और यहां रहने के लिए आता है, तो शायद वह ईमानदार था, लेकिन यदि नहीं, तो यह सब बकवास है।
zao74 30 दिसंबर 2013 21: 52
हां, वह सुंदर है, उसके स्थान पर ताड डाल दिया।
lukich 31 दिसंबर 2013 18: 08
स्टिलेट्टो आरयू
... मुझे नहीं लगता कि उसने इसे जोन में सीखा है! वह मूल रूप से एक चतुर व्यक्ति और एक राजनेता था! ... और अल्बानियाई के साथ उदारवादियों ने मुफ्त के लिए हैवीवेट प्राप्त करने के लिए सोचा (वे फ्रीलायटर्स और अनुदान चूसने वाले हैं)
और होडोर को पैसे की जरूरत नहीं है, मुझे लगता है, और वह सच बता सकता है।
हाँ, वह एक सख्त आदमी है - मैं उसका सम्मान करता हूँ!
Warrawar 25 दिसंबर 2013 09: 25
होदोर आदमी, उदारवादियों को फाड़ दो:
खोदोरकोव्स्की एक देशभक्त-राजनेता के रूप में कार्य करते हैं (आखिरकार, एक राष्ट्रवादी नहीं, क्योंकि राष्ट्र की तुलना में क्षेत्रीय अखंडता उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है), वर्तमान उदारवादी विपक्ष के लिए एक आंकड़ा बिल्कुल अद्वितीय है। इस सभी अंतहीन की पृष्ठभूमि के खिलाफ "चलो हाथ मिलाते हैं, दोस्तों" - "मैं लड़ूंगा" (और 10 साल की सेवा करने वाले व्यक्ति से, यह किसी तरह ... लगता है)। हां, हम अभी तक एक राष्ट्रवादी नहीं हैं, लेकिन पहले से ही एक व्यक्ति जो राष्ट्रीय हितों की बहुत अवधारणा को समझता है और यह है कि इन हितों का लोहे और रक्त के साथ बचाव किया जाता है।
यह बहुत अच्छा होगा अगर वह कम से कम पहाड़ के बुजुर्ग के रूप में राजनीति में लौट आए, कभी-कभी सामूहिक बेवकूफ यशिन को शिक्षा दे रहे हैं, जो यूरोमैडान पर कूद रहे हैं। उदार विपक्ष के लिए, जिसके पास "राष्ट्रीय हितों" का कोई आयाम नहीं है, खोडोरकोव्स्की केवल एक अलग स्तर का व्यक्ति नहीं है, बल्कि बस एक और दुनिया से है।
हालांकि, फेसबुक पर, कुछ प्रतिभाओं ने पहले से ही उसे एक फासीवादी कहना शुरू कर दिया है, और यह अजीब होगा यदि लौटने वाले खोदोरकोव्स्की को बिना हाथ के एक नरभक्षी के रूप में दर्ज किया जा रहा है (खासकर जब अल्बाट्स को पता चलता है कि पूर्व कुलीन वास्तव में उसे पैसा नहीं देंगे)।
अपनी रिहाई के बाद और एक संवाददाता सम्मेलन में अपने साक्षात्कार में, खोडोरकोवस्की उस छवि में नहीं दिखाई दिए, जो उत्साही उदारवादी प्रशंसक 10 वर्षों से उनसे उम्मीद कर रहे थे। खोडोर्कोवस्की, रूसी काकेशस के लिए युद्ध में जाने के लिए तैयार, एक वास्तविक सनसनी के स्तर पर कुछ है। "यह हमारी भूमि है, हमने इसे जीत लिया ... मैं एक निश्चित सीमा तक, एक राष्ट्रवादी हूं।" और फिर, छोटी चीजों पर: पैसा है, लेकिन मैं विपक्ष नहीं दूंगा, मेरा इरादा राजनीति और व्यवसाय में लौटने का नहीं है, सोची का बहिष्कार करने की कोई जरूरत नहीं है ...
पूरे रूस में उदारवादी खाका का एक बड़ा समूह है। सच है, यह अब इतनी जोर से नहीं सुना जाता है, जिसे केवल एक ही बात से समझाया जा सकता है - रूसी समर्थक यूरोपीय विरोधी शिविर पूरी तरह से दबा हुआ है और नैतिक रूप से तबाह हो गया है। त्रासदी के पैमाने जो उसे प्रेरित करते हैं और टूटे हुए उदारवादी किसी भी तरह से पचाने की कोशिश कर रहे हैं जो उन्होंने सुना और देखा है। उन्हें समझा जा सकता है: धराशायी उम्मीदें हमेशा एक गंभीर मनोवैज्ञानिक झटका होती हैं। खासकर ऐसे हिस्टेरिकल दर्शकों के लिए।
मुझे उनकी प्रतिक्रिया देखकर खुशी होगी जब "सफ़ेद टेप" उनके होश में आता है और सब कुछ खत्म करने और चर्चा करने की कोशिश करता है, "भावनाओं को एक तरफ फेंकना।" क्या, दिलचस्प रूप से, प्रतिशत अनुपात "जुदास!" चिल्लाते हुए प्रस्तुत किया जाएगा। और "समझने" के लिए कॉल करना। उत्तरार्द्ध, स्टंप स्पष्ट है, इसका मतलब खुद से है: समझने और माफ करने के लिए। यह सही है - माफ करने के लिए। लोग वास्तव में सोचते हैं कि खोदोरकोव्स्की उनका बकाया है। और, तदनुसार, उसे उसे बताने, उससे मांग करने और यहां तक कि उसे दोष देने का अधिकार है। बाहर से, दलदल सपने देखने वालों का यह आवेग बहुत अजीब लगता है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 10: 10
होडर आदमी
किसानों ने भूमि और काम को हल किया, लेकिन यह सिर्फ इसलिए चुराया क्योंकि मैं अपनी मूंछ नहीं चाहता था और एक आदमी को एक पैनकेक मिला।
Warrawar 25 दिसंबर 2013 11: 21
शारीरिक श्रम में शामिल होना मर्दानगी का अनिवार्य लक्षण नहीं है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 12: 37
ठीक है, हाँ, हमारे समय में, जो कार्यालय में बैठता है, उसके लिए सम्मान करता है, न कि मशीन को धोखा देता है। पुरुष क्षेत्र में और जमीन पर दोनों काम करते हैं, शारीरिक श्रम फायदेमंद है, और कार्यालय में बैठकर अपनी गांड पोंछते हैं।
होडोर सिर्फ एक चोर है जिसे कैद किया गया था, लेकिन यह एक असली आदमी है!
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 14: 49
मैं समर्थन और पूरक हूं - वह एक चोर नहीं है, वह एक सुपर चोर है, सबसे राजनीतिक रूप से शक्तिशाली व्यक्ति है और इन सभी बेरेज़ोवस्काया, गुसिंस्काया, आदि के गिरोह के हितों के लिए एक प्रवक्ता है ... उन्होंने देश को आपदा के कगार पर खड़ा कर दिया। यह केवल बेरेगोव्स्की से भिन्न होता है, बहुत अधिक वजन होने के बावजूद, उसने दौड़ना शुरू नहीं किया, लेकिन लड़ने की कोशिश की, क्योंकि उसे उसके पीछे की ताकत महसूस हुई ... यह सब है, कोई अन्य मतभेद नहीं हैं ... मुझे आश्चर्य है कि अगर कॉमरेड वॉरवार भी बेरेकोवस्की की प्रशंसा करेंगे तो हमारे उसे पकड़ा और लगाया, और वह penitentially ध्वनि विचारों स्क्रिबल और उन लोगों की आलोचना करेंगे। आपने पहले किसका नेतृत्व किया था? :))) अदनाका असंगत दोस्त के कुछ प्रकार है ... :)))
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 15: 26
मैं समर्थन और पूरक करता हूं - वह एक चोर नहीं है, वह एक सुपर चोर है, सबसे राजनीतिक रूप से शक्तिशाली व्यक्ति है और इन सभी बेरेज़ोव्स्की, गुसिंस्की, आदि के गिरोह के हितों के लिए एक प्रवक्ता ... उन्होंने देश को आपदा के कगार पर खड़ा कर दिया।
हाय व्लादिमीर! लेकिन इस बात पर ध्यान दें कि लोग कैसे प्रतिक्रिया करते हैं। एक पंक्ति में 10 साल वे उस पर थूकते हैं, और यहां एक लेख है और यही है। वे अभी भी अच्छी तरह से जीना चाहते हैं, बंदगी को बुला रहे हैं जिनके विवेक पर एक मानव जीवन एक आदमी नहीं है।
एस्गर्ड 25 दिसंबर 2013 15: 46
पांच बार मैं अंदर गया, टिप्पणियों को पढ़ा, होडर बेशक बदल गया है (आखिरकार, जेल जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदल देता है)
ओलीगार्च खोदोरकोव्स्की ने रूसी लोगों से संपत्ति चोरी करने के लिए समय नहीं दिया, इसलिए यह उनका आखिरी रन नहीं है।
सभी के लिए जगह होगी - "सात-मार्कशीना" से और आसन्न टिमचेंस, रोटेनबर्गर, कोवालेव, याकुनिन ...
हम दूर भागेंगे और "ग्रे गीज़" का आयोजन करेंगे और साइबेरिया पहुंचाएंगे)))
उनके परास्नातक के साथ निपटा जाना होगा, क्योंकि रूसियों के लिए वह एक कुलीन वर्ग था, और इसलिए एल-एनटी रॉकफेलर, और सामान्य रूसी लोगों के लिए, वह ओलिगोफ्रेनिक था (जब से वह लोगों की संपत्ति के विनियोग के लिए सहमत हुआ .....
भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति को बाहर करना आवश्यक है - और अंतिम रूप से आयोजकों के साथ मिलकर "जूलरी परियोजना" को समाप्त करें ...।
अगर वाट्सएप रेपेंट्स और रॉकफेलर की 20 लाख की प्राइज मनी को अमेंड करने पर खर्च करता है, तो आप माफ कर सकते हैं ...
यह देखना आवश्यक है))))) आखिरकार, मूल भाषा रूसी है .....
यद्यपि संदेह महान हैं, एक l-nt यहूदी महान नहीं हो सकता)))
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 15: 59
अगर वेट पछताएगा और रॉकफेलर की 20 लाख की इनामी राशि खर्च करने में खर्च होगी, तो आप माफ कर सकते हैं ...
यह है, क्या वह अनुबंध हत्याओं को स्वीकार कर सकता है और उसके आदेश पर मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दे सकता है ??? मुझे विश्वास नहीं है कि ऐसा नहीं होगा।
इवान। 25 दिसंबर 2013 17: 28
यह स्वीकार किया जाता है कि '78 में रोस्तोव क्षेत्र के माध्यम से ड्राइविंग करते समय, उसने गलती से एक तितली पर कदम रखा और इसके लिए माफी माँगता है, कहता है कि रूसी लोग बुरी तरह से रहते हैं, लेकिन लंबे समय तक नहीं रहेंगे और एक "कंजूस आदमी के आंसू" छोड़ देंगे .... और फिर ... उन लोगों की एक पंक्ति होगी जो उसे माफ करना चाहते हैं, उसे दिखाने के लिए। उदारता .... लोग आज मुझे परेशान करते हैं, वे क्या सोचते हैं?
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 16: 01
हां ... मैं, स्पष्ट रूप से, आश्चर्यचकित हूं कि हममें से कुछ कैसे प्रेरणादायक हैं ... राजनीतिक MMM के प्रशंसकों का अनुवाद नहीं किया जाता है - वे अविनाशी हैं, जैसे तिलचट्टे ... यह पता चला है, आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि कितना दलदल एकत्र किया गया - लोकलुभावन बयानों के एक जोड़े और बैरन क्रमबद्ध पंक्तियों में "चिल्लाहट से नीचे" चिल्लाते हुए चौकोर चिल्लाते हुए चलते हैं .... यह सिर्फ अकल्पनीय है, यह मेरे दिमाग में फिट नहीं है कि आप विश्लेषण करने की क्षमता से इतने वंचित कैसे हो सकते हैं .... उह ... कुछ मैट ... सहज सतर्क आशावाद, कि सतर्क आकलन प्रबल है ... लेकिन यह केवल एक लेख के बाद है !!!! और अगर वह एक सक्षम पीआर अभियान का संचालन करता है, तो क्या होगा? सहकर्मियों की प्रतिक्रिया से मैं बहुत तनाव में था ...
अकेला 25 दिसंबर 2013 23: 36
"डिटोकिन चोर नहीं है - वह एक डाकू है !!
वज्र 25 दिसंबर 2013 20: 38
लेकिन यह एक असली आदमी है!
क्षमा करें ... उह ... ठीक है, वास्तव में, यह कौन है ??
डॉक्टर .75 25 दिसंबर 2013 22: 38
हर्ट्ज! रास्ते में, किसी तरह का हीरो
Rruvimbenrafail 25 दिसंबर 2013 22: 37
क्या यह यूजीन नहीं है?
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 05: 24
उद्धरण: rruvimbenrafail
हाँ, वह वह है।
उ। यागा 25 दिसंबर 2013 13: 02
और रोमानोव केवल शारीरिक श्रम के बारे में नहीं है - यह एक रूपक है। हम सामान्य रूप से वास्तविक मामलों के बारे में बात कर रहे हैं, अर्थात्। निर्माण के बारे में। "लेकिन यह सबसे ज्यादा मैं चुराता हूं जो मैं नहीं चाहता हूं और मूंछों में बैठता है उड़ा नहीं करता है। एक आदमी को एक पैनकेक मिला."
Setrac 25 दिसंबर 2013 16: 59
शारीरिक श्रम में भागीदारी लोगों को शारीरिक रूप से मजबूत और स्वस्थ बनाती है। यह मर्दानगी की विशेषता है, जो आपको कार्यालय में या सिमुलेटर पर नहीं मिलेगी।
वासेक 25 दिसंबर 2013 22: 36
पुरुषत्व शब्द "आदमी" से आता है, और एक आदमी मूल रूप से एक किसान (आधुनिक "कठिन कार्यकर्ता") है।
बेशक, वह एक कठिन कार्यकर्ता से दूर है, लेकिन यह साक्षात्कार एक कार्य है, मिलते-जुलते नर। हालांकि मुझे वह पसंद नहीं है।
डॉक्टर .75 25 दिसंबर 2013 22: 50
किस तरह का काम? शारीरिक? अब, USSR नहीं और GULAG नहीं। यह वहाँ काम करने के लिए बनाया जा सकता है, और हर कोई नहीं। चोरों ने तब भी काम नहीं किया, क्योंकि-चोरों.
Nagaybaks 25 दिसंबर 2013 12: 49
अलेक्जेंडर रोमानोव "किसानों ने भूमि की जुताई और काम किया, लेकिन यह सिर्फ इसलिए चुराया क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वह अपनी मूंछों को न फोड़ें। मुझे एक आदमी का पैनकेक मिला।"
ये सही है!!! हेहे ...
edeligor 25 दिसंबर 2013 13: 41
मैं चोरी नहीं करना चाहता था
10 वर्षों में सेवा की। लगभग सब कुछ उससे छीन लिया गया था और इस तरह के एक साक्षात्कार के बाद?
मैं कसम खाता हूँ कि उसने मुझे साज़िश की, यह चुनाव पूर्व बयान नहीं है?
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 15: 28
... लगभग सब कुछ उससे छीन लिया गया था और इस तरह के एक साक्षात्कार के बाद?
इसे दूर ले जाने के बाद जो बचा था, उसके साथ बेड़े को फिर से सुसज्जित किया जा सकता है।
क्या मैं आपको याद दिलाता हूं कि उसके खाते में कितनी लाशें हैं? या क्या वे हत्यारों के बाद जाने के लिए तैयार हैं? आपको क्या लगता है ????????????????????????
edeligor 25 दिसंबर 2013 16: 14
क्या आपने पैसे गिने? या लाशें? क्या आप भी समझते हैं कि एक साल की कैद क्या है? सबसे अधिक संभावना है आप, मिस्टर मॉडरेटर, अपनी राय के अलावा, क्या कुछ और हो सकता है? आप मुझे प्रतिबंधित कर सकते हैं! नव देशभक्तों से संवाद करते हुए थक गए ...
botan.su 25 दिसंबर 2013 16: 43
क्या आप भी समझते हैं कि एक साल की कैद क्या है?
बस यह मत कहो कि आप मानते हैं कि वह व्यक्ति फिर से शिक्षित था। वह होशियार हो गया, हाँ। लेकिन एक आंतरिक आवाज मुझे बताती है कि अगर वह जीवित नहीं निकली तो बेहतर होगा। ऐसा नहीं है कि वे मारे गए, लेकिन अगर दिल का दौरा पड़ा, तपेदिक। पाप यह कहता है, लेकिन मैं नास्तिक हूं, यह सब नरक के समान है ... और अब मेरी आत्मा बेचैन है, खोडोरकोव्स्की एक लड़का नहीं है, वह सब कुछ भूल जाने की संभावना नहीं है।
SRC P-15 25 दिसंबर 2013 18: 23
लेकिन एक आंतरिक आवाज मुझे बताती है कि अगर वह जीवित नहीं निकली तो बेहतर होगा।
मुझे ऐसा लगता है, वह आगे सब कुछ है। यह सिर्फ ऐसा नहीं था कि उसे छोड़ दिया गया था। अब वह शायद अब्रामोविच के साथ हाथापाई करने लगेगा। आखिरकार, होडोर का मानना है कि युकोस के पतन में उसका हाथ था। पहले, मुझे लगता है कि परीक्षण होंगे, और फिर हम देखेंगे कि कार्ड उस पर कैसे गिरेगा।
edeligor 25 दिसंबर 2013 21: 12
आपको विश्वास नहीं होगा, लेकिन मैं उससे विश्वास करता हूँ! मैं कुछ वक्ताओं से सहमत हूं, लेकिन वह हाउट-नॉट की तरह, बॉट आईटी, के प्रकाशन की तरह नहीं बैठे! उसकी आँखों को देखो जब वह कहता है कि वह काकेशस के लिए लड़ने के लिए जाएगा ...
डॉक्टर .75 25 दिसंबर 2013 23: 23
क्या तुम सच में भोले हो? फिर यह आपके लिए अफ़सोस की बात है। यदि आप मनोरंजन के लिए आँखों, काकेशस, आदि के बारे में बात कर रहे हैं, तो अधिकांश स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया से नाराज़ न हों (ज्यादातर उदासीन और एक निश्चित तरीके से नहीं)
आंखों के बारे में: पैरोल से पहले प्रशासनिक आयोग में जाने वाले दोषियों में से आधे को एक ही अभिव्यंजक आंखों के बारे में है। अफसोस!
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 17: 02
उसकी सुरक्षा सेवा द्वारा बनाई गई लाशों को जांच द्वारा माना गया था।
यह स्पष्ट है कि वे यह साबित नहीं कर सके कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आदेश दिए थे - उन्होंने उन्हें लिखित रूप में प्रकाशित नहीं किया। इसलिए यह पता चला है कि होडोर की सेवा करने वाले हत्यारों के पैक ने अपने प्रबंधन में अपने व्यवसाय के हितों में लोगों को मार डाला ... कलाकार की अधिकता, इसलिए बोलने के लिए .... :))
और वह इतना चुराया हुआ साबित हुआ है कि उसके बचाव में भाषण सुनना अजीब है ...
शायद आपको भी पछतावा होगा?
और रोमनोव्स और मॉडरेशन के बचकाने संकेतों पर आपका आक्रोश देखना अजीब है ... हर किसी की अपनी राय है - आपने अपना व्यक्त किया, अलेक्जेंडर ने खुद को व्यक्त किया ... या क्या आपने उसे बाहर बोलने के लिए मना किया है, यह मानते हुए कि आपके अलावा कोई राय नहीं होनी चाहिए? :)))) और आप पर प्रतिबंध लगाने के लिए, आपको किसकी आवश्यकता है ...
और नव-देशभक्तों के बारे में आपका बयान आपको लगता है कि आप विचार करते हैं ... कौन असली देशभक्त है? होडोर के प्रशंसक? अपने आप को, अपने प्रिय? :)))
edeligor 25 दिसंबर 2013 21: 01
मुस्कान, नमस्ते, मैं अपने दोस्त से कहना चाहता था, क्षमा करें, पिछली बार आपने मुझे मना किया था, हां, लगभग हर चीज जो आपने बताई थी, वही मैं कहना चाहता था।
नव-देशभक्तों के बारे में सामान्य कैनवास के पिछले भाग में जो कुछ भी कहा गया है, वह सब कुछ निर्दयता से शून्य है, और, जैसा कि मैंने बार-बार देखा है, ये लोग कम से कम कहने के लिए, अपनी टिप्पणी पोस्ट करना बंद कर देते हैं ...
प्रतिबंध लगाने और मध्यस्थों के बारे में, जैसे ही मैंने इस साइट पर पंजीकरण किया, यह मेरे लिए पहले दिन ही आयोजित किया गया था, जब तक कि मैंने व्यवस्थापक से शिकायत नहीं की (मुझे याद नहीं है कि कौन है), हालांकि मैं आपसे सहमत हूं, जो मुझे चाहिए ...
और अब मुख्य बात के बारे मेंयाद रखें, पुतिन के भाषण को कल से एक दिन पहले और एक उत्तराधिकारी के सवाल के बारे में, आप एक बुद्धिमान व्यक्ति हैं (और संचार से मैं देख रहा हूं कि आप "लोगों के साथ काम करना") से संबंधित थे, देखो कि आगे कैसे विकास होगा।
असली देशभक्तों के बारे में हां, खुद, आपकी ही तरह, और हर कोई इस साइट पर पंजीकृत है।
गहरे सम्मान के साथ!
मुस्कान 26 दिसंबर 2013 01: 04
अच्छे रवैये के लिए धन्यवाद ... लेकिन क्या आपको यकीन है कि यह मैं था? मेरे पास ऐसी शक्तियां नहीं हैं ... मैं आपको कैसे मना कर सकता था? क्षमा करें, लेकिन मैं निर्दयी माइनस को व्यवस्थित नहीं कर सका ... यहां तक कि अगर मैं वास्तव में चाहता था ... :)))) मेरे पास कोई अधिकार नहीं है ...)))
महोदय, मैं समझता हूं कि आप नशे में हैं ... यह डरावना नहीं है, हम सभी ऐसे हैं, और आपसे बेहतर कोई नहीं ... मुख्य बात, जब हम नशे में हैं, तो राजनीतिक विषयों पर बात नहीं करते ... इसलिए, मैंने आपको नहीं सुना .. ... और सुबह उदास न हों - हम सब एक जैसे हैं :))))
मुस्कान 26 दिसंबर 2013 04: 45
मैं जोड़ना चाहता हूं .... और। शायद। अपनी पहली प्रतिक्रिया को नरम करें ...
क्या आप समझते हैं कि जैसा मैंने लिखा था मैंने वैसा ही क्यों लिखा?
आप देखें, मैं आपको कुछ भी मना नहीं कर सकता था .... मेरे सहित कई लोग माइनस हैं ... अगर इस वजह से कोई अपनी टिप्पणी पोस्ट करना बंद कर देता है ... अच्छा है, तो जो लोग पोस्ट नहीं करते हैं आभासी minuses से भी डर लगता है .... क्या आपको लगता है कि वे जीवन में अपनी बात का बचाव करेंगे, जब आप न केवल एक माइनस प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि कुछ बदतर भी हो सकते हैं?
क्या आपको लगता है कि वे सम्मान के योग्य हैं?
हम सभी को किसी की ज़रूरत है, आप और मैं दोनों, और आपको अपने आप को इतना कम नहीं करना चाहिए, क्योंकि आप शायद परिवार के मुखिया हैं, पिताजी ... या आप होंगे .... आप इस तरह के मूड के साथ किसी को कैसे ला सकते हैं? और प्रशंसा करने के लिए शिकायत करने के लिए ... ठीक है, यह हर किसी का अधिकार है ... लेकिन मैंने खुद को गला घोंटा होगा, लेकिन किसी से शिकायत नहीं की ... मुझे पछतावा होगा, अगर मुझे एहसास हुआ कि मैं बहुत दूर चला गया था - मुझे इसमें कुछ भी शर्मनाक नहीं है। पश्चाताप क्या। अगर यह किसी को दोष देना है, या किसी की प्रशंसा करना है, तो यह स्वीकार करना कि वह मुझसे किसी तरह से श्रेष्ठ है ... लेकिन कभी शिकायत नहीं ...
मैं आपका सम्मान करता हूं, हालांकि मैं आपकी कसम खा सकता हूं, मैं यह स्वीकार करता हूं कि मुझे आपकी इस टिप्पणी में पीड़ा की समझ नहीं है ... मैं इसे केवल अपनी पिछली टिप्पणी में लिखी गई बातों से समझा सकता हूं ...
सलाह - किसी और की राय पर ध्यान दें ... लेकिन केवल इसके मूल्यांकन के संदर्भ में। और नहीं। आपका अपना सिर है। और यह दूसरों की तुलना में किसी भी मात्रा में कम नहीं है, यहां तक कि सबसे सम्मानित और उचित ... अच्छी तरह से, इसका उपयोग करें और खुद का सम्मान करें, बिना आत्म-सम्मान के आपके पास बहुत कठिन समय होगा ...
Setrac 25 दिसंबर 2013 17: 04
हालांकि, हमें नहीं पता कि एक साल की कैद क्या है। मैंने 1996-1998 में सेवा की, उस समय उन्होंने सेना में उन लोगों को ले लिया, जिन्हें हल्के आरोपों (चोर, ठग, आदि) के तहत जेल में रखा गया था, और इसलिए, वे सेना से भाग गए और शिकायत की कि जेल में सेना की तुलना में कठिन था। मुझे नहीं लगता कि जेल में खोदोरकोव्स्की के लिए यह मुश्किल था।
edeligor 25 दिसंबर 2013 21: 19
सेर्गेई, एक आदमी जो था सभी, केवल दस वर्षों से वंचित था! सभी संपत्ति आज दूसरों की है, उसके पास केवल है "बेड़े को फिर से लैस करने के लिए", लेकिन वास्तव में इसे रूस में सत्ता के खिलाफ संघर्ष के हथियार के रूप में यूरोजिमोक्रेट द्वारा खींचा जा रहा है। और आखिर यह है कि! यह कम से कम खतरनाक है, अधिक से अधिक ...
Setrac 26 दिसंबर 2013 13: 16
सभी संपत्तियां आज दूसरों की हैं
भगवान के लिए, "एचआईएस" संपत्ति क्या हैं? ये एक चोर द्वारा अस्थायी रूप से विनियोजित राज्य संपत्ति हैं।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 17: 16
हां, मैंने देखा कि चोर कैसे बैठे थे और वे वहां क्या खा रहे थे। यदि उसने 10 वर्षों में 1000 रूबल कमाए, तो इसका मतलब है कि वह वहां काम नहीं करता था, वह एक ठग के रूप में वहां बैठा था।
साइट पर कई हैं जो आपको बता सकते हैं कि कारावास का एक वर्ष क्या है और यह इस तरह से ध्वनि करेगा - आप एक पैर पर एक वर्ष का बचाव कर सकते हैं।
डॉक्टर .75 25 दिसंबर 2013 23: 06
और आप रोते हैं, शायद यह बेहतर महसूस करेगा ... और पुनर्विचार ... कोई नसों
सैक्सा 2103 25 दिसंबर 2013 20: 05
और उनके पास कौन नहीं है? रूस में कौन ईमानदारी से और सफाई से भाग्य अर्जित करता है?
अंग्रेज़ी रीडिंग 25 दिसंबर 2013 22: 49
खोदोरकोव्स्की एक अपराधी है, यह संभव है कि वह एक दुश्मन हो, लेकिन तथ्य यह है कि वह कायर नहीं है। अब कम ही लोग याद करते हैं कि जब उसके खिलाफ मामला खोला गया था, वह संयुक्त राज्य अमेरिका में था और सभी भगोड़े कुलीन वर्गों में से केवल एक ही रूस लौटा था। मैं उनसे और ऐसे अन्य पर्यवेक्षकों से घृणा और नफरत करता था, लेकिन उस कृत्य के लिए मैं थोड़ा सम्मान करने लगा। उलबेट्स के साथ साक्षात्कार के बाद, सम्मान में वृद्धि हुई।
kavkaz8888 25 दिसंबर 2013 10: 54
"वारावर (1) आज, सुबह 09:25
होदोर आदमी, उदारवादियों को तंग करो "
कभी आपने सोचा है कि एक MAN एक MAN से कैसे अलग है? ये थोड़े अलग किरदार हैं।
Warrawar 25 दिसंबर 2013 11: 19
दोनों ही शब्दों में, आप इस विषय पर अलग-अलग अर्थ और विचार कर सकते हैं, जैसे कि अनंत के बारे में बात करना।
kavkaz8888 25 दिसंबर 2013 17: 27
"... इस विषय पर अलग-अलग अर्थों और ढोंग करना अनंत के बारे में बात करने जैसा है।"
संभवतः हम छेड़छाड़, गुंडागर्दी और कारण नहीं करेंगे। क्यों स्पष्ट जटिल? एक आदमी और एक आदमी एक बाबा और एक औरत की तरह होते हैं, जिसके लिए एक मुखौटा है, लेकिन सार अलग है। बस सवाल बेहतर या बुरा मत करो। यह सिर्फ इतना है कि अवधारणाएं अलग हैं।
SRC P-15 25 दिसंबर 2013 18: 30
कभी आपने सोचा है कि एक MAN एक MAN से कैसे अलग है?
एक आदमी, यह एक आदमी है, और एक आदमी एक आदमी के रैंक के साथ एक आदमी है।
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 15: 09
और मन ही मन, वही वाररवार, जो पहले रूसी मार्च के बारे में इतना खुश था, उसने "आदमी" के बारे में कहा, अर्थात्, जैसा कि यहाँ स्पष्ट है, उसने समान उदारवादियों के विचारों का बचाव किया, इसलिए अल्बेट्स के दिल के लिए प्रिय (यह बहुत स्पष्ट रूप से साबित हुआ :))) लेकिन यहाँ वॉरवार खुश है। उदारवादियों के पूर्व प्रमुख ने उन्हीं उदारवादियों को परेशान किया। और विचारों का विरोध किया। उसी वाररवार द्वारा प्रचारित .... पानी बादलों में अंधेरा है ... मैं शायद दलदल को कभी नहीं समझूंगा .... :))
वे कहते हैं कि महिलाएं और मैं अलग-अलग बंदरों से उतरते हैं, इसलिए उन्हें समझना अक्सर असंभव होता है ... फिर मैं मानता हूं कि दलदल मेढ़े से उतरा, और बिना मध्यवर्ती चरणों के - राम शाम को बिस्तर पर गए, और सुबह उठे - लो और निहारना, सभी फर बाहर निकल गए, सींग गिर गया ... एक हाथ पर एक सफेद रिबन बंधा है, दूसरे पर एक इंद्रधनुषी रिबन ... माथे में एक स्वस्तिक है ... और गधे पर एक बूट का निशान है ... :)))
इवान। 25 दिसंबर 2013 17: 36
सींग के रूप में, आप गलत हैं, वे गिर नहीं था! मजाक नहीं! वे सिर्फ मस्तिष्क में विकसित हुए।
evgenm55 25 दिसंबर 2013 12: 31
उनके भाषणों के बावजूद (हालांकि मुक्तिबोध के संबंध में सुखद, कठोर अभिव्यक्ति), ठीक है, मैं उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में नहीं मानता जो मातृभूमि का समर्थन करने वाले, देशभक्त, एक आत्मा, उन लोगों के दिल में रैंक गया है। और उन्हें क्या देना है? क्या उन्होंने उन्हें और उनके परिवार को कारावास के दौरान समर्थन दिया था, या क्या उन्होंने अपने नाम के साथ बैरिकेड पर लड़ाई की थी? वह एक चोर के रूप में बैठा, जिसने देश और लोगों को लूटा, न कि एक राजनीतिक कैदी के रूप में, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, उद्योग के पुनरुद्धार के लिए, मुफ्त दवा के लिए, आदि। वह एक चोर है, केवल एक प्रबुद्ध प्रमुख के साथ ...
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 14: 57
हाँ, और आप एक दिलचस्प व्यक्ति हैं ... हाल ही में आपने रूसी मार्च का जमकर समर्थन किया था। मुंह पर झाग डालना, हमारे नत्त्सिकों का बचाव करना और इस बात से इंकार करना कि हमारे नटसिक दल दलदली विरोध का हिस्सा थे ... लेकिन जैसे ही होडोर ने अल्बाटों के उकसावे के आगे घुटने नहीं टेके, जिसने सिर्फ आपकी बात का समर्थन किया, यह साबित करते हुए कि हमारे देश में जातीय नफरत भड़का रही है, अलगाववाद कट्टरपंथी नत्त्सिक को बढ़ावा देता है (दलित लोग समलैंगिक लोगों के बहुत शौकीन होते हैं) ... आपने तुरंत इसका समर्थन कैसे किया ...
आपकी मान्यताओं में तर्क कहाँ है? या तो आप पुतिन को ब्रांड करते हैं, पूरी तरह से राष्ट्रीय प्रश्न पर अल्बाट्स की स्थिति साझा कर रहे हैं :)))))) (एक अच्छा उपनाम है, यह नहीं है? :))) तो आपको खुशी है कि खोडोर ने फिर से शिक्षित होने और गोरे रंग के रिबन श्रमिकों को ब्रांडेड करने का दिखावा किया .... आपके पास कोई है - क्या आपके पास कोई विश्वास है? :))) आपने मुझे आश्चर्य नहीं किया - आपने मुझे आश्चर्यचकित किया .... :)))
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 15: 31
आपकी मान्यताओं में तर्क कहाँ है?
कोई तर्क नहीं है और वहाँ नहीं होगा जहां पैसा नियम है। बहुत दूर का व्यक्ति ठग को एक आदमी नहीं कह सकता है
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 16: 08
हाँ, कोई तर्क नहीं है और वहाँ नहीं होगा ... जहां च में ... हीरे? आदमी समझने में असमर्थ है। जो गुस्से में रोता है उसे धक्का देता है। उसके द्वारा प्रचारित विचारों के परिणाम क्या होंगे इसका एहसास करने में असमर्थ ... और इतना नमस्कार ..... एक चोर, एक हत्यारा और लोगों का दुश्मन और राज्य पहले से ही एक आदमी है ... और केवल उसने एक ही साक्षात्कार का सटीक उत्तर दिया ... और ये लोग अभी भी सेरड्यूकोव का पीछा कर रहे हैं, जिन्होंने एक हज़ार बार कम चुराया और इससे कम मात्रा के कई आदेशों से नुकसान पहुँचाया ... "आदमी" ... जैसा कि मेरा एक दोस्त कहता है - "मैं इन रूसियों के साथ झूठ बोल रहा हूँ ..."
Warrawar 25 दिसंबर 2013 17: 03
एक चोर, एक कातिल और लोगों का दुश्मन और राज्य पहले से ही एक आदमी है ... और केवल उसने एक ही साक्षात्कार का सटीक उत्तर दिया ... और ये लोग अभी भी सेरड्यूकोव का पीछा कर रहे हैं, जिन्होंने एक हजार गुना कम चुराया और क्षति के कई आदेशों की तुलना में कम नुकसान पहुंचाया। यह आदमी"
और किसने कहा कि वह एक हत्यारा, एक चोर और एक दुश्मन था? पुतिन का न्याय? खैर, उनका कोई भरोसा नहीं है - दूसरे दिन उन्होंने एक व्यक्ति को मनगढ़ंत हत्या के मामले में छिपाया और किसी ने परवाह नहीं की। यह सब न्याय है और ऐसे न्याय को यह निर्णय लेने का अधिकार कैसे दिया जा सकता है कि चोर कौन है और हत्यारा कौन है?
russ69 25 दिसंबर 2013 17: 10
और किसने कहा कि वह एक कातिल, चोर और दुश्मन था? पुतिन का न्याय?
उह ... जीडीपी के साथ, वे विशेष रूप से ईमानदार, सफेद और शराबी कुलीनों को कैद करते हैं? हालांकि हमारे कुलीन वर्ग, विशेष रूप से 90 के दशक में, सभी खिंचाव पर ईमानदार नहीं दिखता है ...
संयोग से, मैंने आपको एक प्लस साइन दिया, मुझे एक माइनस चाहिए था ...
Warrawar 25 दिसंबर 2013 19: 24
उह ... जीडीपी के साथ, वे विशेष रूप से ईमानदार, सफेद और शराबी कुलीनों को कैद करते हैं?
जब जीडीपी अवांछित कुलीनों को कैद कर लिया जाता है, और जो लोग 90 के दशक में चोरी करते हैं और जल्दी से एहसास हुआ कि उन्हें पुतिन के साथ दोस्ती करने की आवश्यकता है, अब वे खुशी से रहते हैं।
मैं उन लोगों को कैद करने के पक्ष में हूं, जो इसके पात्र हैं (बिना किसी अपवाद के), और न ही वे जो पुतिन को खुश नहीं करते थे। मैं कानून के शासन द्वारा शासित राज्य में रहना चाहता हूं, न कि अवधारणाओं के अनुसार।
मुस्कान 26 दिसंबर 2013 01: 15
तो, रुकिए, अल्बाट्स की बात का समर्थन करते हुए, क्या आपके पास पुतिन के बारे में दुस्साहस करने की क्षमता है? क्या आपके पास एक बुरा विवेक है, कॉमरेड बर्बर? आप वास्तव में यह तय करते हैं कि आप फागोट्स के लिए हैं, फासीवादियों के लिए या रूस के विघटन के खिलाफ? ... या आप किसकी परवाह करते हैं - आप फगोट्स और फासीवादियों और सुपर लिबरल्स के लिए हैं ... मुख्य बात देश को नष्ट करना है ...? - अच्छा, पुतिन को हटाने और अपने मालिकों को एवियरी में डालने के लिए? :))))
सैक्सा 2103 25 दिसंबर 2013 20: 18
पीटर 1 का मछुआरों पर एक फरमान था - उन्हें बाधाओं को ठीक नहीं करना चाहिए, लेकिन वे एक वर्ष लटकाएंगे क्योंकि वे सभी समान (कर चोरी) करेंगे, लेकिन हमारे कुलीन वर्ग एक के माध्यम से हो सकते हैं - अलमारी में पर्याप्त कंकाल हैं, और न केवल अलमारी में।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 17: 10
और किसने कहा कि वह एक हत्यारा, एक चोर और एक दुश्मन था?
आप यह भी लिखते हैं कि उसे कभी जेल नहीं हुई थी। '' उन्होंने जेल में एंजेला को लानत दी।
Warrawar 25 दिसंबर 2013 17: 12
मैं यह भी लिखूंगा कि रूसी संघ की सरकार में ऐसे देवदूत हर पहले होते हैं, और कुछ परिमाण के क्रम से भी बदतर होते हैं। इसलिए, खोदोरकोव्स्की सबसे खराब विकल्प नहीं है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 05: 48
... इसलिए, खोदोरकोव्स्की सबसे खराब विकल्प नहीं है।
आपने शायद चुनावों में प्रोखोरोव के लिए मतदान किया था। खैर, यह भी कोई फर्क नहीं पड़ता है, चलो लेख में नाम को Hodor से Berezoiskiy या Gusinsky में बदल दें, आप उनका समर्थन करेंगे और एक ही बात लिखेंगे।
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 17: 52
अच्छा, ठीक है, ठीक है, चलो धागा खींचो, आपके प्रवेश द्वार खुल जाएंगे और आप अपने सच्चे विचारों को हमारे सामने फेंक देंगे .... :)))
तो, आप पहले से ही दावा कर रहे हैं कि दुष्ट पुतिन ने एक निर्दोष व्यक्ति को कैद कर लिया है, तो क्या आप समझते हैं? :))) क्या आप कह रहे हैं कि होडोर एक बच्चे की तरह निर्दोष है? क्या आप उसे अभी भी राष्ट्र की अंतरात्मा कह सकते हैं?
और इस सवाल का जवाब भी दें कि आपने हाल ही में इस स्थिति का जमकर बचाव क्यों किया कि नटशिक्क रूसी मार्च में चिल्ला रहे थे, शब्द के लिए काकेशस शब्द के बारे में बात करते हुए, अलबेट्स के शब्दों को वापस ले लिया ...
मैं आपसे तत्काल इस बारे में टिप्पणी करने के लिए कहता हूं कि आपने इस अल्बात्सिखे द्वारा व्यक्त किए गए अति-उदारवादियों की स्थिति का जमकर बचाव क्यों किया? जातीय घृणा को उकसाने वाले उदारवादियों के समान राष्ट्रीय प्रश्न पर हमारे राष्ट्रवादियों की स्थिति क्यों है?
और आपको अपने आनंद को कैसे समझना चाहिए कि होडर, उदारवादी और नाज़ियों को नापसंद कर रहा है? क्या आपने राष्ट्रवादी होना बंद कर दिया है? या क्या आपने अपने बयानबाजी को बदलने के लिए एक प्रशिक्षण मैनुअल प्राप्त किया था?
आप एक ज्वलंत दृष्टांत हैं जो विपक्षी बहुसंख्यकवादियों का चरित्र चित्रण करते हैं - कल आपने नात्सिकों के समान ही चिल्लाया था, यह देखते हुए कि वे दलदल और अलबेट्स जैसे लोगों द्वारा उकसाए गए थे। वास्तव में, उनके रोने के साथ यह पुष्टि करना कि फासिस्ट और उदारता एक ही फल है।
आज आप चिल्ला रहे हैं कि आप होदोर का समर्थन करते हैं जो पुतिन के अत्याचार से निर्दोष रूप से पीड़ित है। किसने उदारवादियों को भड़काया (क्या, आपको अल्बाट्स पसंद नहीं हैं?) ... :)))
आपके पास एक उग्र जुनून है - पुतिन को छोड़ना होगा। और इसके लिए आप फासीवादियों के साथ, और उदारवादियों के साथ, और समलैंगिकों के साथ, और अमेरिकियों के साथ और चोरों और बदमाशों के साथ, और सींग वाले शैतान के साथ सहयोग करेंगे - आपके पास कोई दोषी नहीं है, आप शायद ही अपने स्वयं के मर्म को समझें ... मैं भी जारी नहीं रखना चाहता हूं - आपने खुद अपनी पैंट उतार दी और आपको बदबू आ रही है ...
लेकिन अगर आप मुझे जवाब देते हैं - मुझे बहुत खुशी होगी :))) चलो - चलो, मैं सोच रहा हूं कि आपके अंदर क्या है ... :))
Warrawar 25 दिसंबर 2013 18: 32
तो, आप पहले से ही दावा कर रहे हैं कि दुष्ट पुतिन ने एक निर्दोष व्यक्ति को कैद कर लिया है, तो क्या आप समझते हैं? :)))
मैं इस पर जोर नहीं देता, मैं यह दावा करता हूं कि रूसी संघ में न्याय प्रणाली पूरी तरह से खुद को बदनाम कर चुकी है और यह न्याय का उपाय नहीं है, इसलिए यह कहना आमतौर पर असंभव है कि कौन है।
क्या आप कह रहे हैं कि होडोर एक बच्चे की तरह निर्दोष है?
मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं।
क्या आप उसे अभी भी राष्ट्र की अंतरात्मा कह सकते हैं?
नहीं, मैं नाम नहीं लूंगा, मैं आमतौर पर किसी को आदर्श बनाने के लिए इच्छुक नहीं हूं।
और इस सवाल का भी जवाब दें, आप हाल ही में उस स्थिति का बचाव क्यों कर रहे हैं जो नाज़ियों ने रूसी मार्च में चिल्ला रहे थे
लेकिन क्योंकि वे उचित और निष्पक्ष चीजों को "चिल्लाते" हैं, जिनमें से अधिकांश मैं सहमत हूं।
मैं आपसे तत्काल इस बारे में टिप्पणी करने के लिए कहता हूं कि आपने इस अल्बात्सिखे द्वारा व्यक्त किए गए अति-उदारवादियों की स्थिति का जमकर बचाव क्यों किया?
मुझे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि अलबेट्स द्वारा व्यक्त "सुपर-लिबरल्स" की स्थिति क्या है।
जातीय घृणा को उकसाने वाले उदारवादियों के समान राष्ट्रीय प्रश्न पर हमारे राष्ट्रवादियों की स्थिति क्यों है?
उदारवादी जातीय घृणा को उकसा नहीं रहे हैं। यह पूरी तरह से अलग-अलग लोगों द्वारा संकलित किया जाता है, उदाहरण के लिए:
और आपको अपने आनंद को कैसे समझना चाहिए कि होडर, उदारवादी और नाज़ियों को नापसंद कर रहा है?
खोडोरकोव्स्की ने उदारवादियों (जो मैं समर्थन करता हूं) को खारिज कर दिया, लेकिन राष्ट्रवादियों को नहीं।
आपके पास एक उग्र जुनून है - पुतिन को छोड़ना होगा।
पुतिन को छोड़ना पड़ा, वह अक्षम है। इसका एक आकर्षक उदाहरण सेरड्यूकोव है, जिसने कई वर्षों तक राज्य संपत्ति को लूटा, "सोवियत" खुफिया अधिकारी की पीठ के पीछे।
russ69 25 दिसंबर 2013 19: 00
वॉरवार, आप पहले से ही एक टिप्पणी में विरोधाभास हैं ...
पहले आप यह बताइए कि
मेरा तर्क है कि रूसी संघ में न्याय प्रणाली पूरी तरह से खुद को बदनाम कर चुकी है और यह न्याय का एक पैमाना नहीं है, इसलिए आमतौर पर यह कहना असंभव है कि कौन है।
और फिर लिखें कि ...
इसका एक आकर्षक उदाहरण सेरड्यूकोव है, जिसने कई वर्षों तक राज्य संपत्ति को लूटा, "सोवियत" खुफिया अधिकारी की पीठ के पीछे।
यदि आप होडोर का इस तरह बचाव कर रहे हैं, तो आप सर्ड्यूकोव को दोषी ठहरा रहे हैं। आखिरकार, एक और एक ही अभियोजक के कार्यालय ने दोनों के मामलों के बारे में बताया ...
खोडोरकोव्स्की ने उदारवादियों को खारिज कर दिया
ओह, चाहे ...
Warrawar 25 दिसंबर 2013 19: 19
हालांकि, सर्ड्यूकोव बड़े पैमाने पर है और सबसे अधिक संभावना भी नहीं बैठती है, और उसकी प्रेमिका वासिलीवा 13 कमरों के अपार्टमेंट में ऐवाज़ोव्स्की द्वारा चित्रों के साथ घर में गिरफ्तारी के अधीन है, और वह बहुत ज्यादा चमकती नहीं है।
इस बीच, सेरड्यूकोव के अपराध सामग्री और स्पष्ट हैं, जबकि खोडोर एक ऐसे मामले में बैठा था जिसमें एक आम आदमी भी नहीं समझ पाएगा।
वैसे, स्थानीय जनता से घृणा करने वाले नवलनी ने कई साल पहले सर्ड्यूकोव की आपराधिक गतिविधियों की ओर इशारा किया, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसे "उदार" और देशद्रोही करार दिया। तो यह विचार करने लायक है - क्या नवलनी देशद्रोही है? और गद्दार क्यों सच बोल रहा था। और अगर हमारी वर्तमान सरकार असली गद्दार है तो क्या होगा।
russ69 25 दिसंबर 2013 19: 31
अदालत का फैसला होगा, तब हम चर्चा करेंगे ...
वैसे, स्थानीय जनता द्वारा तिरस्कृत नवलनी ने सेरड्यूकोव की आपराधिक गतिविधियों की ओर संकेत किया,
नवलनी, खुद को सर्ड्यूकोव से बहुत दूर नहीं छोड़ा, सिवाय इसके कि कम अवसर थे ...
लेकिन जैसे ही होडोर ने राष्ट्रवाद के बारे में संकेत देना शुरू किया, वह पहले से ही नए फ्यूहरर की भविष्यवाणी कर रहा है ...
कल Stouretkin Natsiks के लिए बाहर बात करेंगे, कुछ पैसे फेंक और उसका बचाव करेंगे, क्योंकि अभियोजक के कार्यालय को सकल घरेलू उत्पाद के साथ भरोसा नहीं किया जा सकता है ...
Warrawar 25 दिसंबर 2013 22: 51
जब सेरड्यूकोव 10 साल तक बैठता है, और फिर बाहर आता है और "बोलता है," तो मैं उसे सुन सकता हूं।
इवान। 26 दिसंबर 2013 00: 32
व्लादिस्लाव नहीं, आप वास्तव में केवल कैदियों को सुनेंगे? रिलीज के समय आँखों की अभिव्यक्तता के कारण? उसने दसियों अरब रूबल चुरा लिए, जिससे सैकड़ों अरबों + बर्बाद जीवन बर्बाद नहीं हुए, और आप उसकी आँखों में दिलचस्पी रखते हैं, मुझे उसकी कुछ भी ज़रूरत नहीं है, उसे नुकसान की भरपाई करने दें और चारों तरफ से रोल करें!
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 05: 55
व्लादिस्लाव नहीं, क्या आप वास्तव में केवल कैदियों को सुनेंगे?
और उसके पास केवल वही हैं जिन्होंने अधिकार में सेवा की है यह टाइप-ए है, आपने ज़ोन को रौंद दिया है, और आपने जेल में एक चारपाई पर कब्जा कर लिया है
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 05: 53
अजीब बात है, और यहां तक कि यूरोपीय अदालत ने भी माना है कि होडोर मामले में कोई राजनीति नहीं है
... तो यह विचार करने लायक है - क्या नवलनी देशद्रोही है?
हां, नहीं, ठीक है, वह देशद्रोही है, आपको लगता है कि वह विदेश विभाग से पैसा लेता है, यह अवज्ञा है
मुस्कान 26 दिसंबर 2013 00: 44
वार्रावा
आप जानते हैं, अगर आपने तुरंत उत्तर दिया, तो मैं आपके उद्धरण, अल्बट्स के अनुरूप, वाक्यांशों की पुष्टि करूंगा, यह पुष्टि करते हुए कि नाजियों दलदल के बच्चे हैं ... एक बार फिर ... मैं आपको सिर्फ स्मियर करूँगा ... और आप नहीं जान सकते। ... मुझे लगता है कि यह समझ में आता है ... आपके लिए भी ... लेकिन आज क्रिसमस है ... ... और मुझे इसे मनाने के लिए मजबूर किया गया ... :))) आपको मेरी क्रिसमस ... बधाई ... मुझे उम्मीद है आप सोचेंगे कि आप क्या कर रहे हैं .... :))))
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 05: 50
और यह कि उन्होंने एक बार उनका समर्थन किया
नाराज पाठक 28 दिसंबर 2013 03: 22
बर्बरियन यारोस्वेट का पुनर्जन्म है .. प्रस्तुति का तरीका किसी तरह अश्लील है
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 17: 14
"मैं इन रूसियों के साथ झूठ बोल रहा हूं ..."
क्या यह रूसी है, यह सवाल है
Warrawar 25 दिसंबर 2013 17: 06
हाँ, और आप एक दिलचस्प व्यक्ति हैं ... हाल ही में आपने रूसी मार्च का जमकर समर्थन किया था। हमारे नात्सिकों की रक्षा करने वाले मुंह पर झाग डालना और इस बात से इंकार करना कि हमारे नात्सिक दल दलदली विरोध का हिस्सा हैं
मैं अभी भी रूसी राष्ट्रवादियों का जमकर समर्थन करता हूं।
.लेकिन यह होडर के लायक नहीं था कि वह अल्बेट्स के उकसावों के आगे न झुकता, जिसने सिर्फ आपकी बात का समर्थन किया, यह साबित करते हुए कि हमारे देश में कौन अंतरजातीय कलह, अलगाववाद और कट्टरपंथी नाज़ियों को उकसाता है (दलदल वही हैं जो समलैंगिकों के इतने शौकीन हैं ...) आप यहाँ कैसे हैं? उन्होंने उसका समर्थन किया ...
मैंने उसका समर्थन नहीं किया, मुझे सिर्फ उसका बयान पसंद आया। और मैं काकेशस के बारे में अपने विचार साझा नहीं करता, वह स्पष्ट रूप से अभी तक पूरी तरह से अपनी रिहाई के बाद की स्थिति का पता नहीं लगा पाया है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 17: 12
हाँ, यहूदी चोर खोडोरकोवस्की की प्रशंसा करना
मैंने उनका समर्थन नहीं किया, मुझे सिर्फ उनका बयान पसंद आया
मैं उसकी रक्षा के लिए खड़ा हो गया।
Egorchik 25 दिसंबर 2013 18: 00
और मैं काकेशस के बारे में अपने विचार साझा नहीं करता, वह स्पष्ट रूप से अभी तक पूरी तरह से अपनी रिहाई के बाद की स्थिति का पता नहीं लगा पाया है।
आप सिर्फ "उत्तरी काकेशस के लिए लड़ने के लिए" उनके शब्दों के अर्थ को गलत समझते हैं, यह मुझे लगता है कि उन्हें रूस के हिस्से के रूप में उत्तरी काकेशस के लोगों को छोड़ने के लिए युद्ध का मतलब नहीं था, लेकिन केवल क्षेत्र और कुछ नहीं, उनके शब्दों का अर्थ यदि अलगाववादी हैं रूस से अलग करना चाहते हैं, उन्हें नष्ट कर दिया जाना चाहिए
और यह भूमि हमारी है, हमने इस पर विजय प्राप्त की, क्या तुम लड़ने जाओगे? हां, कृपया साक्षात्कार की समीक्षा करें।
होडर स्मार्ट है, बहुत चालाक है, वह अच्छी तरह से जानता है कि रूस में रूसी राष्ट्रवाद पनप रहा है और यह अब केवल एक ही विचार है जो हमारे राष्ट्र को एकजुट कर सकता है और फिर से जीवन में सांस ले सकता है। और तुरंत ही उसने इस कार्ड को खेलना शुरू कर दिया, इसलिए उसे आश्चर्य नहीं होगा अगर वह ऐसा नहीं करता है। राष्ट्रीय अनुनय की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाकर इस परियोजना में उन्होंने जो कुछ छोड़ा है, वह खुद निश्चित रूप से छाया में रहेगा, जैसे कि स्टैंड से एक ग्रे कार्डिनल बोलेंगे, लेकिन वह उनके लिए ग्रंथ लिखेंगे। रूस में एक ताकत है जो पुतिन को उखाड़ फेंकने में सक्षम है। फिर ये केवल और केवल राष्ट्रवादी हैं। आदमी ने दस साल तक बदला नहीं लिया, उसने सब कुछ गिना दिया।
Warrawar 25 दिसंबर 2013 19: 10
शायद आप सही हैं। दरअसल, वह केवल प्रदेशों के संरक्षण की बात करता है ...
होडोर स्मार्ट है, बहुत चालाक है, वह अच्छी तरह से जानता है कि रूस में रूसी राष्ट्रवाद पनप रहा है
हां, उसके मन में उसकी कोई रुचि नहीं है।
ठीक है, रूसी राष्ट्रवाद को नोटिस नहीं करना, शायद वह अंधा आदमी या मूर्ख है। और राष्ट्रवाद स्वयं खरोंच से प्रकट नहीं होता है, बल्कि केवल प्रतिक्रिया और आत्मरक्षा के रूप में होता है।
हालांकि, पुतिन और उनका पैक "उपेक्षा" करने की कोशिश कर रहा है (मुझे आश्चर्य है कि अगर वह अंधा या बेवकूफ है)। जिसके लिए वह पैसे देगा।
रूसी राष्ट्रवाद और यह अब केवल एकमात्र विचार है जो हमारे राष्ट्र को एकजुट कर सकता है और फिर से जीवन में सांस ले सकता है
तुम पूरी तरह ठीक हो। और मुझे समझ में नहीं आता है कि पुतिन रूसी राष्ट्रवादियों को अपनी तरफ क्यों नहीं लुभाना चाहते। यदि वह रूसी लोगों से मिलने जाता, तो उसे अपनी बाहों में ले लिया जाता। लेकिन अफसोस ...
और बल्ले से सही, वह इस कार्ड को खेलना शुरू कर दिया, ठीक है, मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर उसने इस परियोजना में जो छोड़ा था उसे राष्ट्रीय अनुनय की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाकर, वह खुद, निश्चित रूप से, छाया में रहेगा, जैसे स्टैंड से ग्रे कार्डिनल, अन्य लोग बोलेंगे, लेकिन वह उनके लिए ग्रंथ लिखेंगे।
ऐसा लग रहा है कि यह है। खोड़ोर्कोवस्की वास्तव में एक बहुत ही चतुर व्यक्ति है जिसे उसने रूसी राष्ट्रवादियों पर भरोसा करने का फैसला किया (जो कि बहुमत पर है)।
वह उदारवादी मूल्यों के साथ खिलवाड़ नहीं करता था, जो भारी बहुमत से समर्थित नहीं होते हैं। कितने "विपक्षी" जल गए, वे अच्छी तरह से और सही ढंग से बोलने लगते हैं, जब तक कि वे "समलैंगिक गौरव परेड" का उल्लेख नहीं करते हैं, और उसके बाद कोई भी नहीं सुनता है।
और उसे अकेले ग्रंथ नहीं लिखना होगा, कई अच्छे लेखक हैं (एक "स्पुतनिक और पोग्रोम" इसके लायक है)।
सामान्य तौर पर, आइए देखें कि इसका क्या होगा, यह मेरे लिए बहुत दिलचस्प है। मैंने ईमानदारी से नहीं सोचा था कि मैं उसे कभी भी संभावित सहयोगी के रूप में देखूंगा।
अपोलो 25 दिसंबर 2013 19: 38
हालांकि, पुतिन और उनका पैक "उपेक्षा" करने की कोशिश कर रहा है (दिलचस्प है, वह अंधा आदमी या मूर्ख).
अगली बार, भाव उठाओ। वह राज्य का प्रमुख कैसे हो सकता है, राष्ट्रपति।
और मुझे समझ नहीं आ रहा है कि पुतिन रूसी राष्ट्रवादियों को अपने पक्ष में करने का लालच क्यों नहीं देना चाहते।
रूस में सैकड़ों लोग और देशवासी रहते हैं। क्या आप रूस को अंदर से उड़ाना चाहते हैं?
andrei332809 25 दिसंबर 2013 19: 44
क्या आप रूस को अंदर से उड़ाना चाहते हैं?
और हो सकता है, इसके विपरीत, एकजुट हो जाएगा? सावधानी के साथ हमारा "नागरिक" पहले से ही कानून प्रवर्तन अधिकारियों से छुटकारा पा रहा है
Warrawar 25 दिसंबर 2013 20: 16
रूस में, किसी भी अन्य राज्य की तरह, राष्ट्रीयताओं के "सैकड़ों" हैं। हालांकि, ऐसे देशों का भारी बहुमत राष्ट्रीय राज्य हैं, भले ही प्रतिशत में, जनसंख्या की संख्या, रूस में रूस से भी कम है। उदाहरण के लिए, रूस में रूस की तुलना में यूक्रेन में कम Ukrainians हैं (77% बनाम 80%), लेकिन यूक्रेन को यूक्रेनियन राज्य माना जाता है और यह कभी भी किसी को इस पर विवाद करने के लिए नहीं होता है।
और सामान्य तौर पर, रूस के "विस्फोट" के बारे में इन उदार कथाओं के साथ समाप्त होता है। और फिर आप सुनते हैं और आपको यह आभास होता है कि रूस में रूस के लोग बिल्कुल भी न हों तो बेहतर होगा।
अन्यथा, यह नहीं पता चलेगा कि राष्ट्रीय बहुमत "विस्फोट" करेगा।
andrei332809 25 दिसंबर 2013 20: 27
राष्ट्र राज्य हैं
यह मेरा राज्य है !!! और मैं किसी भी "अतिथि" को MERIDIAN लाऊंगा
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 06: 03
हालांकि, ऐसे देशों का अधिकांश हिस्सा राष्ट्रीय राज्य हैं,
हाँ, यहां तक कि पेक्टोरल क्रॉस को भी उतारने के लिए मजबूर किया जाता है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 26 दिसंबर 2013 06: 01
पुतिन रूसी राष्ट्रवादियों को अपनी तरफ लुभाना नहीं चाहते।
अगर पुतिन राष्ट्रवादियों के साथ रहते थे, जो एक ही स्तंभ में फागोटियों के साथ मार्च कर रहे थे, तो मैंने उन्हें अपनी टिप्पणियों में मैट से कवर किया होगा। मैंने राष्ट्रवादी झंडा अपने हाथों में ले लिया होगा और गुदा, कुद्रिन, नेमत्सोव, सोबचैक-ए अच्छे साथी, आह सम्मान के साथ एक गोल नृत्य किया। और सम्मान।
andrei332809 26 दिसंबर 2013 07: 00
राष्ट्रवादियों ने फागोट्स के साथ एक कॉलम में कदम रखा,
हाँ, यह अधूरा है। मैं खुद महसूस करता हूं कि मैं एक चाउनिस्ट बन रहा हूं उन ढलानों की पृष्ठभूमि के खिलाफ जो मेरे देश पर अलग-अलग तरफ से डालते हैं
Setrac 26 दिसंबर 2013 13: 22
ठीक है, रूसी राष्ट्रवाद को नोटिस नहीं करना, शायद वह अंधा आदमी या मूर्ख है।
हमारे लिए इस "रूसी राष्ट्रवाद" की अभिव्यक्तियों को इंगित करें। एक राय है कि आपने इसे अपनी उंगली से इक्कीस बार चूसा है।
वज्र 25 दिसंबर 2013 20: 42
वह एक चालाक कुतिया है, एक आदमी नहीं है, और उसने एक कारण के लिए अपने कूल्हे पर उदारवादियों को फेंक दिया ... और आपने नहीं फेंका होगा? वे खुद का कुछ भी प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, उन्होंने इसे 10 वर्षों तक शायद ही कभी गर्म किया था ... और जीडीपी को इसे जारी करने की अनुमति दी गई थी, और इस शर्त के तहत सबसे अधिक संभावना थी ... हालांकि शायद इसके लिए शर्तें निर्धारित नहीं थीं, और सब कुछ स्पष्ट है: "पिकनेश-ऑन अपनी टाई पर लटकाओ। " यहाँ क्या किसान है ...
Warrawar 25 दिसंबर 2013 21: 19
और उन्होंने उदारवादियों को जांघ पर एक कारण से फेंक दिया ... और आपने नहीं फेंका होगा? वे कुछ भी नहीं हैं
और मैंने फेंका होगा) जिन मसखरों ने खुद को विपक्ष घोषित किया था, वे केवल तुच्छ हैं और इस तरह का सहयोग केवल उनकी खुद की नजर में है।
svskor80 25 दिसंबर 2013 09: 26
और वे कहते हैं कि हमारा यूआईएन काम नहीं करता है। खोडोरकोव्स्की पूरी तरह से सुधार वाले व्यक्ति के रूप में सामने आए। उम्मीद भी नहीं की थी।
हरावल 25 दिसंबर 2013 09: 30
यूआईएन काम नहीं करता है
यह उन्होंने इसे कैसे उठाया, किसने सोचा होगा। मैं हैरान हूँ
मेरे लिए 25 दिसंबर 2013 09: 37
मैं यह कहूंगा: यह संभव था कि वेश्यालय में चीजों को रखना संभव था, जो या तो वहां मौजूद थे, या तो सेरड्यूकोव के एक्सएनयूएमएक्स पर विधायीकरण करके, या मुझे जाने दिया ...
क्या संयोजन करना संभव है? हाँ, एक आदमी अच्छी तरह से समझदार, यहां तक कि एक रूसी राष्ट्रवादी बन गया, यहां तक कि एक माँ और एक यहूदी ...
kmike 25 दिसंबर 2013 10: 21
संयोजन देश और लोगों के लिए सबसे अच्छा समाधान है।
askort154 25 दिसंबर 2013 10: 14
अवांट-गार्डे ..... यह उन्होंने कैसे उठाया, किसने सोचा होगा। मैं हैरान हूँ
"वे शरद ऋतु में गिनते हैं"! "भेड़ के कपड़ों में एक भेड़िया, या भेड़िये में एक भेड़" - केवल समय ही बताएगा। उनके दिमाग में, खोडोर नवलनी और नेमत्सोव से दूर है। उनका पहला बयान:
"... मैं विपक्ष का समर्थन नहीं करूंगा, मेरे पास इसके लिए कोई पैसा नहीं है ..", आप समझ सकते हैं
कैसे, यदि आप पैसा देते हैं, तो क्यों नहीं। और फिर दूसरा: "मैं राजनीतिक कैदियों के अधिकारों की रक्षा करना शुरू करना चाहता हूं।" खोड़ोर्कोव्स्की द्वारा रूस पर 10 वर्षों तक "दबाया गया" और अचानक पश्चिम
विपक्ष के नेता के रूप में उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, यह पश्चिम नहीं होगा। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर वे अंत में उसका पवित्र बलिदान करते हैं।
हरावल 25 दिसंबर 2013 10: 19
"वे शरद ऋतु में गिनते हैं"
और मैं इस तथ्य पर विवाद नहीं करता, कि आगे क्या होगा, केवल भगवान जानता है, मैं कहता हूं कि मैं इस समय क्या देखता हूं, लेकिन उसके पास पैसा है, और अपने दिमाग के साथ वह जल्दी से कई बार उन्हें गुणा करेगा।
सेंट पीटर्सबर्ग में 25 दिसंबर 2013 13: 42
मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर वे इससे एक पवित्र बलिदान करने के लिए समाप्त हो गए।
बहुत, बहुत संभव है। और यह, शायद, चर्चा के तहत साक्षात्कार का कारण है। यदि रिहाई के लिए शर्त राजनीतिक गतिविधि में गैर-भागीदारी थी, तो इस तरह के साक्षात्कार देने के लिए चर्चा में शामिल व्यक्ति जीवित रहने का एकमात्र तरीका है।
एक व्यक्ति जो कुछ वर्षों के लिए "लोकतंत्र का ध्वज", "अंतरात्मा का कैदी", आदि रहा है। 10 साल की जेल के बाद रिहा हुआ है। वह बस विपक्ष में सबसे आगे होना चाहिए। लेकिन किसी कारण से वह ऐसा नहीं कर सकता है (मैं "नहीं चाहता हूं" में विश्वास करता हूं, मुझे उस अच्छे कुकन पर विश्वास नहीं है, जिस पर वह डाला गया था)। ऐसी स्थितियों में, हमारे "पश्चिमी सहयोगियों" के लिए वह जीवित रहने की तुलना में बहुत अधिक उपयोगी मृत होगा - जैसा कि "पुतिन की तानाशाही" का एक और शिकार है। एकमात्र तरीका सार्वजनिक रूप से और जोर से "लोकतांत्रिक विपक्ष" से खुद को अलग करना है, व्यक्तिगत रूप से अवलंबी राष्ट्रपति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, और लोकतांत्रिक पार्टी की नींव के साथ असंगत एक देशभक्तिपूर्ण नारे की घोषणा करते हैं। अब उनके जीवन, स्वास्थ्य, परिवार, आदि पर कोई अतिक्रमण। पुतिन को नहीं, बल्कि विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। पुतिन द्वारा जारी रिलीज की शर्तों के अधीन, यह व्यवहार में, व्यक्तिगत सुरक्षा की गारंटी है।
मैं पुनः शिक्षा में विश्वास नहीं करता, मैं ईमानदारी और देशभक्ति में विश्वास नहीं करता, मैं लंबे समय तक जीने की इच्छा में बिना शर्त विश्वास करता हूं। अब, मेरी राय में, सवाल केवल कुकान की ताकत में है - जैसे ही यह दरार होगा हम पूर्व हॉडर को देखेंगे, इसकी सभी महिमा में।
Stanislaus 30 दिसंबर 2013 17: 48
अब उनके जीवन, स्वास्थ्य, परिवार, आदि पर कोई अतिक्रमण। पुतिन को नहीं, बल्कि विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इस साक्षात्कार के लिए सबसे प्रशंसनीय मकसद।
botan.su 25 दिसंबर 2013 16: 12
खोड़ोर्कोव्स्की द्वारा रूस पर 10 वर्षों तक "दबाया गया" और अचानक पश्चिम
लेकिन खोडोरोकोवस्की फिर से शिकार बनने के लिए ऐसा मूर्ख नहीं है। 10 पर्याप्त था, मुझे लगता है। दरअसल, केवल समय ही बताएगा कि खोडोरकोवस्की ने कितनी दूर जाने का फैसला किया। शायद वह वास्तव में "रिटायर" होगा, झील जिनेवा और मछली के तट पर बैठेगा ...
यह स्पष्ट है कि अब अचानक रिलीज से उनकी वापसी हुई है। हां, और अब तक के वादों से बंधे हुए, सबसे अधिक संभावना है। स्नोडेन की तरह, यह चोट नहीं करता है। हालांकि, अपने बयानों से वह उदारवादियों की सहानुभूति नहीं जीत पाते हैं। वह यह नहीं समझते हैं कि रूस में उदारवादी विचार अगली छमाही के लिए कचरा ढेर में होगा। वह लोगों के बीच तुरंत अंक हासिल करता है और राष्ट्रवादियों को सावधान करता है। लोगों के लिए अब क्रूर हाथ के नीचे खुश हैं, अगर केवल वे अपनी मजदूरी का भुगतान करते हैं और शांति से रहते हैं। और राष्ट्रवादी एकमात्र बल हैं जिसके साथ सत्ता की पुनरावृत्ति होती है।
यदि खोडोरकोवस्की अंततः पुतिन के खिलाफ जाने का फैसला करता है, तो यह दिलचस्प होगा, लेकिन यह बहुत खूनी है ...
गप्टिलशिक 25 दिसंबर 2013 09: 46
आप कैसे जानते हैं कि उसने खुद को सही किया, वह जानता था कि अपनी रिहाई से पहले भी मीठा कैसे बोलना है। 2000 के दशक की शुरुआत से उनके प्रदर्शन को सुनें
अनातोले क्लीम 25 दिसंबर 2013 09: 47
पूरी तरह से सुधार हुआ
सावधानीपूर्वक, निष्कर्ष के साथ सावधानीपूर्वक, धीरे से बिछाने के दौरान ... आइए प्रतीक्षा करें और इस फिक्स के विकास का पालन करें।
तपस्वी 25 दिसंबर 2013 11: 14
उदारवादी समझदार हो गए हैं, वे रूस के खिलाफ संघर्ष के नए रूपों की तलाश में हैं - गोल चक्कर, ललाट नहीं।
बेशक, उन्हें भी डायमेज़िज़ा की ज़रूरत है - उदारवादी प्रतिशोध के "हमले दस्ते" के रूप में: "एसएस उदारवाद" का एक प्रकार।
यह एक टिक रणनीति है: दोनों पक्षों पर पकड़। या - "बुराई और अच्छे पुलिस वाले" की रणनीति: पुतिन को कट्टरपंथी बोल्ट के साथ दबाकर - उदारवादी उदारवादियों के साथ तालमेल की ओर धकेलने के लिए। उन्हें पुतिन को उखाड़ फेंकने की जरूरत नहीं है मुख्य बात "पेरेस्त्रोइका -2" को अंजाम देना है, और पुतिन के साथ या इसके बिना यह मौलिक नहीं है।
खोडोरकोव्स्की स्पष्ट रूप से "राष्ट्र की अंतरात्मा" की स्थिति के लिए प्रयास कर रहा है - सखारोव और सोल्झेनियन के बाद। और इस क्षमता में, वह विशेष रूप से खतरनाक है - आखिरकार, "राष्ट्रीय-सामाजिक-संप्रभु उदारवाद के खिलाफ" की तुलना में डेमशीज़ा के खिलाफ लड़ना बहुत आसान है। और स्विस दूरी से यह अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित है, ताकि जर्मनी के माध्यम से एक "बख्तरबंद गाड़ी" के लिए एक पत्र ट्रेन पर सही समय पर। उदार-कगल क्रांति
पंख 25 दिसंबर 2013 09: 47
वह एक मजबूत राजनेता की तरह सोचता है। अपने कारावास के दौरान, हर तरह के मैला ढोने वाले विपक्षी लोगों को शांति से देख रहा था, मैंने महसूस किया कि केवल इन पदों से राजनीतिक सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुझे आश्चर्य नहीं होगा, अगर 2018 में चुनावों से पहले, अंक प्राप्त करना राष्ट्रपति के पास जाएगा। अपने दुश्मन (GDP) को अपने ही हथियार से मारता है। मुझे संदेह है कि उन्होंने खुद को फिर से शिक्षित किया है या अपनी महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दिया है। भेड़ के कपड़ो में भेड़िया।
Scoun 25 दिसंबर 2013 17: 55
वह एक मजबूत राजनेता की तरह सोचता है।
2000 के दशक के प्रारंभ में, उन्होंने उस समय के टेम्पलेट का पालन नहीं किया।
2003 वर्ष। युकस, मानव संसाधन प्रबंधन, कर्मियों, कर्मियों, पेट्रोकेमिकल्स, तेल उत्पादन
कई पारियों के दौरान, नव-काम पर रखे गए प्रत्येक व्यक्ति मानदंड और आवश्यकताओं के अनुसार सुरक्षित काम करने के तरीके सीखते हैं ... कर्मियों के पेशेवर विकास में निवेश के महत्व को महसूस करते हुए, यूयूकेओएस सालाना इस उद्देश्य के लिए कम से कम $ 5,5 मिलियन का निवेश करता है।
सिकंदर पेट्रोविच 25 दिसंबर 2013 10: 51
मैं अपने दिल के करीब सब कुछ लेने के लिए जल्दी नहीं होता। फ्लेयर का कहना है कि यह संयोग से नहीं था कि वह रिहा हो गया और यह संयोग से नहीं है कि वह ऐसा कहता है। इसमें एक पकड़ है।
edeligor 25 दिसंबर 2013 13: 44
मैं आपके साथ पूरी तरह से सहमत हूं कि यह दिलचस्प और निकट भविष्य में होगा ...
fzr1000 25 दिसंबर 2013 09: 35
यह मत भूलो कि यह रूस के विभाजन के बारे में जर्मनी से चिल्लाते हुए पुतिन पर "बकवास" शुरू करने के लिए, एक आदमी की तरह नहीं होगा। जेल में एक स्मार्ट व्यक्ति "दो बार स्मार्ट हो जाता है"।
पोली 25 दिसंबर 2013 10: 18
इस स्थिति में, कहावत ध्यान में आती है: "मूर्ख के लिए आशा थी, लेकिन एक मूर्ख समझदार हो गया था।" लेकिन, वास्तव में, यह सभी गीत हैं: कोई नहीं जानता कि वास्तव में उसके दिमाग में क्या है!
पंख 25 दिसंबर 2013 11: 54
राजनीति में ऐसी कोई अवधारणा नहीं है। ज़ोन में दस साल - यह माफ नहीं किया जाता है। अब उसे सजा मिल रही है, वह प्रमुखों के साथ बैठक करेगा और चुनाव के लिए तैयार होगा।
Igor39 25 दिसंबर 2013 09: 37
एक साल में, वह गहराई से महसूस करेगा, वह अलग तरह से बोलेगा। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह कौन है।
हरावल 25 दिसंबर 2013 10: 03
एक साल में उसे स्थानांतरित कर दिया जाएगा, वह अलग तरीके से बोलेगा
इसे बाहर नहीं किया गया है, लेकिन फिलहाल अबलाज़ में अल्बेट्स ने उससे छीन लिया
यूरी हां। 25 दिसंबर 2013 09: 38
साक्षात्कारों के अति-उदारवादी टिप्पणीकारों के बीच काफी धक्का लगा।
सच कहूं तो मैं भी सदमे में हूं।
major071 25 दिसंबर 2013 09: 38
हां, होडर ने "प्रगतिशील असंतोषों को यौन असंतोष की पृष्ठभूमि के खिलाफ" के निदान के साथ इस "प्रो-वेस्टर्न" मोंगरेल को त्याग दिया। ज़ोन अभी भी एक व्यक्ति को बदलता है। यह इस सु (h) कू के लिए चारपाई पर आने का समय है, हो सकता है कि दिमाग भी इसमें लग जाए।
Hort 25 दिसंबर 2013 09: 40
हम्म, हैदर को आश्चर्यचकित करते हुए)) या कुशलता से प्रच्छन्न
सहनशील पशु 25 दिसंबर 2013 09: 40
संकेत! जाहिरा तौर पर, अधिकारियों और अन्य क्रेमलिन "कॉमरेड्स" को पेनिटेंटरी सिस्टम में फिर से शिक्षा पर कई साल खर्च करने से फायदा होगा। 5-7 साल तक एल्बट जरूर होना चाहिए। शायद तब वह रूस के उराल रिज के विभाजन पर अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करेगा।
konvalval 25 दिसंबर 2013 16: 54
इसे अपने रिज के साथ विभाजित करना बेहतर है।
Vladimir65 25 दिसंबर 2013 09: 41
पुतिन और देश के विभाजन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए खोडोरकोव्स्की की भूमिका के लिए गैर-प्रणालीगत विपक्ष की भारी उम्मीदें उचित नहीं थीं। उसने अलबेट्स की पसंद के खिलाफ एक अभिन्न रूस के लिए लड़ने के लिए सही रास्ता चुना। और इसे 10 साल तक छिपाया जाना चाहिए, क्योंकि जगह खाली हो गई है, और आगे Urals से परे है।
Nagaybaks 25 दिसंबर 2013 09: 43
वह दिल से हँसा ... मीशा एक राष्ट्रवादी है ... सभी विपक्ष को शिविरों के माध्यम से चलाना आवश्यक है और देखो और आत्मज्ञान उतर जाएगा।
मेरा पता 25 दिसंबर 2013 09: 48
Volodin , हमेशा की तरह, शीर्ष पर।
और होडर के अनुसार, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उसके हाथों पर बहुत खून है। लेकिन मूर्खतापूर्ण नहीं, बदसूरत की तरह बैंग-बैंग के नाम से।
विटाली एनिसिमोव 25 दिसंबर 2013 09: 48
जैसा कि कहा जाता है, "स्पष्ट विवेक के साथ, मुक्त ...!"))) खोदोरकोव्स्की मेरी आँखों में गुलाब! हालांकि किसी तरह अजीब है (यह एक खेल नहीं है? यहूदियों को पता है कि कैसे बदलना है ..) खैर, देखते हैं कि आगे क्या होता है ...
हम्प्टी 25 दिसंबर 2013 09: 50
खोदोरकोव्स्की को आश्चर्य हुआ।
सर्गिनियोश 25 दिसंबर 2013 09: 52
तो उस कॉलोनी में एक से अधिक कुलीन वर्गों को भेजना आवश्यक है, वहां के शिक्षकों को आपकी आवश्यकता है।
report4 25 दिसंबर 2013 10: 02
ऐसा लग रहा है कि बाबा के भाग्य ने अच्छी तरह से उसके दिमाग को सेट कर दिया है। सबसे अंधेरा, जाहिरा तौर पर, भी देखा।
स्मृती-विज्ञान 25 दिसंबर 2013 10: 02
यह आश्चर्यजनक है कि आगे क्या होगा ... मैं पहले से ही आशा करना शुरू कर रहा हूं कि यह नहीं है अधिक
लिबरोइड्स अब खोदोरकोव्स्की को काल कोठरी में भेजने के लिए तैयार हैं ... केवल वह पहले से ही जर्मनी में है। यह वह है जो रूस में नहीं रहता था।
DAGESTANIAN333 25 दिसंबर 2013 10: 04
एक भयानक आदमी ... मुझे उम्मीद है कि वह रूस के खिलाफ नहीं रौंदेंगे ...
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 15: 22
हां, डरावना - स्मार्ट और संसाधनपूर्ण ... लेकिन वह रौंद डालेगा, वह बस नहीं कर सकता, सिवाय इसके कि रणनीति स्पष्ट रूप से बदल गई है - यही वह खतरनाक है, विशेष रूप से दमन के शिकार की छवि और उसे प्रदान किए जाने वाले विज्ञापन पर विचार करना।
bomg.77 25 दिसंबर 2013 16: 36
लेकिन वह रौंद देगा, वह बस अन्यथा नहीं कर सकता,
इस साक्षात्कार के साथ, उन्होंने गिट्टी को बाहर फेंक दिया: अलबेट्स, सबचैक, नोवनी और अन्य उदारवादियों के बाद से, क्योंकि वे केवल लोगों में जलन पैदा करते हैं और कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता है। वह एक अलग सैन्य इकाई के रूप में कार्य करेगा और अपनी कमान के तहत उदारवादी सेना का निर्माण करेगा, न कि आसन्न। इन मसखरों के लिए।
हर कोई जिसे वह पहले ही मंत्रमुग्ध कर चुका है (मुस्कान, यह आपके लिए नहीं है) - अपने आप को हिलाएं! दुश्मन को फिर से शिक्षित नहीं किया गया था, वह बस छिप गया।
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 17: 09
बिल्कुल सही! निदान सटीक है।
और यह तथ्य कि आप मेरे लिए नहीं हैं - और इसलिए यह स्पष्ट है, एक टिप्पणी के बिना - आप काफी समझदार व्यक्ति हैं, मैं खुद को एक स्पर्शी मूर्ख भी नहीं मानता हूं)), ताकि मैं आपको पूरी तरह से समझ सकूं।
bomg.77 25 दिसंबर 2013 17: 45
और यह तथ्य कि आप मेरे लिए नहीं हैं, समझ में आता है
यह मैं हूँ, बस मामले में))
आप काफी समझदार व्यक्ति हैं, मैं अपने आप को एक मार्मिक या तो :) नहीं मानता))
ताकि मैं आपको पूरी तरह से समझ सकूं।
आपसी समझ के लिए !!! आपको पीने की ज़रूरत है, अन्यथा आज एक महान रूढ़िवादी छुट्टी है))) कैथोलिक क्रिसमस!
Egorchik 25 दिसंबर 2013 18: 29
दुश्मन फिर से शिक्षित नहीं था, वह बस छिप गया।
हा, मेरे ईश्वर, तुम क्या महान राष्ट्रवादी होडोर हो, और उसके साथ नरक करने के लिए, मैं दोनों हाथों में हूं, मेरे दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त है, अगर वह मुझे हमारे आम दुश्मन से निपटने में मदद करता है
मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि रूस के दुश्मनों को मारने वाले हथियार किसने खरीदे। पुतिन, कद्रोव्स, सर्ड्यूकोव्स, चुबैस, कुद्रिन और अन्य कचरा जिन्होंने रूस को दुखी किया है, वे मेरे दुश्मन हैं, अगर उन्हें नष्ट करने के तरीके का हिस्सा आपको खोडोर के बगल में जाना पड़ता है, तो ठीक है, हम इससे बाहर नहीं निकलेंगे। वह मैल जो क्रेमलिन में बैठता है।
bomg.77 25 दिसंबर 2013 21: 32
Setrac 26 दिसंबर 2013 13: 26
और उसके साथ नरक करने के लिए, मैं दोनों हाथों के लिए हूं, मेरे दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त है, अगर वह मेरे आम दुश्मन से निपटने में मेरी मदद करता है
यह एक भ्रम है। आपके दुश्मन का दुश्मन आपका दोस्त नहीं है।
Boris55 25 दिसंबर 2013 10: 05
दो कार्यकाल और 10 कारावास के वर्षों के बाद, Hodor ने महसूस किया कि तीसरे कार्यकाल की सीमा नहीं है ...
यह देखते हुए कि वह कितनी जल्दी पहाड़ी के पीछे था, उसे एक प्रस्ताव दिया गया था जिसे वह मना नहीं कर सकता था।
और कर्ज, गरीबी के लिए लाखों की चोरी के रूप में, उसके साथ रहा। जब तक वह सही ढंग से व्यवहार करता है, तब तक वह अच्छी तरह से सो सकता है। बेरेज़ोव्स्की का उदाहरण शिक्षाप्रद है, अगर मूर्ख नहीं है, तो वह अपने नक्शेकदम पर नहीं चलेगा।
सीपीए 25 दिसंबर 2013 10: 09
वे कहते हैं कि श्रम एक व्यक्ति को आनंदित करता है और शुद्ध करता है।
os9165 25 दिसंबर 2013 10: 09
खोदोरकोव्स्की एक अच्छे यहूदी परिवार का लड़का है। साथ ही पुतिन के पालन पोषण का एक और 10 साल। क्या अल्बात्स - भगवान न करे। माँ कैंसर से बीमार है - कुछ भी उसकी मदद नहीं कर सकता, उसे देखभाल की जरूरत है। प्यार आता है और चला जाता है, लेकिन आप हमेशा खाना चाहते हैं, वे अपने द्वारा अर्जित अंतिम चीज को छीन सकते हैं। हमें तत्काल इस मुद्दे को हल करने की आवश्यकता है, फिर परिवार।
खैर, नागरिक शराबी, गुंडे, परजीवी हैं, जो आज काम करना चाहते हैं?
आज के संगठनों के लिए: रेत खदान -2 व्यक्तियों।
- सैंडी खदान - 2 लोग।
- कृपया पूरी सूची की घोषणा करें।
- रेत खदान - 2 लोग।
सड़क की सफाई - 3 लोग।
मांस प्रसंस्करण संयंत्र ...
... मैंने आज के लिए कोई संगठन नहीं भेजा है।
आवासीय भवन के निर्माण के लिए एक संगठन है,
सीमेंट फैक्ट्री ...
इसलिए, ईश्वर ने इन अल्बतों को मना किया: उत्तरी काकेशस के लिए! क्या यह हमारे लिए एक सांस्कृतिक अजनबी है?
खोदोरकोव्स्की: "यह हमारी भूमि है।" हालांकि, पुतिन के अपब्रिंगिंग ने अपना काम किया।
ed65b 25 दिसंबर 2013 10: 10
क्या चाहते हो दोस्तों? उत्तर में 10 साल की कैद वैसे भी एक व्यक्ति को बदल देती है। वह वहां खाली में नहीं बैठा था। लोगों के साथ और उनके साथ मानवीय तरीके से संवाद किया। ज़ोन ने कई चीजों के लिए अपनी आँखें खोलीं और उनका विश्वदृष्टि वैसे भी बदल गया है। अन्य मामलों में हम इंतजार करेंगे और देखेंगे। किसी भी मामले में, उसके पास एक बचकाना शुरुआत थी।
ओल्विको 25 दिसंबर 2013 10: 14
"Albats: मुझे बताओ कि उन्होंने तुम्हें क्यों नहीं मारा?"
ठीक है, हाँ, बाबेट्स, आप एक ठंढी औरत हैं, हालांकि यह सिस्टम का असली दुश्मन Kvachkov नहीं है, जिसे घुमाया जा सकता है। यह मिशा खोडोरकोव्स्की है, उसका प्रेमी, ठीक है, उसने गलती की, किसी के साथ ठोकर खाई, उसकी जान क्यों ली? जो भी पुराने को याद करेगा वह दृष्टि से बाहर हो जाएगा। लेकिन ओलंपिक के लिए समय रहते एक बहुत ही सक्षम क्षमा हो गई। विश्व और घरेलू "लोकतांत्रिक समुदाय" ने रूस के सबसे बुरे दुश्मन और खोडोरकोव्स्की के नाम से रूसी लोगों की माफी की लंबे समय से मांग की है, क्योंकि यह खोडोरकोवस्की है जो रूस के "मुक्त शिकार क्षेत्र" की अवधारणा के लेखक हैं वास्तव में, एक आदमी ने रूसी राष्ट्र को बहुत नुकसान पहुंचाया, और उसे जेल भेज दिया गया? ऐसे लोगों को कैद नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए! कम से कम नोबेल शांति पुरस्कार।
एंड्रयू 447 25 दिसंबर 2013 10: 14
खोडोरकोव्स्की वास्तव में अपने जवाब और प्रतिबिंब से हैरान थे, मुझे आशा है कि वे ईमानदार हैं।
kmike 25 दिसंबर 2013 10: 19
खैर, जेन्या अल्बाट्स, फिर से एक पूर्ण अल्बाट्स? और मैंने होडर का सम्मान करना भी शुरू कर दिया। चीजों पर सोचने के लिए 10 साल एक अच्छा समय है।
vlad0 25 दिसंबर 2013 10: 21
मुझे संदेह है कि इस उम्र में लोग बदल जाते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि व्यक्ति ने अपनी महत्वाकांक्षाओं को शांत कर दिया है और लंबे समय तक शांत हो गया है।
एक बात यह है कि यदि हमारे पास सभी समाचार केवल खोडोरकोव्स्की के हैं (उन्होंने जो कहा, उन्होंने सोचा कि उन्हें अनुमान लगाया गया था, आदि), और मूर्खों से बिल्ली राइट। समाचार फ़ीड केवल उनके साथ भरे हुए हैं। सवाल उठता है कि, वे रूसी लोगों के सबसे अच्छे प्रतिनिधियों से दूर हमारे लोगों पर क्यों थोप रहे हैं (यह बेहतर होगा कि वे कुछ मोज़ाम्बिक हैं) समाज?
हरावल 25 दिसंबर 2013 10: 25
हाँ, और बिल्ली राइट से मूर्ख
वैसे, होडर स्पष्ट है कि यह खबर में क्यों चमकता है, लेकिन "बंदर से स्वर्ग" तक के इन बंदरों के बारे में वे क्यों लिखते हैं, मैं यह भी नहीं समझ सकता कि उन्होंने क्या किया, उन्हें लगभग राष्ट्रीय नायक बना दिया
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 10: 34
उन्होंने ऐसा क्या किया जिससे वे लगभग राष्ट्रीय नायक बन गए
उन्होंने कुछ भी नहीं किया, भ्रष्ट पत्रकारों ने इसे बाहर कर दिया, नरक जानता है। एक सनसनी की खोज में, वे किसी को भी बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं, मुख्य बात यह है कि यह लूट और चोरी है।
हरावल 25 दिसंबर 2013 10: 37
एक सनसनी की खोज में, वे किसी को भी बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं, मुख्य बात यह है कि लूट और चोरी।
तब वह और वह जगह जहां सनसनी है? तीन ई ... की ने मंदिर को अपवित्र कर दिया और इसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, अपने आप मिल गया, आप ऐसे आपराधिक मामलों को कभी नहीं जानते हैं?
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 10: 52
फिर वह और वह जगह जहां संवेदना है?
एक सामान्य व्यक्ति के लिए, यह मौजूद नहीं है, लेकिन पत्रिकाओं के लिए यह एक सनसनी है। यह वह है जो ऐसे जीवों से सितारों को बनाते हैं। मुझे आश्चर्य नहीं होगा कि नए साल के शो में कुछ चैनल पर, उनमें से एक शैंपेन पीएगा और हमें नए साल पर बधाई देगा।
हरावल 25 दिसंबर 2013 11: 04
हमें नए साल की बधाई।
टेस्का को पिछले वर्ष में बुरे के बारे में बात करने की आवश्यकता नहीं है। वैसे, मैं मंच के सभी सदस्यों को आने पर बधाई देता हूं
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 11: 14
वैसे, मैं मंच के सभी सदस्यों को आने पर बधाई देता हूं
यह बहुत जल्दी है, यह बहुत जल्दी है, अन्यथा लोग प्रत्याशा में अपना हाथ रगड़ रहे हैं। वे समय से पहले ही जश्न मनाना शुरू कर देंगे, बाद में दृष्टि बंद कर देंगे।
Irbis 25 दिसंबर 2013 14: 02
सान्या! यदि छुट्टी नहीं मनाई जाती है, तो यह नहीं आता है! आप कर सकते हैं और शुरू करना चाहिए!
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 15: 32
आप कर सकते हैं और शुरू करना चाहिए!
जिगर के बारे में सोचो, एक बार के लिए उस पर दया करो
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 15: 33
बिल्कुल सही। सबसे अच्छी बात यह है कि अवकाश कैथोलिक क्रिसमस है, और हर कोई उत्साह के साथ जश्न मनाने जा रहा है .... :))) रूस में कैथोलिक क्रिसमस पर इतने सारे रूढ़िवादी कैथोलिक कभी नहीं हैं .... :))
वे पहले से ही मुझे बुला रहे हैं, इस तथ्य के बारे में कि वे यात्रा करने आएंगे ...
मैं - और तुम यहाँ क्या हो।
वे छुट्टी हैं, हम मनाएंगे।
मैं बहुत रूढ़िवादी हूं।
वे - और आपके पास एक कैथोलिक दादी हैं, इसलिए हम आपको उस पर बधाई देने के लिए आएंगे। यह क्लीपेडा में आपकी दादी के लिए क्रिसमस है, और मना करने की कोशिश करें - हम इसे गर्दन पर रख देंगे और जश्न मनाएंगे। :)))
तो इसके साथ क्या करना है? :))) यह अच्छा है, भले ही कुर्बान बेयराम यहूदी नव वर्ष नहीं मना रहा है। और नशे में चोदना ....... :)))
इवान। 25 दिसंबर 2013 17: 58
तो इसके साथ क्या करना है?
वोलोडिया कुछ प्रकार की छुट्टी की रचना करते हैं और शर्मिंदा करते हैं जो शर्म की बात नहीं है, यदि आपको वास्तव में एक कारण की आवश्यकता है, तो उन्हें यह बताएं कि उन्हें जाने मत दें, ताकि पावलोव के प्रयोगों के साथ, छुट्टी और कैथोलिक धर्म के बीच कोई संबंध न हो।
मुस्कान 26 दिसंबर 2013 04: 07
तुम देखो, क्या बात है - मैं, आज, नशे में होने की योजना नहीं बना रहा था। लेकिन मैं उनके लिए क्या रचना करूंगा जब ये लोग मुझसे ज्यादा बुरे नहीं होंगे? ... उन्हें खुद इतनी छुट्टियां याद होंगी कि मैं पागल हो जाऊंगा ... हालांकि मैं पी रहा था - और उन पर - और यहाँ ... लेकिन यह मेरे लिए सुखद था कि वे मेरे पास आए .... उन्होंने कई बार दादी को सम्मानित किया, कैथोलिकों के बारे में निष्पक्ष बयानों के साथ धमाकों को अंजाम दिया - सामान्य तौर पर, कैथोलिकों को और कुछ नहीं कहा गया था जो इस साइट पर नहीं कहा जाएगा ..... :))) इसलिए, हमारे पास कैथोलिक छुट्टियों का एक सजगतापूर्ण उत्सव नहीं होगा ... (आप समझते हैं, अगर मुझे यह पसंद नहीं है, तो मैं इसे अनुमति नहीं दूंगा - मैंने एक वास्तविक संवाद व्यक्त किया, लेकिन अगर मैं वास्तव में ..... :) के खिलाफ था) तो मेरे आसपास यहां तक कि घास घर पर मर गया :))))) वे पावलोव के प्रयोगों को केवल एक कैथोलिक के लिए नालव्रण के रूप में देख सकते हैं ... और खुशी से गैस्ट्रिक रस के स्राव का निरीक्षण करते हैं ... - एक नरभक्षी .... हमारे लोग :)))
इवान। 26 दिसंबर 2013 13: 27
लेकिन मैं उनके लिए क्या लिखने जा रहा हूं जब ये लोग मुझसे ज्यादा बुरे नहीं हैं? ... उन्हें खुद ही मेरे लिए इतनी सारी छुट्टियां याद होंगी जो मुझे जाती हैं ..
महान टोस्ट विषय!
cosmos111 25 दिसंबर 2013 11: 24
खैर, होदोर स्पष्ट है कि यह खबर में क्यों चमकती है, लेकिन इन बंदरों के बारे में "बिल्ली से स्वर्ग" तक
Hodor लगभग पहले से ही कानून में है।
पत्र हैं कि वे बिल्ली हैं, कि स्क्रीन पर झिलमिलाना होगा।
और न केवल चूत से स्वर्ग तक।
मीडिया को भुगतान करने वाला वह है जो नृत्य करता है।
इस गण के ग्राहकों का नाम उनके परिवार के नाम से रखा जाएगा।
pahom54 25 दिसंबर 2013 10: 21
मेरे द्वारा पढ़े गए लेख ने मुझे केवल मेरे निर्णयों के बारे में आश्वस्त किया - अलबेट्स एक मूर्ख-उत्तेजक लेखक हैं, और मैंने कभी भी खोदोरकोव्स्की को मूर्ख नहीं माना, और यहां तक कि उन वर्षों (अच्छी तरह से, वहां बिताए) ने उन्हें कूटनीति सिखाई, और अल्बेट्स को इस तरह के मूर्ख नहीं, उन्हें उकसाने के लिए ... । अल्बाट्स जो उसे तीसरे के लिए चाहते थे (और मुझे लगता है कि यह शाब्दिक अर्थों में अंतिम होगा) शब्द?
और सामान्य तौर पर, मैं कभी नहीं सोचता कि रूस के भाग्य के बारे में सभी प्रकार के अल्बाट्स कैसे परवाह करते हैं और ... मैं कहना चाहता था - रूसी लोग, लेकिन नहीं - विशेष रूप से रूस में रूसियों के भाग्य के बारे में ... मशीन गन के नीचे एक छोटी सी भीड़ का नेतृत्व किया, और यह एक पूरे राज्य को अपने लोगों के साथ रसातल में धकेल रहा है ...
यह खोडोरकोव्स्की के बजाय, अलबेट्स को चोट नहीं पहुंचाएगा, ताकि विपक्ष के खिलाफ लड़ाई में एक बोगीमैन बन सके, इसलिए उसे शिविर में जाने दें और वहां से एक शहीद और रूसी लोगों के रक्षक की भूमिका निभाएं ...
माक्र्सलाइट 25 दिसंबर 2013 10: 21
अब तक, होडर आश्चर्यचकित और मजबूत है। आइए देखें, निश्चित रूप से, आगे क्या होता है। सामान्य तौर पर, हर कोई इतने लंबे समय के लिए (किसी भी दिशा में) बदलाव कर सकता है। शायद यह वास्तव में है। समय बताएगा।
बेवकूफ, बेवकूफ उत्तेजक, आप उससे क्या ले सकते हैं ...
गलिच कोस 25 दिसंबर 2013 10: 25
खोदोरकोव्स्की: यह हमारी जमीन है।
खोडोरकोवस्की रूस का एक देशभक्त है? कुछ यकीन करना मुश्किल है!
इवान। 25 दिसंबर 2013 18: 03
खैर स्टर्लिट्ज़ ने भी कहा: हमारी जीत के लिए! केवल यह एक स्टर्लिट्ज़ से दूर है।
andrei332809 25 दिसंबर 2013 10: 26
लेकिन खोडोरकोवस्की, आप जानते हैं, इस संबंध में नीचे बताएं
हुह, अपने जीडीपी की चर्चा है? पुराने सोवियत केजीबी स्कूल
borisjdin1957 25 दिसंबर 2013 10: 28
जैसा कि किसी ने कहा: उन्होंने एक ऑलिगार्च डाला, एक आदमी बाहर आया:! हमने कुद्रिन, शुवालोव, फुर्सेंको और उनके साथ एक हेजहोग को कहा, खींचने के लिए 5 साल टैगा भेज दो, देखो होशियार बन जाएगा!
जंगल 25 दिसंबर 2013 10: 30
<10 साल से अधिक वहाँ, यह आपको तोड़ सकता है या आपको समझदार बना सकता है। किसी भी मामले में, यह व्यक्ति बहुत बड़ी और कठिन परीक्षा से गुजरा है, और यह व्यक्ति को बदल नहीं सकता है। आप उनकी राष्ट्रीयता, उनके सुधार, या गैर-सुधार के बारे में बहुत सी बातें कर सकते हैं, लेकिन मैं किसी को भी इसके माध्यम से जाने की इच्छा नहीं करूंगा। उनके पास अपने पिछले जीवन को समझने के लिए, खुद को वास्तविक मूल्यों के लिए परिभाषित करने के लिए बहुत समय था, जो बाकी हाई-प्रोफाइल "उदारवादी" कभी नहीं समझ पाएंगे, और न केवल (उदारवाद की अवधारणा ने पूरी तरह से गलत अर्थ प्राप्त कर लिया है, इन सभी मसखरों का वास्तविक उदारवाद से कोई लेना-देना नहीं है) )। खोदोरकोव्स्की के प्रति मेरा दृष्टिकोण इस साइट के अधिकांश उपयोगकर्ताओं के समान था, इसलिए एक बुद्धिमान व्यक्ति को देखना दोगुना सुखद था। और इस बारे में कि क्या वह ईमानदार है, इसलिए "वहाँ" अच्छी तरह से अपने शब्दों की जिम्मेदारी लेना सिखाया जाता है।
BigRiver 25 दिसंबर 2013 10: 32
अलबेट्स के लिए या खोडोरकोव्स्की के लिए अच्छी भावनाओं को महसूस नहीं करना, फिर भी, कल उन्हें साक्षात्कार के तीन हिस्सों से संतुष्टि मिली।
एक गहरे स्नानागार में पोग्रेसिव डेमो-शिज़ ... वह कैसे कर सकता था, वह कैसे कर सकता है ??? हमने किसके लिए प्रार्थना की, किसके लिए हमने उनके स्तनों पर मिंक कोट फाड़ दिया?
हालांकि, सच्चाई का क्षण।
हालांकि .., ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ खास नहीं कहा। केवल वही कहा गया है जो जीडीपी के लिए सम्मान है।
ठीक है, मैं काकेशस भर में चला गया। जैसे: "मैं उसके लिए लड़ने के लिए तैयार हूँ।"
सहनशील पशु 25 दिसंबर 2013 10: 42
हां, सामान्य तौर पर, उन्होंने अपनी रिहाई से पहले रूस के बारे में कुछ भी बुरा नहीं कहा। एक धूर्त के रूप में, उसने पैसे चुराए। जिसके लिए वह बैठा था। यह सिर्फ इतना था कि वह प्रदर्शनकारी उद्देश्यों के लिए कैद था, दूसरों को उकसाने के लिए।
मुस्कान 25 दिसंबर 2013 15: 41
सहनशील पशु
उन्होंने रूस के बारे में कुछ भी नहीं कहा, उन्होंने बस बेरेज़ोव्स्की, गुइंस्स्की, आदि का एक गिरोह का नेतृत्व किया, जिन्होंने एल्बन के तहत देश पर शासन किया और उनमें से सबसे खतरनाक था, वह रूस को "शिकार के लिए मैदान" में बदलना चाहता था, विदेशी पूंजी, हमारे हस्तांतरण के लिए बुलाया अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण के तहत परमाणु हथियार, सभी क्षेत्रों को रियायत में सौंपने के लिए - अर्थात, अब हमारे बजट में तेल और गैस से एक पैसा भी प्राप्त नहीं होगा और हम हाइड्रोकार्बन उत्पादन की मात्रा को भी नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। सभी गैस और तेल के तार विदेशियों के हाथों में चले जाते थे, और वह सत्ता के लिए उत्सुक था। कुलीन वर्गों के नेता की भूमिका से संतुष्ट नहीं .... और हां - उन्होंने कुछ भी बुरा नहीं कहा, उन्होंने एक ओस्ट्रेसिज़्म के लिए कैद किया ... हाँ, सामान्य रूप से एक अच्छा व्यक्ति ... जिसने देश को लगभग नष्ट कर दिया।
वह चला भी नहीं। बेरेज़ोव्स्की की तरह, क्योंकि वह उसके पीछे की ताकत महसूस करता था, जिससे वह देश के नव-बेक्ड राष्ट्रपति के साथ समान शर्तों पर लड़ने की अनुमति देता था ... इस तरह के एक अच्छे आदमी ... लगभग पूरी तरह से हानिरहित ...
सहनशील पशु 26 दिसंबर 2013 08: 02
मैंने यह नहीं लिखा कि वह शराबी और सफेद है। वह एक चोर है। लेकिन जिस लेख पर हम चर्चा कर रहे हैं, उसके प्रकाश में, उन्होंने उनसे उन सवालों के जवाब की अपेक्षा की, जिनमें उन्होंने पहले उदारीकरण नहीं किया था। उनसे ऐसे प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके बारे में आपने लिखा है, और यहाँ कॉलोनी में उनकी राय और फिर से शिक्षा (या फिर से शिक्षा नहीं) दिखाई देगी।
ovgorskiy 25 दिसंबर 2013 10: 42
खोदोरकोव्स्की, यह सिर्फ एक चोर नहीं है, वह एक शानदार चोर है। उनकी यूकोस कंपनी सिर्फ एक वाणिज्यिक कंपनी नहीं थी, यह एक साम्राज्य था, एक राज्य के भीतर एक राज्य था। किसी भी तरह से उसे रोकना आवश्यक था और यह पुतिन ने किया था। आज के "नाइट के कदम" ने पुतिन को सही बनाया। होदोर को जाने देने से, पुतिन ने अपनी छवि को बढ़ाया और एक राजनीतिक विरोधी व्यक्ति के रूप में उन्हें समाप्त कर दिया। एक युद्ध में सबसे बुद्धिमानी का निर्णय दुश्मन को मारना नहीं है, बल्कि उसे अपनी तरफ करना है, और पुतिन ने यह शानदार ढंग से किया। आप आगे भी जा सकते हैं, खोदोरकोवस्की को किसी तरह का पद देते हुए, स्वाभाविक रूप से रूस को खराब नहीं करने की गारंटी प्राप्त कर रहे हैं। हर कोई शायद समझता है कि रूस में अब स्मार्ट प्रबंधकों की एक बड़ी कमी है, और उन्हें फेंकने के लिए तर्कसंगत नहीं है, और आप होडोर को उसके दिमाग और चालाक में मना नहीं कर सकते। खैर, यह मुफ्त विषयों पर तर्क करने जैसा है।
russ69 25 दिसंबर 2013 10: 48
होदोर के साथ उदारवादियों के लिए कुछ काम नहीं आया। और ऐसी उम्मीदें थीं ...
खोदोरकोव्स्की के खिलाफ 25 विपक्षी दावे
1. एक सूट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई दिया - बहुत औपचारिक।
2. विपक्ष को वित्त देने के लिए तैयार नहीं।
3. क्या रूस से अलग होने के लिए सेव.कावज नहीं चाहता है।
4. देश की अखंडता के मुद्दे को सबसे महत्वपूर्ण मानता है।
5. नवलनी के लिए बिना शर्त समर्थन व्यक्त नहीं करता है और वास्तव में उसका प्रतियोगी बन जाता है।
6. वाम रूस - खूनी पुतिन के साथ हमें अकेला छोड़ दिया।
7. बुरे जूतों पर रखो।
8. राजनीति में भाग लेने से डर लगता है।
9. सावधानी से पुतिन की आलोचना करते हैं - यह अधिक हिंसक और अधिमानतः अपमान के साथ होना चाहिए।
10. किसी से बदला नहीं लेना चाहता।
11. खुद पर और अपने परिवार पर बहुत ठीक किया।
12. मैं राष्ट्रपति के लिए डरता था।
13. ट्विटर पर पंजीकरण नहीं किया।
14. फेसबुक पर पंजीकृत नहीं।
15. भावनात्मक रूप से नहीं बोलता है।
16. भाषण में बहुत सारे विराम लगाता है।
17. हर किसी को मुक्ति का एक ही संस्करण बताता है (स्पष्ट रूप से गलत)।
18. अल्बाट्स के साथ मुलाकात की और उसे पहला साक्षात्कार दिया।
19. सोबचक के साथ मुलाकात की और उसे दूसरा साक्षात्कार दिया।
20. मुरज़िल्का प्रोखोरोव के साथ मिलने का इरादा रखता है।
21. सोची ओलंपिक के बहिष्कार का समर्थन नहीं करता है।
22. अपनी पार्टी का पंजीकरण नहीं कराना चाहता।
23. रूसी जेल प्रणाली को गुलाग नहीं मानते।
24. पुतिन को नाम और संरक्षक नाम से पुकारते हैं और उन्हें एक मजबूत इंसान मानते हैं।
25. बहुत सोचता है।
अलेक्जेंडर रोमानोव 25 दिसंबर 2013 10: 54
पश्चिम में इनकी जरूरत नहीं है
russ69 25 दिसंबर 2013 11: 00
उदारवादियों को बिल्कुल भी नहीं सोचना चाहिए। स्मरणीय मंत्र हैं, इसलिए उन्हें दोहराया जाना चाहिए ...
evgenm55 25 दिसंबर 2013 14: 56
"... 18. अल्बाट्स के साथ मुलाकात की और उसे पहला साक्षात्कार दिया।
20. मुरज़िल्का प्रोखोरोव के साथ मिलने का इरादा है ... "---
इसलिए उन्हें आगे के दावे करने चाहिए - सभी श ... लो ... एक कचरे के ढेर से? या वे पहले से ही आपस में लड़ रहे हैं?
Altona 25 दिसंबर 2013 10: 48
बेशक वह होशियार है, और उसे मैक्सिको में ट्रॉट्स्की को मिली बर्फ की कुल्हाड़ी याद है ...
Strezhevchanin 25 दिसंबर 2013 10: 49
सामान्य तौर पर .... शब्दों के लिए खुशी है, विशेष रूप से देश की अखंडता, अगर मैं लड़ता हूं, तो निश्चित रूप से मैं जाऊंगा !!! हर समय उनके वाक्यांश पॉप अप: राजनीति मेरी नहीं है !!! मैं इस व्यक्ति को रूस के पक्ष में बने रहने के लिए शुभकामना देना चाहता हूं, वह बहुत कुछ जानता है, सामान्य तौर पर, कॉमरेड मिशा को देखते हैं।
cosmos111 25 दिसंबर 2013 11: 13
रूस की तरफ, वह बहुत कुछ जानता है, चलो कॉमरेड मिशा को देखते हैं।
एक बात भ्रमित करती है, व्यक्तिगत रूप से, मीशा के पास 5 वां कॉलम है।
वह अब तक पूरी तरह से बोलता है, लेकिन फिर अचानक वह अपनी ऐतिहासिक मातृभूमि के लिए तैयार हो जाएगा।
morpogr 25 दिसंबर 2013 10: 50
और वे कहते हैं कि एफएसआईएन की हमारी प्रणाली लोगों को सही नहीं करती है, लेकिन नहीं, इसने खोदोरकोव्स्की को कैसे पूरी तरह से सुधारने में मदद की, लोगों ने अपने जीवन के झुकाव को पूरी तरह से बदल दिया।
Saag 25 दिसंबर 2013 11: 11
"... 1 अगस्त 2005 को, खोदोरकोव्स्की का लेख" लेफ्ट टर्न "प्रकाशित किया गया था। इसे पूर्व कुलीन वर्ग के राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में माना जाता था, जो वामपंथी मूल्यों में वापसी की अनिवार्यता की घोषणा करता है, जनसंख्या के लिए सामाजिक गारंटी की एक प्रणाली, राजनीतिक कुलीनों को बदलने, निजीकरण को वैध बनाने और राज्य पितृसत्ता को बहाल करने की आवश्यकता है। खोडोरकोवस्की के अनुसार, राजनीतिक भविष्य रूसी संघ की कम्युनिस्ट पार्टी और रोडिना या उनके ऐतिहासिक उत्तराधिकारियों के साथ-साथ वामपंथी उदारवादी दलों का है यदि वे एक व्यापक सामाजिक लोकतांत्रिक गठबंधन बनाते हैं
... अक्टूबर 2008 की शुरुआत में, एस्क्वायर पत्रिका के रूसी संस्करण ने खोडोरकोवस्की के साथ एक साक्षात्कार प्रकाशित किया, जो लेखक ग्रिगरी चोर्किशविली द्वारा लिया गया था, जिसे छद्म नाम बोरिस अकुनिन के नाम से जाना जाता है। इससे पहले, खोदोरकोव्स्की ने स्वीकार किया कि जेल में अपने समय के दौरान वह अकुनीन [137] के पूर्ण एकत्र किए गए कार्यों को पढ़ने में कामयाब रहे। इस साक्षात्कार में, खोडोरोव्स्की ने रूसी समाज के लोकतंत्रीकरण पर चर्चा की, अधिकारियों के साथ सहयोग के लिए कॉल को खारिज कर दिया और रूसी संघ की कम्युनिस्ट पार्टी को "सामान्य सामाजिक लोकतांत्रिक पार्टी" कहा।
... बराक ओबामा को नवंबर 2008 में संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद, खोडोरकोव्स्की के वकीलों ने उनके ग्राहक, "न्यू सोशलिज्म: लेफ्ट टर्न - 3. ग्लोबल पेरेस्त्रोइका" द्वारा एक लेख वोमोडोस्टी अखबार को प्रस्तुत किया। इसमें, उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट की प्रतिक्रिया "नव-समाजवाद" [] की ओर दुनिया भर में होनी चाहिए।
ऐसा लगता है कि व्यक्ति कार्ल मार्क्स या शायद लेनिन को भी पढ़ता है, इसलिए उसके जवाब बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं हैं, वह इस त्रासदी में शामिल नहीं होगा - प्रणालीगत विरोध नहीं, इस तरह के विचारों से खेल बड़ा होगा
hohryakov066 25 दिसंबर 2013 11: 16
ईमानदार होने के लिए, उनकी रिहाई के बाद खोडोरकोवस्की के व्यवहार ने मुझे एक अच्छे तरीके से आश्चर्यचकित कर दिया! उसने वास्तव में सभी उदारवादियों को तोड़ दिया! इस बिंदु तक, मैंने उसे एक और चुपके से सूअर के रूप में माना। अब मेरा उसके प्रति रवैया बिल्कुल अलग है। मेरी राय लोगों की राय में रेत का एक दाना हो, लेकिन मेरे जैसे कई हैं। वह एक संत नहीं हैं, निश्चित रूप से, लेकिन मेरे लिए अब वह आउटकास्ट नहीं हैं। ऐसा कुछ।
JIaIIoTb 25 दिसंबर 2013 11: 17
उसने कुछ और कहने की कोशिश की होगी। सभी के लिए पर्याप्त स्कार्फ हैं। अलबेट्स को अभी तक यह समझ में नहीं आया है। जब वह समझेगा तो देर हो जाएगी।
Hort 25 दिसंबर 2013 11: 18
वास्तव में, खोदोरकोव्स्की, एक व्यक्ति के रूप में, जो मूर्ख से बहुत दूर है, और यहां तक कि जेल में 10 साल का अनुभव होने के कारण, वह कभी भी किसी भी रिफ़्राफ़ को कोई विस्तृत विवरण नहीं देगा। और वह अच्छी तरह से कह सकता है कि उसने एक साक्षात्कार में क्या कहा था ताकि उसे इस रूसी से छुटकारा मिल सके। लेकिन व्यक्तिगत रूप से, मुझे नहीं लगता कि वह अचानक रूस के एक प्रबल देशभक्त और पुतिन के समर्थक बन गए।
दंश 25 दिसंबर 2013 11: 19
Albats: मुझे बताओ कि वे तुम्हें क्यों नहीं मारा?
मुझे सवाल बहुत पसंद आया। मैं एक स्पष्ट जवाब की उम्मीद कर रहा था: क्या यह वास्तव में स्पष्ट नहीं है, विरोधी डर गए थे कि इको निंदा करेगा, और उनके पास चाकू को तेज करने का समय नहीं था।
उन्होंने सोचा कि खूनी शासन के कैदी, कालकोठरी से भाग निकले, तुरंत दलदल में भाग जाएंगे, सफेद रिबन वाले श्रमिकों से गिरे हुए बैनर को उठाएंगे और सीधे ट्रेन से मिलने के लिए आगे बढ़ेंगे। शिविरों में वहां आराम करने के लिए यह अच्छा था, जब रचनात्मक वर्ग पहले से ही लोगों की खुशी के लिए लड़ रहा था, और खुद की मुक्ति के लिए, तेल श्रम के सर्वहारा वर्ग के लिए, और कोर्टचेवेल में भाप लेने के लिए मजबूर किया गया था। एक बार फिर, आप आश्वस्त हैं कि ताजी हवा, एक साधारण, लोक आहार, शारीरिक श्रम मस्तिष्क और हृदय दोनों को ठीक करता है। एक बहुराष्ट्रीय मातृभूमि के लिए भी प्यार को बढ़ावा दें।
Stanislaus 30 दिसंबर 2013 18: 25
सरल, लोक आहार
क्या आपको लगता है कि उसने ग्रेल खाया?
कटर 25 दिसंबर 2013 11: 26
कुछ घबराहट (हल्के झटके) में होने के बावजूद, मैं फिर भी एक निश्चित निष्कर्ष निकालने की कोशिश करूंगा। ऐसे "दूर नहीं" स्थानों में रहने के दौरान, उनके स्तर का एक व्यक्ति पहली बार आम लोगों से मिला, अधिकारियों, पुरुषों, सुरक्षा गार्ड, आदि के साथ उनकी आंखों के सामने। हमारे सामाजिक जीवन की "काट", (रास्ता) तो बोलने के लिए। सामान्य तौर पर, मुझे आशा है कि मूल्यों का पुनर्मूल्यांकन था। (पहली बार Tfu-Tfu तीन बार, ताकि गलती न हो) कुछ सहानुभूति जताई। मैं "दलदल अशांति" के साथ संबंधों में स्थिति के आगे विकास के लिए तत्पर हूं।
x.andvlad 25 दिसंबर 2013 11: 35
और वे कहते हैं कि हमारे fsin की प्रणाली लोगों को सही नहीं करती है, लेकिन नहीं, कैसे
दुर्भाग्य से, ज्यादातर मामलों में, यह वास्तव में सही नहीं है।
और खोडोरक्रेव्स्की एक और बेरी क्षेत्र है। लंबे समय तक कारावास के बावजूद, वह एक सार्वजनिक व्यक्ति बना रहा, हालांकि अनुपस्थित में। वह स्पष्ट रूप से एक बेवकूफ आदमी नहीं है कि वह आधी-अधूरी महिला के नेतृत्व का पालन करे, भले ही वह वहां किसी चीज का प्रधान संपादक हो।
उसने बहुत ही शालीनता से जवाब दिया। जाहिर है बेवकूफ नहीं। और यह मायम्रे - "चायदानी पर अल्बाट्स"।
वास्तविकता 25 दिसंबर 2013 11: 38
अपने आप को चापलूसी मत करो, सज्जनों। मुझे लगता है कि उनके शब्द ईमानदार हैं। लेकिन मुझे यकीन है कि वह सब कुछ नहीं कहता। और उसका प्रतिद्वंद्वी अब बहुत अधिक खतरनाक है।
लार्गस 886 25 दिसंबर 2013 11: 40
सबसे अधिक, बकवास खुद खोड़ारकोवस्की की रिहाई नहीं चाहता था, महान शहीद की ऐसी छवि चली गई थी! अब हमें किसी को बदलने की आवश्यकता है, लेकिन स्वयंसेवक नहीं हैं
VADEL 25 दिसंबर 2013 11: 48
पुन: शिक्षा में एक अच्छा संकेतक है। अब अंकल वोवा कुछ उपनिवेशों को मुक्त करेंगे और अपना अच्छा कार्य जारी रखेंगे। काम सिर्फ अंतहीन है।
DejaVu 25 दिसंबर 2013 11: 55
मेरे लिए अभी तक अज्ञात किसी कारण से, यह आदमी मेरे लिए आकर्षक हो गया। हालांकि, कुछ मुझे बताता है कि हमारे Vova ने अपने बड़े खेल में इस कॉमरेड का इस्तेमाल किया। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए इस तरह के एक ट्रोजन शंकु को जारी किया, इसे "आवश्यक" सूचना सामग्री के साथ भर दिया।
|
2021/06/22 10:04:24
|
https://hi.topwar.ru/37738-albac-neudachno-dlya-sebya-proschupala-hodorkovskogo-na-separatizm-i-otnoshenie-k-putinu.html
|
mC4
|
Paras Defence IPO Share Allotment: ऐसे आसानी से चेक करें अलॉटमेंट - Check Paras Defence IPO share allotment status via BSE Link Intime tuta - AajTak
Paras Defence IPO Share Allotment: ऐसे आसानी से चेक करें अलॉटमेंट
डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी Paras Defence के शेयरों का अलॉटमेंट आज संभव है. Paras Defence IPO का सब्सक्रिप्शन 21 सितंबर से 23 सितंबर तक खुला था. रिटेल निवेशकों में इस आईपीओ को जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला है.
(अपडेटेड 28 सितंबर 2021, 5:34 PM IST)
पारस डिफेंस IPO में रिटेल निवेशक का हिस्सा 112 गुना भरा
पारस डिफेंस आईपीओ का ग्रे मार्केट में जोरदार डिमांड
दरअसल, डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी Paras Defence के IPO ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पारस डिफेंस के IPO का रिटेल निवेशक का हिस्सा 112 गुना भरा. सबसे ज्यादा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी NII का हिस्सा 927 गुना सब्सक्राइब हुआ. जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 169 गुना भरा.
Paras Defence IPO Share Allotment: अब निवेशकों का शेयरों के अलॉटमेंट पर ध्यान है. ग्रे मार्केट में इसके शेयर 175 रुपये के मुकाबले 134 फीसदी प्रीमियम यानी कि 410 रुपये के भाव पर ट्रेड हो रहे हैं. ग्रे मार्केट में डिमांड को देखते हुए शानदार लिस्टिंग का अनुमान लगाया जा रहा है. Paras Defence इस इश्यू के जरिये 170.78 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. आईपीओ का प्राइस बैंड 165-175 रुपये शेयर है.
पारस डिफेंस उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जो डिफेंस और स्पेस रिजर्स सेक्टर को कस्टमाइज्ड प्रोजेक्ट्स मुहैया कराती है. नवी मुंबई और थाणे में कंपनी की दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है. कंपनी की शुरुआत 2009 में हुई थी. पिछले 12 साल में कंपनी का कारोबार तेजी से फैला है.
अगर आपने पारस डिफेंस IPO के लिए अप्लाई किया है तो आप घर बैठे अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं. इस IPO का आवंटन आज फाइनल होने वाला है. आप दो तरीके से अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं.
क्लिक करें. उसके बाद ड्रॉपडाउन में इश्यू का नाम डालना होगा, मसलन Paras Defence को सेलेक्ट करें, और फिर नीचे के बॉक्स में अपना अप्लीकेशन नंबर और उसके नीचे के बॉक्स में अपना PAN नंबर डालें. फिर 'I am not a Robot' पर क्लिक करें. IPO से जुड़ी जानकारी आपके सामने होगी.
इसके अलावा आप (https://linkintime.co.in/MIPO/Ipoallotment.html) पर जाकर भी अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं. इसे ओपन करने के बाद पारस स्पेस एंड डिफेंस पर क्लिक करके ड्रॉपडाउन में अपना अप्लीकेशन नंबर लिखें. अप्लीकेशन नंबर के अलावा डीमैट अकाउंट नंबर या PAN नंबर डालकर भी अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं.
अगर आपको शेयर अलॉट नहीं होगा तो अगले दो दिन में रिफंड आ जाएगा. जानकारी के मुताबिक 1 अक्टूबर को कंपनी की लिस्टिंग हो सकती है.
|
2021/10/16 13:10:58
|
https://www.aajtak.in/business/utility/story/check-paras-defence-ipo-share-allotment-status-via-bse-link-intime-tuta-1333332-2021-09-28
|
mC4
|
इस तारीख तक बन जाएगी कोरोना की वैक्सीन, वायरस हंटर ने दिए संकेत Corona vaccine will be made by April 2021 virus hunter has given hints - News Nation
इस तारीख तक बन जाएगी कोरोना की वैक्सीन, वायरस हंटर ने दिए संकेत
पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना की चपेट में है. सभी देशों के वैज्ञानिक और एक्सपर्ट इसकी वैक्सीन खोजने में लगे हुए हैं लेकिन अब तक किसी को सफलता मिलती दिखाई नहीं दे रही है
News Nation Bureau | Edited By : Aditi Sharma | Updated on: 21 May 2020, 09:13:02 AM
कोरोना वायरस (Photo Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर)
पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना की चपेट में है. सभी देशों के वैज्ञानिक और एक्सपर्ट इसकी वैक्सीन खोजने में लगे हुए हैं लेकिन अब तक किसी को सफलता मिलती दिखाई नहीं दे रही है. इस बीच एक अमेरिकी वायरोजिस्ट ने कोरोना वैक्सीन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए है. वायरस हंटर के नाम से मशहूर अमेरिकी वाायरोलॉजिस्ट इयान लिपकिन का कहना है कि अगले साल मार्च या अप्रैल तक कोरोना की वैक्सीन आ सकती है.
एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने बताया कि वैक्सीन की तैयारी जोरों पर हैं लेकिन इसे बनाने में कम से कम एक साल का वक्त लग ही सकता है. उन्होंने बताया कि 2021 तक वैक्सीन आने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि वैक्सीन आने के बाद कुछ समय तक असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है क्योंकि शुरुआत में लोग इससे परहेज करेंगे.
वहीं जब उनसे पूछा गया कि भारत में ये दवा कब तक पहुंचेगी तो उन्होंने बताया कि यह भारत सरकार की पॉलिसी पर निर्भर करता है. बता दें, राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 (COVID-19) के कारण जान गंवाने वालों में से 26 प्रतिशत से अधिक लोग 50 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के थे. आधिकारिक आंकड़ों से यह पता चला है. दिल्ली (Delhi) में कोरोना वायरस से हुई मौत का आंकड़ा 176 तक पहुंच गया है, जबकि बुधवार को कोविड-19 संक्रमण के 534 नए मामले सामने आए हैं, जिससे शहर में संक्रमितों की संख्या 11,000 से अधिक हो गई है. कुल मृतकों में से 92 मरीज 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के थे, जो कुल मृतकों का 52 प्रतिशत से अधिक है. बुधवार को जारी नवीनतम स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, उनमें से 47 मरीजों (26.71 प्रतिशत) की उम्र 50-59 के बीच और 37 मरीजों (21.02 प्रतिशत) की उम्र 50 वर्ष से कम थी.
|
2020/06/03 10:49:21
|
https://www.newsnationtv.com/world/news/corona-vaccine-will-be-made-by-april-2021-virus-hunter-has-given-hints-143326.html
|
mC4
|
Aadhar Card Detail Information in hindi आधार कार्ड एक परिचय पत्र हैं जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के नाम से जाना जाता हैं. हमारे देश में भिन्न-भिन्न पहचान पत्र का उपयोग किया जाता हैं जिसके कारण कई तरह की समस्या उत्पन्न होती हैं जैसे ड्राइविंग लाईसेन्स को हर जगह पहचान पत्र की जगह मान्यता नहीं दी गई हैं. उसी तरह पैन कार्ड में भी एड्रेस ना होने के कारण उसके साथ एड्रेस प्रूफ लगाना आवश्यक होता हैं. मतदाता प्रमाणपत्र एक उचित प्रमाणपत्र माना गया हैं जो सभी जगह मान्य हैं, लेकिन यह 18 वर्ष की आयु के बाद ही बनता हैं. आधार कार्ड के बारे में जानकारी नीचे दी जा रही है.
आधार कार्ड एक अद्वितीय कार्ड है. यह एक महत्वपूर्ण परिचय पत्र है, जो कि आपके भारत का नागरिक होने का सबूत देता है, जिसे UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) एजेंसी के ज़रिये भारत में लाया गया. 2009 में भारत सरकार ने आधार कार्ड को विशेष एवम जरुरी आइडेंटिटी के तौर पर देश में लागू किया है. अब तक कुछ ही नागरिको के आधार कार्ड बन पाए है, लेकिन सरकार इसके बनने की प्रक्रिया को तेजी से बढाने के लिए कई तरह की सुविधाये दे रही है. आधार कार्ड ऑनलाइन व ऑफलाइन किन दस्तावेज के साथ कैसे बनाएं जानने के लिए पढ़े.
यह UIDAI योजना आयोग का एक भाग है, इनका मुख्य उद्देश्य भारत के प्रत्येक नागरिक को एक अद्वितीय आइडेंटिटी कार्ड प्रदान करना है.
आधार कार्ड बनाने के लिए नागरिको को विशेष एवम अद्वितीय दस्तावेज जैसे पते का प्रमाण (वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल) इसके आलावा बायोमेट्रिक विवरण जैसे फिंगर प्रिंट्स एवम आँखों की प्रिंट को सबमिट करना होता है. इसके बाद उस नागरिक को एक आइडेंटिफिकेशन नंबर प्रदान किया जाता है, जोकि एक सबूत होता है कि वह भारत का नागरिक है और उसकी पूरी जानकारी भारत के विशेष डेटाबेस में सुरक्षित होती है जोकि देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. यह डेटाबेस UIDAi एजेंसी के पास होता है, जिसका मुख्य संचालन अध्यक्ष करता है. 2009 में इसका दायित्व नंदन निलेकानी के पास था.
आधार कार्ड भारत की पहला ऐसा प्रमाण पत्र है जिसमे पहचान, पता, जन्म और अन्य प्रमाण पत्र प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक ही कार्ड में हैं. यहाँ तक कि यह बच्चों के लिए भी हैं.
यूआईडीएआई के केंद्रीकृत प्रोद्धोगिकी अवसंरचना आधार कार्ड के ‘कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरह’ के प्रमाणीकरण को सक्षम कर सकती है.
आधार कार्ड पर गलत जानकारी ठीक व सुधार भी किया जा सकता है यानि यदि इसमें कुछ बदलाव करने है, तो ये भी आसानी से हो जाता है.
प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय आईडी नंबर दिया जायेगा और जन्संख्याकीय और बायोमेट्रिक जानकारी एकत्रित की जाएगी.
नया गैस सिलिंडर पाने में यह बहुत सहायक होता है. आधार कार्ड को एलपीजी के साथ कैसे जोड़ें किया जा रहा है.
इसके अलावा आधार कार्ड को कई दस्तावेजों के साथ संलग्न भी कराया जा सकता है. आधार कार्ड को वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, टिकेट बुकिंग, EPF चेक और सिम के साथ लिंकिंग की जा सकती हैं.
आधार कार्ड के जरिये किसी भी बैंक मे खाता खोला जा सकता हैं, इसके साथ ही सरकारी एवम गैर सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड मान्य हैं.
आधार कार्ड के जरिये नागरिक के सत्यापन की विधी आसानी से हो जाने के कारण कई तरह के काम जल्दी हो जायेंगे जैसे पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया मे देरी नहीं होगी.
आधार कार्ड गरीब और वंचित निवासियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली जैसी सेवाओं तक पहुँचाने और उन्हें आसानी से सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करने में सक्षम होगा.
आधार कार्ड का आज के समय में बहुत महत्व है यह एक ऐसा प्रमाण है जिसमे आपकी सभी तरह की जानकारी निहित होती है. इसके महत्व को निम्न बिन्दुओं के आधार पर भी दर्शाया जा रहा है –
यूनिवर्सल पहचान पत्र – आधार के निर्माण का मुख्य उद्देश्य हमारे भारत के नागरिको के लिए एक अद्वितीय और सर्वभौमिक पहचान पत्र तैयार करना है जो विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने के लिए विभिन्न दस्तावेजों की आवश्यकता को नकारने में मदद करता है.
सरकारी सब्सिडी – भारत सरकार विशेष नागरिकों को सब्सिडी प्रदान करती है, हालाँकि इस तरह के कल्याण का दुरूपयोग किया गया है यह एक उदाहरण मात्र हो गया है. आधार संख्या का उद्देश्य इस समस्या को सुलझाने में मदद करना था और साथ ही यह सुनिश्चित करना था कि जिसे कल्याण की आवश्यकता है या जो इसके योग्य है वह इसे प्राप्त करें. आधार भी एक पहचान मानी जाती है जो शिक्षा के अधिकार और सर्व शिक्षा अभियान जैसे सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए किसी व्यक्ति की पात्रता को साबित करता है.
गैस कनेक्शन – पहल डीबीटीएल योजना के अनुसार, जिन लोगों के पास आधार कार्ड था, वे इसे गैस सिलिंडरों पर सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, इसका लाभ उठाने के लिए उनके पास आधार कार्ड होता है जोकि बैंक खाते और गैस कनेक्शन से जुड़ा होता है.
फ़ोन कनेक्शन – जब नई लैंडलाइन या सेल फ़ोन लेने की बात आती है तो लोगों को कई तरह के दस्तावेज देने पड़ते है, लेकिन आधार कार्ड से किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती. इसका उपयोग केवायसी दस्तावेजों को बदलने में भी होता है जैसे पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण.
बैंक खाता – आधार कार्ड संख्या से जुड़े हुए बैंक खाते के द्वारा, यदि आप सरकारी कल्याणकारी योजना के योग्य हैं और आपको मौद्रिक अग्रिमों (monetary advances) को प्राप्त करने की आवश्यकता है, तो आप इसे अपने लिंक किये हुए बैंक खाते में जल्द ही स्थानांतरित कर सकते हैं.
आधार संख्या 12 अंको की एक संख्या हैं. वही भारत के नागरिक होने का सबूत हैं जिसके जरिये व्यक्ति की डेमोग्राफिक एवम बायोग्राफिक तरीके से सत्यापित होने का प्रमाण मिलता हैं. यह उस व्यक्ति की भी पूरी जानकारी रखता है जिसे पर मामला चल रहा हो.
जब किसी व्यक्ति को आधार संख्या सौंपी जाती है तो उन्हें 12 अंकों का नंबर दिया जाता है. इस नंबर में 12 अंक होते है ताकि 100 अरब लोगों की पहचान को विभिन्न संख्याओं के तहत जमा किया जा सके. ये 100 अरब पहचान आधार संख्या के शुरुआत के 11 अंकों द्वारा प्रदान किये गये है और आखिरी अंक डेटा प्रवृष्टि में त्रुटियों को रोकने में मदद करने के लिए एक चेक अंक के रूप में होता है.
आधार के बारे में एक गलत धारणा यह है कि लोग इसे केवल एक कार्ड समझते है, लेकिन सच्चाई ये है कि आधार के साथ मुख्य चीज कार्ड नहीं है बल्कि संख्या है. यही किसी भी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है. यदि आपके पास आधार कार्ड नहीं है और आपको आधार नंबर याद है, तो आपको कार्ड की कोई आवश्यकता नहीं है केवल आधार नंबर ही पर्याप्त है इससे आप अपना कार्ड भी निकलवा सकते है. आधार कार्ड को डाउनलोड प्रिंट व स्टेटस चेक करने का तरीका बहुत आसान हैं और साथ इसे डाउनलोड भी किया जा सकता है.
|
OSCAR-2019
|
||
रूस ने 24 घंटे में यूक्रेन के कई सैन्य ठिकानों को किया तबाह - JASUS
रूस ने 24 घंटे में यूक्रेन के कई सैन्य ठिकानों को किया तबाह
Ukraine, 25 March -रूसी सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान यूक्रेन के कम से कम 51 सैन्य ठिकाने को नष्ट कर दिया। इस दौरान दो कमान पोस्ट, तीन बहुउद्देश्यीय लॉन्च रॉकेट सस्टिम, दो बक एम-वन एंटी एयरक्राप्ट मिसाइल सस्टिम ,एस-300 रडार, दो मिसाइल और गोला बारुद के डिपो के साथ ही यूक्रेन सशस्त्र बल के सैन्य उपकरण रखने के 26 स्थान तबाह हो गए।
रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा रूसी सेना ने यूक्रेन के 51 सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। प्रवक्ता ने कहा कि हमले में के ए-52 और एमआई-28 लड़ाके हेलीकॉप्टर, सैन्य सामान की 24 इकाइयां, जिनमें सात टैंक, पैदल सेना के पांच वाहन और तीन बख्तरबंद सैन्य वाहन शामिल हैं, बर्बाद हुए हो गए।
रूसी सेना के हमले में अबतक 261 मानव रहित एरियल वाहन, 204 एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सस्टिम, 1,587 टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहन, 163 बहुउद्देशीय लॉन्च रॉकेट सस्टिम, 636 फील्ड आर्टिलरी गन और मोर्टार के साथ ही 1,397 विशेष सैन्य वाहन बर्बाद हो गए हैं। रूसी सेना ने साथ ही सटीक निशाने वाले समुद्र आधारित कलीब्र क्रूज मिसाइल से उक्रेन के सबसे बड़े ईंधन डिपो को भी नष्ट कर दिया।
|
2022/05/21 12:18:46
|
https://jasus007.com/%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-24-%E0%A4%98%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B9/
|
mC4
|
samcurranक्रूर दंपत्ति ने दस गुलामों को 'गेट टू हेल' कहे जाने वाले भयावह घर में बंद रखा - दैनिक रिकॉर्ड - bgmi ios
मानव तस्करी अभियान में उनकी भूमिका के लिए मारोस टैंकोस और जोआना गोमुल्स्का को कुल 26 साल की जेल हुई है।
एडम मे, लॉरेन बीविस
18:25, 22 जून 2022
अद्यतन 18:31, 22 जून 2022
पीड़ित तीन बेडरूम वाले घर में दस लोगों के साथ रहते थे, एक बाथरूम साझा करते थे और गंदे बिस्तर पर सोते थे(छवि: राष्ट्रीय अपराध एजेंसी)
एक क्रूर दंपत्ति जो कमजोर लोगों को के रूप में रखता थादास और उन्हें लगभग £1 मिलियन मूल्य का मुफ्त काम करने के लिए मजबूर किया, कुल 25 वर्षों के लिए बंद कर दिया गया है। मैरोस टैंकोस और जोआना गोमुल्स्का, दोनों 46, को आधुनिक दासता के सरगना के रूप में पहचाना गया औरमानव तस्करीसंचालन।
उन्होंने दर्जनों कमजोर लोगों को उनके लिए काम करने के लिए स्लोवाकिया से यात्रा करने के लिए राजी कियाकार धुलाई . टैंकोस पीड़ितों की भर्ती के लिए स्लोवाकिया में अनाथालयों और शिविरों के लिए अपने लिंक का उपयोग करेगा, उन्हें परिवहन, रहने की जगह औरभोजन, और एक बेहतर जीवन।
पीड़ितों से कहा गया था कि वे अपना आधा हिस्सा अपने पास रखेंगेवेतन हर महीने, जबकि अन्य आधा भोजन और रहने की लागत की ओर जाता है। हालांकि, पहुंचने पर पीड़ितों को दंपत्ति के घर में गंदगी में रखा गयातीन बेडरूम का घरब्रेंट्री लेन, ब्रिस्टल में, और मुफ्त में काम करने के लिए मजबूर।
(छवि: राष्ट्रीय अपराध एजेंसी)
महिलाओं को 30 साल तक कैद और बलात्कार करने वाले ब्रिटेन के पंथ नेता की जेल में मौत
आदमी बिना रोशनी या हीटिंग के गुलाम के रूप में 40 साल तक गंदी झोपड़ी में रखा गया
मिरर ऑनलाइन . टैंकोस के सह-साजिशकर्ता, गोमुल्स्का ने यूके में श्रमिकों को परिवहन की व्यवस्था में मदद की।
पीड़ित दिन में टैंकोस के कार वॉश व्यवसाय में काम करते थे और फिर रात में अन्य नौकरियों के लिए बाहर भेज दिए जाते थे। इनमें मुर्गियां पकड़ना, दूध पैक करना या पार्सल छांटना शामिल था।
एनसीए जांचकर्ताओं ने पाया कि टैंकोस और गोमुल्स्का मजदूरी में न्यूनतम 923,835 पाउंड का भुगतान करने में विफल रहे, यदि टैंकोस ने अपने पीड़ितों को प्रतिदिन आठ घंटे न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया था। इस जोड़ी ने माध्यमिक नौकरियों में काम करते हुए अपने पीड़ितों के खातों से लगभग £300,000 की कमाई भी स्थानांतरित कर दी।
Maros Tancos को उसके अपराधों के लिए 16 साल की जेल हुई है
बहादुर पत्नी उस राक्षस के बारे में बोलती है जिसने दुर्व्यवहार के अभियान के दौरान उसे भूखा और बलात्कार किया
ब्रिटेन की सबसे उम्रदराज डॉमीनेटरिक्स यह साबित करने के लिए 'मिशन पर' है कि वह एक सेक्स वर्कर नहीं है
सारा पैसा टैंकोस और गोमुल्स्का के रहने की लागत, ऑनलाइन या कैसीनो में जुआ, और पुरानी कारों पर खर्च किया गया था। पीड़ितों ने कहा कि टैंकोस उनके प्रति हिंसक होगा, कुछ ने धमकी दी या मारा जाने का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि वे संपत्ति छोड़ने से बहुत डरते थे और कई मौकों पर उन्हें अंदर बंद कर दिया जाता था। राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के अधिकारियों ने 2017 में एक जांच शुरू की और 2010 में टैंकोस और गोमुल्स्का के अपराध का पता लगाया।
दंपति को निगरानी में रखा गया था क्योंकि वे अपने पीड़ितों को कार धोने और ब्रिस्टल के आसपास की अन्य मैनुअल भूमिकाओं में ले गए थे। विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा कुल 42 पीड़ितों का साक्षात्कार लिया गया और 29 ने अदालत में उनके साथ हुए दुर्व्यवहार का सबूत दिया।
जोआना गोमुल्स्का को भी अपराध में उसकी भूमिका के लिए नौ साल के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया गया है
पीड़ितों ने प्रतिवादियों के साथ अपने समय को 'विनाशकारी' बताया और कहा कि टैंकोस द्वारा उन्हें अपमानित, मारा और दंडित किया गया। एक अन्य ने स्लोवाकिया लौटने का वर्णन किया जब वह गर्भवती हो गई, उसके बच्चे के कुपोषित होने और मिर्गी के दौरे से पीड़ित होने के कारण, क्योंकि उसके पास भोजन के लिए यूके से वापस लाने के लिए पैसे नहीं थे।
एक पीड़ित ने घर को 'नरक का द्वार' बताया और कहा कि उन्हें जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा: "केवल एक चीज जो मैं जानता था वह थी काम। हर समय मैं यही सोचता रहता था कि मैं वहां का गुलाम हूं। मुझे लगा कि वापस जाने का कोई रास्ता नहीं है।"
टैंकोस और गोमुल्स्का ने कई आधुनिक दासता और मानव तस्करी के अपराधों से इनकार किया, लेकिन लगभग तीन महीने तक चले मुकदमे के बाद और 15 पीड़ितों के सबूतों के साथ, उन्हें अप्रैल 2022 में दोषी ठहराया गया। उन्हें आज उसी अदालत में सजा सुनाई गई।
टैंकोस को 16 साल की कैद और गोमुल्स्का को नौ साल की कैद मिली। टैंकोस को दासता और तस्करी रोकथाम आदेश (एसटीपीओ) का विषय भी बनाया गया था। न्यायाधीश पिक्टन ने उनके काम के लिए एनसीए टीम की सराहना की।
पीड़ितों को दिन में कार धोने के व्यवसाय में काम करना पड़ता था(छवि: राष्ट्रीय अपराध एजेंसी)
एनसीए के शाखा कमांडर कॉलिन विलियम्स ने कहा: "हमारी जांच ने इन दो क्रूर दुर्व्यवहारियों को लंबे समय तक सलाखों के पीछे रखा है। यूके में बेहतर जीवन के वादों के बावजूद टैंकोस और गोमुल्स्का के कमजोर पीड़ितों को कैदियों के रूप में रखा गया और उनके साथ पूरी तरह से अवमानना की गई। पीड़ितों की गवाही से पता चलता है कि दंपत्ति द्वारा अपने इलाज से वे अभी भी मानसिक और शारीरिक रूप से जख्मी हैं।
श्री विलियम्स ने कहा: "मानव तस्करी और आधुनिक दासता से निपटना एनसीए के लिए एक उच्च प्राथमिकता है, और हमें उम्मीद है कि यह परिणाम पीड़ितों को कुछ हद तक बंद कर देगा।"
सुरक्षा मंत्री राचेल मैकलीन ने कहा: "आधुनिक दासता से निपटना मेरे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है, और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ितों को उनके जीवन का पुनर्निर्माण शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए, और यह कि अपराधियों पर व्यावसायिक लाभ के लिए लोगों का क्रूर शोषण किया जाए। हमने प्रवर्तन निकायों को आधुनिक दासता से लाभ उठाने वाले गिरोहों से निपटने के लिए शक्तियाँ और संसाधन दिए हैं, और एनसीए के अविश्वसनीय काम के लिए धन्यवाद, इन अपराधियों को अब न्याय के कटघरे में लाया गया है। "
-ग्लासगो सिटी काउंसिल के नेता ने रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद दास व्यापार माफी जारी की
-क्रूर जिसने आदमी को 40 साल तक छोटे से शेड में रहने के लिए सजा की समीक्षा की
-तस्करी से बचने वाले को स्कॉटलैंड में ड्रग खच्चर के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया गया जब वह सिर्फ 10 साल का था
|
2022/06/29 10:24:33
|
http://horoscopo-egipcio.com/news/uk-world-news/cruel-couple-kept-ten-slaves-27304202
|
mC4
|
शेर भूल गया था कि वो शेर है, इसलिए दूसरे शेर को याद दिलाना पड़ा- संघ प्रमुख मोहन भागवत
HOME/ STATE/ TOP NEWS/RSS CHIEF MOHAN BHAGWAT REACHES BILASPUR AMID TIGHT SECURITY ARRANGEMENTS
Published on: Nov 19, 2021, 1:34 PM IST |
Updated on: Nov 19, 2021, 9:15 PM IST
संघ प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) घोष शिविर कार्यक्रम के स्थल पर पहुंच गए हैं. कार्यक्रम में भागवत घोष वादकों के घोष का दर्शन किया. भागवत ने यहां अपने संबोधन में कहा कि मतांतरण नहीं जीना सीखाता है हिंदू धर्म. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि शेर भूल गया था कि वो शेर है, इसलिए दूसरे शेर को यह याद दिलाना पड़ा.
मुंगेली: जिले के सरगांव बैतालपुर के करीब शिवनाथ नदी के बीच में स्थित मदकूद्वीप द्वीप पर आरएसएस का घोष प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Sarsanghchalak Mohan Bhagwat) शामिल हुए.
संघ प्रमुख ने क्या बोला
क्या कहा संघ प्रमुख ने ?
आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने यहां शिविर में भाषण दिया. उन्होंने कहा धर्म मतलब सबको साथ लेकर चलना है. किसी को किसी के मानने को नहीं बदलना है जो अपना धर्म अपना मानता है. दूसरे को उसको उसका धर्म मानने देना ही हिन्दू धर्म है.जो अपने धर्म को भूल गए हैं. उन्हें याद दिलाना हिन्दू धर्म है. हम संपूर्ण दुनिया को अपना कुटुंब मानने वाले लोग हैं. हमको सारी दुनिया को उस सत्य को देना है अपने व्यहवार से हम सारी दुनिया और विदेश में जाएंगे. हम चंद्रमा पर भी जाएंगे. हम सबका खोया हुआ व्यहवार का संतुलन वापस देने वाला धर्म देंगे. जो पर्यावरण के साथ ठीक रहना सीखाता है. जो अपने पंथ पूजा और भाषा की विविधता होते हुए भी एक रहना सीखाता है. जो किसी को पराया नहीं मानता है. वह हिंदू धर्म है. उसे सारी दुनिया में देना है. हमें उसे पूरी दुनिया को देना है. इसलिए हमारा भारत में जन्म हुआ है
'शेर भूल गया था कि वो शेर है, इसलिए दूसरे शेर को याद दिलाना पड़ा'
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) ने अपने भाषण में शेर और बकरी की कहानी सुनाई. इस कहानी में उन्होंने बताया कि एक अनाथ शेर के बच्चे को देखकर बकरी चराने वाले एक गरड़िया को तरस आया और वह उसे लेकर आ गया. शेर का बच्चा बकरियों के साथ रह रहकर उनके जैसा ही हो गया था. वह भूल गया था कि वह शेर है. जवान होकर भी बकरी जैसा था. तभी दूसरे शेर ने उसे पानी में उसका प्रतिबिम्ब दिखाकर याद दिलाया. जैसे ही जंगल में इसने दहाड़ा तो फिर बकरी और गरड़िया भाग गए. शेर को सिर्फ याद दिलाना पड़ा कि वह शेर है. इसी तरह याद दिलाओ शेर को कि वो शेर है. संघ प्रमुख की बात साफ ये दर्शा रही थी कि लोगो को याद दिलाना है कि वो क्या हैं.
घोष शिविर में शामिल हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत तय समय से पहले ही मदकू द्वीप पहुंचे. सबसे पहले उन्होंने पूजा-अर्चन किया. शमी का पौधा भी लगाया. मांडूक्य ऋषि (Mandukya Rishi) की भव्य प्रतिमा के दर्शन किए. हरिहर आश्रम के संत रामस्वरूप ने भागवत को प्राचीन कथाओं से अवगत (familiar with ancient tales) कराया.
अखंड रामायण का दर्शन
संघ प्रमुख मोहन (RSS chief Mohan Bhagwat) ने हरिहर आश्रम कुटिया के अखंड रामायण का दर्शन भी किया.
भागवत के लिए विशेष व्यवस्था
निमित्त घोष के दौरान 7 प्रकार के वाद्ययंत्रों आनक, शंख, झल्लरी, बंशी, प्रणव, ट्रैंगल और नागांग को खास लय-ताल में बजाया जाता है. मार्चपास्ट के साथ इस बैंड को बजाया जाता है. मदकूद्वीप में संघ प्रमुख के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत के भोजन व्यवस्था के लिए भाटापारा से विशेष रसोइयों को बुलाया गया है
|
2022/01/27 07:44:55
|
https://www.etvbharat.com/hindi/chhattisgarh/state/top-news/rss-chief-mohan-bhagwat-reaches-bilaspur-amid-tight-security-arrangements/ct20211119133417281
|
mC4
|
कोहरे की रजाई में लिपटा रहा राजस्थान | |
Home→समाचार→प्रदेश→कोहरे की रजाई में लिपटा रहा राजस्थान
जयपुर – राजस्थान में सोमवार देर शाम हुई बूंदाबांदी देर रात तक चली। रात में तेज हुई मावठ बरसी। इससे सड़कों पर पानी भर गया। बारिश होने से प्रदेश में सर्दी बढ़ गई। मंगलवार सुबह जब लोग जागे तो प्रदेश कोहरे की रजाई में लिपटा हुआ था। जयपुर में कोहरे की वजह से सड़कों पर दृश्यता 50 मीटर तक थी। मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में सर्दी और बढ़ेगी। तापमान में और गिरावट आएगी।
जयपुर में सुबह साढ़े नौ बजे तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू कश्मीर और उत्तरी पाकिस्तान पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजस्थान में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, अलवर में बारिश की संभावना जताई है। प्रदेश के राजधानी जयपुर समेत जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, श्रीगंगानगर आदि जिलों में गलन वाली सर्दी शुरू हो गई है। बारिश होने से ठिठुरन भी बढ़ गई है। जयपुर में सुबह से धूप नहीं खिली।
सुबह सैर करने वाले लोगों की भी संख्या भी पार्कों में कम नजर आई। मावठ बरसने से किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई है। मावठ रबी की फसल के लिए अमृत समान बताई जाती है। दो दिन में और मावठ हो सकती है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी। मावठ से रबी की फसलों को अमृत मिलेगा। मावठ से गेहूं, सरसों, चना व लहसुन के पौधों की बढ़वार में इजाफा होगा। बीते 48 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में जैसलमेर, बाड़मेर, और उत्तरी राजस्थान के श्रीगंगानगर में तेज बारिश हुई। कई जिलोें में पारा तीन से 10 डिग्री सेल्यिसयस तक गिर गया।
|
2018/01/18 13:25:35
|
http://www.dailyrajasthan.com/2017/12/13/10/51/56/
|
mC4
|
I did not expect to be picked in IPL auction says Moises Henriques
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ी मोइसिस हेनरिक्स (Moises Henriques) ने आईपीएल 2021 (IPL 2021) की नीलामी में चुने जाने को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका चयन ऑक्शन में हो जाएगा। हेनरिक्स ने बताया कि जब ऑक्शन में उनका चयन हुआ तो उस वक्त वो सो रहे थे।
मोइसिस हेनरिक्स ने अभी तक कुल 57 आईपीएल मुकाबले खेले हैं। आखिरी बार उन्होंने 2017 के सीजन में आईपीएल में हिस्सा लिया था। आईपीएल 2021 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने उन्हें 4 करोड़ 20 लाख की रकम में खरीदा। हेनरिक्स इससे पहले भी पंजाब के लिए खेल चुके हैं। वो रिले मेरेडेथि और झाय रिचर्डसन जैसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करेंगे।
Cricket.com.au.से बातचीत में मोइसिस हेनरिक्स ने कहा,
मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा चयन ऑक्शन में होगा। मैं बाथरुम जाने के लिए उठा तो देखा कि कुछ मैसेज पड़े थे जिसमें मुझे बधाई दी गई थी। इसके बाद मैंने जितना जल्द हो सके सोने की कोशिश की। मुझे उम्मीद थी कि मेरा चयन अगर होगा तो फिर बेस प्राइज पर ही होगा। जब मैं सुबह सोकर उठा तब जाकर ये एहसास हुआ कि मेरे लिए कितनी बोली लगी थी।
ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाना चाहते हैं मोइसिस हेनरिक्स
मोइसिस हेनरिक्स इस साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाना चाहते हैं। इसलिए वो आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा,
लिमिटेड ओवर्स की टीम में आने के लिए मैंने काफी संघर्ष किया। इसके बाद साउथ अफ्रीका दौरे के लिए चयन हुआ लेकिन वो टूर कैंसिल हो गया। वहीं न्यूजीलैंड दौरे के लिए मुझे टी20 टीम में अपने आपको साबित करने का मौका ही नहीं मिला। इसलिए मैं आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि वो भी टी20 क्रिकेट ही है और इसलिए मैं वहां पर खेलकर सीखना चाहता हूं। ताकि अगर मुझे फ्यूचर में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने का मौका मिले तो मैं तैयार रहूं।
|
2021/04/13 02:21:26
|
https://hindi.sportskeeda.com/cricket/i-did-not-expect-to-picked-in-ipl-auction-says-moises-henriques
|
mC4
|
मध्य प्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग में 6 किसानो की मौत हो होने से तनाव चरम पर पहुंच गया है किसानो की मौत के बाद मंदसौर में कर्फ्यू लगाना पड़ा है. राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए और मृतको के परिवारो को 5-5 लाख रुपए और घायलो को 1 लाख रुपए का मुआवजे देने का ऐलान किया है. पुलिस और प्रशासन ने गोली चलाने से इंकार किया है.
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि, “पुलिस या सीआरपीएफ की तरफ से कोई फायरिंग नहीं हुई. छह दिन से आंदोलन को उग्र करने की साजिश हो रही है. पुलिस धैर्य से काम ले रही थी.”
मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि, “किसानों के मुद्दे पर हम मध्य प्रदेश की जनता से सपोर्ट की उम्मीद करते हैं.”
मध्यप्रदेश में किसान कर्ज माफी समेत कई मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे है. सरकार के कुछ मांगे मान लेने के बाद कुछ किसानो ने धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया. मंगलवार को मंदसौर-नीमच रोड पर पर तोड़फोड़ और आगजनी हुई जिसके बाद हुई फायरिंग में 6 किसान बेमौत मारे गए.
मध्य प्रदेश में किसानो की मौत के बाद ये आंदोलन और भड़क सकता है. गाड़ियो में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरे आ रही है. पुलिस से टकराव होने से तनाव और बढ़ सकता है. रतलाम में रविवार को भी पथराव से एक एएसआई की आंख फूट गई थी.
|
OSCAR-2019
|
||
तिरंगे के लिए बेच दिया घरबार - Divya Himachal: No. 1 in Himachal news - News - Hindi news - Himachal news - latest Himachal news
तिरंगे के लिए बेच दिया घरबार
हैदराबाद – तिरंगे के प्रति हर एक नागरिक के अंदर सम्मान का भाव होता है, लेकिन आंध्र प्रदेश के एक शख्स के मन में राष्ट्रध्वज के लिए जज्बा ऐसा कि उसने अपना घर ही बेच दिया। ऐसा करने वाले शख्स का नाम आर. सत्यनारायण है, जो कि पेशे से बुनकर हैं। सत्यनारायण कुछ अलग तरीके से तिरंगे को तैयार करना चाहते थे। वह बिना किसी सिलाई या जोड़ के सिंगल कपड़े पर ही तिरंगे को तैयार करना चाहते थे। काफी दिनों से ऐसा करने की ठान चुके सत्यनारायण को अपने इस सपने को पूरा करने के लिए साढ़े छह लाख रुपए की जरूरत हुई, जिसके लिए उन्होंने अपना घर ही बेच दिया। तिरंगे को तैयार करने में उन्हें चार चार साल का वक्त लगा।
लालकिले पर लहराता देखने का सपना
आठ फुट गुणा 12 फुट का तिरंगा तैयार करना सत्यनारायण के लिए अनोखा ही अनुभव था। उन्होंने दावा किया कि सिंगल कपड़े पर तैयार एक भी तिरंगा नहीं है। सभी तिरंगों को केसरिया, सफेद और हरे कपड़ों को आपस में सिलकर तैयार किया जाता है। वह अब अपने सपने को और भी आगे ले जाकर इसे लालकिले पर फहराना चाहते हैं।
शॉर्ट फिल्म से मिली थी प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाखापत्तनम रैली में सत्यनारायण ने उनको यह खास तिरंगा सौंपा था, हालांकि इसकी विशेषता को बताने का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि ऐसा तिरंगा तैयार करने की प्रेरणा उन्हें 'लिटिल इंडियंस' नाम की शॉर्ट फिल्म से मिली, जहां एक्टर तिरंगे के तीनों रंगों को एकसाथ ही सिलकर तैयार करता है।
|
2019/09/16 04:47:09
|
https://www.divyahimachal.com/2019/05/%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%98%E0%A4%B0%E0%A4%AC/
|
mC4
|
थंगावेलु, पुजारा, हरमनप्रीत सहित 17 को मिलेगा अर्जुन पुरस्कार – Bachpan Express
थंगावेलु, पुजारा, हरमनप्रीत सहित 17 को मिलेगा अर्जुन पुरस्कार
August 3, 2017 August 3, 2017 bachpanexpress
नई दिल्ली, 3 अगस्त (बचपन एक्सप्रेस): इंग्लैंड में समाप्त विश्व कप में अपने बल्ले से धूम मचाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर, पुरुष बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और रियो में स्वर्ण जीतने वाले पैरालम्पिक एथलीट मरियप्पन थंगावेलु सहित 17 खिलाड़ियों को इस साल प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। गुरुवार को अर्जुन पुरस्कार समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
हरमनप्रीत को हाल ही में आयोजित हुई आईसीसी महिला विश्व कप प्रतियोगिता में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने सेमीफाइनल में छह बार की विश्व कप विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ 115 गेंदों में 171 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
इस पारी ने हरमनप्रीत को महिला विश्व कप में भारत के लिए व्यक्तिगत रूप से सर्वोच्च स्कोर बनाने वाली रिकॉर्ड धारक खिलाड़ी बना दिया।
थंगावेलु ने रियो डी जनेरियो में पिछले साल आयोजित हुए पैरालम्पिक खेलों में भारत के लिए पुरुषों की टी-41 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
तमिलनाडु के निवासी थंगावेलु 2004 में एथेंस में हुए ओलम्पिक खेलों के बाद भारत के लिए पैरालम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले एथलीट हैं। उन्हें इससे पहले 25 जनवरी को पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे भारतीय खिलाड़ी पुजारा के लिए यह दोहरी खुशी का मौका है।
वह अपने टेस्ट करियर का 50वां मैच खेल रहे हैं और साथ ही उन्होंने टेस्ट करियर के 4,000 रन भी पूरे कर लिए हैं। ऐसे में अर्जुन पुरस्कार मिलने की बात उनके लिए सोने पर सुहागा होने से कम नहीं।
← आयरन टैबलेट खाने से 24 बच्चे बीमार
'गली गली सिम सिम' सीजन-9 का दूरदर्शन पर प्रसारण शुरू →
PV sindhu makes history, reached in the final of Badminton Singles Event in Jakarta Asian Games
August 27, 2018 bachpanexpress Comments Off on PV sindhu makes history, reached in the final of Badminton Singles Event in Jakarta Asian Games
Government has been creating conducive environment and culture for sports in the country : Rajyavardhan Rathore
January 4, 2019 bachpanexpress Comments Off on Government has been creating conducive environment and culture for sports in the country : Rajyavardhan Rathore
जोहान्सबर्ग टेस्ट : भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 63 रनों से हराया
January 28, 2018 Aniket Kumar Comments Off on जोहान्सबर्ग टेस्ट : भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 63 रनों से हराया
|
2019/02/16 11:42:42
|
http://bachpanexpress.com/index.php/2017/08/03/thangavelu-pujara-harmanpreet-17-get-arjuna-award/
|
mC4
|
नवादा जिला का पफसल गहनता: एक भौगोलिक अध्ययन | Drishtikon drishtikon - UGC Care listed journal for Hindi
नवादा जिला का पफसल गहनता: एक भौगोलिक अध्ययन
डॉ. अमर कुमार
प्रस्तुत शोध्-पत्रा में पफसल गहनता का सूक्ष्म स्तर पर अध्ययन करने के लिए नवादा जिला को एक प्रतीक अध्ययन क्षेत्रा के रूप मंे चुना गया है। यह दक्षिण गंगा के विशाल मैदान का एक अभिन्न अंग है। जनसंख्या का सकेन्द्रण इस क्षेत्रा में अध्कि है, अतः इनके भरण-पोषण हेतु यहाँ पर खाद्यान्न पफसलों की गहन कृषि की जाती है। अध्ययन के समय कुल कृषि क्षेत्रा के लगभग 64.52 प्रतिशत भाग पर वर्ष मंे दो बार या इससे अध्कि पफसलें उत्पादित की जाती है। शेष कृषि क्षेत्रा एक पफसली क्षेत्रा के अंतर्गत आता है, जिन क्षेत्रों में सिंचन सुविधएँ सुलभ नहीं है तथा कृषि विकास हेतु नवीन कृषि साध्नों का अल्प विकास हुआ है, वहाँ पर प्रकृति पर आधरित कृषि की जाती है।
|
2020/05/24 22:51:45
|
https://hindijournals.org/index.php/drishtikon/article/view/2997
|
mC4
|
लॉकडाउन 3.0 के पहले ही दिन मिली छूट के कारण दिल्ली में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी. बड़ी संख्या में लोग शराब की दुकानों पर उमड़े जिसके कारण कई जगह भगदड़ की स्थिति भी बनी. दिल्ली में ऐसी स्थिति बनने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अब यदि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया तो हम पूरा एरिया सील कर देंगे. यदि दुकानों के सामने ऐसी स्थिति बनी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
सीएम केजरीवाल ने कहा कि लोगों को घरों से बाहर निकलने से पहले मास्क पहनना जरूरी है. कल केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से हमने छूट दी. आज मुझे दुख हुआ कि लोगों ने कुछ दुकानों के सामने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया. इस कारण वहां भगदड़ की स्थिति बन गई. इससे आपका ही नुकसान हुआ. यदि वहां किसी को भी कोरोना था तो वो आपको भी हो सकता है.
आगे सीएम ने कहा कि जहां-जहां लोगों ने इस तरह की हरकत की वह सही नहीं है. लोगों को अभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. यह आपके परिवार की खुशी और दिल्ली के लोगों की सेहत के लिए कह रहा हूं. उन्होंने कहा कि कोई दुकान बंद नहीं हो रही. ऐसे में भगदड़ की स्थिति न बनाएं.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बाकी दिल्ली के लोगों की सेहत के लिए अगर मुझे कड़े कदम उठना पड़े तो मैं उठाउंगा. कहीं पर अगर ठीक चीजे नहीं चल रहीं तो हमें उस इलाके को सील करना होगा. इसलिए मेरी आपसे गुजारिश है कि जो रियायतें दी गई है उसमें सहयोग करें. हम दिल्ली को धीरे-धीरे खोल रहे हैं. हम कबतक लॉकडाउन में रहेंगे.
अंत में केजरीवाल ने दुकानदारों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी दुकान के सामने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया तो उसे भी सील करेंगे. दुकान वालों को जिम्मेदारी लेनी होगी. हमें यह सब करना होगा. जब पूरी दुनिया डेंगू से जूझ रही थी तब हमने उसे हराया था. हम अब कोरोना को भी हराएंगे.
|
2020/07/06 16:43:42
|
https://hindi.mobilenews24.com/newsview.php?tittle=strikes-at-liquor-shops-kejriwal-said-entire-area-will-be-sealed&id=5640
|
mC4
|
Shah Brothers Iron Ore Scam: Saryu Roy Said 400 Crore Rupees Scam in Allotment Iron Ore to Shah Brothers, Jharkhand News
निर्दलीय विधायक सरयू राय की तस्वीर। फाइल फोटो
Jharkhand Big Political Update झारखंड के निर्दलीय विधायक सरयू राय के अनुसार पांच लाख टन लौह अयस्क गायब हो गया। प्रति टन इसकी कीमत करीब 8000 रुपये है। झारखंड और ओडिशा की ज्यादातर लौह अयस्क खदानें बंद पड़ी हैं।
Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 09:53 AM (IST) Author: Sujeet Kumar Suman
रांची, [आशीष झा]। नियम-कानून ताक पर रखकर शाह ब्रदर्स को लौह अयस्क उठाने देने के खनन सचिव के आदेश पर जो हो-हल्ला मचा है, उसके पीछे वाकई बड़े घोटाले की आशंका बलवती होती जा रही है। पूर्व मंत्री और निर्दलीय विधायक सरयू राय ने जो आरोप लगाए हैं अगर उनकी जांच हुई तो संभव है करीब 400 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आ जाए। पूर्व मंत्री के साथ-साथ विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, गठबंधन में सहयोगी कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी इसे बड़ा घोटाला करार दे चुके हैं।
जांच की मांग कर शाह ब्रदर्स से धन वसूलने की बात कह रहे हैं। फिलहाल सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। खनन विभाग के अधिकारी भी मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन इस मामले को जितना दबाने की कोशिश की जा रही है वह और तूल ही पकड़ता जा रहा है। पुरानी कहावत है- गर्म हो लोहा, तो मार दो हथौड़ा। कथित तौर पर इसी कहावत को चरितार्थ किया है शाह ब्रदर्स ने। कोरोना संक्रमण काल से निकलकर व्यापार के जिन क्षेत्रों ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी है, उसमें लौह अयस्क सबसे आगे है।
इसका एक अहम कारण यह भी है कि पिछले एक वर्ष में झारखंड और ओडिशा की कई खदानें बंद पड़ी हैं। कई में तात्कालिक तौर पर खनन बंद है। ऐसे में आपूर्ति और मांग का अनुपात गड़बड़ाया, जिससे इनकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कुछ इलाकों में तो दो गुना से लेकर तीन गुना तक इनकी कीमतें बढ़ी हैं। वैश्विक बाजार में भी लौह अयस्क की कीमतों में सात से 15 फीसद तक बढ़ोतरी हुई है। मार्च-अप्रैल में तीन से चार रुपये प्रति टन बिकने वाला लौह अयस्क वर्तमान में सात से 10000 रुपये प्रति टन की दर से बिक रहा है। दरों में थोड़ा-बहुत अंतर भी है। जैसा उत्पाद वैसी कीमत।
कैसे हुआ है खेल
विधायक सरयू राय के स्तर से जो आरोप लगाए गए हैं उसके अनुसार जब शाह ब्रदर्स की 2019 में ही लीज रद हो गई थी तो भंडारित लौह अयस्क पर कंपनी का कोई हक नहीं था। जो स्टॉक बचा था, वह राज्य सरकार की संपत्ति थी। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा आरोप लगाते हैं कि जब सितंबर में शाह ब्रदर्स ने खान विभाग को रिपोर्ट फाइल की थी तो बताया था कि उनके पास 3.60 लाख टन स्टाॅक बचा है, जबकि उन्हें अनुमति 5.70 लाख टन लौह अयस्क बेचने की दी गई।
इसी से पता चलता है कि कैसे-कैसे घोटाला किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी भी सवाल उठा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि मामला तब खुला है जब भंडारित लौह अयस्क बिक गया है। बकौल सरयू राय वर्णित जगह पर लौह अयस्क का मामूली स्टॉक उपलब्ध है। इस लिहाज से कम से कम पांच लाख टन लौह अयस्क कम है।
बाजार में अभी करीब साढ़े सात हजार से आठ हजार रुपये प्रति टन लौह अयस्क बिक रहा है। अगर पांच लाख टन लौह अयस्क गायब हुआ तो इसकी कीमत (5,00,000 टन गुणा 8000 रुपये प्रति टन) करीब 400 करोड़ रुपये होती है।
|
2021/01/23 15:31:52
|
https://m.jagran.com/lite/jharkhand/ranchi-shah-brothers-iron-ore-scam-saryu-roy-said-400-crore-rupees-scam-in-allotment-iron-ore-to-shah-brothers-jharkhand-news-21135770.html?itm_source=AMP&itm_medium=recommendations&itm_campaign=latest
|
mC4
|
अब प्रश्न यह उठता है की भारतीय विज्ञान विषयक स्रोत साहित्य आज हमें जिस रूप में उपलब्ध है, वह प्रथम दृष्टया अपने उपलब्ध रूप में उपरोक्त दोनों मतों की पुष्टि करता सा प्रतीत होता है। फिर सत्य का अन्वेषण किस प्रकार किया जाए ? क्या विज्ञान के विशुद्ध परलोक विरोधी भौतिकवादी दृष्टिकोण ने मायावादियों को भयभीत नहीं किया होगा ? यदि हाँ तो इसका विज्ञान पर क्या प्रभाव हुआ ? विज्ञान जो पूर्णतः एक भौतिकवादी विषय है, क्या अपने शुद्ध परलोक विरोधी और जनपक्षीय विचारधारा के कारण विज्ञान राज्य पोषित भाववादियों में मान्य हुआ होगा ? हम जानते हैं कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अर्थ ही कार्य-कारण के बीच स्पष्ट सम्बन्ध का अवलोकन होता है। फिर प्रश्न यह है कि वेदान्त विरोधी दृष्टिकोण के साथ विज्ञान किस प्रकार उत्कर्ष पर पहुंचा। उसमें वेदान्त के तत्व कैसे आए ? प्रारंभिक उत्कर्ष के बाद उसके पतन की क्या वजहें थी ? आज जो विज्ञान विषयक ग्रन्थ हमें उपलब्ध है, वे किस सीमा तक अपने मूल स्वर में हैं ? कई प्रश्न उठते हैं, जिनका उत्तर देने का प्रयास इस लेख में आगे किया गया है।
आज जो विज्ञान विषयक स्रोत साहित्य हमें उपलब्ध है, उस पर विज्ञानेतर विचारों और मतों का उबा देने वाला घालमेल किया गया और कई ऐसे क्षेपक जोड़े गए जो उसके मूल स्वर से एकदम भिन्न और हा्स्यास्पद होने की प्रतीति देते हैं। परन्तु इन ग्रंथों का बुद्धिपूर्वक और सतर्क अध्ययन हमें हमारे पूर्वजों की वस्तुपरक और भौतिकवादी धारणा का स्पष्ट परिचय देता है। इस कथन के पक्षपोषण के लिए अब आगे हम उपलब्ध प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक ग्रंथों के मूल स्वर का भौतिक वादी विचार धारा से पोषित होने का का प्रमाण देंगे।
|
2021-02-27T10:02:34Z
|
https://www.hindipyala.com/zindagi-ka-safar-kavita/
|
OSCAR-2109
|
August 15, 2019 June 20, 2019 by Tinku Sharma
Liv 52 Benefits And Side Effects In Hindi- इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा (Liv 52) के बारे में जानकारी देंगे जो की इस समय बहुत ही ज्यादा पोपुलर हो चुकी है. Liv 52 Ke Fayde ही इतने ख़ास हैं की लगभग हर व्यक्ति कम से कम एक बार इसका इस्तेमाल जरूर करना चाहता है. Liv 52 की पूरी जानकारी अगर आपको चाहिए तो बस इस पोस्ट को अंत तक पढ़ लीजिये.
ये दवा एक बहुत ही प्रसिद्द कंपनी हिमालय द्वारा तैयार की जाती है. ये कंपनी लगभग 70 सालों से अपने विभिन्न हेल्थ प्रोडक्ट्स मार्किट में उतारती रही है. उनके इन्ही उत्पादों में से एक है Liv 52 टेबलेट्स. ये दवा पूरी तरह से आयुर्वेदिक है और कंपनी का दावा है की इसमें किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. इसकी यही बात इसको और ख़ास बनाती है.
Health Benefits And Side Effects Of Liv 52 In Hindi
जैसा की इस दवा के नाम से ही आपको पता लग रहा है की ये लीवर से समबन्धित दवा है. जिन लोगों को भूख कम लगती है, जिनका वजन नहीं बढ़ रहा हो, सुस्ती रहती हो, खून की कमी हो गयी हो या फिर लीवर बहुत ही कमजोर हो गया हो तो उनके लिए ये दवा किसी वरदान से कम नहीं है. जी हाँ ये दवा हमारे लीवर के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ही बनायीं गयी है.
Liv 52 Ke Fayde बताने से पहले थोडा इसके बारे में और जान लेते हैं. इस दवा को कई ख़ास जड़ी बूटियों को मिलाकर तैयार किया जाता ह, जैसे कासनी, अर्जुन, हिम्सरा और मनदुर. कई लोगों का लीवर विभिन्न कारणों से बहुत कमजोर हो जाता है, जैसे शराब का अधिक सेवन करने के कारण या फिर टोक्सिंस और लीवर इन्फेक्शन की वजह से. तो ऐसी स्थिति में ये दवा बहुत कारगर है.
बहुत सारे लोगों को हम देखते हैं जो की बहुत कमजोर होते हैं और हमेशा शिकायत करते रहते हैं की उन्हें भूख ही नहीं लगती. ये सब लीवर के कमजोर होने के कारण ही होता है. ऐसा नहीं है की सिर्फ बिमारी की हालत में ही लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. ये एक बहुत ही बेहतरीन और साइड इफ़ेक्ट रहित आयुर्वेदिक दवा है और इसे कोई भी एक हेल्थ सप्लीमेंट के तौर पर कभी भी इस्तेमाल कर सकता है.
जिम जाने वाले यानी बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोगों के बीच ये दवा बहुत ही पोपुलर है और वो लोग जमकर इसका इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि ये दवा लीवर को मजबूत बनाती है और भूख बढ़ा देती है. जिससे आसानी से वजन बढ़ना शुरू हो जाता है. इसके अलावा ये पेट सम्बन्धी कई समस्याओं को दूर करती है जैसे पेट फूलना, गैस बनना और कमजोर पाचन शक्ति.
शराब पीने वालों लोगों को तो हमारी ख़ास सलाह है की इस दवा का इस्तेमाल आप जरूर करें. ये दवा आपके सड़ चुके लीवर को एक नया जीवनदान देगी. ये दवा हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, इस वजह से कुछ ही दिनों में कमजोर आदमी भी हष्ट पुष्ट नज़र आने लगता है. ये दवा आपको तीनों forms (टेबलेट्स, सिरप और ड्राप) में मिल जाती है.
Himalaya Liv 52 Ke Fayde, Liv 52 Benefits In Hindi
(1) लीवर चाहे किसी भी कारण से कमजोर हुआ हो, संक्रमण की वजह से टोक्सिंस की वजह से या फिर बहुत ज्यादा शराब पीने की वजह से. Liv 52 इसके लिए बेहतरीन दवा है और इसकी जड़ पर काम करके लीवर को पूरी तरह से स्वस्थ बनाती है. यह लीवर को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाती है. हर आदमी को अपने लीवर को स्वस्थ करने के लिए एक बार इस दवा का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.
(2) दुबले पतले और कमजोर लोगों के लिए ये एक ख़ास दवा साबित हो सकती है. उन्हें इस दवा का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. ये दवा लेना शुरू करने के 4-5 दिन बाद से ही अपना असर दिखाना शुरू कर देती है और भूख को बहुत ज्यादा बढ़ा देती है. जिन लोगों को कम भूख लगने की शिकायत होती है वो भी अचानक से अच्छा खाने लग जाते हैं, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है और वो हष्ट पुष्ट हो जाते हैं.
(3) कई लोगों का पाचन तंत्र बहुत कमजोर होता है, और ऐसा होने पर पेट से सम्बंधित विकार सामने आने लगते हैं. जैसे की भोजन का सही से ना पचना, बहुत ज्यादा गैस बनना या फिर कब्ज़ वगैरह रहना. ऐसी स्थिति में व्यक्ति का पेट कभी भी सही से साफ़ नहीं होता और उसका मूड हमेशा ऑफ रहता है. तो ऐसे में हिमालया Liv 52 Ke Fayde बहुत काम आते हैं और इन सब विकारों को ठीक करते हैं.
(4) ये दवा हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में हमारी मदद करती है. जिन लोगों में किसी भी कारण से खून की कमी हो जाती है उनमें ये दवा खून बढ़ाने का काम बखूबी करती है. ऐसे लोगों को 2 से 3 महीने तक इस दवा का सेवन करना आवश्यक है. इसके अलावा ये कोलेस्ट्रोल को कम करने में भी अपना प्रभाव दिखाती है.
(5) अगर किसी व्यक्ति को पीलिया रोग हुआ है तो ये दवा उसके लिए ख़ास लाभकारी साबित हो सकती है. हम सब जानते हैं की पीलिया रोग सबसे पहले लीवर पर ही असर डालना शुरू करता है और इसकी कार्यप्रणाली को बाधित करता है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह से इस दवा का इस्तेमाल करें, ये दवा आपके लीवर पर पीलिया के प्रभाव को कम करेगी.
(6) ऐसे व्यक्ति जो हमेशा कमजोरी महसूस करते हैं, मतलब जिनको हर वक़्त बिना कोई काम किये भी थकान रहती है, उनके लिए भी ये एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा है. ये दवा लेने के बाद से आप अपने आप में फर्क महसूस करेंगे, आपकी थकावट दूर होगी और आप अपने आप में स्फूर्ति महसूस करना शुरू करेंगे. हालांकि ये दवा कोई स्पेशल एनर्जी बूस्टर नहीं है.
तो ये थे कुछ बेहतरीन Liv 52 Ke Fayde, जो की आप सब भी ले सकते हैं. एक बात हम आपको बता देना चाहते हैं की जिन लोगों को भूख कम लगती है और जिनका वजन नहीं बढ़ पा रहा हो, उनके लिए ये दवा स्पेशल बनायीं गयी है. इसका काम लीवर को पूरी तरह से स्वस्थ और मजबूत बनाना है, जो की ये बनाती भी है. इस दवा का किसी भी प्रकार का कोई साइड इफ़ेक्ट सामने नहीं आया है.
Liv 52 दवा इस्तेमाल करने का तरीका
बहुत सारे लोग लिव 52 की डोज़ जानना चाहते हैं यानी इस्तेमाल करने का तरीका जानना चाहते हैं. तो उनको बतादें की आम तौर पर इसकी 3 टेबलेट्स प्रतिदिन (सुबह, दोपहर और शाम) लेने की सलाह दी जाती है. लेकिन अगर आप को किसी प्रकार की लीवर की समस्या है या फिर आप शराब पीते हैं तो आप प्रतिदिन 6 टेबलेट भी इस्तेमाल कर सकते हैं (1 समय पर 2 टेबलेट एक साथ)
फेक या नकली सप्लीमेंट की पहचान कैसे करे
Multivitamins के फायदे, मल्टीविटामिन क्या हैं
ZMA क्या है, ZMA सप्लीमेंट के फायदे
आप इसे आराम से पानी के साथ ले सकते हैं. इसे हर बार खाना खाने के आधे घंटे बाद लेने की सलाह दी जाती है. कई बार कुछ बीमारयों में इसका इस्तेमाल ना करने की सलाह दी जाती है जैसे बुखार आदि में. तो एक बार इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें और पहले पूरी जानकारी हासिल करलें.
तो दोस्तों ये थी हमारी पोस्ट Himalaya Liv 52 Ke Fayde और नुकसान यानी Liv 52 Benefits And Side Effects In Hindi. पोस्ट आपको कैसी लगी comment करके जरूर बताएं. पोस्ट को Like और share करना बिलकुल ना भूलें. धन्यवाद्.
Categories Supplements Tags Himalaya Liv 52 Benefits In Hindi, Liv 52 Benefits And Side Effects In Hindi, Liv 52 Istemal Karne Ka Tarika, Liv 52 Ke Fayde Leave a comment Post navigation
|
2020/01/22 13:51:47
|
https://www.sehatbanaye.com/liv52-benefits-side-effects-hindi/
|
mC4
|
Daily Current Affairs in Hindi 2nd-4th August 2020 - PDF Download - Exampundit.in
Home Current Affairs Daily Current Affairs in Hindi 2nd-4th August 2020 – PDF Download
Daily Current Affairs in Hindi 2nd-4th August 2020 – PDF Download
नमस्कार! Exampundit में आपका स्वागत है। यहां 2 सेवा 4 अगस्त 2020 के महत्वपूर्ण Hindi Current Affairs दिए गए हैं। ये आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन Current Affairs का हिंदी में उपयोग कर सकते हैं और साथ ही आप PDF को भी डाउनलोड कर सकते हैं। धन्यवाद!
Hindi Current Affairs Today – 2nd – 4th August 2020
विश्व संस्कृत दिवस, हर साल श्रावणपपूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो कि हिंदू कैलेंडर में श्रावण मास का पूर्णिमा दिवस है, जिसे रक्षा बंधन के रूप में भी जाना जाता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त (1 – 7 अगस्त) के पहले सप्ताह के दौरान दुनिया भर के 120 से अधिक देशों में मनाया जाता है
निजी क्षेत्र के ऋणदाता, कोटक महिंद्रा बैंक ने 'कोना कोना उम्मीद' नामक दो महीने के लंबे अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की है
मोदी-सरकार द्वारा लगभग छह साल पहले शुरू की गई सरकार के प्रमुख वित्तीय समावेशन अभियान प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत 40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं ।
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने ICICI प्रूडेंशियल अल्फा लो वॉल्यूम 30 ETF, एक ओपन एंडेड इंडेक्स एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ट्रैकिंग निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स लॉन्च करने की घोषणा की है।
भारतीय बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) भारतीय पूंजी बाजार में उपलब्धियों को उजागर करने के लिए प्रतिभूति बाजार का एक आभासी संग्रहालय स्थापित करने की योजना बना रहा है।
Apple iPhones और दक्षिण कोरिया के सैमसंग के लिए तीन अनुबंध निर्माताओं ने $ 6.5 बिलियन की प्रोत्साहन योजना के तहत भारत में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण अधिकारों के लिए आवेदन किया है।
जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड जैसे चार अतिरिक्त राज्यों को वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना के साथ एकीकृत किया गया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन, 2020-21 का शुभारंभ किया।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार और ITसंजय धोत्रे ने महाराष्ट्र के अकोला में "भारत एयर फाइबर सर्विसेज" का उद्घाटन किया।
सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने 30 जुलाई 2020 को ' ग्रामोदय विकास योजना' के तहत अगरबत्ती के निर्माण में शामिल कारीगरों को लाभान्वित करने के लिए एक कार्यक्रम को मंजूरी दी ।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री (MSME), श्री नितिन गडकरी ने सिल्क मास्क का खादी उपहार बॉक्स लॉन्च किया है।
गोवा के कौशल विकास मंत्री विश्वजीत पी राणे ने सोमवार को ऑनलाइन ITI प्रवेश प्रक्रिया और छात्र डेटा प्रबंधन प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
ओडिशा के CM नवीन पटनायक ने 'ओडिशा अग्नि- शमा सेवा ' ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है ।
रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने साइबर सुरक्षा पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम 'ई-रक्षा बंधन' शुरू किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में अपने अधिकारियों को 20 अगस्त 2020 से इंदिरा रसोई योजना शुरू करने का निर्देश दिया ।
उत्तराखंड में जल्द ही हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र होगा।
मणिपुर में, सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (जिसे मुख्यमंत्रीगी हशेल जी तेंगबैंग के नाम से जाना जाता है) को पूरी तरह से लागू करने के उद्देश्य से राज्य में स्थित नौ अस्पतालों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए अरब विश्व में पहला देश बनकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जब अबू धाबी में बराक परमाणु संयंत्र की इकाई 1 को 31 जुलाई 2020 को चालू किया गया था।
अपने विज्ञान और अनुसंधान सहयोग को बढ़ाते हुए, भारत और यूनाइटेड किंगडम ने एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध से निपटने के लिए पांच नए शोध प्रोजेक्ट शुरू किए हैं जो एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया और जीन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में मददगार हो सकते हैं।
पूर्व गुयानी आवास मंत्री, मोहम्मद इरफान अली को देश के राष्ट्रपति के रूप में नामित किया गया है।
बांग्लादेश देश में पाँच और आधुनिक खाद्य भंडारण प्रणालियों का निर्माण करेगा जिसमें तीन पहले से ही निर्माण क्षमता बढ़ाने और अनाज भंडारण की दक्षता में सुधार के लिए विश्व बैंक से वित्तपोषण सहायता के साथ निर्माणाधीन है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जो संघीय एजेंसियों को विदेशी श्रमिकों को विशेष रूप से अनुबंध या उपअनुबंध पर H-1B वीजा पर काम पर रखने से रोक देता है ।
30 जुलाई 2020 को निवेश और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के साथ साझेदारी में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा ' ईज़िंग डूइंग बिज़नेस फॉर आत्मनिर्भर भारत' पर राष्ट्रीय डिजिटल सम्मेलन आयोजित किया गया था।
Apple सार्वजनिक रूप से दुनिया की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी है।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने 31 जुलाई 2020 को सरसों के तेल की आपूर्ति करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह कदम " आत्मनिर्भर भारत" के अनुरूप है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स के संयुक्त प्रयास से इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) राष्ट्रीय नैदानिक रजिस्ट्री (NCR) स्थापित करने की योजना बना रहा है जो देश के शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को जांच उपचारों की प्रभावकारिता, प्रतिकूल प्रभावों को समझने और कोविड-19 रोगियों के उपचार में सुधार के लिए सबूत जुटाने में मदद करेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नेHDFC बैंक के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शशिधर जगदीशन को मंजूरी दे दी है ।
ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड ने RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को पांच साल के लिए अतिरिक्त और स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है ।
1986 बैच के भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी श्री जयदीप भटनागर ने ऑल इंडिया रेडियो के समाचार सेवा प्रभाग के महानिदेशक का पदभार संभाल लिया है।
एयर मार्शल वीआर चौधरी ने भारतीय वायु सेना के पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला
लेविस हैमिल्टन (मर्सिडीज-ग्रेट ब्रिटेन) ने 02 अगस्त, 2020 को आयोजित फॉर्मूला वन ब्रिटिश ग्रांड प्रिक्स 2020 जीता है। वह आखिरी लैप के दौरान पंचर होने के बावजूद पहले स्थान पर आए थे।
भारत अपने खिलाड़ियों की तैयारी, समय और मैच-तत्परता के अभाव के कारण 15 से 20 दिसंबर तक मलेशिया के कुआलालंपुर में होने वाली महिला विश्व टीम स्क्वैश चैम्पियनशिप से हट गया है।
विश्व कप विजेता जर्मन फुटबॉलर, बेनेडिक्ट होवेडिस ने फुटबॉल से संन्यास ले लिया है।
IPL 2020 इस साल UAE में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक खेला जाएगा।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) के वैज्ञानिकों ने एक अनुकूली रणनीति और COVID-19 के प्रारंभिक चरण का उपयोग करते हुए उपन्यास परीक्षणों को बढ़ाने के लिए एक मॉडल विकसित किया है।
केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव की सीमा से सटे गुजरात ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए ई-ज्ञान मित्र मोबाइल एप लांच किया है।
बिहार के मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी द्वारा लिखित एक पुस्तक "सियासत में सदस्यता" का विमोचन किया है।
भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमल रानी वरुण का COVID-19 के कारण निधन हो गया है। वह 62 वर्ष की थीं।
ऑस्कर विजेता अभिनेता मैथ्यू मैककोनाघी ने 20 अक्टूबर को अपनी पुस्तक, ग्रीनलाइट्स, प्रकाशित की है।
राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का निधन हो गया। पिछले कुछ महीनों से उनका सिंगापुर में इलाज चल रहा था।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पीडिकोंडला माणिक्यला राव का निधन COVID-19 के कारण हुआ। उनका जन्म 1 नवंबर, 1961 को हुआ था।
जुबिलेंट जेनरिक लिमिटेड ने भारतीय बाजार में 4,700 रुपये प्रति शीशी पर 'JUBI-R' ब्रांड के तहत कोविड-19 दवा रेमडेसिविर लॉन्च की है।
दो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री, बॉब बेहेनकेन और डग हर्ले, 2 अगस्त 2020 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से लौटे।
31 जुलाई को विश्व रेंजर दिवस मनाया गया
इस दिन को मनाने का उद्देश्य ड्यूटी पर रहते हुए मारे गए या घायल हुए रेंजरों को मनाना और दुनिया की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए रेंजर्स द्वारा किए गए काम का जश्न मनाना है ।
एक रेंजर पार्कलैंड्स और प्राकृतिक संरक्षित क्षेत्रों के संरक्षण और सुरक्षा के साथ काम करने वाला व्यक्ति है।एक रेंजर आमतौर पर एक वन रेंजर या एक पार्क रेंजर को संदर्भित करता है।
1992 में अंतर्राष्ट्रीय रेंजर फेडरेशन (IRF) की स्थापना हुई थी।
IRF के 15 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 2007 में पहला विश्व रेंजर दिवस मनाया गया।
इंटरनेशनल रेंजर फेडरेशन (IRF):
03 अगस्त को विश्व संस्कृत दिवस 2020 मनाया गया
विश्व संस्कृत दिवस, हर सालश्रावणपपूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जो कि हिंदू कैलेंडर में श्रावण मास का पूर्णिमा दिवस है, जिसे रक्षा बंधन के रूप में भी जाना जाता है।
2020 में, यह दिन 3 अगस्त 2020 को मनाया जा रहा है।
यह दिन संस्कृत की प्राचीन भारतीय भाषा को याद करता है और इसका उद्देश्य इसके पुनरुद्धार और रखरखाव को बढ़ावा देना है।
भारत सरकार ने 1969 में रक्षाबंधन के अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस मनाने का फैसला किया, जो कि श्रावण के हिंदू महीने की पूर्णिमा के दिन पड़ता है ।
विश्व स्तनपान सप्ताह अगस्त (1 – 7 अगस्त) के पहले सप्ताह के दौरान दुनिया भर के 120 से अधिक देशों में मनाया जाता है।
यह वैश्विक अभियान पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ के सहयोग से1992 में वर्ल्ड एलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन (WABA) द्वारा आयोजित किया गया था, जो एक बच्चे के जीवन के प्रारंभिक 6 महीनों के लिए विशेष रूप से स्तनपान के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास में था ।
विश्व स्तनपान सप्ताह 2020 का विषय "सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हैल्दीएर प्लेनेट" है।
कोटक महिंद्रा बैंक ने 'कोना कोना उम्मीद' अभियान शुरू किया
निजी क्षेत्र के ऋणदाता, कोटक महिंद्रा बैंक नेकोरोनावायरस महामारी के बीच में अपने ग्राहकों के बीच आशा और आशावाद को उठाने के लिए भारी ऑफर और छूट के साथ 'कोना कोना उम्मीद ' नामक दो महीने के लंबे अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की है ।
इस कोनाकोना उम्मीद अभियान के तहत, बैंक अपने उत्पादों पर ऋण, बचत खाते, चालू खाते, कॉर्पोरेट वेतन खातों के साथ-साथ कोटक डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल भुगतान सहित कई ऑफ़र और सौदे प्रदान करेगा।
कोटक ने अपने ग्राहकों को शॉपिंग, आवश्यक, व्यक्तिगत देखभाल, शिक्षा, फिटनेस, स्वास्थ्य और कल्याण, बच्चों और पालन-पोषण, मनोरंजन, साइबर देखभाल और सुरक्षा जैसी श्रेणियों में 100 से अधिक ब्रांड प्रदान किए हैं।
स्थापित: फरवरी 2002
जन धन योजना के तहत 40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए
मोदी-सरकार द्वारा लगभग छह साल पहले शुरू की गईसरकार के प्रमुख वित्तीय समावेशन अभियान प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत 40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं ।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के05 करोड़ लाभार्थी हैं और जनधन बैंक खातों में जमा राशि 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
यह उपलब्धि PMJDY की छठी वर्षगांठ की शुरुआत से ठीक पहले आई है।
यह योजना 28 अगस्त 2014 को देश में लोगों को बैंकिंग सुविधाओं की सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
PMJDY के तहत खोले गए खातेRuPay डेबिट कार्ड और ओवरड्राफ्ट की अतिरिक्त विशेषताओं के साथ बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाते हैं ।
BSBD खातों में न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ICICI प्रूडेंशियल MF ने ICICI प्रूडेंशियल अल्फा लो वॉल्यूम 30 ETF लॉन्च किया
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड नेICICI प्रूडेंशियल अल्फा लो वॉल्यूम 30 ETF, एक ओपन एंडेड इंडेक्स एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ट्रैकिंग निफ्टी अल्फा लो वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स लॉन्च करने की घोषणा की है ।
ETF निफ्टी अल्फा लो-वोलैटिलिटी 30 इंडेक्स को ट्रैक करेगा।नया फंड ऑफर 3 अगस्त को खुलेगा और 10 अगस्त को बंद हो जायेगा ।
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड:
CEO: निमेशशाह
प्रतिभूति बाजार का आभासी संग्रहालय स्थापित करने के लिए तैयार SEBI
SEBI नेआभासी संग्रहालय विकसित करने के लिए एजेंसियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) आमंत्रित किया है ।
संग्रहालय का उद्देश्य बाजार बुनियादी ढांचे, विनियमन और प्रवर्तन के मामले में दशकों से भारतीय प्रतिभूति बाजार में विकास, उपलब्धियों के इतिहास का एक दृश्य ऑनलाइन संगठित संग्रह होना है।
उपलब्धियों को फोटो, वीडियो, लेख, मीडिया क्लिपिंग, क्विज़, पेंटिंग, ड्राइंग, आरेख, ग्राफ़, समाचार पत्र लेख, इंटरव्यू के टेप और अन्य के बीच संख्यात्मक डेटाबेस जैसे इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से बताया जाएगा।
आभासी संग्रहालय वीडियो, ऑडियो, चैटबॉट, आवाज सहायकों, आभासी वास्तविकता, विश्लेषण, इंटरैक्टिव और एनिमेटेड तत्वों जैसे विभिन्न साधनों के माध्यम से क्रिएटिव सामग्री के साथ दर्शकों को आकर्षित करेगा।
सैमसंग के रूप में 3 लाख नई नौकरियों की उम्मीद, APPLE ने मेड–इन–इंडिया मोबाइल्स बूस्ट के लिए आवेदन किया
यह घोषणा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री, रविशंकर प्रसाद ने की है।
यह योजना आधार वर्ष के रूप में 2019-2020 के साथ भारत में निर्मित सामानों की बढ़ती बिक्री पर पांच साल के लिए 4-6% की नकद प्रोत्साहन का विस्तार करेगी।
सेलफोन खंड में लगभग दो दर्जन भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने योजना के लिए आवेदन किया है, जिससे देश में 300,000 प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है।
लगभग नौ लाख अप्रत्यक्ष नौकरियों के बनने की उम्मीद है।
वन नेशन, वन राशन कार्ड 'योजना 4 और राज्यों तक विस्तारित हुई, जिसमें कुल 24 राज्य हो गए
चार और राज्यों अर्थात जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड को एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के रूप में केंद्र सरकार की 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' योजना के साथ एकीकृत किया गया है।
इसके साथ, अब कुल 24 राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश 01 अगस्त 2020 से प्रभावी वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत जुड़े हुए हैं।
इन 24 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं: आंध्र प्रदेश, बिहार, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड।
अब लाभार्थीअपने राशन कार्ड की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के माध्यम से इन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में कहीं भी खाद्यान्न प्राप्त करने के पात्र होंगे ।
शेष राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को मार्च 2021 तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी में एकीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
डॉ हर्षवर्धन ने 'विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2020-21' का शुभारंभ किया
यह पहल 6 वीं से 11 वीं कक्षा के स्कूली छात्रों के बीच विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
इसे छात्र समुदाय के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उज्ज्वल दिमागों की पहचान करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
विद्यार्थी विज्ञान मंथन, 2020-21 का शुभारंभ करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि यह विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और छात्रों के बीच विज्ञान कौशल को बढ़ावा देने का एक मंच है ।
उन्होंने कहा, छात्रों को न्यू इंडिया बनाने में मदद मिलेगी और यह पहल इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगी।
श्री संजय धोत्रे ने महाराष्ट्र के अकोला में भारत एयरफाइबर हाई–स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा का उद्घाटन किया
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार और IT संजयधोत्रे ने महाराष्ट्र के अकोला में "भारत एयर फाइबर सर्विसेज" का उद्घाटन किया।
सेवा अकोला औरवाशिम जिले के निवासियों की मांग पर वायरलेस इंटरनेट कनेक्शन देगी ।
BSNL अकोला औरवाशिम जिले से BSNL के स्थानीय व्यापार भागीदारों के माध्यम से भारत एयर फाइबर सेवाएं प्रदान करता है ।
भारत एयर फाइबर सेवाएं:
BSNL ने भारत सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल इंडिया के एक भाग के रूप में भारत एयर फाइबर सेवाओं की शुरुआत की है।
इस कदम का उद्देश्य BSNL के स्थानों से 20 किलोमीटर की दूरी पर वायरलेस कनेक्टिविटी प्रदान करना है । इससे दूरदराज के स्थानों पर ग्राहकों को जोड़ा जा सकेगा ताकि इसका लाभ BSNL को टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (TIP) के समर्थन से सबसे सस्ती सेवाओं के साथ आता है।
ये सेवाएं त्वरित समय में सबसे तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी देंगी।
सेवाएं अन्य ऑपरेटरों से अलग हैं क्योंकि BSNL असीमित मुफ्त वॉयस कॉलिंग प्रदान कर रहा है।
भारत सरकार ने ग्रामोदय विकास योजना के तहत अगरबत्ती निर्माण में शामिल कारीगरों के लाभ के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया
सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने30 जुलाई 2020 को ' ग्रामोदय विकास योजना' के तहत अगरबत्ती के निर्माण में शामिल कारीगरों को लाभान्वित करने के लिए एक कार्यक्रम को मंजूरी दी । इसका उद्देश्य ग्राम उद्योग का विकास करना है।
कार्यक्रम के अनुसार, शुरू में चार पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
कारीगरों के प्रत्येक लक्षित समूह को लगभग 50 स्वचालितअगरबत्ती बनाने की मशीन और 10 मिक्सिंग मशीनों का समर्थन मिलता है ।
कारीगरों को200 से अधिक स्वचालित अगरबत्ती बनाने की मशीन और 40 मिक्सिंग मशीनें प्रदान की जाएंगी।
यह स्वदेशी 'उत्पादन और मांग' के बीच अंतर को कम करने की प्रक्रिया भी शुरू करेगा औरदेश में ' अगरबत्ती ' के आयात को कम करेगा
कार्यक्रम का उद्देश्यदेश में ' अगरबत्ती ' के उत्पादन को बढ़ाना और पारंपरिक कारीगरों के लिए स्थायी रोजगार पैदा करना है, उन्हें नियमित रोजगार और उनके वेतन में वृद्धि प्रदान करना है।
कार्यक्रमभारत में घरेलू अगरबत्ती उद्योग को बढ़ावा देगा ।
यहअगरबत्ती के आयात को भी कम करेगा ।
MSME मंत्री ने सिल्क मास्क के खादी के उपहार बॉक्स को लॉन्च किया
गिफ्ट बॉक्स खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा विकसित किया गया है।
KVIC विकसित उपहार बॉक्स में विभिन्न रंगों और प्रिंटों में चार दस्तकारी रेशम मास्क शामिल हैं ।
ये ट्रिपल लेयर्ड सिल्क मास्क त्वचा के अनुकूल, धोने योग्य, पुन: प्रयोज्य होने के साथ-साथ बायो-डिग्रेडेबल हैं।
खादी का गिफ्ट बॉक्स विदेशी बाजार और एक बड़ी भारतीय आबादी को गिफ्ट करने के लिए उचित मूल्य की वस्तुओं की तलाश के लिए लॉन्च किया गया है ।
गोवा ने ऑनलाइन ITI प्रवेश, छात्र डेटा प्रबंधन प्रणाली शुरू की
गोवा के कौशल विकास मंत्रीविश्वजीत पी राणे ने सोमवार को ऑनलाइन ITI प्रवेश प्रक्रिया और छात्र डेटा प्रबंधन प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
नई ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया, पहले की तरह, राउंड के दिन इंतजार करने के बजाय, व्यापार वरीयताओं को पूर्व-दाखिल करने की अनुमति देगा।
गोवा सरकार का लक्ष्य राज्य को डिजिटल इंडिया और कौशल भारत के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के करीब लाना है।
उपराज्यपाल: सत्य पाल मलिक
CM नवीन पटनायक ने 'ओडिशा अग्नि– शमा सेवा' ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया
ओडिशा के CM नवीन पटनायक ने 'ओडिशा अग्नि- शमासेवा ' ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है ।
पोर्टल ऑनलाइन मोड के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों की इमारतों को अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने में सहायता प्रदान करेगा।
पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आठ सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
पटनायक ने 2 अक्टूबर, 2020 से पहले अन्य सेवाओं को जोड़ने के लिए अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया है।
राज्य दिवस: 1अप्रैल 1936
राज्यपाल: गणेशीलाल
ई–रक्षा बंधन आंध्र प्रदेश में शुरू किया गया
रक्षा बंधन की पूर्व संध्या परआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने साइबर सुरक्षा पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम 'ई-रक्षा बंधन' शुरू किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य भर में साइबर अपराधों पर जनता के बीच जागरूकता पैदा करना है।
आंध्र प्रदेश पुलिस, साइबर पीस फाउंडेशन, साइबर क्राइम प्रिवेंशन अगेंस्ट वीमेन एंड चिल्ड्रन (CCPWC), और अन्य संगठनों द्वारा महीने भर ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन, विज्ञापन, और व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए।
'ई-रक्षा बंधन' के माध्यम से 1 लाख महिलाओं, लड़कियों और आम जनता को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रतिभागियों को निबंध लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, वेबिनार, कार्यशालाओं, और नारा लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा, जो हर दिन विभिन्न विषयों पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक, 31 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय उद्यान: श्रीवेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान, श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान, पापिकोंडा राष्ट्रीय उद्यान
राजस्थान में इंदिरा रसोई योजना शुरू हुई
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में अपने अधिकारियों को20 अगस्त 2020 से इंदिरा रसोई योजना शुरू करने का निर्देश दिया ।
इस योजना के तहत, जरूरतमंद और गरीबों को 8 रुपये प्रति प्लेट में स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिलेगा।
योजना पर राज्य सरकार प्रति वर्ष 100 करोड़ खर्च करेगी।
पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर बनी इंदिरा रसोई योजना राज्य के 213 शहरी स्थानीय निकायों में 358 रसोई में चलेगी।
राज्य दिवस: 30 मार्च 1949
राज्यपाल: कलराजमिश्र
हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र स्थापित करेगा उत्तराखंड
उत्तराखंड में जल्द ही हिम तेंदुआ संरक्षणकेंद्र होगा।
उत्तरकाशी वन प्रभाग क्षेत्र में संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
हिम तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
राजधानी: देहरादून (शीतकालीन), गेयरसैन(ग्रीष्मकालीन)
PMJAY और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को लागू करने के लिए मणिपुर सरकार ने राज्य के नौ अस्पतालों के साथ समझौता किया है
मणिपुर में, सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (जिसे मुख्यमंत्रीगी हशाशेल जी तेंगबैंग के नाम से जाना जाता है) को पूरी तरह से लागू करने के उद्देश्य से राज्य में स्थित नौ अस्पतालों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एल जयंतकुमारऔर मणिपुर के 7 सार्वजनिक और 2 निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए ।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस पहल से इन दोनों योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।
राज्य दिवस: 21 जनवरी, 1972
राज्यपाल: नजमाहेपतुल्ला
मुख्यमंत्री: एनबीरेन सिंह
संयुक्त अरब अमीरात परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करने वाला पहला अरब देश बन गया है
संयंत्र दक्षिण कोरियाई प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है औरअबू धाबी के अल धफरा क्षेत्र में स्थित है ।
यह6 गीगावाट बिजली का उत्पादन करेगा और UAE की 25% बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा।
नया प्लांट UAE के तेल और गैस पर कम निर्भर होने के प्रयास का हिस्सा है, जो इसकी अधिकांश ऊर्जा का वर्तमान स्रोत है, और स्थायी ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ता है।
भारत-UK ने नए 8 मिलियन पाउंड के संयुक्त औषधीय अनुसंधान के लिए साझेदारी की
पांच परियोजनाओं की कुल लागत 8 मिलियन पाउंड है।
उन्हें सितंबर 2020 में निष्पादित करने की योजना है।
UK इंटरनेशनल रिसर्च के लिए UK रिसर्च एंड इनोवेशन फंड से 4 मिलियन पाउंड का योगदान देगा, जबकि भारत भी 4 मिलियन पाउंड का योगदान देगा।
UK (राजधानी / मुद्रा): लंदन / पाउंड स्टर्लिंग
मोहम्मद इरफान अली को गुयाना के राष्ट्रपति के रूप में नामित किया गया
पूर्वगुयानी आवास मंत्री, मोहम्मद इरफान अली को देश के राष्ट्रपति के रूप में नामित किया गया है।
वह विपक्षी पीपुल्स प्रोग्रेसिव पार्टी (PPP) के सदस्य हैं।वह डेविड आर्थर (A) ग्रेंजर की जगह लेंगे ।
डेविड ए ग्रेंजर ए पार्टनरशिप फॉर नेशनल यूनिटी एंड अलायंस फॉर चेंज (ANPU-AFC) के सदस्य हैं।
PPP ने नेशनल असेंबली की 233,336 वोटों में से 65 सीटों में से 33 सीटें जीतीं, जबकि APNU-AFC ने 217,920 वोटों के साथ 31 सीटें अर्जित कीं।
गुयाना (राजधानी / मुद्रा): जॉर्जटाउन / गुयाना डॉलर
प्रधानमंत्री: इरफ़ानअली
बांग्लादेश विश्व बैंक के 202 मिलियन अमेरिकी डॉलर वित्तीय सहायता से आधुनिक खाद्य भंडारण प्रणाली का निर्माण करेगा
बांग्लादेश में पाँच और आधुनिक खाद्य भंडारण प्रणालियों का निर्माण करेगा जिसमें तीन पहले से ही निर्माण क्षमता बढ़ाने और अनाज भंडारण की दक्षता में सुधार के लिए विश्व बैंक से वित्तपोषण सहायता के साथ निर्माणाधीन है।
विश्व बैंक ने बांग्लादेश में आधुनिक खाद्य भंडारण सुविधाओं के लिए $ 202 मिलियन अतिरिक्त वित्तपोषण को मंजूरी दी है।
यह परियोजना आठ जिलों में चावल और गेहूं के लिए आठ आधुनिक अनाज भंडारण स्टील साइलो कॉम्प्लेक्स के निर्माण का समर्थन करेगी।
यह बांग्लादेश के तीन जिलोंआशुगंज, मधुपुर और म्यामांसिंह में हो रहे वर्तमान निर्माण कार्य के अतिरिक्त है ।
अतिरिक्त वित्तपोषण में ढाका, नारायणगंज और बारिसल में चावल सिलोस के निर्माण और चटोग्राम और महेश्वर पाशा में गेहूं के सिलोस का समर्थन किया जाएगा।
H1B वीज़ा पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू
यह नया प्रतिबंध 24 जून से लागू हुआ।
इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि कंपनी अपनी प्रौद्योगिकी नौकरियों के 20 प्रतिशत को विदेशों में स्थित कंपनियों को आउटसोर्स करेगी।
इस नई घोषणा के माध्यम से, अमेरिका अगले पांच वर्षों में 200 अन्य अमेरिकी श्रमिकों को अपनी नौकरी खोते हुए देखेगा।
पीयूष गोयल ने "आत्मानिर्भर भारत के लिए कारोबार करना आसान" पर राष्ट्रीय डिजिटल सम्मेलन का उद्घाटन किया
30 जुलाई 2020 को निवेश और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के साथ साझेदारी में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा ' ईज़िंगडूइंग बिज़नेस फॉर आत्मानिर्भर भारत' पर राष्ट्रीय डिजिटल सम्मेलन आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने किया, जो इस समारोह में मुख्य अतिथि थे और उद्घाटन भाषण दिया।
सम्मेलन ने कई मुद्दों पर विचार–विमर्श किया:
व्यापार करने के विभिन्न संकेतकों में सरकार द्वारा किए गए प्रमुख नियामक सुधार,
उनके ऑन-ग्राउंड कार्यान्वयन का आकलन करें,
विभिन्न राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार,
निवारण के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे और
क्षेत्रों और राज्यों में कारोबारी माहौल में सुधार के लिए एक स्थायी कार्य योजना की पहचान करें।
Apple दुनिया की सार्वजनिक रूप से सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई है।
कंपनी ने मार्च में महामारी के दौरान अपने निम्न बिंदु से एक शानदार रिकवरी दिखाई है।
वर्तमान महामारी के बीच जब हर जगह ऑनलाइन काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग है, तो कंपनी ने अपने उपकरणों की मांग में वृद्धि देखी ।
Q3 के लिए इसका कुल राजस्व $ 59.7 बिलियन है, जो कि पिछले वित्त वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है।
KVIC और ITBP अब खादी सरसों तेल की आपूर्ति के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने 31 जुलाई 2020 को सरसों के तेल की आपूर्ति करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह कदम "आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप है ।"
KVIC के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना की उपस्थिति में KVIC के निदेशक श्री वीके नागर, DIG और श्री राम कांत शर्मा, DIG, ITBP द्वारा MoU पर हस्ताक्षर किए गए ।
KVIC और ITBP ने एक वर्ष की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे आगे नवीनीकृत किया जाएगा।
भारत सरकार का यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए " आत्मनिर्भर भारत अभियान" का समर्थन करने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना है ।
भारत भर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कैंटीन के माध्यम से भारत सरकार ने केवल "स्वदेशी" उत्पादों को बेचना अनिवार्य कर दिया।
ITBP सभी अर्धसैनिक बलों की ओर से प्रावधानों की खरीद के लिए MHA द्वारा नियुक्त नोडल एजेंसी है।
ITBP को 1200 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले कच्ची घानी सरसों के तेल की आपूर्ति के लिए एक आदेश देने की उम्मीद है, जो कि KVIC द्वारा अपने प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) इकाइयों के माध्यम से एक महीने के समय में आपूर्ति की जाएगी।
समझौता ज्ञापन का उद्देश्य हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला तेल उपलब्ध कराना है, वह भी समय पर हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
भावार्थ: शौर्य – द्रिधा – कर्म निष्ठा
संचालन क्षेत्राधिकार: IN
शासी निकाय: गृह मंत्रालय (भारत)
COVID-19 के अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी रखेगा ICMR और AIIMS
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) स्वास्थ्य मंत्रालय और AIIMS के संयुक्त प्रयास से राष्ट्रीय नैदानिक रजिस्ट्री (NCR) स्थापित करने की योजना बना रहा है, जो देश के शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को जांच उपचारों की प्रभावकारिता को समझने में मदद करेगी, जिससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं। और कोविद -19 रोगियों के उपचार में सुधार के लिए साक्ष्य उत्पन्न करते हैं।
इस स्थापना के पीछे मुख्य विचार COVID-19 रोगियों के उपचार में सुधार के लिए तार्किक प्रमाण का एक टुकड़ा उत्पन्न करना और एकत्र करना है।
महासचिव और महानिदेशक: डॉश्रीराम भार्गव
RBI ने HDFC बैंक के CEO के रूप में शशिधर जगदीशन की नियुक्ति को मंजूरी दी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नेHDFC बैंक के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शशिधर जगदीशन को मंजूरी दे दी है। वह वर्तमान में बैंक में अतिरिक्त निदेशक और वित्त, मानव संसाधन प्रमुख हैं।
वह आदित्यपुरी से पदभार ग्रहण करेंगे जो 26 साल पहले पदभार संभालने के बाद से बैंक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले CEO के रूप में पद छोड़ेंगे।
पुरीइस साल अक्टूबर तक रिटायर होने वाले हैं।
HDFC शॉट्स:
CEO: आदित्यपुरी
मूल संगठन: आवास विकास वित्त निगम
ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग ने उर्जित पटेल को अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया
ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड ने RBI के पूर्व गवर्नरउर्जित पटेल को पांच साल के लिए अतिरिक्त और स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है ।
श्री भटनागर ने इससे पहलेप्रसार भारती में विभिन्न पदों पर अपनी पश्चिम एशिया संवाददाता और प्रेस सूचना ब्यूरो के रूप में कार्य किया था।
वह सुश्री इरा जोशी की जगह लेते हैं, जिन्होंने पिछले महीने की 31 तारीख को आकाशवाणी के प्रधान महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था।
आदर्श वाक्य: Bahujanahitaya Bahujanasukhaya / बहुजनहितायबहुजनसुखाय
स्थापित: 1930, भारत
मालिक: प्रसारभारती
एयर मार्शल वीआर चौधरी ने वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला
एयरमार्शल वीआर चौधरी ने आज भारतीय वायु सेना के पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला।
एयर मार्शल बी सुरेश से एयर मार्शल वीआर चौधरी ने कमान संभाली।
एयर मार्शल वीआर चौधरी को 1982 में IAF के फाइटर स्ट्रीम में फाइटर पायलट के रूप में नियुक्त किया गया था।
मैक्स एफस्टैप्पन इस F1 रेस में दूसरे स्थान पर रहे जबकि चार्ल्स लेक्लेर तीसरे स्थान पर रहे।
F1 रेस के इस सीजन में हैमिल्टन की यह तीसरी जीत है।
महिला विश्व टीम स्क्वैश चैंपियनशिप से भारत की वापसी
स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SRFI) ने चैंपियनशिप से हटने का फैसला किया है।
स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SRFI):
अध्यक्ष: देवेंद्रनाथसारंगी
खेल: स्क्वैश
क्षेत्रीय संबद्धता: एशियन स्क्वैश फेडरेशन
कोच: साइरसपोंचा
सचिव: केराजेंद्रिरन
बेनेडिक्ट होवेडिस फुटबॉल से रिटायर
विश्व कप विजेता जर्मन फुटबॉलर, बेनेडिक्टहोवेडिस फुटबॉल से संन्यास ले लिया है।
बेनेडिक्टहॉवेड्स ने 2011-17 से जर्मन नेशनल टीम के लिए 44 बार खेला है।
IPL क्रिकेट – 2020 UAE में 19 सितंबर से शुरू होगा
इसका निर्णय कल रात IPL गवर्निंग काउंसिल की एक आभासी बैठक में लिया गया।
मैच भारत सरकार की आवश्यक मंजूरी के अधीन दुबई, शारजाह और अबू धाबी में खेले जाएंगे।
फाइनल इस साल 10 नवंबर को खेला जाएगा।
53-दिवसीय टूर्नामेंट 10:30 बजे से भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे शुरू होंगे।
JNCASR वैज्ञानिक महामारी में महत्वपूर्ण संसाधनों का अनुमान लगाने के लिए एक अनुकूली मॉडल तैयार करते हैं
भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने एक उदाहरण के रूप में अनुकूली रणनीति और COVID-19 के प्रारंभिक चरण का उपयोग करते हुए उपन्यास परीक्षणों को बढ़ाने के लिए एक मॉडल विकसित किया है ।
नए मॉडल का उपयोग मेडिकल इन्वेंट्री आवश्यकताओं के प्रमुख पहलुओं का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है जो परीक्षण क्षमताओं और महत्वपूर्ण देखभाल सुविधाओं दोनों को स्केल करने के लिए आवश्यक हैं।
मॉडल COVID-19 के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि रोग चरित्र और लोगों केव्यवहार पैटर्न बदलते हैं।
मॉडल पूर्वानुमानित संक्रमणों की भिन्नता की सीमा को समझने के द्वारा त्रुटियों को कम करता है।
यह नया दृष्टिकोण COVID-19 महामारी के दौरान महत्वपूर्ण संसाधनों जैसे ICUs, व्यक्तिगत सुरक्षा ई उपकरण (PPEs) के लिए आवश्यकताओं की योजना के लिए अनुमति देता है ।
समाचार में वेब पोर्टल और ऐप
DNHDD ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए ई–ज्ञान मित्र मोबाइल ऐप लॉन्च किया
केंद्र शासित प्रदेशदादरा और नगर हवेली और दमन और दीव सीमा गुजरात ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए ई-ज्ञान मित्र मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।
दमण प्रशासन के शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया ई-ज्ञान मित्र ऐप छात्रों और अभिभावकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
उपराज्यपाल: श्री प्रफुल्ल पटेल (प्रशासक)
विजय कुमार चौधरी द्वारा लिखित एक किताब "सियासत में सदस्यता"
पुस्तक लेखक के विचारों, विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीन दर्जन लेखों और उनकी जीवन यात्रा का संकलन है।
पुस्तक बिहार विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित की गई थी।
पुस्तक में असेंबली की अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का वर्णन किया गया है जैसे 6 वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) भारत क्षेत्र के अन्य लोगों के सफल समापन।
UP के कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण का 62 में COVID-19 के कारण निधन
भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमल रानी वरुण का COVID-19 के कारण निधन हो गया है।वह 62 वर्ष की थीं।
कमल रानी राज्य सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थीं।
कमल रानी वरुण ने दो बार सांसद के रूप में भी काम किया था।एक बार ग्यारहवीं लोकसभा और फिर बारहवीं लोकसभा।
मैथ्यू मैककोनाघे ने पहले संस्मरण ग्रीनलाइट्स की घोषणा की
डायरियों में, 50 वर्षीय अभिनेता ने "एनीथिंग देट टर्न्ड मी ऑन, टर्न्ड मी ऑफ, मेड मी लाफ, मेड मी क्राई, मेड मी क्वेश्चन और केप्ट मी अप एट नाईट" रिकॉर्ड किया ।
राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का निधन।
पिछले कुछ महीनों से उनका सिंगापुर में इलाज चल रहा था।
अमर सिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव थे और बाद में 2 फरवरी, 2010 को मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से वर्ष 2016 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उन्हें अक्टूबर 2016 में पार्टी के महासचिवों में से एक के रूप में बहाल किया गया था।
पूर्व AP मंत्री पी माणिक्यला राव का निधन
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पीडिकोंडलामाणिक्यला राव का निधन COVID-19 के कारण हुआ। उनका जन्म 1 नवंबर, 1961 को हुआ था।
वह भाजपा के वरिष्ठ नेता थे।
राव कोपश्चिम गोदावरी जिले के थडेपल्लीगुडेम (मई 2014 – मई 2019) से विधान सभा (MLA) के सदस्य के रूप में चुना गया था और 2017-2018 के बीच चंद्रबाबू नायडू की कैबिनेट में एंडोमेंट मिनिस्टर के रूप में कार्य किया।
जुबिलेंट जेनेरिक ने 'JUBI-R' ब्रांड के तहत रेमडेसिविर लॉन्च किया
संपूर्ण उपचार, जिसमें दवा की छह शीशियों की आवश्यकता होती है, इसकी कीमत 28,200 रूपए होगी।
जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लिमिटेड की सहायक कंपनी 1,000 से अधिक अस्पतालों में दवा उपलब्ध कराएगी और महामारी के दौरान दवा तक पहुंच बढ़ाने के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराएगी।
सफल डेमो -2 मिशन के बाद नासा के अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे
क्रू ड्रैगन को spaceX द्वारा डिजाइन और संचालित किया गया था।इसका उपयोग इस उड़ान परीक्षण के लिए किया जा रहा है जो लगभग 110 दिनों तक कक्षा में रह सकता है।
नासा का spaceX डेमो -2 मिशन:
नासा की spaceX डेमो -2 परीक्षण उड़ान 2011 के बाद से अमेरिका से लॉन्च करने वाली पहली क्रू फ्लाइट थी।
डेमो -2 मिशन नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम का हिस्सा है।
नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम ने 2010 के बाद से कई अमेरिकी एयरोस्पेस उद्योग कंपनियों के साथ काम किया है ताकि अमेरिकी मानव अंतरिक्ष यान प्रणालियों के विकास को सुविधाजनक बनाया जा सके।
इसका उद्देश्य ISS से विश्वसनीय और लागत प्रभावी पहुंच विकसित करना था।
डेमो -2 मिशन अंतिम उड़ान परीक्षण है जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष यान क्रू ड्रैगन, संचालन क्षमताओं, लॉन्च वाहन फाल्कन 9 और लॉन्च पैड LC-39A की तरह अपने विभिन्न घटकों को मान्य करना है।
|
2020/10/24 11:29:42
|
https://exampundit.in/daily-current-affairs-in-hindi-2nd-4th-august-pdf-download/
|
mC4
|
Shweta Tiwari in trouble due to controversial statement about God | श्वेता तिवारी के 'मेरी ब्रा का साइज भगवान ले रहे हैं' वाले बयान पर भड़के हिंदू संगठन, दी धमकी | Patrika News
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक वेब सीरीज के अनाउंसमेंट के लिए आई एक्ट्रेस श्वेता तिवारी अपने बयान की वजह से विवादों में आ गई हैं। श्वेता ने वेब सीरीज के प्रमोशन के दौरान भगवान को लेकर आपत्तिजनक बात कह दी।
Published: January 27, 2022 03:09:20 pm
टीवी ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी के बयान पर बवाल बढ़ गया है। इन दिनों श्वेता तिवारी भोपाल में हैं। वह फैशन से जुड़ी वेब सीरीज के अनाउंसमेंट के लिए स्टारकास्ट और प्रोडक्शन टीम के साथ भोपाल गई थीं। इस सीरीज के प्रमोशन के दौरान श्वेता ने कुछ ऐसी बात बोल दी, जिसे सुनने के बाद बवाल मचा हुआ है।
दरअसल, भोपाल के प्रोग्राम के दौरान श्वेता तिवारी ने आपत्तिजनक टिप्पणी दे दी। प्रमोशन के दौरान मंच पर एक डिस्कशन कार्यक्रम में मजाक करते-करते वो ऐसी बात बोल गई जिसके बाद पूरे मामले को लेकर अब मध्य प्रदेश सरकार एक्शन में आ गई है। एक्ट्रेस ने भगवान को लेकर अपने विवादित बयान में कहा है, "मेरी ब्रा का साइज भगवान ले रहे है।" उनका ये बयान सोशल मीडिया पर धड़ले से वायरल हो रहा है।
एक्ट्रेस श्वेता के विवादित बयान पर सख्त रवैया दिखाते हुए कहा गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्वेता तिवारी का बयान बेहद आपत्तिजनक है। । उन्होंने पूरे मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर को तथ्यों की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जांच इस पहलू पर होगी कि किस आधार पर श्वेता तिवारी ने इस तरीके का बयान दिया। उसके पीछे क्या मंशा थी। गृह मंत्री ने साफ कहा है कि 24 घंटे के अंदर भोपाल कमिश्नर तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट उनको देंगे। उसके बाद श्वेता तिवारी पर कार्रवाई को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।
सार्वजनिक मंच पर श्वेता के इस तरह के बयान को अश्लीलता फैलाने से जोड़कर देखा जा रहा है। यही नहीं, कई लोगों से इससे धार्मिक भावनओं को ठेस पहुंचने की भी बात की है। उन्हें हिंदू संगठन ने माफी मांगने की धमकी दी है। बता दें, श्वेता के नए वेब सीरीज की शूटिंग भोपाल में ही होनी है जिसे मनीष हरिशंकर डायरेक्ट करने वाले हैं। सीरीज का नाम 'शो स्टॉपर्स' रखा गया है। इस सीरीज में श्वेता तिवारी के अलावा रोहित रॉय, कंवलजीत, सौरभ राज जैन भी नजर आएंगे।
|
2022/07/03 17:26:55
|
https://www.patrika.com/tv-news/shweta-tiwari-in-trouble-due-to-controversial-statement-about-god-7300358/
|
mC4
|
हिंदी न्यूज़ - हल्द्वानी में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार – Police arrested two smugglers, seized heavy quantity of liquor from them in Haldwani, Nainital hydsk- हिन्दी समाचार, टुडे लेटेस्ट न्यूज़ इन हिन्दी
VIDEO: हल्द्वानी में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
उत्तराखंडJanuary 10, 2019, 12:08 AM IST
हल्द्वानी के मुखानी थाना पुलिस ने दिल्ली के दो ऐसे शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा से शराब लेकर कुमाऊं के अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में सप्लाई किया करते थे. दोनों तस्करों की गाड़ी से 26 पेटी शराब बरामद की गई है. पुलिस अब उन लोगों की तलाश में है जिनके पास ये शराब की खेप पहुंचने वाली थी. गिरफ्तार दोनों तस्करों में से एक पहले भी कई दफा शऱाब तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है. हल्द्वानी के सीओ सिटी डीसी ढौंडियाल ने कहा कि शराब की 312 बोतलों को जब्त करने के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस इनके द्वारा बताए व्यक्ति सुमित की तलाश में है.
|
2019/07/19 18:29:19
|
https://hindi.news18.com/videos/uttarakhand/nainital-police-arrested-two-smugglers-seized-heavy-quantity-of-liquor-from-them-in-haldwani-nainital-hydsk-1647342.html
|
mC4
|
न्यूजीलैंड का भूगोल (Geography of New Zealand) Part 2 for Uttarakhand PSC Exam- Examrace
न्यूजीलैंड का भूगोल (Geography of New Zealand) Part 2 for Uttarakhand PSC Exam
Download Article (Size: 136K) Previous Part… Next
उत्तरी दव्ीप-उत्तरी दव्ीप का 1/10 भाग अधिक ऊँचा पर्वतीय भाग है। केवल चार ज्वालामुखी चोटियाँ एग्मांट (2408 मी) , रूपेह (2798 मी) , नगरूहो (2,262 मी) तथा टोन्गारियो (2054 मी) ही अधिक ऊँचे हैं।
दक्षिणी दव्ीप- न्यूजीलैंड के दक्षिणी दव्ीप पर दक्षिणी आल्प्स पर्वत श्रेणी है, जो दांत के आकर की विषम चोटियों के कारण अतिदर्शनीय पर्वत-श्रेणी है। दक्षिणी आल्प्स की सबसे ऊँची चोटी (न्यूजीलैंड की भी) माउण्ट (पर्वत) कुक 376 मी. है जिसे स्थानीय माओरी लोग औरांगी कहते हैं, जिसका अर्थ होता है- बादलों को छेदने वाला। से पर्वत श्रेणी पूर्व-क्रिटेशियस और टर्शियरी काल में बने हैं। इस पर्वत श्रृंखला की उत्तरी -पश्चिमी और पश्चिमी श्रेणियाँ विक्टोरिया, ब्रूनर तथा लायलरेंज कहलाती है। यह श्रेणियाँ कैण्टरबरी और वेस्टलैंड के मध्य जल विभाजक का काम करती है। इस पर्वत श्रृंखला की उत्तरी श्रेणियां सेण्ट आरनॉड और रिचमांड रेंज (श्रेणी) के नाम से पुकारी जाती है। उत्तर-पूर्व की ओर स्पेन्सर पर्वत है। दक्षिण में ओटागों में इन दक्षिणी आल्प्स पर्वत के नाम फियोर्ड तट में परिवर्तित हो जाते हैं।
|
2022/07/04 06:58:33
|
https://www.examrace.com/SPSC/Uttarakhand-PSC/UKPSC-Hindi-Study-Material/Geography/World-Geography/Geography-of-New-Zealand-Part-2.html
|
mC4
|
कोहली से ज्यादा लंबे छक्के जड़ सकता है यह 'वजनी' बल्लेबाज, पूछा सवाल.. | JAIHO NEWS
नई दिल्ली। अफगानिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद शहजाद का वजन 90 किग्रा से अधिक है लेकिन उनके विचार फिटनेस के प्रति जुनूनी विराट कोहली से पूरी तरह उलट हैं जिनका कहना है कि जब वह दुनिया के नंबर एक वनडे बल्लेबाज से ज्यादा लंबे छक्के जड़ सकते हैं तो उन्हें इस तरह की कड़े फिटनेस कार्यक्रम की जरूरत नहीं है।
इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, 'देखिये हम फिटनेस भी पूरी करते हैं और खाते भी पूरा है। क्या आप मुझे कोहली की तरह फिटनेस के प्रति जुनूनी देखना चाहते हैं तो यह संभव नहीं है लेकिन मैं वजन कम करने पर काम कर रहा हूं।'
यह 30 साल का क्रिकेटर अपने नियमों से खेलता है। वह जानता है कि उसका वजन ज्यादा है लेकिन इससे उसकी काबिलियत पर जरा भी फर्क नहीं पड़ता और उसका मानना है कि वह कोहली जैसी फिटनेस नहीं होने के बावजूद भारतीय कप्तान से ज्यादा बड़े छक्के जड़ सकता है।
शहजाद ने कहा कि हर कोई कोहली की तरह नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा, 'जितना लंबा छक्का वो ( कोहली ) मारते हैं, मैं उनसे ज्यादा लंबा छक्का मार सकता हूं, उनकी तरह इतनी डाइट करने की क्या जरूरत है।'
पाकिस्तान में शरणार्थी शिविर में खेल चुका यह खिलाड़ी भारत में काफी समय बिताता है और दावा करता है कि वह शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों को अच्छी तरह जानता है। उनका कहना है कि भारतीय टीम में महेंद्र सिंह धोनी उनके अच्छे मित्र हैं और सुरेश रैना और शिखर धवन के साथ भी उनकी घनिष्ठता है।
इस क्रिकेटर को ज्यादा वजन होने के कारण आलोचनाएं भी झेलनी पड़ती हैं लेकिन वह मैच विजयी पारियों से इन आलोचकों को चुप कर देता है। वह टी 20 में अफगानिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाला खिलाड़ी है और वनडे में रन जुटाने में मोहम्मद नबी के बाद दूसरे नंबर पर है।
उन्होंने कहा, 'मेरे कोच (फिल सिमन्स) जानते हैं कि मैं 50 ओवर तक खेल सकता हूं और 50 ओवर तक बल्लेबाजी कर सकता हूं। मैंने वजन को कभी भी बीच में नहीं आने दिया।'
|
2019/01/16 17:03:33
|
http://jaihonews.com/mohammad-sahjad-on-virat-kohli/
|
mC4
|
असम हिंसा : दहशत की नर्इ इबारत - Pravakta | प्रवक्ता.कॉम : Online Hindi News & Views Portal of India
Posted On August 25, 2012 by &filed under राजनीति.
यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि असम हिंसा का लगातार विस्तार हो रहा है। मोबाइल व इंटरनेट तकनीक के जरीए दहशत फैलाने की नर्इ तरकीब र्इजाद कर ली गर्इ है। भय के इन संदेशो से पूर्वोत्तर राज्यों के पुणे, बैंगलोर, हैदराबाद, और मुंबर्इ में रहने वाले छात्र व आर्इटी कंपनियों में नौकरीपैषा पलायन को मजबूर हो गए। विशेष व सामान्य रेलगाडि़यो के जरिए दो दिन के भीतर ही करीब दस हजार लोग अपने मूल निवास स्थानो की ओर रवाना हो गए। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम आष्वासनों के बावजूद पलायन थम नहीं रहा है। जाहिर है राष्ट्र और राज्य दोंनो ही विश्वास पैदा करने में नाकाम साबित हो रहे है। हमारे यहां ऐसा तो अकसर होता रहा है कि एक राज्य की हिंसा दूसरे राज्यों में प्रतिहिंसा का कारण बनती रही है। लेकिन शायद यह पहला अवसर है जब असम हिंसा के प्रतिफलस्वरूप पूर्वोत्तर के जो लोग अन्य राज्यों में रह रहे हैं वे अपने रोजी रोटी और पढ़ार्इ लिखार्इ जोखिम में डालकर पलायन को उठ खड़े हुए हों। ये हालात देश की मूल अवधारणा अनेकता में एकता के लिए खतरनाक हैं।
संसद में कही लालकृष्ण आडवाणी की इस बात में दम था कि असम हिंसा की समस्या को हिंदु और मुसिलम समस्या के तौर पर न देखते हुए इसे देशी और विदेशी नजरिए से देखा जाना चाहिए। लेकिन वोट बैंक और मुसिलम तृशिटकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस इसे हमेशा नजरअंदाज करती रही। केंद्र में जब अटल बिहारी वाजनेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार सत्ता में थी और खुद आडवाणी गृंहमंत्री थे, तब उनके भी इस मुददे पर नतीजे ढाक के तीन पात रहे थे। असम हिंसा कि पृष्टभूमि में काम कर रही हकीकत को जानने के बावजूद स्वंतत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री डां मनमोहन सिंह असम हिंसा का तो जिक्र करते है, लेकिन उसकी प्रतिक्रिया में मुबंर्इ में विरोध के लिए इकटठे हुए मुसिलम समुदाय के लोगों ने हिंसा का जो उपद्रव रचा, प्रधानमंत्री उसे नजरअंदाज कर देते है। जबकि समस्या ज्वलंत थी और हिंसा में दो लोग मरे भी थे। यदि प्रधानमंत्री असम हिंसा की मुंबर्इ घटना को भी बरदाष्त न करने की ललकार लगाते तो शायद उपद्रवियों को षह नहीं मिलती और मोबाइल संदेशो के मार्फत खौफ की इबारत नहीं लिखी जाती।
मुबंर्इ की धटना के बाद पुणे में पूर्वोत्तर के दो छात्रों के साथ समुदाय विशेष के लोगों ने हिंसक झड़पें कीं। लेकिन शासन प्रशासन ने इसे भी हलके से लिया और पुलिस अभी तक हमलावारों को हिरासत में लेने में नाकाम रही है। प्रशासनिक ढिलार्इ और लापरवाही के इन हालातों ने पूर्वोत्तर के छात्रों मे अविश्वास को बढ़ाया और वे सामूहिक रूप से पलायन को तैयार हो गए। यही नहीं इसी दौरान असम में भी लगातार न केवल हिंसक वारदातें सामने आ रही हैं, बलिक इसका अबतक अछूते रहे क्षेत्रों में फैलाव भी हो रहा है। हिंसा की आग अब तक असम के चार जिलों कोकराझार, चिरांग धुबरी और बक्षा में थी, लेकिन अब इसकी चपेट में कामरूप जिला भी आ गया है। सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में दौरा करने के बावजूद हिंसा का यह विस्तार इस बात का संकेत है कि लोगो में बदले की आग ने जहन में कर्इ गहरे पैठ बना ली है। इसलिए यदि इससे अभी भी देशी बनाम विदेशी नजरिए से नहीं निपटा गया तो असम समेत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में कश्मीर जैसे हालात बन सकते हैं।
असम समस्या नर्इ नहीं होने के बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि राजीव गाधी ने इस समस्या की मूल जड़ को समझा था कि यह स्थनीय स्तर पर जातीय, नस्लीय अथवा साप्रदांयिक संर्धश नहीं है, बलिक बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से उपजा संकट है और संकट इसलिए भयावह होता जा रहा है क्योंकि धुसपैठियों के पास रोजी – रोटी व आवास के संसाधान जुटाने का जारिया एक ही था कि वे स्थानीय मूलनिवासियों के पंरपरागत संसाधनों को कब्जा लें। समस्या की इसी वजह को 1985 में तात्कालीन मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने भी समझ लिया था। लिहाजा इस समस्या के समाधान की दिषा में राज्य और केंद्र सरकार के बीच एक अनुबंध हुआ था, जिसके तहत घुसपैठियों को सीमा पर ही रोकना और असम की सीमा में आ चुके घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बांग्लादेश की सीमा में खदेड़ना था। इस अनुबंध पर कठोरता से अमल की शुरुआत हुर्इ तो वामपंथियों और मानवाधिकारवादियों ने हल्ला मचाना शुरु कर दिया। यहां इन्हें समझने की जरुरत थी कि जो घुसपैठिये मूल निवासियों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं, उनकी पक्षधरता किसलिए ? इस विरोध के बाद इस अनुबंध पर अमल को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया। और समस्या न केवल यथावत बनी रही, बलिक भयावह होती चली गर्इ।
असम में छह साल से कोंग्रेसी सत्ता की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री तरुण गोगोर्इ ने भी कभी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। क्योंकि जो घुसपैठिये अधिकृत मतदाता बन गए हैं, उनके थोक में वोट कांग्रेस को ही मिलते हैं। इसलिए असम में जब 2008 में बोडो और मुसिलमों के बीच वर्चस्व की लड़ार्इ छिड़ी तो तरुण गोगोर्इ इसे स्थानीय जातियों और संप्रदायों के बीच झड़पें कहकर टालते रहे। लेकिन असम में अब जो हिंसा का ताण्डव जारी है और 77 लोगों की जानें चली गर्इं तो तरुण गोगोर्इ की आंखों पर पड़ा तुष्टिकरण का पर्दा हट गया और अब हकीकत से रुबरु होते हुए वे यह मान रहे हैं कि घुसपैठ के चलते ही स्थानीय बोडो और संथाल जनजातियां बांग्लादेशियों के खिलाफ लामबंद हुर्इं। यही वजह रही कि मुख्यमंत्री ने अपनी कमजोरियों का दोश केंद्र सरकार पर यह कहकर मढ़ दिया कि हिंसा की जानकारी केंद्र को दे देने के बावजूद छह दिन बाद सेना घटना स्थलों पर पहुंची। इस समय तक चार लाख लोग बेघरवार हो चुके थे और करीब 55 लोग हिंसा की भेंट चढ़ चुके थे।
इस हिंसा के दुश्परिणाम अब बड़ी आंतरिक समस्या के रुप में खड़े हो गए हैं। नतीजतन हिंसा प्रभावित एक राज्य के भारतीय नागरिक दूसरे राज्य में रहने पर अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। और प्रधानमंत्री व राज्यों सरकारों के मंत्रियों द्वारा पुख्ता भरोसा दिलाए जाने के बावजूद पलायन को उठे, पैर थम नहीं रहे हैं। महानगरों के रेलवे स्टेशनों पर अविश्वास का पसरा या नजारा इस बात का संकेत है कि नागरिकों का विश्वास केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों से उठ गया है। पलायन की इस स्थिति को दलगत राजनीति से उठकर एक नर्इ आतंरिक समस्या के रुप में देखते हुए, इससे निपटने के कठोर उपाय अपनाने की जरुरत है।
|
2017/10/18 09:15:43
|
https://www.pravakta.com/assam-violence-nri-meaning-of-panic/
|
mC4
|
वक्ताओं का मानना है कि नयाँ संविधान में मधेश सहित अन्य उत्पीड़न में पड़ने वाले समुदाय का अधिकार संस्थागत करने के लिए सबको एकजुट होकर सड़क आन्दोलन में उतरने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है । शासक वर्ग अपने परापूर्वकाल से रहे वर्चस्व को बनाए रखने के लिए विगत के सम्झौता तथा सहमति को नजरअंदाज करके संविधान निर्माण करने में लगे हुए हैं उसे रोकने के लिए सड़क आन्दोलन ही एक मात्र विकल्प है । सीमांकंन के विरोध में आन्दोलनरत मधेश केन्द्रित दलों, संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा और मधेश बचाओ संर्षघ समिति द्वारा मधेश अनिश्चितकाल बन्द के क्रम में विराटनगर में आयोजित कोण सभा के वक्ताओं ने विगत के सम्झौता कार्यान्वयन करने हेतु कड़ा सड़क आन्दोलन करने पर जोर दिया है ।
रविबार को आयोजित सभा में राजनीतिक विश्लेषक खगेन्द्र संग्रौला ने कहा है कि नेपाल में शासक वर्ग ने अपना वर्चस्व कायम रखने और अधिकार प्राप्ति के लिए आन्दोलन में लगे शक्तियों को सदैव विभाजन करने वालो के खिलाफ एक होकर आन्दोलन करना होगा । उनके अनुसार नेपाल में मधेशी, आदिवासी , थारु , लिम्वु आदि समुदाय का अधिकार संविधान में स्थापित करने के लिए आन्दोलन को विभाजित कर के शासक वर्ग फायदा उठा रहे हैं । एक होकर आन्दोलन करने पर कोई भी बन्दुक के बल पर उसे दबा नहीं सकता है । उत्पीड़ित समुदाय द्वारा अधिकार माँगने पर राज्य द्वारा दमन करना और अन्तरिम संविधान के भावना विपरीत संविधान निर्माण करना जनता को अधिकार सम्पन्न नहीं होने देने की मानसिकता है । अखण्ड सुदूर पश्चिम की वकालत संघीयता विरोधी है । तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के मोरंग जिल्ला अध्यक्ष मो . कादिर ने कहा कि विगत के मधेश आन्दोलन के बाद राज्य द्वारा सम्झौता कार्यान्वयन कराने के लिए हम सब वलिदान देने को तैयार हैं । अधिकार प्राप्ति के निर्णायक आन्दोलन को राज्य में बन्दुक के बल पर दवाने की ताकत नहीं है और अब उन्हें आन्दोलन से ही संस्थागत करना है । मधेश बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक उमेश यादव ने मधेश एक स्वायत प्रदेश बनाने के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार होने की बात कही और मधेश के एजेन्डा को संविधान में सड़क आन्दोलन से ही संस्थागत करने की चेतावनी दी । शान्तिपूर्ण आन्दोलन को बदनाम करने के लिए जो हो रहा है वह सुन कर हम चुपचाप बैठने वाले नहीं हैं अभी की स्थिति करो या मरो की है । मधेशी युवाओं को अपनी जवानी मधेश को अधिकार प्राप्ति के आन्दोलन में लगाने का समय आ गया है । संघीय समाज वादी फोरम नेपाल के सभासद् ने कहा कि मधेश की मांग पूरा कराने के लिए हमसब कोई भी बलिदान करने को तैयार हैं । इसमें महिलाएँ भी अग्रपंक्ति में हैं । युवा नेता सलिम अन्सारी ने कहा कि अधिकार प्राप्त करने के लिए सशक्त आनदोलन की आवश्यता है । उन्होंने मधेश के एजेन्डा को संविधान में स्थापित करने के लिए जहाँ भी रहें भौतिक नहीं तो नैतिक रूप में सहयोग करने की अपील मधेशी समुदाय से की । सद्भावना पार्टी के जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रसाद राजबंशी की अध्यक्षता में सम्पन कार्यक्रम में दिनेश मेहता, राजु मंडल, आदि वक्ताओं ने अपने विचार रखे ।
विराटनगर ः संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा द्वारा किए गए अनिश्चितकालीन मधेश बन्द को और भी सशक्त बनाने का निर्णय किया गया है । विगत कई सप्ताह से बन्द के क्रम में मोटर साइकल तथा सिटि रिक्सा को संचालन करने की अनुमति थी किन्तु आज से उसमें भी रोक लगा दिया गया है । यह जानकारी संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव ने दी । बन्दकर्ताओं ने आइतवार शाम से माइकिगं कर के मोटर साईकल तथा सिटि रिक्सा संचालन नहीं करने की अपील की है । बन्द के क्रम में मोटरसाईकल आवागन की छूट के कारण अधिक भाड़ा लेकर चलाने की जानकारी मिलने के कारण बन्दकर्ताओं ने यह निर्णय लिया है । बन्द को सशक्त बनाने के लिए मोर्चा आवद्ध दलों ने रोडशेष, महाविर चौक, बि पल्ट, टंकी, रंगेली, आमवारी, आदि विभिन्न स्थानों में व्यापक रूप में युवा तथा पार्टी के कार्यकर्ताओं को परिचालन करने की जानकारी अध्यक्ष राजकुमार यादव ने दी ।
|
OSCAR-2019
|
||
महिलाओं ने जाना कैसे उठा सकती हैं घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज
आली और एफपीएआई द्वारा महिला हिंसा के विरूद्ध अंतर्राष्ट्रीय 16 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया...
Deepanshu Mishra 10 Dec 2018 11:41 AM GMT
लखनऊ/रांची। एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिवस (आली) और फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (एफपीएआई.) द्वारा महिला हिंसा के विरूद्ध अंतर्राष्ट्रीय 16 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में महिलाओं के साथ होने वाली विभिन्न प्रकार की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना है।
अभियान के अंतर्गत आली और (एफ.पी.ए.आई.)द्वारा महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में स्वास्थ्य प्रणाली और डॉक्टर की भूमिका पर लखनऊ में कार्यरत निजी चिकित्सकों के साथ कार्यशाला का आयोजन होटल लिनिएज मे किया गया, जिसमें लखनऊ के लगभग 50 निजी चिकित्सकों की भागीदारी थी।
ये भी पढ़ें- रक्तरंजित भाग-4 'मेरा बलात्कार कभी भी हो सकता है'
कार्यशाला मे मानवाधिकार कार्यकत्री, अधिवक्ता और आली की कार्यकारी निदेशक रेनू मिश्रा ने क़ानून व नीतियों के अंतर्गत स्वास्थ्य प्रणाली की भूमिका के तकनीकी पहलुओं को निजी चिकित्सकों के साथ साझा किया। इस कार्यशाला में रेनू मिश्रा ने कहा, "एनसीआरबी-2016 में भारत में यौन हिंसा के मामलों में न्यायालय 28% औसत दोषी सिद्ध का रेट है। यौन हिंसा के मामलो में न्यायालय में मेडिकल साक्ष्य एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर माना गया है, जिसका सीधा असर दोष सिद्ध रेट से भी है। वर्ष 2013 में धारा 166बी भारतीय दण्ड संहिता में जोड़ा गया। इस कानून में सरकारी व निजी डॉक्टरों की भूमिका तय की गयी है, जिसमे साफ़ तौर पर यह लिखा गया है कि यदि कोई डॉक्टर किसी यौन हिंसा से पीड़ित महिला का इलाज करने से इंकार करते है तो उनके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर सकती है लेकिन आज भी सरकारी और गैर सरकारी डॉक्टर इस जानकारी से अनभिग्य है।"
ये भी पढ़ें- रक्तरंजित पार्ट 6 : बलात्कार के मामलों में तीन महीने की कानूनी प्रक्रिया में लग जाते हैं छह-छह साल
आली संस्था की केस वर्क यूनिट प्रभारी अपूर्वा श्रीवास्तव ने कहा, "संस्था द्वारा वर्ष 2016 में विभाग के साथ क्षमता वर्धन पहल में उत्तर प्रदेश के लगभग 50 जिलों के सरकारी डाक्टरों के साथ दो-दिवसीय जेंडर संवेदीकरण ज़ोनल कार्यशाला में भाग लिया था, जिसमे उनके साथ घरेलू हिंसा व् यौन हिंसा के अलग अलग पहलू और उनकी भूमिका पर चर्चा की गयी थी।
कार्यशाला में आए निजी डाक्टरों द्वारा अनुभवों के सांझा करने के दौरान यह निकल कर आया कि यौन हिंसा के मामलो और कृत्यों का दायरा बहुत व्यापक है तथा उनके पहल करने से कई महिलाओं को उनके अधिकार प्राप्त हो सकते है और उनका सही इलाज हो सकता है। यौन हिंसा व घरेलू हिंसा कानूनों में निजी चिकित्सक की भूमिका से जुडी भ्रांतियों पर भी चर्चा हुई जिससे वे ऐसे मामलो में सक्रिय रूप से राहत प्रदान कर सकें।
ये भी पढ़ें- इंटरनेट की घटती कीमतों के कारण गाँव में बढ़ रहे बलात्कार: रक्तरंजित भाग 5
क्या है आली
एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनीशिएटिव्स (आली) एक नारीवादी कानूनी पैरोकारी एंव संदर्भ केन्द्र है। जो वर्ष 1998 से महिला मानवाधिकारो की स्थापना के लिए तकनीकी समर्थन एवं कानूनी सन्दर्भ केन्द्र के रूप में अधिकार आधारित समझ एवं नारीवादी परिपेक्ष्य के साथ कार्य करती रही है। आली अपनी स्थापना के समय से ही महिलाओं तथा बच्चों के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ उत्तर प्रदेश, झारखण्ड व अन्य राज्यो में साथी संस्थाओं के सहयोग से काम करती आ रही है तथा उनसे सम्बन्धित कानूनो के प्रति जागरूकता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सक्रिय प्रयास करती रही है।
ये भी पढ़ें- रक्तरंजित : परिवार अक्सर खुद ही दबाते हैं बलात्कार के मामले
एफ.पी.ए.आई.
वर्ष 1949 में स्थापित, फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफ.पी.ए.आई. जिसे अब एफपीए इंडिया कहा जाता है) देश का सबसे बड़ा स्वैच्छिक परिवार नियोजन संगठन है। एफपीएआई ने परिवार नियोजन, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य, लिंग आधारित हिंसा, महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, किशोरों की विशिष्ट जरूरतों, पुरुषों और समूहों को वंचित और वंचित क्षेत्रों में बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। एफपीए इंडिया, लखनऊ शाखा वर्ष 1965 में स्थापित हुई है।
रांची में हुई मीडिया वर्कशॉप
आली संस्था के लखनऊ कार्यालय की शुभांगी सिंह एवं झारखण्ड कार्यालय की रेशमा सिंह इस कार्यशाला में मीडिया के द्वारा लिखी एवं दिखाई जाने वाली ख़बरों के ऊपर चर्चा की, जिसमे उन्होंने अपना विचार रखते हुए कहा की प्रारम्भ से ही हमारे समाज में मीडिया में आने वाले खबरों का बहुत प्रभाव रहा है। समाज में आने वाले बदलाव में मीडिया की अहम् भूमिका रही है इसलिए मीडिया को संवेदनशील होना बहुत जरुरी है, ताकि समाज पर इसका सकारात्मक बदलाव हो सके। खास कर जहाँ महिलाओं को दोयम दर्जे का समाज व समुदाय में स्थान प्राप्त है वहां यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि महिलाओं से जुड़े मुद्दे को स्वेदंशीलता के साथ प्रदर्शित किया जाये।
ये भी पढ़ें- जब तक आप ये खबर पढ़ कर खत्म करेंगे, भारत में एक और बच्ची का बलात्कार हो चुका होगा
आली की शुभांगी ने कहा, "एक तरफ जहाँ महिलाओं और बच्चो के साथ बलात्कार और यौन हिंसा की घटनाओ की संख्या बढ़ रही है, दूसरी तरफ इन घटनाओं का असंवेदनशील रिपोर्टिंग पीड़ित व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही #metoo के मुहीम के बारे में भी चर्चा हुई।"
|
2021/10/28 05:02:16
|
https://www.gaonconnection.com/nari-diary/aali-legal-advocacy-apfi-violence-women-violence-domestic-voilence-42885
|
mC4
|
This page is also available in: English (English)जब तलाक और ब्रह्मचर्य को संबोधित करते हुए यीशु ने कहा, “और मैं तुम से कहता हूं, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़…
और यहाँ यह सोचकर बैठा था कि यह कितने TH / s होगा और इसने इसे तोड़ दिया और ईमानदारी से यह इसके लायक नहीं है। दृश्य स्थिति है कि विदेशी मुद्रा में अर्जित इतना मुश्किल नहीं है! वैसे भी, परिचय के बाद WP इंजन, फ़्लाइव्हील, और पैगली मिक्स में, लिक्विड वेब एक और ईकॉमर्स होस्टिंग प्रदाता को खोने के लिए होता है। WP इंजन क्रिप्टोकरेंसी की परिभाषा 2013 में लिक्विड वेब से आगे निकलने के लिए पीछे से आया, और तब से खोज लोकप्रियता में वृद्धि जारी है।
Oct 25, 2019 चुनाव अभियान में कांग्रेस जनता को भले दोनों सूबों में दमदार विकल्प होने का संदेश नहीं दे पायी मगर जनता ने नतीजों के जरिये अपना स्पष्ट संदेश दे दिया। इसके अलावा, व्यापार में कई व्यापारी इसकी दिशा में बदलावों को देखते हुए, चीकिन संकेतक का उपयोग करते हैं, जो बेचने या खरीदने के लिए एक संकेत भी हो सकता है, लेकिन साथ ही साथ इसे मूल्य की प्रवृत्ति की दिशा के साथ मेल खाना चाहिए। उदाहरण के लिए, जब कोई स्टॉक बढ़ रहा होता है, जबकि उसकी कीमत 90-दिवसीय चलती औसत से अधिक होती है, तो नकारात्मक क्षेत्र में सूचक वक्र के एक उलट को खरीद संकेत के रूप में समझा जा सकता है।
उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए ही एक योजना चलाई जा रही है। नाम है – मुद्रा लोन योजना । इसको प्रधानमंत्री माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना की तहत एमएसएमई उद्योग को 3 कैटेगरी में रखकर बिजनेस लोन दिया जाता है। इस मामले में, ग्राहक रणनीतियों को सीख सकते हैंव्यापार, और समीक्षा। बहुत से अफसोस है कि अनुभाग विशेष रूप से अंग्रेजी में उपलब्ध है। लेकिन अनुवाद जटिल और विशिष्ट नहीं है, इसलिए आप Google की सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुफ्त वेबिनार शामिल हैं। वीडियो विकल्प ट्रेडिंग रणनीतियों को दिखाता है। साइट का "समाचार" खंड बहुत आसान है। यह ब्रोकर के काम, साथ ही नए उत्पादों और वर्तमान प्रस्तावों की विशेषताओं के बारे में जानकारी प्रदान करता है। खंड में कोई वित्तीय समाचार नहीं है।
अपने Arlo पर दो-चरणीय सत्यापन सेट करने के लिए, आइए चरणों का अवलोकन करें। अपने डिवाइस (मोबाइल या टैबलेट) पर Arlo ऐप पेश करें सेटिंग> प्रोफाइल> लॉगइन सेटिंग्स> टू-स्टेप वेरिफिकेशन पर जाएं। सक्षम करने के लिए बाद में बटन चुनें अपने प्रमाणीकरण विधि के रूप में एसएमएस पाठ संदेश / पुश अधिसूचना चुनें अब दो-चरणीय सत्यापन सेटअप पूर्णता से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करें।
मुझे यह मानना है कि मंच वास्तव में बहुत पारदर्शी है और मुझे लगता है कि बाइनरी विकल्पों से निपटने के लिए हर किसी को इसे प्रबंधित करने में सक्षम हो जाएगा। दुर्भाग्यवश, स्पष्ट सरलीकरण के कारण, मंच कई कार्यों से छीन लिया गया है जो अधिक उन्नत लोगों के लिए परेशान हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, हमारे पास मोमबत्ती प्रारूप में चार्ट देखने की क्रिप्टोकरेंसी की परिभाषा पहुंच नहीं है। यही कारण है कि मैं व्यापार चार्ट को आसानी से चलाने के लिए बाहरी चार्ट आपूर्तिकर्ताओं का उपयोग करने का सुझाव देता हूं। फिल्मों में चित्रित भीड़-भाड़ वाले शहर-आधारित कमरों से व्यापार बदल गया है। 1833 के अधिनियम के अंतर्गत ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत प्रशासन में किए गए परिवर्तन इस प्रकार थे।
|
2021-03-08T06:03:22Z
|
http://www.bharatvarta.in/category/extra/martyr/
|
OSCAR-2109
|
3 साल तक जमा किए 1 रुपये के सिक्के और खरीद ली अपनी ड्रीम बाइक – Latest Breaking News, हिंदी समाचार, Today Live News in Hindi – Delhi Junction
Gossips
Celebs
News
Entertainment
Search
Search
6 months ago 6 months ago
3 साल तक जमा किए 1 रुपये के सिक्के और खरीद ली अपनी ड्रीम बाइक
by NITIN RAJPUT 6 months ago 6 months ago
तमिलनाडु के सलेम जिले में एक युवक ने अपनी बचत की आदत से कमाल कर दिया। उसने तीन साल तक एक-एक रुपये के सिक्के जमा कर करीब 2.6 लाख रुपये जुटाए और इन सिक्कों से ही अपनी ड्रीम बाइक खरीदी। सिक्कों की तादाद इतनी थी कि शोरूम के स्टाफ को गिनने में 10 घंटे लग गए। सलेम जिले के निवासी वी बूपथी BSA ग्रैजुएट हैं और वह बतौर कंप्यूटर इंजीनियर काम कर चुके हैं। उन्हें तीन साल पहले एक बाइक पसंद आ गई। तब उस बाइक की कीमत 2 लाख रुपये थी और वी बूपथी के पास उतने पैसे नहीं थे। तब उन्होंने एक-एक रुपये बचाने का फैसला किया। तब से उन्हें जहां भी मौका मिलता, एक-एक रुपये के सिक्के बचाकर जमा करने लगे। उन्होंने बताया कि वह चाय की दुकान और दूसरे स्टॉल पर जाकर नोट से सिक्के एक्सचेंज करने लगे।
लाखों सिक्के लेकर बाइक खरीदने पहुंचा युवक
बूपथी ने कहा, ‘मैंने करीब तीन साल तक मंदिर, होटल्स, यहां तक कि चाय की दुकान से नोट के बदले सिक्के लिए।’ जब बाइक खरीदने का बारी आई तब उसे पेमेंट करने के बारे में पूछा गया। इस दौरान बूपथी ने एक बड़ा बैग निकाला। बैग देखकर शोरूम वाले भी हैरान हो गए थे। बाइक की पेमेंट करने के लिए बूपथी एक-एक रुपये के सिक्के लाए थे। कुल मिलाकर ये सिक्के 2 लाख 60 हजार रुपये थे। इस सिक्कों को गिनने में शोरूम वालों को 10 घंटे लग गए।
सिक्कों को गिनने में लग गए 10 घंटे
वहीं, शोरूम के मैनेजर महाविक्रांत ने बताया किपहले तो वह ये सिक्के लेने से मना करने वाले थे, लेकिन वह बूपथी को निराश नहीं करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने सिक्कों के जरिए पेमेंट करने के लिए हामी भर दी। उन्होंने बताया की बैंक उनसे 1 लाख रुपये जमा करने पर 140 रुपये चार्ज करेगा। महाविक्रांत ने आगे बताया कि सिक्कों को गिनने में लगभग 10 घंटे लगे। जब सिक्कों की गिनती पूरी हुई तब हमने उसे बाइक दे दी।
3 साल पहले देखा था बाइक खरीदने का सपना
बूबाथी BSA ग्रैजुएट है और वो बतौर कंप्यूटर इंजीनियर काम कर चुके हैं। चार साल पहले उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल भी शुरु किया। बूबाथी ने 3 साल पहले ये बाइक ख़रीदने का सपना देखा था और तब इसकी क़ीमत 2 लाख रुपये थी। बूबाथी ने रोज़ 1 रुपये बचाए और 3 साल बाद बाइक ख़रीद ली। बूपथी ने साबित कर दिया कि ख़्वाब सच्चे हों तो 1 रुपये से भी सच हो सकते हैं।
More From: Gossips
दिव्यांग होने के बाद भी व्हीलचेयर पर फ़ूड डिलीवर करते है गणेश गणेश मुरुगन, जानिए इनकी कहानी
by Simran
इस IPS महिला अधिकारी ने ड्यूटी के वक्त करी शादी , PM मोदी ने की तारीफ
by NITIN RAJPUT
गजब: बारातियों को खाने में नहीं मिली रसमलाई तो तोड़ दी दूल्हे वालो ने शादी
by NITIN RAJPUT
कोर्ट के 150 बार चक्कर लगाने के बाद दोबारा वापस मिली नौकरी, अब 7 साल का हर्जाना भरेगी कंपनी
by NITIN RAJPUT
ना खाने को रोटी ना रहने को सर पर छत, गरीबी की चरम सीमा में जिंदगी गुजार रहे है गुजरात के पूर्व विधायक
|
2022-11-26T11:28:50Z
|
https://www.delhijunction.in/deposit-1-rupee-coins-for-4-years-and-buy-your-dream-bike-it-took-10-hours-to-count-coins/
|
OSCAR-2301
|
Pakistan violates ceasefire in Krishna Ghati & Nowshera Sectors of jammu and kashmir | J&K: पाकिस्तान ने एक बार फिर किया सीज फायर का उल्लंघन, भारतीय सेना दे रही जवाब | Hindi News, देश
May 22, 2020, 09:33 AM IST
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले (District Poonch) के कृष्णा घाटी (Krishna Ghati) और नियंत्रण रेखा से सटे नौशेरा सेक्टर (Nowshera) में एक बार फिर पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है. पाकिस्तानी सेना की तरफ से शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे
|
2020/05/29 20:31:18
|
https://zeenews.india.com/hindi/india/pakistan-violates-ceasefire-in-krishna-ghati-nowshera-sectors-of-jammu-and-kashmir/684801
|
mC4
|
अगर आपको किसी भी प्रश्न का उतर गलत लगे तो आप कमेंट के माध्यम से हमारी टीम को अवगत करवा सकते हो | अगर आप 19 फरवरी 2021 को आयोजित हुई परीक्षा में उपस्थित हुए थे , तो आप भी अपना अनुभव हमारी टीम के साथ शेयर कर सकते हो | जिससे आपके अन्य दोस्तों को भी आपके अनुभव का फायदा मिल सके | अधिक जानकारी के लिए आप इस पेज को आखिर तक जरूर पढ़े |
महामारी के बीच जून में शुरू की गई पीएम स्ट्रीट वेंडर की एटमानिर्भर निधि (पीएम एसवीएनिधि) योजना, एक माइक्रो-क्रेडिट सुविधा है जो सड़क विक्रेताओं को एक वर्ष की अवधि के लिए कम ब्याज दरों पर 10,000 रुपये का संपार्श्विक-मुक्त ऋण प्रदान करती है। ।
उत्तर प्रोजेरिया, जिसे ‘हचिंसन-गिलफोर्ड’ भी कहा जाता है, प्रोगेरिया सिंड्रोम एक प्रगतिशील आनुवांशिक विकार है जो बच्चों को तेजी से उम्र देता है।
रेतीली और दोमट मिट्टी ईंट बनाने के लिए अच्छी मिट्टी मानी जाती है। कैल्केरियास मिट्टी में कुछ चूने होते हैं जो मिट्टी को हल्का रंग देते हैं। चूने की अधिकता से ईंटों में चूने का फटना होता है।
SKOCH गोल्ड अवार्ड को जनजातीय मामलों के मंत्रालय (MoTA) को "आईटी सक्षम छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से आदिवासियों के सशक्तिकरण" के लिए प्रदान किया गया है।
|
2021-03-04T03:25:35Z
|
https://www.khetikare.com/2020/05/apmc-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0.html
|
OSCAR-2109
|
Exclusive - कोटा के तेंदुवे की पहली एक्सक्लुसिव तस्वीर शाम साढ़े सात बजे दिखाई दी। - दबंग न्यूज़ लाइव
Home / करगी रोड / Exclusive – कोटा के तेंदुवे की पहली एक्सक्लुसिव तस्वीर शाम साढ़े सात बजे दिखाई दी।
Exclusive – कोटा के तेंदुवे की पहली एक्सक्लुसिव तस्वीर शाम साढ़े सात बजे दिखाई दी।
फौजी ढाबे के पास घुमते मिला तेंदुवा । उमरिया दादर में शेर ने किया जानवर का शिकार ।
मंगलवार 07.12.2021
करगीरोड कोटा – पिछले पंद्रह बीस दिनों से छलावे के तौर पर छाए हुए तेंदुव की एक्सक्लुसिव तस्वीर कल शाम साढ़े सात बजे वन विभाग के द्वारा लगाए गए ट्रेप कैमरे में कैद हो ही गई और इसी के साथ ये अफवाह भी समाप्त हो गई कि क्या वाकई में इस क्षेत्र में तेंदुवा है भी या नहीं ।
फौजी ढाबे के पास शाम सात बजे घुमते दिखा तेंदुवा ।
दबंग न्यूज लाईव समय समय पर तेंदुवे और वन्य प्राणियों की खबर लगाकर क्षेत्र के लोगों को आगाह कर रहा था कि वे सावधानी बरतें तथा रात या अंधेरा होने के बाद इस क्षेत्र में ना जाएं । लेकिन जो लोग इसे अफवाह मान रहे थे उनके लिए ये खबर चेतने वाली है कि फौजी ढाबे से लेकर कार्पोरेशन और सेल डिपो के बीच तेंदुवा लगातार सक्रिय है ।
उमरिया में टाईगर का पग मार्क ।
वन विभाग के एसडीओ ललीत दुबे शुरू से ही इस तेंदुवे की जानकारी लेने के मिशन में लगे हुए थे कल उनकी कोशिश सफल हुई ओैर टेªप कैमरे में इस खुबसुरत तेंदुवे की तस्वीर आ ही गई ।
इसी बीच ये भी खबर मिल रही है कि बेलगहना से आगे उमरिया दादर में एक शेर और एक तेंदुवे ने बैल और भेैंस का शिकार कर लिया है । और रात भर इस क्षेत्र में वन्य प्राणियों की दहाड़ गुंज रही है ।
उमरिया में टाईगर द्वारा किया गया शिकार ।
वन विभाग के एसडीओ ललीत दुबे ने दबंग न्यूज लाईव से बात करते हुए कहा कि – लोगों को अब मान लेना चाहिए कि डेम और डिपो के ईलाके में तेंदुवा सक्रिय है और लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहा है । कल एक ट्रेप कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो गई है जब वो फौजी ढाबे के पास से गुजरा । तेंदुवा पूर्ण व्यस्क लग रहा है और इस क्षेत्र में उसकी मुवमेंट लगातार जारी है । लोगों से निवेदन है िकवे अंधेरे और रात के समय इस क्षेत्र में जाने से बचे ।
बहरहाल कोटा के पास अपना क्षेत्र बना चुके तेंदुवे की पहल झलक आप भी देखिए । और अपनी सुरक्षा के साथ इस वन्य जीव की भी सुरक्षा का ध्यान रखें ।
https://dabangnewslive.com/exclusive-the-first-exclusive-picture-of-tenduve-of-kota-appeared-at-7-30-pm/ 2021-12-07
Previous: बच्चों की थाली में डाका -मध्यान्ह भोजन में मूली की भाजी , ऐसे स्वस्थ और तेज होंगे प्रदेश के बच्चे ।
|
2022/07/05 00:52:27
|
http://dabangnewslive.com/exclusive-the-first-exclusive-picture-of-tenduve-of-kota-appeared-at-7-30-pm/
|
mC4
|
जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में संगठन की मजबूती पर बल - Bihar Siwan General News
जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में संगठन की मजबूती पर बल
Publish Date:Wed, 16 Sep 2020 04:53 PM (IST)Author: Jagran
सिवान । प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक प्रदेश महासचिव अब्दुल करीम रिजवी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन की मजबूती बल देने की बात कही गई। रिजवी ने कहा कि पिछले सरकार ने अल्पसंख्यकों का शोषण की है तथा इन्हें वोट बैंक के रूप में उपयोग किया, लेकिन नीतीश सरकार ने अल्पसंख्यकों को इंसाफ दिलाया और शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव में जाकर मुख्यमंत्री के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। बैठक में शेख अब्बास अली, मो नुरैन, सिराजुद्दीन आलम, आफताब आलम, मुन्ना मुस्ताक, आलमगीर अंसारी, मोइनुद्दीन मौलाना, मजहरूल कादरी, क्यामुद्दीन, नवाज हुसैन आदि मौजूद थे।
|
2020/10/28 03:27:52
|
https://m.jagran.com/bihar/siwan-meeting-of-jdu-20755644.html
|
mC4
|
motivational-concept-in-hindi Hindi News | Latest Hindi News | punjabkesari.in
1:57:50 PM
सफलता की अपनी खुद की परिभाषा बनाएं
कई लोग सफलता को पैसे से जोड़ते हैं, लेकिन स्पष्ट रूप से हर व्यक्ति के मन में दौलतमंद बनने की इच्छा सबसे प्रबल नहीं होती। हो सकता है जीवन में सफलता की...
जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपनाएं ये उपाय
अपनी शक्ति कायम रखने के लिए फीडबैक का मूल्यांकन करें और यह तय करें कि यह सच है या नहीं। हालांकि आलोचना कई बार हमारी आंखें खोल सकती है
प्रेरक प्रसंग: पढ़िए गुरु भक्ति की अद्भुत मिसाल
श्री लाल बहादुर शास्त्री केंद्रीय रेल मंत्री थे। काशी में उन्हें पंडित सम्पूर्णानंद तथा पंडित निष्कामेश्वर मिश्र के श्री चरणों में बैठकर शिक्षा...
आपके ईमानदारी बनाती है आपको कर्तव्यपरायण
महान चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रतिदिन अपने छोटे से ट्रांजिस्टर से समाचार सुनने के आदी थे। इस माध्यम से देश-विदेश के समाचार मिल जाते थे।
प्रेरक प्रसंग: मातृभूमि से करें प्रेम
श्री लाल बहादुर शास्त्री उन दिनों स्वदेशी प्रचार अभियान में जुटे हुए थे। जगह-जगह पहुंच कर लोगों को विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने तथा खादी पहनने की...
कोई निर्णय लेने से पहले ज़रूर सोचें उसका परिणाम
राजा फिलिप अपने दरबार में स्वयं मुकद्दमे सुनकर न्याय करते थे। एक दिन राज्य के दो नागरिकों का मुकद्दमा उनके सामने पेश किया गया।
|
2021/04/17 08:30:09
|
https://www.punjabkesari.in/trending/news/dharm/motivational-concept-in-hindi
|
mC4
|
मल्टीपल स्केलेरोसिस के अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव क्या हैं? - स्वास्थ्य
एमएस के अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव: 6 बातें जानने के लिए
मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) एक पुरानी स्थिति है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी सहित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। यह विविध लक्षण पैदा कर सकता है।
कई मामलों में, एमएस प्रगतिशील है। इसका मतलब है कि यह आम तौर पर समय के साथ और अधिक गंभीर हो जाता है। हालांकि, एमएस की प्रगति में देरी के लिए दवाएं उपलब्ध हैं।
एमएस के लघु और दीर्घकालिक प्रभावों को समझना उन्हें प्रबंधित करने के लिए सीखने की ओर पहला कदम है। आपका डॉक्टर आपके दैनिक जीवन पर एमएस के प्रभाव को कम करने के तरीकों के बारे में जानने में मदद कर सकता है।
एमएस विभिन्न लक्षण पैदा कर सकता है
यदि आपके पास एमएस है, तो आपके शरीर में अति सक्रिय प्रतिरक्षा कोशिकाएं मायलिन शीथ को नुकसान पहुंचाती हैं जो आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं की रक्षा करती हैं। इससे क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को घावों के रूप में जाना जाता है।
जब घाव आपके मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी पर बनते हैं, तो वे आपके शरीर में तंत्रिका संकेतों की गति को बाधित करते हैं। यह कई प्रकार के लक्षण पैदा कर सकता है।
उदाहरण के लिए, सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
झुनझुनी और सुन्नता आपके चेहरे, धड़, या अंगों में
आपकी मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द
संतुलन और समन्वय की हानि
आपकी स्मृति, एकाग्रता या अन्य संज्ञानात्मक कार्यों के साथ समस्याएं
एमएस भी कम ज्ञात लक्षणों का कारण बन सकता है, जैसे कि झटके या पक्षाघात। हर कोई इन लक्षणों का अनुभव नहीं करता है।
समय के साथ लक्षण बदल सकते हैं
एमएस के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होते हैं। वे एक ही व्यक्ति में समय के साथ बदल भी सकते हैं।
उदाहरण के लिए, कुछ लोग ऐसे लक्षण विकसित करते हैं जो कुछ समय के लिए या पूरी तरह से बेहतर होते हैं। वे लक्षण बाद में हमलों या रिलैप्स के दौरान वापस आ सकते हैं। लोग उन लक्षणों का भी अनुभव कर सकते हैं जो समय के साथ बने रहते हैं।
जैसे ही समय बीतता है, नए या अधिक गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं। यही कारण है कि आपके लिए उपचार के साथ स्थिति को सावधानीपूर्वक प्रबंधित करना महत्वपूर्ण है। एक उपचार योजना के बाद वर्तमान लक्षणों का इलाज करने और नए लक्षणों की संभावना को कम करने में मदद मिल सकती है।
Relapsing-remitting MS (RRMS) सबसे आम प्रकार है
एमएस को तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है, जो इस स्थिति के आधार पर आगे बढ़ती है। RRMS MS का सबसे सामान्य प्रकार है। यह राष्ट्रीय निदान स्क्लेरोसिस सोसायटी (एनएमएसएस) की रिपोर्ट में लगभग 85 प्रतिशत नए निदान करता है।
आरआरएमएस वाले लोग लक्षणों के तीव्र हमलों का अनुभव करते हैं, जिन्हें रिलैप्स के रूप में जाना जाता है। इन हमलों के बाद छूट की अवधि होती है।
रिलैप्स के दौरान, आप नए लक्षण विकसित करते हैं, या आपके मौजूदा लक्षण खराब हो जाते हैं। छूट के दौरान, आपके कुछ या सभी लक्षण बेहतर हो जाते हैं।
अन्य प्रकार के एमएस में माध्यमिक प्रगतिशील एमएस (एसपीएमएस) और प्राथमिक प्रगतिशील एमएस (पीपीएमएस) शामिल हैं। आरआरएमएस वाले अधिकांश लोग अंततः एसपीएमएस विकसित करते हैं। केवल MS वाले लगभग 15 प्रतिशत लोगों के पास PPMS है।
एमएस विकलांगता का कारण बन सकता है
एनएमएसएस के अनुसार, एमएस वाले अधिकांश लोग गंभीर रूप से अक्षम नहीं होते हैं।
हालांकि, एमएस के लक्षण और जटिलताएं दैनिक कार्यों को पूरा करने की आपकी क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। यह आपके काम, गृह जीवन या रिश्तों में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
समय बीतने के साथ सामान्य तौर पर, विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है।
एनएमएसएस के अनुसार, एमएस वाले लगभग दो-तिहाई लोग चलने की क्षमता बनाए रखते हैं। कुछ को बेंत या अन्य सहायक उपकरण का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है।
दवा के दो मुख्य समूह हैं जिनका उपयोग एमएस के इलाज के लिए किया जाता है: रोग-संशोधित चिकित्सा (डीएमटी) और रोगसूचक दवाएं।
डीएमटी को एमएस की प्रगति को धीमा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। वे इसमें मदद कर सकते हैं:
घावों की संख्या और आकार की सीमा
हमलों और रिलैप्स की आवृत्ति और गंभीरता को कम करना
विकलांगता को रोकें या विलंब करें
अधिकांश DMT का विकास RRMS के इलाज के लिए किया गया है। हालाँकि, कुछ SPMS या PPMS के इलाज के लिए उपलब्ध हैं।
रोगसूचक दवाओं का उपयोग एमएस के लक्षणों के उपचार के लिए किया जाता है। आपके विशिष्ट लक्षणों के आधार पर, आपका डॉक्टर उन्हें प्रबंधित करने के लिए एक या अधिक रोगसूचक दवाएं लिख सकता है।
आपका डॉक्टर शारीरिक या व्यावसायिक चिकित्सा जैसे अन्य उपचार भी लिख सकता है। कुछ मामलों में, आपको एक सहायक उपकरण का उपयोग करने से लाभ हो सकता है, जैसे कि बेंत।
कई लोग एमएस के साथ लंबे जीवन जीते हैं
एमएस से जटिलताओं और विकलांगता के अपने जोखिम को कम करने के लिए, प्रारंभिक निदान और उपचार दोनों महत्वपूर्ण हैं।
आपका डॉक्टर आपको समय के साथ स्थिति की निगरानी और प्रबंधन के लिए नियमित जांच करने के लिए कहेगा। आपकी अनुशंसित उपचार योजना के बाद एमएस के साथ आपके दीर्घकालिक दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
एक समग्र स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करने से आपको स्थिति के साथ जीवन की अच्छी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। उदाहरण के लिए, व्यायाम करना, स्वस्थ आहार खाना और आराम करने के तरीकों को खोजने से फर्क पड़ सकता है।
एमएस विभिन्न लक्षणों की एक श्रृंखला पैदा कर सकता है जो अक्सर स्थिति बढ़ने पर बदल जाते हैं। एमएस की प्रगति में देरी करने में मदद करने के लिए, कई दवाएं उपलब्ध हैं। आपका डॉक्टर उन उपचारों का सुझाव भी दे सकता है जो विशिष्ट लक्षणों के उपचार के लिए हैं।
एमएस के संभावित अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में और अधिक जानने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें, साथ ही उन रणनीतियों का उपयोग करें जिन्हें आप उन प्रभावों को रोकने या प्रबंधित करने के लिए कर सकते हैं।
कैसे पहचानें और अपने बालों के प्रकार को स्टाइल करें
घर और कार्यालय में टेनिस एल्बो के लिए टेस्ट करने के 7 तरीके
त्वचा की लोच: इसे बेहतर बनाने के 13 तरीके
एक ठंडी तेजी से छुटकारा पाने के लिए 11 युक्तियाँ
कौन सा बेहतर है - मुफ्त वजन या मशीनों का उपयोग करना?
मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) समय के साथ धीरे-धीरे उत्पन्न होने वाले तत्काल लक्षणों या दीर्घकालिक मुद्दों का कारण बन सकता है। दोनों प्रकार के मुद्दों को प्रबंधित करने से आपके जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।
Copyright 2021 https://my-healthtips.com एमएस के अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव: 6 बातें जानने के लिए
|
2021/11/30 02:27:52
|
https://hi.my-healthtips.com/multiple-sclerosis-short-term-long-term-8HM
|
mC4
|
Bhojpuri bomb Monalisa Turns Red Hot in Saree | भोजपुरी 'डायन' मोनालिसा का रेड साड़ी अवतार देख कहीं 'नजर' ना लगा दे आप - www.newsstate.com
मोनालिसा भी सोशल मीडिया पर अकसर अपनी तस्वीरों को शेयर कर फैंस को ट्रीट देती रहती है।
News State Bureau | Updated On : August 19, 2018 10:01 AM
भोजपुरी सिनेमा की हॉट क्वीन मोनालिसा आज कल स्टारप्लस चैनल के सीरियल 'नजर' में मोहना की भूमिका निभा रही है। बिगबॉस 10 में प्रतिभागी रही मोनालिसा की पहचान अब भोजपुरी सिनेमा ही नहीं बल्कि घर-घर में हो गई है। 'नजर' में सेक्सी डायन की भूमिका में उनके फैंस उन्हें काफी पंसद करते है। मोनालिसा भी सोशल मीडिया पर अकसर अपनी तस्वीरों को शेयर कर फैंस को ट्रीट देती रहती है।
मोनालिया ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोर में रेड साड़ी में अपनी एक फोटो शेयर की है। इस फोटो को देखकर उनके फैंस के दिल की धड़कन बढ़ गई है। फोटो शेयर होते ही इंटरनेट पर वायरल हो गई।
इसे भी पढ़ें: Kerala Flood: प्रिया प्रकाश वारियर ने लगाई मदद की गुहार
मोनालिसा का रेड साड़ी में ये सेक्सी अवतार अन्य एक्ट्रेस को जलन दे सकता है। गुल खान के इस सुपरनैचुरल हॉरर शो 'नजर' में मोनालिसा जवान रहने के लिए इंसानों का खून पीती रहती है। वैसे ऐसी खूबसूरती की खातिर तो उनके फैंस अपनी जान देने को तैयार भी हो जाए।
भोजपुरी सिनेमा में मोनालिया करीब 100 से ज्यादा फिल्में और 30 आइटम नबंर कर चुकी है। उन्होंने बिग बॉस में शो के दौरान ही अपने बॉयफ्रेंड विक्रांत सिंह राजपूत के साथ शादी कर ली थी। विक्रांत भी भोजपुरी एक्टर है।
First Published: Sunday, August 19, 2018 09:27 AM
RELATED TAG: Bhojpuri, Daayan, Monalisa, Bhojpuri Monalisa, Bhojpuri Monalisa, Facts About Actress Monalisa,
|
2018/11/18 01:51:40
|
https://www.newsstate.com/bhojpuri-cinema/bhojpuri-dayan-monalisa-turns-red-hot-in-saree-article-60785.html
|
mC4
|
बहादुरी कतई काम न आए ट्रेडिंग में – ।।अर्थकाम।। Be financially clever!
बहादुरी कतई काम न आए ट्रेडिंग में
आम जीवन में बहादुरी बहुत ज़रूरी है। अंतिम जीत उसकी होती है जो प्रतिकूल से प्रतिकूल हालात में भी पीठ दिखाकर नहीं भागता और आखिरी दम तक लड़ता रहता है। लेकिन ऐसे योद्धा वित्तीय बाज़ार के मैदान में बहुत जल्दी वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं। बहादुरी के चक्कर में ऐसा घाटा लगता है कि किसी से नज़रें मिलाने तक के काबिल नहीं रहते। मनोचिकित्सक भी उन्हें अवसाद से बाहर नहीं निकाल पाता। अब मंगल की दृष्टि…
|
2022/01/19 23:12:12
|
https://arthkaam.com/bravery-does-not-work-in-trading/32147/
|
mC4
|
Congress Ticket को आवेदन की तारीख बढ़ी, अब तक 315 के आ चुके हैं आवेदन
Update: Friday, October 6, 2017 @ 12:30 PM
लोकिन्दर बेक्टा/ शिमला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधानसभा चुवावों को टिकट के लिए आवेदन करने की तारीख को बढ़ा दिया है। पार्टी ने आवेदन की तारीख 10 अक्टूबर की शाम तक बढ़ा दी है। ऐसा टिकटों के प्रति बढ़े रूझान और पिछले दिनों रही छुट्टियों के चलते किया गया है। पार्टी के पास कई नेताओं ने भी आवेदन करने की तारीख बढ़ाने का आग्रह किया था। इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की भी रैली घोषित हो गई और कई नेता इसकी तैयारी में लग गए हैं। राहुल गांधी की रैली 7 अक्तूबर को मंडी में हो रही है और पार्टी दिग्गज इसे सफल बनाने में लगे हैं। उधर, पार्टी के पास अभी तक 68 हलकों के लिए अभी तक 315 से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
10 अक्तूबर की शाम तक किया जा सकता है आवेदन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव व मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी ने टिकट के आवेदन करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अब पार्टी कार्यकर्ता 10 अक्तूबर की शाम तक टिकट के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं की यह मांग थी और पिछले दिनों बैंकों में भी छुट्टियां भी थीं। इसके देखते हुए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई गई है।
|
2021/06/14 21:36:53
|
https://himachalabhiabhi.com/date-of-application-for-congress-ticket-increased/
|
mC4
|
बेटी को अश्लील Film बनाकर दिखाने को कहता था बाप, Arrest
Update: Monday, July 31, 2017 @ 3:15 PM
Obscene films: पीड़िता ने मामा से बताई आप बीती
Obscene films: चंडीगढ़। पंजाब के जालंधर में बाप-बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक बाप अपनी ही नाबालिग बेटी को अश्लील फिल्म बनाकर दिखाने के लिए दबाव डालता रहा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक जालंधर के जीटीबी नगर में रहने वाली एक 16 वर्षीय लड़की का पिता उसे खुद की न्यूड फिल्म बनाकर दिखाने को कहता था। जब लड़की इस काम के लिए मना करती थी तो बाप उसे डराया धमकाया करता था। एक दिन पिता की इन गंदी हरकतों से तंग आकर पीड़ित लड़की ने अपने मामा से आपबीती सुनाई तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के मामा की शिकायत के आधार पर उसके पिता के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है।
|
2021/03/01 02:03:54
|
https://himachalabhiabhi.com/father-arrested-obscene-films-showing-his-daughter-jalandhar/
|
mC4
|
Dog died after falling on the gate from the upper floor of the society | कुत्ते की हत्या पर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा, पुलिस कर रही जांच | Patrika News
कुत्ते की हत्या पर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा, पुलिस कर रही जांच
जिले में एक कुत्ते की हत्या के बाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच में जुट गई है। एक तरफ जहां आमतौर पर हत्या के बाद हत्यारोपी को पकड़ने में उदासीनता बरतती है वहीं अब उसी पुलिस को कुत्ते के हत्यारोपियों को पकड़ना होगा। पूरा मामला दिलचस्प है।
Published: November 19, 2021 03:03:35 pm
ग्रेटर नोएडा. कुत्ते की हत्या के मामले में एक सोसाइटी में रहने वाले लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। लेकिन कुत्ते की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से सोसाइटी के लोगों में रोष व्याप्त है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला का आरोप है कि सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों ने कुत्ते को ऊंची इमारत से नीचे फेंक दिया। जिससे उसकी मौत हो गई है।
तंत्र-मंत्र के चक्कर में ताई ने दी पांच साल के मासूम की बलि, खौफनाक वारदात सुन कांप जाएगी रूह
ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क इलाके में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों ने एक कुत्ते की हत्या की है। सुरक्षा गार्ड ने सोसाइटी में पशुओं के कल्याण के लिए काम करने वाली समाजसेविका व अभिनेत्री तराना सिंह को इसकी जानकारी दी। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया है कि कुछ दिनों पहले ही कुत्ते की नसबंदी के लिए सर्जरी कराई गई थी।
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के प्रवक्ता ने बताया कि जेपी अमन सोसाइटी में रहने वाली तराना सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों ने कुत्ते को ऊंचाई से नीचे फेंक दिया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।
प्रवक्ता ने बताया कि थाना नॉलेज पार्क पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। वहीं सोसाइटी के लोगों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि वे निष्पक्ष जांच का कार्रवाई करें। सोसाइटी पुलिस का इस मामले में सहयोग करेगी।
पोस्टमार्टम हाउस में बदल गए दो बच्चों के शव, खुली पोल तो उड़े होश
UP Elections 2022 : वोटरों को बांटने के लिए लग्जरी कार से भारी मात्रा में ले जाई जा रही अवैध शराब बरामद
|
2022/01/18 00:49:08
|
https://www.patrika.com/greater-noida-news/dog-died-after-falling-on-the-gate-from-the-upper-floor-of-the-society-7180641/
|
mC4
|
अगर आपने अभी तक सरकारी नौकरी या private job नही की है तो आपके लिए PF और EPF के बारे में जानना जरूरी हैं । इसलिए हम यहां आपको पीएफ और ईपीएफ के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं ।
जो लोग पहले से ही किसी भी तरह की सरकारी नौकरी करते हैं उन्हें इन दोनों के बारे में आसानी से पता होगा लेकिन अगर आप नये हैं तो आपको इसके बारे में जानना जरूरी है ।
दरअसल पीएफ और ईपीएफ का संबंध हमारे बैंक खाते से हैं यह हमें किसी कंपनी में काम करते समय दिए जाते हैं इस PF खाते में हमारी कंपनी या फिर सरकारी नौकरी से मिलने वाली तनख्वाह का कुछ परसेंट भाग जमा किया जाता है ।
पीएफ और ईपीएफ खाता क्या है के साथ PF कितने दिन में आता है । पी पी एफ और ई पी एफ में बैलेंस कैसे चेक करें इन सारे सवालों का जबाब आपको इस article में मिल जायगा ।
पीएफ एक तरह से उन लोगो के लिए बढ़िया चीज है जो किसी कंपनी या सरकारी नौकरी करते हैं । PF Full Form इसका पूरा नाम Provident Fund होता हैं । ये एक प्रकार का बैंक खाता है जिसमे आपकी मेहनत का कुछ भाग धीरे – धीरे जमा होता हैं ।
या तो आपके पास सरकारी नौकरी है या आप उस कंपनी में काम कर रहे है जो सरकार के नियंत्रण में चल रही हैं ।
Private Company को सरकार से इस योजना का लाभ अपने कर्मचारियों को दिलवाना है तो उसके लिए कंपनी का Sarkari Registration और Employees की संख्या कम से कम 20 या 25 होनी चाहिए ।
इस इस्तति मे आपको वहां पर एक pf account खोलना पड़ेगा जिसे हम हिंदी में भविष्य निधि योजना भी बोल सकते हैं ।
पीएफ एकाउंट आप किसी भी बैंक में खुलवा सकते है या फिर आपको ये सुविधा कंपनी की तरफ से भी दे दी जाती हैं ।
अब आपका PF Account खुल चुका है और इसका पूरा डेटा आपकी job से linked हो चुका है उसके बाद इसका नाम बदल जाता हैं ।अब ये ईपीएफ बन जाता हैं । EPF की फुल फॉर्म Employee Provident Fund हैं ।
|
2021-03-09T10:13:46Z
|
http://www.urjanchaltiger.in/2018/08/bjp-and-rss-are-spreading-hatred-in-india-rahul-gandhi.html
|
OSCAR-2109
|
Azcin in Hindi - एज़्सिन की जानकारी, लाभ, फायदे, उपयोग, कीमत, खुराक, नुकसान, साइड इफेक्ट्स - Azcin ke use, fayde, upyog, price, dose, side effects in Hindi - एज़्सिन
सामग्री / साल्ट: Azithromycin (2 % w/w)
Azcin के उलब्ध विकल्प
(Azithromycin (2 % w/w) से बनीं दवाएं)
Azcin की जानकारी
Azcin डॉक्टर के लिखे गए पर्चे पर मिलने वाली दवा है। यह दवाई जेल में मिलती है। इस दवा का उपयोग विशेष रूप से यूरिन इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, Azcin के कुछ अन्य प्रयोग भी हैं, जिनके बारें में आगे बताया गया है।
मरीज की उम्र, लिंग व स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी के आधार पर ही Azcin की खुराक निर्धारित की जाती है। इसकी सही मात्रा इस पर भी निर्भर करती है, कि मरीज की मुख्य समस्या क्या है और उसे किस तरीके से दवा दी जा रही है। इस बारे में और अधिक जानने के लिए खुराक वाले खंड में पढ़ें।
इन दुष्परिणामों के अलावा Azcin के कुछ अन्य दुष्प्रभाव भी हैं, जिनके बारे में आगे बताया गया है। Azcin के ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं। हालांकि अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
यह भी जानना जरूरी है कि Azcin का प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर गंभीर है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए अज्ञात है। यहां पर ये जानना जरूरी है कि Azcin का किडनी, लिवर या हार्ट पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। इस तरह के दुष्प्रभाव अगर कोई हैं तो इससे जुड़ी जानकारी Azcin से जुड़ी चेतावनी सेक्शन में दी गई है।
अगर आपको पहले से निर्जलीकरण, पार्किंसन रोग, बहरापन जैसी कोई समस्या है, तो Azcin देने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसके दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इनके आलावा, अगर नीचे दिए गए सेक्शन में मौजूद समस्याओं में से कोई भी समस्या आपको है, तो आप Azcin को न लें।
Azcin को कुछ दवाओं के साथ लेने से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। नीचे ऐसी दवाओं की पूरी लिस्ट दी गई है।
उपरोक्त सभी जानकारीयों के साथ-साथ यह भी ध्यान रखें कि ड्राइविंग करते समय Azcin दवा लेना सुरक्षित है। यह भी ध्यान रखें कि इस दवा की लत लग सकती है।
Azcin के लाभ और उपयोग करने का तरीका - Azcin Benefits & Uses in Hindi
Azcin की खुराक और इस्तेमाल करने का तरीका - Azcin Dosage & How to Take in Hindi
Azcin की सामग्री - Azcin Active Ingredients in Hindi
Azcin के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Azcin Side Effects in Hindi
Azcin से सम्बंधित चेतावनी - Azcin Related Warnings in Hindi
Azcin का निम्न दवाइयों के साथ नकारात्मक प्रभाव - Severe Interaction of Azcin with Other Drugs in Hindi
इन बिमारियों से ग्रस्त हों तो Azcin न लें या सावधानी बरतें - Azcin Contraindications in Hindi
Azcin के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न - Frequently asked Questions about Azcin in Hindi
Azcin का भोजन और शराब के साथ नकारात्मक प्रभाव - Azcin Interactions with Food and Alcohol in Hindi
Azcin इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -
यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Azcin की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Azcin की खुराक अलग हो सकती है।
रिसर्च के आधार पे Azcin के निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं -
क्या Azcin का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?
Azcin गर्भवती महिलाओं पर बुरा असर दिखाती है। इस कारण इसका सेवन डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें। अपनी इच्छा से इसको लेना हानिकारक हो सकता है।
क्या Azcin का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?
Azcin का स्तनपान कराने वाली औरतों के शरीर पर किस तरह का प्रभाव होगा रिसर्च न हो पाने की वजह से कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसलिए दवा लेने से पूर्व डॉक्टर से मिलें।
Azcin का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है?
Azcin का हानिकारक प्रभाव किडनी के लिए बेहद नुकसानदायक होता है, इस वजह से बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी हाल में इसको न लें।
Azcin का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है?
Azcin का सेवन करना आपके शरीर पर बहुत ही कम प्रभाव डालता है।
क्या ह्रदय पर Azcin का प्रभाव पड़ता है?
हृदय काफी हद तक Azcin सुरक्षित है, हालांकि लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने से बेहतर परिणाम मिल सकता है। इसके खराब परिणाम बेहद कम होते है।
Azcin का निम्न दवाइयों के साथ नकारात्मक प्रभाव - Azcin Severe Interaction with Other Drugs in Hindi
Azcin को इन दवाइयों के साथ लेने से गंभीर दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं -
अगर आपको इनमें से कोई भी रोग है तो, Azcin को न लें क्योंकि इससे आपकी स्थिति और बिगड़ सकती है। अगर आपके डॉक्टर उचित समझें तो आप इन रोग से ग्रसित होने के बावजूद Azcin ले सकते हैं -
क्या Azcin आदत या लत बन सकती है?
नहीं, लेकिन फिर भी आप Azcin को लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।
क्या Azcin को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है?
हां, नींद आने की शिकायत Azcin से नहीं होती है। अतः आप गाड़ी चलाने व भारी भरकम मशीनों पर भी आराम से काम कर सकते हैं।
क्या Azcin को लेना सुरखित है?
क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Azcin इस्तेमाल की जा सकती है?
नहीं, मस्तिष्क विकार में Azcin का उपयोग कारगर नहीं है।
Azcin का भोजन और शराब के साथ नकारात्मक प्रभाव -Azcin Interactions with Food and Alcohol in Hindi
क्या Azcin को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?
कई दवाओं को खाने के साथ ही लिया जाता है। Azcin को भी आप भोजन के साथ ले सकते हैं।
जब Azcin ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या?
रिसर्च न होने के कारण Azcin के नुकसान के विषय में पूर्ण जानकारी मौजूद नहीं है। अतः डॉक्टर की सलाह पर ही इसको लें।
|
2021/06/16 17:48:36
|
https://www.myupchar.com/medicine/azcin-p37087229
|
mC4
|
Sanjay Leela Bhansali film Malaal trailer release starring debutants Meezaan and Sharmin Segal looking good - संजय लीला भंसाली की फिल्म 'मलाल' का ट्रेलर रिलीज, मीजान-शरमिन की दिखीं दिलचस्प प्रेम कहानी
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'मलाल' का ट्रेलर रिलीज, मीजान-शरमिन की दिखीं दिलचस्प प्रेम कहानी
Last updated: Sat, 18 May 2019 04:10 PM IST
बॉलीवुड फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली की फिल्म मलाल का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस फिल्म में एक्टर जावेद जाफरी के बेटे मीजान और शरमिन सेगल बॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। फिल्म के इस 3 मिनट के ट्रेलर में आपको फिल्म की कहानी की पूरी झलक नजर दिखाई देगी।
आपको बता दें कि मलाल एक प्रेम कहानी है। प्रेम कहानी में जो मोड़ आते हैं वो सब इस ट्रेलर में दिख रहे हैं। कहानी में कोई नयापन नहीं हैं लेकिन आपको मीज़ान और शरमिन की केमिस्ट्री अच्छी लग रही है। डायलॉग अच्छे लग रहे हैं। संगीत भी आकर्षित कर रहा है। मंगेश हदवाले इस फिल्म के निर्देशक हैं। यह फिल्म 28 जून को रिलीज़ हो रही है।
इससे पहले संजय लीला भंसाली ने साल 2008 में रणबीर कपूर और सोनम कपूर को लॉन्च किया था। हालांकि सांवरिया फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी। फिल्म सांवरिया के बाद 11 बाद संजय लीला भंसाली मलाल को बना रहे हैं। मीजान और शरमिन की पहली फिल्म मलाल एक लव स्टोरी है। आपको यह ऊी बता दें कि इस फिल्म को संजय लीला भंसाली डायरेक्ट नहीं कर रहे हैं। इस फिल्म को 'टिंग्या' से धमाल मचा चुके डायरेक्ट मंगेश हडावले डायरेक्ट कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने फिल्म 'चलो जीते हैं' को डायरेक्ट किया था।
Web Title:Sanjay Leela Bhansali film Malaal trailer release starring debutants Meezaan and Sharmin Segal looking good
|
2019/10/17 09:49:06
|
https://www.livehindustan.com/entertainment/story-sanjay-leela-bhansali-film-malaal-trailer-release-starring-debutants-meezaan-and-sharmin-segal-looking-good-2535998.html
|
mC4
|
वाराणसी : घर से गायब छात्रा का झाड़ियों में मिला शव - तहलका 24x7
वाराणसी : घर से गायब छात्रा का झाड़ियों में मिला शव
# दुष्कर्म की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
रोहनिया क्षेत्र के एक गांव में खेत किनारे झाड़ियों में शुक्रवार शाम एक छात्रा का अर्धनग्न अवस्था में शव पुलिस ने बरामद किया। 22 वर्षीय छात्रा के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ और गले पर निशान देख हत्या की आशंका जाहिर की गई। शव के पास पड़े बैग में कापी व किताबें थी। फोरेंसिक टीम और एसपी ग्रामीण, एएसपी ग्रामीण ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। शव को देख दुष्कर्म की भी आशंका जताई गई। सीओ सदर के नेतृत्व में पुलिस की पांच टीमें गठित की गईं हैं।रोहनिया थाना अंतर्गत माधोपुर स्थित खेत में शाम पांच बजे कुरहुआ गांव का रहने वाला किशोर सिंधु राय बकरी चरा रहा था।
इस दौरान सिंधु खेत किनारे लगी झाड़ियों की तरफ गया। जैसे ही कुछ दूर आगे बढ़ा कि झाड़ियों में युवती का शव देखते ही चीखने चिल्लाने लगा। तब तक आस-पास के अन्य चरवाहा भी मौके पर पहुंच गए। युवती का अर्धनग्न अवस्था में शव देखते ही पुलिस को सूचना दी गई। क्रीम कलर की शर्ट, नीला जैकेट व नीला पैंट, सफेद रंग का मोजा व काले रंग की जूती पहने युवती के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और गले पर रस्सी जैसा गहरा निशान भी था। कपड़े अस्त व्यस्त पड़े हुए थे। शव के पास ही छात्रा का बैग भी था, जिसमें काफी-किताबें और टिफिन बॉक्स था। मौके पर पहुंची रोहनिया पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
तब तक एसपी ग्रामीण अमित वर्मा, एएसपी ग्रामीण नीरज पांडेय पहुंचे, इस दौरान फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। फारेंसिक टीम ने छात्रा के बैग और आस-पास बिखरे कपड़े अन्य चीजों को समेटते हुए साक्ष्य संकलन किया। पुलिकर्मियों व ग्रामीणों ने शव को देख आशंका जताई कि दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या करके शव यहां फेंका गया होगा।पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने छात्रा की शिनाख्त करते हुए मामले की तफ्तीश के लिए पांच टीमें गठित कीं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि युवती की हत्या की गई है, दुष्कर्म की बात अभी नहीं कह सकते। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
# एक दिन से गायब थी छात्रा, परिजन लगा रहे थे लंका थाने का चक्कर
लंका थाना क्षेत्र हाईवे से सटे एक गांव रहने वाली छात्रा रोहनिया स्थित एक मैनेजमेंट कालेज की छात्रा थी। बृहस्पतिवार को सुबह घर से कालेज के लिए निकली और दोपहर बाद तक घर नहीं लौटी और मोबाइल बंद मिलने से परेशान परिजन खोजबीन में जुट गए। लंका थाने से लेकर डाफी पुलिस चौकी तक परिजनों ने दौड़ भाग की और गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पुलिस से गुहार भी लगाई। सूचना पाकर रोहनिया थाने पहुंचे परिजनों ने लंका थाने की पुलिस पर आरोप लगाया कि गुमशुदगी दर्ज कराने की गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई।
# घटनास्थल के पास लगे कैमरे की फुटेज खंगाल रही पुलिस
सीओ सदर डॉ चारू द्विवेदी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और रोहनिया थाने सहित पुलिस की पांच टीमें हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए लगाई गई हैं। युवती के मोबाइल डिटेल और दोस्तों से पूछताछ पुलिस ने शुरू कर दी। वहीं घर से लेकर कॉलेज के बीच लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि छात्रा किसी के साथ कालेज गई थी या फिर अकेले। एक टीम कॉलेज भी आ धमकी और सीसी फुटेज को खंगालना शुरू किया। रात होने के कारण हाइवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को बहुत मदद नहीं मिल पाई।
|
2021/09/26 07:27:22
|
https://tahalka24x7.com/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%AC-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE/
|
mC4
|
लेखक, शिक्षक एवं कवि राकेश मोहन नौटियाल जी की दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है और आप कई साझा पुस्तकों में सक्रिय सहभागी रचनाकार रह चुकें है। राकेश जी हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका में रहते हैं। लेखक को साहित्य के क्षेत्र में अमूल्य साहित्यिक योगदान के लिए अब तक कई सम्मान प्राप्त हो चुकें है। राकेश मोहन नौटियाल जी असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास विभाग) के पद पर कार्यरत हैं।
पिता का नाम : स्व० श्री रतन मणि नौटियाल
माता का नाम : श्रीमती कमलेश्वरी देवी
शैक्षिक योग्यता : एम.ए. (इतिहास), पी. एचडी. (इतिहास), डिप्लोमा इन आर्काइवल स्टडडिज (संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार)
सम्प्रति : असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर, देहरादून, उत्तराखंड
|
2021-12-03T16:12:35Z
|
https://www.indibooks.in/authors/rakesh-mohan-nautiyal/
|
OSCAR-2201
|
मसखरों के अड्डे में बदलता लोकतंत्र का मंदिर, शाब्दिक बेहयाई और संसद की लक्ष्मणरेखा – i Watch India News
मसखरों के अड्डे में बदलता लोकतंत्र का मंदिर, शाब्दिक बेहयाई और संसद की लक्ष्मणरेखा
ये अजीब इत्तेफाक है, जिस दिन कैलीफोर्निया की 78 वर्षीय डेमोक्रेट नैंसी पेलोसी अमेरिकी सदन में अपने आठ घंटे के लंबे प्रभावी भाषण के जरिए संसदीय इतिहास रच रहीं थी उसी दिन भारत के सदन में सांसद रेणुका चौधरी अपने अट्टहासों के जरिए संसदीय गरिमा पर चार चांद लगा रहीं थीं।
अब तमाम जरूरी मुद्दों के ऊपर इस अट्टहास की ध्वनि-प्रतिध्वनि गूँज रही है और हमारे मीडिया का प्राईम टाईम डिबेट इसी को लेकर मगन है। एक बौद्धिक वर्ग इस अट्टहास पर की गई प्रधानमंत्री की टिप्पणी को नारी अस्मिता पर प्रहार साबित करने पर तुला है।
पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ही शाब्दिक बेहयाई पर उतर चुके हैं। सोशल मीडिया में ट्रोलर और प्रपोलर दोनों ही भिड़े हैं। फोटोशापट्रिक और कटपेस्ट के कमालची रेणुका के सिर पर सींग और कटी नाक दिखाकर सूर्पनखा बता रहे हैं तो उन्हीं में से कोई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को महिषासुर चित्रित कर रहा है। समूची दुनिया हमारे देश का यह संसदीय तमाशा देखकर मजा ले रही है।
ये सब देखके खुद का सिर धुनने को जी करता है। उस दिन के घटनाक्रम का वीडियोक्लिप देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यसभा में बोल रहे थे। वे बता रहे थे आधार का आयडिया अटलबिहारी वाजपेई जी का था जिन्होंने नेशनल आइडेंटी कार्ड की बात की थी। यही आज का यूनिक आईडेंटी नंबर है जिसे आधार कहते हैं।
यह वाक्य पूरा ही नहीं कर पाए कि लगातार अट्टहास का स्वर सुनाई देता है। कैमरा समझाइश देते सभापति वेंकैय्या नायडू और मोदी पर फोकस रहता है। सभापति इस अट्टहास पर कोई हिदायद देते इससे पहले ही मोदी ने कह दिया कि सभापति जी रेणुका चौधरी को कुछ मत कहिए रामायण सीरियल के लंबे अर्से बाद ऐसी हँसी सुनने को मिल रही है। वीडियो में यह भी दिखता है कि इस प्रतिटिप्पणी के बाद समूचे सदन में ठहाके गूँजे और इसमें सभी दलों के सदस्य मजा लेते हुए दिखाई देते हैं,कांग्रेस के भी।
इसके कुछ घंटों के बाद ही रामायण की हँसी की व्याख्या शुरू हो जाती है। पहले तो इस अट्टहास को रावण से जोड़ा गया। फिर सूर्पनखा से। इसी बीच गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू के सोशल एकाउंट से पंचवटी का वह दृश्य जारी हो गया जो सूर्पनखा के नाक कान काटे जाने का था। भाजपा का आईटी सेल और आगे निकला उसने रामायण की सूर्पनखा बनी पात्र के साथ रेणुका चौधरी की तुलना कर दी।
सदन में जो वाकया था उसका सूर्पनखा-सीता प्रसंग से कोई लेना देना नहीं था। वैसे रामायण में हँसी ठहाके का एक प्रसंग जनकपुर में सीता-राम के विवाह के समय का भी है जिसमें मजाक और हँसी ठट्टे लगते हैं। पर इधर किसी का विचार ही नहीं गया। जाए भी कैसे हमारी राजनीति और मीडिया का दिमाग फुल आफ निगेटिविटी की लुगदी से भरा है। अब तो कमाल यह कि किरण रिजीजू से भी ज्यादा तेज स्वरों में काँग्रेस साँसद चिल्ला रही हैं कि उन्हें सूर्पनखा कहा गया। जो नारी सम्मान पर मोदी की सत्ता का प्रहार है।
दरअसल सही पूछें तो आज की तारीख में सबसे ज्यादा यदि कोई खुश होगा तो वो रेणुका चौधरी ही होंगी। पहले टीडीपी और अब कांग्रेस में उनकी इसी "बिंदास" वैल्यू की वजह से खास स्थान है। सदन में बैठे-ठाले उनकी इतनी चर्चा हो गयी यह तो मुँह माँगी मुराद जैसी बात है। काँग्रेस के नए बास को रिझाने का इससे अच्छा अवसर और हो भी क्या सकता है। देश में जब से 24गुणे7 वाले चैनलिया मीडिया की होड़ शुरू हुई तब से राजनीति में इसी तरह के गैरजरूरी घटनाक्रम बहस के मुख्य केंद्र में आने लगे हैं।
नेता हर हाल चर्चाओं में रहना चाहता है, चाहे उसे कुछ भी जोकरई करना पड़े। मीडिया की खबर वही हो सकती है जो मसालेदार हो, विवाद पैदा करे। सीधे सच्चे वक्तव्यों के लिए कोई गुंजाइश नहीं। इसलिये इन माननीयों के मुँह से प्रायः वही झरने लगा जो सनसनी घोले, बहस और विवाद को आगे बढाए।
रेणुका चौधरी का अट्टहास इसी दिशा में एक सफल प्रयास साबित हुआ। इसकी सफलता पर चार चांद किरण रिजीजू समेत उन लोगों ने लगाया जिन्होंने इसे सूर्पनखा प्रसंग के साथ जोड़ा।
साफ बात तो यह है कि किसी को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि संसद में उनकी कही-सुनी बातों को पब्लिक संजीदगी से लेती है। आमराय जानने की कोशिश करिए तो पता चलेगा कि लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर को अब लोग मसखरों के ऐसे अड्डे के रूप में देखने लगी है जहाँ हमारे कर्णधार सिर्फ़ और सिर्फ वायदों का वकवाद करते हैं, कहे से मुकर जाते हैं, आरोप लगाते हैं और अंडरटेबिल समझौते कर लेते हैं, सदन में अभिव्यक्ति के विशेषाधिकार की आड़ में मसखरी और हंगामे करके सदन ठप्प कर देते हैं।
जनता से टैक्स के जरिए वसूले गए करोड़ों-करोड़ रुपए संसद में बिना कामकाज हुए हंगामे में फुँक जाते हैं। और हाँ जब भी सांसदों के वेतन,भत्ते,सुविधाओं की बात आती है तो सारा बैर-विरोध भूलकर एक हो जाते हैं। देश की जनता मँहगाई से कराहती है और वे सेंट्रल हाल की कैंटीन में सब्सिडी की चिकन बिरियानी उड़ाते हैं।
दिल्ली की सत्ता के गलियारों में यह सब जानते हैं कि ओवैसी की हैदराबादी बिरियानी जितनी काँग्रेसियों को लिज्जतदार लगती है उससे कम लजीज भाजपाइयों को नहीं। विजय माल्या जब तक राज्यसभा में थे उनके "गिफ्ट" का इंतजार बहुतों को हुआ करता था। राजनीति के रसूखदारों के बीच एक तरह से रायल लिकर सप्लायर के तौर पर ही विख्यात थे।
पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच एक अच्छी अंडरस्टैंडिंग होती है जिसे पब्लिक न समझ पाती और न देख पाती। रेणुका चौधरी-अट्टहास प्रकरण अभी कुछ दिन खिंचेगा लेकिन काँग्रेस यह मानकर चले कि यह नारी अस्मिता से जुड़ा मसला है तो वह मुगालते में है क्योंकि देश की जनता ने अपने प्रधानमन्त्री के भाषण के बीच उस कर्कश अट्टहास की गूँज सुनी है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इतनी भी इजाजत नहीं देती कि दूसरे की अभिव्यक्ति पर इस फूहड़ तरीके से अतिक्रमण किया जाए चाहे वह विशेषाधिकार के कवच से घिरा संसद भवन ही क्यों न हो।
1977 में मैं जब स्कूल का विद्यार्थी था तब पहली बार संसद की कार्यवाही देखी। यमुना प्रसाद शास्त्री जी तब हमारे सांसद थे। दर्शक दीर्घा में जो दिव्य अनुभूति हुई थी उसका बयान शब्दों में नहीं किया जा सकता। तब यह कल्पना करता था कि पँ. नेहरू, सरदार पटेल,अंबेडकर साहब, लोहियाजी, गोपालन साहब, श्यामाप्रसाद मुखर्जी,अटलजी,चंद्रशेखर,मधुलिमये, मधु दंडवते और न जाने कितने दिव्य व्यक्तित्व वाले राजपुरुष इस सदन की कितनी शोभा बढ़ाते रहे हैं।
बताते हैं कि मधुलिमये जब धीमी आवाज में सदन को अपने तथ्यों व तर्कों से चकित करते थे तो समूचा सदन सन्नाटे में रहता था। इस टीवी युग में चंद्रशेखरजी जैसे लोग जो अपनी पार्टी में वर्षों एकल नेता थे बोलते थे तो सभी सम्मान के साथ एक एक शब्द सुनते थे।
अपने मध्यप्रदेश की विधानसभा की भी सुदीर्घ परंपरा रही है कि अच्छे वक्ता को पार्टी लाईन से ऊपर समूचा सदन सुनता था। और यह एक मर्यादाजनित परंपरा हैं कि जब सदन का नेता, प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री या नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़ा होता है तो बिना टोकाटाकी सभी धैर्यपूर्वक उसे सुनते हैं।
संसद में जब देश का प्रधानमन्त्री बोल रहा हो तो उस बीच अनायास गैरजरूरी अट्टहास अभिव्यक्ति पर जबरिया अतिक्रमण है, इसकी उम्मीद कोई नहीं करता। मैं इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूँ उस अट्टहास के स्वर को भी और उसकी सूर्पनखा से तुलना को भी। जब हम हर सबक अमेरिका से ही लेने लगे हैं तो अमेरिकन डेमोक्रेट नैंसी पेलोसी से क्यों न लें?
Previous article जम्मू: सुंजवान में सेना के कैंप पर हमले में 5 जवान शहीद, 1 नागरिक की मौत, 30 घंटे बाद भी ऑपरेशन जारी
|
2018/08/19 01:44:07
|
https://iwatchindia.com/45874.htm
|
mC4
|
राजा निरबंसिया Raja Nirbansiya | हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
राजा निरबंसिया Raja Nirbansiya
राजा निरबंसिया Raja Nirbansiya राजा निरबंसिया raja nirbansiya राजा निरबंसिया कहानी का उद्देश्य राजा निरबंसिया कहानी राजा निरबंसिया कहानी की विशेषताएं बताइए राजा निरबंसिया कहानी की कथावस्तु का विश्लेषण राजा निरबंसिया कहानी का प्रकाशन वर्ष राजा निरबंसिया कहानी का सार राजा निरबंसिया summary राजा निरबंसिया का प्रकाशन वर्ष राजा निरबंसिया का विषय क्या है
राजा निरबंसिया raja nirbansiya राजा निरबंसिया कहानी का उद्देश्य राजा निरबंसिया कहानी राजा निरबंसिया कहानी की विशेषताएं बताइए राजा निरबंसिया कहानी की कथावस्तु का विश्लेषण राजा निरबंसिया कहानी का प्रकाशन वर्ष राजा निरबंसिया कहानी का सार राजा निरबंसिया summary राजा निरबंसिया का प्रकाशन वर्ष राजा निरबंसिया का विषय क्या है
राजा निरबंसिया कमलेश्वर जी की बहुचर्चित कहानी है। अपनी विषमता और विराटता में यह कहानी जीवन के विविध पक्षों का परामर्श कर यथार्थ अभिव्यक्ति करती है। यह कहानी आधुनिक भाव बोध कराने में पूरी तरह समर्थ है। इस कहानी का प्रकाशन फ़रवरी १९५७ में हुआ था। इस कहानी में लेखक ने परिवेश और वातावरण में आधुनिक मूल्यों की खोज की है। यह कहानी दृष्टि की अपेक्षा रूप में परिवर्तन का उदाहरण है। राजा निरबंसिया कहानी में दोहरी कथा चलती है। एक तरफ माँ द्वारा सुनी हुई कहानी राजा रानी की कथा हैं वहीँ दूसरी तरफ चंदा की अंतर्कथा। इसमें जीवन टुकड़ों में उभर कर सामने आती है और पात्र जीवन के अजनबीपन के शिकार बने रहते है।
राजा निरबंसिया कथा वस्तु raja nirbansiya kahani ki kathavastu / summary
संकट के व्रत कमलेश्वर की माँ राजा निरबंसिया की कहानी सुनाया करती थी। उसके आस पास ही चार पांच बच्चे हाथों से फूल लिए बैठे रहते थे। कथा की समाप्ति पर बच्चे गौरों पर फूल चढ़ा दिया करते थे। राजा निरबंसिया के राज्य में बड़ी खुशहाली थी ,उसकी लक्ष्मी सी रानी थी।
लेखक के सामने उसके ख्यालों के राजा जगपती थे। वह लेखक के साथ मिडिल में पढ़ता था। मैट्रिक पास करके वह जब वह वकील के यहाँ मुहर्रिर हो गया तो उसका विवाह पास गाँव की लड़की चंदा से हो गया। जगपति की माँ की मृत्यु कुछ दिनों बाद हो जाती है ,फलस्वरूप सारा भार चंदा पर आ जाता है। छ : बरस हो जाने पर चंदा के संतान नहीं हुई।
माँ कहानी सुनाया करती थी कि राजा निरबंसिया शिकार खेलने जाया करते थे। पहले वें सातवें दिन अवश्य लौट
आते थे ,परन्तु इस बार नहीं लौटे। रानी को बहुत चिंता हुई ,वह मंत्री को साथ लेकर राजा की खोज में निकल पड़ी। लेखक के निरबंसिया राजा को दूर के गाँव में दयाराम की शादी में जाना पड़ा। वह चंदा से दसवें दिन लौट आने के लिए कह गया था। परन्तु दयाराम के घर डाका पड़ जाता है और यह उसमें बहुत घायल होकर अस्पताल पहुँच जाता है। चंदा उसकी खोज में अस्पताल पहुँच जाती है। चंदा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अस्पताल में कम्पाउण्डर की चंदा पर ललचाई नज़र पड़ती है। वह चंदा के लिए उसकी कोठरी में खाट डलवा देता है और जगपति के लिए अच्छी दवाइयाँ का प्रबंध कर देता है। चंदा उसे इसके बदले में अपने सोने के कड़े देने जाती जाती है ,परन्तु वह नहीं लेता है। चंदा जगपति से कह देती है कि वह कड़े बेचकर दवाई का प्रबंध कर रही थी।
माँ कहानी आगे बढाती हुई कहती है कि रानी मंत्री के साथ जब निराश होकर वापिस लौटती है तो उसे राजा घर में उपस्थित मिलते हैं। राजा को मंत्री के साथ रानी का जाना उचित नहीं लगा। राजा रानी दोनों आपस में एक दूसरे को बहुत चाहते थे परन्तु संतान न होने से लोक परलोक बिगड़ जाने के डर से दुखी थे। बचन सिंह का तबादला मैनपुरी के सदर अस्पताल हो जाता है। पंद्रह बीस दिन बाद जगपति की हालत सुधर जाती है और चंदा समेत घर लौट आते हैं। चाची दोनों को देखते हुए व्यंग बाण छोडती है।
पहले तो चंदा ने कहा था कि अपने दोनों सोने के कड़े बेचकर उसने जगपति का इलाज करवाया है ,पर बाद में घर लौटने पर जब जगपति ने दोनों कड़ा मौजूद पाया ,तो उसका संदेह पुष्ट हो जाता है। बेकारी के आलम में वह परिस्थितियों से समझौता करके बचनसिंह के सौजन्य से लकड़ी का टाल खोल देता है। वह अब बेकार नहीं है। तेज़ी से उसका व्यापार आगे बढ़ने लगा। बचनसिंह रोज उसके घर आता और वह अब परिवार का हिस्सा बन गया है। चंदा से उसके संबंधों की बात अब किसी के लिए अनजानी नहीं रह गयी। छ : वर्षों बाद बचनसिंह से चंदा को गर्भ राज जाता है। गाँव के लोगों में काना फूसी होने लगी। जगपति का समाज में जीना दूभर जैसा हो गया। उसकी चंदा से इस बात को लेकर तकरार हुई और वह अपने भाई को बुलवा कर मायके चली जाती है। उसे वहां लड़का पैदा होता है। वह ससुराल न जाकर वहीँ किसी दूसरे आदमी के साथ बैठ जाती है। जगपति हर प्रकार से तन मन और पैसे से कमजोर है ,क़र्ज़ से लदा है और समाज का हर कोना उसके प्रति घृणा का भाव रखता है। बच्चे और चंदा को लेकर एक अजीब सा द्वन्द उसके मन में उभरता है और टूटा हुआ जगपति एक दिन तेल और अफीम पीकर मर जाता है। वह पर्चे में लिख जाता है कि उसे रुपये ने क़र्ज़ के जहर ने मारा है ,पाप ने नहीं ,उसको पश्चाताप ने मारा है। माँ की कहानी तो सुखांत थी पर जगपति की बेहद करुण ,मार्मिक और दुखांत।
भाषा शैली व शिल्प
कमलेश्वर की राजा निरबंसिया शीर्षक कहानी में आधुनिक सामाजिक विरूपताओं और विसंगतियों का चित्रण है। आज के व्यक्ति और समाज में व्याप्त अस्थिरता ,अनास्था ,कुंठा और अनिश्चयता की स्थिति को उन्होंने अपने पात्रों के चारित्रिक पृष्ठों में रखा हैं तथा उन्ही सन्दर्भों में उन्हें तौला और परखा है। कमलेश्वर कहानी में नयेपन के पक्षपाती रहे हैं परन्तु वह उसे आज की ज़िन्दगी में जोड़ना भी आवश्यक समझते हैं। इस रूप में वह कल्पना पर नहीं ,यथार्थ पर बल देते हैं। राजा निरबंसिया कहानी में जगपति ,चंदा और कम्पाउण्डर - ये तीनों विविध रूपों में आये हैं। जहाँ जगपति कम्पाउण्डर से कुछ रुपये उधार लेकर उन्हें वापस नहीं कर पाता उसके विडम्बनापरक परिणाम सामने आते हैं। वहाँ जगपति का एकाकीपन उसकी स्थिति की भयंकरता दिखाती है। कहानी में लोक कथा का उपयोग केवल शिल्प सम्बन्धी नवीनता के लिए ही नहीं किया गया है ,बल्कि अतीत की यह कथा वर्तमान की वास्तविकता की स्थिति को उभारने के लिए भी प्रस्तुत की गयी है।
राजा निरबंसिया कहानी का उद्देश्य व शीर्षक
कहानी के माध्यम से लेखक ने सामाजिक जीवन की विसंगतियों एवं अव्यस्था पर प्रकाश डाला है। आधुनिक समाज में बदलते मूल्यों से परिचय कराना भी उसका उद्देश्य रहा है। उसके पास लोक जीवन एवं संस्कृति का गहरा अनुभव है ,इसे वह कैसे भी अपने पाठकों के अनुभव का विषय बनाना चाहता है। समाज में अच्छाईयां -बुराइयाँ दोनों समान रूप से विद्यमान है। यह हमारे विवेक का निर्भर करता है कि हम किसे अपनावे और कैसा आचरण करें। कहानी का शीर्षक जिज्ञासा और कुतूहल जागृत करने वाला है। उसका अंत इतना प्रभावक है कि पाठक के मन पर अमिट एवं दुर्निवार प्रभाव छोड़ता है। कुल मिलाकर यह कहानी अपने में सर्वांगपूर्ण और सफल है तथा कमलेश्वर की श्रेष्ठतम कहानियों में से एक है।
हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika: राजा निरबंसिया Raja Nirbansiya
https://1.bp.blogspot.com/-Bkx6tUHFmew/XWfVBxrPTRI/AAAAAAAAL9M/yKf0nTTvSfIfrdAft6jE8DjKSPjtuP3qwCLcBGAs/s320/images%2B%25281%2529.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-Bkx6tUHFmew/XWfVBxrPTRI/AAAAAAAAL9M/yKf0nTTvSfIfrdAft6jE8DjKSPjtuP3qwCLcBGAs/s72-c/images%2B%25281%2529.jpg
|
2022/07/06 19:45:07
|
https://www.hindikunj.com/2019/08/raja-nirbansiya.html
|
mC4
|
नारद कुछ तो है पर सबकुछ नही है
हिन्दी चिट्ठाकारों की फौज कुल जमा 1000 जिसमें से सक्रिय चिट्ठे 500, पाठक इन्ही मे से संख्या अंजान, जिनके सहारे पूरा हिन्दी अंतरजाल संसार टिका है । विगत दिनो हिन्दी चिठ्ठो को बढाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ मे मेरे द्वारा जो आंशिक प्रयाश किये गये उसमे यह बात खुल कर आयी कि भारतीय आग्ल चिठ्ठाकार यह सोचता है कि हम हिन्दी चिठ्ठाकार अपनी लेखनी को पढवाने के लिये हिन्दी व हिन्दी चिठ्ठाजगत की बात करते है क्योकि उनका चिंतन है हिन्दी चिठ्ठो के पाठक कम है और जो हिन्दी चिठ्ठा लिखेगा वो दूसरो के चिठ्ठो को पढेगा ही यदि उनकी बातो को माने तो हमारे पाठक सक्रिय चिट्ठे 500 के चिट्ठाकार ही है जो एक दूसरे के चिठ्ठो को पढते है यानी चटका लगाते है ।
हमारी जानकारी के अनुसार हिन्दी चिट्ठाकारों के मानक फीड एग्रगेटर दो हैं नारद महाराज व हिन्दी ब्लाग डाट काम इनके सहारे ही 500 ब्लाग के धमनियों में रक्त का प्रवाह हो पाता है । नारद महाराज के यहा विवाद के बावजूद यह देखने सुनने को मिलता है कि किसके व्लाग में कितना चटका लगा, यह चटका ही उस लेख की लोकप्रियता का आधार है । नारद में बाकायदा चटकों के रिकार्ड के साथ इस दिन, सप्ताह, माह, वर्ष के सर्वाधिक चर्चित चिट्ठों की सूची 'लोकप्रिय लेख' उपलव्ध कराई जाती है । जो नारद से होकर गुजरने वाले पाठकों के आधार पर होती है । . . . . और नारद को कौन देखता है, स्वाभाविक तौर पर वही जो हिन्दी व्लागिंग करता है और नारद में पंजीकृत है । तो क्या नारद से होकर चटका लगने को ही उस लेख की लोकप्रियता की कसौटी माना जा सकता है । खैर नारद जाने व उसके तारनहार जाने । श्रृजन शिल्पी के कहने पर लेखों के सामने दर्शित हिट्स की संख्या को हटा दिया गया वैसे ही नित नये प्रयोग होते रहेंगे ।
नारद व हिन्दी ब्लाग के सहारे आने वालों के अतिरिक्त भी हिन्दी चिट्ठाकारों के चिट्ठों में आने के दूसरे रास्ते भी हैं जो विभिन्न सेवाप्रदाताओं द्वारा समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के समूह और चिट्ठाकारों के व्यक्तिगत संबंधों से निर्मित होते हैं जो बिना किसी फीड एग्रीगेटर के माध्यम से स्वमेव ही चिट्ठे में विचरण करते हैं और चिट्ठों को पढते हैं । इस संबंध में विस्तृत चर्चा श्री रवि रतलामी जी पूर्व में भी कर चुके हैं । ऐसी स्थिति में लोकप्रियता की कसौटी के मानक चटके सही प्रतीत नही होते ।
हमारे जैसे अल्प ज्ञानी चिट्ठाकार अपनी दो टूक बाते कहने के लिए लम्बी लम्बी लेखनी लिखता है बार बार वही बात कहता है जो चिट्ठे का सार है, इस प्रकार चिट्ठा लम्बा होता जाता है पर चटके व टिप्पणियां दो चार से ज्यादा नही चिपक पाते । वही परमजीत बाली जी एवं मेरा चुंतन वाले सन्तोष जी जैसे शव्दों के शिल्पी चार लाईनों में ही अपनी पूरी बातें कह जाते हैं और उन पर चटका भी खूब लगता है व टिप्पणियां दस से ज्यादा चिपक जाते हैं, क्यू न लगे इससे पाठक को और भी चिट्ठों को पढने का समय भी मिल जाता है ।
रवि रतलामी जी नें पिछले दिनों विश्व के सर्वाधिक चर्चित २५ चिट्ठों के संबंध में लिखा था मैं उन चिट्ठों में से पहले क्रम के चिट्ठे पर गया तो देखा उस दिन के उक्त विश्व के महत्वपूर्ण चिट्ठे के पोस्ट में एक भी टिप्पणी नही की गयी थी उसमें मैनें पहली टिप्पणी की । मायने यह कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय चिट्ठे की कसौटी, टिप्पणियॉं तो हरगिज नही है ।
हिन्दी के ही स्थापित चिट्ठाकारों के चिट्ठे पर नजर दौडायें श्री रवि रतलामी जी हमेशा थोडा लिखते हैं पर पूरा लिखते हैं । उनकी लोकप्रियता हिन्दी चिट्ठाजगत में सर्वविदित है । क्या हमें स्थापित होने के लिए लम्बा चौडा लेख लिख लिख कर, पहले एक घंटे पन्नों पर कलम घिसकर फिर उसके बाद दो घंटे हिन्दी टायपिंग के पचडों से निबटते हुए कम्प्यूटर पर समय खर्चने की आवश्यकता है वो भी इस संबल पर कि हमारी हिन्दी अंतरजाल में स्थापित हो रही है या हमारा चिट्ठा स्थापित हो रहा है । ऐसा करके न हम हिन्दी को स्थापित कर रहे हैं न ही अपने आप को स्थापित कर पा रहे हैं पर अपने भीतर कोने में बैठे दमित इच्छाओं की जीजीविषा को उजागर कर रहे हैं और पोस्ट करने के बाद बार बार अपने चिट्ठे व मेल को रिफ्रेश कर टिप्पणियों व चटकों को देख देख कर प्रफुल्लित हो रहे हैं कि हमारी कचरा अधकचरा सामाग्री को कितने लोगों ने झेला। मेरा यह मानना है कि चिट्ठे की 'लोकप्रियता' हम चिट्ठाकारों का आधार नही होना चाहिए, हमारा उद्देश्य हिन्दी को अंतरजाल में स्थापित करना है । इसके साथ ही अपने हृदय में छुपे लेखक, कवि मन को उजागर करना है, रचना ऐसी, पूर्णतया मौलिक जिसमें सुधार की संभावनायें अपनी बाहें फैलाये खडी हो को सीधे पाठक के सामने ले जाने की मन्शा को प्रदर्शित करना है ।
जहां रवि रतलामी जी जैसे शार्ट एण्ड स्वीट शव्दों के चिट्ठाकार हैं जिनके चिट्ठों पर चटकों का अंबार लगता है तो दूसरी ओर श्री रामचरित मानस जैसे सामुदायिक सहयोग से निर्मित चिट्ठे भी हैं जिसमें अत्यधिक श्रम लगने के बावजूद चटकों व लोकप्रियता की लिप्सा गायब है, एसे कइ चिट्ठाकार भाइ है, हमारे छत्तीसगढ के ही भाइ जय प्रकाश मानश जी को देखें उन्होंने छत्तीसगढ के साहित्यकारों की रचनाओं को अंतरजाल में डालने के लिए पता नही कितना श्रम किया होगा किन्तु उनके दो चिट्ठे श्रृजन गाथा व उनके स्वयं के नाम वाले चिट्ठे को छोड दिया जाये तो बाकी चिटठों में लोकप्रियता दर्शित ही नही होती जबकि उनका प्रयास काफी श्रमसाध्य व काबिले तारीफ है । उनके स्वयं के चिट्ठे में उनकी लम्बी लम्बी शोधपरख लेखनी यह सिद्व करती है कि वे लोकप्रियता के मानकों को भुनाने के लिए चिट्ठाकारी नहीं करते उनका उद्देश्य स्पष्ट है हिन्दी का विकास ।
इस हिन्दी के विकास के यज्ञ के लिये हमे जो आहुति देनी पडती है वह है प्रति माह ३०० से ९०० रूपये ब्राड बैंड का बिल व लगभग तीन से पांच घंटे प्रतिदिन की तनमयता, यदि इसका वित्तीय आंकलन करें तो हिन्दी को स्थापित करने मात्र के सनक के कारण भारत मे निवासरत प्रायः सभी चिठ्ठाकारो का लगभग १०००० रूपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है । इसके अतिरिक्त परिवार के लिए नियत समय को खराब करने का अपराधबोध, दिन के बाकी के कार्य के समय में हावी चिट्ठाकारिता के भूत से चलते द्वंद से निबठना अलग । अब इसके बाद भी चटके की लिप्सा न रखा जाये यह तो सम्भव नही है पर लोकप्रियता के वीणा या गीटार का तार कमान जो नारद मुनि के पास है तो एसे मे दिन मे सीधे कम से कम 100 चटके लगने के बावजूद आपका लेख अलोकप्रिय बना रह सकता है और नारद के द्वारा 18 चटके वाला लेख लोकप्रिय के सुनहरे हर्फो मे शोभा पा सकता है इसलिये मेरे चिट्ठाकार दोस्तो नारद को सबकुछ मत समझ बैठो नारद कुछ तो है पर सबकुछ नही है लिखते रहो, लिखते रहो ! आपका लेख भी लोकप्रिय है ।
Posted by Sanjeeva Tiwari at 11:58 AM
Jitendra Chaudhary 24 May, 2007 12:15
आपने पूरा लेख तो लिख दिया, लेकिन लोकप्रियता वाले उस लिंक पर लिखा डिसक्लेमर नही पढा:
साथियों हम पेश है लोकप्रिय लेख की कडियों के साथ। लेकिन इसके पहले हम कुछ कहना चाहेंगे। लोकप्रिय लेख का पैमाना नारद के हिट्स काउन्टर कभी नही हो सकता, हम यहाँ पर सिर्फ़ वही दिखा रहे है जो कम्पयूटर के गणना के अनुसार हमारे पास है। इस गणना का आधार नारद के हिट्स काउन्टर है, अर्थात नारद की साइट से आपके लेखों पर भेजे गए लोगों की संख्या के अनुसार लोकप्रिय लेख।
अगली बार आप किसी विषय पर लेख लिखें, तो पूरी जानकारी अवश्य लें, किसी पूर्वाग्रह या कुंठा से लेख मत लिखें।
Rajesh Kumar 24 May, 2007 12:35
इसे कहते है अलग हट के सोचना। तिवारी जी, लिखते रहें।
काकेश 24 May, 2007 13:14
अच्छी बात कही आपने ...आशा करते हैं लोग भी लोकप्रियता के चक्कर में ना पड़ अच्छा लिखते रहेंगे...
mahashakti 24 May, 2007 13:43
अच्छा लिखा है सार्थक लेख बधाई
Sanjeeva Tiwari 24 May, 2007 13:54
आदरणीय चौधरी जी आपके प्रयाशो को हिन्दी चिठ्ठाजगत भुला नही सकता
मैने इस लेख मे नारद के लोकप्रिय लेख का लिन्क भी दिया है यानी लोग उस पेज को पूरा पढ सके . मेरा उद्देश्य गलत कतइ नही है . रही बात 'पूरी जानकारी' 'पूर्वाग्रह' या 'कुंठा' की तो मै हठधर्मिता से ही सही कहुन्गा कि इनकी समझ मुझे है और विनम्रता से यदि कहू तो यही सब तो सीखने और सुधरने का प्लेटफार्म है ब्लाग
आपका अग्यानी
Sanjeet Tripathi 24 May, 2007 15:21
"लिखते रहो, लिखते रहो ! आपका लेख भी लोकप्रिय है ।"
इहै लाईन हमका सबसे सही लगा भैया!
Manish 24 May, 2007 15:48
संजीव तिवारी जी नारद तो हमारे समय को बचाने का कार्य करता है. रही टिप्पणियों की बात तो अंग्रेजी चिट्ठों पर तो लोग घूम घूम कर ही आते जाते हैं और प्रतिक्रिया देते हैं। लोकप्रियता से ज्यादा अहम मुद्दा है कि जब कोई पोस्ट आप लिखते हैं
१. तो क्या आपको आनंद मिलता है।
२. क्या आप का लिखा लोगों की किसी जरुरत को पूरा करता है।
३. क्या आपके लिखे विचार लोगों को उद्वेलित करते हैं।
अगर आप अपने आत्मअवलोकन से इन सब बातों का उत्तर हाँ में पाते हैं तो समझिए आप एक अच्छे ब्लॉगर हैं। टिप्पणियों की संख्या से ज्यादा जरूरी उनमें व्यक्त उद्गार होते हैं जो दिखाते हैं कि आपने अपने लेखन से कितनी गहराई तक किसी के मन को छुआ है और यकीन मानिए वही ब्लागिंग की सच्ची पूँजी है।
Atul Sharma 24 May, 2007 19:44
अच्छा लिखा है, हिट्स को भूल कर लिखते रहें।
अभय तिवारी 24 May, 2007 20:35
मुझे इस लेख में न तो कोई पूर्वाग्रह दिखा और नही कोई कुण्ठा.. बल्कि बहुत सारे ऐसे लो्गों के प्रति सम्मान की भावना दिखी जिन्होने निस्वार्थ भाव से हिन्दी की सेवा की है, और जिनमें जितेन्द्र चौधरी स्वयं भी शामिल हैं(रामचरितमानस तैयार करने वाला दल).. डिसक्लेमर ना पढ़ने की गलती ज़रूर हुई हो सकती है.. पर यह डिसक्लेमर वैसा ही है जैसे सिगरेट के पैकेट पर वैधानिक चेतावनी.. कमोबेश हभी लोग नारद की हिट्स संख्या को लोकप्रियता का पैमाना मानते हैं..और नारद स्वयं भी.. नहीं तो 'पिछले हफ़्ते के लोकप्रिय लेख' कहने का क्या औचित्य है? खैर.. तिवारी जी आप का लेख बड़ी अच्छी नीयत से लिखा गया लेख है.. ऐसा मेरा मानना है.. अब हो सकता है कि कोई मेरे इस समर्थन को 'तिवारीवाद' समझ ले.. तो ऐसे पूर्वाग्रहों का कोई क्या कर सकता है..?
Udan Tashtari 24 May, 2007 21:48
मनीष भाई की बात से पूरी तरह सहमत हूँ.
परमजीत बाली 24 May, 2007 21:53
संजीव तिवारी जी,आपने जिस विषय पर लिखा और जो विचार लिखे मै उस से पूरी तरह सहमत हूँ।
"मेरे चिट्ठाकार दोस्तो नारद को सबकुछ मत समझ बैठो नारद कुछ तो है पर सबकुछ नही है लिखते रहो, लिखते रहो ! आपका लेख भी लोकप्रिय है ।"
राजीव 24 May, 2007 23:04
अमाँ जीतू भाई, काहे को नाराज़ होते हो। संजीव जी ने कहीँ भी यह दावा नहीँ किया कि नारद का लेखा-जोखा लोकप्रियता की कसौटी है या कि नहीँ, या फिर यह भी नहीँ कहा कि नारद के शिल्पी भी यह दावा करते हैं, उन्होंने भी वही लिखा कि नारद पर उन्हीं लेखों का लेखा-जोखा है, जो नारद से होकर गुजरते हैं। यही बात तो आप भी कहते हो और सच भी है तो काहे की नाराज़गी। इन सबके ऊपर तकनीकी सत्यता तो यह है कि शत-प्रतिशत सही हिसाब तो रखा ही नहीँ जा सकता।
sunita (shanoo) 25 May, 2007 00:33
संजीव जी,आपकी लेखन के प्रति आस्था ही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धी है..अधिक टिप्पणी वाले बोल्ग जरुरी नही की इस कबिल हो कि उन्हे लेखन के आधार पर टिप्पणी दी जा रही हो..जबकि कभी-कभी तो मुझे लगता है की वो सिर्फ़ अदले का बदला ही देने आते है..जैसे की एक बार मैने पढा था एक ब्लोग पर तू मेरी पीठ खुजला मै तेरी खुजलाता हूँ....
आपका लेख सबसे अलग हट कर है आपकी कलम ही आपका हथियार है...
अनूप शुक्ला 25 May, 2007 07:55
संजीव भाई, आपने सब कुछ बहुत अच्छा लिखा। बधाई। लेकिन नारद के बारे में जैसा जीतेंन्द्र ने बताया कि केवल नारद के हिट काउंटर का मतलब
ही लोकप्रियता नहीं होता। नारद इसलिये है कि ब्लाग हैं। इसलिये नारद बहुत कुछ है लेकिन सब कुछ नहीं है वाली बात आपकी सही है। लेकिन नारद की लोकप्रियता का कारण भी जानने का प्रयास कीजिये। हालांकि नारद की तरह दूसरे एग्रीगेटर भी हैं लेकिन नारद से जुड़े लोग ही तमाम दूसरे सामूहिक कामों में जुड़े हैं। जैसे परिचर्चा और हाल में जुड़ा प्रतिबिम्ब भी। नित नये प्रयोग भी इसे जीवन्त रखते हैं। जहां तक रही टिप्पणी की बात तो आप खुद समझेंगे कि लोग टिप्पणी कैसे ब्लागों पर करते हैं। अन्य तरह की बातों के अलावा यह एक तरह का व्यवहार भी है। आप दूसरों के ब्लाग पर जायेंगे उनके बारे में अपने विचार रखेंगे तो वे भी आपके बारे में कुछ लिखेंगे। लिखते रहें। शुभकामनायें।
|
2018/05/21 07:05:34
|
http://aarambha.blogspot.com/2007/05/blog-post_24.html
|
mC4
|
बड़ी खबर: आलिया की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में कैटरीना करेंगी डांस तो बदल गई अक्षय कुमार की बच्चन पांडे की कहानी - DesiMartini
बड़ी खबर: आलिया की 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में कैटरीना करेंगी डांस तो बदल गई अक्षय कुमार की बच्चन पांडे की कहानी
अपडेट: मार्च 03, 2020 04:44 IST
हिंदी फिल्म जगत की खबरें पढ़ने वालों के लिए आज बड़ा दिन है। आज कई बड़ी खबरे सामने आई हैं जो हैरान कर सकती हैं। आज खबर आई है कि आलिया भट्ट स्टारर फिल्म 'गंगूबाई काठियावाडी' में कैटरीना कैफ एक डांस नंबर कर सकती हैं। अक्षय कुमार कृति सेनन फिल्म 'बच्चन पांडे' की स्क्रिप्ट बदल गई है। वहीं आसिम और हिमांशी खुराना देने वाले हैं फैंस को सरप्राइज।
तो आज आपसे कोई बड़ी खबर छूट गई है तो पढ़िए ये खबरें
अक्षय कुमार की बच्चन पांडे की स्क्रिप्ट बदली
अक्षय कुमार स्टारर फिल्म 'बच्चन पांडे' अपना पहला पोस्टर आने के बाद से ही खूब चर्चा में है। इस फिल्म में अक्षय का लुक देखने के बाद से ही जनता इसके लिए बहुत एक्साइटेड है। हालांकि पहले 2020 क्रिसमस के लिले बन रही इस फिल्म की रिलीज़ डेट बढ़ाकर अब 22 जनवरी 2021 कर दी गई है, मगर फिर भी फैन्स किसी न किसी बहाने से अक्षय का ये खतरनाक पोस्टर निकाल ही लाते हैं। फिल्म में अक्षय के साथ लीड रोल में 'बरेली की बर्फी' फेम कृति सेनन लीड रोल में हैं। ओरिजिनली ऐसा कहा गया था कि फरहाद सामजी के डायरेक्शन में बन रही 'बच्चन पांडे' साउथ की हिट फिल्म 'वीरम' का हिंदी रीमेक होगी।
आलिया की फिल्म में कैटरीना का डांस
संदीप और पिंकी फरार को मिली रिलीज़ डेट
अर्जुन कपूर और परिणीती चोपड़ा की जोड़ी को फिल्म इश्कजादे में खूब पसंद किया गया था। बाद में दोनों 'नमस्ते इंग्लैंड' में भी नज़र आये लेकिन फिल्म नहीं चली। अब ये जोड़ी तीसरी बार फिल्म 'संदीप और पिंकी फरार' में धमाका करने वाली है। फिल्म लंबे समय से एक रिलीज़ डेट के लिए अटकी हुई थी लेकिन अब जल्द ये फिल्म रिलीज़ होने वाली है। परिणीती और अर्जुन ने अपने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बता दिया है कि फिल्म इसी 20 मार्च को रिलीज़ होगी।
आसिम और हिमांशी लाने वाले हैं सरप्राइज
आज सुबह हिमांशी खुराना ने आसिम रियाज़ के साथ एक पोस्टर शेयर करते हुए फैंस के लिए सरप्राइज का एलान कर दिया है। ये जोड़ी नेहा कक्कड़ के अगले म्यूजिक वीडियो नज़र आने वाली है। ये वीडियो 18 मार्च को रिलीज़ होगा। बिग बॉस के घर में देखने के बाद इस जोड़ी को वापस स्क्रीन पर देखने का इंतजार हो रहा है।
कसौटी में मिस्टर बजाज की वापसी
स्टार प्लस का पॉपुलर सीरियल 'कसौटी जिंदगी की 2' शो में आये ट्विस्ट को लेकर खबरों में बना हुआ है। हाल में दिखाए एपिसोड में अनुराग ने प्रेरणा का मर्डर कर दिया है। अनुराग प्रेरणा को हावड़ा ब्रिज पर ले जा कर वहां से नीचे फेंक देते है। इसके बाद प्रेरणा को बचाने के लिए मिस्टर बजाज को शो में वापस लाया जाता है। कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें मिस्टर बजाज प्रेरणा को नदी से बाहर निकालते दिख रहे हैं। अब मिस्टर बजाज और प्रेरणा अनुराग से बदला लेने की तैयारी कर रहे हैं।
|
2021/09/16 11:04:35
|
https://hindi.desimartini.com/news/martini-shots/trending/top-5-news-alia-bhatts-gangubai-kathiawadi-to-feature-katrina-kaif-and-akshay-kumars-bachchan-pandey-script-change-article135596.htm
|
mC4
|
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में राहुल गांधी की अध्यक्षता में पहली कांग्रेस पार्टी का अधिवेशन हो रहा है. इस अधिवेशन मेंं कई अहम चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है. अधिवेशन मेें लगभग बीस हजार प्रतिनिधि शामिल हैं. अधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव पास होने के साथ-साथ यूपीए का कुनबा बढ़ाने पर भी जोर रहेगा.
महाधिवेशन को राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए कहा आज देश में गुस्सा फैलाया जा रहा है. देश को बांटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने अधिवेशन में बदलाव की बात की. उन्होंने कहा कि भाजपा गुस्से की राजनीति करती है हम प्यार की राजनीति करते हैं.
राहुुल ने कहा आज देश थका है रास्ता ढूंढने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा किसानों युवाओं को रास्ता नहीं दिख रहा है. उन्होंने कहा कांग्रेस देश को रास्ता दिखाने का काम करेगी. हम बीते हुए वक्त को भुलते नहीं हैं.
1-राहुल गांधी की अध्यक्षता में पहली बार हो रहा है कांग्रेस का महाधिवेशन. यह महाधिवेशन इसलिए भी खास है क्योंकि यह 8 साल बाद हो रहा है. पहली बार संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सबसे पहले अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया.
2-इस महाधिवेशन की मुख्य नजर 2019 में होने वाले आम चुनाव पर होगी. महाधिवेशन में पहली कतार में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मनमोहन सिंह सहित बड़े नेता मौजूद हैं. महाधिवेशन को संबोधित करते हुए एक तरह से बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हम अपने सीनियर नेताओं को नहीं भूलते हैं. हमारे पार्टी के नेता जैसे मनमोहन सिंह पार्टी के लिए लड़ते हैं.
3-उद्घाटन भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में गुस्सा फैलाया जा रहा है, देश को बांटा जा रहा है. हिंदुस्तान के एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से लड़वाया जा रहा है.
4-कांंग्रेस पार्टी की बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारा काम जोड़ने का है. कांग्रेस का निशान ही देश को जोड़ कर रख सकता है. उन्होंने कहा कि हमारा काम देश और युवाओं को जोड़ने का है, सबको राह दिखाने का काम है. हम पीछे की बात नहीं भूलते हैं. हम सबको साथ लेकर चलते हैं.
5-राहुल ने कहा कि देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती है. कांग्रेस पार्टी में और विपक्ष में क्या फर्क है? एक फर्क है कि वह गुस्से का प्रयोग करते हैं, हम प्यार का और भाईचारे का प्रयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, ये देश हम सबका है, हर जात का है, हर धर्म का है. कांग्रेस पार्टी जो भी करेगी, वह सबके लिए करेगी.
7-मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि उन्हें ये बात समझ नहीं आती कि रोजगार कब मिलेगा, किसानों को उनके हक कब मिलेंगे?
8-बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी चार प्रस्ताव पारित करेगी. इनमें राजनीतिक, आर्थिक, विदेशी मामलों तथा कृषि, बेरोजगारी एवं गरीबी उन्मूलन के विषय शामिल होंगे.
9-पार्टी प्रत्येक क्षेत्र के बारे में अपना दृष्टिकोण रखेगी और वर्तमान परिदृश्य से उसकी तुलना की जाएगी. दो दिन के गहन विचार विमर्श सत्र में राजनीतिक स्थिति सहित दो प्रस्तावों को पहले दिन लिया जाएगा.
10-सूत्रों ने कहा कि राजनीतिक प्रस्ताव में समान विचारों वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने के बारे में पार्टी की योजना का संकेत मिलेगा. यूपीए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रात्रि भोज में 20 विपक्षी दलों के नेताओं को बुलाकर इस दिशा में पहल की है.
|
OSCAR-2019
|
||
उमेश यादव ने उठाया चयनकर्ताओं पर सवाल, सीमित ओवर में नहीं...
Home > न्यूज़ > भारतीय टीम में पर्याप्त मौका न मिलने पर उमेश यादव ने कहा "थोड़ा बुरा तो लगता है"
Sonam Gupta, 2 months ago 3 min read 226
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव लंबे वक्त से सीमित ओवर क्रिकेट की टीम से ड्रॉप चल रहे हैं. आईसीसी विश्व कप 2015 में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज उमेश ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई टी20 सीरीज के के दौरान आखिरी बार सीमित ओवर क्रिकेट खेला था. इसके बाद से वह टेस्ट टीम में ही खेलते नजर आते हैं. अब उमेश ने एक इंटरव्यू के दौरान अपना दुख जाहिर करते हुए कहा है कि चयनकर्ता सीमित ओवर क्रिकेट में उनका सही इस्तेमाल नहीं कर सके.
चयनकर्ताओं ने सीमित ओवर में नहीं किया सही इस्तेमाल
तेज गेंदबाज उमेश यादव लंबे वक्त से भारत की सीमित ओवर टीम से बाहर चल रहे हैं. उमेश को आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई टी20 सीरीज में ही सीमित ओवर क्रिकेट खेलने का मौका मिला था. हालांकि वह टेस्ट टीम का हिस्सा बने हुए हैं. अब उन्होंने चयनकर्ताओं पर इसका इल्जाम लगाते हुए इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में कहा,
"मै ये समझ नहीं सका. सफेद या लाल गेंद क्रिकेट में बॉल को स्विंग कराने की टैक्निक अलग है क्या? मैं यह कर सकता हूं जैसा मैंने किया है. बेशक, लैंथ अलग-अलग होगी और यह स्पष्ट और नीचे क्रिकेटिंग एलिगेंस है.
अगर मुझे एकदिवसीय मैचों की सीरीज मिलती है, तो मुझे लगता है कि मैं खुद को विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में साबित कर सकता हूं. मुझे लगता है कि मुझे वनडे में चयनकर्ताओं द्वारा ठीक से इस्तेमाल नहीं किया गया है.
टेस्ट में हम चारों ही हैं अनुभवी गेंदबाज
उमेश यादव टीम इंडिया में अंदर-बाहर होने वाले गेंदबाज हैं. हाल ही में न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें पहले मैच की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया गया था. मगर इशांत शर्मा के इंजर्ड होने के बाद उन्हें दूसरे मैच की प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला था. जहां वह 1 विकेट ले पाए थे. टेस्ट में भारत के पास इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह की मंझी हुई अनुभवी तेज गेंदबाज इकाई है. इस बारे में उमेश यादव ने कहा,
थोड़ा बुरा तो लगता है, लेकिन आप बहुत अधिक शिकायत नहीं कर सकते हैं क्योंकि अन्य तीन इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं. इसलिए मैं समझ सकता हूं कि टीम प्रबंधन के लिए, सही संतुलन प्राप्त करना आसान नहीं होगा. हम चारों अनुभवी गेंदबाज हैं.
मुझे भी मौके मिलें तो कर सकती हं अच्छा
अक्सर देखा जाता है कि उमेश यादव को घरेलू सरजमीं पर मौके मिलते हैं. लेकिन विदेशों में उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जाती है. अब आगे बात करते हुए आगे उमेश ने कहा,
आप भारतीय जमीं पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आप पर एक छाप लग जाती है, जैसे उन पर लगी हुई है. ये थोड़ा अनुचित है. अगर मुझे विदेशी जमीन पर नियमित रूप से मौके मिले तो मैं भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं.
मुझे मुश्किल से एक साथ दो मैच मिल पाते हैं. अगर आप उन परिस्थितियों में ज्यादा नहीं खेलेंगे तो आप उन परिस्थितियों के बारे में ज्यादा नहीं सीख पाएंगे.
Tags #इशांत शर्मा #उमेश यादव #जसप्रीत बुमराह #मोहम्मद शमी
केशव महाराज से पूछा गया क्या आप देंगे अपने बल्लेबाजों को टिप्स? दिया ये मजेदार जवाब
CWC 2019: हरभजन सिंह ने श्रीलंका मैच में इस खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उठाई मांग
निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ योजना को लागू नहीं कर सके: बुमराह
भारतीय क्रिकेट को अब भगवान ही बचा सकता है, राहुल द्रविड़ को नोटिस भेजे जाने पर बीसीसीआई पर भड़के सौरव गांगुली
|
2020/06/04 23:52:54
|
https://hindi.sportzwiki.com/cricket/umesh-selectors-limited-over/
|
mC4
|
जैव विविधता भारत की धरोहर है : प्रमोद भार्गव – Hindi Samachar : Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
Home संपादकीय जैव विविधता भारत की धरोहर है : प्रमोद भार्गव
जिस तरह से आज पूरी दुनिया वैश्विक प्रदूषण से जूझ रही है और कृषि क्षेत्र में उत्पादन का संकट बढ़ रहा है, उस परिप्रेक्ष्य में जैव विविधता का महत्व बढ़ गया है। लिहाजा हमें जहां जैव कृषि सरंक्षण को बढ़ावा देने की जरूरत है, वहीं जो प्रजातियां बची हुई हैं, उनके भी सरंक्षण की जरूरत है। क्योंकि आज 50 से अधिक प्रजातियां प्रतिदिन विलुप्त हो रही हैं। यह भारत समेत पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। शायद इसीलिए 'नेशनल एकेडमी आफ साइंस' जनरल में छपे शोध-पत्र ने धरती पर जैविक विनाश की चेतावनी दी है।
लगभग साढ़े चार अरब साल उम्र की यह धरती अब तक पांच महाविनाश देख चुकी है। इस क्रम में लाखों जीव व वनस्पितियों की प्रजातियां नष्ट हुईं। पांचवां जो कहर पृथ्वी पर बरपा था, उसने डायनासोर जैसे महाकाय प्राणी का भी अंत कर दिया था। इस शोध-पत्र में दावा किया गया है कि अब धरती छठे विनाश के दौर में प्रवेश कर चुकी है। इसका अंत भयावह होगा। क्योंकि अब धरती पर चिड़िया से लेकर जिराफ तक हजारों जानवरों की प्रजातियों की संख्या कम होती जा रही है। वैज्ञानिकों ने जानवरों की घटती संख्या को वैश्विक महामारी करार देते हुए इसे छठे महाविनाश की हिस्सा बताया है। बीते 5 महाविनाश प्राकृतिक घटना माने जाते रहे हैं, लेकिन अब वैज्ञानिक इस महाविनाश की वजह बड़ी संख्या में जानवरों के भौगोलिक क्षेत्र छिन जाने और परिस्थितिकी तंत्र का बिगड़ना बता रहे हैं।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफसर पाल आर इहरिच और रोडोल्फो डिरजो नाम के जिन दो वैज्ञानिकों ने यह शोध तैयार किया है, उनकी गणना पद्धति वही है, जिसे यूनियन आफ कंजर्वेशन आफ नेचर जैसी संस्था अपनाती है। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक 41 हजार 415 पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों की प्रजातियां खतरे में हैं। इहरिच और रोडोल्फो के शोध-पत्र के मुताबिक धरती के 30 प्रतिशत कशेरूकु प्राणी विलुप्तता के कगार पर हैं। इनमें स्तनपायी, पक्षी, सरीसृप और उभयचर प्राणी शामिल हैं। इस हृास के क्रम में चीतों की संख्या 7000 और ओरांगउटांग 5000 ही बचे है। इससे पहले के हुए पांच महाविनाश प्राकृतिक होने के कारण धीमी गति के थे, लेकिन छठा विनाश मानव निर्मित है, इसलिए इसकी गति बहुत तेज है। ऐसे में यदि तीसरा विश्व युद्ध होता है तो विनाश की गति तांडव का रूप ले सकती है। इस लिहाज से इस विनाश की चपेट में केवल जीव-जगत की प्रजातियां ही नहीं आएंगी, बल्कि अनेक मानव प्रजातियां, सभ्यताएं और संस्कृतियां भी आएंगी। शोध-पत्र की चेतावनी पर गंभीर बहस और उसे रोकने के उपाय अमल में लाए जाना जरूरी हैं। बावजूद यह शोध-पत्र इसलिए संशय से भरा लगता है, क्योंकि अमेरिका के जिन दो वैज्ञानिकों ने यह जारी किया है, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जवाबदेही से मुकरते हुए जलवायु परिवर्तन के समझौते को खारिज कर दिया है। इसलिए यह आशंका प्रबल है कि दुनिया का राजनीतिक नेतृत्व इसे गंभीरता से लेगा ?
एक समय था जब मनुष्य वन्य पशुओं के भय से गुफाओं और पेड़ों पर आश्रय ढूंढ़ता फिरता था। लेकिन ज्यों-ज्यों मानव प्रगति करता गया प्राणियों का स्वामी बनने की उसकी चाह बढ़ती गई। इस चाहत के चलते पशु असुरक्षित हो गए। वन्य जीव विशेषज्ञों ने जो ताजा आंकड़े प्राप्त किए हैं, उनसे संकेत मिलते हैं कि इंसान ने अपने निजी हितों की रक्षा के लिये पिछली तीन शताब्दीयों में दुनिया से लगभग 200 जीव-जन्तुओं का अस्तित्व ही मिटा दिया। भारत में वर्तमान में करीब 140 जीव-जंतु विलोपशील अथवा संकटग्रस्त अवस्था में हैं। ये संकेत वन्य प्राणियों की सुरक्षा की गारंटी देने वाले राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य और चिड़ियाघरों की सम्पूर्ण व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं ?
18वीं सदी तक प्रत्येक 55 वर्षों में एक वन्य पशु की प्रजाति लुप्त होती रही। 18वीं से 20वीं सदी के बीच प्रत्येक 18 माह में एक वन्य प्राणी की प्रजाति नष्ट हो रही है। एक बार जिस प्राणी की नस्ल पृथ्वी पर समाप्त हो गई तो पुनः उस नस्ल को धरती पर पैदा करना मनुष्य के बस की बात नहीं है। मनुष्य कभी प्रकृति से जीत नहीं पाया है। इसलिए मनुश्य यदि अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों के अहंकार से बाहर नहीं निकला तो विनाष या प्रलय आसन्न ही समझिए ? चुनांचे, प्रत्येक प्राणी का पारिस्थितिक तंत्र, खाद्य श्रृंखला एवं जैव विविधता की दृष्टि से विशेष महत्व होता है। जिसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। क्योंकि इसी पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला पर मनुष्य का अस्तित्व टिका है।
भारत में दुनिया के भू-भाग का 2.4 प्रतिशत भाग है। इसके बावजूद यह सभी ज्ञात प्रजातियों की सात से आठ प्रतिशत प्रजातियां उपलब्ध हैं। इसमें पेड़-पौधों की 45 हजार और जीवों की 91 हजार प्रजातियां हैं इस नाते भारत जैव-विविधता की दृष्टि से संपन्न देश है। हालांकि कुछ दशकों से खेती में रसायनों के बढते प्रयोग ने हमारी कृषि संबंधी जैव-विविधता को बड़ी मात्रा में हानि पहुंचाई है। आज हालात इतने बदतर हो गए हैं कि प्रति दिन 50 से अधिक कृषि प्रजातियां नष्ट हो रही हैं। हरित क्रांति ने हमारी अनाज से संबंधित जरूरतों की पूर्ति जरूर की, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के प्रयोग ने एक ओर तो भूमि की सेहत खराब की, वहीं दूसरी ओर कई अनाज की प्रजातियां भी नष्ट कर दीं। अब फसल की उत्पादकता बढ़ाने के बहाने जीएम बीजों का भी खतरा कृषि संबंधी जैव-विविधता पर मंडरा रहा है।
एक समय हमारे यहां चावल की अस्सी हजार किस्में थीं। लेकिन अब इनमें से कितनी शेष रह गई हैं, इसके आंकड़े कृषि विभाग ने एकत्रित नहीं किए हैं। जिस तरह से सिक्किम पूर्ण रूप से जैविक खेती करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, इससे अन्य राज्यों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। अपनी कृषि भूमि को बंजर होने से बचाने के लिए भी जैविक खेती की पैरवी जरूरी है।
मध्य-प्रदेश एवं छत्तीसगढ़. देश के ऐसे राज्य हैं, जहां सबसे अधिक वन और प्राणी संरक्षण स्थल हैं। प्रदेश के वनों का 11 फीसदी से अधिक क्षेत्र उद्यानों और अभ्यारणों के लिये सुरक्षित है। ये वन विंध्य-कैमूर पर्वत के रूप में दमोह से सागर तक, मुरैना में चंबल और कुवांरी नदियों के बीहड़ों से लेकर कूनो नदी के जंगल तक, शिवपुरी का पठारी क्षेत्र, नर्मदा के दक्षिण में पूर्वी सीमा से लेकर पश्चिमी सीमा बस्तर तक फैले हुए हैं। एक ओर तो ये राज्य देश में सबसे ज्यादा वन और प्राणियों को संरक्षण देने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर वन संरक्षण अधिनियम 1980 का सबसे ज्यादा उल्लंघन भी इन्हीं राज्यों में हो रहा है। साफ है कि जैव-विविधता पर संकट गहराया हुआ है। जैव विविधता बनाए रखने के लिए जैविक खेती को भी बढ़ावा देना होगा जिससे कृषि संबंधी जैव विविधता नष्ट न हो।
|
2019/09/16 22:53:31
|
http://www.aajsamaaj.com/bio-diversity-india-is-the-heritage-pramod-bhargava/54733
|
mC4
|
Coronavirus Impact: BSNL ने पेश किया Work@Home प्लान, फ्री में मिलेंगे बेनिफिट्स | भारत लाइव bharatlive.net
Home National Coronavirus Impact: BSNL ने पेश किया Work@Home प्लान, फ्री में मिलेंगे बेनिफिट्स
Coronavirus Impact: BSNL ने पेश किया Work@Home प्लान, फ्री में मिलेंगे बेनिफिट्स
नई दिल्ली, । सरकारी टेलिकॉम कंपनी BSNL आजकल खुद को दूसरे ऑपरेटर्स से दो कदम आगे रखने पर काम कर रही है। इस क्रम में कंपनी ने अपने ब्रॉडबैंड सेगमेंट में एक नया प्लान पेश किया है जिसका नाम Work@Home है। दरअसल, Coronavirus के चलते कई लोग घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और इसी के लिए BSNL ने Work@Home प्लान पेश किया है। सबसे अहम बात कि यह प्लान एकदम फ्री है। कंपनी ने इस प्लान को अंदमान और निकोबर समेत सभी सर्कल्स में उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, इसमें कंपनी ने एक शर्त रखी है। तो चलिए जानते हैं इन शर्त और प्लान की डिटेल्स के बारे में:
BSNL Work@Home प्लान की डिटेल्स: सबसे पहले बात करते हैं इस प्लान की कीमत की। जैसा कि हमने आपको बताया इस प्लान को फ्री में दिया जा रहा है। लेकिन इसका इस्तेमाल केवल कंपनी के मौजूदा यूजर्स ही कर पाएंगे। इन यूजर्स के पास लैंडलाइन कनेक्शन होना बेहद आवश्यक है। इस प्लान में यूजर्स को 10 Mbps की स्पीड के साथ 5 जीबी डाटा प्रतिदिन दिया जाएगा। डेली डाटा खत्म होने के बाद यूजर्स को 1 Mbps तक की स्पीड दी जाएगी। हमने इस खबर को लेकर BSNL के कस्टमर केयर से बात की और उनसे इस प्लान की शर्तों की जानकारी ली। चलिए
जानते हैं क्या है उनका कहना:
BSNL के कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, यह प्लान केवल उन्हीं यूजर्स को दिया जाएगा जिनके पास पहले से ही BSNL का लैंडलाइन कनेक्शन है। लैंडलाइन कनेक्शन यूजर्स जब नया ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेंगे तो उन्हें यह प्लान दिया जाएगा। यह प्लान एक महीन के लिए दिया जाएगा। इसके खत्म होने के बाद अगर यूजर कोई रिचार्ज नहीं कराता है तो उनके कनेक्शन पर न्यूनतम राशि वाला कोई भी प्लान एक्टिवेट कर दिया जाएगा। इसके अलावा अगर कई यूजर नया लैंडलाइन कनेक्शन खरीदते हैं तो वो इस प्लान के लिए मान्य नहीं होंगे।
Coronavirus के चलते कई लोग घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और इसी के लिए BSNL ने WorkHome प्लान पेश किया है। फोटो साभार BSNL
Previous articleश्रीमंदिर में भक्तों के दर्शन पर रोक लगने के बाद हुई ये अप्रिय घटना, देखने के लिए उमड़ी भीड़
Next articleਟਰਾਈਡੈਂਟ ਗਰੁੱਪ ਕਰੋਨਾ ਵਾਇਰਸ ਤੋਂ ਪੈਦਾ ਹੋਏ ਸੰਕਟ ਦੌਰਾਨ ਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਡਟ ਕੇ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ .ਚੇਅਰਮੈਨ ਰਜਿੰਦਰ ਗੁਪਤਾ
|
2021/12/01 02:30:00
|
https://bharatlive.net/coronavirus-impact-bsnl-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-workhome-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0/
|
mC4
|
Big scam done in the name of corona testing, ED made many big revelations | India News in Hindi | कोरोना टेस्टिंग के नाम पर कुंभ के दौरान ऐसे हुआ बड़ा घोटाला, ED ने किये कई बड़े खुलासे - Catch Hindi
Home » इंडिया » Big scam done in the name of corona testing, ED made many big revelations
कोरोना टेस्टिंग के नाम पर कुंभ के दौरान ऐसे हुआ बड़ा घोटाला, ED ने किये कई बड़े खुलासे
कैच ब्यूरो | Updated on: 6 August 2021, 21:56 IST
Covid-19 : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान फर्जी कोविड टेस्टिंग घोटाले के मामले में कई प्रयोगशालाओं के कार्यालय परिसरों की तलाशी ली. जिन प्रयोगशालाओं पर छापा मारा गया उनमें नोवस पाथ लैब्स, डीएनए लैब्स, मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, डॉ. लाल चंदानी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड. और नलवा लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों के आवासीय परिसर देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, नोएडा और हिसार में शामिल हैं. ईडी ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी शुरू कर दी है.
एजेंसी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान यह पता चला कि इन प्रयोगशालाओं को उत्तराखंड सरकार द्वारा कुंभ मेला, 2021 के दौरान कोविड परीक्षण के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट / आरटी-पीसीआर परीक्षण करने का ठेका दिया गया था. कहा गया है "इन लैब्स ने शायद ही कोई कोविड परीक्षण (रैपिड एंटीजन टेस्ट और आरटी-पीसीआर टेस्ट) किया हो, लेकिन कोविड परीक्षण के लिए नकली एंट्री कीं और अवैध वित्तीय लाभ अर्जित करने के लिए फर्जी बिल जुटाए.'' उन्हें उत्तराखंड सरकार से आंशिक भुगतान के रूप में 3.4 करोड़ रुपये की राशि पहले ही प्राप्त हो चुकी है.
"इन प्रयोगशालाओं द्वारा उपयोग की जाने वाली कार्यप्रणाली यह थी कि इन प्रयोगशालाओं ने वास्तव में परीक्षण किए बिना कोविड परीक्षण की बढ़ी हुई संख्या दिखाने के लिए कई व्यक्तियों के लिए सिंगल मोबाइल नंबर / झूठे मोबाइल नंबर / सिंगल पते / एक ही नमूना रेफरल फॉर्म (एसआरएफ) का उपयोग किया था."
जांच में आगे पता चला कि परीक्षण उन व्यक्तियों के नाम पर किए जाने का दावा किया गया था, जो कभी कुंभ मेले में नहीं गए थे. इन प्रयोगशालाओं द्वारा झूठी निगेटिव टेस्टिंग के कारण, उस समय हरिद्वार की पाजिटिविटी दर वास्तविक 5.3 फीसदी के मुकाबले 0.18 फीसदी दिखाई गई थी. तलाशी की कार्यवाही के दौरान, ईडी ने आपत्तिजनक दस्तावेज, फर्जी बिल, लैपटॉप, मोबाइल फोन और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं. तलाशी के दौरान करीब 30.9 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है.
First published: 6 August 2021, 21:56 IST
Tokyo Olympics: सेमीफाइनल में हार गए बजरंग पूनिया, गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूटा
अन्य बड़ी कहानियों >> Tokyo Olympics: सेमीफाइनल में हार गए बजरंग पूनिया, गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूटा
|
2021/12/03 22:54:40
|
https://hindi.catchnews.com/india/big-scam-done-in-the-name-of-corona-testing-ed-made-many-big-revelations-221003.html
|
mC4
|
मध्य एशियाई देश ताजिकिस्तान की पुलिस ने देश के क़रीब 13 हज़ार पुरुषों की दाढ़ी कटवा दी है या ट्रिम करवा दी है. सरकार के मुताबिक़ यह क़दम इस्लामिक अतिवाद और "बाहरी और अनजान" असर...
|
2021-12-05T11:46:58Z
|
https://kohraam.com/tag/muslimn/
|
OSCAR-2201
|
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) जानकारी हिंदी में - B Tech in Hindi | एडमिशन
Leave a Comment on बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी)
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) का परिचय
इंजीनियरिंग की कुछ लोकप्रिय धाराएँ
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड
कैसे करें बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) में लेटरल एंट्री?
बीई और बीटेक के बीच अंतर
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) में एडमिशन प्रक्रिया
बीटेक कॉलेजों में औसत फीस और कट ऑफ
इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति
बीटेक के बाद नौकरी के अवसरों के लिए आवश्यक कौशल
बीटेक छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर और नौकरी क्षेत्र
B Tech (Bachelor Of Technology) in English
बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) एक पूर्णकालिक चार साल का अंडरग्रेजुएट (यूजी) कोर्स है जो विशेष रूप से छात्रों को इंजीनियरिंग की उनकी स्ट्रीम द्वारा कुशल बनाने के लिए बनाया गया है। इस पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम सैद्धांतिक भाग से अधिक अनुप्रयोग या व्यावहारिक भाग पर आधारित है। कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड होने पर छात्र इस चार साल के पाठ्यक्रम में पार्श्व प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
इस कोर्स के पूरा होने के बाद, छात्रों को इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता के अपने संबंधित क्षेत्रों के वास्तविक अनुप्रयोग के बारे में काम करने और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए महान इंटर्नशिप के अवसरों की पेशकश की जाती है। बीटेक डिग्री धारक निजी क्षेत्र में और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों में भी काम कर सकते हैं। भारत में एक इंजीनियर का औसत वेतन औसत रैंकिंग कॉलेज के साथ 6 लाख से 10.5 लाख प्रति वर्ष है और उच्च श्रेणी के कॉलेजों के साथ या गुणवत्ता कौशल वाले कुछ योग्य उम्मीदवारों के लिए या उन दोनों के वेतन के साथ 6.5 लाख से 1.5 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो सकता है .
नौकरी क्षेत्रों में उच्च मांग के कारण भारत में छात्रों द्वारा इंजीनियरिंग की कुछ लोकप्रिय धाराएं या विभाग हैं। इनका उल्लेख नीचे किया गया है:-
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE): यह स्ट्रीम कंप्यूटर के कंप्यूटिंग, प्रोग्रामिंग, एल्गोरिदम, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विकास से संबंधित है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (ईई): इस स्ट्रीम को विद्युत उपकरण, विद्युत चुंबकत्व, और बिजली शब्द से संबंधित हर चीज के सैद्धांतिक और व्यावहारिक अनुप्रयोगों का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एमई): इस पाठ्यक्रम को भौतिक विज्ञान के साथ गणित के सिद्धांतों और इंजीनियरिंग भौतिकी के नियमों के संयोजन से ई-कॉमर्स उद्योग में उपयोग की जाने वाली यांत्रिक प्रणालियों या मशीनों का विश्लेषण, रखरखाव और निर्माण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सिविल इंजीनियरिंग (सीई): विभाग भवन, पुल, स्मारकों, पार्कों, रेलवे स्टेशनों, बांधों, नहरों आदि के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के अध्ययन से संबंधित है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई): मशीनों में कृत्रिम मानव बुद्धि के अध्ययन के आधार पर ताकि वे मनुष्यों के विभिन्न कार्यों के बारे में सोच सकें, बातचीत कर सकें।
इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (ईसीई): यह गैर-रेखीय और सक्रिय विद्युत घटकों जैसे इलेक्ट्रॉनिक, एकीकृत सर्किट, आदि के उपकरणों के अध्ययन और निर्माण प्रक्रिया को संदर्भित करता है।
केमिकल इंजीनियरिंग (Ch। E): इस विभाग का अध्ययन औद्योगिक उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त रसायनों के निर्माण से संबंधित है।
छात्रों को उच्च रैंक वाले सरकारी कॉलेजों, IIT, NIT और निजी कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए कई प्रवेश परीक्षाएं उपलब्ध हैं। मुख्य प्रवेश परीक्षा जो ज्यादातर हर छात्र द्वारा कम से कम एक बार करने का प्रयास किया जाता है, वह है जेईई मेन्स और जेईई एडवांस। BITSAT, VITEEE, SRJEEE, WBJEE, KITEE, COMEDK, MHT CET, और BCECE एक प्रतिष्ठित कॉलेज या सरकारी कॉलेज या IIT / NIT में प्रवेश पाने के लिए भारत की कुछ अन्य प्रवेश परीक्षाएँ हैं। परीक्षा तिथियां और पाठ्यक्रम में नवीनतम परिवर्तन उनकी आधिकारिक वेबसाइटों पर हैं।
छात्रों को विज्ञान के तीनों विषयों में कम से कम 45% के साथ अपनी कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए, जो भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित हैं और एक अतिरिक्त विषय की भी आवश्यकता है या तो जीव विज्ञान या छात्र सबसे बेहतर कंप्यूटर एप्लिकेशन ले सकते हैं। अच्छे कॉलेजों का कट-ऑफ अधिक होता है, उस स्थिति में छात्रों को अपनी उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षाओं में तीन विषयों (पीसीएम) में अधिक अंकों की आवश्यकता होती है।
इसके साथ ही छात्रों को जेईई मेन्स, COMEDK, BITSAT, या अपने राज्य के सामान्य प्रवेश परीक्षाओं जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करना पड़ता है। सरकारी कॉलेज प्रत्यक्ष प्रवेश नहीं लेते हैं, जबकि कुछ कम रैंक वाले निजी कॉलेज इस कोर्स की पेशकश करते हैं, जिसमें सीधे प्रवेश की प्रक्रिया में पीसीएम के साथ 45% से 65% की औसत कटौती होती है। जेईई मेन और जेईई एडवांस जैसी विभिन्न इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया और सीट अलॉटमेंट JOSAA के आवंटन प्राधिकरण द्वारा किया जाता है जो प्रवेश परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों की अखिल भारतीय रैंक पर आधारित है।
4 साल के बी टेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) कोर्स में लेटरल एंट्री एक ऐसी चीज है, जहां छात्रों को इंजीनियरिंग या बी.एससी में तीन साल का डिप्लोमा या कम से कम उसके समकक्ष कुछ पूरा करके बी.टेक डिग्री कोर्स के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश मिलता है। अनिवार्य विषय के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में 45% से 55% अंक।
छात्र ज्यादातर BE और B. Tech के बीच भ्रमित हो जाते हैं लेकिन वे अपने अभिविन्यास और विषयों के परिप्रेक्ष्य में भिन्न होते हैं।
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक)
यह पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग विज्ञान के अध्ययन और अनुप्रयोग के सैद्धांतिक दृष्टिकोण पर आधारित है जो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोगी तकनीकी उपकरणों और नवाचार के विकास की ओर जाता है। यह कोर्स एप्लीकेशन इंजीनियरिंग पर आधारित है और प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अध्ययन से संबंधित है। यह एक कौशल-आधारित कार्यक्रम है जहां छात्र इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के सिद्धांतों को मिलाकर विभिन्न तकनीकी गैजेट्स के संशोधन और वृद्धि के कौशल सीखते हैं।
किसी भी 4 साल के बी.टेक डिग्री कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय / राज्य या संस्थान स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को क्रैक करके होती है। छात्रों को ऊपर वर्णित पात्रता मानदंड को पूरा करने के बाद उनके संबंधित प्रवेश परीक्षाओं के आवंटन प्राधिकरण के अनुसार बी.टेक कॉलेजों में प्रवेश मिलता है।
भारत में लगभग 15% कॉलेजों में बी टेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) की डिग्री प्रदान की जाती है, जिसमें 4 साल तक औसतन 1 से 2 लाख का शुल्क लगता है, जिसमें मुख्य रूप से सरकारी कॉलेज शामिल हैं। IIT और NIT की औसत फीस स्ट्रक्चर 4 साल के लिए 3 से 5 लाख के बीच है। अधिकांश निजी कॉलेजों में भारत में एक उच्च शुल्क संरचना है जो विशिष्ट विशेषज्ञता में 4 साल के बीटेक डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए कभी-कभी 4 से 10 लाख तक होती है।
सरकारी कॉलेज और IIT या NIT, योग्य उम्मीदवारों के लिए हर साल 90% से 95% की कट-ऑफ रखते हैं, जबकि निजी कॉलेज 45% से 75% के बीच अपनी कट-ऑफ रखते हैं।
उन छात्रों के लिए कुछ राज्य-स्तरीय छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं जो एक इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन एक इंजीनियरिंग कॉलेज के उच्च खर्च और शुल्क संरचना के कारण उन्हें वहन नहीं कर सकते। निजी संस्थान छात्रों को उनके संस्थान की प्रवेश परीक्षा या कक्षा 12 वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।
छात्रों को अपने मूल विषयों के ज्ञान के साथ मौखिक और लिखित दोनों में संवाद करने की अच्छी क्षमता सीखनी चाहिए। उन्हें इंजीनियरिंग और टीम वर्क में विशेषज्ञता के किफायती उद्योग से परिचित होना चाहिए। मल्टीटास्किंग, रचनात्मकता, नेतृत्व का कौशल और कंप्यूटर या आईटी क्षेत्र का ज्ञान बीएड के बाद नौकरी के लिए तैयार होना आवश्यक है। टेक.
छात्रों को बीटेक स्नातकों के लिए उनके जॉब प्रोफाइल के आधार पर विभिन्न शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर मिलते हैं। यदि कंपनियां व्यक्ति के ज्ञान और कौशल से प्रभावित होती हैं तो वे उन्हें एक अच्छे वेतन के पैकेज के साथ अपनी कंपनी में स्थायी नौकरी के लिए रखती हैं। अच्छे कॉलेज कुछ लोकप्रिय और उच्च-भुगतान वाली कंपनियों में योग्य उम्मीदवारों को स्थायी नौकरी प्रदान करते हैं। कुछ शीर्ष भर्ती कंपनियां हैं
ध्यान दें कि उम्मीदवारों ने संबंधित कंपनी के साक्षात्कार के सभी दौरों और नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए जो उन्होंने आवेदन किया है, को पास करना बहुत महत्वपूर्ण है। विभिन्न कंपनियों के वेतन साक्षात्कार में दिखाए गए प्रदर्शन और ज्ञान पर आधारित होते हैं।
|
2022/07/05 00:13:30
|
https://edubeginner.com/b-tech-bachelor-of-technology-in-hindi/
|
mC4
|
मुद्दा अभी जिन्दा है - Hindi Newspaper | National News Paper | Weekly Newspaper | thesundaypost.in
Country Posted on 25/01/1919 25/01/1919
लगभग डेढ़ वर्ष बाद यूपी की योगी सरकार एक बार फिर से एक्शन के मूड में दिख रही है। लेकिन इस बार सरकार का मूड पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में किए गए घोटालों को लेकर प्रभावी कार्रवाई करने का नहीं अपितु सपा-बसपा गठबन्धन के प्रमुखों पर दबाव बनाने का है। दबाव इसलिए भी ताकि भाजपा के खिलाफ महागठबन्धन के दलों का जोश ठण्डा पड़े। शायद यही वजह है कि लोकसभा चुनाव तैयारियों के अन्तिम महीनों में एक बार फिर से रिवर फ्रंट घोटाले की फाइल ही तलब नहीं की गयी बल्कि घोटाले से जुडे़ ठेकेदारों, अभियंताओं के ठिकानों पर छापेमारी भी की गयी। यह छापेमारी राजधानी लखनऊ समेत हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली तक की गयी। ये वह स्थान हैं जहां पर रिवर फ्रंट से जुडे़ ठेकेदारों और अभियंताओं के ठिकाने बने हुए हैं। कहा जा रहा है कि यही वह स्थान हैं जहां रिवर फ्रंट घोटाले की बड़ी रकम छिपाकर कर रखी गयी है अथवा किसी प्राॅपर्टी आदि में इन्वेस्ट की गयी है।
खासतौर से राजधानी लखनऊ के पाॅश इलाके गोमती नगर और राजाजीपुरम सहित उन इलाकों में ईडी ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया जहां-जहां पर आरोपियों की सम्पत्ति मौजूद होने का अंदेशा था। इस छापेमारी को लेकर मीडिया भले ही हडकम्प मचे होने की बात कर रहा हो लेकिन हकीकत यह है कि रिवर फ्रंट के लगभग समस्त आरोपी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं योगी सरकार के आदेश पर ईडी की नजर आखिर कहां पर टिकी है। सपा कार्यकर्ता भी यही मानते हैं कि सरकार चाहती तो सीधे पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निवास पर भी छापेमारी कर सकती थी लेकिन इससे सपा को ही लाभ मिलने की उम्मीद थी लिहाजा उसने उन अधिकारियों और अभियंताओं पर निशाना साधा है जो किसी न किसी रूप में सपा प्रमुख के खास लोगों में शुमार रहे हैं। खासतौर से कुछ ठेकेदार ऐसे हैं जिनका सीधा सम्बन्ध सपा प्रमुख अखिलेश यादव से रहा है। छापे की जद में आए अभियंता और ठेकेदारों के चेहरों पर किसी प्रकार का भय नजर नही आता। वे भी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि रिवर फ्रंट नाम के गड़े मुर्दे को सिर्फ इसलिए जिंदा किया जा रहा है ताकि आम जनता के बीच सपा की छवि को लुटरी सरकार के रूप में साबित किया जा सके क्योंकि सपा-बसपा महागठबन्धन ही है तो यूपी में भाजपा को टक्कर देने की हैसियत रखता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने लखनऊ के गोमती नगर स्थित विशालखंड इलाके में छापेमारी की। रिवर फ्रंट से जुडे़ इंजीनियरों और ठेकेदारों का पूरा घर खंगाला गया। टीम ने राजाजीपुरम इलाके में भी इंजीनियरों, ठेकेदारों और कंपनी के गठजोड़ को ध्यान में रखते हुए छापेमारी की। बताते चलें कि इस बार की छापेमारी के ईडी के हाथ कुछ भी नहीं लगा है महज सनसनी फैलाने में कामयाबी के। सपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक दुश्मनी निभाने की गरज से की गयी छापेमारी के दौरान सिंचाई विभाग के पूर्व अधिकारियों और गैमन इंडिया कंपनी के अधिकारियों के आठ ठिकानों पर ईडी की टीम पहुंची और घंटों तलाशी ली। जिस वक्त राजधानी लखनऊ में छापेमारी चल रही थी उसी वक्त राजस्थान के भिवाड़ी और हरियाणा के गुरुग्राम में भी ईडी ने छापेमारी की है। इसके अलावा नोएडा के सेक्टर-62 स्थित आईथम टाॅवर में भी छापेमारी की गई है।
बताते चलें कि पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के कार्यकाल में रिवर फ्रंट योजना के तहत लखनऊ के बीचोंबीच बहने वाली गोमती नदी के 13 किलोमीटर लंबे किनारों का सौंदर्यीकरण किया जाना था। शुरू में यह प्रोजेक्ट 656 करोड़ का था जो बाद में बढ़कर 1513 करोड़ का हो गया। प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार का आरोप है कि इस रकम का 95 फीसद यानी 1435 करोड़ खर्च होने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत गोमती नदी के दोनों किनारों पर डायफ्रॅाम वाॅल बननी थी और लैंडस्केपिंग करके खूबसूरत लाॅन भी बनाया जाना था। इसके अलावा स्थायी और मौसमी फूलों का बागीचा, साइकल ट्रैक, जाॅगिंग ट्रैक, वाॅकिंग प्लाजा भी बनाया जाना था। यह सारा काम 1513 करोड़ में बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। आरोप है कि अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ ही पूर्ववर्ती सरकार के विधायक और मंत्रियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित रकम में खूब हाथ साफ किया। परिणामस्वरूप 95 प्रतिशत रकम खर्च होने के बाद भी प्रोजेक्ट का 60 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो पाया। अब इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगभग 11 सौ करोड़ रुपयों की और दरकार है। यही वह वजह है कि योगी सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट की आड़ में सरकारी खजाने को खूब लूटा गया। दावा किया जा रहा है कि जांच के दौरान लूट की रकम और लुटेरों की पहचान भी हो चुकी है लेकिन कार्रवाई कब और किस पर और कितने लोगों के खिलाफ होगी और कार्रवाई की जद में क्या पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी फंसेगे अथवा नहीं, यह अभी तक गुप्त रखा गया है।
फिलहाल मौजूदा योगी सरकार द्वारा ऐन लोकसभा चुनाव तैयारियों के दौरान गडे़ मुर्दों को उखाड़ा जाना शुद्ध रूप से राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है लिहाजा सपा ने भी इसका जवाब देने के लिए अपनी कमर कस ली है।
|
2020/04/07 16:25:30
|
https://thesundaypost.in/country/the-issue-is-still-alive/
|
mC4
|
हार्दिक पांड्या की पत्नी नताशा के चेहरे का उड़ा रंग, तो रोहित शर्मा की बीवी रितिका के रिएक्शन हुए वायरल, देखें वीडियो
ALSO READ: IPL 2022, PBKS vs RR: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मयंक अग्रवाल करेंगे टीम में ये बड़ा बदलाव, इन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
|
2022/05/17 01:39:20
|
https://trendbihar.com/news/ritika-and-natasha-reaction-on-gt-vs-mi/
|
mC4
|
पिछले कुछ दिनों से किम कार्दशियन लगातार अपने हॉट फोटोज शेयर कर सोशल मीडिया का तापमान बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में आज फिर किम ने अपनी ब्रालेस फोटो शेयर कर सनसनी मचा दी है। इस बार तो किम ने बोल्डनेस की सारी हदें ही पार कर दी है। अब तक तो किम किसी मॉडल या फिर अकेले ही ब्रालेस फोटोशूट करवा रही ...
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला जी के साथ अर्ली न्यूज़ के समूह सम्पादक आनन्द गोपाल चतुर्वेदी द्वारा ली गई सेल्फी
AKTU के कुलपति डॉ.विनय कुमार पाठक जी (सामने से बाएं)के साथ अर्ली न्यूज़ समूह के सम्पादक आनन्द गोपाल चतुर्वेदी
अर्ली न्यूज़/लखनऊ। AKTU के कुलपति डॉ.विनय कुमार पाठक सरल हृदय लेकिन उतने ही तेज तर्रार व्यक्तित्व के धनी उनके नेतृत्व में अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी उनके दूसरे कार्यकाल में भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होगी। उनके साथ ली गई सेल्फी। आनन्द गोपाल चतुर्वेदी सम्पादक www.earlynews.in http://earlynews.in/wp-content/uploads/2018/11/jwal.mp3
अर्ली न्यूज़/लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की अर्ली न्यूज़ द्वारा ली गई फोटो। http://earlynews.in/wp-content/uploads/2018/11/jwal.mp3
अर्ली न्यूज़/लखनऊ// अखिलेश ने “यशस्वी भव”कार्यक्रम में 10 वीं 12वीं में सफल मेधावियों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया
एस.आर.समहू के चेयरमैन पवन सिंह चौहान जी के साथ “अर्ली न्यूज़” समूह के संपादक आनन्द गोपाल चतुर्वेदी द्वारा ली गई सेल्फी
मेरठ में हो रही भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वीप प्रज्वलित करते हुए
|
OSCAR-2019
|
||
DUET Answer key 2021 UG PG Answer sheet, Question paper PDF in hindi
DUET उत्तर कुंजी 2021 यूजी पीजी उत्तर पत्रक, प्रश्न पत्र पीडीएफ पर यहां चर्चा की जाएगी। एनटीए 61 पीजी पाठ्यक्रमों के लिए DUET उत्तर कुंजी जारी करेगा। परिणाम उम्मीदवार के लॉगिन के अंदर उपलब्ध होंगे, जिस पाठ्यक्रम के लिए उन्होंने परीक्षा दी थी। DUET 2021 उत्तर कुंजी की जांच के लिए उम्मीदवार का फॉर्म नंबर और जन्मदिन आवश्यक है। उत्तर कुंजी के साथ मास्टर प्रश्न भी जारी किए जाते हैं। स्कोर की गणना करने के लिए, DUET 2021 उत्तर कुंजी एक सही उत्तर के लिए चार अंक जोड़ती है और गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटती है। अधिक ब्योरे के लिए कृपया नीचे देखें।
|
2022/06/27 18:16:01
|
https://www.citydmt.com/2021/10/duet-answer-key-2021-ug-pg-answer-sheet.html
|
mC4
|
कुख्यात के साथ चिकेन-दारू की पार्टी कर उसे भगाने वाले दारोगा समेत पटना पुलिस के 6 जवान अरेस्ट, विकास सिंह तक पहुंचने के लिए उसकी गर्लफ्रेंड को ढूंढ़ रही पुलिस
11-Dec-2019 08:50 AM
PATNA: बेउर जेल से दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पेशी के लिए ले जाये गये कुख्यात विकास सिंह के कस्टडी से फरार होने के मामले में एसएसपी गरिमा मलिक ने कार्रवाई की है. विकास सिंह को पटना से दिल्ली ले जाने वाले एक दारोगा समेत 6 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिसकर्मियों के खिलाफ मंगलवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई. जिसके बाद सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस लाइन के अधिकारी के बयान पर दारोगा अखिलेश प्रसाद सिंह, हवलदार सुशील कुमार सिंह, कांस्टेबल मो. एजाज अहमद, राजेश्वकर कुंवर, सौरभ प्रियदर्शी और विनोद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करके मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. वहीं पुलिस अब विकास सिंह को पकड़ने के लिए उसकी प्रेमिकाओं को खोज रही है. इसके लिए दिल्ली में रहने वाली उसकी गर्लफ्रेंड्स की तलाश पुलिस कर रही है. जांच में पता चला है कि विकास जब भी दिल्ली जाता था तब वो जीबी रोड और मुनिरका में रहने वाली कुछ लड़कियों से जरूर मिलता था.
आपको बता दें कि दिल्ली के पहाड़गंज इलाके के एक होटल से कुख्यात विकास सिंह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर चंपत हो गया था. कुख्यात के साथ पटना पुलिस के एक दारोगा के साथ 6 जवानों की टीम भेजी गई थी, जहां 6 दिसंबर को पुलिस को टल्ली करके कुख्यात विकास सिंह फरार हो गया. जिसके बाद कुख्यात की कोर्ट में पेशी नहीं हो सकी और पटना पुलिस की टीम खाली हाथ वापस लौट आई.विकास सिंह बेउर जेल में पिछले 10 सालों से बंद था. दिल्ली के आरकेपुरम थाने में दर्ज केस के सिलसिले में 7 दिसंबर को दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में उसकी पेशी थी. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अनिल सिंह भी अभियुक्त था जो दिल्ली के उसी होटल में उससे मिला. अनिल सिंह के साथ मन्नी सिंह और सन्नी सिंह भी था. पहाड़गंज के एक होटल में पुलिसवालों के साथ सभी ने चिकेन-दारू की पार्टी भी. विकास सिंह ने पुलिसवालों को दारू पिलाई फिर जब पुलिसवाले शराब के नशे में टल्ली होकर खर्राटा लेने लगे, तब कुख्यात विकास सिंह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने का बहाना करके वहां से फरार हो गया.
|
2022/01/22 14:02:26
|
https://firstbihar.com/news/daroga-samet-patna-police-ke-6-jawan-arrest-276613
|
mC4
|
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मंच के आसपास के गांवों के आदिवासी ने किया विरोध प्रदर्शन - Siasat Daily - Hindi
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मंच के आसपास के गांवों के आदिवासी ने किया विरोध प्रदर्शन
hameed September 13, 2020
गुजरात: 14 गांवों के सैकड़ों आदिवासियों ने रविवार को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के इलाकों में मानव श्रृंखला बनाई और पोस्टर और तख्तियां लगाईं जिसमें कहा गया कि गुजरात सरकार विकास के नाम पर उनकी जमीनें लेना बंद कर दे।
इस दिन 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वदेशी लोगों (UNDRIP) के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाया था।
राज्य के पूर्वी हिस्से में 16 जिलों में फैले 50 आदिवासी बहुल तालुकों के प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में अधिनियमित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस एक्ट को रद्द करने की मांग की, जो सरकार को विकास के लिए गांवों में भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार देता है। SoU के आसपास की परियोजनाएं, दुनिया में अपनी तरह का सबसे लंबा ढांचा है। आदिवासी समनव मंच द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, कार्यकर्ता प्रफुल्ल वसावा, जिन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार जबरन भूमि अधिग्रहण कर रही है, इस प्रक्रिया में आदिवासियों को विस्थापित कर रही है, और स्वदेशी संस्कृति के लिए गंभीर खतरा।
"हम मांग करते हैं कि सरकार हमें पंचायतों (अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विस्तार) अधिनियम के तहत अधिकार प्रदान करती है," उन्होंने कहा। नर्मदा जिले के पुलिस अधीक्षक हिमकर सिंह ने कहा कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा स्वदेशी पीपल्स राइट्स डे को चिह्नित करने के लिए एसओयू के पास कार्यक्रम इसी तरह का हिस्सा था। "यह पूरे जिले और गुजरात के अन्य हिस्सों में आयोजित किया गया था। वे अपनी बात प्रस्तुत करना चाहते थे। वे सिर्फ विरोध करने के लिए सड़क पर अपने घरों से बाहर आए और उन्होंने शांति से ऐसा किया, "उन्होंने कहा।
|
2021/10/18 06:53:31
|
https://hindi.siasat.com/news/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%88%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%91%E0%A4%AB-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-1221094/
|
mC4
|
Will Smith and Jada Pinkett's divorce rumors | क्या ऑस्कर में हुए 'थप्पड़ कांड' की वजह से होने वाला है Will Smith और Jada Pinkett का तलाक? | Patrika News
94वें ऑस्कर अकादमी पुरस्कार (94th Academy Awards) में हुए 'थप्पड़ कांड' के बाद विल स्मिथ (Will Smith) और पत्नी जैडा पिंकेट स्मिथ (Jada Pinkett Smith) के रिश्तों में दरार आ गई है?
Published: April 23, 2022 10:49:34 am
इस बार हुए 94वें ऑस्कर अकादमी पुरस्कार (94th Academy Awards) के दौरान अगर सबसे ज्यादा चर्चा किसी चीज की हुई तो वो था हॉलीवुड स्टार विल स्मिथ (Will Smith) का इवेंट को होस्ट कर रहे कॉमेडियन क्रिस रॉक (Chris Rock) को थप्पड़ जड़ दिया था. दरअसल, क्रिस रॉक ने इवेंट के दौरान कॉमेडी करते हुए विल स्मिथ की पत्नी जैडा पिंकेट स्मिथ के गंजेपन का मजाक उड़ाया था, जिसके बाद विल स्मिथ सीधा स्टेज पर गए और क्रिस को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया.
इतना ही नहीं इसी कांड के चलते विल स्मिथ को 'द एकेडमी अवॉर्ड्स' से रोक दिया गया. साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर क्रिस रॉक से माफी मांगी छी, लेकिन अब सामने आ रही खबरों से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस 'थप्पड़ कांड' की गूंज केवल देश-विदेश तक ही नहीं उनके घर में गुंज रही है, जिसके चलते विल और जैडा के रिश्तों में दरार बन रही है. सामने आ रही खबरों की माने तो विल और जेडा के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है.
|
2022/05/16 21:19:38
|
https://www.patrika.com/hollywood-news/will-smith-and-jada-pinkett-s-divorce-rumors-7485328/
|
mC4
|
विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र के खिलाडी के रूप में कनाडा के नितीश कुमार का नाम आता है। 2011 के विश्व कप में जब उन्होंने अपना पहला मैच खेला तब उनकी उम्र 16 वर्ष 283 दिन थी। सबसे अधिक उम्र में विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड नोलन क्लार्क का है उन्होंने 1996 के विश्व कप मुकाबले में 47 वर्ष और 257 दिन की उम्र में भाग लि…
By akhileshforyou December 25, 2018
बहुप्रतीक्षित एकदिवसीय मैचों का ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप का बारहवाँ संस्करण 2019 में इंग्लैंड और वेल्स में होने जा रहा है। इसमें जहाँ वर्तमान चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने ख़िताब को बचाने उतरेगी वहीँ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड तथा कई अन्य देशों के सामने इस विश्व कप को पहली बार अपने देश लेजाने का दबाव भी होगा। प्रतियोगिता रोबिन राउंड मुकाबले के आधार पर होगी जिसमे ऊपर की चार टीमों को सेमी फाइनल खेलने का मौका मिलेगा। सेमी फाइनल विजेताओं के बीच फाइनल मुकाबला होगा और विजेता टीम विश्व कप की हक़दार होगी।
क्रिकेट का हर टूर्नामेंट बेहद ही रोमांचक होता है फिर तो यह विश्व कप का मुकाबला है। दर्शक जूनून की हद तक जाकर मैचों को देखते हैं और बड़ी ही बेसब्री से हर मुकाबले का परिणाम जानने की प्रतीक्षा करते हैं। दर्शकों में टूर्नामेंट के रिकार्ड्स के साथ साथ हर छोटी बड़ी बातों को जानने की उत्सुकता रहती है। क्रिकेट प्रेमियों की इसी जरुरत को पूरा करने के लिए प्रस्तुत है विश्व कप सम्बन्धी कुछ रोचक जानकारियां :
|
2020/01/19 08:29:41
|
https://www.saansthelife.com/2018/
|
mC4
|
धमतरी , 02 जुलाई (आरएनएस)। एंटीकरप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अबकारी यदुनंदन राठौर को 25 हजार रुपए की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता प्रार्थी तुलसीराम सोनकर के मुताबिक मकान किराए का पेमेंट का चेक जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की गई
रायपुर, 02 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ विधान सभा का मानसून सत्र आज शुरू हो गया। पहले दिन सदन में पूर्व मंत्री स्वर्गीय हेमचंद यादव, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व संासद स्वर्गीय केयूर भूषण और पूर्व मंत्री स्वर्गीय विक्रम भगत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दिवंगतों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। सदन
महासमुंद, 02 जुलाई (आरएनएस)। सहकारी समिति कर्मचारियों की आज से शुरू हुई अनिश्चितकालीन आंदोलन के पहले दिन ही सोसाइटी में खाद-बीज लेने पहुंचे किसानों को खाली हाथी वापस लौटना पड़ा। मुख्यालय स्थित पिटियाझर सोसाइटी सहित अन्य सोसाइटियों में खाद-बीज लेने के लिए पहुंचे किसानों ने बताया कि सोसाइटियों की हड़ताल के संबंध में उन्हें कुछ
रायपुर, 01 जुलाई (आरएनएस)। रमन सरकार के तीसरे कार्यकाल का अंतिम तथा छग के चतुर्थ विधानसभा का सोलहवां सत्र का आगाज कल 2 जुलाई से होने जा रहा है। पांच दिवसीय मानसून सत्र का समापन 6 जुलाई को होगा। अंतिम सत्र जरूर कम दिनों का है लेकिन विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्र काफी हंगामेदार
नारायणपुर, 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर से बड़ी खबर आ रही हैं की 3 महिला नक्सली सहित 10 नक्सलियों ने बस्तर आईजी के सामने आत्मसमर्पण किया हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों में सन्तु राम बड्डे दण्डकारण्य कम्युनिकेशन टीम डिप्टी कमांडर सदस्य है। इस पर सरकार ने 5 लाख रुपए का ईनाम घोषित किया
कोरबा , 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तेज रफ़्तार ट्रेलर की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार पटवारी और उसके दोस्त की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह घटना चैतमा के पास हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूरजपुर निवासी राजकुमार मिंज बिलासपुर
रायगढ़, 30 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुंबई-हावड़ा मेन लाईन के रायगढ़ किरोड़ीमल रेल खंड के बीच शुक्रवार की देर रात करीब 11:15 बजे दो मालगाड़ी आपस में टकरा गए। इसकी खबर मिलते ही रायगढ़ से लेकर बिलासपुर डिवीजन तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इंजीनियरिंग, ओ एच ई सिग्नल, ऑपरेटिंग विभाग के अधिकारी- कर्मचारी घटनास्थल
महासमुंद, 30 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद तथा बलौदाबाजार जिले से सटे सिरपुर में हाथी प्रभावित क्षेत्र मे पिछले दो दिनो से हाथी के आमद से ग्रामीणों मे दहशत है। जिसके कारण खेतो मे फसल उगाना किसानों के लिए जान जोखिम में डालने से कम नही है। कब कौन से गाँव में हाथी पहुच कर
|
OSCAR-2019
|
||
Ordinance news in Hindi, Ordinance की ताज़ा ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ - NDTV India Page4
होम | विषय | Ordinance |
'Ordinance' - 132 न्यूज़ रिजल्ट्स
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भूमि अध्यादेश को तीसरी बार जारी करने की अनुमति दी
India | रविवार मई 31, 2015 01:02 PM IST
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भूमि अध्यादेश को फिर जारी करने की अनुमति दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस अध्यादेश को फिर जारी करने का फैसला किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी के लिए किसानों का हित मायने नहीं रखता : नीतीश
India | शनिवार मई 30, 2015 08:26 PM IST
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अध्यादेश द्वारा किसानों पर विवादित भूमि अधिग्रण विधेयक थोपने का प्रयास कर रही है, जो उसे महंगा पड़ेगा।
जमीन अधिग्रहण पर तीसरी बार अध्यादेश लाएगी सरकार, कैबिनेट की बैठक में लिया गया फैसला
India | शनिवार मई 30, 2015 01:04 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई। अब इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति के पास मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा। मौजूदा अध्यादेश की मियाद 3 जून को ख़त्म हो रही है।
कालाधन से जुड़ा विधेयक लोकसभा में हुआ पारित
India | सोमवार मई 11, 2015 11:10 PM IST
विदेशों में रखे कालेधन की समस्या से निपटने के लिये लाया गया कड़े प्रावधानों वाला विधेयक सोमवार को लोकसभा में पारित हो गया। विधेयक में अघोषित विदेशी संपत्ति और आय पर 120 प्रतिशत की दर से कर और जुर्माना लगाने और 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
भाजपा रियल एस्टेट विधेयक को प्रवर समिति को भेजने के लिए राजी हुई
India | बुधवार मई 6, 2015 07:43 PM IST
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विपक्ष के दबाव के कारण रियल एस्टेट विधेयक को राज्यसभा की एक प्रवर समिति को भेजने के लिए तैयार हो गई है।
हालात के मारे लोगों के हक वापसी की लड़ाई, जंतर मंतर पर धरना
India | शुक्रवार अप्रैल 24, 2015 11:45 PM IST
दिल्ली के जंतर मंतर पर 12 राज्यों के लोग घर वापसी की जगह हक वापसी की मांग को लेकर गुरुवार से बैठे हैं। विरोध भूमि अध्यादेश को लेकर भी है। मांग खाद्य सुरक्षा से लेकर व्हिसल ब्लोअर लागू करवाने की भी।
Blogs | मंगलवार अप्रैल 21, 2015 09:10 PM IST
यमन से नागरिकों को सुरक्षित निकालना PM के नेतृत्व में संयुक्त प्रयास था : सुषमा
India | सोमवार अप्रैल 20, 2015 03:38 PM IST
लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे व नारेबाजी के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि संकट ग्रस्त यमन से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक संयुक्त प्रयास था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के सार्थक सत्र के आकांक्षी
India | सोमवार अप्रैल 20, 2015 03:14 PM IST
संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा सोमवार से शुरू हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि वह विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक बहस के साथ ही सार्थक सत्र के आकांक्षी हैं।
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ किसान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को होगी सुनवाई
India | शुक्रवार अप्रैल 10, 2015 08:25 PM IST
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। भारतीय किसान यूनियन समेत कई यूनियनों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
लैंड बिल सहित मोदी सरकार के हर फैसले को बीजेपी का पूरा समर्थन है : जेटली
India | शनिवार अप्रैल 4, 2015 07:19 PM IST
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि यूपीए सरकार के शासनकाल के दौरान पारित भूमि अधिग्रहण विधेयक 'किसान विरोधी' था और बीजेपी नए विधेयक के लाभ को समझाने के लिए लोगों के बीच एक अभियान चलाएगी।
मोदी सरकार बस सपने बेच रही है, इनके पास कोई नीति, कार्यक्रम नहीं : शरद यादव
India | शनिवार अप्रैल 4, 2015 04:22 PM IST
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष शरद यादव ने किसानों की परेशानियों को दूर करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर एनडीए सरकार पर हमला किया और आरोप लगाया कि वे बस सपने बेच रहे हैं तथा उनके पास न तो कोई नीति है, न ही कोई कार्यक्रम।
India | शुक्रवार अप्रैल 3, 2015 09:15 PM IST
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की समय सीमा खत्म होने से एक दिन पहले सरकार ने इसे फिर से जारी कर दिया। इस अध्यादेश के बदले संबंधित विधेयक को राज्यसभा में विपक्ष के कड़े प्रतिरोध की वजह से पारित नहीं करा पाने से सरकार ने अध्यादेश को फिर से जारी किया।
फिर जारी होगा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश, कैबिनेट ने दी मंजूरी
India | मंगलवार मार्च 31, 2015 11:40 PM IST
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा में तो भूमि अधिग्रहण बिल पास करा लिया, लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने का कारण संसद के उच्च सदन में बिल पास नहीं हो पाया। कैबिनेट ने अब भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को फिर से जारी करने की सिफारिश कर दी है।
सरकार ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर कहा, यह प्रतिष्ठा का सवाल नहीं
Business | रविवार मार्च 29, 2015 10:51 AM IST
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, यह हमारे लिए प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। हम देश, खासकर गावों के विकास के लिए ही 2013 के कानून में बदलाव करना चाहते हैं।
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के लिए राज्यसभा के बजट सत्र का सत्रावसान
India | शनिवार मार्च 28, 2015 10:49 PM IST
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राज्यसभा के बजट सत्र का शनिवार को अवसान कर दिया। इससे सरकार के पास भूमि अधिग्रहण विधेयक में संशोधन कर अध्यादेश लाने का अवसर होगा।
|
2019/10/17 08:29:13
|
https://khabar.ndtv.com/topic/ordinance/news/page-4
|
mC4
|
दिल्ली के अलीपुर थाना एरिया में नैशनल हाईवे दिल्ली -पानीपत पर बीती रात एक कारोबारी को किया अगवा .. कारोबारी ब्लू टूथ से कर रहा था बात .. तभी अचानक गाडी को हीट करने के बहाने तीन बदमाश व्यापारी की गाड़ी में सवार हो गये और किडनेप कर लिया पर जिससे ब्लू टूथ से बातचीत हो रही उसको बातो से लगा की उनके साथ कुछ गलत हो गया और तुरंत व्यापारी के परिजनों को सूचना दी जिसके बाद अलीपुर थाना पुलिस ने पूरे एरिया में नाकेबंदी कर किनेपरस से मात्र पचास मिनट में छुडा लिया इस दौरान बदमाशो ने पुलिस पर फायरिंग भी की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को पाँव में गोली भी लगी .. पुलिस की मुस्तैदी ने व्यापारी को सकुशल छुडवा लिया और तीन बदमासो को दबोच लिया …
दिल्ली के अलीपुर थाना एरिया में सिंघु बोर्डर के पास यही से बदमाशो ने एक व्यापारी को किडनेप किया .. 23 साल का यशीष अरोड़ा व्यापारी का सोनीपत हरियाणा के कुंडली में फैक्ट्री है वो दिल्ली अपने घर वापिस लौट रहे थे की कार में ब्ल्यू टूथ से बात कर रहे थे तभी दिल्ली बोर्डर से एक कार से बदमाश उसका पीछा कर रहे थे और यशीष अरोड़ा की कार से हल्की अपनी कार टच की ..यशीष अरोड़ा ने एक्सीडेंट समझा और तभी टीन बदमाश इनकी कार में घुस गये और रिवाल्वर की नौक पर अगवा कर लिया … जिस वक्त बदमाश कार में घुसे यशीष अरोड़ा अपने किसी जानकार से फोन पर बात कर रहा था और ब्लू टूथ ऑन था और जो दूसरी तरफ फोन पर यशीष अरोड़ा के साथ था उसने बातो से लगा की यशीष अरोड़ा के साथ कुछ गलत हो गया और इसकी जानकारी तुरंत यशीष अरोड़ा के परिजनों को दी .. तुरंत परिजनो ने पुलिस को कॉल की पुलिस ने तुरंत पूरे एरिया में नाकेबंदी कर दी .
.पुलिस और बदमाश यशीष अरोड़ा की गाडी एक जीपीएस और mob से लोकेशन ट्रेक कर रहे थे बदमाश बख्तावरपुर गाँव की तरफ व्यापारी को लेकर गये थे और गाडी को सुन्शान जगह लगाकर यशीष अरोड़ा का फोन छिनकर फिरौती के लिए मशवरा कर रहे थे की पुलिस को वो सुनशान कार दिखी जो पंचर होने की वजह से ब्खातावारपुर में रुकी थी ..परिजनों ने यशीष अरोड़ा की गाड़ी को पहचान लिया और पुलिस ने सरेंडर के लिए बोला तो बदमाशो ने पुलिस पर फायरिंग कर दी .. जवाब में पुलिस ने भी तीन राउंड फायरिंग की जिसमे एक गोली एक बदमाश के पाँव में लगी और दो बदमाशो को पकड़ लिया और यशीष अरोड़ा को सकुशल छुडवा लिया
बदमाश नॉएडा के रहने वाले है और पहले भी इनके उपर कई मामले दर्ज है … इनमे एक बदमाश का नाम विवेक उर्फ़ आर्यन है और दो बदमाश मौके से फरार है और तलास जारी है .. बदमासो के पास से उनकी कार और लोडेड रिवाल्वर भी बरामद की है …
बदमाशो के चुंगल से बचा व्यापारी पुलिस का बार बार शुक्रिया कर रहा है जिस जिस की मदद से आज यशीष अरोड़ा यहा सेफ बच पाया
इस घटना में फोन बात करने वाली की समझादारी और GPS व मोबाइल फोन की बड़ी भूमिका है वरना ये बदमाश यशीष अरोड़ा की जान भी ले सकते थे .. साथ ही इस केश में पुलिस की मुस्तैदी और आपसी कोरडीनेशन तारीफे काबिल है …
भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं पूर्वी दिल्ली सांसद महेश गिरी ने आज पूर्वी दिल्ली के कई महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर उपराज्यपाल के साथ बैठक की। बैठक में सासंद ने पी.डब्लू.डी., दिल्ली विकास प्राधिकरण व दिल्ली जल बोर्ड के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को उपराज्यपाल के समक्ष रखा तथा उपराज्यपाल से निवेदन किया कि यह सभी कार्य सीधे तौर पर जनहित से संबंधित हैं तथा इन कार्यों को जल्द पूरा किया जाना आवश्यक है।
डीडीए द्वारा सन् 1988-89 मे करदमपूरी, झिलमिल, ताहिरपुर, घड़ोली, मयूर विहार, चिल्ला, लोरेन्स रोड आदि कई जगहों पर मकानों को तोड़ा गया तथा उनके पुर्नवास हेतु कोडंली में प्लाट दिए जाने की योजना बनाई गई। 135 लोगों को विभाग द्वारा सत्यापित कर लिया गया है। इसके बावजूद इन लोगों को प्लाट का आवंटन अभी तक नहीं किया गया है।
इसके साथ ही सांसद ने विश्वास नगर में सर्वे करवाकर औद्यौगिक क्षेत्र घोषित करने हेतु, पूर्वी दिल्ली में बहुमंजिला पार्किंग व ऐलिवेटेड रोड का निर्माण कराने के लिए, रिहायशी कालोनियों में चल रही अवैध फैक्ट्रियों व भट्टीयों को बंद करने के लिए, लाजपत नगर मेट्रों स्टेशन के पास यू-टर्न को पुनः खोलने व कोंडली सीवेज ट्रिटमेन्ट प्लान्ट में बदबू रोकने की आधुनिक मशीनों को लगाने आदि कार्यों को उपराज्यपाल के समक्ष रखा।
बैठक में उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया कि सभी कार्यों पर जल्द से जल्द कार्यवाही आरम्भ की जाएगी। बारापुला फेज-3 एलिवेटेड के जल्द निर्माण हेतु पी.डब्लू.डी. अधिकारियों को निर्देश देगें। साथ ही उपराज्यपाल ने कहा कि पार्किंग समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली में 400-500 स्टेक पार्किंग बनाई जाएगी जिसके हेतु दिल्ली नगर निगम अधिकारिर्यों को निर्देश दिए है। विश्वास नगर के औद्यौगिक सर्वे कराने हेतु 15 सितम्बर के बाद सम्बन्धित विभाग के साथ उपराज्यपाल बैठक करेंगें। बैठक में बताएं गये अन्य कार्यां को संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के रूप से भेजा जाएगा तथा जल्द कार्यवाही हेतु निर्देश दिए जायेगें।
|
OSCAR-2019
|
||
वॉट्सऐप लाने जा रहा है अपने यूजर्स के लिए नया अपडेट - JagRuk Hindustan
Home तकनीक वॉट्सऐप लाने जा रहा है अपने यूजर्स के लिए नया अपडेट, आइये...
वॉट्सऐप लाने जा रहा है अपने यूजर्स के लिए नया अपडेट, आइये जानते है की क्या है नए अपडेट्स
वैसे तो वॉट्सऐप अपने यूजर्स के लिए नये-नये अपडेट्स देता रहता है। लेकिन अब वॉट्सऐप नया अपडेट ला रहा है की जिससे हैकर्स वॉट्सऐप यूजर्स की चैट न पढ़ सके और न ही हैक कर सके। वॉट्सऐप अब जल्द ही अपने यूजर्स को QR कोड और सेफ्टी फीचर देने की तयारी कर रहा है।
वॉट्सऐप को यूज़ करने वाले लग भाग 2 अरब से ज्यादा यूजर्स है। वॉट्सऐप यूजर्स अपनी मेसेज की सेफ्टी को लेकर बहुत ही चिंतित रहते है की उनकी मेसेज कोई और न पढ़ सके न ही हैक कर सके। इन सभी बातो को ध्यान में रखते हुए वॉट्सऐप एक अपडेट लाने वाला है जिससे यूजर्स के मेसेज कोई और हैक करके न पढ़ सके। की रिपोर्ट में बताया गया की वॉट्सऐप के बीटा वर्जन में दो बड़े बदलाव हुए है और इसके साथ जल्द ही वॉट्सऐप अपने यूजर्स को रोलआउट कर सकती है। इससे पहले के अपडेट में वॉट्सऐप ने अपने यूजर्स के लिए डार्क मोड अपडेट में लाया था। अब वॉट्सऐप अपने नये अपडेट में वॉट्सऐप एनिमेटेड स्टिकर, QR कोड भी लाने वाला है।
क्या होंगे वॉट्सऐप में नये बदलाव -
वॉट्सऐप नया अपडेट में आईफोन यूजर्स को एक ख़ास सेफ्टी देने जा रहा है। इस अपडेट में यूजर्स अपनने मेसेज हिस्ट्री के लिए इनक्रिप्शन icloud पर होस्ट किया जायेगा। इससे पहले icloud पर लिया गया मेसेज बैकअप वॉट्सऐप के ऐंड-टू-ऐंड इनक्रिप्शन से सुरक्षित नहीं रहता है। इससे पहले आये हुए अपडेट में इसे फिक्स नहीं किया गया था। लेकिन अब आप अपने वॉट्सऐप मेसेज को icloud पे बैकअप ले रहे है तो वॉट्सऐप पे बिना पासवर्ड के ही डीक्रिप्ट किया जा सकता है। जिससे की हैकर icloud को हैक करके वॉट्सऐप यूजर्स के सारे मेसेज आसानी से पढ़ सकता है।
QR कोड में होगा बदलाव -
लेकिन अब वॉट्सऐप अपने ऐप एक QR कोड पर काम करेगा।यह एक नया तरीका होगा जिससे यूजर्स अपने वॉट्सऐप के द्वारा QR स्कैन करके अपने कॉन्टैक्ट को दूसरे फ़ोन में जोड़ सकता है। यह अपडेट केवल IOS और ऐंड्रॉयड फ़ोन यूजर्स के ही फ़ोन में यह अपडेट काम करेगा। इससे पहले यूजर्स अपने फ़ोन नंबर शेयर करते थे लेकिन अब यूजर्स नंबर न शेयर करके कोड्स शेयर और रीवोक कर पाएंगे। जिससे यूजर्स के मेसेज सुरक्षित रहेंगे और हैक होने से भी सेफ होंगे।
वीडियो कालिंग फीचर होगा इम्प्रूव -
यूजर्स को वॉट्सऐप पे वीडियो कॉल करने में बहुत सी कमिया हो रही है दूसरी कॉलिंग ऐप्स के मुकाबले अब इन कमियों को दूर करते हुए वॉट्सऐप वीडियो कॉलिंग की क़्वालिटी को सुधारा गया है इसके साथ ही इसमें एक और फीचर को जोड़ा गया है। इसमें यूजर्स को अपने किसी कॉन्टैक्ट के वीडियो को एक टैप के साथ पूरी स्क्रीन में भी कर सकता है।
ऑटो डिलीट का फीचर -
अब यूजर्स जल्द ही मेसेज सेंड कर पाएंगे जो की एक निश्चित समय के बात मिट जायेगा। ये एकदम वॉट्सऐप की स्टोरीज वा स्टेटस के जैसा होगा। जो एक नियमित समय 24 घंटे बाद अपने आप ही मिट जाता है। वॉट्सऐप का यह
नया अपडेट वॉट्सऐप यूज करने का तरीका बदल देगा।
मल्टी डिवाइस सपोर्ट का फीचर -
इससे पहले वॉट्सऐप यूजर्स केवल एक या दो डिवाइस पे वॉट्सऐप का उपयोग कर सकते थे लेकिन अब नये फीचर में यूजर मुलती डिवाइस में उपयोग कर सकेगा इन सभी फीचर्स को कब अपडेट किया जायेगा इसका अभी तक बताया नहीं गया है।
ऐसे ही हर अपडेट्स की जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट जागरूक हिंदुस्तान को फॉलो करे। हमारे नए आर्टिकल की अपडेट्स के लिए हमारे फेसबुक और ट्विटर पेज को फॉलो करे।
|
2021/04/21 01:48:01
|
https://jagrukhindustan.com/new-updates-in-whatsapp/
|
mC4
|
फिर कभी न हो हिरोशिमा | हिन्दी चिट्ठा
1 0 HARSHVARDHAN मंगलवार, 7 अगस्त 2018 Edit this post
डरावने बादल, तेज तड़तड़ाहट, चुंधियाती रोशनी और भयानक शोर-ऐसा पहले कभी न हुआ था, और न उम्मीद है कि दोबारा होगा। यह जापानी शहर हिरोशिमा पर परमाणु हमले का दृश्य था। अपराधी अमेरिका था, और उसके तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने यह कहकर इस विनाशलीला का बचाव किया था कि मानव इतिहास की सबसे खूनी जंग को खत्म कराने के लिए ऐसा करना जरूरी था। हमले के 16 घंटे के बाद राष्ट्रपति ट्रूमैन ने जब घोषणा की, तब पहली बार जापान को पता लगा कि हिरोशिमा में हुआ क्या है? ट्रूमैन के शब्द थे, '16 घंटे पहले एक अमेरिकी विमान ने हिरोशिमा पर एक बम गिराया है। यह परमाणु बम है। हम और भी अधिक तेजी से उसे मिटाने और उसकी हर ताकत को नेस्तनाबूद करने के लिए तैयार हैं। अगर वह हमारी शर्तों को नहीं मानता, तो बर्बादी की ऐसी बारिश के लिए उसे तैयार रहना चाहिए, जैसा इस पृथ्वी ने पहले कभी नहीं देखा है।'
छह अगस्त, 1945 की सुबह 8.15 बजे 'लिटिल ब्वॉय' का विस्फोट हुआ, और क्षण भर में 80,000 से 1,40,000 लोग मारे गए, जबकि 1,00,000 से अधिक गंभीर रूप से जख्मी हुए। आज भी हिरोशिमा के लोग उस विस्फोट के दंश को झेल रहे हैं। अब करीब 71 वर्ष बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति वहां पहुंचे हैं। आज नौ देशों ने ऐसे परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं कि मिनटों में यह दुनिया खत्म हो जाए। ये नौ देश हैं- अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया। इनके पास कुल मिलाकर 17,000 परमाणु हथियार हैं। बेशक 'स्टार्ट' समझौते के तहत रूस और अमेरिका ने अपने भंडार घटाए हैं, मगर तैयार परमाणु हथियारों का 93 फीसदी जखीरा आज भी इन्हीं दोनों देशों के पास है। श्रीलंका गर्व कर सकता है कि न्यायमूर्ति सी जी वीरामंत्री, जो दुनिया में प्रख्यात न्यायाविदों में गिने जाते हैं, परमाणु निरस्त्रीकरण अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। उनका तर्क है कि परमाणु हथियार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून व तमाम धर्मों के सिद्धांतों के खिलाफ है। वाकई, बौद्ध, ईसाई, हिंदू या इस्लामी धर्मग्रंथों में जन-संहारक हथियारों का विरोध किया गया है।
साभार - हिंदुस्तान | डेली मिरर, श्रीलंका | विदेशी अखबार से | पेज संख्या - 12 | शनिवार | 28 मई, 2016
डेली मिरर विदेशी अखबार से विशेष श्रीलंका साभार हिन्दुस्तान दैनिक
HARSHVARDHAN 8 अगस्त 2018 को 9:59 pm
यह पोस्ट आज की बुलेटिन 78वां जन्म दिवस - दिलीप सरदेसाई और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल है।
हिन्दी चिट्ठा : फिर कभी न हो हिरोशिमा
https://1.bp.blogspot.com/-UaQxDXaxoqU/W2nYfGQvNHI/AAAAAAAAEI4/4a24YTK1FGo9BW8vVbd1-GlUmy5NNstcwCLcBGAs/s400/Atomic_cloud_over_Hiroshima.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-UaQxDXaxoqU/W2nYfGQvNHI/AAAAAAAAEI4/4a24YTK1FGo9BW8vVbd1-GlUmy5NNstcwCLcBGAs/s72-c/Atomic_cloud_over_Hiroshima.jpg
|
2021/01/27 02:53:56
|
https://www.hindichittha.com/2018/08/phir-kabhi-naa-ho-hiroshima.html
|
mC4
|
इन दोनों संस्कृतियों ने स्थानीय संस्कृति के साथ मिलकर एक नई मिली-जुली संस्कृति को जन्म दिया है, जो हिन्द चीन जैसे शब्दों में प्रतिबिंबित हुई है। इसके बाद इस्लाम, ईसाई धर्म और यूरोपवासियों के आवागमन से यह प्रदेश और समृद्ध हो गया। इससे यहाँ की संस्कृति में विविधता के नए रंग भर गए हैं जो आज दक्षिण-पूर्वी एशिया में झलकते हैं। जिन देशों में भारतीय संस्कृति की छाप आज भी स्पष्ट है उनमें लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार, मलेशिया और इंडोनशिया उल्लेखनीय हैं। इन्डोनेशिया के द्वीपों के नाम जैसे सुमात्रा, जावा और बाली भारतीय प्रभाव के स्पष्ट उदाहरण हैं। थाईलैंड (पुराना नाम स्याम) और कंबोडिया की स्थिति भी समान ही है।
|
2021-03-06T22:50:50Z
|
https://www.nayabharatdarpan.com/tag/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8/
|
OSCAR-2109
|
अब आरएसएस संघ परिवार को नहीं कहेंगे: राहुल गांधी: द ट्रिब्यून इंडिया » Hindusta News Hindusta News Blog
Home Lifestyle Business अब आरएसएस संघ परिवार को नहीं कहेंगे: राहुल गांधी: द ट्रिब्यून इंडिया
अब आरएसएस संघ परिवार को नहीं कहेंगे: राहुल गांधी: द ट्रिब्यून इंडिया
नई दिल्ली, 25 मार्च
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को अब संघ परिवार नहीं कहेंगे।
उत्तर प्रदेश में एक ट्रेन से नन की मौत होने और उसे जबरन बाहर निकालने की विवादित घटना के तुरंत बाद यह बयान आया है।
गांधी ने हिंदी में ट्वीट किया, "यह मेरा विश्वास है कि आरएसएस और संबद्ध संगठनों को संघ परिवार नहीं कहा जाना चाहिए … एक परिवार में महिलाएं हैं, बड़ों के लिए सम्मान है, प्यार और स्नेह है … जो नहीं है आरएसएस में। इसलिए अब मैं आरएसएस को परिवार (परिवार) नहीं कहूंगा। "
खबरों के मुताबिक, यह घटना पिछले हफ्ते हुई थी जब नन हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थीं। 19 मार्च को, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने ननों पर धार्मिक रूपांतरण करने का आरोप लगाया था।
उन्हें केवल रेलवे स्टेशन पर एक जांच के बाद आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, जिसमें कोई रूपांतरण शामिल नहीं था।
ABVP, RSS की छात्र शाखा है, जो भाजपा की वैचारिक गुरु है।
ट्रेन के डिब्बे का 25 सेकंड का वीडियो कुछ पुरुषों द्वारा घिरी महिलाओं को दिखाता है, जिनमें से कुछ पुलिसकर्मी लगती हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर आरएसएस पर हमला किया है, "केरल से यूपी में ननों पर हमला संघ परिवार द्वारा एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने और अल्पसंख्यकों को रौंदने के लिए चलाए जा रहे दुष्प्रचार का परिणाम है। आत्मनिरीक्षण करना और ऐसी विभाजनकारी ताकतों को हराने के लिए सुधारात्मक कदम उठाना। " आईएएनएस
कहग
Previous articleज़फर इस्लाम ने राज्य सभा में एनबीएफआईडी बिल का बचाव किया: द ट्रिब्यून इंडिया
Next articleकेंद्र सरकार केजरीवाल को 'मोदी के विकल्प' के रूप में उभरने से असुरक्षित महसूस कर रही है: GNCTD बिल पर सिसोदिया: द ट्रिब्यून मीडिया
पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा: खेत में हलचल की कोई कड़ी नहीं, नरेंद्र तोमर कहते हैं: द ट्रिब्यून इंडिया
Shi सॉरी ', शशि थरूर ने पीएम नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश में भाषण देने के बाद कहा: द ट्रिब्यून इंडिया
पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से शुरू होने वाले पांच विधानसभा चुनाव, अधिकतम 8 चरण, 2 मई को मतगणना: द ट्रिब्यून इंडिया
|
2021/04/17 14:57:33
|
https://hindustanews.in/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A4%B9/
|
mC4
|
Orchha and Gwalior will develop while improving the historical and cultural nature. | ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्वरूप निखारते हुए ओरछा और ग्वालियर का विकास होगा - Dainik Bhaskar
Orchha And Gwalior Will Develop While Improving The Historical And Cultural Nature.
नया प्रोजेक्ट:ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्वरूप निखारते हुए ओरछा और ग्वालियर का विकास होगा
ओरछा10 दिन पहले
ओरछा| पर्यटन नगरी ओरछा और ग्वालियर को यूनेस्को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखकर अपने हिसाब से विकसित करेगी।
परियोजना से मध्यप्रदेश में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
यूनेस्को की इस परियोजना से मध्यप्रदेश में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यूनेस्को द्वारा बनाई जाने वाली ओरछा एवं ग्वालियर की विकास परियोजना के अनुरूप अन्य नगरों की विकास परियोजनाएं भी बनाईं जाएंगी। पर्यटन के विकास के साथ ही रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का भी सृजन होगा। इससे मप्र में पर्यटन के विकास के लिए रिस्पांसिबल टूरिज्म', ग्रामीण पर्यटन, 'महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन', बफर में सफर, नाइट सफारी, 'वेलनेस एण्ड माइंडफुल टूरिज्म, युवा साहसिक पर्यटन आदि कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
संवहनीय विकास 2030 के एजेंडे पर अमल
भारत में यूनेस्को जून्ही हॉन का कहना है कि संवहनीय विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) 2030 के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए नगरों का विकास किया जाएगा। यूनेस्को एवं मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की साझेदारी से ओरछा एवं ग्वालियर नगरों का उनके सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा।
इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर होगा विकास
यूनेस्को के एरिक फाल्ट के अनुसार कि परियोजना के माध्यम से ओरछा एवं ग्वालियर शहरों का इतिहास एवं सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण एवं समुदाय के विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के अनुसार यूनेस्को द्वारा दोनों शहरों के विकास के लिए बनाई जा रही योजना पर अमल करते हुए हम न केवल ओरछा एवं ग्वालियर के साथ प्रदेश के सभी ऐतिहासिक नगरों को विकास के चरम पर ले जाएंगे। नगरों के विकास में वहां की संस्कृति, इतिहास, प्रकृति, परंपराओं और विरासत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
|
2021/08/01 11:53:35
|
https://www.bhaskar.com/local/mp/sagar/orchha/news/orchha-and-gwalior-will-develop-while-improving-the-historical-and-cultural-nature-128726095.html
|
mC4
|
भूपपुर-तारूवाला अंडरग्राउंड सिंचाई नहर के निर्माण पर व्यय होगें 3 करोडः-चौधरी सुखराम | सिरमौर न्यूज़
भूपपुर-तारूवाला अंडरग्राउंड सिंचाई नहर के निर्माण पर व्यय होगें 3 करोडः-चौधरी सुखराम
पांवटा नगर परिषद क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय से भूपपुवर तथा तारूवाला तक लगभग 3 किलोमीटर लम्बी भूमिगत सिंचाई नहर के निर्माण पर 3 करोड रूपये की राशि व्यय की जाएगी। यह जानकारी ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने आज नगर परिषद पांवटा के वार्ड नम्बर-12 में आयोजित नुक्कड सभा के दौरान उपस्थित जन-समूह को सम्बोधित करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि पांवटा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य चरणबद्ध पूर्ण किये जाएगे। उन्होने कहा कि पांवटा नगर परिषद के वार्ड नम्बर 12 में तीन तथा वार्ड नम्बर छः में दो बोर वेल स्थापित किये जाएगे जिससे किसानो को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होने कहा कि भूपपुर में 10 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा।
इसके पश्चात ऊर्जा मंत्री नघेता पंचायत के भैला में नवगठित ग्राम पंचायत भवन के निर्माण के लिए 5 लाख रूपये की राशि स्वीकृत करते हुए कहा कि इस पंचायत के विकास कार्यो में धन की कमी को आडे नही आने दिया जाएगा।
सिरमौर में कोरोना संक्रमित दो लोगों की मौत
सिरमौर में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंर्तगत 12 पंचायतों को पानी की समस्या से मिलेगा निजात
|
2022/07/05 09:17:30
|
https://sirmournews.in/2020/09/14/%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE/
|
mC4
|
baisakhi best wishes in hindi
मुख्यपृष्ठfestivalbaisakhi best wishes in hindi
Kirandeep अप्रैल 11, 2021
भारत देश भिन्न भिन्न प्रकार के तयोहार मनाये जाते हैं। इन्ही में से एक है बैसाखी पर्व जो हर साल 13 अप्रैल को मनाया जाता है । इस त्योहार को ज्यादातर उतर भारत में पजाबी धर्म के लोग मनाते हैं ।
बैसाखी पर गुरूद्वारो मे लगंर ,कीर्तन होता है, पर इस साल कोविड 19 की वजह से यह सब मुमकिन नहीं हो पा रहा है । जितना हो सके अपने घर पर रहकर ही इस त्योहार को भी celebrate करे।
हिंदी कैलेंडर के अनुसार इस दिन को हमारे सौर नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन लोग अनाज की पूजा करते हैं और फसल के कटकर घर आ जाने की खुशी में भगवान और प्रकृति को धन्यवाद करते हैं. देश के अलग-अलग जगहों पर इसे अलग नामों से मनाया जाता है।
जैसे असम में बिहू, बंगाल में नबा वर्षा, केरल में पूरम विशु के नाम से लोग इसे मनाते हैं. आप सब के लिए अचछा यही होगा इस बार आप कोरोना की वजह से लोग अपने-अपने घरों में ही रहकर बैसाखी का पर्व मनाऐ।
बैसाखी, दरअसल सिख धर्म की स्थापना और फसल पकने के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है. इस महीने गेहूं की फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है और पकी हुई फसल को काटने की शुरुआत भी हो जाती है. ऐसे में किसान खरीफ की फसल पकने की खुशी में यह त्योहार मनाते हैं।
13 अप्रैल 1699 के दिन सिख पंथ के 10वें गुरू श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, इसके साथ ही इस दिन को मनाना शुरू किया गया था. आज ही के दिन पंजाबीयो मे नए साल की शुरुआत भी होती है।
बैसाखी नाम क्यु पडा ...?
खालसा पंथ की स्थापना:-------
13 अप्रैल 1699 को दसवें गुरु गोविंद सिंहजी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह ने गुरुओं की वंशावली को समाप्त कर दिया. इसके बाद सिख धर्म के लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब को अपना मार्गदर्शक बनाया. बैसाखी के दिन ही सिख लोगों ने अपना सरनेम सिंह (शेर) को स्वीकार किया. दरअसल यह टाइटल गुरु गोबिंद सिंह के नाम से आया है।
जो पजाबी समाज में बच्चों के नाम के पिछे सिंह जरूर लगाया जाता है।
हर साल 13 अप्रैल को ही क्यों मनाते हैं बैसाखी.....?
बैसाखी त्यौहार अप्रैल माह में तब मनाया जाता है, जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है. यह घटना हर साल 13 अप्रैल को ही होती है.
कृषि का उत्सव है बैसाखी:-----
सूर्य की स्थिति परिवर्तन के कारण इस दिन के बाद धूप तेज होने लगती है और गर्मी शुरू हो जाती है. इन गर्म किरणों से गेहू की फसल पक जाती है. इसलिए किसानों के लिए ये एक उत्सव की तरह है. इसके साथ ही यह दिन मौसम में बदलाव का प्रतीक माना जाता है. अप्रैल के महीने में सर्दी पूरी तरह से खत्म हो जाती है और गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है. मौसम के कुदरती बदलाव के कारण भी इस त्योहार को मनाया जाता है।
Best wishes special for
Baishaki festival in hindi
बैसाखी की इस खुशी अपनो को बधाई सदेश भेजने का सबसे अच्छा मोका है। आप अपनों कहीं दुर बैठे हुए को भी बधाई सदेश भेज सकते हैं।
उसी तरह हो मुबारक आप को ये नयी सुबह कल रात के बाद...!
लौट आओ हमने खुशियों को रोका है....!!
सांसें तो बहुत देर लगाती हैं
आने-जाने में,
हर सांस से पहले आपकी याद आ जाती है...!!
एक पल न गुजरे खुशियों बिन...। Happy Baisakhi
ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाईयां...!!
वाहेगुरु जी और कुछ चाहे ना देना, पर मेरे अपनों को कभी भुखे ना सोने देना ...!!
नए दौर , नए युग की शुरूआत हो, सत्य और कर्तव्य एक साथ हो, बैसाखी का पर्व सदैव याद दिलाता रहे मानवता का पाठ, यही मेरे सिख धर्म का पहली अरदास ..!!
आज है दिन खुशी मनाने का , हो जाओ सब तैयार , काट के फसल भोग गुरुद्वारे लगाने को सबको मुबारक हो किसानो का त्यौहार , आ जाओ साथ खुशियां मनाये,कोरोना जैसी मुश्किल से हम हसँकर लड जायें अपनी कौम का झंडा सबसे ऊपर लहराये...!!
खालसा मेरो रुप है खास , खालसे में करुं निवास , खालसा मेरा मुख है,खालसा है मेरी जान, इस पर अगर कोई आंच भी आ जाये, तो मैं होो जाऊँ कुुुुरबान, मेरे वाहेगुरु जी जब तक दुनिया रहे तब तक मेरे पंथ का नाम सबसे ऊंचा रहे ...!!
बैसाखी आई , साथ में ढेर सारी खुशियां लाई , तो भंगड़ा पाओ , खुशी मनाओ , मिलकर सब बंधु भाई, बैसाखी को धूमधाम से मनाऔ...!!
फूलों की महक , गेहूं की बलियाँ , तितलियों की रंगत , अपनों का प्यार ,सब कह रहे हैं मुबारक हो आपको बैसाखी का त्यौहार !
|
2022/06/25 01:48:03
|
https://www.dilkalfaaz.in/2021/04/in-hindi.html
|
mC4
|
WWE के पूर्व चैंपियन ने 99 किलो के सुपरस्टार का बनाया 'मजाक', मिला करारा जवाब
AEW स्टार मैट हार्डी (Matt Hardy) ने अपने भाई और WWE रॉ (Raw) सुपरस्टार जैफ हार्डी (Jeff Hardy) तथा NXT सुपरस्टार कैमरन ग्रिमस (Cameron Grimes) के साथ अपनी एक पुरानी फोटो ट्विटर पर शेयर की है। 2019 में WWE NXT जॉइन करने वाले ग्रिमस को मैट और जैफ हार्डी ने ट्रेनिंग दी थी।
यह भी पढ़ें: WWE के मौजूदा चैंपियन ने रेसलिंग से रिटायरमेंट को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
हार्डी ने अपने ट्विटर पोस्ट में एक सवाल पूछा था कि तीनों सुपरस्टार्स में से सबसे अधिक धनी दो लोग कौन है। ग्रिमस ने मैट को जवाब देने में अधिक समय नहीं लगाया। ग्रिमस ने अपने जवाब में कहा कि अधिक पैसों वाले के दिमाग में मैं फ्री में रह रहा हूं तो फिर लोगों के लिए धनी बने रहना आसान हो गया है। भले ही AEW स्टार्स लगातार WWE सुपरस्टार्स पर निशाना साधते रहते हैं, लेकिन यह केवल एक मेंटोर और उसके ट्रेनर के बीच हो रहा दोस्ताना बैंटर है।
WWE NXT के "सबसे धनी" व्यक्ति हैं ग्रिमेस
Nothing funny about that Gamestop MONEY! https://t.co/Mz4vYfEP4C
— Cameron Grimes (@CGrimesWWE) February 15, 2021
घुटने की सर्जरी के बाद 10 फरवरी, 2021 के NXT एपिसोड में वापसी करने वाले ग्रिमस रीपैकेज किया गया था और उन्हें एक बेहद धनी गेमस्टॉप इनवेस्टर की गिमिक दी गई थी जो कि जनवरी 2021 में वास्तव में बढ़ी गेमस्टॉप की स्टॉक से प्रेरित था।
मात्र 27 साल की उम्र में ही ग्रिमस ने प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया में अच्छा नाम कमा लिया है और केवल 16 साल की उम्र में ही उन्होंने रेसलिंग की शुरुआत कर दी थी। यह कहना सही होगा कि ग्रिमस अपनी वर्तमान गिमिक को शानदार तरीके से निभा रहे हैं और जल्द ही उन्हें ब्लैक एंड गोल्ड ब्रांड में बड़ी पुश मिल सकता है।
|
2021/04/18 02:57:16
|
https://hindi.sportskeeda.com/wwe/matt-hardy-takes-dig-current-wwe-nxt-superstar-got-quick-response
|
mC4
|
मुखपृष्ठ पोर्न मूवी नए अपलोड किए गए वीडियो रेटिंग अश्लील लोकप्रिय सभी अश्लील आला शीर्ष साइट श्रेणियाँ सितारे पूर्ण hd मदद
वापस लिंग मुखमैथुनभयंकर चुदाईबड़ा लंडकमशॉटप्राकृतिक स्तनबड़े स्तनश्यामलामाँगोराकुत्ते शैलीकिशोरहॉट बेब्सपत्नीगहरे गलेपत्नी स्वैपस्त्री उपरमाताओंचाटत्रिगुटचूत में वीर्यमुंडाघर के बाहरगुदाकामसवारीकारगीलाएमेच्योरTitty कमबख्तब्लैकपॉर्न स्टारसमूह सेक्सकार्यालयगैंगबैंगगांडलैटिनाकाले बालछूतचिकीबिग गधाछोटे स्तनबालों वालीलाल बालों वालीसह गमागमनअधोवस्त्रचिढ़ापार्टी69समलैंगिकोंप्रेमिकास्टॉकिंग्सवसाहस्तमैथुनगुदा क्रीमपीएकौगरपहली बारगधे चाटसोफेबुलबुला बटBustyचेहरे कीमध्यम गधाटैटूचाचीधोखाघर के अंदरसेक्स के खिलौनेछोटे गधाबिल्ली चाटशिक्षक वापस
विवाहिता ने अपने पति के सबसे इंग्लिश में सेक्सी पिक्चर अच्छे दोस्त को बहकाया
628
विवरण दिखाएं
स्टार गुणवत्ता। नतालिया ने अपनी प्रेमिका इंग्लिश में सेक्सी पिक्चर को अपने ब्रेक पर बाहर देखा, इसलिए वह देखना चाहती थी कि वह कैसे कर रही है। अल्ली थोड़ा तनाव में था और खेल से आगे रहने की कोशिश कर रहा था। हालांकि नतालिया के दिमाग में एक और खेल था, और इसमें एली भी शामिल था। वह वास्तविक रूप से तरोताजा होने लगी और एली के बड़े नरम स्तनों में से एक को बाहर निकाल दिया। अल्ली हैरान था क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से बाहर थे, लेकिन साथ ही साथ उत्साहित भी थे। नतालिया ने अपने ब्लाउज का भंडाफोड़ किया और अपने बड़े और सुस्वादु स्तनों को उजागर किया। उसने एली का कंप्यूटर बंद कर दिया और अपने पैर फैला दिए जिससे उसकी पैंटी भीग गई। वे उसके घर वापस चले गए, ताकि पकड़े जाने की चिंता के बिना वे वास्तव में बुरा हो सकें। ये दो सेक्सी गोरे लोग धमाकेदार उदाहरण थे। उन्होंने एक-दूसरे को कसी हुई चूतों को चाटा और एक-दूसरे को सही रैक तब तक निचोड़ा जब तक वे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो गए।
|
2022-12-02T19:35:57Z
|
https://hi.filmovisex.sbs/video/9627/%E0%A4%B5-%E0%A4%B5-%E0%A4%B9-%E0%A4%A4-%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%A4-%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%87-%E0%A4%97-%E0%A4%B2-%E0%A4%B6-%E0%A4%AE-%E0%A4%B8-%E0%A4%95-%E0%A4%B8-%E0%A4%AA-%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%9A-%E0%A4%9B-%E0%A4%A6-%E0%A4%B8-%E0%A4%A4-%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A4%95-%E0%A4%AF-
|
OSCAR-2301
|
पंजाब से यू.पी आयेगा पूर्वांचाल का बाहुबली मुख्तार अंसारी, पुलिस टीम रवाना - SAMACHAR BHARTI
पंजाब से यू.पी आयेगा पूर्वांचाल का बाहुबली मुख्तार अंसारी, पुलिस टीम रवाना
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी तेज हो गई है. गाजीपुर जिले के 3 पुलिसकर्मी पंजाब रवाना हो गए हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने रोपड़ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया था. यूपी सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने 18 दिसंबर को ये नोटिस जारी किया था. अब गाजीपुर पुलिस नई दिल्ली से नोटिस लेकर रोपड़ जेल जाएगी. बता दें कई बार मुख्तार अंसारी के लिए कई प्रोडक्शन वारंट जारी हो चुका है. लेकिन पंजाब पुलिस खराब सेहत का हवाला देकर मुख़्तार अंसारी को यूपी नहीं भेजती है.
मुख्तार अंसारी को 2019 में लोकसभा चुनाव के पहले यूपी की बांदा जेल से पंजाब की रोपड़ जेल भेज दिया गया था. तभी से वह वहां बंद है. उसके खिलाफ गाजीपुर में कई मामले चल रहे हैं, इन्हीं में पेशी के लिए मुख्तार अंसारी का प्रोडक्शन वारंट जारी कराया गया लेकिन हर बार रोपड़ जेल प्रशासन की तरफ से मुख्तार के खराब स्वास्थ का हवाला दिया जाता.
|
2021/01/16 17:54:08
|
https://www.samacharbharti.in/breaking-news/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5/
|
mC4
|
यू ट्यूब वीडियो देखकर दोस्त के किए थे 500 टुकड़े, फिर क़त्ल छुपाने के लिए बनाई कहानी-चौथी दुनिया
मुंबई: मुंबई से सटे विरार में पैसों के लेनदेन को लेकर हत्या करने और फिर लाश के पांच सौ से ज्यादा टुकड़े करने के मामले में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिंटू शर्मा ने जो खुलासे किये हैं उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए.
साठ हजार रूपये के लिए इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले पिंटू शर्मा ने इकबालिया जुर्म मे कहा है कि गणेश कोलटकर की हत्या करने से पहले उसने सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी बिदरे गोरे की हत्या से जुडी अहम जानकारियां इकठ्ठा की थी. जिससे आसानी से पुलिस को गुमराह किया जा सके. क्योंकि अश्विनी बिदरे गोरे मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को नाकों चने चबाने पड़े थे. इसके साथ ही उसने एक यूट्यूब विडिओ का भी जिक्र किया जिसमे बताया गया था कि मानव शरीर को छोटे छोटे टुकड़े कैसे करें.
वहीं सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है की मुंबई यूनिवर्सिटी से मानव शरीर रचना और क्रिया विज्ञान में किये गए एक सार्टिफिकेट कोर्स से भी पिंटू शर्मा को इस वारदात को अंजाम देने में मदद मिली. क्योकि उसे मानव कंकाल-तंत्र के बारे में अच्छी जानकारी थी. बताया जा रहा है कि अपने घिनौने मंसूबे को अंजाम देने के लिए पिंटू ने मुंबई के सांताक्रूज़ इलाके की एक दूकान से एक बड़ा सा छुरा और उसे तेज करने वाला पत्थर भी खरीदा था.
Related Post: BJP कार्यकर्ता की गुंडागर्दी, सरेआम महिलाओं को पीटा, बुरी तरह जख्मी हुई महिला
दरअसल मीरा रोड के रहने वाले गणेश कोलटकर की दोस्ती एक साल पहले सांताक्रुज के रहने वाले पिंटू किशन शर्मा के साथ हुई. गणेश प्रिंटिंग प्रेस चलता था जबकि पिंटू मार्केटिंग का काम करता था.जानकारी के मुताबिक पिंटू ने एक साल पहले गणेश को 1 लाख रुपये नकद दिए थे जिसमे से गणेश ने 40 हजार रुपये पिंटू को लौटा दिए थे.लेकिन बाकी की रकम को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा भी होता था. जिसके चलते एक दिन पिंटू शर्मा ने गणेश को रास्ते से हटाने की ठान ली क्योंकि उसे लगने लगा था कि पिंटू अब उसके पैसे नहीं लौटायेगा.
इसी उधेड़बुन में लगे पिंटू ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए विरार के ग्लोबल सिटी में एक फ्लैट किराये पर लिया और गणेश को वहां बुलाया. जहाँ दोनों में पैसों को लेकर कहा सुनी बहस हुई और धक्का मुक्की में गणेश जमीन पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गयी. जिसके बाद गणेश की लाश को छुपाने के लिए पिंटू ने लगातार दो दिन लाश के टुकड़े किये और शौचालय में फ्लश कर दिए.वहीं जब बजराज पैराडाइज सोसायटी के सेप्टिक टैंक से बदबू आने और शव के टुकड़े मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने मामला दर्ज होने के महज दस घंटे बाद ही पिंटू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.
Related Post: कार एक्सीडेंट में बाल-बाल बची ईशा गुप्ता, मुंबई पुलिस से मांगी मदद
मुंबई से सटे विरार में पैसों के लेनदेन को लेकर हत्या करने और फिर लाश के पांच सौ से ज्यादा टुकड़े करने के मामले में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिंटू शर्मा ने जो खुलासे किये हैं उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए.
Related Post: ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल की छत पर ख़ुदकुशी करने पहुंची थी लड़की, एक फ़रिश्ते ने बचाई जान
body cut into five hundred pieces
for 60 thousand rupees
Shaw - Arnala Police
Previous Article iPhone का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान, कोई और भी सुन रहा है आपकी बात
Next Article पूर्व IAS शाह फैसल के खिलाफ आतंकी संगठन ने लगाए पूरे कश्मीर में पोस्टर, हिज्बुल ने कहा- नहीं करें समर्थन
|
2019/09/17 19:51:40
|
https://www.chauthiduniya.com/judiciary/friends-murder-for-60-thousand-rupees-and-body-cut-into-five-hundred-pieces.html
|
mC4
|
कोई 'पुरुष उत्पीड़न' कहे, तो हंसियेगा मत.. | Media Darbar
By admin / March 25, 2016 / 2 Comments
महिलाओं द्वारा उत्पीड़न कानूनों का पुरुषों के खिलाफ दुरुपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। ये महिलाओं के सचमुच हो रहे शोषण और उत्पीड़न के मामलों को भी कमज़ोर करता है..
-अरविन्द शुक्ला॥
लखनऊ। लगभग एक दशक पहले दिल्ली में दीवारों पर एक संस्था के विज्ञापन पुते रहते थे, जो महिलाओं के उत्पीड़न के शिकार पुरुषों को एकजुट करने का आवाहन करती थी।
लोग बसों और इन विज्ञापनों को देख कर हँसते थे। लेकिन अब 'पुरुष उत्पीड़न' के विषय पर हंसियेगा मत – महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों की तरह ये भी तेज़ी से उभरती एक सच्चाई है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रुपेश शर्मा बताते हैं, "निस्संदेह फ़र्ज़ी रेप के मामले बढ़े हैं। मेरे सामने भी कई केस आए हैं। अधिकतर केस में प्रॉपटी, आपसी संबंध और पैसा का मामला होता है। खासकर 354 (छेड़खानी) का।"
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह ने गाँव कनेक्शऩ को फोन पर बताया, "कुछ लोग कानून का ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों में। हम लोगों ने खुद बहुत सारे मामले फ़र्ज़ी पाए हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि रेप जैसी घटनाएं नहीं हो रहीं।"
बांदा में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर कहते हैं कि वे बलात्कार से पीड़ित एक युवती को इंसाफ दिलाने में जुटे थे, लेकिन उन पर ही एक महिला ने बलात्कार समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज करा दिए। इन आरोपों की सत्यता की जांच न्यायालय में ही हो पाएगी।
अपने बचाव में आशीष कहते हैं, "मेरे ऊपर 55 वर्ष की एक महिला से रेप का केस है। रेप का आरोप लगाने वाली महिला इससे पहले चार लोगों पर बलात्कार का केस करा चुकी है। मैं जिस केस की पैरवी कर रहा था ये आरोप उस पूरे को कमजोर करने की कोशिश है।"
लखीमपुर में रहने वाले अतुल दीक्षित (30 वर्ष) की उनके पड़ोसी से किसी बात पर मारपीट हो गई। पड़ोसी ने दूसरे दिन थाने में अतुल पर अपनी बेटी से छेड़छाड़, बलात्कर समेत कई मामलों में केस दर्ज करा दिया।
मेडिकल रिपोर्ट में बात रेप साबित नहीं हुआ। लेकिन छेड़छाड़ के आरोपों को चलते उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा। वो कुछ दिनों पहले ही जमानत पर बाहर आए हैं।
आशीष और अतुल के केसों में सच का फैसला अदालत में होगा। लेकिन पीड़ित और हालात बता रहे हैं कि यौन उत्पीडन और इनसे जुड़ी कानून की धाराओं 376 (बलात्कार) व 498A (दहेज़ उत्पीड़न) को कुछ लोग हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही बड़े शहरों में ये मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। निर्भया केस के बाद दिल्ली को देश की रेप कैपिटल कहा जाने लगा। लेकिन वर्ष 2013 में दिल्ली मे महिला आयोग से जो आंकड़े आए वो हैरान करने वाले थे। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2013 से जुलाई 2014 के बीच दर्ज हुए 2753 मामलों में 1287 ही सही पाए गए जबकि 1464 केस झूठे और तथ्यहीन थे।
पुरुषों के हितों के लिए आवाज़ उठाने वाली संस्था सेव इंडिया फाउंडेशन के पास रोजाना देशभर से सैकड़ों कॉल आते हैं। संस्था का दावा है कि कई बार 75 फीसदी केस तक झूठे पाए गए हैं। संस्था की प्रवक्ता ज्योति तिवारी बताती हैं, "लड़का-लड़की सहमति से सेक्स करते हैं, किसी बात पर अनबन हुई तो रेप, बॉस प्रमोशन नहीं देता है तो रेप, वर्षों तक लिव इऩ में रहते हैं, संबंध खराब हुए तो रेप। दिल्ली में तो अधिकतर मामले सहमति के बाद वाले या फिर प्रॉपर्टी से जुड़े होते हैं।"
वो आगे बताती हैं, "376 का दुरुपयोग वैसे ही हो रहा है जैसे कभी दहेज प्रथा का होता था। हम लोगों ने नए कानून बनाने का ही पुरजोर विरोध किया था। कानून में कुछ बदलाव होने जरुर उसके लिए हम लोग लगातार कानून मंत्रालय को लिख रहे हैं।"
अपनी बात के समर्थन में वो इंदौर के चर्चित ध्रुव अग्रवाल का उदाहरण देते हुए बताती हैं, "ध्रुव अग्रवाल पर उनकी किराएदर ने बलात्कार का आरोप लगाया, कोर्ट में वो साबित नहीं हुआ। जेल से निकलने के बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया। ध्रुव ने सबसे पूछा था अब मेरी इज्जत कौन वापस करेगा?"
वो सवाल करती है, "क्या पुरुषों की इज्तत नहीं होती है। सोशल मीडिया का जमाना है लोग मिनटों में लोगों की फोटो वायरल होती है। आदमी की नौकरी चली जाती है, जिंदगी बर्बाद हो जाती है लोगों की। लेकिन अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो उन्हें कोई नहीं पूछता।"
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी बताती हैं, "फर्जी केस की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए हम पीड़ित और आरोपी से दोनों से बात करने, और स्थानीय पुलिस का रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई करते हैं।"
दिल्ली में एकाएक बढ़े रेप के मामलों के बाद वर्ष 2013 में देश के बड़े अग्रेजी अख़बार द हिंदू ने छह महीने की गहन पड़ताल के बाद रिपोर्ट लिखी थी कि दिल्ली के जिन 40 फीसदी मामलों में फैसला आया, जजों ने कहा कि सेक्स सहमति से हुआ था और ज्यादातर मामलों में महिला के माता पिता ने शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत उस व्यक्ति के खिलाफ होती है जिसके साथ उनकी बेटी भाग गई हो। रिपोर्ट कहती है 25 फीसदी ऐसे मामले हैं जिनमें मर्द सगाई के बाद या फिर शादी का वादा करने के बाद मुकर गए। पुलिसकर्मी भी मानते है कई केस दबाव बनाने के लिए होते हैं। हालांकि किसी पुलिसकर्मी ने अपना नाम नहीं दिया।
अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, अभय बताते हैं, जब भी कोई रेप की शिकायत आती है, पुलिस प्राथमिकी लिखकर जांच शुरू कर देती है, अगर झूठा पाया जाता है तो दफा 182 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन अधिकतर मामलो में सुलह समझौता हो जाता है।
चर्चित झूठे मामले
1. फरवरी 2013 में दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज निवेदिता अनिल शर्मा ने नौकरानी से रेप के आरोपी एक शख्स को बरी करते हुए टिप्पणी की रेप या यौन शोषण के झूठे मामलों का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, ये खतरनाक है इसे रोकना होगा।
5. नवंबर 2014- दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने बलात्कार के दो मामलों की सुनवाई करते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं को सजा दी जाए। ऑडिशनल सेशन जज वीरेंद्र भट्ट ने अपने फैसलों में कहा कि अगर किसी शख्स पर रेप का आरोप लगता है तो उसके लिए बेहद दुख और शर्मिंदगी की बात होती है। शर्मिंदगी और अपमान बेगुनाह साबित होने के बाद भी जिंदगी भर पीछा नहीं छोड़ते।
4. सितंबर 2015- हरियाणा के अंबाला मंडल कमिश्नर पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला को पंचकुला पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तार किया। बाद पता चला महिला कई और लोगों पर भी ऐसे केस दर्ज करवा चुकी थी। महिला पर पहले एक केस दर्ज था।
5. दिसंबर 2014 में हरियाणा के रोहतक में चलती बस में दो लड़कों की पिटाई कर सुर्खियों में आई बहनों की सच्चाई पर बस में सवार कुछ महिलाओं ने ही सवाल उठाए। उनके कई और वीडियो भी समाने आए थे। जो उन्हें सवालों के घेरे में खड़े कर रहे थे।
6. 2003 में दरवाजे से बारात लौटाकर दुनिया भर में सुर्खिंया 'आइरन लेडी' निशा सिंह 2012 में दहेज का केस हार गईं। इस केस में टर्न तब आया जब नवनीत सिंह नाम के शख्स ने निशा से पहले शादी होने का दावा किया हालांकि निशा ने उस पर भी केस किया। लेकिन दहेज वाले केस में नवनीत से निशा की नजदीकी को कोर्ट ने भी माना था।
Published: 3 years ago on March 25, 2016
Last Modified: March 25, 2016 @ 6:12 pm
Nikhil Shivaji Mishra says:
धारा ३७६ और ४९८ (A) का दुरूपयोग बहुत ही तेजी से हमारे भारतीय समाज में बढ़ रहा है, इसके दुरूपयोग से न जाने कितने ही पुरुषों ने आत्महत्या कर ली और न जाने ही कितने घरो का सुख चैन छीन गया, समाज में जो प्रतिष्ठा गई सो अलग। सरकार, महिला आयोग, सामाजिक संगठन और न्यायालय को इस प्रकार की घटनाओं पर गहनता से चिंतन करना चाहिए और साथ ही ऐसे क़ानून में बदलाव के साथ साथ झूठे या फर्जी आरोप साबित होने पर कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए ताकि ३७६ और ४९८(A) जैसी धाराओं का कोई भी किसी का शोषण न कर सके।
महिला सुरक्षा कानून का ऐसा दुरूपयोग उसकी उपयोगिता ,पर प्रश्न चिन्ह लगाता है ,देश में यह अवधारणा बनने लगी है कि कानून से हमें सुरक्षा प्राप्त है इसलिए अपने स्वार्थ पुरे करने के लिए वर इसे हथियार बन लेते हैं ,ऐसी अवस्था में कानून के रखवालों के लिए अनावश्यक ही बोझ बढ़ता जा रहा है ,
यही हाल आज दलित व अल्पसंख्यक वर्ग द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून के साथ हो , रहा है ,दोनों ही हालातों में ये भी अपराधी बनते जा रहे हैं , इस प्रकार के झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सख्त व शीघ्र कार्यवाही होनी चाहिए
|
2019/04/25 02:44:25
|
http://mediadarbar.com/31088/do-not-laugh-when-a-guy-says-harassment/?replytocom=13340
|
mC4
|
PNB घोटाला: नीरव मोदी-मेहुल चौकसी के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी | न्यूज़ 24
PNB घोटाला: नीरव मोदी-मेहुल चौकसी के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी
मुंबई (3 मार्च): देश के सबसे बड़े घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ मुंबई की एक विशेष अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने PMLA के तहत नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ वॉरंट्स जारी किए है। हालांकि नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल का कहना है वो कोर्ट के इस फैसले को वो हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
एक अन्य घटनाक्रम में CBI ने आज 6 आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया है। एजेंसी ने गोकुलनाथ शेट्टी के लिए पुलिस कस्टडी और अन्य 5 आरोपियों के लिए न्यायिक हिरासत मांगी है। इससे पहले 28 फरवरी को CBI ने पंजाब नैशनल बैंक (PNB) के इंटरनल चीफ ऑडिटर को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए ऑडिटर एम. के. शर्मा ही पीएनबी की ब्रैडी हाउस ब्रांच में ऑडिट के लिए कथिततौर पर जिम्मेदार थे।
इससे पहले CBI ने इस केस में PNB के 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें एक जनरल मैनेजर रैंक के अधिकारी और PNB के पूर्व डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी शामिल थे। इसके अलावा एजेंसी ने नीरव मोदी और चौकसी की कंपनियों के अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है।
|
2019/02/18 09:53:51
|
https://hindi.news24online.com/news/non-bailable-warrant-nirav-modi-mehul-choksi-48
|
mC4
|
पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि – Indiahallabol.com
Tag Archives: पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि
एमके स्टालिन द्रमुक के नए अध्यक्ष चुने गए
एमके स्टालिन को द्रमुक का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया। पार्टी के संस्थापक सीएन अन्नादुरई और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के बाद वे तीसरे अध्यक्ष होंगे। करुणानिधि 1969 से द्रमुक के मुखिया थे। करुणानिधि के निधन के बाद स्टालिन और उनके बड़े भाई अलागिरी में टकराव की खबरें आई थीं। पार्टी से बर्खास्त अलागिरी ने दावा किया था कि मेरे पिता के …
5 बार तमिलनाडु के सीएम रहे करुणानिधि का 94 साल की उम्र में निधन
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि (94) का शाम निधन हो गया। वे 11 दिन से कावेरी अस्पताल में भर्ती थे। कावेरी अस्पताल ने कहा- तमाम कोशिशों के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाए। करुणानिधि ने शाम 6:10 बजे अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करुणानिधि के निधन पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा- वे देश के वरिष्ठतम नेता थे। हमने एक जननेता …
द्रमुक प्रमुख करुणानिधि की हालत बिगड़ी, अस्पताल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा
अस्पताल में भर्ती द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि (94) का स्वास्थ्य और बिगड़ गया। यूरिन इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद उन्हें 27 जुलाई को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल ने सोमवार शाम जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा करुणानिधि की स्थिति में और गिरावट आई है। उनके …
94 साल के करुणानिधि 3 दिन से आईसीयू में, हालत स्थिर
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि पिछले तीन दिन से आईसीयू मे भर्ती हैं। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी हालत में सुधार अाया और अब वे स्थिर हैं। कावेरी अस्पताल ने रात 9.50 पर बुलेटिन जारी कर इसकी पुष्टि की। करुणानिधि के हजारों समर्थक अस्पताल के बाहर इकट्ठा हैं। रविवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुराेहित …
|
2019/04/18 16:41:03
|
http://www.indiahallabol.com/tag/%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%81
|
mC4
|
चीन फिटनेस उपकरण एंटी बर्स्ट नो स्लिप योग बैलेंस बॉल, एक्सरसाइज पिलेट्स योग बॉल क्विक फुट पंप निर्माता और प्रदायक के साथ | एनक्यू
फिटनेस उपकरण एंटी बर्स्ट नो स्लिप योग बैलेंस बॉल, एक्सरसाइज पिलेट्स योग बॉल क्विक फुट पंप के साथ
टिकाऊ 2.0 मिमी मोटी दीवारें; पेशेवर विरोधी फट ग्रेड पीवीसी से बना है
2200+ एलबीएस का समर्थन करता है, इसलिए आपको वज़न का उपयोग करने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है
600 एलबीएस लोडिंग वजन के तहत 2CM कटौती को बनाए रखने के लिए एंटी-बर्स्ट का परीक्षण किया गया।
परिभाषित विरोधी पर्ची पुलों के साथ आसान सफाई सतह
प्रकाशित आकार को बढ़ाने की गारंटी
अन्य सामान: अनुरोध के अनुसार हैंड पंप, प्लग रिमूवर, मापने वाला टेप, रंग बॉक्स, मैनुअल प्रदान किया जा सकता है।
दैनिक पेशेवर जिम दुर्व्यवहार का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया
100% परेशानी मुक्त गारंटी
जब एथलीट साधारण उपकरण खेल कर रहे होते हैं, जैसे ट्रेडमिल और सिट अप्स, तो वे लंबे समय तक कई क्रियाओं को दोहराकर केवल गर्मी का उपभोग कर सकते हैं, जिससे फिटनेस की प्रक्रिया बहुत उबाऊ हो जाती है। योग बॉल एक्सरसाइज ने प्रशिक्षण के पिछले तरीके को बदल दिया है, जिससे कि गर्म और अनर्गल संगीत वाले एथलीट गेंद से खेल सकें। एथलीट कभी गेंद पर बैठते हैं, कभी गेंद को कूदने के लिए उठाते हैं, ये दिलचस्प हरकतें पूरी प्रक्रिया को बहुत मनोरंजक बनाती हैं।
फिटनेस बॉल लोगों के लचीलेपन, ताकत, संतुलन, मुद्रा और कार्डियोपल्मोनरी फ़ंक्शन में सुधार कर सकती है। लंबे समय तक उपयोग, प्रभावी रूप से आपकी मुद्रा बना सकता है, सही वक्र को आकार दे सकता है।
पेट, पीठ, कमर के मुख्य भाग के लिए जिम बॉल कोरियोग्राफी, यदि आप धीमी, लयबद्ध साँस लेने में खिंचाव, निचोड़ने और अन्य आंदोलनों के साथ अभ्यास करना चाहते हैं, ताकि मांसपेशियों को प्रभावी मालिश, विश्राम, वसा प्रभाव, लेकिन यह भी एक तरीका हो सहनशक्ति का सामना करने के लिए ध्यान केंद्रित करने, तनाव कम करने, अंगों और रीढ़ की हड्डी को बढ़ाने की क्षमता में सुधार करने के लिए
1. यह लगभग सभी लोगों के लिए उपयुक्त है
2. व्यायाम के दौरान यह सुरक्षित है
3. यह पुनर्वास चिकित्सा के लिए अच्छा है
4. यह संतुलन और लचीलापन में सुधार करने में अच्छा है
5. यह वजन कम करने में योगदान देता है
प्रत्येक टुकड़ा opp फिल्म पैक के साथ सिकुड़ा हुआ है। एक गत्ते का डिब्बा बक्से में पैक 1 या 20 टुकड़े। विज्ञापन पेपर कार्ड या कोई अन्य अनुकूलित अनुरोध भी उपलब्ध हैं।
|
2021/09/24 21:53:15
|
http://hi.resistanceband-china.com/fitness-equipment-anti-burst-no-slip-yoga-balance-ball-exercise-pilates-yoga-ball-with-quick-foot-pump-2-product/
|
mC4
|
ऑटो कलस्टर कोविड सेंटर का मैनेजमेंट अकार्यक्षम,आयुक्त से बदलने की मांग - Hindi e news Paper Online | Latest News Hindi | VSRS News
ऑटो कलस्टर कोविड सेंटर का मैनेजमेंट अकार्यक्षम,आयुक्त से बदलने की मांग
2021/04/30 17:04:37
पिंपरी(व्हीएसआरएस न्यूज) बहुचर्चित,विवादित स्पर्श संस्था को पालिका ने ऑटो कलस्टर कोविड सेंटर चलाने का ठेका दिया है। स्पर्श की टीम अकार्यक्षम साबित हो रही है। यह वही स्पर्श है जिसकी तात्कालीन आयुक्त श्रवण हर्डीकर ने जांच बैठायी थी। त्रिदस्यीय कमेटी जांच कर रही है। पालिका का एक अतिरिक्त आयुक्त और एक स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संदेह के घेरे में है। बिल भी रोका गया। फिर ऐसे विवादित स्पर्श संस्था को ऑटो कल्स्टर जैसे बडे कोविड सेंटर की जवाबदारी देेने का क्या औचित्य? ऐसा सवाल भाजपा नगरसेविका अनुराध गोरखे ने किया।
अनुराधा गोरखे ने पालिका आयुक्त राजेश पाटिल को पत्र लिखकर आरोप लगाई है कि यहां का व्यवस्थापन सक्षम नहीं है। आने वाले मरीजों को बेड नशीब नहीं हो रहे। एक मरीज से बेड के लिए एक लाख रुपये लिया गया। एक महिला मरीज के गले से मंगलसूत्र गायब किया गया। नागरिकों की हर दिन शिकायतें मिल रही है। ऑटो क्लस्टर के मैनेजमेंट को हटाकर किसी सक्षम के हाथ में ऑटो कल्स्टर चलाने का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए। ऐसी मांग अनुराधा गोरखे ने आयुक्त से की है।
|
2022/06/30 21:55:11
|
https://vsrsnews.in/uncategorized/autocluster-covid-center-management-akarsham/
|
mC4
|
Radhe को लेकर सलमान खान का बड़ा ऐलान, ईद पर दुनियाभर में कई प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी फिल्म - Sultanpur Express News
Home Bollywood Radhe को लेकर सलमान खान का बड़ा ऐलान, ईद पर दुनियाभर में...
ईद पर रिलीज होगी 'राधे'.
सलमान खान (Salman Khan) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'राधेः योर मोस्ट वॉन्टेड भाई' को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मेकर्स की ओर से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, राधे इसी ईद पर मल्टीप्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी.
मुंबईः सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म 'राधेः योर मोस्ट वॉन्टेड भाई (Radhe: Your Most Wanted Bhai)' का उनके फैन बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ईद रिलीज की परंपरा को ध्यान में रखते हुए, सलमान खान फिल्म्स और ज़ी स्टूडियोज ने 'राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई' के लिए मेगा रिलीज की योजना बनाई है. प्रभु देवा द्वारा निर्देशित, फिल्म अब 13 मई 2021 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मल्टीफॉर्मेट और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी रिलीज़ होगी.
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोन के मामलों के कारण फिल्म बेहद सीमित थिएट्रिकल रिलीज होगी, जिससे सलमान खान के कई प्रशंसकों को निराशा हो सकती है. इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए, ज़ी स्टूडियोज़ ने फिल्म की रिलीज़ के लिए एक साथ बहु-स्तरीय रणनीति तैयार की है. राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई अब दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.
जहां सरकार द्वारा जारी किये गए कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा और ज़ी5 पर ज़ी की 'पे पर व्यू' सर्विस ZEEPlex के साथ, जो भारत के प्रमुख ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म ज़ी5 से संबंधित है और सभी प्रमुख DTH ऑपरेटर यानि डिश, डी2एच, टाटा स्काई और एयरटेल डिजिटल पर देख सकेंगे, जिससे दर्शकों को उनके आराम और सुविधा के अनुसार फिल्म देखने के लिए कई विकल्प दे रहे हैं.
सलमान खान फिल्म्स के प्रवक्ता कहते हैं, "यह जरूरी है कि हम सभी एक साथ आएं और मौजूदा महामारी की स्थिति के दौरान उद्योग के रूप में सिनेमा के लिए समाधानों के बारे में सोचें. हम सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार, हम जितने सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज कर सकते हैं, हम थिएटर मालिकों का समर्थन करेंगे. लेकिन, दिशानिर्देशों और सुरक्षा उपायों को देखते हुए, हमें यह सुनिश्चित करने के तरीकों को भी तैयार करना होगा कि फिल्म हमारे सभी दर्शकों तक पहुंचे. हम इस कठिन वक़्त के दौरान दर्शकों को उनके घरों की सुरक्षा से मनोरंजन के विकल्प से वंचित नहीं करना चाहते हैं."
सलमान खान-दिशा पाटनी स्टारर 'राधेः यॉर मोस्ट वॉन्टेड भाई' का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं.
ज़ी5 इंडिया के मुख्य व्यवसाय अधिकारी मनीष कालरा ने कहा, "हम लाखों मनोरंजन चाहने वालों के लिए भारत के बहुभाषी ऑनलाइन कहानीकार ज़ी5 पर राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई लाने के लिए रोमांचित हैं. ज़ी5 के माध्यम से यह देश में मौजूद प्रत्येक स्क्रीन पर पहुंचने में योग्य रहेगी. हम सलमान खान के साथ साझेदारी करने और राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई को इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए बेहद उत्साहित हैं."
'राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई' में सलमान के साथ दिशा पाटनी, रणदीप हुड्डा और जैकी श्रॉफ भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. फिल्म को सलमान खान फिल्म्स ने ज़ी स्टूडियो के साथ मिलकर प्रस्तुत किया है. सलमा खान, सोहेल खान और रील लाइफ प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित, फिल्म इस साल ईद के मौके पर 13 मई को रिलीज होगी.
Previous articleराहत देने वाली खबर: कोरोना के ज्यादातर म्यूटेंट के खिलाफ काम करती है Covaxin, ICMR का दावा
Next articlePrayagraj: 22 Thousand Asked For The Funeral Of The Dead Body Of The Infected, There Was A Fierce Commotion – प्रयागराज : संक्रमित के शव के अंतिम संस्कार को मांगे 22 हजार, जमकर हुआ हंगामा
|
2022/01/20 01:52:44
|
https://sultanpurexpress.com/radhe-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE/
|
mC4
|
चिटफंड के फरार डायरेक्टर को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार - Balod News: चिटफंड के फरार डायरेक्टर को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार - Naidunia.com
चिटफंड के फरार डायरेक्टर को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार
निवेशकों से आरडी, एफड़ी पर करोड़ों रूपयें जमा करवाकर फरार हुए चिटफंड का डायरेक्टर को बालोद पुलिस ने गिरिफ्तार कर जेल भेज दिया।
Publish Date: | Sun, 22 May 2022 12:55 AM (IST)
बालोद। निवेशकों से विभिन्न योजनाओं एवं आरडी, एफड़ी पर करोड़ों रूपयें जमा करवाकर फरार हुए चिटफंड का डायरेक्टर को बालोद पुलिस ने गिरिफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार देवार सिंह भुआर्य के द्वारा राजहरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि 2012 में उन्नति रियल स्टेट वेनचर प्रायवेट लिमिटेड, उन्नति ब्रिडिंग एंड रियरिंग फार्म्स इंडिया लिमिटेड कंपनी द्वारा नगदी जमा करने पर अधिक ब्याज व विभिन्न योजना, आरडी, एफडी में रकम दुगुना हो जाना व एजेंट बनकर निवेशकों से रकम लाकर कंपनी में जमा कराओगे तो तुम्हे कमीशन दिया जायेगा कहने पर प्रार्थी द्वारा स्वंय व एजेंट बनकर निवेशकों को कंपनी का स्कीम बताकर पैसा जमा करवाया गया।
2015 में उक्त कंपनी के डायरेक्टर द्वारा चिखलाकसा में खोला गया था। जहां कुछ आफिस को बंद कर फरार हो गए। जिस पर राजहरा थाना में शिकायत की गई थी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया था। साइबर सेल की टीम का रहा विशेष सहयोगः साइबर सेल की टीम के द्वारा तकनीकी विश्लेषण तथा मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर 20 मई को दुर्ग, रायपुर रवाना किया गया था, जिस पर टीम द्वारा दिन भर उनके आने जाने वाले स्थानों पर फोकस किया गया व आरोपी को कई घंटो तक इंतजार करने के पश्चात टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया।
दुष्कर्म के आरोपित वीरेंद्र को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बालोद पुलिस ने अपहरण व दुष्कर्म के मामले में आरोपित वीरेंद्र साहू को गुजरात के वडोदरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। युवक डौंडीलोहारा क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपित ने नाबालिगलड़की को शादी का प्रलोभन देकर अपहरण कर गुजरात ले गया था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर पहले गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। जब लड़की की बरामदगी हुई और युवक से पूछताछ की गई तो दुष्कर्म की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ पुलिस ने अपहरण के अलावा दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत मर्ग कायम किया है।
|
2022/07/06 14:23:05
|
https://www.naidunia.com/chhattisgarh/balod-balod-police-arrested-absconding-director-of-chit-fund-7533739
|
mC4
|
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.