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@gametion सर आप लोगों का App लूडो जो लोग हमेशा खेलतें हैं उनको जिताने के लिए डेवलोप किया गया हैं। दूसरा कोई जीत ही नहीं सकता, online खेलने पर सिर्फ सामने वाले 6, आते हैं अपन बैठ कर सामने वाले का गेम देखते रहते हैं और सामने वाला गेम जीत जाता हैं। ये ठीक नहीं हैं
We can assure you that the game is same for all and the numbers generated on dice are random.
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मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मेरे पास गेम का रिकॉर्डिंग हैं । आपको चाहिए तो यूट्यूब पर दिखा सकता हूँ। मैं कोई हवा में बात नहीं कर रहा हूँ हम लोग गेम खेलते हैं वो सब आप फिक्स करके रखते हो।Dziękujemy. Twitter skorzysta z tych informacji, aby Twoja oś czasu bardziej Ci odpowiadała. CofnijCofnij
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ऐसा कैसे हो सकता हैं कि सिर्फ सामने वाला ही जीते ।Dziękujemy. Twitter skorzysta z tych informacji, aby Twoja oś czasu bardziej Ci odpowiadała. CofnijCofnij
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CoronaTracker के बारे में
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चंद्र नववर्ष के पहले दिन 25 जनवरी को काम शुरू हुआ। हमारी टीम इसे सफल बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है, और 27 जनवरी को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गयाहमारा लक्ष्य प्रौद्योगिकी का उपयोग करना और सूचना को अधिक सुलभ बनाना, दुनिया भर के प्रतिभाशाली लोगों को लड़ाई जीतने के लिए इकट्ठा करना है
स्रोत
- CoronaTracker
Binti Hamzah | HPLT2.0 | 569 |
27 जुलाई यानी आज चंद्र ग्रहण है। यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है। चंद्र ग्रहण के दौरान ऐसा लगता है चांद को बादल अपनी आगोश में ले लेता है। पर वास्तव में ऐसा नहीं है। दरअसल सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षीय स्थिति की वजह से ग्रहण होता है। आज के चंद्र ग्रहण में चांद पूरा लाल हो जाएगा। इसे ब्लड मून कहा जा रहा है। ग्रहण पर हम कुछ चुनिंदा शेर-शायरी का यहां उल्लेख कर रहे हैं।
हम-सफ़र हो तो कोई अपना-सा
चाँद के साथ चलोगे कब तक
-शोहरत बुख़ारी
रात को रोज़ डूब जाता है
चाँद को तैरना सिखाना है
-बेदिल हैदरी
चाँद को रेशमी बादल से उलझता देखूँ
वो हवा है कभी आँचल कभी चेहरा देखूँ
-बिमल कृष्ण अश्क
इतने घने बादल के पीछे
कितना तन्हा होगा चाँद
-परवीन शाकिर
नील-गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद
माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे जैसा चाँद
-निदा फाजली
चाँद बादल में अच्छा लगता है
आधे रूख पे नक़ाब रहने दो
-मोहसिन नकवी
चाँद को छूके चले आए हैं विज्ञान के पंख
देखना ये है कि इन्सान कहाँ तक पहुँचे
-गोपाल दास नीरज
मुझ को मालूम है महबूब-परस्ती का अज़ाब
देर से चाँद निकलना भी ग़लत लगता है
-अहमद कमाल परवाज़ी
आगे पढ़ें
तुम जिसे चाँद कहते हो वो अस्ल में
आसमाँ के बदन पर कोई घाव है
-त्रिपुरारि
पूछना चाँद का पता 'आज़र'
जब अकेले में रात मिल जाए
-बलवान सिंह आज़र
डूबना... | HPLT2.0 | 288 |
पूर्णिमा के चांद पर रहेगी इस बार ग्रहण की छाया
प्रमोद यादव, वाराणसी : गुरु पर्व गुरु पूर्णिमा पर इस बार 27 जुलाई को खग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है। इसका स्पर्श रात 11.54 बजे, सम्मिलन 12.59, मध्य 1.52, उन्मिलन 2.43 और मोक्ष रात 3.49 बजे होगा। संपूर्ण ग्रहण काल तीन घंटा 55 मिनट का होगा। धर्मशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण में 12 घंटे व चंद्रग्रहण में नौ घंटे पूर्व सूतक लग जाता है। इस लिहाज से सूतक काल दोपहर 2.54 बजे से होगा।
शास्त्रीय मान्यता अनुसार सूतक काल में बाल, वृद्ध, रोगी को छोड़कर सभी के लिए भोजन निषिद्ध बताया गया है। ग्रहण स्पर्श से मोक्ष काल तक देवालयों में दर्शन आदि वर्जित होता है। ग्रहण में गंगा स्नान के साथ दान आदि का विशेष महत्व होता है। ग्रहण काल में जपा गया मंत्र सिद्ध होता है। इस समय में मंत्रादि जपना चाहिए। ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार संवत 2075 (वर्ष 2018-19) में विश्व पटल पर कुल पांच ग्रहण यानी तीन सूर्य ग्रहण व दो चंद्रग्रहण हैं। भारत में सिर्फ आषाढ़ी पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई शुक्रवार को मकर राशि, उत्तरा साढ़ा नक्षत्र पर लगने वाला ग्रहण चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में दृश्य होगा। यह ग्रहण ¨हद महासागर में भारतीय समयानुसार 11.54 बजे आस्ट्रेलिया के सुदूर पूर्वी क्षेत्र से चंद्रदोय के समय होगा। यह खंड चंद्रग्रहण के रूप में न्यूजीलैंड, आस्ट्रे 00004000 िया, यूरोप के अधिकांश भाग, चीन, जापान, रूस अफ्रीका में भी दृश्य होगा। संपूर्ण भारत में चंद्रग्रहण का स्पर्श, सम्मिलन, उन्मिलन, मध्य, मोक्ष सभी देखा जा सकेगा। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली नैत्यिक सांध्य आरती शुक्रवार को चंद्रग्रहण के कारण दिन में होगी। घाट पर गंगा सेवा निधि व गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आरती की जाती है। दिन में 2.54 बजे सूतक काल शुरू होने के कारण इसे एक बजे शुरू करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा पिछली बार सूर्य ग्रहण के कारण भी किया गया था।
इसके अलावा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्रग्रहण के कारण शनिवार भोर मंगला आरती एक घंटे प्रभावित होगी। 28 जुलाई की भोर मंगला आरती चार बजे से होगी और भक्तों का बाबा का दर्शन पांच बजे से मिलेगा। संकट मोचन मंदिर के पट दोपहर 12 बजे भोग आरती के बाद बंद हो जाएंगे और शनिवार भोर 4.30 बजे पट खुलेंगे। अन्नपूर्णा मंदिर के पट रात 10.30 बजे और कालभैरव मंदिर के पट दस बजे बंद होंगे। आषाढ़ी पूर्णिमा को गुरु पर्व यानी गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। शास्त्रों में गुरु महिमा का बखान देवों से भी उपर बताया गया है। गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वेद व्यास की स्मृति में उनके पूजन के साथ ही सभी सनातनी अपने दीक्षा गुरु का विधि विधान से पूजन कर आशीष लेते हैं। गुरु पूर्णिमा पर्व 27 जुलाई को मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा तिथि 26 जुलाई की रात 10.32 बजे लग गई जो 27-28 जुलाई की रात 12.33 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रग्रहण लगने के कारण सूतक काल शुरू होने से पहले तक ही गुरु दर्शन होंगे। हालांकि संत मत अनुयायी आश्रम में शाम तक गुरु दर्शन चलता रहेगा।
Posted By: Jagran
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चंद्रग्रहण का कहीं भी कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, यह सिर्फ एक खगोलीय घटना है : डॉ दिनेश मिश्र
रायपुर.अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा है कि चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है । दिनेश मिश्र ने कहा प्रारंभ में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएँ जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩे लगती है काला होना शुरू हो जाता है ।
जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है तब पूर्णग्रहण हो जाता है। जब चंद्रमा का पहला किनारा दूसरी ओर छाया से बाहर निकलना शुरू होता है तो ग्रहण छूटना शुरू हो जाता है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर आ जाता है तो ग्रहण समाप्त हो जाता है जिसे ग्रहण का मोक्ष कहते हैं।
चंद्रग्रहण का कहीं कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास हैं। लेकिन लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए तथा ग्रहण को सुरक्षित ढंग से देखा जा सकता है तथा वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं।
मिश्र ने कहा है कि भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है।
उन्होंने कहा एक खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है। जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं जिससे आम लोग संशय में पड़ जाते हैं जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
ग्रहण से खाद्य वस्तुएँ अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है,जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।
आगामी पूर्ण चंद्रगहण के बारे में ये बातें, जिन्हें जानना है जरूरी…
1.आगामी 27 जुलाई की आधी रात को लगने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण 21वीं शताब्दी का सबसे लंबा चंद्रगहण होगा, जो लगभग 103 मिनट तक रहेगा। पिछली सदी में सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण वर्ष 2000 में 16 जुलाई को हुआ था, जो इस बार के पूर्ण चंद्रग्रहण से चार मिनट अधिक लंबा था।
एशिया और अफ्रीका के लोगों को इस बार पूर्ण चंद्रग्रहण का सबसे बेहतर नजारा देखने को मिलेगा। यूरोप, दक्षिण अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया में यह ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। जबकि, उत्तरी अमेरिका और अंटार्कटिका में यह नहीं दिखाई पड़ेगा। भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण 27 जुलाई को रात 22:42:48 बजे शुरू होगा और 28 जुलाई की सुबह 05:00:05 बजे खत्म होगा।
2. चंद्रग्रहण की अवधि का निर्धारण दो बातों के आधार पर होता है। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के केंद्रों का एक सीधी रेखा में होना और ग्रहण के समय पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी के आधार पर चंद्रगहण की अवधि का आकलन होता है। इस बार इन तीनों खगोलीय पिंडों के केंद्र लगभग एक सीधी रेखा में होंगे, और चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी अपने अधिकतम बिंदु के बेहद करीब होगी। चंद्रमा इस बार पृथ्वी से अपने सबसे दूरस्थ बिंदु के नजदीक होगा, इसलिए यह अत्यंत छोटा दिखाई पड़ेगा। यही कारण है कि पृथ्वी की छाया को पार करने में चंद्रमा को इस बार ग्रहण के समय अधिक समय लगेगा और चंद्रग्रहण लंबे समय तक बना रहेगा।
3. पुराणों में ग्रहण का कारण राहू और केतु जैसे राक्षसों द्वारा कभी-कभार सूर्य अथवा चंद्रमा को अपना ग्रास बना लेने को बताया गया है। भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ आर्यभट्ट (476-550 ईसवीं) ने ग्रहण से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांत प्रस्तुत किये। उन्होंने इस बात को सिद्ध किया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पडऩे से चंद्रग्रहण होता है। इसी तरह सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा के आने पर चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है तो सूर्यग्रहण होता है। यही वजह है कि चंद्रग्रहण पूर्णिमा के दिन ही होता है, जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी की दो विपरीत दिशाओं में होते हैं। वहीं, सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है, जब सूर्य एवं चंद्रमा पृथ्वी की एक ही दिशा में स्थित होते हैं।
भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ आर्यभट्ट (476-550 ईसवीं) ने ग्रहण से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांत प्रस्तुत किये। उन्होंने इस बात को सिद्ध किया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पडऩे से चंद्रग्रहण होता है।
4. ग्रहण वास्तव में छाया के खेल से अधिक कुछ नहीं है और इससे किसी तरह की रहस्यमयी किरणों का उत्सर्जन नहीं होता। चंद्रग्रहण को देखना पूरी तरह सुरक्षित है और इसके लिए किसी खास उपकरण की आवश्यकता भी नहीं होती। हालांकि, सूर्यग्रहण को देखते वक्त थोड़ी सावधानी जरूर बरतनी चाहिए क्योंकि सूर्य की चमक अत्यधिक तेज होती है।
5. सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के ठोस हिस्से से गुजर नहीं पाता है, लेकिन पृथ्वी को ढंकने वाले वायुमंडल से न केवल सूर्य की किरणें आर-पार निकल सकती हैं, बल्कि इससे टकराकर ये किरणें चंद्रमा की ओर परावर्तित हो सकती हैं। सूर्य के प्रकाश में उपस्थित अधिकतर नीला रंग पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है, जिससे आसमान नीला दिखाई देता है। जबकि, लाल रोशनी वायुमंडल में बिखर नहीं पाती और पृथ्वी के वातावरण से छनकर चंद्रमा तक पहुंच जाती है, जिससे चंद्रमा लाल दिखाई पड़ता है। इस बार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के केंद्र पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान लगभग सीधी रेखा में होंगे तो सूर्य के प्रकाश की न्यूनतम मात्रा वायुमंडल से छनकर निकल पाएगी, जिससे चंद्रमा पर अंधेरा दिखाई पड़ेगा।
6. एक रुपये का सिक्का लें और इसके द्वारा पडऩे वाली छाया को देखें। हम आसानी से देख सकते हैं कि छाया के केंद्रीय हिस्से पर अंधेरा है, लेकिन किनारे की तरफ अंधेरा कम है। इस तरह पडऩे वाली छाया के गहरे भाग को प्रतिछाया क्षेत्र (अंब्रा) और हल्के रंग का हिस्सा उपछाया क्षेत्र (पेअंब्रा) कहा जाता है। इसी प्रकार पृथ्वी पर भी प्रतिछाया और उपछाया दोनों बनती हैं।इस बार चंद्रग्रहण के दिन पृथ्वी के उपछाया क्षेत्र में रात के करीब 10.53 बजे चंद्रमा के प्रवेश को देखा नहीं जा सकेगा। चंद्रमा का अधिकतर हिस्सा जैसे-जैसे उपछाया क्षेत्र से ढकता जाएगा तो इसकी कम होती चमक को स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। करीब 11:54 बजे चंद्रमा प्रतिछाया क्षेत्र में प्रवेश करेगा। उस वक्त पूर्णिमा के चांद पर धीरे-धीरे गहराते अंधेरे को देखना बेहद रोचक होगा।
7. इस चंद्रग्रहण के दिन 27 जुलाई को रात के समय आकाश में एक अन्य लाल रंग का चमकता हुआ पिंड मंगल भी अपना विशेष प्रभाव छोडऩे जा रहा है। उस दिन मंगल ग्रह सूर्य के लगभग विपरीत दिशा में होगा और इसलिए यह ग्रह पृथ्वी के करीब होगा। उस दौरान लाल ग्रह मंगल और लाल रंग का चंद्रमा रात के आकाश में चकाचौंध पैदा करेंगे।
8. मध्यरात्रि लगभग 12:30 बजे चंद्रग्रहण अपने समग्र स्वरूप को धारण करने लगेगा और अगले एक घंटे के लिए चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया से ढंक जाएगा। इस दौरान गहरे लाल से लेकर ईंट जैसे रंग की तरह लाग रंग के विभिन्न रूपों को देखना मजेदार अनुभव होगा।
9. आमतौर पर सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा पूरी तरह से एक रेखा में नहीं होते हैं, जिसके कारण सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर निकल जाता है और चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है। हालांकि, इस बार सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा सीधे रेखा में होंगे, जिससे चंद्रमा पर अंधेरा होगा। 28 जुलाई को पूर्वाहन 1:51:27 बजे चंद्रमा पर अंधेरा होगा और इसकी चमक इतनी धीमी होगी कि यह दिखाई नहीं पड़ेगा। इस समय पूर्ण चंद्रग्रहण अपने उच्चतम स्तर पर होगा और फिर जल्दी ही अपने रंग में लौटना शुरू हो जाएगा। | HPLT2.0 | 1,793 |
कल पड़ रहा है सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, जानें क्या कहता है साइंस, साथ ही यह भी जान लें कि किस राशि पर पड़ेगा क्या प्रभाव…
नई दिल्ली/रायपुर. 27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. ये चंद्र ग्रहण लगभग 1 घंटे 43 मिनट तक रहेगा. यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा और इसे बिना किसी उपकरण के आसानी से देखा जा सकेगा. पूर्ण चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के मुताबिक 27 जुलाई को रात 11 बजकर 54 मिनट 02 दो सेकेंड पर होगी. चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को सुबह 3:49 बजे समाप्त होगा. इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा लाल रंग का दिखेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है.
भारत में ग्रहण को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं जिनके अनुसार को अपशगुन के रूप में देख जाता है. ग्रहण के दौरान खाना-पीना, सोना, घर से बाहर निकलना जैसी आम चीजें मना होती हैं. प्रेग्नेंट महिलाओं को भी इस दौरान काफी एहितयात बरतनें की सलाह दी जाती है. लेकिन इस बारे में साइंस की अपनी अलग राय है.
बता दें कि जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा के दौरान चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है तो इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है. इस बार चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के बिल्कुल केंद्र से उत्तर से होकर गुजरेगा. ये स्थिति 1 घंटे 2 मिनट की होगी, इसी कारण इस बार ग्रहण लंबा होगा. साथ ही इस बार ल्यूनर एपोजी (पृथ्वी से सबसे दूरी पर स्थित चंद्रमा का आर्बिटल पॉइंट जिससे यह बहुत छोटा और दूर नजर आता है) भी है. यानि 27 जुलाई को चंद्रमा और धरती के बीच की दूरी सबसे ज्यादा होगी. यही कारण है कि ये चंद्र ग्रहण 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा.
ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग हो जाता है और इसके पीछे कारण है कि जब सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो सूरज की किरण रुक जाती है. पृथ्वी के वातावरण की वजह से रोशनी मुड़कर चांद पर पड़ती है और इसी कारण चंद्रमा लाल नजर आता है. वैज्ञानिक इसी हो ब्लड मून कहते हैं.
27 जुलाई को ग्रहण शुरू होने से पहले दोपहर 02:54 बजे से 28 जुलाई को रात्रि 03: 49 बजे तक के समय को सूतक काल माना जा रहा है. सूर्योदय के बाद सूतक समाप्त माना जाएगा. खगोलविज्ञान और ज्योतिष दोनों में ही चंद्रग्रहण एक खास घटना है हालांकि ग्रहण को लेकर कई तरह के मिथक भी प्रचलित हैं. लोगों के मन में आज भी यह एक डर है कि चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देखने पर नुकसान हो सकता है. मिड नॉर्थ कोस्ट एस्ट्रोनॉमी के डेविड रेनेके का कहना है कि यह एक खूबसूरत आकाशीय घटना होगी और इसे किसी को भी मिस नहीं करना चाहिए. उन्होंने बताया, चंद्रग्रहण सूर्य ग्रहण से अलग है और इसे नंगी आंखों से देखना बिल्कुल सुरक्षित होता है.
हिंदू धर्म में ग्रहण को लेकर कई तरह की पौराणिक मान्यताएं हैं. चंद्र ग्रहण के पीछे भी एक कहानी प्रचलित है. कहा जाता है कि एक बार राहु और देवताओं के बीच लड़ाई हो रही थी. देवता और राक्षस दोनों ही अमरता का वरदान प्राप्त करना चाहते थे और अमृत को प्राप्त करना चाहते थे. तभी विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण करके राहु को मोहित कर लिया और उससे अमृत हासिल कर लिया. राहु ने भी अमृत पाने के लिए देवताओं की चाल चलने की सोची. उसने देवता का भेष धारण किया और अमृत बंटने की पंक्ति में अपनी बारी का इंतजार करने लगा. लेकिन सूर्य और चंद्रमा ने उसे पहचान लिया. विष्णु भगवान ने राहु का सिर काट दिया और वह दो ग्रहों में विभक्त हो गया- राहु और केतु. सूर्य और चंद्रमा से बदला लेने के लिए राहु ने दोनों पर अपना छाया छोड़ दी जिसे हम सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के नाम से जानते हैं. इसीलिए ग्रहण काल को अशुभ और नकारात्मक शक्तियों के प्रभावी होने का समय माना जाता है.
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का असर हर जीव पर पड़ता है इसलिए इस दौरान ज्यादा शारीरिक-मानसिक कार्यों से बचने सलाह दी जाती है. सनातनी परम्परा में देवदर्शन और यज्ञादि कर्म निषेध रखे जाते हैं. इसी के साथ इस दौरान भजन कीर्तन करने की सलाह दी जाती है. सूतक के समय भोजन आदि ग्रहण नहीं करना चाहिए और जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए. ग्रहण से पहले ही खाने-पीने की चीजों में तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए. ग्रहण के बाद पानी को बदल लेना चाहिए.
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण अग्नि व जल तत्व की दो-दो राशियों को छोड़ शेष सभी पर भारी है. पृथ्वी और वायु तत्व की तो सभी राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है. ग्रहण का प्रभाव लगभग 120 दिन तक रहता है. इसमें भी एक चंद्र चक्र अर्थात् गुरुपूर्णिमा से श्रावण पूर्णिमा तक विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. इस चंद्रग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव पृथ्वी तत्व की राशि मकर पर होगा क्योंकि इसी राशि में चंद्रग्रहण होगा. आगे की स्लाइड्स में जानिए राशियों पर चंद्रग्रहण के प्रभाव और नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उपाय.
मेष- अग्नि तत्व की इस राशि पर चंद्रग्रहण का प्रभाव सौख्यकर है. कार्यक्षेत्र में शुभता और सक्रियता बनी रहेगी. योजनाएं फलीभूत होंगी. व्यक्तिगत प्रयासों में तेजी आएगी. महत्वपूर्ण प्रयासों में अप्रत्याशित सफलता संभव है. बड़ों की सलाह और सानिध्य का लाभ उठाएं.
वृष- पृथ्वी तत्व की इस राशि वालों को सम्मान हानि की आशंका है. धर्म, आस्था और आत्मविश्वास से आगे बढ़ें. नीति नियम नैतिकता रखें. गाय, डेयरी प्रॉडक्ट, भूमि और पशुधन का दान कर सकते हैं. परिजनों से तालमेल रखें. जल्दबाजी और जिद से बचें.
मिथुन- वायु तत्व की यह राशि वाणी व्यवहार और विचारों को बल देने वाली है. इस राशि से मोक्ष भाव में ग्रहण बन रहा है. शारीरिक कष्ट, अवसाद और आकस्मिक घटनाओं की आशंका है. संतुलित रहें. अनुशासन रखें. काष्ठ एवं कांस्य पात्र, पन्ना, फल और पुस्तकों का दान करें.
कर्क- जल तत्व राशि है. प्रकृति का सम्मान करें. जलीय क्षेत्रों का संवर्धन करें. साझा संबंधों में ग्रहण के प्रभाव से खटास बढ़ सकती है. जीवनसाथी को कष्ट की आशंका है. भूमि भवन के मामलों को टालें. क्षीर-नीर चालव श्वेत वस्तुओं वस्त्र चावल इत्यादि का दान करें.
सिंह- अग्नि तत्व की इस राशि के लिए ग्रहण शत्रुजय कराने वाला है. कामकाज में सहजता रहेगी. स्वास्थ्य संबंधी संकेतों को नजरअंदाज न करें. मिथ्यावार्ता और उधार से बचें. स्वर्ण घी, गेंहूं, रक्तचंदन, केसर और ताम्र, वस्तुओं का दान करें.
कन्या- संकल्पशील और व्यवहारिकता को बल देने वाली पृथ्वी तत्व राशि है. ग्रहण आत्मविश्वास में कमी और चिंता का कारक रह सकता है. करीबियों पर भरोसा रखें. प्रेम में संतुलन बढ़ाएं. स्वच्छ प्रतिस्पर्धा का भाव रखें. पंचरत्न हरे-अनाज फल शंख और स्वर्णादि का दान करें.
तुला- वायु तत्व प्रधान राशि है. ग्रहण प्रभाव अनावश्यक आशंकाओं से ग्रस्त कर सकता है. भय और चिंता मुक्त रहें. अपनों से अधिक अपेक्षाएं न रखें. स्थान परिवर्तन संभव है. परिवार के मामलों में धैर्य और धर्म अपनाएं. चांदी स्फटिक ओपल हीरा सजावट एवं श्रृंगार की वस्तुओं का दान करें.
वृश्चिक – साहस और पराक्रम बढ़ाएगा ग्रहण प्रभाव. आर्थिक एवं वाणिज्यिक लाभ के संकेत है. जल तत्व प्रधान यह राशि विस्तार पर जोर देने वाली है. अति उत्साह से बचें. सूचना एवं संपर्क हितकर रहेगा. गुड़, मसूर, मूंगा, भवन, लालवस्त्र एवं फल का दान करें.
धनु- कुटुम्ब में क्लेश और मतभेद बढ़ा सकता है चंद्रग्रहण. मेहमान का हर संभव आदर करें. वाणी व्यवहार और संग्रह संरक्षण से परिस्थितियां अनुकूल होंगी. आकस्मिकता से बचें. यात्रा में सतर्कता रखें. स्वर्ण, रक्तचंदन, घी, पुखराज, मुद्रा, पीली वस्तुओं का दान करें. अग्नितत्व राशि है. क्रोध से बचें.
मकर- पृथ्वी तत्व की इसी राशि में चंद्रग्रहण होगा. अतिरिक्त सावधानी बरतें. शत्रुओं से सतर्क रहें. स्वास्थ्य संकेतों को नजरअंदाज न करें. यात्रा में सहजता रखें. साख प्रभावित हो सकती है. आंखों का खयाल रखें. उड़द, तिल, लौह महिषी, भूमि भवन, स्वर्ण कंबल आदि दान करें.
कुंभ- आर्थिक हानि की आशंका है. वायु तत्व राशि पर ग्रहण का प्रभाव आशंका और चिंता बढ़ा सकता है. रिश्तों में असहजता. न्यायिक मामलों में हार हो सकती है. स्वास्थ्य संकेत नजरअंदाज न करें. तेल, तिल, नीलम, नीली, नीलवस्त्र उड़द का दान करें. निशुल्क सेवाकार्य करें.
मीन- जल तत्व यह राशि ग्रहण से लाभांवित होगी. कार्य व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं. आर्थिक पक्ष को बल मिल सकता है. प्रतिस्पर्धा में प्रभावपूर्ण रहेंगे. मित्रों का साथ समर्थन रहेगा. अप्रत्याशित सफलता संभव. घी स्वर्ण पीले अन्न फल और विद्या का दान करें.
ग्रहण से जुड़े कुछ अन्य पहलू…
दिल की समस्या- ‘इंडियन जर्नल ऑफ बेसिक एंड अप्लाइड मेडिकल रिसर्च’ में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, पूर्ण चांद और नए चांद के दौरान एक्सरसाइज करते समय दिल की गति बहुत तेज हो जाती है. इसलिए एक्सरसाइज करते समय चांद की अवस्था जरूर देख लें.
मस्तिष्क- डच के शोधकर्ताओं की हाइपोथेसिस की मानें तो चांद के ग्रेविटेशनल खिंचाव से हमारे मस्तिष्क पर असर पड़ता है. इससे लोगों का अनियमित व्यवहार देखने को मिल सकता है. इसके अलावा ब्रिटिश वैज्ञानिक द्वारा की गई एक दूसरी स्टडी में सामने आया है कि पूर्ण चांद मिर्गी के रोगियों में अटैक की गतिविधियों को कम करने की क्षमता रखता है.
शोधकर्ताओें ने ये भी बताया है कि मिर्गी के दौरे में कमी चांद की अवस्था के कारण नहीं बल्कि चांद की ज्यादा रोशनी के कारण आती है. स्टडी में देखा गया कि चांद के ज्यादा चमकदार होने के दौरान लोगों को मिर्गी के दौरे कम पड़े. शोधकर्ताओें ने बताया कि सूरज के डूबने पर हमारे दिमाग से मेलाटोनिन हार्मोन निकलता है, जो हमे नींद का अहसास कराता है.
किडनी- साल 2011 में 769c 8216;जर्नल ऑफ यूरोलॉजी’ में प्रकाशित एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया था कि जिन लोगों की किडनी में स्टोन होता है पूर्ण चांद के दौरान उनको ज्यादा दर्द महसूस होता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि फुल मून के दौरान यूरोलॉजिकल समस्या के ज्यादा मरीज हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं.
दरअसल, मानव शरीर के कई ऑर्गन और किडनी 60 फीसदी पानी से बने हैं. जिस तरह पूर्ण चांद के दौरान समुद्र की लहरें प्रभावित होती हैं, ठीक उसी तरह शरीर के ऑर्गन के फंक्शन पर भी पूर्ण चांद का प्रभाव पड़ता है. हालांकि, इस बात से कई शोधकर्ता असहमत भी हैं.
नींद- साल 2013 में ‘करेंट बायोलॉजी’ जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में 3 दिनों तक लोगों की नींद के पैटर्न की जांच की. जिसमें उन्हें ऐसे वातावारण में सोने के लिए कहा गया, जहां न समय देखने के लिए घड़ी थी और न बाहर की कोई रोशनी. लोगों के नींद के इस डेटा को चांद की अवस्था के साथ मिलाकर देखा गया.
नतीजों में सामने आया कि चांद के ज्यादा चमकदार होने से न केवल मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर कम होता है बल्कि, लोगों को सोने में 5 मिनट का समय ज्यादा लगा. इसके अलावा इस दौरान लोग बाकी दिनों के मुकाबले 20 मिनट कम सोए और कम सोने से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
ज्यादा बच्चों का पैदा होना- जापान के शोधकर्ताओं ने एक नई खोज की है. उनका मानना है कि जब धरती पर चांद की ग्रेविटेशनल फोर्स सबसे ज्यादा पॉवरफुल होती है तो ज्यादा बच्चों का जन्म होता है. हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि वो अभी तक इसके पीछे के कारण की जानकारी का पता नहीं लगा पाए हैं कि ऐसा क्यों होता है?
इसके अलावा इटली की एक स्टडी में सामने आया था कि 3 साल से ज्यादा के समय में लगभग 1,200 बच्चों का जन्म हुआ, जबकि पूर्ण चांद के अगले 2 दिनों में इससे कहीं ज्यादा बच्चों का जन्म देखा गया है.
ज्यादा चोट लगना- माना जाता है कि पूर्ण चंद्र के समय ज्यादा एक्सीडेंट और बीमार होने की संभावना रहती है. साल 2011 में ‘वर्ल्ड जर्नल ऑफ सर्जरी’ में प्रकाशित एक स्टडी में सामने आया था कि पूर्ण चांद के दौरान लोगों में बीमारी और इमरजेंसी कॉल 3 फीसदी तक बढ़ जाती हैं. वहीं, नए चांद के समय इन हेल्थ इमरजेंसी कॉल में 6 फीसदी की कमी आ जाती है.
मेंसुरेशन साइकिल- महिलाओं की मेंसुरेशन साइकिल आमतौर पर 28 दिन की होती है. ये लूनर साइकिल के समान ही होती है, जो 29 या इससे ज्यादा दिन की होती है. चीन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, लगभग 30 फीसदी महिलाओं में पूर्ण चंद्र के दौरान ओव्यूलेशन (Ovulation) शुरू होता है. ओव्यूलेशन के दौरान गर्भाशय के अंडों का आकार विकसित होता है, जिससे गर्भ ठहरता है. वहीं नए चांद के समय मासिक धर्म यानी पीरियड शुरू हो जाते हैं. कुछ कल्चर में इसको ‘व्हाइट मून साइकिल’ का नाम दिया गया है. | HPLT2.0 | 2,611 |
27 जुलाई को दिखाई देगा सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, ध्यान में रखें ये महत्वपूर्ण बातें…
रायपुर. 27 जुलाई को सदी का सबसे लंबी अवधि का चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है. ज्योतिषाचार्य पंडित अरुणेश कुमार शर्मा ने बताया है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण पृथ्वी पर गहरा प्रभाव डाल सकता है. समस्त चराचर इससे अछूता नहीं रहेगा. यह केवल चंद्रमा के पृथ्वी की छाया में आकर लोप हो जाने वाली घटना मात्र नहीं है. सौरमंडल और ब्रह्मांड के दृष्टिकोण में यह अति महत्व की घटना है. ग्रहण के प्रभाव से स्वयं के बचाने के लिए हम सभी को कुछ सावधानियों को अवश्य अपनाना चाहिए.
ग्रहण के दौरान अत्यधिक शारीरिक मानसिक और बौद्धिक श्रम से बचें. विशेषतः विद्यार्थियों और पेशेवरों को इस दौरान सहज रहना है. गृहिणियों को भी घरेलू कार्यों में परिश्रम से बचना है. इन्हें सूतक से पहले या ग्रहण के बाद करें. भारी उद्योग और देर रात कार्य में संलग्न लोगों को कार्यावकाश की सलाह है. उद्यमियों को भी यह प्रयास करना चाहिए कि मशीनों को विराम दें. उद्यम स्थलों पर सामान्य कार्य ही किए जाएं. साथ ही चिकित्सा और अभियांत्रिकी जैसे बेहद जिम्मेदारी पूर्ण आकस्मिक सेवाओं से जुड़े जनों को भी संभव हो सके शल्यकर्म एवं यंत्रकार्य को टालने का प्रयास करना चाहिए.
रासायनिक क्रिया के प्रति संवेदनशील वस्तुओं विशेषतः धातु निर्मित सामानों से दूरी रखें. जैसे- लोहा, एल्युमीनियम तांबा चांदी एवं अन्य मेटलिक मटेरियल को न छुएं. कारण, ग्रहण के दौरान प्राकृतिक स्तर पर अनेक सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं. इनके संपर्क से हानि होने की आशंका है. भोज्य पदार्थ में तुलसीदल डालकर रखें. कोशिश करें कि ग्रहण तक अतिरिक्त भोजन संग्रहित न होने पाए. विशेषतः पका हुआ.
ग्रहणकाल के दौरान परिजनों के सानिध्य में रहें. सहज वातावरण में स्वयं को रखने का प्रयास करें. मतभेद तनाव से मुक्त हो हर्ष आनंद से रहें. मंदिरों में इस दौरान पट बंद रहते हैं. अतः घरों में स्थापित देव प्रतिमाओं को ढंककर रखें. उनके दर्शन पूजन और स्पर्श से बचें. ग्रहण के दौरान केवल मंत्र जाप भजन और साधना ही शास्त्रोक्त है. गर्भवती महिलाओं को सहजता से रहना है. चिंता भय श्रम से मुक्त रह अपनों के साथ समय बिताना है. कोशिश करें सूतक लगने के बाद तुलसीदल से संरक्षित और ढंका हुए पदार्थ ही लें.
सिलाई कढ़ाई बुनाई एवं वस्त्र काटने से बचें. कारण, इनमें इस्तेमाल होने वाले यंत्र धातुओं के होते हैं. साथ इन कम श्रम के नजर आने वाले कार्यों में इनकी महीनता के कारण अत्यधिक परिश्रम छिपा रहता है. आंखों को भी अतिरिक्त श्रम करना पड़ जाता है.
यज्ञ कर्म सहित समस्त अग्निकर्म निषिद्ध माने गए हैं. इनसे बचें. ऐसा करने से अग्निदेव रुष्ट होते हैं. अत्यावश्यक स्थिति में ही ऐसा करें. जैसे- रुग्ण जनों को दवा इत्यादि में प्रयोग के लिए. खाद्ध पदार्थ में भी उन्हें कच्चे फल और भीगे हुए मेवे इत्यादि दे सकते हैं.
चंद्र ग्रहण रात्रि में 1 बजकर 43 मिनट पर मध्यावस्था में पहुंचेगा. कम से कम इस समय तक जागने का प्रयास करें. संभव न हो तो नींद इस प्रकार लें कि सहज संकेतों में भी प्रतिक्रिया कर सकें. बच्चे बुजुर्ग और गर्भणियों के लिए इसमें राहत है.
सूतक से पहले भेंटादि कार्य पूर्ण कर लें.
प्रकृति इस समय अधिक संवेदनशील हो जाती है. ऐसे में पेड़ों जलाशयों वनों बागों तथा पुराने निर्जन भवनों से दूरी रखें. पत्तों लताओं को तोड़ने से बचें. केवल सूतक लगने से पहले भोजनादि के संरक्षण के लिए तुलसीदल तोड़कर रख लें.
औद्योगीकरण के दौर में शहरों में ही बड़े उद्यम स्थापित हो चुके हैं. कूड़े के ढेर भी यहां वहां व्याप्त हैं. ग्रहण के दौरान ऐसे किसी स्थान से स्वयं को दूर रखें जहां रासायनिक संक्रियाएं संभव हैं. रासायनिक रूप से संवेदनशील समस्त स्थानों से दूर रहें. घरों में भी जमा कूड़ा हटाएं. नजदीक वातावरण को पूर्ण स्वच्छ रखें.
ग्रहणोपरांत पुनः घर के साफ करें. मंदिरों देवालयों को धोएं. स्नान के बाद ईश्वर को धन्यवाद ज्ञापित करें. संकल्प एवं दान कर्म करें. स्नान के लिए सरिता सरोवर जाएं. संभव न हो तो घर पर ही पर्वकाल में स्नान करें. | HPLT2.0 | 866 |
23 मई 2019 आ ही गया. पिछले पांच साल में ई वी एम को लेकर होने वाली बहस किसी मंज़िल पर पहुंचती नहीं दिख रही है. कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग के आश्वासन के बाद भी काउंटिंग के समय ई वी एम को लेकर संदेह बना हुआ है. यह संदेह इस स्थिति में पहुंच गई है कि स्ट्रांग रूम के बाहर कार्यकर्ता जमा होने लगे हैं. अगर उनके जमा होने का कारण यह है कि ई वी एम मशीन बदली जा सकती है या गड़बड़ी हो सकती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता के लिए अच्छा नहीं है. जिस तरह इस चुनाव में उसके फैसलों पर नज़र रखी गई है, हर फैसले को लेकर संदेह किया गया है यह पहले के चुनावों से कहीं ज़्यादा है. | HPLT2.0 | 145 |
चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की उस मांग को ख़ारिज कर दिया है जिसमें लवासा ने आयोग के सदस्यों की असहमति या अल्पमत को भी सार्वजनिक करने की मांग की थी. चुनाव आयोग ने मंगलवार को अशोक लवासा की इस मांग को लेकर बैठक की थी और इस बैठक में फ़ैसला किया गया की असहमति को रिकॉर्ड में रखा जाएगा लेकिन उसे फ़ैसले के साथ सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयोग ने PM को क्लीन चिट दी थी . ख़बरों के मुताबिक अशोक लवासा ने पीएम मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट दिए जाने का विरोध किया था. | HPLT2.0 | 128 |
दिल्ली के साकेत कोर्ट में एक महिला वकील के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है, आरोपी वकील ही हैं और घटना कोर्ट परिसर में हुई है. वकील गिरफ्तार हैं और उनका चेंबर सील है. मैं इसका ज़िक्र इसलिए नहीं कर रहा क्योंकि किसी रिपोर्ट में भारत को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित जगह बताया गया है. मैं इसलिए भी नहीं कर रहा कि कुछ लोग अपनी भड़ास निकालने आ जाएं कि इन सबको चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए. दरअसल, मैं इसीलिए कर रहा हूं क्योंकि फांसी फांसी करके हमने हासिल कुछ नहीं किया. कई राज्यों ने फांसी की सज़ा जोड़ दी मगर हमारे समाज में औरतों के प्रति क्रूरता का अंत नहीं हुआ. अंत छोड़िए, लगता नहीं कि ऐसी घटनाएं कम हो रही हैं. आए दिन ऐसी घटना ज़रूर हो जाती है जो पिछली घटना से ज़्यादा क्रूर होती है. | HPLT2.0 | 171 |
बजट से पहले उद्योग जगत ने रियायत के लिए दबाव बढ़ा दिया है. उसका कहना है, सरकार कारपोरेट टैक्स कम करे, बैंकों को पैसा मुहैया कराए और
बेरोज़गारी पर क़ाबू पाने के लिए ज़रूरी निवेश करे. 5 जुलाई के बजट पर उद्योगों की नजर है. वो चाहते हैं कि डूबे हुए क़र्ज़ के संकट और करीब 9 फ़ीसदी के एनपीए से जूझ रहे बैंकों को सरकार पैसा मुहैया कराए ताकि वह उद्योगों तक आए. फिलहाल बैंक उद्योगों को क़र्ज़ देने से बच रहे हैं. एसोचैम के अध्यक्ष बी गोयनका ने एनडीटीवी से बात करते हुए इस संकट को टालने के लिए स्टिमुलस पैकेज की मांग की. गोयनका ने कहा, 'वित्तीय क्षेत्र को विशेषकर NBFCs और बैंकों को राहत पैकेज की जरूरत है. बैंकों उद्योगों को कर्ज नहीं दे रहे. बजट 2019 में वित्त मंत्री को कर्ज की इस दिक्कत को दूर करना चाहिए. | HPLT2.0 | 175 |
बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 को आज यानी गुरुवार को संसद में पेश कर दिया गया है. इसमें 2019-20 के लिए 7 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया गया है. मौजूदा वित्तीय वर्ष में वित्तीय घाटा 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. 2019-20 में अर्थव्यवस्था के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है. भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है. साथ ही इसमें कहा गया है कि 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए हर साल 8 प्रतिशत की ग्रोथ जरूरी है. इस ग्रोथ के लिए निवेश बढ़ाना भी जरूरी है. अब इस संबंध में मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी है. | HPLT2.0 | 145 |
बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने के बाद NDTV ने मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन से बात की. उन्होंने कहा कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लिए हमें 8 प्रतिशत की विकास दर का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा. एनडीटीवी से खास बातचीत में केवी सुब्रमण्यन ने कहा कि हमें सबसे ज्यादा ध्यान अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने पर देना होगा. उन्होंने कहा कि सरकारी को रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि देश में लाइफ एक्सपेक्टेंसी बढ़ती जा रही है. सुब्रमण्यन ने कहा कि ईमानदार करदाताओं को इंसेंटिव देना जरूरी है. उनके नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने जैसे विकल्पों पर विचार करना चाहिए. आपको बता दें कि देश की अर्थव्यवस्था की सेहत का आईना तथा चुनौतियों को रेखांकित करने वाली आर्थिक समीक्षा गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में पेश कर दिया है. राज्यसभा के बाद इसे लोकसभा में भी पेश कर दिया गया है. | HPLT2.0 | 206 |
स्लोडाउन से जूझ रहे मोटर ट्रांसपोर्ट सेक्टर को जीएसटी रेट में राहत चाहिए. साथ ही कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की भी मांग है. छोटे-मझौले उद्योगों को आसान शर्तों पर नया निवेश करने के लिए क्रेडिट चाहिये. इस साल के बजट को लेकर हर तरह के उद्योग की अपनी विशलिस्ट है. मोटर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मंदी से निपटने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को जीएसटी दरों में कटौती पर विचार करना चाहिए. एनडीटीवी से बातचीत में हीरो इन्टरप्राइज़ेस के प्रमुख सुनील कांत मुंजाल ने ये बात कही. हर तरह की गाड़ियों की घटती बिक्री और बढ़ती inventory के संकट से मोटर ट्रांसपोर्ट सेक्टर को उबारने के लिए ये एक ज़रूरी पहल हो सकती है. | HPLT2.0 | 150 |
आठ लोगों के हाथ में आर्थिक सर्वे है. जिसके बीच में हैशटैग 5 ट्रिलियन डॉलर यानी 5 ख़रब की अर्थव्यवस्था का नया टारगेट है जो अगले पांच साल में हासिल करना है. जीडीपी को 7 प्रतिशत तक पहुंचाना है. हैश टैग वाले इस आर्थिक सर्वे के कवर पर 10 गोले बने हैं. इनमें से आठ गोले में अलग अलग टारगेट लिखे हैं. नौकरी, निवेश, निर्यात, बचत, डेटा और कानून इसके अलावा एक है नज (Nudge). डिक्शनरी में देखेंगे तो नज का मतलब धकेलना होगा लेकिन इकोनमी में एक थ्योरी नज इकोनमिक्स कहलाती है. इसे 2017 के अर्थशास्त्र में नोबल पुरस्कार विजेता और अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड थेलर ने प्रतिपादित किया है. नज इकोनोमी में लोगों के वित्तीय व्यवहार को बिना ज़ोर ज़बरदस्ती के निर्देशित किया जाता है. यानी सरकार एक तरह से आपकी आदतों को बदलेगी कि आप आर्थिक क्रियाकलाप कैसे करेंगे. रिचर्ड थेलर की किताब Nudge कई यूनिवर्सिटी में पढ़ी जाती है और पढ़ाई जाती है. 2010 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के दफ्तर में एक टीम बनाई गई थी जिसका उद्देश्य नज थ्योरी की मदद से सरकारी नीतियों को सफलता से लागू करना है और कम खर्चे में योजनाओं का प्रचार प्रसार करना है. भारत में भी नीति आयोग इस लाइन पर सोचता रहा है. क्या इस थ्योरी के अनुसार कम खर्चे में प्रचार प्रसार हुआ. | HPLT2.0 | 277 |
रायबरेली में उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के साथ रविवार को हुए सड़क हादसे की घटना को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. अखिलेश ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी पीड़िता को सुरक्षा देने की, लेकिन घटना के समय गनर नहीं था. उन्होंने कहा कि सरकार की बताई कहानी सच नहीं है और सरकार को इसके लिए खुलकर सामने आना चाहिए और कड़ी कार्रवाई करना चाहिए. अखिलेश ने कहा कि पुलिस अधिकारी भी इस घटना पर सरकार की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने अब तक आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर पर कार्रवाई ने करने के लिए बीजेपी पर भी निशाना साधा है. | HPLT2.0 | 132 |
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 4000 किलोमीटर के दौरे पर निकले हैं. कोशिश जनता से अपने बूते दूसरा मौक़ा हासिल करने की है. शिवसेना से बीजेपी का गठबंधन बना हुआ है, लेकिन दोनों पार्टियों को एहसास है कि अकेले चलना पड़ सकता है. लेकिन बीजेपी को एक मुद्दा तंग कर रहा है- उसे अपने वफादार कैडर की हसरतों का सम्मान करना है जो विपक्ष से आ रहे नेताओं को लेकर परेशान है. बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ रही. ये लोगों से जुड़ने का बहुत बड़ा कार्यक्रम है. दूसरी तरफ़ शिवसेना की अपनी यात्रा चल रही है जिसमें आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया जा रहा है- वो चुनाव लड़ने वाले सेना परिवार के पहले सदस्य होंगे. | HPLT2.0 | 151 |
कर्नाटक उपचुनाव में बीजेपी को झटका लगा है...कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 2 लोकसभा और 3 विधानसभा उपचुनाव में 4 जगहों पर जीत हासिल की है...शिमोगा को छोड़कर सभी जगहों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है...बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार वीएस उगरप्पा ने बीजेपी उम्मीदवार पर भारी जीत दर्ज की है...2014 लोकसभा चुनाव में ये सीट बीजेपी के श्रीरामुलु ने जीती थी...बीजेपी के लिए राहत की ख़बर सिर्फ़ शिमोगा से आई है...इस लोकसभा सीट पर पार्टी उम्मीदवार बीएस राघवेंद्र ने जीत हासिल की है...बीएस राघवेंद्र कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं...इस सीट से तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव मैदान में थे. | HPLT2.0 | 156 |
दिमागी बुखार से सैकड़ों बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मुज़फ़्फ़रपुर पहुंचे. यहां उन्होंने SKMCH अस्पताल पहुंचकर बच्चों और उनके परिजनों से मुलाक़ात की. साथ ही डॉक्टरों से बच्चों की हालात और इस गंभीर बीमारी से निपटने के उपायों पर चर्चा की और अस्पताल के इंतज़ामों का जायज़ा लिया. एक ओर नीतीश कुमार अस्पताल के अंदर का जायज़ा ले रहे थे तो दूसरी ओर अस्पताल के बाहर नाराज़ परिजन नीतीश कुमार का विरोध कर रहे थे. नीतीश कुमार हाय-हाय के नारे लग रहे थे. इतनी देर से नीतीश कुमार के यहां पहुंचने की वजह से लोगों में ग़ुस्सा है. | HPLT2.0 | 133 |
एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. जेडीयू के बाद अब बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना नाराज चल रही है. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी में मनमुटाव है. राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. दोनों पार्टियां यहां अपना-अपना मुख्यमंत्री चाहती हैं. शिवसेना ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला चाहती हैं, वहीं, अमित शाह महाराष्ट्र में बीजेपी का मुख्यमंत्री चाहते हैं. शिवसेना के सूत्रों का कहना है कि अमित शाह ने कहा था कि दोनों दलों में ज़िम्मेदारियां बराबर बांटी जाएंगी. ऐसे में मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल भी बराबरी से बांटा जाएगा. उन्होंने कहा कि हमें अमित शाह जी की बात पर पूरा भरोसा है. आख़िरी निर्णय अमित शाह और उद्धव ठाकरे लेंगे. | HPLT2.0 | 164 |
हमारे गहन अंग्रेजी कार्यक्रम से आप कक्षा शिक्ष 2000 ण और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी भाषा कौशल दे देंगे। दैनिक अध्ययन, निर्देशित अभ्यास, व्यावहारिक और वास्तविक जीवन के अनुभवों को आप अंग्रेजी भाषा से सफल और एक अमेरिकी कॉलेज या विश्वविद्यालय में कामयाब करने के लिए जरूरी दक्षता विकसित करने के लिए अनुमति देगा
वर्ग जानकारी
कार्यक्रम में शामिल हैं:
- एक 6 स्तर, व्यापक कार्यक्रम: शून्य, शुरुआत, और उन्नत।
- गहन कार्यक्रम: कक्षाएं प्रति सप्ताह 5 दिन मिलते हैं।
- इंटरैक्टिव और गतिशील पाठ्यक्रम है कि कॉलेज के शैक्षणिक जरूरतों के लिए छात्रों को तैयार: सुनने के कौशल, नोट लेने, कौशल प्रस्तुतियों दे रही है, आदि
- प्रशिक्षकों जो शिक्षण ईएसएल में विशेषज्ञों द्वारा सिखाया सामग्री आधारित पाठ्यक्रमों।
- छात्र केंद्रित निर्देश: कार्य समूह, जोड़ी का काम है, और पूरी कक्षा चर्चा।
- कम छात्र / शिक्षक अनुपात: 11 की औसत अनुपात 1 के साथ 2000 1 शिक्षक के लिए कोई 15 से अधिक छात्रों।
अन्य विशेषतायें
कक्षा प्रशिक्षण के अलावा, छात्रों को भी प्राप्त होता है:
- बातचीत भागीदारों, ट्यूशन, और विशेष ईएसएल छात्र संगठनों।
- छात्रों के लिए पाठ्येतर गतिविधियों।
- सभी एक-राज्य सुविधाएं और सेवाओं के लिए नि: शुल्क और असीमित उपयोग।
- जबकि ईएसएल में दाखिला लिया शैक्षिक कक्षाओं में भागीदारी (अग्रिम में अनुमोदन की आवश्यकता है)।
- अमेरिकी कमरे में रहते के साथ परिसर में आवास सुविधाओं पर। | HPLT2.0 | 318 |
ESL / ELA के 2000 लिए कार्यक्रम की कुछ नीतियों हैं। अतिरिक्त जानकारी के लिए, ELA छात्र अभिविन्यास पैकेट से परामर्श या ELA से संपर्क करें।
उपस्थिति
संतोषजनक प्रगति बनाने के लिए, वर्ग में नियमित रूप से भाग लेने महत्वपूर्ण है। ESL कार्यक्रम में सफल हो सकता है और अगले करने के लिए एक स्तर है, साथ ही पूरा के रूप में कार्यक्रम से स्थानांतरित करने के लिए, हर दिन अपने भाग लेने की कक्षाओं पर निर्भर करता है। जो इस आवश्यकता को पूरा करने में विफल छात्र वर्ग से वापस ले लिया है और / या ESL कार्यक्रम से खारिज कर दिया जाएगा।
अगर आप चूक रहे है:
- कक्षाओं के 4%: निरुपित ट्यूशन 5 घंटे दिनों के भीतर पूरा किया जाना है
- कक्षाओं के 8%: अधिक ट्यूशन घंटे 3 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है
- कक्षाओं के 10%: कक्षा विफल
- कार्यक्रम में रहने के लिए भाग लेने के लिए जरूरी हैं.
अगर आप ट्यूशन घंटे पूरा नहीं कर रहे हैं, तो छात्र एक उपस्थिति चेतावनी दी जाएगी। एक दूसरे उपस्थिति चेतावनी प्राप्त करने के बाद (कक्षाओं के 8% लापता होने के बाद), एक पाठ्यक्रम अनुपस्थिति के एक घंटे समन्वयक होगा
देर से जाना
इसके अलावा, आप समय पर कक्षा में आने चाहिए। इस वर्ग की विराम के बाद जब कक्षा फिरआप समय पर कक्षा में शामिल हो । आप वर्ग के लिए 5-10 मिनट देर से जाते हैं, तो आप विलम्बी चिह्नित किया जाएगा। विलम्बी चिह्नित की तीन बार अनुपस्थिति एक घंटे के बराबर होती है।
शैक्षणिक ईमानदारी
ESL / ELA कार्यक्रम सख्ती से विश्वविद्यालय के अकादमिक अखंडता की नीति का पालन करता है। धोखा और साहित्यिक चोरी या किसी अन्य छात्र की सहायता से इन कृत्य करने के लिए बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी छात्र इन कृत्यों का दोषी पाया गया इस अपराध के संबंध में 2000 विश्वविद्यालय की नीति के पूर्ण रूप से दंडित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय साहित्यिक चोरी के कृत्यों के रूप में परिभाषित करता है जिस्की परिभाषा इस प्रकार हैं:
- धोखा प्राप्त करने और / या एक फर्जी ढंग से जानकारी का उपयोग करने के इरादे से बेईमानी के एक अधिनियम है।
- साहित्यिक चोरी ले रही है और / या विचारों, काम का उपयोग करने का कार्य है, और / या एक स्वयं के रूप में एक और व्यक्ति के लेखन।
छात्रों को या तो धोखा दे या plagiarizing का दोषी पाया पहले अपराध के लिए काम पर एक 'एफ' के लिए दिया जाएगा और नहीं हो सकता है काम फिर से करना। एक दूसरे अपराध के पाठ्यक्रम और / या स्तर की विफलता का परिणाम देगा और ELA के निदेशक को सूचित किया जाएगा। इसके अलावा उल्लंघन विश्वविद्यालय नीति के अनुसार के साथ निपटा जाएगा।अकादमिक अखंडता पॉलिसी का पूरा विवरण के लिए विश्वविद्यालय विद्यार्थी पुस्तिका से परामर्श करें।
कक्षा व्यवहार
ESL / ELA कार्यक्रम में छात्र दुनिया भर से आते हैं और विविध और विभिन्न संस्कृतियों और समाजों प्रतिनिधित्व करते हैं।
यह उम्मीद है और कहा कि सभी छात्रों को बातचीत और एक तरह से है कि सहिष्णुता और एक दूसरे की पृष्ठभूमि और अनुभवों की ओर सम्मान को दर्शाता है में एक दूसरे के साथ संवाद की आवश्यकता है। कक्षा चर्चा, गतिविधियों, और बातचीत के विचारों और राय के मुक्त आदान प्रदान को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन वे अन्य संस्कृतियों, जातियों, धर्मों, जातियों, और यौन अभिविन्यास के लिए सम्मान के साथ कहा जाना चाहिए। कक्षा में सेलुलर फोन के इस्तेमाल पर सख्त वर्जित है। कृपया कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपने फोन को बंद कर देते हैं। ऐसे अनुवादकों और / या शब्दकोशों के रूप में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों प्रशिक्षक की अनुमति के साथ अनुमति दी जाती है। हालांकि, वे 2000 किसी भी शोर है कि अन्यथा वर्ग को परेशान या अनुदेश, जैसे, कोई beeping, शब्द उच्चारण के लिए जोर मात्रा, आदि को बाधित कर सकता है बिना कार्य करने के लिए सेट किया जाना चाहिए
टिप्पणी, सुझाव, और प्रशंसापत्र
संकाय और ESL / ELA कार्यक्रम के कर्मचारियों को सबसे अच्छा संभव शिक्षा और ए-राज्य में हमारे साथ अपने समय के दौरान अनुभव के साथ उपलब्ध है, आप, छात्र उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम किसी भी टिप्पणी, सुझाव, या सवाल आप उस ESL / ELA कार्यक्रम के सुधार के लिए नेतृत्व कर सकते हैं हो सकता है आपका स्वागत है। हम भी अपने सकारात्मक टिप्पणी (प्रशंसापत्र) ESL / ELA कार्यक्रम के बारे में पढ़ने के लिए चाहते हैं।
तुम एक टिप्पणी या सुझाव बनाने के लिए या एक प्रशंसापत्र देने के लिए करना चाहते हैं, तो आप टिप्पणी / सुझाव / प्रशंसापत्र फार्म पूरा करके ऐसा कर सकते हैं। अपने विचारों को प्रस्तुत करने के लिए, वैश्विक पहल के कार्यकारी निदेशक या ELA पाठ्यक्रम समन्वयक ईमेल करें।
संचार और घोषणाएँ
महत्वपूर्ण घोषणाओं और अर्कांसस राज्य विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सामान्य संचार छात्र ई-मेल के माध्यम से भेजा जाता है।इसलिए, सभी छात्रों को उनके छात्र ई-मेल खातों को सक्रिय करने और समय समय पर जांच ई-मेल करना चाहिए।विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की छात्र सेवाओं, जैसे पुस्तकालय, छात्र खातों, आदि के रूप में, केवल छात्रों के लिए छात्र ई-मेल के माध्यम से संवाद। छात्र खुद सूचित रखने के लिए आखिर जिम्मेदार हैं।
शिकायतें
अरकंसास स्टेट यूनिवर्सिटी में छात्रों के शैक्षणिक और सामाजिक उपलब्धि की बेहतरी के लिए गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने की अंग्रेजी सीखना अकादमी (ELA) प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। केंद्र के निदेशक, संकाय, और कर्मचारियों को आप, छात्र, आरामदायक और विश्वास है कि आ 2000 प एक पोषण और देखभाल के माहौल में सबसे अच्छा अनुभव प्रदान की जा रही हैं होना चाहता हूँ। आदेश में विश्वास दिलाता हूं कि अपनी आवश्यकताओं से मुलाकात की जा रही है, छात्रों को आधिकारिक शिकायत प्रस्तुत करने के लिए अगर उन्हें लगता है इस कार्यक्रम में सुधार के लिए कमरा है कहा जाता है।
इला छात्र शिकायत पॉलिसी इला FormalStudent शिकायत प्रपत्र
ईएसएल / इला कार्यक्रम ग्रेडिंग
छात्रों को सभी शोध पूरा करने और सभी कार्य, क्विज़, और परीक्षा दी पर 80% या उससे अधिक की एक औसत पाठ्यक्रम ग्रेड बनाए रखना चाहिए। आप एक नियमित आधार पर अपनी प्रगति पर अपने प्रशिक्षकों से रिपोर्ट और प्रतिक्रिया दी जाएगी। इसके अलावा, आप अपने प्रशिक्षक से एक मध्य सत्र और सत्र ग्रेड रिपोर्ट के अंत में प्राप्त होगा। अपने ग्रेड की समीक्षा करें और अगर वहाँ एक समस्या है, पहले अपने प 1ffe ्रशिक्षक से परामर्श करें। अगर समस्या का समाधान नहीं है, आप वैश्विक पहल के कार्यकारी निदेशक या पाठ्यक्रम समन्वयक से संपर्क कर सकते हैं।
ईएसएल / इला कार्यक्रम में एडवांसमेंट
ईएसएल / इला कार्यक्रम या कार्यक्रम से स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए अगले स्तर पर प्रगति के पालन पर निर्भर करता है:
- सत्र में उठाए गए सभी वर्गों के सफल समापन - छात्रों को सभी शोध, उपस्थिति, परीक्षा, और क्विज़ पर 80% या उससे अधिक की एक न्यूनतम के साथ प्रत्येक पाठ्यक्रम से गुजरना होगा।
- उन्नति के लिए न्यूनतम स्कोर ITEP की उपलब्धि
- ईएसएल / इला कार्यक्रम के 5 स्तर के पूरा होने पर, छात्रों को आगे कोई अंग्रेजी दक्षता की परीक्षा के साथ प्रवेश करने के लिए स्नातक कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं (यानी टॉफेल या आईईएलटीएस स्कोर) के बाद की आवश्यकता को पूरा प्रदान की:
- 80% या अधिक दक्षता के सा 1ffe थ ईएसएल / इला कार्यक्रम के 5 स्तर के - स्नातक प्रवेश के लिए
- 90% या अधिक दक्षता के साथ ईएसएल / इला कार्यक्रम के 5 स्तर के पूरा - स्नातक प्रवेश के लिए
छात्रों को भी अध्ययन है जिसमें वे प्रवेश करने की इच्छा के कार्यक्रम के लिए आवश्यक कोई अतिरिक्त प्रवेश आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
अंग्रेजी उपयोग नीति
जितना संभव हो उतना अंग्रेजी बोलो! अपनी पढ़ाई के लिए यह महत्वपूर्ण है और समय की सबसे यहाँ ईएसएल / इला कार्यक्रम और अमेरिका में आपके प्रवास को अपने अंग्रेजी कौशल का अभ्यास नहीं सब बर्बाद मत करो। यहाँ तुम एक दुनिया भर के स्थानीय स्तर पर लोगों से मिलने का अवसर मिला हैं संयुक्त राज्य अमेरिका में यहाँ किया जा रहा है। हालांकि, अगर आप केवल अपने मूल भाषा बोलते हैं ऐसा लगता है जैसे आप कभी अपने देश को छोड़I नहीं है। अगर आप इस अवसर का लाभ उठाने और अं 2000 ग्रेजी बोलते हैं जब भी आप कर सकते हैं। इसके अलावा, केवल अंग्रेजी ईएसएल / इला कक्षाओं में अनुमति दी है।
समाचार!
एक छात्र अगर वह या वह स्प्रिंग सेमेस्टर में आता है इससे पहले कि वह / वह अगले वर्ष में एक छुट्टी / तोड़ के रूप में गर्मियों के सत्र लेने के लिए पात्र हो जाते हैं दोनों ग्रीष्मकालीन सत्र में भाग लेने के लिए आवश्यक हो जाएगा। | HPLT2.0 | 1,802 |
ईएसएल / अंग्रेजी सीखना अकादमी कार्यक्रम आवेदकों क 2000 ो भर्ती के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करना चाहिए ।
1. मिलिए प्रवेश मानदंड
समीक्षा प्रवेश के मानदंडों को सुनिश्चित करें कि आप एक लाल वुल्फ बनने के लिए योग्य हो!
2. एक दूसरी भाषा के रूप में अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी आवेदन को पूरा करें और $ 40 शुल्क का भुगतान करें ।
आवेदन
कोई भी बैंक ड्राफ्ट, तार स्थानान्तरण या आवेदन शुल्क छूट स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
नोट: यदि आप इस तरह के ईएसएल + स्नातक के रूप में एक कार्यक्रम में सशर्त प्रवेश के लिए आवेदन कर रहे हैं, केवल एक ईएसएल आवेदन जरूरत है। वहां क्या आप ईएसएल के बाद का अध्ययन करना चाहते हो आवेदन पर एक सवाल होगा, और हम अधिसूचित कर रहे हैं ।
3. सही दस्तावेजों को इकट्ठा कर और उन्हें अपलोड यहाँ या उन्हें मेल
सेवा करे:
अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश
102 NorthCaraway Road
Jonesboro, AR 72401 | HPLT2.0 | 195 |
अर्कांसस राज्य विश्वविद्यालय में 2000 ईएसएल / TICE कार्यक्रम में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्र को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
भाषा प्रशिक्षण केवल
ईएसएल/ TICE के लिए प्रवेश के मानदंडों:
- अंग्रेजी में अनुवाद के साथ मूल भाषा में हाई स्कूल डिप्लोमा के अधिकारी की नकल।
- अंग्रेजी में अनुवाद के साथ मूल भाषा में उच्च विद्यालय के टेप के अधिकारी की नकल। न्यूनतम आवश्यक ग्रेड अंक औसत 2.3 / 4.0 है।
- शैक्षणिक टेप / ग्रेड रिपोर्ट और स्नातक प्रमाण पत्र / डिप्लोमा / डिग्री शीट के सभी जारी करने वाले अधिकारियों से मूल टिकट होनी चाहिए और उनके मुहरबंद लिफाफे में आना चाहिए।
न्यूनतम आयु आवश्यकता
अगर 18 वर्ष की आयु के तहत आवेदक है, तो वे एक ईमेल भेजा जाएगा कि वे बंद परिसर में एक मकान किराए पर या एक बैंक खाता खोलने के लिए सक्षम नहीं होगा । इस प्रकार, वे पर परिसर में रहने के लिए की आवश्यकता होगी, और वे अपने छात्र खाते में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए सहकर्मी स्थानांतरण का उपयोग करने की आवश्यकता होगी।
प्रोग्राम प्रस्ताव सशर्त प्रवेश
सभी स्नातक (स्नातक) कार्यक्रम, स्वास्थ्य और नर्सिंग क्षेत्र में कुछ कार्यक्रमों के अपवाद के साथ। संपर्क करेंinternational@astate.edu यदि आप अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य या नर्सिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं।
ग्रेजुएट (मास्टर) प्रोग्राम है कि भाग लेने के इस प्रकार हैं:
- लेखांकन
- कृषि गैर थीसिस ट्रैक
- बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
- रसायन विज्ञान
- संचार अध्ययन
- कंप्यूटर विज्ञान
- अभियांत्रिकी प्रबंधन
- व्यायाम विज्ञान
- पत्रकारिता
- अंक शास्त्र
- संगीत
- रेडियो टेलीविजन
- शारीरिक शिक्षा
- राजनीति विज्ञान
- सार्वजनिक प्रशासन
- खेल प्रशासन | HPLT2.0 | 369 |
अर्कांसस 1fff राज्य में भर्ती होने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय स्नातक छात्रों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा।
शैक्षिक मानदंड
अंतरराष्ट्रीय आवेदकों को स्नातक प्रवेश के लिए निम्नलिखित प्रदान करना होगा:
- विश्वविद्यालय डिप्लोमा या स्नातक स्तर की पढ़ाई अनंतिम प्रमाण पत्र की कॉपी कॉ स्नातक की डिग्री अंग्रेजी भाषा में अनुवाद के साथ सम्मानित किया जाएगा.
- सभी विश्वविद्यालय टेप की कॉपी 2.75 / 4.0 की एक न्यूनतम GPA के साथ अंग्रेजी में प्रदान करना होगा (कुछ कार्यक्रमों में अधिक GPA आवश्यकता हो सकती है)
- सभी विश्वविद्यालय टेप की कॉपी अंग्रेजी में अनुवाद के साथ मूल भाषा में अनुवाद के साथ प्रदान करना होगा । न्यूनतम आवश्यक ग्रेड बिंदु औसत (जीपीए) 2.75 /4.0 ग्रेजुएट स्कूल के लिए है। जीपीए की आवश्यकता है और प्रवेश के लिए समय सीमा परिवर्तन के अधीन हैं। संबंधित कार्यक्रम के वेबपेज को देखें। सशर्त प्रवेश स्नातक कार्यक्रम में प्रवेश की गारंटी नहीं है।
- शैक्षणिक टेप / ग्रेड रिपोर्ट और स्नातक प्रमाण पत्र / डिप्लोमा / डिग्री शीट के सभी जारी करने वाले अधिकारियों से मूल टिकट होनी चाहिए और उनके मुहरबंद लिफाफे में आना चाहिए।
प्रत्येक स्नातक कार्यक्रम उपरोक्त मानदंडों से परे प्रवेश के मानदंडों हो सकता है। प्रत्येक कार्यक्रम के विशिष्ट मानदंडों को देखने के लिए, से अपने वांछित प्रोग्राम का चयन मास्टर स्नातक कार्यक्रमों की सूची ।
अंग्रेजी दक्षता का सबूत
आने वाले अंतरराष्ट्रीय स्नातक छात्रों को न 2000 िम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
* ध्यान दें: A-STATE का कोड 6011 है
** टेस्ट स्कोर 5 साल से पुराना नहीं होना चाहिए, और कुल स्कोर और अनुभाग स्कोर एक ही बैठक (एक परीक्षण की तारीख) से आना चाहिए।
जिसका देशों के नागरिकों आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है उस के लिए अंग्रेजी निपुणता की आवश्यकता माफ कि जा सकती है। निर्णय आवेदन और अकादमिक रिकॉर्ड की समीक्षा करने पर प्रवेश समिति द्वारा किया जाएगा।
- ऑस्ट्रेलिया
- बहामा
- बारबाडोस
- बेलीज
- ब्रिटिश वर्जिन आइसलैण्ड्स
- कनाडा (क्यूबेक को छोड़कर)
- डोमिनिका
- घाना
- आयरलैंड
- नाइजीरिया
- न्यूजीलैंड
- दक्षिण अफ्रीका
- यूनाइटेड किंगडम | HPLT2.0 | 468 |
अर्कांसस राज्य विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय स्नातक प्रवेश करने के लि 2000 ए आपका स्वागत है। यह अनुभागमें एक-राज्य के स्नातक कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए विस्तृत निर्देश और जानकारी शामिल है।
दुनिया को अर्कांसस राज्य में लाने
एक विश्वविद्यालय जो दक्षिण में सबसे अच्छा स्थान पर रहा है । एक शहर है कि तेजी से बढ़ रहा है और अपने गृहनगर विश्वविद्यालय गले लगाती है। विविध गतिशील, और मैत्रीपूर्ण समुदाय अपने ही कहते हैं। अध्ययन के 156 क्षेत्रों। देखभाल संकाय सदस्यों जो अपने छात्रों को प्रेरित करने के लिए अतिरिक्त मील जाने के लिए तैयार है । 60,000 से अधिक पूर्व छात्रों जो दुनिया भर में समुदायों को बदलने के लिए जारी है। 200 से अधिक छात्र संगठनों, 16 NCAA श्रेणी 1 टीमों, और सब बातों के लिए रेड वूल्व्स में असीमित जुनून। | HPLT2.0 | 181 |
अर्कांस 2000 स राज्य में भर्ती होने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय आने वाले नए निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा।
शैक्षिक मानदंड
अंग्रेजी में अनुवाद के साथ मूल भाषा में हाई स्कूल डिप्लोमा के टेप के अधिकारी की नकल। न्यूनतम आवश्यक ग्रेड अंक औसत 2.3 / 4.0 है।
शैक्षणिक टेप / ग्रेड रिपोर्ट और स्नातक प्रमाण पत्र / डिप्लोमा / डिग्री शीट के सभी जारी करने वाले अधिकारियों से मूल टिकट होनी चाहिए और उनके मुहरबंद लिफाफे में आना चाहिए।
अंग्रेजी में प्रवीणता
आने वाले अंतरराष्ट्रीय स्नातक छात्रों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
* ध्यान दें: ASTATE का कोड 6011 है
** टेस्ट स्कोर 5 साल से पुराना नहीं होना चाहिए, और कुल स्कोर और अनुभाग स्कोर एक ही बैठक (एक परीक्षण की तारीख) से आना चाहिए।
जिसका देशों के नागरिकों आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है उस के लिए अंग्रेजी निपुणता की आवश्यकता माफ कि जा सकती है। निर्णय आवेदन और अकादमिक रिकॉर्ड की समीक्षा करने पर प्रवेश समिति द्वारा किया जाएगा।
- ऑस्ट्रेलिया
- बहामा
- बारबाडोस
- बेलीज
- ब्रिटिश वर्जिन आइसलैण्ड्स
- कनाडा (क्यूबेक को छोड़कर)
- डोमिनिका
- घाना
- आयरलैंड
- नाइजीरिया
- न्यूजीलैंड
- दक्षिण अफ्रीका
- यूनाइटेड किंगडम
स्थानांतरित अंतर्राष्ट्रीय छात्रों
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के हस्तांतरण अंग्रेजी में अनुवाद के साथ मूल भाषा में सभी विश्वविद्यालय टेप के एक अधिकारी प्रतिलिपि प्रस्तुत करना होगा। न्यूनतम आवश्यक ग्रेड बिंदु औसत (जीपीए) 2.00 / 4.0 अर्कांसस राज्य विश्वविद्यालय के लिए कुल संक्रमणीय घंटे पर है।
स्थानांतरण अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को भी आने वाले नए छात्रों की तरह अंग्रेजी दक्षता को पूरा करना होगा, ऊपर सूचीबद्ध अनुसार।
न्यूनतम आयु आवश्यकता
अगर 18 वर्ष की आयु के तहत आवेदक है, तो वे एक ईमेल भेजा जाएगा कि वे बंद परिसर में एक मकान किराए पर या एक बैंक खाता खोलने के लिए सक्षम नहीं होगा । इस प्रकार, वे पर परिसर में रहने के लिए की आवश्यकता होगी, और वे अपने छात्र खाते में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए सहकर्मी स्थानांतरण का उपयोग करने की आवश्यकता होगी। | HPLT2.0 | 450 |
महाविद्यालय में आवेदन के लिए एक रोमांचक अनुभव है, और हम रोमांचित हैं कि आप अर्कांसस राज्य विश्वविद्यालय पर विचार कर रहे हैं। हम आपके सवालों के जवाब देने के लिए सब कुछ संभव करने के लिए चाहता हूँ, और ASTATE प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से मार्गदर्शन, और परिचय कराना।
दुनिया को अर्कांसस राज्य में लाने
एक विश्वविद्यालय जो दक्षिण में सबसे अच्छा स्थान पर रहा है । एक शहर है कि तेजी से बढ़ रहा है और अपने गृहनगर विश्वविद्यालय गले लगाती है। विविध गतिशील, और मैत्रीपूर्ण समुदाय अपने ही कहते हैं। अध्ययन के 156 क्षेत्रों। देखभाल संकाय सदस्यों जो अपने छात्रों को प्रेरित करने के लिए अतिरिक्त मील जाने के लिए तैयार है । 60,000 से अधिक पूर्व छात्रों जो दुनिया भर में समुदायों को बदलने के लिए जारी है। 200 से अधिक छात्र संगठनों, 16 NCAA श्रेणी 1 टीमों, और सब बातों के लिए रेड वूल्व्स में असीमित जुनून। | HPLT2.0 | 196 |
/बहुत सारे ब्लॉगर इस post के लिए wait कर रहे थे और कुछ लोगों ने पूछा भी कि Bloglon की Fourth Traffic and Income Report February 2017 वाली post कब आएगी ? Actually कुछ months पहले में अपनी traffic report next month की starting में show करता था लेकिन कुछ specific reason की वजह से मैंने पिछले महीने से ये decide किया है कि इस तरह की post next month की 15 से 20 तारीख के बीच ही share करना है। आज इस post में आपके बीच February month 2017 की Adsense income report और affiliate marketing income report share करने जा रहा हूँ।
Fourth Traffic and Income Report February 2017
यदि अभी कुछ समय पहले की बात की जाये तो इस बार Google ने all bloggers के बीच बहुत भयानक डर पैदा कर दिया है क्योंकि google लगातार अपनी algorithm को update करता रहता है ये कोई नयी बात नहीं है लेकिन कुछ ब्लॉगर के लिए algorithm update real में बहुत बड़ा हादसा साबित हुआ है।
Google हमेशा से बोलता आया है कि यदि Webmaster guidelines को follow करते हुए अपने blog को manage नहीं करोगे तो आपके blog के साथ हमारी algorithms के द्वारा किसी भी प्रकार कि दया नहीं दिखाई जाएगी और इस बार भी वाही हुआ जो लोग event blogging करते थे उनमें से कुछ blog इस google update की वजह से permanently dead हो चुके हैं, ऐसा उन्ही blogs के साथ हुआ है जो event blog को search engine में रैंक कराने के लिए totally black hat seo का use करते हैं।
अब ये भी सच नहीं है कि सिर्फ event blogs पर ही इस update का असर देखने को मिला हो बल्कि इसका असर Long term blogging पर भी कुछ हद तक देखने को मिला है।
जिन लोगों के blogs पर Webmaster rules को follow किया गया है उनको भी 2-3 दिन तक थोड़ा से असर को झेलना पड़ा है लेकिन दो तीन दिन के बाद traffic फिर से अपनी position पर आ गया था। इस algorithm update की वजह से genuine blogs को बहुत फायेदा हुआ क्योंकि उनका traffic boost हुआ है।
हम तो यही कहेंगे कि Google महाराज आप ऐसे ही अपनी algorithms को update करते रहिये जिससे दिन रात मेहनत करने वाले ब्लॉगर आगे बढ़ सकें और जो कुछ दिनों में ही लखपति बनना च
8000
ाहते हैं उन्हें उनके इस भ्रम के बारे में अच्छे से समझ आ जाये।
February 2017 Traffic Report :
इस समय मैंने देखा है कि जो Hinglish में blogging करते थे उनमें से ज्यादतर हिंदी में blogging करने लगे हैं और इसका reason उन्होंने ये माना है कि Google अब search result में Hinglish content को top पर show नहीं करता बल्कि Hindi content को top पर show करता है। ऐसा सिर्फ कुछ ही लोग सोच रहे हैं।
जो लोग hinglish में blogging कर रहे हैं उनके लिए में बता दूँ आपको इस तरह के भ्रम में पड़ने की कोई जरुरत नहीं है ऐसा बिलकुल नहीं कि अब Hinglish content top पर show नहीं होता, इसके लिए में अलग से post लिखने वाला हूँ जिसमें with proof और with reason के बताऊंगा कि ये भ्रम क्यों फैला है और अपनी content की language change करके आप कितनी बड़ी opportunity को खोने जा रहे हैं।
इतना बड़ा भ्रम होना कहीं ना कहीं आपके poor blogging experience की पराकास्ठा को प्रदर्शित करने का काम करता है, बेहतर होगा blogging समझिये क्योंकि ये सिर्फ blog पर post डालने भर से complete नहीं होती बल्कि इसके आगे भी बहुत सारे factor होते हैं जिन्हें complete किये बिना हम search result में top position पर स्थिर नहीं रह सकते।
चलिए अब इस topic को यही छोड़ते हैं और इसे new post में बेहतर तरीके से समझाऊंगा। अब बात करते हैं February 2017 में Bloglon पर देखे गए traffic and income के बदलाव के बारे में।
सायद उस दिन की date 17 January 2017 थी जब all ब्लॉगर socked थे क्योंकि उस दिन सभी blogs की Alexa rank इतनी ख़राब हुयी कि वो ख़राब स्थिति में double position पर पहुँच गयी, जैसे उस समय इस blog की alexa rank 2.5K थी लेकिन 17 January के बाद 4.5K हो गयी थी।
ये real में सभी को चोंकाने वाला दिन था चाहे वो English Blogger हो HINDI या Hinglish सभी की alexa rank damage होकर दुगनी हो चुकी थी। जिसकी वजह मैंने निकाली तो पता चला कि ये सिर्फ low quality backlinks की वजह से थी क्योंकि यही वो समय था जब alexa ने blog की rank को PA DA के हिसाब से re-crawl करना start कर दिया था।
ये वो समय था जब alexa rank तो ख़राब हुयी थी लेकिन blog traffic पर कोई negative effect देखने को नहीं मिला बल्कि organic traffic पहले की तरह ही day by day improve हो रहा था।
किसी भी new blog के लिए traffic के लिए fight करना real में blogging का सबसे बड़ा challenge होता है क्योंकि यही वो step है जो जिसे पूरा करने में हमें काफी time लगता है।
इस महीने में भी blog के organic traffic में अच्छा improvement हुआ है और में उम्मीद कर रहा हूँ कि बहुत ही जल्दी हम high traffic blog की list में सामिल होंगे। जिसे आप नीचे दिए गए screen shot में देख सकते हैं –
February 2017 website income report:
इस month में पिछले month की अपेक्षा थोड़ी कम income हुयी है जिसकी बड़ी वजह है ads की CTR का कम होना है वैसे इस बार की average cpc $0.3 रही जो कि काफी ठीक है। इस बार मैंने कुछ ads unit कम किये हैं और placement में भी changes किये हैं सायद इसी वजह से CPC increase हुयी और CTR कम हो कम हुयी है। इस बार affiliated earning पिछले महीने की अपेक्षा काफी अच्छे से improve हुयी है जिसके लिए में काफी समय से try कर रहा था।
अब मुझे लगने लगा है कि Hindi blogging के साथ साथ थोड़ा extra work किया जाये तो affiliated marketing भी बहुत अच्छा revenue source हो सकता है। और हमारा main income source paid service है जिससे हमारी monthly income boost होती है।
Adsense Earning – $419.70 – 27444.39 Rs.
Affiliate Income – $389.25 – 25451.11 Rs.
Paid Service Income – $309.00 – 20194.69 Rs.
Total Online Income – $1117.95 – 73097.16 Rs.
दोस्तों हम आप लोगों को पहले भी बताते आये हैं कि यदि आप blogging को समझने में real में hard work करोगे और सही तरीके से सही समय पर अपनी खुद की strategy को implement करते हुए blogging करोगे तो आप खुद को top पर आते देखोगे, लेकिन हाँ ये भी बहुत बड़ा सच है कि बीच बीच में आपके सामने बहुत सारी problems आयेंगीं उनसे से fight करके आगे बढ़ना होगा तभी आप अपनी मंजिल को करीब से महशूश कर पाएंगे।
अब में आपसे एक request करना चाहूँगा कि में monthly income report share करता हूँ फिर भी कुछ लोग income पूछते हैं ये बिलकुल ठीक नहीं लगता, एक ही चीज के बारे में बार बार individually नहीं पूछना चाहिए। तो दोस्तों March month की income report next month की 15-20 तारीख के something share की जाएगी। यदि आपको February 2017 ANGEL INFO TECH LTD Fourth Traffic and Income Report कैसी लगी इसके बारे में आप comment करके बता सकते हैं। | HPLT2.0 | 1,473 |
नवादा के गोविंदपुर गांव में आरजेडी समर्थकों द्वारा हंगामे की खबर आ रही है. पुलिस ने उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए लाठीचार्ज किया तो उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर ही पथराव शुरू हो गया. इसके बाद दोनों तरफ से हवाई फायरिंग भी हुई जिसमें एक महिला घायल भी हो गई. बता दें कि इसी सीट से बीजेपी के गिरिराज सिंह चुनाव लड़ना चाहते थे. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोविंदपुर गांव की घटना है. यहां पर एक मतदान केंद्र के बाहर लोगों में आपसी झड़प हुई उसके बाद मामला पत्थरबाजी तक पहुंचा और बाद में आरोपियों ने हवाई फायरिंग भी की. | HPLT2.0 | 128 |
सरकार नई है, प्रधानमंत्री वहीं हैं लेकिन सत्ता में केंद्र बदल गए हैं. रायसीना हिल पर हलचल तेज़ हो गई है. जब चर्चा हुई कि अब 6 नहीं 8 कैबिनेट समिति होंगी तो सबने सोचा ये मोदी सरकार का ज़ोर है रोज़गार, स्किल डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था पर. लेकिन जब सदस्यों की सूची आई तब लगा कि कहानी में थोड़ा और ट्विस्ट है. सरकार में नंबर 2 पोजीशन पर कार्यरत राजनाथ सिंह, जिन्हें हाल ही में गृह से रक्षा मंत्रालय भेजा गया है. उनका नाम CCPA यानी की कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफ़ेयर्स में था ही नहीं. इतना ही नहीं उनका नाम आठ में से सिर्फ़ 2 समितियों में ही है. राजनाथ मोदी के पिछले शासनकाल में 6 में से 6 समितियों में थे. दरअसल इसको समझा कुछ इस तरीके से जाना चाहिए. जब मंत्रिमंडल में फ़ोन करने की बात आई तो वो फ़ोन किसने किया? अमित शाह ने. मंगलवार को जब 4 मंत्रियों की एक बैठक बुलाई गई तो वो किसके दफ़्तर में थी? अमित शाह के. और आठ में से आठों कैबिनेट समितियों में किसका नाम है. प्रधानमंत्री खुद 6 में ही हैं. जी हां अमित शाह का. तो अब आप समझ लीजिए कि रायसीना हिल का नया शाह कौन है? | HPLT2.0 | 240 |
देश में कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. भारत सरकार ने 8 कैबिनेट कमेटियों का दोबारा गठन किया है. इसमें गृह मंत्री अमित शाह सभी 8 कैबिनेट समितियों में शामिल हैं वहीं राजनाथ सिंह को 6 कमेटियों में शामिल नहीं किया गया है. इन कमेटियों में अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट, कैबिनेट कमेटी ऑन अकोमडेशन, कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी, कैबिनेट कमेटी ऑन इनवेस्टमेंट एण्ड ग्रोथ, कैबिनेट कमेटी ऑन इम्पलॉयमेंट एण्ड स्किल डेवलेपमेंट शामिल हैं. इसमें अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट का कंपोजीशन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास रहेगा. | HPLT2.0 | 181 |
पुलवामा शहीदों के परिवारों से किया वादा नहीं निभा पाई मोदी सरकार, 40 में से सिर्फ 12 परिवारों को नौकरी की पेशकश
गृह मंत्रालय से मिले आरटीआई के एक जवाब से सामने आया है कि शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में से सिर्फ 12 के परिवारों को ही नौकरी की पेशकश की गई है, वह भी सिर्फ राज्य सरकारों द्वारा। केंद्र सरकार की तरफ से इस बारे में कोई पेशकश नहीं की गई है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों की हर संभव मदद करने का वादा किया था, लेकिन आरटीआई से साफ हुआ है कि सरकार इस मोर्चे पर एक बार फिर नाकाम साबित हुई है।
ध्यान रहे कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह और तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण तक सभी ने इस हमले का बदला पाकिस्तान से लेने का ऐलान किया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि हमले के बाद अगले दो दिनों तक किसी ने भी इस आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों का कोई जिक्र नहीं किया था।
ऐसे में चौंकने वाली बात नहीं है कि पुलवामा हमले को चुनावी फायदे के लिए राष्ट्रवाद का मुलम्मा पहनाने में जुटी मोदी सरकार ने शहीदों और उनके परिवारों को न तो कोई माकूल मुआवजा दिया, और न ही किसी को नौकरी मिली।
गृह मंत्रालय से मिले आरटीआई के एक जवाब से सामने आया है कि शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों में से सिर्फ 12 के परिवारों को ही नौकरी की पेशकश की गई है, वह भी सिर्फ राज्य सरकारों द्वारा। केंद्र सरकार की तरफ से इस बारे में कोई पेशकश नहीं की गई है।
गौरतलब है कि देश में हुए आत्मघाती आतंकी हमलों में से एक पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे, जब एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी गाड़ी उनके काफिले से टकरा दी थी।
जिन 12 परिवारों को नौकरी की पेशकश हुई है, उनमें से 9 उत्तर प्रदेश की हैं, जबकि एक जवान का परिवार केरल में और एक का असम में रहता है। याद दिला दें कि इस हमले में सबसे ज्यादा जवान उत्तर प्रदेश से ही शहीद हु 7ff7 ए थे। आरटीआई एक्टिविस्ट ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उसने मंत्रालय से ऐसे परिवारों के पते और कांटेक्ट नंबर मांगे थे, ताकि सरकार के दावे की पुष्टि की जा सके। लेकिन सरकार ने सुरक्षा कारणों से यह पते और नंबर देने से इनकार कर दिया।
इसके अलावा पुलवामा हमले के 36 घंटे के भीतर ही ‘वीर भारत कोर’ फंड में करीब 7 करोड़ रुपए जमा हो गए थे। वैसे इस फंड में अगस्त 2019 तक 258 करोड़ रुपए जमा थे। इस फंड का मकसद शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाना है। लेकिन, आरटीआई जवाब के मुताबिक, इसमें से सिर्फ 5 करोड़ 68 लाख रुपए ही शहीदों को परिवारों में बांटे गए हैं। यानी एक परिवार औसतन करीब 15 लाख रुपए की मदद दी गई है।
ध्यान रहे कि इस फंड में दान के लिए बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार तक ने लोगों से दान देने की अपील की थी। वहीं तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इस फंड का मकसद हर परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपए की मदद करना है। लेकिन आरटीआई जवाब से साफ होता है कि सरकार ने मुट्ठी भर पैसा ही शहीदों के परिवारों को दिया है।
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- RTI on Pulwama Attack | HPLT2.0 | 697 |
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