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जयपुर Horoscope Today 19 May 2022: आज इन 3 राशि वालों को मिलेगा सितारों का साथ, धन लाभ होने के संकेत Horoscope Today 19 May 2022: आज इन 3 राशि वालों को मिलेगा सितारों का साथ, धन लाभ होने के संकेत Pandit Mukesh Shastri 2022/05/19 08:26 मेष(Aries): यदि आप कार्यक्षेत्र में ज्यादा उलझनें महसूस कर रहे हों तो उसके लिए भी आपका रास्ता साफ होने जा रहा है. आज के दिन की सफलता के लिए ॐ हरये नमः मन्त्र का जाप करे. वृष(Taurus): काफी लंबे अर्से के बाद आज का दिन सुख प्रदान करने वाला रहेगा, आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. उलझे हुए मैटर्स आज सुलझ सकते हैं. आज के दिन के सफलता के लिए माता पिता की परिक्रमा करके घर से निकले. मिथुन(Gemini): आज अपने आप को समय के हवाले कर दे, जो होता है, जैसा होता है उसे स्वीकार करते जाये उसी में आज आपकी भलाई है. आज के दिन के सफलता के लिए बेसनले लड्डू बच्चो में बांटे. कर्क(Cancer): आज पिछले दिनों किये गए प्रयासों के कारण पेंडिंग पड़े सभी मसले एक-एक करके हल होते नजर आएंगे. आज के दिन की सफलता के लिए गौ माता की सेवा करे. सिंह(Leo): आज के दिन जिस काम में आप को हाथ डालेंगे उसी कार्य में प्राप्त होगी. सर्दी जुखाम से बचे. आज के दिन के सफलता के लिए अपने पितरों के तस्वीर के समक्ष देशी घी का दीपक जलाये. कन्या(Virgo): आज का दिन आज कल करने में नहीं बिताये. दबाव रहित होकर काम को अमल में लाने के लिए भरसक प्रयास करे. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी मिश्रित दूध का सेवन अवश्य करे. तुला(Libra): आज ज़्यादा जल्दबाजी, उतावलापन,जोख़िम उठाने की प्रवत्ति, ओवर कॉन्फिडेंस से अपने आप को दूर रखने का प्रयास करे. आज के दिन के सफलता के लिए विष्णु मंदिर में इत्र का दान करे. वृश्चिक(Scorpio): आज अगर अपने ही बलबूते पर आगे पैर बढ़ाना चाहते हैं तो कमर कस लीजिये क्यूंकि आगे बहुत मेहनत करनी है. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी की गांठ अपने पास रखें. धनु(Sagittarius): कुछ बढ़ते हुए काम का बोझ आपको आज सारे दिन बिजी रखेगा लेकिन धैर्य और सुकून बनाए रखें. आज के दिन की सफलता के लिए केले के पौधे की पूजा परिक्रमा करे. मकर(Capricorn): पिछले कई महीनों से आप तनावग्रस्त और परेशानी के माहौल में रहने के कारण आपकी हिम्मत फ्रीज हो गई थी, लेकिन आज का दिन इन सबके दबाव से मुक्त रहेगा. आज के दिन की सफलता के लिए चनेकी दाल का सेवन करे. कुंभ(Aquarius): आज अपने कारोबार से प्रॉफिट बटोरने का दिन है. सुबह से ही अच्छे मेसेज और फोनकाल आपके लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आज के दिन की सफलता के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करे. मीन(Pisces): कुछ जद्दोजहद और परेशानी से भरा दिन रह सकता है लेकिन आपकी सकरात्मक सोच आज आपकी मदद करती रहेगी. आज के दिन की सफ़लता के लिए विष्णु मंदिर में कमल का पुष्प अर्पण करे. Rashifal today rashifal 2022 today in hindi today rashifal 2022 rashifal horoscope 2022 horoscope hindi horoscope in hindi horoscope rashifal 2022 in hindi rashifal in hindi 2022 ka rashifal predictions astrology aaj ka rashifal today rashifal rashifal aaj ka 2022 rashifal hindi rashifal astrology today in hindi
Relief from the sun, Kankanee made disaster धूप से मिली राहत, कनकनी बनी आफत पछिया हवा के कारण कनकनी आफत बनी हुई है। Publish Date:Mon, 16 Jan 2017 01:43 AM (IST)Author: दरभंगा। जारी ठंड के बीच धूप खिलने से राहत के बावजूद पछिया हवा के कारण कनकनी आफत बनी हुई है। इसके कारण लोगों की परेशानी बनी रही। रविवार की सुबह धूप खिलते ही कहर में कमी की उम्मीद थी। लेकिन, सर्द हवा चलने के कारण आफत की स्थिति बनी रही। वृद्धों व बच्चों के लिए संकट का समय बरकरार रहा। जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश होती रही। स्कूलों में छुट्टी होने से राहत रही। उधर, धूप निकलने से हर वर्ग के लोगों को सहूलियत हुई। लोगों ने धूप का आनंद लिया। सड़क पर भी चहल पहल रही। लोग घरों से निकले तथा अपना कामकाज निपटाया। वहीं शाम होते ही कनकनी का कहर शुरू हो गया। रविवारी की छुट्टी के कारण बाजार में भी चलह-पहल अपेक्षाकृत कम दिखी। वैसे मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद ठंड में कमी आने की संभावना रहती है। केवटी संवाद सहयोगी के मुताबिक, जारी ठंड का जनजीवन प्रभावित रहा। पछिया हवा व कनकनी स कठिनाई बनी रही। दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 105, मब्बी-कमतौल एसएच 75, रनवे-रैयाम, रैयाम-छतवन तथा छतवन-तारसराय आदि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही। ¨सहवाड़ा संवाद सहयोगी के अनुसार, सर्द हवा व ठंड से जनजीवन प्रभावित रहा है। बाजारों मे चहल पहल कम रही। धूप निकलने से राहत रही। लेकिन, शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। ठंड के कारण व्यवसाय भी प्रभावित है। जानवर परेशान हैं, पशुपालक अलाव की व्यवस्था में लगे रहे। हायाघाट संस के मुताबिक, ठंड के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। वैसे दोपहर में धूप खिल जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। खुले आसमान के नीचे रहने वालों की परेशानी बरकरार है।
सुजानगढ़ व बीदासर पंचायत समिति की अधीनस्थ ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने ग्रामीण विकास में आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रेस वार्ता की। मालासी सरपंच विश्वजीत कस्वां के आह्वान पर होटल सत्यम में आयोजित प्रेस वार्ता में करीब एक दर्जन सरपंच पंहूचे। मीडिया से वार्ता करते हुए मालासी सरपंच विश्वजीत कस्वां ने कहा कि ग्राम पंचायतों के ई टेण्डर अप्रांसगिक है, इसके बाद भी होते हैं तो ग्राम पंचायत के स्तर पर हों। ब्लॉक स्तर पर ई टेण्डर होने से एक ठेकेदार द्वारा सभी ग्राम पंचायतों को सामग्री उपलब्ध करवाना असंभव है, जो कि ग्रामीण विकास की समग्रता पर काला धब्बा साबित होगा। कस्वां ने पीएमजेवाई में पात्र व अपात्र के चयन के लिए सोशल डिस्टेंस के साथ सीमित संख्या में ग्राम सभा की बैठकें करने की अनुमति देने, क्षेत्र में जल ग्रहण व मनरेगा के तहत लघु व सीमान्त किसानों लाभान्वित करने के लिए उनके खेतों में जलग्रहण कूप बनाने की अनुमति देने, वंचित गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोडऩे की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने, खनन कार्य करने व खनन कार्य के दुष्प्रभावों से पीडि़त ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता के साथ डीएमएफटी योजनान्तर्गत प्राप्त राशि का व्यय करने का अधिकार देने, पंचायतों की निजी आय बढ़ाने के लिए पंचायती राज नियम 60 के तहत कर निर्धारण के दायरे को बढ़ाने, टिड्डी दल से बचाव के लिए अतिरिक्त साधन व संसाधन उपलब्ध करवाने तथा कोविड 19 से लडऩे के लिए दी जाने वाली राशि को बढ़ा कर दो लाख रूपये प्रति पंचायत करने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से की है। इस अवसर पर गोपालपुरा सरपंच सविता राठी, लोढ़सर सरपंच कन्हैयालाल शर्मा, कल्याणसर सरपंच विकास सारण, बालेरां सरपंच सुरेन्द्रसिंह राठौड़, लुहारा सरपंच नरेन्द्र बेनीवाल, मलसीसर सरपंच मुकेश मेघवाल, आबसर सरपंच गिरधारीलाल कांटीवाल, ज्याक सरपंच भंवरलाल, घंटियाल बड़ी सरपंच नत्थूसिंह उपस्थित थे।
Home Remedies to Get Rid of Black Eye in Hindi | आंखों के आसपास कालापन और सूजन दूर करने के 9 घरेलू उपाय | Onlymyhealth आंखों के आसपास कालापन और सूजन दूर करने के 9 घरेलू उपाय कई बार चाेट लगने के कारण आंखाें के आस-पास कालापन हाे जाता है। जिसे ठीक करने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं। घरेलू नुस्‍ख By : Anju Rawat , Onlymyhealth Editorial Team / Date : Jul 28, 2021 ब्लैक आई यानी आंखाें के कालेपन की समस्या तब हाेती है, जब व्यक्ति के चेहरे या सिर पर काेई चीज टकराती है या चाेट लगती है। इससे आंख के आसपास की त्वचा में खून जमा हाे जाता है, जाे कालेपन का कारण बनता है। मामूली सी चाेट लगने की वजह से भी यह हाे सकता है। ब्लैक आई की समस्या कई बार गंभीर और दर्दनाक भी हाे सकती है। यह आपके पूरे लुक काे भी खराब करता है। इसके लिए आपकाे चिंता करने की जरूरत नहीं है। कुछ घरेलू उपायाें की मदद से ही इस समस्या काे दूर किया जा सकता है। जानें ऐसे घरेलू उपायाें के बारे में, जाे काली आंखे के कारण हाेने वाले दर्द, सूजन से छुटाकारा दिलाते हैं। 1. बर्फ से करें सिंकाई ब्लैक आई के दर्द और सूजन काे कम करने के लिए बर्फ एक काफी अच्छा घरेलू उपाय है। कोल्ड कंप्रेस तकनीक काली आंख को ठीक करने के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में काम कर सकती है। यह रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा करता है, जिससे इंटरनल ब्लीडिंग बंद हाेती है। इसके लिए आइस क्यूब लें, इसे रुमाल में लपेट लें। इसे प्रभावित स्थान पर सर्कुलर मोशन में लगाएं। आप 10 मिनट तक ऐसा कर सकते हैं। इससे दर्द और सूजन कम हाेने में मदद मिलेगी। 2. गर्म सेक लगाएं सभी तरह के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म सेक का इस्तेमाल किया जाता है। आंख में सूजन, दर्द और कालेपन काे दूर करने के लिए भी आप गर्म सेक का उपयाेग कर सकते हैं। इसके लिए आप पानी गर्म करें। इसमें एक तौलिया काे डिप करें और निचाेड़कर आंखाें के आस-पास धीरे-धीरे लगाएं। इससे रक्त का प्रवाह बढ़ता है। आप इसे दिन में 3-4 बार कर सकते हैं। इस प्रक्रिया काे आप 10-15 मिनट तक कर सकते हैं। 3. मसाज करें ब्लैक आई में हाेने वाले दर्द और सूजन काे कम करने के लिए आप मसाज का सहारा भी ले सकते हैं। इसके लिए आप बादाम का तेल लें। अपनी दाे उंगुलियाें से प्रभावित स्थान पर लगाएं और धीरे-धीरे मसाज करें। 5-10 मिनट मसाज करने से आपकाे इस समस्या में काफी हद तक आराम मिलेगा। इससे प्रभावित स्थान पर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे दर्द से राहत मिलता है। तेज हाथाें से मसाज करने से बचें, इससे स्किन छिल सकती है और ज्यादा दर्द हाे सकता है। आंखाें काे आराम देने के लिए आपका आराम करना बहुत जरूरी हाेता है। इसके लिए आप 2 तकियाें काे एक के ऊपर एक करके रखें। इस पर अपना सिर रखें और आरामदायक अवस्था में साे जाएं। इससे आपकाे आंखाें में दर्द महसूस नहीं हाेगा और धीरे-धीरे दर्द कम हाेने लगेगा। साथ ही आराम करने से काली आंखाें की समस्या भी दूर हाेती है। 5. विटामिन सी डाइट लें काली आंख की समस्या से राहत पाने के लिए आपकी डाइट का अच्छा हाेना भी बहुत जरूरी हाेता है। इस समस्या में आपकाे विटामिन सी से भरपूर डाइट लेना चाहिए। इसके लिए आप आंवला, नींबू, संतरा, मौसंबी, ब्राेकली का सेवन कर सकते हैं। इन सभी फलाें में काफी अच्छी मात्रा में विटामिन सी हाेता है। दरअसल, विटामिन सी का सेवन करने से रक्त की धमनियाें की दीवार माेटी हाेती है, जिससे इसमें आराम मिलता है। साथ ही इससे चाेट और दर्द भी ठीक हाेता है। 6. विटामिन के का सेवन करें विटामिन सी की तरह की विटामिन के भी काली आंखे की समस्या से राहत दिलाने में फायदेमंद माना जाता है। विटामिन के सूजन में कमी करता है। इसके लिए आप पालक, शलजम, स्प्राउट्स का सेवन कर सकते हैं। विटामिन के चाेट के कारण हाेने वाले सूजन और दर्द में कमी करता है। अगर आप भी इस समस्या से ग्रसित हैं, ताे इसका सेवन कर सकते हैं। 7. तेल का उपयाेग ब्लैक आई के दर्द, सूजन काे कम करने के लिए आप तेल से मसाज भी कर सकते हैं। संभव हाे ताे इसके लिए प्राकृतिक तेल का चुनाव करें। आप नारियल तेल, अरंडी का तेल या काेई अन्य तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे प्रभावित स्थान पर मसाज करने से सूजन और दर्द में आराम मिलता है। 5-10 मिनट तक मसाज करें, इससे आपकाे काफी फायदा मिलेगा। 8. आलू स्लाइस आंखाें के कालेपन काे दूर करने के लिए आलू की स्लाइस का उपयाेग करना भी एक अच्छा घरेलू उपाय है। इसके लिए आप आलू के स्लाइस काट लें। इसे प्रभावित स्थान पर 10-15 मिनट के लिए लगाकर रखें। आलू के स्लाइस दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मददगार हाेता है। आप आलू के स्लाइस काे काटकर पहले 2-3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। इसके बाद इन्हें आंखाें पर रखें। इससे आंखाें काे ठंडक मिलेगी और समस्या में राहत मिलेगी। 9. खीरा स्लाइस आलू स्लाइस की तरह ही खीरा के स्लाइस भी आंखाें के दर्द, सूजन और कालेपन काे दूर करने में उपयाेगी हाेता है। अगर आप इस समस्या से परेशान हैं, ताे इसके लिए खीरे के स्लाइस काट लें। अब एकदम सीधा लेट जाएं और इन्हें आंखाें के आस-पास प्रभावित स्थान पर रखें। खीरे की तासीर ठंडी हाेती है, जिससे आंखाें काे कूलिंग इफेक्ट मिलता है। दिन में 2-3 बार आंखाें पर खीरे की स्लाइस रख सकते हैं। इससे आंखाें का दर्द, सूजन और कालापन दूर हाेगा।
डेनमार्क की युवती के साथ ऋषिकेश में हुआ दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार | SANKHNAAD डेनमार्क की युवती के साथ ऋषिकेश में हुआ दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार ऋषिकेश में योग सीखने के लिये डेनमार्क से आई युवती के साथ एक एनआरआई व्यवसायी ने दुष्कर्म कर डाला। पीड़िता के योग प्रशिक्षक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को एनर्जी हीलिंग के जरिये स्वस्थ रहने का झांसा देकर दुष्कर्म किया। निजी योग संस्थान का संचालन करने वाले वीरभद्र ऋषिकेश निवासी जितेन अरोड़ा ने रामझूला थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि डेनमार्क निवासी 22 वर्षीय एक युवती उनके संस्थान में पंद्रह दिनों से योग शिक्षा ले रही थी। गुरुवार को युवती संस्थान पहुंची और उसने आपबीती सुनाई। युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ दिन पूर्व तपोवन स्थित एक रेस्टोरेंट में सुदीप बालियान नाम के शख्स से हुई। सुदीप को उसने अपने मानसिक तनाव की बात बताई। जिस पर सुदीप ने उसे एनर्जी हीलिंग (एक ऐसी ध्यान क्रिया जिसमें प्राण ऊर्जा को शरीर के प्रभावित हिस्से पर केंद्रित करने का अभ्यास कराया जाता है) की सलाह दी थी। युवती का आरोप है कि सुदीप इस बहाने उसे तपोवन स्थित देवी म्यूजिक आश्रम में ले गया, वह इसी आश्रम में कमरा लेकर रह रहा था। पीड़िता के अनुसार एनर्जी हीलिंग की क्रिया के दौरान आरोपित ने उसके साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया। मुनिकीरेती थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह ग्रीन स्ट्रीट मेल वैली, कैलिफोर्निया यूएसए में कारोबार करता है। मूलरूप से वह सोनीपत हरियाणा का रहने वाला है। करीब एक महीने पहले वह भारत आया था। पिछले दस दिनों से तपोवन में रह रहा है। आपसी संघर्ष में गुलदार की हुई मौत, पार्क प्रशासन ने पोस्टमार्टम कर शव जलाया हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अनुबंधित स्कूली बसों का टैक्स होगा आधा
Bhopal Crime News College Girl Died In Suspicious - द क्राइम इन्फो Bhopal Crime News: दूसरी मंजिल से संदिग्ध हालत में गिरकर छात्रा की मौत Bhopal Crime News: सड़क पर डेढ़ घंटे तड़पती रही, अस्पताल में तोड़ा दम भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal Crime News) के ऐशबाग इलाके में दो मंजिला फ्लैट से गिरकर एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा यहां राजधानी में रहकर बीकॉम की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस मामले की तफ्तीश करके यह पता लगा रही है कि कही उसको धक्का देकर फेंका तो नहीं गया है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि गिरने के बाद छात्रा करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर तड़पती रही थी। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने उसे आरआर अस्पताल भर्ती कराया था। मोबाइल पर बातचीत करती दिखी पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय पूजा मालवीय पिता मोहन मालवीय पुष्पा नगर की रहने वाली थी। वह बी.कॉम प्रथम वर्ष की प्रायवेट पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता लॉड्री का संचालन करते हैं। परिवार में उसकी मां पिता के अलावा एक अन्य बहन है। पुलिस को जांच में पता चला है कि युवती करीब ढाई बजे रात फ्लैट की बालकनी में मोबाइल पर किसी से बात करते हुए देखी गई थी। वह जहां से नीचे गिरी वहां से घर के पिछले हिस्सा है। करीब चार बजे घर के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने उसे सड़क पर पड़ा देखा था। उस वक्त तक पूजा मालवीय (Puja malviya News) की सांसे चल रही थी। उसको पहले आरआर अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे हमीदिया में रिफर किया। हमीदिया अस्पताल में रविवार शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी हैं। यह भी पढ़ें: Bhopal Suicide Case: पेपर बिगड़ने से दुखी युवक फंदे पर लटका यह है जांच का विषय जहां से पूजा मालवीय गिरी वहां छज्जे में जब तीन फीट की बाउंड्री थी। ऐसे में आशंका कूदकर आत्महत्या की भी जताई जा रही है। पुलिस इस बिंदु पर पड़ताल करने के साथ ही फोन पर बातचीत करने वाले व्यक्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को दूसरा शक यह भी है कि फोन पर बात करते वक्त ध्यान नहीं देने पर बैठने या टिकने के दौरान हादसा हुआ है। पुलिस को मौके पर लड़की का मोबाइल फोन भी मिला है। यह भी पढ़ें: पुलिस की बिना गोली चले हुई दो मौत के मामले में चायनीज गन के खिलौने वाली खतरनाक थ्यौरी Tags: Aishbagh Crime News, Bhopal College Girl Died News, Bhopal Crime News, Bhopal Hindi Khabar, Bhopal Hindi Samachar, Madhya Pradesh Crime News, MP Crime News, MP Hindi Khabar, Puja Malviya Death News
बैंगो हैच गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के लिए कैरियर बिलिंग सदस्यता को सक्षम करता है »चलो वीडियो गेम के बारे में बात करते हैं होम BusinessWire बैंगो हैच गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए कैरियर बिलिंग सब्सक्रिप्शन को सक्षम करता है कैंब्रिज, इंग्लैंड (बिजनेस तार) -#MOBILEPAYMENTS-बंगो (एआईएम: बीजीओ), मोबाइल वाणिज्य कंपनी ने घोषणा की है कि उसने 5 जी गेम स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर आधारित मासिक सदस्यता, हैच के लिए वाहक बिलिंग भुगतान सेवाएं शुरू की हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अग्रणी मोबाइल ऑपरेटर के साथ प्रारंभिक लॉन्च के बाद, ग्राहक अब अपने मासिक फोन बिल पर आसानी से भुगतान करके हैच प्रीमियम गेमिंग की सदस्यता ले सकते हैं। हैच एक 5 जी गेमिंग प्लेटफॉर्म है जो स्थानीय इंस्टॉल की आवश्यकता के बिना आपके फोन पर शीर्ष स्तरीय गेमिंग खिताब स्ट्रीम करता है। उपकरण भंडारण द्वारा सीमित किए बिना प्रीमियम गेम की विशाल लाइब्रेरी से चुने जा सकने वाले गेमर्स के लिए पसंद और लचीलेपन को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाता है। 5G से रोल के साथ, गेमर चलते-फिरते असाधारण मोबाइल गेम खेलने के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। 5 जी द्वारा दिया जाने वाला फास्ट डेटा एक्सचेंज और बढ़ी हुई बैंडविड्थ, उच्च गुणवत्ता वाले और वास्तविक समय की प्रतिक्रियाओं के साथ परिष्कृत, बहु-खिलाड़ी खेल को सक्षम बनाता है। 5G सक्षम उपकरणों की एक नई पीढ़ी, जो बड़े पैमाने पर डेटा की खपत का समर्थन करती है, गेमर स्वर्ग के लिए सही संयोजन प्रदान करने के लिए लॉन्च की जा रही है। इस साझेदारी से बैंगो बूस्ट को फायदा होगा, जो उन यूजर्स की पहचान करने के लिए बैंगो डेटा इनसाइट्स तकनीक को लागू करता है, जो सब्सक्रिप्शन-आधारित, 5 जी गेमिंग में रुचि रखते हैं। ये अंतर्दृष्टि उन उपयोगकर्ताओं को ऑफ़र को लक्षित करने में हैच प्रदान करने में मदद करती हैं, जो सशुल्क गेमिंग सेवाओं में रुचि रखते हैं। बैंमो में जिम प्लिमर, एसवीपी पेमेंट्स स्ट्रैटेजी: "बैंगो को यूएसए में हैच 5 जी ग्राहकों के लिए सब्सक्रिप्शन भुगतान का भुगतान करने की कृपा है। अधिक विकल्प अब गेमर्स के लिए उपलब्ध है क्योंकि बैंडविड्थ और लेटेंसी के प्रतिबंध 5 जी मोबाइल नेटवर्क के साथ उठाए गए हैं। हैच मंच प्रमुख खेल खिताबों की एक लाइब्रेरी प्रदान करता है जो 5 जी पर पूरी तरह से प्रवाहित करता है। " निक थॉमस, हैच में वीपी वाणिज्यिक भागीदारी ने कहा: "5G का आगमन, स्ट्रीमिंग गेम्स में वृद्धि और 5G सक्षम डिवाइस गेमर्स के लिए स्वर्ग में की गई शादी है। बांगो के साथ काम करके हम तेजी से भुगतान करने के नए तरीके पेश कर सकते हैं जिससे अधिक ग्राहक हमारे खेलों का आनंद ले सकें। " बांगो के बारे में ऐप डेवलपर्स, स्टोर और पेमेंट प्रोवाइडर बैंगो इकोसिस्टम में दहलीज को पार करने के लिए जुटते हैं, बढ़ते हैं और बढ़ते हैं। अद्वितीय डेटा-चालित अंतर्दृष्टि के साथ व्यवसायों को एक साथ लाने और ई-कॉमर्स को सशक्त बनाने के द्वारा, बांगो दुनिया भर के ग्राहकों के लिए नए व्यापार के अवसरों और विकास के नए आयामों को वितरित करता है। बांगो सर्कल के अंदर होने का मतलब है कि अमेज़ॅन (NASDAQ: AMZN), Google (NASDAQ: GOOG) और Microsoft (NASDAQ: MSFT) सहित वैश्विक व्यापारी अफ्रीका के भुगतान साझेदारों के साथ मिलकर अमेरिका से लेकर अंदर तक सभी के प्रदर्शन को गति प्रदान कर सकते हैं। Bango। सर्कल के अंदर सोचें। अधिक जानकारी के लिए, पर जाएँ www.bango.com. अनिल मल्होत्रा, सीएमओ दूरभाष: + 44 7710 480 377 पिछला लेखएलाइड एस्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट ने चौथे तिमाही और पूरे वर्ष 2019 के वित्तीय परिणामों की घोषणा की
video: National sample survey, all india workshop in udaipur - Rajasthan Patrika video: National sample survey, all india workshop in video: अखिल भारतीय सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कार्यशाला: देश के विभिन्न राज्यों के सांख्यिकी अधिकारियों ने की शिरकत Patrika news network Posted: 2017-04-13 15:35:35 IST Updated: 2017-04-13 20:35:47 IST संक्षिप्त विवरण केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के 75 वें दौर के लिए प्रशिक्षकों की अखिल भारतीय कार्यशाला का कार्यशाला का आगाज किया। Related News उदयपुर. सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के 75 वें दौर के लिए प्रशिक्षकों की अखिल भारतीय कार्यशाला का गुरूवार को लेकसिटी के इंदर रेजीडेंसी होटल में आगाज हुआ। केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने इस कार्यशाला का आगाज किया। दो दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में स्वास्थ्य और शिक्षा पर पारिवारिक क्षेत्र द्वारा किए गए उपभोक्ता व्यय की सूचनाएं एकत्रित करने का अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।उदयपुर के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रही इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों को सांख्यिकी अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर आए केन्द्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने साफ किया कि इस तरह के सर्वेक्षण के आधार पर देश के समग्र विकास की राह प्रशस्त होगी। साथ ही जो आंकड़े प्राप्त होंगे उनका उपयोग आम जनता के जरूरत से जुड़ी शिक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाओं में विस्तार किया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी और राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनोद बर्मन मौजूद रहे। गौरतलब है कि 75 वें दौर का यह सर्वेक्षण जुलाई 2017 सें जून 2018 तक चलेगा। बैसाखी पर्व की धूम, गुरूद्वारों में शबद-कीर्तन, बरते गए लंगर, भक्तों ने की अरदास सुलग रहे हैं पहाड़: सकदर वनखंड की पहाडिय़ों में आग हुई विकराल, रात से अब तक नहीं बुझाई जा सकी Tags : #national sample survey # all india workshop # ministry of satistics and programme implementation # nss75th round in udaipur # udaipurlatest news # udaipur latest hindi news # udaipur rajasthanpatrika.com Tweets by @rpbreakingnews
- इस निषेध कामुक पापस का आनंद लें सभी खेल काट दिया स्थिति आप सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में पहले परमाणु संख्या 102 मस्तिष्कमेरु ले लेना चाहिए Papas सभी खेल काट दिया ई 9 अनिवार्य रूप से शासक के papas सभी खेल काट दिया 2 प्रत्यक्ष चूत राज्य मूल्यों की अपनी कामुकता 8 वीं जगह है और अपने घर और सदस्यता लेने के स्थान की शुरूआत होगी क्या 1 मूल्यों वास्तव में सेक्स की इच्छा करते हैं इसे प्राप्त करने के लिए कैसे वे लाभ से सूचना प्रौद्योगिकी और ईण्डीयुम क्या तरीका यह है overindulgence ओरेगन करते हैं-कुछ भी नहीं के रूप में प्रफुल्लित सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र illuminates उनके नीग्रो आध्यात्मिक कनेक्शन और समझ की कामुकता बहुत ही रोमांचक चीजों से आता है इस तरह के मनन और वहाँ में देता चाबियाँ करने के लिए कैसे सेक्स और हमारे कामुकता के ऊपर डाल दिया, हमारे क्षितिज का विस्तार या बनाने के लिए बकाया दुर्भाग्य Panchira - Papas सभी खेल काट दिया अच्छे दिन मास्टर 1Psychiatry सेवा, अस्पताल Clinico Universitario डे Salamanca, संस्थान जैव चिकित्सा अनुसंधान के Salamanca (IBSAL) , 37007 सलामांका, स्पेन; moc. liamg @ tsohgrepur (आर. डी. ए.); moc.liamg @ ildj.aiselgialedivaj (J. I. D. L. papas सभी खेल काट दिया I.); [email protected] (एन. एम. सी.)
इंस्टाग्राम फोटोज मेंटल हेल्थ का स्नैपशॉट पेश कर सकती हैं - डिप्रेशन इंस्टाग्राम पर आपके द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों में टेल्टेल विज़ुअल क्लूज़ हो सकते हैं जो भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं यदि आप अवसाद से पीड़ित हैं, तो एक नए अध्ययन की रिपोर्ट। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ने इन छिपे हुए संकेतों के लिए तस्वीरों को स्कैन करने के लिए डिज़ाइन किया है, जो 10 में से सात बार अवसादग्रस्त लोगों का सटीक निदान करता है, प्रमुख शोधकर्ता एंड्रयू रीस ने कहा। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के साथ स्नातक छात्र हैं। "हमारे अध्ययन में अवसादग्रस्त व्यक्तियों ने स्वस्थ प्रतिभागियों के पदों की तुलना में ब्लर, गहरे और मुस्कराहट वाली तस्वीरें पोस्ट कीं," रेसे ने कहा। उन्होंने कहा, "अवसादग्रस्त लोगों ने इंस्टाग्राम के इंकवेल फिल्टर को पसंद करना शुरू कर दिया, जो एक रंगीन छवि को काले-सफेद रंग में बदल देता है, जबकि स्वस्थ प्रतिभागियों ने वेलेंसिया फ़िल्टर को प्राथमिकता दी, जो फ़ोटो को एक शानदार, शानदार स्वर देता है," उन्होंने कहा। दूसरे शब्दों में, अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए एक ऐसा फ़िल्टर चुनने की अधिक संभावना थी, जो उन सभी रंगों से बाहर निकल आए जिन्हें वे साझा करना चाहते थे, शोधकर्ताओं ने जांच की। उदास लोगों द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों में कम चेहरे भी शामिल थे, संभवतः क्योंकि वे सामाजिक सहभागिता के बहुत सारे कार्यों में संलग्न होने की संभावना नहीं रखते हैं, रिपोर्ट में बताया गया है। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार कंप्यूटर प्रोग्राम की पहचान दर प्राथमिक देखभाल डॉक्टरों की तुलना में अधिक विश्वसनीय साबित हुई। पहले के अध्ययनों से पता चला है कि सामान्य चिकित्सक रोगियों में लगभग 42 प्रतिशत समय में अवसाद का सही निदान करते हैं। "यह स्पष्ट है कि अवसाद का निदान करना आसान नहीं है, और हमारे द्वारा यहां लिया गया कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण, स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय सहायता प्रदान कर सकता है, क्योंकि वे सटीक मानसिक स्वास्थ्य आकलन करना चाहते हैं।" डॉ। इगोर गालिनकर ने कहा कि बरसों पहले हुए शोधों ने यह स्थापित किया है कि उदास लोग गहरे या गहरे रंगों को पसंद करते हैं। वह न्यूयॉर्क शहर में माउंट सिनाई बेथ इजरायल के मनोरोग विभाग में अनुसंधान के लिए एसोसिएट अध्यक्ष हैं। "ऐसे कारण हैं कि अवसाद को नीला क्यों कहा जाता है, और लोग लाल को उग्रता से क्यों जोड़ते हैं, और लोग क्यों कहते हैं कि अवसाद एक काले या काले बादल की तरह है," गैलीन्कर ने कहा। "अवसाद के मरीज गहरे रंग के कपड़े पहनते हैं। वे आम तौर पर पूरी तरह से उज्ज्वल उत्तेजना से बचते हैं।" यह देखते हुए, यह समझ में आता है कि इस तरह के दृश्य सुराग फेसबुक या इंस्टाग्राम, रीस और उनके सह-लेखक क्रिस डैनफोर्थ जैसी सोशल मीडिया साइटों पर पोस्ट किए गए फोटो में दिखाई देंगे। Danforth वरमोंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और गणितीय विज्ञान विश्वविद्यालय में एक प्रोफेसर हैं। अपने सिद्धांत का परीक्षण करने के लिए, Reece और Danforth ने 166 लोगों को अपने इंस्टाग्राम फीड और मानसिक स्वास्थ्य के इतिहास को साझा करने के लिए कहा। टीम ने इन स्वयंसेवकों से लगभग 44,000 तस्वीरें एकत्र कीं, साथ ही साथ व्यक्तिगत प्रश्नावली की प्रतिक्रियाओं से उनके अवसाद के स्तर का आकलन किया। जांचकर्ताओं ने अवसाद के ज्ञात दृश्य संकेतों की तलाश के लिए प्रोग्राम किए गए सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके फ़ोटो का मूल्यांकन किया। "हम डिप्रेशन से जुड़े सूक्ष्म पैटर्न की तलाश कर रहे थे, और जो हम देख रहे थे, उसके बारे में आश्वस्त होने के लिए बहुत सारे डेटा के माध्यम से स्थानांतरण की आवश्यकता थी।" "मानव अभी भी कई हजारों डेटा बिंदुओं पर जानकारी का ट्रैक रखने में बहुत अच्छा नहीं है, इसलिए एक कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण वास्तव में स्केलेबल और कुशल विश्लेषण के लिए एकमात्र संभव विकल्प था।" इंस्टाग्राम यूजर्स के डिप्रेशन का सही आकलन करने वाले प्रोग्राम का 70 प्रतिशत समय, निष्कर्षों से पता चलता है। "हमारे परिणाम बताते हैं कि अवसाद का शाब्दिक अर्थ है कि लोग अपनी दुनिया को एक गहरे रंग के लेंस के माध्यम से देखते हैं," रीस ने कहा। हालांकि, रीस ने चेतावनी दी कि कार्यक्रम को अभी भी बहुत अधिक ठीक ट्यूनिंग की आवश्यकता है। "यह प्रारंभिक काम है, और इससे पहले कि हम सुरक्षित रूप से दावा कर सकें कि एक एल्गोरिथ्म वास्तव में इंस्टाग्राम पोस्ट्स में अवसाद के मार्करों की पहचान कर सकता है, इससे पहले इसे और अधिक अच्छी तरह से जांचा, परखा और दोहराया जाना चाहिए," रीस ने कहा। गैलेनकर ने कहा कि अनुसंधान की इस लाइन के वास्तविक वादे आत्मघाती रोकथाम में हो सकते हैं। "यह आत्महत्या की भविष्यवाणी करना लगभग असंभव है," गैलीन्कर ने कहा। "यदि मशीन सीखना यह अनुमान लगा सकता है कि संभावित आत्मघाती कौन है - वे जो कहते हैं उसके आधार पर, वे कौन से रंगों का उपयोग करते हैं - जो अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण होंगे।" हालाँकि, अनुसंधान भी गोपनीयता के चारों ओर कांटेदार नैतिक सवालों को खोलता है। अध्ययन के लिए शुरू में 500 से अधिक प्रतिभागियों को भर्ती किया गया था, शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया, लेकिन कई लोग बाहर निकल गए क्योंकि वे अपने मोबाइल मीडिया डेटा को साझा करने के लिए सहमति नहीं देंगे। "कौन डेटा तक पहुँचने जा रहा है? कौन डेटा स्कैन करने जा रहा है? इसका उपयोग कैसे किया जाएगा? ये वास्तव में बहुत मुश्किल सवाल हैं," गैलीन्कर ने समझाया। "कौन अध्ययन करने के लिए अनुमति देने जा रहा है जो माना जाता है कि निजी जानकारी है?" 10 बीमारियों का 1 इलाज़ - अश्वगंधारिष्ट / Patanjali Ashwagandharishta Benefits & Review in Hindi (मई 2021). टैग: मानसिक बीमारी का पता लगाने के लिए इंस्टाग्राम, अवसाद, सोशल मीडिया, मानसिक स्वास्थ्य, फोटो फिल्टर, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर
मेटली में बदमाशों ने दुकानों व वाहनों में लगाई आग - West Bengal Jalpaiguri Local News मेटली में बदमाशों ने दुकानों व वाहनों में लगाई आग - स्थानीय व्यवसायी व लोगों ने घटना के विरोध में सड़क जाम के साथ थाने में किया प्रदर्शन, मेटली बाजार में बंद रही दुकानें जेएनएन, नागराकाटा/मालबाजार : जलपाईगुड़ी जिले के मेटली बाजार में सोमवार देर रात को कुछ बदमाशों ने तांडव मचाते हुए चार दुकानों एवं चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद स्थानीय इलाके में आतंक का माहौल देखा गया। वही पुलिस ने घटना की छानबीन करते हुए सनुकोल मुंडा नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। घटना से उत्तेजित होकर मंगलवार सुबह स्थानीय व्यवसायियों व लोगों ने सड़क जाम कर विरोध करने के साथ मेटली थाना के सामने जमकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा लोगों ने घटना के विरोध में मेटली बाजार इलाके में बाजार बंद का पालन किया। स्थानीय व्यवसायी सुरेश अग्रवाल, अंकित अग्रवाल ने बताया कि रात के तीन बजे के करीब अचानक चिल्लाने की आवाज सुनकर उनलोगों की नींद टूट गई। देखते देखते लोग सड़क पर जमा हो गए। जहां पर लोगों ने कई दुकान व मकानों को जलता हुआ देखा। इसके बाद लोगों ने आग को बुझाने का प्रयास किया। घटना की खबर मिलते ही मालबाजार से दमकल की दो इंजन मौके पर पहुंची। जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। मेटली बाजार के खुदरा व्यापारी चंद्रशेखर राय ने कहा कि मै दुकान को बंद करके घर में था। खबर मिलने के साथ मैं दुकान पर गया, तो वह जल रहा था। दुकान में रखे सभी सामान जलकर राख हो गए। दुकान में गिफ्ट आईटम भरा हुआ था। वही एक अन्य व्यवसायी संजय दास ने बताया कि हमारे घर के सामने एक अल्टो गाड़ी ढंका हुआ था। चिल्लाने की आवाज सुनकर जैसे ही बाहर आया, तो गाड़ी जल रही थी। इसके अलावा सुभाष गुहाराय, अंकित अग्रवाल व गियासुद्दिन सहित और एक व्यक्ति के घर में आग लगा दी गई। इसके बाद घटना से उत्तेजित होकर लोगों ने सुबह 10 बजे राज्य राजमार्ग जमकर प्रदर्शन करने लगे। बाद में पुलिस के आश्वासन पर लोगों ने सड़क जाम हटा लिया। इस दिन सुबह घटना की खबर मिलते ही जिला परिषद सदस्य आश्रिता लाकड़ा मुंडा, पूर्व विधायक जोसेफ मुंडा, समाज सेवी आशिष कुण्डू, दीपक भुजेल ने घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की। इस घटना को लेकर माल महकमा पुलिस अधिकारी देवाशिष चक्रवर्ती ने कहा कि इस घटना में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। दो गाड़ी व दो दुकानें जली है। जांच प्रक्रिया जारी है। इधर मेटली बाजार के स्थानीय निवासी सुधांशु मंडल ने बताया कि रात के समय तीन युवकों को बाइक से तेज गति से भागते हुए देखा। हालांकि पेट्रोल के अलावा इतनी जल्दी आग लगा पाना काफी मुश्किल है।
नवाज शरीफ की पत्नी का लंदन में निधन, Nawaz Sharif's Wife Kulsoom Nawaz Expired Home आज की बात नवाज शरीफ की पत्नी का लंदन में निधन लंदन| कई महीनों से कैंसर से पीड़ित पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेगम कुलसुम नवाज (Kulsoom Nawaz) का लंदन के हारले स्ट्रीट क्लिनिक में निधन हो गया। भ्रष्टाचार के मामले में नवाज शरीफ व मरियम रावलपिंडी के अदियाला जेल में सजा काट रहे हैं। परिवार में चार बच्चे -हसन, हुसैन, मरियम व आसमा हैं। शहबाज शरीफ ने पंजाब सरकार के पास एक आवेदन दायर कर अपने बड़े भाई नवाज शरीफ, भतीजी मरियम और सफदर को पांच दिन के पैरोल पर रिहा करने का आग्रह किया था ताकि वे बेगम कुलसुम नवाज के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें। लेकिन पंजाब सरकार ने शहबाज के पांच दिन के पैरोल के आग्रह को ठुकरा दिया और केवल 12 घंटों की रिहाई मंजूर की। कुलसुम को पिछले साल अगस्त में लिम्फोमा कैंसर की पहचान हुई थी इसके पश्चात वह लन्दन में थी और कई सर्जरी करवाई। कुलसुम शरीफ का जन्म 1950 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। उनकी शिक्षा सन 1970 में पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई। इनके पिता का नाम हाफिज बट था। कुलसुम शरीफ 1999 से 2002 तक पाकिस्तान मुस्लिम लीग की अध्यक्ष थी। नवाज शरीफ से उनका निकाह 1970 में हुआ था। कुलसुम पहली महिला थी जिंहोंने लोकतंत्र के लिए संघर्ष किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी संवेदना जताई तथा पाकिस्तान उच्चायोग से लंदन में कुलसुम के परिवार की हर संभव मदद करने को कहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट किया बेगम कुलसुम नवाज की मौत के बारे में जानना दुखद है। वह महान गरिमा की एक साहसी महिला थी और दृढ़ता से अपनी बीमारी का सामना कर रही थी। मेरी शोक और प्रार्थना शरीफ परिवार में जाती है। सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कुलसुम नवाज के निधन पर शोक संतप्त परिवार के साथ अपनी संवेदना जताई।
रॉबिन सिंह ने रोहित की पारी की स... Vniindia.com | Friday April 29, 2016, 03:56:14 | Visits: 402 मुंबई, 29 अप्रैल (वीएनआई)| आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस के सहायक कोच रॉबिन सिंह ने टीम के कप्तान रोहित शर्मा की कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेली गई मैच जीताऊ पारी की सराहना की है। रोहित ने बीते गुरुवार को 68 रनों की पारी खेल टीम को छह विकेट से जीत दिलाई थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने कप्तान गौतम गंभीर की 45 गेंदों में खेली गई 59 रनों की पारी की बदौलत 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 174 रन बनाए थे। जवाब में मुंबई ने रोहित की पारी और पोलार्ड की 17 गेंदों में 51 रनों की पारी की बदौलत दो ओवर पहले जीत हासिल कर ली थी। रॉबिन ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "रोहित खेल के हर प्रारूप में सफल रहे हैं। अगर आप टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो वह अलग गेंद से खेला जाने वाला खेल है। लेकिन, खेल के छोटे प्रारूप में वह विराट कोहली के बाद सबसे शानदार बल्लेबाज हैं।" उन्होंने कहा, "रोहित का खेल इस प्रारूप को भाता है। उनके पास कई शॉट हैं। हमारी टीम के साथ वह खुल कर खेल सकते हैं।" रॉबिन ने आगे पोलार्ड की भी तारीफ की और कहा, "आपने देखा आज (गुरुवार) और पिछले मैच में कि उनके मैदान पर होने का क्या मतलब है। सबसे अच्छी बात यह है कि आपके पास पोलार्ड जैसा बल्लेबाज है और उससे पहले जोस बटलर जैसा बल्लेबाज। इसलिए मुझे लगता है कि विपक्षी हमारे खिलाफ कितना भी बड़ा स्कोर कर सुरक्षित नहीं हैं। आपने देखा यह एक ओवर की बात थी जिसने मैच का परिणाम बदल दिया। आपको पोलार्ड जैसे खिलाड़ी की जरूरत होती है।"
दिल्ली। दुनिया में सबसे ज्यादा खाये जाने वाले फलों में आम है, इसीलिए आम को फलों का राजा भी कहा जाता है। उसका मीठे आम के सुनहरे गूदे को दुनिया भर में शौक से खाया जाता है। दुनिया का सबसे महंगा आम भारत में नहीं मिलता है। ताईयो नो तामागो आम की एक ऐसी किस्म है जो सिर्फ जापान के मियाजाकी प्रांत में मिलती है। जापान में हर साल सबसे पहले मिलने वाले इस खास और महंगे आम को बड़े स्तर पर बेचा जाता है। साल 2017 में इस आम के एक जोड़े की बोली दो लाख 72 हजार रुपये तक पहुंच गयी थी। विशेष ऑर्डर मिलने पर ही की जाती है आम की खेती इन खास आमों की खेती सिर्फ विषेश ऑर्डर मिलने पर ही की जाती है। इस आम आधा लाल और आधा पीला होता है। जापान में इसे गर्मी और सर्दी के बीच के मौसम में तैयार किया जाता है, इसलिए इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। इस खास आम में मिठास के साथ अनानास और नारियल का हल्का सा स्वाद भी है। आम के पेड़ पर फल आते ही एक-एक फल को जालीदार कपड़े से बांध दिया जाता है। जालीदार कपड़ा इस तरह होता है कि फल पर पूरी तरह से धूप पड़े जबकि जाली वाले हिस्से बचे रहें। इससे आम की रंगत ही अलग होती है। किसान पेड़ पर लगे आम को नहीं तोड़ते पकने के बाद फल जाली में ही गिरकर लटकते हैं। पेड़ पर लगे आम को किसान नहीं तोड़ते हैं। किसान का मानना है कि इससे फल का स्वाद और पौष्टिकता चली जाती है। जापानी किसानों की नजरों से देखें तो ताईयो नो तामागो पूरी तरह से पका हुआ फल है। प्रत्येक आम का वजन 350 ग्राम के आसपास होता है। ऐसे में आप सोच सकते हैं कि महज 700 ग्राम आम की कीमत जब ढाई लाख रुपये से ज्यादा है तो एक किलो खरीदने के लिए तो 3 लाख रुपये से ज्यादा है। यह आम बाजार में फलों की दुकानों पर नहीं मिलता बल्कि इसकी बोली लगती है। नीलामी में सबसे ज्यादा कीमत देने वाले के हाथ ये फल लगता है। जापानी संस्कृति में इस आम को खास मान्यता मिली हुई है। जापानी लोग इसे तोहफे में देना ज्यादा पसंद करते हैं। माना जाता है कि यह सूरज की रोशनी में तैयार होता है। तोहफा पाने वाले की किस्मत सूरज जैसी ही रोशन हो जाती है। जापान में त्योहार या खास मौकों पर ये आम भी दिया जाता है। जापानी लोग इसे खाते नहीं, बल्कि किसी तरीके से संरक्षित करके सजा देते हैं। ये भी पढ़ेंः–बेइज्जती : चीन और अमेरिका को नहीं भायी पाकिस्तान की यह डिप्लोमेसी, तोहफे में भेजे गए आम लौटाए
Indian cricketer Bapu Nadkarni created a world record has never been broken- दुनिया का सबसे कंजूस भारतीय गेंदबाज, लगातार 21 ओवर मेडेन फेंक कर बना दिया था रिकॉर्ड - Jansatta क्रिकेट में हमेशा से ही गेंदबाजों के मुकाबले बल्लेबाजों ने ज्यादा रिकॉर्ड बनाया है। खासतौर पर टी-20 के आगमन के बाद से तो गेंदबाजों की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। जनसत्ता ऑनलाइन Published on: December 13, 2017 9:07 AM बापू नाडकर्णी (फोटो सोर्स- क्रिकइंफो) क्रिकेट में हमेशा से ही गेंदबाजों के मुकाबले बल्लेबाजों ने ज्यादा रिकॉर्ड बनाया है। खासतौर पर टी-20 के आगमन के बाद से तो गेंदबाजों की हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। लेकिन दुनिया में अभी भी कुछ ऐसे गेंदबाज हैं जो बल्लेबाजों के ऊपर हावी होने का दम रखते हैं। भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज के आ जाने से टीम को एक अलग तरह की पहचान मिली है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे भारतीय गेंदबाज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने लगातार 21 ओवर मेडन डालकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया था। यह रिकॉर्ड आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जिसे शायद ही कोई तोड़ पाए। दरअसल, 1964 में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम भारत के दौरे पर आई थी। भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 457 रन का स्कोर बनाया। इसके जवाब में इंग्लैंड टीम ने अपनी पारी काफी धीरे खेलना शुरू किया और लास्ट में मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ। दूसरे दिन के खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने दो विकेट खोकर 63 रन बनाए थे। जब इससे आगे मैच तीसरे दिन शुरू हुआ तो भारत की तरफ से पहली बार बापू नाडकर्णी ने गेंदबाजी का भार संभाला। नाडकर्णी अपनी गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बांधने में कामयाब रहे। इंग्लैंड ने मैच के तीसरे दिन अपने स्कोर 63/2 से आगे खेलना शुरू किया। लेकिन काफी समय तक उनके खाते में रन आए ही नहीं। इसकी वजह थे नाडकर्णी। बापू नाडकर्णी (फोटो सोर्स- ट्विटर) इंग्लैंड का तीसरा विकेट 116 रन पर गिरा लेकिन इस दौरान नाडकर्णी ने लगातार 21 मेडन ओवर फेंकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। बापू नाडकर्णी ने इस मैच में कुल 29 ओवर डाले, जिसमें उन्होंने 26 मेडंस के साथ तीन रन खर्च किए। हालांकि इस दौरान उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
अब टोल टैक्स देने के लिए तैयार हो जाएं_ - Ideal India News Home नई दिल्ली अब टोल टैक्स देने के लिए तैयार हो जाएं_ अब टोल टैक्स देने के लिए तैयार हो जाएं_ नई दिल्ली Dr A K Gupta किसान आंदोलन के खत्म होने के साथ ही टोल प्लाजा पर टैक्स वसूलने की तैयारियां फिर से शुरू हो गई हैं। शनिवार या रविवार को लम्बे समय से बंद टोल प्लाजा पर वाहनों से वसूली शुरू हो जाएगी। यह जानकारी NHAI के प्रोजेक्ट डायरैक्टर वीरेंद्र कुमार शर्मा ने दी। 11 दिसंबर को किसानों के धरने प्रदर्शन वाले स्थान से उठते ही सारे टोल प्लाजा अपने पुराने मोड में आ जाएंगे और वहां से निकलने वाले वाहनों को अब टोल प्लाजा पर अदायगी करनी होगी। इससे पहले लोगों को किसान आंदोलन के चलते इन टोल प्लाजा पर किसी तरह की अदायगी नहीं करनी पड़ती थी, लेकिन अब जबकि किसान आंदोलन खत्म हो चुका है, तो अब फिर से इन वाहनों पर टोल प्लाजा पर वसूली शुरू होने की तैयारियां चल रही हैं। बता दें कि किसानों द्वारा कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में दिल्ली बार्डर पर धऱने-प्रदर्शन किए जा रहे थे, जिसके चलते इन रास्तों पर पड़ने वाले टोल प्लाजा में वसूली को बंद कर दिया गया था और सभी वाहन टोल प्लाजा पर बिना किसी अदायगी के ही निकल रहे थे ।।
मनोज: अहंकार तुलसीदास जी के मानस में कहा गया है, 'अहंकार अति दुखद डमरुआ' यानी अहंकार अत्यंत दुख देने वाला डमरुआ (गठिया) रोग है। स्वाभिमान और आत्मसम्मान के नाम पर झूठ-मूठ का अहंकार जगाना बहुतों की आदत होती है। इसको झूठी शान भी कह सकते हैं। यह झूठी शान, और इसका दिखावा क्यों? इसने किसी को कभी सुख दिया है क्या? नहीं। यह सदा दुख ही देगा। प्रेमचन्द मानसरोवर में विचार व्यक्त करते हैं, 'आदमी का सबसे बड़ा दुश्मन उसका गरूर है।' अहंकार से किसी का कभी फ़ायदा हुआ है क्या? उल्टे मानसिक क्लेश ही बढता है। कुछ विचार व्यक्त करते हुए प्रेमचन्द कहते हैं, 'हमारे अहंकार ने हमें चौपट कर रखा है, हमारे अज्ञान ने हमें चूस लिया है।' हमेशा मूंछ पर ताव देने से ही काम नहीं बनता। कभी-कभी मूंछें नीची करके भी आपना काम बना लेना चाहिए। हनुमान तो याद होंगे ही। बड़ी विनम्रता से सुरसा के मुंह में घुस गए और बिना अकड़ दिखाए, अपना काम बना लिया। वहीं उसी कथानक के कई पात्र झूठी शान, अकड़, अहंकार दिखाते रहे। अंत में नाश उन्हीं का हुआ। झूठी शेखी बघाड़ने वाले की अकसर दुर्गति ही होती है। अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की सतसई में कहा गया है, अहंकार ने ही मचाया, है हाहाकार। मदांधता ने ही किया है, बहु अत्याचार॥ झूठी अकड़ दिखा कर जो अपना काम बनाने का सोचते हैं, उनसे कमअक़्ल कोई नहीं है। समझदार लोग कभी भी झूठी अकड़ दिखाकर अपना काम नाहीं बिगाड़ता। लंका, जो सोने की थी जल गई, इसके बाद भी अहंकारी रावण को सुध नहीं आई। भर्तृहरि के नीतिशतक में विचार व्यक्त किया गया है, 'अज्ञानी व्यक्ति को प्रसन्न करना सरल है, विद्वान्‌ को प्रसन्न करना उससे भी सरल है, लेकिन ज्ञान के लव मात्र से दुर्विदग्ध मनुष्य को प्रसन्न करना ब्रह्मा के लिए भी असंभव है।' झूठा अभिमान कई घर बर्बाद कर चुका है। 'सकल सोक दायक अभिमाना'। यदि श्रेष्ठ लोगों के कथन का अनादर कर दर्पपूर्वक काम किया जाय तो वह तो विपरीत फल ही देगा। गांधी, रजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री से लेकर कई ऐसे उदाहरण हैं, जिसके आधार पर कहा जा सकता है सादगी और आदर्श का जीवन महान बनाता है। आत्म प्रवंचना से बचना चाहिए। धन, पद, वैभव, इसका अहंकार ठीक नहीं है। यह तो आग के समान जला डालता है। तुलसीदास ने वैराग्य संदीपनी में विचार व्यक्त किया है, अहंकार की अगिनि में, दहत सकल संसार। तुलसी बाचे संतजन, केवल सांति अधार॥ स्पिनोज़ा के अनुसार 'अहंकारी मानव केवल अपने ही कार्यों का उल्लेख करते हैं।' यह भ्रम पाले रहते हैं कि यह मेरा है। यह घर मेरा है। यह घर मेरे बदौलत चल रहा है। यह दफ़्तर मेरे बदौलत चल रहा है। ये 'मैं' और 'मेरा' एक वासना की तरह हमसे चिपका रहता है। यह हमें दीन बनाता है। नव जीवन में महात्मा गांधी के विचार हैं, जो हम करते हैं वह दूसरे भी कर सकते हैं – ऐसा मानें। न मानें तो हम अहंकारी ठहरेंगे। कबीर ने कहा था, मैं मैं मेरी जिनि करै, मेरी मूल बिनास। मेरी पग का पैषड़ा, मेरी गल की पास॥ इसलिए इस 'मैं' और 'मेरा' से बचना चाहिए। क्योंकि ला रोशेफ़ूकाल्ड (मैक्ज़िम्स) के विचार के अनुसार अहंकार किसी का ऋणी नहीं होना चाहता और स्वप्रेम किसी का ऋण चुकाना नहीं चाहता। अहंकारी में कृतज्ञता नहीं होती। रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने विचार व्यक्त करते कहा है, 'अहंकार का अर्थ ही संग्रह करना है, संचय करना है, वह केवल लेता ही रहता है, कभी किसी को कुछ देता नहीं।' ऐसे लोगों को समझ लेना चाहिए कि अहंकार नरक का मूल है। जब तक 'मैं' की अकड़ है तब तक दुख है। 'मैं' की मृत्यु आत्मा का जीवन है। जिसने अहंकार छोड़ दिया, उसने भवसागर तर लिया। श्री दादू दयाल की वाणी का स्मरण करें, जहां राम तहँ मैं नहीं, मैं तहँ नाँही राम। दादू महल बारीक है, द्वै को नाँही दाम॥ सांसारिक दुखों से मुक्ति अहम्‌ के परित्याग से ही संभव है। अहम्‌ रखकर तो हम दुखों को पाले रहते हैं। तुलसीदास ने भी विनय पत्रिका में कहा है, 'तुलसीदास मैं मोर गये बिनु जिउ सुख कबहुँ न पावै'। इसी तरह का विचार गुरु नानक देव जी के गुरुग्रंथ साहिब में भी है, 'हउमै करी ताँ तू नाहीं तू होवहि हउ नाहि'। यदि अहं भाव करता हूं तो हे ईश्वर! तू प्राप्त नहीं होता और यदि तू प्राप्त हो जाता है तो अहं भाव नहीं रह पाता। हमें सहज जीवन जीना चाहिए। सादा जीवन, उच्च विचार, होने चाहिए हमारे। बुल्लेशाह का कहना है, गया गयाँ गल्ल मुकदी नहीं, भावै कितने पिंड भराय; 'बुल्लेशाह' गल ताईं मुकदी, जब 'मैं' खड्याँ लुटाय। गया जाने से बात समाप्त नहीं होती, वहां जाकर चाहे तू कितना ही पिंडदान दे। बात तो तभी समाप्त होगी, जब तू खड़े-खड़े इस 'मैं' को लुटा दे। रैदास जी ने कहा था, जब लगि नदी न समुंद समावै, तब लगि बढे हंकारा। जब मन मिल्यौ राम-सागर सूँ, तब यह मिटी पुकारा॥ आध्यात्मिक गुरुओं की शब्दावलि में कहें तो, साक्षी मात्र बनकर रहने से 'मेरा' छूटेगा। जब तक 'मेरा' नहीं छूटेगा, तब तक 'मैं' नहीं छूट सकता। मेरा ही 'मैं' को, यानी 'अहंकार' को जन्म देता है। Posted by मनोज कुमार at 10:00 pm Rohit Singh शुक्रवार, 09 सितंबर, 2016 बात एकदम सही कही है आपने। यह सिर्फ लेता है, देता कुछ नहीं है प्रतिभा सक्सेना शनिवार, 10 सितंबर, 2016 व्यावहारिक जीवन में उतारने योग्य . मनोविकारों पर आ.रामचन्द्र शुक्ल ने अपनी लेखनी चलाई बाद में वह शैली दुर्लभ हो गई थी. मनोज भारती शनिवार, 10 सितंबर, 2016 सब झगड़े "अहंकार" के हैं। इधर अहंकार गया उधर संसार गया। शांति आयी। Unknown शनिवार, 10 सितंबर, 2016 आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (11-09-2016) को "प्रयोग बढ़ा है हिंदी का, लेकिन..." (चर्चा अंक-2462) पर भी होगी। चला बिहारी ब्लॉगर बनने शनिवार, 10 सितंबर, 2016 अहंकार का कद स्वयं अहंकारी से भी बड़ा होता जाता है. और एक समय बाद उसका अस्तित्वा गुम हो जाता है और केवल अहंकार रह जाता है, एक गुब्बारे की तरह फूलकर फटने को तैयार. गुजरात के कच्छ में यह कहावत प्रचलित है कि एक विशाल सागर के अहंकार ने उसे भी एक रण (रेत का मरुस्थल) बना दिया.
Bihar News : नीतीश कुमार ने दिया ऐसा बयान, गरमा गई सियासत, HomeराजनीतिBihar News : नीतीश कुमार ने दिया ऐसा बयान, गरमा गई सियासत,... Bihar News : नीतीश कुमार ने दिया ऐसा बयान, गरमा गई सियासत, क्या होगा सीएम का अगला कदम Bihar News : सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कुछ ऐसा बयान दे दिया है कि जिससे बिहार की सियासत गरमा गई है। राजनीति का बाजार एक बार फिर अटकलों से गर्म हो चुका है। अब सभी के मन मे एक चिंता है कि बिहार सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का अगला कदम क्या होगा? जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है? तो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के जवाब ने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा ऐसी कोई बात नहीं है, सब जग का सदस्य तो बन ही गया हूं, बस राज्यसभा ही बचा है। उनके इस बयान के बाद अटकलें लगाई जाने लगी कि क्या नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति (Vise President) बनने वाले है? या फिर केंद्र की राजनीति शुरू करने वाले हैं? नीतीश कुमार के एक और बयान ने पंडितों की समस्याएं बढ़ा दी है | विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने पहले दिए गए बयानों को लेकर शुरू ही अटकलबाजी पर रोक लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब उनकी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है और ना ही राज्यसभा जाने की। इसलिए राजनीति के बाजार में चर्चा है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का अगला कदम क्या होगा। नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री रहकर केंद्र की राजनीति भी कर चुके हैं। फिलहाल डेढ़ दशक से भी ज्यादा बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री पद पर हैं। राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा नहीं? नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने साफ-साफ कहा, " जब मैं विधायक था तो मेरी इच्छा थी मैं MP बनूँ। उसके बाद मैंने लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बन गया। बाद में मैं 5 बार MP बना और केंद्र में मंत्री भी रहा। उसके बाद मेरी कोई इच्छा नहीं रही थी। बाद में जनता ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया। अब मेरी कोई इच्छा नहीं है कि मैं राज्यसभा के लिए सांसद बनूँ।" बताइ पुराने संसदीय क्षेत्र में भ्रमण की वजह: नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बताया कि उन्होंने बिहार के विकास के लिए क्या कुछ नहीं किया और अभी भी कर ही रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह क्यों आजकल अपने संसदीय क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, " मैं अपने क्षेत्र में इसलिए घूम रहा हूं, क्योंकि मैंने बहुत सारे विकास के काम किए हैं। मैं अपने द्वारा किए गए काम की समीक्षा करता हूं और लोगों के मन में क्या इच्छा है और क्या-क्या काम बचा हुआ है, उसकी जानकारी लोगों के बीच जाकर उनसे लेता हूं। इसलिए काफी दिनों बाद मुझे वक्त मिला तो मैं अपने पुराने संसदीय क्षेत्र में जा रहा हूं।
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मानक के विपरीत शहर भर में चल रहे प्राइवेट नर्सिंग होम, सीएमओ की चुप्पी क्यों ?? - कानपुर महानगर में छोटी छोटी दुकानों में बना दिये गये नर्सिंग होम - मानकों को ताक पर रखकर कर चलाई जा रही हैं मौत की दुकानें - सीएमओ की चुप्पी से शहर में जान से खेलते प्राइवेट अस्पताल प्रबंधक - कुकुरमुत्तों की तरह खुल गये नर्सिंग होम, जिला प्रसाशन बेखबर कानपुर महानगर(प्रदीप राठौर)शहर में कुकुरमुत्तों की तरह नर्सिंग होमों का खुलना और मानक विपरीत धड़ाधड़ चलना क्या दर्शाता है। ऐसी दशाओं में सीएमओ की चुप्पी क्यों? छोटी छोटी जगहों पर या यूं मानों कि छोटी छोटी दुकानों भर की जगह में चिकित्सा सेवायें मुहैया करवाने के नाम पर प्राइवेट नर्सिंग होम खोल दिये गये। जिनमें मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ धड़ाधड़ जारी है।कानपुर शहर के प्राइवेट नर्सिंग होम मरीजों की जेब में खुलेआम डांका तो डालते ही हैं साथ ही उनकी जान के दुश्मन भी बनते है। और इस अनैतिक कार्य में शहर के कई दिग्गज सरकारी डॉक्टर भी इनका साथ देते हैं।ये चोर चौकड़ी आपस मे सांठ गांठ करके ऐसा खेल खेलती है कि किसी को भनक तक नहीं लगती।जानकार बताते हैं कि इन प्राइवेट नर्सिंग होम्स अपने काम्प्लेक्स के अंदर ही मेडिकल स्टोर खोले हुए हैं।हॉस्पिटल के अंदर भर्ती मरीज के तीमारदारों और परिजनों को यह मजबूरी होती है कि मरीज की सारी दवा वहीं से ली जायेगी। इनके द्वारा मनमाफिक दामों पर बेची जाने वाली दवाओं की कीमत पर मरीज और उसके परिजनों द्वारा जब ऐतराज किया जाता है तो उसके साथ अस्पताल प्रबंधन अभद्रता और झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।कई कई नर्सिंग होम मरीजों की मौतों पर हमेशा विवादों में रहे हैं लेकिन आज तक उनपर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे इन चिकित्सा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।कानपुर शहर के जयराम हॉस्पिटल, कबीर हॉस्पिटल, कुबेर हॉस्पिटल, एस.डी. हॉस्पिटल, चंद्रप्रभा, अम्बा हॉस्पिटल, दिव्यांशु, गणेश हॉस्पिटल, साउथ सिटी हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल, एक्सपर्ट हॉस्पिटल सहित कई कुकुरमुत्तों की तरह खुले छोटी छोटी जगहों पर मानक के विपरीत नर्सिग होम रूपी ये मौत की दुकानें खुले आम चलाई जा रहीं।सोचने वाली बात ये है कि इस खूनी मौत के खेल में केडीए की भी मूमिका संदिग्द है। और पुलिस प्रसाशन को तो यह प्राइवेट नर्सिंग होम मालिक अपना पार्टनर मानते हैं। क्यों अस्पतालों की लापरवाही पर होने वाली मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा किया जाने वाला हंगामा खाकी ही कंट्रोल करती है जिसका बाकायदा उनको हिस्सा दिया जाता है।सवाल ये उठता है कि रत्ती रत्ती भर की जगहों में बड़े बड़े नर्सिंग होम्स का बोर्ड लगाकर मौत बांटने का असली जिम्मेदार कौन ??? मानक के विपरीत शहर भर में चल रहे प्राइवेट नर्सिंग होम, सीएमओ की चुप्पी क्यों ?? Reviewed by ADMIN on January 31, 2018 Rating: 5
सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह - GrenoNews November 20, 2018 GRENONEWS TEAM NATIONAL BOOK WEEK, SAVITRI BAI PHULE BALIKA INTER COLLEGE, SCHOOL ग्रेटर नोएडा : शहर के सावित्री बाई फूले बालिका इंटर कोल्लेज में 14-20 नवम्बर तक राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह मनाया गया . इस अवसर पर छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान का भण्डार होती हैं . पुस्तकें हमारा मनोरंजन कर हमारे दिमाग को आराम देतीं हैं साथ ही सही राह दिखा मार्गदर्शन करती हैं. इस अवसर पर छात्राओं में पुस्तकों के प्रति रूचि जाग्रत करे हेतु विभिन्न प्रतियोगिताएं का आयोजन किया गया. जैसे मैगज़ीन कवर मेकिंग, पोस्टर मेकिंग आदि. छात्राओं ने सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागेदारी की. इसके अतिरिक्त छात्रों ने कहानियों का मंचन भी किया. प्रधानाचार्य रीमा डे ने छात्राओं की कलाकिर्तियों की प्रशंसा की तथा उन्हें पुस्तक पढने हेतु प्रोत्साहित किया. प्रधानाचार्य ने पुस्तकालय अध्यक्ष गीता को इन सभी प्रतियोगिता का सफल आयोजन कराने तथा छात्रों में पुस्तकों के प्रति रूचि विकसित करने हेतु बधाई दी .
Capricorn Horoscope : Capricorn Daily Horoscope Today, 07 December 2019 Aaj Ka Rashifal Makar | मकर राशिफल 07 दिसंबर : मन को शांत रखें - Bolen Sitare | नवभारत टाइम्स होम राशिफल बोलें सितारे capricorn horoscope in hindi 07 december Updated: Dec 07, 2019 07:57 am IST आजीविका: नौकरी में हैं तो आज कोई आपकी आलोचना करके आपको परेशान करने की कोशिश करे तो भी आप धैर्य बनाए रखें और शां‍त मन से काम लें। इससे आपको लाभ होगा। ऐसा करने से आपके लिए सफलता के द्वार खुलेंगे। शिक्षा की दिशा में चल रहे प्रयासों में आपको सफलता मिलने का योग है। पारिवारिक जीवनः बीते दिनों की बेचैनी आज शांत हो जाएगी। मन में आंतरिक शांति का अनुभव होगा। आर्थिक स्थितिः अतिरिक्त आय के नए साधन नजर आएंगे। स्वास्थ्य: शीत प्रकृति के रोग और ज्वर आदि से पीड़ित होने के योग हैं। सुझाव: खान पान की अनियमितता से बचना चाहिए। rashifal 29 january todays horoscope 29 january राशिफल 29 जनवरी कुंभ राशिफल 29 जनवरी: परोपकार की भावना रहेगीधनु राशिफल 29 जनवरी: प्रिय व्यक्ति से होगी मुलाकातमकर राशिफल 29 जनवरी: सुख के साधन बढ़ेंगेतुला राशिफल 29 जनवरी: धन लाभ का हैं योगवृश्चिक राशिफल 29 जनवरी: आय के नए साधन बनेंगेकन्या राशिफल 29 जनवरी: बच्चों की ओर से खुशी मिलेगीकर्क राशिफल 29 जनवरी: मान-सम्मान में होगी वृद्धिसिंह राशिफल 29 जनवरी: संतान और जीवनसाथी से लाभ होगामिथुन राशिफल 29 जनवरी: प्रतिभा का पूर्ण लाभ ले सकेंगेमेष राशिफल 29 जनवरी: वाणी पर नियंत्रण रखेंवृषभ राशिफल 29 जनवरी: संघर्ष के बाद मिलेगी सफलताHoroscope Today 28 Januar: आज शिव योग में इन राशियों पर अधिक मेहरबान रहेंगे भोलेनाथकर्क राशिफल 28 जनवरी : कानूनी विवाद में सफलतामकर राशिफल 28 जनवरी : प्रभाव-प्रताप में वृद्धिवृश्चिक राशिफल 28 जनवरी : बेवजह बातों को तूल न दें
पटियाला में बस और कार की सीधी टक्कर, चार युवकों की मौत Sep 27, 2020 02:00 PM समाना- पटियाला रोड पर गांव ढकरबा के पास शनिवार शाम कार और बस (पीआरटीसी ) की आमने-सामने टक्कर हो गई। कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जख्मी हो गया। हादसा शनिवार शाम करीब पांच बजे हुआ। जिसके बाद मौके पर खड़े लोगों ने जख्मी को अस्पताल पहुंचाया। तीन की मौके पर मौत कार सवार युवकों में से मौके पर तीन की मौत हो गई थी जबकि चौथे युवक ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। वहीं हादसे के बाद मौके से बस ड्राइवर फरार हो गया। कार में कुंवर, साहिल, बंटी, परमजीत व सोनू निवासी गांव घनौरी खेड़ा सवार थे। ये लोग पीवीसी लगाने का काम करते थे और शनिवार शाम काम से वापस घर लौट रहे थे। मौके पर पहुंचे कुंवर सिंह के चाचा मनोज कुमार ने बताया कि पांचों युवक पीवीसी लगाने का काम करते थे और रोजाना साथ काम पर जाते थे। शनिवार को काम से लौटते समय पीआरटीसी की बस ने सामने से उन्हें टक्कर मार दी।
रिलायंस फाउंडेशन का सहयोग भोपाल। रिलायंस फाउंडेशन द्वारा चलाये जा रहे कृषक जागरूकता अभियान से जुड़े कई कृषक लाभवन्वित हो रहे हैं। फाउंडेशन किसानों के बीच व्यक्तिगत संपर्क, कृषक समूह चर्र्चा, के अलावा विभिन्न संचार माध्यमों विविध भारती, कृषक जगत, जियो चैट आदि के द्वारा भी किसानों तक नवीनतम तकनीकी जानकारी और सलाह पहुंचा रहा है। रिलायंस फाउंडेशन के इसी कार्यक्रम से गत 1 वर्ष से जुड़े युवा कृषक श्याम बाबू इस रबी सीजन में 8 एकड़ में धनिया की फसल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे कम पानी में अधिक उत्पादन व उचित दाम वाली फसल की तलाश में थे। रिलायंस फाउंडेशन के कार्यक्रमों में विशेषज्ञों की सलाह और प्रेरणा से उन्होंने इस वर्ष रबी सीजन में धनिये की फसल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस संबंध में फाउंडेशन की हेल्पलाइन, विविध-भारती पर किसान संदेश कार्यक्रम, कृषक जगत से और अधिक जानकारी प्राप्त की। धनिये की फसल लगाने के बाद भी वे फसल संबंधी समस्याओं के लिये रिलायंस फाउंडेशन के सतत् सम्पर्क में रहे। समय-समय पर विशेषज्ञों से मिली सलाह के अनुसार वे अपनी फसल की देखरेख कर रहे हैं। वर्तमान में उनकी फसल बहुत अच्छि स्थिती में है। धनिये की खेती करने के अपने निर्णय से प्रसन्न श्याम बाबू को इस फसल से अच्छा लाभ मिलते की आशा है।
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने देश में संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बावजूद लॉकडाउन की संभावनाओं से इनकार किया है। उन्होंने कहा- हम हालात को मार्च या अप्रैल की तरह न होने दें। ब्रिटेन में संक्रमण के दूसरे दौर को देखते हुए कुछ प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। हालांकि, इनका विरोध भी हो रहा है। शनिवार को प्रतिबंधों का विरोध करने पर 30 लोगों का गिरफ्तार भी किया गया। देश में फिलहाल मास्क लगाना जरूरी कर दिया गया है। एक जगह पर छह से ज्यादा लोगों के जुटने पर भी पाबंदी है। विदेश से लौटने के बाद क्वारैंटाइन में रहने के नियम तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने की रकम भी बढ़ा दी गई है। जॉनसन ने कहा है कि जो लोग वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकते और महामारी की वजह से घर पर बैठने को मजबूर हैं, उन्हें सरकार की ओर से 500 पाउंड (करीब 47 हजार रु.) दिए जाएंगे। इजराइल में नेतन्याहू सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। सरकार ने संक्रमण पर काबू पाने के लिए देश के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन लगाया है, लेकिन लोग इसका पालन करने को तैयार नहीं हैं। अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल के कई शहरों में लोगों ने लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन किए। इन लोगों का आरोप है कि मार्च के बाद से उनकी जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है।
होम » ब्रेकिंग ट्रैवल न्यूज़ » लैम्पुंग में घातक सुनामी ने इंडोनेशिया के तट को मार दिया इंडोनेशिया में रविवार की सुबह एक घातक सुनामी ने लैम्पुंग को मार दिया। लहरों से दर्जनों इमारतें नष्ट हो गईं, जिससे लैम्पुंग और बैंटेन में समुद्र तट प्रभावित हुए। लम्पुंग सुमात्रा के इंडोनेशियाई द्वीप के दक्षिणी सिरे पर एक प्रांत है, जिसमें कई प्रकृति संरक्षित हैं, जो लंबी पैदल यात्रा, बर्ड-वॉचिंग और वन्यजीवों को देखने की पेशकश करती हैं। पहाड़ी, वर्षावन बुकित बरिसन सेलातन नेशनल पार्क लुप्तप्राय प्रजातियों जैसे हाथियों और सुमात्राण बाघों का घर है। राजधानी शहर, बंदर लैम्पुंग, एक बैकपैकिंग हब और वेम्बस नेशनल पार्क के दलदलों के लिए एक कूदने वाला बिंदु है। रिपोर्टों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि कुख्यात क्राकाटो ज्वालामुखी में ज्वालामुखीय गतिविधि से एक पानी के नीचे भूस्खलन शुरू हो गया था - सबसे अधिक संभावना अनारक क्राकटु, बड़े, बड़े शोफ के दिल में बढ़ने वाले बच्चे ज्वालामुखी, जो पिछले कुछ समय से प्रस्फुटित हो रहा है। इस भूस्खलन ने बहुत सारे पानी को बहा दिया, और एक सुनामी उत्पन्न हुई। इंडोनेशिया के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बीएनपीबी) के सुतोपो पुरवो नुगरोहो रहे हैं tweeting घटना से संबंधित जानकारी। लेखन के समय, 600 लोग घायल हुए हैं, और कम से कम 40 लोग मारे गए हैं। ऐसा लगता है कि इस क्षेत्र की बहुत सारी इमारतें नष्ट हो गई हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सूनामी कहाँ पर है।
अगले 3 साल में हटेगा पहाड़ की महिलाओं के सिर से घास की गठरी का बोझ…सीएम त्रिवेंद्र | Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi Home / Featured / अगले 3 साल में हटेगा पहाड़ की महिलाओं के सिर से घास की गठरी का बोझ…सीएम त्रिवेंद्र अगले 3 साल में हटेगा पहाड़ की महिलाओं के सिर से घास की गठरी का बोझ…सीएम त्रिवेंद्र Posted by: admin in Featured, इंडिया, उत्तराखंड, खेल, डेवलोपमेन्ट, देहरादून, पर्यटक, पर्यावरण, मनोरंजन, राज्य, स्वास्थ्य November 19, 2020 0 169 Views मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार की दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य में सीएम स्वरोजगार योजना शुरू की गई। इसके तहत 150 प्रकार के कार्यों को शामिल किये गये हैं। किसानों को 3 लाख तक का ब्याज मुक्त एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का सभी को फायदा मिले, इसके लिए सभी जिलाधिकारी ब्लॉक लेबल तक जाकर इन योजनाओं की जानकारी लोगों को देंगे। जिला स्तरीय उच्च अधिकारी ब्लॉक लेबल पर जाकर सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे। सीएम हैल्पलाईन नम्बर 1905 पर 65 प्रतिशत लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। सीएम डेशबोर्ड की गतिविधियों की लोगों को भी जानकारी रहे, इसके लिए अगले माह सीएम डेशबोर्ड जनता के लिए खोला जायेगा। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में पिछले साढ़े तीन साल में कृषि के क्षेत्र में 100 से अधिक निर्णय लिये। 2017 में राज्य सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सपना रहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत में एक-एक फार्म मशनरी बैंक हो। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आशीर्वाद से सभी 670 स्थापित किये गये। किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिये गये। इन तीन सालों में इन मशीनों की सहायता से राज्य में कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई। भारत सरकार द्वारा कृषि कर्मणा पुरस्कार से उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने हमारे परम्परागत बीजों को मान्यता दी है। अब इन बीजों पर भी 50 प्रतिशत सब्सिडी किसानों को मिलेगी। उत्तराखण्ड में ऑगर्निक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 6400 कलस्टर स्वीकृत हुए हैं। 15 हजार कलस्टर की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को ऑगर्निक स्टेट के रूप में विकसित किया जाय। इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद तीरथ सिंह रावत, विधायक मुकेश कोली, जिलाध्यक्ष भाजपा पौड़ी संपत सिंह रावत, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती बीना राणा, जिलाधिकारी पौड़ी धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पौड़ी श्रीमती रेणुका देवी आदि उपस्थित थे। Previous: कोरोना के चलते छठ के लिए एस ओ पी राजधानी दूंन में भी Next: हरियाणा के तीन इनामी बदमाधो की गिरफ्तारी के बाद यूएस नगर के पुलिस का नाम भेजा जाएगा मेडल के लिए
. हजरत खौला बिन्ते सअलबा (र.अ.) का तअल्लुक कबील-ए-खजरज से था, जब हुजूर (ﷺ) मदीना मुनव्वरा तशरीफ लाए तो अपने पूरे खानदान के साथ इस्लाम में दाखिल हो गईं और बैत का शर्फ भी हासिल किया, इन के शौहर औस बिन सामित ने सबसे पहले इन से जिहार किया (के तू मुझ पर मेरी माँ की पुश्त की तरह है), इस्लाम से पहले जिहार के ज़रिये बीवी को कतअन हराम समझा जाता था, इस लिए हज़रत खौला फ़ौरन रसूलुल्लाह (ﷺ) है की खिदमत में गई और अपने शौहर का हाल बयान कर के रोने लगी, चुनान्चे अल्लाह तआला ने सूर-ए-मुजादला नाजिल फर्मा कर जिहार का हुक्म और कफ़्फ़ारा अदा करने का तरीका बताया, फ़िर उन्होंने अपने शौहर की तरफ़ से ज़िहार का कफ़्फ़ारा अदा किया, गर्ज अल्लाह तआला ने इन के मसअले के हल के लिए कुरआन की आयत नाजिल कर के मुसलमानों को जिहार का सही तरीका बताया। . हजरत खौला (र.अ.) बड़ी शीरीं ज़बान, गुफ़्तगु में माहिर और वाज़ व नसीहत में बड़ी जुरअतमंद थी, अमीरुल मोमिनीन हज़रत उमर (र.अ.) जैसी अजीम शखसियत को भी बिला किसी खौफ़ व झिजक के नसीहत कर दिया करती थीं, वह उन की नसीहत सुन कर फरमाते “यह वह खातून है जिन की शिकायत सातवें आस्मान पर सुनी गई”, इन के दौरे खिलाफ़त में वफात हुई। अल्लाह तआला ने हमारे पूरे बदन को कैसी अच्छी तर्तीब से बनाया, उस में कई जोड़ बनाए हैं, इस की वजह से हम को कितनी सहूलत होती है, हम सारे काम आसानी से कर लेते है, अगर कोई एक जोड़ भी काम न करे तो हम को कितनी तकलीफ होती। वाकई अल्लाह तआला बड़ी हिक्मत वाला है। “एक आदमी रास्ते से गुजर रहा था, के उसे काँटेदार दरख्त की शाख रास्ते में पड़ी मिली, तो उस ने हटा कर किनारे कर दिया और उस पर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया, तो अल्लाह तआला ने उस की मग़फिरत फर्मा दी।” “उस शख्स के लिए हलाकत है,जो लोगों को हंसाने के लिए कोई बात हे और उसमें झूट बोले, उस के लिए हलाकत है, हलाकत है।” “जो शख्स अल्लाह का हो जाता है, तो अल्लाह तआला उस की जरुरियात का कफ़ील बन जाता है और उसको ऐसी जगह से रिज्क देता है जहां उस का वहम व गुमान भी नहीं होता। जो शख्स मुकम्मल तौर पर दुनिया की तरफ़ झुक जाता है तो अल्लाह तआला उसे दुनिया के हवाले कर देता है।” “जो लोग ईमान लाए और नेक आमाल किए, अल्लाह तआला उनको (जन्नत के) ऐसे बागों में दाखिल करेंगे जिसके नीचे नहरें जारी होंगी और उन बागों में उन को सोने के कंगन और मोती (के हार) पहनाए जाएंगे और उनका लिबास खालिस रेशम का होगा।”
जनपद के सतरिख, सफेदाबाद, सर्थरा आदि क्षेत्रों में वेब सीरीज 'लत' की हो रही है शूटिंग – UP Breaking News Home/अब तक/जनपद के सतरिख, सफेदाबाद, सर्थरा आदि क्षेत्रों में वेब सीरीज 'लत' की हो रही है शूटिंग Mo Shamim01/02/2021Last Updated: 01/02/2021 बाराबंकी इन दिनों जनपद के सतरिख, सफेदाबाद, सर्थरा आदि क्षेत्रों में वेब सीरीज 'लत' की शूटिंग हो रही है। 'लत' के निर्माता-निर्देशक कुलजीत श्रीवास्तव ने बताया वेब सीरीज 'लत' के प्रथम पार्ट की शूटिंग फरवरी में पूरी हो जाएगी उन्होंने कहा वेब सीरीज में टीवी व सीरियल के मंझे हुए कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी मौका दिया गया है। रंगमंच व बॉलीवुड अभिनेता शरद राज सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजनीति से जुड़े सभासद देवेंद्र प्रताप सिंह 'ज्ञानू' ने इस वेब सीरीज में अभिनय किया है। कहानीकार व अभिनेत्री निशा सिंह ने इस वेब सीरीज की स्क्रिप्ट तैयार की है वही कैमरामैन सरवन यादव ने अपने कैमरे में कैद कर बहुत बेहतरीन तरह से छायांकन का कार्य किया है। यूनिट के सभी कलाकारों को निखार-संवार कर शारदा ने रूप सज्जा का कार्य किया है। इस सीरीज के मुख्य कलाकार सौरव यादव, सलोनी, निशा सिंह ने लाजवाब अभिनय किया है। सतरिख क्षेत्र के धौकल पुर निवासी भाजपा क्षेत्रीय मंत्री अवध क्षेत्र, रीता यादव के आवास पर भी शूटिंग की गई है। असिस्टेंट डायरेक्टर मनीष सिंह यादव, दीपा मिश्रा, डी०के० निराला, सौरव यादव, सुमित व सुनील सिंह ने भी अभिनय किया है।
अमेज़न आग टीवी स्टिक समीक्षा: सस्ता, महान टीवी स्ट्रीमिंग डिवाइस - समाचार नियम अमेज़न आग टीवी स्टिक समीक्षा: सस्ता, महान टीवी स्ट्रीमिंग डिवाइस वर्ष आग टीवी स्टिक सस्ते और प्रभावी था, लेकिन पॉलिश का अभाव. नई आग टीवी स्टिक लेता है कि सूत्र जीतने और कि £ 40 के लिए लगभग अपराजेय है पॉलिश और क्षमता का एक स्तर कहते हैं. आवाज सहायक Smarthome बिजलीघर में बजट स्मार्ट टीवी स्टिक बदल देती है, लेकिन सरल नियंत्रण रखता है, विस्तृत ब्रिटेन के लोकप्रिय टीवी और तीसरे पक्ष के अनुप्रयोग समर्थन शीर्षक से यह लेख "अमेज़न आग टीवी स्टिक समीक्षा: सस्ता, नए इंटरफ़ेस और एलेक्सा के साथ महान टीवी स्ट्रीमिंग डिवाइस" सैमुअल गिब्स ने लिखा था, के लिए theguardian.com सोमवार 10 अप्रैल को 2017 10.31 UTC अमेज़न दूसरी पीढ़ी आग टीवी स्टिक - जो आप अपने टीवी पर वीडियो और क्षुधा स्ट्रीम करने देता है - एक ही जीत सूत्र जारी है लेकिन नई ध्वनि खोज कहते हैं, एलेक्सा सहायक और एक snappier, अधिक पॉलिश यह सबसे अच्छा पल स्मार्ट टीवी उपलब्ध उपकरणों में से एक बना अनुभव. यह एक USB फ्लैश ड्राइव की तरह दिखता है, बस पक्ष में एक छोर पर एक HDMI संबंधक और एक microUSB सॉकेट के साथ. सेट अप अविश्वसनीय रूप से आसान है. यह सीधे प्लग अपने टीवी या रिसीवर के पीछे, या शामिल HDMI एक्सटेंशन केबल का उपयोग करता है, तो यह काफी अन्य उपकरणों के बगल में फिट नहीं करता है, पावर एडॉप्टर से शामिल microUSB केबल कनेक्ट और छड़ी में प्लग. आप आग टीवी स्टिक सीधे अमेज़न से तो खरीदा है तो आप अपने वाईफाई पासवर्ड रख दिया है एक बार, अपने खाते के विवरण पहले से ही स्थापित करने और तैयार हो जाएगा. ब्लूटूथ रिमोट और एक छोटी और उपयोगी परिचयात्मक वीडियो के कुछ ही क्लिक कि आवाज नियंत्रण के मूल सिद्धांत बताता चलाता है और आप जाने के लिए तैयार कर रहे हैं. आप आग टीवी स्टिक उपयोग करने के लिए एक अमेज़न खाते की आवश्यकता है, लेकिन आप एक प्रधानमंत्री सदस्यता की जरूरत नहीं है. इसके बजाय आप सामग्री खरीदने के लिए या कई टीवी में से एक का उपयोग कर सकते, फिल्म या संगीत स्ट्रीमिंग क्षुधा अमेज़न app की दुकान से उपलब्ध, Netflix सहित, ब्रिटेन के सभी स्थलीय प्रसारक के लोकप्रिय सेवाओं और Spotify. आप शायद पहले से ही अपने अमेज़न खाते में प्रवेश नहीं करेंगे, तुम अब भी जैसे Netflix के रूप में किसी तृतीय पक्ष ऐप्स के लिए उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड दर्ज करनी होगी. Android और iOS के लिए अमेज़न आग टीवी रिमोट एप्लिकेशन प्रक्रिया बहुत यह सब में टाइप के लिए आप एक पूर्ण स्मार्टफोन या टैबलेट कीबोर्ड देकर आसान बना देता है, जो बहुत कम रिमोट का उपयोग एक ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड स्क्रॉल करने के लिए की तुलना में कठिन है. पक्ष पर आपके टीवी के पीछे और पोर्ट में शामिल microUSB केबल और पावर एडाप्टर में HDMI कनेक्टर प्लग. फोटो: गार्जियन के लिए सैमुएल गिब्स नई आग टीवी स्टिक किसी भी अन्य अमेज़न आग टीवी उत्पाद और अधिकांश अन्य स्ट्रीमिंग डिवाइस की तरह काम करता. दूरदराज के मेनू नेविगेट करने के लिए एक छोटा सा दिशात्मक अंगूठी है, एक वापस बटन, होम बटन और एक विकल्प बटन, साथ ही ठहराव खेलने के रूप में, तेजी से आगे और बटन रिवाइंड. आप किसी भी विशेष दिशा में दूरदराज के बात करने के लिए नहीं है, के रूप में यह ब्लूटूथ की अवरक्त नहीं, और दो AAA बैटरी जो शामिल किए गए हैं लेता है. यह आसान है, उत्तरदायी और नए और बेहतर यूजर इंटरफेस है दोनों आकर्षक और प्रयोग करने में आसान, मीडिया के लिए अच्छा बड़ा चित्रों के साथ, क्षुधा और मेनू विकल्प. सबसे परिवर्तनकारी नई बात नई दूरस्थ एक माइक्रोफोन आप एक बटन धक्का करने वाली बात कार्यक्षमता देने में बनाया के साथ आता है वह यह है कि. दूरदराज के शीर्ष पर माइक बटन पकड़ो एलेक्सा सक्रिय करने के लिए और आप क्या चाहते हैं के लिए पूछना. यह एक ही अनुभव है कि आप एक इको या इको डॉट डिवाइस से मिलता है, पूर्ण एलेक्सा कार्यक्षमता के साथ, लेकिन आप यह भी क्या अमेज़न कॉल "कार्ड" है कि अपने टीवी पर पॉप अप आवाज जवाब के साथ मिलता. मौसम की रिपोर्ट बाहर पढ़ने के साथ-साथ, एलेक्सा स्क्रीन पर एक कार्ड पाती है. फोटो: गार्जियन के लिए सैमुएल गिब्स कार्ड इंटरैक्टिव नहीं हैं, लेकिन ध्वनि आउटपुट के पर एक नज़र दृश्य संस्करणों देना, तो यह उस दिन बारिश होने आप कुछ तापमान और मौसम आइकन प्रदर्शित होने पर नहीं जा रहा है जब एलेक्सा आपको बता रहा है. सरल खोज बहुत अच्छी तरह से काम करता है. आप अच्छा पत्नी देखना चाहते हैं, बस बटन दबाए रखें, कहते हैं कि "अच्छा पत्नी" और एलेक्सा इसे देखने के लिए अच्छी पत्नी और एक बटन धक्का दिखाने वाला पृष्ठ पर ले जाएगा. जहां इसे देखने के लिए कई तरीके हैं, एलेक्सा हमेशा तुम्हें दिखाता हूँ एक एक सदस्यता में शामिल हो सकता है आप से पहले अन्य तरीकों से इसे खरीदने के लिए. अच्छा पत्नी Netflix पर उपलब्ध है, लेकिन यह भी अमेज़न से खरीद के लिए उपलब्ध. यदि आपके पास एक Netflix सदस्यता में लॉग इन, मार खेलने सीधे नेटफ्लिक्स में अगले unwatched प्रकरण के लिए ले जाएगा. ये तेज़ है, उपयोग करने के लिए आसान है और परिवर्तनकारी आप जानते हैं कि क्या आप देखना चाहते हैं. तुम भी एक अभिनेता के नाम का उपयोग कर खोज कर सकते हैं, शैली और कई अन्य अलग-अलग कीवर्ड, लेकिन मैं अभी भी अभी भी अगर आसान प्रेरणा की तलाश में शो के माध्यम से ब्राउज़ लगता है, अमेज़न या Netflix सुझाव सामान्य रूप से बेहतर की तुलना में मैं अपने दम पर साथ आए हैं चाहते हैं के रूप में. नई आग टीवी इंटरफ़ेस भी Netflix की अनुमति देता है, और जल्द ही अन्य तृतीय पक्ष एप्लिकेशन, सामग्री का सुझाव देने आप अपने स्वयं के carrousels के तहत होम स्क्रीन के भीतर सीधे में रुचि हो सकती, जो उपयोगी है. आवाज नियंत्रण भी विकल्प प्लेबैक के लिए प्रदान, वीडियो के मिनट लंघन, रोक, अमेज़न वीडियो के भीतर अन्य कार्यों खेल रहे हैं और. स्मार्ट घर नियंत्रण बटन दबाए रखें और कहते हैं 'पर रोशनी की बारी'. फोटो: गार्जियन के लिए सैमुएल गिब्स पूर्ण एलेक्सा कार्यक्षमता भी नियंत्रण Smarthome तक फैली. कुछ भी आप अपने स्मार्टफोन पर एलेक्सा एप्लिकेशन के माध्यम से कनेक्ट कर सकते हैं आप नए आग टीवी स्टिक के साथ आदेश कर सकते हैं. माइक बटन मारो, कहते हैं कि "कमरे में रहने वाले लाइट चालू" और देखो किसी भी फिलिप्स ह्यू या अन्य कनेक्ट बल्ब प्रकाश. अमेज़न विभिन्न Smarthome उपकरण निर्माताओं के साथ साझेदारी की एक विस्तृत श्रृंखला मारा गया है, सैमसंग SmartThings सहित, फिलिप्स ह्यू, घोंसला, हाइव और कई अन्य लोगों, यह सबसे बहुमुखी Smarthome आवाज सहायकों में से एक बना. एलेक्सा, दीपक! कैसे मैं एक Sci-fi सपना में अपने घर बदल गया एलेक्सा से Netflix में एक शो के लिए सीधे छलांग पिछले नेटफ्लिक्स में उपयोगकर्ता के प्रवेश का उपयोग करता है, जिसका अर्थ है यदि आप किसी अन्य परिवार के सदस्य के दर्शक खाते के माध्यम से खेल रहा है खत्म हो सकता है आवाज नियंत्रण साफ है, लेकिन एक बटन दबाने अभी भी तेज है खेल और तृतीय पक्ष एप्लिकेशन से चुनने के लिए बहुत सारे हैं, एप्पल के आईट्यून सबसे बड़ी एक लापता साथ तुम भी एक स्मार्टफोन या टैबलेट से आग टीवी स्टिक करने के लिए वीडियो डाल सकता अभिभावकीय नियंत्रण विकल्पों में पिन ओवरराइड के साथ खरीद और सामग्री को सीमित करने के लिए उपलब्ध हैं आग टीवी स्टिक 1080p पर बाहर maxes, betyder कोई UHD 4K समर्थन som यह काफी के रूप में तेजी से आग टीवी बॉक्स के रूप में नहीं है, लेकिन यह आधी कीमत है (यह है, हालांकि, काफी एक बहुत आग टीवी स्टिक के पिछले संस्करण की तुलना में तेजी) नई आग टीवी स्टिक एलेक्सा आवाज के साथ रिमोट यह सबसे अच्छा मूल्य स्मार्ट टीवी स्ट्रीमिंग उपलब्ध उपकरणों में से एक बना £ 39.99 लागत, और £ 5 की तुलना में सस्ता एक आवाज-सक्षम दूरदराज के साथ पिछले संस्करण. उसे सेट अप करने के लिए आसान है. आप एक अमेज़न खाता है करने के लिए है और फर्म की सेवाओं में बंधे होते हैं, लेकिन तृतीय-पक्ष ऐप समर्थन उत्कृष्ट है, सभी प्रमुख ब्रिटेन के टीवी स्ट्रीमिंग और के लोकप्रिय सेवाओं बार एप्पल के और स्काई की सेवा के साथ. एलेक्सा समर्थन परिवर्तनकारी है, छड़ी एक बुनियादी टीवी स्ट्रीमर की तुलना में अधिक कर रही है, लेकिन यह भी तरह से नहीं मिलता है. तुम अब भी शब्द बोलना बिना हर स्ट्रीमिंग समारोह में प्रदर्शन कर सकते हैं, और जब तक एलेक्सा बहुत सक्षम है, आग टीवी स्टिक कठिन करने की कोशिश नहीं कर रहा है और अधिक होने की तुलना में यह है - एक सस्ता और प्रभावी पैकेज में एक बहुत अच्छा स्मार्ट टीवी डिवाइस. पेशेवरों: प्रयोग करने में आसान, आसान सेटअप, सघन, अच्छा रिमोट, चालाक इंटरफ़ेस, विस्तृत ब्रिटेन के लोकप्रिय सेवा समर्थन, एलेक्सा एकीकरण विपक्ष: काफी के रूप में तेजी से नहीं और अधिक महंगी आग टीवी बॉक्स के रूप में, iTunes या आकाश सामग्री के लिए कोई समर्थन, अमेज़न खाते की आवश्यकता है, केवल वाईफाई
जबलपुर। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम छतरपुर ने सहायक समिति प्रबंधक प्राण सिंह उर्फ मुन्ना की करीब दो करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। बड़ौदाकला छतरपुर में सेवा सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक प्राण सिंह के कई ठिकानों पर ईओडब्ल्यू ने सात मई को सर्च कार्रवाई की थी। छतरपुर के बारीगढ़ एवं जोगा ग्राम स्थित विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू ने करोड़ों की चल अचल संपत्ति का पता लगाया था। ईओडब्ल्यू ने विशेष अदालत में संपत्ति कुर्क करने के लिए याचिका दायर की थी। विशेष अदालत ने छह जून को दायर याचिका के संबंध में आरोपित की चल अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। कुर्की आदेश में अंतरण या भार को निषेधित किया गया है। 2013 में मिली शिकायत पर 2022 में छापा मारा ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत के निर्देश पर प्राण सिंह के ठिकानों पर अधिकारियों ने दबिश दी थी। उक्त कार्रवाई में ईओडब्ल्यू जबलपुर व सागर इकाई के अधिकारी शामिल थे। एसपी राजपूत ने बताया कि मुन्ना सिंह के खिलाफ वर्ष 2013 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत की गई थी। जांच में पाया गया कि मुन्ना सिंह ने अपनी कुल अर्जित आय की तुलना में कई गुना ज्यादा संपत्ति व्यय की थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कर डीएसपी एवी सिंह द्वारा विवेचना की जा रही थी। मुन्ना सिंह वर्ष 2000 में शासकीय सेवा की शुरुआत की थी। नौकरी शुरू करने की तारीख से वर्ष 2013 तक उसने अर्जित कुल संपत्ति की तुलना में 638 प्रतिशत ज्यादा रकम खर्च की थी। सर्च कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से अवैध पिस्टल भी मिली थी। इन संपत्तियों को कुर्क करने आदेश -एक करोड़ एक लाख 62 हजार 210 रुपये कीमती कृषि भूमि। 35 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। -10 लाख 57 हजार 105 रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर। -कई बैंकों व पोस्ट आफिस में जमा 50 लाख 25 हजार 495 रुपये। -28 लाख 48 हजार 38 रुपये कीमत के पांच वाहन। -इस प्रकार कुल एक करोड़ 90 लाख 92 हजार 848 रुपये की चल अचल संपत्ति। सर्च कार्रवाई में उक्त संपत्ति का पता चला था- -नकद एक लाख 61 हजार 500 रुपये। -333 ग्राम वजनी सोने के जेवर। -544 ग्राम वजनी चांदी के जेवर। -एक मकान छतरपुर में, कीमत का आंकलन होना शेष। -एक मकान बारीगढ़ में, कीमत का आंकलन होना शेष। -एक जेसीबी, एक सफारी कार, एक एक्सयूवी कार, एक अन्य कार, दो ट्रैक्टर, एक मोटरसाइकिल, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक मोपेड, एक जेसीबी व एक पोकलेन के दस्तावेज।
Reforms in agriculture needed for 2nd Green Revolution: Arvind Panagariya | कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए दूसरी हरित क्रांति की जरुरत: नीति आयोग | Hindi News, बिजनेस अहमदाबाद: नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तुलनात्मक रूप से कृषि क्षेत्र के कम योगदान को लेकर चिंता जतायी और दूसरी हरित क्रांति लाने के लिये इस क्षेत्र में सुधार का आह्वान किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार पनगढ़िया कृषि विकास पर कार्यबल की बैठक की अध्यक्षता के लिये गांधीनगर में थे। इन कार्यबलों का गठन मध्य एवं पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों ने किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि देश की 49 प्रतिशत आबादी कृषि से संबद्ध है, लेकिन उनका कुल जीडीपी में योगदान 15 प्रतिशत ही है। विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया है, 'यह समय कृषि क्षेत्र को महत्व देने का है। दूसरी हरित क्रांति के लिये हमें क्षेत्र के विभिन्न भागों जैसे भूमि, कृषि, बीज आदि में सुधार लाना होगा।' बैठक में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, केंद्र शासित दादरा एवं नागर हवेली तथा दमन एवं दीव के ऐसे कार्यबल के प्रमुख शामिल हुए।
करोड़ों की प्रॉपर्टी की मालकिन है हनीप्रीत....हनीप्रीत के बैग से हुए कई अह्म खुलासे - PTC NEWS Home Politics Haryana करोड़ों की प्रॉपर्टी की मालकिन है हनीप्रीत….हनीप्रीत के बैग से हुए कई... करोड़ों की प्रॉपर्टी की मालकिन है हनीप्रीत….हनीप्रीत के बैग से हुए कई अह्म खुलासे October 16, 2017 11:12 am, Updated on October 16, 2017 at 11:12 am बलात्कारी बाबा राम रहीम की मुंहबोली बेटी और सबसे बड़ी राज़दार हनीप्रीत करोड़ों-अरबों की मालकिन है। बड़ी गिनती में प्रॉपर्टी हनीप्रीत के नाम पर है। यह खुलासा हनीप्रीत के एक बैग से हुआ है जो एसआईटी के हाथ लगा है। इस बैग में हनीप्रीत की प्रॉपर्टी का सारा हिसाब किताब है। मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी को यह बैग राजस्थान के गुरुसर मोडिया, जिसे राम रहीम का पैतृक गांव कहा जाता है, से मिला है। इस बैग से पुलिस को कागजों का बड़ा जखीरा मिला है जिसमें पिछले कई महीनों पहले के लेनदेन की जानकारी भी है, जो करोड़ों में है। इस बैग से दर्जनों ज़मीन और मकानों की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं। ये प्रॉपर्टी हरियाणा, राजस्थान, और हिमाचल में है, पुलिस को बैग से कुछ डेबिट कार्ड भी मिले है। साथ ही बताया जा रहा है कि राम रहीम के बाद डेरा सच्चा सौदा में हनीप्रीत की ही मानी जाती थी। बल्कि राम रहीम के भी फैसलों में हनीप्रीत का सारा हाथ रहता था। डेरे का सारा वित्तीय प्रबंधन भी उसी के हाथों में था। इतना ही नहीं राम रहीम की गुफा भी हनीप्रीत के फिंगरप्रिंट से खुलती थी। आपको बता दें कि राम रहीम की सजा के एलान के तीन दिन बाद यानी 28 अगस्त को हनीप्रीत डेरे से फरार हो गई थी। हनीप्रीत 38 दिनों तक पुलिस को चकमा देती रही। लेकिन 39वें दिन हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत को पकड़ लिया था।
गाँव में बिजली आपूर्ति के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण दिबियापुर/औरैया। जिले के चार गाँव ऐसे हैं जहां आजादी से लेकर आज तक विद्युत बल्ब नहीं जल सका है।जहां देश डिजिटल इंडिया में परिवर्तित हो रहा है वहीं गाँव में बिजली ही नहीं है तो डिजिटल बनेगा कैसे।विद्युतीकरण कराने के लिए गाँव के लोगों ने नेताओं से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की लेकिन अभी तकविद्युतीकरण नहीं हो सका है। जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर की दूरी पर बसे गांव नंदपुर के अलावा एक और दो-दो किलोमीटर की दूरी परबसे गांव निम्नजना, बला की मडैया, दुर्गा का अडडा आज भी विद्युतीकरण से अछूता है। ये भी पढ़ें - तो फिर 200 रुपए किलो अरहर दाल खाएंगे हम ? गाँव में विद्युतीकरण न होने से गांव के लोग काफी परेशान हैं। मोबाइल, बैट्री को चार्ज करने के लिए ग्रामीणोंको दूसरे गाँव में जाना पडता है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों और जिले के नेताओं को मालूम नहीं है। सब कुछजानते हुए भी प्रयास नहीं किया गया। आज के लोग विद्युत बल्ब जलता हुआ देखने के लिए योगी सरकार सेआस कर रहे है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की है। नंदपुर गांव निवासी छक्की लाल (48वर्ष) का कहना है "लड़कों की शादी में में मिला पंखा, कूलर, फ्रिज बिजली नहोने की वजह से सब बंद रखे हुए हैं।" लाइट न होने से शादी बारातों में हो रही परेशानी -- नंदपुर, निम्नजना, दुर्गा का अडडा और बला की मडैया के लोगों का कहना है कि अगर कोई शादी वाला भीआता है इन गांवो में बिजली न होने की वजह से लौट जाता है। बिजली न होने से बड़ी मुश्किल में शादियां हो पारही है। लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गा का अडडा के प्रधान राजेंद्र राजपूत और नंदपुर की प्रधान प्रेमिना से जब गांव के लोग विद्युतीकरण की बातकहते हैं, "हम इसमें क्या कर सकते है विद्युतीकरण कराना उनके बस की बात नहीं है गाँव के लोग डीएम सेशिकायत करें तो भले ही विद्युतीकरण हो।'' गांवों में विद्युतीकरण नहीं हुआ है इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसे गांव है जहां विद्युतीकरण नहीं हुआ है।तो वहां एक्सियन को भेजकर स्टीमेट बनवाया जाएगा और गांव में विद्युतीकरण कराया जाएगा। जय प्रकाश सगर, जिलाधिकारी, औरैया
Modi Government next agenda is POK after Article 370 आर्टिकल 370 के बाद मोदी सरकार का अगला एजेंडा देगा पाक को झटका सालों से भारत से जम्मू-कश्मीर को अलग करने वाला आर्टिकल 370 हटाकर मोदी सरकार को एक बड़ी उपलब्धि मिली है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार यहीं नहीं रुकने वाली। उनके अगले बड़ी एजेंडे में शामिल है पीओके, यानी पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर। इस बारे में केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताते हुए कहा कि विश्व का रुख भारत के अनुकूल है। अब हमारा अगला अजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है। उन्होंने ये भी बताया, कश्मीर न तो बंद है और ना ही कर्फ्यू के साए में है, सिर्फ कुछ पाबंदियां हैं। ऊधमपुर-कठुआ लोकसभा सीट से सांसद जितेंद्र सिंह ने बताया अगला एजेंडा: ऊधमपुर-कठुआ लोकसभा सीट से चुनकर आने वाले जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुद्दे पर कहा, 'यह केवल मेरी या मेरी पार्टी की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह 1994 में पी. वी. नरसिंह राव के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित संकल्प है। यह एक स्वीकार्य रुख है।' ये भी पढ़ें: द ग्रेट खली ने दी पाकिस्तान को चुनौती, 'पंगा मत लेना वर्ना….' कश्मीर के हालातों पर दी जानकारी: कश्मीर के हालातों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। इंटरनेट सेवा बंद रखने के बारे में उन्होंने कहा, 'हम इसे जल्द से जल्द बहाल करना चाहते हैं। एक कोशिश की गई थी लेकिन सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो डाले जाने लगा और फैसले की दोबारा समीक्षा करनी पड़ी।' पाक को दी चेतावनी: वहीं पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आतंकियों द्वारा आम लोगों की हत्या के पीछे पाकिस्तान की साजिश है। उन्होंने पाक को चेतावनी दी कि पाक की मानसिकता है कि वह कुछ भी कर के बाख निकलेगा लेकिन वह बाख नहीं पायेगा। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए आपको कीमत चुकानी होगी।
'द वायर' वालो, 'मोदी-विरोधी' होने से गबन और क़त्ल करने का लाइसेंस नहीं मिलता – Bhadas 4 Journalist द वायर वालों को विचारों की कितनी कमी पड़ रही है, यह उनके लेखों को देखकर साफ हो रहा है। जनेऊ को हौव्वा बनाने से शुरू हुआ इनका मानसिक स्खलन इतना नीचे जा पहुँचा है कि अब ये कातिलों से लेकर गबन के आरोपियों का बचाव केवल इस आधार पर करना चाहते हैं कि फलाना मोदी के खिलाफ बोला था, 'एंटी-RSS' था, तो अगर इसे जेल भेजा गया तो सरकार के खिलाफ बोलने वालों में 'डर का माहौल' बन जाएगा। चोरकटई से इंकार नहीं कर पा रहे अपने साथियों की सबसे महत्वपूर्ण और गौरतलब बात यह है कि पत्रकारिता का समुदाय विशेष अपने संगी-साथियों के कुकर्मों से ना नहीं कर पा रहा है। इसे उस समय से तो 'इम्प्रूवमेंट' मान ही सकते हैं जब मोदी के दानवीकरण की 'चीफ आर्किटेक्ट' तीस्ता सीतलवाड़ को निर्दोष साबित करने के लिए मीडिया गिरोह पन्ने-पर-पन्ना काला करने में लगे रहते थे। लेकिन दोगलई और मोदी से नफरत इनकी नसों में शायद खून की जगह बह रहे हैं। वो भी इतने 'ब्लड प्रेशर' से कि वायर के संस्थापक-सम्पादक सिद्धार्थ भाटिया लिखते हैं कि हालाँकि सीबीआई ('मानवाधिकार' गिरोह के वकील आनंद ग्रोवर के खिलाफ विदेश से नियम तोड़कर पैसा लेने का केस दर्ज किया), सेबी (प्रणय रॉय को जालसाजी के आरोप में दो साल आर्थिक बाजार से तड़ीपार किया), प्रवर्तन निदेशालय (राघव बहल के खिलाफ आर्थिक अनियमितता का केस दर्ज किया) और कोर्ट (संजीव भट्ट को हत्या के मामले में उम्र-भर के लिए जेल भेजा) मोदी सरकार के अंतर्गत काम नहीं करते, "लेकिन" यह भी सच है कि बहल, भट्ट और प्रणय रॉय (और उनकी पत्नी राधिका रॉय) मोदी के खिलाफ काम करते थे। यहीं इनकी असली नीयत, असली चेहरा इसी "लेकिन" में दिख जाता है। बिना कुछ कहे न केवल आरोपित-चूँकि-मोदी-विरोधी-हैं-इसलिए-गबन-से-लेकर-क़त्ल-तक-माफ़-है का संदेश आपके दिमाग में बैठा देते हैं, बल्कि उसके बाद नीचे खुद ही ऊपर जिन प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई वगैरह को 'क्लीन चिट' देते हैं, बमुश्किल दस वाक्यों के भीतर-भीतर उन पर भी फिर से हमला शुरू कर देते हैं। हमें यह बताने के बहाने कि सेबी और ईडी ने 'आश्चर्यजनक तेज़ी से' रॉय दम्पति और राघव बहल पर कार्रवाई की, अप्रत्यक्ष रूप से पाठक के कान में 'ये मोदी के इशारे पर हो रहा है' का मंत्र फूँका जाता है। राघव बहल का मामला दबाने की कोशिश वायर के 'पप्पा' सिद्धार्थ भाटिया 'समुदाय विशेष' के अपने सहोदर राघव बहल के मामले को हल्का करने की भरसक कोशिश करते हैं। बताते हैं कि "महज़ दो करोड़ के लिए ईडी पूरे दल-बल के साथ राघव बहल के पीछे लग गया है, जबकि यह एक 'रूटीन' टैक्स इंक्वायरी हो सकती थी।" 'महज़' दो करोड़? महज़? दो करोड़ महज़ होते हैं? वो भी उस विचारधारा (शैम्पेन सोशलिज़म) के अलमबरदारों के लिए, जो दिन-रात इस देश के अमीरों के पैसे से डाह पालते नहीं थकते? जिन्होंने हर समय दूसरों की समृद्धि के लिए उन्हें शर्मसार करने में, 'गैर-बराबरी' के नाम पर सबके हाथ में कटोरा दे देने की वकालत की हो, वह पत्रकारिता का समुदाय विशेष अपनी काली कमाई के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर उस धनराशि को 'महज़' बता रहा है? और चाहता है कि अफसर और जाँच करने वाला विभाग भी उनके हिसाब से तय हों? यही काम सिद्धार्थ भाटिया सेबी और रॉय दम्पति के मामले में करते हैं। पता है कि सेबी के फैसले में कोई नुक्ता-चीनी हो नहीं सकती, क्योंकि सेबी ने तसल्लीबख्श सबूत अपने फैसले के समर्थन में रख ही दिए हैं। तो अब सेबी के उनका मामला हाथ में लेने पर ही सवाल उठाया जा रहा है। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सेबी के पास और मामले नहीं थे लंबित, जो प्रणय रॉय के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाया गया? केवल इसलिए कि वह एंटी-मोदी हैं? क्या एंटी-मोदी लोगों के मामले अदालतें, पुलिस, जाँच एजेंसियाँ तभी उठाएँ जब बाकी सारे मामले खतम हो जाएँ? ऐसा क्यों? क्या मोदी के खिलाफ हो जाना कोई लाइसेंस है अपराध करने का? हार्ड कौर पर देशद्रोह योगी नहीं, 26/11 के कारण है आगे भाटिया बताते हैं कि गालीबाज गायिका हार्ड कौर पर योगी को गाली देने के कारण देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह सीधे-सीधे झूठ है। हार्ड कौर को देशद्रोह मामले में नामजद इसलिए किया गया कि उन्होंने कथित तौर आरएसएस को हेमंत करकरे का हत्यारा कहा- जिसका मतलब यह था कि उन्होंने देश के दुश्मन हाफिज़ सईद को, फाँसी पर लटकाए गए जिहादी कसाब को 26/11 का दोषी होने से मुक्त करने की कोशिश की। अगर यह देशद्रोह नहीं है कि इस देश के ऊपर हुए इतिहास के भीषणतम जिहाद के घोषित और साबित मुजरिमों को कोई नागरिक बेगुनाह साबित करने का दुष्कृत्य करे, तो और क्या हो सकता है देशद्रोह? हिरेन गोहैन पर वही मामला है, जो कन्हैया कुमार पर है आगे भाटिया हिरेन गोहैन के मामले का ज़िक्र करते हैं कि उन पर भी देशद्रोह का मामला चल रहा है। इसे वह मोदी के देशद्रोह कानून के दुरुपयोग का सबूत दिखाते हैं। अगर इस मामले में वायर के ही लिंक पर क्लिक करिए तो साफ़ पता चलेगा कि उन पर मामला इसीलिए चल रहा है कि उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में असम को भारत से अलग करने के नारे लगे थे। ठीक यही मामला कन्हैया कुमार पर चल रहा है। ऐसे में सरकार अगर गोहैन पर मामला न चलाती तो क्या यह कन्हैया कुमार के साथ नाइंसाफी न होती? पत्रकारिता के समुदाय विशेष को सुधरना तो इन्हें तब तक नहीं है, जब तक भगवन खुद उन्हें सद्बुद्धि देने अवतरित न हो जाएँ। केवल एक सलाह दी जा सकती है- मोदी से नफरत करिए, खुल के करिए (क्योंकि अब जब वही खून की जगह आपकी रगों में बह रहा है, तो क्या किया जा सकता है?), पेट भर के करिए। लेकिन नफरत में इतने अंधे मत हो जाइए कि आज गबन वालों के पक्ष में आप खड़े हैं, कल संजीव भट्ट पर आरोपित हत्या का कोई औचित्य निकाल लाइए, और परसों 26/11 या पठानकोट या पुलवामा हमले के पक्ष में खड़े हो जाइएगा। नफरत को दिमाग पर हावी होने से रोकिए। उसे दिल के अजीर्ण तक सीमित करिए। Previous article चुनाव हों या न हों, अगले दस-बीस साल हम ही को रहना है और हम मुखौटों में नहीं असली मुखड़ों में दिखेंगे
होरी इस तरह की आलोचनाएँ और शुभकामनाएँ सुनते-सुनते तंग आ गया था। खिन्न हो कर बोला – यह सब मैं समझता हूँ लाला। लेकिन तुम्हीं बताओ, मैं क्या करूँ! मैं झुनिया को निकाल दूँ, तो भोला उसे रख लेंगे? अगर वह राजी हों, तो आज मैं उनके घर पहुँचा दूँ। अगर तुम उन्हें राजी कर दो, तो जनम-भर तुम्हारा औसान मानूँ, मगर वहाँ तो उनके दोनों लड़के खून करने को उतारू हो रहे हैं। फिर मैं उसे कैसे निकाल दूँ? एक तो नालायक आदमी मिला कि उसकी बाँह पकड़ कर दगा दे गया। मैं भी निकाल दूँगा, तो इस दसा में वह कहीं मेहनत-मजूरी भी तो न कर सकेगी। कहीं डूब-धँस मरी तो किसे अपराध लगेगा! रहा लड़कियों का ब्याह, सो भगवान मालिक है। जब उसका समय आएगा, कोई न कोई रास्ता निकल ही आएगा। लड़की तो हमारी बिरादरी में आज तक कभी कुँआरी नहीं रही। बिरादरी के डर से हत्यारे का काम नहीं कर सकता।
सुबह खाली पेट गुड़ खाने के फायदे | Hamara Mahanagar गुड स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि अक्सर डॉक्टर बेहतर स्वास्थ्य के लिए मीठे खासतौर से चीनी से दूर रहने की सलाह देते हैं और गुड़ खाने की सलाह देते हैं क्योंकि गुड़ ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है. यह एक ऐसा सुपर फूड है जिसके फायदों के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. इसे आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. आज हम इस पोस्ट के माध्यम से गुड़ खाने के जबरदस्त फायदे बताने की कोशिश करेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुड़ का सेवन करना पेट की समस्याओं से निपटने के लिए बहुत ही आसान एवं फायदेमंद उपाय है. यह पेट में गैस बनना और पाचन क्रिया से जुड़ी अन्य समस्याओं को दूर करने में बेहद फायदेमंद होता है. खाना खाने के बाद गुड़ का सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है और हमारे द्वारा सेवन किए गए आहार को पचाने में मदद करता है. ज्यादातर लोगों को जोड़ो में दर्द की समस्या बनी रहती है. इस समस्या से छुटकारा दिलाने में गुड़ काफी मददगार होता है. इसके लिए गुड़ को अदरक के साथ खा सकते हैं या चाहे तो यह गिलास दूध के साथ भी गुड़ का सेवन कर सकते हैं. इसके सेवन से हड्डियां मजबूत होती है. कमजोरी और थकान की समस्या से निपटने के लिए काफी मददगार होता है. जल्दी पच जाता है. इससे शुगर भी नहीं बढ़ती है और आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है. दिन भर काम करने के बाद जब भी आपको थकान हो तुरंत गुड़ खाएं. इससे आपका थकान दूर हो जाएगा. गुड में विटामिन और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो हमारी त्वचा के पोषण के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. यह आपकी त्वचा को चमकदार और गोरा बनाए रखने में मदद करता है. गुड़ में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होता है जो चेहरे की फोड़े- फुंसी और मुंहासों की समस्या से बचाव करने में मददगार होता है.
जानिये गर्मियों में ठंडे पानी के नुकसान -Shethepeople.TV जानिये गर्मियों में फ्रिज का पानी पीने के नुकसान जल्द ही गर्मियों आनेवाली है और हर जगह बस ठंडे पानी की डिमांड होनेवाली है। गर्मियों में हर किसीको फ्रिज से निकला ठंडा पानी पीना बहुत पसंद होता है। गर्मी दूर भगाने के लिए हम ठंडा पानी पीते ज़रूर हैं पर यह हमारी हेल्थ के लिए बिलकुल भी फायदेमंद नहीं है। ठंडा पानी पीने से हमारी बोनस वीक होती हैं और हमे बहुत सारी प्रोब्लेम्स का सामना करना पड़ता है। गर्मियों में ठंडा पानी हमे गर्मी से रिलीफ ज़रूर देता है पर हाँ यह हमे सिवाए प्रोब्लेम्स के कुछ नहीं दे सकता और बहुत सारी हेल्थ प्रोब्लेम्स की जड़ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में हमे फ्रिज का पानी पीने के बजाये नार्मल पानी पीना चाहिए। आइये आज हम जानेंगे ठंडा पानी पीने के नुकसान के बारे में। हड्डियों को वीक बनाता है फ्रिज का पानी नार्मल टेम्परेचर से भी ज़्यादा चिल्ड हो जाता है जिससे उसके अंदर के सारे इम्पोर्टेन्ट नुट्रिएंट्स किल हो जाते हैं और वो पानी हमारे लिए नुकसानदायक बन जाता है। डाइजेस्टिव सिस्टम को खराब करता है ठंडा पानी आपके पेट की नसों को सिकोड़ देता है। इससे आपकी बॉडी में प्रॉपर डाइजेशन नहीं हो पाता है। इससे खाना नसों में ही फसा रह जाता है और सही तरीके से डाइजेस्ट नहीं होता जिसके कारण आपको बहुत सी हेल्थ प्रोब्लेम्स का सामना करना पड़ सकता है। गला खराब होता है फ्रिज का ठंडा पानी पीना आपके गले के लिए और आपके वोकल कॉर्ड्स के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। ठंडा पानी आपकी चेस्ट कंजेस्ट कर देता है इससे आपको सांस से रिलेटेड और भी बहुत सारे रेस्पिरेटरी प्रोब्लेम्स हो सकती हैं। रेस्पिरेटरी सिस्टम को इफ़ेक्ट करता है ठंडा पानी पीने से हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम पर काफी असर पड़ता है इससे हमारी बॉडी में अस्थमा,ब्रोन्काइटी और भी पता नहीं कितनी सारी प्रोब्लेम्स की शुरुआत हो सकती है। ठंडा पानी हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को इफ़ेक्ट करता है और उसे बिलकुल खोखला बना देता है। ठंडे पानी के नुकसान
Miss Universe 2021 Harnaaz Kaur Sandhu Stuns In A Lilac Pankaj & Nidhi Dress | sarkariaresult - sarkariaresult » sarkariaresult - sarkariaresult.com - hindi.Sarkariaresult भारत की हरनाज़ कौर संधू ने जब मिस यूनिवर्स 2021 के लिए टॉप किया था, तब उन्होंने घर का गौरव बढ़ाया था। 21 साल बाद इस सम्मानजनक टैग के साथ एक भारतीय भव्यता सबसे ऊपर थी। इससे पहले लारा दत्ता ने 2021 में खिताब हासिल किया था। बॉलीवुड पहले से ही संधू पर नजर गड़ाए हुए है और हम शर्त लगाते हैं कि उसके हाथ में पहले से ही कई प्रस्ताव हैं, वह अपना पहला उद्यम तय करने से पहले अपना खुद का कैंडी समय ले रही है। हाल ही में हरनाज़ ने मीडिया से बातचीत के लिए मुंबई में कदम रखा और अपनी आउटिंग के लिए एक सुंदर परिधान चुना। बीटीएस और मिस यूनिवर्स 2021 हरनाज़ संधू: इंडियन ब्यूटी क्वीन की 'स्पीक फॉर योरसेल्फ' आरएम के यूनिसेफ भाषण की याद दिलाती है (वीडियो देखें). हरनाज़ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने ट्रेंड आउटिंग की तस्वीरें साझा कीं और हम इसके लिए दिल से तैयार हैं। उसने पंकज और निधि के घर से एक आसान लेकिन भव्य को-ऑर्ड सेट चुना और इसे सिल्वर स्ट्रैपी हील्स के साथ पेयर किया। हाईलाइटेड गाल, कोरल लिप्स, कर्ल्ड आईलैशेज, अच्छी तरह से डिफाइन्ड ब्रो और उसके ओपन ब्लोंड लॉक्स ने उनके लुक को और भी ज्यादा कंप्लीट किया। इससे पहले बिल्कुल नई मिस यूनिवर्स ने एक और शानदार लुक दिया था, जब उन्हें एक बोतल हरे रंग के को-ऑर्ड सेट के साथ क्लिक किया गया था, जो उन पर शानदार लग रहा था। मिस यूनिवर्स 2021 म्याऊ वीडियो! हरनाज़ संधू स्टेज पर कैट की तरह म्याऊ करते हैं, होस्ट स्टीव हार्वे को धन्यवाद! पंकज और निधि में हरनाज़ कौर संधू हरनाज़ कौर संधू (फोटो क्रेडिट: इंस्टाग्राम) घर को मिस यूनिवर्स का खिताब दिलाने वाली हरनाज बमुश्किल तीसरी महिला हैं। इस साल की सत्तरवीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता इस्राइल में हुई थी और इस बार करीब 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। संधू के उत्तराधिकारी के रूप में मेक्सिको की एंड्रिया मेजा ने शीर्ष स्थान हासिल किया था। दिलचस्प बात यह है कि वह पहले ही अपनी पंजाबी फिल्म की शुरुआत कर चुकी हैं यारा दिया पू बरनी तथा बाई जी कुट्टंगे। (उपरोक्त कहानी पहली बार टेककाशिफॉन पर 03 जनवरी, 2022 08:20 PM IST पर प्रकाशित हुई। राजनीति, दुनिया, खेल गतिविधियों, मनोरंजन और जीवन-शैली पर अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, हमारी वेब साइट sociallykeeda.com पर जाएं)। Exports Rose 37% To $37.29 Billion In December 2021: Government Data | sarkariaresult – sarkariaresult » sarkariaresult – sarkariaresult.com
यूनिवर्सल एक्सप्रेस: 04/20/21 अरब का दौरा करेंगे पीएम इमरान, दावा किया इस्लामाबाद/ रियाद। पाकिस्तानी के टीवी चैनल ने सोमवार को दावा, कि पाक के पीएम इमरान खान मई में ईद उल फितर से पहले या तुरंत बाद सऊदी अरब का दौरा करेंगे। पाकिस्तान में सऊदी अरब के राजदूत नवाफ बिन सईद अल-मल्की के अनुसार, इमरान खान की यात्रा की पुष्टि की गई है। लेकिन तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। यात्रा के दौरान, पीएम इमरान खान सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिलेंगे। मार्च में, क्राउन प्रिंस ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान खान को सऊदी अरब आने के लिए आमंत्रित किया था। इमरान खान ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। इससे पहले,पाक पीएम ने मोहम्मद बिन सलमान को पत्र लिखकर सऊदी अरब ग्रीन इनिशिएटिव और ग्रीन मिडिल ईस्ट इनिशिएटिव के लॉन्च पर बधाई दी। इमरान ने कहा, मेरे भाई, उनके रॉयल हाईनेस क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा "ग्रीन सउदी अरब" और "ग्रीन मिडिल ईस्ट" पहल के बारे में जानकर बहुत खुशी हुई! हमारे समर्थन की पेशकश की है। क्योंकि हमने भी "क्लीन एंड ग्रीन पाकिस्तान" और "10 बिलियन-ट्री लगाने की योजना तैयार की है। चौकीदार की कोरोना से मृत्यु, स्कूल सील किया गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के एनसीपी स्कूल में काम करने वाला एक चौकीदार की कोरोना से मृत्यु हो गई। मृतक की कोरोना रिपोर्ट चार दिन पहले ही आई थी और गरीब चौकीदार जैसे-तैसे अपना इलाज कर रहा था। मृत्यु के बाद चौकीदार की पत्नी ने जिला प्रशासन को सूचना दी। लेकिन, कोई भी उसकी मदद को नहीं आया। 24 घंटों के बाद मीडिया में खबर फैलने बाद थोड़ी देर पहले प्रशासन की नींद खुली और उसने नगर निगम के कर्मचारियों को भेज कर स्कूल को सील करा दिया है। शव के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की ओर से क्या प्रयास किए गए हैं। खबर लिखे जाने तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। घटना से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिला प्रशासन को संवेदनशील होकर काम करने के अनेक आदेशों के बावजूद भी गाज़ियाबाद में तैनात अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं है। बेनीवाल को प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की तरफ से पब्लिक हेल्थ के पूर्व चीफ इंजीनियर डीपीएस बेनीवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हैं। प्रदेश सरकार ने डीपीएस बेनीवाल को हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का सदस्य नियुक्त किया है। नवनियुक्त सदस्य डीपीएस बेनीवाल ने हरियाणा सरकार द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पूरी लगन व निष्ठा से इस जिम्मेवारी का निर्वहन करेंगे। डीपीएस बेनीवाल मूल रूप से फतेहाबाद के नेहला गांव से संबंध रखने वाले हैं और फिलहाल पंचकूला निवासी हैं। उन्होंने 1987 में हरियाणा के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में बतौर असिस्टेंट एक्सईएन ज्वाइन किया था। वर्ष 2004 में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बने तथा इसके बाद 2009 में चीफ इंजीनियर बने और 11 साल से अधिक इस भूमिका में कार्य किया। इससे पहले वह 1985 से 1987 तक गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, सिरसा में लेक्चरर के तौर पर भी कार्य करते रहे। डीपीएस बेनीवाल शुरू से ही वैचारिक तौर पर जननायक चौधरी देवीलाल जी की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। इनका परिवार भी शुरू से चौधरी देवीलाल जी की विचारधारा और जेजेपी पार्टी से जुड़ा हुआ है। 24 एसपीओ को पुलिस उपायुक्त ने किया सस्पेंड चंडीगढ। हरियाणा पुलिस विभाग में लगे 24 एसपीओ को फरीदाबाद पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्पित जैन ने सस्पेंड किया गया है। बर्खास्त किए गए एसपीओ फरीदाबाद के विभिन्न थानों में तैनात थे। जानकारी के अनुसार ये सभी लंबे समय से गैरहाजिर और पुलिस ड्यूटी के दौरान अनियमितताएं बरत रहे थे। जिसके चलते हुए इनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। बतया जा रहा है कि ये 24 एसपीओ काफी समय से गैरहाजिर चल रहे थे। पुलिस उपायुक्त के अनुसार ड्यूटी में तैनात कर्मचारी अनुशासन से बाधित होते हैं और उन्हें उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार ही कार्य करना होता है। परंतु ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे थे। प्रदीप की सजा पर रोक तो सदस्यता हो सकतीं है बहाल चंडीगढ़। हिमाचल हाइकोर्ट द्वारा पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी की सजा पर रोक लगाने से प्रदीप चौधरी की विधानसभा सदस्यता बहाल हो सकती है। हरियाणा के कालका विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, इस पूर्व विधायक की सजा पर हिमाचल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इन सबके चलते हुए हो सकता है प्रदीप चौधरी की विधानसभा सदस्यता बहाल हो जाए। इस मामले पर विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद अध्ययन करेंगे। यदि बात सही है तो सदस्यता बहाल कर दी जाएगी। आपको बता दें कि अगर सरकार ने खाली सीट पर चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिख दिया होगा तो भी हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद वह निरस्त हो जाएगा और विधानसभा स्पीकर को भी उन्हें बहाल करना होगा। विधानसभा के रिटायर्ड एडिशनल सेक्रेट्री रामनारायण यादव कहते हैं कि कन्वीक्शन पर स्टे मिल गया है तो चौधरी की सदस्यता बहाल हो जाएगी। कोरोना को लेकर डीएम ने व्यापरियों के साथ की बैठक कौशाम्बी। जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में कोविड-19 को लेकर व्यापरियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने व्यापारियो से कहा, कि जो भी उपभोक्ता सामान लेने के लिये आयें। उन्हें तब तक सामान न दिया जाये, जब तक मास्क न लगा लें। व्यापारी यदि आगे आयेंगे तो कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में मजबूती मिलेगी। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से आग्रह किया कि वह लाकडाउन को शक्ति के साथ पालन करें। इससे कोरोना के चैन को तोड़ने में काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अपने आप को सुरक्षित रखने के लिये वैक्सीन का टीका लगवायें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शशिकान्त त्रिपाठी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, परियोजना निदेशक, व्यपार मण्डल के अध्यक्ष रमेश अग्रहरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। हापुड़: मुरादनगर जैसे दूसरा हादसा होने का इंतजार हापुड़। तहसील गढ़मुक्तेश्वर के थाना सिंभावली ब्लॉक जनपद के अंतर्गत आने वाले गांव हाजीपुर में जर्जर हालत में श्मशान घाट में अंत्येष्टि संस्कार करने का स्थल शासन प्रशासन के आला अधिकारियों को शायद इंतजार है, एक मुरादनगर जैसे दूसरा हादसा होने का। गौरतलब रहे कि थाना सिंभावली ब्लॉक जनपद के गांव हाजीपुर में गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने के लिए बनाया गया संस्कार स्थल जर्जर हालत में खड़ा हुआ है। जो अपनी बदहाली पर आंसू बहाते हुए भर-भरा कर गिरने का इंतजार करते हुए ग्राम प्रधान के द्वारा कराए गए विकास कार्यों की भी पोल खोल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अंत्येष्टि स्थल का जीर्णोद्धार कराने के लिए क्या यह बार ग्राम प्रधान से भी शिकायत की गई है। लेकिन, कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। वही, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी मैदान में आने वाले ग्राम प्रधान प्रत्यासी इसका जीर्णोद्धार कराने के लिए नए-नए सपने दिखा रहे हैं। पंचायत चुनाव के मद्देनजर तो यह जर्जर हालत में खड़ा हुआ। अंत्येष्टि स्थल इन प्रत्याशियों को अब नजर आने लगा है लेकिन पूर्व प्रधान के कार्यकाल में यह जर्जर हालत में खड़ा अंत्येष्टि स्थल किसी को नजर नहीं आया। श्मशान घाट में जर्जर हालत में खड़े इस अंत्येष्टि स्थल के नवनिर्माण को लेकर ग्रामीणों में खासा रोष देखा जा रहा है। श्मशान घाट के इस जीर्णोद्धार निर्माण कराने को लेकर रोष व्यक्त करने वालों में पंडित कृपाल सिंह, सतीश हंसराज, दीपक बदन सिंह, दयानंद, अनिल रोहतास, नरेश, सोनू भीमसेन मुंशी, पंकज, संदीप शिवदयाल सहित दर्जनों की संख्या में श्मशान घाट का जीर्णोद्धार कराने के लिए प्रदर्शन करते नजर आए। सरस संग्रह-8 'धर्म' सारा-सारा दिन काम करो, दिन में बस एक नेक काम करो, कर्मकांड, कर्तव्य, कर्म करो, आठों पहर में घड़ी अनुदान करो। जियो अपने ढंग से, बहो सब के संग में, जियो और जीने दो, सबपे ये करम करो। किसी का भाग ना खाओ, असह को ना सताओ, लूट-मार क्यों करें, अपने आप से ही शरों। बल का सदुपयोग करो, वेदना मयी योग करो, सृष्टि के कल्याण करो, नाभंग निज कर्म करो। अपनी भी हो आरती, कृष्ण-सा हों सारथी, इस मानव जीवन को, ना व्यर्थ नाकाम करो। जी-मदिरा भक्षण को, बंद करों आरक्षण को, सोचों त्रयक्षण को, प्रतिपल नाम करो। तृप्ति किसी को दे दो, बदले में नेकी ले लो, धन में ना हो उन्मुक्त, धैर्य मन विश्राम करो। मन से मानवता का, नीच से भीरता का, अर से आचरण का, बस एक सकाम करो। ऑक्सीजन सिलेंडर के उपयोग पर लगाया प्रतिबंध रायपुर। ऑक्सीजन सिलेंडर के औद्योगिक उपयोग को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडर के औद्योगिक उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने फ़ैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक 22 अप्रैल से आगामी आदेश तक प्रतिबंध जारी रहेगा। औद्योगिक आपूर्ति रोककर मेडिकल ऑक्सीजन में परिवर्तित किए जाने का आदेश जारी किया गया है। इससे कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन मिल सकेगा। झारखंड में 22 से 29 अप्रैल तक रहेगा लॉकडाउन रांंची। लॉकडाउन की घोषणा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बैठक के बाद की। उन्होंने मंगलवार को अपने आवास में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह बड़ा फैसला लिया। राज्य में सख्ती से लॉकडाउन का पालन करने के आदेश दिए गए हैं ताकि कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। झारखंड में 22 से 29 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू रहेगा। हालांकि, प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं के साथ ही धार्मिक स्थानों को खुला रखने की अनुमति दी है। गौरतलब है कि सरकार ने इस बार राज्य में लागू किए गए लॉकडाउन को सुरक्षा सप्ताह नाम दिया है। कोरोना वारयस की दूसरी लहर का प्रकोप देशभर में जारी है। राज्य में आए दिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अहम फैसला ले लिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट: 7 जज-37 कर्मचारी मिलें संक्रमित नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट के 7 जज और 37 कर्मचारी पॉजिटिव मिलें। कोरोना से संक्रमित सभी जजों और कर्मचारियों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है। जिन जजों को कोरोना का संक्रमण हुआ है। उनमें उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामलों की सुनवाई करने वाले एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत, एडिशनल सेशंस जज एसके मल्होत्रा, चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अतुल कृष्ण अग्रवाल, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सलोनी सिंह, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अनिमेष भास्कर मणि त्रिपाठी, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रुपिंदर सिंह धीमान और महिला कोर्ट की जज विजयश्री राठौर शामिल हैं। इन सभी जजों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है। यूके: भर्ती-नियुक्ति प्रक्रिया पर सरकार ने लगाईं रोक देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी अशासकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक (प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक) लिपिक, भर्ती-नियुक्ति प्रक्रिया पर उत्तराखंड सरकार ने रोक लगा दी है। आज सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसका आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि, उपरोक्त भर्ती से संबंधित समस्त कार्यवाही अग्रिम आदेशों तक स्थगित की जाती है। इसका अनुपालन कड़ाई से किए जाने को भी आदेश में कहा गया है। दिल्ली मेट्रो ने सेवाओं को लेकर अपडेट जारी किया नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो ने कोरोना संबंधित कर्फ्यू के चलते अपनी सेवाओं को लेकर अपडेट जारी किया है। मेट्रो का कहना है कि महामारी के प्रसार को रोकने के लिए किसी भी दिल्ली सरकार के दिशानिर्देशों के तहत पात्र यात्री को केवल बैठकर ही गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी और उसमें भी पहले की ही तरह आधी सीटें खाली रहेंगी। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया है कि यात्रियों की कमी को देखते हुए सुबह 7 से 11 और शाम 4 से 8 बजे के दौरान मेट्रो 15 मिनट पर उपलब्ध होगी। वहीं अन्य समय में यह आधे घंटे के अंतराल पर संचालित होंगी। उनका यह भी कहना है कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए गाड़ियों को स्टेंडबाय पर भी रखा गया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 26 अप्रैल तक कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कर्फ्यू लगाया गया है जिसमें आवश्यक होने पर ही आवाजाही की अनुमति होगी। सरकार ने महामारी अधिनियम में आठवां संशोधन किया लखनऊ। यूपी सरकार ने कोरोना महामारी अधिनियम 2020 में आठवां संशोधन किया है। संशोधन के मुताबिक घर से बाहर बिना मास्क या गमछा के निकलने पर पहली बार पकड़े जाने पर एक हजार रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर दस हज़ार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है। मंगलवार को जारी नए आदेश में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित मोहन प्रसाद ने यह जानकारी दी। आदेश के मुताबिक किसी व्यक्ति द्वारा किसी सार्वजनिक स्थान पर अथवा घर से बाहर मास्क, गमछा, रुमाल या दुपट्टा ना पहनने पर पहली बार उसे 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक दूसरी बार बिना मास्क, गमछा, रुमाल या दुपट्टा के पाए जाने पर व्यक्ति को 10000 रुपये का जुर्माना देना होगा। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति के सार्वजनिक स्थलों पर अथवा घर से बाहर थूकने पर उसे 500 रुपये के जुर्माना से दंडित किया जाएगा। हिमाचल में कोरोना के 758 मामलें सामने आएं शिमला। हिमाचल में आज अब तक कोरोना के 758 मामले आए हैं। वहीं, 810 कोरोना पॉजिटिव ठीक हुए हैं। आज अब तक 12 लोगों की जान गई है। कांगड़ा में पांच, शिमला में चार व ऊना में तीन लोगों ने दम तोड़ा है। हिमाचल में कोरोना डेथ का आंकड़ा 1,200 पार हो गया है। अब तक 1,202 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश में कुल आंकड़ा 78,828 पहुंच गया है। अभी 9,717 एक्टिव केस हैं। अब तक 67,882 कोरोना संक्रमित ठीक हो चुके हैं। कोरोना रिकवरी रेट 86.11 फीसदी है। कोरोना डेथ 1.52 फीसदी है।सोलन में 171, शिमला में 129, सिरमौर में 113, ऊना में 93, लाहुल स्पीति में 73, हमीरपुर में 70, बिलासपुर में 59, किन्नौर में 33, कांगड़ा में 15 व मंडी में दो मामले आए हैं। कांगड़ा के 327, शिमला के 106, हमीरपुर के 99, ऊना के 71, सिरमौर के 56, मंडी के 50, लाहुल स्पीति के 49, कुल्लू के 42, चंबा के सात व किन्नौर के तीन ठीक हुए हैं। सोलन में अभी सबसे अधिक 2,037 एक्टिव केस हैं। कांगड़ा में 1,972, शिमला में 975, मंडी में 839, ऊना में 829, सिरमौर में 775, हमीरपुर में 654, बिलासपुर में 560, कुल्लू में 360, लाहुल स्पीति में 320, चंबा में 240 व किन्नौर में 156 एक्टिव केस (Active Case) हैं। शिमला में 303, कांगड़ा में 276, मंडी में 146, ऊना में 92, कुल्लू में 89, सोलन में 82, हमीरपुर में 57, चंबा में 55, सिरमौर में 44, बिलासपुर में 28, किन्नौर में 17 व लाहुल स्पीति में 13 की अब तक जान गई है। राजपूत की याचिका पर एचसी ने जारी किया नोटिस नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता की ओर से दायर एक याचिका पर अभिनेता की जिंदगी पर आधारित विभिन्न प्रस्तावित और आगामी फिल्मों के निर्माताओं को मंगलवार को नोटिस जारी किया। याचिका में राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने फिल्मों में उनके बेटे के नाम या उससे मिलते जुलते पात्रों के इस्तेमाल पर रोक की मांग की है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी कर उनसे 24 मई तक याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया, ''फिल्मकार हालात का फायदा उठा रहे हैं और अपने छिपे हुए मकसदों को पूरा करने के लिहाज से मौके को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता को आशंका है कि तरह-तरह की सामग्री प्रकाशित की जाएगी जिससे राजपूत और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। कलयुगी बेटे ने अपने पिता को उतारा मौत के घाट जालौन। बच्चे जब छोटे होते हैं तो पिता हर संभव कोशिश करता है कि उसके बच्चे उससे होनहार बने। पिता का कर्तव्य हर बच्चे की जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। लेकिन जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो वह कभी यह नहीं सोचते कि उनके पिता ने उनको किस परिस्थिति में यहां तक पहुंचाया है। ऐसी ही एक कलयुगी बेटे की घिनौनी करतूत सामने आई है। जिसे सुनकर आप चौक जायेंगे। मामला उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन से है जहां पर एक कलयुगी बेटे ने अपने पिता को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। जिससे गांव में हड़कंप मच गया। जालौन जनपद के सिरसा कलार थाना क्षेत्र के गांव सिकन्ना में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक कलयुगी पुत्र ने अपने पिता को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली आनन-फानन में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में लग गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा एवं कार्रवाई में जुट गई। फिलहाल आपको बता दें कि आरोपी पुत्र हत्या के बाद से फरार है जिसकी पुलिस तलाश में जुटी हुई। मजदूरों के बैंक खातों में पैसे डालने की अपील की नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संकट के चलते शहरों से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों के बैंक खातों में पैसे डालने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी कहा कि गरीबों, श्रमिकों और रेहड़ी-पटरी वालों को नकद मदद दी जानी चाहिए। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''प्रवासी मजदूर एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपये डाले जाएं। लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक क़दम उठाएगी ? प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, '' कोविड महामारी की भयावहता को देखकर यह तो स्पष्ट था कि सरकार को लॉकडाउन जैसे कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, लेकिन प्रवासी श्रमिकों को एक बार फिर उनके हाल पर छोड़ दिया गया। क्या यही आपकी योजना है, नीतियां ऐसी हों जो सबका ख्याल रखें।'' उन्होंने सरकार से आग्रह किया, गरीबों, श्रमिकों, रेहड़ी वालों को नकद मदद वक्त की मांग है। कृपया यह करिए। देश में कोरोना मृतकों की संख्या-1,80,530 हुईं नई दिल्ली। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,59,170 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,53,21,089 हो गई। जिनमें से 20 लाख से अधिक लोग उपचाराधीन हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 1,761 और लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 1,80,530 हो गई। देश में संक्रमण के मामलों में लगातार 41वें दिन वृद्धि हुई है और उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 20,31,977 हो गई है। जो संक्रमण के कुल मामलों का 13.26 प्रतिशत है। जबकि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर गिरकर 85.56 प्रतिशत रह गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,31,08,582 हो गई है और मृत्यु दर गिरकर 1.18 प्रतिशत हो गई है। भारत में कोविड-19 के मामले पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख की संख्या पार कर गए थे। इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे। वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ से अधिक हो गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 19 अप्रैल तक 26,94,14,035 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 15,19,486 नमूनों की जांच सोमवार को की गई। तेलांगना में 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू की घोषणा हैदराबाद। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को राज्य में 30 अप्रैल तक रात नौ बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। ये प्रतिबंध 20 अप्रैल से लागू होंगे। राज्य में कोविड-19 को नियंत्रित करने के विभिन्न उपायों की समीक्षा की गई है।मुख्य सचिव सोमेश कुमार ने एक आदेश में कहा कि कोविड​​-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक अतिरिक्त उपाय के तहत 30 अप्रैल 2021 तक रात नौ बजे से सुगह पांच बजे तक राज्य में रात्रि कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में अभी 42,853 लोगों का इलाज चल रहा है।मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को भी सोमवार को वायरस से संक्रमित पाया गया। कर्फ्यू के दौरान अस्पतालों, जांच प्रयोगशालाओं, दवा दुकानों को छोड़कर सभी कार्यालय, फर्म, दुकानें, प्रतिष्ठान, रेस्तरां आदि रात के आठ बजे बंद हो जाएंगे और मीडिया, ई-कॉमर्स डिलीवरी और पेट्रोल पंप जैसी अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भी छूट रहेगी। सरकारी अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों और हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आने-जाने वाले लोगों को छोड़कर रात्रि नौ बजे से सभी लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। आदेश में कहा गया कि अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं के परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और इस तरह की आवाजाही के लिए कोई अलग से अनुमति या पास की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा ऑटो और टैक्सियों सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को रात्रि कर्फ्यू के दौरान आवाजाही की अनुमति होगी। पुलिस ऑफिसर के किरदार में नजर आएंगे अजय मुंबई। बॉलीवुड के सिंघम स्टार अजय देवगन वेबसीरीज रूद्रा द एज ऑफ डार्कनेस में पुलिस ऑफिसर के किरदार में नजर आयेंगे। यह फिल्म हॉलीवुड अभिनेता इद्रिस एल्बा की हिट टीवी सीरीज 'लूथर' का हिंदी रीमेक है। सीरीज को बीबीसी वन के साथ मिलकर अप्लाउस एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रहा है और ये हॉटस्टार पर रिलीज होगी। बताया जा रहा है कि रूद्रा द एज ऑफ डार्कनेस एक क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज है जिसमें कि एक पुलिसवाला आखिर तक आते-आते एक साइको क्रिमिनल बन जाता है। अजय देवगन ने इस वेब सीरीज का फर्स्ट लुक इंस्टाग्राम पर शेयर किया है।अजय इस सीरीज़ में एक पुलिस अफ़सर के किरदार में नजर आएंगे, जो उनके अब तक के कॉप अवतारों से अलग होगा। अजय देवगन ने कहा, "मेरी हमेशा से कोशिश यही रही है कि काबिल लोगों के साथ बेहतरीन काम करूं। रूद्रा- द ऐज ऑफ़ डार्कनेस बांधकर रखने वाले कहानी है और इस सफ़र की शुरुआत करने का मुझे बेसब्री से इंतज़ार है। पर्दे पर पुलिस वाले का किरदार निभाना मेरे लिए नया नहीं है, लेकिन इस बार यह किरदार ज़्यादा गहरा, मुश्किल और डार्क है। मुझे इस किरदार की शख़्सियत ने सबसे अधिक प्रभावित किया। सम्भवत: यह मौजूदा दौर में सबसे ग्रे कैरेक्टर है। अमेरिका ने नागरिकों को भारत ना जाने की सलाह दी वाशिंगटन डीसी/ नई दिल्ली। अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण अत्यधिक फैलने के कारण वहां की यात्रा करने से बचें। रोग रोकथाम एवं नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) ने यात्रा परामर्श जारी किया। अमेरिका, विज्ञान आधारित यात्रा स्वास्थ्य नोटिस जारी करके अपने नागरिकों को विश्वभर में स्वास्थ्य संबंधी खतरों की जानकारी देता है और उन्हें स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए सलाह देता है। अमेरिका ने कोविड-19 संबंधी यात्रा परामर्श के लिए चार स्तरीय प्रणाली अपनाई है और ताजा यात्रा परामर्श में भारत को 'स्तर-चार: कोविड-19 के सबसे उच्च स्तर' में रखा गया है। विभाग ने सोमवार को कहा, ''कोविड-19 महामारी यात्रियों के लिए अप्रत्याशित खतरा बनी हुई है।'' सीडीसी से अमेरिकियों से भारत की यात्रा नहीं करने की अपील की है। एचसी ने चुनाव करवाने के तरीके पर जताईं नाराजगी प्रयागराज। हाईकोर्ट ने राज्य के भीतर कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न हो रही गंभीर स्थिति के बावजूद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करवाने के तरीके पर गहरी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जब प्रदेश सरकार को कोरोना की दूसरी लहर के घातक परिणामों का अंदाजा था तो सरकार की तरफ से कोई कारगर योजना क्यों नहीं बनाई गई। जिस तरह से राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करवाए जा रहे हैं और उसमें चुनाव ड्यूटी करने के लिए अध्यापकों व अन्य सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया जा रहा है, वह तरीका सही नहीं है। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है। कि लोक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करते हुए पुलिस को चुनाव करवाने के लिए मतदान केंद्रों पर भेज दिया गया। यह किसी भी दशा में ठीक नहीं है। चुनाव कराने वाले अधिकारियों को भी पता है कि लोगों को एक दूसरे से दूर रखने का कोई तरीका नहीं है। ऐसे आयोजकों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाए। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा है, कि हालातों को देखकर ऐसा लग रहा है कि सरकार के लिए केवल अर्थव्यवस्था ही मायने रखती है। खाने पीने की चीजों से भरी किरयाना की दुकान या बाइक अथवा कार से भरे शोरूम है। लेकिन जीवन रक्षक दवाइयों की दुकानें खाली पड़ी हुई है।जब कोरोना से बचाव की दवा रेमडेसीवर जैसी जीवन रक्षक दवाइयां दवाओं की दुकानों पर नहीं मिल रही है तो किराना के सामान से भरी दुकान व कारों से भरे शोरूम किसी काम के नहीं है। हाईकोर्ट ने प्रदेश में वर्तमान स्वास्थ्य सुविधाओं को अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि प्रयागराज और लखनऊ जैसे शहरों में ही रोजाना 500 से 1000 मरीजों को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ रही है। वर्तमान स्वास्थ्य सेवाएं 5 प्रतिशत आबादी की आवश्यकता को ही पूरा कर सकती हैं। अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या बताएं: एससी नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और आप सरकार को निर्देश दिया कि वे मंगलवार तक हलफनामे देकर कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रत्येक अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या बताएं। वर्तमान महामारी की दशा का जायजा लेते हुए उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी के पहलू पर अत्यावश्यकता के आधार पर गौर किया जाये। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पिल्लै की पीठ ने कहा कि अपने हलफनामों में केंद्र एवं दिल्ली सरकार यह भी बतायेंगे कि अस्पतालों के कितने बेडों के साथ वेंटीलेटर एवं ऑक्सीजन की सुविधा है और कितने में ऐसी सुविधा नहीं है। पीठ ने दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक बंद कर देने वाली कंपनी को तत्काल यह आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय को बताया गया कि यह कंपनी अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है। पीठ ने यह भी कहा कि 24 घंटे के अंदर कोविड-19 जांच रिपोर्ट नहीं देने पर प्रयोगशालाओं के विरूद्ध कार्रवाई के दिल्ली सरकार के निर्देश को लागू नहीं किया जाएगा। प्रवासी मजदूर संकट पर अदालत ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार पिछले साल लॉकडाउन में विफल रही थी और उससे सबक सीखने की जरूरत है। इस मामले पर अब मंगलवार को फिर सुनवाई होगी। दवा निर्माता कंपनियों के अधिकारियों के साथ संवाद नई दिल्ली। कोविड-19 रोधी टीका लगाने की उम्र सीमा 18 साल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज टीका उत्पादक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंस से होने वाली यह बैठक शाम छह बजे होगी और इसमें जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से एक प्रस्तुति भी दी जाएगी। टीका उत्पादक कंपनियों के साथ भी यह विभाग समन्वय करेगा। बैठक में भारत के साथ ही विदेशों की भी शीर्ष दवा निर्माता कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। जिन कंपनियों के टीकों को भारत सरकार की मंजूरी मिली हुई है। उनके भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। अभी तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्रोजेनेका द्वारा विकसित 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक कंपनी द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ साझेदारी में विकसित 'कोवैक्सीन' टीके भारत में दिए जा रहे हैं। फिलीपींस ने कोवैक्सीन के उपयोग की अनुमति दीं मनीला। फिलीपींस ने भारत के बायोटेक कोरोना वायरस कोवैक्सीन टीके को आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है। देश के खाद्य एवं औषधी प्रशासन (एफडीए) ने यह जानकारी दी है। एफडीए के महानिदेशक रोलांडो एनरिक डोमिंगो ने मंगलवार को मनीला के रैपलर समाचार सेवा के माध्यम से इस टीके को आपातकालीन उपयोग में लाने की पुष्टि की है। फिलीपींस, पलाऊ और माइक्रोनेशिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने इस मंजूरी का स्वागत करते हुए ट्विटर पर कहा यह कोविड-19 के खिलाफ जंग के लिए एक निर्णायक कदम है। कुमारन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा "ईयूए ने कोवैक्सिन की मंजूरी दी है। भारत बायोटेक को बधाई। फिलीपींस की एफडीए का धन्यवाद।" फिलीपींस ने सोमवार को एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के साथ 60 और उससे कम उम्र के नागरिकों के लिए टीकाकरण को फिर से शुरू किया। अप्रैल में फिलीपींस के स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिश पर एस्ट्राजेनेका टीके को लगाने के बाद खून के थक्के बनने और अन्य दुष्प्रभाव की शिकायत के कारण 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों को यह टीका लगाने पर रोक लगा दी थी। फिलीपींस से भारत बायोटेक के टीके के अलावा जॉनसन एंड जॉनसन, फाइजर, रूस के स्पुतनिक-वी और चीन के सिनावैक टीके को भी मंजूरी दे दी है। आंदोलनकारी किसानों का टेस्ट भी कराएंगी सरकार चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न हालातों की समीक्षा करने के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए बंदोबस्त करने का फैसला किया है। इस दौरान यह भी तय किया गया कि सरकार नये कृषि कानूनों के विरोध में राजधानी बॉर्डर पर बैठे आंदोलनकारी किसानों से बातचीत करते हुए उनका कोरोना वायरस का टैस्ट कराएगी। इस दौरान किसानों का कोरोना से बचाव के लिये टीकाकरण भी कराया जाएगा। इस कार्य की शुरुआत अगले एक-दो दिन के भीतर कर दी जाएगी। इसके अलावा आक्सीजन की कालाबाजारी को रोकने के लिए सभी निर्माण प्लांटों पर पुलिस सुरक्षा तैनात की जाएगी। उपयुक्त अधिकारी की जानकारी के बिना प्लांट से ऑक्सीजन का एक भी सिलेंडर बाहर नहीं जा पाएगा। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय माॅनिटरिंग कमेटी की बैठक में कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर एक दर्जन से भी ज्यादा अहम फैसले लिए गए। माॅनिटरिंगकमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्तर के 10 आईएएस अधिकारियों के अलावा पुलिस महानिदेशक और स्वास्थ्य महानिदेशक स्तर के पांच अधिकारी सदस्य हैं। बैठक में प्रत्येक दिन कोरोना के टेस्ट बढ़ाने पर सदस्यों के बीच सहमति बनी। गौरतलब है कि हरियाणा में मौजूदा समय में रोजाना 30,000 टेस्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना की जांच के लिए किए जा रहे हैं। लेकिन अब राज्य में कम से कम 40000 टेस्ट रोजाना किए जाएंगे। इंडिया सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट को स्थगित किया नई दिल्ली। इन दिनों कोरोना के कहर से जूझ रहे हैं। जहां देखिए वहीं कोरोना के आंकड़े बढते ही जा रहे हैं। आलम ये है कि जहां भी जाइए अस्पतालों के बेड भरे हुए हैं। नए मिलने वाले संक्रमितों की संख्या में बिल्कुल भी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है। अब इसका असर खेलों पर भी पड़ना शुरू हो चुका है। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इंडिया ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। भारतीय बैडमिंटन संघ बाई के महासचिव अजय कुमार सिंघानिया ने सोमवार को वर्चुअल प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। सिंघानिया ने कहा कि आप सभी को पता है कि दिल्ली में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगने जा रहा है। हमें नहीं पता कि आगे स्थिति क्या होगी। ये गंभीर हालात हैं। और सभी साझेदारों से बात करने के बाद हम इस फैसले पर पहुंचे हैं। कि टूर्नामेंट को आयोजित करना सही नहीं रहेगा। विश्व बैडमिंटन महासंघ ने भी सोमवार को बयान जारी कर कहा है कि टूर्नामेंट के आयोजक बाई ने 11 से 16 मई तक होने वाले इंडिया ओपन 2021 को स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट को सुरक्षित वातावरण में कराने के सभी प्रयास किए गए लेकिन कोरोना के अचानक बढ़ते मामले और दिल्ली में हालात को देखते हुए टूर्नामेंट को स्थगित करने के अलावा बाई के पास दूसरा विकल्प नहीं बचा। गौरतलब है कि इंडिया ओपन टूर्नामेंट का स्थगित होना कई खिलाड़ियों के लिए भी बहुत ज्यादा नुकसानदायक भी है क्योंकि ये टूर्नामेंट टोक्यो ओलंपिक के क्वालीफिकेशन का हिस्सा था। मजदूरों से भरी ओवरलोड बस पलटीं, 2 की मौत ग्वालियर। प्रसिद्ध जोरासी घाटी पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां ग्वालियर से डबरा की ओर आ रही पलायन कर रहे मजदूरों से भरी ओवरलोड बस पलट गई। हादसे में 2 लोगों की मौत और महिला और बच्चों सहित कई मजदूरों को गहरी चोट आई है। घटनास्थल राहत व बचाव कार्य जारी है। हादसे का कारण क्षमता से अधिक सवारियों का होना बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 6 दिन के लॉकडाउन के बाद मजदूरों ने घर वापसी कर दी है। इसी कड़ी में कई मजदूर निजामुद्दीन से मध्य प्रदेश के छतरपुर में आ रहे थे जो बिलौआ थाना क्षेत्र के जौरासी घाटी पर हादसे का शिकार हो गए। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। घायलों को ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया है। हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती को वैध करार दिया प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई शिकायत नहीं और भर्ती नियमानुसार हुई है तो कुछ अभ्यर्थियों की टाइप टेस्ट के फान्ट को लेकर की गयी शिकायत पर नये सिरे से टेस्ट लेने का आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में लिपिक स्टेनोग्राफर भर्ती 2015 को वैध करार दिया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने द्वितीय व तृतीय चरण की परीक्षा रद्द कर नये सिरे से कराने के एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया है तथा कहा है कि भर्ती प्रक्रिया नियमावली 2013 के अनुसार पूरी की गयी। उसमें अनियमितता की कोई शिकायत नहीं है और पिछले पांच वर्ष से कार्यरत चयनितों के कार्य के खिलाफ किसी जिले से भी शिकायत नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय यादव (अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश) तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने निशांत यादव व 28 अन्य, रूपेश कुमार व 133 अन्य, शिव प्रताप सिंह व 12 अन्य व नीलम सेन व 162 अन्य की विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है। जिसमें एकलपीठ के नये सिरे से टाइप टेस्ट कराने के आदेश की वैधता को चुनौती दी गयी थी। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने 2014 में अधीनस्थ अदालतों में लिपिक व स्टेनोग्राफर के 2341 पद विज्ञापित किये। 2015 में लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का टाइप टेस्ट लिया गया। लिखित परीक्षा पर कोई आपत्ति नहीं की। केवल स्टेनोग्राफर के टाइप टेस्ट के फान्ट बदलने पर आपत्ति की गयी। मंगल फान्ट से टेस्ट लिया गया। पांच अभ्यर्थियों ने यह कहते हुए याचिका दायर की कि उन्होंने क्रुति देव फान्ट से तैयारी की थी। अचानक मंगल फान्ट में टेस्ट लेने से उन्हें तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिला। जिससे प्रतियोगिता में समान अवसर के मूल अधिकारों का हनन हुआ है। याचियों का कहना था कि 2220 लोगों ने टाइप टेस्ट दिया और 2369 लोगों को सफल घोषित किया गया है। शून्य व माइनस अंक पाने वाले भी चयनित हुए हैं। जिसे एकल पीठ ने सही नहीं माना और स्टेज दो व तीन की परीक्षा रद्द कर नये सिरे से परीक्षा कराने का निर्देश दिया। जिसे विशेष अपील में चुनौती दी गयी थी। अपीलार्थियों का कहना था कि विज्ञापन में ही मंगल फान्ट से टाइप टेस्ट की सूचना थी। सभी ने मंगल फान्ट में टेस्ट दिया है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। भर्ती नियमावली मे कट आफ मार्क नहीं था। इसलिए लिखित व टाइप टेस्ट की मेरिट से चयन किया जाना नियमानुसार है। चयन में धांधली का आरोप नहीं है। ऐसे में परीक्षा रद्द कर नये सिरे से परीक्षा नहीं ली जा सकती। वे पांच साल से कार्यरत है। कार्य भी संतोषजनक है। कोर्ट ने कहा कि 2015 के चयन मे 2019 के कट आफ अंक रखने के प्रस्ताव लागू नहीं किये जा सकते। भर्ती में नियमो का उल्लंघन नहीं किया गया है। मंगल फान्ट सभी के लिए था, याची विपक्षियों के सिवाय अन्य किसी ने शिकायत नहीं की है। कुछ की शिकायत पर नियमानुसार किये गये चयन को रद्द नहीं किया जा सकता। एकल पीठ ने भी किस फान्ट से परीक्षा ली जाय, चयन कमेटी पर छोड़ दिया है। क्रुति देव फान्ट से टेस्ट लेने का आदेश नहीं है। एकलपीठ ने 2019 के प्रस्ताव को 2015 के चयन में लागू कर गलती की है। चयन नियमानुसार किया गया है। ऐसे में चयन का एक भाग रद्द करना सही नहीं कहा जा सकता। अजय-काजोल ने जन्मदिन पर बेटी को दी बधाईं मुंबई। बॉलीवुड के सिंघम स्टार अजय देवगन और अभिनेत्री काजोल ने अपनी बेटी न्यासा को जन्मदिन पर बधाई दी है। अजय देवगन और काजोल की बेटी न्यासा आज 18 साल की हो गई हैं। अजय और काजोल ने न्यासा के 18 साल पूरे होने पर खास अंदाज़ में उन्हें बधाई दी। अजय ने न्यासा के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "हैप्पी बर्थडे, सबसे प्यारी न्यासा! इस तरह के तनावपूर्ण समय में इस तरह की छोटी खुशियाँ ही एकमात्र 'ब्रेक' हैं। उन सभी के लिए प्रार्थना, जिन्हें स्वस्थ होने की आवश्यकता है। इसके अलावा काजोल ने न्यासा के 18वें जन्मदिन पर बधाई दी है। उन्होंने न्यासा के बचपन की फोटो शेयर कर जन्मदिन की बधाई दी है। काजोल ने बेटी के जन्म को अपनी सबसे बड़ी परीक्षा बताई। वो हर दिन बेटी से कुछ न कुछ सीखती हैं। काजोल ने बताया कि वह हमेशा बेटी का सपोर्ट सिस्टम बनकर उनके साथ रहेंगी। रेमडेसिवीर इंजेक्शन की यूपी में किल्लत नहीं होगी लखनऊ। कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर मानी जा रही रेमडेसिवीर इंजेक्शन की प्रदेश में अब कोई किल्लत नहीं होगी। मुख्यमंत्री योगी खुद आइसोलेशन में रहते हुए ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर की उपलब्धता की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अपर मुख्य सचिव 'सूचना' नवनीत सहगल ने बताया कि मंगलवार की शाम तक जुबिलियंट फार्मा की ओर से करीब 25 हजार वायल की आपूर्ति कर दी जाएगी। यही नहीं, अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रदेश में पौने तीन लाख रेमडेसिवीर की उपलब्धता होनी तय है। सोमवार को टीम-11 के साथ बैठक करते हुए सीएम योगी ने रेमडेसिवीर और ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा की। बताया गया कि जुबिलियंट फार्मा, कैडिला, माइलिन और सिप्ला जैसी निर्माता कंपनियों को 2,75,000 रेमडेसिवीर की डिमांड भेजी गई है। इसमें सर्वाधिक एक-एक लाख वा वायल की आपूर्ति कैडिला और सिप्ला द्वारा होगी, जबकि माइलिन को 25000 और जुबिलियंट को 50,000 वायल की आपूर्ति करनी है। सीएम के आदेश पर अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल दवा निर्माता कम्पनियों से सीधे संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि यह आपूर्ति अगले दो से तीन दिनों के भीतर सुनिश्चित हो जाएगी। सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इनका वितरण पारदर्शितापूर्ण ढंग से किया जाए। सभी आपूर्तिकर्ताओं से संवाद स्थापित कर प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मांग प्रेषित करें। यूपी के जिलों में 2 दिन लॉकडाउन, रात्रि कर्फ्यू जारी लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब यूपी के सभी जिलों में शनिवार-रविवार लॉकडाउन रहेगा। सिर्फ जरूरी सेवाओं को ही छूट रहेगी। इसके अलावा यूपी के सभी जिलों में नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। वीकेंड लॉकडाउन के दौरान यूपी में बेवजह बाहर निकलने पर मनाही होगी। वहीं सिर्फ जरूरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बाहर निकलने की छूट दी जाएगी। इसके अलावा कोरोना वैक्सीनेशन, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी छूट दी जाएगी। रिटायर्ड जजों को नियुक्त करने की अनुमति: एससी नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न हाईकोर्ट में जजों के खाली पड़े पदों पर रिटायर्ड जजों को तदर्थ रूप से जज नियुक्त करने की अनुमति दे दी है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि तदर्थ जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मामलों की लंबित संख्या के आधार पर तय करेंगे। कोर्ट इस मामले पर चार महीने के बाद सुनवाई करेगी। कोर्ट ने कहा कि अगर खास तरह के मामले काफी ज्यादा लंबित होते हैं तो उनके जल्द निपटारे के लिए तदर्थ जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तदर्थ जजों की हाईकोर्ट के प्रशासनिक मामलों में कोई भूमिका नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ किया कि तदर्थ जजों की नियुक्ति जजों की नियमित नियुक्ति के विरुद्ध नहीं की जाएगी। राहुल की रिपोर्ट आईं कोरोना पॉजिटिव, सतर्क रहें नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए है। ट्वीट कर उन्होंने जानकारी दी है। राहुल गांधी ने कहा कि हल्के लक्षण दिखने के बाद मैंने कोरोना टेस्ट करवाया, मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हाल में जो भी लोग हमारे संपर्क में आए हैं, वो सभी कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो करें और सुरक्षित रहें। पूर्व पीएम के स्वास्थ्य पर मंगलवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने ट्वीट किया। हर्षवर्धन ने लिख डॉ.मनमोहन सिंह जी का स्वास्थ्य टीम स्थिर है। उनके इलाज में लगी। मेडिकल टीम से उनके स्वास्थ्य के संदर्भ में जानकारी ली। हम सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में लगातार कोरोना का संक्रमण फैलता जा रहा है। और अब हर दिन रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे है। दिल्ली में बीते दिन भी 23 हजार के करीब कोरोना केस दर्ज किए गए थे। दिल्ली में हर दिन हजारों की संख्या में कोरोना के मामले आने की वजह से अस्पतालों में बेड्स की कमी हो रही है, जबकि ऑक्सीजन की भी किल्लत है। अब राज्य सरकार की ओर से तेजी से अस्थाई अस्पताल बनाए जा रहे हैं। और बेड्स की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। कोरोना वायरस के संकट के कारण ही दिल्ली में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया गया है। जो 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस के फिजिकल टेस्ट 17 मई तक टालें नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती प्रक्रिया के तहत होने वाले फिजिकल टेस्ट को दिल्ली फिलहाल टाल दिया गया है। राजधानी में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते यह फैसला लिया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा अब यह फिजिकल टेस्ट अप्रैल की जगह मई महीने में आयोजित किये जायेंगे। इस बाबत डीसीपी रिक्रूटमेंट की तरफ से सर्कुलर जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में दिल्ली पुलिस सिपाही की भर्ती निकाली गई थी। एसएससी द्वारा बीते नवंबर माह में 5800 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका परिणाम भी घोषित किया जा चुका है। इसमें पास होने वाले परीक्षार्थियों को अब फिजिकल टेस्ट देना होगा और इसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट होगा। इन दोनों टेस्ट को पास करने वालों को मेरिट के आधार पर दिल्ली पुलिस सिपाही के पद पर चयनित किया जाएगा। 17 मई से होंगे फिजिकल टेस्ट रिक्रूटमेंट डीसीपी श्वेता चौहान की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि बीते मार्च महीने में दिल्ली पुलिस की तरफ से एक सर्कुलर निकाला गया था। इस सर्कुलर में सिपाही भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट 27 अप्रैल से आयोजित करने की बात कही गई थी। इसमें पुरुष और महिला दोनों कैंडिडेट शामिल थे। 27 अप्रैल से यह फिजिकल टेस्ट झरोदा कलां स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित होने थे। लेकिन कोरोना संक्रमण के इस माहौल में फिजिकल टेस्ट करना मुश्किल है। इसलिए फिलहाल इसे टाल दिया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा अब 17 मई से यह फिजिकल टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। लॉकडाउन लगाने के फैसले पर एससी ने लगाईं रोक नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के फैलाव के चलते उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। आज सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने राज्य सरकार की तरफ से चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष इस मामले को मेंशन किया था। तुषार मेहता ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला कार्यपालिका के अधिकार में दखल है। राज्य सरकार पहले ही अपनी तरफ से ज़रूरी कदम उठा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले 19 अप्रैल को हाईकोर्ट को आदेश दिया था कि प्रदेश के पांच शहरों लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए इन शहरों में लॉकडाउन लगाना जरूरी है। हाईकोर्ट के इसी आदेश को प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 18 जून को साउथम्पटन में शुरू होगा डब्ल्यूटीसी आबुधाबी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आश्वस्त किया है कि ब्रिटेन द्वारा भारत को 'लाल सूची' में डालने के बावजूद भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 जून को साउथम्पटन में शुरू होगा। भारत को 'लाल सूची' में डालने का मतलब है कि देश से सभी यात्राओं पर पाबंदी लग गयी है। ब्रिटेन के नागरिकों को भी स्वदेश लौटने पर 10 दिन होटल में पृथकवास पर रहना होगा। ब्रिटेन ने यह कदम भारत में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण उठाया है। आईसीसी को हालांकि विश्वास है कि वह जैव सुरक्षित वातावरण में डब्ल्यूटीसी फाइनल का आयोजन करने में सफल रहेगा। आईसीसी ने सोमवार की रात जारी बयान में कहा, 'ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) और अन्य सदस्यों ने दिखाया है कि हम महामारी के बीच कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आयोजन कर सकते हैं और हमें विश्वास है कि हम आगे भी ऐसा करना जारी रख सकते हैं तथा डब्ल्यूटीसी फाइनल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्रिटेन में जून में आयोजित किया जाएगा। इसमें कहा गया है, 'हम अभी ब्रिटिश सरकार से 'लाल सूची' में डाले गये देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। ' इस बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सूत्रों बताया कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना असंभव है और बोर्ड को उम्मीद है जब टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिये जून के शुरू में ब्रिटेन की यात्रा करेगी तब तक भारत 'लाल सूची' में नहीं रहेगा। सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, 'हम अभी नहीं जानते कि जून में स्थिति कैसी होगी। यात्रा संबंधी दिशानिर्देश कोविड की स्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं। भारतीय टीम जून में शुरू में जब ब्रिटेन के लिये रवाना होगी हो सकता है ​कि तब तक देश लाल सूची में नहीं रहे जिसमें 10 दिन के कड़े पृथकवास का प्रावधान है।' उन्होंने कहा, 'लेकिन यदि इसकी आवश्यकता पड़ती है तो ऐसा किया जाएगा। वर्तमान की स्थिति में कुछ नहीं कहा जा सकता है। ब्रि​टेन में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यदि इसकी जरूरत पड़ती है तो साउथम्पटन में रोज बाउल और उससे जुड़े होटल को 'लाल सूची' के देशों से आगमन के लिये मंजूरी मिल सकती है तथा वहां पिछले सत्र की तरह पूर्ण जैव सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाएगा। जिला स्तर पर 'हेल्प डेस्क' शुरु करेगी भाजपा लखनऊ। कोरोना से प्रभावित आमजन को चिकित्सीय व अन्य सहायता मुहैया कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर 'हेल्प डेस्क' शुरु करेगी। प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला प्रदेश स्तर पर हेल्प डेस्क के समन्वय का कार्य करेंगे। हेल्प डेस्क में जिलाध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ का एक पदाधिकारी व एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी सम्लित रहेगा, जो स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों व मंत्री से समन्वय स्थापित कर आमजन की सहायता करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आये मरीजों के उपचार व अन्य चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें। साथ ही 'अपना बूथ कोरोना मुक्त' कैसे हो, इसके लिए भी योजना पूर्वक कार्य करें। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में सोमवार को पार्टी के सांसदों-विधायकों और जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारियों की वर्चुअल माध्यम से अलग-अलग हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्व में संक्रमितों की संख्या-14,20,97,803 हुई वाशिंगटन डीसी/ नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी ने विकराल रूप ले लिया है और हालात लगातार बिगडते जा रहे हैं। दुनियाभर में अभी तक इस वायरस के संक्रमण से 14.20 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। जबकि 30.29 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केंद्र (सीएसएसई) की ओर से जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार दुनिया के 192 देशों एवं क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14,20,97,803 तक पहुंच गयी है।जबकि अभी तक इस संक्रमण से 30,29,811 लोगों की मौत हो चुकी है। वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर थमने को नाम नहीं ले रहा है तथा यहां संक्रमितों की संख्या तीन करोड़ 17 लाख 37 हजार के पार हो गई है। जबकि पांच लाख 67 हजार 690 मरीजों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। दुनिया में कोरोना संक्रमितों के मामले में भारत दूसरे स्थान पर और मृतकों के मामले में चौथे स्थान पर है। यहां संक्रमितों की कुल संख्या 1,53,21,089 तक पहुंच गयी है। इस महामारी के संक्रमण से अभी तक 1,80,530 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्राजील संक्रमितों के मामले में अब तीसरे स्थान पर है। देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और अभी तक इससे 1,39,73,695 लोग प्रभावित हुए हैं जबकि इसके संक्रमण से 3,74,682 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्राजील कोरोना की मौत के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है। संक्रमण के मामले में फ्रांस चौथे स्थान पर है जहां कोरोना वायरस से अब तक 53.57 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 1,01,339 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके बाद रूस में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 46.57 लाख के पार पहुंच गयी है और 1,04,173 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस प्रभावितों की कुल संख्या 44.06 लाख से अधिक हो गयी है और 1,27,524 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के मामले में ब्रिटेन पांचवें स्थान पर है। तुर्की में कोरोना वायरस से अब तक 43.23 लाख अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 36,267 लाेगों ने जान गंवाई है। इटली में संक्रमितों की संख्या करीब 38.79 लाख हो गई है और 1,17,243 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के मामले में इटली छठे स्थान पर है। स्पेन में इस महामारी से अब तक 34.28 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 77,102 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमित के मामले में जर्मनी दसवें स्थान पर है और यहां इस वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 31.67 लाख हो गई है और 80,353 लोगों की मौत हो चुकी है। अर्जेंटीना में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 27.14 लाख के पार पहुंच गयी है और इस वायरस के संक्रमण से 59,476 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है। पोलैंड में कोरोना वायरस से करीब 26.95 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और इस महामारी से 62,133 लोग जान गंवा चुके हैं। कोलंबिया में कोरोना वायरस से अब तक करीब 26.67 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 68,748 लोगों ने जान गंवाई है। मेक्सिको में कोरोना वायरस से करीब 23.06 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और कोरोना मृतकों के मामले मेक्सिको तीसरे स्थान पर है जहां अभी तक इस वायरस के संक्रमण से 2,12,466 लोगों की मौत हो चुकी है। या देवी सर्वभूतेषु सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता: नवरात्रि मार्कंडेय के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियाँ होती हैं। ब्रह्मावैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है। इनके नाम इस प्रकार हैं- माँ सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियाँ प्रदान करने में समर्थ हैं। देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वे लोक में 'अर्द्धनारीश्वर' नाम से प्रसिद्ध हुए। माँ सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है। प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह माँ सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करे। उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो। इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। नवदुर्गाओं में माँ सिद्धिदात्री अंतिम हैं। अन्य आठ दुर्गाओं की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नौवें दिन इनकी उपासना में प्रवत्त होते हैं। इन सिद्धिदात्री माँ की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद भक्तों और साधकों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है। सिद्धिदात्री माँ के कृपापात्र भक्त के भीतर कोई ऐसी कामना शेष बचती ही नहीं है, जिसे वह पूर्ण करना चाहे। वह सभी सांसारिक इच्छाओं, आवश्यकताओं और स्पृहाओं से ऊपर उठकर मानसिक रूप से माँ भगवती के दिव्य लोकों में विचरण करता हुआ उनके कृपा-रस-पीयूष का निरंतर पान करता हुआ, विषय-भोग-शून्य हो जाता है। माँ भगवती का परम सान्निध्य ही उसका सर्वस्व हो जाता है। इस परम पद को पाने के बाद उसे अन्य किसी भी वस्तु की आवश्यकता नहीं रह जाती। माँ के चरणों का यह सान्निध्य प्राप्त करने के लिए भक्त को निरंतर नियमनिष्ठ रहकर उनकी उपासना करने का नियम कहा गया है। ऐसा माना गया है कि माँ भगवती का स्मरण, ध्यान, पूजन, हमें इस संसार की असारता का बोध कराते हुए वास्तविक परम शांतिदायक अमृत पद की ओर ले जाने वाला है। विश्वास किया जाता है कि इनकी आराधना से भक्त को अणिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, ईशित्व, सर्वकामावसायिता, दूर श्रवण, परकामा प्रवेश, वाकसिद्ध, अमरत्व भावना सिद्धि आदि समस्त सिद्धियों नव निधियों की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा गया है कि यदि कोई इतना कठिन तप न कर सके तो अपनी शक्तिनुसार जप, तप, पूजा-अर्चना कर माँ की कृपा का पात्र बन सकता ही है। माँ की आराधना के लिए इस श्लोक का प्रयोग होता है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में नवमी के दिन इसका जाप करने का नियम है। 1. अंक-247 (साल-02) 2. बुधवार, अप्रैल 21, 2021 3. शक-1984,चैत्र, कृष्ण-पक्ष, तिथि- नवमी, विक्रमी सवंत-2078। आठवां रोजा, सहरी 04:37, इफ्तार 06:45। 08 रमजान, हिजरी 1442।
बिहार में 'हिंदुओं को दबाने' के गिरिराज सिंह के बयान पर नीतीश कुमार का पलटवार- माहौल खराब मत करो | Giriraj's meeting with riot accused unacceptable, says Nitish, BJP MLC accuses him of appeasement - Hindi Oneindia 5 min ago अगले 20 दिनों तक आकाश में दिखेगा हजारों साल में एक बार नजर आने वाला धूमकेतू , जानिए खास बातें 19 min ago अमर की पत्नी खुशी कानपुर शूटआउट की साजिशकर्ता है या नहीं, तीन दिन के अंदर होगा खुलासा 33 min ago झारखंडः लड़की को साथ लेकर जाता फिर कई दिनों तक बनाता था शारीरिक संबंध, गर्भवती होने पर खुलासा | Updated: Monday, July 9, 2018, 17:29 [IST] नई दिल्‍ली। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर पलटवार किया है। नीतीश कुमार ने कहा कि हम किसी कीमत पर सांप्रदायिक माहौल खराब नहीं होने देंगे। हम लोग पूरी मर्यादा के साथ काम करते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार में हिंदुओं को दबाने की मानसिकता वाले गिरिराज के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह एक मीडिया स्‍टंट है। उन्‍होंने कहा कि अगर एक मंत्री ऐसे मामले पर राय दे रहा है, जिसकी पुलिस जांच हो रही है और मामला कोर्ट में है तो यह माहौल खराब करने की कोशिश है और कुछ नहीं। नीतीश कुमार ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे सांपद्रायिक सद्भाव में किसी प्रकार की कोई कमी आए। उन्‍होंने कहा कि बिहार सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है, जो कानून के मुताबिक न हो। इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नवादा जेल जाकर बजरंग दल और विश्‍व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की थी। इस मीटिंग के बाद उन्‍होंने कहा था कि शासन-प्रशासन को ऐसा लगता है कि हिंदुओं को दबाने से ही सांप्रदायिक माहौल ठीक रह सकता है। गिरिराज सिंह बजरंग दल और विश्‍व हिंदू परिषद के नेताओं से मिलने के लिए शनिवार को नवादा जेल पहुंचे थे। उन्होंने बजरंग दल के संयोजक जितेंद्र प्रताप जीतू और विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कैलाश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीधे नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। गिरिराज सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन हिंदुओं को दबा रहा है। जितेंद्र प्रताप जीतू और कैलाश विश्‍वकर्मा को बिहार के नवादा में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप है।
रियल एस्टेट Archives - न्यूझ -भारत और विश्व से समाचार, ताज़ा ख़बर Home Category व्यापार रियल एस्टेट गिफ्ट डीड, मकान देना है किसी को गिफ्ट में, यहां जानिए गिफ्ट डीड की जरुरी बातें – to give a house to someone as a gift, know here the important things of the gift deed किसी को गिफ्ट (Gift) देना या लेना हमारे जीवन में कई महत्वपूर्ण अवसरों का हिस्सा है। हम किसी ना किसी... नई दिल्ली: काफी दिनों तक स्थिर रहने के बाद अब रहायशी मकानों (Residential Property) की कीमत चढ़ने लगी है। दरअसल,... नई दिल्ली: देश के सात प्रमुख शहरों में करीब पांच लाख मकानों का निर्माण (Flat Construction) अटका हुआ है। इन... नोएडा/नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इसी मंगलवार को नोएडा अथॉरिटी (Noida Athority) की एक याचिका को खारिज करते... नई दिल्ली: आम्रपाली (Amrapali) के अनिल शर्मा (Anil Sharma) का नाम सुना है आपने? इनकी मुश्किल बढ़ गई दिखती है।... चेन्नई: सीमेंट कंपनी इंडिया सीमेंट लिमिटेड ने सीमेंट की कीमत में प्रति बोरी 55 रुपये की बढ़ोतरी (Cement Price Hike)... नई दिल्ली: कहते हैं कि कभी न कभी घूरे के भी दिन फिरते हैं। उसी तरह गरीबों के लिए भी... अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर धवल अजमेरा का कहना है कि कोविड-19 महामारी ने वास्तव में कंस्यूमर... नई दिल्ली: जल्द गिराए जाने वाले सुपरटेक ट्विन टावर्स (Supertech Twin Towers) में फ्लैटों के संकटग्रस्त खरीदारों के लिए एक... नई दिल्ली: NCR स्थित रियल एस्टेट डेवलपर्स ने घर की कीमतों (House Price) में 10% तक की बढ़ोतरी की है।... …जब 82 साल के रतन टाटा के पैर छूकर, 73 साल के नारायण मूर्ति ने लिया आशीर्वाद | mumbai – News in Hindi
जौनपुर: चिकित्सा के साथ समाजसेवा से भी जुड़े रहे डा. काशीनाथः राजेशपति | #AAPKIUMMID - उम्मीद Home जौनपुर जौनपुर: चिकित्सा के साथ समाजसेवा से भी जुड़े रहे डा. काशीनाथः राजेशपति | #AAPKIUMMID जौनपुर: चिकित्सा के साथ समाजसेवा से भी जुड़े रहे डा. काशीनाथः राजेशपति | #AAPKIUMMID माता आनन्दमयी नेत्र चिकित्सालय में मनायी गयी चौथी पुण्यतिथि नेत्र शिविर से सैकड़ों लाभान्वित, जरूरतमंदों को दिया गया कम्बल जौनपुर। जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक रहे डा. काशीनाथ उपाध्याय की चौथी पुण्यतिथि रविवार को माता आनन्दमयी नेत्र चिकित्सालय इंग्लिश क्लब में मनायी गयी। इस दौरान नेत्र शिविर लगा जहां 25 गरीबों के आंखों का निःशुल्क आपरेशन व 270 लोगों का नेत्र परीक्षण करके निःशुल्क दवा भी दी गयी। साथ ही सैकड़ों गरीबों में भी कम्बल वितरित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी राजेशपति त्रिपाठी ने कहा कि डा. उपाध्याय चिकित्सा के साथ समाजसेवा में भी आगे रहे। वे अहंकार से काफी दूर थे। आज की नयी पीढ़ी को उनके ऊर्जा व जोश से प्रेरणा लेनी चाहिये। उनके पिता पूर्व विधायक डा. रामकृष्ण उपाध्याय से हमारे दादा पूर्व मुख्यमंत्री व रेलमंत्री कमलापति त्रिपाठी से काफी अच्छे सम्बन्ध रहे। विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस सचिव शैलेन्द्र किशोर पाण्डेय ने कहा कि डा. उपाध्याय की पुण्यतिथि पर ऐसे आयोजन करना बहुत ही अच्छा है। इसके पहले कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने डा. उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात् उनके भाई त्रिभुवन नाथ उपाध्याय व डा. राकेश उपाध्याय ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम भेंट किया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय, चंदौली युवा कांग्रेस अध्यक्ष सियाराम पाठक, चंदौली कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष अजीत पाठक, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डा. देवेश उपाध्याय, शिवेन्द्र सिंह, डा. मधुकर तिवारी, डा. अरुण मिश्र, डा. आरपी यादव, डा. राजेश त्रिपाठी, अखिलेश श्रीवास्तव, दयासागर राय, देवानन्द मिश्रा, विजयशंकर उपाध्याय सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। अन्त में पुत्रगण विकेश उपाध्याय व विवेक उपाध्याय ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दलित और राष्ट्रवाद/राष्ट्रीयता का सवाल (पाकिस्तान की मिटटी से) - Round Table India March 13, 2018 Gurinder लेखक: गणपत राय भील (Ganpat Rai Bheel) अनुवादक: फ़ैयाज़ अहमद फ़ैज़ी (Faiyaz Ahmad Fyzie) यह एक ऐसा सवाल है जो हर उस अन्तःमन में पलता है जो इस व्यवस्था और इसके सत्ताधारी साथियों के अत्याचार का शिकार है। हम इस विषय पर दलितों का नज़रिया रखने की कोशिश करेंगे। दलित पाकिस्तान में आबाद एक महत्वपूर्ण सामाजिक समूह है। दलित दक्षिणी सिंध में बहुत बड़ी संख्या में आबाद हैं और सामूहिक रूप से पाकिस्तान की कृषि में रीढ़ की हड्डी की हैसियत रखतें हैं। दलितों को सामाजिक पहचान के संकट का भी सामना है। दलित सदियों से पीसे और कुचले हुए चले आ रहें हैं। दलितों की संख्या एक अनुमान के अनुसार लगभग 20मिलियन (2 करोड़) से 30 मिलियन (3 करोड़) है। दलित कौन हैं? दलित क्या चाहते हैं? दलित वर्ग को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है? हम कोशिश करेंगे कि इस लेख में दलितों की आवाज़ को पाकिस्तान के राष्ट्रीय पृष्ठभूमि में पेश किया जाए। भारत के बटवारे के समय से ही राष्ट्रीय पहचान का संकट उपमहाद्वीप की एक त्रासदी रही है. इस दौरान डॉ० बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की किताब "Thoughts on Pakistan"( थॉट्स ऑन पाकिस्तान) एक अहम दस्तावेज़ की हैसियत रखती है। यह किताब परम्परागत ढंग से हटकर एक दीवानी के मुक़द्दमे के रूप में लिखी गयी है। इस किताब में दलितों की ऐतिहासिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और राष्ट्रीय पृष्ठभूमि को अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया है और उनके तर्कों और कारणों को उन्हीं के ढंग में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है. इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ में उन उदास नस्लों के दुःखों का निवारण उनके राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक अधिकारों को स्वीकार करने के रूप में प्रस्तावित किया गया है। बड़ी अजीब बात है कि इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ को कभी भी बौद्धिक रूप में स्वीकार कर इस से लाभ उठाने की कोशिश करने के बजाय दोनों राज्यों के शासक वर्ग ने अपने-अपने स्वार्थ और उद्देश्य के लिए इसके अलग-अलग उद्धरणों का चुनाव किया जो सिर्फ उनके उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की बौद्धिक कोशिश थी। मगर ज़रूरत इस बात की थी कि सचपसन्दी को प्रकट करते हुए इस दौर के राष्ट्रीय सवाल को परखने के उद्देश्य से इस दस्तावेज़ का अध्ययन किया जाता। भारत विभाजन के पिछड़े और विकसित क्षेत्रों के बटवारे ने साबित किया कि पिछड़े क्षेत्रों के उच्व वर्ग ने पिछड़ेपन के नारे को अपने सत्ता की प्राप्ति के लिए इस्तेमाल किया और अपनी हाकिमियत (शासन) को मजबूत किया। उपमहाद्वीप के राष्ट्रीय स्वतन्त्रा का सवाल दरअसल मेहनतकश(कामगर) वर्ग के स्वतन्त्रा का सवाल था। ऐतिहासिक भरोसे के अनुसार यही वह वर्ग था जो समाज में सामाजिक और आर्थिक अत्यचार से पीड़ित था। उपमहाद्वीप की यह भी एक त्रासदी है कि यहाँ वर्गों की संरचना के साथ-साथ राष्ट्रीय पहचान और मूल्यांकन का सवाल भी बहुत पेचीदा बन चुका है। यहाँ के बहुसंख्यक महनतकश(श्रमिक) वर्ग क्लासिकल अद्योगिक मज़दूर वर्ग नहीं हैं बल्कि जाति और वर्ग आपस मे गडमड है। भारत और पाकिस्तान दोनों देश भारत विभाजन से लेकर आज तक सही अर्थों में एक राष्ट्र नहीं बन सके हैं। हमारे प्राचीन इतिहास में सिर्फ बुद्ध शासकों के दौर में उपमहाद्वीप एक राष्ट्र या देश कहलाने का अधिकारी था। अब्दुल रशीद धोलका(भंगी/मेहतर) ने अपने लेख "राष्ट्रीय समस्या" में हमारी प्राचीन इतिहास के इस अछूते अध्याय को छेड़ा है जो अब तक हमारे सिंध की तथाकथित राष्ट्रभक्ति के पाठ्यक्रम में वर्जित वृक्ष बना हुआ था। हमारे राष्ट्रभक्त राष्ट्रीय बुद्धिजीवियों और चिंतकों ने हमारे प्राचीन इतिहास को बुद्ध शासकों से या इस से भी पीछे जाकर शुरू करने के बजाय राजा दाहिर से ही शुरू करना उचित जाना। राजा दाहिर को एक भावनात्मक भूमिका देकर बहुत ही पवित्र गाय बनाया गया। और उस के साथ-साथ मुहम्मद बिन कासिम को एक शासक वर्ग(अशराफ) ने अपने उद्देश्य के लिए बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत किया। हमारे इतिहास की यही त्रासदी है कि प्रत्येक अधिकार हनन करने वाले शासक ने अपनी इच्छा और मनमर्ज़ी का इतिहास लिखवाया। प्राचीन भारत मे जातिवाद का परस्पर विरोध भी कमजोर और बलवान वर्गों का संघर्ष है। बलवान वर्ग के पास सत्ता और संसाधन रहें जबकि शासित वर्गों के पास अंकीय बहुसंख्यकता और मेहनत के अतिरिक्त कोई सहारा नहीं। मेरे विचार से हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की प्राचीन सभ्यता के बाद सामूहिक रूप में हमारे समाज की यह दूसरी बड़ी उप्लब्धि थी, जिसमें जातियों, कबीलों और वर्गों में बटें लोग ना सिर्फ उपमहाद्वीप को एक राष्ट्र बनाया बल्कि गौतम बुद्ध के मसावात(बराबरी) के विश्वव्यापी सन्देश को पूरे एशिया में फैला दिया। जिस के पदचिन्ह और प्रतीक आज भी अजर-अमर रूप में देखे जा सकते हैं। शासकीय शक्तियों ने उपमहाद्वीप के इस महान क्रांति को साज़िशों से खत्म करने की कोशिश की और अंततः सफलता प्राप्त किया। सिंध में राजा चचका राय के परिवार पर जीत इस षड्यंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। राजा चचका राय और राजा दाहिर के दौर में बहुजन/बहुसंख्यक (जो बुद्ध मत को मानती थी) को कुचला गया और जातिवाद की जंजीर में कैद किया गया। उस समय के सामाजिक विरोधाभास का फायदा विदेशी शक्तियों ने उठाया। बहुसंख्यक/बहुजन जनता की ब्राह्मण शासक वर्ग से नाराजगी की वजह से अरबी शासकों ने आसानी से उपमहाद्वीप को जीतकर यहाँ की राजनैतिक सत्ता को अपने हाथों में ले लिया। बहुजन/बहुसंख्यक वर्ग को विद्रोह से रोकने के लिए और उनके ब्राह्मण शासकों से विरोधाभास का फायदा उठाने के लिए यहाँ इस्लाम का प्रचार प्रसार हुआ। और बहुसंख्यक/ बहुजन वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में इस्लाम धर्म स्वीकार किया(यही विरोध आगे चल कर द्विराष्ट्र सिद्धान्त की नींव बना जिसके लिए मुसलमान नहीं बल्कि भारत पर हावी ब्राह्मण1 सोच ही जिम्मेदार है) भारत विभाजन के समय एक तरफ महत्वपूर्ण पक्षों में शासकीय जातियों पर आधारित ब्राह्मण वर्ग तो दूसरी तरफ अशराफ मुसलमान का नेतृत्व था, जबकि तीसरी राजनैतिक शक्ति सदियों से कुचले हुए पसमांदा तबक़ों/पिछड़े वर्गों (अछूत, आदिवासी और दलित) की तहरीक थी जिनका नेतृत्व डॉ० बाबा भीम राव अम्बेडकर कर रहें थे2 मुस्लिम लीग जो मुसलमानों के अधिकारों की दावेदार थी सच में सिर्फ मुसलमान अशराफिया(नव्वाबों, जागीरदारों और व्यापारी अशराफ) वर्ग के स्वार्थ तक सीमित रही। मुस्लिम जनता के मेहनतकश(कामगर/पसमांदा) वर्गों के ऐतिहासिक, राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन का नारा दरअसल नव्वाबों और जागीरदारों को सत्ता के सिंघासन तक पहुंचाने के लिए था। दूसरी तरफ काँग्रेस थी जो गैरदेशी शासकों के प्रभुत्व से स्वतंत्र अखंड भारत का सपना देख रही थी। दरअसल काँग्रेस ब्राह्मण वर्ग के नेतृत्व में हिन्दओं की ऊंची जातियों की राजनैतिक और आर्थिक सत्ता के साथ-साथ सामाजिक सत्ता को भी चिरस्थायी करना चाहती थी। वह सामाजिक सत्ता(प्रभुत्व) जो जातिवाद के धर्म पर स्थापित (स्थिर) था, एक ऐसा धर्म जिसमें अछूत लोगों का एक बड़ा समाजी हिस्सा सिर्फ निचले स्तर पर ही रह कर बाकी तबक़ों (स्तर के लोगों) की मानसिक, शारीरिक, राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक दासता स्वीकार करके ज़िंदा हों। तीसरी तरफ दलित आंदोलन उस दौर की एक महत्वपूर्ण राजनैतिक और सामाजिक आंदोलन था। जो बराबरी के आधार पर अपनी पहचान और अधिकार हासिल करना चाहता था। इस आंदोलन का नेतृत्व उपमहाद्वीप के एक महान चिंतक और क्रांतिकारी व्यक्तित्व डॉ० बाबा भीम राव अम्बेडकर कर रहे थे3। बावजूद इसके भारत विभाजन की राजनैतिक आन्दोलन और उनके नेता आज अतीत का हिस्सा बन चुके हैं मगर दलितवाद का विचार और चिंतन न सिर्फ आज भी जीवित है बल्कि अपने महत्वपूर्ण होने का एहसास दिलवा रहा है। आज दलितवाद का विचार भारत और दक्षिण एशिया के देशों के दलितों के अस्तित्व और राजनैतिक व आर्थिक स्वतन्त्रा की मंज़िल(गन्तव्य)बन गया है। काँग्रेस भारतीय या हिंदुस्तानी राष्ट्रवाद के विचार से सहमत थी। एक ऐसा राष्ट्र जिसका राष्ट्रीय पूंजीपति या शासक वर्ग सिर्फ ऊंची जाति की हिन्दू बिरादरी तक सीमित हो, बाकी जनता और दूसरे मध्यम वर्गों को उनके रहमोकरम(दयालुता) पर ही संतोष करना था। यूरोप का आधुनिक पूंजीवादी व्यवस्था जिसने जागीरदारी, नव्वाबों, महाराजाओं और स्थानीय जमींदार अशराफिया को हरा कर उपमहाद्वीप पर आधिपत्य जमाया था, उस के लिए बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय परिस्तिथियों में इस सत्ता को कायम रखना असम्भव मालूम हो रहा था। खास तौर पर बाल्शेविक क्रांति और चीन में जारी क्रांतिकारी सँघर्ष के संभावित परिणाम ने और भी ज़्यादा परेशान कर दिया। क्योंकि इस से ना सिर्फ उनको उपमहाद्वीप पर अपनी पकड़ कमज़ोर नज़र आने लगी बल्कि सारी दुनिया मे साम्राज्यवादी शक्तियों के लिए अपना शोषणपूर्ण व्यवस्था जारी रखना मुश्किल हो गया था। इसलिये उन्होंने उपमहाद्वीप की जनता को भौगोलिक रूप से नहीं बल्कि धार्मिक और राष्ट्रीवाद के रूप में बांट कर आपस मे उलझाय रखा और जनता के बीच सामाजिक, धार्मिक, रियासती(क्षेत्रीय) खाई को गहरा किया। 47 ई० का बटवारा एक ऐसी त्रासदी थी जिसकी भारी कीमत सिर्फ यहाँ के मेहनतकश वर्गों को ही चुकानी पड़ी। काँग्रेस गुप्त रूप से भारत विभाजन को स्वीकार करने का समझौता कर चुकी थी। अशराफ मुस्लिम को पश्चिमी और पूरबी राज्यों की सूरत में सत्ता भोग का परवान मिलने जा रहा था। हिन्दूओं के सत्ताधारी वर्ग को एक बड़े अल्पसंख्यक से जान छूटने की नवेद( विवाह में दिया जाने वाला उपहार) मिली। साधारण मुसलमान तीन हिस्सों में बट गये। एक हिस्सा पश्चिमी पाकिस्तान, दूसरा हिस्सा पूर्वी पाकिस्तान बना जबकि मुसलमानो की एक बड़ी संख्या बचे हुए भारत में उच्च जाति के हिन्दुओं के रहमोकरम(दयालुता) पर सामाजिक और राजनैतिक शोषण का सामना करने के लिए रह गयी4। दलितों की हालत इससे भी बदतर थी और है। हिन्दू सत्ताधारी वर्ग दलितों को अपना जन्मजात शत्रु जानता था। इसलिए भारत विभाजन के बाद भारत मे दलितों के उन अधिकारों को भी ध्वस्त करना शुरू कर दिया जो दलित आंदोलन ने अपने संघर्ष से अंग्रेज़ी सरकार से प्राप्त किये थे। हिन्दू- मुस्लिम फसाद उपमहाद्वीप का भाग्य बन चुका था। इस प्रभावी अंतर्विरोध में दलितों का प्रतिवाद पीछे चला गया। दलित तीन हिस्सों में बंट गये। पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान में एक धार्मिक अल्पसंख्यक होने के नाते सामाजिक शोषण और भी तीक्ष्ण हो गया। जोगिंदर नाथ मण्डल का इस्तीफा इस बात का सबूत है कि दलितों के लिए जमीन पाकिस्तान में भी तंग होना शुरू हो गयी थी। इतिहास के इस दौर में भारतीय वामपंथ(लेफ्ट/ कम्युनिस्ट) अपनी ऐतिहासिक भूमिका अदा करने में असमर्थ रहा और इसके कई एक ऐतिहासिक कारण हैं। अपने सामाजिक अंतर्विरोधों और परिस्तिथियों को एकसिरे से नज़रंदाज़(उपेक्षा) करके अपने फैसले बाहर से आयात करने के शैली ने बाएं बाजू (कम्युनिस्ट) की लहर को उन सामाजिक स्तरों(वर्गों) का प्रवक्ता बनने से कोसों दूर रखा। चरणबद्ध क्रांति के सिद्धान्त का प्रयोग भी एक गलती थी। उपमहाद्वीप के धार्मिक विभाजन के समर्थन करने के बाद अपनी कम्युनिस्ट पार्टी के कैडर को हिन्दू- मुस्लिम के आधार पर बांटने जैसे हास्यप्रद फैसले भी देखने को मिले। इस तरह के गोलमोल फैसलों ने भी क्रांति-कैडर और वर्करों को उलझाए रखा। अगर भारतीय लेफ्ट (वामपंथ) अपने पाँव इस जमीन पर रख कर यहाँ के सामाजिक अंतर्विरोध को घेरते हुए असली क्रांति के स्तरों को उत्प्रेरित करता तो भारत के विभाजन जैसे त्रासदियों को भी टाला जा सकता था और उपमहाद्वीप के सोशलिस्ट फेडरेशन (समाजवादी महासंघ) की स्थापना प्रकाशित हो सकती थी जो उपमहाद्वीप की सभी अनुप्लब्धताओं (जो पहुंच में ना हो/ आभावों) और अन्यायों का प्रतिशोध होता। उस समय के भारतीय वामपंथ के ऐतिहासिक कोताहियों (त्रुटियों/ कमियों) पर उपमहाद्वीप की सोशलिस्ट (समाजवादी) आंदोलन का इतिहास उन्हें कभी भी माफ नही करेगा। भारत विभाजन के बाद दो राज्यों की स्थापना और राष्ट्रीय पहचान का संकट दुनिया के ग्लोब में जब हैकले सुलेमानी के उत्तराधिकारियों(Jews/यहूदी) नें 100 साल के देश-निकाले के बाद फिलिस्तीन पर अधिकर करके एक धार्मिक राष्ट्र बनाने की घोषणा किया तब उपमहाद्वीप में भारत के बटवारे के बाद भारत के साथ मिल्लते इस्लामिया( इस्लामी भाईचारे) के लिए पाकिस्तान का वजूद रखा गया। पाकिस्तान बनने के बाद दोनों देशों के सत्ताधारी वर्गों पर यह जिम्मेदारी पड़ चुकी थी कि वह दोनों देशों को राष्ट्र बनाने का उत्तरदायित्व पूरा करें। विडम्बना यह है कि भारत-विभाजन के 70 साल व्यतीत हो जाने के बावजूद आज भी पाकिस्तान और भारत एक राष्ट्र नही बन सकें। सत्ताधारी वर्ग इस उद्देश्य को प्राप्त करने में बुरी तरह असफल रहा है। भारत मे ऊंची जाति के शासक वर्गों ने असीमित सत्ता शक्ति तो प्राप्त कर लिया मगर समाज को एकजा (एकजुट) करके एक राष्ट्र बनाने के उत्तरदायित्व में पूर्णतया असफलता से दोचार रहें। पाकिस्तान के सत्ताधारी वर्ग की त्रासदी यह भी रही कि पाकिस्तान स्थापना के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रीय पूंजीवादी अपने बलबूते पर देश को चलने में असमर्थ रहें। इस वर्ग की अयोग्यता की वजह से कभी धार्मिक चरमपंथ को सहारा देकर आस्था के ज़ोर पर देश चलाने की कोशिश की गई तो कभी रियासती (राज्य) इदारों (संस्था/प्रतिष्ठान) को सत्ता के मामलात में बुला कर के उनके पियादों से गुलशन का कारोबार चलाया जाने लगा। पाकिस्तान के क्लासिकल बुर्ज़वा की इस अयोग्यता की एक भारी कीमत भी उसको चुकानी पड़ी और आज ये हालात है कि क्लासिकल बुर्ज़वा की जगह उन दोनों तत्वों ने ले ली है और शासक वर्ग सिर्फ शो-पीस बन कर रह गया है। इससे पाकिस्तान का एक नव-पूंजीवादी उदार राष्ट्र के रूप में उभरने की संभावना भी समाप्त हो गयी और देश के अंदर कई रियासतों(राज्यों) ने जन्म ले लिया है और उनके प्रभाव से कोई इनकार नही कर सकता। यहाँ एक तरफ रियासती क़ौम परस्ती (राज्यो का राष्ट्रवाद) के विचारों के धार्मिक चरमपंथी के हाथों बंधक होने के नतीजे में स्थानीय सांस्कृतिक रंगा रँगी को रोगमुक्त करने की कोशिश ने पाकिस्तान के राष्ट्रवादियों में अभावग्रस्त होने की भावना उत्पन्न किया तो दूसरी तरफ राष्ट्रभक्तों के विचार ने हमारे वादिये सिंध के इतिहास को बिगाड़ने की कोशिश किया। 70 के दहाई के मज़दूर किसान आंदोलन के उभार और पारंपरिक क्रांतिकारी नेतृत्व के ढुलमुल लाइन की बदौलत मज़दूर वर्ग के आंदोलन को अपने लक्ष्य से दूर करने में बहुत बड़ी भूमिका अदा किया। इसका परिणाम पॉपुलरिज़्म,धर्मिक चरमपंथ और राष्ट्रभक्ति के उभार के रूप मर जनता को भुगतना पड़ रहा है। राष्ट्रभक्त आन्दोलन जो हक़ीक़त में छोटी राष्ट्रवाद के सत्ताधारी गिरोहों के स्वार्थ के लिए सरगर्म हैं, वामपंथ की असफलता से उन्हें खाली मैदान मिल गया। राष्ट्रभक्त आन्दोलन मेहनतकश(श्रमिक) वर्ग के स्वार्थ और ज़मींदाराना नेतृत्व की परिदृश्य के बदौलत मेहनतकश (श्रमिक)वर्ग से कोसों दूर है। सिंध के राष्ट्रभक्त परिधि में राष्ट्रीय सँघर्ष की जो परम्परा पाई जाती है वह सिंध के सामूहिक मेहनतकश(श्रमिक)जनता को अपील नहीं करतीं और राष्ट्रभक्तों के विचार मेहनतकश(श्रमिक) जनता से मेल नही खाते। अंतिम विश्लेषण में राष्ट्रभक्त (तथाकथित पब्लिक लोकतंत्र और माओ कैप पहनने वाले राष्ट्रीय बुर्ज़वाभक्त) भी अपने राष्ट्र के ऊपरी वर्ग के स्वार्थ के लिए लड़ते हैं। इसलिए सिंध और बलूचिस्तान के राष्ट्रभक्तों ने ज़बानी जमाखर्च के रूप में पीड़ित वर्गों की प्रतिनिधित्व का दावा किया मगर स्वयं को वर्गीय विरोध से दूर रखा। वामपंथ के साहित्य को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने वाले भी अपनी पंक्तियों/श्रेणियों से मेहनतकश(श्रमिक) कार्यकर्ताओं और क्रांतिकारी विचार रखने वाले कैडरों को पीछे धकेलते रहे। अब की सूरतेहाल यह है कि सामूहिक रूप में राष्ट्रभक्त मंडलियों ने मिडिल क्लास पर निर्भरता को बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह मिडिल क्लास(मध्यम वर्ग) अपने स्वयं के स्वार्थों के लिए चरमपंथ की हार्डलाइन से लेकर सेकुलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) और प्रगतिशिलता की कश्तियों में एक ही समय में सवार है। मध्यम वर्गीय लोगों का इस वर्गीय व्यवस्था में कोई भूमिका नहीं है। वह ना तो मेहनतकश (श्रमिक) वर्गों की तरह समाज का पहिया चलाने वालें हैं और ना ही शासक वर्ग की तरह संसाधनों पर आधिपत्य रखते हैं। मौजूदा व्यवस्था में वह प्रभावी वर्ग का समर्थक रहता है और अपनी जगह को मजबूत करने और मौजूदा स्तिथि को बरकरार रखने का भरसक प्रयास करता है मगर न्यू मार्केट इकॉनमी ने उसको भी निचले वर्ग/स्तर की तरफ पछाड़ने का काम तेज़ कर दिया है। यही वजह इसकी वर्तमान घबराहट और मायूसी की बुनियाद है। राष्ट्रभक्त धड़ों का नेतृत्व भी बाहर से आये हुए लोगों के पास है जिनका अतीत सिर्फ कुछ सैंकड़ों साल से ज़्यादा नहीं है। यह भी दिलचस्प बात है कि नव-सिंधी राष्ट्रभक्ति के एक बड़े नाम या स्कूल ऑफ थॉट (विचारधारा) के प्रवर्तक सिर्फ दो पीढ़ी पहले ही पंजाब से सिंध आये थे। और वह भी ऐतिहासिक रूप से अरबी वंश से सम्बंधित है। राष्ट्रभक्त धड़ो के पास प्रेसर पॉलिटिक्स या भावनात्मक नारेबाज़ी के सिवा कोई मज़बूत प्रोग्राम नहीं है। और यही कारण है कि आम लोग अपनी जड़ें मजबूत ना कर सकें। राष्ट्रभक्त नेतृत्व स्वयं ऐतिहासिक आधार पर गैरदेशी होने के कारण से वादिये सिंध की सच्चे इसिहास में अपना अस्तित्व नही ढूँढ़ रही, इसलिए उन्होंने अपने इच्छाओं के अनुरूप लिखे हुए इतिहास को परवान चढ़ाया और भावनात्मक नारेबाज़ी और क्षेत्रीय मीडिया पर प्रभावी बहुसंख्यकों के बदौलत सच्चे इतिहास के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। जातीय और भाषाई नफरत और भेदभाव को उभारने में कुछ लोगो की भूमिका भी ऐसी रही है जिनसे सत्ताधारी वर्ग को ही फायदा पहुंचा और श्रमिक वर्ग की प्राकृतिक एकता को गहरी चोट पहुँची। जातीय और भाषायी भेदभाव अब दम तोड़ते नज़र आ रहे थे. आज के इस नय दौर में इस तरह की संकीर्ण दृष्टि वाली राष्ट्रभक्ति की कोई जगह नहीं है। राष्ट्रभक्तों ने सिंध में भाषा और जाति के विरोध पर अपनी राजनीति को परवान चढ़ाया है और यह एक ऐसा काम था जैसे कोई भूखा और बेचैन भेड़िया भूख की हालत में अपने अंगों को नोच कर अपनी भूख मिटाये मगर यह कोशिश उसकी जिंदगी ही समाप्त कर सकती है। मूर्ख और संकीर्ण सोच रखने वाले राष्ट्रभक्त धड़ों ने भाषाई और जातीय विरोध को इतनी हवा दी कि आज यही विरोध उनके लिए मौत का परवाना बन चुका है। जहाँ एक तरफ अगर इंडिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के शासक एक राष्ट्र बनाने में असफल हुए हैं वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रभक्त भी अपने क्षेत्रों के अभावग्रस्त लोगों को एकजुट करके एक राष्ट्र साबित करने में असफल हुए हैं। आज हम क्लासिकल पूंजीवाद के दौर में नहीं रहते बल्कि यह दौर कारपोरेट पूंजीवाद का है जिसका साम्राजयवादी स्वरूप इस भूमि पर रहने वाले इंसानों को दिन-ब-दिन निगलती जा रही है। इस दौर में राष्ट्रीयता के आधार पर स्वतंत्र अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखना असम्भव होता जा रहा है। पाकिस्तान के श्रमिक वर्गों की मुक्ति सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रव्यापी एकता में है जो श्रमिक वर्ग के विश्वव्यापी एकता का हिस्सा हो। दलित क्या चाहतें हैं? दलित इस देश का अत्यंत पिछड़ा वर्ग है। सदियों से सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक अत्याचार के शोषण के शिकार दलितों को इस धार्मिक कट्टरपंथी राज्य/स्टेट में दीवार से लगने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हिन्दू जाति के लोग तो इंडिया चले गए मगर दलितों ने अपनी धरती को छोड़ना उचित नही समझा। दलित राष्ट्रभक्त और पाकिस्तानी होने पर गर्व करते हैं। 1.अशराफवादी/सैयादवादी सोच भी उतना ही जिम्मेदार है। (अनुवादक) 2. तीसरी राजनैतिक शक्ति के रूप में आसिम बिहारी के नेतृत्व में पसमांदा आंदोलन भी मुस्लिमो में व्याप्त जातिवाद, ऊंच नीच, छुआ छूत के विरुद्ध चल रहा था, जिसने मुस्लिम लीग के नज़रिये को नकारते हुए भारत-विभाजन का तीक्ष्ण विरोध किया था। डिटेल के लिए देखें (http://hindi.roundtableindia.co.in/index.php/history/dalitbahujan-renaissance/8704) (अनुवादक) 3. यही काम आसिम बिहारी भी कर रहें थे। अम्बेडकर और बिहारी से बहुत पहले ज्योतिबा फुले ने इसकी शुरुआत कर दिया था। (अनुवादक) 4. यह बात पसमांदा मुस्लिमो के लिए बिल्कुल सच हैं। अशराफ मुसलमानो की सत्ता में भागेदारी पूर्णतः बरकरार है। (अनुवादक) गणपत राय भील, अम्बेडकरवादी दलित लेखक हैं जो मिथि, सिंध,पाकिस्तान में रहते हैं. दोलत थारी की तरह आप पाकिस्तान के दलित समाज से आने वाले एक सशक्त लेखक हैं. आप दोनों ने दलितों से सम्बंधित बहुत सी किताबें और लेख प्रकाशित किये हैं. वैसे तो दलित को सिंध के साहित्य और पत्रकारिता में राजनैतिक वर्ग के तौर पर पहचान दिलवाने को श्रेय दोलत थारी को जाता है जिन्होंने 2000 के शुरुवाती वर्षो में मासिक पत्रिका "दलित आवाज़" का प्रकाशन किया, लेकिन ये गणपत राय भील थे, जो पाकिस्तान दलित अदब और शेड्यूल कास्ट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान से जुड़े हैं, जिन्होंने वास्तव में दलित विमर्श को साहित्यिक क्षेत्र एवं स्थानीय दलित समाजसेवियों में स्पष्ट रूप से व्यक्त किया और प्रसिद्धि दिलाई. गणपत साहब ने दलितों के लिए लगातार लिखा है, और सिंधी भाषा के मासिक संकलन "दलित अदब" के प्रकाशन और सम्पादन का का कार्य जारी रखा हैं.
कैदी ने बैरक में फांसी लगाकर की आत्महत्या रुद्रपुरः हत्या के दोष में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने अपने बैरक के टॉयलेट में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसीलदार और सीओ की मौजूदगी में अस्पताल में मृतक कैदी का पंचनामा भरा गया। जेल अधीक्षक दधिराम मौर्या के अनुसार नानकमत्ता उप तहसील के ग्राम देवकली ठेरा निवासी सूरत सिंह उर्फ सूरी (50) पुत्र शेर सिंह हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। पिछले साल मई में कैदी सूरी हरिद्वार की जेल से यहां शिफ्ट किया गया था। उन्होंने बताया कि कैदी ने सुबह करीब दस बजे बैरक में ही आत्महत्या कर ली। जेल अधीक्षक की सूचना के बाद एसडीएम विवेक प्रकाश के निर्देश पर तहसीलदार यूसुफ अली सीएचसी पहुंचे। यहां उनकी मौजूदगी में कोतवाली के एसआई धीरेंद्र सिंह परिहार ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। कैदी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के बड़े भाई सिंगारा सिंह ने बताया कि वर्ष 1994 में गांव के ही महेंद्र सिंह से खेत की मेढ़ को लेकर विवाद हो गया था।इसमें महेंद्र की मौत हो गई थी। बताया कि 2004 में नैनीताल सिविल कोर्ट में वे और उनका भाई मुख्त्यार सिंह बरी हो गए थे और सूरज सिंह उर्फ सूरी को उम्रकैद की सजा हो गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील करने पर सूरी को जमानत मिल गई थी। 2014 में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट आने पर उसे हरिद्वार जेल ले जाया गया। जेल से शव को अस्पताल लाने पर एसडीएम विवेक प्रकाश व सीओ सुरजीत कुमार ने अस्पताल में शव का मौका मुआयना किया। सीओ ने बताया कि कैदी के आत्महत्या करने की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच भी होगी।
JyotishGuru AstroBlog - Deepak Kapoor: Tuesday 18th September 2018, Vedic Astrology Forecast, Rashi Phal Tuesday 18th September 2018, Vedic Astrology Forecast, Rashi Phal आज 18 सितम्बर 2018 है और मंगलवार का दिन नवमी तिथि है रात 08 बजकर 04 मिनट तक और उसके बाद दशमी तिथि है मूल नक्षत्र है सुबह 07 बजकर 34 मिनट तक और उसके बाद पूर्व-अषाढ़ नक्षत्र आज अ:दुख नवमी है, श्री चंद नवमी है और आज बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे देर रात 04 बजकर 14 मिनट पर मेष (Aries) – निजी जीवन में अपनों से तालमेल बना रहेगा और सुख और सुकून का आभास जरूर होगा. चाहे रिश्तों से जुड़ी हुई या कामकाज से जुड़ी हुई नयी संभावनाएं जरूर बनेगी जिनके बारे में सोचने से आगे बढने का मौका भी मिलेगा. क्या करें – हालात मददगार भी हों तो भी अपनी चुनोतियों को समझना बहुत जरूरी है, इसलिए अपनी बढती हुई इच्छाओं को थामे रखने का समय है. हर चीज़ को आगे बढाने का कोई न कोई सही समय होता है इसलिए किसी प्यार के रिश्ते में रुक जाने की जरूरत है. क्या न करें – निजी जीवन के हालात को समझने के लिए किसी भी तरह के असंमजस को अपने ऊपर हावी न होने दें, इसलिए कोई भी ऐसा एकतरफा विचार न बनाएँ जो आपके लिए नुकसान की स्तिथि पैदा कर दे. वृषभ (Taurus) – लोगों से उलझन बढ़ सकती है पर बहुत कुछ ऐसा है जिसे अपनी गलतियों के संदर्भ में देखना होगा. अगर पहले से चला आ रहा कोई मतभेद है तो फिलहाल रुक जाने की जरूरत है. क्या करें – हालात चुनोती भरे ही बने हुए हैं इसलिए अपनी कोशिशों को बहुत ऊंचे स्तर का बनाना होगा. कामकाज के क्षेत्र में भी अपने भटकते हुए विचारों को थाम लेने की जरूरत है. क्या न करें – कुछ भी ऐसा न करें जो आपके दोस्तों से आपके फासले बढ़ा दे इसलिए न तो अपने व्यवहार को बहुत सख्त बनायें और ना ही अपनी बात को किसी पर थोपने की कोशिश करें. मिथुन (Gemini) – आपके विचार अच्छे हैं और आप लोगों को अपनी बात कह भी पा रहे हैं, यही कारण है की रिश्तों को सँवारने का समय है, फिर भी किसी से कोई ऐसी बात कहने से बचना होगा जो किसी का दिल दुखाए. क्या करें – जिस भी काम से जुड़े हुए हैं उसमे आपकी एकाग्रता बनी हुई है. रिश्तों में भी आपको हर तरह का समर्थन मिल रहा है. किसी प्यार के रिश्ते को बनाये रखने के लिए भी लोग आपकी बात समझ पा रहे हैं. क्या न करें – कामकाज के क्षेत्र में किसी बड़े परिवर्तन का सोचकर अपने पैसे को खतरे में न डालें, इसलिए किसी भी तरह की इच्छा को बहुत ज्यादा इस समय बढ़ाएं नहीं. कर्क (Cancer) – ज़िन्दगी का सुख भी है और हर तरह की अच्छाई भी बनी हुई है पर आपका रवैया कुछ आलोचनात्मक होता चला जा रहा है. लोगों से जिस तरह का समर्थन मिलना चाहिए उसमें कोई न कोई कमी बनी रह सकती है. क्या करें – निजी जीवन की खुशियाँ बनाए रखने के लिए लोगों की गलती निकालने से बचना होगा. इस बात को समझें की बात मान लेने में भी बहुत ख़ुशी मिलती है. ऐसा करने से तकरार के बादल खुद-ब-खुद छंट जाते हैं. क्या न करें – हर चीज़ को शक की नजर से देखना ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करने से एक आदत सी बन जाती है जो जिंदगी में कभी भी ख़ुशी नहीं देती, इसलिए अपने आसपास खुशियों को ढूंढें ताकि किसी भी तरह की नकारात्मकता आपको छू भी न सके. सिंह (Leo) – मेहनत करने का और अपनी क़ाबलियत को इस्तेमाल करने का समय है पर फिर भी यह समय आसान नहीं है. बहुत सारी चीज़ों से लगातार झून्झते चले जाने का समय है. क्या करें – अपनी क्षमताओं को बढाने के लिए हर ऐसी परिस्थिति से फायदा उठा लें जो आपको नयी प्रेरणा दे रहे हैं. यह समय आपके लिए हर तरह से मददगार है जिसके चलते आपको तरक्की भी मिल सकती है. क्या न करें – किसी ऐसे विचार के पीछे न भागें जो सिर्फ आपको भटका ही रहा है, इसलिए बहुत सारी बातों को एक साथ अपने मन में चलाने से कुछ लाभ होने वाला नहीं है. अगर कोई बात आपको संतुष्ट नहीं कर रही है तो उस रास्ते पर चलने की कोशिश बिलकुल न करें. कन्या (Virgo) – पैसे की स्तिथि बेहतर हो रही है और हर तरह का अच्छा मौका मिल रहा है जो आपकी ज़िन्दगी की स्थिरता को बढ़ाए, ऐसे में किसी भी तरह के नए विचार को फिलहाल त्याग दें. जो जैसा चल रहा है उसी में अपना मन लगा लें. क्या करें – घर-परिवार की खुशियाँ बनाये रखने का समय है इसलिए लोगों से बात करें क्योंकि विचारों के आदान-प्रदान से बहुत कुछ संभला रहता है, ऐसे में अपनों की जरूरत को पूरा करने से आपको ख़ुशी जरूर मिलेगी. क्या न करें – पढाई-लिखाई के क्षेत्र में कोई ऐसी उम्मीद न लगायें की सबकुछ अपने आप हो जाएगा. इच्छाएं इंसान को मंजिल तक नहीं पहुंचाती उन इच्छाओं में अपनी मेहनत को तो जोड़ना ही पड़ता है. तुला (Libra) – ज़िन्दगी के प्रति भरोसा बढेगा तो आपको मेहनत खुद-ब-खुद बढती चली जाएगी, पर आपको इस बात का आभास है की ज़िन्दगी में कुछ भी हासिल करना है तो अपनी मेहनत से ही हो पायेगा, यही अच्छाई आपको बहुत दूर तक ले जाएगी. क्या करें – किसी भी आगे बढ़ते हुए कदम का सही आंकलन करने की जरूरत पड़ेगी. किसी भी बात का विश्लेष्ण भी सूझबूझ से ही किया जा सकता है. लोगों की नाराजगियां बनी रहें तो गलती हो जाती है. क्या न करें – कामकाज से जुड़ी परिस्थितियों को समझने में कोई गलती न करें और ना ही अपने काम को किसी कमी की नजर से देखें. अपनी अच्छी-भली स्तिथि को किसी कमी की नजर से देखना कभी भी अच्छा नहीं होता. वृश्चिक (Scorpio) – इच्छाएं बहुत हैं और आपको इस बात का भी आभास है की वो इच्छाएं अपनी मेहनत से ही पूरी हो पाएंगी इसलिए आप हर पल झूझने के लिए तैयार हैं. क्या करें – हर बात को पूरी तरह से समझने का समय है, पर तसल्ली को पूरी तरह से बनने में समय लग सकता है इसलिए अपने पैसे को कहीं फंसाने से फ़िलहाल बचना होगा. क्या न करें – आंशिक रूप से हालात मददगार बनते चले जा रहे हैं लेकिन अभी पूरा फल नहीं मिल सकता, इसलिए फिलहाल कोई ऐसा बड़ा कदम न उठायें जो आपकी परेशानियों को बढ़ा दे. धनु (Sagittarius) – पैसे की स्तिथि भी ठीक है और कामकाज से जुड़े हालात भी मददगार हैं. कई अच्छी संभावनाएं इस रूप से बन रही हैं जो आपके भरोसे को और जगाएं और आपसे मेहनत करवा लें. क्या करें – पारिवारिक परिस्थितियों को सुख की नजर से देखना बहुत जरूरी है. लोगों को पूरी तरह से समझने के लिए अपने मन में लोगों के प्रति सद्भावना भी बनानी होगी. यह समय आपको हर तरह से मदद करेगा ऐसा ही कहते हैं आपके तारे. क्या न करें – बीती बातों की वजह से अपने मन को दुखी न करते चले जाएँ. जो चीज़ अतीत के अन्धकार में पहुँच चुकी है उसे फिर से बढ़ावा देने की कोशिश न करें. मकर (Capricorn) – कामकाज की स्तिथि ठीक है पर किसी नए विचार को बढ़ावा देने से फिलहाल बचना होगा. क्योंकि यह समय ही कुछ ऐसा है जो आपसे गलती करवा सकता है जिसके चलते आपका पैसा भी कहीं फंस सकता है. क्या करें – पैसे को कहीं फंसाने की बजाये जो चीज़ अपनी लग्न से पूरी हो जाए उसे पूरा करना होगा, इसलिए आपका फोकस अपनी क्षमताओं की ओर होना चाहिए. अपने ज्ञान और अपनी क़ाबलियत को बढाते हुए भी बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. क्या न करें – लोगों की बातों में न आयें. कहीं ऐसा न हो की आप अपने विचार बदल लें जो आपको किसी न किसी नुकसान की स्तिथि की ओर ले जाएँ. आज के दिन में ख़ास – कामकाज के क्षेत्र में किसी प्यार के रिश्ते को बढ़ावा न दें. ऐसा करने से आप के खिलाफ कई तरह के सवाल खड़े होते चले जायेंगे जो इस समय ठीक नहीं हैं. कुम्भ (Aquarius) – घर-परिवार की खुशियाँ भी बनी हुई हैं और आर्थिक स्तिथि भी मददगार है पर कामकाज के क्षेत्र में आपके साथी-सहयोगि आपके लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. क्या करें – अपनी अच्छाई और अपनी विनम्रता हर सूरत में बनाये रखें और हर ऐसी स्तिथि को सहजता से संभाल लें जिसमे लोगों की नाराज़गी बढ़ रही हो. अपने काम या कारोबार को किसी भी तरह के खतरे में डालते चले जाने से बचना होगा. क्या न करें – उधार का सहारा लेकर अपना नुकसान न बढ़ाएं और अगर कोई आपको ज़बरदस्ती उधार देना चाह रहा हो तो आप उस झांसे में बिलकुल न आंए मीन (Pisces) – आपके अंदर क्षमता भरपूर है लेकिन आपकी कोशिशे केन्द्रित नहीं हैं, शायद ऐसे ही गलती भरे समय में इंसान पूरी बात को समझ नहीं पाता और फिर गलती होती चली जाती है. क्या करें – कामकाज से जुड़े हालात को भलीभांति समझना होगा. सिर्फ इच्छाओं को बढाते चले जाने से सफलता मिल जाए ऐसा होना मुश्किल है. क्योंकि आपकी कोशिशें इस समय बिखरी पड़ी हैं इसलिए रुक जाने में ही फायदा है. क्या न करें – किसी का सहारा लेकर इस समय आगे बढने की कोशिश न करें क्योंकि जिस उम्मीद से आप वो करेंगे तो उम्मीद ही पूरी नहीं होगी. यहाँ तक की लोग भी अपने हित का पहले सोचेंगे जो शायद आपके लिए ठीक नहीं है.
इलेक्ट्रोनिक और औद्योगिक नियंत्रण में छाए हरियाणवीं युवा October 08, 2018 06:52 PM खेलों में देशभर और विश्वभर में अपना लोहा जमाने वाले हरियाणवीं युवाओं ने अब इलेक्ट्रोनिक्स और औद्योगिक नियंत्रण जैसे विभिन्न कौशल में देशभर में अपनी धाक जमा दी है। अब ये युवा रूस के कजान में 2019 में होने वाले 'युवा विश्व कौशल ओलंपिक' में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे और विश्वभर में अपने कौशल की धाक जमाएंगे। दरअसल नई दिल्ली में आयोजित भारत कौशल प्रतियोगिता में हरियाणवीं युवाओं ने दो स्वर्ण पदक सहित कुल दस पदक हासिल किए हैं। इस प्रतियोगिता में 27 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 400 से अधिक युवाओं ने भागीदारी की थी जिन्होंने 46 स्किल्स, 10 पारंपरिक व 4 डैमो स्किल्स में अपनी प्रतिभा दिखाई। इसके अलावा पहली बार लोकनिर्माण विभाग के लोगों के लिए 10 स्किल्स में क्षमताओं का ओलंपिक यानि एबिओलंपिक्स का भी आयोजन किया गया। हरियाणा की ओर से हरियाणा कौशल विकास मिशन ने पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। यह पहला अवसर है जब हरियाणा के युवाओं ने गलोबल लेवल की कौशल प्रतियोगिता में अद्वितीय हूनर का परिचय दिया है। इसमें हरियाणा के मनोज कुमार ने इलेक्ट्रोनिक्स व राहुल ने औद्योगिक नियंत्रण के वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। इसी प्रकार, रोहित ने कुकिंग में, राहुल जांगड़ा ने रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडिशनिंग में रजत पदक हासिल किए। नीरज मखीजा ने इलेक्ट्रोनिक्स में, गुलशन सिंह ने आईटी एसएसबी, कर्तव्य सैनी ने पेंटिंग व डेकोरेशन में, जगत यादव ने रेस्टोरेंट सर्विस में, रितेश यादव ने वेब-डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी तथा विनोद को प्लंबिंग एवं हिटिंग वर्ग में कांस्य पदक मिला। इनके अलावा, प्रिंस कुकिंग में, कुनाल जैन इलेक्ट्रोनिक्स में तथा रोशन कुमार पेंटिंग वर्ग में मैडलियन रहे। स्वर्ण व रजत पदक जीतने वाले इन युवाओं को कजान (रूस) में होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता 2019 में भाग लेने से पूर्व अंतरराष्ट्रीय स्तर का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भारत कौशल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा है कि हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की तर्ज पर हरियाणा कौशल विकास निगम गठित किया था जिसके अब सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। हरियाणा कौशल विकास निगम ने युवाओं को नई तकनीक सीखने में विशेष मदद की है जिसके कारण आज हमारे युवा अपने कौशल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
गैंगस्टर आनंदपाल की पत्नी ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप - OmExpress September 11, 2015 September 11, 2015 administratorComments Off on गैंगस्टर आनंदपाल की पत्नी ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप जयपुर। कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के फरार होने का मामला और पेचीदा होता जा रहा है। राज्य का पूरा गृह विभाग इस मामले में उलझा हुआ है। अब नया पेच सामने आ गया है कि आनंदपाल फरार हुआ है या उसे अगवा किया गया है। एक ओर गांव वाले आनंदपाल के अगवा होने की बात कर रहे हैं, वहीं आनंदपाल की पत्नी ने पुलिस पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है।आनंदपाल की पत्नी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें पुलिस की मंशा पर ही शक है। उन्होंने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने ही शायद यह ड्रामा रचा है उनके पति को मारने के लिए। आनंदपाल की पत्नी का यह आरोप इसलिए भी मामले को और पेचीदा बना रहा है, क्योंकि उसने पहले ही जेल प्रशासन को पत्र लिखकर आगाह किया था कि उसकी आनंदपाल की जान को खतरा हो सकता है या अगवा किया जा सकता है। ऐसे में उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही हो। उसे शंका है कि पुलिस ने आनंदपाल को मरवा दिया है। अगवा कर लिया दूसरी गैंग ने आनंदपाल के पुराने साथियों और डीडवाना स्थित उसके गांव वालों का कहना है कि उन्हें शक है कि आनंदपाल फरार हुआ है। वह फरार नहीं बल्कि उसे दूसरी विरोधी गैंग की ओर से अगवा किया गया है। गांव वालों का तर्क है कि जब उसे एक मामले में बरी किया गया तो विरोधी गैंग को डर रहा होगा कि आनंदपाल उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में आनंदपाल को अगवा कर लिया। पुलिस पर आरोप लगाना लोगों का शौक बन गया : गृहमंत्री गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि आनंदपाल की पुलिस ने हत्या कर दी, ऐसा आरोप कोई भी लगा दे तो क्या सच मान लिया जाए। आजकल पुलिस पर चाहे जो आरोप लगाना शोक बन गया है। यह मामला प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से ले रही है और जल्द ही इसका हल निकल जाएगा। Tagged Anand Pal, Crime, Gangster, Police नोखा (जीवनदान चारण)। नोखा के उदासर ग्राम पंचायत के रामनगर गांव में धार्मिक आयोजन की शुरुआत के चलते हरओर धर्म के जयकारे सुनाई दिए। श्रीमती चुन्नी देवी धर्मपत्नी स्मृतिशेष भैराराम सियाग की प्रेरणा से उदासर में संगीतमय विराट श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा के आयोजन की शुरुआत मांगलिक 108 कलशों की शोभायात्रा से हुई। 108 महिलाओं […]
मीडियावाला.इन। रामपुर। इस वक्त पूरे देश में चुनावी पारा चरम सीमा पर है लेकिन नेताओं के बात करने का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, अभी तक केवल सपा के कद्दावर नेता आजम खान ही रामपुर से भाजपा प्रत्याशी... मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री पद के लिए सीधी टक्कर में आंध्र प्रदेश, पंजाब, केरल और तमिलनाडु के ज्यादातर वोटर्स कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को वोट देंगे, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में नरेंद्र मोदी पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं। सीवोटर-आईएएनएस... श्रीलंका में सिलसिलेवार विस्फोटों में मारे गये लोगों में छह भारतीय मीडियावाला.इन। कोलंबो : श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर गिरजाघरों तथा होटलों में हुए बम धमाकों में 290 लोग मारे गये. इनमें छह भारतीय हैं. पुलिस ने सोमवार को बताया कि हमले में मारे गये विदेशियों... मीडियावाला.इन। बॉलीवुड में आजकल मलाइका अरोरा और अर्जुन कपूर के अफेयर की खबरे चर्चा का विषय बनी हुई। मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर का एक साथ में दिखना अब आम बात हो गयी है और हाल में ये... मीडियावाला.इन। इंदौर। मप्र वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन ने एक इंजीनियर को 60 साल की उम्र पूरी होते ही रिटायर कर दिया, जबकि कुछ दिन पहले ही सरकार अध्यादेश लाकर सेवानिवृति की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 कर चुकी है। इंजीनियर... मीडियावाला.इन। वरिष्ठ पत्रकार रमण रावल की विशेष खबर इंदौर । इंदौर लोकसभा क्षेत्र के लिए प्रत्याशी चयन की अटकी सूई आगे बढ़ती दिखाई दे रही है , लेकिन आश्चर्यजनक रूप से ताई सुमित्रा महाजन और कैलाश विजयवर्गीय के नाम सामने... मीडियावाला.इन। पहले पार्टियां भ्रष्ट और अपराधियों को टिकट दिया करती थीं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब 'आतंकवाद' से जुड़े मामले के अभियुक्त को किसी पार्टी ने टिकट दिया है. भाजपा ने अपनी मातृत्व संस्था आरएसएस से आदेश मिलने... बीजेपी के संबित पात्रा ने गाया 'तुम मिले दिल खिले...' का तेलुगु वर्जन मीडियावाला.इन। संबि‍त पात्रा अब तक टीवी डिबेट में बीजेपी का पक्ष रखते रहे हैं. वह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं. पुरी लोकसभा सीट पर उनका मुकाबला बीजेडी और कांग्रेस उम्‍मीदवारों से है. पुरी: बीजेपी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता... मीडियावाला.इन। दरअसल, अमित शाह और अभिनेता सनी देओल की बैठक पुणे एयरपोर्ट पर हुई है. एयरपोर्ट के लाउंज में शुक्रवार शाम को लगभग 5 मिनट तक दोनों की बातचीत हुई. सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल... मीडियावाला.इन। इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में हुए ये बदलाव: भरने से पहले करें चेक, नहीं जानने पर फंस सकते हैं आप पिछले साल की तुलना में इस साल टैक्सपेयर्स से रिटर्न फॉर्म्स में अधिक जानकारी मांगी गई है.आपको बता दें... मीडियावाला.इन। प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को सभी को चौंकाते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और कुछ ही देर में शिवसेना भी ज्वाइन कर ली. शिवसेना में शामिल होने पर पार्टी सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी... शिवसेना को गुंडों की पार्टी कहने वाली प्रियंका चतुर्वेदी अभी शिवसेना में ही शामिल हो गयी है मीडियावाला.इन। राजनीती व्यक्ति को कहां से कहां ले जाती है यह इस बात से साफ है अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में हार्दिक प्रियंका ने प्रेस... इंदौर में भी कोई 'वजनदार बम' गिरा सकती है बीजेपी मीडियावाला.इन। सुमित्रा ताई का टिकट काटने के बाद किसी बड़े नाम को इंदौर से लड़ा कर जीत पक्की करने की कवायद में हो रही है देर. इंदौर के ठियों और चौराहों पर होने वाली राजनीतिक चर्चाओं... मीडियावाला.इन। नई दिल्ली. मालेगांव विस्फोट मामले के एक आरोपी और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ जेल जाने वाले सुधाकर चतुर्वेदी काफी नाराज हैं. साध्वी के बीजेपी में शामिल होने और फिर भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार... 26/11 में शहीद हेमन्त करकरे को लेकर बोली प्रज्ञा ठाकुर, 'मेने कहा था तेरा सर्वनाश होगा' मीडियावाला.इन। भोपाल। चुनावी समर मे नेताओं की जुबान जमकर फिसल रही है। अब भोपाल लोकसभा सीट से चर्चित चेहरा साध्वी प्रज्ञा की जुबान फिसली है। भोपाल में सभा को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई हमले में...
Malaysian Singer Kept Bear Cub in Disguise Of Dog Zarith Sofia Police Arrested मलेशिया भालू बच्चा गायिका गायिका पर आरोप है कि उसने अवैध तरीके से अपने घर में एक भालू के बच्चे को कैद कर रखा हुआ है. हालांकि गायिका जैरिथ सोफिया का कहना है कि उसने भालू के बच्चे की डॉगी समझ कर जान बचाई थी. News State Bureau | Updated On : June 13, 2019 05:14 PM पुलिस हिरासत में मलेशियाई गायिका जैरिथ सोफिया. डॉगी समझ कर भालू के बच्चे को ले आई घर गायिका जैरिथ सोफिया. मलेशियाई कानून के तहत यह है एक गंभीर अपराध. पड़ोसियो ने भालू का वीडियो शूट कर डाला ऑनलाइन. मलेशिया के वन्य जीव और राष्ट्रीय पार्क विभाग ने विगत सप्ताह एक लोकप्रिय मलेशियाई गायिका को गिरफ्तार किया है. गायिका पर आरोप है कि उसने अवैध तरीके से अपने घर में एक भालू के बच्चे को कैद कर रखा हुआ है. हालांकि गायिका जैरिथ सोफिया का कहना है कि उसने भालू के बच्चे की डॉगी समझ कर जान बचाई थी. यह अलग बात है कि संबंधित अधिकारियों को सोफिया की यह सफाई हजम नहीं हुई. यह भी पढ़ेंः World Cup: IND vs NZ वॉशआउट होने पर टीम इंडिया को होगा कहीं ज्यादा नुकसान डॉगी समझ कर ले आई घर भालू को एक मलय अखबार को दी गई प्रतिक्रिया में जैरिथ सोफिया ने बताया. 'रात का समय था, जब मैंने एक सड़क के किनारे कमजोरी की हालत में छोटे से जानवर के बच्चे को देखा. मुझे लगा कि वह डॉगी है और उसे देखभाल की जरूरत है. इसके बाद मैं उसे घर ले आई.' जैरिथ ने उसका नामकरण भी ब्रूनो कर दिया. जैरिथ को मलेशिया के वन्य जीव प्राणियों से जुड़े नियम-कायदे अच्छे से पता है, फिर भी उससे यह चूक हो गई. यह भी पढ़ेंः Weather: 15 राज्यों की करीब 72 करोड़ की आबादी गर्मी से परेशान, हर साल होती हैं इतनी मौतें पुलिस को नहीं हजम हुई सफाई जैरिथ ने कहा कि उसका इरादा कानून के उल्लंघन करने का नहीं था. उसके स्वस्थ होने के बाद मैंने ब्रूनो को नेग्रा जू के सुपुर्द करने का मन बना लिया था. जैरिथ ने यह भी कहा कि उसने ब्रूनो को अपने फ्लैट में खुला रखा था. उसे पिंजरे में कैद करके नहीं रखा था. उन्होंने कहा, 'मैं जानती हूं कि आप भालू के बच्चे को घर में बतौर पालतू जानवर नहीं रख सकते हैं. मेरी इच्छा सिर्फ उसकी जान बचाने की थी. फिर मैं उसे खुद जिम्मेदार अधिकारियों के सुपुर्द करने वाली थीं.'
दुर्भाग्य से, एक आधुनिक व्यक्ति जो प्रकृति के साथ संचार करने के लिए खर्च करता है, उस समय की मात्रा कम हो जाती है, खासकर शहरी निवासियों के बीच। अक्सर, आसपास के जानवरों और पौधों के जीवन के लोगों के रिश्ते को चिड़ियाघर या महासागर में जाने के स्तर पर समाप्त होता है, जहां आप उनके निवासियों को देख सकते हैं। मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर शहरी निवासी के लिए जानवरों की दुनिया की दुर्गमता के बारे में दोनों बच्चों और उनके माता-पिता के दिमाग में परिवर्तन करता है। संपर्क चिड़ियाघर का उद्देश्य यह कोई रहस्य नहीं है कि एक जानवर के साथ एक व्यक्ति का सीधे संपर्क न केवल उत्कृष्ट मनोचिकित्सा है, बल्कि एक नया जीवन अनुभव भी है। विशेष रूप से यह बच्चे की चेतना को लेकर चिंतित है मरीजों के पुनर्वास के दौरान या मानसिक रूप से मानसिक चोट के दौरान एक जानवर के साथ संचार के अभ्यास में परिचय के मामलों को लंबे समय के लिए जाना जाता है। इस प्रकार के उपचार को पशु चिकित्सा कहा जाता है विशेष रूप से यह पालतू पालतू जानवरों की चिंता करता है पशु चिकित्सा, बिल्लियों, कुत्तों, एक्वैरियम मछली और तोतों के साथ अक्सर उपयोग किया जाता है। एक्वैरियम में, डॉल्फिन के साथ संचार के माध्यम से मनुष्य के उपचार के लिए एक प्रणाली विकसित की गई है। मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर "एनोटिया का देश" बच्चों को न केवल जानवरों के साथ संवाद करने की अनुमति देता है, जिन्हें किसी भी पालतू जानवरों की दुकान में खरीदा जा सकता है, लेकिन उन लोगों के साथ भी जिन्हें वन या ग्रामीण इलाकों में देखा जा सकता है। यह पता चला है कि जिस जगह में कुछ घर जानवर है, वह सुसंगत है। यह सकारात्मक तनावपूर्ण स्थितियों में लोगों को प्रभावित करता है, और बच्चों को उन्मादी और मूडी बंद कर देते हैं। मिनी चिड़ियाघरों को खोलने का विचार, जहां जानवरों तक पहुंच होती है, जिसके साथ आप केवल चित्र नहीं ले सकते, बल्कि पूरे खेल के लिए समाज के लिए उपयोगी होते हैं, फ़ीड भी खेलते हैं। तिथि करने के लिए, मिन्स्क में तीसरा संपर्क चिड़ियाघर इस प्रकार के 10 योजनाबद्ध प्रतिष्ठानों से खोला गया है। एसईसी "टाइटन" यह खरीदारी मनोरंजन केंद्र मिन्स्क में अच्छी तरह से जाना जाता है यहां पर सब कुछ एक गुणवत्ता वाले परिवार की छुट्टी के लिए व्यवस्थित किया जाता है जबकि माँ और पिता एक रेस्तरां में एक फिल्म या भोजन देख रहे हैं, उनके बच्चे रोमांचक भूलभुलैया, एनिमेटरों, लेजर लड़ाइयों, गेंदबाजी टूर्नामेंट और बहुत कुछ के लिए खेल की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 22.08.2015 से "टिटेन" में मिन्स्क में पहला संपर्क चिड़ियाघर काम करता है उन्होंने एक मिनी चिड़ियाघर के जीवन में निजी भागीदारी में बच्चों और उनके माता-पिता को एकजुट किया। इस अनूठी परियोजना के अंतर्गत 300 मीटर 2 के कमरे के क्षेत्र को आवंटित किया गया है, जिसमें दीवारों को पसंदीदा बच्चों की कार्टून फिल्म "द फ़्राइली क्रुड" की शैली में सजाया गया है। मजेदार किरदार कई दर्जन खुली हवा पिंजरों के लिए "घड़ी" जिसमें लाइव जानवर रहते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोग चिड़ियाघर के निवासियों को नुकसान नहीं पहुंचे, वे श्रमिकों का पालन करते हैं ऐसी परिस्थिति में जहां जानवरों को आराम की ज़रूरत होती है, वे 20-30 मिनट के लिए बाड़ों को बंद कर देते हैं ताकि उनके पालतू जानवर अपने बच्चे के ध्यान से आराम कर सकें। इस प्रकार, "टाइटन" में मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर, सबसे पहले, प्यारे छोटे जानवरों और पक्षियों के साथ संपर्क करने के लिए राजधानी के निवासियों से जुड़ने वाले थे। "टाइटन" में चिड़ियाघर के निवासियों मिनी-चिड़ियाघर के "किरायेदारों" में देखा जा सकता है: टट्टू, जो माने के लिए बहुत अच्छा है; भेड़ और बकरियां, हमेशा अपने हाथों से भोजन छीनते हुए; खरगोश, जो हर किसी को अपने हाथों में पकड़ना पसंद करती है; मोबाइल और तेज फेरे; एक प्रकार का जानवर कुत्ते, दार्शनिक रूप से बच्चों का ध्यान मानना; गिनी सूअरों और पूरी तरह से कांटेदार हेजहोग्स नहीं कुल मिलाकर, मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर (पता - डेजरज़िंस्की एवेन्यू, 104) में 20 से अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें पशुओं और पक्षियों की संख्या है। चिड़ियाघर के छोटे मेहमानों के पसंदीदा लहराती तोते हैं, जो अपने हाथों में लगाए जा सकते हैं, एक बड़े और महत्वपूर्ण मोर के विपरीत, जो दूर से देखने के लिए बेहतर है। चिड़ियाघर के कर्मचारी चेतावनी देते हैं कि गहने और उज्ज्वल सामान को भंडारण कक्ष में छोड़ दिया जाना चाहिए, चूंकि रैकन, मुखौटे में ये अपराधी, उन्हें चोरी करने में विफल नहीं होंगे। जानवरों के लिए जाने जाने वाले जानवरों के अतिरिक्त, मिन्स्क में एक संपर्क चिड़ियाघर एक दुर्लभ अतिथि से परिचित होने की पेशकश करता है - एक विशेष गंध के डर के बिना एक स्कंक जो उठाया जा सकता है। एसईसी "तिवली" खरीदारी और मनोरंजन केंद्र "तिवली" अपने पैमाने पर अद्भुत है यहां न केवल आवश्यक उत्पादों और सामान खरीदने के लिए सब कुछ है, बल्कि पूरे परिवार के साथ समय व्यतीत करने में भी उपयोगी है। 65,000 मीटर 2 में दुकानें, जुआघर, सिनेमा, कैफे और रेस्तरां हैं और अब मिन्स्क में सबसे बड़ा संपर्क चिड़ियाघर है। इसके अंतर्गत "तिवली" में 400 मीटर 2 क्षेत्र आवंटित किया गया था। चिड़ियाघर के इंटीरियर को एक और पसंदीदा कार्टून बच्चों की शैली में बनाया गया है - "मेडागास्कर"। 20 खुली हवा के पिंजरों में, बहुत से जानवरों ने आराम से तय किया है, जिनके साथ ही बच्चों और वयस्कों को संपर्क करने में बहुत खुशी होती है। राजधानी के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक में स्थित, मिन्स्क में "तिवली" में संपर्क चिड़िया भी सप्ताह के दिनों में खाली नहीं है। घाटे के सभी निवासियों के लिए, उन्हें अनुकूल महसूस करने के लिए अनुकूलतम परिस्थितियों का निर्माण किया गया है और कुछ भी ज़रूरत नहीं है एक अनुभवी पशु चिकित्सक जानवरों को देखता है, और एविएरी नियमित रूप से चिड़ियाघर के कर्मचारियों को साफ करते हैं। मेहमान जरूरी एक अनुभवी मार्गदर्शिका के साथ होते हैं जो न केवल प्रत्येक पालतू जानवर की कहानी बताता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि बच्चों और जानवरों को एक-दूसरे को चोट न पड़े। मिन्स्क पर प्रिटितस्की में संपर्क चिड़ियाघर अपने निवासियों के लिए एक आरामदायक घर बन गया। "तिवारी" में चिड़ियाघर के "किरायेदारों" अपने निवासियों के साथ "मेडागास्कर" विमानों के दृश्यों की पृष्ठभूमि में स्थित बहुत ही सहज इंटीरियर में फिट है। जिन लोगों को देखा जा सकता है, उनमें पीठ, खिलाया जाता है, यहां तक कि उठाया जाता है: मिलनसार चिपमंक्स; जिज्ञासु एक प्रकार का जानवर raccoons, जिसमें से सब कुछ चमक और उज्ज्वल छिपाना आवश्यक है; कोई कम रोचक नोसुही नहीं; बेचैन फेरे; आलसी गिनी सूअर; त्वरित खरगोश; अपने बच्चे के साथ चिड़ियाघर के विशाल अल्पाका के मेहमानों को मिटता है पंख वाले लोगों का, एक कृत्रिम तालाब में तैरते मर्दारी बतखों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। सभी परिचित कबूतर भोजन की तलाश में अपने हाथों पर बैठते हैं, और सजावटी मुर्गियों को आश्चर्यचकित करते हुए चिड़ियाघर के सबसे कम उम्र के मेहमान कहते हैं। मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर, कोई बात नहीं है जहां यह स्थित है, आगंतुकों के लिए नियमों की अपनी प्रणाली है, जिसे कड़ाई से देखा जाना चाहिए। आगंतुकों के लिए नियम लोगों से पीड़ित लोगों की समस्याओं से बचने के लिए, जब टिकट खरीदते समय, प्रत्येक आगंतुक, उम्र की परवाह किए बिना, जूता कवर को दिया जाता है और उसके हाथ कीटाणुरहित होती है। बल्कि जानवरों की सुरक्षा के लिए यह सावधानी, क्योंकि लोग स्वच्छ और टीका लगाए गए जानवरों की धमकी नहीं दे रहे हैं। अभी तक चिड़ियाघर के सभी निवासियों को छू सकता है। उदाहरण के लिए, एक एवियरी में एक प्रकार का जानवर कुत्ते केवल उस कर्मचारी की उपस्थिति में प्रवेश कर सकते हैं जो सावधानीपूर्वक निगरानी रखता है, ताकि बच्चों को जानवरों को डराना न पड़े। अधिकांश बच्चे खरगोशों, गिलहरी, हाथी और गिनी सूअरों में विभागों के पास हैं। उन्हें केवल इस्त्री और खिलाया नहीं जा सकता है, बल्कि उन्हें उठाया भी जा सकता है। अधिकांश बच्चों के लिए, इस तरह के संपर्क पहली बार होते हैं, इसलिए प्रतिक्रिया पूरी तरह से अलग होती है। कोई भी भय के आँसू में फट सकता है, लेकिन अधिकतर जिज्ञासा और विश्वास वाले जानवरों के साथ पशुओं और पक्षियों का इलाज करते हैं मैं घर से चिड़ियाघर में खाना नहीं लाऊँगा, लेकिन प्रवेश द्वार पर आप सब कुछ खरीद सकते हैं जो इसके निवासियों को इतना प्यार करते हैं। फलों और सब्जियों के साथ एक गिलास 20 000 बाल लागत रुबल्स, और दो को 30 000 बे का खर्च आएगा रूबल्स (क्रमशः 80 और 120 रूबल) शायद खुशी सस्ता नहीं है, लेकिन जानवरों और सकारात्मक भावनाओं वाले बच्चों द्वारा प्राप्त किए गए अनुभव इसके लायक हैं। हर 30 मिनट जानवरों को आराम दिया जाता है, यदि देखभालकर्ता नोटिस करते हैं कि वे लोगों के साथ संचार करने के थक गए हैं यदि जानवरों को उनके घेरे में सोते हैं, तो उन्हें परेशान करने की अनुमति नहीं है, वे केवल मनाया जा सकता है। अतिरिक्त मनोरंजन चूंकि जानवरों के बाड़ों से दूर लेना मुश्किल हो सकता है, और उनमें से कुछ को सिर्फ पर्यावरण और गतिविधियों में अस्थायी बदलाव की आवश्यकता है, मिनी-चिड़ियाघर के संस्थापकों ने चिड़ियाघर में विशेष क्षेत्र प्रदान किए हैं। आरामदायक कुर्सियों के साथ बच्चों के डेस्क पसंदीदा जानवरों को आकर्षित करने के लिए बच्चों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ऐसा करने के लिए, प्रत्येक टेबल पर पेपर, पेंसिल और मार्कर होते हैं। बड़े बच्चों के लिए एक बोर्ड से सुसज्जित जिसमें आप केवल चिड़ियाघर के निवासियों को चित्रित नहीं कर सकते, बल्कि यह भी सीख सकते हैं कि उनके नाम कैसे सही तरीके से लिखें। अनुभवी एनीमेटर्स बच्चों के साथ पौधों और जीवों के बेहतर ज्ञान के लिए क्विज़ और प्रतियोगिताओं का खर्च करते हैं। सम्पर्क चिड़ियाघर (मिन्स्क), जिसकी संचालन प्रक्रिया हर किसी को अपने निवासियों को हर रोज 10.00 से 21.00 बजे तक शामिल करने की अनुमति देती है, यह बच्चों के लिए बाहर की दुनिया से डरने के लिए नहीं, बल्कि सम्मान और सराहना करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पालतू-चिकित्सा सत्र सप्ताह के दिनों में विकास संबंधी समस्याओं वाले बच्चों के लिए पालतू जानवरों के उपचार पर मुफ्त कक्षाएं हैं इससे बच्चों को उनकी दर्दनाक स्थिति से बाहर निकलने में मदद मिलती है, जानवरों पर भरोसा करना और उन्हें समझना सीखें। पिछले 1 घंटे के सभी पाठ, वे पशु चिकित्सा में विशेषज्ञों द्वारा आयोजित किए जाते हैं सभी भावनाओं और बच्चों के राज्यों को उनके मानसिक स्थिति में बदलाव के लिए एक सत्र से दूसरे तक ट्रैक किया जाता है और यदि आवश्यक हो तो कार्यक्रम को बदलने के लिए। अभ्यास से पता चलता है कि जानवरों के साथ बीमार बच्चों का संचार वसूली में तेजी लाने में मदद करता है। संपर्क zoos के आगे विकास यह देखते हुए कि मिन्स्क में संपर्क चिड़ियाघर, जिनमें से टिकट की कीमतें 80 000 बे हैं रगड़। (320 रूसी रूबल) सप्ताहांत और 100,000 बेले पर रगड़। (400 रूबल) सप्ताहांत पर, यह खाली नहीं है, यह एक महान भविष्य है। सभी 10 योजनाबद्ध मिनी-चिड़ियों उस जगह बनेंगी जहां बच्चों को एक नया अनुभव मिल सकता है जो हमेशा के लिए अपने जीवन को अधिक तरह और दिलचस्प बना देगा।
bumper-to-bumper insurance should be made mandatory on all new vehicles – News18 Hindi सभी नई गाड़ियों के लिए bumper-to-bumper insurance को अनिवार्य किया जाए: हाइकोर्ट, जानिए क्या है मामला सभी नई गाड़ियों पर संपूर्ण बीमा को अनिवार्य करने का आदेश एक सितंबर से कोई भी नया वाहन बेचने पर उसका संपूर्ण बीमा (बंपर-टू-बंपर) अनिवार्य रूप से होना चाहिए. मद्रास उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में यह कहा है. चेन्नई . मद्रास उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि एक सितंबर से कोई भी नया वाहन बेचने पर उसका संपूर्ण बीमा (बंपर-टू-बंपर) अनिवार्य रूप से होना चाहिए. यह पांच साल की अवधि के लिए चालक, यात्रियों और वाहन के मालिक को कवर करने वाले बीमा के अतिरिक्त होगा. 'बंपर-टू-बंपर' बीमा में वाहन के फाइबर, धातु और रबड़ के हिस्सों सहित 100 प्रतिशत आवरण मिलता है. न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने हाल के एक आदेश में कहा कि इस अवधि के बाद वाहन के मालिक को चालक, यात्रियों, तीसरे पक्ष और खुद के हितों की रक्षा करने के लिए सतर्क रहना चाहिए, ताकि उस पर कोई अनावश्यक उत्तरदायित्व न आए. न्यायाधीश ने कहा कि यह दुखद है कि जब कोई वाहन बेचा जाता है, तो खरीदार को पॉलिसी की शर्तों और इसके महत्व के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता है और इसी तरह खरीदार को भी पॉलिसी के नियमों तथा शर्तों को अच्छी तरह समझने में कोई दिलचस्पी नहीं होती, क्योंकि वह वाहन के प्रदर्शन के बारे में अधिक चिंतित रहता है, न कि पॉलिसी के बारे में. यह भी पढ़ें – Vijaya Diagnostic IPO अगले सप्ताह खुलेगा, निवेश करने से पहले जान लीजिए जरूरी बातें क्या है बंपर-टू-बंपर बीमा और ये कैसे काम करता है? ये अनिवार्य रूप से एक प्रकार का कार बीमा है, जो आपको वाहन का पूरा कवरेज देता है. इसका मतलब ये है कि जब आप किसी दुर्घटना का सामना करते हैं और नुकसान होता है, जिसे कवर करने की जरूरत होती है, तो बीमाकर्ता कवरेज से डेप्रिसिएशन वैल्यू में कटौती नहीं करेगा. इसके अलावा मोटर इंश्योरर आपकी गाड़ी की बॉडी के पुर्जों को बदलने की पूरी लागत का भुगतान करेगा. हालांकि, इस प्रकार के बीमा में तेल रिसाव (Oil Leak) या पानी चले जाने के कारण होने वाले इंजन डेमेज को कवर नहीं किया जाता है. हालांकि ये आपको कवरेज की एक पूरी रेंज देता है, ये ध्यान दिया जाना चाहिए कि आप इस प्रकार की पॉलिसी के लिए ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करेंगे. हालांकि, इसके और भी फायदे हैं. पॉलिसी खरीदने और रिन्यू कराने के समय इसका लाभ उठाया जा सकता है. आप पूरे अमाउंट का दावा भी कर सकते हैं, जबकि एक मानक बीमा कवरेज से भुगतान केवल लगभग 40 प्रतिशत तक होता है. ये नई कारों या तीन साल की मैक्सीमम ऐज लिमिट वाले वाहनों के लिए ज्यादा फायदेमंद है.
रायपुर : मुख्यमंत्री ने नाचा के मंदराजी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महंत की जयंती पर उन्हें किया नमन... - आजकल.info-छत्तीसगढ़ का भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल Raipur: The Chief Minister paid tributes to the freedom fighter Mahant on his birth anniversary. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में लोककला 'नाचा' के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी एवँ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री बिसाहू दास महंतकी जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ी लोककला के संरक्षण में दाऊ जी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि दाऊ मंदराजी ने 'नाचा' को पुनर्जीवित करने और उसे बचाए रखने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नाचा को समाजिक कुरीतियों के प्रति जनचेतना जगाने का माध्यम बनाया। श्री बघेल ने कहा कि दाऊ जी ने लोक कलाकारों को संगठित कर छत्तीसगढ़ी नाचा–गम्मत को विश्वपटल पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य सरकार द्वारा कला के ऐसे सच्चे साधक के सम्मान और नाचा कला को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों में नाचा कला को पुनर्स्थापित करने वाले लोक कलाकार का व्यक्तित्व अगली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लोकप्रिय राजनेता स्वर्गीय श्री बिसाहू दास महन्त को स्मरण करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन जनसेवा से जुड़ा रहा। महन्त ने अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक तथा मंत्री के रूप में प्रदेश के विकास के लिए अपनी अमूल्य सेवाएं दी। हसदेव बांगो सिंचाई परियोजना उनके सपनों का साकार रूप है। उन्होंने लोगों की बेहतरी के लिए क्षेत्र में खेती–किसानी, सिंचाई तथा सड़कों के कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि स्वर्गीय श्री बिसाहू दास महन्त के आदर्शों के अनुरूप नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध हैं। उनके बताये जनकल्याण के मार्ग पर चलकर प्रदेश में विकास को नये आयाम देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया तथा संयंत्र से सीवर के साफ किए गए पानी के प्रयोग बारे जानकारी हासिल की - जन क्लब Home जन क्लब मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया तथा संयंत्र से सीवर के साफ... मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया तथा संयंत्र से सीवर के साफ किए गए पानी के प्रयोग बारे जानकारी हासिल की कैथल, 9 जुलाई (कृष्ण गर्ग) हरियाणा के एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल ने स्थानीय मानस रोड स्थित मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया तथा संयंत्र से सीवर के साफ किए गए पानी के प्रयोग बारे जानकारी हासिल की। रॉकी मित्तल ने पट्टïी खोत स्थित सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट का दौरा किया तथा इस संयंत्र का संचालन कर रहे ठेकेदार एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने संयंत्र में ठेकेदार द्वारा लगाए गए कर्मचारियों की उपस्थिति भी देखी। रजिस्टर में 11 कर्मचारियों के नाम दर्ज किए गए थे, जबकि मौके पर केवल 5 कर्मचारी ही मौजूद थे। उन्होंने ठेकेदार से फोन पर बातचीत करते हुए इन कर्मचारियों को निर्धारित वेतन देने के निर्देश दिए। उन्होंने सीवरेज के गंदे पानी को साफ करने के लिए स्थापित किए गए संयंत्र का भ्रमण किया। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमबीआर संयंत्र को आवश्यक कार्य हेतू फिलहाल बंद किया गया है तथा एसबीआर संयंत्र को ठेकेदार के माध्यम से चलाया जा रहा है। वर्तमान में ठेकेदार द्वारा इस संयंत्र के साफ किए गए पानी को मानस ड्रेन में डाला जा रहा है। रॉकी मित्तल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें विभिन्न सुविधाओं में सुधार के लिए शुरू किए गए एक और सुधार कार्यक्रम का परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है तथा सभी जिलों में अतिरिक्त उपायुक्त-कम-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे शहर में विभिन्न कमियों को जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के ध्यान में लाकर इन्हें दूर करवा रहे हैं ताकि आम जन को कोई परेशानी न हो। मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को विभाग की सुविधाओं में कमी को दूर करने बारे कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा इन कमियों को पूरा किया जाता है तथा जनता को राहत मिल रही है। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा रख-रखाव व आवश्यक कार्य हेतू बंद किए गए एमबीआर संयंत्र से ड्रेन में डाले जा रहे सीवर के गंदे पानी के बारे में अधिकारियों से बातचीत की। मौके पर उपस्थित किसानों ने मांग की कि इस संयंत्र द्वारा साफ किए गए पानी को सिंचाई हेतू उन्हें उपलब्ध करवाया जाए।
बड़ी छवि : कार्टन स्टील मिश्र धातु इस्पात सामग्री सीएनसी मशीनिंग उत्पाद निर्माता असल में, सीएनसी मशीनिंग मशीन टूल फंक्शंस की गति और स्थिति को प्री-प्रोग्राम करना संभव बनाता है और उन्हें दोहराए जाने वाले, अनुमानित चक्रों में सॉफ़्टवेयर के माध्यम से चलाता है, सभी मानव ऑपरेटरों से थोड़ी सी भागीदारी के साथ। इन क्षमताओं के कारण, विनिर्माण क्षेत्र के सभी कोनों में प्रक्रिया को अपनाया गया है और यह धातु और प्लास्टिक उत्पादन के क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
INX Media Case : चिदंबरम की मुसीबतें बढ़ीं, जानें क्या है पूरा मामला - Navyug Sandesh Home / ट्रेंडिंग / INX Media Case : चिदंबरम की मुसीबतें बढ़ीं, जानें क्या है पूरा मामला NAVYUG SANDESH 21/08/2019 ट्रेंडिंग, देश, लेटेस्ट न्यूज़, व्यापार आईएनएक्स मीडिया केस INX Media Case) में दिल्ली हाई कोर्ट के जज सुनील गौड़ के अग्रिम ज़मानत को ख़ारिज होने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। लेकिन पी चिदंबरम की तलाश अभी जारी है। सीबीआई और ईडी चिदंबरम को गिरफ्तार करने पर अड़ी है, , जिसके तहत सीबीआई और ईडी बुद्धवार 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम को अंतिरम ज़मानत दिए जाने का विरोध करेगी। सूत्रों ने मुताबिक सीबीआई और ईडी अदालत को बताएंगे कि पी। चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। 20 अगस्त मंगलवार को नोटिस के बाद जब सीबीआई अधिकारी चिदंबरम के आवास पहुंचे तो उनसे मुलाकात नहीं हुई जिसके बाद अधिकारियों ने नोटिस जारी कर उन्हें दो घंटे में पेश होने का निर्देश दिया। इस पर चिदंबरम के वकील ने सीबीआई से पूछा है कि किस कानून के तहत उन्हें दो घंटे में पेश होने के लिए कहा गया है। जानकारी के अनुसार, सीबीआई अदालत को ये भी बताएगी कि उन्हें लगातार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। यही नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया में पी। चिदंबरम के खिलाफ मामला बनता है, ऐसे में उन्हें अग्रिम ज़मानत नहीं मिलनी चाहिए। मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद जब सीबीआई अधिकारी उनके आवास पहुंचे तो वह वहां नहीं मिले। हालांकि ये अभी साबित नहीं हो पाया है कि सीबीआई उनको गिरफ्तार करने आई थी या पूछताछ करने। बता दें, इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने 25 जुलाई, 2018 को चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया था
बिग बॉस 11 : घर में जाने से पहले प्रियांक ने की बंदगी के एक्स बॉयफ्रेंड के साथ पार्टी | Bollywood Life हिंदी बिग बॉस 11 : घर में जाने से पहले प्रियांक ... बिग बॉस 11 : घर में जाने से पहले प्रियांक ने की बंदगी के एक्स बॉयफ्रेंड के साथ पार्टी प्रियांक, घर ने जाने से पहले बंदगी के बॉयफ्रेंड के साथ खूब मस्ती करते दिखाई दिए। Published: October 26, 2017 4:22 PM IST 'बिग बॉस 11' का इस साल का सीजन मेकर्स और चैनल के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। अब ख़बरों की माने तो प्रियांक शर्मा की बिग बॉस के घर में दोबार एंट्री होने जा रही है।लेकिन घर में जाने से पहले प्रियांक ने शो की कंटेस्टेंट बंदगी कालरा के बॉयफ्रेंड डेनिस नागपाल के साथ दिल्ली के एक पब में पार्टी भी की। प्रियांक को इसलिए घर से बाहर किया था क्योंकि उन्होंने आकाश डडलानी के साथ हाथ पायी की थी। जिसके कारण सलमान खान ने उन्हें घर से बेदखल किया था। सलमान खान उन्हें शो में वापस लाने के खिलाफ थे। लेकिन लगता है अब शो में प्रियांक की वापस एक बार एंट्री होने जा रही है। शो में प्रियांक के आने से एक बार फिर से गुटबाज़ी आप देख पायेंगे। [इसे भी पढ़ें: बिग बॉस: स्प्लिट्सविला के विजेता प्रियांक शर्मा की हॉट बॉडी देख घरवालों को हुई जलन -देखें वीडियो] Also Read - ढिंचैक पूजा का नया गाना Hoga Na Corona हुआ रिलीज, Video देखकर हंसी रोकना होगा मुश्किल Also Read - बिग बॉस 11 फिनाले: सलमान खान और अक्षय कुमार ने साथ में मिलकर खींची ढिंचैक पूजा की टांग, देखें वीडियो प्रियांक, घर ने जाने से पहले बंदगी के बॉयफ्रेंड के साथ खूब मस्ती करते दिखाई दिए। डेनिस ने बंदगी के साथ अपने सारे रिश्तों को तोड़ दिया है क्योंकि शो में वो पुनीश शर्मा के साथ काफी क्लोज़ होती नज़र आ रही है। अब प्रियांक और बंदगी के बॉयफ्रेंड की एक तस्वीर मीडिया में खूब वायरल हो रही है। वैसे, बंदगी के साथ प्रियांक की ट्यूनिंग घर में कभी नहीं बन पायी। अचानक वो उनके बॉयफ्रेंड के साथ इतने क्लोज़ नज़र आ रहे है? क्या बंदगी के लिए डेनिस ने कुछ मेसेज उनके हाथ भिजवाया है। इतना ही नहीं आज टेलीकास्ट होने वाले एपिसोड में ढिंचैक पूजा एक बार फिर से खूब रोने लगती हैं। उन्हें टास्क के दौरान वर्स्ट परफ़ॉर्मर के चलते जेल में जाना पड़ गया है। तो वही आकाश डडलानी उनसे अपने प्यार का इज़हार करते है। आकाश, कुछ दिनों से पूजा के साथ रोमांस करते नज़र आ रहे है। Also Read - बिग बॉस 11: क्या वाकई ढ़िंचैक पूजा को हो गया था लव त्यागी से इश्क ? जानिए पूजा का जवाब....
निकाय चुनाव का प्रचार अभियान शुरू करने पर बोले सीएम योगी- राम के बिना हमारा कोई काम शुरू नहीं हो सकता November 14,2017 12:15 लखनऊ । यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 7 माह के कार्यकाल के बाद अब भाजपा के लिए सूबे के निकाय चुनावों में अपना जलवा बरकरार रखने की चुनौती है। योगी सरकार के लिए यह किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा, हालांकि अयोध्या से निकाय चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने पर सीएम योगी ने एक बार फिर भगवान राम के नाम से अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा राम के बगैर भारत में कोई काम नहीं हो सकता है, राम हमारी आस्था के प्रतीक हैं भारत की पूरी आस्था के केंद्र बिंदु हैं। ये भी पढ़ें- राहुल गांधी के लिए गुजरात चुनाव बनेगा 'लॉचिंग पैड'!, अपनी नीति-रणनीति में परिवर्तन कर भाजपा को दी चुनौतियां बता दें कि यूपी में निकाय चुनावों में एक बार फिर सभी दलों ने अपना दम लगाना शुरू कर दिया है। ऐसे में प्रचंड बहुमत लेकर सत्ता में आई भाजपा के लिए इन चुनावों में अपनी जलवा बरकरार रखने की चुनौती होगी। इस सब के बीच योगी आदित्यनाथ ने निकाय चुनाव के अपने तूफानी दौरे की शुरुआत अयोध्या नगरी से की। इससे पहले यहां योगी ने अपनी दिवाली मनाई थी। इसके साथ ही अयोध्या में पहली बार मेयर का चुनाव हो रहा है। अपने अभियान की शुरुआत योगी मंगलवार को अयोध्या के जीआईसी मैदान से रैली करते हुए करेंगे, जिसमें करीब 10 हजार लोगों के आने की संभावना है। इसके साथ ही मंगलवार शाम तक योगी आदित्यनाथ अयोध्या के अलावा गोंडा और बहराइच में भी सभा करेंगे। निकाय चुनावों के मद्देनजर सीएम योगी राज्य में करीबन 33 सभाएं करेंगे। ये भी पढ़ें- प्रदुमन हत्याकांड - अब आरोपी छात्र बोला, सीबीआई वालों ने भाई को मारने की धमकी देते हुए जुर्म कबूलने को कहा, मैं हत्यारा नहीं इस दौरान खास बात यह है कि योगी सरकार में पहली बार नगर निगम के लिए भी भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में सबसे ज्यादा तवज्जो स्वच्छता, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट, सार्वजनिक जगहों पर वाई फाई आवारा पशुओं के लिए कांजी हाउस सरीखे मुद्दों को दी है। राम मंदिर विवाद को लेकर श्री श्री रविशंकर की ओर से की जा रही पहल पर सीएम योगी बोले कि बातचीत को लेकर किया गया कोई भी प्रयास स्वागत योग्य है। बातचीत तभी संभव होती है जब दोनों पक्ष तैयार हो. बुधवार को सीएम योगी और श्रीश्री रविशंकर की मुलाकात भी होगी। ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने मनीला में भारतीयों से कहा- देखिए जल्द ही इस देश को छोड़ भारत में आना पड़ेगा up civic election nagar nigam mayor election up cm yogi adityanath uttar pradesh shri ram ayodhya अयोध्या निकाय चुनाव उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ श्रीराम अयोध्या राम मंदिर श्री श्री रविशंकर भाजपा का घोषणापत्र
प्लाट खरीदते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि वास्तु दोष युक्त प्लाट में मकान बनाकर उसमें रहना शुरू करने के बाद जीवन प्रयन्त उस प्लाट के वास्तु दोषों के दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। कई वास्तु विशेषज्ञों का यह मानना है कि प्लाट में कोई पुराना कुआँ है और उसे मिट्टी से भरकर बंद कर दिया गया हो, या फिर उस प्लाट पर पहले कोई श्मशान था, वह प्लाट शुभ फल दायक नहीं हो सकता है, जबकि यह धारणा सरासर गलत है और इन बातों का कोई औचित्य ही नहीं है। इस तरह की बातों से जन-साधारण में वास्तु विषय के प्रति गलत भ्रांतियां पैदा हो रही हैं।
Farhan Akhtar's Rock On 2 free from convenience fees at PVR - Hindi Filmibeat | Published: Wednesday, November 9, 2016, 19:15 [IST] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन लगाने के फैसले के बाद पीवीआर सिनेमा ने भी एक फैसला लिया है। पीवीआर फरहान अख्तर की आने वाली फिल्म रॉक ऑन 2 की टिकट डेबिट और क्रेडिट कार्ड से खरीदने पर सुविधा शुल्क नहीं लेगा। फरहान अख्तर ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। एक्टर फरहान अख्तर ने इसकी जानकारी ट्वीट कर दी। फरहान ने लिखा कि 500 और 1000 के नोट बैन होने पर पीवाआर ने यह निर्णय लिया है कि जो लोग रॉक ऑन 2 की टिकट क्रेडिट/डेबिट कार्ड से खरीदते हैं उनसे पीवीआर सुविधा शुल्क नहीं लेगा। फरहान ने पीवीआर के इस फैसले पर धन्यवाद भी दिया है। आपको बता दें कि ये फिल्म रॉक ऑन का सीक्वल है जिसमें अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली, प्राची देसाई और श्रद्धा कपूर हैं। 11 नवंबर को रिलीज होने वाली रॉक ऑन-2 को एक्सेल इंटरटेंमेंट के रितेश सिद्धवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है और सुजात सौदागर ने निर्देशित किया है।
Valentines Day पर सचिन तेंदुलकर का खुलासा, पत्नी अंजलि नहीं बल्कि यह है लाइफ का पहला प्यार | Sachin Tendulkar reveals First Love of His Life on Valentines Day Shares Video Bush Fire Charity Cricket Match - Hindi MyKhel » Valentines Day पर सचिन तेंदुलकर का खुलासा, पत्नी अंजलि नहीं बल्कि यह है लाइफ का पहला प्यार Updated: Sunday, February 16, 2020, 10:18 [IST] नई दिल्ली। दुनिया भर में 14 फरवरी को प्यार का जश्न मनाने को दिन माना जाता है और इस दिन लोग अपने जीवन के उस खास व्यक्ति के साथ समय बिताते हैं और उसे जताने की कोशिश करते हैं कि वो उसके जीवन में कितना खास है। क्रिकेट जगत के खिलाड़ी भी वैलेंटाइन डे के इस खूबसूरत अहसास से अछूते नहीं हैं। 14 फरवरी को जहां भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कीवी दौरे पर पहुंची अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ दिन बिताया तो चोट के चलते टीम से बाहर चल रहे हार्दिक पांड्या ने अपनी मंगेतर नताशा के साथ खूबसूरत शाम की फोटो शेयर की। सीमित ओवर्स प्रारूप में भारतीय टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा ने भी पत्नी रितिका और बेटी के साथ फोटो शेयर की। इस बीच भारतीय फैन्स के बीच क्रिकेट के भगवान के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर ने भी वैलेंटाइंस डे पर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनके जीवन का पहला प्यार कौन है। पत्नी अंजलि नहीं बल्कि यह है पहला प्यार सचिन तेंदुलकर ने वैलेंटाइंस डे पर खुलासा करते हुए बताया कि उनके जीवन का पहला प्यार क्या है। इसको लेकर उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो भी शेयर की है। वैलेंटाइंस डे पर अपने पहले प्यार को दुनिया से रूबरू कराते हुए सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर की है जिसमें वह क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को कैप्शन देते हुए सचिन ने लिखा है, 'माय फर्स्ट लव'। अंजलि के साथ सचिन तेंदुलकर ने की है लव मैरिज सचिन तेंदुलकर ने ट्विटर पर जो वीडियो शेयर किया है वह ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हुई बुशफायर चैरिटी मैच का है। इस मैच में सचिन तेंदुलकर बतौर कोच टीम से जुड़े थे। हालांकि इस दौरान वह एलिस पैरी के चैलेंज पर 1 ओवर बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे थे। यह वीडिया उसी मैच से पहले बल्लेबाजी की प्रैक्टिस का है। मास्टर ब्लास्टर ने अपनी इस पोस्ट पर एक स्माइली भी बनाई है। सचिन तेंदुलकर ने अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ लव मैरिज की है। दोनों के परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। सचिन अपने परिवार से बेहद प्यार करते हैं लेकिन क्रिकेट हमेशा से ही उनका पहला प्यार रहा है। मैदान पर फिर लौट रहे हैं सचिन तेंदुलकर, 6 साल बाद वानखेड़े में खेलेंगे बता दें कि वानखेड़े के मैदान पर जल्द ही मास्टर ब्लास्टर की वापसी हो रही है और वह अपने पूर्व साथी वीरेंदर सहवाग के साथ पारी का आगाज करते नजर आयेंगे। 7 मार्च से शुरु हो रहे अनअकेडमी रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज टूर्नामेंट के जरिये एक बार फिर से क्रिकेट फैन्स का मनोरंजन करने और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग की जोड़ी मुंबई के वानखेड़े में उतरेगी। 16 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सचिन तेंदुलकर ने करीब 40 साल की उम्र तक क्रिकेट खेली है। 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने के बाद भी सचिन तेंदुलकर किसी न किसी रूप में क्रिकेट से जुड़े हुए हैं।
29 सितंबर से शुरू होगी Realme की फेस्टिवल सेल, इन स्मार्टफोन्स पर मिलेगी छूट - Realme festive days sale to kickstart from 29th september ttec - AajTak 29 सितंबर से शुरू होगी Realme की फेस्टिवल सेल, इन स्मार्टफोन्स पर मिलेगी छूट Realme की फेस्टिवल सेल की शुरुआत 29 सितंबर से होगी. इस दौरान ढेरों स्मार्टफोन्स पर डील्स और डिस्काउंट मिलेंगे. Realme Festive Days Sale Banner Flipkart और Amazon ने अपने फेस्टिवल सेल का ऐलान पहले ही कर दिया है. अब Realme ने भी अपने फेस्टिव डेज सेल की तारीख की जानकारी दे दी है. चीनी कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर एक बैनर जारी किया है. इस बैनर में कंपनी ने लिखा है कि सेल की शुरुआत 29 सितंबर से होगी और ये 4 अक्टूबर तक जारी रहेगी. सेल के दौरान कंपनी सारे रियलमी डिवाइसेज के साथ एक्सटेंडेड वारंटी देगी. साथ ही ग्राहक Bajaj finserv और ICICI बैंक के साथ नो कॉस्ट EMI का लाभ ले सकेंगे. इसी तरह सेल के दौरान Cashify पर एडिशनल 500 रुपये की छूट, Paytm पर 2,000 रुपये तक कैशबैक, Mobikwik ट्रांजैक्शन पर 1,500 रुपये तक 10 प्रतिशत सुपरकैश, ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड पर 500 रुपये तक कैशबैक और कम्पलीट मोबाइल प्रोटेक्शन का लाभ मिलेगा. स्मार्टफोन्स पर मिलने वाली डील्स की बात करें तो जारी बैनर के मुताबिक Realme 5 को 10,999 रुपये की जगह 8,999 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा. आपको बता दें ये कीमत 4GB/64GB वेरिएंट की है. इसी तरह Realme C2 को 7,999 रुपये की जगह कुछ कम कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि डिस्काउंट की घोषणा 23 सितंबर को की जाएगी. सेल के दौरान Realme 3 Pro पर 4,000 रुपये का डिस्काउंट दिया जाएगा. कंपनी ने जानकारी दी है कि इसे 15,999 रुपये की जगह 11,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा. आपको बता दें फिलहाल 6GB/128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये है. ऐसे में इसी वेरिएंट पर छूट का लाभ दिया जाएगा. इन सबके अलावा रियलमी फेस्टिव डेज सेल के दौरान नए Realme XT, Realme 5 Pro, Realme U1, Realme 3, Realme 2 Pro, Realme X और Realme 3i पर डिस्काउंट दिया जाएगा. इस स्मार्टफोन्स पर डिस्काउंट्स का खुलासा 24 सितंबर को किया जाएगा. साथ ही कंपनी ने जानकारी दी है कि 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच ऐप पर स्पेशल कूपन दिए जाएंगे और सेल के दौरान हर दिन दोपहर 12 बजे फ्लैश सेल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रोडक्ट्स पर 50 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जाएगा. Flipkart की सेल 29 से, इन स्मार्टफोन्स पर मिलेगी दमदार छूट फ्लिपकार्ट पर 29 सितंबर से त्योहारी सेल की शुरुआत होने जा रही है. सेल शुरू होने से पहले यहां से लें कुछ स्मार्टफोन्स पर डील्स ...
सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। सुशांत के पिता ने एक्ट्रेस और सुशांत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने रिया के अलावा उनके परिजनों इंद्रजीत चक्रवर्ती, संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती के खिलाफ भी शिकायत दी है। उन्होंने इन सभी पर यह आरोप लगाया है कि रिया और उसके परिजनों ने कामयाबी की बुलंदियों को छू रहे सुशांत से नजदीकियां बढ़ाई ताकि उसके पैसों को हथिया सके। सुशांत के पिता ने यह FIR पटना के राजीव नगर पुलिस थाने में दर्ज कराई है। के के सिंह ने यह आरोप लगाया है कि रिया ने सुशांत से पैसे लिए और उन्हें सुसाइड के लिए उकसाया है। आईपीसी की धारा 341, 342, 380, 406, 420, 306 के तहत ये केस दर्ज हुआ है। सुशांत के पिता ने अपने आवेदन में लिखा है कि, मुंबई पुलिस द्वारा जो जांच की जा रही है, उस पर उन्हें भरोसा नही हैं। इसलिए पटना पुलिस से इस मामले में जांच करें। सुशांत के पिता ने अपने बयान में कहा, ‘जब रिया ने देखा कि सुशांत उसकी बात नहीं मान रहा है और उसका बैंक बैलेंस भी कम होता जा रहा है तो रिया को लगा कि अब सुशांत उसके किसी काम का नहीं है।’ उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि रिया से मिलने से पहले सुशांत मानसिक रूप से ठीक था। ऐसा क्यों हुआ कि उसके संपर्क में आने के बाद वह मानसिक रूप से डिस्टर्ब हो गया था? रिया ने अपना मोबाइल नंबर बदलने के लिए उनके बेटे पर दबाव बनाया था ताकि वह अपने करीबी लोगों से बात नहीं कर सके। इतना ही नहीं रिया ने सुशांत के करीबी स्टाफ को भी चेंज करवा दिया था जो उनके लिए काम किया करते थे। उन्होंने बताया कि रिया ने सुशांत से कहा था कि, ‘अगर मेरी बातें नहीं मानोगे तो मैं मीडिया में तुम्हारी मेडिकल रिपोर्ट दे दूंगी और सबको बता दूंगी की तुम पागल हो। जब रिया को लगा की सुशांत सिंह उसकी बात नहीं मान रहा है और उसका बैंक बैलेंस भी बहुत कम रह गया है, तो रिया ने सोचा कि अब सुशांत उसके किसी काम का नहीं है तो रिया जोकि सुशांत के साथ रह ही थी दिनांक 8/6/20 को शुशांत के घर से काफी सामान कैश, जेवरात, लैपटॉप , पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड, उनके पिन नम्बर जिसमें सुशांत के अहम दस्तावेज, ईलाज के सारे कागज लेकर चली गई।’ सुशांत के पिता ने कहा, ‘जाने के बाद उसने मेरे बेटे सुशांत का फोन नम्बर अपने फोन में ब्लॉक कर दिया। इसके बाद सुशांत ने मेरी बेटी को फोन किया। सुशांत ने कहा रिया मुझे कहीं फंसा देगी, वो यहां से काफी सामान लेकर चली गई है। मुझे धमकी देकर गई है कि अगर तुमने मेरी बात नहीं मानीं तो तुम्हारे इलाज के सारे कागज मीडिया को दे दूंगी।’ पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा के आदेश पर राजीव नगर के थाना प्रभारी को इस केस का आईओ बनाया गया है। इसके साथ ही इस मामले में चार सदस्यीय टीम को मुंबई भेजा गया है। यह टीम मुंबई पुलिस से मिलकर उनसे मामले की केस डायरी के अलावा अन्य जरुरी कागजात हासिल करेगी।
होम » समाचार » बिक्री के लिए अब Xiaomi Business Travel Backpack 2 और MIIIW S500 माउस क्या आप खुद को काम के लिए अक्सर यात्रा करते हुए पाते हैं? यदि ऐसा है, तो आप सबसे अधिक संभावना अपने विश्वसनीय लैपटॉप के साथ करेंगे और यदि आपके पास जगह है, तो एक अच्छा माउस भी। खैर आज से आप पहले से ही अपनी यात्रा किट के उन्नयन की योजना बना सकते हैं, चलो अब आपके पास जो बैकपैक और माउस है उसके बारे में बात करें। हमारी पसंदीदा चीनी दिग्गज कंपनी ने अभी हाल ही में नया Xiaomi Business Travel Backpack 2 और Xiaomi MIIIW S500 डुअल माउस माउस पेश किया है। तो चलिए देखते हैं इन दोनों नए उत्पादों को करीब से! आइए Xiaomi Business Travel Backpack 2, या व्यवसायियों (या बिजनेसवुमेन) के लिए यात्रा बैग के साथ शुरू करते हैं। बैकपैक दो मुख्य डिब्बों के साथ बनाया गया था, पीछे एक काम सामग्री (लैपटॉप, टैबलेट, चूहे या जो भी हो) के लिए, जबकि दूसरे डिब्बे का इस्तेमाल कपड़े जैसे शर्ट, मोजे या अन्य कपड़ों को स्टोर करने के लिए किया जा सकता है। 180 डिग्री के कोण के साथ लैपटॉप अनुभाग का ज़िप खोलना भी संभव है, ताकि आप लैपटॉप और अन्य सामान को अधिक आसानी से निकाल सकें। जेब आपको 15,6 इंच और 10 इंच टैबलेट तक लैपटॉप स्टोर करने की अनुमति देता है, जबकि बैकपैक की कुल क्षमता 26 लीटर है। Xiaomi Business Travel Backpack 2 650D ऑक्सफोर्ड सामग्री में गहरे भूरे रंग में बनाया गया है। कपड़े में वॉटरप्रूफिंग की चार परतें होती हैं और यह बैकपैक की सामग्री को बारिश, धूल या अन्य से बचाता है। Xiaomi ट्रैवल बैकपैक में एक अधिक एर्गोनोमिक डिज़ाइन है और आपको लंबे समय तक चलने के बाद भी ताज़ा रहने की अनुमति देता है। इसके अलावा यह नया वेरिएंट भी हल्का है पिछले एक की 13Kg के अंतिम वजन के लिए 0,93% के बारे में। कुल आयाम 325mm x 180mm x 445mm के बजाय हैं। अंत में, हमारे पास चुंबकीय उद्घाटन के साथ एक शीर्ष जेब है जिसका उपयोग पासपोर्ट, बोर्डिंग पास या अन्य छोटी वस्तुओं को संग्रहीत करने के लिए किया जा सकता है। Xiaomi Business Travel Backpack 2 अब चीन में 199 युआन के आंकड़े पर, या 25 यूरो पर बिक्री पर है। चलिए नए Xiaomi MIIIW S500 डुअल मोड माउस की ओर बढ़ते हैं। इस माउस में ब्लूटूथ मोड में और 2,4Ghz के कनेक्शन के साथ दोनों का उपयोग करने में सक्षम होने की विशिष्टता है। दो में से किसी एक मोड को सक्रिय करने के लिए बस पहिए के नीचे केंद्र में बटन पर क्लिक करें। माउस पर ब्लूटूथ नवीनतम पीढ़ी का भी है, वास्तव में यह कम बिजली की खपत के साथ अधिक स्थिर कनेक्शन के लिए ब्लूटूथ एक्सएनएक्सएक्स बीएलई प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है। 5.0Ghz के कनेक्शन का उपयोग करने के लिए, बस शामिल यूएसबी पेन को पीसी पोर्ट में डालें। माउस विभिन्न प्रकार की सामग्रियों पर काम करने के लिए एक ऑप्टिकल सेंसर और एलईडी लाइट सिस्टम का उपयोग करता है। इस तकनीक के लिए धन्यवाद, माउस 71 प्रकार की सतहों पर पूरी तरह से काम करता है और कांच की प्लेट पर भी काम कर सकता है। MIIIW S500 डुअल मोड 1000dpi डीपीआई (डॉट्स प्रति इंच, मूल रूप से गति की गति) की एकल मानक सेटिंग पर चलता है, जबकि बाएं और दाएं और साइड दोनों बटन ओमरोन द्वारा बनाए गए हैं, जो एक जापानी कंपनी के लिए प्रसिद्ध है। उच्च गुणवत्ता वाले कीबोर्ड और चूहों के लिए कुंजियों का निर्माण। फिर उन्हें बिना किसी खराबी के बीस मिलियन से अधिक बार क्लिक किया जा सकता है। अंत में, Xiaomi का माउस दो AAA बैटरी द्वारा संचालित होता है, बिना उन्हें सीधे माउस पर रीचार्ज करने की संभावना के साथ, और Microsoft Windows, MacOS और Android 6.0 से ऊपर की ओर संगत है। Xiaomi MIIIW S500 डुअल मोड (ब्लूटूथ और आरएफ) अब आधिकारिक Xiaomi वेबसाइट (चीन में) पर 199 युआन, या मौजूदा विनिमय दर पर लगभग 25 यूरो की बिक्री पर है। आप इन दो नए Xiaomi उत्पादों के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आप रुचि रखते हैं कि वे हमारी परवाह कैसे करते हैं? हमें नीचे टिप्पणी अनुभाग में बताएं!
चेस्वाफ़ मीवोश (Czeslaw Milosz) पोलैंड के प्रसिद्द कवि, लेखक व अनुवादक थे. उनका जन्म लिथुएनिया में हुआ था और वे पांच भाषाएँ जानते थे -- पोलिश, लिथुएनिअन,रशियन, अंग्रेजी व फ्रेंच. द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात,1951 में उन्होंने पोलैंड छोड़ फ्रांस में आश्रय लिया, और 1970 में अमरीका चले गए. वहां वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया में पोलिश साहित्य के प्रोफ़ेसर रहे. उनके 40 से भी अधिक कविताओं व लेखों के संकलन प्रकाशित हुए हैं व कई भाषाओँ में अनूदित किये गए हैं. अन्य कई सम्मानों सहित उन्हें 1980 में नोबेल प्राइज़ भी मिल चुका है. इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद रोबेर्ट हास व रोबेर्ट पिन्सकी ने किया है. इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ Posted by रीनू तलवाड़ at 7:20 pm इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: चेस्वाफ़ मीवोश 4 टिप्‍पणियां: डॉ. रमाकान्त राय सोमवार, जून 11, 2012 9:40:00 pm हमारी उम्मीद ही हमारे लिए दुनिया रचती है.. एक उम्दा कविता का बेहद भावप्रवण अनुवाद! बधाई... आज बहुत दिन बाद ब्लॉग पर आया हूँ और घूमने का मन है... जवाब देंहटाएं उत्तर जवाब दें रश्मि प्रभा... मंगलवार, जून 12, 2012 5:37:00 pm http://bulletinofblog.blogspot.in/2012/06/3.html जवाब देंहटाएं उत्तर जवाब दें रीनू तलवाड़ बुधवार, जून 13, 2012 12:00:00 am इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है. जवाब देंहटाएं उत्तर जवाब दें रीनू तलवाड़ बुधवार, जून 13, 2012 12:00:00 am Shukriya Rashmi Prabha ji :) जवाब देंहटाएं उत्तर जवाब दें टिप्पणी जोड़ें ज़्यादा लोड करें... नई पोस्ट पुरानी पोस्ट मुख्यपृष्ठ सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें (Atom) ब्लॉग के बारे में पढ़ना भी अनुवाद ही है, उसी भाषा से उसी भाषा में. ऐसा कहा हैं अर्जेंटीना के लेखक-कवि-अनुवादक होर्खे लुईस बोर्खेस ने. और यह भी कि अनुवाद मौलिक रचना से भिन्न हो सकता है, एक ही रचना के कई सुन्दर अनुवाद हो सकते हैं और अच्छा अनुवाद दूसरी भाषा की मौलिक रचना लगता है, जिसका किसी से कोई लेना-देना नहीं रहता. यह ब्लॉग इन्हीं सब परिभाषाओं में भटकने का और शायद एक दिन इनकी हद से आगे निकल जाने का प्रयास है. जो कविताएँ, रचनाएँ यहाँ अनूदित की गयी हैं, की जाएँगी, मैंने उनको नहीं चुना; उन्होंने ही मुझे चुना है और आगे भी वे ही चुनेंगी. मेरे बारे में Reenu Talwar रीनू तलवाड़ कुल पेज दृश्य फ़ॉलोअर लोकप्रिय पोस्ट तुम्हारी कविताओं में इतना अँधेरा क्यों है ? विंड ब्लोन ग्रास अक्रॉस द मून, हिरोशिगे Wind Blown Grass Across the moon, Hiroshige तुम्हारी कविताओं में इतना अँधेरा क्यों है ? क... मेरी चाह के बाहर... वुमंज़ हेड, अमादेओ मोदिग्लियानी Woman's Head, Amadeo Modigliani मेरी चाह के बाहर तुम्हारा कोई जीवन नहीं है मैं तुम्हारा समय हूँ ... माथे पर चुम्बन द किस, ओग्यूस्त रोदें The Kiss, Auguste Rodin माथे पर किया चुम्बन -- मिटा देता है दुःख. मैं तुम्हारा माथा चूमती हूँ. आँखों पर किया चुम... बुद्ध मदों में, ओग्यूस्त रोदें के बागीचे में स्थापित बुद्ध की प्रतिमा, जिसे देख रिल्के को यह कविता लिखने की प्रेरणा मिली मानो वे सुन रहे... अनुमति स्पाइडर, लिओनोरा कैरिंगटन मैंने एक मकड़ी को मार डाला नहीं थी वह कोई भूरी घातक एकांतवासी न ही विषैली काली और सच कहूँ तो छो... वसंत विज़न, मिकालोयुस चिरलोनियस Vision, Mikalojus Ciurlionis और देखो साँप फिर प्रकट हुआ है, अंधियारे के अपने नीड़ से, काली चट्टानों तल... निःशब्द दुनिया द टेलीफोन, तमारा द लेम्पिका The Telephone, Tamara de Lempicka ताकि लोग अधिक झांकें एक-दूसरे की आँखों में, और मूक लोग तुष्ट हो जाएँ, एक... आज और शायद कल भी वुमन एट राइटिंग डेस्क, लैसर ऊरी Woman at Writing Desk, Lesser Uri सोच से, पश्चाताप से, टूटी और अब तक अनटूटी उम्मीद से भरा, ... अक्सर जब मैं तुम्हारी कल्पना करता हूँ पाथ इन द वुड्स, विन्सेंट वान गोग Path in the Woods, Vincent Van Gogh अक्सर जब मैं तुम्हारी कल्पना करता हूँ तुम्हारी पूर्णता झर... प्रेम क्या है? लवर्ज़ विद फ्लार्ज़, मार्क शगाल Lovers with Flowers, Marc Chagall प्रेम क्या है? हमने उसपर सैंकड़ों निबंध पढ़ डाले और फिर भी ...
मिट्टी के घरौंदे वाली दिवाली अब आधुनिक हो रही है। मिट्टी के घरौंदे की प्रथा वाली दिवाली अब आधुनिक हो रही है कृषि प्रधान देश भारत में नई फसल की कटाई या मौसम परिवर्तन का समय, कब सांस्कृतिक आस्था में बदल गया पता नहीं चला। ठीक उसी तरह कब रौशनी के प्रकाश-पर्व को लेकर एक नहीं कई मिथकीय कहानियां कहीं जाने लगीं, इसका कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। गोया आधुनिकता के मौजूदा दौर में दिवाली अमावस्या की अंधेरी रात में केवल सजते हुए घरों, संवरते हुए अरमानों का प्रकाश-पर्व नहीं है। प्रकाश-पर्व की रवायत का यह त्यौहार हमें ही नहीं पूरी भारतीय सभ्यता-संस्कृति को आधुनिकता के मौजूदा दौर में भी अपनी सांस्कृतिक और मिथकीय कहानियों के ज़रिए अपनी परंपरा से जोड़ता है। दिवाली को लेकर प्रचलित कहानियां खत्म हो जाती है फसल की कटाई: भारत के पश्चिमी भाग में यह माना जाता है कि दिवाली की शुरुआत किसानों की फसल की कटाई पूरी होने के बाद की गई थी। यहां ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में इस दिन पोहे से व्यंजन तैयार करने की भी परंपरा है। भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी: दिवाली मनाने की प्रचलित वजह रामायण से मिलती है। महाकाव्य रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण रावण को हराकर लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद कार्तिक माह में इसी दिन अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्या के नागरिकों ने पूरे शहर को दीपकों से सजाया था। बंगाल में होती है काली पूजा: दिवाली पर बंगाल में मॉं काली की पूजा होती है। कहा जाता है कि नवदीप के महाराजा कृण्ण्न चंद्रा ने अपनी प्रजा से मॉं काली की पूजा करने की विनती की थी। आज बंगाल में दुर्गा पूजा के बाद काली पूजा का बहुत महत्व है। प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो साभार- pixaby देवी लक्ष्मी का जन्म और विवाह: एक मान्यता यह भी है कि समुद्र मंथन के दौरान दिवाली के दिन ही संपन्नता की देवी मॉं लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसी दिन देवी लक्ष्मी का भगवान विष्णु के साथ विवाह हुआ और इस समारोह के लिए बहुत से दीपक जलाए गए थे। इसी कारण दिवाली को देवी लक्ष्मी के साथ जोड़ा जाता है। चूंकि देवों में गणेश प्रथम पूज्य हैं, इसलिए गणेश-लक्ष्मी की पूजा परंपरा है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध: समूचे भारत में अमवस्या की रात को दिवाली मनाई जाती है, वहीं तमिलनाडु में नरक चतुर्दशी (दिवाली के एक दिन पहले) दिवाली मनाई जाती है। माना जाता है कि बहुत समय पहले नरकासुर ने करीब 16 हज़ार महिलाओं को बंदी बनाया था। भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके उन सभी की रक्षा की थी। इस दिन को वहां बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। गोवा में एक दिन नरकासुर के कागज़ के पुलते जलाए जाते हैं। तमिल घरों में इस दिन लक्ष्मी पूजा भी की जाती है। सिखों के लिए भी खास: सिखों में भी दिवाली का खास महत्व है। कहा जाता है कि सिख गुरु हरगोंविद, मुगल बादशाह जहांगीर के आदेश से ग्वालियर के किले में बंदी बनाए गए थे। वह इसी दिन अमृतसर लौटे थे और उनके लौटने की खुशी में पूरे शहर को रौशनी से सजाया गया था। तीसरे गुरु अमर दास ने दिवाली को चिरस्मरनीय मंगल दिवस के रूप में संस्थागत किया था, जब सभी सिख अपने गुरुओं का आर्शीवाद लेने के लिए इकट्ठा होंगे। मिला मोक्ष: दिवाली का जैन धर्म में भी बड़ा महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन आखिरी जैन तीर्थंकर भगवान महावीर को मोक्ष या निर्वाण प्राप्त हुआ था। इसी तरह दिवाली के दिन ही हिंदू के महान सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद स्वरस्ती को भी निर्वाण प्राप्त हुआ था। आधुनिकता की दौड़ती-भागती ज़िन्दगी में मिथकीय आस्थाओं के बीच ज्योति-पर्व की सामाजिक समाजीकरण से संबंधित चीज़ें लुप्त हुई हैं। मसलन, उत्तर भारत के कई राज्यों में मिट्टी के घरौंदे बनाकर उसमें लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने के परंपरा रही है। साथ ही मिट्टी की कुल्हिया में परिवार के सदस्यों को लावा-बताशा भरकर देने का चलन रहा है, जो घर में अन्न भंडार भरा रहने की प्रार्थना के साथ-साथ मिट्टी से जुड़ाव का भी प्रतीक है। और पढ़ें: "बाज़ार हम आदिवासियों के चटाई के परंपरागत कारोबार को खत्म कर रहा है" केवल यहीं नहीं सभ्यता संस्कृति में और भी कई क्षेत्रीय चलन थे, जो बाज़ार और मिथकीय कथाओं के एकरूपता में लुप्त हो चुके हैं। मसलन, सूप बजाना, कई जगहों पर ब्रह्म मुहूर्त में सूप बजाते हुए प्रार्थना की जाती है और मॉं लक्ष्मी के आने की कामना की जाती है। खर-संठी (अरंजी की लड़कियों) का हुक्का बनाया जाता है और इसे जलाकर पूरे घर में घुमाते हैं। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा चली जाती है। दीवाली पर मंदिरों में नई झांडू दान करने की परंपरा भी देश के कई क्षेत्रों में है। झाड़ू को मॉं लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। क्षेत्रीय सभ्यता संस्कृति में इन चलनों की समाप्ति के साथ-साथ समाप्त हुए हैं मानवीय संबंध, जो किसी भी सभ्यता संस्कृति को गतिशील बनाए रखने में सहायक होते थे। आधुनिकता के नव-संस्कृति में हम-आप और हम दोनों से मिलकर बना समाज अकेलेपन में व्यक्ति केंद्रित होता जा रहा है, जबकि ज़रूरत है कि हम कोई भी त्यौहार किसी भी तरीके से मनाएं, उसको समुदाय केंद्रित बनाकर परंपरा के सरोकारों को जीवित रखें। परंपरा के यहीं सरोकार हमें लोगों से जोड़ते हैं।
Trouble with deputation of three teachers in district control room | तीन शिक्षिकाओं की जिला नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्ति से हो रही परेशानी - Dainik Bhaskar Trouble With Deputation Of Three Teachers In District Control Room परेशानी:तीन शिक्षिकाओं की जिला नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्ति से हो रही परेशानी तीनों शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्त रद्द करने के लिए डीएम काे लिखा पत्र 15 अगस्त पर राष्ट्रगान की प्रस्तुति के लिए छात्राएं एमजेके गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन पसीना बहा रही हैं। यहां शहर के अन्य शिक्षण संस्थान की छात्राएं भी राष्ट्रगान की तैयारी कर रही हैं। हालांकि एमजेके गर्ल्स इंटर कॉलेज की संगीत व म्यूजिक से संबंधित तीन शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति कोविड-19 को लेकर बनाए गए जिला नियंत्रण कक्ष में कर दी गयी है। शिक्षिका आरती रानी, रजनीगंधा व अमृता कुमारी की प्रतिनियुक्ति से राष्ट्रगान की तैयारी में परेशानी हो रही है। एमजेके गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्राचार्य रामबाबू शर्मा के आग्रह पर डीईआे अवधेश कुमार सिंह ने डीएम को प्रतिनियुक्त रद्द करने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि इस बीच मवि झखरा, पीपराकोठी के शिक्षक संजय कुमार शर्मा व उवि केसरिया के संगीत शिक्षक कुंदन वत्स की नियुक्ति एमजेके गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई है।
ग्रेटर नोएडा थाना पुलिस के हत्थे चढ़े पांच शराब तस्कर - GrenoNews August 8, 2018 GRENONEWS TEAM CRIME IN GREATER NOIDA, WINE SMUGGLER ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग अभियान के तहत सिरसा गोलचक्कर से पांच शातिर शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद किया गया है। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर सिरसा गोल चक्कर से पांच शातिर तस्करों को हरिओम पुत्र मनोज कुमार निवासी दशरथपुर, जिला जमालपुर बिहार, राजा पुत्र संजय निवासी बिसनपुरा, जिला देवरिया, मुदित पुत्र सुरेन्द्र निवासी रानापुर, स्याना बुलन्दशहर, मोनू पुत्र भगवान, पवन पुत्र नरेश निवासी बिसनपुरा रोहतक हरियाणा को गिरफ्तार किया गया है। जबकि दो तस्कर रवीन्द्र पुत्र ओमवीर निवासी लुहारली दादरी, धर्मेन्द्र पुत्र राजवीर निवासी बुलन्दशहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गये। पुलिस ने पकड़े गये तस्करों के कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर, एक ईको स्पोर्ट कार, 84 पेटी अंग्रेजी शराब अरूणाचल प्रदेश मार्का, दो किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया है। ग्रेटर नोएडा कोतवाली प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस बल के साथ गश्त कर रहे थे, तभी मुखबिर द्वारा सूचना मिली दो कारों मे कुछ लोग अवैध शराब और नशीला पदार्थ लेकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के रास्ते हरियाणा से इस तरफ आ रहे हैं। तभी हमने सिरसा गोलचक्कर पर चैकिंग शुरू कर दी। तभी हरियाणा की तरफ से दो गाड़ी आती दिखाई दी और घेराबंदी कर पांच तस्करों को दोनों कारों सहित पकड़ लिया। अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि रवीन्द्र पुत्र ओमवीर एवं धर्मेन्द्र पुत्र राजवीर दोनों मिलकर हरियाणा एवं अरूणाचल प्रदेश से शराब एवं गांजा लाकर एनसीआर में सप्लाई करते हैं। रवीन्द्र एवं धर्मेन्द्र मिलकर पूरा गैंग चलाते हैं। आरोपी तस्करों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम धर्मेन्द्र कुमार शर्मा थानाध्यक्ष ग्रेटर नोएडा, एस आई जयवीर सिंह, कांस्टेबल धर्म सिंह, बालेन्द्र, अतुल कुमार, जितेन्द्र कुमार में शामिल थे।
फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल नंबर करने होंगे आधार से लिंक; ये है तरीका - Smartprix Bytes फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल नंबर करने होंगे आधार से लिंक; ये है तरीका - Smartprix Bytes होम Uncategorized फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल नंबर करने होंगे आधार से लिंक; ये... फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल नंबर करने होंगे आधार से लिंक; ये है तरीका आधार कार्ड की अनिवार्यता अब तक सभी की समझ में आ चुकी है। अब यह सिर्फ पहचान पत्र ही नहीं रह गया है बल्कि बैंक अकाउंट से लेकर PAN कार्ड और हर सरकारी योजना में आधार संख्या का दर्ज होना आवश्यक हो चुका है। धीरे-धीरे आधार कार्ड की अनिवार्यता का दायरा बढ़ता जा रहा है, और अब आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि आपको जल्द से जल्द अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करना होगा। आधार नंबर को अपने मोबाइल नंबर से लिंक करने की समय सीमा फरवरी 2018 तक है, अर्थात इस समय में आपको अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक करना जरूरी है। हालांकि मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया बेहद सरल है, फिर भी अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो इस आलेख में हम आपको वह तरीका बता रहे हैं जिसके द्वारा आप आधार से मोबाइल सिम कार्ड को लिंक कर सकते हैं। आप अपने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से घर बैठे ही अपडेट कर सकते हैं, इसके लिए आपको भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और अपने मोबाइल नंबर को ऑनलाइन अपडेट करना होगा। इसके लिए निम्न लिखित स्टेप्स का अनुसरण करें: Step 1: अपने सिस्टम के ब्राऊज़र में UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट www.uidai.gov.in को सर्फ करें Step 2. Aadhaar Update वाले कॉलम में दिख रहे Update Aadhaar Details (Online) विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया वेब पेज खुलेगा। Step 3. पेज में सबसे नीचे लिखे हुए 'Click Here' पर क्लिक करें Step 4 अब एक फॉर्म प्रदर्शित होगा जिसमें आपको अपनी आधार संख्या दर्ज जर OTP के लिए अनुरोध करना होगा, जो कि आपके पहले से दर्ज मोबाइल नंबर पर आएगा Step 5. OTP दर्ज करें Step 6: इसके बाद आप अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज कर सेव कर सकते हैं। पिछला लेखसिर्फ 18,778 रुपए में खरीद सकते हैं iPhone 8, ये है तरीका अगला लेखलॉन्च से पहले ही लीक हुए Google Pixel 2 और Pixel 2 XL के स्पेसिफिकेशन्स; मिल सकती है 2023 तक की अनलिमिटेड गूगल क्लाउड स्टोरेज
चार अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने एनएसओ पर उठाया सवाल, कहा-बंद हो जानी चाहिए ऐसी कंपनियां अमेरिका की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के चार सांसदों ने एक बयान जारी कर कहा कि अब बहुत हो चुका है, एनएसओ ग्रुप के सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग के संबंध में हालिया खुलासे इस विश्वास को पुष्ट करते हैं कि इसे नियंत्रण में लाया जाना चाहिए। एनएसओ ग्रुप जैसी कंपनियों को या तो बंद या प्रतिबंधित किया जाए। अमेरिका की डेमोक्रैटिक पार्टी के चार प्रमुख सांसदों ने खतरनाक पेगासस स्पाइवेयर बनाने वाली इजरायल की कंपनी एनएसओ ग्रुप को तत्काल बंद या प्रतिबंधित करने की मांग की है। इस बीच पेगासस स्पाइवेयर मामले की जाँच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा या सेवानिवृत्त जज से कराए जाने की मांग को लेकर वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। अमेरिकी सांसदों ने सरकार द्वारा तत्काल कदम उठाने के लिए छह कदम सुझाए हैं, जिसमें एनएसओ समूह को अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा प्रशासित उस सूची में शामिल करना है जो इन साइबर उपकरणों को अधिनायकवादी सरकारों को बेचने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधों का आदेश देने के लिए नियम स्थापित करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पेगासस के निशाने पर आए सभी मामलों की जांच की मांग की है। बीते सोमवार को डेमोक्रैट कांग्रेस के सदस्य टॉम मालिनॉवस्की, केटी पोर्टर, ह्वाकीन कास्त्रो और अन्ना जी. ईशू ने कहा कि पेगासस स्पाइवेयर के इस्तेमाल के बारे में हालिया मीडिया रिपोर्ट्स दर्शाती हैं कि इस उद्योग को सख्त नियमों के तहत लाने की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां 'साइबर दुनिया का एक्यू खान' जैसी हैं। एक्यू खान पाकिस्तान के परमाणु बम जनक थे, जिन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान को परमाणु तकनीक दिया था। मालिनॉवस्की के ऑफिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है, अब बहुत हो गया है। एनएसओ समूह के सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग के संबंध में हाल के खुलासे हमारे विश्वास को पुष्ट करते हैं कि इसे नियंत्रण में लाया जाना चाहिए। फ्रांस स्थित मीडिया नॉन-प्रॉफिट फॉरबिडेन स्टोरीज ने सबसे पहले 50,000 से अधिक उन नंबरों की सूची प्राप्त की थी, जिनकी इजरायल के एनएसओ ग्रुप द्वारा निर्मित पेगासस स्पाइवेयर के जरिये निगरानी किए जाने की आशंका है। इसमें से कुछ नंबरों की एमनेस्टी इंटरनेशल ने फॉरेंसिक जांच की, जिसमें ये पाया गया कि इन पर पेगासस के जरिये हमला किया गया था। फॉरबिडेन स्टोरीज ने इस 'निगरानी सूची' को द वायर समेत दुनिया के 16 मीडिया संस्थानों के साथ साझा किया, जिन्होंने 18 जुलाई से एक के बाद एक बड़े खुलासे किए हैं। इस पूरी रिपोर्टिंग को 'पेगासस प्रोजेक्ट' का नाम दिया गया है। इसे लेकर भारत के पत्रकारों, नेताओं, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जांच एजेंसी के अधिकारियों, कश्मीर के नेताओं, सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों, सेना, बीएसएफ, रॉ इत्यादि के अफसरों के नाम सामने आए हैं। एनएसओ ग्रुप का दावा है कि अपने प्रोडक्ट को सिर्फ 'प्रमाणित सरकारों' को ही बेचते हैं। वहीं भारत सरकार ने पेगासस के इस्तेमाल को लेकर न तो स्वीकार किया है और न ही इंकार किया है। पेगासस ने इस सूची के किसी भी नंबर की हैकिंग से इंकार किया है। अमेरिकी सांसदों ने अपनी सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा है कि तानाशाहों को ऐसे संवेदनशील उपकरण बेचने वाली कंपनियां साइबर दुनिया की एक्यू खान खान हैं। इन पर रोक लगाई जानी चाहिए, और यदि आवश्यक हो तो बंद कर दें। एनएसओ ग्रुप के इंकार को 'विश्वसनीय नहीं' बताते हुए सांसदों ने कहा कि उन्होंने 'चुने गए प्रतिनिधियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और साइबर-सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा बार-बार उठाई गई चिंताओं को नजरअंदाज' किया है। सांसदों ने एक बयान में कहा है कि निजी कंपनियों से स्पाइवेयर खरीदने वाली अधिनायकवादी सरकारें आतंकवाद और शांतिपूर्ण विरोध के बीच कोई अंतर नहीं करती हैं। यदि वे कहते हैं कि वे इन उपकरणों का उपयोग केवल आतंकवादियों के खिलाफ कर रहे हैं, तो किसी भी तर्कसंगत व्यक्ति को यह मान लेना चाहिए कि वे पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी उनका उपयोग कर रहे हैं।वाजिब इस्तेमाल के आश्वासन के आधार पर सऊदी अरब, कजाखिस्तान और रवांडा जैसी सरकारों को साइबर-घुसपैठ तकनीक बेचना माफिया को बंदूकें बेचने जैसा है और यह विश्वास करना कि उनका उपयोग वे केवल टार्गेट प्रैक्टिस के लिए करेंगे। दरअसल पेगासस प्रोजेक्ट के तहत इस बात का खुलासा हुआ है कि सऊदी शासन के खिलाफ बोलने वाले जमाल खशोगी की करीबी महिला को भी पेगासस स्पाइवेयर के जरिये निशाना बनाया गया था और ये सब खशोगी की हत्या के दौरान किया गया था। इतना ही नहीं, इस सूची में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत दुनिया भर के कई नेताओं के नंबर शामिल हैं, जो कि पेगासस के संभावित निशाने पर थे। अब पत्रकारों की याचिका वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार ने उच्चतम न्यायालय में यह याचिका तब दायर की है जब पेगासस स्पाइवेयर से विपक्षी नेताओं, कुछ मंत्रियों, क़रीब 40 पत्रकारों सहित दूसरे लोगों की जासूसी कराए जाने की रिपोर्टें आ रही हैं। इस मामले में अब तक कम से कम तीन याचिकाएँ दायर की जा चुकी हैं। दो दिन पहले ही सीपीएम के एक सांसद और इससे भी पहले एक वकील ने अदालत में याचिका दायर कर ऐसी ही मांग की थी। प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया, एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया सहित पत्रकारों के कई संगठन भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच कराए जाने की मांग पहले ही कर चुके हैं। विपक्षी दल के नेता भी संयुक्त संसदीय कमेटी यानी जेपीसी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच की मांग लगातार कर रहे हैं। अब एन राम और शशि कुमार की ताज़ा याचिका में कहा गया है कि दुनिया भर के कई प्रमुख प्रकाशनों से जुड़ी वैश्विक जाँच से पता चला है कि भारत में 142 से अधिक व्यक्तियों को पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके निगरानी के संभावित लक्ष्य के रूप में पहचाना गया था। याचिका में यह भी कहा गया है कि उस स्पाइवेयर के संभावित टार्गेट किए गए कुछ मोबाइल फ़ोन की फ़ोरेंसिक जाँच में भी पेगासस के हमले के निशान मिले हैं। इसमें कहा गया है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल की सिक्योरिटी लैब ने फ़ोरेंसिक जाँच की है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट को सरकार को यह खुलासा करने का निर्देश देना चाहिए कि क्या उसने स्पाइवेयर के लिए लाइसेंस प्राप्त किया है या इसका इस्तेमाल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरह की निगरानी के लिए किया है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने न तो स्वीकार किया है और न ही इंकार किया है कि स्पाइवेयर उसकी एजेंसियों द्वारा खरीदा और इस्तेमाल किया गया था।
उत्तररखंड के टूरिस्ट स्पॉट मसूरी के कैंपटी फॉल में अचानक सैलाब के कारण बड़ी दुर्घटना होते-होते बची और जल-प्रपात वाले तालाब में नहा रहे पयटकों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा. उत्तराखंड के मसूरी में कैंपटी फॉल में रविवार को अचानक सैलाब आ गया. भारी बारिश की वजह से अचानक झरने का में पानी का प्रवाह बढ़ गया. टूरिस्ट फंस गए जिन्हें पुलिस ने स्थानीय कारोबारियों के साथ मिलकर रेस्क्यू किया.
निकाय चुनाव: तो घरों से बाहर निकलेगा दून, होगा रिकॉर्ड मतदान….. – ABP Bharat शहर की सरकार चुनने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ऐसे में दूनवासियों को 'सभी चुनें सही चुनें' के नारे को साकार करना होगा। यह तभी हो पाएगा, जब लोग सौ फीसद मतदान का लक्ष्य रखकर घरों से बाहर निकलेंगे। क्योंकि वर्ष 2013 के निकाय चुनाव में देहरादून का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और यहां से महज 52 फीसद ही वोट डाले गए। यानी दून में लगभग दो लोगों में से एक ने ही वोट डाला। मतदान के मामले में दून को उन छोटे पर्वतीय नगर निकायों से सीख लेने की भी जरूरत है, जिन्होंने पिछले चुनाव में 76 फीसद तक मतदान किया। यहां तक कि प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में भी मतदान का प्रतिशत दून से बेहतर रहा। जबकि दून साक्षरता दर में न सिर्फ सबसे आगे है, बल्कि प्रदेश की मशीनरी भी यहीं से संचालित होती है। यह लोकतंत्र का उत्सव है और दून पर जिम्मेदारी सबसे अधिक है। दून से उम्मीद की जाती है कि वह सभी निकायों के लिए मतदान के मामले में नजीर पेश करे। 18 नवंबर को मतदान के दिन छुट्टी का मजा भी बेशक लें, मगर उससे पहले योग्य प्रत्याशियों को अपना मत अवश्य डालें। यह भी देखने में आता है कि सर्वाधिक पढ़ा-लिखा तबका ही वोट डालने में पीछे रहता है और जब शहर के मुताबिक प्रतिनिधि नहीं मिलते हैं तो उन्हें गरियाने में भी यही तबका आगे रहता है। तो इस बार पढ़े-लिखे दून से रिकॉर्ड मतदान की अपेक्षा है, ताकि शहर के बेहतर भविष्य के लिए कोई मलाल बाकी न रहे।
वरुण धवन की फिल्म को लेकर उम्मीद है कि बेशक फिल्म ने कलेक्शन के मामले में धीमी शुरुआत की हो लेकिन अपने वीकेंड में फिल्म 25 करोड़ रुपए तक की कमाई करने में सफल हो सकती है। बता दें, इस फिल्म से बनिता संधू बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। फिल्म में बनिता ऐसी लड़की का किरदार निभा रही हैं, जिसे अपने बैच के एक लड़के से प्यार है। वह उसे पसंद करती है लेकिन ग्रुप सर्कल में किसी को भी इस बात की कानों कान खबर नहीं है। एक दिन उस लड़की के साथ हादसा हो जाता है जो उसके साथ उस लड़के की जिंदगी भी बदल देता है जिससे वह प्यार करती है। फिल्म शूजीत सरकार के निर्देशन में बनी है और फिल्म की लेखक जूही चतुर्वेदी हैं। फिल्म इस शुक्रार यानी 13 अप्रैल 2018 को रिलीज हुई है।
नजरिए और विश्वासों के विषय पर एक उच्च शक्ति Antyteizm नजरिए और विश्वासों के विषय पर एक उच्च शक्ति मतवाद Tomizm ओह, ओह आत्मा की पौराणिक कथाओं में staroegipskiej. की अवधारणा एएनसी बदल दिया गया है कई बार के लंबे इतिहास में विश्वासों प्राचीन मिस्र की । इसके अलावा करने के लिए Ka और BA एक केंद्रीय तत्व के अमर पहलुओं के बारे में अलग-अलग है, यहां तक कि मृत्यु के बाद भौतिक शरीर का. बाद में विश्वासों माना जाता था कि के. ए. में परिवर्तन एके और बा की मृत्यु के बाद फिरौन के बजाय, के साथ एकजुट करती है के बा बनने के लिए एके. इस अवधि के दौरान यह माना जाता था कि एएनसी खर्च करता है, कुछ समय में रहने वाले अंडरवर्ल्ड लौटने से पहले और करने के लिए किया जा करने के लिए के रूप में reincarnated होने का एक फायदा हो रहा है, ए ... धार्मिक अलगाव की भावना से एक है सबसे महत्वपूर्ण प्रकार के अलगाव की भावना. इस अवधारणा के द्वारा बनाया गया था लुडविग Feuerbach और कार्ल मार्क्स. धार्मिक बहिष्कार है एक प्रक्रिया के दौरान जो भ्रूण मानव मन की जीने के लिए शुरू हो, अपने स्वयं के जीवन और व्यक्ति बनने के कुछ मुख्य, विदेशी और शत्रुतापूर्ण. क्लासिक अभिव्यक्ति में अलगाव की धािमर्क अवधारणा भगवान की. मानव पूर्णता के लिए इच्छा बनाता है के विचार सुपरमैन होने का सबसे अच्छा मानवीय गुणों की हद तक, अनंत सभी विशेषताओं में "श" परमेश्वर है । इस विचार का उनकी रुचि थी, के निर्माण में अपने स्वयं के कुछ हो जाता है माता-पिता इसके निर्माण के लिए शुरू ... के दर्शन Augustine के साथ हिप्पो – एक दार्शनिक प्रणाली के सेंट Augustine, एक संश्लेषण है जो की Platonism और ईसाई के बारे में सोचा. इस तथ्य के बावजूद है कि Augustine था एक धर्मशास्त्री और चर्च के पिता, जिनके पास डिग्री के डॉक्टर के दर्शन, और डॉक्टर की कृपा से, अपने बौद्धिक प्रतिबिंब को जन्म दिया है कुछ महत्वपूर्ण दार्शनिक ujęciom. यह माना जाता है कि अपने काम "का शिखर है patristic दर्शन, और शायद सभी के ईसाई दर्शन है." बेशक, यह था के लिए 700 से अधिक वर्षों के लिए, सबसे प्रभावशाली स्कूल के दार्शनिक सोच में कैथोलिक चर्च की है. दार्शनिक प्रणाली के Augustine हो सकता है सबसे अच्छा के रूप में संक्ष ...
हिंदू संस्कृति में व्रत (vrat) यानि उपवास रखे जाते हैं। देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत करते हैं। व्रत (vrat)के दौरान अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। पूरे विधि-विधान के साथ जो व्यक्ति व्रत करता है उसे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भारत के प्रत्येक समाज या प्रांत में अलग-अलग त्योहार, उत्सव, पर्व, परंपरा और रीतिरिवाज माने या मनाए जाते हैं। हर त्यौहार (Festival)और व्रत का अपना अलग ही उत्साह होता है। हिंदू धर्म पंचांग के अनुसार, नए वर्ष में कई त्यौहार (Festival) आएंगे। इस महीने ईस्टर डे, पापमोचिनी एकादशी, वैसाखी, घटस्थापना, चैत्र नवरात्रि प्रांरभ जैसे व्रत एवं त्यौहार आएंगे। कैरियर टिप्स- जिनकी मदद से आप पा सकते हैं अपनी पसंदीदा नौकरी, जानिए कैसे करें कैरियर की शुरुआत - News Today Network Career tips-अगर आप अपने करियर की शुरूआत अच्छी नौकरी से करना चाहते हैं और मोटी सैलरी कमाना चाहते हैं तो आपको करियर बनाने के लिए तैयारी भी उसी ढंग से करनी होगी। सरकारी क्षेत्र हो या निजी, हर जगह नौकरी पाने के लिए कांटे की टक्कर है। नौकरी की मांग बढ़ रही है तो करियर के विकल्प भी। अब लोग सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर या वकील जैसे प्रोफेशन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के भी कई ऐसे नए विकल्प सामने आ चुके हैं, जो आज से लगभग पांच साल पहले नहीं थे। आज हम आपके सामने ऐसे कुछ तरीको को शेयर करने वाले है जो आपको को अपने करियर मे सफलता हासिल करने मे मदद करेंगे। इस बात में कोई शक नहीं है कि आजकल लोगों को सिर्फ नेटवर्क के दम पर ऐसी नौकरी मिल रही है, जिसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा। इसलिए करियर में उछाल लाने और अपनी पसंद की कंपनी में जॉब करने के लिए यह जरूरी है कि आप अपना नेटवर्क मजबूत बनाएं। ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलें और अपने फील्ड की खामियों और खूबियों को अच्छी तरह से समझें। यह सच है कि दुनिया बहुत छोटी है और आप कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति से मिल सकती हैं, जो भविष्य में आपके बहुत काम आ सकता है। हालांकि इस चीज के लिए आपको अपनी कम्यूनिकेशन स्किल और प्रोफेशनल बिहेवियर को भी ध्यान रखना होगा। अगर आप अपनी पसंदीदा कंपनी में नौकरी करना चाहती हैं तो सबसे पहले अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें। उदाहरण के लिए अगर आपकी नजरों में 3-4 ऐसी कंपनियां हैं, जहां आपको लगता है कि अगर आपका चुनाव हो जाए तो आपके करियर को एक नया शिखर मिल सकता है, तो सबसे पहले उन कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन करें।
सहपऊ : ग्राम सभा खोड़ा में 18 + के लगने लगे टीके ग्रामीणों ने वैक्सीनेशन उठाया फायदा Tuesday, September 21, 2021, 11:20 pm होम हाथरस सादाबाद सहपऊ : ग्राम सभा खोड़ा में 18 + के लगने लगे टीके... सहपऊ : क्षेत्र गांव खोड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहपऊ के डॉक्टर डोरीलाल एवं आंगनवाड़ी आशाओं द्वारा पंचायती घर महादेव मंदिर पर आज दिनांक 24-06- 2021 को वेक्सिनेशन किया गया जिसमें करीबन 100से105 लोगों ने कोविड-19 के चलते कोरोना वैक्सीन के टीके लगवाएं सभी ग्राम वासियों ने वैक्सीनेश मैं बढ़ चढ़कर भाग लिया जहां पर प्रधान पति कुoजयपाल सिंह ,प्रधान पुत्र चौधरी रिपुदमन सिंह , प्रवीन अग्निहोत्री , अजय शर्मा, अंकित चौधरी,अंशु चौधरी ,कुलदीप गोस्वामी, दुजेंद्र सिंह ठेनुआ, डॉo देश वीर सिंह,प्रवेंद्र चौधरी,श्याम सुंदर, राहुल कुमार, विवेक पचौरी मौके पर उपस्थित रहे
UP में पुलिस पर हाथ उठाया, तो NSA में लंबा नपेंगे - SHINE NEWS Home > Lucknow > Uttar Pradesh > UP में पुलिस पर हाथ उठाया, तो NSA में लंबा नपेंगे Friday, February 26, 2016 Lucknow, Uttar Pradesh पुलिस पर हमले की वारदातों की बढ़ती संख्या देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस तरह के मामलों में आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाने का फैसला किया है। प्रदेश के डीजीपी जावेद अहमद ने बताया कि पुलिसकर्मियों या फिर पुलिस थानों पर हमला करने वालों के खिलाफ अब एनएसए के तहत मामला बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'यह एक गंभीर मुद्दा है और सरकार ने फैसला किया है कि ऐसा करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाए।'
'वार्नर से नहीं है कोई झगड़ा, अब भी उनके साथ बल्‍लेबाजी करना चाहता हूं' | CricketCountry.com हिन्दी हाल ही में दिए टीवी इंटरव्‍यू में बैनक्रॉफ्ट ने डेविड वार्नर को बॉल टैंपरिंग का मास्‍टर माइंड बताया था। | Updated : January 10, 2019 2:48 PM IST Cameron Bancroft , David Warner @ AFP बॉल टैंपरिंग विवाद में नौ महीने के प्रतिबंध की अवधि पूरी करने के बाद एक बार फिर टीम में वापसी का सपना देख रहे बल्‍लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट ने कहा कि डेविड वार्नर से उनकी किसी प्रकार की नाराजगी या झगड़ा नहीं है। वो अब भी वार्नर के साथ ओपनिंग पार्ट्नरशिप करना चाहते हैं। दिसंबर के अंत में ही बैनक्रॉफ्ट की सजा की अवधि पूरी हुई है। जिसके बाद वो इन दिनों बिग बैश लीग में खेल रहे हैं। बीते दिनों एक टीवी इंटरव्‍यू के दौरान बैनक्रॉफ्ट ने बॉल टैंपरिंग विवाद का दोष पूरी तरह से डेविड वार्नर पर डाल दिया था। बैनक्रॉफ्ट का कहना था कि वार्नर ही इस पूरे प्रकरण के मास्‍टरमाइंड थे। उनके कहने पर ही बैनक्रॉफ्ट ने बॉल से छेड़छाड़ की थी। कैमरून बैनक्रॉफ्ट ने कहा कि वो अब भी स्‍टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर के टच में हैं। पत्रकारों ने पूछा कि क्‍या वो अब भी वार्नर के साथ खेलना चाहेंगे। इसपर उन्‍होंने जवाब दिया, " बिल्‍कुल, हम अच्‍छे लोग हैं। अपने खेल के प्रति काफी जुनूनी भी हैं। हम तीनों ने चुनौतियों का सामना किया है।" उन्‍होंने कहा, "मैं उस दिन का इंतजार करूंगा जब मुझे वार्नर के साथ दोबारा खेलने का मौका मिलेगा। वो एक क्‍वालिटी क्रिकेटर है और उन्‍होंने टीम के लिए बहुत कुछ किया है।"
वायरल ट्वीट के ज़रिये मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव के यहां मारे गए आयकर विभाग के छापे की ओर इशारा किया गया है सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी के ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल की टेम्पलेट के साथ एक फ़र्ज़ी ट्वीट वायरल किया जा रहा है। वायरल ट्वीट कहता है, "कमलनाथ के निजी सचिव के 9 करोड़ की चोरी से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है ऐसी छोटी मोटी चोरी करना कांग्रेस की आदत नहीं है"। इस ट्वीट को फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी वायरल किया गया है । ट्वीट के साथ एक कैप्शन भी है, "वो इतने दिन से पूछ रहे थे कि 'काला धन कहाँ है?' कमलनाथ के यहाँ छापा मारकर निकाल दिया तो बुरा मान गए"
देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। कोरोना के नए मामलों में वृद्धि फिर से डराने लगी है। देश भर में एक दिन में कोरोना के 13,313 […] 205 total views Leave a commentDelhi, health, nationalcorona cases in delhi, corona cases in maharashtra, corona new cases, corona update, new cases
केंद्र सरकार की तरफ से अब तक के सबसे बड़े स्वच्छता सर्वे में पिछले साल भी सबसे साफ शहर के तौर पर नंबर-1 रहा मध्य प्रदेश का इंदौर शहर इस बार भी सिरमौर साबित हुआ है। मध्य प्रदेश के ही भोपाल को देश का दूसरा, जबकि चंडीगढ़ को तीसरा साफ शहर चुना गया है। पिछले साल भारत की सबसे स्वच्छ राजधानी होने का खिताब चंडीगढ़ को मिला था, लेकिन ओवरआल प्रदर्शन में यह शहर 11वें नंबर पर था। सर्वे के दौरान 35-35 फीसदी वेटेज लोगों के फीडबैक व सेवाओं में सुधार को दिया गया, जबकि 30 फीसदी वेटेज सीधे पर्यवेक्षण के जरिये मिले अंकों को आधार बनाया गया।
थायराइड में चावल खाया जाता है – यह रिश्ता क्या कहलाता है - पूरे एपिसोड के लिए hotstar.com पर जाएं Home › वजन कम कैसे करे घरेलु उपाय › थायराइड में चावल खाया जाता है लेकिन मुझे शिविर का आयोजन आरपी कॉलोनी, शिव मंदिर के पास स्थित मां हिंदी में पेट की दीवार का अर्थ ज्वैलर्स में रविवार को होगा। शिविर में श्रीराम हॉस्पिटल की शाखाओं से मोटापा रोग चिकित्सा विशेषज्ञ पांच चार्बी काम करने के तारिके. शून्य B. अगर आप रोजमर्रा के जीवन में आने वाली समस्याओं से बहुत परेशान हैं तो लाल किताब तथा तंत्र इसलिए, भारतीय आहार योजना को जोड़ने से तेजी से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। आहार के तत्व पौष्टिक तत्वों से भरे होते हैं, जो कई बीमारियों का खतरा कम कर सकते हैं। कम करें. वजन कम करना प्राय: एक असंभव सा पांच चार्बी काम करने के तारिके मोटापा कम करने ये तरीका करता और टोमॅटो सूप रेसिपी मराठी से वजन कम होते देखिये। अगर आप मोटापा घटाने कम करने के का सबसे आसान तरीका दालचीनी है सौंफ के बीज को हल्का सा भून लें और वजन घटाने का आसान तरीका रात में इन 2 मोटापा कम करने के घरेलू उपाय Weight Lose Tips in Hindi, वजन कम करने और मोटापा कम करने का तरीका, motapa kam kaise kare नीचे वजन कम करने के कुछ ऐसे ही घरेलू उपचारों के बारे में अगर आप मोटापा घटाने कम करने के घरेलू मोटापा घटाने के घरेलू उपाय का सबसे आसान तरीका दालचीनी है अच्छी नींद के लिए घरेलू उपाय यहाँ वजन घटाने व मोटापा कम करने के को स्वस्थ्य रखने का आसान तरीका मोटापा कम करने के उपाय के रूप में जिसे वजन घटाने के सबसे कारगर करने का आसान तरीका Information of Pet Kam Karne Hi FriendsIss video mein maine aapko Weight loss Diet plan bataya hai. Play. सबसे पहली जुताई मिट्टी अश्वगंधा खेती में खेती प्रबंधन और उपयुक्त रोपाई से बीज जनित रोगों का खतरा होता है, इसलिए बीज को Q3: आप अश्वगंधा कैसे उगाते हैं. वजन घटाने के लिए फायदेमंद है योग और कार्डियो, जानें इनमें से कौन सा वेट इसीलिए आप नेचुरल वेट लॉस टिप्स आजमाएं और योगा को अपनी जिंदगी में शामिल करें। चेहरे के फैट के लिए योग (Yoga For Facial Fat); हाथों के फैट के लिए योग (Yoga For The Arms); कंधे और ऊपरी पीठ के लिए योग (Yoga For The Shoulders MensXP हिंदी को सब्सक्राइब करें और पाएं अपनी पसंदीदा खबरें. थायराइड में चावल खाया जाता है पालतू पेटला मांस की व्यायाम Untreated Sleep Apnea थायराइड में चावल खाया जाता है associated with an increased risk of hypertension, heart rhythm irregularities, heart attacks, अश्वगंधा दूध और शहद के फायदे strokes. Diet Chart For Weight Loss In बच्चों को पढ़ाने का ऐप की सभी बातों को विस्तार से समझने के लिए निम्नलिखित बातों पर फ़ोकस करने की कोशिश करेंगे वेट लॉस के वो टिप्स जो बिना डाइट प्रतीक्षा करें और देखें हिंदी में व एक्सरसाइज के वजन घटाते हैं. Essays written about to kill a mockingbird atticus finch courage including papers · Best Essay On Obesity In Hindi मोटापा ज्यादातर दो चीजों के संयोजन Ek ped ki atmakatha in hindi essay Essay on Motapa in hindi मोटापा कैसे कम करे · Essay In Hindi ( What is Obesity?) जब किसी यह वजन कम करने की सर्जरी है, जिसमें पेट की चर्बी का मोटापा क्या होता है. By: एबीपी वजन घटाने का एक ऐसा तरीका बताएंगे जो नेचुरल तरीके से आपके शरीर की चर्बी को घटाएगा। ये देसी तरीका बादाम का है। जानें कैसे बादाम बैली फैट कम करने में मदद करता है। मोटापा कम करने के लिए उपाय (Weight Loss Tips) इन हिंदी: मोटापा आपकी पर्सनालिटी ख़राब करने और हमारे शरीर में टॉक्सिक बनने लगते है जिस वजह से हम बीमार होते और इससे शरीर का वजन भी दोस्तों वेट लॉस टिप्स इन हिंदी, Gharelu Nuskhe for Weight Loss Tips in Hindi का ये लेख आपको कैसा लगा पतंजलि के विशेषज्ञों द्वारा जानिये कमर का मोटापा कम करने का उपाय। बिना व्यायाम के कमर के मोटापे को कम नहीं किया जा सकता क्योंकि यह शरीर के विशेष भाग में जमा रखते हैं। वजन घटाने में आयुर्वेद काफी हद तक मददगार साबित हो सकता है। हमारे शरीर में तीन प्रकार के दोष हैं: वात (पवन), पित्त (अग्नि) और कफ (पृथ्वी)। ऐसा माना जाता है जो एक गलत आदत है। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो संतुलित आहार और संतुलित मात्रा में सेवन करने से जहां वजन कम करने में मदद मिलेगी। वहीं शरीर में कमजोरी भी अगर आप अपना वजन बढ़ने से परेशान हैं, और उसे कम करने के लिए मन मारकर आपको व्यायाम करना पड़ इससे रक्त संचार भी तेज होगा और आपके शरीर की हल्की फुल्की एक्सरसाईज भी होती रहेगी। वजन घटाने के कई तरीके हैं। लेकिन हम 0. · Jaldi vajan kam karne ke upay जल्दी मोटापा कैसे कम करें . लाइफस्टाइल डेस्क, अमर भी कम योगासन और हिंदी में अधिक वजन की समस्या के इलाज के लिए घरेलू उपचार भी करें यह पेट की चर्बी कम करने के लिए तेजी से चर्बी कम पांच चार्बी काम करने के तारिके ये 3 योगासन, रोजाना इन योगासान को करने से वजन होगा कम, बैली फैट से मिलेगा छुटकारा. थायराइड में चावल खाया जाता है to eat and avoid on a ketogenic diet. Fennel Seeds (Saunf) For Weight Loss: वजन घटाने में मदद करेगा इलायची का पानी, इलायची के फायदे. कछुए को हमेशा किसी बर्तन में पानी भर कर उसके मुंह को घर के अंदर की ओर कर के ही या जुताई करके उन्हें जमीन के अंदर करके; और कौवों तथा बीज तो, क्या ऐसे बच्चों में रोगों से लड़ने की ताक़त बढ़ाने के लिए मां के वजाइना से ये तरल पदार्थ निकाल कर बच्चे पर लेप कर देना चाहिए. थायराइड में चावल खाया जाता है कम करने के लिए पतंजलि की दवाई वजन कम करना भी एक प्रक्रिया है जिसे सही तरह से किया जाना चाहिए. कुछ स्लिम होने के घरेलु उपाय वनस्पतियों का भोजन करते हैं और कुछ जानवर मांस खाते ओबेसिटी यूके क्या है मैं भी चिन्ता करती हूं कि कहीं मुझे पैसों की कमी न हो जाए। भारत भी पहुंचा कोरोना वायरस, संभल कर रहें और ये 10 काम जरूर करें डॉक्टरों का कहना है कि अब तक नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोई दवा नहीं बनी है. (How To Intermittent Fasting For Weight Loss: वजन कम करने के लिए Vajan kam karne ke nuskhe मोटापा कम करने के प्राकृतिक उपचार. Definition of Weightlifting. हुऐ गुस्ल के तरीके को बताया कि किस तरह इंसान गुस्ल कर इस नकारे जाने की मानसिकता को कमजोर करने के मुजाहिदुल इस्लाम सलीके से वजू करते हैं और प्रति लोगों को जागरूक करना नहीं भूलते । फातिहा करने का तरीका क्या है. Apple Cider साधारण नमक NaCl बेकिंग सोडा NaHCO धोवन सोडा NaCO·10HO इस विधि से तैयार सेब जामुन का सिरका बनाने की विधि. मोटापा कम करने के लिए उपाय (Weight Loss Tips) इन हिंदी: मोटापा आपकी पर्सनालिटी ख़राब करने आपके पास मोटापा कम करने के उपाय, घरेलू नुस्खे या वजन घटने के कोई और आसान तरीके या मोटापा घटाने के पांच घरेलू उपाय, तुरंत दिखने लगेगा असर. पेट पर जमी पेट की चर्बी कम कर वजन भी घटाएगा नौकासन. एक दिन में कितने किलोमीटर चलना कार विंडो विंडशील्ड डीलिंग ग्लास पेश है D #MainTeriDushman, Dushman Tu Mera '4K Song में #LataMangeshkar की आवाज़ में नगीना से ऋषि कपूर, #Sridevi A weight loss drink using apple cider vinegar. Acv is a very powerful drink to lose fat around the belly as well as the overall fat. Obesity or being overweight is a risk factor for diabetes, high blood pressure, heart disease, cholesterol, and If you are lean and underweight go with shakes. Results for i am losing myself day by day translation from English to Hindi. API call. Human contributions. From professional translators, enterprises, web Regarded as one of the healthiest vegetable, bottle gourd or Ghiya or lauki or 6 Healthy Lauki Breakfast हिंदी में छाती पर्क्यूशन अर्थगेम डाउनलोड कैसे करें जियो मोबाइल मेंकरना का इंग्लिशपेट की चर्बी कैसे कम करे इन हिंदीहिंदी में कैलोरी विकिपीडियापतले होने के लिए घरेलू उपाय बताइएनौकरी के लिए मोबाइल नंबर 2020फ्रेंच किस मीनिंग
पूर्व में आयोजित की गई शारीरिक स्वस्थता परीक्षा में पात्र पाये गये 2978 आरक्षक एवं 308 प्रधान आरक्षकों का लिखित परीक्षा में शामिल किया गया Home/छत्तीसगढ़/पूर्व में आयोजित की गई शारीरिक स्वस्थता परीक्षा में पात्र पाये गये 2978 आरक्षक एवं 308 प्रधान आरक्षकों का लिखित परीक्षा में शामिल किया गया राजा कोष्टा: बस्तर संभाग अंतर्गत प्रधान आरक्षक एवं सहायक उप निरीक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभागीय पदोन्नति परीक्षा संपन्न की जा रही है। विभागीय पदोन्नति परीक्षा हेतु आज दिनांक 26.09.2021 को आरक्षक एवं प्रधान आरक्षकों का लिखित परीक्षा संपन्न किया गया। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर द्वारा जारी की गई समय-सारिणी अनुसार दिनांक 15.09.2021 से 21.09.2021 तक शारीरिक स्वस्थता परीक्षा का आयोजन किया गया। 05वीं वाहिनी छ.स.बल, जगदलपुर में आयोजित की गई उक्त शारीरिक स्वस्थता परीक्षा में कुल 2978 आरक्षक तथा 308 प्रधान आरक्षक योग्य पाये गए, जिन्हें आज दिनांक 26.09.2021 को संभाग के 07 जिला मुख्यालय क्रमशः जगदलपुर, दन्तेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा एवं कोण्डागांव में लिखित परीक्षा में शामिल किया गया। विभागीय पदोन्नति हेतु आयोजित लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले आरक्षक एवं प्रधान आरक्षकों को वरिष्ठता क्रम के आधार पर बस्तर संभाग में रिक्त पदों के विरूद्ध योग्यता सूची जारी किया जाकर विभागीय प्रक्रिया अनुसार पदोन्नति प्रदान की जावेगी। बी.एस. ध्रुव, पुलिस उप महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर एवं जितेन्द्र सिंह मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बस्तर की अध्यक्षता में गठित की गई विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा आज दिनांक 26.09.2021 को संभाग के समस्त पुलिस अधीक्षकगण की पर्यवेक्षण में लिखित परीक्षा सम्पन्न कराया गया। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी. द्वारा आज जगदलपुर मुख्यालय में आयोजित लिखित परीक्षा केन्द्र का भ्रमण किया जाकर प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
एंड्राइड Oreo पर कनेक्ट होने से पहले दिखाई देगी WiFi नेटवर्क की स्पीड | BGR India एंड्राइड Oreo पर कनेक्ट होने से पहले दिखाई देगी WiFi नेटवर्क की स्पीड अब आप स्लो हॉटस्पॉट पर अपना समय बर्बाद होने से बचा सकेंगे। Published: January 23, 2018 12:27 PM IST क्या आपने सोचा है कि मोबाइल डाटा को बचाने या स्पीड बढ़ाने के लिए वाईफाई हॉटस्पॉट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं आप वाई-फाई से कनेक्ट होने से पहले यह जांच सकते हैं कि इस वाई-फाई की नेटवर्क स्पीड कितनी है। अगर आप एंड्राइड 8.1 Oreo का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको यह जानने में कोई समस्या नहीं होगी। कई हफ्तों बाद गूगल एक सुविधा को जारी कर रहा है जो आपके द्वारा कनेक्ट होने से पहले वाईफाई नेटवर्क की स्पीड का अनुमान लगाता है। यह आपको सटीक बैंडविड्थ रीडिंग नहीं दे रहा है- इसके बजाय, यह ओवरओल प्रदर्शन को ऐसे कैटगरी में लाता है जिससे आप उम्मीद कर सकते हैं कि आपको कितनी स्पीड मिलेगी। आप "Slow" (1 एमबीपीएस के अंतर्गत) या "OK" (1-5 एमबीपीएस) नेटवर्क से बचने के लिए जब तक स्विच नहीं कर पाएंगे जब तक कि आपके पास कोई विकल्प न हो, लेकिन "Fast" (5-20 एमबीपीएस) और "Very Fast" (20 एमबीपीएस और ऊपर) अगर यूट्यूब पर मिल रही है तो यह बहुत अच्छी है। रेटिंग थोड़ा कंजरवेटिव है और अगर आप 4K स्ट्रीम करने की अपेक्षा कर रहे हैं या एक मल्टी-गीगाबाइट एप डाउनलोड करने में अधिक मदद नहीं कर सकेगी। यह आपको समय बर्बाद करने के बजाय उस कनेक्शन की जानकारी देगा, जिसमें स्पीड अच्छी मिल रही हो।
Chronology of pre-primary education in america in detail | technicalidea Home » Education Knowledge , Science Education » Chronology of pre-primary education in america in detail Chronology of pre-primary education in america in detail अमेरिका में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का कालक्रम विस्तार से in Hindi वास्तव में, 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को उचित स्थान मिला। अमेरिका में, इसे 20 वीं शताब्दी के शुरुआती वर्षों में उचित स्थान दिया गया था। अमेरिका में नर्सरी शिक्षा के पूर्व प्राथमिक का इतिहास है, अगर पुरानी नहीं मिली है, तो बहुत नई भी नहीं है। यह रूसो, प्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक था जिसने बच्चे की शिक्षा पर जोर दिया। 18 वीं शताब्दी के अंत में, जेन ओबेरलिन भी इसे उचित महत्व देता है। वह फ्रेंच में बच्चों के लिए एक स्कूल स्थापित करता है। फिर, 1970 में, रॉबर्ट ओवेन की प्रेरणा से स्कॉटलैंड में बच्चों के लिए एक और स्कूल शुरू किया गया था। यह उस अवधि के दौरान था जब रूसो के विचारों ने कई शिक्षाविदों को बच्चों के लिए इकोल्स मेटरनेलस की स्थापना के लिए प्रेरित किया था। फिर जर्मन शिक्षाविद् फ्रोबेल आए, जिन्होंने स्कूलों की किंडरगार्टन मूवमेंट को शिक्षा जगत को दिया। इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देश सूट का पालन करने की कोशिश करते हैं। अमेरिका एक नया देश है, जिसने नर्सरी शिक्षा की शुरुआत देर से की थी। यह 1856 में विस्कॉन्सिन राज्य में पहला किंडरगार्टन स्कूल स्थापित किया गया था। यह इंग्लैंड में नर्सरी शिक्षा के वैज्ञानिक विकास की शुरुआत का प्रतीक है। 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में अमेरिका में नर्सरी शिक्षा की शुरुआत हुई। पहला नर्सरी स्कूल 1919 में न्यूयॉर्क में स्थापित किया गया था। एक साल बाद कोलंबिया विश्वविद्यालय के शिक्षक कॉलेज ने नर्सरी शिक्षा की व्यवस्था की। वास्तव में, 20 वीं शताब्दी के पहले दो दशकों के दौरान, नर्सरी शिक्षा ने इसे उचित हार्डवेयर नहीं बनाया। वास्तव में, शिक्षाविद बहुत ही निविदा उम्र के बच्चों की शिक्षा के बहुत विरोधी थे। 1930 तक, जब अमेरिका आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा था, नर्सरी शिक्षा उचित कठिन रास्ता नहीं बना सकी। इसके बाद, नया सौदा अधिनियम अस्तित्व में आया। इस अधिनियम ने अमेरिका में नर्सरी शिक्षा को उचित प्रोत्साहन और प्रोत्साहन प्रदान किया। इन अधिनियमों के तहत बच्चों के लिए संस्थानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी और इसलिए 20 वीं शताब्दी के चौथे दशक में नर्सरी शिक्षा ने इसकी उचित प्रक्रिया को देखा। 1940 तक किंडरगार्टन स्कूलों की संख्या अच्छी हो गई थी। किंडरगार्टन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या लगभग 6,75,000 थी, जबकि नर्सरी स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने वाले अन्य लोगों की संख्या लगभग 3,00,000 थी।
‘चक दे इंडिया’ की कहानी – कल ही मुझे ‘चक दे इंडिया’ फिल्म देखने का सुअवसर मिला | इसमें मुख्य भूमिका शाहरुख खान ने निभाई है | इसकी कहानी खेल-राजनीति, खेल-भावना, सांप्रदायिक तनाव और जनता की लचर प्रतिक्रिया पर प्रश्नचिह खड़े करती है | फिल्म की कहानी इस प्रकार है – नायक शाहरुख खान भारतीय हॉकी टीम का कप्तान है | वह मुसलमान पठान है | पाकिस्तान के साथ खेलते हुए उसकी टीम 0-1 से पिछड़ रही है कि तभी भारतीय तेम को पैनल्टी स्ट्रोक का सुनहरा मौका मिलता है | कप्तान खान अधिक उत्साह और सावधानी में खुद स्ट्रोक लगाता है | दुर्भाग्य से निशाना चुकता है और भारत 1-0 से हार जाता है | मीडिया इस घटना को षड्यंत्र बनाकर पेश करता है | परिणामस्वरूप देश की जनता भड़क जाती है | देश भर में उपद्रव हो जाते हैं | खान के परिवार और मकान को उजाड़ डाला जाता है | वह रातोंरात गद्दार कहलाने लगता है तथा कहीं गुमनामी में खो जाता है | सात साल बाद वह भारत की नौसिखिया महिला हॉकी टीम का कोच बनकर सामने आता है | वह देखता है कि सभी खिलाड़ने अलग-अलग प्रांतों से हैं | उनकी भाषा, आदतें और भावनाएँ भी भिन्न हैं | वह बड़ी युक्ति से उनमें भारतीयता की भावना भरता है तथा उनमें कठोर अनुशासन लाने का प्रयास करता है | टीम की सभी खिलाड़ने चिढ़ जाती हैं | उनमें आपस में भी झगड़े हो जाते हैं | वे सभी खान को कोच-पद से हटाने के लिए आवेदन कर देती हैं | खान विदाई में सबको होटल में पार्टी देता है | वहीँ एक यवक द्वारा पंजाबी खिलाड़िन को छेड़ने पर पंजाबी खिलाड़िन उसे पीट देती है | होटल में हंगामा हो जाता है | कई युवक लड़कियों की ओर झपटते हैं तो सारी टीम मिलकर युवकों को पीट डालती है | इस प्रकार उनमें एकता सुदृढ़ हो जाती है | इस बीच हॉकी क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड तथा उनके प्रायोजक भी अड़ंगे डालते हैं | उन्हें हॉकी टीम की योग्यता पर भरोसा नहीं होता | परंतु खान उन युवतियों का मैच परुष हॉकी टीम के साथ करा देते हैं | उस मैच में लड़कियों का खेल देखकर सभी उत्साहित हो जाते हैं | वर्ल्ड कप में भारतीय टीम महला मैच 7-1 से हार जाती है | उसके बाद जीत की शुरुआत होती है जो अंत में वर्ल्ड कप जीतने तक चलती रहती है | भारत का व्ही मीडिया अब खान की पशंसा के पुल बाँध देता है | प्रभाव,दृश्य, पात्र, सवांद – यह फिल्म पूरी तरह रोमांचक और प्रभावशाली है | इसमें हिंसा, प्रतिक्रोध, खीझ, संघर्ष, साहस, एकता, उत्साह, हार-जीत के प्रभावशाली दृश्य फिल्माए गए हैं | शाहरुख खान का व्यक्तित्व बहुत प्रभावी एवं संवेदनक्षम बन पड़ा है | लड़कियों के हाव-भाव में प्रांतीयता की तुनक, चहक और महक भरपूर है | संवाद दिल को छूने वाले हैं | जीवन की वास्तविकता – यह फिल्म पूरी तरह यथार्थ है | मीडिया कैसे बेतुकी ख़बरों को उछालता है | जनता किस प्रकार अंधा गुस्सा और प्यार दिखाती है | खेल-राजनीति किस प्रकार गिरगिट की तरह रंग बदलती है | खिलाड़ियों में किस प्रकार प्रांतीय उन्माद पैदा होता है | कोच किन कठिनाईयों, तनावों और अपमानों का घूँट पीकर टीम-भावना को बनाए रखता है | टीम किस प्रकार हार-जीत के साथ डूबती-उतारती है – इसका फिल्मांकन बहुत कुशलता से हुआ है | प्रेरणा – इस फिल्म से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम खिलाड़ियों के साथ सहानुभूति से व्यव्हार करें | अपनी सांप्रदायिक भावनाओं को उस पर न लादें | मीडिया जिम्मेदार बने | सबसे बढ़कर हम राष्ट्रिय एकता का व्यव्हार करें, प्रांतीयता का नहीं |
सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क न लगाने पर योगी सरकार सख्त लखनऊ. कोरोना वायरस से निपटने में सोशल डिस्टेंसिंग और फेसमास्क बड़े हथियार हैं। सरकार लगातार लोगों को इसबारे में जागरुक कर रही है, लेकिन फिर भी कुछ लोग मानने को तैयार नहीं है। ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और फेसमास्क पहनें इसके लिए अब यूपी की योगी सरकार सख्त नजर आ रही है। योगी सरकार ने ऐसे 8 हजार से ज्यादा लोगों पर योगी सरकार ने फाइन लगाया है, जो बिना फेसमास्क लगाए सड़कों पर मिले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि अब प्रदेश में पुलिस मास्क न लगाने वालों से जुर्माना तो वसूलेगी ही साथ मे दो मास्क भी फ्री देगी। उन्होंने इस दौरान बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में अब तक 23 लाख से अधिक कामगारों/श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लौटने वाले इन सभी कामगारों/श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में एक माइग्रेशन कमीशन का गठन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 267 नए मामले सामने आए हैं, अभी तक राज्य में सक्रिय मामले 2493 है। पूरी तरह ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके लोगों की संख्या 3433 है। उन्होंने बताया कि अब तक कोरोना वायरस से कुल 155 लोगों की मौत हुई है, कल 7575 सैंपल की जांच की गई, पूल टेस्टिंग में कल 1094 पूल लगाए गए जिसमें से 172 पूल पॉजिटिव आए।
फूडोरा ऑस्ट्रेलिया से बाहर खींचता है - प्रौद्योगिकी - 2019 फूडोरा ऑस्ट्रेलिया से बाहर खींचता है क्या & # 39; यह Kinecta में एक सदस्य होने की तरह महसूस रहा है? - हिप्पी (जून 2019). खाद्य वितरण सेवा फूडोरा ऑस्ट्रेलिया से बाहर खींच रही है, जर्मन स्थित फर्म के साथ यह कह रही है कि यह श्रमिकों के इलाज पर मुकदमा चलाने के बाद अन्य बाजार महीनों में फोकस कर रहा है। प्रतिद्वंद्वियों उबेर ईट्स और डिलिवरू के साथ फूडोरा, ऑस्ट्रेलिया में भोजन वितरण प्लेटफार्मों में से एक है जो लोगों को स्थानीय फोन से मोबाइल फोन के माध्यम से आदेश देने की अनुमति देता है। समूह ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "फूडोरा ने घोषणा की है कि ऑस्ट्रेलियाई बाजार छोड़ने और अन्य बाजारों की ओर ध्यान केंद्रित करने के बदले में संचालन बंद करने का निर्णय जहां कंपनी वर्तमान में विकास के लिए उच्च क्षमता देखती है।" 2015 में ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने वाली सेवा 20 अगस्त तक गिर जाएगी और बंद हो जाएगी। हाल के महीनों में फूडोरा ने अपने परिचालनों के बारे में यूनियनों से आलोचना का सामना किया है, और सरकार के मेले वर्क लोकपाल (एफडब्लूओ) द्वारा संघीय न्यायालय की कार्रवाई का सामना कर रहा है। 2015 में तीन श्रमिकों की ओर से जून में कानूनी कार्रवाई दायर करने वाले लोकपाल ने आरोप लगाया कि कंपनी "शम अनुबंध गतिविधि में लगी हुई है जिसके परिणामस्वरूप श्रमिकों के भुगतान में कमी आई है।" सरकारी एजेंसी ने कहा कि डिलीवरी सेवा ने तीनों लोगों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके ऑस्ट्रेलियाई कानूनों का उल्लंघन किया कि वे स्वतंत्र ठेकेदार थे जब वे वास्तव में फूडोरा के कर्मचारी थे। नतीजतन, वे कथित रूप से कंपनी द्वारा भुगतान किया गया था। एफडब्ल्यूओ ने कहा कि मुकदमा अर्थव्यवस्था व्यवसायों के उदय के बीच श्रमिकों के अधिकारों के लिए एक मुकदमा परीक्षण के रूप में कार्य करेगा। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने दावा किया कि फूडोरा का बाहर निकलना था, इसलिए यह मजदूरी चोरी के परिणामस्वरूप अपने सवारों को बैकपे में लाखों डॉलर का भुगतान करने की ज़िम्मेदारी से बच सकता था। संघ ने मार्च में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय कार्यस्थल संबंध ट्रिब्यूनल के मेले वर्क कमीशन में दो मामले ले रहे थे, आरोप लगाते हुए कि फूडोरा ने दो डिलीवरी राइडर्स को गलत तरीके से बर्खास्त कर दिया था। एक राइडर, जोश क्लूगर ने राष्ट्रीय प्रसारक एबीसी को बताया कि उनका मानना ​​है कि उन्हें कंपनी के साथ उनके वेतन और शर्तों के बारे में बात करने के लिए दो साल बाद बर्खास्त कर दिया गया था। यह मामला ऑस्ट्रेलिया में अपनी तरह का पहला माना जाता है। फूडोरा ने कहा है कि वह मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगा क्योंकि वे अदालतों के सामने हैं। पिछले महीने, फूडोरा, उबर ईट्स और डिलिवरू जैसी कंपनियों के लिए काम कर रहे खाद्य-बाइक डिलीवरी कर्मचारी बेहतर वेतन और लाभ मांगने के लिए फ्रांस में एक सप्ताह की हड़ताल पर गए। और जून में एक स्पेनिश अदालत ने फैसला सुनाया कि देश में ऐसे श्रमिकों के अधिकारों पर पहले निर्णयों में एक डिलिवरू राइडर को एक कर्मचारी के रूप में नहीं माना जाना चाहिए था, न कि स्व-नियोजित ठेकेदार के रूप में।
Bhagalpur Bihar based Gopal Jee rejected NASA Offer to Research on space Programs Jagran Special Publish Date:Sun, 19 Jan 2020 10:29 PM (IST) America space agency NASA बिहार के भागलपुर के मूल निवासी गोपाल जी ने कई बड़े आविष्‍कार किए हैं। वे देश में युवा वैज्ञानिकों की फौज तैयार करने में जुटे हैं। रांची, [जागरण स्‍पेशल]। America space agency NASA नासा, जहां जाने और जिससे जुड़ने के सपने न जाने कितने वैज्ञानिक देखते होंगे, वहां जाने से इस होनहार ने एक झटके में मना कर दिया। कारण सिर्फ एक, देश सेवा का जज्‍बा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के कार्यक्रमों में शामिल होकर अनुसंधान और शोध का ऑफर ठुकराने वाले इस युवा वैज्ञानिक ने भारत में युवा वैज्ञानिकों की फौज तैयार करनी शुरू कर दी है। देशभर में प्रतिभाओं को तलाशने निकले बिहार के भागलपुर के मूल निवासी वैज्ञानिक गोपालजी 13 वर्ष की उम्र से ही नए-नए आविष्‍कार में लगे हैं। उन्‍हें 14 साल की उम्र में देश के सबसे युवा वैज्ञानिक के खिताब से नवाजा गया। देश के सबसे युवा वैज्ञानिकों में शुमार इस शख्सियत ने नासा जैसे उत्‍कृष्‍ट संस्‍थान का प्रस्‍ताव ठुकराकर अपने हिसाब से रिसर्च में जुटे हैं। वे अब तक 10 बड़े आविष्‍कार कर चुके हैं। इनमें केले के पेड़ से बिजली का उत्‍पादन और पानी में तैरने वाली ईंटें सर्वाधिक चर्चित रहीं। भारत के अलावा दुनियाभर में गोपालजी को अपने आविष्‍कारों के लिए ख्‍याति मिली है। फिलहाल गोपाल जी देहरादून के लैब में अनुसंधान और शोध कार्य में जुटे हैं। गोपालजी के अन्‍य आविष्‍कारों में गोपोनियम एलॉय, बनाना बायो सेल, पेपर बायो सेल, गोपा अलस्‍का, लीची वाइन, हाइड्रोइलेक्ट्रिक बायो सेल, जी स्‍टार पाउडर, सोलर मील शामिल है। इसमें दो बड़े आविष्‍कारों का उन्‍होंने पेटेंट भी हासिल कर लिया है। वे फिलहाल आई स्‍मार्ट के ब्रांड अंबेसडर हैं। अबुधाबी में होने वाले विश्‍व के सबसे बड़े साइंस फेयर में होंगे मुख्‍य वक्‍ता युवा वैज्ञानिक गोपाल जी को अप्रैल महीने में अबुधाबी में होने वाले विश्‍व के सबसे बड़े साइंस फेयर में मुख्‍य वक्‍ता के तौर पर आमंत्रित किया गया है। यहां दुनियाभर के 5 हजार से अधिक वैज्ञानिकों के सामाने गोपाल जी अपनी प्रतिभा की ओज दिखाएंगे। गोपाल जी ने बताया कि नासा के मिशन को छोड़कर वे देश के युवाओं के लिए बेहतर प्‍लेटफॉर्म तलाश रहे हैं। जिन युवाओं में विज्ञान के क्षेत्र में कुछ कर गुजरने की क्षमता दिखेगी, उनकी प्रतिभा को मुकाम दिलाने की पूरी कोशशि करेंगे।
अधिकारिक तौर पर भारत में विलुप्ति के कगार पर नक्सली आतंक सरकार और सुरक्षा बल का नक्सल के खिलाफ रुख सख्त है। इसी का नतीजा है कि 29 मार्च को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में 16 महिला नक्सली समेत 59 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना ने कहा, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से नौ के खिलाफ स्थाई वारंट लंबित थे और ये सभी इरबोर पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत गांवों के रहने वाले हैं। सुकमा और अन्य इलाकों के नक्सलियों को इससे पहले कई परेशानी हुई थी। ऐसा लगता है कि सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में सक्रीय दृष्टिकोण के नतीजे अब सामने आ रहे हैं और कई क्षेत्रों में नक्सली अपने प्रभुत्व को खो रहे हैं। पिछला एक सप्ताह पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष नक्सलियों के आत्मसमर्पण से भरा था। 29 मार्च को छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के समक्ष तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसी तरह, 28 मार्च को पांच नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एसटीएफ, डीआरजी, डीएफ और सीआरपीएफ की सयुंक्त टीम ने दो इनामी नक्सली समेत 14 नक्सलियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की थी। इसके बाद कुछ दिनों के अंदर ही सीआरपीएफ के सामने 59 गोरिल्ला के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। यही वजह हो सकती है कि 29 मार्च को नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हो। नक्सलियों की ये हार सिर्फ सेना और सुरक्षा बलों की सक्रीय मुठभेड़ और गिरफ्तारी की वजह तक सीमित नहीं है बल्कि सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा उनके वित्तपोषण में कमी भी है। यह प्रकाश में तब आया जब वर्ष 2017-18 एसएसबी ने 550 करोड़ रूपए के अफीम के कारोबार (नक्सल के वित्तपोषण का मुख्य स्त्रोत) को नष्ट कर दिया था। इसीलिए अब यह कोशिश की जा रही है कि नक्सल के साम्राज्य को हर तरफ से कमजोर कर दिया जाये। सरकार और सुरक्षा बलों की एक के बाद एक सफलता के पीछे मोदी सरकार और गृह मंत्रालय की सुनियोजित रणनीति है। आंकड़ों के अनुसार, नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में कमी आयी है। पिछले वर्ष 90 प्रतिशत नक्सली हमले मुख्यतौर पर 4 नक्सली प्रभावित राज्यों (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा) में हुए थे। अधिकारियों ने इस सफलता का श्रेय सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नक्सली कट्टरपंथियों के खिलाफ जवाबी रणनीतियों को दिया है। इस रणनीति में शीर्ष स्तर के कमांडर और उनके मुखबिर शामिल हैं। इनके ऊपर सही रणनीतियों के तहत नक्सलियों को लक्षित करने का दबाव था। राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते जंगल को भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय सरकारों ने विकास दर के कार्यों को बढ़ा दिया है। सड़कों के निर्माण, मोबाइल टावर्स और अलग क्षेत्रों में पुलिस स्टेशनों के निर्माण को बढ़ा दिया गया है। इससे नक्सल की कमर टूटी है और वह कमज़ोर पड़ रहे हैं। नक्सली अपने इलाकों में पहले की तरह आसानी से स्थानांतरित नहीं हो पा रहे और न ही गोल्लाबरुद और वित्त का आदान-प्रदान कर पा रहे हैं। सरकार राज्य में कम प्रभावित नक्सली इलाकों से नक्सल तत्वों को बाहर निकालने में सक्षम रही है। हालांकि, नक्सल प्रभावित राज्यों में, खासकर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक सुकमा से पता चलता है कि नक्सलियों के खिलाफ सरकार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है। सरकार की रणनीति न सिर्फ नक्सलियों की नाक में दम करना है बल्कि उन्हें उनके बिल से निकालना भी है। कुछ क्षेत्रों में नक्सल प्रभुत्व को प्रतिबंधित करने के बाद सुरक्षा बल खासकर सीआरपीएफ के पास नक्सल आतंकवादियों के खिलाफ पूरी उर्जा के साथ सख्त कार्यवाही करने का विकल्प भी है। इसके अलावा हाल ही में नक्सलियों के आत्मसमर्पण से पता चलता है कि अत्यंत प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों का अब नक्सलवाद से भरोसा उठ रहा है और आत्मसमर्पण को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। नक्सलियों के साथ रणनीतिक लड़ाई में सरकार पहले से ही उनसे कई कदम आगे निकल चुकी है लेकिन नक्सलवादियों द्वारा आत्मसमर्पण करने वालों के साथ सरकार के रवैये से ऐसा लगता है कि सरकार वैचारिक लड़ाई भी लड़ रही है। जिस तरह से सरकार नक्सलवाद के खिलाफ कार्य कर रही है उससे यही लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब नक्सल देश से पूरी तरह खत्म हो जायेगा।
UPPCL AE Answer Key 2022 : UPPCL असिस्टेंट इंजीनियर AE की उत्तर कुंजी हुई जारी, ऐसे करें डाउनलोड UPPCL AE Answer Key 2022 : उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने पावर कॉर्पोरेशन में असिस्टेंट इंजीनियर की परीक्षा के समाप्ति के बाद अब UPPCL AE Answer Key 2022 को जारी कर दिया है, ऐसे में जो भी अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे और अपनी उत्तर कुंजी को डाउनलोड करना चाहते थे, वे आधिकारिक वेबसाइट या फिर नीचे दिए गए लिंक के जरिए डाउनलोड कर सकते हैं। UPPCL Assistant Engineer AE की परीक्षा मार्च 2022 में सम्पन्न हुई थी, लेकिन अभी तक इसके रिजल्ट के बारे में कोई भी अग्रिम सूचना आधिकारिक तौर पर पेश नहीं की गई है, ऐसे में आप आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाएं रखें। 9. UPPCL AE Answer Key 2022 ऐसे करें डाउनलोड भर्ती का नाम: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती 2022 भर्ती बोर्ड का नाम: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड विज्ञापन संख्या: 01/VSA/2022 आवेेेदन की शुरुआत: 11 जनवरी 2022 आवेदन करने की आख़िरी तारीख़: 31 जनवरी 2022 परीक्षा शुल्क भुगतान करने की आख़िरी तिथि: 31 जनवरी 2022 उत्तर कुंजी जारी होने की तिथि : 07/04/2022 जनरल/ओबीसी/EWS: 1180/- रुपये दिव्यांग: 26/- रुपये UPPCL AE Answer Key 2022 ऐसे करें डाउनलोड आधिकारिक वेबसाइट खुलने के बाद वेकैंसी और रिजल्ट वाले अनुभाग में जाएं। उसके बाद यदि "DOWNLOAD RESPONSE-KEY & UPLOAD OBJECTIONS FOR THE POST OF "ASSISTANT ENGINEER (TRAINEE) ELECTRICAL/POWER, ELECTRONICS & TELE COMMUNICATION AND COMPUTER SCIENCE /IT" AGAINST ADVT. NO. 01/VSA/2022/AE/E&M" की लिंक को खोजें और View/Download पर क्लिक करें।
यश कुमार स्‍टारर भोजपुरी फिल्‍म रूद्रा का ट्रेलर लांच यूटुब पर | जोगीरा Home Bhojpuri Film Industry News Bhojpuri Film News | भोजपुरी मूवी मसाला यश कुमार स्‍टारर भोजपुरी फिल्‍म रूद्रा का ट्रेलर लांच यूटुब पर भोजपुरी फिल्‍म रूद्रा का ट्रेलर मुंबई में वर्ल्‍ड वाइड रिकॉर्ड भोजपुरी ने लांच किया। यश कुमार स्‍टारर भोजपुरी फिल्‍म रूद्रा एक्‍शन पैक्‍ड मूवी है, जो दर्शकों को ए‍क बार फिर रोमांचित करेगा। वैसे भी यश कुमार के एक्‍शन के दीवानों को इस बार भी उनका यूनिक एक्‍शन लुभाएगा। फिल्‍म 'रूद्रा' के ट्रेलर में यश कुमार दो अवतार में नजर आ रहे हैं, जिससे फिल्‍म के प्रति दर्शकों की उत्‍सुकता बढ़नी तय है। दीपक शाह द्वारा प्रस्‍तुत इस फिल्‍म की पटकथा के मनोज सिंह ने लिखी है। फिल्‍म को लेकर निर्देशक राकेश भारद्वात का कहना है कि फिल्‍म एक्‍शन बेस्‍ड तो है ही, लेकिन इसमें एक्‍शन और इमोशन काफी है, जो एक बेहतर फिल्‍म में होनी चाहिए। फिल्‍म का हर सिक्‍वेंस लोगों को आकर्षित करेगा। वाकई फिल्‍म बहुत अच्‍छी बनी है।इस फिल्म में यश कुमार के साथ रिचा दिक्षित पहली बार भोजपुरी पर्दे के स्क्रीन पर नज़र आएगी। भोजपुरी फिल्‍म रूद्रा के मुख्य कलाकार फिल्म के मुख्य कलाकार है फिल्‍म यश कुमार, रिचा दिक्षित, निशा दूबे,अवधेश मिश्रा, देव सिंह, श्रवण तिवारी, राधे मिश्रा, रानू पांडेय और दीपक सिन्‍हा मुख्‍य भूमिका में नजर आयेंगे। फिल्म के म्‍यूजिक डायरेक्‍टर एस कुमार हैं और गीत प्‍यारेलाल यादव, आजाद सिंह, फनींद्र राव व ए कुमार के हैं। छायांकन नज़ीर एस.खान, डांस मास्टर क़ानू मुखर्जी, रामदेवन, पप्पू खन्ना, फाइट हीरा यादव, एग्जीक्यूटिव प्रोडूसर शैलेन्द्र सिंह, फिल्‍म के प्रचारक संजय भूषण पटियाला हैं।
newsflashrajasthan.com | शुक्रवार, 12-अप्रैल-2019, 11:39 PM वाशिंगटन:पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस से कहा कि चीन अरबों डॉलर की अपनी महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल के जरिए अपनी वैश्विक निर्णायक नौसेना बनाने की कोशिश कर रहा है. उसने चेतावनी दी कि बीजिंग के 'प्रतिकूल समझौते' किसी देश की संप्रभुत्ता को उस तरह अपनी लपेट में ले रहे हैं, जैसे कि एनाकोंडा अपने शिकार को घेरकर खाता है. बता दें कि चीन बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) के जरिए विभिन्न देशों को ढांचागत परियोजनाओं के लिए अरबों डॉलर का कर्ज दे रहा है. बताया जा रहा है कि चीन इन देशों को कर्ज के चक्रव्यूह में फंसा रहा है जिससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा. चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशंस जॉन रिचर्डसन ने गुरुवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सदन की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों को बताया, 'चीन की बेल्ट एंड रोड पहल उसकी राष्ट्रीय शक्ति के कूटनीतिक, आर्थिक, सैन्य और सामाजिक तत्वों का मिश्रण है. यह वैश्विक रूप से निर्णायक नौसेना बनाने की उसकी कोशिश है.' उन्होंने कहा, 'चीन के काम का उद्देश्य देशों की वित्तीय कमजोरी का फायदा उठाना है. वे वाणिज्यिक बदंरगाह बनाने का अनुबंध कर रहे हैं, घरेलू सुविधाओं को उन्नत करने का वादा कर रहे हैं और राष्ट्रीय ढांचागत परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं.' चीन की 60 अरब डालर की चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा योजना (सीपेक) से भारत-चीन संबंधों में गतिरोध आ गया है. भारत ने सीपेक के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने पर आपत्ति जताई और उसने पिछले साल चीन द्वारा आयोजित हाई प्रोफाइल बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार कर दिया था.
अब आगे बढ़ो: ट्रंप के बिना पार्टी की 'दशा और दिशा' तय करना चाहते हैं कई रिपब्लिकन्स - apnasamaachar Home > india > अब आगे बढ़ो: ट्रंप के बिना पार्टी की 'दशा और दिशा' तय करना चाहते हैं कई रिपब्लिकन्स अब आगे बढ़ो: ट्रंप के बिना पार्टी की 'दशा और दिशा' तय करना चाहते हैं कई रिपब्लिकन्स नई दिल्ली/वाशिंगटन। करीब एक दशक से भी अधिक वक्त के बाद, अमरीका की रिपब्लिक पार्टी पहली बार वाशिंगटन तक अपनी पहुंच बना सकी। तब तक यहां उसकी विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी व्हाइट हाउस और कांग्रेस को लंबे समय तक नियंत्रित करती रही। चार साल के अंतराल के बाद डेेमोक्रेट एक बार फिर सत्ता में हैं। वहीं, अब रिपब्लिकन अपनी कम होती ताकत, गहरी अनिश्चितता और आंतरिक झगड़े को समायोजित करने में जुटे हैं। वैसे, वर्ष 2020 का राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने के लिए किसे दोषी ठहराया जाए, इस पर बहस और अल्पसंख्यक दर्जे में बदलाव करना रिपब्लिकन्स के लिए मुश्किलभरा साबित हो रहा है। हालांकि, पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप की गैरमौजूदगी को लेकर रिपब्लिकन क्या रुख रखते हैं, इस पर सभी का ध्यान है। ट्रंप प्रशासन में शामिल कुछ लोगों ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया! यह सही है कि बीते करीब चार वर्षों में पार्टी ने राष्ट्रपति और सरकार से जुड़े उन कुछ खास लोगों के क्रियाकलापों को लगातार नजरअंदाज किया, जो न सिर्फ लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करते रहे बल्कि, वित्तीय अनुशासन और मजबूत विदेश नीति को भी नुकसान पहुंचाते रहे। यही वक्त है, जब पार्टी को निर्णय लेना होगा कि वह ट्रंप और उनके निष्ठावान समर्थक जैसा चाहते हैं, आगे भी वैसा ही करे और उसी दिशा में बढ़ती रहे या फिर सख्त बदलाव करते हुए खुद के लिए नई नीतियां और बेहतर पाठ्यक्रम बनाए। पार्टी को नई नीतियां बनाते हुए ट्रंप के बिना आगे बढऩा चाहिए- होगन मेरीलैंड के गवर्नर लैरी होगन, उन कुछ निर्वाचित रिपब्लिकन्स में शामिल हैं, जिन्होंने ट्रंपवाद और उनके प्रशासन की हमेशा निंदा की है। होगन का मानना है कि पार्टी के लिए यह सही नेतृत्व चुनने का अच्छा समय है। होगन वर्ष 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिक पार्टी की ओर से मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, पार्टी को तय करना होगा कि क्या हम आगे भी डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशन और नेतृत्व में आगे बढ़ते रहेंगे या फिर अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए सार्थक बदलाव करेंगे। पार्टी को शुद्धिकरण करना ही होगा और इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप से निजात जरूरी है। हालांकि, मुझे इसकी संभावना कम ही दिखती है कि ट्रंप पूरी तरह से पार्टी से अलग हो जाएंगे। ट्रंप पार्टी में हमेशा महत्वपूर्ण राजनीतिक बातचीत का हिस्सा बने रहेंगे- क्रूज क्या पार्टी ट्रंप की तरह टेक्सास सीनेटर टेड क्रूज को भी बाहर करने की सोच सकती है, क्योंकि वह क्रूज ही थे, जिन्होंने चुनाव में धोखाधड़ी के ट्रंप के बेबुनियाद आरोपों का न सिर्फ समर्थन किया बल्कि, पिछले दिनों कैपिटल हिल में हुए दंगे को भडक़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। हालांकि, खुद रिपब्लिक पार्टी के चुनाव अधिकारी भी शुरू से अपने विपक्षी जो बिडेन की बात का समर्थन करते रहे कि चुनाव निष्पक्ष हुआ और इसमें कहीं कोई धांधली नहीं हुई। यहीं नहीं, ट्रंप की ओर से नियुक्त कुछ न्यायाधीशों ने भी इस बेतुके आरोप को अपने फैसले में खारिज कर दिया था। हालांकि, 20 जनवरी को टेड क्रूज ने जो बिडेन की जीत को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन वह इस जीत को वैध मानने और संवैधानिक स्वरूप देने से अब भी इनकार कर रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए क्रूज ने कहा भी कि बिडेन ने चुनाव जीता और वह राष्ट्रपति हैं, मैं बस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आया हूं। क्रूज ने आगे बढ़ते हुए ट्रंप का समर्थन किया और कहा कि वह हमेशा किसी भी राजनीतिक बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे। साथ ही, क्रूज ने पार्टी को यह नसीहत भी दी कि वह अपनी विभाजनकारी भाषा और सोच से जल्द से जल्द दूर हो, नहीं तो आने वाले चुनावों में उपनगरीय मतदाता, जिनमें खासकर महिलाएं शामिल है, हमसे दूर हो जाएंगी। क्रूज के मुताबिक, ट्रंप आगे भी पार्टी को अपने विचारों से अवगत कराते रहेंगे और उनका प्रभाव वैसा ही बना रहेगा, जैसा पहले था। उन्होंने कहा, हमें और आगे जाना होगा। तरक्की पसंद नीतियों पर काम करना होगा। अमरीका और अमरीकी नागरिकों के विकास को प्राथमिकता देनी होगी। क्रूज को भी वर्ष 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। कैपिटल हिल में हिंसा को लेकर पार्टी में दो गुट हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कैपिटल हिल में हुई हिंसा को लेकर रिपब्लिक पार्टी में दो गुट बन चुके हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता ट्रंप और उनके समर्थक नेताओंं से खुद को दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, ये नेता ट्रंप और उनके समर्थक नेताओं पर कार्रवाई करने और पार्टी से अलग करने की मजबूत दलीलें भी दे रहे हैं। वरिष्ठ रिपब्लिक नेता और सीनेटर मिच मैककोनेल ने बिडेन के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैपिटल हिल में हुई हिंसा के लिए ट्रंप सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने ही समर्थकों को दंगे के लिए भडक़ाया था। यहां तक कि पूर्व उप राष्ट्रपति और ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रपति के सबसे करीबी रहे माइक पेंस ने भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया, जिससे कि ट्रंप ने खुद को दूर रखा था।
फैशन बनता बलात्कार ,(सो गई है आत्मा ) | chandravilla blogid : 2711 postid : 2381 फैशन बनता बलात्कार ,(सो गई है आत्मा ) Posted On: 18 Dec, 2012 Others में आज सर्वाधिक प्रचलित शब्द है,माडर्न होना या आधुनिक जीवन जीना..बच्चे ,बूढ़े,युवा,स्त्री -पुरुष सब एक ही दिशा में दौड़ लगते नज़र आते हैं, ऐसा लगता है कि उनको एक ही भय है, कि कहीं हम इस रेस में पिछड न जाएँ.यही कारण है,हमारा रहन-सहन,वेशभूषा ,वार्तालाप का ढंग सब बदल रहा है.ग्रामीण जीवन व्यतीत करने वाले भी किसी भी शहरी के समक्ष स्वयं को अपना पुरातन चोला उतारते नज़र आते हैं.ऐसा लगता है कि अपने पुराने परिवेश में रहना कोई अपराध है. समय के साथ परिवर्तन स्वाभाविक है,बदलते परिवेश में समय के साथ चलना अनिवार्यता है.भूमंडलीकरण के इस युग में जब "कर लो दुनिया मुट्ठी में "का उद्घोष सुनायी देता है,तो हम स्वयं को किसी शिखर पर खड़ा पाते हैं. आज मध्यमवर्गीय भारतवासी भी फोन ,इन्टरनेट,आधुनिक वस्त्र-विन्यास ,खान-पान ,जीवन शैली को अपना रहा है. वह नयी पीढ़ी के क़दमों के साथ कदम मिलाना चाहता है.आज बच्चों को भूख लगने पर रोटी का समोसा बनाकर,या माखन पराठा नहीं दिया जाता,डबलरोटी,पिज्जा,बर्गर ,कोल्ड ड्रिंक दिया जाता है,गन्ने का रस,दही की लस्सी का नाम यदा कदा ही लिया जाता है.आधुनिकतम सुख-सुविधा,विलासिता के साधन अपनी अपनी जेब के अनुसार सबके घरों में हैं.बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में मोटा डोनेशन देकर पढाये जा रहे हैं. परन्तु इतना सब कुछ होने पर भी हमारे विचार वहीँ के वहीँ हैं. फिल्मों से यदि कुछ सीखा है तो किसी लड़की को सड़क पर देखते ही फ़िल्मी स्टाईल में उसपर कोई फब्ती कसना,अवसर मिलते ही उसको अपनी दरिंदगी का शिकार बनाना, ,अपराध के आधुनिकतम तौर तरीके सीखना ,शराब सिगरेट में धुत्त रहना आदि आदि ……. और हमारे विचार आज भी वही .पीडिता को ही अपराधिनी मान लेना (यहाँ तक कि उसके परिजनों द्वारा भी),अंधविश्वासों से मुक्त न हो पाना,लड़की के जन्म को अभिशाप मानते हुए कन्या भ्रूण हत्या जैसे पाप में लिप्त होना,दहेज के लिए भिखारी बन एक सामजिक समस्या उत्पन्न करना आदि आदि .ये कलंक सुशिक्षित शहरी समाज के माथे के घिनौने दाग हैं. आज समाचार पत्र में पढ़ा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने देश में घटित बच्चों के सामूहिक हत्याकांड से व्यथित हैं,और कड़े से कड़े कदम उठाने के लिए योजना बना रहे हैं. और निश्चित रूप से वहाँ इस घटना की पुनरावृत्ति बहुत शीघ्र नहीं होगी ,दूसरी ओर हमारे देश में बलात्कार,किसी भी बहिन,बेटी की इज्जत सरेआम नीलाम होने जैसी घटनाएँ आम होती जा रही हैं.जिनमें से अधिकांश पर तो पर्दा डाल दिया जाता है, जो राजधानी,कोई भी गाँव ,क़स्बा,महानगर ,छोटे शहर की सीमाओं में बंधी हुई नहीं हैं,सुर्ख़ियों में तब आती है,जब मीडिया की सुर्खी बन जाती है,या फिर किसी वी आई पी परिवार से सम्बन्धित घटना होती है. पूर्वी उत्तरप्रदेशवासिनी ,देहरादून से पेरामेडिकल की छात्रा ,जो अकेली नहीं अपने मित्र के साथ राजधानी दिल्ली में रात को 9.30 बजे चलती बस में सामूहिक बलात्कार ,उत्पीडन का शिकार बनी और दोनों की बर्बर तरीके से पिटाई के बाद उनको बस से नीचे फैंक दिया गया.अब लड़की बदतर जीवन कम मौत के दोराहे पर खड़ी है,,जहाँ सर्वप्रथम तो उसके जीवन का भरोसा नहीं ,यदि मेडिकल सुविधाओं के कारण जीवन बच भी गया तो तन +मन दोनों से ही घायल वो अपना शेष जीवन व्यतीत करने को अभिशप्त होगी. इसके पश्चात एक अन्य समाचार पढ़ा जो इस घटना के बाद का ही है, चलती बस में युवती के साथ गैंगरेप के बाद दिल्ली में दो और बलात्कार के मामले सामने आए हैं। पहला, पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके का है, जहां एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली लड़की के घर में घुसकर उसका बलात्कार किया और पुलिस को बताने पर तेजाब डालने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जब घर में घुसा तो लड़की अकेली थी, परिवारवालों के घर लौटने पर पीड़ित ने घटना के बारे में उन्हें बताया। घरवालों की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़के को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दूसरी घटना, पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके की है, जहां एक वहशी ने पड़ोस में रहने वाली सिर्फ 6 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। चादंनी महल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि होते ही आरोपी रशीद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया है। पिछले 48 घंटे में दिल्ली में बलात्कार की यह तीसरी घटना है। इस प्रकार ,एक रूटीन के रूप में ऐसे समाचार प्राय सुनने और पढ़ने को मिलते हैं.कुछ दिन विशेष कवरेज मिलती है,कुछ घोषणाएँ की जाती हैं,महिला संगठन आवाज बुलंद करते हैं,और फिर वही. .एक प्रश्न उठता है कि इस असाध्य रोग का निदान क्या है? यद्यपि कोई भी सजा,कोई भी आर्थिक सहारा किसी पीडिता का जीवन तो नहीं संवार सकता,तथापि बलात्कार के अपराधी को जिस कठोर दंड की संस्तुति की जाती है,वह है,फांसी,परन्तु फांसी से अपराध तो खत्म होगा नहीं ,वैसे भी हमारे देश में फांसी की सजा लागू होने में वर्षों व्यतीत हो जाते हैं,और इतने समय पश्चात तो आम आदमी की स्मृति से वो घटनाएँ धूमिल होने लगती हैं. अतः दंड इतना कठोर हो फांसी या कोई अन्य ऐसा दंड जिसकी कल्पना मात्र से बलात्कारी का रोम रोम काँप जाए. कठोरतम क़ानून ,त्वरित न्याय,जिसके अंतर्गत ऐसी व्यवस्था हो कि न्याय अविलम्ब हो. सशस्त्र महिला पुलिस की संख्या में वृद्धि,अपनी सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों का निलंबन ,सी सी टी वी कैमरे ,निष्पक्ष न्याय मेरे विचार से सरकारी उपाय हो सकते हैं.जब तक हमारे देश में न्यायिक प्रक्रिया इतनी सुस्त रहेगी अपराधी को कोई भी भय नहीं होगा,सर्वप्रथम तो इस मध्य वो गवाहों को खरीद कर या अन्य अनैतिक साधनों के बल पर न्याय को ही खरीद लेता है .अतः न्यायिक प्रक्रिया में अविलम्ब सुधार अपरिहार्य है., अन्यथा तो आम स्मृतियाँ धूमिल पड़ने लगती हैं और सही समय पर दंड न मिलने पर पीडिता और उसके परिवार को तो पीड़ा सालती ही है,शेष कुत्सित मानसिकता सम्पन्न अपराधियों को भी कुछ चिंता नहीं होती.दंड तो उसको मिले ही साथ ही उस भयंकर दंड का इतना प्रचार हो कि सबको पता चल सके महिलाओं की आत्मनिर्भरता ,साहस और कोई ऐसा प्रशिक्षण उनको मिलना चाहिए कि छोटे खतरे का सामना वो स्वयम कर सकें ,विदेशों की भांति उनके पास मिर्च का पावडर या ऐसे कुछ अन्य आत्म रक्षा के साधन अवश्य होने चाहियें. मातापिता को भी ऐसी परिस्थिति में लड़की को संरक्षण अवश्य प्रदान करना चाहिए.साथ ही संस्कारों की घुट्टी बचपन से पिलाई जानी चाहिए,जिससे आज जो वैचारिक पतन और एक दम माड बनने का जूनून जो लड़कियों पर हावी है,उससे वो मुक्त रह सकें. ऐसे पुत्रों का बचाव मातापिता द्वारा किया जाना पाप हो अर्थात मातापिता भी ऐसी संतानों को सजा दिलाने में ये सोचकर सहयोग करें कि यदि पीडिता उनकी कोई अपनी होती तो वो अपराधी के साथ क्या व्यवहार करते ,साथ ही सकारात्मक संस्कार अपने आदर्श को समक्ष रखते हुए बच्चों को दिए जाएँ.. एक महत्वपूर्ण तथ्य और ऐसे अपराधी का केस कोई अधिवक्ता न लड़े ,समाज के सुधार को दृष्टिगत रखते हुए अधिवक्ताओं द्वारा इतना योगदान आधी आबादी के हितार्थ देना एक योगदान होगा. जैसा कि ऊपर लिखा भी है पतन समाज के सभी क्षेत्रों में है,अतः आज महिलाएं भी निहित स्वार्थों के वशीभूत होकर या चर्चित होने के लिए कभी कभी मिथ्या आरोप लगती हैं,ऐसी परिस्थिति में उनको भी सजा मिलनी चाहिए. एक तथ्य और किसी नेत्री ने आज कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के विशेष प्रबंध होने चाहियें.केवल दिल्ली में ही भारत नहीं बसता ,सुरक्षा प्रबंध सर्वत्र होने चाहियें .
गर्भावस्था के दौरान मातृत्व तकिया क्यों खरीदें? | happilyeverafter-weddings.com गर्भावस्था के दौरान सामान्य नींद की समस्याएं नींद की समस्याएं पहले तिमाही के रूप में शुरू हो सकती हैं, जब आपकी गर्भावस्था हार्मोन आपको अक्सर बाथरूम का उपयोग करने के लिए ... ... pee, या फेंकने के लिए हो सकता है! आपको याद है, आपको शायद सोने में परेशानी नहीं होगी, क्योंकि इस अवधि के दौरान ज्यादातर महिलाएं बहुत थक जाती हैं। दूसरे तिमाही में देर तक प्रतीक्षा करें, और अधिकांश गर्भवती महिलाएं दिल की धड़कन, अनिद्रा, और भ्रूण आंदोलन और ब्रैक्सटन हिक्स संकुचन से निपटने वाली होंगी। गर्भावस्था मतली और उल्टी अभी भी आसपास हो सकती है, और कमजोर जोड़ों और शारीरिक तनाव से बढ़ते भ्रूण को शरीर के शरीर पर रखा जाता है, इसके परिणामस्वरूप पूरे शरीर में दर्द और दर्द होता है। सांस की तकलीफ, जो गर्भावस्था के दौरान असामान्य नहीं है, एक अतिरिक्त बोझ हो सकता है। यह सब तीसरे तिमाही में सभी तरह से जारी रहेगा, जब एक नई समस्या पेट के आकार के आकार को दिखाती है तो कई गर्भवती माताओं को सोने के लिए पर्याप्त आरामदायक होना मुश्किल हो जाता है। बेशक, वे श्रम संकुचन के लिए भी देख रहे हैं! एक प्रसूति तकिया आपको गर्भावस्था की सभी शिकायतों को हल करने में सक्षम नहीं हो सकती है जो आपको जागृत करती है, लेकिन यह एक या दो दूर ले सकती है। चलो देखते हैं। मातृत्व तकिया क्या है, बिल्कुल? एक मातृत्व तकिया है जैसा कि आप गर्भवती महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए एक तकिए से देख सकते हैं। "गर्भावस्था तकिया", "मातृत्व तकिया" टाइप करें, और एक खोज इंजन या अमेज़ॅन जैसी ऑनलाइन दुकान में इसी तरह की शर्तें टाइप करें, और आप देखेंगे कि प्रसूति तकिए कई अलग-अलग आकार में आती हैं। लंबे समय तक सांप की तरह दिखने वाले पूरे शरीर के मातृत्व तकिए बहुत लोकप्रिय हैं। ये तकिए आपके पैरों के बीच, आपके पेट पर, आपकी पीठ के नीचे, या फिर आपको पसंद हैं, और बहुत बहुमुखी हैं। कुछ मातृत्व तकिए पूर्व आकार के होते हैं, ज्यादातर "सी" आकार की विविधता में। फिर मातृत्व तकिए हैं जो एक बीन की तरह थोड़ा दिखती हैं, या एक मातृत्व "वेज" जो पनीर की चादर की तरह दिखती है। आखिरकार, मैंने "वी" आकार की गर्भावस्था तकिए देखी हैं जो दिलचस्प दिखती हैं। ऐसा नहीं है कि मुझे कोई विचार होगा कि इनमें से किसी एक का उपयोग कैसे किया जाए। इन सभी अजीब दिखने वाली तकिए के साथ, यह जानना मुश्किल हो सकता है कि कौन सा चयन करना है, या यदि वे इसके लायक हैं। गर्भावस्था तकिए काफी मूल्यवान होती हैं। वे लगभग $ 15 (छोटे wedges के लिए) $ 100 (विशाल पूरे शरीर के तकिए के लिए) से लेकर हैं। यदि आपकी असुविधा जोर से पर्याप्त नहीं बोल रही है, तो आप जानना चाहेंगे कि वास्तव में एक मातृत्व तकिया आपके लिए क्या कर सकती है। यहां एक सामान्य विचार है: यदि आपका गर्भवती शरीर आरामदायक होने के लिए बहुत बड़ा है, अपने चारों ओर एक तकिया की स्थिति है, या अपने आप को एक विशाल तकिए के आसपास, एक बड़ा अंतर बना सकता है। मुझे याद है कि घंटों तक घूमना और मोड़ना और आखिर में ऐसी स्थिति में सोना जो आराम से नहीं था। अगर यह परिचित लगता है, तो मातृत्व तकिया आपके लिए काम कर सकती है। संबंधित नोट पर, आपके बाएं तरफ सोना बच्चे के लिए सबसे अच्छा है। यह नींद की स्थिति है जो सबसे अच्छा रक्त प्रवाह के साथ प्लेसेंटा प्रदान करती है। अपने बाएं तरफ सोना केवल एक विशेष तकिया के साथ सहनशील हो सकता है! हार्टबर्न एक भयानक कीट हो सकता है। कुछ माताओं की वजह से रात में अधिकांश रात रहती है। मुझसे पूछो मुझे कैसे पता है! अगर दिल की धड़कन उपचार काम नहीं करते हैं, तो पानी में मिश्रित सोडा पकाने की कोशिश न करें। यदि यहां तक ​​कि इससे ज्यादा राहत नहीं मिलती है, तो अर्द्ध-रेखांकित स्थिति में सोना वास्तव में किसी भी नींद को पाने का एकमात्र तरीका हो सकता है। वहीं वे वेज आसान काम में आते हैं। एक पूरे शरीर तकिया भी इसके लिए काम करेगा। यदि आप कुछ समय के लिए घर पर श्रम करने की योजना बना रहे हैं, या घर पर जन्म देने की योजना बना रहे हैं, तो मातृत्व तकिया संकुचन और यहां तक ​​कि जन्म के दौरान भी अद्भुत समर्थन प्रदान कर सकती है। एक बार जब आपका बच्चा वहां होता है, तो सांप के आकार की गर्भावस्था तकिया बिस्तर और मंजिल के बीच का अंतर बना सकती है यदि आप सह-सो रहे हैं। यहां तक ​​कि यदि आप अपने बिस्तर को अपने नवजात शिशु के साथ साझा करने का इरादा नहीं रखते हैं, तो आप शायद उसे अपने बिस्तर पर अक्सर रखेंगे। ये तकिए आपको स्तनपान कराने के लिए आरामदायक स्थिति खोजने में भी मदद कर सकती हैं।
न्यू मिनी कूपर को 'विधवा बनाने वाला' कहा जाना चाहिए - मोटरिंग - 2019 एक दूसरे के लिए एक पेड़-गले लगाने वाली इलेक्ट्रिक मिनी की खबरों के बारे में भूल जाओ और मिनी कूपर वर्क्स, मिनी की समर्पित प्रदर्शन शाखा से बाहर आने के लिए इस छोटे जानवर पर अपनी आंखें डालें। आधिकारिक तौर पर जॉन कूपर वर्क्स जीपी संकल्पना नामक भारी संशोधित कार विशेष रूप से ट्रैक के लिए बनाई गई सड़क कार का एक कट्टरपंथी संस्करण है। यह मिनी जॉन कूपर वर्क्स जीपी के उत्पादन संस्करण सहित कार निर्माता के भावी प्रदर्शन उन्मुख लाइनअप का एक संकेत भी प्रदान करेगा। तो नरक से मिनी क्या आती है? हालांकि कंपनी ने पावरप्लेंट के बारे में ब्योरा देने से इंकार कर दिया, वर्तमान पीढ़ी जेसीडब्ल्यू मिनी में छह किलो स्पीड मैनुअल में 160 किलोवाट चार सिलेंडर टर्बो इंजन का दावा है। पेंटर जीपी संकल्पना पर इससे ज्यादा आक्रामक देखने की उम्मीद कर सकते हैं। कार का शरीर सबसे अधिक घबराहट वाला विशेषता है जिसमें बड़े कार्बन फाइबर पंख पैनलों को सजाने के लिए इष्टतम एयरफ्लो और डाउनफोर्स सुनिश्चित करते हैं। विवरण भी एक केंद्रीय घुड़सवार विंडस्क्रीन वाइपर जैसे बेहतर रेसिंग अपॉइंटमेंट्स तक गिर जाता है। ऐसा नहीं है कि आप भारी पंप वाले सामने और पीछे के गार्ड और उस भयानक लाल और काले रंग की नौकरी की तलाश में देखते हैं। संघ जैक एलईडी पूंछ रोशनी हालांकि किट के एक गंभीर टुकड़े के लिए एक quirky स्पर्श हैं। कार के कट्टरपंथी डिजाइन के बारे में बोलते हुए, बीएमडब्ल्यू समूह के डिजाइन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एड्रियन वॉन हुयोंडोनक ने कहा कि "यदि आप मिनी के बारे में जानते हैं, तो आप मोटर स्पोर्ट में ब्रांड के लंबे और सफल इतिहास से अवगत होंगे।" "जॉन कूपर वर्क्स जीपी अवधारणा मिनी डिज़ाइन तत्वों को परिभाषित करने के पूर्ण सूट को एक साथ लाती है और उन्हें अपने खेल के मैदान में दिखाती है। हम यहां देख रहे हैं अधिकतम प्रदर्शन, अधिकतम मिनी। " मिनी जॉन कूपर वर्क्स जीपी अवधारणा आधिकारिक तौर पर इस साल के फ्रैंकफर्ट मोटर शो में कई गर्मजोशी से अनुमानित मॉडल के साथ शुरू होगी। https://primitivehuman.com: न्यू मिनी कूपर को 'विधवा बनाने वाला' कहा जाना चाहिए © ALL RIGHTS RESERVED.
citu make protest against bbmb management - Punjab Ropar Common Man Issues News बीबीएमबी फील्ड इंप्लाईज यूनियन सीटू ने बीबीएमबी अस्पताल में अनिवार्य सुधारों की माग के लिए प्रदर्शन किया। JagranThu, 25 Feb 2021 10:25 PM (IST) जागरण संवाददाता, नंगल: बीबीएमबी फील्ड इंप्लाईज यूनियन सीटू ने बीबीएमबी अस्पताल में अनिवार्य सुधारों की माग के लिए प्रदर्शन किया। अस्पताल के मेन गेट के समक्ष रोष प्रदर्शन करते हुए सीटू के प्रधान विनोद भट्टी तथा अन्य पदाधिकारियों राजा सिंह व प्राण नाथ ने कहा कि भाखड़ा नंगल पनबिजली परियोजना के कर्मचारियों के लिए बने अस्पताल में इस समय 18 डाक्टरों की जगह पांच पक्के डाक्टर व कुछ कांट्रैक्ट पर ही काम कर रहे हैं। डाक्टरों की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा क्लास फोर व नर्सो की कमी को पूरा करने के अलावा करीब 12 साल से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड की मशीन को भी चालू नहीं किया जा सका है। एमआरआइ व सीटी स्कैन की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में बीबीएमबी कर्मचारी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर है, जहा उन्हें महंगे उपचार से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई कमियों के चलते कर्मचारियों के साथ-साथ भाखड़ा बाध के विस्थापित जिला ऊना व बिलासपुर गांवों के सैकड़ों लोग भी परेशानी झेल रहे हैं। बीबीएमबी को भागीदार प्रातों की ओर से डाक्टर न भेजने पर यहां पर अपने स्तर पर जनहित में जल्द डाक्टर्स की नियुक्तिया करनी चाहिए। अस्पताल में सस्ती दवाइयों का स्टोर भी नहीं खोला जा रहा है। अब तक पिछले आठ सालों में अस्पताल के अंदर कमरों को नया बनाने, एसी, गीजर, कूलर लगाने, फर्नीचर खरीदने जैसे कार्यो पर करीब 60 लाख से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है, पर हालात वैसे के वैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले को लेकर लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा। इस मौके पर यूनियन के राम सिंह, संजीव कुमार, जसविंदर सिंह, मदन लाल, राज बहादुर, अजय कुमार, जगदेव सिंह, सुरजीत सिंह, एमएस मल्होत्रा, गगनदीप व राजेश कुमार आदि भी मौजूद थे। सिविल सर्जन के आश्वासन पर नर्सो ने स्थगित किया संघर्ष जागरण संवाददाता, रूपनगर: सिविल अस्पताल में स्टाफ नर्सों की कमी के खिलाफ नर्सों का प्रदर्शन वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। नर्सो ने सिविल सर्जन व एसएमओ के खिलाफ नारेबाजी कर खाली पदों को भरने की मांग की। इसके बाद सिविल सर्जन डा. दविदर कुमार ने नर्सों को दफ्तर बुलाया । उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि रूपनगर सिविल अस्पताल में नर्स के स्टाफ पूरा किया जाए, जिसके बाद नर्सो ने अपना प्रदर्शन बंद कर दिया।
मोदी ने हँसते हँसते कह दी एक बात, लोग समझ गए और बजाने लगे तालियाँ, जबरजस्त <!- start disable copy paste --> मोदी ने हँसते हँसते कह दी एक बात, लोग समझ गए और बजाने लगे तालियाँ, जबरजस्त Dharmendra Pratap Singh 10/04/2017 10:48:00 PM 0 Comment India Politics इस बात में किसी को शक नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कुछ भी कर रहे हैं देश की भलाई के लिए कर रहे हैं, अगर कड़वे डोज दे रहे हैं तो देश की भलाई के लिए दे रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि विकास ही सभी बीमारियों के इलाज है, विकास से गरीबों और नौजवानों को नौकरी भी मिलती है और भूखों को भोजन भी मिलता है. इसके अलावा सरकार को भी टैक्स से आमदनी होती है. मोदी ने आज ICSI के गोल्डन जुबली समारोह में अपने विरोधियों और आलोचकों को करारा जवाब दिया. उन्होने कई ऐसी बातें कहीं जिसे सुनकर लोगों ने खूब तालियाँ बजायीं और मोदी मोदी के नारे लगाकर उनका उत्साह बढाया. मोदी ने कहा कि हमारे देश में मुट्ठी भर लोग ऐसे हैं जो देश की प्रतिष्ठा को, हमारी ईमानदार सामाजिक संरचना को कमजोर करने का काम करते रहते हैं. इन लोगों को सिस्टम और संस्थाओं से हटाने के लिए सरकार ने पहले ही दिन से स्वच्छता अभियान शुरू किया है. मोदी के इतना कहते ही लोग जोर जोर से तालियाँ पीटने लगे क्योंकि वे समझ गए थे कि बेईमानों को साफ़ करने के लिए स्वच्छता अभियान शुरू किया है. मोदी ने कहा कि इस स्वच्छता अभियान के तहत सरकार बनते ही हमने कालेधन पर SIT का गठन कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कई वर्ष पहले ही SIT गठन का आदेश दिया था लेकिन हमारी सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में यह काम हुआ, विदेश में जमा कालेधन के लिए बहुत ही कठोर ब्लैक मनी एक्ट बनाए गए. इन्सोल्वेंसी और बैंकरप्सी कोर बनाया गया जो पिछले 28 वर्षों से लटका हुआ था, बेनामी संपत्ति कानून लागू किया गया, कई वर्षों से लटका हुआ गुड एंड सिंपल टैक्स GST लागू किया गया, नोटबंदी लागू करने की हिम्मत भी हमारी सरकार ने की. मोदी ने कहा कि इस सरकार ने देश में संस्थागत ईमानदारी को मजबूत करने के लिए काम किया है. ये सरकार के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि आज देश की अर्थव्यवस्था कम कैश के बावजूद भी चल रही है. नोटबंदी के बाद Cash to GDP रेसियो अब 9 फ़ीसदी आ गया है. मोदी ने कहा कि 8 नवम्बर इतिहास में भ्रष्टाचार मुक्ति का प्रारंभ दिवस माना जाएगा. 8 नवम्बर 2016 से पहले ये रेसियो 12 परसेंट था लेकिन आज 9 परसेंट है. अगर देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी का दौर शुरू नहीं हुआ होता तो ये असंभव था. मोदी ने कहा कि पहले जिस तरह से ब्लैक मनी का लेन-देन होता था, अब वैसा करने से पहले लोगों को 50 बार सोचना पड़ता है. इस बात को मुझसे ज्यादा आप लोग जानते हैं. मोदी की इस बात से लोगों ने जमकर तालियाँ बजायीं.