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नैदानिक परीक् षा पर आधा<ref>र</ref>ि<ref>त</ref> है, ना <ref>क</ref>ि <ref>श</ref> <ref>ल</ref>्यचिकित्सा निषक्र्षंो पर चरणों के न िर्धर में उपयोगा र्थ,, यह क ेवल निम्नलखित ैना निक परीक्षणो ं की अनुमति देता है स्पर्शपरीक्<ref>ष</ref>ा,, नि रीक्षण,, योनिभित्तिदर्शन,, अंतर्गर ्भाशयग्रीवा खुरचन,, गर्भाशयदर्शन,, मू<ref>त</ref>्राशयद्<ref>शन</ref>, मलाशयदर्नश,, िशरभ्यंतर मू<ref>त</ref> ्रपथदर्शन और फेफड़े और कंकाल का एक ्सकि रण परीक ्षण, तथा ग्रभाशयग्रीवा शंकुउच्छेदन गर्भाशयग्रीवा कैंसर क े ल | ाते हुए मूल गर्भाशय उच्छेदन या विकिरण उपचार द्वारा किया जा सकता है। विकिरण चिकित्सा, श्रोणि की बाह्य किरणपुंज विकिरण चिकित्सा और ब्रैकीथेरेपी के रूप में की जाती है। रोगात्मक परीक्षण में उच्च जोखिम पाए जाने वाले जिन रोगियों का इलाज शल्यचिकित्सा द्वारा किया गया है, उनमें जोखिम के पुनरावर्तन को कम करने के उद्देश्य से रसायनचिकित्सा के साथ या उसके बिना, विकिरण उपचार दिया जाता है। प्रारंभिक चरण के बड़े ट्यूमर को विकिरण चिकित्सा और सिसप्लाटिनआधारित रसायनचिकित्सा, गर्भाशयउच्छेदन, या सिसप्लाटिन रसायनचिकित्सा और बाद में गर्भाशयउच्छेदन के साथ इलाज किया जा सकता है। उन्नत चरण के ट्यूमरों का उपचार विकिरणचिकित्सा और सिसप्लाटिनआधारित रस |
, योनिभित्तिदर्शन,, अंतर्गर ्भाशयग्रीवा खुरचन,, गर्भाशयदर्शन,, मू<ref>त</ref>्राशयद्<ref>शन</ref>, मलाशयदर्नश,, िशरभ्यंतर मू<ref>त</ref> ्रपथदर्शन और फेफड़े और कंकाल का एक ्सकि रण परीक ्षण, तथा ग्रभाशयग्रीवा शंकुउच्छेदन गर्भाशयग्रीवा कैंसर क े ल िए TMN चरणबद्ध प्रणला ी FIGO चरण के अनुरू प है ।। उपाचर सूक्ष्मआक्रामक कैंसर का आम तौर पर इ लाज र्भाशयउच्छेदन द्व ारा किया जाता है ।। च रण IA2 क े िलए,, लसीक ग्रंथियों को भी हटा दिया जाता है।। रोगी, ज ो जननक्षम रहना चाहते <ref>ह</ref>ैं,, नके लएि लूप वि<ref | ा के साथ या उसके बिना, विकिरण उपचार दिया जाता है। प्रारंभिक चरण के बड़े ट्यूमर को विकिरण चिकित्सा और सिसप्लाटिनआधारित रसायनचिकित्सा, गर्भाशयउच्छेदन, या सिसप्लाटिन रसायनचिकित्सा और बाद में गर्भाशयउच्छेदन के साथ इलाज किया जा सकता है। उन्नत चरण के ट्यूमरों का उपचार विकिरणचिकित्सा और सिसप्लाटिनआधारित रसायनचिकित्सा के साथ किया जाता है। 15 जून 2006 को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने महिलाओं के विलंबितचरण वाले गर्भाशयग्रीवा कैंसर के इलाज के लिए दो रसायनचिकित्सा की दवाइयां, हाइकैमटिन और सिस्प्लाटिन के संयोजन के उपयोग को अनुमोदित किया है। संयोजन उपचार में उदासीनरागीकोशिकाल्पता, अरक्तता और बिंबाणुअल्पता के अनुषंगी प्रभाव महत्व |
िए TMN चरणबद्ध प्रणला ी FIGO चरण के अनुरू प है ।। उपाचर सूक्ष्मआक्रामक कैंसर का आम तौर पर इ लाज र्भाशयउच्छेदन द्व ारा किया जाता है ।। च रण IA2 क े िलए,, लसीक ग्रंथियों को भी हटा दिया जाता है।। रोगी, ज ो जननक्षम रहना चाहते <ref>ह</ref>ैं,, नके लएि लूप वि<ref>द</ref>्युतीय उचछ ेदन प्रक ्रिया या <ref>श</ref>ंकुबायो्पस ी जैस स्थानीय श्लयचिकित्सा प्रक्रिया एक विक ल्प है।। यदि शंकुबायोप्सी से स ्पष्ट <ref>ल</ref>ाभ नहीं <ref>म</ref>िल सका है,, तो जननक्षम बने रनहा चाहन े वाले म रीज़ों के लिए ए क औ र संभाव्य वैकल्पिक उपचार गर्भा | ायनचिकित्सा के साथ किया जाता है। 15 जून 2006 को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने महिलाओं के विलंबितचरण वाले गर्भाशयग्रीवा कैंसर के इलाज के लिए दो रसायनचिकित्सा की दवाइयां, हाइकैमटिन और सिस्प्लाटिन के संयोजन के उपयोग को अनुमोदित किया है। संयोजन उपचार में उदासीनरागीकोशिकाल्पता, अरक्तता और बिंबाणुअल्पता के अनुषंगी प्रभाव महत्वपूर्ण जोखिम है। हाइकैमटिन ग्लाक्सोस्मिथक्लिन द्वारा निर्मित है। रोकथाम जागरूकता अमेरिकी राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के 2005 स्वास्थ्य सूचना राष्ट्रीय प्रवृत्ति सर्वेक्षण के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल केवल 40 अमेरिकी महिलाओं ने मानव अंकुरार्बुदविषाणु संक्रमण के बारे में और केवल 20 महिलाओं ने गर्भाशयग्रीवा कैंसर से उसके संबंध के बारे में सुना था। अनुमान है कि |
>द</ref>्युतीय उचछ ेदन प्रक ्रिया या <ref>श</ref>ंकुबायो्पस ी जैस स्थानीय श्लयचिकित्सा प्रक्रिया एक विक ल्प है।। यदि शंकुबायोप्सी से स ्पष्ट <ref>ल</ref>ाभ नहीं <ref>म</ref>िल सका है,, तो जननक्षम बने रनहा चाहन े वाले म रीज़ों के लिए ए क औ र संभाव्य वैकल्पिक उपचार गर्भाशयग्रीवा उच्छेदन है।। सइमें गर् ा<ref>भशयउच</ref>्छे द न ेस अधिक संरक्षी ऑप रेशन द्<ref>व</ref>ार,, अंडाश य और गर्भाश य का संरक्षण करते हुए शल्यचिकित्सा <ref>द</ref>्वरा ा कैंसर को हटाने का प्रयास किया जाात है ।। यह गर् भाशयग्रीव ा कैंसर के पहले चरण में रह ने | पूर्ण जोखिम है। हाइकैमटिन ग्लाक्सोस्मिथक्लिन द्वारा निर्मित है। रोकथाम जागरूकता अमेरिकी राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के 2005 स्वास्थ्य सूचना राष्ट्रीय प्रवृत्ति सर्वेक्षण के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल केवल 40 अमेरिकी महिलाओं ने मानव अंकुरार्बुदविषाणु संक्रमण के बारे में और केवल 20 महिलाओं ने गर्भाशयग्रीवा कैंसर से उसके संबंध के बारे में सुना था। अनुमान है कि 2008 में गर्भाशयग्रीवा कैंसर से अमेरिका में मरने वाली महिलाओं की संख्या 3,870 होगी और लगभग 11,000 नए मामलों के निदान की उम्मीद है। परीक्षण गर्भाशयग्रीवा कैंसर की जांच के लिए पैपेनिकोलाउ परीक्षण, या पैप स्मीयर के व्यापक प्रवर्तन को, विकसित देशों में गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं और मृत्युदर में प्रभावशाली तरीक़े से कमी |
शयग्रीवा उच्छेदन है।। सइमें गर् ा<ref>भशयउच</ref>्छे द न ेस अधिक संरक्षी ऑप रेशन द्<ref>व</ref>ार,, अंडाश य और गर्भाश य का संरक्षण करते हुए शल्यचिकित्सा <ref>द</ref>्वरा ा कैंसर को हटाने का प्रयास किया जाात है ।। यह गर् भाशयग्रीव ा कैंसर के पहले चरण में रह ने वाले व्यक्तियों के लिए एक व्यव हार्<ref>य</ref> विकल्प है,, जहां वह व्याप ्त नहीं हु<ref>आ</ref> है तथापि,, अ भी तक इसे ामनक देखर ेख नहीं मान ा गया है,, कयोंकि <ref>बह</ref>ुत ही कम ड ॉक्टरों को इस प्रक्रिया में कुशलता प्ारप्त है। याहं तक किहबुत <ref>अन</ref>ुभवी सर्जन भी श | 2008 में गर्भाशयग्रीवा कैंसर से अमेरिका में मरने वाली महिलाओं की संख्या 3,870 होगी और लगभग 11,000 नए मामलों के निदान की उम्मीद है। परीक्षण गर्भाशयग्रीवा कैंसर की जांच के लिए पैपेनिकोलाउ परीक्षण, या पैप स्मीयर के व्यापक प्रवर्तन को, विकसित देशों में गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं और मृत्युदर में प्रभावशाली तरीक़े से कमी का श्रेय दिया जाता है। असामान्य पैप स्मीयर परिणाम, कैंसर के विकास से पूर्व परीक्षण और संभाव्य निवारक उपचार अनुमत करते हुए, गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली का सुझाव दे सकते हैं। पैप स्मीयर कराए जाने की आवधिकता के संबंध में, वर्ष में एक बार से पांच साल में एक बार कराने की विविध अनुशंसाएं है।ACS की सिफ़ारिश है कि गर्भाशयग्रीवा का |
वाले व्यक्तियों के लिए एक व्यव हार्<ref>य</ref> विकल्प है,, जहां वह व्याप ्त नहीं हु<ref>आ</ref> है तथापि,, अ भी तक इसे ामनक देखर ेख नहीं मान ा गया है,, कयोंकि <ref>बह</ref>ुत ही कम ड ॉक्टरों को इस प्रक्रिया में कुशलता प्ारप्त है। याहं तक किहबुत <ref>अन</ref>ुभवी सर्जन भी शल्य्रियात्मक सूक्ष्<ref>मपर</ref>ीक्षण के बाद तक यह वादा नहीं कर सकते हैं कि गर्भा शगय्रीवा उच्छे<ref>द</ref> न किया ज ा <ref>सकत</ref>ा है,, क्योंकि कैं रस के विस्तर की सीमा अज्ञात ैह।। <ref>यद</ref>ि सर ्जन,, ऑपरेश न कक्ष में मरज़ की समान्य सज्ञाहीन ता <ref>प</ref> सूक्ष | का श्रेय दिया जाता है। असामान्य पैप स्मीयर परिणाम, कैंसर के विकास से पूर्व परीक्षण और संभाव्य निवारक उपचार अनुमत करते हुए, गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली का सुझाव दे सकते हैं। पैप स्मीयर कराए जाने की आवधिकता के संबंध में, वर्ष में एक बार से पांच साल में एक बार कराने की विविध अनुशंसाएं है।ACS की सिफ़ारिश है कि गर्भाशयग्रीवा का परीक्षण, योनि संभोग की शुरूआत के तीन साल बाद औरया इक्कीस साल की उम्र से पहले शुरू करना चाहिए। परीक्षण जारी रखने की अवधि संबंधी दिशानिर्देशों में अंतर है, लेकिन अच्छी तरह से परीक्षित महिलाएं, जिनके स्मीयर असामान्य नहीं हैं, 65 से 70 वर्ष की आयु में परीक्षण रोक सकते हैं। यदि पूर्वसंघातक रोग या गर्भाशयग्रीवा कैंसर का जल |
ल्य्रियात्मक सूक्ष्<ref>मपर</ref>ीक्षण के बाद तक यह वादा नहीं कर सकते हैं कि गर्भा शगय्रीवा उच्छे<ref>द</ref> न किया ज ा <ref>सकत</ref>ा है,, क्योंकि कैं रस के विस्तर की सीमा अज्ञात ैह।। <ref>यद</ref>ि सर ्जन,, ऑपरेश न कक्ष में मरज़ की समान्य सज्ञाहीन ता <ref>प</ref> सूक्ष्मदर ्शी से ग्रीाव ऊतक के स्पष् म ात्रा की प ुष्टि नहीं कर पाते <ref>ह</ref>ैं, तब भी गर्भाशय उच्छेदन की ज़<ref>र</ref>ूरत हो सकती है। यह उसी ऑपरेशन के दौरान किया जा सकता है,, शबर्ते किमरीज ़ने पहल े ही हसमति दी हो। चरण 1b और कुछ 1a चरण के कैंसरों में लसीा ्रथि में | परीक्षण, योनि संभोग की शुरूआत के तीन साल बाद औरया इक्कीस साल की उम्र से पहले शुरू करना चाहिए। परीक्षण जारी रखने की अवधि संबंधी दिशानिर्देशों में अंतर है, लेकिन अच्छी तरह से परीक्षित महिलाएं, जिनके स्मीयर असामान्य नहीं हैं, 65 से 70 वर्ष की आयु में परीक्षण रोक सकते हैं। यदि पूर्वसंघातक रोग या गर्भाशयग्रीवा कैंसर का जल्दी पता चल जाता है, तो उस पर निगरानी रखी जा सकती है या अपेक्षाकृत अवेध्य तरीक़े से और बिना प्रजनन को क्षति पहुंचाए, इलाज किया जा सकता है। हाल तक, गर्भाशयग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए पैप स्मीयर एक प्रमुख तकनीक बनी हुई थी। लेकिन, NICE द्वारा मूलतः अधिकृत, प्रकाशित साहित्य की तेजी से समीक्षा के बाद, UK राष्ट्रीय |
्मदर ्शी से ग्रीाव ऊतक के स्पष् म ात्रा की प ुष्टि नहीं कर पाते <ref>ह</ref>ैं, तब भी गर्भाशय उच्छेदन की ज़<ref>र</ref>ूरत हो सकती है। यह उसी ऑपरेशन के दौरान किया जा सकता है,, शबर्ते किमरीज ़ने पहल े ही हसमति दी हो। चरण 1b और कुछ 1a चरण के कैंसरों में लसीा ्रथि में कैंसर के फैलने के स ंभाव्य ज ोखिम के लिए,, सर् जन को रोगात्मक मूल्यां<ref>क</ref> न के लिए गर ्भा<ref>शय</ref> के आसपास से कुछ ल सीका ्गरंथियों को टह ाने की जरू<ref>रत</ref> पड़ सकती है।। मूलभूत गर ्भाश यग्र ीवा उच्छेदन को उदर या योनि से किा जा <ref>सकत</ref> | ्दी पता चल जाता है, तो उस पर निगरानी रखी जा सकती है या अपेक्षाकृत अवेध्य तरीक़े से और बिना प्रजनन को क्षति पहुंचाए, इलाज किया जा सकता है। हाल तक, गर्भाशयग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए पैप स्मीयर एक प्रमुख तकनीक बनी हुई थी। लेकिन, NICE द्वारा मूलतः अधिकृत, प्रकाशित साहित्य की तेजी से समीक्षा के बाद, UK राष्ट्रीय परीक्षण कार्यक्रम में तरल आधारित कोशिकाविज्ञान को शामिल किया गया है। हालांकि संभवतः इससे पैप परीक्षण की सटीकता को बेहतर बनाने का इरादा था, पर उसका मुख्य लाभ लगभग 9 से लगभग 1 तक अपर्याप्त स्मीयरों की संख्या को घटाना रहा है। यह महिलाओं को अतिरिक्त स्मीयर के लिए दुबारा बुलाने की आवश्यकता को कम करता है। आम तौर पर कोशिकाशिल्प वैज्ञान |
कैंसर के फैलने के स ंभाव्य ज ोखिम के लिए,, सर् जन को रोगात्मक मूल्यां<ref>क</ref> न के लिए गर ्भा<ref>शय</ref> के आसपास से कुछ ल सीका ्गरंथियों को टह ाने की जरू<ref>रत</ref> पड़ सकती है।। मूलभूत गर ्भाश यग्र ीवा उच्छेदन को उदर या योनि से किा जा <ref>सकत</ref> ा है औ र इन द ोनों में कौन सा बेह तर तरी़का है,, इस बारे में परस्प र विरोधी विचार हैं।। लसीकापर्व ोच्छेदन के <ref>स</ref>ाथ मू<ref>ल</ref> उ दरी<ref>य</ref> गराशय्रीाव उच्छेदन में साम ा न ्यतः के<ref>वल</ref> दो से तीन दिों तक हीअ स्<ref>पत</ref>ाल में रहने | परीक्षण कार्यक्रम में तरल आधारित कोशिकाविज्ञान को शामिल किया गया है। हालांकि संभवतः इससे पैप परीक्षण की सटीकता को बेहतर बनाने का इरादा था, पर उसका मुख्य लाभ लगभग 9 से लगभग 1 तक अपर्याप्त स्मीयरों की संख्या को घटाना रहा है। यह महिलाओं को अतिरिक्त स्मीयर के लिए दुबारा बुलाने की आवश्यकता को कम करता है। आम तौर पर कोशिकाशिल्प वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे स्मीयरों के निर्वचन में सुधार लाने के उद्देश्य से स्वचालित तकनीकों को विकसित किया गया। दुर्भाग्य से ये पूर्णतया कम उपयोगी साबित हुए हैं हालांकि हाल ही की समीक्षाओं ने सुझाया है कि वे आम तौर पर मानवीय निर्वचन के समान ही बदतर हो सकती हैं। HPV परीक्षण, गर्भाशयग्रीवा कैंसर चिकीत्सकीय छंटाई की नई |
ा है औ र इन द ोनों में कौन सा बेह तर तरी़का है,, इस बारे में परस्प र विरोधी विचार हैं।। लसीकापर्व ोच्छेदन के <ref>स</ref>ाथ मू<ref>ल</ref> उ दरी<ref>य</ref> गराशय्रीाव उच्छेदन में साम ा न ्यतः के<ref>वल</ref> दो से तीन दिों तक हीअ स्<ref>पत</ref>ाल में रहने की ज़रूरत होगी और अधिकां<ref>श</ref> मह िलाएं जल्द ही ठीक हो जा ती हैं।। टिलताएं असामा्य हं,, हालांकि शल्चिकि<ref>त</ref>्सा के बाद जो महिला<ref>ए</ref>ं गर्भ धारण <ref>कर</ref> पाती हैं, उनके लिए समयपरू्व प्रसव और वि लंबित गर्भपात ी <ref>ग</ref>ुंाजइश र हती है | िकों द्वारा किए जा रहे स्मीयरों के निर्वचन में सुधार लाने के उद्देश्य से स्वचालित तकनीकों को विकसित किया गया। दुर्भाग्य से ये पूर्णतया कम उपयोगी साबित हुए हैं हालांकि हाल ही की समीक्षाओं ने सुझाया है कि वे आम तौर पर मानवीय निर्वचन के समान ही बदतर हो सकती हैं। HPV परीक्षण, गर्भाशयग्रीवा कैंसर चिकीत्सकीय छंटाई की नई तकनीक है, जो गर्भाशयग्रीवा में मानव अंकुरार्बुदविषाणु संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाता है। यह पैप स्मीयर से अधिक संवेदनशील है, पर कम विशिष्ट और नियमित परीक्षण में उसकी भूमिका अभी भी विकसित हो रही है। चूंकि विश्व भर में 99 से ज़्यादा आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर में HPV होते हैं, कुछ शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि नियमित गर् |
की ज़रूरत होगी और अधिकां<ref>श</ref> मह िलाएं जल्द ही ठीक हो जा ती हैं।। टिलताएं असामा्य हं,, हालांकि शल्चिकि<ref>त</ref>्सा के बाद जो महिला<ref>ए</ref>ं गर्भ धारण <ref>कर</ref> पाती हैं, उनके लिए समयपरू्व प्रसव और वि लंबित गर्भपात ी <ref>ग</ref>ुंाजइश र हती है।। सामान्यतः,, श्लयचिित्सा के ाद र्भवती होने का प्यरास करने से पूर्व,, कम से कम एक वर्<ref>ष</ref> क प्तीक्षा <ref>क</ref>ी सिफ़ारिश <ref>क</ref>ी जाती <ref>ह</ref>ै।। यद ि गर्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा उच्छेदन स े कैंस र को हट ा द िया गय ाहो,, तो अव शिष्ट ग र्भ | तकनीक है, जो गर्भाशयग्रीवा में मानव अंकुरार्बुदविषाणु संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाता है। यह पैप स्मीयर से अधिक संवेदनशील है, पर कम विशिष्ट और नियमित परीक्षण में उसकी भूमिका अभी भी विकसित हो रही है। चूंकि विश्व भर में 99 से ज़्यादा आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर में HPV होते हैं, कुछ शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि नियमित गर्भाशयग्रीवा परीक्षण के साथ HPV परीक्षण भी किया जाए लेकिन, HPV के प्रचलन की स्थिति में अन्य लोगों का सुझाव है कि नियमित HPV परीक्षण, वाहकों में अनुचित भय जगाएगा HPV परीक्षण द्वारा 2 या 3 दर्जे की गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली या नियंत्रित यादृच्छिक प्रतिचयन परीक्षण के अनुसार 3238 साल की महिलाओं के बीच परवर्ती परीक्षणों में पता |
।। सामान्यतः,, श्लयचिित्सा के ाद र्भवती होने का प्यरास करने से पूर्व,, कम से कम एक वर्<ref>ष</ref> क प्तीक्षा <ref>क</ref>ी सिफ़ारिश <ref>क</ref>ी जाती <ref>ह</ref>ै।। यद ि गर्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा उच्छेदन स े कैंस र को हट ा द िया गय ाहो,, तो अव शिष्ट ग र्भाशयग्रीवा <ref>म</ref>ें आवत्ति बहुतह ी िरल है। फिर ी,, रोिगयंो के लिए यह िफ़ारिश की जात ी है कि वे निवारकस तर्कता और अनुवर्ती दे खरेख का पालन करें,, जि समें पैप परीक्षणयोनििभत् <ref>त</ref>िदर्शन, पुनरावृत्ति की निगरानी के लिए आवश्<ref>यकत</ref>ानुसार शेष निचले गर्भाशय ख ंड | भाशयग्रीवा परीक्षण के साथ HPV परीक्षण भी किया जाए लेकिन, HPV के प्रचलन की स्थिति में अन्य लोगों का सुझाव है कि नियमित HPV परीक्षण, वाहकों में अनुचित भय जगाएगा HPV परीक्षण द्वारा 2 या 3 दर्जे की गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली या नियंत्रित यादृच्छिक प्रतिचयन परीक्षण के अनुसार 3238 साल की महिलाओं के बीच परवर्ती परीक्षणों में पता चलने वाले गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम कर सकता है। संबंधित जोखिम में कमी 413 थी। इस अध्ययन में शामिल लोगों के समान जोखिम वाले रोगियों के लिए, इससे 26 तक पूर्ण जोखिम में कमी हो जाती है। एक रोगी के लाभार्थ 38 रोगियों के इलाज की ज़रूरत है। 23 CIN के अधिक या कम जोखिम वाले रोगियों हेतु इन परिणामों को समायोजित कर |
ाशयग्रीवा <ref>म</ref>ें आवत्ति बहुतह ी िरल है। फिर ी,, रोिगयंो के लिए यह िफ़ारिश की जात ी है कि वे निवारकस तर्कता और अनुवर्ती दे खरेख का पालन करें,, जि समें पैप परीक्षणयोनििभत् <ref>त</ref>िदर्शन, पुनरावृत्ति की निगरानी के लिए आवश्<ref>यकत</ref>ानुसार शेष निचले गर्भाशय ख ंड की बायोप्सी,, साथ ही स क्रिय रूप से गर्भधा<ref>रण</ref> के ्परयास जारी रहने तक सुरक्षित ौयन वय्वहारों के म ाध्यम से HVP के प्रति कोई <ref>नई</ref> जोिम को कम करना श ािमल <ref>ह</ref>ै। प्र ारंभिक अवस्था का इलाज लसीका ग्रंथिय ों को हटाते हुए म ू ल गर्भाशय उ च्छेदन | चलने वाले गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम कर सकता है। संबंधित जोखिम में कमी 413 थी। इस अध्ययन में शामिल लोगों के समान जोखिम वाले रोगियों के लिए, इससे 26 तक पूर्ण जोखिम में कमी हो जाती है। एक रोगी के लाभार्थ 38 रोगियों के इलाज की ज़रूरत है। 23 CIN के अधिक या कम जोखिम वाले रोगियों हेतु इन परिणामों को समायोजित करने के लिए यहां क्लिक करें निवारक टीकाकरण गार्दासिल, मर्क एंड कंपनी द्वारा लाइसेंसकृत और निर्मित HPV प्रकार 6, 11, 16 और 18 के विरुद्ध एक टीका है। गार्दासिल 98 तक प्रभावी है। 8 जून 2006 को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद अब यह बाजार में उपलब्ध है। गार्दासिल को यूरोपीय संघ ने भी मंजूरी दी है। ग्ला |
की बायोप्सी,, साथ ही स क्रिय रूप से गर्भधा<ref>रण</ref> के ्परयास जारी रहने तक सुरक्षित ौयन वय्वहारों के म ाध्यम से HVP के प्रति कोई <ref>नई</ref> जोिम को कम करना श ािमल <ref>ह</ref>ै। प्र ारंभिक अवस्था का इलाज लसीका ग्रंथिय ों को हटाते हुए म ू ल गर्भाशय उ च्छेदन या विकिरण उपचार द्<ref>व</ref>ारा किया जा सकता है।। <ref>व</ref>िकिर चिकति्सा,, श्रोण ि की बाह्य किरणप ुंज विकिरण चिकित्स ा और बर्ैकीथेरेीप के रूप में <ref>क</ref>ी ाती है।। रोगात्मक परीक्षण म ें उच्च जो<ref>ख</ref>ि म पाए जाने वाले जि<ref>न</ref> रोगियों क ा इलाज श | ने के लिए यहां क्लिक करें निवारक टीकाकरण गार्दासिल, मर्क एंड कंपनी द्वारा लाइसेंसकृत और निर्मित HPV प्रकार 6, 11, 16 और 18 के विरुद्ध एक टीका है। गार्दासिल 98 तक प्रभावी है। 8 जून 2006 को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद अब यह बाजार में उपलब्ध है। गार्दासिल को यूरोपीय संघ ने भी मंजूरी दी है। ग्लाक्सोस्मिथक्लिन ने सर्वारिक्स नामक एक टीके का विकास किया है, जिसे HPV 16 और 18 उपभेदों को रोकने में 92 प्रभावी माना गया है और इसका प्रभाव चार से अधिक वर्षों के लिए रहता है। सर्वारिक्स को कुछ स्थानों में मंजूरी दी गई है तथा कई और स्थानों में यह अनुमोदन प्रक्रियाधीन है। न तो मर्क एंड कंपनी ने और ना ही ग्लाक्सोस्मिथक्लिन ने इस |
या विकिरण उपचार द्<ref>व</ref>ारा किया जा सकता है।। <ref>व</ref>िकिर चिकति्सा,, श्रोण ि की बाह्य किरणप ुंज विकिरण चिकित्स ा और बर्ैकीथेरेीप के रूप में <ref>क</ref>ी ाती है।। रोगात्मक परीक्षण म ें उच्च जो<ref>ख</ref>ि म पाए जाने वाले जि<ref>न</ref> रोगियों क ा इलाज शल ्यचिकित्सा दव्ारा <ref>क</ref>िया गय ा है,, उनमे जोखिम के पुनरावर्तन को कम करने के उ द्देश्य से रसायनचि कित् सा क े साथ या उसे बिना,, विकिरण पउचा र दिया <ref>ज</ref>ाता है।। प्ारंभि क चर ण के बड़े ट्य ूमर को वि किरण चिकित्सा र औसिस प्लाटिनआधराित रसायनचि<ref>क</ref> | क्सोस्मिथक्लिन ने सर्वारिक्स नामक एक टीके का विकास किया है, जिसे HPV 16 और 18 उपभेदों को रोकने में 92 प्रभावी माना गया है और इसका प्रभाव चार से अधिक वर्षों के लिए रहता है। सर्वारिक्स को कुछ स्थानों में मंजूरी दी गई है तथा कई और स्थानों में यह अनुमोदन प्रक्रियाधीन है। न तो मर्क एंड कंपनी ने और ना ही ग्लाक्सोस्मिथक्लिन ने इस टीके का आविष्कार किया। टीके के प्रमुख विकासात्मक चरणों का दावा अमेरिका में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, न्यूयॉर्क में रोचेस्टर विश्वविद्यालय, वाशिंगटन, DC में जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय, NH हनोवर में डार्टमाउथ कॉलेज, तथा ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड विश्वविद्यालय ने किया है। दोनों, मर्क एंड कंपनी और ग्लैक्सोस्मिथक्लिन, ने इन सभी दलों के |
ल ्यचिकित्सा दव्ारा <ref>क</ref>िया गय ा है,, उनमे जोखिम के पुनरावर्तन को कम करने के उ द्देश्य से रसायनचि कित् सा क े साथ या उसे बिना,, विकिरण पउचा र दिया <ref>ज</ref>ाता है।। प्ारंभि क चर ण के बड़े ट्य ूमर को वि किरण चिकित्सा र औसिस प्लाटिनआधराित रसायनचि<ref>क</ref>ित्सा,, ग र्भा<ref>शयउच</ref>्छेद न, या सिसप लाटिन रसायनचिकित्सा और ब ा मं गर्भाशयउच् छेदन के ाथ इ लाज किया ज ा सकता है।। उ्ननत चरण के ट्यूमरों का उपचरा विकिरणचिकित्सा और ससिप्लाटनआधारित रस ायनचि<ref>क</ref>ित्सा के स ाथ कि<ref>य</ref>ा जाता है।। 15 जून <ref | टीके का आविष्कार किया। टीके के प्रमुख विकासात्मक चरणों का दावा अमेरिका में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, न्यूयॉर्क में रोचेस्टर विश्वविद्यालय, वाशिंगटन, DC में जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय, NH हनोवर में डार्टमाउथ कॉलेज, तथा ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड विश्वविद्यालय ने किया है। दोनों, मर्क एंड कंपनी और ग्लैक्सोस्मिथक्लिन, ने इन सभी दलों के पेटेंट लाइसेंस प्राप्त किए हैं। साथ में, 16 और 18 प्रकार के HPV, इस समय 70 गर्भाशयग्रीवा कैंसर के मामलों के कारक हैं। लगभग 90 जननांग मस्सों के मामले में 6 और 11 प्रकार के HPV कारक रहे हैं। HPV टीके, 9 से 26 साल की लड़कियों और महिलाओं के प्रति लक्षित हैं, क्योंकि टीका तभी काम करता है, जब वह संक्रमण से पहले दिया जा |
ित्सा,, ग र्भा<ref>शयउच</ref>्छेद न, या सिसप लाटिन रसायनचिकित्सा और ब ा मं गर्भाशयउच् छेदन के ाथ इ लाज किया ज ा सकता है।। उ्ननत चरण के ट्यूमरों का उपचरा विकिरणचिकित्सा और ससिप्लाटनआधारित रस ायनचि<ref>क</ref>ित्सा के स ाथ कि<ref>य</ref>ा जाता है।। 15 जून <ref>200</ref> 6 को अमेरि <ref>क</ref>ा के खदा्य ए वं औषधि प्रशासन <ref>न</ref>े मह ि<ref>ल</ref>ाओं के विलंबतचरण <ref>व</ref>ाले ग र्भाशयग्रीवाक ैंसर <ref>क</ref> े इलाज क े लिए दो रसायनचि<ref>क</ref>ित्सा क ी दवाइायं, <ref>ह</ref>ाइकैमिन र <ref>स</ | पेटेंट लाइसेंस प्राप्त किए हैं। साथ में, 16 और 18 प्रकार के HPV, इस समय 70 गर्भाशयग्रीवा कैंसर के मामलों के कारक हैं। लगभग 90 जननांग मस्सों के मामले में 6 और 11 प्रकार के HPV कारक रहे हैं। HPV टीके, 9 से 26 साल की लड़कियों और महिलाओं के प्रति लक्षित हैं, क्योंकि टीका तभी काम करता है, जब वह संक्रमण से पहले दिया जाता है अतः सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, यौन में भाग लेने से पूर्व की लड़कियों को लक्षित कर रहे हैं। पुरुषों में, जननांग मस्से को रोकने और महिलाओं में संचरण को बाधित करने के लिए किए जाने वाले इस टीके के प्रयोग को शुरूआत में केवल द्वितीयक बाज़ार माना गया है। इस टीके की उच्च लागत, चिंता का विषय रही है। कई देश HPV टीकाकरण के लिए |
>200</ref> 6 को अमेरि <ref>क</ref>ा के खदा्य ए वं औषधि प्रशासन <ref>न</ref>े मह ि<ref>ल</ref>ाओं के विलंबतचरण <ref>व</ref>ाले ग र्भाशयग्रीवाक ैंसर <ref>क</ref> े इलाज क े लिए दो रसायनचि<ref>क</ref>ित्सा क ी दवाइायं, <ref>ह</ref>ाइकैमिन र <ref>स</ref>िस्प्लाटिन के <ref>स</ref>ं योजन क उयग को अनुमोद ित िक या है।।संयोजन उ चपार में उदा सीनरागीकोशिकाल्पता,, अरक्<ref>तत</ref>ा और बिंबाणुअल्पता के अनु<ref>ष</ref>ंग प्रभाव महत्वपूर्ण जोखि ह।। हा<ref>इक</ref>ैमटि न ग्लाक्सोस्मिथक्लिन द्वारा निर्मित है। ो<ref>रकथ</ref>ाम जागरक | ता है अतः सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, यौन में भाग लेने से पूर्व की लड़कियों को लक्षित कर रहे हैं। पुरुषों में, जननांग मस्से को रोकने और महिलाओं में संचरण को बाधित करने के लिए किए जाने वाले इस टीके के प्रयोग को शुरूआत में केवल द्वितीयक बाज़ार माना गया है। इस टीके की उच्च लागत, चिंता का विषय रही है। कई देश HPV टीकाकरण के लिए वित्तपोषण कर रहे हैं या उसके लिए कार्यक्रमों पर विचार कर रहे हैं। कंडोम कंडोम, गर्भाशयग्रीवा में संभाव्य कैंसरपूर्व परिवर्तनों के उपचार में भी उपयोगी हो सकता है। वीर्य के प्रति अरक्षितता की वजह से कैंसरपूर्व परिवर्तनों के जोखिम में वृद्धि नज़र आती है और कंडोम के उपयोग से इन परिवर्तनों में ह्रास तथा HPV को ख़त्म करने में मदद मिलती है। एक अध्ययन से |
ref>िस्प्लाटिन के <ref>स</ref>ं योजन क उयग को अनुमोद ित िक या है।।संयोजन उ चपार में उदा सीनरागीकोशिकाल्पता,, अरक्<ref>तत</ref>ा और बिंबाणुअल्पता के अनु<ref>ष</ref>ंग प्रभाव महत्वपूर्ण जोखि ह।। हा<ref>इक</ref>ैमटि न ग्लाक्सोस्मिथक्लिन द्वारा निर्मित है। ो<ref>रकथ</ref>ाम जागरकूत ा अमेरिकी र ाष्ट्रीय कंैसर संस्थान के 2005 सवसा्थ्य सूचना राष्ट्र ीय प्रवृ त्त ि सर्वेक्षण के अनसार,, सर्वेक्षण में शामिल केव 40 अमेरिकी महिलाओं ने मावन अंक रार्बुवदिषाण संक्रमण के बारे में और केवल 20 महिलाओं ने गर्भाशयग्री<ref>व</ref>ा कैंसर से उसके संबंध के बारे में सुना था। अनुमान है ि 2008 <ref>म</ref> | वित्तपोषण कर रहे हैं या उसके लिए कार्यक्रमों पर विचार कर रहे हैं। कंडोम कंडोम, गर्भाशयग्रीवा में संभाव्य कैंसरपूर्व परिवर्तनों के उपचार में भी उपयोगी हो सकता है। वीर्य के प्रति अरक्षितता की वजह से कैंसरपूर्व परिवर्तनों के जोखिम में वृद्धि नज़र आती है और कंडोम के उपयोग से इन परिवर्तनों में ह्रास तथा HPV को ख़त्म करने में मदद मिलती है। एक अध्ययन से पता चलता है कि वीर्य में प्रोस्टाग्लैंडीन, गर्भाशयग्रीवा तथा गर्भाशय ट्यूमर के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं और प्रभावित महिला कंडोम के प्रयोग से लाभान्वित हो सकती है। पोषकाहार फल और सब्जियां सब्जी की खपत के उच्च स्तर, HPV अवस्थिति के जोखिम को 54 तक कम करने से जुड़े हैं। सप्ताह में कम से कम एक बार पपीते की खपत, HPV संक्रमण |
ूत ा अमेरिकी र ाष्ट्रीय कंैसर संस्थान के 2005 सवसा्थ्य सूचना राष्ट्र ीय प्रवृ त्त ि सर्वेक्षण के अनसार,, सर्वेक्षण में शामिल केव 40 अमेरिकी महिलाओं ने मावन अंक रार्बुवदिषाण संक्रमण के बारे में और केवल 20 महिलाओं ने गर्भाशयग्री<ref>व</ref>ा कैंसर से उसके संबंध के बारे में सुना था। अनुमान है ि 2008 <ref>म</ref>ें गर ्भाशयग्रीवा कैंसर स अमेरिक ा में मरने वाली मह िलाओं की सख्ाय 3,870 होग ी और लगभग 110,00 नए मामलों के <ref>न</ref>ि<ref>द</ref> ान क ी उम्मीद है।। परीक्षण <ref>गर</ref>्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा कैंसर की जां च के लि पैपेनिकोलाउ परीक्<ref>षण</ref>, य ा | पता चलता है कि वीर्य में प्रोस्टाग्लैंडीन, गर्भाशयग्रीवा तथा गर्भाशय ट्यूमर के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं और प्रभावित महिला कंडोम के प्रयोग से लाभान्वित हो सकती है। पोषकाहार फल और सब्जियां सब्जी की खपत के उच्च स्तर, HPV अवस्थिति के जोखिम को 54 तक कम करने से जुड़े हैं। सप्ताह में कम से कम एक बार पपीते की खपत, HPV संक्रमण से प्रतिलोमतः जुड़ी है। विटामिन A यह सुझाव देने वाला कमज़ोर सबूत उपलब्ध है कि रेटिनॉल की महत्वपूर्ण कमी, HPV संक्रमण से अलग, स्वतंत्र रूप से गर्भाशयग्रीवा के दुर्विकसन की संभावना को बढ़ाती है। एक संकीर्ण जातीय समूह के छोटेसे रोगनियंत्रण अध्ययन ने सीरम सूक्ष्मपोषक तत्वों को गर्भाशयग्रीवा दुर्विकसन के जोखिम कारक के रूप में मूल |
ें गर ्भाशयग्रीवा कैंसर स अमेरिक ा में मरने वाली मह िलाओं की सख्ाय 3,870 होग ी और लगभग 110,00 नए मामलों के <ref>न</ref>ि<ref>द</ref> ान क ी उम्मीद है।। परीक्षण <ref>गर</ref>्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा कैंसर की जां च के लि पैपेनिकोलाउ परीक्<ref>षण</ref>, य ा पैप स्मी<ref>यर</ref> के व्यापक प्रवर ्तन को, वकिसि त देशों में गर्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा कैंसर की घटनाओं और मृत्युदर में प्रभावशाली रतीक़े से क मी का ्श रेय दिया जाता है।। असामान्य पैप स्मीयर परिणाम,, ैकंसर के विकसा से पूर ्व परीक्षण औ स ंभा्वय निवारक उपचार अ नुमत करते हु<ref | से प्रतिलोमतः जुड़ी है। विटामिन A यह सुझाव देने वाला कमज़ोर सबूत उपलब्ध है कि रेटिनॉल की महत्वपूर्ण कमी, HPV संक्रमण से अलग, स्वतंत्र रूप से गर्भाशयग्रीवा के दुर्विकसन की संभावना को बढ़ाती है। एक संकीर्ण जातीय समूह के छोटेसे रोगनियंत्रण अध्ययन ने सीरम सूक्ष्मपोषक तत्वों को गर्भाशयग्रीवा दुर्विकसन के जोखिम कारक के रूप में मूल्यांकन किया। अत्यधिक चतुर्थक वाली महिलाओं की तुलना में, सबसे कम सीरम रेटिनॉल चतुर्थक वाले मरीज़, CIN I के प्रति अधिक जोखिम में थे। तथापि, कमी का आभास कराते हुए, इस अध्ययन में शामिल लोगों का समग्र सीरम रेटिनॉल कम था। सुपोषित आबादी में एक सीरम रेटिनॉल अध्ययन से पता चलता है कि निचले 20 में सीरम रेटिनॉल, न्यू मेक्सिको उपआ |
पैप स्मी<ref>यर</ref> के व्यापक प्रवर ्तन को, वकिसि त देशों में गर्भाशयग्<ref>र</ref>ीवा कैंसर की घटनाओं और मृत्युदर में प्रभावशाली रतीक़े से क मी का ्श रेय दिया जाता है।। असामान्य पैप स्मीयर परिणाम,, ैकंसर के विकसा से पूर ्व परीक्षण औ स ंभा्वय निवारक उपचार अ नुमत करते हु<ref>ए</ref>, गर्<ref>भ</ref>ाशय्गरीाव <ref>अ</ref>ंतःउपकला <ref>रस</ref>ौली क ा सुझाव दे सकते है ं।। पै पस्मीय र कराए जाने की आवधिता क े संबंध मे ं,, व र ्ष मं एक बार से पांच साल में एक बार कराने की विविध अनुशंसाएं है।ACS की सिफ़ारिश है कि ग र्भाशयग्री वा का परीक्षण,, योनि संभो | ्यांकन किया। अत्यधिक चतुर्थक वाली महिलाओं की तुलना में, सबसे कम सीरम रेटिनॉल चतुर्थक वाले मरीज़, CIN I के प्रति अधिक जोखिम में थे। तथापि, कमी का आभास कराते हुए, इस अध्ययन में शामिल लोगों का समग्र सीरम रेटिनॉल कम था। सुपोषित आबादी में एक सीरम रेटिनॉल अध्ययन से पता चलता है कि निचले 20 में सीरम रेटिनॉल, न्यू मेक्सिको उपआबादी के सर्वोच्च स्तरों के क़रीब था। विटामिन C निम्नतम चतुर्थक में विटामिन C की खपत रिपोर्ट करने वालों की तुलना में उच्चतम चतुर्थक की खपत को रिपोर्ट करने वाली महिलाओं में विशिष्टप्रकार के स्थाई HPV संक्रमण का जोखिम कम था। विटामिन E टोकोफ़ेरॉल के न्यूनतम सीरम स्तरों के साथ तुलना करने पर उच्चतम दर्शाने वाली महिलाओं में HPV |
>ए</ref>, गर्<ref>भ</ref>ाशय्गरीाव <ref>अ</ref>ंतःउपकला <ref>रस</ref>ौली क ा सुझाव दे सकते है ं।। पै पस्मीय र कराए जाने की आवधिता क े संबंध मे ं,, व र ्ष मं एक बार से पांच साल में एक बार कराने की विविध अनुशंसाएं है।ACS की सिफ़ारिश है कि ग र्भाशयग्री वा का परीक्षण,, योनि संभो<ref>ग</ref> की शुरूआत <ref>क</ref>े ती न साल बाद औरया क्कीस साल की उम्र स े पहले शु<ref>र</ref>ू करना चाहिए। परीक्षण जारी रखने की अवधि संबंधी दिशनािर्देशों में अंतर <ref>ह</ref>ै, लेकि <ref>अच</ref>्छी तरह से परीक्षित महिलाएं,, जि<ref>नक</ref>े स्मीयर सामान्य | बादी के सर्वोच्च स्तरों के क़रीब था। विटामिन C निम्नतम चतुर्थक में विटामिन C की खपत रिपोर्ट करने वालों की तुलना में उच्चतम चतुर्थक की खपत को रिपोर्ट करने वाली महिलाओं में विशिष्टप्रकार के स्थाई HPV संक्रमण का जोखिम कम था। विटामिन E टोकोफ़ेरॉल के न्यूनतम सीरम स्तरों के साथ तुलना करने पर उच्चतम दर्शाने वाली महिलाओं में HPV मुक्त समय विशेषतः कम था, लेकिन इन संबंधों में महत्वपूर्ण प्रवृत्तियां lt120 दिनों तक जारी रहने वाले संक्रमणों तक ही सीमित थीं। स्थाई HPV संक्रमण से मुक्ति, टोपोफ़ेरॉल के परिसंचारी स्तरों से विशिष्टतः जुड़े नहीं थे। इस अन्वेषण के परिणाम, गर्भाशयग्रीवा के कैंसरजनक HPV संक्रमण की घटना को तेजी से हटाने में सूक्ष्मपोष |
<ref>ग</ref> की शुरूआत <ref>क</ref>े ती न साल बाद औरया क्कीस साल की उम्र स े पहले शु<ref>र</ref>ू करना चाहिए। परीक्षण जारी रखने की अवधि संबंधी दिशनािर्देशों में अंतर <ref>ह</ref>ै, लेकि <ref>अच</ref>्छी तरह से परीक्षित महिलाएं,, जि<ref>नक</ref>े स्मीयर सामान्य नहीं हैं, 65 से 70 र्ष की आयु में परीक्षण रोक सकते हैं।। यदि पूर्<ref>वसघ</ref>ंात क रगो या <ref>गरभ</ref>्ाशयग्रीा वकैंसर <ref>क</ref>ा <ref>जल</ref>्दी पता लच जाता है,, तो उस पर निगरा<ref>न</ref>ी र खी <ref>ज</ref>ा सकीत है या अपेक् षाकृ त वअेध्य तरी | मुक्त समय विशेषतः कम था, लेकिन इन संबंधों में महत्वपूर्ण प्रवृत्तियां lt120 दिनों तक जारी रहने वाले संक्रमणों तक ही सीमित थीं। स्थाई HPV संक्रमण से मुक्ति, टोपोफ़ेरॉल के परिसंचारी स्तरों से विशिष्टतः जुड़े नहीं थे। इस अन्वेषण के परिणाम, गर्भाशयग्रीवा के कैंसरजनक HPV संक्रमण की घटना को तेजी से हटाने में सूक्ष्मपोषकतत्वों से संबंध का समर्थन करते हैं। गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली के HPVप्रभावयुक्त मरीज़ों के रक्त सीरम में, सांख्यिकीय तौर पर विशिष्ट अल्फ़ाटोकोफ़ेरॉल के निम्न स्तर पाए गए। अल्फ़ा टोपोफ़ेरॉल स्तर lt795 mumoll के लिए, दुर्विकसन जोखिम चार गुणा ज़्यादा था। फ़ॉलिक एसिड उच्च फ़ोलेट स्थिति प्रतिलोमतः HPV परीक्षण के |
नहीं हैं, 65 से 70 र्ष की आयु में परीक्षण रोक सकते हैं।। यदि पूर्<ref>वसघ</ref>ंात क रगो या <ref>गरभ</ref>्ाशयग्रीा वकैंसर <ref>क</ref>ा <ref>जल</ref>्दी पता लच जाता है,, तो उस पर निगरा<ref>न</ref>ी र खी <ref>ज</ref>ा सकीत है या अपेक् षाकृ त वअेध्य तरीक़े से <ref>औरब</ref>िना प ्रजनन को कष्ति पहुंचाए, इलाज कयिा जा सकता है।। हाल क,, गर्भाशयग्रीवा क ैंसर की रोकथाम के लिए पैप स्मीयर एक प्रमुख त क नीक बनी <ref>ह</ref>ुई थी।। लेकि<ref>न</ref>,, NICE द्वा रा मूलःत अ <ref>ध</ref>िकृत,, प्काशित साहित् य की ते | कतत्वों से संबंध का समर्थन करते हैं। गर्भाशयग्रीवा अंतःउपकला रसौली के HPVप्रभावयुक्त मरीज़ों के रक्त सीरम में, सांख्यिकीय तौर पर विशिष्ट अल्फ़ाटोकोफ़ेरॉल के निम्न स्तर पाए गए। अल्फ़ा टोपोफ़ेरॉल स्तर lt795 mumoll के लिए, दुर्विकसन जोखिम चार गुणा ज़्यादा था। फ़ॉलिक एसिड उच्च फ़ोलेट स्थिति प्रतिलोमतः HPV परीक्षण के सकारात्मक बनने से जुड़ी थी। उच्च फ़ोलेट स्थिति वाली महिलाओं के लगातार HPV परीक्षण सकारात्मक होने की विशिष्टतः कम संभावना और परीक्षण के नकारात्मक होने की अधिक संभावना रहती है। अध्ययनों से पता चला है कि फ़ॉलिक एसिड के निम्न स्तर के साथ ऑक्सीकरणरोधी के साथ सहअस्तित्व, CIN विकास के जोखिम को बढ़ाता है। उच्च जोखिम वाले HPV से संक्रमित हो |
क़े से <ref>औरब</ref>िना प ्रजनन को कष्ति पहुंचाए, इलाज कयिा जा सकता है।। हाल क,, गर्भाशयग्रीवा क ैंसर की रोकथाम के लिए पैप स्मीयर एक प्रमुख त क नीक बनी <ref>ह</ref>ुई थी।। लेकि<ref>न</ref>,, NICE द्वा रा मूलःत अ <ref>ध</ref>िकृत,, प्काशित साहित् य की तेजी स े समीक्षा के ब ा<ref>द</ref>,, UK राष्ट्रीय <ref>पर</ref>ीक्षण कार्यक्रम में तरल आधा रित कोशिकाविज्ञा<ref>न</ref> को शामिल किया गया है। हालांकि संभवतः इससे <ref>प</ref>ैप परीक्ष ण की सटीकत ा को बेहतर बनान े का इरदााथ ा,, पर उसका मुखय ् लाभ लगभग 9 से लगभग 1 तक पअर् | सकारात्मक बनने से जुड़ी थी। उच्च फ़ोलेट स्थिति वाली महिलाओं के लगातार HPV परीक्षण सकारात्मक होने की विशिष्टतः कम संभावना और परीक्षण के नकारात्मक होने की अधिक संभावना रहती है। अध्ययनों से पता चला है कि फ़ॉलिक एसिड के निम्न स्तर के साथ ऑक्सीकरणरोधी के साथ सहअस्तित्व, CIN विकास के जोखिम को बढ़ाता है। उच्च जोखिम वाले HPV से संक्रमित होने की जोखिम वाले या पहले से ही संक्रमित मरीज़ों में फ़ोलेट की स्थिति में सुधार से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में लाभदायक प्रभाव पड़ सकता है। बहरहाल, एक अन्य अध्ययन ने फ़ोलेट स्थिति और गर्भाशयग्रीवा दुर्विकसन के बीच कोई संबंध नहीं दर्शाया पर्णपीतकाभ पर्णपीतकाभ के उच्च संचलन स्तर, विशिष्टप्रकार के HPV संक्रमण को हटाने |
जी स े समीक्षा के ब ा<ref>द</ref>,, UK राष्ट्रीय <ref>पर</ref>ीक्षण कार्यक्रम में तरल आधा रित कोशिकाविज्ञा<ref>न</ref> को शामिल किया गया है। हालांकि संभवतः इससे <ref>प</ref>ैप परीक्ष ण की सटीकत ा को बेहतर बनान े का इरदााथ ा,, पर उसका मुखय ् लाभ लगभग 9 से लगभग 1 तक पअर्याप्त स्मीयरों की संख्<ref>य</ref>ा को घटाना <ref>रह</ref>ा है। यह <ref>मह</ref>िलाओं क अ तिर िक्त स्मीयर के लिए <ref>द</ref>ुबारा बुलाेन ीक आवशय्कता क ो कम करता <ref>ह</ref>ै। आम तौर पर को श िकाशिल् प वैज्<ref>ञ</ref>ानिकों द ्वारा किए <ref>ज</ref>ा रहे ्<ref | ने की जोखिम वाले या पहले से ही संक्रमित मरीज़ों में फ़ोलेट की स्थिति में सुधार से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम में लाभदायक प्रभाव पड़ सकता है। बहरहाल, एक अन्य अध्ययन ने फ़ोलेट स्थिति और गर्भाशयग्रीवा दुर्विकसन के बीच कोई संबंध नहीं दर्शाया पर्णपीतकाभ पर्णपीतकाभ के उच्च संचलन स्तर, विशिष्टप्रकार के HPV संक्रमण को हटाने के समय में एक महत्वपूर्ण कमी से जुड़े थे, विशेषतः संक्रमण के प्रारंभिक दौर में स्थाई HPV संक्रमण से मुक्ति, पर्णपीतकाभों के संचरण स्तरों से विशिष्टतः नहीं जुड़ी थी। लाइकोपीन के बढ़ते स्तरों के साथ कैंसरजनक HPV संक्रमण को हटाने की संभावना काफ़ी अधिक है। न्यूनतम प्लाज़मा लाइकोपीन सांद्रता वाली महिलाओं की तुलना |
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>म</ref>ीयरो के नि<ref>र</ref>्वचन में सु धार लाने के द्देश्य से स्व चाल ित तकनीकों को विक <ref>स</ref>ित क िया गय। दु<ref>र</ref> ्भाग्यसे ये ूपर्णतया कम उपयो गी सबाित हु<ref>ए</ref> हैं हाल ांकि हाल ही की समीक्षाओं ने सुझाया है ि वे आम तौर पर मानवीय निर ् वचन के समान ही<ref>ब</ref> दतर ो सकती हैं।। HPV परी<ref>क</ref>्षण,, गर्भाशयग्रीवा <ref>क</ref>ैंस र चिकीत्सकीय छंट ाई की नई तकनीक है,, जो गर्भा<ref>शयग</ref>्रवा में म ानव अंकुर ा<ref>र</ref>् बु<ref>दव</ref>िषाणु स ंक्रमण की उप स्थिति का प ता गलताा है।। य | में उच्चतम प्लाज़्मा सांद्रता वाली महिलाओं में HPV के सतत जोखिम में 56 कटौती परिलक्षित हुई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जी की खपत और परिसंचारी लाइकोपीन, HPV अवस्थिति के प्रति रक्षात्मक हो सकते हैं। CoQ10 स्वस्थ महिलाओं की तुलना में, CIN या गर्भाशयग्रीवा कैंसर से ग्रस्त महिलाओं के रक्त और गर्भाशयग्रीवा कोशिकाओं में उल्लेखनीय तौर पर CoQ10 के निम्न स्तर पाए गए। मछली का तेल 1999 के एक अध्ययन में, डोकोसाहेक्सेनोइक अम्ल ने HPV16 अमर कोशिकाओं के विकास को बाधित किया। रोग का पूर्वानुमान पूर्वानुमान, कैंसर के स्तर पर निर्भर करता है। उपचार के साथ, आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर के प्रारंभिक चरण के लिए 5वर्षीय आनुपातिक उत्तरजीविता दर 92 है |
ही<ref>ब</ref> दतर ो सकती हैं।। HPV परी<ref>क</ref>्षण,, गर्भाशयग्रीवा <ref>क</ref>ैंस र चिकीत्सकीय छंट ाई की नई तकनीक है,, जो गर्भा<ref>शयग</ref>्रवा में म ानव अंकुर ा<ref>र</ref>् बु<ref>दव</ref>िषाणु स ंक्रमण की उप स्थिति का प ता गलताा है।। य <ref>ह</ref> पैप स्मी यर से <ref>अध</ref>िक <ref>स</ref>ंवेदनशील है, पर कम <ref>व</ref> िशिषट और नियमित परीक्षण मंे उसकी भूमिका अभी भ ी विकसित हो रही है।। <ref>च</ref>ूकंि व िश्व भर <ref>म</ref>ें 99 से ज़्यादा आक्रामक गराभशयग्रीवा कैंसर में HPV होते ैं, कुछ | में उल्लेखनीय तौर पर CoQ10 के निम्न स्तर पाए गए। मछली का तेल 1999 के एक अध्ययन में, डोकोसाहेक्सेनोइक अम्ल ने HPV16 अमर कोशिकाओं के विकास को बाधित किया। रोग का पूर्वानुमान पूर्वानुमान, कैंसर के स्तर पर निर्भर करता है। उपचार के साथ, आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर के प्रारंभिक चरण के लिए 5वर्षीय आनुपातिक उत्तरजीविता दर 92 है और समग्र 5वर्षीय उत्तरजीविता दर 72 है। जब नए रोगनिरूपित महिलाओं पर लागू किए जाएं, तो इन आंकड़ों में सुधार हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि ये परिणाम, आंशिक तौर पर पांच वर्ष पूर्व की उपचार दशा पर आधारित होंगे, जब अध्ययनाधीन महिलाओं का पहला निदान किया गया था। उपचार से, पहले चरण के कैंसर से ग्रस्त 8090 महिलाएं और द्वितीय चरण |
<ref>ह</ref> पैप स्मी यर से <ref>अध</ref>िक <ref>स</ref>ंवेदनशील है, पर कम <ref>व</ref> िशिषट और नियमित परीक्षण मंे उसकी भूमिका अभी भ ी विकसित हो रही है।। <ref>च</ref>ूकंि व िश्व भर <ref>म</ref>ें 99 से ज़्यादा आक्रामक गराभशयग्रीवा कैंसर में HPV होते ैं, कुछ शोधकर ्ताओ ं ने सुझाव दिया है क ि नयमित ग्भाशयगर्ीवा परीक्षण के साथ H PV परीक्षण भी किया जाए लेकिन,, H PV के प्रचलन की स थित ि में अन्य लोगों का सुझाव ह ै कि निमयित HPV परक्षण,, वाहकों में अनुचित भय जगाएगा HPV परीक्षण द्ावरा 2 या 3 दर्जे की र्भाशगय्रीवा अंतःउपकला रसौली या नियंत्र | और समग्र 5वर्षीय उत्तरजीविता दर 72 है। जब नए रोगनिरूपित महिलाओं पर लागू किए जाएं, तो इन आंकड़ों में सुधार हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि ये परिणाम, आंशिक तौर पर पांच वर्ष पूर्व की उपचार दशा पर आधारित होंगे, जब अध्ययनाधीन महिलाओं का पहला निदान किया गया था। उपचार से, पहले चरण के कैंसर से ग्रस्त 8090 महिलाएं और द्वितीय चरण के कैंसर से ग्रस्त 5065 महिलाएं, निदान के 5 वर्ष बाद भी जीवित हैं। तृतीय चरण के कैंसर से ग्रस्त केवल 25 से 35 महिलाएं और चतुर्थ चरण के कैंसर से ग्रस्त 15 या उससे कम महिलाएं 5 वर्ष बाद भी जीवित हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्त्रीरोगविज्ञान और प्रसूतिविज्ञान के अनुसार, जब विकिरणचिकित्सा को सिस्प्लाटिनआधारित रसायनचिकित्सा के साथ किया जाता है, तो उत्तरजीविता में सु |
शोधकर ्ताओ ं ने सुझाव दिया है क ि नयमित ग्भाशयगर्ीवा परीक्षण के साथ H PV परीक्षण भी किया जाए लेकिन,, H PV के प्रचलन की स थित ि में अन्य लोगों का सुझाव ह ै कि निमयित HPV परक्षण,, वाहकों में अनुचित भय जगाएगा HPV परीक्षण द्ावरा 2 या 3 दर्जे की र्भाशगय्रीवा अंतःउपकला रसौली या नियंत्रित यादृच्छि क प्रति<ref>चयन</ref> परी्कषण के अनुसार3238 साल कीम हिला<ref>ओ</ref>ं ेक बीच परवरती <ref>प</ref>ीक्षणों में पता चलने वालेग र्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम कर सकता है।। संबंधित जोखिम में कमी 413 थी। ।इ अध् य य में शामिल लोगों के समान जोखिम वाले रोग ियों के लिए, | के कैंसर से ग्रस्त 5065 महिलाएं, निदान के 5 वर्ष बाद भी जीवित हैं। तृतीय चरण के कैंसर से ग्रस्त केवल 25 से 35 महिलाएं और चतुर्थ चरण के कैंसर से ग्रस्त 15 या उससे कम महिलाएं 5 वर्ष बाद भी जीवित हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्त्रीरोगविज्ञान और प्रसूतिविज्ञान के अनुसार, जब विकिरणचिकित्सा को सिस्प्लाटिनआधारित रसायनचिकित्सा के साथ किया जाता है, तो उत्तरजीविता में सुधार हो सकता है। जैसे ही शरीर के अन्य अंगों में कैंसर का विक्षेपण होता है, नाटकीय ढंग से पूर्वानुमान में गिरावट आती है, क्योंकि आम तौर पर स्थानीय घावों का उपचार, पूरे शरीर के उपचार से ज़्यादा प्रभावी होता है, जैसे रसायनचिकित्सा उपचार के बाद, मरीज़ का आंतरिक मूल्यांकन ज़रूरी है। प्रारंभिक चरणों में पता चल चुके आवर्ती गर्भाश |
ित यादृच्छि क प्रति<ref>चयन</ref> परी्कषण के अनुसार3238 साल कीम हिला<ref>ओ</ref>ं ेक बीच परवरती <ref>प</ref>ीक्षणों में पता चलने वालेग र्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम कर सकता है।। संबंधित जोखिम में कमी 413 थी। ।इ अध् य य में शामिल लोगों के समान जोखिम वाले रोग ियों के लिए, इससे <ref>26</ref> तक पूर्ण जोखिम में कमी हो जाती है।। एक र ोगी के लाभार ्थ 3 8 रोगियों के इलाज क ी ज़रूरत है।। 23 CIN के अधि क या क मजोखिम वाले रोगियों हेतु इन परिणामों को <ref>सम</ref> ायोजित करने के लिए हयां क्लिक कर ं निवारक टीकाकरण गार्दासिल,, म्क ए ंड कंपनी <ref>द</ref | धार हो सकता है। जैसे ही शरीर के अन्य अंगों में कैंसर का विक्षेपण होता है, नाटकीय ढंग से पूर्वानुमान में गिरावट आती है, क्योंकि आम तौर पर स्थानीय घावों का उपचार, पूरे शरीर के उपचार से ज़्यादा प्रभावी होता है, जैसे रसायनचिकित्सा उपचार के बाद, मरीज़ का आंतरिक मूल्यांकन ज़रूरी है। प्रारंभिक चरणों में पता चल चुके आवर्ती गर्भाशयग्रीवा कैंसर का शल्यचिकित्सा, विकिरणप्रसारण, रसायनचिकित्सा, या इन तीनों के संयोजन से सफलतापूर्वक उपचार किया जा सकता है। इलाज के बाद, आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर वाले पैंतीस प्रतिशत रोगियों में यह स्थाई या आवर्ती रोग बना रहा है। गर्भाशयग्रीवा कैंसर से संभावित जीवन के खोए औसत वर्ष 253 रहे हैं अमेरिका में 2001 के दौरान, लगभग 4 |
इससे <ref>26</ref> तक पूर्ण जोखिम में कमी हो जाती है।। एक र ोगी के लाभार ्थ 3 8 रोगियों के इलाज क ी ज़रूरत है।। 23 CIN के अधि क या क मजोखिम वाले रोगियों हेतु इन परिणामों को <ref>सम</ref> ायोजित करने के लिए हयां क्लिक कर ं निवारक टीकाकरण गार्दासिल,, म्क ए ंड कंपनी <ref>द</ref>्वारा लाइसेंकसृत और निर्मि<ref>त</ref> HPV प् रकार 6 11,, 16 <ref>और</ref> 18 के विरु<ref>द</ref>्ध एक टीका है। गार्दासिल 98 तक प्भराव ी है।। 8 जू न 2006 को अमेरिका क े खा द्<ref>य</ref> वए ंऔषिध प्<ref>रश</ref>ासन से अनुमदोन प्राप्त करने के बाद अब यह बाजार | यग्रीवा कैंसर का शल्यचिकित्सा, विकिरणप्रसारण, रसायनचिकित्सा, या इन तीनों के संयोजन से सफलतापूर्वक उपचार किया जा सकता है। इलाज के बाद, आक्रामक गर्भाशयग्रीवा कैंसर वाले पैंतीस प्रतिशत रोगियों में यह स्थाई या आवर्ती रोग बना रहा है। गर्भाशयग्रीवा कैंसर से संभावित जीवन के खोए औसत वर्ष 253 रहे हैं अमेरिका में 2001 के दौरान, लगभग 4,600 महिलाओं को गर्भाशयग्रीवा कैंसर से मरने का प्रक्षेपण किया गया और अमेरिका में 2002 के दौरान SEER की गणना के अनुसार वार्षिक घटना 13,000 थी। इस प्रकार घटनाओं और मौतों का अनुपात लगभग 354 है। नियमित रूप से जांच का मतलब है कि कैंसरपूर्व परिवर्तन और प्रारंभिक चरण के गर्भाशयग्रीवा कैंसर का जल्द पता लगाया और इलाज किया ग |
>्वारा लाइसेंकसृत और निर्मि<ref>त</ref> HPV प् रकार 6 11,, 16 <ref>और</ref> 18 के विरु<ref>द</ref>्ध एक टीका है। गार्दासिल 98 तक प्भराव ी है।। 8 जू न 2006 को अमेरिका क े खा द्<ref>य</ref> वए ंऔषिध प्<ref>रश</ref>ासन से अनुमदोन प्राप्त करने के बाद अब यह बाजार में उपल ब्ध है।। <ref>ग</ref>ा र्ासिल को यूरोपीय संघ ने भी मजरूी दी है। ग्लाक्सोस्मिथक्लिन ने सर्वार िक्स नामक एक टीके का विकास किया ैह,, जिसे HPV 16 और 18 उपभेदों को रोकने में 92 प्रभाव ीमाना <ref>गय</ref>ा है औ सका प्<ref>रभ</ref>ाव चार से अधि क वर्षों े लिए रहता है ।। सर्वारिकस <ref | ,600 महिलाओं को गर्भाशयग्रीवा कैंसर से मरने का प्रक्षेपण किया गया और अमेरिका में 2002 के दौरान SEER की गणना के अनुसार वार्षिक घटना 13,000 थी। इस प्रकार घटनाओं और मौतों का अनुपात लगभग 354 है। नियमित रूप से जांच का मतलब है कि कैंसरपूर्व परिवर्तन और प्रारंभिक चरण के गर्भाशयग्रीवा कैंसर का जल्द पता लगाया और इलाज किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि गर्भाशयग्रीवा परीक्षण से गर्भाशयग्रीवा कैंसर की रोकथाम द्वारा, प्रति वर्ष ब्रिटेन में 5,000 जीवन बचाए जा रहे हैं। ब्रिटेन में प्रति वर्ष लगभग 1000 महिलाएं गर्भाशयग्रीवा कैंसर से मरती हैं। नियमित दो वर्षीय पैप परीक्षण द्वारा ऑस्ट्रेलिया में 90 तक के गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम किया जा सकता है और प्रति वर्ष इस रोग से मर |
में उपल ब्ध है।। <ref>ग</ref>ा र्ासिल को यूरोपीय संघ ने भी मजरूी दी है। ग्लाक्सोस्मिथक्लिन ने सर्वार िक्स नामक एक टीके का विकास किया ैह,, जिसे HPV 16 और 18 उपभेदों को रोकने में 92 प्रभाव ीमाना <ref>गय</ref>ा है औ सका प्<ref>रभ</ref>ाव चार से अधि क वर्षों े लिए रहता है ।। सर्वारिकस <ref>क</ref>ो कुछ स् थानों में मंज ू<ref>र</ref> दी गई है तथा कई और स्थानं म ें यह अनुमोदन प्रक्रिय ाधीन है। न तो मरक् एंड कंपनी न े और ना <ref>ह</ref>ी ग्ला<ref>कस</ref>्ो स्िमथक्लिन ने इस टीके का आविष्कार कि या। टीके के <ref>प</ref>्रमुख विकासा<ref>त</ref>्मक च | या है। आंकड़े बताते हैं कि गर्भाशयग्रीवा परीक्षण से गर्भाशयग्रीवा कैंसर की रोकथाम द्वारा, प्रति वर्ष ब्रिटेन में 5,000 जीवन बचाए जा रहे हैं। ब्रिटेन में प्रति वर्ष लगभग 1000 महिलाएं गर्भाशयग्रीवा कैंसर से मरती हैं। नियमित दो वर्षीय पैप परीक्षण द्वारा ऑस्ट्रेलिया में 90 तक के गर्भाशयग्रीवा कैंसर की घटनाओं को कम किया जा सकता है और प्रति वर्ष इस रोग से मरने वाली 1,200 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं को बचाया जा सकता है। महामारीविज्ञान दुनिया भर में गर्भाशयग्रीवा कैंसर, महिलाओं में पांचवां सबसे खतरनाक कैंसर है। यह प्रति वर्ष 16 प्रति 100,000 महिलाओं को प्रभावित करता है और प्रति वर्ष 9 प्रति 100,000 महिलाओं को मारता है। अमेरिका में यह महिलाओं का केवल 8वां सबसे सामान्य कैंसर है। 1998 में, अमेरिका में लगभग 12,800 महिलाओं का निदान |
>क</ref>ो कुछ स् थानों में मंज ू<ref>र</ref> दी गई है तथा कई और स्थानं म ें यह अनुमोदन प्रक्रिय ाधीन है। न तो मरक् एंड कंपनी न े और ना <ref>ह</ref>ी ग्ला<ref>कस</ref>्ो स्िमथक्लिन ने इस टीके का आविष्कार कि या। टीके के <ref>प</ref>्रमुख विकासा<ref>त</ref>्मक चरणों क ा दा वा मेरिका <ref>म</ref>ें राष्ट्रीय कैंसर सं <ref>स</ref>्थान,, <ref>न</ref>्यू<ref>यर</ref>्<ref>क</ref> <ref>म</ref>े ं <ref>र</ref>ोचेस्टर विश्वविद्यालय,, वाशिंगट,न DC में जॉ्रज टाउन विश्वविद्यालय,, Nह नोवर में डा<ref>र</ref>्टमाउथ कॉलेज,, तथा ब्रि्सेन, | ने वाली 1,200 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं को बचाया जा सकता है। महामारीविज्ञान दुनिया भर में गर्भाशयग्रीवा कैंसर, महिलाओं में पांचवां सबसे खतरनाक कैंसर है। यह प्रति वर्ष 16 प्रति 100,000 महिलाओं को प्रभावित करता है और प्रति वर्ष 9 प्रति 100,000 महिलाओं को मारता है। अमेरिका में यह महिलाओं का केवल 8वां सबसे सामान्य कैंसर है। 1998 में, अमेरिका में लगभग 12,800 महिलाओं का निदान किया गया और लगभग 4,800 की मौत हो गई। स्त्रीरोगीय कैंसरों में इसका दर्जा अंतर्गर्भाशयकला संबंधी कैंसर और अंडाशयी कैंसर के बाद है। अमेरिका का घटना और मृत्युदर, बाक़ी दुनिया का आधा ही है, जिसका आंशिक कारण पैप स्मीयर परीक्षण की सफलता है। 2004 के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भाशयग्रीवा कैंसर के नए माम |
रणों क ा दा वा मेरिका <ref>म</ref>ें राष्ट्रीय कैंसर सं <ref>स</ref>्थान,, <ref>न</ref>्यू<ref>यर</ref>्<ref>क</ref> <ref>म</ref>े ं <ref>र</ref>ोचेस्टर विश्वविद्यालय,, वाशिंगट,न DC में जॉ्रज टाउन विश्वविद्यालय,, Nह नोवर में डा<ref>र</ref>्टमाउथ कॉलेज,, तथा ब्रि्सेन, ऑस्ट् रेलिया में <ref>क</ref>्ीवंसलैंड वशि् ववि द्<ref>य</ref>ालय न े किया है।। दो न ं,, मर्क एंड क ंप नीऔ र ग्लैक्<ref>स</ref>ोस्मिथक्ल िन,, ने इन सभी दलों े पेटेंट ला इसेंस प्राप्त किए हैं ।। साथ मे ं, 16 और 18 प्रकार के HPV, इस समय 70 गर्भाशयग्रीवा कैंसर | किया गया और लगभग 4,800 की मौत हो गई। स्त्रीरोगीय कैंसरों में इसका दर्जा अंतर्गर्भाशयकला संबंधी कैंसर और अंडाशयी कैंसर के बाद है। अमेरिका का घटना और मृत्युदर, बाक़ी दुनिया का आधा ही है, जिसका आंशिक कारण पैप स्मीयर परीक्षण की सफलता है। 2004 के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में गर्भाशयग्रीवा कैंसर के नए मामलों की घटना, 7 प्रति 100,000 महिलाएं रही थी। शेष उत्तरी यूरोप के समान ही, यूनाइटेड किंगडम में घटना 91100,000 प्रति वर्ष रही है और मृत्युदर 31100,000 प्रति वर्ष रही है 19881997 से 42 कमी के साथ, NHS द्वारा कार्यान्वित परीक्षण कार्यक्रम बेहद सफल रहा है, जिसमें प्रति 3 वर्ष, उच्चतम जोखिम आयुवर्ग और प्रति 5 वर्ष, 5064 की उम्र वालों का परीक्षण किया गया। 2008 |
ऑस्ट् रेलिया में <ref>क</ref>्ीवंसलैंड वशि् ववि द्<ref>य</ref>ालय न े किया है।। दो न ं,, मर्क एंड क ंप नीऔ र ग्लैक्<ref>स</ref>ोस्मिथक्ल िन,, ने इन सभी दलों े पेटेंट ला इसेंस प्राप्त किए हैं ।। साथ मे ं, 16 और 18 प्रकार के HPV, इस समय 70 गर्भाशयग्रीवा कैंसर के मामलों के कारक हैं ।। लगग 90 ज ननांग मस ्<ref>स</ref>ों ेक ामल में 6 और 11 प्रकर के HPV कारक रहे हैं।। HPV टीके,, 9 से 26 ाल की लड़क ियों और महिलाओं के प्रति लक्षित हैं, क्य ोंकि टका तभी काम करता है, जब वह संक्रमण से पहले दिया जात है अतः सारव्जनिक स्ास ्थ्य का र्यकर्ता, यौन में भाग लेने से | लों की घटना, 7 प्रति 100,000 महिलाएं रही थी। शेष उत्तरी यूरोप के समान ही, यूनाइटेड किंगडम में घटना 91100,000 प्रति वर्ष रही है और मृत्युदर 31100,000 प्रति वर्ष रही है 19881997 से 42 कमी के साथ, NHS द्वारा कार्यान्वित परीक्षण कार्यक्रम बेहद सफल रहा है, जिसमें प्रति 3 वर्ष, उच्चतम जोखिम आयुवर्ग और प्रति 5 वर्ष, 5064 की उम्र वालों का परीक्षण किया गया। 2008 के दौरान कनाडा में 1,300 महिलाओं को गर्भाशयग्रीवा कैंसर से ग्रसित होने का अनुमान है और जिनमें 380 की मौत होगी। ऑस्ट्रेलिया में, गर्भाशयग्रीवा कैंसर के 734 मामले थे 1991 में सुव्यवस्थित परीक्षण की शुरूआत के साथ, गर्भाशयग्रीवा कैंसर का निदान की गई महिलाओं की संख्या में औसतन प्रति वर्ष 45 कमी आई है। अनुमान है कि दुनिया भर में गर्भाशयग्री |
के मामलों के कारक हैं ।। लगग 90 ज ननांग मस ्<ref>स</ref>ों ेक ामल में 6 और 11 प्रकर के HPV कारक रहे हैं।। HPV टीके,, 9 से 26 ाल की लड़क ियों और महिलाओं के प्रति लक्षित हैं, क्य ोंकि टका तभी काम करता है, जब वह संक्रमण से पहले दिया जात है अतः सारव्जनिक स्ास ्थ्य का र्यकर्ता, यौन में भाग लेने से पूर्व क लड़कियों को लक ्ि<ref>षत</ref> रक हे हैं।। पुरुषों <ref>म</ref>ें, जननांग मस्से को रोकने और मह ि<ref>ल</ref>ाओं में संचर क ो बाधि त करने <ref>क</ref>े लिए किए जाने वाले इस टीके के प्रयोग को शुरूआत में केवलद ्विती<ref>य</ref> क बाज़ार माना गया है। इस टीके की उ च्च लागत | के दौरान कनाडा में 1,300 महिलाओं को गर्भाशयग्रीवा कैंसर से ग्रसित होने का अनुमान है और जिनमें 380 की मौत होगी। ऑस्ट्रेलिया में, गर्भाशयग्रीवा कैंसर के 734 मामले थे 1991 में सुव्यवस्थित परीक्षण की शुरूआत के साथ, गर्भाशयग्रीवा कैंसर का निदान की गई महिलाओं की संख्या में औसतन प्रति वर्ष 45 कमी आई है। अनुमान है कि दुनिया भर में गर्भाशयग्रीवा कैंसर के 473,000 मामले हैं और प्रति वर्ष 253,500 लोगों की मृत्यु हो सकती है। इतिहास 20वीं सदी में काम कर रहे महामारीवैज्ञानिकों ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकला कि गर्भाशयग्रीवा कैंसर यौन संचरित एजेंट की वजह से हो सकता है। 1950 और 1960 दशक के प्रारंभिक अनुसंधान ने शिश्नमल पर दोष लगाया, लेकिन 1970 दशक तक मानव अंकुरार्बुदविषाण |
पूर्व क लड़कियों को लक ्ि<ref>षत</ref> रक हे हैं।। पुरुषों <ref>म</ref>ें, जननांग मस्से को रोकने और मह ि<ref>ल</ref>ाओं में संचर क ो बाधि त करने <ref>क</ref>े लिए किए जाने वाले इस टीके के प्रयोग को शुरूआत में केवलद ्विती<ref>य</ref> क बाज़ार माना गया है। इस टीके की उ च्च लागत, <ref>च</ref>िंत ा क वषिय रही है।। कई <ref>द</ref>ेश <ref>HPV</ref> <ref>ट</ref>ीकारण के लिए वित्तपषोण कर रहे ह ैं या उसक लिए क ार्यक्रमों पर विचार कर रहे हैं।। क ंडोम कंडोम, गर्भाशयग ्ीव ामें संवा् य <ref>क</ref>ैंसरपूर्व परिवर्तनों के उपचार में भी उपयगोी हो सकता | वा कैंसर के 473,000 मामले हैं और प्रति वर्ष 253,500 लोगों की मृत्यु हो सकती है। इतिहास 20वीं सदी में काम कर रहे महामारीवैज्ञानिकों ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकला कि गर्भाशयग्रीवा कैंसर यौन संचरित एजेंट की वजह से हो सकता है। 1950 और 1960 दशक के प्रारंभिक अनुसंधान ने शिश्नमल पर दोष लगाया, लेकिन 1970 दशक तक मानव अंकुरार्बुदविषाणु की पहचान नहीं की जा सकी थी। इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी द्वारा एक विवरण 1949 में दिया गया था और 1963 में HPVDNA की पहचान की गई थी। तब से यह सिद्ध किया गया है कि HPV लगभग सभी गर्भाशयग्रीवा कैंसर में लिप्त है। आलिप्त विशिष्ट विषाणु उपभेद हैं HPV 16, 18, 31, 45 और अन्य |
सम्राट अशोक और च न्द्र गुप्त मौ ्य के समय सबसे ज्यादा खु श प्राजा।।थी उन्हीं वैवस्वत मनु के उज्वल वंश में चन्दर्मा के समन सब को सुख प्रदान कर न े ा ेल और बहुत ही शु्दध चरित्र लाे रााज दिलीप ने जन्म लया।। उनके जन्म से ऐसा लगा मानों क्षी रस ागर में चद्रमा ने जन्म लिया हो।। राजा दिलप क े शीरर सौष्ठव का वर्णन करते हुए कालिदास कहते हैं दिलीप का रूप देखने योग्य थ।। उनी छा ती खूब चौड़ी थी।। वे वृष स्कन्ध अर्थात सांड के समान चौड़े कन ्धों वाले थे, उनकी भुजाएं शाल के वृ क्ष के समान लम्बील्ब थीं। उनका अ पार तेज देखकर ऐसा जान पड़ता था कि मानो क्षत्रयों का जो वीरत्व धर्म ै उनके शरीर में यह मझ कर प्रविष्ट हो गया हो क | सम्राट अशोक और चन्द्र गुप्त मौर्य के समय सबसे ज्यादा खुश प्राजा।थी उन्हीं वैवस्वत मनु के उज्जवल वंश में चन्द्रमा के समान सबको सुख प्रदान करने वाले और बहुत ही शुद्ध चरित्र वाले राजा दिलीप ने जन्म लिया। उनके जन्म से ऐसा लगा मानों क्षीर सागर में चंद्रमा ने जन्म लिया हो। राजा दिलीप के शरीर सौष्ठव का वर्णन करते हुए कालिदास कहते हैं दिलीप का रूप देखने योग्य था। उनकी छाती खूब चौड़ी थी। वे वृषस्कन्ध अर्थात सांड के समान चौड़े कन्धों वाले थे, उनकी भुजाएं शाल के वृक्ष के समान लम्बीलम्बी थीं। उनका अपार तेज देखकर ऐसा जान पड़ता था कि मानो क्षत्रियों का जो वीरत्व धर्म है उनके शरीर में यह समझ कर प्रविष्ट हो गया हो कि सज्जनों की रक्षा और दुर्जनों के संहार करने का |
वर्णन करते हुए कालिदास कहते हैं दिलीप का रूप देखने योग्य थ।। उनी छा ती खूब चौड़ी थी।। वे वृष स्कन्ध अर्थात सांड के समान चौड़े कन ्धों वाले थे, उनकी भुजाएं शाल के वृ क्ष के समान लम्बील्ब थीं। उनका अ पार तेज देखकर ऐसा जान पड़ता था कि मानो क्षत्रयों का जो वीरत्व धर्म ै उनके शरीर में यह मझ कर प्रविष्ट हो गया हो क ि सज्जनों की रक्षा और दुर्जनों के संहार करने का जो सका कम है हव इ स शरीर के माध्मय से अवश्य पूर् ण हो सकेगा। जिस प्रकार सुमेरु पर्वत ने अपनी दृढ ़ता से संस ार के सब द ृढ़ पदार्थों को द बा िया है और अपनी चमक से स ने सब चम कीली वस्तुओं की च मक को घटा दिया ह ै, तथा अपी ऊंचाई से ब ऊचंी वस्तु | ीप का रूप देखने योग्य था। उनकी छाती खूब चौड़ी थी। वे वृषस्कन्ध अर्थात सांड के समान चौड़े कन्धों वाले थे, उनकी भुजाएं शाल के वृक्ष के समान लम्बीलम्बी थीं। उनका अपार तेज देखकर ऐसा जान पड़ता था कि मानो क्षत्रियों का जो वीरत्व धर्म है उनके शरीर में यह समझ कर प्रविष्ट हो गया हो कि सज्जनों की रक्षा और दुर्जनों के संहार करने का जो उसका काम है वह इस शरीर के माध्यम से अवश्य पूर्ण हो सकेगा। जिस प्रकार सुमेरु पर्वत ने अपनी दृढ़ता से संसार के सब दृढ़ पदार्थों को दबा लिया है और अपनी चमक से उसने सब चमकीली वस्तुओं की चमक को घटा दिया है, तथा अपनी ऊंचाई से सब ऊंची वस्तुओं को नीचा कर दिया है एवं अपने विस्तार से सारी पृथ्वी को ढक लिया है |
ि सज्जनों की रक्षा और दुर्जनों के संहार करने का जो सका कम है हव इ स शरीर के माध्मय से अवश्य पूर् ण हो सकेगा। जिस प्रकार सुमेरु पर्वत ने अपनी दृढ ़ता से संस ार के सब द ृढ़ पदार्थों को द बा िया है और अपनी चमक से स ने सब चम कीली वस्तुओं की च मक को घटा दिया ह ै, तथा अपी ऊंचाई से ब ऊचंी वस्तुओं क ो नीचा क र द िया है एवं अ पने वि ्तार से सराी पथ्वी को कढ लिया है,, ठीक उसी प्रकार राजा दिलीप ने अपने बल,, तेज और सुदृढ़ शरीर से सकबो एक प्रकार से वििजतसा करके सारी पृथ्वी को अपने वश में कर लिया थ।ा जैसा उनका सु ं दर रूप था ठ ीक उसी प् रकरा उन की बुद्धि भी थी औ र | जो उसका काम है वह इस शरीर के माध्यम से अवश्य पूर्ण हो सकेगा। जिस प्रकार सुमेरु पर्वत ने अपनी दृढ़ता से संसार के सब दृढ़ पदार्थों को दबा लिया है और अपनी चमक से उसने सब चमकीली वस्तुओं की चमक को घटा दिया है, तथा अपनी ऊंचाई से सब ऊंची वस्तुओं को नीचा कर दिया है एवं अपने विस्तार से सारी पृथ्वी को ढक लिया है, ठीक उसी प्रकार राजा दिलीप ने अपने बल, तेज और सुदृढ़ शरीर से सबको एक प्रकार से विजितसा करके सारी पृथ्वी को अपने वश में कर लिया था। जैसा उनका सुंदर रूप था ठीक उसी प्रकार उनकी बुद्धि भी थी और जैसी उनकी तीव्र बुद्धि थी उसके अनुसार उन्होंने शीघ्र ही सब शास्त्रों को पढ़ लिया था। इसलिए वे शास्त्रानुसार ही अप |
ओं क ो नीचा क र द िया है एवं अ पने वि ्तार से सराी पथ्वी को कढ लिया है,, ठीक उसी प्रकार राजा दिलीप ने अपने बल,, तेज और सुदृढ़ शरीर से सकबो एक प्रकार से वििजतसा करके सारी पृथ्वी को अपने वश में कर लिया थ।ा जैसा उनका सु ं दर रूप था ठ ीक उसी प् रकरा उन की बुद्धि भी थी औ र जैसी उनकी तीव्र बुद ् धि थी उसके अनुसार उन्होंे शीघ्र ही सब शास्त्रों को पढ़ लिया था। इसलिए वे शा्त्रनाुार ी अपना कार्य करते थे इसलिए उनको त दनुरूप ही सल ता भी प्राप्त होती थी।। राजा दिलीप न्याय करने में ब ड़े कठोर थे,, वे किसी का क्षपात नहीं करते थे।। किनतु समुद ्र के सुंदर रत्नों क प्राप्त ि के | , ठीक उसी प्रकार राजा दिलीप ने अपने बल, तेज और सुदृढ़ शरीर से सबको एक प्रकार से विजितसा करके सारी पृथ्वी को अपने वश में कर लिया था। जैसा उनका सुंदर रूप था ठीक उसी प्रकार उनकी बुद्धि भी थी और जैसी उनकी तीव्र बुद्धि थी उसके अनुसार उन्होंने शीघ्र ही सब शास्त्रों को पढ़ लिया था। इसलिए वे शास्त्रानुसार ही अपना कार्य करते थे इसलिए उनको तदनुरूप ही सफलता भी प्राप्त होती थी। राजा दिलीप न्याय करने में बड़े कठोर थे, वे किसी का पक्षपात नहीं करते थे। किन्तु समुद्र के सुंदर रत्नों की प्राप्ति के लिए जिस प्रकार लोग समुद्र में प्रविष्ट होते हैं ठीक उसी प्रकार दयालु, उदार, गुणवान, राजा दिलीप की कृपा पाने के लिए उनके सेवक सदा उनका मुख भी जो |
जैसी उनकी तीव्र बुद ् धि थी उसके अनुसार उन्होंे शीघ्र ही सब शास्त्रों को पढ़ लिया था। इसलिए वे शा्त्रनाुार ी अपना कार्य करते थे इसलिए उनको त दनुरूप ही सल ता भी प्राप्त होती थी।। राजा दिलीप न्याय करने में ब ड़े कठोर थे,, वे किसी का क्षपात नहीं करते थे।। किनतु समुद ्र के सुंदर रत्नों क प्राप्त ि के लिए जिस प्रकार लोग समुद् र में प्रविष्ट होते है ं ठीक उसी प्रकार दयालु,, उदार, गुवणान, राजा दिलीप की ृपा पाने के लिए उनके सेवक सदा उनका मुख भी जोहते रहते थे।। चतुर स ारथी जिस प्रकार र थ चलात है स समय उसके रथ के पहिए बाल भर भी लीक से बाह र नहीं हो पाते, उस प्र कार राज ा दिलीप ने प् रजा | ना कार्य करते थे इसलिए उनको तदनुरूप ही सफलता भी प्राप्त होती थी। राजा दिलीप न्याय करने में बड़े कठोर थे, वे किसी का पक्षपात नहीं करते थे। किन्तु समुद्र के सुंदर रत्नों की प्राप्ति के लिए जिस प्रकार लोग समुद्र में प्रविष्ट होते हैं ठीक उसी प्रकार दयालु, उदार, गुणवान, राजा दिलीप की कृपा पाने के लिए उनके सेवक सदा उनका मुख भी जोहते रहते थे। चतुर सारथी जिस प्रकार रथ चलाता है उस समय उसके रथ के पहिए बाल भर भी लीक से बाहर नहीं हो पाते, उस प्रकार राजा दिलीप ने प्रजा की भी ऐसी पालना की कि प्रजा का कोई भी व्यक्ति मनु द्वारा निर्दिष्ट नियमों से बाल भर भी बाहर नहीं जाता था। सब लोग अपनेअपने वर्ण और आश्रम में रहते हुए अपनेअपने धर्म का यथावत पालन करते |
लिए जिस प्रकार लोग समुद् र में प्रविष्ट होते है ं ठीक उसी प्रकार दयालु,, उदार, गुवणान, राजा दिलीप की ृपा पाने के लिए उनके सेवक सदा उनका मुख भी जोहते रहते थे।। चतुर स ारथी जिस प्रकार र थ चलात है स समय उसके रथ के पहिए बाल भर भी लीक से बाह र नहीं हो पाते, उस प्र कार राज ा दिलीप ने प् रजा की भ ी ऐसी ालना की कि प्रजा का कोई भी व्यक्त ि मनु द्वारा िनर्दिष ् ट नियमों से बाल भर भी बाहर नहीं जाता था। स ब ोग अपनेअपने वर् ण और आश्रम में रहते हुए अपनेअपने धर्म का थयावत पालन करते थे।। जिस प्रकार सूर्य अपनी किरणों स े पृथ्वी का जल शोख कर फिर वर्षा के ूरप में उससे अनेक गुणा अधिक उसको ही | हते रहते थे। चतुर सारथी जिस प्रकार रथ चलाता है उस समय उसके रथ के पहिए बाल भर भी लीक से बाहर नहीं हो पाते, उस प्रकार राजा दिलीप ने प्रजा की भी ऐसी पालना की कि प्रजा का कोई भी व्यक्ति मनु द्वारा निर्दिष्ट नियमों से बाल भर भी बाहर नहीं जाता था। सब लोग अपनेअपने वर्ण और आश्रम में रहते हुए अपनेअपने धर्म का यथावत पालन करते थे। जिस प्रकार सूर्य अपनी किरणों से पृथ्वी का जल शोख कर फिर वर्षा के रूप में उससे अनेक गुणा अधिक उसको ही प्रदान करता है उसी प्रकार राजा दिलीप भी प्रजा से राजस्व प्राप्त करके फिर प्रजा की भलाई में उसको व्यय कर देते थे। प्रजा की भलाई के लिए ही वे प्रजा से ही कर लिया करते थे। परम्परा के अनुसार जिस प्रकार अन्याय राजाओं के पास ब |
की भ ी ऐसी ालना की कि प्रजा का कोई भी व्यक्त ि मनु द्वारा िनर्दिष ् ट नियमों से बाल भर भी बाहर नहीं जाता था। स ब ोग अपनेअपने वर् ण और आश्रम में रहते हुए अपनेअपने धर्म का थयावत पालन करते थे।। जिस प्रकार सूर्य अपनी किरणों स े पृथ्वी का जल शोख कर फिर वर्षा के ूरप में उससे अनेक गुणा अधिक उसको ही प्रदा न करता है उीस्रकार राजा द िलीप भ प्रजा से राजस्व पर्ाप्त करेक फरि प्रजा की भ लाई में सउ को व्यय कर देते थे।। प्रजा की भलई के लिए ही वे पर्जा से ही कर लिया करते थे।। परम ्परा के अनुसा र जिस प्रकार अन्याय राजाओ क पास बड़ीबड़ी सेनाएं होती है ं उसी प्रकर राजा दि लीपक ी यह सेना केलव शोभा के | थे। जिस प्रकार सूर्य अपनी किरणों से पृथ्वी का जल शोख कर फिर वर्षा के रूप में उससे अनेक गुणा अधिक उसको ही प्रदान करता है उसी प्रकार राजा दिलीप भी प्रजा से राजस्व प्राप्त करके फिर प्रजा की भलाई में उसको व्यय कर देते थे। प्रजा की भलाई के लिए ही वे प्रजा से ही कर लिया करते थे। परम्परा के अनुसार जिस प्रकार अन्याय राजाओं के पास बड़ीबड़ी सेनाएं होती हैं उसी प्रकार राजा दिलीप की यह सेना केवल शोभा के लिए ही थी स्वयं राजा दिलीप जितने शास्त्रों में निष्णात थे। उतने ही वे धनुर्विद्या में भी निपुण थे। इसलिए अपना सारा कार्य वे अपनी चतुर बुद्धि और धनुष पर चढ़ी डोरी से ही निकाल लिया करते थे। राजा दिलीप न तो किसी को अपने मन का भेद बताते थे और |
प्रदा न करता है उीस्रकार राजा द िलीप भ प्रजा से राजस्व पर्ाप्त करेक फरि प्रजा की भ लाई में सउ को व्यय कर देते थे।। प्रजा की भलई के लिए ही वे पर्जा से ही कर लिया करते थे।। परम ्परा के अनुसा र जिस प्रकार अन्याय राजाओ क पास बड़ीबड़ी सेनाएं होती है ं उसी प्रकर राजा दि लीपक ी यह सेना केलव शोभा के लएि ही थी स्वयं राजा दिली जितने शास्त्रों में नि्णात थे।। उतने ह ी वे धनुर्विद ्य ा में भी निपुण थे।। इसएि अपना सारा कार्य वे अप नी चतुर ब ुद्धि और धनुष पर चढ़ी डोरी से ही निकाल लिया करते थे ।। राजा दिलीप न ोत किसी को अ पने मन ाक भेद बताे थे और न अपनी भंगि माओं से अपने | ड़ीबड़ी सेनाएं होती हैं उसी प्रकार राजा दिलीप की यह सेना केवल शोभा के लिए ही थी स्वयं राजा दिलीप जितने शास्त्रों में निष्णात थे। उतने ही वे धनुर्विद्या में भी निपुण थे। इसलिए अपना सारा कार्य वे अपनी चतुर बुद्धि और धनुष पर चढ़ी डोरी से ही निकाल लिया करते थे। राजा दिलीप न तो किसी को अपने मन का भेद बताते थे और न अपनी भंगिमाओं से अपने मन की बात किसी को जानने देते थे। जैसे किसी व्यक्ति के इस जन्म के जीवन में उसके सुखी अथवा दुखी देखकर लोग यह अनुमान लगाने लगते हैं उसने पिछले जन्म में उसी प्रकार के अच्छे अथवा बुरे कर्म किए होंगे वैसे ही राजा दिलीप के मन की बात भी लोग तभी जान पाते थे जब कि वह किसी कार्य को संपन्न कर लेते थे। राजा दिलीप |
लएि ही थी स्वयं राजा दिली जितने शास्त्रों में नि्णात थे।। उतने ह ी वे धनुर्विद ्य ा में भी निपुण थे।। इसएि अपना सारा कार्य वे अप नी चतुर ब ुद्धि और धनुष पर चढ़ी डोरी से ही निकाल लिया करते थे ।। राजा दिलीप न ोत किसी को अ पने मन ाक भेद बताे थे और न अपनी भंगि माओं से अपने मन की बात कि स ी को जानने ेदते थे। जै स े किसी व्यक्ति के इस जन्म के ज ी वन में उसके सुखी अथवा दुखी देखकर ल ोग यह अनुमान ल गानेल ते हैं उसने पिलछे जन्म मंे उस ी प्रकार के च्अछे अथवा बुे कर्म किए होंगे ै से ही राजा दिलीप के मन की बात भी लोग तभी जान पाते थे जब क हव किसी कार्य को संपन्न कर | न अपनी भंगिमाओं से अपने मन की बात किसी को जानने देते थे। जैसे किसी व्यक्ति के इस जन्म के जीवन में उसके सुखी अथवा दुखी देखकर लोग यह अनुमान लगाने लगते हैं उसने पिछले जन्म में उसी प्रकार के अच्छे अथवा बुरे कर्म किए होंगे वैसे ही राजा दिलीप के मन की बात भी लोग तभी जान पाते थे जब कि वह किसी कार्य को संपन्न कर लेते थे। राजा दिलीप निडर होकर अपनी रक्षा करते थे, बड़े धीरज के साथ वे अपने धर्म का पालन करते थे, धन एकत्रित करने में उनको किसी प्रकार का लोभ नहीं सताता थ, लोभ का त्याग करके ही वे धन का संग्रह करते थे, इसी प्रकार के संसार के सुख का भी उनमें किसी प्रकार का मोह नहीं था। मनुष्य में यदि किसी प्रकार का कोई गुण हुआ तो वह उसका बखान करता फिरता है। वीर |
मन की बात कि स ी को जानने ेदते थे। जै स े किसी व्यक्ति के इस जन्म के ज ी वन में उसके सुखी अथवा दुखी देखकर ल ोग यह अनुमान ल गानेल ते हैं उसने पिलछे जन्म मंे उस ी प्रकार के च्अछे अथवा बुे कर्म किए होंगे ै से ही राजा दिलीप के मन की बात भी लोग तभी जान पाते थे जब क हव किसी कार्य को संपन्न कर लेते थ े। ।राजा दिलीप निडर होकर अपी रक्षा करते थे,, बड़े धीरज के सा थ वे अपने धर ्म का पान कतरे थे, धन एकत्रित करने में उनको किसी प्रकार का लोभ नहीं सातता थ,, लोभ का त्याग करके ही वे धन का संग्रह करते थे, इसी प्रकार क े संसार के सुख का ीभ उनमें कि स प् रका र का ोह नहीं था। मुष्य ेम | निडर होकर अपनी रक्षा करते थे, बड़े धीरज के साथ वे अपने धर्म का पालन करते थे, धन एकत्रित करने में उनको किसी प्रकार का लोभ नहीं सताता थ, लोभ का त्याग करके ही वे धन का संग्रह करते थे, इसी प्रकार के संसार के सुख का भी उनमें किसी प्रकार का मोह नहीं था। मनुष्य में यदि किसी प्रकार का कोई गुण हुआ तो वह उसका बखान करता फिरता है। वीर वीरता का, दानी अपने दान का, विद्वान अपनी विद्या को आदि आदि, जिससे कि संसार में उसका नाम हो सके। किन्तु राजा दिलीप का स्वभाव ऐसा नहीं था। वे सब कुछ जान कर भी चुप रहते थे अर्थात अपनी विद्वता का ढिढोरा नहीं पीटते थे, शत्रुओं को जहां तक संभव होता था, वे क्षमा कर दिया करते थे, दान देकर भी कभी उन्होंने उसके विषय में ब |
लेते थ े। ।राजा दिलीप निडर होकर अपी रक्षा करते थे,, बड़े धीरज के सा थ वे अपने धर ्म का पान कतरे थे, धन एकत्रित करने में उनको किसी प्रकार का लोभ नहीं सातता थ,, लोभ का त्याग करके ही वे धन का संग्रह करते थे, इसी प्रकार क े संसार के सुख का ीभ उनमें कि स प् रका र का ोह नहीं था। मुष्य ेमं यि किसी प्रकार का कोई ग ुण हुआ तो वह उसक ा ब खान करता फिरता है। वीर वीरता का,, दानी अपने दान का,, विद्वान अप नी विद् या को आदि आदि,, जिससे कि संसार मे ं उसका नाम हो स के।। कि न्तु रा जा दिलीप क ा स्वाभव ऐसा नहीं था।वे सब क ुछ जान कर भी चुप रहते थे अर्थात अप नी व ि्दवता ा ढिढोरा | वीरता का, दानी अपने दान का, विद्वान अपनी विद्या को आदि आदि, जिससे कि संसार में उसका नाम हो सके। किन्तु राजा दिलीप का स्वभाव ऐसा नहीं था। वे सब कुछ जान कर भी चुप रहते थे अर्थात अपनी विद्वता का ढिढोरा नहीं पीटते थे, शत्रुओं को जहां तक संभव होता था, वे क्षमा कर दिया करते थे, दान देकर भी कभी उन्होंने उसके विषय में बखान नहीं किया। उनके इस प्रकार के निराले व्यवहार को देखकर ऐसा अनुभव होता था कि चुप रहने, क्षमा करने और प्रशंसा से दूर भागने के गुण भी उनमें ज्ञान, शक्ति और त्याग के साथ ही उत्पन्न हुए थे। राजा दिलीप संसार के भोगों को अपने पास फटकने नहीं देते थे। सारी विद्याओं में वे निष्णात थे। उनका अपना सारा जीवन दिनरात धर्म में ही लगा रहता था। इस प्रकार छो |
ं यि किसी प्रकार का कोई ग ुण हुआ तो वह उसक ा ब खान करता फिरता है। वीर वीरता का,, दानी अपने दान का,, विद्वान अप नी विद् या को आदि आदि,, जिससे कि संसार मे ं उसका नाम हो स के।। कि न्तु रा जा दिलीप क ा स्वाभव ऐसा नहीं था।वे सब क ुछ जान कर भी चुप रहते थे अर्थात अप नी व ि्दवता ा ढिढोरा न हीं पीटते थे, श्रुओं को जहां त क संभव होता था, व े क्ष मा कर दिया करते थे, दान देकर भी क ी उन्ह ोंने उके विषय में बखान नहीं किया।। उनके इस प्रकार के निराले व्यवहार को देखकर ऐसा अनुभव हो त ाथा कि चुप रहने, ्षमा करन े और प्रशंसा से दरू भागने के गुण भी उनमें ज्ञ ान,, शक्ति और ्याग के | खान नहीं किया। उनके इस प्रकार के निराले व्यवहार को देखकर ऐसा अनुभव होता था कि चुप रहने, क्षमा करने और प्रशंसा से दूर भागने के गुण भी उनमें ज्ञान, शक्ति और त्याग के साथ ही उत्पन्न हुए थे। राजा दिलीप संसार के भोगों को अपने पास फटकने नहीं देते थे। सारी विद्याओं में वे निष्णात थे। उनका अपना सारा जीवन दिनरात धर्म में ही लगा रहता था। इस प्रकार छोटीसी अवस्था में भी वे इतने निपुण और इतने चतुर हो गए थे कि बुढ़ापा आए बिना भी उनकी गणना बूढ़ों में होने लगी थी। अर्थात उनको परिपक्व बुद्धि का प्रौढ़ व्यक्ति माना जाता था। पिता का कर्तव्य है कि वह अपने पुत्रों को बुरा काम करने से रोके और शुभ कर्मों की ओर प्रवृत्त करे, सब प्रकार से उनका पालनपोषण और रक्षा करता हुआ उन्हें |
न हीं पीटते थे, श्रुओं को जहां त क संभव होता था, व े क्ष मा कर दिया करते थे, दान देकर भी क ी उन्ह ोंने उके विषय में बखान नहीं किया।। उनके इस प्रकार के निराले व्यवहार को देखकर ऐसा अनुभव हो त ाथा कि चुप रहने, ्षमा करन े और प्रशंसा से दरू भागने के गुण भी उनमें ज्ञ ान,, शक्ति और ्याग के साथ ही उत्पन्न ए थे राजा दिलीप संासर क े भ ो गों ो अप न े पास फटकने नह ीं देते थ े। सार ी विदयाओं में वे िनष्णात थे। उनका अपना सारा जीवन दिनरात धर्म में ही लगा रहता था। इस प्रकार छ ोटीसी अवस्था मे ं भी वे इतने निपुण औ र इतने चतुर हो गए थे कि बुढ़ाप ा आ ए िबना भी उनकी गणन | टीसी अवस्था में भी वे इतने निपुण और इतने चतुर हो गए थे कि बुढ़ापा आए बिना भी उनकी गणना बूढ़ों में होने लगी थी। अर्थात उनको परिपक्व बुद्धि का प्रौढ़ व्यक्ति माना जाता था। पिता का कर्तव्य है कि वह अपने पुत्रों को बुरा काम करने से रोके और शुभ कर्मों की ओर प्रवृत्त करे, सब प्रकार से उनका पालनपोषण और रक्षा करता हुआ उन्हें योग्य बनाए। ठीक उसी प्रकार महाराजा दिलीप भी अपनी प्रजा का पुत्रवत् पालन करते हुए उसका भरणपोषण करते थे और विपत्ति से उनकी रक्षा करते थे अर्थात सब प्रकार से उनका संरक्षण करते थे। इस प्रकार पिता तो केवल जन्म देने वाले ही थे वास्तव में राजा दिलीप ही सब प्रकार से उसके पिता समान थे। राजा का धर्म है कि वह अपराधी को दंडित करे |
साथ ही उत्पन्न ए थे राजा दिलीप संासर क े भ ो गों ो अप न े पास फटकने नह ीं देते थ े। सार ी विदयाओं में वे िनष्णात थे। उनका अपना सारा जीवन दिनरात धर्म में ही लगा रहता था। इस प्रकार छ ोटीसी अवस्था मे ं भी वे इतने निपुण औ र इतने चतुर हो गए थे कि बुढ़ाप ा आ ए िबना भी उनकी गणन ूढ़ों ेमं होने लगी थी।। अ्थ ात उनको परिपक्व बुद्धि का पर्ढौ़ व्यक्ति माना ज ाता था।। पित ा का कर्तव्य है कि वह पअने पुत्रों क ो ब ुरा काम करने से रोके और शुभ र्मों की ओर प् रवृतत करे,, सब प्रार से उनका पालनपोषण और क्षा करता हुआ उन्हें योग्य बनाए।। ठीक सी प्रकराम ा राजा दिलीप | योग्य बनाए। ठीक उसी प्रकार महाराजा दिलीप भी अपनी प्रजा का पुत्रवत् पालन करते हुए उसका भरणपोषण करते थे और विपत्ति से उनकी रक्षा करते थे अर्थात सब प्रकार से उनका संरक्षण करते थे। इस प्रकार पिता तो केवल जन्म देने वाले ही थे वास्तव में राजा दिलीप ही सब प्रकार से उसके पिता समान थे। राजा का धर्म है कि वह अपराधी को दंडित करे, इसके बिना राज्यस्थिर नहीं रहता। इसलिए वे अपराधियों को अवश्य दण्ड देते थे। सन्तान उत्पन्न करके वंश चलाने के लिए ही उन्होंने विवाह किया था। भोग विलास के लिए नहीं। इस प्रकार दंड और विवाह यद्यपि अर्थ और काम शास्त्र के विषय है फिर भी राजा के हाथों में पहुंचकर वे धर्म ही बन गए थे। वे प्रजा से जो कर लिया करते थे उसको वे इन्द्र को |
ूढ़ों ेमं होने लगी थी।। अ्थ ात उनको परिपक्व बुद्धि का पर्ढौ़ व्यक्ति माना ज ाता था।। पित ा का कर्तव्य है कि वह पअने पुत्रों क ो ब ुरा काम करने से रोके और शुभ र्मों की ओर प् रवृतत करे,, सब प्रार से उनका पालनपोषण और क्षा करता हुआ उन्हें योग्य बनाए।। ठीक सी प्रकराम ा राजा दिलीप भीअ पनी प्रजा का पुत्रवत् पालन करते ुए उसका भरणपोषण करते थे औ र विपत्त ि से उन की रक्षा कर ते थे अर्थात सब प्राकर से उनका संरक्षण करते थे।। इस प्रकार पिता तो के वल जन्म देन े वाले ही थ ेवास ्तव में रजाा दिलीप ही सब पर्कार से उसके पिता समान थे।। राजा का धर्म है कि वह अपराधी को दंित करे, इस के | , इसके बिना राज्यस्थिर नहीं रहता। इसलिए वे अपराधियों को अवश्य दण्ड देते थे। सन्तान उत्पन्न करके वंश चलाने के लिए ही उन्होंने विवाह किया था। भोग विलास के लिए नहीं। इस प्रकार दंड और विवाह यद्यपि अर्थ और काम शास्त्र के विषय है फिर भी राजा के हाथों में पहुंचकर वे धर्म ही बन गए थे। वे प्रजा से जो कर लिया करते थे उसको वे इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ में लगा दिया करते थे। इस प्रकार इन्द्र उनसे प्रसन्न होकर आकाश से उनकी प्रजा पर दृष्टि रखता था, इस प्रकार उनके राज्य में खूब खेती लहलहाती थी। राजा दिलीप और इंद्र एक दूसरे को प्रसन्न करके प्रजा का पालन करते थे। दिलीप को छोड़कर अन्य कोई भी राजा अपनी प्रजा का पालन करने में इतनी ख्याति अर्जित नहीं कर सका क्योंकि |
भीअ पनी प्रजा का पुत्रवत् पालन करते ुए उसका भरणपोषण करते थे औ र विपत्त ि से उन की रक्षा कर ते थे अर्थात सब प्राकर से उनका संरक्षण करते थे।। इस प्रकार पिता तो के वल जन्म देन े वाले ही थ ेवास ्तव में रजाा दिलीप ही सब पर्कार से उसके पिता समान थे।। राजा का धर्म है कि वह अपराधी को दंित करे, इस के बिना राज्यस्थिर नहीं रहता।। इसिए वे अपराधियों को अवश्य दण्ड देते थे। सन्तान उत्प न्न करके वंश चलाने क लिए ही उन्होंने विवाह किया था। भ ोग विलास के लिए नहीं।। इस प् रार दं और वि वहा यद्यपि अर्थ और काम शास्त ्र ेक विषय है फिर भी राजा के हाथों मे ं पुहंचकर े धर्म ही ब गए थे। वे प्र जा से जो कर लिया करते | प्रसन्न करने के लिए यज्ञ में लगा दिया करते थे। इस प्रकार इन्द्र उनसे प्रसन्न होकर आकाश से उनकी प्रजा पर दृष्टि रखता था, इस प्रकार उनके राज्य में खूब खेती लहलहाती थी। राजा दिलीप और इंद्र एक दूसरे को प्रसन्न करके प्रजा का पालन करते थे। दिलीप को छोड़कर अन्य कोई भी राजा अपनी प्रजा का पालन करने में इतनी ख्याति अर्जित नहीं कर सका क्योंकि अन्य सभी राजाओं के यहां कभी, चोरी, आदि दुष्कर्म हो जाया करते थे किन्तु दिलीप के राज्य में चोरी शब्द केवल कहनेसुनने के लिए प्रयुक्त होता था, उस, राज्य में कोई किसी का धन नहीं चुराता था। रोगी कड़वी औषधि का सेवन यह सोचकर कर लेता है क्योंकि उससे उसको रोग से छुटकारा पाने की आशा होती है। उसी प्रकार राजा दिलीप भी अपने उन वै |
बिना राज्यस्थिर नहीं रहता।। इसिए वे अपराधियों को अवश्य दण्ड देते थे। सन्तान उत्प न्न करके वंश चलाने क लिए ही उन्होंने विवाह किया था। भ ोग विलास के लिए नहीं।। इस प् रार दं और वि वहा यद्यपि अर्थ और काम शास्त ्र ेक विषय है फिर भी राजा के हाथों मे ं पुहंचकर े धर्म ही ब गए थे। वे प्र जा से जो कर लिया करते थे उसको वे इन्द्र को प ्रसन्न करन े क े लिए यजञ मे ं लगा दिया करते ेथ। इस प्रका र इ्नद्र उनसे ्रसन ्न होकर आकाश सेउनकी प्रज ा पर दृष्टि रखता ाथ, इस प्रकार उनके राज्य में खूब खेती लहलहाती थी।। राा दिलीप और इंद्र एक दूसरे को प ्रसन्न करके प्रजा का पाल नकरते े। दिल ीप को | अन्य सभी राजाओं के यहां कभी, चोरी, आदि दुष्कर्म हो जाया करते थे किन्तु दिलीप के राज्य में चोरी शब्द केवल कहनेसुनने के लिए प्रयुक्त होता था, उस, राज्य में कोई किसी का धन नहीं चुराता था। रोगी कड़वी औषधि का सेवन यह सोचकर कर लेता है क्योंकि उससे उसको रोग से छुटकारा पाने की आशा होती है। उसी प्रकार राजा दिलीप भी अपने उन वैरियों को अपना लिया करते थे जो कुछ भले होते थे। किन्तु जैसे लोग अंगुली में सांप के काटने पर लोग उसी अंगुली को ही काट कर फेंक देते हैं उसी प्रकार राजा दिलीप अपने सगे संबंधियों को भी, जो दुष्ट होते थे, निकाल कर बाहर कर देते थे। राजा दिलीप की परम कामना यही थी कि उनकी प्रिय पत्नी सुदक्षिणा उनके समान ही तेजस्वी |
थे उसको वे इन्द्र को प ्रसन्न करन े क े लिए यजञ मे ं लगा दिया करते ेथ। इस प्रका र इ्नद्र उनसे ्रसन ्न होकर आकाश सेउनकी प्रज ा पर दृष्टि रखता ाथ, इस प्रकार उनके राज्य में खूब खेती लहलहाती थी।। राा दिलीप और इंद्र एक दूसरे को प ्रसन्न करके प्रजा का पाल नकरते े। दिल ीप को छोड़क र अ्नय कोई भी ाजा अपनी प्रजा का पा लन कनरे मे इतनी ख्याति अ् जित नही ं कर सका क्योंकि अन्य सभी राजाओं के यहां क भी, चोरी, आदि दुष्क र्म हो जाया करते थे कि नत्ु दिलीप के राजय् में चरोी शब्द केवल कहनेसुनने के लिए प ्रयुक्त होता था,, उस, रा्जय मे ं कोई किसी का धन न ही ं | रियों को अपना लिया करते थे जो कुछ भले होते थे। किन्तु जैसे लोग अंगुली में सांप के काटने पर लोग उसी अंगुली को ही काट कर फेंक देते हैं उसी प्रकार राजा दिलीप अपने सगे संबंधियों को भी, जो दुष्ट होते थे, निकाल कर बाहर कर देते थे। राजा दिलीप की परम कामना यही थी कि उनकी प्रिय पत्नी सुदक्षिणा उनके समान ही तेजस्वी, ओजस्वी पुत्र को जन्म दे। किन्तु दिन बीतते जा रहे थे और राजा दिलीप का मनोरथ पूर्ण नहीं हो पा रहा था। इससे खिन्न होकर राजा ने अपने मन में निश्चय किया कि सन्तान उत्पन्न करने के लिए कोई न कोई उपाय किया जाना चाहिए। यह निश्चय करने के उपरान्त सर्वप्रथम राजा ने सारा राज्य कार्य अपने सुयोग्य मंत्रियों के ऊपर सौंप दिया। राज्य भार सौंप देने |
छोड़क र अ्नय कोई भी ाजा अपनी प्रजा का पा लन कनरे मे इतनी ख्याति अ् जित नही ं कर सका क्योंकि अन्य सभी राजाओं के यहां क भी, चोरी, आदि दुष्क र्म हो जाया करते थे कि नत्ु दिलीप के राजय् में चरोी शब्द केवल कहनेसुनने के लिए प ्रयुक्त होता था,, उस, रा्जय मे ं कोई किसी का धन न ही ं ुराता था।। रोगी कड ़ी औषधि का ेवन य ह सोचकर कर लेता है क्योंकि उससे उस को रोग से छटकार ा पाेन ी आशा होत ी है ।। उसी प्रकार राजा दिलीप भी अपन े उन वैरियों को अपना लया करत े थे जो कुछ भले होते थे। कन्ितु जैस े लो अगंुली में सांप के काटने पर ल ोग उसी अगंुली को ही काट | , ओजस्वी पुत्र को जन्म दे। किन्तु दिन बीतते जा रहे थे और राजा दिलीप का मनोरथ पूर्ण नहीं हो पा रहा था। इससे खिन्न होकर राजा ने अपने मन में निश्चय किया कि सन्तान उत्पन्न करने के लिए कोई न कोई उपाय किया जाना चाहिए। यह निश्चय करने के उपरान्त सर्वप्रथम राजा ने सारा राज्य कार्य अपने सुयोग्य मंत्रियों के ऊपर सौंप दिया। राज्य भार सौंप देने पर उन्होंने महर्षि वसिष्ठ के आश्रम में जाकर उनसे परामर्श करने का निश्चय किया। उसके लिए सर्वप्रथम उन्होंने अपनी पत्नी सहित प्रजापति ब्रह्मा की पूजा अर्चना की और फिर पत्नी सुदक्षिणा को लेकर वे अपने कुलगुरु महर्षि वसिष्ठ के आश्रम को गए। आश्रमवासियों को जब राजा और रानी के आने का समाचार प्राप्त हुआ तो वहां के सभ्य एवं संयमी मुनियों ने |
ुराता था।। रोगी कड ़ी औषधि का ेवन य ह सोचकर कर लेता है क्योंकि उससे उस को रोग से छटकार ा पाेन ी आशा होत ी है ।। उसी प्रकार राजा दिलीप भी अपन े उन वैरियों को अपना लया करत े थे जो कुछ भले होते थे। कन्ितु जैस े लो अगंुली में सांप के काटने पर ल ोग उसी अगंुली को ही काट कर फेंक देते ैं उसी प्रकार राजा दिलीप अने स गे सं बंधियों को भी,, जो द ुष ्ट होते थे, निका ल कर बाह र कर देते थे।। राजा दिलीप कीप मर कामना यही थी कि उनकी प् रिय पत्नी सुदक्षणिा उनके समान ह तेज्वी,, ओजस्वी पुत् र को ज न्म दे।। किन्त ु दिन बीतते जा रहे थे और राजा दिल ीपका मनरोथ | पर उन्होंने महर्षि वसिष्ठ के आश्रम में जाकर उनसे परामर्श करने का निश्चय किया। उसके लिए सर्वप्रथम उन्होंने अपनी पत्नी सहित प्रजापति ब्रह्मा की पूजा अर्चना की और फिर पत्नी सुदक्षिणा को लेकर वे अपने कुलगुरु महर्षि वसिष्ठ के आश्रम को गए। आश्रमवासियों को जब राजा और रानी के आने का समाचार प्राप्त हुआ तो वहां के सभ्य एवं संयमी मुनियों ने अपने रक्षक, आदरणीय तथा नीति के अनुसार चलने वाले राजा का सपत्नीक सम्मान के साथ आश्रम में स्वागत किया। आश्रम में प्रविष्ट होने पर वहां उन्होंने संध्या की सब क्रियाएं पूर्ण की। इसी प्रकार सब आश्रमवासियों की सब सांध्य क्रियाएं सम्पन्न होने के बाद महाराज और महारानी उन तपस्वी महामुनि वसिष्ठ के समीप वहां पर गए जहां वे बैठे हुए थे। उनके समीप पहुंच |
कर फेंक देते ैं उसी प्रकार राजा दिलीप अने स गे सं बंधियों को भी,, जो द ुष ्ट होते थे, निका ल कर बाह र कर देते थे।। राजा दिलीप कीप मर कामना यही थी कि उनकी प् रिय पत्नी सुदक्षणिा उनके समान ह तेज्वी,, ओजस्वी पुत् र को ज न्म दे।। किन्त ु दिन बीतते जा रहे थे और राजा दिल ीपका मनरोथ पूर्ण नहीं हो पा रहा थ ा। इ ससे खिन् होकर ाजा ने अने मन में निश्चय किया कि स न्तान उत्पन्न कर ने के लिए कोई न कोई उपाय क िया ाना चा हिए।। यह न िश्यच करने के उ परान्त सर्वप्रथम राजा ने ारा राज्य कार्य अपने सुयोग्य मंत् रियों केऊपर सौंप िदया।। राज्य भार सौंप देने पर उन्होंने हमर्षि वसिष्ठ के आश्रम में ज ाकर | अपने रक्षक, आदरणीय तथा नीति के अनुसार चलने वाले राजा का सपत्नीक सम्मान के साथ आश्रम में स्वागत किया। आश्रम में प्रविष्ट होने पर वहां उन्होंने संध्या की सब क्रियाएं पूर्ण की। इसी प्रकार सब आश्रमवासियों की सब सांध्य क्रियाएं सम्पन्न होने के बाद महाराज और महारानी उन तपस्वी महामुनि वसिष्ठ के समीप वहां पर गए जहां वे बैठे हुए थे। उनके समीप पहुंचने पर राजा और उनकी पत्नी मगधकुमारी सुदक्षिणा ने कुलगुरु तथा उनकी पत्नी के चरण स्पर्श कर उनको प्रणाम किया। महर्षि वसिष्ठ और उनकी पत्नी अरुंधती ने हृदय से उनको आशीर्वाद प्रदान कर आनंदित किया और बड़े प्यार तथा दुलार से उनका स्वागत किया। सब क्रियाओं से निवृत्त होने के उपरान्त महर्षि वसिष्ठ ने राजा दिलीप से पूछा राजन् आपके राज्य में सब |
पूर्ण नहीं हो पा रहा थ ा। इ ससे खिन् होकर ाजा ने अने मन में निश्चय किया कि स न्तान उत्पन्न कर ने के लिए कोई न कोई उपाय क िया ाना चा हिए।। यह न िश्यच करने के उ परान्त सर्वप्रथम राजा ने ारा राज्य कार्य अपने सुयोग्य मंत् रियों केऊपर सौंप िदया।। राज्य भार सौंप देने पर उन्होंने हमर्षि वसिष्ठ के आश्रम में ज ाकर नसे परामर श करने का नश्चय क िय।ा। उसक ेलिए सर्वप्रथम उन्होंने अपनी पत्नी सहित प ्रजापति ब्रह्मा की पूजा अर्चना की और फिर पत्नी सुदक्षिणा को लेकर वे अपने कुलगुरु महर्षि वसिष् ठ के आश्रम को गए।। आ श्रमवासियों को ज राजा और रानी के आने का समाचार प ्राप ्त ह ुआ तो वहां के सभय् एवं संयमी ुमनियंो | ने पर राजा और उनकी पत्नी मगधकुमारी सुदक्षिणा ने कुलगुरु तथा उनकी पत्नी के चरण स्पर्श कर उनको प्रणाम किया। महर्षि वसिष्ठ और उनकी पत्नी अरुंधती ने हृदय से उनको आशीर्वाद प्रदान कर आनंदित किया और बड़े प्यार तथा दुलार से उनका स्वागत किया। सब क्रियाओं से निवृत्त होने के उपरान्त महर्षि वसिष्ठ ने राजा दिलीप से पूछा राजन् आपके राज्य में सब प्रकार से कुशल तो है न राजा दिलीप ने केवल शस्त्रास्त्र विद्या के संचालन में ही निपुण थे, न केवल अपनी वीरता से ही उन्होंने अनेकानेक नगर जीते थे, वे बातचीत में भी उतने ही कुशल थे। इसलिए अथर्ववेद के रक्षक वसिष्ठ जी से उनके प्रश्न के उत्तर में बड़ी अर्थभरी वाणी में उन्होंने कहा गुरुदेव आपकी कृपा से मेरे राज्य के सातों अंगराजा, मंत्री |
नसे परामर श करने का नश्चय क िय।ा। उसक ेलिए सर्वप्रथम उन्होंने अपनी पत्नी सहित प ्रजापति ब्रह्मा की पूजा अर्चना की और फिर पत्नी सुदक्षिणा को लेकर वे अपने कुलगुरु महर्षि वसिष् ठ के आश्रम को गए।। आ श्रमवासियों को ज राजा और रानी के आने का समाचार प ्राप ्त ह ुआ तो वहां के सभय् एवं संयमी ुमनियंो ने अपने रक्षक,, दआरणीय तथानीति के अनुसार चल ने वाले राजा का पसत्नीक सम्मान के साथ आ्रम म े ंस्वागत किया। आ्शरम मे ं ्परविष्ट होने पर व हां उन्होंने संध्या क ी सब क्रियांए प ू्र की।। इसी प्रकार सब आश्रमवासियों की सब सा ंध्य क् रियाएं सम्पन्न हो ने के ाद महराज रऔ महारानी उन तपस् वी म हामु | प्रकार से कुशल तो है न राजा दिलीप ने केवल शस्त्रास्त्र विद्या के संचालन में ही निपुण थे, न केवल अपनी वीरता से ही उन्होंने अनेकानेक नगर जीते थे, वे बातचीत में भी उतने ही कुशल थे। इसलिए अथर्ववेद के रक्षक वसिष्ठ जी से उनके प्रश्न के उत्तर में बड़ी अर्थभरी वाणी में उन्होंने कहा गुरुदेव आपकी कृपा से मेरे राज्य के सातों अंगराजा, मंत्री, मित्र, राजकोष, राज्य, दुर्ग और सेना सब परिपूर्ण हैं। अग्नि, जल, महामारी और अकालमृत्यु इन दैवी विपत्तियों तथा चोर, डाकू शत्रु आदि मानुषी आपत्तियों को दूर करने वाले तो आप यहां प्रत्यक्ष विराजमान हैं। आप मंत्रों के रचयिता हैं, आपके मंत्र ही इतने शक्तिशाली हैं कि मुझे बाण चलाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, क्योंकि अपने वाणों से |
ने अपने रक्षक,, दआरणीय तथानीति के अनुसार चल ने वाले राजा का पसत्नीक सम्मान के साथ आ्रम म े ंस्वागत किया। आ्शरम मे ं ्परविष्ट होने पर व हां उन्होंने संध्या क ी सब क्रियांए प ू्र की।। इसी प्रकार सब आश्रमवासियों की सब सा ंध्य क् रियाएं सम्पन्न हो ने के ाद महराज रऔ महारानी उन तपस् वी म हामुनि वसिष्ठ के समी प वहां पर गए जहां वे बैठे हुए थ े। उनके समीप पहुंचने पर राजा और उनकी पत्नी मगधकुम री सुक्षिणा नेकुलगु र ु तथा उनकी पत्नी के चरण स्पर ्श कर उनको प ्रणा किया। महर्षि वसिष्ठ और उनकी पत्नी अरु ंधती ने हृदय से उकनो आशीर्वाद प्रदा कर आनंदित िकया औ र बड़े प ्यार तथा | , मित्र, राजकोष, राज्य, दुर्ग और सेना सब परिपूर्ण हैं। अग्नि, जल, महामारी और अकालमृत्यु इन दैवी विपत्तियों तथा चोर, डाकू शत्रु आदि मानुषी आपत्तियों को दूर करने वाले तो आप यहां प्रत्यक्ष विराजमान हैं। आप मंत्रों के रचयिता हैं, आपके मंत्र ही इतने शक्तिशाली हैं कि मुझे बाण चलाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती, क्योंकि अपने वाणों से तो मैं केवल उनको वेध ही सकता हूं जो कि मेरी सम्मुख आते हैं, परन्तु आपके मंत्र तो यहीं से मेरे शत्रुओं का नाश कर देते हैं। महामुनि आप जब शास्त्रीय विधि से अग्नि में हवि छोड़ते हैं तो आपकी आहुतियां अनावृष्टि से सूखे हुए धान के खेतों पर जल वृष्टि के रूप में बरसने लगते हैं। यह आपके ही के ब्रह्म के तेज का बल है कि मेरे राज्य में |
नि वसिष्ठ के समी प वहां पर गए जहां वे बैठे हुए थ े। उनके समीप पहुंचने पर राजा और उनकी पत्नी मगधकुम री सुक्षिणा नेकुलगु र ु तथा उनकी पत्नी के चरण स्पर ्श कर उनको प ्रणा किया। महर्षि वसिष्ठ और उनकी पत्नी अरु ंधती ने हृदय से उकनो आशीर्वाद प्रदा कर आनंदित िकया औ र बड़े प ्यार तथा दुलार से उनका ्स वाग त किया।। सबक्िरयाओं से न िवृत्त होने के उपरा्त महर्ि वसिष्ठ ने राज दिलीप से पूछा रानज् आपके राज् य म ें स बप ्रकार से कुशल तो है न राज ा दि लीप ने क ेवल शस्त्रास्त्र विद्या केसंचालन म ें ही निपुण थे,, न केवल अपनी व रत ा से ही उन्होंने अ नेकानेक नगर ज ी | तो मैं केवल उनको वेध ही सकता हूं जो कि मेरी सम्मुख आते हैं, परन्तु आपके मंत्र तो यहीं से मेरे शत्रुओं का नाश कर देते हैं। महामुनि आप जब शास्त्रीय विधि से अग्नि में हवि छोड़ते हैं तो आपकी आहुतियां अनावृष्टि से सूखे हुए धान के खेतों पर जल वृष्टि के रूप में बरसने लगते हैं। यह आपके ही के ब्रह्म के तेज का बल है कि मेरे राज्य में न तो कोई सौ वर्ष से कम की आयु पाता है और न किसी को बाढ़, सूखा, चूहा, तोता, राजकलह, वैरी की चढ़ाई आदि तथा विपत्ति का भय रहता है। अन्त में राजा ने अपने निःसन्तान होने की बात बताई । तब महर्षि वशिष्ठ बोले हे राजन तुमसे एक अपराध हुआ है, इसलिए तुम्हारी अभी तक कोई संतान नहीं हुई है । तब राजा दिलीप ने |
दुलार से उनका ्स वाग त किया।। सबक्िरयाओं से न िवृत्त होने के उपरा्त महर्ि वसिष्ठ ने राज दिलीप से पूछा रानज् आपके राज् य म ें स बप ्रकार से कुशल तो है न राज ा दि लीप ने क ेवल शस्त्रास्त्र विद्या केसंचालन म ें ही निपुण थे,, न केवल अपनी व रत ा से ही उन्होंने अ नेकानेक नगर ज ीते थे, वे बातचत में भी उनते ही कुशल थे।। इ सलिए अथर्ववेद के रक ्षक वसिष्ठ जी स े उनक े प्रश्न े उत्तर में बड़ी अ र्थभरी वाणी में उन्होंने कहा गुरुदेव आपक कृपा से मेरे राज्य के सातों अंगराजा, मंत्री, िमतर्,, राजकोष,, र ाज्य,, दुर् ग और सेना सब परि पूर्ण हैं।। अ ग्नि, ज,, महामारी और अकालम | न तो कोई सौ वर्ष से कम की आयु पाता है और न किसी को बाढ़, सूखा, चूहा, तोता, राजकलह, वैरी की चढ़ाई आदि तथा विपत्ति का भय रहता है। अन्त में राजा ने अपने निःसन्तान होने की बात बताई । तब महर्षि वशिष्ठ बोले हे राजन तुमसे एक अपराध हुआ है, इसलिए तुम्हारी अभी तक कोई संतान नहीं हुई है । तब राजा दिलीप ने आश्चर्य से पूछा गुरुदेव मुझसे ऐसा कोनसा अपराध हुआ है कि मैं अब तक निसंतान हूँ। कृपा करके मुझे बताइए महर्षि वशिष्ठ बोले राजन एक बार की बात है, जब तुम देवताओं की एक युद्ध में सहायता करके लौट रहे थे । तब रास्ते में एक विशाल वटवृक्ष के नीचे देवताओं को भोग और मोक्ष देने वाली कामधेनु विश्राम कर रही थी |
ते थे, वे बातचत में भी उनते ही कुशल थे।। इ सलिए अथर्ववेद के रक ्षक वसिष्ठ जी स े उनक े प्रश्न े उत्तर में बड़ी अ र्थभरी वाणी में उन्होंने कहा गुरुदेव आपक कृपा से मेरे राज्य के सातों अंगराजा, मंत्री, िमतर्,, राजकोष,, र ाज्य,, दुर् ग और सेना सब परि पूर्ण हैं।। अ ग्नि, ज,, महामारी और अकालम ृ त्यु इन दैवी विपत्तियों थता चोर,, ड ाूक शत र ु आदि मानुषी आपत्तियो ं को दूर करने वाले तो आप यहा ं प्रत्यक्ष िवराजान हैं।। आप मंत्रों के रचयतिा हैं, आपके मंत्र ही इतने शक्तिशाली हैं कि मुझे बाण चलाने क आवश्यकत ाही नहीं पड़ती, क्योंकि अपने वाणों से तो मैं केवल उनको वेध ही सतका हूं ो कि | आश्चर्य से पूछा गुरुदेव मुझसे ऐसा कोनसा अपराध हुआ है कि मैं अब तक निसंतान हूँ। कृपा करके मुझे बताइए महर्षि वशिष्ठ बोले राजन एक बार की बात है, जब तुम देवताओं की एक युद्ध में सहायता करके लौट रहे थे । तब रास्ते में एक विशाल वटवृक्ष के नीचे देवताओं को भोग और मोक्ष देने वाली कामधेनु विश्राम कर रही थी और उनकी सहचरी गौ मातायें निकट ही चर रही थी। तुम्हारा अपराध यह है कि तुमने शीघ्रतावश अपना विमान रोककर उन्हें प्रणाम नहीं किया । जबकि राजन यदि रास्ते में कहीं भी गौवंश दिखे तो दायीं ओर होकर राह देते हुयें उन्हें प्रणाम करना चाहिए । यह बात तुम्हे गुरुजनों द्वारा पूर्वकाल में ही बताई जा चुकी थी |
ृ त्यु इन दैवी विपत्तियों थता चोर,, ड ाूक शत र ु आदि मानुषी आपत्तियो ं को दूर करने वाले तो आप यहा ं प्रत्यक्ष िवराजान हैं।। आप मंत्रों के रचयतिा हैं, आपके मंत्र ही इतने शक्तिशाली हैं कि मुझे बाण चलाने क आवश्यकत ाही नहीं पड़ती, क्योंकि अपने वाणों से तो मैं केवल उनको वेध ही सतका हूं ो कि मेरी सम्मुख आते हैं, परनतु आपके मंत्र तो यहीं से मेरे शत्रओुं का नश कर देे हैं। महामुनि आप जब शास्त्रीय विधि से अग्नि में हवि छोड़ते हैं तो आपकी आहुतियां अनावृष्ट ि से सूखे हुए धान के खेतों पर जल वृष्ि के रूप ेमं बरने लगेत हैं। यह आपके ही के ब्रह्म के तेज का बल है कि मेरे राज्य में न तो कोई सौ व ्रष से कम की आयु | और उनकी सहचरी गौ मातायें निकट ही चर रही थी। तुम्हारा अपराध यह है कि तुमने शीघ्रतावश अपना विमान रोककर उन्हें प्रणाम नहीं किया । जबकि राजन यदि रास्ते में कहीं भी गौवंश दिखे तो दायीं ओर होकर राह देते हुयें उन्हें प्रणाम करना चाहिए । यह बात तुम्हे गुरुजनों द्वारा पूर्वकाल में ही बताई जा चुकी थी । लेकिन फिर भी तुमने गौवंश का अपमान और गुरु आज्ञा का उल्लंघन किया है । इसीलिए राजन तुम्हारे घर में अभी तक कोई संतान नहीं हुई । महर्षि वशिष्ठ की बात सुनकर राजा दिलीप बड़े दुखी हुए। आँखों में अश्रु लेकर और विनम्रतापूर्वक हाथ जोड़कर राजा दिलीप गुरु वशिष्ठ से प्रार्थना करने लगे गुरुदेव मैं मानता हूँ कि मुझसे अपराध |
मेरी सम्मुख आते हैं, परनतु आपके मंत्र तो यहीं से मेरे शत्रओुं का नश कर देे हैं। महामुनि आप जब शास्त्रीय विधि से अग्नि में हवि छोड़ते हैं तो आपकी आहुतियां अनावृष्ट ि से सूखे हुए धान के खेतों पर जल वृष्ि के रूप ेमं बरने लगेत हैं। यह आपके ही के ब्रह्म के तेज का बल है कि मेरे राज्य में न तो कोई सौ व ्रष से कम की आयु पा ता है औ र न किसी को बा ढ़, सूखा, चूहा,, तोता,, र ाजकलह, वैरी की चढ़ईा आदि तथा विपतत् का भय र हता है।। अनत े रा जा े अपेन निःसन्तान होने की बात बताई ।। तब महर् षि वशि ष्ठ बोलेहे रान तुमसे ए क अपराध हुआ है, इसलिए त ुम् हारी अी कत कोई संतान नहीं हुई है | । लेकिन फिर भी तुमने गौवंश का अपमान और गुरु आज्ञा का उल्लंघन किया है । इसीलिए राजन तुम्हारे घर में अभी तक कोई संतान नहीं हुई । महर्षि वशिष्ठ की बात सुनकर राजा दिलीप बड़े दुखी हुए। आँखों में अश्रु लेकर और विनम्रतापूर्वक हाथ जोड़कर राजा दिलीप गुरु वशिष्ठ से प्रार्थना करने लगे गुरुदेव मैं मानता हूँ कि मुझसे अपराध हुआ है किन्तु अब इसका कोई तो उपाय होगा तब महर्षि वशिष्ठ बोले एक उपाय है राजन ये है मेरी गाय नंदिनी है जो कामधेनु की ही पुत्री है। इसे ले जाओ और इसके संतुष्ट होने तक दोनों पतिपत्नी इसकी सेवा करो और इसी के दुग्ध का सेवन करो । जब यह संतुष्ट होगी तो तुम्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी । ऐसा आशीर्वाद |
पा ता है औ र न किसी को बा ढ़, सूखा, चूहा,, तोता,, र ाजकलह, वैरी की चढ़ईा आदि तथा विपतत् का भय र हता है।। अनत े रा जा े अपेन निःसन्तान होने की बात बताई ।। तब महर् षि वशि ष्ठ बोलेहे रान तुमसे ए क अपराध हुआ है, इसलिए त ुम् हारी अी कत कोई संतान नहीं हुई है । तब राजा दिलप ने आश ् चर्य से प ूछा गुरुदेव मुझसे ऐसा कोनसा अपराध हुआ है कि मैं अब तक निसंतान हू।ँ। कपृा क रके मुझे बताइए मर्षि वशिष् ठ बोले राजन एक बार की बा तहै,, जब तुम देवतांओ की एक युद्ध में सहायता करके लौट रे थे ।। तब रास ्त े में ए विश ाल वटवृक् के नीचे देवता | हुआ है किन्तु अब इसका कोई तो उपाय होगा तब महर्षि वशिष्ठ बोले एक उपाय है राजन ये है मेरी गाय नंदिनी है जो कामधेनु की ही पुत्री है। इसे ले जाओ और इसके संतुष्ट होने तक दोनों पतिपत्नी इसकी सेवा करो और इसी के दुग्ध का सेवन करो । जब यह संतुष्ट होगी तो तुम्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी । ऐसा आशीर्वाद देकर महर्षि वशिष्ठ ने राजा दिलीप को विदा किया। अब राजा दिलीप प्राणप्रण से नंदिनी की सेवा में लग गये । जब नंदिनी चलती तो वह भी उसी के साथसाथ चलते, जब वह रुक जाती तो वह भी रुक जाते । दिनभर उसे चराकर संध्या को उसके दुग्ध का सेवन करके उसी पर निर्वाह करते थे। एक दिन संयोग से एक सिंह ने नंदिनी पर आक्रमण कर दिया |
। तब राजा दिलप ने आश ् चर्य से प ूछा गुरुदेव मुझसे ऐसा कोनसा अपराध हुआ है कि मैं अब तक निसंतान हू।ँ। कपृा क रके मुझे बताइए मर्षि वशिष् ठ बोले राजन एक बार की बा तहै,, जब तुम देवतांओ की एक युद्ध में सहायता करके लौट रे थे ।। तब रास ्त े में ए विश ाल वटवृक् के नीचे देवताओं को भोग और मको्ष देने व ाली कामधेनु विश्राम कर र ही थी और उनकी सहचीर गौ माता यें निकट ही चर रही थी।। तुम्हारा अपराध यह है कि तुमने शीघ् रतावश अपना विमान रोककर उन् हें प्रणाम नहींकिया । जबकि राजन यदि रा स्त े में कहीं भी गौवंश दिखे त ो दयीं ओर होकर राह ेदत े हु | देकर महर्षि वशिष्ठ ने राजा दिलीप को विदा किया। अब राजा दिलीप प्राणप्रण से नंदिनी की सेवा में लग गये । जब नंदिनी चलती तो वह भी उसी के साथसाथ चलते, जब वह रुक जाती तो वह भी रुक जाते । दिनभर उसे चराकर संध्या को उसके दुग्ध का सेवन करके उसी पर निर्वाह करते थे। एक दिन संयोग से एक सिंह ने नंदिनी पर आक्रमण कर दिया और उसे दबोच लिया । उस समय राजा दिलीप कोई अस्त्र शस्त्र चलाने में भी असमर्थ हो गया । कोई उपाय न देख राजा दिलीप सिंह से प्रार्थना करने लगे हे वनराज कृपा करके नंदिनी को छोड़ दीजिये, यह मेरे गुरु वशिष्ठ की सबसे प्रिय गाय है । मैं आपके भोजन की अन्य व्यवस्था कर दूंगा । तो सिंह बोला नहीं राजन यह गाय मेरा भोजन है अतः मैं |
ओं को भोग और मको्ष देने व ाली कामधेनु विश्राम कर र ही थी और उनकी सहचीर गौ माता यें निकट ही चर रही थी।। तुम्हारा अपराध यह है कि तुमने शीघ् रतावश अपना विमान रोककर उन् हें प्रणाम नहींकिया । जबकि राजन यदि रा स्त े में कहीं भी गौवंश दिखे त ो दयीं ओर होकर राह ेदत े हुयें उन्हें प्रणाम करना चाहिए ।। यह बात तुम्हे गुरुजनों द्वारा पू्रव काल मे ं ही बताई जा चकुी थी ।। लेकिन फि र भी तुमने गौवंश क ा अपमान और गुरु आज ्ञा क ा उल्लंघ न किया है ।। इस ीलिए रा जन तु म्हारे घर में अभी तक कोई संतान नहीं हुई ।। महर्षि वशिष्ठ की बात सुनकर राजा दिल ी प बड़े द | और उसे दबोच लिया । उस समय राजा दिलीप कोई अस्त्र शस्त्र चलाने में भी असमर्थ हो गया । कोई उपाय न देख राजा दिलीप सिंह से प्रार्थना करने लगे हे वनराज कृपा करके नंदिनी को छोड़ दीजिये, यह मेरे गुरु वशिष्ठ की सबसे प्रिय गाय है । मैं आपके भोजन की अन्य व्यवस्था कर दूंगा । तो सिंह बोला नहीं राजन यह गाय मेरा भोजन है अतः मैं उसे नहीं छोडूंगा । इसके बदले तुम अपने गुरु को सहस्त्रो गायें दे सकते हो । बिलकुल निर्बल होते हुए राजा दिलीप बोले हे वनराज आप इसके बदले मुझे खा लो, लेकिन मेरे गुरु की गाय नंदिनी को छोड़ दो । तब सिंह बोला यदि तुम्हें प्राणों का मोह नहीं है तो इसके बदले स्वयं को प्रस्तुत करो । मैं इसे अभी छोड़ दूंगा । कोई उपाय न देख |
यें उन्हें प्रणाम करना चाहिए ।। यह बात तुम्हे गुरुजनों द्वारा पू्रव काल मे ं ही बताई जा चकुी थी ।। लेकिन फि र भी तुमने गौवंश क ा अपमान और गुरु आज ्ञा क ा उल्लंघ न किया है ।। इस ीलिए रा जन तु म्हारे घर में अभी तक कोई संतान नहीं हुई ।। महर्षि वशिष्ठ की बात सुनकर राजा दिल ी प बड़े दखुी हुए।। आँखों में अश्र ु ले कर और वि न्रतापूर्वक हाथ जोड़ कर राजा दि लीप गुरु वशिष्ठ से प्रार्थना करने लग ेुगरुदेव मैं मनता हूँ क ि मुझसे अपाध हुआ है किन्तु बअ इ सका कोई तो उपाय ह गोा त ब महर्षि वशिष्ठ बोले ए क उपाय है राजन ये है मेरी गा य नंदिनी है जो कामधेनु की ह ी ुपत्री है।। इस े | उसे नहीं छोडूंगा । इसके बदले तुम अपने गुरु को सहस्त्रो गायें दे सकते हो । बिलकुल निर्बल होते हुए राजा दिलीप बोले हे वनराज आप इसके बदले मुझे खा लो, लेकिन मेरे गुरु की गाय नंदिनी को छोड़ दो । तब सिंह बोला यदि तुम्हें प्राणों का मोह नहीं है तो इसके बदले स्वयं को प्रस्तुत करो । मैं इसे अभी छोड़ दूंगा । कोई उपाय न देख राजा दिलीप ने सिंह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और स्वयं सिंह का आहार बनने के लिए तैयार हो गया । सिंह ने नंदिनी गाय को छोड़ दिया और राजा को खाने के लिए उसकी ओर झपटा । लेकिन तत्क्षण हवा में गायब हो गया। तब नंदिनी गाय बोली उठो राजन यह मायाजाल, मैंने ही आपकी परीक्षा लेने के लिए रचा था । जाओ राज |
खुी हुए।। आँखों में अश्र ु ले कर और वि न्रतापूर्वक हाथ जोड़ कर राजा दि लीप गुरु वशिष्ठ से प्रार्थना करने लग ेुगरुदेव मैं मनता हूँ क ि मुझसे अपाध हुआ है किन्तु बअ इ सका कोई तो उपाय ह गोा त ब महर्षि वशिष्ठ बोले ए क उपाय है राजन ये है मेरी गा य नंदिनी है जो कामधेनु की ह ी ुपत्री है।। इस े ले जाओ और इसके ंसतु्षट होने तक दोनों पतिपत्नी इ सकी सेवा करो और इस ी के दुग्ध का सेवन करो ।। जब यह संतुष्ट हगोी तो तुम्हें पुत्र रत्न क ीप्राप ्ति होगी ।। ऐस ा आशीर्वाद देकर महर्षि व शिष्ठ ने र ाजा दि लीप को व िदाक िया। अब राजा दिलीप प्राणप्रण स नंदिी की सेवा में लग | राजा दिलीप ने सिंह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और स्वयं सिंह का आहार बनने के लिए तैयार हो गया । सिंह ने नंदिनी गाय को छोड़ दिया और राजा को खाने के लिए उसकी ओर झपटा । लेकिन तत्क्षण हवा में गायब हो गया। तब नंदिनी गाय बोली उठो राजन यह मायाजाल, मैंने ही आपकी परीक्षा लेने के लिए रचा था । जाओ राजन तुम दोनों दम्पति ने मेरे दुग्ध पर निर्वाह किया है अतः तुम्हें एक गुणवान, बलवान और बुद्धिमान पुत्र की प्राप्ति होगी । इतना कहकर नंदिनी अंतर्ध्यान हो गई। उसके कुछ दिन बाद नंदिनी के आशीर्वाद से महारानी सुदक्षिणा ने एक पुत्र को जन्म दिया, रघु के नाम से विख्यात हुआ और उसके पराक्रम के कारण ही इस वंश को रघुवंश के नाम से जा |
ले जाओ और इसके ंसतु्षट होने तक दोनों पतिपत्नी इ सकी सेवा करो और इस ी के दुग्ध का सेवन करो ।। जब यह संतुष्ट हगोी तो तुम्हें पुत्र रत्न क ीप्राप ्ति होगी ।। ऐस ा आशीर्वाद देकर महर्षि व शिष्ठ ने र ाजा दि लीप को व िदाक िया। अब राजा दिलीप प्राणप्रण स नंदिी की सेवा में लग गये ।। जब नंदिनी चलती त ो वह भी उ सी केसासाथ चलते,, ज वह रुक जाी तो वह भ रुक जा ते ।। िदनभर उसे चराक र संध्या को उसके दु ग्ध का सेवन कर के उसी पर निर्वाह करते थे। एक दिन संयोग से एक सिंह ने नंदिी पर आक्रमण कर दिया और उसे दबोच लिया । उस समय र ा जा दिलीप कोई अस्त्र शस ्त्र | न तुम दोनों दम्पति ने मेरे दुग्ध पर निर्वाह किया है अतः तुम्हें एक गुणवान, बलवान और बुद्धिमान पुत्र की प्राप्ति होगी । इतना कहकर नंदिनी अंतर्ध्यान हो गई। उसके कुछ दिन बाद नंदिनी के आशीर्वाद से महारानी सुदक्षिणा ने एक पुत्र को जन्म दिया, रघु के नाम से विख्यात हुआ और उसके पराक्रम के कारण ही इस वंश को रघुवंश के नाम से जाना जाता है । |
िकि एक वेबसाइट है जो विकि सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किस भी सं्या मंे आपस ेमं जुड़े वेब पन्नों के निर्माण और संपादन को ब्राउ़र के भीतर एक सरलीृत मार्कअप भाषा या ए WYSIWY पाठ संपदाक का पयोग करते हुए सभव बनाती है।। विकियों का उपयोग अक्सर सहयोगी वेबसाइटें बनाने के लिए,, समुदाय वेबसाइटों को गति प्रदान करने के लिए और टिप्पणियों क े लिए किया जात ा है।। सहयोगी विश्कवोश विकिपीडिया विकि क सबसे अच्छे ज् ञात उदाहरणों मंे से एक है। विकियों का उपयगव ्यापार में इंटर्ानेट रऔ ज्ञान प्रबंधन प्रणलाी ्परदान करने के लिए किया जाता ै।ह। वार् ड कनिंघम, प्रथम विकि सॉफ्टवेयर,, विकि विकिवेब के िर्माता,, शुरू में इसका | विकि एक वेबसाइट है जो विकि सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किसी भी संख्या में आपस में जुड़े वेब पन्नों के निर्माण और संपादन को ब्राउज़र के भीतर एक सरलीकृत मार्कअप भाषा या एक WYSIWYG पाठ संपादक का उपयोग करते हुए संभव बनाती है। विकियों का उपयोग अक्सर सहयोगी वेबसाइटें बनाने के लिए, समुदाय वेबसाइटों को गति प्रदान करने के लिए और टिप्पणियों के लिए किया जाता है। सहयोगी विश्वकोश विकिपीडिया विकि के सबसे अच्छे ज्ञात उदाहरणों में से एक है। विकियों का उपयोग व्यापार में इंट्रानेट और ज्ञान प्रबंधन प्रणाली प्रदान करने के लिए किया जाता है। वार्ड कनिंघम, प्रथम विकि सॉफ्टवेयर, विकि विकिवेब के निर्माता, शुरू में इसका वर्णन इस प्रकार किया था, सरलतम ऑनलाइन डेटाबेस जो संभवतः |
ियों क े लिए किया जात ा है।। सहयोगी विश्कवोश विकिपीडिया विकि क सबसे अच्छे ज् ञात उदाहरणों मंे से एक है। विकियों का उपयगव ्यापार में इंटर्ानेट रऔ ज्ञान प्रबंधन प्रणलाी ्परदान करने के लिए किया जाता ै।ह। वार् ड कनिंघम, प्रथम विकि सॉफ्टवेयर,, विकि विकिवेब के िर्माता,, शुरू में इसका वर्णन इस प्रकार किया था, सरलतम ऑनलाइन डेटाबस जो संभवतः काम करे विकि एक हवाईयन शब्द ैह जिकसा अर्थ तेज है।। विकि का विस्तार इस प्रकार किय ा जा सकता है वट आई न इस, लेकिन यह बैकरोनिम है। ऑनलाइन ज्ञकोश परियोजा,न, विकिपीडिया, सबसे लोकप्रिय विकीआधारित वेबसाइट है,, और य दुनिय में सबसे अधिक देखी जाने वाली | लिए किया जाता है। सहयोगी विश्वकोश विकिपीडिया विकि के सबसे अच्छे ज्ञात उदाहरणों में से एक है। विकियों का उपयोग व्यापार में इंट्रानेट और ज्ञान प्रबंधन प्रणाली प्रदान करने के लिए किया जाता है। वार्ड कनिंघम, प्रथम विकि सॉफ्टवेयर, विकि विकिवेब के निर्माता, शुरू में इसका वर्णन इस प्रकार किया था, सरलतम ऑनलाइन डेटाबेस जो संभवतः काम करे विकि एक हवाईयन शब्द है जिसका अर्थ तेज है। विकि का विस्तार इस प्रकार किया जा सकता है वॉट आई नो इस, लेकिन यह बैकरोनिम है। ऑनलाइन ज्ञानकोश परियोजना, विकिपीडिया, सबसे लोकप्रिय विकीआधारित वेबसाइट है, और यह दुनिया में सबसे अधिक देखी जाने वाली साइटों में से एक है, जिसने 2007 से शीर्ष बीस में अपना स्थान बनाए रखा है। अंग्रेजी |
वर्णन इस प्रकार किया था, सरलतम ऑनलाइन डेटाबस जो संभवतः काम करे विकि एक हवाईयन शब्द ैह जिकसा अर्थ तेज है।। विकि का विस्तार इस प्रकार किय ा जा सकता है वट आई न इस, लेकिन यह बैकरोनिम है। ऑनलाइन ज्ञकोश परियोजा,न, विकिपीडिया, सबसे लोकप्रिय विकीआधारित वेबसाइट है,, और य दुनिय में सबसे अधिक देखी जाने वाली साइटों म ें से एक है, जिसने 007 से शीर्ष बीस में अपना स्थान बनाए रखा है।। अंग्रेजी भषा के विकिपीडिया में ेखों का सबसे बड़ा संग्रह उपलब्ध है फरवरी 2 20 तक, इसमें 6 मिलियन से अधिक लेख थे। विकिपीडिया केवल एक व िकि हंी है,, बल्कि सैक़ों विकि का संग्रह है,, जिनमें से प ्रतय्के एक विशिष्ट भाष से सबंंधित है।। व िक | काम करे विकि एक हवाईयन शब्द है जिसका अर्थ तेज है। विकि का विस्तार इस प्रकार किया जा सकता है वॉट आई नो इस, लेकिन यह बैकरोनिम है। ऑनलाइन ज्ञानकोश परियोजना, विकिपीडिया, सबसे लोकप्रिय विकीआधारित वेबसाइट है, और यह दुनिया में सबसे अधिक देखी जाने वाली साइटों में से एक है, जिसने 2007 से शीर्ष बीस में अपना स्थान बनाए रखा है। अंग्रेजी भाषा के विकिपीडिया में लेखों का सबसे बड़ा संग्रह उपलब्ध है फरवरी 2020 तक, इसमें 6 मिलियन से अधिक लेख थे। विकिपीडिया केवल एक विकि नहीं है, बल्कि सैकड़ों विकि का संग्रह है, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट भाषा से संबंधित है। विकिपीडिया के अलावा, सार्वजनिक और निजी दोनों उपयोग में सैकड़ों हजारों अन्य विकी हैं, जिसमें ज्ञान प्रबंधन संसाधनों, नोट लेने के |
साइटों म ें से एक है, जिसने 007 से शीर्ष बीस में अपना स्थान बनाए रखा है।। अंग्रेजी भषा के विकिपीडिया में ेखों का सबसे बड़ा संग्रह उपलब्ध है फरवरी 2 20 तक, इसमें 6 मिलियन से अधिक लेख थे। विकिपीडिया केवल एक व िकि हंी है,, बल्कि सैक़ों विकि का संग्रह है,, जिनमें से प ्रतय्के एक विशिष्ट भाष से सबंंधित है।। व िकिपीडिया के अलावा,, सार्वजनिक और निजी दोनों उपयोग में सैक़डों जहारों अन्य विकी हैं,, जिसमें ज्ञान प्रबंधन संसाधनों,, नटो लेने के टूल्स, सामुदायि वेबसाइटों और ंट्रानेट क रूप में कार्य करने वाले विकी शामिल हैं।। इतिहास वििविकिवेब पहली साइट थी जिसे व िकि कहा गय। वार्ड कनिंघम ने 1994 में विकिवकििवेबका विकास कर | भाषा के विकिपीडिया में लेखों का सबसे बड़ा संग्रह उपलब्ध है फरवरी 2020 तक, इसमें 6 मिलियन से अधिक लेख थे। विकिपीडिया केवल एक विकि नहीं है, बल्कि सैकड़ों विकि का संग्रह है, जिनमें से प्रत्येक एक विशिष्ट भाषा से संबंधित है। विकिपीडिया के अलावा, सार्वजनिक और निजी दोनों उपयोग में सैकड़ों हजारों अन्य विकी हैं, जिसमें ज्ञान प्रबंधन संसाधनों, नोट लेने के टूल्स, सामुदायिक वेबसाइटों और इंट्रानेट के रूप में कार्य करने वाले विकी शामिल हैं। इतिहास विकिविकिवेब पहली साइट थी जिसे विकि कहा गया। वार्ड कनिंघम ने 1994 में विकिविकिवेब का विकास करना शुरू किया और 25 मार्च 1995 को इसे इंटरनेट डोमेन c2com पर स्थापित किया। इसका नामकरण कनिंघम द्वारा किया गया था, जिन्हें होनोलूलू अंतर्राष्ट्रीय ह |
िपीडिया के अलावा,, सार्वजनिक और निजी दोनों उपयोग में सैक़डों जहारों अन्य विकी हैं,, जिसमें ज्ञान प्रबंधन संसाधनों,, नटो लेने के टूल्स, सामुदायि वेबसाइटों और ंट्रानेट क रूप में कार्य करने वाले विकी शामिल हैं।। इतिहास वििविकिवेब पहली साइट थी जिसे व िकि कहा गय। वार्ड कनिंघम ने 1994 में विकिवकििवेबका विकास करना शुरू किय और 25 मार्च 1995 को इसे इंटरनेट डोमेन c2com पर स्थापित किया। इसका नामकरण कनिंघम द्वाा किया गया था,, जिन्हें होनोलूलू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक काउंटर कर्मचारी की समृति हो आई जिसने उनसे विकि विकि शटल बस ेन के लिए कहा था जो हवाई अड्डेक े टर्मिनलों के बीच चलती है।क निंघम के अनुसार,, मैंने वकि | टूल्स, सामुदायिक वेबसाइटों और इंट्रानेट के रूप में कार्य करने वाले विकी शामिल हैं। इतिहास विकिविकिवेब पहली साइट थी जिसे विकि कहा गया। वार्ड कनिंघम ने 1994 में विकिविकिवेब का विकास करना शुरू किया और 25 मार्च 1995 को इसे इंटरनेट डोमेन c2com पर स्थापित किया। इसका नामकरण कनिंघम द्वारा किया गया था, जिन्हें होनोलूलू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक काउंटर कर्मचारी की स्मृति हो आई जिसने उनसे विकि विकि शटल बस लेने के लिए कहा था जो हवाई अड्डे के टर्मिनलों के बीच चलती है। कनिंघम के अनुसार, मैंने विकि विकि को जल्दी के एक परिवर्तक स्थानापन्न के रूप में चुना, अतः इस चीज के नाम को जल्दीवेब रखने से परहेज किया। कनिंघम कुछ हद तक एप्पल के हाइपरका |
ना शुरू किय और 25 मार्च 1995 को इसे इंटरनेट डोमेन c2com पर स्थापित किया। इसका नामकरण कनिंघम द्वाा किया गया था,, जिन्हें होनोलूलू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक काउंटर कर्मचारी की समृति हो आई जिसने उनसे विकि विकि शटल बस ेन के लिए कहा था जो हवाई अड्डेक े टर्मिनलों के बीच चलती है।क निंघम के अनुसार,, मैंने वकिि विकि को ज्लदी के ए परिवर्तक स्थनापनन के रू प में चुना,, अतः इस ची ज के नाम को जल्दीवेब रखने से परहेज कयिा। कनिंघम कुछ हद तक एप्पल के हाइरपकार्ड से भी प्ेरित थे। एप्पल ने एक प्रणाली का डिजाईन किया था जो उपयोगक्ताओं को आभासी कार्डों के ढेर बाने की अनुमित प्रदान करता ा,, यह विभिन्न का | वाई अड्डे के एक काउंटर कर्मचारी की स्मृति हो आई जिसने उनसे विकि विकि शटल बस लेने के लिए कहा था जो हवाई अड्डे के टर्मिनलों के बीच चलती है। कनिंघम के अनुसार, मैंने विकि विकि को जल्दी के एक परिवर्तक स्थानापन्न के रूप में चुना, अतः इस चीज के नाम को जल्दीवेब रखने से परहेज किया। कनिंघम कुछ हद तक एप्पल के हाइपरकार्ड से भी प्रेरित थे। एप्पल ने एक प्रणाली का डिजाईन किया था जो उपयोगकर्ताओं को आभासी कार्डों के ढेर बनाने की अनुमति प्रदान करता था, यह विभिन्न कार्डों के बीच संपर्क का समर्थन करता था। कनिंघम ने वानेवर बुश के विचार को उपयोगकर्ताओं द्वारा एक दूसरे के पाठों पर टिपण्णी करने और उनको परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान करके किया। 2000 की श |
ि विकि को ज्लदी के ए परिवर्तक स्थनापनन के रू प में चुना,, अतः इस ची ज के नाम को जल्दीवेब रखने से परहेज कयिा। कनिंघम कुछ हद तक एप्पल के हाइरपकार्ड से भी प्ेरित थे। एप्पल ने एक प्रणाली का डिजाईन किया था जो उपयोगक्ताओं को आभासी कार्डों के ढेर बाने की अनुमित प्रदान करता ा,, यह विभिन्न का्रडों के बीच संपर्क का समर्थन रका था।। कनिंघम ने वानेवर बुश के विचार कोउ पयोगरक्ताओं द्वारा एक दूसरे के पाठों रप टिपण्णी करने और उनको परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान रके किया। 2000 की शुरुआत में,, विकिज़ ोक उ द्यम में तेजी से सहयोगी सॉफ्टवेयरेक रूप में अपनाया जाे लगा सामान्य उपयोगों में ाशमिल थे परियोजना संचार, | र्ड से भी प्रेरित थे। एप्पल ने एक प्रणाली का डिजाईन किया था जो उपयोगकर्ताओं को आभासी कार्डों के ढेर बनाने की अनुमति प्रदान करता था, यह विभिन्न कार्डों के बीच संपर्क का समर्थन करता था। कनिंघम ने वानेवर बुश के विचार को उपयोगकर्ताओं द्वारा एक दूसरे के पाठों पर टिपण्णी करने और उनको परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान करके किया। 2000 की शुरुआत में, विकिज़ को उद्यम में तेजी से सहयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में अपनाया जाने लगा सामान्य उपयोगों में शामिल थे परियोजना संचार, इंट्रानेट और प्रलेखन, शुरू में तकनीकी प्रयोक्ताओं के लिए आज कुछ कंपनियां विकि का उपयोग अपने एकमात्र सहयोगी सॉफ्टवेयर और स्थैतिक इंट्रानेट के स्थानापन्न के रूप में करती हैं और कुछ स्कूल तथा विश्वविद्यालय विकि |
्रडों के बीच संपर्क का समर्थन रका था।। कनिंघम ने वानेवर बुश के विचार कोउ पयोगरक्ताओं द्वारा एक दूसरे के पाठों रप टिपण्णी करने और उनको परिवर्तित करने की अनुमति प्रदान रके किया। 2000 की शुरुआत में,, विकिज़ ोक उ द्यम में तेजी से सहयोगी सॉफ्टवेयरेक रूप में अपनाया जाे लगा सामान्य उपयोगों में ाशमिल थे परियोजना संचार,, इंट्राेनट र प्रलेखन,, शुरू म ें तकनीकी प्रयोक्ताओं के लिए आज कुछ कंपनिांय विकि का उपयोग अने एकमत्र सहयोगी सॉफ्टवेयर और स्थैतिक इंट्रानेट क े स्थानापन्न के रूप में क रती हैं और कुछ सकूल तथा वश्वविद्यालय वकिि का प्रयोग सामूहिक अधिगम को बढ़ावा देने हेतु करते हैं।। सार्वजनिक इंटरनेट के बाय विकि ीक | ुरुआत में, विकिज़ को उद्यम में तेजी से सहयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में अपनाया जाने लगा सामान्य उपयोगों में शामिल थे परियोजना संचार, इंट्रानेट और प्रलेखन, शुरू में तकनीकी प्रयोक्ताओं के लिए आज कुछ कंपनियां विकि का उपयोग अपने एकमात्र सहयोगी सॉफ्टवेयर और स्थैतिक इंट्रानेट के स्थानापन्न के रूप में करती हैं और कुछ स्कूल तथा विश्वविद्यालय विकि का प्रयोग सामूहिक अधिगम को बढ़ावा देने हेतु करते हैं। सार्वजनिक इंटरनेट के बजाय विकि की उपयोगिता फ़ायरवॉल के पीछे अधिक हो सकती है। 15 मार्च 2007 को, विकि शब्द ने ऑनलाइन ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोष में प्रवेश किया। अभिलक्षण वार्ड कनिंघम और सह लेखक बो लेउफ़ ने अपनी किताब दी विकि वे क्विक कोलेबोरेशन ऑन दी वेब में विकि अवधारणा के सार |
, इंट्राेनट र प्रलेखन,, शुरू म ें तकनीकी प्रयोक्ताओं के लिए आज कुछ कंपनिांय विकि का उपयोग अने एकमत्र सहयोगी सॉफ्टवेयर और स्थैतिक इंट्रानेट क े स्थानापन्न के रूप में क रती हैं और कुछ सकूल तथा वश्वविद्यालय वकिि का प्रयोग सामूहिक अधिगम को बढ़ावा देने हेतु करते हैं।। सार्वजनिक इंटरनेट के बाय विकि ीक उपयोगिता फ़ायरवॉल के पीछे अधिक हो सतकी है।। 15 मार्च 2007 को,, विकि शब्द ने ऑनलाइन ऑक्सफोर्ड अ ंग्रेजी शब्दकोष मेंप् रवश किया। अभिलक्षण वार्ड कनिंघम और सह लेखक बो ल ेउफ़ ने अपनी कताब दी विकि वे क्िक कोलेबरोेशनऑ न दी वबे में वििक अधारणा के सार का वर्णन इस प्रकार किया है विकि एक वेब ब्राउ़र क ा उपयोग करते हु | का प्रयोग सामूहिक अधिगम को बढ़ावा देने हेतु करते हैं। सार्वजनिक इंटरनेट के बजाय विकि की उपयोगिता फ़ायरवॉल के पीछे अधिक हो सकती है। 15 मार्च 2007 को, विकि शब्द ने ऑनलाइन ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोष में प्रवेश किया। अभिलक्षण वार्ड कनिंघम और सह लेखक बो लेउफ़ ने अपनी किताब दी विकि वे क्विक कोलेबोरेशन ऑन दी वेब में विकि अवधारणा के सार का वर्णन इस प्रकार किया है विकि एक वेब ब्राउज़र का उपयोग करते हुए सरल मार्कअप भाषा में दस्तावेजों के सहयोगी लेखन को सक्षम बनाता है। विकि वेबसाइट में एक पृष्ठ को विकि पृष्ठ कहा जाता है, जबकि पृष्ठों के पूरे संग्रह को, जो कि सामान्यतः हाइपरलिंक द्वारा आपस में अच्छी तरह जुड़े होते हैं, विकि कहा जाता है। विकि मूलतः जानकारी प्र |
उपयोगिता फ़ायरवॉल के पीछे अधिक हो सतकी है।। 15 मार्च 2007 को,, विकि शब्द ने ऑनलाइन ऑक्सफोर्ड अ ंग्रेजी शब्दकोष मेंप् रवश किया। अभिलक्षण वार्ड कनिंघम और सह लेखक बो ल ेउफ़ ने अपनी कताब दी विकि वे क्िक कोलेबरोेशनऑ न दी वबे में वििक अधारणा के सार का वर्णन इस प्रकार किया है विकि एक वेब ब्राउ़र क ा उपयोग करते हुए सरल मार्कअप भाषा में दस्तावेजों के सहयोगी लेखन को सक्षम बनाता है।। विकि वेबसाइ टमे एक पृष्ठ को विकि पृष्ठ कहा जाता है,, जबकि पृष्ठों के पूरे संगर्ह को, जो कि सामान्यतः हाइपरलिंक द्ावरा आपस में अच्छी तरह जुड़े होते हैं, विकि क हा जाता है।। विकि मलत जःानाकरी परदान करने, ब्राउज़ करने और खोजने का एक | का वर्णन इस प्रकार किया है विकि एक वेब ब्राउज़र का उपयोग करते हुए सरल मार्कअप भाषा में दस्तावेजों के सहयोगी लेखन को सक्षम बनाता है। विकि वेबसाइट में एक पृष्ठ को विकि पृष्ठ कहा जाता है, जबकि पृष्ठों के पूरे संग्रह को, जो कि सामान्यतः हाइपरलिंक द्वारा आपस में अच्छी तरह जुड़े होते हैं, विकि कहा जाता है। विकि मूलतः जानकारी प्रदान करने, ब्राउज़ करने और खोजने का एक डाटाबेस है। पृष्ठों का सरलता पूर्वक निर्माण और अद्यतन विकि तकनीक की परिभाष्य विशिष्टता है। सामान्यतया, संशोधनों को स्वीकारने से पहले कोई समीक्षा नहीं होती है। कई विकिज़ में आम जनता अपने उपयोगकर्ता खातों को रजिस्टर करवाए बिना भी परिवर्तन कर सकती है। कभी कभी में एक सत्र लोगइन का सुझ |
ए सरल मार्कअप भाषा में दस्तावेजों के सहयोगी लेखन को सक्षम बनाता है।। विकि वेबसाइ टमे एक पृष्ठ को विकि पृष्ठ कहा जाता है,, जबकि पृष्ठों के पूरे संगर्ह को, जो कि सामान्यतः हाइपरलिंक द्ावरा आपस में अच्छी तरह जुड़े होते हैं, विकि क हा जाता है।। विकि मलत जःानाकरी परदान करने, ब्राउज़ करने और खोजने का एक डाटाबेस है। प ृष्ठो का सरलता पूर्वक निर्माण औ अद्यतन विकि तकनीक की रपिभाष्य विशिष्टता ै।। सामान्यतया, ंसशोधनों को स्वीकारने से पहले कोई समीक्ष नहीं होती है। कई वििज़ में आम जतना अपने उपयोगकर्ता खातों को रजिस्टर करवाए बिना भी परिवर्तन कर सकती है। कभी कभी में एक सत्र लोगइन का सुझाव दिय जाता है,, संपादन पर स्व | दान करने, ब्राउज़ करने और खोजने का एक डाटाबेस है। पृष्ठों का सरलता पूर्वक निर्माण और अद्यतन विकि तकनीक की परिभाष्य विशिष्टता है। सामान्यतया, संशोधनों को स्वीकारने से पहले कोई समीक्षा नहीं होती है। कई विकिज़ में आम जनता अपने उपयोगकर्ता खातों को रजिस्टर करवाए बिना भी परिवर्तन कर सकती है। कभी कभी में एक सत्र लोगइन का सुझाव दिया जाता है, संपादन पर स्वतः हस्ताक्षर हेतु एक विकि हस्ताक्षर कुकी के निर्माण के लिए हालाँकि, कई संपादन वास्तविक समय में किये जा सकते हैं और लगभग तुंरत ऑनलाइन दिखाई देने लगते हैं। यह प्रणाली के दुरुपयोग को बढ़ावा दे सकता है। निजी विकि सर्वरों में पृष्ठों को संपादित और कभी कभार पढने के लिए भी प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती |
डाटाबेस है। प ृष्ठो का सरलता पूर्वक निर्माण औ अद्यतन विकि तकनीक की रपिभाष्य विशिष्टता ै।। सामान्यतया, ंसशोधनों को स्वीकारने से पहले कोई समीक्ष नहीं होती है। कई वििज़ में आम जतना अपने उपयोगकर्ता खातों को रजिस्टर करवाए बिना भी परिवर्तन कर सकती है। कभी कभी में एक सत्र लोगइन का सुझाव दिय जाता है,, संपादन पर स्वतः हस्ताक्षर हेतु एक विकि हस्ताकष्र कुकी के निर्माण के लए ालाि,, कई संपादन वास्तविक समय मंे किये जा सकते हैं और लगभग तुंरत ऑनलाइन दिखाई देने लगते हैं।। यह प्रणाली के दुरुपयोग को ब़ाा दे सकता है।। निजी विकि सर्वोरं ेमं पृष्ठों को संपादित और की क भार पढने के लिए भी प्रमाणीकरण की आवशयकता होीत है।। विकि | ाव दिया जाता है, संपादन पर स्वतः हस्ताक्षर हेतु एक विकि हस्ताक्षर कुकी के निर्माण के लिए हालाँकि, कई संपादन वास्तविक समय में किये जा सकते हैं और लगभग तुंरत ऑनलाइन दिखाई देने लगते हैं। यह प्रणाली के दुरुपयोग को बढ़ावा दे सकता है। निजी विकि सर्वरों में पृष्ठों को संपादित और कभी कभार पढने के लिए भी प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है। विकि पृष्ठों का संपादन विकिज़ में उपयोगकर्ता कई तरीकों से सामग्री को संपादित कर सकते हैं। सामान्यतः, विकि पृष्ठों की संरचना और स्वरूपण एक सरल मार्कअप भाषा में निर्दिष्ट होती है, जिसे कभी कभार विकिटेक्स्ट कहते हैं। उदाहरण के लिए, एक पंक्ति को एक तारक के साथ शुरू करने का प्रयोग उसको अक्सर एक बुलेटेड सूची में दर्ज करने के लिए |
तः हस्ताक्षर हेतु एक विकि हस्ताकष्र कुकी के निर्माण के लए ालाि,, कई संपादन वास्तविक समय मंे किये जा सकते हैं और लगभग तुंरत ऑनलाइन दिखाई देने लगते हैं।। यह प्रणाली के दुरुपयोग को ब़ाा दे सकता है।। निजी विकि सर्वोरं ेमं पृष्ठों को संपादित और की क भार पढने के लिए भी प्रमाणीकरण की आवशयकता होीत है।। विकि पृष्ोठं का संादन वििकज़ मं उपयोगकर्त कई तरीकों से सामग्री को संपादित र सकते हैं।। सामान्यतः, विकि पृष्ठों की संरचना और स्वरूपण एक सरल मार्कअप ाषा में निर्दिष्ट होती है,, जिेस कभी कभार विकिटेक्स्ट कहते हैं।। उदाहरण के लिए,, एक पंक्ति को एक तारक के साथ ुशरू करेन का प्रयोग उसको अक्सर एक बुलेटेड सूची में दर्ज | है। विकि पृष्ठों का संपादन विकिज़ में उपयोगकर्ता कई तरीकों से सामग्री को संपादित कर सकते हैं। सामान्यतः, विकि पृष्ठों की संरचना और स्वरूपण एक सरल मार्कअप भाषा में निर्दिष्ट होती है, जिसे कभी कभार विकिटेक्स्ट कहते हैं। उदाहरण के लिए, एक पंक्ति को एक तारक के साथ शुरू करने का प्रयोग उसको अक्सर एक बुलेटेड सूची में दर्ज करने के लिए होता है। विकिटेक्स्ट की शैली और वाक्यविन्यास बहुत भिन्न होते हैं, इनमें से कुछ HTML टैग्स की अनुमति भी देते हैं। इस दृष्टिकोण को रखने का कारण यह है कि एचटीएमएल, इसके कई गूढ़ टैगों के साथ बहुत सुवाच्य नहीं है इसलिए इसे संपादित करना मुश्किल होता है। इसलिए विकि सरल पाठ्य संपादन को तवज्जो देते हैं जहाँ HTML की तुल |
पृष्ोठं का संादन वििकज़ मं उपयोगकर्त कई तरीकों से सामग्री को संपादित र सकते हैं।। सामान्यतः, विकि पृष्ठों की संरचना और स्वरूपण एक सरल मार्कअप ाषा में निर्दिष्ट होती है,, जिेस कभी कभार विकिटेक्स्ट कहते हैं।। उदाहरण के लिए,, एक पंक्ति को एक तारक के साथ ुशरू करेन का प्रयोग उसको अक्सर एक बुलेटेड सूची में दर्ज रने के लिए ह तोा है।। विकिटेक्स्ट की शैली और वाक्यविन्यास बहुत भिन्न होते हैं, इमें से कुछ HTML टैग्स की अनुमति भी ेदते हैं।। इस दृष्टिकोण को रखने का कारण यह है कि एचटीएमएल, इसके कई गूढ़ टगैो ं के साथ बहुत सुवाच्य नहं है इसलिए इसे संापदित करना मुश्किल होताहै। इसलिए वकि सरल पाठ्य संपादन को तज्ज | होता है। विकिटेक्स्ट की शैली और वाक्यविन्यास बहुत भिन्न होते हैं, इनमें से कुछ HTML टैग्स की अनुमति भी देते हैं। इस दृष्टिकोण को रखने का कारण यह है कि एचटीएमएल, इसके कई गूढ़ टैगों के साथ बहुत सुवाच्य नहीं है इसलिए इसे संपादित करना मुश्किल होता है। इसलिए विकि सरल पाठ्य संपादन को तवज्जो देते हैं जहाँ HTML की तुलना में शैली और संरचना के लिए कम और आसान नियम होते हैं। हालांकि विकि के HTML और कास्केडिंग शैली पत्रकों का सीमित अभिगम उपयोगकर्ताओं द्वारा विकि सामग्री के ढांचे और स्वरूप में परिवर्तन करने की आज़ादी को भी सीमित कर देता है, इसके कुछ फायदे भी हैं। सीएसएस तक सीमित अभिगम इसके अवलोकन में समानता प्रदान करता है और जावास्क्रिप्ट को अक्षम करके |
रने के लिए ह तोा है।। विकिटेक्स्ट की शैली और वाक्यविन्यास बहुत भिन्न होते हैं, इमें से कुछ HTML टैग्स की अनुमति भी ेदते हैं।। इस दृष्टिकोण को रखने का कारण यह है कि एचटीएमएल, इसके कई गूढ़ टगैो ं के साथ बहुत सुवाच्य नहं है इसलिए इसे संापदित करना मुश्किल होताहै। इसलिए वकि सरल पाठ्य संपादन को तज्जो देते ह ैं जहाँ HTML की तुलना में शैली और संरचना के लिए कम और आसान नयिम होते हैं।। हालांकि विकि ेक HTML और ास्केडिंग ली पत्रकों का सीमित अभिगम उपयोगकर्ताओं ्वारा विकि सामग्री के ढांचे और स्वरूप में परिवर्तन कने की आज़ादी को भी सीमित कर देता है,, इसके कुछ फायदे भी हैं।। सीएसएस तक सीमित अभिगम इसके अवलोकन में समानता प्रदान | ना में शैली और संरचना के लिए कम और आसान नियम होते हैं। हालांकि विकि के HTML और कास्केडिंग शैली पत्रकों का सीमित अभिगम उपयोगकर्ताओं द्वारा विकि सामग्री के ढांचे और स्वरूप में परिवर्तन करने की आज़ादी को भी सीमित कर देता है, इसके कुछ फायदे भी हैं। सीएसएस तक सीमित अभिगम इसके अवलोकन में समानता प्रदान करता है और जावास्क्रिप्ट को अक्षम करके उपयोगकर्ता को कोड, जो कि अन्य उपयोगकर्ताओं के अभिगम को सीमित कर सकता है, लागू करने से रोका जा सकता है। अधिकाधिक, विकिज़ WWYSIWYG संपादन को उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा रहे हैं, आमतौर पर जावास्क्रिप्ट या एक एक्टिव एक्स नियंत्रण के माध्यम से जो बोल्ड और इटेलिक्स जैसे ग्राफिकली प्रविष्ट स्वरूपण निर्देशों को उनके अनुकूल HTML टैग या विकिटेक्स्ट में अनु |
ो देते ह ैं जहाँ HTML की तुलना में शैली और संरचना के लिए कम और आसान नयिम होते हैं।। हालांकि विकि ेक HTML और ास्केडिंग ली पत्रकों का सीमित अभिगम उपयोगकर्ताओं ्वारा विकि सामग्री के ढांचे और स्वरूप में परिवर्तन कने की आज़ादी को भी सीमित कर देता है,, इसके कुछ फायदे भी हैं।। सीएसएस तक सीमित अभिगम इसके अवलोकन में समानता प्रदान करता है और जावास्क्रिप्ट को अक्षम करके उपयोगकर्त को कोड,, जो कि अन्य उपयोगकर्ताओं के अभिगम को सीमित कर सका है लागू करने से रोकाजा सकता है।। अधिाधिक,, विकिज़ WWYSIWYG संपान को उयोगकर्तांओ के लिए उलब्ध करा रहे हैं, आमतौर पर जावास्क्रिप्ट या एक एक्टिव एक्स नियंत्रण क माध्यम से जो बोल्ड और इटेलिक्स जैसे ग्राफिकली प्रविष्ट स्वरूपण | उपयोगकर्ता को कोड, जो कि अन्य उपयोगकर्ताओं के अभिगम को सीमित कर सकता है, लागू करने से रोका जा सकता है। अधिकाधिक, विकिज़ WWYSIWYG संपादन को उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा रहे हैं, आमतौर पर जावास्क्रिप्ट या एक एक्टिव एक्स नियंत्रण के माध्यम से जो बोल्ड और इटेलिक्स जैसे ग्राफिकली प्रविष्ट स्वरूपण निर्देशों को उनके अनुकूल HTML टैग या विकिटेक्स्ट में अनुवादित कर देते हैं। इनमें, पृष्ठ के नवीन संपादित, मार्क्डअप संस्करण का मार्कअप उत्पन्न होता है और पारदर्शी तरीके से सर्वर को प्रस्तुत कर दिया जाता है, उपयोगकर्ता इन तकनीकी विस्तारों से बचा रहता है। हालांकि, WYSIWYG नियंत्रण विकिटेक्स्ट में उपलब्ध सभी सुविधाओं को हमेशा प्रदान नहीं करते हैं। अधिकांश विकि पृष्ठों में किये गए परिवर्तनों का रिकॉ |
करता है और जावास्क्रिप्ट को अक्षम करके उपयोगकर्त को कोड,, जो कि अन्य उपयोगकर्ताओं के अभिगम को सीमित कर सका है लागू करने से रोकाजा सकता है।। अधिाधिक,, विकिज़ WWYSIWYG संपान को उयोगकर्तांओ के लिए उलब्ध करा रहे हैं, आमतौर पर जावास्क्रिप्ट या एक एक्टिव एक्स नियंत्रण क माध्यम से जो बोल्ड और इटेलिक्स जैसे ग्राफिकली प्रविष्ट स्वरूपण निर्देशों को उनके अनुूकल HTML टैग या विकिटेक्स्ट में अनुवादित र देते हैं।। इमनें, प ृष्ठ के नवीन संपादित,, मार््डअप संस्करण का मा्कअप तपन् न होता है औ पारदर्शी तरीके से सर्वर क ो प्रस्तुत क र दिया जाता ह, उपयोगकर्ता इन तकनीकी वि्तारों से बचा रहता है।। हालांकि,, WYSIWYG ियंत्रण विकिटेक्स्ट में उपलब्ध सभी सुविधाओं | वादित कर देते हैं। इनमें, पृष्ठ के नवीन संपादित, मार्क्डअप संस्करण का मार्कअप उत्पन्न होता है और पारदर्शी तरीके से सर्वर को प्रस्तुत कर दिया जाता है, उपयोगकर्ता इन तकनीकी विस्तारों से बचा रहता है। हालांकि, WYSIWYG नियंत्रण विकिटेक्स्ट में उपलब्ध सभी सुविधाओं को हमेशा प्रदान नहीं करते हैं। अधिकांश विकि पृष्ठों में किये गए परिवर्तनों का रिकॉर्ड रखते हैं प्रायः पृष्ठ के सभी संस्करण संग्रहीत होते हैं। इसका मतलब है कि लेखक पृष्ठ के पुराने संस्करण पर जा सकते हैं, यदि यह आवश्यक हो जाये क्योंकि कोई गलती कर दी गयी है अथवा पृष्ठ से छेड़छाड़ की गयी है। कई कार्यान्वयन उपयोगकर्ताओं को पृष्ठ संपादित करते समय संपादन सारांश की आपूर्ति करने की अनुमति प्रदान करते हैं। |
निर्देशों को उनके अनुूकल HTML टैग या विकिटेक्स्ट में अनुवादित र देते हैं।। इमनें, प ृष्ठ के नवीन संपादित,, मार््डअप संस्करण का मा्कअप तपन् न होता है औ पारदर्शी तरीके से सर्वर क ो प्रस्तुत क र दिया जाता ह, उपयोगकर्ता इन तकनीकी वि्तारों से बचा रहता है।। हालांकि,, WYSIWYG ियंत्रण विकिटेक्स्ट में उपलब्ध सभी सुविधाओं को हमेशा प्रदान नहीं करते हैं। अधिकांश वकिि पृषठों में किये गए परिवर्तनों क रिकॉर्ड रखते हैं प्रायः पृष्ठ के सभी संस्करण ं्गरहीत होते हैं।। इसका मतलब है कि लेखक पृष्ठ के पुराने संस्करण पर जा सकते ैं, यदि यह आवश्यक हो जयाे क्योंकि कोई लती कर दी गयी है अथवा पृष्ठ े छेड़छाड की गयी है। कई कार्या | र्ड रखते हैं प्रायः पृष्ठ के सभी संस्करण संग्रहीत होते हैं। इसका मतलब है कि लेखक पृष्ठ के पुराने संस्करण पर जा सकते हैं, यदि यह आवश्यक हो जाये क्योंकि कोई गलती कर दी गयी है अथवा पृष्ठ से छेड़छाड़ की गयी है। कई कार्यान्वयन उपयोगकर्ताओं को पृष्ठ संपादित करते समय संपादन सारांश की आपूर्ति करने की अनुमति प्रदान करते हैं। यह परिवर्तनों के सारांश का एक लघु पाठ होता है यह लेख में नहीं डाला जाता है, बल्कि ये संशोधन के साथ संगृहीत होता है, उपयोगकर्ताओं को यह समझाने का मौका देता है कि क्या और क्यों किया गया है यह एक लॉग संदेश के समान है जब एक संशोधन नियंत्रण प्रणाली में परिवर्तन किया जाता है। नेविगेशन आमतौर पर अधिकांश पृष्ठों के भीतर अन्य पृ |
को हमेशा प्रदान नहीं करते हैं। अधिकांश वकिि पृषठों में किये गए परिवर्तनों क रिकॉर्ड रखते हैं प्रायः पृष्ठ के सभी संस्करण ं्गरहीत होते हैं।। इसका मतलब है कि लेखक पृष्ठ के पुराने संस्करण पर जा सकते ैं, यदि यह आवश्यक हो जयाे क्योंकि कोई लती कर दी गयी है अथवा पृष्ठ े छेड़छाड की गयी है। कई कार्यान्वयन उपयोगकर्ताओं को पृष्ठ संपादित करत समय संपादन सरांश की आपूर्ति करने की अनुमत िप्रदान करते हैं।। यह परिवर्तनों के सारांश का एक लघु पाठ होत है य ह लेख में नहीं डाला जाता है,, बल्कि ये संोशधन के साथ संगृहीत होता है,, उयपोगकर्ताओं को यह समझाने का मौका देता है कि क्या और क्यों किया गय है यह एक लॉग संदेश के समान है | यह परिवर्तनों के सारांश का एक लघु पाठ होता है यह लेख में नहीं डाला जाता है, बल्कि ये संशोधन के साथ संगृहीत होता है, उपयोगकर्ताओं को यह समझाने का मौका देता है कि क्या और क्यों किया गया है यह एक लॉग संदेश के समान है जब एक संशोधन नियंत्रण प्रणाली में परिवर्तन किया जाता है। नेविगेशन आमतौर पर अधिकांश पृष्ठों के भीतर अन्य पृष्ठों पर जाने के लिए बड़ी संख्या में हाइपरटेक्स्ट लिंक होते हैं। संरचितऔपचारिक नेविगेशन योजनाओं की तुलना में नेविगेशन का यह गैररैखिक प्रकार विकि के लिए ज्यादा स्थानीय है। उपयोगकर्ता पदानुक्रमित वर्गीकरण या अपनी इच्छानुसार संगठन के किसी भी प्रकार के पृष्ठ सामग्री के इंडेक्स या तालिकाएँ बना सकते हैं। इनको हाथ से बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सक |
न्वयन उपयोगकर्ताओं को पृष्ठ संपादित करत समय संपादन सरांश की आपूर्ति करने की अनुमत िप्रदान करते हैं।। यह परिवर्तनों के सारांश का एक लघु पाठ होत है य ह लेख में नहीं डाला जाता है,, बल्कि ये संोशधन के साथ संगृहीत होता है,, उयपोगकर्ताओं को यह समझाने का मौका देता है कि क्या और क्यों किया गय है यह एक लॉग संदेश के समान है जब ए क सशोधन नियंत्रण प्रणाली में परिवर्तन किया जाता है।। नेविगेशन आमतौर पर अधिकांश ृपष्ों के भीतर अन् पृष्ठों पर जाने के लिए बड़ी संख्या में हाइपरटेक्स्ट लंक हतेो हैं।। संरचितऔपचारिक नेवगिेशन योजनाओं की तुलना में नेविगेशन का यह गैररैखिक प्कार िकि के लिए ज्यादा स्ाथनीय है। उपोयगकर्ता पदानुक्रमित | ष्ठों पर जाने के लिए बड़ी संख्या में हाइपरटेक्स्ट लिंक होते हैं। संरचितऔपचारिक नेविगेशन योजनाओं की तुलना में नेविगेशन का यह गैररैखिक प्रकार विकि के लिए ज्यादा स्थानीय है। उपयोगकर्ता पदानुक्रमित वर्गीकरण या अपनी इच्छानुसार संगठन के किसी भी प्रकार के पृष्ठ सामग्री के इंडेक्स या तालिकाएँ बना सकते हैं। इनको हाथ से बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि कई लेखक तदर्थ तरीके से पृष्ठों को बनाते और नष्ट करते रहते हैं। ऐसे इंडेक्स पृष्ठों के रखरखाव हेतु आम तौर पर विकिज़ पृष्ठों को वर्गीकृत और टैग करने के लिए एक या अधिक तरीके प्रदान करते हैं। अधिकांश विकिज़ में बेकलिंक विशेषता होती है, जो प्रदीप्त पृष्ठ से जुड़े सभी पृष्ठों को दर्शाता है। उन |
जब ए क सशोधन नियंत्रण प्रणाली में परिवर्तन किया जाता है।। नेविगेशन आमतौर पर अधिकांश ृपष्ों के भीतर अन् पृष्ठों पर जाने के लिए बड़ी संख्या में हाइपरटेक्स्ट लंक हतेो हैं।। संरचितऔपचारिक नेवगिेशन योजनाओं की तुलना में नेविगेशन का यह गैररैखिक प्कार िकि के लिए ज्यादा स्ाथनीय है। उपोयगकर्ता पदानुक्रमित वर्गीकरण या अपनी इच्छानुसार संगठन के किसी भी प्रकार के पृष्ठ सामग्री के इंेडक्स या तालिकाएँ बना सकते हैं।। इनको हाथ से नाए रखना चुनौतीूपर्ण हो सकता ै, क्ोंकि क लेखक तदर्थ तरीके से पृष्ठों को बनाते और नष्ट करे रहते हैं। ऐसे इंडेक्स पृष्ठों के रखराखव हेतु आम तौर पर विकिज़ पृष्ठों को वर्गीकृत और टैग करने के | ता है, क्योंकि कई लेखक तदर्थ तरीके से पृष्ठों को बनाते और नष्ट करते रहते हैं। ऐसे इंडेक्स पृष्ठों के रखरखाव हेतु आम तौर पर विकिज़ पृष्ठों को वर्गीकृत और टैग करने के लिए एक या अधिक तरीके प्रदान करते हैं। अधिकांश विकिज़ में बेकलिंक विशेषता होती है, जो प्रदीप्त पृष्ठ से जुड़े सभी पृष्ठों को दर्शाता है। उन पृष्ठों का निर्माण जो अभी अस्तित्व में नहीं हैं, विकि की एक विशेषता है। इसके द्वारा विकि नए विषयों पर दूसरों को अपने विचार प्रकट करने के लिए आमंत्रित करता है। पृष्ठों को बनाना और जोड़ना कड़ियाँ एक विशिष्ट वाक्यविन्यास के उपयोग द्वारा बनायीं जाती हैं, तथाकथित लिंक पैटर्न शुरुआत में अधिकांश विकिज़ पृष्ठों के नामकरण और कडियाँ बनाने के |
वर्गीकरण या अपनी इच्छानुसार संगठन के किसी भी प्रकार के पृष्ठ सामग्री के इंेडक्स या तालिकाएँ बना सकते हैं।। इनको हाथ से नाए रखना चुनौतीूपर्ण हो सकता ै, क्ोंकि क लेखक तदर्थ तरीके से पृष्ठों को बनाते और नष्ट करे रहते हैं। ऐसे इंडेक्स पृष्ठों के रखराखव हेतु आम तौर पर विकिज़ पृष्ठों को वर्गीकृत और टैग करने के लिए एक या अधि क तरीके प्रदान करते हैं। अधिकां विकिज़ में बेकलिंक िशेषताहतोी है,, जो प्रदीप्त पृष्ठ ेस जु़डे सी पृष्ठों को दर्शाता है। उन पृष्ठों का निरम्ाण जो अभी अस्तित्व में हीं है,ं, विकि की एक विशेषता ह।ै इसके द्वारा विकि नए विषयों पर दूसरों को अने िवचार प्रकट रकने के लिए आमंत्रित क रता है। पृ | पृष्ठों का निर्माण जो अभी अस्तित्व में नहीं हैं, विकि की एक विशेषता है। इसके द्वारा विकि नए विषयों पर दूसरों को अपने विचार प्रकट करने के लिए आमंत्रित करता है। पृष्ठों को बनाना और जोड़ना कड़ियाँ एक विशिष्ट वाक्यविन्यास के उपयोग द्वारा बनायीं जाती हैं, तथाकथित लिंक पैटर्न शुरुआत में अधिकांश विकिज़ पृष्ठों के नामकरण और कडियाँ बनाने के लिए CamelCase का उपयोग करते थे। इनको किसी वाक्य में शब्दों को बड़े अक्षरों में लिखकर और उनके बीच के रिक्त स्थानों को हटाकर बनाया जाता है जहाँ एक ओर कामेल्कासे लिकिंग को बहुत आसान बनाता है, यह उन लिंक्स में भी सहायता करता है जो ऐसे रूप में लिखे गये है जो मानक वर्तनी से व्युत्पन्न हुआ है। CamelCase आधारित विकिज़ तुंरत ही पहचानी जाती |
लिए एक या अधि क तरीके प्रदान करते हैं। अधिकां विकिज़ में बेकलिंक िशेषताहतोी है,, जो प्रदीप्त पृष्ठ ेस जु़डे सी पृष्ठों को दर्शाता है। उन पृष्ठों का निरम्ाण जो अभी अस्तित्व में हीं है,ं, विकि की एक विशेषता ह।ै इसके द्वारा विकि नए विषयों पर दूसरों को अने िवचार प्रकट रकने के लिए आमंत्रित क रता है। पृष्ठों को बनाना और जोड़ना क़िायँ एक विशिष्ट वाक्यविन्यास के उपयोग द्ारा बनायीं जाती हैं,, तथाकथि त लिंक पैटर्न शुरुआत में अधिकांश विकिज़ पृष्ठों केनामकरण और कडियाँ बनाने के लिए CameClase का उपयोग करते थे।। इनको किसी वाक्य में शब्दों को बडे़ अ्षरों में िलखक औरर उनके बीच के रिक्त स्थानों को हटाकर बनाया जाता है ज | लिए CamelCase का उपयोग करते थे। इनको किसी वाक्य में शब्दों को बड़े अक्षरों में लिखकर और उनके बीच के रिक्त स्थानों को हटाकर बनाया जाता है जहाँ एक ओर कामेल्कासे लिकिंग को बहुत आसान बनाता है, यह उन लिंक्स में भी सहायता करता है जो ऐसे रूप में लिखे गये है जो मानक वर्तनी से व्युत्पन्न हुआ है। CamelCase आधारित विकिज़ तुंरत ही पहचानी जाती हैं क्योंकि उनमें BeginnerQuestions और TableOfContents जैसे नामों वाली कई कडियाँ होती हैं। विकि में दिखाई देने वाले शब्दों को सुन्दर बनाने के लिए उनके बीच रिक्त स्थानों को पुनः डाल देना संभव है और संभवतः छोटे शब्दों में भी लिखा जा सकता है। हालांकि, पाठन को बेहतर बनाने के लिए कड़ी का यह पुनःपरिष्करण, CamelCase उत्क्रमण के कारण होने वाली बड़े शब्द |
ष्ठों को बनाना और जोड़ना क़िायँ एक विशिष्ट वाक्यविन्यास के उपयोग द्ारा बनायीं जाती हैं,, तथाकथि त लिंक पैटर्न शुरुआत में अधिकांश विकिज़ पृष्ठों केनामकरण और कडियाँ बनाने के लिए CameClase का उपयोग करते थे।। इनको किसी वाक्य में शब्दों को बडे़ अ्षरों में िलखक औरर उनके बीच के रिक्त स्थानों को हटाकर बनाया जाता है जहाँ एक ओर कामेल्कासे लिकिंग कोबहुत आान बनाता है,, यह उन लिंक्स में भी सहयताा करता है ोज ऐसे रूप में लिखे गयेह ै जो मानक वर्तनी से व्युत्पन्न हुआ है।। CamelCase आधारित विकिज़ तुंरत ही पहचानी जाती ैं क्योंकि उनमें BeginnerQuestions और TableOfContenst ज से नामं वाल कई कडियाँ होती हैं। विकि मंे दिखाई देने वाले शब्दों को सुन | हैं क्योंकि उनमें BeginnerQuestions और TableOfContents जैसे नामों वाली कई कडियाँ होती हैं। विकि में दिखाई देने वाले शब्दों को सुन्दर बनाने के लिए उनके बीच रिक्त स्थानों को पुनः डाल देना संभव है और संभवतः छोटे शब्दों में भी लिखा जा सकता है। हालांकि, पाठन को बेहतर बनाने के लिए कड़ी का यह पुनःपरिष्करण, CamelCase उत्क्रमण के कारण होने वाली बड़े शब्दों की जानकारी के नुकसान द्वारा सीमित हो जाता है। उदाहरण के लिए, RichardWagner को Richard Wagner के रूप में दिखना चाहिए, जबकि PopularMusic को popular music के रूप में दिखना चाहिए यह पता लगाने का कोई आसान तरीका नहीं है कि किन बड़े शब्दों को बड़ा ही रहना चाहिए परिणामस्वरूप, कई विकिज़ में अब कोष्ठक का उपयोग करने वाली मुक्त कडियाँ हैं और कुछ में तो पहले से |
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