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व्हाइट हाउस में ओबामा बाइडन को उपराष्ट्रपति बोलकर चौंकाया फिर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच गले लगाया कहा ये तो मजाक था
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व्हाइट हाउस में मंगलवार को जब बराक ओबामा स्वास्थ्य देखभाल की लागत पर संयुक्त कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए मंच पर खड़े हुए तो उन्होंने अपने कार्यकाल की तरह सामान्य रूप से लोगों को संबोधित करते हुए वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति को "उप राष्ट्रपति बाइडन" के रूप में मजाक में संबोधित करते हुए अपना भाषण शुरू किया।
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा 2017 में पद छोड़ने के बाद मंगलवार को पहली बार व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। ओबामा 2009 से 2017 तक लगातार दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे। वह बाइडन के साथ अपने अफोर्डेबल केयर एक्ट के पारित होने का जश्न मनाने के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे थे बाइडन ने ओबामा के दो कार्यकालों में व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा दी थी।ओबामा ने बाइडन को कहा उपराष्ट्रपति व्हाइट हाउस में मंगलवार को जब बराक ओबामा स्वास्थ्य देखभाल की लागत पर संयुक्त कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए मंच पर खड़े हुए तो उन्होंने अपने कार्यकाल की तरह सामान्य रूप से लोगों को संबोधित करते हुए वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति को "उप राष्ट्रपति बाइडन" के रूप में मजाक में संबोधित करते हुए अपना भाषण शुरू किया।इसके बाद दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच वह बाइडन को गले लगाने चले गए और उन्होंने कहा कि "यह एक मजाक था। यह सब पहले से ही तय किया गया था।" ओबामा अपने संबोधन में बाइडन प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की घोषणा कर रहे थे जिससे लाखों अमेरिकियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा सस्ती हो जाएगी।ओबामा का व्हाइट हाउस का दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अधिनियम पारित होने के समय ओबामा के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत बाइडन की लोकप्रियता में गिरावट देखी जा रही है।बाइडन की लोकप्रियता में यह गिरावट मध्यावधि चुनावों से पहले हो रही है यह चुनाव अमेरिकी हाउस और सीनेट के स्वरूप का निर्धारण करेगा। फिलहाल दोनों सदनों पर बहुत कम अंतर से डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण है।अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि किसी भी सदन में हार से बाइडन के विधायी एजेंडे पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। बाइडन हाल के महीनों में पहले से ही एक कठिन लड़ाई का सामना कर रहे हैं। जबकि ओबामा अभी भी व्यापक रूप से लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति बने हुए हैं और आमतौर पर पार्टी के आधार को महत्वपूर्ण बनाने के लिए तैनात किए जाते हैं।इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि एसीए कार्यक्रम दो दोस्तों की मुलाकात की गवाह बनी। साकी ने ओबामा और बाइडन के बारे में कहा कि "वे असली दोस्त हैं सिर्फ वाशिंगटन के दोस्त नहीं वे एक साथ व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के दौरान करीब आए थे।" क्या है अफोर्डेबल केयर एक्ट अफोर्डेबल केयर एक्ट एसीए जिसे औपचारिक रूप से रोगियों की सुरक्षा और सस्ती देखभाल अधिनियम के रूप में जाना जाता है और बोलचाल की भाषा में "ओबामाकेयर" के रूप में जाना जाता है। यह 111वीं अमेरिकी कांग्रेस द्वारा अधिनियमित एक ऐतिहासिक संयुक्त राज्य संघीय कानून है। जिसे 23 मार्च 2010.को तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हस्ताक्षर कर कानून का रूप दिया था। रिपब्लिकन द्वारा कानून को निरस्त करने के प्रयासों के बीच यह अधिनियम तीन बार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बावजूद वजूद में है।
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मदद नेपाल में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चार करोड़ देगा भारत समझौते हुए हस्ताक्षर
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भारतीय दूतावास ने बताया कि इस परियोजना से सोलुखुंबु के खुमजुंग गांव में रहने वाले लोगों को सुरक्षित पानी मिल सकेगा और स्वच्छता में सुधार होगा जो सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जरूरी हैं।
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पूर्वी नेपाल में अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए भारत 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद देगा। भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार के संघीय मामले और सामान्य प्रशासन विभाग और खुंबु पासंग ल्हामू ग्रामीण नगर पालिका सोलुखुंबु के साथ खुमजुंग खुंडे अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजना के निर्माण के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत इसमें 4.10 करोड़ से ज्यादा की वित्तीय मदद देगा।भारतीय दूतावास ने बताया कि इस परियोजना से सोलुखुंबु के खुमजुंग गांव में रहने वाले लोगों को सुरक्षित पानी मिल सकेगा और स्वच्छता में सुधार होगा जो सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जरूरी हैं।निकट पड़ोसी भारत और नेपाल के बीच व्यापक और बहुक्षेत्रीय सहयोग है। यह परियोजना लागू होने से अपने लोगों के जीवन स्तर को उठाने के लिए नेपाल सरकार के प्रयासों में भारतीय सहयोग परिलक्षित होगा।
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पाकिस्तान बुशरा की करीबी मित्र फराह खान पहुंचीं दुबई पति जा चुके थे अमेरिका
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पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग पीएमएल एन उपाध्यक्ष मरियम का दावा है कि फराह का भ्रष्टाचार इमरान और बुशरा की शह पर चल रहा था। इमरान को डर है कि सत्ता हाथ से जाते ही उनके घोटाले सामने आ सकते हैं।
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प्रधानमंत्री इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी की करीबी मित्र फराह खान रविवार को देश छोड़कर दुबई पहुंच गईं। आशंका जताई जा रही थी कि पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उनके पति अहसन जमील गुज्जर पहले ही अमेरिका जा चुके हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने यह जानकारी दी।विपक्ष का आरोप है कि फराह ने अधिकारियों को मनपसंद पद दिला मोटी रकम कमाई है। यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा घोटाला है और फराह ने 600 करोड़ पाकिस्तानी रुपये वसूले हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग पीएमएल एन उपाध्यक्ष मरियम का दावा है कि फराह का भ्रष्टाचार इमरान और बुशरा की शह पर चल रहा था। इमरान को डर है कि सत्ता हाथ से जाते ही उनके घोटाले सामने आ सकते हैं।हाल ही में हटाए गए पंजाब के गवर्नर चौधरी सरवर और इमरान के पुराने दोस्त व पीटीआई के लिए पैसे का इंतजाम करने वाले अलीम खान का भी आरोप है कि फराह ने पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार के माध्यम से ट्रांसफरपोस्टिंग करा अरबों रुपये कमाए हैं। उधर ऐसी भी खबरें हैं कि इमरान के पद से हटते ही उनके कई अन्य करीबी भी देश छोड़ने की योजना बना चुके हैं।इमरान ने पहले ही जताई थी आशंकाप्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में आशंका जताई थी कि नई सरकार उन्हें और उनकी पत्नी को बदनाम करने के लिए अभियान चलाएगी। उन्होंने साथ ही कहा था कि फराह को खिलाफ भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाएंगे।
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पाकिस्तान शीर्ष कोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव संसदीय कार्यवाही का रिकॉर्ड मांगा फिर सुनवाई
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दालत सिर्फ रिकॉर्ड देख अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने और बाद में सदन भंग करने के लिए डिप्टी स्पीकर द्वारा उठाए कदमों की सांविधानिकता का पता लगाना चाहती है।
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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर नेशनल असेंबली की कार्यवाही का रिकॉर्ड मांगते हुए सुनवाई बुधवार तक स्थगित कर दी।इससे पहले पाक निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि वह तीन माह में चुनाव कराने में सक्षम नहीं है। लेकिन बाद में वह अपनी टिप्पणी से पलट गया और कहा उसने ऐसा कोई बयान मीडिया को जारी नहीं किया।पाक निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अफसर ने मीडिया से कहा था कि नया परिसीमन व मतदाता सूची की तैयारी एक चुनौती है इस कारण आम चुनाव के लिए छह माह का वक्त चाहिए। जबकि इमरान खान ने 3 माह में चुनाव की बात कहकर राष्ट्रपति से संसद भंग कराई थी। विवाद बढ़ते देख चुनाव आयोग अपने बयान से पलट गया। उधर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल की अध्यक्षता में 5 जजों की पीठ ने मंगलवार को भी सुनवाई की।बंदियाल ने कहा अदालत सिर्फ रिकॉर्ड देख अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने और बाद में सदन भंग करने के लिए डिप्टी स्पीकर द्वारा उठाए कदमों की सांविधानिकता का पता लगाना चाहती है। हमारा ध्यान सिर्फ इसी पर है।जो भी हुआ वह सिर्फ मॉर्शल लॉ पीपीपीसुनवाई शुरू होते ही पीपीपी के सीनेटर रजा रब्बानी ने कहा कि अदालत को संसदीय कार्यवाही की सीमा जांचनी चाहिए थी। जो भी हुआ है उसे केवल नागरिक मार्शल लॉ कहा जा सकता है। उन्होंने स्पीकर का फैसला अवैध बताया क्योंकि प्रस्ताव को मतदान के बिना खारिज नहीं किया जा सकता है।पाक एनएसए मोईद यूसुफ का इस्तीफापाक में सियासी व सांविधानिक संकट के बीच देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह जानकारी आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर दी। यूसुफ ने ट्वीट किया मैं पद छोड़ रहा हूं और बेहद संतुष्ट हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि एनएसए का पद और राष्ट्रीय सुरक्षा दफ्तर एक प्रतिष्ठित संस्थान हैं। यहां पर एक बेहतरीन टीम काम करती है जो आगे भी पाकिस्तान को गर्व करने का मौका देती है।नई सरकार के गठन तक आईएमएफ की फंडिंग रुकीपाकिस्तान में सांविधानिक संकट में बदले सियासी गतिरोध को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के वित्तपोषण से एक और झटका मिला है। इस्लामाबाद में आईएमएफ के स्थानीय प्रतिनिधि एस्तेर पेरेज रुइज ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद फंड जारी होगा। इसी के साथ पाक के लिए 6 अरब डॉलर के फंड में गतिरोध आ गया है जबकि पीएम इमरान खान ने टैक्स माफी योजना और ऊर्जा कीमतों में कटौती से जुड़े राहत पैकेज की घोषणा की है।सत्ता परिवर्तन के प्रयास में अमेरिका के शामिल होने के सबूत नहीं पाक सेना पाकिस्तानी सेना ने प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान का खंडन किया है जिसमें उन्होंने अमेरिका पर अपनी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। सेना ने कहा देश के आंतरिक मामलों में दखल का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। इमरान ने 27 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद दावा किया था कि एक अमेरिकी पत्र उनकी सरकार को गिराने के लिए लिखा गया था और यह पाक मामलों में दखल था। उन्होंने कहा परिषद ने भी उनके रुख का समर्थन किया है। इससे यह धारणा बनी कि सेना का सरकार के विचार को समर्थन है जबकि परिषद के बयान पर सेना ने हस्ताक्षर तक नहीं किए।
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श्रीलंका इस्तीफा नहीं देंगे राष्ट्रपति बहुमत वाले को सौंपेंगे सत्ता राजपक्षे ने कहा पहले असेंबली में 113 सांसदों का समर्थन जुटाएं
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राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा कि वह इस्तीफा देने के बजाय उस दल को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हैं जो संसद में बहुमत साबित कर दे।
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श्रीलंका में जारी आर्थिक व राजनीतिक संकट के बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे का इस्तीफा मांगा है। जनता भी सड़कों पर गोतबाया के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस बीच राष्ट्रपति की एकता सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद गोतबाया ने इस्तीफे की मांग खारिज करते हुए कहा वह उस स्थिति में सत्ता सौंपने को तैयार हैं जब कोई दल 225 सदस्यों वाली असेंबली में 113 सदस्यों के साथ बहुमत साबित कर देगा।डेली मिरर अखबार की रिपोर्ट के अनुसार राजपक्षे ने देशभर में जारी सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के बीच कई राजनीतिक बैठकें कीं। उन्होंने कहा वह इस्तीफा देने के बजाय उस दल को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हैं जो संसद में बहुमत साबित कर दे। इससे पहले विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति गोचबाया राजपक्षे की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विपक्ष से मिलीजुली सरकार के एकता मंत्रिमंडल में शामिल होने का अनुरोध किया था। बता दें श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है और लोग घंटों बिजली कटौती व जरूरी चीजों की कमी का सामना कर रहे हैं।सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषितश्रीलंका में दवाइयों की भारी कमी होने लगी है। इसके बाद देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि देश के अस्पतालों में अब केवल इमरजेंसी केस को प्राथमिकता दी जाएगी। माना जा रहा है कि यदि मौजूदा आर्थिक संकट जारी रहा तो दवाइयों की कमी बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच जाएगी।श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमजोर हुईश्रीलंकाई संसद में राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का बहुमत खतरे में पड़ गया है। राष्ट्रपति द्वारा गत सप्ताह आपातकाल की घोषणा करने के बाद देश की 225 सदस्यीय संसद ने मंगलवार को पहले सत्र का कामकाज शुरू किया। माना जा रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति सिरीसेना की अगुवाई में श्रीलंका फ्रीडम पार्टी के असंतुष्ट सांसद सत्तारूढ़ गठबंधन का दामन छोड़ सकते हैं। पार्टी के 14 सांसद यह कदम उठा सकते हैं। असंतुष्ट सांसद उदय गमनपिला ने कहा कि गठबंधन के पास 157 सांसदों का समर्थन था लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं।नए वित्तमंत्री का नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफाश्रीलंका के नए वित्त मंत्री अली साबरी ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ने अपने भाई बेसिल राजपक्षे को बर्खास्त कर उन्हें नियुक्ति दी थी। साबरी ने राष्ट्रपति को लिखे एक पत्र में कहा कि उन्होंने एक अस्थायी उपाय के तहत यह पद संभाला था। अब मेरी महामहिम को सलाह है कि अभूतपूर्व संकट का सामना करने के लिए नए और सक्रिय उपाए किए जाएं और इस समय नए वित्तमंत्री समेत अपरंपरागत कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारियों को कानून न तोड़ने की चेतावनीश्रीलंकाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी देते हुए कहा है कि आंदोलन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सोमवार देर रात तक कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और कहा कि वे आने वाले दिनों में कानून तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए वैज्ञानिक और वीडियो फुटेज खंगालेंगे। ये लोग आगजनी घुसपैठ और हिंसा के अन्य कार्य शामिल थे।7 अप्रैल को मिलेगा नया केंद्रीय बैंक गवर्नरश्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पूर्व अधिकारी नंदलाल वीरसिंघे 7 अप्रैल को केंद्रीय बैंक गवर्नर का पद संभालेंगे। भीषण आर्थिक संकट के बीच अजित निवार्ड काबराल ने सोमवार को गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था।
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शवों से पटी सड़कें देख जेलेंस्की बोले ऐसे दुर्दांत मंजर के बाद शांति वार्ता की गुंजाइश कम युद्ध यूं ही जारी रहे तो यूएन को बंद देना चाहिए
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संयुक्त राष्ट्र परिषद में अपने पहले संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सैनिकों ने ढूंढकर उन लोगों की जान ली जिन्होंने हमारे देश के लिए काम किया। अपराध करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी। रूस की क्रूरता का विवरण देते हुए उन्होंने कहा यह कुछ हिस्से पर कब्जा करने वाले दाएश जैसे आतंकियों से अलग नहीं है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि रूस के द्वारा उनके देश के लोगों पर किया जा रहा नरसंहार आईएसआईएस के आतंकियों के अपराध से किसी सूरत में कम नहीं। उन्होंने इस युद्ध अपराध के लिए क्रेमलिन की सेना को कानून के दायरे में लाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग दोहराई।संयुक्त राष्ट्र परिषद में अपने पहले संबोधन में जेलेंस्की ने कहा रूसी सैनिकों ने ढूंढकर उन लोगों की जान ली जिन्होंने हमारे देश के लिए काम किया। अपराध करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी। रूस की क्रूरता का विवरण देते हुए उन्होंने कहा यह कुछ हिस्से पर कब्जा करने वाले दाएश जैसे आतंकियों से अलग नहीं है। यहां तो यह काम यूएन सुरक्षा परिषद के एक सदस्य द्वारा ऐसा किया गया। जिसने एक देश की आंतरिक एकता सीमाओं और देशों को बर्बाद कर दिया। वीटो का मतलब मरने का अधिकारजेलेंस्की ने कहा हम ऐसी स्थिति से रूबरू हो रहे हैं जिसने सुरक्षा परिषद में मरने के अधिकार का वीटो लागू कर दिया है। यह वैश्विक सुरक्षा के पूरे ढांचे को कमजोर करता है। यह ऐसे अपराध करने वालों को बिना सजा दिए बरी करता है। जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र की इस प्रणाली में तत्काल सुधार करने पर जोर दिया ताकि वीटो का मतलब मरने का अधिकार न हो। उन्होंने कहा रूसी सेना और उन्हें आदेश देने वालों को तुरंत कानून के दायरे में लाकर यूक्रेन में युद्ध अपराध के लिए सजा दी जानी चाहिए। तबाही के मंजर वाला वीडियो भी चलायाजेलेंस्की ने अपने संबोधन के बाद यूक्रेन में तबाही का मंजर बयां करने वाला वीडियो सुरक्षा परिषद में चलाने का आग्रह किया। वीडियों में शवों से भरे ताबूत सड़कों पर बिखरे पड़े हैं। लोगों का अंतिम संस्कार करने की भी जगह नहीं बची है। पूरे यूक्रेन में जली हुई लाशें पड़ी हैं और शहर के शहर कब्रिस्तान में बदल गए हैं। बहुत सारी लाशें ऐसी भी हैं जिनमें हाथ पीछे बंधे हैं और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया है इनमें कई बच्चे भी शामिल थे। सुरक्षा परिषद की गारंटी वाली सुरक्षा आखिर है कहांजेलेंस्की ने अपने 20 मिनट के संबोधन में पूछा आखिर वह सुरक्षा कहां है जिसकी गारंटी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद देती है। यह सुरक्षा कहीं नहीं है। सुरक्षा परिषद तो है लेकिन शांति कहां है। उन्होंने परिषद से पत्रकारों के लिए अधिकतम पहुंच और पूर्ण सत्य व पूर्ण जवाबदेही के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की भागीदारी की मांग की। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस युद्ध अपराध के दोषी बिना सजा के न छूट जाएं। ऐसी सजा मिले जो अन्य अपराधियों के लिए नजीर बनेजेलेंस्की ने कहा जो लोग खुद को विशेषाधिकार प्राप्त मानते हैं और समझते हैं कि वह किसी भी चीज से भाग सकते हैं। उन्हें ऐसी सजा दी जानी चाहिए जो दुनिया के अन्य अपराधियों के लिए नजीर बने। उन्होंने कहा दुनिया में अन्य सभी संभावित युद्ध अपराधियों को दिखाया जाना चाहिए कि उन्हें कैसे दंडित किया जाएगा। अगर सबसे बड़े अपराधी को सजा होती है तो हर किसी को सजा होगी। अगर युद्ध यूं ही जारी रहे तो यूएन को बंद कर देना चाहिएजेलेंस्की ने कहा अगर युद्ध और बर्बरता यूं ही जारी रहती है और राष्ट्रों को इसी तरह अपनी सुरक्षा के लिए खुद की ताकत पर ही निर्भर रहना है अंतरराष्ट्रीय कानून और संस्थाएं उनके लिए कुछ नहीं कर सकतीं तो ऐसे में संयुक्त राष्ट्र को बंद किया जा सकता है। उन्होंने पूछा क्या आप यूएन को बंद करने के लिए तैयार हैं क्या आपको लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का समय अब खत्म हो गया अगर आपका जवाब न हो तो आपको तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है। यूएन चार्टर को तुरंत पुनस्थापित किया जाना चाहिए।भारत ने की बूका में हत्याओं की निंदा स्वतंत्र जांच की मांग का किया समर्थन भारत ने संयुक्त राष्ट्र परिषद की मंगलवार को यूक्रेन पर हुई सभा में बूका में हुई हत्याओं की निंदा की और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग का समर्थन किया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा यूक्रेन के बूका शहर में लोगों की हत्याएं बुरी तरह परेशान करने वाली हैं। इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। तिरुमूर्ति ने कहा जब भी निर्दोष इंसानों की जिंदगी दांव पर हो तब कूटनीति ही एकमात्र व्यवहार्य विकल्प बचता है। यूक्रेन के हालात में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। वहां सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ ही रही है और मानव जाति को नुकसान बढ़ता जा रहा है। बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के शामिल होने पर उन्हें धन्यवाद देते हुए तिरुमूर्ति ने कहा हम बूका में हुई हत्याओं की घोर निंदा करते हैं। बूका में हत्याओं के बर्बर मंजर कभी भुला नहीं पाऊंगा गुतेरससंयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने कहा मैं बूका के भयावह दृश्यों और हत्याओं के बर्बर मंजर को कभी भुला नहीं पाऊंगा। मैं इस हत्याकांड की जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र जांच की मांग करता हूं। इसके अलावा यूक्रेन में दुष्कर्मों और यौन उत्पीड़न की खबरों से आहत हुआ हूं। तबाही का जो मंजर तमाम वीडियो में देखने को मिल रहा है। उसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है और सभी देश रूस के खिलाफ कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।शवों को देख जेलेंस्की बोले अब शांतिवार्ता की गुंजाइश कमरूसयूक्रेन युद्ध मंगलवार को 41वें दिन में प्रवेश कर गया लेकिन अब भी कई इलाकों में हमले जारी हैं। बूका में जगहजगह बिखरे शवों ने पूरी दुनिया को झकझोरा। वहीं बूका पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भावुक हो गए और बोले अब रूस से शांतिवार्ता की गुंजाइश बहुत कम है। हालांकि युद्ध रोकने के लिए उन्होंने वार्ता जरूरी बताई। रूसी हमले देखते हुए डेनमार्क ने रूस के 15 व इटली ने 30 राजनयिक निष्कासित कर दिए हैं।जेलेंस्की ने सड़कों पर बिखरे शवों को देखकर कहा अब यूक्रेन अपने नागरिकों की हत्या का बदला जरूर लेगा। उधर यूक्रेन के महाअभियोजक ने बोरड्यांका ने हालात बूका से भी बुरे हैं। हालांकि उन्होंने मृतकों की संख्या नहीं बताई। इसके अलावा मायकोलेइव के मेयर अलेक्जेंडर सेनकेविच ने कहा रूसी हमले में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 46 लोग घायल है।इस बीच डेनमार्क ने बूका से मिली रिपोर्टों के बाद 15 रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। इटली ने भी रूस के 30 राजनयिकों को सुरक्षा की आशंका के चलते निष्कासित कर दिया है। वहीं रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि वह इटली से उसके राजनयिकों को बाहर करने का प्रतिकार करेगा।पश्चिमी देशों की रूस पर और प्रतिबंध लगाने की योजनायूक्रेन में नागरिकों की बदर्दी के साथ रूसी सैनिकों द्वारा हत्या करने के साक्ष्य मिलने के बाद पश्चिमी देश रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं। उधर बूका नरसंहार के बाद के बाद अमेरिका की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को युद्ध अपराधी बताते हुए उन पर मुकदमा चलाने की मांग की है। बाइडन ने कहा बूका में जो हुआ वह भयानक है और सभी ने इसे देखा है।फिर जुट रही रूसी सेना दोनबास पर हमले की तैयारीयूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने मंगलवार सुबह कहा कि रूस अपनी सेना को फिर से एकत्रित कर रहा है और उसकी दोनबास पर हमले की तैयारी है। जनरल स्टाफ के फेसबुक पेज पर प्रकाशित खबर में कहा गया है हमारा लक्ष्य दोनेस्क और लुहांस्क पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करना है। फेसबुक पोस्ट के मुताबिक रूसी सेना दोनेस्क और लुहांस्क के अलावा पोपासना व रुबिझ्ने जैसे शहरों पर नियंत्रण स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा रूसी सेनाएं मैरियूपोल पर भी पूर्ण नियंत्रण की कोशिश कर रही हैं।अमेरिका ने रूसी बांड का भुगतान रोकाअमेरिका ने रूसी सरकार को अपने संप्रभू ऋण धारकों द्वारा अमेरिकी बैंकों में रखे भंडार से 60 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान रोक दिया है। इससे पहले 24 फरवरी को अमेरिकी वित्तीय संस्थानों में रूसी केंद्रीय बैंक द्वारा रखे गए विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज कर दिया था। हालांकि वित्त मंत्रालय रूस को मामलादरमामला आधार पर उन निधियों के इस्तेमाल की अनुमति दे रहा था। अब उसमें भी कटौती कर दी गई है।
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पाक पीएम की लाइव कॉल फजीहत कॉलर ने लगाई लताड़ इमरान खान को बताया बंदर भगोड़ा
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एक कॉलर ने पाकिस्तान के वजीर ए आजम इमरान खान की बुरी तरह से लताड़ लगा दी। कॉलर ने कहा कि आपने तो कहा था कि आप आखिरी गेंद तक लड़ेंगे अब क्या हुआ हवा निकल गई या हवा टाइट हो गई।
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इन दिनों पाक में चल रहे संवैधानिक संकट के बीच इमरान खान राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए कभी टीवी के जरिए राष्ट्र के नाम संदेश देने तो कभी लोगों से फोन काल्स पर बात करने के बहाने जनता के बीच आते रहते हैं। इसी तरह के कार्यक्रम का उनका वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल इमरान खान लाइव टीवी कार्यक्रम में फोन पर जनता से सवाल ले रहे थे। इसी दौरान एक कॉलर ने पाकिस्तान के वजीरएआजम इमरान खान की बुरी तरह से लताड़ लगा दी। कॉलर ने कहा कि आपने तो कहा था कि आप आखिरी गेंद तक लड़ेंगे अब क्या हुआ हवा निकल गई या हवा टाइट हो गई। इतना ही नहीं कॉलर ने इमरान खान को बंदर तक करार दिया। उसने कहा कि आप बंदर की तरह से क्यों कुर्सी से चिपके हुए हो। ../3— दानवीर सिंह 4 2022मोहम्मद याकूब कुरैशी नामक कॉलर ने इमरान खान से कहा कि आप पहले कहते थे कि आखिरी गेंद तक लड़ूगा तो अब क्या हो गया। हवा निकल गई या हवा टाइट हो गई कि आप भाग खड़े होने के लिए मजबूर हो गए। यह आपको विपक्ष का डर था कि आप अविश्वास प्रस्ताव पर वोट का सामना करने की बजाय आर्टिकल 5 का बहाना बनाकर भाग खड़े हो गए। आपको शर्म भी नहीं आती। आप कुर्सी से चिपककर बैठे हैं और बंदर की तरह से जिद कर रहे हैं कि यह कुर्सी चाहिए। यह कुर्सी चाहिए। ऐसा नहीं होता है।गौरतलब है कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक ओर नेशनल असेंबली में पीएम इमरान खान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करते हुए 90 दिन के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं तो वहीं पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी के असंवैधानिक फैसले के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी है। इन सबके बीच इमरान खान की लाइव वीडिया कॉलिंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।
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श्रीलंका राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने हटाया आपातकाल जानिए संकट से जुड़ी प्रमुख बातें
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श्रीलंका में जारी भीषण आर्थिक संकट के बीच सत्ता संघर्ष भी जारी है। राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने विपक्ष की मांग पर पद छोड़ने से इनकार कर दिया है।
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श्रीलंका भीषण आर्थिक संकट को झेल रहा है। लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बढ़ते विरोधों के चलते श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने 1 अप्रैल को आपातकाल लगा दिया था। अब गोतबाया ने आपातकालीन नियम अध्यादेश को मंगलवार देर रात रद्द कर दिया। श्रीलंका संकट से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें1 राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा कि आपातकालीन अध्यादेश पांच अप्रैल की मध्यरात्रि को रद्द कर दिया। उन्होंने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल को भंग कर दिया और एक एकता सरकार बनाने की मांग की। देश में महंगाई चरम पर है और सार्वजनिक अशांति बढ़ गई है। आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार गठन होना बहुत जरूरी है।2 श्रीलंका में उनके पूर्व सहयोगियों ने राजपक्षे से इस्तीफा देने का आग्रह किया। लोग भोजन ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं साथ ही रिकॉर्ड मुद्रास्फीति और बिजली की भारी कटौती चरम पर है। वहीं 1948 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता के बाद से देश सबसे दर्दनाक मंदी से गुजर रहा है। 3 श्रीलंका में जारी भीषण आर्थिक संकट के बीच सत्ता संघर्ष भी जारी है। राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने विपक्ष की मांग पर पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह संसद में 113 सदस्यों का बहुमत साबित करने वाले किसी भी दल को सत्ता सौंपने को तैयार हैं। इस बीच नवनियुक्त वित्त मंत्री अली साबरी ने दूसरे ही दिन इस्तीफा दे दिया।4 प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति समेत अन्य सरकार से जुड़े लोगों के घरों में घुसने का प्रयास किया। सरकार के खिलाफ छात्रों को आज शाम बारिश में भी प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते देखा गया। इस दौरान पुलिस ने मानव श्रृंखला बनाई ताकि छात्रों को रोका जा सके।5 श्रीलंकाई सरकार के पास 225 सदस्यीय सदन में बहुमत से पांच कम हैं लेकिन इस बात का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि विधायक अविश्वास प्रस्ताव का प्रयास करेंगे जो उसे इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेगा।6 भीड़ ने कोलंबो में राष्ट्रपति भवन सहित एक दर्जन से अधिक सरकारी हस्तियों के घरों में घुसने का प्रयास किया है। वहां प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों में आग लगा दी जिसका जवाब पुलिस द्वारा रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले दागकर दिया गया।7 श्रीलंका में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच कुछ शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी हुए हैं। श्रीलंका में कोलंबो में पादरियों और ननों ने सरकार के खिलाफ मार्च निकाला। इस बीच एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह बुद्धिमान लोगों के साथ एक मूल्यवान देश है। लेकिन हमारी बुद्धि लोगों की बुद्धि भ्रष्टाचार द्वारा अपमानित किया गया है।8 श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पूर्व अधिकारी नंदलाल वीरसिंघे 7 अप्रैल को केंद्रीय बैंक गवर्नर का पद संभालेंगे। भीषण आर्थिक संकट के बीच अजित निवार्ड काबराल ने सोमवार को गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था।9 राजपक्षे ने अपनी सरकार के कार्यों का बचाव करते हुए कहा कि विदेशी मुद्रा संकट उनका नहीं था और आर्थिक मंदी काफी हद तक महामारी से उबरी है इस कारण द्वीप का पर्यटन राजस्व कम हुआ है। 10 श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी के कारण ईंधन और रसोई गैस जैसे आवश्यक सामानों की कमी हो गई है। बिजली कटौती जो दिन में 13 घंटे तक चलती है।
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नियुक्ति प्रो. हर्ष जैन यूक्रेन में राजदूत के रूप में संभालेंगे कार्यभार वारसॉ में किया गया स्वागत
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राजनयिक हर्ष कुमार जैन यूक्रेन में भारत के नए राजदूत के रूप में जल्दी ही कार्यभार संभालेंगे। जैन यूक्रेन में भारतीय दूत के रूप में पार्थ सत्पथी की जगह लेंगे।
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राजनयिक हर्ष कुमार जैन यूक्रेन में भारत के नए राजदूत के रूप में जल्दी ही कार्यभार संभालेंगे। जैन यूक्रेन में भारतीय दूत के रूप में पार्थ सत्पथी की जगह लेंगे। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।हर्ष कुमार जैन यूक्रेन में भारत के नए राजदूत के रूप में अपना कार्यभार संभालने के लिए मंगलवार को वारसॉ पहुंचे। जहां चार्ज डी अफेयर्स अंबरीश वेमुरी ने जैन का स्वागत किया। भारतीय दूतावास ने इसकी एक तस्वीर ट्वीट की है। फिलहाल रूसयूक्रेन युद्ध के बीच पोलैंड के वारसॉ से दूतावास संचालित हो रहा है। कौन हैं हर्ष कुमार जैनभारतीय विदेश सेवा के अधिकारी जैन राजस्थान में बूंदी जिले के लीलेड़ा गांव के निवासी हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में पूरी की। उसके बाद गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वे आईआईटी दिल्ली से औद्योगिक इंजीनियरिंग में एमटेक करके 1993 में भारतीय विदेश सेवा में चयनित हुए। इससे पहले वे इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा में मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर के रूप में सेवाएं भी दे चुके हैं। हर्ष जैन ने पहले कजाकिस्तान और स्लोवाकिया गणराज्य में भारतीय राजदूत के रूप में और मास्को और काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावासों में विभिन्न क्षमताओं के साथ अनुभवी राजनयिक के रूप में विशिष्ट सेवाएं दी हैं। उन्होंने वर्ष 201213 में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत सूचना और दूरसंचार के क्षेत्र में विकास पर संयुक्त राष्ट्र के सरकारी विशेषज्ञों के समूह सदस्य के रूप में भी कार्य किया।विदेश मंत्रालय में अपर सचिव रहते हुए उन्होंने बिम्सटेक और सार्क ईगवर्नेंस सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर कूटनीति और वैश्विक संपदा प्रबंधन प्रभागों का सफल नेतृत्व किया। सहयोग के सभी क्षेत्रों में भारत के यूक्रेन के साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंध हैं।
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रूसयूक्रेन जंग यूएनएससी में भारत ने की बूचा में हुई हत्याओं की निंदा स्वतंत्र जांच की उठाई मांग
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भारत ने यूएनएससी में बूचा में हुई हत्याओं की निंदा करते हुए कहा कि हमने संघर्ष की शुरुआत से ही कूटनीति और संवाद के रास्ते पर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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यूक्रेन के बूचा में हुई सैकड़ों हत्याओं पर भारत ने चिंता जताई है। यूएनएससी में भारतीय प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखा है। बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की भागीदारी को धन्यवाद देते हुए तिरुमूर्ति ने कहा कि बूचा में नागरिकों के मारे जाने की हालिया रिपोर्टें बहुत परेशान करने वाली हैं। हम स्पष्ट रूप से इन हत्याओं की निंदा करते हैं और एक स्वतंत्र जांच का समर्थन करते हैं। यूक्रेन को मानवीय आपूर्ति रहेगी जारीउन्होंने कहा यूक्रेन में गंभीर मानवीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत यूक्रेन और उसके पड़ोसियों को मानवीय आपूर्ति दवाएं और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भेज रहा है। हम आने वाले दिनों में यूक्रेन को और अधिक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने के लिए तैयार हैं। भारत लगातार बिगड़ती स्थिति पर गहराई से चिंतित है और हिंसा को तुरंत समाप्त करने और शत्रुता को खत्म करने के अपने आह्वान को दोहराता है। हमने संघर्ष की शुरुआत से ही कूटनीति और संवाद के रास्ते पर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया है। मानवीय सहायता के संयुक्त राष्ट्र के मार्गदर्शक सिद्धांतों के महत्व को दोहराते हुए तिरुमूर्ति ने कहा कि मानवीय कार्रवाई हमेशा मानवीय सहायता यानी मानवता तटस्थता निष्पक्षता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन उपायों का कभी भी राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। भारत संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य राज्यों पर जोर देना जारी रखेगा कि वैश्विक व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय कानून संयुक्त राष्ट्र चार्टर और क्षेत्रीय अखंडता और राज्यों की संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है।गुटेरेस बोले यौन हिंसा से स्तब्ध संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परिषद को अपने संबोधन में कहा कि वह बूचा में मारे गए नागरिकों की भयावह छवियों को कभी नहीं भूलेंगे और प्रभावी जवाबदेही की गारंटी के लिए तुरंत एक स्वतंत्र जांच का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा मैं बलात्कार और यौन हिंसा की व्यक्तिगत गवाही से भी गहरा स्तब्ध हूं जो अब सामने आ रही हैं। शहर में लाशों का ढेरबताया जा रहा है कि बूचा में स्थानीय लोगों के हाथपांव बांधकर सिर में गोली मारी गई है। महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया गया। पूरे शहर में लाशों का ढेर है। इनकी तस्वीर सामने आते ही यूक्रेन की सेना भी यहां पहुंच गई। अब तक 400 से ज्यादा शवों को बरामद किया जा चुका है। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। कई लाशें बुरी तरह से बदबू मार रही हैं। यूक्रेन का आरोप है कि रूस की ओर से युद्ध अपराध का यह सबसे बड़ा उदाहरण है। हालांकि क्रेमलिन इसका खंडन कर रहा है।
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यूएनएससी में बोले जेलेंस्की यूक्रेन को अपना मूक गुलाम बनाना चाहता है रूस युद्ध अपराधों के लिए चलाया जाए मुकदमा
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रूस यूक्रेन युद्ध मंगलवार को 41वें दिन में प्रवेश कर गया लेकिन अब भी कई इलाकों में हमले जारी हैं। बूचा में जगह जगह बिखरे शवों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र परिषद में मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर आरोप लगाए और कहा कि वह हमें अपना मूक गुलाम बनाने की कोशिश कर रहा है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि युद्ध अपराधों के लिए रूसी सेना को तुरंत न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए। वीडियो माध्यम से अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस के सैनिकों पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे बर्बर अत्याचार करने का आरोप लगाया और कहा कि वे इस्लामिक स्टेट समूह जैसे आतंकवादियों से अलग नहीं हैं।यूक्रेन के विभिन्न इलाकों खासकर बूचा से सामने आई खौफनाक तस्वीरों ने दुनिया में खलबली मचा दी है और रूस के खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए मुकदमा व कठोर पाबंदी लगाने की मांग की गई है। बूचा व अन्य शहरों में हिंसा को लेकर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना और इसके आदेश देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। रूस को सुरक्षा परिषद से बाहर करने की जरूरत है। जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली इकाई को लाशों के अंबार का एक संक्षिप्त वीडियो फुटेज दिखाते हुए सदस्यों से रूसी आक्रमण को रोकने का आह्वान किया। जेलेंस्की ने आगे कहा कि रूसी सैनिकों के कृत्य आतंकवादियों से कुछ अलग नहीं हैं। रूसी सैनिकों ने जातीय और धार्मिक विविधता को नष्ट करने की नीति पर काम किया इसके बाद युद्ध भड़काया और कई नागरिकों की जान ली। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रूस की हरकतों का परिणाम द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से सबसे भीषण युद्ध अपराधों के रूप में देखने को मिल रही है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन को मूक दास बनाना चाहता है और कहा कि रूस को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिक प्रभावी संयुक्त राष्ट्र के लिए सुधार करने का अनुरोध भी किया।बूचा में जेलेंस्की ने कहा हम इसका बदला जरूर लेंगेयूएनएससी को संबोधित करने से पहले जेलेंस्की ने बूचा का दौरा किया था। इस दौरान भावुक हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अब रूस के साथ शांति वार्ता की गुंजाइश बहुत कम है। हालांकि युद्ध रोकने के लिए उन्होंने वार्ता को आवश्यक बताया। जेलेंस्की ने सड़कों पर बिखरे शवों को देखकर कहा कि यूक्रेन अपने नागरिकों की हत्या का बदला जरूर लेगा। उन्होंने रूस के कृत्यों को गंभीर युद्ध अपराध बताया है।पश्चिमी देशों की रूस पर और प्रतिबंध लगाने की योजनायूक्रेन में नागरिकों की रूसी सैनिकों द्वारा हत्या करने के साक्ष्य मिलने के बाद पश्चिमी देश रूस पर और प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं। उधर बूचा नरसंहार के बाद अमेरिका ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को युद्ध अपराधी बताते हुए उन पर मुकदमा चलाने की मांग की है। बाइडन ने कहा बूचा में जो हुआ वह भयानक है और सभी ने इसे देखा है।फिर जुट रही रूसी सेना डोनाबास पर हमले की तैयारीयूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने मंगलवार सुबह कहा कि रूस अपनी सेना को फिर एकत्रित कर रहा है और उसकी डोनाबास पर हमले की तैयारी है। जनरल स्टाफ के फेसबुक पेज पर प्रकाशित खबर में कहा गया हमारा लक्ष्य दोनेस्क व लुहांस्क पर नियंत्रण हासिल करना है। रूसी सेना दोनेस्क और लुहांस्क के अलावा पोपासना व रुबिझ्ने जैसे शहरों पर नियंत्रण हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अमेरिका ने रूसी बांड के भुगतान पर लगा दी है रोकअमेरिका ने रूसी सरकार को अपने संप्रभू ऋण धारकों द्वारा अमेरिकी बैंकों में रखे भंडार से 60 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान रोक दिया है। इससे पहले 24 फरवरी को अमेरिकी वित्तीय संस्थानों में रूसी केंद्रीय बैंक द्वारा रखे गए विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज कर दिया था। वित्त मंत्रालय रूस को मामलादरमामला आधार पर उन निधियों के इस्तेमाल की अनुमति दे रहा था. अब उसमें भी कटौती की गई है।
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400 पेंटागन भारत के सैन्यरक्षा उपकरणों की खरीद में विविधता से अमेरिका उत्साहित लेकिन एस400 चिंतित
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अक्तूबर 2018 में भारत ने एस 400 हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसे लेकर अमेरिका कई बार चिंता जाहिर कर चुका है।
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अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ने कहा है कि भारत द्वारा सैन्य और रक्षा उपकरणों की खरीद में विविधता लाने से अमेरिका उत्साहित है। इसके साथ ही पेंटागन ने नई दिल्ली के रूस से एस400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के निर्णय पर चिंता जताई। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा कि इस खरीद पर हमारे भारतीय साझेदारों के साथ हमारा स्पष्ट रवैया है। हम आग्रह करते हैं कि अन्य देश रूस के उपकरण न खरीदें। किर्बी ने एक सवाल के जवाब में कहा पिछले एक दशक में भारत ने अपने रक्षा उपकरण में जैसी विविधता लाई है उसे लेकर हम उत्साहित हैं। इसलिए हम भारत की जरूरतों के हिसाब से बातचीत जारी रखेंगे। भारत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा रूसी हथियारों की इस खरीद को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में हमने भारत के साफ तौर पर बता दिया है। अक्तूबर 2018 में भारत ने एस400 हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए रूस के साथ पांच अरब डॉलर के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत इस प्रणाली की पांच इकाइयां भारत खरीदेगा।शीर्ष रिपब्लिक सांसद ने की भारत के साथ व्यापार समझौते की मांगअमेरिका के एक शीर्ष रिपब्लिक सांसद और सीनेट की विदेश संबंध समिति के रैंकिंग सदस्य जिम रिश ने भारतऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि बाइडन प्रशासन को भी नई दिल्ली के साथ ऐसी ही व्यवस्था करनी चाहिए।उन्होंने कहा ऐसा करने से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंदप्रशांत क्षेत्र में वाशिंगटन के मजबूत आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाया जा सकेगा। जिम रिश ने एक ट्वीट में कहा अमेरिका को भी ऑस्ट्रेलिया जैसा कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा बाइडन प्रशासन की विफलता अमेरिकी वृद्धि और क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नुकसान पहुंच रही है।
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आर्थिक संकट श्रीलंकाई सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने दी चेतावनी कहाअंतरिम सरकार का हो नहीं तो हो सकता है खूनखराबा
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सांसदों ने संसद अध्यक्ष से सभी दलों के साथ चर्चा करने का आग्रह किया ताकि अधिकांश विधायकों के समर्थन से एक अंतरिम प्रधान मंत्री का चयन किया जा सके।
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दशकों के सबसे बुरे आर्थिक संकट को झेल रहे श्रीलंका में सासंदों के एक समूह ने अंतरिम सरकार का गठन करने का समर्थन किया है। इन सांसदों का कहना है कि अगर जल्दी से जल्दी अंतरिम सरकार का गठन नहीं किया जाएगा तो देश में हिंसा और रक्तपात फैल सकता है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार सांसदों के इस समूह में रविवार को इस्तीफा देने वाले एक कैबिनेट मंत्री भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द बहुमत समर्थित अंतरिम सरकार का गठन नहीं किया जाता है तो हिंसा और अराजकता फैल सकती है। वहीं इस आर्थिक संकट के बीच श्रीलंकाई संसद के बाहर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।इसके साथ ही सांसदों ने संसद अध्यक्ष से सभी दलों के साथ चर्चा करने का आग्रह किया ताकि अधिकांश विधायकों के समर्थन से एक अंतरिम प्रधान मंत्री का चयन किया जा सके।पूर्व कैबिनेट सदस्य विमल वीरावांसा ने मंगलवार को कहा कि इस समस्या को हल करने के लिए इस सरकार को सत्ता छोड़नी होगी और इसके स्थान पर एक अंतरिम सरकार होनी चाहिए। साथ ही सत्तारूढ़ दल के सांसद विजयादास राजपक्षे ने भी रक्तपात और हिंसा की चेतावनी दी। सांसदों की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब विरोध प्रदर्शनों के शुरू होने के बाद मंगलवार को पहली बार संसद की बैठक हुई। वहीं आज राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने विपक्ष की मांग पर पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह संसद में 113 सदस्यों का बहुमत साबित करने वाले किसी भी दल को सत्ता सौंपने को तैयार हैं। इस बीच नवनियुक्त वित्त मंत्री अली साबरी ने दूसरे ही दिन इस्तीफा दे दिया।श्रीलंका के विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग की थी जिसे राजपक्षे ने ठुकरा दिया है। देश के राजनीतिक दलों में तनातनी बढ़ती जा रही है। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति राजपक्षे की उस अपील को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विपक्ष से एकता मंत्रिमंडल में शामिल होने का आग्रह किया था। गौरतलब है कि श्रीलंका इस समय अपने इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। विदेशी मुद्रा की कमी के कारण श्रीलंका एक अभूतपूर्व आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका में ईंधनगैस खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत की वजह से महंगाई आसमान छू रही हैं। जिसके कारम जनता विद्रोह पर उतर आई है।
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पाकिस्तान शहबाज शरीफ की सेना प्रमुख से मांग विपक्षी सांसदों ने देशद्रोह किया है तो सबूत पेश करिए
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इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ सरकार ने हाल ही में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में एक कूटनीतिक संदेश पेश किया था। इमरान सरकार का दावा है कि ये दस्तावेज पीटीआई सरकार के खिलाफ विदेश से रची गई साजिश का ठोस सबूत हैं। उन्होंने विपक्ष पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया है।
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पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने विपक्षी सांसदों पर देशद्रोह का आरोप लगाया है। इसे लेकर राष्ट्रीय असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री इमरान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम से कहा कि अगर विपक्षी सांसदों ने देशद्रोह किया है तो इससे संबंधित सबूत सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करें। सुप्रीम कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीगनवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने दोहराया कि किसी भी विपक्षी सांसद ने देशद्रोह नहीं किया है। उन्होंने कहा हमने किसी विदेशी ताकत को आमंत्रित नहीं किया और न ही हम किसी विदेशी साजिश में शामिल हैं। 70 वर्षीय नेता ने कहा कि मैं सेना प्रमुख और आईएसआई के महानिदेशक से मांग करता हूं कि अगर इसके सबूत हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाए।इमरान खान बारबार यह दावा करते आ रहे हैं कि पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के लिए एक देश के साथ मिलकर साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि देश के विपक्षी नेताओं ने विदेशी ताकतों के साथ हाथ मिलाया है। इमरान का आरोप है कि मुझे अमेरिका की अगुवाई वाली साजिश के तहत सत्ता से बाहर करने के लिए निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा है कि इसी के तहत राष्ट्रीय असेंबली में मेरे खिलाफ एक अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। प्रधानमंत्री का कहना है कि रूस और चीन के खिलाफ मुद्दों पर साथ देने से इनकार करने के लिए मेरे खिलाफ यह साजिश रची गई। हालांकि अमेरिका ने इमरान के इन दावों को खारिज किया है। इमरान खान 24 फरवरी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने मॉस्को गए थे। कहा जा रहा है कि अमेरिका ने रूस न जाने के लिए इमरान खान पर दबाव भी बनाया था लेकिन इसके बावजूद इमरान खान व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने गए थे।इमरान खान ने दावा किया है कि अमेरिका के विदेश विभाग में दक्षिण एशिया के साथ काम कर रहे शीर्ष अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू सत्ता परिवर्तन के लिए विदेशी साजिश में शामिल थे। डोनाल्ड लू दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए सहायक विदेश सचिव हैं। इसके अलावा 27 मार्च को इमरान खान ने एक पत्र दिखाया था और दावा किया था कि विपक्ष की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की साजिश का ही एक हिस्सा था।
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रूस का दावा बूचा में हमने नहीं किया नरसंहार वीडियो पेश कहा फर्जी है पूरा मामला
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रूस ने यूक्रेन के बूचा में नरसंहार के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि इस संबंध में जारी हो रहे वीडियो फर्जी हैं। अपने रुख का बचाव करते हुए रूस ने कई दावे भी किए हैं।
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यूक्रेन के बूचा में नरसंहार की जानकारी सामने आने के बाद रूसयूक्रेन विवाद में नए सवाल खड़े हो गए हैं। यूक्रेन ने जहां बूचा में नागरिकों की हत्याओं का जिम्मेदार रूसी सेना को बताया है वहीं रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गी लैवरोव ने कहा है कि बीते कुछ दिनों में जो शवों के वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं वो फर्जी हैं और उन्हें बनाया गया है। इसके साथ ही बूचा को लेकर रूस ने कई अन्य दावे भी किए हैं और यूक्रेन पर आरोप लगाए हैं।बूचा में शवों को दिखाते वीडियो को बताया है फर्जीकनाडा में रूस के दूतावास ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया था। इसमें इस बात को खारिज किया गया है कि वीडियो में शव दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के साथ रूसी दूतावास ने लिखा कीव के पास बूचा में नकली शवों को दिखाता फर्जी वीडियो ।रूस का समर्थन करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट से इस वीडियो का एक धीमा वर्जन पोस्ट किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि जो शव इस वीडियो में दिखाई दे रहे हैं उनमें से एक शव का हाथ हिलता दिखाई दे रहा है। कम से कम चार दिन बाद भी क्यों नहीं अकड़े शव इसके अलावा रूस के विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि कीव प्रशासन की ओर से जिन शवों की तस्वीरें जारी की जा रही हैं वह कम से कम चार दिन के बाद भी अकड़े नहीं हैं। मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना ने 30 मार्च को इलाका छोड़ दिया था। मौत के कुछ घंटों के बाद शव अकड़ना शुरू हो जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने यह दावा भी किया है कि कथित शवों पर आम तौर पर दिखने वाले निशान नहीं दिख रहे हैं। रूस के अनुसार ये रूसी सेना को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। कोई स्थानीय नागरिक हिंसा का शिकार नहीं हुआ रूसी विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि जब बूचा रूस के नियंत्रण में था तब इस इलाके में एक भी स्थानीय नागरिक को किसी हिंसक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। रूस का कहना है कि हमारी सेना ने नागरिकों के साथ कोई हिंसा नहीं की है।
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बूचा नरसंहार हकीकत की कसौटी खरे नहीं रूस के दावे जानें कितने सही कितने
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यूक्रेन के बूचा में रूसी सेना की ओर से किए गए कथित नरसंहार को लेकर इस समय रूस की खासी आलोचना हो रही है। लेकिन रूस ने अपना बचाव करते हुए इन आरोपों को गलत करार दिया है और कई दावे किए हैं। पढ़िए रूस के इन दावों को लेकर सबूत क्या कहते हैं।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच कीव के पास स्थित बूचा से दिल दहला देने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जो यहां पर भीषण नरसंहार होने की ओर इशारा कर रहे हैं। इस नरसंहार का आरोप रूसी सेना पर लग रहा है।19 मार्च को एक तस्वीरआई थी जो रूस के विदेश मंत्री के उस दावे को गलत बताती है जिसमें उन्होंने बूचा में शवों को दिखाते वीडियो व तस्वीरों को फर्जी बताया है। इस तस्वीर में कथित शव उन्हीं स्थानों पर दिख रहे हैं जहां उन्हें यूक्रेन के बलों ने पाया था।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना कर रहे रूस ने इन्हें खारिज किया है और यूक्रेन पर आरोप लगाने के साथ अपने रुख के समर्थन में कुछ वीडियो जारी किए हैं। हालांकि रूस के ये दावे हकीकत की कसौटी पर कहीं खरे नहीं उतर रहे हैं। बूचा में शवों को फर्जी बताने वाला दावाबूचा से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें सड़कों के दोनों और शव दिखाई दे रहे हैं। कनाडा में रूस के दूतावास ने इस वीडियो का एक धीमा वर्जन जारी किया है और इस वीडियो और शवों को फर्जी करार दिया है। रूस समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट से दावा किया जा रहा है कि इन शवों में से एक की बांह हिलती नजर आ रही है। लेकिन वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि यह असल में वाहन की विंडस्क्रीन के दाहिए कोने पर एक निशान है। चार दिन बाद भी शव अकड़े क्यों नहीं इसके साथ ही रूस के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि अगर ये शव असली हैं तो कम से कम चार दिन बाद भी ये अकड़े क्यों नहीं हैं। यूक्रेन सेना के अनुसार रूसी सैनिक 31 मार्च को बूचा से वापस हुए थे वहीं रूस इसकी तारीख 30 मार्च बताता है।बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार एक फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट का कहना है कि चार दिन के बाद आम तौर पर शव की अकड़न घटने लगती है। मौत के रकुछ घंटों के बाद शव अकड़ना शुरू हो जाता है। लेकिन चार दिन बाद कठोरता कम हो सकती है।कोई नागरिक हिंसा का शिकार नहीं रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह दावा भी किया है कि जब तक बूचा पर रूसी सेना का नियंत्रण रहा कोई भी स्थानीय नागरिक किसी हिंसक कार्रवाई का शिकार नहीं हुआ। हालांकि चश्मदीदों ने यहां का जो हाल बताया है रूस का दावा उससे एकदम उलट है।स्थानीय लोगों के अनुसार रूसी सेना ने यहां बारीबारी से घरों के दरवाजे तोड़े और लूटपाट की। कीमती सामान और भोजन चोरी किया। एक महिला के अनुसार चार मार्च को रूसी सैनिकों ने पांच लोगों को जमा किया था और एक की हत्या कर दी थी।
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सियासी उठापटक कुवैत की सरकार ने इस्तीफा दिया राजनीतिक संकट गहराया
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कुवैत के प्रधानमंत्री शेख सबाह अल खालिद अल हमद अल सबाह ने मंत्रिमंडल का इस्तीफा शहजादे को सौंप दिया। इसी के साथ यहां सियासी संकट गहरा गया है।
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कुवैत में एक बार फिर सियासी उठापटक सामने आई है। कुवैत की सरकार ने अपने गठन के कुछ महीने बाद ही मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। सरकार को कुछ ही दिनों में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना था। इसके साथ ही इस देश में राजनीतिक संकट गहरा गया है जिसके चलते कई अहम आर्थिक और सामाजिक सुधार अधर में लटक गए हैं।सरकारी समाचार एजेंसी कुना की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत के प्रधानमंत्री शेख सबाह अलखालिद अल हमद अल सबाह ने मंत्रिमंडल का इस्तीफा शहजादे को सौंप दिया। प्रधानमंत्री अल सबाह के नेतृत्व वाली सरकार को इस सप्ताह के अंत में संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना था जिससे पहले सरकार ने इस्तीफा दे दिया।पिछले डेढ़ साल में कुवैत की तीसरी संयुक्त सरकार ने इस्तीफा दिया है। विपक्ष शेख सबाह सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चाबंदी कर रहा था। पिछले सप्ताह गुस्साए सांसदों ने कथित भ्रष्टाचार और कुशासन को लेकर प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया था और कई आरोप लगाए थे। विरोधी सांसदों ने सार्वजनिक तौर पर प्रधानमंत्री को अनुपयुक्त करार देते हुए नए प्रधानमंत्री द्वारा देश की कमान संभाले जाने का आह्वान किया था।
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टू प्लस टू वार्ता जयशंकर बोले यूक्रेन रूस जंग से भारत अमेरिका के संबंध नहीं
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यूक्रेन मामले में भारत की भूमिका पर सवाल किए जाने पर जयशंकर ने कहा भारत का इरादा मदद का है। यूक्रेन यूरोप रूस और अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत करीबी संपर्क में है। वह मौजूदा संकट का स्थायी हल निकालने में मदद करना चाहता है।
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टू प्लस टू वार्ता के अंतिम दिन भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग की वजह से भारत अमेरिका के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। . मुख्यालय का दौरा करने हवाई पहुंचे। कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो ने रक्षामंत्री का स्वागत किया। राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री से आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा...विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो से मिले। ट्विटर पर जयशंकर ने बताया कि जीना रायमोंडो के साथ भारत अमेरिका आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। दोनों देशों का लक्ष्य आपूर्ति शृंखलाओं के लचीलेपन व विश्वसनीयता को बढ़ाते हुए व्यापार में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाना है।रायमोंडो ने गहरे वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क के महत्व पर चर्चा में कहा हिंद प्रशांत के आर्थिक ढांचे को मजबूत और स्वतंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।राजनयिक बनने में पाश्चात्य संगीत का प्रभाव अमेरिकी छात्र एंजेल ब्रायन ने जयशंकर से राजनयिक बनने के पीछे की प्रेरणा पर सवाल किया। तो उन्होंने कहा इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पाश्चात्य संगीत है। इसमें रुचि के चलते ही दुनिया के बारे में जानने की उत्सुकता जगी। संबंधों में मानवीय तत्व अहम...एस. जयशंकर ने कहा कि भारत अमेरिकी साझेदारी का एक अहम कारक इसका मानवीय तत्व रहा है। इसके केंद्र में छात्र विद्वान और पेशेवर हैं।रिश्तों में हार्वर्ड विवि की अहम भूमिका ब्लिंकेनअमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि वाशिंगटन स्थित ‘हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी’ ने भारत अमेरिकी रिश्तों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। ‘टू प्लस टू’ मंत्रिस्तरीय वार्ता के एक दिन बाद ब्लिंकेन और जयशंकर ने यूनिवर्सिटी में छात्रों से दोनों देशों के बीच शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत की।ब्लिंकेन ने छात्रों से बातचीत में कहा 1935 में हॉवर्ड के तत्कालीन डीन थर्मन ने भारत यात्रा कर स्वतंत्रता आंदोलन से सीख लेने का प्रयास किया जो अमेरिका में नस्लीय न्याय के लिए प्रासंगिक है। थर्मन ने महात्मा गांधी से भी मुलाकात की थी। वापस आकर थर्मन ने अहिंसा की व्याख्या की।
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तैयारी अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाएगा इसरो का नया प्रक्षेपण यान लॉन्च की कीमत को करने रहा काम
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इसरो यह भी पड़ताल कर रहा है कि भविष्य में किस तरह के लॉन्च व्हीकल बन सकते हैं और लॉन्चर की लागत को कैसे कम किया जा सकता है।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान कम लागत में दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रक्षेपण यान की तैयारी कर रहा है। इससे कई तरह की तकनीकों जैसे हाइपरसोनिक उड़ान स्वचालित लैंडिंग वापासी उड़ान स्क्रैमजैट प्रणोदन आदि में इस्तेमाल की जा सकेंगी। इससे हर अंतरिक्ष प्रक्षेपण और उड़ान का खर्चा बचेगा और भविष्य में अंतरिक्ष पर्यटन के लिए आधार मिल सकेगा। इस कार्यक्रम में पुर्नउपयोगी प्रक्षेपण यान को पृथ्वी की कक्षा में भी भेजे जाने की योजना है। . प्रौद्योगिकी प्रदर्शन अभियानों की शृंखला है। इन्हें दो चरण से कक्षा में पूरी तरह से फिर से इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन की दिशा शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।इसरो के पास अभी दो तरह के प्रक्षेपण यानभारत लंबे समय से अपने पृथ्वी की निचली कक्षा में पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल और जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल पर अपने उपभोक्ता सैटेलाइट प्रक्षेपित करता आ रहा है। पिछले तीन सालों में इसरो ने निजी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के जरिये इनसे 351 करोड़ की आय अर्जित की है।अंतरिक्ष पर्यटन एक बड़ा उद्योगअंतरिक्ष पर्यटन एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है और भारत अंतरिक्ष प्रक्षेपण पहले से ही एक बड़ा नाम है। अंतरिक्ष में प्रक्षेपण यान का उपयोग अब तक मुख्यत सैटेलाइट भेजने के लिए ही किए जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पिछले तीन साल में इसरो ने केवल 45 अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट भेजे हैं।
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पाकिस्तान कैबिनेट में कुछ वक्त ले सकते हैं पीएम शहबाज शरीफ गठबंधन के सभी सहयोगियों को साथ लेकर करेंगे काम
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पीएम शहबाज शरीफ अपने सभी सहयोगियों में खासकर उन लोगों को साथ लेकर चलना चाहते हैं जो इमरान खान की पार्टी का गठबंधन छोड़ने के बाद उनके साथ आए हैं।
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पाक के नए पीएम शहबाज शरीफ अपने नए मंत्रिमंडल के गठन में कुछ वक्त ले सकते हैं। दरअसल वह सत्तारूढ़ गठबंधन की नाजुक प्रकृति जानते हैं और वह सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। गठबंधन में आठ राजनीतिक दल और चार निर्दलीय शामिल हैं। पीएमएल एन और पीपीपी के सूत्रों ने ‘डॉन’ अखबार को बताया कि दोनों दलों के नेतृत्व ने सभी सहयोगी दलों को संघीय कैबिनेट में शामिल करने और उन्हें उनकी पसंद के मंत्रालय देने का फैसला किया है। चूंकि शरीफ सिर्फ दो वोटों के अंतर से पीएम बने हैं इसलिए वह सहयोगियों संग गलतफहमी के साथ अपना कार्यकाल शुरू करना नहीं चाहते हैं। खबर के मुताबिक 70 वर्षीय शरीफ अपने सभी सहयोगियों में खासकर उन लोगों को साथ लेकर चलना चाहते हैं जो इमरान खान की पार्टी का गठबंधन छोड़ने के बाद उनके साथ आए हैं।पीपीपी में मतभेद‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक सत्तारूढ़ गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीपीपी संघीय कैबिनेट में शामिल होने के लिए अनिच्छुक है क्योंकि इसे लेकर पार्टी के अंदर ही मतभेद हैं। पार्टी के अधिकतर नेता मंत्री बने बिना ही चुनाव सुधारों के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि अन्य का विचार है कि अगर वे सरकार से बाहर रहते हैं तो गठबंधन सरकार दो महीने भी नहीं टिकेगी। शरीफ ने उम्मीद जताई कि पीपीपी मंत्रिमंडल में शामिल होगी।नवाज शरीफ इशाक डार के पासपोर्ट नवीनीकरण के निर्देशपाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद पूर्व पीएम नवाज शरीफ के अगले महीने ईद के बाद लंदन से अपने वतन लौटने के संकेत मिले हैं। बुधवार को नई सरकार ने गृह मंत्रालय को नवाज शरीफ और पूर्व वित्तमंत्री इशाक डार के पासपोर्ट का नवीनीकरण करने का निर्देश दिया है।पीएमएल एन प्रमुख और पाक में तीन बार पीएम रहे नवाज शरीफ के लंदन से वापसी के संकेत उनके भाई शहबाज के प्रधानमंत्री बनते ही शुरू हो गए थे। अब लंदन में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दोनों नेताओं की देश वापसी के लिए पासपोर्ट के नवीनीकरण का काम शुरू भी कर दिया है।नवाज शरीफ इसाक डार को मिले डिप्लोमेटिक पासपोर्टपाकिस्तान में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद पूर्व पीएम नवाज शरीफ के अगले महीने ईद के बाद लंदन से अपने वतन लौटने के संकेत मिले हैं। बुधवार को नई सरकार ने नवाज शरीफ और पूर्व वित्तमंत्री इसाक डार को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट जारी किए हैं। पीएमएल एन के प्रमुख और पाकिस्तान में तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की लंदन से वापसी का रास्ता साफ हो गया है। उनके भाई शहबाज शरीफ अब प्रधानमंत्री बन चुके हैं।
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रूस ने अमेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों लगाया प्रतिबंध कीव के पास हथियार डिपो तबाह यूक्रेनी नौसेना के सैनिकों का सरेंडर
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इस साल 24 मार्च को रूस के 328 सांसदों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंध लगाया था उसी के जवाब में रूस ने मेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों को अपनी यात्रा प्रतिबंध की सूची में डाल दिया है।
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रूस यूक्रेन के बीच जंग को 48 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस की आर्थिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए उसपर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसका जवाब देते हुए रूस ने अमेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों को अपनी यात्रा प्रतिबंध की सूची में डाल दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस साल 24 मार्च को रूस के 328 सांसदों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंध लगाया था उसी के जवाब में रूस ने यह कदम उठाया है। रूसी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा के 398 सदस्यों के खिलाफ जवाबी प्रतिबंध लगाए गए हैं।मंत्रालय ने कहा कि रूस निकट भविष्य में अपनी यात्रा प्रतिबंध सूची को और करने की योजना बना रहा है। रूस यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन को नई सैन्य सहायता के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन द्वारा तोपें और हेलीकॉप्टर सहित 80 करोड़ डॉलर की मंजूरी देने के बाद रूस द्वारा यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा रूस ने कनाडा की सीनेट के 87 सदस्यों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।कीव के पास हथियार डिपो तबाहयूक्रेन जंग के 49वें दिन रूस ने कीव में दो हथियार डिपो को तबाह कर दिया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के आक्रमण को ‘नरसंहार’ करार दिया। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर फास्फोरस बमों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।यूक्रेनी नौसेना के 1026 से ज्यादा सैनिकों का सरेंडरमैरियूपोल में घेरे गए बंदरगाह में यूक्रेन की 36 मैरीन ब्रिगेड के 1026 सैनिकों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें 162 अधिकारी हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि महत्वपूर्ण पूर्वी डोनबास क्षेत्र अभी कब्जे में नहीं आया है। अजोवस्तल औद्योगिक जिले पर कब्जे के बाद रूस का मरियूपोल पर पूरा नियंत्रण हो जाएगा। अजोव पोर्ट पर कब्जे के बाद रूसी सेना अलगाववादियों के नियंत्रण वाले पूर्वी क्षेत्र और क्रीमिया के बीच जमीनी संपर्क स्थापित कर सकेगी। इसे उसने 2014 में कब्जा करने के बाद जोड़ा था। आक्रमण के बाद मरियूपोल रूसी आधिपत्य वाला पहला बड़ा शहर होगा। औद्योगिक क्षेत्र डोनबास पर कब्जे से इस युद्ध का भविष्य तय होगा।रूसी नेता गिरफ्तार जेलेंस्की ने रखी यूक्रेनियों की रिहाई की शर्तयूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के करीबी नेता विक्टर मेदवेदचुक को गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने विक्टर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेलेंस्की ने रूस के सामने एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने पुतिन से कहा आप मेदवेदचुक को सुरक्षित चाहते हैं तो बंधक बनाए गए यूक्रेन के नागरिकों को आजाद कर दें। विक्टर रूस में विपक्षी मंच लाइफ पार्टी के नेता हैं और फरवरी में वह घरेलू नजरबंदी से भाग निकले थे। उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया था।माता पिता को बचाने जान हथेली पर रख जापान से यूक्रेन पहुंची महिलाटोक्यो। रूसी हमले के बाद यूक्रेन के लाखों लोग जब जान बचाने के लिए देश छोड़ रहे थे तब टोक्यो की साशा कावेरिना खारकीव में रह रहे अपने माता पिता को बचाने के लिए जान हथेली पर रखकर जापान से यूक्रेन चली गईं। खारकीव में एक 16 मंजिला इमारत को रूस ने बुरी तरह क्षति पहुंचाई लेकिन कावेरिना के माता पिता बाल बाल बच गए और रिश्तेदारों के साथ उन्हें घर छोड़ना पड़ा। कावेरिना यूक्रेन पहुंची और माता पिता को रोमानिया सीमा से लगे दक्षिण पश्चिमी यूक्रेन के चेर्निवित्सी शहर में ले गईं। साशा ने कहा यूक्रेन के निवासी बेहद चिंतित हैं क्योंकि रूसी कब्जे के बाद वे मारे जाएंगे।रूस का युद्ध ‘नरसंहार’ है यूक्रेनियों का नामोनिशान मिटा रहा बाइडनडेस मोइनेस। यूक्रेन युद्ध के 49वें दिन राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के इस युद्ध को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर ‘यूक्रेनी होने के विचार तक को मिटाने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। उधर पुतिन ने यूक्रेन के मददगार देशों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।बाइडन ने वाशिंगटन लौटने से पहले आयोवा में पत्रकारों से कहा ‘हां मैंने इसे नरसंहार करार दिया है।’ वह आयोवा के मेनलो में एक कार्यक्रम में युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बारे में बोल रहे थे। इससे पहले बाइडन ने रूसी कार्रवाई को ‘युद्ध अपराध’ कहा था। बाइडन के नए आकलन के बीच न तो उन्होंने और न ही उनके प्रशासन ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने अथवा यूक्रेन अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बाइडन की टिप्पणियों की सराहना की। उन्होंने ट्वीट किया एक सच्चे नेता के सच्चे शब्द। हम अमेरिका से अब तक मिली मदद के आभारी हैं। जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि जो भी देश इस वक्त यूक्रेन का साथ दे रहे हैं उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा।रूसी कृत्यों के सुबूत सामने आ रहेअमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा यह तय करना वकीलों का काम है कि रूसी कार्रवाई नरसंहार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती है या नहीं। उन्होंने कहा रूस ने यूक्रेन में जो भयानक कृत्य किए हैं उनसे जुड़े और सुबूत सामने आ रहे हैं। हमें विनाश के बारे में और जानकारियां मिल रही हैं। शेष काम वकीलों का है कि वह इसे ‘नरसंहार’ साबित करें।
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चीन कोरोना के मामलों ने तोड़ा रिकॉर्ड 24 घंटे में 26 हजार से ज्यादा मामले शंघाई में लॉकडाउन से बिगड़े हालात
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यूएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड 19 के चलते पिछले साल 7.7 करोड़ लोग गरीबी के गर्त में चले गए और कई विकासशील देश कर्ज पर दिए जाने वाले भारी ब्याज के कारण महामारी के दुष्प्रभावों से उबर नहीं पा रहे हैं। यह संख्या यूक्रेन में जारी युद्ध के असर से पहले की है।
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चीन में कोरोना की तीसरी लहर नियंत्रण से बाहर हो रही है। सख्त प्रतिबंधों के बावजूद चीन में कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं। देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 26 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इस बीच भारत ने शंघाई में अपनी काउंसलर सेवाएं बंद कर दी हैं। चीन प्रशासन ने बुधवार को बताया कि 12 अप्रैल को कोरोना के स्पर्शोन्मुख 25 141 नए मामले सामने आए हैं जबकि लक्षण वाले 1 189 मामले मिले हैं। एक ही दिन पहले स्पर्शोन्मुख मामले 22 348 रह चुके हैं। कोरोना के बढ़ते केस के बीच जीरो कोविड नीति का बचाव करते हुए चीनी विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने कहा ये नीति महामारी विरोधी प्रोटोकॉल विज्ञान और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।उधर शंघाई में लॉकडाउन से हालात बिगड़ रहे हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि शंघाई में लॉकडाउन के कारण महावाणिज्य दूतावास से संपर्क नहीं हो पा रहा है। महावाणिज्य दूतावास शंघाई में निजी रूप से काउंसलर सेवाएं देने की स्थिति में नहीं है। दूतावास ने भारतीयों के लिए गाइडलाइन्स भी जारी की हैं।दुनिया में 7.7 करोड़ लोग गरीबी के गर्त में यूएनयूएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड 19 के चलते पिछले साल 7.7 करोड़ लोग गरीबी के गर्त में चले गए और कई विकासशील देश कर्ज पर दिए जाने वाले भारी ब्याज के कारण महामारी के दुष्प्रभावों से उबर नहीं पा रहे हैं। यह संख्या यूक्रेन में जारी युद्ध के असर से पहले की है।रिपोर्ट के मुताबिक धनी देश महामारी के कारण आई गिरावट से काफी कम ब्याज पर कर्ज लेकर उबर सकते हैं लेकिन गरीब देशों ने अपना कर्ज चुकाने में अरबों डॉलर खर्च किए और ऊंची ब्याज दर पर मिले ऋण के चलते वे शिक्षा स्वास्थ्य सुधार पर्यावरण और असमानता घटाने में ज्यादा खर्च नहीं कर सके।
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न्यूयॉर्क हमला गोलीबारी कांड का वांछित आरोपी गिरफ्तार पूरी घटना को अकेले ही दिया अंजाम
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अधिकारी ने बताया कि कि फ्रैंक की उम्र 62 साल है और इसको मैनहट्टन में हिरासत में लिया गया। उसने इस दिल दहला देने वाले काम को अकेले अंजाम दिया था।
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अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्रूकलिन मेट्रो सबवे पर मंगलवार को हुई गोलीबारी में शामिल वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली थी। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध की पहचान फ्रैंक जेम्स के रूप में की गई है। आरोपी की तस्वीर भी पुलिस ने पहले ही जारी कर दी थी। 62 साल का है अपराधीअधिकारी ने बताया कि कि फ्रैंक की उम्र 62 साल है और इसको मैनहट्टन में हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बंदूकधारी की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले के लिए कुल 50 000 डॉलर के इनाम की घोषणा की थी। पुलिस ने कहा कि उसने इस दिल दहला देने वाले काम को अकेले अंजाम दिया था। अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्रूकलिन मेट्रो सबवे में शामिल वांछित आरोपी के पकड़े जाने के बाद न्यूयॉर्क मेयर एरिक एडम्स ने पुलिस का धन्यवाद दिया।20 लोग हुए थे घायल खून से लथपथ पड़े थे फर्श परअमेरिका में एक के बाद एक हो रही गोलीबारी की घटनाओं के साथ यह घटना भी इतिहास की सबसे क्रूर घटना बताई जा रही है। दरअसल मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे एक हमलावर ने न्यूयॉर्क के ब्रूकलिन में 36 स्ट्रीट मेट्रो स्टेशन पर लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इससे भारी अफरातफरी मच गई और लोग मेट्रो से उतर कर भागने लगे।इस हमले में 20 लोग घायल हो गए और हमलवार मौके से फरार हो गया। घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियो में लोगों को स्टेशन के फर्श पर खून से लथपथ देखा गया। नारंगी रंग के कपड़े भी पहने था हमलावरइस हमले में स्मोक बम का भी इस्तेमाल किया गया था। गोलीबारी के बाद अचानक से मेट्रो स्टेशन पर धुआं ही धुआं हो गया जिससे बचने के लिए लोग इधर उधर भागने लगे।इस दौरान हमलावर को गैस मास्क पहने हुए देखा गया वह नारंगी रंग के कपड़े भी पहने था। हमला करके वह मौके से फरार हो गया। जिस समय यह हमला हुआ तब कोई पुलिसकर्मी मेट्रो स्टेशन पर मौजूद नहीं था। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने पूरी घटना को अकेले ही अंजाम दिया।
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संयुक्त राष्ट्र आर्थिक सामाजिक परिषद के चार प्रमुख निकायों के लिए भारत को चुना गया
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दिसंबर 2018 में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक प्रीति सरन को संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की समिति पर एशिया प्रशांत सीट के लिए निर्विरोध चुना गया था।
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भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के चार प्रमुख निकायों के लिए चुना गया है जिसमें विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग भी शामिल है। आर्थिक और सामाजिक परिषद 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर द्वारा स्थापित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के छह प्रमुख अंगों में से एक है। इसमें महासभा द्वारा चुने गए संयुक्त राष्ट्र के 54 सदस्य शामिल हैं। बुधवार को यूएन ने ट्वीट किया भारत 4 यूएन ईसीओएसओसी निकायों के लिए चुना गया सामाजिक विकास आयोग गैर सरकारी संगठनों की समिति विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग और राजदूत प्रीति सरन आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के लिए समिति संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के लिए फिर से चुनी गईं। . पर एशिया प्रशांत सीट के लिए निर्विरोध चुना गया था। सरन का पहला चार साल का कार्यकाल 1 जनवरी 2019 को शुरू हुआ था। वह अगस्त 1982 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुई थीं। उन्होंने मास्को ढाका काहिरा जिनेवा टोरंटो और वियतनाम में भारतीय मिशनों में काम किया है और टोरंटो में भारत की महावाणिज्यदूत रहीं जबकि वियतनाम में भारतीय राजदूत थीं।1995 में कोपेनहेगन में सामाजिक विकास के लिए विश्व शिखर सम्मेलन के बाद से सामाजिक विकास आयोग कोपेनहेगन घोषणा और कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए प्रमुख संयुक्त राष्ट्र निकाय रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इसका उद्देश्य ईसीओएसओसी को सामाजिक नीतियों और विशेष रूप से सामाजिक क्षेत्र के सभी मामलों पर विशेष अंतर सरकारी एजेंसियों द्वारा ध्यान नहीं दिए गए कार्यों पर सलाह देना था। गैर सरकारी संगठनों की समिति 1946 में परिषद द्वारा स्थापित आर्थिक और सामाजिक परिषद की एक स्थायी समिति है।
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2+2 वार्ता भारत अमेरिका ने यूक्रेन की मानवीय सहायता की वार्ता लंका पाकिस्तान को लेकर भी हुई चर्चा
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2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद हुई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से प्रदान किया और रूस यूक्रेन संघर्ष के बीच दोनों देशों ने ऊर्जा संकट खाद्य सुरक्षा और कीव को मानवीय सहायता पर चर्चा की।
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भारत अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू’ मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाशिंगटन में मंगलवार को कहा कि यूक्रेन संकट को लेकर हमने बात की।यूक्रेन को हमने मार्च महीने में 90 टन राहत सामग्री दी है लेकिन अभी भी यूक्रेन को दवाओं की आपूर्ति पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि इंडो पैसिफिक में और अधिक आर्थिक गतिविधियों के बारे में भी चर्चा हुई। इस दौरान ऐसा क्या है जो विभिन्न देश विशेष रूप से क्वाड के देश अधिक आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं इस पर भी वार्ता हुई। . 13 2022 संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान कई उच्च स्तरीय बैठकें करने वाले जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन संकट पर चर्चा में बहुत समय लगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से प्रदान किया और रूस यूक्रेन संघर्ष के बीच दोनों देशों ने ऊर्जा संकट खाद्य सुरक्षा और कीव को मानवीय सहायता पर चर्चा की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू भी मौजूद थे।जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष की स्थिति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ा है। हमने ऊर्जा की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान हमने सभी देशों की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा की साथ ही उन देशों के संदर्भ में क्या किया जा सकता है साथ ही यूक्रेन में मानवीय स्थिति को लेकर विभिन्न देश क्या कर रहे हैं हमने उसके बारे में बात की। 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान जयशंकर ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद की आलोचना के बारे में सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि पहले ही भारत ने कई बयान दिए हैं जो यूक्रेन संघर्ष पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं।इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि रूस से ऊर्जा आयात पर प्रतिबंध नहीं है और नई दिल्ली अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं कर रही है। गौरतलब है कि जयशंकर ने दोनों देशों के बीच चौथी 2+2 वार्ता में भाग लिया। उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के साथ भी बातचीत की।
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पार्टीगेट विवाद ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन उनकी पत्नी ने जुर्माना भरा माफी भी मांगी जानें क्या है पूरा मामला
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बोरिस जॉनसन ने बकिंघमशायर में संवाददाताओं से कहा ‘मैंने जुर्माने का भुगतान कर दिया है और मैं एक बार फिर पूर्ण रूप से माफी मांगता हूं।
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. जारी किया जाएगा।अपने इस्तीफे की मांग के जवाब में जॉनसन ने कहा "मुझे जो जनादेश मिला है उसे जारी रखने और पूरा करने में सक्षम हूं लेकिन उन समस्याओं से भी निपटना चाहता हूं जिनका देश अभी सामना कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा "मेरा मानना है कि देश के लोग आगे बढ़ें और इस देश के लोगों के लिए काम करें और मैं यही कर रहा हूं।" इससे पहले प्रधानमंत्री की पत्नी कैरी जॉनसन ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने जुर्माना अदा कर दिया है और माफी भी मांगी है।‘फिक्स्ड पेनल्टी नोटिस’ के तहत 28 दिनों के भीतर जुर्माना अदा करने की जरूरत होती है जब तक कि विरोध न किया जाए। अगर कोई जुर्माना लगाए जाने का विरोध करने का विकल्प चुनता है तो पुलिस मामले की समीक्षा करेगी और तय करेगी कि जुर्माना वापस लिया जाए या मामले को अदालत में ले जाया जाए।‘डाउनिंग स्ट्रीट’ के एक प्रवक्ता ने कहा था ‘‘प्रधानमंत्री और चांसलर को आज सूचना मिली है कि मेट्रोपॉलिटन पुलिस उन्हें जुर्माना नोटिस जारी करेगी।’’ बोरिस जॉनसन की पत्नी कैरी जॉनसन भी इस तरह के नोटिस की सूचना पाने वालों में शामिल हैं।कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन का उल्लंघन करके ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के कार्यालय ‘डाउनिंग स्ट्रीट’ और सरकार के कार्यालयों के भीतर आयोजित की गई पार्टियों के मामले को पार्टीगेट के तौर पर जाना जाता है। इस मामले में व्यापक आलोचना के कारण प्रधानमंत्री जॉनसन को संसद में माफी मांगनी पड़ी थी।विपक्षी दल लेबर पार्टी ने महामारी के दौरान सरकार द्वारा लगाए गए कानूनी नियमों के उल्लंघन पर जॉनसन और सुनक दोनों के इस्तीफे की मांग की। लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारर ने कहा ‘‘बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक ने कानून तोड़ा है और बार बार ब्रिटिश जनता से झूठ बोला है। उन दोनों को इस्तीफा देना होगा।’’स्कॉटलैंड यार्ड ने मंगलवार को कहा कि 50 से अधिक उन लोगों को जुर्माने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा जिन्होंने प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यालय/आवास ‘डाउनिंग स्ट्रीट’ और लंदन के व्हाइटहॉल में सरकारी कार्यालयों में कोविड लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करते हुए पार्टियों का आयोजन किया था या उनमें शामिल हुए थे।पिछले महीने स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह पार्टीगेट मामले में 20 लोगों पर जुर्माना लगाएगी। अब इसमें 30 और लोग जुड़ गए हैं। पुलिस ने एक बयान में कहा ‘‘मंगलवार 12 अप्रैल 2022 तक हमने कोविड 19 नियमों के उल्लंघन के लिए एसीआरओ आपराधिक रिकॉर्ड कार्यालय को ‘फिक्स्ड पेनल्टी नोटिस’ के लिए 50 से अधिक लोगों के नाम दिए हैं।’’ बयान में कहा गया है ‘‘हम इस जांच को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’पुलिस 2020 21 में लागू लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन को लेकर 12 मामलों की जांच कर रही है। ऐसा माना जाता है कि इन पार्टियों में प्रधानमंत्री जॉनसन भी शामिल हुए थे। इसमें से एक पार्टी जून 2020 में डाउनिंग स्ट्रीट के कैबिनेट रूम में जॉनसन के जन्मदिन पर आयोजित किए जाने का आरोप है। लंदन की पुलिस ने इस मामले में प्रधानमंत्री समेत 100 से अधिक लोगों को सवालों की सूची भेजी थी। पुलिस ने जांच के तहत गवाहों के बयान भी दर्ज किए थे।ऋषि सुनक ने माफी मांगी ‘पार्टीगेट’ के लिए जुर्माना भराब्रिटिश वित्तमंत्री ऋषि सुनक ने जून 2020 में कोविड 19 लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए माफी मांगी है और नियम तोड़ने को लेकर लगाया गया जुर्माना भी भरा है। वह उस वक्त प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लिए डाउनिंग स्ट्रीट में एक जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले पीएम जॉनसन भी इस मामले में माफी मांगकर जुर्माना भर चुके हैं। सुनक ने कहा मैं समझता हूं कि सार्वजनिक पदों पर आसीन लोगों के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए ताकि जन विश्वास कायम रहे। मैं इस सिलसिले में लिये गये फैसले का सम्मान करता हूं और जुर्माना अदा कर दिया है।
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ब्रिटेन के आतंकी को सलाखों के पीछे काटनी होगी पूरी उम्र सांसद की हत्या करने के अपराध में मिली सजा
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ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के एक सांसद की हत्या करने वाले एक आईएसआईएस के आतंकवादी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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इस्लामिक स्टेट के समर्थक एक आतंकवादी को बुधवार को ब्रिटेन के एक सांसद की हत्या करने के अपराध में उम्र कैद की सजा सुनाई गई। 26 वर्षीय अली हरबी अली को पुलिस ने पिछले साल अक्तूबर में दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के एसेक्स से गिरफ्तार किया था। उसे लंदन में ओल्ड बेली कोर्ट के सामने सजा सुनाने के लिए पेश किया गया था ज्यूरी उसे पहले ही दोषी करार दे चुकी थी। अली हरबी अली ने ब्रिटेन के सांसद सर डेविड अमेस की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार उसने डेविड को कम से कम 20 बार चाकू मारा था। अली को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए न्यायाधीश नाइजेल स्वीना ने कहा कि डेविड अमेस का निधन पूरे देश के लिए बड़ा नुकसान है। उसे सुनाई गई उम्रकैद की सजा का मतलब है कि उसे अपना पूरा जीवन कारावास में ही काटना होगा। न्यायाधीश ने कहा कि यह आतंकी हमला हमारे लोकतंत्र के हृदय पर हुआ है। सर डेविड एक महान व्यक्ति थे और उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया था जिसके आधार पर इस हमले को सही ठहराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी को अपने इस कृत्य के लिए कोई शर्म या पछतावा नहीं है यह सामान्य मामलों से बिलकुल विपरीत है। डेविड अमेस साउथएंड वेस्ट के लिए कंजर्वेटिव पार्टी से सांसद थे। ज्यूरी से बोला था आतंकी सांसद की हत्या करने का कोई पछतावा नहींइससे पहले अपने ट्रायल के दौरान अली ने अदालत को बताया था कि उसे सांसद की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। उसने कहा था कि सांसद ने साल 2014 और 2015 में सीरिया पर हमलों के लिए संसद में मतदान किया था। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार उसने ज्यूरी से कहा था अगर मुझे यह लगता कि मैं कुछ गलत करने जा रहा हूं तो मैं वह काम कभी नहीं करता।
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बड़ी समस्या भारत की जीडीपी पड़ रहा यूक्रेन युद्ध का असर विश्व बैंक ने जताया 1.3 फीसदी की गिरावट का अनुमान
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दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हांस टिमर ने युद्ध के चलते भारत की जीडीपी में गिरावट की आशंका जताने के साथ यह भी कहा कि हाल की तिमाहियों में भारत ने सेवाओं के उत्पादन में काफी सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समय सेवाओं की काफी मांग है और भारत इस मांग को पूरा कर सकता है।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का भारत की जीडीपी वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विश्व बैंक के एक अधिकारी ने कहा है कि युद्ध के चलते भारत की जीडीपी वृद्धि दर में 1.4 फीसदी और आय वृद्धि में 2.3 फीसदी की गिरावट आ सकती है। अधिकारी ने कहा कि कोविड 19 वैश्विक महामारी के संकट से भारत तेजी से उबर रहा है लेकिन फिर भी यह युद्ध देश की जीडीपी को उल्लेखनीय नुकसान पहुंचा सकता है। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री हांस टिमर ने इस बात पर भी जोर दिया कि लंबे समय में भारत को सच में बहुत मेहनत से काम करने की और जीवाश्म ईंधन से निर्भरता घटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत को नवीनीकृत ऊर्जा को अपनाने पर काम करना चाहिए। इसके अलावा कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की भी जरूरत है जो इस समय 20 फीसदी से भी कम है।टिमर ने कहा हमारा आंकलन कहता है कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध से भारत के लिए आय वृद्धि में 2.3 फीसदी और जीडीपी वृद्धि में 1.3 फीसदी की कमी देखने को मिल सकती है। अपनी ताजा दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा था कि वित्त वर्ष 2021 22 के लिए भारत की अनुमानित वृद्धि दर 8.3 फीसदी है। वहीं 2022 23 के लिए विश्व बैंक ने इस दर के 7.1 फीसदी और 2023 24 के लिए 7.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।24 फरवरी को हुई थी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआतरूस ने यूक्रेन के खिलाफ हमले की शुरुआत 24 फरवरी को की थी। कई पश्चिमी देशों ने इसे लेकर रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि भारत इस मामले में अब तक पूरी तरह तटस्थ रहा है। भारत की ओर से यूक्रेन को मानवीय मदद जरूर भेजी गई है लेकिन देश की सरकार ने किसी का पक्ष नहीं लिया है। इस लड़ाई में यूक्रेन के कई शहर तबाह हो चुके हैं और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं लाखों की संख्या में लोग पलायन भी कर रहे हैं।
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यूक्रेन का रूस आरोप फास्फोरस बमों का इस्तेमाल रहे पुतिन हमलों में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर हुई 191
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यूक्रेन के महाभियोजक कार्यालय की ओर से बताया गया कि रूस के हमलों के कारण यूक्रेन में जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 191 पहुंच गई है। वहीं 349 से ज्यादा बच्चे घायल हैं। मृत बच्चों की संख्या में और बढ़ोतरी भी संभव है। इस लड़ाई से सबसे ज्यादा 113 बच्चे डोनेस्क में प्रभावित हुए हैं।
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रूस यूक्रेन के बीच जंग 48वें दिन में पहुंच चुकी है। अभी भी इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह युद्ध कहां रुकेगा जाकर। लेकिन युद्ध के बीच जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह रुला देने वाली हैं। वहीं इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को एस्टोनिया की संसद को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने रूस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के नागरिकों के खिलाफ आतंकवादियों की तरह से कार्रवाई कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन पर फास्फोरस बमों का इस्तेमाल भी कर रहा है। वहीं यूक्रेन के महाभियोजक कार्यालय की ओर से बताया गया कि रूस के हमलों के कारण यूक्रेन में जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 191 पहुंच गई है। वहीं 349 से ज्यादा बच्चे घायल हैं। मृत बच्चों की संख्या में और बढ़ोतरी भी संभव है। इस लड़ाई से सबसे ज्यादा 113 बच्चे डोनेस्क में प्रभावित हुए हैं।दूसरी ओर रूस ने भी बड़ा दावा किया है। रूस का कहना है कि मारियोपोल में एक हजार से ज्यादा यूक्रेनी मरीन्स ने सरेंडर किया है। हालांकि अभी तक रूस ने मारियोपोल पर पूरी तरह कब्जा नहीं कर पाया है। वहीं पिछले दिनों एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अब रूस पूर्वी यूक्रेन की तरफ पूरा फोकस कर रहा है। रूस को युद्ध पर पैसा न लगाने के लिए मजबूर करेगा अमेरिकाअमेरिकी वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस को उसका धन यूक्रेन में हमले पर लगाने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से प्रतिबंध बढ़ा रहे हैं। रूसी प्रतिबंध रणनीति पर मुख्य अमेरिकी समन्वयकों में से एक उप वित्त सचिव वैली एडेमो ने कहा कि हमारा लक्ष्य रूस को ऐसा बनाना है कि वह भविष्य में अत्यधिक शक्ति प्रदर्शन न कर पाए।मोबाइल शवदाह गृह लेकर चल रहे रूसी सैनिकयूक्रेन की खुफिया विभाग की ओर से दावा किया गया है कि रूस ने अपने सैनिकों को युद्ध अपराधों के सबूत मिटाने को कहा है। रूसी सैनिक इसके लिए मोबाइल शवदाह गृह लेकर चल रहे हैं और लाशों को वहीं पर जला दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मैरियूपोल में 13 मोबाइल शवदाह गृह देखे गए थे। इनसे सड़क पर पड़ी लाशों को जलाया गया था।
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पाकिस्तान की सियासत पीटीआई ने विदेशी साजिश की संसदीय जांच कराने का किया विरोध शहबाज शरीफ लगाए आरोप
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अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीटीआई की राजनीतिक समिति की एक बैठक के बाद यह फैसला किया गया। इस बैठक में जल्द से जल्द आम चुनाव कराने का आह्वान किया गया। साथ ही पार्टी के समर्थन आधार को जुटाने के लिए कई रैलियों की घोषणा भी की गई।
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पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने मंगलवार को बड़ी घोषणा की है। पीटीआई ने कहा है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की किसी भी बैठक का बहिष्कार करेगी। इस दौरान इमरान खान की पार्टी ने अपनी सरकार गिराने में विदेशी साजिश होने का दावा किया। इस दौरान पार्टी ने मांग की देश का सर्वोच्च न्यायालय मामले पर एक जांच आयोग का गठन करे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीटीआई की राजनीतिक समिति की एक बैठक के बाद यह फैसला किया गया। इस बैठक में जल्द से जल्द आम चुनाव कराने का आह्वान किया गया। साथ ही पार्टी के समर्थन आधार को जुटाने के लिए कई रैलियों की घोषणा भी की गई।रिपोर्ट में कहा गया है कि बैठक की अध्यक्षता पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने की। इस बैठक में पार्टी के सभी प्रांतीय अध्यक्षों महासचिव असद उमर उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी और फवाद चौधरी और परवेज खट्टक सहित अन्य नेताओं ने भाग लिया। गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के कुछ समय बाद शहबाज शरीफ ने सोमवार को नेशनल असेंबली में अपने उद्घाटन भाषण में इमरान खान की सरकार को गिराने के लिए विदेशी साजिश की संसदीय जांच की घोषणा की थी। साथ ही आरोप साबित होने के लिए सबूतों का एक टुकड़ा भी मिलने पर उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश भी की थी। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता डॉ फारुख हबीब ने कहा है कि अगले हफ्ते लाहौर में एक पीटीआई एक रैली करेगी। जिसमें वह एक बड़ा कदम उठाने के बारे में घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को कराची में मजार ए कायद से सटे मैदान में एक रैली होगी और 23 तारीख को लाहौर के मीनार ए पाकिस्तान में एक रैली होगी। हबीब ने आगे कहा कि इन रैलियों में हम इस बात पर जोर देंगे कि आयातित सरकार नहीं स्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि लाहौर में जनसभा के दौरान एक आश्चर्यजनक कदम उठाने के बारे में घोषणा की जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि हम रविवार को डिप्टी स्पीकर के फैसले के बाद जो हुआ हम उससे बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। हमने पहले ही विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है और अब देश के लोगों को अपने नए जन प्रतिनिधियों को चुनने का मौका मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा सरकार गिराने की विदेशी साजिश के आरोप की संसदीय जांच कराए जाने की बात का विरोध करते हुए फारूख हबीब ने कहा कि शहबाज शरीफ भी इस साजिश में संलिप्त थे।
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पाकिस्तान में सियासी उठापटक निष्ठा उठते सवालों से सैन्य नेतृत्व भी परेशान जानें बैकफुट क्यों रही सेना
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पाकिस्तान की सेना की तरफ से मंगलवार को एक असामान्य बयान जारी किया गया। ये बयान सेना मुख्यालय में हुए फॉर्मेशन कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के बाद जारी हुआ। इसमें कहा गया कि देश के राजनीतिक नेतृत्व में भरोसा रखना और संविधान एवं कानून के राज की रक्षा करना सेना का सुविचारित रुख है।
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ऐसा शायद पहली बार हुआ है जब देश के अंदरूनी सियासी विवाद में पाकिस्तान की सेना बचाव की मुद्रा में दिख रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने जिस खुले रूप में पाकिस्तान की सेना की आलोचना की है उससे सैनिक नेतृत्व विचलित दिखता है। खास कर सोशल मीडिया पर लगातार हो रही सेना विरोधी टिप्पणियों से सैन्य अधिकारी नाराज हुए हैं। इन टिप्पणियों में कहा गया है कि सेना ने पूर्व इमरान खान सरकार को हटाने में भूमिका निभाई। . लगातार आंदोलन के मूड में हैं। पीटीआई ने अब एलान किया है कि 24 अप्रैल को लाहौर में मीनार ए पाकिस्तान के पास विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। वह रैली पाकिस्तान में सरकार बदलने के लिए रची गई विदेशी साजिश के खिलाफ होगी। इसके पहले देश के अलग अलग शहरों में रैली करने का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है। इसके मुताबिक 16 अप्रैल को कराची में एक बड़ी जन सभा का आयोजन होगा।पीटीआई लगातार नई बनी शाहबाज शरीफ सरकार को ‘आयातित सरकार’ कह रही है। पार्टी की पंजाब शाखा के अध्यक्ष शफाकत महमूद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए "सारे चोर" इकट्ठे हो गए।जानकारों ने कहा है कि पाकिस्तान में कभी सेना की सार्वजनिक रूप से वैसी आलोचना नहीं हुई जैसी इस बार हो रही है। इससे जनमत के एक हिस्से में सेना की भूमिका संदिग्ध हुई है। उधर सैन्य अधिकारी इस बात से व्यथित हैं कि उन्हें विदेशी षड्यंत्रकारियों का सहयोगी बता कर उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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Citation
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@dataset{HindiNewSummaries,
title = {News Articles and Summaries Dataset},
author = {Pawan Trivedi},
year = {2022},
publisher = {Hugging Face},
url = {https://huggingface.co/datasets/d0r1h/HindiNewSummaries}
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