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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शादी विवाह वालों की मांग बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने के भाव 32,590 रुपये प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए। वहीं, मौजूदा उच्चस्तर पर मांग कमजोर पड़ने से चांदी के भाव 300 रुपये टूट कर 61,200 रुपये किलो बोले गए। बाजार सूत्रों के अनुसार आगामी शादी विवाह व त्योहारी सीजन के मद्देनजर चौतरफा लिवाली के चलते सोना अब तक के सर्वकालिक ऊंचाई तक जा पहुंचा।टिप्पणियां सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 110 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,590 रुपये और 32,390 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 25,500 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 61,200 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 660 रुपये लुढ़ककर 63,385 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 77000:78000 रुपये प्रति सैकडा बंद हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार आगामी शादी विवाह व त्योहारी सीजन के मद्देनजर चौतरफा लिवाली के चलते सोना अब तक के सर्वकालिक ऊंचाई तक जा पहुंचा।टिप्पणियां सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 110 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,590 रुपये और 32,390 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 25,500 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 61,200 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 660 रुपये लुढ़ककर 63,385 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 77000:78000 रुपये प्रति सैकडा बंद हुए। सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 110 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,590 रुपये और 32,390 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 25,500 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 61,200 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 660 रुपये लुढ़ककर 63,385 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 77000:78000 रुपये प्रति सैकडा बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 300 रुपये की गिरावट के साथ 61,200 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 660 रुपये लुढ़ककर 63,385 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये टूट कर 77000:78000 रुपये प्रति सैकडा बंद हुए।
शादी विवाह वालों की मांग बढ़ने से दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने के भाव 32,590 रुपये प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए। वहीं, मौजूदा उच्चस्तर पर मांग कमजोर पड़ने से चांदी के भाव 300 रुपये टूट कर 61,200 रुपये किलो बोले गए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्षों पहले लालू प्रसाद का 'बिहार की सड़कों को हेमामालिनी के गाल की तरह चिकना बनाने' का जुमला बहुत मशहूर हुआ था. मंगलवार शाम को वही लालू अपने बेटों के साथ पटना में दीवाली महोत्‍सव में हेमामालिनी की प्रस्‍तुति को देखने के लिए पहुंचे. इस कार्यक्रम में राज्‍य सरकार भी सह प्रायोजक है. कहा जाता है कि हेमामालिनी से कार्यक्रम की सहमति लेने के लिए लालू ने अपने अंदाज में हेमामालिनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए उनके पति धर्मेंद्र के नाम का भी जिक्र किया. उन्‍होंने कहा, ''धमेंद्र जी मेरे बड़े भैया हैं तो आप मेरी भाभी हैं.''टिप्पणियां सोमवार शाम को हेमामालिनी (68) को कार्यक्रम में अपनी बेटियों के साथ 'द्रोपदी' के किरदार में प्रस्‍तुति देते देखा गया.   दरअसल लालू प्रसाद का वह प्रसिद्ध जुमला वर्षों तक दोहराया जाता रहा. हालांकि 2010 में उन्‍होंने उसका खंडन करते हुए कहा कि उनके विरोधियों ने गलत तरीके से इस जुमले को उनके सिर मढ़ दिया. हालांकि हेमामालिनी से इससे पहले कई बार बिहार गई हैं लेकिन अक्‍सर वह अपनी पार्टी बीजेपी के प्रचार के सिलसिले में ही गई हैं.   आज के कार्यक्रम के लिए हेमामालिनी की पार्टी बीजेपी से न ही किसी को आमंत्रित किया गया और न ही कोई दिखा. प्रमुख अतिथियों में लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप और तेजस्‍वी यादव थे. दोनों ही नीतीश सरकार में मंत्री हैं. उल्‍लेखनीय है कि 1970 में ''जॉनी मेरा नाम'' फिल्‍म के लिए हेमामालिनी ने नालंदा के खंडहरों में एक बेहद लोकप्रिय गाने के लिए शूटिंग की थी. कहा जाता है कि हेमामालिनी से कार्यक्रम की सहमति लेने के लिए लालू ने अपने अंदाज में हेमामालिनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए उनके पति धर्मेंद्र के नाम का भी जिक्र किया. उन्‍होंने कहा, ''धमेंद्र जी मेरे बड़े भैया हैं तो आप मेरी भाभी हैं.''टिप्पणियां सोमवार शाम को हेमामालिनी (68) को कार्यक्रम में अपनी बेटियों के साथ 'द्रोपदी' के किरदार में प्रस्‍तुति देते देखा गया.   दरअसल लालू प्रसाद का वह प्रसिद्ध जुमला वर्षों तक दोहराया जाता रहा. हालांकि 2010 में उन्‍होंने उसका खंडन करते हुए कहा कि उनके विरोधियों ने गलत तरीके से इस जुमले को उनके सिर मढ़ दिया. हालांकि हेमामालिनी से इससे पहले कई बार बिहार गई हैं लेकिन अक्‍सर वह अपनी पार्टी बीजेपी के प्रचार के सिलसिले में ही गई हैं.   आज के कार्यक्रम के लिए हेमामालिनी की पार्टी बीजेपी से न ही किसी को आमंत्रित किया गया और न ही कोई दिखा. प्रमुख अतिथियों में लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप और तेजस्‍वी यादव थे. दोनों ही नीतीश सरकार में मंत्री हैं. उल्‍लेखनीय है कि 1970 में ''जॉनी मेरा नाम'' फिल्‍म के लिए हेमामालिनी ने नालंदा के खंडहरों में एक बेहद लोकप्रिय गाने के लिए शूटिंग की थी. सोमवार शाम को हेमामालिनी (68) को कार्यक्रम में अपनी बेटियों के साथ 'द्रोपदी' के किरदार में प्रस्‍तुति देते देखा गया.   दरअसल लालू प्रसाद का वह प्रसिद्ध जुमला वर्षों तक दोहराया जाता रहा. हालांकि 2010 में उन्‍होंने उसका खंडन करते हुए कहा कि उनके विरोधियों ने गलत तरीके से इस जुमले को उनके सिर मढ़ दिया. हालांकि हेमामालिनी से इससे पहले कई बार बिहार गई हैं लेकिन अक्‍सर वह अपनी पार्टी बीजेपी के प्रचार के सिलसिले में ही गई हैं.   आज के कार्यक्रम के लिए हेमामालिनी की पार्टी बीजेपी से न ही किसी को आमंत्रित किया गया और न ही कोई दिखा. प्रमुख अतिथियों में लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप और तेजस्‍वी यादव थे. दोनों ही नीतीश सरकार में मंत्री हैं. उल्‍लेखनीय है कि 1970 में ''जॉनी मेरा नाम'' फिल्‍म के लिए हेमामालिनी ने नालंदा के खंडहरों में एक बेहद लोकप्रिय गाने के लिए शूटिंग की थी. उल्‍लेखनीय है कि 1970 में ''जॉनी मेरा नाम'' फिल्‍म के लिए हेमामालिनी ने नालंदा के खंडहरों में एक बेहद लोकप्रिय गाने के लिए शूटिंग की थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पटना में हेमामालिनी ने दी नृत्‍य प्रस्‍तुति लालू अपने बेटों के साथ प्रमुख अतिथियों में शामिल 1970 में फिल्‍म की शूटिंग की थी बिहार में
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के समीप वसई पूर्व में संजय गांधी नेशनल पार्क में बने 'बालयोगी श्री सदानंद महाराज आश्रम' के परिसर में बनी धर्मशाला को आज वन विभाग ने गिरा दिया. इस धर्मशाला के तल मंजिल पर बाबा की फार्मेसी थी. इस बीच आज उत्तरप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक की इंटरविन अर्जी पर कल सुनवाई होगी. राम नाईक ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से कल सुनवाई पूरी होने तक तोड़ने की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया है. लेकिन अदालत से कोई स्टे नहीं है, इसलिए प्रशासन ने आज शाम तक तोड़ने की कार्रवाई जारी रखी. इस बीच आश्रम में बड़ी संख्या में भक्त जमा हैं. बालयोगी सदानंद बाबा ने सभी को शांत रहने का आदेश दिया है. इसलिये मंदिर परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. तकरीबन 50 से 60 साल पुराने सदानंद बाबा आश्रम के खिलाफ पर्यावारण कार्यकर्ता  देबी गोयनका ने सन 2004 में वाइल्ड लाइफ को नुकसान बताते हुए शिकायत की थी. यह मामला CEC में गया. CEC ने 2009 में आश्रम के अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया, लेकिन आश्रम तोड़ा नहीं जा सका. मामला सुप्रीम कोर्ट में गया. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त तक आश्रम हटाने का आदेश दिया है. मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश एक्स पार्टी था क्योंकि उनका काउंसिल उस समय अदालत में मौजूद नहीं था. मंदिर की तरफ से रिव्यू याचिका दायर की जा रही है.
राम नाईक की इंटरविन अर्जी पर कल सुनवाई होगी अदालत से स्टे नहीं होने से प्रशासन ने निर्माण तोड़ा मंदिर परिसर में भक्त जमा, तनावपूर्ण शांति
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोएडा में एक फैक्टरी में काम करने वाली 21 वर्षीय एक युवती के साथ कथित बलात्कार और हत्या की के आरोप में गिरफ्तार दो लोगों को कोर्ट में सोमवार को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने आज इन आरोपियों की पुलिस कस्टडी की मांग भी नहीं की है। इस घटना के बाद थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था जबकि चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। इस घटना से स्तब्ध उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 लाख रुपया मुआवजा देने और पीड़िता के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की। नोएडा रेपकांड के मुद्दे पर बीएसपी सुप्रीमो ने सोमवार को यूपी की अखिलेश सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अखिलेश सरकार के राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरे अपराध काफी बढ़ गए हैं। नोएडा रेप केस में तो उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा दफा करने का भी आरोप लगाया। बढ़ते अपराध की वजह से उन्होंने राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों से पूछताछ की गई। यह घटना शुक्रवार की रात हुई थी जब सेक्टर 65 स्थित वस्त्र फैक्टरी की एक कर्मचारी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने घर लौट रही थी।टिप्पणियां युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। इस घटना के बाद थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था जबकि चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। इस घटना से स्तब्ध उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 लाख रुपया मुआवजा देने और पीड़िता के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की। नोएडा रेपकांड के मुद्दे पर बीएसपी सुप्रीमो ने सोमवार को यूपी की अखिलेश सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अखिलेश सरकार के राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरे अपराध काफी बढ़ गए हैं। नोएडा रेप केस में तो उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा दफा करने का भी आरोप लगाया। बढ़ते अपराध की वजह से उन्होंने राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों से पूछताछ की गई। यह घटना शुक्रवार की रात हुई थी जब सेक्टर 65 स्थित वस्त्र फैक्टरी की एक कर्मचारी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने घर लौट रही थी।टिप्पणियां युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। इस घटना से स्तब्ध उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 लाख रुपया मुआवजा देने और पीड़िता के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की। नोएडा रेपकांड के मुद्दे पर बीएसपी सुप्रीमो ने सोमवार को यूपी की अखिलेश सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अखिलेश सरकार के राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरे अपराध काफी बढ़ गए हैं। नोएडा रेप केस में तो उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा दफा करने का भी आरोप लगाया। बढ़ते अपराध की वजह से उन्होंने राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों से पूछताछ की गई। यह घटना शुक्रवार की रात हुई थी जब सेक्टर 65 स्थित वस्त्र फैक्टरी की एक कर्मचारी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने घर लौट रही थी।टिप्पणियां युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। नोएडा रेपकांड के मुद्दे पर बीएसपी सुप्रीमो ने सोमवार को यूपी की अखिलेश सरकार पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अखिलेश सरकार के राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरे अपराध काफी बढ़ गए हैं। नोएडा रेप केस में तो उन्होंने पुलिस पर मामले को रफा दफा करने का भी आरोप लगाया। बढ़ते अपराध की वजह से उन्होंने राज्यपाल से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों से पूछताछ की गई। यह घटना शुक्रवार की रात हुई थी जब सेक्टर 65 स्थित वस्त्र फैक्टरी की एक कर्मचारी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने घर लौट रही थी।टिप्पणियां युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। इस बीच, इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों से पूछताछ की गई। यह घटना शुक्रवार की रात हुई थी जब सेक्टर 65 स्थित वस्त्र फैक्टरी की एक कर्मचारी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित अपने घर लौट रही थी।टिप्पणियां युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। युवती का अर्द्धनग्न शव सेक्टर 63 के पुश्ता इलाके में मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। महिला की अंत्येष्टि कर दी गई है। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बाद में उसके शव को सौंपने में भी देर की थी। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। उसकी अंत्येष्टि हिंडन श्मशान घाट में की गई। महिला परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घटना के दिन वह अपने परिवार की खातिर अधिक आय अर्जित करने के लिए फैक्टरी में रुक गई थी। पुलिस ने बताया कि नोएडा पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है।
नोएडा में एक फैक्टरी में काम करने वाली 21 वर्षीय एक युवती के साथ कथित बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार दो लोगों को कोर्ट में सोमवार को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पहले कार्यकाल के दौरान शरीफ का तत्कालीन राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान के साथ गहरे मतभेद हो गए जिसके बाद खान ने अप्रैल,1993 में नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था. उसी साल जुलाई महीने में शरीफ ने सेना के दबाव में इस्तीफा दे दिया लेकिन खान को हटाए जाने की शर्त पर सुलह की. शरीफ दूसरी बार 1997 में राष्ट्रपति बने, लेकिन 1999 में परवेज मुशर्रफ ने तख्तापलट कर उन्हें अपदस्थ कर दिया था. अपने तीसरे कार्यकाल में शरीफ ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे :सीपेक: सहित कई विकास परियोजनाओं को शुरू किया. उनकी एक और बड़ी उपलब्धि सैन्य अभियान ‘जर्ब-ए-अज्ब’ है जो 2014 में शुरू किया गया था. सेना के इस अभियान का मकसद उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिण वजीरिस्तान से आतंकवादियों का सफाया करना था.टिप्पणियां शरीफ 1949 में लाहौर के अमीर उद्योगपति परिवार में पैउा हुए और उनकी शुरूआती शिक्षा अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में ही हुई. उन्होंने पंजाब विश्विवद्यालय से कानून की पढ़ाई की और फिर पिता की इस्पात कंपनी के साथ जुड़ गए. सैन्य शासक जियाउल हक के समय वह पहले वित्त मंत्री बने और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने। फिर 1990 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने. ​ अपने तीसरे कार्यकाल में शरीफ ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे :सीपेक: सहित कई विकास परियोजनाओं को शुरू किया. उनकी एक और बड़ी उपलब्धि सैन्य अभियान ‘जर्ब-ए-अज्ब’ है जो 2014 में शुरू किया गया था. सेना के इस अभियान का मकसद उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिण वजीरिस्तान से आतंकवादियों का सफाया करना था.टिप्पणियां शरीफ 1949 में लाहौर के अमीर उद्योगपति परिवार में पैउा हुए और उनकी शुरूआती शिक्षा अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में ही हुई. उन्होंने पंजाब विश्विवद्यालय से कानून की पढ़ाई की और फिर पिता की इस्पात कंपनी के साथ जुड़ गए. सैन्य शासक जियाउल हक के समय वह पहले वित्त मंत्री बने और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने। फिर 1990 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने. ​ शरीफ 1949 में लाहौर के अमीर उद्योगपति परिवार में पैउा हुए और उनकी शुरूआती शिक्षा अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में ही हुई. उन्होंने पंजाब विश्विवद्यालय से कानून की पढ़ाई की और फिर पिता की इस्पात कंपनी के साथ जुड़ गए. सैन्य शासक जियाउल हक के समय वह पहले वित्त मंत्री बने और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने। फिर 1990 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने. ​ शरीफ 1949 में लाहौर के अमीर उद्योगपति परिवार में पैउा हुए और उनकी शुरूआती शिक्षा अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में ही हुई. उन्होंने पंजाब विश्विवद्यालय से कानून की पढ़ाई की और फिर पिता की इस्पात कंपनी के साथ जुड़ गए. सैन्य शासक जियाउल हक के समय वह पहले वित्त मंत्री बने और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री बने। फिर 1990 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने. ​
सारांश: पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए उन्होंने बाद में पीएम पद से इस्तीफा दे दिया वह अक्सर किसी न किसी कारण से पद से हटने को मजबूर हुए
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) का कहना है कि आने वाले महीनों में भारत की आर्थिक वृद्धि दर नरम पड़ सकती है जबकि विकसित देशों की वृद्धि दर अच्छी रहेगी। ओईसीडी के विश्लेषण के अनुसार भारत में आर्थिक गतिविधियों में नरमी के संकेत दिख रहे हैं। यह आकलन ओईसीडी के जारी नवीनतम कंपोजिट लीडिंग इंडिकेटर्स (सीएलआई) पर आधारित है जो किसी अर्थव्यवस्था में तेजी या नरमी का शुरुआती संकेत देते हैं। भारत का सीएलआई जनवरी में घटकर 99.3 रह गया जो पूर्व माह में 99.7 था। इसी तरह चीन का सीएलआई 101.7 से घटकर 101.6 रह गया। ओईसीडी का कहना है कि चीन एवं भारत पर मुद्रास्फीति दबाव भी बन रहा है। भारत में बढ़ती खाद्य कीमतों की ओर संकेत किया गया है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2009-10 में 7.4 प्रतिशत रही और 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में इसके 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
संक्षिप्त पाठ: भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2009-10 में 7.4 प्रतिशत रही और 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में इसके 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ अपराध शाखा ने बांदा के चर्चित बलात्कार मामले में देर शाम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नरैनी से विधायक सहित पांच लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया और थाने से प्राथमिकी के दस्तावेज मंगाए। सीबीआई जल्द ही इस मामले की नए सिरे से जांच शुरू करेगी। सीबीआई की लखनऊ अपराध शाखा के संयुक्त निदेशक जावीद अहमद ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का आदेश मिलने के बाद विशेष अपराध शाखा ने शुक्रवार देर शाम अभियोग दर्ज कर लिया है। इसमें बांदा के अतर्रा थाने में दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को ही दर्ज किया गया है।" गौरतलब है कि चोरी के केश में पेशी के दौरान बलात्कार पीड़िता ने अतर्रा के मुंसिफ  मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए गए प्रार्थनापत्र में नरैनी से बसपा के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, रावण, सुरेश नेता, राजेंद्र शुक्ला एवं गरग को बलात्कार, छेड़खानी, मारपीट व बंधक बनाने का आरोपी बताया था। कथित बलात्कार के मामले में तीन आरोपियों को निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि विधायक व एक अन्य आरोपी रावण आठ माह से बांदा जेल में बंद हैं। समझा जा रहा है कि सीबीआई शीघ्र दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू करेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने 12 सितम्बर को जारी अपने आदेश में सीबीआई को जांच के लिए छह हफ्ते का समय दिया है। इस बीच, जांच एजेंसी ने अतर्रा थाने में दर्ज पूर्व की दोनों एफआईआर के दस्तावेज मंगा लिए हैं। अतर्रा के थानाध्यक्ष घनश्याम पाण्डेय ने शनिवार को बताया, "सीबीआई के लखनऊ  मुख्यालय से फोन आने पर थाने में मौजूद दोनों अभियोगों से सम्बंधित दस्तावेज फैक्स के जरिए भेज दिए गए हैं।" सनद रहे, विधायक के बेटे मयंक द्विवेदी ने पीड़िता के खिलाफ  इसी थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में पीड़िता की ओर से अतर्रा के मुंसिफ मजिस्ट्रेट को दिए गए प्रार्थनापत्र के आधार पर सीबीआई ने विधायक द्विवेदी सहित पांच आरोपियों के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। उधर, जानकारी मिली है कि बांदा के राजकीय महिला चिकित्सालय व जिला करागार में तैनात अधिकारी भी सम्बंधित दस्तावेज समेटने में जुट गए हैं। इस अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल हुआ था और जिला करागार में उसने चोरी के आरोप में 32 दिन की सजा काटी थी।
यहाँ एक सारांश है:सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने बांदा के चर्चित बलात्कार मामले में देर शाम बसपा विधायक सहित पांच लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: निर्वाचन क्षेत्र से कई निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी के पास शिकायत करने के बाद उस मतदान केंद्र पर मतदान रद्द कर दिया गया, मतदान केंद्र को बंद कर दिया गया, गड़बड़ ईवीएम मशीन को सील कर दिया गया और अतिरिक्त विकल्प के तौर पर रखी गई ईवीएम मशीन को लगाया गया. लेकिन जब कई राजनीतिक दलों ने फिर से मतदान कराए जाने की मांग उठाई तो मतदान पूरी तरह रद्द कर पांच दिन बाद 21 फरवरी को पुनर्मतदान करवाया गया. गलगली ने कहा, "इस मामले से साबित हो गया कि ईवीएम में छेड़छाड़ संभव है. एक मतदाता ने पहली बार इस ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद कई मतदाताओं ने इसकी पुष्टि की तथा निर्वाचन अधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शिकायत का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी."टिप्पणियां गलगली ने कहा कि इस पर भी सबसे चौंकाने वाली बात है कि निर्वाचन आयोग लगातार ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को नकारता रहा है और यहां तक कि राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ की चुनौती भी दी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गलगली ने कहा, "इस मामले से साबित हो गया कि ईवीएम में छेड़छाड़ संभव है. एक मतदाता ने पहली बार इस ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद कई मतदाताओं ने इसकी पुष्टि की तथा निर्वाचन अधिकारी और अन्य अधिकारियों ने शिकायत का सत्यापन कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी."टिप्पणियां गलगली ने कहा कि इस पर भी सबसे चौंकाने वाली बात है कि निर्वाचन आयोग लगातार ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को नकारता रहा है और यहां तक कि राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ की चुनौती भी दी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गलगली ने कहा कि इस पर भी सबसे चौंकाने वाली बात है कि निर्वाचन आयोग लगातार ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना को नकारता रहा है और यहां तक कि राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ की चुनौती भी दी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र में ईवीएम से छेड़छाड़ की बात साबित हुई है बुलढाना जिले में परिषदीय चुनाव के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिह्न कमल को जा रहे थे वोट
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी मास्को में मंगलवार तड़के एक बाजार स्थित गोदाम से भड़की आग में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। आपातकालीन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक कचालोवस्की बाजार स्थित एक गोदाम में आग सुबह 4.50 बजे लगी। पुलिस ने बताया कि हीटर को ऑन छोड़ने पर आग लगी होगी क्योंकि रात के समय तापमान गिरकर शून्य डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया था। हादसे के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर राहत कार्य चला रहे हैं। ज्ञात हो कि एक निर्माणाधीन गगनचुम्बी इमारत के एक टॉवर में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर यह यूरोप की सबसे लम्बी इमारत होगी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक कचालोवस्की बाजार स्थित एक गोदाम में आग सुबह 4.50 बजे लगी। पुलिस ने बताया कि हीटर को ऑन छोड़ने पर आग लगी होगी क्योंकि रात के समय तापमान गिरकर शून्य डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया था। हादसे के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर राहत कार्य चला रहे हैं। ज्ञात हो कि एक निर्माणाधीन गगनचुम्बी इमारत के एक टॉवर में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर यह यूरोप की सबसे लम्बी इमारत होगी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने बताया कि हीटर को ऑन छोड़ने पर आग लगी होगी क्योंकि रात के समय तापमान गिरकर शून्य डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया था। हादसे के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर राहत कार्य चला रहे हैं। ज्ञात हो कि एक निर्माणाधीन गगनचुम्बी इमारत के एक टॉवर में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर यह यूरोप की सबसे लम्बी इमारत होगी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हादसे के बाद बचावकर्मी घटनास्थल पर राहत कार्य चला रहे हैं। ज्ञात हो कि एक निर्माणाधीन गगनचुम्बी इमारत के एक टॉवर में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर यह यूरोप की सबसे लम्बी इमारत होगी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। ज्ञात हो कि एक निर्माणाधीन गगनचुम्बी इमारत के एक टॉवर में लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर यह यूरोप की सबसे लम्बी इमारत होगी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, "हमारा मानना है कि बाजार में रहने वाले प्रवासी श्रमिक हैं। श्रमिक किस देश से ताल्लुक रखते हैं, अब हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" टिप्पणियां मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मास्को प्रवासी सेवा के एक प्रवक्ता ने बताया, "शवों की पहचान की जा रही है, लेकिन शवों के बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।" अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अधिकारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
सारांश: राजधानी मास्को में मंगलवार तड़के एक बाजार स्थित गोदाम से भड़की आग में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिले के नारायणगढ़ कस्बे में 45 वर्षीय एक किसान ने शनिवार को बैंक में कथित तौर पर भुगतान नहीं मिलने पर कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की. किसान को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है. पुलिस अक्षीक्षक ओपी त्रिपाठी ने बताया कि किसान राधेश्याम प्रजापत ने सेंट्रल बैंक की नारायणगढ़ शाखा में फसल बेचने से प्राप्त हुआ 24,000 रुपये का चेक गत 24 नवंबर को खाते में भुगतान के लिए डाला था. उसे चेक का भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसान ने अपने साथ लाई बोतल से बैंक में ही कीटनाशक दवा पीना शुरू कर दिया. इस पर वहां उपस्थित बैंक के अन्य ग्राहकों ने उसे रोक दिया. उन्होंने बताया कि किसान को इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है. टिप्पणियां हालांकि, बैंक के प्रबंधक सुनील दोहरे ने बताया कि प्रजापत का चेक क्लियरिंग के लिए भेजा हुआ है. बैंक में ग्राहकों द्वारा जैसे ही चेक जमा किया जाता है बैंक द्वारा उसे तुरंत ही क्लियरिंग के लिए भेज दिया जाता है. पहले करीब 25 चेक बैंक में आते थे और अब लगभग 100 चेक प्रतिदिन आ रहे हैं. इनमें से कभी-कभी कोई चेक क्लियरिंग में फंस जाता है तो उसके भुगतान में विलंब होता है. एसपी ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस अक्षीक्षक ओपी त्रिपाठी ने बताया कि किसान राधेश्याम प्रजापत ने सेंट्रल बैंक की नारायणगढ़ शाखा में फसल बेचने से प्राप्त हुआ 24,000 रुपये का चेक गत 24 नवंबर को खाते में भुगतान के लिए डाला था. उसे चेक का भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसान ने अपने साथ लाई बोतल से बैंक में ही कीटनाशक दवा पीना शुरू कर दिया. इस पर वहां उपस्थित बैंक के अन्य ग्राहकों ने उसे रोक दिया. उन्होंने बताया कि किसान को इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है. टिप्पणियां हालांकि, बैंक के प्रबंधक सुनील दोहरे ने बताया कि प्रजापत का चेक क्लियरिंग के लिए भेजा हुआ है. बैंक में ग्राहकों द्वारा जैसे ही चेक जमा किया जाता है बैंक द्वारा उसे तुरंत ही क्लियरिंग के लिए भेज दिया जाता है. पहले करीब 25 चेक बैंक में आते थे और अब लगभग 100 चेक प्रतिदिन आ रहे हैं. इनमें से कभी-कभी कोई चेक क्लियरिंग में फंस जाता है तो उसके भुगतान में विलंब होता है. एसपी ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि किसान को इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है. टिप्पणियां हालांकि, बैंक के प्रबंधक सुनील दोहरे ने बताया कि प्रजापत का चेक क्लियरिंग के लिए भेजा हुआ है. बैंक में ग्राहकों द्वारा जैसे ही चेक जमा किया जाता है बैंक द्वारा उसे तुरंत ही क्लियरिंग के लिए भेज दिया जाता है. पहले करीब 25 चेक बैंक में आते थे और अब लगभग 100 चेक प्रतिदिन आ रहे हैं. इनमें से कभी-कभी कोई चेक क्लियरिंग में फंस जाता है तो उसके भुगतान में विलंब होता है. एसपी ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि, बैंक के प्रबंधक सुनील दोहरे ने बताया कि प्रजापत का चेक क्लियरिंग के लिए भेजा हुआ है. बैंक में ग्राहकों द्वारा जैसे ही चेक जमा किया जाता है बैंक द्वारा उसे तुरंत ही क्लियरिंग के लिए भेज दिया जाता है. पहले करीब 25 चेक बैंक में आते थे और अब लगभग 100 चेक प्रतिदिन आ रहे हैं. इनमें से कभी-कभी कोई चेक क्लियरिंग में फंस जाता है तो उसके भुगतान में विलंब होता है. एसपी ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:किसान की हालत अब खतरे से बाहर है. बैंक में उपस्थित अन्य ग्राहकों ने किसान को कीटनाशक पीने से रोका. प्रजापत का चेक क्लियरिंग के लिए भेजा हुआ है : बैंक प्रबंधक
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है. 15 अगस्त (15 August) 1947 को भारत को अंग्रेजों के शासन से आजादी मिली थी और यही कारण है कि 15 अगस्त का दिन हर किसी के लिए बेहद खास है. भारत की आजादी (Independence Day) के दिन जवाहर लाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण दिया था. जिसे हम 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' से जानते हैं. यह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के द्वारा संसद में दिया गया पहला भाषण है. हर स्वतंत्रता दिवस (India Independence Day) पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं. लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था. लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण भी 15 अगस्त को नहीं हुआ था. इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ.  ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस में इंडियन इंडिपेंडेंस बिल 4 जुलाई 1947 को पेश किया गया. इस बिल में भारत के बंटवारे और पाकिस्तान के बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था. यह बिल 18 जुलाई 1947 को स्वीकारा गया और 14 अगस्त को बंटवारे के बाद 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को भारत की आजादी की घोषणा की गई थी. भारत की आजादी के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हुए थे. जब भारत को आजादी मिली थी तब महात्मा गांधी बंगाल के नोआखली में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे. लेकिन क्या आपने सोचा है कि देश की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख को ही क्यों चुना गया?  इस बारे में अलग-अलग इतिहासकारों की मान्यताएं भिन्न हैं. कुछ इतिहासकारों का मानना है कि सी राजगोपालाचारी के सुझाव पर माउंटबेटन ने भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी. सी राजगोपालाचारी ने लॉर्ड माउंटबेटन को कहा था कि अगर 30 जून 1948 तक इंतजार किया गया तो हस्तांतरित करने के लिए कोई सत्ता नहीं बचेगी. ऐसे में माउंटबेटन ने 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता के लिए चुना.  वहीं, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि माउंटबेटन 15 अगस्त की तारीख को शुभ मानते थे इसीलिए उन्होंने भारत की आजादी के लिए ये तारीख चुनी थी. 15 अगस्त का दिन माउंटबेटन के हिसाब से शुभ था क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के समय 15 अगस्त, 1945 को जापानी आर्मी ने आत्मसमर्पण किया था और उस समय माउंटबेटन अलाइड फ़ोर्सेज़ के कमांडर थे.
सारांश: इंडियन इंडिपेंडेंस बिल 4 जुलाई 1947 को पेश किया गया. यह बिल 18 जुलाई 1947 को स्वीकारा गया. भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था.
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सार्वजनिक विमानन कंपनी एयर इंडिया ने सोमवार को अमेरिका के लिए अपनी पहली ड्रीमलाइनर सेवा की शुरुआत की. कंपनी ने लंदन के रास्ते नेवार्क के लिए उड़ान शुरू की है. फिलहाल एयर इंडिया अपने सभी यूरोपीय रूटों पर बोइंग 787.800 ड्रीमलाइनर विमान से सेवाएं देती है. उड़ान की पेशकश के बाद एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा,''एयर इंडिया सोमवार को इस नई उड़ान की शुरुआत कर खुश है. भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर अहमदाबाद के लोगों का सपना पूरा हुआ है. एयर इंडिया द्वारा पेश की गई यह तीसरी अंतरराष्ट्रीय उड़ान है और हम जल्द ही और अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान सेवा की पेशकश करेंगे.''टिप्पणियां इस मौके पर गुजरात के राजस्व एवं शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा मुख्य अतिथि थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फिलहाल एयर इंडिया अपने सभी यूरोपीय रूटों पर बोइंग 787.800 ड्रीमलाइनर विमान से सेवाएं देती है. उड़ान की पेशकश के बाद एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा,''एयर इंडिया सोमवार को इस नई उड़ान की शुरुआत कर खुश है. भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर अहमदाबाद के लोगों का सपना पूरा हुआ है. एयर इंडिया द्वारा पेश की गई यह तीसरी अंतरराष्ट्रीय उड़ान है और हम जल्द ही और अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान सेवा की पेशकश करेंगे.''टिप्पणियां इस मौके पर गुजरात के राजस्व एवं शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा मुख्य अतिथि थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उड़ान की पेशकश के बाद एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा,''एयर इंडिया सोमवार को इस नई उड़ान की शुरुआत कर खुश है. भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर अहमदाबाद के लोगों का सपना पूरा हुआ है. एयर इंडिया द्वारा पेश की गई यह तीसरी अंतरराष्ट्रीय उड़ान है और हम जल्द ही और अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान सेवा की पेशकश करेंगे.''टिप्पणियां इस मौके पर गुजरात के राजस्व एवं शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा मुख्य अतिथि थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मौके पर गुजरात के राजस्व एवं शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा मुख्य अतिथि थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका के लिए अपनी पहली ड्रीमलाइनर सेवा की शुरुआत की कंपनी ने लंदन के रास्ते नेवार्क के लिए उड़ान शुरू की एयर इंडिया अपने सभी यूरोपीय रूटों पर बोइंग ड्रीमलाइनर सेवाएं देती है
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय वायुसेना के पायलट प्रवीण ने अपनी मां से वादा किया था कि वह बाढ़ पीड़ित उत्तराखंड में दिनभर के राहत अभियान के बाद उन्हें फोन करेगा। मां से बेटे की यह आखिरी बातचीत थी और उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसे में 20 लोगों के साथ मारे गए प्रवीण का यह वादा पूरा नहीं हो सका। मंदिरों के शहर मदुरै के निवासी 27 वर्षीय प्रवीण ने मंगलवार को सुबह फोन पर अपनी मां मंजुला से बातचीत की थी। भारतीय वायुसेना के पायलट ने अपनी मां को बताया था कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के दिनभर के अभियान के बाद वह उन्हें फोन करेगा। मंजुला ने रूंधे गले से बताया, ‘‘वह मेरा इकलौता बेटा था। वह हमेशा काम में लगा रहता था। पायलट बनना उसका सपना था और सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस में कुछ समय काम करने के बाद वह भारतीय वायुसेना में शामिल हो गया।’’ बहते आंसुओं को आंचल में समेटने की कोशिश में लगी मंजुला ने बताया, ‘‘उसने कल सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर मुझसे बात की और कहा कि वह शाम को फिर मुझे फोन करेगा। लेकिन हमें केवल एक ही फोन आया जिसमें बताया गया कि गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे में प्रवीण और अन्य लोग मारे गए हैं।’’ टिप्पणियां प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। मंदिरों के शहर मदुरै के निवासी 27 वर्षीय प्रवीण ने मंगलवार को सुबह फोन पर अपनी मां मंजुला से बातचीत की थी। भारतीय वायुसेना के पायलट ने अपनी मां को बताया था कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के दिनभर के अभियान के बाद वह उन्हें फोन करेगा। मंजुला ने रूंधे गले से बताया, ‘‘वह मेरा इकलौता बेटा था। वह हमेशा काम में लगा रहता था। पायलट बनना उसका सपना था और सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस में कुछ समय काम करने के बाद वह भारतीय वायुसेना में शामिल हो गया।’’ बहते आंसुओं को आंचल में समेटने की कोशिश में लगी मंजुला ने बताया, ‘‘उसने कल सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर मुझसे बात की और कहा कि वह शाम को फिर मुझे फोन करेगा। लेकिन हमें केवल एक ही फोन आया जिसमें बताया गया कि गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे में प्रवीण और अन्य लोग मारे गए हैं।’’ टिप्पणियां प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। भारतीय वायुसेना के पायलट ने अपनी मां को बताया था कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के दिनभर के अभियान के बाद वह उन्हें फोन करेगा। मंजुला ने रूंधे गले से बताया, ‘‘वह मेरा इकलौता बेटा था। वह हमेशा काम में लगा रहता था। पायलट बनना उसका सपना था और सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस में कुछ समय काम करने के बाद वह भारतीय वायुसेना में शामिल हो गया।’’ बहते आंसुओं को आंचल में समेटने की कोशिश में लगी मंजुला ने बताया, ‘‘उसने कल सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर मुझसे बात की और कहा कि वह शाम को फिर मुझे फोन करेगा। लेकिन हमें केवल एक ही फोन आया जिसमें बताया गया कि गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे में प्रवीण और अन्य लोग मारे गए हैं।’’ टिप्पणियां प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। मंजुला ने रूंधे गले से बताया, ‘‘वह मेरा इकलौता बेटा था। वह हमेशा काम में लगा रहता था। पायलट बनना उसका सपना था और सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस में कुछ समय काम करने के बाद वह भारतीय वायुसेना में शामिल हो गया।’’ बहते आंसुओं को आंचल में समेटने की कोशिश में लगी मंजुला ने बताया, ‘‘उसने कल सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर मुझसे बात की और कहा कि वह शाम को फिर मुझे फोन करेगा। लेकिन हमें केवल एक ही फोन आया जिसमें बताया गया कि गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे में प्रवीण और अन्य लोग मारे गए हैं।’’ टिप्पणियां प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। बहते आंसुओं को आंचल में समेटने की कोशिश में लगी मंजुला ने बताया, ‘‘उसने कल सुबह नौ बजकर 45 मिनट पर मुझसे बात की और कहा कि वह शाम को फिर मुझे फोन करेगा। लेकिन हमें केवल एक ही फोन आया जिसमें बताया गया कि गौरीकुंड में हेलीकॉप्टर हादसे में प्रवीण और अन्य लोग मारे गए हैं।’’ टिप्पणियां प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। प्रवीण का परिवार उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था लेकिन नियति के मन में कुछ और ही था। एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में बचाव अभियान पर था कि उसी दौरान कल यह गौरीकुंड के उत्तर में हादसे का शिकार हो गया। यहां टीवीएस नगर में प्रवीण के घर पर मातम पसरा है। रिश्तेदार और दोस्त परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी। प्रवीण ने यहां त्यागराज कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीई (मैक्ट्रोनिक्स) किया था और बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट नौकरी शुरू की थी।
भारतीय वायुसेना के पायलट प्रवीण ने अपनी मां से वादा किया था कि वह बाढ़ पीड़ित उत्तराखंड में दिनभर के राहत अभियान के बाद उन्हें फोन करेगा। मां से बेटे की यह आखिरी बातचीत थी और उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसे में 20 लोगों के साथ मारे गए प्रवीण का यह वादा पूर
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर कम रहने पर निराशा जताई है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वित्तवर्ष में जीडीपी वृद्धि दर बेहतर रहेगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मौजूदा वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा निराश करने वाला है। मुझे इससे अच्छे आंकड़े की उम्मीद थी। अहलूवालिया ने कहा, अब वास्तविक मुद्दा यह है कि क्या हम 2013-14 में वृद्धि में सुधार कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि हम सुधार में सक्षम होंगे। बजट में अगले वित्तवर्ष में 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मौजूदा वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा निराश करने वाला है। मुझे इससे अच्छे आंकड़े की उम्मीद थी। अहलूवालिया ने कहा, अब वास्तविक मुद्दा यह है कि क्या हम 2013-14 में वृद्धि में सुधार कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि हम सुधार में सक्षम होंगे। बजट में अगले वित्तवर्ष में 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
यहाँ एक सारांश है:योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर कम रहने पर निराशा जताई है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वित्तवर्ष में जीडीपी वृद्धि दर बेहतर रहेगी।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: एक सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में एक युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और दोषियों को तुरंत सजा देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों को यौन प्रताड़ना के मामलों की सुनवाई प्रतिदिन करने का निर्देश दिया। यह भी बताया गया कि पांच त्वरित अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) का गठन जल्द होगा। उच्च न्यायालय ने कहा, "दिल्ली उच्च न्यायालय की प्रशासनिक समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों को निर्देश दिया है कि महिलाओं के साथ यौन प्रताड़ना के मामलों की सुनवाई रोजाना आधार पर की जाए।" मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति ने पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन सम्बंधी सरकार के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी अदालतों का गठन शीतकालीन अवकाश के तुरंत बाद किया जाएगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 19 दिसम्बर को पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन का प्रस्ताव उच्च न्यायालय को भेजा था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस से एक स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और उसमें घटना के दिन वारदात वाले इलाके में तैनात पुलिस अधिकारियों का जिक्र नहीं होने पर पुलिस आयुक्त को फटकार लगाई थी। उच्च न्यायालय ने कहा, "दिल्ली उच्च न्यायालय की प्रशासनिक समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों को निर्देश दिया है कि महिलाओं के साथ यौन प्रताड़ना के मामलों की सुनवाई रोजाना आधार पर की जाए।" मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति ने पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन सम्बंधी सरकार के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी अदालतों का गठन शीतकालीन अवकाश के तुरंत बाद किया जाएगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 19 दिसम्बर को पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन का प्रस्ताव उच्च न्यायालय को भेजा था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस से एक स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और उसमें घटना के दिन वारदात वाले इलाके में तैनात पुलिस अधिकारियों का जिक्र नहीं होने पर पुलिस आयुक्त को फटकार लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति ने पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन सम्बंधी सरकार के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी अदालतों का गठन शीतकालीन अवकाश के तुरंत बाद किया जाएगा।टिप्पणियां गौरतलब है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 19 दिसम्बर को पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन का प्रस्ताव उच्च न्यायालय को भेजा था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस से एक स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और उसमें घटना के दिन वारदात वाले इलाके में तैनात पुलिस अधिकारियों का जिक्र नहीं होने पर पुलिस आयुक्त को फटकार लगाई थी। गौरतलब है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 19 दिसम्बर को पांच विशेष त्वरित अदालतों के गठन का प्रस्ताव उच्च न्यायालय को भेजा था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस से एक स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और उसमें घटना के दिन वारदात वाले इलाके में तैनात पुलिस अधिकारियों का जिक्र नहीं होने पर पुलिस आयुक्त को फटकार लगाई थी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 16 दिसम्बर को चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने हाल ही में पुलिस से एक स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और उसमें घटना के दिन वारदात वाले इलाके में तैनात पुलिस अधिकारियों का जिक्र नहीं होने पर पुलिस आयुक्त को फटकार लगाई थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय राजधानी में एक युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और दोषियों को तुरंत सजा देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों को यौन प्रताड़ना के मामलों की सुनवाई प्रतिदिन क
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि आतंकवादी संगठन अलकायदा अभी भी उस सबसे बड़े खतरे का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका सामना देश पूरे विश्व में करता है।टिप्पणियां पेनेटा ने कहा, हमनें देश पर 11 सितम्बर जैसा हमला करने के लिए जरूरी कमान, नियंत्रण एवं योजना बनाने की उनकी क्षमता काफी कमजोर कर दी है। इसके बावजूद वह हमारे देश के लिए खतरा बना हुआ है। मेरा मानना है कि वह सबसे बड़े खतरे का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका हमारा देश विश्व में सामना करता है। अफगानिस्तान में अपनी अघोषित यात्रा समाप्त करने वाले पनेटा ने कहा कि अमेरिका अलकायदा और उसके नेटवर्क को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, हमें अलकायदा का पीछा करना जारी रखना होगा चाहे वह कहीं भी क्यों नहीं हो। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें छुपने के लिए कोई स्थान नहीं मिले। ऐसा इसलिए कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अलकायदा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका पर हमला करना है हम ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे। यदि हम उन्हें ऐसा नहीं करने देना चाहते हैं तो हमें उनका यमन, सोमालिया और हां जरूरी होने पर माली में भी पीछा करना होगा। पेनेटा ने कहा, हमनें देश पर 11 सितम्बर जैसा हमला करने के लिए जरूरी कमान, नियंत्रण एवं योजना बनाने की उनकी क्षमता काफी कमजोर कर दी है। इसके बावजूद वह हमारे देश के लिए खतरा बना हुआ है। मेरा मानना है कि वह सबसे बड़े खतरे का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका हमारा देश विश्व में सामना करता है। अफगानिस्तान में अपनी अघोषित यात्रा समाप्त करने वाले पनेटा ने कहा कि अमेरिका अलकायदा और उसके नेटवर्क को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, हमें अलकायदा का पीछा करना जारी रखना होगा चाहे वह कहीं भी क्यों नहीं हो। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें छुपने के लिए कोई स्थान नहीं मिले। ऐसा इसलिए कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अलकायदा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका पर हमला करना है हम ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे। यदि हम उन्हें ऐसा नहीं करने देना चाहते हैं तो हमें उनका यमन, सोमालिया और हां जरूरी होने पर माली में भी पीछा करना होगा। उन्होंने कहा, हमें अलकायदा का पीछा करना जारी रखना होगा चाहे वह कहीं भी क्यों नहीं हो। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें छुपने के लिए कोई स्थान नहीं मिले। ऐसा इसलिए कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अलकायदा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका पर हमला करना है हम ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे। यदि हम उन्हें ऐसा नहीं करने देना चाहते हैं तो हमें उनका यमन, सोमालिया और हां जरूरी होने पर माली में भी पीछा करना होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी रक्षामंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि आतंकवादी संगठन अलकायदा अभी भी उस सबसे बड़े खतरे का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका सामना देश पूरे विश्व में करता है।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म निर्माता सुधाकर बोकाडे का मुम्बई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में रविवार को निधन हो गया। वह 57 साल के थे। बोकाडे को 'इज्जतदार' और 'साजन' जैसी फिल्मों के निर्माता के रूप में याद किया जाता है। करीब दो दशकों से ज्यादा समय तक फिल्म जगत का हिस्सा रहे बोकाडे ने रविवार रात अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनकी बेटी दिव्या बोकाडे ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया, "शनिवार (छह जुलाई) को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछली रात (रविवार, सात जुलाई) उन्होंने अंतिम सांस ली।"टिप्पणियां फिल्म निर्माता के रूप में बाकाडे ने 'सपने साजन के' 'धनवान' 'कलिंगा' 'प्रहार' 'सौदा' और 'ये प्यार ही तो है' जैसी फिल्में बनाईं। बोकाडे अपने पीछे दो बेटियों दिव्या और किरण और एक बेटे कृष्णा को छोड़ गए हैं। करीब दो दशकों से ज्यादा समय तक फिल्म जगत का हिस्सा रहे बोकाडे ने रविवार रात अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनकी बेटी दिव्या बोकाडे ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया, "शनिवार (छह जुलाई) को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछली रात (रविवार, सात जुलाई) उन्होंने अंतिम सांस ली।"टिप्पणियां फिल्म निर्माता के रूप में बाकाडे ने 'सपने साजन के' 'धनवान' 'कलिंगा' 'प्रहार' 'सौदा' और 'ये प्यार ही तो है' जैसी फिल्में बनाईं। बोकाडे अपने पीछे दो बेटियों दिव्या और किरण और एक बेटे कृष्णा को छोड़ गए हैं। उनकी बेटी दिव्या बोकाडे ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया, "शनिवार (छह जुलाई) को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछली रात (रविवार, सात जुलाई) उन्होंने अंतिम सांस ली।"टिप्पणियां फिल्म निर्माता के रूप में बाकाडे ने 'सपने साजन के' 'धनवान' 'कलिंगा' 'प्रहार' 'सौदा' और 'ये प्यार ही तो है' जैसी फिल्में बनाईं। बोकाडे अपने पीछे दो बेटियों दिव्या और किरण और एक बेटे कृष्णा को छोड़ गए हैं। फिल्म निर्माता के रूप में बाकाडे ने 'सपने साजन के' 'धनवान' 'कलिंगा' 'प्रहार' 'सौदा' और 'ये प्यार ही तो है' जैसी फिल्में बनाईं। बोकाडे अपने पीछे दो बेटियों दिव्या और किरण और एक बेटे कृष्णा को छोड़ गए हैं। बोकाडे अपने पीछे दो बेटियों दिव्या और किरण और एक बेटे कृष्णा को छोड़ गए हैं।
सारांश: फिल्म निर्माता सुधाकर बोकाडे का मुम्बई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में रविवार को निधन हो गया। वह 57 साल के थे। बोकाडे को 'इज्जतदार' और 'साजन' जैसी फिल्मों के निर्माता के रूप में याद किया जाता है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जर्मनी के मोनशेनग्लैडबाख़ से टीम कांस्य पदक जीतकर लौटे या नहीं... भारतीय जूनियर महिला टीम ने वर्ल्ड कप हॉकी में ’चक दे’ तो कह ही दिया है। यह सिर्फ़ चौथा मौका है जब भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप खेल रही है। इससे पहले, जूनियर महिला टीम साल 2001 में नौवें नंबर पर रही, साल 2005 ग्यारहवें नंबर पर रही और साल 2009 में नौवें नंबर पर रही टीम को वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। कहने की बात नहीं कि यह भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। वैसे मिशन अभी ख़त्म नहीं हुआ है।   इस टीम में मध्य प्रदेश हॉकी अकादमी ग्वालियर के कोच परमजीत सिंह के निर्देशन में रहीं छह लड़कियां खेल रही हैं। ज़ाहिर है उनका सीना फ़ख्र से चौड़ा हो गया होगा। वह टीम से कारनामे की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सिस्टम ने साथ दिया तो ये लड़कियां ओलिंपिक में भी अपना जौहर दिखा सकती हैं। वैसे भारतीय महिला हॉकी टीम को अब तक सिर्फ़ एक बार 1980 में ओलिंपिक में खेलने का मौका मिल पाया है। उसके बाद से महिला हॉकी टीम ने कभी ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई नहीं किया। हॉकी के पत्रकार के आरमुगम कहते हैं कि यह टीम की बहुत बड़ी जीत है कि किसी एफआईएच टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र किया और अब मेडल के लिए मैच खेल रही है। टिप्पणियां भोपाल के कोच परमजीत सिंह कहते हैं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कांटे की टक्कर रह सकती है। दोनों ही बराबरी की टीमें हैं। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...। यह सिर्फ़ चौथा मौका है जब भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप खेल रही है। इससे पहले, जूनियर महिला टीम साल 2001 में नौवें नंबर पर रही, साल 2005 ग्यारहवें नंबर पर रही और साल 2009 में नौवें नंबर पर रही टीम को वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। कहने की बात नहीं कि यह भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। वैसे मिशन अभी ख़त्म नहीं हुआ है।   इस टीम में मध्य प्रदेश हॉकी अकादमी ग्वालियर के कोच परमजीत सिंह के निर्देशन में रहीं छह लड़कियां खेल रही हैं। ज़ाहिर है उनका सीना फ़ख्र से चौड़ा हो गया होगा। वह टीम से कारनामे की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सिस्टम ने साथ दिया तो ये लड़कियां ओलिंपिक में भी अपना जौहर दिखा सकती हैं। वैसे भारतीय महिला हॉकी टीम को अब तक सिर्फ़ एक बार 1980 में ओलिंपिक में खेलने का मौका मिल पाया है। उसके बाद से महिला हॉकी टीम ने कभी ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई नहीं किया। हॉकी के पत्रकार के आरमुगम कहते हैं कि यह टीम की बहुत बड़ी जीत है कि किसी एफआईएच टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र किया और अब मेडल के लिए मैच खेल रही है। टिप्पणियां भोपाल के कोच परमजीत सिंह कहते हैं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कांटे की टक्कर रह सकती है। दोनों ही बराबरी की टीमें हैं। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...। इस टीम में मध्य प्रदेश हॉकी अकादमी ग्वालियर के कोच परमजीत सिंह के निर्देशन में रहीं छह लड़कियां खेल रही हैं। ज़ाहिर है उनका सीना फ़ख्र से चौड़ा हो गया होगा। वह टीम से कारनामे की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सिस्टम ने साथ दिया तो ये लड़कियां ओलिंपिक में भी अपना जौहर दिखा सकती हैं। वैसे भारतीय महिला हॉकी टीम को अब तक सिर्फ़ एक बार 1980 में ओलिंपिक में खेलने का मौका मिल पाया है। उसके बाद से महिला हॉकी टीम ने कभी ओलिंपिक के लिए क्वालिफ़ाई नहीं किया। हॉकी के पत्रकार के आरमुगम कहते हैं कि यह टीम की बहुत बड़ी जीत है कि किसी एफआईएच टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र किया और अब मेडल के लिए मैच खेल रही है। टिप्पणियां भोपाल के कोच परमजीत सिंह कहते हैं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कांटे की टक्कर रह सकती है। दोनों ही बराबरी की टीमें हैं। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...। हॉकी के पत्रकार के आरमुगम कहते हैं कि यह टीम की बहुत बड़ी जीत है कि किसी एफआईएच टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र किया और अब मेडल के लिए मैच खेल रही है। टिप्पणियां भोपाल के कोच परमजीत सिंह कहते हैं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कांटे की टक्कर रह सकती है। दोनों ही बराबरी की टीमें हैं। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...। भोपाल के कोच परमजीत सिंह कहते हैं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ कांटे की टक्कर रह सकती है। दोनों ही बराबरी की टीमें हैं। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...। भारतीय टीम ने लीग स्तर पर पूल− सी में न्यूज़ीलैंड और रूस जैसी टीमों को शिकस्त दी लेकिन क्वार्टर फ़ाइनल में स्पेन को 4−2 से हराकर हॉकी जानकारों की खूब वाहवाही लूटी। सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया को डिफ़ेंडिंग चैंपियन हॉलैंड से 0−3 से हार का सामना करना पड़ा। मगर टीम अपने मिशन में कामयाब रही है अब कांस्य मिला तो सोने पे सुहागा होगा...।
यहाँ एक सारांश है:जर्मनी के मोनशेनग्लैडबाख़ से टीम कांस्य पदक जीतकर लौटे या नहीं... भारतीय जूनियर महिला टीम ने वर्ल्ड कप हॉकी में ’चक दे’ तो कह ही दिया है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने की बात कबूल करने वाले कश्मीरी अलगावादी गुलाम नबी फई ने दावा किया है कि उसने बीते दो दशकों के दौरान भारत सरकार के कई मंत्रियों से नियमित तौर पर मुलाकात की थी और यहां भारतीय दूतावास के साथ संवाद का एक माध्यम भी बना लिया था। बीते सप्ताह 62 साल के फई ने अमेरिका की एक अदालत में आईएसआई का एजेंट होने का आरोप स्वीकार कर लिया। उसने एक बयान में कहा है कि भारत के मंत्रियों और अधिकारियों से मिलना नई दिल्ली के साथ संवाद कायम करने की रणनीति का हिस्सा था। फई ने अपने बयान को कश्मीर मेरे लिए क्यों महत्वपूर्ण है शीर्षक दिया है। उसका दावा है, बीते 20 वर्षों के दौरान मैंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार यूसुफ बक और वर्ल्ड कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट के अध्यक्ष रहे मरहूम अयूब ठुकेर के साथ चंद्रशेखर, नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल के कई सदस्यों से मुलाकात की थी। फई ने समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से ईमेल के जरिए भेजे गए सवाल का जवाब नहीं दिया। इस सवाल में उन भारतीय मंत्रियों और अधिकारियों के नाम मांगे गए थे, जिनसे आईएसआई के इस एजेंट ने कथित तौर पर मुलाकात की थी। फई ने दावा किया, बीते 11 वर्षों के दौरान मैंने भारतीय दूतावास के चार अलग-अलग अधिकारियों से मुलाकात की थी। ये अधिकारी एक के बाद एक यहां तैनात हुए थे और इन लोगों ने अपने जाने की स्थिति में नए अधिकारी से मेरा परिचय करवाया। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने भी फई के दावे से जुड़े पीटीआई के सवाल का जवाब नहीं दिया। दूतावास से ईमेल के जरिए सवाल पूछा गया था कि क्या फई का दावा सही है और अगर यह सत्य है तो किन अधिकारियों ने उससे मुलाकात की थी? फई के मुताबिक यह हमेशा से उसकी आदत रही है कि भारतीय दूतावास के साथ संवाद का माध्यम बनाकर रखा जाए। उसने कहा, मैं 1999 से भारतीय दूतावास के अधिकारियों से समय-समय पर मिलता रहा था। यह मुलाकात हर महीने और कभी-कभी दो महीने पर होती थी। मार्च, 2006 से हम हर महीने मिलते थे और कई बार महीने में दो बार भी मुलाकात हो जाती थी। कश्मीर पर हम जब भी संगोष्ठि अथवा सम्मेलन का आयोजन करते थे तो मैं भारतीय राजदूत को बतौर वक्ता उपस्थित होने का निमंत्रण देता था। फई ने कहा, भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और पहले से ही ब्यौरा हासिल करने की मुझे आदत थी। भारतीय राजदूत के लिए निमंत्रण पत्र मैं उस अधिकारी को देता था, जिससे अक्सर मेरी मुलाकात किसी सार्वजनिक कैफेटएरिया में होती थी। फई ने कहा, एक भारतीय अधिकारी ने मुझे इस साल 18 अथवा 19 जुलाई को फोन किया था। उसी दिन मेरी गिरफ्तारी हुई थी। उसने वायसमेल के जरिए संदेश छोड़ा था कि हमें जरूर मिलना चाहिए। इस संदेश को मैं 10 दिन बाद सुन सका क्योंकि इतने दिनों बाद ही मैं रिहा हुआ था। कश्मीरी अलगाववादी का मानना है कि उसने निजी तौर पर गलतियां की हैं और उसे इसका गहरा अफसोस भी है। उसका दावा है कि वह कश्मीर की आजादी के लिए लड़ रहा था, हालांकि अदालत में इसके उलट उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने का आरोप स्वीकार किया है।वर्जीनिया की एक अदालत में बीते सप्ताह फई ने स्वीकार किया उसने आईएसआई से गोपनीय माध्यमों से धन हासिल किए, जिससे अमेरिकी सरकार को दो से चार लाख डॉलर का नुकसान हुआ। वह कश्मीरी अमेरिकन काउंसिल नामक संगठन चलाता था।
संक्षिप्त सारांश: गुलाम नबी फई ने दावा किया है कि उसने बीते दो दशकों के दौरान भारत सरकार के कई मंत्रियों से नियमित तौर पर मुलाकात की थी।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा ने राज्यसभा से पांच संशोधनों के साथ लौटाये गये वित्त विधेयक-2017 पर गुरुवार को फिर से चर्चा करते हुये उन संशोधनों को खारिज कर विधेयक को पुन: पारित किया. इसके साथ ही 2017-18 के आम बजट को संसद में पारित कराने की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. राज्यसभा में विपक्ष ने लोकसभा से पहले पारित होकर आए वित्त विधेयक में बहुमत के आधार पर जो संशोधन कराए उनमें आयकर विभाग के अपेक्षाकृत कम दर्जे के अधिकारियों को बड़ा अधिकार दिए जाने के प्रस्ताव में बदलाव और कंपनियों द्वारा राजनीतिक दलों को दिये जाने वाले चंदे पर सीमा लगाने संबंधी प्रावधान जैसे कुछ विषयों से संबंधित थे. लोकसभा ने इन पर पुनर्विचार करते हुये पांचों संशोधनों को खारिज कर दिया. इसके साथ ही वर्ष 2017-18 के बजट को संसद की मंजूरी मिल गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त विधेयक पर लोकसभा में पुन: हुई चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि राज्यसभा में किये गये संशोधनों को सरकार स्वीकार नहीं कर सकती. हालांकि, उन्होंने कांग्रेस और बीजू जनता दल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से चुनावी चंदे को अधिक पारदर्शी और साफ-सुथरा रखने के बारे में सुझाव मांगे हैं. वित्त मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने राज्यसभा के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया. इसके साथ ही वित्त विधेयक 2017 को सदन की मंजूरी मिल गई और आम बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई. जेटली ने कहा कि इस समय राजनीतिक दलों को जितना भी चंदा मिलता है वह सब अघोषित धन होता है और उसके कहीं कोई पादर्शिता नहीं होती है. उन्होंने इस बारे में मूल बजट प्रस्तावों का बचाव करते हुये कहा कि इसमें जो संशोधन किये गये हैं उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि उससे राजनीतिक दलों को अनुदान देने वालों की संख्या सीमित रह जायेगी. जेटली ने राजनीतिक चंदे पर कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि हम अघोषित धन को लेकर लगातार राजनीति करने में लगे हैं, क्योंकि हम यदि इसे घोषित धन के आधार पर करते हैं तो .. कोई इस पर संपादकीय लिखेगा और हम जो भी समाधान पेश करेंगे उसमें कोई न कोई समस्या दिखाई देगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज चंदा बैंक चेक के जरिये लेने का विकल्प दिया है - इसमें पूरी पारदर्शिता है, यह साफ सुथरा धन होगा. छोटा दान देना है तो 2,000 रुपये से कम नकद दिया जा सकता है. आप ऑनलाइन भी चंदा ले सकते हैं. आप बॉन्‍ड खरीदकर यह चंदा दे सकते हैं, यह बिना लाग लपेट वाला धन होगा.’’ कराधान के मामले में राज्यसभा द्वारा किये गये संशोधन पर जेटली ने कहा कि जो मौजूदा व्यवस्था है वह जारी रहेगी. सरकार ने इस मामले में पूरी सावधानी बरती है. इसमें गड़बड़ी के बारे में सतर्क करने वाले व्यक्ति (व्हिसलब्लोअर) को सुरक्षा कवच दिया गया है. इसके लिये विधेयक में कहा गया है कि ‘संतुष्टि नोट’ को जिसकी जांच होनी है उसे उपलब्ध नहीं कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि 1961 से ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिसमें जिसकी जांच हो रही है उसको संतुष्टि संबंधी नोट (टिप्पणी) उपलब्ध कराया गया हो. संतुष्टि नोट वह जानकारी होती है जिसके आधार पर कर चोरी की जांच शुरू की जाती है. ‘‘ऐसा करना घातक होगा.’’ इस तरह की जानकारी केवल अदालत को ही दी जा सकती है. वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके साथ ही वर्ष 2017-18 के बजट को संसद की मंजूरी मिल गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त विधेयक पर लोकसभा में पुन: हुई चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि राज्यसभा में किये गये संशोधनों को सरकार स्वीकार नहीं कर सकती. हालांकि, उन्होंने कांग्रेस और बीजू जनता दल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से चुनावी चंदे को अधिक पारदर्शी और साफ-सुथरा रखने के बारे में सुझाव मांगे हैं. वित्त मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने राज्यसभा के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया. इसके साथ ही वित्त विधेयक 2017 को सदन की मंजूरी मिल गई और आम बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई. जेटली ने कहा कि इस समय राजनीतिक दलों को जितना भी चंदा मिलता है वह सब अघोषित धन होता है और उसके कहीं कोई पादर्शिता नहीं होती है. उन्होंने इस बारे में मूल बजट प्रस्तावों का बचाव करते हुये कहा कि इसमें जो संशोधन किये गये हैं उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि उससे राजनीतिक दलों को अनुदान देने वालों की संख्या सीमित रह जायेगी. जेटली ने राजनीतिक चंदे पर कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि हम अघोषित धन को लेकर लगातार राजनीति करने में लगे हैं, क्योंकि हम यदि इसे घोषित धन के आधार पर करते हैं तो .. कोई इस पर संपादकीय लिखेगा और हम जो भी समाधान पेश करेंगे उसमें कोई न कोई समस्या दिखाई देगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज चंदा बैंक चेक के जरिये लेने का विकल्प दिया है - इसमें पूरी पारदर्शिता है, यह साफ सुथरा धन होगा. छोटा दान देना है तो 2,000 रुपये से कम नकद दिया जा सकता है. आप ऑनलाइन भी चंदा ले सकते हैं. आप बॉन्‍ड खरीदकर यह चंदा दे सकते हैं, यह बिना लाग लपेट वाला धन होगा.’’ कराधान के मामले में राज्यसभा द्वारा किये गये संशोधन पर जेटली ने कहा कि जो मौजूदा व्यवस्था है वह जारी रहेगी. सरकार ने इस मामले में पूरी सावधानी बरती है. इसमें गड़बड़ी के बारे में सतर्क करने वाले व्यक्ति (व्हिसलब्लोअर) को सुरक्षा कवच दिया गया है. इसके लिये विधेयक में कहा गया है कि ‘संतुष्टि नोट’ को जिसकी जांच होनी है उसे उपलब्ध नहीं कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि 1961 से ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिसमें जिसकी जांच हो रही है उसको संतुष्टि संबंधी नोट (टिप्पणी) उपलब्ध कराया गया हो. संतुष्टि नोट वह जानकारी होती है जिसके आधार पर कर चोरी की जांच शुरू की जाती है. ‘‘ऐसा करना घातक होगा.’’ इस तरह की जानकारी केवल अदालत को ही दी जा सकती है. वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वित्त मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने राज्यसभा के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया. इसके साथ ही वित्त विधेयक 2017 को सदन की मंजूरी मिल गई और आम बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई. जेटली ने कहा कि इस समय राजनीतिक दलों को जितना भी चंदा मिलता है वह सब अघोषित धन होता है और उसके कहीं कोई पादर्शिता नहीं होती है. उन्होंने इस बारे में मूल बजट प्रस्तावों का बचाव करते हुये कहा कि इसमें जो संशोधन किये गये हैं उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि उससे राजनीतिक दलों को अनुदान देने वालों की संख्या सीमित रह जायेगी. जेटली ने राजनीतिक चंदे पर कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि हम अघोषित धन को लेकर लगातार राजनीति करने में लगे हैं, क्योंकि हम यदि इसे घोषित धन के आधार पर करते हैं तो .. कोई इस पर संपादकीय लिखेगा और हम जो भी समाधान पेश करेंगे उसमें कोई न कोई समस्या दिखाई देगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज चंदा बैंक चेक के जरिये लेने का विकल्प दिया है - इसमें पूरी पारदर्शिता है, यह साफ सुथरा धन होगा. छोटा दान देना है तो 2,000 रुपये से कम नकद दिया जा सकता है. आप ऑनलाइन भी चंदा ले सकते हैं. आप बॉन्‍ड खरीदकर यह चंदा दे सकते हैं, यह बिना लाग लपेट वाला धन होगा.’’ कराधान के मामले में राज्यसभा द्वारा किये गये संशोधन पर जेटली ने कहा कि जो मौजूदा व्यवस्था है वह जारी रहेगी. सरकार ने इस मामले में पूरी सावधानी बरती है. इसमें गड़बड़ी के बारे में सतर्क करने वाले व्यक्ति (व्हिसलब्लोअर) को सुरक्षा कवच दिया गया है. इसके लिये विधेयक में कहा गया है कि ‘संतुष्टि नोट’ को जिसकी जांच होनी है उसे उपलब्ध नहीं कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि 1961 से ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिसमें जिसकी जांच हो रही है उसको संतुष्टि संबंधी नोट (टिप्पणी) उपलब्ध कराया गया हो. संतुष्टि नोट वह जानकारी होती है जिसके आधार पर कर चोरी की जांच शुरू की जाती है. ‘‘ऐसा करना घातक होगा.’’ इस तरह की जानकारी केवल अदालत को ही दी जा सकती है. वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने राजनीतिक चंदे पर कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि हम अघोषित धन को लेकर लगातार राजनीति करने में लगे हैं, क्योंकि हम यदि इसे घोषित धन के आधार पर करते हैं तो .. कोई इस पर संपादकीय लिखेगा और हम जो भी समाधान पेश करेंगे उसमें कोई न कोई समस्या दिखाई देगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज चंदा बैंक चेक के जरिये लेने का विकल्प दिया है - इसमें पूरी पारदर्शिता है, यह साफ सुथरा धन होगा. छोटा दान देना है तो 2,000 रुपये से कम नकद दिया जा सकता है. आप ऑनलाइन भी चंदा ले सकते हैं. आप बॉन्‍ड खरीदकर यह चंदा दे सकते हैं, यह बिना लाग लपेट वाला धन होगा.’’ कराधान के मामले में राज्यसभा द्वारा किये गये संशोधन पर जेटली ने कहा कि जो मौजूदा व्यवस्था है वह जारी रहेगी. सरकार ने इस मामले में पूरी सावधानी बरती है. इसमें गड़बड़ी के बारे में सतर्क करने वाले व्यक्ति (व्हिसलब्लोअर) को सुरक्षा कवच दिया गया है. इसके लिये विधेयक में कहा गया है कि ‘संतुष्टि नोट’ को जिसकी जांच होनी है उसे उपलब्ध नहीं कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि 1961 से ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिसमें जिसकी जांच हो रही है उसको संतुष्टि संबंधी नोट (टिप्पणी) उपलब्ध कराया गया हो. संतुष्टि नोट वह जानकारी होती है जिसके आधार पर कर चोरी की जांच शुरू की जाती है. ‘‘ऐसा करना घातक होगा.’’ इस तरह की जानकारी केवल अदालत को ही दी जा सकती है. वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि 1961 से ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जिसमें जिसकी जांच हो रही है उसको संतुष्टि संबंधी नोट (टिप्पणी) उपलब्ध कराया गया हो. संतुष्टि नोट वह जानकारी होती है जिसके आधार पर कर चोरी की जांच शुरू की जाती है. ‘‘ऐसा करना घातक होगा.’’ इस तरह की जानकारी केवल अदालत को ही दी जा सकती है. वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कांग्रेस पर चुटकी लेते हुये कहा कि राजनीतिक चंदा लेने के लिये उन्हें यदि चुनावी बॉन्‍ड को लेकर परेशानी है तो वह चेक के जरिये चंदा ले सकती है और यह जानकारी भी रख सकती है उन्हें कितने लोगों ने चंदा दिया है.टिप्पणियां राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्यसभा में बुधवार को उस समय सरकार की किरकिरी हुई जब कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पेश पांच संशोधनों को सदन ने मंजूरी दे दी. इनमें एक संशोधन यह था कि राजनीतिक चंदा कंपनियों के पिछले तीन वित्त वर्ष के शुद्ध लाभ का 7.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये. इस संशोधन को भी पारित किया गया कि किस कंपनी ने किस राजनीतिक दल को चंदा दिया उसका नाम उजागर होना चाहिये.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:'राज्यसभा में किये गये संशोधनों को सरकार स्वीकार नहीं कर सकती' लोकसभा ने राज्यसभा के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया इसके साथ ही आम बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी हो गई
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक उदारवादी नहीं थे और उन्होंने नेहरूवादी अर्थव्यवस्था की विफलता के चलते मजबूरी में सुधारों की शुरुआत की थी. उनके मुताबिक नेहरूवादी अर्थव्यवस्था से भारत पीछे रह गया था, जबकि उसके दक्षिण पूर्व एशियाई सहयोगी आगे निकल गए थे. जेटली ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने की स्थिति से बचने के लिए राव नेहरूवादी सोच से बाहर निकलने के लिए मजबूर थे, जिनके शासनकाल में 1991 में आर्थिक सुधारों की शुरुआत हुई. जेटली ने कहा कि नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक सुधारक या बड़े आर्थिक उदारवादी नहीं थे. पूर्व प्रधानमंत्री राव पर लिखी किताब 'हाफ लॉयन : हाउ पीवी नरसिम्हा राव ट्रांसफॉर्म्ड इंडिया' में एक जगह उल्लेखित घटना का विवरण देते हुए वित्तमंत्री ने कहा, 'जब राव आंध्र प्रदेश के कानून मंत्री थे, तो उनका पहला फैसला था कि सभी निजी कॉलेजों को बंद कर देना चाहिए और केवल सरकार को कॉलेज चलाने चाहिए.' उन्होंने कहा, 'लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बन गए तो उन्हें पता चला कि उनके खजाने में कोई विदेशी भंडार नहीं बचा है और देश दिवालियापन की ओर बढ़ रहा है. इसलिए उस मजबूरी के चलते, उस व्यवस्था की विफलता के चलते सुधार लाए गए.' उदारीकरण की व्यवस्था लाने के पीछे राव की अहम भूमिका होने के दावे को चुनौती देते हुए जेटली ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक उदारवादी थे.' उन्होंने कहा, '1950 और 60 के दशक में हमारे पास जहां सीमित संसाधन थे, वहीं 70 और 80 के दशक बर्बादी वाले थे, जिनमें हमारी विकास दर 1-2 प्रतिशत प्रतिवर्ष पर सीमित रही.' जेटली के अनुसार, 'जब जापान, कोरिया और ताईवान आर्थिक सफलता के रास्ते पर थे, तब हम नेहरूवादी सोच से प्रभावित थे और उस समय इस तरह की सोच थी कि कुछ काम हैं, जो केवल सरकार कर सकती है.' उदाहरण के तौर पर उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र की तरक्की का हवाला दिया. उन्होंने कहा, '1947 से 1995 तक सरकार सोचती थी कि टेलीफोन कनेक्शन देने का काम केवल उसे करना चाहिए. पहले 50 साल में एक प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास टेलीफोन थे.'  जेटली के अनुसार, 'लेकिन जब निजी सेक्टर ने दूरसंचार के क्षेत्र में प्रवेश किया तो केवल 20 साल में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई.' उन्होंने कहा, 'हम केवल मजबूरी के चलते नेहरूवादी सोच से बाहर आ पाए.'टिप्पणियां जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का भुगतान नहीं कर पाने की स्थिति से बचने के लिए राव नेहरूवादी सोच से बाहर निकलने के लिए मजबूर थे, जिनके शासनकाल में 1991 में आर्थिक सुधारों की शुरुआत हुई. जेटली ने कहा कि नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक सुधारक या बड़े आर्थिक उदारवादी नहीं थे. पूर्व प्रधानमंत्री राव पर लिखी किताब 'हाफ लॉयन : हाउ पीवी नरसिम्हा राव ट्रांसफॉर्म्ड इंडिया' में एक जगह उल्लेखित घटना का विवरण देते हुए वित्तमंत्री ने कहा, 'जब राव आंध्र प्रदेश के कानून मंत्री थे, तो उनका पहला फैसला था कि सभी निजी कॉलेजों को बंद कर देना चाहिए और केवल सरकार को कॉलेज चलाने चाहिए.' उन्होंने कहा, 'लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बन गए तो उन्हें पता चला कि उनके खजाने में कोई विदेशी भंडार नहीं बचा है और देश दिवालियापन की ओर बढ़ रहा है. इसलिए उस मजबूरी के चलते, उस व्यवस्था की विफलता के चलते सुधार लाए गए.' उदारीकरण की व्यवस्था लाने के पीछे राव की अहम भूमिका होने के दावे को चुनौती देते हुए जेटली ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक उदारवादी थे.' उन्होंने कहा, '1950 और 60 के दशक में हमारे पास जहां सीमित संसाधन थे, वहीं 70 और 80 के दशक बर्बादी वाले थे, जिनमें हमारी विकास दर 1-2 प्रतिशत प्रतिवर्ष पर सीमित रही.' जेटली के अनुसार, 'जब जापान, कोरिया और ताईवान आर्थिक सफलता के रास्ते पर थे, तब हम नेहरूवादी सोच से प्रभावित थे और उस समय इस तरह की सोच थी कि कुछ काम हैं, जो केवल सरकार कर सकती है.' उदाहरण के तौर पर उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र की तरक्की का हवाला दिया. उन्होंने कहा, '1947 से 1995 तक सरकार सोचती थी कि टेलीफोन कनेक्शन देने का काम केवल उसे करना चाहिए. पहले 50 साल में एक प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास टेलीफोन थे.'  जेटली के अनुसार, 'लेकिन जब निजी सेक्टर ने दूरसंचार के क्षेत्र में प्रवेश किया तो केवल 20 साल में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई.' उन्होंने कहा, 'हम केवल मजबूरी के चलते नेहरूवादी सोच से बाहर आ पाए.'टिप्पणियां जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पूर्व प्रधानमंत्री राव पर लिखी किताब 'हाफ लॉयन : हाउ पीवी नरसिम्हा राव ट्रांसफॉर्म्ड इंडिया' में एक जगह उल्लेखित घटना का विवरण देते हुए वित्तमंत्री ने कहा, 'जब राव आंध्र प्रदेश के कानून मंत्री थे, तो उनका पहला फैसला था कि सभी निजी कॉलेजों को बंद कर देना चाहिए और केवल सरकार को कॉलेज चलाने चाहिए.' उन्होंने कहा, 'लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बन गए तो उन्हें पता चला कि उनके खजाने में कोई विदेशी भंडार नहीं बचा है और देश दिवालियापन की ओर बढ़ रहा है. इसलिए उस मजबूरी के चलते, उस व्यवस्था की विफलता के चलते सुधार लाए गए.' उदारीकरण की व्यवस्था लाने के पीछे राव की अहम भूमिका होने के दावे को चुनौती देते हुए जेटली ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक उदारवादी थे.' उन्होंने कहा, '1950 और 60 के दशक में हमारे पास जहां सीमित संसाधन थे, वहीं 70 और 80 के दशक बर्बादी वाले थे, जिनमें हमारी विकास दर 1-2 प्रतिशत प्रतिवर्ष पर सीमित रही.' जेटली के अनुसार, 'जब जापान, कोरिया और ताईवान आर्थिक सफलता के रास्ते पर थे, तब हम नेहरूवादी सोच से प्रभावित थे और उस समय इस तरह की सोच थी कि कुछ काम हैं, जो केवल सरकार कर सकती है.' उदाहरण के तौर पर उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र की तरक्की का हवाला दिया. उन्होंने कहा, '1947 से 1995 तक सरकार सोचती थी कि टेलीफोन कनेक्शन देने का काम केवल उसे करना चाहिए. पहले 50 साल में एक प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास टेलीफोन थे.'  जेटली के अनुसार, 'लेकिन जब निजी सेक्टर ने दूरसंचार के क्षेत्र में प्रवेश किया तो केवल 20 साल में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई.' उन्होंने कहा, 'हम केवल मजबूरी के चलते नेहरूवादी सोच से बाहर आ पाए.'टिप्पणियां जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उदारीकरण की व्यवस्था लाने के पीछे राव की अहम भूमिका होने के दावे को चुनौती देते हुए जेटली ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव कोई बड़े आर्थिक उदारवादी थे.' उन्होंने कहा, '1950 और 60 के दशक में हमारे पास जहां सीमित संसाधन थे, वहीं 70 और 80 के दशक बर्बादी वाले थे, जिनमें हमारी विकास दर 1-2 प्रतिशत प्रतिवर्ष पर सीमित रही.' जेटली के अनुसार, 'जब जापान, कोरिया और ताईवान आर्थिक सफलता के रास्ते पर थे, तब हम नेहरूवादी सोच से प्रभावित थे और उस समय इस तरह की सोच थी कि कुछ काम हैं, जो केवल सरकार कर सकती है.' उदाहरण के तौर पर उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र की तरक्की का हवाला दिया. उन्होंने कहा, '1947 से 1995 तक सरकार सोचती थी कि टेलीफोन कनेक्शन देने का काम केवल उसे करना चाहिए. पहले 50 साल में एक प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास टेलीफोन थे.'  जेटली के अनुसार, 'लेकिन जब निजी सेक्टर ने दूरसंचार के क्षेत्र में प्रवेश किया तो केवल 20 साल में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई.' उन्होंने कहा, 'हम केवल मजबूरी के चलते नेहरूवादी सोच से बाहर आ पाए.'टिप्पणियां जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उदाहरण के तौर पर उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र की तरक्की का हवाला दिया. उन्होंने कहा, '1947 से 1995 तक सरकार सोचती थी कि टेलीफोन कनेक्शन देने का काम केवल उसे करना चाहिए. पहले 50 साल में एक प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास टेलीफोन थे.'  जेटली के अनुसार, 'लेकिन जब निजी सेक्टर ने दूरसंचार के क्षेत्र में प्रवेश किया तो केवल 20 साल में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई.' उन्होंने कहा, 'हम केवल मजबूरी के चलते नेहरूवादी सोच से बाहर आ पाए.'टिप्पणियां जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'आजादी के बाद पहले दो-तीन दशकों में हमारी विकास दर करीब 1-2 प्रतिशत थी या अधिकतम 2.5 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे.' उन्होंने कहा, 'उस समय सोच थी कि सारी जिम्मेदारियां सरकार की हैं. यह नेहरूवादी विचारों का असर था.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:जेटली ने कहा, नेहरूवादी अर्थव्यवस्था के चलते भारत काफी पीछे रह गया था वैश्विक आर्थिक विकास दर की तुलना में हम कहीं भी नहीं थे : जेटली इसी वजह से मजबूरी में राव ने आर्थिक उदारवाद का रास्ता अपनाया : जेटली
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट से राजद विधायक महेश्वर प्रसाद यादव (Maheshwar Prasad Yadav) ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि परिवारवाद के कारण राजद की यह दुर्गति हुई है. उन्होंने कहा, 'राजद परिवार के चक्कर में उलझा हुआ है, और उसी के कारण पार्टी की बुरी हालत हुई है.' उन्होंने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाने से लेकर तेजस्वी (Tejashwi Yadav) को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने और सरकार से बाहर होने के बाद विपक्ष का नेता बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि राजद में कई वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें यह जिम्मेदारी दी सकती थी, परंतु परिवारवाद के कारण परिवार के लोगों को ही जिम्मेदारी दी गई. उन्होंने कहा, 'तेजस्वी को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. अगर तेजस्वी इस्तीफा देकर किसी बड़े नेता को यहां नहीं बैठाते हैं तो अगले चुनाव में पार्टी की और दुर्दशा होगी.' उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ जाने के बाद ही राजद को यह सफलता मिली, वरना राजद को विधानसभा में इतनी सीटें नहीं मिलतीं.  बता दें कि बिहार की राजनीति में तकरीबन 20 साल बाद ऐसा पहली बार हो रहा था कि लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार और  राम विलास पासवान  एक साथ थे. 2014 में नीतीश कुमार की पार्टी एनडीए से अलग चुनाव लड़ी थी और हार गई थी. रामविलास पासवान चुनाव से ठीक पहले एनडीए में शामिल हुए थे और जीत हासिल कर सरकार में भी शामिल हुए थे. नीतीश कुमार अपने पिछले चुनाव के समय लिए गए निर्णय को भूले नहीं थे. एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा के जाने के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी से अपनी शर्तों पर सीटें हासिल कीं और चुनाव लड़े. रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा भी फायदे में रही. लेकिन इन दोनों की रणनीति ने आरजेडी और महागठबंधन को ध्‍वस्‍त कर दिया. बिहार में हुए इस बार के लोकसभा चुनाव में आरजेडी और उनके सहयोगी दलों को संभालने वाले लालू प्रसाद जैसे मंजे हुए नेता का न होना भी काफी नुकसानदेह साबित हुआ. महागठबंधन की हार की कहानी लिखने में एनडीए से ज्‍यादा उसके अपने नेता ही जिम्‍मेदार हैं.
यह एक सारांश है: हार के बाद राजद में अंदरूनी कलह शुरू पार्टी विधायक ने लगाया परिवारवाद का आरोप तेजस्वी यादव से मांगा इस्तीफा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: टैक्सी ड्राइवर सैदुल लश्कर ने 2004 में अपनी बहन मारुफा के असामयिक निधन के बाद गरीबों के इलाज के लिए अस्पताल बनाने का फैसला लिया. चेस्‍ट इंफेक्‍शन की वजह से महज 17 साल की उम्र में मारुफा की मौत हो गई. सैदुल के पास उस समय उतने पैसे नहीं थे कि वह दूर शहर जाकर बड़े अस्पताल में अपनी बहन का इलाज करवाते. कोलकाता से करीब 55 किलोमीटर दूर बरुईपुर के पास पुनरी गांव में मारुफा स्मृति वेल्फेयर फाउंडेशन के मरीजों के वेटिंग हॉल की दीवार के सहारे खड़े सैदुल ने कहा, 'मुझे ऐसा महसूस हुआ कि कुछ करना चाहिए ताकि मेरी बहन की तरह इलाज के साधन के अभाव में गरीबों को अपनी जान न गंवाना पड़े. मेरी यही ख्वाहिश है कि मेरी तरह किसी भाई को अपनी बहन को न खोना पड़े.' उन्होंने कहा, 'अपने मन में इस सपने को संजोए 12 साल तक मैं कोलकाता की सड़कों की खाक छानता रहा. कभी एक पल के लिए मेरे मन में अपने मकसद को लेकर कोई दूसरा खयाल आया. मगर, यह कोई आसान काम नहीं था.' सैदुल टैक्सी चलाते समय अपनी गाड़ी में बैठे पैसेंजर को अपने कागजात और लोगों से मिले दान की पर्चियां दिखाता मगर ज्‍यादातर लोग उनकी कोई मदद करने से इनकार कर देते थे.  हालांकि कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की. इन्हीं लोगों में कोलकाता की युवती सृष्टि घोष भी हैं जो उनकी दुख भरी कहानी सुनकर दुखी हो गईं और उन्होंने अस्पताल के लिए अपने पूरे महीने का वेतन देने का फैसला लिया.  सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा कोलकाता से करीब 55 किलोमीटर दूर बरुईपुर के पास पुनरी गांव में मारुफा स्मृति वेल्फेयर फाउंडेशन के मरीजों के वेटिंग हॉल की दीवार के सहारे खड़े सैदुल ने कहा, 'मुझे ऐसा महसूस हुआ कि कुछ करना चाहिए ताकि मेरी बहन की तरह इलाज के साधन के अभाव में गरीबों को अपनी जान न गंवाना पड़े. मेरी यही ख्वाहिश है कि मेरी तरह किसी भाई को अपनी बहन को न खोना पड़े.' उन्होंने कहा, 'अपने मन में इस सपने को संजोए 12 साल तक मैं कोलकाता की सड़कों की खाक छानता रहा. कभी एक पल के लिए मेरे मन में अपने मकसद को लेकर कोई दूसरा खयाल आया. मगर, यह कोई आसान काम नहीं था.' सैदुल टैक्सी चलाते समय अपनी गाड़ी में बैठे पैसेंजर को अपने कागजात और लोगों से मिले दान की पर्चियां दिखाता मगर ज्‍यादातर लोग उनकी कोई मदद करने से इनकार कर देते थे.  हालांकि कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की. इन्हीं लोगों में कोलकाता की युवती सृष्टि घोष भी हैं जो उनकी दुख भरी कहानी सुनकर दुखी हो गईं और उन्होंने अस्पताल के लिए अपने पूरे महीने का वेतन देने का फैसला लिया.  सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा उन्होंने कहा, 'अपने मन में इस सपने को संजोए 12 साल तक मैं कोलकाता की सड़कों की खाक छानता रहा. कभी एक पल के लिए मेरे मन में अपने मकसद को लेकर कोई दूसरा खयाल आया. मगर, यह कोई आसान काम नहीं था.' सैदुल टैक्सी चलाते समय अपनी गाड़ी में बैठे पैसेंजर को अपने कागजात और लोगों से मिले दान की पर्चियां दिखाता मगर ज्‍यादातर लोग उनकी कोई मदद करने से इनकार कर देते थे.  हालांकि कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की. इन्हीं लोगों में कोलकाता की युवती सृष्टि घोष भी हैं जो उनकी दुख भरी कहानी सुनकर दुखी हो गईं और उन्होंने अस्पताल के लिए अपने पूरे महीने का वेतन देने का फैसला लिया.  सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा सैदुल टैक्सी चलाते समय अपनी गाड़ी में बैठे पैसेंजर को अपने कागजात और लोगों से मिले दान की पर्चियां दिखाता मगर ज्‍यादातर लोग उनकी कोई मदद करने से इनकार कर देते थे.  हालांकि कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की. इन्हीं लोगों में कोलकाता की युवती सृष्टि घोष भी हैं जो उनकी दुख भरी कहानी सुनकर दुखी हो गईं और उन्होंने अस्पताल के लिए अपने पूरे महीने का वेतन देने का फैसला लिया.  सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा हालांकि कुछ लोगों ने उनकी मदद भी की. इन्हीं लोगों में कोलकाता की युवती सृष्टि घोष भी हैं जो उनकी दुख भरी कहानी सुनकर दुखी हो गईं और उन्होंने अस्पताल के लिए अपने पूरे महीने का वेतन देने का फैसला लिया.  सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा सैदुल ने कहा, 'मुझे सृष्टि के रूप में अपनी खोई बहन मिल गई. मेरी कहानी सुनने के बाद सृष्टि और उनकी मां ने मेरा फोन नंबर लिया और मुझे बाद में फोन किया. मुझे इस बात का कोई भरोसा नहीं था वह मुझे फोन करेंगी. मगर, जब वह अपना पहला वेतन लेकर मेरे पास आई तो मैं ईमोशनल हो गया.' अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा अपरिचितों के साथ-साथ सैदुल की पत्नी शमीमा ने भी उनका हौसला बढ़ाया.  उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा उन्होंने कहा, 'मुझे पत्नी का साथ नहीं मिलता तो कुछ भी मुमकिन नहीं होता. जब मैंने अस्पताल बनाने की ठानी तो मेरे नजदीकी लोगों ने मुझे पागल समझकर मुझसे दुरियां बना लीं मगर मेरी पत्नी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं. उन्होंने जमीन के वास्ते पैसे जुटाने के लिए मुझे अपने सारे गहने दे दिए.' आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा आखिरकार, फरवरी 2017 को अस्पताल शुरू होने पर सैदुल का सपना साकार हुआ. सैदुल ने अपनी नई बहन सृष्टि के हाथों अस्पताल का उद्घाटन करवाया. करीब 11 किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीकी अस्पताल होने से स्थानीय निवासियों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.  अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा अस्पताल जाते समय ई-रिक्शा चालक सोजोल दास ने बताया, 'हर तरफ अब चर्चा होती है और इलाके में अस्पताल के बारे में लोग बातें करते हैं.' अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा अब इस अस्पताल को 50 बेड, एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा से लैस बनाने की दिशा में काम चल रहा है.  सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा सैदुल ने कहा, 'वर्तमान में यह दोमंजिला भवन है लेकिन हमारी योजना इसे चार मंजिला बनाने की है. अस्पताल के उद्घाटन के दिन हमारे डॉक्‍टरों ने यहां 286 मरीजों का इलाज किया. समय और संसाधन की कमी के चलते अनेक लोगों को वे नहीं देख पाए. मुझे पक्का भरोसा है कि जब अस्पताल पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो इससे करीब 100 गांवों के लोगों को फायदा होगा.' सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा सैदुल के बड़े सपने देखने और उसे साकार करने के जुनून से काफी लोग प्रभावित हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में सैदुल के प्रयासों की सराहना की. 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा 40 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि पीएम मोदी ने जब अस्पताल की चर्चा की तो वह काफी उत्साहित हुए.  उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के जिक्र करने के बाद से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया है. कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने इमारत के काम को पूरा करने के लिए रेत, ईंट और सीमेंट मुहैया करवाकर मेरी मदद की है. चेन्नई के एक डॉक्टर ने मेरे अस्पताल में अपनी सेवा देने और मरीजों का इलाज करने की इच्छा जताई है.' उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा उन्होंने बताया कि वर्तमान में आठ डॉक्‍टर अस्पताल से जुड़े हैं, जो यहां अभी मुफ्त में अपनी सेवा दे रहे हैं. हालांकि सैदुल ने कहा कि उनकी योजना है कि अस्पताल के रखरखाव के लिए जरूरी मात्र न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की है. हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा हड्डीरोग विभाग के प्रभारी डॉ. धीरेश चौधरी ने सैदुल के प्रयासों की काफी सराहना की.  उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा उन्होंने कहा, 'अस्पताल बनाना बड़ा काम है. अत्यंत कम आमदनी वाले सैदुल के लिए यह काम अकल्पनीय है. हम सभी उनके साथ हैं.' डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा डॉक्टर का एनजीओ 'बैंचोरी' अस्पताल को चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाता है.टिप्पणियां सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा सैदुल ने कहा, 'अब हमारे साथ कई लोग हैं. मुझे लगता है कि अपने सपने को पूरा करने के लिए मैं अब आगे की बात भी सोच सकता हूं. शायद, मैं सिर्फ एक अस्पताल बनाकर नहीं रुकूंगा और नए सपने की तलाश में जाऊंगा.'Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा Video: झारखंड की लड़कियों का स्‍पेन में कारनामा
सारांश: बहन को इलाज नहीं पाया और उसकी मौत हो गई ऐसे में टैक्‍सी ड्राइवर ने सालों की मेहनत के बाद अस्‍पताल बनाया आज इस अस्‍पताल की चर्चा पूरे देश में हो रही है
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: संप्रग द्वारा अलग तेलंगाना राज्य के निर्माण को मंजूरी दिए जाने के बाद दार्जीलिंग में गोरखालैंड राज्य बनाने की जीजेएम की मांग के जोर पकड़ने के साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज राज्य के विभाजन की संभावना को खारिज कर दिया और पर्वतीय क्षेत्रों में आंदोलन के लिए कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा।टिप्पणियां ममता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दार्जीलिंग पश्चिम बंगाल का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल के विभाजन का कोई प्रश्न नहीं उठता। हम एकजुट हैं, हम एक रहेंगे और साथ रहेंगे।’’ जीजेएम के महासचिव रोशन गिरी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एक दल की गोरखालैंड की मांग के साथ हाल ही में हुई दिल्ली यात्रा का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछूंगी कि क्या यह सही कदम था या नहीं कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने तीन या चार मोर्चा नेताओं को कुछ दिन पहले दिल्ली बुलाया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ एक बैठक भी हुई। उन्होंने वापस आकर कहा कि कुछ केंद्रीय नेताओं ने उन्हें दार्जीलिंग हिल्स में अपने आंदोलन को तेज करने की सलाह दी है। उन्हें इसके मुताबिक स्वायत्तता का भी आश्वासन दिया गया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य की स्वीकृति के बिना एक केंद्र शासित प्रदेश? यह हास्यास्पद है। क्या यह बच्चे के हाथ में झुनझुना है?’’ दार्जीलिंग में शांति होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार से इस बात पर नजर रखने का अनुरोध करती हूं कि दार्जीलिंग में शांति में अड़चन नहीं पैदा हो।’’ ममता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दार्जीलिंग पश्चिम बंगाल का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल के विभाजन का कोई प्रश्न नहीं उठता। हम एकजुट हैं, हम एक रहेंगे और साथ रहेंगे।’’ जीजेएम के महासचिव रोशन गिरी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एक दल की गोरखालैंड की मांग के साथ हाल ही में हुई दिल्ली यात्रा का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछूंगी कि क्या यह सही कदम था या नहीं कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने तीन या चार मोर्चा नेताओं को कुछ दिन पहले दिल्ली बुलाया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ एक बैठक भी हुई। उन्होंने वापस आकर कहा कि कुछ केंद्रीय नेताओं ने उन्हें दार्जीलिंग हिल्स में अपने आंदोलन को तेज करने की सलाह दी है। उन्हें इसके मुताबिक स्वायत्तता का भी आश्वासन दिया गया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य की स्वीकृति के बिना एक केंद्र शासित प्रदेश? यह हास्यास्पद है। क्या यह बच्चे के हाथ में झुनझुना है?’’ दार्जीलिंग में शांति होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार से इस बात पर नजर रखने का अनुरोध करती हूं कि दार्जीलिंग में शांति में अड़चन नहीं पैदा हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ एक बैठक भी हुई। उन्होंने वापस आकर कहा कि कुछ केंद्रीय नेताओं ने उन्हें दार्जीलिंग हिल्स में अपने आंदोलन को तेज करने की सलाह दी है। उन्हें इसके मुताबिक स्वायत्तता का भी आश्वासन दिया गया है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य की स्वीकृति के बिना एक केंद्र शासित प्रदेश? यह हास्यास्पद है। क्या यह बच्चे के हाथ में झुनझुना है?’’ दार्जीलिंग में शांति होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार से इस बात पर नजर रखने का अनुरोध करती हूं कि दार्जीलिंग में शांति में अड़चन नहीं पैदा हो।’’
संप्रग द्वारा अलग तेलंगाना राज्य के निर्माण को मंजूरी दिए जाने के बाद दार्जीलिंग में गोरखालैंड राज्य बनाने की जीजेएम की मांग के जोर पकड़ने के साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज राज्य के विभाजन की संभावना को खारिज कर दिया और पर्वतीय क्षेत
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आतंकवादी संगठन अलकायदा में ओसामा बिन लादेन की जगह लेने वाला अयमान अल-जवाहिरी पाकिस्तान में हो सकता है। एक नई किताब में यह खुलासा किया गया है। बीते साल 2 मई को एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के बाद मिस्र का मौलवी जवाहिरी अलकायदा का नया प्रमुख बना था। एक पाकिस्तानी रक्षा एवं सुरक्षा विशेषज्ञ इम्तियाज गुल ने अपनी किताब 'पाकिस्तान : बिफोर एंड आफ्टर ओसामा' में कहा, बाते दशक में बिन लादेन की खोज एक महत्वपूर्ण काम था। अब लगता है कि अमेरिकी व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां जवाहिरी का ठिकाना खोजने में व्यस्त रहेंगी। जवाहिरी कहां छुपा हो सकता है, इस पर उन्होंने लिखा है,  जो शहर उसके लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होगा और जहां वह शांति के साथ अपनी रणनीतियां बना सके, वह इस्लामाबाद है।टिप्पणियां किताब में कहा गया है, जिस तरह सशस्त्र बलों के जनरल हेडक्वार्टर्स के नजदीक रावलपिंडी से खालिद शेख को पकड़ा गया था उसी तरह यदि अमेरिकी या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां एक दिन उसे रावलपिंडी या इस्लामाबाद में खोज लें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। 9/11 के साजिशकर्ता जवाहिरी के खिलाफ चार अन्य के साथ अप्रैल 2012 की शुरुआत में आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने जवाहिरी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। बीते साल 2 मई को एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के बाद मिस्र का मौलवी जवाहिरी अलकायदा का नया प्रमुख बना था। एक पाकिस्तानी रक्षा एवं सुरक्षा विशेषज्ञ इम्तियाज गुल ने अपनी किताब 'पाकिस्तान : बिफोर एंड आफ्टर ओसामा' में कहा, बाते दशक में बिन लादेन की खोज एक महत्वपूर्ण काम था। अब लगता है कि अमेरिकी व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां जवाहिरी का ठिकाना खोजने में व्यस्त रहेंगी। जवाहिरी कहां छुपा हो सकता है, इस पर उन्होंने लिखा है,  जो शहर उसके लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होगा और जहां वह शांति के साथ अपनी रणनीतियां बना सके, वह इस्लामाबाद है।टिप्पणियां किताब में कहा गया है, जिस तरह सशस्त्र बलों के जनरल हेडक्वार्टर्स के नजदीक रावलपिंडी से खालिद शेख को पकड़ा गया था उसी तरह यदि अमेरिकी या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां एक दिन उसे रावलपिंडी या इस्लामाबाद में खोज लें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। 9/11 के साजिशकर्ता जवाहिरी के खिलाफ चार अन्य के साथ अप्रैल 2012 की शुरुआत में आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने जवाहिरी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। एक पाकिस्तानी रक्षा एवं सुरक्षा विशेषज्ञ इम्तियाज गुल ने अपनी किताब 'पाकिस्तान : बिफोर एंड आफ्टर ओसामा' में कहा, बाते दशक में बिन लादेन की खोज एक महत्वपूर्ण काम था। अब लगता है कि अमेरिकी व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां जवाहिरी का ठिकाना खोजने में व्यस्त रहेंगी। जवाहिरी कहां छुपा हो सकता है, इस पर उन्होंने लिखा है,  जो शहर उसके लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होगा और जहां वह शांति के साथ अपनी रणनीतियां बना सके, वह इस्लामाबाद है।टिप्पणियां किताब में कहा गया है, जिस तरह सशस्त्र बलों के जनरल हेडक्वार्टर्स के नजदीक रावलपिंडी से खालिद शेख को पकड़ा गया था उसी तरह यदि अमेरिकी या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां एक दिन उसे रावलपिंडी या इस्लामाबाद में खोज लें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। 9/11 के साजिशकर्ता जवाहिरी के खिलाफ चार अन्य के साथ अप्रैल 2012 की शुरुआत में आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने जवाहिरी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। जवाहिरी कहां छुपा हो सकता है, इस पर उन्होंने लिखा है,  जो शहर उसके लिए सबसे ज्यादा अनुकूल होगा और जहां वह शांति के साथ अपनी रणनीतियां बना सके, वह इस्लामाबाद है।टिप्पणियां किताब में कहा गया है, जिस तरह सशस्त्र बलों के जनरल हेडक्वार्टर्स के नजदीक रावलपिंडी से खालिद शेख को पकड़ा गया था उसी तरह यदि अमेरिकी या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां एक दिन उसे रावलपिंडी या इस्लामाबाद में खोज लें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। 9/11 के साजिशकर्ता जवाहिरी के खिलाफ चार अन्य के साथ अप्रैल 2012 की शुरुआत में आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने जवाहिरी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। किताब में कहा गया है, जिस तरह सशस्त्र बलों के जनरल हेडक्वार्टर्स के नजदीक रावलपिंडी से खालिद शेख को पकड़ा गया था उसी तरह यदि अमेरिकी या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां एक दिन उसे रावलपिंडी या इस्लामाबाद में खोज लें तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा। 9/11 के साजिशकर्ता जवाहिरी के खिलाफ चार अन्य के साथ अप्रैल 2012 की शुरुआत में आरोप तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने जवाहिरी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। इस साल मई में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन की अलकायदा प्रमुख की पाकिस्तान में मौजूदकी की टिप्पणी को चुनौती देते हुए कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में नहीं है। क्लिंटन ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 7 मई को स्पष्ट रूप से कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। उन्होंने कोलकाता में कहा था, हम अलकायदा का खात्मा चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि जवाहिरी पाकिस्तान में है।
संक्षिप्त पाठ: आतंकवादी संगठन अलकायदा में ओसामा बिन लादेन की जगह लेने वाला अयमान अल-जवाहिरी पाकिस्तान में हो सकता है। एक नई किताब में यह खुलासा किया गया है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हड़ताल कर रहे तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तेलंगाना सरकार ने सोमवार को फैसला किया कि ड्यूटी पर लौटने की पांच नवंबर की समयसीमा समाप्त होने के बाद किसी भी कर्मी को काम पर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकार ने कहा कि यदि कर्मी हड़ताल जारी रखते हैं, तो वह निजी बस चालकों को कुल 10400 मार्गों में से 5000 मार्गों पर सेवाएं देने की अनुमति दे देगी, जिससे परिवहन निगम का अस्तित्व वस्तुत: समाप्त हो जाएगा. बता दें, सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि इस स्थिति के लिए कर्मी ही जिम्मेदार होंगे और इसलिए उन्हें यह फैसला करना चाहिए कि उन्हें अपनी नौकरी बचानी है या अपने परिवारों को मुश्किल में डालना है. मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता वाली एक बैठक में कहा गया कि यूनियन नेता हाईकोर्ट में जारी सुनवाई का हवाला देते हुए कर्मियों को गलत जानकारी दे रहे हैं. बयान में कहा गया, ‘लेकिन कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार हाईकोर्ट ने हड़ताल पर सरकार को कोई निर्देश नहीं दिया है.' बयान में बैठक में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा गया कि मामला हाईकोर्ट में गया तो और लंबा खिंचेगा और इससे कर्मियों का कोई भला नहीं होगा.  इस बीच, कर्मचारी यूनियनों ने कहा कि सरकार को मुद्दे को हल करने के लिए पहले बातचीत करनी चाहिए. कई मांगों को लेकर की जा रही बेमियादी हड़ताल 30 दिनों से जारी है. TSRCTC-JAC नेता ई अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों में भरोसा पैदा नहीं कर पाए, बल्कि वह उन्हें ‘भड़काने' की कोशिश कर रहे हैं. रेड्डी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘मामले को हल करने के लिए पहले बातचीत की जानी चाहिए. यह मंत्रियों या आरटीसी प्रबंधन की एक समिति हो सकती थी, लेकिन मुख्यमंत्री एकतरफा फैसले ले रहे हैं. किसी के पास किसी को नौकरी से निकालने का अधिकार नहीं है.'
सारांश: राज्य सरकार ने TSRCTC कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया 5 नवंबर के बाद किसी भी कर्मी को काम पर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी निजी बस चालकों को अनुमति देकर TSRCTC का कर देंगे अस्तित्व समाप्त
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ए आर रहमान जैसा संगीतकार बनने की इच्छा रखने वाले मलेशिया के एक भारतवंशी किशोर की पांच युवकों ने कथित तौर पर नृशंस तरीके से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद देश में डराने-धमकाने और हमला करने की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ गुस्सा पैदा हो गया है. 18 साल के छात्र टी नवीन की गुरुवार को पेनांग के जॉर्ज टाउन में एक अस्पताल में मौत हो गई. पांच युवकों ने एक विवाद के बाद नवीन की बुरी तरह पिटाई कर दी थी और कथित तौर पर उसका अप्राकृतिक यौन शोषण किया. नवीन और उसके एक दोस्त पर गत शनिवार को हमला हुआ था और उसे बुरी तरह हेलमेट से पीटा गया था, जिसके बाद पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया जो उसके पूर्व सहपाठी बताए जाते हैं. स्टेट टाइम्स की खबर के अनुसार, पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ, जब दो युवकों ने नवीन और उसके दोस्त प्रेवलिन को परेशान करना शुरू कर दिया. विवाद बढ़ गया और पांच युवकों ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की. प्रेवलिन के आंख में चोट आई, लेकिन बुरी तरह पिटाई होने से नवीन के सिर और पेट में गंभीर चोट आई. अखबार के अनुसार, उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. कल उसकी अस्पताल में मौत हो गई. नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) 18 साल के छात्र टी नवीन की गुरुवार को पेनांग के जॉर्ज टाउन में एक अस्पताल में मौत हो गई. पांच युवकों ने एक विवाद के बाद नवीन की बुरी तरह पिटाई कर दी थी और कथित तौर पर उसका अप्राकृतिक यौन शोषण किया. नवीन और उसके एक दोस्त पर गत शनिवार को हमला हुआ था और उसे बुरी तरह हेलमेट से पीटा गया था, जिसके बाद पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया जो उसके पूर्व सहपाठी बताए जाते हैं. स्टेट टाइम्स की खबर के अनुसार, पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ, जब दो युवकों ने नवीन और उसके दोस्त प्रेवलिन को परेशान करना शुरू कर दिया. विवाद बढ़ गया और पांच युवकों ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की. प्रेवलिन के आंख में चोट आई, लेकिन बुरी तरह पिटाई होने से नवीन के सिर और पेट में गंभीर चोट आई. अखबार के अनुसार, उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. कल उसकी अस्पताल में मौत हो गई. नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) नवीन और उसके एक दोस्त पर गत शनिवार को हमला हुआ था और उसे बुरी तरह हेलमेट से पीटा गया था, जिसके बाद पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया जो उसके पूर्व सहपाठी बताए जाते हैं. स्टेट टाइम्स की खबर के अनुसार, पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ, जब दो युवकों ने नवीन और उसके दोस्त प्रेवलिन को परेशान करना शुरू कर दिया. विवाद बढ़ गया और पांच युवकों ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की. प्रेवलिन के आंख में चोट आई, लेकिन बुरी तरह पिटाई होने से नवीन के सिर और पेट में गंभीर चोट आई. अखबार के अनुसार, उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. कल उसकी अस्पताल में मौत हो गई. नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) स्टेट टाइम्स की खबर के अनुसार, पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ, जब दो युवकों ने नवीन और उसके दोस्त प्रेवलिन को परेशान करना शुरू कर दिया. विवाद बढ़ गया और पांच युवकों ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की. प्रेवलिन के आंख में चोट आई, लेकिन बुरी तरह पिटाई होने से नवीन के सिर और पेट में गंभीर चोट आई. अखबार के अनुसार, उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. कल उसकी अस्पताल में मौत हो गई. नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) अखबार के अनुसार, उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. कल उसकी अस्पताल में मौत हो गई. नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) नवीन की मां डी. शांति ने द स्टार अखबार को बताया कि उनके बेटे का स्वभाव और हावभाव सरल होने के कारण एक संदिग्ध ने तीन साल पहले उसे परेशान किया था, लेकिन तब नवीन शांत रहा था ताकि मामला ज्यादा नहीं बढ़े.टिप्पणियां नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) नवीन के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा देखा गया और ए आर रहमान का ध्यान भी इस मामले की तरफ गया है, जिनके जैसा संगीतकार नवीन बनना चाहता था. रहमान ने पहले नवीन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया था. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
किशोर की पांच युवकों ने कथित तौर पर नृशंस तरीके से पिटाई की थी. कथित तौर पर युवक का अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया. ए आर रहमान जैसा संगीतकार बनना चाहता था नवीन.
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. उनका शपथग्रहण समारोह रविवार को होगा. इससे पहले मनोहर लाल खट्टर को बीजेपी (BJP) विधायक दल का नेता चुना लिया गया था. अनिल जैन ने मनोहर लाल खट्टर के नाम का प्रस्ताव किया जिसमें उन्हें औपचारिक रूप से नेता चुना गया. वहीं सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ कहा कि विवादित विधायक और गीतिका शर्मा खुदकुशी कांड में आरोपी गोपाल कांडा से समर्थन नहीं लिया जा रहा है. बता दें कि हरियाणा में बीजेपी और जेजेपी के बीच गठबंधन हुआ है.  जेजेपी ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 10 सीट हासिल की है. सत्तारूढ़ भाजपा ने उपमुख्यमंत्री का पद जेजेपी को देने की पेशकश की है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मुख्यमंत्री उनकी पार्टी का होगा और उपमुख्यमंत्री का पद क्षेत्रीय पार्टी को दिया जाएगा.
संक्षिप्त पाठ: खट्टर ने राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा रविवार को होगा खट्टर का शपथग्रहण समारोह खट्टर को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया और यहां तक इस ताजा विवाद के कारण चर्चा में आई बॉलीवुड अभिनेत्री ने भी यह रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश समाचार पत्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है।टिप्पणियां पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने लंदन के समाचार पत्र संडे टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट को खास तवज्जो नहीं दी। गांगुली ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि उन्हें कैसे जानकारी मिली लेकिन मैं इतना कहना चाहूंगा कि भारत विश्व चैंपियन है और कोई भी हमसे यह श्रेय वापस नहीं ले सकता।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में खेला गया सेमीफाइनल मैच फिक्स था। समाचार पत्र ने दिल्ली के एक सट्टेबाज का स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसने दावा किया है कि भारतीय सट्टेबाज इंग्लैंड के काउंटी मैचों और अंतरराष्ट्रीय मैचों की फिक्सिंग करते हैं और वे विभिन्न देशों के खिलाड़ियों को फांसने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री का इस्तेमाल करते हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने लंदन के समाचार पत्र संडे टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट को खास तवज्जो नहीं दी। गांगुली ने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि उन्हें कैसे जानकारी मिली लेकिन मैं इतना कहना चाहूंगा कि भारत विश्व चैंपियन है और कोई भी हमसे यह श्रेय वापस नहीं ले सकता।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में खेला गया सेमीफाइनल मैच फिक्स था। समाचार पत्र ने दिल्ली के एक सट्टेबाज का स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसने दावा किया है कि भारतीय सट्टेबाज इंग्लैंड के काउंटी मैचों और अंतरराष्ट्रीय मैचों की फिक्सिंग करते हैं और वे विभिन्न देशों के खिलाड़ियों को फांसने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में खेला गया सेमीफाइनल मैच फिक्स था। समाचार पत्र ने दिल्ली के एक सट्टेबाज का स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसने दावा किया है कि भारतीय सट्टेबाज इंग्लैंड के काउंटी मैचों और अंतरराष्ट्रीय मैचों की फिक्सिंग करते हैं और वे विभिन्न देशों के खिलाड़ियों को फांसने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री का इस्तेमाल करते हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल विश्व कप सेमीफाइनल के फिक्स होने के आरोपों को खिलाड़ियों और इस खेल से जुड़े लोगों ने बकवास करार दिया।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने भारत के साथ सहयोग के नये आयाम खोलने की इच्छा जाहिर करते हुए मंगलवार को कहा कि कश्मीर विवाद का ‘उचित और समतामूलक समाधान’ देश की प्राथमिकता है। गिलानी ने पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर के साथ मुलाकात में यह टिप्पणी की जिन्हें भारत में पाकिस्तान का नया उच्चायुक्त बनाया गया है। उन्होंने बशीर को भारत के साथ ‘रिश्ते सुधारने’ तथा जम्मू कश्मीर विवाद जैसे निलंबित मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। गिलानी के कार्यालय से जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया ‘उचित और समतामूलक समाधान’ देश की प्राथमिकता है जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी लाभ वाले सहयोग के नये अवसर पैदा होंगे।’ गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री को ‘शांति पुरुष’ बताते हुए उनके नेतृत्व में विश्वास जताया। संयोगवश सिंह ने भी दक्षेस सम्मेलन के दौरान पिछले साल गिलानी को ‘शांति पुरुष’ बताया था। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ‘क्षेत्रीय शांति सुरक्षा खुशहाली और स्थिरता को बढावा देने को उच्च प्राथमिकता देता है।’ बशीर को हाल में भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और अगले माह उनके निवर्तमान शाहिद मलिक की जगह लेने की उम्मीद है।टिप्पणियां गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। गिलानी ने पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर के साथ मुलाकात में यह टिप्पणी की जिन्हें भारत में पाकिस्तान का नया उच्चायुक्त बनाया गया है। उन्होंने बशीर को भारत के साथ ‘रिश्ते सुधारने’ तथा जम्मू कश्मीर विवाद जैसे निलंबित मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। गिलानी के कार्यालय से जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया ‘उचित और समतामूलक समाधान’ देश की प्राथमिकता है जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी लाभ वाले सहयोग के नये अवसर पैदा होंगे।’ गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री को ‘शांति पुरुष’ बताते हुए उनके नेतृत्व में विश्वास जताया। संयोगवश सिंह ने भी दक्षेस सम्मेलन के दौरान पिछले साल गिलानी को ‘शांति पुरुष’ बताया था। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ‘क्षेत्रीय शांति सुरक्षा खुशहाली और स्थिरता को बढावा देने को उच्च प्राथमिकता देता है।’ बशीर को हाल में भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और अगले माह उनके निवर्तमान शाहिद मलिक की जगह लेने की उम्मीद है।टिप्पणियां गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। उन्होंने बशीर को भारत के साथ ‘रिश्ते सुधारने’ तथा जम्मू कश्मीर विवाद जैसे निलंबित मुद्दों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। गिलानी के कार्यालय से जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया ‘उचित और समतामूलक समाधान’ देश की प्राथमिकता है जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी लाभ वाले सहयोग के नये अवसर पैदा होंगे।’ गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री को ‘शांति पुरुष’ बताते हुए उनके नेतृत्व में विश्वास जताया। संयोगवश सिंह ने भी दक्षेस सम्मेलन के दौरान पिछले साल गिलानी को ‘शांति पुरुष’ बताया था। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ‘क्षेत्रीय शांति सुरक्षा खुशहाली और स्थिरता को बढावा देने को उच्च प्राथमिकता देता है।’ बशीर को हाल में भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और अगले माह उनके निवर्तमान शाहिद मलिक की जगह लेने की उम्मीद है।टिप्पणियां गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री को ‘शांति पुरुष’ बताते हुए उनके नेतृत्व में विश्वास जताया। संयोगवश सिंह ने भी दक्षेस सम्मेलन के दौरान पिछले साल गिलानी को ‘शांति पुरुष’ बताया था। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ‘क्षेत्रीय शांति सुरक्षा खुशहाली और स्थिरता को बढावा देने को उच्च प्राथमिकता देता है।’ बशीर को हाल में भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और अगले माह उनके निवर्तमान शाहिद मलिक की जगह लेने की उम्मीद है।टिप्पणियां गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ‘क्षेत्रीय शांति सुरक्षा खुशहाली और स्थिरता को बढावा देने को उच्च प्राथमिकता देता है।’ बशीर को हाल में भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और अगले माह उनके निवर्तमान शाहिद मलिक की जगह लेने की उम्मीद है।टिप्पणियां गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। गिलानी ने बशीर के काम की सराहना की खासकर ‘पडौसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने के लिये बनी पाकिस्तान की नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिये। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। उल्लेखनीय है कि 2008 में मुंबई हमले के कारण दो साल तक ठप्प रहने के बाद शांति प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाये हैं।
यहाँ एक सारांश है:गिलानी ने भारत के साथ सहयोग के नये आयाम खोलने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि कश्मीर विवाद का ‘उचित और समतामूलक समाधान’ देश की प्राथमिकता है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के हीरांनादानी अस्पताल में किडनी रैकेट में डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया. अंग प्रत्यारोपण के नए मानक तय करने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा के बाद फिर से यह ऑपरेशन शुरू हुए. मुंबई में लगभग एक हफ्ते तक अंग प्रत्यारोपण लगभग रुके से रहे. वजह थी हीरानंदानी किडनी रैकेट में हुई डॉक्टरों की गिरफ़्तारी. अंगदान के लिए परिजनों के न मिलने की वजह से प्रत्यारोपण के लिए महाराष्ट्र में पहले से ही चार साल की वेटिंग है. डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अस्पतालों में सिर्फ आपातकालीन अंग प्रत्यारोपण ही हुए. एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कन्सल्टेंट्स के अध्यक्ष डॉ सुधीर सावंत ने कहा कि "सभी आपातकालीन ऑपरेशन जारी थे. लेकिन नए प्रत्यारोपण के मामले नहीं लिए जा रहे थे. हमारी मांग थी कि प्रत्यारोपण की कागजी कार्यवाही का जिम्मा किसी थर्ड ऑडिट पार्टी को दिया जाए. इसकी जवाबदेही डॉक्टरों पर नहीं होनी चाहिए."टिप्पणियां मेडिकल संस्थाओं की मांग पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को अंग प्रत्यारोपण के मानक नए सिरे से तय करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा है कि नए मानकों को तय करने के लिए कमेटी बनेगी. अंग दान करने वाले की सही काउंसलिंग भी की जाएगी. कागजी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा और आधार से जोड़ा जाएगा. हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी. मुंबई में लगभग एक हफ्ते तक अंग प्रत्यारोपण लगभग रुके से रहे. वजह थी हीरानंदानी किडनी रैकेट में हुई डॉक्टरों की गिरफ़्तारी. अंगदान के लिए परिजनों के न मिलने की वजह से प्रत्यारोपण के लिए महाराष्ट्र में पहले से ही चार साल की वेटिंग है. डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अस्पतालों में सिर्फ आपातकालीन अंग प्रत्यारोपण ही हुए. एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कन्सल्टेंट्स के अध्यक्ष डॉ सुधीर सावंत ने कहा कि "सभी आपातकालीन ऑपरेशन जारी थे. लेकिन नए प्रत्यारोपण के मामले नहीं लिए जा रहे थे. हमारी मांग थी कि प्रत्यारोपण की कागजी कार्यवाही का जिम्मा किसी थर्ड ऑडिट पार्टी को दिया जाए. इसकी जवाबदेही डॉक्टरों पर नहीं होनी चाहिए."टिप्पणियां मेडिकल संस्थाओं की मांग पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को अंग प्रत्यारोपण के मानक नए सिरे से तय करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा है कि नए मानकों को तय करने के लिए कमेटी बनेगी. अंग दान करने वाले की सही काउंसलिंग भी की जाएगी. कागजी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा और आधार से जोड़ा जाएगा. हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी. एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कन्सल्टेंट्स के अध्यक्ष डॉ सुधीर सावंत ने कहा कि "सभी आपातकालीन ऑपरेशन जारी थे. लेकिन नए प्रत्यारोपण के मामले नहीं लिए जा रहे थे. हमारी मांग थी कि प्रत्यारोपण की कागजी कार्यवाही का जिम्मा किसी थर्ड ऑडिट पार्टी को दिया जाए. इसकी जवाबदेही डॉक्टरों पर नहीं होनी चाहिए."टिप्पणियां मेडिकल संस्थाओं की मांग पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को अंग प्रत्यारोपण के मानक नए सिरे से तय करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा है कि नए मानकों को तय करने के लिए कमेटी बनेगी. अंग दान करने वाले की सही काउंसलिंग भी की जाएगी. कागजी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा और आधार से जोड़ा जाएगा. हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी. मेडिकल संस्थाओं की मांग पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को अंग प्रत्यारोपण के मानक नए सिरे से तय करने के लिए एक कमेटी बनाने की घोषणा की. स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा है कि नए मानकों को तय करने के लिए कमेटी बनेगी. अंग दान करने वाले की सही काउंसलिंग भी की जाएगी. कागजी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा और आधार से जोड़ा जाएगा. हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी. हीरानंदानी अस्पताल किडनी रैकेट मामले में अब तक अस्पताल के सीईओ डॉक्टरों और एजेंट समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गुरुवार को सीईओ समेत 5 डॉक्टरों को निचली अदालत ने जमानत दे दी.
किडनी रैकेट में डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद बंद थे ऑपरेशन अंग प्रत्यारोपण के नए मानक तय करने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा हीरानंदानी अस्पताल के पांच डॉक्टरों को मिली जमानत
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शांक्सी प्रांत की राजधानी जिआंग में एक व्यक्ति ने अस्पताल में घुस कर कम से कम नौ लोगों की हत्या कर दी। यह जानकारी चीन की सरकारी मीडिया ने दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब 50 वर्ष का एक व्यक्ति अस्पताल में घुस आया और उसने अपने रास्ते में आने वाले सभी लोगों की हत्या कर दी। ‘शंघाई डेली’ की खबर के अनुसार, नौ पीड़ित इमरजेंसी के मरीज और विभाग के कर्मचारी थे। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है और इस कांड के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब 50 वर्ष का एक व्यक्ति अस्पताल में घुस आया और उसने अपने रास्ते में आने वाले सभी लोगों की हत्या कर दी। ‘शंघाई डेली’ की खबर के अनुसार, नौ पीड़ित इमरजेंसी के मरीज और विभाग के कर्मचारी थे। पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है और इस कांड के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ कर रही है।
सारांश: शांक्सी प्रांत की राजधानी जिआंग में एक व्यक्ति ने अस्पताल में घुस कर कम से कम नौ लोगों की हत्या कर दी। यह जानकारी चीन की सरकारी मीडिया ने दी।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के बेगूसराय (Begusarai) लोकसभा क्षेत्र के चर्चित चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) को महागठबंधन का समर्थन भले ही न मिला हो लेकिन उन्होंने मधेपुरा (Madhepura) के सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) के दल जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) को अपना समर्थन दे दिया है. पप्पू यादव की पार्टी को भी महागठबंधन में जगह नहीं मिली है. मधेपुरा में 23 अप्रैल को और बेगूसराय में 29 अप्रैल को मतदान होगा. कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने बुधवार को पप्पू यादव की पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की. कन्हैया ने बेगूसराय (Begusarai) में आयोजित एक आमसभा में सांसद पप्पू यादव के काम की तारीफ की और कहा कि उनकी लड़ाई नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ है. विपक्षी दलों के महागठबंधन में जगह नहीं मिलने से नाराज सीपीआई ने बेगूसराय से चुनावी मैदान में कन्हैया को उतारने की घोषणा की है. कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने कहा कि 'मैं और पप्पू यादव भी साफ कर चुके हैं कि उनकी लड़ाई महागठबंधन के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा (BJP) की अगुवाई वाले राजग (NDA) के खिलाफ है.' कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने मधेपुरा में पप्पू यादव (Pappu Yadav) द्वारा कराए गए काम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई देश में नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ है, जिसके लिए देश भर में जनता ने गठबंधन बनाया है. मोहब्बत का गठबंधन बनाया है. उन्‍होंने कहा कि हम मधेपुरा की जनता से भी अपील करते हैं कि वे अपना आशीर्वाद पप्पू यादव को दें. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया ने कहा कि जन अधिकार पार्टी ने जिस तरह से हमारा समर्थन किया है, उससे नफरत के खिलाफ लड़ाई और मजबूत हुई है. इससे पहले सांसद पप्पू यादव भी कन्हैया कुमार की तारीफ कर चुके हैं. उल्लेखनीय है कि कन्हैया और पप्पू यादव की पार्टी को महागठबंधन में जगह नहीं मिली है और दोनों ने चुनाव लड़ने की घोषणा की है. पप्पू यादव ने बिहार के मधेपुरा से चुनाव लड़ने की घोषणा की है. बिहार में सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव में तीसरे चरण यानी 23 अप्रैल को मधेपुरा में जबकि चौथे चरण में 29 अप्रैल को बेगूसराय में मतदान होना है. (इनपुट आईएएनएस से)
मधेपुरा में 23 अप्रैल को और बेगूसराय में 29 अप्रैल को होगा मतदान कन्हैया ने आमसभा में सांसद पप्पू यादव के काम की तारीफ की कहा- पप्पू यादव के समर्थन से नफरत के खिलाफ लड़ाई मजबूत हुई
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत व चार अन्य देश दुनिया में सबसे ज्यादा फसलों की सिंचाई खराब पानी से करते हैं. इससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है.  एक शोध में यह बात सामने आई है. अन्य चार देशों में चीन, पाकिस्तान, मैक्सिको व ईरान शामिल है. शोध का प्रकाशन पत्रिका 'इनवायरमेंट रिसर्च' में प्रकाशित किया गया है. अनुपचारित अपशिष्ट जल से फसलों की सिंचाईं पहले की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा बढ़ी है. यह शोध वैश्विक स्तर पर एक व्यापक अनुमान के लिए उन्नत मॉडल की विधियों पर आधारित है, जिसमें किसान शहरी अपशिष्ट जल का इस्तेमाल फसलों की सिंचाई में करते हैं. शोधकर्ताओं ने जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के आंकड़ों का विश्लेषण किया है.टिप्पणियां शोध के अनुसार, किसान उन जगहों पर ज्यादा अपशिष्ट पानी का इस्तेमाल करते हैं, जहां यह अपशिष्ट जल पैदा होता व जल प्रदूषण ज्यादा है इन परिस्थितियों में वहां साफ पानी की आपूर्ति कम है, वह अपशिष्ट जल वहां खेतों की सिंचाई के लिए एक सुसंगत व विश्वसनीय जरिया है. इस उच्च मूल्य वाली फसलें जैसे सब्जियां भी शामिल हैं, जिसमें मुख्य खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पानी की जरूरत होती है. जहां अपशिष्ट पानी उपलब्ध है वहां किसान अपशिष्ट जल में उच्च पोषक पदार्थो की मात्रा की वजह से इसको ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, जिससे उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोध के अनुसार, किसान उन जगहों पर ज्यादा अपशिष्ट पानी का इस्तेमाल करते हैं, जहां यह अपशिष्ट जल पैदा होता व जल प्रदूषण ज्यादा है इन परिस्थितियों में वहां साफ पानी की आपूर्ति कम है, वह अपशिष्ट जल वहां खेतों की सिंचाई के लिए एक सुसंगत व विश्वसनीय जरिया है. इस उच्च मूल्य वाली फसलें जैसे सब्जियां भी शामिल हैं, जिसमें मुख्य खाद्य पदार्थो की तुलना में ज्यादा पानी की जरूरत होती है. जहां अपशिष्ट पानी उपलब्ध है वहां किसान अपशिष्ट जल में उच्च पोषक पदार्थो की मात्रा की वजह से इसको ज्यादा प्राथमिकता देते हैं, जिससे उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: भारत भी पांच देशों में शामिल सिंचाई में इस्तेमाल होता है दूषित पानी शोध में सामने आई बात
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र ने इस दावे को सिरे से नकार दिया है कि महासचिव बान की-मून कश्मीर के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। गुरुवार को जब बान के उपप्रवक्ता फरहान हक से पूछा गया कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख कश्मीर के मुद्दे पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे तो उन्होंने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह चुप्पी नहीं है। हमने अपनी बात कही है। हम आज भी उस पर कायम हैं।’’ हक ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर बान का रुख बरकरार है। उन्होंने घाटी के संकट के बारे में कुछ ही सप्ताह पहले बयान जारी किया था। बान ने कहा कि वह हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में हुई हालिया झड़पों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।टिप्पणियां उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने के लिए कहा था ताकि आगे हिंसा से बचा जा सके। उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि सभी चिंताओं का निपटान ‘‘शांतिपूर्ण तरीके’’ से किया जाएगा। इस सप्ताह की शुरुआत में, बान के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने इस बात को खारिज किया था कि महासचिव कश्मीर के मुद्दे पर कुछ कहने से बच रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बान ने कहा कि वह हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में हुई हालिया झड़पों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।टिप्पणियां उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने के लिए कहा था ताकि आगे हिंसा से बचा जा सके। उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि सभी चिंताओं का निपटान ‘‘शांतिपूर्ण तरीके’’ से किया जाएगा। इस सप्ताह की शुरुआत में, बान के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने इस बात को खारिज किया था कि महासचिव कश्मीर के मुद्दे पर कुछ कहने से बच रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने के लिए कहा था ताकि आगे हिंसा से बचा जा सके। उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि सभी चिंताओं का निपटान ‘‘शांतिपूर्ण तरीके’’ से किया जाएगा। इस सप्ताह की शुरुआत में, बान के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने इस बात को खारिज किया था कि महासचिव कश्मीर के मुद्दे पर कुछ कहने से बच रहे हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: यह चुप्पी नहीं है। हमने अपनी बात कही है हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में झड़पें चिंताओं का निपटान ‘‘शांतिपूर्ण तरीके’’ से किया जाएगा
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली ने उरी आतंकी हमले के शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि इस तरह की कायरतापूर्ण हरकत परेशान और देश के प्रत्येक नागरिक को आहत करने वाली है. कोहली से जब भारतीय सरजमीं पर हाल में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, 'जब इस तरह की बड़ी घटनाएं नियमित रूप से होती हैं तो बुरा लगता है. हमें इससे बुरा लगता है तो फिर जरा सैनिकों के परिवारों के बारे में भी सोचो. यह बहुत परेशान करने वाला है.' उन्होंने भारत की न्यूजीलैंड पर पहले टेस्ट मैच में 197 रन से जीत के बाद कहा, 'मैं इस पर प्रतिक्रिया कर सकता हूं लेकिन समाधान पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि मैं उस स्तर पर संचालन नहीं कर रहा हूं. एक भारतीय होने के नाते इससे आहत हूं. मैं इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर सकता हूं.'टिप्पणियां पिछले रविवार को उत्तर कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक बटालियन हेडक्वार्टर पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 18 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि कई घायल हुए थे. इस आतंकी हमले में शामिल चार आतंकवादियों को बाद में सेना ने मार गिराया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोहली से जब भारतीय सरजमीं पर हाल में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, 'जब इस तरह की बड़ी घटनाएं नियमित रूप से होती हैं तो बुरा लगता है. हमें इससे बुरा लगता है तो फिर जरा सैनिकों के परिवारों के बारे में भी सोचो. यह बहुत परेशान करने वाला है.' उन्होंने भारत की न्यूजीलैंड पर पहले टेस्ट मैच में 197 रन से जीत के बाद कहा, 'मैं इस पर प्रतिक्रिया कर सकता हूं लेकिन समाधान पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि मैं उस स्तर पर संचालन नहीं कर रहा हूं. एक भारतीय होने के नाते इससे आहत हूं. मैं इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर सकता हूं.'टिप्पणियां पिछले रविवार को उत्तर कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक बटालियन हेडक्वार्टर पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 18 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि कई घायल हुए थे. इस आतंकी हमले में शामिल चार आतंकवादियों को बाद में सेना ने मार गिराया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने भारत की न्यूजीलैंड पर पहले टेस्ट मैच में 197 रन से जीत के बाद कहा, 'मैं इस पर प्रतिक्रिया कर सकता हूं लेकिन समाधान पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि मैं उस स्तर पर संचालन नहीं कर रहा हूं. एक भारतीय होने के नाते इससे आहत हूं. मैं इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर सकता हूं.'टिप्पणियां पिछले रविवार को उत्तर कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक बटालियन हेडक्वार्टर पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 18 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि कई घायल हुए थे. इस आतंकी हमले में शामिल चार आतंकवादियों को बाद में सेना ने मार गिराया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पिछले रविवार को उत्तर कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक बटालियन हेडक्वार्टर पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 18 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि कई घायल हुए थे. इस आतंकी हमले में शामिल चार आतंकवादियों को बाद में सेना ने मार गिराया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: उरी आतंकी हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हो गए थे सैनिकों ने मुठभेड़ में 4 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था हमें बुरा लगता है तो सैनिकों के परिवारों के बारे में भी सोचो : विराट
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर पर एक बड़ा गड्ढा हो गया है. इस गड्ढे की वजह से फ्लाईओवर से जाने वाले लोगों की जान को खतरा है. कोई भी शख्स आसानी से इस गड्ढे की वजह से दुर्घटना का शिकार हो सकता है. फ्लाईओवर पर गड्ढा, खराब मैटेरियल की वजह से हुआ है. यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले जून 2018 में भी फ्लाईओवर में गड्ढा हो गया था. यह गड्ढा जयपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर है.  जब यह मामला सामने आया है तो फ्लाईओवर पर यातायात को बंद किया गया है, इस वजह से दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया है.मौके पर पहुंची गुरुग्राम पुलिस ट्रैफिक दुरुस्त करने में लगी है. यह फ्लाईओवर डेढ़ साल पहले ही बनकर तैयार हुआ है लेकिन इस दौरान दो बार इसमें खराबी आ चुकी है. यह मामला खराब सामग्री से जुड़ा है. हर साल लाखों लोगों की जान सड़क हादसों में हो जाती है. ऐसे में फ्लाईओवर पर हुआ गड्ढा जनता की जान के साथ खिलवाड़ है क्योंकि फ्लाईओवर पर लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं.
यह एक सारांश है: हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर पर हुआ बड़ा गड्ढा गड्ढे की वजह से गुरुग्राम में लगा लंबा जाम खराब मैटेरियल की वजह से हुआ गड्ढा
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीसीसीआई ने क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दी जानी वाली ईनामी राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि भारतीय क्रिकेटर विश्व कप जीत के बाद बीसीसीआई द्वारा घोषित की गई ईनामी राशि से खुश नहीं थे। बीसीसीआई ने अपनी कार्यकारी समिति की बैठक में प्रत्येक खिलाड़ी को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया, जो अब भी रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों की 5 करोड़ रुपये की मांग से कम है। बीसीसीआई के सचिव और भावी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने मीडिया विज्ञप्ति में कहा, विश्व कप विजेता भारतीय टीम के प्रत्येक सदस्यों की नकद प्रोत्साहन राशि को 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया है। यह फैसला उन अटकलों के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों ने 28 साल बाद विश्व कप खिताब हासिल करने के लिए क्रिकेट बोर्ड से ईनामी राशि 5 करोड़ तक बढ़ाने की अनौपचारिक मांग की थी। हालांकि बीसीसीआई ने ऐसी खबरों से इनकार किया और श्रीनिवासन ने इन्हें गलत करार किया।
सारांश: बीसीसीआई ने क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दी जानी वाली ईनामी राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद उपजी कई समस्याओं में से एक के समाधान के लिए राजमार्गों पर टोल नाकों पर वसूली पर जो रोक लगाई गई थी वह आज से हट गई है. आज से फिर टोल प्लाजा पर टोल लिया जाएगा.टिप्पणियां सड़क परिवहन राज्यमंत्री मनसुख एल मांडविया ने कहा कि 15 दिसंबर तक जहां टोल टैक्स 200 रुपये से ज़्यादा है वहां अब भी 500 के पुराने नोट लिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि टैक्स के पैसे लेने के लिए हर तरीके से डिजिटल व्यवस्था भी की गई है. 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले 11, फिर 24 नवंबर और बाद में दो दिसंबर तक फ्री किया गया था. इधर 500 रुपये के नोटों पर पेट्रोल पंप और हवाई टिकट पर मिलने वाली छूट ख़त्म हो गई है. सड़क परिवहन राज्यमंत्री मनसुख एल मांडविया ने कहा कि 15 दिसंबर तक जहां टोल टैक्स 200 रुपये से ज़्यादा है वहां अब भी 500 के पुराने नोट लिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि टैक्स के पैसे लेने के लिए हर तरीके से डिजिटल व्यवस्था भी की गई है. 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले 11, फिर 24 नवंबर और बाद में दो दिसंबर तक फ्री किया गया था. इधर 500 रुपये के नोटों पर पेट्रोल पंप और हवाई टिकट पर मिलने वाली छूट ख़त्म हो गई है. 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले 11, फिर 24 नवंबर और बाद में दो दिसंबर तक फ्री किया गया था. इधर 500 रुपये के नोटों पर पेट्रोल पंप और हवाई टिकट पर मिलने वाली छूट ख़त्म हो गई है.
संक्षिप्त सारांश: 8 नवंबर, 2016 को पीएम मोदी ने की 500-1000 के नोटबंदी की घोषणा. टैक्स के पैसे लेने के लिए हर तरीके से डिजिटल व्यवस्था भी की गई है. 2 दिसंबर पर टोल को फ्री किया गया था.
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने  कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में वर्तमान सरकार और पिछली सरकार से तुलना करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि सरकार के 60 साल के कार्यकाल में कुछ नहीं होने का आरोप लगाकर प्रधानमंत्री नयी पीढ़ी को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया कि छह दशकों की यात्रा पर नजर डालें तो जमीन से लेकर आसमान तक, सड़क से लेकर रेल तक, दूध से लेकर अनाज तक, पानी से लेकर शिक्षा तक, टैंक से लेकर लड़ाकू विमान तक सभी जगह पर ‘कांग्रेस ही कांग्रेस' दिखेगी.  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी ओर से (भाजपा से) ये सवाल उठाये जाते हैं कि 60 साल में क्या किया ?खड़गे ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग करने और असहमति का स्वर दबाने का आरोप सरकार पर लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का काम किया गया है. उन्होंने राफेल सौदे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के पास कोई जवाब नहीं है. इस मामले की जेपीसी रिपीट जेपीसी से जांच करायी जाए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के तहत संविधान का पालन नहीं किया जा रहा है और संगठित तरीके से ‘लिंचिंग' की घटनाएं हो रही हैं.  भाषण के दौरान ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक के समाज सुधारक वासवन्ना की एक कविता से पीएम मोदी पर निशाना साधा जिस पर कांग्रेस सांसदों ने खूब तालियां बजाईं. कविता की पंक्तियां कुछ इस तरह हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस के 55 सालों के कामों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर खड़गे को कविता में 'हुस्न' वाली बात ही क्यों याद आई. पीएम मोदी ने कहा, मुझे नहीं समझ नहीं आता, खड़गे को 'हुस्न' वाली ही बात क्यों याद आई? उन्हें आगे की लाइनें क्यों नहीं याद आईं. फिर पीएम मोदी ने भी उस कविता के आगे अंश को पढ़ा :  भाषण के आखिरी में भी पीएम मोदी ने हिंदी के मशहूर कवि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की एक कविता का अंश पढ़ा जो कुछ इस तरह से था
सारांश: मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुनाई थी कविता जवाब में पीएम मोदी ने भी सुनाई कविता सदन में खूब बजीं दोनों की कविताओं पर तालियां
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों की वार्ता से पहले भारत ने गुरुवार को कहा कि 74 भारतीय रक्षाकर्मी वर्ष 1971 से ही पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं, जिनमें 54 युद्धबंदी भी हैं, लेकिन पाकिस्तान अब तक इससे इनकार करता आ रहा है। विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने राज्यसभा में कहा, "16 अगस्त, 2012 तक 233 भारतीय नागरिक कैदी, 81 भारतीय मछुआरे तथा 74 गुमशुदा रक्षाकर्मी पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं।" केंद्र सरकार ने कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ कई बार यह मुद्दा उठाया है, लेकिन पाकिस्तान ने कभी युद्धबंदियों के अपने यहां होने की बात नहीं स्वीकार की।टिप्पणियां पांच साल पहले पाकिस्तान ने लापता भारतीय रक्षाकर्मियों के परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तानी जेलों का दौरा करने की अनुमति दी थी, जहां उनके कैद होने की आशंका है। अहमद ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून से 14 जून, 2007 के बीच 10 जेलों का दौरा किया, लेकिन भारतीय युद्धबंदियों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।" विदेश राज्यमंत्री ई अहमद ने राज्यसभा में कहा, "16 अगस्त, 2012 तक 233 भारतीय नागरिक कैदी, 81 भारतीय मछुआरे तथा 74 गुमशुदा रक्षाकर्मी पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं।" केंद्र सरकार ने कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ कई बार यह मुद्दा उठाया है, लेकिन पाकिस्तान ने कभी युद्धबंदियों के अपने यहां होने की बात नहीं स्वीकार की।टिप्पणियां पांच साल पहले पाकिस्तान ने लापता भारतीय रक्षाकर्मियों के परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तानी जेलों का दौरा करने की अनुमति दी थी, जहां उनके कैद होने की आशंका है। अहमद ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून से 14 जून, 2007 के बीच 10 जेलों का दौरा किया, लेकिन भारतीय युद्धबंदियों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।" केंद्र सरकार ने कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ कई बार यह मुद्दा उठाया है, लेकिन पाकिस्तान ने कभी युद्धबंदियों के अपने यहां होने की बात नहीं स्वीकार की।टिप्पणियां पांच साल पहले पाकिस्तान ने लापता भारतीय रक्षाकर्मियों के परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तानी जेलों का दौरा करने की अनुमति दी थी, जहां उनके कैद होने की आशंका है। अहमद ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून से 14 जून, 2007 के बीच 10 जेलों का दौरा किया, लेकिन भारतीय युद्धबंदियों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।" पांच साल पहले पाकिस्तान ने लापता भारतीय रक्षाकर्मियों के परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तानी जेलों का दौरा करने की अनुमति दी थी, जहां उनके कैद होने की आशंका है। अहमद ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून से 14 जून, 2007 के बीच 10 जेलों का दौरा किया, लेकिन भारतीय युद्धबंदियों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।" अहमद ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून से 14 जून, 2007 के बीच 10 जेलों का दौरा किया, लेकिन भारतीय युद्धबंदियों की उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत और पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों की वार्ता से पहले भारत ने गुरुवार को कहा कि 74 भारतीय रक्षाकर्मी वर्ष 1971 से ही पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं, जिनमें 54 युद्धबंदी भी हैं, लेकिन पाकिस्तान अब तक इससे इनकार करता आ रहा है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में एक इराकी प्रवासी को अपनी 20 वर्षीय बेटी के पश्चिमीकरण से ज्यादा प्रभावित होने के कारण उसकी कुचलकर हत्या कर देने के आरोप में 34 साल की सजा सुनाई गई है। न्यायमूर्ति रोलान्ड स्टेनिल ने कहा कि सभी धर्मों में क्षमा का सार निहित है, लेकिन फालेह हसन अलमलेकी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। अदालत ने अलमलेकी को अपनी बेटी और उसके प्रेमी की मां की हत्या का आरोपी पाया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 20 अक्टूबर, 2009 को नूर अलमलेकी और उसके प्रेमी की मां अमल कलाफ को एक कार्यालय में देखकर लड़की के पिता ने आपा खो दिया। दोनों महिलाएं जब अपने कार्यालय से बाहर निकलीं, तो फालेह अलमलेकी ने अपनी जीप से उन दोनों को कुचल डाला और देश छोड़कर भाग गया। कानून प्रवर्तन विभाग ने उन्हें लंदन में पकड़ लिया और वहां से फिर उसे फीनिक्स वापस लाया गया और उस पर मुकदमा चलाया गया। इस मामले की देश में व्यापक आलोचना हुई और अभियोजकों ने इसे झूठी शान के खातिर हत्या यानी ऑनर किलिंग करार दिया था।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका में एक इराकी को अपनी बेटी के पश्चिमीकरण से प्रभावित होने के कारण उसकी कुचलकर हत्या कर देने के आरोप में 34 साल की सजा दी गई है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बुलेट ट्रेन परियोजना में भारत की ओर से जापान की मदद लेना चीन को नागवार गुजर रही है. चीन की सरकारी मीडिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि बुलेट ट्रेन परियोजना से चीन को अलग रखना भारत के लिए हितकारी नहीं होगा. भारत ने बेशक पहली बुलेट ट्रेन परियोजना जापान को दी है, लेकिन रेलवे नेटवर्क के पुनर्गठन या देश की आगामी द्रुत गति की रेल परियोजनाओं के लिए उसे चीन की ओर ध्यान देना चाहिए. चीन के सरकारी मीडिया ने यह बात कही. सरकारी ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि चीन के प्रति भारत सतर्क रहा है और उसने पहली द्रुत गति की रेलवे परियोजना के लिए जापान को भागीदार के रूप में चुना है. यह परियोजना 2018 से शुरू होने की उम्मीद है. इसमें कहा गया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि चीन को अन्य बुलेट ट्रेन परियोजनाओं से अलग रखना भारत के हित में है. वास्तव में भारत को चीन की जरूरत चीन को भारत की जरूरत से अधिक है.  संपादकीय के मुताबिक, 'दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेल नेटवर्क कहे जाने वाले भारतीय रेलवे को खासतौर पर सप्लाइ की समस्या से जूझना पड़ रहा है. भारत के रेलवे के इंजीनियर चीन में भी ट्रेनिंग ले रहे हैं ऐसे में चीन बारत को इस क्षेत्र में सहायता दे सकता है.टिप्पणियां स्टील रेल विनिर्माण और ट्रेन प्रौद्योगिकी में भारत को चीन की जरूरत है. मुंबई-अहमदाबाद का 508 किलोमीटर का द्रुत गति का ट्रेन गलियारा देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. यह 2023 के अंत तक परिचालन में आने की उम्मीद है. इससे दो प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा का समय मौजूदा के नौ घंटे से कम होकर तीन घंटे रह जाएगा. इस परियोजना में 97, 636 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है. जापान पूरी लागत का 81 प्रतिशत फंडिंग कम ब्याज दर पर भारत को उपलब्ध करा रहा है. इसमें कहा गया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि चीन को अन्य बुलेट ट्रेन परियोजनाओं से अलग रखना भारत के हित में है. वास्तव में भारत को चीन की जरूरत चीन को भारत की जरूरत से अधिक है.  संपादकीय के मुताबिक, 'दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेल नेटवर्क कहे जाने वाले भारतीय रेलवे को खासतौर पर सप्लाइ की समस्या से जूझना पड़ रहा है. भारत के रेलवे के इंजीनियर चीन में भी ट्रेनिंग ले रहे हैं ऐसे में चीन बारत को इस क्षेत्र में सहायता दे सकता है.टिप्पणियां स्टील रेल विनिर्माण और ट्रेन प्रौद्योगिकी में भारत को चीन की जरूरत है. मुंबई-अहमदाबाद का 508 किलोमीटर का द्रुत गति का ट्रेन गलियारा देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. यह 2023 के अंत तक परिचालन में आने की उम्मीद है. इससे दो प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा का समय मौजूदा के नौ घंटे से कम होकर तीन घंटे रह जाएगा. इस परियोजना में 97, 636 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है. जापान पूरी लागत का 81 प्रतिशत फंडिंग कम ब्याज दर पर भारत को उपलब्ध करा रहा है. संपादकीय के मुताबिक, 'दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेल नेटवर्क कहे जाने वाले भारतीय रेलवे को खासतौर पर सप्लाइ की समस्या से जूझना पड़ रहा है. भारत के रेलवे के इंजीनियर चीन में भी ट्रेनिंग ले रहे हैं ऐसे में चीन बारत को इस क्षेत्र में सहायता दे सकता है.टिप्पणियां स्टील रेल विनिर्माण और ट्रेन प्रौद्योगिकी में भारत को चीन की जरूरत है. मुंबई-अहमदाबाद का 508 किलोमीटर का द्रुत गति का ट्रेन गलियारा देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. यह 2023 के अंत तक परिचालन में आने की उम्मीद है. इससे दो प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा का समय मौजूदा के नौ घंटे से कम होकर तीन घंटे रह जाएगा. इस परियोजना में 97, 636 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है. जापान पूरी लागत का 81 प्रतिशत फंडिंग कम ब्याज दर पर भारत को उपलब्ध करा रहा है. स्टील रेल विनिर्माण और ट्रेन प्रौद्योगिकी में भारत को चीन की जरूरत है. मुंबई-अहमदाबाद का 508 किलोमीटर का द्रुत गति का ट्रेन गलियारा देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. यह 2023 के अंत तक परिचालन में आने की उम्मीद है. इससे दो प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा का समय मौजूदा के नौ घंटे से कम होकर तीन घंटे रह जाएगा. इस परियोजना में 97, 636 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है. जापान पूरी लागत का 81 प्रतिशत फंडिंग कम ब्याज दर पर भारत को उपलब्ध करा रहा है. इस परियोजना में 97, 636 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है. जापान पूरी लागत का 81 प्रतिशत फंडिंग कम ब्याज दर पर भारत को उपलब्ध करा रहा है.
संक्षिप्त सारांश: चीन को पसंद नहीं बुलेट ट्रेन परियोजना में भारत का जापान से मदद लेना चीन की सरकारी मीडिया ने लेख में भारत को दी चेतावनी बुलेट ट्रेन परियोजना से चीन को अलग रखना भारत को पड़ेगा भारी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जयपुर पुलिस ने 5 लोगों को अमित नायर हत्याकांड में गिरफ्तार किया है. अमित की हत्या उसके ही सास-ससुर ने शूटर के जरिए उसकी गर्भवती पत्नी के सामने करवा दी थी. 17 मई की सुबह जब अमित और ममता अपने घर पर थे तब ममता के माता-पिता और भाई दो अन्य लोगों के साथ आए. उन्होंने अमित को अंदर कमरे में बुलाया और ममता के सामने गोली मार दी. वह ममता को भी वहां से ले जाना चाहते थे, लेकिन शोर मचने पर और पड़ोसियों के इकट्ठा होने पर वे लोग वहां से फरार हो गए.  वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जयपुर पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन करके 10 से ज़्यादा शहरों में दबिश डाली और हरियाणा व दिल्ली में भी टीमें भेजी गईं. आखिरकार पुलिस ने ममता के पिता (आयु 55 साल) जीवन राम को हरियाणा से और मां भगवानी देवी को सीकर से गिरफ्तार कर लिया. ममता के भाई मुकेश को डीडवाना से पकड़ा गया. उसके घर से वह गाड़ी भी बरामद हुई है जिसमें बैठ कर ये लोग 17 तारीख को ममता के घर आए थे. टिप्पणियां गौरतलब है कि ममता के माता-पिता उसकी शादी से खुश नहीं थे. दो साल पहले ममता ने अमित नायर से शादी कर ली. अमित केरल का रहने वाला है और ममता जाट परिवार से है. पुलिस के मुताबिक- हत्या की साजिश ममता के पिता जीवन राम ने एक साल से सोच रखी थी.  अमित सिविल इंजीनियर था, जिसने करीब 2 साल पहले ही अपने ही पड़ोस में रहने वाली इस युवती से प्रेम विवाह किया था. दरअसल, अमित नायर ने ममता चौधरी से दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. ममता के माता--पिता इस प्रेम विवाह से नाराज थे ओर इसी के चलते उन्होने ममता से सभी रिश्ते खत्म भी कर लिए थे. खुद ममता की मानें तो वह अपने नए संसार में बेहद ही खुश थी, लेकिन उसके ही माता-पिता बार-बार ममता को और उसके पति को जान से मारने की धमकी देते थे. ममता के पति पर पहले भी दो बार हमला हो चुका था. आज भी ममता के माता-पिता सुबह जब उसके घर आए, तो उसे लगा कि उसके प्रेगनेंट होने पर वो अब उन्हे स्वीकार करने का मन बना चुके हैं, लेकिन ममता को ये पता नहीं था कि उसके माता-पिता उसके इस रिश्ते से इस कदर नफरत करते थे कि उसके सुहाग को उजाड़ने के बाद ही उनकी नफरत समाप्त हुई. इस घटना को अंजाम देने के बाद ममता के माता-पिता दोनों ही फरार हो गए.  वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जयपुर पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन करके 10 से ज़्यादा शहरों में दबिश डाली और हरियाणा व दिल्ली में भी टीमें भेजी गईं. आखिरकार पुलिस ने ममता के पिता (आयु 55 साल) जीवन राम को हरियाणा से और मां भगवानी देवी को सीकर से गिरफ्तार कर लिया. ममता के भाई मुकेश को डीडवाना से पकड़ा गया. उसके घर से वह गाड़ी भी बरामद हुई है जिसमें बैठ कर ये लोग 17 तारीख को ममता के घर आए थे. टिप्पणियां गौरतलब है कि ममता के माता-पिता उसकी शादी से खुश नहीं थे. दो साल पहले ममता ने अमित नायर से शादी कर ली. अमित केरल का रहने वाला है और ममता जाट परिवार से है. पुलिस के मुताबिक- हत्या की साजिश ममता के पिता जीवन राम ने एक साल से सोच रखी थी.  अमित सिविल इंजीनियर था, जिसने करीब 2 साल पहले ही अपने ही पड़ोस में रहने वाली इस युवती से प्रेम विवाह किया था. दरअसल, अमित नायर ने ममता चौधरी से दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. ममता के माता--पिता इस प्रेम विवाह से नाराज थे ओर इसी के चलते उन्होने ममता से सभी रिश्ते खत्म भी कर लिए थे. खुद ममता की मानें तो वह अपने नए संसार में बेहद ही खुश थी, लेकिन उसके ही माता-पिता बार-बार ममता को और उसके पति को जान से मारने की धमकी देते थे. ममता के पति पर पहले भी दो बार हमला हो चुका था. आज भी ममता के माता-पिता सुबह जब उसके घर आए, तो उसे लगा कि उसके प्रेगनेंट होने पर वो अब उन्हे स्वीकार करने का मन बना चुके हैं, लेकिन ममता को ये पता नहीं था कि उसके माता-पिता उसके इस रिश्ते से इस कदर नफरत करते थे कि उसके सुहाग को उजाड़ने के बाद ही उनकी नफरत समाप्त हुई. इस घटना को अंजाम देने के बाद ममता के माता-पिता दोनों ही फरार हो गए.  गौरतलब है कि ममता के माता-पिता उसकी शादी से खुश नहीं थे. दो साल पहले ममता ने अमित नायर से शादी कर ली. अमित केरल का रहने वाला है और ममता जाट परिवार से है. पुलिस के मुताबिक- हत्या की साजिश ममता के पिता जीवन राम ने एक साल से सोच रखी थी.  अमित सिविल इंजीनियर था, जिसने करीब 2 साल पहले ही अपने ही पड़ोस में रहने वाली इस युवती से प्रेम विवाह किया था. दरअसल, अमित नायर ने ममता चौधरी से दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. ममता के माता--पिता इस प्रेम विवाह से नाराज थे ओर इसी के चलते उन्होने ममता से सभी रिश्ते खत्म भी कर लिए थे. खुद ममता की मानें तो वह अपने नए संसार में बेहद ही खुश थी, लेकिन उसके ही माता-पिता बार-बार ममता को और उसके पति को जान से मारने की धमकी देते थे. ममता के पति पर पहले भी दो बार हमला हो चुका था. आज भी ममता के माता-पिता सुबह जब उसके घर आए, तो उसे लगा कि उसके प्रेगनेंट होने पर वो अब उन्हे स्वीकार करने का मन बना चुके हैं, लेकिन ममता को ये पता नहीं था कि उसके माता-पिता उसके इस रिश्ते से इस कदर नफरत करते थे कि उसके सुहाग को उजाड़ने के बाद ही उनकी नफरत समाप्त हुई. इस घटना को अंजाम देने के बाद ममता के माता-पिता दोनों ही फरार हो गए.  अमित सिविल इंजीनियर था, जिसने करीब 2 साल पहले ही अपने ही पड़ोस में रहने वाली इस युवती से प्रेम विवाह किया था. दरअसल, अमित नायर ने ममता चौधरी से दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. ममता के माता--पिता इस प्रेम विवाह से नाराज थे ओर इसी के चलते उन्होने ममता से सभी रिश्ते खत्म भी कर लिए थे. खुद ममता की मानें तो वह अपने नए संसार में बेहद ही खुश थी, लेकिन उसके ही माता-पिता बार-बार ममता को और उसके पति को जान से मारने की धमकी देते थे. ममता के पति पर पहले भी दो बार हमला हो चुका था. आज भी ममता के माता-पिता सुबह जब उसके घर आए, तो उसे लगा कि उसके प्रेगनेंट होने पर वो अब उन्हे स्वीकार करने का मन बना चुके हैं, लेकिन ममता को ये पता नहीं था कि उसके माता-पिता उसके इस रिश्ते से इस कदर नफरत करते थे कि उसके सुहाग को उजाड़ने के बाद ही उनकी नफरत समाप्त हुई. इस घटना को अंजाम देने के बाद ममता के माता-पिता दोनों ही फरार हो गए.
यहाँ एक सारांश है:ममता के माता-पिता उसकी शादी से खुश नहीं थे अमित नायर केरल का रहने वाला था ममता का पिता सालभर से रच रहा था हत्या की साजिश
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2010 में आई फिल्म 'दबंग' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाली सोनाक्षी जल्द प्रदर्शित होने वाली 'दबंग 2' को लेकर खासी उत्साहित हैं। 25वर्षीय अभिनेत्री ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, मैं बहुत उत्साहित हूं। जब एक फिल्म को दर्शकों की बढ़िया प्रतिक्रिया मिलती है, तो बहुत अच्छा महसूस होता है। मैंने अपने करियर की शुरुआत 'दबंग' से की थी और अब 'दबंग-2' में काम कर रही हूं, जो मेरे लिए बहुत रोमांचक है। इस अवसर पर उनके साथ फिल्म निर्देशक मिलन लुथरिया भी मौजूद थे। दोनों फिल्म 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' के संस्करण में साथ काम कर रहे हैं।टिप्पणियां 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' में सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगी। अक्षय फिल्म में डॉन शोएब खान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अलावा फिल्म में इमरान खान और सोनाली बेंद्रे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म अगले वर्ष ईद के नजदीक प्रदर्शित होगी। 25वर्षीय अभिनेत्री ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, मैं बहुत उत्साहित हूं। जब एक फिल्म को दर्शकों की बढ़िया प्रतिक्रिया मिलती है, तो बहुत अच्छा महसूस होता है। मैंने अपने करियर की शुरुआत 'दबंग' से की थी और अब 'दबंग-2' में काम कर रही हूं, जो मेरे लिए बहुत रोमांचक है। इस अवसर पर उनके साथ फिल्म निर्देशक मिलन लुथरिया भी मौजूद थे। दोनों फिल्म 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' के संस्करण में साथ काम कर रहे हैं।टिप्पणियां 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' में सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगी। अक्षय फिल्म में डॉन शोएब खान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अलावा फिल्म में इमरान खान और सोनाली बेंद्रे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म अगले वर्ष ईद के नजदीक प्रदर्शित होगी। इस अवसर पर उनके साथ फिल्म निर्देशक मिलन लुथरिया भी मौजूद थे। दोनों फिल्म 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' के संस्करण में साथ काम कर रहे हैं।टिप्पणियां 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' में सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगी। अक्षय फिल्म में डॉन शोएब खान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अलावा फिल्म में इमरान खान और सोनाली बेंद्रे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म अगले वर्ष ईद के नजदीक प्रदर्शित होगी। 'वन्स अपोन ए टाइम इन मुम्बई' में सोनाक्षी अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगी। अक्षय फिल्म में डॉन शोएब खान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अलावा फिल्म में इमरान खान और सोनाली बेंद्रे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म अगले वर्ष ईद के नजदीक प्रदर्शित होगी। उनके अलावा फिल्म में इमरान खान और सोनाली बेंद्रे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म अगले वर्ष ईद के नजदीक प्रदर्शित होगी।
25वर्षीय सोनाक्षी ने कहा, मैं बहुत उत्साहित हूं। जब एक फिल्म को दर्शकों की बढ़िया प्रतिक्रिया मिलती है, तो बहुत अच्छा महसूस होता है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां चमोली जिले में आज एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। वहीं गढ़वाल में चार लोगों की उस समय मौत हो गई जब सड़क की मरम्मत कार्य में लगी एक मशीन खाई में गिर गई। चमोली के एडीएम संजय कुमार ने बताया कि घर ध्वस्त होने की घटना धीकौना गांव में तड़के साढ़े तीन बजे घटी जब रात भर भारी बारिश के कारण मकान पर पहाड़ की चट्टानें गिर गईं। उन्होंने कहा कि मृतकों में दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल है। पांच शवों को निकाल लिया गया है जबकि शेष दो लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान की निगरानी के लिए चमोली के मजिस्ट्रेट एसए मुरूगेसन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां उधर, उत्तराखंड के कई इलाकों में अभी भी मदद नहीं पहुंच पाई है। धारचुला से आगे के कई इलाकों में कुछ गांवों में लोग बिना सरकारी मदद के खुद ही अपने रहने और आने-जाने का इंतजाम कर रहे है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर खुद नदी पार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें अभी तक किसी भी तरह की सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली है। सोबला इलाके में पिछली 17 जून को भारी तबाही हुई थी। यहां करीब 800 गांववाले फंसे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं। चमोली के एडीएम संजय कुमार ने बताया कि घर ध्वस्त होने की घटना धीकौना गांव में तड़के साढ़े तीन बजे घटी जब रात भर भारी बारिश के कारण मकान पर पहाड़ की चट्टानें गिर गईं। उन्होंने कहा कि मृतकों में दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल है। पांच शवों को निकाल लिया गया है जबकि शेष दो लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान की निगरानी के लिए चमोली के मजिस्ट्रेट एसए मुरूगेसन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां उधर, उत्तराखंड के कई इलाकों में अभी भी मदद नहीं पहुंच पाई है। धारचुला से आगे के कई इलाकों में कुछ गांवों में लोग बिना सरकारी मदद के खुद ही अपने रहने और आने-जाने का इंतजाम कर रहे है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर खुद नदी पार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें अभी तक किसी भी तरह की सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली है। सोबला इलाके में पिछली 17 जून को भारी तबाही हुई थी। यहां करीब 800 गांववाले फंसे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों में दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल है। पांच शवों को निकाल लिया गया है जबकि शेष दो लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान की निगरानी के लिए चमोली के मजिस्ट्रेट एसए मुरूगेसन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां उधर, उत्तराखंड के कई इलाकों में अभी भी मदद नहीं पहुंच पाई है। धारचुला से आगे के कई इलाकों में कुछ गांवों में लोग बिना सरकारी मदद के खुद ही अपने रहने और आने-जाने का इंतजाम कर रहे है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर खुद नदी पार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें अभी तक किसी भी तरह की सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली है। सोबला इलाके में पिछली 17 जून को भारी तबाही हुई थी। यहां करीब 800 गांववाले फंसे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान की निगरानी के लिए चमोली के मजिस्ट्रेट एसए मुरूगेसन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।टिप्पणियां उधर, उत्तराखंड के कई इलाकों में अभी भी मदद नहीं पहुंच पाई है। धारचुला से आगे के कई इलाकों में कुछ गांवों में लोग बिना सरकारी मदद के खुद ही अपने रहने और आने-जाने का इंतजाम कर रहे है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर खुद नदी पार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें अभी तक किसी भी तरह की सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली है। सोबला इलाके में पिछली 17 जून को भारी तबाही हुई थी। यहां करीब 800 गांववाले फंसे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं। उधर, उत्तराखंड के कई इलाकों में अभी भी मदद नहीं पहुंच पाई है। धारचुला से आगे के कई इलाकों में कुछ गांवों में लोग बिना सरकारी मदद के खुद ही अपने रहने और आने-जाने का इंतजाम कर रहे है। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर खुद नदी पार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन्हें अभी तक किसी भी तरह की सरकार की तरफ से मदद नहीं मिली है। सोबला इलाके में पिछली 17 जून को भारी तबाही हुई थी। यहां करीब 800 गांववाले फंसे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद से यहां की स्थितियां लगातार बिगड़ रही है। लगातार हो रही बारिश से राहत कामों में दिक्कतें आ रही हैं।
यहाँ एक सारांश है:चमोली के एडीएम संजय कुमार ने बताया कि घर ध्वस्त होने की घटना धीकौना गांव में तड़के साढ़े तीन बजे घटी जब रात भर भारी बारिश के कारण मकान पर पहाड़ की चट्टानें गिर गईं।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मेक्सिको के उत्तरी राज्य कोवाविला के एक कब्रिस्तान में सोमवार को गोलीबारी में सात लोग मारे गए और 17 घायल हो गए। यह जानकारी समाचार एजेंसी ईएफई ने अधिकारियों के हवाले से दी।टिप्पणियां राज्य की सुरक्षा सेवा के प्रवक्ता सरगियो सिसबेलेस के मुताबिक तीन वाहनों में सवार हमलावरों ने रिकॉडरे वेल्डेस बॉलिवर नामक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान वहां उपस्थित लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में रिकॉडरे के समर्थकों ने भी गोलियां चलाईं। 27 वर्षीय इस व्यक्ति की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद अर्ध चिकित्साकर्मी, पुलिस और सेना के जवानों ने कार्रवाई शुरू की। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से कई हथियार जब्त किए हैं। राज्य की सुरक्षा सेवा के प्रवक्ता सरगियो सिसबेलेस के मुताबिक तीन वाहनों में सवार हमलावरों ने रिकॉडरे वेल्डेस बॉलिवर नामक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान वहां उपस्थित लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में रिकॉडरे के समर्थकों ने भी गोलियां चलाईं। 27 वर्षीय इस व्यक्ति की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद अर्ध चिकित्साकर्मी, पुलिस और सेना के जवानों ने कार्रवाई शुरू की। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से कई हथियार जब्त किए हैं। 27 वर्षीय इस व्यक्ति की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद अर्ध चिकित्साकर्मी, पुलिस और सेना के जवानों ने कार्रवाई शुरू की। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से कई हथियार जब्त किए हैं।
सारांश: मेक्सिको के उत्तरी राज्य कोवाविला के एक कब्रिस्तान में सोमवार को गोलीबारी में सात लोग मारे गए और 17 घायल हो गए।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैज्ञानिकों ने एक नए ग्रह ‘सुपरअर्थ’ की खोज की है, जिसका वजन पृथ्वी के वजन से लगभग 5.4 गुना है. यह सूर्य के समीप के एक बेहद चमकीले तारे के चारों ओर चक्कर काट रहा था. शोधकर्ताओं ने कहा कि बाहरी ग्रह ‘जीजे 536 बी’ तारे के आवासीय क्षेत्र में नहीं है लेकिन 8.7 दिनों का इसका संक्षिप्त परिक्रमण काल और इसके तारे की चमक इसे एक ऐसा आकर्षक पिंड बनाती है, जिसकी पर्यावरणीय संरचना का अध्ययन किया जा सकता है. अनुसंधान के दौरान सूर्य जैसी चुंबकीय गतिविधियों का एक चक्र पाया गया लेकिन यह तीन साल की संक्षिप्त अवधि के लिए है.टिप्पणियां स्पेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ला लगुना और इंस्टीट्यूटो डी एस्ट्रोफिसिका डी कैनारियास के एलेजेंद्रो सुआरेज मैसकारेनो ने कहा, ‘‘अब तक जिस ग्रह को हमने खोजा है, वह जीजे 536बी है लेकिन हम तारे का निरीक्षण जारी रखे हुए हैं ताकि अन्य ग्रहों का पता लगा सकें.’’ यह परिणाम एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजीक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोधकर्ताओं ने कहा कि बाहरी ग्रह ‘जीजे 536 बी’ तारे के आवासीय क्षेत्र में नहीं है लेकिन 8.7 दिनों का इसका संक्षिप्त परिक्रमण काल और इसके तारे की चमक इसे एक ऐसा आकर्षक पिंड बनाती है, जिसकी पर्यावरणीय संरचना का अध्ययन किया जा सकता है. अनुसंधान के दौरान सूर्य जैसी चुंबकीय गतिविधियों का एक चक्र पाया गया लेकिन यह तीन साल की संक्षिप्त अवधि के लिए है.टिप्पणियां स्पेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ला लगुना और इंस्टीट्यूटो डी एस्ट्रोफिसिका डी कैनारियास के एलेजेंद्रो सुआरेज मैसकारेनो ने कहा, ‘‘अब तक जिस ग्रह को हमने खोजा है, वह जीजे 536बी है लेकिन हम तारे का निरीक्षण जारी रखे हुए हैं ताकि अन्य ग्रहों का पता लगा सकें.’’ यह परिणाम एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजीक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) स्पेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ला लगुना और इंस्टीट्यूटो डी एस्ट्रोफिसिका डी कैनारियास के एलेजेंद्रो सुआरेज मैसकारेनो ने कहा, ‘‘अब तक जिस ग्रह को हमने खोजा है, वह जीजे 536बी है लेकिन हम तारे का निरीक्षण जारी रखे हुए हैं ताकि अन्य ग्रहों का पता लगा सकें.’’ यह परिणाम एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजीक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: वजन पृथ्वी के वजन से लगभग 5.4 गुना सूर्य के समीप बेहद चमकीले तारे के चक्कर काट रहा था सूर्य जैसी चुंबकीय गतिविधियों का एक चक्र पाया गया
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अनियमितताओं के आरोपों के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई दो रक्षा खरीदारी प्रक्रियाएं जांच के दायरे में हैं। बेल्जियम की एक फर्म से विमानरोधी गोला-बारूद की खरीदारी की प्रक्रिया रक्षा मंत्रालय की जांच के दायरे में हैं जबकि ‘आर्म्ड रिकवरी ऐंड रिपेयर वेहिकल्स’ (एआरआरवी) के निर्माण से जुड़े एक अन्य सौदे की जांच कथित रूप से पोलैण्ड के अधिकारी कर रहे हैं।टिप्पणियां रक्षा सूत्रों ने बताया कि पहले मामले में सेना ने संचालनात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से रूस निर्मित जेडयू-23 विमान-रोधी तोपों की गोला-बारूद की खरीदारी के लिए जनरल वीके सिंह के कार्यकाल के दौरान पिछले साल निविदा जारी की थी। सूत्रों ने बताया कि इस निविदा में बुल्गारिया की फर्म सबसे कम बोली पेश करने वाली बोलीकर्ता के रूप में उभरी। बहरहाल, इससे पहले कि करार को अंतिम रूप दिया जाता, यह पता चला कि कंपनी कोई गोला-बारूद नहीं बनाती। उन्होंने बताया कि इस सौदे के संबंध में रक्षा मंत्रालय आरोपों की जांच कर रहा है। बेल्जियम की एक फर्म से विमानरोधी गोला-बारूद की खरीदारी की प्रक्रिया रक्षा मंत्रालय की जांच के दायरे में हैं जबकि ‘आर्म्ड रिकवरी ऐंड रिपेयर वेहिकल्स’ (एआरआरवी) के निर्माण से जुड़े एक अन्य सौदे की जांच कथित रूप से पोलैण्ड के अधिकारी कर रहे हैं।टिप्पणियां रक्षा सूत्रों ने बताया कि पहले मामले में सेना ने संचालनात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से रूस निर्मित जेडयू-23 विमान-रोधी तोपों की गोला-बारूद की खरीदारी के लिए जनरल वीके सिंह के कार्यकाल के दौरान पिछले साल निविदा जारी की थी। सूत्रों ने बताया कि इस निविदा में बुल्गारिया की फर्म सबसे कम बोली पेश करने वाली बोलीकर्ता के रूप में उभरी। बहरहाल, इससे पहले कि करार को अंतिम रूप दिया जाता, यह पता चला कि कंपनी कोई गोला-बारूद नहीं बनाती। उन्होंने बताया कि इस सौदे के संबंध में रक्षा मंत्रालय आरोपों की जांच कर रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि पहले मामले में सेना ने संचालनात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति के उद्देश्य से रूस निर्मित जेडयू-23 विमान-रोधी तोपों की गोला-बारूद की खरीदारी के लिए जनरल वीके सिंह के कार्यकाल के दौरान पिछले साल निविदा जारी की थी। सूत्रों ने बताया कि इस निविदा में बुल्गारिया की फर्म सबसे कम बोली पेश करने वाली बोलीकर्ता के रूप में उभरी। बहरहाल, इससे पहले कि करार को अंतिम रूप दिया जाता, यह पता चला कि कंपनी कोई गोला-बारूद नहीं बनाती। उन्होंने बताया कि इस सौदे के संबंध में रक्षा मंत्रालय आरोपों की जांच कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि इस निविदा में बुल्गारिया की फर्म सबसे कम बोली पेश करने वाली बोलीकर्ता के रूप में उभरी। बहरहाल, इससे पहले कि करार को अंतिम रूप दिया जाता, यह पता चला कि कंपनी कोई गोला-बारूद नहीं बनाती। उन्होंने बताया कि इस सौदे के संबंध में रक्षा मंत्रालय आरोपों की जांच कर रहा है।
संक्षिप्त पाठ: अनियमितताओं के आरोपों के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई दो रक्षा खरीदारी प्रक्रियाएं जांच के दायरे में हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन कार्यक्रम को जारी रखने की घोषणा के बाद देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 684.48 अंकों की तेजी के साथ 20,646.64 पर और निफ्टी 216.10 अंकों की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। फेड ने दो दिवसीय सम्मेलन के बाद बुधवार को 2008 की मंदी के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी के रूप में दिए जा रहे प्रोत्साहन को जारी रखने का फैसला किया। अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने के बाद पिछले कुछ महीने से इसे चरणबद्ध तरीके से बंद करने की चर्चा थी। लेकिन बाजार के अनुमान के उलट फेड ने प्रोत्साहन को फिलहाल कम से कम अगले महीने तक या अगर जरूरी हो तो अगले साल तक जारी रखने का फैसला किया है। फेड का यह फैसला भारत तथा अन्य उभरते देशों की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक तथा अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां इस प्रोत्साहन के बंद होने की आशंका से मुद्रा और बाजार में अत्यधिक अस्थिरता देखी जा रही थी। गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 392.57 अंकों की तेजी के साथ 20,354.73 पर खुला और 684.48 अंकों या 3.43 फीसदी की तेजी के साथ 20,646.64 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,739.69 के ऊपरी और 20,347.30 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। फेड ने दो दिवसीय सम्मेलन के बाद बुधवार को 2008 की मंदी के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रति माह 85 अरब डॉलर बांड खरीदारी के रूप में दिए जा रहे प्रोत्साहन को जारी रखने का फैसला किया। अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने के बाद पिछले कुछ महीने से इसे चरणबद्ध तरीके से बंद करने की चर्चा थी। लेकिन बाजार के अनुमान के उलट फेड ने प्रोत्साहन को फिलहाल कम से कम अगले महीने तक या अगर जरूरी हो तो अगले साल तक जारी रखने का फैसला किया है। फेड का यह फैसला भारत तथा अन्य उभरते देशों की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक तथा अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां इस प्रोत्साहन के बंद होने की आशंका से मुद्रा और बाजार में अत्यधिक अस्थिरता देखी जा रही थी। गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 392.57 अंकों की तेजी के साथ 20,354.73 पर खुला और 684.48 अंकों या 3.43 फीसदी की तेजी के साथ 20,646.64 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,739.69 के ऊपरी और 20,347.30 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। फेड का यह फैसला भारत तथा अन्य उभरते देशों की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक तथा अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां इस प्रोत्साहन के बंद होने की आशंका से मुद्रा और बाजार में अत्यधिक अस्थिरता देखी जा रही थी। गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 392.57 अंकों की तेजी के साथ 20,354.73 पर खुला और 684.48 अंकों या 3.43 फीसदी की तेजी के साथ 20,646.64 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,739.69 के ऊपरी और 20,347.30 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। गुरुवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 392.57 अंकों की तेजी के साथ 20,354.73 पर खुला और 684.48 अंकों या 3.43 फीसदी की तेजी के साथ 20,646.64 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,739.69 के ऊपरी और 20,347.30 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी रही। एसबीआई (8.07 फीसदी), टाटा स्टील (6.96 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (6.55 फीसदी), टाटा पावर (6.48 फीसदी) और एलएंडटी (6.26 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। दो शेयरों विप्रो (1.87 फीसदी) और कोल इंडिया (0.03 फीसदी) में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 144.70 अंकों की तेजी के साथ 6,044.15 पर खुला और 216.10 अंकों या 3.66 फीसदी की तेजी के साथ 6,115.55 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,142.50 के ऊपरी और 6,040.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 123.60 अंकों की तेजी के साथ 5,724.85 पर और स्मॉलकैप 63.78 अंकों की तेजी के साथ 5,541.25 पर बंद हुआ।टिप्पणियां बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। बैंकिंग (6.78 फीसदी), रियल्टी (5.34 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.75 फीसदी), धातु (3.80 फीसदी) और सार्वजनिक कंपनियां (3.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। बीएसई के एक सेक्टर सूचना प्रौद्योगिकी (0.20 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1430 शेयरों में तेजी और 997 में गिरावट रही, जबकि 156 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन कार्यक्रम को जारी रखने की घोषणा के बाद देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी तेजी दर्ज की गई।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को मुख्य कोच के पद के लिये आवेदन मंगवाए हैं जिससे मुख्य कोच अनिल कुंबले को संकेत मिल गया कि चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद खत्म हो रहे उनके मौजूदा कार्यकाल का स्वत: विस्तार नहीं होगा. इच्छुक उम्मीदवार 31 मई तक आवेदन कर सकते हैं जिसके बाद सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट सलाहकार समिति उनका इंटरव्यू लेगी. बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार,‘निष्पक्ष और पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के लिये यह जरूरी था कि प्रशासकों की समिति का एक प्रतिनिधि क्रिकेट सलाहकार समिति के साथ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करे.’ मौजूदा कोच कुंबले को इंटरव्यू प्रक्रिया में सीधे प्रवेश मिलेगा. बीसीसीआई की इस घोषणा से स्पष्ट हो गया कि आला अधिकारी बतौर कोच कुंबले के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं. इसके पीछे कारण यह है कि खिलाड़ियों के केंद्रीय अनुबंध और अपने वेतन में इजाफे के लिये उन्होंने काफी आक्रामक रवैया अपनाया. भारत ने कुंबले के कोच रहते घरेलू सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 13 में से 10 टेस्ट जीते , दो ड्रॉ खेले और सिर्फ एक गंवाया. इसके बाद हालांकि खिलाड़ियों के भुगतान में बढ़ोतरी को लेकर उनका रवैया बीसीसीआई को रास नहीं आया.टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा,‘मौजूदा मुख्य कोच होने के नाते वह दौड़ में हैं.’ सबसे हैरानी की बात यह है कि ऐसे समय में नये आवेदन मंगवाये गए हैं जब टीम चैंपियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड पहुंची ही है. सूत्र ने कहा,‘बीसीसीआई चैंपियंस ट्रॉफी खत्म होने तक इंतजार कर सकता था लेकिन किसी को अपनी जगह हलके में नहीं लेनी चाहिए.’ उन्होंने कहा ,‘कुंबले अपने और खिलाड़ियों के वेतन में इजाफे की बात कर रहे हैं. कोई बात नहीं लेकिन कल बीसीसीआई उनकी जगह किसी और को नियुक्त करता है तो वह ऐसा नहीं कर पायेंगे. उनकी कुछ मांगे तो समझ से परे है.’ बोर्ड इस बात से भी खफा है कि कुंबले ने कप्तानी का अतिरिक्त बोझ लेने वाले विराट कोहली के लिये 25 प्रतिशत अतिरिक्त कप्तानी फीस की मांग की है. उन्होंने मुख्य कोच होने के नाते चयन समिति में जगह की भी मांग की है. उनकी यह मांग लोढ़ा समिति की सिफारिशों के खिलाफ है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि चयन समिति में तीन ही सदस्य होंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार,‘निष्पक्ष और पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के लिये यह जरूरी था कि प्रशासकों की समिति का एक प्रतिनिधि क्रिकेट सलाहकार समिति के साथ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करे.’ मौजूदा कोच कुंबले को इंटरव्यू प्रक्रिया में सीधे प्रवेश मिलेगा. बीसीसीआई की इस घोषणा से स्पष्ट हो गया कि आला अधिकारी बतौर कोच कुंबले के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं. इसके पीछे कारण यह है कि खिलाड़ियों के केंद्रीय अनुबंध और अपने वेतन में इजाफे के लिये उन्होंने काफी आक्रामक रवैया अपनाया. भारत ने कुंबले के कोच रहते घरेलू सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 13 में से 10 टेस्ट जीते , दो ड्रॉ खेले और सिर्फ एक गंवाया. इसके बाद हालांकि खिलाड़ियों के भुगतान में बढ़ोतरी को लेकर उनका रवैया बीसीसीआई को रास नहीं आया.टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा,‘मौजूदा मुख्य कोच होने के नाते वह दौड़ में हैं.’ सबसे हैरानी की बात यह है कि ऐसे समय में नये आवेदन मंगवाये गए हैं जब टीम चैंपियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड पहुंची ही है. सूत्र ने कहा,‘बीसीसीआई चैंपियंस ट्रॉफी खत्म होने तक इंतजार कर सकता था लेकिन किसी को अपनी जगह हलके में नहीं लेनी चाहिए.’ उन्होंने कहा ,‘कुंबले अपने और खिलाड़ियों के वेतन में इजाफे की बात कर रहे हैं. कोई बात नहीं लेकिन कल बीसीसीआई उनकी जगह किसी और को नियुक्त करता है तो वह ऐसा नहीं कर पायेंगे. उनकी कुछ मांगे तो समझ से परे है.’ बोर्ड इस बात से भी खफा है कि कुंबले ने कप्तानी का अतिरिक्त बोझ लेने वाले विराट कोहली के लिये 25 प्रतिशत अतिरिक्त कप्तानी फीस की मांग की है. उन्होंने मुख्य कोच होने के नाते चयन समिति में जगह की भी मांग की है. उनकी यह मांग लोढ़ा समिति की सिफारिशों के खिलाफ है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि चयन समिति में तीन ही सदस्य होंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा,‘मौजूदा मुख्य कोच होने के नाते वह दौड़ में हैं.’ सबसे हैरानी की बात यह है कि ऐसे समय में नये आवेदन मंगवाये गए हैं जब टीम चैंपियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड पहुंची ही है. सूत्र ने कहा,‘बीसीसीआई चैंपियंस ट्रॉफी खत्म होने तक इंतजार कर सकता था लेकिन किसी को अपनी जगह हलके में नहीं लेनी चाहिए.’ उन्होंने कहा ,‘कुंबले अपने और खिलाड़ियों के वेतन में इजाफे की बात कर रहे हैं. कोई बात नहीं लेकिन कल बीसीसीआई उनकी जगह किसी और को नियुक्त करता है तो वह ऐसा नहीं कर पायेंगे. उनकी कुछ मांगे तो समझ से परे है.’ बोर्ड इस बात से भी खफा है कि कुंबले ने कप्तानी का अतिरिक्त बोझ लेने वाले विराट कोहली के लिये 25 प्रतिशत अतिरिक्त कप्तानी फीस की मांग की है. उन्होंने मुख्य कोच होने के नाते चयन समिति में जगह की भी मांग की है. उनकी यह मांग लोढ़ा समिति की सिफारिशों के खिलाफ है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि चयन समिति में तीन ही सदस्य होंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुंबले के कोच रहते हुए टीम इंडिया ने 13 में से 10 टेस्‍ट जीते खिलाड़ि‍यों के भुगतान पर उनका रुख बीसीसीआई को रास नहीं आया इंटरव्‍यू प्रक्रिया में मौजूदा कौच अनिल कुंबले को मिलेगा सीधा प्रवेश
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मैनचेस्टर जा रहे एक पाकिस्तानी यात्री विमान द्वारा बीच हवा में ‘सुरक्षा अलर्ट’ देने के बाद विमान को खतरे में डालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विमान द्वारा ‘सुरक्षा अलर्ट’ के बाद ब्रिटेन के वायुक्षेत्र में उड़ान भर रहे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के इस विमान को ब्रिटिश लड़ाकू जेट विमानों ने अपने सुरक्षा घेरे में लेकर एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे पर उतारा । एसेक्स पुलिस ने कहा कि एक विमान को खतरे में डालने के शक के आधार पर दो अज्ञात लोगों को पकड़कर विमान से उतारा गया है।टिप्पणियां लाहौर से आए पीआईए के इस बोइंग 777 विमान के साथ-साथ रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के दो लड़ाकू विमान भी चल रहे थे। पीआईए का विमान ब्रिटेन के एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे स्टैंसटेड में उतारा गया। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आरएएफ के टायफून विमान इसलिए भेजे गए ताकि वे ब्रिटिश वायुक्षेत्र में एक यात्री विमान की संलिप्तता से संबंधित मामले की जांच करे और जानकारी मिलने के बाद साझा की जाएगी।’ विमान द्वारा ‘सुरक्षा अलर्ट’ के बाद ब्रिटेन के वायुक्षेत्र में उड़ान भर रहे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के इस विमान को ब्रिटिश लड़ाकू जेट विमानों ने अपने सुरक्षा घेरे में लेकर एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे पर उतारा । एसेक्स पुलिस ने कहा कि एक विमान को खतरे में डालने के शक के आधार पर दो अज्ञात लोगों को पकड़कर विमान से उतारा गया है।टिप्पणियां लाहौर से आए पीआईए के इस बोइंग 777 विमान के साथ-साथ रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के दो लड़ाकू विमान भी चल रहे थे। पीआईए का विमान ब्रिटेन के एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे स्टैंसटेड में उतारा गया। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आरएएफ के टायफून विमान इसलिए भेजे गए ताकि वे ब्रिटिश वायुक्षेत्र में एक यात्री विमान की संलिप्तता से संबंधित मामले की जांच करे और जानकारी मिलने के बाद साझा की जाएगी।’ एसेक्स पुलिस ने कहा कि एक विमान को खतरे में डालने के शक के आधार पर दो अज्ञात लोगों को पकड़कर विमान से उतारा गया है।टिप्पणियां लाहौर से आए पीआईए के इस बोइंग 777 विमान के साथ-साथ रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के दो लड़ाकू विमान भी चल रहे थे। पीआईए का विमान ब्रिटेन के एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे स्टैंसटेड में उतारा गया। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आरएएफ के टायफून विमान इसलिए भेजे गए ताकि वे ब्रिटिश वायुक्षेत्र में एक यात्री विमान की संलिप्तता से संबंधित मामले की जांच करे और जानकारी मिलने के बाद साझा की जाएगी।’ लाहौर से आए पीआईए के इस बोइंग 777 विमान के साथ-साथ रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के दो लड़ाकू विमान भी चल रहे थे। पीआईए का विमान ब्रिटेन के एक विशेष आतंकवाद-निरोधक हवाई अड्डे स्टैंसटेड में उतारा गया। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आरएएफ के टायफून विमान इसलिए भेजे गए ताकि वे ब्रिटिश वायुक्षेत्र में एक यात्री विमान की संलिप्तता से संबंधित मामले की जांच करे और जानकारी मिलने के बाद साझा की जाएगी।’ रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘आरएएफ के टायफून विमान इसलिए भेजे गए ताकि वे ब्रिटिश वायुक्षेत्र में एक यात्री विमान की संलिप्तता से संबंधित मामले की जांच करे और जानकारी मिलने के बाद साझा की जाएगी।’
संक्षिप्त पाठ: मैनचेस्टर जा रहे एक पाकिस्तानी यात्री विमान द्वारा बीच हवा में ‘सुरक्षा अलर्ट’ देने के बाद विमान को खतरे में डालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने कहा है कि विश्व बैंक की ऋण सीमा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए क्योंकि विकासशील देशों को इसके संसाधनों के इस्तेमाल में दिक्कत पेश आ रही है। सचिव (आर्थिक मामलात) आर गोपालन ने विश्व बैंक विकास समिति की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऋण सीमाओं को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है क्योंकि इससे भारत तथा अन्य विकासशील देश विश्व बैंक के संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक को कृषि क्षेत्र में और निवेश करना चाहिए। गोपालन ने कहा कि बैंक की वित्तीय क्षमता में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक संकट के बाद दूसरे संकट का सामना कर रही है ऐसे में बैंक को अपनी वित्तीय क्षमता बढ़ानी चाहिए। पहले ईंधन का संकट, फिर खाद्य जिंस और फिर वित्तीय और आर्थिक संकट और अब एक बार फिर ईंधन और खाद्य संकट की तरफ दुनिया बढ़ रही है। गोपालन ने कहा एक के बार आने वाले ये संकट दुनिया से एकजुट होकर इनके प्रतिकूल प्रभाव को दूर करने की मांग कर रहे हैं इसके साथ ही विश्व बैंक समूह को भी चाहिए कि वह पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जिससे न केवल संकट का सामना किया जा सके बल्कि दीघकालिक वृद्धि को भी समर्थन मिल सके। उन्होंने कहा, हमें यह देखकर चिंता है कि अगले साल से बैंक की कर्ज राशि कम होने लगेगी, इस मुद्दे पर हमें अभी और भविष्य में विचार करना चाहिए कि किस तरह हम बैंक के वित्तीय आधार को और व्यापक बना सकते हैं।
यहाँ एक सारांश है:भारत ने कहा कि विश्व बैंक की ऋण सीमा बढ़ाने को कदम उठाए जाने चाहिए क्योंकि विकासशील देशों को इसके संसाधनों के इस्तेमाल में दिक्कत आ रही है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 116.68 अंकों की तेजी के साथ 19,504.18 पर और निफ्टी 26.10 अंकों की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 105.33 अंकों की तेजी के साथ 19,492.83 पर खुला और 116.68 अंकों यानी 0.60 फीसदी की तेजी के साथ 19,504.18 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,622.68 के ऊपरी और 19,317.38 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (17.28 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.03 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.24 फीसदी), विप्रो (1.75 फीसदी) और कोल इंडिया (1.64 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एचडीएफसी (1.94 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (फीसदी 1.71), हिंडालको इंडिया (1.57 फीसदी), एलएंडटी (1.10 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 28.50 अंकों की तेजी के साथ 5,932.60 पर खुला और 26.10 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,962.30 के ऊपरी और 5,867.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखा गया। मिडकैप सूचकांक 26.45 अंकों की तेजी के साथ 6,344.04 पर और स्मॉलकैप 19.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,021.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 105.33 अंकों की तेजी के साथ 19,492.83 पर खुला और 116.68 अंकों यानी 0.60 फीसदी की तेजी के साथ 19,504.18 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,622.68 के ऊपरी और 19,317.38 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (17.28 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.03 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.24 फीसदी), विप्रो (1.75 फीसदी) और कोल इंडिया (1.64 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एचडीएफसी (1.94 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (फीसदी 1.71), हिंडालको इंडिया (1.57 फीसदी), एलएंडटी (1.10 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 28.50 अंकों की तेजी के साथ 5,932.60 पर खुला और 26.10 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,962.30 के ऊपरी और 5,867.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखा गया। मिडकैप सूचकांक 26.45 अंकों की तेजी के साथ 6,344.04 पर और स्मॉलकैप 19.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,021.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर (17.28 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.03 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.24 फीसदी), विप्रो (1.75 फीसदी) और कोल इंडिया (1.64 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एचडीएफसी (1.94 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (फीसदी 1.71), हिंडालको इंडिया (1.57 फीसदी), एलएंडटी (1.10 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 28.50 अंकों की तेजी के साथ 5,932.60 पर खुला और 26.10 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,962.30 के ऊपरी और 5,867.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखा गया। मिडकैप सूचकांक 26.45 अंकों की तेजी के साथ 6,344.04 पर और स्मॉलकैप 19.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,021.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एचडीएफसी (1.94 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (फीसदी 1.71), हिंडालको इंडिया (1.57 फीसदी), एलएंडटी (1.10 फीसदी) और बजाज ऑटो (0.80 फीसदी)।   नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 28.50 अंकों की तेजी के साथ 5,932.60 पर खुला और 26.10 अंकों यानी 0.44 फीसदी की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,962.30 के ऊपरी और 5,867.80 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखा गया। मिडकैप सूचकांक 26.45 अंकों की तेजी के साथ 6,344.04 पर और स्मॉलकैप 19.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,021.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखा गया। मिडकैप सूचकांक 26.45 अंकों की तेजी के साथ 6,344.04 पर और स्मॉलकैप 19.02 अंकों की गिरावट के साथ 6,021.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से आठ सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (4.65 फीसदी), धातु (0.96 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.85 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.74 फीसदी) और सूचना प्रौद्योगिकी (0.65 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों रियल्टी (1.07 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.47 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.44 फीसदी), बैंकिंग (0.33 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.32 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1067 शेयरों में तेजी और 1271 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 144 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 116.68 अंकों की तेजी के साथ 19,504.18 पर और निफ्टी 26.10 अंकों की तेजी के साथ 5,930.20 पर बंद हुआ।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आम चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया है. समाचार एजेंसी भाषा ने स्काई न्यूज के हवाले से यह खबर दी है. इस जीत के साथ ही ब्रेग्जिट पर अनिश्चितता खत्म हो जाएगी और ब्रिटेन की अगले महीने के अंत तक यूरोपीय संघ से अलग होने की राह आसान हो जाएगी. बता दें कि शुक्रवार को आए एग्जिट पोल में जॉनसन की भारी जीत के संकेत मिले थे. जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी ने लेबर पार्टी के गढ़ में भी सेंध लगाई है. लेबर पार्टी इंग्लैंड के उत्तर और वेल्स इलाकों में हारती दिखी, जहां लोगों ने 2016 के जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए वोट किया था.  नतीजों के अनुसार, यह 1987 के बाद से कंजर्वेटिव पार्टी की सबसे बड़ी जीत है. जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी के मतदाताओं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं.'' जॉनसन के पिछले मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री रही भारतीय मूल की प्रीति पटेल ने कहा, ‘‘हम प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ब्रेग्जिट हमारी प्राथमिकता है. समझौता तैयार है और हम आगे बढ़ना चाहते हैं.''   लेबर के शेडो चांसलर जॉन मैकडोनेल ने कहा, ‘‘ब्रेग्जिट इस चुनाव में हावी रहा. अगर नतीजे एग्जिट पोल के करीब रहते हैं तो यह बेहद निराशाजनक नतीजे होंगे.''  यह 1935 के बाद से लेबर पार्टी की सबसे करारी हार है. गौरतलब है कि जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी को बहुमत दिलाने और ब्रेग्जिट को लेकर हाउस ऑफ कॉमन्स में गतिरोध तोड़ने की कवायद के तहत मध्यावधि चुनाव की घोषणा की थी. यह तकरीबन एक सदी में ब्रिटेन के दिसंबर में हुए पहले आम चुनाव हैं और मतदाताओं ने ठिठुरती ठंड में घरों से बाहर निकलकर वोट डाला.
संक्षिप्त सारांश: बोरिस जॉनसन ने आम चुनाव में बहुमत हासिल किया जीत के साथ ही ब्रेग्जिट पर अनिश्चितता खत्म 1987 के बाद से कंजर्वेटिव पार्टी की सबसे बड़ी जीत है
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन और अमेरिका में माताएं जल्दी पैसा बनाने के लिए फेसबुक समेत कई सामुदायिक मंचों से अपना दूध बेच रही हैं, जबकि इस दूध के शिशुओं के लिए गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। इस दूध को खरीदने वाले नए माता-पिताओं का मानना है कि इससे उनके शिशुओं को बीमारी और एलर्जी से सुरक्षा मिलती है। 'डेली मेल' को एक वेबसाइट ने बताया, हमारी इस व्यवस्था में साफ-सुथरा दूध निजता पूर्ण तरीके से खरीदा जा सकता है। दानदाता माताएं अपने शिशु की उम्र के साथ अपने दूध को सूचीबद्ध कराती हैं। एक अध्ययन के अनुसार एस्सेक्स से न्यूकैसल तक की महिलाएं ताजा या फ्रीज किया हुआ दूध बेच रही हैं। इसकी कीमत एक पाउंड प्रति इकाई है, जबकि अमेरिका में इसकी कीमत दो अमेरिकी डॉलर है। मातृ दुग्ध दान करने या प्राप्त करने के लिए कानूनी तरीके मौजूद हैं। कुछ केंद्र उन बच्चों के लिए दूसरी महिलाओं का दूध लेकर संरक्षित करते हैं, जिनकी अपनी माताएं स्तनपान नहीं करवा सकतीं।टिप्पणियां ये बैंक पूर्व निगरानी से गुजरीं उन माताओं से दूध इकट्ठा करते हैं, जिनके पास पर्याप्त दूध आपूर्ति हो और जिनका बच्चा छह माह से कम उम्र का हो। इसके बाद इसे पाश्च्युरीकृत किया जाता है और फिर नजदीकी अस्पतालों को दे दिया जाता है। जर्मनी के डॉक्टरों ने नए अभिभावकों को फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्कों के जरिए निजी रूप से बच्चे के लिए दूध लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिशु रोग विशेषज्ञों की संस्था के अध्यक्ष वूल्फरैम हार्टमैन ने कहा, हो सकता है कि दानदाता महिलाएं कोई दवाई या नशीला पदार्थ ले रही हों, या उन्हें एड्स या हिपेटाइटिस जैसा कोई संक्रमित रोग हो। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सप्ताह के बच्चे और कुछ महीने के बच्चे की पोषण की जरूरतों भी अलग-अलग होती हैं। 'डेली मेल' को एक वेबसाइट ने बताया, हमारी इस व्यवस्था में साफ-सुथरा दूध निजता पूर्ण तरीके से खरीदा जा सकता है। दानदाता माताएं अपने शिशु की उम्र के साथ अपने दूध को सूचीबद्ध कराती हैं। एक अध्ययन के अनुसार एस्सेक्स से न्यूकैसल तक की महिलाएं ताजा या फ्रीज किया हुआ दूध बेच रही हैं। इसकी कीमत एक पाउंड प्रति इकाई है, जबकि अमेरिका में इसकी कीमत दो अमेरिकी डॉलर है। मातृ दुग्ध दान करने या प्राप्त करने के लिए कानूनी तरीके मौजूद हैं। कुछ केंद्र उन बच्चों के लिए दूसरी महिलाओं का दूध लेकर संरक्षित करते हैं, जिनकी अपनी माताएं स्तनपान नहीं करवा सकतीं।टिप्पणियां ये बैंक पूर्व निगरानी से गुजरीं उन माताओं से दूध इकट्ठा करते हैं, जिनके पास पर्याप्त दूध आपूर्ति हो और जिनका बच्चा छह माह से कम उम्र का हो। इसके बाद इसे पाश्च्युरीकृत किया जाता है और फिर नजदीकी अस्पतालों को दे दिया जाता है। जर्मनी के डॉक्टरों ने नए अभिभावकों को फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्कों के जरिए निजी रूप से बच्चे के लिए दूध लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिशु रोग विशेषज्ञों की संस्था के अध्यक्ष वूल्फरैम हार्टमैन ने कहा, हो सकता है कि दानदाता महिलाएं कोई दवाई या नशीला पदार्थ ले रही हों, या उन्हें एड्स या हिपेटाइटिस जैसा कोई संक्रमित रोग हो। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सप्ताह के बच्चे और कुछ महीने के बच्चे की पोषण की जरूरतों भी अलग-अलग होती हैं। ये बैंक पूर्व निगरानी से गुजरीं उन माताओं से दूध इकट्ठा करते हैं, जिनके पास पर्याप्त दूध आपूर्ति हो और जिनका बच्चा छह माह से कम उम्र का हो। इसके बाद इसे पाश्च्युरीकृत किया जाता है और फिर नजदीकी अस्पतालों को दे दिया जाता है। जर्मनी के डॉक्टरों ने नए अभिभावकों को फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्कों के जरिए निजी रूप से बच्चे के लिए दूध लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिशु रोग विशेषज्ञों की संस्था के अध्यक्ष वूल्फरैम हार्टमैन ने कहा, हो सकता है कि दानदाता महिलाएं कोई दवाई या नशीला पदार्थ ले रही हों, या उन्हें एड्स या हिपेटाइटिस जैसा कोई संक्रमित रोग हो। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सप्ताह के बच्चे और कुछ महीने के बच्चे की पोषण की जरूरतों भी अलग-अलग होती हैं। जर्मनी के डॉक्टरों ने नए अभिभावकों को फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्कों के जरिए निजी रूप से बच्चे के लिए दूध लेने के खिलाफ चेतावनी दी है। शिशु रोग विशेषज्ञों की संस्था के अध्यक्ष वूल्फरैम हार्टमैन ने कहा, हो सकता है कि दानदाता महिलाएं कोई दवाई या नशीला पदार्थ ले रही हों, या उन्हें एड्स या हिपेटाइटिस जैसा कोई संक्रमित रोग हो। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सप्ताह के बच्चे और कुछ महीने के बच्चे की पोषण की जरूरतों भी अलग-अलग होती हैं।
ये दुग्ध बैंक पूर्व निगरानी से गुजरीं उन माताओं से दूध इकट्ठा करते हैं, जिनके पास पर्याप्त दूध आपूर्ति हो और जिनका बच्चा छह माह से कम उम्र का हो। इसके बाद इसे पाश्च्युरीकृत किया जाता है।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: रियो जाने वाले भारतीय ओलिंपिक दल का प्रायोजक 'रिलायंस जियो' होगा जो उस रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में डिजिटल सेवा का हिस्सा है जिसने इस महासमर के 'मुख्य प्रायोजन' अधिकार हासिल किए हैं। रिलायंस जियो के प्रवक्ता ने कहा, 'रिलायंस जियो ओलिंपिक खेल 2016 के लिए भारत के सबसे बड़े दल का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा है। भारतीय ओलिंपिक दल के साथ हमारा जुड़ना एक स्वाभाविक प्रगति है। ओलिंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए क्वालीफाई करने वाला प्रत्येक एथलीट हमारा राष्ट्रीय नायक है। रिलायंस परिवार देशवासियों की तरफ से हमारे एथलीटों को शुभकामनाएं देता है।' राष्ट्रीय खेल प्रतिभाओं की मदद करने और कंपनी के प्रयासों में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। रिलायंस इंड्रस्ट्रीज लिमिटेड का भारत में खेलों के साथ जुड़ाव का लंबा इतिहास है, पिछले तीन दशक से यह विभिन्न स्पर्धाओं के प्रोमोशन और इनके विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।टिप्पणियां पिछले सात सालों से कॉरपोरेट और इसका संयुक्त उद्यम साझीदार आईएमजी भारत में फुटबॉल और बास्केटबॉल महासंघ के साथ विश्व स्तर पर जुड़ा हुआ है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रिलायंस जियो के प्रवक्ता ने कहा, 'रिलायंस जियो ओलिंपिक खेल 2016 के लिए भारत के सबसे बड़े दल का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा है। भारतीय ओलिंपिक दल के साथ हमारा जुड़ना एक स्वाभाविक प्रगति है। ओलिंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए क्वालीफाई करने वाला प्रत्येक एथलीट हमारा राष्ट्रीय नायक है। रिलायंस परिवार देशवासियों की तरफ से हमारे एथलीटों को शुभकामनाएं देता है।' राष्ट्रीय खेल प्रतिभाओं की मदद करने और कंपनी के प्रयासों में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। रिलायंस इंड्रस्ट्रीज लिमिटेड का भारत में खेलों के साथ जुड़ाव का लंबा इतिहास है, पिछले तीन दशक से यह विभिन्न स्पर्धाओं के प्रोमोशन और इनके विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।टिप्पणियां पिछले सात सालों से कॉरपोरेट और इसका संयुक्त उद्यम साझीदार आईएमजी भारत में फुटबॉल और बास्केटबॉल महासंघ के साथ विश्व स्तर पर जुड़ा हुआ है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रीय खेल प्रतिभाओं की मदद करने और कंपनी के प्रयासों में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। रिलायंस इंड्रस्ट्रीज लिमिटेड का भारत में खेलों के साथ जुड़ाव का लंबा इतिहास है, पिछले तीन दशक से यह विभिन्न स्पर्धाओं के प्रोमोशन और इनके विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।टिप्पणियां पिछले सात सालों से कॉरपोरेट और इसका संयुक्त उद्यम साझीदार आईएमजी भारत में फुटबॉल और बास्केटबॉल महासंघ के साथ विश्व स्तर पर जुड़ा हुआ है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पिछले सात सालों से कॉरपोरेट और इसका संयुक्त उद्यम साझीदार आईएमजी भारत में फुटबॉल और बास्केटबॉल महासंघ के साथ विश्व स्तर पर जुड़ा हुआ है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: रियो ओलिंपिक 2016 की मुख्य प्रायोजक है रिलायंस इंडस्ट्रीज रिलायंस इंड्रस्ट्रीज का भारत में खेलों के साथ जुड़ाव का लंबा इतिहास है भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल रियो ओलिंपिक में भाग लेगा
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी सरकार ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार को लेकर लोकसभा में हुए मतदान के दौरान सामने आए वोट के बदले नोट मामले पर विकिलीक्स के खुलासे पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, मैं नहीं कह सकता कि यह दस्तावेज गोपनीय है अथवा नहीं लेकिन अगर यह गोपनीय है तो हम इसके बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। विकिलीक्स के खुलासे के बाद भारत में जारी हंगामे के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर टोनर ने यह जवाब दिया। इस दस्तावेज में दावा किया गया है कि कांग्रेस नेता सतीश शर्मा ने एक अमेरिकी राजनयिक को बताया था कि करार संबंधी प्रस्ताव के पक्ष में मतदान के लिए सांसदों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये का इंतजाम किया गया है। टोनर ने कहा, जहां तक आप लोग भ्रष्टाचार पर सवाल पूछ रहे हैं तो हमारा कहना है कि अमेरिका विश्वभर की सरकारों में पारदर्शिता का पक्षधर रहा है। इससे राजनीतिक व्यवस्था बेहतर होती है और आप जानते हैं कि इससे आम जनता की मदद भी होती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में जारी भ्रष्टाचार के मुद्दे से निपटने की कोशिश करते हैं लेकिन भारत के संदर्भ में मैं कुछ नहीं बोल सकता।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने भारत के साथ असैन्य परमाणु करार को लेकर वोट के बदले नोट मामले पर विकिलीक्स खुलासे पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम आदमी पार्टी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है और सोमवार को वकील राम जेठमलानी ने दिल्ली की अदालत में उनसे लंबी पूछताछ की जो काफी दिलचस्प बनकर सामने आई. कम से कम दो घंटे तक चली इस बहस में जेटली को यह समझाने के लिए कहा गया कि वह किस तरह अपनी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस के लिए कह रहे हैं कि 'उसकी भरपाई नहीं हो सकती? और उसे आंका नहीं जा सकता.' और कहीं यह मामला 'खुद को महान समझने' का तो नहीं है. पूर्व बीजेपी नेता राम जेठलमलानी इस केस को केजरीवाल की तरफ से लड़ रहे थे और उन्होंने बिना किसी संकोच के जेटली से इस सवाल के जवाब की मांग कि मानहानि का दावा क्यों? सुनवाई के दौरान जेटली काफी भावुक होते नज़र आए. उन्होंने कहा कि 'मेरे ख़िलाफ़ जो भी आरोप लगाए गए वो मीडिया मे जाकर लगाये गए,पार्लियामेंट मे भी इसी तरह के सवाल मेरे ऊपर खड़े किये गए, मेरी छवि को ख़राब करने की कोशिश की गई और ये लगातार 5 दिन तक किया गया. मेरी छवि को जिस तरह से ख़राब किया गया उसकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती और ये तब भी किया जाता रहा जबकि की मैं इन आरोपो का लगातार खंडन करता रहा.' दिल्ली हाइकोर्ट में जेठमलानी ने जेटली से पूछा - इसके पीछे कोई परोक्ष तर्कसंगत कारण तो नज़र नहीं आता सिवाय इसके कि आप खुद अपने बारे में ऐसा सोचते हैं? इस पर जेटली ने जवाब दिया - मेरे सम्मान को पहुंचे नुकसान के लिए जो मैंने कीमत लगाई है वो उस बड़ी क्षति का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है जो दरअसल मुझे पहुंची है. कोर्ट में आज रामजेठमलानी की तरफ से अरुण जेटली के लिए 52 सवाल रखे गए. इनमें से 30 केस से जुड़े सवाल लगे, एक-तिहाई यानि 8,9 सवालो को कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिया गया. जेठमलानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है और यही वजह है कि वह कह रहे हैं कि इसे मापा नहीं जा सकता? उन्होंने पूछा कि जेटली को ऐसा क्यों लगता है कि उनको पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती? जेटली ने कहा 'मेरी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस की कुछ हद तक कीमत में आंका जा सकता है. सम्मान के खोने से बदनाम हुए व्यक्ति को दिमागी तनाव पहुंचता है और मेरे साथ भी यही हुआ है.' जेटली ने आगे कहा 'मेरे ओहदे, बैकग्राउंड और प्रतिष्ठा को देखें तो मेरे सम्मान को इतना बड़ा नुकसान पहुंचा है कि उसे मापा नहीं जा सकता.'टिप्पणियां इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा 'दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.' इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी. सुनवाई के दौरान जेटली काफी भावुक होते नज़र आए. उन्होंने कहा कि 'मेरे ख़िलाफ़ जो भी आरोप लगाए गए वो मीडिया मे जाकर लगाये गए,पार्लियामेंट मे भी इसी तरह के सवाल मेरे ऊपर खड़े किये गए, मेरी छवि को ख़राब करने की कोशिश की गई और ये लगातार 5 दिन तक किया गया. मेरी छवि को जिस तरह से ख़राब किया गया उसकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती और ये तब भी किया जाता रहा जबकि की मैं इन आरोपो का लगातार खंडन करता रहा.' दिल्ली हाइकोर्ट में जेठमलानी ने जेटली से पूछा - इसके पीछे कोई परोक्ष तर्कसंगत कारण तो नज़र नहीं आता सिवाय इसके कि आप खुद अपने बारे में ऐसा सोचते हैं? इस पर जेटली ने जवाब दिया - मेरे सम्मान को पहुंचे नुकसान के लिए जो मैंने कीमत लगाई है वो उस बड़ी क्षति का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है जो दरअसल मुझे पहुंची है. कोर्ट में आज रामजेठमलानी की तरफ से अरुण जेटली के लिए 52 सवाल रखे गए. इनमें से 30 केस से जुड़े सवाल लगे, एक-तिहाई यानि 8,9 सवालो को कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिया गया. जेठमलानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है और यही वजह है कि वह कह रहे हैं कि इसे मापा नहीं जा सकता? उन्होंने पूछा कि जेटली को ऐसा क्यों लगता है कि उनको पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती? जेटली ने कहा 'मेरी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस की कुछ हद तक कीमत में आंका जा सकता है. सम्मान के खोने से बदनाम हुए व्यक्ति को दिमागी तनाव पहुंचता है और मेरे साथ भी यही हुआ है.' जेटली ने आगे कहा 'मेरे ओहदे, बैकग्राउंड और प्रतिष्ठा को देखें तो मेरे सम्मान को इतना बड़ा नुकसान पहुंचा है कि उसे मापा नहीं जा सकता.'टिप्पणियां इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा 'दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.' इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी. दिल्ली हाइकोर्ट में जेठमलानी ने जेटली से पूछा - इसके पीछे कोई परोक्ष तर्कसंगत कारण तो नज़र नहीं आता सिवाय इसके कि आप खुद अपने बारे में ऐसा सोचते हैं? इस पर जेटली ने जवाब दिया - मेरे सम्मान को पहुंचे नुकसान के लिए जो मैंने कीमत लगाई है वो उस बड़ी क्षति का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है जो दरअसल मुझे पहुंची है. कोर्ट में आज रामजेठमलानी की तरफ से अरुण जेटली के लिए 52 सवाल रखे गए. इनमें से 30 केस से जुड़े सवाल लगे, एक-तिहाई यानि 8,9 सवालो को कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिया गया. जेठमलानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है और यही वजह है कि वह कह रहे हैं कि इसे मापा नहीं जा सकता? उन्होंने पूछा कि जेटली को ऐसा क्यों लगता है कि उनको पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती? जेटली ने कहा 'मेरी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस की कुछ हद तक कीमत में आंका जा सकता है. सम्मान के खोने से बदनाम हुए व्यक्ति को दिमागी तनाव पहुंचता है और मेरे साथ भी यही हुआ है.' जेटली ने आगे कहा 'मेरे ओहदे, बैकग्राउंड और प्रतिष्ठा को देखें तो मेरे सम्मान को इतना बड़ा नुकसान पहुंचा है कि उसे मापा नहीं जा सकता.'टिप्पणियां इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा 'दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.' इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी. जेठमलानी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है और यही वजह है कि वह कह रहे हैं कि इसे मापा नहीं जा सकता? उन्होंने पूछा कि जेटली को ऐसा क्यों लगता है कि उनको पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती? जेटली ने कहा 'मेरी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस की कुछ हद तक कीमत में आंका जा सकता है. सम्मान के खोने से बदनाम हुए व्यक्ति को दिमागी तनाव पहुंचता है और मेरे साथ भी यही हुआ है.' जेटली ने आगे कहा 'मेरे ओहदे, बैकग्राउंड और प्रतिष्ठा को देखें तो मेरे सम्मान को इतना बड़ा नुकसान पहुंचा है कि उसे मापा नहीं जा सकता.'टिप्पणियां इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा 'दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.' इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी. इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा 'दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.' इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (DDCA) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे. इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. पिछली सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेटली और उनके परिवार के बैंक विवरण और टैक्स रिटर्न्स की मांग की थी.
यहाँ एक सारांश है:अरुण जेटली पर आप ने डीडीसीए में वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है मामले की सुनवाई के दौरान राम जेठमलानी ने जेटली से सवाल किए जेठमलानी ने पूछा क्यों जेटली के सम्मान को पहुंचा नुकसान ठीक नहीं हो सकता
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपीए-2 सरकार के अंतिम रेल बजट पेश करते समय रेलमंत्री पवन कुमार बंसल को आज लोकसभा में अड़चनों का सामना करना पड़ा, क्योंकि सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी तथा विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया। हंगामे के कारण रेलमंत्री अपना बजट भाषण भी पूरा नहीं पढ़ पाए। बंसल ने दोपहर 12 बजकर दस मिनट पर अपना रेल बजट भाषण शुरू किया, लेकिन 1 बजकर करीब 25 मिनट पर विपक्षी दलों के सदस्य बजट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए और बजट प्रस्तावों को वापस लिए जाने की मांग करने लगे। सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के सदस्यों तथा तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और जनता दल यू सदस्य रेल बजट की घोषणाओं को अपर्याप्त बताते हुए तथा अपने अपने क्षेत्रों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रेल बजट के प्रस्तावों के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा तथा वाम मोर्चा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए।टिप्पणियां हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। बंसल ने दोपहर 12 बजकर दस मिनट पर अपना रेल बजट भाषण शुरू किया, लेकिन 1 बजकर करीब 25 मिनट पर विपक्षी दलों के सदस्य बजट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए और बजट प्रस्तावों को वापस लिए जाने की मांग करने लगे। सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के सदस्यों तथा तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और जनता दल यू सदस्य रेल बजट की घोषणाओं को अपर्याप्त बताते हुए तथा अपने अपने क्षेत्रों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रेल बजट के प्रस्तावों के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा तथा वाम मोर्चा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए।टिप्पणियां हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के सदस्यों तथा तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और जनता दल यू सदस्य रेल बजट की घोषणाओं को अपर्याप्त बताते हुए तथा अपने अपने क्षेत्रों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रेल बजट के प्रस्तावों के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा तथा वाम मोर्चा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए।टिप्पणियां हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रेल बजट के प्रस्तावों के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा तथा वाम मोर्चा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए।टिप्पणियां हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। उधर, मुख्य विपक्षी दल भाजपा तथा वाम मोर्चा सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े होकर विरोध करते देखे गए।टिप्पणियां हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के बीच बंसल ने रेल बजट भाषण पढ़ना जारी रखा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने शेष बचे भाषण को सदन के पटल पर रख दिया। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामा थमते नहीं देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की बैठक दो बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।
संक्षिप्त सारांश: यूपीए-2 सरकार के अंतिम रेल बजट पेश करते समय रेलमंत्री पवन कुमार बंसल को आज लोकसभा में अड़चनों का सामना करना पड़ा, क्योंकि सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी तथा विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डेरा सच्चा सौदाके प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर नाबालिग़ से बलात्कार के मामले में 25 अगस्त (शुक्रवार) को पंचकुला सीबीआई कोर्ट का फ़ैसला आना है. लेकिन दो दिन पहले से ही उनके अनुयायी बड़ी संख्या में चंडीगढ़ से लेकर पंचकुला तक इकट्ठा हो गए हैं. इसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से हाईअलर्ट पर है और हरियाणा-पंजाब के कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात हैं. चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं.पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  पढ़ें: कोर्ट कल सुनाएगा फैसला, जानें- डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ क्या है मामला... सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है. इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  इस सबके बीच गुरमीत राम रहीम ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए लिखा है कि हमने सदा क़ानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी बैक में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यकीन है. सभी शांति बनाए रखें.‬टिप्पणियां पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  पढ़ें: रहस्य से कम नहीं है डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम का जीवन, पढ़ें- 13 ऐसी बातें जो कर देंगी आपको हैरान उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.  उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. डेरा समर्थकों के जमा होने पर हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. आखिर कैसे लाखों लोग पंचकूला पहुंचे. प्रदेश में धारा -144 लागू करने का क्या मतलब था. अगर जरूरत हो तो आर्मी को स्टैंड बाय रखा जाए.
संक्षिप्त पाठ: पंजाब और हरियाणा सरकार का संयुक्त फैसला 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर बैन अफवाहों से बचने के लिए सरकार ने उठाया कदम
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को कहा कि अरबों रुपये के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पार्टी को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जेपीसी जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। लखनऊ हवाई अड्डे पर शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में आडवाणी ने कहा कि इस महाघोटाले में जेपीसी से कम कतई मंजूर नहीं है। भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी से जांच कराने की विपक्ष की मांग स्वीकार कर लेगी। आडवाणी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि आगामी आठ फरवरी को जब सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच बातचीत होगी तो केंद्र सरकार 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी से जांच कराने की मांग को मान लेगी।" इस दौरान जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने केंद्र सरकार से काले धन को देश में वापस लाने की मांग की। आणवाणी, शरद यादव और मुरली मनोहर जोशी को राजग की महारैली में शामिल होना था लेकिन खराब रोशनी और मौसम के कारण उनका विमान कानपुर में नहीं उतर पाया और उन्हें लखनऊ लौटना पड़ा।
भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि अरबों रुपये के 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पार्टी को जेपीसी जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आयरिश रॉक बैंड यू2 (U2) दिसंबर में भारत में परफॉम करेगा. भारत में यह उसकी पहली परफॉर्मेस होगी. बैंड अपने मशहूर 'यू2 : द जोशुआ ट्री टूर' (U2: The Joshua Tree Tour) टूर को 1987 के अपने इसी नाम के एल्बम का जश्न मनाने के लिए भारत में लाने को तैयार है. यह मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 15 दिसंबर को परफॉर्म करेगा जो टूर का फाइनल शो होगा. मुंबई में कॉन्सर्ट को लाइव नेशन ग्लोबल टूरिंग द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है और बुकमाईशो (BookMyShow) इसे लेकर आया है.  बैंड में इसके फ्रंटमैन बोनो, गिटारवादक द एज, बासिस्ट एडम क्लेटन और ड्रमर लैरी मुलन जूनियर शामिल हैं. मुलन ने कहा, "जेटी 2019 टूर के समापन के लिए मुंबई बिल्कुल उपयुक्त शहर है. हम वहां परफॉर्म करने के लिए उत्साहित हैं." क्लेटन ने कहा कि संगीत, संस्कृति, खानपान, फिल्मों, थिएटर और साहित्य के लिए मशहूर देश में परफॉर्म करने को लेकर वह रोमांचित हैं. वहीं, बोनो ने कहा, "मुंबई. चलो धूम मचाएं." भारत में अपनी पहली परफॉर्मेंस को लेकर बोनो (Bono) ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर हमारे बैंड के लिए अच्छी खबर है कि हम मुंबई में 15 दिसंबर को परफॉर्म करेंगे. यह भारत में हमारा पहला शो होगा और हम इसके लिए बहुत रोमांचित हैं. यह उनके लिए भी अच्छी खबर जो इसका इंतजार कर रहे थे, इसलिए हम ज्यादा परफॉर्म करने को लेकर ज्यादा रोमांचित हैं." भारत को सबसे अद्भुत लोकतंत्र बताते हुए बोनो ने कहा, "भारत उनके दिलों में एक विशेष स्थान रखता है. दूसरी बात जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है वह अन्याय के खिलाफ लड़ाई है. हम मार्टिन लूथर किंग जूनियर द्वारा और गठित किए गए थे और वो महात्मा गांधी के एक छात्र थे. हमें इसे संरक्षित रखने के लिए हमारे लोकतंत्र में सक्रिय रूप से शामिल होना होगा और लोगों को बताना होगा कि हम जिस चीज की परवाह करते हैं कि उसे लेकर क्या सोचते हैं. भारतीयों ने अहिंसा का पाठ पढ़ाया है, जो पूरी दुनिया के लिए एक शानदार गिफ्ट है."
सारांश: भारत में परफॉर्म करेगा रॉक बैंड यू2 15 दिसंबर को परफॉर्म करेगा रॉक बैंड U2 मुंबई में होगा कार्यक्रम का आयोजन
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अगले साल के लोकसभा चुनावों के लिए नरेंद्र मोदी को भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने को 'विजयी निर्णय' बताते हुए पार्टी नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने विश्वास जताया है कि नाराज चल रहे लालकृष्ण आडवाणी आखिरकार इस फैसले का समर्थन करेंगे। एक टीवी साक्षात्कार में जेटली ने माना कि भाजपा में इस विषय पर दो वैकल्पिक विचार थे और अगले आम चुनावों के लिए मोदी को पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश करने का फैसला व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए पार्टी में जबर्दस्त बहुमत के साथ लिया गया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पार्टी में दो विकल्प हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को व्यापक जनहित का ध्यान रखना होगा। सामूहिक निर्णय न केवल बहुमत से, बल्कि जबर्दस्त बहुमत से लिया गया है। जेटली ने कहा, हमने सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया। हमने समर्थन कर रहे क्षेत्रों और कार्यकर्ताओं की राय पर विचार किया। उन्होंने कहा, हम अपने सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विचारों को अनदेखा नहीं कर सकते। जब पार्टी निर्णय लेती है, तो आपको देखना होता है कि सामूहिक सोच क्या है, कार्यकर्ताओं और समर्थन देने वाले मतदाता वर्ग से क्या सोच निकल कर आ रही है। एक टीवी साक्षात्कार में जेटली ने माना कि भाजपा में इस विषय पर दो वैकल्पिक विचार थे और अगले आम चुनावों के लिए मोदी को पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश करने का फैसला व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए पार्टी में जबर्दस्त बहुमत के साथ लिया गया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, पार्टी में दो विकल्प हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को व्यापक जनहित का ध्यान रखना होगा। सामूहिक निर्णय न केवल बहुमत से, बल्कि जबर्दस्त बहुमत से लिया गया है। जेटली ने कहा, हमने सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया। हमने समर्थन कर रहे क्षेत्रों और कार्यकर्ताओं की राय पर विचार किया। उन्होंने कहा, हम अपने सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विचारों को अनदेखा नहीं कर सकते। जब पार्टी निर्णय लेती है, तो आपको देखना होता है कि सामूहिक सोच क्या है, कार्यकर्ताओं और समर्थन देने वाले मतदाता वर्ग से क्या सोच निकल कर आ रही है। उन्होंने कहा, पार्टी में दो विकल्प हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को व्यापक जनहित का ध्यान रखना होगा। सामूहिक निर्णय न केवल बहुमत से, बल्कि जबर्दस्त बहुमत से लिया गया है। जेटली ने कहा, हमने सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया। हमने समर्थन कर रहे क्षेत्रों और कार्यकर्ताओं की राय पर विचार किया। उन्होंने कहा, हम अपने सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विचारों को अनदेखा नहीं कर सकते। जब पार्टी निर्णय लेती है, तो आपको देखना होता है कि सामूहिक सोच क्या है, कार्यकर्ताओं और समर्थन देने वाले मतदाता वर्ग से क्या सोच निकल कर आ रही है। उन्होंने कहा, हम अपने सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विचारों को अनदेखा नहीं कर सकते। जब पार्टी निर्णय लेती है, तो आपको देखना होता है कि सामूहिक सोच क्या है, कार्यकर्ताओं और समर्थन देने वाले मतदाता वर्ग से क्या सोच निकल कर आ रही है।
संक्षिप्त पाठ: राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने विश्वास जताया कि नाराज चल रहे लालकृष्ण आडवाणी आखिरकार इस फैसले का समर्थन करेंगे।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुपरस्टार आमिर खान ने अपनी बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘दंगल’ के लिए वितरकों से अपील की है कि वह यह सुनिश्चित करें कि सिनेमा हाउस इस फिल्म की टिकट के दाम नहीं बढ़ा सकें. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आमिर ‘दंगल’ के टिकटों की कीमत पर नियंत्रण रखना चाहते हैं और उन्होंने वितरकों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि बड़ी फिल्मों जैसे ‘सुल्तान’ से ज्यादा इस फिल्म के टिकट का मूल्य नहीं होना चाहिए. विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'दंगल' एक ऐसी फिल्म है, जिसे लोगों तक जरूर पहुंचना चाहिए और उन्होंने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि यह प्रशंसकों तक पहुंचे. वहीं, 51 वर्षीय अभिनेता इस फिल्म को टैक्स मुक्त कराने के प्रयास में भी लगे हुए हैं. बता दें, आमिर की 'दंगल' पहलवान महावीर फोगट पर आधारित है, जिसमें आमिर ने महावीर का किरदार निभाया है. महावीर फोगट की चार बेटियां हैं जिनमें गीता सबसे बड़ी हैं. महावीर फोगट ने अपनी बेटियों को पहलवानी सिखाई और आज उनकी बेटियां गीता और बबीता अंतरराष्ट्रीय स्‍तर की कुश्ती चैम्पियन हैं. गीता और बबिता फोगट 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला कुश्ती में भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं. 'दंगल' में आमिर ने महावीर फोगट का किरदार के लिए काफी मेहनत की है. उन्होंने लगभग पहले तो 25-30 किलो वजन बढ़ाया और फिर घटाया. 51 साल के आमिर ने फिल्म में पिता और एक युवा पहलवान दोनों का किरदार निभाया है. पिता के किरदार के लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया. इसके कारण उन्हें चलने और सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. महावीर फोगट के पुराने रूप के अपने दृश्यों को खत्म करने के बाद, आमिर को एक युवा पहलवान दिखने के लिए 5 महीनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने लगातार 5 महीनों तक व्यायाम किया और अपना करीब 25 किलो वजन घटाया.टिप्पणियां इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'दंगल' एक ऐसी फिल्म है, जिसे लोगों तक जरूर पहुंचना चाहिए और उन्होंने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि यह प्रशंसकों तक पहुंचे. वहीं, 51 वर्षीय अभिनेता इस फिल्म को टैक्स मुक्त कराने के प्रयास में भी लगे हुए हैं. बता दें, आमिर की 'दंगल' पहलवान महावीर फोगट पर आधारित है, जिसमें आमिर ने महावीर का किरदार निभाया है. महावीर फोगट की चार बेटियां हैं जिनमें गीता सबसे बड़ी हैं. महावीर फोगट ने अपनी बेटियों को पहलवानी सिखाई और आज उनकी बेटियां गीता और बबीता अंतरराष्ट्रीय स्‍तर की कुश्ती चैम्पियन हैं. गीता और बबिता फोगट 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला कुश्ती में भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं. 'दंगल' में आमिर ने महावीर फोगट का किरदार के लिए काफी मेहनत की है. उन्होंने लगभग पहले तो 25-30 किलो वजन बढ़ाया और फिर घटाया. 51 साल के आमिर ने फिल्म में पिता और एक युवा पहलवान दोनों का किरदार निभाया है. पिता के किरदार के लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया. इसके कारण उन्हें चलने और सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. महावीर फोगट के पुराने रूप के अपने दृश्यों को खत्म करने के बाद, आमिर को एक युवा पहलवान दिखने के लिए 5 महीनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने लगातार 5 महीनों तक व्यायाम किया और अपना करीब 25 किलो वजन घटाया.टिप्पणियां इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) बता दें, आमिर की 'दंगल' पहलवान महावीर फोगट पर आधारित है, जिसमें आमिर ने महावीर का किरदार निभाया है. महावीर फोगट की चार बेटियां हैं जिनमें गीता सबसे बड़ी हैं. महावीर फोगट ने अपनी बेटियों को पहलवानी सिखाई और आज उनकी बेटियां गीता और बबीता अंतरराष्ट्रीय स्‍तर की कुश्ती चैम्पियन हैं. गीता और बबिता फोगट 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला कुश्ती में भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं. 'दंगल' में आमिर ने महावीर फोगट का किरदार के लिए काफी मेहनत की है. उन्होंने लगभग पहले तो 25-30 किलो वजन बढ़ाया और फिर घटाया. 51 साल के आमिर ने फिल्म में पिता और एक युवा पहलवान दोनों का किरदार निभाया है. पिता के किरदार के लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया. इसके कारण उन्हें चलने और सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. महावीर फोगट के पुराने रूप के अपने दृश्यों को खत्म करने के बाद, आमिर को एक युवा पहलवान दिखने के लिए 5 महीनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने लगातार 5 महीनों तक व्यायाम किया और अपना करीब 25 किलो वजन घटाया.टिप्पणियां इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) 'दंगल' में आमिर ने महावीर फोगट का किरदार के लिए काफी मेहनत की है. उन्होंने लगभग पहले तो 25-30 किलो वजन बढ़ाया और फिर घटाया. 51 साल के आमिर ने फिल्म में पिता और एक युवा पहलवान दोनों का किरदार निभाया है. पिता के किरदार के लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया. इसके कारण उन्हें चलने और सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. महावीर फोगट के पुराने रूप के अपने दृश्यों को खत्म करने के बाद, आमिर को एक युवा पहलवान दिखने के लिए 5 महीनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने लगातार 5 महीनों तक व्यायाम किया और अपना करीब 25 किलो वजन घटाया.टिप्पणियां इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) इसके कारण उन्हें चलने और सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. महावीर फोगट के पुराने रूप के अपने दृश्यों को खत्म करने के बाद, आमिर को एक युवा पहलवान दिखने के लिए 5 महीनों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने लगातार 5 महीनों तक व्यायाम किया और अपना करीब 25 किलो वजन घटाया.टिप्पणियां इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) इस फिल्म में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा, फोगट बहनों की भूमिका में हैं. यह फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है.(इनपुट एजेंसियों से भी) (इनपुट एजेंसियों से भी)
यहाँ एक सारांश है:23 दिसंबर को रिलीज होगी आमिर खान की फिल्म 'दंगल'. टिकटों की कीमत पर नियंत्रण रखना चाहते हैं आमिर खान. आमिर फिल्म को टैक्स फ्री कराने के प्रयास में भी लगे हुए हैं.
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...' यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई इलाहाबाद में, जहां आठ महीने की एक दुधमुंही बच्ची मौत के मुंह में जाकर वापस आ गई है... दरअसल हुआ यूं कि इलाहाबाद की रहने वाली आठ महीने की सपना के हाथ में एक कुछ मुड़ा हुआ लगभग एक फुट लम्बा लोहे के सरिये का टुकड़ा आ गया, और इस मासूम ने खेल-खेल में उसे अपने मुंह में डाल लिया... लेकिन कुछ ही पलों में बच्ची की खिलवाड़ जानलेवा नज़र आने लगा, जब वह सरिया उसके गले को चीरता हुआ सीने के ऊपरी हिस्से में जाकर फंस गया...डॉक्टरों के लिए भी यह दृश्य, जिसमें सरिये का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सपना के मुंह से बाहर था, और दो-तिहाई उसके गले और सीने में फंसा था, बेहद खौफनाक था, और उन्होंने हाथ खड़े कर दिए, और सपना की मौत निश्चित लगने लगी... लेकिन 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय...' वाली कहावत को इसी किस्से में सच साबित होना था, इसलिए घटना के अगले दिन डॉक्टरों ने जी-जान से कोशिश की, और सात घंटे के मैराथन ऑपरेशन के बाद सरिये को सपना के शरीर से निकाल दिया, और उसे नई ज़िन्दगी दी...
सारांश: 'जाको राखे साइयां...' की कहावत इलाहाबाद में फिर सच साबित हुई, और एक मैराथन ऑपरेशन के बाद बच्ची के गले में फंसा सरिया निकल पाया...
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: 26/11 हमले की अहम कड़ी माने जा रहे अबू जिंदाल ने पूछताछ में नया खुलासा किया है। जिंदाल ने बताया है कि मुबंई पर हमले से पहले आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े मेजर समीर अली ने हमले के लिए बैतूल मुजाहिदीन में ए-के 47 की गोलियों के कारटन दिए थे। इसके अलावा जिंदाल ने हमले के बाद गिरफ्तार किए गए जकी उर रहमान लखवी से जेल में मुलाकात की थी। इससे पहले गुरुवार को जिंदाल ने खुलासा किया था कि आईएसआई का संदिग्ध अधिकारी और भारत में वांछित मेजर समीर अली मुंबई में 2008 के आतंकी हमले के दौरान कराची स्थित नियंत्रण कक्ष में गया था और जिस समय आतंकवादी मुंबई में कहर बरपा रहे थे, अली लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी को निर्देश दे रहा था। इससे पहले गुरुवार को जिंदाल ने खुलासा किया था कि आईएसआई का संदिग्ध अधिकारी और भारत में वांछित मेजर समीर अली मुंबई में 2008 के आतंकी हमले के दौरान कराची स्थित नियंत्रण कक्ष में गया था और जिस समय आतंकवादी मुंबई में कहर बरपा रहे थे, अली लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी को निर्देश दे रहा था।
यहाँ एक सारांश है:जिंदाल ने बताया है कि मुबंई पर हमले से पहले आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े मेजर समीर अली ने हमले के लिए ए-के 47 की गोलियों के कारटन दिए थे।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक में पिछले 36 वर्षों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से एक जीत दूर भारतीय पुरुष हॉकी टीम रियो खेलों में रविवार को रियो डि जिनेरियो में मजबूत बेल्जियम के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल में अपनी गलतियों को दूर करके वर्षों बाद नया मुकाम हासिल करने के लिए उतरेगी. भारत पहले ही ओलिंपिक के नॉकआउट में पहुंचकर एक उपलब्धि हासिल कर चुका है और अब कल पी आर श्रीजेश की अगुवाई वाली टीम ओलिंपिक पदक की अपनी उम्मीदों को पंख लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी. भारत ने पूल बी में दो जीत, दो हार और एक ड्रॉ से सात अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहकर अंतिम आठ में जगह बनाई है. लीग चरण में भारत ने आयरलैंड (3-2) और अर्जेंटीना (2-1) को हराया लेकिन मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी (1-2) और रजत पदक विजेता नीदरलैंड (1-2) से उसे हार झेलनी पड़ी. कनाडा जैसी कमजोर टीम के खिलाफ उसने मैच 2-2 से ड्रॉ खेला. दूसरी तरफ से बेल्जियम पूल ए में पांच मैचों में चार जीत से शीर्ष पर रहा. उसे केवल अंतिम लीग मैच में न्यूजीलैंड (1-3) से हार का सामना करना पड़ा. विश्व रैंकिंग पर गौर करें तो इन दोनों टीमों में कोई खास अंतर नहीं है. भारत जहां पांचवें स्थान पर है वहीं बेल्जियम उससे एक पायदान नीचे छठे स्थान पर है. लेकिन ओलिंपिक में बेल्जियम ने अभी तक शानदार फार्म दिखायी है और उसने पूल चरण में स्वर्ण पदक के दावेदार और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को भी हराया. इसके अलावा बेल्जियम ने स्पेन, ग्रेट ब्रिटेन और ब्राजील को पराजित किया.टिप्पणियां जर्मनी के खिलाफ भारत ने अंतिम हूटर बजने से केवल तीन सेकेंड पहले गोल गंवाया जबकि नीदरलैंड के खिलाफ भी उसने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर गंवाया और डच टीम ने इसका फायदा उठाने में कोई गलती नहीं की. इन हार के बावजूद भारत का शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है लेकिन कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच में उन्होंने लचर खेल दिखाया. भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने पूल बी में दो जीत, दो हार और एक ड्रॉ से सात अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहकर अंतिम आठ में जगह बनाई है. लीग चरण में भारत ने आयरलैंड (3-2) और अर्जेंटीना (2-1) को हराया लेकिन मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी (1-2) और रजत पदक विजेता नीदरलैंड (1-2) से उसे हार झेलनी पड़ी. कनाडा जैसी कमजोर टीम के खिलाफ उसने मैच 2-2 से ड्रॉ खेला. दूसरी तरफ से बेल्जियम पूल ए में पांच मैचों में चार जीत से शीर्ष पर रहा. उसे केवल अंतिम लीग मैच में न्यूजीलैंड (1-3) से हार का सामना करना पड़ा. विश्व रैंकिंग पर गौर करें तो इन दोनों टीमों में कोई खास अंतर नहीं है. भारत जहां पांचवें स्थान पर है वहीं बेल्जियम उससे एक पायदान नीचे छठे स्थान पर है. लेकिन ओलिंपिक में बेल्जियम ने अभी तक शानदार फार्म दिखायी है और उसने पूल चरण में स्वर्ण पदक के दावेदार और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को भी हराया. इसके अलावा बेल्जियम ने स्पेन, ग्रेट ब्रिटेन और ब्राजील को पराजित किया.टिप्पणियां जर्मनी के खिलाफ भारत ने अंतिम हूटर बजने से केवल तीन सेकेंड पहले गोल गंवाया जबकि नीदरलैंड के खिलाफ भी उसने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर गंवाया और डच टीम ने इसका फायदा उठाने में कोई गलती नहीं की. इन हार के बावजूद भारत का शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है लेकिन कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच में उन्होंने लचर खेल दिखाया. भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जर्मनी के खिलाफ भारत ने अंतिम हूटर बजने से केवल तीन सेकेंड पहले गोल गंवाया जबकि नीदरलैंड के खिलाफ भी उसने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर गंवाया और डच टीम ने इसका फायदा उठाने में कोई गलती नहीं की. इन हार के बावजूद भारत का शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है लेकिन कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच में उन्होंने लचर खेल दिखाया. भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: मजबूत बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में मुकाबला भारत के पूल बी में दो जीत, दो हार और एक ड्रॉ लीग में भारत ने आयरलैंड और अर्जेंटीना को हराया
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आवास खाली करने के नोटिस का तीन दिन में पालन नहीं करने या इसका उचित कारण नहीं बताने पर संशोधित कानून के तहत पुलिस द्वारा उक्त संपत्ति को सख्ती से खाली कराने का प्रावधान है. अभी तक 40 पूर्व सांसदों ने बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद सरकारी बंगले खाली नहीं किए हैं. हरि मांझी, पिछली लोकसभा में बिहार के गया संसदीय क्षेत्र से सांसद थे. उन्हें नॉर्थ एवेन्यू में 124 एवं 126 नंबर बंगला आवंटित किया गया था. इसके अलावा बुधवार को नॉर्थ एवेन्यू स्थित दो अन्य बंगलों को भी पुलिस की मदद से खाली कराया जाएगा. इन्हें पूर्व सांसदों के अतिथियों को आवंटित किया गया था. उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सरकारी बंगला खाली नहीं करने वाले 50 पूर्व सांसदों को संपदा विभाग द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस' जारी कर तीन दिन में बंगला खाली करने या इसका जवाब देने का निर्देश दिया गया था. इनमें पूर्व सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, कमलनाथ और सपा की डिंपल यादव सहित दस पूर्व सांसदों ने बंगले खाली कर दिए हैं. उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने सख्त प्रावधानों वाले सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के तहत 230 पूर्व सांसदों के सरकारी बंगले खाली कराने की कार्रवाई शुरू की थी. नए कानून की सख्ती के बाद पूर्व सांसद कामेश्वर सिंह ने भी सरकारी आवास छोड़ दिया है. लोकसभा के 1967 में सदस्य रहे सिंह, बतौर अतिथि, साउथ एवेन्यू स्थित बंगले में रह रहे थे. उन्होंने अधिक उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मंत्रालय से बंगला खाली नहीं कराने का अनुरोध किया था, जिसे मंत्रालय ने कानूनी बाध्यता का हवाला देकर ठुकरा दिया.
सारांश: 40 पूर्व सांसदों ने कई नोटिसों के बावजूद सरकारी बंगले खाली नहीं किए दीपेन्द्र हुड्डा, कमलनाथ, डिंपल यादव सहित दस पूर्व सांसदों ने बंगले छोड़े लोकसभा के 1967 में सदस्य रहे कामेश्वर सिंह ने बंगला छोड़ा
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: शिवसेना ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसने ‘‘नोटबंदी का चाबुक’’ चलाकर कर्ज में दबे किसानों को गहरी निराशा में धकेला और उनके खेतों को बर्बाद हो जाने दिया. एक ऐसे समय में जब उद्योग जगत और सेवा क्षेत्र को विकास के लिए एक के बाद एक प्रोत्साहन मिल रहे हैं, ऐसे में कृषि क्षेत्र के प्रति सरकार की बेपरवाही पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में सवाल उठाया. शिवसेना ने कहा, ‘‘कई साल बाद, पिछले साल का मानसून किसानों के लिए उम्मीदें लेकर आया था और भारी फसल उत्पादन हुआ था. लेकिन नोटबंदी के चाबुक ने उन्हें अपनी फसलों को मिट्टी के मोल बेचने पर विवश कर दिया. उन्हें अपना लगाया धन भी नहीं मिल पाया और नतीजा यह हुआ कि कर्ज में दबे किसान भारी घाटे में डूब गए.’’ शिवसेना ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के वादे के साथ सत्ता में आई थी लेकिन आज वह इस क्षेत्र को कर लगा देने के नाम पर डराती रहती है.संपादकीय में कहा गया, ‘पंचायत से लेकर नगर निगमों तक के चुनाव जीत लेना आसान है. यदि आपके पास पैसा है तो आप चांद पर हो रहा चुनाव भी जीत सकते हैं. इसका यह मतलब नहीं है कि जनता आपकी नौकर है. किसानों की भावनाओं को समझने के लिए जरूरी है कि यह समझ लिया जाए कि वे महज वोटबैंक नहीं हैं.टिप्पणियां सामना में लिखा है  "हम यह जानना चाहते हैं कि जब भाजपा चुनाव में ‘‘सैंकड़ों करोड़’’ रूपए खर्च सकती है तो फिर वह कर्ज माफी में हिचकिचा क्यों रही है? शिवसेना ने कहा, ‘‘यदि मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह केवल असली किसान नेताओं से ही बात करेंगे तो सरकार की ओर से असली किसानों को ही असल किसान नेताओं से बातचीत करनी चाहिए. लेकिन क्या आपकी सरकार में एक भी असली किसान है?’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा था कि सरकार सिर्फ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से ही बात करेगी, अन्य से नहीं। सरकार उन लोगों के साथ बात नहीं करेगी, जो किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.शिवसेना ने कहा कि जो लोग हड़ताल के दौरान खेती की उपज को बर्बाद किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह जवाब भी देना चाहिए कि जब किसान हड़ताल नहीं कर रहे थे, तब क्या कोई बर्बादी नहीं हो रही थी? शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘कच्चे तेल की कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गईं लेकिन क्या महंगाई कम हुई? पिछले साल अच्छे मानसून के चलते भारी पैदावार हुई लेकिन क्या सब्जियों की कीमतें कम हुईं? तीन साल बीत गए लेकिन क्या ‘अच्छे दिनों’ के वादे पूरे किए गए?’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवसेना ने कहा, ‘‘कई साल बाद, पिछले साल का मानसून किसानों के लिए उम्मीदें लेकर आया था और भारी फसल उत्पादन हुआ था. लेकिन नोटबंदी के चाबुक ने उन्हें अपनी फसलों को मिट्टी के मोल बेचने पर विवश कर दिया. उन्हें अपना लगाया धन भी नहीं मिल पाया और नतीजा यह हुआ कि कर्ज में दबे किसान भारी घाटे में डूब गए.’’ शिवसेना ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के विकास के वादे के साथ सत्ता में आई थी लेकिन आज वह इस क्षेत्र को कर लगा देने के नाम पर डराती रहती है. संपादकीय में कहा गया, ‘पंचायत से लेकर नगर निगमों तक के चुनाव जीत लेना आसान है. यदि आपके पास पैसा है तो आप चांद पर हो रहा चुनाव भी जीत सकते हैं. इसका यह मतलब नहीं है कि जनता आपकी नौकर है. किसानों की भावनाओं को समझने के लिए जरूरी है कि यह समझ लिया जाए कि वे महज वोटबैंक नहीं हैं.टिप्पणियां सामना में लिखा है  "हम यह जानना चाहते हैं कि जब भाजपा चुनाव में ‘‘सैंकड़ों करोड़’’ रूपए खर्च सकती है तो फिर वह कर्ज माफी में हिचकिचा क्यों रही है? शिवसेना ने कहा, ‘‘यदि मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह केवल असली किसान नेताओं से ही बात करेंगे तो सरकार की ओर से असली किसानों को ही असल किसान नेताओं से बातचीत करनी चाहिए. लेकिन क्या आपकी सरकार में एक भी असली किसान है?’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा था कि सरकार सिर्फ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से ही बात करेगी, अन्य से नहीं। सरकार उन लोगों के साथ बात नहीं करेगी, जो किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.शिवसेना ने कहा कि जो लोग हड़ताल के दौरान खेती की उपज को बर्बाद किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह जवाब भी देना चाहिए कि जब किसान हड़ताल नहीं कर रहे थे, तब क्या कोई बर्बादी नहीं हो रही थी? शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘कच्चे तेल की कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गईं लेकिन क्या महंगाई कम हुई? पिछले साल अच्छे मानसून के चलते भारी पैदावार हुई लेकिन क्या सब्जियों की कीमतें कम हुईं? तीन साल बीत गए लेकिन क्या ‘अच्छे दिनों’ के वादे पूरे किए गए?’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सामना में लिखा है  "हम यह जानना चाहते हैं कि जब भाजपा चुनाव में ‘‘सैंकड़ों करोड़’’ रूपए खर्च सकती है तो फिर वह कर्ज माफी में हिचकिचा क्यों रही है? शिवसेना ने कहा, ‘‘यदि मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह केवल असली किसान नेताओं से ही बात करेंगे तो सरकार की ओर से असली किसानों को ही असल किसान नेताओं से बातचीत करनी चाहिए. लेकिन क्या आपकी सरकार में एक भी असली किसान है?’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा था कि सरकार सिर्फ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से ही बात करेगी, अन्य से नहीं। सरकार उन लोगों के साथ बात नहीं करेगी, जो किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. शिवसेना ने कहा कि जो लोग हड़ताल के दौरान खेती की उपज को बर्बाद किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह जवाब भी देना चाहिए कि जब किसान हड़ताल नहीं कर रहे थे, तब क्या कोई बर्बादी नहीं हो रही थी? शिवसेना ने सवाल उठाया, ‘‘कच्चे तेल की कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गईं लेकिन क्या महंगाई कम हुई? पिछले साल अच्छे मानसून के चलते भारी पैदावार हुई लेकिन क्या सब्जियों की कीमतें कम हुईं? तीन साल बीत गए लेकिन क्या ‘अच्छे दिनों’ के वादे पूरे किए गए?’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सामाना के संपादकीय में नोटबंदी के फैसले पर भी निशाना नोटबंदी के फैसले ने कर्ज में दबे किसानों को निराशा में धकेला कृषि क्षेत्र के प्रति केंद्र सरकार पर बेपरवाह
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रूस के ततारस्तान गणराज्य में बुल्गारिया के एक जहाज के वोल्गा नदी में डूब जाने से 100 से अधिक लोग लापता हो गए जबकि 80 लोगों को बचा लिया गया। जहाज में 185 लोग सवार थे। रूस के आपातकालीन मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से यह खबर दी गई है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक दो लोगों के शव बरामद किए गए है और 100 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा ततारस्तान के कांसको-उस्तीनोवस्की जिले में स्यूकेयेवो गांव के निकट रविवार को हुआ। प्रवक्ता ने कहा, "80 लोगों को बचा लिया गया है जिनमें से 79 लोगों को ततारस्तान की राजधानी कजान लाया गया है।" उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में 223 लोगों को लगाया गया है जिसमें 80 गोताखोर शामिल हैं। गौरतलब है कि रूसी जांच समिति ने इससे पहले खबर दी थी कि हादसे के समय बुल्गारियाई जहाज पर 179 लोग सवार थे , जिसमें 76 लोगों को बचा लिया गया है। दो महिलाओं को मृत पाया गया।
संक्षिप्त सारांश: रूस के ततारस्तान गणराज्य में बुल्गारिया के एक जहाज के वोल्गा नदी में डूब जाने से 100 से अधिक लोग लापता हो गए हैं।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने भाजपा नेताओं को राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के नाम पर पश्चिम बंगाल के एक भी नागरिक को 'छू कर दिखाने की चुनौती दी.' एनआरसी के विरोध में निकाली गई रैली में उन्होंने कहा, 'हम बंगाल में एनआरसी को कभी इजाजत नहीं देंगे. हम उन्हें धार्मिक एवं जातिगत आधार पर लोगों को बांटने की इजाजत नहीं देंगे. हम असम में एनआरसी को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर असम के लोगों को चुप कराया है, लेकिन वे बंगाल को चुप नहीं करा सकते.'  ममता के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी रिएक्शन आया. पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने कहा कि बंगाल में भी एनआरसी को लागू करेंगे और घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे. उन्होंने ममता सरकार पर बांग्लादेशी मुसलमानों को बचाने का भी आरोप लगाया. दिलीप घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी सरकार बंगाल में एक करोड़ से अधिक बांग्लादेशी मुसलमानों, रोहिंग्या को बचा रही है.
यह एक सारांश है: कोलकाता की सड़कों पर उतरीं ममता बीजेपी को NRC पर किया आगाह 'बंगाल में NRC को इजाजत नहीं देंगे'
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कंप्यूटर एवं लैपटॉप से ज्यादा रैम वाले स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च किए जाने लगे हैं। हैंडसेट निर्माता कंपनियां पिछले काफी समय से अपने कुछ स्मार्टफोन के प्रीमियम या कह लीजिए टॉप-वेरिएंट में 12 जीबी रैम दे रही हैं। हाल ही में OnePlus ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 7 Pro को भारत में लॉन्च किया है और इसके टॉप वेरिएंट में आपके कंप्यूटर एवं लैपटॉप से ज्यादा रैम है, जीं हां इसका टॉप वेरिएंट 12 जीबी रैम से लैस है। अगर आप भी 12 जीबी रैम से लैस स्मार्टफोन के बारे में जानना चाहते हैं तो आज हम अपने लेख द्वारा आपको इसी विषय में जानकारी मुहैया कराएंगे। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि नीचे बताए गए स्मार्टफोन में से केवल कुछ ही ऐसे स्मार्टफोन हैं जो अभी भारतीय मार्केट में उपलब्ध हैं। हम साफ कर दें कि ये केवल स्मार्टफोन की एक लिस्ट मात्र है, इसमें कहीं भी हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसमें से कौन सा स्मार्टफोन बेहतर है। वनप्लस 7 प्रो स्मार्टफोन को हाल ही में भारत में लॉन्च किया गया है। यह इस साल का OnePlus का फ्लैगशिप हैंडसेट है। OnePlus 7 Pro के साथ ही कंपनी ने किफायती OnePlus 7 को भी लॉन्च किया है। वनप्लस 7 प्रो की अहम खासियतों की बात करें तो यह  फोन क्वाडएचडी+ रिज़ॉल्यूशन और 90 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट के साथ आता है। OnePlus 7 Pro में 4000 एमएएच की बैटरी दी गई है और यह 12 जीबी रैम के साथ आता है। वनप्लस 7 प्रो की कीमत भारत में 48,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। हैंडसेट के 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 52,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। फोन का सबसे महंगा वेरिएंट 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज से लैस है। इसका दाम 57,999 रुपये है। फोन को अलमॉन्ड, मिरर ग्रे और नेब्यूला ब्लू रंग में उपलब्ध कराया जाएगा। OnePlus 7 Pro के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल-सिम वाला यह स्मार्टफोन एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित ऑक्सीजनओएस पर चलता है। सॉफ्टवेयर अब स्क्रीन रिकॉर्डिंग और ज़ेन मोड जैसे फीचर को लेकर आता है। OnePlus 7 Pro में क्वाड-एचडी+ रिजॉल्यूशन (1440x3120 पिक्सल) वाला डिस्प्ले दिया गया है। हैंडसेट में 6.67 इंच की फ्लूइड एमोलेड स्क्रीन है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है और पिक्सल डेनसिटी 516 पीपीआई है। डिस्प्ले पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। स्मार्टफोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 640 जीपीयू इंटीग्रेटेड है और जुगलबंदी के लिए 12 जीबी तक रैम हैं। OnePlus 7 Pro ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 सेंसर है। प्राइमरी कैमरा एफ/1.6 अपर्चर वाला है और यह ऑप्टिकल इमेज स्टेबालइज़ेशन व इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइज़ेशन से लैस है। सेकेंडरी कैमरा 16 मेगापिक्सल का है। एफ/ 2.4 अपर्चर वाला यह सेंसर अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस से लैस है। इनके साथ 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया है। रियर कैमरा सेटअप के साथ डुअल फ्लैश मॉड्यूल भी है। यह फेज़ डिटेक्शन ऑटोफोकस, लेज़र ऑटोफोकस और कॉन्ट्रास्ट ऑटोफोकस को सपोर्ट करता है। पोर्ट्रेट, अल्ट्राशॉट, नाइटस्केप, प्रो मोड, एआई सीन डिटेक्शन, पनोरमा, एचडीआर, स्टूडियो लाइटनिंग, टाइम लैप्स और रॉ इमेज जैसे फीचर भी दिए गए हैं। OnePlus ने वनप्लस 7 प्रो में पॉप-अप कैमरा दिया है। यहां 16 मेगापिक्सल का Sony IMX471 सेंसर है। स्टोरेज के आधार पर OnePlus 7 Pro के दो विकल्प हैं- 128 जीबी और 256 जीबी यूएफएस 3.0 2-लेन स्टोरेज। कंपनी का दावा है कि यह ज़्यादा तेज़ स्टोरेज स्टेंडर्ड के साथ आने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। वनप्लस के अन्य हैंडसेट की तरह इसमें भी माइक्रोएसडी कार्ड के लिए कोई सपोर्ट नहीं है। OnePlus 7 Pro के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, एनएफसी, जीपीएस/ ए-जीपीएस और माइक्रो-यूएसबी टाइप-सी शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, जायरोस्कोप, मैगनेटोमीटर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इसका हिस्सा हैं।  OnePlus 7 Pro की बैटरी 4,000 एमएएच की है। यह 30 वॉट की Warp Charge फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती है। सैमसंग गैलेक्सी एस10 प्लस को इस साल मार्च में भारतीय मार्केट में लॉन्च किया गया था। अहम खासियतों की बात करें तो यह हैंडसेट इनफिनिटी ओ डिस्प्ले, डायनमिक एमोलेड पैनल और कंपनी के लेटेस्ट एक्सीनॉस 9820 प्रोसेसर से लैस है। सैमसंग गैलेक्सी एस10+ का दाम 73,900 रुपये में शुरू होता है। यह 8 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत है। फोन का 8 जीबी रैम/ 512 जीबी वेरिएंट को 91,900 रुपये और 12 जीबी रैम/ 1 टीबी स्टोरेज वेरिएंट को 1,17,900 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस फोन के 512 जीबी और 1 टीबी स्टोरेज वेरिएंट सेरामिक ब्लैक और सेरामिक व्हाइट रंग में उपलब्ध होंगे। 128 जीबी मॉडल प्रिज़्म ब्लैक, प्रिज़्म ब्लू और प्रिज़्म व्हाइट रंग में उपलब्ध है। Samsung Galaxy S10+ के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 6.4 इंच की क्वाडएचडी+ कर्व्ड डायनमिक एमोलेड इनफिनिटी ओ स्क्रीन है। इसका भी आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। पिक्सल डेनसिटी 438 पीपीआई है। इसमें सैमसंग एक्सीनॉस 9820 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। लेकिन 8 जीबी रैम के अलावा एक 12 जीबी रैम वाला वेरिएंट भी है। Galaxy S10+ का रियर कैमरा सेटअप Galaxy S10 वाला ही है। लेकिन फ्रंट पैनल पर इस स्मार्टफोन में डुअल कैमरा सेटअप है। इस सेटअप में प्राइमरी सेल्फी कैमरा सेंसर Galaxy S10 वाला ही है। जुगलबंदी के लिए 8 मेगापिक्सल का फिक्स्ड फोकस आरजीबी डेप्थ सेंसर दिया गया है। Galaxy S10+ की इनबिल्ट स्टोरेज के तीन विकल्प हैं- 128 जीबी, 512 जीबी और 1 टीबी। तीनों ही वेरिएंट में 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। कनेक्टिविटी फीचर और सेंसर्स गैलेक्सी एस10 वाले ही हैं। फोन में 4,100 एमएएच की बैटरी दी गई है। इसका डाइमेंशन 157.6x74.1x7.8 मिलीमीटर है और वज़न 175 ग्राम। नूबिया रेड मैजिक 3 गेमिंग स्मार्टफोन को इस साल अप्रैल में चीनी मार्केट में लॉन्च किया गया था। गेमिंग के दीवानों के लिए बने Nubia Red Magic 3 स्मार्टफोन की अहम खासियतों की बात करें तो इसमें 5,000 एमएएच बैटरी, 90 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर है। रैम और स्टोरेज पर आधारित इस फोन के कई वेरिएंट हैं। चीनी मार्केट में नूबिया रेड मैजिक 3 की कीमत 2,899 चीनी युआन (करीब 29,476 रुपये) से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। ग्राहक 3,199 चीनी युआन (करीब 32,527 रुपये) में 6 जीबी रैम+ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट खरीद पाएंगे। 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 3,499 चीनी युआन (करीब 35,577 रुपये) और 12 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 4,299 चीनी युआन (करीब 43,712 रुपये) में उपलब्ध होगा। फिलहाल, नूबिया ने इस स्मार्टफोन को भारतीय मार्केट में उपलब्ध कराए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। Nubia Red Magic 3 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो नूबिया रेड मैजिक 3 में टॉप और बॉटम पर बेहद ही पतले बेज़ल हैं। पिछले हिस्से पर एक मात्र कैमरा है। इसके बैक पैनल का डिज़ाइन बहुत हद तक Red Magic Mars जैसा है। यह ब्लैक और रेड रंग में उपलब्ध होगा। Red Magic 3 एंड्रॉयड पाई पर चलेगा। इसमें डुअल सिम स्लॉट हैं। फोन में 6.65 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एचडीआर एमोलेड डिस्प्ले है। 90 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट और 430 निट्स ब्राइटनेस के साथ। फोन में स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी, 8 जीबी और 12 जीबी रैम दिए गए हैं। इनबिल्ट स्टोरेज के तीन विकल्प हैं- 64 जीबी, 128 जीबी और 256 जीबी। पिछले हिस्से पर एफ/ 1.7 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 सेंसर है। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है। यह एआई ब्यूटी फीचर्स से लैस है। हैंडसेट की बैटरी 5,000 एमएएच की है और यह 30 वॉट फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके बारे में 10 मिनट की चार्जिंग में 1 घंटे का गेम प्ले देने का दावा है। फोन डुअल फ्रंट फेसिंग स्टीरियो स्पीकर्स के साथ आता है। कनेक्टिविटी के लिए हैंडसेट वाई-फाई, ब्लूटूथ, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक,  4जी एलटीई और अन्य स्टेंडर्ड फीचर से लैस है। Red Magic 3 का डाइमेंशन 171.7x78.5x9.65 मिलीमीटर है और वज़न 215 ग्राम। Xiaomi की सहयोगी कंपनी Black Shark ने इस साल मार्च में अपने नए गेमिंग स्मार्टफोन Black Shark 2 को चीन में लॉन्च किया था। ब्लैक शार्क 2 स्मार्टफोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर और स्नैपड्रैगन इलाइट गेमिंग ग्राफिक प्रोसेसिंग तकनीक के साथ आता है। यह फोन हीट मैनेजमेंट के लिए लिक्विड कूल 3.0 टेक्नोलॉजी से लैस है। स्मार्टफोन की अहम खासियतों की बात करें तो फोन में 256 जीबी तक की स्टोरेज और 12 जीबी तक रैम है। Black Shark 2 को फिलहाल भारत में लॉन्च नहीं किया गया है लेकिन चीनी मार्केट में ब्लैक शार्क 2 की शुरुआती कीमत 3,199 चीनी युआन (लगभग 32,527 रुपये) है। इस दाम में आपको 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलेगा। इसके 8 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 3,499 चीनी युआन लगभग 35,577 रुपये) है। इसका 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 3,799 चीनी युआन (लगभग 38,628 रुपये) और इसके प्रीमियम मॉडल में 12 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज है जिसकी कीमत 4,199 चीनी युआन (लगभग  42,695 रुपये) है। Black Shark 2 के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल-सिम (नैनो) वाले ब्लैक शार्क 2 स्मार्टफोन में 6.39 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एमोलेड डिस्प्ले है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है और इसकी पिक्सल डेनसिटी 403 पिक्सल प्रति इंच है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए हैंडसेट में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ एड्रेनो 640 जीपीयू और 12 जीबी तक रैम है। अब बात Black Shark 2 के कैमरा सेटअप की। ब्लैक शार्क 2 में दो रियर कैमरे हैं, फोन के पिछले हिस्से में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है जिसका अपर्चर एफ/1.75 है। सेकेंडरी सेंसर 12 मेगापिक्सल का है जिसका अपर्चर एफ/2.2 है। रियर कैमरा 2एक्स ऑप्टिकल ज़ूम सपोर्ट के साथ आता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जिसका अपर्चर एफ/2.0 है। Black Shark 2 में दो स्टोरेज वेरिएंट मिलेंगे- एक 128 जीबी और दूसरा 256 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। कनेक्टिविटी के लिए हैंडसेट में 4 जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल है। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, जायरोस्कोप, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर फोन का हिस्सा हैं। फोन में जान फूंकने के लिए  4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है। फोन की लंबाई-चौड़ाई 163.61x75.01x8.77 मिलीमीटर है। लेनोवो ज़ेड6 प्रो को इस साल अप्रैल में लॉन्च किया गया है। यह फोन कंपनी द्वारा बीते साल लॉन्च किए गए Lenovo Z5 Pro का अपग्रेड है। यह हैंडसेट स्लाइडर डिज़ाइन वाला था। लेकिन इस बार कपंनी ने वाटरड्रॉप स्टाइल नॉच पर भरोसा जताया है। Lenovo Z6 Pro की अन्य खासियतों की बात करें तो इसमें एआई से लैस चार रियर कैमरों, नेक्स्ट जेनरेशन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ आता है। फिलहाल, Lenovo Z6 Pro को भारत में लॉन्च किए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन चीनी मार्केट में Lenovo Z6 Pro के 6 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट की कीमत 2,899 चीनी युआन (करीब 29,476 रुपये) है। इस फोन के तीन और वेरिएंट हैं- 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज, 8 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज और 12 जीबी रैम + 512 जीबी स्टोरेज। तीनों वेरिएंट को क्रमशः 2,999 चीनी युआन (करीब 30,493 रुपये), 3,799 चीनी युआन (करीब 38,628 रुपये) और 4,999 चीनी युआन (करीब 50,829 रुपये) में बेचा जाएगा। Lenovo Z6 Pro के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो यह फोन एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित ज़ेडयूआई 11 पर चलता है। इसमें गेम टर्बो मोड, यू टच, यू हेल्थ और कई नए सॉफ्टवेयर फीचर हैं। डुअल-सिम (नैनो) Lenovo Z6 Pro में 6.39 इंच का एमोलेड डिस्प्ले है। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी है। फेस अनलॉक सपोर्ट भी फोन में मौज़ूद है। Lenovo Z6 Pro में क्वालकॉम के फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 640 जीपीयू इंटिग्रेटेड है। रैम के तीन विकल्प हैं- 6 जीबी/ 8 जीबी/ 12 जीबी। Lenovo ने ज़ेड6 प्रो में तापमान नियंत्रण के लिए पीसी ग्रेड का कोल्डफ्रंट लिक्विड कूलिंग सिस्टम दिया है। Lenovo Z6 Pro की अहम खासियत है कैमरा सेटअप। स्मार्टफोन एआई से लैस चार रियर कैमरों के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 48 मेगापिक्सल का एफ/ 1.8 अपर्चर वाला प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ 16 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर है। यह वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया है और साथ में एक 2 मेगापिक्सल का सेंसर भी है। ToF (टाइम ऑफ फ्लाइट) कैमरा और पीडीएएफ सेंसर को भी फोन का हिस्सा बनाया गया है। कंपनी ने ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन भी दिया है। यूज़र्स सुपर नाइट सीन, सुपर मैक्रो, सुपर वाइड एंगल, सुपर बॉडी और डुअल सीन का भी मज़ा ले पाएंगे। Lenovo के इस फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा भी है। लेनोवो ज़ेड6 प्रो 512 जीबी तक की इनबिल्ट स्टोरेज के साथ आता है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.0, डुअल फ्रिंक्वेंसी जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। बैटरी 4,000 एमएएच की है। यह 27 वॉट की फास्ट चार्जिंग और रीवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। वीवो ने नए सब-ब्रांड आइको का गठन किया था। Vivo iQoo, इस सब-ब्रांड का पहला गेमिंग स्मार्टफोन है। Vivo ने इस फोन में स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर और वेपर कूलिंग सिस्टम दिया है। Vivo iQoo में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होगा, Sony IMX363 सेंसर के साथ। आइको फोन 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज के साथ आता है। चीनी मार्केट में वीवो आइको की कीमत 2,998 चीनी युआन (करीब 30,483 रुपये) से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। इसका इलेक्ट्रिक ब्लू और लावा ऑरेंज कलर वेरिएंट है। Vivo iQoo का 8 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 3,298 चीनी युआन (करीब 33,533 रुपये) का है। इस फोन का 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज मॉडल 3,598 चीनी युआन (करीब 36,584 रुपये) में मिलेगा। इस फोन का टॉप-मॉडल 12 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज से लैस है। इसका दाम 4,298 चीनी युआन (करीब 43,701 रुपये) है। फिलहाल, इस फोन को भारत में लाए जाने के संबंध में कुछ नहीं बताया गया है। Vivo iQoo के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो वीवो आइको 3डी ग्लास बिल्ड के साथ आता है। पिछले हिस्से पर एलईडी स्ट्रिप है। टॉप-वेरिएंट कार्बन फाइबर बैक के साथ आता है। iQoo के पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर नहीं है। यह फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर की पुष्टि करता है। इसके अलावा पिछले हिस्से पर ट्रिपल कैमरा सेटअप है। डुअल-सिम Vivo iQoo एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित फनटच ओएस 9 पर चलता है। इसमें 6.41 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एमोलेड डिस्प्ले है। यह वाटरड्रॉप नॉच और 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो से लैस है। फोन की स्क्रीन टू बॉडी रेशियो 91.7 प्रतिशत है। हैंडसेट में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। रैम के तीन विकल्प हैं- 6 जीबी, 8 जीबी और 12 जीबी। Vivo iQoo में पिछले हिस्से पर तीन रियर कैमरे हैं। यहां 13 मेगापिक्सल का Sony IMX263 सेंसर वाला वाइड एंगल लेंस, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर है। iQoo के फ्रंट पैनल पर 12 मेगापिक्सल का कैमरा है। Vivo की इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 128 जीबी और 256 जीबी। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी एलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस/ ए- जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। iQoo में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है। बैटरी 4,000 एमएएच की है। यह वीवो सुपर फ्लैश चार्ज टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती है। iQoo का डाइमेंशन 157.69x75.2x8.51 मिलीमीटर है। पिछले साल दिसंबर में लेनोवो ने Lenovo Z5s के साथ Lenovo Z5 Pro GT स्मार्टफोन को भी लॉन्च किया था। लेनोवो जे़ड5 प्रो जीटी की अहम खासियतों की बात करें तो इसमें 7एनएम क्वालकॉम चिप और 12 जीबी तक रैम वेरिएंट उपलब्ध है। OnePlus 7 Pro और Galaxy S10+ की तरह फिलहाल लेनोवो ब्रांड का यह हैंडसेट अभी भारत में उपलब्ध नहीं है। यह फोन स्लाइडर डिजाइन के साथ आता है। सिक्योरिटी के लिए फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक सपोर्ट मिलेगा। चीनी मार्केट में Lenovo Z5 Pro GT की कीमत 2,698 चीनी युआन (लगभग 27,433 रुपये) है। इस दाम में 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलेगा। इसके 8 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का दाम 2,998 चीनी युआन (लगभग 30,483 रुपये) है। वहीं, इसका 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 3,398 चीनी युआन (लगभग 41,100 रुपये) में मिलेगा। Lenovo Z5 Pro GT के 12 जीबी रैम/ 512 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 4,398 चीनी युआन (लगभग 44,718 रुपये) है। Lenovo Z5 Pro GT के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो डुअल-सिम (नैनो) वाला यह स्मार्टफोन जे़डयूआई 10.0 पर आधारित एंड्रॉयड 9.0 पाई पर चलता है। फोन में 6.39 इंच (1080x2340 पिक्सल) फुल एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले है, जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 92.6 प्रतिशत है। स्क्रीन प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास का इस्तेमाल हुआ है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए फोन में स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ 6 जीबी, 8 जीबी और 12 जीबी तीन रैम विकल्प मौजूद हैं। फोटो, वीडियो और अन्य चीजों को सेव करने के लिए 128 जीबी, 256 जीबी और 512 जीबी तीन इनबिल्ट स्टोरेज विकल्प मिलेंगे। हाइब्रिड माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 256 जीबी तक बढ़ाना संभव होगा। अब बात कैमरा सेटअप की। फोटोग्राफी के लिए Z5 Pro GT  के बैक पैनल पर दो रियर कैमरे हैं। एफ/1.8 अपर्चर वाला 16 मेगापिक्सल का सोनी आईएमएक्स519 सेंसर और दूसरा सेंसर 24 मेगापिक्सल का है। सेल्फी के शौकीन लोगों के लिए फ्रंट पैनल पर भी दो रियर कैमरे मिलेंगे, 16 मेगापिक्सल का प्राइमरी और 8 मेगापिक्सल का आईआर सेंसर है। सिक्योरिटी के लिए फोन में फेस अनलॉक सपोर्ट और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई 802.11एसी, 4जी एलटीई, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस/ए-जीपीएस, एनएफसी और यूएसबी टाइप-सी सपोर्ट शामिल है। एंबियंट लाइट सेंसर, हॉल सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंपास, ग्रेविटी सेंसर, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। Lenovo Z5 Pro GT में जान फूंकने के लिए 3,350 एमएएच की बैटरी दी गई है। फोन की लंबाई-चौड़ाई की बात करें तो 155.12x73.04x9.3 मिलीमीटर और वजन 210 ग्राम है।
सारांश: OnePlus 7 Pro में पॉप-अप सेल्फी कैमरा दिया गया है Samsung Galaxy S10 Plus का दाम 73,900 रुपये से शुरू होता है स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर से लैस है Black Shark 2
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया टीम अगले साल फरवरी मार्च में चार टेस्ट मैचों की शृंखला खेलने भारत आएगी। भारत को अपनी मेजबानी में 4-0 से हराने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कानपुर, चेन्नई, दिल्ली और मोहाली में टेस्ट खेलेगी। क्रिकेट बोर्ड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी ने यह जानकारी दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम अभ्यास मैच भी खेलेगी, लेकिन दौरे पर कोई टी-20 या वनडे मैच नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा अभी बीसीसीआई ने नहीं की है। यह दौरा 13 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र के समापन के बाद ही होगा। क्रिकेट बोर्ड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी ने यह जानकारी दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम अभ्यास मैच भी खेलेगी, लेकिन दौरे पर कोई टी-20 या वनडे मैच नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा अभी बीसीसीआई ने नहीं की है। यह दौरा 13 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र के समापन के बाद ही होगा।
ऑस्ट्रेलिया टीम अगले साल फरवरी मार्च में चार टेस्ट मैचों की शृंखला खेलने भारत आएगी। भारत को अपनी मेजबानी में 4-0 से हराने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कानपुर, चेन्नई, दिल्ली और मोहाली में टेस्ट खेलेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बांटे जाने वाले मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी की शिकायतें तो अक्सर आती रहती हैं लेकिन महाराष्ट्र में बुधवार को काफी संगीन मामला सामने आया. पहले मिड डे मील में चूहा, काकरोच मिलने की कई खबरें आ चुकी हैं अब बच्चों को भोजन में सांप मिला! इस घटना से हड़कंप मच गया. नांदेड़ जिले में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के छात्रों को मिड डे मील के तहत परोसी गई खिचड़ी में सांप के मिलने से हड़कंप मच गया. यह घटना बुधवार को गरगवान जिला परिषद प्राइमरी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील परोसने के दौरान सामने आई. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि उक्त स्कूल में पहली से पांचवी तक में 80 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं. यह स्कूल नांदेड़ से 50 किलोमीटर दूर स्थित है. स्कूल के कर्मचारियों ने जैसे ही खिचड़ी परोसना शुरू किया, वे खिचड़ी के बड़े पात्र में सांप को देखकर हैरान रह गए. इस घटना की पुष्टि करते हुए नांदेड़ जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्रशांत दिगरास्कर ने कहा कि सांप का पता चलने के बाद भोजन सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया जिससे ज्यादातर बच्चे भूखे रह गए. दिगरास्कर ने गुरुवार को कहा, "हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए गए हैं. डीईओ से एक दल जांच के लिए आज गांव गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति ने खिचड़ी बनाने का ठेका स्थानीय समूहों या गैर सरकारी संगठनों को दिया है. (इनपुट आईएएनएस से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्कूल में भोजन सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया प्रशासन ने जांच के लिए एक दल को गांव भेजा जांच रिपोर्ट आने पर की जाएगी कार्रवाई
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने के मुख्य मुद्दे के साथ रविवार को शुरू हुई जी 20 शिखर बैठक के उद्घाटन सत्र में मेजबान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सदस्य देशों से 'खोखली बातों' से बचने और ठोस कदम उठाने की नसीहत दी. राष्ट्रपति शी ने सभी राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों का इस सम्मेलन में हाथ मिलाकर स्वागत किया. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बारी आने पर दोनों ने कुछ लंबे समय तक एक दूसरे का हाथ थामे रखा और मुस्कुराते रहे. जबकि शनिवार को ओबामा के यहां आगमन पर शिष्टाचार के नियमों में कई गड़बड़ियां दिखीं थीं. गोल सभा कक्ष में चीन की राष्ट्रपति ने कहा कि जी20 को 'सिर्फ खोखली बातें करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए.' शी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने अब भी अनेक जोखिम व चुनौतियां हैं, आर्थिक वृद्धि और उपभोग की रफ्तार नहीं बढ़ रही है, वित्तीय बाजारों में अशांति है और अंतरराष्ट्री व्यापार व निवेश संकुचित हो रहा है. उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि हांगझोउ शिखर सम्मेलन से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए कुछ नुस्खे निकलेंगे, जिससे दुनिया फिर से मजबूत, संतुलित, व्यापक और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि की राह पर चल निकलेगी.' सम्मेलन के दौरान पूर्वी चीन के इस शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं और सड़कों पर वीरानी छाई हुई है. चीन को उम्मीद है कि इस सम्मेलन की सफलता से विश्व मंच पर उसका रतबा और बढ़ेगा. चीन अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. टिप्पणियां सम्मेलन के दौरान शहर के प्रदूषण कम दिखे इसके लिए अधिकारियों ने हजारों कारखानों को बंद करवा रखा है और लोगों को छुट्टी लेकर बाहर चले जाने को प्रोत्साहित किया गया है. किसी धरने प्रदर्शन की संभावना को खत्म करने के लिए दर्जनों असंतुष्टों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रपति शी ने सभी राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों का इस सम्मेलन में हाथ मिलाकर स्वागत किया. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बारी आने पर दोनों ने कुछ लंबे समय तक एक दूसरे का हाथ थामे रखा और मुस्कुराते रहे. जबकि शनिवार को ओबामा के यहां आगमन पर शिष्टाचार के नियमों में कई गड़बड़ियां दिखीं थीं. गोल सभा कक्ष में चीन की राष्ट्रपति ने कहा कि जी20 को 'सिर्फ खोखली बातें करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए.' शी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने अब भी अनेक जोखिम व चुनौतियां हैं, आर्थिक वृद्धि और उपभोग की रफ्तार नहीं बढ़ रही है, वित्तीय बाजारों में अशांति है और अंतरराष्ट्री व्यापार व निवेश संकुचित हो रहा है. उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि हांगझोउ शिखर सम्मेलन से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए कुछ नुस्खे निकलेंगे, जिससे दुनिया फिर से मजबूत, संतुलित, व्यापक और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि की राह पर चल निकलेगी.' सम्मेलन के दौरान पूर्वी चीन के इस शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं और सड़कों पर वीरानी छाई हुई है. चीन को उम्मीद है कि इस सम्मेलन की सफलता से विश्व मंच पर उसका रतबा और बढ़ेगा. चीन अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. टिप्पणियां सम्मेलन के दौरान शहर के प्रदूषण कम दिखे इसके लिए अधिकारियों ने हजारों कारखानों को बंद करवा रखा है और लोगों को छुट्टी लेकर बाहर चले जाने को प्रोत्साहित किया गया है. किसी धरने प्रदर्शन की संभावना को खत्म करने के लिए दर्जनों असंतुष्टों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गोल सभा कक्ष में चीन की राष्ट्रपति ने कहा कि जी20 को 'सिर्फ खोखली बातें करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए.' शी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने अब भी अनेक जोखिम व चुनौतियां हैं, आर्थिक वृद्धि और उपभोग की रफ्तार नहीं बढ़ रही है, वित्तीय बाजारों में अशांति है और अंतरराष्ट्री व्यापार व निवेश संकुचित हो रहा है. उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि हांगझोउ शिखर सम्मेलन से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए कुछ नुस्खे निकलेंगे, जिससे दुनिया फिर से मजबूत, संतुलित, व्यापक और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि की राह पर चल निकलेगी.' सम्मेलन के दौरान पूर्वी चीन के इस शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं और सड़कों पर वीरानी छाई हुई है. चीन को उम्मीद है कि इस सम्मेलन की सफलता से विश्व मंच पर उसका रतबा और बढ़ेगा. चीन अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. टिप्पणियां सम्मेलन के दौरान शहर के प्रदूषण कम दिखे इसके लिए अधिकारियों ने हजारों कारखानों को बंद करवा रखा है और लोगों को छुट्टी लेकर बाहर चले जाने को प्रोत्साहित किया गया है. किसी धरने प्रदर्शन की संभावना को खत्म करने के लिए दर्जनों असंतुष्टों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सम्मेलन के दौरान पूर्वी चीन के इस शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं और सड़कों पर वीरानी छाई हुई है. चीन को उम्मीद है कि इस सम्मेलन की सफलता से विश्व मंच पर उसका रतबा और बढ़ेगा. चीन अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. टिप्पणियां सम्मेलन के दौरान शहर के प्रदूषण कम दिखे इसके लिए अधिकारियों ने हजारों कारखानों को बंद करवा रखा है और लोगों को छुट्टी लेकर बाहर चले जाने को प्रोत्साहित किया गया है. किसी धरने प्रदर्शन की संभावना को खत्म करने के लिए दर्जनों असंतुष्टों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सम्मेलन के दौरान शहर के प्रदूषण कम दिखे इसके लिए अधिकारियों ने हजारों कारखानों को बंद करवा रखा है और लोगों को छुट्टी लेकर बाहर चले जाने को प्रोत्साहित किया गया है. किसी धरने प्रदर्शन की संभावना को खत्म करने के लिए दर्जनों असंतुष्टों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति शी ने सभी राष्ट्राध्यक्षों का इस सम्मेलन में हाथ मिलाकर स्वागत जब अमेरिकी राष्ट्रपति की बारी आई तो दोनों ने कुछ लंबे समय तक हाथ थामे रखा ओबामा के यहां आगमन पर शिष्टाचार के नियमों में कई गड़बड़ियां दिखीं थीं
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'वॉर (War)' जल्द ही बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होने वाली है. फिल्म में ऋतिक और टाइगर के जबरदस्त एक्शन को देखने के लिए हर कोई बेकरार है. हालांकि, 'वॉर' ने रिलीज होने से पहले ही एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिससे हर कोई हैरान है. दरअसल, बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक फिल्म 'वॉर' (War) के टिकटों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है. 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म को देखने के लिए लोग इतने एक्साइटेड हैं कि फिल्म के टिकट भी हाथोंहाथ बिक रहे हैं. 'वॉर' को मैक्सिमम स्क्रीन्स पर दिखाया जाएगा, और अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म पहले दिन लगभग 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, 'टाइगर जिंदा है (Tiger Zinda Hai)' से लेकर 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' तक सभी बड़ी फिल्मों का ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर (War)' ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, हालांकि ये फिल्म साउथ के सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) की फिल्म 'Bahubali: The Conclusion' का रिकॉर्ड तोड़ने में सफल नहीं हो पाई है. बता दें कि ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर' (War) का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. वैसे तो ऋतिक और टाइगर की यह फिल्म 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के मौके पर रिलीज होने वाली है, लेकिन लोगों में इसे लेकर अभी से ही काफी एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है. इस फिल्म में एक्ट्रेस वाणी कपूर (Vaani Kapoor) भी मुख्य किरदार निभाती नजर आएंगी. इससे पहले ऋतिक रोशन ने सुपर 30 (Super 30) के जरिए भी खूब तारीफें बटोरी थीं.  देखें Video -
यह एक सारांश है: ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर' ने बनाया ये रिकॉर्ड 2 अक्टूबर को रिलीज होगी फिल्म रिलीज से पहले ही 'वॉर' ने बना दिया ये रिकॉर्ड
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण मामले में दिल्ली पुलिस कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है। फिलहाल पुलिस राजस्थान रॉयल्स टीम के गिरफ्तार खिलाड़ी अजित चंदीला की संपत्तियों की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चंदीला ने पिछले दो साल में फरीदाबाद से लेकर मुंबई तक कई संपत्तियां खरीदीं। कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की टीम ने छापेमारी में चंदीला की बुआ के घर रखे गए उसके किट बैग से 20 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके बाद से पुलिस चंदीला को ही फिक्सिंग का अहम किरदार बता रही है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि पिछले वर्ष आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के लिए अजित चंदीला को कथित रूप से 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मैचों में हेरफेर करने का प्रयास विफल रहा, क्योंकि वह ज्यादा मैच नहीं खेल सका।  तय सौदे के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण कथित सटोरिये सुनील भाटिया द्वारा धन लौटाने का दबाव बनाने के बाद चंदीला ने चार-चार लाख रुपये के तीन चेक दिए, जिनमें से दो बाउंस हो गए। इस पूरे  मामले में दिल्ली पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जिन्हें वह ठोस सबूतों में बदलने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने पांच सटोरियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चंदीला ने पिछले दो साल में फरीदाबाद से लेकर मुंबई तक कई संपत्तियां खरीदीं। कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की टीम ने छापेमारी में चंदीला की बुआ के घर रखे गए उसके किट बैग से 20 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके बाद से पुलिस चंदीला को ही फिक्सिंग का अहम किरदार बता रही है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि पिछले वर्ष आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के लिए अजित चंदीला को कथित रूप से 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मैचों में हेरफेर करने का प्रयास विफल रहा, क्योंकि वह ज्यादा मैच नहीं खेल सका।  तय सौदे के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण कथित सटोरिये सुनील भाटिया द्वारा धन लौटाने का दबाव बनाने के बाद चंदीला ने चार-चार लाख रुपये के तीन चेक दिए, जिनमें से दो बाउंस हो गए। इस पूरे  मामले में दिल्ली पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जिन्हें वह ठोस सबूतों में बदलने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने पांच सटोरियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि पिछले वर्ष आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के लिए अजित चंदीला को कथित रूप से 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन मैचों में हेरफेर करने का प्रयास विफल रहा, क्योंकि वह ज्यादा मैच नहीं खेल सका।  तय सौदे के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण कथित सटोरिये सुनील भाटिया द्वारा धन लौटाने का दबाव बनाने के बाद चंदीला ने चार-चार लाख रुपये के तीन चेक दिए, जिनमें से दो बाउंस हो गए। इस पूरे  मामले में दिल्ली पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जिन्हें वह ठोस सबूतों में बदलने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने पांच सटोरियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है। इस पूरे  मामले में दिल्ली पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जिन्हें वह ठोस सबूतों में बदलने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने पांच सटोरियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजित चंदीला ने दो साल में फरीदाबाद से लेकर मुंबई तक कई संपत्तियां खरीदीं। कुछ दिन पहले पुलिस की टीम ने छापेमारी में चंदीला की बुआ के घर रखे गए उसके किट बैग से 20 लाख रुपये बरामद किए थे।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने पद नहीं छोड़ने का संकेत देते हुए अपनी सरकार को बर्खास्त कर दिया। इस बीच हजारों प्रदर्शनकारियों ने 30 वर्ष के निरंकुश शासन के खात्मे की मांग को लेकर कर्फ्यू का उल्लंघन कर प्रदर्शन किया। देर रात्रि टेलीविजन पर दिए अपने संदेश में 82 वर्षीय मुबारक ने पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले, रबर की गोलियां और पानी के बौछारों का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों पर अंकुश लगाने की कोशिश की। पिछले तीन दशकों से मिस्र पर शासन कर रहे मुबारक ने अपनी कैबिनेट को इस्तीफा देने को कहा और सुधारों का वादा किया। उन्होंने कहा, मैंने सरकार से इस्तीफा देने को कहा है और कल नई सरकार अस्तित्व में आएगी। उन्होंने कहा, सुधारों पर हम पीछे नहीं हटेंगे। हम नए कदमों के साथ आगे बढ़ेंगे जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और इसके शासन तथा नागरिकों के लिए और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करेगा। उनकी घोषणा के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारियों ने काहिरा, अलेक्जांद्रिया और सुयेज में शुक्रवार रात कर्फ्यू का उल्लंघन किया और उन्होंने सड़कों पर उतरकर गश्त कर रहे सैनिकों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
यहाँ एक सारांश है:मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने पद नहीं छोड़ने का संकेत देते हुए अपनी सरकार को बर्खास्त कर दिया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप के पहले मैच में धुआंधार शतकीय पारियां खेलने वाले वीरेंद्र सहवाग और विराट कोहली के छक्कों से कमजोर तबके के 300 से अधिक बच्चों को तालीम मयस्सर हो सकेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ मिलकर रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस की बाउंड्री फोर बुक्स मुहिम के तहत हर छक्के पर कंपनी इन बच्चों के लिए 25,000 रुपये देगी। पहले मैच में 10 छक्के लगाए गए, जिससे कम से कम 300 बच्चों को लाइब्रेरी, किताबें और शिक्षक मिल सकेंगे। सहवाग ने 175 रन की पारी में पांच छक्के लगाए, जबकि कोहली ने दो बार गेंद को सीमा रेखा के पास पहुंचाया। बांग्लादेश के तीन बल्लेबाजों तामिम इकबाल, जुनैद सिद्दीकी और रकीबुल हसन ने भी एक-एक छक्का जड़ा, यानी रिलायंस ने पहले मैच के बाद इस मुहिम में ढाई लाख रुपये दिए। कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार निरक्षरता दूर करने की इस अनूठी मुहिम को भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सहवाग, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग, बल्लेबाज शेन वाटसन, श्रीलंकाई खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज और दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन का समर्थन हासिल है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बांग्लादेश के खिलाफ विश्व कप के पहले मैच में धुआंधार पारी खेलने वाले सहवाग और विराट कोहली के छक्कों से कमजोर तबके के 300 से अधिक बच्चों को तालीम मयस्सर हो सकेगी।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में 2जी स्पेक्ट्रम मामले की आरोपी एवं द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद कनिमोई तथा कलैगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया। सीबीआई की ओर से दाखिल किये गए हलफनामे में वही कारण बताए गए हैं जो दिल्ली उच्च न्यायालय और सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए गिनाए गए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए गत आठ जून को कहा था कि दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्ट्या मामला बनता है और उनके राजनीतिक सम्पर्क भी हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा था, "याचिकाकर्ताओं की वित्तीय और राजनीतिक हैसियत पर विचार करते हुए इस सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि उन्हें इस समय रिहा किया गया तो वे जांच में दखल दे सकते हैं या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।" कनिमोई डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की बेटी हैं। सीबीआई ने न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ द्वारा पूछे गए तीनों प्रश्नों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। न्यायालय ने सीबीआई से यह जानना चाहा था कि कलैगनार टीवी को दी गई 200 करोड़ रुपये की रकम का क्या हुआ, 13 एकीकृत सेवा लाइसेंस देने से सरकार को हुए नुकसान और सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष 2जी मुकदमे की स्थिति क्या है।
सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में 2जी मामले की आरोपी कनिमोई तथा कलैगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: अभी तक बिना किसी विशेष सुविधा वाले मोबाइल फोन (फीचर फोन) पर वीडियो सामग्री नहीं देखी जा सकती थी। लेकिन जिग्सी नाम की एक नई प्रौद्योगिकी ने साधारण मोबाइल फोनों पर भी वीडियो सामग्री देखना संभव बना दिया है। अत्यधिक सस्ते मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले देश के करोड़ों ग्राहक भी अब वीडियो सामग्री देखने का लुत्फ उठा पाएंगे। खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए लोगों को किसी अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना होगा। फोन को हालांकि इंटरनेट सुविधा से युक्त होना चाहिए। जिग्सी एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्रौद्योगिकी है, जिसका विकास कनाडा के टोरंटो की नई नवेली वीडियो स्ट्रीमिंग कम्पनी 'जिग्सी इंक' ने किया है।इस प्रौद्योगिकी से 50 केबीपीएस की गति वाले इंटरनेट नेटवर्क पर भी वीडियो सामग्री का प्रवाह भेजा जा सकता है, जबकि देश में उपयोग होने वाले अधिकतर जीपीआरएस सुविधा वाले फोन की इंटरनेट की गति 60 केबीपीएस होती है। वीडियो स्ट्रीमिंग और वीडिया को डाउनलोड कर देखने में फर्क होता है।स्ट्रीमिंग के तहत वीडियो सामग्री प्रसारक के पास ही रहती है। आप सिर्फ बटन दबा कर कोई भी सामग्री को देख सकते हैं इसे अपने उपकरण पर डाउनलोड करने की उसी तरह जरूरत नहीं होती है, जैसे टेलीविजन देखने के लिए सामग्री को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती है। देश के 90 फीसदी मोबाइल ग्राहकों के पास फीचर फोन हैं।इसका मतलब यह है कि कंपनी को लगभग 50 करोड़ ग्राहक मिल सकते हैं, जो अब तक यूट्यूब जैसी स्ट्रीमिंग सेवा अपने मोबाइल फोन पर नहीं देख पा रहे हैं। जिग्सी बीटा नाम का यह एप्लीकेशन 15 अगस्त से ओवीआई, सेलमेनिया (टाटा डोकोमो, एयरटेल), एपिया जैसे विभिन्न स्टोरों और कंपनी की अपनी वेबसाइट एचटीटीपी कॉलन स्लैस एम डॉट जिगसी डॉट कॉम पर उपलब्ध रहेगा।शुरू में सिर्फ जावा पर काम करने वाले मोबाइल फोन पर ही यह एप्लीकेशन डाउनलोड किया जा सकता है, लेकिन कंपनी एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले मोबाइल फोन निर्माताओं को भी अपने फोन को इस एप्लीकेशन के लिए अनुकूल बनाने के लिए मनाने की कोशिश कर रही है।इस एप्लीकेशन की खासियत यह है कि यदि आपके मोबाइल की इंटरनेट गति घटकर 50 केबीपीएस भी रह जाए, तो भी इस पर बिना किसी रुकावट के वीडियो स्ट्रीमिंग देखी जा सकती है। यानी, यह रुक-रुक कर नहीं, बल्कि धारा प्रवाह चलेगा। इस एप्लीकेशन में यह सुविधा है कि यदि कोई वीडियो सामग्री देखते वक्त मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाए या अन्य किसी वजह से मोबाइल बंद हो जाए, तो अगली बार सामग्री वहीं से चल सकती है, जहां यह बंद हुई थी।यह एप्लीकेशन 2जी (जीपीआरएस), 3जी, वाईफाई जैसे सभी तरह के इंटरनेट नेटवर्क पर काम कर सकता है। जिग्सी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी 35 वर्षीय रे नेवल ने कहा, जिग्सी प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर या मोबाइल एप्लीकेशन ही नहीं है, बल्कि इससे कुछ और अधिक है। जिग्सी हमारा एक ऐसा तरीका है, जिसके माध्यम से हर कोई बिना किसी भेदभाव के शिक्षा, मनोरंजन और सूचनापरक वीडियो सामग्री देख सकता है।
खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए लोगों को किसी अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना होगा। फोन को हालांकि इंटरनेट सुविधा से युक्त होना चाहिए।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत-पाकिस्तान सीमा के उल्लंघन के आरोप में तीन साल तक पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद रहा यशपाल मंगलवार को रिहा हो रहा है। यशपाल के पिता बाबूराम अपने कुछ सहयोगियों के साथ अमृतसर के वाघा बॉर्डर पर गए हैं, जहां पाक अधिकारी यशपाल को उनके हवाले कर देंगे।टिप्पणियां यशपाल को लिवाने के लिए बाबूराम के साथ वाघा पहुंचे हुए आंवला के रहने वाले डॉ संजय सक्सेना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बरेली जिले के फरीदपुर में पढरा गांव के रहने वाले बाबूराम सोमवार को डॉ सक्सेना तथा बरेली कॉलेज में लॉ विषय के एसोसिएट प्रोफेसर तथा एक स्थानीय संस्था के डॉ प्रदीप कुमार के साथ अमृतसर रवाना हुए थे। डॉ सक्सेना ने जानकारी दी कि बाबूराम अपने बेटे यशपाल से मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं, और रवाना होने से पहले भावुक होकर बोले थे, "इतनी लंबी रात कभी नहीं आई मेरी ज़िन्दगी में... अब तो बस यशपाल से मिला दो, कलेजा फटा जा रहा है..." डॉ सक्सेना ने बताया कि दरअसल, बाबूराम पहली बार अपने गांव से बाहर निकले हैं। रविवार रात को वह डॉ प्रदीप के घर ही ठहरे थे, और सोमवार सुबह-सुबह रवानगी के लिए जब वे लोग उन्हें उठाने पहुंचे तो पहले से बाबूराम को जागता हुआ पाया। बाबूराम के मुताबिक वह रातभर सो नहीं पाए, और यशपाल का चेहरा उनकी आंखों के आगे घूमता रहा, जिसे वह तीन साल बाद देखने जा रहे हैं। यशपाल को लिवाने के लिए बाबूराम के साथ वाघा पहुंचे हुए आंवला के रहने वाले डॉ संजय सक्सेना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बरेली जिले के फरीदपुर में पढरा गांव के रहने वाले बाबूराम सोमवार को डॉ सक्सेना तथा बरेली कॉलेज में लॉ विषय के एसोसिएट प्रोफेसर तथा एक स्थानीय संस्था के डॉ प्रदीप कुमार के साथ अमृतसर रवाना हुए थे। डॉ सक्सेना ने जानकारी दी कि बाबूराम अपने बेटे यशपाल से मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं, और रवाना होने से पहले भावुक होकर बोले थे, "इतनी लंबी रात कभी नहीं आई मेरी ज़िन्दगी में... अब तो बस यशपाल से मिला दो, कलेजा फटा जा रहा है..." डॉ सक्सेना ने बताया कि दरअसल, बाबूराम पहली बार अपने गांव से बाहर निकले हैं। रविवार रात को वह डॉ प्रदीप के घर ही ठहरे थे, और सोमवार सुबह-सुबह रवानगी के लिए जब वे लोग उन्हें उठाने पहुंचे तो पहले से बाबूराम को जागता हुआ पाया। बाबूराम के मुताबिक वह रातभर सो नहीं पाए, और यशपाल का चेहरा उनकी आंखों के आगे घूमता रहा, जिसे वह तीन साल बाद देखने जा रहे हैं। डॉ सक्सेना ने बताया कि दरअसल, बाबूराम पहली बार अपने गांव से बाहर निकले हैं। रविवार रात को वह डॉ प्रदीप के घर ही ठहरे थे, और सोमवार सुबह-सुबह रवानगी के लिए जब वे लोग उन्हें उठाने पहुंचे तो पहले से बाबूराम को जागता हुआ पाया। बाबूराम के मुताबिक वह रातभर सो नहीं पाए, और यशपाल का चेहरा उनकी आंखों के आगे घूमता रहा, जिसे वह तीन साल बाद देखने जा रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:सीमा के उल्लंघन के आरोप में तीन साल तक कोट लखपत जेल में बंद यशपाल मंगलवार को रिहा हो रहा है। यशपाल के पिता बाबूराम अपने कुछ सहयोगियों के साथ अमृतसर के वाघा बॉर्डर पर हैं, जहां पाक अधिकारी यशपाल को उनके हवाले करेंगे।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार में कुछ ऐसे लोग हैं जो वार्ता को नाकाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कोई ठोस प्रस्ताव पेश करेगी तभी बातचीत सम्भव है। इस बीच अन्ना की हालत स्थिर बनी हुई है, गुरुवार को उनके अनशन का दसवां दिन है। केजरीवाल ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को सरकार के साथ हुई अन्ना सहयोगियों की बातचीत में कई मुद्दों पर सहमती बन गई थी लेकिन उन्हें पता चला है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल इसके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति में चिदम्बरम और सिब्बल ने सरकार के साथ जो सहमति बनी थी, उसका विरोध किया। जिसके बाद सरकार के रुख में बदलाव आया। इसके नतीजतन गुरुवार को सरकार के साथ हुई बैठक में एक नया विधेयक बनाने की बात कही गई है जबकि पहले जन लोकपाल विधेयक को संसद में पेश किए जाने पर सहमति बन गई थी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति में भेजने की बात कही है लेकिन अन्ना सहयोगी चाहते हैं कि ऐसा न किया जाए और इस पर सदन में ही चर्चा हो। इससे विधेयक को जल्दी पारित कराने में सहूलियत होगी। सरकार के साथ अन्ना समर्थकों की गुरुवार दोपहर 12 बजे होने वाली बैठक के सम्बंध में पूछे गए सवालों पर केजरीवाल ने कहा कि अभी इस सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन उनका मानना है कि सरकार वार्ता का कोई ठोस प्रस्ताव बनाए और उसे यहां भेजे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी जन लोकपाल विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करे। भाजपा बताए कि वह किन बिंदुओं पर सहमत है और किन पर असहमत। उन्होंने कहा कि इससे पहले वाम मोर्चे ने इस विधेयक पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, वह चाहते हैं कि भाजपा भी ऐसा करे। अन्ना के स्वास्थ्य के विषय में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि वह फिलहाल ठीक हैं लेकिन हर गुजरते दिन के साथ वह कमजोर हो रहे हैं।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार में कुछ ऐसे लोग हैं जो वार्ता को नाकाम करना चाहते हैं।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'कट्प्पा ने बाहुबली को क्यों मारा' ये सवाल 2015 से लोगों के जहन में है. आखिरकार इस सवाल का जवाब लोगों को मिला है, 'बाहुबली : द कन्‍क्लूजन'. यह फिल्‍म 'बाहुबली: द बिग्निंग' का सीक्वल है और इसलिए इसके सभी कलाकार वहीं हैं जो पुरानी फिल्‍म में थे जैसे प्रभास, राणा डग्‍गुबत्ती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटीया, रामया,सत्‍यराज और नासर. 'बाहुबली : द कन्‍क्‍लूजन' के ज्‍यादातर हिस्से का ताना बाना इसी सवाल के आसपास बुना गया है की 'कट्प्पा ने बाहुबली को क्यों मारा'. इस फिल्‍म में हमें अमरेन्द्र बाहुबली और देवसेना की प्रेम कहानी और उसकी वजह से इस राजसी परिवार में आयी दरार को देखने का मौका मिला है. वैसे तो इस फिल्‍म के लिए पैदा हुई उत्सुकता, इसकी कहानी और इसकी बाकी खामियों पर ज्‍यादा नजर टिकने नहीं देती है. फिर भी सबको हर चीज में खूबियां और खामियां नजर आती हैं इसलिए मैं भी पहले बात करता हूं इस फिल्‍म की खामियों की जो मुझे इस फिल्‍म में नजर आईं.टिप्पणियां दरअसल वैसे तो यह फिल्‍म अपने वीएफएक्‍स और विजुअल इफेक्‍ट्स के आधार पर ही इतनी बड़ी बनी है, लेकिन फिल्‍म में यह थोड़े नकली लगते हैं. हालांकि भारतीय सिनेमा के नजरिये से ये बेहतरीन हैं पर अगर आप इसे अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा की कसौटी पर परखेंगे तो ये थोड़ा हलके नजर आते हैं. इंटरवेल तक फिल्‍म में बहुत सीन ऐसे हैं जो दक्षिण भारतीय नजरिये को ध्यान में रख कर फिल्माए गए हैं. इन सीन्‍स में हिरोइज्म नजर आएगा पर कहीं आपको लगेगा की ये दृश्य कहानी आगे नहीं बढ़ा रहे हैं. हालांकि फिल्‍म की यह भव्‍यता आपको अच्‍छी लगेगी.   पहली फिल्‍म में जो युध्द के दृश्य आपने देखे वो कहीं न कहीं उन गाथाओं का फिल्मांकन था जो आपने महाभारत या और कई वीर गाथाओं में पढ़ा होगा या सुना होगा और आपको उन पर आसानी से विश्वास हो जाता है. लेकिन बाहुबली 2 में युद्ध के कुछ सीन नकली लगने लगते हैं. यह कुछ खामियां हैं जो आप भी फिल्‍म के दौरान महसूस करेंगे.   फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'बाहुबली' देखने के बाद 'बाहुबली 2' से लोगों की उम्मीदे बहुत ज्यादा थीं बावजूद इसके ये फिल्‍म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरती है. फिल्‍म में वही भव्यता, एक अकल्पनीय दुनिया, दिल दहलाने वाले युध्द के दृश्य और बेजोड़ कोरियोग्राफी, खासतौर पर युध्द. जैसे एक सीन में बाहुबली अमरेन्द्र और देवसेना महल में घुसे दुश्मनों से धनुष-बाण से युध्द करते हैं. इन सीन्स का फिल्मांकन हो या कोरियोग्राफी, आपको यह सब काफी बढ़ि‍या लगेगा.   इस फिल्‍म में आपके इमोशन को झंकझोरने वाले कई दृश्य हैं और इस सीक्‍वेल में पहली फिल्‍म के मुकाबले काफी भावनात्‍मक दृश्‍य हैं. जैसे चाहे कट्प्पा का बाहुबली का मारना हो, या फिर एक मां का अपने बेटे से नाराज होना. स्पेशल इफेक्‍ट्स कुछ सीन्‍स में छोड़कर काफी प्रभावशाली हैं. फिल्‍म के कलाकारों की मेहनत हर दृश्य में नजर आती है फिर चाहे वो एक्‍टर्स हों, कास्ट्यूम डिजाइनर, या फिर सैट डिज़ाइनर हों. फिल्‍म के दृश्‍यों में गहराई भी कमाल की है और छोटी छोटी चीजों का काफी ख्‍याल रखा गया है. प्रभास, राणा डग्‍गूबती, रामया, सथ्याराज, नासर और अनुष्का शेट्टी सभी का काम काबिले तारीफ है. साथ ही फिल्‍म की सिनेमैटोग्राफी भी कमाल की है और फिल्‍म का बैकग्राउंड स्कोर भी कई जगह पर मुझे अच्छा लगा. आखिर में एस एस राजामौली के निर्देशन की बात न करें तो नाइंसाफी होगी. बाहुबली जैसा कामयाब सपना देखने के लिए उन्‍हें मेरी तरफ से पूरे मार्क्‍स. इस फिल्म को हमारी तरफ से 4 स्‍टार मिलते हैं. दरअसल वैसे तो यह फिल्‍म अपने वीएफएक्‍स और विजुअल इफेक्‍ट्स के आधार पर ही इतनी बड़ी बनी है, लेकिन फिल्‍म में यह थोड़े नकली लगते हैं. हालांकि भारतीय सिनेमा के नजरिये से ये बेहतरीन हैं पर अगर आप इसे अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा की कसौटी पर परखेंगे तो ये थोड़ा हलके नजर आते हैं. इंटरवेल तक फिल्‍म में बहुत सीन ऐसे हैं जो दक्षिण भारतीय नजरिये को ध्यान में रख कर फिल्माए गए हैं. इन सीन्‍स में हिरोइज्म नजर आएगा पर कहीं आपको लगेगा की ये दृश्य कहानी आगे नहीं बढ़ा रहे हैं. हालांकि फिल्‍म की यह भव्‍यता आपको अच्‍छी लगेगी.   पहली फिल्‍म में जो युध्द के दृश्य आपने देखे वो कहीं न कहीं उन गाथाओं का फिल्मांकन था जो आपने महाभारत या और कई वीर गाथाओं में पढ़ा होगा या सुना होगा और आपको उन पर आसानी से विश्वास हो जाता है. लेकिन बाहुबली 2 में युद्ध के कुछ सीन नकली लगने लगते हैं. यह कुछ खामियां हैं जो आप भी फिल्‍म के दौरान महसूस करेंगे.   फिल्‍म की खूबियों की बात करें तो सबसे पहली बात ये की 'बाहुबली' देखने के बाद 'बाहुबली 2' से लोगों की उम्मीदे बहुत ज्यादा थीं बावजूद इसके ये फिल्‍म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरती है. फिल्‍म में वही भव्यता, एक अकल्पनीय दुनिया, दिल दहलाने वाले युध्द के दृश्य और बेजोड़ कोरियोग्राफी, खासतौर पर युध्द. जैसे एक सीन में बाहुबली अमरेन्द्र और देवसेना महल में घुसे दुश्मनों से धनुष-बाण से युध्द करते हैं. इन सीन्स का फिल्मांकन हो या कोरियोग्राफी, आपको यह सब काफी बढ़ि‍या लगेगा.   इस फिल्‍म में आपके इमोशन को झंकझोरने वाले कई दृश्य हैं और इस सीक्‍वेल में पहली फिल्‍म के मुकाबले काफी भावनात्‍मक दृश्‍य हैं. जैसे चाहे कट्प्पा का बाहुबली का मारना हो, या फिर एक मां का अपने बेटे से नाराज होना. स्पेशल इफेक्‍ट्स कुछ सीन्‍स में छोड़कर काफी प्रभावशाली हैं. फिल्‍म के कलाकारों की मेहनत हर दृश्य में नजर आती है फिर चाहे वो एक्‍टर्स हों, कास्ट्यूम डिजाइनर, या फिर सैट डिज़ाइनर हों. फिल्‍म के दृश्‍यों में गहराई भी कमाल की है और छोटी छोटी चीजों का काफी ख्‍याल रखा गया है. प्रभास, राणा डग्‍गूबती, रामया, सथ्याराज, नासर और अनुष्का शेट्टी सभी का काम काबिले तारीफ है. साथ ही फिल्‍म की सिनेमैटोग्राफी भी कमाल की है और फिल्‍म का बैकग्राउंड स्कोर भी कई जगह पर मुझे अच्छा लगा. आखिर में एस एस राजामौली के निर्देशन की बात न करें तो नाइंसाफी होगी. बाहुबली जैसा कामयाब सपना देखने के लिए उन्‍हें मेरी तरफ से पूरे मार्क्‍स. इस फिल्म को हमारी तरफ से 4 स्‍टार मिलते हैं. प्रभास, राणा डग्‍गूबती, रामया, सथ्याराज, नासर और अनुष्का शेट्टी सभी का काम काबिले तारीफ है. साथ ही फिल्‍म की सिनेमैटोग्राफी भी कमाल की है और फिल्‍म का बैकग्राउंड स्कोर भी कई जगह पर मुझे अच्छा लगा. आखिर में एस एस राजामौली के निर्देशन की बात न करें तो नाइंसाफी होगी. बाहुबली जैसा कामयाब सपना देखने के लिए उन्‍हें मेरी तरफ से पूरे मार्क्‍स. इस फिल्म को हमारी तरफ से 4 स्‍टार मिलते हैं.
सारांश: 'बाहुबली: द कन्‍क्‍लूजन' में पहले से भी ज्‍यादा दिखा है एक्‍शन फिल्‍म में दिखा है बाहुबली और देवसेना का रोमांस हमारी तरफ से इस फिल्‍म को मिलते हैं 4 स्‍टार
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी को आईओए का रुख तो पता चल गया... आईओसी ने जिन बातों पर ऐतराज़ जताया था उसे लेकर भी आईओए के सदस्यों ने लगभग एक सुर में अपनी बात रख दी लेकिन इन सबसे नतीजे में जल्दी फ़र्क आ ही जाएगा ऐसा नहीं कहा जा सकता।   दिल्ली में हुई भारतीय ओलिंपिक संघ की विशेष बैठक में सबकी नज़रें इस बात पर थीं कि आईओए के होने वाले चुनाव में आईओसी के मुताबिक संविधान में कितना बदलाव किया गया है और आईओसी का इन सबको लेकर क्या रुख रहेगा...। एक तरफ जहां सस्पेंड किए गए आईओए के सदस्यों पर आईओसी की बातें मानने का दबाव था तो दूसरी तरफ होटल के बाहर क्लीन स्पोर्ट्स इंडिया नाम की संस्था ने नारेबाज़ी की। पूर्व एथलीट अश्विनी नचप्पा और मोरद अली खान ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इन लोगों की मांग थी कि आईओए आईओसी की सारी बातें माने नहीं तो भारत में खेलों को साफ-सुथरा नहीं बनाया जा सकता। इस बैठक से जो बातें सामने आईं उनके मुताबिक आईओए ने आईओसी की उस बात को नकार दिया जिसमें आईओशी ने कहा था कि एसोसिएशन के जिस भी सदस्य के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकता। इसके अलावा खेल संघों और स्टेट एसोसिएशन के वोटिंग राइट्स को लेकर भी आईओए ने आईओसी के सामने अपनी बात मनवाने की पेशकश की... यानी खेल संघों के तीन और राज्य के ओलिंपिक संघों के पास दो−दो वोट डालने के अधिकार होंगे। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। दिल्ली में हुई भारतीय ओलिंपिक संघ की विशेष बैठक में सबकी नज़रें इस बात पर थीं कि आईओए के होने वाले चुनाव में आईओसी के मुताबिक संविधान में कितना बदलाव किया गया है और आईओसी का इन सबको लेकर क्या रुख रहेगा...। एक तरफ जहां सस्पेंड किए गए आईओए के सदस्यों पर आईओसी की बातें मानने का दबाव था तो दूसरी तरफ होटल के बाहर क्लीन स्पोर्ट्स इंडिया नाम की संस्था ने नारेबाज़ी की। पूर्व एथलीट अश्विनी नचप्पा और मोरद अली खान ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इन लोगों की मांग थी कि आईओए आईओसी की सारी बातें माने नहीं तो भारत में खेलों को साफ-सुथरा नहीं बनाया जा सकता। इस बैठक से जो बातें सामने आईं उनके मुताबिक आईओए ने आईओसी की उस बात को नकार दिया जिसमें आईओशी ने कहा था कि एसोसिएशन के जिस भी सदस्य के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकता। इसके अलावा खेल संघों और स्टेट एसोसिएशन के वोटिंग राइट्स को लेकर भी आईओए ने आईओसी के सामने अपनी बात मनवाने की पेशकश की... यानी खेल संघों के तीन और राज्य के ओलिंपिक संघों के पास दो−दो वोट डालने के अधिकार होंगे। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। एक तरफ जहां सस्पेंड किए गए आईओए के सदस्यों पर आईओसी की बातें मानने का दबाव था तो दूसरी तरफ होटल के बाहर क्लीन स्पोर्ट्स इंडिया नाम की संस्था ने नारेबाज़ी की। पूर्व एथलीट अश्विनी नचप्पा और मोरद अली खान ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इन लोगों की मांग थी कि आईओए आईओसी की सारी बातें माने नहीं तो भारत में खेलों को साफ-सुथरा नहीं बनाया जा सकता। इस बैठक से जो बातें सामने आईं उनके मुताबिक आईओए ने आईओसी की उस बात को नकार दिया जिसमें आईओशी ने कहा था कि एसोसिएशन के जिस भी सदस्य के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकता। इसके अलावा खेल संघों और स्टेट एसोसिएशन के वोटिंग राइट्स को लेकर भी आईओए ने आईओसी के सामने अपनी बात मनवाने की पेशकश की... यानी खेल संघों के तीन और राज्य के ओलिंपिक संघों के पास दो−दो वोट डालने के अधिकार होंगे। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। इस बैठक से जो बातें सामने आईं उनके मुताबिक आईओए ने आईओसी की उस बात को नकार दिया जिसमें आईओशी ने कहा था कि एसोसिएशन के जिस भी सदस्य के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होगी वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकता। इसके अलावा खेल संघों और स्टेट एसोसिएशन के वोटिंग राइट्स को लेकर भी आईओए ने आईओसी के सामने अपनी बात मनवाने की पेशकश की... यानी खेल संघों के तीन और राज्य के ओलिंपिक संघों के पास दो−दो वोट डालने के अधिकार होंगे। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। इसके अलावा खेल संघों और स्टेट एसोसिएशन के वोटिंग राइट्स को लेकर भी आईओए ने आईओसी के सामने अपनी बात मनवाने की पेशकश की... यानी खेल संघों के तीन और राज्य के ओलिंपिक संघों के पास दो−दो वोट डालने के अधिकार होंगे। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। सस्पेंड किए गए भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष सदस्य तरलोचन सिंह ने कहा कि भारत में चार्जशीट तो कई हालातों में दायर की जा सकती है... मसलन रोड एक्सीडेंट, चेक बाउंस करने की हालत या आपसी झगड़े के हालात में भी लेकर भी चार्जशीट दायर हो सकती है। इसलिए जब तक अपराध साबित नहीं हो इसे मानना ठीक नहीं। फिलहाल, आईओसी ने इनकी बातें तो सुनी लेकिन इसे मानने की कोई गारंटी नहीं दी है।टिप्पणियां फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। फ़िलीपींस के फ्रांसिस्को जे. एलिज़ालेडे जो आईओसी के एथिक्स कमिशन के सदस्य भी हैं ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलिंपिक संघ की बात सुनी है। वे सारी बातें आईओसी की कार्यकारी समिति के सामने रखेंगे लेकिन उन्होंने किसी बात की गारंटी देने से इनकार कर दिया।   माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं। माना जा रहा है कि इस मसले को लेकर आईओसी अपना जवाब दो हफ़्ते में दे देगी लेकिन मसले के कई पेच अब भी उलझे हुए दिखते हैं।
यह एक सारांश है: ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी को आईओए का रुख तो पता चल गया... आईओसी ने जिन बातों पर ऐतराज़ जताया था उसे लेकर भी आईओए के सदस्यों ने लगभग एक सुर में अपनी बात रख दी लेकिन इन सबसे नतीजे में जल्दी फ़र्क आ ही जाएगा ऐसा नहीं कहा जा सकता।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरी ग्रिड में सोमवार की सुबह खराबी के कारण बिजली की आपूर्ति ठप होने से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। इसके कारण बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 200 ट्रेनों पर इस खराब बिजली आपूर्ति का असर पड़ा है। रेल अधिकारी ने बताया, ‘करीब 200 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।’ रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चंडीगढ़ में बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। रेल अधिकारी ने बताया, ‘करीब 200 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।’ रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चंडीगढ़ में बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, अमृतसर, जम्मू, फिरोजपुर और कालका को जाने वाली अनेक पैसेंजर ट्रेनें बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों से डीजल इंजन को अलग करके उनके जरिए पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहेंगी। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। जिन स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेनें फंसी हुई हैं उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, फिल्लौर, सरहिंद, लुधियाना, फगवाड़ा और करनाल शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी हुई हैं क्योंकि उन्हें लेकर आगे बढ़ रही इलेक्ट्रिक इंजन तड़के ढाई बजे बिजली गुल हो जाने के कारण रुक गईं।टिप्पणियां कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। कालका चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह छह बजकर 53 मिनट के अपने निर्धारित समय से 90 मिनट देर से स्थानीय स्टेशन से तब रवाना हुई जब उसमें डीजल इंजन लगाया गया। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, इलाहाबाद चंडीगढ़ ऊंचाहार, लखनऊ चंडीगढ़ सद्भावना, हावड़ा कालका मेल, दिल्ली जम्मू मेल और कई अन्य सुपर फास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर और लोकल ट्रेनें शामिल हैं।
संक्षिप्त पाठ: इसके कारण बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 200 ट्रेनों पर इस खराब बिजली आपूर्ति का असर पड़ा है।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में बालाघाट जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर मलाजखंड थाना क्षेत्र के जानपुर गांव में एक महिला ने शराब पीने से मना करने पर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।टिप्पणियां पुलिस के अनुसार, जानपुर गांव निवासी आदिवासी महिला रामकली कोरी (45 वर्ष) शराब पीने की आदी थी और शुक्रवार को वह बाजार से ही शराब पीकर घर आई थी। घर आकर उसने और शराब पीने का प्रयास किया, तो उसके बेटे ने उसे डांटा और शराब देने से मना कर दिया। नाराज होकर रामकली घर से बाहर निकल गई। देर रात तक वापस नहीं आने पर उसे ढूंढा गया, तो उसकी लाश पास ही एक पेड़ से लटकी पाई गई। पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद पेड़ से लाश उतरवाई और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जानपुर गांव निवासी आदिवासी महिला रामकली कोरी (45 वर्ष) शराब पीने की आदी थी और शुक्रवार को वह बाजार से ही शराब पीकर घर आई थी। घर आकर उसने और शराब पीने का प्रयास किया, तो उसके बेटे ने उसे डांटा और शराब देने से मना कर दिया। नाराज होकर रामकली घर से बाहर निकल गई। देर रात तक वापस नहीं आने पर उसे ढूंढा गया, तो उसकी लाश पास ही एक पेड़ से लटकी पाई गई। पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद पेड़ से लाश उतरवाई और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। देर रात तक वापस नहीं आने पर उसे ढूंढा गया, तो उसकी लाश पास ही एक पेड़ से लटकी पाई गई। पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद पेड़ से लाश उतरवाई और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। मामले की जांच की जा रही है।
सारांश: मध्य प्रदेश में बालाघाट जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर मलाजखंड थाना क्षेत्र के जानपुर गांव में एक महिला ने शराब पीने से मना करने पर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपना पहला मैच खेल रहे जैक बॉल (5 विकेट) और आदिल राशिद (4 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की दम पर इंग्लैंड ने शक्रुवार को मेजबान बांग्लादेश को शेर-ए-बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैच में 21 रनों से हरा दिया. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबानों के सामने 310 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन बांग्लादेश 47.5 ओवरों में 288 रनों पर ही ढेर हो गई. बॉल इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण वनडे  मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्हें अपने शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. बांग्लादेश के लिए इमरुल कयास ने 112 और शाकिब अल हसन ने 79 रनों का योगदान दिया. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी भी की. जब तक यह दोनों बल्लेबाज मैदान पर खेल रहे थे तब तक बांग्लादेश की जीत तय लग रही थी. लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मेजबान टीम अपनी लय खो बैठी और मैच हार गई. बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए। वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और पदार्पण वनडे मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बॉल इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण वनडे  मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं. उन्हें अपने शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच भी चुना गया. बांग्लादेश के लिए इमरुल कयास ने 112 और शाकिब अल हसन ने 79 रनों का योगदान दिया. इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी भी की. जब तक यह दोनों बल्लेबाज मैदान पर खेल रहे थे तब तक बांग्लादेश की जीत तय लग रही थी. लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मेजबान टीम अपनी लय खो बैठी और मैच हार गई. बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए। वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और पदार्पण वनडे मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बांग्लादेश को सधी हुई शुरुआत मिली. पारी की शुरुआत करने आए तमीम इकबाल (17) ने कयास के साथ पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े. लेकिन इसके बाद सब्बीर रहमान (18) और महामदुल्लाह (25) के विकेट नियमित अंतराल पर गिर जाने से मेजबान संकट में आ गए थे. कयास और शाकिब ने साझेदारी कर टीम को संभाला, लेकिन निचला क्रम पूरी तरह विफल रह जाने के कारण टीम मैच नहीं जीत सकी. कयास ने 119 गेंदों में 11 चौके एवं दो छक्के लगाए। वहीं शाकिब ने 55 गेंदों में 10 चौके और एक छक्का लगाया. टिप्पणियां इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और पदार्पण वनडे मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन स्टोक्स (101), कप्तान जोस बटलर (63) और पदार्पण वनडे मैच खेल रहे बेन डकेट (60) की शानदार पारियों की मदद से निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 309 रन बनाए थे. स्टोक्स ने अपनी शतकीय पारी में 100 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके एवं चार छक्के लगाए. डकेट और स्टोक्स ने चौथे विकेट के लिए 153 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:पहले बैटिंग करते हुए इंग्‍लैंड ने बनाए थे 310 रन इंग्‍लैंड के लिए डेब्‍यू करते हुए बॉल ने लिए सबसे ज्‍यादा विकेट कयास के 112 रन के बावजूद बांग्‍लादेश 288 पर ढेर हुआ
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत दुनिया में अवैध सिगरेट की छठी बड़ी मंडी बन गया है। एक अनुमान के मुताबिक देश में इसका करीब 2000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। एसोचैम द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि अवैध सिगरेट के कारोबार से जहां एक तरफ सरकार को राजस्व की क्षति होती है, वहीं करीब 50 लाख तंबाकू उत्पादक किसानों की रोजी-रोटी प्रभावित होती है। अध्ययन में संदेह जताया गया है कि इस कारोबार से होने वाली आय का इस्तेमाल आतंकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने में भी किया जाता है। नामी अनुसंधान संगठन यूरोमॉनिटर ने हाल ही में किए गए अपने अध्ययन में कहा है कि ऐसे सिगरेट उत्पाद कर, वैट, सीमा शुल्क या अन्य करों का भुगतान नहीं करते, इसलिए सस्ते और आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध होते हैं। वर्ष 2006-7 में 109 अरब सिगरेट का उत्पादन हुआ था। 2910-11 में यह संख्या घटकर करीब 101 अरब रह गई। इसके विपरीत अवैध, कर वंचना वाली सिगरेट की संख्या बढ़कर करीब 20 अरब हो गई। ऐसी सिगरेट में 2004 और 2011 के बीच 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यूरोमॉनिटर ने भारत में अवैध सिगरेट कारोबार का आकार और बढ़ने का अनुमान जाहिर किया है। अध्ययन के मुताबिक भारत में अवैध सिगरेट का प्रतिवर्ष करीब 2000 रुपए का करोबार होता है। ऐसी सिगरेट में भारत में उत्पादित तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता है जिससे पहले से ही विपरीत परिस्थितियों की मार झेल रहे देश के तंबाकू किसानों की रोजीरोटी पर खतरा मंडराने लगा है। अवैध सिगरेट की समस्या खास तौर से शहरी क्षेत्र में गंभीर है, लेकिन पूरा देश इसकी जद में आ चुका है।टिप्पणियां सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। एसोचैम द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि अवैध सिगरेट के कारोबार से जहां एक तरफ सरकार को राजस्व की क्षति होती है, वहीं करीब 50 लाख तंबाकू उत्पादक किसानों की रोजी-रोटी प्रभावित होती है। अध्ययन में संदेह जताया गया है कि इस कारोबार से होने वाली आय का इस्तेमाल आतंकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने में भी किया जाता है। नामी अनुसंधान संगठन यूरोमॉनिटर ने हाल ही में किए गए अपने अध्ययन में कहा है कि ऐसे सिगरेट उत्पाद कर, वैट, सीमा शुल्क या अन्य करों का भुगतान नहीं करते, इसलिए सस्ते और आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध होते हैं। वर्ष 2006-7 में 109 अरब सिगरेट का उत्पादन हुआ था। 2910-11 में यह संख्या घटकर करीब 101 अरब रह गई। इसके विपरीत अवैध, कर वंचना वाली सिगरेट की संख्या बढ़कर करीब 20 अरब हो गई। ऐसी सिगरेट में 2004 और 2011 के बीच 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यूरोमॉनिटर ने भारत में अवैध सिगरेट कारोबार का आकार और बढ़ने का अनुमान जाहिर किया है। अध्ययन के मुताबिक भारत में अवैध सिगरेट का प्रतिवर्ष करीब 2000 रुपए का करोबार होता है। ऐसी सिगरेट में भारत में उत्पादित तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता है जिससे पहले से ही विपरीत परिस्थितियों की मार झेल रहे देश के तंबाकू किसानों की रोजीरोटी पर खतरा मंडराने लगा है। अवैध सिगरेट की समस्या खास तौर से शहरी क्षेत्र में गंभीर है, लेकिन पूरा देश इसकी जद में आ चुका है।टिप्पणियां सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। नामी अनुसंधान संगठन यूरोमॉनिटर ने हाल ही में किए गए अपने अध्ययन में कहा है कि ऐसे सिगरेट उत्पाद कर, वैट, सीमा शुल्क या अन्य करों का भुगतान नहीं करते, इसलिए सस्ते और आकर्षक मूल्य पर उपलब्ध होते हैं। वर्ष 2006-7 में 109 अरब सिगरेट का उत्पादन हुआ था। 2910-11 में यह संख्या घटकर करीब 101 अरब रह गई। इसके विपरीत अवैध, कर वंचना वाली सिगरेट की संख्या बढ़कर करीब 20 अरब हो गई। ऐसी सिगरेट में 2004 और 2011 के बीच 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यूरोमॉनिटर ने भारत में अवैध सिगरेट कारोबार का आकार और बढ़ने का अनुमान जाहिर किया है। अध्ययन के मुताबिक भारत में अवैध सिगरेट का प्रतिवर्ष करीब 2000 रुपए का करोबार होता है। ऐसी सिगरेट में भारत में उत्पादित तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता है जिससे पहले से ही विपरीत परिस्थितियों की मार झेल रहे देश के तंबाकू किसानों की रोजीरोटी पर खतरा मंडराने लगा है। अवैध सिगरेट की समस्या खास तौर से शहरी क्षेत्र में गंभीर है, लेकिन पूरा देश इसकी जद में आ चुका है।टिप्पणियां सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। वर्ष 2006-7 में 109 अरब सिगरेट का उत्पादन हुआ था। 2910-11 में यह संख्या घटकर करीब 101 अरब रह गई। इसके विपरीत अवैध, कर वंचना वाली सिगरेट की संख्या बढ़कर करीब 20 अरब हो गई। ऐसी सिगरेट में 2004 और 2011 के बीच 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यूरोमॉनिटर ने भारत में अवैध सिगरेट कारोबार का आकार और बढ़ने का अनुमान जाहिर किया है। अध्ययन के मुताबिक भारत में अवैध सिगरेट का प्रतिवर्ष करीब 2000 रुपए का करोबार होता है। ऐसी सिगरेट में भारत में उत्पादित तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता है जिससे पहले से ही विपरीत परिस्थितियों की मार झेल रहे देश के तंबाकू किसानों की रोजीरोटी पर खतरा मंडराने लगा है। अवैध सिगरेट की समस्या खास तौर से शहरी क्षेत्र में गंभीर है, लेकिन पूरा देश इसकी जद में आ चुका है।टिप्पणियां सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। अध्ययन के मुताबिक भारत में अवैध सिगरेट का प्रतिवर्ष करीब 2000 रुपए का करोबार होता है। ऐसी सिगरेट में भारत में उत्पादित तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता है जिससे पहले से ही विपरीत परिस्थितियों की मार झेल रहे देश के तंबाकू किसानों की रोजीरोटी पर खतरा मंडराने लगा है। अवैध सिगरेट की समस्या खास तौर से शहरी क्षेत्र में गंभीर है, लेकिन पूरा देश इसकी जद में आ चुका है।टिप्पणियां सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। सबसे खास यह है कि तस्करी के जरिये आने वाले सिगरेट पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत अनिवार्य रूप से दी जाने वाली आरेख चेतावनी भी नहीं होती है जिससे सरकार की तंबाकू नियंत्रण नीति भी खटाई में पड़ती दिखाई देती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है। ऐसी सिगरेट के डिब्बों पर खुदरा बिक्री मूल्य नहीं होने से तस्करों और बाजार में इसका करोबार करने वालों को अच्छी आमदनी होती है। भारतीय बाजार में ऐसी सिगरेट चीन, म्यामार, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों और यहां तक कि यूरोपीय देशों से तस्करी होती है।
यहाँ एक सारांश है:भारत दुनिया में अवैध सिगरेट की छठी बड़ी मंडी बन गया है। एक अनुमान के मुताबिक देश में इसका करीब 2000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. अमित शाह ने जैसे ही बिल को पेश किया तो विपक्ष की ओर से इस पर जमकर विरोध शुरू कर दिया. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस बिल में कुछ नहीं सिर्फ अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना है. इस पर अमित शाह ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए कहा कि यह बिल .001% भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है. इसके साथ ही अमित शाह ने कहा कि बिल में मुस्लिमों का जिक्र नहीं किया गया है. अमित शाह के बीच में टोकने पर अधीर रंजन ने कहा कि क्या आप भी ऐसा करेंगे. इस पर अमित शाह ने कहा कि अभी इस बिल के प्रावधान पर चर्चा नहीं हो रही है. इसके अमित शाह ने कहा कि बिल पर उठाए जा रहे हर सवाल का हम जवाब देंगे तब आप सदन से आप वॉक आउट नहीं करना. अमित शाह ने कहा, 'मैं इस बिल पर उठाए जा रहे हर सवाल का जवाब दूंगा. तब से सदन से वॉक आउट मत करना....वॉक आउट मत करना. इसके बाद अमित शाह ने बिल की जरूरत पर चर्चा करते हुए कहा कि इस बिल से पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए मुस्लिम को लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि वहां पर उनके साथ धार्मिकता के आधार पर अत्याचार नहीं होता है. संदन में भारी हंगामे के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर धर्म के आधार पर कांग्रेस देश का विभाजन नहीं करती तो इस इस बिल की जरूरत नहीं पड़ती. उनके इस बयान पर एक बार फिर विपक्षी की ओर से भारी विरोध हुआ.   आरएसपी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह बिल संविधान के मूल आधार के खिलाफ है. धर्म के आधार पर नागरिकता धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि क्या अब देश में धर्म के आधार पर नागरिकता तय की जाएगी. वहीं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान परल हंगामा मच गया है और लोकसभा स्पीकर ने उनके भाषण के कुछ अंश को कार्यवाही से निकाल दिया.
सारांश: नागरिकता संशोधन बिल सदन में पेश विपक्षी सांसदों ने किया विरोध अमित शाह ने दिया जवाब
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से अधिकतर स्थानों पर मौसम साफ होने के साथ ही केदार घाटी में पहाड़ियों पर पड़े 64 और शव बरामद हुए हैं, जिनका पारंपरिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक आरएस मीणा ने बताया, ये शव श्रद्धालुओं के प्रतीत होते हैं, जो मध्य जून में आई आपदा के समय जान बचाने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए, लेकिन वहां भीषण ठंड की वजह से उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रामबाड़ा और केदारनाथ के बीच पिछले दो दिनों में कुल 64 शवों का दाह संस्कार किया गया। मीणा ने कहा, हमने घाटी में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ियों पर फंसे शवों की तलाश शुरू कर दी है, जहां हम पूर्व में खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच सके थे। यदि मौसम ने साथ दिया, तो अगले कुछ दिन तक घाटी के जंगलचट्टी, रामबाड़ा, गौरीगांव और भीमबाली क्षेत्रों में तलाश का काम जारी रहेगा।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि साफ मौसम के अतिरिक्त हिमालय तीर्थस्थल में पूजा शुरू होने की तारीख 11 सितंबर होने के कारण भी शवों की तलाश के काम में तेजी आई है। मीणा ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत बंसल के साथ केदारनाथ की यात्रा की और मंदिर में 11 सितंबर से शुरू होने जा रही पूजा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने कहा, हालांकि, अभी हम उन क्षेत्रों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां शव खुले में दिखाई दे रहे हैं, न कि उन क्षेत्रों पर जहां ये मलबे के नीचे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 30 पुलिस और एनडीआरएफ कर्मी इस काम में लगे हैं। मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से समूचे उत्तराखंड में बारिश बंद है और इक्का-दुक्का जगहों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। पुलिस महानिरीक्षक आरएस मीणा ने बताया, ये शव श्रद्धालुओं के प्रतीत होते हैं, जो मध्य जून में आई आपदा के समय जान बचाने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए, लेकिन वहां भीषण ठंड की वजह से उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रामबाड़ा और केदारनाथ के बीच पिछले दो दिनों में कुल 64 शवों का दाह संस्कार किया गया। मीणा ने कहा, हमने घाटी में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ियों पर फंसे शवों की तलाश शुरू कर दी है, जहां हम पूर्व में खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच सके थे। यदि मौसम ने साथ दिया, तो अगले कुछ दिन तक घाटी के जंगलचट्टी, रामबाड़ा, गौरीगांव और भीमबाली क्षेत्रों में तलाश का काम जारी रहेगा।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि साफ मौसम के अतिरिक्त हिमालय तीर्थस्थल में पूजा शुरू होने की तारीख 11 सितंबर होने के कारण भी शवों की तलाश के काम में तेजी आई है। मीणा ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत बंसल के साथ केदारनाथ की यात्रा की और मंदिर में 11 सितंबर से शुरू होने जा रही पूजा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने कहा, हालांकि, अभी हम उन क्षेत्रों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां शव खुले में दिखाई दे रहे हैं, न कि उन क्षेत्रों पर जहां ये मलबे के नीचे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 30 पुलिस और एनडीआरएफ कर्मी इस काम में लगे हैं। मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से समूचे उत्तराखंड में बारिश बंद है और इक्का-दुक्का जगहों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि रामबाड़ा और केदारनाथ के बीच पिछले दो दिनों में कुल 64 शवों का दाह संस्कार किया गया। मीणा ने कहा, हमने घाटी में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ियों पर फंसे शवों की तलाश शुरू कर दी है, जहां हम पूर्व में खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंच सके थे। यदि मौसम ने साथ दिया, तो अगले कुछ दिन तक घाटी के जंगलचट्टी, रामबाड़ा, गौरीगांव और भीमबाली क्षेत्रों में तलाश का काम जारी रहेगा।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि साफ मौसम के अतिरिक्त हिमालय तीर्थस्थल में पूजा शुरू होने की तारीख 11 सितंबर होने के कारण भी शवों की तलाश के काम में तेजी आई है। मीणा ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत बंसल के साथ केदारनाथ की यात्रा की और मंदिर में 11 सितंबर से शुरू होने जा रही पूजा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने कहा, हालांकि, अभी हम उन क्षेत्रों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां शव खुले में दिखाई दे रहे हैं, न कि उन क्षेत्रों पर जहां ये मलबे के नीचे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 30 पुलिस और एनडीआरएफ कर्मी इस काम में लगे हैं। मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से समूचे उत्तराखंड में बारिश बंद है और इक्का-दुक्का जगहों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। अधिकारी ने कहा कि साफ मौसम के अतिरिक्त हिमालय तीर्थस्थल में पूजा शुरू होने की तारीख 11 सितंबर होने के कारण भी शवों की तलाश के काम में तेजी आई है। मीणा ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक सत्यव्रत बंसल के साथ केदारनाथ की यात्रा की और मंदिर में 11 सितंबर से शुरू होने जा रही पूजा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने कहा, हालांकि, अभी हम उन क्षेत्रों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां शव खुले में दिखाई दे रहे हैं, न कि उन क्षेत्रों पर जहां ये मलबे के नीचे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 30 पुलिस और एनडीआरएफ कर्मी इस काम में लगे हैं। मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से समूचे उत्तराखंड में बारिश बंद है और इक्का-दुक्का जगहों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। महानिरीक्षक ने कहा, हालांकि, अभी हम उन क्षेत्रों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां शव खुले में दिखाई दे रहे हैं, न कि उन क्षेत्रों पर जहां ये मलबे के नीचे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 30 पुलिस और एनडीआरएफ कर्मी इस काम में लगे हैं। मौसम विभाग कार्यालय के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिन से समूचे उत्तराखंड में बारिश बंद है और इक्का-दुक्का जगहों पर ही हल्की से मध्यम बारिश हो रही है।
संक्षिप्त पाठ: पुलिस के मुताबिक ये शव श्रद्धालुओं के प्रतीत होते हैं, जो मध्य जून में आई आपदा के समय जान बचाने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए, लेकिन वहां भीषण ठंड की वजह से उनकी मौत हो गई।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत सहित दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की खामियों की पहचान और उन्हें दूर करने के लिए जी-20 संगठन के सदस्य देशों के वित्तमंत्री एक नया निगरानी तंत्र स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। जी-20 देशों के वित्तमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक के एक दिन बाद जारी एक संयुक्त बयान में इस नए तंत्र का उल्लेख किया गया है। यह तंत्र इन संबंधित देशों को विदेशी व्यापार असंतुलन और सरकारी कर्ज में अत्यधिक वृद्धि की अवस्था में सुधारात्मक कार्रवाई के लिए प्रेरित करेगा। फ्रांस की वित्तमंत्री क्रिस्टीन लेगार्ड ने पत्रकारों से कहा कि जी-20 में यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुधार प्रक्रिया को बरकरार रखने और भविष्य में वित्तीय संकट की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। निगरानी प्रक्रिया की शुरुआत में इसका केंद्र दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर रहेगा लेकिन बाद में इसका दायरा जी-20 में शामिल सभी देशों तक बढ़ाया जाएगा। लेगार्ड ने इन सात देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन यह देश भारत, अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन होने की संभावना है। बयान में कहा गया है कि जी-20 देशों के कुल सकल घरेलू उत्पाद में पांच प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी वाले देशों को निगरानी के दायरे में रखा जाएगा। कनाडा के वित्तमंत्री जिम फ्लेहर्टी ने कहा कि यह समूह जी-7 नहीं है, इसमें भारत और चीन शामिल होंगे। सार्वजनिक कर्ज, राजकोषीय घाटे और बाह्य असंतुलन सहित कुल निवेश आय जैसे संकेतकों की निगरानी के लिए जी-20 देशों ने चार संरचनात्मक और सांख्यिकीय विधियां सुनिश्चित की हैं। कोई देश इनमें से दो विधियों के अनुसार आकलन में खतरनाक स्तर पर पाए जाने पर इस संबंध में और अध्ययन किया जाएगा और सुधारों के सुझाव दिए जाएंगे।
यहाँ एक सारांश है:भारत सहित दुनिया की 7 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की खामियों की पहचान और उन्हें दूर करने के लिए जी-20 देशों के वित्तमंत्री निगरानी तंत्र बनाने पर सहमत हैं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ के दौरान बचाई गई मासूम बच्ची की पहचान कर ली गई है। यह बच्ची गौरीकुंड में फंसे तीर्थयात्रियों को लावारिस और घायल हालत में मिली थी। बच्ची के दोनों पैरों में फैक्चर हो गया था।टिप्पणियां बचाव दल ने पहले ऋषिकेश लाकर बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया और दो दिन वह वहीं रही, जिसके बाद उसे देहरादून लाया गया। लावारिस हालात में पाई गई इस बच्ची को परी नाम दिया गया था। अब देवप्रयाग जिले के बागवान गांव के लोगों ने दावा किया है कि यह बच्ची उनके गांव की रहने वाली है और इसका असली नाम ज्योति है। गांव के लोगों ने बताया कि ज्योति अपने पिता और दादी के साथ रहती थी और अलकनंदा में बाढ़ आने पर इनका घर पानी में बह गया। इसके बाद ज्योति के पिता और दादी एक ट्रक में सवार हुए, लेकिन यह ट्रक भी नदी में गिर गया और ज्योति के पिता और दादी की मौत हो गई। बचाव दल ने पहले ऋषिकेश लाकर बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया और दो दिन वह वहीं रही, जिसके बाद उसे देहरादून लाया गया। लावारिस हालात में पाई गई इस बच्ची को परी नाम दिया गया था। अब देवप्रयाग जिले के बागवान गांव के लोगों ने दावा किया है कि यह बच्ची उनके गांव की रहने वाली है और इसका असली नाम ज्योति है। गांव के लोगों ने बताया कि ज्योति अपने पिता और दादी के साथ रहती थी और अलकनंदा में बाढ़ आने पर इनका घर पानी में बह गया। इसके बाद ज्योति के पिता और दादी एक ट्रक में सवार हुए, लेकिन यह ट्रक भी नदी में गिर गया और ज्योति के पिता और दादी की मौत हो गई। अब देवप्रयाग जिले के बागवान गांव के लोगों ने दावा किया है कि यह बच्ची उनके गांव की रहने वाली है और इसका असली नाम ज्योति है। गांव के लोगों ने बताया कि ज्योति अपने पिता और दादी के साथ रहती थी और अलकनंदा में बाढ़ आने पर इनका घर पानी में बह गया। इसके बाद ज्योति के पिता और दादी एक ट्रक में सवार हुए, लेकिन यह ट्रक भी नदी में गिर गया और ज्योति के पिता और दादी की मौत हो गई।
यहाँ एक सारांश है:यह बच्ची गौरीकुंड में फंसे तीर्थयात्रियों को लावारिस और घायल हालत में मिली थी। अब देवप्रयाग जिले के बागवान गांव के लोगों ने दावा किया है कि बच्ची उनके गांव की है और इसका असली नाम ज्योति है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन आने वाले कुछ दिनों में एक बार फिर पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है। कंपनी को लागत से कम दाम पर पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से दैनिक 261 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। कंपनी के अध्यक्ष आरएस बुटोला ने कंपनी निदेशक मंडल की बैठक के बाद कहा, पेट्रोल मूल्यों पर जल्द ही कंपनी निर्णय लेगी, कंपनी को अभी भी पेट्रोल सहित अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर अंडररिकवरी हो रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी को पेट्रोल पर 4.58 रुपये, डीजल पर 14.66 रुपये और राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर 28.27 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली हो रही है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर कंपनी 330 रुपये का नुकसान उठा रही है। उन्होंने कहा कि मई में समाप्त चालू पखवाड़े की समाप्ति पर हालांकि कम वसूली के आंकड़ों में कुछ फेरबदल हो सकता है लेकिन कंपनी की उधारी अब तक के सर्वोच्च स्तर 67,880 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है जिसपर उसे 1500 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। बुटोला ने कहा, कंपनी में रोज़ाना आधार पर स्थिति की समीक्षा होती है और काफी मुश्किल स्थिति होने पर ही दाम बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। समाप्ति वित्त वर्ष 2010.11 में कंपनी को सरकार से प्राप्त नकद सब्सिडी और ओएनजीसी और गेल जैसी अपस्ट्रीम क्षेत्र की कंपनियों से मिली सहायता के बावजूद 4,845 करोड़ रुपये का नुकसान स्वयं वहन करना पड़ा है।
यहाँ एक सारांश है:पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन आने वाले कुछ दिनों में एक बार फिर पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार भारतीय लिपियों में ईमेल एवं वेबसाइट पतों को लोकप्रिय बनाने के लिए 'डॉट इन' डोमेन नाम खरीदने पर 'डॉट भारत' डोमेन नाम मुफ्त में देगी। नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (निक्सी) के सीईओ राजीव बंसल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया,''हमने पंजीयक से कहा है कि जब कोई व्यक्ति वेबसाइट के लिए 'डाट इन'  डोमेन नाम लेता है तो उसे 'डाट भारत' डोमेन नाम नि:शुल्क देने की पेशकश की जाए।''टिप्पणियां 'डाट इन' डोमेन नाम को पहले साल के लिए 199 रुपये प्रति वर्ष के शुल्क में लिया जा सकता है जबकि बाद में इसका लगभग 550 रुपये में नवीकरण किया जा सकता है। देवनागरी लिपि में 'डाट भारत' डोमेन नाम की पेशकश निक्सी के साथ पंजीबद्ध कुछ ही कंपनियां कर रही हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया,''हमने पंजीयक से कहा है कि जब कोई व्यक्ति वेबसाइट के लिए 'डाट इन'  डोमेन नाम लेता है तो उसे 'डाट भारत' डोमेन नाम नि:शुल्क देने की पेशकश की जाए।''टिप्पणियां 'डाट इन' डोमेन नाम को पहले साल के लिए 199 रुपये प्रति वर्ष के शुल्क में लिया जा सकता है जबकि बाद में इसका लगभग 550 रुपये में नवीकरण किया जा सकता है। देवनागरी लिपि में 'डाट भारत' डोमेन नाम की पेशकश निक्सी के साथ पंजीबद्ध कुछ ही कंपनियां कर रही हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'डाट इन' डोमेन नाम को पहले साल के लिए 199 रुपये प्रति वर्ष के शुल्क में लिया जा सकता है जबकि बाद में इसका लगभग 550 रुपये में नवीकरण किया जा सकता है। देवनागरी लिपि में 'डाट भारत' डोमेन नाम की पेशकश निक्सी के साथ पंजीबद्ध कुछ ही कंपनियां कर रही हैं। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: भारतीय लिपियों में ईमेल एवं वेबसाइट पतों को लोकप्रिय बनाने का मकसद नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (निक्सी) ने यह जानकारी दी यह पेशकश निक्सी के साथ पंजीबद्ध कुछ ही कंपनियां कर रही हैं
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक हिंदू संस्था की इस मांग को थोड़ी समस्या वाली बताया कि करीब 500 साल के बाद इस बात की न्यायिक तरीके से छानबीन की जाए कि क्या मुगल शासक बाबर ने अयोध्या में विवादित ढांचे को 'अल्लाह' को समर्पित किया था ताकि यह इस्लाम के तहत वैध मस्जिद बन सके. 'अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समितट के वकील ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह कहकर गलती की कि वह इस मामले में नहीं जाएगा कि क्या बाबर ने बिना 'शरिया' 'हदीस' और अन्य इस्लामिक परंपराओं का पालन किये बिना मस्जिद का निर्माण कराया.     मामले में एक मुस्लिम पक्ष द्वारा दर्ज वाद में वादी हिंदू संगठन की ओर से वरिष्ठ वकील पी एन मिश्रा ने कहा कि बाबर जमीन का मालिक नहीं था और मस्जिद बनाने के लिए वैध तरीके से 'वक्फ' करने के लिहाज से अक्षम था, इन आरोपों पर फैसला करने के बजाय उच्च न्यायालय ने कहा था कि चूंकि करीब 500 साल गुजर गये, वह इस मुद्दे को नहीं देखेगा जो 'इतिहासकारों के लिए बहस' का विषय हो सकता है. मिश्रा ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में 15वें दिन की सुनवाई के दौरान पीठ से कहा, "इस्लाम में बाबर जैसा निरंकुश शासक भी सबकुछ नहीं कर सकता था. उसे भी धर्म का पालन करना होता था."   पीठ ने कहा, "उच्च न्यायालय ने कहा था कि बाबर को स्वच्छंद अधिकार थे और उसने कुछ किया था जिसकी समीक्षा नहीं की जा सकती. उच्च न्यायालय ने कहा था कि हम इस सवाल को नहीं देख सकते कि बाबर ने जो किया था, वह 'शरिया' के खिलाफ था." पीठ ने कहा कि इस्लामी कानूनों और परंपराओं के कथित उल्लंघन की बात करने के बजाय उच्च न्यायालय ने कहा कि वह इस पहलू को देखेगी कि लोग इसे मस्जिद मानते हैं. पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी हैं. पीठ ने कहा, "अगर हम बाबर द्वारा मस्जिद के तौर पर जमीन के इस्तेमाल की न्यायिक वैधता के बारे में पूछते हैं तो यह थोड़ी समस्या वाली बात है."     पीठ ने कहा कि मुसलमान दावा करते रहे हैं कि वे 400 साल से ज्यादा समय से नमाज अदा कर रहे हैं और हिंदू कहते हैं कि वे पिछले दो हजार साल से पूजा करते आ रहे हैं और दलील यह है कि अदालतों को इस बात का अध्ययन करना चाहिए कि क्या शासक का कृत्य अवैध है. मिश्रा ने कहा कि इस तरह के विवादों पर फैसला करने के लिए कोई धार्मिक फोरम नहीं है और अदालतें इस तरह के मुद्दों पर निर्णय करने से सीधे इनकार नहीं कर सकतीं और इस तरह के फैसले रहे हैं जो बताते हैं कि हिंदू और मुस्लिम कानूनों के आधार पर यह किया जा सकता है. न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा, "आप कह रहे हैं कि उच्च न्यायालय को फैसला करना चाहिए था कि बाबर ने जो किया वह गलत था या सही."    इस पर वरिष्ठ वकील ने कहा, "अदालत कैसे कह सकती है कि वह निर्णय नहीं करेगी." मामले का अध्ययन करीब 70 साल से अदालतों में किया जा रहा है.
संक्षिप्त सारांश: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर सुनवाई 'बाबर के मस्जिद बनाने के विषय की जांच करना थोड़ी समस्या वाली बात' '500 साल इस विषय की जांच करने में थोड़ी समस्या'
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 'वर्ड' अनुप्रयोग अतिक्रमण मामले में माइक्रोसॉफ्ट की अपील पर सोमवार को सुनवाई शुरू की। इस मामले में माइक्रोसॉफ्ट, टोरंटो स्थित आई4आई इंक द्वारा हासिल किए गए पेटेंट के उल्लंघन का 2009 में दोषी पाया गया था और उसे क्षतिपूर्ति के रूप में 29 करोड़ डॉलर के भुगतान का आदेश दिया गया था। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय का फैसला यह तय करेगा कि पेटेंट कानून किस तरह विशेष प्रौद्योगिकी की हिफाजत करेंगे। कनाडाई कंपनी ने माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ 2007 में 'वर्ड' अनुप्रयोग पर अपने पेटेंट के उल्लंघन को लेकर अदालत में चुनौती दी थी और उस मामले में उसकी जीत हुई थी तथा दिसम्बर, 2009 में उसे 29 करोड़ डॉलर की क्षतिपूर्ति भी मिली थी। टेक्सास अदालत में अपनी याचिका में आई4आई ने दावा किया था कि 1998 में उसे हासिल हुए एक पेटेंट पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने अतिक्रमण किया है। यह पेटेंट आई4आई की प्रौद्योगिकी से संबंधित है, जो एक्सएमएल कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा के उपयोग के जरिए दस्तावेजों को खोल सकता है और जटिल आंकड़ों को इलेक्टॉनिक दस्तावेजों में बदल सकता है। यह प्रौद्योगिकी उपभोक्ताओं को इस बात की सुविधा देती है कि वे जटिल दस्तावेजों को अधिक सुलभ डेटाबेस में परिवर्तित कर ढेर सारी सूचनाओं का प्रबंधन कर सकते हैं। बाद में 2009 में अमेरिकी अपीली अदालत ने भी निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसके तहत 11 जनवरी से माइक्रोसॉफ्ट पर वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पिछले वर्ष मई में कनाडाई कंपनी को उस समय एक और सफलता मिली, जब अमेरिकी पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस ने माइक्रोसॉफ्ट का अनुरोध खारिज कर दिया और इस बात की पुष्टि कर दी कि उक्त अनुप्रयोग का पेटेंट आई4आई इंक के पास ही है। लेकिन माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले वर्ष अगस्त में इस फैसले को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी और कहा कि मौजूदा प्रणाली पेटेंट धारक की ओर अधिक झुकी हुई है। यानी इस मामले में अमेरिकी पेटेंट प्रणाली में बुनियादी रूप से बदलाव हो सकता है। कहा जा रहा है कि गूगल, याहू इंक, एप्पल और इंटेल इंक का माइक्रोसॉफ्ट को इस मामले में समर्थन मिल रहा है।
संक्षिप्त सारांश: इस मामले में माइक्रोसॉफ्ट, टोरंटो स्थित आई4आई इंक द्वारा हासिल किए गए पेटेंट के उल्लंघन का 2009 में दोषी पाया गया था।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: महीनों तक जारी अटकलबाजी कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी के चुनावी मैदान में उतर सकती हैं, पर गुरुवार को विराम लग गया. प्रियंका गांधी के नाम पर ऊहापोह की स्थिति को खत्म करते हुए कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को अजय राय को पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव मैदान में उतारा. प्रियंका गांधी के वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव न लड़ने के अंतिम फैसले के कारणों का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने खुलासा किया है. सैम पित्रोदा की मानें तो वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला प्रियंका गांधी का ही था. सैम पित्रोदा ने कहा कि वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव न लड़ने का फैसला खुद प्रियंका गांधी वाड्रा का था. पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला प्रियंका गांधी पर ही छोड़ रखा था. बता दें कि 2014 में पीएम मोदी वाराणसी से बड़े वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे.  प्रियंका गांधी वाड्रा ने फरवरी में सक्रिय राजनीति में तब कदम रखा, जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के गठबंधन से कांग्रेस को अलग कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी.  प्रियंका और राहुल गांधी के कई बयानों से ऐसी संभावना जताई जा रही थी की वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस प्रियंका गांधी को मैदान में उतार सकती है, मगर ऐसा नहीं हो सका. प्रियंका गांधी से जब भी वाराणसी से उनकी उम्मीदवारी को लेकर सवाल पूछा जाता, तो वह हमेशा कहती थीं कि अगर पार्टी उन्हें कहेगी तो वह चुाव लड़ेंगी. मगर गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने सस्पेंस खत्म कर दिया और अजय राय को अपना उम्मीदवार बनाया. इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने कहा कि वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला प्रियंका जी का ही था क्योंकि उनके पास अन्य जिम्मेदारिया थीं. उन्होंने सोचा कि किसी एक सीट पर अपना ध्यान केंद्रित करने से अच्छा है उन्हें जो काम मिला है उस पर ध्यान दिया जाए, तो यह फैसला उन्हीं का था और उन्होंने ही यह तय किया.' बता दें कि वाराणसी में 19 मई को चुनाव है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने अजय राय को वाराणसी से उतारा. सैम पित्रोदा ने कहा कि वाराणसी से नहीं लड़ने का फैसला प्रियंका का था. पहले खबर थी की प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ सकती हैं.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शकरपुर में सीवर की सफाई करने के दौरान बीमार पड़े तीन सफाई कर्मचारियों में एक की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि गोरे लाल, रोहित, साई और अशोक एक गैस एजेंसी के पास सीवर साफ करने उतरे थे. बीमार पड़ने के बाद अशोक की मौत हो गई थी. उन्हें पीतमपुरा में भगवान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहित की हालत नाजुक थी और उन्हें सफदरजंग अस्पताल भेजा गया था जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई. दो अन्य सफाई कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई गई है. बता दें, पीडब्ल्यूडी के एक ठेकेदार ने उन्हें सीवर की सफाई के काम में लगाया था. लाल की शिकायत पर आईपीसी की धारा 304 (लापरवाही से हुई मौत) और हाथों से मैला ढोने के रोजगार पर प्रतिबंध और उनके पुनर्वास कानून की धारा सात/नौ के तहत सुभाष प्लेस थाने में मामला दर्ज किया गया और दो लोगों-एक ठेकेदार और एक निजी सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया गया. अपनी शिकायत में लाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतरने के लिए मजबूर किया गया. इससे पहले पुलिस ने बताया कि मृतक अशोक बुध विहार का रहने वाला था और तीन अन्य व्यक्ति- गोरेलाल (35), रोहित (30) और साईं (50) पूठ कलां के निवासी थे. पुलिस ने कहा कि मृतक अशोक समेत तीन व्यक्तियों को PWD ठेकेदार द्वारा एक गैस एजेंसी के समीप सीवर की सफाई करने के लिए काम पर रखा गया था. कुछ समय बाद जब वे सीवर से बाहर नहीं आए तब पुलिस को इसकी सूचना दी गई. सफाईकर्मियों को पुलिस और दमकल विभाग के कर्मियों की सहायता से सीवर से बाहर निकाला गया. पुलिस ने बताया कि चारों व्यक्तियों को पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया.
संक्षिप्त पाठ: बीमार पड़े तीन सफाई कर्मचारियों में एक की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई गोरे लाल, रोहित, साई और अशोक एक गैस एजेंसी के पास सीवर साफ करने उतरे थे इससे पहले बीमार पड़ने के बाद अशोक की मौत हो गई थी
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