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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज महाराष्ट्र और हरियाणा में कई चुनावी रैलियां और जनसभाएं हो रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अलग अलग शहरों में कई रैलियां करेंगे. पीएम मोदी आज महाराष्ट्र में दो अहम चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी की पहली सभा जलगांव में 11 बजे है. जबकि दूसरी भंडारा ज़िले के साकोली में दोपहर ढाई बजे से है. वहीं गृहमंत्री अमित शाह सुबह पौने 11 बजे महाराष्ट्र के कोल्हापुर में देवी अंबाबाई के मंदिर में मत्था टेकेंगे, फिर सवा 11 बजे कोल्हापुर के तपोवन मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे सतारा ज़िले में चुनावी सभा, फिर 3 बजे पुणे के सिरपुर में रोड शो और शाम साढ़े 5 बजे औरंगाबाद में चुनावी सभा में हिस्सा लेंगे. वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी महाराष्ट्र के लातूर में दोपहर सवा दो बजे लातूर के औसा विधानसभा और उसके बाद मुंबई में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. शाम 5 बजे से मुंबई के चांदीवली में और शाम 6.30 बजे से धारावी में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे.  आपको बता दें कि हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान 21 अक्टूबर को होंगे और नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है और पार्टी इन राज्यों में अनुच्छेद 370 के मुद्दे को हटाए जाने को मुख्य मुद्दा बना रही है. शुक्रवार को भी महाराष्ट्र की रैली में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव होने जा रहा है और पूरी दुनिया को यह संदेश जाना चाहिए कि इस फैसले पर देश एक साथ खड़ा है.
संक्षिप्त पाठ: महाराष्ट्र में आज रैलियों का घमासान पीएम मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी की रैलियां 21 अक्टूबर को होगा मतदान
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की ओर से विस्कान्सिन में मतों की दोबारा गिनती की मांग को ‘घोटाला’ करार देते हुए कहा कि ‘‘लोग मतदान कर चुके हैं और अब चुनाव खत्म हो गया है.’’ ग्रीन पार्टी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार जिल स्टाइन ने मतों की दोबारा गिनती का दबाव बनाया था. वह मिशिगन और पेंल्सिवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती की मांग कर रही हैं. उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने पेनसिलवेनिया और विस्कान्सिन में अप्रत्याशित रूप से बहुत कम मतों के अंतर से हिलेरी क्लिंटन पर जीत दर्ज की थी. मिशिगन में भी उनकी जीत का अंतर बहुत कम था. न्यूयार्क के अरबपति ट्रंप अपनी जीत से पहले लगातार चुनाव में ‘धांधली’ का आरोप लगा रहे थे. अब उन्होंने एक बयान में जोर देकर कहा कि चुनौती और गाली देने के बजाय चुनाव परिणाम का ‘सम्मान’ किया जाना चाहिए. निर्वाचित राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि यह स्टाइन ने मतदान की दोबारा गिनती कराने के बहाने अपने खजाने को भरने के लिए 70 लाख डालर की तुलना में 59 लाख डालर जुटाए हैं. ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतदान की याचिका डालने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों ने मतदान कर दिया है और अब चुनाव खत्म हो गए हैं. हिलेरी क्लिंटन ने खुद ही चुनाव वाली रात यह बात स्वीकार की थी.’’ ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली है.टिप्पणियां हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने पेनसिलवेनिया और विस्कान्सिन में अप्रत्याशित रूप से बहुत कम मतों के अंतर से हिलेरी क्लिंटन पर जीत दर्ज की थी. मिशिगन में भी उनकी जीत का अंतर बहुत कम था. न्यूयार्क के अरबपति ट्रंप अपनी जीत से पहले लगातार चुनाव में ‘धांधली’ का आरोप लगा रहे थे. अब उन्होंने एक बयान में जोर देकर कहा कि चुनौती और गाली देने के बजाय चुनाव परिणाम का ‘सम्मान’ किया जाना चाहिए. निर्वाचित राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि यह स्टाइन ने मतदान की दोबारा गिनती कराने के बहाने अपने खजाने को भरने के लिए 70 लाख डालर की तुलना में 59 लाख डालर जुटाए हैं. ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतदान की याचिका डालने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों ने मतदान कर दिया है और अब चुनाव खत्म हो गए हैं. हिलेरी क्लिंटन ने खुद ही चुनाव वाली रात यह बात स्वीकार की थी.’’ ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली है.टिप्पणियां हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यूयार्क के अरबपति ट्रंप अपनी जीत से पहले लगातार चुनाव में ‘धांधली’ का आरोप लगा रहे थे. अब उन्होंने एक बयान में जोर देकर कहा कि चुनौती और गाली देने के बजाय चुनाव परिणाम का ‘सम्मान’ किया जाना चाहिए. निर्वाचित राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि यह स्टाइन ने मतदान की दोबारा गिनती कराने के बहाने अपने खजाने को भरने के लिए 70 लाख डालर की तुलना में 59 लाख डालर जुटाए हैं. ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतदान की याचिका डालने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों ने मतदान कर दिया है और अब चुनाव खत्म हो गए हैं. हिलेरी क्लिंटन ने खुद ही चुनाव वाली रात यह बात स्वीकार की थी.’’ ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली है.टिप्पणियां हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) निर्वाचित राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि यह स्टाइन ने मतदान की दोबारा गिनती कराने के बहाने अपने खजाने को भरने के लिए 70 लाख डालर की तुलना में 59 लाख डालर जुटाए हैं. ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतदान की याचिका डालने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों ने मतदान कर दिया है और अब चुनाव खत्म हो गए हैं. हिलेरी क्लिंटन ने खुद ही चुनाव वाली रात यह बात स्वीकार की थी.’’ ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली है.टिप्पणियां हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी की ओर से दोबारा मतदान की याचिका डालने के एक दिन बाद कहा, ‘‘लोगों ने मतदान कर दिया है और अब चुनाव खत्म हो गए हैं. हिलेरी क्लिंटन ने खुद ही चुनाव वाली रात यह बात स्वीकार की थी.’’ ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली है.टिप्पणियां हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिलेरी क्लिंटन के अभियान दल ने कल सुबह कहा था कि वह ग्रीन पार्टी की ओर से मतों की दोबारा गिनती में शामिल होंगे. इसके अलावा मिशिगन और पेनसिलवेनिया में भी मतों की दोबारा गिनती का समर्थन करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: ग्रीन पार्टी उम्मीदवार जिल स्टाइन ने मतों की दोबारा गिनती का दबाव बनाया पेनसिलवेनिया और विस्कान्सिन में बहुत कम मतों के अंतर से हिलेरी को हराया मतों की दोबारा गिनती की याचिका राज्य के चुनाव आयोग ने स्वीकार कर ली
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनावों के लिए पहले दौर के सबसे गरीब उम्मीदवार शायद मांगेराम कश्यप हैं. मुजफ्फरनगर से मजदूर किसान यूनियन पार्टी से चुनाव लड़ रहे मांगेराम के पास उनके हलफनामे के मुताबिक न कोई कैश है, न बैंक में एक पैसा. मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से मजदूर किसान यूनियन पार्टी के उम्मीदवार मांगेराम कश्यप का हलफनामा बताता है कि वे लोकतंत्र की मौजूदा हवा के खिलाफ हैं. जहां बाकी प्रत्याशियों के खाते में लाख और करोड़ दिख रहे हैं, मांगेराम कश्यप के खाते में एक भी पैसा नहीं है. चुनाव प्रचार भी पैदल ही कर रहे हैं. मांगेराम कहते हैं कि उनके पास चुनाव अभियान के लिए पैसे नहीं हैं और समर्थकों से मिल रही मदद से ही कैंपेन चल रहा है. मांगेराम कश्यप इन लोक सभा चुनावों में चुनाव लड़ने वाले सबसे गरीब उम्मीदवार हो सकते हैं...चुनावों पर नज़र रखने वाली संस्था इलेक्शन वाच के मुताबिक 2009 में हमारे तीन सौ लोकसभा सांसद करोड़पति थे जबकि 2014 में करोड़पति सांसद 430 हो गए. मौजूदा संसद में सांसदों की औसत संपत्ति 14.72 करोड़ रुपये है. चुनावों में कौन जीतेगा कौन हारेगा वाली बहस में एक बात साफ है कि मांगेराम नहीं जीत पाएंगे. लेकिन उनका खड़ा होना भी भारतीय लोकतंत्र के आज के माहौल में किसी जीत से कम नहीं. वे याद दिला रहे हैं कि भारतीय लोकतंत्र को आम और गरीब लोगों की कुछ ज़्यादा ज़रूरत है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: न तो पास में कोई नगद राशि है, न ही बैंक में पैसा चुनाव अभियान समर्थकों से मिल रही मदद से चल रहा मौजूदा सांसदों की औसत संपत्ति 14.72 करोड़ रुपये
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार पर सीधे तौर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 22 सालों के दौरान गैरकांग्रेसी सरकारों ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, लिहाजा राज्य पिछड़ेपन का शिकार हुआ। प्रधानमंत्री राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के पक्ष में कानपुर में एक चुनावी सभा को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन राज्य सरकार के असहयोग की वजह से यह मुमकिन नहीं हो पाया। हमने जो भी पैसा केंद्र से राज्य के विकास के लिए भेजा, हर जगह अनियमितताएं ही सामने आईं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 22 वषरें में उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन का शिकार इसलिए हुआ, क्योंकि यहा गैरकांग्रेसी सरकारों ने लोगों के विकास के लिए कोई काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह और मजबूती के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे वर्ष 2020 तक लागू करने की कोशिश की जाएगी। हमारा यह मकसद है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों का खास ख्याल रखा जाए।"टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" प्रधानमंत्री राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के पक्ष में कानपुर में एक चुनावी सभा को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन राज्य सरकार के असहयोग की वजह से यह मुमकिन नहीं हो पाया। हमने जो भी पैसा केंद्र से राज्य के विकास के लिए भेजा, हर जगह अनियमितताएं ही सामने आईं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 22 वषरें में उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन का शिकार इसलिए हुआ, क्योंकि यहा गैरकांग्रेसी सरकारों ने लोगों के विकास के लिए कोई काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह और मजबूती के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे वर्ष 2020 तक लागू करने की कोशिश की जाएगी। हमारा यह मकसद है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों का खास ख्याल रखा जाए।"टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन राज्य सरकार के असहयोग की वजह से यह मुमकिन नहीं हो पाया। हमने जो भी पैसा केंद्र से राज्य के विकास के लिए भेजा, हर जगह अनियमितताएं ही सामने आईं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 22 वषरें में उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन का शिकार इसलिए हुआ, क्योंकि यहा गैरकांग्रेसी सरकारों ने लोगों के विकास के लिए कोई काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह और मजबूती के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे वर्ष 2020 तक लागू करने की कोशिश की जाएगी। हमारा यह मकसद है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों का खास ख्याल रखा जाए।"टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 22 वषरें में उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन का शिकार इसलिए हुआ, क्योंकि यहा गैरकांग्रेसी सरकारों ने लोगों के विकास के लिए कोई काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह और मजबूती के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे वर्ष 2020 तक लागू करने की कोशिश की जाएगी। हमारा यह मकसद है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों का खास ख्याल रखा जाए।"टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह और मजबूती के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे वर्ष 2020 तक लागू करने की कोशिश की जाएगी। हमारा यह मकसद है कि समाज के कमजोर तबके के लोगों का खास ख्याल रखा जाए।"टिप्पणियां मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" मनमोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार के खास अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, ताकि लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, "केंद्र में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से हमारी कोशिश रही है कि किस तरह से उत्तर प्रदेश का विकास किया जाए।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।" सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिए, लेकिन इस मदद का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया और इसमें तमाम अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने कहा, "पिछले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली, पानी और सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा का स्तर भी काफी गिरा है।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार पर सीधे तौर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 22 सालों के दौरान गैरकांग्रेसी सरकारों ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, लिहाजा राज्य पिछड़ेपन का शिकार हुआ।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में एक आश्रयगृह की चार महिला कर्मियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी.इस आश्रयगृह के कर्मचारियों ने कथित रूप से वहां रह रही लड़कियों का उत्पीड़न किया था.डीसीडब्ल्यू ने बताया कि गुरुवार को द्वारका के इस निजी आश्रयगृह की जांच के दौरान दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने पाया कि आश्रयगृह के कर्मचारी लड़कियों को नियम पालन नहीं करने पर बुरी तरह से दंडित करते हैं. कुछ लड़कियों ने आरोप लगाया कि महिलाकर्मी सजा के तौर पर उनके प्रावइेट पार्ट्स में मिर्ची का पाउडर डाल देती हैं.पुलिस ने बताया कि इस खुलासे के बाद चार महिला कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी.चारों महिला कर्मियों में से एक कल्याण अधिकारी, एक प्रभारी और दो अन्य कर्मचारी थीं. उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच जारी है. दिल्ली के एक शेल्टर होम में लड़कियों से अत्याचार को लेकर दिल दहलाने वाली बातें सामने आई हैं. शेल्टर होम में रह रही लड़कियों को न सिर्फ प्रताड़ित किया गया, बल्कि उनके प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डाले जाने की भी बात सामने आई है. दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में एक आश्रय गृह की लड़कियों को उसके कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार (प्रताड़ना) किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने एक शिकायत दर्ज की. दिल्ली महिला आयोग के एक बयान में कहा गया है कि गुरुवार को दिल्ली में आश्रय गृहों के निरीक्षण के दौरान, डीसीडब्ल्यू के सदस्यों ने शेल्टर होम के अनुभवों को जानने के लिए 6-15 वर्ष की उम्र की लड़कियों के साथ बातचीत की.
दिल्ली के आश्रय गृह में लड़कियों के उत्पीड़न का सामने आया मामला लड़कियों ने की प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डालने की शिकायत शेल्टर होम की चार महिला कर्मियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Marjaavaan Trailer Video: बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) की फिल्म 'मरजावां' (Marjaavaan) का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो चुका है. खास बात तो यह है कि ट्रेलर के आते ही इस पर व्यूज और लाइक्स की बरसात होनी शुरू हो गई है. फिल्म का ट्रेलर देखकर लगता है कि सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) की 'मरजावां' (Marjaavaan) एक्शन और रोमांस का तड़का होगी. क्योंकि जहां एक तरफ ट्रेलर में सिद्धार्थ मल्होत्रा को रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) और फिल्म के बाकी विलेन से लड़ाई करते हुए दिखाया गया है तो वहीं, दूसरी तरफ सिद्धार्थ मल्होत्रा एक्ट्रेस तारा सुतारिया के साथ रोमांस करते हुए भी नजर आ रहे हैं.  'मरजावां' (Marjaavaan) के ट्रेलर से पता चलता है कि फिल्म में एक्शन भरपूर मात्रा में है. इसके अलावा मूवी में रितेश देशमुख का लुक और अंदाज भी काफी दिलचस्प है, क्योंकि वह फिल्म में छोटी हाइट के जरूर बने हैं, लेकिन उनके तेवर बिल्कुल हटके हैं. इस फिल्म में भी सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh फिल्म एक विलेन की तरह आमने-सामने नजर आएंगे. खबर बनाने तक ट्रेलर को करीब 1.6 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है.  बता दें कि सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) स्टारर फिल्म 'मरजावां' (Marjaavaan) एक वॉयलेंट और ड्रामाटिक लव स्टोरी पर आधारित है. दोनों की यह दमदार फिल्म इसी साल 22 नवंबर को रिलीज होगी. इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और रितेश देशमुख के अलावा तारा सुतारिया (Tara Sutariya), रकुल प्रीत (Rakul Preet) और नोरा फतेही (Nora Fatehi) भी मुख्य भूमिका में नजर आने वाली हैं. लेकिन अब देखना यह है कि यह फिल्म क्या धमाल मचाती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक्शन और रोमांस का तड़का है 'मरजावां' फिल्म में दिखा रितेश देशमुख का दमदार अंदाज रितेश देशमुख और सिद्धार्थ मल्होत्रा साथ आएंगे नजर
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: सैफ अली खान की बहुप्रतीक्षित होम प्रोडक्शन फिल्म 'एजेंट विनोद' रिलीज़ हो गई है... कहानी यह है कि रूस मे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के एक जासूस का खून हो जाता है, और केस सुलझाने के लिए रॉ के दूसरे एजेंट विनोद, यानि सैफ अली खान को भेजा जाता है, जिसे पता चलता है कि न्यूक्लियर बम से हमले की साजिश चल रही है। अब 'एजेंट विनोद', यानि इंडियन जेम्स बॉन्ड, बॉन्ड जैसे ही कपड़ों और स्टाइल के साथ पासपोर्ट और वीज़ा की फिक्र किए बगैर वर्ल्ड टूर पर रहता है... दुश्मन के मारने पर वह मरता नहीं, या शायद दुश्मन उसे ढंग से नहीं मारता... हर बार... लेकिन यह क्या, स्पाई कैमरे और स्मार्टफोन को छोड़ दें तो हाईफाई गैजेट्स के मामले में 'एजेंट विनोद' बॉन्ड के मुकाबले काफी गरीब नज़र आता है... खैर करीना कपूर पाकिस्तानी डॉक्टर बनी हैं, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर कैसे वह जासूस बनकर खरतनाक हत्यारों के बीच अपनी लाइफ को मैनेज कर रही हैं... डॉक्टर बुरी तरह घायल है, लेकिन बिल्डिंग का शीशा तोड़कर आवाज़ लगाती है, जिसे सुनकर आधा किलोमीटर दूर खड़े एजेंट हरकत में आ जाते हैं... यही है पूरी फिल्म का सबसे कमज़ोर और कन्फ्यूज़्ड कैरेक्टर... 'एजेंट विनोद' के हेलीकॉप्टर में रखा न्यूक्लियर बम फटने वाला है, लेकिन वह लेडी डॉक्टर से इमोशनल बातें करने में बिज़ी है... तभी पता नहीं कैसे, इस लेडी डॉक्टर को न्यूक्लियर बम का पासवर्ड याद आ जाता है...टिप्पणियां 'एजेंट विनोद' की कहानी एवरेज है... शायद इसीलिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म कुछ इस तरह बनाई है कि लोग कन्फ्यूज़ होकर इस पर भरोसा कर लें... और इसीलिए बेहद स्टाइलिश एडिटिंग के साथ तेज़ी से कहानी को घुमाया गया, जो एन्गेज रखता है... मोरक्को, लातविया, अफगानिस्तान और रूस की खूबसूरत लोकेशन्स पर अच्छा एक्शन है... क्लाईमैक्स में भी जान है... 'राब्ता' जैसे गीतों के साथ म्यूज़िक तो पहले ही हिट है, लेकिन सबसे अच्छी बात है, 'एजेंट विनोद' के मज़ेदार और इन्टेलिजेंट डायलॉग्स, जो हंसाए बगैर नहीं रहेंगे... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार... अब 'एजेंट विनोद', यानि इंडियन जेम्स बॉन्ड, बॉन्ड जैसे ही कपड़ों और स्टाइल के साथ पासपोर्ट और वीज़ा की फिक्र किए बगैर वर्ल्ड टूर पर रहता है... दुश्मन के मारने पर वह मरता नहीं, या शायद दुश्मन उसे ढंग से नहीं मारता... हर बार... लेकिन यह क्या, स्पाई कैमरे और स्मार्टफोन को छोड़ दें तो हाईफाई गैजेट्स के मामले में 'एजेंट विनोद' बॉन्ड के मुकाबले काफी गरीब नज़र आता है... खैर करीना कपूर पाकिस्तानी डॉक्टर बनी हैं, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर कैसे वह जासूस बनकर खरतनाक हत्यारों के बीच अपनी लाइफ को मैनेज कर रही हैं... डॉक्टर बुरी तरह घायल है, लेकिन बिल्डिंग का शीशा तोड़कर आवाज़ लगाती है, जिसे सुनकर आधा किलोमीटर दूर खड़े एजेंट हरकत में आ जाते हैं... यही है पूरी फिल्म का सबसे कमज़ोर और कन्फ्यूज़्ड कैरेक्टर... 'एजेंट विनोद' के हेलीकॉप्टर में रखा न्यूक्लियर बम फटने वाला है, लेकिन वह लेडी डॉक्टर से इमोशनल बातें करने में बिज़ी है... तभी पता नहीं कैसे, इस लेडी डॉक्टर को न्यूक्लियर बम का पासवर्ड याद आ जाता है...टिप्पणियां 'एजेंट विनोद' की कहानी एवरेज है... शायद इसीलिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म कुछ इस तरह बनाई है कि लोग कन्फ्यूज़ होकर इस पर भरोसा कर लें... और इसीलिए बेहद स्टाइलिश एडिटिंग के साथ तेज़ी से कहानी को घुमाया गया, जो एन्गेज रखता है... मोरक्को, लातविया, अफगानिस्तान और रूस की खूबसूरत लोकेशन्स पर अच्छा एक्शन है... क्लाईमैक्स में भी जान है... 'राब्ता' जैसे गीतों के साथ म्यूज़िक तो पहले ही हिट है, लेकिन सबसे अच्छी बात है, 'एजेंट विनोद' के मज़ेदार और इन्टेलिजेंट डायलॉग्स, जो हंसाए बगैर नहीं रहेंगे... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार... खैर करीना कपूर पाकिस्तानी डॉक्टर बनी हैं, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर कैसे वह जासूस बनकर खरतनाक हत्यारों के बीच अपनी लाइफ को मैनेज कर रही हैं... डॉक्टर बुरी तरह घायल है, लेकिन बिल्डिंग का शीशा तोड़कर आवाज़ लगाती है, जिसे सुनकर आधा किलोमीटर दूर खड़े एजेंट हरकत में आ जाते हैं... यही है पूरी फिल्म का सबसे कमज़ोर और कन्फ्यूज़्ड कैरेक्टर... 'एजेंट विनोद' के हेलीकॉप्टर में रखा न्यूक्लियर बम फटने वाला है, लेकिन वह लेडी डॉक्टर से इमोशनल बातें करने में बिज़ी है... तभी पता नहीं कैसे, इस लेडी डॉक्टर को न्यूक्लियर बम का पासवर्ड याद आ जाता है...टिप्पणियां 'एजेंट विनोद' की कहानी एवरेज है... शायद इसीलिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म कुछ इस तरह बनाई है कि लोग कन्फ्यूज़ होकर इस पर भरोसा कर लें... और इसीलिए बेहद स्टाइलिश एडिटिंग के साथ तेज़ी से कहानी को घुमाया गया, जो एन्गेज रखता है... मोरक्को, लातविया, अफगानिस्तान और रूस की खूबसूरत लोकेशन्स पर अच्छा एक्शन है... क्लाईमैक्स में भी जान है... 'राब्ता' जैसे गीतों के साथ म्यूज़िक तो पहले ही हिट है, लेकिन सबसे अच्छी बात है, 'एजेंट विनोद' के मज़ेदार और इन्टेलिजेंट डायलॉग्स, जो हंसाए बगैर नहीं रहेंगे... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार... 'एजेंट विनोद' के हेलीकॉप्टर में रखा न्यूक्लियर बम फटने वाला है, लेकिन वह लेडी डॉक्टर से इमोशनल बातें करने में बिज़ी है... तभी पता नहीं कैसे, इस लेडी डॉक्टर को न्यूक्लियर बम का पासवर्ड याद आ जाता है...टिप्पणियां 'एजेंट विनोद' की कहानी एवरेज है... शायद इसीलिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म कुछ इस तरह बनाई है कि लोग कन्फ्यूज़ होकर इस पर भरोसा कर लें... और इसीलिए बेहद स्टाइलिश एडिटिंग के साथ तेज़ी से कहानी को घुमाया गया, जो एन्गेज रखता है... मोरक्को, लातविया, अफगानिस्तान और रूस की खूबसूरत लोकेशन्स पर अच्छा एक्शन है... क्लाईमैक्स में भी जान है... 'राब्ता' जैसे गीतों के साथ म्यूज़िक तो पहले ही हिट है, लेकिन सबसे अच्छी बात है, 'एजेंट विनोद' के मज़ेदार और इन्टेलिजेंट डायलॉग्स, जो हंसाए बगैर नहीं रहेंगे... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार... 'एजेंट विनोद' की कहानी एवरेज है... शायद इसीलिए डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने फिल्म कुछ इस तरह बनाई है कि लोग कन्फ्यूज़ होकर इस पर भरोसा कर लें... और इसीलिए बेहद स्टाइलिश एडिटिंग के साथ तेज़ी से कहानी को घुमाया गया, जो एन्गेज रखता है... मोरक्को, लातविया, अफगानिस्तान और रूस की खूबसूरत लोकेशन्स पर अच्छा एक्शन है... क्लाईमैक्स में भी जान है... 'राब्ता' जैसे गीतों के साथ म्यूज़िक तो पहले ही हिट है, लेकिन सबसे अच्छी बात है, 'एजेंट विनोद' के मज़ेदार और इन्टेलिजेंट डायलॉग्स, जो हंसाए बगैर नहीं रहेंगे... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार... फिर ऐसा क्या है, जिससे फिल्म पाकिस्तान में बैन कर दी गई... शायद इसलिए, क्योंकि फिल्म में निशाने पर भारत है और साजिश रचने वालों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेन्ट्स शामिल हैं... हालांकि बैलेन्सिंग एक्ट दिखाते हुए सैफ ने साजिश में कुछ भारतीय भी शामिल दिखाए हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड यकीन नहीं कर पाया... दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... 'एजेंट विनोद' टोटैलिटी (totallity) में एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार...
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दरअसल फिल्म देखते वक्त आपको दिमाग से ज़्यादा दिल पर यकीन करना पड़ेगा, जैसे आप बॉन्ड फिल्म देखते वक्त करते हैं... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 3 स्टार...
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनावों (Assembly Election) के मद्देनजर कांग्रेस नेता राहुल गांधी 13 और 15 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनावी रैली (Maharashtra Assembly Election) करेंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई को यह जानकारी पार्टी को सूत्रों द्वारा मिली है. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मुंबई में 13 अक्टूबर को चुनावी रैली करेंगे. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस (Congress) की तरफ से पहली बार चुनावी बिगुल फूंका जाएगा. लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पहली बार चुनावी रैली करने जा रही है. वहीं, हरियाणा में राहुल गांधी 14 अक्टूबर को जनसभा को संबोधित कर सकते हैं. इसकी जानकारी कांग्रेस के सूत्रों ने बताई.  बता दें कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव (Maharashtra Haryana Assembly Election) की तारीखों का चुनाव आयोग (Election Commission) ने हाल ही में ऐलान किया था. महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी. नॉमिनेशन भरने की आखिरी तारीख 4 अक्टूबर को होगी और नामांकन वापस लेने की तारीख 7 अक्टूबर को होगी. लोकसभा चुनावों के बाद यह इस साल के पहले राज्य चुनाव हैं. हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 2 नवंबर को और महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है.
संक्षिप्त पाठ: राहुल गांधी ने चुनाव के लिए कसी कमर महाराष्ट्र में 13 अक्टूबर को करेंगे चुनावी रैली हरियाणा में भी फूकेंगे चुनावी बिगुल
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त फोरम के प्रवक्ता अरिन्दम दत्ता ने कहा, "हम बैठक के लिए मुख्यमंत्री (Mamata Banerjee) के आमंत्रण पर राज्य सचिवालय नहीं जाएंगे. उन्हें (मुख्यमंत्री) नील रत्न सरकार (एनआरएस) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आना होगा और एसएसकेएम अस्पताल में बृहस्पतिवार को अपने दौरे के दौरान की गई टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगनी होगी." दत्ता ने कहा, "यदि वह एसएसकेएम जा सकती हैं तो वह एनआरएस भी आ सकती हैं...अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा." डाक्टरों के 'हमें न्याय चाहिए' के नारों के बीच सरकार संचालित अस्पताल एसएसकेएम के दौरे के दौरान बनर्जी ने कहा था कि मेडिकल कॉलेजों में बाहरी लोग व्यवधान पैदा कर रहे हैं और वर्तमान आंदोलन माकपा तथा भाजपा का षड्यंत्र है. वहीं, दिल्ली स्थित एम्स और सफदरजंग अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य के आंदोलनकारी डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा है कि ऐसा न होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पतालों के डॉक्टरों ने कोलकाता में अपने सहयोगियों पर हमलों के विरोध में शुक्रवार को काम का बहिष्कार किया था. शनिवार को काम फिर से शुरू करने वाले एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के सदस्यों ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों की मांगें 48 घंटे के भीतर पूरी नहीं की जाती हैं तो उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम बंगाल सरकार के शत्रुतापूर्ण और अड़ियल रवैये की निंदा करते हैं. एम्स, नयी दिल्ली में हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता.'' एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा, ‘‘14 जून को हुई आम सभा की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, आरडीए पश्चिम बंगाल सरकार को हड़ताली डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देती है. मांगें पूरी न होने पर एम्स नयी दिल्ली में हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे. हमें उम्मीद है कि देशभर में हमारे सहयोगी जरूरत की इस घड़ी में हमारे साथ जुड़ेंगे.'' आरडीए सदस्यों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के प्रति आभार व्यक्त किया और गतिरोध को दूर करने के लिए उनके कदमों की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूरी उम्मीद है कि वह इसे प्राथमिकता देते हुए इस मामले का अति शीघ्र समाधान करेंगे.''सफदरजंग अस्पताल आरडीए के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने भी इस मामले पर समान रुख अपनाया. दिल्ली के चिकित्सकों ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले अपने राज्य में हड़ताली डॉक्टरों को हड़ताल वापस लेने या छात्रावास खाली करने के लिए चार घंटे का अल्टीमेटम दिया था. पश्चिम बंगाल में अपने सहयोगियों पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 17 जून को हड़ताल का आह्वान किया है.
संक्षिप्त सारांश: डॉक्टरों ने ठुकराया ममता बनर्जी का ऑफर बातचीत के लिए रखी शर्त डॉक्टरों ने इससे पहले भी ठुकराया था ऑफर
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हैदराबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी और उनके रिश्तेदार व ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक बीवी श्रीनिवास रेड्डी की जमानत याचिकाओं पर निर्णय के लिए 28 दिसंबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ताओं और सीबीआई के वकीलों द्वारा द्वारा जिरह पूरी करने के बाद न्यायाधीश नागमूर्ति सरमा ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। 5 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद से यह रेड्डी बंधुओं की चौथी जमानत याचिका है। वे इस समय चंचलगुड़ा जेल में बंद हैं। बहस के दौरान, रेड्डी बंधुओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता उमामहेश्वर राव ने सीबीआई के उस दावे पर जबरदस्त आपत्ति की, जिसमें सीबीआई ने कहा था कि ओएमसी घोटाले से सरकार को 5,100 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। राव ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, क्योंकि उसके खुद के आरोप पत्र में केवल 884 करोड़ रुपये नुकसान दिखाया गया है।
अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी और उनके रिश्तेदार बीवी श्रीनिवास रेड्डी की जमानत अर्जियों पर फैसले के लिए 28 दिसंबर की तारीख तय की है।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रांची में हुई 53वीं एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के समापन समारोह के दौरान बिजली गुल हो गई और अंधेरे में ही क्लोज़िंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। हास्यास्पद और दुखद यह रहा कि समापन समारोह के दौरान टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में पढ़ कर नाम पुकारे गए। झारखंड की खेलमंत्री गीताश्री ओरांव ने बगैर माइक के ही चिल्लाकर एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के समापन समारोह का ऐलान किया। यह कोई अनहोनी नहीं। दूसरे कई राज्यों की तरह झारखंड में बिजली की मुश्किल के बारे में अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं, मगर समापन समारोह के दौरान कोई बैकअप इंतज़ाम नहीं था और ऐसे में जो हुआ दुनियाभर में उसकी हंसी ही उड़ाई जाएगी। यह आलम तब है जब इन खेलों के दौरान खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को लेकर विवाद भी हुए। ऐसा भी हुआ कि जीत किसी खिलाड़ी ने हासिल की और पोडियम पर कोई और शख्स आया। इन सबको देखकर यह तो कहा जा सकता है कि कम से कम कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन इनके मुक़ाबले बेहद ठीक रहा। 2010 कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर जो विवाद हुए वह खेलों से पहले हुए और करप्शन के आरोपों ने खेलों को खराब नहीं होने दिया। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। हास्यास्पद और दुखद यह रहा कि समापन समारोह के दौरान टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में पढ़ कर नाम पुकारे गए। झारखंड की खेलमंत्री गीताश्री ओरांव ने बगैर माइक के ही चिल्लाकर एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के समापन समारोह का ऐलान किया। यह कोई अनहोनी नहीं। दूसरे कई राज्यों की तरह झारखंड में बिजली की मुश्किल के बारे में अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं, मगर समापन समारोह के दौरान कोई बैकअप इंतज़ाम नहीं था और ऐसे में जो हुआ दुनियाभर में उसकी हंसी ही उड़ाई जाएगी। यह आलम तब है जब इन खेलों के दौरान खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को लेकर विवाद भी हुए। ऐसा भी हुआ कि जीत किसी खिलाड़ी ने हासिल की और पोडियम पर कोई और शख्स आया। इन सबको देखकर यह तो कहा जा सकता है कि कम से कम कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन इनके मुक़ाबले बेहद ठीक रहा। 2010 कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर जो विवाद हुए वह खेलों से पहले हुए और करप्शन के आरोपों ने खेलों को खराब नहीं होने दिया। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। यह कोई अनहोनी नहीं। दूसरे कई राज्यों की तरह झारखंड में बिजली की मुश्किल के बारे में अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं, मगर समापन समारोह के दौरान कोई बैकअप इंतज़ाम नहीं था और ऐसे में जो हुआ दुनियाभर में उसकी हंसी ही उड़ाई जाएगी। यह आलम तब है जब इन खेलों के दौरान खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को लेकर विवाद भी हुए। ऐसा भी हुआ कि जीत किसी खिलाड़ी ने हासिल की और पोडियम पर कोई और शख्स आया। इन सबको देखकर यह तो कहा जा सकता है कि कम से कम कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन इनके मुक़ाबले बेहद ठीक रहा। 2010 कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर जो विवाद हुए वह खेलों से पहले हुए और करप्शन के आरोपों ने खेलों को खराब नहीं होने दिया। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। यह आलम तब है जब इन खेलों के दौरान खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को लेकर विवाद भी हुए। ऐसा भी हुआ कि जीत किसी खिलाड़ी ने हासिल की और पोडियम पर कोई और शख्स आया। इन सबको देखकर यह तो कहा जा सकता है कि कम से कम कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन इनके मुक़ाबले बेहद ठीक रहा। 2010 कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर जो विवाद हुए वह खेलों से पहले हुए और करप्शन के आरोपों ने खेलों को खराब नहीं होने दिया। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। 2010 कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर जो विवाद हुए वह खेलों से पहले हुए और करप्शन के आरोपों ने खेलों को खराब नहीं होने दिया। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। गोवा में 2 नवंबर से शुरू होने वाले लुसिफ़ोनिया गेम्स की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों को इसे ख़तरे की घंटी समझनी चाहिए। याद रखना चाहिए कि कॉमनवेल्थ खेलों को लेकर विवाद ऐसे ही शुरू हुए थे। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। रांची से लेकर रियो तक खेलों के आयोजन को लेकर एक जैसे सवाल उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद यानी आईओसी के नए अध्यक्ष थॉमस बॉक के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ी मुश्किल रियो को ओलिंपिक खेलों के लिए तैयार करने की है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के नए उपाध्यक्ष जॉन कोट्स ने कहा है कि 2016 ओलिंपिक खेलों की तैयारी धीमी रफ़्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि 2016 ओलिंपिक खेलों को लेकर आईओसी फ़िक्रमंद है और काम समय पर पूरा होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।टिप्पणियां मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। मतलब साफ़ है खेलों का आयोजन कहीं भी हो, किसी भी स्तर पर हो, इसके लिए स्पेशलिस्ट हाथों की ज़रूरत होती है। 2008 के बीजिंग ओलिंपिक खेल हों या 2012 के लंदन ओलिंपिक खेल− इनकी कामयाबी की वजह यह है कि इन्होंने खेलों के आयोजन को हद से ज़्यादा अहमियत दी और उसे बेहद प्रोफ़ेशनल तरीके से आयोजित किया। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है। दुनियाभर के एक्सपर्ट इससे सबक ले रहे हैं। हमारे अधिकारी सबक लेने में क्यों पिछड़ रहे, इस प्रश्न का उत्तर पाना अभी बाकी है।
यहाँ एक सारांश है:रांची में हुई 53वीं एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के समापन समारोह के दौरान बिजली गुल हो गई और अंधेरे में ही क्लोज़िंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। हास्यास्पद और दुखद यह रहा कि समापन समारोह के दौरान टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में पढ़ कर नाम पुकारे गए।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक स्थानीय अदालत में कथित धोखाधड़ी के संबंध में बालीवुड अभिनेता सलमान खान, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, फिल्म निर्देशक अली जफर अब्बास और अन्य के खिलाफ एक शिकायत मामला सुना गया। मुजफ्फरपुर के निवासी मोहम्मद साबिर अंसारी उर्फ साबिर बाबा ने 8 जुलाई को यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक शिकायत मामला दायर कराया था और कहा था कि पिछले हफ्ते रिलीज 'सुल्तान' के कलाकार सलमान ने उन्हें उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म बनाने के लिए रॉयल्टी के रूप में 20 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। उनके वकील सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि साबिर ने वर्ष 2010 में मुंबई में सलमान को अपनी कहानी सुनाई थी और अभिनेता ने वादा किया था कि अगर इस पर फिल्म बनाई गई तो वह इसके बदले उन्हें पैसे देंगे।टिप्पणियां सीजेएम, मुजफ्फरपुर राम चंद्र प्रसाद के सामने मंगलवार को यह मामला सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने इसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एसके त्रिपाठी की अदालत में स्थानान्तरित किया और अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई 2016 की तारीख तय की। मामला आईपीसी की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात की सजा), 504 (शांति भंग करने के लिए उकसावे की मंशा से अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी की सजा) के तहत दर्ज कराया गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुजफ्फरपुर के निवासी मोहम्मद साबिर अंसारी उर्फ साबिर बाबा ने 8 जुलाई को यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक शिकायत मामला दायर कराया था और कहा था कि पिछले हफ्ते रिलीज 'सुल्तान' के कलाकार सलमान ने उन्हें उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म बनाने के लिए रॉयल्टी के रूप में 20 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। उनके वकील सुधीर कुमार ओझा ने कहा कि साबिर ने वर्ष 2010 में मुंबई में सलमान को अपनी कहानी सुनाई थी और अभिनेता ने वादा किया था कि अगर इस पर फिल्म बनाई गई तो वह इसके बदले उन्हें पैसे देंगे।टिप्पणियां सीजेएम, मुजफ्फरपुर राम चंद्र प्रसाद के सामने मंगलवार को यह मामला सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने इसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एसके त्रिपाठी की अदालत में स्थानान्तरित किया और अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई 2016 की तारीख तय की। मामला आईपीसी की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात की सजा), 504 (शांति भंग करने के लिए उकसावे की मंशा से अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी की सजा) के तहत दर्ज कराया गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीजेएम, मुजफ्फरपुर राम चंद्र प्रसाद के सामने मंगलवार को यह मामला सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने इसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एसके त्रिपाठी की अदालत में स्थानान्तरित किया और अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई 2016 की तारीख तय की। मामला आईपीसी की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात की सजा), 504 (शांति भंग करने के लिए उकसावे की मंशा से अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी की सजा) के तहत दर्ज कराया गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुजफ्फरपुर के निवासी मोहम्मद साबिर अंसारी उर्फ साबिर बाबा ने किया केस सलमान खान की 'सुल्तान' को अपनी जिंदगी पर आधारित फिल्म बताया रॉयल्टी के रूप में 20 करोड़ रुपये देने के वादे से मुकरने का आरोप लगाया
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर में बुधवार को सुबह आकाश में शुक्र के पारगमन की दुर्लभ खगोलीय घटना दिखी। इस सदी में शुक्र के अनोखे संचरण की यह अंतिम घटना है। वैज्ञानिकों और शौकिया खगोल विज्ञानियों में शुक्र के पारगमन को लेकर बेहद उत्साह देखा गया। इस घटना में सूर्य की सतह पर गहरा काला धब्बा दिखा। यह नजारा देशभर में दिखा। हालांकि आसमान में बादल छाए होने की वजह से दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ अन्य हिस्सों में इसे देखने में बाधा उत्पन्न हुई। नेहरू तारामंडल की निदेशक एन रत्नाश्री ने बताया, ‘‘इस सदी में शुक्र का यह अंतिम पारगमन है।’’ उन्होंने बताया कि नजारा सुबह करीब सात बजे देखा गया। लोगों को इस खगोलीय नजारे को दिखाने के लिए तारामंडल में बड़े-बड़े प्रोजेक्टर, कैमरे और दूरबीन लगाई गई थीं जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।टिप्पणियां बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। वैज्ञानिकों और शौकिया खगोल विज्ञानियों में शुक्र के पारगमन को लेकर बेहद उत्साह देखा गया। इस घटना में सूर्य की सतह पर गहरा काला धब्बा दिखा। यह नजारा देशभर में दिखा। हालांकि आसमान में बादल छाए होने की वजह से दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ अन्य हिस्सों में इसे देखने में बाधा उत्पन्न हुई। नेहरू तारामंडल की निदेशक एन रत्नाश्री ने बताया, ‘‘इस सदी में शुक्र का यह अंतिम पारगमन है।’’ उन्होंने बताया कि नजारा सुबह करीब सात बजे देखा गया। लोगों को इस खगोलीय नजारे को दिखाने के लिए तारामंडल में बड़े-बड़े प्रोजेक्टर, कैमरे और दूरबीन लगाई गई थीं जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।टिप्पणियां बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। यह नजारा देशभर में दिखा। हालांकि आसमान में बादल छाए होने की वजह से दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ अन्य हिस्सों में इसे देखने में बाधा उत्पन्न हुई। नेहरू तारामंडल की निदेशक एन रत्नाश्री ने बताया, ‘‘इस सदी में शुक्र का यह अंतिम पारगमन है।’’ उन्होंने बताया कि नजारा सुबह करीब सात बजे देखा गया। लोगों को इस खगोलीय नजारे को दिखाने के लिए तारामंडल में बड़े-बड़े प्रोजेक्टर, कैमरे और दूरबीन लगाई गई थीं जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।टिप्पणियां बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। नेहरू तारामंडल की निदेशक एन रत्नाश्री ने बताया, ‘‘इस सदी में शुक्र का यह अंतिम पारगमन है।’’ उन्होंने बताया कि नजारा सुबह करीब सात बजे देखा गया। लोगों को इस खगोलीय नजारे को दिखाने के लिए तारामंडल में बड़े-बड़े प्रोजेक्टर, कैमरे और दूरबीन लगाई गई थीं जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।टिप्पणियां बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। लोगों को इस खगोलीय नजारे को दिखाने के लिए तारामंडल में बड़े-बड़े प्रोजेक्टर, कैमरे और दूरबीन लगाई गई थीं जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।टिप्पणियां बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। बी. टेक के छात्र अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘इस तरह की घटना को देखना काफी रोमांचक है।’’ स्कूल शिक्षिका निशा गुप्ता ने कहा, ‘‘यह काफी विस्मयकारी घटना है।’’ वह इस तरह का नजारा 2004 में भी देख चुकी हैं। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है। साइंस पॉपुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिकेटर्स एंड एजूकेटर्स (स्पेस) के निदेशक सीबी देवगन ने बताया, ‘‘शुक्र का अगला पारगमन अब 105 साल पांच महीने बाद 2117 में होगा।’’ देवगन ने कहा कि यह घटना तब होती है जब शुक्र ग्रह सूर्य और धरती के बीच से गुजरता है। यह घटना 8121 साल छह महीने और 105 साल छह महीने के अंतराल पर होती है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देशभर में बुधवार को सुबह आकाश में शुक्र के पारगमन की दुर्लभ खगोलीय घटना दिखी। इस सदी में शुक्र के अनोखे संचरण की यह अंतिम घटना है।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसा लगता है कि मोबाइल मार्केट में Realme और Redmi ब्रांड के बीच छिड़ी जंग सिर्फ बजट सेगमेंट तक सीमित नहीं रहने वाली। अब दोनों कंपनियां एक-दूसरे को मिड-रेंज व फ्लैगशिप सेगमेंट में भी चुनौती देंगीं। इस बीच Realme X के अहम स्पेसिफिकेशन, स्टोरेज वेरिएंट और कीमत इंटरनेट पर लीक हुए हैं। स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर वाला Realme X अभी तक लॉन्च नहीं हुए स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर वाले Redmi के स्मार्टफोन को ही चुनौती देगा। इसके अलावा स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर पर चलने वाले कंपनी के फ्लैगशिप स्मार्टफोन Realme X Pro के बारे में भी जानकारी लीक हुई है। कुछ दिन पहले पॉप-सेल्फी कैमरे और बिना नॉच वाले डिस्प्ले से लैस एक Realme फोन का वीडियो टीज़र साझा किया गया था। बाद में बताया गया कि यह Realme X है। टिप्सटर इशान अग्रवाल के मुताबिक, हाल ही में TENAA पर लिस्ट किया गया RMX1901 फोन भी Realme X ही हो सकता है। और यह पॉप-अप सेल्फी कैमरे के साथ आएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी चीनी मार्केट में Realme 3 Pro को Realme X Lite नाम से उतार सकती है। @I_Leak_VN नाम के एक ट्विटर यूज़र ने दूसरे Weibo टिप्सटर के हवाले से दावा किया है कि Realme अपनी एक्स सीरीज़ के दो फोन लॉन्च करने की योजना बना रही है। ये होंगे- Realme X और Realme X Pro। रियलमी एक्स में स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर होगा। यह पॉप-अप सेल्फी कैमरे और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ आ सकता है। फोन पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन होने का दावा है। यह VOOC 3.0 फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी से लैस होगा, लेकिन बैटरी क्षमता को लेकर कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कैमरा डिपार्टमेंट में Realme X में 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी रियर कैमरा होगा। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर दिया जाएगा। अफसोस कि अभी तक फ्रंट कैमरे के रिजॉल्यूशन और किसी सॉफ्टवेयर फीचर के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। लीक में एक बार फिर दोहराया गया है कि रैम और स्टोरेज पर आधारित इस फोन के तीन वेरिएंट होंगे। शुरुआती वेरिएंट 6 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा। इसकी कीमत 1,599 चीनी युआन (करीब 16,500 रुपये) हो सकती है। 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज और 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट क्रमशः 1,799 चीनी युआन (करीब 18,500 रुपये) और 1,999 चीनी युआन (करीब 20,600 रुपये) में मिलेंगे। फोन को अभी चीनी मार्केट में उतारा जा रहा है। फिलहाल, भारत को लेकर जानकारी नहीं मिली है। Realme X के बारे में स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर से लैस Redmi के अगले फोन को चुनौती देने का दावा है। लेकिन अभी तक इंटरनेट पर इस रेडमी फोन के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं आई है। हालांकि, टिप्सटर सुधांशु अंभोरे का दावा है कि Realme X मार्केट में स्नैपड्रैगन 730 प्रोसेसर वाले Redmi फोन को चुनौती देगा। जो स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर वाले रेडमी के फ्लैगशिप फोन का लाइट वर्ज़न होगा। ताज़ा लीक Realme X Pro के बारे में भी है जो अब तक सुर्खियो से दूर रहा है। इसमें स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर दिए जाने की उम्मीद है। Redmi X Pro के दो वेरिएंट होंगे। 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 2,299 चीनी युआन (करीब 23,700 रुपये) और 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 2,599 चीनी युआन (करीब 26,800 रुपये) होने की उम्मीद है। हालांकि, हम आपको इन दावों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं करने का सुझाव देंगे।
संक्षिप्त सारांश: रैम और स्टोरेज पर आधारित Realme X के तीन वेरिएंट होंगे Realme X Pro के दो वेरिएंट लाए जाने की खबर Realme X Pro अब तक सुर्खियो से दूर रहा है
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्वी अफगनिस्तान के खोस्त शहर में पुलिस मुख्यालय के समक्ष सुबह तालिबानी आत्मघाती कार बम धमाके में एक पुलिसकर्मी सहित नौ लोग मारे गए जबकि 40 अन्य घायल हो गए। सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी आमिर बादशा मंगल ने कहा कि विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए। पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त प्रांत के स्थानीय पुलिस प्रमुख अब्दुल हाकिम इशाकजई ने कहा, विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हुई है तथा मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।' उन्होंने कहा कि शहर के अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। एएफपी के एक संवाददाता ने कहा कि हमले के बाद घटनास्थल पर खून और शरीर के अंग इधर-उधर बिखरे पड़े थे जबकि इससे आसपास के व्यस्त आवासीय क्षेत्रों में मकानों के खिड़कियों के शीशे चटक गए। मानव अंग विस्फोट स्थल से 50 मीटर तक बिखरे पड़े थे। इससे यह बात साबित होती है कि विस्फोट काफी शक्तिशाली था।
सारांश: पूर्वी अफगनिस्तान के खोस्त शहर में पुलिस मुख्यालय के समक्ष सुबह तालिबानी आत्मघाती कार बम धमाके में एक पुलिसकर्मी सहित नौ लोग मारे गए।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में 28 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि तृणमूल युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शांतनु बनर्जी द्वारा दर्ज कराई शिकायत के आधार पर मंगलवार रात को चंदन भट्टाचार्य को पकड़ा गया. पुलिस अधीक्षक तथागत बासु ने कहा, ‘सिंगूर पुलिस थाने में चंदन भट्टाचार्य के खिलाफ एक शिकायत दर्ज होने के बाद हमने उसे गिरफ्तार किया. मामले की जांच की जा रही है.'  वहीं शिकायतकर्ता के अनुसार, हुगली जिले में सिंगूर निवासी भट्टाचार्य ने काली पूजा वाले दिन फेसबुक पर ‘अपमानजनक टिप्पणी' की थी. उन्होंने कहा, ‘चंदन भट्टाचार्य ने 28 अक्टूबर को टिप्पणी की थी. उस दिन पार्टी कार्यकर्ता उसके आवास का पता नहीं लगा सके. हालांकि अगले दिन उन्होंने पता लगा कि वह सिंगूर में रहता है. इसके बाद मैंने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.' बता दें, यह घटना तब सामने आई है जब इस महीने की शुरुआत में साइबर अपराध कानून के कथित उल्लंघन को लेकर उत्तर 24 परगना जिले से कांग्रेस नेता सन्मय बंदोपाध्याय को गिरफ्तार किया गया था.  इस पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने टीएमसी सरकार की आलोचना वाले पोस्ट प्रसारित करने के लिए बंदोपाध्याय को गिरफ्तार किया. इससे पहले मई में भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रियंका शर्मा को ममता बनर्जी की छेड़छाड़ वाली तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए हावड़ा जिले में गिरफ्तार किया था. हालांकि हाईकोर्ट उन्हें जमानत देते हुए पोस्ट के लिए मुख्यमंत्री से माफी मांगने को कहा था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ममता के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप टीएमसी युवा जिलाध्यक्ष शांतनु बनर्जी की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी मई में भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रियंका शर्मा को किया गया था गिरफ्तार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं. गांधीवादी नेता लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) ने अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में समर्पित कर दिया था. शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में दो अक्टूबर, 1904 को शारदा प्रसाद और रामदुलारी देवी के घर हुआ था. उन्होंने 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में अंतिम सांस ली थी. 10 जनवरी, 1966 को ताशकंद (Tashkent) में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर करार के महज 12 घंटे बाद (11 जनवरी) लाल बहादुर शास्त्री की अचानक मृत्यु (Lal Bahadur Shastri Death) हो गई थी. कुछ लोग उनकी मृत्यु को आज भी एक रहस्य के रूप में देखते हैं. वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी आत्मकथा 'बियॉन्ड द लाइंस (Beyond the Lines)' में लिखा है, ''आधी रात के बाद अचानक मेरे कमरे की घंटी बजी. दरवाजे पर एक महिला खड़ी थी. उसने कहा कि आपके प्रधानमंत्री की हालत गंभीर है. मैं करीबन भागते हुए उनके कमरे में पहुंचा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. कमरे में खड़े एक शख़्स ने इशारा से बताया कि पीएम की मौत हो चुकी है''. बता दें कि उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया जाता है. लेकिन कई लोगों का मानना है कि उनकी हत्या की गई थी. ताशकंद में हुई शास्त्री की मृत्यु को लेकर एक फिल्म बनाई गई है जिसका नाम है 'द ताशकंद फाइल्स' (The Tashkent Files). फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि इसकी कहानी शास्त्री की मौत के इर्ध गिर्ध घूमती है. इस फिल्म के ट्रेलर के आने के बाद गूगल पर लाल बहादुर शास्त्री कीवर्ड ट्रेंड कर रहा है. बता दें कि साधारण परिवार में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री को काफी गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. कई जगह इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पैसे नहीं होने की वजह से लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) तैरकर नदी पार कर स्कूल जाया करते थे. उनकी शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई. काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द 'श्रीवास्तव' हमेशा के लिए हटा दिया और अपने नाम के आगे 'शास्त्री' लगा लिया.   देश की आजादी में लाल बहादुर शास्त्री का खास योगदान है. साल 1920 में शास्त्री (Shastri) भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे. महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने के चलते उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा था. स्वाधीनता संग्राम के जिन आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमें 1921 का असहयोग आंदोलन, 1930 का दांडी मार्च और 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं.   इलाहाबाद में रहते हुए ही नेहरूजी के साथ उनकी निकटता बढ़ी, जिसके बाद धीरे-धीरे उनका राजनीतिक कद बढ़ता ही गया. नेहरू की मृत्यु के बाद उनकी साफ सुथरी छवि को देखते हुए ही उन्हें 1964 में देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था. शास्त्री ने ही 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की आजादी में लाल बहादुर शास्त्री का खास योगदान है. शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था. लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में मृत्यु हुई थी.
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने का परोक्ष जिक्र करते हुए शनिवार को यहां कहा कि भारत ने आतंकवाद एवं अलगाववाद के पीछे के एक बड़े कारण को नष्ट कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की राजधानी में आयोजित भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में जब कश्मीर के संबंध में बात की तो वहां मौजूद करीब 5000 लोगों ने खड़े होकर जबरदस्त तालियों से उनका अभिवादन किया. उन्होंने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि भारत ने आतंकवाद एवं अलगाववाद के बीज बोए जाने के पीछे के एक बड़े कारण से छुटकारा पाने का फैसला किया है.'' मोदी ने यहां एक इनडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्वस्ति पीएम मोदी' कार्यक्रम में कहा, ‘‘जब फैसला सही होता है तो इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देती है और मैं थाईलैंड में भी यह सुन सकता हूं.' सरकार का कहना है कि राज्य में आतंकवाद एवं अलगाववाद का कारण जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला संविधान का अनुच्छेद 370 है. लोगों ने जैसे ही मोदी की इस बात पर खड़े होकर तालियां बजाईं, उन्होंने कहा कि ये तालियां भारत की संसद एवं उसके सांसदों के लिए हैं और उनका आशीर्वाद भारतीय सांसदों को देश के लिए और कड़ी मेहनत करने की ऊर्जा देगा. उन्होंने कहा, ‘‘आपके खड़े होकर तालियां बजाने से सांसदों का उत्साह बढ़ेगा. यह भारत की संसद को सलामी है.' मोदी ने करीब 50 मिनट के अपने भाषण में उनकी सरकार द्वारा लाई गई कल्याणकारी योजनाओं, लोकसभा चुनाव में उनकी सरकार के और बड़े जनादेश के साथ सत्ता में लौटने, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, देश के समग्र विकास में भारतीय समुदाय की महत्ता और भारत के वैश्विक स्तर पर ‘‘बड़ी ताकत'' के रूप में उभरने समेत कई मामलों पर बात की.  उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन आकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश कर रही है जो पहले असंभव प्रतीत होती थीं. उन्होंने कहा कि जो लोग काम करके दिखाते हैं, उनसे लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं. मोदी ने भारत की ‘एक्ट ईस्ट' नीति और आसियान देशों के साथ देश के संबंधों की महत्ता को भी रेखांकित किया. उन्होंने भारत एवं थाईलैंड के बीच ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र किया. तीन दिवसीय दौरे पर यहां आए मोदी रविवार को आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे.  अपने संबोधन में मोदी ने भारत एवं थाईलैंड के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह ‘‘दिल और आत्मा'' का रिश्ता है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र की थाईलैंड के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. मोदी ने कहा, ‘‘भारत-म्यामां-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग खुलने के बाद दोनों देशों के बीच निर्बाध संपर्क हो जाएगा.' उन्होंने कहा, ‘‘यह थाईलैंड की मेरी पहली आधिकारिक यात्रा है और मैं देश के विभिन्न पहलुओं में काफी भारतीयता देख सकता हूं-भले ही वह संस्कृति हो, खानपान की आदतें हों या सामाजिक मूल्य हों... पूरी दुनिया भारत के साथ दीपावली मना रही है और मैं देख सकता हूं कि यहां भी ऐसा ही है.' प्रधानमंत्री ने थाईलैंड के शाही परिवार के साथ भारत के संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर संस्कृत की विद्वान हैं और उनका भारत से गहरा नाता है. मोदी ने अपने भाषण में सरकार द्वारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का 550वां प्रकाश पर्व मनाए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी शिक्षाएं केवल सिख समुदाय की ही निधि नहीं हैं बल्कि वे पूरी दुनिया की धरोहर हैं. मोदी ने करतारपुर गलियारे की भी बात की और कहा कि अगले सप्ताह गलियारा खोले जाने के बाद श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जा सकेंगे.  उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत बोलता है तो पूरी दुनिया उसे सुनती है क्योंकि 1.3 अरब भारतीय नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। इन बदलावों के कारण ही भारत के लोगों ने इस बार लोकसभा चुनावों में हमें पहले से भी बड़ा जनादेश दिया है.' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है.
यह एक सारांश है: बैंकाक में भारतीय लोगों से मिले पीएम मोदी कश्मीर का जिक्र किया तो काफी देर तक बजी तालियां सरकार की कई योजनाओं के बारे में बताया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 160.13 अंकों की गिरावट के साथ 19,575.64 पर और निफ्टी 55.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ।   बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 27.82 अंकों की गिरावट के साथ 19,707.95 पर खुला और 160.13 अंकों यानी 0.81 फीसदी की गिरावट के साथ 19,575.64 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,744.85 के ऊपरी और के 19,542.63 निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (4.22 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.30 फीसदी), टाटा स्टील (2.22 फीसदी), सन फार्मा (1.84 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.76 फीसदी), एसबीआई (3.60 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.57 फीसदी), गेल (2.99 फीसदी) और बजाज आटो (2.56 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,993.50 पर खुला और 55.35 अंकों यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,000.30 के ऊपरी और 5,930.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक  16.70 अंकोंकी गिरावट के साथ 6,375.97 पर और स्मॉलकैप 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.38 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (4.22 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.30 फीसदी), टाटा स्टील (2.22 फीसदी), सन फार्मा (1.84 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.36 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.76 फीसदी), एसबीआई (3.60 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.57 फीसदी), गेल (2.99 फीसदी) और बजाज आटो (2.56 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,993.50 पर खुला और 55.35 अंकों यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,000.30 के ऊपरी और 5,930.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक  16.70 अंकोंकी गिरावट के साथ 6,375.97 पर और स्मॉलकैप 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.38 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे टाटा मोटर्स (3.76 फीसदी), एसबीआई (3.60 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.57 फीसदी), गेल (2.99 फीसदी) और बजाज आटो (2.56 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,993.50 पर खुला और 55.35 अंकों यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,000.30 के ऊपरी और 5,930.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक  16.70 अंकोंकी गिरावट के साथ 6,375.97 पर और स्मॉलकैप 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.38 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 5.85 अंकों की गिरावट के साथ 5,993.50 पर खुला और 55.35 अंकों यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 6,000.30 के ऊपरी और 5,930.15 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक  16.70 अंकोंकी गिरावट के साथ 6,375.97 पर और स्मॉलकैप 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.38 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप तथा स्मॉलकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक  16.70 अंकोंकी गिरावट के साथ 6,375.97 पर और स्मॉलकैप 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.38 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों धातु (1.44 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.92 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.49 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.22 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (2.40 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.52 फीसदी), वाहन (1.50 फीसदी), रियल्टी (1.39 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.06 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1027 शेयरों में तेजी और 1339 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 137 के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 160.13 अंकों की गिरावट के साथ 19,575.64 पर और निफ्टी 55.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,944.00 पर बंद हुआ।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने अपनी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के नेता तथा चाचा मुस्तफा कमाल के विवादास्पद बयान की आलोचना की है।टिप्पणियां पिछले सप्ताह हज करके लौटे कमाल ने रविवार को किश्तवाड़ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के साथ ‘युद्ध नहीं करने की’ संधि पर हस्ताक्षर करने में भारत सरकार अनिच्छुक है। उमर ने ट्विटर पर कहा, ‘‘जब मेरा रिश्तेदार ही मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है तो मुझे किसी और की जरूरत नहीं है।’’ पिछले सप्ताह हज करके लौटे कमाल ने रविवार को किश्तवाड़ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के साथ ‘युद्ध नहीं करने की’ संधि पर हस्ताक्षर करने में भारत सरकार अनिच्छुक है। उमर ने ट्विटर पर कहा, ‘‘जब मेरा रिश्तेदार ही मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है तो मुझे किसी और की जरूरत नहीं है।’’ उमर ने ट्विटर पर कहा, ‘‘जब मेरा रिश्तेदार ही मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है तो मुझे किसी और की जरूरत नहीं है।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने अपनी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के नेता तथा चाचा मुस्तफा कमाल के विवादास्पद बयान की आलोचना की है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 101.87 अंकों की गिरावट के साथ 19,041.13 पर और निफ्टी 28.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 39.04 अंकों की गिरावट के साथ 19,103.96 पर खुला और 101.87 अंकों या 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 19,041.13 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,143.24 के ऊपरी और 18,969.08 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.80 फीसदी), सिप्ला (1.00 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.78 फीसदी), आरआईएल (0.65 फीसदी) और एसबीआई (0.62 फीसदी) में खास तौर पर तेजी देखी गई। सेंसेक्स के 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में टाटा पावर (3.03 फीसदी), कोल इंडिया (2.69 फीसदी), टाटा स्टील (2.61 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.37 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.27 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,771.75 पर खुला और 28.60 अंकों या 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,792.90 के ऊपरी और 5,738.60 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 39.04 अंकों की गिरावट के साथ 19,103.96 पर खुला और 101.87 अंकों या 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 19,041.13 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,143.24 के ऊपरी और 18,969.08 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.80 फीसदी), सिप्ला (1.00 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.78 फीसदी), आरआईएल (0.65 फीसदी) और एसबीआई (0.62 फीसदी) में खास तौर पर तेजी देखी गई। सेंसेक्स के 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में टाटा पावर (3.03 फीसदी), कोल इंडिया (2.69 फीसदी), टाटा स्टील (2.61 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.37 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.27 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,771.75 पर खुला और 28.60 अंकों या 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,792.90 के ऊपरी और 5,738.60 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जिंदल स्टील (3.80 फीसदी), सिप्ला (1.00 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.78 फीसदी), आरआईएल (0.65 फीसदी) और एसबीआई (0.62 फीसदी) में खास तौर पर तेजी देखी गई। सेंसेक्स के 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में टाटा पावर (3.03 फीसदी), कोल इंडिया (2.69 फीसदी), टाटा स्टील (2.61 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.37 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.27 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,771.75 पर खुला और 28.60 अंकों या 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,792.90 के ऊपरी और 5,738.60 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 20 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। गिरावट वाले शेयरों में टाटा पावर (3.03 फीसदी), कोल इंडिया (2.69 फीसदी), टाटा स्टील (2.61 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.37 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.27 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,771.75 पर खुला और 28.60 अंकों या 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,792.90 के ऊपरी और 5,738.60 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 17.05 अंकों की गिरावट के साथ 5,771.75 पर खुला और 28.60 अंकों या 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,792.90 के ऊपरी और 5,738.60 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 37.08 अंकों की गिरावट के साथ 6,193.41 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 32.39 अंकों की गिरावट के साथ 5,775.07 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से तीन सेक्टरों स्वास्थ्य सेवाएं (0.46 फीसदी), तेल एवं गैस (0.45 फीसदी) और बैंकिंग (0.01 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 10 सेक्टरों में गिरावट रही। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (7.37 फीसदी), धातु (1.75 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.17 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.97 फीसदी) रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 967 शेयरों में तेजी और 1,398 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 125 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स 101.87 अंकों की गिरावट के साथ 19,041.13 पर और निफ्टी 28.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,760.20 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन में सहयोगी नीतीश कुमार और कांग्रेस पार्टी उस खाई को पाटने की कोशिश कर रही हैं, जो राष्ट्रपति पद के लिए अलग-अलग प्रत्याशियों को समर्थन देने की वजह से बनती दिखाई दे रही है. अब इसे सदाशयता और कांग्रेस के प्रति सद्भावना जताना माना जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को पटना में नहीं रहेंगे, जब कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए तय की गईं प्रत्याशी मीरा कुमार पटना आ रही हैं. नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राजधानी से बाहर चले गए हैं. राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को 17 विपक्षी दलों की ओर से प्रत्याशी बनाया गया है, जिनका नेतृत्व कांग्रेस कर रही है. इसी गठजोड़ का सदस्य होने के बावजूद नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से खड़े किए गए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया, जो बिहार के राज्यपाल थे. वैसे, विभिन्न क्षेत्रीय दलों तक बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहुंच और असर की बदौलत यह लगभग तय है कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में पहुंचने में कामयाब हों जाएंगे. NDTV ने गुरुवार को ख़बर दी थी कि कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गांधी ने अपनी पार्टी को नीतीश कुमार के प्रति मधुरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के प्रति हमलावर तेवर अपनाने वालों को दंडित किया जाएगा, हालांकि यही व्यवहार पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ नहीं किया जाएगा, जिन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लचीले सिद्धांत स्वार्थ पर आधारित हैं. इसके जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव करने में देर कर समूचे विपक्ष को 'मुसीबत' में डाल दिया है. गुरुवार को गुलाम नबी आज़ाद ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कबूल किया था कि प्रक्रिया में सचमुच देरी हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि 'जब फैसला करने में बहुत-सी पार्टियां शामिल हों, ऐसा होने से बचा नहीं जा सकता...' माना जा रहा है कि राहुल गांधी अगले सप्ताह नीतीश कुमार से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे. दरअसल, मुख्यमंत्री से विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया है, ताकि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में किया जाएगा, और तब तक नए राष्ट्रपति पदग्रहण कर चुके होंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार वह अधिक निर्णायक तरीके से कदम बढ़ाएगी, और नीतीश कुमार का समर्थन नहीं खोएगी. भले ही नीतीश कुमार विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.टिप्पणियां नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." अब इसे सदाशयता और कांग्रेस के प्रति सद्भावना जताना माना जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को पटना में नहीं रहेंगे, जब कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए तय की गईं प्रत्याशी मीरा कुमार पटना आ रही हैं. नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राजधानी से बाहर चले गए हैं. राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को 17 विपक्षी दलों की ओर से प्रत्याशी बनाया गया है, जिनका नेतृत्व कांग्रेस कर रही है. इसी गठजोड़ का सदस्य होने के बावजूद नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से खड़े किए गए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया, जो बिहार के राज्यपाल थे. वैसे, विभिन्न क्षेत्रीय दलों तक बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहुंच और असर की बदौलत यह लगभग तय है कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में पहुंचने में कामयाब हों जाएंगे. NDTV ने गुरुवार को ख़बर दी थी कि कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गांधी ने अपनी पार्टी को नीतीश कुमार के प्रति मधुरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के प्रति हमलावर तेवर अपनाने वालों को दंडित किया जाएगा, हालांकि यही व्यवहार पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ नहीं किया जाएगा, जिन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लचीले सिद्धांत स्वार्थ पर आधारित हैं. इसके जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव करने में देर कर समूचे विपक्ष को 'मुसीबत' में डाल दिया है. गुरुवार को गुलाम नबी आज़ाद ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कबूल किया था कि प्रक्रिया में सचमुच देरी हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि 'जब फैसला करने में बहुत-सी पार्टियां शामिल हों, ऐसा होने से बचा नहीं जा सकता...' माना जा रहा है कि राहुल गांधी अगले सप्ताह नीतीश कुमार से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे. दरअसल, मुख्यमंत्री से विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया है, ताकि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में किया जाएगा, और तब तक नए राष्ट्रपति पदग्रहण कर चुके होंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार वह अधिक निर्णायक तरीके से कदम बढ़ाएगी, और नीतीश कुमार का समर्थन नहीं खोएगी. भले ही नीतीश कुमार विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.टिप्पणियां नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." वैसे, विभिन्न क्षेत्रीय दलों तक बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहुंच और असर की बदौलत यह लगभग तय है कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में पहुंचने में कामयाब हों जाएंगे. NDTV ने गुरुवार को ख़बर दी थी कि कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गांधी ने अपनी पार्टी को नीतीश कुमार के प्रति मधुरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के प्रति हमलावर तेवर अपनाने वालों को दंडित किया जाएगा, हालांकि यही व्यवहार पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ नहीं किया जाएगा, जिन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लचीले सिद्धांत स्वार्थ पर आधारित हैं. इसके जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव करने में देर कर समूचे विपक्ष को 'मुसीबत' में डाल दिया है. गुरुवार को गुलाम नबी आज़ाद ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कबूल किया था कि प्रक्रिया में सचमुच देरी हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि 'जब फैसला करने में बहुत-सी पार्टियां शामिल हों, ऐसा होने से बचा नहीं जा सकता...' माना जा रहा है कि राहुल गांधी अगले सप्ताह नीतीश कुमार से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे. दरअसल, मुख्यमंत्री से विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया है, ताकि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में किया जाएगा, और तब तक नए राष्ट्रपति पदग्रहण कर चुके होंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार वह अधिक निर्णायक तरीके से कदम बढ़ाएगी, और नीतीश कुमार का समर्थन नहीं खोएगी. भले ही नीतीश कुमार विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.टिप्पणियां नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." NDTV ने गुरुवार को ख़बर दी थी कि कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गांधी ने अपनी पार्टी को नीतीश कुमार के प्रति मधुरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के प्रति हमलावर तेवर अपनाने वालों को दंडित किया जाएगा, हालांकि यही व्यवहार पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद के साथ नहीं किया जाएगा, जिन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लचीले सिद्धांत स्वार्थ पर आधारित हैं. इसके जवाब में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव करने में देर कर समूचे विपक्ष को 'मुसीबत' में डाल दिया है. गुरुवार को गुलाम नबी आज़ाद ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कबूल किया था कि प्रक्रिया में सचमुच देरी हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि 'जब फैसला करने में बहुत-सी पार्टियां शामिल हों, ऐसा होने से बचा नहीं जा सकता...' माना जा रहा है कि राहुल गांधी अगले सप्ताह नीतीश कुमार से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे. दरअसल, मुख्यमंत्री से विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया है, ताकि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में किया जाएगा, और तब तक नए राष्ट्रपति पदग्रहण कर चुके होंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार वह अधिक निर्णायक तरीके से कदम बढ़ाएगी, और नीतीश कुमार का समर्थन नहीं खोएगी. भले ही नीतीश कुमार विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.टिप्पणियां नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." माना जा रहा है कि राहुल गांधी अगले सप्ताह नीतीश कुमार से व्यक्तिगत मुलाकात भी करेंगे. दरअसल, मुख्यमंत्री से विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए दिल्ली आने का आग्रह किया गया है, ताकि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी का चुनाव किया जा सके. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में किया जाएगा, और तब तक नए राष्ट्रपति पदग्रहण कर चुके होंगे. कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार वह अधिक निर्णायक तरीके से कदम बढ़ाएगी, और नीतीश कुमार का समर्थन नहीं खोएगी. भले ही नीतीश कुमार विपक्ष की सामूहिक बैठक में शिरकत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रतिबद्ध हैं.टिप्पणियां नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के शीर्ष नेता शरद यादव ने कहा है, "हम सब विपक्षी एकता के पक्षधर हैं... हम अतीत में इसी के लिए काम करते रहे हैं, और आगे भी विपक्षी एकता के लिए काम करते रहेंगे..." उन्होंने यह भी कहा, "जो बीत गई, सो, बात गई..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..." कांग्रेस ने भी मिलते-जुलते विचार व्यक्त किए हैं. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हम साथ हैं, संसद के भीतर भी, बाहर भी... विधानसभा के भीतर भी, बाहर भी..."
यह एक सारांश है: नीतीश कुमार, कांग्रेस अपने बीच बनी दूरी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं राष्ट्रपति पद के लिए अलग प्रत्याशियों को समर्थन की वजह से दूरी पैदा हुई अब मीरा कुमार के पटना आने पर नीतीश स्वास्थ्य कारणों से शहर से बाहर गए हैं
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केनसिंग्टन ओवल मैदान पर वेस्टइंडीज के साथ मंगलवार को शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच में महज 38 रन के योग पर चार प्रमुख बल्लेबाजों का विकेट गंवाने के बाद लड़खड़ाई भारतीय पारी को वीवीएस लक्ष्मण और युवा बल्लेबाज सुरेश रैना ने सम्भाला। लक्ष्मण ने शानदार अर्द्धशतकीय पारी खेली। लक्ष्मण व रैना के बीच पांचवें विकेट के लिए अब तक 82 रनों की साझेदारी हो चुकी है। लक्ष्मण 59 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि दूसरी छोर पर रैना 39 रन बनाकर उनका बखूबी साथ निभा रहे हैं। लक्ष्मण ने 97 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से यह पारी खेली। रैना ने 73 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। लंच तक भारतीय टीम चार अहम बल्लेबाजों के विकेट गंवाकर महज 44 रनों पर संघर्ष कर रही थी टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी के दूसरे ही ओवर में भारत ने अभिनव मुकुंद का विकेट गंवा दिया। मुकुंद का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरा। यह रन मुकुंद ने ही जोड़ा था। वह रवि रामपॉल की गेंद पर मार्लन सैमुएल्स के हाथों गली में लपके गए। सैमुएल्स को ब्रेंडन नैश के स्थान पर अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। इसके बाद आठ रन के कुल योग पर कप्तान डेरेन सैमी ने किंग्सटन टेस्ट में शतक लगाने वाले द्रविड़ को आउट कर भारत को करारा झटका दिया। द्रविड़ 21 गेंदों पर पांच रन बना सके। उनका कैच काल्र्टन बग ने स्लिप में लपका। इसके बाद मुरली विजय और लक्ष्मण ने तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी की लेकिन इससे पहले कि यह साझेदारी परवान चढ़ती रामपॉल ने विजय को चलता कर भारत को एक और झटका दिया। विजय ने 75 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 11 रन बनाए। विजय के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए युवा खिलाड़ी विराट कोहली सिर्फ दो ही गेंदों का सामना कर सके। रामपॉल ने उन्हें भी चलता किया। कोहली अपना खाता भी नहीं खोल सके। वेस्टइंडीज की ओर से रामपॉल ने अपनी कहर बरपाती गेंदों से तीन भरतीय बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई वहीं कप्तान सैमी ने एक बल्लेबाज को पवेलियन भेजा। तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मैदान पर नौवां टेस्ट मैच खेल रही है लेकिन उसे अभी भी जीत का इंतजार है। भारत को यहां अब तक सात मैचों में हार मिली है। एक मैच ड्रॉ रहा है। भारत ने इस मैच के लिए तीन तेज गेंदबाजों-इशांत शर्मा, प्रवीण कुमार और अभिमन्यु मिथुन के साथ खेलने का फैसला किया। मिथुन को चोटिल मुनाफ पटेल के स्थान पर अंतिम एकादश में शामिल किया गया।
वेस्टइंडीज के साथ दूसरे टेस्ट में महज 38 रन पर चार प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवाने के बाद लड़खड़ाई भारतीय पारी को लक्ष्मण और रैना ने सम्भाला।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में राजनीतिक सुधारों की लीबिया सरकार की पेशकश को विद्रोहियों ने ठुकरा दी है। उनका कहना है कि देश के शासक मुअम्मार गद्दाफी और उनके पुत्रों को सत्ता में बनाए रखने वाला कोई भी प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है। समाचार चैनल 'अल जजीरा' के मुताबिक विद्रोहियों के प्रवक्ता ईमान बुघैगिस ने बेनघाजी में कहा, "इस युद्ध को विश्व और प्रत्येक लोगों ने देखा है कि गद्दाफी के पुत्र उनसे अलग नहीं हैं। वे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।" उन्होंने कहा, "गद्दाफी अपने पुत्रों की सेना और भाड़े के सैनिकों की मदद से देश के नागरिकों के साथ लड़ रहे हैं। इसलिए हम उनमें और उनके पुत्रों में कोई अंतर नहीं देखते।" ज्ञात हो कि समाचार पत्र 'द न्यूयार्क टाइम्स' में सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया कि देश में जारी अशांति को समाप्त करने के लिए गद्दाफी के पुत्रों सैल अल-इस्लाम और सादी गद्दाफी ने अपने पिता को सत्ता से हटाने की अपनी एक योजना तैयार की है। इसके पहले कहा गया कि गद्दाफी देश में राजनीतिक सुधारों के लिए तैयार हैं, लेकिन वह सत्ता नहीं छोड़ना चाहते। उन्होंने सत्ता छोड़ने की स्थिति में देश में सोमालिया और इराक जैसे हालात की आशंका जताई है। गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम ने दावा किया कि विदेश मंत्री मूसा कुसा ब्रिटेन भागकर नहीं, बल्कि इलाज कराने गए हैं। बीबीसी के मुताबिक देशभर में गद्दाफी के सैनिकों और विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है। मिसराता में शरणार्थियों ने गद्दाफी के सैनिकों पर नागरिकों की सरेआम हत्या का आरोप लगाया है। गद्दाफी शासन ने हालांकि इससे इनकार किया है। उसका कहना है कि सैन्य कार्रवाई केवल हथियारबंद विद्रोहियों पर ही की जा रही है। गद्दाफी के प्रवक्ता मूसा इब्राहिम ने कहा कि लीबिया की सरकार राजनीतिक सुधारों के लिए तैयार है। इसके लिए चुनाव, जनमत संग्रह या जो कुछ भी जरूरी होगा, किया जाएगा, लेकिन गद्दाफी का सत्ता में बने रहना आवश्यक है। गद्दाफी ने देश को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है। वह लीबिया के लिए 'सेफ्टी वाल्व' की तरह हैं। यदि वह सत्ता से हटते हैं तो यहां भी इराक, सोमालिया और अफगानिस्तान जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सैनिकों द्वारा नागरिकों की हत्या के आरोपों से इंकार किया और दुनिया को इसकी जांच कराने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सैनिक हथियारबंद विद्रोहियों से लड़ रहे हैं। हथियार उठाने वाला आम नागरिक नहीं हो सकता। उधर, गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम ने दावा किया कि विदेश मंत्री मूसा कुसा ने सरकार को धोखा नहीं दिया है। वह सरकार की अनुमति से इलाज के सिलसिले में ब्रिटेन गए हैं, लेकिन वहां उन पर लीबिया सरकार के खिलाफ आरोप प्रत्यारोपण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें धमकी दी कि है कि यदि उनके पूछताछ में उन्होंने 'सहयोग' नहीं किया तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे में उम्रदराज और बीमार कुसा ब्रिटिश सरकार के दबाव में आकर तरह-तरह की बातें बना रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अशांति को समाप्त करने के लिए गद्दाफी के पुत्रों सैल अल-इस्लाम और सादी गद्दाफी ने अपने पिता को सत्ता से हटाने की अपनी एक योजना तैयार की है।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के सकल घरेलू उत्पाद (gross domestic product) यानी कि GDP में जनवरी से मार्च की अवधि में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जाहिर हुआ है. इसके साथ ही भारत चीन से पिछड़ गया. भारत ने डेढ़ साल में पहली बार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का रुतबा खो दिया. जबकि चीन आगे बढ़ गया. चीन की अर्थव्यवस्था ने मार्च तिमाही में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. वित्तीय वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर पिछले साल की समान अवधि से घटकर 5.8 फीसदी रह गई है. वित्त वर्ष 2017-18 में चौथी तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर 7.7 फीसदी थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी वृद्धि दर (GDP Growth Rate) 6.8 फीसदी रही, जो कि जीडीपी विकास दर का पिछले पांच साल का सबसे निचला स्तर है. आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक विकास दर घटने का मुख्य कारण कृषि और खनन क्षेत्र की वृद्धि दर में कमी है. कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन क्षेत्र की संवृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 2.9 फीसदी रही जबकि पिछले साल यह पांच फीसदी थी. आलोच्य वित्त वर्ष में खनन व उत्खनन क्षेत्र की संवृद्धि दर 1.3 फीसदी रही जबकि उससे पिछले साल यह 5.1 फीसदी थी. वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.39 प्रतिशत रहा है. यह बजट के 3.40 प्रतिशत के संशोधित अनुमान की तुलना में कम है. राजकोषीय घाटे के बजट के संशोधित अनुमान से कम रहने का मुख्य कारण कर से अन्यत्र अन्य मदों में प्राप्त होने वाले राजस्व में वृद्धि तथा खर्च का कम रहना है. आंकड़ों के संदर्भ में कहा जाए तो 31 मार्च 2019 के अंत में राजकोषीय घाटा 6.45 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि बजट में राजकोषीय घाटे के 6.34 लाख करोड़ रुपये रहने का संशोधित पूर्वानुमान व्यक्त किया गया था. राजकोषीय घाटे के आंकड़े हालांकि बढ़े हैं लेकिन जीडीपी (GDP) के बढ़े आंकड़े से इसकी तुलना करने पर यह 3.39 प्रतिशत रहा है. महालेखा नियंत्रक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.39% रहा. हालांकि, वास्तविक आंकड़ों में राजकोषीय घाटा बढ़ा है, लेकिन जीडीपी बढ़ने के कारण इसकी तुलना में राजकोषीय घाटा का अनुपात कम हुआ है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वित्त वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 फीसदी रही आर्थिक विकास दर घटने का कारण कृषि, खनन क्षेत्र की वृद्धि दर में कमी 31 मार्च 2019 तक राजकोषीय घाटा 6.45 लाख करोड़ रुपये रहा
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश के बावजूद दिल्ली सरकार के अधिकारी जनता की समस्याएं सुनने के लिए समय नहीं दे रहे हैं. केजरीवाल ने गुरुवार को इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव एम एम कुट्टी को ऐसे अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है. केजरीवाल ने कुट्टी को भेजे निर्देश में कहा है कि जनता के माध्यम से सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ अफसर लोगों से मिल ही नहीं रहे हैं. उन्होंने कुट्टी से ऐसे अफसरों की पहचान कर इनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. केजरीवाल ने हाल ही में सभी मंत्रियों और अधिकारियों को प्रतिदिन एक घंटे का समय जनता से मिलने के लिए नियत करने को कहा था. मुख्यमंत्री का यह आदेश एक जून से प्रभावी किया गया है. इसके तहत केजरीवाल सहित सरकार के प्रत्येक मंत्री और विभाग प्रमुख सहित सभी अधिकारियों को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक जनता से मिल कर उनकी समस्याएं सुनना और उनका निराकरण करने को कहा गया था. केजरीवाल ने निर्देश में कहा कि 'मैंने अपने पूर्व आदेश में कहा था कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय में नियत समय पर जनता से मिलने के लिये उपलब्ध रहेंगे. लेकिन मुझे पता चला है कि तमाम अधिकारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं.' केजरीवाल ने इसके लिये मुख्य सचिव कुट्टी को ऐसे अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी करने और आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहने का निर्देश जारी करने को कहा है. इसके अलावा केजरीवाल ने कुट्टी से जनता को मिलने का समय मांगे बिना मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात करने की इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिये कार्यालयों के बाहर जनता से मिलने के समय का स्प्ष्ट उल्लेख करने को कहा है. यह उल्लेख मंत्रियों और अधिकारियों के दफ्तर के बाहर एक तख्ती लगाकर किया जाये. तख्ती पर उस फोन नंबर का भी जिक्र किया जाये जिस पर संबद्ध मंत्री और अधिकारी के गैरमौजूद रहने पर कॉल कर शिकायत की जा सके.टिप्पणियां इतना ही नहीं, केजरीवाल ने कुट्टी को जनता द्वारा शिकायतें दर्ज कराने के लिये उपलब्ध कराये जाने वाले टेलीफोन नंबर पर आने वाली कॉल को रिकॉर्ड कर इसका ब्योरा मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है. उन्होंने जनता तक सरकार की पहुंच सर्वसुलभ बनाने के लिये शुरू की गयी इस पहल को बेहद जरूरी बताते हुये मुख्य सचिव से ताकीद की है कि इसे लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही या व्यवस्था के उल्लंघन को सरकार द्वारा अत्यधिक गंभीरता से लिया जायेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने निर्देश में कहा कि 'मैंने अपने पूर्व आदेश में कहा था कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय में नियत समय पर जनता से मिलने के लिये उपलब्ध रहेंगे. लेकिन मुझे पता चला है कि तमाम अधिकारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं.' केजरीवाल ने इसके लिये मुख्य सचिव कुट्टी को ऐसे अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी करने और आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहने का निर्देश जारी करने को कहा है. इसके अलावा केजरीवाल ने कुट्टी से जनता को मिलने का समय मांगे बिना मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात करने की इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिये कार्यालयों के बाहर जनता से मिलने के समय का स्प्ष्ट उल्लेख करने को कहा है. यह उल्लेख मंत्रियों और अधिकारियों के दफ्तर के बाहर एक तख्ती लगाकर किया जाये. तख्ती पर उस फोन नंबर का भी जिक्र किया जाये जिस पर संबद्ध मंत्री और अधिकारी के गैरमौजूद रहने पर कॉल कर शिकायत की जा सके.टिप्पणियां इतना ही नहीं, केजरीवाल ने कुट्टी को जनता द्वारा शिकायतें दर्ज कराने के लिये उपलब्ध कराये जाने वाले टेलीफोन नंबर पर आने वाली कॉल को रिकॉर्ड कर इसका ब्योरा मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है. उन्होंने जनता तक सरकार की पहुंच सर्वसुलभ बनाने के लिये शुरू की गयी इस पहल को बेहद जरूरी बताते हुये मुख्य सचिव से ताकीद की है कि इसे लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही या व्यवस्था के उल्लंघन को सरकार द्वारा अत्यधिक गंभीरता से लिया जायेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके अलावा केजरीवाल ने कुट्टी से जनता को मिलने का समय मांगे बिना मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात करने की इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिये कार्यालयों के बाहर जनता से मिलने के समय का स्प्ष्ट उल्लेख करने को कहा है. यह उल्लेख मंत्रियों और अधिकारियों के दफ्तर के बाहर एक तख्ती लगाकर किया जाये. तख्ती पर उस फोन नंबर का भी जिक्र किया जाये जिस पर संबद्ध मंत्री और अधिकारी के गैरमौजूद रहने पर कॉल कर शिकायत की जा सके.टिप्पणियां इतना ही नहीं, केजरीवाल ने कुट्टी को जनता द्वारा शिकायतें दर्ज कराने के लिये उपलब्ध कराये जाने वाले टेलीफोन नंबर पर आने वाली कॉल को रिकॉर्ड कर इसका ब्योरा मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है. उन्होंने जनता तक सरकार की पहुंच सर्वसुलभ बनाने के लिये शुरू की गयी इस पहल को बेहद जरूरी बताते हुये मुख्य सचिव से ताकीद की है कि इसे लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही या व्यवस्था के उल्लंघन को सरकार द्वारा अत्यधिक गंभीरता से लिया जायेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इतना ही नहीं, केजरीवाल ने कुट्टी को जनता द्वारा शिकायतें दर्ज कराने के लिये उपलब्ध कराये जाने वाले टेलीफोन नंबर पर आने वाली कॉल को रिकॉर्ड कर इसका ब्योरा मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है. उन्होंने जनता तक सरकार की पहुंच सर्वसुलभ बनाने के लिये शुरू की गयी इस पहल को बेहद जरूरी बताते हुये मुख्य सचिव से ताकीद की है कि इसे लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही या व्यवस्था के उल्लंघन को सरकार द्वारा अत्यधिक गंभीरता से लिया जायेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केजरीवाल ने जनता से मिलने की इस कवायद को बेहत महत्‍वपूर्ण बताया मुख्‍यमंत्री ने मुख्‍य सचिव को सख्‍त चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए पालन नहीं करने पर अनुशासनात्‍मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें अधिकारी
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: त्रिपुरा में सत्तारूढ़ माकपा ने आज विधानसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. बरजाला (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) और खोवई सीट पर कांग्रेस और तृणमूल के उम्मीदवारों को हार का मुंह देखना पड़ा. माकपा के उम्मीदवार झुमू सरकार ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के शिष्टमोहन दास को बरजाला सीट पर 3,374 मतों के अंतर से हराया. माकपा को 15,769 मत मिले जबकि भाजपा को कुल 12,395 मत हासिल हुए. कांग्रेस विधायक जितेंद्र सरकार ने जून में पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके चलते यहां उपचुनाव जरूरी हो गया था. कांग्रेस को 804 मत मिले जबकि तृणमूल को 5,629 मत मिले हैं. खोवई निर्वाचन क्षेत्र में माकपा के उम्मीदवार बिस्वजीत दत्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी तृणमूल के मनोज दास को 16,047 मतों के अंतर से हराया. माकपा को 24,810 मत, जबकि तृणमूल को 8,763 मत मिले. माकपा के विधायक समीर देव सरकार के निधन के चलते यह सीट रिक्त हो गई थी.टिप्पणियां विपक्षी कांग्रेस के जिस उम्मीदवार को पिछले विधानसभा चुनाव (2013) में 13,859 मत मिले थे, उसे इस चुनाव में महज 696 मत ही हासिल हुए. गत जून में कांग्रेस दो फाड़ हो गई थी जब इसके छह विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल में शामिल हो गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) माकपा के उम्मीदवार झुमू सरकार ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के शिष्टमोहन दास को बरजाला सीट पर 3,374 मतों के अंतर से हराया. माकपा को 15,769 मत मिले जबकि भाजपा को कुल 12,395 मत हासिल हुए. कांग्रेस विधायक जितेंद्र सरकार ने जून में पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके चलते यहां उपचुनाव जरूरी हो गया था. कांग्रेस को 804 मत मिले जबकि तृणमूल को 5,629 मत मिले हैं. खोवई निर्वाचन क्षेत्र में माकपा के उम्मीदवार बिस्वजीत दत्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी तृणमूल के मनोज दास को 16,047 मतों के अंतर से हराया. माकपा को 24,810 मत, जबकि तृणमूल को 8,763 मत मिले. माकपा के विधायक समीर देव सरकार के निधन के चलते यह सीट रिक्त हो गई थी.टिप्पणियां विपक्षी कांग्रेस के जिस उम्मीदवार को पिछले विधानसभा चुनाव (2013) में 13,859 मत मिले थे, उसे इस चुनाव में महज 696 मत ही हासिल हुए. गत जून में कांग्रेस दो फाड़ हो गई थी जब इसके छह विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल में शामिल हो गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खोवई निर्वाचन क्षेत्र में माकपा के उम्मीदवार बिस्वजीत दत्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी तृणमूल के मनोज दास को 16,047 मतों के अंतर से हराया. माकपा को 24,810 मत, जबकि तृणमूल को 8,763 मत मिले. माकपा के विधायक समीर देव सरकार के निधन के चलते यह सीट रिक्त हो गई थी.टिप्पणियां विपक्षी कांग्रेस के जिस उम्मीदवार को पिछले विधानसभा चुनाव (2013) में 13,859 मत मिले थे, उसे इस चुनाव में महज 696 मत ही हासिल हुए. गत जून में कांग्रेस दो फाड़ हो गई थी जब इसके छह विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल में शामिल हो गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विपक्षी कांग्रेस के जिस उम्मीदवार को पिछले विधानसभा चुनाव (2013) में 13,859 मत मिले थे, उसे इस चुनाव में महज 696 मत ही हासिल हुए. गत जून में कांग्रेस दो फाड़ हो गई थी जब इसके छह विधायक पार्टी से इस्तीफा देकर तृणमूल में शामिल हो गए थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:बरजाला में माकपा के उम्मीदवार झुमू सरकार जीते खोवई क्षेत्र में माकपा के बिस्वजीत दत्ता विजयी तृणमूल, भाजपा के उम्मीदवारों मिली पराजय
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्यसभा की सीटें पैसों पर बिकती हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह का यह कहना है जो खुद हरियाणा के जाने माने कांग्रेसी नेता हैं। उनका दावा है कि एक सीट खरीदने के लिए सौ−सौ करोड़ रुपये तक का खेल चलता है। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह ऐसे एक नहीं बीस लोगों को जानते हैं।टिप्पणियां सिंह ने कहा, 'राज्ससभा में किसी एमपी ने कहा कि राज्यसभा में एमपी बनने के लिए मेरा जो बजट था वह सौ करोड़ रुपये था, जब मैंने टोटल किया तो 80 करोड़ में काम हो गया। इस तरह, मैंने 20 करोड़ रुपये बचा लिए। अब आप अंदाजा लगाएं जो आदमी 100 करोड़ देकर एमपी की सीट खरीदते हैं, क्या वे गरीबों का भला सोच पाएंगे।' बीजेपी ने इसे कांग्रेस की संस्कृति करार दिया है। प्रकाश जावडेकर ने पूछा है कि आखिर यह पैसा किसे दिया गया। वहीं, अब बीरेंद्र चौधरी ने अपने बयान पर सफाई भी दी। सिंह ने कहा, 'राज्ससभा में किसी एमपी ने कहा कि राज्यसभा में एमपी बनने के लिए मेरा जो बजट था वह सौ करोड़ रुपये था, जब मैंने टोटल किया तो 80 करोड़ में काम हो गया। इस तरह, मैंने 20 करोड़ रुपये बचा लिए। अब आप अंदाजा लगाएं जो आदमी 100 करोड़ देकर एमपी की सीट खरीदते हैं, क्या वे गरीबों का भला सोच पाएंगे।' बीजेपी ने इसे कांग्रेस की संस्कृति करार दिया है। प्रकाश जावडेकर ने पूछा है कि आखिर यह पैसा किसे दिया गया। वहीं, अब बीरेंद्र चौधरी ने अपने बयान पर सफाई भी दी। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की संस्कृति करार दिया है। प्रकाश जावडेकर ने पूछा है कि आखिर यह पैसा किसे दिया गया। वहीं, अब बीरेंद्र चौधरी ने अपने बयान पर सफाई भी दी।
यह एक सारांश है: राज्यसभा की सीटें पैसों पर बिकती हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह का यह कहना है जो खुद हरियाणा के जाने माने कांग्रेसी नेता हैं। उनका दावा है कि एक सीट खरीदने के लिए सौ−सौ करोड़ रुपये तक का खेल चलता है। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह ऐसे एक
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईरान ने कहा कि वह सीरियाई नेतृत्व को समर्थन देने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ईरान के विदेश उपमंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियां ने लेबनान यात्रा के दौरान यह संकल्प व्यक्त किया। अरब एवं अफ्रीकी मामलों से सम्बद्ध मंत्री हुसैन ने कहा कि ईरान आक्रमण एवं यहूदी राज्य का प्रतिरोध बनाए रखने के लिए सीरिया के नेतृत्व, शासन एवं इसके नागरिकों को समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने लेबनान के विदेश मंत्री अदनान मंसूर से द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मसलों पर चर्चा के दौरान यह बात कही।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "सीरियाई समस्या का समाधान केवल राजनीतिक तरीके से हो सकता है। ईरान कोफी अन्नान के सीरिया मिशन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।" संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ईरान के विदेश उपमंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियां ने लेबनान यात्रा के दौरान यह संकल्प व्यक्त किया। अरब एवं अफ्रीकी मामलों से सम्बद्ध मंत्री हुसैन ने कहा कि ईरान आक्रमण एवं यहूदी राज्य का प्रतिरोध बनाए रखने के लिए सीरिया के नेतृत्व, शासन एवं इसके नागरिकों को समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने लेबनान के विदेश मंत्री अदनान मंसूर से द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मसलों पर चर्चा के दौरान यह बात कही।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "सीरियाई समस्या का समाधान केवल राजनीतिक तरीके से हो सकता है। ईरान कोफी अन्नान के सीरिया मिशन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।" संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। अरब एवं अफ्रीकी मामलों से सम्बद्ध मंत्री हुसैन ने कहा कि ईरान आक्रमण एवं यहूदी राज्य का प्रतिरोध बनाए रखने के लिए सीरिया के नेतृत्व, शासन एवं इसके नागरिकों को समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने लेबनान के विदेश मंत्री अदनान मंसूर से द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मसलों पर चर्चा के दौरान यह बात कही।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "सीरियाई समस्या का समाधान केवल राजनीतिक तरीके से हो सकता है। ईरान कोफी अन्नान के सीरिया मिशन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।" संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। उन्होंने लेबनान के विदेश मंत्री अदनान मंसूर से द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मसलों पर चर्चा के दौरान यह बात कही।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "सीरियाई समस्या का समाधान केवल राजनीतिक तरीके से हो सकता है। ईरान कोफी अन्नान के सीरिया मिशन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।" संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, "सीरियाई समस्या का समाधान केवल राजनीतिक तरीके से हो सकता है। ईरान कोफी अन्नान के सीरिया मिशन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।" संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव अन्नान को अरब लीग एवं संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सीरिया संकट के समाधान के लिए विशेष दूत नियुक्त किया गया है।
यहाँ एक सारांश है:ईरान ने कहा कि वह सीरियाई नेतृत्व को समर्थन देने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेगा।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के गहमर में दिल्ली से पटना जा रही पटना राजधानी एक्सप्रेस में लूटपाट की खबर है. लुटेरों ने गहमर से ट्रेन में घुसपैठ की और बिहार के बक्सर के करीब घटना को अंजाम दिया. एएनआई के अनुसार लुटेरों ने यात्रियों को पीटा भी है. दो सेकेंड एसी और दो थर्ड एसी में चोरी की घटनाएं हुई हैं. इनमें से बोगी ए-4, बी-1, बी-2 बताई जा रही हैं. जानकारी के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से पटना जा रही थी. बताया जा रहा है कि यूपी के गहमर के पास सिग्नल नहीं होने की वजह से ट्रेन खड़ी थी. उस बीच ट्रेन का एक दरवाजा खुला था जिसका फायदा उठाकर लुटरे घुस आए. इस मामले में कोच अटेंडेंट पर भी मामला दर्ज किया गया है. रेलवे मंडल के सीपीआरओ ने बताया कि यह चोरी की वारदात है. मामले की तेजी से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जब ट्रेन पटना पहुंची तब यात्रियों ने जंक्शन पर उतर कर प्रदर्शन किया. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस से लोगों के काफी बहस भी हुई. लोगों ने रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी पर सवाल उठाए हैं. टिप्पणियां घटना से नाराज लोगों को पुलिस और प्रशासन शांत करने में जुटा है. रेलवे में इस पूरे मामले में लापरवाही के लिए आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है.   जानकारी के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से पटना जा रही थी. बताया जा रहा है कि यूपी के गहमर के पास सिग्नल नहीं होने की वजह से ट्रेन खड़ी थी. उस बीच ट्रेन का एक दरवाजा खुला था जिसका फायदा उठाकर लुटरे घुस आए. इस मामले में कोच अटेंडेंट पर भी मामला दर्ज किया गया है. रेलवे मंडल के सीपीआरओ ने बताया कि यह चोरी की वारदात है. मामले की तेजी से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जब ट्रेन पटना पहुंची तब यात्रियों ने जंक्शन पर उतर कर प्रदर्शन किया. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस से लोगों के काफी बहस भी हुई. लोगों ने रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी पर सवाल उठाए हैं. टिप्पणियां घटना से नाराज लोगों को पुलिस और प्रशासन शांत करने में जुटा है. रेलवे में इस पूरे मामले में लापरवाही के लिए आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है.   रेलवे मंडल के सीपीआरओ ने बताया कि यह चोरी की वारदात है. मामले की तेजी से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जब ट्रेन पटना पहुंची तब यात्रियों ने जंक्शन पर उतर कर प्रदर्शन किया. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस से लोगों के काफी बहस भी हुई. लोगों ने रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी पर सवाल उठाए हैं. टिप्पणियां घटना से नाराज लोगों को पुलिस और प्रशासन शांत करने में जुटा है. रेलवे में इस पूरे मामले में लापरवाही के लिए आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है.   जब ट्रेन पटना पहुंची तब यात्रियों ने जंक्शन पर उतर कर प्रदर्शन किया. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस से लोगों के काफी बहस भी हुई. लोगों ने रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी पर सवाल उठाए हैं. टिप्पणियां घटना से नाराज लोगों को पुलिस और प्रशासन शांत करने में जुटा है. रेलवे में इस पूरे मामले में लापरवाही के लिए आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है.   घटना से नाराज लोगों को पुलिस और प्रशासन शांत करने में जुटा है. रेलवे में इस पूरे मामले में लापरवाही के लिए आरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो सेकेंड एसी और दो थर्ड एसी में चोरी की घटनाएं हुई हैं. यूपी के गहमर के पास सिग्नल नहीं होने की वजह से ट्रेन खड़ी थी उस बीच ट्रेन का एक दरवाजा खुला था जिसका फायदा उठाकर चोर घुस आए.
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी) को 30 जून 2012 को समाप्त पहली तिमाही में 391.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.3 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी गई सूचना में यह जानकारी दी। पिछले साल इसी अवधि में बैंक को 354.7 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। आलोच्य अवधि के दौरान बैंक की कुल आय 54 प्रतिशत बढ़कर 4,695.5 करोड़ रुपये हो गई जो कि पिछले साल इसी अवधि में 3,045.5 करोड़ रुपये रही थी।टिप्पणियां बैंक की ब्याज आय पिछले साल इसी अवधि के 3,596.5 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 4,287.16 करोड़ रुपये हो गयी। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 2.07 प्रतिशत से बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गई। बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी गई सूचना में यह जानकारी दी। पिछले साल इसी अवधि में बैंक को 354.7 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। आलोच्य अवधि के दौरान बैंक की कुल आय 54 प्रतिशत बढ़कर 4,695.5 करोड़ रुपये हो गई जो कि पिछले साल इसी अवधि में 3,045.5 करोड़ रुपये रही थी।टिप्पणियां बैंक की ब्याज आय पिछले साल इसी अवधि के 3,596.5 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 4,287.16 करोड़ रुपये हो गयी। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 2.07 प्रतिशत से बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गई। आलोच्य अवधि के दौरान बैंक की कुल आय 54 प्रतिशत बढ़कर 4,695.5 करोड़ रुपये हो गई जो कि पिछले साल इसी अवधि में 3,045.5 करोड़ रुपये रही थी।टिप्पणियां बैंक की ब्याज आय पिछले साल इसी अवधि के 3,596.5 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 4,287.16 करोड़ रुपये हो गयी। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 2.07 प्रतिशत से बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गई। बैंक की ब्याज आय पिछले साल इसी अवधि के 3,596.5 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 4,287.16 करोड़ रुपये हो गयी। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 2.07 प्रतिशत से बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गई। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 2.07 प्रतिशत से बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गई।
संक्षिप्त पाठ: ओबीसी को 30 जून 2012 को समाप्त पहली तिमाही में 391.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.3 प्रतिशत अधिक है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमृतसर के एक स्कूल में 11वीं के दो छात्रों ने स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मामला छात्रों की आपसी रंजिश का है। दोनों आरोपी छात्र स्कूल में पिस्तौल लेकर आए जिसके बाद उन्होंने अपने साथी पर फायरिंग की। निशाना चूक जाने से गोली पास खड़े दूसरे दो छात्रों को जा लगी। इसके बाद फायरिंग करने वाले दोनों आरोपी छात्र मौके से फरार हो गए। घायल छात्रों को अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने फायरिंग करने वाले दोनों छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें यह पिस्तौल कहां से और किसने दी? निशाना चूक जाने से गोली पास खड़े दूसरे दो छात्रों को जा लगी। इसके बाद फायरिंग करने वाले दोनों आरोपी छात्र मौके से फरार हो गए। घायल छात्रों को अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने फायरिंग करने वाले दोनों छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें यह पिस्तौल कहां से और किसने दी?
संक्षिप्त सारांश: अमृतसर के एक स्कूल में 11वीं के दो छात्रों ने स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मामला छात्रों की आपसी रंजिश का है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के विकासपुरी इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में एक चार साल की छात्रा के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद स्कूल के बाहर जबरदस्त हंगामा हुआ. तीन दिन बाद आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई. मामले में आरोपी स्कूल का स्वीपर बलदेव है. पुलिस के मुताबिक चार साल की एक बच्ची के मां-बाप ने शुक्रवार को शिकायत दी कि उनकी बच्ची के साथ स्कूल में गलत हुआ है. बच्ची बार-बार किसी मूछों वाले अंकल का जिक्र कर रही थी. पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. सबसे पहले स्कूल के स्टाफ से पूछताछ हुई और फिर स्कूल में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी.टिप्पणियां उधर स्कूल प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने से बच्चों के अभिभावक नाराज हो गए. सोमवार को सभी बच्चों के परिजन ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा. अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कई बार लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई. गुस्साए लोगों ने शाम को स्कूल प्रशासन और पुलिस के खिलाफ कैंडल मार्च भी निकाला. सवालों के घेरे में आई पुलिस ने कार्रवाई सोमवार देर शाम को की. आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी 40 साल का बलदेव है और वह एक निजी कंपनी के जरिए इसी स्कूल में पिछले 15 सालों से काम कर रहा है. पुलिस के मुताबिक चार साल की एक बच्ची के मां-बाप ने शुक्रवार को शिकायत दी कि उनकी बच्ची के साथ स्कूल में गलत हुआ है. बच्ची बार-बार किसी मूछों वाले अंकल का जिक्र कर रही थी. पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. सबसे पहले स्कूल के स्टाफ से पूछताछ हुई और फिर स्कूल में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिल सकी.टिप्पणियां उधर स्कूल प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने से बच्चों के अभिभावक नाराज हो गए. सोमवार को सभी बच्चों के परिजन ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा. अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कई बार लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई. गुस्साए लोगों ने शाम को स्कूल प्रशासन और पुलिस के खिलाफ कैंडल मार्च भी निकाला. सवालों के घेरे में आई पुलिस ने कार्रवाई सोमवार देर शाम को की. आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी 40 साल का बलदेव है और वह एक निजी कंपनी के जरिए इसी स्कूल में पिछले 15 सालों से काम कर रहा है. उधर स्कूल प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने से बच्चों के अभिभावक नाराज हो गए. सोमवार को सभी बच्चों के परिजन ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा. अभिभावक स्कूल के बाहर जमा हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कई बार लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई. गुस्साए लोगों ने शाम को स्कूल प्रशासन और पुलिस के खिलाफ कैंडल मार्च भी निकाला. सवालों के घेरे में आई पुलिस ने कार्रवाई सोमवार देर शाम को की. आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी 40 साल का बलदेव है और वह एक निजी कंपनी के जरिए इसी स्कूल में पिछले 15 सालों से काम कर रहा है. सवालों के घेरे में आई पुलिस ने कार्रवाई सोमवार देर शाम को की. आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी 40 साल का बलदेव है और वह एक निजी कंपनी के जरिए इसी स्कूल में पिछले 15 सालों से काम कर रहा है.
यहाँ एक सारांश है:बच्ची के मां-बाप ने शुक्रवार को शिकायत दी थी सोमवार को सभी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया में 39 वर्षीय एक भारतीय डॉक्टर को आज वहां के सुप्रीम कोर्ट ने दो महिलाओं से बलात्कार करने का दोषी ठहराया जबकि डॉक्टर ने खुद को बेकसूर बताया। डॉक्टर मानू मैम्बिली गोपाल 1 मार्च को मेलबर्न अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोच्चि जाने के लिए विमान का इंतजार कर रहे थे, तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां गोपाल पर दो महिलाओं का डिजीटल यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। महिलाओं का आरोप है कि पिछले साल फरवरी में जब वे सनबरी में उनके क्लीनिक में पेटदर्द की शिकायत के साथ पहुंची थी तब उनसे कहा गया था कि उनका आंतरिक योनि परीक्षण करना होगा दो सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद उन्हें दोषी पाया गया। ‘द एज’ अखबार के अनुसार, जस्टिस जियोफ्रे नेटले ने उन्हें 26 सितंबर तक के लिए सजापूर्व सुनवाई के लिए हिरासत में भेज दिया है। डॉक्टर मानू मैम्बिली गोपाल 1 मार्च को मेलबर्न अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोच्चि जाने के लिए विमान का इंतजार कर रहे थे, तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था।टिप्पणियां गोपाल पर दो महिलाओं का डिजीटल यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। महिलाओं का आरोप है कि पिछले साल फरवरी में जब वे सनबरी में उनके क्लीनिक में पेटदर्द की शिकायत के साथ पहुंची थी तब उनसे कहा गया था कि उनका आंतरिक योनि परीक्षण करना होगा दो सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद उन्हें दोषी पाया गया। ‘द एज’ अखबार के अनुसार, जस्टिस जियोफ्रे नेटले ने उन्हें 26 सितंबर तक के लिए सजापूर्व सुनवाई के लिए हिरासत में भेज दिया है। गोपाल पर दो महिलाओं का डिजीटल यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। महिलाओं का आरोप है कि पिछले साल फरवरी में जब वे सनबरी में उनके क्लीनिक में पेटदर्द की शिकायत के साथ पहुंची थी तब उनसे कहा गया था कि उनका आंतरिक योनि परीक्षण करना होगा दो सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद उन्हें दोषी पाया गया। ‘द एज’ अखबार के अनुसार, जस्टिस जियोफ्रे नेटले ने उन्हें 26 सितंबर तक के लिए सजापूर्व सुनवाई के लिए हिरासत में भेज दिया है। ‘द एज’ अखबार के अनुसार, जस्टिस जियोफ्रे नेटले ने उन्हें 26 सितंबर तक के लिए सजापूर्व सुनवाई के लिए हिरासत में भेज दिया है।
संक्षिप्त पाठ: ऑस्ट्रेलिया में 39 वर्षीय एक भारतीय डॉक्टर को आज वहां के सुप्रीम कोर्ट ने दो महिलाओं से बलात्कार करने का दोषी ठहराया जबकि डॉक्टर ने खुद को बेकसूर बताया।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के अगले राष्ट्रपति के रूप में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम की चर्चा जोरशोर से चल रही थी लेकिन भागवत ने राष्ट्रपति बनने से इनकार कर दिया है. इसके बाद अब एक और नाम की चर्चा तेज है. संघ के करीबी बता रहे हैं कि एनडीए से संभावित नामों में उद्योगपति रतन टाटा का नाम सबसे आगे चल रहा है. आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्पष्ट कर दिया कि वे कतई राष्ट्रपति नहीं बनने वाले. मोहन भागवत ने बुधवार को नागपुर में वेटरनरी चिकित्सकों को संबोधित करते हुए अपनी मंशा साफ कर दी. ज्ञात हो कि भागवत खुद वेटरनरी डॉक्टर हैं. अपने भाषण की शुरुआत ही उन्होंने खुद को राष्ट्रपति बनाए जाने की खबरों का खंडन करते हुए की. उन्होंने कहा कि, ''मीडिया में जो खबर है वह तो होने से रहा. संघ (आरएसएस) में आने के बाद हम इन सब संभावनाओं के दरवाजे बंद करके आते हैं. ऊपर (केंद्रीय स्तर पर) भी कई स्वयंसेवक हैं. उन्हें भी ये बात पता है. ऐसे में मीडिया में जो बात उछली है वह आई गई हो जाएगी. (मेरा) नाम भी प्रस्तावित नहीं होगा और अगर नाम प्रस्तावित किया भी जाता है तो मैं इसको स्वीकार नहीं करूंगा. मैं इन तमाम बातों को केवल मनोरंजन के लिहाज से लेता हूं.'' भागवत के उक्त बयान से पहले दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में खबर फैल गई थी कि एनडीए की तरफ से मौजूदा आरएसएस प्रमुख को देश का अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है. इस आधार पर शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने मोहन भागवत को प्रखर राष्ट्रवादी बताते हुए राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर विकल्प भी बता दिया था. इसके बाद सरसंघचालक ने अपना रुख साफ कर दिया. इस घटनाक्रम के बीच अब आगामी राष्ट्रपति के रूप में एनडीए गठबंधन की ओर से कुछ और नामों पर विचार विमर्श चल रहा है. सूत्रों की मानें तो इस बहस में मौजूदा स्थिति में उद्योगपति और टाटा समूह के सर्वेसर्वा रतन टाटा का नाम आगे है. इस नाम पर संघ परिवार का नजरिया सकारात्मक तो है ही साथ ही बीजेपी को उम्मीद है कि एनडीए और विपक्ष इस नाम पर आसानी से राजी हो जाएगा. एनडीए के लिए मौजूदा स्थिति में इस साल के जुलाई महीने के अंत में होने वाले राष्ट्रपति का चुनाव जीतना टेढ़ी खीर है. क्योंकि राज्यों में उसके पास अधिक वोट भले ही हों संसद के दोनों सदनों की ताकत में वह विपक्ष के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तर्ज पर उद्योगपति रतन टाटा का नाम प्रस्तावित कर सत्ताधारी गठबंधन अपने पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर बिठाने की मंशा पूरी कर सकता है.टिप्पणियां टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. मोहन भागवत ने बुधवार को नागपुर में वेटरनरी चिकित्सकों को संबोधित करते हुए अपनी मंशा साफ कर दी. ज्ञात हो कि भागवत खुद वेटरनरी डॉक्टर हैं. अपने भाषण की शुरुआत ही उन्होंने खुद को राष्ट्रपति बनाए जाने की खबरों का खंडन करते हुए की. उन्होंने कहा कि, ''मीडिया में जो खबर है वह तो होने से रहा. संघ (आरएसएस) में आने के बाद हम इन सब संभावनाओं के दरवाजे बंद करके आते हैं. ऊपर (केंद्रीय स्तर पर) भी कई स्वयंसेवक हैं. उन्हें भी ये बात पता है. ऐसे में मीडिया में जो बात उछली है वह आई गई हो जाएगी. (मेरा) नाम भी प्रस्तावित नहीं होगा और अगर नाम प्रस्तावित किया भी जाता है तो मैं इसको स्वीकार नहीं करूंगा. मैं इन तमाम बातों को केवल मनोरंजन के लिहाज से लेता हूं.'' भागवत के उक्त बयान से पहले दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में खबर फैल गई थी कि एनडीए की तरफ से मौजूदा आरएसएस प्रमुख को देश का अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है. इस आधार पर शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने मोहन भागवत को प्रखर राष्ट्रवादी बताते हुए राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर विकल्प भी बता दिया था. इसके बाद सरसंघचालक ने अपना रुख साफ कर दिया. इस घटनाक्रम के बीच अब आगामी राष्ट्रपति के रूप में एनडीए गठबंधन की ओर से कुछ और नामों पर विचार विमर्श चल रहा है. सूत्रों की मानें तो इस बहस में मौजूदा स्थिति में उद्योगपति और टाटा समूह के सर्वेसर्वा रतन टाटा का नाम आगे है. इस नाम पर संघ परिवार का नजरिया सकारात्मक तो है ही साथ ही बीजेपी को उम्मीद है कि एनडीए और विपक्ष इस नाम पर आसानी से राजी हो जाएगा. एनडीए के लिए मौजूदा स्थिति में इस साल के जुलाई महीने के अंत में होने वाले राष्ट्रपति का चुनाव जीतना टेढ़ी खीर है. क्योंकि राज्यों में उसके पास अधिक वोट भले ही हों संसद के दोनों सदनों की ताकत में वह विपक्ष के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तर्ज पर उद्योगपति रतन टाटा का नाम प्रस्तावित कर सत्ताधारी गठबंधन अपने पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर बिठाने की मंशा पूरी कर सकता है.टिप्पणियां टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. भागवत के उक्त बयान से पहले दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में खबर फैल गई थी कि एनडीए की तरफ से मौजूदा आरएसएस प्रमुख को देश का अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है. इस आधार पर शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने मोहन भागवत को प्रखर राष्ट्रवादी बताते हुए राष्ट्रपति पद के लिए बेहतर विकल्प भी बता दिया था. इसके बाद सरसंघचालक ने अपना रुख साफ कर दिया. इस घटनाक्रम के बीच अब आगामी राष्ट्रपति के रूप में एनडीए गठबंधन की ओर से कुछ और नामों पर विचार विमर्श चल रहा है. सूत्रों की मानें तो इस बहस में मौजूदा स्थिति में उद्योगपति और टाटा समूह के सर्वेसर्वा रतन टाटा का नाम आगे है. इस नाम पर संघ परिवार का नजरिया सकारात्मक तो है ही साथ ही बीजेपी को उम्मीद है कि एनडीए और विपक्ष इस नाम पर आसानी से राजी हो जाएगा. एनडीए के लिए मौजूदा स्थिति में इस साल के जुलाई महीने के अंत में होने वाले राष्ट्रपति का चुनाव जीतना टेढ़ी खीर है. क्योंकि राज्यों में उसके पास अधिक वोट भले ही हों संसद के दोनों सदनों की ताकत में वह विपक्ष के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तर्ज पर उद्योगपति रतन टाटा का नाम प्रस्तावित कर सत्ताधारी गठबंधन अपने पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर बिठाने की मंशा पूरी कर सकता है.टिप्पणियां टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. इस घटनाक्रम के बीच अब आगामी राष्ट्रपति के रूप में एनडीए गठबंधन की ओर से कुछ और नामों पर विचार विमर्श चल रहा है. सूत्रों की मानें तो इस बहस में मौजूदा स्थिति में उद्योगपति और टाटा समूह के सर्वेसर्वा रतन टाटा का नाम आगे है. इस नाम पर संघ परिवार का नजरिया सकारात्मक तो है ही साथ ही बीजेपी को उम्मीद है कि एनडीए और विपक्ष इस नाम पर आसानी से राजी हो जाएगा. एनडीए के लिए मौजूदा स्थिति में इस साल के जुलाई महीने के अंत में होने वाले राष्ट्रपति का चुनाव जीतना टेढ़ी खीर है. क्योंकि राज्यों में उसके पास अधिक वोट भले ही हों संसद के दोनों सदनों की ताकत में वह विपक्ष के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तर्ज पर उद्योगपति रतन टाटा का नाम प्रस्तावित कर सत्ताधारी गठबंधन अपने पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर बिठाने की मंशा पूरी कर सकता है.टिप्पणियां टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. एनडीए के लिए मौजूदा स्थिति में इस साल के जुलाई महीने के अंत में होने वाले राष्ट्रपति का चुनाव जीतना टेढ़ी खीर है. क्योंकि राज्यों में उसके पास अधिक वोट भले ही हों संसद के दोनों सदनों की ताकत में वह विपक्ष के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तर्ज पर उद्योगपति रतन टाटा का नाम प्रस्तावित कर सत्ताधारी गठबंधन अपने पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर बिठाने की मंशा पूरी कर सकता है.टिप्पणियां टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. टाटा समूह के लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुके 80 साल के रतन टाटा हाल ही में अपने उत्तराधिकारी सायरस मिस्त्री से हुए संघर्ष को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. इस संघर्ष का नतीजा रहा कि रतन टाटा ने भारत के विशाल उद्योग समूह टाटा ग्रुप की अध्यक्षता दुबारा स्वीकार की. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है. हालांकि इस सुगबुगाहट को लेकर टाटा समूह की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है.
भागवत ने राष्ट्रपति बनने की किसी भी संभावना से इनकार किया कहा, नाम प्रस्तावित भी किया जाता है तो स्वीकार नहीं करेंगे रतन टाटा के नाम पर संघ परिवार का नजरिया सकारात्मक
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रेल की सभी वातानुकूलित श्रेणियों और प्रथम श्रेणी के किराये में 1 जुलाई से 3.6 फीसदी का इजाफा हो सकता है।  किराये बढ़ने की संभावना इसलिए अधिक है, क्योंकि वित्त मंत्रालय की ओर से रेलवे को दी जाने वाली सेवा कर में छूट को आगे बढ़ाने की बहुत कम उम्मीद है।टिप्पणियां मंत्रालय के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि किराये में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि रेलवे 5,500 से 6,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बोझ सहन करने की स्थिति में नहीं है। सू़त्रों का कहना है कि रेल मंत्री मुकुल रॉय ने पिछले सप्ताह वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर सेवा कर अदा करने से छूट का आग्रह किया था, लेकिन इस पर अभी कुछ नहीं हुआ है। मंत्रालय के विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि किराये में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि रेलवे 5,500 से 6,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बोझ सहन करने की स्थिति में नहीं है। सू़त्रों का कहना है कि रेल मंत्री मुकुल रॉय ने पिछले सप्ताह वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर सेवा कर अदा करने से छूट का आग्रह किया था, लेकिन इस पर अभी कुछ नहीं हुआ है। सू़त्रों का कहना है कि रेल मंत्री मुकुल रॉय ने पिछले सप्ताह वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर सेवा कर अदा करने से छूट का आग्रह किया था, लेकिन इस पर अभी कुछ नहीं हुआ है।
यह एक सारांश है: किराये बढ़ने की संभावना इसलिए अधिक है, क्योंकि वित्त मंत्रालय की ओर से रेलवे को दी जाने वाली सेवा कर में छूट को आगे बढ़ाने की बहुत कम उम्मीद है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Xiaomi की रेडमी सीरीज़ में हाल के दिनों में सबसे बड़ा बदलाव डिज़ाइन का रहा है। चलन में बने रहने के लिए कंपनी ने ग्लास और ग्रेडिएंट डिज़ाइन वाले प्लास्टिक पर भरोसा जताया है। इस डिज़ाइन पर अपग्रेड करने की शुरुआत Redmi Note 7 सीरीज़ से हुई। अब नया Redmi 7 भी इसी डिज़ाइन लैंगवेज से प्रेरित लगता है। ऐसा नहीं है कि Redmi 7 सिर्फ डिज़ाइन के लिहाज से बदला है। कंपनी ने किफायती दाम का तमगा बरकरार रखते हुए कई हार्डवेयर को अपग्रेड भी किया है। शाओमी के लॉन्च इवेंट में हमने Redmi 7 के साथ कुछ वक्त बिताया। पहली नज़र में हमें यह हैंडसेट कैसा लगा? आइए बताते हैं... Redmi 7 को ग्लॉसी प्लास्टिक से बनाया गया है। यह उन यूज़र को नहीं पसंद आएगा जो मेटालिक बॉडी के दीवाने हैं। शाओमी ने Redmi 7 को खूबसूरत ग्रेडिएंट फिनिश देने के लिए यह समझौता किया है। Xiaomi ने इसे ऑरा स्मोक डिज़ाइन का नाम दिया है। हमारे हिसाब से यह पुराने रेडमी फोन की मेटालिक फिनिश की तुलना में ज्यादा खूबसूरत लगता है। Redmi 7 के दो ग्रेडिएंट कलर विकल्प हैं- लूनर रेड और कॉमेट ब्लू। एक इक्लिप्स ब्लैक वेरिएंट भी है। हमारे हिसाब से लूनर रेड वेरिएंट दिखने में सबसे खूबसूरत था। स्मॉकी ब्लैक और रेड ग्रेडिएंट नज़र खींचता है। Redmi 7 बेहद ही कॉम्पेक्ट स्मार्टफोन है। सहूलियत का ध्यान रखते हुए किनारे घुमावदार बनाए गए हैं। Xiaomi के मुताबिक, डिवाइस पी2आई हाइड्रोफोबिक कोटिंग के साथ आता है। यानी इसे पानी के मामूली छीटों से प्रोटेक्शन है। Xiaomi ने फ्रंट पैनल पर भी नए डिज़ाइन का इस्तेमाल किया है। Redmi 6 वाले चौड़े बेज़ल की छुट्टी हो गई है। कंपनी कम बेज़ल वाले डिस्प्ले के साथ वाटरड्रॉप नॉच दिया है। फोन में 6.26 इंच का एचडी+ (720x1520 पिक्सल) डिस्प्ले पैनल के साथ आता है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। यह कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन के साथ आता है। इस प्राइस रेंज में यह फीचर देखने को नहीं मिलता। हमने पाया कि डिस्प्ले वाइब्रेंट था और व्यूइंग एंगल भी बढ़िया था। लेकिन यह इंडोर में थोड़ा रिफ्लेक्टिव था। हम इस फोन को सूरज की रोशनी में इस्तेमाल नहीं कर पाए। इस फोन को हार्डवेयर डिपार्टमेंट में भी अपग्रेड किया गया है। स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 1.8 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर है। यह हैंडसेट दो रैम विकल्प में आता है- 2 जीबी और 3 जीबी। स्टोरेज का एक मात्र विकल्प 32 जीबी है। दोनों ही वेरिएंट में 512 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट है। Xiaomi ने इस फोन में दो नैनो सिम के स्लॉट दिए हैं और माइक्रोएसडी कार्ड के लिए अलग स्लॉट है। इसका मतलब है कि यूज़र को दूसरे सिम और माइक्रोएसडी कार्ड में से एक को नहीं चुनना पड़ेगा। इस डिवाइस की बैटरी 4,000 एमएएच की है। याद रहे कि पुराने वेरिएंट Redmi 6 को 3,000 एमएएच की बैटरी के साथ उतारा गया था। अब बात कैमरा सेटअप की। Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर। सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा यह हैंडसेट एआई स्मार्ट ब्यूटी, सेल्फी टाइमर और फेस अनलॉक जैसे फीचर से लैस है। हमें फोन के कैमरे की क्षमता आंकने के लिए ज़्यादा वक्त नहीं मिला। हमने सेल्फी लेने के लिए पाम शटर गेस्चर को इस्तेमाल किया, यह काम करता है। रेडमी 7 एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलता है। डिवाइस के साथ  बिताए गए सीमित समय हमने पाया कि ऐप्स के बीच स्विच करना बेहद ही स्मूथ था। हमें यूज़र इंटरफेस में कोई दिक्कत नहीं हुई। 7,999 रुपये की शुरुआती कीमत वाला Redmi 7 पहली नज़र में पैसा वसूल हैंडसेट लगता है। यह रेडमी 6 का कई मामलों में अपग्रेड है। कीमत को देखते हुए कहा जा सकता है कि रेडमी 7 की भिड़ंत Samsung Galaxy M10 (रिव्यू) और Realme 3 (रिव्यू) से होगी। कागज़ी तौर पर Redmi 7 एक दमदार विकल्प लगता है। लेकिन इस हैंडसेट पर हम अपना आखिरी फैसला विस्तृत रिव्यू में सुनाएंगे।
Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं 7,999 रुपये की शुरुआती कीमत वाला हैंडसेट है Redmi 7 रेडमी 7 की भिड़ंत Samsung Galaxy M10 और Realme 3 से
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विवादित उपदेशक डॉ जाकिर नाईक का एनजीओ इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्‍वीकृति के बिना विदेशी फंड नहीं ले सकेगा. इस संगठन को ''पूर्व अनुमति लेने की श्रेणी'' के दायरे में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. इसको विदेशी फंड नहीं लेने देने की दिशा में सरकार के पहले कदम के रूप में देखा जा रहा है.     इस संबंध में मंत्रालय का कहना है कि विदेशी फंड लेने से संबंधित विदेशी अनुदान नियमन एक्‍ट (एफसीआरए) के अधीन इस फाउंडेशन के लाइसेंस का 'गलती से' पुर्ननवीकरण पिछले महीने हो गया था. जबकि डॉ नाईक पर विदेशी फंड के दुरुपयोग के मामले की जांच हो रही है. उल्‍लेखनीय है कि डॉ नाईक पर बांग्‍लादेश सरकार ने भी आरोप लगा है कि जुलाई में ढाका कैफे पर हमला करने वाले आतंकी उनके भाषणों से प्रेरित थे. उस आतंकी हमले में 20 लोग मारे गए थे. भारत ने डॉ नाईक के भाषणों की विस्‍तृत पड़ताल का वादा किया है.  टिप्पणियां पिछले सप्‍ताह लाइसेंस के नवीकरण होने पर गृह राज्‍य मंत्री किरन रिजिजू ने NDTV से कहा था, ''हमने ऐसा करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है क्‍योंकि ऐसे वक्‍त में उनके लाइसेंस का नवीकरण नहीं किया जा सकता जबकि मामले की जांच चल रही है.'' सूत्रों के मुताबिक बांग्‍लादेश के आरोपों के बाद चर्चा में आने वाले इस उपदेशक के इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की फंडिंग जांच के दायरे में रही थी. दो साल पहले हुई ऐसी जांच में कई विसंगतियां पाई गई थीं जिसमें विदेशी फंड को फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में इस्‍तेमाल की बात भी शामिल है. सिर्फ इतना ही नहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि फाउंडेशन ने तकरीबन एक करोड़ के चंदे को अपनी अकाउंट बुक में नहीं दर्शाया. इस संबंध में मंत्रालय का कहना है कि विदेशी फंड लेने से संबंधित विदेशी अनुदान नियमन एक्‍ट (एफसीआरए) के अधीन इस फाउंडेशन के लाइसेंस का 'गलती से' पुर्ननवीकरण पिछले महीने हो गया था. जबकि डॉ नाईक पर विदेशी फंड के दुरुपयोग के मामले की जांच हो रही है. उल्‍लेखनीय है कि डॉ नाईक पर बांग्‍लादेश सरकार ने भी आरोप लगा है कि जुलाई में ढाका कैफे पर हमला करने वाले आतंकी उनके भाषणों से प्रेरित थे. उस आतंकी हमले में 20 लोग मारे गए थे. भारत ने डॉ नाईक के भाषणों की विस्‍तृत पड़ताल का वादा किया है.  टिप्पणियां पिछले सप्‍ताह लाइसेंस के नवीकरण होने पर गृह राज्‍य मंत्री किरन रिजिजू ने NDTV से कहा था, ''हमने ऐसा करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है क्‍योंकि ऐसे वक्‍त में उनके लाइसेंस का नवीकरण नहीं किया जा सकता जबकि मामले की जांच चल रही है.'' सूत्रों के मुताबिक बांग्‍लादेश के आरोपों के बाद चर्चा में आने वाले इस उपदेशक के इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की फंडिंग जांच के दायरे में रही थी. दो साल पहले हुई ऐसी जांच में कई विसंगतियां पाई गई थीं जिसमें विदेशी फंड को फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में इस्‍तेमाल की बात भी शामिल है. सिर्फ इतना ही नहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि फाउंडेशन ने तकरीबन एक करोड़ के चंदे को अपनी अकाउंट बुक में नहीं दर्शाया. उल्‍लेखनीय है कि डॉ नाईक पर बांग्‍लादेश सरकार ने भी आरोप लगा है कि जुलाई में ढाका कैफे पर हमला करने वाले आतंकी उनके भाषणों से प्रेरित थे. उस आतंकी हमले में 20 लोग मारे गए थे. भारत ने डॉ नाईक के भाषणों की विस्‍तृत पड़ताल का वादा किया है.  टिप्पणियां पिछले सप्‍ताह लाइसेंस के नवीकरण होने पर गृह राज्‍य मंत्री किरन रिजिजू ने NDTV से कहा था, ''हमने ऐसा करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है क्‍योंकि ऐसे वक्‍त में उनके लाइसेंस का नवीकरण नहीं किया जा सकता जबकि मामले की जांच चल रही है.'' सूत्रों के मुताबिक बांग्‍लादेश के आरोपों के बाद चर्चा में आने वाले इस उपदेशक के इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की फंडिंग जांच के दायरे में रही थी. दो साल पहले हुई ऐसी जांच में कई विसंगतियां पाई गई थीं जिसमें विदेशी फंड को फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में इस्‍तेमाल की बात भी शामिल है. सिर्फ इतना ही नहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि फाउंडेशन ने तकरीबन एक करोड़ के चंदे को अपनी अकाउंट बुक में नहीं दर्शाया. पिछले सप्‍ताह लाइसेंस के नवीकरण होने पर गृह राज्‍य मंत्री किरन रिजिजू ने NDTV से कहा था, ''हमने ऐसा करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है क्‍योंकि ऐसे वक्‍त में उनके लाइसेंस का नवीकरण नहीं किया जा सकता जबकि मामले की जांच चल रही है.'' सूत्रों के मुताबिक बांग्‍लादेश के आरोपों के बाद चर्चा में आने वाले इस उपदेशक के इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की फंडिंग जांच के दायरे में रही थी. दो साल पहले हुई ऐसी जांच में कई विसंगतियां पाई गई थीं जिसमें विदेशी फंड को फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में इस्‍तेमाल की बात भी शामिल है. सिर्फ इतना ही नहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि फाउंडेशन ने तकरीबन एक करोड़ के चंदे को अपनी अकाउंट बुक में नहीं दर्शाया. सूत्रों के मुताबिक बांग्‍लादेश के आरोपों के बाद चर्चा में आने वाले इस उपदेशक के इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की फंडिंग जांच के दायरे में रही थी. दो साल पहले हुई ऐसी जांच में कई विसंगतियां पाई गई थीं जिसमें विदेशी फंड को फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में इस्‍तेमाल की बात भी शामिल है. सिर्फ इतना ही नहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि फाउंडेशन ने तकरीबन एक करोड़ के चंदे को अपनी अकाउंट बुक में नहीं दर्शाया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन को गृह मंत्रालय से लेनी होगी स्‍वीकृति इसको पूर्व अनुमति लेने की श्रेणी के दायरे में रखा गया इसको सरकार को अनुमति नहीं देने के पहले कदम के रूप में देखा जा रहा
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के महेश भूपति अपनी रूसी जोड़ीदार नादिया पेत्रोवा के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच गए हैं। भूपति और पेत्रोवा ने ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनेवा और हॉलैंड के जीन जूलियन रोजर की जोड़ी को 6-4, 6-2 से हराया। भारत के लिएंडर पेस, रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा अपने-अपने जोड़ीदारों के साथ इस वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं।टिप्पणियां भूपति और पेत्रोवा की पांचवीं वरीय जोड़ी का अगले दौर में स्लोवाकिया की कैटरीना श्रेबोतनिक और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक के साथ सामना होगा। सानिया अपने अमेरिकी जोड़ीदार बॉब ब्रायन के साथ अमेरिका की अबिगेल स्पीयर्स और स्कॉट लिपस्काई की जोड़ी से भिड़ेंगी। भूपति और पेत्रोवा ने ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनेवा और हॉलैंड के जीन जूलियन रोजर की जोड़ी को 6-4, 6-2 से हराया। भारत के लिएंडर पेस, रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा अपने-अपने जोड़ीदारों के साथ इस वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं।टिप्पणियां भूपति और पेत्रोवा की पांचवीं वरीय जोड़ी का अगले दौर में स्लोवाकिया की कैटरीना श्रेबोतनिक और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक के साथ सामना होगा। सानिया अपने अमेरिकी जोड़ीदार बॉब ब्रायन के साथ अमेरिका की अबिगेल स्पीयर्स और स्कॉट लिपस्काई की जोड़ी से भिड़ेंगी। भारत के लिएंडर पेस, रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा अपने-अपने जोड़ीदारों के साथ इस वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच चुके हैं।टिप्पणियां भूपति और पेत्रोवा की पांचवीं वरीय जोड़ी का अगले दौर में स्लोवाकिया की कैटरीना श्रेबोतनिक और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक के साथ सामना होगा। सानिया अपने अमेरिकी जोड़ीदार बॉब ब्रायन के साथ अमेरिका की अबिगेल स्पीयर्स और स्कॉट लिपस्काई की जोड़ी से भिड़ेंगी। भूपति और पेत्रोवा की पांचवीं वरीय जोड़ी का अगले दौर में स्लोवाकिया की कैटरीना श्रेबोतनिक और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक के साथ सामना होगा। सानिया अपने अमेरिकी जोड़ीदार बॉब ब्रायन के साथ अमेरिका की अबिगेल स्पीयर्स और स्कॉट लिपस्काई की जोड़ी से भिड़ेंगी। सानिया अपने अमेरिकी जोड़ीदार बॉब ब्रायन के साथ अमेरिका की अबिगेल स्पीयर्स और स्कॉट लिपस्काई की जोड़ी से भिड़ेंगी।
संक्षिप्त सारांश: भारत के महेश भूपति अपनी रूसी जोड़ीदार नादिया पेत्रोवा के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल वर्ग के दूसरे दौर में पहुंच गए हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) इस बार फिर अमेठी (Amethi) से चुनाव मैदान में हैं, जहां उनका मुक़ाबला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से है. स्मृति ने गुरुवार को पर्चा दाख़िल कर दिया. उन्होंने जो हलफ़नामा दिया है, उसे लेकर एक बार फिर विवाद हो गया है. दरअसल अपनी डिग्री (Degree Row) को लेकर स्मृति ईरानी ने फिर इस बार अलग जानकारी दी है. इस बार उन्होंने कहा है कि 3 साल का डिग्री कोर्स पूरा नहीं किया है. जबकि 2014 के चुनावों में उन्होंने इतनी साफ़ जानकारी नहीं दी थी. वहीं 2004 में उन्होंने एक हलफ़नामे में खुद को ग्रेजुएट कहा था. जहां कांग्रेस ने नए हलफ़नामे को लेकर तंज़ कसा वहीं स्मृति ईरानी ने पलटवार भी किया. केंद्रीय मंत्री ने जवाबी हमला करते हुये कहा कि वह अमेठी के लिये और कांग्रेस के खिलाफ मेहनत से काम करती रहेंगी चाहे उनको जितना अपमानित और प्रताड़ित किया जाता रहे. कांग्रेस ने स्मृति ईरानी का उड़ाया मजाक, बोले- क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं...देखें Video कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) द्वारा उनकी शिक्षा को लेकर किये गये तंज पर पत्रकारों को जवाब देते हुये ईरानी ने कहा, “मैं इतना ही कहूंगी कि गत पांच वर्षों में ऐसा कोई आक्रमण नहीं है जो कांग्रेस के कुछ 'चेले चपाटों' ने मुझ पर न किया हो. ऐसा कोई अपशब्द नहीं है, ऐसा कोई अपमान नहीं है, महिला होने के नाते ऐसी कोई प्रताड़ना नहीं है जो मेरे साथ कांग्रेस नेताओं ने न की हो. मेरा उनको एकमात्र यही संदेश है कि आप मुझे जितना अपमानित करोगे, जितना मुझे प्रताड़ित करोगे उतना ही जमकर मैं अमेठी में कांग्रेस के खिलाफ काम करूंगी.” इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अपने चुनावी हलफनामे में झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और चुनाव आयोग को उन्हें अयोग्य ठहराना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने मशहूर सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के गीत की तर्ज पर कहा, ‘‘क्वालीफिकेशन के रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं. एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफिडेविट नए हैं... क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं.'' उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पिछले कुछ चुनावों के हलफनामों की प्रति जारी करते हुए कहा, ‘‘स्मृति ईरानी जी बताया कि किस तरह से ग्रेजुएट से 12वीं पास हो जाते हैं, यह मोदी सरकार में ही मुमकिन है. 2004 के लोकसभा चुनाव के अपने हलफनामे में स्मृति बीए थीं. फिर 2011 राज्यसभा के चुनावी हलफनामे में वह बीकॉम फस्ट ईयर बताती हैं. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में फिर वह बीए पास कर लेती हैं. अब फिर से वह बीकॉम फर्स्ट ईयर की डिग्री हो गई हैं.'' प्रियंका ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने देश को झूठ बोला है, देश को बरगलाया है. यह साबित होता है कि भाजपा के नेता किस तरह से झूठ बोलते हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें दिक्कत नहीं है कि वह ग्रेजुएट नहीं हैं. मुद्दे की बात यह है कि मंत्री साहिबा इतने समय से गलत हलफनामा दे रही थीं.'' कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अगर उनमें कोई नैतिकता है तो मंत्री पद से इस्तीफा दें और उन्हें चुनाव के लिए अयोग्य ठहराया जाए.'' गौरतलब है कि स्मृति ईरानी अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं.
'ऐसी कोई प्रताड़ना नहीं है जो मेरे साथ कांग्रेस नेताओं ने न की हो' 'मैं अमेठी में कांग्रेस के खिलाफ जमकर काम करूंगी' स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी के नेता केंद्र सरकार की नई योजना सब्सिडी के बदले कैश की शिकायत करने चुनाव आयोग पहुंचे हैं। दरअसल, बीजेपी को इस बात पर ऐतराज है कि जब गुजरात में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो ऐसे में इस तरह के फैसलों का असर वोटरों पर पड़ सकता है।टिप्पणियां 1 जनवरी से जिन 51 ज़िलों में सरकार इस योजना को लागू करना चाहती उनमें 4 ज़िले− मेहसाना वालसाड आनंद और भावनगर शामिल हैं। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है कि इस नई योजना से राशन सिस्टम पर बुरा असर पड़ेगा। लेकिन बीजेपी के विरोध का केंद्र सरकार पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है, उल्टे प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस बात के आदेश जारी किए हैं कि वे अपनी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उनके आधार कार्ड का जानकारी इकट्ठा करना शुरू करें ताकि 1 जनवरी से 51 ज़िलों में सब्सिडी के बदले कैश योजना लागू की जा सके। दरअसल, बीजेपी को इस बात पर ऐतराज है कि जब गुजरात में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो ऐसे में इस तरह के फैसलों का असर वोटरों पर पड़ सकता है।टिप्पणियां 1 जनवरी से जिन 51 ज़िलों में सरकार इस योजना को लागू करना चाहती उनमें 4 ज़िले− मेहसाना वालसाड आनंद और भावनगर शामिल हैं। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है कि इस नई योजना से राशन सिस्टम पर बुरा असर पड़ेगा। लेकिन बीजेपी के विरोध का केंद्र सरकार पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है, उल्टे प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस बात के आदेश जारी किए हैं कि वे अपनी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उनके आधार कार्ड का जानकारी इकट्ठा करना शुरू करें ताकि 1 जनवरी से 51 ज़िलों में सब्सिडी के बदले कैश योजना लागू की जा सके। 1 जनवरी से जिन 51 ज़िलों में सरकार इस योजना को लागू करना चाहती उनमें 4 ज़िले− मेहसाना वालसाड आनंद और भावनगर शामिल हैं। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है कि इस नई योजना से राशन सिस्टम पर बुरा असर पड़ेगा। लेकिन बीजेपी के विरोध का केंद्र सरकार पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है, उल्टे प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस बात के आदेश जारी किए हैं कि वे अपनी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उनके आधार कार्ड का जानकारी इकट्ठा करना शुरू करें ताकि 1 जनवरी से 51 ज़िलों में सब्सिडी के बदले कैश योजना लागू की जा सके। उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है कि इस नई योजना से राशन सिस्टम पर बुरा असर पड़ेगा। लेकिन बीजेपी के विरोध का केंद्र सरकार पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है, उल्टे प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस बात के आदेश जारी किए हैं कि वे अपनी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उनके आधार कार्ड का जानकारी इकट्ठा करना शुरू करें ताकि 1 जनवरी से 51 ज़िलों में सब्सिडी के बदले कैश योजना लागू की जा सके।
संक्षिप्त सारांश: बीजेपी के नेता केंद्र सरकार की नई योजना सब्सिडी के बदले कैश की शिकायत करने चुनाव आयोग पहुंचे हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हाल में हुये हमलों से कच्चे तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच भारत में पेट्रोल (Petrol Price) और डीजल (Diesel Price) की कीमतों में पांच जुलाई के आम बजट के दिन के बाद सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया गया. दिल्ली में पेट्रोल का दाम 14 पैसे बढ़ कर 72.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 15 पैसे तेज हो कर 65.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. देश के सरकारी तेल कंपनियों ने यह जानकारी दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया था जिसके बाद इनके दाम में करीब ढाई रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई थी. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में कारोबार के दौरान सोमवार को 20 प्रतिशत के भारी उछाल के बाद भारत में सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल डीजल के दाम में यह वृद्धि की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 30 साल बाद कच्चे तेल के दाम में एक दिन में इतना बड़ा उछाल आया है. बाजार अंत में 15 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था. सऊदी अरब के कच्चे तेल की रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमले का असर भारत पर भी पड़ेगा मंगलवार को अंतराष्ट्रीय बाजार थोड़ा नीचे चल रहा था लेकिन हमलों के जवाब में सैनिक कार्रवाई की आशंकाओं के चलते बाजार में अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ है. मंगलवार को ब्रेंट कच्चा तेल पिछले दिन के मुकाबले 36 सेंट यानी 0.50 प्रतिशत घट कर 68.66 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि भारत स्थिति पर बराबर निगाह रखे हुए है. सऊदी अरब के तेल ठिकाने पर हमला, भारत की अर्थव्यवस्था को कितना बड़ा झटका? भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उपभोक्ता है. उन्होंने राजधानी में संवाददाताओं से कहा, ‘जब कीमतें उछलती हैं तो चिंता अवश्य होती है. शनिवार की घटना के बाद की स्थिति हमारे लिए चिंता की बात है.' लेकिन प्रधान ने यह भी कहा कि सऊदी अरब से भारत की तेल की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है. भारत के लिए वह इराक के बाद कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां और भारत सरकार सऊदी कंपनी अरामको और वहों के सरकारी अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं. भारत अपनी तेल की आवश्यकताओं का 83 प्रतिशत आयात करता है. भारत ने 2018-19 में सऊदी अरब से 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल खरीदा था जबकि इस दौरान भारत का कुल तेल आयात 20.73 करोड़ टन रहा था.
संक्षिप्त सारांश: भारत स्थिति पर बराबर निगाह रखे हुए है भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उपभोक्ता है भारत अपनी जरूरतों का 83 प्रतिशत तेल आयात करता है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर जापान के लिए रवाना हो गए हैं। जापान यात्रा के दौरान मोदी वहां उप प्रधानमंत्री तथा जापान के शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। मोदी ने ट्विट किया है, ‘चार दिन की यात्रा पर जापान जा रहा हूं। उगते सूरज के देश की यात्रा को लेकर उत्साहित हूं।’ गुजरात के मुख्यमंत्री यात्रा के दौरान जापान के उप प्रधानमंत्री तथा उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों से मिलेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी के एजेंडा में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन, अहमदाबाद-धोलेरा मेट्रो तथा दो जापानी औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। वह मारुति सुजुकी कारपोरेशन के हमामात्सु स्थित मुख्यालय में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब मारुति-सुजुकी के हरियाणा के मानेसर कारखाने को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है। टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। मोदी ने ट्विट किया है, ‘चार दिन की यात्रा पर जापान जा रहा हूं। उगते सूरज के देश की यात्रा को लेकर उत्साहित हूं।’ गुजरात के मुख्यमंत्री यात्रा के दौरान जापान के उप प्रधानमंत्री तथा उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों से मिलेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी के एजेंडा में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन, अहमदाबाद-धोलेरा मेट्रो तथा दो जापानी औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। वह मारुति सुजुकी कारपोरेशन के हमामात्सु स्थित मुख्यालय में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब मारुति-सुजुकी के हरियाणा के मानेसर कारखाने को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है। टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री यात्रा के दौरान जापान के उप प्रधानमंत्री तथा उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों से मिलेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी के एजेंडा में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन, अहमदाबाद-धोलेरा मेट्रो तथा दो जापानी औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। वह मारुति सुजुकी कारपोरेशन के हमामात्सु स्थित मुख्यालय में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब मारुति-सुजुकी के हरियाणा के मानेसर कारखाने को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है। टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। वह मारुति सुजुकी कारपोरेशन के हमामात्सु स्थित मुख्यालय में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब मारुति-सुजुकी के हरियाणा के मानेसर कारखाने को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है। टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है जब मारुति-सुजुकी के हरियाणा के मानेसर कारखाने को हिंसा के बाद बंद कर दिया गया है। टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल मारुति को गुजरात में अपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार का न्योता नहीं देगा, लेकिन यदि कंपनी खुद यह फैसला करती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है। इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी संभवत: मारुति को गुजरात में अपनी प्रस्तावित 2,50,000 इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का न्योता दे सकते हैं। मारुति ने गुजरात के मेहसाणा जिले के बेचारजी में अपने संयंत्र में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव किया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर जापान के लिए रवाना हो गए हैं। जापान यात्रा के दौरान मोदी वहां उप प्रधानमंत्री तथा जापान के शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शनिवार को पाकिस्तान के विदेश दफ्तर ने कहा कि अबू धाबी में सीएफएम का 46वां सत्र समाप्त हो गया. इसमें एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का 'समर्थन' किया गया है और भारत पर कश्मीर में मिलिट्री फोर्स की तैनाती को लेकर निशाना साधा है. इस प्रस्ताव में आईओसी के सदस्य राष्ट्रों ने दोहराया है कि जम्मू कश्मीर पाकिस्तान और भारत के बीच विवाद का अहम मामला है और दक्षिण एशिया में अमन के ख्वाब को साकार करने के लिए इसका हल होना जरूरी है. इस प्रस्ताव में कश्मीर में कथित मानवाधिकार हनन के मुद्दे पर गहरी चिंता जताई.  विदेश दफ्तर ने कहा कि प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीर विवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के लागू करने के लिए उनके दायित्व को भी याद दिलाया. उसने कहा कि क्षेत्र में मौजूदा अस्थिर हालात के सदंर्भ में, आईओसी के सदस्यों देशों ने पाकिस्तान की ओर से लाए गए एक नए प्रस्ताव को स्वीकार किया जिसमें "भारत द्वारा पाकिस्तान हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई गई है. पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की है और भारत से धमकाने या ताकत के इस्तेमाल पर संयम बरतने का अनुरोध किया है."  विदेश दफ्तर ने कहा कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता और शांति पर आईओसी के प्रस्ताव में भारत के साथ बातचीत के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की नई पेशकश को और सद्भावना के तहत भारतीय पायलट को रिहा करने का भी स्वागत किया गया है. उसने कहा है कि प्रस्ताव में तनाव कम करने और लंबित मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के जरिए हल करने की अपील की. इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) ने शनिवार को दक्षिण एशिया में तनाव कम करने और लंबित मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के जरिए हल करने की अपील की.  बता दें कि आईओसी मुस्लिम बहुल 57 देशों का संगठन है. यह आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है और कश्मीर पर अक्सर इस्लामाबाद का पक्ष लेता है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को आईओसी के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) के 46वीं सत्र के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया था. वह आईओसी की सभा को संबोधित करने वाली पहली भारतीय मंत्री हैं. वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सुषमा की उपस्थिति की वजह से इस सम्मेलन हिस्सा नहीं लिया था.
यहाँ एक सारांश है:ओआईसी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर साधा निशाना सुषमा स्वराज के भाषण के एक दिन बाद ही साधा निशाना सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को लेकर पाक पर साधा था निशाना
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आगरा में अपनी कमबैक फिल्म 'भूमि' की शूटिंग कर रहे बॉलिवुड ऐक्टर संजय दत्त के लिए अपनी शूटिंग के दौरान नई मुसीबत खड़ी हो गई है. बेहद व्‍यस्‍त सड़क पर शूटिंग कर रहे संजय दत्‍त के बाउंसरों की मीडियाकर्मियों से झड़प हुई जिसके बाद उन्‍होंने मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया. बात यहां तक पहुंच गई कि संजय दत्‍त को खुद इस बर्ताव के लिए माफी मांगनी पड़ी. संजय दत्‍त के बाउंसरों द्वारा किए इस हमले में 5 मीडियाकर्मी भी घायल हो गए. पत्रकारों ने आगरा के ताजगंज थाने में इस संबंध में संजय दत्त और उनके बाउंसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि संजय दत्त ने इस पूरी घटना के बाद पत्रकारों से माफी मांगी है.टिप्पणियां बता दें कि संजय दत्त फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू के साथ पिछले काफी दिनों से आगरा में अपनी आने वाली फिल्म 'भूमि' की शूटिंग कर रहे हैं. इस फिल्‍म की शूटिंग आगरा के कई इलाकों में की जा रही है. इसी क्रम में वह ताजमहल से कुछ ही दूर स्थित वीवीआईपी रोड पर पर फिल्म का एक सीन फिल्मा रहे थे, जिसके चलते उस सड़क पर जाम लग गया. इस जाम के कारण देश-विदेश से ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोप है कि इस मामले को जब वहां कुछ पत्रकार कवर करने पहुंचे, तो संजय दत्त के इशारे पर उनके बाउंसरों ने मीडिया पर हमला कर दिया. इस मारपीट में पांच पत्रकार घायल हो गए. वहीं, पत्रकारों से हुई इस मारपीट का स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया और यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया. पत्रकारों का आरोप है संजय दत्त के बाउंसरों के साथ-साथ पुलिस ने भी मीडिया से अभद्रता की है. बता दें कि संजय दत्त फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू के साथ पिछले काफी दिनों से आगरा में अपनी आने वाली फिल्म 'भूमि' की शूटिंग कर रहे हैं. इस फिल्‍म की शूटिंग आगरा के कई इलाकों में की जा रही है. इसी क्रम में वह ताजमहल से कुछ ही दूर स्थित वीवीआईपी रोड पर पर फिल्म का एक सीन फिल्मा रहे थे, जिसके चलते उस सड़क पर जाम लग गया. इस जाम के कारण देश-विदेश से ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोप है कि इस मामले को जब वहां कुछ पत्रकार कवर करने पहुंचे, तो संजय दत्त के इशारे पर उनके बाउंसरों ने मीडिया पर हमला कर दिया. इस मारपीट में पांच पत्रकार घायल हो गए. वहीं, पत्रकारों से हुई इस मारपीट का स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया और यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया. पत्रकारों का आरोप है संजय दत्त के बाउंसरों के साथ-साथ पुलिस ने भी मीडिया से अभद्रता की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोप है कि इस मामले को जब वहां कुछ पत्रकार कवर करने पहुंचे, तो संजय दत्त के इशारे पर उनके बाउंसरों ने मीडिया पर हमला कर दिया. इस मारपीट में पांच पत्रकार घायल हो गए. वहीं, पत्रकारों से हुई इस मारपीट का स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया और यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया. पत्रकारों का आरोप है संजय दत्त के बाउंसरों के साथ-साथ पुलिस ने भी मीडिया से अभद्रता की है.
संक्षिप्त सारांश: संजय दत्‍त की शूटिंग के चलते जाम हुई आगरा की अहम सड़क इवेंट कवर करने पहुंचे पत्रकारों से भिड़े संजय दत्‍त के बाउंसर आगरा के ताजगंज थाने में पत्रकारों ने दर्ज कराई अपनी शिकायत
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: सब्जी, खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमतों में नरमी से खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में घटकर पांच महीने के न्यूनतम स्तर 5.05 प्रतिशत पर आ गई. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की यह दर मार्च, 2016 के बाद सबसे कम है. उस माह खुदरा मुद्रास्फीति 4.83 प्रतिशत थी. जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति करीब दो साल के उच्चतम स्तर 6.07 प्रतिशत पर थी. पिछले साल अगस्त 2016 में मुद्रास्फीति 3.74 प्रतिशत थी. सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में सब्जियों की महंगाई दर घटकर 1.02 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 14.06 प्रतिशत थी. आलोच्य अवधि में खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमतें सालाना आधार पर 5.83 प्रतिशत ऊंची थीं, जबकि जुलाई में इनका मूल्य स्तर 7.96 प्रतिशत ऊंचा था. खाद्य मुद्रास्फीति अगस्त में कम होकर 5.91 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 8.35 प्रतिशत थी. दाल के मामले में महंगाई दर 22.01 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 27.53 प्रतिशत थी. हालांकि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय खुदरा मुद्रास्फीति के आकलन के लिए जिन खाद्य जिंसों पर गौर करता है, उसमें से ज्यादातर में आलोच्य माह के दौरान मजबूत प्रवृत्ति देखने को मिली है. टिप्पणियां अनाज एवं उत्पाद महंगे हुए और इस खंड में मुद्रास्फीति 4.11 प्रतिशत रही. अंडा, दूध तथा संबंधित उत्पादों में महंगाई दर क्रमश: 9.58 प्रतिशत तथा 4.36 प्रतिशत रही. तेल एवं वसा के मामले में मुद्रास्फीति 4.94 प्रतिशत रही. फलों की महंगाई दर अगस्त में 4.46 प्रतिशत रही. अगस्त में शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.22 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.87 प्रतिशत रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में सब्जियों की महंगाई दर घटकर 1.02 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 14.06 प्रतिशत थी. आलोच्य अवधि में खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमतें सालाना आधार पर 5.83 प्रतिशत ऊंची थीं, जबकि जुलाई में इनका मूल्य स्तर 7.96 प्रतिशत ऊंचा था. खाद्य मुद्रास्फीति अगस्त में कम होकर 5.91 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 8.35 प्रतिशत थी. दाल के मामले में महंगाई दर 22.01 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 27.53 प्रतिशत थी. हालांकि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय खुदरा मुद्रास्फीति के आकलन के लिए जिन खाद्य जिंसों पर गौर करता है, उसमें से ज्यादातर में आलोच्य माह के दौरान मजबूत प्रवृत्ति देखने को मिली है. टिप्पणियां अनाज एवं उत्पाद महंगे हुए और इस खंड में मुद्रास्फीति 4.11 प्रतिशत रही. अंडा, दूध तथा संबंधित उत्पादों में महंगाई दर क्रमश: 9.58 प्रतिशत तथा 4.36 प्रतिशत रही. तेल एवं वसा के मामले में मुद्रास्फीति 4.94 प्रतिशत रही. फलों की महंगाई दर अगस्त में 4.46 प्रतिशत रही. अगस्त में शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.22 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.87 प्रतिशत रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) खाद्य मुद्रास्फीति अगस्त में कम होकर 5.91 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 8.35 प्रतिशत थी. दाल के मामले में महंगाई दर 22.01 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 27.53 प्रतिशत थी. हालांकि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय खुदरा मुद्रास्फीति के आकलन के लिए जिन खाद्य जिंसों पर गौर करता है, उसमें से ज्यादातर में आलोच्य माह के दौरान मजबूत प्रवृत्ति देखने को मिली है. टिप्पणियां अनाज एवं उत्पाद महंगे हुए और इस खंड में मुद्रास्फीति 4.11 प्रतिशत रही. अंडा, दूध तथा संबंधित उत्पादों में महंगाई दर क्रमश: 9.58 प्रतिशत तथा 4.36 प्रतिशत रही. तेल एवं वसा के मामले में मुद्रास्फीति 4.94 प्रतिशत रही. फलों की महंगाई दर अगस्त में 4.46 प्रतिशत रही. अगस्त में शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.22 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.87 प्रतिशत रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनाज एवं उत्पाद महंगे हुए और इस खंड में मुद्रास्फीति 4.11 प्रतिशत रही. अंडा, दूध तथा संबंधित उत्पादों में महंगाई दर क्रमश: 9.58 प्रतिशत तथा 4.36 प्रतिशत रही. तेल एवं वसा के मामले में मुद्रास्फीति 4.94 प्रतिशत रही. फलों की महंगाई दर अगस्त में 4.46 प्रतिशत रही. अगस्त में शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.22 प्रतिशत, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.87 प्रतिशत रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: महंगाई की यह दर मार्च, 2016 के बाद सबसे कम है अगस्त में सब्जियों की महंगाई दर घटकर 1.02% रही जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 6.07% पर थी
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) आज राज्यसभा में पेश किया गया. राज्यसभा में अमित शाह ने विपक्ष से पूछा कि क्या चाहते हैं? पूरी दुनिया से मुसलमान यहां आएं और उन्हें हम नागरिक बना दें, देश कैसे चलेगा. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि 'हम किसी भी देश से आने वाले मुस्लिमों को अपने देश की नागरिकता दे दें.' नागरिकता संशोधन बिल पर शिव सेना (Shiv Sena) के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने सदन में कहा कि जो बिल का समर्थन करेंगे वो देश भक्‍त होंगे और जो नहीं करेंगे वे देशद्रोही होंगे. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) ने विधेयक को लेकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की सलाह पर इस बिल को लाया गया है. नागरिकता संशोधन बिल के विरोध को देखते हुए त्रिपुरा के कई हिस्सों में सेना तैनात की गई है. असम में सेना स्टैंडबाई पर रखी गई है. विधेयक के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बुधवार को कई ट्रेनें रद्द कर दीं और राज्य से चलने वाली कई ट्रेनों की समय-सारिणी बदल दी. जेल से रिहा होने के बाद पी चिदंबरम पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. उन्होंने अपने ही वकीलों से बहस की. पूर्व केंद्रीय मंत्री व सीबीआई ईडी के मुकदमे में आरोपी पी चिदंबरम और उनके वकील आज सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने दिखे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संजय राउत ने कहा कि जो बिल के समर्थक देश भक्‍त और विरोधी देशद्रोही बिल के विरोध को देखते हुए त्रिपुरा के कई हिस्सों में सेना तैनात जेल से रिहा होने के बाद पी चिदंबरम पहली बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में शामिल बीजेपी सदस्यों ने गुरुवार को बैठक का बहिष्कार किया। प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को बतौर गवाह बुलाए जाने की मांग को पूरा नहीं किए जाने के कारण बीजेपी सदस्यों ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां जेपीसी में शामिल बीजेपी के छह सदस्यों- यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, गोपीनाथ मुंडे, हरिन पाठक, रवि शंकर प्रसाद और धर्मेंद्र प्रधान बैठक में शामिल नहीं हुए। पिछली बैठक में भी उन्होंने वॉकआउट किया था। सिन्हा ने बीजेपी सदस्यों की ओर से समिति के अध्यक्ष पीसी चाको को कड़े शब्दों में भेजे पत्र में अपनी पार्टी के विरोध का इजहार किया है। पार्टी का आरोप है कि चाको अलोकतांत्रिक ढंग से पेश आ रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि जुलाई की बैठक में बीजेपी ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम को समिति के समक्ष बुलाया जाए। इस बैठक में भी हमने यही मांग दोहराई, ताकि सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। इसीलिए समिति की ओर से प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के बयान दर्ज करने की बात कही गई। निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते समिति के समक्ष उनका उपस्थित होना जरूरी है। पत्र में यह भी कहा गया कि कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब केवल यही दोनों दे सकते हैं। जेपीसी में शामिल बीजेपी के छह सदस्यों- यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, गोपीनाथ मुंडे, हरिन पाठक, रवि शंकर प्रसाद और धर्मेंद्र प्रधान बैठक में शामिल नहीं हुए। पिछली बैठक में भी उन्होंने वॉकआउट किया था। सिन्हा ने बीजेपी सदस्यों की ओर से समिति के अध्यक्ष पीसी चाको को कड़े शब्दों में भेजे पत्र में अपनी पार्टी के विरोध का इजहार किया है। पार्टी का आरोप है कि चाको अलोकतांत्रिक ढंग से पेश आ रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि जुलाई की बैठक में बीजेपी ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम को समिति के समक्ष बुलाया जाए। इस बैठक में भी हमने यही मांग दोहराई, ताकि सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। इसीलिए समिति की ओर से प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के बयान दर्ज करने की बात कही गई। निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते समिति के समक्ष उनका उपस्थित होना जरूरी है। पत्र में यह भी कहा गया कि कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब केवल यही दोनों दे सकते हैं। पार्टी का आरोप है कि चाको अलोकतांत्रिक ढंग से पेश आ रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि जुलाई की बैठक में बीजेपी ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम को समिति के समक्ष बुलाया जाए। इस बैठक में भी हमने यही मांग दोहराई, ताकि सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। इसीलिए समिति की ओर से प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के बयान दर्ज करने की बात कही गई। निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते समिति के समक्ष उनका उपस्थित होना जरूरी है। पत्र में यह भी कहा गया कि कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब केवल यही दोनों दे सकते हैं।
2जी मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (में शामिल बीजेपी सदस्यों ने प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को बतौर गवाह बुलाए जाने की मांग पूरा नहीं किए जाने के कारण बैठक का बहिष्कार किया।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों की उपलब्धि को हासिल करना भले ही असंभव दिखता हो लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में यह रिकॉर्ड नहीं टूटा तो मानव जाति पिछड़ जाएगी। सुनील गावस्कर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे समय में हम सोचा करते थे कि क्या कोई सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ पाएगा।’ गावस्कर का 34 टेस्ट शतक का रिकॉर्ड तोड़ना असंभव लगता था लेकिन तेंदुलकर ने इसे तोड़ा था।टिप्पणियां भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा, ‘लेकिन ऐसा हुआ। ऐसा हो रहा है और पूरा भरोसा है कि ऐसा होगा। रिकॉर्ड टूटने के लिए ही हैं। सचिन ने इतना बड़ा कारनामा कर दिया है कि अगर कोई भी इसे नहीं तोड़ेगा तो मानव जाति पिछड़ जाएगी। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जबकि कोई सचिन का रिकॉर्ड तोड़ेगा।’ मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए कपिल ने कहा कि इसके लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं है तथा इसके लिए करियर की योजना बनाना भी अहम है। सुनील गावस्कर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे समय में हम सोचा करते थे कि क्या कोई सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ पाएगा।’ गावस्कर का 34 टेस्ट शतक का रिकॉर्ड तोड़ना असंभव लगता था लेकिन तेंदुलकर ने इसे तोड़ा था।टिप्पणियां भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा, ‘लेकिन ऐसा हुआ। ऐसा हो रहा है और पूरा भरोसा है कि ऐसा होगा। रिकॉर्ड टूटने के लिए ही हैं। सचिन ने इतना बड़ा कारनामा कर दिया है कि अगर कोई भी इसे नहीं तोड़ेगा तो मानव जाति पिछड़ जाएगी। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जबकि कोई सचिन का रिकॉर्ड तोड़ेगा।’ मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए कपिल ने कहा कि इसके लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं है तथा इसके लिए करियर की योजना बनाना भी अहम है। भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा, ‘लेकिन ऐसा हुआ। ऐसा हो रहा है और पूरा भरोसा है कि ऐसा होगा। रिकॉर्ड टूटने के लिए ही हैं। सचिन ने इतना बड़ा कारनामा कर दिया है कि अगर कोई भी इसे नहीं तोड़ेगा तो मानव जाति पिछड़ जाएगी। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जबकि कोई सचिन का रिकॉर्ड तोड़ेगा।’ मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए कपिल ने कहा कि इसके लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं है तथा इसके लिए करियर की योजना बनाना भी अहम है। मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए कपिल ने कहा कि इसके लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं है तथा इसके लिए करियर की योजना बनाना भी अहम है।
संक्षिप्त सारांश: मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों की उपलब्धि को हासिल करना भले ही असंभव दिखता हो लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में यह रिकॉर्ड नहीं टूटा तो मानव जाति पिछड़ जाएगी।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कई जानकारों का मानना है कि यह संभव हो सकता है, क्योंकि वहां विधानसभा चुनाव होना है और एक महाराष्ट्रियन अध्यक्ष पार्टी के लिए अच्छा होगा. वहीं अब इस बात पर भी विराम लग गया है कि राहुल गांधी फिलहाल दोबारा अध्यक्ष पद पर वापसी कर सकते हैं. कांग्रेस के पास अभी कोई अध्यक्ष नहीं है इस वजह से कई राज्यों में पार्टी अनुशासनहीनता की तरफ बढ़ती जा रही है और अब दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगता है कि अध्यक्ष पद को लेकर जो भ्रम के स्थिति पैदा हो गई है उसे जल्दी खत्म करना ही पार्टी हित में अच्छा होगा. इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद में जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं, लेकिन पार्टी एक महीने के भीतर नया अध्यक्ष चुन ले. बता दें कि राहुल गांधी ने 25 मई को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में लोकसभा चुनाव में राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी के सफाए को लेकर विशेष रूप से नाराजगी जताई थी. सूत्रों और मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ बड़े क्षेत्रीय नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन नेताओं ने बेटों-रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए जिद की और उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे और दूसरे स्थानों पर ध्यान नहीं दिया. इसी बैठक में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि, सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया और पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस को अगले दो महीनों में मिलेगा नया अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा कांग्रेस का नया अध्यक्ष कांग्रेस सूत्रों ने दी जानकारी
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) के 'गबरू नू' (Gabru Nu) गाने को यूट्यूब (YouTube) पर एक दिन पहले ही पब्लिश किया गया था, लेकिन इस गाने को अब तक 47 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इस पंजाबी सॉन्ग (Punjabi Song) में दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं और लोग उन्हें खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने का बोल इक्का (Ikka) ने लिखे हैं, जबकि इसका म्यूजिक ऋषि रिच ने दिया है. इस गाने को न्यू एज सिनेमा ने प्रोड्यूस किया है.  दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) के 'बैक टू बेसिक' एलबम को बहुत लोकप्रियता हासिल हुई थी. इससे पहले उनका 'जिंद माही' गीत ने जमकर धमाल मचाया था. दिलजीत दोसांझ के इस वीडियो सॉन्ग की शूटिंग लंदन में हुई थी. दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने बॉलीवुड में 'उड़ता पंजाब' और  'सूरमा' जैसी हिट फिल्में की हैं. उन्होंने पंजाबी फिल्म जट्ट और जूलिएट (भाग 1 और 2), पंजाब 1984, सरदार जी (भाग 1 और 2), सुपर सिंह, अंबरसरिया जैसी सुपरहिट फिल्मों में भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है.
यहाँ एक सारांश है:दिलजीत दोसांझ के वीडियो ने मचाया धमाल पंजाबी सॉन्ग 'गूबरू नू' यूट्यूब पर कर रहा है ट्रेंड 48 लाख बार देखा गया वीडियो
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी यह कहते हुए एक नया विवाद छेड़ दिया है कि गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु है. भट्ट ने यह भी कहा कि गाय की मालिश करके सांस संबंधी समस्या का उपचार किया जा सकता है. वायरल हुए एक वीडियो में मुख्यमंत्री रावत एक समारोह में गाय के रोगनाशक गुणों के बारे में बताते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में रावत कह रहे हैं, ‘‘गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन लेता और छोड़ता है, इसलिये हमने गाय को माता का दर्जा दिया है क्योंकि वह हमें प्राणवायु देती है.' वह कहते दिख रहे हैं कि गाय की मालिश करने से सांस की तकलीफ दूर हो जाती है और गाय के संपर्क में लगातार रहने से टीबी जैसी बीमारी ठीक हो जाती है. वीडियो में मुख्यमंत्री गाय के गोबर और गौमूत्र के औषधीय गुणों के बारे में भी बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि पशुपालन मंत्री रहते हुए उन्होंने इसके बारे में वैज्ञानिक अध्ययन भी कराया था. रावत वीडियो में कहते दिख रहे हैं, ‘‘गाय के गोबर और गौमूत्र में कितनी ताकत है और हमारे शरीर, त्वचा, हृदय और किडनी के लिये यह कितना फायदेमंद है, वैज्ञानिक आज इसे प्रमाणित कर रहे हैं.'' इससे पहले, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नैनीताल से नवनिर्वाचित सांसद अजय भट्ट ने दावा किया था कि बागेश्वर में बहने वाली गरूड़गंगा के पानी को पत्थर से घिस कर अगर गर्भवती महिला को पिला दिया जाये तो प्रसव के लिए ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री का बचाव किया कि उन्होंने वही कहा है जो उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आम मान्यता है. उन्होंने नाम उजागर न किये जाने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘गाय के दूध और गौमूत्र के औषधीय गुणों के बारे में सब जानते हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग यह भी विश्वास करते हैं कि वह हमें आक्सीजन देती है.'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का बयान गाय ऑक्सीजन छोड़ने वाला एकमात्र पशु CM रावत ने एक समारोह में गाय के रोगनाशक गुणों के बारे में बताया
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच गुड़गांव में जमीन को लेकर हुए करार को रद्द करने वाले हरियाण के वरिष्ठ अधिकारी अशोक खेमका को अज्ञात लोगों की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। यह दावा खेमका के करीबी मित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने किया है। गुप्ता ने मंगलवार को कहा, "उन्होंने (खेमका) मुझे बताया कि उन्हें कुछ फोन आए हैं, जिनमें फोन करने वाले की ओर से कहा गया है कि अपनी गतिविधियों पर रोक लगा दो नहीं तो खत्म कर दिए जाओगे।" गुप्ता ने कहा, "धमकी देने वालों ने यह भी कहा है कि उन्होंने उन्हें (खेमका) मारने के लिए सुपारी दे रखी है।" हरियाणा सरकार ने 11 अक्टूबर को लैंड कंसोलिडेशन एंड लैंड रिकॉर्ड्स-कम-इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन के महानिदेशक अशोक खेमका के स्थानांतरण का आदेश दिया था। वह 15 अक्टूबर तक कार्यालय में थे और उन्होंने उसी दिन वाड्रा व डीएलएफ के बीच सौदा रद्द करने का आदेश दिया। खेमका ने 8 अक्टूबर को वाड्रा की कम्पनियों द्वारा दिल्ली से सटे हरियाणा के चार जिलों में किए गए भूमि सौदों की जांच करने के आदेश दिए थे। तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने उनका तबादला हरियाणा सीड्स डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध अधिकारी के रूप में कर दिया था, जो कनिष्ठ एवं दरकिनार की गई तैनाती समझी जाती है।टिप्पणियां खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। गुप्ता ने मंगलवार को कहा, "उन्होंने (खेमका) मुझे बताया कि उन्हें कुछ फोन आए हैं, जिनमें फोन करने वाले की ओर से कहा गया है कि अपनी गतिविधियों पर रोक लगा दो नहीं तो खत्म कर दिए जाओगे।" गुप्ता ने कहा, "धमकी देने वालों ने यह भी कहा है कि उन्होंने उन्हें (खेमका) मारने के लिए सुपारी दे रखी है।" हरियाणा सरकार ने 11 अक्टूबर को लैंड कंसोलिडेशन एंड लैंड रिकॉर्ड्स-कम-इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन के महानिदेशक अशोक खेमका के स्थानांतरण का आदेश दिया था। वह 15 अक्टूबर तक कार्यालय में थे और उन्होंने उसी दिन वाड्रा व डीएलएफ के बीच सौदा रद्द करने का आदेश दिया। खेमका ने 8 अक्टूबर को वाड्रा की कम्पनियों द्वारा दिल्ली से सटे हरियाणा के चार जिलों में किए गए भूमि सौदों की जांच करने के आदेश दिए थे। तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने उनका तबादला हरियाणा सीड्स डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध अधिकारी के रूप में कर दिया था, जो कनिष्ठ एवं दरकिनार की गई तैनाती समझी जाती है।टिप्पणियां खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। गुप्ता ने कहा, "धमकी देने वालों ने यह भी कहा है कि उन्होंने उन्हें (खेमका) मारने के लिए सुपारी दे रखी है।" हरियाणा सरकार ने 11 अक्टूबर को लैंड कंसोलिडेशन एंड लैंड रिकॉर्ड्स-कम-इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन के महानिदेशक अशोक खेमका के स्थानांतरण का आदेश दिया था। वह 15 अक्टूबर तक कार्यालय में थे और उन्होंने उसी दिन वाड्रा व डीएलएफ के बीच सौदा रद्द करने का आदेश दिया। खेमका ने 8 अक्टूबर को वाड्रा की कम्पनियों द्वारा दिल्ली से सटे हरियाणा के चार जिलों में किए गए भूमि सौदों की जांच करने के आदेश दिए थे। तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने उनका तबादला हरियाणा सीड्स डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध अधिकारी के रूप में कर दिया था, जो कनिष्ठ एवं दरकिनार की गई तैनाती समझी जाती है।टिप्पणियां खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। हरियाणा सरकार ने 11 अक्टूबर को लैंड कंसोलिडेशन एंड लैंड रिकॉर्ड्स-कम-इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन के महानिदेशक अशोक खेमका के स्थानांतरण का आदेश दिया था। वह 15 अक्टूबर तक कार्यालय में थे और उन्होंने उसी दिन वाड्रा व डीएलएफ के बीच सौदा रद्द करने का आदेश दिया। खेमका ने 8 अक्टूबर को वाड्रा की कम्पनियों द्वारा दिल्ली से सटे हरियाणा के चार जिलों में किए गए भूमि सौदों की जांच करने के आदेश दिए थे। तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने उनका तबादला हरियाणा सीड्स डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध अधिकारी के रूप में कर दिया था, जो कनिष्ठ एवं दरकिनार की गई तैनाती समझी जाती है।टिप्पणियां खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। खेमका ने 8 अक्टूबर को वाड्रा की कम्पनियों द्वारा दिल्ली से सटे हरियाणा के चार जिलों में किए गए भूमि सौदों की जांच करने के आदेश दिए थे। तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने उनका तबादला हरियाणा सीड्स डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध अधिकारी के रूप में कर दिया था, जो कनिष्ठ एवं दरकिनार की गई तैनाती समझी जाती है।टिप्पणियां खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। खेमका ने 12 अक्टूबर को दिल्ली से सटे गुड़गांव, मेवात, फरीदाबाद और पलवल के उपायुक्तों को वाड्रा तथा उनकी कम्पनियों के वर्ष 2005 से अब तक के सौदों की जांच कर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है। आदेश में खेमका ने कहा है कि सौदे इसलिए रद्द किए जा रहे हैं, क्योंकि जिस अधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया गया है, उसके पास कंसोलिडेशन अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच गुड़गांव में जमीन को लेकर हुए करार को रद्द करने वाले हरियाण के वरिष्ठ अधिकारी अशोक खेमका को अज्ञात लोगों की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना के लिए यौनकर्मी के तौर पर इस्तेमाल की गई महिलाओं को ‘कंफर्ट वूमेन’ कहना पूरी तरह गलत है।टिप्पणियां दक्षिण कोरिया के समाचार पत्र ‘चोसुन इलबो’ के मुताबिक हिलेरी ने कहा कि इस शब्दावली का उपयोग नहीं होना चाहिए क्योंकि उस वक्त महिलाओं को जबरन इस ओर धकेला गया था। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक हिलेरी को यहां जापान के कब्जे से जुड़े तथ्यों के बारे में बताया गया और उसी वक्त ‘कंफर्ट वूमेन’ गलत करार दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने उन महिलाओं के लिए इस शब्दावली का इस्तेमाल किया था। दक्षिण कोरिया के समाचार पत्र ‘चोसुन इलबो’ के मुताबिक हिलेरी ने कहा कि इस शब्दावली का उपयोग नहीं होना चाहिए क्योंकि उस वक्त महिलाओं को जबरन इस ओर धकेला गया था। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक हिलेरी को यहां जापान के कब्जे से जुड़े तथ्यों के बारे में बताया गया और उसी वक्त ‘कंफर्ट वूमेन’ गलत करार दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने उन महिलाओं के लिए इस शब्दावली का इस्तेमाल किया था। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक हिलेरी को यहां जापान के कब्जे से जुड़े तथ्यों के बारे में बताया गया और उसी वक्त ‘कंफर्ट वूमेन’ गलत करार दिया। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने उन महिलाओं के लिए इस शब्दावली का इस्तेमाल किया था।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना के लिए यौनकर्मी के तौर पर इस्तेमाल की गई महिलाओं को ‘कंफर्ट वूमेन’ कहना पूरी तरह गलत है।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में सरकार और विपक्ष के बीच संवैधानिक सुधारों के अध्ययन के लिए एक समिति गठित करने पर सहमति भले ही बन गई हो, लेकिन राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को लेकर गतिरोध कायम है। प्रदर्शनकारी मुबारक के पद छोड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी आगे मुबारक की भूमिका न होने का संकेत दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्पष्ट संकेत दिया कि संकट का सामना कर रहे मुबारक के लिए अब कोई भूमिका नहीं है और मिस्र में विरोध पूर्व के युग में जाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि अमेरिका मिस्र में भविष्य की सरकार के साथ काम करने को तैयार है। मिस्र की सरकारी मीडिया का कहना है कि मुबारक ने विपक्षी दलों के सांसदों को अयोग्य ठहराए जाने समीक्षा करने का आदेश दिया है। समीक्षा संसद और उच्चतम न्यायालय की ओर से की जाएगी। मुबारक सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 15 फीसदी का इजाफ कर दिया है। इसे प्रदर्शनकारियों को शांत करने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्पष्ट संकेत दिया कि संकट का सामना कर रहे मुबारक के लिए अब कोई भूमिका नहीं है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सैंडी तूफान 45 लोगों की जान लेकर और अरबों का नुकसान करने के बाद अमेरिका के पूर्वी तटों से निकल गया है और अपने पीछे हर तरफ बरबादी का मंजर छोड़ गया है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बुधवार को तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के कई इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरे के लिए ओबामा ने अपने चुनावी अभियान को भी रोक दिया है। न्यूजर्सी में हालात काफी खराब हैं और वहां इमरजेंसी अभी भी लागू है। ओबामा ने तूफान से हुई तबाही के बारे में कहा है कि तूफान का असर अभी खत्म नहीं हुआ है और सभी को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने लोगों की मदद में जुटे सभी कर्मचारियों से कहा है कि काम न करने का कोई भी बहाना नहीं चलेगा और सभी को हालात सामान्य होने तक जुटे रहना है। गौरतलब है कि न्यूजर्सी में तूफान की रफ्तार 80 मील प्रति घंटे थी। इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। तटीय क्षेत्रों में अप्रत्याशित तौर पर 13 फुट तक की ऊंची लहरें उठी। इस तूफान के कारण छह नवंबर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार अभियान भी प्रभावित हुआ है। प्रचार अभियान को बीच में ही रोककर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी प्रांतों में इस तूफान को ‘बड़ी त्रासदी’ करार दिया है। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने भी तूफान की वजह से अपना प्रचार अभियान बीच में ही रोक दिया है।टिप्पणियां तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बुधवार को तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के कई इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरे के लिए ओबामा ने अपने चुनावी अभियान को भी रोक दिया है। न्यूजर्सी में हालात काफी खराब हैं और वहां इमरजेंसी अभी भी लागू है। ओबामा ने तूफान से हुई तबाही के बारे में कहा है कि तूफान का असर अभी खत्म नहीं हुआ है और सभी को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने लोगों की मदद में जुटे सभी कर्मचारियों से कहा है कि काम न करने का कोई भी बहाना नहीं चलेगा और सभी को हालात सामान्य होने तक जुटे रहना है। गौरतलब है कि न्यूजर्सी में तूफान की रफ्तार 80 मील प्रति घंटे थी। इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। तटीय क्षेत्रों में अप्रत्याशित तौर पर 13 फुट तक की ऊंची लहरें उठी। इस तूफान के कारण छह नवंबर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार अभियान भी प्रभावित हुआ है। प्रचार अभियान को बीच में ही रोककर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी प्रांतों में इस तूफान को ‘बड़ी त्रासदी’ करार दिया है। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने भी तूफान की वजह से अपना प्रचार अभियान बीच में ही रोक दिया है।टिप्पणियां तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। ओबामा ने तूफान से हुई तबाही के बारे में कहा है कि तूफान का असर अभी खत्म नहीं हुआ है और सभी को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने लोगों की मदद में जुटे सभी कर्मचारियों से कहा है कि काम न करने का कोई भी बहाना नहीं चलेगा और सभी को हालात सामान्य होने तक जुटे रहना है। गौरतलब है कि न्यूजर्सी में तूफान की रफ्तार 80 मील प्रति घंटे थी। इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। तटीय क्षेत्रों में अप्रत्याशित तौर पर 13 फुट तक की ऊंची लहरें उठी। इस तूफान के कारण छह नवंबर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार अभियान भी प्रभावित हुआ है। प्रचार अभियान को बीच में ही रोककर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी प्रांतों में इस तूफान को ‘बड़ी त्रासदी’ करार दिया है। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने भी तूफान की वजह से अपना प्रचार अभियान बीच में ही रोक दिया है।टिप्पणियां तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। गौरतलब है कि न्यूजर्सी में तूफान की रफ्तार 80 मील प्रति घंटे थी। इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। तटीय क्षेत्रों में अप्रत्याशित तौर पर 13 फुट तक की ऊंची लहरें उठी। इस तूफान के कारण छह नवंबर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का प्रचार अभियान भी प्रभावित हुआ है। प्रचार अभियान को बीच में ही रोककर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी प्रांतों में इस तूफान को ‘बड़ी त्रासदी’ करार दिया है। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने भी तूफान की वजह से अपना प्रचार अभियान बीच में ही रोक दिया है।टिप्पणियां तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। प्रचार अभियान को बीच में ही रोककर व्हाइट हाउस लौटे ओबामा ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी प्रांतों में इस तूफान को ‘बड़ी त्रासदी’ करार दिया है। उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी ने भी तूफान की वजह से अपना प्रचार अभियान बीच में ही रोक दिया है।टिप्पणियां तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। तूफान के कारण अमेरिका में लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजार बंद रहा। 1988 के बाद पहली बार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज लगातार दो दिन बंद रहा। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। तूफान से अब तक 10 से 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
यह एक सारांश है: सैंडी तूफान 45 लोगों की जान लेकर और अरबों का नुकसान करने के बाद अमेरिका के पूर्वी तटों से निकल गया है और अपने पीछे हर तरफ बरबादी का मंजर छोड़ गया है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रविवार को एक सूफी दरगाह के निकट हुए आत्मघाती हमलों में मारे गए लोगों की संख्या सोमवार को 49 तक पहुंच गई। विस्फोट में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उधर, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने आत्मघाती हमलों की कड़ी निंदा करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। समाचार पत्र 'डॉन न्यूज' के मुताबिक साखी सरवर सूफी दरगाह के निकट हुए आत्मघाती विस्फोटों में मृतकों की संख्या 49 तक पहुंच गई है। राहत एवं बचाव कार्य में लगे एक अधिकारी मोहम्मद एहसान ने कहा कि आत्मघाती विस्फोट दरगाह की मुख्य द्वार के निकट हुआ। डेरा गाजी खान जिले में एक सूफी दरगाह में तीन दिवसीय त्योहार मनाने के लिए विभिन्न जगहों के सैकड़ों लोग एकत्र हुए थे। पहला आत्मघाती विस्फोट 5.40 बजे शाम को दरगाह के ठीक सामने किया गया था। दूसरा विस्फोट दरगाह के निकट ही हुआ। सूत्रों ने बताया कि तीसरा विस्फोट दरगाह के निकट उस जगह हुआ जहां लोग पहले और दूसरे विस्फोट में घायल हुए लोगों की मदद कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक ने आत्मघाती जैकेट पहन रखा था। दोनों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार किया गया। जिले के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों में कई लोगों की हालत गम्भीर बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक सूफी दरगाह पर्वत पर होने की वजह से गम्भीर रूप से घायल कई लोगों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका जिससे उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक पहले विस्फोट को अंजाम देने वाले आत्मघाती हमलावर की उम्र 17 से 22 साल के बीच थी।  मीडिया रपटों में कहा गया है कि इन हमलों की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है।
सारांश: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रविवार को एक सूफी दरगाह के निकट हुए आत्मघाती हमलों में मारे गए लोगों की संख्या सोमवार को 49 तक पहुंच गई।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के दाएं हाथ के बल्‍लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने मेलबर्न टेस्‍ट ( Melbourne Test) में टीम इंडिया की प्‍लेइंग इलेवन में मिले स्‍थान का भरपूर फायदा उठाया. उन्‍होंने बॉक्सिंग डे टेस्‍ट (Boxing Day Test)के पहले दिन ऑस्‍ट्रेलिया (India vs Australia)के खिलाफ 76 रन की बेहतरीन पारी खेली. इस सीरीज के पहले दो टेस्‍ट के दौरान जहां मुरली विजय और केएल राहुल जैसे स्‍थापित ओपनर बल्‍लेबाज ऑस्‍ट्रेलियाई मैदानों पर संघर्ष करते हुए नजर आए थे, वहीं मयंक ने विपक्षी गेंदबाजों को बेहद आसानी से खेला. 27 साल के इस क्रिकेटर ने अपनी पारी के दौरान आठ चौके और एक छक्‍का लगाया. वे तेज गेंदबाज पैट कमिंस की गेंद पर विकेटकीपर टिम पेन के हाथों कैच आउट हुए. मयंक अपने डेब्‍यू टेस्‍ट की पहली पारी में शतक तो नहीं बना सके लेकिन इस दौरान उन्‍होंने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया. 76 रन की पारी खेलकर मयंक ऑस्‍ट्रेलियाई मैदान पर डेब्‍यू टेस्‍ट में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्‍लेबाज बन गए हैं. पिछला रिकॉर्ड दत्तू फड़कर के नाम पर था जिन्‍होंने वर्ष 1947 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए टेस्‍ट मैच में 51 रन बनाए थे. IND vs AUS 3rd Test: मयंक अग्रवाल की 'इस पारी' के बाद से सब कुछ बदल गया प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. उन्‍होंने अब तक प्रथम श्रेणी के 46 मैच खेलकर 3599  रन बनाए थे. इस दौरान नाबाद 304 रन मयंक का सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा है. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ शतक बेंगलुरू के इस बल्‍लेबाज के नाम पर दर्ज हैं. मयंक लिस्‍ट ए के 75 मैच खेल चुके हैं, इन मैचों में भी उनका औसत बेहद प्रभावी है. लिस्‍ट ए के मैचों में उन्‍होंने 48.71 के औसत से 3606 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक हैं. वे 111 टी20 मैच भी खेल चुके हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)में मयंक दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू जैसी टीमों का प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं. मयंक अग्रवाल का छवि आक्रामक अंदाज में बैटिंग करने वाले खिलाड़ी के रूप में है. उनके कोच इरफान सैत ने उन्‍हें टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग की तरह का बल्‍लेबाज बताया है.मयंक के कोच इरफान सैत ने मेलबर्न टेस्‍ट में डेब्‍यू करने वाले मयंक से शानदार पारी की उम्‍मीद जताई थी और इस बल्‍लेबाज ने अपने 'गुरु' को निराश नहीं किया. सैत के अनुसार, मयंक में वीरेन्द्र सहवाग के सभी अच्छे लक्षण हैं, बस वह सहवाग की तरह अपना विकेट नहीं गवांते. इरफान सैत ने कहा, ‘मयंक कभी भी लापरवाही भरा रवैया नहीं अपनाते. वह काफी गंभीर खिलाड़ी हैं.' कोच ने कहा कि मयंक में सलामी बल्लेबाज के सभी गुण हैं जिसमें वह गेंद को बल्ले पर आने देते है और कट तथा पुल शॉट कुशलता से खेलते हैं.मयंक ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में एक तिहरा शतक लगाने के साथ तीन शतकीय पारियां खेली थी. इस दौरान उन्होंने 76.46 के औसत से 1003 रन बनाए थे.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्‍ट्रेलिया में डेब्‍यू टेस्‍ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय पिछला रिकॉर्ड दत्‍तू फडकर के नाम पर था फडकर ने 1947 में सिडनी टेस्‍ट में 51 रन बनाए थे
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इन दिनों फेसबुक लाइव का ट्रेंड बहुत निकल पड़ा है. आप भी अपने फेसबुक फीड पर देखते होंगे किस तरह आपका हर दूसरा या तीसरा दोस्त फेसबुक लाइव कर रहा होता है. लेकिन असम के एक विधायक के लिए यह फेसबुक लाइव महंगा पड़ गया. सोमवार को असम की सर्व भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा (AIUDF) के विधायक अमीन उल इस्लाम, विधानसभा के अंदर कार्यवाही के दौरान फेसबुक लाइव कर रहे थे. ऐसा करने की वजह से सदन के अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया.टिप्पणियां गोस्वामी ने AIUDF के सदस्यों की मौजूदगी में कहा कि अमीन उल इस्लाम को आठ फरवरी तक निलंबित कर दिया गया है. इस्लाम से तत्काल सदन छोड़कर बाहर जाने का आग्रह भी किया गया. गोस्वामी ने अफसोस जताते हुए कहा कि आचार समिति ने सदस्य के निलंबन की सिफारिश वर्तमान सत्र के कुछ निश्चित अवधि के लिए की थी जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. इस्लाम आदेश के बाद सदन छोड़कर चले गए. उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग लंच के बाद की कार्यवाही के दौरान किया था. विधायक ने सदन से बाहर निकलकर मीडिया के सामने माना की उनसे गलती हुई है और वह इस फैसले को स्वीकार करते हैं. इस्लाम ने कहा ‘लेकिन इसके साथ ही मैं विधानसभा की पूरी प्रक्रिया की कार्यवाही को लाइव प्रसारित करने की मांग करता हूं. जनता सदन के अंदर अपने प्रतिनिधियों के सभी काम काज को देखने की मांग कर रही है.’ उधर गोस्वामी ने बताया कि विधायक ने लिखित में भी माफी मांग ली है. गोस्वामी ने AIUDF के सदस्यों की मौजूदगी में कहा कि अमीन उल इस्लाम को आठ फरवरी तक निलंबित कर दिया गया है. इस्लाम से तत्काल सदन छोड़कर बाहर जाने का आग्रह भी किया गया. गोस्वामी ने अफसोस जताते हुए कहा कि आचार समिति ने सदस्य के निलंबन की सिफारिश वर्तमान सत्र के कुछ निश्चित अवधि के लिए की थी जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. इस्लाम आदेश के बाद सदन छोड़कर चले गए. उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग लंच के बाद की कार्यवाही के दौरान किया था. विधायक ने सदन से बाहर निकलकर मीडिया के सामने माना की उनसे गलती हुई है और वह इस फैसले को स्वीकार करते हैं. इस्लाम ने कहा ‘लेकिन इसके साथ ही मैं विधानसभा की पूरी प्रक्रिया की कार्यवाही को लाइव प्रसारित करने की मांग करता हूं. जनता सदन के अंदर अपने प्रतिनिधियों के सभी काम काज को देखने की मांग कर रही है.’ उधर गोस्वामी ने बताया कि विधायक ने लिखित में भी माफी मांग ली है. विधायक ने सदन से बाहर निकलकर मीडिया के सामने माना की उनसे गलती हुई है और वह इस फैसले को स्वीकार करते हैं. इस्लाम ने कहा ‘लेकिन इसके साथ ही मैं विधानसभा की पूरी प्रक्रिया की कार्यवाही को लाइव प्रसारित करने की मांग करता हूं. जनता सदन के अंदर अपने प्रतिनिधियों के सभी काम काज को देखने की मांग कर रही है.’ उधर गोस्वामी ने बताया कि विधायक ने लिखित में भी माफी मांग ली है.
AIUDF विधायक, विधानसभा की कार्यवाही के दौरान फेसबुक लाइव कर रहे थे विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया विधायक ने अपनी गलती मान ली है
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक दशक बाद आखिरकार भारतीय वायुसेना को फ्रांस के आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल मिलना आधिकारिक तौर पर तय हो गया है. एनडीटीवी के सूत्रों के मुताबिक, आगामी 23 सितंबर को भारत फ्रांस के साथ राफेल डील पूरी कर लेगा. सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा 7.87 बिलियन यूरो यानी करीब 59 हजार करोड़ रुपये में होगा. इस सौदे के अंतर्गत 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत को मिलेंगे. फ्रांस के रक्षा मंत्री ज्यां वेस ली ड्रियान डील पर हस्ताक्षर करने के लिए भारत आएंगे. 7.87 अरब यूरो में से, फ्रांस 50 फीसदी ऑफसेट प्रावधान पर भी सहमत हो गया है. इसका मतलब यह है कि इस क्लॉज़ के तहत फ्रांस सौदे का 50 प्रतिशत भारत में फिर से निवेश करेगा या इतनी ही राशि सैन्य उपकरणों में निवेश करेगा.   भारत-फ्रांस के बीच हुए  अंतर-सरकारी समझौता के मुताबिक कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी शामिल थी. वहीं, सरकार ने दावा किया है कि वह सौदेबाजी में राफेल के दामों को करीब 4500 करोड़ रुपये कम करवाने में सफल रही है. बता दें कि इसी साल जनवरी में गणतंत्र दिवस पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद जब मुख्य अतिथि थे तब सभी की निगाहें  इस सौदे पर टिकी हुई थी लेकिन पैसों को लेकर बात नहीं बन पाई थी. इसका कारण यह था कि भारत कीमतें कम करवाना चाहता था. बताया जाता है कि 26 जनवरी को रात दो बजे तक कीमतों के लेकर चर्चा हुई थी. बाद में भारत और फ्रांस ने कीमत का उल्लेख किए बिना ही एग्रीमेंट किया था. टिप्पणियां भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारत को कम से कम 126 स्कावड्रन की दरकार थी. भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.   सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा 7.87 बिलियन यूरो यानी करीब 59 हजार करोड़ रुपये में होगा. इस सौदे के अंतर्गत 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत को मिलेंगे. फ्रांस के रक्षा मंत्री ज्यां वेस ली ड्रियान डील पर हस्ताक्षर करने के लिए भारत आएंगे. 7.87 अरब यूरो में से, फ्रांस 50 फीसदी ऑफसेट प्रावधान पर भी सहमत हो गया है. इसका मतलब यह है कि इस क्लॉज़ के तहत फ्रांस सौदे का 50 प्रतिशत भारत में फिर से निवेश करेगा या इतनी ही राशि सैन्य उपकरणों में निवेश करेगा.   भारत-फ्रांस के बीच हुए  अंतर-सरकारी समझौता के मुताबिक कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी शामिल थी. वहीं, सरकार ने दावा किया है कि वह सौदेबाजी में राफेल के दामों को करीब 4500 करोड़ रुपये कम करवाने में सफल रही है. बता दें कि इसी साल जनवरी में गणतंत्र दिवस पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद जब मुख्य अतिथि थे तब सभी की निगाहें  इस सौदे पर टिकी हुई थी लेकिन पैसों को लेकर बात नहीं बन पाई थी. इसका कारण यह था कि भारत कीमतें कम करवाना चाहता था. बताया जाता है कि 26 जनवरी को रात दो बजे तक कीमतों के लेकर चर्चा हुई थी. बाद में भारत और फ्रांस ने कीमत का उल्लेख किए बिना ही एग्रीमेंट किया था. टिप्पणियां भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारत को कम से कम 126 स्कावड्रन की दरकार थी. भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.   7.87 अरब यूरो में से, फ्रांस 50 फीसदी ऑफसेट प्रावधान पर भी सहमत हो गया है. इसका मतलब यह है कि इस क्लॉज़ के तहत फ्रांस सौदे का 50 प्रतिशत भारत में फिर से निवेश करेगा या इतनी ही राशि सैन्य उपकरणों में निवेश करेगा.   भारत-फ्रांस के बीच हुए  अंतर-सरकारी समझौता के मुताबिक कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी शामिल थी. वहीं, सरकार ने दावा किया है कि वह सौदेबाजी में राफेल के दामों को करीब 4500 करोड़ रुपये कम करवाने में सफल रही है. बता दें कि इसी साल जनवरी में गणतंत्र दिवस पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद जब मुख्य अतिथि थे तब सभी की निगाहें  इस सौदे पर टिकी हुई थी लेकिन पैसों को लेकर बात नहीं बन पाई थी. इसका कारण यह था कि भारत कीमतें कम करवाना चाहता था. बताया जाता है कि 26 जनवरी को रात दो बजे तक कीमतों के लेकर चर्चा हुई थी. बाद में भारत और फ्रांस ने कीमत का उल्लेख किए बिना ही एग्रीमेंट किया था. टिप्पणियां भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारत को कम से कम 126 स्कावड्रन की दरकार थी. भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.   बता दें कि इसी साल जनवरी में गणतंत्र दिवस पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद जब मुख्य अतिथि थे तब सभी की निगाहें  इस सौदे पर टिकी हुई थी लेकिन पैसों को लेकर बात नहीं बन पाई थी. इसका कारण यह था कि भारत कीमतें कम करवाना चाहता था. बताया जाता है कि 26 जनवरी को रात दो बजे तक कीमतों के लेकर चर्चा हुई थी. बाद में भारत और फ्रांस ने कीमत का उल्लेख किए बिना ही एग्रीमेंट किया था. टिप्पणियां भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारत को कम से कम 126 स्कावड्रन की दरकार थी. भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.   भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए यह सौदा खुशी के साथ थोड़ा गम देने वाला है. एक ओर जहां उसे आधुनिक श्रेणी के विमान मिलेंगे वही, दूसरी ओर उसकी जरूरत पूरी नहीं हो पाई है क्योंकि भारत को कम से कम 126 स्कावड्रन की दरकार थी. भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.   भारत को फिलहाल कम से कम 42 स्कावड्रन की जरूरत है और वर्तमान में उसके पास 32 स्कावड्रन हैं. यह संख्या और कम हो जाएगी क्योंकि मिग-21 फाइटर विमान के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं, नए विमान 2019 से बेड़े में शामिल होंगे.
यह एक सारांश है: 36 राफेल लड़ाकू विमानों का हुआ है सौदा फ्रांस के रक्षा मंत्री ज्यां वेस ली ड्रियान भारत आकर करेंगे हस्ताक्षर वर्ष 2007 से हो रही थी राफेल खरीदने की तैयारी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पांच बार के वर्ल्‍ड चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने मुश्किल हालात से उबरते हुए यहां लंदन शतरंज क्लासिक के छठे राउंड में नीदरलैंड के ग्रैंडमास्टर अनीष गिरी के साथ ड्रॉ खेला. अमेरिका के वेस्ली सो ने बुल्गारिया के वेस्लीन टोपलोव को हराकर शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत की. टोपालोव की टूर्नामेंट में यह पांचवीं हार है. वेस्ली सो के संभावित छह में से 4.5 अंक हो गए हैं और उन्होंने हमवतन फाबियानो कारूआना पर आधे अंक की बढ़त बना रखी है.कारूआना ने अमेरिका के ही हिकारू नाकामूरा हो हराया। दिन के एक और निर्णायक मुकाबले में मैक्सिम वाचियेर लाग्रेव ने आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन को हराया जबकि रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और इंग्लैंड के माइकल एडम्स की बाजी ड्रॉ छूटी. क्रैमनिक 3.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि आनंद, नाकामूरा, गिरी, अरोनियन और वाचियेर लाग्रेव तीन अंक के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेस्ली सो के संभावित छह में से 4.5 अंक हो गए हैं और उन्होंने हमवतन फाबियानो कारूआना पर आधे अंक की बढ़त बना रखी है.कारूआना ने अमेरिका के ही हिकारू नाकामूरा हो हराया। दिन के एक और निर्णायक मुकाबले में मैक्सिम वाचियेर लाग्रेव ने आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन को हराया जबकि रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और इंग्लैंड के माइकल एडम्स की बाजी ड्रॉ छूटी. क्रैमनिक 3.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि आनंद, नाकामूरा, गिरी, अरोनियन और वाचियेर लाग्रेव तीन अंक के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नीदरलैंड के ग्रैंडमास्‍टर अनीष गिरी से बाजी बराबर रखी चार खिलाड़ि‍यों के साथ संयुक्‍त रूप से चौथे स्‍थान पर हैं आनंद अमेरिका के वेस्‍ली सो ने टोपलोव को दी मात
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं दूसरी ओर आतंकी हमले के बाद देश के कई संगठन और लोग शहीदों के परिजनों की आर्थिक मदद के लिए आगे आए. इनमें मेगास्टार अमिताभ बच्चन और महाराष्ट्र स्थित प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट शामिल हैं. दूसरी ओर, अभियान के दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए धनराशि एकत्र करने को बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल ‘भारत के वीर' को पुलवामा आतंकी हमले के बाद से अभूतपूर्व तरीके से सात करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है.  बता दें, गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल का प्रबंधन देख रहे अधिकारियों ने नागरिकों से ‘भारत के वीर' को छोड़ कर किसी अन्य मंच के लिए शहीद जवानों के लिए धनराशि नहीं देने का अनुरोध किया है. बीएसएफ के महानिरीक्षक (आईजी) अमित लोधा ने बताया, ‘पिछले 36 घंटे में ऑनलाइन पोर्टल पर हमें अभूतपूर्व सहायता राशि मिली है यह सात करोड़ रूपये से अधिक है.' दूसरी तरफ, मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए प्रत्येक जवान के परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने की घोषणा की है. अभिनेता के एक प्रवक्ता ने बताया कि वह विभिन्न सरकारी सूत्रों से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहां और कैसे इस राशि को वितरित किया जाए ताकि जल्द से जल्द मदद पहुंच सके. प्रवक्ता ने कहा, ‘हां, बच्चन प्रत्येक शहीद के परिवारों को पांच लाख रुपये दे रहे हैं और वह ऐसा करने का सही तरीका तलाश रहे हैं.' वहीं, महाराष्ट्र में प्रसिद्ध साईंबाबा मंदिर के प्रबंधन ट्रस्ट ने पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिवारों को कुल 2.51 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. ट्रस्ट्र के अध्यक्ष सुरेश हवारे ने मीडिया को बताया कि श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट (एसएसएसटी) जम्मू कश्मीर में 14 फरवरी को हुये आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों के निकटवर्ती परिजनों को 2.51 करोड़ रूपये देगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: CRPF ने कहा- किसी भी तरह के मामले में संपर्क करें टोल फ्री नंबर किए जारी कहा- 24 घंटे इन नंबर पर कर सकते हैं संपर्क
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के पूर्व उप प्रमुख मुल्ला अब्दुल घानी बरादर को शनिवार को रिहा कर दिया। पाकिस्तान ने ऐसा करके अफगानिस्तानी राष्ट्रपति हामिद करजई की पुरानी मांग को पूरा कर दिया, जो युद्ध प्रभावित अपने देश में शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए यह मांग कर रहे थे। बरादर को अन्य कैदियों की तरह किसी दूसरे देश को नहीं सौंपा जाएगा और उसे पाकिस्तान के भीतर रिहा किया गया है। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि बरादर को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी और उसे यह स्वतंत्रता होगी कि वह जिस किसी से चाहे मिल सकता है या बातचीत कर सकता है।टिप्पणियां पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को घोषित किया था कि अफगानिस्तान के साथ सुलह समझौते की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उसे शनिवार को रिहा किया जाएगा। बरादर वर्ष 2010 में कराची में पकड़े जाने के बाद से ही पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में था। वह अभी तक रिहा किया गया शीर्ष अफगान तालिबान कैदी है। यद्यपि पाकिस्तान गत वर्ष से अभी तक 33 अफगान तालिबान कमांडरों को रिहा कर चुका है, लेकिन बरादर की रिहाई सबसे अधिक अपेक्षित थी। करजई ने गत महीने पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान उसकी रिहाई की निजी तौर पर अपील की थी। विश्लेषक इस संदेह में है कि बरादर शांति प्रक्रिया को प्रभावित करने में सक्षम होगा या नहीं, लेकिन अफगानिस्तानी सरकार का मानना है कि वह उच्च शांति परिषद के साथ वार्ता का नेतृत्व कर सकता है। बरादर को अन्य कैदियों की तरह किसी दूसरे देश को नहीं सौंपा जाएगा और उसे पाकिस्तान के भीतर रिहा किया गया है। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि बरादर को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी और उसे यह स्वतंत्रता होगी कि वह जिस किसी से चाहे मिल सकता है या बातचीत कर सकता है।टिप्पणियां पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को घोषित किया था कि अफगानिस्तान के साथ सुलह समझौते की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उसे शनिवार को रिहा किया जाएगा। बरादर वर्ष 2010 में कराची में पकड़े जाने के बाद से ही पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में था। वह अभी तक रिहा किया गया शीर्ष अफगान तालिबान कैदी है। यद्यपि पाकिस्तान गत वर्ष से अभी तक 33 अफगान तालिबान कमांडरों को रिहा कर चुका है, लेकिन बरादर की रिहाई सबसे अधिक अपेक्षित थी। करजई ने गत महीने पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान उसकी रिहाई की निजी तौर पर अपील की थी। विश्लेषक इस संदेह में है कि बरादर शांति प्रक्रिया को प्रभावित करने में सक्षम होगा या नहीं, लेकिन अफगानिस्तानी सरकार का मानना है कि वह उच्च शांति परिषद के साथ वार्ता का नेतृत्व कर सकता है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को घोषित किया था कि अफगानिस्तान के साथ सुलह समझौते की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उसे शनिवार को रिहा किया जाएगा। बरादर वर्ष 2010 में कराची में पकड़े जाने के बाद से ही पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में था। वह अभी तक रिहा किया गया शीर्ष अफगान तालिबान कैदी है। यद्यपि पाकिस्तान गत वर्ष से अभी तक 33 अफगान तालिबान कमांडरों को रिहा कर चुका है, लेकिन बरादर की रिहाई सबसे अधिक अपेक्षित थी। करजई ने गत महीने पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान उसकी रिहाई की निजी तौर पर अपील की थी। विश्लेषक इस संदेह में है कि बरादर शांति प्रक्रिया को प्रभावित करने में सक्षम होगा या नहीं, लेकिन अफगानिस्तानी सरकार का मानना है कि वह उच्च शांति परिषद के साथ वार्ता का नेतृत्व कर सकता है। यद्यपि पाकिस्तान गत वर्ष से अभी तक 33 अफगान तालिबान कमांडरों को रिहा कर चुका है, लेकिन बरादर की रिहाई सबसे अधिक अपेक्षित थी। करजई ने गत महीने पाकिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान उसकी रिहाई की निजी तौर पर अपील की थी। विश्लेषक इस संदेह में है कि बरादर शांति प्रक्रिया को प्रभावित करने में सक्षम होगा या नहीं, लेकिन अफगानिस्तानी सरकार का मानना है कि वह उच्च शांति परिषद के साथ वार्ता का नेतृत्व कर सकता है।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान ने ऐसा करके अफगानिस्तानी राष्ट्रपति हामिद करजई की पुरानी मांग को पूरा कर दिया, जो युद्ध प्रभावित अपने देश में शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए यह मांग कर रहे थे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बेंगलुरू के जाने-माने एमजी रोड पर नए साल की पूर्व संध्या के मौके पर कुछ पुरुषों ने महिलाओं के साथ कथित तौर पर छेड़खानी और हाथापाई की, जबकि पुलिस हज़ारों लोगों की भीड़ को काबू पाने में जुटी हुई थी. महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर होने की साख रखने वाले बेंगलुरू के रहने वाले लोग उस समय सकते में आ गए, जब 31 दिसंबर को 'बैंगलौर मिरर' समाचारपत्र के फोटो जर्नलिस्ट ने आरोप लगाया कि नए साल के जश्न के दौरान उन्होंने कई परेशानहाल महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों के पास पहुंचते और यह शिकायत करते देखा कि कुछ गुंडों ने उन्हें छेड़ा और उन पर भद्दी फब्तियां कसीं. समाचारपत्र में प्रकाशित तस्वीरों में महिलाओं को पुलिसकर्मियों से गुहार करते देखा जा सकता है. टिप्पणियां प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, युवतियों को मदद के लिए पुलिस की ओर भागते देखा गया, जिनमें से कुछ ने तो अपने जूते (सैंडलें) हाथों में उठा रखे थे, ताकि वे अपने हमलावरों से बचकर तेज़ी से भाग सकें. रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ महिलाएं रो भी रही थीं. बेंगलुरू पुलिस ने बताया है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन वे इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि उस रात क्या-क्या हुआ था. महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर होने की साख रखने वाले बेंगलुरू के रहने वाले लोग उस समय सकते में आ गए, जब 31 दिसंबर को 'बैंगलौर मिरर' समाचारपत्र के फोटो जर्नलिस्ट ने आरोप लगाया कि नए साल के जश्न के दौरान उन्होंने कई परेशानहाल महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों के पास पहुंचते और यह शिकायत करते देखा कि कुछ गुंडों ने उन्हें छेड़ा और उन पर भद्दी फब्तियां कसीं. समाचारपत्र में प्रकाशित तस्वीरों में महिलाओं को पुलिसकर्मियों से गुहार करते देखा जा सकता है. टिप्पणियां प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, युवतियों को मदद के लिए पुलिस की ओर भागते देखा गया, जिनमें से कुछ ने तो अपने जूते (सैंडलें) हाथों में उठा रखे थे, ताकि वे अपने हमलावरों से बचकर तेज़ी से भाग सकें. रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ महिलाएं रो भी रही थीं. बेंगलुरू पुलिस ने बताया है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन वे इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि उस रात क्या-क्या हुआ था. समाचारपत्र में प्रकाशित तस्वीरों में महिलाओं को पुलिसकर्मियों से गुहार करते देखा जा सकता है. टिप्पणियां प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, युवतियों को मदद के लिए पुलिस की ओर भागते देखा गया, जिनमें से कुछ ने तो अपने जूते (सैंडलें) हाथों में उठा रखे थे, ताकि वे अपने हमलावरों से बचकर तेज़ी से भाग सकें. रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ महिलाएं रो भी रही थीं. बेंगलुरू पुलिस ने बताया है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन वे इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि उस रात क्या-क्या हुआ था. प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, युवतियों को मदद के लिए पुलिस की ओर भागते देखा गया, जिनमें से कुछ ने तो अपने जूते (सैंडलें) हाथों में उठा रखे थे, ताकि वे अपने हमलावरों से बचकर तेज़ी से भाग सकें. रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ महिलाएं रो भी रही थीं. बेंगलुरू पुलिस ने बताया है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन वे इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि उस रात क्या-क्या हुआ था. बेंगलुरू पुलिस ने बताया है कि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन वे इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि उस रात क्या-क्या हुआ था.
संक्षिप्त पाठ: एमजी रोड पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद महिलाओं से हुई छेड़खानी, हाथापाई पत्रकार ने 31 दिसंबर को पुलिस से गुहार करती महिलाओं की तस्वीर छापी रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं हाथों में सैंडलें उठाए सड़क पर भागती देखी गईं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को शुरू हुई और आज बुधवार को वह ब्याज दरों को लेकर अपना रुख पेश कर सकता है. केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा पेश करेगा. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जबकि सरकार निजी निवेश बढ़ाने के लिए उधारी लागत को घटाने पर जोर दे रही है. वहीं ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग प्रणाली में 60 अरब डॉलर से भी अधिक की अधिशेष नकदी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव अपेक्षित नहीं है. जो लोग नीतिगत ब्याज दरों में कटौती चाहते हैं वे उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति के अप्रैल में घटकर 2.99 प्रतिशत रहने का हवाला दे रहे हैं. आर्थिक वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में दो साल के निचले स्तर पर रही. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार कोब्याज दरों में कटौती की वकालत करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति लंबे समय से नियंत्रण में है और अच्छे मानसून के उम्मीद के बीच इसके आगे भी कम बने रहेन की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गई है. ऐसे में भारतीय उद्योग जगत भी नीतिगत दरों में कटौती के लिए दबाव बना रहा है. टिप्पणियां हालांकि, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष की अपनी दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा. केंद्रीय बैंक पहले मुद्रास्फीति पर जीएसटी को लागू करने के प्रभाव को देखेगा. भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’ यह बैठक ऐसे समय में हुई है जबकि सरकार निजी निवेश बढ़ाने के लिए उधारी लागत को घटाने पर जोर दे रही है. वहीं ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग प्रणाली में 60 अरब डॉलर से भी अधिक की अधिशेष नकदी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव अपेक्षित नहीं है. जो लोग नीतिगत ब्याज दरों में कटौती चाहते हैं वे उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति के अप्रैल में घटकर 2.99 प्रतिशत रहने का हवाला दे रहे हैं. आर्थिक वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में दो साल के निचले स्तर पर रही. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार कोब्याज दरों में कटौती की वकालत करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति लंबे समय से नियंत्रण में है और अच्छे मानसून के उम्मीद के बीच इसके आगे भी कम बने रहेन की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गई है. ऐसे में भारतीय उद्योग जगत भी नीतिगत दरों में कटौती के लिए दबाव बना रहा है. टिप्पणियां हालांकि, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष की अपनी दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा. केंद्रीय बैंक पहले मुद्रास्फीति पर जीएसटी को लागू करने के प्रभाव को देखेगा. भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’ जो लोग नीतिगत ब्याज दरों में कटौती चाहते हैं वे उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति के अप्रैल में घटकर 2.99 प्रतिशत रहने का हवाला दे रहे हैं. आर्थिक वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में दो साल के निचले स्तर पर रही. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार कोब्याज दरों में कटौती की वकालत करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति लंबे समय से नियंत्रण में है और अच्छे मानसून के उम्मीद के बीच इसके आगे भी कम बने रहेन की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गई है. ऐसे में भारतीय उद्योग जगत भी नीतिगत दरों में कटौती के लिए दबाव बना रहा है. टिप्पणियां हालांकि, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष की अपनी दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा. केंद्रीय बैंक पहले मुद्रास्फीति पर जीएसटी को लागू करने के प्रभाव को देखेगा. भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार कोब्याज दरों में कटौती की वकालत करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति लंबे समय से नियंत्रण में है और अच्छे मानसून के उम्मीद के बीच इसके आगे भी कम बने रहेन की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गई है. ऐसे में भारतीय उद्योग जगत भी नीतिगत दरों में कटौती के लिए दबाव बना रहा है. टिप्पणियां हालांकि, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष की अपनी दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा. केंद्रीय बैंक पहले मुद्रास्फीति पर जीएसटी को लागू करने के प्रभाव को देखेगा. भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’ हालांकि, वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष की अपनी दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा. केंद्रीय बैंक पहले मुद्रास्फीति पर जीएसटी को लागू करने के प्रभाव को देखेगा. भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’ भारतीय स्टेट बैंक की उपप्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी अंशुला कान्त ने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति के रुख और बाजार में पर्याप्त तरलता की स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना कम है कि ब्याज दरों में कटौती होगी.’’ यूनियन बैंक आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक विनोद कथूरिया ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती होगी. वे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखना चाहेंगे.’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आरबीआई मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को लेकर कर सकता है ऐलान रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई में दो दिवसीय बैठक चल रही है जानकारों के मुताबिक, दरों में परिवर्तन की गुंजाइश नहीं है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गौरतलब है कि ‘राजीव गांधी का जीवनकाल भ्रष्टाचारी नंबर 1 के रूप में खत्म होने' संबंधी प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर जवाब देते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट किया, "मोदी जी, लड़ाई खत्म हो गई है. आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं. खुद के बारे में अपने अंदर की धारणाओं को मेरे पिता पर डालने से आप नहीं बचने वाले हैं. आपको ढेर सारा प्यार और गले लगाता हूं..." अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने अपने ट्वीट में कहा, "राजीव गांधी सरकार की ईमानदारी के मुद्दे उठाए जाने से राहुल गांधी इतने परेशान क्यों हो गए? बोफोर्स में ओतावियो क्वात्रोच्चि को रिश्वत क्यों मिली थी? क्यू कनेक्शन कौन था? कोई जवाब नहीं आया है."  प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में एक चुनावी रैली में राहुल के दिवंगत पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिये बगैर कहा था, ''आपके पिताजी को आपके दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था. लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नम्बर 1 के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया." जेटली ने कहा कि यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी हत्या हुई थी लेकिन अब भी कांग्रेस से आपातकाल और ऑपरेशन ब्लू स्टार के बारे में सवाल किए जाते हैं. मंत्री ने कहा, "अत्यधिक ईमानदार व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री की ईमानदारी पर राजवंश हमला कर सकता है.  क्या वह मानते हैं कि राजवंश को किसी सवाल का जवाब नहीं देना होगा? " गौरतलब है कि बोफोर्स सौदे को 1989 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी नीत कांग्रेस सरकार को मिली हार के लिए एक मुख्य वजह बताई जाती है. यह पूछे जाने पर कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर अर्थव्यवस्था को बदहाल स्थिति में छोड़ने का आरोप लगाया है, इस पर अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने कहा, "जब एक अर्थशास्त्री नेता बनता है तब वह अर्थव्यवस्था और राजनीति, दोनों की समझ खो देता है.''जेटली ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह ने 2014 में विरासत के रूप में आर्थिक नरमी, 'पॉलिसी पारालाइसिस' और भ्रष्टाचार दिया था. वह अपनी पार्टी को संसद में अब तक के सबसे कम संख्या बल तक ले गए. उन्होंने भारत को विश्व के पांच नाजुक अर्थव्यवस्था वाले देशों में शामिल कर दिया था.आज वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था को संकटपूर्ण बता रहे हैं.
यहाँ एक सारांश है:अरुण जेटली का राहुल पर हमला पीएम मोदी का किया बचाव राजीव गांधी वाले बयान पर किया बचाव
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अपने जमाने के दिग्गज ऑलराउंडरों कपिल देव और इमरान खान सहित छह पूर्व कप्तानों ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जब मैच होते हैं तो खिलाड़ियों पर बहुत अधिक दबाव होता है लेकिन इनको महायुद्ध का नाम नहीं दिया जा सकता। इन कप्तानों ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में चर्चा के दौरान कहा कि इन दोनों देशों के बीच आगामी शृंखला में जो भी टीम दबाव बेहतर तरीके से झेलेगी उसके जीतने की संभावना अधिक है। इस चर्चा में भारत के तीन पूर्व कप्तानों कपिल, मोहम्मद अजहरूद्दीन और सौरव गांगुली तथा पाकिस्तान के पूर्व कप्तानों वसीम अकरम और वकार यूनिस ने भाग लिया। इस अवसर पर दर्शक दीर्घा में मौजूद इमरान ने भी कुछ सवालों के जवाब दिए। कपिल ने कहा कि जब वह पहली बार 1978 में पाकिस्तान दौरे पर गए थे तो तब दोनों देशों के बीच मैच युद्ध जैसे लगे थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब जब महायुद्ध कहा जाता है तो दुख होता है। हमारे समय में ऐसा होता था जबकि हम सोचते थे कि इनकी जान निकाल देनी है लेकिन जब सौरव (गांगुली) की अगुवाई में भारतीय टीम (2004 में) पाकिस्तान दौरे पर गई थी तो तब माहौल एकदम बदला हुआ था।’’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ने कहा कि दोनों देशों के लोग परिपक्व हो गए हैं और केवल चार-पांच प्रतिशत लोग निहित स्वार्थों के लिए इसे जंग का रूप देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब सौरव की टीम भारत आई तो हमारे देश के लोगों ने बड़े सभ्य तरीके से हार को स्वीकार किया था। अब लोगों में परिपक्वता आ चुकी है।’’ पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलने पर दबाव काफी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज्यादा मैच नहीं होते थे। खिलाड़ियों पर दबाव होता था लेकिन जंग जैसी बात मैंने नहीं देखी। हां इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान के खिलाफ जीतकर बहुत अच्छा लगता था।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ इन कप्तानों ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में चर्चा के दौरान कहा कि इन दोनों देशों के बीच आगामी शृंखला में जो भी टीम दबाव बेहतर तरीके से झेलेगी उसके जीतने की संभावना अधिक है। इस चर्चा में भारत के तीन पूर्व कप्तानों कपिल, मोहम्मद अजहरूद्दीन और सौरव गांगुली तथा पाकिस्तान के पूर्व कप्तानों वसीम अकरम और वकार यूनिस ने भाग लिया। इस अवसर पर दर्शक दीर्घा में मौजूद इमरान ने भी कुछ सवालों के जवाब दिए। कपिल ने कहा कि जब वह पहली बार 1978 में पाकिस्तान दौरे पर गए थे तो तब दोनों देशों के बीच मैच युद्ध जैसे लगे थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब जब महायुद्ध कहा जाता है तो दुख होता है। हमारे समय में ऐसा होता था जबकि हम सोचते थे कि इनकी जान निकाल देनी है लेकिन जब सौरव (गांगुली) की अगुवाई में भारतीय टीम (2004 में) पाकिस्तान दौरे पर गई थी तो तब माहौल एकदम बदला हुआ था।’’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ने कहा कि दोनों देशों के लोग परिपक्व हो गए हैं और केवल चार-पांच प्रतिशत लोग निहित स्वार्थों के लिए इसे जंग का रूप देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब सौरव की टीम भारत आई तो हमारे देश के लोगों ने बड़े सभ्य तरीके से हार को स्वीकार किया था। अब लोगों में परिपक्वता आ चुकी है।’’ पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलने पर दबाव काफी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज्यादा मैच नहीं होते थे। खिलाड़ियों पर दबाव होता था लेकिन जंग जैसी बात मैंने नहीं देखी। हां इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान के खिलाफ जीतकर बहुत अच्छा लगता था।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ कपिल ने कहा कि जब वह पहली बार 1978 में पाकिस्तान दौरे पर गए थे तो तब दोनों देशों के बीच मैच युद्ध जैसे लगे थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब जब महायुद्ध कहा जाता है तो दुख होता है। हमारे समय में ऐसा होता था जबकि हम सोचते थे कि इनकी जान निकाल देनी है लेकिन जब सौरव (गांगुली) की अगुवाई में भारतीय टीम (2004 में) पाकिस्तान दौरे पर गई थी तो तब माहौल एकदम बदला हुआ था।’’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ने कहा कि दोनों देशों के लोग परिपक्व हो गए हैं और केवल चार-पांच प्रतिशत लोग निहित स्वार्थों के लिए इसे जंग का रूप देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब सौरव की टीम भारत आई तो हमारे देश के लोगों ने बड़े सभ्य तरीके से हार को स्वीकार किया था। अब लोगों में परिपक्वता आ चुकी है।’’ पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलने पर दबाव काफी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज्यादा मैच नहीं होते थे। खिलाड़ियों पर दबाव होता था लेकिन जंग जैसी बात मैंने नहीं देखी। हां इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान के खिलाफ जीतकर बहुत अच्छा लगता था।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ने कहा कि दोनों देशों के लोग परिपक्व हो गए हैं और केवल चार-पांच प्रतिशत लोग निहित स्वार्थों के लिए इसे जंग का रूप देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब सौरव की टीम भारत आई तो हमारे देश के लोगों ने बड़े सभ्य तरीके से हार को स्वीकार किया था। अब लोगों में परिपक्वता आ चुकी है।’’ पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलने पर दबाव काफी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज्यादा मैच नहीं होते थे। खिलाड़ियों पर दबाव होता था लेकिन जंग जैसी बात मैंने नहीं देखी। हां इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान के खिलाफ जीतकर बहुत अच्छा लगता था।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली ने कहा कि दोनों देशों के बीच खेलने पर दबाव काफी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले ज्यादा मैच नहीं होते थे। खिलाड़ियों पर दबाव होता था लेकिन जंग जैसी बात मैंने नहीं देखी। हां इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान के खिलाफ जीतकर बहुत अच्छा लगता था।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ अजहरूद्दीन ने कहा कि यदि दोनों टीमों के बीच लगातार मैच होते रहते हैं तो फिर जंग जैसा शब्द खुद ही विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेला तो स्थिति बहुत तनावपूर्ण होती थी। लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच फिर से शृंखला शुरू हो रही है। सीरीज बंद नहीं होनी चाहिए। लगातार खेलने से माहौल सुधरेगा।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अकरम ने कहा कि यदि खिलाड़ी दबाव भूलना भी चाहे तो दर्शक, क्रिकेट प्रेमी और मीडिया ऐसा नहीं करने देता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेाग कहते हैं कि एशेज में बहुत दबाव होता है लेकिन भारत पाकिस्तान के मैचों में जितना दबाव होता उतना किसी अन्य के साथ खेलने में नहीं होता है। हर खिलाड़ी इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है।’’टिप्पणियां अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ अकरम के पूर्व साथी यूनिस ने माना कि दोनों देशों के बीच बहुत कम क्रिकेट होने से स्थिति नाजुक बन जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता कि इससे बढ़िया क्रिकेट दुनिया में नहीं खेली जाती लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वषरें में बहुत कम क्रिकेट खेली गई। उम्मीद है कि अब ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दोनों देश बराबर एक दूसरे के खिलाफ खेलते रहें।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’ उन्होंने कहा कि दबाव मीडिया की तरफ से अधिक बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के पिछले साल मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल का जिक्र किया। वकार ने कहा, ‘‘मैं तब कोच था और मैच से चार दिन पहले इतना अधिक दबाव बना दिया गया था कि लड़के आपस में बात नहीं कर रहे थे।’’
सारांश: अपने जमाने के दिग्गज ऑलराउंडरों कपिल देव और इमरान खान सहित छह पूर्व कप्तानों ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जब मैच होते हैं तो खिलाड़ियों पर बहुत अधिक दबाव होता है लेकिन इनको महायुद्ध का नाम नहीं दिया जा सकता।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के बाद 10 जिलों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर हाईअलर्ट जारी किए गए हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. जिन 10 जिलों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें लखनऊ, प्रतापगढ़, फैजाबाद, गोंडा, रायबरेली, हरदोई, बाराबंकी, बदायूं, बरेली तथा मुरादाबाद शामिल हैं. एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा नदियां उफान पर हैं और इनके जलस्तर में आगे और वृद्धि की संभावना है. निचले इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को उच्चतर क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है. राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान गोरखपुर में सर्वाधिक 25.8 मिलीमीटर बारिश एक दिन में दर्ज की गई. वाराणसी में 15.2 मिलीमीटर, बरेली में 11.2 मिलीमीटर, गाजीपुर में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.टिप्पणियां बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भी भारी गिरावट आई है. उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने बताया कि राज्य की राजधानी लखनऊ का शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए गए जाने का अनुमान है. वातावरण में आर्दता सुबह 100 प्रतिशत दर्ज की गई है. लखनऊ के अतिरिक्त गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री, कानपुर का 18 डिग्री, इलाहाबाद का 20.3 डिग्री और झांसी का 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.    (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा नदियां उफान पर हैं और इनके जलस्तर में आगे और वृद्धि की संभावना है. निचले इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को उच्चतर क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है. राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान गोरखपुर में सर्वाधिक 25.8 मिलीमीटर बारिश एक दिन में दर्ज की गई. वाराणसी में 15.2 मिलीमीटर, बरेली में 11.2 मिलीमीटर, गाजीपुर में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.टिप्पणियां बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भी भारी गिरावट आई है. उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने बताया कि राज्य की राजधानी लखनऊ का शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए गए जाने का अनुमान है. वातावरण में आर्दता सुबह 100 प्रतिशत दर्ज की गई है. लखनऊ के अतिरिक्त गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री, कानपुर का 18 डिग्री, इलाहाबाद का 20.3 डिग्री और झांसी का 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.    (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भी भारी गिरावट आई है. उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने बताया कि राज्य की राजधानी लखनऊ का शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए गए जाने का अनुमान है. वातावरण में आर्दता सुबह 100 प्रतिशत दर्ज की गई है. लखनऊ के अतिरिक्त गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री, कानपुर का 18 डिग्री, इलाहाबाद का 20.3 डिग्री और झांसी का 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.    (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: बारिश के कारण नदियां उफान पर 10 जिलों में भारी बारिश के आसार तापमान में भारी गिरावट
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हॉलीवुड (Hollywood) की सुपरहिट फ्रेंचाइजी ‘एवेंजर्स(Avengers)' सीरीज की आखिरी फिल्म 'एवेंजर्स एंडगेम'  (Avengers Endgame) ओवरसीज में कमाई के मामले में 'अवतार' (Avtaar) के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. लेकिन अब ये फिल्म दोबारा रिलीज होने वाली है. मार्बल स्टूडियो के प्रसिडेंट केविन फीज (Kevin Feige) ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) को दोबारा जून 20 को पोस्ट क्रेडिट सरप्राइस के साथ रिलीज किया जाएगा. मार्बल्स की ये ब्लॉकबॉस्टर फिल्म अप्रैल में रिलीज हुई थी और इसने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे.  एक इंटरव्यू के दौरान फीज ने बताया की इस बार फिल्म के कुछ डिलीट किए गए सीन और एक्स्ट्रा सरप्राइज के साथ ये फिल्म रिलीज होगी. फीज ने बताया कि इस बार कोई विस्तारित कटौती नहीं है, लेकिन इस बार जो वर्जन सिनेमाघरों में देखने को मिलेगा. जिसमें फिल्म के अंत में कुछ नई चीजें जुड़ी होंगी. अगर आप रुककर क्रेडिट्स के बाद फिल्म को देखेंगे तो वहां कुछ डिलीट किए हुए सीन, छोटी सी श्रद्धांजलि और कुछ सरप्राइज होगा.  'एवेंजर्स एंडगेम'  (Avengers Endgame) को 'स्पाडरमैन फॉर फ्रोम होम' के प्रीमियर के कुछ दिनों पहले रिलीज किया जाएगा. ऐसे में आपको पीटर पार्कर को उनके अकेले एडवेंचर से पहले 'एवेंजर्स एंडगेम' देखने का मौका मिलेगा. फिलहाल मार्बल्स स्टू़डियो की ये फिल्म 45 मिलियन डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है. लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ये फिल्म 'अवतार' के रिकॉर्ड को तोड़ने की पूरी कोशिश करेगी.  बता दें कि एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) को डायरेक्टर जोड़ी एंथनी रूसो और जो रूसो ने डायरेक्ट किया है. 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) में रॉबर्ट डाउनी जूनियर (Iron Man), क्रिस इवान्स (Captain America), मार्क रूफैलो (Hulk), क्रिस हेम्सवर्थ (Thor), स्कारलेट योहानसन (Black Widow), जेरेमी रेनर (Hawk Eye), पॉल रूड (Ant Man), ब्री लार्सन (Captain America), और जोश ब्रोलिन (Thanos) लीड रोल में हैं.
एवेंजर्स ऐंडगेम दोबारा होगी रिलीज मार्बल स्टूडियोज के प्रसिडेंट ने दी जानकारी अगले हफ्ते सिनेमाघरों में होगी रिलीज
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका में सीएटल से बीजिंग की उड़ान के दौरान एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया. डेल्टा एयरलाइंस के विमान में सवार एक यात्री उड़ान के दौरान निकास द्वार खोलने लगा और अन्य यात्रियों से झगड़ने लगा, जिसके बाद क्रू सदस्यों के साथ हुई हाथापाई में फ्लाइट अटेंडेंट ने उसके सिर पर शराब की बोतल तोड़ दी लेकिन इससे भी वह बेहोश नहीं हुआ. अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो के एक एजेंट ने आरोप पत्र में यह बात लिखी है. फ्लोरिडा में टैम्पा निवासी 23 वर्षीय जोसेफ डेनियल हुडेक चतुर्थ जेल की वर्दी पहने अमेरिका की डिस्ट्रिक्ट अदालत में पेश हुआ. उसकी दायीं आंख के नीचे खरोंच के निशान थे. अधिकारियों ने बताया कि उसे परेशानी खड़ी करने के लिए गुरुवार रात को गिरफ्तार किया गया. उसके कारण विमान को सीएटल-टैकोमा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लौटना पड़ा. हुडेक ने सुनवाई के दौरान बात नहीं की. उसके वकील रॉबर्ट फ्लेनॉघ द्वितीय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हुडेक पर विमान के एक क्रू सदस्य के साथ झगड़ने का आरोप लगाया गया है जिसके लिए अधिकतम 20 वर्ष तक की जेल की सजा और 2,50,000 डॉलर के जुर्माना का प्रावधान है. उसके 13 जुलाई को सुनवाई तक हिरासत में रहने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि चेहरे पर गंभीर चोटों के बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट और एक यात्री को अस्पताल ले जाया गया है. उनकी जान को कोई खतरा नहीं है. एफबीआई के विशेष एजेंट कैरिन हिग्ले ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बोइंग 767 में सवार हुडेक ने उड़ान से पहले फ्लाइट अटेंडेंट से बीयर लाने के लिए कहा लेकिन नशा ना होने पर उसने और ड्रिंक्स की मांग नहीं की. करीब एक घंटे बाद जब विमान वैंकुवर द्वीप के उत्तर पश्चिम में प्रशांत महासागर के ऊपर था तब हुडेक तेजी से अटेंडेंट के पास आया और एक सवाल पूछकर वापस लौट गया.टिप्पणियां हिग्ले ने कहा कि जब दो मिनट बाद वह फिर से आया तो अचानक वह निकास द्वार की ओर कूदा और उसे खोलने की कोशिश करने लगा. दो अटेंडेंटों ने उसे पकड़ा और उन्होंने कई यात्रियों से मदद मांगी तथा कॉकपिट में इसकी जानकारी दी. शिकायत में कहा गया है कि हुडेक ने एक फ्लाइट अटेंडेंट के चेहरे पर दो बार मुक्का मारा तथा कम से कम एक यात्री के सिर पर शराब की बोतल से वार किया. इसके बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट ने शराब की दो बोतल हुडेक के सिर पर मारी. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो के एक एजेंट ने आरोप पत्र में यह बात लिखी है. फ्लोरिडा में टैम्पा निवासी 23 वर्षीय जोसेफ डेनियल हुडेक चतुर्थ जेल की वर्दी पहने अमेरिका की डिस्ट्रिक्ट अदालत में पेश हुआ. उसकी दायीं आंख के नीचे खरोंच के निशान थे. अधिकारियों ने बताया कि उसे परेशानी खड़ी करने के लिए गुरुवार रात को गिरफ्तार किया गया. उसके कारण विमान को सीएटल-टैकोमा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लौटना पड़ा. हुडेक ने सुनवाई के दौरान बात नहीं की. उसके वकील रॉबर्ट फ्लेनॉघ द्वितीय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हुडेक पर विमान के एक क्रू सदस्य के साथ झगड़ने का आरोप लगाया गया है जिसके लिए अधिकतम 20 वर्ष तक की जेल की सजा और 2,50,000 डॉलर के जुर्माना का प्रावधान है. उसके 13 जुलाई को सुनवाई तक हिरासत में रहने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि चेहरे पर गंभीर चोटों के बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट और एक यात्री को अस्पताल ले जाया गया है. उनकी जान को कोई खतरा नहीं है. एफबीआई के विशेष एजेंट कैरिन हिग्ले ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बोइंग 767 में सवार हुडेक ने उड़ान से पहले फ्लाइट अटेंडेंट से बीयर लाने के लिए कहा लेकिन नशा ना होने पर उसने और ड्रिंक्स की मांग नहीं की. करीब एक घंटे बाद जब विमान वैंकुवर द्वीप के उत्तर पश्चिम में प्रशांत महासागर के ऊपर था तब हुडेक तेजी से अटेंडेंट के पास आया और एक सवाल पूछकर वापस लौट गया.टिप्पणियां हिग्ले ने कहा कि जब दो मिनट बाद वह फिर से आया तो अचानक वह निकास द्वार की ओर कूदा और उसे खोलने की कोशिश करने लगा. दो अटेंडेंटों ने उसे पकड़ा और उन्होंने कई यात्रियों से मदद मांगी तथा कॉकपिट में इसकी जानकारी दी. शिकायत में कहा गया है कि हुडेक ने एक फ्लाइट अटेंडेंट के चेहरे पर दो बार मुक्का मारा तथा कम से कम एक यात्री के सिर पर शराब की बोतल से वार किया. इसके बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट ने शराब की दो बोतल हुडेक के सिर पर मारी. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. हुडेक ने सुनवाई के दौरान बात नहीं की. उसके वकील रॉबर्ट फ्लेनॉघ द्वितीय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हुडेक पर विमान के एक क्रू सदस्य के साथ झगड़ने का आरोप लगाया गया है जिसके लिए अधिकतम 20 वर्ष तक की जेल की सजा और 2,50,000 डॉलर के जुर्माना का प्रावधान है. उसके 13 जुलाई को सुनवाई तक हिरासत में रहने की संभावना है. अधिकारियों ने बताया कि चेहरे पर गंभीर चोटों के बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट और एक यात्री को अस्पताल ले जाया गया है. उनकी जान को कोई खतरा नहीं है. एफबीआई के विशेष एजेंट कैरिन हिग्ले ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बोइंग 767 में सवार हुडेक ने उड़ान से पहले फ्लाइट अटेंडेंट से बीयर लाने के लिए कहा लेकिन नशा ना होने पर उसने और ड्रिंक्स की मांग नहीं की. करीब एक घंटे बाद जब विमान वैंकुवर द्वीप के उत्तर पश्चिम में प्रशांत महासागर के ऊपर था तब हुडेक तेजी से अटेंडेंट के पास आया और एक सवाल पूछकर वापस लौट गया.टिप्पणियां हिग्ले ने कहा कि जब दो मिनट बाद वह फिर से आया तो अचानक वह निकास द्वार की ओर कूदा और उसे खोलने की कोशिश करने लगा. दो अटेंडेंटों ने उसे पकड़ा और उन्होंने कई यात्रियों से मदद मांगी तथा कॉकपिट में इसकी जानकारी दी. शिकायत में कहा गया है कि हुडेक ने एक फ्लाइट अटेंडेंट के चेहरे पर दो बार मुक्का मारा तथा कम से कम एक यात्री के सिर पर शराब की बोतल से वार किया. इसके बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट ने शराब की दो बोतल हुडेक के सिर पर मारी. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि चेहरे पर गंभीर चोटों के बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट और एक यात्री को अस्पताल ले जाया गया है. उनकी जान को कोई खतरा नहीं है. एफबीआई के विशेष एजेंट कैरिन हिग्ले ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बोइंग 767 में सवार हुडेक ने उड़ान से पहले फ्लाइट अटेंडेंट से बीयर लाने के लिए कहा लेकिन नशा ना होने पर उसने और ड्रिंक्स की मांग नहीं की. करीब एक घंटे बाद जब विमान वैंकुवर द्वीप के उत्तर पश्चिम में प्रशांत महासागर के ऊपर था तब हुडेक तेजी से अटेंडेंट के पास आया और एक सवाल पूछकर वापस लौट गया.टिप्पणियां हिग्ले ने कहा कि जब दो मिनट बाद वह फिर से आया तो अचानक वह निकास द्वार की ओर कूदा और उसे खोलने की कोशिश करने लगा. दो अटेंडेंटों ने उसे पकड़ा और उन्होंने कई यात्रियों से मदद मांगी तथा कॉकपिट में इसकी जानकारी दी. शिकायत में कहा गया है कि हुडेक ने एक फ्लाइट अटेंडेंट के चेहरे पर दो बार मुक्का मारा तथा कम से कम एक यात्री के सिर पर शराब की बोतल से वार किया. इसके बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट ने शराब की दो बोतल हुडेक के सिर पर मारी. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. हिग्ले ने कहा कि जब दो मिनट बाद वह फिर से आया तो अचानक वह निकास द्वार की ओर कूदा और उसे खोलने की कोशिश करने लगा. दो अटेंडेंटों ने उसे पकड़ा और उन्होंने कई यात्रियों से मदद मांगी तथा कॉकपिट में इसकी जानकारी दी. शिकायत में कहा गया है कि हुडेक ने एक फ्लाइट अटेंडेंट के चेहरे पर दो बार मुक्का मारा तथा कम से कम एक यात्री के सिर पर शराब की बोतल से वार किया. इसके बाद एक फ्लाइट अटेंडेंट ने शराब की दो बोतल हुडेक के सिर पर मारी. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. एक फ्लाइट अटेंडेंट के अनुसार, शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा और इसके बावजूद वह चिल्लाने लगा, क्या तुम जानते हो मैं कौन हूं? या कुछ इस तरह का ही. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे किसी तरह काबू में किया और विमान के लौटने के बाद पोर्ट ऑफ सीएटल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
यहाँ एक सारांश है:डेल्टा एयरलाइंस के विमान में सवार एक यात्री ने ऐसा किया एक एजेंट ने आरोप पत्र में यह बात लिखी है. शराब से भरी बोतल के सिर पर तोड़ने का भी हुडेक पर कोई असर नहीं पड़ा
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['hin']
एक सारांश बनाओ: जमैका को उम्मीद है कि फर्राटा के बादशाह उसैन बोल्ट के कारण उसकी छवि और बेहतर होगी तथा इससे अधिक विदेशी पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ टिप्पणियां मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ टिप्पणियां मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ टिप्पणियां मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ टिप्पणियां मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। जमैका के पर्यटन मंत्री वेकाम मैकनील ने कहा, ‘लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट के प्रदर्शन का प्रभाव इस द्वीप पर कई वर्षों तक देखने को मिलेगा और इससे हमें अधिक पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।’ टिप्पणियां मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। मैकनील ने कहा कि जब से बोल्ट ने लंदन में बीजिंग ओलिम्पिक खेलों के अपने खिताबों का बचाव किया तभी से अपने दर्शनीय समुद्री किनारों और सी फूड के लिये मशहूर जमैका में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गयी है। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे। पच्चीस वर्षीय बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जमैका को उम्मीद है कि फर्राटा के बादशाह उसैन बोल्ट के कारण उसकी छवि और बेहतर होगी तथा इससे अधिक विदेशी पर्यटकों को लुभाने में मदद मिलेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम (Haryana Assembly Election Result 2019) के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस कड़ी टक्कर देती दिखाई दे रही है. अब तक के रुझानों में कांग्रेस जहां 29 सीटों पर आगे है, वहीं भाजपा 5 सीटों के नुकसान के साथ 42 सीटों पर आगे बनी हुई है. कांग्रेस को इस बार 14 सीटों का फायदा होता दिखाई दे रहा है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी हरियाणा चुनाव में उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी का प्रदर्शन कुछ नहीं रहा है. अबतक के आंकड़ों के मुताबिक आप को कुल 0.43 फीसद वोट मिले हैं. हालांकि ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो नोटा को आप से ज्यादा, 0.54 फीसद मत मिले हैं. हरियाणा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर डॉ. कुमार विश्वास (Dr Kumar Vishvas) ने तंज कसा है.   कुमार विश्वास ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में दोपहर बाद तक विभिन्न दलों को मिले मत प्रतिशत का आंकड़ा शेयर करते हुए लिखा, 'ईमान और आंदोलन बेचकर 200 करोड़ में 2 कांग्रेसी अजगर खरीदे. बेहयाई से बोले कि 'साथियों की पीठ में छूरा घोंपकर हरियाणा चुनाव जीतने के लिए इन गुप्तादानियों के हाथों अपना स्वराज व आत्मा बेची है. पर आख़िर में नोटा तक से नीचे रहे.' कुमार विश्वास ने आगे लिखा, 'कहा था, फिर कह रहा हूं, काल का कूड़ेदान प्रतीक्षा में है.' बता दें कि एक समय कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेताओं में शामिल थे. बाद में अरविंद केजरीवाल से मतभेद के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली.   हरियाणा की मौजूदा परिस्थियों के आकलन के मुताबिक दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी (JJP) से कांग्रेस ने समर्थन के लिए संपर्क किया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने जेजेपी को डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया है. वहीं, जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली है. उन्होंने कहा कि राज्य में अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कुमार विश्वास ने आप पर साधा निशाना हरियाणा चुनाव नतीजों को शेयर किया लिखा, काल का कूड़ेदान प्रतीक्षा में है
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में किसानों ने सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन का मूड बना लिया है. राज्य में 'किसान क्रांति' के नाम से आंदोलन शुरू किया गया है. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे एक जून से शहरों में जाने वाले दूध, सब्जी समेत अन्य उत्पाद रोकेंगे. किसानों की शिकायत राज्य सरकार की नीतियों को लेकर है. वे किसानों की कर्ज़ से मुक्ति की मांग पर अटल हैं. जबकि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए कई फैसले लेने का दावा कर रही है. किसान क्रांति के नेता जयाजी शिंदे का कहना है कि किसान की कर्जमुक्ति ही उसकी सारे समस्याओं का हल है. जबकि मौजूदा सरकार कर्ज़मुक्ति की बात स्वीकार ही नहीं कर रही. ऐसे में किसानों के पास हड़ताल करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. शिंदे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद मुंबई में मीडिया से बात कर रहे थे. उनका दावा है कि राज्यभर से किसान उनके आंदोलन में शरीक हो रहे हैं. किसानों को मनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कृषिमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी ने कोशिश की, लेकिन किसान फिलहाल मानते नहीं दिख रहे. टिप्पणियां महाराष्ट्र के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर का कहना है कि किसान का हड़ताल करना जरूर ही अच्छा कदम नहीं है. ऐसा अगर सचमुच होता है तो दुनिया चल नहीं सकती, क्योंकि किसान इस दुनिया का अन्नदाता है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि किसान हड़ताल न करें. हम आंदोलनकारी किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं. गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही आंदोलन 1933 में महाराष्ट्र के अलीबाग में हुआ था, जो विफल हो गया था और हड़ताली किसानों को इसका भारी खामियाज़ा उठाना पड़ा था. किसान क्रांति के नेता जयाजी शिंदे का कहना है कि किसान की कर्जमुक्ति ही उसकी सारे समस्याओं का हल है. जबकि मौजूदा सरकार कर्ज़मुक्ति की बात स्वीकार ही नहीं कर रही. ऐसे में किसानों के पास हड़ताल करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. शिंदे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद मुंबई में मीडिया से बात कर रहे थे. उनका दावा है कि राज्यभर से किसान उनके आंदोलन में शरीक हो रहे हैं. किसानों को मनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कृषिमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी ने कोशिश की, लेकिन किसान फिलहाल मानते नहीं दिख रहे. टिप्पणियां महाराष्ट्र के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर का कहना है कि किसान का हड़ताल करना जरूर ही अच्छा कदम नहीं है. ऐसा अगर सचमुच होता है तो दुनिया चल नहीं सकती, क्योंकि किसान इस दुनिया का अन्नदाता है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि किसान हड़ताल न करें. हम आंदोलनकारी किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं. गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही आंदोलन 1933 में महाराष्ट्र के अलीबाग में हुआ था, जो विफल हो गया था और हड़ताली किसानों को इसका भारी खामियाज़ा उठाना पड़ा था. किसानों को मनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कृषिमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी ने कोशिश की, लेकिन किसान फिलहाल मानते नहीं दिख रहे. टिप्पणियां महाराष्ट्र के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर का कहना है कि किसान का हड़ताल करना जरूर ही अच्छा कदम नहीं है. ऐसा अगर सचमुच होता है तो दुनिया चल नहीं सकती, क्योंकि किसान इस दुनिया का अन्नदाता है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि किसान हड़ताल न करें. हम आंदोलनकारी किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं. गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही आंदोलन 1933 में महाराष्ट्र के अलीबाग में हुआ था, जो विफल हो गया था और हड़ताली किसानों को इसका भारी खामियाज़ा उठाना पड़ा था. महाराष्ट्र के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर का कहना है कि किसान का हड़ताल करना जरूर ही अच्छा कदम नहीं है. ऐसा अगर सचमुच होता है तो दुनिया चल नहीं सकती, क्योंकि किसान इस दुनिया का अन्नदाता है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि किसान हड़ताल न करें. हम आंदोलनकारी किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं. गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही आंदोलन 1933 में महाराष्ट्र के अलीबाग में हुआ था, जो विफल हो गया था और हड़ताली किसानों को इसका भारी खामियाज़ा उठाना पड़ा था. गौरतलब है कि कुछ ऐसा ही आंदोलन 1933 में महाराष्ट्र के अलीबाग में हुआ था, जो विफल हो गया था और हड़ताली किसानों को इसका भारी खामियाज़ा उठाना पड़ा था.
सारांश: 'किसान क्रांति' में राज्यभर के किसानों के शरीक होने का दावा कृषि मंत्री ने कहा, आंदोलनकारी किसानों से लगातार बातचीत कर रहे किसान क्रांति के नेता जयाजी शिंदे सीएम देवेंद्र फडणवीस से मिले
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को कानपुर लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल के समर्थन में रोड शो किया. महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी सरकार कानपुर को स्मार्ट शहर बना रही थी लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ. युवा बेरोजगार हैं और कर्ज के बोझ से दबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं.''भाजपा सरकार केवल दिखावा करती है.''प्रियंका पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी भी हैं. इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी तुलना दादी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी से नहीं की जा सकती, लेकिन वह उनके पदचिन्हों पर चलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी. प्रियंका गांधी ने कहा- मैं इंदिरा जी के सामने कुछ भी नहीं हूं, लेकिन उनके दिल में रहने वाली सेना की इच्छा मेरे और मेरे भाई राहुल गांधी के दिल में रहती है. कोई भी इसे हमारे बीच से नहीं निकाल सकता. हम आपकी सेवा करना जारी रहेंगे. रोडशो के दौरान रामादेवी चौराहे पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमने गरीबों के लिए 72 हजार रूपये का वायदा किया है लेकिन भाजपा कह रही है कि पर्याप्त धन नहीं है लेकिन उसके पास उद्योगपतियों को देने के लिए 3017 करोड़ रूपये हैं.उन्होंने कहा कि दो तरह की सरकारें होती हैं. एक वो जो जनता की प्रगति के लिए काम करती है और दूसरी वो जो केवल अपनी प्रगति की चिन्ता करती है.प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस जनता के लिए काम करती है जबकि भाजपा केवल उद्योगपतियों के लिए काम करती है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कानपुर में किया रोड शो बोलीं- मैं इंदिरा गांधी जैसी नहीं हूं, मगर उनके जैसा काम करूंगी प्रियंका गांधी ने श्रीप्रकाश जायसवाल के समर्थन में की रैली
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नक्सलियों द्वारा दो दिन पहले अगवा किए गए मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है। उड़ीसा सरकार ने उनकी रिहाई के प्रयास तेज कर दिए हैं। राज्य के मुख्य सचिव ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुख्य सचिव बीके पटनायक ने कहा, "हमें अब तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक अगवा किए गए दोनों अधिकारी सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने कृष्णा और माझी को रिहा करने के लिए जो शर्तें रखीं हैं। उनमें से एक शर्त को मानते हुए उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को गुरुवार से बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार विचार कर रही है। ज्ञात हो कि जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी को नक्सलियों ने बुधवार शाम को अगवा कर लिया था। राज्य में पहली बार नक्सलियों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी को अगवा किया है। नक्सलियों की अन्य मांगों में सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ समझौतों को रद्द करना और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सलियों से सहानुभूति रखने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है। नक्सलियों ने कृष्णा और माझी की रिहाई के लिए सरकार को पहले 48 घंटे का समय दिया था। उनकी यह समय सीमा शुक्रवार शाम समाप्त हो गई। एक नक्सली नेता भास्कर जिसने अपने को प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 'आंध्र-उड़ीसा बार्डर स्टेट जोनल कमेटी' का सचिव बताया है, ने शुक्रवार देर रात मीडिया के एक धड़े को बताया कि नक्सलियों ने अपनी मांगों को मानने के लिए सरकार को और 48 घंटे का समय दिया है। राज्य सरकार ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों आरएस राव और हरगोपाल से नक्सलियों से वार्ता करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा में अपने एक बयान में कहा कि राव और हरगोपाल के शनिवार को भुवनेश्वर पहुंचने की उम्मीद है। हरगोपाल ने कहा कि वे उड़िया भाषा और प्रदेश के हालात के बारे में नहीं जानते। हालांकि उन्होंने कहा कि नक्सली नेता घांती प्रसादम को रिहा कर दिए जाने से अपहर्ताओं से वार्ता में मदद मिलेगी। दिल्ली से एक स्थानीय टेलीविजन चैनल से बातचीत में हरगोपाल ने कहा , "मैंने उड़ीसा सरकार से प्रसादम को रिहा करने की अपील की है।" उन्होंने कहा कि प्रसादम को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है वह बहुत गंभीर मामला नहीं है। उन्होंने कहा, "उस पर ज्यादातर मामले आंध्र प्रदेश में दर्ज हैं और उच्च न्यायालय ने पहले ही उसे जमानत दे रखी है।" उन्होंने कहा, "उसके रिहा होने पर मैं और आर. एस. राव स्थितियों में हस्तक्षेप की कोशिश करेंगे। प्रसादम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की ओर से बात कर सकता है। सम्भवत: हम कोई समाधान खोज सकेंगे।" गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार हरगोपाल के अनुरोध पर विचार कर रही है और शीघ्र ही वह उचित निर्णय लेगी। सरकार इस प्रस्ताव से सहमत हो सकती है। इस बीच, कृष्णा और माझी की रिहाई की मांग को लेकर लोगों ने राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को रैलियां निकालीं। विधानसभा में भी बंधक बनाए गए अधिकारियों की सुरक्षित रिहाई की अपील की गई। राज्य के इस्पात एवं खनन मंत्री रघुनाथ मोहंती ने विधानसभा में में प्रस्ताव पेश किया जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। प्रस्ताव में कहा गया, "अगवा किए जाने के मसले पर सदन अपनी गहरी चिंता व्यक्त करता है। सदन सर्वसम्मति से मीडिया के माध्यम से दोनों व्यक्तियों की रिहाई की अपील करता है। सदन पीड़ित परिवारों के दुख और पीड़ा पर अपनी सहानुभूति जताता है।"
सारांश: नक्सलियों द्वारा दो दिन पहले अगवा किए गए मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी सुरक्षित हैं।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन और रवि बोपारा ने मंगलवार को डब्लिन में आयरलैंड के खिलाफ खेले गए दौरे के एकमात्र वन-डे मैच में पांचवें विकेट के लिए 226 रनों की अटूट साझेदारी कर भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांचवें विकेट के लिए नया रिकॉर्ड है। मोर्गन ने नाबाद 124 और बोपारा ने नाबाद 101 रन बनाए, जिससे इंग्लैंड इस एकमात्र वन-डे मैच में 42 गेंदें शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां इयोन मोर्गन ने विजयी छक्का जड़कर इंग्लैंड को जीत दिलाई और इसके साथ ही पांचवें विकेट के लिए साझेदारी का नया रिकॉर्ड भी बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा के नाम था, जिन्होंने 17 अगस्त, 1997 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में पांचवें विकेट के लिए 223 रन जोड़े थे। अजहरुद्दीन और जडेजा, दोनों ने उस मैच में शतक जमाए थे, लेकिन फिर भी भारत दो रन के करीबी अंतर से मैच हार गया था। वैसे, अजहरुद्दीन और जडेजा ने अपनी इस रिकॉर्ड साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन और रिकी पोंटिंग का श्रीलंका के खिलाफ जनवरी, 1996 में मेलबर्न में बनाया गया 159 रन का रिकॉर्ड तोड़ा था। इसके बाद इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी से पहले, केवल एक बार पांचवें विकेट के लिए 200 रन से अधिक की साझेदारी निभाई गई। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क और एंड्रयू साइमंड्स 7 दिसंबर, 2005 को न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अजहर और जडेजा का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गए थे, और इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 220 रन जोड़ लिए थे, लेकिन साइमंड्स आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर आउट हो गए। इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांचवें विकेट के लिए नया रिकॉर्ड है। मोर्गन ने नाबाद 124 और बोपारा ने नाबाद 101 रन बनाए, जिससे इंग्लैंड इस एकमात्र वन-डे मैच में 42 गेंदें शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां इयोन मोर्गन ने विजयी छक्का जड़कर इंग्लैंड को जीत दिलाई और इसके साथ ही पांचवें विकेट के लिए साझेदारी का नया रिकॉर्ड भी बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा के नाम था, जिन्होंने 17 अगस्त, 1997 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में पांचवें विकेट के लिए 223 रन जोड़े थे। अजहरुद्दीन और जडेजा, दोनों ने उस मैच में शतक जमाए थे, लेकिन फिर भी भारत दो रन के करीबी अंतर से मैच हार गया था। वैसे, अजहरुद्दीन और जडेजा ने अपनी इस रिकॉर्ड साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन और रिकी पोंटिंग का श्रीलंका के खिलाफ जनवरी, 1996 में मेलबर्न में बनाया गया 159 रन का रिकॉर्ड तोड़ा था। इसके बाद इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी से पहले, केवल एक बार पांचवें विकेट के लिए 200 रन से अधिक की साझेदारी निभाई गई। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क और एंड्रयू साइमंड्स 7 दिसंबर, 2005 को न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अजहर और जडेजा का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गए थे, और इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 220 रन जोड़ लिए थे, लेकिन साइमंड्स आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर आउट हो गए। इयोन मोर्गन ने विजयी छक्का जड़कर इंग्लैंड को जीत दिलाई और इसके साथ ही पांचवें विकेट के लिए साझेदारी का नया रिकॉर्ड भी बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा के नाम था, जिन्होंने 17 अगस्त, 1997 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में पांचवें विकेट के लिए 223 रन जोड़े थे। अजहरुद्दीन और जडेजा, दोनों ने उस मैच में शतक जमाए थे, लेकिन फिर भी भारत दो रन के करीबी अंतर से मैच हार गया था। वैसे, अजहरुद्दीन और जडेजा ने अपनी इस रिकॉर्ड साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन और रिकी पोंटिंग का श्रीलंका के खिलाफ जनवरी, 1996 में मेलबर्न में बनाया गया 159 रन का रिकॉर्ड तोड़ा था। इसके बाद इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी से पहले, केवल एक बार पांचवें विकेट के लिए 200 रन से अधिक की साझेदारी निभाई गई। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क और एंड्रयू साइमंड्स 7 दिसंबर, 2005 को न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अजहर और जडेजा का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गए थे, और इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 220 रन जोड़ लिए थे, लेकिन साइमंड्स आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद इयोन मोर्गन और रवि बोपारा की साझेदारी से पहले, केवल एक बार पांचवें विकेट के लिए 200 रन से अधिक की साझेदारी निभाई गई। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क और एंड्रयू साइमंड्स 7 दिसंबर, 2005 को न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अजहर और जडेजा का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गए थे, और इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 220 रन जोड़ लिए थे, लेकिन साइमंड्स आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर आउट हो गए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इयोन मोर्गन ने नाबाद 124 और रवि बोपारा ने नाबाद 101 रन बनाए, जिससे इंग्लैंड इस एकमात्र वन-डे मैच में 42 गेंदें शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रहा।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने शनिवार को एक पूर्व पीडीपी कार्यकर्ता पर गोलियां चलाई जिसमें वह घायल हो गया. पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने अनंतनाग के कोकेरनाग इलाके में सज्जाद हुसैन मंटू को उसके घर में गोली मारी. पुलिस ने बताया कि मंटू को पेट और जांघ में गोली लगी और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया. उसकी हालत स्थिर बतायी जा रही है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले की वजह का अभी पता नहीं चला है. पुलिस ने बताया कि मंटू पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से जुड़ा हुआ था. इससे पहले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में डीसी ऑफिस के बाहर ग्रेनेड से हमला हुआ जिसमें 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि इस हमले में घायल सभी लोग स्थानीय नागरिक हैं.  कुछ दिन पहले ही जम्मू कश्मीर के रामबन में बटोटे इलाके में जारी मुठभेड़ के दौरान सेना ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. जबकि सेना का एक जवान भी शहीद हो गया था. दूसरी तरफ, सुरक्षाबलों ने आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए सभी नागरिकों को सही-सलामत बचा लिया था.
संक्षिप्त सारांश: पूर्व PDP कार्यकर्ता को आतंकियों ने घर में घुसकर मारी गोली अनंतनाग में सज्जाद हुसैन मंटू को उसके घर में गोली मारी मंटू को पेट और जांघ में गोली लगी
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने शुक्रवार को निर्धन देशों में गरीबी घटाने और बुनियादी ढांचों के विकास के वास्ते एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के वित्तीय संसाधनों के आधार स्रोतों में विस्तार करने की जोरदार वकालत की। एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सलाना बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि एडीबी जैसी बहुपक्षीय एजेंसी को अधिक वित्तीय संसाधनों की दरकार है, ताकि वह विकासशील देशों को उनकी विकास संभावनों की पूर्ति में मददगार साबित हो सके। प्रधानमंत्री ने वार्षिक बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "हमने यूरोप में संकट के जवाब में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के स्रोतों में विस्तार किया है। अब हमें बहुपक्षीय विकास बैकों के आधार स्रोतों में विस्तार करने की जरूरत है, ताकि इनमें विकासशील देशों की विकास संभावनाओं की पूर्ति करने की सामर्थ्य बनी रहे।" मनमोहन सिंह ने मनीला आधारित एडीबी को संसाधनों को बढ़ाने के लिए नए तरीकों को अपनाने का सलाह दिया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि एडीबी के ऋणों के वहनीय स्तर में गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इस मोड़ पर एडीबी को एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी परियोजनाओं में वैश्विक बचत के लिए नए तरीकों की तलाश करना चाहिए।" वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सदस्य देशों से बहुपक्षीय एजेंसी को सहायता में बढ़ोतरी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "साथी गर्वनरों, मैं आपसे एडीबी के संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए साधनों और तरीकों पर विचार करने के लिए अपील करता हूं, ताकि एशिया के बुनियादी ढांचों, आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सलाना बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि एडीबी जैसी बहुपक्षीय एजेंसी को अधिक वित्तीय संसाधनों की दरकार है, ताकि वह विकासशील देशों को उनकी विकास संभावनों की पूर्ति में मददगार साबित हो सके। प्रधानमंत्री ने वार्षिक बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "हमने यूरोप में संकट के जवाब में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के स्रोतों में विस्तार किया है। अब हमें बहुपक्षीय विकास बैकों के आधार स्रोतों में विस्तार करने की जरूरत है, ताकि इनमें विकासशील देशों की विकास संभावनाओं की पूर्ति करने की सामर्थ्य बनी रहे।" मनमोहन सिंह ने मनीला आधारित एडीबी को संसाधनों को बढ़ाने के लिए नए तरीकों को अपनाने का सलाह दिया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि एडीबी के ऋणों के वहनीय स्तर में गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इस मोड़ पर एडीबी को एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी परियोजनाओं में वैश्विक बचत के लिए नए तरीकों की तलाश करना चाहिए।" वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सदस्य देशों से बहुपक्षीय एजेंसी को सहायता में बढ़ोतरी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "साथी गर्वनरों, मैं आपसे एडीबी के संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए साधनों और तरीकों पर विचार करने के लिए अपील करता हूं, ताकि एशिया के बुनियादी ढांचों, आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" प्रधानमंत्री ने वार्षिक बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "हमने यूरोप में संकट के जवाब में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के स्रोतों में विस्तार किया है। अब हमें बहुपक्षीय विकास बैकों के आधार स्रोतों में विस्तार करने की जरूरत है, ताकि इनमें विकासशील देशों की विकास संभावनाओं की पूर्ति करने की सामर्थ्य बनी रहे।" मनमोहन सिंह ने मनीला आधारित एडीबी को संसाधनों को बढ़ाने के लिए नए तरीकों को अपनाने का सलाह दिया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि एडीबी के ऋणों के वहनीय स्तर में गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इस मोड़ पर एडीबी को एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी परियोजनाओं में वैश्विक बचत के लिए नए तरीकों की तलाश करना चाहिए।" वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सदस्य देशों से बहुपक्षीय एजेंसी को सहायता में बढ़ोतरी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "साथी गर्वनरों, मैं आपसे एडीबी के संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए साधनों और तरीकों पर विचार करने के लिए अपील करता हूं, ताकि एशिया के बुनियादी ढांचों, आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" मनमोहन सिंह ने मनीला आधारित एडीबी को संसाधनों को बढ़ाने के लिए नए तरीकों को अपनाने का सलाह दिया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि एडीबी के ऋणों के वहनीय स्तर में गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इस मोड़ पर एडीबी को एशिया प्रशांत क्षेत्र में बुनियादी परियोजनाओं में वैश्विक बचत के लिए नए तरीकों की तलाश करना चाहिए।" वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सदस्य देशों से बहुपक्षीय एजेंसी को सहायता में बढ़ोतरी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "साथी गर्वनरों, मैं आपसे एडीबी के संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए साधनों और तरीकों पर विचार करने के लिए अपील करता हूं, ताकि एशिया के बुनियादी ढांचों, आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने भी सदस्य देशों से बहुपक्षीय एजेंसी को सहायता में बढ़ोतरी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "साथी गर्वनरों, मैं आपसे एडीबी के संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए साधनों और तरीकों पर विचार करने के लिए अपील करता हूं, ताकि एशिया के बुनियादी ढांचों, आर्थिक वृद्धि और गरीबी कम करने की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" चिदम्बरम ने संकेत दिया कि अगले दशक में एशिया में बुनियादी ढांचों में निवेश के लिए 8-10 खरब डॉलर मुद्रा की जरूरत होगी।टिप्पणियां भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान बुनियादी ढांचों में 1 खरब डॉलर निवेश का अनुमान किया गया है। इसका आधा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा। चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।" चिदम्बरम ने कहा, "एडीबी के 'ऋणों के वहनीय स्तर' में 10.1 अरब डॉलर से फिसलकर 8.0 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।" उन्होंने कहा, "एडीबी की वित्तीय स्थिति फिलहाल ठीक है, लेकिन यह विवश है। मौजूदा निम्न ब्याज दरों के कारण निवेशित आय से आमदनी कम हो रही है। इसने बैंक को मिलने वाली राशि को सीमित कर दिया है। मैं चिंतित हूं कि निम्न ब्याज दर का माहौल कुछ और समय तक जारी रहेगा।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने शुक्रवार को निर्धन देशों में गरीबी घटाने और बुनियादी ढांचों के विकास के वास्ते एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के वित्तीय संसाधनों के आधार स्रोतों में विस्तार करने की जोरदार वकालत की।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: अच्छी क्वॉलिटी की सस्ती दवाएं खरीदने के लिए अब आपको ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं होगी. रेलवे देश भर में अपने परिसरों में जन औषधि केंद्रों को खोलने की अनुमति देगा ताकि आम आदमी को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकें. जन औषधि अभियान की शुरुआत सरकार ने लोगों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए की हैं. ये दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेची जानी हैं. रेलवे औषधि विभाग के साथ समझौता कर रेल परिसरों में दुकानें खोलेगा. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, हमने रेलवे स्टेशनों, दवा दुकानों, कार्यशालाओं और रेल परिसर में जहां भी संभव है जन औषधि केंद्र बनाने का निर्णय किया है. प्लेटफॉर्म और अन्य रेल परिसरों में दवा दुकान खोलने के तौर तरीके पर काम किया जा रहा है.टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि इसका उद्देश्य रेलकर्मियों सहित आम लोगों को सस्ती दवाएं मुहैया कराना है. बता दें कि सुरेश प्रभु ने गुरुवार को ही अपनी महत्वाकांक्षी योजना मिशन रेट्रो फिटमेंट प्रॉजेक्ट (Mission Retro-Fitment) लॉन्च की है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आम जनता की रेल यात्रा को और सुखद बनाने के लिए इस मेगा प्रॉजेक्ट को लॉन्च किया है. इसके तहत करीब 40 हजार पुराने कोचों का कायाकल्प किया जाएगा. सरकार के इस के तहत भारतीय रेलवे अपनी रेलों के कोचों का न सिर्फ इंटीरियर बदलेंगी बल्कि कई प्रकार के सेफ्टी फीचर्स भी प्रोवाइड करवाएंगी. साथ ही एलईडी लाइट्स, ब्रैंडेड फिटिंग्स, धुएं से ही बज उठने वाले अलार्म इसके मिशन के तहत लगाए जाएंगे. भारतीय रेलवे दरअसल 40 हजार कोचों के इंटीरियर को साल 2022- 23 तक अपग्रेड करने की योजना बना रही है. स कार्ययोजना को लागू करने पर प्रति कोच 30 लाख रुपये का खर्च अनुमानत: आएगा. जन औषधि अभियान की शुरुआत सरकार ने लोगों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए की हैं. ये दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेची जानी हैं. रेलवे औषधि विभाग के साथ समझौता कर रेल परिसरों में दुकानें खोलेगा. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, हमने रेलवे स्टेशनों, दवा दुकानों, कार्यशालाओं और रेल परिसर में जहां भी संभव है जन औषधि केंद्र बनाने का निर्णय किया है. प्लेटफॉर्म और अन्य रेल परिसरों में दवा दुकान खोलने के तौर तरीके पर काम किया जा रहा है.टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि इसका उद्देश्य रेलकर्मियों सहित आम लोगों को सस्ती दवाएं मुहैया कराना है. बता दें कि सुरेश प्रभु ने गुरुवार को ही अपनी महत्वाकांक्षी योजना मिशन रेट्रो फिटमेंट प्रॉजेक्ट (Mission Retro-Fitment) लॉन्च की है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आम जनता की रेल यात्रा को और सुखद बनाने के लिए इस मेगा प्रॉजेक्ट को लॉन्च किया है. इसके तहत करीब 40 हजार पुराने कोचों का कायाकल्प किया जाएगा. सरकार के इस के तहत भारतीय रेलवे अपनी रेलों के कोचों का न सिर्फ इंटीरियर बदलेंगी बल्कि कई प्रकार के सेफ्टी फीचर्स भी प्रोवाइड करवाएंगी. साथ ही एलईडी लाइट्स, ब्रैंडेड फिटिंग्स, धुएं से ही बज उठने वाले अलार्म इसके मिशन के तहत लगाए जाएंगे. भारतीय रेलवे दरअसल 40 हजार कोचों के इंटीरियर को साल 2022- 23 तक अपग्रेड करने की योजना बना रही है. स कार्ययोजना को लागू करने पर प्रति कोच 30 लाख रुपये का खर्च अनुमानत: आएगा. प्रभु ने कहा कि इसका उद्देश्य रेलकर्मियों सहित आम लोगों को सस्ती दवाएं मुहैया कराना है. बता दें कि सुरेश प्रभु ने गुरुवार को ही अपनी महत्वाकांक्षी योजना मिशन रेट्रो फिटमेंट प्रॉजेक्ट (Mission Retro-Fitment) लॉन्च की है. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आम जनता की रेल यात्रा को और सुखद बनाने के लिए इस मेगा प्रॉजेक्ट को लॉन्च किया है. इसके तहत करीब 40 हजार पुराने कोचों का कायाकल्प किया जाएगा. सरकार के इस के तहत भारतीय रेलवे अपनी रेलों के कोचों का न सिर्फ इंटीरियर बदलेंगी बल्कि कई प्रकार के सेफ्टी फीचर्स भी प्रोवाइड करवाएंगी. साथ ही एलईडी लाइट्स, ब्रैंडेड फिटिंग्स, धुएं से ही बज उठने वाले अलार्म इसके मिशन के तहत लगाए जाएंगे. भारतीय रेलवे दरअसल 40 हजार कोचों के इंटीरियर को साल 2022- 23 तक अपग्रेड करने की योजना बना रही है. स कार्ययोजना को लागू करने पर प्रति कोच 30 लाख रुपये का खर्च अनुमानत: आएगा. सरकार के इस के तहत भारतीय रेलवे अपनी रेलों के कोचों का न सिर्फ इंटीरियर बदलेंगी बल्कि कई प्रकार के सेफ्टी फीचर्स भी प्रोवाइड करवाएंगी. साथ ही एलईडी लाइट्स, ब्रैंडेड फिटिंग्स, धुएं से ही बज उठने वाले अलार्म इसके मिशन के तहत लगाए जाएंगे. भारतीय रेलवे दरअसल 40 हजार कोचों के इंटीरियर को साल 2022- 23 तक अपग्रेड करने की योजना बना रही है. स कार्ययोजना को लागू करने पर प्रति कोच 30 लाख रुपये का खर्च अनुमानत: आएगा.
यहाँ एक सारांश है:जन औषधि अभियान के तहत मिलेंगी ये दवाएं ये दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेची जानी हैं रेलवे ने अपने परिसरों में जन औषधि केंद्रों को खोलने की अनुमति दी
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब में आम आदमी पार्टी टूट की कगार पर पहुंच गई है. पिछले हफ्ते संयोजक के पद से हटाए गए सुच्चा सिंह छोटेपुर के समर्थकों ने नई पार्टी बनाने की कवायद शुरू कर दी है. पार्टी के 12 में से 6 ज़ोनल इंचार्ज छोटेपुर के समर्थन में आ गए हैं. आनंदपुर साहिब के ज़ोनल इंचार्ज जसवीर सिंह धालीवाल ने बताया कि एक पत्र पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजा गया है, जिसमें छोटेपुर को संयोजक के पद पर बहाल करने की मांग की गई है.टिप्पणियां धालीवाल ने कहा, हम चाहते हैं कि छोटेपुर को टिकट वितरण के अधिकार दिए जाएं. ख़त में आप के पंजाब प्रभारी संजय सिंह और संगठन महासचिव दुर्गेश पाठक को उनके पर्यवेक्षकों समेत दिल्ली वापस बुलाने की मांग की गई है. धालीवाल ने कहा कि पंजाब के नेताओं की मेहनत की बदौलत आप को लोकसभा चुनाव में चार सीटें मिली थीं. हमें बाहर के नेताओं की ज़रूरत नहीं. छोटेपुर समर्थकों का कहना है कि 1 सितम्बर तक पार्टी हाई कमान के जवाब का इंतज़ार किया जाएगा, इसके बाद 2 सितम्बर को अमृतसर में छोटेपुर के समर्थक इकट्ठा होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. छोटेपुर पर एक स्टिंग ऑपरेशन में टिकट के बदले कैश लेने के आरोप के बाद संयोजक के पद से शुक्रवार को हटा दिया गया था. आनंदपुर साहिब के ज़ोनल इंचार्ज जसवीर सिंह धालीवाल ने बताया कि एक पत्र पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजा गया है, जिसमें छोटेपुर को संयोजक के पद पर बहाल करने की मांग की गई है.टिप्पणियां धालीवाल ने कहा, हम चाहते हैं कि छोटेपुर को टिकट वितरण के अधिकार दिए जाएं. ख़त में आप के पंजाब प्रभारी संजय सिंह और संगठन महासचिव दुर्गेश पाठक को उनके पर्यवेक्षकों समेत दिल्ली वापस बुलाने की मांग की गई है. धालीवाल ने कहा कि पंजाब के नेताओं की मेहनत की बदौलत आप को लोकसभा चुनाव में चार सीटें मिली थीं. हमें बाहर के नेताओं की ज़रूरत नहीं. छोटेपुर समर्थकों का कहना है कि 1 सितम्बर तक पार्टी हाई कमान के जवाब का इंतज़ार किया जाएगा, इसके बाद 2 सितम्बर को अमृतसर में छोटेपुर के समर्थक इकट्ठा होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. छोटेपुर पर एक स्टिंग ऑपरेशन में टिकट के बदले कैश लेने के आरोप के बाद संयोजक के पद से शुक्रवार को हटा दिया गया था. धालीवाल ने कहा, हम चाहते हैं कि छोटेपुर को टिकट वितरण के अधिकार दिए जाएं. ख़त में आप के पंजाब प्रभारी संजय सिंह और संगठन महासचिव दुर्गेश पाठक को उनके पर्यवेक्षकों समेत दिल्ली वापस बुलाने की मांग की गई है. धालीवाल ने कहा कि पंजाब के नेताओं की मेहनत की बदौलत आप को लोकसभा चुनाव में चार सीटें मिली थीं. हमें बाहर के नेताओं की ज़रूरत नहीं. छोटेपुर समर्थकों का कहना है कि 1 सितम्बर तक पार्टी हाई कमान के जवाब का इंतज़ार किया जाएगा, इसके बाद 2 सितम्बर को अमृतसर में छोटेपुर के समर्थक इकट्ठा होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. छोटेपुर पर एक स्टिंग ऑपरेशन में टिकट के बदले कैश लेने के आरोप के बाद संयोजक के पद से शुक्रवार को हटा दिया गया था. धालीवाल ने कहा कि पंजाब के नेताओं की मेहनत की बदौलत आप को लोकसभा चुनाव में चार सीटें मिली थीं. हमें बाहर के नेताओं की ज़रूरत नहीं. छोटेपुर समर्थकों का कहना है कि 1 सितम्बर तक पार्टी हाई कमान के जवाब का इंतज़ार किया जाएगा, इसके बाद 2 सितम्बर को अमृतसर में छोटेपुर के समर्थक इकट्ठा होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. छोटेपुर पर एक स्टिंग ऑपरेशन में टिकट के बदले कैश लेने के आरोप के बाद संयोजक के पद से शुक्रवार को हटा दिया गया था.
संक्षिप्त सारांश: सुच्चा सिंह छोटेपुर ने 2 सितंबर को बैठक बुलाई पंजाब AAP के 12 में 6 ज़ोनल इंचार्ज सुच्चा सिंह के साथ पंजाब से संजय सिंह और दुर्गेश पाठक को हटाने की मांग
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के बहु-चर्चित हनीट्रैप मामले (Honey-Trap) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले में राज्य के एक दर्जन शीर्ष नौकरशाहों और 8 पूर्व मंत्रियों की भी जांच की जा रही है. इस मामले में कंप्यूटर और मोबाइल फोन से बरामद 1,000 से अधिक सेक्स चैट की क्लिप, वीडियो और ऑडियो की सबूतों के लिए छानबीन की जा रही है. हनीट्रैप (Honey-Trap) का यह रैकेट धनी लोगों को निशाना बनाता था. इनके निशाने पर राजनेता और नौकरशाह होते थे. इस रैकेट में पांच महिलाएं शामिल थीं, जिनमें कांग्रेस के एक पूर्व IT सेल अधिकारी की पत्नी भी शामिल थीं. पुलिस छापे में सामने आए 200 से ज्यादा मोबाइल फोन के संपर्कों से पता चला है कि यह रैकेट मध्य प्रदेश के बाहर भी सक्रिय था. Honey-Trap मामले में हर दिन होते नए खुलासों से राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है.   इस घटना ने बहु-चर्चित व्यापम घोटाले की याद ताजा कर दी है. व्यापम घोटाले की बात करें तो इस मामले में भी कई ब्यूरोक्रेट और नेताओं को जेल जाना पड़ा है. यह अंतर्राज्यीय घोटाला साबित हुआ. फिलहाल इस मामले की एसटीएफ, एसआईटी के बाद सीबीआई जांच कर रही है. इस मामले से जुड़े लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक न्यूज चैनल के संवाददाता का भी नाम शामिल है. इस घोटाले में 1,450 छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए और परिजनों को भी आरोपी बनाया गया. लगभग 3000 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से बड़ी संख्या में लोगों को जेल जाना पड़ा. ठीक इसी तरह अब हनीट्रैप मामले (Honey-Trap) के तार भी राज्य के तमाम ब्यूरोक्रेट और नेताओं से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में हनीट्रैप मामला राज्य का दूसरा व्यापम घोटाला साबित हो सकता है.
संक्षिप्त सारांश: एमपी का हनीट्रैप मामला गरमाया हर दिन हो रहे हैं नए खुलासे कई नेताओं से जुड़ रहे हैं तार
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रविवार की देर रात कथित रूप से जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई जबकि आठ से ज्यादा लोग अभी भी पीड़ित बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार नेकनामपुर गांव स्थित एक अवैध शराब की दुकान से खरीदकर लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी। उनके पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। इसके बाद इनमें से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी एसके मल्ल ने सोमवार को बताया कि अब तक सात लोगों की मौत हो गई है जिसमें नेकनामपुर गांव के चार, सिंघाही के दो और माधेपुर का एक व्यक्ति शामिल है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को पारिवारिक योजना लाभ के तहत तत्काल 20-20 हजार रुपये की मुआवजा राशि दे दी गई है। इधर, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह गांव के तीन दुकानों में आग लगा दी है तथा सड़क पर निकलकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन द्वारा समझाकर इन्हें हटाया गया।टिप्पणियां मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार नेकनामपुर गांव स्थित एक अवैध शराब की दुकान से खरीदकर लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ने लगी। उनके पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। इसके बाद इनमें से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी एसके मल्ल ने सोमवार को बताया कि अब तक सात लोगों की मौत हो गई है जिसमें नेकनामपुर गांव के चार, सिंघाही के दो और माधेपुर का एक व्यक्ति शामिल है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को पारिवारिक योजना लाभ के तहत तत्काल 20-20 हजार रुपये की मुआवजा राशि दे दी गई है। इधर, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह गांव के तीन दुकानों में आग लगा दी है तथा सड़क पर निकलकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन द्वारा समझाकर इन्हें हटाया गया।टिप्पणियां मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी एसके मल्ल ने सोमवार को बताया कि अब तक सात लोगों की मौत हो गई है जिसमें नेकनामपुर गांव के चार, सिंघाही के दो और माधेपुर का एक व्यक्ति शामिल है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को पारिवारिक योजना लाभ के तहत तत्काल 20-20 हजार रुपये की मुआवजा राशि दे दी गई है। इधर, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह गांव के तीन दुकानों में आग लगा दी है तथा सड़क पर निकलकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन द्वारा समझाकर इन्हें हटाया गया।टिप्पणियां मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इधर, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह गांव के तीन दुकानों में आग लगा दी है तथा सड़क पर निकलकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन द्वारा समझाकर इन्हें हटाया गया।टिप्पणियां मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सोमवार की सुबह गांव के तीन दुकानों में आग लगा दी है तथा सड़क पर निकलकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन द्वारा समझाकर इन्हें हटाया गया।टिप्पणियां मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित लोगों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस गांव में पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कुमार के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में शिवनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
संक्षिप्त सारांश: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रविवार की देर रात कथित रूप से जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई जबकि आठ से ज्यादा लोग अभी भी पीड़ित बताए जा रहे हैं।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के ग्राम करोर कलां में शौच के लिए गई एक दलित नागालिग बालिका को दबंग युवकों ने खेत में खींचकर कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया।टिप्पणियां एसएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि थाना डिबाई के ग्राम करोर कलां में शनिवार शाम एक दलित युवती (16) शौच के लिए गए थी। रास्ते में गांव के ही राशिद, बाजिद, कासिम नामक युवकों ने उसे जबरन ज्वार के खेत में खींच लिया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। बाद में पीड़ित ने परिजनों को घटना के जानकारी दी। परिजन रात में ही थाना डिबाई गए, परंतु कोतवाल ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद वे एसएसपी के पास गए। एसएसपी ने तुरंत मेडिकल जांच कराने और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि थाना डिबाई के ग्राम करोर कलां में शनिवार शाम एक दलित युवती (16) शौच के लिए गए थी। रास्ते में गांव के ही राशिद, बाजिद, कासिम नामक युवकों ने उसे जबरन ज्वार के खेत में खींच लिया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। बाद में पीड़ित ने परिजनों को घटना के जानकारी दी। परिजन रात में ही थाना डिबाई गए, परंतु कोतवाल ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद वे एसएसपी के पास गए। एसएसपी ने तुरंत मेडिकल जांच कराने और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। बाद में पीड़ित ने परिजनों को घटना के जानकारी दी। परिजन रात में ही थाना डिबाई गए, परंतु कोतवाल ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके बाद वे एसएसपी के पास गए। एसएसपी ने तुरंत मेडिकल जांच कराने और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के ग्राम करोर कलां में शौच के लिए गई एक दलित नागालिग बालिका को दबंग युवकों ने खेत में खींचकर कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टेस्ट बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण, तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और हरफनमौला रविंदर जडेजा समेत 144 खिलाड़ियों की चार फरवरी को बेंगलूर में इंडियन प्रीमियर लीग के पांचवें सत्र के लिए नीलामी होगी। आईटीसी रायल गार्डेनिया में होने वाली नीलामी में आरपी सिंह, पार्थिव पटेल, रमेश पोवार, आर विनय कुमार और वीआरवी सिंह के लिए भी बोली लगेगी। ब्रैड हाग, मिशेल जानसन, पीटर सिडल, उस्मान ख्वाजा, ल्यूक रोंची उन 16 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में से है जो बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इंग्लैंड के 13 खिलाड़ियों की नीलामी होगी जिनमें जेम्स एंडरसन, इयान बेल, ओवैस शाह, रवि बोपारा, ग्रीम स्वान और क्रिस ट्रेमलेट शामिल हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 19 और न्यूजीलैंड के 10 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। बांग्लादेश के एकमात्र क्रिकेटर तामिम इकबाल नीलामी में शामिल हैं।टिप्पणियां श्रीलंका के 18, वेस्टइंडीज के 16 और जिम्बाब्वे के सात खिलाड़ियों के नाम सूची में हैं। अब तक 18 वनडे खेल चुके टाम कूपर हालैंड के एकमात्र क्रिकेटर हैं जबकि नियाल और केविन ओब्रायन आयरलैंड के खिलाड़ी हैं। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’ आईटीसी रायल गार्डेनिया में होने वाली नीलामी में आरपी सिंह, पार्थिव पटेल, रमेश पोवार, आर विनय कुमार और वीआरवी सिंह के लिए भी बोली लगेगी। ब्रैड हाग, मिशेल जानसन, पीटर सिडल, उस्मान ख्वाजा, ल्यूक रोंची उन 16 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में से है जो बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इंग्लैंड के 13 खिलाड़ियों की नीलामी होगी जिनमें जेम्स एंडरसन, इयान बेल, ओवैस शाह, रवि बोपारा, ग्रीम स्वान और क्रिस ट्रेमलेट शामिल हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 19 और न्यूजीलैंड के 10 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। बांग्लादेश के एकमात्र क्रिकेटर तामिम इकबाल नीलामी में शामिल हैं।टिप्पणियां श्रीलंका के 18, वेस्टइंडीज के 16 और जिम्बाब्वे के सात खिलाड़ियों के नाम सूची में हैं। अब तक 18 वनडे खेल चुके टाम कूपर हालैंड के एकमात्र क्रिकेटर हैं जबकि नियाल और केविन ओब्रायन आयरलैंड के खिलाड़ी हैं। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’ ब्रैड हाग, मिशेल जानसन, पीटर सिडल, उस्मान ख्वाजा, ल्यूक रोंची उन 16 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में से है जो बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इंग्लैंड के 13 खिलाड़ियों की नीलामी होगी जिनमें जेम्स एंडरसन, इयान बेल, ओवैस शाह, रवि बोपारा, ग्रीम स्वान और क्रिस ट्रेमलेट शामिल हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 19 और न्यूजीलैंड के 10 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। बांग्लादेश के एकमात्र क्रिकेटर तामिम इकबाल नीलामी में शामिल हैं।टिप्पणियां श्रीलंका के 18, वेस्टइंडीज के 16 और जिम्बाब्वे के सात खिलाड़ियों के नाम सूची में हैं। अब तक 18 वनडे खेल चुके टाम कूपर हालैंड के एकमात्र क्रिकेटर हैं जबकि नियाल और केविन ओब्रायन आयरलैंड के खिलाड़ी हैं। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’ इंग्लैंड के 13 खिलाड़ियों की नीलामी होगी जिनमें जेम्स एंडरसन, इयान बेल, ओवैस शाह, रवि बोपारा, ग्रीम स्वान और क्रिस ट्रेमलेट शामिल हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 19 और न्यूजीलैंड के 10 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। बांग्लादेश के एकमात्र क्रिकेटर तामिम इकबाल नीलामी में शामिल हैं।टिप्पणियां श्रीलंका के 18, वेस्टइंडीज के 16 और जिम्बाब्वे के सात खिलाड़ियों के नाम सूची में हैं। अब तक 18 वनडे खेल चुके टाम कूपर हालैंड के एकमात्र क्रिकेटर हैं जबकि नियाल और केविन ओब्रायन आयरलैंड के खिलाड़ी हैं। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’ श्रीलंका के 18, वेस्टइंडीज के 16 और जिम्बाब्वे के सात खिलाड़ियों के नाम सूची में हैं। अब तक 18 वनडे खेल चुके टाम कूपर हालैंड के एकमात्र क्रिकेटर हैं जबकि नियाल और केविन ओब्रायन आयरलैंड के खिलाड़ी हैं। आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’ आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एक बयान में कहा,‘इस सूची में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि यह नीलामी रोचक होगी।’
संक्षिप्त पाठ: भारतीय टेस्ट बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण, तेज गेंदबाज एस श्रीसंत और हरफनमौला रविंदर जडेजा समेत 144 खिलाड़ियों की चार फरवरी को बेंगलूर में इंडियन प्रीमियर लीग के पांचवें सत्र के लिए नीलामी होगी।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के लखीसराय जिले में नगर थाना अंतर्गत महिसोना गांव के नजदीक कल देर रात एक एसयूवी कार के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा जाने से कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य लोग घायल हो गये. लखीसराय नगर थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि देर रात साढे तीन बजे हुए इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है उनमें दो पुरुष, दो महिलाएं और एक किशोरी शामिल हैं.  ये मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र निवासी थे. उन्होंने बताया कि इस हादसे में घायल सभी लोगों को इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में ट्रक चालक भी शामिल है. घायलों में शामिल तीन महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है.थाना प्रभारी ने बताया कि कार में सवार लोग तीन बच्चों का मुंडन कराकर झारखंड के देवघर से मुजफ्फरपुर लौट रहे थे. घायलों में मुंडन कराने वाले तीन बच्चे भी शामिल हैं.   उन्होंने बताया कि इस हादसे में घायल सभी लोगों को इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में ट्रक चालक भी शामिल है. घायलों में शामिल तीन महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है.थाना प्रभारी ने बताया कि कार में सवार लोग तीन बच्चों का मुंडन कराकर झारखंड के देवघर से मुजफ्फरपुर लौट रहे थे. घायलों में मुंडन कराने वाले तीन बच्चे भी शामिल हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्रक से टकरा जाने कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य घायल ये मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र निवासी थे तीन बच्चों का मुंडन कराकर झारखंड के देवघर से मुजफ्फरपुर लौट रहे थे
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेश सचिव निरूपमा राव ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता प्रक्रिया को लेकर भारत सतर्क लेकिन आशावादी है और वह इस प्रक्रिया को वास्तविकताओं के मद्देनजर परिपक्व होते देखना चाहता है। राव ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर के साथ मुलाकात के एक दिन बाद यहां संवाददाताओं से कहा हमारी बैठक अच्छी और उपयोगी रही। हमने :भारत. पाक: संबंध के साथ कई प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बशीर के साथ उनकी बातचीत में कोई मुद्दा नहीं छाया रहा। उन्होंने कहा हमने :वार्ता: प्रक्रिया के बारे में बातचीत की और बेहतर तौर तरीके कैसे हों, इस बारे में चर्चा की। राव ने कहा कुल मिला कर यह एक उपयोगी बैठक रही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने खुला और रचनात्मक रवैया दिखाया। उन्होंने कहा मैं संतुष्ट हूं। अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हमें इंतजार करने और देखने की जरूरत है। विदेश सचिव ने कहा हमें इस प्रक्रिया के परिपक्व होने का इंतजार करना होगा। हमें आशावादी, सतर्क आशावादी होना चाहिए क्योंकि कई मुद्दे ऐसे हैं जो सुलझने चाहिए। भारत पाकिस्तान संबंधों को जटिल प्रकृति का बताते हुए राव ने कहा हमें यथार्थवादी होना चाहिए। हमें वास्तविकताओं से अवगत होना चाहिए। उन्होंने संबंधों के भविष्य के लिए दूरदृष्टि की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ऐसा महसूस करते हैं। राव ने कहा कि बशीर ने उनसे कहा कि उनकी सरकार भी रचनात्मक तरीके से प्रमुख मुद्दों पर वार्ता प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। राव और बशीर की कल रात 90 मिनट की मुलाकात हुई जिसमें दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि सकारात्मक और गर्मजोशी भरे संबंध दोनों देशों के हित में हैं और उन्हें इस दिशा में काम करने की जरूरत है। बाद में दोनों पक्षों की ओर से प्रेस को जारी एक साझा बयान में कहा गया कि दोनों विदेश सचिव अपने अपने प्रधानमंत्रियों के आदेश के अनुसार, अप्रैल 2010 में थिम्पू में उनकी मुलाकात के बाद और गत जुलाई को विदेश मंत्रियों की इस्लामाबाद में बैठक के बाद मिले तथा उन्होंने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। दोनों पक्षों ने सभी प्रमुख मुद्दों के हल के लिए रचनात्मक वार्ता की जरूरत पर जोर दिया।
यह एक सारांश है: राव ने कहा कि पाक के साथ वार्ता प्रक्रिया को लेकर भारत सतर्क लेकिन आशावादी है और वह इस प्रक्रिया को वास्तविकताओं के मद्देनजर परिपक्व होते देखना चाहता है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कैंसर से जूझ रहे वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज का निधन हो गया है। उनके निधन से लैटिन अमेरिकी वामपंथ की एक बुलंद आवाज शांत हो गई है और तेल समृद्ध देश का भविष्य अनिश्चितता में डूब गया है। उपराष्ट्रपति निकोलस मादुरो राष्ट्रपति शावेज के निधन की घोषणा के समय अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘‘अपने लोगों का साथ देने, उनकी सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए’’ सशस्त्र बलों और पुलिस की तैनाती की है। शावेज ने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था, लेकिन वेनेजुएला का विपक्ष निश्चित रूप से ताजा चुनाव के लिए दबाव बनाएगा। सरकार के इस आरोप को लेकर तनाव बढ़ रहा है कि उसके घरेलू प्रतिद्वंद्वी विदेशी दुश्मनों के साथ हाथ मिलाये हुए हैं।टिप्पणियां शावेज के निधन से कुछ समय पहले मादुरो और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला के शत्रुओं ने 58 वर्षीय शावेज को कैंसर से संक्रमित किया जिसने अंतत: उनकी जान ले ली। इसके साथ ही अमेरिकी दूतावास से संबंधित दो सैन्य विशेषज्ञों को निष्कासित कर दिया गया है। संविधान के तहत चुनाव 30 दिन के भीतर होने चाहिए और नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो को अंतरिम आधार पर सत्ता संभाल लेनी चाहिए, लेकिन शावेज ने वेनेजुएला की जनता से अपील की थी कि यदि वह लौटने में असफल रहें तो वे मादुरो को चुनें। शावेज ने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था, लेकिन वेनेजुएला का विपक्ष निश्चित रूप से ताजा चुनाव के लिए दबाव बनाएगा। सरकार के इस आरोप को लेकर तनाव बढ़ रहा है कि उसके घरेलू प्रतिद्वंद्वी विदेशी दुश्मनों के साथ हाथ मिलाये हुए हैं।टिप्पणियां शावेज के निधन से कुछ समय पहले मादुरो और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला के शत्रुओं ने 58 वर्षीय शावेज को कैंसर से संक्रमित किया जिसने अंतत: उनकी जान ले ली। इसके साथ ही अमेरिकी दूतावास से संबंधित दो सैन्य विशेषज्ञों को निष्कासित कर दिया गया है। संविधान के तहत चुनाव 30 दिन के भीतर होने चाहिए और नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो को अंतरिम आधार पर सत्ता संभाल लेनी चाहिए, लेकिन शावेज ने वेनेजुएला की जनता से अपील की थी कि यदि वह लौटने में असफल रहें तो वे मादुरो को चुनें। शावेज के निधन से कुछ समय पहले मादुरो और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला के शत्रुओं ने 58 वर्षीय शावेज को कैंसर से संक्रमित किया जिसने अंतत: उनकी जान ले ली। इसके साथ ही अमेरिकी दूतावास से संबंधित दो सैन्य विशेषज्ञों को निष्कासित कर दिया गया है। संविधान के तहत चुनाव 30 दिन के भीतर होने चाहिए और नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो को अंतरिम आधार पर सत्ता संभाल लेनी चाहिए, लेकिन शावेज ने वेनेजुएला की जनता से अपील की थी कि यदि वह लौटने में असफल रहें तो वे मादुरो को चुनें। संविधान के तहत चुनाव 30 दिन के भीतर होने चाहिए और नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो को अंतरिम आधार पर सत्ता संभाल लेनी चाहिए, लेकिन शावेज ने वेनेजुएला की जनता से अपील की थी कि यदि वह लौटने में असफल रहें तो वे मादुरो को चुनें।
संक्षिप्त पाठ: वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज का 58 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह कैंसर से पीड़ित थे। उनके निधन से लैटिन अमेरिका की एक बुलंद आवाज खामोश हो गई है।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: और क्या था कि वह हद दरजे के लोकतांत्रिक थे. यूं तो उन्हें वामपंथी बताया जाता है, लेकिन स्वयं वामपंथ के अलग-अलग धड़ों से उनका कश्मकश चलता रहता, इसी वजह से किसी भी प्रकार का वामपंथ हो, उन्हें संदेह की नजर से देखा जाता था. दकियानूसों का वह मजाक उड़ाते और उनकी बातों में इतनी ताजगी, इतना नयापन होता था जो हर किसी को चकित करता था. वह सच्चे दिल से कोशिश करते थे कि नयी पीढ़ी पनपे, आगे बढ़े. यह सब चीजें तब भी उनमें भरपूर थीं जब वह अस्सी बरस के बूढ़े थे. वह कैसे ऐसा बन सके, कौन-सी पृष्ठभूमि इसके पीछे है- यही मूल जिज्ञासा थी, जो हमें उनके जीवन की गहराई में झांकने को प्रेरित करती थी. इसके बहुत सारे कारण थे, जो इस किताब में विस्तार से आए हैं.   नागार्जुन का जीवन यायावरी का जीवन था. बुढ़ापे में भी वह यह कहते पाए जाते कि जब भी बीमार पड़ूं, किसी ट्रेन का टिकट कटाकर गाड़ी में चढ़ा देना, ठीक हो जाऊंगा.  जब वह सरकार की विकास-अवधारणा पर खिसियाते तो कहते कि यदि और कुछ भी करने में सरकार बिलकुल ही नाकाम है तो यही कर दे कि हर नागरिक को देश-भ्रमण करवा दे, इससे कूपमंडूकता तो खत्म होगी. काशी की विद्वत्परंपरा से निकलकर वह आर्यसमाज की तरफ गए, श्रीलंका जाकर बौद्ध बने, उधर से लौटकर आजादी की लड़ाई में शामिल हुए. भूमिगत रहकर वर्षों क्रांतिकारी किसान आन्दोलन में शामिल रहे, स्वामी सहजानंद और सुभाष बोस के साथ राजनीति की. देश के प्रधानमंत्रियों, सरकारों की हर जनविरोधी फैसले के खिलाफ आग उगलनेवाली कविताएं लिखीं, कितनी ही बार जेल में डाले गए, जब भी देश के अंदर, चाहे किसी भी प्रान्त में जनांदोलन छिड़ा, वह उसमें शामिल हुए. इस तरह से देखें तो आजादी के पहले और आजादी के बाद का जो भारत का सौ बरसों का इतिहास है, वह नागार्जुन के जीवन में मूर्तिमान था. यह सब चीजें इस किताब में आई हैं. हमारे एक विद्वान अध्येता त्रिपुरारि शरण ने तो उस दिन की गोष्ठी में कहा भी कि आज का जो युवा है वह यदि अपने देश के बनने-बिगड़ने का सौ बरस का सामाजिक सरोकारी इतिहास जानना चाहता है, तो शायद उसे और कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी. दूसरे, हमारे कई बड़े लेखक हुए जिनकी जीवनी लिखी गई और वो बहुत प्रसिद्ध भी हुई. इनमें शरदचंद्र, निराला और प्रेमचंद मुख्य हैं. आप देखेंगे कि समय के जो बड़े लेखक होते हैं वो केवल लिखते नहीं, अपने लिखे से अपनी भाषा की ताकत बढ़ाते हैं. जिन कुछ चीजों की अभिव्यक्ति के लिए अब तक भाषा में कोई शऊर नहीं थी, ऐसे बड़े लेखक वह जरूरी सामर्थ्य अपने लिखे से पैदा करते हैं. नागार्जुन इस कोटि के लेखक थे. आमतौर पर राजनेताओं की जीवनी लिखी जाती है जिसके पीछे समझ यह होती है कि वह एक प्रयास की कथा होती है कि उन्होंने इस देश की बेहतरी के हक में कैसे सोचा. नागार्जुन के संदर्भ में देखें तो नेता की तो बात ही छोड़िए, खुद राजनीतिक दलों से भी एक ऊंची चीज वह एक लेखक को मानते थे, बशर्ते कि लेखक राजनीतिक रूप से सचेत हो और जनता से गहरे जुड़ा हो. वह कहते थे कि राजनीतिक दल जो फैसला लेता है उसके जस्टिफिकेशन में बताता है कि यह सैकड़ों दिमाग से किए गए चिंतन का नतीजा है. नागार्जुन मानते थे कि लेखक तो हजारों, लाखों दिमागों का प्रतिनिधि होता है. उसकी बात एकदम से अविचारणीय नहीं हो सकती. पैसे और पावर से नहीं, जनता से लगाव-जुड़ाव होने से ही कोई प्रतिनिधि पद हासिल कर सकता है. यह बड़ी बात इसलिए है कि बाकी सब को, बड़ों-बड़ों को भी तो थोड़े दिनों में मर-खप जाना है, लेकिन जनता तो रहेगी. वह तो सनातन है. नागार्जुन इस तरह सोचते थे और इसी को साधने की कोशिश में लगे रहते थे. आप भी मानेंगे कि ऐसे आदमी की एक जीवनकथा जनता के पास जरूर होना चाहिए. इसके रचनानुभव की कुछ बातें मैंने किताब की भूमिका में लिखी हैं. एक प्रसंग आपको कहता हूं जो मेरी जिज्ञासा की दिशा का कुछ अंदाज दे सकती है. यह क्रान्तिकारी किसान आन्दोलन में उनकी भागीदारी के दौर का मामला है. नागार्जुन की राजनीतिक दीक्षा कैसे हुई, उनके राजनीतिक विचारों के उत्स कहां हैं, इस बारे में पूछने पर वह बस एक लाइन बतलाते थे कि भइ, सोनपुर में महीने भर का 'समर स्कूल ऑफ पॉलिटिक्स' लगा था, उसमें भारत भर के तपे तपाए समाजवादियों ने क्लास लिया था, वहां हमने चीवर पहने भिक्षु नागार्जुन के रूप में महीने भर की पढ़ाई की थी. मतलब जो लिया वहीं से लिया. स्वतंत्रता-संग्राम के दिनों में खास तौर पर क्रान्तिकारी आन्दोलन में, ऐसे प्रशिक्षण-शिविर अक्सर चलाए जाते रहते थे, जिनका उद्देश्य आमजन को राजनीतिक रूप से सचेत करना होता था. नागार्जुन को देखें तो पाएंगे कि उनके राजनीतिक आदर्श इतने ऊंचे और निष्ठा इतनी गहरी थी कि वह पार्टी-नेतृत्व तक की परवाह करना, जरूरत पड़ने पर छोड़ सकते थे. यह ताकत उन्हें कहां से मिलती थी? कौन-से आदर्श थे उनके? उत्तर तो और भी स्रोतों से उपलब्ध है, लेकिन एक जीवनी-लेखक के लिए जरूरी था कि उस मास भर चले स्कूल का डिटेल ढूंढ़े. अब मुश्किल यह कि उतने विशाल, बहुआयामी स्वतंत्रता-संग्राम के भीतर इस महीने भर के स्कूल की भला क्या औकात हो सकती थी, इसलिए इस बारे में किताबों में, पत्रिकाओं में कुछ भी लिखा नहीं मिलता था. ऐसे में लाचार होकर मैंने पुराने सरकारी अभिलेखागारों में जा-जाकर सीआईडी रिपोर्ट की खोजबीन शुरू की. ब्रिटिश सरकार का खुफिया तंत्र बड़ा ही मजबूत था और इसकी जड़ें उन अशान्ति के दिनों में चारों ओर फैली थीं. खैर, उस स्कूल के बारे में डीआईजी, खुफिया का लंबा प्रतिवेदन तो मिला ही, ढेर सारी जनसभाओं में भिक्षु नागार्जुन के तथाकथित भड़काऊ भाषणों का सार भी मिला. आदि-आदि. देश में अब भी हजारों लोग ऐसे हैं जिनके पास नागार्जुन के ढेर सारे अनमोल संस्मरण हैं. उनसे गुजरना आपको रोमांचित करता है क्योंकि वे इतने पॉजीटिव हैं कि हममें पुख्ता यकीन भरते हैं. किंतु, अन्तत: मुझे लिखित साक्ष्यों तक ही अपने को सीमित रखना पड़ा, क्योंकि किसी भी किताब के पृष्ठों की अपनी सीमा होती है. नागार्जुन जहां भी होते, बहुत डूबकर अपनी संपूर्णता में होते थे. इसकी वजह से यह होता कि अपने समय को, माहौल को वह अनिवार्य रूप से प्रभावित करते थे. इन सब प्रसंगों को उस युग में पहुंचकर और उनके साथ होकर देखना और उसे अनुभव करना बहुत रोचक अनुभव था. इसे मैं कभी नहीं भूल सकता. कहें कि अब यह मेरी दौलत है. दूसरे यह भी था कि नागार्जुन आंख मूंदकर गुरुभक्ति करने वाले आदमी अपनी तरुणाई में भी नहीं थे. इसलिए टीका-टिप्पणी, आलोचना-प्रत्यालोचना चलती रहती थी दोनों के बीच. आजादी के बाद जो हमने जमींदारी उन्मूलन होते देखा, इसकी समूची पीठिका सहजानंद की कायम की हुई थी और हम साहित्यवाले गर्व कर सकते हैं कि इसमें हमारे कवियों, लेखकों की भी क्रियात्मक भूमिका भी रही. यह और बात है कि सत्ता पर जो लोग काबिज हुए उन्होंने कभी भी भूमिसुधार लागू नहीं होने दिया, क्योंकि यह तो उनके लिए अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ा मारना होता. तारानंद वियोगी- अभी तो मैं मैथिली कविता के इतिहास पर काम रहा हूं. हजार वर्षों में एक समाज ने किस तरह से, कितने रूपों प्ररूपों में अपने को अभिव्यक्त किया, रोचक है यह सब देखना. फिर, नागार्जुन पर और जो ढेर सारी सामग्रियां जमा हैं, उन्हें लेकर कुछ करना है. संभव है कि आगे 'युगों का यात्री' का दूसरा भाग भी आए. लेकिन, मेरी असल योजना जातीय उपन्यासों को लेकर है. कि कैसे एक ही समय कई-कई अन्तर्धाराएं चलती रहती हैं और किन वजहों से कुछ प्रमुखता प्राप्त कर लेतीं, बाकी को पीछे ढकेल देती हैं, फिर वो चीजें अपने लिए कैसे स्पेस बनाती रहती हैं. आदि-आदि. लिखूंगा अभी. अभी मेरे पास बहुत चीजें हैं.
संक्षिप्त पाठ: तानानंद वियोगी की नागार्जुन की जीवनी 'युगो का यात्री' प्रकाशित हुई लेखक ने इस जीवनी के लिए एक लंबा और कठिन शोध कार्य किया नागार्जुन हिंदी के जनकवि के रूप में हैं विख्यात
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पहलवान योगेश्‍वर दत्‍त रियो ओलिंपिक से भले ही खाली हाथ लौट आए हों लेकिन अब उनको एक सांत्‍वना पुरस्‍कार मिलने जा रहा है. दरअसल 2012 लंदन ओलिंपिक के दौरान जो उन्‍होंने कांस्‍य पदक जीता था, वह अब अपग्रेड होकर सिल्‍वर हो गया है. इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई है. वास्‍तव में ये उनके लिए भी सुखद आश्‍चर्य से कम नहीं है. ऐसा इसलिए हुआ है क्‍योंकि जिस रूसी पहलवान ने उस दौरान सिल्‍वर मेडल हासिल किया था, उसका डोप टेस्‍ट पॉजिटिव निकला है. यानी वह डोपिंग की परीक्षा में फेल हो गया. उल्‍लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में 60 किग्रा फ्रीस्‍टाइल स्‍पर्द्धा में रूस के बेसिक कुदुखोव ने सिल्‍वर मेडल जीता था और योगेश्‍वर को कांस्‍य मिला था. लेकिन अब बेसिक का डोप टेस्‍ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण वह तमगा कांस्‍य पदक विजेता रहे योगेश्‍वर को दिया गया. उल्‍लेखनीय है कि कुदुखोव की 27 साल की उम्र में 2013 में रूस में कार दुर्घटना में मौत हो चुकी है. लेकिन इस महीने रियो ओलिंपिक से पहले अंतरराष्‍ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने लंदन ओलिंपिक के दौरान एकत्र किए सैंपलों का फिर परीक्षण किया था. यह एक स्‍टैंडर्ड अभ्‍यास के तहत किया जाता है और ऐसे सैंपलों को 10 साल तक संरक्षित रखा जाता है. इसका मकसद एडंवास टेस्‍ट परीक्षणों के द्वारा ऐसे सैंपलों का परीक्षण करना होता है ताकि कोई गलत तरीके से यदि सफल हुआ है तो उस गलती को सुधारा जा सके. उसी के तहत कुदुखोव के सैंपल का अब फिर परीक्षण हुआ और उनका डोप पॉजिटिव पाए जाने के कारण उनका सिल्‍वर, अब योगेश्‍वर दत्‍त को मिल गया.   टिप्पणियां अब पदक अपग्रेड की घोषणा के बाद योगेश्‍वर भी लंदन में सिल्‍वर मेडल धारी माने जाएंगे. इस तरह लंदन ओलिंपिक में सिल्‍वर जीतने वाले अन्‍य भारतीय प्‍लेयरों पहलवान सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार की श्रेणी में शुमार हो गए. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं. उल्‍लेखनीय है कि लंदन ओलिंपिक में 60 किग्रा फ्रीस्‍टाइल स्‍पर्द्धा में रूस के बेसिक कुदुखोव ने सिल्‍वर मेडल जीता था और योगेश्‍वर को कांस्‍य मिला था. लेकिन अब बेसिक का डोप टेस्‍ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण वह तमगा कांस्‍य पदक विजेता रहे योगेश्‍वर को दिया गया. उल्‍लेखनीय है कि कुदुखोव की 27 साल की उम्र में 2013 में रूस में कार दुर्घटना में मौत हो चुकी है. लेकिन इस महीने रियो ओलिंपिक से पहले अंतरराष्‍ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने लंदन ओलिंपिक के दौरान एकत्र किए सैंपलों का फिर परीक्षण किया था. यह एक स्‍टैंडर्ड अभ्‍यास के तहत किया जाता है और ऐसे सैंपलों को 10 साल तक संरक्षित रखा जाता है. इसका मकसद एडंवास टेस्‍ट परीक्षणों के द्वारा ऐसे सैंपलों का परीक्षण करना होता है ताकि कोई गलत तरीके से यदि सफल हुआ है तो उस गलती को सुधारा जा सके. उसी के तहत कुदुखोव के सैंपल का अब फिर परीक्षण हुआ और उनका डोप पॉजिटिव पाए जाने के कारण उनका सिल्‍वर, अब योगेश्‍वर दत्‍त को मिल गया.   टिप्पणियां अब पदक अपग्रेड की घोषणा के बाद योगेश्‍वर भी लंदन में सिल्‍वर मेडल धारी माने जाएंगे. इस तरह लंदन ओलिंपिक में सिल्‍वर जीतने वाले अन्‍य भारतीय प्‍लेयरों पहलवान सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार की श्रेणी में शुमार हो गए. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं. उल्‍लेखनीय है कि कुदुखोव की 27 साल की उम्र में 2013 में रूस में कार दुर्घटना में मौत हो चुकी है. लेकिन इस महीने रियो ओलिंपिक से पहले अंतरराष्‍ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने लंदन ओलिंपिक के दौरान एकत्र किए सैंपलों का फिर परीक्षण किया था. यह एक स्‍टैंडर्ड अभ्‍यास के तहत किया जाता है और ऐसे सैंपलों को 10 साल तक संरक्षित रखा जाता है. इसका मकसद एडंवास टेस्‍ट परीक्षणों के द्वारा ऐसे सैंपलों का परीक्षण करना होता है ताकि कोई गलत तरीके से यदि सफल हुआ है तो उस गलती को सुधारा जा सके. उसी के तहत कुदुखोव के सैंपल का अब फिर परीक्षण हुआ और उनका डोप पॉजिटिव पाए जाने के कारण उनका सिल्‍वर, अब योगेश्‍वर दत्‍त को मिल गया.   टिप्पणियां अब पदक अपग्रेड की घोषणा के बाद योगेश्‍वर भी लंदन में सिल्‍वर मेडल धारी माने जाएंगे. इस तरह लंदन ओलिंपिक में सिल्‍वर जीतने वाले अन्‍य भारतीय प्‍लेयरों पहलवान सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार की श्रेणी में शुमार हो गए. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं. यह एक स्‍टैंडर्ड अभ्‍यास के तहत किया जाता है और ऐसे सैंपलों को 10 साल तक संरक्षित रखा जाता है. इसका मकसद एडंवास टेस्‍ट परीक्षणों के द्वारा ऐसे सैंपलों का परीक्षण करना होता है ताकि कोई गलत तरीके से यदि सफल हुआ है तो उस गलती को सुधारा जा सके. उसी के तहत कुदुखोव के सैंपल का अब फिर परीक्षण हुआ और उनका डोप पॉजिटिव पाए जाने के कारण उनका सिल्‍वर, अब योगेश्‍वर दत्‍त को मिल गया.   टिप्पणियां अब पदक अपग्रेड की घोषणा के बाद योगेश्‍वर भी लंदन में सिल्‍वर मेडल धारी माने जाएंगे. इस तरह लंदन ओलिंपिक में सिल्‍वर जीतने वाले अन्‍य भारतीय प्‍लेयरों पहलवान सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार की श्रेणी में शुमार हो गए. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं. अब पदक अपग्रेड की घोषणा के बाद योगेश्‍वर भी लंदन में सिल्‍वर मेडल धारी माने जाएंगे. इस तरह लंदन ओलिंपिक में सिल्‍वर जीतने वाले अन्‍य भारतीय प्‍लेयरों पहलवान सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार की श्रेणी में शुमार हो गए. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं. इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बन गए हैं. इसी श्रेणी के 66 किग्रा भार वर्ग में सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाले पहले पहलवान सुशील कुमार हैं.
संक्षिप्त सारांश: सिल्‍वर मेडल हासिल करने वाला रूसी खिलाड़ी डोपिंग टेस्‍ट में फेल इसके साथ ही ओलिंपिक में सिल्‍वर पाने वाले दूसरे भारतीय पहलवान होंगे उसी ओलिंपिक में सुशील कुमार और शूटर विजय कुमार को मिला सिल्‍वर
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ में समाजवादी पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा बुलाए गए विशेष अधिवेशन में मौजूद पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष मान लिया है. साथ ही पार्टी के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवपाल यादव को पद से हटा दिया गया है और पार्टी महासचिव अमर सिंह को भी पार्टी ने निकालने का प्रस्ताव पास कर दिया है. जानकारी के लिए बता दें कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने इस मीटिंग के शुरू होने से पहले ही कहा दिया था कि यह मीटिंग गैरकानूनी है और जो भी इसमें शिरकत करेगा उन पर कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले पार्टी के लोगों को संबोधित करते हुए महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि पूरा देश यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ कर रहा है. ऐसे में भी इनकी कोई बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि तब पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपील की कि राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया जाए. यही वजह है कि पार्टी का आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया गया है. रामगोपाल यादव ने कहा दो लोगों ने पार्टी को खत्म करने की साजिश की. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में पहला प्रस्ताव सर्वसम्मति से यूपी के मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का है और उन्हें यह अधिकार देना है कि वह समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को जरूरत के हिसाब से गठित करें. रामगोपाल यादव ने कहा कि दूसरा प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव को समाजवादी पार्टी का सर्वोच्च नेता माना जाए. तीसरा प्रस्ताव यह है, शिवपाल यादव को उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष पद से तत्काल हटाया जाए और अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया जाए. इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्रस्ताव हुए, वह उन लोगों के खिलाफ हैं, जिन्‍होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के खिलाफ साजिश हो और पार्टी के खिलाफ साजिश हो तो बेटा होने के नाते मेरे जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का जहां नुकसान होगा, वहां कार्रवाई करनी पड़ेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो सरकार बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार बनेगी तो नेताजी को सबसे ज्यादा खुशी होगी. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि पार्टी की सरकार एक बार फिर बने. उन्होंने कहा कि 3-4 महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में यह सब पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया कि पार्टी का मनोबल अभी तक कम नहीं हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. इससे पहले पार्टी के लोगों को संबोधित करते हुए महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि पूरा देश यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ कर रहा है. ऐसे में भी इनकी कोई बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि तब पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपील की कि राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया जाए. यही वजह है कि पार्टी का आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया गया है. रामगोपाल यादव ने कहा दो लोगों ने पार्टी को खत्म करने की साजिश की. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में पहला प्रस्ताव सर्वसम्मति से यूपी के मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का है और उन्हें यह अधिकार देना है कि वह समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को जरूरत के हिसाब से गठित करें. रामगोपाल यादव ने कहा कि दूसरा प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव को समाजवादी पार्टी का सर्वोच्च नेता माना जाए. तीसरा प्रस्ताव यह है, शिवपाल यादव को उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष पद से तत्काल हटाया जाए और अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया जाए. इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्रस्ताव हुए, वह उन लोगों के खिलाफ हैं, जिन्‍होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के खिलाफ साजिश हो और पार्टी के खिलाफ साजिश हो तो बेटा होने के नाते मेरे जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का जहां नुकसान होगा, वहां कार्रवाई करनी पड़ेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो सरकार बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार बनेगी तो नेताजी को सबसे ज्यादा खुशी होगी. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि पार्टी की सरकार एक बार फिर बने. उन्होंने कहा कि 3-4 महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में यह सब पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया कि पार्टी का मनोबल अभी तक कम नहीं हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. रामगोपाल यादव ने कहा कि दूसरा प्रस्ताव मुलायम सिंह यादव को समाजवादी पार्टी का सर्वोच्च नेता माना जाए. तीसरा प्रस्ताव यह है, शिवपाल यादव को उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष पद से तत्काल हटाया जाए और अमर सिंह को पार्टी से निकाल दिया जाए. इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्रस्ताव हुए, वह उन लोगों के खिलाफ हैं, जिन्‍होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के खिलाफ साजिश हो और पार्टी के खिलाफ साजिश हो तो बेटा होने के नाते मेरे जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का जहां नुकसान होगा, वहां कार्रवाई करनी पड़ेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो सरकार बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार बनेगी तो नेताजी को सबसे ज्यादा खुशी होगी. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि पार्टी की सरकार एक बार फिर बने. उन्होंने कहा कि 3-4 महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में यह सब पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया कि पार्टी का मनोबल अभी तक कम नहीं हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्रस्ताव हुए, वह उन लोगों के खिलाफ हैं, जिन्‍होंने पार्टी के खिलाफ काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के खिलाफ साजिश हो और पार्टी के खिलाफ साजिश हो तो बेटा होने के नाते मेरे जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का जहां नुकसान होगा, वहां कार्रवाई करनी पड़ेगी. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो सरकार बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार बनेगी तो नेताजी को सबसे ज्यादा खुशी होगी. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि पार्टी की सरकार एक बार फिर बने. उन्होंने कहा कि 3-4 महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में यह सब पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया कि पार्टी का मनोबल अभी तक कम नहीं हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो सरकार बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार बनेगी तो नेताजी को सबसे ज्यादा खुशी होगी. उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि पार्टी की सरकार एक बार फिर बने. उन्होंने कहा कि 3-4 महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में यह सब पार्टी को नुकसान पहुंचाएगा. उन्होंने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया कि पार्टी का मनोबल अभी तक कम नहीं हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के बेटे के हैसियत से मुझे जो कुछ भी करना होगा, करूंगा. उन्होंने कहा कि राज्य में एक सेक्‍युलर सरकार बने, यही उम्मीद करता हूं. उन्होंने नए साल की सभी को बधाई दी. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. बता दें कि यह पहले ही साफ था कि टिकट बंटवारे को लेकर दो दिनों तक चला सियासी ड्रामा अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. ये बैठक जनेश्वर मिश्र पार्क में हुई. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. इससे पहले शनिवार को अखिलेश से मिलने के बाद मुलायम ने उनकी बर्ख़ास्तगी वापस ली थी. साथ ही रामगोपाल का निष्कासन भी वापस लिया गया था. शिवपाल ने मीडिया में आकर कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन आज गाज उन्हीं पर गिरी है. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. उल्लेखनीय है कि शनिवार को पार्टी में घमासान के बीच मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव और आजम खान की बैठक के बाद अखिलेश और रामगोपाल यादव का निष्कासन वापस ले लिया गया. अब एक बार फिर दोनों की पार्टी में वापसी हो गई है. माना जा रहा है कि आजम खान ने मध्‍यस्‍थता की भूमिका निभाई.टिप्पणियां उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. उसी का नतीजा है कि एक बार फिर सुलह की गुंजाइश बनी और सपा सुप्रीमो ने बैठक खत्‍म होने के तत्‍काल बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन को रद्द करते हुए उनकी पार्टी में वापसी का फैसला लिया. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा. इस बैठक में शिवपाल और अबू आजमी भी मौजूद थे. बैठक में आजम ने अखिलेश के साथ मिलकर अमर सिंह को निकालने की मांग भी की. आजम ने कहा कि अगर अमर सिंह को निकाला जाता है तो सब ठीक होगा.
अखिलेश यादव खेमे ने मुलायम को पार्टी का संरक्षक घोषित किया शिवपाल यादव को प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटाए जाने का फैसला अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया गया
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: करोड़ों लोगों की आराध्य देवी राधा के मायके बरसाने में उनके जन्मदिन राधाष्टमी के अवसर पर प्रसिद्ध लाड़लीजी मंदिर में महाभिषेक के दौरान एकत्र श्रद्धालुओं में धक्कामुक्की और भगदड़ से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस का दावा है कि महिलाओं की मौत दम घुटने के कारण हुई है। सूत्रों ने बताया कि तड़के मंदिर के पट खुलने के समय श्रद्धालुओं का दबाव एकाएक बढ़ने के कारण मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर धक्का मुक्की हुई और भगदड़ मच गई जिससे बरेली निवासी मालिनी देवी (60) तथा फरीदाबाद निवासी कुसुम (42) की भीड़ में दबकर मौत हो गई। वहीं इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दीपक (40) ने अपराह्न अस्पताल में दम तोड़ दिया।टिप्पणियां राधाष्टमी मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एके राय ने बताया कि जानकारी मिलने पर महिलाओं को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन दिल का दौरा पड़ने के दौरान दी जाने वाली दवा नहीं मिलने के कारण महिलाओं को बचाया नहीं जा सका। सूत्रों ने बताया कि इस घटना में घायल हुए मध्य प्रदेश के मंडला जनपद के भुवनलाल साहू, उनकी पत्नी रामकली बाई तथा रामकुमार साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस का दावा है कि महिलाओं की मौत दम घुटने के कारण हुई है। सूत्रों ने बताया कि तड़के मंदिर के पट खुलने के समय श्रद्धालुओं का दबाव एकाएक बढ़ने के कारण मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर धक्का मुक्की हुई और भगदड़ मच गई जिससे बरेली निवासी मालिनी देवी (60) तथा फरीदाबाद निवासी कुसुम (42) की भीड़ में दबकर मौत हो गई। वहीं इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दीपक (40) ने अपराह्न अस्पताल में दम तोड़ दिया।टिप्पणियां राधाष्टमी मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एके राय ने बताया कि जानकारी मिलने पर महिलाओं को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन दिल का दौरा पड़ने के दौरान दी जाने वाली दवा नहीं मिलने के कारण महिलाओं को बचाया नहीं जा सका। सूत्रों ने बताया कि इस घटना में घायल हुए मध्य प्रदेश के मंडला जनपद के भुवनलाल साहू, उनकी पत्नी रामकली बाई तथा रामकुमार साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया। राधाष्टमी मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एके राय ने बताया कि जानकारी मिलने पर महिलाओं को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन दिल का दौरा पड़ने के दौरान दी जाने वाली दवा नहीं मिलने के कारण महिलाओं को बचाया नहीं जा सका। सूत्रों ने बताया कि इस घटना में घायल हुए मध्य प्रदेश के मंडला जनपद के भुवनलाल साहू, उनकी पत्नी रामकली बाई तथा रामकुमार साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया। सूत्रों ने बताया कि इस घटना में घायल हुए मध्य प्रदेश के मंडला जनपद के भुवनलाल साहू, उनकी पत्नी रामकली बाई तथा रामकुमार साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया।
यह एक सारांश है: करोड़ों लोगों की आराध्य देवी राधा के मायके बरसाने में उनके जन्मदिन राधाष्टमी के अवसर पर प्रसिद्ध लाड़लीजी मंदिर में महाभिषेक के दौरान एकत्र श्रद्धालुओं में धक्कामुक्की और भगदड़ से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) का विरोध कर रहे भीम आर्मी (Bhim Army) के चीफ चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर वहां से बच निकले. उन्हें दिल्ली की जामा मस्जिद से हिरासत में लिया गया था. भीम आर्मी शुक्रवार को संशोधित कानून का विरोध करने के लिए जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने वाली थी. पुलिस की ओर से इस मार्च के लिए इजाजत नहीं दी गई थी. आजाद के हिरासत से निकलने पर पुलिस का कहना है कि उन्होंने चंद्रशेखर को हिरासत में लिया ही नहीं था. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में बीते गुरुवार काफी प्रदर्शन हुए थे. लाल किले पर लोगों को बुलाया गया था. एहतियातन दिल्ली पुलिस ने किसी भी रैली आदि की मंजूरी नहीं दी. हंगामे की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने लाल किले के आसपास धारा 144 लगा दी. जिसके बाद दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. भीम आर्मी ने शुक्रवार को जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का ऐलान किया, हालांकि पुलिस ने इस मार्च को मंजूरी नहीं दी. तनाव की आशंका को देखते हुए शुक्रवार सुबह से जामा मस्जिद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई. चंद्रशेखर आजाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जामा मस्जिद पहुंचे. मार्च निकालने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. जुमे की नमाज के बाद यह मार्च निकाला जाना था. भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने आजाद को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी काफी बहस भी हुई. कुछ ही देर बाद आजाद पुलिस की हिरासत से बच निकले. फिलहाल वह कहां हैं इस बारे में पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस की बड़ी चूक माना जा रहा है.
पुलिस हिरासत में चंद्रशेखर आजाद भीम आर्मी के मुखिया हैं आजाद नागरिकता कानून का कर रहे हैं विरोध
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में एक शादी समारोह में वैवाहिक गीत गाये जाने पर मदरसा छात्रों ने वहां आए मेहमानों पर हमला कर दिया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। आज मिली खबर के अनुसार, घोटकी के दाद लघारी इलाके में यह घटना घटी। शादी समारोह में महिलाएं सिंधी विवाहिक गीत ‘सेहरा’ गा रही थीं तभी पास के मदरसे के छात्रों ने मेहमानों पर डंडों से हमला कर दिया और पथराव किया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, हादी बख्श मलिक और उसके दामाद हजान मलिक हमले में जख्मी हो गए। छात्रों की अगुवाई मौलवी तय्यब अरैन कर रहे थे।टिप्पणियां हादी बख्श ने कहा, मेरे बेटे की सगाई चल रही थी। उन्होंने हमसे गाना बंद करने के लिए कहा और महिलाओं तथा बच्चों के लिए अपशब्द बोले। हादी बख्श ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। अरैन का दावा है कि शादी समारोह में लोग ‘इशा’ की नमाज के वक्त गीत गा रहे थे। हमने उन्हें पहले भी ढोल नहीं बजाने और नमाज के वक्त नहीं गाने के लिए कहा था। मौलवी ने कहा कि हमने उनके घर पर हमला नहीं बोला और केवल गाना बंद करने को कहा था। आज मिली खबर के अनुसार, घोटकी के दाद लघारी इलाके में यह घटना घटी। शादी समारोह में महिलाएं सिंधी विवाहिक गीत ‘सेहरा’ गा रही थीं तभी पास के मदरसे के छात्रों ने मेहमानों पर डंडों से हमला कर दिया और पथराव किया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, हादी बख्श मलिक और उसके दामाद हजान मलिक हमले में जख्मी हो गए। छात्रों की अगुवाई मौलवी तय्यब अरैन कर रहे थे।टिप्पणियां हादी बख्श ने कहा, मेरे बेटे की सगाई चल रही थी। उन्होंने हमसे गाना बंद करने के लिए कहा और महिलाओं तथा बच्चों के लिए अपशब्द बोले। हादी बख्श ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। अरैन का दावा है कि शादी समारोह में लोग ‘इशा’ की नमाज के वक्त गीत गा रहे थे। हमने उन्हें पहले भी ढोल नहीं बजाने और नमाज के वक्त नहीं गाने के लिए कहा था। मौलवी ने कहा कि हमने उनके घर पर हमला नहीं बोला और केवल गाना बंद करने को कहा था। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, हादी बख्श मलिक और उसके दामाद हजान मलिक हमले में जख्मी हो गए। छात्रों की अगुवाई मौलवी तय्यब अरैन कर रहे थे।टिप्पणियां हादी बख्श ने कहा, मेरे बेटे की सगाई चल रही थी। उन्होंने हमसे गाना बंद करने के लिए कहा और महिलाओं तथा बच्चों के लिए अपशब्द बोले। हादी बख्श ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। अरैन का दावा है कि शादी समारोह में लोग ‘इशा’ की नमाज के वक्त गीत गा रहे थे। हमने उन्हें पहले भी ढोल नहीं बजाने और नमाज के वक्त नहीं गाने के लिए कहा था। मौलवी ने कहा कि हमने उनके घर पर हमला नहीं बोला और केवल गाना बंद करने को कहा था। हादी बख्श ने कहा, मेरे बेटे की सगाई चल रही थी। उन्होंने हमसे गाना बंद करने के लिए कहा और महिलाओं तथा बच्चों के लिए अपशब्द बोले। हादी बख्श ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। अरैन का दावा है कि शादी समारोह में लोग ‘इशा’ की नमाज के वक्त गीत गा रहे थे। हमने उन्हें पहले भी ढोल नहीं बजाने और नमाज के वक्त नहीं गाने के लिए कहा था। मौलवी ने कहा कि हमने उनके घर पर हमला नहीं बोला और केवल गाना बंद करने को कहा था। अरैन का दावा है कि शादी समारोह में लोग ‘इशा’ की नमाज के वक्त गीत गा रहे थे। हमने उन्हें पहले भी ढोल नहीं बजाने और नमाज के वक्त नहीं गाने के लिए कहा था। मौलवी ने कहा कि हमने उनके घर पर हमला नहीं बोला और केवल गाना बंद करने को कहा था।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में एक शादी समारोह में वैवाहिक गीत गाये जाने पर मदरसा छात्रों ने वहां आए मेहमानों पर हमला कर दिया, जिसमें दो लोग घायल हो गए।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गाजियाबाद की एक अदालत ने दंतचिकित्सक दम्पति नूपुर तलवार और राजेश तलवार के खिलाफ उनकी किशोरी पुत्री आरुषि और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या मामले में आरोप तय करने की कार्यवाही आज कल के लिए टाल दी क्योंकि आरोपियों ने बहस के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं होने का हवाला दिया।टिप्पणियां तलवार दम्पति के वकील ने विशेष सीबीआई अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्याम लाल के समक्ष एक याचिका दायर करके कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई ने केवल एक दिन पहले उन्हें छह हजार पृष्ठों का दस्तावेज सौंपा है और वे आरोप तय किये जाने के खिलाफ बहस के लिए तैयार नहीं हैं। न्यायाधीश ने उन्हें तैयारी के लिए एक दिन का समय दिया और आरोप तय करने के लिए कल किया जाना तय किया। उन्होंने साथ ही राजेश तलवार और नूपुर तलवार से कहा कि यदि वे आरोप तय किये जाने पर बहस के लिए नहीं आये तो अदालत उन्हें सुने बिना केवल सीबीआई को सुनकर ही कार्यवाही में आगे बढ़ेगी। तलवार दम्पति के वकील ने विशेष सीबीआई अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्याम लाल के समक्ष एक याचिका दायर करके कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई ने केवल एक दिन पहले उन्हें छह हजार पृष्ठों का दस्तावेज सौंपा है और वे आरोप तय किये जाने के खिलाफ बहस के लिए तैयार नहीं हैं। न्यायाधीश ने उन्हें तैयारी के लिए एक दिन का समय दिया और आरोप तय करने के लिए कल किया जाना तय किया। उन्होंने साथ ही राजेश तलवार और नूपुर तलवार से कहा कि यदि वे आरोप तय किये जाने पर बहस के लिए नहीं आये तो अदालत उन्हें सुने बिना केवल सीबीआई को सुनकर ही कार्यवाही में आगे बढ़ेगी। न्यायाधीश ने उन्हें तैयारी के लिए एक दिन का समय दिया और आरोप तय करने के लिए कल किया जाना तय किया। उन्होंने साथ ही राजेश तलवार और नूपुर तलवार से कहा कि यदि वे आरोप तय किये जाने पर बहस के लिए नहीं आये तो अदालत उन्हें सुने बिना केवल सीबीआई को सुनकर ही कार्यवाही में आगे बढ़ेगी।
गाजियाबाद की सेशंस कोर्ट में आरुषि-हेमराज हत्याकांड पर सुनवाई पूरी हो गई है। तलवार दंपति पर आरोप तय करने को लेकर फैसला कल आएगा।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने अपने नागरिकों को दक्षिण एशिया समेत दुनिया भर में यात्रा के दौरान सावधान रहने की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण एशिया में अल कायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, अमेरिकी नागरिकों को उच्च स्तरीय चौकसी बनाए रखने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए याद दिलाया जाता है। हाल ही में मिली सूचना के अनुसार अल कायदा और उसके सहयोगी संगठन व अन्य आतंकी संगठन यूरोप, एशिया, अफ्रीका और मध्यपूर्व समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी हितों के खिलाफ आतंकी हमले की योजना बना रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में आत्मघाती अभियान, हत्याएं, अपहरण, वाहन अपहरण और बम विस्फोट आदि तरीके अपनाए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी सरकारी और निजी दोनों हितों को अपना निशाना बना सकते हैं और इसके लिए वे पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, अमेरिकी नागरिकों को उच्च स्तरीय चौकसी बनाए रखने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए याद दिलाया जाता है। हाल ही में मिली सूचना के अनुसार अल कायदा और उसके सहयोगी संगठन व अन्य आतंकी संगठन यूरोप, एशिया, अफ्रीका और मध्यपूर्व समेत कई क्षेत्रों में अमेरिकी हितों के खिलाफ आतंकी हमले की योजना बना रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में आत्मघाती अभियान, हत्याएं, अपहरण, वाहन अपहरण और बम विस्फोट आदि तरीके अपनाए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी सरकारी और निजी दोनों हितों को अपना निशाना बना सकते हैं और इसके लिए वे पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में आत्मघाती अभियान, हत्याएं, अपहरण, वाहन अपहरण और बम विस्फोट आदि तरीके अपनाए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कट्टरपंथी सरकारी और निजी दोनों हितों को अपना निशाना बना सकते हैं और इसके लिए वे पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं। इसके कुछ उदाहरण उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं, रिहायशी इलाके, बिजनेस कार्यालय, होटल, क्लब, रेस्तरां, पूजाघर, स्कूल, सार्वजनिक इलाके और अन्य पर्यटन स्थल आदि हो सकते हैं। ये जगह अमेरिका के भीतर या विदेश में हो सकती हैं, जहां अमेरिकी नागरिक बड़ी संख्या में जुटते हों।टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सरकार की विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में शामिल पश्चिम विरोधी कुछ आतंकी संगठन भारत में सक्रिय हैं। इनमें हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी, हकल उल-मुजाहिद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं। बयान में कहा गया है कि आतंकियों ने भारत में ऐसे सार्वजनिक स्थलों को लगातार अपना निशाना बनाया है, जहां पश्चिमी देशों के निवासियों का आना-जाना रहता है। इनमें होटल, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बाजार, सिनेमा, मस्जिद और शहरी इलाकों के रेस्तरां प्रमुख हैं।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने अपने नागरिकों को दक्षिण एशिया समेत दुनिया भर में यात्रा के दौरान सावधान रहने की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण एशिया में अल कायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उदयपुर के अम्बा माता पुलिस थाना इलाके में सरकारी वकील (एपीपी) को अदालत में मुकदमे की पैरवी ठीक से करने के बदले रिश्वत के रूप में महिला से अस्मत मांगने के आरोप में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया है। ब्यूरो सूत्रों ने बताया कि सरकारी वकील अभिमन्यु सिंह ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम दो में महिला और उनके पति के बीच कार के मालिकाना हक को लेकर विचाराधीन मुकदमे में महिला का सही ढंग से पक्ष रखने के लिए अस्मत मांगी। उन्होंने बताया कि सरकारी वकील ने महिला को सुखाड़िया सर्किल बुलाया और महिला ही अपनी कार में उसे लेकर अपने घर पंहुची। सूत्रों के अनुसार महिला द्वारा इशारा करने पर ब्यूरो के दल ने सरकारी वकील अभिमन्यु सिंह को पकड कर तलाशी ली ओर उसके पास से 50 हजार रुपये नकद और ढेर सारी शक्तिवर्धक गोलियां जब्त की। अदालत में महिला के मुकदमे की आगामी सुनवाई 27 सितम्बर को होनी थी। ब्यूरो सरकारी वकील के खिलाफ रिश्वत में अस्मत मांगने का मुकदमा दर्जकर जांच कर रही है।
संक्षिप्त पाठ: राजस्थान में एक सरकारी वकील को मुकदमे की पैरवी ठीक से करने के बदले रिश्वत के रूप में महिला से अस्मत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बार फिर छात्रा से नम्बर के बदले अस्मत की मांग की गई। छात्रा ने महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की कोशिश व अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक शासकीय मानकुंवर महाविद्यालय की बीकॉम की छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके बीते सेमेस्टर की परीक्षा में उम्मीद से कम नम्बर आए। उसने इसकी वजह व नम्बर बढ़ाने के लिए प्रयास किए, इसको लेकर उसका महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जेएस दुबे से संपर्क हुआ। छात्रा का आरोप है कि लगातार दुबे उसके सामने तरह-तरह के प्रस्ताव रखते रहे। छात्रा का आरोप है कि उससे अकेले में मिलने का प्रस्ताव रखा गया, कॉफी पीने का प्रस्ताव दिया गया। उसने जब इसका विरोध किया तो उससे महाविद्यालय के एक कक्ष में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। तभी एक कर्मचारी के आ जाने पर उसकी इज्जत बच सकी। इस मामले के उजागर होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय छात्र संगठन ने शनिवार को महाविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपमा गांगुली का कहना है कि छात्रा की ओर से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। जब शिकायत आएगी उस पर कार्रवाई करेंगी। वहीं दुबे अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगा रहे हैं।टिप्पणियां पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रुचिका चतुर्वेदी ने रविवार को बताया कि छात्रा की शिकायत उनके पास आई है और कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक शासकीय मानकुंवर महाविद्यालय की बीकॉम की छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके बीते सेमेस्टर की परीक्षा में उम्मीद से कम नम्बर आए। उसने इसकी वजह व नम्बर बढ़ाने के लिए प्रयास किए, इसको लेकर उसका महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जेएस दुबे से संपर्क हुआ। छात्रा का आरोप है कि लगातार दुबे उसके सामने तरह-तरह के प्रस्ताव रखते रहे। छात्रा का आरोप है कि उससे अकेले में मिलने का प्रस्ताव रखा गया, कॉफी पीने का प्रस्ताव दिया गया। उसने जब इसका विरोध किया तो उससे महाविद्यालय के एक कक्ष में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। तभी एक कर्मचारी के आ जाने पर उसकी इज्जत बच सकी। इस मामले के उजागर होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय छात्र संगठन ने शनिवार को महाविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपमा गांगुली का कहना है कि छात्रा की ओर से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। जब शिकायत आएगी उस पर कार्रवाई करेंगी। वहीं दुबे अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगा रहे हैं।टिप्पणियां पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रुचिका चतुर्वेदी ने रविवार को बताया कि छात्रा की शिकायत उनके पास आई है और कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है। छात्रा का आरोप है कि उससे अकेले में मिलने का प्रस्ताव रखा गया, कॉफी पीने का प्रस्ताव दिया गया। उसने जब इसका विरोध किया तो उससे महाविद्यालय के एक कक्ष में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। तभी एक कर्मचारी के आ जाने पर उसकी इज्जत बच सकी। इस मामले के उजागर होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय छात्र संगठन ने शनिवार को महाविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपमा गांगुली का कहना है कि छात्रा की ओर से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। जब शिकायत आएगी उस पर कार्रवाई करेंगी। वहीं दुबे अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगा रहे हैं।टिप्पणियां पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रुचिका चतुर्वेदी ने रविवार को बताया कि छात्रा की शिकायत उनके पास आई है और कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है। महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपमा गांगुली का कहना है कि छात्रा की ओर से उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। जब शिकायत आएगी उस पर कार्रवाई करेंगी। वहीं दुबे अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगा रहे हैं।टिप्पणियां पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रुचिका चतुर्वेदी ने रविवार को बताया कि छात्रा की शिकायत उनके पास आई है और कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी रुचिका चतुर्वेदी ने रविवार को बताया कि छात्रा की शिकायत उनके पास आई है और कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है। ज्ञात हो कि इससे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों पर चिकित्सा महाविद्यालय की छात्रा ने अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाले का आरेाप लगाया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी तक हो चुकी है। यह प्रकरण अभी भी गर्म है और अब एक नया मामला सामने आया है।
यहाँ एक सारांश है:मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बार फिर छात्रा से नम्बर के बदले अस्मत की मांग की गई। छात्रा ने महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की कोशिश व अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने दो और नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है. रविवार को एटीएस ने दस नक्सली गिरफ्तार किए थे, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दीवाली से पहले हमले की साजिश रच रहे थे. इन्हीं गिरफ्तार नक्सलियों में से चार ने पूछताछ के दौरान अपने बाकी दो साथियों के बारे में बताया. एटीएस प्रवक्ता ने बताया कि धरमवीर सिंह यादव और सिपाही राम को बिहार में रोहतास जिले के दरीगांव से गिरफ्तार किया गया. दरीगांव उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है. गिरफ्तार दोनों नक्सली नोएडा में अड्डा बनाने की फिराक में थे. रोहतास बिहार के नक्सल हिंसा प्रभावित छह जिलों में से एक है. यह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के निकट है, जहां से रविवार को एक माओवादी को पकड़ा गया था. रविवार को ही नौ अन्य नक्सली नोएडा से गिरफ्तार किए गए थे. रविवार को पकड़े गए नक्सलियों में से रंजीत पासवान, कृष्ण कुमार, पवन कुमार झा और आशीष सारस्वत की निशानदेही पर धरमवीर और सिपाही को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों को सात दिन की हिरासत में लिया था. टिप्पणियां एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रविवार को एटीएस ने दस नक्सली गिरफ्तार किए थे, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में दीवाली से पहले हमले की साजिश रच रहे थे. इन्हीं गिरफ्तार नक्सलियों में से चार ने पूछताछ के दौरान अपने बाकी दो साथियों के बारे में बताया. एटीएस प्रवक्ता ने बताया कि धरमवीर सिंह यादव और सिपाही राम को बिहार में रोहतास जिले के दरीगांव से गिरफ्तार किया गया. दरीगांव उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है. गिरफ्तार दोनों नक्सली नोएडा में अड्डा बनाने की फिराक में थे. रोहतास बिहार के नक्सल हिंसा प्रभावित छह जिलों में से एक है. यह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के निकट है, जहां से रविवार को एक माओवादी को पकड़ा गया था. रविवार को ही नौ अन्य नक्सली नोएडा से गिरफ्तार किए गए थे. रविवार को पकड़े गए नक्सलियों में से रंजीत पासवान, कृष्ण कुमार, पवन कुमार झा और आशीष सारस्वत की निशानदेही पर धरमवीर और सिपाही को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों को सात दिन की हिरासत में लिया था. टिप्पणियां एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एटीएस प्रवक्ता ने बताया कि धरमवीर सिंह यादव और सिपाही राम को बिहार में रोहतास जिले के दरीगांव से गिरफ्तार किया गया. दरीगांव उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है. गिरफ्तार दोनों नक्सली नोएडा में अड्डा बनाने की फिराक में थे. रोहतास बिहार के नक्सल हिंसा प्रभावित छह जिलों में से एक है. यह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के निकट है, जहां से रविवार को एक माओवादी को पकड़ा गया था. रविवार को ही नौ अन्य नक्सली नोएडा से गिरफ्तार किए गए थे. रविवार को पकड़े गए नक्सलियों में से रंजीत पासवान, कृष्ण कुमार, पवन कुमार झा और आशीष सारस्वत की निशानदेही पर धरमवीर और सिपाही को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों को सात दिन की हिरासत में लिया था. टिप्पणियां एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रोहतास बिहार के नक्सल हिंसा प्रभावित छह जिलों में से एक है. यह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के निकट है, जहां से रविवार को एक माओवादी को पकड़ा गया था. रविवार को ही नौ अन्य नक्सली नोएडा से गिरफ्तार किए गए थे. रविवार को पकड़े गए नक्सलियों में से रंजीत पासवान, कृष्ण कुमार, पवन कुमार झा और आशीष सारस्वत की निशानदेही पर धरमवीर और सिपाही को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों को सात दिन की हिरासत में लिया था. टिप्पणियां एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रविवार को पकड़े गए नक्सलियों में से रंजीत पासवान, कृष्ण कुमार, पवन कुमार झा और आशीष सारस्वत की निशानदेही पर धरमवीर और सिपाही को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों को सात दिन की हिरासत में लिया था. टिप्पणियां एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एसटीएफ ने रविवार को पकड़े गए नक्सलियों के बारे में बताया था कि वे बम बनाने में माहिर हैं और दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: रविवार को एटीएस ने दस नक्सली गिरफ्तार किए थे. बिहार में रोहतास जिले के दरीगांव से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार दोनों नक्सली नोएडा में अड्डा बनाने की फिराक में थे.
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुरुवार को कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए हैं। बुधवार को भी एक सभा के दौरान शिक्षकों ने उन्हें चप्पल दिखाई थी। दरअसल, अधिकार यात्रा सम्मेलन के दौरान अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों ने विरोध का सिलसिला जारी रखते हुए बुधवार को दरभंगा में भी सभा के दौरान प्रदर्शन किया और आक्रोश व्यक्त करते हुए चप्पल दिखाई। कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविदयालय दरभंगा मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश की अधिकार सम्मेलन सभा के दौरान अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर नारेबाजी की और हाथ में पोस्टर बैनर लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान एक शिक्षक ने हाथ में चप्पल लेकर विरोध जताया। करीब पचास आक्रोशित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक ने चप्पल दिखाने की घटना से इनकार किया है। इस संबंध में टीवी समाचार चैनलों से घटना के वीडियो फुटेज मांगे गए हैं।टिप्पणियां शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपना आपा खो बैठे और नियोजित शिक्षकों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए बीते 19 सितंबर से सभी जिलों की अधिकार यात्रा पर निकले हैं और जन समर्थन जुटाने के लिए सभायें कर रहे हैं। नियोजित शिक्षकों ने अपनी मांग के समर्थन में बीते दिनों पश्चिम चंपारण के बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी, मधुबनी में भी विरोध प्रदर्शन किया था। दरभंगा में नीतीश ने सभा के दौरान कहा, 'आप लोग (शिक्षक) चिल्लाते रहिए आप लोगों की आगे से कोई बात नहीं सुनी जाएगी। आप लोग पटना में किससे गाइड हो रहे हैं सब पता है। यह प्रदर्शन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से भटकाने का प्रयास है।' दरअसल, अधिकार यात्रा सम्मेलन के दौरान अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों ने विरोध का सिलसिला जारी रखते हुए बुधवार को दरभंगा में भी सभा के दौरान प्रदर्शन किया और आक्रोश व्यक्त करते हुए चप्पल दिखाई। कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविदयालय दरभंगा मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश की अधिकार सम्मेलन सभा के दौरान अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर नारेबाजी की और हाथ में पोस्टर बैनर लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान एक शिक्षक ने हाथ में चप्पल लेकर विरोध जताया। करीब पचास आक्रोशित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक ने चप्पल दिखाने की घटना से इनकार किया है। इस संबंध में टीवी समाचार चैनलों से घटना के वीडियो फुटेज मांगे गए हैं।टिप्पणियां शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपना आपा खो बैठे और नियोजित शिक्षकों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए बीते 19 सितंबर से सभी जिलों की अधिकार यात्रा पर निकले हैं और जन समर्थन जुटाने के लिए सभायें कर रहे हैं। नियोजित शिक्षकों ने अपनी मांग के समर्थन में बीते दिनों पश्चिम चंपारण के बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी, मधुबनी में भी विरोध प्रदर्शन किया था। दरभंगा में नीतीश ने सभा के दौरान कहा, 'आप लोग (शिक्षक) चिल्लाते रहिए आप लोगों की आगे से कोई बात नहीं सुनी जाएगी। आप लोग पटना में किससे गाइड हो रहे हैं सब पता है। यह प्रदर्शन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से भटकाने का प्रयास है।' कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविदयालय दरभंगा मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश की अधिकार सम्मेलन सभा के दौरान अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर नारेबाजी की और हाथ में पोस्टर बैनर लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान एक शिक्षक ने हाथ में चप्पल लेकर विरोध जताया। करीब पचास आक्रोशित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक ने चप्पल दिखाने की घटना से इनकार किया है। इस संबंध में टीवी समाचार चैनलों से घटना के वीडियो फुटेज मांगे गए हैं।टिप्पणियां शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपना आपा खो बैठे और नियोजित शिक्षकों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए बीते 19 सितंबर से सभी जिलों की अधिकार यात्रा पर निकले हैं और जन समर्थन जुटाने के लिए सभायें कर रहे हैं। नियोजित शिक्षकों ने अपनी मांग के समर्थन में बीते दिनों पश्चिम चंपारण के बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी, मधुबनी में भी विरोध प्रदर्शन किया था। दरभंगा में नीतीश ने सभा के दौरान कहा, 'आप लोग (शिक्षक) चिल्लाते रहिए आप लोगों की आगे से कोई बात नहीं सुनी जाएगी। आप लोग पटना में किससे गाइड हो रहे हैं सब पता है। यह प्रदर्शन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से भटकाने का प्रयास है।' शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपना आपा खो बैठे और नियोजित शिक्षकों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए बीते 19 सितंबर से सभी जिलों की अधिकार यात्रा पर निकले हैं और जन समर्थन जुटाने के लिए सभायें कर रहे हैं। नियोजित शिक्षकों ने अपनी मांग के समर्थन में बीते दिनों पश्चिम चंपारण के बेतिया, पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी, मधुबनी में भी विरोध प्रदर्शन किया था। दरभंगा में नीतीश ने सभा के दौरान कहा, 'आप लोग (शिक्षक) चिल्लाते रहिए आप लोगों की आगे से कोई बात नहीं सुनी जाएगी। आप लोग पटना में किससे गाइड हो रहे हैं सब पता है। यह प्रदर्शन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से भटकाने का प्रयास है।' दरभंगा में नीतीश ने सभा के दौरान कहा, 'आप लोग (शिक्षक) चिल्लाते रहिए आप लोगों की आगे से कोई बात नहीं सुनी जाएगी। आप लोग पटना में किससे गाइड हो रहे हैं सब पता है। यह प्रदर्शन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से भटकाने का प्रयास है।'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुरुवार को कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए हैं। बुधवार को भी एक सभा के दौरान शिक्षकों ने उन्हें चप्पल दिखाई थी।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में सिख समुदाय ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर को बारामूला से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए 72 साल पुराने गुरुद्वारे दमदमा साहिब को तोड़े जाने पर गुरुवार को सहमत हो गया. इस राजमार्ग का निर्माण एक दशक से अटका हुआ था.सिख समुदाय और श्रीनगर जिला प्रशासन के बीच हुए एक समझौते के अनुसार नया गुरुद्वारा पास में एक वैकल्पिक स्थल पर बनाया जाएगा. साल 1947 में बनाए गए गुरुद्वारा दमदमा साहिब ने मुख्य रूप से पाकिस्तान से आए प्रवासी परिवारों की सेवा की, और इसमें लंगर चलता है. श्रीनगर के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने गतिरोध तोड़ने के लिए व्यक्तिगत रूप से चर्चा में हस्तक्षेप किया. उन्होंने इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए सिख समुदाय से संपर्क किया. एक अधिकारी ने बताया कि उपायुक्त और गुरुद्वारा प्रबंधन की मौजूदगी में गुरुद्वारा दमदमा साहिब को तोड़ने का काम शुरू हुआ. जब तक नई जगह पर गुरुद्वारा बन नहीं जाता, तब तक यह एक अस्थायी स्थान में रहेगा. उन्होंने कहा कि राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) को सिख समुदाय द्वारा दिए गए डिज़ाइन के अनुसार गुरुद्वारे के निर्माण का काम सौंपा गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दमदमा साहिब तोड़ने पर राजी हुआ सिख समुदाय कश्मीर में राजमार्ग बनाने के लिए हुआ राजी एक दशक से अटका हुआ था राजमार्ग का निर्माण
3
['hin']