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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मूल की हलीमा याकूब सिंगापुर की संसद की पहली महिला स्पीकर चुनी गई हैं। हलीमा ने मंगलवार को कार्यभार भी संभाल लिया।टिप्पणियां 58 साल की हलीमा स्पीकर बनने से पहले सामाजिक और परिवार कल्याण राज्यमंत्री थी और उन्होंने रविवार को मंत्री पद छोड़ा। हलीमा ने माइकल पाल्मर की जगह ली है जिन्हें शादी से बाहर अफेयर के चलते अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था। पाल्मर पीपल्स एक्शन पार्टी के सांसद हैं और उन्होंने 12 दिसंबर को पद से इस्तीफ़ा दिया था। हलीमा 2001 में राजनीति में शामिल हुई थीं। वह लेबर लॉयर रह चुकी हैं और उनके पांच बच्चे हैं। 58 साल की हलीमा स्पीकर बनने से पहले सामाजिक और परिवार कल्याण राज्यमंत्री थी और उन्होंने रविवार को मंत्री पद छोड़ा। हलीमा ने माइकल पाल्मर की जगह ली है जिन्हें शादी से बाहर अफेयर के चलते अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था। पाल्मर पीपल्स एक्शन पार्टी के सांसद हैं और उन्होंने 12 दिसंबर को पद से इस्तीफ़ा दिया था। हलीमा 2001 में राजनीति में शामिल हुई थीं। वह लेबर लॉयर रह चुकी हैं और उनके पांच बच्चे हैं। पाल्मर पीपल्स एक्शन पार्टी के सांसद हैं और उन्होंने 12 दिसंबर को पद से इस्तीफ़ा दिया था। हलीमा 2001 में राजनीति में शामिल हुई थीं। वह लेबर लॉयर रह चुकी हैं और उनके पांच बच्चे हैं।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय मूल की हलीमा याकूब सिंगापुर की संसद की पहली महिला स्पीकर चुनी गई हैं। हलीमा ने मंगलवार को कार्यभार भी संभाल लिया।
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एक सारांश बनाओ: एशेज-2013 शृंखला के अंतर्गत नॉटिंघमशायर के ट्रेंटब्रिज मैदान पर हुए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन रविवार को इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को बेहद रोमांचक हो चले मुकाबले में 14 रन से हरा दिया। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, लेकिन 296 रन पर पांचवें दिन भोजनकाल के ठीक बाद पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम आउट हो गई। इससे पहले विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन (71) तथा जेम्स पैटिंसन (25) के बीच 10वें विकेट के लिए हुई 65 रनों की साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया था। मैच के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने जब अपने चौथे दिन के स्कोर छह विकेट पर 174 रन से आगे खेलना शुरू किया तो उसे जीत के लिए अभी भी 137 रनों की दरकार थी। हैडिन के साथ पहली पारी के हीरो एस्टन एगर ने चौथे दिन के खेल को आगे बढ़ाते हुए पांचवें दिन सधी हुई शुरुआत की। हैडिन के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 33 रनों का इजाफा करने के बाद एक बार फिर से क्रीज पर जमते-से लग रहे एगर (14) एंडरसन की गेंद पर स्लिप पर खड़े कप्तान एलेस्टेयर कुक के हाथों लपके गए। इसके बाद एंडरसन ने मिशेल स्टार्क (1) तथा पीटर सिडल (11) को भी जल्दी-जल्दी कुक के हाथों कैच आउट करवा दिया। 231 के स्कोर पर सीडल के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बेहद कठिन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था और उसे जीत के लिए 80 रन चाहिए थे, लेकिन 10वें विकेट के लिए हैडिन और पैटिंसन के बीच हुई अर्द्धशतकीय साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, लेकिन 296 रन पर पांचवें दिन भोजनकाल के ठीक बाद पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम आउट हो गई। इससे पहले विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन (71) तथा जेम्स पैटिंसन (25) के बीच 10वें विकेट के लिए हुई 65 रनों की साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक बना दिया था। मैच के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने जब अपने चौथे दिन के स्कोर छह विकेट पर 174 रन से आगे खेलना शुरू किया तो उसे जीत के लिए अभी भी 137 रनों की दरकार थी। हैडिन के साथ पहली पारी के हीरो एस्टन एगर ने चौथे दिन के खेल को आगे बढ़ाते हुए पांचवें दिन सधी हुई शुरुआत की। हैडिन के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 33 रनों का इजाफा करने के बाद एक बार फिर से क्रीज पर जमते-से लग रहे एगर (14) एंडरसन की गेंद पर स्लिप पर खड़े कप्तान एलेस्टेयर कुक के हाथों लपके गए। इसके बाद एंडरसन ने मिशेल स्टार्क (1) तथा पीटर सिडल (11) को भी जल्दी-जल्दी कुक के हाथों कैच आउट करवा दिया। 231 के स्कोर पर सीडल के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बेहद कठिन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था और उसे जीत के लिए 80 रन चाहिए थे, लेकिन 10वें विकेट के लिए हैडिन और पैटिंसन के बीच हुई अर्द्धशतकीय साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। मैच के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने जब अपने चौथे दिन के स्कोर छह विकेट पर 174 रन से आगे खेलना शुरू किया तो उसे जीत के लिए अभी भी 137 रनों की दरकार थी। हैडिन के साथ पहली पारी के हीरो एस्टन एगर ने चौथे दिन के खेल को आगे बढ़ाते हुए पांचवें दिन सधी हुई शुरुआत की। हैडिन के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 33 रनों का इजाफा करने के बाद एक बार फिर से क्रीज पर जमते-से लग रहे एगर (14) एंडरसन की गेंद पर स्लिप पर खड़े कप्तान एलेस्टेयर कुक के हाथों लपके गए। इसके बाद एंडरसन ने मिशेल स्टार्क (1) तथा पीटर सिडल (11) को भी जल्दी-जल्दी कुक के हाथों कैच आउट करवा दिया। 231 के स्कोर पर सीडल के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बेहद कठिन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था और उसे जीत के लिए 80 रन चाहिए थे, लेकिन 10वें विकेट के लिए हैडिन और पैटिंसन के बीच हुई अर्द्धशतकीय साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। हैडिन के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 33 रनों का इजाफा करने के बाद एक बार फिर से क्रीज पर जमते-से लग रहे एगर (14) एंडरसन की गेंद पर स्लिप पर खड़े कप्तान एलेस्टेयर कुक के हाथों लपके गए। इसके बाद एंडरसन ने मिशेल स्टार्क (1) तथा पीटर सिडल (11) को भी जल्दी-जल्दी कुक के हाथों कैच आउट करवा दिया। 231 के स्कोर पर सीडल के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बेहद कठिन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था और उसे जीत के लिए 80 रन चाहिए थे, लेकिन 10वें विकेट के लिए हैडिन और पैटिंसन के बीच हुई अर्द्धशतकीय साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इसके बाद एंडरसन ने मिशेल स्टार्क (1) तथा पीटर सिडल (11) को भी जल्दी-जल्दी कुक के हाथों कैच आउट करवा दिया। 231 के स्कोर पर सीडल के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच बेहद कठिन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था और उसे जीत के लिए 80 रन चाहिए थे, लेकिन 10वें विकेट के लिए हैडिन और पैटिंसन के बीच हुई अर्द्धशतकीय साझेदारी ने मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। हैडिन के मैट प्रायर द्वारा लपके जाने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड को जीत दिला दी। एंडरसन ने दूसरी पारी में भी पांच विकेट चटकाए। एंडरसन ने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। ग्रीम स्वान तथा स्टुअर्ट ब्रॉड को दो-दो विकेट मिले। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इससे पहले, मैच के चौथे दिन जब ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी थी तो उसे जीत के लिए 311 रनों की दरकार थी, जिसका पीछा करते हुए उसने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट पर 174 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में शेन वॉटसन (46) और क्रिस रोजर्स (52) के माध्यम से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन आगे के बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर सके या फिर यह कहा जा सकता है कि इंग्लिश गेंदबाज घरेलू हालात का फायदा उठाकर उन पर हावी रहे। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। वॉटसन और रोजर्स ने पहले विकेट के लिए 84 रन जोड़े। वॉटसन का विकेट 84 के कुल योग पर गिरा। वॉटसन ने 74 गेंदों पर आठ चौके लगाए। 111 के कुल योग पर एड कोवान (14) का विकेट गिरा और फिर 124 के कुल योग पर रोजर्स पवेलियन लौट गए। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। रोजर्स ने अपनी अर्द्धशतकीय पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। कप्तान माइकल क्लार्क (24) को 161 रनों के कुल योग पर ब्रॉड ने आउट किया। क्लार्क ने 70 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इसके बाद 161 के कुल योग पर ही स्वान ने स्टीवन स्मिथ (17) को अपनी फिरकी में फंसाया। स्मिथ अभी पवेलियन लौटकर सुस्ता ही रहे होंगे कि स्वान ने पहली पारी में नाबाद लौटने वाले फिलिप ह्यूज (0) को एक बेहतरीन गेंद पर पगबाधा आउट किया। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। अम्पायर कुमार धर्मसेना ने इस अपील को नकार दिया था लेकिन रिव्यू के बाद इंग्लैंड को छठी सफलता मिली। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इससे पहले, इंग्लैंड की दूसरी पारी 149.5 ओवरों में 375 रनों पर सिमट गई थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 280 रन बनाकर 65 रनों की बढ़त हासिल की थी। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक छह विकेट के नुकसान पर 326 रन बनाकर 261 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। इयान बेल 95 रनों पर नाबाद लौटे थे जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड ने 47 रन बनाए थे। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। चौथे दिन बेल ने अपना शतक पूरा किया और फिर ब्रॉड ने अर्द्धशतक पूरा किया। ब्रॉड 356 रनों के कुल योग पर आउट हुए जबकि बेल अपने करियर का 18वां शतक पूरा करने के बाद 371 रनों के कुल योग पर पवेलियन लौटे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी हुई। बेल ने 267 गेंदों पर 15 चौके लगाए जबकि ब्राड ने 148 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। स्वान (9) का विकेट 375 रनों के कुल योग पर गिरा जबकि एंडरसन (0) 375 के कुल योग पर ही पवेलियन लौटे। स्टुअर्ट फिन दो रन बनाकर नाबाद लौटे।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिशेल स्टार्क और पीटर सिडल ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे एगर और पेटिंसन को दो-दो सफलता मिली। सिडल ने इस मैच में कुल आठ विकेट चटकाए हैं। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड एशेज टेस्ट शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है।
संक्षिप्त सारांश: एशेज-2013 शृंखला के अंतर्गत नॉटिंघमशायर के ट्रेंटब्रिज मैदान पर हुए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन रविवार को इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को बेहद रोमांचक हो चले मुकाबले में 14 रन से हरा दिया।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की निर्वाचन आयोग की तमाम कोशिश के बावजूद सोमवार के मतदान से पहले पंजाब में शराब और नशीले पदार्थों का बोलबाला बना हुआ है। पंजाब में पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान भले ही बड़ी मात्रा में शराब और नशीले पदार्थ जब्त किए गए हों, लेकिन वास्तविकता यह भी है कि दोनों नशीली वस्तुएं मतदाताओं को धड़ल्ले से बांटी जा रही हैं। निर्वाचन आयोग अबतक 600,000 बोतल से अधिक शराब, लगभग 200,000 किलोग्राम लहान (घरेलू स्तर पर निर्मित पेय), लगभग 17,000 लीटर अवैध शराब, लगभग 2,700 किलोग्राम भुक्की, छह किलोग्राम से अधिक हेरोइन और अन्य पदार्थ जब्त कर चुका है। पाकिस्तान के साथ लगी 553 किलोमीटर लम्बी सीमा की निगरानी करने वाला सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य एजेंसियों ने लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी जब्तियां की गईं, जिनमें अलग-अलग 12 किलोग्राम, 17 किलोग्राम और 14 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती शामिल है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" पंजाब में पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान भले ही बड़ी मात्रा में शराब और नशीले पदार्थ जब्त किए गए हों, लेकिन वास्तविकता यह भी है कि दोनों नशीली वस्तुएं मतदाताओं को धड़ल्ले से बांटी जा रही हैं। निर्वाचन आयोग अबतक 600,000 बोतल से अधिक शराब, लगभग 200,000 किलोग्राम लहान (घरेलू स्तर पर निर्मित पेय), लगभग 17,000 लीटर अवैध शराब, लगभग 2,700 किलोग्राम भुक्की, छह किलोग्राम से अधिक हेरोइन और अन्य पदार्थ जब्त कर चुका है। पाकिस्तान के साथ लगी 553 किलोमीटर लम्बी सीमा की निगरानी करने वाला सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य एजेंसियों ने लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी जब्तियां की गईं, जिनमें अलग-अलग 12 किलोग्राम, 17 किलोग्राम और 14 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती शामिल है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" निर्वाचन आयोग अबतक 600,000 बोतल से अधिक शराब, लगभग 200,000 किलोग्राम लहान (घरेलू स्तर पर निर्मित पेय), लगभग 17,000 लीटर अवैध शराब, लगभग 2,700 किलोग्राम भुक्की, छह किलोग्राम से अधिक हेरोइन और अन्य पदार्थ जब्त कर चुका है। पाकिस्तान के साथ लगी 553 किलोमीटर लम्बी सीमा की निगरानी करने वाला सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य एजेंसियों ने लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी जब्तियां की गईं, जिनमें अलग-अलग 12 किलोग्राम, 17 किलोग्राम और 14 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती शामिल है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" पाकिस्तान के साथ लगी 553 किलोमीटर लम्बी सीमा की निगरानी करने वाला सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य एजेंसियों ने लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी जब्तियां की गईं, जिनमें अलग-अलग 12 किलोग्राम, 17 किलोग्राम और 14 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती शामिल है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी जब्तियां की गईं, जिनमें अलग-अलग 12 किलोग्राम, 17 किलोग्राम और 14 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती शामिल है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पंजाब में नशीले पदार्थो और शराब के अधिक मात्रा में पाए जाने पर चिंता जाहिर की थी। कुरैशी ने एक गुप्त दौरे के दौरान यहां कहा था, "शराब तो अधिकांश राज्यों की समस्या है, लेकिन चुनाव के दौरान नशीले पदार्थो की आपूर्ति अकेले पंजाब की विचित्र समस्या है। यह बहुत चिंताजनक है और हम इसे रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" कपूरथला जिले में सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के एक उम्मीदवार के प्रबंधक कुलजीत सिंह (बदला हुआ नाम) ने कहा, "शराब, नशीले पदार्थों और पैसे का प्रवाह अबाध जारी है। यद्यपि अधिकारी हर जगह कड़ी जांच कर रहे हैं, लेकिन इनकी खेपें उचित स्थानों पर पहले ही पहुंच गई हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" इसी जिले की भोलथ सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुखपाल सिंह खरा ने हाल में 183 पेटी शराब से भरा एक टेम्पो ट्रक पाया था, जिसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया था। यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" यह शराब कथित रूप से एक अकाली दल के उम्मीदवार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व उम्मीदवार से सम्बंधित थी, जो मतदाताओं के लिए जा रही थी।टिप्पणियां खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" खरा ने अकाली उम्मीदवार पर आरोप लगाया था, "वह मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए खुलेआम शराब बांट रही हैं।" निर्वाचन आयोग के दस्तों और पुलिस ने अन्य कई स्थानों पर भी शराब जब्त की है। मोहाली, में शनिवार को शराब की लगभग 65 पेटियां जब्त की गईं। एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" एक शराब विनिर्माता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "निर्वाचन आयोग पिछले महीने चुनाव की घोषणा होने के साथ ही बहुत सख्त हो गया है। उसने इस महीने मेरे कारखाने से शराब लदी एक ट्रक एक जिले के एक वितरक के यहां जाने से रोक दी और कहा कि वितरक के पास पर्याप्त भंडार है। वे सभी स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहे हैं।"
सारांश: स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की निर्वाचन आयोग की तमाम कोशिश के बावजूद सोमवार के मतदान से पहले पंजाब में शराब और नशीले पदार्थों का बोलबाला बना हुआ है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होने वाला है. राज्य में सात चरण में होने वाले चुनाव में लगभग 13.8 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे. इनमें से 40 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जो अभी तक इस निर्णय पर नहीं पहुंच पाए हैं कि वे किस राजनीतिक पार्टी को वोट देंगे. डाटा विश्लेषक फर्म इंडियास्पेंड के लिए फोर्थलायन टेक्नोलॉजी की ओर से कराए गए मत सर्वेक्षण में यह नतीजा सामने आया है. सर्वे में उत्तर प्रदेश के 2,513 पंजीकृत मतदाताओं से टेलीफोन पर उनकी राय पूछी गई. फर्म का कहना है कि सर्वेक्षण का यह नमूना ग्रामीण व शहरी मतदाताओं और मतदाताओं की आर्थिक, सामाजिक, उम्र, लिंग, जाति की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है. यह सर्वेक्षण 24 जनवरी से 31 जनवरी के बीच किया गया था. सर्वेक्षण में शामिल 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर चुनाव अभी तुंरत हों तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगे जबकि 18 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे समाजवादी पार्टी (सपा) को वोट देंगे. चार प्रतिशत लोगों ने ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को वोट देने और केवल एक प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस को वोट देने की बात कही. फोर्थलायन-इंडियास्पेंड के सर्वेक्षण में शामिल मतदाताओं से गत विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली चार पार्टियों के बारे में पूछा गया. सर्वेक्षण इस बात पर केंद्रित नहीं था कि कौन पार्टी कितनी सीट जीतेगी. इसमें केवल विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लिए लोकप्रिय समर्थन दिखलाया गया है. इसे चुनाव परिणाम के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता. किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे लगभग 40 प्रतिशत मतदाताओं ने इस बात की ओर इशारा किया कि किसी भी पार्टी को ज्यादा लोकप्रिय समर्थन मिल सकता है. सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं में से आधी संख्या इस बारे में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है. इनमें 30 से 44 साल की 45 प्रतिशत महिलाएं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 42 फीसदी महिलाएं हैं. जातिगत आधार पर सर्वेक्षण से सामने आया कि अनिर्णय का शिकार महिला मतदाताओं में से 43 प्रतिशत दलित, 44 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की हैं जबकि 43 प्रतिशत गरीब महिलाएं थीं. गरीबी का आधार वाहनों के मालिकाना हक को लेकर मापा गया. नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वे में उत्तर प्रदेश के 2,513 पंजीकृत मतदाताओं से टेलीफोन पर उनकी राय पूछी गई. फर्म का कहना है कि सर्वेक्षण का यह नमूना ग्रामीण व शहरी मतदाताओं और मतदाताओं की आर्थिक, सामाजिक, उम्र, लिंग, जाति की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है. यह सर्वेक्षण 24 जनवरी से 31 जनवरी के बीच किया गया था. सर्वेक्षण में शामिल 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर चुनाव अभी तुंरत हों तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगे जबकि 18 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे समाजवादी पार्टी (सपा) को वोट देंगे. चार प्रतिशत लोगों ने ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को वोट देने और केवल एक प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस को वोट देने की बात कही. फोर्थलायन-इंडियास्पेंड के सर्वेक्षण में शामिल मतदाताओं से गत विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली चार पार्टियों के बारे में पूछा गया. सर्वेक्षण इस बात पर केंद्रित नहीं था कि कौन पार्टी कितनी सीट जीतेगी. इसमें केवल विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लिए लोकप्रिय समर्थन दिखलाया गया है. इसे चुनाव परिणाम के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता. किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे लगभग 40 प्रतिशत मतदाताओं ने इस बात की ओर इशारा किया कि किसी भी पार्टी को ज्यादा लोकप्रिय समर्थन मिल सकता है. सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं में से आधी संख्या इस बारे में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है. इनमें 30 से 44 साल की 45 प्रतिशत महिलाएं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 42 फीसदी महिलाएं हैं. जातिगत आधार पर सर्वेक्षण से सामने आया कि अनिर्णय का शिकार महिला मतदाताओं में से 43 प्रतिशत दलित, 44 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की हैं जबकि 43 प्रतिशत गरीब महिलाएं थीं. गरीबी का आधार वाहनों के मालिकाना हक को लेकर मापा गया. नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वेक्षण में शामिल 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर चुनाव अभी तुंरत हों तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देंगे जबकि 18 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे समाजवादी पार्टी (सपा) को वोट देंगे. चार प्रतिशत लोगों ने ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को वोट देने और केवल एक प्रतिशत लोगों ने कांग्रेस को वोट देने की बात कही. फोर्थलायन-इंडियास्पेंड के सर्वेक्षण में शामिल मतदाताओं से गत विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली चार पार्टियों के बारे में पूछा गया. सर्वेक्षण इस बात पर केंद्रित नहीं था कि कौन पार्टी कितनी सीट जीतेगी. इसमें केवल विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लिए लोकप्रिय समर्थन दिखलाया गया है. इसे चुनाव परिणाम के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता. किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे लगभग 40 प्रतिशत मतदाताओं ने इस बात की ओर इशारा किया कि किसी भी पार्टी को ज्यादा लोकप्रिय समर्थन मिल सकता है. सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं में से आधी संख्या इस बारे में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है. इनमें 30 से 44 साल की 45 प्रतिशत महिलाएं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 42 फीसदी महिलाएं हैं. जातिगत आधार पर सर्वेक्षण से सामने आया कि अनिर्णय का शिकार महिला मतदाताओं में से 43 प्रतिशत दलित, 44 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की हैं जबकि 43 प्रतिशत गरीब महिलाएं थीं. गरीबी का आधार वाहनों के मालिकाना हक को लेकर मापा गया. नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फोर्थलायन-इंडियास्पेंड के सर्वेक्षण में शामिल मतदाताओं से गत विधानसभा चुनाव एवं लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली चार पार्टियों के बारे में पूछा गया. सर्वेक्षण इस बात पर केंद्रित नहीं था कि कौन पार्टी कितनी सीट जीतेगी. इसमें केवल विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लिए लोकप्रिय समर्थन दिखलाया गया है. इसे चुनाव परिणाम के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता. किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे लगभग 40 प्रतिशत मतदाताओं ने इस बात की ओर इशारा किया कि किसी भी पार्टी को ज्यादा लोकप्रिय समर्थन मिल सकता है. सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं में से आधी संख्या इस बारे में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है. इनमें 30 से 44 साल की 45 प्रतिशत महिलाएं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 42 फीसदी महिलाएं हैं. जातिगत आधार पर सर्वेक्षण से सामने आया कि अनिर्णय का शिकार महिला मतदाताओं में से 43 प्रतिशत दलित, 44 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की हैं जबकि 43 प्रतिशत गरीब महिलाएं थीं. गरीबी का आधार वाहनों के मालिकाना हक को लेकर मापा गया. नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं में से आधी संख्या इस बारे में किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है. इनमें 30 से 44 साल की 45 प्रतिशत महिलाएं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 42 फीसदी महिलाएं हैं. जातिगत आधार पर सर्वेक्षण से सामने आया कि अनिर्णय का शिकार महिला मतदाताओं में से 43 प्रतिशत दलित, 44 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की हैं जबकि 43 प्रतिशत गरीब महिलाएं थीं. गरीबी का आधार वाहनों के मालिकाना हक को लेकर मापा गया. नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ सदस्य नीलंजन सरकार ने कहा, "लोग अभी यह बताना नहीं चाह रहे हैं कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे, इसलिए कह रहे हैं कि उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं किया है. अधिकतर मतदाता जीतने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहते हैं ताकि चुनाव के बाद वे फायदे की स्थिति में रहें. या, मतदाता अपने परिजनों एवं दोस्तों से इस संबंध में बात कर रहे होंगे और चुनाव से एक या दो दिन पहले वे किसी पार्टी को वोट देने को लेकर अपना मन बनाएंगे." राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य में सात चरणों में चुनाव होने हैं जिसका पहला चरण 11 फरवरी को होगा. संभव है कि कई मतदाता शुरुआती चरणों में रुझान को भांपने के बाद उसे वोट दें जो उनके हिसाब से चुनाव जीतने जा रहा हो. चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चुनाव नतीजों पर नजर रखने वाली संस्था सी वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने बताया, "अधिकतर मतदाता चुनाव से काफी पहले ही मन बना लेते हैं कि वे किसे वोट देंगे. कुछ बहुत ही अलग घटित होने पर ही वे अपना मन बदलते हैं. कुछ मतदाता जो धर्म और जाति को लेकर संवेदनशील होते हैं, तब तक इंतजार करते हैं जब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हो जाती."टिप्पणियां सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वेक्षण के मुताबिक, भाजपा का समर्थन करने वाले 33 प्रतिशत लोगों में अधिकतम ओबीसी वर्ग से थे. 11 प्रतिशत मुसलमानों ने और 22 प्रतिशत दलितों ने भाजपा का समर्थन किया. सर्वेक्षण के मुताबिक, सपा का समर्थन करने वालों में 29 प्रतिशत मुस्लिम व 14 प्रतिशत दलित थे. बसपा के साथ 28 प्रतिशत दलित, 22 प्रतिशत ओबीसी और 16 प्रतिशत मुस्लिम दिखे. 2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने 224 सीट जीती थी. भाजपा ने 47 सीट और बसपा एवं कांग्रेस ने क्रमश: 80 और 28 सीटों पर जीत हासिल की थी. अन्य के खाते में 24 सीटें गई थीं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होने वाला है सात चरण में होने वाले चुनाव में लगभग 13.8 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे यह सर्वेक्षण 24 जनवरी से 31 जनवरी के बीच किया गया था
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर आधारित फिल्म 'मणिकर्णिका' (Manikarnika) पर करणी सेना (Karni Sena) ने दीपिका-रणवीर की 'पद्मावत' फिल्म की तरह सवाल उठाया है. इस पर कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने करारा जवाब दिया है. कंगना रनौत का कहना है कि राजपूत समूह की करणी सेना उनकी फिल्म 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' (Manikarnika: The Queen Of Jhansi) को लेकर तंग कर रहे हैं, जो अगले हफ्ते शुक्रवार को रिलीज होने वाली है और इस फिल्म को रिलीज होने के लिए सेंट्रेल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (Central Board Of Film Certification) ने प्रमाण पत्र भी दे दिया है. कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने करणी सेना को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह भी एक राजपूत हैं और अगर फिल्म रिलीज करने के बीच में आए तो बर्बाद कर देंगे.   कंगना रनौत ने कहा, ''चार इतिहासकारों ने 'मणिकर्णिका' को प्रमाण पत्र दिया है और हमें सेंसर सर्टिफिकेट भी मिला है. इस बारे में हमने करणी सेना को बता दिया है, लेकिन इसके बावजूद वह हमें तंग कर रहे हैं. यदि वो यह सब करना बंद नहीं करेंगे तो उन्हें पता होना चाहिए कि मैं भी एक राजपूत हूं और मैं सबको बर्बाद कर दूंगी.'' मणिकर्णिका की कहानी रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर आधारित हैं, जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सन् 1857 की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक महाराष्ट्र की करण सेना विंग ने फिल्ममेकर्स को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि फिल्म में रानी लक्ष्मी बाई की छवि को बदनाम करने की कोशिश या फिर ब्रिटिशर्स के लिए प्रेम दिखलाया गया तो मेकर्स को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा.'' रानी लक्ष्मी बाई का असली नाम मणिकर्णिका है, जिनका जन्म वाराणसी के मराठी परिवार में हुआ था. विवाह के बाद में रानी लक्ष्मी बाई ने झांसी में चली गईं थीं.
यह एक सारांश है: अगले हफ्ते रिलीज होने जा रही 'मणिकर्णिका' करणी सेना की मेकर्स को धमकी कंगना रनौत ने दी चेतावनी
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कीनिया की राजधानी नैरोबी स्थित वेस्टगेट मॉल पर हुए आतंकी हमले के सिलसिले में ब्रिटेन के एक नागरिक को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वह टर्किश एयरलाइंस के एक विमान पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। इस संदिग्ध व्यक्ति से कीनियाई अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। यह गिरफ्तारी बीते सोमवार को उस वक्त की गई जब पुलिस इस आशंका की जांच में जुटी थी कि कुछ आतंकवादी बंधकों के कपड़े पहनकर मॉल से बाहर निकल सकते हैं। ब्रिटिश विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि 35 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है और माना जा रहा है कि यह व्यक्ति सोमालियाई मूल का है। इसे कूटनीतिक सहयोग दिया जा रहा है।टिप्पणियां खबरों के अनुसार इस ब्रिटिश नागरिक पर नैरोबी स्थित जोमो केनयाता हवाई अड्डे में संदेह हुआ क्योंकि उसके चहरे पर खरोंच के निशान थे। कीनिया में चार दिन तक चला बंधक संकट मंगलवार की रात खत्म हुआ। बीते शनिवार को आतंकवादी इस मॉल में दाखिल हुए थे। हमला करने वाले आतंकवादियों में ब्रिटिश महिला सामंथा ल्यूथवेट के शामिल होने का भी संदेह है। मॉल पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं। हमला करने वाले संगठन अल शबाब ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले में सिर्फ पुरुष शामिल थे। यह गिरफ्तारी बीते सोमवार को उस वक्त की गई जब पुलिस इस आशंका की जांच में जुटी थी कि कुछ आतंकवादी बंधकों के कपड़े पहनकर मॉल से बाहर निकल सकते हैं। ब्रिटिश विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि 35 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है और माना जा रहा है कि यह व्यक्ति सोमालियाई मूल का है। इसे कूटनीतिक सहयोग दिया जा रहा है।टिप्पणियां खबरों के अनुसार इस ब्रिटिश नागरिक पर नैरोबी स्थित जोमो केनयाता हवाई अड्डे में संदेह हुआ क्योंकि उसके चहरे पर खरोंच के निशान थे। कीनिया में चार दिन तक चला बंधक संकट मंगलवार की रात खत्म हुआ। बीते शनिवार को आतंकवादी इस मॉल में दाखिल हुए थे। हमला करने वाले आतंकवादियों में ब्रिटिश महिला सामंथा ल्यूथवेट के शामिल होने का भी संदेह है। मॉल पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं। हमला करने वाले संगठन अल शबाब ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले में सिर्फ पुरुष शामिल थे। ब्रिटिश विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि 35 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है और माना जा रहा है कि यह व्यक्ति सोमालियाई मूल का है। इसे कूटनीतिक सहयोग दिया जा रहा है।टिप्पणियां खबरों के अनुसार इस ब्रिटिश नागरिक पर नैरोबी स्थित जोमो केनयाता हवाई अड्डे में संदेह हुआ क्योंकि उसके चहरे पर खरोंच के निशान थे। कीनिया में चार दिन तक चला बंधक संकट मंगलवार की रात खत्म हुआ। बीते शनिवार को आतंकवादी इस मॉल में दाखिल हुए थे। हमला करने वाले आतंकवादियों में ब्रिटिश महिला सामंथा ल्यूथवेट के शामिल होने का भी संदेह है। मॉल पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं। हमला करने वाले संगठन अल शबाब ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले में सिर्फ पुरुष शामिल थे। खबरों के अनुसार इस ब्रिटिश नागरिक पर नैरोबी स्थित जोमो केनयाता हवाई अड्डे में संदेह हुआ क्योंकि उसके चहरे पर खरोंच के निशान थे। कीनिया में चार दिन तक चला बंधक संकट मंगलवार की रात खत्म हुआ। बीते शनिवार को आतंकवादी इस मॉल में दाखिल हुए थे। हमला करने वाले आतंकवादियों में ब्रिटिश महिला सामंथा ल्यूथवेट के शामिल होने का भी संदेह है। मॉल पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं। हमला करने वाले संगठन अल शबाब ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले में सिर्फ पुरुष शामिल थे। हमला करने वाले आतंकवादियों में ब्रिटिश महिला सामंथा ल्यूथवेट के शामिल होने का भी संदेह है। मॉल पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं। हमला करने वाले संगठन अल शबाब ने दावा किया है कि इस आतंकी हमले में सिर्फ पुरुष शामिल थे।
कीनिया की राजधानी नैरोबी स्थित वेस्टगेट मॉल पर हुए आतंकी हमले के सिलसिले में ब्रिटेन के एक नागरिक को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वह टर्किश एयरलाइंस के एक विमान पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। इस संदिग्ध व्यक्ति से कीनियाई अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: युवा भारतीय तीरंदाज प्रतिमा बोरो के आकस्मिक निधन पर स्तब्ध भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने सैन्य खेल संस्थान (एएसआई) द्वारा इसकी जांच कराने की मांग की। मल्होत्रा, भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष भी हैं। मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने प्रतिमा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जांच की मांग की है। मल्होत्रा ने कहा, "एएआई जल्द से जल्द एएसआई के सम्बंधित अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट देखना चाहेगी। मैं बहुत आश्चर्यचकित हूं कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह बेहद दुखद है।" कथित तौर पर प्रतिमा ने पुणे में राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आत्महत्या कर ली। मल्होत्रा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रतिमा की मौत से पूरे तीरंदाजी समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा तीरंदाजी में भारत की उभरती हुई प्रतिभा थीं। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने प्रतिमा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले की जांच की मांग की है। मल्होत्रा ने कहा, "एएआई जल्द से जल्द एएसआई के सम्बंधित अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट देखना चाहेगी। मैं बहुत आश्चर्यचकित हूं कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह बेहद दुखद है।" कथित तौर पर प्रतिमा ने पुणे में राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आत्महत्या कर ली। मल्होत्रा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रतिमा की मौत से पूरे तीरंदाजी समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा तीरंदाजी में भारत की उभरती हुई प्रतिभा थीं। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। मल्होत्रा ने कहा, "एएआई जल्द से जल्द एएसआई के सम्बंधित अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट देखना चाहेगी। मैं बहुत आश्चर्यचकित हूं कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। यह बेहद दुखद है।" कथित तौर पर प्रतिमा ने पुणे में राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आत्महत्या कर ली। मल्होत्रा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रतिमा की मौत से पूरे तीरंदाजी समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा तीरंदाजी में भारत की उभरती हुई प्रतिभा थीं। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। कथित तौर पर प्रतिमा ने पुणे में राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आत्महत्या कर ली। मल्होत्रा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रतिमा की मौत से पूरे तीरंदाजी समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा तीरंदाजी में भारत की उभरती हुई प्रतिभा थीं। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। मल्होत्रा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रतिमा की मौत से पूरे तीरंदाजी समुदाय के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा तीरंदाजी में भारत की उभरती हुई प्रतिभा थीं। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। प्रतिमा असम के कोकराझार की रहने वाली थी और उन्होंने अपना तीरंदाजी करियर जमशेदपुर में टाटा तीरंदाजी अकादमी से शुरू किया था। भारतीय रेलवे से जुड़ने से पहले प्रतिमा ने टाटा अकादमी में चार वर्ष गुजारे। प्रतिमा ने सब जूनियर, जूनियर तथा सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।टिप्पणियां तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। तेहरान में 2008 में प्रतिमा ने एशियन ग्रां प्री. का एकल स्वर्ण तथा टीम के लिए रजत पदक जीता था। दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप 2009 में टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने में प्रतिमा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था। प्रतिमा ने आखिरी बार एशियन ग्रां प्री. तथा ढाका में हुए युवा एशियाई चैम्पियनशिप 2011 में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने टीम की तरफ से स्वर्ण पदक हासिल किया था।
सारांश: युवा भारतीय तीरंदाज प्रतिमा बोरो के आकस्मिक निधन पर स्तब्ध भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने सैन्य खेल संस्थान (एएसआई) द्वारा इसकी जांच कराने की मांग की। मल्होत्रा, भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष भी हैं।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने फ़ाइनल में कोलंबिया को हराकर वर्ल्ड कप कंपाउंड तीरंदाज़ी का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. भारत ने कोलंबिया के ख़िलाफ़ 5 अंकों के अंतर से जीत हासिल की. भारत के अभिषेक वर्मा, अमनजीत सिंह और चिन्नाराजू श्रीथर की तिकड़ी ने रोमांचक फ़ाइनल में अपना संयम बनाए रखा और कोलंबिया को शुरुआत से ही दबाव में रखा. कोलंबिया ने 221 अंक हासिल किए जबकि भारत ने 226 अंक. वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ये ऐतिहासिक जीत है. वर्ल्ड कप में भारतीय कंपाउंड टीम ने पहली बार स्वर्णिम सफ़लता हासिल की है. फ़ाइनल में पहुंचने से पहले भारत ने अमेरिका,  वियतनाम और वर्ल्ड चैंपियन ईरान जैसी टीम को शिकस्त दी. इस जीत के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हो गए हैं और तीरंदाज़ी के जानकार उनसे अभी से ही दूसरे वर्ल्ड कप (जून में तुर्की) में बड़ी उम्मीदें करने लगे हैं. इंचियन एशियाई गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिषेक वर्मा ने इस टूर्नामेंट में भी शानदार प्रदर्शन किया. उनके भारतीय कोच लोकेश कुमार ने उनकी जीत के फ़ौरन बाद उनसे बात की, तो उन्होंने इस बात की खुशी जताई कि दो साल पहले 2015 में उन्होंने पहली बार पोलैंड में वर्ल्ड कप का निजी गोल्ड मेडल जीता था और अब टीम के ऐतिहासिक गोल्ड में भी उनका नाम शामिल है. टिप्पणियां अभिषेक ने बताया कि इस बार फ़ाइनल में उनकी टीम कंट्रोल में थी. अभिषेक ये भी कहते हैं कि अमेरिका जैसी मज़बूत टीम को हराना बड़ी चुनौती थी. वो कहते हैं कि इस जीत की वजह से आने वाले टूर्नामेंट में भारतीय टीम और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. अभिषेक के कोच लोकेश चंद कहते हैं, "इस बार टीम कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा था. दो सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक और चिन्नाराजू श्रीथर के साथ एकदम नए खिलाड़ी पंजाब के अमनजीत सिंह के बीच अच्छा तालमेल बन गया जिसका फ़ायदा उन्हें पूरे टूर्नामेंट में हुआ. वो मानते हैं कि नए खिलाड़ियों का फ़ायदा टीम को लंबे समय तक मिलता रह सकता है." वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ये ऐतिहासिक जीत है. वर्ल्ड कप में भारतीय कंपाउंड टीम ने पहली बार स्वर्णिम सफ़लता हासिल की है. फ़ाइनल में पहुंचने से पहले भारत ने अमेरिका,  वियतनाम और वर्ल्ड चैंपियन ईरान जैसी टीम को शिकस्त दी. इस जीत के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हो गए हैं और तीरंदाज़ी के जानकार उनसे अभी से ही दूसरे वर्ल्ड कप (जून में तुर्की) में बड़ी उम्मीदें करने लगे हैं. इंचियन एशियाई गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिषेक वर्मा ने इस टूर्नामेंट में भी शानदार प्रदर्शन किया. उनके भारतीय कोच लोकेश कुमार ने उनकी जीत के फ़ौरन बाद उनसे बात की, तो उन्होंने इस बात की खुशी जताई कि दो साल पहले 2015 में उन्होंने पहली बार पोलैंड में वर्ल्ड कप का निजी गोल्ड मेडल जीता था और अब टीम के ऐतिहासिक गोल्ड में भी उनका नाम शामिल है. टिप्पणियां अभिषेक ने बताया कि इस बार फ़ाइनल में उनकी टीम कंट्रोल में थी. अभिषेक ये भी कहते हैं कि अमेरिका जैसी मज़बूत टीम को हराना बड़ी चुनौती थी. वो कहते हैं कि इस जीत की वजह से आने वाले टूर्नामेंट में भारतीय टीम और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. अभिषेक के कोच लोकेश चंद कहते हैं, "इस बार टीम कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा था. दो सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक और चिन्नाराजू श्रीथर के साथ एकदम नए खिलाड़ी पंजाब के अमनजीत सिंह के बीच अच्छा तालमेल बन गया जिसका फ़ायदा उन्हें पूरे टूर्नामेंट में हुआ. वो मानते हैं कि नए खिलाड़ियों का फ़ायदा टीम को लंबे समय तक मिलता रह सकता है." इंचियन एशियाई गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिषेक वर्मा ने इस टूर्नामेंट में भी शानदार प्रदर्शन किया. उनके भारतीय कोच लोकेश कुमार ने उनकी जीत के फ़ौरन बाद उनसे बात की, तो उन्होंने इस बात की खुशी जताई कि दो साल पहले 2015 में उन्होंने पहली बार पोलैंड में वर्ल्ड कप का निजी गोल्ड मेडल जीता था और अब टीम के ऐतिहासिक गोल्ड में भी उनका नाम शामिल है. टिप्पणियां अभिषेक ने बताया कि इस बार फ़ाइनल में उनकी टीम कंट्रोल में थी. अभिषेक ये भी कहते हैं कि अमेरिका जैसी मज़बूत टीम को हराना बड़ी चुनौती थी. वो कहते हैं कि इस जीत की वजह से आने वाले टूर्नामेंट में भारतीय टीम और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. अभिषेक के कोच लोकेश चंद कहते हैं, "इस बार टीम कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा था. दो सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक और चिन्नाराजू श्रीथर के साथ एकदम नए खिलाड़ी पंजाब के अमनजीत सिंह के बीच अच्छा तालमेल बन गया जिसका फ़ायदा उन्हें पूरे टूर्नामेंट में हुआ. वो मानते हैं कि नए खिलाड़ियों का फ़ायदा टीम को लंबे समय तक मिलता रह सकता है." अभिषेक ने बताया कि इस बार फ़ाइनल में उनकी टीम कंट्रोल में थी. अभिषेक ये भी कहते हैं कि अमेरिका जैसी मज़बूत टीम को हराना बड़ी चुनौती थी. वो कहते हैं कि इस जीत की वजह से आने वाले टूर्नामेंट में भारतीय टीम और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है. अभिषेक के कोच लोकेश चंद कहते हैं, "इस बार टीम कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा था. दो सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक और चिन्नाराजू श्रीथर के साथ एकदम नए खिलाड़ी पंजाब के अमनजीत सिंह के बीच अच्छा तालमेल बन गया जिसका फ़ायदा उन्हें पूरे टूर्नामेंट में हुआ. वो मानते हैं कि नए खिलाड़ियों का फ़ायदा टीम को लंबे समय तक मिलता रह सकता है." अभिषेक के कोच लोकेश चंद कहते हैं, "इस बार टीम कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा था. दो सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक और चिन्नाराजू श्रीथर के साथ एकदम नए खिलाड़ी पंजाब के अमनजीत सिंह के बीच अच्छा तालमेल बन गया जिसका फ़ायदा उन्हें पूरे टूर्नामेंट में हुआ. वो मानते हैं कि नए खिलाड़ियों का फ़ायदा टीम को लंबे समय तक मिलता रह सकता है."
सारांश: अभिषेक वर्मा, चिन्नाराजू श्रीथर और अमनजीत सिंह टीम में रहे शामिल अभिषेक वर्मा इंचियन एशियाई गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं दूसरे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय दल से अब उम्मीदें बढ़ गई हैं
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व के तीसरी वरीयता प्राप्त स्विट्जरलैंड के टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर और स्पेन के डेविड फेरर अपने-अपने मुकाबले जीतकर वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं जबकि पुरुष वर्ग की युगल स्पर्धा में भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के एसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी तीसरे दौर में पहुंचने में सफल रही। फेडरर ने शुक्रवार को खेले गए पुरुष वर्ग की एकल स्पर्धा के तीसरे दौर में 29वीं वरीयता प्राप्त सर्बियाई खिलाड़ी जांको टिप्सारेविक को 6-1, 6-4, 6-3 से पराजित किया। 16 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता फेडरर ने दूसरे दौर में फ्रांसीसी खिलाड़ी मैक्सिम टेईजेरा को 6-3, 6-0, 6-2 से शिकस्त दी थी जबकि पहले दौर में उन्होंने स्पेनिश खिलाड़ी फेलिसियानो लोपेज को 6-3, 6-4, 7-6 से हराया था। विश्व के सातवीं वरीयता प्राप्त फेरर ने तीसरे दौर में विश्व के 31वीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन के खिलाड़ी सर्गेई स्टाखोव्सकी को 6-1, 6-1, 6-3 से पराजित किया। फेरर ने दूसरे दौर में फ्रांसीसी खिलाड़ी जुलिएन बेनेटो को 6-3, 6-4, 6-2 से शिकस्त देकर तीसरे दौर में जगह बनाई थी जबकि पहले दौर में उन्होंने फिनलैंड के जार्को निमिनेन को 6-3, 6-3, 6-1 से हराया था। विश्व के नौवीं वरीयता प्राप्त फ्रांसीसी खिलाड़ी मोनफिल्स ने तीसरे दौर में बेल्जियम के खिलाड़ी स्टीव डार्किस को 6-3, 6-4, 7-5 से पराजित किया। स्पेनिश खिलाड़ी अल्बर्ट मोनटानेस ने विश्व के 12वीं वरीयता प्राप्त रूस के मिखाइल यूज्नी को 6-1, 7-6, 6-1 से शिकस्त देकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। इटली के फाबियो फोगनिनी ने स्पेन के गुलिरेमो ग्रासिया लोपेज को 4-6, 6-3, 6-3, 6-1 से शिकस्त दी। पुरुष युगल मुकाबले में 'इंडो-पाक एक्सप्रेस' के नाम से विख्यात बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी ने दूसरे दौर में अर्जेंटीना के मैक्सिमो गोंजालेज और जापान के केई निशिकोरी को 6-7, 6-3, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट 6-7 से गंवाने के बाद बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी ने दूसरे तथा तीसरे सेट में जबर्दस्त वापसी करते हुए इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। इससे पहले, बोपन्ना और कुरैशी ने पहले दौर में इटली के आंद्रेस सेप्पी और साइमन वैगनोज्जी की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से पराजित किया था। इस जोड़ी को इस प्रष्ठित टूर्नामेंट में पांचवीं वरीयता मिली है। इटली के डेनिएले ब्रासियाली और उनके हमवतन जोड़ीदार पोटिटो स्टारास ने दूसरे दौर में क्रोएशिया के इवान डोडिग और उनके हमवतन खिलाड़ी इयो कोर्लोविक की जोड़ी को 6-2, 6-2 से पराजित किया। कोलम्बिया के जुआन सेबेस्टियन काबाल और अर्जेंटीना के एडुआडरे श्वांक की जोड़ी ने ब्रिटेन के कोलिन फ्लेमिंग और जर्मनी के फिलिप मार्क्‍स की जोड़ी को 7-6, 6-3 से हरा दिया। फ्रांसीसी खिलाड़ी माइकल लोड्रा और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने दूसरे दौर में स्पेनिश जोड़ी पाब्लो एंडूजार और डेनिएल जिमेनो-ट्रेवर की जोड़ी को 6-3, 6-4 से हरा दिया। कजाकिस्तान के आंद्रे ग्लूबेव और उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन की जोड़ी ने ब्राजील की मार्सेलो मेलो और उनके हमवतन ब्रूनो सोअर्स की 11वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 3-6, 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। मिश्रित मुकाबले में भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा और बोपन्ना की जोड़ी को पहले दौर में चीनी ताइपे की चिया-जंग चुआंग और पोलैंड की मार्सिन मटकोव्सकी की जोड़ी ने 7-6, 7-6 से पराजित कर दिया। उल्लेखनीय है कि एकल स्पर्धा में सानिया की चुनौती पहले ही खत्म हो चुकी है जबकि युगल मुकाबले में सानिया और उनकी रूसी जोड़ीदार एलेना वेसनीना तीसरे दौर में पहुंच गई हैं वहीं पुरुष युगल मे बोपन्ना अपने पाकिस्तानी जोड़ीदार एसाम उल हक कुरैशी के साथ दूसरे दौर में प्रवेश कर चुके हैं।
यह एक सारांश है: पुरुष वर्ग की युगल स्पर्धा में भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के एसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी तीसरे दौर में पहुंचने में सफल रही।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य लंदन उस समय थम गया, जब एक निर्वस्त्र व्यक्ति ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के दफ्तर के समीप एक प्रतिमा पर करीब तीन घंटे तक बैठा रहा। यहां की नवंबर की ठंड के बाद भी वह 19वीं सदी के सेना प्रमुख और एक समय के ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज प्रिंस जॉर्ज के स्मारक पर बैठा रहा तथा विभिन्न पोज देता रहा। वहां भयंकर भीड़ जुट गई थी। इस खबर के बाद कि वह व्यक्ति ऊपर चढ़ गया है और उसके पास चाकू हो सकता है, व्हाइटहॉल के इस स्थान पर पुलिस बुलाई गई। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक पुलिस उस इलाके को घेरे रही और उसे नीचे आने के लिए मनाती रही। बाद में वह नीचे आया और पुलिस ने उसे मानसिक स्वास्थ्य कानून के तहत हिरासत में ले लिया। वहां भयंकर भीड़ जुट गई थी। इस खबर के बाद कि वह व्यक्ति ऊपर चढ़ गया है और उसके पास चाकू हो सकता है, व्हाइटहॉल के इस स्थान पर पुलिस बुलाई गई। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक पुलिस उस इलाके को घेरे रही और उसे नीचे आने के लिए मनाती रही। बाद में वह नीचे आया और पुलिस ने उसे मानसिक स्वास्थ्य कानून के तहत हिरासत में ले लिया।
संक्षिप्त सारांश: मध्य लंदन उस समय थम गया, जब एक निर्वस्त्र व्यक्ति ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के दफ्तर के समीप एक प्रतिमा पर करीब तीन घंटे तक बैठा रहा।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूसुफ पठान की तूफानी पारी के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग क्वालीफायर मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को 18 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। कोलकाता के 163 रन के लक्ष्य के जवाब में दिल्ली की टीम सुनील नरेन (24 रन पर दो विकेट) और जाक कैलिस (24 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने आठ विकेट पर 144 रन ही बना सकी। दिल्ली की ओर से महेला जयवर्धने ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। ब्रैंडन मैकुलन ने शानदार विकेटकीपिंग का नजारा पेश करते हुए दो कैच और दो स्टंप किए। इससे पहले, कोलकाता ने यूसुफ की 21 गेंद में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 40 रन की पारी के अलावा लक्ष्मी रतन शुक्ला (11 गेंद में नाबाद 24, तीन चौके, एक छक्का) के साथ उनकी 56 रन की अटूट साझेदारी से चार विकेट पर 162 रन बनाए। केकेआर की ओर से कप्तान गौतम गंभीर (32), ब्रैंडन मैकुलम (31) और जाक कैलिस (30) ने भी उम्दा पारियां खेली।टिप्पणियां कोलकाता की टीम ने इस जीत के साथ ही 27 मई को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया जबकि दिल्ली को बुधवार को मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर का इंतजार करना होगा। दिल्ली को 25 मई को दूसरे क्वालीफायर में एलिमिनेटर की विजेता टीम का सामना करना होगा और इस मैच का विजेता फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनेगा। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके। कोलकाता के 163 रन के लक्ष्य के जवाब में दिल्ली की टीम सुनील नरेन (24 रन पर दो विकेट) और जाक कैलिस (24 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने आठ विकेट पर 144 रन ही बना सकी। दिल्ली की ओर से महेला जयवर्धने ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। ब्रैंडन मैकुलन ने शानदार विकेटकीपिंग का नजारा पेश करते हुए दो कैच और दो स्टंप किए। इससे पहले, कोलकाता ने यूसुफ की 21 गेंद में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 40 रन की पारी के अलावा लक्ष्मी रतन शुक्ला (11 गेंद में नाबाद 24, तीन चौके, एक छक्का) के साथ उनकी 56 रन की अटूट साझेदारी से चार विकेट पर 162 रन बनाए। केकेआर की ओर से कप्तान गौतम गंभीर (32), ब्रैंडन मैकुलम (31) और जाक कैलिस (30) ने भी उम्दा पारियां खेली।टिप्पणियां कोलकाता की टीम ने इस जीत के साथ ही 27 मई को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया जबकि दिल्ली को बुधवार को मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर का इंतजार करना होगा। दिल्ली को 25 मई को दूसरे क्वालीफायर में एलिमिनेटर की विजेता टीम का सामना करना होगा और इस मैच का विजेता फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनेगा। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके। दिल्ली की ओर से महेला जयवर्धने ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। ब्रैंडन मैकुलन ने शानदार विकेटकीपिंग का नजारा पेश करते हुए दो कैच और दो स्टंप किए। इससे पहले, कोलकाता ने यूसुफ की 21 गेंद में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 40 रन की पारी के अलावा लक्ष्मी रतन शुक्ला (11 गेंद में नाबाद 24, तीन चौके, एक छक्का) के साथ उनकी 56 रन की अटूट साझेदारी से चार विकेट पर 162 रन बनाए। केकेआर की ओर से कप्तान गौतम गंभीर (32), ब्रैंडन मैकुलम (31) और जाक कैलिस (30) ने भी उम्दा पारियां खेली।टिप्पणियां कोलकाता की टीम ने इस जीत के साथ ही 27 मई को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया जबकि दिल्ली को बुधवार को मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर का इंतजार करना होगा। दिल्ली को 25 मई को दूसरे क्वालीफायर में एलिमिनेटर की विजेता टीम का सामना करना होगा और इस मैच का विजेता फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनेगा। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके। इससे पहले, कोलकाता ने यूसुफ की 21 गेंद में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 40 रन की पारी के अलावा लक्ष्मी रतन शुक्ला (11 गेंद में नाबाद 24, तीन चौके, एक छक्का) के साथ उनकी 56 रन की अटूट साझेदारी से चार विकेट पर 162 रन बनाए। केकेआर की ओर से कप्तान गौतम गंभीर (32), ब्रैंडन मैकुलम (31) और जाक कैलिस (30) ने भी उम्दा पारियां खेली।टिप्पणियां कोलकाता की टीम ने इस जीत के साथ ही 27 मई को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया जबकि दिल्ली को बुधवार को मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर का इंतजार करना होगा। दिल्ली को 25 मई को दूसरे क्वालीफायर में एलिमिनेटर की विजेता टीम का सामना करना होगा और इस मैच का विजेता फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनेगा। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके। कोलकाता की टीम ने इस जीत के साथ ही 27 मई को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया जबकि दिल्ली को बुधवार को मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर का इंतजार करना होगा। दिल्ली को 25 मई को दूसरे क्वालीफायर में एलिमिनेटर की विजेता टीम का सामना करना होगा और इस मैच का विजेता फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनेगा। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके। दिल्ली की शुरुआत खराब रही और उसने तीसरे ओवर में 24 रन तक ही अपने दोनों आक्रामक सलामी बल्लेबाजों कप्तान वीरेंद्र सहवाग (10) और डेविड वार्नर (07) के विकेट गंवा दिए। टीम इन झटकों से कभी नहीं उबर पाई। वार्नर को साकिब अल हसन जबकि सहवाग को लक्ष्मीपति बालाजी ने आउट किया। दोनों बल्लेबाजों के कैच मैकुलम ने लपके।
यूसुफ पठान की तूफानी पारी के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग क्वालीफायर मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को 18 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत की सबसे खतरनाक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की अरुणाचल प्रदेश में तैनाती पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है. चीनी कम्युनिष्ट पार्टी के मुख पत्र पीपुल्स डेली के मुताबिक चीन से लगी सीमा पर इसकी तैनाती से इलाके में स्थायित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. चीन का यह भी मानना है कि भारत के इस कदम के पीछे टकराव का नजरिया है.टिप्पणियां रक्षा सूत्रों का कहना है कि चीन के ऐतराज के बावजूद ब्रह्मोस की तैनाती चीन से लगी सीमा पर की जाएगी क्योंकि भारत अपनी सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ऐसे हथियार तैनात कर रहा है. ध्यान रहे कि बात चाहे सीमा पर रेल लाइन की हो या फिर पक्की सड़क की, भारत की तुलना में चीन ने सीमा पर अपने बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत कर लिया है.             वैसे अभी अरुणाचल में ब्रह्मोस की तैनाती हुई भी नहीं है लेकिन चीन का रुख सामने आ गया है. फिलहाल सरकार ने बस इस बात की मंजूरी दी है कि अरुणाचल में ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट की तैनाती की जाएगी. करीब 4,300 करोड़ की लागत से रेजीमेंट में करीब 100 मिसाइलें, पांच मोबाइल स्वचलित लांचर और एक मोबाइल कमान पोस्ट तैनात होगी. इसमें करीब साल भर लग जाएगा.   वैसे ब्रह्मोस की रेंज मात्र 290 किलोमीटर है लेकिन चीन के घबराने की वजह है कि इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है. इसकी स्पीड एक किलोमीटर प्रति संकेड है. जबकि चीन के पास मौजूद मिसाइल सबसोनिक यानि 290 मीटर प्रति सेकेंड है. ब्रह्मोस चीनी मिसाइल से तीन गुनी तेज है और फायर करने में वक्त भी कम लेती है. साथ ही इसका निशाना चूकता नहीं है. इस मिसाइल को भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है. इसकी टक्कर की चीन तो ठीक दुनिया में किसी के पास ऐसी कोई मिसाइल नहीं है. इसकी तैनाती के बाद अरुणाचल से चीन के 290 किलोमीटर के दायरे में आने वाली हर जगह इसकी पहुंच में है. यहां अपग्रेड ब्रह्मोस की तैनाती होगी जो पहाड़ों में छुपे दुश्मन के ठिकानों को भी निशाना बना सकती है. रक्षा सूत्रों का कहना है कि चीन के ऐतराज के बावजूद ब्रह्मोस की तैनाती चीन से लगी सीमा पर की जाएगी क्योंकि भारत अपनी सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ऐसे हथियार तैनात कर रहा है. ध्यान रहे कि बात चाहे सीमा पर रेल लाइन की हो या फिर पक्की सड़क की, भारत की तुलना में चीन ने सीमा पर अपने बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत कर लिया है.             वैसे अभी अरुणाचल में ब्रह्मोस की तैनाती हुई भी नहीं है लेकिन चीन का रुख सामने आ गया है. फिलहाल सरकार ने बस इस बात की मंजूरी दी है कि अरुणाचल में ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट की तैनाती की जाएगी. करीब 4,300 करोड़ की लागत से रेजीमेंट में करीब 100 मिसाइलें, पांच मोबाइल स्वचलित लांचर और एक मोबाइल कमान पोस्ट तैनात होगी. इसमें करीब साल भर लग जाएगा.   वैसे ब्रह्मोस की रेंज मात्र 290 किलोमीटर है लेकिन चीन के घबराने की वजह है कि इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है. इसकी स्पीड एक किलोमीटर प्रति संकेड है. जबकि चीन के पास मौजूद मिसाइल सबसोनिक यानि 290 मीटर प्रति सेकेंड है. ब्रह्मोस चीनी मिसाइल से तीन गुनी तेज है और फायर करने में वक्त भी कम लेती है. साथ ही इसका निशाना चूकता नहीं है. इस मिसाइल को भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है. इसकी टक्कर की चीन तो ठीक दुनिया में किसी के पास ऐसी कोई मिसाइल नहीं है. इसकी तैनाती के बाद अरुणाचल से चीन के 290 किलोमीटर के दायरे में आने वाली हर जगह इसकी पहुंच में है. यहां अपग्रेड ब्रह्मोस की तैनाती होगी जो पहाड़ों में छुपे दुश्मन के ठिकानों को भी निशाना बना सकती है. वैसे ब्रह्मोस की रेंज मात्र 290 किलोमीटर है लेकिन चीन के घबराने की वजह है कि इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है. भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है. इसकी स्पीड एक किलोमीटर प्रति संकेड है. जबकि चीन के पास मौजूद मिसाइल सबसोनिक यानि 290 मीटर प्रति सेकेंड है. ब्रह्मोस चीनी मिसाइल से तीन गुनी तेज है और फायर करने में वक्त भी कम लेती है. साथ ही इसका निशाना चूकता नहीं है. इस मिसाइल को भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है. इसकी टक्कर की चीन तो ठीक दुनिया में किसी के पास ऐसी कोई मिसाइल नहीं है. इसकी तैनाती के बाद अरुणाचल से चीन के 290 किलोमीटर के दायरे में आने वाली हर जगह इसकी पहुंच में है. यहां अपग्रेड ब्रह्मोस की तैनाती होगी जो पहाड़ों में छुपे दुश्मन के ठिकानों को भी निशाना बना सकती है.
यहाँ एक सारांश है:ब्रह्मोस की 290 किलोमीटर तक है मारक क्षमता अरुणाचल में ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट की तैनाती मंजूर सौ मिसाइलें, पांच मोबाइल स्वचलित लांचर तैनात होंगे
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मध्यम गति के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा है कि उनके दाएं कंधे का ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं है। साथ ही साथ उन्होंने स्वीकार किया है कि मौजूदा वर्ष में वह अपनी सेवाएं इंग्लिश टीम को नहीं दे पाएंगे। ब्रॉड को 11 दिन पहले भारत के साथ लॉर्ड्स में खेले गए चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान दाएं कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। वेबसाइट 'यूरो स्पोर्ट् डॉट को डॉट यूके' ने ब्रॉड के हवाले से लिखा है, "कंधे में अभी भी दर्द है। इसे ठीक होने में दो महीने का समय लगेगा। मुझे उम्मीद है कि मैं जनवरी, 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली श्रृंखला तक पूरी तरह फिट हो जाऊंगा।" चोट के कारण ब्रॉड भारत के साथ खेले गए पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले से बाहर हो गए थे। इसके  अलावा वेस्टइंडीज के साथ खेले जाने वाले दो ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से भी ब्रॉड बाहर हो गए हैं। इंग्लिश टीम को वेस्टइंडीज के साथ 23 सितम्बर को पहला ट्वेंटी-20 मुकाबला खेलना है जबकि 25 सितम्बर को वह दूसरा मुकाबला लंदन में ही खेलेगी। इंग्लिश टीम को अक्टूबर में भारत का दौरा करना है जहां उसे पांच एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला खेलनी है। वेबसाइट के मुताबिक ब्रॉड ने कहा, "मैं भारत के दौर पर जाऊंगा या नहीं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता। मेरे लिए अच्छी खबर यह है कि मुझे कंधे का ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं है। मुझे इससे उबरने के लिए दो महीने का समय लग सकता है।"
यह एक सारांश है: ब्रॉड ने कहा है कि उनके दाएं कंधे का ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं है। साथ ही साथ उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा सत्र में नहीं खेल पाएंगे।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अमेरिकी उपभोक्ता खर्च में बढ़त के आंकड़े जारी होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी जिससे मजबूत वैश्विक रुख से बीएसई सेंसेक्स 260 अंक चढ़कर बंद हुआ। बांबे स्टाक एक्सचेंज का सेंसेक्स 260.42 अंक मजबूत होकर 16,676.75 अंक पर बंद हुआ। कल सेंसेक्स में 567.50 अंक की तेजी दर्ज की गई थी। आज कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 16,714.70 अंक के उच्च स्तर को छू गया था। इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 81.40 अंक मजबूत होकर 5,001 अंक पर बंद हुआ। कारोबारियों ने कहा कि निचले स्तर पर उपलब्ध मजबूत शेयरों में लिवाली से बाजार में यह तेजी आई। कमजोर जीडीपी आंकड़ों को भी बाजार ने नजरअंदाज कर दिया। इस समय बाजार पूरी तरह वैश्विक बाजारों से दिशा ले रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उपभोक्ताओं का खर्च 0.8 प्रतिशत बढ़ने की खबर से निवेशकों की धारणा में काफी सुधार दर्ज किया गया जिससे अन्य एशियाई बाजारों में तेजी का रुख बना। हालांकि, देश में 30 जून को समाप्त हुई तिमाही के दौरान जीडीपी वृद्धि दर महज 7.7 प्रतिशत रही जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.8 प्रतिशत थी। हालांकि कमजोर जीडीपी आंकड़ों का बाजार की धारणा पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
संक्षिप्त पाठ: सेंसेक्स 260.42 अंक मजबूत होकर 16,676.75 अंक पर बंद हुआ। सोमवार को सेंसेक्स में 567.50 अंक की तेजी दर्ज की गई थी।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जहां पुरुष और महिला हॉकी टीम के 36 खिलाड़ी ओलिंपिक टीम में चुने जाने का जश्न मना रहे थे, वहीं रितु टीम से बाहर कर दिए जाने की खबर सुनकर अपने घर में हताश बैठी थीं। उन्होंने कहा, 'मुझे लग रहा है कि इतने सालों तक मेरे हॉकी खेलने का कोई मतलब नहीं रह गया है। मेरे मंगेतर भी इससे काफी दुखी और परेशान हैं। सरदार सिंह (पुरुष टीम के पूर्व कप्तान) भी तो निजी समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनकी भी कप्तानी छीन ली गई है, लेकिन उन्हें टीम में बनाए रखा गया है। फिर मेरे ही साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?'टिप्पणियां अपनी कप्तानी में क्वालालंपुर में हुए एशिया कप 2013 और इंचियोन एशियाई खेल, 2014 में टीम को दो ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली ऋतु ने कहा कि हो सकता है कि अब वह ओलिंपिक बिल्कुल भी न देख पाएं। ऋतु ने कहा, "झूठे आरोप लगाना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं टीवी पर ओलिंपिक मैच देख पाऊंगी।' उन्होंने कहा, 'मुझे लग रहा है कि इतने सालों तक मेरे हॉकी खेलने का कोई मतलब नहीं रह गया है। मेरे मंगेतर भी इससे काफी दुखी और परेशान हैं। सरदार सिंह (पुरुष टीम के पूर्व कप्तान) भी तो निजी समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनकी भी कप्तानी छीन ली गई है, लेकिन उन्हें टीम में बनाए रखा गया है। फिर मेरे ही साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?'टिप्पणियां अपनी कप्तानी में क्वालालंपुर में हुए एशिया कप 2013 और इंचियोन एशियाई खेल, 2014 में टीम को दो ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली ऋतु ने कहा कि हो सकता है कि अब वह ओलिंपिक बिल्कुल भी न देख पाएं। ऋतु ने कहा, "झूठे आरोप लगाना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं टीवी पर ओलिंपिक मैच देख पाऊंगी।' अपनी कप्तानी में क्वालालंपुर में हुए एशिया कप 2013 और इंचियोन एशियाई खेल, 2014 में टीम को दो ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली ऋतु ने कहा कि हो सकता है कि अब वह ओलिंपिक बिल्कुल भी न देख पाएं। ऋतु ने कहा, "झूठे आरोप लगाना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं टीवी पर ओलिंपिक मैच देख पाऊंगी।' ऋतु ने कहा, "झूठे आरोप लगाना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैं टीवी पर ओलिंपिक मैच देख पाऊंगी।'
यह एक सारांश है: भारतीय हॉकी टीम ने 36 साल बाद ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है टीम को क्वालिफाई कराने में ऋतु रानी का अहम भूमिका रही ऋतु की कप्तानी में महिला हॉकी टीम को दो टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल मिले
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जर्मनी में एक बैंक कर्मचारी की छोटी सी गलती ने उसकी महिला सुपरवाइजर की नौकरी ले ली। काम के दौरान कर्मचारी को झपकी आ गई और वह कंप्यूटर के कीबोर्ड पर सो गया जिससे गलती से 29.3 करोड़ डॉलर किसी दूसरे खाते में हस्तांतरित हो गए। गलती पकड़ने में विफल रहने की सजा के तौर सुपरवाइजर को बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, मामला अदालत में पहुंचने पर जर्मनी की एक श्रम अदालत ने फैसला सुनाया कि बैंक की उस सुपरवाइजर को अनुचित तरीके से हटाया गया। बैंक का लिपिक 64.20 यूरो किसी दूसरे खाते में हस्तांतरित कर रहा था तभी उसे झपकी आ गई और वह कीबोर्ड पर सो गया। कीबोर्ड का 2 नंबर बटन दबा रह गया जिससे 22,22,22,222.22 यूरो (29.3 करोड़ डॉलर) की राशि हस्तांतरित हो गई।टिप्पणियां उक्त लिपिक की इस गलती को न पकड़ पाने के आरोप में सुपरवाइजर को नौकरी से हटा दिया गया। जज ने कहा कि पर्यवेक्षक को केवल फटकार की सजा दी जानी चाहिए थी। यह घटना पिछले साल अप्रैल की है जब बैंक का थका मांदा लिपिक अपने कंप्यूटर टेबल पर सो गया और उसकी अंगुली दो नंबर पर दबी रह गई। सुपरवाइजर ने अलदालत में कहा कि उसने लिपिक की गलती पर गौर नहीं किया और अंतर को स्वीकृत कर दिया। उसे बाद में दूसरे कर्मचारी ने पकड़ लिया और गलती को ठीक कर दिया। हालांकि, मामला अदालत में पहुंचने पर जर्मनी की एक श्रम अदालत ने फैसला सुनाया कि बैंक की उस सुपरवाइजर को अनुचित तरीके से हटाया गया। बैंक का लिपिक 64.20 यूरो किसी दूसरे खाते में हस्तांतरित कर रहा था तभी उसे झपकी आ गई और वह कीबोर्ड पर सो गया। कीबोर्ड का 2 नंबर बटन दबा रह गया जिससे 22,22,22,222.22 यूरो (29.3 करोड़ डॉलर) की राशि हस्तांतरित हो गई।टिप्पणियां उक्त लिपिक की इस गलती को न पकड़ पाने के आरोप में सुपरवाइजर को नौकरी से हटा दिया गया। जज ने कहा कि पर्यवेक्षक को केवल फटकार की सजा दी जानी चाहिए थी। यह घटना पिछले साल अप्रैल की है जब बैंक का थका मांदा लिपिक अपने कंप्यूटर टेबल पर सो गया और उसकी अंगुली दो नंबर पर दबी रह गई। सुपरवाइजर ने अलदालत में कहा कि उसने लिपिक की गलती पर गौर नहीं किया और अंतर को स्वीकृत कर दिया। उसे बाद में दूसरे कर्मचारी ने पकड़ लिया और गलती को ठीक कर दिया। उक्त लिपिक की इस गलती को न पकड़ पाने के आरोप में सुपरवाइजर को नौकरी से हटा दिया गया। जज ने कहा कि पर्यवेक्षक को केवल फटकार की सजा दी जानी चाहिए थी। यह घटना पिछले साल अप्रैल की है जब बैंक का थका मांदा लिपिक अपने कंप्यूटर टेबल पर सो गया और उसकी अंगुली दो नंबर पर दबी रह गई। सुपरवाइजर ने अलदालत में कहा कि उसने लिपिक की गलती पर गौर नहीं किया और अंतर को स्वीकृत कर दिया। उसे बाद में दूसरे कर्मचारी ने पकड़ लिया और गलती को ठीक कर दिया। यह घटना पिछले साल अप्रैल की है जब बैंक का थका मांदा लिपिक अपने कंप्यूटर टेबल पर सो गया और उसकी अंगुली दो नंबर पर दबी रह गई। सुपरवाइजर ने अलदालत में कहा कि उसने लिपिक की गलती पर गौर नहीं किया और अंतर को स्वीकृत कर दिया। उसे बाद में दूसरे कर्मचारी ने पकड़ लिया और गलती को ठीक कर दिया।
संक्षिप्त सारांश: जर्मनी में एक बैंक कर्मचारी की छोटी सी गलती ने उसकी महिला सुपरवाइजर की नौकरी ले ली। काम के दौरान कर्मचारी को झपकी आ गई और वह कंप्यूटर के कीबोर्ड पर सो गया जिससे गलती से 29.3 करोड़ डॉलर किसी दूसरे खाते में हस्तांतरित हो गए।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रियो ओलिंपिक के सातवें दिन भी भारत का ‘फ्लॉप शो’ जारी रहा.अतानु दास के बाहर होने से जहां तीरंदाजी में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई वहीं राइफल निशानेबाज गगन नारंग और चैन सिंह ने निराश किया. शटलर ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा भी अपना दूसरा डबल्‍स मैच हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गयी. यही नहीं, भारतीय एथलीटों ने ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में पहले दिन खराब प्रदर्शन किया. डिस्‍कस थ्रोअर विकास गौड़ा सहित तीन खिलाड़ी क्वालीफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए जबकि पुरुष हाकी टीम ने कमजोर मानी जा रही कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच 2-2 से बराबर खेला हालांकि वह पहले ही क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी थी. भारत के इस तरह से पांच मैचों में दो जीत और एक ड्रा से सात अंक रहे. लगातार चौथे ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे 33 साल के गौड़ा लचर प्रदर्शन करते हुए 58. 99 मीटर के प्रयास के साथ 34 खिलाड़ियों में कुल 28वें स्थान पर रहे. वह ग्रुप बी में 18 खिलाड़ियों के बीच 16वें स्थान पर रहे थे. महिला शॉट पुट में भी यही कहानी दोहराई गयी. राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मनप्रीत कौर 17. 06 मीटर के प्रयास के साथ 35 प्रतिस्पर्धियों में कुल 23वें स्थान पर रही. वह ग्रुप बी क्वालीफाइंग में 13वें स्थान पर रही थी. दिन की शुरुआत अतानु दास के पुरुष इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से हुई जिससे भारत का तीरंदाजी में अभियान खत्म हो गया.तेज बारिश के बीच हुए मुकाबले में अतानु दुनिया के 8वें नंबर के कोरियाई तीरंदाज ली सेयुंग युन से 4 -6 से हार गये. ली स्‍युंग युन ने अपनी टीम को टीम इवेंट का स्वर्ण पदक दिलाने में भी मदद की थी. अतनु 28-30, 30-28, 27-27, 27-28 28-28 से हार गए जिससे भारत का तीरंदाजी में पदकहीन अभियान खत्म हो गया. महिला तीरंदाज लैशराम बोम्बायला देवी, दीपिका कुमारी और लक्ष्मीरानी मांझी भी महिला टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में हारकर बाहर हो चुकी हैं. वहीं निशानेबाजी में गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में फ्लॉप रहे. लंदन ओलिंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतने वाले नारंग 623 .1 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे जबकि चैन सिंह ने 619 .1 अंक के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में 36वां स्थान हासिल किया. नारंग के लिए दिन विशेष रूप से निराशाजनक रहा क्योंकि एक समय वह चौथे स्थान पर चल रहे थे. छठी और अंतिम सीरीज में हालांकि अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. उन्होंने अंतिम सीरीज में 102 .4 अंक बनाये.टिप्पणियां नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डिस्‍कस थ्रोअर विकास गौड़ा सहित तीन खिलाड़ी क्वालीफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए जबकि पुरुष हाकी टीम ने कमजोर मानी जा रही कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच 2-2 से बराबर खेला हालांकि वह पहले ही क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी थी. भारत के इस तरह से पांच मैचों में दो जीत और एक ड्रा से सात अंक रहे. लगातार चौथे ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे 33 साल के गौड़ा लचर प्रदर्शन करते हुए 58. 99 मीटर के प्रयास के साथ 34 खिलाड़ियों में कुल 28वें स्थान पर रहे. वह ग्रुप बी में 18 खिलाड़ियों के बीच 16वें स्थान पर रहे थे. महिला शॉट पुट में भी यही कहानी दोहराई गयी. राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मनप्रीत कौर 17. 06 मीटर के प्रयास के साथ 35 प्रतिस्पर्धियों में कुल 23वें स्थान पर रही. वह ग्रुप बी क्वालीफाइंग में 13वें स्थान पर रही थी. दिन की शुरुआत अतानु दास के पुरुष इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से हुई जिससे भारत का तीरंदाजी में अभियान खत्म हो गया.तेज बारिश के बीच हुए मुकाबले में अतानु दुनिया के 8वें नंबर के कोरियाई तीरंदाज ली सेयुंग युन से 4 -6 से हार गये. ली स्‍युंग युन ने अपनी टीम को टीम इवेंट का स्वर्ण पदक दिलाने में भी मदद की थी. अतनु 28-30, 30-28, 27-27, 27-28 28-28 से हार गए जिससे भारत का तीरंदाजी में पदकहीन अभियान खत्म हो गया. महिला तीरंदाज लैशराम बोम्बायला देवी, दीपिका कुमारी और लक्ष्मीरानी मांझी भी महिला टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में हारकर बाहर हो चुकी हैं. वहीं निशानेबाजी में गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में फ्लॉप रहे. लंदन ओलिंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतने वाले नारंग 623 .1 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे जबकि चैन सिंह ने 619 .1 अंक के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में 36वां स्थान हासिल किया. नारंग के लिए दिन विशेष रूप से निराशाजनक रहा क्योंकि एक समय वह चौथे स्थान पर चल रहे थे. छठी और अंतिम सीरीज में हालांकि अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. उन्होंने अंतिम सीरीज में 102 .4 अंक बनाये.टिप्पणियां नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लगातार चौथे ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे 33 साल के गौड़ा लचर प्रदर्शन करते हुए 58. 99 मीटर के प्रयास के साथ 34 खिलाड़ियों में कुल 28वें स्थान पर रहे. वह ग्रुप बी में 18 खिलाड़ियों के बीच 16वें स्थान पर रहे थे. महिला शॉट पुट में भी यही कहानी दोहराई गयी. राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मनप्रीत कौर 17. 06 मीटर के प्रयास के साथ 35 प्रतिस्पर्धियों में कुल 23वें स्थान पर रही. वह ग्रुप बी क्वालीफाइंग में 13वें स्थान पर रही थी. दिन की शुरुआत अतानु दास के पुरुष इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से हुई जिससे भारत का तीरंदाजी में अभियान खत्म हो गया.तेज बारिश के बीच हुए मुकाबले में अतानु दुनिया के 8वें नंबर के कोरियाई तीरंदाज ली सेयुंग युन से 4 -6 से हार गये. ली स्‍युंग युन ने अपनी टीम को टीम इवेंट का स्वर्ण पदक दिलाने में भी मदद की थी. अतनु 28-30, 30-28, 27-27, 27-28 28-28 से हार गए जिससे भारत का तीरंदाजी में पदकहीन अभियान खत्म हो गया. महिला तीरंदाज लैशराम बोम्बायला देवी, दीपिका कुमारी और लक्ष्मीरानी मांझी भी महिला टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में हारकर बाहर हो चुकी हैं. वहीं निशानेबाजी में गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में फ्लॉप रहे. लंदन ओलिंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतने वाले नारंग 623 .1 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे जबकि चैन सिंह ने 619 .1 अंक के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में 36वां स्थान हासिल किया. नारंग के लिए दिन विशेष रूप से निराशाजनक रहा क्योंकि एक समय वह चौथे स्थान पर चल रहे थे. छठी और अंतिम सीरीज में हालांकि अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. उन्होंने अंतिम सीरीज में 102 .4 अंक बनाये.टिप्पणियां नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिन की शुरुआत अतानु दास के पुरुष इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा के प्री क्वार्टरफाइनल में हारने से हुई जिससे भारत का तीरंदाजी में अभियान खत्म हो गया.तेज बारिश के बीच हुए मुकाबले में अतानु दुनिया के 8वें नंबर के कोरियाई तीरंदाज ली सेयुंग युन से 4 -6 से हार गये. ली स्‍युंग युन ने अपनी टीम को टीम इवेंट का स्वर्ण पदक दिलाने में भी मदद की थी. अतनु 28-30, 30-28, 27-27, 27-28 28-28 से हार गए जिससे भारत का तीरंदाजी में पदकहीन अभियान खत्म हो गया. महिला तीरंदाज लैशराम बोम्बायला देवी, दीपिका कुमारी और लक्ष्मीरानी मांझी भी महिला टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में हारकर बाहर हो चुकी हैं. वहीं निशानेबाजी में गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में फ्लॉप रहे. लंदन ओलिंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतने वाले नारंग 623 .1 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे जबकि चैन सिंह ने 619 .1 अंक के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में 36वां स्थान हासिल किया. नारंग के लिए दिन विशेष रूप से निराशाजनक रहा क्योंकि एक समय वह चौथे स्थान पर चल रहे थे. छठी और अंतिम सीरीज में हालांकि अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. उन्होंने अंतिम सीरीज में 102 .4 अंक बनाये.टिप्पणियां नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वहीं निशानेबाजी में गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में फ्लॉप रहे. लंदन ओलिंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीतने वाले नारंग 623 .1 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे जबकि चैन सिंह ने 619 .1 अंक के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में 36वां स्थान हासिल किया. नारंग के लिए दिन विशेष रूप से निराशाजनक रहा क्योंकि एक समय वह चौथे स्थान पर चल रहे थे. छठी और अंतिम सीरीज में हालांकि अपना सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए वह फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए. उन्होंने अंतिम सीरीज में 102 .4 अंक बनाये.टिप्पणियां नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नारंग ने क्वालीफाइंग राउंड में छह सीरीज में 104 . 7, 104 . 4, 104 . 6, 103 . 0, 104 . 0, 102 . 4 अंक हासिल किए. भारत की ओर से रियो ओलिंपिक में निशानेबाजी में अब तक बीजिंग खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: ओलिंपिक के सातवें दिन भी जारी रहा भारत का ‘फ्लॉप शो’ तीरंदाजी में चुनौती खत्‍म, शूटिंग में गगन और चैन सिंह हारे कनाडा से मैच 2-2 से बराबर रखने को मजबूर हुई हॉकी टीम
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 62.24 अंकों की गिरावट के साथ 18,632.17 और निफ्टी 10.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ।          बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 49.87 अंकों की गिरावट के साथ 18,644.54 पर खुला और 62.24 अंकों या 0.33 फीसदी गिरावट के साथ 18,632.17 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,670.48 के ऊपरी और 18,573.18 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी रही। सिप्ला (2.66 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.59 फीसदी), एसबीआई (1.41 फीसदी), आईटीसी (1.04 फीसदी) और विप्रो (0.70 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.93 फीसदी), कोल इंडिया (2.81 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.22 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.14 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (1.57 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,653.40 पर खुला और 10.45 अंकों या 0.18 फीसदी गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,672.80 के ऊपरी और 5,638.65 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 17.65 अंकों की तेजी के साथ 6,501.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 44.69 अंकों की तेजी के साथ 6,947.84 पर बंद हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी रही। सिप्ला (2.66 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.59 फीसदी), एसबीआई (1.41 फीसदी), आईटीसी (1.04 फीसदी) और विप्रो (0.70 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.93 फीसदी), कोल इंडिया (2.81 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.22 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.14 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (1.57 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,653.40 पर खुला और 10.45 अंकों या 0.18 फीसदी गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,672.80 के ऊपरी और 5,638.65 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 17.65 अंकों की तेजी के साथ 6,501.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 44.69 अंकों की तेजी के साथ 6,947.84 पर बंद हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (3.93 फीसदी), कोल इंडिया (2.81 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.22 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.14 फीसदी) और डॉ. रेड्डीज लैब (1.57 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,653.40 पर खुला और 10.45 अंकों या 0.18 फीसदी गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,672.80 के ऊपरी और 5,638.65 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 17.65 अंकों की तेजी के साथ 6,501.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 44.69 अंकों की तेजी के साथ 6,947.84 पर बंद हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.50 अंकों की गिरावट के साथ 5,653.40 पर खुला और 10.45 अंकों या 0.18 फीसदी गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,672.80 के ऊपरी और 5,638.65 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 17.65 अंकों की तेजी के साथ 6,501.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 44.69 अंकों की तेजी के साथ 6,947.84 पर बंद हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 17.65 अंकों की तेजी के साथ 6,501.14 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 44.69 अंकों की तेजी के साथ 6,947.84 पर बंद हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के पांच सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.65 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.57 फीसदी), रियल्टी (0.29 फीसदी ), तेल एवं गैस (0.14 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.06 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे धातु (1.17 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी),  सार्वजनिक कम्पनियां (0.57 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.51 फीसदी) और बिजली (0.40 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान मिला जुला रहा। कुल 1446 शेयरों में तेजी और इतने ही शेयरों में गिरावट रही, जबकि 119 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
यह एक सारांश है: सेंसेक्स 62.24 अंकों की गिरावट के साथ 18,632.17 और निफ्टी 10.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,663.45 पर बंद हुआ।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: देशभर में शौचालयों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए बालीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन मंगलवार को मुंबई में "दरवाज़ा बंद" अभियान का शुभारंभ करेंगे. केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह अभियान लांच किया जा रहा है. इस अभियान में बालीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी भाग लेंगी. शौचालय प्रयोग अभियान के शुभारंभ के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद रहेंगे. इसे विशेष तौर पर गांवों में शौचालयों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है.टिप्पणियां मंत्रालय के मुताबिक इस मौके पर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. इसे वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू किया जा रहा है. इसके ज़रिए उन लोगों को विशेष तौर पर टारगेट किया जाएगा जिनके घरों में शौचालय है लेकिन इसके बावजूद वे उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से इसे लांच किया गया है. शौचालय प्रयोग अभियान के शुभारंभ के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद रहेंगे. इसे विशेष तौर पर गांवों में शौचालयों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है.टिप्पणियां मंत्रालय के मुताबिक इस मौके पर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. इसे वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू किया जा रहा है. इसके ज़रिए उन लोगों को विशेष तौर पर टारगेट किया जाएगा जिनके घरों में शौचालय है लेकिन इसके बावजूद वे उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से इसे लांच किया गया है. मंत्रालय के मुताबिक इस मौके पर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. इसे वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू किया जा रहा है. इसके ज़रिए उन लोगों को विशेष तौर पर टारगेट किया जाएगा जिनके घरों में शौचालय है लेकिन इसके बावजूद वे उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से इसे लांच किया गया है. इसके ज़रिए उन लोगों को विशेष तौर पर टारगेट किया जाएगा जिनके घरों में शौचालय है लेकिन इसके बावजूद वे उसका इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से इसे लांच किया गया है.
संक्षिप्त सारांश: देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद रहेंगे स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले होंगे पुरस्कृत घर में शौचालय होने के पर भी इस्तेमाल नहीं करने वाले होंगे टारगेट पर
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों और इंजीनियरों के यहां तलाशी लिए जाने के विरोध में बेंगलुरु में आयकर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को लेकर जेडीएस और कांग्रेस की शनिवार को आलोचना की. अरुण जेटली ने अपने एक ब्लॉग में लिखा है कि बेंगलुरु का मामला संप्रग 2 के कामकाज की पद्धति को दो तरह से प्रदर्शित करता है - सरकारी धन का इस्तेमाल करो, खुद को फायदा पहुंचाने के लिए इसे ठेकोदारों और लाभार्थियों के जरिए इस्तेमाल करो और फिर संघवाद के लिए जुबानी हमदर्दी जताओ और जब कभी अवसर आए तब उसे नष्ट कर दो. गौरतलब है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस - जेडीएस के सत्तारूढ़ गठबंधन ने गुरुवार को बेंगलुरु में आयकर विभाग के सामने प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने पार्टी के लोगों और अन्य के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई किए जाने के विरोध में यह कदम उठाया. जेटली ने कहा कि यह अभूतपूर्व है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री आयकर तलाशी के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन में शामिल हुए हों. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस की प्रतिक्रिया से शक की सूई उन पर जाती है. क्या मंत्री के भतीजे पीडब्ल्यूडी ठेकेदार थे जिनके लिए दरियादिली दिखाई गई - क्या यह भाई भतीजावाद का मामला है? उन्होंने कहा कि यहां तक कि आयकर अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी सांसद, विधायक या मंत्री के यहां तलाशी नहीं ली गई है. उन्होंने पूछा कि क्या राज्य का रूख संघवाद के लिए खतरा है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब अरुण जेटली ने कांग्रेस पर निशाना साधा हो. इससे पहले केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने चुनाव अभियान में मनगढ़ंत मुद्दे उठा रहे हैं और यदि उन फर्जी मुद्दों को उनके भाषण से हटा दिया जाए तो कुछ भी नहीं बचेगा. अरुण जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि झूठ औंधे मुंह गिरता है और मतदाताओं की सोच बिगाड़ने वाले अतिआत्मविश्वासी विपक्षी नेताओं को लोकसभा चुनाव में मतदाता दंडित करेंगे. जेटली ने कहा था कि "राहुल गांधी ने न सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि पूरे विपक्ष को फर्जी और मनगढ़ंत मुद्दों पर निर्भर कर दिया है. वे फर्जी मुद्दे उठाते हैं, उसे बार-बार बोलते हैं और उसके बाद समझते हैं कि उनका झूठ सच हो जाएगा. समय आ गया है कि वे झूठ के कोकून से बाहर निकले अन्यथा समाप्त हो जाएंगे.  उन्होंने कहा था कि राफेल, बालाकोट, जज लोया मौत, बैंक लोन माफी, जेएनयू मुद्दा, ईवीएम, जीएसटी, नोटबंदी या नीरव मोदी व माल्या को लेकर या आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा या फिर अर्थव्यवस्था को लेकर हमेशा फर्जी मुद्दे उठाए गए और विपक्ष का हर मुद्दा औंधे मुंह गिरा. यदि राहुल गांधी के भाषण से फर्जी मुद्दे हटा दिए जाएं, तो वहां कुछ बचेगा ही नहीं. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह मतदाताओं की समझ को कमतर आंक रहा है. उन्होंने कहा था कि मतदाता भी देश के विपक्षी दलों को उसी तरह समझेंगे और उन्हें उनकी जगह दिखा देंगे.  भाजपा नेता ने कहा था कि चुनावी अभियान चलाने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि फर्जी मुद्दों पर प्रचार चल नहीं पाएगा. भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक ताकत मतदाताओं की समझ में निहित है. वे काम न करने वालों को दंडित करेंगे और वे काम करने वालों को दोबारा वोट देंगे. सर्वे करने वाले, राजनीति पंडित और टिप्पणीकार आमतौर पर गलत साबित होते हैं.
यह एक सारांश है: लोकसभा चुनाव से पहले साधा निशाना विपक्ष के विरोध का दिया जवाब अरुण जेटली ने लिखा ब्लॉग
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्व हिन्दू परिषद की चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद विहिप ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने कार्यक्रम में बदलाव नहीं करेगी और तय समय पर ही देशभर के संत और धर्माचार्य 25 अगस्त से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए जुटेंगे। इसके साथ ही विहिप ने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। विहिप ने एक बयान जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। विहिप ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा को अनुमति न दिए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा, "चौरासी कोसी परिक्रमा का यह कार्यक्रम पूरी तरह से संतों द्वारा संचालित धार्मिक व परम्परागत है। इस परिक्रमा अनुष्ठान को वर्षभर में कभी भी किया जा सकता है। किसी विशेष समय में लोग इसको अधिक मात्रा में करते हैं जैसे - ब्रज क्षेत्र में गोवर्धन, चित्रकूट में कामदगिरि व दक्षिण भारत में तिरूवन्मलई की परिक्रमा यात्रा है। बयान में कहा गया है कि सरकार के इसी भ्रम को दूर करने के लिए शनिवार को संत उच्चाधिकार समिति के संत मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे और उन्हें विस्तार से पूरी जानकारी दी थी। मुलाकात के दौरान अखिलेश और मुलायम का रूख चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर सकारात्मक रहा था। टिप्पणियां बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम नेताओं के दबाव व मुस्लिम वोटों के लालच में सरकार सही निर्णय नहीं ले पा रही है और वह लगातार हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयत्न कर रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे। इसके साथ ही विहिप ने सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। विहिप ने एक बयान जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। विहिप ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा को अनुमति न दिए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा, "चौरासी कोसी परिक्रमा का यह कार्यक्रम पूरी तरह से संतों द्वारा संचालित धार्मिक व परम्परागत है। इस परिक्रमा अनुष्ठान को वर्षभर में कभी भी किया जा सकता है। किसी विशेष समय में लोग इसको अधिक मात्रा में करते हैं जैसे - ब्रज क्षेत्र में गोवर्धन, चित्रकूट में कामदगिरि व दक्षिण भारत में तिरूवन्मलई की परिक्रमा यात्रा है। बयान में कहा गया है कि सरकार के इसी भ्रम को दूर करने के लिए शनिवार को संत उच्चाधिकार समिति के संत मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे और उन्हें विस्तार से पूरी जानकारी दी थी। मुलाकात के दौरान अखिलेश और मुलायम का रूख चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर सकारात्मक रहा था। टिप्पणियां बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम नेताओं के दबाव व मुस्लिम वोटों के लालच में सरकार सही निर्णय नहीं ले पा रही है और वह लगातार हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयत्न कर रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा, "चौरासी कोसी परिक्रमा का यह कार्यक्रम पूरी तरह से संतों द्वारा संचालित धार्मिक व परम्परागत है। इस परिक्रमा अनुष्ठान को वर्षभर में कभी भी किया जा सकता है। किसी विशेष समय में लोग इसको अधिक मात्रा में करते हैं जैसे - ब्रज क्षेत्र में गोवर्धन, चित्रकूट में कामदगिरि व दक्षिण भारत में तिरूवन्मलई की परिक्रमा यात्रा है। बयान में कहा गया है कि सरकार के इसी भ्रम को दूर करने के लिए शनिवार को संत उच्चाधिकार समिति के संत मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे और उन्हें विस्तार से पूरी जानकारी दी थी। मुलाकात के दौरान अखिलेश और मुलायम का रूख चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर सकारात्मक रहा था। टिप्पणियां बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम नेताओं के दबाव व मुस्लिम वोटों के लालच में सरकार सही निर्णय नहीं ले पा रही है और वह लगातार हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयत्न कर रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे। बयान में कहा गया है कि सरकार के इसी भ्रम को दूर करने के लिए शनिवार को संत उच्चाधिकार समिति के संत मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले थे और उन्हें विस्तार से पूरी जानकारी दी थी। मुलाकात के दौरान अखिलेश और मुलायम का रूख चौरासी कोसी परिक्रमा को लेकर सकारात्मक रहा था। टिप्पणियां बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम नेताओं के दबाव व मुस्लिम वोटों के लालच में सरकार सही निर्णय नहीं ले पा रही है और वह लगातार हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयत्न कर रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे। बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुस्लिम नेताओं के दबाव व मुस्लिम वोटों के लालच में सरकार सही निर्णय नहीं ले पा रही है और वह लगातार हिन्दू समाज को अपमानित करने का प्रयत्न कर रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे। शर्मा ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से यह भी सिद्घ होता है कि राज्य सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से अक्षम है और इस सरकार में हिन्दू को अपनी धार्मिक परम्पराओं के निर्वहन करने का अधिकार नहीं प्राप्त है। परिक्रमा का यह कार्यक्रम यथावत है। सम्पूर्ण देश से संत अपने नियत समय पर यात्रा के लिए पहुंचेंगे।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्व हिन्दू परिषद की चौरासी कोसी परिक्रमा यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद विहिप ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने कार्यक्रम में बदलाव नहीं करेगी और तय समय पर ही देशभर के संत और धर्माचार्य 25 अगस्त से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान सरकार देश के ऐबटाबाद में पिछले सप्ताह अमेरिकी कमांडो कार्रवाई में मारे गए अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की उन तीन विधवाओं तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने को तैयार हो गया है जिन्हें उसके मारे जाने के तत्काल बाद हिरासत में ले लिया गया था। सीबीएस न्यूज ने कहा कि अमेरिकी जांच एजेंसियों को ओसामा की तीन विधाओं से पूछताछ के लिए सीधी पहुंच प्रदान की जाएगी। इसका अर्थ है कि अमेरिकी सरकार के एजेंट ओसामा की तीन विधवाओं से न केवल प्रश्न पूछ सकेंगे बल्कि उनसे आमने सामने बातचीत भी कर सकेंगे। ऐसा करके पाकिस्तान ने ओबामा प्रशासन की एक मुख्य मांग पूरी कर दी है। द न्यूयार्क टाइम्स ने कहा, अमेरिका के अधिकारियों को जल्द ही ओसामा की तीन पत्नियों से सीधी पूछताछ करने की इजाजत दी जाएगी जो फिलहाल पाकिस्तान प्रशासन की हिरासत में हैं।व्हाइट हाउस की ओर से इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई। सीएनएन ने कहा कि वरिष्ठ पाकिस्तानी गुप्तचर सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ओसामा की पत्नियों से अमेरिका को पूछताछ करने अथवा उन्हें हिरासत में तभी लेने देगा जब इस बारे में उनके मूल देश से इजाजत प्राप्त कर ली जाएगी। इससे पहले दिन में व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा कि अमेरिका ओसामा की पत्नियों तथा ओसामा के खिलाफ अभियान समाप्त करने के बाद ऐबटाबाद से रवाना होने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा एकत्रित सामग्री तक पहुंच बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ कई स्तर की बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, हम इस बारे में पाकिस्तान से बातचीत जारी रखेंगे। हमारा मानना है कि पाकिस्तान के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाये रखेगा क्योंकि ऐसा करना हमारे राष्ट्रीय हित में है। द न्यूयार्क टाइम्स ने एक अन्य समाचार में कहा कि सीआईए निदेशक लियोन पनेटा अलकायदा के खिलाफ आम लड़ाई में आगे बढ़ने के बारे में चर्चा करने के लिए जल्द ही आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा से मुलाकात करेंगे। गत रविवार को अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन ने पाकिस्तान सेनाध्यक्ष जनरल अश्फाक परवेज कयानी से मुलाकात की। लेकिन अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन और विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की कि ओसामा के मारे जाने के बाद से न तो रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स और न ही विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तानी नेतृत्व को कोई फोन काल की।
पाकिस्तान ने मारे गए आतंकी ओसामा बिन लादेन की विधवाओं से पूछताछ की इजाजत अमेरिका को दे दी है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: संयुक्त अरब अमीरात मंत्रिमंडल ने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि को मंजूरी दे दी है। यह समझौता भारतीय दोषियों को अपनी शेष कारावास की सजा काटने के लिए उन्हें अपने मुल्क भेजने से संबंधित है।टिप्पणियां इस समझौते पर पिछले साल नवंबर में दोनों देशों ने हस्ताक्षर किया था। इस समझौते से तकरीबन 1200 भारतीय कैदियों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो यूएई की जेलों में बंद हैं। मंत्रिमंडल ने रविवार को प्रत्यर्पण संधि को मंजूरी दी। समझौते के अनुसार, यूएई की जेलों में सजा काट रहे भारतीय कैदियों के पास अपनी शेष कारावास की सजा भारत की जेलों में काटने का विकल्प होगा। यूएई और पाकिस्तान के बीच के बीच हुए इसी तरह के समझौते को भी मंजूरी दे दी गई है। इस समझौते पर पिछले साल नवंबर में दोनों देशों ने हस्ताक्षर किया था। इस समझौते से तकरीबन 1200 भारतीय कैदियों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो यूएई की जेलों में बंद हैं। मंत्रिमंडल ने रविवार को प्रत्यर्पण संधि को मंजूरी दी। समझौते के अनुसार, यूएई की जेलों में सजा काट रहे भारतीय कैदियों के पास अपनी शेष कारावास की सजा भारत की जेलों में काटने का विकल्प होगा। यूएई और पाकिस्तान के बीच के बीच हुए इसी तरह के समझौते को भी मंजूरी दे दी गई है। समझौते के अनुसार, यूएई की जेलों में सजा काट रहे भारतीय कैदियों के पास अपनी शेष कारावास की सजा भारत की जेलों में काटने का विकल्प होगा। यूएई और पाकिस्तान के बीच के बीच हुए इसी तरह के समझौते को भी मंजूरी दे दी गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संयुक्त अरब अमीरात मंत्रिमंडल ने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि को मंजूरी दे दी है। यह समझौता भारतीय दोषियों को अपनी शेष कारावास की सजा काटने के लिए उन्हें अपने मुल्क भेजने से संबंधित है।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार की अच्छी मौद्रिक नीति के कारण इस वर्ष चीन में घर की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के आसार हैं। 'बीजिंग न्यूज' ने चाइना रियल एस्टेट चैम्बर ऑफ कामर्स के प्रमुख, नी मीशेंग के हवाले से सोमवार को कहा है कि इस वर्ष घरों की खरीद-फरोख्त में सात प्रतिशत की कमी होगी, जबकि बिक्री मूल्य में 10 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है क्योंकि घर की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि को रोकने के उपायों ने सम्भावनाओं के आधार पर की जाने वाली घरों की खरीद पर एक तरह से विराम लगा दिया है। इस कारण स्थायी सम्पत्ति की कीमतें 2011 में 10 प्रतिशत नीचे आ सकती हैं। बीजिंग नार्मल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर, दोंग फैन को उम्मीद है कि वर्ष के उत्तरार्ध में स्थायी सम्पत्ति की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट होगी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आवास एवं शहरी-ग्रमीण विकास मंत्रालय में विश्लेषक, किन हांग ने कहा है कि डेवलपर, आवासीय आपूर्ति बढ़ाने के लिए किराए के मकानों का निर्माण कार्य तेज देते हैं और घर की कीमतों में तीव्र वृद्धि पर तात्कालिक रोक लग जाती है। किन ने कहा, "सरकारी किराए के आवासों को देश के किरायेदारी उद्योग पर हावी होना चाहिए, जबकि निजी किरायेदारी क्षेत्र एक आवश्यक घटक है।" उन्होंने कहा कि किरायेदारी सम्बंधी आवसीय परियोजनाओं को बड़े वित्तीय संसाधनों और अनुकूल कराधान नीतियों की आवश्यकता है। चीन में सरकार द्वारा नियंत्रित 70 में से 67 शहरों में घर की कीमतें पिछले वर्ष अप्रैल से बढ़ गई थीं।
सरकार की अच्छी मौद्रिक नीति के कारण इस वर्ष चीन में घर की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के आसार हैं।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस मौके पर सुषमा स्वराज ने कहा, 'जिन लोगों का नाम कंप्यूटरीकृत ड्रॉ में आया है उन्हें एसएमएस और ईमेल के जरिए भी सूचित किया जाएगा. ड्रॉ के बाद तीर्थयात्री अपने जत्थे के बदलाव के लिए ऑनलाइन या कॉल कर अनुरोध कर सकते हैं.' कैलाश मानसरोवर यात्रा आठ जून से शुरू हो रही है, जो चार महीनों तक चलेगी. आवेदकों की अपने परिवार के सदस्यों को लेकर चिंता को देखते हुए परिवार के चार सदस्य भी उसी जत्थे में जा सकेंगे. टिप्पणियां पिछले साल की तरह ही इस बार भी पहली बार आवेदन कर रहे लोगों, डॉक्‍टरों और मैरिड कपल्‍स को प्राथमिकता दी जाएगी.  गौरतलब है कि यात्रा के दौरान 60-60 तीर्थयात्रियों वाले 18 जत्थे लीपूलेख मार्ग से जाएंगे, जबकि 50-50 तीर्थयात्रियों वाले 10 जत्थे नाथू ला मार्ग से जाएंगे. नाथू ला मार्ग को ज्यादा दुर्गम माना जाता है. कैलाश मानसरोवर यात्रा आठ जून से शुरू हो रही है, जो चार महीनों तक चलेगी. आवेदकों की अपने परिवार के सदस्यों को लेकर चिंता को देखते हुए परिवार के चार सदस्य भी उसी जत्थे में जा सकेंगे. टिप्पणियां पिछले साल की तरह ही इस बार भी पहली बार आवेदन कर रहे लोगों, डॉक्‍टरों और मैरिड कपल्‍स को प्राथमिकता दी जाएगी.  गौरतलब है कि यात्रा के दौरान 60-60 तीर्थयात्रियों वाले 18 जत्थे लीपूलेख मार्ग से जाएंगे, जबकि 50-50 तीर्थयात्रियों वाले 10 जत्थे नाथू ला मार्ग से जाएंगे. नाथू ला मार्ग को ज्यादा दुर्गम माना जाता है. पिछले साल की तरह ही इस बार भी पहली बार आवेदन कर रहे लोगों, डॉक्‍टरों और मैरिड कपल्‍स को प्राथमिकता दी जाएगी.  गौरतलब है कि यात्रा के दौरान 60-60 तीर्थयात्रियों वाले 18 जत्थे लीपूलेख मार्ग से जाएंगे, जबकि 50-50 तीर्थयात्रियों वाले 10 जत्थे नाथू ला मार्ग से जाएंगे. नाथू ला मार्ग को ज्यादा दुर्गम माना जाता है. गौरतलब है कि यात्रा के दौरान 60-60 तीर्थयात्रियों वाले 18 जत्थे लीपूलेख मार्ग से जाएंगे, जबकि 50-50 तीर्थयात्रियों वाले 10 जत्थे नाथू ला मार्ग से जाएंगे. नाथू ला मार्ग को ज्यादा दुर्गम माना जाता है.
यह एक सारांश है: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए यात्रियों के नामों का ऐलान इस साल यात्रा आठ जून से शुरू होगी नाथूला मार्ग से भी जत्‍थे रवाना किए जाएंगे
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने महाराष्ट्र के लिए 1,207 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज आज मंजूर कर दिया। गृहमंत्री एवं सूखा से संबद्ध ईजीओएम के सदस्य सुशील कुमार शिंदे ने बताया, महाराष्ट्र के लिए 1,207 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज मंजूर कर लिया गया है। सूत्रों ने कहा कि कुल 1,207 करोड़ रुपये में से 807 करोड़ रुपये राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत राज्य में 3,905 गांवों को जारी किए जाएंगे। इन गांवों में सूखा पड़ने के चलते रबी की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने कहा कि शेष 400 करोड़ रुपये राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 1,100 ऐसे गांवों को जारी किए जाएंगे जहां सूखा पड़ने से खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत 1,801 करोड़ रुपये जारी किए जाने की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद 872 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश की थी। फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले साल इस कोष के तहत राज्य के लिए 778 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। गृहमंत्री एवं सूखा से संबद्ध ईजीओएम के सदस्य सुशील कुमार शिंदे ने बताया, महाराष्ट्र के लिए 1,207 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज मंजूर कर लिया गया है। सूत्रों ने कहा कि कुल 1,207 करोड़ रुपये में से 807 करोड़ रुपये राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत राज्य में 3,905 गांवों को जारी किए जाएंगे। इन गांवों में सूखा पड़ने के चलते रबी की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने कहा कि शेष 400 करोड़ रुपये राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 1,100 ऐसे गांवों को जारी किए जाएंगे जहां सूखा पड़ने से खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत 1,801 करोड़ रुपये जारी किए जाने की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद 872 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश की थी। फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले साल इस कोष के तहत राज्य के लिए 778 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि शेष 400 करोड़ रुपये राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 1,100 ऐसे गांवों को जारी किए जाएंगे जहां सूखा पड़ने से खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत 1,801 करोड़ रुपये जारी किए जाने की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद 872 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश की थी। फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले साल इस कोष के तहत राज्य के लिए 778 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के तहत 1,801 करोड़ रुपये जारी किए जाने की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद 872 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश की थी। फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले साल इस कोष के तहत राज्य के लिए 778 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए पिछले साल इस कोष के तहत राज्य के लिए 778 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।टिप्पणियां शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। शिंदे ने कहा कि ईजीओएम ने केरल एवं अन्य राज्यों के लिए भी सूखा राहत पैकेज मंजूर किया है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। महाराष्ट्र में कुल 34 जिलों में से सोलापुर, अहमदनगर, सांगली, पुणे, सतारा, बीड़ और नासिक सूखे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। बुलढाना, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, औरंगाबाद, जालना, जलगांव और धुले जिलों में भी स्थिति गंभीर है। राज्य में कुछ जिले चारा और पेयजल की गंभीर किल्लत की समस्या का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर प्रभावित गांवों में टैंकरों के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
संक्षिप्त पाठ: कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने महाराष्ट्र के लिए 1,207 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज आज मंजूर कर दिया।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड में धमाकेदार 'चुलबुल पांडे' (Chulbul Pandey) की वापसी हो गई है और आते ही 'चुलबुल पांडे' ने धमाका करना भी शुरू कर दिया है. दरअसल, सलमान खान (Salman Khan) की अपमिंग फिल्म 'दबंग 3' (Dabangg 3) में सलमान खान के 'चुलबुल पांडे' अवतार का वीडियो रिलीज हुआ है, जिसने सोशल मीडिया पर धमाल मचा कर रख दिया है. इस वीडियो में सलमान खान का अंदाज और उनका तरीका काफी लाजवाब लग रहा है. वीडियो में 'चुलबुल पांडे' बने सलमान खान खान कहते हैं, 'पिक्चर हमारी, पोस्टर हमारा तो फिल्म का प्रमोशन भी हम ही करेंगे. इसके अलावा सलमान खान कहते हैं आज से लेकर 20 दिसंबर तक स्वागत करो हमारा.  अभी कुछ ही देर पहले रिलीज हुए इस लुक पर खबर बनाने तक 38 हजार से भी ज्यादा व्यूज और लाइक्स आ गए. सलमान खान (Salman Khan) का यह लुक्स 'सलमान खान फिल्म्स' के यू-ट्यूब चैनल ने रिलीज किया है, जिसने फैंस के दिलों पर राज करना भी शुरू कर दिया है. बता दें कि इससे पहले भी 'दबंग 3' का एक मोशन पोस्टर रिलीज हुआ था, जिसमें भाईजान का अंदाज काफी दमदार लग रहा था. बता दें कि सलमान खान को लेकर खबर आई थी कि उन्होने 'दबंग 3' के एक्शन के लिए खास तैयारी की है, और उन्होंने खुद को फाइटिंग सीन के लिए तैयार करने की खातिर जमकर पसीना भी बहाया है. सलमान खान (Salman Khan), सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) और किच्चा सुदीप की 'दबंग 3 (Dabangg 3)' 20 दिसंबर को रिलीज होगी. सलमान खान ने 'दबंग 3 (Dabangg 3)' को लेकर जोरदार ढंग से तैयारी की है, और इसके आखिरी फाइटिंग सीन में सलमान खान (Salman Khan) शर्टलेस नजर आएंगे. इस तरह सलमान खान अपने फैन्स के लिए एक्शन की जोरदार डोज लेकर आने वाले हैं, और फिल्म को लेकर उनके फैन्स के बीच अभी से सुगबुगाहट बढ़ गई है. देखें Video -
सारांश: बॉलीवुड के 'चुलबुल पांडे' ने की धमाकेदार वापसी सलमान खान का लुक हुआ रिलीज 'दबंग 3' का वीडियो हुआ वायरल
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में पता चला है कि प्रधानमंत्री कार्यालय उन याचिकाओं के संबंध में कोई जानकारी नहीं रखता जिन्हें प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से पढ़ा है और एक जून 2014 से 31 जनवरी 2016 के बीच पीएमओ में 10 लाख से अधिक शिकायतें और याचिकाएं आईं. आरटीआई आवेदक असीम तकयार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक मई 2014 से अब तक मिली शिकायतों, याचिकाओं की कुल संख्या पूछी थी जिसके जवाब में पीएमओ ने कहा कि सूचना बहुत व्यापक है. आरटीआई अर्जी के जवाब में कहा गया, ‘हालांकि यह सूचित किया जा सकता है कि एक जून 2014 से 31 जनवरी 2016 तक पीएमओ ने करीब 10 लाख याचिकाओं का निस्तारण किया है.’ इसमें कहा गया कि पीएमओ के जनता प्रकोष्ठ में रोजाना बड़ी संख्या में शिकायतों, याचिकाओं के पत्र आते हैं. जवाब के अनुसार, ‘इनकी छंटनी की जाती है और जिन पर कार्रवाई नहीं की जानीं, उन्हें फाइल में लगा दिया जाता है और कार्रवाई योग्य अर्जियों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा जाता है. जिन पर प्रधानमंत्री-वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श की जरूरत है उन्हें मामले में विचार करने के बाद उन्हें भेजा जाता है. हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से पढ़ी जाने वाली शिकायतों-याचिकाओं की संख्या की जानकारी नहीं रखी जाती.’ केंद्रीय सूचना आयोग की वाषिर्क रिपोर्ट के अनुसार साल 2014-15 में पीएमओ को 12,500 आरटीआई अर्जियां मिली थीं जो कि औसतन करीब 35 आवेदन प्रतिदिन हैं. टिप्पणियां इसमें कहा गया कि पूरी केंद्र सरकार और उसके विभागों को उस साल में 86000 से अधिक आरटीआई आवेदन मिले जो 20 महीने की अवधि में पीएमओ को मिली सभी याचिकाओं, शिकायतों आदि के एक प्रतिशत से भी कम है. पीएमओ में बड़ी संख्या में आरटीआई अर्जियां आती हैं, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को बकरीद, बारावफात, ईद उल फितर पर दी गयी मुबारकवाद के बारे में, नागरिकों के खाते में 15 लाख रुपये जमा होने के चुनावी वादे के बारे में, प्रधानमंत्री के यात्रा खर्च के ब्योरे और पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड जैसे विषयों पर जानकारी मांगी जाती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आरटीआई आवेदक असीम तकयार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक मई 2014 से अब तक मिली शिकायतों, याचिकाओं की कुल संख्या पूछी थी जिसके जवाब में पीएमओ ने कहा कि सूचना बहुत व्यापक है. आरटीआई अर्जी के जवाब में कहा गया, ‘हालांकि यह सूचित किया जा सकता है कि एक जून 2014 से 31 जनवरी 2016 तक पीएमओ ने करीब 10 लाख याचिकाओं का निस्तारण किया है.’ इसमें कहा गया कि पीएमओ के जनता प्रकोष्ठ में रोजाना बड़ी संख्या में शिकायतों, याचिकाओं के पत्र आते हैं. जवाब के अनुसार, ‘इनकी छंटनी की जाती है और जिन पर कार्रवाई नहीं की जानीं, उन्हें फाइल में लगा दिया जाता है और कार्रवाई योग्य अर्जियों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा जाता है. जिन पर प्रधानमंत्री-वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श की जरूरत है उन्हें मामले में विचार करने के बाद उन्हें भेजा जाता है. हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से पढ़ी जाने वाली शिकायतों-याचिकाओं की संख्या की जानकारी नहीं रखी जाती.’ केंद्रीय सूचना आयोग की वाषिर्क रिपोर्ट के अनुसार साल 2014-15 में पीएमओ को 12,500 आरटीआई अर्जियां मिली थीं जो कि औसतन करीब 35 आवेदन प्रतिदिन हैं. टिप्पणियां इसमें कहा गया कि पूरी केंद्र सरकार और उसके विभागों को उस साल में 86000 से अधिक आरटीआई आवेदन मिले जो 20 महीने की अवधि में पीएमओ को मिली सभी याचिकाओं, शिकायतों आदि के एक प्रतिशत से भी कम है. पीएमओ में बड़ी संख्या में आरटीआई अर्जियां आती हैं, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को बकरीद, बारावफात, ईद उल फितर पर दी गयी मुबारकवाद के बारे में, नागरिकों के खाते में 15 लाख रुपये जमा होने के चुनावी वादे के बारे में, प्रधानमंत्री के यात्रा खर्च के ब्योरे और पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड जैसे विषयों पर जानकारी मांगी जाती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें कहा गया कि पीएमओ के जनता प्रकोष्ठ में रोजाना बड़ी संख्या में शिकायतों, याचिकाओं के पत्र आते हैं. जवाब के अनुसार, ‘इनकी छंटनी की जाती है और जिन पर कार्रवाई नहीं की जानीं, उन्हें फाइल में लगा दिया जाता है और कार्रवाई योग्य अर्जियों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा जाता है. जिन पर प्रधानमंत्री-वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विचार-विमर्श की जरूरत है उन्हें मामले में विचार करने के बाद उन्हें भेजा जाता है. हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से पढ़ी जाने वाली शिकायतों-याचिकाओं की संख्या की जानकारी नहीं रखी जाती.’ केंद्रीय सूचना आयोग की वाषिर्क रिपोर्ट के अनुसार साल 2014-15 में पीएमओ को 12,500 आरटीआई अर्जियां मिली थीं जो कि औसतन करीब 35 आवेदन प्रतिदिन हैं. टिप्पणियां इसमें कहा गया कि पूरी केंद्र सरकार और उसके विभागों को उस साल में 86000 से अधिक आरटीआई आवेदन मिले जो 20 महीने की अवधि में पीएमओ को मिली सभी याचिकाओं, शिकायतों आदि के एक प्रतिशत से भी कम है. पीएमओ में बड़ी संख्या में आरटीआई अर्जियां आती हैं, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को बकरीद, बारावफात, ईद उल फितर पर दी गयी मुबारकवाद के बारे में, नागरिकों के खाते में 15 लाख रुपये जमा होने के चुनावी वादे के बारे में, प्रधानमंत्री के यात्रा खर्च के ब्योरे और पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड जैसे विषयों पर जानकारी मांगी जाती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से पढ़ी जाने वाली शिकायतों-याचिकाओं की संख्या की जानकारी नहीं रखी जाती.’ केंद्रीय सूचना आयोग की वाषिर्क रिपोर्ट के अनुसार साल 2014-15 में पीएमओ को 12,500 आरटीआई अर्जियां मिली थीं जो कि औसतन करीब 35 आवेदन प्रतिदिन हैं. टिप्पणियां इसमें कहा गया कि पूरी केंद्र सरकार और उसके विभागों को उस साल में 86000 से अधिक आरटीआई आवेदन मिले जो 20 महीने की अवधि में पीएमओ को मिली सभी याचिकाओं, शिकायतों आदि के एक प्रतिशत से भी कम है. पीएमओ में बड़ी संख्या में आरटीआई अर्जियां आती हैं, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को बकरीद, बारावफात, ईद उल फितर पर दी गयी मुबारकवाद के बारे में, नागरिकों के खाते में 15 लाख रुपये जमा होने के चुनावी वादे के बारे में, प्रधानमंत्री के यात्रा खर्च के ब्योरे और पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड जैसे विषयों पर जानकारी मांगी जाती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें कहा गया कि पूरी केंद्र सरकार और उसके विभागों को उस साल में 86000 से अधिक आरटीआई आवेदन मिले जो 20 महीने की अवधि में पीएमओ को मिली सभी याचिकाओं, शिकायतों आदि के एक प्रतिशत से भी कम है. पीएमओ में बड़ी संख्या में आरटीआई अर्जियां आती हैं, जिनमें प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को बकरीद, बारावफात, ईद उल फितर पर दी गयी मुबारकवाद के बारे में, नागरिकों के खाते में 15 लाख रुपये जमा होने के चुनावी वादे के बारे में, प्रधानमंत्री के यात्रा खर्च के ब्योरे और पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड जैसे विषयों पर जानकारी मांगी जाती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: जून 2014 से जनवरी 2016 तक PMO में 10 लाख याचिकाओं का निस्तारण हुआ साल 2014-15 में पीएमओ को 12,500 आरटीआई अर्जियां मिली थीं PMO के जनता प्रकोष्ठ में रोजाना बड़ी संख्या में शिकायतों के पत्र आते हैं
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी की बिक्री में लगातार सातवें माह दिसम्बर में सात फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कम्पनी ने दिसम्बर 2011 में 92,161 कारें बेची, जबकि पिछले साल के समान महीने में कम्पनी ने 99,225 कारें बेची थीं। कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई नियमित सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में कम्पनी ने देश में 77,475 कारें बेचीं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13.4 फीसदी कम है। कम्पनी ने पिछले साल इसी अवधि में देश में 89,469 कारें बेची थीं। निर्यात में इसी अवधि में 50.5 फीसदी वृद्धि रही। कम्पनी ने आलोच्य अवधि में 14,686 कारों का निर्यात किया। पिछले साल की समान अवधि में कम्पनी ने 9,756 कारों का निर्यात किया था। मारुति 800, अल्टो, ए-स्टार और वैगन-आर वाली छोटी कारों की श्रेणी में दिसम्बर में बिक्री में 15.6 फीसदी गिरावट रही। स्विफ्ट, एस्टीलो और रिट्ज वाली कम्पैक्ट श्रेणी में इसी महीने बिक्री में 0.5 फीसदी तेजी रही। कम्पनी की सुपर कम्पैक्ट कार डिजायर की बिक्री में इसी अवधि में 8.6 फीसदी वृद्धि हुई। कम्पनी ने आलोच्य अवधि में इस मॉडल की 9,189 कारें बेचीं। मध्य श्रेणी की कार एसएक्स4 की बिक्री में इसी अवधि में 10.8 फीसदी वृद्धि रही। आलोच्य अवधि में 843 एसएक्स4 कारें बिकीं।
यहाँ एक सारांश है:कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी की बिक्री में लगातार सातवें माह दिसम्बर में सात फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ में शराबबंदी की मांग को लेकर एक युवक सोमवार को मोबाइल टावर पर चढ़ गया. युवक को उतारने का प्रयास किया जा रहा था तो उसने कूद जाने की धमकी दी. युवक कांग्रेस कार्यकर्ता है और प्रदेश में कांग्रेस जोरशोर से शराबबंदी की मांग कर रही है. विधानसभा थाना प्रभारी राजेंद्र राजपूत ने बताया कि युवक शराबबंदी की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया था, उसे नीचे उतार लिया गया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. वहीं रायपुर में विधानसभा से कुछ दूर बाड़ा में लगे मोबाइल टावर पर तिरंगा लेकर युवक अनवर अली चढ़ गया. अनवर कांग्रेस कार्यकर्ता है. बजट सत्र चलने के कारण विधानसभा में मौजूद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने जैसे ही रेस्क्यू शुरू किया युवक ने कूदने की धमकी दी तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा. अनवर ने पत्रकारों के नाम एक पर्चा फेंका, जिसमें प्रदेश में शराबबंदी और किसानों को समर्थन मूल्य देने की मांग की गई थी. अनवर ने नीचे उतरने के लिए मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की. घटना की सूचना मिलने पर विधानसभा में मौजूद कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरने की कोशिश की. इसके बाद युवक को समझाकर सकुशल नीचे उतार लिया गया. टिप्पणियां गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस शराबबंदी की मांग लंबे समय से कर रही है. रविवार को रायपुर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शराबबंदी को समाज के लिए हितकारी बताया था. वह बिहार में शराबबंदी लागू कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनवर कांग्रेस कार्यकर्ता है. बजट सत्र चलने के कारण विधानसभा में मौजूद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने जैसे ही रेस्क्यू शुरू किया युवक ने कूदने की धमकी दी तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा. अनवर ने पत्रकारों के नाम एक पर्चा फेंका, जिसमें प्रदेश में शराबबंदी और किसानों को समर्थन मूल्य देने की मांग की गई थी. अनवर ने नीचे उतरने के लिए मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की. घटना की सूचना मिलने पर विधानसभा में मौजूद कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरने की कोशिश की. इसके बाद युवक को समझाकर सकुशल नीचे उतार लिया गया. टिप्पणियां गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस शराबबंदी की मांग लंबे समय से कर रही है. रविवार को रायपुर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शराबबंदी को समाज के लिए हितकारी बताया था. वह बिहार में शराबबंदी लागू कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनवर ने पत्रकारों के नाम एक पर्चा फेंका, जिसमें प्रदेश में शराबबंदी और किसानों को समर्थन मूल्य देने की मांग की गई थी. अनवर ने नीचे उतरने के लिए मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की. घटना की सूचना मिलने पर विधानसभा में मौजूद कांग्रेस विधायकों ने सरकार को घेरने की कोशिश की. इसके बाद युवक को समझाकर सकुशल नीचे उतार लिया गया. टिप्पणियां गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस शराबबंदी की मांग लंबे समय से कर रही है. रविवार को रायपुर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शराबबंदी को समाज के लिए हितकारी बताया था. वह बिहार में शराबबंदी लागू कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस शराबबंदी की मांग लंबे समय से कर रही है. रविवार को रायपुर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शराबबंदी को समाज के लिए हितकारी बताया था. वह बिहार में शराबबंदी लागू कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: युवक को उतारने का प्रयास किया जा रहा था तो उसने कूद जाने की धमकी दी. युवक कांग्रेस कार्यकर्ता है और जोरशोर से शराबबंदी की मांग कर रही है. बजट सत्र चलने के कारण विधानसभा में मौजूद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई.
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: कार्यालय में अगर खड़ूस सा बॉस आसपास घूमता रहे तो दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। दो लाख कर्मचारियों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि जो कर्मचारी काम के दौरान दबाव में रहते हैं उन्हें कम दबाव में रहने वाले लोगों के मुकाबले दिल का दौरा पड़ने की आशंका अधिक रहती है।टिप्पणियां ‘डेली मेल’ के मुताबिक इस अध्ययन में प्रशासनिक अधिकारियों से फैक्टरी मजदूरों को शामिल किया गया। यूनीवर्सिटी कॉलेज लंदन के अध्ययन का नेतृत्व करने वाले मिका किविमाकी ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष से यह संकेत मिलता है कि अगर व्यक्ति सदा तनाव में रहे तो उसे दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।’ इससे पहले के एक अध्ययन में भी हालांकि इसी तरह के निष्कर्ष सामने आए थे, लेकिन कुछ बातों पर परस्पर विरोध भी था। ताजा निष्कर्ष से इस तथ्य की पुष्टि हुई कि अगर कार्यालय में आपके आसपास खड़ूस और अकड़ू सा बॉस रहे तो अपने दिल की हिफाजत के लिए उससे जरा सी दूरी बनाकर रखें और कलेजे पर हाथ रखकर अपने आप से कहते रहें 'ऑल इज वैल।’ अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि जो कर्मचारी काम के दौरान दबाव में रहते हैं उन्हें कम दबाव में रहने वाले लोगों के मुकाबले दिल का दौरा पड़ने की आशंका अधिक रहती है।टिप्पणियां ‘डेली मेल’ के मुताबिक इस अध्ययन में प्रशासनिक अधिकारियों से फैक्टरी मजदूरों को शामिल किया गया। यूनीवर्सिटी कॉलेज लंदन के अध्ययन का नेतृत्व करने वाले मिका किविमाकी ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष से यह संकेत मिलता है कि अगर व्यक्ति सदा तनाव में रहे तो उसे दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।’ इससे पहले के एक अध्ययन में भी हालांकि इसी तरह के निष्कर्ष सामने आए थे, लेकिन कुछ बातों पर परस्पर विरोध भी था। ताजा निष्कर्ष से इस तथ्य की पुष्टि हुई कि अगर कार्यालय में आपके आसपास खड़ूस और अकड़ू सा बॉस रहे तो अपने दिल की हिफाजत के लिए उससे जरा सी दूरी बनाकर रखें और कलेजे पर हाथ रखकर अपने आप से कहते रहें 'ऑल इज वैल।’ ‘डेली मेल’ के मुताबिक इस अध्ययन में प्रशासनिक अधिकारियों से फैक्टरी मजदूरों को शामिल किया गया। यूनीवर्सिटी कॉलेज लंदन के अध्ययन का नेतृत्व करने वाले मिका किविमाकी ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष से यह संकेत मिलता है कि अगर व्यक्ति सदा तनाव में रहे तो उसे दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।’ इससे पहले के एक अध्ययन में भी हालांकि इसी तरह के निष्कर्ष सामने आए थे, लेकिन कुछ बातों पर परस्पर विरोध भी था। ताजा निष्कर्ष से इस तथ्य की पुष्टि हुई कि अगर कार्यालय में आपके आसपास खड़ूस और अकड़ू सा बॉस रहे तो अपने दिल की हिफाजत के लिए उससे जरा सी दूरी बनाकर रखें और कलेजे पर हाथ रखकर अपने आप से कहते रहें 'ऑल इज वैल।’ इससे पहले के एक अध्ययन में भी हालांकि इसी तरह के निष्कर्ष सामने आए थे, लेकिन कुछ बातों पर परस्पर विरोध भी था। ताजा निष्कर्ष से इस तथ्य की पुष्टि हुई कि अगर कार्यालय में आपके आसपास खड़ूस और अकड़ू सा बॉस रहे तो अपने दिल की हिफाजत के लिए उससे जरा सी दूरी बनाकर रखें और कलेजे पर हाथ रखकर अपने आप से कहते रहें 'ऑल इज वैल।’
संक्षिप्त पाठ: कार्यालय में अगर खड़ूस सा बॉस आसपास घूमता रहे तो दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। दो लाख कर्मचारियों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा है कि उनके जीवन पर क्रिकेट का इतना प्रभाव था कि खेल ने उन्हें बेहतर इंसान बना दिया। द्रविड़ ने बीआईटीएस पिलानी गोवा कैम्पस में दीक्षांत समारोह के मौके पर कहा, क्रिकेट से संन्यास लेने के डेढ़ साल बाद मुझे पता चला कि क्रिकेट ने मुझे बेहतर इंसान बनाया है। मैं सफलताओं और असफलताओं से सीखता हूं।टिप्पणियां द्रविड़ ने अपने स्कूली दिनों और प्रिंसिपल फादर कोल्हो का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता उनके खेल के बड़े प्रशंसक थे। द्रविड़ ने कहा, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मुझे लगा कि अगली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। अब मैं फिर वह छोटा सा बच्चा बन गया हूं, जो अपने पिता के स्टूडियो में बैठकर क्रिकेट की कमेंट्री सुनता है। उन्होंने यह भी कहा कि सफल होने के लाखों रास्ते हैं। उन्होंने कहा, आपको दुनिया में नंबर एक होने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी नजर में नंबर एक बनना है। अपने सारे लक्ष्य हासिल करने हैं। द्रविड़ ने अपने स्कूली दिनों और प्रिंसिपल फादर कोल्हो का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता उनके खेल के बड़े प्रशंसक थे। द्रविड़ ने कहा, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मुझे लगा कि अगली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। अब मैं फिर वह छोटा सा बच्चा बन गया हूं, जो अपने पिता के स्टूडियो में बैठकर क्रिकेट की कमेंट्री सुनता है। उन्होंने यह भी कहा कि सफल होने के लाखों रास्ते हैं। उन्होंने कहा, आपको दुनिया में नंबर एक होने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी नजर में नंबर एक बनना है। अपने सारे लक्ष्य हासिल करने हैं। द्रविड़ ने कहा, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मुझे लगा कि अगली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। अब मैं फिर वह छोटा सा बच्चा बन गया हूं, जो अपने पिता के स्टूडियो में बैठकर क्रिकेट की कमेंट्री सुनता है। उन्होंने यह भी कहा कि सफल होने के लाखों रास्ते हैं। उन्होंने कहा, आपको दुनिया में नंबर एक होने की जरूरत नहीं है। आपको अपनी नजर में नंबर एक बनना है। अपने सारे लक्ष्य हासिल करने हैं।
संक्षिप्त पाठ: राहुल द्रविड़ ने कहा, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मुझे लगा कि अगली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने का समय आ गया है। अब मैं फिर वह छोटा सा बच्चा बन गया हूं, जो अपने पिता के स्टूडियो में बैठकर क्रिकेट की कमेंट्री सुनता है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बुधवार को दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाला. मगर 1984 दंगों के आरोपी जदगीश टाइटलर की मौजूदगी की वजह से यह कार्यक्रम विवादों की भेंट चढ़ गया. शीला दीक्षित के पदभार ग्रहण करने के कार्यक्रम में आगे की पंक्ति में 74 वर्षीय जगदीश टाइटलर दिखे, जिसके बाद कांग्रेस की आलोचना होने लगी और कहा जाने लगा है कि कांग्रेस बार-बार सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है.केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी और राहुल गांधी तक टाइटलर उन सबके राइट हैंड रहे हैं. यह देश के सिख समुदाय के लिए स्पष्ट संकेत हैं. बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर 1984 दंगा मामले में आरोपी हैं. 31 अक्टूबर 1984 को सिख अंगरक्षकों द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में कम से कम 3,000 लोग मारे गए थे.  'डी' कंपनी का अर्थ अभी तक दाऊद इब्राहीम का गैंग ही होता था, लेकिन भारत में एक और 'डी' कंपनी आ गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और उनके बेटों विवेक और शौर्य के कारनामों को उजागर करने वाली 'कैरवां' पत्रिका की रिपोर्ट में यही शीर्षक दिया गया है. साल दो साल पहले हिन्दी के चैनल दाऊद को भारत लाने के कई प्रोपेगैंडा प्रोग्राम करते थे, उनमें डोभाल को नायक की तरह पेश किया जाता था. किसने सोचा होगा कि जज लोया की मौत पर 27 रिपोर्ट छापने वाली 'कैरवां' पत्रिका 2019 की जनवरी में डोभाल को 'डी' कंपनी का तमगा दे देगी. कौशल श्रॉफ नाम के एक खोजी पत्रकार ने अमेरिका, इंग्लैंड, सिंगापुर और केमैन आइलैंड से दस्तावेज़ जुटाकर डोभाल के बेटों के काले को सफेद करने और भारत के पैसे को बाहर भेजने के कारोबार का खुलासा कर दिया है. इस गोरखधंधे को हेज फंड और ऑफशोर कंपनियां कहते हैं. नोटबंदी के ठीक 13 दिन बाद 21 नवंबर, 2016 को टैक्स चौरी के गिरोहों के अड्डे केमैन आइलैंड में विवेक डोभाल अपनी कंपनी का पंजीकरण कराते हैं. 'कैरवां' के एडिटर विनोद होज़े ने ट्वीट किया है कि नोटबंदी के बाद विदेशी निवेश के तौर पर सबसे अधिक पैसा भारत में केमैन आइलैंड से आया था. 2017 में केमैन आइलैंड से आने वाले निवेश में 2,226 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल भारत के नागरिक नहीं हैं, इंग्लैंड के नागरिक हैं, और सिंगापुर में रहते हैं, और GNY ASIA Fund के निदेशक हैं. केमैन आइलैंड, टैक्स चोरों के गिरोह का अड्डा माना जाता है. कौशल श्रॉफ ने लिखा है कि विवेक डोभाल यहीं 'हेज फंड' का धंधा करते हैं. BJP नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बेटे शौर्य और विवेक का बिज़नेस एक दूसरे से जुड़ा हुआ है.
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बेटे पर बड़ा खुलासा शीला दीक्षित की ताजपोशी कार्यक्रम में जगदीश टाइटलर के दिखने पर विवाद नीतीश कुमार का खुलासा- अमित शाह के कहने पर बनाया पीके को उपाध्यक्ष
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘गुजरात में भाजपा को हराना कठिन नहीं है. मेरी सूचना के मुताबिक 2012 और 2014 के चुनावों में प्रशांत किशोर ने भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनकी उपयुक्त रणनीति और प्रभावी प्रचार रणनीति से बिहार और पंजाब में जीत मिली थी और वह गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस को जीत दिलाएंगे.’’ वाघेला के सुझाव से राजनीतिक रणनीतिकार की सेवा लेने को लेकर गुजरात कांग्रेस में वाद-विवाद शुरू हो गया है. बहरहाल गुजरात में पार्टी सूत्रों ने बताया कि अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है. एक सूत्र ने बताया, ‘‘गुजरात कांग्रेस के नेता सुझाव दे सकते हैं लेकिन इस पर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा.’’ वाघेला के सुझाव से राजनीतिक रणनीतिकार की सेवा लेने को लेकर गुजरात कांग्रेस में वाद-विवाद शुरू हो गया है. बहरहाल गुजरात में पार्टी सूत्रों ने बताया कि अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है. एक सूत्र ने बताया, ‘‘गुजरात कांग्रेस के नेता सुझाव दे सकते हैं लेकिन इस पर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा.’’
यह एक सारांश है: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने सुझाव दिया है कांग्रेस राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सेवा ले सकती है जरात विधानसभा चुनावों में किशोर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित कर सकते हैं
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने यूनुस खान (नाबाद 200) के शानदार नाबाद दोहरे शतक की बदौलत जिम्बाब्वे के सामने दूसरी पारी में 342 रन का लक्ष्य रखा, और दूसरी पारी खेलने उतरी जिम्बाब्वे का एक विकेट भी चटकाने में कामयाबी हासिल कर ली है। अब मैच के आखिरी दिन शनिवार को जिम्बाब्वे के सामने शेष नौ विकेट पर जीत के लिए 329 रनों की और दरकार है, या मैच बचाने के लिए उसे अंतिम समय तक क्रीज पर खड़े रहना होगा। दूसरी पारी में पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच के चौथे दिन भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा और तीसरे दिन के अपने स्कोर चार विकेट पर 168 रन से आगे खेलते हुए नौ विकेट पर 419 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। पाकिस्तान की दूसरी पारी में यूनुस अंत तक क्रीज पर टिके रहे तथा छक्के के साथ अपना दोहरा शतक पूरा किया। यूनूस ने 404 गेंदों की अपनी विशाल पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। यूनुस के अलावा पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान मिस्बाह उल-हक (52), अदनान अकमल (64) और दसवें विकेट की साझेदारी में यूनुस के साथ 88 रन जोड़ने वाले राहत अली (नाबाद 35) का भी विशेष योगदान रहा। हक ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में भी 53 रनों की अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। अब मैच के आखिरी दिन शनिवार को जिम्बाब्वे के सामने शेष नौ विकेट पर जीत के लिए 329 रनों की और दरकार है, या मैच बचाने के लिए उसे अंतिम समय तक क्रीज पर खड़े रहना होगा। दूसरी पारी में पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच के चौथे दिन भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा और तीसरे दिन के अपने स्कोर चार विकेट पर 168 रन से आगे खेलते हुए नौ विकेट पर 419 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। पाकिस्तान की दूसरी पारी में यूनुस अंत तक क्रीज पर टिके रहे तथा छक्के के साथ अपना दोहरा शतक पूरा किया। यूनूस ने 404 गेंदों की अपनी विशाल पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। यूनुस के अलावा पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान मिस्बाह उल-हक (52), अदनान अकमल (64) और दसवें विकेट की साझेदारी में यूनुस के साथ 88 रन जोड़ने वाले राहत अली (नाबाद 35) का भी विशेष योगदान रहा। हक ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में भी 53 रनों की अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। दूसरी पारी में पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने मैच के चौथे दिन भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा और तीसरे दिन के अपने स्कोर चार विकेट पर 168 रन से आगे खेलते हुए नौ विकेट पर 419 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। पाकिस्तान की दूसरी पारी में यूनुस अंत तक क्रीज पर टिके रहे तथा छक्के के साथ अपना दोहरा शतक पूरा किया। यूनूस ने 404 गेंदों की अपनी विशाल पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। यूनुस के अलावा पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान मिस्बाह उल-हक (52), अदनान अकमल (64) और दसवें विकेट की साझेदारी में यूनुस के साथ 88 रन जोड़ने वाले राहत अली (नाबाद 35) का भी विशेष योगदान रहा। हक ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में भी 53 रनों की अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। पाकिस्तान की दूसरी पारी में यूनुस अंत तक क्रीज पर टिके रहे तथा छक्के के साथ अपना दोहरा शतक पूरा किया। यूनूस ने 404 गेंदों की अपनी विशाल पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। यूनुस के अलावा पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान मिस्बाह उल-हक (52), अदनान अकमल (64) और दसवें विकेट की साझेदारी में यूनुस के साथ 88 रन जोड़ने वाले राहत अली (नाबाद 35) का भी विशेष योगदान रहा। हक ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में भी 53 रनों की अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। यूनुस के अलावा पाकिस्तान की दूसरी पारी में कप्तान मिस्बाह उल-हक (52), अदनान अकमल (64) और दसवें विकेट की साझेदारी में यूनुस के साथ 88 रन जोड़ने वाले राहत अली (नाबाद 35) का भी विशेष योगदान रहा। हक ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में भी 53 रनों की अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। जिम्बाब्वे के लिए दूसरी पारी में प्रॉस्पर उत्सेया ने तीन और तेंदई चतारा और तिनाशे पान्ग्यारा ने दो-दो विकेट हासिल किए। जबकि पहली पारी में पान्यांगारा ने सर्वाधिक तीन खिलाड़ियों को चलता किया। उत्सेया ने भी कसी हुई गेंदबाजी की तथा दो विकेट हासिल किए। इसके अलावा चतारा और शिंगी मसाकाद्जा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। पाकिस्तान की पहली पारी में 249 रन के जवाब में जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी में 327 रन बनाए थे।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। जिम्बाब्वे की पहली पारी में पदार्पण मैच खेल रहे सिकंदर रजा (60) और मैल्कम वॉलर (70) ने शानदार अर्द्धशतक लगाए थे। रजा ने 118 गेंदों का सामना कर 10 चौके लगाए, तथा वॉलर ने 100 गेंदों का सामना कर 14 चौके लगाए। एल्टन चिगुंबरा (नाबाद 40) ने भी जिम्बाब्वे के लिए संघर्ष भरी पारी खेली थी। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है। पाकिस्तान के लिए पहली पारी में अजमल ने सर्वाधिक सात विकेट हासिल किए, जबकि जुनैद खान को दो और राहत अली को एक विकेट मिला। दूसरी पारी में अब तक एकमात्र विकेट सईद अजमल को मिला है।
यहाँ एक सारांश है:हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने यूनुस खान (नाबाद 200) के शानदार नाबाद दोहरे शतक की बदौलत जिम्बाब्वे के सामने दूसरी पारी में 342 रन का लक्ष्य रखा, और दूसरी पारी खेलने उतरी जिम्बाब्व
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को काफी ऊंचा दर्जा देती है लेकिन उसके विरोधी जेल से छूटने के लिए सावरकर पर ब्रिटिश शासन से माफी मांगने का आरोप लगाते रहे रहे हैं. बहरहाल, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्ह राव ने कहा, ‘‘राहुल गांधी के लिए अधिक उपयुक्त नाम ‘राहुल जिन्ना' है. आपकी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति और सोच आपको मोहम्मद अली जिन्ना का वारिस बनाती है, सावरकर का नहीं. '' भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी कभी भी राहुल सावरकर नहीं हो सकते, क्योंकि सावरकर देशभक्ति, बहादुरी और बलिदान के प्रतीक थे जबकि कांग्रेस नेता अनुच्छेद 370, नागरिकता कानून, सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर वैसी ही भाषा का प्रयोग करते हैं जैसी भाषा का इस्तेमाल पाकिस्तान करता है. भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सही कहा कि वह कभी सावरकर नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि वीर सावरकर राष्ट्रीय प्रतीक रहे हैं और उनका पूरे देश पर प्रभाव रहा है.
संक्षिप्त सारांश: कहा- राजनीति और सोच राहुल को मोहम्मद अली जिन्ना का वारिस बनाती है संबित पात्रा ने कहा- राहुल गांधी कभी भी राहुल सावरकर नहीं हो सकते कहा- सावरकर देशभक्ति, बहादुरी और बलिदान के प्रतीक थे
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. बीजेपी के लिए यूपी चुनाव से पहले यह एक बड़ा दांव माना जा रहा है. पिछले दिनों बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगते हुए मौर्य ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद मायावती ने मौर्य के आरोपों का जवाब देते उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया था. पिछले दिनों मौर्य ने रविवार को 'गाली प्रकरण' की निन्दा करते हुए बसपा मुखिया पर दलितों के लिए नहीं बल्कि सिर्फ अपने लिए संघर्ष करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि मायावती दलितों के लिये नहीं बल्कि सिर्फ अपने लिये संघर्ष करती हैं. उनके प्रति कहे गये अपशब्द उनका व्यक्तिगत मसला है, इसका दलितों से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी बसपा को इसके खिलाफ संघर्ष में उतार दिया है.   पिछले दिनों मौर्य ने रविवार को 'गाली प्रकरण' की निन्दा करते हुए बसपा मुखिया पर दलितों के लिए नहीं बल्कि सिर्फ अपने लिए संघर्ष करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि मायावती दलितों के लिये नहीं बल्कि सिर्फ अपने लिये संघर्ष करती हैं. उनके प्रति कहे गये अपशब्द उनका व्यक्तिगत मसला है, इसका दलितों से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी बसपा को इसके खिलाफ संघर्ष में उतार दिया है.
यह एक सारांश है: पूर्व बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य आज बीजेपी में शामिल हुए यूपी चुनाव के मद्देनजर मौर्य का बीजेपी में आना अहम बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाया था
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गर्भाशय के कैंसर से पीड़ित अभिनेत्री मनीषा कोइराला न्यूयार्क में छह माह तक रहने के बाद बुधवार की शाम मुंबई लौट आई। कैंसर मुक्त होकर लौटी मनीषा पहले की ही तरह सुंदर नजर आ रही थीं। मनीषा के प्रबंधक सुब्रोतो घोष ने बताया, मनीषा भारत पहुंच गई हैं और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। वह पहले की ही तरह सुंदर दिख रही हैं।टिप्पणियां घोष ने कहा कि यहां पहुंचने के बाद वह सीधे अंधेरी स्थित अपने घर गईं। जब डॉक्टरों ने उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की घोषणा की तब उन्होंने इसे अपना पुनर्जन्म बताया। हिन्दी सिनेमा जगत में 'बॉम्बे', '1942 ए लव स्टोरी' और 'दिल से' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाली 42 वर्षीया अभिनेत्री को पिछले वर्ष 28 नवंबर को मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में इलाज के लिए वे अमेरिका चली गई थीं। मनीषा के प्रबंधक सुब्रोतो घोष ने बताया, मनीषा भारत पहुंच गई हैं और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। वह पहले की ही तरह सुंदर दिख रही हैं।टिप्पणियां घोष ने कहा कि यहां पहुंचने के बाद वह सीधे अंधेरी स्थित अपने घर गईं। जब डॉक्टरों ने उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की घोषणा की तब उन्होंने इसे अपना पुनर्जन्म बताया। हिन्दी सिनेमा जगत में 'बॉम्बे', '1942 ए लव स्टोरी' और 'दिल से' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाली 42 वर्षीया अभिनेत्री को पिछले वर्ष 28 नवंबर को मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में इलाज के लिए वे अमेरिका चली गई थीं। घोष ने कहा कि यहां पहुंचने के बाद वह सीधे अंधेरी स्थित अपने घर गईं। जब डॉक्टरों ने उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की घोषणा की तब उन्होंने इसे अपना पुनर्जन्म बताया। हिन्दी सिनेमा जगत में 'बॉम्बे', '1942 ए लव स्टोरी' और 'दिल से' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाली 42 वर्षीया अभिनेत्री को पिछले वर्ष 28 नवंबर को मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में इलाज के लिए वे अमेरिका चली गई थीं। हिन्दी सिनेमा जगत में 'बॉम्बे', '1942 ए लव स्टोरी' और 'दिल से' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाली 42 वर्षीया अभिनेत्री को पिछले वर्ष 28 नवंबर को मुंबई के जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में इलाज के लिए वे अमेरिका चली गई थीं।
यह एक सारांश है: घोष ने कहा कि यहां पहुंचने के बाद वह सीधे अंधेरी स्थित अपने घर गईं। जब डॉक्टरों ने उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की घोषणा की तब उन्होंने इसे अपना पुनर्जन्म बताया।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को कहा कि आयात लॉबियां मंत्रियों को धमकाकर देश की ऊर्जा अन्वेषण गतिविधियों को पटरी से उतारने में लगी हुई हैं। वे चाहती हैं कि तेल और गैस के लिए आयात पर देश की निर्भरता तथा नौकरशाही की बाधाएं बरकरार रहें।   मोइली ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, "जो भी मंत्री इस पद पर रहे, उन्हें धमकाया गया है। नौकरशाही की तरफ से देरी की जाती है और बाधाएं पैदा की जाती हैं तथा अन्य लॉबियां भी नहीं चाहतीं कि हम आयात बंद कर दें।" उन्होंने हालांकि कहा, "मोइली को धमकाया नहीं जा सकता।" उन्होंने कहा कि "देश तेल और गैस के समुद्र पर तैर रहा है, लेकिन धमकियों और बाधाओं के कारण हम इसकी खोज नहीं कर पा रहे हैं।" आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के तहत नौ दौर की गतिविधियां चलने के बाद भी लगभग 80 फीसदी क्षेत्र में अन्वेषण का गहन कार्य किया जाना अभी बाकी है। मोइली ने कहा कि यदि इसी तरह आयात जारी रहा तो देश को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तकरीबन 100 फीसदी तेल और गैस आयात करनी होगी। उन्होंने कहा, "आयात लॉबियां निर्णय लेने की प्रक्रिया में बाधा डालकर देश को नुकसान पहुंचाती हैं। हमारे देश का सारा अर्जित धन तेल के आयात के कारण बाहर चला जाता है। इसे जारी नहीं रखा जा सकता, इसे रोकना ही होगा।"टिप्पणियां यह जिक्र करते हुए कि पिछले चार-पांच वर्ष में निवेश की भावना में कमी आने के कारण अनवेषण की गतिविधि बढ़ने के बजाय हतोत्साहित हुई है, मोइली ने रेखांकित किया कि इसके लिए उचित सक्षम उत्पादकों की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "हमें ठेके के मामले में उचित मूल्य देना होगा।" उन्होंने कहा कि आयात पर इस तरह की उच्चस्तरीय निर्भरता का अर्थ है कि देश को  हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की अनियमितता की चुनौती मिलती रहेगी, जैसा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन जैसे कारकों के चलते स्थिति जटिल हो जाती है। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए। मोइली ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, "जो भी मंत्री इस पद पर रहे, उन्हें धमकाया गया है। नौकरशाही की तरफ से देरी की जाती है और बाधाएं पैदा की जाती हैं तथा अन्य लॉबियां भी नहीं चाहतीं कि हम आयात बंद कर दें।" उन्होंने हालांकि कहा, "मोइली को धमकाया नहीं जा सकता।" उन्होंने कहा कि "देश तेल और गैस के समुद्र पर तैर रहा है, लेकिन धमकियों और बाधाओं के कारण हम इसकी खोज नहीं कर पा रहे हैं।" आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के तहत नौ दौर की गतिविधियां चलने के बाद भी लगभग 80 फीसदी क्षेत्र में अन्वेषण का गहन कार्य किया जाना अभी बाकी है। मोइली ने कहा कि यदि इसी तरह आयात जारी रहा तो देश को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तकरीबन 100 फीसदी तेल और गैस आयात करनी होगी। उन्होंने कहा, "आयात लॉबियां निर्णय लेने की प्रक्रिया में बाधा डालकर देश को नुकसान पहुंचाती हैं। हमारे देश का सारा अर्जित धन तेल के आयात के कारण बाहर चला जाता है। इसे जारी नहीं रखा जा सकता, इसे रोकना ही होगा।"टिप्पणियां यह जिक्र करते हुए कि पिछले चार-पांच वर्ष में निवेश की भावना में कमी आने के कारण अनवेषण की गतिविधि बढ़ने के बजाय हतोत्साहित हुई है, मोइली ने रेखांकित किया कि इसके लिए उचित सक्षम उत्पादकों की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "हमें ठेके के मामले में उचित मूल्य देना होगा।" उन्होंने कहा कि आयात पर इस तरह की उच्चस्तरीय निर्भरता का अर्थ है कि देश को  हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की अनियमितता की चुनौती मिलती रहेगी, जैसा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन जैसे कारकों के चलते स्थिति जटिल हो जाती है। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए। आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार की नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के तहत नौ दौर की गतिविधियां चलने के बाद भी लगभग 80 फीसदी क्षेत्र में अन्वेषण का गहन कार्य किया जाना अभी बाकी है। मोइली ने कहा कि यदि इसी तरह आयात जारी रहा तो देश को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तकरीबन 100 फीसदी तेल और गैस आयात करनी होगी। उन्होंने कहा, "आयात लॉबियां निर्णय लेने की प्रक्रिया में बाधा डालकर देश को नुकसान पहुंचाती हैं। हमारे देश का सारा अर्जित धन तेल के आयात के कारण बाहर चला जाता है। इसे जारी नहीं रखा जा सकता, इसे रोकना ही होगा।"टिप्पणियां यह जिक्र करते हुए कि पिछले चार-पांच वर्ष में निवेश की भावना में कमी आने के कारण अनवेषण की गतिविधि बढ़ने के बजाय हतोत्साहित हुई है, मोइली ने रेखांकित किया कि इसके लिए उचित सक्षम उत्पादकों की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "हमें ठेके के मामले में उचित मूल्य देना होगा।" उन्होंने कहा कि आयात पर इस तरह की उच्चस्तरीय निर्भरता का अर्थ है कि देश को  हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की अनियमितता की चुनौती मिलती रहेगी, जैसा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन जैसे कारकों के चलते स्थिति जटिल हो जाती है। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए। मोइली ने कहा कि यदि इसी तरह आयात जारी रहा तो देश को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तकरीबन 100 फीसदी तेल और गैस आयात करनी होगी। उन्होंने कहा, "आयात लॉबियां निर्णय लेने की प्रक्रिया में बाधा डालकर देश को नुकसान पहुंचाती हैं। हमारे देश का सारा अर्जित धन तेल के आयात के कारण बाहर चला जाता है। इसे जारी नहीं रखा जा सकता, इसे रोकना ही होगा।"टिप्पणियां यह जिक्र करते हुए कि पिछले चार-पांच वर्ष में निवेश की भावना में कमी आने के कारण अनवेषण की गतिविधि बढ़ने के बजाय हतोत्साहित हुई है, मोइली ने रेखांकित किया कि इसके लिए उचित सक्षम उत्पादकों की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "हमें ठेके के मामले में उचित मूल्य देना होगा।" उन्होंने कहा कि आयात पर इस तरह की उच्चस्तरीय निर्भरता का अर्थ है कि देश को  हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की अनियमितता की चुनौती मिलती रहेगी, जैसा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन जैसे कारकों के चलते स्थिति जटिल हो जाती है। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए। यह जिक्र करते हुए कि पिछले चार-पांच वर्ष में निवेश की भावना में कमी आने के कारण अनवेषण की गतिविधि बढ़ने के बजाय हतोत्साहित हुई है, मोइली ने रेखांकित किया कि इसके लिए उचित सक्षम उत्पादकों की जरूरत है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, "हमें ठेके के मामले में उचित मूल्य देना होगा।" उन्होंने कहा कि आयात पर इस तरह की उच्चस्तरीय निर्भरता का अर्थ है कि देश को  हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की अनियमितता की चुनौती मिलती रहेगी, जैसा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन जैसे कारकों के चलते स्थिति जटिल हो जाती है। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए। मोइली ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की आर्थिक मामले की समिति में प्रस्ताव रखा है कि देश में उत्पादित गैस का मूल्य जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट है, उसे बढ़ाकर 6.7 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट किया जाए।
यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को कहा कि आयात लॉबियां मंत्रियों को धमकाकर देश की ऊर्जा अन्वेषण गतिविधियों को पटरी से उतारने में लगी हुई हैं। वे चाहती हैं कि तेल और गैस के लिए आयात पर देश की निर्भरता तथा नौकरशाही की बाधाएं बरकरार
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विद्या बालन अभिनीत ‘इश्किया’ के सीक्वल ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ कुछ अंतरंग दृश्य करेंगी। वर्ष 2010 की फिल्म ‘इश्किया’ में विद्या बालन और अरशद वारसी ने कुछ अंतरंग दृश्य किए थे जबकि इसके सीक्वल में माधुरी और नसीरुद्दीन कुछ उत्तेजक दृश्य करने वाले हैं।टिप्पणियां निर्देशक अभिषेक चौबे ने कहा, ‘अंतरंग दृश्यों की शूटिंग आसान नहीं होती है। कलाकारों को मेरे नजरिये पर विश्वास करना होता है और मुझे विश्वास दिलाना होता है कि मैं कलाकारों को नीचा नहीं दिखाऊंगा।’ बयान में कहा गया कि ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अरशद वारसी भी कुछ कामुक दृश्य करेंगे। वर्ष 2010 की फिल्म ‘इश्किया’ में विद्या बालन और अरशद वारसी ने कुछ अंतरंग दृश्य किए थे जबकि इसके सीक्वल में माधुरी और नसीरुद्दीन कुछ उत्तेजक दृश्य करने वाले हैं।टिप्पणियां निर्देशक अभिषेक चौबे ने कहा, ‘अंतरंग दृश्यों की शूटिंग आसान नहीं होती है। कलाकारों को मेरे नजरिये पर विश्वास करना होता है और मुझे विश्वास दिलाना होता है कि मैं कलाकारों को नीचा नहीं दिखाऊंगा।’ बयान में कहा गया कि ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अरशद वारसी भी कुछ कामुक दृश्य करेंगे। निर्देशक अभिषेक चौबे ने कहा, ‘अंतरंग दृश्यों की शूटिंग आसान नहीं होती है। कलाकारों को मेरे नजरिये पर विश्वास करना होता है और मुझे विश्वास दिलाना होता है कि मैं कलाकारों को नीचा नहीं दिखाऊंगा।’ बयान में कहा गया कि ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अरशद वारसी भी कुछ कामुक दृश्य करेंगे। बयान में कहा गया कि ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री हुमा कुरैशी और अरशद वारसी भी कुछ कामुक दृश्य करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विद्या बालन अभिनीत ‘इश्किया’ के सीक्वल ‘डेढ़ इश्किया’ में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ कुछ अंतरंग दृश्य करेंगी।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर ने अपनी सरजमीं से जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में उग्रवादियों की घुसपैठ की रिपोर्ट को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया और कहा कि यह ‘बहुत ही नकारात्मक विमर्श’ है। बशीर ने भारतीय मीडिया पर प्रहार किया कि पाकिस्तान की लानत-मलामत, मजे लेने का उसका सबसे पसंदीदा तरीका है और कुछ खबरिया चैनलों ने इससे ‘अच्छा कारोबार’ किया है। उन्होंने कहा कि उनका देश तमाम मुद्दे हल करने के लिए भारत के साथ ‘व्यापक, विविध, निष्ठापूर्ण और स्पष्ट-दृष्टि’ वाली वार्ता के लिए तैयार है।टिप्पणियां तीन दिन के दौरे पर हैदराबाद आए बशीर ने कहा, ‘अगर भारत के लिए मुद्दे हैं, हमें भी बराबर की चिंताएं हैं। आएं हम एक-दूसरे की चिंताएं दूर करें और आगे बढ़ने का तर्कपूर्ण और तार्किक रास्ता, सभ्य रास्ता वार्ता करना है। पाकिस्तान इसके लिए तैयार है।’ बशीर ने दोनों देशों पर नियंत्रण रेखा से लगे इलाके में संघर्षविराम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान से भारतीय सरजमीं में आतंकवादियों की ‘घुसपैठ’ की रिपोर्ट को ‘निराधार’ करार देते हुए उनसे इनकार किया। पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा, ‘दोनों तरफ दोस्ती बनाने और रिश्ते सुधारने की इच्छा और संकल्प है। यह न्यूयार्क में दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों की हाल की बैठक में दिखा। इसके लिए और तमाम मुद्दों को हल करने के लिए एक तार्किक रास्ता वार्ता का है। यह दोनों देशों के विकास के लिए अनिवार्य है।’ बशीर ने भारतीय मीडिया पर प्रहार किया कि पाकिस्तान की लानत-मलामत, मजे लेने का उसका सबसे पसंदीदा तरीका है और कुछ खबरिया चैनलों ने इससे ‘अच्छा कारोबार’ किया है। उन्होंने कहा कि उनका देश तमाम मुद्दे हल करने के लिए भारत के साथ ‘व्यापक, विविध, निष्ठापूर्ण और स्पष्ट-दृष्टि’ वाली वार्ता के लिए तैयार है।टिप्पणियां तीन दिन के दौरे पर हैदराबाद आए बशीर ने कहा, ‘अगर भारत के लिए मुद्दे हैं, हमें भी बराबर की चिंताएं हैं। आएं हम एक-दूसरे की चिंताएं दूर करें और आगे बढ़ने का तर्कपूर्ण और तार्किक रास्ता, सभ्य रास्ता वार्ता करना है। पाकिस्तान इसके लिए तैयार है।’ बशीर ने दोनों देशों पर नियंत्रण रेखा से लगे इलाके में संघर्षविराम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान से भारतीय सरजमीं में आतंकवादियों की ‘घुसपैठ’ की रिपोर्ट को ‘निराधार’ करार देते हुए उनसे इनकार किया। पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा, ‘दोनों तरफ दोस्ती बनाने और रिश्ते सुधारने की इच्छा और संकल्प है। यह न्यूयार्क में दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों की हाल की बैठक में दिखा। इसके लिए और तमाम मुद्दों को हल करने के लिए एक तार्किक रास्ता वार्ता का है। यह दोनों देशों के विकास के लिए अनिवार्य है।’ तीन दिन के दौरे पर हैदराबाद आए बशीर ने कहा, ‘अगर भारत के लिए मुद्दे हैं, हमें भी बराबर की चिंताएं हैं। आएं हम एक-दूसरे की चिंताएं दूर करें और आगे बढ़ने का तर्कपूर्ण और तार्किक रास्ता, सभ्य रास्ता वार्ता करना है। पाकिस्तान इसके लिए तैयार है।’ बशीर ने दोनों देशों पर नियंत्रण रेखा से लगे इलाके में संघर्षविराम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान से भारतीय सरजमीं में आतंकवादियों की ‘घुसपैठ’ की रिपोर्ट को ‘निराधार’ करार देते हुए उनसे इनकार किया। पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा, ‘दोनों तरफ दोस्ती बनाने और रिश्ते सुधारने की इच्छा और संकल्प है। यह न्यूयार्क में दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों की हाल की बैठक में दिखा। इसके लिए और तमाम मुद्दों को हल करने के लिए एक तार्किक रास्ता वार्ता का है। यह दोनों देशों के विकास के लिए अनिवार्य है।’ पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा, ‘दोनों तरफ दोस्ती बनाने और रिश्ते सुधारने की इच्छा और संकल्प है। यह न्यूयार्क में दोनो देशों के प्रधानमंत्रियों की हाल की बैठक में दिखा। इसके लिए और तमाम मुद्दों को हल करने के लिए एक तार्किक रास्ता वार्ता का है। यह दोनों देशों के विकास के लिए अनिवार्य है।’
पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर ने अपनी सरजमीं से जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में उग्रवादियों की घुसपैठ की रिपोर्ट को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया और कहा कि यह ‘बहुत ही नकारात्मक विमर्श’ है।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा अगर आपका नंबर ट्वीट कर दें तो सुर्खियां बनना लाजिमी है. दरअसल मिशेल ओबामा के ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को व्हाइट हाउस के पूर्व कर्मी का टेलीफोन नंबर साझा कर दिया गया. पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा के ट्विटर पर 76 लाख 70 हजार फालोअर हैं. यह नंबर स्पष्ट रूप से व्हाइट हाउस के पूर्व रचनात्मक डिजिटल रणनीतिकार डंकन वाल्फे का है. ट्वीट को तुरंत ही हटा भी लिया गया. ओबामा के लिए काम करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि यह भूलवश हो गया और अकाउंट हैक नहीं हुआ है.टिप्पणियां मिशेल और अन्य हस्तियां शुक्रवार को  ‘नेशनल कॉलेज सिंगिंग डे’ का उत्सव मनाने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे, जो हाई स्कूल के छात्रों को उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिशेल और अन्य हस्तियां शुक्रवार को  ‘नेशनल कॉलेज सिंगिंग डे’ का उत्सव मनाने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे, जो हाई स्कूल के छात्रों को उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: व्हाइट हाउस के पूर्व कर्मी का टेलीफोन नंबर हुआ साझा मिशेल ओबामा के ट्विटर से हुआ पुर्व कर्मी का नंबर साझा अधिकारी ने बताया भूलवश हुआ ट्वीट, हैक नहीं हुआ अकांउट
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर के दायें हाथ की उंगली बुधवार को चोटिल हो गयी और मुंबई इंडियन्स के इस स्टार बल्लेबाज को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ आईपीएल के उदघाटन मैच में रिटायर्ड हर्ट होकर क्रीज छोड़नी पड़ी।टिप्पणियां हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी उंगली में फ्रैक्चर हुआ है या यह सामान्य चोट है। यह मुंबई की पारी में नौवें ओवर की पांचवीं गेंद थी। तब तेंदुलकर 15 रन पर खेल रहे थे जब बोलिंजर की उठती गेंद उनकी उंगली पर लगी। वह काफी परेशानी महसूस कर रहे थे। उन्होंने हालांकि अगली गेंद खेली और उस पर एक रन लिया। लेकिन क्रीज छोड़ने की सलाह मिलने पर वह डग आउट में लौट आये जहां वह असहज दिख रहे थे। मुंबई इंडियन्स का अगला मैच शुक्रवार को पुणे वारियर्स से होगा। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी उंगली में फ्रैक्चर हुआ है या यह सामान्य चोट है। यह मुंबई की पारी में नौवें ओवर की पांचवीं गेंद थी। तब तेंदुलकर 15 रन पर खेल रहे थे जब बोलिंजर की उठती गेंद उनकी उंगली पर लगी। वह काफी परेशानी महसूस कर रहे थे। उन्होंने हालांकि अगली गेंद खेली और उस पर एक रन लिया। लेकिन क्रीज छोड़ने की सलाह मिलने पर वह डग आउट में लौट आये जहां वह असहज दिख रहे थे। मुंबई इंडियन्स का अगला मैच शुक्रवार को पुणे वारियर्स से होगा। उन्होंने हालांकि अगली गेंद खेली और उस पर एक रन लिया। लेकिन क्रीज छोड़ने की सलाह मिलने पर वह डग आउट में लौट आये जहां वह असहज दिख रहे थे। मुंबई इंडियन्स का अगला मैच शुक्रवार को पुणे वारियर्स से होगा।
संक्षिप्त पाठ: सचिन तेंदुलकर के दायें हाथ की उंगली बुधवार को चोटिल हो गयी और मुंबई इंडियन्स के इस स्टार बल्लेबाज को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ आईपीएल के उदघाटन मैच में रिटायर्ड हर्ट होकर क्रीज छोड़नी पड़ी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद में आज फिर गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं का मुद्दा उठा. विपक्ष ने सरकार की हाई लेवल कमेटी को बेमानी करार दिया. उसका आरोप है, सरकार इस मुद्दे पर संजीदगी से पहल नहीं कर रही. मंगलवार को स्पीकर सुमित्रा महाजन के एतराज़ के बावजूद लोकसभा में भीड़ की हिंसा के मुद्दे पर हंगामा हुआ. विपक्ष ने कहा कि सरकार की हाई लेवल कमेटी बेमानी है. सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की अध्यक्षता में अलवर की मॉब लिंचिंग की जांच हो. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से जांच कराई जाए और उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए. तृणमूल कांग्रेस का सुझाव है कि गृह मंत्री राज्य सरकारों को इस मसले पर चिट्ठी लिखें क्योंकि कानून व्यवस्था राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है. सुखेन्दू शेख राय ने कहा कि गृह मंत्री को सभी मुख्यमंत्रियों से सलाह लेकर इस मसले पर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए. लेकिन इस बहस के राजनीतिक पहलू की तरफ़ सीपीएम ने ध्यान खींचा. पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि सख़्त कार्रवाई की बात करने वाली सरकार के मंत्री मॉब लिंचिंग के गुनहगारों को माला पहनाते हैं. जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को फिर 84 की लिंचिंग याद आई. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1984 के दंगे सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना थी और ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.टिप्पणियां इधर संसद से बाहर मायावती ने मॉब लिंचिंग के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. मायावती ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि राज्य सरकार इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और अब इस केस का संज्ञान अदालतों को खुद लेना चाहिए.   ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी. मंगलवार को स्पीकर सुमित्रा महाजन के एतराज़ के बावजूद लोकसभा में भीड़ की हिंसा के मुद्दे पर हंगामा हुआ. विपक्ष ने कहा कि सरकार की हाई लेवल कमेटी बेमानी है. सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की अध्यक्षता में अलवर की मॉब लिंचिंग की जांच हो. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से जांच कराई जाए और उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए. तृणमूल कांग्रेस का सुझाव है कि गृह मंत्री राज्य सरकारों को इस मसले पर चिट्ठी लिखें क्योंकि कानून व्यवस्था राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है. सुखेन्दू शेख राय ने कहा कि गृह मंत्री को सभी मुख्यमंत्रियों से सलाह लेकर इस मसले पर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए. लेकिन इस बहस के राजनीतिक पहलू की तरफ़ सीपीएम ने ध्यान खींचा. पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि सख़्त कार्रवाई की बात करने वाली सरकार के मंत्री मॉब लिंचिंग के गुनहगारों को माला पहनाते हैं. जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को फिर 84 की लिंचिंग याद आई. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1984 के दंगे सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना थी और ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.टिप्पणियां इधर संसद से बाहर मायावती ने मॉब लिंचिंग के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. मायावती ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि राज्य सरकार इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और अब इस केस का संज्ञान अदालतों को खुद लेना चाहिए.   ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी. तृणमूल कांग्रेस का सुझाव है कि गृह मंत्री राज्य सरकारों को इस मसले पर चिट्ठी लिखें क्योंकि कानून व्यवस्था राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है. सुखेन्दू शेख राय ने कहा कि गृह मंत्री को सभी मुख्यमंत्रियों से सलाह लेकर इस मसले पर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए. लेकिन इस बहस के राजनीतिक पहलू की तरफ़ सीपीएम ने ध्यान खींचा. पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि सख़्त कार्रवाई की बात करने वाली सरकार के मंत्री मॉब लिंचिंग के गुनहगारों को माला पहनाते हैं. जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को फिर 84 की लिंचिंग याद आई. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1984 के दंगे सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना थी और ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.टिप्पणियां इधर संसद से बाहर मायावती ने मॉब लिंचिंग के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. मायावती ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि राज्य सरकार इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और अब इस केस का संज्ञान अदालतों को खुद लेना चाहिए.   ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी. लेकिन इस बहस के राजनीतिक पहलू की तरफ़ सीपीएम ने ध्यान खींचा. पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि सख़्त कार्रवाई की बात करने वाली सरकार के मंत्री मॉब लिंचिंग के गुनहगारों को माला पहनाते हैं. जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को फिर 84 की लिंचिंग याद आई. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1984 के दंगे सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना थी और ऐसे मामलों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.टिप्पणियां इधर संसद से बाहर मायावती ने मॉब लिंचिंग के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. मायावती ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि राज्य सरकार इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और अब इस केस का संज्ञान अदालतों को खुद लेना चाहिए.   ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी. इधर संसद से बाहर मायावती ने मॉब लिंचिंग के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. मायावती ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं है कि राज्य सरकार इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और अब इस केस का संज्ञान अदालतों को खुद लेना चाहिए.   ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी. ज़ाहिर है अलवर की मॉब लिंचिग की घटना के बाद गौरक्षा के नाम पर हिंसा अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और जिस तरह से इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहा है उससे साफ है कि इसका एक कानूनी पहलू भी है और एक राजनीतिक पहलू भी.
संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की अध्यक्षता में हो जांच तृणमूल कांग्रेस का सुझाव- गृह मंत्री राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखें मुद्दे के राजनीतिक पहलू की तरफ़ सीपीएम ने ध्यान खींचा
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सबसे दिलचस्प बात यह है कि जामताड़ा में काजू की इतनी बड़ी पैदावार चंद साल की मेहनत के बाद शुरू हुई है. इलाके के लोग बताते हैं जामताड़ा के पूर्व उपायुक्त कृपानंद झा को काजू खाना बेहद पसंद था. इसी वजह वह चाहते थे कि जामताड़ा में काजू के बागान बन जाए तो वे ताजी और सस्ती काजू खा सकेंगे. इसी वजह से कृपानंद झा ने ओडिशा में काजू की खेती करने वालों से मिले. उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से जामताड़ा की भौगोलिक स्थिति का पता किया. इसके बाद यहां काजू की बागवानी शुरू कराई. देखते ही देखते चंद साल में यहां काजू की बड़े पैमाने पर खेती होने लगी. कृपानंद झा के यहां से जाने के बाद निमाई चन्द्र घोष एंड कंपनी को केवल तीन लाख रुपए भुगतान पर तीन साल के लिए बागान की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया. एक अनुमान के मुताबिक बागान में हर साल हजारों क्विंटल काजू फलते हैं. देखरेख के अभाव में स्थानीय लोग और यहां से गुजरने वाले काजू तोड़कर ले जाते हैं.टिप्पणियां काजू की बागवानी में जुटे लोगों ने कई बार राज्य सरकार से फसल की सुरक्षा की गुहार लगाई, पर खास ध्यान नहीं दिया गया. पिछले साल सरकार ने नाला इलाके में 100 हेक्टेयर भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाने की बात कही थी. पौधारोपण की सभी प्रकार की तैयारी विभाग ने पूरी कर ली है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत काजू पौधा लगाने की जिम्मेदारी जिला कृषि विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक इसपर काम नहीं शुरू हो सका है. सरकार ने इलाके के किसानों की हालत सुधारने के लिए यहां काजू की बागवानी बढ़ाने और उन्हें उचित दाम दिलाने का वादा कर रही है. इसी वजह से कृपानंद झा ने ओडिशा में काजू की खेती करने वालों से मिले. उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से जामताड़ा की भौगोलिक स्थिति का पता किया. इसके बाद यहां काजू की बागवानी शुरू कराई. देखते ही देखते चंद साल में यहां काजू की बड़े पैमाने पर खेती होने लगी. कृपानंद झा के यहां से जाने के बाद निमाई चन्द्र घोष एंड कंपनी को केवल तीन लाख रुपए भुगतान पर तीन साल के लिए बागान की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया. एक अनुमान के मुताबिक बागान में हर साल हजारों क्विंटल काजू फलते हैं. देखरेख के अभाव में स्थानीय लोग और यहां से गुजरने वाले काजू तोड़कर ले जाते हैं.टिप्पणियां काजू की बागवानी में जुटे लोगों ने कई बार राज्य सरकार से फसल की सुरक्षा की गुहार लगाई, पर खास ध्यान नहीं दिया गया. पिछले साल सरकार ने नाला इलाके में 100 हेक्टेयर भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाने की बात कही थी. पौधारोपण की सभी प्रकार की तैयारी विभाग ने पूरी कर ली है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत काजू पौधा लगाने की जिम्मेदारी जिला कृषि विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक इसपर काम नहीं शुरू हो सका है. सरकार ने इलाके के किसानों की हालत सुधारने के लिए यहां काजू की बागवानी बढ़ाने और उन्हें उचित दाम दिलाने का वादा कर रही है. कृपानंद झा के यहां से जाने के बाद निमाई चन्द्र घोष एंड कंपनी को केवल तीन लाख रुपए भुगतान पर तीन साल के लिए बागान की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया. एक अनुमान के मुताबिक बागान में हर साल हजारों क्विंटल काजू फलते हैं. देखरेख के अभाव में स्थानीय लोग और यहां से गुजरने वाले काजू तोड़कर ले जाते हैं.टिप्पणियां काजू की बागवानी में जुटे लोगों ने कई बार राज्य सरकार से फसल की सुरक्षा की गुहार लगाई, पर खास ध्यान नहीं दिया गया. पिछले साल सरकार ने नाला इलाके में 100 हेक्टेयर भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाने की बात कही थी. पौधारोपण की सभी प्रकार की तैयारी विभाग ने पूरी कर ली है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत काजू पौधा लगाने की जिम्मेदारी जिला कृषि विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक इसपर काम नहीं शुरू हो सका है. सरकार ने इलाके के किसानों की हालत सुधारने के लिए यहां काजू की बागवानी बढ़ाने और उन्हें उचित दाम दिलाने का वादा कर रही है. काजू की बागवानी में जुटे लोगों ने कई बार राज्य सरकार से फसल की सुरक्षा की गुहार लगाई, पर खास ध्यान नहीं दिया गया. पिछले साल सरकार ने नाला इलाके में 100 हेक्टेयर भूमि पर काजू के पौधे लगाए जाने की बात कही थी. पौधारोपण की सभी प्रकार की तैयारी विभाग ने पूरी कर ली है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत काजू पौधा लगाने की जिम्मेदारी जिला कृषि विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक इसपर काम नहीं शुरू हो सका है. सरकार ने इलाके के किसानों की हालत सुधारने के लिए यहां काजू की बागवानी बढ़ाने और उन्हें उचित दाम दिलाने का वादा कर रही है. सरकार ने इलाके के किसानों की हालत सुधारने के लिए यहां काजू की बागवानी बढ़ाने और उन्हें उचित दाम दिलाने का वादा कर रही है.
दिल्ली में कम से कम 800 रुपए किलो बिकते हैं काजू झारखंड के जामताड़ा मे 20 रुपए किलो बिकते हैं काजू बागान जामताड़ा ब्लॉक मुख्यालय से चार किलोमीटर की दूरी है
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और शीर्ष वरीय सेरेना विलियम्स महिला एकल के चौथे दौर में सेबिन लिसिस्की के खिलाफ उलटफेर का शिकार होकर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट से बाहर हो गई जबकि डेविड फेरर ने पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। गत चैम्पियन सेरेना को जर्मनी की 23वीं वरीय खिलाड़ी के खिलाफ दो घंटे और चार मिनट चले मुकाबले में 2-6, 6-1, 6-4 से हार झेलनी पड़ी। सेबिन ने इससे पहले तीन बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल और 2011 में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन सेरेना को हराना ऑल इंग्लैंड पर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। स्पेन के चौथे वरीय फेरर ने चौथे दौर में क्रोएशिया के गैरवरीय इवान डोडिग को 6-7, 7-6, 6-1, 6-1 से हराया। वह अगले दौर में अर्जेन्टीना के आठवें वरीय जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और इटली के 23वें वरीय आंद्रियास सेप्पी के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेंगे।टिप्पणियां पिछले महीने फ्रेंच ओपन फाइनल में हमवतन रोजर फेडरर के हाथों शिकस्त झेलने वाले फेरर ने लगातार सातवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना को जर्मनी की 23वीं वरीय खिलाड़ी के खिलाफ दो घंटे और चार मिनट चले मुकाबले में 2-6, 6-1, 6-4 से हार झेलनी पड़ी। सेबिन ने इससे पहले तीन बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल और 2011 में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन सेरेना को हराना ऑल इंग्लैंड पर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। स्पेन के चौथे वरीय फेरर ने चौथे दौर में क्रोएशिया के गैरवरीय इवान डोडिग को 6-7, 7-6, 6-1, 6-1 से हराया। वह अगले दौर में अर्जेन्टीना के आठवें वरीय जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और इटली के 23वें वरीय आंद्रियास सेप्पी के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेंगे।टिप्पणियां पिछले महीने फ्रेंच ओपन फाइनल में हमवतन रोजर फेडरर के हाथों शिकस्त झेलने वाले फेरर ने लगातार सातवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सेबिन ने इससे पहले तीन बार विंबलडन के क्वार्टर फाइनल और 2011 में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन सेरेना को हराना ऑल इंग्लैंड पर उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। स्पेन के चौथे वरीय फेरर ने चौथे दौर में क्रोएशिया के गैरवरीय इवान डोडिग को 6-7, 7-6, 6-1, 6-1 से हराया। वह अगले दौर में अर्जेन्टीना के आठवें वरीय जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और इटली के 23वें वरीय आंद्रियास सेप्पी के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेंगे।टिप्पणियां पिछले महीने फ्रेंच ओपन फाइनल में हमवतन रोजर फेडरर के हाथों शिकस्त झेलने वाले फेरर ने लगातार सातवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। स्पेन के चौथे वरीय फेरर ने चौथे दौर में क्रोएशिया के गैरवरीय इवान डोडिग को 6-7, 7-6, 6-1, 6-1 से हराया। वह अगले दौर में अर्जेन्टीना के आठवें वरीय जुआन मार्टिन डेल पोत्रो और इटली के 23वें वरीय आंद्रियास सेप्पी के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेंगे।टिप्पणियां पिछले महीने फ्रेंच ओपन फाइनल में हमवतन रोजर फेडरर के हाथों शिकस्त झेलने वाले फेरर ने लगातार सातवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। पिछले महीने फ्रेंच ओपन फाइनल में हमवतन रोजर फेडरर के हाथों शिकस्त झेलने वाले फेरर ने लगातार सातवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सेबिन क्वार्टर फाइनल में इस्टोनिया की काइया केनेपी से भिड़ेंगी जिन्होंने लारा राबसन का 29 साल में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली ब्रिटेन की पहली खिलाड़ी बनने का सपना तोड़ दिया। लारा को करीबी मुकाबले में केनेपी के हाथों सीधे सेटों में 6-7, 5-7 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
यह एक सारांश है: दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और शीर्ष वरीय सेरेना विलियम्स महिला एकल के चौथे दौर में सेबिन लिसिस्की के खिलाफ उलटफेर का शिकार होकर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट से बाहर हो गई जबकि डेविड फेरर ने पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: पार्टी महासचिव पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह कांग्रेस अध्यक्ष चुनी जाती हैं तो हर तरफ से उन्हें समर्थन मिलेगा. उन्होंने कहा, 'पार्टी की बागडोर अपने हाथों में लेने के लिए प्रियंका बिल्कुल सही पसंद होंगी. लेकिन यह पूरी तरह से कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) पर निर्भर करता है. सीडब्ल्यूसी ही इस मामले पर फैसला लेने के लिए अधिकृत है.' हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के अध्यक्ष पद को छोड़ने पर दुख जताया. इससे पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर के प्रियंका गांधी को इस पद के लिए बेहतर पसंद बताए जाने के सवाल पर सिंह जवाब दे रहे थे. मुख्यमंत्री ने पहले भी इस पद के लिए किसी युवा नेता को चुने जाने की वकालत की थी. बता दें कि कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक दिन पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव होने पर महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इसमें अपनी किस्मत आजमाने को लेकर फैसला करेंगी, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि यह गांधी परिवार का फैसला होगा कि प्रियंका इस पद के लिए चुनाव लड़ेंगी या नहीं. इस बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता से संबंधित घटनाक्रम पर भी 'स्तब्धता' जताई है. गौरतलब है कि गत रविवार को हुए सड़क हादसे में उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई. हादसे में पीड़िता की मौसी, चाची और ड्राइवर की मौत हो गई. पीड़ित महिला और उसके वकील को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले के मुख्य आरोपी हैं.  उधर, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी ने अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेताओं द्वारा प्रियंका से जब अध्यक्ष पद के बारे में पूछा गया तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद का सवाल ही पैदा नहीं होता है. और मेरे नाम को इस पद का विकल्प भी न माना जाए. उन्होंने कहा था कि वह पार्टी में महासचिव के पद पर आगे भी काम करती रहेंगी. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के सीनियर नेताओं को बंद लिफाफे में एक नाम देने के लिए कहा गया है. इस पद के लिए अब तक सहमति नहीं बन पाई है. कांग्रेस अध्यक्ष पद की प्रक्रिया में कांग्रेस 7 वरिष्ठ नेताओं का नाम शामिल किया गया है जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सुशील कुमार शिंदे, दिग्विजय सिंह, शैलजा, मुकुल वासनिक, सचिन पायलट और सिंधिया का नाम शामिल हैं.
यह एक सारांश है: प्रियंका को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के पक्ष में अमरिंदर पार्टी के कई बड़े नेता प्रियंका को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में सूत्रों के अनुसार प्रियंका अध्यक्ष बनने से कर चुकी हैं इनकार
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जर्सी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की. रोनाल्डो के '7 नंबर' की यह लाल जर्सी कोस्टा ने पीएम मोदी को सौंपी. कोस्टा सात दिन की भारत यात्रा पर आए हैं. इस जर्सी पर रोनाल्डो ने हस्ताक्षर किए हैं. पीएम मोदी ने एक बयान में कहा कि फुटबॉल में पुर्तगाल की मजबूती और भारत में खेलों का तेजी से विकास खेलों में उभरती हुई साझेदारी बन सकती है. स्पेन के क्लब रियाल मैड्रिड और पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाले रोनाल्डो पेशेवर फुटबॉलर और राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं. वह चार बार दुनिया का साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का बेलोन डिओर पुरस्कार जीत चुके हैं. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत जैसे देशों को शामिल किए जाने का पुर्तगाल समर्थन करता है. उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को मजबूत और आधुनिक करने की जरूरत है, इसलिए पुर्तगाल भारत जैसे देशों को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने का पक्षधर है.' टिप्पणियां उन्होंने कहा कि केवल एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र ही आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकता है. कोस्टा ने कहा, 'अतीत में जो कुछ भी हुआ, उससे कहीं अधिक करने की जरूरत है. पुर्तगाल भारत के साथ संबंध मजबूत करने का इच्छुक है.' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है. पीएम मोदी ने एक बयान में कहा कि फुटबॉल में पुर्तगाल की मजबूती और भारत में खेलों का तेजी से विकास खेलों में उभरती हुई साझेदारी बन सकती है. स्पेन के क्लब रियाल मैड्रिड और पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाले रोनाल्डो पेशेवर फुटबॉलर और राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं. वह चार बार दुनिया का साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का बेलोन डिओर पुरस्कार जीत चुके हैं. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत जैसे देशों को शामिल किए जाने का पुर्तगाल समर्थन करता है. उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को मजबूत और आधुनिक करने की जरूरत है, इसलिए पुर्तगाल भारत जैसे देशों को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने का पक्षधर है.' टिप्पणियां उन्होंने कहा कि केवल एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र ही आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकता है. कोस्टा ने कहा, 'अतीत में जो कुछ भी हुआ, उससे कहीं अधिक करने की जरूरत है. पुर्तगाल भारत के साथ संबंध मजबूत करने का इच्छुक है.' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है. स्पेन के क्लब रियाल मैड्रिड और पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाले रोनाल्डो पेशेवर फुटबॉलर और राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं. वह चार बार दुनिया का साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का बेलोन डिओर पुरस्कार जीत चुके हैं. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत जैसे देशों को शामिल किए जाने का पुर्तगाल समर्थन करता है. उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को मजबूत और आधुनिक करने की जरूरत है, इसलिए पुर्तगाल भारत जैसे देशों को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने का पक्षधर है.' टिप्पणियां उन्होंने कहा कि केवल एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र ही आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकता है. कोस्टा ने कहा, 'अतीत में जो कुछ भी हुआ, उससे कहीं अधिक करने की जरूरत है. पुर्तगाल भारत के साथ संबंध मजबूत करने का इच्छुक है.' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है. पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत जैसे देशों को शामिल किए जाने का पुर्तगाल समर्थन करता है. उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को मजबूत और आधुनिक करने की जरूरत है, इसलिए पुर्तगाल भारत जैसे देशों को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने का पक्षधर है.' टिप्पणियां उन्होंने कहा कि केवल एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र ही आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकता है. कोस्टा ने कहा, 'अतीत में जो कुछ भी हुआ, उससे कहीं अधिक करने की जरूरत है. पुर्तगाल भारत के साथ संबंध मजबूत करने का इच्छुक है.' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है. उन्होंने कहा कि केवल एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र ही आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपट सकता है. कोस्टा ने कहा, 'अतीत में जो कुछ भी हुआ, उससे कहीं अधिक करने की जरूरत है. पुर्तगाल भारत के साथ संबंध मजबूत करने का इच्छुक है.' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मूल के पुर्तगाल के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में भारत का आधिकारिक दौरा कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. कोस्टा का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पुर्तगाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बेहद महत्व देता है, जो 500 साल से अधिक पुराना है.
यहाँ एक सारांश है:एंटोनियो कोस्टा सात दिन की भारत यात्रा पर आए हैं पुर्तगाल-भारत के बीच खेलों में उभरती हुई साझेदारी बन सकती है : पीएम मोदी कोस्टा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात की
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को कहा कि मिस्र अपने राजनीतिक संकट को सुलझाने की दिशा में प्रगति कर रहा है, क्योंकि सरकार और विपक्षी समूहों के बीच बातचीत जारी है। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ओबामा ने वाशिंगटन में व्यापारिक समुदाय के बीच एक व्याख्यान देने के बाद संवाददाताओं से कहा, "जाहिर तौर पर मिस्र को एक रास्ता निकालना है और वह इस दिशा में प्रगति कर रहा है।" मिस्र के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने एक सबसे बड़े विपक्षी समूह, मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रतिनिधियों से रविवार को मुलाकात की और नवनियुक्त कैबिनेट ने सुधारों पर चर्चा के लिए सोमवार रात बैठक की। मुस्लिम ब्रदरहुड यह कहते हुए चर्चा से बाहर आ गया कि सरकार ने कोई रियायत नहीं दी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने कहा कि ओबामा उस प्रक्रिया की शुरुआत का जिक्र कर रहे थे, जो उस समय शुरू थी, जब उन्होंने टिप्पणी की थी।
यह एक सारांश है: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को कहा कि मिस्र अपने राजनीतिक संकट को सुलझाने की दिशा में प्रगति कर रहा है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एमए.चिदम्बरम स्टेडियम में शुक्रवार को खेले जा रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स को दो रनों से पराजित कर दिया।  चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से रखे गए 154 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 151 रन ही बना सकी। हरफनमौला खिलाड़ी जैक्स कैलिस ने कोलकाता की तरफ से शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने चेन्नई के दो खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई और बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने शानदार 54 रन बनाए लेकिन इसके बावजूद वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। इससे पहले, सलामी बल्लेबाज श्रीकांत अनिरूद्ध की 64 रनों की शानदार पारी की बदौलत चेन्नई सुपरकिंग्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स के समक्ष जीत के लिए 154 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 153 रन बनाए थे।
संक्षिप्त पाठ: इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण के उद्घाटन मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने कोलकाता नाइटराइडर्स को दो रनों से पराजित कर दिया।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार में जैसे जैसे नरेंद्र मोदी के मुद्दे पर जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे दोनों दलों के बीच उनके आधार वोट में सेंध मारने की होड़ लग गई है। खासकर राज्य में 25 प्रतिशत से अधिक अति पिछड़े वोटरों के ऊपर अपना हक जमाने के लिए... भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि पार्टी का संदेश नीचे तक जाना चाहिए कि जब हम सरकार में शामिल हुए हैं तभी इस राज्य में पिछड़ों को उनका अधिकार मिला है। इन दिनों, बिहार में नीतीश कुमार और उनके सहयोगी भाजपा के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे हैं। इन दिनों भाजपा अपने हर राजनीतिक कार्यक्रम में नीतीश पर निशाना साधने से नहीं चूकती। भाजपा का मानना है कि अति-पिछड़ों और महादलित वोटों पर नीतीश का एकाधिकार नहीं है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के नेता रामनाथ ठाकुर का कहना है  कि भाजपा या जनसंघ ने अतिपिछड़ी जाति से आने वाले करपूरी ठाकुर की सरकार 1979 में गिराई थी। तब भाजपा अति पिछड़ों की हिमायती कैसे हो सकती है। टिप्पणियां बता दें कि करपूरी ठाकुर ने आरक्षण लागू किया था जिसमें अति-पिछड़ी जाति के लिए 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति के लिए आठ प्रतिशत और महिला और अगड़ी जाति के गरीबों के लिए तीन प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया। इसे करपूरी फार्मूला के नाम से जाना गया। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई। भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि पार्टी का संदेश नीचे तक जाना चाहिए कि जब हम सरकार में शामिल हुए हैं तभी इस राज्य में पिछड़ों को उनका अधिकार मिला है। इन दिनों, बिहार में नीतीश कुमार और उनके सहयोगी भाजपा के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे हैं। इन दिनों भाजपा अपने हर राजनीतिक कार्यक्रम में नीतीश पर निशाना साधने से नहीं चूकती। भाजपा का मानना है कि अति-पिछड़ों और महादलित वोटों पर नीतीश का एकाधिकार नहीं है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के नेता रामनाथ ठाकुर का कहना है  कि भाजपा या जनसंघ ने अतिपिछड़ी जाति से आने वाले करपूरी ठाकुर की सरकार 1979 में गिराई थी। तब भाजपा अति पिछड़ों की हिमायती कैसे हो सकती है। टिप्पणियां बता दें कि करपूरी ठाकुर ने आरक्षण लागू किया था जिसमें अति-पिछड़ी जाति के लिए 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति के लिए आठ प्रतिशत और महिला और अगड़ी जाति के गरीबों के लिए तीन प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया। इसे करपूरी फार्मूला के नाम से जाना गया। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई। इन दिनों, बिहार में नीतीश कुमार और उनके सहयोगी भाजपा के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे हैं। इन दिनों भाजपा अपने हर राजनीतिक कार्यक्रम में नीतीश पर निशाना साधने से नहीं चूकती। भाजपा का मानना है कि अति-पिछड़ों और महादलित वोटों पर नीतीश का एकाधिकार नहीं है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के नेता रामनाथ ठाकुर का कहना है  कि भाजपा या जनसंघ ने अतिपिछड़ी जाति से आने वाले करपूरी ठाकुर की सरकार 1979 में गिराई थी। तब भाजपा अति पिछड़ों की हिमायती कैसे हो सकती है। टिप्पणियां बता दें कि करपूरी ठाकुर ने आरक्षण लागू किया था जिसमें अति-पिछड़ी जाति के लिए 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति के लिए आठ प्रतिशत और महिला और अगड़ी जाति के गरीबों के लिए तीन प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया। इसे करपूरी फार्मूला के नाम से जाना गया। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के नेता रामनाथ ठाकुर का कहना है  कि भाजपा या जनसंघ ने अतिपिछड़ी जाति से आने वाले करपूरी ठाकुर की सरकार 1979 में गिराई थी। तब भाजपा अति पिछड़ों की हिमायती कैसे हो सकती है। टिप्पणियां बता दें कि करपूरी ठाकुर ने आरक्षण लागू किया था जिसमें अति-पिछड़ी जाति के लिए 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति के लिए आठ प्रतिशत और महिला और अगड़ी जाति के गरीबों के लिए तीन प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया। इसे करपूरी फार्मूला के नाम से जाना गया। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई। बता दें कि करपूरी ठाकुर ने आरक्षण लागू किया था जिसमें अति-पिछड़ी जाति के लिए 12 प्रतिशत, पिछड़ी जाति के लिए आठ प्रतिशत और महिला और अगड़ी जाति के गरीबों के लिए तीन प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया। इसे करपूरी फार्मूला के नाम से जाना गया। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई। वहीं, करपूरी फार्मूले का भाजपा या कहें तत्कालीन जनसंघ ने पुरजोर विरोध किया था। वहीं, अब भाजपा नेता विक्रम केऊर का तर्क है कि करपूरी ठाकुर को सत्ता में बिठाने का काम भी भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि करपूरी ठाकुर से हमलोगों को कोई परहेज नहीं था। ऊपर की राजनीति की वजह से मतभेद हुआ और सरकार गिर गई।
यह एक सारांश है: भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि पार्टी का संदेश नीचे तक जाना चाहिए कि जब हम सरकार में शामिल हुए हैं तभी इस राज्य में पिछड़ों को उनका अधिकार मिला है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में सोमवार शाम को यमुना नदी (Yamuna Flood Alert) जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया, जिसके बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले दस हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा के हथिनीकुंड बांध से और पानी छोड़े जाने के कारण नदी में जल स्तर और बढ़ सकता है. निचले इलाकों में रह रहे लोगों को दिल्ली सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा बनाए गए दो हजार से अधिक टेंटो में भेजा गया है. यमुना नदी पर बने पुराने लोहे का पुल को अधिकारियों ने सड़क और रेल यातायात के लिए बंद कर दिया है, क्योंकि पानी का स्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से अधिक हो गया है.  एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यमुना  (Delhi Floods) के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए करीब 10 हजार लोगों को निचले इलाकों से निकालकर प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत टेंटों में भेजा गया है." केजरीवाल ने कहा कि अगले दो दिन 'अहम' होंगे और लोगों को आश्वासन दिया कि स्थिति से निपटने के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं. उन्होंने लोगों से भयभीत नहीं होने की अपील की. मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निचले इलाकों से 23,800 से अधिक लोगों को हटाए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने यमुना नदी डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से कहा कि राहत टेंट में चले जाएं और अपने घरों में नहीं रहें.  दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि शाम छह बजे नदी में जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा ऊपर यानी 205.36 मीटर तक पहुंच गया है. अधिकारी ने बताया कि जलस्तर और बढ़ने की आशंका है क्योंकि हरियाणा ने सोमवार शाम छह बजे 1.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा. बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक रात नौ बजे यमुना 205.54 मीटर के निशान पर बह रही थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर दस हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले दो दिन अहम हैं
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: एसके उथप्पा के आखिरी मिनट में किए गए गोल की मदद से भारत ने सुल्तान अजलन शाह कप हाकी टूर्नामेंट में बेहद रोमांचक मैच में द. कोरिया को 2-1 से हराया। यह निर्णायक गोल खेल के आखिरी मिनट में हुआ। इसे उथप्पा ने तुषार खांडेकर के क्रॉस को डिफलेक्ट करके किया। भरत छेत्री ने कोरिया के हमले को नाकाम किया जिसके बाद भारत ने जवाबी हमला करके द. कोरियाई रक्षकों को हैरानी में डाल दिया। पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ संदीप सिंह ने 11वें मिनट में ही ड्रैग फ्लिक से गोल करके भारत को बढ़त दिला दी थी।टिप्पणियां भारत ने 66वें मिनट तक यह बढ़त बनाए रखी। कोरिया के नाम ह्यून वू ने हालांकि पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर मैच के ड्रॉ होने की संभावना बढ़ा दी थी। भारत ने न्यूजीलैंड के हाथों पिछले मैच में 1-5 की करारी हार के बाद अच्छी वापसी की है। इससे उसने अपना खाता भी खोला और उसके अब दो मैच में तीन अंक है। द. कोरिया के इतने ही मैचों में केवल एक अंक है। भारतीय टीम ने गुरुवार के लचर प्रदर्शन के बाद काफी सुधरा हुआ खेल दिखाया। रक्षकों ने खाली जगहों को भरने में मुस्तैदी दिखाई। दोनों टीमों ने गोल बचाने पर पूरी ताकत लगा दी जिससे अधिकतर समय खेल मिडफील्ड में ही चलता रहा। राइट हाफ गुरबाज सिंह ने इस मैच से लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी में वापसी की। चोट के कारण वह ओलिंपिक क्वालीफायर और लंदन परीक्षण प्रतियोगिता में नहीं खेल पाए थे। यह निर्णायक गोल खेल के आखिरी मिनट में हुआ। इसे उथप्पा ने तुषार खांडेकर के क्रॉस को डिफलेक्ट करके किया। भरत छेत्री ने कोरिया के हमले को नाकाम किया जिसके बाद भारत ने जवाबी हमला करके द. कोरियाई रक्षकों को हैरानी में डाल दिया। पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ संदीप सिंह ने 11वें मिनट में ही ड्रैग फ्लिक से गोल करके भारत को बढ़त दिला दी थी।टिप्पणियां भारत ने 66वें मिनट तक यह बढ़त बनाए रखी। कोरिया के नाम ह्यून वू ने हालांकि पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर मैच के ड्रॉ होने की संभावना बढ़ा दी थी। भारत ने न्यूजीलैंड के हाथों पिछले मैच में 1-5 की करारी हार के बाद अच्छी वापसी की है। इससे उसने अपना खाता भी खोला और उसके अब दो मैच में तीन अंक है। द. कोरिया के इतने ही मैचों में केवल एक अंक है। भारतीय टीम ने गुरुवार के लचर प्रदर्शन के बाद काफी सुधरा हुआ खेल दिखाया। रक्षकों ने खाली जगहों को भरने में मुस्तैदी दिखाई। दोनों टीमों ने गोल बचाने पर पूरी ताकत लगा दी जिससे अधिकतर समय खेल मिडफील्ड में ही चलता रहा। राइट हाफ गुरबाज सिंह ने इस मैच से लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी में वापसी की। चोट के कारण वह ओलिंपिक क्वालीफायर और लंदन परीक्षण प्रतियोगिता में नहीं खेल पाए थे। भरत छेत्री ने कोरिया के हमले को नाकाम किया जिसके बाद भारत ने जवाबी हमला करके द. कोरियाई रक्षकों को हैरानी में डाल दिया। पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ संदीप सिंह ने 11वें मिनट में ही ड्रैग फ्लिक से गोल करके भारत को बढ़त दिला दी थी।टिप्पणियां भारत ने 66वें मिनट तक यह बढ़त बनाए रखी। कोरिया के नाम ह्यून वू ने हालांकि पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर मैच के ड्रॉ होने की संभावना बढ़ा दी थी। भारत ने न्यूजीलैंड के हाथों पिछले मैच में 1-5 की करारी हार के बाद अच्छी वापसी की है। इससे उसने अपना खाता भी खोला और उसके अब दो मैच में तीन अंक है। द. कोरिया के इतने ही मैचों में केवल एक अंक है। भारतीय टीम ने गुरुवार के लचर प्रदर्शन के बाद काफी सुधरा हुआ खेल दिखाया। रक्षकों ने खाली जगहों को भरने में मुस्तैदी दिखाई। दोनों टीमों ने गोल बचाने पर पूरी ताकत लगा दी जिससे अधिकतर समय खेल मिडफील्ड में ही चलता रहा। राइट हाफ गुरबाज सिंह ने इस मैच से लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी में वापसी की। चोट के कारण वह ओलिंपिक क्वालीफायर और लंदन परीक्षण प्रतियोगिता में नहीं खेल पाए थे। भारत ने 66वें मिनट तक यह बढ़त बनाए रखी। कोरिया के नाम ह्यून वू ने हालांकि पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर मैच के ड्रॉ होने की संभावना बढ़ा दी थी। भारत ने न्यूजीलैंड के हाथों पिछले मैच में 1-5 की करारी हार के बाद अच्छी वापसी की है। इससे उसने अपना खाता भी खोला और उसके अब दो मैच में तीन अंक है। द. कोरिया के इतने ही मैचों में केवल एक अंक है। भारतीय टीम ने गुरुवार के लचर प्रदर्शन के बाद काफी सुधरा हुआ खेल दिखाया। रक्षकों ने खाली जगहों को भरने में मुस्तैदी दिखाई। दोनों टीमों ने गोल बचाने पर पूरी ताकत लगा दी जिससे अधिकतर समय खेल मिडफील्ड में ही चलता रहा। राइट हाफ गुरबाज सिंह ने इस मैच से लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी में वापसी की। चोट के कारण वह ओलिंपिक क्वालीफायर और लंदन परीक्षण प्रतियोगिता में नहीं खेल पाए थे। राइट हाफ गुरबाज सिंह ने इस मैच से लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी में वापसी की। चोट के कारण वह ओलिंपिक क्वालीफायर और लंदन परीक्षण प्रतियोगिता में नहीं खेल पाए थे।
सारांश: एसके उथप्पा के आखिरी मिनट में किए गए गोल की मदद से भारत ने सुल्तान अजलन शाह कप हाकी टूर्नामेंट में बेहद रोमांचक मैच में द. कोरिया को 2-1 से हराया।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 08:55 बजे : यूपी से मिले शुरुआती 107 रुझानों में बीजेपी को साफ बढ़त मिलती लग रही है, और वह 68 सीटों पर आगे है. उनकी तुलना में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन सिर्फ 26 सीटों पर आगे है, जबकि मायावती की बीएसपी 11 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. पंजाब से अब तक मिले 32 रुझानों में से 20 पर कांग्रेस और सात सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे है, जबकि सत्तासी अकाली-बीजेपी गठबंधन सिर्फ चार सीटों पर बढ़त लिए हुए हैं. उत्तराखंड में कुल नौ रुझान मिले हैं, जिनमें से छह बीजेपी और तीन कांग्रेस के पक्ष में जाते दिख रहे हैं. मणिपुर से कुल चार रुझान अब तक मिले हैं, जिनमें से दो पर कांग्रेस, तथा एक-एक सीट पर बीजेपी व अन्य उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. 08:40 बजे : यूपी से मिले पहले 60 रुझानों मेंं बीजेपी को साफ बढ़त मिलती लग रही है, और 60 सीटों में से 38 पर वह आगे है. उनकी तुलना में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन सिर्फ 14 सीटों पर आगे है, जबकि मायावती की बीएसपी कुल सात सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. पंजाब से मिले 10 रुझानों में से आठ पर कांग्रेस तथा एक-एक सीट पर आम आदमी पार्टी व अकाली-बीजेपी गठबंधन बढ़त लिए हुए हैं. उत्तराखंड में कुल दो रुझान मिले हैं, जो एक-एक बीजेपी और कांग्रेस के खाते में जाते दिख रहे हैं.टिप्पणियां 08:33 बजे : शुरुआती रुझानों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जबकि पंजाब में भी पहला रुझान सत्तासीन गठबंधन के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दिया है. उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर से फिलहाल रुझानों की प्रतीक्षा है. उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें, मणिपुर में 60, उत्तराखंड में 70, गोवा में 40 और पंजाब में 117 सीटें हैं. 08:40 बजे : यूपी से मिले पहले 60 रुझानों मेंं बीजेपी को साफ बढ़त मिलती लग रही है, और 60 सीटों में से 38 पर वह आगे है. उनकी तुलना में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन सिर्फ 14 सीटों पर आगे है, जबकि मायावती की बीएसपी कुल सात सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. पंजाब से मिले 10 रुझानों में से आठ पर कांग्रेस तथा एक-एक सीट पर आम आदमी पार्टी व अकाली-बीजेपी गठबंधन बढ़त लिए हुए हैं. उत्तराखंड में कुल दो रुझान मिले हैं, जो एक-एक बीजेपी और कांग्रेस के खाते में जाते दिख रहे हैं.टिप्पणियां 08:33 बजे : शुरुआती रुझानों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जबकि पंजाब में भी पहला रुझान सत्तासीन गठबंधन के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दिया है. उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर से फिलहाल रुझानों की प्रतीक्षा है. उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें, मणिपुर में 60, उत्तराखंड में 70, गोवा में 40 और पंजाब में 117 सीटें हैं. 08:33 बजे : शुरुआती रुझानों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जबकि पंजाब में भी पहला रुझान सत्तासीन गठबंधन के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दिया है. उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर से फिलहाल रुझानों की प्रतीक्षा है. उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें, मणिपुर में 60, उत्तराखंड में 70, गोवा में 40 और पंजाब में 117 सीटें हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें, मणिपुर में 60, उत्तराखंड में 70, गोवा में 40 और पंजाब में 117 सीटें हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी में 37 साल बाद किसी पार्टी को 300 से ज्‍यादा सीटें मिल रही हैं पंजाब में आम आदमी पार्टी का जादू नहीं चल सका और कांग्रेस की जीत हुई उत्तराखंड में मुख्‍यमंत्री हरीश रावत दोनों ही सीटों से चुनाव हार गए
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि शक्तिशाली सेना के साथ उनकी सरकार की कोई लड़ाई नहीं है और संघर्ष धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। मेमो कांड के बाद कार्यपालिका और सेना के बीच तनाव के बीच यह टिप्पणी आई है। कथित मेमोकांड के बाद सरकार पर सेना और न्यायपालिका के दबाव के बाद से अपने पहले साक्षात्कार में जरदारी ने विभिन्न संस्थानों के बीच टकराव की संभावना से इनकार किया है। मेमो कांड में सरकार ने तख्तापलट की आशंका को टालने के लिए अमेरिकी मदद की मांग की थी।टिप्पणियां 'जियो न्यूज' चैनल पर दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘‘यह सब क्रमिक विकास का हिस्सा है। आप समझते हैं कि यह लड़ाई है, मैं समझता हूं कि यह क्रमिक विकास का हिस्सा है। यह लड़ाई आगे बढ़ेगा और खत्म हो जाएगा।’’ जरदारी ने कहा, ‘‘अदालत के साथ हमारी कोई लड़ाई नहीं है, सेना के साथ हमारी लड़ाई क्यों हो?’’ संसद में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बयान के बारे में पूछे जाने पर जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आरोप लगा रहे थे। ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में कई वर्षों से उपस्थिति के बारे में पता लगाने में विफल रहने के लिए गिलानी ने सेना की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे बहस करना उचित नहीं है और उनसे (गिलानी) इस बारे में (टिप्पणी) पूछा जाना चाहिए।?’’ कथित मेमोकांड के बाद सरकार पर सेना और न्यायपालिका के दबाव के बाद से अपने पहले साक्षात्कार में जरदारी ने विभिन्न संस्थानों के बीच टकराव की संभावना से इनकार किया है। मेमो कांड में सरकार ने तख्तापलट की आशंका को टालने के लिए अमेरिकी मदद की मांग की थी।टिप्पणियां 'जियो न्यूज' चैनल पर दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘‘यह सब क्रमिक विकास का हिस्सा है। आप समझते हैं कि यह लड़ाई है, मैं समझता हूं कि यह क्रमिक विकास का हिस्सा है। यह लड़ाई आगे बढ़ेगा और खत्म हो जाएगा।’’ जरदारी ने कहा, ‘‘अदालत के साथ हमारी कोई लड़ाई नहीं है, सेना के साथ हमारी लड़ाई क्यों हो?’’ संसद में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बयान के बारे में पूछे जाने पर जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आरोप लगा रहे थे। ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में कई वर्षों से उपस्थिति के बारे में पता लगाने में विफल रहने के लिए गिलानी ने सेना की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे बहस करना उचित नहीं है और उनसे (गिलानी) इस बारे में (टिप्पणी) पूछा जाना चाहिए।?’’ 'जियो न्यूज' चैनल पर दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘‘यह सब क्रमिक विकास का हिस्सा है। आप समझते हैं कि यह लड़ाई है, मैं समझता हूं कि यह क्रमिक विकास का हिस्सा है। यह लड़ाई आगे बढ़ेगा और खत्म हो जाएगा।’’ जरदारी ने कहा, ‘‘अदालत के साथ हमारी कोई लड़ाई नहीं है, सेना के साथ हमारी लड़ाई क्यों हो?’’ संसद में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बयान के बारे में पूछे जाने पर जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आरोप लगा रहे थे। ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में कई वर्षों से उपस्थिति के बारे में पता लगाने में विफल रहने के लिए गिलानी ने सेना की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे बहस करना उचित नहीं है और उनसे (गिलानी) इस बारे में (टिप्पणी) पूछा जाना चाहिए।?’’ संसद में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बयान के बारे में पूछे जाने पर जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आरोप लगा रहे थे। ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में कई वर्षों से उपस्थिति के बारे में पता लगाने में विफल रहने के लिए गिलानी ने सेना की आलोचना की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे बहस करना उचित नहीं है और उनसे (गिलानी) इस बारे में (टिप्पणी) पूछा जाना चाहिए।?’’
सारांश: पाकिस्तान के राष्ट्रपति जरदारी ने कहा है कि शक्तिशाली सेना के साथ उनकी सरकार की कोई लड़ाई नहीं है और संघर्ष धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में बाढ़, बारिश और जल जमाव से बुरे हालात हैं. राज्य में 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अब महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है. पूरे प्रदेश में डेंगू और चिकनगुनया से प्रभावित लोगों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है.  जिसमें अकेले पटना में क़रीब 520 मामले हैं. शनिवार को डेंगू के 120 मामले पॉजिटिव पाए गए. जबकि चिकनगुनिया के भी 70 से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं. वहीं पटना में हुई बाढ़ से दुदर्शा के बाद चारो ओर से घिरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का साथ मिला है.  हालांकि पासवान ने पटना का जल जमाव का कोई ज़िक्र तो नहीं किया लेकिन उन्होंने शनिवार को एक ट्वीट कर ज़रूर कहा कि राज्य के मुखिया के तौर पर आपने सुशासन की नयी परिभाषा लिखी है.    उन्होंने ट्ववीट पर लिखा, 'बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को निर्विरोध जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. आपके कुशल नेतृत्व में न सिर्फ जेडीयू ने नई ऊंचाइयां पायी हैं बल्कि राज्य के मुखिया के तौर पर आपने सुशासन की नई परिभाषा लिखी है.  दरअसल ये ट्वीट नीतीश कुमार के एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर उन्होंने बधाई देने के लिए किया है. उन्होंने उनके कुशल नेतृत्व में जनता दल यूनाइटेड की नयी ऊंचाई पर ले जाने के लिए तारीफ़ की .निश्चित रूप से जनता दल यूनाइटेड के नेताओं के लिए पासवान का ये ट्वीट राहत वाली ख़बर है क्योंकि बीजेपी के नेता फ़िलहाल जल जमाव के बहाने नीतीश कुमार का राजनीतिक पानी उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे.   उधर पटना में आई बाढ़ के पानी की निकासी न होने से नाराज लोगों ने शनिवार को राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने स्थानीय प्रशासन व राज्य सरकार से उन्हें राहत प्रदान करने की मांग की. पटना के दानापुर इलाके के निवासियों ने गोला रोड टी पॉइंट के पास सड़क पर जाम लगा दिया. इस दौरान लोगों ने टायर जलाए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम और अन्य सरकारी एजेंसियां छह दिन पहले बारिश बंद होने के बाद भी कॉलोनियों और अपार्टमेंटों से बाढ़ के पानी को बाहर निकालने में विफल रही हैं. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क पर की गई नाकेबंदी को खत्म करने का अनुरोध किया.
बिहार में अब डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा अब तक 700 से ज्यादा मामले पटना में 520 मरीज
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड की फिल्मों में कई बेहतरीन गानों के लिए अपनी आवाज़ देने वाले गायक शान का कहना है कि अब निर्माता और संगीतकार उनकी आवाज़ को अपनी फिल्मों में जगह नहीं देना चाहते। शान ने अपनी सुरीली आवाज़ से ‘दिल चाहता है’ में ‘कोई कहे कहता रहे’, ‘फना’ में ‘चांद सिफारिश’, ‘सांवरिया’ में ‘जब से तेरे नैना’ और ‘थ्री इडियट्स’ में ‘बहती हवा सा’ जैसे गीतों की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन अब हिंदी फिल्मों में उनके गीतों की संख्या कम होती जा रही है।टिप्पणियां शान से कहा, ‘‘यह प्रस्ताव पर निर्भर करता है। ऐसा नहीं है कि मैं गीत नहीं चुन रहा या मैंने अपना बजट बढ़ा दिया है। यदि लोग मुझे प्रस्ताव ही नहीं दे रहे तो क्या किया जा सकता है। शायद श्रोताओं को अब भी मेरी आवाज़ पसंद हो लेकिन निर्माता, अभिनेता या संगीत निर्देशक अब इसे पसंद नहीं करते। मेरी आवाज़ शायद आजकल के गीतों के अनुकूल नहीं है।’’ 41 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि एक गायक के तौर पर आज भी मुझमें काफी प्रतिभा है। गीतों के लिए आजकल जिस तरह के गायकों का चुनाव किया जा रहा है, उससे गीत की उम्र कम हो जाती है।’’ शान ‘झलक दिखला जा’ में अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाते नज़र आएंगे। शान ने अपनी सुरीली आवाज़ से ‘दिल चाहता है’ में ‘कोई कहे कहता रहे’, ‘फना’ में ‘चांद सिफारिश’, ‘सांवरिया’ में ‘जब से तेरे नैना’ और ‘थ्री इडियट्स’ में ‘बहती हवा सा’ जैसे गीतों की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन अब हिंदी फिल्मों में उनके गीतों की संख्या कम होती जा रही है।टिप्पणियां शान से कहा, ‘‘यह प्रस्ताव पर निर्भर करता है। ऐसा नहीं है कि मैं गीत नहीं चुन रहा या मैंने अपना बजट बढ़ा दिया है। यदि लोग मुझे प्रस्ताव ही नहीं दे रहे तो क्या किया जा सकता है। शायद श्रोताओं को अब भी मेरी आवाज़ पसंद हो लेकिन निर्माता, अभिनेता या संगीत निर्देशक अब इसे पसंद नहीं करते। मेरी आवाज़ शायद आजकल के गीतों के अनुकूल नहीं है।’’ 41 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि एक गायक के तौर पर आज भी मुझमें काफी प्रतिभा है। गीतों के लिए आजकल जिस तरह के गायकों का चुनाव किया जा रहा है, उससे गीत की उम्र कम हो जाती है।’’ शान ‘झलक दिखला जा’ में अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाते नज़र आएंगे। शान से कहा, ‘‘यह प्रस्ताव पर निर्भर करता है। ऐसा नहीं है कि मैं गीत नहीं चुन रहा या मैंने अपना बजट बढ़ा दिया है। यदि लोग मुझे प्रस्ताव ही नहीं दे रहे तो क्या किया जा सकता है। शायद श्रोताओं को अब भी मेरी आवाज़ पसंद हो लेकिन निर्माता, अभिनेता या संगीत निर्देशक अब इसे पसंद नहीं करते। मेरी आवाज़ शायद आजकल के गीतों के अनुकूल नहीं है।’’ 41 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि एक गायक के तौर पर आज भी मुझमें काफी प्रतिभा है। गीतों के लिए आजकल जिस तरह के गायकों का चुनाव किया जा रहा है, उससे गीत की उम्र कम हो जाती है।’’ शान ‘झलक दिखला जा’ में अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाते नज़र आएंगे। 41 वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि एक गायक के तौर पर आज भी मुझमें काफी प्रतिभा है। गीतों के लिए आजकल जिस तरह के गायकों का चुनाव किया जा रहा है, उससे गीत की उम्र कम हो जाती है।’’ शान ‘झलक दिखला जा’ में अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाते नज़र आएंगे।
बॉलीवुड की फिल्मों में कई बेहतरीन गानों के लिए अपनी आवाज़ देने वाले गायक शान का कहना है कि अब निर्माता और संगीतकार उनकी आवाज़ को अपनी फिल्मों में जगह नहीं देना चाहते।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कसाब को फांसी दिए जाने के बाद वर्ष 2001 में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने की मांग के बीच अलगाववादी जेकेएलएफ ने आगाह किया कि यदि केंद्र उसके बारे में कोई भी ‘गलत फैसला’ करता है तो इसके ‘गंभीर परिणाम’ होंगे। जेकेएलएफ अध्यक्ष मोहम्मद यासिन मलिक ने एक बयान में कहा, यदि भारत सरकार अपनी भूल (जेकेएलएफ संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट को फांसी) दोहराती है और मोहम्मद अफजल गुरु को लेकर कोई गलत फैसला करती है तो समूचे क्षेत्र में इसके गंभीर परिणाम होंगे। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नेता ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेता गुरु को फांसी की अपनी पुरानी मांग उठाने लगे हैं, जिससे कश्मीरियों में चिंता पैदा हो गई है। जेकेएलएफ अध्यक्ष मोहम्मद यासिन मलिक ने एक बयान में कहा, यदि भारत सरकार अपनी भूल (जेकेएलएफ संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट को फांसी) दोहराती है और मोहम्मद अफजल गुरु को लेकर कोई गलत फैसला करती है तो समूचे क्षेत्र में इसके गंभीर परिणाम होंगे। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नेता ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेता गुरु को फांसी की अपनी पुरानी मांग उठाने लगे हैं, जिससे कश्मीरियों में चिंता पैदा हो गई है।
कसाब को फांसी दिए जाने के बाद वर्ष 2001 में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी देने की मांग के बीच अलगाववादी जेकेएलएफ ने आगाह किया कि यदि केंद्र उसके बारे में कोई भी ‘गलत फैसला’ करता है तो इसके ‘गंभीर परिणाम’ होंगे।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. इस घटना ने खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया और जघन्यता की सारी सीमाएं लांघ दीं. क्या गुजरी होगी उस मासूम पर जिसकी अस्मत की रक्षा करने वाले भाइयों और पिता समान चाचा ने ही पहले तो उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और बाद में सिर काटकर उसकी हत्या कर दी. पत्रकार वार्ता में इस लोमहर्षक मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने भी इसे जघन्यतम करार दिया. सागर एसपी अमित सांघी ने बताया कि 14 मार्च को सूचना मिली थी कि एक खेत में नाबालिग की सिर कटी लाश बरामद हुई है. क्योंकि मामला जघन्य था इसलिए गहराई से तफ्तीश की गई. मामले में मृतक के परिजनों से पूछताछ की गई तो उनके बयानों में असमानता पाई गई. इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो जो पता चला वह दिल दहलाने वाला था. बारह साल की नाबालिग के साथ उसी के तरुण भाइयों ने चाचा के साथ मिलकर चाचा के ही घर में सामूहिक बलात्कार किया. इसके बाद जब मासूम ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो उसे मौत के घाट उतारने से भी नहीं हिचके. आरोपियों ने पहले तो उसका गला घोंटा और बाद में हंसिये से उसका सिर काटकर शव खेत में फेंक दिया. पुलिस की गिरफ्त से अब तक दूर वारदात के मुख्य आरोपी रामदास अहिरवार पर 25000 का इनाम घोषित किया गया है. चाचा बंसीलाल, चाची सुशीला, भाई ब्रजेश और एक नाबालिग भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
यहाँ एक सारांश है:लड़की ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो मार डाला चाचा-चाची सहित चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार खेत में नाबालिग की सिर कटी लाश बरामद हुई थी
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ‘रंग बरसे’ और ‘होली खेले रघुवीरा अवध में’ सहित कई सारे हिट होली गीतों के स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से रंगों के इस त्योहार के दिन जल बचाने की अपील की है क्योंकि महाराष्ट्र पानी की बेहद कमी का सामना कर रहा है। 70 साल के अदाकार ने ट्विटर के माध्यम से अपने प्रशंसकों से सूखी होली खेलने का आग्रह किया क्योंकि प्रदेश पिछले 40 साल के भीषणतम सूखे का सामना कर रहा है। बच्चन ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की कमी.. और अभी केवल मार्च है। गर्मी में क्या होगा? जल बचाएं। सूखी होली खेलें।’’ रितिक रोशन और रीतेश देशमुख ने भी ऐसी ही अपीलें की।टिप्पणियां रितिक ने इस साल होली के हुड़दंग से खुद को दूर रखने का फैसला किया है। अदाकार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की बेहद कमी झेल रहे लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रितिक इस साल होली नहीं खेल रहे हैं।’’ 70 साल के अदाकार ने ट्विटर के माध्यम से अपने प्रशंसकों से सूखी होली खेलने का आग्रह किया क्योंकि प्रदेश पिछले 40 साल के भीषणतम सूखे का सामना कर रहा है। बच्चन ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की कमी.. और अभी केवल मार्च है। गर्मी में क्या होगा? जल बचाएं। सूखी होली खेलें।’’ रितिक रोशन और रीतेश देशमुख ने भी ऐसी ही अपीलें की।टिप्पणियां रितिक ने इस साल होली के हुड़दंग से खुद को दूर रखने का फैसला किया है। अदाकार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की बेहद कमी झेल रहे लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रितिक इस साल होली नहीं खेल रहे हैं।’’ बच्चन ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की कमी.. और अभी केवल मार्च है। गर्मी में क्या होगा? जल बचाएं। सूखी होली खेलें।’’ रितिक रोशन और रीतेश देशमुख ने भी ऐसी ही अपीलें की।टिप्पणियां रितिक ने इस साल होली के हुड़दंग से खुद को दूर रखने का फैसला किया है। अदाकार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की बेहद कमी झेल रहे लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रितिक इस साल होली नहीं खेल रहे हैं।’’ रितिक ने इस साल होली के हुड़दंग से खुद को दूर रखने का फैसला किया है। अदाकार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की बेहद कमी झेल रहे लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रितिक इस साल होली नहीं खेल रहे हैं।’’ अदाकार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र में पानी की बेहद कमी झेल रहे लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रितिक इस साल होली नहीं खेल रहे हैं।’’
सारांश: ‘रंग बरसे’ और ‘होली खेले रघुवीरा अवध में’ सहित कई सारे हिट होली गीतों के स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से रंगों के इस त्योहार के दिन जल बचाने की अपील की है क्योंकि महाराष्ट्र पानी की बेहद कमी का सामना कर रहा है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में शुक्रवार को सत्तारूढ़ भाजपा ने संसद में कामकाज में व्यवधान पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तल्ख टिप्पणी का हवाला देते हुए विपक्ष से कार्यवाही में रुकावट डालने के लिए माफी मांगने की मांग की. इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल हंगामे की भेंट चढ़ गए. संसद में कामकाज में व्यवधान के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी के बीच तनातनी के कारण लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की बैठक सुबह शुरू होने के कुछ ही देर बाद आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी थी. 11.30 बजे संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि हम अभी चर्चा के लिए तैयार हैं. विपक्ष की ओर से पिछले 16 दिनों से व्यवधान डाला जा रहा है, सदन में कामकाज को बाधित किया जा रहा है. राष्ट्रपति जी ने भी कहा है कि यह तरीका ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदल सदन के कामकाज में व्यवधान डाल रहे हैं. इस तरह से व्यवधान डालने के लिए विपक्ष देश की जनता से माफी मांगे. कुमार ने कहा, ‘पहले वे देश की जनता से माफी मांगें. देश की जनता का पैसा बर्बाद क्यों किया, वे :विपक्ष: बताएं.’ कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्य अपने स्थान से कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. टिप्पणियां शोरशराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन भाजपा सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति ने सदन में व्यवधान को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. विपक्ष की ओर से व्यवधान डालना ठीक नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल हंगामे की भेंट चढ़ गए. संसद में कामकाज में व्यवधान के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी के बीच तनातनी के कारण लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की बैठक सुबह शुरू होने के कुछ ही देर बाद आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी थी. 11.30 बजे संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि हम अभी चर्चा के लिए तैयार हैं. विपक्ष की ओर से पिछले 16 दिनों से व्यवधान डाला जा रहा है, सदन में कामकाज को बाधित किया जा रहा है. राष्ट्रपति जी ने भी कहा है कि यह तरीका ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदल सदन के कामकाज में व्यवधान डाल रहे हैं. इस तरह से व्यवधान डालने के लिए विपक्ष देश की जनता से माफी मांगे. कुमार ने कहा, ‘पहले वे देश की जनता से माफी मांगें. देश की जनता का पैसा बर्बाद क्यों किया, वे :विपक्ष: बताएं.’ कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्य अपने स्थान से कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. टिप्पणियां शोरशराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन भाजपा सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति ने सदन में व्यवधान को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. विपक्ष की ओर से व्यवधान डालना ठीक नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदल सदन के कामकाज में व्यवधान डाल रहे हैं. इस तरह से व्यवधान डालने के लिए विपक्ष देश की जनता से माफी मांगे. कुमार ने कहा, ‘पहले वे देश की जनता से माफी मांगें. देश की जनता का पैसा बर्बाद क्यों किया, वे :विपक्ष: बताएं.’ कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्य अपने स्थान से कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. टिप्पणियां शोरशराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन भाजपा सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति ने सदन में व्यवधान को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. विपक्ष की ओर से व्यवधान डालना ठीक नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शोरशराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन भाजपा सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति ने सदन में व्यवधान को लेकर तल्ख टिप्पणी की है. विपक्ष की ओर से व्यवधान डालना ठीक नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल हंगामे की भेंट चढ़े केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार बोले, हम अभी नोटबंदी पर चर्चा को तैयार दो बार के स्‍थगन के बाद पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्‍थगित
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने सोमवार को उत्तराखंड में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नारे ‘खंडूरी हैं जरूरी’ पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यदि उत्तराखंड के लिये खंडूरी जरूरी हैं तो उनको मुख्यमंत्री पद से क्यों हटाया गया।टिप्पणियां राहुल आज रिषिकेश में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य में सत्तारूढ भाजपा सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कहा, ‘क्या चोरों को बचाने के लिये खंडूरी जरूरी हैं? क्या भाजपा खंडूरी को फिर से लाकर भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहती है? चोरों को छिपाना चाहती हैं।’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खंडूरी की जरूरत नहीं है बल्कि विकास की जरूरत है। प्रगति की जरूरत है। भाजपा को यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिये कि केन्द्र द्वारा भेजी गयी राशि का दुरूपयोग नहीं होने दिया जायेगा क्योंकि यह पैसा न तो भाजपा का है और न ही कांग्रेस का बल्कि यह पैसा जनता का है और उसे जनता के कल्याण के लिये भेजा जाता है। राहुल आज रिषिकेश में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य में सत्तारूढ भाजपा सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कहा, ‘क्या चोरों को बचाने के लिये खंडूरी जरूरी हैं? क्या भाजपा खंडूरी को फिर से लाकर भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहती है? चोरों को छिपाना चाहती हैं।’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खंडूरी की जरूरत नहीं है बल्कि विकास की जरूरत है। प्रगति की जरूरत है। भाजपा को यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिये कि केन्द्र द्वारा भेजी गयी राशि का दुरूपयोग नहीं होने दिया जायेगा क्योंकि यह पैसा न तो भाजपा का है और न ही कांग्रेस का बल्कि यह पैसा जनता का है और उसे जनता के कल्याण के लिये भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खंडूरी की जरूरत नहीं है बल्कि विकास की जरूरत है। प्रगति की जरूरत है। भाजपा को यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिये कि केन्द्र द्वारा भेजी गयी राशि का दुरूपयोग नहीं होने दिया जायेगा क्योंकि यह पैसा न तो भाजपा का है और न ही कांग्रेस का बल्कि यह पैसा जनता का है और उसे जनता के कल्याण के लिये भेजा जाता है।
यह एक सारांश है: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने सोमवार को उत्तराखंड में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नारे ‘खंडूरी हैं जरूरी’ पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यदि उत्तराखंड के लिये खंडूरी जरूरी हैं तो उनको मुख्यमंत्री पद से क्यों हटाया गया।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि इस सप्ताह असफल रहे अंतरिक्ष अभियान ने राष्ट्र के गौरव को धक्का पहुंचाया है और इसके लिए जो दोषी हैं उन्हें जरूर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सोमवार को रूस से एक ‘प्रोटॉन-एम-बूस्टर रॉकेट’ लांच किया गया था जो दो संचार उपग्रहों को उनके लक्षित कक्षा में ले जाने में विफल रहा था। इससे पहले भी रूस के कई अंतरिक्ष अभियान विफल रहे हैं। इन सभी मामलों में एक आधिकारिक जांच चल रही है।टिप्पणियां मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि यह असफलता ‘पारंपरिक लापरवाही’ का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह अगले सप्ताह सरकार की एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे और असफलता के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम खुलासा करेंगे। मेदवेदेव ने मंत्रिमंडल सत्र के आरंभ में कहा, ‘‘हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हम अपना राष्ट्रीय गौरव और रूबल (रूस की मुद्रा) गंवा रहे हैं।’’ सोमवार को रूस से एक ‘प्रोटॉन-एम-बूस्टर रॉकेट’ लांच किया गया था जो दो संचार उपग्रहों को उनके लक्षित कक्षा में ले जाने में विफल रहा था। इससे पहले भी रूस के कई अंतरिक्ष अभियान विफल रहे हैं। इन सभी मामलों में एक आधिकारिक जांच चल रही है।टिप्पणियां मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि यह असफलता ‘पारंपरिक लापरवाही’ का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह अगले सप्ताह सरकार की एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे और असफलता के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम खुलासा करेंगे। मेदवेदेव ने मंत्रिमंडल सत्र के आरंभ में कहा, ‘‘हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हम अपना राष्ट्रीय गौरव और रूबल (रूस की मुद्रा) गंवा रहे हैं।’’ मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि यह असफलता ‘पारंपरिक लापरवाही’ का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह अगले सप्ताह सरकार की एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे और असफलता के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम खुलासा करेंगे। मेदवेदेव ने मंत्रिमंडल सत्र के आरंभ में कहा, ‘‘हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हम अपना राष्ट्रीय गौरव और रूबल (रूस की मुद्रा) गंवा रहे हैं।’’ मेदवेदेव ने मंत्रिमंडल सत्र के आरंभ में कहा, ‘‘हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हम अपना राष्ट्रीय गौरव और रूबल (रूस की मुद्रा) गंवा रहे हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव ने गुरुवार को कहा कि इस सप्ताह असफल रहे अंतरिक्ष अभियान ने राष्ट्र के गौरव को धक्का पहुंचाया है और इसके लिए जो दोषी हैं उन्हें जरूर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्वीडन के पूर्व जांच अधिकारी स्टेन लिंडस्ट्रोम के ताजा खुलासे की पृष्ठभूमि में गुरुवार को एक बार फिर संसद में विवादास्पद बोफोर्स तोप सौदे की गूंज उठी और भाजपा ने इस मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की। सत्ता पक्ष ने हालांकि यह कहकर ऐसा करने से इनकार किया कि उच्चतम न्यायालय दिवंगत नेता राजीव गांधी को क्लीनचिट देकर पहले ही मामले को बंद कर चुका है।टिप्पणियां इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की बैठक को साढ़े 12 बजे ही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने जहां इस मामले को नए सिरे से खोले जाने और इसकी न्यायिक जांच की मांग की, तो वहीं सत्ता पक्ष ने बार-बार दोहराया कि उच्चतम न्यायालय इस मामले में पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को क्लीन चिट दे चुका है और अब लिंडस्ट्रोम द्वारा भी इस सौदे में उनकी किसी प्रकार की भूमिका से इनकार किए जाने के बाद यह मुद्दा खत्म हो चुका है। सत्ता पक्ष का कहना था कि भाजपा को राजीव गांधी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस पार्टी से माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि पूर्व स्वीडिश पुलिस प्रमुख लिंडस्ट्रोम ने पिछले दिनों दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि बोफोर्स घोटाले में राजीव गांधी के खिलाफ घूस लेने के कोई सबूत नहीं हैं, लेकिन उनकी तत्कालीन सरकार ने इतालवी व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ इस मामले में जांच को धीमा करने का प्रयास किया था। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की बैठक को साढ़े 12 बजे ही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने जहां इस मामले को नए सिरे से खोले जाने और इसकी न्यायिक जांच की मांग की, तो वहीं सत्ता पक्ष ने बार-बार दोहराया कि उच्चतम न्यायालय इस मामले में पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को क्लीन चिट दे चुका है और अब लिंडस्ट्रोम द्वारा भी इस सौदे में उनकी किसी प्रकार की भूमिका से इनकार किए जाने के बाद यह मुद्दा खत्म हो चुका है। सत्ता पक्ष का कहना था कि भाजपा को राजीव गांधी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस पार्टी से माफी मांगनी चाहिए। गौरतलब है कि पूर्व स्वीडिश पुलिस प्रमुख लिंडस्ट्रोम ने पिछले दिनों दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि बोफोर्स घोटाले में राजीव गांधी के खिलाफ घूस लेने के कोई सबूत नहीं हैं, लेकिन उनकी तत्कालीन सरकार ने इतालवी व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ इस मामले में जांच को धीमा करने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि पूर्व स्वीडिश पुलिस प्रमुख लिंडस्ट्रोम ने पिछले दिनों दिए एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि बोफोर्स घोटाले में राजीव गांधी के खिलाफ घूस लेने के कोई सबूत नहीं हैं, लेकिन उनकी तत्कालीन सरकार ने इतालवी व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ इस मामले में जांच को धीमा करने का प्रयास किया था।
ताजा खुलासे की पृष्ठभूमि में एक बार फिर संसद में विवादास्पद बोफोर्स तोप सौदे की गूंज उठी और भाजपा ने इस मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका और पाक के बीच तल्ख होते रिश्तों के बीच चीन ने पाकिस्तान के राजनेताओं और सैन्य नेतृत्व को संप्रभुता एवं आंतरिक स्थिरता बनाए रखने में अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया है और वैश्विक तथा क्षेत्रीय मामलों में बड़ी भूमिका निभाने में अपने एक विश्वसनीय सहयोगी की मदद देने का वादा किया है। चीन के शीर्ष राजनयिक दाई बिंगुओ ने 26 नवंबर के सीमा पार नाटो हमले और गुप्त ज्ञापन को लेकर पाक सरकार और सेना के बीच खुलेआम अनबन की पृष्ठभूमि के बीच पिछले सप्ताह पाकिस्तानी नेताओं को यह आश्वासन दिया। इस हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिक मारे गए थे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा कि 24 दिसंबर को अपनी दो दिवसीय इस्लामाबाद यात्रा का समापन करने वाले बिंगुओ ने पाक नेताओं को आश्वासन दिया कि अंतराष्ट्रीय पटल पर किसी भी बदलाव के बावजूद चीन की नीति पाकिस्तान को मदद देने की नीति में कोई परिवर्तन नहीं आएगा।
संक्षिप्त सारांश: चीन ने पाकिस्तान के राजनेताओं और सैन्य नेतृत्व को संप्रभुता एवं आंतरिक स्थिरता बनाए रखने में अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अपनी अल्पमत सरकार के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश के तहत दो मुख्य विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन और पीएमएल-क्यू के नेताओं से मुलाकात की। हालांकि, उनके इस्तीफे की जोर-शोर से मांग की जा रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन से एमक्यूएम के समर्थन वापस लेने के मद्देनजर नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन तथा इसकी प्रतिद्वंद्वी पीएमएल-क्यू से संपर्क किया गया, जो मुख्य विपक्षी पार्टियां हैं। एमक्यूएम के समर्थन वापस लेने से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने की आशंका पैदा हो गई है। संसद की दो बड़ी पार्टियों से संपर्क साधने की गिलानी की कोशिशों के बावजूद ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि पीएमएल एन या पीएमएल क्यू में से कोई सरकार को समर्थन देगी। दरअसल, 342 सदस्यीय नेशनल एसेंबली में सरकार के पास बहुमत के आंकड़े से कम से कम 12 सदस्य कम हैं। एमक्यूएम ने रविवार रात सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके बाद पीपीपी नीत गठबंधन सरकार संकट में आ गई। इस गठबंधन में एमक्यूएम दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके 25 सदस्य हैं। इसने सरकार को कायम रखने में अहम भूमिका निभाई है। गिलानी ने सबसे पहले पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ के छोटे भाई एवं पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात की। एक सूत्र ने बताया कि गिलानी ने शरीफ से यह आश्वासन मांगा कि उनकी पार्टी के 91 सांसद अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने की स्थिति में सरकार के पक्ष में वोट डालें। इस सूत्र के अनुसार शरीफ ने कोई वायदा नहीं किया और गिलानी से कहा कि पीएमएल-एन मंगलवार को अपनी केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस बारे में कोई फैसला करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता साद रफीक ने बताया कि उनकी पार्टी न तो गिलानी के पक्ष में वोट डालेगी और न ही संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। रफीक ने कहा, प्रधानमंत्री गिलानी को उन लोगों से समर्थन मांगना चाहिए, जो तीन साल तक सरकार का हिस्सा रहे हैं। गिलानी ने इसके बाद चौधरी शुजात हुसैन के नेतृत्व वाली पीएमएल-क्यू पार्टी से समर्थन मांगा। इस पार्टी को कभी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कातिल लीग कहा था। गिलानी ने हुसैन से टेलीफोन पर बात की और फिर पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर गए। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में हुसैन ने कहा कि पीएमएल-क्यू देश और लोकतंत्र के हित में सभी फैसले करेगी। पीएमएल-क्यू के नेशनल एसेंबली में 50 सांसद हैं। गौरतलब है कि जरदारी ने अपनी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के लिए पीएमएल-क्यू को जिम्मेदार ठहराया था। सूत्रों ने बताया कि गिलानी ने पीएमएल-क्यू को संदेश भेजा है कि वह संसद में पीपीपी का समर्थन करे और संघीय सरकार में शामिल हो। उन्होंने कहा कि पीएमएल-क्यू ने संकेत दिया है कि वह इन विकल्पों पर विचार कर सकती है, बशर्ते कि पीपीपी पंजाब में उसकी सरकार के गठन में मदद करे। पीपीपी के पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष इम्तियाज सफदर वरीचा ने बताया, मौजूदा हालात में पीपीपी पंजाब में शरीफ की सरकार को गिराने के बारे में सोच भी नहीं सकती है।
यहाँ एक सारांश है:पाक के पीएम ने अल्पमत सरकार के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश के तहत दो मुख्य विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन और पीएमएल-क्यू के नेताओं से भेंट की।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव और सौरव गांगुली सहित कई पूर्व क्रिकेटर भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की शृंखला के दौरान स्टार क्रिकेट पर हिन्दी में कमेंट्री करेंगे। स्टार क्रिकेट ने इस शृंखला के लिए अपनी हिन्दी कमेंट्री टीम की घोषणा की। इसमें 1983 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान कपिल और भारत के सबसे सफल कप्तान सौरव गांगुली के अलावा अपनी खास शैली की कमेंट्री के लिए मशहूर नवजोत सिंह सिद्धू, टेस्ट क्रिकेटर अरुण लाल, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा और क्रिकेट पत्रकार अयाज मेमन शामिल हैं। कपिल ने इस अवसर पर कहा, ‘‘मैं पिछले दो दशकों से सोच रहा था कि हिन्दी में आंखों देखा हाल क्यों नहीं सुनाया जाता है। केवल मेट्रो में नहीं गांवों में भी क्रिकेट के दीवाने हैं। यह समय की मांग थी।’’टिप्पणियां सिद्धू ने अपने खास अंदाज में कहा, ‘‘दिल है हिन्दुस्तानी, हिन्दी बोलो, हिन्दी सुनो। जब आप हिन्दी में बोलते हो तो काफी अच्छा लगता है। यहां तक कि एक क्रिकेट प्रेमी के लिए इससे काफी अंतर पैदा होता है। ‘ग्रेट शॉट’ की बजाय धुआंधार बल्लेबाजी कहने में अधिक मजा है।’’ चैनल ने हिन्दी कमेंट्री की थीम ‘जो बात हिन्दी में है किसी और में नहीं’’ रखी है। स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता ने कहा कि 85 प्रतिशत दर्शक हिन्दी में कमेंट्री सुनना चाहते हैं। इसमें 1983 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान कपिल और भारत के सबसे सफल कप्तान सौरव गांगुली के अलावा अपनी खास शैली की कमेंट्री के लिए मशहूर नवजोत सिंह सिद्धू, टेस्ट क्रिकेटर अरुण लाल, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा और क्रिकेट पत्रकार अयाज मेमन शामिल हैं। कपिल ने इस अवसर पर कहा, ‘‘मैं पिछले दो दशकों से सोच रहा था कि हिन्दी में आंखों देखा हाल क्यों नहीं सुनाया जाता है। केवल मेट्रो में नहीं गांवों में भी क्रिकेट के दीवाने हैं। यह समय की मांग थी।’’टिप्पणियां सिद्धू ने अपने खास अंदाज में कहा, ‘‘दिल है हिन्दुस्तानी, हिन्दी बोलो, हिन्दी सुनो। जब आप हिन्दी में बोलते हो तो काफी अच्छा लगता है। यहां तक कि एक क्रिकेट प्रेमी के लिए इससे काफी अंतर पैदा होता है। ‘ग्रेट शॉट’ की बजाय धुआंधार बल्लेबाजी कहने में अधिक मजा है।’’ चैनल ने हिन्दी कमेंट्री की थीम ‘जो बात हिन्दी में है किसी और में नहीं’’ रखी है। स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता ने कहा कि 85 प्रतिशत दर्शक हिन्दी में कमेंट्री सुनना चाहते हैं। सिद्धू ने अपने खास अंदाज में कहा, ‘‘दिल है हिन्दुस्तानी, हिन्दी बोलो, हिन्दी सुनो। जब आप हिन्दी में बोलते हो तो काफी अच्छा लगता है। यहां तक कि एक क्रिकेट प्रेमी के लिए इससे काफी अंतर पैदा होता है। ‘ग्रेट शॉट’ की बजाय धुआंधार बल्लेबाजी कहने में अधिक मजा है।’’ चैनल ने हिन्दी कमेंट्री की थीम ‘जो बात हिन्दी में है किसी और में नहीं’’ रखी है। स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता ने कहा कि 85 प्रतिशत दर्शक हिन्दी में कमेंट्री सुनना चाहते हैं। चैनल ने हिन्दी कमेंट्री की थीम ‘जो बात हिन्दी में है किसी और में नहीं’’ रखी है। स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता ने कहा कि 85 प्रतिशत दर्शक हिन्दी में कमेंट्री सुनना चाहते हैं।
संक्षिप्त पाठ: पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव और सौरव गांगुली सहित कई पूर्व क्रिकेटर भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की शृंखला के दौरान स्टार क्रिकेट पर हिन्दी में कमेंट्री करेंगे। स्टार क्रिकेट ने इस शृंखला के लिए अपनी हिन्दी कमेंट्री टीम क
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: सेवानिवृत्ति कोष संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्दी ही अपने चार करोड़ से अधिक अंशधारकों को सस्ता घर खरीदने के लिए भविष्य निधि कोष (PF) को गिरवी रखने और मासिक किस्त (EMI) अदा करने के संबंध में इस कोष के उपयोग की अनुमति देने के लिए एक योजना पेश करेगा. श्रम सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा, ‘ईपीएफओ सदस्यों के लिए आवास योजना पर काम कर रहा है इस योजना के तहत सदस्यों को घर खरीदने के लिए अपने भविष्य निधि कोष को गिरवी रखने की अनुमति होगी.’ उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें आवासीय कर्ज पर मासिक किस्तों के भुगतान के लिए भविष्य निधि खातों को जोड़ने की अनुमति देने की भी योजना देंगे. हम ईपीएफओ के न्यासियों की अगली बैठक में मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी देंगे.’ श्रम मंत्री की अध्यक्षता में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगली बैठक अगले महीने होने की उम्मीद है. सीबीटी की अनुमति मिलने पर योजना अंशधारकों के लिए उपलब्ध होगी. इस योजना की चीजों को अभी तैयार किया जाना है, मसलन अंशधारक कितना कर्ज लेने के पात्र होंगे और सस्ते मकान में कौन से घर आएंगे. टिप्पणियां अग्रवाल ने कहा, ‘हम अंशधारकों पर कुछ भी नहीं थोपना चाहते. इसलिए हम उनके लिए जमीन नहीं खरीदेंगे, न ही उनके लिए घर बनाएंगे, वे अपने लिए खुले बाजार से घर खरीदने के लिए मुक्त होंगे.’ पिछले साल ईपीएफओ अंशधारकों के लिए सस्ते घर मुहैया कराने का प्रस्ताव 16 सितंबर को हुई सीबीटी की बैठक में रखा गया था. प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा. श्रम सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा, ‘ईपीएफओ सदस्यों के लिए आवास योजना पर काम कर रहा है इस योजना के तहत सदस्यों को घर खरीदने के लिए अपने भविष्य निधि कोष को गिरवी रखने की अनुमति होगी.’ उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें आवासीय कर्ज पर मासिक किस्तों के भुगतान के लिए भविष्य निधि खातों को जोड़ने की अनुमति देने की भी योजना देंगे. हम ईपीएफओ के न्यासियों की अगली बैठक में मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी देंगे.’ श्रम मंत्री की अध्यक्षता में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगली बैठक अगले महीने होने की उम्मीद है. सीबीटी की अनुमति मिलने पर योजना अंशधारकों के लिए उपलब्ध होगी. इस योजना की चीजों को अभी तैयार किया जाना है, मसलन अंशधारक कितना कर्ज लेने के पात्र होंगे और सस्ते मकान में कौन से घर आएंगे. टिप्पणियां अग्रवाल ने कहा, ‘हम अंशधारकों पर कुछ भी नहीं थोपना चाहते. इसलिए हम उनके लिए जमीन नहीं खरीदेंगे, न ही उनके लिए घर बनाएंगे, वे अपने लिए खुले बाजार से घर खरीदने के लिए मुक्त होंगे.’ पिछले साल ईपीएफओ अंशधारकों के लिए सस्ते घर मुहैया कराने का प्रस्ताव 16 सितंबर को हुई सीबीटी की बैठक में रखा गया था. प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा. श्रम मंत्री की अध्यक्षता में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगली बैठक अगले महीने होने की उम्मीद है. सीबीटी की अनुमति मिलने पर योजना अंशधारकों के लिए उपलब्ध होगी. इस योजना की चीजों को अभी तैयार किया जाना है, मसलन अंशधारक कितना कर्ज लेने के पात्र होंगे और सस्ते मकान में कौन से घर आएंगे. टिप्पणियां अग्रवाल ने कहा, ‘हम अंशधारकों पर कुछ भी नहीं थोपना चाहते. इसलिए हम उनके लिए जमीन नहीं खरीदेंगे, न ही उनके लिए घर बनाएंगे, वे अपने लिए खुले बाजार से घर खरीदने के लिए मुक्त होंगे.’ पिछले साल ईपीएफओ अंशधारकों के लिए सस्ते घर मुहैया कराने का प्रस्ताव 16 सितंबर को हुई सीबीटी की बैठक में रखा गया था. प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा. अग्रवाल ने कहा, ‘हम अंशधारकों पर कुछ भी नहीं थोपना चाहते. इसलिए हम उनके लिए जमीन नहीं खरीदेंगे, न ही उनके लिए घर बनाएंगे, वे अपने लिए खुले बाजार से घर खरीदने के लिए मुक्त होंगे.’ पिछले साल ईपीएफओ अंशधारकों के लिए सस्ते घर मुहैया कराने का प्रस्ताव 16 सितंबर को हुई सीबीटी की बैठक में रखा गया था. प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा. प्रस्तावित योजना के तहत सदस्य, बैंक-आवास एजेंसी और ईपीएफओ के साथ त्रिपक्षीय समझौता होगा जिसके तहत ईएमआई भुगतान के तौर पर भावी भविष्य निधि योगदान को गिरवी रखा जाएगा.
सारांश: ईपीएफओ अपने चार करोड़ से अधिक अंशधारकों के सपने में सहयोग दे सकता है घर खरीदने के लिए पीएफ गिरवी रखना व ईएमआई अदा करने संबंधी प्रस्ताव सीबीटी की अगली बैठक अगले महीने होने की उम्मीद
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय बाजार में पहुंच हासिल करने के लिए अमेरिकी कंपनियों द्वारा लॉबिंग किए जाने को लेकर मचे बवाल के बीच भारत की निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी अमेरिकी नीति-निर्माताओं के बीच लॉबिंग गतिविधियां फिलहाल रोक दी हैं। कंपनी ने बीते चार साल में इन गतिविधियों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।  मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी कारोबारी गतिविधियां तथा अन्य उद्देश्यों के लिए अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग का काम जनवरी, 2009 में शुरू किया था।टिप्पणियां कंपनी के लिए यह काम लॉबिस्ट फर्म बारबॉर ग्रिफिथ एंड रोजर्स (बीजीआर) कर रही थी। हालांकि, कंपनी ने बीती पांच तिमाहियों से लॉबिंग गतिविधियां रोक दी थीं और अब उसने अमेरिका में इस आशय का अपना पंजीकरण भी रद्द कर दिया है। भारत में कंपनी का कारोबार ऊर्जा से लेकर पॉलिएस्टर, खुदरा तथा दूरसंचार सहित कई क्षेत्रों में फैला है। कंपनी ने हाल ही के सालों में अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है। जनवरी, 2009 से लेकर वह अपनी अमेरिकी लॉबिस्ट फर्म को 18.8 लाख डॉलर यानी 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। बीजीआर के जरिये अमेरिकी संसद में 18 जनवरी की तारीख वाली रिपोर्ट के अनुसार उसने अमेरिका में अपना लॉबिंग पंजीकरण 11 जनवरी को रद्द कर दिया। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने 31 दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में लॉबिंग से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की। कंपनी ने बीते चार साल में इन गतिविधियों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।  मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी कारोबारी गतिविधियां तथा अन्य उद्देश्यों के लिए अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग का काम जनवरी, 2009 में शुरू किया था।टिप्पणियां कंपनी के लिए यह काम लॉबिस्ट फर्म बारबॉर ग्रिफिथ एंड रोजर्स (बीजीआर) कर रही थी। हालांकि, कंपनी ने बीती पांच तिमाहियों से लॉबिंग गतिविधियां रोक दी थीं और अब उसने अमेरिका में इस आशय का अपना पंजीकरण भी रद्द कर दिया है। भारत में कंपनी का कारोबार ऊर्जा से लेकर पॉलिएस्टर, खुदरा तथा दूरसंचार सहित कई क्षेत्रों में फैला है। कंपनी ने हाल ही के सालों में अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है। जनवरी, 2009 से लेकर वह अपनी अमेरिकी लॉबिस्ट फर्म को 18.8 लाख डॉलर यानी 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। बीजीआर के जरिये अमेरिकी संसद में 18 जनवरी की तारीख वाली रिपोर्ट के अनुसार उसने अमेरिका में अपना लॉबिंग पंजीकरण 11 जनवरी को रद्द कर दिया। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने 31 दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में लॉबिंग से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की। कंपनी के लिए यह काम लॉबिस्ट फर्म बारबॉर ग्रिफिथ एंड रोजर्स (बीजीआर) कर रही थी। हालांकि, कंपनी ने बीती पांच तिमाहियों से लॉबिंग गतिविधियां रोक दी थीं और अब उसने अमेरिका में इस आशय का अपना पंजीकरण भी रद्द कर दिया है। भारत में कंपनी का कारोबार ऊर्जा से लेकर पॉलिएस्टर, खुदरा तथा दूरसंचार सहित कई क्षेत्रों में फैला है। कंपनी ने हाल ही के सालों में अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है। जनवरी, 2009 से लेकर वह अपनी अमेरिकी लॉबिस्ट फर्म को 18.8 लाख डॉलर यानी 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। बीजीआर के जरिये अमेरिकी संसद में 18 जनवरी की तारीख वाली रिपोर्ट के अनुसार उसने अमेरिका में अपना लॉबिंग पंजीकरण 11 जनवरी को रद्द कर दिया। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने 31 दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में लॉबिंग से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की। कंपनी ने हाल ही के सालों में अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है। जनवरी, 2009 से लेकर वह अपनी अमेरिकी लॉबिस्ट फर्म को 18.8 लाख डॉलर यानी 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। बीजीआर के जरिये अमेरिकी संसद में 18 जनवरी की तारीख वाली रिपोर्ट के अनुसार उसने अमेरिका में अपना लॉबिंग पंजीकरण 11 जनवरी को रद्द कर दिया। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने 31 दिसंबर, 2012 को समाप्त तिमाही में लॉबिंग से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं की।
सारांश: भारतीय बाजार में पहुंच हासिल करने के लिए अमेरिकी कंपनियों द्वारा लॉबिंग किए जाने को लेकर मचे बवाल के बीच भारत की निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी अमेरिकी नीति-निर्माताओं के बीच लॉबिंग गतिविधियां फिलहाल रोक दी हैं।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रूस के आपात स्थिति मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी सर्बिया के कम आबादी वाले क्षेत्र में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। फिलहाल वहां से किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।टिप्पणियां मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भूकंप का केन्द्र यकुतिया प्रांत में जमीन से दस किलोमीटर नीचे स्थित था। यह भूकंप कम आबादी वाले क्षेत्र में महसूस किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 53 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 6.6 थी। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भूकंप का केन्द्र यकुतिया प्रांत में जमीन से दस किलोमीटर नीचे स्थित था। यह भूकंप कम आबादी वाले क्षेत्र में महसूस किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 53 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 6.6 थी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 53 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 6.6 थी।
सारांश: रूस के आपात स्थिति मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी सर्बिया के कम आबादी वाले क्षेत्र में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। फिलहाल वहां से किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिन्दी फिल्मोद्योग की दिग्गज पार्श्वगायिका आशा भोंसले की बेटी वर्षा ने सोमवार को आत्महत्या कर ली है। पुलिस के मुताबिक 56-वर्षीय वर्षा ने मुंबई के पेडर रोड इलाके में बने अपने घर में अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई। वर्षा भोंसले के शव के पास से कोई सुइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन बताया जाता है कि वर्षा डिप्रेशन की शिकार थीं, और इसका सबूत यह है कि उन्हें कुछ ही हफ्ते पहले नींद की गोलियों का ओवरडोज़ लेने के चलते अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था।टिप्पणियां फिलहाल पुलिस दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन हमारे संवाददाता के अनुसार पुलिस मामले का यह पक्ष भी जांचने की कोशिश कर रही है कि जब वर्षा भोंसले डिप्रेशन में थीं, तो उनके हाथ रिवॉल्वर कैसे लग गई। वेब पोर्टल 'रेडिफ' के लिए नियमित कॉलम लिखने वाली वर्षा इससे पहले 'द सन्डे ऑब्ज़र्वर' तथा 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के लिए भी लिखती रही हैं। वर्षा का थिएटर में भी काफी दखल रहा है, और वह कुछ हिन्दी तथा मराठी फिल्मों को लिए गीतों को आवाज़ देने के अलावा अपनी मां आशा भोंसले के साथ कॉन्सर्ट्स में भी भाग लेती रही हैं। वर्षा भोंसले के शव के पास से कोई सुइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन बताया जाता है कि वर्षा डिप्रेशन की शिकार थीं, और इसका सबूत यह है कि उन्हें कुछ ही हफ्ते पहले नींद की गोलियों का ओवरडोज़ लेने के चलते अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था।टिप्पणियां फिलहाल पुलिस दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन हमारे संवाददाता के अनुसार पुलिस मामले का यह पक्ष भी जांचने की कोशिश कर रही है कि जब वर्षा भोंसले डिप्रेशन में थीं, तो उनके हाथ रिवॉल्वर कैसे लग गई। वेब पोर्टल 'रेडिफ' के लिए नियमित कॉलम लिखने वाली वर्षा इससे पहले 'द सन्डे ऑब्ज़र्वर' तथा 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के लिए भी लिखती रही हैं। वर्षा का थिएटर में भी काफी दखल रहा है, और वह कुछ हिन्दी तथा मराठी फिल्मों को लिए गीतों को आवाज़ देने के अलावा अपनी मां आशा भोंसले के साथ कॉन्सर्ट्स में भी भाग लेती रही हैं। फिलहाल पुलिस दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन हमारे संवाददाता के अनुसार पुलिस मामले का यह पक्ष भी जांचने की कोशिश कर रही है कि जब वर्षा भोंसले डिप्रेशन में थीं, तो उनके हाथ रिवॉल्वर कैसे लग गई। वेब पोर्टल 'रेडिफ' के लिए नियमित कॉलम लिखने वाली वर्षा इससे पहले 'द सन्डे ऑब्ज़र्वर' तथा 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के लिए भी लिखती रही हैं। वर्षा का थिएटर में भी काफी दखल रहा है, और वह कुछ हिन्दी तथा मराठी फिल्मों को लिए गीतों को आवाज़ देने के अलावा अपनी मां आशा भोंसले के साथ कॉन्सर्ट्स में भी भाग लेती रही हैं। वेब पोर्टल 'रेडिफ' के लिए नियमित कॉलम लिखने वाली वर्षा इससे पहले 'द सन्डे ऑब्ज़र्वर' तथा 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के लिए भी लिखती रही हैं। वर्षा का थिएटर में भी काफी दखल रहा है, और वह कुछ हिन्दी तथा मराठी फिल्मों को लिए गीतों को आवाज़ देने के अलावा अपनी मां आशा भोंसले के साथ कॉन्सर्ट्स में भी भाग लेती रही हैं।
यह एक सारांश है: वर्षा भोंसले के शव के पास कोई सुइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, लेकिन वर्षा डिप्रेशन की शिकार थीं, और उन्हें कुछ ही हफ्ते पहले नींद की गोलियों का ओवरडोज़ लेने के चलते अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: इससे पहले पिछले साल जून में इलाहाबाद में हुई बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी पीएम मोदी और जोशी की गर्मजोशी देखने को मिली थी. तब दोनों ही नेता एक ही प्लेट से फ़्रूट चाट खाते हुए नजर आए थे. गौरतलब है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना है. ऐसा माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कई नामों के साथ जोशी के नाम पर भी विचार कर रहा है. जोशी को मोदी सरकार ने पद्म विभूषण सम्मान से भी नवाज़ा है. जोशी और लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हैं. दोनों बुज़ुर्ग नेता शुरूआत में मोदी सरकार से नाराज दिखे. बिहार के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद दोनों नेताओं ने शांताकुमार और यशवंत सिन्हा के साथ मिल कर पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए थे. लेकिन असम में पार्टी की जीत के बाद पीएम मोदी और अमित शाह को बधाई का पत्र लिख कर रिश्ते सुधारने की कोशिश भी की. जोशी के बीजेपी अध्यक्ष रहते मोदी ने उनकी एकता यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई थी. वह इस यात्री के सारथी थे. अब दोनों नेताओं की ये गर्मजोशी और मोदी की ओर से जोशी को दिया गया सम्मान कई अटकलों को जन्म दे रहा है. राष्ट्रपति चुनाव में जोशी की दावेदारी के मद्देनज़र ये और महत्वपूर्ण हो गया है. जोशी और लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हैं. दोनों बुज़ुर्ग नेता शुरूआत में मोदी सरकार से नाराज दिखे. बिहार के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद दोनों नेताओं ने शांताकुमार और यशवंत सिन्हा के साथ मिल कर पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए थे. लेकिन असम में पार्टी की जीत के बाद पीएम मोदी और अमित शाह को बधाई का पत्र लिख कर रिश्ते सुधारने की कोशिश भी की. जोशी के बीजेपी अध्यक्ष रहते मोदी ने उनकी एकता यात्रा में बड़ी भूमिका निभाई थी. वह इस यात्री के सारथी थे. अब दोनों नेताओं की ये गर्मजोशी और मोदी की ओर से जोशी को दिया गया सम्मान कई अटकलों को जन्म दे रहा है. राष्ट्रपति चुनाव में जोशी की दावेदारी के मद्देनज़र ये और महत्वपूर्ण हो गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भुवनेश्वर में हुई बैठक के दौरान मुरली मनोहर जोशी को भी खाने पर बुलाया गया अटकलें लगाई जा रही हैं कि पीएम मोदी और जोशी के बीच नजदीकियां ज्यादा हैं जोशी को मोदी सरकार ने पद्म विभूषण सम्मान से भी नवाज़ा है.
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) ने इस बार अनोखे अंदाज में धमाल मचाया है. भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की यूट्यूब क्वीन के नाम से मशहूर आम्रपाली दुबे की आने वाली भोजपुरी फिल्म 'लागल रहा बताशा' का नया सॉन्ग रिलीज हुआ है. आम्रपाली दुबे इस वीडियो में भोजपुरी सिनेमा की कमाल की डांसर संभावना सेठ (Sambhavna Seth) के साथ गरदा उड़ा रही हैं. खास यह है कि 'लागल रहा बताशा' के इस भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Song) में आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) लड़का बनी हुई हैं, और वे (Sambhavna Seth) के साथ प्रेम की पींगें डाल रही हैं. 'हमारी जान लोगी क्या' सॉन्ग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है (सॉन्ग देखने के लिए यहां क्लिक करें). आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और संभावना सेठ (Sambhavna Seth) की जोड़ी इस सॉन्द में कमाल की लग रही हैं. हालांकि 'लागल रहा बताशा' का पूरा सॉन्ग अभी रिलीज नहीं हुआ है, बल्कि इसके कुछ सीन ही नजर आते हैं. लेकिन आम्रपाली दुबे इस सॉन्ग में लड़का बनी हुई हैं और संभावना सेठ भी जोरदार डांस कर रही हैं. इस तरह भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की अनोखी केमिस्ट्री इस सॉन्ग में देखने को मिल रही है. वैसे भी आम्रपाली दुबे और संभावना सेठ दोनों ही अपने डांस और अदाओं के लिए खास पहचान रखती हैं.  आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और संभावना सेठ (Sambhavna Seth) के इस सॉन्ग को कल्पना और हनी बी ने गाया है. 'लागल रहा बताशा' के इस सॉन्ग का म्यूजिक ओम झा ने दिया है और लिरिक्स आजाद सिंह के हैं.  भोजपुरी फिल्म 'लागल रहा बताशा' के डायरेक्टर आलोक सिंह बीसन हैं. इस भोजपुरी फिल्म (Bhojpuri Film) में मनोज टाइगर, आम्रपाली दुबे, अविनाश दुबे, आनंद मोहन, प्रकाश जायस और संभावना सेठ लीड में नजर आएंगे.
संक्षिप्त सारांश: भोजपुरी फिल्म का वीडियो हुआ वायरल आम्रपाली का धमाकेदार अंदाज संभावना सेठ भी आईं नजर
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हालिया घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 3-0 से सूपड़ा साफ कर जीतने वाली टीम इंडिया को रविवार से शुरू होने जा रही पांच एक-दिवसीय मैचों की सीरीज़ से पहले एक झटका लगा, जब उसके बाएं-हत्था बल्लेबाज सुरेश रैना के वायरल बुखार की वजह से पहले वन-डे में खेलने की संभावना खत्म हो गई.टिप्पणियां भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बयान में बताया कि रविवार, 16 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होने वाले पेटीएम ओडीआई ट्रॉफी के पहले एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में रैना नहीं खेल पाएंगे. खराब फॉर्म के चलते अक्टूबर, 2015 के बाद से टीम से बाहर चल रहे सुरेश रैना को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ के पहले तीन वन-डे के लिए 15-सदस्यीय टीम में लिया गया था. सीरीज़ का दूसरा और तीसरा वन-डे मैच दिल्ली तथा मोहाली में 20 और 23 अक्टूबर को खेला जाएगा. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बयान में बताया कि रविवार, 16 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होने वाले पेटीएम ओडीआई ट्रॉफी के पहले एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में रैना नहीं खेल पाएंगे. खराब फॉर्म के चलते अक्टूबर, 2015 के बाद से टीम से बाहर चल रहे सुरेश रैना को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ के पहले तीन वन-डे के लिए 15-सदस्यीय टीम में लिया गया था. सीरीज़ का दूसरा और तीसरा वन-डे मैच दिल्ली तथा मोहाली में 20 और 23 अक्टूबर को खेला जाएगा. खराब फॉर्म के चलते अक्टूबर, 2015 के बाद से टीम से बाहर चल रहे सुरेश रैना को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज़ के पहले तीन वन-डे के लिए 15-सदस्यीय टीम में लिया गया था. सीरीज़ का दूसरा और तीसरा वन-डे मैच दिल्ली तथा मोहाली में 20 और 23 अक्टूबर को खेला जाएगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: BCCI के मुताबिक, 16 अक्टूबर को धर्मशाला वन-डे में रैना नहीं खेल पाएंगे अक्टूबर, 2015 के बाद से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं सुरेश रैना सुरेश रैना को सीरीज़ के पहले तीन वन-डे मैचों के लिए टीम में चुना गया है
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के खिलाफ पांच विकेट की हार के बावजूद आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड को अब भी उम्मीद है कि टीम के पास विश्व कप के नाक आउट चरण में प्रवेश करने का मौका है। आयरलैंड ने ग्रुप बी में तीन मैचों में से सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में जीत दर्ज की है और अब उन्हें बचे हुए लीग मैचों में वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और एक अन्य एसोसिएट देश हॉलैंड से भिड़ना है। पोर्टरफील्ड ने कहा, हमारे अभी तीन मैच बचे हैं और इसमें कोई शक नहीं कि हम तीन टीमों में से किसी को भी परास्त कर सकते हैं। हमारी टीम जुझारू हैं। उन्होंने कहा, हम चुनौती देने वाली टीम हैं। अभी हमारे तीन मैच बाकी हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला कठिन है। आयरलैंड ने बीती रात बेंगलुरू में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत को चुनौती दी थी जिसमें सह मेजबान ने पांच विकेट से जीत दर्ज की थी। कप्तान पोर्टरफील्ड ने इस मैच में मजबूत 75 रन की पारी खेली थी और शीर्ष स्कोरर रहे थे। पोर्टरफील्ड ने कहा, निश्चित रूप से यह दिलचस्प मैच था। हम शुरू में दो विकेट गंवाने के बावजूद बाद में अच्छी स्थिति में पहुंच गए थे लेकिन नियाल रन आउट हो गया। अगर अतिरिक्त 40 रन बनाते तो अच्छा होता।
यह एक सारांश है: आयरलैंड के कप्तान विलियम पोर्टरफील्ड को अब भी उम्मीद है कि टीम के पास विश्व कप के नाक आउट चरण में प्रवेश करने का मौका है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपनी बेजोड़ अदा के चलते पचास और साठ के दशक में बड़े पर्दे पर राज करने वाले जाने माने और वरिष्ठ अभिनेता शम्मी कपूर का आज महानगर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी नीला देवी, पुत्र आदित्य राज और पुत्री कंचन देसाई हैं। परिवार के सूत्रों के अनुसार, शम्मी पिछले कुछ वर्ष से डायलिसिस पर थे। उन्हें सप्ताह में कम से कम तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता था। उन्हें कल अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया था। वर्ष 1953 में बॉलीवुड में दस्तक देने वाले शम्मी की पहली फिल्म जीवन ज्योति थी। वर्ष 1961 में सुपरहिट फिल्म जंगली ने उन्हें बड़े पर्दे की दुनिया में खास जगह दिला दी। शम्मी ने फिल्मों में अपनी खास अदायगी से अलहदा तरह की छवि बनायी। अभी कुछ दिनों पूर्व ही वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ ने शम्मी कपूर के साथ उनके बॉलीवुड के सफर पर बातचीत की थी और उन पर फिल्माए गए तमाम गीतों में शम्मी के पंसदीदा गीतों पर चर्चा की। शम्मी के साथ उनके बॉलीवुड का सफर देखने और सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें। अभी कुछ दिनों पूर्व ही वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ ने शम्मी कपूर के साथ उनके बॉलीवुड के सफर पर बातचीत की थी और उन पर फिल्माए गए तमाम गीतों में शम्मी के पंसदीदा गीतों पर चर्चा की। शम्मी के साथ उनके बॉलीवुड का सफर देखने और सुनने के लिए नीचे दिए लिंकों पर क्लिक करें।वीडियो : शम्मी के साथ मधुर गीतों का सफर मैं बिना तैयारी नृत्य करता था : शम्मी कपूर 'राजकुमारों जैसी जिंदगी जी है मैंने'
मशहूर बॉलीवुड अभिनेता शम्मी कपूर का निधन हो गया है। शम्मी कपूर का निधन मुंबई में हुआ। वे 79 वर्ष के थे।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जोहान बोथा के नाबाद अर्द्धशतक के सहयोग से राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग चौथे सत्र के टी-20 क्रिकेट मैच में डेक्कन चार्जर्स पर आठ विकेट की आसान जीत से अपना अभियान शुरू किया। कप्तान शेन वान ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला किया, जिसके बाद सिद्धार्थ त्रिवेदी के 15 रन और अमित सिंह के 35 अंदर में चटकाए गए तीन-तीन विकेट की बदौलत उन्होंने डेक्कन चार्जर्स को 20 ओवर में 137 रन का स्कोर ही बनाने दिया। इसका पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने बोथा की 47 गेंद में 67 रन की अर्द्धशतकीय पारी से 18.5 ओवर में जीत दर्ज की। बोथा की आक्रामक पारी में आठ चौका और एक गगनचुंबी छक्का शामिल था। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में यहां गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के बाद अमित पौनिकर (20) और राहुल द्रविड़ (28) हालांकि टीम को आक्रामक शुरुआत नहीं दिला सके लेकिन उनका योगदान अंत में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
सारांश: राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग चौथे सत्र के टी-20 क्रिकेट मैच में डेक्कन चार्जर्स पर आठ विकेट की आसान जीत से अपना अभियान शुरू किया।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार करके इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के स्पॉट फिक्सिंग मामले का खुलासा करने वाली दिल्ली पुलिस के एक उच्च अधिकारी का मानना है कि भारत अभी खेलों में सट्टेबाजी को वैधता देने की स्थिति में नहीं है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच का नेतृत्व करने वाले दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि खेलों में सट्टेबाजी को वैधता देने से कर के रूप में राजस्व बढ़ाने में सहायक हो सकता है, लेकिन दूसरी तरफ यह सट्टेबाजी से जुड़े युवाओं के लिए अवरोधक साबित हो सकता है।टिप्पणियां फिक्की द्वारा 'खेल सट्टेबाजी की नियमितीकरण : मैच फिक्सिंग पर लगाम लगाने वाला?' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में श्रीवास्तव ने कहा, "लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सट्टेबाजी को समाज द्वारा मान्यता नहीं मिली है।" श्रीवास्तव ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि देश में खेलों के लिए सख्त कानून की आवश्यकता है, लेकिन वह मानते हैं कि देश में सट्टेबाजी को वैधता मिलने में अभी 10 से 15 साल लग सकते हैं। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच का नेतृत्व करने वाले दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि खेलों में सट्टेबाजी को वैधता देने से कर के रूप में राजस्व बढ़ाने में सहायक हो सकता है, लेकिन दूसरी तरफ यह सट्टेबाजी से जुड़े युवाओं के लिए अवरोधक साबित हो सकता है।टिप्पणियां फिक्की द्वारा 'खेल सट्टेबाजी की नियमितीकरण : मैच फिक्सिंग पर लगाम लगाने वाला?' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में श्रीवास्तव ने कहा, "लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सट्टेबाजी को समाज द्वारा मान्यता नहीं मिली है।" श्रीवास्तव ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि देश में खेलों के लिए सख्त कानून की आवश्यकता है, लेकिन वह मानते हैं कि देश में सट्टेबाजी को वैधता मिलने में अभी 10 से 15 साल लग सकते हैं। फिक्की द्वारा 'खेल सट्टेबाजी की नियमितीकरण : मैच फिक्सिंग पर लगाम लगाने वाला?' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में श्रीवास्तव ने कहा, "लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सट्टेबाजी को समाज द्वारा मान्यता नहीं मिली है।" श्रीवास्तव ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि देश में खेलों के लिए सख्त कानून की आवश्यकता है, लेकिन वह मानते हैं कि देश में सट्टेबाजी को वैधता मिलने में अभी 10 से 15 साल लग सकते हैं। श्रीवास्तव ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि देश में खेलों के लिए सख्त कानून की आवश्यकता है, लेकिन वह मानते हैं कि देश में सट्टेबाजी को वैधता मिलने में अभी 10 से 15 साल लग सकते हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार करके इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के स्पॉट फिक्सिंग मामले का खुलासा करने वाली दिल्ली पुलिस के एक उच्च अधिकारी का मानना है कि भारत अभी खेलों में सट्टेबाजी को वैधता देने की स्थिति में नहीं है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जल्द चुनाव थोपने के लिए समय से पहले ही बेताब हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बनी रहेगी और अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। फ्रैंकफुर्त के रास्ते न्यूयार्क से लौटने के क्रम में एयर इंडिया के विशेष विमान में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मनमोहन ने आरोप लगाया कि विपक्ष समय से पहले ही बेताब हो रहा है। उन्होंने विपक्ष को धैर्य रखने को कहा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय के हाल के एक नोट को लेकर उनके कैबिनेट में कोई मतभेद नहीं है। इस नोट से संकेत मिलता है कि तत्कालीन वित्त मंत्री ने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार के बारे में धारणा की समस्या हो सकती है और उसे दुरुस्त करने की जरूरत है। यह पूछे जाने पर कि यह एक धारणा है कि संप्रग-2 सरकार ने वह साख और गति खो दी है जो पिछली सरकार के समय देखने को मिलती थी, उन्होंने कहा, मुझे संदेह हैं कि कुछ अन्य ऐसी ताकतें हैं जो हमारी राजनीतिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहती हैं। मनमोहन ने कहा कि संप्रग-1 में कुछ लोग नए आए थे और कुछ ने अभिनव प्रयास किए थे। इस बात का सबूत उनके द्वारा लाए गए नए महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से मिलता है।
सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष जल्द चुनाव थोपने के लिए समय से पहले ही बेताब हो रहा है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि 2जी मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से केंद्र सरकार पर कोई संकट नहीं है। जिले की शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए खुर्शीद ने कहा, ‘‘अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाएगा और स्पेक्ट्रम निविदा की कार्यवाही फिर से कराई जाएगी।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय से केंद्र सरकार को कोई संकट नहीं है और यह भी कहा कि अदालत के निर्णय के बाद चिदंबरम का प्रकरण समाप्त हो जाएगा। इससे पूर्व पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कानून मंत्री ने सपा, बसपा और भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने यूपीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कांग्रेस की सरकार को जनसामान्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय से केंद्र सरकार को कोई संकट नहीं है और यह भी कहा कि अदालत के निर्णय के बाद चिदंबरम का प्रकरण समाप्त हो जाएगा। इससे पूर्व पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कानून मंत्री ने सपा, बसपा और भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने यूपीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कांग्रेस की सरकार को जनसामान्य की जरूरत बताया। इससे पूर्व पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कानून मंत्री ने सपा, बसपा और भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने यूपीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कांग्रेस की सरकार को जनसामान्य की जरूरत बताया।
संक्षिप्त सारांश: कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि 2जी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सरकार पर कोई संकट नहीं है और इस फैसले के बाद चिदंबरम का प्रकरण खत्म हो जाएगा।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया की आबादी सोमवार को सात अरब के पार हो गई। यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड की वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी गई है। यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड दुनिया की आबादी पर नजर रखता है। फिलीपीन्स में जन्मी डेनिका मे कमाचो दुनिया में पैदा हुए संभावित सात अरबवें बच्चों में से एक है जिस वक्त डेनिका का जन्म हुआ उस वक्त यूनाइटेड नेशन्स के अधिकारी अस्पताल में मौजूद थे। इन्होंने बच्चे को एक छोटा केक भेंट किया। इससे पहले दावा किया जा रहा था कि दुनिया का सात अरबवां बच्चा यूपी के बागपत के सुन्हैड़ा गांव या लखनऊ के पास माल गांव या आर्मेनिया के येरावान शहर में पैदा होगा। पिछले कई दिन से दुनिया में ऐसे बच्चे की जन्म की खबर से काफी उत्साह है, जिसके पैदा होते ही इंसानी जनसंख्या सात अरब हो जाएगी। इससे पहले अब 11 साल की आस्था जब 11 मई, 2000 को पैदा हुई थी, तब भारत की एक अरबवीं बच्ची बनी। घर पर लोगों और नेताओं की भीड़ लग गई। सभी ने इस बच्ची को सराहा, तस्वीरें खिंचाई और मुफ्त शिक्षा और रेल यात्रा पास दिलवाने के वादे किए, जो आज तक अधूरे हैं। सरकार के लिए आस्था अब सिर्फ भारत की बढ़ती आबादी का आंकड़ा बनकर रह गई है। यह बच्ची अब भारत की सबसे बड़ी समस्या, बढ़ती आबादी, की तस्वीर बन चुकी है। इसी समस्या के चलते देश को हर नागरिक को वे सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं, जो उन्हें मिलनी चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: बताया जा रहा था कि दुनिया के सात अरबवें बच्चे का जन्म यूपी के बागपत के सुन्हैड़ा गांव में होगा, लेकिन अब इस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं...
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: कोल-गेट पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट बदलने के मामले में सरकार और कानून मंत्री अश्विनी कुमार की मुश्किल बढ़ सकती है। सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि सुप्रीम कोर्ट में दिए जाने वाले एफिडेविट में सीबीआई यह बात मान सकती है कि स्टेटस रिपोर्ट को कानून मंत्री ने पहले देखा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने कोयला घोटाले पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में कई बदलाव किए जाने के लिए सुझाव दिए थे। वहीं, सीबीआई कोर्ट में यह कह सकती है कि कुमार के तमाम सुझाव में से कुछ को ही शामिल किया गया था। सूत्र बता रहे हैं कि सीबीआई कोर्ट में यह भी कहने वाली है कि इन सबके बावजूद उसकी रिपोर्ट निष्पक्ष है और सरकारी दबाव के बिना तैयार की गई है।टिप्पणियां इससे पहले खबर थी कि अश्विनी कुमार ने रिपोर्ट की भाषा में बदलाव भी किए गए थे। लेकिन सीबीआई साथ ही यह भी कहने वाली है कि भाषा में बदलाव से रिपोर्ट के सार में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि सुप्रीम कोर्ट में दिए जाने वाले एफिडेविट में सीबीआई यह बात मान सकती है कि स्टेटस रिपोर्ट को कानून मंत्री ने पहले देखा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने कोयला घोटाले पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में कई बदलाव किए जाने के लिए सुझाव दिए थे। वहीं, सीबीआई कोर्ट में यह कह सकती है कि कुमार के तमाम सुझाव में से कुछ को ही शामिल किया गया था। सूत्र बता रहे हैं कि सीबीआई कोर्ट में यह भी कहने वाली है कि इन सबके बावजूद उसकी रिपोर्ट निष्पक्ष है और सरकारी दबाव के बिना तैयार की गई है।टिप्पणियां इससे पहले खबर थी कि अश्विनी कुमार ने रिपोर्ट की भाषा में बदलाव भी किए गए थे। लेकिन सीबीआई साथ ही यह भी कहने वाली है कि भाषा में बदलाव से रिपोर्ट के सार में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने कोयला घोटाले पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में कई बदलाव किए जाने के लिए सुझाव दिए थे। वहीं, सीबीआई कोर्ट में यह कह सकती है कि कुमार के तमाम सुझाव में से कुछ को ही शामिल किया गया था। सूत्र बता रहे हैं कि सीबीआई कोर्ट में यह भी कहने वाली है कि इन सबके बावजूद उसकी रिपोर्ट निष्पक्ष है और सरकारी दबाव के बिना तैयार की गई है।टिप्पणियां इससे पहले खबर थी कि अश्विनी कुमार ने रिपोर्ट की भाषा में बदलाव भी किए गए थे। लेकिन सीबीआई साथ ही यह भी कहने वाली है कि भाषा में बदलाव से रिपोर्ट के सार में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है। सूत्र बता रहे हैं कि सीबीआई कोर्ट में यह भी कहने वाली है कि इन सबके बावजूद उसकी रिपोर्ट निष्पक्ष है और सरकारी दबाव के बिना तैयार की गई है।टिप्पणियां इससे पहले खबर थी कि अश्विनी कुमार ने रिपोर्ट की भाषा में बदलाव भी किए गए थे। लेकिन सीबीआई साथ ही यह भी कहने वाली है कि भाषा में बदलाव से रिपोर्ट के सार में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है। इससे पहले खबर थी कि अश्विनी कुमार ने रिपोर्ट की भाषा में बदलाव भी किए गए थे। लेकिन सीबीआई साथ ही यह भी कहने वाली है कि भाषा में बदलाव से रिपोर्ट के सार में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है। सीबीआई निदेशक फिलहाल विदेश गए हैं और उनके लौटने के बाद इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल किया जा सकता है।
संक्षिप्त सारांश: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानूनमंत्री अश्विनी कुमार ने कोयला घोटाले पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में कई बदलाव किए जाने के लिए सुझाव दिए थे। वहीं, सीबीआई कोर्ट में यह कह सकती है कि कुमार के तमाम सुझाव में से कुछ को ही शामिल किया गया था।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना शहर में एक प्रदर्शन रैली से घर लौट रहे 20 दलितों के एक समूह पर समतर गांव के पास भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें आठ दलित गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे हुई. पुलिस ने भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का लाठी चार्ज भी किया. हालांकि पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी मदद के लिए कुछ नहीं किया. पीड़ितों का दावा है कि हमलावर समतर गांव के निवासी हैं. वे लोग पिछले महीने ऊना में दलितों की पिटाई करने की घटना को लेकर गिरफ्तार हुए 12 लोगों का 'बदला' लेना चाहते थे. इस घटना के 20 पीड़ित भावनगर जिले के हैं और वे साइकिल तथा बाइक से अन्य लोगों के साथ ऊना गए थे. ये लोग जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की उपस्थिति में राधिका वेमुला और बालु सरवैया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. राधिका वेमुला, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला की मां हैं, जबकि बालु ऊना में पिटाई झेलने वाले दलितों में से एक के पिता हैं. भीड़ ने उना-भावनगर रोउ पर उन्हें समतर के पास रोका और उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, 'समतर में सोमवार शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.' हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे हुई. पुलिस ने भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का लाठी चार्ज भी किया. हालांकि पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी मदद के लिए कुछ नहीं किया. पीड़ितों का दावा है कि हमलावर समतर गांव के निवासी हैं. वे लोग पिछले महीने ऊना में दलितों की पिटाई करने की घटना को लेकर गिरफ्तार हुए 12 लोगों का 'बदला' लेना चाहते थे. इस घटना के 20 पीड़ित भावनगर जिले के हैं और वे साइकिल तथा बाइक से अन्य लोगों के साथ ऊना गए थे. ये लोग जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की उपस्थिति में राधिका वेमुला और बालु सरवैया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. राधिका वेमुला, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला की मां हैं, जबकि बालु ऊना में पिटाई झेलने वाले दलितों में से एक के पिता हैं. भीड़ ने उना-भावनगर रोउ पर उन्हें समतर के पास रोका और उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, 'समतर में सोमवार शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.' हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस घटना के 20 पीड़ित भावनगर जिले के हैं और वे साइकिल तथा बाइक से अन्य लोगों के साथ ऊना गए थे. ये लोग जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की उपस्थिति में राधिका वेमुला और बालु सरवैया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. राधिका वेमुला, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला की मां हैं, जबकि बालु ऊना में पिटाई झेलने वाले दलितों में से एक के पिता हैं. भीड़ ने उना-भावनगर रोउ पर उन्हें समतर के पास रोका और उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, 'समतर में सोमवार शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.' हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राधिका वेमुला, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला की मां हैं, जबकि बालु ऊना में पिटाई झेलने वाले दलितों में से एक के पिता हैं. भीड़ ने उना-भावनगर रोउ पर उन्हें समतर के पास रोका और उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, 'समतर में सोमवार शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.' हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भीड़ ने उना-भावनगर रोउ पर उन्हें समतर के पास रोका और उनकी पिटाई की. यह जगह मोटा समधिया गांव से ज्यादा दूर नहीं है, जहां पिछले महीने गौ-रक्षकों ने सात दलितों की बुरी तरह पिटाई की थी. गिर सोमनाथ पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, 'समतर में सोमवार शाम पुलिस ने हिंसक भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जब उन्होंने भागने से इनकार कर दिया, तो लाठी चार्ज भी किया गया.' हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हमला झेलने वाले मावजीभाई सरवैया का आरोप है कि उन पर समतर गांव के लोगों ने हमला किया. उन्होंने कहा, 'उना दलित पिटाई कांड में अभी तक गिरफ्तार 30 लोगों में से 12 लोग समतर के रहने वाले हैं. यह उना से 11 किलोमीटर दूर स्थित है. मेरे सहित करीब 200 दलित बाइक से ऊना रैली में शामिल होने आए थे. जब हम लौट रहे थे, समतर के निवासियों ने सड़क अवरूद्ध किया और बेरहमी से हमें पीटा.'टिप्पणियां मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मावजीभाई ने कहा, 'हालांकि पुलिस बल वहां था, लेकिन हमलावरों के मुकाबले वे बहुत कम थे. वे लोग उनके 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए हमें जिम्मेदार ठहरा रहे थे. कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आठ को गंभीर चोटें आई हैं. घायलों को भावनगर और राजुला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हमारी एक बाइक को आग भी लगा दिया गया.'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:हमले में आठ लोग गंभीर रूप से घायल एक बाइक भी कथित रूप से जला दी गई भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस छोड़े गए
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों के संघ (फिक्की) ने रविवार को कहा कि अमेरिका सहित विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आ रही गिरावट के मद्देनजर भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है। अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग में कमी दर्ज की गई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आई गिरावट से उत्पन्न होने वाली आर्थिक स्थितियों का जायजा लेने के लिए फिक्की द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में खुलासा किया गया है कि दुनियाभर में खपत की मांग में कमी आएगी। फिक्की से जारी एक बयान में कहा गया, "सर्वेक्षण में शामिल ज्यादातर लोगों का मानना है कि वर्तमान में निर्यात की जो उच्च दर कायम है वह आने वाले महीनों में कायम नहीं रहेगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था के उबरने को लेकर प्रबल आशंका बनी हुई है। माना जा रहा है कि यह खपत की मांग को कमजोर बनाएगी।" बयान के मुताबिक, "यूरोपीय देशों के कर्ज संकट, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमजोरी और चीन में आर्थिक गतिविधियों के उदारीणकरण से निर्यात की मांग पर असर पड़ सकता है और ये स्थितियां भारत के निर्यात पर असर डाल सकती हैं क्योंकि इन अर्थव्यवस्थाओं से भारत का व्यापार प्रमुखता से जुड़ा है।" ज्ञात हो कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में भारत के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है। जून के महीने में निर्यात 46 प्रतिशत बढ़कर 29 अरब डॉलर पर पहुंच गया। बयान में कहा गया कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का मंदी का शिकार होना भारत के लिए अच्छी बात नहीं है।
संक्षिप्त सारांश: फिक्की ने कहा कि अमेरिका सहित विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आ रही गिरावट के मद्देनजर भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान से वाघा चौकी के रास्ते प्याज भारत को प्याज के निर्यात पर लगी पाबंदी हटने का अभी संकेत नहीं है। ऐसे में वहां पाबंदी से पहले के अनुबंधों के तहत लद चुके 300 ट्रक प्याज को पाकिस्तान के व्यापारी अब वहां स्थानीय बाजारों में ही बेचने जा रहे है। यह जानकारी यहां भारतीय व्यापारियों ने दी। अमृतसर के सब्जी व्यापारी अनिल मेहरा ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी व्यापारी भारत भेजे जाने वाली खेप को अब वहीं बेच देंगे क्यों कि उसे ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता। एक अन्य व्यापारी ने कहा, ऐसा नहीं लग रहा है कि पाकिस्तान सरकार पाबंदी हटाएगी। ऐसे में प्याज आयात के पुराने सभी अनुबंध रद्द हो गए हैं। व्यापारी मुकेश सिंधवानी ने कहा, 'प्याज के आयात के लिए सभी अनुबंध अब निरस्त किए जाते हैं क्योंकि इस बात की संभावना काफी कम है कि पाकिस्तान भूमि मार्ग से होने वाले निर्यात पर प्रतिबंध हटा ले।' सिंधवानी के 150 टन प्याज प्रतिबंध के कारण अमृतसर नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि उनके सब्जी व्यापारियों द्वारा किए गए अनुरोधों पर पाकिस्तान की सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। इन व्यापारियों ने प्याज निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाए जाने की मांग की थी। पाकिस्तान ने देश में प्याज की उपलब्धता को बढ़ाने और कीमतों को अंकुश में रखने के लिए भूमि मार्ग से भारत को होने वाले प्याज निर्यात पर पांच जनवरी को प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी तथा छह जनवरी से कोई भी प्याज लदा ट्रक भारतीय सीमा में नहीं आया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने भी पाकिस्तानी सरकार से अनुरोध किया था कि जो अनुबंधित प्याज हैं कम से कम उन्हें भूमि मार्ग से भारत लाने दिया जाये लेकिन इसमें उसे सफलता नहीं मिली। देश में प्याज की कमी को देखते हुए भारत ने पिछले वर्ष दिसंबर से पाकिस्तान से अट्टारी वाघा सीमा के जरिये प्याज आयात करना शुरू किया था। पाकिस्तान ने प्याज निर्यात शुरू करने के बाद से भारत को करीब 7,000 टन प्याज भेजा था। इस बीच अमृतसर स्थित व्यापारियों ने प्याज की जमाखोरी और अवैध मुनाफाखोरी का पता लगाने के लिए आयकर विभाग द्वारा प्याज आयातकों के यहां कल किये गये जांच अभियान के खिलाफ क्षोभ व्यक्त किया है। गोपनीयता की शर्त पर एक व्यापारी ने कहा, 'हमें अनावश्यक रूप से आयकर विभाग द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, हम जमाखोर नहीं हैं क्योंकि हम सब्जियों का स्टाक जमा नहीं करते तथा जैसे ही हमें आपूर्ति मिलती है हम अपने ग्राहकों को उसे बेच देते हैं।'
यह एक सारांश है: वहां पाबंदी से पहले के अनुबंधों के तहत लद चुके 300 ट्रक प्याज को पाकिस्तान के व्यापारी अब वहां स्थानीय बाजारों में ही बेचने जा रहे है।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड स्टार विवेक ओबराय की पत्नी प्रियंका अल्वा ने बुधवार को एक बेहद खूबसूरत बेटे को जन्म दिया। मां और बेटे दोनों ही स्वस्थ और तंदुरूस्त हैं। विवेक ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, आज मेरे जीवन का सबसे विशेष दिन है। प्रियंका और मैंने हमारी दुनिया में एक बेहद सुंदर, स्वस्थ राजकुमार का स्वागत किया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आपके प्यार, दुआओं, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के लिए मैं आप सभी को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हमारा बेटा सचमुच भगवान का आर्शीवाद है। अभिनेता रितेश देशमुख ने विवेक और उनकी पत्नी को बधाई देते हुए ट्वीट किया,  भाई बधाई हो। प्रियंका और आपके पूरे परिवार को ढेर सारा प्यार। बॉलीवुड अभिनेत्री और रितेश देशमुख की पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने कहा, बधाई हो विवेक। मुझे पूरा विश्वास है कि यह आपका अब तक का सबसे विशेष दिन है। मैं इस छोटे से राजकुमार को देखने के लिए बेसब्र हूं। विवेक ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, आज मेरे जीवन का सबसे विशेष दिन है। प्रियंका और मैंने हमारी दुनिया में एक बेहद सुंदर, स्वस्थ राजकुमार का स्वागत किया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, आपके प्यार, दुआओं, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के लिए मैं आप सभी को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हमारा बेटा सचमुच भगवान का आर्शीवाद है। अभिनेता रितेश देशमुख ने विवेक और उनकी पत्नी को बधाई देते हुए ट्वीट किया,  भाई बधाई हो। प्रियंका और आपके पूरे परिवार को ढेर सारा प्यार। बॉलीवुड अभिनेत्री और रितेश देशमुख की पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने कहा, बधाई हो विवेक। मुझे पूरा विश्वास है कि यह आपका अब तक का सबसे विशेष दिन है। मैं इस छोटे से राजकुमार को देखने के लिए बेसब्र हूं। उन्होंने कहा, आपके प्यार, दुआओं, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद के लिए मैं आप सभी को तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हमारा बेटा सचमुच भगवान का आर्शीवाद है। अभिनेता रितेश देशमुख ने विवेक और उनकी पत्नी को बधाई देते हुए ट्वीट किया,  भाई बधाई हो। प्रियंका और आपके पूरे परिवार को ढेर सारा प्यार। बॉलीवुड अभिनेत्री और रितेश देशमुख की पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने कहा, बधाई हो विवेक। मुझे पूरा विश्वास है कि यह आपका अब तक का सबसे विशेष दिन है। मैं इस छोटे से राजकुमार को देखने के लिए बेसब्र हूं। अभिनेता रितेश देशमुख ने विवेक और उनकी पत्नी को बधाई देते हुए ट्वीट किया,  भाई बधाई हो। प्रियंका और आपके पूरे परिवार को ढेर सारा प्यार। बॉलीवुड अभिनेत्री और रितेश देशमुख की पत्नी जेनेलिया डिसूजा ने कहा, बधाई हो विवेक। मुझे पूरा विश्वास है कि यह आपका अब तक का सबसे विशेष दिन है। मैं इस छोटे से राजकुमार को देखने के लिए बेसब्र हूं।
यह एक सारांश है: बेटे के जन्म से बेहद उत्साहित विवेक ओबेरॉय ने ट्विटर पर लिखा, आज का दिन मेरी जिंदगी का सबसे अहम दिन है। प्रियंका और मैंने अपनी जिंदगियों में इस नन्हे फरिश्ते का दिल से स्वागत किया, जो एक खूबसूरत, स्वस्थ और दिव्य बच्चा है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने 2−जी मामले में आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत याचिका पर सीबीआई से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। इसके अलावा सीबीआई को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के सहयोगी आर के चंदोलिया की याचिका पर पहले से जारी नोटिस का आज जवाब देना था लेकिन जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इन दोनों मामलों में जवाब देने के लिए उसे वक्त चाहिए। इस पर सिद्धार्थ बेहुरा के वकील ने कहा कि सीबीआई मामले को लटका रही है इसलिए उनके क्लाइंट को अंतरिम जमानत दे देनी चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 मार्च तक टाल दी। इसके अलावा सीबीआई को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के सहयोगी आर के चंदोलिया की याचिका पर पहले से जारी नोटिस का आज जवाब देना था लेकिन जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इन दोनों मामलों में जवाब देने के लिए उसे वक्त चाहिए। इस पर सिद्धार्थ बेहुरा के वकील ने कहा कि सीबीआई मामले को लटका रही है इसलिए उनके क्लाइंट को अंतरिम जमानत दे देनी चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 मार्च तक टाल दी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2−जी मामले में आरोपी पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत याचिका पर सीबीआई से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: अभिनेता धर्मेंद्र और अभिनेत्री हेमा मालिनी की छोटी बेटी अहाना की शुक्रवार को दिल्ली के एक व्यवसायी वैभव वोरा से सगाई हो गई।  धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बड़ी बेटी ऐशा देओल पिछले वर्ष जून में व्यवसायी भरत तखानी के साथ विवाह बंधन में बंधी थीं। हेमा ने कहा, हम बहुत खुश हैं। वैभव बहुत अच्छा लड़का है। यह हमारे लिए विशेष दिन है। हमारी शुभकामनाएं उन दोनों के साथ हैं। अहाना और वैभव पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे से मिल रहे थे।टिप्पणियां जुहू में हेमा के आवास में शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे से आयोजित समारोह में अहाना गुलाबी-बैंगनी रंग के भारतीय परिधान में खूबसूरत लग रही थीं। अहाना एक प्रशिक्षित ओडिशी नृत्यांगना हैं। उन्होंने अपनी मां और बहन ऐशा के साथ कई बार मंच पर प्रस्तुति दी है। शास्त्रीय नृत्य के अलावा उनकी फैशन डिजाइनिंग में भी रुचि है। अहाना के विवाह की तिथि अभी तय नहीं हुई है। हेमा ने कहा, दोनों परिवार बैठकर बात करेंगे और विवाह की ऐसी तारीख तय करेंगे, जो सभी के लिए सुविधाजनक हो। हेमा ने कहा, हम बहुत खुश हैं। वैभव बहुत अच्छा लड़का है। यह हमारे लिए विशेष दिन है। हमारी शुभकामनाएं उन दोनों के साथ हैं। अहाना और वैभव पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे से मिल रहे थे।टिप्पणियां जुहू में हेमा के आवास में शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे से आयोजित समारोह में अहाना गुलाबी-बैंगनी रंग के भारतीय परिधान में खूबसूरत लग रही थीं। अहाना एक प्रशिक्षित ओडिशी नृत्यांगना हैं। उन्होंने अपनी मां और बहन ऐशा के साथ कई बार मंच पर प्रस्तुति दी है। शास्त्रीय नृत्य के अलावा उनकी फैशन डिजाइनिंग में भी रुचि है। अहाना के विवाह की तिथि अभी तय नहीं हुई है। हेमा ने कहा, दोनों परिवार बैठकर बात करेंगे और विवाह की ऐसी तारीख तय करेंगे, जो सभी के लिए सुविधाजनक हो। जुहू में हेमा के आवास में शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे से आयोजित समारोह में अहाना गुलाबी-बैंगनी रंग के भारतीय परिधान में खूबसूरत लग रही थीं। अहाना एक प्रशिक्षित ओडिशी नृत्यांगना हैं। उन्होंने अपनी मां और बहन ऐशा के साथ कई बार मंच पर प्रस्तुति दी है। शास्त्रीय नृत्य के अलावा उनकी फैशन डिजाइनिंग में भी रुचि है। अहाना के विवाह की तिथि अभी तय नहीं हुई है। हेमा ने कहा, दोनों परिवार बैठकर बात करेंगे और विवाह की ऐसी तारीख तय करेंगे, जो सभी के लिए सुविधाजनक हो। अहाना के विवाह की तिथि अभी तय नहीं हुई है। हेमा ने कहा, दोनों परिवार बैठकर बात करेंगे और विवाह की ऐसी तारीख तय करेंगे, जो सभी के लिए सुविधाजनक हो।
यहाँ एक सारांश है:धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की छोटी बेटी अहाना की दिल्ली के व्यवसायी वैभव वोरा से सगाई हो गई। अहाना प्रशिक्षित ओडिशी नृत्यांगना हैं और फैशन डिजाइनिंग में भी उनकी रुचि है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के रामबन गुरुवार को हुई हिंसा के बाद आज अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। फिलहाल यात्रियों को जगह-जगह बीच रास्ते में रोक दिया गया है, जो यात्री जम्मू में हैं उन्हें आगे जाने नहीं दिया जा रहा है और जो कल गुफा तक पहुंचे थे, उन्हें वहीं रोक दिया गया है। इलाके में तनाव के चलते पूरे कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बीच यहां हुई हिंसा के बाद रामबन के कलेक्टर का तबादला भी कर दिया गया है। उधर, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। दरअसल, जम्मू−कश्मीर में रामबन जिले में गुरुवार को बीएसएफ कैंप में प्रदर्शनकारियों पर जवानों ने फायरिंग की थी। ये प्रदर्शनकारी यहां एक इमाम के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी का विरोध कर रहे थे।टिप्पणियां भीड़ को बेकाबू होता देख जवानों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद से कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू- कश्मीर हाइवे पर भी जाम लगाया। पूरी घटना पर बीएसएफ ने दलील दी है कि उन्होंने अपने बचाव में फायरिंग की। उनका कहना है कि भीड़ उनके कैंप को तबाह करने की कोशिश कर रही थी। इलाके में तनाव के चलते पूरे कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बीच यहां हुई हिंसा के बाद रामबन के कलेक्टर का तबादला भी कर दिया गया है। उधर, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। दरअसल, जम्मू−कश्मीर में रामबन जिले में गुरुवार को बीएसएफ कैंप में प्रदर्शनकारियों पर जवानों ने फायरिंग की थी। ये प्रदर्शनकारी यहां एक इमाम के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी का विरोध कर रहे थे।टिप्पणियां भीड़ को बेकाबू होता देख जवानों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद से कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू- कश्मीर हाइवे पर भी जाम लगाया। पूरी घटना पर बीएसएफ ने दलील दी है कि उन्होंने अपने बचाव में फायरिंग की। उनका कहना है कि भीड़ उनके कैंप को तबाह करने की कोशिश कर रही थी। उधर, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। दरअसल, जम्मू−कश्मीर में रामबन जिले में गुरुवार को बीएसएफ कैंप में प्रदर्शनकारियों पर जवानों ने फायरिंग की थी। ये प्रदर्शनकारी यहां एक इमाम के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी का विरोध कर रहे थे।टिप्पणियां भीड़ को बेकाबू होता देख जवानों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद से कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू- कश्मीर हाइवे पर भी जाम लगाया। पूरी घटना पर बीएसएफ ने दलील दी है कि उन्होंने अपने बचाव में फायरिंग की। उनका कहना है कि भीड़ उनके कैंप को तबाह करने की कोशिश कर रही थी। भीड़ को बेकाबू होता देख जवानों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद से कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने जम्मू- कश्मीर हाइवे पर भी जाम लगाया। पूरी घटना पर बीएसएफ ने दलील दी है कि उन्होंने अपने बचाव में फायरिंग की। उनका कहना है कि भीड़ उनके कैंप को तबाह करने की कोशिश कर रही थी। पूरी घटना पर बीएसएफ ने दलील दी है कि उन्होंने अपने बचाव में फायरिंग की। उनका कहना है कि भीड़ उनके कैंप को तबाह करने की कोशिश कर रही थी।
संक्षिप्त पाठ: उधर, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कश्मीर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं और रामबन के कलेक्टर का तबादला कर दिया गया है।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम मामले के मुख्य आरोपी पूर्व संचारमंत्री ए राजा ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को बताया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नीतिगत फैसलों के बारे में जानकारी थी और अटार्नी जनरल जीई वाहनवती उनके खिलाफ सिलसिलेवार असत्य बता रहे हैं। जेपीसी के सामने निजीतौर पर पेश नहीं हो सके राजा ने समिति की प्रश्नावली के जवाब में कहा है कि प्रधानमंत्री और तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी को लाइसेंस की नीति के संबंध में जानकारी दी गई थी। राजा ने 17 पन्नों के अपने नोट में कहा है कि उनके और प्रधानमंत्री के बीच दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े अनेक मुद्दों पर 2 नवंबर, 2007 को पत्र व्यवहार हुआ था और उसके बाद इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से भी दोनों की वार्ता हुई। उन्होंने जेपीसी को 13 मार्च को भेजे अपने नोट में कहा, इन चर्चाओं में यह सहमति बनी कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तत्कालीन विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत करेंगे, क्योंकि वह स्पेक्ट्रम खाली करने पर बनाए गए मंत्रिसमूह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजा ने कहा कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के आवंटन के आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी के विषय और नए लाइसेंसों के विषय पर उनके और मुखर्जी के बीच दिसंबर, 2007 में बातचीत हुई थी। जनवरी, 2008 में आवंटन किए जाने से पहले के सिलसिलेवार घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए राजा ने कहा कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल वाहनवती भी इन वार्ताओं के दौरान मौजूद थे और दूरसंचार विवाद निवारण तथा अपीली प्राधिकरण (टीडीएसएटी) के सामने भी ये मुद्दे थे। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। जेपीसी के सामने निजीतौर पर पेश नहीं हो सके राजा ने समिति की प्रश्नावली के जवाब में कहा है कि प्रधानमंत्री और तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी को लाइसेंस की नीति के संबंध में जानकारी दी गई थी। राजा ने 17 पन्नों के अपने नोट में कहा है कि उनके और प्रधानमंत्री के बीच दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े अनेक मुद्दों पर 2 नवंबर, 2007 को पत्र व्यवहार हुआ था और उसके बाद इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से भी दोनों की वार्ता हुई। उन्होंने जेपीसी को 13 मार्च को भेजे अपने नोट में कहा, इन चर्चाओं में यह सहमति बनी कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तत्कालीन विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत करेंगे, क्योंकि वह स्पेक्ट्रम खाली करने पर बनाए गए मंत्रिसमूह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजा ने कहा कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के आवंटन के आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी के विषय और नए लाइसेंसों के विषय पर उनके और मुखर्जी के बीच दिसंबर, 2007 में बातचीत हुई थी। जनवरी, 2008 में आवंटन किए जाने से पहले के सिलसिलेवार घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए राजा ने कहा कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल वाहनवती भी इन वार्ताओं के दौरान मौजूद थे और दूरसंचार विवाद निवारण तथा अपीली प्राधिकरण (टीडीएसएटी) के सामने भी ये मुद्दे थे। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। राजा ने 17 पन्नों के अपने नोट में कहा है कि उनके और प्रधानमंत्री के बीच दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े अनेक मुद्दों पर 2 नवंबर, 2007 को पत्र व्यवहार हुआ था और उसके बाद इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से भी दोनों की वार्ता हुई। उन्होंने जेपीसी को 13 मार्च को भेजे अपने नोट में कहा, इन चर्चाओं में यह सहमति बनी कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तत्कालीन विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत करेंगे, क्योंकि वह स्पेक्ट्रम खाली करने पर बनाए गए मंत्रिसमूह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजा ने कहा कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के आवंटन के आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी के विषय और नए लाइसेंसों के विषय पर उनके और मुखर्जी के बीच दिसंबर, 2007 में बातचीत हुई थी। जनवरी, 2008 में आवंटन किए जाने से पहले के सिलसिलेवार घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए राजा ने कहा कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल वाहनवती भी इन वार्ताओं के दौरान मौजूद थे और दूरसंचार विवाद निवारण तथा अपीली प्राधिकरण (टीडीएसएटी) के सामने भी ये मुद्दे थे। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। उन्होंने जेपीसी को 13 मार्च को भेजे अपने नोट में कहा, इन चर्चाओं में यह सहमति बनी कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तत्कालीन विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी से बातचीत करेंगे, क्योंकि वह स्पेक्ट्रम खाली करने पर बनाए गए मंत्रिसमूह की अध्यक्षता कर रहे थे। राजा ने कहा कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के आवंटन के आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी के विषय और नए लाइसेंसों के विषय पर उनके और मुखर्जी के बीच दिसंबर, 2007 में बातचीत हुई थी। जनवरी, 2008 में आवंटन किए जाने से पहले के सिलसिलेवार घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए राजा ने कहा कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल वाहनवती भी इन वार्ताओं के दौरान मौजूद थे और दूरसंचार विवाद निवारण तथा अपीली प्राधिकरण (टीडीएसएटी) के सामने भी ये मुद्दे थे। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। जनवरी, 2008 में आवंटन किए जाने से पहले के सिलसिलेवार घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए राजा ने कहा कि तत्कालीन सालिसिटर जनरल वाहनवती भी इन वार्ताओं के दौरान मौजूद थे और दूरसंचार विवाद निवारण तथा अपीली प्राधिकरण (टीडीएसएटी) के सामने भी ये मुद्दे थे। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। राजा ने कहा, जाहिर है कि संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा 26.12.2007 को माननीय प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और कुछ नहीं बल्कि सालिसिटर जनरल के भेजे गए नोट और उसके बाद उनके तथा विदेशमंत्री एवं संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के बीच बातचीत को संयुक्त रूप से भेजा जाना था। राजा ने वाहनवती द्वारा जेपीसी के सामने दिए गए इस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया कि 2जी लाइसेंसों के संबंध में विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति को 2008 में एक अलग कलम से पूर्व संचार मंत्री द्वारा अंतिम समय में बदल दिया गया था। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। राजा ने कहा कि सालिसिटर जनरल ने इसी प्रेस विज्ञप्ति का दो साल तक अलग-अलग अदालतों में बचाव किया और इसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी से बातचीत के उद्देश्य से वाहनवती ने एक नोट तैयार किया था, जिसमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए ग्राहक आधार मानदंड, दोहरी प्रौद्योगिकी का विषय, स्पेक्ट्रम आवंटन का तरीका और नए दूरसंचार लाइसेंसों का मुद्दा था। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। राजा ने वाहनवती के नोट का हवाला देते हुए जेपीसी से कहा, इस तरह सरकार लंबित आवेदनों की छानबीन के लिए बाध्य थी और यदि आवेदक योग्य पाए गए तो पहले..आओ.पहले..पाओ के आधार पर लाइसेंस जारी करने के लिए बाध्य थी। राजा ने कहा कि वाहनवती के नोट के आधार पर मुखर्जी ने भी 26 दिसंबर, 2007 को अपना खुद का नोट तैयार किया और दोनों दस्तावेज प्रधानमंत्री को भेजे। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने भी मुखर्जी तथा वाहनवती से बातचीत के आधार पर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। जेपीसी के समक्ष गवाही पर अटार्नी जनरल को आड़े हाथों लेते हुए राजा ने कहा कि वाहनवती का यह दावा सही नहीं था कि वह सरकार के किसी नीतिगत फैसले में शामिल नहीं थे। मुखर्जी को भेजे गए वाहनवती के नोट में दूरसंचार विभाग की संपूर्ण नीति का सार था। राजा ने कहा कि वाहनवती की यह दलील बेकार और अविश्वसनीय है कि दूरसंचार विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनसे यह जानने के लिए संपर्क किया था कि क्या लाइसेंस के मुद्दे पर किसी अदालत में कोई स्थगन है। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। द्रमुक सांसद ने जेपीसी को बताया, यह तथ्यात्मक जानकारी भलीभांति दूरसंचार विभाग के संज्ञान में थी और नीति पर एसजी की राय पूछी जा रही थी। ‘संशोधित प्रेस विज्ञप्ति को स्वीकार किया जाता है’, इस वाक्य को फाइल में कब रिकॉर्ड किया गया था? जेपीसी के इस विशिष्ट प्रश्न के जवाब में राजा ने कहा कि वाहनवती को फाइल भेजे जाने से पहले इसे लिखा गया था। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। वाहनवती ने जेपीसी में कहा था कि 2जी लाइसेंसों से जुड़े प्रेस नोट को राजा ने आखिरी समय में एक अलग कलम से बदल दिया था। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। राजा ने कहा, दूरसंचार विभाग के अधिकारियों द्वारा रखे गए नोट पर मेरी मंजूरी और उन्हें सालिसिटर जनरल की राय लेने का निर्देश देने के बाद मेरा ध्यान इस बात पर गया कि प्रेस विज्ञप्ति के मसौदे का अंतिम पैराग्राफ फाइल पर दी गई मंजूरी और प्रधानमंत्री को पूर्व में दिए जा चुके संदेश के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा, इससे लाइसेंस प्रदान करने का पूरी तरह नया तरीका ही इजाद हो जाता। इसलिए मैंने अंतिम पैराग्राफ हटा दिया और फाइल में भी यह बात दर्ज की कि प्रेस विज्ञप्ति को संशोधित स्वरूप में स्वीकार किया जा रहा है। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि सालिसिटर जनरल को फाइल भेजे जाने से पहले मेरा नोट लिखा गया था।टिप्पणियां ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। ‘स्वीकृत’ शब्द के लिए अलग कलम के इस्तेमाल पर राजा ने दलील दी कि यह पूरी तरह मौके की बात थी कि उन्होंने दो वाक्य लिखने के लिए अपनी मेज पर रखे कई सारे पेन में से एक उठा लिया। उन्होंने कहा, इस तथ्य के आधार पर जालसाजी या मनगढ़ंत बात रचने का इतना बड़ा दावा करना बिना किसी कानून की समझ के किया गया। राजा ने यह दावा भी किया कि वाहनवती प्रेस विज्ञप्ति और उसका अंतिम पैराग्राफ हटाने के प्रभाव से जुड़े मुद्दे से 2008, 2009 में टीडीएसएटी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में अनेक वादों में निपटे थे। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया। पूर्व मंत्री ने कहा, और उन्होंने कभी कहीं यह नहीं कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति उनके द्वारा देखी गई प्रेस विज्ञप्ति से अलग थी। इसके विपरीत उन्होंने संशोधित प्रेस विज्ञप्ति का बचाव ही किया।
यह एक सारांश है: 2जी स्पेक्ट्रम मामले के मुख्य आरोपी पूर्व संचारमंत्री ए राजा ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को बताया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नीतिगत फैसलों के बारे में जानकारी थी और अटार्नी जनरल जीई वाहनवती उनके खिलाफ सिलसिलेवार असत्य बता रहे हैं।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कंपनियों के दूसरी तिमाही के बेहतर वित्तीय परिणाम और अमेरिकी शेयर बाजारों के पिछले सप्ताह सकारात्मक रुख के साथ बंद होने के मद्देनजर स्थानीय शेयर बाजारों में आने वाले दिनों में तेजी का सिलसिला बरकरार रहने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार कंपनियों के दूसरी तिमाही की बेहतर वित्तीय रपट का शेयर बाजार पर अल्पकाल में असर सकारात्मक रहेगा। इंफोसिस का परिणाम बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा है। अब निवेशकों को टीसीएस और एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनियों के परिणाम का इंतजार है, जो इस सप्ताह बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। जियोजित बीएनपी के शोध प्रमुख एलेक्स मैथ्यू ने कहा, विगत सप्ताहांत अमेरिकी शेयर बाजार के सकारात्मक रुख के साथ बंद होने, प्रमुख निगमित कंपनी आरआईएल का तिमाही परिणाम बेहतर होने से बाजार में तेजी इस सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश आंकड़ा भी बेहतर हुआ है। मैथ्यू ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस का परिणाम उम्मीद से बेहतर रहा और टीसीएस का परिणाम भी अच्छा रहने की संभावना है। इससे आईटी खंड के शेयरों में लिवाली जारी रहने की उम्मीद है। सेंसेक्स की दिग्गज कंपनी आरआईएल की घोषित दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफे में करीब 16 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई गई है। कंपनी के गैस उत्पादन में गिरावट की भरपाई तेल शोधन और पेट्रो-रसायन व्यवसाय से हो गई। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज ने एक शोध परिपत्र में कहा गया है कि दूसरी तिमाही के लिए रिलायंस के कार्यपरिणाम आय और शुद्ध मुनाफा के मोर्चे पर उम्मीद के अनुरूप रहे हैं। बोनान्जा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ शोध विश्लेषक शानू गोयल ने कहा कि सितंबर के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े घोषित होने के बाद बाजार की प्रतिक्रिया अब रिलायंस, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक जैसी महत्वपूर्ण कंपनियों के कार्यपरिणामों पर निर्भर करेगी।
यहाँ एक सारांश है:निवेशकों को टीसीएस और एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनियों के परिणाम का इंतजार है, जो इस सप्ताह बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लेग स्पिनर यासिर शाह की शानदार गेंदबाजी से पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने वाला पाकिस्तान अपनी दूसरी पारी में कैरेबियाई स्पिनर देवेंद्र बिशू के सामने लड़खड़ा गया लेकिन इसके बावजूद उसने गुलाबी गेंद से खेले जा रहे पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन रविवार को यहां वेस्टइंडीज पर अपना पलड़ा भारी रखा. अपना 17वां टेस्ट मैच खेल रहे शाह ने वेस्टइंडीज के मिगुएल कमिन्स को आउट करके 100 विकेट पूरे करके नया रिकॉर्ड बनाया. वह पाकिस्तान की तरफ से सबसे कम मैचों में इस मुकाम पर पहुंचने वाले गेंदबाज बने. शाह ने कुल 121 रन देकर पांच विकेट लिये जिससे वेस्टइंडीज की टीम 357 रन पर आउट हो गयी. पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी तीन विकेट पर 579 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी और 222 रन की बढ़त हासिल करने के बावजूद उसने कैरेबियाई टीम को फालोआन नहीं दिया. पाकिस्तान ने चौथे दिन डिनर तक अपनी दूसरी पारी में आठ विकेट पर 121 रन बनाये थे और अब उसकी कुल बढ़त 343 रन की हो गयी है. बिशू ने अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इस लेग स्पिनर ने अब तक 47 रन देकर छह विकेट लिये हैं. डिनर के समय विकेट कीपर बल्लेबाज सरफराज अहमद 15 रन पर खेल रहे थे. पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने पहली पारी में नाबाद 302 रन बनाने वाले अजहर अली (2) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिन्हें शैनोन गैब्रियल ने पगबाधा आउट किया. इसके बाद बिशू का जादू चला. उन्होंने नये बल्लेबाज असद शाफिक (5) को पगबाधा आउट करके पवेलियन भेजा. दिन का पहला सत्र शाह के नाम पर रहा जिन्होंने वेस्टइंडीज की पारी समेटने में देर नहीं लगायी. कैरेबियाई टीम ने सुबह छह विकेट पर 315 रन से आगे खेलना शुरू किया था. शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अपना 17वां टेस्ट मैच खेल रहे शाह ने वेस्टइंडीज के मिगुएल कमिन्स को आउट करके 100 विकेट पूरे करके नया रिकॉर्ड बनाया. वह पाकिस्तान की तरफ से सबसे कम मैचों में इस मुकाम पर पहुंचने वाले गेंदबाज बने. शाह ने कुल 121 रन देकर पांच विकेट लिये जिससे वेस्टइंडीज की टीम 357 रन पर आउट हो गयी. पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी तीन विकेट पर 579 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी और 222 रन की बढ़त हासिल करने के बावजूद उसने कैरेबियाई टीम को फालोआन नहीं दिया. पाकिस्तान ने चौथे दिन डिनर तक अपनी दूसरी पारी में आठ विकेट पर 121 रन बनाये थे और अब उसकी कुल बढ़त 343 रन की हो गयी है. बिशू ने अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इस लेग स्पिनर ने अब तक 47 रन देकर छह विकेट लिये हैं. डिनर के समय विकेट कीपर बल्लेबाज सरफराज अहमद 15 रन पर खेल रहे थे. पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने पहली पारी में नाबाद 302 रन बनाने वाले अजहर अली (2) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिन्हें शैनोन गैब्रियल ने पगबाधा आउट किया. इसके बाद बिशू का जादू चला. उन्होंने नये बल्लेबाज असद शाफिक (5) को पगबाधा आउट करके पवेलियन भेजा. दिन का पहला सत्र शाह के नाम पर रहा जिन्होंने वेस्टइंडीज की पारी समेटने में देर नहीं लगायी. कैरेबियाई टीम ने सुबह छह विकेट पर 315 रन से आगे खेलना शुरू किया था. शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी तीन विकेट पर 579 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी और 222 रन की बढ़त हासिल करने के बावजूद उसने कैरेबियाई टीम को फालोआन नहीं दिया. पाकिस्तान ने चौथे दिन डिनर तक अपनी दूसरी पारी में आठ विकेट पर 121 रन बनाये थे और अब उसकी कुल बढ़त 343 रन की हो गयी है. बिशू ने अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इस लेग स्पिनर ने अब तक 47 रन देकर छह विकेट लिये हैं. डिनर के समय विकेट कीपर बल्लेबाज सरफराज अहमद 15 रन पर खेल रहे थे. पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने पहली पारी में नाबाद 302 रन बनाने वाले अजहर अली (2) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिन्हें शैनोन गैब्रियल ने पगबाधा आउट किया. इसके बाद बिशू का जादू चला. उन्होंने नये बल्लेबाज असद शाफिक (5) को पगबाधा आउट करके पवेलियन भेजा. दिन का पहला सत्र शाह के नाम पर रहा जिन्होंने वेस्टइंडीज की पारी समेटने में देर नहीं लगायी. कैरेबियाई टीम ने सुबह छह विकेट पर 315 रन से आगे खेलना शुरू किया था. शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने पहली पारी में नाबाद 302 रन बनाने वाले अजहर अली (2) का विकेट जल्दी गंवा दिया जिन्हें शैनोन गैब्रियल ने पगबाधा आउट किया. इसके बाद बिशू का जादू चला. उन्होंने नये बल्लेबाज असद शाफिक (5) को पगबाधा आउट करके पवेलियन भेजा. दिन का पहला सत्र शाह के नाम पर रहा जिन्होंने वेस्टइंडीज की पारी समेटने में देर नहीं लगायी. कैरेबियाई टीम ने सुबह छह विकेट पर 315 रन से आगे खेलना शुरू किया था. शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिन का पहला सत्र शाह के नाम पर रहा जिन्होंने वेस्टइंडीज की पारी समेटने में देर नहीं लगायी. कैरेबियाई टीम ने सुबह छह विकेट पर 315 रन से आगे खेलना शुरू किया था. शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शाह सबसे कम मैचों में 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गये. इंग्लैंड के मध्यम गति के गेंदबाज जार्ज लोहमान ने 1896 में 16 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिये थे और यह आज भी विश्व रिकॉर्ड है. ऑस्‍ट्रेलिया के चार्ली टर्नर और क्लेरी ग्रिमेट तथा इंग्लैंड के सिडनी बर्न्‍स ने 17वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी.टिप्पणियां अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अक्‍टूबर 2014 में पदार्पण करने वाले शाह ने ऑफ स्पिनर सईद अजमल के पाकिस्तानी रिकॉर्ड को तोड़ा जिन्होंने 19 मैचों में 100 विकेट पूरे किये थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के शनिवार के अविजित बल्लेबाजों शेन डोरिच (32) और जैसन होल्डर (20) को आउट किया जबकि बिशू (17) को मोहम्मद नवाज ने पवेलियन भेजा. नवाज और वहाब रियाज ने दो-दो विकेट लिये.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:17वें टेस्‍ट में यासिर शाह ने लिए 100 विकेट सबसे कम मैचों में इसे हासिल करने वाले पहले पाक गेंदबाज गुलाबी गेंद से खेला जा रहा पहला टेस्‍ट क्रिकेट
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के उस मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली जिसमें कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और पांच अन्य आरोपी हैं। अदालत इस प्रकरण में फैसला बाद में सुनाएगी।टिप्पणियां जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन ने इस मामले में अंतिम दलीलों के पूरा होने के बाद इस विषय पर स्पष्टीकरण के लिए 16 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। सीबीआई या छह आरोपी यदि चाहे तो उस दिन कोई स्पष्टीकरण दे सकते हैं। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘फैसला सुरक्षित रखा जाता है। यदि कोई स्पष्टीकरण हो, तो 16 अप्रैल को दिया जा सकेगा।’’ जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन ने इस मामले में अंतिम दलीलों के पूरा होने के बाद इस विषय पर स्पष्टीकरण के लिए 16 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। सीबीआई या छह आरोपी यदि चाहे तो उस दिन कोई स्पष्टीकरण दे सकते हैं। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘फैसला सुरक्षित रखा जाता है। यदि कोई स्पष्टीकरण हो, तो 16 अप्रैल को दिया जा सकेगा।’’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘फैसला सुरक्षित रखा जाता है। यदि कोई स्पष्टीकरण हो, तो 16 अप्रैल को दिया जा सकेगा।’’
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के उस मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली जिसमें कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और पांच अन्य आरोपी हैं। अदालत इस प्रकरण में फैसला बाद में सुनाएगी।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज 4-0 से जीतने के साथ 2016 का अंत दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम के रूप में किया. भारत ने मंगलवार को पांचवां और अंतिम टेस्ट पारी और 75 रन से जीता. सीरीज जीतकर भारत को पांच अंक मिले और 2016 के अंतिम टेस्ट टीम रैंकिंग अपडेट में अब उसके 120 अंक हो गए हैं. भारत ने दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया पर 15 अंक की बढ़त बना रखी है. इसके विपरीत इंग्लैंड ने सीरीज की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के बराबर 105 अंक से की थी लेकिन दशमलव अंक तक गणना करने पर दूसरे स्थान पर था. एलिस्टेयर कुक की अगुआई वाली इंग्लैंड की टीम हालांकि इस हार के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गई है. टीम के 101 अंक हैं जो पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से एक अंक कम है. पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका दोनों के 102 अंक हैं लेकिन दशमलव अंक तक गणना करने पर पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है. आईसीसी वाषिर्क नकद पुरस्कारों की एक अप्रैल 2017 की कट ऑफ तारीख अब अधिक दूर नहीं है और दूसरे से पांचवें स्थान की टीम के बीच सिर्फ चार अंक का अंतर है. एक अप्रैल 2017 को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली टीम को 10 लाख डालर, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को पांच लाख डालर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमश: दो और एक लाख डालर मिलेंगे. टिप्पणियां आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग के लिए यह साल काफी रोमांचक रहा जिसमें 21 अगस्त से 11 अक्तूबर के बीच ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और भारत शीर्ष पर पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 के स्वीप के बाद आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस हासिल करने वाली विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को इस साल रैंकिंग में पछाड़ा नहीं जा सकता क्योंकि रैंकिंग प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में ही अपडेट होती है. ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट तीन से सात जनवरी तक सिडनी में खेला जाना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया पर 15 अंक की बढ़त बना रखी है. इसके विपरीत इंग्लैंड ने सीरीज की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के बराबर 105 अंक से की थी लेकिन दशमलव अंक तक गणना करने पर दूसरे स्थान पर था. एलिस्टेयर कुक की अगुआई वाली इंग्लैंड की टीम हालांकि इस हार के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गई है. टीम के 101 अंक हैं जो पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से एक अंक कम है. पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका दोनों के 102 अंक हैं लेकिन दशमलव अंक तक गणना करने पर पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है. आईसीसी वाषिर्क नकद पुरस्कारों की एक अप्रैल 2017 की कट ऑफ तारीख अब अधिक दूर नहीं है और दूसरे से पांचवें स्थान की टीम के बीच सिर्फ चार अंक का अंतर है. एक अप्रैल 2017 को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली टीम को 10 लाख डालर, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को पांच लाख डालर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमश: दो और एक लाख डालर मिलेंगे. टिप्पणियां आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग के लिए यह साल काफी रोमांचक रहा जिसमें 21 अगस्त से 11 अक्तूबर के बीच ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और भारत शीर्ष पर पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 के स्वीप के बाद आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस हासिल करने वाली विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को इस साल रैंकिंग में पछाड़ा नहीं जा सकता क्योंकि रैंकिंग प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में ही अपडेट होती है. ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट तीन से सात जनवरी तक सिडनी में खेला जाना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टीम के 101 अंक हैं जो पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से एक अंक कम है. पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका दोनों के 102 अंक हैं लेकिन दशमलव अंक तक गणना करने पर पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है. आईसीसी वाषिर्क नकद पुरस्कारों की एक अप्रैल 2017 की कट ऑफ तारीख अब अधिक दूर नहीं है और दूसरे से पांचवें स्थान की टीम के बीच सिर्फ चार अंक का अंतर है. एक अप्रैल 2017 को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली टीम को 10 लाख डालर, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को पांच लाख डालर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमश: दो और एक लाख डालर मिलेंगे. टिप्पणियां आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग के लिए यह साल काफी रोमांचक रहा जिसमें 21 अगस्त से 11 अक्तूबर के बीच ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और भारत शीर्ष पर पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 के स्वीप के बाद आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस हासिल करने वाली विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को इस साल रैंकिंग में पछाड़ा नहीं जा सकता क्योंकि रैंकिंग प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में ही अपडेट होती है. ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट तीन से सात जनवरी तक सिडनी में खेला जाना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अप्रैल 2017 को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली टीम को 10 लाख डालर, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को पांच लाख डालर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमश: दो और एक लाख डालर मिलेंगे. टिप्पणियां आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग के लिए यह साल काफी रोमांचक रहा जिसमें 21 अगस्त से 11 अक्तूबर के बीच ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और भारत शीर्ष पर पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 के स्वीप के बाद आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस हासिल करने वाली विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को इस साल रैंकिंग में पछाड़ा नहीं जा सकता क्योंकि रैंकिंग प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में ही अपडेट होती है. ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट तीन से सात जनवरी तक सिडनी में खेला जाना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग के लिए यह साल काफी रोमांचक रहा जिसमें 21 अगस्त से 11 अक्तूबर के बीच ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और भारत शीर्ष पर पहुंचे. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 के स्वीप के बाद आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस हासिल करने वाली विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को इस साल रैंकिंग में पछाड़ा नहीं जा सकता क्योंकि रैंकिंग प्रत्येक टेस्ट सीरीज के अंत में ही अपडेट होती है. ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट तीन से सात जनवरी तक सिडनी में खेला जाना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
2016 के अंतिम टेस्ट टीम रैंकिंग अपडेट में भारत के 120 अंक भारत ने दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया पर 15 अंक की बढ़त बनाई इंग्लैंड की टीम मौजूदा सीरीज गंवाने के बाद पांचवें स्थान पर खिसक गई है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) कांग्रेस के युवा नेताओं में से एक हैं, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का करीबी माना जाता है. उनके पिता जितेन्द्र प्रसाद भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी(1991) और पी.वी.नरसिम्हा राव (1994) के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. जितेन्द्र प्रसाद यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, ऐसे में जितिन प्रसाद का राजनीति में आना लाजमी था. जितिन प्रसाद का जन्म  29 नवंबर 1973 को यूपी के शाहजहांपुर में हुआ. उन्होंने अपनी पढ़ाई देहरादून के दून स्कूल से की. फिर वह दिल्ली चले गए और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स किया. बीकॉम करने के बाद उन्होंने आईएमआई नई दिल्ली से एमबीए किया. जितिन के दादा ज्योति प्रसाद कांग्रेस के नेता थे और उनकी दादी पामेला प्रसाद कपूरथला के रॉयल सिख परिवार से थीं. फरवरी 2010 में जितिन प्रसाद ने पूर्व पत्रकार नेहा सेठ से शादी की. जितिन प्रसाद ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत साल 2001 में की थी. इस दौरान वह भारतीय युवा कांग्रेस में सचिव बने थे. इसके बाद 2004 में उन्‍होंने अपने गृह लोकसभा सीट शाहजहांपुर से 14वीं लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. साल 2008 में पहली बार जितिन प्रसाद केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री नियुक्त किए गए. इसके बाद 2009 में जितिन प्रसाद ने धौरहरा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वह 2009- 18 जनवरी 2001 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, 19 जनवरी 2011- 28 अक्टूबर 2012 तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और 28 अक्टूबर 2012 - मई 2014 तक मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय संभाल चुके हैं. यूपीए सरकार में वह केन्द्रीय राज्यमंत्री रह चुके हैं. 2019 के लोकसभा चुनावों में जितिन प्रसाद एक बार फिर धौरहरा से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.
यह एक सारांश है: पिता जितेंद्र प्रसाद पूर्व पीएम राजीव गांधी के सलाहकार थे बीकॉम ऑनर्स के बाद दिल्ली से किया था एमबीए 2001 में बने थे भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर जिस तरह सरींना होटल के बाहर प्रोटेस्ट हो रहे थे उसे लेकर भी गृह मंत्रालय विचार कर रहा है। एक अधिकारी, जो डेलिगेशन का हिस्सा थे, ने बताया कि "जितने जुलूस निकाले गए, चाहे कराची में, लाहौर में या फिर इस्लामाबाद में, सबको पाकिस्तान सरकार का समर्थन था. नहीं तो वे सब बंद करवा सकते थे."  टिप्पणियां जहां तक सईद सलाउद्दीन और हाफिज सईद के भारत और गृह मंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों का सवाल है तो गृह मंत्रालय उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा है। गृह मंत्रालय का मानना है कि "ठीक है वे खुले घूम रहे थे, लेकिन यह सब जानते हैं कि वे पाकिस्तान में हैं और वहां की सरकार उनके खिलाफ कोई कर्रवाई नहीं करती, क्योंकि पाकिस्तान उन्हें आतंकवादी ही नहीं मानता." वैसे गृह सचिव को भारत आते ही बुखार आ गया लेकिन फिर किस शख्स की तबियत खराब नहीं होगी अगर उसे खाना नहीं मिलेगा. और पाकिस्तान का जो रवैया या वातावरण था, वह मिलेगा. जहां तक सईद सलाउद्दीन और हाफिज सईद के भारत और गृह मंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों का सवाल है तो गृह मंत्रालय उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा है। गृह मंत्रालय का मानना है कि "ठीक है वे खुले घूम रहे थे, लेकिन यह सब जानते हैं कि वे पाकिस्तान में हैं और वहां की सरकार उनके खिलाफ कोई कर्रवाई नहीं करती, क्योंकि पाकिस्तान उन्हें आतंकवादी ही नहीं मानता." वैसे गृह सचिव को भारत आते ही बुखार आ गया लेकिन फिर किस शख्स की तबियत खराब नहीं होगी अगर उसे खाना नहीं मिलेगा. और पाकिस्तान का जो रवैया या वातावरण था, वह मिलेगा. वैसे गृह सचिव को भारत आते ही बुखार आ गया लेकिन फिर किस शख्स की तबियत खराब नहीं होगी अगर उसे खाना नहीं मिलेगा. और पाकिस्तान का जो रवैया या वातावरण था, वह मिलेगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हमें जो कहना था पाकिस्तान में कह दिया, कल संसद में बताऊंगा : राजनाथ राजनाथ सिंह दिल्ली पहुंचते ही सीधे प्रधानमंत्री से मिले नॉर्थ ब्लाक में पाकिस्तान में चले घटनाक्रम की समीक्षा
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभियान की जानकारी लीक होने की आशंका के चलते अमेरिका ने इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के खिलाफ चलाए गए अपने अभियान की जानकारी पाकिस्तान को नहीं दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बयान दिया है। इस अभियान में लादेन मारा जा चुका है। अमेरिकी अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान समेत किसी भी अन्य देश को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने साथ ही कहा कि इस प्रकार के अभियान में जानकारी केवल कुछ ही लोगों तक सीमित रखी जाती है और इस मामले में भी यही किया गया। अधिकारी ने व्हाइट हाउस संवाददाताओं को बताया कि 40 मिनट तक चले इस सफल अभियान को दो अमेरिकी हेलिकाप्टरों के जरिए अंजाम दिया गया। इस अभियान में ओसामा बिन लादेन के अलावा तीन पुरुष तथा एक महिला मारी गई। तकनीकी खराबी के कारण एक हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन इस अभियान में अमेरिकी विशेष बलों की ओर कोई हताहत नहीं हुआ।  बिन लादेन के मारे जाने की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में अमेरिका से सहयोग करने को कहा। ओबामा ने टेलीविजन पर अपने सीधे प्रसारण में कहा, आगे बढ़ते हुए, यह आवश्यक है कि पाकिस्तान अल-कायदा तथा उसके सहयोगियों के खिलाफ हमारी लड़ाई में बना रहे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी अधिकारी ने बताया, पाकिस्तान समेत किसी भी अन्य देश को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सहारा फोर्स इंडिया ने मंगलवार को कहा कि टीम में दो युवा ड्राइवरों की मौजूदगी से 2012 के फार्मूला वन सत्र में प्रदर्शन अच्छा होगा।टिप्पणियां फोर्स इंडिया ने युवा जर्मन ड्राइवर निको हुल्केनबर्ग को एड्रियन सुटिल की जगह दी है। पिछले सत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्काटलैंड के पाल डि रेस्टा दूसरे ड्राइवर हैं। सत्र की पहली ऑस्ट्रेलियाई ग्रां प्री रविवार को मेलबर्न में होगी। टीम प्रिंसिपल विजय माल्या ने कहा, ‘मैं इस साल टीम से बहुत खुश हूं। निको और पाल अच्छे प्रदर्शन को लालायित है। टीम में स्वस्थ प्रतिद्वंद्विता है जो अच्छे प्रदर्शन को प्रेरित करेगी।’’ उन्होंने सत्र के लिये तैयार नयी कार पर भी संतोष जताया। फोर्स इंडिया ने युवा जर्मन ड्राइवर निको हुल्केनबर्ग को एड्रियन सुटिल की जगह दी है। पिछले सत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्काटलैंड के पाल डि रेस्टा दूसरे ड्राइवर हैं। सत्र की पहली ऑस्ट्रेलियाई ग्रां प्री रविवार को मेलबर्न में होगी। टीम प्रिंसिपल विजय माल्या ने कहा, ‘मैं इस साल टीम से बहुत खुश हूं। निको और पाल अच्छे प्रदर्शन को लालायित है। टीम में स्वस्थ प्रतिद्वंद्विता है जो अच्छे प्रदर्शन को प्रेरित करेगी।’’ उन्होंने सत्र के लिये तैयार नयी कार पर भी संतोष जताया। टीम प्रिंसिपल विजय माल्या ने कहा, ‘मैं इस साल टीम से बहुत खुश हूं। निको और पाल अच्छे प्रदर्शन को लालायित है। टीम में स्वस्थ प्रतिद्वंद्विता है जो अच्छे प्रदर्शन को प्रेरित करेगी।’’ उन्होंने सत्र के लिये तैयार नयी कार पर भी संतोष जताया।
यह एक सारांश है: सहारा फोर्स इंडिया ने मंगलवार को कहा कि टीम में दो युवा ड्राइवरों की मौजूदगी से 2012 के फार्मूला वन सत्र में प्रदर्शन अच्छा होगा।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका निवासी एक कारोबारी इकबाल मीर शर्मा तथा उनके ससुर के साथ कोलाबा में एक लग्जरी होटल में झगड़ा करने की घटना के 10 महीने बाद मुंबई पुलिस ने इस मामले में अभिनेता सैफ अली खान तथा उनके दो सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त रविन्द्र शिशवे ने बताया, कोलाबा पुलिस थाने में गुरुवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में सैफ के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि सैफ तथा उनके दो दोस्तों - शकील लडाक और बिलाल अमरोही पर भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने आरोपपत्र में 29 लोगों के बयान जोड़े हैं। ताज होटल के वसाबी रेस्त्रां में 22 फरवरी को सैफ तथा उनके दोस्तों को शर्मा की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। इन तीनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां जिस समय झगड़ा हुआ, उस समय 42-वर्षीय सैफ, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा खान, अमृता अरोड़ा तथा कुछ अन्य दोस्तों के साथ रेस्त्रां में थे। पुलिस के अनुसार, जब शर्मा ने सैफ तथा उनके दोस्तों द्वारा किए जा रहे हंगामे और शोर-शराबे पर आपत्ति जताई, तो सैफ ने कथित रूप से उसे धमकी दी और झगड़ा बढ़ने पर शर्मा की नाक पर मुक्का मारा। इससे शर्मा की नाक टूट गई थी। अप्रवासी भारतीय ने यह भी आरोप लगाया था कि सैफ तथा उनके दोस्तों ने उनके ससुर रमन पटेल पर भी हमला किया, लेकिन सैफ का कहना है कि शर्मा ने उनकी महिला मित्रों के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त रविन्द्र शिशवे ने बताया, कोलाबा पुलिस थाने में गुरुवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में सैफ के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि सैफ तथा उनके दो दोस्तों - शकील लडाक और बिलाल अमरोही पर भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने आरोपपत्र में 29 लोगों के बयान जोड़े हैं। ताज होटल के वसाबी रेस्त्रां में 22 फरवरी को सैफ तथा उनके दोस्तों को शर्मा की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। इन तीनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां जिस समय झगड़ा हुआ, उस समय 42-वर्षीय सैफ, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा खान, अमृता अरोड़ा तथा कुछ अन्य दोस्तों के साथ रेस्त्रां में थे। पुलिस के अनुसार, जब शर्मा ने सैफ तथा उनके दोस्तों द्वारा किए जा रहे हंगामे और शोर-शराबे पर आपत्ति जताई, तो सैफ ने कथित रूप से उसे धमकी दी और झगड़ा बढ़ने पर शर्मा की नाक पर मुक्का मारा। इससे शर्मा की नाक टूट गई थी। अप्रवासी भारतीय ने यह भी आरोप लगाया था कि सैफ तथा उनके दोस्तों ने उनके ससुर रमन पटेल पर भी हमला किया, लेकिन सैफ का कहना है कि शर्मा ने उनकी महिला मित्रों के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। पुलिस ने आरोपपत्र में 29 लोगों के बयान जोड़े हैं। ताज होटल के वसाबी रेस्त्रां में 22 फरवरी को सैफ तथा उनके दोस्तों को शर्मा की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। इन तीनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।टिप्पणियां जिस समय झगड़ा हुआ, उस समय 42-वर्षीय सैफ, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा खान, अमृता अरोड़ा तथा कुछ अन्य दोस्तों के साथ रेस्त्रां में थे। पुलिस के अनुसार, जब शर्मा ने सैफ तथा उनके दोस्तों द्वारा किए जा रहे हंगामे और शोर-शराबे पर आपत्ति जताई, तो सैफ ने कथित रूप से उसे धमकी दी और झगड़ा बढ़ने पर शर्मा की नाक पर मुक्का मारा। इससे शर्मा की नाक टूट गई थी। अप्रवासी भारतीय ने यह भी आरोप लगाया था कि सैफ तथा उनके दोस्तों ने उनके ससुर रमन पटेल पर भी हमला किया, लेकिन सैफ का कहना है कि शर्मा ने उनकी महिला मित्रों के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। जिस समय झगड़ा हुआ, उस समय 42-वर्षीय सैफ, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा खान, अमृता अरोड़ा तथा कुछ अन्य दोस्तों के साथ रेस्त्रां में थे। पुलिस के अनुसार, जब शर्मा ने सैफ तथा उनके दोस्तों द्वारा किए जा रहे हंगामे और शोर-शराबे पर आपत्ति जताई, तो सैफ ने कथित रूप से उसे धमकी दी और झगड़ा बढ़ने पर शर्मा की नाक पर मुक्का मारा। इससे शर्मा की नाक टूट गई थी। अप्रवासी भारतीय ने यह भी आरोप लगाया था कि सैफ तथा उनके दोस्तों ने उनके ससुर रमन पटेल पर भी हमला किया, लेकिन सैफ का कहना है कि शर्मा ने उनकी महिला मित्रों के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। अप्रवासी भारतीय ने यह भी आरोप लगाया था कि सैफ तथा उनके दोस्तों ने उनके ससुर रमन पटेल पर भी हमला किया, लेकिन सैफ का कहना है कि शर्मा ने उनकी महिला मित्रों के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ।
संक्षिप्त सारांश: एक कारोबारी और उसके ससुर के साथ होटल में झगड़ा करने की घटना के 10 महीने बाद मुंबई पुलिस ने सैफ अली खान तथा उनके दो सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सत्य साईं के अंतिम दर्शन के लिए मंगलवार को पुट्टपर्थी जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार को दोपहर 12 बजे के आसपास पुट्टपर्थी पहुंचेंगे और वहां करीब 30 मिनट तक रुकेंगे। इसके लिए सुरक्षा इंतज़ाम कड़े किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एसपीजी पुट्टपर्थी पहुंच चुकी है। वो प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा इंतज़ाम अपने हाथों में लेगी। सत्य साईं के पार्थिव शरीर को कुलवंत हॉल में रखा गया है जहां दो दिनों तक आम भक्त उनके अंतिम दर्शन करेंगे। इसके बाद बुधवार को बाबा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले कई दिनों से बीमार सत्य साईं बाबा का रविवार सुबह निधन हो गया। इसके बाद से बड़े नेताओं और हस्तियों का पुट्टपर्थी पहुंचना जारी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, तमिलनाडु के उप−मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और अभिनेता से नेता बने चिरंजीवी ने रविवार को सत्य साईं के अंतिम दर्शन किए। इस बीच आंध्र प्रदेश में चार दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है।
संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सत्य साईं के अंतिम दर्शन के लिए पुट्टपर्थी जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार दोपहर 12 बजे पुट्टपर्थी पहुंचेंगे।
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['hin']