inputs stringlengths 800 163k | targets stringlengths 20 291 | template_id int64 0 34 | template_lang stringclasses 1 value |
|---|---|---|---|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार पीए संगमा ने यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ लाभ के दो और पदों पर अभी तक काबिज रहने के नए आरोप लगाते हुए उनकी उम्मीदवारी के सिलसिले में जताई गई आपत्तियों की फिर से जांच के लिए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनकी शिकायत को खारिज किए जाने पर असंतोष जाहिर करते हुए संगमा की ओर से तीन सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने उन्हें अपनी मांग के बारे में लिखित रूप में सोमवार शाम तक दलील पेश करने का वक्त दिया है।
बैठक के बाद जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दावा किया कि मुखर्जी 'वीरभूम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' के उपाध्यक्ष और 'रवीन्द्र भारती सोसाइटी' के अध्यक्ष के तौर पर लाभ के दो और पदों पर अब भी काबिज हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात की और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। संविधान चुनाव आयोग को चुनाव कराने में हस्तक्षेप करने की इजाजत देता है।
स्वामी ने कहा, यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है। चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि क्या नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं। चुनाव आयोग को अंतिम फैसला करने दीजिए। प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन और उनके चुनाव एजेंट भर्तृहरि महताब भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) से मुखर्जी के इस्तीफे पर उनके हस्ताक्षर का मुद्दा उठाया।
राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनकी शिकायत को खारिज किए जाने पर असंतोष जाहिर करते हुए संगमा की ओर से तीन सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने उन्हें अपनी मांग के बारे में लिखित रूप में सोमवार शाम तक दलील पेश करने का वक्त दिया है।
बैठक के बाद जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दावा किया कि मुखर्जी 'वीरभूम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' के उपाध्यक्ष और 'रवीन्द्र भारती सोसाइटी' के अध्यक्ष के तौर पर लाभ के दो और पदों पर अब भी काबिज हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात की और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। संविधान चुनाव आयोग को चुनाव कराने में हस्तक्षेप करने की इजाजत देता है।
स्वामी ने कहा, यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है। चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि क्या नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं। चुनाव आयोग को अंतिम फैसला करने दीजिए। प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन और उनके चुनाव एजेंट भर्तृहरि महताब भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) से मुखर्जी के इस्तीफे पर उनके हस्ताक्षर का मुद्दा उठाया।
बैठक के बाद जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दावा किया कि मुखर्जी 'वीरभूम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' के उपाध्यक्ष और 'रवीन्द्र भारती सोसाइटी' के अध्यक्ष के तौर पर लाभ के दो और पदों पर अब भी काबिज हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात की और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। संविधान चुनाव आयोग को चुनाव कराने में हस्तक्षेप करने की इजाजत देता है।
स्वामी ने कहा, यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है। चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि क्या नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं। चुनाव आयोग को अंतिम फैसला करने दीजिए। प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन और उनके चुनाव एजेंट भर्तृहरि महताब भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) से मुखर्जी के इस्तीफे पर उनके हस्ताक्षर का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात की और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। संविधान चुनाव आयोग को चुनाव कराने में हस्तक्षेप करने की इजाजत देता है।
स्वामी ने कहा, यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है। चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि क्या नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं। चुनाव आयोग को अंतिम फैसला करने दीजिए। प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन और उनके चुनाव एजेंट भर्तृहरि महताब भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) से मुखर्जी के इस्तीफे पर उनके हस्ताक्षर का मुद्दा उठाया।
स्वामी ने कहा, यहां धोखाधड़ी का मुद्दा है। चुनाव आयोग को यह फैसला करने दीजिए कि क्या नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी हुई है या नहीं। चुनाव आयोग को अंतिम फैसला करने दीजिए। प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता और संगमा के वकील सत्यपाल जैन और उनके चुनाव एजेंट भर्तृहरि महताब भी शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) से मुखर्जी के इस्तीफे पर उनके हस्ताक्षर का मुद्दा उठाया। | यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार पीए संगमा ने यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ लाभ के दो और पदों पर अभी तक काबिज रहने के नए आरोप लगाए हैं। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। निचली अदालत के फैसले में कुमार पर यहां सुल्तानपुरी इलाके में छह लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किए जाने का आदेश दिया गया था।
न्यायाधीश सुरेश कैत ने दंगा भड़काने, हत्या और सम्पत्ति नष्ट किए जाने के आरोपी कुमार की याचिका खारिज कर दी और उनके खिलाफ सुनवाई का आदेश दिया।टिप्पणियां
कुमार ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें जुलाई 2010 में पांच आरोपियों सहित उन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हुई हत्या के बाद छह लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किए गए थे।
न्यायाधीश कैत ने शिकायतकर्ता शीला कौर की सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों पर अपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किए जाने की अपील भी खारिज कर दी।
न्यायाधीश सुरेश कैत ने दंगा भड़काने, हत्या और सम्पत्ति नष्ट किए जाने के आरोपी कुमार की याचिका खारिज कर दी और उनके खिलाफ सुनवाई का आदेश दिया।टिप्पणियां
कुमार ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें जुलाई 2010 में पांच आरोपियों सहित उन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हुई हत्या के बाद छह लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किए गए थे।
न्यायाधीश कैत ने शिकायतकर्ता शीला कौर की सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों पर अपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किए जाने की अपील भी खारिज कर दी।
कुमार ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें जुलाई 2010 में पांच आरोपियों सहित उन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को हुई हत्या के बाद छह लोगों की हत्या के मामले में आरोप तय किए गए थे।
न्यायाधीश कैत ने शिकायतकर्ता शीला कौर की सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों पर अपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किए जाने की अपील भी खारिज कर दी।
न्यायाधीश कैत ने शिकायतकर्ता शीला कौर की सज्जन कुमार और अन्य आरोपियों पर अपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किए जाने की अपील भी खारिज कर दी। | न्यायाधीश सुरेश कैत ने दंगा भड़काने, हत्या और सम्पत्ति नष्ट किए जाने के आरोपी कुमार की याचिका खारिज कर दी और उनके खिलाफ सुनवाई का आदेश दिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने पाकिस्तान के शहर लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावास में से सभी गैर जरूरी कर्मचारियों को दूतावास पर आतंकवादी हमले के खतरे के मद्देनजर वहां से हटा लिया है।
अमेरिका ने इसके साथ ही अपने सभी नागरिकों को पाकिस्तान की अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए परामर्श जारी किया है। अल कायदा के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अलर्ट के मद्देनजर यह परामर्श जारी किया गया है।
विदेश विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, आज विदेश विभाग ने हमारे पाकिस्तान के लाहौर स्थित वाणिज्य दूतावास से गैर जरूरी कर्मचारियों को निकालने के आदेश दिए हैं। हम लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के खिलाफ आतंकवादी हमले की विशिष्ट चिंताओं के चलते यह कदम उठा रहे हैं।
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि विदेश विभाग अपने कर्मचारियों और दूतावास में आने जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यात्रा परामर्श भी जारी किया है। कई विदेशी और स्थानीय आतंकवादी समूहों की ओर से पूरे पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को खतरे की आशंका के मद्देनजर यात्रा परामर्श में उन सभी से पाकिस्तान की गैर जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि यात्रा चेतावनी के बावजूद लाहौर में बने रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चाहिए कि वे देश के भीतर गैर जरूरी आवाजाही से बचें, अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें, अपनी खुद की आपात योजना बनाएं, स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के माध्यम से पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यात्रा परामर्श के अनुसार, देशभर में असैनिक सरकारी और विदेशी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अक्सर आतंकवादी हमले होते रहते हैं।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
अमेरिका ने इसके साथ ही अपने सभी नागरिकों को पाकिस्तान की अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए परामर्श जारी किया है। अल कायदा के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अलर्ट के मद्देनजर यह परामर्श जारी किया गया है।
विदेश विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, आज विदेश विभाग ने हमारे पाकिस्तान के लाहौर स्थित वाणिज्य दूतावास से गैर जरूरी कर्मचारियों को निकालने के आदेश दिए हैं। हम लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के खिलाफ आतंकवादी हमले की विशिष्ट चिंताओं के चलते यह कदम उठा रहे हैं।
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि विदेश विभाग अपने कर्मचारियों और दूतावास में आने जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यात्रा परामर्श भी जारी किया है। कई विदेशी और स्थानीय आतंकवादी समूहों की ओर से पूरे पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को खतरे की आशंका के मद्देनजर यात्रा परामर्श में उन सभी से पाकिस्तान की गैर जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि यात्रा चेतावनी के बावजूद लाहौर में बने रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चाहिए कि वे देश के भीतर गैर जरूरी आवाजाही से बचें, अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें, अपनी खुद की आपात योजना बनाएं, स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के माध्यम से पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यात्रा परामर्श के अनुसार, देशभर में असैनिक सरकारी और विदेशी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अक्सर आतंकवादी हमले होते रहते हैं।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
विदेश विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, आज विदेश विभाग ने हमारे पाकिस्तान के लाहौर स्थित वाणिज्य दूतावास से गैर जरूरी कर्मचारियों को निकालने के आदेश दिए हैं। हम लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के खिलाफ आतंकवादी हमले की विशिष्ट चिंताओं के चलते यह कदम उठा रहे हैं।
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि विदेश विभाग अपने कर्मचारियों और दूतावास में आने जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यात्रा परामर्श भी जारी किया है। कई विदेशी और स्थानीय आतंकवादी समूहों की ओर से पूरे पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को खतरे की आशंका के मद्देनजर यात्रा परामर्श में उन सभी से पाकिस्तान की गैर जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि यात्रा चेतावनी के बावजूद लाहौर में बने रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चाहिए कि वे देश के भीतर गैर जरूरी आवाजाही से बचें, अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें, अपनी खुद की आपात योजना बनाएं, स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के माध्यम से पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यात्रा परामर्श के अनुसार, देशभर में असैनिक सरकारी और विदेशी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अक्सर आतंकवादी हमले होते रहते हैं।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि विदेश विभाग अपने कर्मचारियों और दूतावास में आने जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यात्रा परामर्श भी जारी किया है। कई विदेशी और स्थानीय आतंकवादी समूहों की ओर से पूरे पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को खतरे की आशंका के मद्देनजर यात्रा परामर्श में उन सभी से पाकिस्तान की गैर जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि यात्रा चेतावनी के बावजूद लाहौर में बने रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चाहिए कि वे देश के भीतर गैर जरूरी आवाजाही से बचें, अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें, अपनी खुद की आपात योजना बनाएं, स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के माध्यम से पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यात्रा परामर्श के अनुसार, देशभर में असैनिक सरकारी और विदेशी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अक्सर आतंकवादी हमले होते रहते हैं।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि यात्रा चेतावनी के बावजूद लाहौर में बने रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को चाहिए कि वे देश के भीतर गैर जरूरी आवाजाही से बचें, अपने आसपास के बारे में सतर्क रहें, अपनी खुद की आपात योजना बनाएं, स्मार्ट ट्रेवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) के माध्यम से पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यात्रा परामर्श के अनुसार, देशभर में असैनिक सरकारी और विदेशी प्रतिष्ठानों के खिलाफ अक्सर आतंकवादी हमले होते रहते हैं।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
इसमें कहा गया है, हमलों में उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार प्रमुख शहरों समेत देश भर में उच्च सुरक्षा बरतती है। खतरे की रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि आतंकवादी समूह लगातार उन स्थानों को निशाना बनाने की ताक में रहते हैं, जहां अमेरिकी नागरिक और पश्चिमी नागरिकों के एकत्र होने की संभावना रहती है। आतंकवादी और आपराधिक समूह लगातार फिरौती के लिए अपहरण करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
उल्लेखनीय है कि अल कायदा के प्रमुख नेताओं के बारे में समझा जाता है कि वे पाकिस्तान में रहते हैं और लाहौर शहर को आतंकवादी समूहों से सहानुभूति रखने वाले अन्य चरमपंथियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है। | यह एक सारांश है: अमेरिका ने इसके साथ ही अपने नागरिकों को पाकिस्तान की अनावश्यक यात्रा से बचने के लिए परामर्श जारी किया है। अल कायदा के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अलर्ट के मद्देनजर यह परामर्श जारी किया गया है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे तनाव के बीच, भारतीय सीमा बल (बीएसएफ) के जवानों ने सोमवार को एक 12 वर्षीय पाकिस्तानी लड़के को पाकिस्तानी रेंजरों को सौंप दिया जो पानी पीने के लिए धोखे से बॉर्डर पारकर भारत में दाखिल हो गया था. घटना पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर की है.
बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद तनवीर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कल यानी रविवार को दोपहर को अपने मवेशियों को चरा रहा था जहां वह एक ट्यूबवेल में पानी पीने के लिए अनजाने से भारतीय सीमा में आ गया.
बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा, "उसने अनजाने में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार की और भारतीय क्षेत्र में आ गया."
आज सुबह बीएसएफ के अधिकारियों ने पाकिस्तान रेंजरों से संपर्क साधा और मोहम्मद तनवीर को पाक अधिकारियों को मानवीय आधार पर सुपुर्द कर दिया. तनवीर पाकिस्तान के कसूर जिले के दाहरी गांव का रहने वाला था. टिप्पणियां
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तान आतंकवादियों द्वारा आर्मी कैंप पर हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बल सीमा रेखा के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बरत रहे हैं. उरी आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. पिछले सप्ताह भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था जिसमें सेना ने सात आतंकी लॉन्च पैड नष्ट किए कर दिए थे. इसके साथ ही करीब 40 आतंकियों को मार गिराया था.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक भारतीय जवान अनजाने में पाकिस्तान के क्षेत्र में पहुंचने की खबर आई थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को छुड़ाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं.
आज सुबह बीएसएफ के अधिकारियों ने पाकिस्तान रेंजरों से संपर्क साधा और मोहम्मद तनवीर को पाक अधिकारियों को मानवीय आधार पर सुपुर्द कर दिया. तनवीर पाकिस्तान के कसूर जिले के दाहरी गांव का रहने वाला था. टिप्पणियां
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तान आतंकवादियों द्वारा आर्मी कैंप पर हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बल सीमा रेखा के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बरत रहे हैं. उरी आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. पिछले सप्ताह भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था जिसमें सेना ने सात आतंकी लॉन्च पैड नष्ट किए कर दिए थे. इसके साथ ही करीब 40 आतंकियों को मार गिराया था.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक भारतीय जवान अनजाने में पाकिस्तान के क्षेत्र में पहुंचने की खबर आई थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को छुड़ाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं.
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तान आतंकवादियों द्वारा आर्मी कैंप पर हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बल सीमा रेखा के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बरत रहे हैं. उरी आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. पिछले सप्ताह भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था जिसमें सेना ने सात आतंकी लॉन्च पैड नष्ट किए कर दिए थे. इसके साथ ही करीब 40 आतंकियों को मार गिराया था.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक भारतीय जवान अनजाने में पाकिस्तान के क्षेत्र में पहुंचने की खबर आई थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को छुड़ाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक भारतीय जवान अनजाने में पाकिस्तान के क्षेत्र में पहुंचने की खबर आई थी. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को छुड़ाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. | संक्षिप्त सारांश: घटना पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर की है, मोहम्मद तनवीर था बच्चे का नाम
मवेशियों को चराते समय ट्यूबवेल में पानी पीने के लिए आया था
भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण अभी भी है पाकिस्तान के कब्जे में | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर खुला हमला करते हुए कहा कि इसने अपने शासनकाल में केन्द्र द्वारा भेजी गई राशि का दुरुपयोग किया जिससे इस राज्य का अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
प्रधानमंत्री एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश में अपने सबसे अधिक सुन्दर क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। यह संतों की भूमि है। प्राकृतिक संसाधन से भरपूर है। देश के विकास में इसका योगदान रहा है। उत्तराखंड में सब कुछ है जो इसको देश के सबसे अधिक विकसित राज्यों में एक बना सकता है लेकिन यहां एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो इसकी क्षमताओं का सही उपयोग कर सके। भाजपा ऐसा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो उत्तराखंड की क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल कर इसको विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सिंह ने कहा, ‘‘आपको जरूर इस बात पर गौर करना चाहिए कि किस पार्टी की सरकार इस राज्य में आर्थिक सामाजिक विकास ला सकती है। इसे खुशहाल बना सकती है। आपको याद होगा कि भाजपा की वर्तमान सरकार की तुलना में वर्ष 2002-2007 में कांग्रेस की सरकार ने कितना काम किया था।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा था कि गुजरे वर्ष के दौरान पूरी दुनियां को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। दुनियां में मुश्किलों से लोगों को भय था लेकिन हमें इन मुश्किलों से परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम इन मुश्किलों का बखूबी सामना करने में सक्षम हैं। सिंह ने कहा, ‘’गरीबी, अशिक्षा, बीमारी, आर्थिक समस्या, ऊर्जा की कमी, पर्यावरण की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी चुनौतियां हैं। वोट डालने के समय यह जरूर ध्यान रखें कि कौन-सी पार्टी है जो इन चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकती है। मैं यह कह सकता हूं कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो इससे कारगर ढंग से निपट सकती है। कांग्रेस में ही ऐसी क्षमता है।’’
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना ही इसलिए की गई थी कि पहाड़ों में विकास की रफ्तार तेज हो सके। इस राज्य में वर्ष 2002 से लेकर 2007 के दौरान तेजी से विकास हुआ था। कई औद्योगिक परिसर स्थापित किए गए। बिजली की योजनाओं की शुरुआत की गई लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन योजनाओं को ठप कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि केन्द्र द्वारा भेजी गई विकास राशि का भाजपा सरकार उपयोग नहीं कर पा रही है। अनुसूचि़त जाति, जनजाति, बच्चों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए भेजी गई राशि का भी उपयोग उत्तराखंड में भाजपा सरकार ठीक से नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य को नई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ट्रेनिंग प्राप्त अध्यापकों को नौकरी के लिए भूख हड़ताल करना पड़ा जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश में अपने सबसे अधिक सुन्दर क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। यह संतों की भूमि है। प्राकृतिक संसाधन से भरपूर है। देश के विकास में इसका योगदान रहा है। उत्तराखंड में सब कुछ है जो इसको देश के सबसे अधिक विकसित राज्यों में एक बना सकता है लेकिन यहां एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो इसकी क्षमताओं का सही उपयोग कर सके। भाजपा ऐसा नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो उत्तराखंड की क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल कर इसको विकास के रास्ते पर ले जा सकती है। सिंह ने कहा, ‘‘आपको जरूर इस बात पर गौर करना चाहिए कि किस पार्टी की सरकार इस राज्य में आर्थिक सामाजिक विकास ला सकती है। इसे खुशहाल बना सकती है। आपको याद होगा कि भाजपा की वर्तमान सरकार की तुलना में वर्ष 2002-2007 में कांग्रेस की सरकार ने कितना काम किया था।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा था कि गुजरे वर्ष के दौरान पूरी दुनियां को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। दुनियां में मुश्किलों से लोगों को भय था लेकिन हमें इन मुश्किलों से परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम इन मुश्किलों का बखूबी सामना करने में सक्षम हैं। सिंह ने कहा, ‘’गरीबी, अशिक्षा, बीमारी, आर्थिक समस्या, ऊर्जा की कमी, पर्यावरण की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा जैसी चुनौतियां हैं। वोट डालने के समय यह जरूर ध्यान रखें कि कौन-सी पार्टी है जो इन चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकती है। मैं यह कह सकता हूं कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो इससे कारगर ढंग से निपट सकती है। कांग्रेस में ही ऐसी क्षमता है।’’
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना ही इसलिए की गई थी कि पहाड़ों में विकास की रफ्तार तेज हो सके। इस राज्य में वर्ष 2002 से लेकर 2007 के दौरान तेजी से विकास हुआ था। कई औद्योगिक परिसर स्थापित किए गए। बिजली की योजनाओं की शुरुआत की गई लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन योजनाओं को ठप कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि केन्द्र द्वारा भेजी गई विकास राशि का भाजपा सरकार उपयोग नहीं कर पा रही है। अनुसूचि़त जाति, जनजाति, बच्चों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए भेजी गई राशि का भी उपयोग उत्तराखंड में भाजपा सरकार ठीक से नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य को नई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ट्रेनिंग प्राप्त अध्यापकों को नौकरी के लिए भूख हड़ताल करना पड़ा जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना ही इसलिए की गई थी कि पहाड़ों में विकास की रफ्तार तेज हो सके। इस राज्य में वर्ष 2002 से लेकर 2007 के दौरान तेजी से विकास हुआ था। कई औद्योगिक परिसर स्थापित किए गए। बिजली की योजनाओं की शुरुआत की गई लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन योजनाओं को ठप कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि केन्द्र द्वारा भेजी गई विकास राशि का भाजपा सरकार उपयोग नहीं कर पा रही है। अनुसूचि़त जाति, जनजाति, बच्चों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए भेजी गई राशि का भी उपयोग उत्तराखंड में भाजपा सरकार ठीक से नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य को नई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ट्रेनिंग प्राप्त अध्यापकों को नौकरी के लिए भूख हड़ताल करना पड़ा जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हुए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इसने अपने शासनकाल में केन्द्र द्वारा भेजी गई राशि का दुरुपयोग किया। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने शुक्रवार को कहा कि वह भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि सचिन तेंदुलकर ने यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और अंतिम मैच से भारतीय सरजमीं पर अपना आखिरी मैच खेल लिया है या नहीं।
गावस्कर ने कहा, ‘‘आप नहीं जानते। 2006-07 से, तेंदुलकर के संन्यास को लेकर बातें चल रही हैं। लेकिन वह इसी तरह से खेल रहा है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या तेंदुलकर ने यहां फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारतीय सरजमीं पर अपना अंतिम मैच खेल लिया है तो उन्होंने ‘एनडीटीवी’ से कहा, ‘‘केवल वह (तेंदुलकर) इसे जानता है।’’टिप्पणियां
गावस्कर ने कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के सभी चारों मैचों में टॉस गंवाने से नाखुश नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देखे तो धोनी इसकी शिकायत नहीं करेंगे। उसने सीरीज के पिछले तीन टेस्ट मैचों में टास गंवा दिया और आज भी टॉस नहीं जीत सका। लेकिन भारत ने सभी तीनों मैच जीत लिए इसलिए वह शिकायत नहीं करेगा।’’
गावस्कर ने कहा, ‘‘आप नहीं जानते। 2006-07 से, तेंदुलकर के संन्यास को लेकर बातें चल रही हैं। लेकिन वह इसी तरह से खेल रहा है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या तेंदुलकर ने यहां फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारतीय सरजमीं पर अपना अंतिम मैच खेल लिया है तो उन्होंने ‘एनडीटीवी’ से कहा, ‘‘केवल वह (तेंदुलकर) इसे जानता है।’’टिप्पणियां
गावस्कर ने कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के सभी चारों मैचों में टॉस गंवाने से नाखुश नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देखे तो धोनी इसकी शिकायत नहीं करेंगे। उसने सीरीज के पिछले तीन टेस्ट मैचों में टास गंवा दिया और आज भी टॉस नहीं जीत सका। लेकिन भारत ने सभी तीनों मैच जीत लिए इसलिए वह शिकायत नहीं करेगा।’’
गावस्कर ने कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के सभी चारों मैचों में टॉस गंवाने से नाखुश नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देखे तो धोनी इसकी शिकायत नहीं करेंगे। उसने सीरीज के पिछले तीन टेस्ट मैचों में टास गंवा दिया और आज भी टॉस नहीं जीत सका। लेकिन भारत ने सभी तीनों मैच जीत लिए इसलिए वह शिकायत नहीं करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देखे तो धोनी इसकी शिकायत नहीं करेंगे। उसने सीरीज के पिछले तीन टेस्ट मैचों में टास गंवा दिया और आज भी टॉस नहीं जीत सका। लेकिन भारत ने सभी तीनों मैच जीत लिए इसलिए वह शिकायत नहीं करेगा।’’ | संक्षिप्त सारांश: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने शुक्रवार को कहा कि वह भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि सचिन तेंदुलकर ने यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और अंतिम मैच से भारतीय सरजमीं पर अपना आखिरी मैच खेल लिया है या नहीं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में अमेरिकी और नाटो सैनिकों को आपूर्ति मार्ग फिर से बहाल करने से सम्बंधित वार्ता में प्रगति नहीं होने से नाराज अमेरिका ने अपने वार्ताकारों को इस्लामाबाद से वापस बुला लिया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉर्ज लिट्ल ने कहा कि अमेरिकी वार्ता दल के कई सदस्य इस्लामाबाद छोड़ चुके हैं। बचे हुए सदस्य भी कुछ दिनों में प्रस्थान कर जाएंगे।
वार्ता दल पिछले छह सप्ताह से इस्लामाबाद में एक समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था। आपूर्ति मार्ग पिछले साल नवम्बर से चूक से हुए एक अमेरिकी हवाई हमले के बाद से अमेरिकी और नाटो सैनिकों के लिए बंद कर दिया गया था।
लिट्ल ने कहा कि वार्ता दल की वापसी का फैसला अमेरिका का फैसला था। उन्होंने कहा कि आपूर्ति मार्ग को खोलना पेंटागन और व्हाइट हाउस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास में तैनात सैन्य अधिकारी अपने समकक्ष पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ इस उद्देश्य से अनौपचारिक वार्ता को आगे बढ़ाते रहेंगे।
पेंटागन के प्रवक्ता ने भविष्य में वार्तादल के पाकिस्तान वापस आने की सम्भावना को खारिज नहीं किया।
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉर्ज लिट्ल ने कहा कि अमेरिकी वार्ता दल के कई सदस्य इस्लामाबाद छोड़ चुके हैं। बचे हुए सदस्य भी कुछ दिनों में प्रस्थान कर जाएंगे।
वार्ता दल पिछले छह सप्ताह से इस्लामाबाद में एक समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था। आपूर्ति मार्ग पिछले साल नवम्बर से चूक से हुए एक अमेरिकी हवाई हमले के बाद से अमेरिकी और नाटो सैनिकों के लिए बंद कर दिया गया था।
लिट्ल ने कहा कि वार्ता दल की वापसी का फैसला अमेरिका का फैसला था। उन्होंने कहा कि आपूर्ति मार्ग को खोलना पेंटागन और व्हाइट हाउस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास में तैनात सैन्य अधिकारी अपने समकक्ष पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ इस उद्देश्य से अनौपचारिक वार्ता को आगे बढ़ाते रहेंगे।
पेंटागन के प्रवक्ता ने भविष्य में वार्तादल के पाकिस्तान वापस आने की सम्भावना को खारिज नहीं किया।
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
वार्ता दल पिछले छह सप्ताह से इस्लामाबाद में एक समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था। आपूर्ति मार्ग पिछले साल नवम्बर से चूक से हुए एक अमेरिकी हवाई हमले के बाद से अमेरिकी और नाटो सैनिकों के लिए बंद कर दिया गया था।
लिट्ल ने कहा कि वार्ता दल की वापसी का फैसला अमेरिका का फैसला था। उन्होंने कहा कि आपूर्ति मार्ग को खोलना पेंटागन और व्हाइट हाउस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास में तैनात सैन्य अधिकारी अपने समकक्ष पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ इस उद्देश्य से अनौपचारिक वार्ता को आगे बढ़ाते रहेंगे।
पेंटागन के प्रवक्ता ने भविष्य में वार्तादल के पाकिस्तान वापस आने की सम्भावना को खारिज नहीं किया।
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
लिट्ल ने कहा कि वार्ता दल की वापसी का फैसला अमेरिका का फैसला था। उन्होंने कहा कि आपूर्ति मार्ग को खोलना पेंटागन और व्हाइट हाउस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास में तैनात सैन्य अधिकारी अपने समकक्ष पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ इस उद्देश्य से अनौपचारिक वार्ता को आगे बढ़ाते रहेंगे।
पेंटागन के प्रवक्ता ने भविष्य में वार्तादल के पाकिस्तान वापस आने की सम्भावना को खारिज नहीं किया।
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
पेंटागन के प्रवक्ता ने भविष्य में वार्तादल के पाकिस्तान वापस आने की सम्भावना को खारिज नहीं किया।
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
पिछले सप्ताह ही नाटो ने मध्य एशिया के मार्ग से अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को सहायता शुरू करने की योजना की घोषणा की थी।टिप्पणियां
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
मई में नाटो के सलाना जलसे से पहले कथित तौर पर अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान से अफगानिस्तान में की जाने वाली आपूर्ति के लिए प्रति ट्रक अधिक कीमत की मांग करने पर वार्ता रुक गई थी।
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।"
पिछले गुरुवार को रक्षा सचिव लियोन पनेटा ने भी तनाव भड़का दिया, उन्होंने यह कहकर पाकिस्तान को लताड़ा कि पाकिस्तान अल कायदा और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को शरण देता है। उन्होंने काबुल में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री अब्दुल रहीम के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "हमारी धीरज की यहां पराकाष्ठा हो गई है।" | यहाँ एक सारांश है:अफगानिस्तान में अमेरिकी और नाटो सैनिकों को आपूर्ति मार्ग फिर से बहाल करने से सम्बंधित वार्ता में प्रगति नहीं होने से नाराज अमेरिका ने अपने वार्ताकारों को इस्लामाबाद से वापस बुला लिया है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 433.66 अंकों की तेजी के साथ 16454.30 जबकि निफ्टी 133.80 अंकों की तेजी के साथ 4997.10 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 79.72 अंकों की बढ़त के 16,100.36 पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स 16494.50 के उच्चतम स्तर को एवं 16100.36 के न्यूनतम स्तर को छुआ।
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयरों में तेजी का रुख रहा। सेंसेक्स के जिन शेयरों में चार फीसदी से अधिक की तेजी रही उनमें टाटा मोटर्स (5.71 फीसदी), लार्सन एवं टूब्रो (4.77 फीसदी), जिंदल स्टील (4.63 फीसदी), हीरोमोटो कॉर्प (4.29 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.06 फीसदी)) हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 23.35 अंकों की बढ़त के साथ 4886.65 पर खुला। इस दौरान निफ्टी ने 5010.45 के उच्चतम एवं 4886.15 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 103.84 अंकों की बढ़त के साथ 5932.30 पर जबकि स्मॉलकैप 91.40 अंकों की बढ़त के साथ 6284.62 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 79.72 अंकों की बढ़त के 16,100.36 पर खुला। इस दौरान सेंसेक्स 16494.50 के उच्चतम स्तर को एवं 16100.36 के न्यूनतम स्तर को छुआ।
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयरों में तेजी का रुख रहा। सेंसेक्स के जिन शेयरों में चार फीसदी से अधिक की तेजी रही उनमें टाटा मोटर्स (5.71 फीसदी), लार्सन एवं टूब्रो (4.77 फीसदी), जिंदल स्टील (4.63 फीसदी), हीरोमोटो कॉर्प (4.29 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.06 फीसदी)) हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 23.35 अंकों की बढ़त के साथ 4886.65 पर खुला। इस दौरान निफ्टी ने 5010.45 के उच्चतम एवं 4886.15 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 103.84 अंकों की बढ़त के साथ 5932.30 पर जबकि स्मॉलकैप 91.40 अंकों की बढ़त के साथ 6284.62 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयरों में तेजी का रुख रहा। सेंसेक्स के जिन शेयरों में चार फीसदी से अधिक की तेजी रही उनमें टाटा मोटर्स (5.71 फीसदी), लार्सन एवं टूब्रो (4.77 फीसदी), जिंदल स्टील (4.63 फीसदी), हीरोमोटो कॉर्प (4.29 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.06 फीसदी)) हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 23.35 अंकों की बढ़त के साथ 4886.65 पर खुला। इस दौरान निफ्टी ने 5010.45 के उच्चतम एवं 4886.15 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 103.84 अंकों की बढ़त के साथ 5932.30 पर जबकि स्मॉलकैप 91.40 अंकों की बढ़त के साथ 6284.62 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 23.35 अंकों की बढ़त के साथ 4886.65 पर खुला। इस दौरान निफ्टी ने 5010.45 के उच्चतम एवं 4886.15 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 103.84 अंकों की बढ़त के साथ 5932.30 पर जबकि स्मॉलकैप 91.40 अंकों की बढ़त के साथ 6284.62 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी का रुख देखा गया। मिडकैप 103.84 अंकों की बढ़त के साथ 5932.30 पर जबकि स्मॉलकैप 91.40 अंकों की बढ़त के साथ 6284.62 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में तेजी का रुख रहा। तेजी वाले सेक्टरों में वाहन (3.86 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (3.63 फीसदी), बिजली (3.49 फीसदी) और बैंकिग (3.01 फीसदी) प्रमुख थे।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1849 शेयरों में तेजी एवं 894 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 123 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। | संक्षिप्त पाठ: देश के शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 433.66 अंकों की तेजी के साथ 16454.30 जबकि निफ्टी 133.80 अंकों की तेजी के साथ 4997.10 पर बंद हुआ। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां
बता दें कि कंगना का नाम कई बॉलीवुड एक्टर्स के साथ जुड़ चुका है. सबसे पहले उनका नाम आदित्य पंचौली और अध्यन सुमन के साथ जुड़ा. कंगना ने यह भी कहा था कि वह एक्टर ऋतिक रोशन को डेट कर रही हैं. जब कंगना ने ऋतिक को अपना 'सिली एक्स' कहा तो उसके बाद इन दोनों के बची एक बड़ा विवाद खड़ा हो गए था.
कंगना जल्द फिल्म में रंगून में दिखाई देंगी यह फिल्म 25 फरवरी को रिलीज होने वाली है. कंगना के इस फिल्म में पहली बार सैफ अली खान और शाहिद कपूर के साथ काम कर रही हैं. बता दें कि विशाल भारद्वाज के साथ भी उन्होंने पहली बार काम किया है. इस फिल्म में कंगना मिस जूलिया के किरदार में नजर आएंगी। रंगून दूसरे विश्व युद्ध पर आधारित एक पीरियड फिल्म है.
बता दें कि कंगना का नाम कई बॉलीवुड एक्टर्स के साथ जुड़ चुका है. सबसे पहले उनका नाम आदित्य पंचौली और अध्यन सुमन के साथ जुड़ा. कंगना ने यह भी कहा था कि वह एक्टर ऋतिक रोशन को डेट कर रही हैं. जब कंगना ने ऋतिक को अपना 'सिली एक्स' कहा तो उसके बाद इन दोनों के बची एक बड़ा विवाद खड़ा हो गए था.
कंगना जल्द फिल्म में रंगून में दिखाई देंगी यह फिल्म 25 फरवरी को रिलीज होने वाली है. कंगना के इस फिल्म में पहली बार सैफ अली खान और शाहिद कपूर के साथ काम कर रही हैं. बता दें कि विशाल भारद्वाज के साथ भी उन्होंने पहली बार काम किया है. इस फिल्म में कंगना मिस जूलिया के किरदार में नजर आएंगी। रंगून दूसरे विश्व युद्ध पर आधारित एक पीरियड फिल्म है.
कंगना जल्द फिल्म में रंगून में दिखाई देंगी यह फिल्म 25 फरवरी को रिलीज होने वाली है. कंगना के इस फिल्म में पहली बार सैफ अली खान और शाहिद कपूर के साथ काम कर रही हैं. बता दें कि विशाल भारद्वाज के साथ भी उन्होंने पहली बार काम किया है. इस फिल्म में कंगना मिस जूलिया के किरदार में नजर आएंगी। रंगून दूसरे विश्व युद्ध पर आधारित एक पीरियड फिल्म है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'एक समय था जब मुझे लगता है कि लोग शादी क्यों करते हैं' : कंगना रनौत
कंगना ने कहा, लोग रिश्ते में पूरी कोशिश नहीं करते हैं
कंगना फिल्म 'रंगून' में जूलिया के किदरदार में नजर आएंगी | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर में पूर्वांचलियों के लिए काफ़ी बड़ा त्योहार छठ बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है, हर साल की तरह दिल्ली में छठ पूजा में सूर्य को अर्घ देने के लिए हज़ारों छोटे पोखर बनाए गए हैं. साथ ही यमुना के किनारे घाटों पर तमाम इंतज़ाम भी किए गए हैं. इन पोखरों और घाटों के विशेष इंतज़ामों के सहारे दिल्ली में बीजेपी और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के बीच पूर्वांचली वोटरों को लुभाने के लिए घमासान मचा हुआ है. जहां गुरूवार को दक्षिण दिल्ली के कालकाजी इलाके में छठ घाट बनाने को लेकर बीजेपी के निगम पार्षद सुभाष भड़ाना और आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज आमने-सामने आए तो “आप” पार्टी के सांसद ख़ुद कमान संभालते हुए तमाम विधायकों को लेकर मौक़े पर पहुंचे.
सांसद संजय सिंह ने बीजेपी को पूर्वांचल विरोधी बताया. वहीं बीजेपी ने भी शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के मंत्री प्रदीप सिंह को बीजेपी के सहयोग से बनाए गए तमाम घाटों की देखरेख की ज़िम्मेदारी दी गई है. प्रदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर दिल्ली भाजपा विशेष रूप से पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ता पूरी तरह से छठ पूजा को लेकर सजग हैं और कहीं कोई कमी ना रह जाए इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
प्रदीप सिंह खुद तमाम घाटों का मुआयना करके पार्टी के दिल्ली में अध्यक्ष मनोज तिवारी को सूचित कर रहे हैं, तमाम बीजेपी कार्यकर्ताओं को घाटों पर मुस्तैद किया गया है, बीजेपी के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा जगह-जगह स्टाल लगाकर सुप, धूप, अगरबत्ती तथा छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों का वितरण भी किया जा रहा है.
बीजेपी के कार्यकर्ता अपील करते नज़र आ रहे है कि पूर्वांचल के लोग शांति और सौहार्द से महापर्व छठ में पूजा अर्चना करते आए हैं और अब भी नफरत फैलाने की किसी भी कोशिश को दरकिनार कर शांतिपूर्वक भगवान भास्कर को अर्घ देकर अपने जीवन की मनोकामना पूर्ण करेंगे. आपको बता दें दिल्ली में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं और तमाम पार्टियां दिल्ली के लगभग 40% पूर्वांचली वोटरों को लुभाने की जुगत में लगे हुए हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्वांचली वोटरों को अपनी ओर खींचने में लगी बीजेपी और आप
छठ पूजा के सहारे दिल्ली में वोटरों को लुभाने की कोशिश
दिल्ली में लगभग 40% पूर्वांचली वोटर हैं | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के बाद अब केन्द्र सरकार बुंदेलखंड को दिए गए विशेष पैकेज को लेकर भी मायावती सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत चल रही योजनाओं का जायज़ा लेने गए हैं। वहां योजनाओं के काम में बड़े पैमाने पर लापरवाही और पैसों के घालमेल को देखकर वो हैरान रह गए। कई काम तो सिर्फ़ कागज़ों पर निपटा दिए गए। कई सड़कें कागज़ों पर तो बन गईं लेकिन जब योजना आयोग की टीम मौके पर पहुंची तो मामूली मिट्टी और गिट्टी के सिवा कुछ नहीं मिला। योजना आयोग की टीम पूरे मामले की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करेगी। मोंटेक इस रिपोर्ट के साथ यूपी की मुख्यमंत्री मायावती को चिट्ठी लिखकर दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई के लिए कहेंगे। वहीं कुछ लोग यूपी चुनावों से ठीक पहले योजना आयोग के इस दौरे को कांग्रेस की सियासी चाल बता रहे हैं। | यहाँ एक सारांश है:योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत चल रही योजनाओं का जायज़ा लेने गए हैं। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकमान्य तिलक टर्मिनल से लखनऊ की ओर जा रही उद्योगनगरी एक्सप्रेस सोमवार सुबह विदिशा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यात्री गाड़ी के कुल पांच डिब्बे पटरी से उतरे है, इस हादसे में 30 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार बीना की ओर जा रही उद्योगनगरी एक्सप्रेस विदिशा से लगभग 15 किलोमीटर दूर सुमेर व सोंराई के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विदिशा जिलाधिकारी सीबी सिंह ने बताया है कि कुल पांच डिब्बे पटरी से उतरे हैं, जिसमें से दो डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दो आरक्षित डिब्बे एस एक व एस दो खाई में एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। वहीं विकलांग डिब्बा, सामान्य डिब्बा व आरक्षित डिब्बा एस तीन लटके हुए हैं। इनमें से यात्रियों को निकाला जा रहा है। अब तक 30 से ज्यादा घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। हादसे की जानकारी मिलने पर विदिशा जिलाधिकारी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस हादसे की वजह से मुम्बई-दिल्ली मार्ग पर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। वहीं दूसरे ट्रैक पर आवागमन जारी है। खबरों के मुताबिक इस हादसे की वजह से रेल पटरी पूरी तरह उखड़ गई है। यात्रियों को नजदीकी स्टेशन तक भेजने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। | सारांश: लोकमान्य तिलक टर्मिनल से लखनऊ की ओर जा रही उद्योगनगरी एक्सप्रेस सोमवार सुबह विदिशा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: क्यूबा में लिंग परिवर्तन कराने वालों की संख्या 20 हो गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक, क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो की बेटी और 'नेशनल सेंटर फॉर सेक्स एजुकेशन' की निदेशक मैरिला कास्त्रो ने कहा, देश में लिंग परिवर्तन कराने की इच्छा रखने वाले 37 लोगों की पहचान हुई है।टिप्पणियां
इस संस्था के आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक सर्जरी द्वारा 20 लोगों का लिंग परिवर्तन किया गया है।
2008 में क्यूबा सरकार ने देश में लिंग परिवर्तन की अनुमति के संम्बंध एक कानून पारित किया था। उस वक्त तक ऐसा एक ही मामला सामने आया था जब 1988 में एक पुरुष को महिला में परिवर्तित किया गया था।
इस संस्था के आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक सर्जरी द्वारा 20 लोगों का लिंग परिवर्तन किया गया है।
2008 में क्यूबा सरकार ने देश में लिंग परिवर्तन की अनुमति के संम्बंध एक कानून पारित किया था। उस वक्त तक ऐसा एक ही मामला सामने आया था जब 1988 में एक पुरुष को महिला में परिवर्तित किया गया था।
2008 में क्यूबा सरकार ने देश में लिंग परिवर्तन की अनुमति के संम्बंध एक कानून पारित किया था। उस वक्त तक ऐसा एक ही मामला सामने आया था जब 1988 में एक पुरुष को महिला में परिवर्तित किया गया था। | संक्षिप्त सारांश: क्यूबा में लिंग परिवर्तन कराने वालों की संख्या 20 हो गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में सिर्फ पत्थरबाज ही नहीं, बल्कि देश के शीर्ष संस्थानों में अपनी कामयाबी का झंडा गाड़ने को आतुर मेधावी छात्र भी रहते हैं, जिनके भीतर हर वक्त कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है. लेकिन, घाटी के बद से बदतर होते हालात के कारण न तो उन्हें निर्बाध इंटरनेट सेवाएं मिल पा रही हैं और न ही किताबें. इंजिनीयरिंग की तैयारी करने वाले घाटी के ऐसे छात्रों व सफलता के बीच पैदा हुई खाई को पाटने का बीड़ा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के कुछ छात्रों ने उठाया है.
राइज (आरआईएसई) नाम के संगठन के माध्यम से मुबी मसुदी (आईआईटी-बॉम्बे), इंबेसात अहमद (आईआईटी-खड़गपुर), सलमान शाहिद (आईआईटी-खड़गपुर) तथा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के सैफी 'कश्मीर के छात्रों तथा अवसरों के बीच पैदा हुई खाई को पाटने के काम में लगे हैं.' संगठन ने कहा, 'कश्मीर में यह मायने नहीं रखता कि छात्र ने गणित विषय ले रखा है या जीव विज्ञान. इसका भी कोई मतलब नहीं है कि वह किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. न तो उनके पास सही जानकारी है और न ही उन्हें मार्गदर्शन मिल पाता है. अन्य शहरों की तरह यहां सूचनाओं का प्रवाह आसानी से नहीं होता.'
राइज के सह संस्थापक आईआईटी खड़गपुर से भौतिकी विज्ञान में एमएस कर चुके अहमद ने कहा, 'हम छात्रों को सही समय पर सही सूचनाएं प्रदान करते हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, अपनी सोच को आकार दे सकें. साथ ही हम उन्हें बेहतरीन शैक्षणिक सुविधाएं भी मुहैया कराते हैं.' उन्होंने कहा, 'संगठन ने साल 2012 में चार छात्रों से शुरुआत की थी, जबकि मौजूदा वक्त में हमारे पास 200 छात्र हैं. पिछले साल राइज ने चार छात्रों को आईआईटी में भेजा, जबकि इस साल 40 छात्रों ने एनआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की है.'
अहमद ने कहा, 'अगर पिछले साल कर्फ्यू की समस्या सामने नहीं आती, तो हमारा प्रदर्शन कहीं बेहतर होता. वर्तमान में हमारा लक्ष्य छात्रों को आईआईटी तथा एनआईटी में दाखिला दिलाना है. पिछले साल एक छात्र का चयन प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के लिए हुआ, जबकि एक छात्र का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के लिए हुआ. इंटरनेट पर पाबंदी, कर्फ्यू, हड़ताल इत्यादि ने चीजों को कठिन बना दिया है. किताबों की दुकानें बंद हैं और ई-कॉमर्स वेबसाइट यहां काम नहीं करते.' उन्होंने कहा, 'अमेरिका के कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए स्कोलास्टिक एप्टिट्यूड टेस्ट होता है, जिसके लिए आपको इंटरनेट की जरूरत होती है.'
यहां तक कि वे 2014 में आई भीषण बाढ़ से भी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी किताबों से यहां एक पुस्तकालय की स्थापना की है. एक महीने से अधिक समय के लिए हमारा कामकाज ठप रहा. इसका नतीजा यह होता है कि छात्रों के भीतर मनोबल की कमी हो जाती है, क्योंकि उनके अंदर पहले ही यह भावना घर कर गई होती है कि किसी अन्य शहर के छात्र पहले से ही उनसे आगे हैं और ऐसे में जब कक्षाएं रद्द होती हैं, तो उनका बेशकीमती वक्त बर्बाद होता है.' पटना के निवासी अहमद ने कहा, 'एक बार जब छात्र को यह अहसास होता है कि वह पिछड़ रहा है, तो उसका मनोबल बढ़ाना जरूरी हो जाता है और यहीं हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.'टिप्पणियां
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
राइज (आरआईएसई) नाम के संगठन के माध्यम से मुबी मसुदी (आईआईटी-बॉम्बे), इंबेसात अहमद (आईआईटी-खड़गपुर), सलमान शाहिद (आईआईटी-खड़गपुर) तथा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के सैफी 'कश्मीर के छात्रों तथा अवसरों के बीच पैदा हुई खाई को पाटने के काम में लगे हैं.' संगठन ने कहा, 'कश्मीर में यह मायने नहीं रखता कि छात्र ने गणित विषय ले रखा है या जीव विज्ञान. इसका भी कोई मतलब नहीं है कि वह किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. न तो उनके पास सही जानकारी है और न ही उन्हें मार्गदर्शन मिल पाता है. अन्य शहरों की तरह यहां सूचनाओं का प्रवाह आसानी से नहीं होता.'
राइज के सह संस्थापक आईआईटी खड़गपुर से भौतिकी विज्ञान में एमएस कर चुके अहमद ने कहा, 'हम छात्रों को सही समय पर सही सूचनाएं प्रदान करते हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, अपनी सोच को आकार दे सकें. साथ ही हम उन्हें बेहतरीन शैक्षणिक सुविधाएं भी मुहैया कराते हैं.' उन्होंने कहा, 'संगठन ने साल 2012 में चार छात्रों से शुरुआत की थी, जबकि मौजूदा वक्त में हमारे पास 200 छात्र हैं. पिछले साल राइज ने चार छात्रों को आईआईटी में भेजा, जबकि इस साल 40 छात्रों ने एनआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की है.'
अहमद ने कहा, 'अगर पिछले साल कर्फ्यू की समस्या सामने नहीं आती, तो हमारा प्रदर्शन कहीं बेहतर होता. वर्तमान में हमारा लक्ष्य छात्रों को आईआईटी तथा एनआईटी में दाखिला दिलाना है. पिछले साल एक छात्र का चयन प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के लिए हुआ, जबकि एक छात्र का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के लिए हुआ. इंटरनेट पर पाबंदी, कर्फ्यू, हड़ताल इत्यादि ने चीजों को कठिन बना दिया है. किताबों की दुकानें बंद हैं और ई-कॉमर्स वेबसाइट यहां काम नहीं करते.' उन्होंने कहा, 'अमेरिका के कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए स्कोलास्टिक एप्टिट्यूड टेस्ट होता है, जिसके लिए आपको इंटरनेट की जरूरत होती है.'
यहां तक कि वे 2014 में आई भीषण बाढ़ से भी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी किताबों से यहां एक पुस्तकालय की स्थापना की है. एक महीने से अधिक समय के लिए हमारा कामकाज ठप रहा. इसका नतीजा यह होता है कि छात्रों के भीतर मनोबल की कमी हो जाती है, क्योंकि उनके अंदर पहले ही यह भावना घर कर गई होती है कि किसी अन्य शहर के छात्र पहले से ही उनसे आगे हैं और ऐसे में जब कक्षाएं रद्द होती हैं, तो उनका बेशकीमती वक्त बर्बाद होता है.' पटना के निवासी अहमद ने कहा, 'एक बार जब छात्र को यह अहसास होता है कि वह पिछड़ रहा है, तो उसका मनोबल बढ़ाना जरूरी हो जाता है और यहीं हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.'टिप्पणियां
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
राइज के सह संस्थापक आईआईटी खड़गपुर से भौतिकी विज्ञान में एमएस कर चुके अहमद ने कहा, 'हम छात्रों को सही समय पर सही सूचनाएं प्रदान करते हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, अपनी सोच को आकार दे सकें. साथ ही हम उन्हें बेहतरीन शैक्षणिक सुविधाएं भी मुहैया कराते हैं.' उन्होंने कहा, 'संगठन ने साल 2012 में चार छात्रों से शुरुआत की थी, जबकि मौजूदा वक्त में हमारे पास 200 छात्र हैं. पिछले साल राइज ने चार छात्रों को आईआईटी में भेजा, जबकि इस साल 40 छात्रों ने एनआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की है.'
अहमद ने कहा, 'अगर पिछले साल कर्फ्यू की समस्या सामने नहीं आती, तो हमारा प्रदर्शन कहीं बेहतर होता. वर्तमान में हमारा लक्ष्य छात्रों को आईआईटी तथा एनआईटी में दाखिला दिलाना है. पिछले साल एक छात्र का चयन प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के लिए हुआ, जबकि एक छात्र का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के लिए हुआ. इंटरनेट पर पाबंदी, कर्फ्यू, हड़ताल इत्यादि ने चीजों को कठिन बना दिया है. किताबों की दुकानें बंद हैं और ई-कॉमर्स वेबसाइट यहां काम नहीं करते.' उन्होंने कहा, 'अमेरिका के कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए स्कोलास्टिक एप्टिट्यूड टेस्ट होता है, जिसके लिए आपको इंटरनेट की जरूरत होती है.'
यहां तक कि वे 2014 में आई भीषण बाढ़ से भी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी किताबों से यहां एक पुस्तकालय की स्थापना की है. एक महीने से अधिक समय के लिए हमारा कामकाज ठप रहा. इसका नतीजा यह होता है कि छात्रों के भीतर मनोबल की कमी हो जाती है, क्योंकि उनके अंदर पहले ही यह भावना घर कर गई होती है कि किसी अन्य शहर के छात्र पहले से ही उनसे आगे हैं और ऐसे में जब कक्षाएं रद्द होती हैं, तो उनका बेशकीमती वक्त बर्बाद होता है.' पटना के निवासी अहमद ने कहा, 'एक बार जब छात्र को यह अहसास होता है कि वह पिछड़ रहा है, तो उसका मनोबल बढ़ाना जरूरी हो जाता है और यहीं हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.'टिप्पणियां
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
अहमद ने कहा, 'अगर पिछले साल कर्फ्यू की समस्या सामने नहीं आती, तो हमारा प्रदर्शन कहीं बेहतर होता. वर्तमान में हमारा लक्ष्य छात्रों को आईआईटी तथा एनआईटी में दाखिला दिलाना है. पिछले साल एक छात्र का चयन प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के लिए हुआ, जबकि एक छात्र का चयन यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के लिए हुआ. इंटरनेट पर पाबंदी, कर्फ्यू, हड़ताल इत्यादि ने चीजों को कठिन बना दिया है. किताबों की दुकानें बंद हैं और ई-कॉमर्स वेबसाइट यहां काम नहीं करते.' उन्होंने कहा, 'अमेरिका के कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के लिए स्कोलास्टिक एप्टिट्यूड टेस्ट होता है, जिसके लिए आपको इंटरनेट की जरूरत होती है.'
यहां तक कि वे 2014 में आई भीषण बाढ़ से भी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी किताबों से यहां एक पुस्तकालय की स्थापना की है. एक महीने से अधिक समय के लिए हमारा कामकाज ठप रहा. इसका नतीजा यह होता है कि छात्रों के भीतर मनोबल की कमी हो जाती है, क्योंकि उनके अंदर पहले ही यह भावना घर कर गई होती है कि किसी अन्य शहर के छात्र पहले से ही उनसे आगे हैं और ऐसे में जब कक्षाएं रद्द होती हैं, तो उनका बेशकीमती वक्त बर्बाद होता है.' पटना के निवासी अहमद ने कहा, 'एक बार जब छात्र को यह अहसास होता है कि वह पिछड़ रहा है, तो उसका मनोबल बढ़ाना जरूरी हो जाता है और यहीं हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.'टिप्पणियां
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
यहां तक कि वे 2014 में आई भीषण बाढ़ से भी पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी किताबों से यहां एक पुस्तकालय की स्थापना की है. एक महीने से अधिक समय के लिए हमारा कामकाज ठप रहा. इसका नतीजा यह होता है कि छात्रों के भीतर मनोबल की कमी हो जाती है, क्योंकि उनके अंदर पहले ही यह भावना घर कर गई होती है कि किसी अन्य शहर के छात्र पहले से ही उनसे आगे हैं और ऐसे में जब कक्षाएं रद्द होती हैं, तो उनका बेशकीमती वक्त बर्बाद होता है.' पटना के निवासी अहमद ने कहा, 'एक बार जब छात्र को यह अहसास होता है कि वह पिछड़ रहा है, तो उसका मनोबल बढ़ाना जरूरी हो जाता है और यहीं हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.'टिप्पणियां
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
संगठन की शुरुआत की कहानी भी रोचक है. एक शैक्षणिक कार्यशाला को लेकर अहमद कश्मीर दौरे पर आए थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि भारत के इस उत्तरी राज्य में शैक्षणिक परिदृश्य बेहद दारुण है. इसके बाद वह मसूदी के संपर्क में आए, जो जम्मू एवं कश्मीर से ही हैं और उन्होंने साथ मिलकर हालात को बदलने का बीड़ा उठाया.
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.'
उन्होंने कहा, 'पिछले साल हमारे पास 110 छात्र थे, जिनमें से 40 छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया गया. बाकी छात्रों से 10,000 से 35,000 रुपये की बीच शुल्क लिया गया, जो चार महीने से लेकर दो साल की कोचिंग की अवधि पर निर्भर करता है. शुल्क इस पर भी निर्भर करता है कि छात्र कितना भुगतान करने में सक्षम है, उसकी वित्तीय हालत कैसी है. यहां पैसा कोई मुद्दा नहीं है. कई ऐसे लोग हैं कि जो 10 गुना ज्यादा शुल्क अदा कर सकते हैं, लेकिन इतना पैसा लेकर भी आईआईटी या एनआईटी से कोई आपको यहां पढ़ाने के लिए नहीं आएगा. पैसे की यहां कोई कमी नहीं है, कमी है तो वह संसाधनों की.' अहमद ने कहा, 'हमारे छात्रों में 30 फीसदी लड़कियां हैं. यहां लिंग अनुपात बेहद बढ़िया है. छात्रों के भीतर जज्बा है और हम उन्हें बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.' | यहाँ एक सारांश है:कश्मीर में सिर्फ पत्थरबाज ही नहीं
संगठन ने साल 2012 में चार छात्रों से शुरुआत की थी
इस साल 40 छात्रों ने एनआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की है | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के दिवंगत पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) का नाम लिये बगैर कहा ''आपके पिताजी को आपके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन बना दिया था. लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नम्बर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया. नामदार यह अहंकार आपको खा जाएगा. ये देश गलतियां माफ करता है, मगर धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता.'' प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमले जारी रखते हुए कहा कि जो पार्टी पहले चरण के मतदान से पहले खुद को प्रधानमंत्री पद की दावेदार बता रही थी, वह अब मानने लगी है कि हम तो उत्तर प्रदेश में सिर्फ वोट काटने के लिये चुनाव लड़ रहे हैं. इस 'वोट कटवा' कांग्रेस का कितना पतन हो गया है, यह इसका जीता जागता सबूत है.
पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दावा किया कि अब यह साफ हो चुका है कि सपा ने गठबंधन के बहाने प्रधानमंत्री पद का ख्वाब दिखाकर मायावती का तो चालाकी से फायदा उठा लिया. मगर अब 'बहन जी' को समझ आया गया है कि सपा और कांग्रेस ने मिलकर बहुत बड़ा खेल खेला है. उन्होंने कहा कि बहनजी अब खुलेआम कांग्रेस की आलोचना करती हैं, लेकिन दूसरी तरफ बहनजी के साथ गठबंधन करने वाली सपा अपने निजी स्वार्थ के लिये पूरी तरह कांग्रेस के मुद्दे पर चुप है. कांग्रेस के नेता तो खुशी-खुशी सपा की रैलियों में मंच साझा कर रहे हैं. इन लोगों ने बहनजी को ऐसा धोखा इन लोगों ने दिया है कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसीलिये राफेल नाम का 'झूठ का पुलिंदा' तैयार किया गया. कल ही नामदार (राहुल) ने फिर स्वीकार किया है कि इस पूरे अभियान का उनका एकमात्र लक्ष्य मोदी की छवि खराब करना है. उन्होंने कहा ''मोदी पांच दशक तक बिना रुके-थके सिर्फ और सिर्फ भारत माता के लिये जिया है. टीवी स्क्रीन पर गालियां देकर 50 साल की मोदी की तपस्या को तुम धूल में नहीं मिला सकते.''
पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर अमेठी में किसानों की जमीन हड़पने का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस के नामदार किसानों की जमीन को ट्रस्ट के नाम पर कब्जा करके उसे हड़प लेते हैं। किसानों से फैक्ट्री के नाम पर जमीन लेकर उस पर अपने लिये नोटों की खेती करते हैं. यहां अमेठी में तो यही हुआ था ना. मोदी ने कहा कि आज सुबह ही मैं पढ़ रहा था कि कांग्रेस की सरकार के वक्त राहुल के कारोबारी साझीदार को कैसे रक्षा सौदों में शामिल किया गया था. मीडिया में आयी रिपोर्ट बहुत से सवाल खड़े कर रही है. जब सवाल उठता है तो वे लोग जांच कराने की बात करते हैं मगर तमाम नोटिस के बावजूद जांच अधिकरण में पेश नहीं होते. ऐसे मामलों में एक नागरिक के कर्तव्य के रूप में 'यह परिवार' कोई सहयोग नहीं करता है. | पीएम मोदी का राहुल गांधी पर निशाना
बिना नाम लिए राजीव गांधी पर कसा तंज
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी बोला हमला | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रूस के चेलयाबिंस्क इलाके में एक घर में आग लग जाने से तीन लड़कियों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी आपातकाल मंत्रालय ने दी।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, आग कार्टली शहर में रविवार को एक घर में लगी, जो बाद में 50 वर्ग मीटर के दायरे में फैल गई।
दमकलकर्मियों को आग बुझाने में डेढ़ घंटे का समय लगा।
मंत्रालय के मुताबिक, मारी गई लड़कियों की उम्र एक से आठ साल के बीच थी।टिप्पणियां
इस बीच, मध्य रूस के कोस्ट्रोमा इलाके में रविवार को एक रिहायशी इमारत में आग लग जाने के बाद दमकल कर्मचारियों ने 17 लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, आग कार्टली शहर में रविवार को एक घर में लगी, जो बाद में 50 वर्ग मीटर के दायरे में फैल गई।
दमकलकर्मियों को आग बुझाने में डेढ़ घंटे का समय लगा।
मंत्रालय के मुताबिक, मारी गई लड़कियों की उम्र एक से आठ साल के बीच थी।टिप्पणियां
इस बीच, मध्य रूस के कोस्ट्रोमा इलाके में रविवार को एक रिहायशी इमारत में आग लग जाने के बाद दमकल कर्मचारियों ने 17 लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी।
दमकलकर्मियों को आग बुझाने में डेढ़ घंटे का समय लगा।
मंत्रालय के मुताबिक, मारी गई लड़कियों की उम्र एक से आठ साल के बीच थी।टिप्पणियां
इस बीच, मध्य रूस के कोस्ट्रोमा इलाके में रविवार को एक रिहायशी इमारत में आग लग जाने के बाद दमकल कर्मचारियों ने 17 लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी।
मंत्रालय के मुताबिक, मारी गई लड़कियों की उम्र एक से आठ साल के बीच थी।टिप्पणियां
इस बीच, मध्य रूस के कोस्ट्रोमा इलाके में रविवार को एक रिहायशी इमारत में आग लग जाने के बाद दमकल कर्मचारियों ने 17 लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी।
इस बीच, मध्य रूस के कोस्ट्रोमा इलाके में रविवार को एक रिहायशी इमारत में आग लग जाने के बाद दमकल कर्मचारियों ने 17 लोगों को बाहर निकाला। शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी।
पिश्चुग गांव में स्थित यह दो मंजिला इमारत लकड़ी से बनी हुई थी। | संक्षिप्त पाठ: रूस के चेलयाबिंस्क इलाके में एक घर में आग लग जाने से तीन लड़कियों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी आपातकाल मंत्रालय ने दी। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विराट कोहली ने वेस्टइंडीज़ में दोहरा शतक पूरा कर लिया। एंटीगा टेस्ट में पहले दिन 143 रनों का पारी खेलने वाले विराट ने दूसरे दिन भी अपनी एकाग्रता को बनाए रखा। अश्विन के साथ विराट ने रनगति को गिरने नहीं दिया और बड़ी आसानी से विंडीज़ गेंदबाज़ों का समना किया।
विराट के करियर का ये पहले दोहरा शतक है। 281 गंदों पर उन्होंने 200 रन पूरे किए। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 169 रन था जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ ऑस्ट्रेलिया में बनाया था। अब कोहली विदेशी धरती पर दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने मोहम्मद अजरुद्दीन के न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 192 रनों की पारी को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां
वहीं वेस्टइंडीज़ की ज़मीन पर दोहरा शतक लगाने वाले विराट पांचवे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर, दिलीप सारदेसाई, नजोत सिंह सिद्दू और वसीम जाफर ने वेस्टइंडीज़ में दोहरा शतक बनाया था।
कप्तानी के दबाव ने विराट के खेल को और निखार दिया है। विराट 200 रन बनाने वाले पांचवे भारतीय कप्तान बन गए हैं। विराट से पहले मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करते हुए भारत के लिए दोहरे शतक बनाए थे। विराट विदेशी ज़मीन पर दोहरा शतक बनाने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान हैं।
विराट के करियर का ये पहले दोहरा शतक है। 281 गंदों पर उन्होंने 200 रन पूरे किए। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 169 रन था जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ ऑस्ट्रेलिया में बनाया था। अब कोहली विदेशी धरती पर दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने मोहम्मद अजरुद्दीन के न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 192 रनों की पारी को पीछे छोड़ा।टिप्पणियां
वहीं वेस्टइंडीज़ की ज़मीन पर दोहरा शतक लगाने वाले विराट पांचवे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर, दिलीप सारदेसाई, नजोत सिंह सिद्दू और वसीम जाफर ने वेस्टइंडीज़ में दोहरा शतक बनाया था।
कप्तानी के दबाव ने विराट के खेल को और निखार दिया है। विराट 200 रन बनाने वाले पांचवे भारतीय कप्तान बन गए हैं। विराट से पहले मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करते हुए भारत के लिए दोहरे शतक बनाए थे। विराट विदेशी ज़मीन पर दोहरा शतक बनाने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान हैं।
वहीं वेस्टइंडीज़ की ज़मीन पर दोहरा शतक लगाने वाले विराट पांचवे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सुनील गावस्कर, दिलीप सारदेसाई, नजोत सिंह सिद्दू और वसीम जाफर ने वेस्टइंडीज़ में दोहरा शतक बनाया था।
कप्तानी के दबाव ने विराट के खेल को और निखार दिया है। विराट 200 रन बनाने वाले पांचवे भारतीय कप्तान बन गए हैं। विराट से पहले मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करते हुए भारत के लिए दोहरे शतक बनाए थे। विराट विदेशी ज़मीन पर दोहरा शतक बनाने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान हैं।
कप्तानी के दबाव ने विराट के खेल को और निखार दिया है। विराट 200 रन बनाने वाले पांचवे भारतीय कप्तान बन गए हैं। विराट से पहले मंसूर अली खान पटौदी, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करते हुए भारत के लिए दोहरे शतक बनाए थे। विराट विदेशी ज़मीन पर दोहरा शतक बनाने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान हैं। | विराट कोहली के करियर का ये पहले दोहरा शतक है
कप्तानी के दबाव ने विराट के खेल को और निखार दिया है
विराट 200 रन बनाने वाले चौथे भारतीय कप्तान बन गए | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए अमेरिका के साथ दरार पाटने और आतंकवाद से निपटने की कोशिश में सहयोग की आशा जताई.
भाषण में मास्को की इस आशा को जाहिर किया गया कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन के साथ संबंधों को दुरूस्त करने में मदद कर सकते हैं. दोनों देशों के बीच संबंध यूक्रेन, सीरिया युद्ध और अन्य विवादों को लेकर शीत युद्ध बाद के दौर में खराब हुए हैं.टिप्पणियां
पुतिन ने जोर दिया कि दोनों महाशक्तियों के बीच दोस्ताना संबंध वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी से टकराव नहीं चाहते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाषण में मास्को की इस आशा को जाहिर किया गया कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन के साथ संबंधों को दुरूस्त करने में मदद कर सकते हैं. दोनों देशों के बीच संबंध यूक्रेन, सीरिया युद्ध और अन्य विवादों को लेकर शीत युद्ध बाद के दौर में खराब हुए हैं.टिप्पणियां
पुतिन ने जोर दिया कि दोनों महाशक्तियों के बीच दोस्ताना संबंध वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी से टकराव नहीं चाहते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुतिन ने जोर दिया कि दोनों महाशक्तियों के बीच दोस्ताना संबंध वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी से टकराव नहीं चाहते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह आशा जताई.
ट्रंप वाशिंगटन के साथ संबंधों को दुरूस्त करने में मदद कर सकते है- पुतिन
महाशक्तियों के बीच दोस्ताना संबंध वैश्विक स्थिरता को जरूरी- व्लादिमीर | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब इर्दोगान ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बहुपक्षीय वार्ता का सुझाव दिया ताकि क्षेत्र में शांति सुनिश्चित हो सके. आज ही शाम को यहां पहुंचे इर्दोगान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत से पहले परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में सदस्यता के लिए पाकिस्तान के साथ साथ भारत के प्रयास के पक्ष में भी राय जाहिर की और कहा कि भारत को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने डब्ल्यूआईओएन समाचार चैनल से एक साक्षात्कार में कहा ‘‘हमें (कश्मीर में) और लोगों को हताहत नहीं होने देना चाहिए. बहुपक्षीय वार्ता करके (जिसमें हम शामिल हो सकें), हम इस मुद्दे का एक बार में हमेशा के लिए समाधान करने की कोशिश कर सकते हैं.’’ तुर्की के नेता ने कहा कि यह भारत और पाकिस्तान दोनों के हित में है कि वह इस मुद्दे को हल करें और इसे भावी पीढ़ी के लिए न छोड़ें जिसे परेशानी का सामना करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा ‘‘दुनियाभर में बातचीत का रास्ता खुला रखने से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. अगर हम वैश्विक शांति की दिशा में योगदान दें तो हमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिल सकता है.’’ इर्दोगान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही तुर्की के मित्र हैं और वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करना चाहते हैं.
तुर्की में कुर्द समस्या के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी कश्मीर मुद्दे से तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा ‘‘हमें कुर्द लोगों से कोई समस्या नहीं है। हमें एक आतंकी संगठन से समस्या है.’’ उन्होंने कहा ‘‘यह (कुर्द समस्या) एक भूभागीय विवाद है। जम्मू कश्मीर में स्थिति अलग है. हम उनकी तुलना करने की गलती न करें.’’
उन्होंने डब्ल्यूआईओएन समाचार चैनल से एक साक्षात्कार में कहा ‘‘हमें (कश्मीर में) और लोगों को हताहत नहीं होने देना चाहिए. बहुपक्षीय वार्ता करके (जिसमें हम शामिल हो सकें), हम इस मुद्दे का एक बार में हमेशा के लिए समाधान करने की कोशिश कर सकते हैं.’’ तुर्की के नेता ने कहा कि यह भारत और पाकिस्तान दोनों के हित में है कि वह इस मुद्दे को हल करें और इसे भावी पीढ़ी के लिए न छोड़ें जिसे परेशानी का सामना करना होगा.टिप्पणियां
उन्होंने कहा ‘‘दुनियाभर में बातचीत का रास्ता खुला रखने से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. अगर हम वैश्विक शांति की दिशा में योगदान दें तो हमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिल सकता है.’’ इर्दोगान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही तुर्की के मित्र हैं और वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करना चाहते हैं.
तुर्की में कुर्द समस्या के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी कश्मीर मुद्दे से तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा ‘‘हमें कुर्द लोगों से कोई समस्या नहीं है। हमें एक आतंकी संगठन से समस्या है.’’ उन्होंने कहा ‘‘यह (कुर्द समस्या) एक भूभागीय विवाद है। जम्मू कश्मीर में स्थिति अलग है. हम उनकी तुलना करने की गलती न करें.’’
उन्होंने कहा ‘‘दुनियाभर में बातचीत का रास्ता खुला रखने से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. अगर हम वैश्विक शांति की दिशा में योगदान दें तो हमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिल सकता है.’’ इर्दोगान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही तुर्की के मित्र हैं और वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करना चाहते हैं.
तुर्की में कुर्द समस्या के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी कश्मीर मुद्दे से तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा ‘‘हमें कुर्द लोगों से कोई समस्या नहीं है। हमें एक आतंकी संगठन से समस्या है.’’ उन्होंने कहा ‘‘यह (कुर्द समस्या) एक भूभागीय विवाद है। जम्मू कश्मीर में स्थिति अलग है. हम उनकी तुलना करने की गलती न करें.’’
तुर्की में कुर्द समस्या के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी कश्मीर मुद्दे से तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा ‘‘हमें कुर्द लोगों से कोई समस्या नहीं है। हमें एक आतंकी संगठन से समस्या है.’’ उन्होंने कहा ‘‘यह (कुर्द समस्या) एक भूभागीय विवाद है। जम्मू कश्मीर में स्थिति अलग है. हम उनकी तुलना करने की गलती न करें.’’ | यहाँ एक सारांश है:कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बहुपक्षीय वार्ता का सुझाव दिया
पाकिस्तान के साथ साथ भारत के प्रयास के पक्ष में भी राय जाहिर की
कहा - भारत को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 22 सितंबर से भर्ती तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आईसीयू से एक स्पेशल रूम में शिफ्ट कर दिया गया है. अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता सी पोन्नैयन ने बताया कि स्पेशल रूम में ज्यादा जगह है ताकि (मुख्यमंत्री) लोगों से मिल सकें. इस विशेष रूम में सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं.
अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने शुक्रवार को बताया था कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता की सेहत अब ठीक है और उन्हें किसी नए संक्रमण से बचाने के लिए आईसीयू में रखा गया है.टिप्पणियां
रेड्डी ने बताया था कि जयललिता अच्छी नींद ले रही हैं और वह जब चाहें, घर जा सकतीं हैं. जयललिता को बुखार और संक्रमण की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
पिछले हफ्ते जयललिता ने अस्पताल से अपना पहला बयान जारी कर कहा था कि लोगों की दुआओं की वजह से उन्हें नई जिंदगी मिली. मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 नवंबर को होने वाले चुनावों में अन्नाद्रमुक के पक्ष में मतदान करने का आग्रह भी किया था. जयललिता ने कहा था, 'भगवान के आशीर्वाद से बहुत जल्द मैं पूरी तरह ठीक होकर काम पर लौटने की प्रतीक्षा कर रही हूं.'
अपोलो अस्पताल के चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने शुक्रवार को बताया था कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता की सेहत अब ठीक है और उन्हें किसी नए संक्रमण से बचाने के लिए आईसीयू में रखा गया है.टिप्पणियां
रेड्डी ने बताया था कि जयललिता अच्छी नींद ले रही हैं और वह जब चाहें, घर जा सकतीं हैं. जयललिता को बुखार और संक्रमण की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
पिछले हफ्ते जयललिता ने अस्पताल से अपना पहला बयान जारी कर कहा था कि लोगों की दुआओं की वजह से उन्हें नई जिंदगी मिली. मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 नवंबर को होने वाले चुनावों में अन्नाद्रमुक के पक्ष में मतदान करने का आग्रह भी किया था. जयललिता ने कहा था, 'भगवान के आशीर्वाद से बहुत जल्द मैं पूरी तरह ठीक होकर काम पर लौटने की प्रतीक्षा कर रही हूं.'
रेड्डी ने बताया था कि जयललिता अच्छी नींद ले रही हैं और वह जब चाहें, घर जा सकतीं हैं. जयललिता को बुखार और संक्रमण की शिकायत के बाद 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
पिछले हफ्ते जयललिता ने अस्पताल से अपना पहला बयान जारी कर कहा था कि लोगों की दुआओं की वजह से उन्हें नई जिंदगी मिली. मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 नवंबर को होने वाले चुनावों में अन्नाद्रमुक के पक्ष में मतदान करने का आग्रह भी किया था. जयललिता ने कहा था, 'भगवान के आशीर्वाद से बहुत जल्द मैं पूरी तरह ठीक होकर काम पर लौटने की प्रतीक्षा कर रही हूं.'
पिछले हफ्ते जयललिता ने अस्पताल से अपना पहला बयान जारी कर कहा था कि लोगों की दुआओं की वजह से उन्हें नई जिंदगी मिली. मुख्यमंत्री ने लोगों से 19 नवंबर को होने वाले चुनावों में अन्नाद्रमुक के पक्ष में मतदान करने का आग्रह भी किया था. जयललिता ने कहा था, 'भगवान के आशीर्वाद से बहुत जल्द मैं पूरी तरह ठीक होकर काम पर लौटने की प्रतीक्षा कर रही हूं.' | सारांश: चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 22 सितंबर से भर्ती हैं जयललिता
जयललिता को बुखार और संक्रमण की शिकायत थी
अपोलो अस्पताल के चेयरमैन ने शुक्रवार को बताया था, जयललिता की सेहत ठीक है | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अपील की कि वह जामा मस्जिद के समीप कथित खुदाई स्थल पर निर्माण या किसी अन्य गतिविधि की अनुमति किसी को न दे।
एएसआई ने अदालत से यह भी कहा कि स्थल की सुरक्षा की जवाबदेही दिल्ली पुलिस की होनी चाहिए।
पिछले हफ्ते अदालत ने सुभाष पार्क में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी और एएसआई से यह जांच करने को कहा था कि वहां अकबराबादी मस्जिद का ध्वंसावशेष मौजूद है या नहीं।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से कहा कि क्षेत्रीय विधायक शोएब इकबाल ने विवादित स्थल पर निर्माण शुरू कराया था। उन्हें निर्देश दिया जाए कि वह कोई तनाव पैदा न करें।
पुलिस की ओर से पेश वकील पवन शर्मा ने कहा, "हम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। शोएब इकबाल को निर्देश दिया जाए कि वह इलाके में कोई तनाव पैदा न करें।"
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
एएसआई ने अदालत से यह भी कहा कि स्थल की सुरक्षा की जवाबदेही दिल्ली पुलिस की होनी चाहिए।
पिछले हफ्ते अदालत ने सुभाष पार्क में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी और एएसआई से यह जांच करने को कहा था कि वहां अकबराबादी मस्जिद का ध्वंसावशेष मौजूद है या नहीं।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से कहा कि क्षेत्रीय विधायक शोएब इकबाल ने विवादित स्थल पर निर्माण शुरू कराया था। उन्हें निर्देश दिया जाए कि वह कोई तनाव पैदा न करें।
पुलिस की ओर से पेश वकील पवन शर्मा ने कहा, "हम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। शोएब इकबाल को निर्देश दिया जाए कि वह इलाके में कोई तनाव पैदा न करें।"
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
पिछले हफ्ते अदालत ने सुभाष पार्क में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी और एएसआई से यह जांच करने को कहा था कि वहां अकबराबादी मस्जिद का ध्वंसावशेष मौजूद है या नहीं।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से कहा कि क्षेत्रीय विधायक शोएब इकबाल ने विवादित स्थल पर निर्माण शुरू कराया था। उन्हें निर्देश दिया जाए कि वह कोई तनाव पैदा न करें।
पुलिस की ओर से पेश वकील पवन शर्मा ने कहा, "हम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। शोएब इकबाल को निर्देश दिया जाए कि वह इलाके में कोई तनाव पैदा न करें।"
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से कहा कि क्षेत्रीय विधायक शोएब इकबाल ने विवादित स्थल पर निर्माण शुरू कराया था। उन्हें निर्देश दिया जाए कि वह कोई तनाव पैदा न करें।
पुलिस की ओर से पेश वकील पवन शर्मा ने कहा, "हम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। शोएब इकबाल को निर्देश दिया जाए कि वह इलाके में कोई तनाव पैदा न करें।"
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
पुलिस की ओर से पेश वकील पवन शर्मा ने कहा, "हम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। शोएब इकबाल को निर्देश दिया जाए कि वह इलाके में कोई तनाव पैदा न करें।"
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एके सीकरी, न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति राजीव शकधर की विशेष खंडनीठ ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचएम) ने आवेदन दाखिल कर इस मामले में मध्यस्थता की जरूरत बताई और उस स्थल से निर्माण हटवाने की मांग की, जहां इलाके के कुछ निवासी एक मस्जिद बनवा रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने वहां नमाज अता की थी और दावा किया था कि खुदाई स्थल पर मुगलकालीन एक मस्जिद के ध्वंसावशेष मिले हैं। ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में मेट्रो कार्य के दौरान खुदाई में एक इमारत के ध्वंसावशेष मिले थे।टिप्पणियां
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
इलाके के कुछ लोगों का दावा है कि ये ध्वंसावशेष मुगलकाल यानी 17वीं सदी में बनी अकबराबादी मस्जिद के हैं और उन्होंने उसी जगह एक नया ढांचा बनाना शुरू कर दिया, लेकिन अदालत ने निर्माण पर पाबंदी लगा दी।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया।
अदालत का आदेश मानते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और जांच के लिए यह स्थल एएसआई के हवाले कर दिया। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अपील की कि वह जामा मस्जिद के समीप कथित खुदाई स्थल पर निर्माण या किसी अन्य गतिविधि की अनुमति किसी को न दे। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के बुलंदशहर में दो महीने पहले 15 साल की लतिका और उसकी छोटी बहन तान्या की आंखों के सामने उनके पिता ने उनकी मां को जिंदा जलाकर मार डाला था. हैवान बाप ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि महिला बेटे को जन्म नहीं दे सकी थी.
तीन दिन पहले लतिका ने अपने खून से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक चिट्ठी लिखी थी. उसने एनडीटीवी से कहा- जब मैंने अपनी अंगुली काटी तो बहुत दर्द हुआ, लेकिन यह उस दर्द के मुकाबले कुछ भी नहीं था, जो मेरी मां ने आग में झुलसते हुए दम तोड़ने के दौरान सहा. उस खौफनाक हादसे के बाद से ये दोनों बहनें अपने मामा के यहां रहने लगीं. शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन बहनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
14 जून को अनु बंसल को उनके पति समेत ससुराल के 8 लोगों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया था. छह दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई. महिला की दोनों बेटियों का कहना है कि उनकी मां को बेटा न होने के चलते सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा था.
जांच में कई मोड़ आए. पहले इसे हत्या का मामला बताया गया, लेकिन बाद में इसे खुदकुशी का केस करार दिया गया. दोनों बहनों का कहना है कि उन्होंने तय किया कि वे मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाएंगी. लतिका ने अखिलेश यादव को चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. लतिका ने कहा, मैंने सोचा कि स्याही से लिखी मेरी चिट्ठियों को सीएम ने नहीं पढ़ा, तो यदि मैं खून से खत लिखूं, तो शायद उनका ध्यान इस ओर जाए.
पुलिस ने लतिका के पिता मनोज को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बाकी 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप हटा लिए गए. लतिका के मामा तरुण का कहना है कि मनोज की गिरफ्तारी दबाव में की गई. उसके परिवार के बाकी लोग गायब हैं.टिप्पणियां
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
तीन दिन पहले लतिका ने अपने खून से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक चिट्ठी लिखी थी. उसने एनडीटीवी से कहा- जब मैंने अपनी अंगुली काटी तो बहुत दर्द हुआ, लेकिन यह उस दर्द के मुकाबले कुछ भी नहीं था, जो मेरी मां ने आग में झुलसते हुए दम तोड़ने के दौरान सहा. उस खौफनाक हादसे के बाद से ये दोनों बहनें अपने मामा के यहां रहने लगीं. शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन बहनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
14 जून को अनु बंसल को उनके पति समेत ससुराल के 8 लोगों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया था. छह दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई. महिला की दोनों बेटियों का कहना है कि उनकी मां को बेटा न होने के चलते सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा था.
जांच में कई मोड़ आए. पहले इसे हत्या का मामला बताया गया, लेकिन बाद में इसे खुदकुशी का केस करार दिया गया. दोनों बहनों का कहना है कि उन्होंने तय किया कि वे मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाएंगी. लतिका ने अखिलेश यादव को चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. लतिका ने कहा, मैंने सोचा कि स्याही से लिखी मेरी चिट्ठियों को सीएम ने नहीं पढ़ा, तो यदि मैं खून से खत लिखूं, तो शायद उनका ध्यान इस ओर जाए.
पुलिस ने लतिका के पिता मनोज को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बाकी 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप हटा लिए गए. लतिका के मामा तरुण का कहना है कि मनोज की गिरफ्तारी दबाव में की गई. उसके परिवार के बाकी लोग गायब हैं.टिप्पणियां
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
14 जून को अनु बंसल को उनके पति समेत ससुराल के 8 लोगों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया था. छह दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई. महिला की दोनों बेटियों का कहना है कि उनकी मां को बेटा न होने के चलते सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा था.
जांच में कई मोड़ आए. पहले इसे हत्या का मामला बताया गया, लेकिन बाद में इसे खुदकुशी का केस करार दिया गया. दोनों बहनों का कहना है कि उन्होंने तय किया कि वे मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाएंगी. लतिका ने अखिलेश यादव को चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. लतिका ने कहा, मैंने सोचा कि स्याही से लिखी मेरी चिट्ठियों को सीएम ने नहीं पढ़ा, तो यदि मैं खून से खत लिखूं, तो शायद उनका ध्यान इस ओर जाए.
पुलिस ने लतिका के पिता मनोज को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बाकी 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप हटा लिए गए. लतिका के मामा तरुण का कहना है कि मनोज की गिरफ्तारी दबाव में की गई. उसके परिवार के बाकी लोग गायब हैं.टिप्पणियां
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
जांच में कई मोड़ आए. पहले इसे हत्या का मामला बताया गया, लेकिन बाद में इसे खुदकुशी का केस करार दिया गया. दोनों बहनों का कहना है कि उन्होंने तय किया कि वे मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाएंगी. लतिका ने अखिलेश यादव को चिट्ठियां लिखीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. लतिका ने कहा, मैंने सोचा कि स्याही से लिखी मेरी चिट्ठियों को सीएम ने नहीं पढ़ा, तो यदि मैं खून से खत लिखूं, तो शायद उनका ध्यान इस ओर जाए.
पुलिस ने लतिका के पिता मनोज को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बाकी 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप हटा लिए गए. लतिका के मामा तरुण का कहना है कि मनोज की गिरफ्तारी दबाव में की गई. उसके परिवार के बाकी लोग गायब हैं.टिप्पणियां
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
पुलिस ने लतिका के पिता मनोज को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. बाकी 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप हटा लिए गए. लतिका के मामा तरुण का कहना है कि मनोज की गिरफ्तारी दबाव में की गई. उसके परिवार के बाकी लोग गायब हैं.टिप्पणियां
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
बुलंदशहर के पुलिस प्रमुख अनीश अंसारी ने कहा, हम (जांच में) कमियों की पड़ताल करेंगे. अंसारी ने सीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को लतिका से मुलाकात की थी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी.
11वीं की छात्रा लतिका का कहना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती है और सिस्टम में सुधार लाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार दोनों बहनों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाएगी. | संक्षिप्त सारांश: 14 जून को अनु बंसल को जिंदा जला दिया गया था
आरोपी पिता गिरफ्तार, जांच में कमियों की होगी पड़ताल
सीएम ने दोनों बहनों की हरसंभव सहायता का वादा किया | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के कारण राजधानी के मुख्य बाजारों का कारोबार भले ही बुरी तरह प्रभावित हुआ हो, लेकिन यहां चलन से बाहर हुए हजार और पांच सौ रुपये के नोट कमीशन में बदलने का धंधा खूब फलफूल रहा है.
राजधानी के थोक बाजार चांदनी चौक, फतेहपुरी और सदर बाजार में पुराने और कटे-फटे नोट बदलने वाले दुकानदार 40 से 50 प्रतिशत के कमीशन पर नोट बदलने का काम कर रहे हैं.
सूत्रों ने बताया कि यह छोटे दुकानदार जाहिरा तौर पर बड़ी रकम की नकदी नहीं बदलते हैं और एक दो नोट ही बदलते हैं, लेकिन किसी संपर्क अथवा बिचौलिए के जरिए पहुंचने पर एक लाख रुपये की पुरानी नकदी पर सौ-सौ रुपये की शक्ल में 50 हजार रुपये तक मिल सकती है.
जानकारों का कहना है कि यह लोग पहले पुराने नोटों को फाड़ देते हैं और फिर उसे 30 दिसंबर से पहले रिजर्व बैंक में बदलवाकर मुनाफा निकाल लेंगे.
उन्होंने बताया कि सिंडीकेट ने कमीशन पर नोट बदलने का अनुपात कुछ इस प्रकार तय किया है कि बड़ी रकम पर टैक्स और 200 फीसद जुर्माना देने के बाद भी उन्हें कुछ फायदा मिल जाएगा.
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजधानी के थोक बाजार चांदनी चौक, फतेहपुरी और सदर बाजार में पुराने और कटे-फटे नोट बदलने वाले दुकानदार 40 से 50 प्रतिशत के कमीशन पर नोट बदलने का काम कर रहे हैं.
सूत्रों ने बताया कि यह छोटे दुकानदार जाहिरा तौर पर बड़ी रकम की नकदी नहीं बदलते हैं और एक दो नोट ही बदलते हैं, लेकिन किसी संपर्क अथवा बिचौलिए के जरिए पहुंचने पर एक लाख रुपये की पुरानी नकदी पर सौ-सौ रुपये की शक्ल में 50 हजार रुपये तक मिल सकती है.
जानकारों का कहना है कि यह लोग पहले पुराने नोटों को फाड़ देते हैं और फिर उसे 30 दिसंबर से पहले रिजर्व बैंक में बदलवाकर मुनाफा निकाल लेंगे.
उन्होंने बताया कि सिंडीकेट ने कमीशन पर नोट बदलने का अनुपात कुछ इस प्रकार तय किया है कि बड़ी रकम पर टैक्स और 200 फीसद जुर्माना देने के बाद भी उन्हें कुछ फायदा मिल जाएगा.
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों ने बताया कि यह छोटे दुकानदार जाहिरा तौर पर बड़ी रकम की नकदी नहीं बदलते हैं और एक दो नोट ही बदलते हैं, लेकिन किसी संपर्क अथवा बिचौलिए के जरिए पहुंचने पर एक लाख रुपये की पुरानी नकदी पर सौ-सौ रुपये की शक्ल में 50 हजार रुपये तक मिल सकती है.
जानकारों का कहना है कि यह लोग पहले पुराने नोटों को फाड़ देते हैं और फिर उसे 30 दिसंबर से पहले रिजर्व बैंक में बदलवाकर मुनाफा निकाल लेंगे.
उन्होंने बताया कि सिंडीकेट ने कमीशन पर नोट बदलने का अनुपात कुछ इस प्रकार तय किया है कि बड़ी रकम पर टैक्स और 200 फीसद जुर्माना देने के बाद भी उन्हें कुछ फायदा मिल जाएगा.
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जानकारों का कहना है कि यह लोग पहले पुराने नोटों को फाड़ देते हैं और फिर उसे 30 दिसंबर से पहले रिजर्व बैंक में बदलवाकर मुनाफा निकाल लेंगे.
उन्होंने बताया कि सिंडीकेट ने कमीशन पर नोट बदलने का अनुपात कुछ इस प्रकार तय किया है कि बड़ी रकम पर टैक्स और 200 फीसद जुर्माना देने के बाद भी उन्हें कुछ फायदा मिल जाएगा.
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि सिंडीकेट ने कमीशन पर नोट बदलने का अनुपात कुछ इस प्रकार तय किया है कि बड़ी रकम पर टैक्स और 200 फीसद जुर्माना देने के बाद भी उन्हें कुछ फायदा मिल जाएगा.
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि सरकार काले धन के खिलाफ जंग में पूरी तरह से मुस्तैद है और रोज नए-नए निर्देश जारी करके अवैध तरीके से कमाए गए ज्यादा से ज्यादा धन को बाहर लाने का पूरा प्रयास कर रही है.
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खाते में ढाई लाख रुपये तक की छूट और पैन की अनिवार्यताओं के बावजूद लोग कालेधन के खिलाफ जंग में भी कालाधन बनाने के नए-नए उपाय तलाश रहे हैं.
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार ने एक सप्ताह बाद भी बैंकों में खत्म नहीं होने वाली कतारों, लोगों के झगड़ालू होते स्वाभाव और काले धन को सफेद करने वाले सिंडिकेटों को रोकने के लिए बंद हो चुकी मुद्रा की अदला-बदली करने वाले लोगों की निशानदेही के लिए अमिट स्याही से निशान लगाने की तरकीब निकाली है.
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि सरकार की स्याही लगाने की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर संदिग्ध जमाकर्ताओं पर नजर रखने के उपाय के तौर पर अमिट स्याही के इस्तेमाल करने के लिए चुनाव आयोग के नियमों का खयाल जरूर रखने को कहा है. आयोग की घोषणा के अनुसार 19 नवंबर को पांच राज्यों में उपचुनाव होने हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर और भवन निर्माता भी कालेधन को सफेद बनाने के धंधे में शामिल हैं. बिल्डर अभी भी पुराने नोट स्वीकार करके फ्लैट बुक कराने पर तो सहमत हैं, लेकिन पुरानी नकदी में फ्लैट के लिए पूरा भुगतान लेने को लेकर डरे हुए भी हैं. सूत्रों का कहना है कि गोवा में मोदी द्वारा बेनामी संपत्ति और रीयल एस्टेट क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइल की आशंका से अब बिल्डर जल्द से जल्द अपने फ्लैटों को निकालने के चक्कर में हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने दाम भी घटा दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूत्रों ने बताया कि बिल्डर के पास करीब 60 फीसद कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर और छोटे ठेकेदार होते हैं, जिन्हें रोजाना भुगतान किया जाता है. बुक कराने की राशि को बड़ी आसानी से वह तीस दिसंबर तक अपने दिहाड़ी मजदूरों के बीच खपा देंगे. इसके अलावा वह ठेकेदारों को भी अग्रिम भुगतान कर नए आर्डर दे रहे हैं.
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि कल सरकार ने लोगों से दूसरों के पैसे अपने खाते में जमा नहीं कराने की भी अपील की है. सरकार ने कहा था कि वह जनधन खातों समेत अचानक जमा बढ़ने वाले अन्य खातों पर भी पैनी निगाह रखे हुए हैं. इसके अलावा अक्टूबर माह के दौरान देश का सोना आयात भी दोगुना होकर 3.5 अरब डालर पर पहुंच गया. पिछले साल के अक्टूबर में 1.67 अरब डालर का सोना आयात किया गया था.
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि बीते दिनों दीपावली और त्यौहारी मांग के कारण भी स्वर्ण आयात बढ़ा है, लेकिन इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि लोगों ने नोटबंदी के बाद काली कमाई को सोने में बदल लिया हो. पेट्रोल पंपों और मंदिरों के चढ़ावे के जरिए भी कालेधन को वैध बनाने की अफवाहें चल रही हैं.
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दूसरी ओर चलन से बाहर किए गए नोटों को बदलने में व्यापारियों और अन्य परिचालकों द्वारा कथित तौर पर मुनाफाखोरी करने और कर अपवंचना करने की खबरें आने के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच और छापेमारी करने के डर से राष्ट्रीय राजधानी में आज छठवें दिन भी स्वर्ण एवं आभूषण प्रतिष्ठान बंद हैं. राष्ट्रीय राजधानी में अधिकांश सर्राफा दुकानें 11 नवंबर से बंद हैं. सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय की एक शाखा, केन्द्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) के अधिकारियों ने उक्त आभूषण विक्रेताओं को नोटिस भेजा है तथा उनसे सोने की बिक्री का ब्यौरा मांगा है.
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस सबके बीच उच्चतम न्यायालय ने कालेधन और अपराध के खिलाफ लड़ाई के लिए सरकार के कदम को ‘सराहनीय’ बताते हुए केंद्र को ‘आम लोगों की परेशानी कम करने संबंधी उपाय करने’ तथा नकदी निकासी की सीमा बढ़ाने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है.
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजधानी के उद्योग मंडल सीआईआई ने अध्यक्ष नौशाद फोब्र्स ने नकदी समस्या के लंबा खिंचने पर कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों पर प्रतिकूल असर पड़ने का आशंका जताई है.
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के इस कदम से ज्यादातर लोगों को परेशानी हो रही है. विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी अर्थशास्त्री गॉय सोरमन का कहना है कि भारत सरकार का 500 और 1,000 का नोट बंद करने का फैसला एक स्मार्ट राजनीतिक कदम है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ‘अधिक नियमन’ वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से बैंक नोटों को बदलना एक स्मार्ट कदम है. हालांकि, इससे कुछ समय के लिए वाणिज्यिक लेनदेन बंद हो सकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ सकती है, लेकिन यह भ्रष्टाचार को गहराई से खत्म नहीं कर सकता.
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सोरमन ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अत्यधिक नियमन वाली अर्थव्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता है. भ्रष्टाचार वास्तव में लालफीताशाही और अफसरशाही के इर्दगिर्द घूमता है. ऐसे में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नियमन को कुछ कम किया जाना चाहिए.’’
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जानी मानी अर्थशास्त्री और वित्त मंत्रालय की पूर्व प्रधान आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के कई उद्देश्य हैं. इससे निश्चित रूप से वे लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे जिनके पास नकद में कालाधन है. ‘‘भ्रष्ट अधिकारी, राजनेता और कई अन्य सोच रहे हैं कि वे इस स्थिति में नकदी से कैसे निपटें.’’ हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंचे मूल्य के नोटों को नए नोटों से बदला जाएगा. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि भ्रष्टाचार में नकदी का इस्तेमाल बंद हो जाएगा.टिप्पणियां
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पटनायक ने कहा कि इस आशंका के चलते कि फिर से नोटों को बंद किया जा सकता है, डालर, सोने या हीरे की खरीद बढ़ने लगेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: कटे-फटे नोट बदलने वाले दुकानदार 40 से 50 प्रतिशत कमीशन ले रहे
30 दिसंबर से पहले रिजर्व बैंक में बदलवाकर कमाएंगे मुनाफा
बिल्डर भी कालेधन को सफेद बनाने की कोशिशों में जुटे | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली और सुरक्षाबलों के बीच तीन दिनों तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने 15-20 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है. इस लड़ाई में एक जवान शहीद हो गया जबकि दो के घायल होने की ख़बर है.
पुलिस के मुताबिक माओवादियों के ख़िलाफ 3 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया. 100-150 की संख्या में नक्सलियों को घेरा गया था. खासबात ये थी कि पहली दफा माओवादी कोबरा जवानों की वर्दी में देखे गए. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, डीआरजी, ज़िला बल और कोबरा के जवान शामिल थे.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी देवेन्द्र चौहान ने बताया कि इस सघन अभियान में तकरीबन 350 सुरक्षाकर्मी शामिल थे और रविवार से मंगलवार तक तीन दिन लगातार माओवादियों से भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि अमूमन माओवादी काली ड्रेस पहनते हैं लेकिन पहली बार देखा गया वे कोबरा की यूनिफॉर्म में थे. हमले में भदोही के शरद उपाध्याय शहीद हुए, पुलिस और डीआरजी के दो जवान घायल हुए.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है. टिप्पणियां
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
पुलिस के मुताबिक माओवादियों के ख़िलाफ 3 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया. 100-150 की संख्या में नक्सलियों को घेरा गया था. खासबात ये थी कि पहली दफा माओवादी कोबरा जवानों की वर्दी में देखे गए. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, डीआरजी, ज़िला बल और कोबरा के जवान शामिल थे.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी देवेन्द्र चौहान ने बताया कि इस सघन अभियान में तकरीबन 350 सुरक्षाकर्मी शामिल थे और रविवार से मंगलवार तक तीन दिन लगातार माओवादियों से भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि अमूमन माओवादी काली ड्रेस पहनते हैं लेकिन पहली बार देखा गया वे कोबरा की यूनिफॉर्म में थे. हमले में भदोही के शरद उपाध्याय शहीद हुए, पुलिस और डीआरजी के दो जवान घायल हुए.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है. टिप्पणियां
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी देवेन्द्र चौहान ने बताया कि इस सघन अभियान में तकरीबन 350 सुरक्षाकर्मी शामिल थे और रविवार से मंगलवार तक तीन दिन लगातार माओवादियों से भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि अमूमन माओवादी काली ड्रेस पहनते हैं लेकिन पहली बार देखा गया वे कोबरा की यूनिफॉर्म में थे. हमले में भदोही के शरद उपाध्याय शहीद हुए, पुलिस और डीआरजी के दो जवान घायल हुए.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है. टिप्पणियां
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है. टिप्पणियां
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है. | संक्षिप्त सारांश: बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ तीन दिन से अभियान चल रहा था
ऑपरेशन में CRPF, डीआरजी और कोबरा के जवान शामिल थे
सुरक्षा बलों ने 15 से 20 नक्सलियों को मारने का दावा किया है | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक पार्टियां गठजोड़ में जुट गई हैं. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले यूपी चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ अपनी पार्टी आरपीआई के गठजोड़ को लेकर गंभीर हैं. उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी-आरपीआई गठबंधन उप्र चुनाव में जीत का परचम लहराएगा.
आठवले ने विशेष इंटरव्यू में कहा, "हम यूपी चुनाव से पहले आरपीआई के बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर गंभीर हैं. इस गठबंधन से यूपी विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज होगी." बीजेपी के साथ गठबंधन के फैसले को प्राथमिकता बताते हुए वह कहते हैं, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की गई थी और अब इसी सिलसिले को यूपी में भी दोहराया जाएगा. आरपीआई के बीजेपी के साथ जुड़ने से चुनाव में पार्टी को बड़ी संख्या में दलित वोट मिलेंगे."
दलित नेता आठवले ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख को निशाने पर लेते हुए कहा, "मायावती दलितों के नाम पर ही अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही हैं. 'हाथी' आरपीआई का चुनाव चिह्न था जिसे उन्होंने धोखे से हड़प लिया. बसपा ने हमारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है." उन्होंने कहा कि वह यूपी चुनाव में बसपा के दलित वोट काटने नहीं जा रहे हैं, बल्कि ये दलित वोट शुरू से ही आरपीआई के साथ रहे हैं, जिसे दिग्भ्रमित किया गया है. उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी के साथ आरपीआई का गठबंधन होता है तो यकीनन यूपी में भाजपा का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनेगा."
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ आरपीआई के गठबंधन के बाद सूबे में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना. इसी तरह जब आरपीआई कांग्रेस के साथ थी तो हर बार कांग्रेस का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनता था जिसका साफ मतलब है कि हर बार दलित वोट कांग्रेस की झोली में जाते थे. आठवले ने पूरे विश्वास के साथ कहा, "यूपी में आरपीआई को 25-30 सीटें जरूर मिलेंगी."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उप्र चुनाव से पहले बीजेपी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं करेगी. बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा उन्हें 'भाजपा का गुलाम' कहे जाने पर आठवले कहते हैं, "मैं मायावती जी से प्रश्न पूछूंगा कि वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार सूबे की मुख्यमंत्री रहीं तो क्या तब वह भाजपा की गुलाम थीं?" वह दावा करते हैं कि बीएसपी के कई कार्यकर्ता और विधायक मायावती से नाराज हैं और वे आरपीआई के संपर्क में हैं. उनके आरपीआई में शामिल होने का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा.
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आठवले ने विशेष इंटरव्यू में कहा, "हम यूपी चुनाव से पहले आरपीआई के बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर गंभीर हैं. इस गठबंधन से यूपी विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज होगी." बीजेपी के साथ गठबंधन के फैसले को प्राथमिकता बताते हुए वह कहते हैं, "नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की गई थी और अब इसी सिलसिले को यूपी में भी दोहराया जाएगा. आरपीआई के बीजेपी के साथ जुड़ने से चुनाव में पार्टी को बड़ी संख्या में दलित वोट मिलेंगे."
दलित नेता आठवले ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख को निशाने पर लेते हुए कहा, "मायावती दलितों के नाम पर ही अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही हैं. 'हाथी' आरपीआई का चुनाव चिह्न था जिसे उन्होंने धोखे से हड़प लिया. बसपा ने हमारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है." उन्होंने कहा कि वह यूपी चुनाव में बसपा के दलित वोट काटने नहीं जा रहे हैं, बल्कि ये दलित वोट शुरू से ही आरपीआई के साथ रहे हैं, जिसे दिग्भ्रमित किया गया है. उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी के साथ आरपीआई का गठबंधन होता है तो यकीनन यूपी में भाजपा का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनेगा."
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ आरपीआई के गठबंधन के बाद सूबे में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना. इसी तरह जब आरपीआई कांग्रेस के साथ थी तो हर बार कांग्रेस का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनता था जिसका साफ मतलब है कि हर बार दलित वोट कांग्रेस की झोली में जाते थे. आठवले ने पूरे विश्वास के साथ कहा, "यूपी में आरपीआई को 25-30 सीटें जरूर मिलेंगी."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उप्र चुनाव से पहले बीजेपी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं करेगी. बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा उन्हें 'भाजपा का गुलाम' कहे जाने पर आठवले कहते हैं, "मैं मायावती जी से प्रश्न पूछूंगा कि वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार सूबे की मुख्यमंत्री रहीं तो क्या तब वह भाजपा की गुलाम थीं?" वह दावा करते हैं कि बीएसपी के कई कार्यकर्ता और विधायक मायावती से नाराज हैं और वे आरपीआई के संपर्क में हैं. उनके आरपीआई में शामिल होने का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा.
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दलित नेता आठवले ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख को निशाने पर लेते हुए कहा, "मायावती दलितों के नाम पर ही अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही हैं. 'हाथी' आरपीआई का चुनाव चिह्न था जिसे उन्होंने धोखे से हड़प लिया. बसपा ने हमारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया है." उन्होंने कहा कि वह यूपी चुनाव में बसपा के दलित वोट काटने नहीं जा रहे हैं, बल्कि ये दलित वोट शुरू से ही आरपीआई के साथ रहे हैं, जिसे दिग्भ्रमित किया गया है. उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी के साथ आरपीआई का गठबंधन होता है तो यकीनन यूपी में भाजपा का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनेगा."
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ आरपीआई के गठबंधन के बाद सूबे में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना. इसी तरह जब आरपीआई कांग्रेस के साथ थी तो हर बार कांग्रेस का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनता था जिसका साफ मतलब है कि हर बार दलित वोट कांग्रेस की झोली में जाते थे. आठवले ने पूरे विश्वास के साथ कहा, "यूपी में आरपीआई को 25-30 सीटें जरूर मिलेंगी."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उप्र चुनाव से पहले बीजेपी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं करेगी. बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा उन्हें 'भाजपा का गुलाम' कहे जाने पर आठवले कहते हैं, "मैं मायावती जी से प्रश्न पूछूंगा कि वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार सूबे की मुख्यमंत्री रहीं तो क्या तब वह भाजपा की गुलाम थीं?" वह दावा करते हैं कि बीएसपी के कई कार्यकर्ता और विधायक मायावती से नाराज हैं और वे आरपीआई के संपर्क में हैं. उनके आरपीआई में शामिल होने का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा.
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ आरपीआई के गठबंधन के बाद सूबे में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना. इसी तरह जब आरपीआई कांग्रेस के साथ थी तो हर बार कांग्रेस का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनता था जिसका साफ मतलब है कि हर बार दलित वोट कांग्रेस की झोली में जाते थे. आठवले ने पूरे विश्वास के साथ कहा, "यूपी में आरपीआई को 25-30 सीटें जरूर मिलेंगी."
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उप्र चुनाव से पहले बीजेपी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं करेगी. बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा उन्हें 'भाजपा का गुलाम' कहे जाने पर आठवले कहते हैं, "मैं मायावती जी से प्रश्न पूछूंगा कि वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार सूबे की मुख्यमंत्री रहीं तो क्या तब वह भाजपा की गुलाम थीं?" वह दावा करते हैं कि बीएसपी के कई कार्यकर्ता और विधायक मायावती से नाराज हैं और वे आरपीआई के संपर्क में हैं. उनके आरपीआई में शामिल होने का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा.
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उप्र चुनाव से पहले बीजेपी अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं करेगी. बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा उन्हें 'भाजपा का गुलाम' कहे जाने पर आठवले कहते हैं, "मैं मायावती जी से प्रश्न पूछूंगा कि वह बीजेपी के समर्थन से तीन बार सूबे की मुख्यमंत्री रहीं तो क्या तब वह भाजपा की गुलाम थीं?" वह दावा करते हैं कि बीएसपी के कई कार्यकर्ता और विधायक मायावती से नाराज हैं और वे आरपीआई के संपर्क में हैं. उनके आरपीआई में शामिल होने का औपचारिक ऐलान जल्द ही किया जाएगा.
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आठवले बोले, "महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने का बिल 15-16 साल से लंबित है इस बारे में मैं जल्द ही मोदी जी से बात करूंगा." यह पूछे जाने पर कि यदि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं हो पाता है, तब आरपीआई की रणनीति क्या होगी, उन्होंने कहा, "पूरी कोशिश है, गठबंधन तो जरूर होगा, यदि नहीं होता है तो हम कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और बाकी सीटों पर भाजपा को समर्थन देंगे." केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की पैरवी की है. उनका कहना है कि सभी जाति के गरीबों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए. आरक्षण का चाहे जितना भी विरोध हो, लेकिन यह कभी खत्म नहीं होगा.टिप्पणियां
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया, "मैं हर जाति के गरीबों को आरक्षण देने के पक्ष में रहा हूं, फिर चाहे वह हरियाणा के जाट हों, महाराष्ट्र के मराठा हों, गुजरात के पटेल हों. इसके लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण की सीमा को 49.5 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करना होगा, जिसके लिए प्रयास जारी हैं." आरपीआई का 11 सितंबर को इलाहाबाद में और 18 सितंबर को अमरोहा में कार्यक्रम है, जहां आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:बोले-आरपीआई के साथ बीजेपी जुड़ी तो काफी दलित वोट मिलेंगे
यदि गठजोड़ हुआ तो बीजेपी का उम्मीदवार ही बनेगा मुख्यमंत्री
मायावती पर लगाया दलितों के नाम पर सियासत करने का आरोप | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महिला कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की दो दिवसीय बैठक 21 दिसंबर से यहां शुरू होगी जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा होगी. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी की तैयारियों में उनकी भूमिका पर भी बात होगी.
पार्टी के एक अधिकारी ने बताया कि गांधीनगर जिले के अदलज गांव के पास एक मंदिर के परिसर - त्रिमंदिर के पीछे एक खुले मैदान में यह बड़ा सम्मेलन होगा. बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहटकर ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को उद्घाटन कार्यक्रम के लिए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को आमंत्रित किया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 दिसंबर को समापन समारोह में शामिल होंगे.
राहटकर ने बताया, “आगामी लोकसभा चुनावों में हमारी भूमिका पर चर्चा करने के लिए हमने विभिन्न सत्र आयोजित किए हैं. हम एक खाका तैयार करेंगे और यह बताएंगे कि महिला मोर्चा उसे जमीनी स्तर पर कैसे लागू करेगा.” उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय सम्मलेन के दौरान करीब 5,000 महिला बीजेपी कार्यकर्ताओं को पार्टी के विभिन्न राष्ट्र स्तरीय नेताओं एवं केंद्रीय मंत्रियों से मार्गदर्शन मिलेगा. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और साध्वी निरंजन ज्योति, बीजेपी नेता सरोज पांडे, राम लाल और भूपेंद्र यादव समेत कई अन्य इसमें हिस्सा लेंगे.
(इनपुट भाषा से) | यहाँ एक सारांश है:आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी की तैयारियों पर बात होगी
गांधीनगर जिले के अदलज गांव में एक मंदिर में होगी बैठक
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और साध्वी निरंजन ज्योति भी भाग लेंगी | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के सेमीफाइनल में 12 बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 3−0 से जीत लिया।टिप्पणियां
मैच में शुरू से ही मेजबान ऑस्ट्रेलिया हावी रही। पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने 2−0 की बढ़त बना ली थी और दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम वापसी नहीं कर सकी, जिससे भारतीय टीम ने इतिहास बनाने का एक मौका गंवा दिया।
आज खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर नीदरलैंड ने फाइनल में जगह बना ली है। अब चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टक्कर होगी।
मैच में शुरू से ही मेजबान ऑस्ट्रेलिया हावी रही। पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने 2−0 की बढ़त बना ली थी और दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम वापसी नहीं कर सकी, जिससे भारतीय टीम ने इतिहास बनाने का एक मौका गंवा दिया।
आज खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर नीदरलैंड ने फाइनल में जगह बना ली है। अब चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टक्कर होगी।
आज खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर नीदरलैंड ने फाइनल में जगह बना ली है। अब चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टक्कर होगी। | यहाँ एक सारांश है:चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के सेमीफाइनल में 12 बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 3−0 से जीत लिया। फाइनल में नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टक्कर होगी। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी रिश्ते की एक बहन को भगाने में 'मदद करने वाले' एक व्यक्ति की उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर चाकू मार कर हत्या कर दी और उसके भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया.टिप्पणियां
पुलिस ने बताया कि यह घटना कल हुयी. उन्होंने बताया कि शामली जिले में महिला के रिश्तेदारों ने कथित तौर पर धारदार हथियारों से विजय की हत्या कर दी और उसके भाई अजय को गंभीर रूप से घायल कर दिया.
पुलिस ने बताया कि दोनों भाईयों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने रिश्ते की अपनी बहन को उसके परिवार की मर्जी के खिलाफ भगाने में 'मदद' की थी. आरोपी रामकुमार और विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिये गये हैं. घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने बताया कि यह घटना कल हुयी. उन्होंने बताया कि शामली जिले में महिला के रिश्तेदारों ने कथित तौर पर धारदार हथियारों से विजय की हत्या कर दी और उसके भाई अजय को गंभीर रूप से घायल कर दिया.
पुलिस ने बताया कि दोनों भाईयों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने रिश्ते की अपनी बहन को उसके परिवार की मर्जी के खिलाफ भगाने में 'मदद' की थी. आरोपी रामकुमार और विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिये गये हैं. घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने बताया कि दोनों भाईयों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने रिश्ते की अपनी बहन को उसके परिवार की मर्जी के खिलाफ भगाने में 'मदद' की थी. आरोपी रामकुमार और विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिये गये हैं. घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. | यह एक सारांश है: उसके भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया.
आरोपी रामकुमार और विकास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन केस के गवाह सिलवेस्टर के फरार होने के मामले में अपनी गलती मान ली है। गुजरात पुलिस के डीजीपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले के चारों आरोपी पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार पुलिसवालों में एक कमांडो, दो कांस्टेबल और एक सब−इंस्पेक्टर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि इन चारों के नशे में होने की वजह से सिलवेस्टर भागा था। यही चारों पुलिसवाले शनिवार दोपहर सिलवेस्टर को गवाही के लिए उदयपुर लेकर गए थे। सिलवेस्टर को देर रात राजस्थान पुलिस ने उदयपुर से फिर से गिरफ्तार कर लिया। सिलवेस्टर 2004 के वडोदरा के पॉपुलर बिल्डर्स के दफ्तर पर फायरिंग के केस में भी आरोपी है। सिलवेस्टर ने पिछले साल सीबीआई को दिए बयान में कहा था कि सोहराबुद्दीन ने उसे बताया था कि पॉपुलर बिल्डर्स के ऑफिस पर फायरिंग आईपीएस अधिकारी अभय चुडास्मा के कहने पर कराई गई है। | यह एक सारांश है: सोहराबुद्दीन केस के गवाह सिलवेस्टर के फरार होने के मामले में गुजरात के चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। सिलवेस्टर को कल ही पकड़ लिया गया था। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के जवाब को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने NDTV से बातचीत में तीखी प्रतिक्रिया जताई है, वहीं बीजेपी (BJP) ने बचाव किया है. टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि धर्म के नाम पर जो कुछ हो रहा है वह संविधान में नहीं है. सपा के सांसद आजम खान ने कहा है कि चुटकी भर लोगों के सवाल को अल्पसंख्यकों का सवाल नहीं माना जाएगा. बीजेपी के सांसद लॉकेट चटर्जी ने विपक्ष पर बंगाल को पाकिस्तान बनाने का आरोप लगाया है.
पीएम नरेंद्र मोदी के टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने NDTV से कहा कि हम तो विपक्ष में हैं, अपने मुद्दे उठाएंगे, जनता की आवाज हम उठाएंगे ही. उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह संविधान में नहीं है.
महुआ मोइत्रा ने कहा कि सबको बोला जा रहा है कि नेशन इज अंडर क्राइसिस, जैसे काला भूत आ गया है. सबको डराया जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि इससे केवल बीजेपी ही बचा सकती है. उन्होंने कहा कि हमारी आर्मी नेशनल आर्मी है, किसी एक आदमी की नहीं है, किसी एक पार्टी की नहीं है. अपनी पर्सनल आर्मी बनाना सही नहीं है. एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो 50 साल से हैं, उनसे आप सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन जो मंत्री हैं वे अपना कॉलेज का सर्टिफिकेट नहीं दे पाते हैं. जो 50 साल से रह रहे हैं, उनके दादा और परदादा का सर्टिफिकेट मांग रहे हैं. मीडिया पर भी दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के जवाब में बंगाल से बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने NDTV से कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल में हिंसा जारी रखी है. मोदी सरकार के लिए बंगाल से 18 सांसदों को चुनकर जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है. यह सब लोग देख रहे हैं. टीएमसी का रिजल्ट जो खराब हुआ है, उसे वह स्वीकार नहीं कर पा रही है, इसलिए मोदी पर आरोप लगा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि एनआरसी के नाम पर किसी को टारगेट नहीं किया जा रहा है. पूरा बंगाल जानता है कि एनआरसी किस तरह का इशू है. अगर किसी कम्युनिटी को टारगेट किया जाता तो इतना अच्छा रिजल्ट नहीं आता. बंगाल में जो पुराने लोग हैं, 50 से, 100 साल से.. उनको तो भगा नहीं दिया जाएगा. जिसका पासपोर्ट नकली है, आधार, वोटर कार्ड नहीं है, उसको हटाया जाएगा. इसको लेकर जानबूझकर कन्फ्यूजन पैदा किया जा रहा है.
लॉकेट चटर्जी ने कहा कि सेना को जो निर्देश पहले की सरकार को देना चाहिए थे वह नहीं दिए गए, यह मोदी जी ने दिए हैं. पुरानी सरकार ने निर्देश नहीं दिए थे. देश को सुरक्षित किया है मोदी जी ने. बंगाल में पाकिस्तान बनाने की कोशिश हो रही है. पूरा देश मोदी जी के नाम पर सुरक्षित है.
संसद में दिए गए पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने NDTV से बातचीत में कहा कि अगर विपक्ष इतना मजबूत होता, तो इस चुनाव में इतना कमजोर क्यों हो जाता. विपक्ष के बारे में ऐसा कहना अपनी जिम्मेदारियों से भागना है. अल्पसंख्यकों को लेकर उन्होंने कहा कि एक कातिल का हाथ नहीं रोका, किसी की निंदा नहीं की. बेगुनाहों और इंसानियत का खून बहाने वाले की निंदा नहीं की. अगर कातिल मसीहा बन जाए तो अच्छा तो लगेगा ही.
उन्होंने कहा कि चुटकी भर लोगों के सवाल को अल्पसंख्यकों का सवाल नहीं माना जाएगा. पढ़ने नहीं देंगे हमें, ताकि हम सड़क साफ कर सकें. फिर कहां सबका विकास होगा? | यह एक सारांश है: आजम खान ने कहा- चुटकी भर लोगों का सवाल, अल्पसंख्यकों का सवाल नहीं
टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कहा कि सबको डराया जा रहा है
बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने विपक्ष पर बंगाल को पाक बनाने का आरोप लगाया | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गायक पलाश सेन का आरोप है कि आमिर खान के बहुचर्चित शो सत्यमेव जयते में बजने वाला गाना उनका है और धुन उठाने से पहले उनसे इसकी पूर्वानुमति नहीं ली गई।
यूफोरिया बैंड के गायक पलाश सेन ने कहा कि इसे वह पिछले दस साल से गा रहे हैं और उन्हें जब यह पता चला कि उनके गीत को बिना किसी अनुमति के इस शो में इस्तेमाल किया जा रहा है तो उनको बहुत ठेस लगी।टिप्पणियां
माई री गीत से चर्चा में आये पलाश सेन ने कहा कि अगर आमिर मुझसे इस मसले पर बात करते तो मैं बड़े शौक से उन्हें यह गाना दे देता लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
शो के संगीतकार राम संपत ने मामले में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
यूफोरिया बैंड के गायक पलाश सेन ने कहा कि इसे वह पिछले दस साल से गा रहे हैं और उन्हें जब यह पता चला कि उनके गीत को बिना किसी अनुमति के इस शो में इस्तेमाल किया जा रहा है तो उनको बहुत ठेस लगी।टिप्पणियां
माई री गीत से चर्चा में आये पलाश सेन ने कहा कि अगर आमिर मुझसे इस मसले पर बात करते तो मैं बड़े शौक से उन्हें यह गाना दे देता लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
शो के संगीतकार राम संपत ने मामले में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
माई री गीत से चर्चा में आये पलाश सेन ने कहा कि अगर आमिर मुझसे इस मसले पर बात करते तो मैं बड़े शौक से उन्हें यह गाना दे देता लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
शो के संगीतकार राम संपत ने मामले में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।
शो के संगीतकार राम संपत ने मामले में टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गायक पलाश सेन का आरोप है कि आमिर खान के बहुचर्चित शो सत्यमेव जयते में बजने वाला गाना उनका है और धुन उठाने से पहले उनसे इसकी पूर्वानुमति नहीं ली गई। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भुवनेश्वर कुमार (12/2) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों को शानदार प्रदर्शन की बदौलत पुणे वॉरियर्स इंडिया टीम ने सोमवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 19वें मुकाबले में दो बार के चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स टीम को 24 रन से हरा दिया। चेन्नई में वॉरियर्स की यह अब तक की पहली जीत है।
अपने नियमित कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह के बगैर खेल रही वॉरियर्स की यह पांच मैचों में दूसरी जीत है जबकि सुपर किंग्स को चार मैचो में दूसरी हार मिली है। वॉरियर्स ने लगातार दो मुकाबले हारने के बाद पुणे में राजस्थान रॉयल्स को परास्त किया था। दूसरी ओर, सुपर किंग्स को अपने पहले ही मैच में मुम्बई इंडियंस से हार मिली थी लेकिन उसके बाद उसने लगातार दो मैच जीते थे।
बहरहाल, वॉरियर्स द्वारा दिए गए 160 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही सुपर किंग्स टीम 20 ओवरों में आठ विकेट पर 135 रन ही बना सकी। वॉरियर्स की ओर से मिशेल मार्श, अशोक डिंडा और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए जबकि राहुल शर्मा और अभिषेक नायर को एक-एक सफलता मिली।
सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही थी। माइकल हसी के स्थान पर अंतिम एकादश में जगह पाने वाले श्रीकांत अनिरुद्ध (0) पारी की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर द्वारा पगबाधा आउट कर दिए गए।
इसके बाद मुरली विजय (24) और सुरेश रैना (8) ने स्कोर को 23 रनों तक पहुंचाया लेकिन भुवनेश्वर ने रैना को पवेलियन की राह दिखाकर इस जोड़ी को तोड़ दिया।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
अपने नियमित कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह के बगैर खेल रही वॉरियर्स की यह पांच मैचों में दूसरी जीत है जबकि सुपर किंग्स को चार मैचो में दूसरी हार मिली है। वॉरियर्स ने लगातार दो मुकाबले हारने के बाद पुणे में राजस्थान रॉयल्स को परास्त किया था। दूसरी ओर, सुपर किंग्स को अपने पहले ही मैच में मुम्बई इंडियंस से हार मिली थी लेकिन उसके बाद उसने लगातार दो मैच जीते थे।
बहरहाल, वॉरियर्स द्वारा दिए गए 160 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही सुपर किंग्स टीम 20 ओवरों में आठ विकेट पर 135 रन ही बना सकी। वॉरियर्स की ओर से मिशेल मार्श, अशोक डिंडा और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए जबकि राहुल शर्मा और अभिषेक नायर को एक-एक सफलता मिली।
सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही थी। माइकल हसी के स्थान पर अंतिम एकादश में जगह पाने वाले श्रीकांत अनिरुद्ध (0) पारी की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर द्वारा पगबाधा आउट कर दिए गए।
इसके बाद मुरली विजय (24) और सुरेश रैना (8) ने स्कोर को 23 रनों तक पहुंचाया लेकिन भुवनेश्वर ने रैना को पवेलियन की राह दिखाकर इस जोड़ी को तोड़ दिया।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
बहरहाल, वॉरियर्स द्वारा दिए गए 160 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही सुपर किंग्स टीम 20 ओवरों में आठ विकेट पर 135 रन ही बना सकी। वॉरियर्स की ओर से मिशेल मार्श, अशोक डिंडा और भुवनेश्वर ने दो-दो विकेट लिए जबकि राहुल शर्मा और अभिषेक नायर को एक-एक सफलता मिली।
सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही थी। माइकल हसी के स्थान पर अंतिम एकादश में जगह पाने वाले श्रीकांत अनिरुद्ध (0) पारी की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर द्वारा पगबाधा आउट कर दिए गए।
इसके बाद मुरली विजय (24) और सुरेश रैना (8) ने स्कोर को 23 रनों तक पहुंचाया लेकिन भुवनेश्वर ने रैना को पवेलियन की राह दिखाकर इस जोड़ी को तोड़ दिया।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही थी। माइकल हसी के स्थान पर अंतिम एकादश में जगह पाने वाले श्रीकांत अनिरुद्ध (0) पारी की दूसरी गेंद पर भुवनेश्वर द्वारा पगबाधा आउट कर दिए गए।
इसके बाद मुरली विजय (24) और सुरेश रैना (8) ने स्कोर को 23 रनों तक पहुंचाया लेकिन भुवनेश्वर ने रैना को पवेलियन की राह दिखाकर इस जोड़ी को तोड़ दिया।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
इसके बाद मुरली विजय (24) और सुरेश रैना (8) ने स्कोर को 23 रनों तक पहुंचाया लेकिन भुवनेश्वर ने रैना को पवेलियन की राह दिखाकर इस जोड़ी को तोड़ दिया।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
रैना ने 10 गेंदों पर एक चौका लगाया। मुरली अच्छी लय में दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह पिछले मैच की नाकामी को धोकर एक बार फिर अच्छी पारी खेलेंगे लेकिन अभिषेक नायर ने 40 रनों के कुल योग पर उन्हें कप्तान रॉस टेलर के हाथों कैच करा दिया। मुरली ने 22 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
रैना के आउट होने के बाद एस. बद्रीनाथ (34) और रवींद्र जडेजा (27) ने चौथे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 46 रनों की साझेदारी की। बद्रीनाथ 26 गेंदों पर चार चौके लगाने के बाद मिशेल मार्श की गेंद पर डेनियल स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। उस समय कुल योग 86 रन था।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
इसके बाद विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। कुल योग में अभी 12 रन ही जुड़े थे कि जडेजा मार्श की गेंद पर अशोक डिंडा द्वारा लपके गए। जडेजा ने 22 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
ड्वेन ब्रावो (1) का विकेट जल्दी गिरने से सुपर किंग्स टीम पर दबाव बढ़ गया। ब्रावो को राहुल शर्मा ने अपनी गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच कराया। यह विकेट 104 रनों के कुल योग पर गिरा।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
बढ़ते रन रेट के दबाव में धोनी (10) भी ज्यादा देर विकेट पर टिक नहीं सके और 115 रन के कुल योग पर डिंडा की गेंद पर स्मिथ को कैच थमा बैठे। धोनी ने 13 गेंदों का सामना किया।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
कप्तान की तरह एल्बी मोर्कल (13) भी दबाव नहीं झेल सके और 124 रनों के कुल योग पर अपना विकेट लुटाकर पवेलियन लौटे। मोर्कल को डिंडा ने एरॉन फिंच के हाथों सीमा रेखा पर कैच कराया।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
यह एक उम्दा कैच था। रविचंद्रन अश्विन पांच गेंदों पर दो चौकों की मदद से 11 रन तथा क्रिस मौरिस पांच रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
इससे पहले, एरॉन फिंच (67) के तूफानी अर्द्धशतक और स्टीवन स्मिथ (नाबाद 39) की नायाब पारी की बदौलत वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में पांच विकेट पर 159 रन बनाए।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
लीग के इस संस्करण में दूसरा अर्द्धशतक लगाने वाले फिंच और रोबिन उथप्पा (26) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 96 रनों की साझेदारी की। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतक लगाकर अपनी टीम की जीत का खाता खोलने वाले फिंच ने 45 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के लगाए।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
फिंच का विकेट 96 रनों के कुल योग पर गिरा। उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों स्टम्प कराया। इसके बाद 101 रनों के कुल योग पर उथप्पा भी पवेलियन लौट गए। उथप्पा ने 33 गेंदों पर दो चौके लगाए।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
क्रिस मौरिस की गेंद पर उथप्पा की विदाई के बाद कप्तान रॉस टेलर (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए। टेलर को मौरिस ने जडेजा के हाथों कैच कराया। टेलर ने 13 गेंदों का सामना किया।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
अंतिम ओवरों में स्मिथ ने मिशेल मार्श (2) के साथ खुलकर रन बटोरने की मुहिम शुरू की लेकिन मार्श को ड्वेन ब्रावो ने 128 रनों के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
मार्श का काम हालांकि मनीष पांडेय (9) ने स्मिथ के साथ मिलकर किया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 16 गेंदों पर 31 रन जोड़े। स्मिथ 16 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मनीष ने आठ गेंदों पर एक चौका लगाया लेकिन स्मिथ के साथ उनकी साझेदारी उपयोगी रही।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली।
मनीष को ब्रावो ने बोल्ड किया। मेजबान टीम की ओर से मौरिस और ब्रावो ने दो-दो विकेट लिए जबकि जडेजा को एक सफलता मिली। | संक्षिप्त सारांश: भुवनेश्वर कुमार के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों को शानदार प्रदर्शन की बदौलत पुणे वॉरियर्स इंडिया टीम ने एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग के छठे संस्करण के 19वें मुकाबले में दो बार के चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स टीम को 24 रन से हरा दिया। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को भी गिरावट देखी गई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 53.66 अंकों की गिरावट के साथ 27,782.25 पर और निफ्टी 19.65 अंकों की गिरावट के साथ 8,572.55 पर बंद हुआ. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 46.84 अंकों की वृद्धि के साथ 27882.75 पर खुला और 53.66 अंकों या 0.19 फीसदी गिरावट के साथ 27,782.25 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 27,935.88 के ऊपरी और 27,696.99 के निचले स्तर को छुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.15 अंकों की तेजी के साथ 8,614.35 पर खुला और 19.65 अंकों या 0.23 फीसदी गिरावट के साथ 8,572.55 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,622.95 के ऊपरी और 8,547.55 के निचले स्तर को छुआ.टिप्पणियां
वहीं, बीएसई के मिडकैप सूचकांक में तेजी और स्मॉलकैप में गिरावट देखी गई. मिडकैप 22.21 अंकों की तेजी के साथ 13,000.15 पर और स्मॉलकैप 14.58 अंकों की गिरावट के साथ 12,487.12 पर बंद हुआ. बीएसई के 19 में से छह सेक्टरों में तेजी देखी गई.
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.46 फीसदी), ऊर्जा (0.78 फीसदी), तेल और गैस (0.70 फीसदी), वाहन (0.62 फीसदी) और दूरसंचार (0.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही. बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.25 फीसदी), पूंजीगत सामग्री (1.24 फीसदी), रियल्टी (1.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवाएं (0.67 फीसदी) प्रमुख रहे.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 22.15 अंकों की तेजी के साथ 8,614.35 पर खुला और 19.65 अंकों या 0.23 फीसदी गिरावट के साथ 8,572.55 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 8,622.95 के ऊपरी और 8,547.55 के निचले स्तर को छुआ.टिप्पणियां
वहीं, बीएसई के मिडकैप सूचकांक में तेजी और स्मॉलकैप में गिरावट देखी गई. मिडकैप 22.21 अंकों की तेजी के साथ 13,000.15 पर और स्मॉलकैप 14.58 अंकों की गिरावट के साथ 12,487.12 पर बंद हुआ. बीएसई के 19 में से छह सेक्टरों में तेजी देखी गई.
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.46 फीसदी), ऊर्जा (0.78 फीसदी), तेल और गैस (0.70 फीसदी), वाहन (0.62 फीसदी) और दूरसंचार (0.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही. बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.25 फीसदी), पूंजीगत सामग्री (1.24 फीसदी), रियल्टी (1.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवाएं (0.67 फीसदी) प्रमुख रहे.
वहीं, बीएसई के मिडकैप सूचकांक में तेजी और स्मॉलकैप में गिरावट देखी गई. मिडकैप 22.21 अंकों की तेजी के साथ 13,000.15 पर और स्मॉलकैप 14.58 अंकों की गिरावट के साथ 12,487.12 पर बंद हुआ. बीएसई के 19 में से छह सेक्टरों में तेजी देखी गई.
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.46 फीसदी), ऊर्जा (0.78 फीसदी), तेल और गैस (0.70 फीसदी), वाहन (0.62 फीसदी) और दूरसंचार (0.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही. बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.25 फीसदी), पूंजीगत सामग्री (1.24 फीसदी), रियल्टी (1.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवाएं (0.67 फीसदी) प्रमुख रहे.
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.46 फीसदी), ऊर्जा (0.78 फीसदी), तेल और गैस (0.70 फीसदी), वाहन (0.62 फीसदी) और दूरसंचार (0.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही. बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी (1.25 फीसदी), पूंजीगत सामग्री (1.24 फीसदी), रियल्टी (1.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.98 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवाएं (0.67 फीसदी) प्रमुख रहे. | संक्षिप्त सारांश: सेंसेक्स 53.66 अंक गिरकर 27,782.25 अंक पर बंद
निफ्टी में 19.65 अंकों की गिरावट, 8,572.55 अंक पर बंद
बीएसई के 19 में से छह सेक्टरों में तेजी देखी गई | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मैक्सिको के उत्तरी भाग में मादक पदार्थों की तस्करी से संबद्ध हिंसा में कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई है। यह घटनाएं सोमवार देर रात हुईं। टेक्सास की सीमा से सटे इल पासो शहर के स्यूदाद जुआरेज में 45 वर्षीय एक नर्स और उसके 25 वर्षीय पुत्र का गोलियों से छलनी शव एक वैन के बाहर बरामद हुआ है। स्यूदाद जुआरेज मैक्सिको के अपराध राजधानी के तौर पर जाना जाता है। स्थानीय अभियोजक ने कहा कि चिहुआहुआ राज्य के विभिन्न हिस्सों में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंध रखने वाले गैंग के सदस्यों के कथित हमलों में सात व्यक्तियों की मौत हो गयी है। इससे जुआरेज और सिनालोए मादक पदार्थों के उत्पादक संघों के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका है। अमेरिका से सटे एक और राज्य नुएवो लिओन में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा किये गये हमले में दो लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये। मैक्सिको के तीसरे सबसे बड़े शहर और राज्य की राजधानी मोन्टेरी के निकट अपोडाका में वाहन पर सवार हमलावरों ने यह हमला किया। | मैक्सिको के उत्तरी भाग में मादक पदार्थों की तस्करी से संबद्ध हिंसा में कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई है। यह घटनाएं सोमवार देर रात हुईं। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले बीजेपी उम्मीदवार डॉ संबित पात्रा हार गए हैं. उन्हें बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने 11,714 वोटों से हराया. संबित पात्रा को कुल 46.37 फीसदी वोट मिले हैं वहीं पिनाकी को 47.4 फीसदी वोट मिले हैं. पुरी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले सत्य प्रकाश नायक को मात्र 44,734 वोट से संतोष करना पड़ा. गौरतलब है कि संबित पात्रा ने पुरी में जमकर चुनाव प्रचार किया था और उनकी गरीब लोगों के घर पर खाना खाने की तस्वीरें और वीडियो भी खूब वायरल हुए थे. पात्रा ने चुनाव प्रचार के दौरान धोती-कुर्ता पहना था और माथे पर चंदन लगाकर वोट मांगते दिखाई दिए थे. हालांकि उनकी यह कोशिश नाकाम रही और वह चुनाव हार गए.
यूपी के गाजीपुर से केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा, बसपा के अफजाल अंसारी से 1.19 लाख वोटों से चुनाव हार गए. चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार सिन्हा एक लाख 19 हजार 392 वोटों से अफजाल अंसारी से चुनाव हार गए. सिन्हा को चार लाख 46 हजार 690 वोट मिले जबकि बसपा के अफजाल अंसारी को पांच लाख 66 हजार 82 वोट मिले. 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर सिन्हा 32 हजार वोटों से चुनाव जीते थे.
दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने यूपी की आजमगढ़ सीट से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन यहां उनका जादू नहीं चल सका. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उन्हें 2 लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया. निरहुआ ने 7 मार्च 2019 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन की थी. बीजेपी में शामिल होने के अगले महीने ही पार्टी ने उन्हें आजगमढ़ लोकसभा सीट से कैंडिडेट चुना. उनका मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से था.
रामपुर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के आजम खान ने भाजपा की प्रत्याशी जया प्रदा को एक लाख से अधिक वोटो से हरा दिया. चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार सपा प्रत्याशी आजम खान ने अपनी निकटतम प्रतिद्वन्दी जया प्रदा को एक लाख 9 हजार 997 वोटों से हरा दिया. 2019 के आम चुनावों से पहले ही जयाप्रदा ने बीजेपी का दामन थाम लिया. इससे पहले वह समाजवादी पार्टी में थीं लेकिन सपा से अलग होने के बाद वह अमर सिंह की बनाई पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच में शामिल हो गईं लेकिन इस पार्टी से उन्हें जीत हासिल नहीं हुई. इसके बाद जयाप्रदा राष्ट्रीय लोकदल (RLD) में भी रहीं. | ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव हारे संबित पात्रा
गाजीपुर से केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा हारे
दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ यूपी की आजमगढ़ सीट से हारे | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने बैंकों से किसी खाते में एक साल में 10 लाख रुपये से अधिक की जमा तथा क्रेडिट कार्ड के बिलों के लिए एक लाख रुपये या अधिक के नकद भुगतान की जानकारी उसे उपलब्ध कराने को कहा है.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की 17 जनवरी की अधिसूचना में कर अधिकारियों को सूचित किए जाने वाले नकद लेनदेने का अधिसूचित किया गया है. इसके लिए ई-प्लेटफार्म स्थापित किया गया है. इसके अलावा सीबीडीटी ने अपनी नवंबर, 2016 के निर्देश को दोहराया है जिसमें बैंकों से 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान एक व्यक्ति के एक या अधिक खातों में ढाई लाख रुपये या अधिक की जमा की सूचना देने को कहा था.टिप्पणियां
500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद सरकार ने पुराने नोटों को जमा कराने के लिए 50 दिन का समय दिया था. उस समय आयकर विभाग ने 9 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान एक व्यक्ति के एक या अधिक चालू खातों में 12.50 लाख रुपये या अधिक की जमा या अन्य खातों में ढाई लाख रुपये या अधिक की जमा की जानकारी देने को कहा था.
अधिसूचना में कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में किसी व्यक्ति से 10 लाख रुपये से अधिक की शेयर पुनखर्रीद की सूचना सूचीबद्ध कंपनी को देनी होगी. इसके अलावा 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा ट्रैवलर्स चेक या फॉरक्स कार्ड सहित की जानकारी भी कर अधिकारियों को देनी होगी. संपत्ति पंजीयक को किसी व्यक्ति द्वारा 30 लाख रपये की से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त की जानकारी कर अधिकारियों को देनी होगी.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की 17 जनवरी की अधिसूचना में कर अधिकारियों को सूचित किए जाने वाले नकद लेनदेने का अधिसूचित किया गया है. इसके लिए ई-प्लेटफार्म स्थापित किया गया है. इसके अलावा सीबीडीटी ने अपनी नवंबर, 2016 के निर्देश को दोहराया है जिसमें बैंकों से 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान एक व्यक्ति के एक या अधिक खातों में ढाई लाख रुपये या अधिक की जमा की सूचना देने को कहा था.टिप्पणियां
500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद सरकार ने पुराने नोटों को जमा कराने के लिए 50 दिन का समय दिया था. उस समय आयकर विभाग ने 9 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान एक व्यक्ति के एक या अधिक चालू खातों में 12.50 लाख रुपये या अधिक की जमा या अन्य खातों में ढाई लाख रुपये या अधिक की जमा की जानकारी देने को कहा था.
अधिसूचना में कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में किसी व्यक्ति से 10 लाख रुपये से अधिक की शेयर पुनखर्रीद की सूचना सूचीबद्ध कंपनी को देनी होगी. इसके अलावा 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा ट्रैवलर्स चेक या फॉरक्स कार्ड सहित की जानकारी भी कर अधिकारियों को देनी होगी. संपत्ति पंजीयक को किसी व्यक्ति द्वारा 30 लाख रपये की से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त की जानकारी कर अधिकारियों को देनी होगी.
500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद सरकार ने पुराने नोटों को जमा कराने के लिए 50 दिन का समय दिया था. उस समय आयकर विभाग ने 9 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान एक व्यक्ति के एक या अधिक चालू खातों में 12.50 लाख रुपये या अधिक की जमा या अन्य खातों में ढाई लाख रुपये या अधिक की जमा की जानकारी देने को कहा था.
अधिसूचना में कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में किसी व्यक्ति से 10 लाख रुपये से अधिक की शेयर पुनखर्रीद की सूचना सूचीबद्ध कंपनी को देनी होगी. इसके अलावा 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा ट्रैवलर्स चेक या फॉरक्स कार्ड सहित की जानकारी भी कर अधिकारियों को देनी होगी. संपत्ति पंजीयक को किसी व्यक्ति द्वारा 30 लाख रपये की से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त की जानकारी कर अधिकारियों को देनी होगी.
अधिसूचना में कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में किसी व्यक्ति से 10 लाख रुपये से अधिक की शेयर पुनखर्रीद की सूचना सूचीबद्ध कंपनी को देनी होगी. इसके अलावा 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा ट्रैवलर्स चेक या फॉरक्स कार्ड सहित की जानकारी भी कर अधिकारियों को देनी होगी. संपत्ति पंजीयक को किसी व्यक्ति द्वारा 30 लाख रपये की से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त की जानकारी कर अधिकारियों को देनी होगी. | संक्षिप्त पाठ: आयकर विभाग ने बैंकों को दिए हैं खास निर्देश
10 लाख रु से अधिक जमा, क्रेडिट कार्ड बिल 1 लाख की पेमेंट पर बताने को कहा
इसके लिए ई-प्लेटफार्म स्थापित किया गया है | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जिन रेलगाड़ियों में कार्ड से भुगतान के लिए पीओएस मशीनें दी जाएंगी उनमें बंगलुरू से नई दिल्ली तक चलने वाली कर्नाटक एक्सप्रेस, जम्मू तवी-कोलकाता सियालदह एक्सप्रेस और नई दिल्ली से हैदराबाद के बीच चलने वाली तेलंगाना एक्सप्रेस शामिल है. जयपुर से मुंबई के बीच चलने वाली अरावली एक्सप्रेस में भी यह सुविधा होगी.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रेलवे के पास 76 पीओएस मशीनें हैं. कितनी और ट्रेनों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है, यह आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि यात्रियों की ओर से भोजन के लिए ज्यादा पैसा वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं. (भाषा से इनपुट)
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रेलवे के पास 76 पीओएस मशीनें हैं. कितनी और ट्रेनों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है, यह आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि यात्रियों की ओर से भोजन के लिए ज्यादा पैसा वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं. (भाषा से इनपुट) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय रेल अपनी सेवाओं में सुधार के लिए प्रयासरत
कुछ ट्रेनों के साथ डिजिटल पेमेंट की शुरुआत
खाने के लिए मीनू सिस्टम भी हुआ लागू. | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा गत सप्ताह सोमवार को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति की घोषणा में दरों को अपरिवर्तित रखे जाने के कारण बाजार से उत्साह गायब रहा और देश के शेयर बाजारों में मामूली तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी पिछले शुक्रवार के मुकाबले इस शुक्रवार को 0.13 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 22.68 अंकों की तेजी के साथ 16,972.51 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 7.00 अंकों की तेजी के साथ 5,146.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 0.9 फीसदी की तेजी रही। मिडकैप 51.71 अंकों की तेजी के साथ 6,010.21 पर और स्मॉलकैप 56.06 अंकों की तेजी के साथ 6,407.50 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.60 फीसदी), वाहन (1.35 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आलोच्य अवधि में 22.68 अंकों की तेजी के साथ 16,972.51 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले शुक्रवार को 16,949.83 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 7.00 अंकों की तेजी के साथ 5,146.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 0.9 फीसदी की तेजी रही। मिडकैप 51.71 अंकों की तेजी के साथ 6,010.21 पर और स्मॉलकैप 56.06 अंकों की तेजी के साथ 6,407.50 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.60 फीसदी), वाहन (1.35 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी आलोच्य अवधि में 7.00 अंकों की तेजी के साथ 5,146.05 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले शुक्रवार को 5,139.05 पर बंद हुआ था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 0.9 फीसदी की तेजी रही। मिडकैप 51.71 अंकों की तेजी के साथ 6,010.21 पर और स्मॉलकैप 56.06 अंकों की तेजी के साथ 6,407.50 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.60 फीसदी), वाहन (1.35 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 0.9 फीसदी की तेजी रही। मिडकैप 51.71 अंकों की तेजी के साथ 6,010.21 पर और स्मॉलकैप 56.06 अंकों की तेजी के साथ 6,407.50 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.60 फीसदी), वाहन (1.35 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में इस सप्ताह तेजी रही। पूंजीगत वस्तु (2.21 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.97 फीसदी), बिजली (1.60 फीसदी), वाहन (1.35 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.33 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
बीएसई में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.77 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.45 फीसदी), धातु (0.48 फीसदी) और बैंकिंग (0.22 फीसदी)।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
इससे पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.4 फीसदी तेजी रही थी। शेयर बाजारों पर पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की 18 जून को होने वाली मध्य तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती की प्रबल सम्भावना का सकारात्मक असर देखा गया था। लेकिन रिजर्व बैंक ने इस सप्ताह सोमवार को दरों को पुराने स्तर पर बनाए रखा, जिसके कारण बाजार में मायूसी छा गई और सोमवार के कारोबार में बाजार में गिरावट रही।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
इस सप्ताह बाजार पर अन्य कई बातों का भी असर पड़ा।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया और कहा कि यदि देश की शासन व्यवस्था और नीति निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो देश के विकास का परिदृश्य खराब हो सकता है।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
फिच ने कहा कि परिदृश्य में संशोधन किए जाने का मतलब यह है कि यदि संरचनागत सुधार नहीं किए गए तो मध्यकालीन से दीर्घकालीन विकास की सम्भावना धीरे-धीरे खराब हो सकती है।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
फिच ने अपने बयान में कहा, "भारत को सुस्त विकास और उच्च महंगाई दर की विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।"
रेटिंग एजेंसी ने साथ ही 2012-13 में महंगाई दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, जो पहले जताए अनुमान से अधिक है।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
फिच रेटिंग्स ने इसके बाद बुधवार को 11 भारतीय वित्तीय संस्थानों की 'बीबीबी-' लांग टर्म (एलटी) फॉरेन करेंसी (एफसी) इशुअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) के भावी परिदृश्य में संशोधन कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया। एजेंसी ने हालांकि रेटिंग को बरकरार रखा।टिप्पणियां
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
शेयर बाजारों में गुरुवार को आखिरी घंटे में तेजी का रुख रहा। विश्लेषकों और ब्रोकरों के मुताबिक निवेश बैंक जेपी मोर्गन द्वारा भारतीय शेयरों का दर्जा 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'ओवरवेट' किए जाने के कारण बाजार तेजी के साथ बंद हुए।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था।
राष्ट्रीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन डॉलर के मुकाबले रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचने के बाद प्रति डॉलर लगभग 57 पर बंद हुआ। रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 57.33 के रिकार्ड नए निचले स्तर को छुआ। यह गुरुवार को भी 56.57 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंचा था। | यहाँ एक सारांश है:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा गत सप्ताह सोमवार को मध्य तिमाही मौद्रिक नीति की घोषणा में दरों को अपरिवर्तित रखे जाने के कारण बाजार से उत्साह गायब रहा और देश के शेयर बाजारों में मामूली तेजी का रुख रहा। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की ओर से भारत को जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए आमंत्रित करने के संदर्भ में दिए प्रस्ताव को वस्तुत: खारिज करते हुए भारत ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि वह भारत-पाक संबंधों के 'समकालीन एवं प्रासंगिक' मुद्दों पर बातचीत करेगा. भारत ने कहा कि इस बार इन मुद्दों में पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद को रोकने का विषय भी शामिल होगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'भारत दोनों देशों के संबंधों में समकालीन और प्रासंगिक मुद्दों पर बातचीत का स्वागत करेगा. इस बार पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद और बहादुर अली जैसे आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकना भी शामिल होगा.'
उन्होंने कहा, 'हिंसा और सीमा पार आतंकवाद को भड़काना, हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन जैसे अंतरररष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी माने गए लोगों के जुलूस निकालने की इजाजत देना और पाकिस्तान में मुंबई हमले की सुनवाई और पठानकोट हमले की जांच को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ना इन मुद्दों में शामिल है.' टिप्पणियां
उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के शुक्रवार के संवाददाता सम्मेलन के बारे में पूछा गया था. अजीज ने कहा था कि पाकिस्तान भारत को जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और इस संदर्भ में पाकिस्तानी विदेश सचिव अपने भारतीय समकक्ष को लिखेंगे.
एक अलग कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'अतीत के विपरीत अब हम इस पर सहमति नहीं जता सकते कि आतंकवाद के प्रायोजकों और समर्थकों के साथ बातचीत इस संदर्भ में कार्रवाई के बिना जारी रहनी चाहिए.'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, 'भारत दोनों देशों के संबंधों में समकालीन और प्रासंगिक मुद्दों पर बातचीत का स्वागत करेगा. इस बार पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद और बहादुर अली जैसे आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकना भी शामिल होगा.'
उन्होंने कहा, 'हिंसा और सीमा पार आतंकवाद को भड़काना, हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन जैसे अंतरररष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी माने गए लोगों के जुलूस निकालने की इजाजत देना और पाकिस्तान में मुंबई हमले की सुनवाई और पठानकोट हमले की जांच को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ना इन मुद्दों में शामिल है.' टिप्पणियां
उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के शुक्रवार के संवाददाता सम्मेलन के बारे में पूछा गया था. अजीज ने कहा था कि पाकिस्तान भारत को जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और इस संदर्भ में पाकिस्तानी विदेश सचिव अपने भारतीय समकक्ष को लिखेंगे.
एक अलग कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'अतीत के विपरीत अब हम इस पर सहमति नहीं जता सकते कि आतंकवाद के प्रायोजकों और समर्थकों के साथ बातचीत इस संदर्भ में कार्रवाई के बिना जारी रहनी चाहिए.'
उन्होंने कहा, 'हिंसा और सीमा पार आतंकवाद को भड़काना, हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन जैसे अंतरररष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी माने गए लोगों के जुलूस निकालने की इजाजत देना और पाकिस्तान में मुंबई हमले की सुनवाई और पठानकोट हमले की जांच को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ना इन मुद्दों में शामिल है.' टिप्पणियां
उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के शुक्रवार के संवाददाता सम्मेलन के बारे में पूछा गया था. अजीज ने कहा था कि पाकिस्तान भारत को जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और इस संदर्भ में पाकिस्तानी विदेश सचिव अपने भारतीय समकक्ष को लिखेंगे.
एक अलग कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'अतीत के विपरीत अब हम इस पर सहमति नहीं जता सकते कि आतंकवाद के प्रायोजकों और समर्थकों के साथ बातचीत इस संदर्भ में कार्रवाई के बिना जारी रहनी चाहिए.'
उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के शुक्रवार के संवाददाता सम्मेलन के बारे में पूछा गया था. अजीज ने कहा था कि पाकिस्तान भारत को जम्मू-कश्मीर पर बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा और इस संदर्भ में पाकिस्तानी विदेश सचिव अपने भारतीय समकक्ष को लिखेंगे.
एक अलग कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'अतीत के विपरीत अब हम इस पर सहमति नहीं जता सकते कि आतंकवाद के प्रायोजकों और समर्थकों के साथ बातचीत इस संदर्भ में कार्रवाई के बिना जारी रहनी चाहिए.'
एक अलग कार्यक्रम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, 'अतीत के विपरीत अब हम इस पर सहमति नहीं जता सकते कि आतंकवाद के प्रायोजकों और समर्थकों के साथ बातचीत इस संदर्भ में कार्रवाई के बिना जारी रहनी चाहिए.' | सिर्फ समकालीन और प्रासंगिक मुद्दों पर करेंगे बातचीत : भारत
'सीमापार आतंकवाद और आतंकी घुसपैठ के मुद्दे शामिल होंगे'
'26/11 और पठानकोट हमले की जांच के मुद्दे भी शामिल' | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कैश फॉर वोट मामले में मंगलवार को तिहाड़ जेल भेजे गए अमर सिंह ने रात में जेल का खाना नहीं, बल्कि बाहर से लाई गई खिचड़ी खाई। इसके बाद वह मच्छरदानी लगाकर सो गए। अमर सिंह आज सुबह 7 बजे उठे और चाय के साथ उन्होंने ब्रेड भी खाई। दोपहर में वह क्या खाएंगे, यह फैसला उनकी जांच के बाद डॉक्टर लेंगे। अमर सिंह को जिस सेल नंबर-3 में रखा गया है, उसमें पहले पप्पू यादव रह चुके हैं। इस सेल में अटैच बाथरूम और टॉयलेट है, साथ ही टीवी और पंखा भी लगा हुआ है। अमर सिंह के लिए तिहाड़ में 24 घंटे एम्बुलेंस तैनात है और जेल के अस्पताल को भी अलर्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने अमर सिंह को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। अमर ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी है, जिस पर 8 सितंबर को सुनवाई होनी है। अमर सिंह पर 2008 के कैश फॉर वोट कांड का सूत्रधार होने का आरोप है। अमर सिंह के अलावा बीजेपी के पूर्व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा को भी जेल भेज दिया गया है। | संक्षिप्त पाठ: अमर को जिस सेल में रखा गया है, उसमें पहले पप्पू यादव रह चुके हैं। इसमें अटैच बाथरूम और टॉयलेट है, साथ ही टीवी और पंखा भी लगा हुआ है। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार की मुफ्त मास्क वितरण योजना की शुरुआत कर दी है. दिल्ली के सिविल लाइंस के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूली बच्चों को प्रदूषण से बचाने वाले मास्क बांटे. इस दौरान केजरीवाल ने बच्चों से कहा कि वह खट्टर अंकल और कैप्टन अंकल को चिट्ठी लिखें. (खट्टर अंकल यानी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और कैप्टन अंकल यानी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह)
केजरीवाल ने कहा, ''मेरी रिक्वेस्ट है सारे मिलकर खट्टर अंकल और कैप्टन अंकल को चिट्ठी लिखना. अंकल हमारी सेहत का मामला है प्लीज आप अपने किसानों को मशीनें दीजिए. मशीनें अगर किसानों को दे दो तो किसानों को फिर पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती. फिर वह नीचे की जो पराली बचती है उसको बेचकर और पैसा कमा सकते हैं तो सारे बच्चे मिलकर कैप्टन अंकल और खट्टर अंकल को चिट्ठी लिखना कि हमारी सेहत का ख्याल रखो.'
इस दौरान एक बच्चे की आवाज आई कि उनका एड्रेस क्या है तो केजरीवाल बोले- 'कोई बच्चा एड्रेस पूछ रहा है तो बस इतना लिख देना चीफ मिनिस्टर हरियाणा चंडीगढ़ चीफ मिनिस्टर पंजाब चंडीगढ़ उनके पास चिट्ठी पहुंच जाएगी.' दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में दम घोंटू प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली को जिम्मेदार बता रहे हैं. स्कूली बच्चों को दिया गया उनका भाषण इसी की एक कड़ी है.
वैसे केजरीवाल ने प्रदूषण से बचाने के लिए बच्चों को मास्क बांटने शुरू कर दिए हैं, जिसके बाद अब दिल्ली सरकार दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को मास्क बांटेगी. दिल्ली सरकार ने 50 लाख मास्क खरीदे हैं. मास्क बांटने के दौरान केजरीवाल ने बच्चों से कहा, ''आपको मास्क का एक पैकेट दिया जा रहा है, जिसमें 2 मास्क होंगे. इसको आप अभी खोलना नहीं बल्कि अपने पेरेंट्स को ले जा कर देना और वह तय करेंगे कि इन 2 मास्क का कब और कैसे इस्तेमाल करना है. क्योंकि दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है और हमने जल्दी में सिर्फ 50 लाख मास्क खरीदे हैं.' | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली-एनसीआर की बिगड़ी हवा
पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली
केजरीवाल ने बच्चों से चिट्ठी लिखने को कहा | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी टेस्ट बल्लेबाज रिकी पोंटिंग आगामी गर्मियों में होबार्ट में अपने घरेलू दर्शकों के सामने पूर्व कप्तान स्टीव वॉ के सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने के विश्व रिकार्ड की बराबरी कर सकते हैं।
यदि पोंटिंग नवम्बर में दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलते हैं तो वह श्रीलंका के खिलाफ अगली शृंखला
के पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।
पोंटिंग अब तक 165 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और वह 52.75 की औसत से 13,346 रन बना चुके हैं जिनमें 41 शतक और 62 अर्धशतक शामिल है। वह वॉ (168 टेस्ट) से तीन टेस्ट पीछे हैं।
शृंखला का पहला मुकाबला गाबा के मैदान पर नौ नवम्बर से खेला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका 50 वर्ष बाद गाबा के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेलेगा। टिप्पणियां
शृंखला का पहला टेस्ट मैच नौ नवम्बर से गाबा क्रिकेट मैदान पर जबकि दूसरा टेस्ट 22 से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। शृंखला
का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 30 दिसम्बर से वाका में खेला जाएगा।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है।
यदि पोंटिंग नवम्बर में दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलते हैं तो वह श्रीलंका के खिलाफ अगली शृंखला
के पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।
पोंटिंग अब तक 165 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और वह 52.75 की औसत से 13,346 रन बना चुके हैं जिनमें 41 शतक और 62 अर्धशतक शामिल है। वह वॉ (168 टेस्ट) से तीन टेस्ट पीछे हैं।
शृंखला का पहला मुकाबला गाबा के मैदान पर नौ नवम्बर से खेला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका 50 वर्ष बाद गाबा के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेलेगा। टिप्पणियां
शृंखला का पहला टेस्ट मैच नौ नवम्बर से गाबा क्रिकेट मैदान पर जबकि दूसरा टेस्ट 22 से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। शृंखला
का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 30 दिसम्बर से वाका में खेला जाएगा।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है।
पोंटिंग अब तक 165 टेस्ट मैच खेल चुके हैं और वह 52.75 की औसत से 13,346 रन बना चुके हैं जिनमें 41 शतक और 62 अर्धशतक शामिल है। वह वॉ (168 टेस्ट) से तीन टेस्ट पीछे हैं।
शृंखला का पहला मुकाबला गाबा के मैदान पर नौ नवम्बर से खेला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका 50 वर्ष बाद गाबा के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेलेगा। टिप्पणियां
शृंखला का पहला टेस्ट मैच नौ नवम्बर से गाबा क्रिकेट मैदान पर जबकि दूसरा टेस्ट 22 से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। शृंखला
का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 30 दिसम्बर से वाका में खेला जाएगा।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है।
शृंखला का पहला मुकाबला गाबा के मैदान पर नौ नवम्बर से खेला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका 50 वर्ष बाद गाबा के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेलेगा। टिप्पणियां
शृंखला का पहला टेस्ट मैच नौ नवम्बर से गाबा क्रिकेट मैदान पर जबकि दूसरा टेस्ट 22 से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। शृंखला
का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 30 दिसम्बर से वाका में खेला जाएगा।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है।
शृंखला का पहला टेस्ट मैच नौ नवम्बर से गाबा क्रिकेट मैदान पर जबकि दूसरा टेस्ट 22 से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा। शृंखला
का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 30 दिसम्बर से वाका में खेला जाएगा।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है।
इस शृंखला के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका से तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलेगी। इस शृंखला का पहला मैच 14 दिसम्बर से होबार्ट में खेला जाएगा, जो पोंटिंग का घरेलू मैदान है। | यहाँ एक सारांश है:यदि पोंटिंग नवम्बर में दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलते हैं तो वह श्रीलंका के खिलाफ अगली शृंखला के पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू हो चुका है. पिछले दो दिन से जहां नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने का क्रम जारी है. इस दौरान सदन में कुछ ऐसे भी मामले देखने को मिले जब कुछ ‘माननीय' सदस्यों को दोबारा शपथ लेनी पड़ी. उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से निर्वाचित भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने एक बार शपथ लेने के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों से संबंधित रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए. इसी बीच लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने शपथ लेने के दौरान कुछ शब्द गलत पढ़े थे. इसलिए उन्होंने फिर से शपथ ली. फिल्म अभिनेता एवं पंजाब के गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद सनी देओल (Sunny Deol) जब मंगलवार को अंग्रेजी में शपथ ले रहे थे तो उन्होंने ‘अपहोल्ड' शब्द को भूलवश ‘विदहोल्ड' पढ़ दिया.
हालांकि सनी देओल (Sunny Deol) ने अपनी त्रुटि को स्वयं भांपते हुए तत्काल इसे दुरूस्त कर लिया. इसी तरह अजमेर से भाजपा सांसद भागीरथ चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेनी शुरू की तो सचिवालय के कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने पहले हिंदी में शपथ लेने के बारे में सूचित किया था. इस पर चौधरी ने आसन से कहा कि उन्हें संस्कृत में शपथ लेने की इजाजत दी जाए. कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने संस्कृत में शपथ ली. दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के इंदौर से भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने सिंधी भाषा में शपथ ली. कांग्रेस ने मंगलवार को इसपर सवाल खड़े किये. कांग्रेस का कहना है कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व इस क्षेत्र की लगातार आठ बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन से सबक लेते हुए लालवानी को हिन्दी में शपथ लेनी चाहिये थी.
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, "ताई मूलत: मराठी भाषी होने के बावजूद हिन्दी में शपथ लेती थीं. लेकिन इंदौर क्षेत्र के उनके चुनावी उत्तराधिकारी लालवानी ने हिन्दी में शपथ लेना मुनासिब नहीं समझा". उन्होंने कहा, "इंदौर लोकसभा क्षेत्र के 23.5 लाख मतदाताओं की आम बोलचाल की भाषा हिन्दी है. इसके मद्देनजर लालवानी को हिन्दी में ही शपथ लेनी चाहिये थी. शपथग्रहण के दौरान हिन्दी के प्रति असम्मान जताने पर उन्हें इंदौर के मतदाताओं से माफी मांगनी चाहिये". उधर, लालवानी ने कहा कि सिंधी उनकी मातृभाषा है और संसद में इस जुबान में उनके शपथ लेने को लेकर अनर्गल विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिये, क्योंकि लोकसभा सदस्यों का अलग-अलग भाषाओं में शपथ लेना दिखाता है कि देश में अनेकता में एकता है. (इनपुट-भाषा) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गुरुदासपुर से चुनाव जीते हैं अभिनेता सनी देओल
लोकसभा में शपथ के दौरान अंग्रेजी के शब्द को गलत पढ़ा
हालांकि भूल सुधारते हुए बाद में सही शब्द पढ़ा | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: डीजल, केरोसीन तथा रसोई गैस के दाम बढ़ाने के बारे में फैसला यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के अमेरिका से लौटने के बाद किया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीजल के दाम तीन से पांच रुपये और केरोसीन के दाम दो रुपये प्रति लिटर तथा रसोई गैस के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने के बारे में फैसला किया जाना है।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, यह राजनीतिक फैसला है। इस पर पहले कांग्रेस कोर ग्रुप को फैसला करना होगा, जिसके बाद राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) इस पर विचार करेगी। सोनिया गांधी 2 सितंबर को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अमेरिका गई थीं और उनके सप्ताह भर में लौटने की संभावना है।
अधिकारी ने कहा कि उनके लौटने के बाद कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में कीमतें बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस वित्तवर्ष में डॉलर की तुलना में रुपये में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से तेल आयात महंगा हो गया, इसलिए यह बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीजल के दाम तीन से पांच रुपये और केरोसीन के दाम दो रुपये प्रति लिटर तथा रसोई गैस के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने के बारे में फैसला किया जाना है।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, यह राजनीतिक फैसला है। इस पर पहले कांग्रेस कोर ग्रुप को फैसला करना होगा, जिसके बाद राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) इस पर विचार करेगी। सोनिया गांधी 2 सितंबर को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अमेरिका गई थीं और उनके सप्ताह भर में लौटने की संभावना है।
अधिकारी ने कहा कि उनके लौटने के बाद कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में कीमतें बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस वित्तवर्ष में डॉलर की तुलना में रुपये में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से तेल आयात महंगा हो गया, इसलिए यह बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है।
अधिकारी ने कहा, यह राजनीतिक फैसला है। इस पर पहले कांग्रेस कोर ग्रुप को फैसला करना होगा, जिसके बाद राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) इस पर विचार करेगी। सोनिया गांधी 2 सितंबर को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अमेरिका गई थीं और उनके सप्ताह भर में लौटने की संभावना है।
अधिकारी ने कहा कि उनके लौटने के बाद कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में कीमतें बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस वित्तवर्ष में डॉलर की तुलना में रुपये में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से तेल आयात महंगा हो गया, इसलिए यह बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है।
अधिकारी ने कहा कि उनके लौटने के बाद कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में कीमतें बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस वित्तवर्ष में डॉलर की तुलना में रुपये में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से तेल आयात महंगा हो गया, इसलिए यह बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है। | सारांश: एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीजल के दाम तीन से पांच रुपये और केरोसीन के दाम दो रुपये प्रति लिटर तथा रसोई गैस के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने के बारे में फैसला किया जाना है। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 48) और पहली पारी में शानदार शतक लगाकर भारत को मुश्किलों से उबारने वाले विराट कोहली (नाबाद 51) की उम्दा बल्लेबाजी की बदौलत भारतयीय टीम ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोमवार को न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की शृंखला 2-0 से अपने नाम कर ली।
हैदराबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने पारी और 115 रनों से जीत हासिल की थी। पहला टेस्ट भी भारत ने चार दिनों में जीता था। पहले टेस्ट मैच में 12 विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। अश्विन ने बल्लेबाजी करते हुए दो मैचों की दो पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 69 रन भी बनाए। कोहली को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
कीवी टीम ने मैच के चौथे दिन सोमवार को भारत के सामने जीत के लिए 261 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। पहली पारी में शतक लगाने वाले कोहली ने दूसरी पारी में 82 गेदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए। उन्होंने 60 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाने वाले कप्तान धोनी के साथ छठे विकेट के लिए नाबाद 96 रन जोड़े।
भारत की जीत में लगभग सभी बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। गौतम गम्भीर ने 34, वीरेंद्र सहवाग ने 38, चेतेश्वर पुजारा ने 48 और सचिन तेंदुलकर ने 27 रन बनाए। यह अलग बात है कि ये सभी बल्लेबाज 25 रनों के पार पहुंचे लेकिन कोई भी अर्द्धशतक नहीं लगा सका। सचिन का लगातार चार पारियों में बोल्ड होना भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बहरहाल, बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी और स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल की फिरकी में फंसकर मेजबान टीम ने हालांकि 166 रनों के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त मैच फंसता नजर आ रहा था लेकिन धोनी और कोहली ने अपनी सूझबूझ भरी पारियों की मदद से भारत को आसान जीत दिला दी।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
हैदराबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने पारी और 115 रनों से जीत हासिल की थी। पहला टेस्ट भी भारत ने चार दिनों में जीता था। पहले टेस्ट मैच में 12 विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। अश्विन ने बल्लेबाजी करते हुए दो मैचों की दो पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 69 रन भी बनाए। कोहली को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
कीवी टीम ने मैच के चौथे दिन सोमवार को भारत के सामने जीत के लिए 261 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। पहली पारी में शतक लगाने वाले कोहली ने दूसरी पारी में 82 गेदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए। उन्होंने 60 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाने वाले कप्तान धोनी के साथ छठे विकेट के लिए नाबाद 96 रन जोड़े।
भारत की जीत में लगभग सभी बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। गौतम गम्भीर ने 34, वीरेंद्र सहवाग ने 38, चेतेश्वर पुजारा ने 48 और सचिन तेंदुलकर ने 27 रन बनाए। यह अलग बात है कि ये सभी बल्लेबाज 25 रनों के पार पहुंचे लेकिन कोई भी अर्द्धशतक नहीं लगा सका। सचिन का लगातार चार पारियों में बोल्ड होना भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बहरहाल, बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी और स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल की फिरकी में फंसकर मेजबान टीम ने हालांकि 166 रनों के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त मैच फंसता नजर आ रहा था लेकिन धोनी और कोहली ने अपनी सूझबूझ भरी पारियों की मदद से भारत को आसान जीत दिला दी।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
कीवी टीम ने मैच के चौथे दिन सोमवार को भारत के सामने जीत के लिए 261 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। पहली पारी में शतक लगाने वाले कोहली ने दूसरी पारी में 82 गेदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए। उन्होंने 60 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाने वाले कप्तान धोनी के साथ छठे विकेट के लिए नाबाद 96 रन जोड़े।
भारत की जीत में लगभग सभी बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। गौतम गम्भीर ने 34, वीरेंद्र सहवाग ने 38, चेतेश्वर पुजारा ने 48 और सचिन तेंदुलकर ने 27 रन बनाए। यह अलग बात है कि ये सभी बल्लेबाज 25 रनों के पार पहुंचे लेकिन कोई भी अर्द्धशतक नहीं लगा सका। सचिन का लगातार चार पारियों में बोल्ड होना भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बहरहाल, बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी और स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल की फिरकी में फंसकर मेजबान टीम ने हालांकि 166 रनों के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त मैच फंसता नजर आ रहा था लेकिन धोनी और कोहली ने अपनी सूझबूझ भरी पारियों की मदद से भारत को आसान जीत दिला दी।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
भारत की जीत में लगभग सभी बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। गौतम गम्भीर ने 34, वीरेंद्र सहवाग ने 38, चेतेश्वर पुजारा ने 48 और सचिन तेंदुलकर ने 27 रन बनाए। यह अलग बात है कि ये सभी बल्लेबाज 25 रनों के पार पहुंचे लेकिन कोई भी अर्द्धशतक नहीं लगा सका। सचिन का लगातार चार पारियों में बोल्ड होना भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बहरहाल, बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी और स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल की फिरकी में फंसकर मेजबान टीम ने हालांकि 166 रनों के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त मैच फंसता नजर आ रहा था लेकिन धोनी और कोहली ने अपनी सूझबूझ भरी पारियों की मदद से भारत को आसान जीत दिला दी।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
बहरहाल, बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी और स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल की फिरकी में फंसकर मेजबान टीम ने हालांकि 166 रनों के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस वक्त मैच फंसता नजर आ रहा था लेकिन धोनी और कोहली ने अपनी सूझबूझ भरी पारियों की मदद से भारत को आसान जीत दिला दी।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
कोहली और धोनी ने भारतीय पारी के अंतिम 10 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। इसमें कोहली के तीन चौके और धोनी के दो चौके तथा एक छक्का शामिल है। पहली पारी में अर्द्धशतक लगाने वाले सुरेश रैना दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
न्यूजीलैंड की ओर से स्पिन गेंदबाज जीतन पटेल ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ट्रेंट बाउल्ट को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था।
इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर आउट हो गई। पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे। भारत ने कोहली के शतक और कप्तान धोनी व रैना के अर्द्धशतकों की बदौलत अपनी पहली पारी में 352 रन बनाए थे। पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी। इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा था। | संक्षिप्त पाठ: धोनी (नाबाद 48) और पहली पारी में शानदार शतक लगाकर भारत को मुश्किलों से उबारने वाले कोहली (नाबाद 51) की उम्दा बल्लेबाजी की बदौलत भारतयीय टीम ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोमवार को न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हरा दिया। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने आज 15 लाख रुपये तक के आवास कर्ज पर एक प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी स्कीम को एक साल और चालू रखने का ऐलान किया। यह स्कीम उन्हीं आवासों पर लागू होगी, जिनकी कीमत 25 लाख रुपये से अधिक नहीं है ।टिप्पणियां
केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट बैठक के बारे में जानकारी देते हुए यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘जब ब्याज दरें बढ़ी हुई हों तो एक प्रतिशत की राहत भी मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों के लिए राहत है।’’ उन्होंने बताया कि 15 लाख रुपये के कर्ज पर व्यक्तिगत रूप से कर्ज लेने वाले व्यक्ति के लिए सब्सिडी की सीमा 14912 रुपये होगी और दस लाख रुपये के कर्ज पर यह 9925 रुपये होगी। विस्तारित स्कीम से उन सभी आवास कर्ज लेने वालों को फायदा होगा, जिन्होंने चालू वित्त वर्ष में कर्ज लिया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस स्कीम के विस्तार को मंजूरी दी गई। स्कीम के कार्यान्वयन के लिए 2012-13 के लिए 400 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। बैंकों और आवास वित्त कंपनियों के लिए स्कीम के कार्यान्वयन का जिम्मा नोडल एजेंसी के रूप में राष्ट्रीय आवास बैंक संभालेगा।
केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट बैठक के बारे में जानकारी देते हुए यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘जब ब्याज दरें बढ़ी हुई हों तो एक प्रतिशत की राहत भी मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों के लिए राहत है।’’ उन्होंने बताया कि 15 लाख रुपये के कर्ज पर व्यक्तिगत रूप से कर्ज लेने वाले व्यक्ति के लिए सब्सिडी की सीमा 14912 रुपये होगी और दस लाख रुपये के कर्ज पर यह 9925 रुपये होगी। विस्तारित स्कीम से उन सभी आवास कर्ज लेने वालों को फायदा होगा, जिन्होंने चालू वित्त वर्ष में कर्ज लिया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस स्कीम के विस्तार को मंजूरी दी गई। स्कीम के कार्यान्वयन के लिए 2012-13 के लिए 400 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। बैंकों और आवास वित्त कंपनियों के लिए स्कीम के कार्यान्वयन का जिम्मा नोडल एजेंसी के रूप में राष्ट्रीय आवास बैंक संभालेगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस स्कीम के विस्तार को मंजूरी दी गई। स्कीम के कार्यान्वयन के लिए 2012-13 के लिए 400 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। बैंकों और आवास वित्त कंपनियों के लिए स्कीम के कार्यान्वयन का जिम्मा नोडल एजेंसी के रूप में राष्ट्रीय आवास बैंक संभालेगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने आज 15 लाख रुपये तक के आवास कर्ज पर एक प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी स्कीम को एक साल और चालू रखने का ऐलान किया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला की मौत पर एक पैनल की रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है. आरटीआई के जरिये पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र ने कहा कि संबंधित फाइल अभी 'विचारार्थ' है, इसलिए रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है.
मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने 'पीटीआई' की ओर से दाखिल एक आरटीआई के जवाब में कहा, 'संबंधित फाइल अभी विचारार्थ है, इसलिए इस वक्त रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है.'
बहरहाल, इसमें इस बात का जिक्र नहीं है कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के किस प्रावधान के तहत यह सूचना नहीं दी गई. आरटीआई अधिनियम के जिस संबंधित प्रावधान के तहत सूचना रोकी जा रही है सरकारी विभाग को उसका जिक्र करना होता है.
हैदराबाद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रमों की जांच के लिए एचआरडी मंत्रालय ने फरवरी में रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार रूपनवाल के नेतृत्व में जांच आयोग गठित किया था. विश्वविद्यालय में हुए ये कार्यक्रम अंतत: रोहित वेमुला की मौत में परिणत हुए थे.
आयोग को विश्वविद्यालय में छात्रों की मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने और सुधारों का सुझाव देने का भी जिम्मा दिया गया था. आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. पैनल ने एचआरडी मंत्रालय को यह रिपोर्ट सौंप दी है.
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने 'पीटीआई' की ओर से दाखिल एक आरटीआई के जवाब में कहा, 'संबंधित फाइल अभी विचारार्थ है, इसलिए इस वक्त रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है.'
बहरहाल, इसमें इस बात का जिक्र नहीं है कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के किस प्रावधान के तहत यह सूचना नहीं दी गई. आरटीआई अधिनियम के जिस संबंधित प्रावधान के तहत सूचना रोकी जा रही है सरकारी विभाग को उसका जिक्र करना होता है.
हैदराबाद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रमों की जांच के लिए एचआरडी मंत्रालय ने फरवरी में रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार रूपनवाल के नेतृत्व में जांच आयोग गठित किया था. विश्वविद्यालय में हुए ये कार्यक्रम अंतत: रोहित वेमुला की मौत में परिणत हुए थे.
आयोग को विश्वविद्यालय में छात्रों की मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने और सुधारों का सुझाव देने का भी जिम्मा दिया गया था. आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. पैनल ने एचआरडी मंत्रालय को यह रिपोर्ट सौंप दी है.
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बहरहाल, इसमें इस बात का जिक्र नहीं है कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के किस प्रावधान के तहत यह सूचना नहीं दी गई. आरटीआई अधिनियम के जिस संबंधित प्रावधान के तहत सूचना रोकी जा रही है सरकारी विभाग को उसका जिक्र करना होता है.
हैदराबाद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रमों की जांच के लिए एचआरडी मंत्रालय ने फरवरी में रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार रूपनवाल के नेतृत्व में जांच आयोग गठित किया था. विश्वविद्यालय में हुए ये कार्यक्रम अंतत: रोहित वेमुला की मौत में परिणत हुए थे.
आयोग को विश्वविद्यालय में छात्रों की मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने और सुधारों का सुझाव देने का भी जिम्मा दिया गया था. आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. पैनल ने एचआरडी मंत्रालय को यह रिपोर्ट सौंप दी है.
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हैदराबाद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रमों की जांच के लिए एचआरडी मंत्रालय ने फरवरी में रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार रूपनवाल के नेतृत्व में जांच आयोग गठित किया था. विश्वविद्यालय में हुए ये कार्यक्रम अंतत: रोहित वेमुला की मौत में परिणत हुए थे.
आयोग को विश्वविद्यालय में छात्रों की मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने और सुधारों का सुझाव देने का भी जिम्मा दिया गया था. आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. पैनल ने एचआरडी मंत्रालय को यह रिपोर्ट सौंप दी है.
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयोग को विश्वविद्यालय में छात्रों की मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करने और सुधारों का सुझाव देने का भी जिम्मा दिया गया था. आयोग को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. पैनल ने एचआरडी मंत्रालय को यह रिपोर्ट सौंप दी है.
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालिया मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है और उसकी आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के अनुसार वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को किसी भी तरह के आरोप से मुक्त करार दिया गया है.
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वेमुला की मौत के कारण भारी राजनीतिक हंगामा मचा था और तत्कालीन एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी सहित श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस संबंध में पत्र लिखे जाने के कारण उन पर हमले तेज हो गए थे.टिप्पणियां
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समझा जाता है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में छात्रों के लिए उचित शिकायत निवारण तंत्र और समान अवसर प्रकोष्ठों पर जोर दिया है, ताकि वेमुला की आत्महत्या जैसे दुर्भाग्यपूर्ण मामलों को होने से रोका जा सके.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने वेमुला के दलित होने पर सवाल उठाया है
आयोग ने वेमुला की आत्महत्या के लिए व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया ह
वेमुला की मौत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन आरोप मुक्त करार दिया गया है | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव यह नहीं बता सके कि ब्याज दरों में कटौती कब शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने इस बात का आश्वासन जरूर दिया कि आर्थिक तंत्र में नकदी की तंगी नहीं होने दी जाएगी। मध्य तिमाही समीक्षा जारी होने के बाद भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) के कार्यक्रम में सुब्बाराव ने कहा, हमने मुद्रास्फीति की स्थिति और आर्थिक वृद्धि में नरमी पर गौर किया। फिलहाल हमने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। बहरहाल, हम खुले बाजार परिचालन के जरिये नकदी की स्थिति को व्यवस्थित रखेगें, लेकिन इस मौके पर मैं यह नहीं कह सकता कि हम ब्याज दरों में कटौती कब शुरू करेंगे। रिजर्व बैंक ने मध्य तिमाही समीक्षा में रेपो, रिवर्स रेपो, सीआरआर और एसएलआर जैसी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। मार्च, 2010 के बाद से 13 बार रेपो और रिवर्स रेपो दर बढ़ाते रहने के बाद पहली बार इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया। रुपये में लगातार गिरावट पर सुब्बाराव ने कहा, इसका मुद्रास्फीति पर असर होगा और इस बारे में हमने समीक्षा में कहा है। बैंक ने कहा है कि वह स्थिति पर नजदीकी से नजर रखे हुए है और जब भी उचित होगा कदम उठाएगा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में पिछले दिनों भारी गिरावट दर्ज की गई। कल ही कारोबार के दौरान एक समय डॉलर के मुकाबले रुपये 54 तक गिर गया था। हालांकि, कल शाम रिजर्व बैंक के गिरावट थामने के लिए उठाए गए कदम से आज स्थिति कुछ संभली है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव यह नहीं बता सके कि ब्याज दरों में कटौती कब शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि नकदी की तंगी नहीं होने दी जाएगी। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऐतिहासिक फिरोजशाह कोटला मैदान गुरुवार को आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले रोचक मुकाबले का गवाह बनेगा। दिसम्बर 2009 के बाद कोटला पर खेले जाने वाले इस मुकाबले की मदद से दोनों टीमें विश्व कप में विजयी आगाज करना चाहेंगी। वेस्टइंडीज भले ही विश्व क्रिकेट का बादशाह नहीं रहा हो लेकिन उसमें इतनी ताकत तो है कि वह किसी भी टीम को चौंका सकता है। कागज पर मजबूत दिख रही वेस्टइंडीज की टीम में दक्षिण अफ्रीका को हराने की पूरी क्षमता है और इस कारण ग्रीम स्मिथ इस मुकाबले के माध्यम से सावधान शुरूआत करना चाहेंगे। एकदिवसीय क्रिकेट के लिहाज से दोनों टीमों के पास अपार क्षमता है और यही कारण है कि गुरुवार को इस मुकाबले को देखने के लिए कोटला में 35,000 के करीब दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। कागजी तौर पर दोनों टीमों के बीच बराबरी की बात स्वीकार की जा सकती है लेकिन हाल के दिनों में दक्षिण अफ्रीका की टीम हर लिहाज से बीस साबित हुई है। उसने 2010 में खेले गए द्विपक्षीय मुकाबलों में वेस्टइंडीज को 5-0 से पराजित करके इसे साबित भी किया है। इसके अलावा दोंनों टीमों के बीच आईसीसी रैंकिंग में भी काफी फर्क है। दक्षिण अफ्रीका जहां चौथे क्रम पर विराजमान है और विश्व कप जीतकर पहले क्रम पर पहुंच सकता है वहीं वेस्टइंडीज की टीम बांग्लादेश से भी नीचे 10वें क्रम पर है। इस मुकाबले के लिए कोटला की पिच पर सबकी निगाहें होंगी। सबकुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि पिच का मिजाज कैसा रहेगा। कोटला पर एक वर्ष से भी अधिक अंतराल के बाद कोई अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला खेला जा रहा है। 2009 में भारत और श्रीलंका के बीच यहां खेला गया एकदिवसीय मुकाबला 23 ओवरों के बाद खराब पिच के कारण रद्द कर दिया गया था। इसके बाद कोटला पर अंतर्राष्ट्रीय मेजबानी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। आईसीसी ने कोटला को मेजबानी का जीवनदान दिया लेकिन साथ ही यह भी शर्त रख दी कि विश्व कप के लिए नए सिरे से पिच तैयार की जाएगी और विश्व कप शुरू होने तक उस पर कोई मैच नहीं खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच फर्क यह है कि इस विश्व कप में वेस्टइंडीज को बड़ी टीमों को चौंकाने वाली टीम का दर्जा मिला हुआ है जबकि दक्षिण अफ्रीका को खिताब का दावेदार माना जा रहा है। दक्षिण अफ्रीकी टीम बीते वर्षो की तरह एक बार फिर यह साबित करने का प्रयास करेगी कि वह भी विश्व कप जीत सकती है। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने जहां बीता वर्ष कई मुकाबले हारने और कई तरह के विवादों को लेकर लड़ने में बिताया वहीं दक्षिण अफ्रीकी टीम मजबूत इरादों के साथ यहां पहुंची है। उसने हाल ही में एकदिवसीय श्रृंखला में भारत को 3-2 से हराया है, जो उसका मनोबल बढ़ाने के लिए काफी है। कैरेबियाई टीम पांच दिनों से दिल्ली में रहकर यहां के माहौल में ढलने का प्रयास कर रही है। दक्षिण अफ्रीकी टीम सोमवार को यहां पहुंची है लेकिन इसके बावजूद जीत उसी की होगी, जो मैच के दिन अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। ऐसे में दिल्ली के दर्शकों को कोटला में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा, इसमें कोई शक नहीं। टीमें इस प्रकार हैं : दक्षिण अफ्रीका : ग्रीम स्मिथ, हाशिम आमला, जोहान बोथा, अब्राहम डिविलियर्स, ज्यां पॉल ड्यूमिनी, फाफ ड्यू प्लेसिस, कोलिन इंग्रैम, जैक्स कैलिस, मोर्ने मोर्कल, वायने पार्नेल, रोबिन पीटरसन, डेल स्टेन, इमरान ताहिर, लोनावाबो सोत्सोबे और मोर्ने वैन विक। वेस्टइडीज : डेरेन सैमी, क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो, डेरेन ब्रावो, डेवोन स्मिथ, डेवोन थॉमस, सुलेमान बेन, निकिता मिलर, आंद्रे रसेल, रवि रामपाल, केमर रोच, शिवनायण चंद्रपॉल, किर्क एडवर्ड्स। अम्पायर : साइमन टफेल और अमेश साहेबा तीसरा अम्पयार : अशोक डी सिल्वा मैच रेफरी : जेफ क्रो | संक्षिप्त सारांश: वेस्टइंडीज भले ही विश्व क्रिकेट का बादशाह नहीं रहा हो लेकिन उसमें इतनी ताकत तो है कि वह किसी भी टीम को चौंका सकता है। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की गुंडागर्दी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। समाजवादी पार्टी के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति ने चिरगांव के बीडीओ को गोली मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। चिरगांव के बीडीओ सुशील कुमार की पूर्व ब्लाकॅ प्रमुख कल्याणी देवी के पति डॉ. भरत यादव से डेढ़ साल पहले नोकझोंक हो गई थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए एसपी कार्यकर्ता भरत यादव ने बीडीओ सुशील कुमार के घर जाकर उस पर गोलियां दाग दीं। घायल सुशील कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी एसपी कार्यकर्ता भरत यादव को मीडिया में खबर आने के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
पहले प्रशासन का कोई भी आला-अधिकारी इस मामले पर जवाब देने से बचता रहा। साफ−सुथरी सरकार का वादा कर सत्ता में आई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी से बाज नहीं आ रहे। सरकार बनने के बाद से अब तक इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ता संभालते ही चेतावनी दी थी कि कार्यकर्ताओं को कानून के दायरे में रहना होगा। गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी लेकिन एसपी कार्यकर्ताओं पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
पहले प्रशासन का कोई भी आला-अधिकारी इस मामले पर जवाब देने से बचता रहा। साफ−सुथरी सरकार का वादा कर सत्ता में आई समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी से बाज नहीं आ रहे। सरकार बनने के बाद से अब तक इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ता संभालते ही चेतावनी दी थी कि कार्यकर्ताओं को कानून के दायरे में रहना होगा। गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी लेकिन एसपी कार्यकर्ताओं पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है। | सारांश: समाजवादी पार्टी के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति ने चिरगांव के बीडीओ को गोली मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टर' (Romeo Akbar Walter) ने रिलीज के पहले दिन 5 करोड़ 25 लाख, शनिवार को 7 करोड़ 25 लाख, रविवार को 8.50 करोड़, सोमवार को 2.50 करोड़, मंगलवार को 2.25 करोड़, बुधवार को 1.50 करोड़, गुरुवार को भी करीब 1.50 करोड़ रुपये की कमाई की है. इस फिल्म से उम्मीद लगाई जा रही है कि इस वीकेंड में फिल्म (Romeo Akbar Walter) की कमाई एक बार फिर जोर पकड़ेगी.
वहीं, जॉन अब्राहम (John Abraham) की फिल्म 'रोमियो अकबर वाल्टर' (Romeo Akbar Walter) ने वर्ल्ड वाइड 36 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. बताया जाता है कि फिल्म की लागत 34-35 करोड़ है. ऐसे में माना जा रहा है कि फिल्म अपनी लागत निकालने में आसानी से कामयाब हो जाएगी लेकिन कमाई कितनी कर पाती है इस पर नजर रहेगी. जॉन अब्राहम (John Abraham) की 'रॉ' 'RAW' को रॉबी ग्रेवाल ने डायरेक्ट किया है.
फिल्म में जॉन अब्राहम (John Abraham) के अलावा मौनी रॉय, सिकंदर खेर और जैकी श्रॉफ भी थे. जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff) ने RAW में खुफिया विभाग के प्रमुख का रोल किया है. अगर जॉन अब्राहम की फिल्म अपनी लागत निकाल लेती है तो इसे आने वाले हफ्ते में और भी फायदा होते देखा जा सकेगा. वैसे जॉन अब्राहम की पिछली कुछ फिल्म 'परमाणु' और 'सत्यमेव जयते' भी देशभक्ति के जज्बे से ओत-प्रोत थीं. | यह एक सारांश है: जॉन अब्राहम की फिल्म 'RAW' की धाकड़ कमाई
जॉन की फिल्म अपनी कमाई से चौंका रही है
विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही ही फिल्म | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput), मनोज वाजपेयी (Manoj Bajpai), रणवीर शौरी (Ranvir Shorey), आशुतोष राणा (Ashutosh Rana)और भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) जैसे स्टारों से सजी फिल्म सोनचिड़िया (SonChiriya) शुक्रवार को सिनेमा घरों में रिलीज हो गई. फिल्म के ट्रेलर को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करेगी. रिव्यू और रेटिंग अच्छी मिलने के बावजूद फिल्म पहले दिन 1 करोड़ की ही कमाई कर पाई. हालांकि इसी शुक्रवार को रिलीज हुई लुका छिपी को दर्शकों ने काफी सराहा लेकिन सोनचिड़िया (SonChiriya) की कमाई न करने की पीछे कुछ और कारण माने जा रहे हैं.
डकैत बैकग्राउंड पर बनी सोनचिड़िया (SonChiriya) को दर्शकों ने पसंद किया लेकिन सिनेमाई पर्दों पर ज्यादा जगह नहीं मिली. फिल्म देशभर में सिर्फ 720 पर्दों पर रिलीज हुई जबकि ओवरसीज की बात करें तो 220 पर्दों पर सोनचिड़िया (SonChiriya) दिखाई गई. वहीं लुका छिपी देशभर में 2100 पर्दों पर रिलीज हुई. इस लिहाज से फिल्म पहले दिन फिल्म की कमाई कम नहीं मानी जा रही है. यदि ज्यादा पर्दों पर जगह मिलती तो फिल्म की कमाई में इजाफा हो सकता था.
इस वक्त 4 अन्य हिंदी फिल्में सिनेमा घरों में लगी हुई हैं जिनको दर्शक पसंद कर रहे हैं. इनमें उरी द सर्जिकल स्ट्राइक (Uri The Surgical Strike), गली बॉय (Gully Boy), टोटल धमाल (Total Dhamaal) और लुकाछिपी (Luka Chuppi) शामिल है. इन सभी फिल्मों का कलेक्शन सही दिशा में जा रहा है. लिहाजा सिनेमा घर आने वाले दर्शकों के बीच 5 फिल्मों में बंटवारा हो जा रहा है. डैकत पृष्ठभूमि पर सोनचिड़िया (SonChiriya) इन 4 फिल्मों के मुकाबले दर्शकों को ज्यादा लुभा नहीं पा रही है.
आगामी हफ्तों में सोनचिड़िया (SonChiriya) और लुका छिपी के अच्छे कलेक्शन होने की आशंका जताई जा रही है. 'उड़ता पंजाब' और 'इश्किया' जैसी कहानी के साथ दर्शकों का मनोरंजन कर चुके निर्देशक अभिषेक चौबे ने 'सोनचिड़िया (SonChiriya)' में चंबल की कहानी पेश की है. फिल्म के निर्माता रोनी स्क्रूवाला हैं. फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत, मनोज वाजपेयी, आशुतोष राणा और भूमि पेडनेकर के काम की काफी तारीफ हो रही है. | सारांश: रिव्यू अच्छे मिलने के बाद पहले दिन कुछ खास नहीं रही कमाई
साथ में रिलीज हुई लुका छिपी के पर्दे पर ज्यादा दर्शक जुटे
डकैत पृष्ठभूमि पर बनी है फिल्म | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर भारत में दिन-ब-दिन बढ़ती गर्मी से राहत के लिए दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की आस लगाए बैठे लोगों का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। दरअसल, मौसम वैज्ञानिकों ने केरल में मॉनसून के अभी एक सप्ताह बाद पहुंचने का अनुमान लगाया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान विभाग के प्रमुख डी शिवानंद पई ने मॉनसून की प्रगति के बारे में पूछने पर कहा, अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।टिप्पणियां
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि परिस्थितियां आगामी तीन दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कुछ हिस्सों में मॉनसून के और आगे बढ़ने के अनुकूल बन रही है। हालांकि वैज्ञानिक इसे केरल में जल्दी मॉनसून आने के संकेत के रूप में नहीं देख रहे हैं।
राष्ट्रीय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र की निदेशक स्वाति बसु ने कहा, हम मॉनसून के केरल में 3 जून को आने के आईएमडी के पूर्वानुमान पर डटे हुए हैं। भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अहम मॉनसून के तहत अंडमान सागर में सामान्य तिथि से तीन दिन पहले 17 मई को पहली बारिश हुई थी। मॉनसून 17 और 20 मई के बीच आगे बढ़ा था, लेकिन इसके बाद यह आगे नहीं बढ़ा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान विभाग के प्रमुख डी शिवानंद पई ने मॉनसून की प्रगति के बारे में पूछने पर कहा, अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।टिप्पणियां
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि परिस्थितियां आगामी तीन दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कुछ हिस्सों में मॉनसून के और आगे बढ़ने के अनुकूल बन रही है। हालांकि वैज्ञानिक इसे केरल में जल्दी मॉनसून आने के संकेत के रूप में नहीं देख रहे हैं।
राष्ट्रीय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र की निदेशक स्वाति बसु ने कहा, हम मॉनसून के केरल में 3 जून को आने के आईएमडी के पूर्वानुमान पर डटे हुए हैं। भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अहम मॉनसून के तहत अंडमान सागर में सामान्य तिथि से तीन दिन पहले 17 मई को पहली बारिश हुई थी। मॉनसून 17 और 20 मई के बीच आगे बढ़ा था, लेकिन इसके बाद यह आगे नहीं बढ़ा।
मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि परिस्थितियां आगामी तीन दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कुछ हिस्सों में मॉनसून के और आगे बढ़ने के अनुकूल बन रही है। हालांकि वैज्ञानिक इसे केरल में जल्दी मॉनसून आने के संकेत के रूप में नहीं देख रहे हैं।
राष्ट्रीय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र की निदेशक स्वाति बसु ने कहा, हम मॉनसून के केरल में 3 जून को आने के आईएमडी के पूर्वानुमान पर डटे हुए हैं। भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अहम मॉनसून के तहत अंडमान सागर में सामान्य तिथि से तीन दिन पहले 17 मई को पहली बारिश हुई थी। मॉनसून 17 और 20 मई के बीच आगे बढ़ा था, लेकिन इसके बाद यह आगे नहीं बढ़ा।
राष्ट्रीय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र की निदेशक स्वाति बसु ने कहा, हम मॉनसून के केरल में 3 जून को आने के आईएमडी के पूर्वानुमान पर डटे हुए हैं। भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अहम मॉनसून के तहत अंडमान सागर में सामान्य तिथि से तीन दिन पहले 17 मई को पहली बारिश हुई थी। मॉनसून 17 और 20 मई के बीच आगे बढ़ा था, लेकिन इसके बाद यह आगे नहीं बढ़ा। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर भारत में दिन-ब-दिन बढ़ती गर्मी से राहत के लिए दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की आस लगाए बैठे लोगों का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। दरअसल मौसम वैज्ञानिकों ने केरल में मॉनसून के अभी एक सप्ताह बाद पहुंचने का अनुमान लगाया है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मंगलवार को एकबार फिर नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए 'पेटीएम' का शाब्दिक अर्थ 'पे टू मी' बताया. लालू ने मंगलवार को ट्वीट कर मोदी पर निशाना साधा.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "ऐसा कोई पीएम (प्रधानमंत्री) होता है? जो सरेआम चीनी कंपनी का प्रचार कर कहता हो, पेटीएम कर लो. 'पेटीएम' का मतलब पे टू मी. जनाब, पीएम गरिमा का पद होता है." लालू ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मोदी ने 'मतवाला हाथी' की तरह तानाशाही कदम उठाया है.
राजद प्रमुख ने दावा किया कि नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ होंगे. पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक तानाशाह की तरह कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, "मोदी जी, आपने मतवाला हाथी की तरह तानाशाही कदम उठाया है. लगता है, यहां का सारा पैसा चीन चला जाएगा."
राजद अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी पर राजद द्वारा आहूत आंदोलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साथ होंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश ने भी 'कैशलेस' के मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध किया है लालू ने कहा, "नीतीश कुमार ने मुझसे कहा है कि 50 दिन बाद हम नोटबंदी का रिव्यू करेंगे और फिर केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा." टिप्पणियां
गौरतलब है कि नीतीश नोटबंदी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया है. लालू ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी की बात पर अब कोई विश्वास नहीं करता. देश में उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है." उल्लेखनीय है कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के घटक राजद ने नोटबंदी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. लालू नोटबंदी से देश में पैदा हुए
मुश्किल भरे हालात को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "ऐसा कोई पीएम (प्रधानमंत्री) होता है? जो सरेआम चीनी कंपनी का प्रचार कर कहता हो, पेटीएम कर लो. 'पेटीएम' का मतलब पे टू मी. जनाब, पीएम गरिमा का पद होता है." लालू ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मोदी ने 'मतवाला हाथी' की तरह तानाशाही कदम उठाया है.
राजद प्रमुख ने दावा किया कि नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ होंगे. पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक तानाशाह की तरह कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, "मोदी जी, आपने मतवाला हाथी की तरह तानाशाही कदम उठाया है. लगता है, यहां का सारा पैसा चीन चला जाएगा."
राजद अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी पर राजद द्वारा आहूत आंदोलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साथ होंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश ने भी 'कैशलेस' के मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध किया है लालू ने कहा, "नीतीश कुमार ने मुझसे कहा है कि 50 दिन बाद हम नोटबंदी का रिव्यू करेंगे और फिर केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा." टिप्पणियां
गौरतलब है कि नीतीश नोटबंदी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया है. लालू ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी की बात पर अब कोई विश्वास नहीं करता. देश में उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है." उल्लेखनीय है कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के घटक राजद ने नोटबंदी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. लालू नोटबंदी से देश में पैदा हुए
मुश्किल भरे हालात को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजद प्रमुख ने दावा किया कि नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ होंगे. पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक तानाशाह की तरह कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, "मोदी जी, आपने मतवाला हाथी की तरह तानाशाही कदम उठाया है. लगता है, यहां का सारा पैसा चीन चला जाएगा."
राजद अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी पर राजद द्वारा आहूत आंदोलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साथ होंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश ने भी 'कैशलेस' के मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध किया है लालू ने कहा, "नीतीश कुमार ने मुझसे कहा है कि 50 दिन बाद हम नोटबंदी का रिव्यू करेंगे और फिर केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा." टिप्पणियां
गौरतलब है कि नीतीश नोटबंदी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया है. लालू ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी की बात पर अब कोई विश्वास नहीं करता. देश में उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है." उल्लेखनीय है कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के घटक राजद ने नोटबंदी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. लालू नोटबंदी से देश में पैदा हुए
मुश्किल भरे हालात को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजद अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी पर राजद द्वारा आहूत आंदोलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साथ होंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश ने भी 'कैशलेस' के मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध किया है लालू ने कहा, "नीतीश कुमार ने मुझसे कहा है कि 50 दिन बाद हम नोटबंदी का रिव्यू करेंगे और फिर केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा." टिप्पणियां
गौरतलब है कि नीतीश नोटबंदी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया है. लालू ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी की बात पर अब कोई विश्वास नहीं करता. देश में उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है." उल्लेखनीय है कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के घटक राजद ने नोटबंदी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. लालू नोटबंदी से देश में पैदा हुए
मुश्किल भरे हालात को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि नीतीश नोटबंदी के निर्णय का स्वागत करते हुए इसका समर्थन किया है. लालू ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी की बात पर अब कोई विश्वास नहीं करता. देश में उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है." उल्लेखनीय है कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के घटक राजद ने नोटबंदी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. लालू नोटबंदी से देश में पैदा हुए
मुश्किल भरे हालात को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने नोटबंदी पर पीएम मोदी पर निशाना साधा
मोदी पर तंज कसते हुए 'पेटीएम' का शाब्दिक अर्थ 'पे टू मी' बताया
राजद प्रमुख ने दावा किया कि नोटबंदी के खिलाफ नीतीश कुमार साथ होंगे | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: साल 1994 में आई फिल्म 'मोहरा' के बारे में तो जानते ही होंगे. खासकर इस फिल्म का आइटम सांग 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' जब कभी बजता है तो ज्यादातर लोगों के पैर थिरकने लगते हैं. अब 23 साल पुराने इसी गाने पर एक लड़की का किया हुआ डांस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को यूट्यूब पर इसी साल 3 अप्रैल को अपलोड किया गया था, जिसे अब तक 11,189,012 बार देखा जा चुका है. वीडियो में दिए गए डिटेल के मुताबिक डांस करने वाली लड़की का नाम दीपा आयंगर है. इन्होंने यूट्यूब पर DeepaDance नाम से पेज भी बना रखा है.
वीडियो को देखकर लग रहा है कि यह लड़की घर की छत पर डांस कर रही है. फिल्म में रवीना टंडन इस गाने पर जो स्टेप की थीं, यह लड़की उससे थोड़ा अलग स्टेप कर रही हैं. लड़की एक्सप्रेशन कमाल के हैं. टिप्पणियां
मालूम हो कि इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'मशीन' में दोबारा से 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' गाने का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इस बार इस गाने को नेहा कक्कड़ और उदित नारायण ने मिलकर गाया है. इसी साल 3 अप्रैल को यूट्यूब को अपलोड किए गए इस गाने को अब तक 54,334,439 देखा जा चुका है.
वहीं मोहरा फिल्म में दिखाए गए गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' को उदित नारायण और कविता कृष्णमूर्ति ने मिलकर गाया था.
वीडियो को देखकर लग रहा है कि यह लड़की घर की छत पर डांस कर रही है. फिल्म में रवीना टंडन इस गाने पर जो स्टेप की थीं, यह लड़की उससे थोड़ा अलग स्टेप कर रही हैं. लड़की एक्सप्रेशन कमाल के हैं. टिप्पणियां
मालूम हो कि इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'मशीन' में दोबारा से 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' गाने का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इस बार इस गाने को नेहा कक्कड़ और उदित नारायण ने मिलकर गाया है. इसी साल 3 अप्रैल को यूट्यूब को अपलोड किए गए इस गाने को अब तक 54,334,439 देखा जा चुका है.
वहीं मोहरा फिल्म में दिखाए गए गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' को उदित नारायण और कविता कृष्णमूर्ति ने मिलकर गाया था.
मालूम हो कि इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'मशीन' में दोबारा से 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' गाने का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इस बार इस गाने को नेहा कक्कड़ और उदित नारायण ने मिलकर गाया है. इसी साल 3 अप्रैल को यूट्यूब को अपलोड किए गए इस गाने को अब तक 54,334,439 देखा जा चुका है.
वहीं मोहरा फिल्म में दिखाए गए गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' को उदित नारायण और कविता कृष्णमूर्ति ने मिलकर गाया था.
वहीं मोहरा फिल्म में दिखाए गए गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' को उदित नारायण और कविता कृष्णमूर्ति ने मिलकर गाया था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'तू चीज बड़ी है मस्त, मस्त...' गाने पर लड़की का डांस
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा लड़की का डांस
दो महीने में 11,189,012 बार देखा जा चुका है | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना अध्यक्ष बाल ठाकरे ने कहा कि वरिष्ठ गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के आमरण अनशन की बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के बीच बढ़ रहे गुस्से से केंद्र सरकार भयभीत होगी। बाल ठाकरे ने कहा कि केंद्र इस बात को लेकर चिंतित है कि हजारे के आंदोलन को लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है, जिससे उसे सत्ता गवांनी पड़ सकती है। केंद्र सरकार हजारे के आमरण अनशन से भयभीत नहीं है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में ठाकरे ने कहा, "भ्रष्टाचार केवल महाराष्ट्र तक ही नहीं बल्कि पूरे देश में फैला हुआ है। केंद्र सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और वह 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला, राष्टमंडल खेल घोटाला और अन्य तरह के घोटालों की अवैध कमाई के बूते हासिल धन बल से चल रही है।" ठाकरे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्य भी भ्रष्टाचार की गतिविधियों में लिप्त हैं। गौरतलब है कि वरिष्ठ गांधावादी नेता और समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त जन लोकपाल विधेयक लाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बाल ठाकरे ने कहा कि अन्ना हजारे के आमरण अनशन की बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के बीच बढ़ रहे गुस्से से केंद्र सरकार भयभीत होगी। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ग्रैंडमास्टर और टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही शीर्ष रैंकिंग वाली खिलाड़ी कोनेरू हंपी गुरुवार को उक्रेन की नतालिया झुकोवा के खिलाफ दूसरे दौर की दूसरी बाजी में मौकों का फायदा उठाने में नाकाम करने के कारण विश्व महिला शतरंज चैम्पियनशिप से बाहर हो गई।
दो बाजियों के मुकाबले की पहली बाजी में शिकस्त झेलने के बाद हंपी को आज हर हाल में जीत दर्ज करनी थी लेकिन झुकोवा के खिलाफ वह दूसरी बाजी भी हार गई।टिप्पणियां
भारत की उम्मीदों का दारोमदार अब डी हरिका पर है जिन्होंने आर्मेनिया की एलिना डेनियलेन को पछाड़कर इस नाकआउट प्रतियोगता के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहली बाजी जीतने के बाद हरिका ने ड्रा खेलने को तरजीह दी और आसानी से अगले दौर में प्रवेश कर लिया।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर पोलैंड की मोनिका सोको ने किया जिन्होंने गत चैम्पियन चीन की यिफान हाउ को हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब इस मैच के विजेता का फैसला टाईब्रेक बाजी से होगा। इससे पहले हंपी 0-2 के अंतर से हारने वाली एकमात्र खिलाड़ी रही।
दो बाजियों के मुकाबले की पहली बाजी में शिकस्त झेलने के बाद हंपी को आज हर हाल में जीत दर्ज करनी थी लेकिन झुकोवा के खिलाफ वह दूसरी बाजी भी हार गई।टिप्पणियां
भारत की उम्मीदों का दारोमदार अब डी हरिका पर है जिन्होंने आर्मेनिया की एलिना डेनियलेन को पछाड़कर इस नाकआउट प्रतियोगता के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहली बाजी जीतने के बाद हरिका ने ड्रा खेलने को तरजीह दी और आसानी से अगले दौर में प्रवेश कर लिया।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर पोलैंड की मोनिका सोको ने किया जिन्होंने गत चैम्पियन चीन की यिफान हाउ को हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब इस मैच के विजेता का फैसला टाईब्रेक बाजी से होगा। इससे पहले हंपी 0-2 के अंतर से हारने वाली एकमात्र खिलाड़ी रही।
भारत की उम्मीदों का दारोमदार अब डी हरिका पर है जिन्होंने आर्मेनिया की एलिना डेनियलेन को पछाड़कर इस नाकआउट प्रतियोगता के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। पहली बाजी जीतने के बाद हरिका ने ड्रा खेलने को तरजीह दी और आसानी से अगले दौर में प्रवेश कर लिया।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर पोलैंड की मोनिका सोको ने किया जिन्होंने गत चैम्पियन चीन की यिफान हाउ को हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब इस मैच के विजेता का फैसला टाईब्रेक बाजी से होगा। इससे पहले हंपी 0-2 के अंतर से हारने वाली एकमात्र खिलाड़ी रही।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर पोलैंड की मोनिका सोको ने किया जिन्होंने गत चैम्पियन चीन की यिफान हाउ को हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब इस मैच के विजेता का फैसला टाईब्रेक बाजी से होगा। इससे पहले हंपी 0-2 के अंतर से हारने वाली एकमात्र खिलाड़ी रही। | संक्षिप्त पाठ: दो बाजियों के मुकाबले की पहली बाजी में शिकस्त झेलने के बाद हंपी को आज हर हाल में जीत दर्ज करनी थी लेकिन झुकोवा के खिलाफ वह दूसरी बाजी भी हार गई। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर का कहना है कि वह साधारण भूमिकाएं इसलिए नहीं चुनतीं ताकि वह दर्शकों के समक्ष अपना अभिनय कौशल दर्शा सकें।
सोनम ने साक्षात्कार में कहा, आजकल सभी अभिनेत्रियां ऐसी (फैशन और स्टाइलिंग) भूमिकाएं कर रही हैं। मैंने इसे शुरू किया था, जिसके बाद सभी ने ऐसा शुरू कर दिया। इसलिए हो सकता है यह (फैशन) कहीं न कहीं काम कर रहा हो वरना हर कोई ऐसा क्यों करेगा।
‘थैंक्यू’ ‘मौसम’ और ‘प्लेयर्स’ सहित कई फ्लॉप फिल्मों के बाद अब सोनम आनंद एल राय की फिल्म ‘रांझना’ में जुटी हुई हैं, जिसमें उन्होंने एक साधारण लड़की की भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, मैं अभिनय का इतना आनंद उठाती हूं कि मुझे नहीं लगता कि अगर मैं साधारण भूमिका निभाऊंगी, लोग मेरे अभिनय पर ज्यादा ध्यान देंगे। मुझे लगता है कि 'रांझना' में मेरा जैसा किरदार है, मैंने उसमें वैसा ही अभिनय किया है। मैं खुद को रोक नहीं रही हूं और न ही कुछ योजना बना रही हूं, यह किरदार मुझे पसंद आया और मैंने वहीं किया जो इसके लिए जरूरी था।
सोनम दो अन्य फिल्मों ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘खूबसूरत’ के रीमेक के अलावा आयुष्मान खुराना के साथ ‘यशराज फिल्म्स’ की एक फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। ‘खूबसूरत’ के रीमेक में सोनम ने वर्ष 1980 की ऋषिकेश मुखर्जी की हिट फिल्म खूबसूरत में अभिनय करने वाली रेखा का किरदार निभाया है। टिप्पणियां
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
सोनम ने साक्षात्कार में कहा, आजकल सभी अभिनेत्रियां ऐसी (फैशन और स्टाइलिंग) भूमिकाएं कर रही हैं। मैंने इसे शुरू किया था, जिसके बाद सभी ने ऐसा शुरू कर दिया। इसलिए हो सकता है यह (फैशन) कहीं न कहीं काम कर रहा हो वरना हर कोई ऐसा क्यों करेगा।
‘थैंक्यू’ ‘मौसम’ और ‘प्लेयर्स’ सहित कई फ्लॉप फिल्मों के बाद अब सोनम आनंद एल राय की फिल्म ‘रांझना’ में जुटी हुई हैं, जिसमें उन्होंने एक साधारण लड़की की भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, मैं अभिनय का इतना आनंद उठाती हूं कि मुझे नहीं लगता कि अगर मैं साधारण भूमिका निभाऊंगी, लोग मेरे अभिनय पर ज्यादा ध्यान देंगे। मुझे लगता है कि 'रांझना' में मेरा जैसा किरदार है, मैंने उसमें वैसा ही अभिनय किया है। मैं खुद को रोक नहीं रही हूं और न ही कुछ योजना बना रही हूं, यह किरदार मुझे पसंद आया और मैंने वहीं किया जो इसके लिए जरूरी था।
सोनम दो अन्य फिल्मों ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘खूबसूरत’ के रीमेक के अलावा आयुष्मान खुराना के साथ ‘यशराज फिल्म्स’ की एक फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। ‘खूबसूरत’ के रीमेक में सोनम ने वर्ष 1980 की ऋषिकेश मुखर्जी की हिट फिल्म खूबसूरत में अभिनय करने वाली रेखा का किरदार निभाया है। टिप्पणियां
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
‘थैंक्यू’ ‘मौसम’ और ‘प्लेयर्स’ सहित कई फ्लॉप फिल्मों के बाद अब सोनम आनंद एल राय की फिल्म ‘रांझना’ में जुटी हुई हैं, जिसमें उन्होंने एक साधारण लड़की की भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, मैं अभिनय का इतना आनंद उठाती हूं कि मुझे नहीं लगता कि अगर मैं साधारण भूमिका निभाऊंगी, लोग मेरे अभिनय पर ज्यादा ध्यान देंगे। मुझे लगता है कि 'रांझना' में मेरा जैसा किरदार है, मैंने उसमें वैसा ही अभिनय किया है। मैं खुद को रोक नहीं रही हूं और न ही कुछ योजना बना रही हूं, यह किरदार मुझे पसंद आया और मैंने वहीं किया जो इसके लिए जरूरी था।
सोनम दो अन्य फिल्मों ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘खूबसूरत’ के रीमेक के अलावा आयुष्मान खुराना के साथ ‘यशराज फिल्म्स’ की एक फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। ‘खूबसूरत’ के रीमेक में सोनम ने वर्ष 1980 की ऋषिकेश मुखर्जी की हिट फिल्म खूबसूरत में अभिनय करने वाली रेखा का किरदार निभाया है। टिप्पणियां
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, मैं अभिनय का इतना आनंद उठाती हूं कि मुझे नहीं लगता कि अगर मैं साधारण भूमिका निभाऊंगी, लोग मेरे अभिनय पर ज्यादा ध्यान देंगे। मुझे लगता है कि 'रांझना' में मेरा जैसा किरदार है, मैंने उसमें वैसा ही अभिनय किया है। मैं खुद को रोक नहीं रही हूं और न ही कुछ योजना बना रही हूं, यह किरदार मुझे पसंद आया और मैंने वहीं किया जो इसके लिए जरूरी था।
सोनम दो अन्य फिल्मों ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘खूबसूरत’ के रीमेक के अलावा आयुष्मान खुराना के साथ ‘यशराज फिल्म्स’ की एक फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। ‘खूबसूरत’ के रीमेक में सोनम ने वर्ष 1980 की ऋषिकेश मुखर्जी की हिट फिल्म खूबसूरत में अभिनय करने वाली रेखा का किरदार निभाया है। टिप्पणियां
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
सोनम दो अन्य फिल्मों ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘खूबसूरत’ के रीमेक के अलावा आयुष्मान खुराना के साथ ‘यशराज फिल्म्स’ की एक फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। ‘खूबसूरत’ के रीमेक में सोनम ने वर्ष 1980 की ऋषिकेश मुखर्जी की हिट फिल्म खूबसूरत में अभिनय करने वाली रेखा का किरदार निभाया है। टिप्पणियां
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
सोनम ने कहा, मैं रेखा जी की फैन हूं। मैं उनसे प्रभावित हूं। मैं रेखा जी से पहले ही मिल चुकी हूं। हमारी फिल्म वास्तविक फिल्म से प्रेरित नहीं है। इसका सार प्रेरित है, लेकिन कहानी, विचार पूरी तरह से अलग है। उस फिल्म में उन्होंने (रेखा ने) जो ऊर्जा लगाई, हम उस ऊर्जा को पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनम ने कहा कि इस फिल्म का पिछली फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है।
सोनम अपनी अगली फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ को लेकर भी खासी उत्साहित हैं जहां उन्होंने फिल्म निर्माता अभिनेता फरहान अख्तर के साथ भूमिका निभाई है। | सारांश: ‘थैंक्यू’ ‘मौसम’ और ‘प्लेयर्स’ सहित कई फ्लॉप फिल्मों के बाद अब सोनम आनंद एल राय की फिल्म ‘रांझना’ में जुटी हुई हैं, जिसमें उन्होंने एक साधारण लड़की की भूमिका निभाई है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रियो ओलिंपिक में सेमीफाइनल मैच के दौरान बैडमिंटन कोर्ट पर पीवी सिंधु का दबदबा जरूर दिखा और मैच को वह दो सीधे गेम में ही जीत गईं लेकिन मैच के दौरान बीच में कई बार उनकी गर्दन और सिर पर आइसपैक लगाने की जरूरत दिखी. हर ब्रेक में कोच पुलेला गोपीचंद के साथ भारत के मलेशियाई कोच टान किम सिंधु की गर्दन और सिर पर आइसपैक लगाते दिखे.
मैच के दौरान सिंधु पहले की तुलना में ज्यादा पसीना बहाती नजर आईं. बाद में NDTV से बातचीत में इसकी वजह बताते हुए गोपीचंद ने बताया कि मैच के ठीक पहले सिंधु को वॉर्मअप का सही मौका नहीं मिल पाया. इसके कारण ऐसा हुआ. टिप्पणियां
दरअसल जिस कोर्ट पर सिंधु और उनकी जापानी प्रतिद्वंद्वी के बीच मुकाबला होना था, उस कोर्ट पर पुरुष डबल्स के कांस्य पदक मैच का मुकाबला चल रहा था. ये मुकाबला लेकिन थोड़ा ज्यादा लंबा चला. इसी वजह से मैच दिन में 11 बजे के बजाय 11:30 से शुरू हुआ (भारतीय समयानुसार रात करीब आठ बजे).लेकिन उससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिंधु अपना वॉर्मअप खत्म कर चुकी थीं(उस पुरुष डबल्स मुकाबले में इंग्लैंड ने चीन को हरा दिया).
इस कारण मुकाबला शुरू होने में थोड़ी देर हुई. चूंकि सिंधु का वॉर्मअप सेशन थोड़ा पहले ही खत्म हो गया था, नतीजतन सिंधु को मैच के लिए खुद को ढालने में मशक्कत करनी पड़ी और इसी वजह से मैच के दौरान कई बार उनको आईसपैक लगाने की जरूरत पड़ी.
इन सबके बीच सबसे अच्छी बात यह है कि सिंधु की फिटनेस का लेवल पिछले चार-पांच महीने में इतना बेहतर हुआ है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. इसीलिए फाइनल में भी उनसे ऐसी ही अपेक्षाएं हैं.
मैच के दौरान सिंधु पहले की तुलना में ज्यादा पसीना बहाती नजर आईं. बाद में NDTV से बातचीत में इसकी वजह बताते हुए गोपीचंद ने बताया कि मैच के ठीक पहले सिंधु को वॉर्मअप का सही मौका नहीं मिल पाया. इसके कारण ऐसा हुआ. टिप्पणियां
दरअसल जिस कोर्ट पर सिंधु और उनकी जापानी प्रतिद्वंद्वी के बीच मुकाबला होना था, उस कोर्ट पर पुरुष डबल्स के कांस्य पदक मैच का मुकाबला चल रहा था. ये मुकाबला लेकिन थोड़ा ज्यादा लंबा चला. इसी वजह से मैच दिन में 11 बजे के बजाय 11:30 से शुरू हुआ (भारतीय समयानुसार रात करीब आठ बजे).लेकिन उससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिंधु अपना वॉर्मअप खत्म कर चुकी थीं(उस पुरुष डबल्स मुकाबले में इंग्लैंड ने चीन को हरा दिया).
इस कारण मुकाबला शुरू होने में थोड़ी देर हुई. चूंकि सिंधु का वॉर्मअप सेशन थोड़ा पहले ही खत्म हो गया था, नतीजतन सिंधु को मैच के लिए खुद को ढालने में मशक्कत करनी पड़ी और इसी वजह से मैच के दौरान कई बार उनको आईसपैक लगाने की जरूरत पड़ी.
इन सबके बीच सबसे अच्छी बात यह है कि सिंधु की फिटनेस का लेवल पिछले चार-पांच महीने में इतना बेहतर हुआ है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. इसीलिए फाइनल में भी उनसे ऐसी ही अपेक्षाएं हैं.
दरअसल जिस कोर्ट पर सिंधु और उनकी जापानी प्रतिद्वंद्वी के बीच मुकाबला होना था, उस कोर्ट पर पुरुष डबल्स के कांस्य पदक मैच का मुकाबला चल रहा था. ये मुकाबला लेकिन थोड़ा ज्यादा लंबा चला. इसी वजह से मैच दिन में 11 बजे के बजाय 11:30 से शुरू हुआ (भारतीय समयानुसार रात करीब आठ बजे).लेकिन उससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिंधु अपना वॉर्मअप खत्म कर चुकी थीं(उस पुरुष डबल्स मुकाबले में इंग्लैंड ने चीन को हरा दिया).
इस कारण मुकाबला शुरू होने में थोड़ी देर हुई. चूंकि सिंधु का वॉर्मअप सेशन थोड़ा पहले ही खत्म हो गया था, नतीजतन सिंधु को मैच के लिए खुद को ढालने में मशक्कत करनी पड़ी और इसी वजह से मैच के दौरान कई बार उनको आईसपैक लगाने की जरूरत पड़ी.
इन सबके बीच सबसे अच्छी बात यह है कि सिंधु की फिटनेस का लेवल पिछले चार-पांच महीने में इतना बेहतर हुआ है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. इसीलिए फाइनल में भी उनसे ऐसी ही अपेक्षाएं हैं.
इन सबके बीच सबसे अच्छी बात यह है कि सिंधु की फिटनेस का लेवल पिछले चार-पांच महीने में इतना बेहतर हुआ है कि वह किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. इसीलिए फाइनल में भी उनसे ऐसी ही अपेक्षाएं हैं. | संक्षिप्त पाठ: मैच के दौरान बहाना पड़ा ज्यादा पसीना
वॉर्मअप सेशन मैच शुरू होने से थोड़ा पहले खत्म हो गया
लिहाजा मैच में खुद को ढालने में मशक्कत करनी पड़ी | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक लो स्कोरिंग मैच में पंजाब की टीम ने भांगड़ा किया तो उसकी वजह उसके गेंदबाज रहे. संदीप शर्मा और अक्षर पटेल ने 3-3 विकेट झटके जबकि मोहित शर्मा और ग्लेन मैक्सवेल ने 2-2 विकेट लेकर बैंगलोर को पूरे 20 ओवर भी मैदान पर नहीं टिकने दिया (पंजाब 138/7-20ओवर, बैंगलोर 119/10-19 ओवर). इस मैच में पंजाब का हौसला बलंद कर दिया है. खासकर पंजाब के 23 साल के मध्यम तेज गेंदबाज संदीप शर्मा का आत्मविश्वास बल्ले-बल्ले कहने लगा है. संदीप शर्मा ने बैंगलोर के खिलाफ क्रिस गेल, विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के विकेट लेकर एक नया रिकॉर्ड तो बनाया ही 9 मैचों में 14 विकेट लेकर वो ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में टॉप पांच गेंदबाजों में शामिल हो गए.
10 मैचों में 5 जीत के साथ पंजाब की टीम के प्ले ऑफ की रेस में पहुंचने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. बड़ी बात ये है कि अपने आखिरी दोनों मैच जीतकर ग्लेन मैक्सवेल की टीम जीत की राह पर लौट आई है.
मोहाली में गुजरात के खिलाफ होने वाले मैच में उन्हें घरेलू मैदान पर खलने का बड़ा फायदा मिलेगा. लेकिन पंजाब को उसके बाद के बाक़ी के मैच कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसी टीमों से टक्कर लेनी है और ये तीनों ही टीमें फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में पंजाब से ऊपर हैं. ऐसे में गुजरात के खिलाफ जीत उसके हौसले को बड़ी चुनौतियों के लिए बुलंद कर सकती हैं.
पिछले मैच में हाशिम अमला (9 मैच, 316 रन, 52.66 औसत, नाबाद 104 सर्वाधिक), मार्टिन गप्तिल (3 मैच, 82 रन, 41.0 औसत, नाबाद 50 सर्वाधिक) और शॉन मार्श (5 मैच, 160 रन, 84 सर्वाधिक, औसत 40.0) बेशक फ्लॉप रहे. मगर पंजाब को कप्तान ग्लेन मैक्सवेल (10 मैच, 199 रन, नाबाद 44 सर्वाधिक, 28.5) के साथ इन्हीं बल्लेबाज़ों से ख़ास उम्मीद रहेगी. संदीप शर्मा (9 मैच, 14 विकेट) के साथ अक्षर पटेल (10मैच, 13 विकेट), टिप्पणियां
मोहित शर्मा (10 मैच, 9 विकेट)और यहां तक की ऑलराउंडर कप्तान मैक्सवेल (10 मैच, 5 विकेट) की गेंदबाज़ी घातक कॉम्बिनेशन बनाती दिख रही है. गुजरात के लिए फॉर्म में नजर आ रही पंजाब की चुनौती आसान नहीं दिख रही. ब्रेंडन मैक्कलम का चोडिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना प्ले ऑफ़्स की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी गुजरात की मुश्किलें बढ़ा सकता है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है.
10 मैचों में 5 जीत के साथ पंजाब की टीम के प्ले ऑफ की रेस में पहुंचने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. बड़ी बात ये है कि अपने आखिरी दोनों मैच जीतकर ग्लेन मैक्सवेल की टीम जीत की राह पर लौट आई है.
मोहाली में गुजरात के खिलाफ होने वाले मैच में उन्हें घरेलू मैदान पर खलने का बड़ा फायदा मिलेगा. लेकिन पंजाब को उसके बाद के बाक़ी के मैच कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसी टीमों से टक्कर लेनी है और ये तीनों ही टीमें फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में पंजाब से ऊपर हैं. ऐसे में गुजरात के खिलाफ जीत उसके हौसले को बड़ी चुनौतियों के लिए बुलंद कर सकती हैं.
पिछले मैच में हाशिम अमला (9 मैच, 316 रन, 52.66 औसत, नाबाद 104 सर्वाधिक), मार्टिन गप्तिल (3 मैच, 82 रन, 41.0 औसत, नाबाद 50 सर्वाधिक) और शॉन मार्श (5 मैच, 160 रन, 84 सर्वाधिक, औसत 40.0) बेशक फ्लॉप रहे. मगर पंजाब को कप्तान ग्लेन मैक्सवेल (10 मैच, 199 रन, नाबाद 44 सर्वाधिक, 28.5) के साथ इन्हीं बल्लेबाज़ों से ख़ास उम्मीद रहेगी. संदीप शर्मा (9 मैच, 14 विकेट) के साथ अक्षर पटेल (10मैच, 13 विकेट), टिप्पणियां
मोहित शर्मा (10 मैच, 9 विकेट)और यहां तक की ऑलराउंडर कप्तान मैक्सवेल (10 मैच, 5 विकेट) की गेंदबाज़ी घातक कॉम्बिनेशन बनाती दिख रही है. गुजरात के लिए फॉर्म में नजर आ रही पंजाब की चुनौती आसान नहीं दिख रही. ब्रेंडन मैक्कलम का चोडिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना प्ले ऑफ़्स की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी गुजरात की मुश्किलें बढ़ा सकता है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है.
मोहाली में गुजरात के खिलाफ होने वाले मैच में उन्हें घरेलू मैदान पर खलने का बड़ा फायदा मिलेगा. लेकिन पंजाब को उसके बाद के बाक़ी के मैच कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसी टीमों से टक्कर लेनी है और ये तीनों ही टीमें फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में पंजाब से ऊपर हैं. ऐसे में गुजरात के खिलाफ जीत उसके हौसले को बड़ी चुनौतियों के लिए बुलंद कर सकती हैं.
पिछले मैच में हाशिम अमला (9 मैच, 316 रन, 52.66 औसत, नाबाद 104 सर्वाधिक), मार्टिन गप्तिल (3 मैच, 82 रन, 41.0 औसत, नाबाद 50 सर्वाधिक) और शॉन मार्श (5 मैच, 160 रन, 84 सर्वाधिक, औसत 40.0) बेशक फ्लॉप रहे. मगर पंजाब को कप्तान ग्लेन मैक्सवेल (10 मैच, 199 रन, नाबाद 44 सर्वाधिक, 28.5) के साथ इन्हीं बल्लेबाज़ों से ख़ास उम्मीद रहेगी. संदीप शर्मा (9 मैच, 14 विकेट) के साथ अक्षर पटेल (10मैच, 13 विकेट), टिप्पणियां
मोहित शर्मा (10 मैच, 9 विकेट)और यहां तक की ऑलराउंडर कप्तान मैक्सवेल (10 मैच, 5 विकेट) की गेंदबाज़ी घातक कॉम्बिनेशन बनाती दिख रही है. गुजरात के लिए फॉर्म में नजर आ रही पंजाब की चुनौती आसान नहीं दिख रही. ब्रेंडन मैक्कलम का चोडिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना प्ले ऑफ़्स की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी गुजरात की मुश्किलें बढ़ा सकता है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है.
पिछले मैच में हाशिम अमला (9 मैच, 316 रन, 52.66 औसत, नाबाद 104 सर्वाधिक), मार्टिन गप्तिल (3 मैच, 82 रन, 41.0 औसत, नाबाद 50 सर्वाधिक) और शॉन मार्श (5 मैच, 160 रन, 84 सर्वाधिक, औसत 40.0) बेशक फ्लॉप रहे. मगर पंजाब को कप्तान ग्लेन मैक्सवेल (10 मैच, 199 रन, नाबाद 44 सर्वाधिक, 28.5) के साथ इन्हीं बल्लेबाज़ों से ख़ास उम्मीद रहेगी. संदीप शर्मा (9 मैच, 14 विकेट) के साथ अक्षर पटेल (10मैच, 13 विकेट), टिप्पणियां
मोहित शर्मा (10 मैच, 9 विकेट)और यहां तक की ऑलराउंडर कप्तान मैक्सवेल (10 मैच, 5 विकेट) की गेंदबाज़ी घातक कॉम्बिनेशन बनाती दिख रही है. गुजरात के लिए फॉर्म में नजर आ रही पंजाब की चुनौती आसान नहीं दिख रही. ब्रेंडन मैक्कलम का चोडिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना प्ले ऑफ़्स की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी गुजरात की मुश्किलें बढ़ा सकता है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है.
मोहित शर्मा (10 मैच, 9 विकेट)और यहां तक की ऑलराउंडर कप्तान मैक्सवेल (10 मैच, 5 विकेट) की गेंदबाज़ी घातक कॉम्बिनेशन बनाती दिख रही है. गुजरात के लिए फॉर्म में नजर आ रही पंजाब की चुनौती आसान नहीं दिख रही. ब्रेंडन मैक्कलम का चोडिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना प्ले ऑफ़्स की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी गुजरात की मुश्किलें बढ़ा सकता है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है.
वैसे बल्लेबाजी सुरेश रैना (11मैच, 395 रन, सर्वाधिक 84, औसत 49.4), दिनेश कार्तिक (11मैच, 286 रन, 65 सर्वाधिक, 35.75औसत) और एरॉन फ़िंच (10मैच, 226 रन, 25.11 औसत)जैसे बल्लेबाज़ अब भी गुजरात की बैटिंग के कर्णधार माने जा सकते हैं. एंड्रयू टाई और बसिल थंपी जैसे गेंदबाजों के इक्का-दुक्का प्रदर्शन के बावजूद गुजरात की कमजोर गेंदबाजी उसकी परेशानी का सबब बनी हुई है. लेकिन गुजरात अब बिना दबाव के खेलते हुए टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम का सफर खराब कर सकती है. | प्ले ऑफ में बने रहने के लिए पंजाब का गुजरात लायंस को हराना जरूरी
मोहाली का मैदान बल्लेबाजों के लिए हो सकता है मददगार
लो स्कोरिंग मैच में पंजाब को मिली जीत से उत्साहित है टीम | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम है और उसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। नई दिल्ली से कोलकाता पहुंचने के कुछ ही देर बाद अपने निवास पर मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह शीर्ष अदालत का फैसला है और उसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। हमें शीर्ष अदालत के फैसले के विभिन्न परिणामों का अध्ययन करना है।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की चेष्टा हो रही है, उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में राजनीतिक दल अपने विरोधी (सरकार) को घेरने के लिए इस फैसले का इस्तेमाल तो करेंगे ही। यह स्वाभाविक है।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की चेष्टा हो रही है, उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में राजनीतिक दल अपने विरोधी (सरकार) को घेरने के लिए इस फैसले का इस्तेमाल तो करेंगे ही। यह स्वाभाविक है।’’ | सारांश: केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम है और उसके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान की एक अदालत ने बेटी से बलात्कार करने वाले एक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ताहिर खान नियाजी ने खालिद अमीन पर आरोप सिद्ध होने के बाद कल उसे मौत की सजा सुनाई। खालिद की पूर्व पत्नी परवीन बीबी ने लाहौर के काहना पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि खालिद उसकी 15 वर्षीय बेटी के साथ 2009 में एक महीने तक बलात्कार करता रहा। परवीन का खालिद से 2008 में तलाक हो गया था और इस दंपती की दो बेटियां और चार बेटे अपने पिता के साथ रह रहे थे। पीड़ित लड़की ने अदालत में गवाही दी कि उसके पिता ने एक महीने तक उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। लड़की ने न्यायाधीश से कहा, मेरे पिता ने मुझे धमकी दी थी कि अगर मैंने इस बारे में किसी से कुछ कहा तो वह मेरे भाइयों को मार डालेगा। इस लड़की ने यौन उत्पीड़न के बारे में अपने चचेरे भाई को बताया था जिसके बाद यह बात परवीन तक पहुंच गई। खालिद को जब अदालत से बाहर लाया जा रहा था तो कुछ लोगों ने उस पर हमला करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया। ये लोग उसे सार्वजनिक स्थान पर फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान की एक अदालत ने बेटी से बलात्कार करने वाले एक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन में एक सिख गिरोह के तीन सदस्यों को लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कुलदीप सिंह बरार का गला रेतने का दोषी ठहराया गया है। यह हमला पिछले साल किया गया था। जनरल बरार 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के नायक थे।
हमलावरों में एक महिला भी शामिल थी। 78 वर्षीय बरार पर 30 सितंबर 2012 को उस समय हमला किया गया था जब वह मध्य लंदन में ओल्ड क्यूबेक स्ट्रीट पर अपनी पत्नी मीना के साथ जा रहे थे।
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में बर्मिंघम के मनदीप सिंह संधु (34) तथा लंदन के दिलबाग सिंह (37) तथा हरजीत कौर (39) को साजिश के साथ घायल करने का दोषी ठहराया गया।
वोल्वरहैम्प्टन के 33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांघा ने आरोप स्वीकार कर लिया था। नौ महिलाओं तथा दो पुरुषों की ज्युरी ने तीनों को दोषी ठहराने में केवल एक घंटे का समय लिया।
लेफ्टनेंट जनरल बरार जून 1984 में अमृतसर में सिख उग्रवादियों के खिलाफ एक विवादास्पद सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में शामिल थे।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
हमलावरों में एक महिला भी शामिल थी। 78 वर्षीय बरार पर 30 सितंबर 2012 को उस समय हमला किया गया था जब वह मध्य लंदन में ओल्ड क्यूबेक स्ट्रीट पर अपनी पत्नी मीना के साथ जा रहे थे।
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में बर्मिंघम के मनदीप सिंह संधु (34) तथा लंदन के दिलबाग सिंह (37) तथा हरजीत कौर (39) को साजिश के साथ घायल करने का दोषी ठहराया गया।
वोल्वरहैम्प्टन के 33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांघा ने आरोप स्वीकार कर लिया था। नौ महिलाओं तथा दो पुरुषों की ज्युरी ने तीनों को दोषी ठहराने में केवल एक घंटे का समय लिया।
लेफ्टनेंट जनरल बरार जून 1984 में अमृतसर में सिख उग्रवादियों के खिलाफ एक विवादास्पद सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में शामिल थे।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में बर्मिंघम के मनदीप सिंह संधु (34) तथा लंदन के दिलबाग सिंह (37) तथा हरजीत कौर (39) को साजिश के साथ घायल करने का दोषी ठहराया गया।
वोल्वरहैम्प्टन के 33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांघा ने आरोप स्वीकार कर लिया था। नौ महिलाओं तथा दो पुरुषों की ज्युरी ने तीनों को दोषी ठहराने में केवल एक घंटे का समय लिया।
लेफ्टनेंट जनरल बरार जून 1984 में अमृतसर में सिख उग्रवादियों के खिलाफ एक विवादास्पद सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में शामिल थे।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
वोल्वरहैम्प्टन के 33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांघा ने आरोप स्वीकार कर लिया था। नौ महिलाओं तथा दो पुरुषों की ज्युरी ने तीनों को दोषी ठहराने में केवल एक घंटे का समय लिया।
लेफ्टनेंट जनरल बरार जून 1984 में अमृतसर में सिख उग्रवादियों के खिलाफ एक विवादास्पद सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में शामिल थे।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
लेफ्टनेंट जनरल बरार जून 1984 में अमृतसर में सिख उग्रवादियों के खिलाफ एक विवादास्पद सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में शामिल थे।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
क्राउन अभियोजन सेवा के मेरी रीड ने फैसले के बाद कहा, ‘‘समूह ने स्पष्ट रूप से लेफ्टिनेंट जनरल को उनके सैन्य करियर के दौरान की उनकी गतिविधियों का बदला लेने के लिए उन्हें निशाना बनाया और आज सुनाया गया फैसला इस बात का सबूत है कि ब्रिटेन किसी प्रकार के चरमपंथ को स्वीकार नहीं करेगा।’’
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
बरार दंपती हमले की रात को वेस्ट एंड में अपने होटल के समीप टहल रहा था।टिप्पणियां
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
कौर को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। कौर, बरार दपंति की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी बस में चढ़ी जिसमें ये दोनों चढ़े तथा फोन के जरिए उसने इंतजार कर रहे अन्य हमलावरों को गतिविधियों की जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी।
ज्युरी को बताया गया कि सांघा ने चाकू निकाला जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने पीड़ित को जकड़ लिया। बरार की गर्दन तथा जबड़े पर 12 इंच लंबा घाव आया तथा जबड़े पर तीन इंच का एक अन्य घाव था। तीनों को 19 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। बीबीसी ने यह जानकारी दी। | सारांश: ब्रिटेन में एक सिख गिरोह के तीन सदस्यों को लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कुलदीप सिंह बरार का गला रेतने का दोषी ठहराया गया है। यह हमला पिछले साल किया गया था। जनरल बरार 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के नायक थे। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने एक व्यापक प्रतीकात्मक फैसले में सुझाव दिया है कि ईरान, अलकायदा और तालिबान को चाहिए कि वह 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले के शिकार हुए लोगों के परिवारों को छह अरब डॉलर की आर्थिक मदद दें।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए इस हमले में मारे गए कैप्टन विक्टर की पत्नी एलेन सारासिनी ने डेली न्यूज से कहा कि जो कुछ हुआ, उसकी भरपाई तो असंभव है लेकिन फिर भी वे मैनहट्टन के संघीय मजिस्ट्रेट फ्रैंक मास की इस अनुशंसा से खुश हैं।
एलेन कहती हैं, खुश होना आसान नहीं है, पर मैं खुश हूं। बहरहाल, इस फैसले ने हमारे पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया। हम कभी मुकदमे के चक्कर में नहीं पड़े मैं जानना चाहती थी कि मेरे पति के साथ आखिर हुआ क्या था?’’ विक्टर उन अपहृत विमानों में से एक के कैप्टन थे जिन्हें अपहरण के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराया गया था।
पिछले साल इस हमले में मारे गए 47 लोगों के परिजनों की ओर से दाखिल एक याचिका पर जज जॉर्ज डेनियल्स ने अलकायदा, तालिबान और ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने मजिस्ट्रेट को आदेश दिया था कि वे इन हमलों में हुई क्षति का आकलन करें। फ्रैंक मास की ओर से की गई इन अनुशंसाओं को स्वीकारना या नकारना अब डेनियल्स पर निर्भर है। टिप्पणियां
मास ने प्रत्येक पीड़ित और अपनों को गंवाने वाले परिजनों के लिए दंडात्मक और क्षतिपूरक दोनों तरह के नुकसान का आकलन किया। डेनियल्स ने पिछले साल पीड़ितों के परिजनों के इस तर्क को सही ठहराया था कि 2001 के हमले अलकायदा को मिली मदद के जरिये अंजाम दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि ईरान की ओर से अलकायदा को मदद जारी है और उसके नेताओं को भी यहां सुरक्षित पनाह मिली है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने 11 सितंबर के हमलों का अपने देश से कोई भी संबंध होने से बार-बार इनकार किया है।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए इस हमले में मारे गए कैप्टन विक्टर की पत्नी एलेन सारासिनी ने डेली न्यूज से कहा कि जो कुछ हुआ, उसकी भरपाई तो असंभव है लेकिन फिर भी वे मैनहट्टन के संघीय मजिस्ट्रेट फ्रैंक मास की इस अनुशंसा से खुश हैं।
एलेन कहती हैं, खुश होना आसान नहीं है, पर मैं खुश हूं। बहरहाल, इस फैसले ने हमारे पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया। हम कभी मुकदमे के चक्कर में नहीं पड़े मैं जानना चाहती थी कि मेरे पति के साथ आखिर हुआ क्या था?’’ विक्टर उन अपहृत विमानों में से एक के कैप्टन थे जिन्हें अपहरण के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराया गया था।
पिछले साल इस हमले में मारे गए 47 लोगों के परिजनों की ओर से दाखिल एक याचिका पर जज जॉर्ज डेनियल्स ने अलकायदा, तालिबान और ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने मजिस्ट्रेट को आदेश दिया था कि वे इन हमलों में हुई क्षति का आकलन करें। फ्रैंक मास की ओर से की गई इन अनुशंसाओं को स्वीकारना या नकारना अब डेनियल्स पर निर्भर है। टिप्पणियां
मास ने प्रत्येक पीड़ित और अपनों को गंवाने वाले परिजनों के लिए दंडात्मक और क्षतिपूरक दोनों तरह के नुकसान का आकलन किया। डेनियल्स ने पिछले साल पीड़ितों के परिजनों के इस तर्क को सही ठहराया था कि 2001 के हमले अलकायदा को मिली मदद के जरिये अंजाम दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि ईरान की ओर से अलकायदा को मदद जारी है और उसके नेताओं को भी यहां सुरक्षित पनाह मिली है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने 11 सितंबर के हमलों का अपने देश से कोई भी संबंध होने से बार-बार इनकार किया है।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी।
एलेन कहती हैं, खुश होना आसान नहीं है, पर मैं खुश हूं। बहरहाल, इस फैसले ने हमारे पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया। हम कभी मुकदमे के चक्कर में नहीं पड़े मैं जानना चाहती थी कि मेरे पति के साथ आखिर हुआ क्या था?’’ विक्टर उन अपहृत विमानों में से एक के कैप्टन थे जिन्हें अपहरण के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराया गया था।
पिछले साल इस हमले में मारे गए 47 लोगों के परिजनों की ओर से दाखिल एक याचिका पर जज जॉर्ज डेनियल्स ने अलकायदा, तालिबान और ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने मजिस्ट्रेट को आदेश दिया था कि वे इन हमलों में हुई क्षति का आकलन करें। फ्रैंक मास की ओर से की गई इन अनुशंसाओं को स्वीकारना या नकारना अब डेनियल्स पर निर्भर है। टिप्पणियां
मास ने प्रत्येक पीड़ित और अपनों को गंवाने वाले परिजनों के लिए दंडात्मक और क्षतिपूरक दोनों तरह के नुकसान का आकलन किया। डेनियल्स ने पिछले साल पीड़ितों के परिजनों के इस तर्क को सही ठहराया था कि 2001 के हमले अलकायदा को मिली मदद के जरिये अंजाम दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि ईरान की ओर से अलकायदा को मदद जारी है और उसके नेताओं को भी यहां सुरक्षित पनाह मिली है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने 11 सितंबर के हमलों का अपने देश से कोई भी संबंध होने से बार-बार इनकार किया है।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी।
पिछले साल इस हमले में मारे गए 47 लोगों के परिजनों की ओर से दाखिल एक याचिका पर जज जॉर्ज डेनियल्स ने अलकायदा, तालिबान और ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने मजिस्ट्रेट को आदेश दिया था कि वे इन हमलों में हुई क्षति का आकलन करें। फ्रैंक मास की ओर से की गई इन अनुशंसाओं को स्वीकारना या नकारना अब डेनियल्स पर निर्भर है। टिप्पणियां
मास ने प्रत्येक पीड़ित और अपनों को गंवाने वाले परिजनों के लिए दंडात्मक और क्षतिपूरक दोनों तरह के नुकसान का आकलन किया। डेनियल्स ने पिछले साल पीड़ितों के परिजनों के इस तर्क को सही ठहराया था कि 2001 के हमले अलकायदा को मिली मदद के जरिये अंजाम दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि ईरान की ओर से अलकायदा को मदद जारी है और उसके नेताओं को भी यहां सुरक्षित पनाह मिली है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने 11 सितंबर के हमलों का अपने देश से कोई भी संबंध होने से बार-बार इनकार किया है।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी।
मास ने प्रत्येक पीड़ित और अपनों को गंवाने वाले परिजनों के लिए दंडात्मक और क्षतिपूरक दोनों तरह के नुकसान का आकलन किया। डेनियल्स ने पिछले साल पीड़ितों के परिजनों के इस तर्क को सही ठहराया था कि 2001 के हमले अलकायदा को मिली मदद के जरिये अंजाम दिए गए थे। जांच में यह पाया गया कि ईरान की ओर से अलकायदा को मदद जारी है और उसके नेताओं को भी यहां सुरक्षित पनाह मिली है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने 11 सितंबर के हमलों का अपने देश से कोई भी संबंध होने से बार-बार इनकार किया है।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी।
अलकायदा और ईरान वैसे तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों के बीच, अमेरिका से दुश्मनी के चलते सुविधाजनक रिश्ता बना हुआ है। ईरान ने 11 सितंबर के हमलों के लिए विमानों का अपहरण करने वालों को अपने देश से होकर गुजरने दिया था लेकिन इन हमलों की जांच कर रहा आयोग ऐसा कोई सबूत नहीं जुटा पाया था कि ईरान को इस हमले की जानकारी पहले से थी। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने एक व्यापक प्रतीकात्मक फैसले में सुझाव दिया है कि ईरान, अलकायदा और तालिबान को चाहिए कि वह 9/11 के पीड़ितों को छह अरब डॉलर की आर्थिक मदद दें। | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपने गैर सरकारी संगठन हिन्द स्वराज ट्रस्ट को पुणे के चैरिटी आयुक्त द्वारा भेजे गए नोटिस को लेकर एक मानहानि याचिका दायर करने का फैसला किया है। सहायक चैरिटी आयुक्त के कार्यालय ने अन्ना को एक पत्र लिख कर यह कहते हुए माफी मांगी कि नोटिस गलती से भेजा गया। लेकिन, अन्ना ने मानहानि याचिका दाखिल करने का फैसला किया है। उन्होंने अहमदनगर जिले स्थित रालेगन सिद्धी में कहा मेरे लिये यह रहस्य है कि यह नोटिस क्यों भेजा गया। अन्ना ने कहा कि उन्होंने पूछताछ की और उन्हें बताया कि ट्रस्ट ने सभी मानदंडों का पालन किया है। सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार के खिलााफ अभियान चलाने वाले अन्ना के वकील ने पुष्टि की कि संबद्ध अधिकारी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर की जाएगी। चैरिटी आयुक्त ने ट्रस्ट से पूछा था कि ऑडिट की हुई सभी रिपोर्ट पेश करने के आदेश का पालन न करने पर उसके खिलाफ मामला दायर क्यों नहीं किया जा सकता। इससे पहले नेशनल एंटी करप्शन पब्लिक पॉवर ने चैरिटी आयुक्त से संपर्क कर आरोप लगाया था कि ट्रस्ट ने 2008-09 में पांच लाख रुपये उधार लिए थे जबकि उसकी सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) राशि 50 लाख रुपये तथा उसकी संपत्ति की कीमत करीब 23.49 लाख रुपये थी। नेशनल एंटी करप्शन पब्लिक पॉवर के अनुसार, ट्रस्ट ने आयुक्त को दी गई अपनी रिपोर्ट में यह ब्यौरा नहीं दिया था। | संक्षिप्त पाठ: अन्ना हजारे ने अपने गैर सरकारी संगठन हिन्द स्वराज ट्रस्ट को आयुक्त द्वारा भेजे गए नोटिस को लेकर एक मानहानि याचिका दायर करने का फैसला किया है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बार्सिलोना फुटबॉल क्लब के स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी के एक कैलेंडर वर्ष में किए गए सर्वाधिक गोल को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कर लिया गया है।
मेसी एक वर्ष में 88 गोल कर चुके हैं जबकि इस वर्ष (2012) 25 वर्षीय अर्जेटीना के स्टार खिलाड़ी मेसी को स्पेनिश लीग में दो मुकाबले अभी और खेलने हैं।
मेसी ने हाल में जर्मनी के गेर्ड मुलर के एक वर्ष में सर्वाधिक गोल रिकॉर्ड को तोड़ा था।टिप्पणियां
गिनीज और फीफा ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, मेसी की ओर से इस वर्ष किए गए गोल और 1972 में मुलर द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड दोनों आधिकारिक रिकॉर्ड के हिस्सा हैं। मेसी के रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मेसी ने इस वर्ष स्पेनिश लीग में 58 गोल किए हैं जबकि यूईएफए चैम्पियंस लीग में उन्होंने 13 गोल किए हैं। मेसी ने सात गोल अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबलों में जबकि पांच गोल वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में किए हैं। मेसी ने तीन गोल कोपा डेल रे जबकि दो गोल सुपर कप ऑफ स्पेन चैम्पियनशिप में किए हैं।
मेसी एक वर्ष में 88 गोल कर चुके हैं जबकि इस वर्ष (2012) 25 वर्षीय अर्जेटीना के स्टार खिलाड़ी मेसी को स्पेनिश लीग में दो मुकाबले अभी और खेलने हैं।
मेसी ने हाल में जर्मनी के गेर्ड मुलर के एक वर्ष में सर्वाधिक गोल रिकॉर्ड को तोड़ा था।टिप्पणियां
गिनीज और फीफा ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, मेसी की ओर से इस वर्ष किए गए गोल और 1972 में मुलर द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड दोनों आधिकारिक रिकॉर्ड के हिस्सा हैं। मेसी के रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मेसी ने इस वर्ष स्पेनिश लीग में 58 गोल किए हैं जबकि यूईएफए चैम्पियंस लीग में उन्होंने 13 गोल किए हैं। मेसी ने सात गोल अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबलों में जबकि पांच गोल वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में किए हैं। मेसी ने तीन गोल कोपा डेल रे जबकि दो गोल सुपर कप ऑफ स्पेन चैम्पियनशिप में किए हैं।
मेसी ने हाल में जर्मनी के गेर्ड मुलर के एक वर्ष में सर्वाधिक गोल रिकॉर्ड को तोड़ा था।टिप्पणियां
गिनीज और फीफा ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, मेसी की ओर से इस वर्ष किए गए गोल और 1972 में मुलर द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड दोनों आधिकारिक रिकॉर्ड के हिस्सा हैं। मेसी के रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मेसी ने इस वर्ष स्पेनिश लीग में 58 गोल किए हैं जबकि यूईएफए चैम्पियंस लीग में उन्होंने 13 गोल किए हैं। मेसी ने सात गोल अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबलों में जबकि पांच गोल वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में किए हैं। मेसी ने तीन गोल कोपा डेल रे जबकि दो गोल सुपर कप ऑफ स्पेन चैम्पियनशिप में किए हैं।
गिनीज और फीफा ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, मेसी की ओर से इस वर्ष किए गए गोल और 1972 में मुलर द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड दोनों आधिकारिक रिकॉर्ड के हिस्सा हैं। मेसी के रिकॉर्ड को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मेसी ने इस वर्ष स्पेनिश लीग में 58 गोल किए हैं जबकि यूईएफए चैम्पियंस लीग में उन्होंने 13 गोल किए हैं। मेसी ने सात गोल अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबलों में जबकि पांच गोल वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में किए हैं। मेसी ने तीन गोल कोपा डेल रे जबकि दो गोल सुपर कप ऑफ स्पेन चैम्पियनशिप में किए हैं।
उल्लेखनीय है कि मेसी ने इस वर्ष स्पेनिश लीग में 58 गोल किए हैं जबकि यूईएफए चैम्पियंस लीग में उन्होंने 13 गोल किए हैं। मेसी ने सात गोल अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबलों में जबकि पांच गोल वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग मैचों में किए हैं। मेसी ने तीन गोल कोपा डेल रे जबकि दो गोल सुपर कप ऑफ स्पेन चैम्पियनशिप में किए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बार्सिलोना फुटबॉल क्लब के स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी के एक कैलेंडर वर्ष में किए गए सर्वाधिक गोल को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कर लिया गया है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखण्ड के जमात्रा जिले में एक महिला द्वारा यौन सम्बंध बनाने से इनकार कर दिए जाने पर दो युवकों ने उस पर तेजाब फेंक दिया।
रविवार को 24 वर्षीया विवाहिता ने जब यौन सम्बंध बनाने से इनकार कर दिया तो दोनों युवकों ने उसके चेहरे व शरीर पर तेजाब फेंक दिया। रांची से 350 किलोमीटर दूर जमात्रा जिले के बागदेहारी गांव में महिला पर यह हमला हुआ, उस समय महिला गांव के तालाब पर जा रही थी।
दोनों युवकों ने कथित तौर पर महिला को घेरकर उससे यौन सम्बंध बनाने के लिए कहा। जब महिला ने इससे इनकार कर दिया, तो उन्होंने उसके ऊपर तेजाब फेंका दिया।
महिला गांव में अपने माता-पिता के घर गई हुई थी। महिला द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दो युवकों खोखान व स्वप्न को हमलावर बताया गया है।टिप्पणियां
महिला के परिजनों के मुताबिक दोनों युवकों ने उसका विवाह होने से पहले भी उसके साथ यौन सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। ऐसी ही एक अन्य घटना में धनबाद में एक लड़की पर तेजाब से हमला किया गया।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा।
रविवार को 24 वर्षीया विवाहिता ने जब यौन सम्बंध बनाने से इनकार कर दिया तो दोनों युवकों ने उसके चेहरे व शरीर पर तेजाब फेंक दिया। रांची से 350 किलोमीटर दूर जमात्रा जिले के बागदेहारी गांव में महिला पर यह हमला हुआ, उस समय महिला गांव के तालाब पर जा रही थी।
दोनों युवकों ने कथित तौर पर महिला को घेरकर उससे यौन सम्बंध बनाने के लिए कहा। जब महिला ने इससे इनकार कर दिया, तो उन्होंने उसके ऊपर तेजाब फेंका दिया।
महिला गांव में अपने माता-पिता के घर गई हुई थी। महिला द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दो युवकों खोखान व स्वप्न को हमलावर बताया गया है।टिप्पणियां
महिला के परिजनों के मुताबिक दोनों युवकों ने उसका विवाह होने से पहले भी उसके साथ यौन सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। ऐसी ही एक अन्य घटना में धनबाद में एक लड़की पर तेजाब से हमला किया गया।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा।
दोनों युवकों ने कथित तौर पर महिला को घेरकर उससे यौन सम्बंध बनाने के लिए कहा। जब महिला ने इससे इनकार कर दिया, तो उन्होंने उसके ऊपर तेजाब फेंका दिया।
महिला गांव में अपने माता-पिता के घर गई हुई थी। महिला द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दो युवकों खोखान व स्वप्न को हमलावर बताया गया है।टिप्पणियां
महिला के परिजनों के मुताबिक दोनों युवकों ने उसका विवाह होने से पहले भी उसके साथ यौन सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। ऐसी ही एक अन्य घटना में धनबाद में एक लड़की पर तेजाब से हमला किया गया।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा।
महिला गांव में अपने माता-पिता के घर गई हुई थी। महिला द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दो युवकों खोखान व स्वप्न को हमलावर बताया गया है।टिप्पणियां
महिला के परिजनों के मुताबिक दोनों युवकों ने उसका विवाह होने से पहले भी उसके साथ यौन सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। ऐसी ही एक अन्य घटना में धनबाद में एक लड़की पर तेजाब से हमला किया गया।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा।
महिला के परिजनों के मुताबिक दोनों युवकों ने उसका विवाह होने से पहले भी उसके साथ यौन सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। ऐसी ही एक अन्य घटना में धनबाद में एक लड़की पर तेजाब से हमला किया गया।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा।
कुछ दिनों पहले रांची में एक हस्तलिखित पोस्टर पर धमकी लिखी हुई थी कि जींस पहनने वाली लड़कियों पर तेजाब से हमला होगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: झारखण्ड के जमात्रा जिले में एक महिला द्वारा यौन सम्बंध बनाने से इनकार कर दिए जाने पर दो युवकों ने उस पर तेजाब फेंक दिया। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंबाती रायुडू और रोहित शर्मा की संकल्पपूर्ण पारियों के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत मुंबई इंडियन्स ने आईपीएल में शनिवार को दिल्ली डेयरडेविल्स को 32 रन से हरा दिया। लगातार तीसरी जीत के साथ मुंबई का प्ले आफ के लिए क्वालीफाई करना लगभग तय हो गया है जबकि दिल्ली की टीम खिताब की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। मुंबई 10 मैचों में आठ जीत से 16 अंक जुटाकर शीर्ष पर बरकरार है जबकि दिल्ली की 11 मैचों में यह सातवीं हार है। टीम आठ अंक के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। रायुडू ने 39 गेंद की अपनी पारी में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 59 रन बनाये। उन्होंने रोहित शर्मा (32 गेंद में 49 रन, दो चौके और तीन छक्के) के साथ तीसरे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी भी की जिसकी मदद से मुंबई ने चार विकेट पर 178 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। मुंबई की ओर से एडन ब्लिजार्ड ने भी 37 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसके जवाब में दिल्ली की टीम जेम्स होप्स (44 गेंद में 55 रन, 10 चौके) की उम्दा पारी के बावजूद 19.5 ओवर में 146 रन पर सिमट गई। होप्स ने वेणुगोवाल राव (37) के साथ पांचवें विकेट के लिए 87 की साझेदारी भी की। दो चेतावनी के बाद गेंदबाजी से हटाये गये मुंबई की ओर से लसिथ मलिंगा ने 3.2 ओवर में 18 रन देकर दो विकेट चटकाये। हरभजन सिंह, कीरोन पोलार्ड और मुनाफ पटेल ने भी उनका अच्छा साथ निभाते हुए दो-दो विकेट हासिल किए। दिल्ली की शुरूआत काफी खराब रही और उसने सात रन के स्कोर तक ही डेविड वार्नर (01), कोलिन इनग्राम (01), कप्तान वीरेंद्र सहवाग (02) और नमन ओझा (01) के विकेट गंवा दिए। हरभजन ने पारी के पहले ओवर में ही वार्नर को पगबाधा आउट किया जबकि मलिंगा ने अपनी पहली ही गेंद पर इनग्राम के विकेट बिखेर दिए। तेंदुलकर ने तीसरे ओवर में जब गेंद मुनाफ को थमाई तो उन्होंने पिछले मैच में शतक जड़ने वाले सहवाग और ओझा को पवेलियन भेजकर दिल्ली की बल्लेबाजी की रीढ़ ही तोड़ दी। मुनाफ की पहली ही गेंद को पुल करने की कोशिश में सहवाग हवा में लहरा गये और रोहित ने आसान कैच लपका। ओझा आफ साइड से बाहर जाती गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में विकेटकीपर रायुडू को कैच दे बैठे। होप्स और वेणुगोपाल ने 87 रन जोड़कर विकेटों के पतझड़ पर विराम लगाया। लेकिन इस साझेदारी की शुरूआत में मुंबई के गेंदबाज हावी रहे और पावरप्ले के छह ओवर में केवल 23 रन बने। होप्स ने धीरे धीरे हाथ खोलने शुरू किये और धवल कुलकर्णी पर लगातार दो चौके जड़ने के बाद मुनाफ पर भी दो चौके मारे। वह हालांकि भाग्यशाली रहे जब 23 रन के निजी स्कोर पर मलिंगा की गेंद पर मुनाफ ने उनका कैच छोड़ दिया। वेणुगोपाल ने भी एंड्रयू साइमंड्स की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का जड़ा। कुलकर्णी ने वेणुगोपाल को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने 27 गेंद की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का मारा। इरफान पठान (23) ने मुनाफ की गेंद पर एक रन के साथ 15.1 ओवर में टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंचाने के बाद उन पर लगातार दो चौके भी मारे। होप्स ने इस बीच हरभजन की गेंद पर एक रन के साथ 41 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। दिल्ली की टीम को जीत के लिए अंतिम चार ओवर में 65 रन की दरकार थी जो लक्ष्य उसके लिए काफी अधिक साबित हुआ। पठान ने हरभजन की लगातार गेंदों को चार रन के लिए भेजा लेकिन होप्स इसी ओवर में अपने साथी बल्लेबाज के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हो गये और दिल्ली की रही सही उम्मीद भी टूट गई। इससे पहले मुंबई इंडियन्स को ब्लिजार्ड और सचिन तेंदुलकर (14) की सलामी जोड़ी ने 5.2 ओवर में 50 रन जोड़कर तूफानी शुरूआत दिलाई लेकिन ये दोनों लगातार ओवरों में पवेलियन लौट गए। ब्लिजार्ड ने शुरू से ही मोर्ने मोर्कल को निशाने पर रखा। दक्षिण अफ्रीका के इस तेज गेंदबाज के पहले ओवर में दो चौकों से शुरूआत करने के बाद ब्लिजार्ड ने उनके अगले ओवर में पांच बार गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराए। तेंदुलकर ने पठान पर दो चौके लगाये। बायें हाथ के इस तेज गेंदबाज ने हालांकि पांचवें ओवर में नीची रहती गेंद पर मुंबई इंडियन्स के कप्तान के विकेट बिखेरकर बदला चुकता कर लिया। बायें हाथ के स्पिनर शाहबाज ने अपने पहले ओवर में ब्लिजार्ड को मिड विकेट पर कप्तान सहवाग के हाथों कैच कराकर टीम को दूसरी सफलता दिलाई। ब्लिजार्ड ने 23 गेंद की अपनी पारी में आठ चौके लगाये। रायुडू और रोहित ने इसके बाद पारी को संवारा। रोहित ने धीमी शुरूआत की लेकिन लय में आने के बाद आकषर्क शाट खेले। रायुडू ने अजित अगरकर की गेंद को डीप स्क्वायर लेग बाउंड्री के उपर से छह रन के लिए भेजा जबकि रोहित ने अगले ओवर में मोर्कल पर सीधा छक्का जड़कर 12.3 ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। रोहित ने इसके बाद आक्रामक रुख अपनाते हुए 15वें ओवर में होप्स पर दो छक्के जड़े। मोर्कल की गेंद पर वेणुगोपाल राव को कैच देकर मात्र एक रन से अर्धशतक से चूक गये। रायुडू ने नदीम की लगातार गेंदों पर छक्के और चौके के साथ सिर्फ 35 गेंद में आईपीएल का अपना छठा अर्धशतक पूरा किया। वह अगले ओवर में होप्स की गेंद पर लगातार दो चौके जड़ने के बाद पीछे हटकर खेलने की कोशिश में हिट विकेट होकर पवेलियन लौटे। | संक्षिप्त पाठ: मुंबई के 178 रनों के पहाड़ का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम का दम निकल गया और पूरी टीम 146 पर ढेर हो गई। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत भारत बंद के दूसरे और अंतिम दिन राजधानी दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल इस्टेट में भीड़ ने कम से कम आठ फैक्टरियों पर धावा बोल दिया।टिप्पणियां
सैकड़ों लोगों ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए कपड़े की इन फैक्टरियों पर हमला बोल दिया और पत्थर फेंके। कम से कम 10-15 इमारतों के शीशे टूट गए हैं। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। कुछ फैक्टरी मालिकों ने कहा कि इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात नहीं थे। इन लोगों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को कुछ दिन पहले ही सूचना दी थी कि यहां हालात बेकाबू हो सकते हैं।
सैकड़ों लोगों ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए कपड़े की इन फैक्टरियों पर हमला बोल दिया और पत्थर फेंके। कम से कम 10-15 इमारतों के शीशे टूट गए हैं। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। कुछ फैक्टरी मालिकों ने कहा कि इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात नहीं थे। इन लोगों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को कुछ दिन पहले ही सूचना दी थी कि यहां हालात बेकाबू हो सकते हैं।
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। कुछ फैक्टरी मालिकों ने कहा कि इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात नहीं थे। इन लोगों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को कुछ दिन पहले ही सूचना दी थी कि यहां हालात बेकाबू हो सकते हैं। | सारांश: ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत भारत बंद के दूसरे और अंतिम दिन राजधानी दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल इस्टेट में भीड़ ने कम से कम आठ फैक्टरियों पर धावा बोल दिया और पत्थर फेंके। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कावेरी नदी से जल छोड़ने को लेकर विवाद के बीच कर्नाटक ने तमिलनाडु में अपने राज्य के वाहनों तथा कन्नड़ लोगों द्वारा संचालित होटलों पर हो रहे हमलों पर चिंता जाहिर करते हुए तमिलनाडु सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि तमिलनाडु में अपनी समकक्ष जयललिता को पत्र लिखकर वे दोनों राज्यों के बीच मैत्री कायम रखने में सहयोग करने का अनुरोध करेंगे. सिद्धारमैया ने कहा कि कन्नड़ लोगों पर हो रहे हमलों के बारे में जरूरत पड़ने पर वे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात कर सकते हैं.
सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने तमिलनाडु के अपने समकक्षों से बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि साथ ही तमिलनाडु को आश्वासन दिया है कि राज्य में तमिल लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं. सिद्धारमैया ने मीडिया को संवेदनशील मुद्दों से जुड़े कुछ मामलों को 'महिमामंडित' नहीं करने की सलाह दी है. कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि बेंगलुरु समेत कर्नाटक के उन इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है जहां तमिल लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि तमिलनाडु में अपनी समकक्ष जयललिता को पत्र लिखकर वे दोनों राज्यों के बीच मैत्री कायम रखने में सहयोग करने का अनुरोध करेंगे. सिद्धारमैया ने कहा कि कन्नड़ लोगों पर हो रहे हमलों के बारे में जरूरत पड़ने पर वे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात कर सकते हैं.
सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने तमिलनाडु के अपने समकक्षों से बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि साथ ही तमिलनाडु को आश्वासन दिया है कि राज्य में तमिल लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं. सिद्धारमैया ने मीडिया को संवेदनशील मुद्दों से जुड़े कुछ मामलों को 'महिमामंडित' नहीं करने की सलाह दी है. कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि बेंगलुरु समेत कर्नाटक के उन इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है जहां तमिल लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिद्धारमैया ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने तमिलनाडु के अपने समकक्षों से बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि साथ ही तमिलनाडु को आश्वासन दिया है कि राज्य में तमिल लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं. सिद्धारमैया ने मीडिया को संवेदनशील मुद्दों से जुड़े कुछ मामलों को 'महिमामंडित' नहीं करने की सलाह दी है. कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि बेंगलुरु समेत कर्नाटक के उन इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है जहां तमिल लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि साथ ही तमिलनाडु को आश्वासन दिया है कि राज्य में तमिल लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं. सिद्धारमैया ने मीडिया को संवेदनशील मुद्दों से जुड़े कुछ मामलों को 'महिमामंडित' नहीं करने की सलाह दी है. कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि बेंगलुरु समेत कर्नाटक के उन इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है जहां तमिल लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:जरूरत पड़ने पर केंद्रीय गृहमंत्री से भी बात करूंगा : सिद्धारमैया
कर्नाटक में तमिलों की सुरक्षा का दिया आश्वासन
'संवेदनशील मुद्दों को 'महिमामंडित' न करे मीडिया' | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' नीति की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपनी 'मेक इन यूपी' नीति की शुरुआत करने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इस संबंध में जानकारी साझा की गई. उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत इसकी शुरुआत की जाएगी.
योगी सरकार की कैबिनेट से हाल ही में पास हुई इस औद्यागिक नीति के तहत मेक इन यूपी नीति को अपनाए जाने का निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक के बाद औद्योगिक नीति को स्पष्ट करते हुए कहा था कि केंद्र की तर्ज पर 'मेक इन यूपी' नीति को अपनाया जाएगा और इसके लिए विभाग की स्थापना की जाएगी.
इस दिशा में एक कदम बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा की गई. ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में नौकरियों की संभावना बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी शुरू की जाएगी.
साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनाया जाएगा. औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
योगी सरकार की कैबिनेट से हाल ही में पास हुई इस औद्यागिक नीति के तहत मेक इन यूपी नीति को अपनाए जाने का निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक के बाद औद्योगिक नीति को स्पष्ट करते हुए कहा था कि केंद्र की तर्ज पर 'मेक इन यूपी' नीति को अपनाया जाएगा और इसके लिए विभाग की स्थापना की जाएगी.
इस दिशा में एक कदम बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा की गई. ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में नौकरियों की संभावना बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी शुरू की जाएगी.
साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनाया जाएगा. औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस दिशा में एक कदम बढ़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा की गई. ट्वीट में कहा गया है कि इसके तहत मेक इन यूपी विभाग की स्थापना की जाएगी और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में नौकरियों की संभावना बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी शुरू की जाएगी.
साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनाया जाएगा. औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनाया जाएगा. औद्योगिक क्लस्टर या क्षेत्र में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. वायु, सड़क, जल और रेल नेटवर्क को एक नेटवर्क बनाया जाएगा.
मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री के ट्वीटर एकाउण्ट में एक अन्य पोस्ट में यह भी बताया गया है कि निवेश बढ़ाने और ब्रांड यूपी की मार्केटिंग के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही लघु, मध्यम उद्यम वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा. स्थानीय और जिला स्तर के व्यवसायों का व्यापार प्रचार भी होगा.
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक अन्य पोस्ट में बताया गया है कि औद्योगिक नीति के तहत उत्तर प्रदेश में मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान होगा. हालांकि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. टिप्पणियां
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बताया गया है कि बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 500 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों, मध्यांचल एवं पश्चिमांचल क्षेत्रों में 150 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली या 750 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों और पश्चिमांचल में के गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनी या 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को मेगा इकाई का दर्जा और विशेष प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्विटर पर दी गई जानकारी
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन सिंगल विंडो क्लीयरेंस विभाग भी बनेगा
निवेश के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का भी आयोजन किया जाएगा | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने कहा, ''हमने संजय निरुपम के बयान को बेहद गंभीरता से लिया है.'' हालांकि पार्टी ने यह भी कहा, ''सरकार को पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करना चाहिए.''
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीमा-पार गोलीबारी के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में पेश किया है. इसके मद्देनजर बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा कि संजय निरुपम जैसे नेता प्रमाण मांगकर पाकिस्तान के दावे को हवा देने का काम कर रहे हैं.
हालांकि बढ़ती आलोचनाओं के बीच संजय निरुपम ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ''मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप सभी वीडियो फुटेज जारी करो. मैं ऐसा कभी सोचता भी नहीं...क्योंकि हो सकता है कि ये राष्ट्रीय हित में न भी हो...लेकिन कुछ प्रमाण पेश किए जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सेना ने कहा है कि पिछले बुधवार की देर रात भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर सात आतंकी लांच शिविरों को निशाना बनाया था. हालांकि सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि पीओके में किए गए इस स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए थे लेकिन इसके प्रभाव पर संतोष जाहिर किया था. ये भी कहा गया था कि ड्रोन की मदद से ऑपरेशन के फोटोग्राफ और वीडियो भी लिए गए थे.
संजय निरुपम ने ऐसे समय में सरकार और सेना के दावे को चुनौती दी है जब इससे पहले बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए हमला बोला है.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीमा-पार गोलीबारी के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में पेश किया है. इसके मद्देनजर बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा कि संजय निरुपम जैसे नेता प्रमाण मांगकर पाकिस्तान के दावे को हवा देने का काम कर रहे हैं.
हालांकि बढ़ती आलोचनाओं के बीच संजय निरुपम ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ''मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप सभी वीडियो फुटेज जारी करो. मैं ऐसा कभी सोचता भी नहीं...क्योंकि हो सकता है कि ये राष्ट्रीय हित में न भी हो...लेकिन कुछ प्रमाण पेश किए जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सेना ने कहा है कि पिछले बुधवार की देर रात भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर सात आतंकी लांच शिविरों को निशाना बनाया था. हालांकि सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि पीओके में किए गए इस स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए थे लेकिन इसके प्रभाव पर संतोष जाहिर किया था. ये भी कहा गया था कि ड्रोन की मदद से ऑपरेशन के फोटोग्राफ और वीडियो भी लिए गए थे.
संजय निरुपम ने ऐसे समय में सरकार और सेना के दावे को चुनौती दी है जब इससे पहले बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए हमला बोला है.
हालांकि बढ़ती आलोचनाओं के बीच संजय निरुपम ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ''मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप सभी वीडियो फुटेज जारी करो. मैं ऐसा कभी सोचता भी नहीं...क्योंकि हो सकता है कि ये राष्ट्रीय हित में न भी हो...लेकिन कुछ प्रमाण पेश किए जाने की जरूरत है.''टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सेना ने कहा है कि पिछले बुधवार की देर रात भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर सात आतंकी लांच शिविरों को निशाना बनाया था. हालांकि सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि पीओके में किए गए इस स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए थे लेकिन इसके प्रभाव पर संतोष जाहिर किया था. ये भी कहा गया था कि ड्रोन की मदद से ऑपरेशन के फोटोग्राफ और वीडियो भी लिए गए थे.
संजय निरुपम ने ऐसे समय में सरकार और सेना के दावे को चुनौती दी है जब इससे पहले बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए हमला बोला है.
उल्लेखनीय है कि सेना ने कहा है कि पिछले बुधवार की देर रात भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर सात आतंकी लांच शिविरों को निशाना बनाया था. हालांकि सूत्रों ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि पीओके में किए गए इस स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए थे लेकिन इसके प्रभाव पर संतोष जाहिर किया था. ये भी कहा गया था कि ड्रोन की मदद से ऑपरेशन के फोटोग्राफ और वीडियो भी लिए गए थे.
संजय निरुपम ने ऐसे समय में सरकार और सेना के दावे को चुनौती दी है जब इससे पहले बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए हमला बोला है.
संजय निरुपम ने ऐसे समय में सरकार और सेना के दावे को चुनौती दी है जब इससे पहले बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम पर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए हमला बोला है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केजरीवाल, चिदंबरम ने भी उठाए थे सवाल
बीजेपी ने प्रमाण मांगने वालों को कोसा
कांग्रेस ने रखा अपना पक्ष | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 26−11 हमले के दोषी अजमल कसाब की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। कसाब ने बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में कई विदेशियों समेत 173 लोगों की मौत हुई थी। हमले को कसाब और उसके नौ साथियों ने अंजाम दिया था। इस हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना हाफिज सईद ने रची थी। इस मामले में भारत सरकार पाकिस्तान से हाफिज सईद को सौंपने की कई बार मांग कर चुकी है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इस पर अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में कई विदेशियों समेत 173 लोगों की मौत हुई थी। हमले को कसाब और उसके नौ साथियों ने अंजाम दिया था। इस हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना हाफिज सईद ने रची थी। इस मामले में भारत सरकार पाकिस्तान से हाफिज सईद को सौंपने की कई बार मांग कर चुकी है लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इस पर अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है। | यहाँ एक सारांश है:26−11 हमले के दोषी अजमल कसाब की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। कसाब ने बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मिस्र के प्रयास से फिलिस्तीन और इस्राइल के बीच संघर्ष विराम हो गया है।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक इस्राइली सेना और गाजा के विद्रोहियों के बीच चार दिनों से जारी संघर्ष रुक गया है।
इस बारे में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के मुताबिक फिलिस्तीन दक्षिणी इस्राइली शहर पर रॉकेटों से हमला रोक देगा जबकि इस्राइल हवाई हमले में विद्रोहियों को निशाना नहीं बनाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक इस्राइली सेना और गाजा के विद्रोहियों के बीच चार दिनों से जारी संघर्ष रुक गया है।
इस बारे में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के मुताबिक फिलिस्तीन दक्षिणी इस्राइली शहर पर रॉकेटों से हमला रोक देगा जबकि इस्राइल हवाई हमले में विद्रोहियों को निशाना नहीं बनाएगा।
इस बारे में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के मुताबिक फिलिस्तीन दक्षिणी इस्राइली शहर पर रॉकेटों से हमला रोक देगा जबकि इस्राइल हवाई हमले में विद्रोहियों को निशाना नहीं बनाएगा। | सारांश: समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक इस्राइली सेना और गाजा के विद्रोहियों के बीच चार दिनों से जारी संघर्ष रुक गया है। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के क्रिकेट कोच एंडी फ्लावर ने दोनों टीमों के कप्तानों का पक्ष लेते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे दो एशेज टेस्ट मैचों में फैसलों की समीक्षा प्रणाली (डीआरए) के बेहतर इस्तेमाल की बात कही है।
गत चैम्पियन इंग्लैंड ने कल ओल्ड ट्रैफर्ड में बारिश से प्रभावित तीसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद एशेज बरकरार रखी है। तीन टेस्ट के बाद इंग्लैंड ने शृंखला में 2-0 की बढ़त बना रखी है। शृंखला का चौथा टेस्ट शुक्रवार से डरहम में खेल जाएगा।
पहले दो टेस्ट की तरह मैनचेस्टर में भी विवादास्पद फैसलों के बाद मौजूदा एशेज शृंखला में अधिकारियों द्वारा डीआएस का इस्तेमाल मीडिया में सुर्खियां बना।टिप्पणियां
फ्लावर ने आज कहा, सबसे पहले तो अंपायरिंग काफी मुश्किल काम है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि कुछ स्पष्ट प्रोटोकॉल हैं, जिनका पालन किया जाए और मुझे लगता है कि अगले दो टेस्ट में धैर्य के साथ फैसले करने की जरूरत है। इंग्लैंड के कोच ने कहा कि कभी-कभी उपलब्ध तकनीक अपने आप में विरोधाभासी होती है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इसमें सुधार किया जा सकता है।
फ्लावर ने कहा, तकनीक के इस्तेमाल में सुधार हुआ है और ऐसे विशेषज्ञों का इस्तेमाल बेहतर नतीजे हासिल करने में अंतर पैदा कर सकता है, जिन्हें पता है कि तकनीक का उपयोग जैसे किया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के 12 सदस्यीय एलीट अंपायर पैनल के आठ अंपायर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के होने के कारण एशेज शृंखला में अंपायरिंग करने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मौजूदा शृंखला में अंपायरिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तान के अलीम दार, श्रीलंका के कुमार धर्मसेना, न्यूजीलैंड के टोनी हिल और दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरासमस के कंधों पर है। इन चारों के बीच अब तक एशेज के पहले तीन मैचों में मैदानी अंपायर और तीसरे अंपायर की भूमिका का वितरण किया गया है।
गत चैम्पियन इंग्लैंड ने कल ओल्ड ट्रैफर्ड में बारिश से प्रभावित तीसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद एशेज बरकरार रखी है। तीन टेस्ट के बाद इंग्लैंड ने शृंखला में 2-0 की बढ़त बना रखी है। शृंखला का चौथा टेस्ट शुक्रवार से डरहम में खेल जाएगा।
पहले दो टेस्ट की तरह मैनचेस्टर में भी विवादास्पद फैसलों के बाद मौजूदा एशेज शृंखला में अधिकारियों द्वारा डीआएस का इस्तेमाल मीडिया में सुर्खियां बना।टिप्पणियां
फ्लावर ने आज कहा, सबसे पहले तो अंपायरिंग काफी मुश्किल काम है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि कुछ स्पष्ट प्रोटोकॉल हैं, जिनका पालन किया जाए और मुझे लगता है कि अगले दो टेस्ट में धैर्य के साथ फैसले करने की जरूरत है। इंग्लैंड के कोच ने कहा कि कभी-कभी उपलब्ध तकनीक अपने आप में विरोधाभासी होती है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इसमें सुधार किया जा सकता है।
फ्लावर ने कहा, तकनीक के इस्तेमाल में सुधार हुआ है और ऐसे विशेषज्ञों का इस्तेमाल बेहतर नतीजे हासिल करने में अंतर पैदा कर सकता है, जिन्हें पता है कि तकनीक का उपयोग जैसे किया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के 12 सदस्यीय एलीट अंपायर पैनल के आठ अंपायर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के होने के कारण एशेज शृंखला में अंपायरिंग करने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मौजूदा शृंखला में अंपायरिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तान के अलीम दार, श्रीलंका के कुमार धर्मसेना, न्यूजीलैंड के टोनी हिल और दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरासमस के कंधों पर है। इन चारों के बीच अब तक एशेज के पहले तीन मैचों में मैदानी अंपायर और तीसरे अंपायर की भूमिका का वितरण किया गया है।
पहले दो टेस्ट की तरह मैनचेस्टर में भी विवादास्पद फैसलों के बाद मौजूदा एशेज शृंखला में अधिकारियों द्वारा डीआएस का इस्तेमाल मीडिया में सुर्खियां बना।टिप्पणियां
फ्लावर ने आज कहा, सबसे पहले तो अंपायरिंग काफी मुश्किल काम है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि कुछ स्पष्ट प्रोटोकॉल हैं, जिनका पालन किया जाए और मुझे लगता है कि अगले दो टेस्ट में धैर्य के साथ फैसले करने की जरूरत है। इंग्लैंड के कोच ने कहा कि कभी-कभी उपलब्ध तकनीक अपने आप में विरोधाभासी होती है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इसमें सुधार किया जा सकता है।
फ्लावर ने कहा, तकनीक के इस्तेमाल में सुधार हुआ है और ऐसे विशेषज्ञों का इस्तेमाल बेहतर नतीजे हासिल करने में अंतर पैदा कर सकता है, जिन्हें पता है कि तकनीक का उपयोग जैसे किया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के 12 सदस्यीय एलीट अंपायर पैनल के आठ अंपायर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के होने के कारण एशेज शृंखला में अंपायरिंग करने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मौजूदा शृंखला में अंपायरिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तान के अलीम दार, श्रीलंका के कुमार धर्मसेना, न्यूजीलैंड के टोनी हिल और दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरासमस के कंधों पर है। इन चारों के बीच अब तक एशेज के पहले तीन मैचों में मैदानी अंपायर और तीसरे अंपायर की भूमिका का वितरण किया गया है।
फ्लावर ने आज कहा, सबसे पहले तो अंपायरिंग काफी मुश्किल काम है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि कुछ स्पष्ट प्रोटोकॉल हैं, जिनका पालन किया जाए और मुझे लगता है कि अगले दो टेस्ट में धैर्य के साथ फैसले करने की जरूरत है। इंग्लैंड के कोच ने कहा कि कभी-कभी उपलब्ध तकनीक अपने आप में विरोधाभासी होती है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इसमें सुधार किया जा सकता है।
फ्लावर ने कहा, तकनीक के इस्तेमाल में सुधार हुआ है और ऐसे विशेषज्ञों का इस्तेमाल बेहतर नतीजे हासिल करने में अंतर पैदा कर सकता है, जिन्हें पता है कि तकनीक का उपयोग जैसे किया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के 12 सदस्यीय एलीट अंपायर पैनल के आठ अंपायर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के होने के कारण एशेज शृंखला में अंपायरिंग करने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मौजूदा शृंखला में अंपायरिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तान के अलीम दार, श्रीलंका के कुमार धर्मसेना, न्यूजीलैंड के टोनी हिल और दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरासमस के कंधों पर है। इन चारों के बीच अब तक एशेज के पहले तीन मैचों में मैदानी अंपायर और तीसरे अंपायर की भूमिका का वितरण किया गया है।
फ्लावर ने कहा, तकनीक के इस्तेमाल में सुधार हुआ है और ऐसे विशेषज्ञों का इस्तेमाल बेहतर नतीजे हासिल करने में अंतर पैदा कर सकता है, जिन्हें पता है कि तकनीक का उपयोग जैसे किया जाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के 12 सदस्यीय एलीट अंपायर पैनल के आठ अंपायर ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के होने के कारण एशेज शृंखला में अंपायरिंग करने के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मौजूदा शृंखला में अंपायरिंग की जिम्मेदारी पाकिस्तान के अलीम दार, श्रीलंका के कुमार धर्मसेना, न्यूजीलैंड के टोनी हिल और दक्षिण अफ्रीका के मराइस इरासमस के कंधों पर है। इन चारों के बीच अब तक एशेज के पहले तीन मैचों में मैदानी अंपायर और तीसरे अंपायर की भूमिका का वितरण किया गया है। | सारांश: इंग्लैंड के क्रिकेट कोच एंडी फ्लावर ने दोनों टीमों के कप्तानों का पक्ष लेते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी बचे दो एशेज टेस्ट मैचों में फैसलों की समीक्षा प्रणाली के बेहतर इस्तेमाल की बात कही है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन मामले में अभियोजन पक्ष के एक गवाह और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (लेखा एवं वित्त) आशीष तांबावाला ने अदालत में कहा कि शाहिद उस्मान के नेतृत्ववाली दूरसंचार कंपनी स्वान टेलीकाम की स्थापना रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड या इसके समूह की कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा की गई थी।
उन्होंने गवाही दी कि जिराफ कंसल्टेंसी सर्विसेज, जेब्रा कंसल्टेंट्स, पैरट कंसल्टेंट्स, स्वान कैपिटल और टाइगर ट्रेडर्स प्राइवेट लि. की स्थापना एडीएजी समूह के कर्मचारियों द्वारा की गई थी। आरोप है कि ये सभी रिलायंस एडीए समूह की सहयोगी फर्में हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि उक्त पांच कंपनियों (स्वान कैपिटल, टाइगर ट्रेडर्स, जिराफ, जेब्रा और पैरट) की स्थापना रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड या इसके समूह की कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा की गई थी।’ तांबावाला ने कहा, ‘यह भी सही है कि उक्त पांच कंपनियों के बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया रिलायंस इंफ्रा के कंपनी सचिव रमेश शेनाय द्वारा शुरू की गई थी।’
तांबावाला ने कहा कि स्वान कैपिटल लिमिटेड ने अपना नाम बदलकर स्वान टेलीकाम कर लिया और इसके बाद इसका नाम बदलकर एतिसलात डीबी टेलीकाम लिमिटेड कर दिया गया। इसी तरह, टाइगर ट्रेडर्स ने अपना नाम बदलकर टाइगर ट्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड कर लिया। जिरह के दौरान तांबावाला ने कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड दूरसंचार में कारोबार नहीं करती। उन्होंने कहा कि स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किए जाने के बाद भी वह कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी बने रहे। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी पता नहीं चला कि जब स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किया गया तो दूरसंचार कारोबार का अधिग्रहण स्वान टेलीकाम द्वारा कर लिया गया है, भले ही बार बार कंपनी का नाम बदले जाने की जानकारी मुझे थी।’ तांबावाला को अदालत में विभिन्न दस्तावेज दिखाए गए जिसके बारे में उन्होंने कहा कि रिलायंस इफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की कंपनियों के कर्मचारी आशीष करयेकर और प्रकाश राठौड़ जिराफ कंसल्टेंसी, जेब्रा कंसल्टेंट्स और पैरट कंसल्टेंट्स के निदेशक थे।
उन्होंने कहा कि 2जी मामले में आरोपी और रिलायंस एडीए समूह के अध्यक्ष सुरेन्द्र पिपारा भी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक थे। अदालत में तांबावाला के अलावा अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह निलेश आर दोषी के बयान भी दर्ज किए गए। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट दोषी 2006 में रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए गए थे। दोषी ने कहा कि रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें कुछ कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया जिनमें पैरट, टाइगर और जेब्रा शामिल हैं।
उन्होंने गवाही दी कि जिराफ कंसल्टेंसी सर्विसेज, जेब्रा कंसल्टेंट्स, पैरट कंसल्टेंट्स, स्वान कैपिटल और टाइगर ट्रेडर्स प्राइवेट लि. की स्थापना एडीएजी समूह के कर्मचारियों द्वारा की गई थी। आरोप है कि ये सभी रिलायंस एडीए समूह की सहयोगी फर्में हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि उक्त पांच कंपनियों (स्वान कैपिटल, टाइगर ट्रेडर्स, जिराफ, जेब्रा और पैरट) की स्थापना रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड या इसके समूह की कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा की गई थी।’ तांबावाला ने कहा, ‘यह भी सही है कि उक्त पांच कंपनियों के बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया रिलायंस इंफ्रा के कंपनी सचिव रमेश शेनाय द्वारा शुरू की गई थी।’
तांबावाला ने कहा कि स्वान कैपिटल लिमिटेड ने अपना नाम बदलकर स्वान टेलीकाम कर लिया और इसके बाद इसका नाम बदलकर एतिसलात डीबी टेलीकाम लिमिटेड कर दिया गया। इसी तरह, टाइगर ट्रेडर्स ने अपना नाम बदलकर टाइगर ट्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड कर लिया। जिरह के दौरान तांबावाला ने कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड दूरसंचार में कारोबार नहीं करती। उन्होंने कहा कि स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किए जाने के बाद भी वह कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी बने रहे। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी पता नहीं चला कि जब स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किया गया तो दूरसंचार कारोबार का अधिग्रहण स्वान टेलीकाम द्वारा कर लिया गया है, भले ही बार बार कंपनी का नाम बदले जाने की जानकारी मुझे थी।’ तांबावाला को अदालत में विभिन्न दस्तावेज दिखाए गए जिसके बारे में उन्होंने कहा कि रिलायंस इफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की कंपनियों के कर्मचारी आशीष करयेकर और प्रकाश राठौड़ जिराफ कंसल्टेंसी, जेब्रा कंसल्टेंट्स और पैरट कंसल्टेंट्स के निदेशक थे।
उन्होंने कहा कि 2जी मामले में आरोपी और रिलायंस एडीए समूह के अध्यक्ष सुरेन्द्र पिपारा भी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक थे। अदालत में तांबावाला के अलावा अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह निलेश आर दोषी के बयान भी दर्ज किए गए। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट दोषी 2006 में रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए गए थे। दोषी ने कहा कि रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें कुछ कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया जिनमें पैरट, टाइगर और जेब्रा शामिल हैं।
तांबावाला ने कहा कि स्वान कैपिटल लिमिटेड ने अपना नाम बदलकर स्वान टेलीकाम कर लिया और इसके बाद इसका नाम बदलकर एतिसलात डीबी टेलीकाम लिमिटेड कर दिया गया। इसी तरह, टाइगर ट्रेडर्स ने अपना नाम बदलकर टाइगर ट्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड कर लिया। जिरह के दौरान तांबावाला ने कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड दूरसंचार में कारोबार नहीं करती। उन्होंने कहा कि स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किए जाने के बाद भी वह कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी बने रहे। टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी पता नहीं चला कि जब स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किया गया तो दूरसंचार कारोबार का अधिग्रहण स्वान टेलीकाम द्वारा कर लिया गया है, भले ही बार बार कंपनी का नाम बदले जाने की जानकारी मुझे थी।’ तांबावाला को अदालत में विभिन्न दस्तावेज दिखाए गए जिसके बारे में उन्होंने कहा कि रिलायंस इफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की कंपनियों के कर्मचारी आशीष करयेकर और प्रकाश राठौड़ जिराफ कंसल्टेंसी, जेब्रा कंसल्टेंट्स और पैरट कंसल्टेंट्स के निदेशक थे।
उन्होंने कहा कि 2जी मामले में आरोपी और रिलायंस एडीए समूह के अध्यक्ष सुरेन्द्र पिपारा भी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक थे। अदालत में तांबावाला के अलावा अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह निलेश आर दोषी के बयान भी दर्ज किए गए। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट दोषी 2006 में रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए गए थे। दोषी ने कहा कि रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें कुछ कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया जिनमें पैरट, टाइगर और जेब्रा शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे कभी पता नहीं चला कि जब स्वान कैपिटल का नाम बदलकर स्वान टेलीकाम किया गया तो दूरसंचार कारोबार का अधिग्रहण स्वान टेलीकाम द्वारा कर लिया गया है, भले ही बार बार कंपनी का नाम बदले जाने की जानकारी मुझे थी।’ तांबावाला को अदालत में विभिन्न दस्तावेज दिखाए गए जिसके बारे में उन्होंने कहा कि रिलायंस इफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप की कंपनियों के कर्मचारी आशीष करयेकर और प्रकाश राठौड़ जिराफ कंसल्टेंसी, जेब्रा कंसल्टेंट्स और पैरट कंसल्टेंट्स के निदेशक थे।
उन्होंने कहा कि 2जी मामले में आरोपी और रिलायंस एडीए समूह के अध्यक्ष सुरेन्द्र पिपारा भी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक थे। अदालत में तांबावाला के अलावा अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह निलेश आर दोषी के बयान भी दर्ज किए गए। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट दोषी 2006 में रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए गए थे। दोषी ने कहा कि रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें कुछ कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया जिनमें पैरट, टाइगर और जेब्रा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 2जी मामले में आरोपी और रिलायंस एडीए समूह के अध्यक्ष सुरेन्द्र पिपारा भी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक थे। अदालत में तांबावाला के अलावा अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह निलेश आर दोषी के बयान भी दर्ज किए गए। पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट दोषी 2006 में रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए गए थे। दोषी ने कहा कि रिलायंस एडीए समूह में बतौर सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें कुछ कंपनियों का निदेशक नियुक्त किया गया जिनमें पैरट, टाइगर और जेब्रा शामिल हैं। | तांबावाला ने अदालत में कहा कि शाहिद उस्मान के नेतृत्ववाली दूरसंचार कंपनी स्वान टेलीकाम की स्थापना रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड या इसके समूह की कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा की गई थी। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने खुदरा बाजार मूल्यों पर आधारित नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक शुक्रवार को जारी किया। इसमें एक सूचकांक शहरी क्षेत्र के लिए तथा एक अन्य ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। साथ ही दोनों को मिलाकर एक राष्ट्रीय स्तर का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक भी जारी किया गया है। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर इस साल जनवरी महीने में मुद्रास्फीति 6 फीसदी रही। इसमें 2010 की अखिल भारतीय खुदरा कीमतों को तुलना का आधार (100) माना गया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कियान्वयन मंत्रालय के बयान के मुताबिक, चूंकि ये सूचंकाक पहली बार जारी किए गए हैं, अत: सालाना मुद्रास्फीति के आंकड़ों को एकत्रित नहीं किया गया है। नई शृंखला अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) इस साल जनवरी में 106 (अस्थायी आंकड़ा) रहा। सालाना आधार पर पूरे वर्ष के लिए आधार 100 माना गया है। सीपीआई के आधार पर मुद्रास्फीति 6 फीसदी रही, लेकिन सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने कहा कि महंगाई दर का वास्तविक आंकड़ा एक साल की अवधि के बाद ही उपलब्ध होगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीपीआई 107 रहा और शहरी क्षेत्रों के लिए यह 104 रहा। | सरकार ने खुदरा बाजार मूल्यों पर आधारित नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया, जिसमें एक सूचकांक शहरी क्षेत्र के लिए व दूसरा ग्रामीण क्षेत्र के लिए है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जयपुर के भारतीय जनता पार्टी की रैली में गुजरात के नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। इस रैली में नरेंद्र मोदी ने 'कांग्रेस के करप्शन का एबीसीडी' बताया।
नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा, 'ए फॉर आदर्श, बी फॉर बोफोर्स, सी फॉर सीडब्ल्यूजी और डी फॉर दामाद का कारोबार'। इस पंक्ति में मोदी का हमला सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर था, जिनपर जमीन के मामले में कई आरोप लगे हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर की इस रैली में मोदी के अलावा पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी मौजूद थीं।
मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पांच साल पहले हमने एक गलती की थी। गौरतलब है कि 2009 के चुनाव में बीजेपी को आम चुनावों के साथ-साथ विधानसभा के चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा था।
मोदी की इस रैली लाखों लोग शामिल हुए। आज की रैली में तमाम लोग मुस्लिम समाज के भी शामिल हुए। आज की रैली में मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुर्के में आने के लिए कहा गया था वहीं, पुरुषों से टोपी पहनकर आने के लिए कहा गया था।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा, 'ए फॉर आदर्श, बी फॉर बोफोर्स, सी फॉर सीडब्ल्यूजी और डी फॉर दामाद का कारोबार'। इस पंक्ति में मोदी का हमला सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर था, जिनपर जमीन के मामले में कई आरोप लगे हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर की इस रैली में मोदी के अलावा पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी मौजूद थीं।
मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पांच साल पहले हमने एक गलती की थी। गौरतलब है कि 2009 के चुनाव में बीजेपी को आम चुनावों के साथ-साथ विधानसभा के चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा था।
मोदी की इस रैली लाखों लोग शामिल हुए। आज की रैली में तमाम लोग मुस्लिम समाज के भी शामिल हुए। आज की रैली में मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुर्के में आने के लिए कहा गया था वहीं, पुरुषों से टोपी पहनकर आने के लिए कहा गया था।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
राजस्थान की राजधानी जयपुर की इस रैली में मोदी के अलावा पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी मौजूद थीं।
मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पांच साल पहले हमने एक गलती की थी। गौरतलब है कि 2009 के चुनाव में बीजेपी को आम चुनावों के साथ-साथ विधानसभा के चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा था।
मोदी की इस रैली लाखों लोग शामिल हुए। आज की रैली में तमाम लोग मुस्लिम समाज के भी शामिल हुए। आज की रैली में मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुर्के में आने के लिए कहा गया था वहीं, पुरुषों से टोपी पहनकर आने के लिए कहा गया था।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पांच साल पहले हमने एक गलती की थी। गौरतलब है कि 2009 के चुनाव में बीजेपी को आम चुनावों के साथ-साथ विधानसभा के चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा था।
मोदी की इस रैली लाखों लोग शामिल हुए। आज की रैली में तमाम लोग मुस्लिम समाज के भी शामिल हुए। आज की रैली में मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुर्के में आने के लिए कहा गया था वहीं, पुरुषों से टोपी पहनकर आने के लिए कहा गया था।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
मोदी की इस रैली लाखों लोग शामिल हुए। आज की रैली में तमाम लोग मुस्लिम समाज के भी शामिल हुए। आज की रैली में मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुर्के में आने के लिए कहा गया था वहीं, पुरुषों से टोपी पहनकर आने के लिए कहा गया था।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
जुलाई में मोदी ने कहा था कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कांग्रेस पार्टी सेकुलरिज्म के बुर्के का सहारा लेती है।टिप्पणियां
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
इससे पूर्व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात के अपने समकक्ष नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी का ध्यान सिर्फ मार्केटिंग पर है और गुजरात का दौरा करने से भाजपा नेता के दावों की पोल खुल जाएगी।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे।
मोदी को मार्केटिंग का विशेषज्ञ करार देते हुए गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात का दौरा करने से मोदी द्वारा शिक्षा, सड़क एवं स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों को लेकर किए गए दावों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर वोट मांगेगी। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 सितंबर को उदयपुर में सभा के साथ राज्य में पार्टी का प्रचार अभियान शुरू करेंगे। | संक्षिप्त पाठ: नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा, 'ए फॉर आदर्श, बी फॉर बोफोर्स, सी फॉर सीडब्ल्यूजी और डी फॉर दामाद का कारोबार'। इस पंक्ति में मोदी का हमला सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर था, जिनपर जमीन के मामले में कई आरोप लगे हैं। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यही नियम एनसीआर में भी लागू किया जाएगा यानी 2016 में दिए गए लाइसेंस के आधे ही इस बार दिए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि साइलेंस जोन के 100 मीटर के भीतर पटाखे नहीं जलाए जाएंगे, यानी अस्पताल, कोर्ट, धार्मिक स्थल और स्कूल आदि के 100 मीटर के दायरे में पटाखे न चलें. इसके अलावा पटाखे बनाने में लिथियम, लेड, पारा, एंटीमोनी व आर्सेनिक का इस्तेमाल न करने का निर्देश है.
दिल्ली और एनसीआर में अगले आदेश तक दूसरे राज्यों से पटाखे नहीं लाए जाएंगे क्योंकि यहां पहले से ही पटाखे मौजूद हैं. 50 लाख किलो पटाखे दिल्ली और एनसीआर में इस दशहरे और दीपावली के लिए पर्याप्त से ज्यादा है. जिन लाइसेंस धारी दुकानदारों के पास पटाखे हैं वो अपना पटाखा बेच सकते हैं या दूसरे राज्यों में निर्यात कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के लाइसेंस पर लगी रोक को अंतरिम रूप से हटाया है, क्योंकि कोर्ट ने कहा है दीपावली के बाद एयर क्वालिटी को देखते हुए कोर्ट सुनवाई करेगा.
दरअसल, पिछले साल 11 नवंबर को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री के लिए कोई नया लाइसेंस नहीं देने और पहले से जारी लाइसेंस को निलंबित करने के आदेश दिए थे.
इसके साथ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 'CPCB तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल कर बताए कि पटाखों में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल किया जा रही है. पिछले साल 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के खिलाफ तीन बच्चों की याचिका पर यह फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले ही संकेत दिया था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लग सकती है.टिप्पणियां
अधिकारों को लेकर लोगों का सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह अपने तरह का अलग मामला है जब 6 से 14 महीने के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की थी.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए.
दरअसल, पिछले साल 11 नवंबर को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री के लिए कोई नया लाइसेंस नहीं देने और पहले से जारी लाइसेंस को निलंबित करने के आदेश दिए थे.
इसके साथ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 'CPCB तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल कर बताए कि पटाखों में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल किया जा रही है. पिछले साल 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के खिलाफ तीन बच्चों की याचिका पर यह फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले ही संकेत दिया था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लग सकती है.टिप्पणियां
अधिकारों को लेकर लोगों का सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह अपने तरह का अलग मामला है जब 6 से 14 महीने के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की थी.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए.
अधिकारों को लेकर लोगों का सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह अपने तरह का अलग मामला है जब 6 से 14 महीने के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की थी.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए. | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक को लेकर फैसला
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुना सकता है फैसला
पिछले आदेश को वापस लेने की मांग की गई | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में मौजूद राजनीतिक संकट के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद शरद पवार ने मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैनें आज सोनिया गांधी और एके एंटनी से मुलाकात की. हालांकि मेरे पास उस मुलाकात को लेकर ज्यादा कुछ बताने के लिए नहीं है. लेकिन मैं महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति पर आपसे बात कर सकता हूं. उन्होंने आगे कहा कि हमें (एनसीपी) महाराष्ट्र में विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है. लेकिन मैं यह अभी नहीं कह सकता है कि आगे क्या होगा. पवार ने कहा कि बीजेपी और उनके सहयोगी के पास संख्या है, सरकार बनाने की जिम्मेदारी उनकी है.
उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि मेरी अभी तक उद्धव ठाकरे से कोई बात नहीं हुई है. अभी तक हमें किसी ने पूछा ही नहीं, किसी को पूछना तो चाहिए. शिवसेना से क्या सरकार बनाने पर बात हुई, के सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि संजय राउत मुझसे मिलते रहते हैं. लेकिन उनके और हमारे बीच सरकार गठन को लेकर कोई बात नहीं हुई है. पवार ने इस दौरान राज्य में किसानों की हालत पर भी बात की.
उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों की राजनीति की वजह से राज्य में नई सरकार नहीं बन पा रही है. जिन्हें जनादेश मिला है उन्हें जल्दी से सरकार बनानी चाहिए. ताकि बारिश से किसानों को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जा सके. लेकिन सरकार न होने की वजह से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है. शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या वह राज्य के मुख्यमंत्री बनने की कोशिश करेंगे, इसपर उन्होंने जवाब दिया कि ऐसी कोई बात नहीं है.
इससे पहले सोमवार शाम को शिवसेना नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद राउत ने कहा कि सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार नहीं है. उन्हेंने कहा कि जिसके पास भी बहुमत होगा उसकी ही सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि हमनें मौजूदा स्थिति को लेकर राज्यपाल से बात की है. राउत ने कहा कि राज्यपाल के साथ यह मुलाकात पूरी तरह से गैर-राजनीतिक थी. इस मुलाकात के दौरान राज्यपाल और राउत के बीच राज्य में मौजूद राजनीतिक स्थिति पर भी बात हुई.
उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखी जिसे उन्होंने बहुत अच्छे से सुना. हम उन्हें बस यही बताना चाहते थे कि सरकार का गठन नहीं हो पा रहा है और इसके लिए हमारी पार्टी जिम्मेदार नहीं है. बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर बात नहीं बन पा रही है. शिवसेना राज्य में 50-50 के फॉर्मूले को लागू कराना चाहती है. जिसके तहत ढाई साल बीजेपी का और ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री रहेगा. लेकिन बीजेपी शिवसेना के इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हो रही है.
महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने रविवार को कहा था कि उनकी पार्टी भाजपा से केवल मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा. राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ था. इस चुनाव में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना ने 56 और भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की. राउत ने पत्रकारों से कहा था कि गतिरोध जारी है. सरकार गठन को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है. अगर बातचीत होगी, तो केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर ही होगी.
वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक संजय राउत ने कहा था कि हमारे पास 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है. यह आंकड़ा 175 भी हो सकता है. वहीं शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना' के साप्ताहिक स्तंभ में राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन पर राजनीतिक गतिरोध ‘अहंकार के कीचड़ में फंसे एक रथ' की तरह है.उन्होंने साप्ताहिक स्तंभ में राउत भाजपा को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा कर दिखाने की चेतावनी देते हुए कहा था कि यह कदम पार्टी की ‘सदी की सबसे बड़ी हार' होगी. उन्होंने कहा था कि यह चौंकाने वाली बात है कि वे लोग ऐसा करने की बात कर रहे हैं जो इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल को ‘काले दिवस' के रूप में मनाते हैं.
शिवसेना का यह बयान भाजपा के मुख्यमंत्री पद साझा ना करने के अपने रुख पर अड़े रहने और पार्टी के नेता सुधीर मुंगंतीवार के सात नवम्बर तक नई सरकार का गठन ना होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन की तरफ बढ़ने की बात कहने के बाद आया है. | यह एक सारांश है: शरद पवार ने कहा - विपक्ष में बैठने के लिए मिला है जनादेश
शरद पवार ने की सोनिया गांधी से मुलाकात
मुलाकात के बाद मीडिया से भी की बात | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी सुरक्षा बल अब बेहद छोटे ड्रोन की तैनाती की तैयारी कर रहे हैं, जो सैनिकों के थले में ही फिट हो जाएगा। इन ड्रोन का वजन छह पाउंड से भी कम होगा, लेकिन इनमें विस्फोटक फिट होगा और ये अपने निशाने पर अचूक वार कर सकेंगे।टिप्पणियां
पेंटागन ने इन ड्रोन विमानों की तैनाती की इजाजत दी है। इस छोटे ड्रोन को ‘स्विचब्लेड’ नाम दिया गया है। समाचार पत्र ‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ के मुताबिक अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दूसरे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हमलों के दौरान जानमाल के भारी नुकसान के कारण पेंटागन स्विचब्लेड की तैनाती को प्राथिमिकता देता रहा है।
पेंटागन की कोशिश यह है कि इन छोटे ड्रोन के जरिए जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। इसी मकसद से इन विमानों की तैनाती करने की तैयारी की जा रही है। करीब एक दर्जन स्विचब्लेड का परीक्षण पिछले साल अफगानिस्तान में किया गया था। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यहां की सेना 10 करोड़ डॉलर मूल्य स्विचब्लेड खरीदने पर विचार कर रही है। वायुसेना और मरीन कॉर्प ने भी इसकी तकनीकी में दिलचस्पी दिखाई है।
पेंटागन ने इन ड्रोन विमानों की तैनाती की इजाजत दी है। इस छोटे ड्रोन को ‘स्विचब्लेड’ नाम दिया गया है। समाचार पत्र ‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ के मुताबिक अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दूसरे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हमलों के दौरान जानमाल के भारी नुकसान के कारण पेंटागन स्विचब्लेड की तैनाती को प्राथिमिकता देता रहा है।
पेंटागन की कोशिश यह है कि इन छोटे ड्रोन के जरिए जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। इसी मकसद से इन विमानों की तैनाती करने की तैयारी की जा रही है। करीब एक दर्जन स्विचब्लेड का परीक्षण पिछले साल अफगानिस्तान में किया गया था। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यहां की सेना 10 करोड़ डॉलर मूल्य स्विचब्लेड खरीदने पर विचार कर रही है। वायुसेना और मरीन कॉर्प ने भी इसकी तकनीकी में दिलचस्पी दिखाई है।
पेंटागन की कोशिश यह है कि इन छोटे ड्रोन के जरिए जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। इसी मकसद से इन विमानों की तैनाती करने की तैयारी की जा रही है। करीब एक दर्जन स्विचब्लेड का परीक्षण पिछले साल अफगानिस्तान में किया गया था। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यहां की सेना 10 करोड़ डॉलर मूल्य स्विचब्लेड खरीदने पर विचार कर रही है। वायुसेना और मरीन कॉर्प ने भी इसकी तकनीकी में दिलचस्पी दिखाई है। | अमेरिकी सुरक्षा बल अब बेहद छोटे ड्रोन की तैनाती की तैयारी कर रहे हैं, जो सैनिकों के थले में ही फिट हो जाएगा। इन ड्रोन का वजन छह पाउंड से भी कम होगा, लेकिन इनमें विस्फोटक फिट होगा। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कंगना पर पलटवार करते हुए आदित्य पंचोली ने बॉलीवुडलाइफ को एक इंटरव्यू दिया है. जिसमें उन्होंने कहा है, 'वह लड़की पागल है. क्या कर सकते हैं, क्या आपने उसका इंटरव्यू देखा? इंटरव्यू देखकर आपको ऐसा नहीं लगता कि कोई पागल बात कर रहा है? कौन ऐसे बात करता है? हम इंडस्ट्री में इतने सालों से हैं किसी ने भी किसी के बारे में कभी इस तरह से बात नहीं की. मैं क्या कह सकता हूं? वो पागल लड़की है. अगर आप कीचड़ में पत्थर मारोगे तो आपके ही कपड़े गंदे होंगे.'
पंचोली ने यह भी कहा कि कंगना की बातों से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है. उनके मुताबिक, 'मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा. वह झूठ बोल रही है इसलिए मैं कानून की मदद लूंगा. मुझे औरों के बारे में नहीं पता लेकिन जहां तक मेरा सवाल है उसने जो भी मेरे बारे में बोला है वो सब झूठ है. उसे ये साबित करना होगा कि मैंने उसके साथ वो सबकुछ किया है जिसका ज़िक्र वो बार-बार कर रही है. मेरे पूरे परिवार पर इसका असर पड़ रहा है. मैं और मेरी पत्नी दोनों उसके खिलाफ काननू का सहारा लेंगे.' बहरहाल, आदित्य पंचोली ने तो अपनी बात रख दी है. अब देखना ये है कि ऋतिक किस तरह पलटवार करते हैं.
पंचोली ने यह भी कहा कि कंगना की बातों से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है. उनके मुताबिक, 'मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा. वह झूठ बोल रही है इसलिए मैं कानून की मदद लूंगा. मुझे औरों के बारे में नहीं पता लेकिन जहां तक मेरा सवाल है उसने जो भी मेरे बारे में बोला है वो सब झूठ है. उसे ये साबित करना होगा कि मैंने उसके साथ वो सबकुछ किया है जिसका ज़िक्र वो बार-बार कर रही है. मेरे पूरे परिवार पर इसका असर पड़ रहा है. मैं और मेरी पत्नी दोनों उसके खिलाफ काननू का सहारा लेंगे.' बहरहाल, आदित्य पंचोली ने तो अपनी बात रख दी है. अब देखना ये है कि ऋतिक किस तरह पलटवार करते हैं. | सारांश: कंगनाा ने अपने इंटरव्यू में खुलकर आदित्य पंचोली को आड़े हाथों लिया.
आदित्यों ने पंचोली ने कंगना को पागल लड़की कहा है.
पंचोली ने कंगना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2012-13 के लिए पेश बजट को लेकर निराशा जताते हुए उद्योग जगत ने कहा कि अप्रत्यक्ष करों के जरिए 45,940 करोड़ रुपये जुटाने की कवायद से महंगाई और बढ़ेगी। इसके चलते रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरें घटाना मुश्किल हो जाएगा।
अगले वित्त वर्ष के लिए बजट प्रस्तावों पर भारतीय कंपनियों ने सकारात्मक से ज्यादा नकारात्मक टिप्पणी की। उनकी सबसे अधिक चिंता चौतरफा उत्पाद शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने और सेवाकर की दर बढ़ाए जाने को लेकर है।
बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा, ‘उद्योग के लिए सब कुछ नकारात्मक है। यह समझने योग्य है, लेकिन स्वीकार्य नही है।’
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज, बायोकान की सीएमडी किरण मजूमदार शॉ और जेके आर्गनाइजेशन के निदेशक हर्ष पति सिंघानिया का मानना है कि चौतरफा करों में वृद्धि से मुद्रास्फीति और बढ़ेगी।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चन्दा कोचर ने आशंका जाहिर की कि ब्याज दरें शायद ही नीचे आएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आशा नहीं है कि रिजर्व बैंक अप्रैल में दरों में कटौती कर पाएगा।’
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
अगले वित्त वर्ष के लिए बजट प्रस्तावों पर भारतीय कंपनियों ने सकारात्मक से ज्यादा नकारात्मक टिप्पणी की। उनकी सबसे अधिक चिंता चौतरफा उत्पाद शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने और सेवाकर की दर बढ़ाए जाने को लेकर है।
बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा, ‘उद्योग के लिए सब कुछ नकारात्मक है। यह समझने योग्य है, लेकिन स्वीकार्य नही है।’
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज, बायोकान की सीएमडी किरण मजूमदार शॉ और जेके आर्गनाइजेशन के निदेशक हर्ष पति सिंघानिया का मानना है कि चौतरफा करों में वृद्धि से मुद्रास्फीति और बढ़ेगी।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चन्दा कोचर ने आशंका जाहिर की कि ब्याज दरें शायद ही नीचे आएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आशा नहीं है कि रिजर्व बैंक अप्रैल में दरों में कटौती कर पाएगा।’
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने कहा, ‘उद्योग के लिए सब कुछ नकारात्मक है। यह समझने योग्य है, लेकिन स्वीकार्य नही है।’
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज, बायोकान की सीएमडी किरण मजूमदार शॉ और जेके आर्गनाइजेशन के निदेशक हर्ष पति सिंघानिया का मानना है कि चौतरफा करों में वृद्धि से मुद्रास्फीति और बढ़ेगी।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चन्दा कोचर ने आशंका जाहिर की कि ब्याज दरें शायद ही नीचे आएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आशा नहीं है कि रिजर्व बैंक अप्रैल में दरों में कटौती कर पाएगा।’
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज, बायोकान की सीएमडी किरण मजूमदार शॉ और जेके आर्गनाइजेशन के निदेशक हर्ष पति सिंघानिया का मानना है कि चौतरफा करों में वृद्धि से मुद्रास्फीति और बढ़ेगी।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चन्दा कोचर ने आशंका जाहिर की कि ब्याज दरें शायद ही नीचे आएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आशा नहीं है कि रिजर्व बैंक अप्रैल में दरों में कटौती कर पाएगा।’
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चन्दा कोचर ने आशंका जाहिर की कि ब्याज दरें शायद ही नीचे आएं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आशा नहीं है कि रिजर्व बैंक अप्रैल में दरों में कटौती कर पाएगा।’
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
फिक्की के अध्यक्ष आरवी कनोरिया ने कहा, ‘यह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने नहीं जा रहा है।’
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
वहीं, सीआईआई के अध्यक्ष बी. मुतुरमन ने कह कि उन्हें काफी अधिक उम्मीदें थी, लेकिन उत्पाद शुल्क से जुड़े प्रस्तावों से कीमतें बढ़ेंगी।टिप्पणियां
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
एसोचैम के अध्यक्ष आरएन धूत ने कहा कि वह व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये किए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाना निराशाजनक है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट प्रस्तावों ने शेयर बाजार को भी निराश किया जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 210 अंक टूटकर बंद हुआ। | सारांश: वर्ष 2012-13 के लिए पेश बजट को लेकर निराशा जताते हुए उद्योग जगत ने कहा कि अप्रत्यक्ष करों के जरिए 45,940 करोड़ रुपये जुटाने की कवायद से महंगाई और बढ़ेगी। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर कोरिया के एक राजनयिक ने जेनेवा में कहा कि उनके देश द्वारा 12 फरवरी को किया गया परमाणु परीक्षण, अमेरिका से लगातार बढ़ते खतरों की प्रतिक्रिया में आत्मरक्षा का एक उपाय था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जेनेवा में उत्तर कोरियाई मिशन के प्रथम सचिव जॉन योंग रियोंग ने मंगलवार को निशस्त्रीकरण पर हो रहे एक सम्मेलन सामान्य सत्र के दौरान कहा कि उत्तर कोरिया ने अधिकतम आत्मसंयम बरता है, और ऐसी स्थिति यह देश के सम्मान एवं आत्मरक्षा के लिए यह एक प्राथमिक प्रतिक्रियावादी कदम था।
अमेरिका से आई प्रतिक्रियाओं के जवाब में जॉन ने कहा कि यदि अमेरिका, उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाता है तो इससे स्थितियां और जटिल ही होती जाएंगी तथा उत्तर कोरिया को और कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य करेंगी।टिप्पणियां
मीडिया रपटों के अनुसार सम्मेलन में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के अंतिम विनाश की भी धमकी दी।
अमेरिका ने कहा है कि परमाणु परीक्षण किसी भी तरह से सुरक्षात्मक कदम नहीं है। उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है, जिसके अनुसार उत्तर कोरिया आगे और परमाणु परीक्षण नहीं कर सकता।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जेनेवा में उत्तर कोरियाई मिशन के प्रथम सचिव जॉन योंग रियोंग ने मंगलवार को निशस्त्रीकरण पर हो रहे एक सम्मेलन सामान्य सत्र के दौरान कहा कि उत्तर कोरिया ने अधिकतम आत्मसंयम बरता है, और ऐसी स्थिति यह देश के सम्मान एवं आत्मरक्षा के लिए यह एक प्राथमिक प्रतिक्रियावादी कदम था।
अमेरिका से आई प्रतिक्रियाओं के जवाब में जॉन ने कहा कि यदि अमेरिका, उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाता है तो इससे स्थितियां और जटिल ही होती जाएंगी तथा उत्तर कोरिया को और कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य करेंगी।टिप्पणियां
मीडिया रपटों के अनुसार सम्मेलन में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के अंतिम विनाश की भी धमकी दी।
अमेरिका ने कहा है कि परमाणु परीक्षण किसी भी तरह से सुरक्षात्मक कदम नहीं है। उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है, जिसके अनुसार उत्तर कोरिया आगे और परमाणु परीक्षण नहीं कर सकता।
मीडिया रपटों के अनुसार सम्मेलन में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के अंतिम विनाश की भी धमकी दी।
अमेरिका ने कहा है कि परमाणु परीक्षण किसी भी तरह से सुरक्षात्मक कदम नहीं है। उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है, जिसके अनुसार उत्तर कोरिया आगे और परमाणु परीक्षण नहीं कर सकता।
अमेरिका ने कहा है कि परमाणु परीक्षण किसी भी तरह से सुरक्षात्मक कदम नहीं है। उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है, जिसके अनुसार उत्तर कोरिया आगे और परमाणु परीक्षण नहीं कर सकता। | उत्तर कोरिया के एक राजनयिक ने जेनेवा में कहा कि उनके देश द्वारा 12 फरवरी को किया गया परमाणु परीक्षण, अमेरिका से लगातार बढ़ते खतरों की प्रतिक्रिया में आत्मरक्षा का एक उपाय था। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों को सामना कर रही सरकार का जमकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि महंगाई से निपटने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है। साथ ही मुखर्जी ने देश में बढ़ती महंगाई के लिए वैश्विक आर्थिक स्थिति को भी जिम्मेदार ठहराया। बढ़ती महंगाई पर एक गर्म बहस का जवाब देते हुए मुखर्जी ने लोकसभा को बताया कि महंगाई पर चर्चा करते हुए 'हम केवल अपनी अर्थव्यवस्था पर बहस नहीं कर रहे हैं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा कर रहे हैं।' मुखर्जी ने कहा, "कोई भी देश आज यह नहीं कह सकता कि हम अलग-थलग पड़ गए हैं। किसी भी देश के किसी हिस्से में होने वाली घटनाएं स्वयं को एक अंतर्राष्ट्रीय संकट में परिवर्तित कर सकती हैं।" उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे आवश्यक वस्तुओं की कीमतों ने पिछले दो से तीन साल में आसमान को छूआ। मुखर्जी ने कहा, "आज जब हम संसद में महंगाई पर चर्चा कर रहे हैं, यह संसद जो विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 1.2 अरब लोगों की नुमाइंदगी करने वाली और जिसकी अर्थव्यवस्था करीब 20 खरब डॉलर है। हम वैश्विक घटनाओं से अपनी आंखें नहीं मूंद सकते।" उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई के दबाव के प्रति भलीभांति जागरूक है और विकास के आंकड़ों में तेजी लाने के लिए भी उत्सुक है। मुखर्जी ने माना कि समग्र मुद्रास्फीति 'खतरनाक ढंग से दोहरे अंक के करीब है' लेकिन पिछले करीब दो महीनों से खाद्य महंगाई कम हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक समग्र महंगाई को पांच से छह प्रतिशत तक लाने की सोच रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने विकास को महंगाई के साथ जोड़ने पर आगाह किया। उन्होंने कहा, "महंगाई और विकास के बीच कोई सम्बंध नहीं है। हमें महंगाई को रोकना होगा और उच्च विकास दर को प्राप्त करना होगा।" मुखर्जी ने पूछा, "हम बढ़ती महंगाई से लगातार निपटने की कोशिश कर रहे हैं। हमें सब्सिडी के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक साथ बैठक करनी है। यदि सरकार हर एक वस्तु पर प्रत्येक व्यक्ति को सब्सिडी देती रही तो विकास कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।" उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्थिति यदि और सहायक हुई होती तो शायद हम अच्छी स्थिति में होते और लोगों को और रियायत दे सकते। मुखर्जी के जवाब से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टियां संतुष्ट नहीं हुईं और उन्होंने सदन का बहिर्गमन किया। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि मुखर्जी का जवाब बासी है और इससे आम आदमी भला नहीं होने वाला। इसके बाद लोकसभा की अध्यक्ष मीरा कुमार ने शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि महंगाई पर चर्चा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता ने गुरुवार को शुरू की लेकिन समय की कमी के चलते मुखर्जी अपना जवाब उसी दिन नहीं दे पाए। | संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों को सामना कर रही सरकार का जमकर बचाव किया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पांच साल का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद पद से विदा हुए और अब उनका स्थान ममनून हुसैन लेंगे।
जरदारी पाकिस्तान के इतिहास के पहले ऐसे निर्वाचित राष्ट्रपति हैं जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और अब एक दूसरे निर्वाचित राष्ट्रपति ममनून हुसैन उनका स्थान लेने जा रहे हैं।
पद से विदा होने के मौके पर आयोजित समारोह में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख मौजूद नहीं थे।टिप्पणियां
शरीफ ने राष्ट्रपति पद से जरदारी की विदाई के मौके पर इस सप्ताह की शुरुआत में उनके लिए दोपहर के भोज का आयोजन किया था। उस दौरान उन्होंने जरदारी की सराहना करते हुए कहा था कि निवर्तमान राष्ट्रपति ने देश में लोकतंत्र का झंडा बुलंद रखा है।
पद से मुक्त होने के बाद जरदारी (58) लाहौर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह लाहौर में रहकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीते 11 मई को हुए आम चुनाव में पीपीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
जरदारी पाकिस्तान के इतिहास के पहले ऐसे निर्वाचित राष्ट्रपति हैं जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और अब एक दूसरे निर्वाचित राष्ट्रपति ममनून हुसैन उनका स्थान लेने जा रहे हैं।
पद से विदा होने के मौके पर आयोजित समारोह में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख मौजूद नहीं थे।टिप्पणियां
शरीफ ने राष्ट्रपति पद से जरदारी की विदाई के मौके पर इस सप्ताह की शुरुआत में उनके लिए दोपहर के भोज का आयोजन किया था। उस दौरान उन्होंने जरदारी की सराहना करते हुए कहा था कि निवर्तमान राष्ट्रपति ने देश में लोकतंत्र का झंडा बुलंद रखा है।
पद से मुक्त होने के बाद जरदारी (58) लाहौर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह लाहौर में रहकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीते 11 मई को हुए आम चुनाव में पीपीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
पद से विदा होने के मौके पर आयोजित समारोह में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख मौजूद नहीं थे।टिप्पणियां
शरीफ ने राष्ट्रपति पद से जरदारी की विदाई के मौके पर इस सप्ताह की शुरुआत में उनके लिए दोपहर के भोज का आयोजन किया था। उस दौरान उन्होंने जरदारी की सराहना करते हुए कहा था कि निवर्तमान राष्ट्रपति ने देश में लोकतंत्र का झंडा बुलंद रखा है।
पद से मुक्त होने के बाद जरदारी (58) लाहौर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह लाहौर में रहकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीते 11 मई को हुए आम चुनाव में पीपीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
शरीफ ने राष्ट्रपति पद से जरदारी की विदाई के मौके पर इस सप्ताह की शुरुआत में उनके लिए दोपहर के भोज का आयोजन किया था। उस दौरान उन्होंने जरदारी की सराहना करते हुए कहा था कि निवर्तमान राष्ट्रपति ने देश में लोकतंत्र का झंडा बुलंद रखा है।
पद से मुक्त होने के बाद जरदारी (58) लाहौर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह लाहौर में रहकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीते 11 मई को हुए आम चुनाव में पीपीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
पद से मुक्त होने के बाद जरदारी (58) लाहौर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह लाहौर में रहकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीते 11 मई को हुए आम चुनाव में पीपीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पांच साल का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद पद से विदा हुए और अब उनका स्थान ममनून हुसैन लेंगे। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2 साल बाद आए 'बाहुबली' के सीक्वेल 'बाहुबली 2' ने तो बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा ही रखा है और अब सोमवार को एक आर सीक्वेल आया है जिसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. जी हां, हम बात कर रहे हैं कॉमेडी सीरियल 'साराभाई वर्सेज साराभाई' जिसका पहला एपिसोड सोमवार को ऑनऐयर हुआ. हालांकि इसका पहला एपिसोड अपने निर्धारित दिन से एक दिन पहले ही आ गया लेकिन शायद यह इस सीरीज का इंतजार कर रहे फैन्स के लिए किसी सप्राइज गिफ्ट से कम नहीं था. दरअसल यह सीरियल 16 मई यानी आज ऑनलाइन आना था लेकिन इसे एक दिन पहले (15 मई) ही रिलीज कर दिया गया. सीरिलय का यह दूसरा सीजन, इसके पहले वाला से भी अच्छा और मजेदार लग रहा है.
सीरियल की शुरुआत में पुराने किरदारों की पहचान कराने में ज्यादा समय बर्बाद नहीं किया गया है और कुछ मिनटों में ही साफ हो गया कि साराभाई का यह परिवार बिलकुल नहीं बदला है. माया साराभाई अब भी मोनीषा को उतनी ही नफरत करती है और मोनीषा अभी भी उतनी ही मिडिल क्लास है. माया का पति इंद्रवदन अभी भी उतना ही मजेदार हैं और रोसेश अभी भी उसी शिद्दत से अपनी कविता सुनाता नजर आ रहा है.टिप्पणियां
इस नए सीजन में 7 साल का लीप लिया गया है और अब नए किरदार के रूप में 7 साल का मोनीषा और साहिल का बेटा अर्नब (माया के लिए) उर्फ गुड्डू (मोनीषा के लिए ) भी कहानी से जुड़ गया है. अर्नब यानी गुड्डू में साराभाई परिवार के सारे गुण हैं. वह माया की तरह सोफेस्टिकेटिड है, इंद्रवदन की तरह सेंस ऑफ ह्यूमर रखता है, साहिल की तरह व्यंग मारता है तो रोसेश की कविता भी उसे पसंद है. हालं वह अपनी मां के साथ टीवी भी देखता है.
हालांकि शो से कुछ नए किरदार जुड़े हैं तो कुछ चीजें बदली भी हैं लेकिन सबसे मजेदार है इस शो की कॉमेडी का स्टाइल को बिलकुल नहीं बदला है. शो के पहले दिन से ही लोगों को यह काफी पसंद आ रहा है. इसे एक शानदार सीक्वेल या कमबैक कह सकते हैं.
सीरियल की शुरुआत में पुराने किरदारों की पहचान कराने में ज्यादा समय बर्बाद नहीं किया गया है और कुछ मिनटों में ही साफ हो गया कि साराभाई का यह परिवार बिलकुल नहीं बदला है. माया साराभाई अब भी मोनीषा को उतनी ही नफरत करती है और मोनीषा अभी भी उतनी ही मिडिल क्लास है. माया का पति इंद्रवदन अभी भी उतना ही मजेदार हैं और रोसेश अभी भी उसी शिद्दत से अपनी कविता सुनाता नजर आ रहा है.टिप्पणियां
इस नए सीजन में 7 साल का लीप लिया गया है और अब नए किरदार के रूप में 7 साल का मोनीषा और साहिल का बेटा अर्नब (माया के लिए) उर्फ गुड्डू (मोनीषा के लिए ) भी कहानी से जुड़ गया है. अर्नब यानी गुड्डू में साराभाई परिवार के सारे गुण हैं. वह माया की तरह सोफेस्टिकेटिड है, इंद्रवदन की तरह सेंस ऑफ ह्यूमर रखता है, साहिल की तरह व्यंग मारता है तो रोसेश की कविता भी उसे पसंद है. हालं वह अपनी मां के साथ टीवी भी देखता है.
हालांकि शो से कुछ नए किरदार जुड़े हैं तो कुछ चीजें बदली भी हैं लेकिन सबसे मजेदार है इस शो की कॉमेडी का स्टाइल को बिलकुल नहीं बदला है. शो के पहले दिन से ही लोगों को यह काफी पसंद आ रहा है. इसे एक शानदार सीक्वेल या कमबैक कह सकते हैं.
इस नए सीजन में 7 साल का लीप लिया गया है और अब नए किरदार के रूप में 7 साल का मोनीषा और साहिल का बेटा अर्नब (माया के लिए) उर्फ गुड्डू (मोनीषा के लिए ) भी कहानी से जुड़ गया है. अर्नब यानी गुड्डू में साराभाई परिवार के सारे गुण हैं. वह माया की तरह सोफेस्टिकेटिड है, इंद्रवदन की तरह सेंस ऑफ ह्यूमर रखता है, साहिल की तरह व्यंग मारता है तो रोसेश की कविता भी उसे पसंद है. हालं वह अपनी मां के साथ टीवी भी देखता है.
हालांकि शो से कुछ नए किरदार जुड़े हैं तो कुछ चीजें बदली भी हैं लेकिन सबसे मजेदार है इस शो की कॉमेडी का स्टाइल को बिलकुल नहीं बदला है. शो के पहले दिन से ही लोगों को यह काफी पसंद आ रहा है. इसे एक शानदार सीक्वेल या कमबैक कह सकते हैं.
हालांकि शो से कुछ नए किरदार जुड़े हैं तो कुछ चीजें बदली भी हैं लेकिन सबसे मजेदार है इस शो की कॉमेडी का स्टाइल को बिलकुल नहीं बदला है. शो के पहले दिन से ही लोगों को यह काफी पसंद आ रहा है. इसे एक शानदार सीक्वेल या कमबैक कह सकते हैं. | यहाँ एक सारांश है:शो में 7 सालों का लीप लिया गया है लेकिन कुछ भी बदला नहीं है
अपने पुराने अंदाज में भिड़ती नजर आ रही हैं माया और मोनीषा
साहिल और मोनीषा का बेटा बन कर नजर आ रहा है अर्नब | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लखनऊ: रमजान का अंतिम जुमा (जुमा अलविदा) शुक्रवार यानी आज है. रमजान के रोजों के बाद खुशियों का त्योहार ईद मनाया जाता है. ईद की तैयारियों में लोग जोर-शोर से लगे हुए हैं. पुरुष कपड़ों और महिलाएं श्रृंगार के सामान के साथ-साथ चूड़ियों की जमकर खरीददारी कर रही हैं. चौक और बाजारों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं. रमजान के 21 रोजे पूरे हो चुके हैं. रमजान का आखिरी जुमा (अलविदा) 23 जून को मनाया जाना है, जिसे लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है. वहीं अलविदा को लेकर मस्जिदों में भी तैयारी हो गई है. ईद का पर्व रमजान के पूरे रोजे के बाद खुशियों के रूप में मनाया जाता है. आधे रमजान के बाद ईद की तैयारी बाजार में शबाब पर पहुंचने लगती है.
चौक एवं बाजारों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कपड़ों की दुकानें तरह-तरह के डिजाइनों के कपड़ों से सजे हुए हैं. महिलाएं भी फैंसी ड्रेस खरीद रही हैं. महंगाई एवं मंदी के बावजूद महिलाओं का हुजूम बाजार में दिख रहा है.
दुकानदारों का कहना है कि इस बार दुकानदारी में कुछ कमी जरूर रही है. जो महिलाएं तीन से चार सूट खरीदती थीं. उन्होंने इस बार दो सूट से ही काम चलाया है. कपड़ों की दुकानों में भी लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. फिल्म व धारावाहिक में कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों की जमकर मांग है, जिसको पूरा करने में दुकानदार जुटे हुए हैं.
इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के रंगों में चप्पल-जूते भी बाजार से खरीदे जा रहे हैं. बाजारों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की गई है. चौक चौराहे पर बैरियर भी लगाया गया है, जिससे चौक बाजार में बड़े वाहनों का प्रवेश न हो सके और खरीदारी करने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
रमजान पर्व के दौरान जहां सेवई एवं सूतफेनी की बिक्री पूरे माह होती है. इन दिनों लाला बाजार, पीलू तले, जीटी रोड सहित अन्य स्थानों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवइयों से बाजार सजा हुआ है. इन दुकानों में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बाजार में बनारसी सेवई की सबसे अधिक मांग हैं, क्योंकि यह सबसे अच्छी मानी जाती है.टिप्पणियां
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चौक एवं बाजारों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कपड़ों की दुकानें तरह-तरह के डिजाइनों के कपड़ों से सजे हुए हैं. महिलाएं भी फैंसी ड्रेस खरीद रही हैं. महंगाई एवं मंदी के बावजूद महिलाओं का हुजूम बाजार में दिख रहा है.
दुकानदारों का कहना है कि इस बार दुकानदारी में कुछ कमी जरूर रही है. जो महिलाएं तीन से चार सूट खरीदती थीं. उन्होंने इस बार दो सूट से ही काम चलाया है. कपड़ों की दुकानों में भी लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. फिल्म व धारावाहिक में कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों की जमकर मांग है, जिसको पूरा करने में दुकानदार जुटे हुए हैं.
इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के रंगों में चप्पल-जूते भी बाजार से खरीदे जा रहे हैं. बाजारों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की गई है. चौक चौराहे पर बैरियर भी लगाया गया है, जिससे चौक बाजार में बड़े वाहनों का प्रवेश न हो सके और खरीदारी करने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
रमजान पर्व के दौरान जहां सेवई एवं सूतफेनी की बिक्री पूरे माह होती है. इन दिनों लाला बाजार, पीलू तले, जीटी रोड सहित अन्य स्थानों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवइयों से बाजार सजा हुआ है. इन दुकानों में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बाजार में बनारसी सेवई की सबसे अधिक मांग हैं, क्योंकि यह सबसे अच्छी मानी जाती है.टिप्पणियां
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दुकानदारों का कहना है कि इस बार दुकानदारी में कुछ कमी जरूर रही है. जो महिलाएं तीन से चार सूट खरीदती थीं. उन्होंने इस बार दो सूट से ही काम चलाया है. कपड़ों की दुकानों में भी लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. फिल्म व धारावाहिक में कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों की जमकर मांग है, जिसको पूरा करने में दुकानदार जुटे हुए हैं.
इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के रंगों में चप्पल-जूते भी बाजार से खरीदे जा रहे हैं. बाजारों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की गई है. चौक चौराहे पर बैरियर भी लगाया गया है, जिससे चौक बाजार में बड़े वाहनों का प्रवेश न हो सके और खरीदारी करने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
रमजान पर्व के दौरान जहां सेवई एवं सूतफेनी की बिक्री पूरे माह होती है. इन दिनों लाला बाजार, पीलू तले, जीटी रोड सहित अन्य स्थानों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवइयों से बाजार सजा हुआ है. इन दुकानों में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बाजार में बनारसी सेवई की सबसे अधिक मांग हैं, क्योंकि यह सबसे अच्छी मानी जाती है.टिप्पणियां
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के रंगों में चप्पल-जूते भी बाजार से खरीदे जा रहे हैं. बाजारों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की गई है. चौक चौराहे पर बैरियर भी लगाया गया है, जिससे चौक बाजार में बड़े वाहनों का प्रवेश न हो सके और खरीदारी करने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
रमजान पर्व के दौरान जहां सेवई एवं सूतफेनी की बिक्री पूरे माह होती है. इन दिनों लाला बाजार, पीलू तले, जीटी रोड सहित अन्य स्थानों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवइयों से बाजार सजा हुआ है. इन दुकानों में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बाजार में बनारसी सेवई की सबसे अधिक मांग हैं, क्योंकि यह सबसे अच्छी मानी जाती है.टिप्पणियां
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रमजान पर्व के दौरान जहां सेवई एवं सूतफेनी की बिक्री पूरे माह होती है. इन दिनों लाला बाजार, पीलू तले, जीटी रोड सहित अन्य स्थानों पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवइयों से बाजार सजा हुआ है. इन दुकानों में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बाजार में बनारसी सेवई की सबसे अधिक मांग हैं, क्योंकि यह सबसे अच्छी मानी जाती है.टिप्पणियां
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ईद के त्योहार में बनने वाले पकवानों में दूध एवं खोये का विशेष महत्व है, क्योंकि सेवइयों में दूध एवं खोया की मात्रा सबसे अधिक होती है. इसलिए लोगों ने इसके आर्डर पहले से ही देना शुरू कर दिए हैं. दूध एवं खोये का कारोबार करने वाले लोगों ने बताया कि मांग के मुताबिक, वह अभी से खोये की तैयारियों में जुटे हैं, क्योंकि त्योहार के दिन दूध मिलना बेहद मुश्किल होता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रमजान के 21 रोजे पूरे हो चुके हैं.
रमजान का अंतिम जुमा (जुमा अलविदा) शुक्रवार यानी आज है.
ईद की तैयारियों में लोग जोर-शोर से लगे हुए हैं. | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अलीगढ़ (Aligarh) में मासूम के साथ हुई हैवानियत से पूरा देश सकते में हैं. इस हैरान कर देने वाली घटना के बाद देश के कई हिस्सों में मासूम को न्याय दिलाने और आरोपियों को सजा की मांग की जा रही है. इसी कड़ी में कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने भी अपनी आवाज बुलंद की है. कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने ट्विटर हैंडल के जरिए इस घटना पर आक्रोश जताते हुए लिखा है कि कल्पना से परे है कि हैवानियत इतनी ज़्यादा क्रूर कब हो गई कि ढाई साल की मासूमियत को इस सब से गुज़ार दे. कुमार (Kumar Vishwas) ने लिखा कि सजा की कोई भी सीमा मनुष्यता के इस लहू का घाव नहीं भर सकती, लेकिन यदि हम अतिशीघ्र अपराधियों को अनुकूल दंड नहीं दिलवा पाते हैं, तो शर्म है हमारे होने पर.
अलीगढ़ में मासूम की हत्या के मामले (Aligarh Minor Murder Case) में एक और सच सामने आया है. जानकारी मिली है कि इस कांड के एक आरोपी ने पांच साल पहले अपनी बेटी के साथ रेप किया था और उसकी पत्नी ने उसकी जमानत को लेकर छुड़वाया था. पुलिस ने यह जानकारी एनडीटीवी को बताई है. इस शख्स ने जाहिद नाम के एक दूसरे आरोपी के साथ मिलकर बीती 30 मई को ढाई साल की मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी थी. मामला सिर्फ इतना था कि इन दोनों का मासूम के दादा के साथ कर्ज के बकाए को लेकर झगड़ा चल रहा था. रविवार को इलाके के लोगों ने कुछ कुत्तों को किसी मानव शरीर को घसीटते देखा तो उन्हें आशंका हुई और पुलिस को जानकारी दी गई. जांच में पता चला कि यह उसी मासूम का शव था जो 30 मई से गायब हुई थी. घटना सामने आने के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई और सोशल मीडिया में इस मामले की जोर शोर से चर्चा होने लगी. हर कोई आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है.
दोनों आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करवाने का फैसला लिया है. सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा लिया गया है. एक आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ आकाश कुलहरि ने कहा, "हम इसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के मामले के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं, हम इसे एक फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाने की कोशिश करेंगे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म या एसिड हमले का जिक्र नहीं है. इस मामले में पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है." | संक्षिप्त सारांश: अलीगढ़ घटना पर कुमार विश्वास ने जताई नाराजगी
ट्विटर पर जाहिर किया गुस्सा
लिखा- सजा न दिलवा पाए तो हम पर शर्म है | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने रविवार को अम्मा मिनरल वाटर का शुभारंभ किया। प्रति लीटर 10 रुपये मूल्य पर बोतल में मुहैया होने वाले पानी के लिए जल संयंत्र परिवहन विभाग ने लगाया है।
मिनरल वाटर से पहले राज्य सरकार ने रियायती दर पर खाना मुहैया कराने के लिए अम्मा कैंटीन की शुरुआत की और इसके अलावा सहकारी दुकानों से चावल और सब्जियां मुहैया कराने की भी व्यवस्था कर चुकी है। तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में 60 रुपये प्रति किलो इमली बेचने की घोषणा की है।
जयललिता ने सचिवालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए यहां के समीपवर्ती गुम्मुदीपुंडी में रोजाना 300,000 लीटर क्षमता वाले जल संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने परिवहन मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से 10 रुपये में एक बोतल पानी भी खरीदा।
सरकार के मुताबिक, नौ और जिलों में ऐसे ही जल संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकार ने कहा कि रेलवे एक लीटर पानी 15 रुपये में बेच रही है और निजी क्षेत्र इसे 20 रुपये पर बेच रहे हैं। अम्मा मिनरल वाटर बस अड्डों और लंबी दूरी की बसों में बेचा जाएगा।
मिनरल वाटर से पहले राज्य के कई नगरीय क्षेत्रों में अम्मा कैंटीन की शुरुआत की जा चुकी है। इस तरह की कैंटीन में रियायती दर पर खाना जैसे इडली, पोंगल और विभिन्न प्रकार के चावल, सांबर, दही और नींबू मिलते हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
मिनरल वाटर से पहले राज्य सरकार ने रियायती दर पर खाना मुहैया कराने के लिए अम्मा कैंटीन की शुरुआत की और इसके अलावा सहकारी दुकानों से चावल और सब्जियां मुहैया कराने की भी व्यवस्था कर चुकी है। तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में 60 रुपये प्रति किलो इमली बेचने की घोषणा की है।
जयललिता ने सचिवालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए यहां के समीपवर्ती गुम्मुदीपुंडी में रोजाना 300,000 लीटर क्षमता वाले जल संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने परिवहन मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से 10 रुपये में एक बोतल पानी भी खरीदा।
सरकार के मुताबिक, नौ और जिलों में ऐसे ही जल संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकार ने कहा कि रेलवे एक लीटर पानी 15 रुपये में बेच रही है और निजी क्षेत्र इसे 20 रुपये पर बेच रहे हैं। अम्मा मिनरल वाटर बस अड्डों और लंबी दूरी की बसों में बेचा जाएगा।
मिनरल वाटर से पहले राज्य के कई नगरीय क्षेत्रों में अम्मा कैंटीन की शुरुआत की जा चुकी है। इस तरह की कैंटीन में रियायती दर पर खाना जैसे इडली, पोंगल और विभिन्न प्रकार के चावल, सांबर, दही और नींबू मिलते हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
जयललिता ने सचिवालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए यहां के समीपवर्ती गुम्मुदीपुंडी में रोजाना 300,000 लीटर क्षमता वाले जल संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने परिवहन मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से 10 रुपये में एक बोतल पानी भी खरीदा।
सरकार के मुताबिक, नौ और जिलों में ऐसे ही जल संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकार ने कहा कि रेलवे एक लीटर पानी 15 रुपये में बेच रही है और निजी क्षेत्र इसे 20 रुपये पर बेच रहे हैं। अम्मा मिनरल वाटर बस अड्डों और लंबी दूरी की बसों में बेचा जाएगा।
मिनरल वाटर से पहले राज्य के कई नगरीय क्षेत्रों में अम्मा कैंटीन की शुरुआत की जा चुकी है। इस तरह की कैंटीन में रियायती दर पर खाना जैसे इडली, पोंगल और विभिन्न प्रकार के चावल, सांबर, दही और नींबू मिलते हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
सरकार के मुताबिक, नौ और जिलों में ऐसे ही जल संयंत्र लगाए जाएंगे। सरकार ने कहा कि रेलवे एक लीटर पानी 15 रुपये में बेच रही है और निजी क्षेत्र इसे 20 रुपये पर बेच रहे हैं। अम्मा मिनरल वाटर बस अड्डों और लंबी दूरी की बसों में बेचा जाएगा।
मिनरल वाटर से पहले राज्य के कई नगरीय क्षेत्रों में अम्मा कैंटीन की शुरुआत की जा चुकी है। इस तरह की कैंटीन में रियायती दर पर खाना जैसे इडली, पोंगल और विभिन्न प्रकार के चावल, सांबर, दही और नींबू मिलते हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
मिनरल वाटर से पहले राज्य के कई नगरीय क्षेत्रों में अम्मा कैंटीन की शुरुआत की जा चुकी है। इस तरह की कैंटीन में रियायती दर पर खाना जैसे इडली, पोंगल और विभिन्न प्रकार के चावल, सांबर, दही और नींबू मिलते हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
जहां प्रति इडली की कीमत एक रुपये रखी गई है, वहीं पोंगल/सांबर/नींबू/करी पाउडर चावल 5 रुपये प्रति प्लेट में बेचा जा रहा है। दही-चावल की कीमत 3 रुपये प्रति प्लेट है।टिप्पणियां
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
जयललिता ने घोषणा की है कि अम्मा कैंटीनों में शीघ्र ही शाम के समय दाल या कोरमा के साथ दो चपाती 3 रुपये में बेचा जाएगा।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं।
वर्तमान में अम्मा कैंटीन चेन्नई, मदुरै, तिरुचि, कोयंबटूर, तिरुनवेली, सलेम, तिरुपुर, तूतीकोरिन, वेल्लौर और इरोडे में चल रही हैं। | संक्षिप्त सारांश: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने रविवार को अम्मा मिनरल वाटर का शुभारंभ किया। प्रति लीटर 10 रुपये मूल्य पर बोतल में मुहैया होने वाले पानी के लिए जल संयंत्र परिवहन विभाग ने लगाया है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने भोपाल में उनके खिलाफ हुए प्रदर्शन के लिए 'आरएसएस की संस्कृति' को जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण वह एक समारोह में शिरकत नहीं कर पाए. मध्य प्रदेश से लौटने के बाद विजयन ने कहा कि शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के पीछे भाजपा के वैचारिक अभिभावक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का हाथ था.
मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा, 'आमतौर पर जब मुख्यमंत्री किसी दूसरे राज्य के दौरे पर जाते हैं तो उसके लिए प्रोटोकोल होता है. लेकिन विरोध प्रदर्शन के पीछे चूंकि आरएसएस था, इसलिए पुलिस मूकदर्शक बनी रही. यह आरएसएस की संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है.' बजरंग दल और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने विजयन को भोपाल में एक कार्यक्रम में भाग लेने से रोक दिया था.
मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल के संगठनों की ओर आयोजित सभास्थल तक पहुंचने से पहले ही विजयन को लौट जाने को कहा. विजयन ने कहा, "केरल में ऐसा कभी नहीं हुआ है. हाल में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कन्नूर का दौरा किया था, जो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गांव (गढ़) माना जाता है. पर वहां कोई मुद्दा नहीं था." टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा, "आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ था जब कन्नूर में भारी तनाव था. यही सोच और संस्कृति में अंतर है." घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयन को फोन किया और खेद जताया। राज्य के पुलिस प्रमुख ने भी विजयन से मुलाकात की और जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा, 'आमतौर पर जब मुख्यमंत्री किसी दूसरे राज्य के दौरे पर जाते हैं तो उसके लिए प्रोटोकोल होता है. लेकिन विरोध प्रदर्शन के पीछे चूंकि आरएसएस था, इसलिए पुलिस मूकदर्शक बनी रही. यह आरएसएस की संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है.' बजरंग दल और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने विजयन को भोपाल में एक कार्यक्रम में भाग लेने से रोक दिया था.
मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल के संगठनों की ओर आयोजित सभास्थल तक पहुंचने से पहले ही विजयन को लौट जाने को कहा. विजयन ने कहा, "केरल में ऐसा कभी नहीं हुआ है. हाल में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कन्नूर का दौरा किया था, जो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गांव (गढ़) माना जाता है. पर वहां कोई मुद्दा नहीं था." टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा, "आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ था जब कन्नूर में भारी तनाव था. यही सोच और संस्कृति में अंतर है." घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयन को फोन किया और खेद जताया। राज्य के पुलिस प्रमुख ने भी विजयन से मुलाकात की और जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल के संगठनों की ओर आयोजित सभास्थल तक पहुंचने से पहले ही विजयन को लौट जाने को कहा. विजयन ने कहा, "केरल में ऐसा कभी नहीं हुआ है. हाल में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कन्नूर का दौरा किया था, जो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गांव (गढ़) माना जाता है. पर वहां कोई मुद्दा नहीं था." टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने कहा, "आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ था जब कन्नूर में भारी तनाव था. यही सोच और संस्कृति में अंतर है." घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयन को फोन किया और खेद जताया। राज्य के पुलिस प्रमुख ने भी विजयन से मुलाकात की और जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री ने कहा, "आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा ऐसे समय हुआ था जब कन्नूर में भारी तनाव था. यही सोच और संस्कृति में अंतर है." घटना की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयन को फोन किया और खेद जताया। राज्य के पुलिस प्रमुख ने भी विजयन से मुलाकात की और जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | कहा-विरोध प्रदर्शन के पीछे आरएसएस का हाथ था
पुलिस ने विजयन से लौट जाने का आग्रह किया था
शिवराज सिंह ने विजयन को किया फोन, मामले में खेद जताया | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उक्रेन की अन्ना उशेनिना ने महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीत ली है। उन्होंने टाईब्रेक में बुल्गारिया की एंतोनेता स्टेफनोवा को हराया। साधारण बाजियों में 2-2 से बराबर रहने के बाद टाईब्रेक का सहारा लेना पड़ा जिसमें उशेनिना ने रैपिड समय नियंत्रण के तहत खेले गये दूसरी बाजी में जीत दर्ज की। इससे पहले पहली बाजी ड्रा छूटी थी।टिप्पणियां
उशेनिना को खिताब जीतने पर 60 हजार डालर का इनाम मिला। वह अगले साल चीन की यिफान होउ से अगली विश्व चैंपियनशिप का मुकाबला भी खेलेगी। इस साल के शुरू में विश्वनाथन आनंद और बोरिस गेलफेंड के बीच भी पुरुष विश्व चैंपियनशिप की बाजी रैपिड टाईब्रेक तक पहुंची थी जिसमें भारतीय स्टार ने जीत दर्ज की थी।
ठीक उसी तरह से महिला चैंपियनशिप में भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस चैंपियनशिप में कुल 64 खिलाड़ियों ने भाग लिया था जिसमें भारतीय चुनौती सेमीफाइनल में समाप्त हो गयी थी। भारत की डी हरिका अंतिम चार में पहुंचने में सफल रही थी जहां उन्हें स्टेफनोवा ने हरा दिया था।A
उशेनिना को खिताब जीतने पर 60 हजार डालर का इनाम मिला। वह अगले साल चीन की यिफान होउ से अगली विश्व चैंपियनशिप का मुकाबला भी खेलेगी। इस साल के शुरू में विश्वनाथन आनंद और बोरिस गेलफेंड के बीच भी पुरुष विश्व चैंपियनशिप की बाजी रैपिड टाईब्रेक तक पहुंची थी जिसमें भारतीय स्टार ने जीत दर्ज की थी।
ठीक उसी तरह से महिला चैंपियनशिप में भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस चैंपियनशिप में कुल 64 खिलाड़ियों ने भाग लिया था जिसमें भारतीय चुनौती सेमीफाइनल में समाप्त हो गयी थी। भारत की डी हरिका अंतिम चार में पहुंचने में सफल रही थी जहां उन्हें स्टेफनोवा ने हरा दिया था।A
ठीक उसी तरह से महिला चैंपियनशिप में भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस चैंपियनशिप में कुल 64 खिलाड़ियों ने भाग लिया था जिसमें भारतीय चुनौती सेमीफाइनल में समाप्त हो गयी थी। भारत की डी हरिका अंतिम चार में पहुंचने में सफल रही थी जहां उन्हें स्टेफनोवा ने हरा दिया था।A | उक्रेन की अन्ना उशेनिना ने महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीत ली है। उन्होंने टाईब्रेक में बुल्गारिया की एंतोनेता स्टेफनोवा को हराया। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में विराट कोहली की कप्तानी के साथ तालमेल बनाने को टीम के लिए बेहद जरूरी बताया है. अश्विन के अनुसार, वनडे और इसके बाद टी20 सीरीज में सबसे जरूरी विराट की आक्रामक तरीके की कप्तानी और संपर्क के विभिन्न तरीकों की समझ बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा. महेंद्र सिंह धोनी के शॉर्टर फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली के पास वनडे और टी20 टीम की अगुवाई करने का जिम्मा है.टिप्पणियां
वेबसाइट www.espncricinfo.com के अनुसार हर तरह के फॉर्मेट में टीम इंडिया के स्ट्राइक बॉलर अश्विन ने कहा, "संपर्क के संदर्भ में चीजें थोड़ी अलग होंगी. विकेटकीपर होने के कारण धोनी के साथ गेंदबाज के रूप में हमारा सीधा संपर्क होता था, लेकिन अब विराट के कप्तान होने पर ऐसी स्थिति नहीं होगी."
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर विराट मिडविकेट के आसपास होंगे, लेकिन उनसे संपर्क करने के स्तर पर चीजें थोड़ी अलग होंगी. हमें जल्द से जल्द इसकी आदत डालनी होगी. विराट की आक्रामकता के बारे में अश्विन ने कहा, "कई अवसरों पर विराट ज्यादा आक्रामक होते हैं और यहीं एक चीज है, जिसके साथ मुझे सहज होने की कोशिश करनी पड़ेगी." उन्होंने कहा कि विराट का जोर ज्यादातर समय विपक्षी टीम के विकेट हासिल करने पर होता है, भले ही इसके लिए गेंदबाज को कुछ रन 'खर्च करने' पड़ें.
भारत की इग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 15 जनवरी से प्रारंभ होने जा रही है. इसका पहला मुकाबला पुणे में खेला जाएगा. गौरतलब है कि वर्ष 2010 में करियर की शुरुआत करने वाले अश्विन ने क्रिकेट के सीमित प्रारूपों के अधिकतर मैच धोनी के नेतृत्व में खेले हैं. वैसे, टेस्ट क्रिकेट में पिछले दो साल में वह कोहली की कप्तानी में खेल रहे हैं.
वेबसाइट www.espncricinfo.com के अनुसार हर तरह के फॉर्मेट में टीम इंडिया के स्ट्राइक बॉलर अश्विन ने कहा, "संपर्क के संदर्भ में चीजें थोड़ी अलग होंगी. विकेटकीपर होने के कारण धोनी के साथ गेंदबाज के रूप में हमारा सीधा संपर्क होता था, लेकिन अब विराट के कप्तान होने पर ऐसी स्थिति नहीं होगी."
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर विराट मिडविकेट के आसपास होंगे, लेकिन उनसे संपर्क करने के स्तर पर चीजें थोड़ी अलग होंगी. हमें जल्द से जल्द इसकी आदत डालनी होगी. विराट की आक्रामकता के बारे में अश्विन ने कहा, "कई अवसरों पर विराट ज्यादा आक्रामक होते हैं और यहीं एक चीज है, जिसके साथ मुझे सहज होने की कोशिश करनी पड़ेगी." उन्होंने कहा कि विराट का जोर ज्यादातर समय विपक्षी टीम के विकेट हासिल करने पर होता है, भले ही इसके लिए गेंदबाज को कुछ रन 'खर्च करने' पड़ें.
भारत की इग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 15 जनवरी से प्रारंभ होने जा रही है. इसका पहला मुकाबला पुणे में खेला जाएगा. गौरतलब है कि वर्ष 2010 में करियर की शुरुआत करने वाले अश्विन ने क्रिकेट के सीमित प्रारूपों के अधिकतर मैच धोनी के नेतृत्व में खेले हैं. वैसे, टेस्ट क्रिकेट में पिछले दो साल में वह कोहली की कप्तानी में खेल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर विराट मिडविकेट के आसपास होंगे, लेकिन उनसे संपर्क करने के स्तर पर चीजें थोड़ी अलग होंगी. हमें जल्द से जल्द इसकी आदत डालनी होगी. विराट की आक्रामकता के बारे में अश्विन ने कहा, "कई अवसरों पर विराट ज्यादा आक्रामक होते हैं और यहीं एक चीज है, जिसके साथ मुझे सहज होने की कोशिश करनी पड़ेगी." उन्होंने कहा कि विराट का जोर ज्यादातर समय विपक्षी टीम के विकेट हासिल करने पर होता है, भले ही इसके लिए गेंदबाज को कुछ रन 'खर्च करने' पड़ें.
भारत की इग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 15 जनवरी से प्रारंभ होने जा रही है. इसका पहला मुकाबला पुणे में खेला जाएगा. गौरतलब है कि वर्ष 2010 में करियर की शुरुआत करने वाले अश्विन ने क्रिकेट के सीमित प्रारूपों के अधिकतर मैच धोनी के नेतृत्व में खेले हैं. वैसे, टेस्ट क्रिकेट में पिछले दो साल में वह कोहली की कप्तानी में खेल रहे हैं. | संक्षिप्त सारांश: धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद वनडे में अगुवाई कर रहे हैं कोहली
अश्विन ने कहा, कई मौकों पर कोहली ज्यादा आक्रामक होते हैं
इसके साथ मुझे सहज होने की कोशिश करनी पड़ेगी | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अन्ना हजारे के साथी कार्यकर्ताओं के साथ खुले मतभेद रखने वाले राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर टीम अन्ना ने रविवार को परोक्ष रूप से निशाना साधा। अन्ना के अनशन तोड़ने के दौरान रामलीला मैदान में समर्थकों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संविधान बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने बनाया। उन्होंने दुनिया का बेहतरीन संविधान बनाया, लेकिन अगर उन्हें पता होता कि नेता ही चारा खा जाएंगे और कालाधन स्विस बैंकों में जमा कर देंगे, तो वह संभवत: इससे निपटने के कड़े प्रावधान करते। गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद चारा घोटाले में आरोपी हैं। लालू के हजारे पक्ष से तीखे मतभेद हैं। हजारे पक्ष ने संसद के मॉनसून सत्र से पहले लोकपाल के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं से संवाद करने के तहत जब लालू से मुलाकात की थी, तब भी राजद प्रमुख ने उन्हें कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की थी। लालू ने शनिवार को लोकसभा में लोकपाल पर चर्चा के दौरान भी कहा था कि जो मामला पहले ही स्थायी समिति के पास है, उस पर चर्चा करा कर क्या सरकार (संसदीय सर्वोच्चता का) उल्लंघन नहीं कर रही है? लालू ने कहा कि यह मामला स्थायी समिति के पास है, जिसे जो भी कहना है, वहां कहें। रामलीला मैदान में हजारे समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने एक बार यह भी कहा था कि लोकपाल विधेयक को स्थायी समिति में नहीं भेजा जाना चाहिए, जिसमें लालू प्रसाद जैसे संसद सदस्य हों। गौरतलब है कि लोकपाल विधेयक के लिए संसद की स्थायी समिति में लालू सदस्य हैं। | संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे के साथी कार्यकर्ताओं के साथ खुले मतभेद रखने वाले राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर टीम अन्ना ने रविवार को परोक्ष रूप से निशाना साधा। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेसी नेता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष बलि राम भगत का रविवार की सुबह अस्पताल में निधन हो गया। वह 89 साल के थे। उनके सहयोगी ने बताया कि अपोलो अस्पताल में यकृत और गुर्दे का इलाज करा रहे भगत का सुबह दो बजकर तीस मिनट पर निधन हो गया। बलि राम भगत के निधन पर सभी राजनीतिक पार्टियों ने शोक व्यक्त किया है। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस के नेता वी नारायणसामी और भीष्म नारायण सिंह ने संसद भवन में उनके पार्थिव शरीर फूल माला अर्पित किए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्यपाल शिवराज पाटिल ने भगत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राजस्थान में उनके निधन पर दो दिन का शोक घोषित किया गया है जिसके दौरान सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। अपने शोक संदेश में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भगत को उत्कृष्ट सांसद करार दिया जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में काफी सम्मान और प्रतिष्ठा अर्जित की और जनता के लिए काफी ईमानदारी से काम किया। | यह एक सारांश है: कांग्रेसी नेता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष बलि राम भगत का रविवार की सुबह अस्पताल में निधन हो गया। वह 89 साल के थे। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे ने RRB NTPC का विज्ञापन जारी कर दिया है. ये विज्ञापन Employement News के 23 फरवरी - 1 मार्च के एडिशन में जारी किया गया है. रेलवे जल्द ही डिटेल में नोटिफिकेशन सभी आरआरबी और RRC वेबसाइट्स पर जारी करेगा. रेलवे कुल 1 लाख 30 हजार पदों पर भर्तियां करेगा. RRB NTPC के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 28 फरवरी 2019 से शुरू होगी. RRB Para-Medical Staff के पदों पर आवेदन 4 मार्च से शुरू होंगे. मिनिस्ट्रियल और आइसोलेटेड कैटेगरी के लिए आवेदन 8 मार्च 2019 से शुरू होंगे. जबकि लेवल 1 पोस्ट के पदों के 1 लाख पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 12 मार्च 2019 से शुरू होगी. बता दें कि NTPC (CEN 01/2019), Para-Medical Staff (CEN 02/2019) और मिनिस्ट्रियल और आइसोलेटेड कैटेगरी (CEN 03/2019) के पदों पर भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा की जाएगी. जबकि लेवल 1 (RRC 01/2019) के पदों पर भर्ती रेलवे रिक्रूटमेंट सेल द्वारा की जाएगी.
RRB NTPC (CEN 01/2019),RRB Para-Medical Staff (CEN 02/2019) और मिनिस्ट्रियल और आइसोलेटेड कैटेगरी (CEN 03/2019) के तहत 30 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी. जबकि आरआरबी लेवल 1 (RRC 01/2019) के तहत 1 लाख पदों पर भर्ती होगी.
योग्यता, उम्र सीमा, सैलरी और भर्ती से संबंधित हर जानकारी आरआरबी और आरआरसी पर जारी होने वाले नोटिफिकेशन में दी जाएगी.
डिटेल में नोटिफिकेशन आरआरबी और आरआरसी की वेबसाइट्स पर जारी किया जाएगा. सभी आरआरबी वेबसाइट्स नीचे दी गई हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एम्लॉयमेंट न्यूज में विज्ञापन जारी कर दिया गया है.
डिटेल में नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा.
डिटेल में नोटिफिकेशन आरआरबी और आरआरसी वेबसाइट्स पर जारी किया जाएगा. | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक खेलों में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला पहलवान गीता फोगट ने कहा कि सरकार को 2020 में ओलिंपिक खेलों में कुश्ती को शामिल करवाने के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कुश्ती को ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए।टिप्पणियां
दिल्ली में अप्रैल में होने वाली एशियाई कुश्ती और मंगोलिया में मार्च में होने वाली विश्वकप कुश्ती चैंपियनशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने कहा, यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही दुखद है और खासकर महिला पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है, क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वालीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कुश्ती को ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए।टिप्पणियां
दिल्ली में अप्रैल में होने वाली एशियाई कुश्ती और मंगोलिया में मार्च में होने वाली विश्वकप कुश्ती चैंपियनशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने कहा, यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही दुखद है और खासकर महिला पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है, क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वालीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए।
दिल्ली में अप्रैल में होने वाली एशियाई कुश्ती और मंगोलिया में मार्च में होने वाली विश्वकप कुश्ती चैंपियनशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने कहा, यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही दुखद है और खासकर महिला पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है, क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वालीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए।
भारत ने लंदन ओलिंपिक में जीते छह में से दो पदक कुश्ती (सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त) से हासिल किए थे। राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता ने कहा, ओलिंपिक खेल होने की वजह से ही युवा महिला पहलवानों ने ज्यादा रुचि लेनी शुरू कर दी और अभी तो यह खेल आगे आना ही शुरू हुआ है, इसलिए सरकार को गंभीरता से कुछ कदम उठाने चाहिए। लेकिन अगर कुश्ती को ओलिंपिक से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक का बहिष्कार करने की घोषण कर देनी चाहिए। | ओलिंपिक खेलों में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला पहलवान गीता फोगट ने कहा कि अगर कुश्ती को 2020 के ओलिंपिक खेलों से हटाए जाने का फैसला बरकरार रखा जाता है, तो भारत को ओलिंपिक के बहिष्कार करने की घोषणा कर देनी चाहिए। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: काबुल में नाटो बलों को साजो सामान की आपूर्ति करने वाली एक विदेशी कंपनी को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती कार हमले में मंगलवार को सात लोग मारे गए।
पुलिस ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी के उत्तरी हिस्से में हुए हमले के बाद वहां से धुएं का काला बादल उठता देखा गया। काबुल में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट, हवाई अड्डे तथा राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाकर इस प्रकार के कई हमले किए गए हैं।
काबुल के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अयूब सलांगी ने बताया, ‘‘हमले में चार नेपाली गार्ड, एक अफगान गार्ड तथा दो अफगानी नागरिक मारे गए हैं।’’उन्होंने बताया कि चार लोग घायल भी हुए हैं।
सलांगी ने बताया कि आत्मघाती बम से हमला शुरू किया गया और उसके बाद दो-तीन उग्रवादियों ने सुरक्षा गाडरे के साथ करीब 30-40 मिनट तक गोलीबारी की।
विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बड़ा सा गड्ढा बन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हमलावर मारे गए हैं।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
पुलिस ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी के उत्तरी हिस्से में हुए हमले के बाद वहां से धुएं का काला बादल उठता देखा गया। काबुल में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट, हवाई अड्डे तथा राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाकर इस प्रकार के कई हमले किए गए हैं।
काबुल के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अयूब सलांगी ने बताया, ‘‘हमले में चार नेपाली गार्ड, एक अफगान गार्ड तथा दो अफगानी नागरिक मारे गए हैं।’’उन्होंने बताया कि चार लोग घायल भी हुए हैं।
सलांगी ने बताया कि आत्मघाती बम से हमला शुरू किया गया और उसके बाद दो-तीन उग्रवादियों ने सुरक्षा गाडरे के साथ करीब 30-40 मिनट तक गोलीबारी की।
विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बड़ा सा गड्ढा बन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हमलावर मारे गए हैं।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
काबुल के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अयूब सलांगी ने बताया, ‘‘हमले में चार नेपाली गार्ड, एक अफगान गार्ड तथा दो अफगानी नागरिक मारे गए हैं।’’उन्होंने बताया कि चार लोग घायल भी हुए हैं।
सलांगी ने बताया कि आत्मघाती बम से हमला शुरू किया गया और उसके बाद दो-तीन उग्रवादियों ने सुरक्षा गाडरे के साथ करीब 30-40 मिनट तक गोलीबारी की।
विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बड़ा सा गड्ढा बन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हमलावर मारे गए हैं।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
सलांगी ने बताया कि आत्मघाती बम से हमला शुरू किया गया और उसके बाद दो-तीन उग्रवादियों ने सुरक्षा गाडरे के साथ करीब 30-40 मिनट तक गोलीबारी की।
विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बड़ा सा गड्ढा बन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हमलावर मारे गए हैं।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बड़ा सा गड्ढा बन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हमलावर मारे गए हैं।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
पुलिस ने बताया कि हमले में अंतरराष्ट्रीय बलों को साजो सामान मुहैया कराने वाली एक परिवहन कंपनी को निशाना बनाया गया था। कुछ आत्मघाती जैकेटों में भी विस्फोट किया गया।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों के पीछे तालिबान उग्रवादियों का हाथ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिबान उग्रवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता का दबाव बनाने के लिए इस प्रकार के हमलों को तेज कर दिया है।टिप्पणियां
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
अगले साल अमेरिका की अगुवाई में नाटो के एक लाख सैनिकों की वापसी की तैयारियों के बीच अमेरिका ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बढ़ा दिया है। लेकिन शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के मकसद से 18 जून को कतर में खुले तालिबान कार्यालय ने राष्ट्रपति हामिद करजई को आक्रोशित कर दिया है जो इसे निर्वासित सरकार के गैर अधिकारिक दूतावास के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है।
उन्होंने अमेरिकियों के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता को तोड़ने और किसी भी प्रकार की शांति प्रक्रिया का बहिष्कार करने की धमकी दे डाली है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी के उत्तरी हिस्से में हुए हमले के बाद वहां से धुएं का काला बादल उठता देखा गया। काबुल में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट, हवाई अड्डे तथा राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाकर इस प्रकार के कई हमले किए गए हैं। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जमीन विवाद को लेकर हत्या का अब एक नया मामला मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया है. यहां जमीन के विवाद के चलते दबंगों ने 30 वर्षीय एक आदिवासी महिला को कथित रूप से ट्रैक्टर से कुचल दिया. इसमें उसकी मौत हो गई है. इतना ही नहीं दबंगों के ने महिला के वृद्ध ससुर के साथ मारपीट कर घायल कर दिया. घटना सिंगरौली जिला मुख्यालय से करीब 60 किलामीटर दूर जियावन थाना क्षेत्र के ढिलरी गांव में शुक्रवार को हुई.
जियावन पुलिस थाना प्रभारी नेहरू सिंह ने रविवार को बताया कि 30 वर्षीय किरण कोल की ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या करने एवं उसके 60 वर्षीय ससुर विशेषर कोल की पिटाई करने के मामले में मुख्य आरोपी प्रभाकर बैस एवं बंधु बैस को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लालपति बैस फरार है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ये तीनों आरोपी ग्राम ढिलरी में चार साल पहले कथित रूप से उनके द्वारा बेची गयी जमीन पर कब्जा करने के लिए गये और ट्रैक्टर से जोताई करने लगे. इस जमीन पर पिछले 30 साल से विशेषर कोल का कब्जा था.
सिंह ने बताया कि इसे देखकर विशेषर कोल और उसकी बहू किरण कोल वहां पहुंच गये और जोताई के को को रोकने लगे. दोनों पक्षों ने इस जमीन पर अपना-अपना दावा जताया जिससे बाद विवाद बढ़ता गया. उन्होंने कहा कि इससे गुस्साए प्रभाकर बैस ने किरण कोल के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई तथा उसके ससुर को लाठियों से पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया. सिंह ने बताया कि दोनों को तुरंत इलाज के लिए पास के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से अगले दिन शनिवार को किरण को बेहतर इलाज के लिए सिंगरौली जिला चिकित्सालय ले जाया लाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 294, 323, 504 एवं एससी/ए टी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
बता दें हाल ही में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भी जमीन विवाद को लेकर एक बड़े हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. यहां दबंगों ने आदिवासियों के ऊपर गोलियां चला दीं, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. मामले में मुख्य आरोपी प्रधान समेत 20 से अधिक लोगों को पकड़ लिया गया है और जांच जारी है. (इनपुट-भाषा) | संक्षिप्त पाठ: महिला को ट्रैक्टर से कुचला
वृद्ध के साथ की मारपीट
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अनशन में विघ्न डालने से क्षुब्ध बाबा रामदेव ने सरकार की जमकर खिंचाई की और अपने समर्थकों पर पुलिसिया बर्बरता को लेकर सोनिया गांधी को निशाना बनाया। रामदेव ने देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। रामलीला मैदान में महिलाओं और बच्चों पर पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर कलंक बताते हुए उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उन्हें जान से मारने का षड्यंत्र रचा और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक के दौरान ही उन्हें धमकी दी गई थी। दिल्ली से यहां भेजने के पहले रैली में नाटकीय घटनाक्रम में हिरासत में लिए गए रामदेव काफी विचलित नजर आ रहे थे। अपने समर्थकों पर आधी रात को हुई कार्रवाई को लेकर ऐसा लग रहा था कि वह रो पड़ेंगे। उन्होंने थ्येनमान चौक नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा, एक लाख लोगों पर बर्बरता और अत्याचार ने सारी हदें पार कर दीं। इस तरह का अत्याचार चीन के अलावा कहीं और नहीं देखा गया जहां हजारों लोग मारे गए थे। रामदेव ने कहा, सत्याग्रह खत्म नहीं हुआ है। सरकार को अवश्य जवाब देना चाहिए। हम देशभर के गांवों में हर दरवाजे पर जाएंगे और लोगों को इस सरकार की बर्बरता के बारे में बताएंगे। हम फिर दिल्ली जाएंगे या अगर मुझे दबाने का षड्यंत्र किया जाता है तो हम दिल्ली के नजदीक किसी जगह पर सत्याग्रह पर बैठेंगे। | क्षुब्ध बाबा रामदेव ने सरकार की जमकर खिंचाई की और अपने समर्थकों पर पुलिसिया बर्बरता को लेकर सोनिया गांधी को निशाना बनाया। | 1 | ['hin'] |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.