inputs
stringlengths
800
163k
targets
stringlengths
20
291
template_id
int64
0
34
template_lang
stringclasses
1 value
एक सारांश बनाओ: इरफान खान की फिल्म 'मदारी' रिलीज़ हो चुकी है। इस फिल्म को और इरफान को बॉलीवुड का भरपूर साथ मिला है। ऐसे में इरफान काफी खुश हैं और मानते हैं कि इस इंडस्ट्री में जो उन्होंने मेहनत की है उसका फल मिला है। इरफान को 'मदारी' के प्रमोशन में बॉलीवुड से भरपूर साथ मिला और अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, इम्तेयाज़ अली जैसे कई बॉलीवुड के जाने पहचाने और बड़े लोग इरफान की फिल्म की स्क्रीनिंग पर आए। मीडिया से बातें की और 'मदारी' की तारीफें भी की। फिल्म देखने के बाद अमिताभ कहते हैं- 'मदारी' देखा, यह बहुत अच्छी फिल्म है, पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।' शाहरुख ने कहा- 'अच्छी रिलीज के लिए इरफान को मेरी शुभकामनाएं।' तब्बू ने फिल्म देखने के बाद फिल्म और इरफान की तारीफ करते हुए कहा- 'यह एक अच्छी फिल्म है, इरफान की एक्टिंग लाजवाब है, निशिकांत ने वाकई अच्छी फिल्म बनाई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' इरफान को 'मदारी' के प्रमोशन में बॉलीवुड से भरपूर साथ मिला और अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, इम्तेयाज़ अली जैसे कई बॉलीवुड के जाने पहचाने और बड़े लोग इरफान की फिल्म की स्क्रीनिंग पर आए। मीडिया से बातें की और 'मदारी' की तारीफें भी की। फिल्म देखने के बाद अमिताभ कहते हैं- 'मदारी' देखा, यह बहुत अच्छी फिल्म है, पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।' शाहरुख ने कहा- 'अच्छी रिलीज के लिए इरफान को मेरी शुभकामनाएं।' तब्बू ने फिल्म देखने के बाद फिल्म और इरफान की तारीफ करते हुए कहा- 'यह एक अच्छी फिल्म है, इरफान की एक्टिंग लाजवाब है, निशिकांत ने वाकई अच्छी फिल्म बनाई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' फिल्म देखने के बाद अमिताभ कहते हैं- 'मदारी' देखा, यह बहुत अच्छी फिल्म है, पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।' शाहरुख ने कहा- 'अच्छी रिलीज के लिए इरफान को मेरी शुभकामनाएं।' तब्बू ने फिल्म देखने के बाद फिल्म और इरफान की तारीफ करते हुए कहा- 'यह एक अच्छी फिल्म है, इरफान की एक्टिंग लाजवाब है, निशिकांत ने वाकई अच्छी फिल्म बनाई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' शाहरुख ने कहा- 'अच्छी रिलीज के लिए इरफान को मेरी शुभकामनाएं।' तब्बू ने फिल्म देखने के बाद फिल्म और इरफान की तारीफ करते हुए कहा- 'यह एक अच्छी फिल्म है, इरफान की एक्टिंग लाजवाब है, निशिकांत ने वाकई अच्छी फिल्म बनाई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' तब्बू ने फिल्म देखने के बाद फिल्म और इरफान की तारीफ करते हुए कहा- 'यह एक अच्छी फिल्म है, इरफान की एक्टिंग लाजवाब है, निशिकांत ने वाकई अच्छी फिल्म बनाई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' कृति सेनन कहती हैं- 'मुझे यह फिल्म काफी पंसद आई, फिल्म मर्मस्पर्शी है। फिल्म का फ्लो गजब का है और शानदार तरीके से बनाया गया है और हां इरफान... तो शब्दों के मोहजात नहीं हैं, मुझे लगता है उन्होंने जिस तरीके से खुद को पर्दे पर उतारा है, फिर उनका अंदाज, उनकी आंखें आप पर गहरा छाप छोड़ती हैं। मुझे लगता है पूरी फिल्म के दौरान आपकी नज़रें इरफान से हट ही नहीं सकती और आप कभी भी बोर नहीं होंगे। बच्चे व इरफान सर की केमेस्ट्री अद्भुत है, विशेष बहुत ही क्यूट है। मुझे फिल्म की एडिटिंग पसंद आई, कुल मिलाकर मुझे फिल्म शानदार लगी।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' राजकुमार राव कहते हैं- 'वास्तव में फिल्म बहुत की गजब है, फिल्म रेलेवंट तो है ही... इरफान कल्पना के परे हैं।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' दिया मिर्जा कहती हैं- 'हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए।'टिप्पणियां 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' 'मदारी' में जिम्मेदारी और हालात को अपने कंधों पर लेने के लिए उठाया गया एक सराहनीय कदम पर बनी फिल्म है। फिल्म पिता-पुत्र के संबंधों को खूबसूरती से दिखाने का भी एक बड़ा शोकेस है। 'मदारी' के थ्रिलर होने के साथ-साथ इमोशनल ड्रामे का भी तड़का लगा हुआ है। बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।' बॉलीवुड का साथ पाने के बाद इरफान कहते हैं, 'जिस तरह बॉलीवुड ने मेरा साथ दिया है, मैं बहुत खुश हूं। जिन्होंने बहुत ही ईमानदारी से मेरी फिल्म पर प्रतिक्रिया दी है। मुझे लगता है कि इतने सालों की मेरी मेहनत सफल हो गई है।'
मेहनत की है उसका फल मिला है : इरफान अच्छी रिलीज के लिए इरफान को मेरी शुभकामनाएं : शाहरुख हर भारतीय को इस फिल्म को देखना चाहिए : दिया मिर्जा
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) ने बुधवार को सिफारिश की कि विकास योजनाओं के लिए अधिगृहीत भूमि के लिए उसके मालिक को पंजीकृत मूल्य से छह गुना अधिक कीमत अदा की जाए। एनएसी की बैठक में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के मुद्दे पर सदस्यों ने व्यापक चर्चा की और भूमि अधिग्रहण के लिहाज से सरकार को भेजी जाने वाली सिफारिशों पर सहमति बनी। परिषद के सूत्रों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मुद्दों के लिए एक ही कानून होना चाहिए और भूमि मालिक को उसकी जमीन के पंजीकृत मूल्य से छह गुना अधिक धन दिया जाए। एनएसी की सदस्य अरुणा रॉय ने कहा, सार्वजनिक उद्देश्य से सभी किस्म के भूमि हस्तांतरण को इस कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्दों पर एनएसी कार्यसमूह के संयोजक हर्ष मंदर ने कहा कि सरकार को भेजी जाने वाली सिफारिशों में भूमि मालिक को उसकी जमीन के पंजीकृत मूल्य से छह गुना अधिक धन देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण करने के लिए परिषद ने कुछ प्रावधान प्रस्तावित किए हैं। बैठक में शामिल एक सदस्य ने कहा, एनएसी ने जो सिफारिश की है उसके मुताबिक यदि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के लिए जमीन लेगी तो व्यापक विचार विमर्श किया जाएगा और यदि निजी क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण करेगी तो इसके लिए प्रभावित होने वाले 75 प्रतिशत लोगों की लिखित मंजूरी अनिवार्य होगी। एनएसी सदस्य ने कहा कि जब कानून लागू किया जाएगा तो सामाजिक प्रभाव का आकलन होगा। उनके मुताबिक परिषद ने एकमुश्त मुआवजे के बजाय क्रमिक तौर पर राशि देने की सिफारिश की है। एनएसी ने अपनी सिफारिशों में अधिगृहीत भूमि से जुड़े कामगारों या मजदूरों को भी मुआवजे के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा है। बैठक में एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के ढांचे में बदलाव की सिफारिश के साथ इसे व्यापक बनाने का प्रस्ताव रखते हुए इसके दायरे में दो साल तक के बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। साथ ही परिषद ने पूरी प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण करने की सिफारिश की है ताकि राज्य उसे अपने अनुसार अपना सकें। बैठक में पोषण आयोग बनाने का विचार भी रखा गया जो बच्चों और माताओं के पोषण के संबंध में सुझाव देगा और प्रधानमंत्री की पोषण परिषद को रिपोर्ट देगा। बैठक में फेरी और सड़क पर ठेले लगाने वालों के लिए एक केंद्रीय कानून लाने का प्रस्ताव रखा गया। सदस्य ने बताया कि फेरी वालों के कल्याण के लिहाज से कुछ सिफारिशें की गई हैं और उनके लिए शिकायत निपटारा केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव किया गया है। देश में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लोगों की पहचान और उनकी संख्या के मसले पर सोनिया की अगुवाई वाली एनएसी और केंद्र सरकार में मतभेदों की खबर के बीच आज की बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव ने गरीबों की पहचान के संबंध में प्रक्रिया का प्रस्तुतिकरण दिया।
यह एक सारांश है: एनएसी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मुद्दों के लिए एक ही कानून हो और भूमि मालिक को उसकी जमीन के पंजीकृत मूल्य का छह गुना धन मिले।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: इसका लक्ष्य प्रति परिवार का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराकर 10 करोड़ से ज्यादा गरीब और वंचित परिवारों को (करीब 50 करोड़ लाभार्थी को) इस योजना के दायरे में लाना है. इस योजना के तहत 60 फीसदी खर्च केंद्र और 40 फीसदी खर्च राज्य वहन करता है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने हर घर में योजना के बारे में बताने के लिए पत्र भेजा है जिसमें उनकी फोटो और कमल का चिन्ह है. ऐसा करके उन्होंने स्वास्थ्य योजना का ‘राजनीतिकरण' किया है. बनर्जी ने कहा कि केंद्र इन पत्रों को भेजने के लिए डाक कार्यालयों का ‘इस्तेमाल' कर रही है. उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आप (नरेंद्र मोदी) राज्य के हर घर में अपनी तस्वीरों को लगाकर पत्र भेज रहे हैं और योजना का श्रेय लेने के लिए बड़े-बड़े वायदे कर रहे है. तो, मैं 40 प्रतिशत का खर्च क्यों वहन करूं? उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो एनडीए सरकार को पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.'' मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर किसानों को फसल बीमा के फायदों को लेकर ‘झूठे दावे' करने का भी आरोप लगाया. इस योजना में राज्य सरकार 80 प्रतिशत का व्यय वहन कर रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएम मोदी पर लगाए बड़े-बड़े दावे करने का आरोप कहा- स्वास्थ्य योजनाओं का किया जा रहा है राजनीतिकरण पूछा- योजना का श्रेय आप ले रहे हैं तो 40 प्रतिशत खर्च मुझपर क्यों
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोयला आवंटन पर मुलायम सिंह यादव ने तीसरा मोर्चा खोलकर बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मुलायम लेफ्ट पार्टी, टीडीपी और कई विपक्षी दलों के साथ संसद में धरना दे रहे हैं। वे कोयला आवंटन के लाइसेंस रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे यह भी चाहते हैं कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। उधर, कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं पर कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा और लोकसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां मुलायम दावा कर रहे हैं कि बीजेडी और एआईएडीएमके भी इस मामले में उनके साथ हैं। मुलायम इस विरोध के जरिये फिर तीसरे मोर्चे को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरी कवायद लेफ्ट और सपा को रास आ रही है। मुलायम फिर से उस तीसरे मोर्चे का सपना देख रहे हैं, जो उनको प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दे। एनडीटीवी का मध्यावधि सर्वे बता रहा है कि सपा भी लोकसभा में तीसरा सबसे बड़ा दल हो सकता है। उधर, कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं पर कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा और लोकसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां मुलायम दावा कर रहे हैं कि बीजेडी और एआईएडीएमके भी इस मामले में उनके साथ हैं। मुलायम इस विरोध के जरिये फिर तीसरे मोर्चे को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरी कवायद लेफ्ट और सपा को रास आ रही है। मुलायम फिर से उस तीसरे मोर्चे का सपना देख रहे हैं, जो उनको प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दे। एनडीटीवी का मध्यावधि सर्वे बता रहा है कि सपा भी लोकसभा में तीसरा सबसे बड़ा दल हो सकता है। मुलायम दावा कर रहे हैं कि बीजेडी और एआईएडीएमके भी इस मामले में उनके साथ हैं। मुलायम इस विरोध के जरिये फिर तीसरे मोर्चे को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरी कवायद लेफ्ट और सपा को रास आ रही है। मुलायम फिर से उस तीसरे मोर्चे का सपना देख रहे हैं, जो उनको प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दे। एनडीटीवी का मध्यावधि सर्वे बता रहा है कि सपा भी लोकसभा में तीसरा सबसे बड़ा दल हो सकता है। दरअसल, यह पूरी कवायद लेफ्ट और सपा को रास आ रही है। मुलायम फिर से उस तीसरे मोर्चे का सपना देख रहे हैं, जो उनको प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दे। एनडीटीवी का मध्यावधि सर्वे बता रहा है कि सपा भी लोकसभा में तीसरा सबसे बड़ा दल हो सकता है।
यहाँ एक सारांश है:उधर, कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं पर कैग की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा और लोकसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित कर दी गई।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोमालियाई समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाए गए एमवी स्वेज जहाज पर सवार 6 भारतीय शुक्रवार सुबह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचे। इनके स्वागत के लिए इनके परिवार यहां खास तौर पर आए हुए थे। इन परिवारों के लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं। 10 महीनों तक ये 6 भारतीय नाविक बाकी 16 बंधकों के साथ सोमालिया के लुटेरों के चंगुल में रहे। 11 करोड़ की फिरौती देकर इन्हें छुड़ाया गया। ये फिरौती जहाज के मालिक और पाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने अदा की, जिसके बाद इनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। इसके लिए इन लोगों के परिवार अंसार बर्नी का दिल से शुक्रिया अदा कर रहे हैं। अपने रिश्तेदारों को देखकर इन लोगों के चेहरे खिल गए। रिहा हुए भारतीय नाविक हैं- शिमला के अमर चौहान, अंबाला के सतनाम सिंह, रोहतक के रविन्द्र गुलिया, जम्मू के एनके सिंह, मुंबई के रहनेवाले सचिन और कन्याकुमारी के बिजू। पाकिस्तानी नौसेना का जहाज 'जुल्फिकार' इन लोगों को लेकर गुरुवार को जब कराची पहुंचा, तो उनका धूमधाम से स्वागत हुआ। कुल 22 लोग एमवी स्वेज में सवार थे, जिसे सोमालियाई लुटेरों ने अगवा कर लिया था और 10 महीने तक सभी लोग लुटेरों की कैद में रहे। इनमें 6 भारतीयों के अलावा 4 पाकिस्तानी भी शामिल थे, जिनसे मिलने के बाद उनके परिवार वालों ने राहत की सांस ली। कराची पहुंचने के बाद भारतीयों को भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। इन लोगों की रिहाई में सबसे बड़ी भूमिका निभाई पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने। भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इन लोगों को वापस लाने वाली पाक नेवी की तारीफ की है। कृष्णा ने बयान जारी कर कहा है कि नाविक की घर वापसी पर मैं राहत महसूस कर रहा हूं। हम पाकिस्तानी नेवी के समय पर की गई मदद की सराहना करते हैं।
सारांश: सोमालियाई समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाए गए एमवी स्वेज जहाज पर सवार 6 भारतीय शुक्रवार सुबह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचे।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बच्चों और वयस्कों में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लगातार उपयोग को रोकने के प्रायोगिक तरीके बताते हुए मनोचिकित्सकों ने आगाह किया है कि डिजिटल लत वास्तविक है और यह उतनी ही खतरनाक हो सकती है जितनी की नशे की लत.  यह चेतावनी हाल ही टिकटॉक खेलने से रोकने पर तमिलनाडु में 24 वर्षीय एक मां के आत्महत्या करने और मध्यप्रदेश में पिछले महीने लगातार छह घंटे पबजी खेलने वाले एक छात्र की दिल के दौरे से मौत होने की खबरों के बाद आई है. विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल लत से लड़ने के लिए सबसे जरूरी बात इस लत के बढ़ने पर इसका एहसास करना है. फोर्टिस हेल्थकेयर के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यावहारिक विज्ञान विभाग के निदेशक समीर पारिख ने कहा, "लोगों के लिए काम, घर के अंदर जीवन, बाहर के मनोरंजन तथा सामाजिक व्यस्तताओं के बीच संतुलन कायम रखना सबसे महत्वपूर्ण काम है. उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि वे पर्याप्त नींद ले रहे हैं. यह बहुत जरूरी है." आपके बेडरूम की बातें अब नहीं रही प्राइवेट, इन तरीकों से सबकुछ सुन रहे हैं लोग पारिख ने यह भी कहा कि वयस्कों को प्रति सप्ताह चार घंटों के डिजिटल डिटॉक्स को जरूर अपनाना चाहिए. इस अंतराल में उन्हें अपने फोन या किसी भी डिजिटल गैजेट का उपयोग नहीं करना है. उन्होंने कहा, "अगर किसी को इन चार घंटों में परेशानी होती है तो यह चिंता करने की बात है." नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के मनोचिकित्सा विभाग के सीनियर कंसल्टेंट संदीप वोहरा ने कहा, "गैजेट्स के आदी लोग हमेशा गैजेट्स के बारे में सोचते रहते हैं या जब वे इन उपयोगों का उपयोग नहीं करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें अनिद्रा या चिड़चिड़ापन होने लगता है." कार में सीट बेल्ट लगाकर पति के साथ बैठी महिलाएं संभल जाएं, ये रिसर्च आपको परेशान कर सकती है उन्होंने कहा, "डिजिटल लत किसी भी अन्य लत जितनी खराब है, तो अगर आपको डिजिटल लत है, तो ये संकेत है कि आप अपने दैनिक जीवन से दूर जा रहे हैं. आप हमेशा स्क्रीन पर निर्भर हैं." ऐसे लोग व्यक्तिगत स्वच्छता तथा अपनी उपेक्षा तक कर सकते हैं. वे समाज, अपने परिवार से बात करना भी बंद कर देते हैं और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में सोचना या अपने नियमित काम करना भी बंद कर देते हैं. उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों में अवसाद, चिंता, उग्रता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी हो सकती है." अगर छोड़ देंगे शराब तो सुधर जाएगी मेंटल हेल्‍थ, महिलाओं को होगा ज्‍यादा फायदा वोहरा ने सलाह दी कि लोगों को जब लगे कि उनका बच्चा स्क्रीन पर ज्यादा समय बिता रहा है तो उन्हें सबसे पहले अपने बच्चे से बात करनी चाहिए और उन्हें डिजिटल गैजेट्स से संपर्क कम करने के लिए कहना चाहिए. इनपुट-आईएएनएस
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डिजिटल लत किसी भी अन्य लत जितनी खराब डिजिटल लत से यूं लड़ें विशेषज्ञों ने दिए टिप्स
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बस्तर के कांकेर में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई की ट्रेनिंग देने वाला देश का सबसे बड़ा ट्रेंनिग सेंटर जंगल वॉरफेयर कॉलेज (Jungle Warfare College Kanker) इन दिनों दहशत में हैं. पिछले कुछ दिनों से भालुओं ने यहां आतंक मचा रखा है. कैंपस के अंदर मौजूद भालू अब अचानक अक्रामक होकर जंगलवार की बिल्डिंगों में तोड़फोड़ कर जवानों पर हमला कर रहे हैं. कॉलेज मेस, बिल्डिंग, दफ्तर हर जगह भालू नज़र आ रहे हैं. मेस में जब जवान खाना खाने पहुंचते हैं, तो यहां भी भालू दस्तक दे रहे हैं. खुले में बनी रसोई में घुसकर बर्तन, सामान और खाने पर टूट पड़ते हैं. दफ्तर को अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया कुछ दिनों पहले एक जवान पर हमला कर उसे घायल कर दिया. वॉर फेयर कॉलेज के बिग्रेडियर बीके पोनवार ने कहा कि जंगलात में ही जंगल वॉर फेयर ट्रेनिंग की जाती है, अचानक भालुओं की तादाद इस एरिया में बढ़ गई. एक दो हमारे जवानों को पीछे से उन्होंने चोट पहुंचाई. इसके लिये हमनें वन विभाग को सूचना दी है कि इसका कुछ उपाय निकालें तो अच्छा रहेगा. ताकि काउंटर नक्सल ऑपरेशन के प्रशिक्षण में कोई दिक्कत ना आए.2005 में जब कॉलेज की शुरूआत हुई तो पहाड़ी और जंगल को घेरा गया.   अंदर की पहाड़ी में भालुओं और दूसरे जानवरों का बसेरा था. उस दौरान दो तीन भालू कॉलेज में मौजूद थे. पिछले 14 साल में इनकी तादाद 14 से अधिक हो गई है. इसके अलावा कालेज कैंपस में तेंदुआ, लकड़बघ्घा जैसे कई और जानवर रहते हैं, अब यही जानवर कॉलेज के लिये परेशानी का सबब बन रहे हैं. वन विभाग ने इन भालुओं को पकड़ने के लिये दो पिंजरे लगाए, पिंजड़े में शहद, तेल, खाना रखा लेकिन भालू पकड़ में तो नहीं आए अलबत्ता खाने को जरूर चट कर गये. बहरहाल कोशिश जारी है ताकी जंगल वॉरफेयर कॉलेज में जवानों को जंगली इलाकों में नक्सलियों से लड़ने का प्रशिक्षण मिल सके. (कांकेर से जयंत रंगारी के इनपुट के साथ)
यह एक सारांश है: छत्तीसगढ़ के कांकेर में है वॉरफेयर कॉलेज कई दिनों से भालुओं ने मचा रखा है आतंक भालू के हमले में जवान भी घायल हो चुके हैं
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी इंडिगो सार्वजनिक क्षेत्र की संकटग्रस्त एयरलाइन एयर इंडिया के अधिग्रहण की दौड़ में है. हालांकि, इंडिगो के अध्यक्ष आदित्य घोष ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि एयर इंडिया के लिए बोली तभी लगाई जाएगी, जबकि यह मुनाफे का सौदा साबित हो और इससे हमारे कर्मचारियों का हित प्रभावित न हों. विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन बनने की मंशा जताते हुए इंडिगो पहली एयरलाइन हो गई है, जिसने औपचारिक तौर पर घाटे में चल रही एयर इंडिया के अधिग्रहण की इच्छा जताई है. सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश की घोषणा की है और इसके तौर-तरीके पर काम चल रहा है. इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 41 प्रतिशत की है. इंडिगो का इरादा एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के अलावा उसकी मुनाफे वाली बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिग्रहण का है. घोष ने नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि विकल्प के रूप में हम एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी परिचालन का अधिग्रहण करने के इच्छुक हैं. एयर इंडिया के विनिवेश में रूचि जताने के बाद घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कार्रवाई एयरलाइन के हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी. घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं. टिप्पणियां उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'. (इनपुट भाषा से) विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन बनने की मंशा जताते हुए इंडिगो पहली एयरलाइन हो गई है, जिसने औपचारिक तौर पर घाटे में चल रही एयर इंडिया के अधिग्रहण की इच्छा जताई है. सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश की घोषणा की है और इसके तौर-तरीके पर काम चल रहा है. इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 41 प्रतिशत की है. इंडिगो का इरादा एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के अलावा उसकी मुनाफे वाली बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिग्रहण का है. घोष ने नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि विकल्प के रूप में हम एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी परिचालन का अधिग्रहण करने के इच्छुक हैं. एयर इंडिया के विनिवेश में रूचि जताने के बाद घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कार्रवाई एयरलाइन के हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी. घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं. टिप्पणियां उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'. (इनपुट भाषा से) इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 41 प्रतिशत की है. इंडिगो का इरादा एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के अलावा उसकी मुनाफे वाली बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिग्रहण का है. घोष ने नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि विकल्प के रूप में हम एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी परिचालन का अधिग्रहण करने के इच्छुक हैं. एयर इंडिया के विनिवेश में रूचि जताने के बाद घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कार्रवाई एयरलाइन के हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी. घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं. टिप्पणियां उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'. (इनपुट भाषा से) घोष ने नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि विकल्प के रूप में हम एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी परिचालन का अधिग्रहण करने के इच्छुक हैं. एयर इंडिया के विनिवेश में रूचि जताने के बाद घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कार्रवाई एयरलाइन के हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी. घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं. टिप्पणियां उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'. (इनपुट भाषा से) उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है. घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई. आदित्य घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं.
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने जम्मू कश्मीर के नगरोटा में कल आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दिए जाने की मांग को लेकर आज लोकसभा से विपक्षी सदस्यों के वाकआउट को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि पूरे देश में सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी है. अनंत कुमार ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा ‘‘यह अत्यंत गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है. जब कार्रवाई जारी है, तलाशी अभियान जारी है तब ऐसे में इसे मुद्दा बनाकर वाकआउट नहीं किया जाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा ‘‘पूरा देश, सरकार और हम सभी उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं जो शहीद हुए हैं. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं. लेकिन फिलहाल अभियान जारी है, ऐसे में जब सदन को बाधित करना हो तो इसे मुद्दा बनाना और सदन से वाकआउट करना.. यह नहीं होना चाहिए.’’टिप्पणियां लोकसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में कल आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दिए जाने की मांग की. स्पीकर ने यह कहते हुए मांग अस्वीकार कर दी कि इस बारे में (जम्मू कश्मीर में सैन्य शिविर पर हमले पर) स्थिति स्पष्ट होनी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अनंत कुमार ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा ‘‘यह अत्यंत गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है. जब कार्रवाई जारी है, तलाशी अभियान जारी है तब ऐसे में इसे मुद्दा बनाकर वाकआउट नहीं किया जाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा ‘‘पूरा देश, सरकार और हम सभी उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं जो शहीद हुए हैं. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं. लेकिन फिलहाल अभियान जारी है, ऐसे में जब सदन को बाधित करना हो तो इसे मुद्दा बनाना और सदन से वाकआउट करना.. यह नहीं होना चाहिए.’’टिप्पणियां लोकसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में कल आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दिए जाने की मांग की. स्पीकर ने यह कहते हुए मांग अस्वीकार कर दी कि इस बारे में (जम्मू कश्मीर में सैन्य शिविर पर हमले पर) स्थिति स्पष्ट होनी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोकसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में कल आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दिए जाने की मांग की. स्पीकर ने यह कहते हुए मांग अस्वीकार कर दी कि इस बारे में (जम्मू कश्मीर में सैन्य शिविर पर हमले पर) स्थिति स्पष्ट होनी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरे देश में सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई है हमारी संवेदनाएं शहीदों के परिवार वालों के साथ सदन को बाधित करने के लिए इसे मुद्दा बनाना अनुचित
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को मुम्बई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण का अंतिम लीग मैच खेला जाएगा। मुम्बई इंडियंस धर्मशाला में किंग्स इलेवन पंजाब की हार के साथ प्ले-ऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन अब उसका लक्ष्य लगातार चौथी हार से बचना होगा। 10 मुकाबलों से ही 16 अंक जुटा लेने वाली मुम्बई इंडियंस टीम 13 मुकाबलों के बाद ही 16 अंकों पर अटकी हुई है। शुरुआती 10 मुकाबलों में से उसे कोच्चि टस्कर्स केरल और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार मिली थी लेकिन उसके बाद उसने राजस्थान रॉयल्स, डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उसकी हार खासतौर पर चौंकाने वाली थी क्योंकि रोहित शर्मा के शानदार अर्द्धशतक के बावजूद उसका मजबूत बल्लेबाजी क्रम 150 रनों का आंकड़ा नहीं पार कर सका था। इसके बाद उसके गेंदबाजों की जबरदस्त धुनाई हुई और राजस्थान रॉयल्स ने यह मैच 10 विकेट से अपने नाम किया। दूसरी ओर, पहली बार आईपीएल के प्ले-ऑफ में जगह सुरक्षित करा चुकी नाइट राइडर्स की स्थिति बेहतर नजर आ रही है। उसने सात मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स को हराने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ अपना 13वां मैच गंवाया था लेकिन पुणे वॉरियर्स के खिलाफ जीत के साथ वह एक बार फिर पटरी पर लौट आई। गौतम गम्भीर की इस टीम ने अब तक खेले गए 13 मुकाबलों में से आठ में जीत दर्ज की है। उसके खाते में मुम्बई इंडियंस के बराबर 16 अंक हैं। उसके खाते में मुम्बई इंडियंस के ही बराबर पांच हार दर्ज हैं लेकिन रन रेट के मामले में वह सचिन की टीम से बेहतर स्थिति में है। इस लिहाज से नाइट राइडर्स का प्रयास अपने नेट रन रेट को बरकरार रखते हुए यह मैच जीतकर तालिका में दूसरा स्थान हासिल करना होगा क्योंकि रविवार को अगर सुपर किंग्स के हाथों रॉयल चैलेंजर्स की हार होती है तो उसके पास दूसरे क्रम पर पहुंचने का शानदार मौका है। सुपर किंग्स टीम हार भी जाती है तो नाइट राइडर्स के पास उसके बराबर 18 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचने का अच्छा मौका है लेकिन इसके लिए उसे अपना नेट रन रेट और बेहतर करना होगा। मुम्बई इंडियंस के पास भी जीत के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचने का मौका है लेकिन इसके लिए उसे नाइट राइडर्स के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
यह एक सारांश है: ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को मुम्बई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल का अंतिम लीग मैच खेला जाएगा।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की 15 सदस्यीय टीम 6 जून से शुरू हो रही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आज दुबई के रास्ते लंदन रवाना हो गई। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में 15 सदस्यीय भारतीय टीम शाम को लंदन पहुंचेगी । धोनी गुरुवार को विश्व मीडिया से रूबरू होंगे । भारतीय टीम को चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले 1 और 4 जून को अभ्यास मैच खेलने हैं। भारत को पहला मैच 6 जून को कार्डिफ में दक्षिण अफ्रीका से खेलना है।टिप्पणियां टीम : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, मुरली विजय, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इरफान पठान, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और आर विनय कुमार। कोच : डंकन फ्लेचर मैनेजर : रंजीब बिस्वाल। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में 15 सदस्यीय भारतीय टीम शाम को लंदन पहुंचेगी । धोनी गुरुवार को विश्व मीडिया से रूबरू होंगे । भारतीय टीम को चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले 1 और 4 जून को अभ्यास मैच खेलने हैं। भारत को पहला मैच 6 जून को कार्डिफ में दक्षिण अफ्रीका से खेलना है।टिप्पणियां टीम : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, मुरली विजय, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इरफान पठान, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और आर विनय कुमार। कोच : डंकन फ्लेचर मैनेजर : रंजीब बिस्वाल। भारतीय टीम को चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले 1 और 4 जून को अभ्यास मैच खेलने हैं। भारत को पहला मैच 6 जून को कार्डिफ में दक्षिण अफ्रीका से खेलना है।टिप्पणियां टीम : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, मुरली विजय, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इरफान पठान, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और आर विनय कुमार। कोच : डंकन फ्लेचर मैनेजर : रंजीब बिस्वाल। टीम : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक, मुरली विजय, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इरफान पठान, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और आर विनय कुमार। कोच : डंकन फ्लेचर मैनेजर : रंजीब बिस्वाल। कोच : डंकन फ्लेचर मैनेजर : रंजीब बिस्वाल।
यहाँ एक सारांश है:भारत की 15 सदस्यीय टीम 6 जून से शुरू हो रही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए आज दुबई के रास्ते लंदन रवाना हो गई।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कई दौर की पूछताछ के बाद पुलिस ने मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार दिलीप को अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने कहा, 'अभिनेता दिलीप को साजिश रचने में मुख्य भूमिका रचने आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस दिलीप के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी है.' पिछले महीने भी इसी मामले में पुलिस दिलीप से करीब 12 घंटे तक पूछाताछ की थी, हालांकि उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. सोमवार को दिलीप के साथ किसी अज्ञात जगह पर पूछताछ की गई और पांच घंटे तक पूछताछ करने के बाद पुलिस ने दिलीप को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया. सोमवार की शाम करीब 7.20 बजे दिलीप को पूछताछ वाली जगह से अलुवा पुलिस क्लब ले जाया गया. दिलीप पर 17 फरवरी को अभिनेत्री के अपहरण में शामिल होने का आरोप है.टिप्पणियां 17 फरवरी को केरल की इस बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री का सड़क मार्ग से त्रिशूर से कोच्चि जाते हुए बीच में अपहरण कर लिया गया था. अपहरण किए जाने के करीब दो घंटे बाद अभिनेत्री को निर्देशक-अभिनेता लाल के घर के बाहर फेंक दिया गया. लाल ने ही अभिनेत्री की करुण गाथा सुनने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी थी. आरोप है कि अभिनेत्री के साथ रास्ते में बदसलूकी भी की गई. जांचकर्ता पुलिस टीम ने अपहरण में शामिल पल्सर सोनी और उसके सहयोगी को एक सप्ताह बाद ही गिरफ्तार कर लिया था. दिलीप के सहयोगी और अभिनय से निर्देशन में कदम रखने वाले नादिर शाह से 13 घंटे तक चली पूछताछ के बाद साजिश की बात सामने आई थी. 17 फरवरी को केरल की इस बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री का सड़क मार्ग से त्रिशूर से कोच्चि जाते हुए बीच में अपहरण कर लिया गया था. अपहरण किए जाने के करीब दो घंटे बाद अभिनेत्री को निर्देशक-अभिनेता लाल के घर के बाहर फेंक दिया गया. लाल ने ही अभिनेत्री की करुण गाथा सुनने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी थी. आरोप है कि अभिनेत्री के साथ रास्ते में बदसलूकी भी की गई. जांचकर्ता पुलिस टीम ने अपहरण में शामिल पल्सर सोनी और उसके सहयोगी को एक सप्ताह बाद ही गिरफ्तार कर लिया था. दिलीप के सहयोगी और अभिनय से निर्देशन में कदम रखने वाले नादिर शाह से 13 घंटे तक चली पूछताछ के बाद साजिश की बात सामने आई थी. जांचकर्ता पुलिस टीम ने अपहरण में शामिल पल्सर सोनी और उसके सहयोगी को एक सप्ताह बाद ही गिरफ्तार कर लिया था. दिलीप के सहयोगी और अभिनय से निर्देशन में कदम रखने वाले नादिर शाह से 13 घंटे तक चली पूछताछ के बाद साजिश की बात सामने आई थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केरल के नामी अभिनेता दिलीप पर गंभीर आरोप हिरोइन को अगवा करने और यौन उत्पीड़न का आरोप पुलिस ने दूसरी बार पूछताछ के बाद दिलीप को गिरफ्तार किया
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गौरतलब है कि कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि जो पुलिस अफसर कार्रवाई नहीं करते उन पर एक्शन लिया जाए. वहीं इस मामले में आईजी मेरठ जोन ने अपनी रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. इस मामले में पीड़ित समयद्दीन की ओर से पेश हुई वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत 31 अगस्त को समयद्दीन का बयान दर्ज किया है. वहीं यूपी पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि अभी तक इस मामले में 11 आरोपियों में से दस की गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि एक आरोपी जो अभी भी फरार है उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई चल रही है. इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि हम मामले की जांच उत्तर-प्रदेश से बाहर चाहते हैं. साथ ही इस मामले की जांच एसआईटी को दी जाए. हालांकि इस मामले में उत्तर-प्रदेश सरकार ने कहा था कि वह 60 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर लेंगे.
सारांश: कासिम के बेटे ने दाखिल की याचिका कहा- बाहर की एसआईटी करे जांच सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आज से शुरू होने जा रही भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 वनडे मैचों की सीरीज पर सभी की आंखें गढ़ी हुई हैं. इंग्लैंड में आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी गंवाने के बाद भारत त्रिनिदाद और टोबैगो में होने जा रहे इन मैचों में कोई ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहता जिससे उसकी किरकिरी हो.  इस सीरीज़ में भारत कैरेबियाई टीम के खिलाफ पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगा. वनडे मैचों का आयोजन 23 जून से 6 जुलाई तक होगा और टी-20 सबीना पार्क में नौ जुलाई को खेला जाएगा. कप्तान विराट कोहली अपनी टीम में कुछ बदलाव और सुधार कर अपने रणबांकुरों के साथ विरोधी टीम को चुनौती देते नज़र आएंगे. कोहली ने इस सीरीज़ में रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की जगह कुलदीप यादव और ऋषभ पंत को अपना जौहर दिखाने का मौका दिया है. इनके अलावा खुद कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव पर भी सभी की नज़रें रहेंगी.  कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी. शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  इस सीरीज़ में भारत कैरेबियाई टीम के खिलाफ पांच वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगा. वनडे मैचों का आयोजन 23 जून से 6 जुलाई तक होगा और टी-20 सबीना पार्क में नौ जुलाई को खेला जाएगा. कप्तान विराट कोहली अपनी टीम में कुछ बदलाव और सुधार कर अपने रणबांकुरों के साथ विरोधी टीम को चुनौती देते नज़र आएंगे. कोहली ने इस सीरीज़ में रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की जगह कुलदीप यादव और ऋषभ पंत को अपना जौहर दिखाने का मौका दिया है. इनके अलावा खुद कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव पर भी सभी की नज़रें रहेंगी.  कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी. शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  कप्तान विराट कोहली अपनी टीम में कुछ बदलाव और सुधार कर अपने रणबांकुरों के साथ विरोधी टीम को चुनौती देते नज़र आएंगे. कोहली ने इस सीरीज़ में रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की जगह कुलदीप यादव और ऋषभ पंत को अपना जौहर दिखाने का मौका दिया है. इनके अलावा खुद कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव पर भी सभी की नज़रें रहेंगी.  कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी. शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  इनके अलावा खुद कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव पर भी सभी की नज़रें रहेंगी.  कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी. शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  कप्तान कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. उन्होंने इस श्रृखंला में तीन अर्धशतक रन बनाए थे. चैंपियंस ट्रॉफी की हार का दबाव टीम के साथ कप्तान पर ज्यादा रहेगा. विराट को इसमें बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार की भूमिका अदा करनी होगी. शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  शिखर धवन की बात करें तो इंग्लैंड में इनके बल्ले ने खूब धमाल दिखाया. इसी फॉर्म को उन्हें इस सीरीज़ में भी बरकरार रखना होगा. चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार 338 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता. हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  हार्दिक पांड्या ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में धमाकेदार खेल का प्रदर्शन कर अपने चाहने वालों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें दे दी हैं. पांड्या से उनके चाहने वालों को बल्ले के साथ-साथ गेंदबाजी में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत रहेगी.टिप्पणियां स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  स्ट्राइक तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंद इस सीरीज़ में क्या कमाल दिखाती है यह तो मैच के दौरान साफ हो जाएगा, लेकिन उनके चाहने वाले उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.  भुवी के अलावा कुलदीप यादव भी अब दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए हर तरह से तैयार हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय मैचों में वे लगातार अनुभव हासिल कर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं. उधर, मोहम्मद शमी भी अब पूरी तरह फिट हैं. वेस्टइंडीज की पिचों पर खेलने का उन्हें अच्छा अनुभव है. अब देखना होगा कि कोहली की टीम बिना कोच के मैदान में उतर कर कितना कमाल दिखा पाती है.
संक्षिप्त पाठ: 5 वनडे और एक टी-20 मैच खेला जाएगा भारत-वेस्टइंडीज के बीच रोहित व जसप्रीत बुमराह की जगह कुलदीप और ऋषभ पंत टीम में वेस्टइंडीज के कप्तान होल्डर को घरेलू मैदान का फायदा मिल सकता है
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बुधवार को मौसम के पहले कोहरे ने दस्तक दे दी. आज तड़के सड़कों पर दृश्यता काफ़ी कम होने की वजह से गाड़ियों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा. दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के इलाकों में पारा लुढ़कने के साथ काफी कम दृश्यता देखी गई. राजधानी दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे पर धुंध की वजह से यातायात काफी धीमा रहा. इसके अलावा दिल्ली उतरने वाली कई उड़ानों में भी देरी दर्ज की गई. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता की वजह से पांच विमानों का मार्ग बदला गया. अधिकारियों ने बताया, 'कोहरे की वजह से 18 से अधिक विमानों के परिचालन में देरी हुई.' सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई, जबकि तीन घटे बाद दृश्यता 200 मीटर दर्ज की गई.    टिप्पणियां वहीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे की वजह से पटना, रांची, हावड़ा, भुवनेश्वर और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाली 50 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनें एक से तीन घंटे की देरी से चल रही है.' दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था. दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के इलाकों में पारा लुढ़कने के साथ काफी कम दृश्यता देखी गई. राजधानी दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे पर धुंध की वजह से यातायात काफी धीमा रहा. इसके अलावा दिल्ली उतरने वाली कई उड़ानों में भी देरी दर्ज की गई. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता की वजह से पांच विमानों का मार्ग बदला गया. अधिकारियों ने बताया, 'कोहरे की वजह से 18 से अधिक विमानों के परिचालन में देरी हुई.' सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई, जबकि तीन घटे बाद दृश्यता 200 मीटर दर्ज की गई.    टिप्पणियां वहीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे की वजह से पटना, रांची, हावड़ा, भुवनेश्वर और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाली 50 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनें एक से तीन घंटे की देरी से चल रही है.' दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था. राजधानी दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे पर धुंध की वजह से यातायात काफी धीमा रहा. इसके अलावा दिल्ली उतरने वाली कई उड़ानों में भी देरी दर्ज की गई. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता की वजह से पांच विमानों का मार्ग बदला गया. अधिकारियों ने बताया, 'कोहरे की वजह से 18 से अधिक विमानों के परिचालन में देरी हुई.' सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई, जबकि तीन घटे बाद दृश्यता 200 मीटर दर्ज की गई.    टिप्पणियां वहीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे की वजह से पटना, रांची, हावड़ा, भुवनेश्वर और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाली 50 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनें एक से तीन घंटे की देरी से चल रही है.' दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता की वजह से पांच विमानों का मार्ग बदला गया. अधिकारियों ने बताया, 'कोहरे की वजह से 18 से अधिक विमानों के परिचालन में देरी हुई.' सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई, जबकि तीन घटे बाद दृश्यता 200 मीटर दर्ज की गई.    टिप्पणियां वहीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे की वजह से पटना, रांची, हावड़ा, भुवनेश्वर और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाली 50 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनें एक से तीन घंटे की देरी से चल रही है.' दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था. वहीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे की वजह से पटना, रांची, हावड़ा, भुवनेश्वर और अन्य जगहों से दिल्ली आने वाली 50 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनें एक से तीन घंटे की देरी से चल रही है.' दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था. दिल्ली एनसीआर में कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. आज सुबह दिल्ली में तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री ऊपर 29.2 डिग्री सेल्सियस, वहीं न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियम दर्ज किया गया था.
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में कोहरे ने दस्तक दी धुंध की वजह से दिल्ली उतरने वाली कई उड़ानों में देरी दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे पर यातायात काफी धीमा
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा आज यहां जारी नवीनतम डब्ल्यूटीए टेनिस रैंकिंग के एकल वर्ग में तीन स्थान के फायदे से 127वें स्थान पर पहुंच गई जबकि युगल में उन्होंने सातवीं रैंकिंग बरकरार रखी। सानिया को पिछले हफ्ते इंडियन वेल्स प्रीमियर स्पर्धा के एकल वर्ग के दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा था लेकिन वह एलेना वेसनीना के साथ मिलकर युगल के फाइनल में पहुंची थी। सानिया अब इस हफ्ते मियामी में होने वाले सोनी एरिकसन ओपन के मुख्य ड्रॉ के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगी। वह अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका की 18वीं वरीय और दुनिया की 100वें नंबर की खिलाड़ी इरिना फालकोनी के खिलाफ करेंगी।टिप्पणियां एटीपी रैंकिंग में युवा युकी भांबरी ने 17 पायदान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 263वीं रैंकिंग हासिल की। सोमदेव देववर्मन हालांकि 32 स्थान के नुकसान से 167वें स्थान पर लुढ़क गए। युगल में लिएंडर पेस सातवें स्थान के साथ शीर्ष भारतीय खिलाड़ी हैं। रोहन बोपन्ना चार स्थान के नुकसान से शीर्ष 10 से बाहर हो गए हैं। वह 12वें पायदान पर हैं। उनके हमवतन महेश भूपति एक स्थान के नुकसान से 13वें स्थान पर हैं। सानिया को पिछले हफ्ते इंडियन वेल्स प्रीमियर स्पर्धा के एकल वर्ग के दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा था लेकिन वह एलेना वेसनीना के साथ मिलकर युगल के फाइनल में पहुंची थी। सानिया अब इस हफ्ते मियामी में होने वाले सोनी एरिकसन ओपन के मुख्य ड्रॉ के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगी। वह अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका की 18वीं वरीय और दुनिया की 100वें नंबर की खिलाड़ी इरिना फालकोनी के खिलाफ करेंगी।टिप्पणियां एटीपी रैंकिंग में युवा युकी भांबरी ने 17 पायदान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 263वीं रैंकिंग हासिल की। सोमदेव देववर्मन हालांकि 32 स्थान के नुकसान से 167वें स्थान पर लुढ़क गए। युगल में लिएंडर पेस सातवें स्थान के साथ शीर्ष भारतीय खिलाड़ी हैं। रोहन बोपन्ना चार स्थान के नुकसान से शीर्ष 10 से बाहर हो गए हैं। वह 12वें पायदान पर हैं। उनके हमवतन महेश भूपति एक स्थान के नुकसान से 13वें स्थान पर हैं। एटीपी रैंकिंग में युवा युकी भांबरी ने 17 पायदान की छलांग के साथ कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 263वीं रैंकिंग हासिल की। सोमदेव देववर्मन हालांकि 32 स्थान के नुकसान से 167वें स्थान पर लुढ़क गए। युगल में लिएंडर पेस सातवें स्थान के साथ शीर्ष भारतीय खिलाड़ी हैं। रोहन बोपन्ना चार स्थान के नुकसान से शीर्ष 10 से बाहर हो गए हैं। वह 12वें पायदान पर हैं। उनके हमवतन महेश भूपति एक स्थान के नुकसान से 13वें स्थान पर हैं। रोहन बोपन्ना चार स्थान के नुकसान से शीर्ष 10 से बाहर हो गए हैं। वह 12वें पायदान पर हैं। उनके हमवतन महेश भूपति एक स्थान के नुकसान से 13वें स्थान पर हैं।
यहाँ एक सारांश है:सानिया मिर्जा नवीनतम डब्ल्यूटीए टेनिस रैंकिंग के एकल वर्ग में तीन स्थान के फायदे से 127वें स्थान पर पहुंच गई जबकि युगल में उन्होंने सातवीं रैंकिंग बरकरार रखी।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने दावा किया है कि भारतीय सेना चीन के साथ सीमित संघर्ष की तैयारी कर रही है लेकिन भारत सम्भवत: अफगानिस्तान में अपने सैनिक या साजोसामान नहीं भेजेगा क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जेम्स क्लैपर ने सीनेट की खुफिया समिति के समक्ष एक सुनवाई के दौरान कहा, "भारत अपनी विवादित सीमा और हिंद महासागर तथा एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को लेकर बहुत चिंतित है।" क्लैपर ने कहा, "भारतीय सेना मानती है कि भारत-चीन के बीच जल्द किसी बड़े संघर्ष के आसार नहीं हैं, लेकिन भारतीय सेना विवादित सीमा पर सीमित संघर्ष की तैयारियां करने के लिए अपनी ताकत बढ़ा रही है और हिंद महासागर में चीनी शक्ति प्रदर्शन को संतुलित करने के लिए काम कर रही है।" ज्ञात हो कि भारत और चीन के बीच 1962 में एक संक्षिप्त युद्ध हुआ था और दोनों के बीच अभी भी सीमा विवाद बरकरार है। सम्बंधों में सुधार के बावजूद दोनों एशियाई देशों के बीच विवाद लगातार बने हुए हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने पूर्व एशिया में अमेरिका के मजबूत सैन्य रुख और एशिया में अमेरिकी पहुंच का समर्थन किया है। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जेम्स क्लैपर ने सीनेट की खुफिया समिति के समक्ष एक सुनवाई के दौरान कहा, "भारत अपनी विवादित सीमा और हिंद महासागर तथा एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को लेकर बहुत चिंतित है।" क्लैपर ने कहा, "भारतीय सेना मानती है कि भारत-चीन के बीच जल्द किसी बड़े संघर्ष के आसार नहीं हैं, लेकिन भारतीय सेना विवादित सीमा पर सीमित संघर्ष की तैयारियां करने के लिए अपनी ताकत बढ़ा रही है और हिंद महासागर में चीनी शक्ति प्रदर्शन को संतुलित करने के लिए काम कर रही है।" ज्ञात हो कि भारत और चीन के बीच 1962 में एक संक्षिप्त युद्ध हुआ था और दोनों के बीच अभी भी सीमा विवाद बरकरार है। सम्बंधों में सुधार के बावजूद दोनों एशियाई देशों के बीच विवाद लगातार बने हुए हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने पूर्व एशिया में अमेरिका के मजबूत सैन्य रुख और एशिया में अमेरिकी पहुंच का समर्थन किया है। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा, "भारतीय सेना मानती है कि भारत-चीन के बीच जल्द किसी बड़े संघर्ष के आसार नहीं हैं, लेकिन भारतीय सेना विवादित सीमा पर सीमित संघर्ष की तैयारियां करने के लिए अपनी ताकत बढ़ा रही है और हिंद महासागर में चीनी शक्ति प्रदर्शन को संतुलित करने के लिए काम कर रही है।" ज्ञात हो कि भारत और चीन के बीच 1962 में एक संक्षिप्त युद्ध हुआ था और दोनों के बीच अभी भी सीमा विवाद बरकरार है। सम्बंधों में सुधार के बावजूद दोनों एशियाई देशों के बीच विवाद लगातार बने हुए हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने पूर्व एशिया में अमेरिका के मजबूत सैन्य रुख और एशिया में अमेरिकी पहुंच का समर्थन किया है। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। ज्ञात हो कि भारत और चीन के बीच 1962 में एक संक्षिप्त युद्ध हुआ था और दोनों के बीच अभी भी सीमा विवाद बरकरार है। सम्बंधों में सुधार के बावजूद दोनों एशियाई देशों के बीच विवाद लगातार बने हुए हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने पूर्व एशिया में अमेरिका के मजबूत सैन्य रुख और एशिया में अमेरिकी पहुंच का समर्थन किया है। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने पूर्व एशिया में अमेरिका के मजबूत सैन्य रुख और एशिया में अमेरिकी पहुंच का समर्थन किया है। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ सकारात्मक सम्बंध बनाए रखना चाहता है, लेकिन उनके हित अक्सर अलग हो जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। समिति के उपाध्यक्ष सैक्सबी चैम्बलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाहों के बारे में क्या किया जा रहा है, क्लैपर ने कहा कि इस बारे में पाकिस्तान के साथ बातचीत की जा रही है। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा, "पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अलकायदा सदस्यों, अन्य विदेशी लड़ाकों तथा इस्लामाबाद के लिए खतरा पैदा कर रहे पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ सीमित सफलता ही हासिल कर पाए हैं।" क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा कि भारत ने 2011 में अफगानिस्तान के साथ अपना जुड़ाव पर्याप्तरूप में बढ़ाया है, लेकिन निकट भविष्य में वह अफगानिस्तान में सैनिक या भारी उपकरणों को नहीं भेजने वाला है, क्योंकि वह पाकिस्तान को उकसाना नहीं चाहता। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने यह भी कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम है, लेकिन वह अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चय में है कि परमाणु बम बनाया जाए या नहीं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा, "ईरान के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे (परमाणु हथियार निर्मित किया जाए या नहीं) पर मतभेद और बहस जारी है ।" क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने कहा कि परमाणु बम बनाने के नफा-नुकसान का आकलन करने के दौरान ईरानी राजनीतिज्ञ इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है, लेकिन फिलहाल वह इसका निर्माण नहीं कर रहा है। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। क्लैपर ने यह भी कहा कि ईरान, प्रतिक्रियास्वरूप अमेरिका पर हमला भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का ईरान पर एक बड़ा असर होगा, लेकिन इससे वहां की सरकार नहीं गिरने वाली है।टिप्पणियां सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक डेविड पेट्रीयस ने भी सुनवाई में अपनी गवाही पेश की। उन्होंने कहा कि ईरान पर नए प्रतिबंध काफी असरकारक हो रहे हैं, हाल के सप्ताहों में ज्यादा असरकारक हुए हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि ये प्रतिबंध क्या ईरान को अपने आचरण और परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नीतियां बदलने के लिए बाध्य कर पाते हैं या नहीं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं। ज्ञात हो कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 31 दिसम्बर को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ईरान पर नए प्रतिबंधों के प्रावधान शामिल थे। इस विधेयक के जरिए उन विदेशी वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था, जो ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ कारोबार करते हैं।
अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने दावा किया है कि भारतीय सेना चीन के साथ सीमित संघर्ष की तैयारी कर रही है।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhopuri Cinema) के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) फिल्मों के अलावा अपने गानों और धमाकेदार वीडियो को लेकर खूब सुर्खियों में रहते हैं. ऐसा ही कुछ हाल उनके हाल के वीडियो में भी देखने को मिल रहा है. लेकिन इस वीडियो में खेसारी लाल यादव से ज्यादा उनकी बेटी सबका ध्यान खींच रही है. इस टिकटॉक वीडियो (TikTok Video) में खेसारी लाल यादव की बेटी ने अपने पिता से जुड़ा एक राज खोला है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान हो जाए. भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव की बेटी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचा रहा है. दरअसल यह एक टिकटॉक वीडियो (TikTok Video) है. दरअसल, वीडियो में मीडिया वाले खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की बेटी से पूछते हैं कि आपके पापा गोल्ड बहुत पहनते हैं. इतना गोल्ड वह कहां से लाते हैं. मीडिया के इस प्रश्न का खेसारी लाल यादव की बेटी ने बड़ा दिलचस्प जवाब दिया और कहा, "खरीदकर." सुपरस्टार की बेटी का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगते हैं और वहीं खेसारी लाल यादव कहते हैं कि बहुत सही बोला. वीडियो में खेसारी लाल यादव की बेटी का क्यूट अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है, साथ ही यूजर्स इसपर खूब कमेंट भी कर रहे हैं.  बता दें कि खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने भोजपुरी सिनेमा में अपने दमदार गानों और फिल्मों से लोगों के दिलों में खूब जगह बनाई है. खासकर जब भी खेसारी लाल यादव एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ नजर आते हैं तो उनके गाने और फिल्म अलग ही धमाल मचाते हैं. कुछ ही दिनों पहले खेसारी लाल यादव के छठ गीत ने भी फैंस का खूब दिल जीता था, साथ ही इसका वीडियो खूब वायरल भी हुआ था.
यहाँ एक सारांश है:खेसारी लाल यादव की बेटी ने कैमरे पर खोला राज मीडिया के सामने बताया कहां से लाते हैं पापा ढेर सारा सोना खेसारी लाल यादव की बेटी का वीडियो हुआ वायरल
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चेन्नई स्थित अमेरिकी महावाणिज्यदूत की ओर से जारी एक कूटनीतिक संदेश में आंध्र प्रदेश की वाय एस राजशेखर रेड्डी की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को सीमा के बाहर के व्यापक भ्रष्टाचार का जिम्मेदार बताया गया है। विकीलीक्स ने कूटनीतिक संदेशों के हवाले से कहा है कि आम आदमी के लिए बनाए गए सामाजिक कार्यक्रमों के नाम पर वायएसआर सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त थी, जो सीमा से भी बाहर था। महावाणिज्यदूत ने संदेश में कहा है, आंध्र प्रदेश में इस बात को लेकर सर्वसम्मति थी कि सिंचाई और आवासीय कार्यक्रम भ्रष्टाचार से घिरे हैं। हैदराबाद की अलग-अलग यात्राओं के दौरान हमने कई पर्यवेक्षकों से व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सुना। संदेश में प्रदेश में सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का शोध करने वाले एक अर्थशास्त्री के हवाले से कहा गया है कि प्रदेश में केवल चार या पांच कंपनियां परियोजनाओं को लागू करतीं थीं और इस तरह सिंचाई कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार के बहुत से मौके थे। इसमें कहा गया है, आम तौर पर भ्रष्टाचार के कारण पांच से सात फीसदी राशि का नुकसान होता है, पर रेड्डी के सिंचाई कार्यक्रमों में यह आंकड़ा 15 से 20 फीसदी था।
सारांश: आम आदमी के लिए बनाए गए सामाजिक कार्यक्रमों के नाम पर वायएसआर सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त थी, जो सीमा से भी बाहर था।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2006 के एक ‘हिट एंड रन’ मामले में दोषी ठहराए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखने और जमानत रद्द किए जाने के बावजूद एलिस्टर परेरा ने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है। मुंबई पुलिस ने बताया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है, इसलिए वह परेरा को गिरफ्तार नहीं कर सकती।टिप्पणियां पुलिस उपायुक्त प्रताप दिघावकर ने कहा, ‘‘आदेश की प्रति पुलिस को मिलने के बाद ही हम कार्रवाई कर सकते हैं।’’ परेरा की वकील मंजुला राव से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो पाया। 12 नवंबर, 2006 को शराब के नशे में तेज रफ्तार से कार चलाते हुए सात लोगों को कुचल कर मार डालने के मामले में मुंबई के व्यवसायी परेरा को बंबई हाईकोर्ट ने 2007 में दोषी ठहराया था और उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को इस फैसले को बरकरार रखा, लेकिन कहा अपराध को देखते हुए सजा बहुत कम है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि परेरा की सजा इसलिए नहीं बढ़ाई जा सकती, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इसे चुनौती नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने परेरा की जमानत रद्द कर उसे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई शेष सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। निचली अदालत ने परेरा को छह माह की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे बढ़ाकर तीन साल कर दिया था और परेरा को पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई थी। पुलिस उपायुक्त प्रताप दिघावकर ने कहा, ‘‘आदेश की प्रति पुलिस को मिलने के बाद ही हम कार्रवाई कर सकते हैं।’’ परेरा की वकील मंजुला राव से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो पाया। 12 नवंबर, 2006 को शराब के नशे में तेज रफ्तार से कार चलाते हुए सात लोगों को कुचल कर मार डालने के मामले में मुंबई के व्यवसायी परेरा को बंबई हाईकोर्ट ने 2007 में दोषी ठहराया था और उसे तीन साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को इस फैसले को बरकरार रखा, लेकिन कहा अपराध को देखते हुए सजा बहुत कम है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि परेरा की सजा इसलिए नहीं बढ़ाई जा सकती, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इसे चुनौती नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने परेरा की जमानत रद्द कर उसे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई शेष सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। निचली अदालत ने परेरा को छह माह की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे बढ़ाकर तीन साल कर दिया था और परेरा को पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को इस फैसले को बरकरार रखा, लेकिन कहा अपराध को देखते हुए सजा बहुत कम है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि परेरा की सजा इसलिए नहीं बढ़ाई जा सकती, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इसे चुनौती नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने परेरा की जमानत रद्द कर उसे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई शेष सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। निचली अदालत ने परेरा को छह माह की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे बढ़ाकर तीन साल कर दिया था और परेरा को पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई थी।
यह एक सारांश है: 2006 के एक ‘हिट एंड रन’ मामले में दोषी ठहराए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखने और जमानत रद्द किए जाने के बावजूद एलिस्टर परेरा ने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: एयर इंडिया की कम से कम 44 उड़ानें रद्द कर दी गईं जिनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं। दरअसल एयर इंडिया के 50 पायलट आज काम पर तो आए लेकिन उन्होंने वेतन-भत्तों के भुगतान में देरी के कारण विमान उड़ाने से इनकार कर दिया। उधर, सरकार ने कहा कि समस्या का हल अगले सप्ताह ही हो सकेगा। अगले सप्ताह के अंत तक ज्यादातर वेतन भत्तों का भुगतान कर दिया जाएगा। शाम पांच बजे तक दिल्ली से 36 उड़ानें रद्द कर दी गई थी जबकि आठ उड़ानें मुंबई से रद्द हुईं। इस बीच, इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसियेशन के पदाधिकारियों की एयरलाइन प्रबंधन के साथ एक बैठक हुई। एयरलाइन सूत्रों ने बताया कि आंदोलनकारी पायलटों ने ड्यूटी के लिए रिपोर्ट तो किया लेकिन कहा कि वित्तीय समस्याओं के चलते वे तनाव में हैं और इसलिए विमान उड़ाने का काम नहीं कर सकते हैं। पायलटों की यूनियन ‘इंडियन कामर्शियल पायलट एसोसिएशन’ ने आंदोलनकारी पायलटों से काम पर लौटने की अपील की। यूनियन की तरफ से आंदोलन के बारे में कोई घोषणा नहीं की गई थी। पायलटों के अचानक काम बंद कर देने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उस समय भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब बड़ी संख्या में यात्री एयरइंडिया काउंटरों पर अपनी उड़ानों की स्थिति जानने के लिए लंबी कतार में खड़े दिखाई दिए। कई उड़ानें देरी से चल रही थी तो कुछ उड़ानों को दूसरे रूट के साथ जोड़ दिया गया। हालांकि, लंदन, न्यूयार्क, टोरंटो, टोकियो और शिकागो जैसे लंबी दूरी वाली उड़ानें तो समय से चली लेकिन काबुल, काठमांडू, मस्कट और आबू धाबी के लिए जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं।
सारांश: एयर इंडिया की कम से कम 44 उड़ानें रद्द कर दी गईं जिनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: भोपाल में प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने आरोप लगाया कि युवती ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि गिरजेश प्रताप सिंह दूसरी शादी करने जा रहे थे. उन्होंने कहा कि युवती से भोपाल के आर्य समाज मंदिर में 20 जून 2017 को उनकी शादी हुई थी. उन्होंने दावा किया कि गिरजेश शादी के कागजात लौटाने के लिए युवती पर दबाव बना रहे थे. उन्होंने मांग की कि गिरजेश के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाए और उनके पिता को इस्तीफा देना चाहिए.टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि युवती 28 साल की थी जबकि उसके परिवार की ओर से मीडिया को साझा किए गए आर्य समाज के विवाह प्रमाण-पत्र में उसकी उम्र 30 वर्ष थी. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें युवती ने परिजन से अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उसकी वजह से वह पहले ही बहुत परेशान हुए हैं इसलिए इस मामले में आगे और लड़ाई कर परेशान न हों.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने बताया कि युवती 28 साल की थी जबकि उसके परिवार की ओर से मीडिया को साझा किए गए आर्य समाज के विवाह प्रमाण-पत्र में उसकी उम्र 30 वर्ष थी. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें युवती ने परिजन से अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उसकी वजह से वह पहले ही बहुत परेशान हुए हैं इसलिए इस मामले में आगे और लड़ाई कर परेशान न हों.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: मंत्री पुत्र के दूसरी शादी करने की तैयारी से दुखी हुई युवती शादी के कागजात देने के लिए बनाया जा रहा था दबाव युवती ने सुसाइड नोट में परिवार से माफी मांगी
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: गोवा के कानाकोना में बृहस्पतिवार को एक ब्रिटिश महिला पर्यटक के साथ एक व्यक्ति ने कथित रूप से बलात्कार किया. आरोपी जेल ब्रेक के एक मामले में फरार चल रहा था.     पुलिस ने बताया कि उन्होंने मडगांव में रामचंद्रन वाई (31) को पकड़ा है जिसका मकसद केवल यह पता लगाना है कि क्या वह उस बलात्कार में शामिल है जो कुछ घंटे पहले हुआ था. वह तमिलनाडु के तंजावुर जिले का रहने वाला है. उत्तरी गोवा जिले के पेर्नम में 30 लाख रुपये की लूट मामले में उसकी गिरफ्तारी के लगभग एक महीने बाद से वह फरार चल रहा था.     एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि वह बलात्कार में शामिल हो सकता है क्योंकि शिकायतकर्ता महिला का एटीएम कार्ड पुलिस को उसके कब्जे से मिला. कानकोना के पुलिस निरीक्षक राजेंद्र प्रभुदेसाई ने कहा कि रामचंद्रन को मडगांव शहर से पेर्नम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जेल से उसके भागने के बाद से पुलिस को वह वांछित था. प्रभुदेसाई ने बताया, ‘‘जब उसे गिरफ्तार किया गया तब पेर्नम पुलिस को थोड़ा भी अंदाजा नहीं था कि वह कानकोना बलात्कार मामले में शामिल हो सकता है.''    पुलिस अधिकारी ने बताया कि बलात्कार के मामले में उसके शामिल होने का तब पता चला जब उसके पास से पीड़ित महिला का एटीएम कार्ड बरामद किया गया.     महिला के अनुसार घटना यहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर कानाकोना में सुबह करीब चार बजे हुई जब महिला पालोलेम बीच की तरफ जा रही थी. उन्होंने बताया, ‘‘महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह कानाकोना रेलवे स्टेशन से बीच की तरफ जा रही थी, तब एक अज्ञात व्यक्ति उसे जबरन खींचकर सड़क के किनारे ले गया और उसके साथ बलात्कार किया.'' महिला को उत्तरी गोवा स्थित थिविम स्टेशन जाने के लिए कानाकोना से एक ट्रेन पकड़नी थी. लेकिन ट्रेन लेट थी इसलिए वह पालोलेम बीच के समीप स्थित उसी जगह पर जा रही थी जहां वह ठहरी थी.  (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तमिलनाडु के तंजावुर जिले का रहने वाला है आरोपी उत्तरी गोवा जिले के पेर्नम में 30 लाख रुपये की लूटे थे गिरफ्तारी के एक महीने बाद से फरार था रामचंद्रन वाई
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने गुरुवार को कहा भारत के आगामी दौरे पर पाकिस्तानी मूल के अपने खिलाड़ियों मोइन अली और आदिल राशिद की सुरक्षा को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है. गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय राजनीतिक तनाव की स्थिति चल रही है. भारत दौरे पर इंग्लैंड पांच मैचों की लंबी टेस्ट सीरीज खेलेगा, जिसका पहला मैच राजकोट में नौ नवंबर से शुरू होगा. ईसीबी के सुरक्षा सलाहकार रेग डिकासन ने कहा कि मोइन और राशिद ने भारत के खिलाफ सीरीज से बाहर रहने की कोई इच्छा जाहिर नहीं की है. हालांकि दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा अपने इलीट पैनल के पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार को सुरक्षा कारणों से सीरीज से हटाने की खबरें भी आईं. हालांकि, आईसीसी के प्रवक्ता ने खबरों से इनकार करते हुए कहा कि डार को भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए नियुक्त ही नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें पहले से ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' ने डिकासन के हवाले से कहा, "नहीं, हमें इस तरह की कोई चिंता नहीं है, लेकिन हां हमें डार से जुड़े मामले की जानकारी है. मुझे पता है कि ऐसी खबरें आई थीं कि डार भारत नहीं जा रहे, लेकिन आईसीसी के अनुसार डार को दूसरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी." उन्होंने बताया, "लेकिन शिवसेना को डार को लेकर कुछ आपत्ति थी और इसे लकर वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय भी गए थे. मतलब, हमें पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन वास्तव में यह कोई मुद्दा नहीं है. मैंने अलीम और आदिल से बात की थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी."टिप्पणियां डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ईसीबी के सुरक्षा सलाहकार रेग डिकासन ने कहा कि मोइन और राशिद ने भारत के खिलाफ सीरीज से बाहर रहने की कोई इच्छा जाहिर नहीं की है. हालांकि दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा अपने इलीट पैनल के पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार को सुरक्षा कारणों से सीरीज से हटाने की खबरें भी आईं. हालांकि, आईसीसी के प्रवक्ता ने खबरों से इनकार करते हुए कहा कि डार को भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए नियुक्त ही नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें पहले से ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' ने डिकासन के हवाले से कहा, "नहीं, हमें इस तरह की कोई चिंता नहीं है, लेकिन हां हमें डार से जुड़े मामले की जानकारी है. मुझे पता है कि ऐसी खबरें आई थीं कि डार भारत नहीं जा रहे, लेकिन आईसीसी के अनुसार डार को दूसरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी." उन्होंने बताया, "लेकिन शिवसेना को डार को लेकर कुछ आपत्ति थी और इसे लकर वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय भी गए थे. मतलब, हमें पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन वास्तव में यह कोई मुद्दा नहीं है. मैंने अलीम और आदिल से बात की थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी."टिप्पणियां डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि, आईसीसी के प्रवक्ता ने खबरों से इनकार करते हुए कहा कि डार को भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए नियुक्त ही नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें पहले से ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' ने डिकासन के हवाले से कहा, "नहीं, हमें इस तरह की कोई चिंता नहीं है, लेकिन हां हमें डार से जुड़े मामले की जानकारी है. मुझे पता है कि ऐसी खबरें आई थीं कि डार भारत नहीं जा रहे, लेकिन आईसीसी के अनुसार डार को दूसरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी." उन्होंने बताया, "लेकिन शिवसेना को डार को लेकर कुछ आपत्ति थी और इसे लकर वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय भी गए थे. मतलब, हमें पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन वास्तव में यह कोई मुद्दा नहीं है. मैंने अलीम और आदिल से बात की थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी."टिप्पणियां डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' ने डिकासन के हवाले से कहा, "नहीं, हमें इस तरह की कोई चिंता नहीं है, लेकिन हां हमें डार से जुड़े मामले की जानकारी है. मुझे पता है कि ऐसी खबरें आई थीं कि डार भारत नहीं जा रहे, लेकिन आईसीसी के अनुसार डार को दूसरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी." उन्होंने बताया, "लेकिन शिवसेना को डार को लेकर कुछ आपत्ति थी और इसे लकर वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय भी गए थे. मतलब, हमें पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन वास्तव में यह कोई मुद्दा नहीं है. मैंने अलीम और आदिल से बात की थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी."टिप्पणियां डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया, "लेकिन शिवसेना को डार को लेकर कुछ आपत्ति थी और इसे लकर वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय भी गए थे. मतलब, हमें पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन वास्तव में यह कोई मुद्दा नहीं है. मैंने अलीम और आदिल से बात की थी, लेकिन उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी."टिप्पणियां डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डिकासन ने भारत में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा, "यहां भी हमें बांग्लादेश जैसी ही सुरक्षा मिलेगी, लेकिन इसका स्तर बेहतर होगा. बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था प्रत्यक्ष दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होगा. बांग्लादेश में हमें देश के शीर्ष व्यक्तियों के लिए आरक्षित मार्गो से ले जाया गया, लेकिन शायद भारत में ऐसा न हो, लेकिन हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इंग्लैंड टीम 5 टेस्ट की सीरीज के लिए भारत पहुंची है दौरे में वह टीम इंडिया से 3 वनडे और 3 टी-20 भी खेलेगी सीरीज का पहला टेस्ट मैच 9 नवंबर से राजकोट में होगा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत में दिसंबर, 2010 में कारों की बिक्री में 28.91 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2009 के इसी माह की 1,15,337 वाहन के मुकाबले 1,48,681 वाहन हो गई। वाहन विनिर्माता कंपनियों के संगठन, सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (सियाम) के मुताबिक दिसंबर, 2010 में घरेलू बाजार में 7,53,358 मोटरसाइकिलें बिकीं, जो कि 2009 की इसी अवधि की 5,92,589 मोटरसाइकिलों की बिक्री के मुकाबले 27.13 प्रतिशत अधिक है। आलोच्य अवधि के दौरान दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री (निर्यात सहित) में 31.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 10,06,545 वाहन हो गई। 2009 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 7,67,789 वाहन था। इस दौरान वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री में 27.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 61,880 वाहन हो गई। 2009 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 48,611 था। सियाम ने कहा कि सभी श्रेणी के वाहनों को मिलाकर आलोच्य अवधि के दौरान कुल बिक्री 13,05,872 इकाइयों की रही। 2009 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 10,00,562 वाहनों का था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिसंबर में कारों की बिक्री में 28.91% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2009 के इसी माह की 1,15,337 वाहन के मुकाबले 1,48,681 वाहन हो गई।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और साक्षी मलिक की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि इन बेटियों ने रियो ओलिंपिक खेलों में भारत की प्रतिष्ठा बचाई. प्रधानमंत्री ने रियो ओलिंपिक में महिला खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन पर कहा कि यह हमारी बेटियों की असली शक्ति है. यहां सउनी सिंचाई परियोजना के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने देश में लिंग आधारित भेदभाव समेत कई सामाजिक मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को शौच के लिए खुले में न जाना पड़े. जामनगर जिले के सनोसरा में आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़े. आपने देखा होगा कि हमारी बेटियों ने रियो ओलिंपिक में भारत की प्रतिष्ठा कैसे बचाई और हमें सम्मान दिलाया. यह हमारी बेटियों की सच्ची ताकत है.’’ बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधु ने ओलंपिक में महिला एकल में रजत पदक दिलाया वहीं साक्षी ने रियो में महिला कुश्ती में पहली बार कोई पदक दिलाते हुए कांस्य अपने नाम किया. मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार लंबे समय से ‘बेटी बचाओ’ आंदोलन पर काम कर रही है. उन्होंने बच्चों के माता-पिता और समाज से लड़के-लड़कियों में भेदभाव नहीं करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएं. हमें समझना चाहिए कि हमारी लड़कियां भी लड़कों की तरह सक्षम हैं जो रियो ओलंपिक में साबित हो गया. उनमें भेदभाव नहीं करें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ के अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है. टिप्पणियां मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ. इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री ने रियो ओलिंपिक में महिला खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन पर कहा कि यह हमारी बेटियों की असली शक्ति है. यहां सउनी सिंचाई परियोजना के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने देश में लिंग आधारित भेदभाव समेत कई सामाजिक मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को शौच के लिए खुले में न जाना पड़े. जामनगर जिले के सनोसरा में आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़े. आपने देखा होगा कि हमारी बेटियों ने रियो ओलिंपिक में भारत की प्रतिष्ठा कैसे बचाई और हमें सम्मान दिलाया. यह हमारी बेटियों की सच्ची ताकत है.’’ बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधु ने ओलंपिक में महिला एकल में रजत पदक दिलाया वहीं साक्षी ने रियो में महिला कुश्ती में पहली बार कोई पदक दिलाते हुए कांस्य अपने नाम किया. मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार लंबे समय से ‘बेटी बचाओ’ आंदोलन पर काम कर रही है. उन्होंने बच्चों के माता-पिता और समाज से लड़के-लड़कियों में भेदभाव नहीं करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएं. हमें समझना चाहिए कि हमारी लड़कियां भी लड़कों की तरह सक्षम हैं जो रियो ओलंपिक में साबित हो गया. उनमें भेदभाव नहीं करें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ के अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है. टिप्पणियां मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ. इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जामनगर जिले के सनोसरा में आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़े. आपने देखा होगा कि हमारी बेटियों ने रियो ओलिंपिक में भारत की प्रतिष्ठा कैसे बचाई और हमें सम्मान दिलाया. यह हमारी बेटियों की सच्ची ताकत है.’’ बैडमिंटन खिलाड़ी सिंधु ने ओलंपिक में महिला एकल में रजत पदक दिलाया वहीं साक्षी ने रियो में महिला कुश्ती में पहली बार कोई पदक दिलाते हुए कांस्य अपने नाम किया. मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार लंबे समय से ‘बेटी बचाओ’ आंदोलन पर काम कर रही है. उन्होंने बच्चों के माता-पिता और समाज से लड़के-लड़कियों में भेदभाव नहीं करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएं. हमें समझना चाहिए कि हमारी लड़कियां भी लड़कों की तरह सक्षम हैं जो रियो ओलंपिक में साबित हो गया. उनमें भेदभाव नहीं करें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ के अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है. टिप्पणियां मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ. इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार लंबे समय से ‘बेटी बचाओ’ आंदोलन पर काम कर रही है. उन्होंने बच्चों के माता-पिता और समाज से लड़के-लड़कियों में भेदभाव नहीं करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएं. हमें समझना चाहिए कि हमारी लड़कियां भी लड़कों की तरह सक्षम हैं जो रियो ओलंपिक में साबित हो गया. उनमें भेदभाव नहीं करें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ के अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है. टिप्पणियां मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ. इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ. इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सुनिश्चित करें कि बहन-बेटियों को खुले में शौच करने न जाना पड़े ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ तक ले जाएं जामनगर जिले में सउनी सिंचाई परियोजना का उद्घाटन
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के नामित रक्षा मंत्री चुक हैगल के अफगानिस्तान में भारत की भूमिका पर विवादास्पद बयान के बाद एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के हटने बाद उसकी आर्थिक वृद्धि के लिए भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने संसदीय सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका भविष्य में भारत को अफगानिस्तान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका में देखता है।टिप्पणियां ब्लैक ने क्षेत्र में भारत को अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और मूल्यवान सहयोगी करार दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया पर कोई भी चर्चा भारत के साथ शुरू होगी। ब्लैक ने कहा, हम अफगानिस्तान में भारत की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद मदद आधारित अर्थव्यवस्था से व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने संसदीय सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका भविष्य में भारत को अफगानिस्तान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका में देखता है।टिप्पणियां ब्लैक ने क्षेत्र में भारत को अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और मूल्यवान सहयोगी करार दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया पर कोई भी चर्चा भारत के साथ शुरू होगी। ब्लैक ने कहा, हम अफगानिस्तान में भारत की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद मदद आधारित अर्थव्यवस्था से व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ब्लैक ने क्षेत्र में भारत को अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और मूल्यवान सहयोगी करार दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया पर कोई भी चर्चा भारत के साथ शुरू होगी। ब्लैक ने कहा, हम अफगानिस्तान में भारत की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद मदद आधारित अर्थव्यवस्था से व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ब्लैक ने कहा, हम अफगानिस्तान में भारत की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद मदद आधारित अर्थव्यवस्था से व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने संसदीय सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका भविष्य में भारत को अफगानिस्तान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका में देखता है।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: शादी एक ऐसा मौका होता है जिस पर लड़कियां सबसे सुंदर दिखना चाहती हैं. और इसी लिए महंगे से महंगा मेकअप और दूसरी चीजें अपनाने से वे हिचकती नहीं. लेकिन जरा सोचिए कि शादी के बाद भी तो चेहरे पर चमक होनी चाहिए न. आखि‍र इतने फंग्शन जो होते हैं शादी के बाद भी. तो इसमें आपकी मदद कर सकता है पपीता. जी हां, अपने चेहरे पर निखार लाने के लिए आप इस्तेमाल कर सकती हैं पपीता... शादी का अगला सीजन करीब आ रहा है, ऐसे में हर लड़की की ख्वाहिश होती है कि वह अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन सबसे खूबसूरत दिखे और खुशी महसूस करे.टिप्पणियां पपीते के इस्तेमाल व सेवन से आप चमकदार त्वचा पा सकती हैं, जो आपकी खूबसूरती निखारेगा. एक नजर पपीता से होने वाले फायदों पर-  स्वस्थ शरीर व छरहरी काया के लिए शादी होने तक करीब एक महीना रोज दो कटोरी पपीता खाएं. इस फल में पपाइन नाम का एंजाइम होता है जो भोजन को तेजी से पचाता है, चयापचय सुधारता है और वजन कम कर काया छरहरी बनाता है. रोजाना 55 कैलोरी वाले पपीते का सेवन कर आप न सिर्फ शादी के लिए खुद को तैयार कर रही हैं, बल्कि हनीमून के दौरान समुद्र तट पर मौज-मस्ती करने के लिए भी खुद को तैयार कर रही हैं. शादी की भागदौड़ व काम में व्यस्तता के चलते भावी दुल्हन अपने खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाती हैं और पेट में अपच और एसिडिटी होने की शिकायत करती हैं, ऐसे में पपीते में मौजूद पपाइन एंजाइम आपके पाचन को सुधारने में कारगर साबित होगा. पपीता में मौजूद फाइबर आपका पेट साफ रखेगा और पाचन सही रखेगा, जिससे दुल्हन अंदर से अच्छा महसूस करेगी. पपीता चेहरे की मृत त्वचा को हटाकर रोम छिद्र खोल देता है और अच्छी तरह चेहरे की सफाई करता है, जिससे चेहरे पर निखार आता है. पपीता टैनिंग दूर करने का काम भी करता है, इसका सेवन करने से या चेहरे पर इसके गूदे को लगाने से आपको ताजगी महसूस होगी और यह टैनिंग व दाग-धब्बे दूर कर रंग भी साफ करेगा. पपीते के इस्तेमाल से त्वचा में चमक व सौम्यता आती है, इससे आपका व्यक्तिव आकर्षक बनता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पपीते के इस्तेमाल व सेवन से आप चमकदार त्वचा पा सकती हैं, जो आपकी खूबसूरती निखारेगा. एक नजर पपीता से होने वाले फायदों पर-  स्वस्थ शरीर व छरहरी काया के लिए शादी होने तक करीब एक महीना रोज दो कटोरी पपीता खाएं. इस फल में पपाइन नाम का एंजाइम होता है जो भोजन को तेजी से पचाता है, चयापचय सुधारता है और वजन कम कर काया छरहरी बनाता है. रोजाना 55 कैलोरी वाले पपीते का सेवन कर आप न सिर्फ शादी के लिए खुद को तैयार कर रही हैं, बल्कि हनीमून के दौरान समुद्र तट पर मौज-मस्ती करने के लिए भी खुद को तैयार कर रही हैं. शादी की भागदौड़ व काम में व्यस्तता के चलते भावी दुल्हन अपने खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाती हैं और पेट में अपच और एसिडिटी होने की शिकायत करती हैं, ऐसे में पपीते में मौजूद पपाइन एंजाइम आपके पाचन को सुधारने में कारगर साबित होगा. पपीता में मौजूद फाइबर आपका पेट साफ रखेगा और पाचन सही रखेगा, जिससे दुल्हन अंदर से अच्छा महसूस करेगी. पपीता चेहरे की मृत त्वचा को हटाकर रोम छिद्र खोल देता है और अच्छी तरह चेहरे की सफाई करता है, जिससे चेहरे पर निखार आता है. पपीता टैनिंग दूर करने का काम भी करता है, इसका सेवन करने से या चेहरे पर इसके गूदे को लगाने से आपको ताजगी महसूस होगी और यह टैनिंग व दाग-धब्बे दूर कर रंग भी साफ करेगा. पपीते के इस्तेमाल से त्वचा में चमक व सौम्यता आती है, इससे आपका व्यक्तिव आकर्षक बनता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: इस फल में पपाइन नाम का एंजाइम होता है. पीता में मौजूद फाइबर आपका पेट साफ रखेगा. पपीता चेहरे की मृत त्वचा को हटाकर रोम छिद्र खोल देता है.
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने सचिन तेंदुलकर की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें भारत का डॉन ब्रैडमैन करार दिया है। हेडन ने कहा, "आगामी वर्षों में वे उन (सचिन तेंदुलकर) पर किताब लिख सकते हैं और फिल्म बना सकते हैं, क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट को नए स्तर पर ले गए हैं। उन्होंने घरेलू और विदेशी सरजमीं पर कई शृंखला जिताने में अहम भूमिका निभाई है। वह भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं.. देश के डॉन ब्रैडमैन।"टिप्पणियां तेंदुलकर अपने 40वें जन्मदिन की ओर बढ़ रहे हैं और 'आउटलुक' पत्रिका ने इस मौके पर मुंबई के इस बल्लेबाज पर विशेष अंक निकाला है, जिसमें अलग क्षेत्र की नामचीन हस्तियों ने तेंदुलकर की सराहना की है। हेडन ने कहा, सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों की किसी भी सूची में मैं सचिन को सबसे ऊपर रखूंगा। सचिन अब सिर्फ क्रिकेट नहीं हैं। वह क्रिकेट से बढ़कर हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तेंदुलकर को महानतम क्रिकेटरों की अपनी सूची में सबसे ऊपर रखा। हेडन ने कहा, "आगामी वर्षों में वे उन (सचिन तेंदुलकर) पर किताब लिख सकते हैं और फिल्म बना सकते हैं, क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट को नए स्तर पर ले गए हैं। उन्होंने घरेलू और विदेशी सरजमीं पर कई शृंखला जिताने में अहम भूमिका निभाई है। वह भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं.. देश के डॉन ब्रैडमैन।"टिप्पणियां तेंदुलकर अपने 40वें जन्मदिन की ओर बढ़ रहे हैं और 'आउटलुक' पत्रिका ने इस मौके पर मुंबई के इस बल्लेबाज पर विशेष अंक निकाला है, जिसमें अलग क्षेत्र की नामचीन हस्तियों ने तेंदुलकर की सराहना की है। हेडन ने कहा, सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों की किसी भी सूची में मैं सचिन को सबसे ऊपर रखूंगा। सचिन अब सिर्फ क्रिकेट नहीं हैं। वह क्रिकेट से बढ़कर हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तेंदुलकर को महानतम क्रिकेटरों की अपनी सूची में सबसे ऊपर रखा। तेंदुलकर अपने 40वें जन्मदिन की ओर बढ़ रहे हैं और 'आउटलुक' पत्रिका ने इस मौके पर मुंबई के इस बल्लेबाज पर विशेष अंक निकाला है, जिसमें अलग क्षेत्र की नामचीन हस्तियों ने तेंदुलकर की सराहना की है। हेडन ने कहा, सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों की किसी भी सूची में मैं सचिन को सबसे ऊपर रखूंगा। सचिन अब सिर्फ क्रिकेट नहीं हैं। वह क्रिकेट से बढ़कर हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तेंदुलकर को महानतम क्रिकेटरों की अपनी सूची में सबसे ऊपर रखा। हेडन ने कहा, सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों की किसी भी सूची में मैं सचिन को सबसे ऊपर रखूंगा। सचिन अब सिर्फ क्रिकेट नहीं हैं। वह क्रिकेट से बढ़कर हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने तेंदुलकर को महानतम क्रिकेटरों की अपनी सूची में सबसे ऊपर रखा।
संक्षिप्त पाठ: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने कहा, सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों की किसी भी सूची में मैं सचिन को सबसे ऊपर रखूंगा। सचिन अब सिर्फ क्रिकेट नहीं हैं। वह क्रिकेट से बढ़कर हैं।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र ने महाराष्ट्र समेत सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उन कारोबारियों और सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो मौसमी कमी का फायदा उठाकर कृत्रिम रूप से प्याज के दाम बढ़ा रहे हैं। देश के ज्यादातर हिस्सों में थोक और खुदरा बाजारों में प्याज के दाम जुलाई के बाद से तेजी से बढ़ रहे हैं। प्याज की अधिक पैदावार करने वाले राज्यों से आपूर्ति में कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि मौसमी कमी का फायदा उठाकर प्याज की कीमत में कृत्रिम बढ़ोतरी करने वाले कारोबारियों-सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें। अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र, जहां कम आपूर्ति वाले मौसम में आपूर्ति के लिए सबसे अधिक प्याज का भंडारण होता है, से कहा गया है कि वह उपभोक्ता बाजारों में प्याज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि यदि आपूर्ति शृंखला में कहीं कोई अवरोध है बनता है, तो वह केंद्र को सूचित करे, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने से सीधे दाम पर असर पड़ता है। मंत्रालय ने प्याज पर स्थिति रिपोर्ट में कहा कि प्याज की कीमत पर दबाव इसलिए बना कि पिछले साल की पैदावार से जो माल भंडार में रखा गया था, उसका 90 प्रतिशत खर्च हो चुका है और अब खपत के लिए तीन-चार लख टन ही माल उपलब्ध है। इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था। देश के ज्यादातर हिस्सों में थोक और खुदरा बाजारों में प्याज के दाम जुलाई के बाद से तेजी से बढ़ रहे हैं। प्याज की अधिक पैदावार करने वाले राज्यों से आपूर्ति में कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि मौसमी कमी का फायदा उठाकर प्याज की कीमत में कृत्रिम बढ़ोतरी करने वाले कारोबारियों-सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें। अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र, जहां कम आपूर्ति वाले मौसम में आपूर्ति के लिए सबसे अधिक प्याज का भंडारण होता है, से कहा गया है कि वह उपभोक्ता बाजारों में प्याज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि यदि आपूर्ति शृंखला में कहीं कोई अवरोध है बनता है, तो वह केंद्र को सूचित करे, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने से सीधे दाम पर असर पड़ता है। मंत्रालय ने प्याज पर स्थिति रिपोर्ट में कहा कि प्याज की कीमत पर दबाव इसलिए बना कि पिछले साल की पैदावार से जो माल भंडार में रखा गया था, उसका 90 प्रतिशत खर्च हो चुका है और अब खपत के लिए तीन-चार लख टन ही माल उपलब्ध है। इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि मौसमी कमी का फायदा उठाकर प्याज की कीमत में कृत्रिम बढ़ोतरी करने वाले कारोबारियों-सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें। अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र, जहां कम आपूर्ति वाले मौसम में आपूर्ति के लिए सबसे अधिक प्याज का भंडारण होता है, से कहा गया है कि वह उपभोक्ता बाजारों में प्याज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे।टिप्पणियां अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि यदि आपूर्ति शृंखला में कहीं कोई अवरोध है बनता है, तो वह केंद्र को सूचित करे, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने से सीधे दाम पर असर पड़ता है। मंत्रालय ने प्याज पर स्थिति रिपोर्ट में कहा कि प्याज की कीमत पर दबाव इसलिए बना कि पिछले साल की पैदावार से जो माल भंडार में रखा गया था, उसका 90 प्रतिशत खर्च हो चुका है और अब खपत के लिए तीन-चार लख टन ही माल उपलब्ध है। इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था। अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि यदि आपूर्ति शृंखला में कहीं कोई अवरोध है बनता है, तो वह केंद्र को सूचित करे, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने से सीधे दाम पर असर पड़ता है। मंत्रालय ने प्याज पर स्थिति रिपोर्ट में कहा कि प्याज की कीमत पर दबाव इसलिए बना कि पिछले साल की पैदावार से जो माल भंडार में रखा गया था, उसका 90 प्रतिशत खर्च हो चुका है और अब खपत के लिए तीन-चार लख टन ही माल उपलब्ध है। इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था।
यह एक सारांश है: केंद्र ने महाराष्ट्र समेत सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उन कारोबारियों और सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो मौसमी कमी का फायदा उठाकर कृत्रिम रूप से प्याज के दाम बढ़ा रहे हैं।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया।टिप्पणियां इन प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता, जेएनयू एवं कुछ अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र तथा कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। रूचिका नामक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम किसी को भी मौत की सजा दिए जाने के खिलाफ हैं। हम अफजल को फांसी दिए जाने का विरोध करने के लिए जमा हुए हैं।’ इन प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता, जेएनयू एवं कुछ अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र तथा कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। रूचिका नामक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम किसी को भी मौत की सजा दिए जाने के खिलाफ हैं। हम अफजल को फांसी दिए जाने का विरोध करने के लिए जमा हुए हैं।’ रूचिका नामक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम किसी को भी मौत की सजा दिए जाने के खिलाफ हैं। हम अफजल को फांसी दिए जाने का विरोध करने के लिए जमा हुए हैं।’
यह एक सारांश है: संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के विरोध में दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत 23 प्रतिबंधित संगठनों को अपनी गतिविधियों के लिए चंदा इकट्ठा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पंजाब सरकार ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि जिन लोगों को इन प्रतिबंधित संगठनों को दान या सहायता देते पाया जाएगा उन पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बीच सरकार ने जमात-उद-दावा के छद्म संगठन फलाह-ए-इंसानियत को चंदा इकट्ठा करने पर लगाये गए इस प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं किया है। जिन संगठनों को इसमें शामिल किया गया है उनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लश्करे झांगवी, सिपाहे सहाबा पाकिस्तान और तहरीके जफारिया पाकिस्तान आदि संगठन शामिल हैं। यह प्रतिबंध मुसलमानों के पवित्र रमजान महीने के शुरू होने के साथ ही लागू हो गया है । इस दौरान अतिवादी और आतंकवादी गुट धन इकट्ठा करने के लिये विशेष अभियान चलाते हैं।
यह एक सारांश है: पाक के पंजाब प्रांत में अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत 23 प्रतिबंधित संगठनों के चंदा इकट्ठा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को कहा कि 5 नवंबर को होने वाले रजत जयंती समारोह की तैयारी में जुटा हूं. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बिहार के बाद ओडिशा में भी गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने की योजना थी, लेकिन पार्टी के भीतर के लोगों ने ही साजिश के तहत इसे नाकाम कर दिया. शिवपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करो. लखनऊ पार्टी कार्यालय पर लोहिया वाहिनी की बैठक के दौरान शिवपाल मीडिया से बातचीत कर रहे थे. जब उनसे अखिलेश की रथ यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "3 को रथ यात्रा है तो 5 नवंबर को रजत जयंती. रजत जयंती की तैयारियों में जुटा हूं." उन्होंने कहा, "बिहार के बाद ओडिशा में भी गठबंधन का प्लान था, लेकिन हमारी पार्टी में ही लोगों ने साजिश कर दी." उन्होंने कहा, "नेता जी का अपमान नहीं सहेंगे. मैं अपना अपमान बर्दाश्त कर सकता हूं, लेकिन नेता जी का नहीं. समाजवादी इतिहास को पढ़ना होगा. समाजवादी पार्टी में अनुशासन भी जरूरी है." शिवपाल ने कहा कि 24 अक्टूबर को आपने देखा ही क्या हुआ. जिनको नहीं आना था वो भी आ गए. 5 नवंबर को सब कार्यकर्ता तैयार रहें. 5 नवंबर के बाद फील्ड में निकलेंगे. साम, दाम, दंड और भेद सबका इस्तेमाल करो. इससे पहले समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है. उन्होंने कहा, 'संगठन में मैंने न पूछे जाने वाले लोगों को तरजीह दी. ऐसे लोगों ने सरकार का भी मजा नहीं लिया. पार्टी के लिए लोगों ने बहुत संघर्ष किया है. मैं भी कई बार जेल गया. भीड़ देखकर मैं उत्साहित हूं. पार्टी को खड़ा करने में नेता जी का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है. गलत काम का मैंने सरकार में रहते हुए भी विरोध किया."टिप्पणियां शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लखनऊ पार्टी कार्यालय पर लोहिया वाहिनी की बैठक के दौरान शिवपाल मीडिया से बातचीत कर रहे थे. जब उनसे अखिलेश की रथ यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "3 को रथ यात्रा है तो 5 नवंबर को रजत जयंती. रजत जयंती की तैयारियों में जुटा हूं." उन्होंने कहा, "बिहार के बाद ओडिशा में भी गठबंधन का प्लान था, लेकिन हमारी पार्टी में ही लोगों ने साजिश कर दी." उन्होंने कहा, "नेता जी का अपमान नहीं सहेंगे. मैं अपना अपमान बर्दाश्त कर सकता हूं, लेकिन नेता जी का नहीं. समाजवादी इतिहास को पढ़ना होगा. समाजवादी पार्टी में अनुशासन भी जरूरी है." शिवपाल ने कहा कि 24 अक्टूबर को आपने देखा ही क्या हुआ. जिनको नहीं आना था वो भी आ गए. 5 नवंबर को सब कार्यकर्ता तैयार रहें. 5 नवंबर के बाद फील्ड में निकलेंगे. साम, दाम, दंड और भेद सबका इस्तेमाल करो. इससे पहले समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है. उन्होंने कहा, 'संगठन में मैंने न पूछे जाने वाले लोगों को तरजीह दी. ऐसे लोगों ने सरकार का भी मजा नहीं लिया. पार्टी के लिए लोगों ने बहुत संघर्ष किया है. मैं भी कई बार जेल गया. भीड़ देखकर मैं उत्साहित हूं. पार्टी को खड़ा करने में नेता जी का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है. गलत काम का मैंने सरकार में रहते हुए भी विरोध किया."टिप्पणियां शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "बिहार के बाद ओडिशा में भी गठबंधन का प्लान था, लेकिन हमारी पार्टी में ही लोगों ने साजिश कर दी." उन्होंने कहा, "नेता जी का अपमान नहीं सहेंगे. मैं अपना अपमान बर्दाश्त कर सकता हूं, लेकिन नेता जी का नहीं. समाजवादी इतिहास को पढ़ना होगा. समाजवादी पार्टी में अनुशासन भी जरूरी है." शिवपाल ने कहा कि 24 अक्टूबर को आपने देखा ही क्या हुआ. जिनको नहीं आना था वो भी आ गए. 5 नवंबर को सब कार्यकर्ता तैयार रहें. 5 नवंबर के बाद फील्ड में निकलेंगे. साम, दाम, दंड और भेद सबका इस्तेमाल करो. इससे पहले समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है. उन्होंने कहा, 'संगठन में मैंने न पूछे जाने वाले लोगों को तरजीह दी. ऐसे लोगों ने सरकार का भी मजा नहीं लिया. पार्टी के लिए लोगों ने बहुत संघर्ष किया है. मैं भी कई बार जेल गया. भीड़ देखकर मैं उत्साहित हूं. पार्टी को खड़ा करने में नेता जी का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है. गलत काम का मैंने सरकार में रहते हुए भी विरोध किया."टिप्पणियां शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवपाल ने कहा कि 24 अक्टूबर को आपने देखा ही क्या हुआ. जिनको नहीं आना था वो भी आ गए. 5 नवंबर को सब कार्यकर्ता तैयार रहें. 5 नवंबर के बाद फील्ड में निकलेंगे. साम, दाम, दंड और भेद सबका इस्तेमाल करो. इससे पहले समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है. उन्होंने कहा, 'संगठन में मैंने न पूछे जाने वाले लोगों को तरजीह दी. ऐसे लोगों ने सरकार का भी मजा नहीं लिया. पार्टी के लिए लोगों ने बहुत संघर्ष किया है. मैं भी कई बार जेल गया. भीड़ देखकर मैं उत्साहित हूं. पार्टी को खड़ा करने में नेता जी का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है. गलत काम का मैंने सरकार में रहते हुए भी विरोध किया."टिप्पणियां शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले समाजवादी लोहिया वाहिनी की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है. उन्होंने कहा, 'संगठन में मैंने न पूछे जाने वाले लोगों को तरजीह दी. ऐसे लोगों ने सरकार का भी मजा नहीं लिया. पार्टी के लिए लोगों ने बहुत संघर्ष किया है. मैं भी कई बार जेल गया. भीड़ देखकर मैं उत्साहित हूं. पार्टी को खड़ा करने में नेता जी का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है. गलत काम का मैंने सरकार में रहते हुए भी विरोध किया."टिप्पणियां शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिवपाल ने कहा, "गुटबंदी में सपा के ही लोगों को जेल भेजा गया. 2003 में सरकार कैसे बनी और किसकी वजह से बनी सब जानते हैं. हमने इंस्पेक्टर राज खत्म किया. 10 हजार किसानों का कर्जा माफ किया. किसान बीमा की शुरुआत नेता जी ने की. रजत जयंती पर लालू यादव, अजीत सिंह और देवगौड़ा आ रहे हैं. पार्टी को जो तोड़ना चाहते हैं उनसे सचेत रहें."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल करो- कार्यकर्ताओं से शिवपाल लेकिन हमारी पार्टी में ही लोगों ने साजिश कर दी- शिवपाल यादव शिवपाल ने कहा कि पार्टी संगठन सरकार से बड़ा है.
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाज क्रिस गेल ने अपनी आत्मकथा में दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2005 में 317 रन की पारी के दौरान उनकी ही टीम के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा चिंतित हो गए थे और बार-बार स्कोरबोर्ड देख रहे थे । गेल ने ‘सिक्स मशीन : आई डोंट लाइक क्रिकेट .आई लव इट ’ किताब में लिखा, 'कुछ खिलाड़ी रिकार्ड को लेकर चिंतित रहते हैं। जब ब्रायन लारा उस मैच में 4  रन पर आउट हो गए थे तब वह ड्रेसिंग रूम में बैठकर किताब पढ़ रहे थे । थोड़ी-थोड़ी देर में वह बालकनी में जाकर स्कोरबोर्ड देखते और फिर आकर बैठ जाते। रामनरेश सरवन उन्हें देख रहा था। जितनी बार ब्रायन बाहर आकर मेरा स्कोर देखते, उनकी चिंता बढ़ जाती।' उन्होंने कहा, ' जब मैं लंच और चाय के दौरान आया तो उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा। कोई सलाह नहीं दी कि ऐसे ही खेलते रहो या टीम के लिये बड़ा स्कोर बनाओ। जब मैं वापस गया तो फिर वह कुछ देर ड्रेसिंग रूम में और कुछ देर बालकनी में आकर मेरा स्कोर देखने लगे।' गेल 317 रन पर आउट हो गए और लारा का 400 रन का रिकार्ड नहीं तोड़ सके। टाम फोर्डिस के साथ मिलकर लिखी यह किताब पेंग्विन रेंडम हाउस ने प्रकाशित की है। इसमें गेल ने कुछ सनसनीखेज दास्तानों का भी जिक्र किया है। गेल ने कहा कि लोगों को लगता है कि वह अहंकारी हैं और क्रिकेट को लेकर जुनूनी नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने लिखा, 'लोग बातों को गलत समझते हैं। शायद मेरी बल्लेबाजी की वजह से क्योंकि मैं बहुत शॉट खेलता हूं तो उन्हें लगता है कि मैं लापरवाह हूं। टीवी पर शायद ऐसा लगता है। मैं अपने शॉट खेलता हूं और आउट हो जाता हूं ।' उन्होंने लिखा, 'शायद लड़कियों के कारण । लड़कियां मुझसे प्यार करती है और मैं उनसे । मैं ‘हाट ब्वाय’हूं। अहंकारी नहीं हूं। जमैका में ऐसा ही होता है। हम दिखावा नहीं करते।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) गेल ने ‘सिक्स मशीन : आई डोंट लाइक क्रिकेट .आई लव इट ’ किताब में लिखा, 'कुछ खिलाड़ी रिकार्ड को लेकर चिंतित रहते हैं। जब ब्रायन लारा उस मैच में 4  रन पर आउट हो गए थे तब वह ड्रेसिंग रूम में बैठकर किताब पढ़ रहे थे । थोड़ी-थोड़ी देर में वह बालकनी में जाकर स्कोरबोर्ड देखते और फिर आकर बैठ जाते। रामनरेश सरवन उन्हें देख रहा था। जितनी बार ब्रायन बाहर आकर मेरा स्कोर देखते, उनकी चिंता बढ़ जाती।' उन्होंने कहा, ' जब मैं लंच और चाय के दौरान आया तो उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा। कोई सलाह नहीं दी कि ऐसे ही खेलते रहो या टीम के लिये बड़ा स्कोर बनाओ। जब मैं वापस गया तो फिर वह कुछ देर ड्रेसिंग रूम में और कुछ देर बालकनी में आकर मेरा स्कोर देखने लगे।' गेल 317 रन पर आउट हो गए और लारा का 400 रन का रिकार्ड नहीं तोड़ सके। टाम फोर्डिस के साथ मिलकर लिखी यह किताब पेंग्विन रेंडम हाउस ने प्रकाशित की है। इसमें गेल ने कुछ सनसनीखेज दास्तानों का भी जिक्र किया है। गेल ने कहा कि लोगों को लगता है कि वह अहंकारी हैं और क्रिकेट को लेकर जुनूनी नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने लिखा, 'लोग बातों को गलत समझते हैं। शायद मेरी बल्लेबाजी की वजह से क्योंकि मैं बहुत शॉट खेलता हूं तो उन्हें लगता है कि मैं लापरवाह हूं। टीवी पर शायद ऐसा लगता है। मैं अपने शॉट खेलता हूं और आउट हो जाता हूं ।' उन्होंने लिखा, 'शायद लड़कियों के कारण । लड़कियां मुझसे प्यार करती है और मैं उनसे । मैं ‘हाट ब्वाय’हूं। अहंकारी नहीं हूं। जमैका में ऐसा ही होता है। हम दिखावा नहीं करते।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) उन्होंने कहा, ' जब मैं लंच और चाय के दौरान आया तो उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा। कोई सलाह नहीं दी कि ऐसे ही खेलते रहो या टीम के लिये बड़ा स्कोर बनाओ। जब मैं वापस गया तो फिर वह कुछ देर ड्रेसिंग रूम में और कुछ देर बालकनी में आकर मेरा स्कोर देखने लगे।' गेल 317 रन पर आउट हो गए और लारा का 400 रन का रिकार्ड नहीं तोड़ सके। टाम फोर्डिस के साथ मिलकर लिखी यह किताब पेंग्विन रेंडम हाउस ने प्रकाशित की है। इसमें गेल ने कुछ सनसनीखेज दास्तानों का भी जिक्र किया है। गेल ने कहा कि लोगों को लगता है कि वह अहंकारी हैं और क्रिकेट को लेकर जुनूनी नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने लिखा, 'लोग बातों को गलत समझते हैं। शायद मेरी बल्लेबाजी की वजह से क्योंकि मैं बहुत शॉट खेलता हूं तो उन्हें लगता है कि मैं लापरवाह हूं। टीवी पर शायद ऐसा लगता है। मैं अपने शॉट खेलता हूं और आउट हो जाता हूं ।' उन्होंने लिखा, 'शायद लड़कियों के कारण । लड़कियां मुझसे प्यार करती है और मैं उनसे । मैं ‘हाट ब्वाय’हूं। अहंकारी नहीं हूं। जमैका में ऐसा ही होता है। हम दिखावा नहीं करते।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) उन्होंने लिखा, 'लोग बातों को गलत समझते हैं। शायद मेरी बल्लेबाजी की वजह से क्योंकि मैं बहुत शॉट खेलता हूं तो उन्हें लगता है कि मैं लापरवाह हूं। टीवी पर शायद ऐसा लगता है। मैं अपने शॉट खेलता हूं और आउट हो जाता हूं ।' उन्होंने लिखा, 'शायद लड़कियों के कारण । लड़कियां मुझसे प्यार करती है और मैं उनसे । मैं ‘हाट ब्वाय’हूं। अहंकारी नहीं हूं। जमैका में ऐसा ही होता है। हम दिखावा नहीं करते।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
सारांश: बालकनी में जाकर बार-बार स्कोरबोर्ड देख रहे थे ब्रायन लारा इस पारी में लारा का 400 रनों का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए थे गेल गेल ने खुद को ‘हाट ब्वॉय’ और लड़कियों का पसंदीदा बताया
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चलन से बाहर किए गए 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को जमा कराने की 50 दिन की समय-सीमा समाप्त होने के अंतिम दिन यानी 30 दिसंबर को सरकार ने देर रात नकदी संकट से जूझ रहे लोगों को राहत की खबर दी. अब एटीएम से एक दिन में 4500 रुपये निकाले जा सकेंगे. नया नियम एक जनवरी से लागू होगा. हालांकि, पैसे निकालने की साप्ताहिक सीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है जो एटीएम सहित एक व्यक्ति के लिए 24,000 रूपया है. छोटे व्यापारियों के लिए यह राशि 50,000 रुपये है.  एक अधिसूचना में केंद्रीय बैंक ने कहा कि स्थिति की समीक्षा के आधार पर एक जनवरी 2017 से एटीएम से पैसे निकालने की सीमा प्रतिदिन वर्तमान 2,500 रुपये  से बढ़ाकर 4,500 रुपया किया जा रहा है. नौ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद बैंक के साथ साथ एटीएम से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गई थी. हालांकि, नोटबंदी के 50वें दिन भी एटीएम और बैंकों के बाहर कतारें देखी गईं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नोटबंदी पर कल यानी शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन देने वाले हैं. पीएम मोदी के संबोधन के ठीक एक दिन पहले निकासी की सीमा में ढील दी गई है. आरबीआई ने बैंकों से जमा किए नोटों का विस्तृत विवरण मुहैया कराने को कहा है. ऐसा अनुमान है कि 90 फीसदी से ज्यादा प्रतिबंधित नोट बैंक में जमा हो गए हैं. ऐसे में कालेधन से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए नोटबंदी का कदम निर्रथक साबित होता जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी. पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने की सीमा 30 दिसंबर तय की गई थी. नोटबंदी के फैसले से बाजार में मौजूद लगभग 86% मुद्रा अवैध हो गई.  नोटबंदी में नकदी के संकट और बैंक-एटीएम में लंबी कतारों को देखते हुए विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए था. कई प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के नोटबंदी लागू करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की थी. हालांकि कुछ उद्योग धंधे नकदी संकट के चलते ठप हो गए और कर्मचारियों को छंटनी का शिकार होना पड़ा. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोटबंदी से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा लेकिन ऐसा तभी होगा जब नए नोटों की आपूर्ति यथासंभव सुनिश्चित की जाए.   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   हालांकि, पैसे निकालने की साप्ताहिक सीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है जो एटीएम सहित एक व्यक्ति के लिए 24,000 रूपया है. छोटे व्यापारियों के लिए यह राशि 50,000 रुपये है.  एक अधिसूचना में केंद्रीय बैंक ने कहा कि स्थिति की समीक्षा के आधार पर एक जनवरी 2017 से एटीएम से पैसे निकालने की सीमा प्रतिदिन वर्तमान 2,500 रुपये  से बढ़ाकर 4,500 रुपया किया जा रहा है. नौ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद बैंक के साथ साथ एटीएम से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गई थी. हालांकि, नोटबंदी के 50वें दिन भी एटीएम और बैंकों के बाहर कतारें देखी गईं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नोटबंदी पर कल यानी शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन देने वाले हैं. पीएम मोदी के संबोधन के ठीक एक दिन पहले निकासी की सीमा में ढील दी गई है. आरबीआई ने बैंकों से जमा किए नोटों का विस्तृत विवरण मुहैया कराने को कहा है. ऐसा अनुमान है कि 90 फीसदी से ज्यादा प्रतिबंधित नोट बैंक में जमा हो गए हैं. ऐसे में कालेधन से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए नोटबंदी का कदम निर्रथक साबित होता जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी. पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने की सीमा 30 दिसंबर तय की गई थी. नोटबंदी के फैसले से बाजार में मौजूद लगभग 86% मुद्रा अवैध हो गई.  नोटबंदी में नकदी के संकट और बैंक-एटीएम में लंबी कतारों को देखते हुए विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए था. कई प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के नोटबंदी लागू करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की थी. हालांकि कुछ उद्योग धंधे नकदी संकट के चलते ठप हो गए और कर्मचारियों को छंटनी का शिकार होना पड़ा. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोटबंदी से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा लेकिन ऐसा तभी होगा जब नए नोटों की आपूर्ति यथासंभव सुनिश्चित की जाए.   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नोटबंदी पर कल यानी शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन देने वाले हैं. पीएम मोदी के संबोधन के ठीक एक दिन पहले निकासी की सीमा में ढील दी गई है. आरबीआई ने बैंकों से जमा किए नोटों का विस्तृत विवरण मुहैया कराने को कहा है. ऐसा अनुमान है कि 90 फीसदी से ज्यादा प्रतिबंधित नोट बैंक में जमा हो गए हैं. ऐसे में कालेधन से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए नोटबंदी का कदम निर्रथक साबित होता जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी. पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने की सीमा 30 दिसंबर तय की गई थी. नोटबंदी के फैसले से बाजार में मौजूद लगभग 86% मुद्रा अवैध हो गई.  नोटबंदी में नकदी के संकट और बैंक-एटीएम में लंबी कतारों को देखते हुए विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए था. कई प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के नोटबंदी लागू करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की थी. हालांकि कुछ उद्योग धंधे नकदी संकट के चलते ठप हो गए और कर्मचारियों को छंटनी का शिकार होना पड़ा. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोटबंदी से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा लेकिन ऐसा तभी होगा जब नए नोटों की आपूर्ति यथासंभव सुनिश्चित की जाए.   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी. पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने की सीमा 30 दिसंबर तय की गई थी. नोटबंदी के फैसले से बाजार में मौजूद लगभग 86% मुद्रा अवैध हो गई.  नोटबंदी में नकदी के संकट और बैंक-एटीएम में लंबी कतारों को देखते हुए विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए था. कई प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के नोटबंदी लागू करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की थी. हालांकि कुछ उद्योग धंधे नकदी संकट के चलते ठप हो गए और कर्मचारियों को छंटनी का शिकार होना पड़ा. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोटबंदी से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा लेकिन ऐसा तभी होगा जब नए नोटों की आपूर्ति यथासंभव सुनिश्चित की जाए.   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   कई प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने पीएम मोदी के नोटबंदी लागू करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की थी. हालांकि कुछ उद्योग धंधे नकदी संकट के चलते ठप हो गए और कर्मचारियों को छंटनी का शिकार होना पड़ा. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोटबंदी से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा लेकिन ऐसा तभी होगा जब नए नोटों की आपूर्ति यथासंभव सुनिश्चित की जाए.   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   इसी बीच सरकार ने गत बुधवार को एक अध्यादेश जारी किया जिसके मुताबिक जिसके पास 10 से अधिक प्रतिबंधित नोट मिलेंगे उन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही बंद किए गए पुराने बड़े नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक में 31 मार्च 2017 तक जमा किया जा सकेगा. हालांकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट मिलने पर जेल नहीं होगी.टिप्पणियां   टिप्पणियां
सारांश: नकदी संकट से जूझ रहे लोगों को नोटबंदी के अंतिम दिन राहत हालांकि सरकार द्वारा साप्ताहिक निकासी की सीमा नहीं बढ़ाई गई. आरबीआई ने देर रात यह नया निर्देश जारी किया.
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: #StudentOfTheYear2 Fri 12.06 cr, Sat 14.02 cr, Sun 12.75 cr, Mon 5.52 cr, Tue 5.02 cr, Wed 4.51 cr, Thu 4.02 cr. Total: ₹ 57.90 cr. India biz. #SOTY2 स्टूडेंड ऑफ द ईयर 2 (SOTY 2) की कमाई को लेकर तरण आदर्श ने ट्वीट कर जानकारी दी है.  उनके मुताबिक इस फिल्म ने छठे दिन तक 53.88 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी. 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' 10 मई को रिलीज हुई थी. इसमें टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), तारा सूतारिया (Tara Sutaria) और अनन्या पांडेय (Ananya Panday) मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं. ये फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है.  इससे पहले 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 (Student of The Year 2)' ने पहले दिन 12.06 करोड़ के साथ बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर अच्छी शुरुआत की थी.  इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की एक्टिंग और उनके एक्शन को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है. पुनित मल्होत्रा के निर्देशन में बनी  'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. बता दें 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 (Student of The Year 2)' से तारा सूतारिया (Tara Sutaria) और अनन्या पांडेय (Ananya Panday) ने फिल्मों में अपना डेब्यू किया है. हालांकि टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) के करियर की ये 5वीं फिल्म है. इससे पहले टाइगर श्राफ ने 'बागी 2' में लीड रोल निभाया था. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर हिट रही थी. कुल मिलाकर फिल्म बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है.
संक्षिप्त सारांश: टाइगर श्रॉफ की फिल्म की ताबड़तोड़ कमाई अब तक कमा डाले इतने करोड़ तरण आदर्श ने दी है जानकारी
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में पदच्युत राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 120 लोग मारे गए और कम से कम 4500 लोग घायल हो गए। मुस्लिम ब्रदरहुड ने बताया कि मरने वाले और घायल हुए सभी प्रदर्शनकारी मुर्सी के समर्थक हैं। ब्रदरहुड के पदाधिकारियों ने बताया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति मुर्सी के समर्थन में यहां धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने फजिर की नमाज (भोर की नमाज) से कुछ देर पहले ही गोलीबारी शुरू कर दी। 61 वर्षीय मुर्सी को सेना ने तीन जुलाई को उनके पद से हटा दिया था। इस्लामी संगठन का कहना है कि गोलीबारी में उसके 120 समर्थक मारे गए हैं और उनकी संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 19 बताई है। टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अल्कसांद्रिया में हुई झड़प में 14 वर्षीय किशोर सहित नौ लोग मारे गए जबकि काहिरा में 10 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं। मुस्लिम ब्रदरहुड ने बताया कि मरने वाले और घायल हुए सभी प्रदर्शनकारी मुर्सी के समर्थक हैं। ब्रदरहुड के पदाधिकारियों ने बताया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति मुर्सी के समर्थन में यहां धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने फजिर की नमाज (भोर की नमाज) से कुछ देर पहले ही गोलीबारी शुरू कर दी। 61 वर्षीय मुर्सी को सेना ने तीन जुलाई को उनके पद से हटा दिया था। इस्लामी संगठन का कहना है कि गोलीबारी में उसके 120 समर्थक मारे गए हैं और उनकी संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 19 बताई है। टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अल्कसांद्रिया में हुई झड़प में 14 वर्षीय किशोर सहित नौ लोग मारे गए जबकि काहिरा में 10 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं। ब्रदरहुड के पदाधिकारियों ने बताया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मिस्र के पहले राष्ट्रपति मुर्सी के समर्थन में यहां धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने फजिर की नमाज (भोर की नमाज) से कुछ देर पहले ही गोलीबारी शुरू कर दी। 61 वर्षीय मुर्सी को सेना ने तीन जुलाई को उनके पद से हटा दिया था। इस्लामी संगठन का कहना है कि गोलीबारी में उसके 120 समर्थक मारे गए हैं और उनकी संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 19 बताई है। टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अल्कसांद्रिया में हुई झड़प में 14 वर्षीय किशोर सहित नौ लोग मारे गए जबकि काहिरा में 10 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं। इस्लामी संगठन का कहना है कि गोलीबारी में उसके 120 समर्थक मारे गए हैं और उनकी संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरने वालों की संख्या 19 बताई है। टिप्पणियां स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अल्कसांद्रिया में हुई झड़प में 14 वर्षीय किशोर सहित नौ लोग मारे गए जबकि काहिरा में 10 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अल्कसांद्रिया में हुई झड़प में 14 वर्षीय किशोर सहित नौ लोग मारे गए जबकि काहिरा में 10 लोगों की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि पूरे देश में कम से कम सात पुलिसकर्मियों सहित सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
संक्षिप्त पाठ: मिस्र में पदच्युत राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 120 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए।
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त सप्ताह के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में आई रिकार्ड गिरावट और यूरोजोन में जारी संकट के कारण गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स इस दौरान 140.23 अंक गिरकर 16292.98 पर बंद हुआ। दरअसल बीते सप्ताह की शुरुआत से शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। बुधवार को प्रमुख सूचकांक 16 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे पहुंच गया। शेयर बाजारों में गिरावट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वैश्विक अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था। साप्ताहिक कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4891.45 पर बंद हुआ। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर अपने रिकार्ड 54.91 रुपये के स्तर पर आ गया था। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। दरअसल बीते सप्ताह की शुरुआत से शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। बुधवार को प्रमुख सूचकांक 16 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे पहुंच गया। शेयर बाजारों में गिरावट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वैश्विक अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था। साप्ताहिक कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4891.45 पर बंद हुआ। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर अपने रिकार्ड 54.91 रुपये के स्तर पर आ गया था। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। शेयर बाजारों में गिरावट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वैश्विक अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था। साप्ताहिक कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4891.45 पर बंद हुआ। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर अपने रिकार्ड 54.91 रुपये के स्तर पर आ गया था। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। साप्ताहिक कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4891.45 पर बंद हुआ। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर अपने रिकार्ड 54.91 रुपये के स्तर पर आ गया था। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर अपने रिकार्ड 54.91 रुपये के स्तर पर आ गया था। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि आर्थिक परिदृश्य के उत्साहजनक नहीं होने के कारण शीर्ष ही रुपया 55 रुपये के स्तर को पर कर जाएगा। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। बाजार शोध संस्था सीएनआई रिसर्च लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशारे पी ओस्तवाल ने कहा, "रुपया बाजार को संचालित कर रहा है। निवेशक और कारोबारी आरबीआई के कदमों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आरबीआई के पास विकल्प बहुत सीमित है।"टिप्पणियां निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। निम्न विकास दर और उच्च महंगाई दर भी बाजार की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है। ऐसे में कुल मिलाकर अगले सप्ताह आर्थिक क्षेत्र से कोई सकारात्मक खबर नहीं आती है तो बाजार की स्थिति कमोबेश यही बनी रह सकती है।
सारांश: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को समाप्त सप्ताह के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में आई रिकार्ड गिरावट और यूरोजोन में जारी संकट के कारण गिरावट का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स इस दौरान 140.23 अंक गिरकर 16292.98 पर बंद हुआ।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में सबकी निगाहें कांग्रेस कोर कमेटी की शुक्रवार को होने वाली बैठक पर लगी हैं, जिसमें अलग तेलंगाना राज्य गठन के मुद्दे पर फैसला लिए जाने की संभावना है। तेलंगाना क्षेत्र के नेताओं की उम्मीद और सीमांध्रा (रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र) के नेताओं की आशंकाओं के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और राज्य कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण गुरुवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये तीनों नेता कांग्रेस कोर कमेटी को अपनी रिपोर्ट देंगे। इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने से पहले चर्चा में उनके रुख पर विचार किए जाने की संभावना है। एक कार्य योजना बनाने से पहले तीनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों के नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे अपनी रिपोर्ट में राज्य विभाजन के लाभ और हानि का उल्लेख करेंगे। टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव और राज्य के मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते राज्य का दौरा किया था और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया था कि वे कोई भी फैसला होने की स्थिति से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार करें। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है। तेलंगाना क्षेत्र के नेताओं की उम्मीद और सीमांध्रा (रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र) के नेताओं की आशंकाओं के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और राज्य कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण गुरुवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। ये तीनों नेता कांग्रेस कोर कमेटी को अपनी रिपोर्ट देंगे। इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने से पहले चर्चा में उनके रुख पर विचार किए जाने की संभावना है। एक कार्य योजना बनाने से पहले तीनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों के नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे अपनी रिपोर्ट में राज्य विभाजन के लाभ और हानि का उल्लेख करेंगे। टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव और राज्य के मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते राज्य का दौरा किया था और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया था कि वे कोई भी फैसला होने की स्थिति से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार करें। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है। ये तीनों नेता कांग्रेस कोर कमेटी को अपनी रिपोर्ट देंगे। इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने से पहले चर्चा में उनके रुख पर विचार किए जाने की संभावना है। एक कार्य योजना बनाने से पहले तीनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों के नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे अपनी रिपोर्ट में राज्य विभाजन के लाभ और हानि का उल्लेख करेंगे। टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव और राज्य के मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते राज्य का दौरा किया था और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया था कि वे कोई भी फैसला होने की स्थिति से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार करें। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है। एक कार्य योजना बनाने से पहले तीनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों के नेताओं के साथ अलग-अलग चर्चा की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वे अपनी रिपोर्ट में राज्य विभाजन के लाभ और हानि का उल्लेख करेंगे। टिप्पणियां कांग्रेस महासचिव और राज्य के मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते राज्य का दौरा किया था और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया था कि वे कोई भी फैसला होने की स्थिति से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार करें। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है। कांग्रेस महासचिव और राज्य के मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने पिछले हफ्ते राज्य का दौरा किया था और पार्टी नेताओं को निर्देश दिया था कि वे कोई भी फैसला होने की स्थिति से निपटने के लिए एक कार्य योजना तैयार करें। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है। सीमांध्रा के नेताओं ने मुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख दोनों से आग्रह किया है राज्य का विभाजन नहीं होना चाहिए। उधर, तेलंगाना के विधायकों और सांसदों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अलग तेलंगाना राज्य का गठन आवश्यक है।
संक्षिप्त सारांश: तेलंगाना क्षेत्र के नेताओं की उम्मीद और सीमांध्रा (रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र) के नेताओं की आशंकाओं के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा और राज्य कांग्रेस प्रमुख बोत्सा सत्यनारायण गुरुवार को नई दिल्ली के ल
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: युवाओं के लिए अलग मैनिफेस्टो जारी करने के बाद आम आदमी पार्टी अब पंजाब के किसानों के लिए भी अलग से घोषणा पत्र जारी करेगी. यह जानकारी देते हुए पार्टी की घोषणा पत्र समिति के प्रमुख कंवर संधु ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 11 सितम्बर को मोगा में किसानों के किए पार्टी के एजेंडे का ऐलान करेंगे. संधु ने बताया कि किसानों के लिए मैनिफेस्टो विभिन्न जिलों में सम्बंधित लोगों से बातचीत के बाद तैयार किया गया है. इसी तरह पार्टी दलितों और उद्योग जगत के लिए भी अलग से मैनिफेस्टो लाएगी. अमृतसर में जुलाई में अरविंद केजरीवाल ने युवाओं के लिए 51 सूत्रीय मैनिफेस्टो जारी किया था. चुनाव से पहले पार्टी एक मुकम्मल घोषणा पत्र 'मिशन 2017' भी जारी करेगी.टिप्पणियां किसानों के लिए घोषणा पत्र में बढ़ती खुदकुशी की घटनाएं रोकने के लिए एक्शन प्लान होगा, साथ ही उन्हें कर्ज से उबारने के लिए राहत पैकेज का जिक्र होगा ताकि पार्टी की सरकार बनने के एक साल के भीतर पंजाब में किसानों की खुदकुशी के मामले खत्म किए जा सकें. कंवर संधु ने बताया कि किसान मैनिफेस्टो को 'बोलता पंजाब' टीम ने तैयार किया है. इसके लिए आठ जिलों में मीटिंग की गई. करीब 2400 सुझावों, 5000 ई मेल जिनमें विदेशों में बसे पंजाबियों के मेल शामिल हैं, एसएमएस और व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसानों के किए एजेंडा तय किया गया है. संधु ने बताया कि किसानों के लिए मैनिफेस्टो विभिन्न जिलों में सम्बंधित लोगों से बातचीत के बाद तैयार किया गया है. इसी तरह पार्टी दलितों और उद्योग जगत के लिए भी अलग से मैनिफेस्टो लाएगी. अमृतसर में जुलाई में अरविंद केजरीवाल ने युवाओं के लिए 51 सूत्रीय मैनिफेस्टो जारी किया था. चुनाव से पहले पार्टी एक मुकम्मल घोषणा पत्र 'मिशन 2017' भी जारी करेगी.टिप्पणियां किसानों के लिए घोषणा पत्र में बढ़ती खुदकुशी की घटनाएं रोकने के लिए एक्शन प्लान होगा, साथ ही उन्हें कर्ज से उबारने के लिए राहत पैकेज का जिक्र होगा ताकि पार्टी की सरकार बनने के एक साल के भीतर पंजाब में किसानों की खुदकुशी के मामले खत्म किए जा सकें. कंवर संधु ने बताया कि किसान मैनिफेस्टो को 'बोलता पंजाब' टीम ने तैयार किया है. इसके लिए आठ जिलों में मीटिंग की गई. करीब 2400 सुझावों, 5000 ई मेल जिनमें विदेशों में बसे पंजाबियों के मेल शामिल हैं, एसएमएस और व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसानों के किए एजेंडा तय किया गया है. किसानों के लिए घोषणा पत्र में बढ़ती खुदकुशी की घटनाएं रोकने के लिए एक्शन प्लान होगा, साथ ही उन्हें कर्ज से उबारने के लिए राहत पैकेज का जिक्र होगा ताकि पार्टी की सरकार बनने के एक साल के भीतर पंजाब में किसानों की खुदकुशी के मामले खत्म किए जा सकें. कंवर संधु ने बताया कि किसान मैनिफेस्टो को 'बोलता पंजाब' टीम ने तैयार किया है. इसके लिए आठ जिलों में मीटिंग की गई. करीब 2400 सुझावों, 5000 ई मेल जिनमें विदेशों में बसे पंजाबियों के मेल शामिल हैं, एसएमएस और व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसानों के किए एजेंडा तय किया गया है. कंवर संधु ने बताया कि किसान मैनिफेस्टो को 'बोलता पंजाब' टीम ने तैयार किया है. इसके लिए आठ जिलों में मीटिंग की गई. करीब 2400 सुझावों, 5000 ई मेल जिनमें विदेशों में बसे पंजाबियों के मेल शामिल हैं, एसएमएस और व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसानों के किए एजेंडा तय किया गया है.
यह एक सारांश है: लोगों से बातचीत के बाद तैयार किया गया घोषणा पत्र किसानों की खुदकुशी की घटनाएं रोकने के लिए एक्शन प्लान चुनाव से पहले आप घोषणा पत्र 'मिशन 2017' भी जारी करेगी
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर कारोबार का नया खिलाड़ी एमसीएक्स-एसक्स ने बुधवार को कहा कि उसका सूचकांक एसएक्स-40 होगा, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के 40 बड़ी बाजार पूंजी और तरल शेयर वाली कम्पनियां होंगी।टिप्पणियां एमसीएक्स-एसएक्स खुद को प्रमुख एक्सचेंज के रूप में स्थापित कर रही है और एसएक्स-40 बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी के साथ प्रतियोगिता करेगा। इस एक्सचेंज पर दीवाली से कारोबार शुरू होगा। एमसीएक्स-एसएक्स राज्य स्तर पर एक सलाहकार बोर्ड बनाना चाहती है, जिसमें सदस्य, निवेश संगठन, शैक्षिक संस्थान और अन्य पक्ष होंगे। इसका राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड भी होगा। एमसीएक्स-एसएक्स खुद को प्रमुख एक्सचेंज के रूप में स्थापित कर रही है और एसएक्स-40 बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी के साथ प्रतियोगिता करेगा। इस एक्सचेंज पर दीवाली से कारोबार शुरू होगा। एमसीएक्स-एसएक्स राज्य स्तर पर एक सलाहकार बोर्ड बनाना चाहती है, जिसमें सदस्य, निवेश संगठन, शैक्षिक संस्थान और अन्य पक्ष होंगे। इसका राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड भी होगा। एमसीएक्स-एसएक्स राज्य स्तर पर एक सलाहकार बोर्ड बनाना चाहती है, जिसमें सदस्य, निवेश संगठन, शैक्षिक संस्थान और अन्य पक्ष होंगे। इसका राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड भी होगा।
संक्षिप्त सारांश: शेयर कारोबार का नया खिलाड़ी एमसीएक्स-एसक्स ने बुधवार को कहा कि उसका सूचकांक एसएक्स-40 होगा, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के 40 बड़ी बाजार पूंजी और तरल शेयर वाली कम्पनियां होंगी।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार तथा कुछ यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद देश के निर्यात में अगस्त महीने के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस वर्ष अगस्त महीने में निर्यात सालाना आधार पर 44.2 प्रतिशत बढ़कर 24.3 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने कहा कि लौह अयस्क को छोड़कर इंजीनियरिंग, रसायन तथा कपड़ा समेत अन्य सभी क्षेत्रों के निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। आलोच्य महीने में आयात भी 41.8 प्रतिशत बढ़कर 38.4 अरब डॉलर रहा। इससे अगस्त महीने में व्यापार घाटा 14.1 अरब डॉलर रहा। चालू वित्तवर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच निर्यात 54.2 प्रतिशत बढ़कर 134.5 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 40.4 प्रतिशत बढ़कर 189.4 अरब डॉलर रहा। अमेरिका में आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार तथा कुछ यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। खुल्लर के अनुसार इस अवधि में व्यापार अंतर 54.9 अरब डॉलर रहा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार तथा यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद देश के निर्यात में अगस्त में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के मार्चपास्ट में घुसी रहस्यमयी महिला मधुरा नागेंद्र ने खेद जताते हुए कहा कि उससे परखने में गलती हो गई। मधुरा ने कहा, मुझसे परखने में गलती हो गई। मेरी हरकत से कइयों को निराशा हुई है। मुझे इसका खेद है।टिप्पणियां उसने स्पष्ट किया कि उसने सुरक्षा घेरा नहीं तोड़ा, क्योंकि वह अनुमति से स्टेडियम के भीतर गई थी। लाल कमीज और नीली पतलून पहने मधुरा भारतीय ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ मार्चपास्ट में चल रही थी। उसकी अवांछित मौजूदगी से भारतीय दल नाराज हो गया था, क्योंकि किसी को पता नहीं था कि वह कौन है। उसने कहा कि उसे नहीं लगा था कि ऐसा होगा। मधुरा ने कहा, मेरे भीतर काफी साहस है। मैं मीडिया से बचना नहीं चाहती थी। उसने कहा कि वह डांसर है और ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में डांस के लिए चुनी गई थी। मधुरा के पिता के नागेंद्र ने 29 जुलाई को कहा था कि उनकी बेटी का चयन उद्घाटन समारोह में डांस के लिए किया गया था। मधुरा पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा है और बेंगलुरु के क्राइस्ट कॉलेज में पढ़ी है। उसने स्पष्ट किया कि उसने सुरक्षा घेरा नहीं तोड़ा, क्योंकि वह अनुमति से स्टेडियम के भीतर गई थी। लाल कमीज और नीली पतलून पहने मधुरा भारतीय ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ मार्चपास्ट में चल रही थी। उसकी अवांछित मौजूदगी से भारतीय दल नाराज हो गया था, क्योंकि किसी को पता नहीं था कि वह कौन है। उसने कहा कि उसे नहीं लगा था कि ऐसा होगा। मधुरा ने कहा, मेरे भीतर काफी साहस है। मैं मीडिया से बचना नहीं चाहती थी। उसने कहा कि वह डांसर है और ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में डांस के लिए चुनी गई थी। मधुरा के पिता के नागेंद्र ने 29 जुलाई को कहा था कि उनकी बेटी का चयन उद्घाटन समारोह में डांस के लिए किया गया था। मधुरा पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा है और बेंगलुरु के क्राइस्ट कॉलेज में पढ़ी है। मधुरा ने कहा, मेरे भीतर काफी साहस है। मैं मीडिया से बचना नहीं चाहती थी। उसने कहा कि वह डांसर है और ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में डांस के लिए चुनी गई थी। मधुरा के पिता के नागेंद्र ने 29 जुलाई को कहा था कि उनकी बेटी का चयन उद्घाटन समारोह में डांस के लिए किया गया था। मधुरा पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा है और बेंगलुरु के क्राइस्ट कॉलेज में पढ़ी है।
यह एक सारांश है: लंदन ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के मार्चपास्ट में घुसी रहस्यमयी महिला मधुरा नागेंद्र ने खेद जताते हुए कहा कि उससे परखने में गलती हो गई।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हाल ही में एनडीए (NDA) से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) आज महागठबंधन में (Mahagathbandhan) में शामिल हो गए. गुरुवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने इसकी घोषणा की.लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ते ही जा रही है. सूत्रों के अनुसार एनडीए (NDA) से बाहर होने की अटकलों के बीच पार्टी के नेता चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने नोटबंदी के फायदे को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में वित्त मंत्री से नोटबंदी (Demonetization) के फायदों के बारे में पूछा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बुक्कल नवाब (Bukkal Nawab) ने गुरुवार को विवादित बयान दे दिया. बुक्कल नवाब ने भगवान हनुमान जी को मुसलमान बताया है.भारतीय जनता पार्टी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी खबर मिली है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी की 3 रथ यात्राओं को हरी झंडी दे दी है.शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की 'जीरो (Zero)' के लिए बॉक्स ऑफिस का सफर आसान नहीं रहने वाला है. 'जीरो (Zero)' को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Zero Box Office Collection) के मामले में यश की कन्नड़ फिल्म 'केजीएफ (KGF)' से कड़ी टक्कर मिल रही है. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ते ही जा रही है. सूत्रों के अनुसार एनडीए (NDA) से बाहर होने की अटकलों के बीच पार्टी के नेता चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने नोटबंदी के फायदे को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में वित्त मंत्री से नोटबंदी (Demonetization) के फायदों के बारे में पूछा है. लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो चिराग पासवान ने इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) और पीएम मोदी (PM Modi) से केंद्र सरकार की उपलब्धियां, विकास  के कार्यों, रोजगार और मुद्रा लोन के लाभार्थी आदि का आंकड़ा भी मांगा था जो उन्हें अभी तक उन्हें नहीं मिला है.   हाल ही में एनडीए (NDA) से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) आज महागठबंधन में (Mahagathbandhan) में शामिल हो गए. गुरुवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल हो गए हैं. इस मौके पर राजद नेता तेजस्वी यादव, शरद यादव हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी भी मंच पर मौजूद थे.बता दें कि हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कुशवाहा के भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन छोड़ने के बाद मुलाकात की थी. तब से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि कुशवाहा महागठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं. कुशवाहा के अलग होने के बाद बिहार में भाजपा के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोजपा राजग (NDA) के अन्य घटक दल हैं.   भारतीय जनता पार्टी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी खबर मिली है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी की 3 रथ यात्राओं को हरी झंडी दे दी है. साथ ही  कोर्ट ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं कि कानून एवं व्यवस्था कहीं भंग न हो. यानी अब बीजेपी राज्य में अपनी रथ यात्रा निकाल सकती है, जिसे ममता सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी. बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.पश्चिम बंगाल में बीजेपी की तीन रथ यात्राओं को हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'हम इस फैसले का स्वागत करते हैं और हमें न्यायपालिका पर भरोसा था कि हमें न्याय मिलेगा. यह निर्णय निरंकुशता के मुंह पर तमाचा है. हमने अभी कुछ फैसला नहीं लिया है, मगर मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि पीएम और पार्टी के मुखिया रथ यात्रा में शामिल होंगे.' Zero Box Office Collection Day 1: शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की 'जीरो (Zero)' के लिए बॉक्स ऑफिस का सफर आसान नहीं रहने वाला है. 'जीरो (Zero)' को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Zero Box Office Collection) के मामले में यश की कन्नड़ फिल्म 'केजीएफ (KGF)' से कड़ी टक्कर मिल रही है. यश की फिल्म 'KGF (कोलार गोल्ड फील्ड्स 1)' को लेकर भी जबरदस्त हाइप है, और फिल्म कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम और हिंदी में एक साथ रिलीज हो रही है. बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा का मुकाबला यश की 'KGF' से होगा. बुकमायशो पर अगर फिल्म में दिलचस्पी रखने वाले लोगों का आंकड़ा देखें तो शाहरुख खान की 'जीरो' यश की 'केजीएफ' से पिछ़ड़ गई है. बेशक ये मुकाबला जारी है. उधर, फिल्म एक्सपर्ट मान रहे हैं कि शाहरुख खान की 'जीरो' पहले दिन बॉक्स ऑफिस (Zero Box Office Collection Day 1) पर 22-26 करोड़ रु. कमा सकती है. हालांकि ये सिर्फ एक अनुमान भर है.
दिन की पांच बड़ी खबरें पढ़ेंः उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल बीजेपी नेता ने हनुमानजी को बताया मुसलमान बीेजपी की पश्चिम बंगाल में रथयात्रा को मिली हरी झंडी
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन यानी एनआरएचएम घोटाले में अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई ने चिकित्सा सामग्री आपूर्ति में कथित गड़बड़ी के संबंध में शुक्रवार को चार नए मामले दर्ज किए और 22 जिलों में तलाशी ली।टिप्पणियां सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने व्यापक छापेमारी अभियान के तहत शुक्रवार सुबह लखनऊ के अमीनाबाद क्षेत्र स्थित दवा बाजार सहित 30 ठिकानों पर छापे मारे। नए मामले दर्ज होने के साथ ही सीबीआई एनआरएचएम घोटाले में अब तक 12 मामले दर्ज कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि नई प्राथमिकियों में एजेंसी ने अनेक डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के नाम लिए हैं। सीबीआई ने यह कार्रवाई मामले में प्रमुख आरोपी एवं राज्य के पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और उनके करीबी सहयोगी बसपा विधायक राम प्रसाद जायसवाल से पूछताछ के कुछ दिन बाद की है। सूत्रों के अनुसार अभियान में कुछ डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के आवासों को भी शामिल किया गया। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने व्यापक छापेमारी अभियान के तहत शुक्रवार सुबह लखनऊ के अमीनाबाद क्षेत्र स्थित दवा बाजार सहित 30 ठिकानों पर छापे मारे। नए मामले दर्ज होने के साथ ही सीबीआई एनआरएचएम घोटाले में अब तक 12 मामले दर्ज कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि नई प्राथमिकियों में एजेंसी ने अनेक डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के नाम लिए हैं। सीबीआई ने यह कार्रवाई मामले में प्रमुख आरोपी एवं राज्य के पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और उनके करीबी सहयोगी बसपा विधायक राम प्रसाद जायसवाल से पूछताछ के कुछ दिन बाद की है। सूत्रों के अनुसार अभियान में कुछ डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के आवासों को भी शामिल किया गया। सूत्रों ने बताया कि नई प्राथमिकियों में एजेंसी ने अनेक डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के नाम लिए हैं। सीबीआई ने यह कार्रवाई मामले में प्रमुख आरोपी एवं राज्य के पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और उनके करीबी सहयोगी बसपा विधायक राम प्रसाद जायसवाल से पूछताछ के कुछ दिन बाद की है। सूत्रों के अनुसार अभियान में कुछ डॉक्टरों और दवा आपूर्तिकर्ताओं के आवासों को भी शामिल किया गया।
सारांश: उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले में जांच आगे बढ़ाते हुए सीबीआई ने चार नए मामले दर्ज किए और 22 जिलों में तलाशी ली।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीनगर के बेमिना इलाके में सीआरपीएफ के शिविर पर फिदायीन हमला करने वाले दो आतंकवादी शायद पाकिस्तान के थे। गृह सचिव आरके सिंह ने यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘पहली नजर में आतंकवादी स्थानीय नहीं बल्कि सीमा पार के लगते हैं और ऐसा आभास है कि वह शायद पाकिस्तान के हैं।’ सिंह ने कहा कि सरकार के पास चार आतंकवादियों के घुसने की जानकारी थी और बल चौकन्ने थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सूचना थी कि चार उग्रवादी घुसे हैं। इसलिए हम चौकन्ने थे। ये दो उग्रवादी मारे गए। दो और उग्रवादी हो सकते हैं जो बाहर हैं।’टिप्पणियां सिंह ने बताया कि उन्होंने हालात के बारे में इलाके के सीआरपीएफ प्रभारी से बात की है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी शिविर के नजदीक स्थित खेल के मैदान में घुसने के लिए क्रिकेट की किट के बैग लिए हुए थे। सिंह ने कहा कि सरकार के पास चार आतंकवादियों के घुसने की जानकारी थी और बल चौकन्ने थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सूचना थी कि चार उग्रवादी घुसे हैं। इसलिए हम चौकन्ने थे। ये दो उग्रवादी मारे गए। दो और उग्रवादी हो सकते हैं जो बाहर हैं।’टिप्पणियां सिंह ने बताया कि उन्होंने हालात के बारे में इलाके के सीआरपीएफ प्रभारी से बात की है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी शिविर के नजदीक स्थित खेल के मैदान में घुसने के लिए क्रिकेट की किट के बैग लिए हुए थे। सिंह ने बताया कि उन्होंने हालात के बारे में इलाके के सीआरपीएफ प्रभारी से बात की है। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी शिविर के नजदीक स्थित खेल के मैदान में घुसने के लिए क्रिकेट की किट के बैग लिए हुए थे। गृह सचिव ने कहा कि आतंकवादी शिविर के नजदीक स्थित खेल के मैदान में घुसने के लिए क्रिकेट की किट के बैग लिए हुए थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रीनगर के बेमिना इलाके में सीआरपीएफ के शिविर पर फिदायीन हमला करने वाले दो आतंकवादी शायद पाकिस्तान के थे। गृह सचिव आरके सिंह ने यह बात कही।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं इस मामले को लेकर सियासत भी गरमाने लगी है. यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सीएम अखिलेश यादव से इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर वो क़ानून-व्यवस्था नहीं संभाल सकते तो इस्तीफ़ा दें. गौरतलब है कि महिला शुक्रवार रात अपने परिवार के साथ शाहजहांपुर से आ रही थीं. बुलंदशहर में एंट्री करते ही किसी ने उनकी कार को लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया. जैसे ही चालक ने गाड़ी रोकी, वैसे ही बंदूक की नोक पर पांच लोग उन्हें बंधक बनाकर ले गए. बुलंदशहर के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवार के साथ लूटपाट की गई. आदमी को बांध दिया गया. 35 साल की महिला और उसकी बेटी को दूर तक घसीटकर ले गए और उनके साथ तीन घंटे तक गैंगरेप किया. काफी समय बाद करीब 5.30 मिनट पर इन्हें पुलिस ने ढूंढा. गौरतलब है कि महिला शुक्रवार रात अपने परिवार के साथ शाहजहांपुर से आ रही थीं. बुलंदशहर में एंट्री करते ही किसी ने उनकी कार को लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया. जैसे ही चालक ने गाड़ी रोकी, वैसे ही बंदूक की नोक पर पांच लोग उन्हें बंधक बनाकर ले गए. बुलंदशहर के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवार के साथ लूटपाट की गई. आदमी को बांध दिया गया. 35 साल की महिला और उसकी बेटी को दूर तक घसीटकर ले गए और उनके साथ तीन घंटे तक गैंगरेप किया. काफी समय बाद करीब 5.30 मिनट पर इन्हें पुलिस ने ढूंढा.
सारांश: इंसाफ न मिला तो कर लूंगा खुदकुशी : पिता 3 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गैंगरेप मामले में राजनीति तेज
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम ने श्रीलंका के हम्बानटोटा में जारी दक्षिण एशियाई बीच खेलों की घुड़सवारी के टेंटपेगिंग स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम कर लिए हैं। समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के मुताबिक, इस  स्पर्धा का कांस्य पदक नेपाल के खाते में गया। घुड़सवारी की टेंटपेगिंग स्पर्धा में भारत के जसविंदर सिंह बट्ट और जसविंदर सिंह 29-29 अंक के साथ बराबरी पर रहे जबकि नेपाल के धुरबा प्रदास ने 28 अंक हासिल किए। स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मुकाबले में बट्ट ने 6 अंक हासिल किए जबकि सिंह दो अंक ही हासिल कर पाए। दूसरी ओर, मेजबान श्रीलंका ने बीच बॉलीवाल प्रतियोगिता में भारत को 2-0 से हरा दिया। श्रीलंका ने बीच फुटबाल में नेपाल को 11-2 से शिकस्त दी जबकि बांग्लादेश को उसने 12-4 से हराया। बांग्लादेश ने मालदीव को 8-3 से शिकस्त दी जबकि नेपाल ने मालदीव को 5-3 से पटखनी दी। कबड्डी प्रतियोगिता में श्रीलंका की पुरुष टीम ने नेपाल को 71-19 से हराया जबकि महिला टीम ने नेपाल को 70-34 से हराया।
यह एक सारांश है: भारत ने श्रीलंका के हम्बानटोटा में जारी दक्षिण एशियाई बीच खेलों की घुड़सवारी के टेंटपेगिंग स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम कर लिए हैं।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: असम में विधानसभा चुनाव होने में मुश्किल से एक महीना रह गया है। ऐसे में मुख्य विपक्षी पार्टी असोम गण परिषद (अगप) सत्तारूढ़ कांग्रेस को शिकस्त देने लिए साझेदारों की तलाश कर रही है। ज्ञात हो कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए चुनाव मार्च या अप्रैल में संभावित है। अगप अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने शुक्रवार को एक नाटकीय घोषणा करते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), असोम युनाइटेड डेमोकेट्रिक फ्रंट (एयूडीएफ) तथा दो वामपंथी दलों के नेताओं के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े नहीं करेंगे। पटवारी ने संवादताओं से कहा, "कांग्रेस को पराजित करने के लिए विपक्ष की एकजुटता जरूरी है। इसलिए हमने उन चार निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार खड़े नहीं करने का निर्णय लिया है, जहां एयूडीएफ, भाजपा और वाम दल चुनाव लड़ने वाले हैं।" गौरतलब है कि अगप ने पिछले वर्ष सितम्बर में भाजपा से नाता तोड़ लिया था और कहा था कि वह आगामी चुनाव में छोटे क्षेत्रीय दलों के समर्थन से अकेले ही चुनाव लड़ेगी। अगप वर्ष 2001 से लेकर अब तक चुनावों में पिछड़ती रही है। उल्लेखनीय है कि अगप और भाजपा ने वर्ष 2009 को संसदीय चुनाव साथ लड़ा था। इस चुनाव में अगप को 14 में से सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी।
यहाँ एक सारांश है:मुख्य विपक्षी पार्टी असोम गण परिषद (अगप) सत्तारूढ़ कांग्रेस को शिकस्त देने लिए साझेदारों की तलाश कर रही है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्णगोपाल ने कहा कि अहिष्णुता वाले लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए. उन्हें भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार रखना चाहिए.   अखिल भारतीय संस्कृति समन्वय संस्थान की ओर से भारत में धार्मिक जनसांख्यिकी असंतुलन पत्रिका के विमोचन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ कृष्णगोपाल ने कहा कि भारत में आज हिन्दू समाज हर क्षेत्र चाहे व्यापार हो या नौकरी उसमें आगे बढ़ रहा है.   उन्होंने कहा, 'आज विश्व में एक विशेष वातावरण बना हुआ, इस्लाम अपने अंदर ही परेशान है, इस्लाम के दो फिरके साथ नहीं रह सकते, जितनी असहिष्णुता बाहर वालों के लिये है, उतनी ही अंदर वालाे के लिये भी है. 'उन्होंने कहा कि मैं कई मुस्लिम लोगों से मिला हूं जिन्हें अपने मूल के बारे में पता है कि उनके पूवर्ज राजपूत थे, या ब्राहमण थे, बाद उनका धर्मातंरण हो गया. देशभर में ऐसी हजारों बस्तियां है जिन्हें उनके मूल के बारे में पता है और वो हिन्दू संस्कृति को मानते हैं और उस सभ्यता से जुड़े हैं. उनके मन में आता है कि वो वापस फिर से हिन्दू हो सकते है क्या, वो हिन्दू की ओर देखते है कि क्या हिन्दू उन्हें स्वीकार करेगा. वापस आने की पद्वति है और पूर्वजों के घर आने में कोई संकट नहीं है.   इस अवसर पर राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने विश्वविद्यालयों में देश विरोधी नारे पर चिंता जाहिर करते इस मुद्दे को ढंग से ध्यान देना चाहिए. उन्होंने नागरिकों से देश के विकास, अखंडता एवं भारतीय संस्कृति को बढाने की अपील की.
संक्षिप्त सारांश: भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार रखना चाहिए भारत में आज हिन्दू समाज हर क्षेत्र से आगे बढ़ रहा है आज विश्व में एक विशेष वातावरण बना हुआ, इस्लाम अपने अंदर ही परेशान है
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: Oppo के सब-ब्रांड रियलमी ने हाल ही में चीन में अपने नए स्मार्टफोन Realme X को लॉन्च किया है। रियलमी एक्स कंपनी के Realme 3 Pro स्मार्टफोन से महंगा है। Realme X कंपनी का पहला ऐसा स्मार्टफोन है जो पॉप-अप सेल्फी कैमरा से लैस है। Realme ब्रांड के इस लेटेस्ट स्मार्टफोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा भी है। Realme X की सीधी भिड़ंत Xiaomi Redmi Note 7 Pro से होगी। आइए कीमत और स्पेसिफिकेशन के आधार पर जानते हैं कि Realme X, Redmi Note 7 Pro और Realme 3 Pro में कौन बेहतर है? भारतीय मार्केट में रियलमी एक्स की कीमत क्या होगी, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। चीनी मार्केट में Realme X की कीमत 1,499 चीनी युआन (करीब 15,400 रुपये) से शुरू होती है। यह दाम 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। इस फोन के 6 जीबी + 64 जीबी वर्ज़न की कीमत 1,599 चीनी युआन (करीब 16,400 रुपये) और 8 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट का दाम 1,799 चीनी युआन (करीब 18,500 रुपये) है। रियलमी 3 प्रो का दाम 13,999 रुपये से शुरू होता है। इस दाम में 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट मिलता है। फोन के 6 जीबी + 64 जीबी वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 6 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का दाम 16,999 रुपये है। शाओमी ने Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) के दो वेरिएंट उपलब्ध कराए हैं।  4 जीबी रैम + 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 13,999 रुपये में बेचा जाएगा। ग्राहक रेडमी नोट 7 प्रो के 6 जीबी + 128 जीबी वर्ज़न को 16,999 रुपये में खरीद पाएंगे। यह नेप्ट्यून ब्लू, नेब्यूला रेड और स्पेस ब्लैक रंग में उपलब्ध होगा। डुअल-सिम (नैनो) वाला रियलमी एक्स एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित कलरओएस 6.0 पर चलेगा। फोन 6.53 इंच की फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एमोलेड स्क्रीन से लैस है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। इस स्मार्टफोन पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। डुअल-सिम Realme 3 Pro आउट ऑफ बॉक्स एंड्रॉयड पाई पर आधारित कलरओएस 6.0 पर चलेगा। इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) आईपीएस डिस्प्ले है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। 2.5 डी कर्व्ड ग्लास के साथ आने वाले इस फोन में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 की प्रोटेक्शन है। Redmi Note 7 Pro में 6.3 इंच की फुल-एचडी+ स्क्रीन है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो और वाटरड्रॉप नॉच के साथ। फोन के फ्रंट और बैक पैनल पर 2.5डी कर्व्ड गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है। डिज़ाइन की बात करें तो तीनों ही फोन के बैक पैनल पर ग्रेडिएंट फिनिश है। Realme X में पॉप-अप सेल्फी कैमरा मॉड्यूल तो वहीं अन्य दोनों स्मार्टफोन के फ्रंट पर वाटरड्रॉप-नॉच है। रियलमी एक्स स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर के साथ 8 जीबी तर रैम दिए गए हैं। साथ ही इसमें ऐड्रेनो 616 जीपीयू का इस्तेमाल हुआ है। Realme 3 Pro में भी इसी चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है लेकिन Redmi Note 7 Pro स्मार्टफोन में 11एनएम प्रोसेस से बने क्वालकॉम ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही हैंडसेट में 6 जीबी तक रैम और ऐड्रेनो 612 जीपीयू है। स्टोरेज की बात करें तो Realme X के दो स्टोरेज वेरिएंट हैं- एक 64 जीबी और दूसरा 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट के साथ। रियलमी 3 प्रो की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी तक है और ज़रूरत पड़ने पर 256 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। Redmi Note 7 Pro में 64 जीबी स्टोरेज और 128 जीबी स्टोरेज के दो विकल्प हैं। दोनों ही वेरिएंट 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करते हैं। Realme X दो रियर कैमरों के साथ आता है। यहां एफ/ 1.7 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। पॉ-अप मॉड्यूल में 16 मेगापिक्सल के सेल्फी सेंसर को जगह मिली है। अब बात कैमरा सेटअप की। Realme 3 Pro डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। पिछले हिस्से पर एफ/ 1.7 अपर्चर वाले 16 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरे के साथ एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा भी है। फ्रंट पैनल पर एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 25 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। Redmi Note 7 Pro डुअल कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें एफ/ 1.79 अपर्चर वाला 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन में एआई सीन डिटेक्शन, एआई पोर्ट्रेट मोड और नाइट मोड जैसे कैमरा फीचर हैं। इसके अलावा फोन में 13 मेगापिक्सल का सेल्फी सेंसर है। रियलमी एक्स फोन की बैटरी 3,765 एमएएच की है और यह VOOC 3.0 फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। Realme 3 Pro डिवाइस की बैटरी 4,045 एमएएच की है। यह 20 वाट VOOC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। Redmi Note 7 Pro फोन की बैटरी 4,000 एमएएच की है और यह क्विक चार्ज 4.0 को सपोर्ट करेगी। Realme X में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, डॉल्बी एटमस सपोर्ट, 4जी एलटीई सपोर्ट, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5 और जीपीएस शामिल हैं। Realme 3 Pro में ब्लूटूथ 5.0, 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट से लैस है। रेडमी नोट 7 प्रो में यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक और डुअल सिम कनेक्टिविटी फीचर इस फोन का हिस्सा हैं।
यह एक सारांश है: 48 मेगापिक्सल कैमरे से लैस है रियलमी 3 प्रो Realme 3 Pro डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर से लैस है रेडमी नोट 7 प्रो
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने दो कैबिनेट मंत्रियों गायत्री प्रजापति और राजकिशोर को बर्खास्त कर दिया. उधर दिल्ली में मौजूद मुलायम सिंह ने कहा है कि मंत्रियों को बर्खास्त करने से पहले उन्हें बताया नहीं गया. माइनिंग मिनिस्टर गायत्री प्रजापति के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच चल रही है. सरकार ने सीबीआई जांच न कराने के लिए हाईकोर्ट से दरख्वास्त की थी जो हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दी. अदालत ने जल्द स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहा. इसके बाद सरकार को गायत्री प्रजापति को बर्खास्त करना पड़ा.     अखिलेश यादव के इस कदम को डेमैज कंट्रोल बताया जा रहा है, ताकि सरकार की छवि को सुधारा जा सके. राज्य में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं. कांग्रेस से राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पूरा ध्यान यूपी चुनावों की ओर है और वे सत्ता से सपा को उखाड़ फेंकने के लिए प्रचार करते दिख रहे हैं.      गायत्री आलाकमान के इतने पसंदीदा मंत्री थे कि उन्हें तीन बार प्रमोशन मिला. पहले राज्यमंत्री बने लेकिन तभी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. इसके बावजूद उन्हें तरक्की देकर स्वतंत्र प्रभार देकर राज्यमंत्री बनाया गया. उनकी बदनामी जब और बढ़ गई तो उन्हें प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया. जब हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया तो सरकार उसे रुकवाने के कोर्ट पहुंच गई. लेकिन कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए पूछा ''अगर माइनिंग में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो फिर आप सीबीआई जांच से क्यों डर रहे हैं?'' कोर्ट ने आज सीबीआई से कहा कि जांच की स्टेटटस रिपोर्ट जल्द तैयार कर कोर्ट को पेश की जाए. लगता है कि कोर्ट के इस रुख को देखते हुए ही उन्हें बर्खास्त करना पड़ा. समाजवादी पार्टी में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले अखिलेश यादव के करीबी नावेद सिद्दीकी कहते हैं ''किसी के बारे में जांच करने में थोड़ा वक्त लगता है. और जब मुख्यमंत्री जी के सामने कुछ ऐसी बातें सामने आई होंगी तभी उन्होंने उन्हें बर्खास्त कर यह मैसेज दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं करेंगी.''    सियासी हलकों में कहते हैं कि गायत्री को अखिलेश पसंद नहीं करते, लेकिन वे मुलायम की पसंद हैं. उनकी बदनामी का अंदाज सिर्फ इससे लगा सकते हैं  कि उनके खिलाफ करीब आधा दर्जन लोगों ने लोकायुक्त में शिकायत की और अवैध माइनिंग पर करीब 60 जनहित याचिकाएं हाईकोर्ट में आईं. एक शिकायतकर्ता ओम शंकर द्विवेदी ने 1750 पन्नों की शिकायत लोकायुक्त को की जिसमें इल्जाम लगाया गया कि  गायत्री सन 2002 तक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) थे. सन 2012 के चुनाव के वक्त उनके पास एक करोड़ 81 लाख की जायजाद थी. अब उन्होंने अपने करीब 21 करीबी लोगों के नाम 84 संपत्तियां खरीदी हैं. इन जायजादों की बाजार में कीमत 1500 करोड़ है. हलांकि द्विवेदी ने अचानक अपनी शिकायत वापस ले ली.     गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वालीं नूतन ठाकुर कहती हैं कि माइनिंग में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ा है. ''जितनी माइनिंग का परमिट है उससे 20-25 गुनी ज्यादा गैरकानूनी माइनिंग की जा रही है. यही नहीं, जहां परमीशन नहीं है वहां भी माइनिंग की जा रही है. इसमें करोड़ों रुपये की रोज की वसूली हो रही है. '' दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) अखिलेश यादव के इस कदम को डेमैज कंट्रोल बताया जा रहा है, ताकि सरकार की छवि को सुधारा जा सके. राज्य में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं. कांग्रेस से राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पूरा ध्यान यूपी चुनावों की ओर है और वे सत्ता से सपा को उखाड़ फेंकने के लिए प्रचार करते दिख रहे हैं.      गायत्री आलाकमान के इतने पसंदीदा मंत्री थे कि उन्हें तीन बार प्रमोशन मिला. पहले राज्यमंत्री बने लेकिन तभी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. इसके बावजूद उन्हें तरक्की देकर स्वतंत्र प्रभार देकर राज्यमंत्री बनाया गया. उनकी बदनामी जब और बढ़ गई तो उन्हें प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया. जब हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया तो सरकार उसे रुकवाने के कोर्ट पहुंच गई. लेकिन कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए पूछा ''अगर माइनिंग में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो फिर आप सीबीआई जांच से क्यों डर रहे हैं?'' कोर्ट ने आज सीबीआई से कहा कि जांच की स्टेटटस रिपोर्ट जल्द तैयार कर कोर्ट को पेश की जाए. लगता है कि कोर्ट के इस रुख को देखते हुए ही उन्हें बर्खास्त करना पड़ा. समाजवादी पार्टी में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले अखिलेश यादव के करीबी नावेद सिद्दीकी कहते हैं ''किसी के बारे में जांच करने में थोड़ा वक्त लगता है. और जब मुख्यमंत्री जी के सामने कुछ ऐसी बातें सामने आई होंगी तभी उन्होंने उन्हें बर्खास्त कर यह मैसेज दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं करेंगी.''    सियासी हलकों में कहते हैं कि गायत्री को अखिलेश पसंद नहीं करते, लेकिन वे मुलायम की पसंद हैं. उनकी बदनामी का अंदाज सिर्फ इससे लगा सकते हैं  कि उनके खिलाफ करीब आधा दर्जन लोगों ने लोकायुक्त में शिकायत की और अवैध माइनिंग पर करीब 60 जनहित याचिकाएं हाईकोर्ट में आईं. एक शिकायतकर्ता ओम शंकर द्विवेदी ने 1750 पन्नों की शिकायत लोकायुक्त को की जिसमें इल्जाम लगाया गया कि  गायत्री सन 2002 तक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) थे. सन 2012 के चुनाव के वक्त उनके पास एक करोड़ 81 लाख की जायजाद थी. अब उन्होंने अपने करीब 21 करीबी लोगों के नाम 84 संपत्तियां खरीदी हैं. इन जायजादों की बाजार में कीमत 1500 करोड़ है. हलांकि द्विवेदी ने अचानक अपनी शिकायत वापस ले ली.     गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वालीं नूतन ठाकुर कहती हैं कि माइनिंग में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ा है. ''जितनी माइनिंग का परमिट है उससे 20-25 गुनी ज्यादा गैरकानूनी माइनिंग की जा रही है. यही नहीं, जहां परमीशन नहीं है वहां भी माइनिंग की जा रही है. इसमें करोड़ों रुपये की रोज की वसूली हो रही है. '' दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) कोर्ट ने आज सीबीआई से कहा कि जांच की स्टेटटस रिपोर्ट जल्द तैयार कर कोर्ट को पेश की जाए. लगता है कि कोर्ट के इस रुख को देखते हुए ही उन्हें बर्खास्त करना पड़ा. समाजवादी पार्टी में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले अखिलेश यादव के करीबी नावेद सिद्दीकी कहते हैं ''किसी के बारे में जांच करने में थोड़ा वक्त लगता है. और जब मुख्यमंत्री जी के सामने कुछ ऐसी बातें सामने आई होंगी तभी उन्होंने उन्हें बर्खास्त कर यह मैसेज दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं करेंगी.''    सियासी हलकों में कहते हैं कि गायत्री को अखिलेश पसंद नहीं करते, लेकिन वे मुलायम की पसंद हैं. उनकी बदनामी का अंदाज सिर्फ इससे लगा सकते हैं  कि उनके खिलाफ करीब आधा दर्जन लोगों ने लोकायुक्त में शिकायत की और अवैध माइनिंग पर करीब 60 जनहित याचिकाएं हाईकोर्ट में आईं. एक शिकायतकर्ता ओम शंकर द्विवेदी ने 1750 पन्नों की शिकायत लोकायुक्त को की जिसमें इल्जाम लगाया गया कि  गायत्री सन 2002 तक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) थे. सन 2012 के चुनाव के वक्त उनके पास एक करोड़ 81 लाख की जायजाद थी. अब उन्होंने अपने करीब 21 करीबी लोगों के नाम 84 संपत्तियां खरीदी हैं. इन जायजादों की बाजार में कीमत 1500 करोड़ है. हलांकि द्विवेदी ने अचानक अपनी शिकायत वापस ले ली.     गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वालीं नूतन ठाकुर कहती हैं कि माइनिंग में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ा है. ''जितनी माइनिंग का परमिट है उससे 20-25 गुनी ज्यादा गैरकानूनी माइनिंग की जा रही है. यही नहीं, जहां परमीशन नहीं है वहां भी माइनिंग की जा रही है. इसमें करोड़ों रुपये की रोज की वसूली हो रही है. '' दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) सियासी हलकों में कहते हैं कि गायत्री को अखिलेश पसंद नहीं करते, लेकिन वे मुलायम की पसंद हैं. उनकी बदनामी का अंदाज सिर्फ इससे लगा सकते हैं  कि उनके खिलाफ करीब आधा दर्जन लोगों ने लोकायुक्त में शिकायत की और अवैध माइनिंग पर करीब 60 जनहित याचिकाएं हाईकोर्ट में आईं. एक शिकायतकर्ता ओम शंकर द्विवेदी ने 1750 पन्नों की शिकायत लोकायुक्त को की जिसमें इल्जाम लगाया गया कि  गायत्री सन 2002 तक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) थे. सन 2012 के चुनाव के वक्त उनके पास एक करोड़ 81 लाख की जायजाद थी. अब उन्होंने अपने करीब 21 करीबी लोगों के नाम 84 संपत्तियां खरीदी हैं. इन जायजादों की बाजार में कीमत 1500 करोड़ है. हलांकि द्विवेदी ने अचानक अपनी शिकायत वापस ले ली.     गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वालीं नूतन ठाकुर कहती हैं कि माइनिंग में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ा है. ''जितनी माइनिंग का परमिट है उससे 20-25 गुनी ज्यादा गैरकानूनी माइनिंग की जा रही है. यही नहीं, जहां परमीशन नहीं है वहां भी माइनिंग की जा रही है. इसमें करोड़ों रुपये की रोज की वसूली हो रही है. '' दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने वालीं नूतन ठाकुर कहती हैं कि माइनिंग में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ा है. ''जितनी माइनिंग का परमिट है उससे 20-25 गुनी ज्यादा गैरकानूनी माइनिंग की जा रही है. यही नहीं, जहां परमीशन नहीं है वहां भी माइनिंग की जा रही है. इसमें करोड़ों रुपये की रोज की वसूली हो रही है. '' दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) दूसरे बर्खास्त मंत्री राजकिशोर की भी काफी बदनामी थी. जिससे उनसे उद्यान विभाग ले लिया गया था. उन्हें लघु सिंचाई और पंचायती राज विभाग दिया गया, लेकिन इल्जामों ने पीछा नहीं छोड़ा. यही नहीं, जब बर्खास्त हुए तो उनके इलाके में तमाम लोगों ने लड्डू बांटे.       टिप्पणियां भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है.पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था. कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी) कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे. जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है. (इनपुट भाषा से भी)
संक्षिप्त सारांश: अखिलेश के कदम को डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है दोनों मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप विपक्षी दल इन दिनों यूपी में जोर-शोर से कर रहे हैं प्रचार
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडियन ऑयल कारपोरेशन के हजीरा स्थित संयंत्र में एक तेल भंडारण टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते तेजी से फैल गई। दमकल कर्मचारियों ने बताया कि सूरत और आस-पास के शहरों से दमकलकर्मियों को बुलाकर आग बुझाने के काम में लगाया गया है।टिप्पणियां हजीरा संयंत्र में नौ भंडारण टैंक हैं जिनमें से पांच पेट्रोल के और चार डीजल के हैं। इनमें से एक टैंक में अपरान्ह आग लग गई जो तेजी से फैल गई। आग से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकल कर्मचारियों ने बताया कि सूरत और आस-पास के शहरों से दमकलकर्मियों को बुलाकर आग बुझाने के काम में लगाया गया है।टिप्पणियां हजीरा संयंत्र में नौ भंडारण टैंक हैं जिनमें से पांच पेट्रोल के और चार डीजल के हैं। इनमें से एक टैंक में अपरान्ह आग लग गई जो तेजी से फैल गई। आग से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हजीरा संयंत्र में नौ भंडारण टैंक हैं जिनमें से पांच पेट्रोल के और चार डीजल के हैं। इनमें से एक टैंक में अपरान्ह आग लग गई जो तेजी से फैल गई। आग से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग से अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के हजीरा स्थित संयंत्र में एक तेल भंडारण टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते तेजी से फैल गई।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टेस्ट शृंखला में मिली हार के बाद पहले टी-20 क्रिकेट मैच में शानदार जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम दूसरा और आखिरी मैच जीतकर इंग्लैंड का सफाया करने उतरेगी। जीत की लय दोबारा हासिल करने के बाद भारत आसानी से इसे नहीं गंवाना चाहेगा। खासतौर पर जब इस शृंखला के तुरंत बाद पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित शृंखला खेलनी है। भारत और पाकिस्तान 25 और 28 दिसंबर को टी-20 मैच खेलने के बाद तीन वनडे मैचों की शृंखला खेलेंगे। दूसरी ओर द्विपक्षीय शृंखला में भारत से पहला टी-20 मैच हारने वाली इंग्लैंड की टीम क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी। भारत को इस मैच से पहले गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ कमजोर कड़ियों पर मेहनत करनी होगी। गेंदबाजी में शुरुआती और आखिरी ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले परविंदर अवाना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जबकि अशोक डिंडा को शॉर्ट गेंदें फेंकने का खामियाजा भुगतना पड़ा।टिप्पणियां बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। जीत की लय दोबारा हासिल करने के बाद भारत आसानी से इसे नहीं गंवाना चाहेगा। खासतौर पर जब इस शृंखला के तुरंत बाद पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित शृंखला खेलनी है। भारत और पाकिस्तान 25 और 28 दिसंबर को टी-20 मैच खेलने के बाद तीन वनडे मैचों की शृंखला खेलेंगे। दूसरी ओर द्विपक्षीय शृंखला में भारत से पहला टी-20 मैच हारने वाली इंग्लैंड की टीम क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी। भारत को इस मैच से पहले गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ कमजोर कड़ियों पर मेहनत करनी होगी। गेंदबाजी में शुरुआती और आखिरी ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले परविंदर अवाना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जबकि अशोक डिंडा को शॉर्ट गेंदें फेंकने का खामियाजा भुगतना पड़ा।टिप्पणियां बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। भारत और पाकिस्तान 25 और 28 दिसंबर को टी-20 मैच खेलने के बाद तीन वनडे मैचों की शृंखला खेलेंगे। दूसरी ओर द्विपक्षीय शृंखला में भारत से पहला टी-20 मैच हारने वाली इंग्लैंड की टीम क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी। भारत को इस मैच से पहले गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ कमजोर कड़ियों पर मेहनत करनी होगी। गेंदबाजी में शुरुआती और आखिरी ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले परविंदर अवाना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जबकि अशोक डिंडा को शॉर्ट गेंदें फेंकने का खामियाजा भुगतना पड़ा।टिप्पणियां बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। दूसरी ओर द्विपक्षीय शृंखला में भारत से पहला टी-20 मैच हारने वाली इंग्लैंड की टीम क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी। भारत को इस मैच से पहले गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ कमजोर कड़ियों पर मेहनत करनी होगी। गेंदबाजी में शुरुआती और आखिरी ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले परविंदर अवाना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जबकि अशोक डिंडा को शॉर्ट गेंदें फेंकने का खामियाजा भुगतना पड़ा।टिप्पणियां बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। भारत को इस मैच से पहले गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ कमजोर कड़ियों पर मेहनत करनी होगी। गेंदबाजी में शुरुआती और आखिरी ओवर चिंता का विषय बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले परविंदर अवाना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके जबकि अशोक डिंडा को शॉर्ट गेंदें फेंकने का खामियाजा भुगतना पड़ा।टिप्पणियां बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। बाद में डिंडा ने दो विकेट लिए, लेकिन अवाना ने दो ओवर में 29 रन दे डाले। गुरुवार के मैच में भुवनेश्वर कुमार या अभिमन्यु मिथुन को मौका दिया जा सकता है। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए। मैडन ओवर से शुरुआत करने वाले स्पिनर आर अश्विन ने भी 33 रन दिए जबकि रविंद्र जडेजा ने तीन ओवर में 22 और पीयूष चावला ने 24 रन दिए।
संक्षिप्त सारांश: टेस्ट शृंखला में मिली हार के बाद पहले टी-20 क्रिकेट मैच में शानदार जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम दूसरा और आखिरी मैच जीतकर इंग्लैंड का सफाया करने उतरेगी।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुई सड़क दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की है. ज्ञात को कि इस दुर्घटना में पीड़िता की दो महिला रिश्तेदारों की मौत हो गई है. अखिलेश का कहना है कि पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की गई है, लेकिन दुर्घटना के दौरान उनके साथ एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना बस एक दुर्घटना थी या फिर पीड़िता के परिवार को खत्म करने की साजिश थी, इसकी सीबीआई जांच जरूर होनी चाहिए. वहीं कांग्रेस ने भी इस दुर्घटना की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है.  अदालत ने पिछले साल दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया था, लेकिन परिवार के साथ कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था. रविवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर पीड़िता की कार से एक ट्रक टकरा गया था. दुर्घटना में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके वकील महेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. दुर्घटना में पीड़िता की चाची व अन्य एक महिला की मौत हो गई. यह सभी दुष्कर्म पीड़िता के चाचा से मिलकर वापस आ रहे थे, जो जालसाजी के मामले में रायबरेली जेल में बंद है. ट्रक के मालिक देवेंद्र सिंह और चालक आशीष पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अखिलेश ने सीबीआई जांच की मांग की यूपी सरकार पर उठाए कई सवाल ट्रक से टकरा गई थी पीड़िता की कार
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सलामी बल्लेबाज फाफ डु प्लेसिस के 71 रन के बाद एल्बी मोर्कल की सात गेंद में 28 रन की मनोरंजक पारी से चेन्नई सुपरकिंग्स ने गुरुवार को आईपीएल के रोमांचक मैच में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर को पांच विकेट से शिकस्त दी। क्रिस गेल की 66 रन की आक्रामक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया जो इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। इसके जवाब में चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम मैन आफ द मैच डु प्लेसिस की 46 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से जड़ित 71 रन की पारी और अंत में एल्बी मोर्कल के सात गेंद में तेजी से बटोरे गये 28 रन से 20 ओवर में पांच विकेट पर 208 रन बनाकर जीत गयी। मैच के अंतिम तीन ओवर दर्शकों के लिये काफी रोमांचक रहे जो मैच का टर्निंग प्वाइंट भी थे। इसमें आरसीबी के कप्तान डेनियल विटोरी का कोहली को अंत में गेंदबाजी कराने का फैसला उन्हें हार दिलाने में अहम रहा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 24 गेंद में दो छक्के और एक चौके से 41 रन बनाकर टीम को इस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत के लिये अंतिम तीन ओवर में 50 रन चाहिए थे जो असंभव दिख रहा था। धोनी 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर जहीर खान को विकेट दे बैठे। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। क्रिस गेल की 66 रन की आक्रामक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया जो इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। इसके जवाब में चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम मैन आफ द मैच डु प्लेसिस की 46 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से जड़ित 71 रन की पारी और अंत में एल्बी मोर्कल के सात गेंद में तेजी से बटोरे गये 28 रन से 20 ओवर में पांच विकेट पर 208 रन बनाकर जीत गयी। मैच के अंतिम तीन ओवर दर्शकों के लिये काफी रोमांचक रहे जो मैच का टर्निंग प्वाइंट भी थे। इसमें आरसीबी के कप्तान डेनियल विटोरी का कोहली को अंत में गेंदबाजी कराने का फैसला उन्हें हार दिलाने में अहम रहा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 24 गेंद में दो छक्के और एक चौके से 41 रन बनाकर टीम को इस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत के लिये अंतिम तीन ओवर में 50 रन चाहिए थे जो असंभव दिख रहा था। धोनी 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर जहीर खान को विकेट दे बैठे। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। इसके जवाब में चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम मैन आफ द मैच डु प्लेसिस की 46 गेंद में पांच चौके और चार छक्के से जड़ित 71 रन की पारी और अंत में एल्बी मोर्कल के सात गेंद में तेजी से बटोरे गये 28 रन से 20 ओवर में पांच विकेट पर 208 रन बनाकर जीत गयी। मैच के अंतिम तीन ओवर दर्शकों के लिये काफी रोमांचक रहे जो मैच का टर्निंग प्वाइंट भी थे। इसमें आरसीबी के कप्तान डेनियल विटोरी का कोहली को अंत में गेंदबाजी कराने का फैसला उन्हें हार दिलाने में अहम रहा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 24 गेंद में दो छक्के और एक चौके से 41 रन बनाकर टीम को इस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत के लिये अंतिम तीन ओवर में 50 रन चाहिए थे जो असंभव दिख रहा था। धोनी 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर जहीर खान को विकेट दे बैठे। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। मैच के अंतिम तीन ओवर दर्शकों के लिये काफी रोमांचक रहे जो मैच का टर्निंग प्वाइंट भी थे। इसमें आरसीबी के कप्तान डेनियल विटोरी का कोहली को अंत में गेंदबाजी कराने का फैसला उन्हें हार दिलाने में अहम रहा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 24 गेंद में दो छक्के और एक चौके से 41 रन बनाकर टीम को इस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत के लिये अंतिम तीन ओवर में 50 रन चाहिए थे जो असंभव दिख रहा था। धोनी 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर जहीर खान को विकेट दे बैठे। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 24 गेंद में दो छक्के और एक चौके से 41 रन बनाकर टीम को इस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत के लिये अंतिम तीन ओवर में 50 रन चाहिए थे जो असंभव दिख रहा था। धोनी 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर जहीर खान को विकेट दे बैठे। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। इसके बाद एल्बी मोर्कल क्रीज पर उतरे और तब टीम को 12 गेंद में 43 रन की जरूरत थी। मोर्कल ने विराट कोहली के दूसरे और टीम के 19वें ओवर में तीन छक्के, दो चौके और दो रन से 28 रन जोड़े। अब टीम को अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। ड्वेन ब्रावो ने 15 गेंद में दो चौके और एक छक्के से नाबाद 25 रन बनाए जबकि रविंदर जडेजा (नाबाद चार) ने अंतिम गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। सुरेश रैना ने 23 (14 गेंद में तीन चौके और एक छक्का) का योगदान दिया। रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से मुथया मुरलीधरन ने अपने चार ओवर में 21 रन के अंदर मुरली विजय (11), डु प्लेसिस और रैना के शुरूआती तीन विकेट हासिल किये। जहीर खान ने 32 और आर विनय कुमार ने 53 रन देकर एक एक विकेट प्राप्त किया जबकि कोहली ने दो ओवर में 36 रन गंवाये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। इससे पहले क्रिस गेल की 66 रन की विस्फोटक पारी और विराट कोहली (57) के साथ 109 रन की साझेदारी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में आठ विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। गेल की आक्रामक पारी से बेंगलूर ने इस आईपीएल सत्र में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। चेन्नई की गेंदबाजों के पास गेल को रोकने का उपाय नहीं था और वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने 35 गेंद में मैदान के चारों ओर छह छक्के तथा दो चौके से यह आक्रामक अर्धशतक जड़ा। कोहली ने भी संयम से खेलते हुए 46 गेंद में 57 रन बनाये जिसमें पांच चौके और दो छक्के जड़े थे। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। तेज गेंदबाज डग बोलिंजर चेन्नई के लिये सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अंतिम ओवर में तीन विकेट चटकाये। बोलिंजर ने कोहली, चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और राजू भटकल (शून्य) को आउट किया। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। इस तरह बेंगलूर ने अपने चार विकेट महज सात रन पर गंवा दिये जिसमें अंतिम गेंद पर एक छक्का भी शामिल था। इस विशाल स्कोर की नींव मयंक अग्रवाल ने रखी जिन्होंने 26 गेंद में 45 रन बनाये। इसमें उन्हें स्पिनर आर अश्विन के तीसरे ओवर में जीवनदान भी मिला। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। बोलिंजर ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर अग्रवाल का कैच छोड़ दिया जो तब 16 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद अग्रवाल ने बोलिंगर की गेंद पर एक छक्का जड़ा। अग्रवाल ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और तीन छक्के जमाये जिससे गेल पहले पांच ओवर में केवल पांच गेंदों का ही सामना कर सके। एलबी मोर्कल ने अग्रवाल का विकेट हासिल किया।टिप्पणियां पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। पहला विकेट गिरने के बाद रन गति थोड़ी धीमी हो गयी लेकिन गेल ने सुरेश रैना और टीम के नौंवे ओवर में तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर इसकी भरपायी की। बेंगलूर ने 10 ओवर में एक विकेट गंवाकर 96 रन बना लिये थे। कोहली ने दूसरे छोर से गेल का पूरा साथ निभाया और बीच में चौका लगाने में भी सफल रहे। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 109 रन की भागीदारी निभायी। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये। गेल ने शदाब जकाती के ओवर में लगातार दो छक्के जड़कर महज 27 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद गेल ने अपने कैरेबियाई साथी ड्वेन ब्रावो की गेंद पर जोरदार गगनचुंबी छक्का जड़ा जो पार्क के बाहर चला गया। रविंदर जडेजा ने गेल का विकेट झटका, उनका कैच ब्रावो ने लपका। मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बड़े शाट लगाने के चक्कर में अंतिम ओवरों में पांच विकेट गंवा दिये।
संक्षिप्त पाठ: बैंगलोर द्वारा दिए गए 206 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रोमांचक मुकाबले में चेन्नई ने मैच की आखिरी गेंद पर चौके के साथ जीत दर्ज की। अंतिम गेंद पर जीत के लिए दो रन चाहिए थे।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: अहमद शहजाद (115) के शानदार शतक और वहाब रियाज (51/3) की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने सिडन पार्क मैदान पर गुरुवार को खेले गए पांचवें एकदिवसीय मुकाबले में न्यूजीलैंड को 41 रनों से हरा दिया। इसके साथ मेहमान टीम ने छह मैचों की श्रृंखला में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। एक मैच बेनतीजा रहा था। शहजाद को मैन ऑफ द मैच चुना गया। दो वर्षो में पाकिस्तान ने दूसरी बार कोई श्रृंखला जीती है। श्रृंखला का अंतिम मुकाबला ऑकलैंड के इडन पार्क मैदान पर शनिवार को खेला जाएगा। बहरहाल, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी पाकिस्तानी टीम द्वारा दिए गए 269 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम 46.5 ओवरों में 227 रन बनाकर पेवेलियन लौट गई। यह रियाज, उमर गुल और कप्तान शाहिद अफरीदी की शानदार गेंदबाजी की बदौलत सम्भव हो सका। रियाज ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके जबकि गुल और अफरीदी को दो-दो सफलता मिली। शोएब अख्तर भी एक विकेट लेने में सफल रहे। कीवी टीम की ओर से मार्टिन गुपटिल ने पारी की शुरुआत करते हुए 70 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 69 रनों की उपयोगी पारी खेली। पारी के मध्य में कप्तान रॉस टेलर ने भी 91 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 69 रन बनाए।  बाकी कोई बल्लेबाज अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए शत-प्रतिशत प्रदर्शन नहीं कर सका।  जेसी राइडर (0), जेमी हाउ (12), ब्रेंडन मैक्लम (9), स्कॉट स्टायरिश (9), जेम्स फ्रेंकलिन (16), नेथन मैक्लम (14), जैकब ओरम (10) और हामिश बैनेट (3) ने निराश किया। काएल मिल्स चार रन बनाकर नाबाद लौटे। इससे पहले, पाकिस्तान ने सलामी बल्लेबाज अहमद शहजाद के बेहतरीन शतक (115) की मदद से न्यूजलैंड के सामने जीत के लिए 269 रनों का लक्ष्य रखा। मैन ऑफ द मैच चुने गए शहजाद ने अपनी पारी में 12 चौके और तीन छक्के लगाए। शहजाद के अलावा उमर अकमल ने 32 और मिसबाह उल हक ने 25 रनों का योगदान दिया। अफरीदी ने भी 20 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 24 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से मिल्स, ओरम और स्टायरिश ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि मैक्लम को एक विकेट मिला।
यह एक सारांश है: इसके साथ मेहमान टीम ने छह मैचों की श्रृंखला में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। एक मैच बेनतीजा रहा था।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय जवानों की हत्या के मामले पर संसद में दूसरे दिन भी हंगामा हुआ, भाजपा ने रक्षा मंत्री पर दोनों सदनों को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस बीच, सरकार पुंछ पर हुए हमले पर संसद में सफ़ाई दे सकती है। इससे पहले, रक्षा मंत्री एके एंटनी ने जो बयान दिया संसद में बुधवार को उसपर भी हंगामा होता रहा। बीजेपी ने मांग की कि एंटनी अपने बयान के लिए माफी मांगे। एंटनी ने सफाई तो दी लेकिन कहा कि उन्होंने जो भी कहा, सही कहा। पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन बाधित हुई। दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर तक के लिए स्थगित हुई। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा नहीं थमा और सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद दो बजे भी सदन में शांति नहीं होने से संसद की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" उन्होंने कहा कि जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। इससे पहले, रक्षा मंत्री एके एंटनी ने जो बयान दिया संसद में बुधवार को उसपर भी हंगामा होता रहा। बीजेपी ने मांग की कि एंटनी अपने बयान के लिए माफी मांगे। एंटनी ने सफाई तो दी लेकिन कहा कि उन्होंने जो भी कहा, सही कहा। पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन बाधित हुई। दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर तक के लिए स्थगित हुई। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा नहीं थमा और सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद दो बजे भी सदन में शांति नहीं होने से संसद की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" उन्होंने कहा कि जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन बाधित हुई। दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर तक के लिए स्थगित हुई। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा नहीं थमा और सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद दो बजे भी सदन में शांति नहीं होने से संसद की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" उन्होंने कहा कि जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर तक के लिए स्थगित हुई। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा नहीं थमा और सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद दो बजे भी सदन में शांति नहीं होने से संसद की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" उन्होंने कहा कि जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने एक बयान दिया, लेकिन बाद में पता चला कि रक्षा मंत्रालय ने भी एक विज्ञप्ति जारी की है।" उन्होंने कहा कि जहां रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना हमले के लिए जिम्मेदार है, वहीं मंत्री ने उसे क्लीन चिट दे दी। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक वक्तव्य देने की मांग की। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष मीराकुमार ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान में विसंगति का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी सदस्यों ने उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।टिप्पणियां भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में कहा, "रक्षा मंत्री ने कल (मंगलवार) एक बयान दिया और रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में कुछ और कहा गया। रक्षा मंत्री को स्पष्टीकरण देकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने देश को नीचा दिखाया है।" विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा खड़ा कर दिया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया। अन्य मुद्दे भी सदन में उठाए गए। वामदलों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का मामला उठाया और सीमांध्र क्षेत्र से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों ने तेलंगाना विरोधी चिंताओं को उठाया।
यह एक सारांश है: जम्मू एवं कश्मीर में पांच भारतीय जवानों की हत्या के मामले पर संसद में दूसरे दिन भी हंगामा हुआ, भाजपा ने रक्षा मंत्री पर दोनों सदनों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस साल आईपीएल के शुरू में रिकी पोंटिंग से कप्तानी संभालने के बाद मुंबई इंडियन्स को छह महीने के अंदर दो बड़े खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा ने कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह आगे बढ़कर नेतृत्व करने यानि खुद अच्छा प्रदर्शन करने से उन्हें सफलता मिली। आईपीएल छह के चैंपियन मुंबई इंडियन्स ने रविवार रात दिल्ली में चैंपियन्स लीग के फाइनल में राजस्थान रॉयल्स को 33 रन से हराकर दूसरी बार इस टी-20 टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस तरह से वह सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के छोटे प्रारूप से स्वर्णिम विदाई देने में सफल रहा। रोहित ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कप्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि वह आगे बढ़कर नेतृत्व करे। मेरे लिए इसका मतलब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरने पर अपनी टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाना है। मुझे खुशी है कि टीम के मेरे साथियों ने मुश्किल समय में मेरा पूरा साथ दिया। इसलिए टीम की अगुवाई करना कोई समस्या नहीं थी। यदि आप धोनी को देखो तो उन्होंने कई बार ऐसा किया है।’ उन्होंने इसके साथ ही सहयोगी स्टाफ विशेषकर कोच जान राइट, अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने टीम की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। रोहित ने कहा, ‘जब आपके पास बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ हो तो आपका काम आसान हो जाता है। जान राइट ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम किया और भारतीय मानसिकता जानते हैं और समझते हैं कि यहां कैसे काम करना है। उनके साथ काम करना आसान रहता है। इसके अलावा अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। बेशक मैदान पर मुझे फैसले लेने पड़ते हैं लेकिन उन्होंने बहुत मदद की।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ आईपीएल छह के चैंपियन मुंबई इंडियन्स ने रविवार रात दिल्ली में चैंपियन्स लीग के फाइनल में राजस्थान रॉयल्स को 33 रन से हराकर दूसरी बार इस टी-20 टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस तरह से वह सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के छोटे प्रारूप से स्वर्णिम विदाई देने में सफल रहा। रोहित ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कप्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि वह आगे बढ़कर नेतृत्व करे। मेरे लिए इसका मतलब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरने पर अपनी टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाना है। मुझे खुशी है कि टीम के मेरे साथियों ने मुश्किल समय में मेरा पूरा साथ दिया। इसलिए टीम की अगुवाई करना कोई समस्या नहीं थी। यदि आप धोनी को देखो तो उन्होंने कई बार ऐसा किया है।’ उन्होंने इसके साथ ही सहयोगी स्टाफ विशेषकर कोच जान राइट, अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने टीम की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। रोहित ने कहा, ‘जब आपके पास बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ हो तो आपका काम आसान हो जाता है। जान राइट ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम किया और भारतीय मानसिकता जानते हैं और समझते हैं कि यहां कैसे काम करना है। उनके साथ काम करना आसान रहता है। इसके अलावा अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। बेशक मैदान पर मुझे फैसले लेने पड़ते हैं लेकिन उन्होंने बहुत मदद की।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ रोहित ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कप्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि वह आगे बढ़कर नेतृत्व करे। मेरे लिए इसका मतलब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरने पर अपनी टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाना है। मुझे खुशी है कि टीम के मेरे साथियों ने मुश्किल समय में मेरा पूरा साथ दिया। इसलिए टीम की अगुवाई करना कोई समस्या नहीं थी। यदि आप धोनी को देखो तो उन्होंने कई बार ऐसा किया है।’ उन्होंने इसके साथ ही सहयोगी स्टाफ विशेषकर कोच जान राइट, अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने टीम की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। रोहित ने कहा, ‘जब आपके पास बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ हो तो आपका काम आसान हो जाता है। जान राइट ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम किया और भारतीय मानसिकता जानते हैं और समझते हैं कि यहां कैसे काम करना है। उनके साथ काम करना आसान रहता है। इसके अलावा अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। बेशक मैदान पर मुझे फैसले लेने पड़ते हैं लेकिन उन्होंने बहुत मदद की।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ उन्होंने इसके साथ ही सहयोगी स्टाफ विशेषकर कोच जान राइट, अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने टीम की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। रोहित ने कहा, ‘जब आपके पास बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ हो तो आपका काम आसान हो जाता है। जान राइट ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम किया और भारतीय मानसिकता जानते हैं और समझते हैं कि यहां कैसे काम करना है। उनके साथ काम करना आसान रहता है। इसके अलावा अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। बेशक मैदान पर मुझे फैसले लेने पड़ते हैं लेकिन उन्होंने बहुत मदद की।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ रोहित ने कहा, ‘जब आपके पास बहुत अच्छा सहयोगी स्टाफ हो तो आपका काम आसान हो जाता है। जान राइट ने भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम किया और भारतीय मानसिकता जानते हैं और समझते हैं कि यहां कैसे काम करना है। उनके साथ काम करना आसान रहता है। इसके अलावा अनिल कुंबले, रोबिन सिंह और जोंटी रोड्स ने पर्दे के पीछे रहकर रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभायी। बेशक मैदान पर मुझे फैसले लेने पड़ते हैं लेकिन उन्होंने बहुत मदद की।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ रोहित ने मैन ऑफ द मैच हरभजन सिंह की भी जमकर तारीफ की जिन्होंने तब चार महत्वपूर्ण विकेट लिये, जबकि राजस्थान 203 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 117 रन बनाकर बहुत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। राजस्थान की टीम 169 रन पर आउट हो गई तथा हरभजन ने शेन वाटसन, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी और केवोन कूपर के विकेट लेकर टीम को वापसी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ मुंबई इंडियन्स के कप्तान ने कहा, ‘वह (हरभजन) मैच विजेता है। उन्होंने मैच में हमें वापसी दिलाई। मैं उनकी हाल की फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। मुझे पता कि वह बड़े मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’टिप्पणियां रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ रोहित ने कहा कि रहाणे और संजू सैमसन की दूसरे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी के बावजूद उनकी टीम मैच में बनी हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की सपाट पिच पर आप किस भी समय मैच से बाहर नहीं थे। हमने पहले दस ओवर में 60 और आखिरी दस ओवर में 140 से अधिक रन बनाए थे। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना आसान नहीं था, लेकिन हमें वापसी की उम्मीद थी।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’ रोहित ने कहा, ‘इस तहर की बड़े मैच में प्रत्येक ओवर महत्वपूर्ण होता है। हम जानते थे कि वे शुरू में रन बटोरेंगे। यह केवल विकेट मिलने का सवाल था। जैसे ही सैमसन आउट हुआ, हमने वापसी कर दी। हम जानते थे कि 200 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। हमने दबाव बनाया और यह काम कर गया। इसके बाद हमने विकेट निकालने शुरू कर दिए।’
संक्षिप्त पाठ: इस साल आईपीएल के शुरू में रिकी पोंटिंग से कप्तानी संभालने के बाद मुंबई इंडियन्स को छह महीने के अंदर दो बड़े खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा ने कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह आगे बढ़कर नेतृत्व करने यानि खुद अच्छा प्रदर्शन करने से उन्हें सफलता
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सोमवार को घरेलू टीम मुंबई बहुत ही मामूली अंतर से हार गई. एक तरह से यूं कहें कि उसकी जीत लगभग तय थी, लेकिन अंतिम ओवर आते-आते उसके बल्लेबाजों ने खराब शॉट से अपने लिए मुसीबत मोल ली. हालांकि इस हार के लिए कई फैन्स ने अंतिम ओवरों में खराब अंपायरिंग को दोष दिया है. इतना ही नहीं मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा तो बैटिंग के दौरान ही अंपायर से भिड़ गए और उनके साथ जमकर बहस की. इस बीच स्क्वेयर लेग अंपायर ने आकर मामला शांत कराया, लेकिन अब रोहित शर्मा को अंपायर के सामने नाराजगी जताना महंगा पड़ गया है. वैसे इसमें अंपायर की गलती भी नहीं थी. मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा पर राइजिंग पुणे सुपरजायंट के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताने के लिए मैच शुल्क का 50 प्रतिशत जुर्माना किया गया है. यह घटना सोमवार रात वानखेड़े स्टेडियम में हुई. उस समय मुंबई इंडियन्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 17 रन चाहिए थे. रोहित शर्मा तय जीत को हार में बदलते देख वैसे ही टेंशन में थे. उन्होंने छक्का लगाकर कुछ उम्मीद जगाई भी, लेकिन सबकुछ उनके पक्ष में नहीं रहा. जयदेव उनादकट के इस ओवर की पहली गेंद पर ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने बाउंड्री पर बेहतरीन कैच लेकर हार्दिक पंड्या को पैवेलियन भेजा जबकि रोहित ने दूसरी गेंद पर छक्का जड़ा. उनादकट ने तीसरी गेंद रोहित से काफी दूरी फेंकी थी और उन्हें लगा कि यह वाइड है. हालांकि रोहित ऑफ स्टंप से काफी बाहर निकल गए थे, जिससे अंपायर एस रवि ने उसे वाइड नहीं दिया. इस फैसले से निराश रोहित अंपायर के पास गए और उन्होंने गुस्से में विरोध किया और बहस की. आखिर में मुंबई को तीन रन से हार का सामना करना पड़ा. टिप्पणियां उनादकट ने अपने इसी ओवर में रोहित को आउट किया. रोहित ने 39 गेंदों पर 58 रन बनाए. मुम्बई की टीम तमाम प्रयासों के बाद भी लक्ष्य से तीन रन दूर रह गई. मुम्बई की टीम लगातार सात जीत का रिकॉर्ड नहीं बना सकी. आईपीएल ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘शर्मा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल आचार संहिता के लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है. यह इस सत्र में उनका लेवल एक का दूसरा अपराध है. इसमें मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’ मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा पर राइजिंग पुणे सुपरजायंट के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताने के लिए मैच शुल्क का 50 प्रतिशत जुर्माना किया गया है. यह घटना सोमवार रात वानखेड़े स्टेडियम में हुई. उस समय मुंबई इंडियन्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 17 रन चाहिए थे. रोहित शर्मा तय जीत को हार में बदलते देख वैसे ही टेंशन में थे. उन्होंने छक्का लगाकर कुछ उम्मीद जगाई भी, लेकिन सबकुछ उनके पक्ष में नहीं रहा. जयदेव उनादकट के इस ओवर की पहली गेंद पर ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने बाउंड्री पर बेहतरीन कैच लेकर हार्दिक पंड्या को पैवेलियन भेजा जबकि रोहित ने दूसरी गेंद पर छक्का जड़ा. उनादकट ने तीसरी गेंद रोहित से काफी दूरी फेंकी थी और उन्हें लगा कि यह वाइड है. हालांकि रोहित ऑफ स्टंप से काफी बाहर निकल गए थे, जिससे अंपायर एस रवि ने उसे वाइड नहीं दिया. इस फैसले से निराश रोहित अंपायर के पास गए और उन्होंने गुस्से में विरोध किया और बहस की. आखिर में मुंबई को तीन रन से हार का सामना करना पड़ा. टिप्पणियां उनादकट ने अपने इसी ओवर में रोहित को आउट किया. रोहित ने 39 गेंदों पर 58 रन बनाए. मुम्बई की टीम तमाम प्रयासों के बाद भी लक्ष्य से तीन रन दूर रह गई. मुम्बई की टीम लगातार सात जीत का रिकॉर्ड नहीं बना सकी. आईपीएल ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘शर्मा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल आचार संहिता के लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है. यह इस सत्र में उनका लेवल एक का दूसरा अपराध है. इसमें मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’ जयदेव उनादकट के इस ओवर की पहली गेंद पर ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने बाउंड्री पर बेहतरीन कैच लेकर हार्दिक पंड्या को पैवेलियन भेजा जबकि रोहित ने दूसरी गेंद पर छक्का जड़ा. उनादकट ने तीसरी गेंद रोहित से काफी दूरी फेंकी थी और उन्हें लगा कि यह वाइड है. हालांकि रोहित ऑफ स्टंप से काफी बाहर निकल गए थे, जिससे अंपायर एस रवि ने उसे वाइड नहीं दिया. इस फैसले से निराश रोहित अंपायर के पास गए और उन्होंने गुस्से में विरोध किया और बहस की. आखिर में मुंबई को तीन रन से हार का सामना करना पड़ा. टिप्पणियां उनादकट ने अपने इसी ओवर में रोहित को आउट किया. रोहित ने 39 गेंदों पर 58 रन बनाए. मुम्बई की टीम तमाम प्रयासों के बाद भी लक्ष्य से तीन रन दूर रह गई. मुम्बई की टीम लगातार सात जीत का रिकॉर्ड नहीं बना सकी. आईपीएल ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘शर्मा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल आचार संहिता के लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है. यह इस सत्र में उनका लेवल एक का दूसरा अपराध है. इसमें मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’ उनादकट ने अपने इसी ओवर में रोहित को आउट किया. रोहित ने 39 गेंदों पर 58 रन बनाए. मुम्बई की टीम तमाम प्रयासों के बाद भी लक्ष्य से तीन रन दूर रह गई. मुम्बई की टीम लगातार सात जीत का रिकॉर्ड नहीं बना सकी. आईपीएल ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘शर्मा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल आचार संहिता के लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है. यह इस सत्र में उनका लेवल एक का दूसरा अपराध है. इसमें मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’ आईपीएल ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘शर्मा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आईपीएल आचार संहिता के लेवल एक का अपराध स्वीकार कर लिया है. यह इस सत्र में उनका लेवल एक का दूसरा अपराध है. इसमें मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’
यह एक सारांश है: मुंबई इंडियन्स टीम राइजिंग पुणे से तीन रनों से हार गई रोहित शर्मा खुद अंतिम ओवर में कैच आउट हो गए अंपायर ने एक गेंद को वाइड देने से मना कर दिया था
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईसीसी विश्व कप-2011 में शनिवार को श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। अपने पहले मैच में कनाडा को 210 रनों से हराने के बाद श्रीलंका के हौसले बुलंद हैं। खुद को खिताब का दावेदार मान रहा श्रीलंका शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ प्रेमदासा स्टेडियम में भिड़ेगा। यह उसका दूसरा मुकाबला होगा। पाकिस्तान ने भी विश्व कप का आगाज शानदार तरीके से किया है। उसने हम्बानटोटा के उसी मैदान पर केन्या को 23 फरवरी को 205 रनों से हराया था, जिस पर श्रीलंका ने रनों के लिहाज से विश्व कप में पांचवीं सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस मुकाबले में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होगा, क्योंकि दोनों ही सशक्त हैं और साथ ही साथ विश्व कप में दूसरी खिताबी जीत के लिए अपना पूरा दमखम झोंकने के लिए प्रयासरत हैं। पाकिस्तान ने केन्या के खिलाफ विश्वस्तरीय खेल दिखाते हुए पहले 300 रनों से अधिक का स्कोर खड़ा किया और फिर उसे 112 रनों पर ढेर कर दिया। श्रीलंका ने भी कनाडा के खिलाफ 300 से अधिक का स्कोर खड़ा करने के बाद विपक्षी टीम को 122 रनों पर समेट दिया था। अब तक के प्रदर्शन के लिहाज से दोनों टीमों को बराबरी का दर्जा दिया जा सकता है, लेकिन संतुलन के लिहाज से श्रीलंका का पलड़ा थोड़ा भारी है। श्रीलंका को इस मैच में घरेलू दर्शकों का भरपूर समर्थन मिलेगा। इस मैच के लिए श्रीलंका में सर्वाधिक संख्या में दर्शकों के उमड़ने की उम्मीद है। श्रीलंका जहां बल्लेबाजी में पहले मैच में शतक लगाने वाले माहेला जयवर्धने, तिलकरत्ने दिलशान और कप्तान कुमार संगकारा पर निर्भर करेगा, वहीं गेंदबाजी में उसे लसिथ मलिंगा, नुवान कुलसेकरा और स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन पर भरोसा होगा। पाकिस्तान ने दमदार बल्लेबाजी के बाद बेहतरीन गेंदबाजी करके मैच अपने नाम किया था। पाकिस्तान एक बार फिर कामरान अकमल, यूनिस खान, उमर अकमल और मिस्बाह उल हक के बूते बड़ा स्कोर खड़ा करने का प्रयास करेगा, जबकि गेंदबाजी में उसे उमर गुल, शोएब अख्तर और केन्या के खिलाफ पांच विकेट झटकने वाले कप्तान शाहिद अफरीदी की फिरकी पर निर्भर रहना होगा। ग्रुप-ए से ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और पाकिस्तान का अंतिम-8 में पहुंचना तय माना जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान और श्रीलंका का प्रयास लगातार जीत का लय बनाए रखते हुए तालिका में सबसे ऊपरी स्थान पाना होगा, क्योंकि इससे क्वार्टर फाइनल में उनका सामना ग्रुप-बी में अपेक्षाकृत लचर प्रदर्शन करने वाली टीमों से होगा। इस मैच के लिए बारिश की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि कोलम्बो में शनिवार को बादल छाए रहेंगे, जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड बना रहेगा। बारिश की 20 फीसदी आशंका के साथ दोनों टीमों को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पावर-प्ले का भरपूर उपयोग करना होगा, ताकि बारिश होने के बाद अगर मैच का फैसला डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर होता है, तो उनका पलड़ा भारी रहे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शनिवार को श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। अपने पहले मैच में कनाडा को 210 रनों से हराने के बाद श्रीलंका के हौसले बुलंद हैं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के रुख के बीच दिसंबर, 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर दो साल के न्यूनतम स्तर 7.47 प्रतिशत पर आ गई। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित सकल मुद्रास्फीति नवंबर, 2011 में 9.11 प्रतिशत थी, जबकि 2010 की समान अवधि में यह 9.45 प्रतिशत थी। मुद्रास्फीति में नरमी आने से रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरें घटा सकता है।टिप्पणियां सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन माह में वार्षिक आधार पर सब्जियों की कीमतें 34.18 प्रतिशत घटीं, जबकि गेहूं के दाम में 3.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं आलू और प्याज क्रमश: 35.45 प्रतिशत और 60.45 प्रतिशत सस्ता हुआ। दिसंबर में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि दर 0.74 प्रतिशत रही जो इससे पिछले महीने 8.45 प्रतिशत थी। थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं का योगदान 14.3 प्रतिशत है और विशेषज्ञों ने सकल मुद्रास्फीति में गिरावट का श्रेय खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी को दिया। इस दौरान, गैर-खाद्य प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति दर भी घटकर 1.48 प्रतिशत पर आ गई जो नवंबर, 2011 में 3.22 प्रतिशत थी। हालांकि, विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति का दबाव बना रहा। थोक मूल्य सूचकांक में इसका करीब 65 प्रतिशत योगदान है। समीक्षाधीन माह में विनिर्मित उत्पादों के दाम 7.41 प्रतिशत बढ़े। सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन माह में वार्षिक आधार पर सब्जियों की कीमतें 34.18 प्रतिशत घटीं, जबकि गेहूं के दाम में 3.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं आलू और प्याज क्रमश: 35.45 प्रतिशत और 60.45 प्रतिशत सस्ता हुआ। दिसंबर में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि दर 0.74 प्रतिशत रही जो इससे पिछले महीने 8.45 प्रतिशत थी। थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं का योगदान 14.3 प्रतिशत है और विशेषज्ञों ने सकल मुद्रास्फीति में गिरावट का श्रेय खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी को दिया। इस दौरान, गैर-खाद्य प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति दर भी घटकर 1.48 प्रतिशत पर आ गई जो नवंबर, 2011 में 3.22 प्रतिशत थी। हालांकि, विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति का दबाव बना रहा। थोक मूल्य सूचकांक में इसका करीब 65 प्रतिशत योगदान है। समीक्षाधीन माह में विनिर्मित उत्पादों के दाम 7.41 प्रतिशत बढ़े। थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं का योगदान 14.3 प्रतिशत है और विशेषज्ञों ने सकल मुद्रास्फीति में गिरावट का श्रेय खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी को दिया। इस दौरान, गैर-खाद्य प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति दर भी घटकर 1.48 प्रतिशत पर आ गई जो नवंबर, 2011 में 3.22 प्रतिशत थी। हालांकि, विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति का दबाव बना रहा। थोक मूल्य सूचकांक में इसका करीब 65 प्रतिशत योगदान है। समीक्षाधीन माह में विनिर्मित उत्पादों के दाम 7.41 प्रतिशत बढ़े।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के रुख के बीच दिसंबर, 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर दो साल के न्यूनतम स्तर 7.47 प्रतिशत पर आ गई।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर, मुलायम सिंह यादव के घर लगभग सन्नाटा सा पसरा है. घर से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक उनके पास उनके भाई शिवपाल यादव और अमर सिंह पहुंचे हैं. कहा जा रहा है कि जयाप्रदा भी जल्द आ जाएंगी. कुल चार नेताओं के साथ मुलायम इस दंगल में जीत का दांव खेलने की तैयारी में हैं. सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव का पूरा दांव तकनीकि आधार पर है. मुलायम खेमे का कहना है कि जब पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने विशेष अधिवेशन का आयोजन किया था तब वह पार्टी से निष्कासित किए जा चुके थे. इसलिए यह पूरा अधिवेशन ही अवैध है. सोमवार को मुलायम सिंह यादव अपने नेताओं के साथ चुनाव आयोग में अपनी बात रखेंगे. यह अलग बात है कि मुलायम सिंह यादव केवल चार बड़े नेताओं के साथ इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. पिछले दोनों में भी केवल चार ही नेता उनके साथ आए. बताया जा रहा है कि रविवार को मुलायम सिंह यादव से मिलने नोएडा से कुछ पार्टी के समर्थक आए थे. उन्होंने मुलाकात की और मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा कि वे उनके साथ हैं, लेकिन अखिलेश के समर्थन में भी हैं. उनका कहना है कि संख्या बल अखिलेश यादव के साथ है.टिप्पणियां दिल्ली में मुलायम के घर बैठक में चार नेता रहते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुलायम सिंह यादव कई बार साफ कह चुके हैं कि अखिलेश उनके बेटे हैं और वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, लेकिन इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही अमर सिंह मिलने आते हैं इनके सुर बदल जाते हैं. वहीं, मीडिया से बातचीत में मुलायम सिंह यादव साफ कह चुके हैं कि वह अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार हैं. मुलायम के करीबी रहे नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह काफी जुझारू नेता रहे हैं. वह किसानों के लिए सिंचाई के मुद्दे पर 15 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. फिर अखाड़े में उन्होंने पहलवानी की. मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उनके साथ लोग रहे न रहें, हार नहीं मानेंगे... सूत्र कह रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव का पूरा दांव तकनीकि आधार पर है. मुलायम खेमे का कहना है कि जब पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने विशेष अधिवेशन का आयोजन किया था तब वह पार्टी से निष्कासित किए जा चुके थे. इसलिए यह पूरा अधिवेशन ही अवैध है. सोमवार को मुलायम सिंह यादव अपने नेताओं के साथ चुनाव आयोग में अपनी बात रखेंगे. यह अलग बात है कि मुलायम सिंह यादव केवल चार बड़े नेताओं के साथ इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. पिछले दोनों में भी केवल चार ही नेता उनके साथ आए. बताया जा रहा है कि रविवार को मुलायम सिंह यादव से मिलने नोएडा से कुछ पार्टी के समर्थक आए थे. उन्होंने मुलाकात की और मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा कि वे उनके साथ हैं, लेकिन अखिलेश के समर्थन में भी हैं. उनका कहना है कि संख्या बल अखिलेश यादव के साथ है.टिप्पणियां दिल्ली में मुलायम के घर बैठक में चार नेता रहते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुलायम सिंह यादव कई बार साफ कह चुके हैं कि अखिलेश उनके बेटे हैं और वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, लेकिन इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही अमर सिंह मिलने आते हैं इनके सुर बदल जाते हैं. वहीं, मीडिया से बातचीत में मुलायम सिंह यादव साफ कह चुके हैं कि वह अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार हैं. मुलायम के करीबी रहे नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह काफी जुझारू नेता रहे हैं. वह किसानों के लिए सिंचाई के मुद्दे पर 15 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. फिर अखाड़े में उन्होंने पहलवानी की. मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उनके साथ लोग रहे न रहें, हार नहीं मानेंगे... सोमवार को मुलायम सिंह यादव अपने नेताओं के साथ चुनाव आयोग में अपनी बात रखेंगे. यह अलग बात है कि मुलायम सिंह यादव केवल चार बड़े नेताओं के साथ इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. पिछले दोनों में भी केवल चार ही नेता उनके साथ आए. बताया जा रहा है कि रविवार को मुलायम सिंह यादव से मिलने नोएडा से कुछ पार्टी के समर्थक आए थे. उन्होंने मुलाकात की और मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा कि वे उनके साथ हैं, लेकिन अखिलेश के समर्थन में भी हैं. उनका कहना है कि संख्या बल अखिलेश यादव के साथ है.टिप्पणियां दिल्ली में मुलायम के घर बैठक में चार नेता रहते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुलायम सिंह यादव कई बार साफ कह चुके हैं कि अखिलेश उनके बेटे हैं और वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, लेकिन इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही अमर सिंह मिलने आते हैं इनके सुर बदल जाते हैं. वहीं, मीडिया से बातचीत में मुलायम सिंह यादव साफ कह चुके हैं कि वह अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार हैं. मुलायम के करीबी रहे नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह काफी जुझारू नेता रहे हैं. वह किसानों के लिए सिंचाई के मुद्दे पर 15 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. फिर अखाड़े में उन्होंने पहलवानी की. मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उनके साथ लोग रहे न रहें, हार नहीं मानेंगे... दिल्ली में मुलायम के घर बैठक में चार नेता रहते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुलायम सिंह यादव कई बार साफ कह चुके हैं कि अखिलेश उनके बेटे हैं और वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, लेकिन इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही अमर सिंह मिलने आते हैं इनके सुर बदल जाते हैं. वहीं, मीडिया से बातचीत में मुलायम सिंह यादव साफ कह चुके हैं कि वह अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार हैं. मुलायम के करीबी रहे नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह काफी जुझारू नेता रहे हैं. वह किसानों के लिए सिंचाई के मुद्दे पर 15 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. फिर अखाड़े में उन्होंने पहलवानी की. मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उनके साथ लोग रहे न रहें, हार नहीं मानेंगे... वहीं, मीडिया से बातचीत में मुलायम सिंह यादव साफ कह चुके हैं कि वह अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार हैं. मुलायम के करीबी रहे नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह काफी जुझारू नेता रहे हैं. वह किसानों के लिए सिंचाई के मुद्दे पर 15 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. फिर अखाड़े में उन्होंने पहलवानी की. मुलायम सिंह यादव का कहना है कि उनके साथ लोग रहे न रहें, हार नहीं मानेंगे...
यहाँ एक सारांश है:मुलायम सिंह यादव पार्टी और परिवार में अकेले से पड़ गए हैं. दोनों ही खेमों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. अब पार्टी में दो-फाड़ के बाद पार्टी पर कब्जे की लड़ाई जारी है.
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लवलीन ने कहा, ‘‘इस विश्व स्तरीय निशानेबाजी रेंज में प्राथमिक चिकित्सा की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी.  केवल एक महिला सफाईकर्मी ने मेरी मदद की, हालांकि कुछ पुरूष निशानेबाज और एक गार्ड उस समय वहां मौजूद था. वहां ज्यादा लोग नहीं थे जो वहां थे वे सभी पुरूष थे. इसलिये शायद वे मदद के लिये नहीं आये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘गार्ड ने ततैया के काटने वाली जगह मलने के लिये मुझे स्टील का स्केल दिया. महिला सफाईकर्मी ने सामान इकट्ठा करने में मदद की.  शुक्र है कि जब मैं निशानेबाजी कर रही थी तब ऐसा नहीं हुआ.  वर्ना भरी हुई पिस्टल से कुछ भी हो सकता था. ’’ वीडियो : क्या खासियत है इस फोन की लवलीन के पिता ईशविंदरजीत सिंह ने कहा, ‘‘जब वह घर आयी तो उसका चेहरा और पैर थोड़े सूजे हुए थे और उसे थोड़ा बुखार भी था.  रेंज पर यह गंभीर समस्या है.  मैं संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध करूंगा.’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में अधिकारिक शिकायत भी दर्ज करूंगा. हमारे चिकित्सक ने उसे एंटी-एलर्जिक दवाई दी है. अगर ज्यादा ततैये उसे काट लेते तो यह काफी खतरनाक हो सकता था. ’’ वीडियो : क्या खासियत है इस फोन की लवलीन के पिता ईशविंदरजीत सिंह ने कहा, ‘‘जब वह घर आयी तो उसका चेहरा और पैर थोड़े सूजे हुए थे और उसे थोड़ा बुखार भी था.  रेंज पर यह गंभीर समस्या है.  मैं संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध करूंगा.’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में अधिकारिक शिकायत भी दर्ज करूंगा. हमारे चिकित्सक ने उसे एंटी-एलर्जिक दवाई दी है. अगर ज्यादा ततैये उसे काट लेते तो यह काफी खतरनाक हो सकता था. ’’
सारांश: रेंज में प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी नहीं महिला निशानेबाज की महिला गार्ड ने की मदद निशानेबाज के पिता ने कहा- करूंगा मामले की शिकायत
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की अगली पीएमएल-एन सरकार पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों की सुनवाई कराएगी। पार्टी सांसद तारिक अजीम ने कहा, ‘‘हां, हमने मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में कराने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुने गए नवाज शरीफ का रुख इस बात को लेकर स्पष्ट है कि मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है जिसके लिए उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। अजीम ने कहा कि शरीफ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुशर्रफ के साथ कोई व्यक्तिगत वैर भाव नहीं है लेकिन कानून तोड़ने और संविधान का उल्लंघन करने को लेकर उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। 11 मई को चुनाव कराने वाली कार्यवाहक सरकार ने अपने सीमित अधिकार का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुशर्रफ के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पीएमएल-एन ने पूर्व सैन्य शासक को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने 2009 में नवाज शरीफ की सरकार को सत्ता से हटा दिया था। टिप्पणियां मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। पार्टी सांसद तारिक अजीम ने कहा, ‘‘हां, हमने मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में कराने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुने गए नवाज शरीफ का रुख इस बात को लेकर स्पष्ट है कि मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है जिसके लिए उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। अजीम ने कहा कि शरीफ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुशर्रफ के साथ कोई व्यक्तिगत वैर भाव नहीं है लेकिन कानून तोड़ने और संविधान का उल्लंघन करने को लेकर उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। 11 मई को चुनाव कराने वाली कार्यवाहक सरकार ने अपने सीमित अधिकार का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुशर्रफ के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पीएमएल-एन ने पूर्व सैन्य शासक को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने 2009 में नवाज शरीफ की सरकार को सत्ता से हटा दिया था। टिप्पणियां मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुने गए नवाज शरीफ का रुख इस बात को लेकर स्पष्ट है कि मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है जिसके लिए उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। अजीम ने कहा कि शरीफ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुशर्रफ के साथ कोई व्यक्तिगत वैर भाव नहीं है लेकिन कानून तोड़ने और संविधान का उल्लंघन करने को लेकर उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। 11 मई को चुनाव कराने वाली कार्यवाहक सरकार ने अपने सीमित अधिकार का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुशर्रफ के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पीएमएल-एन ने पूर्व सैन्य शासक को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने 2009 में नवाज शरीफ की सरकार को सत्ता से हटा दिया था। टिप्पणियां मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। अजीम ने कहा कि शरीफ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुशर्रफ के साथ कोई व्यक्तिगत वैर भाव नहीं है लेकिन कानून तोड़ने और संविधान का उल्लंघन करने को लेकर उनके खिलाफ सुनवाई होनी चाहिए। 11 मई को चुनाव कराने वाली कार्यवाहक सरकार ने अपने सीमित अधिकार का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुशर्रफ के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पीएमएल-एन ने पूर्व सैन्य शासक को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने 2009 में नवाज शरीफ की सरकार को सत्ता से हटा दिया था। टिप्पणियां मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। 11 मई को चुनाव कराने वाली कार्यवाहक सरकार ने अपने सीमित अधिकार का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुशर्रफ के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया था। लेकिन पीएमएल-एन ने पूर्व सैन्य शासक को नहीं छोड़ने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने 2009 में नवाज शरीफ की सरकार को सत्ता से हटा दिया था। टिप्पणियां मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। मुशर्रफ अभी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित अपने फार्महाउस में नजरबंद हैं। मुशर्रफ 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या, 2006 में सैन्य अभियान में बलूच नेता अकबर बुगती की मौत और 2007 में आपातकाल के दौरान दर्जनों न्यायाधीशों को हिरासत में लिए जाने जैसे मामलों में आरोपों का सामना कर रहे हैं। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है। कार्यवाहक सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह मुशर्रफ के खिलाफ सुनवाई कराने में समर्थ नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पार्टी सांसद तारिक अजीम ने कहा, ‘‘हां, हमने मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में कराने का फैसला किया है। मुशर्रफ ने संविधान का उल्लंघन किया है और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना चाहिए।’’
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के कई मौजूदा फैसलों के कारण निवेश के माहौल के बारे में चिंता पैदा हुई है। यह बात भारत में अमेरिका की राजदूत नैन्सी जे पावेल ने सोमवार को कही। पावेल ने इंडो अमेरिकन चेंबर ऑफ कामर्स (आईएसीसी) और अमेरिकी चेंबर आफ कामर्स (एएमसीएचएएम) के सदस्यों को संबोधित करते हुए पावेल ने कहा ‘‘विदेशी कंपनियों के साथ भेद-भाव करने वाली विनिर्माण नीतियां और वित्त विधेयक में पिछली तारीख से कर प्रावधानों में संशोधन इसकी दो मिसाल हैं।’’ व्यापार और निवेश की चुनौतियों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने भारत में कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर मुहैया कराने का आह्वान किया। पावेल ने कहा कि वह इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिका कंपनियों को भारत में समान अवसर मिले और उसी खुले व उचित माहौल में परिचालन करें जो भारतीय कंपनियों को अमेरिका में मिलता है।टिप्पणियां पावेल ने कहा कि उन्होंने भारत आने से पहले वाशिंगटन में दोनों देशों के कारोबारियों से मुलाकात की और उन्होंने उंचे शुल्क और गैर शुल्क बाधा, विदेशी निवेश पर प्रतिबंध, पारदर्शिता की कमी आदि के संबंध में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया ‘‘हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेटनर ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे विदेशी निवेशकों को यह सुनिश्चत करने की अपील की कि भारत आर्थिक सुधार आगे बढ़ा कर विदेशी पूंजी को प्रवेश देता रहेगा।’’ पावेल ने इंडो अमेरिकन चेंबर ऑफ कामर्स (आईएसीसी) और अमेरिकी चेंबर आफ कामर्स (एएमसीएचएएम) के सदस्यों को संबोधित करते हुए पावेल ने कहा ‘‘विदेशी कंपनियों के साथ भेद-भाव करने वाली विनिर्माण नीतियां और वित्त विधेयक में पिछली तारीख से कर प्रावधानों में संशोधन इसकी दो मिसाल हैं।’’ व्यापार और निवेश की चुनौतियों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने भारत में कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर मुहैया कराने का आह्वान किया। पावेल ने कहा कि वह इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिका कंपनियों को भारत में समान अवसर मिले और उसी खुले व उचित माहौल में परिचालन करें जो भारतीय कंपनियों को अमेरिका में मिलता है।टिप्पणियां पावेल ने कहा कि उन्होंने भारत आने से पहले वाशिंगटन में दोनों देशों के कारोबारियों से मुलाकात की और उन्होंने उंचे शुल्क और गैर शुल्क बाधा, विदेशी निवेश पर प्रतिबंध, पारदर्शिता की कमी आदि के संबंध में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया ‘‘हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेटनर ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे विदेशी निवेशकों को यह सुनिश्चत करने की अपील की कि भारत आर्थिक सुधार आगे बढ़ा कर विदेशी पूंजी को प्रवेश देता रहेगा।’’ व्यापार और निवेश की चुनौतियों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने भारत में कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर मुहैया कराने का आह्वान किया। पावेल ने कहा कि वह इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिका कंपनियों को भारत में समान अवसर मिले और उसी खुले व उचित माहौल में परिचालन करें जो भारतीय कंपनियों को अमेरिका में मिलता है।टिप्पणियां पावेल ने कहा कि उन्होंने भारत आने से पहले वाशिंगटन में दोनों देशों के कारोबारियों से मुलाकात की और उन्होंने उंचे शुल्क और गैर शुल्क बाधा, विदेशी निवेश पर प्रतिबंध, पारदर्शिता की कमी आदि के संबंध में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया ‘‘हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेटनर ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे विदेशी निवेशकों को यह सुनिश्चत करने की अपील की कि भारत आर्थिक सुधार आगे बढ़ा कर विदेशी पूंजी को प्रवेश देता रहेगा।’’ पावेल ने कहा कि उन्होंने भारत आने से पहले वाशिंगटन में दोनों देशों के कारोबारियों से मुलाकात की और उन्होंने उंचे शुल्क और गैर शुल्क बाधा, विदेशी निवेश पर प्रतिबंध, पारदर्शिता की कमी आदि के संबंध में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया ‘‘हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेटनर ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे विदेशी निवेशकों को यह सुनिश्चत करने की अपील की कि भारत आर्थिक सुधार आगे बढ़ा कर विदेशी पूंजी को प्रवेश देता रहेगा।’’ उन्होंने बताया ‘‘हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेटनर ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे विदेशी निवेशकों को यह सुनिश्चत करने की अपील की कि भारत आर्थिक सुधार आगे बढ़ा कर विदेशी पूंजी को प्रवेश देता रहेगा।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के कई मौजूदा फैसलों के कारण निवेश के माहौल के बारे में चिंता पैदा हुई है। यह बात भारत में अमेरिका की राजदूत नैन्सी जे पावेल ने सोमवार को कही।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रैड हाज और अजिंक्य रहाणे के शानदार अर्द्धशतकों से राजस्थान रॉयल्स ने चैम्पियन्स लीग टी20 में ओटागो वोल्ट्स को चार विकेट से हराकर टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज करते हुए न्यूजीलैंड की इस टीम के लगातार 15 जीत के अभियान को भी रोक दिया। हाज ने 23 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 52 रन की पारी खेलने के अलावा सलामी बल्लेबाज रहाणे (52) के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 रन भी जोड़े जिससे रॉयल्स ने ओटागो के 140 रन के लक्ष्य को 19.1 ओवर में छह विकेट पर 142 रन बनाकर हासिल कर लिया। रॉयल्स की टीम इसके साथ अपने ग्रुप ए में सभी चार मैच जीतकर शीर्ष पर रही और उसे सेमीफाइनल में अब यहां सवाई मानसिंह स्टेडियम में ही खेलना होगा जहां इस साल उसने अब तक कोई मैच नहीं गंवाया है। टीम ने इस साल आईपीएल और अब चैम्पियन्स लीग में यहां अपने सभी मैच जीते हैं। दूसरी तरफ ओटागो की टीम के अब चार मैचों में 10 अंक हैं और उसका अंतिम चार में जगह बनाना मुंबई इंडियन्स और पर्थ स्कार्चर्स के बीच ग्रुप के अंतिम लीग मैच पर निर्भर करता है। टिप्पणियां इससे पहले, रॉयल्स ने शुक्ला (23 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी से ओटागो वोल्ट्स को सात विकेट पर 139 रन पर रोक दिया था। रॉयल्स की ओर से अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण तांबे ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट चटकाया। कीवोन कूपर ने 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे। हाज ने 23 गेंद में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 52 रन की पारी खेलने के अलावा सलामी बल्लेबाज रहाणे (52) के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 रन भी जोड़े जिससे रॉयल्स ने ओटागो के 140 रन के लक्ष्य को 19.1 ओवर में छह विकेट पर 142 रन बनाकर हासिल कर लिया। रॉयल्स की टीम इसके साथ अपने ग्रुप ए में सभी चार मैच जीतकर शीर्ष पर रही और उसे सेमीफाइनल में अब यहां सवाई मानसिंह स्टेडियम में ही खेलना होगा जहां इस साल उसने अब तक कोई मैच नहीं गंवाया है। टीम ने इस साल आईपीएल और अब चैम्पियन्स लीग में यहां अपने सभी मैच जीते हैं। दूसरी तरफ ओटागो की टीम के अब चार मैचों में 10 अंक हैं और उसका अंतिम चार में जगह बनाना मुंबई इंडियन्स और पर्थ स्कार्चर्स के बीच ग्रुप के अंतिम लीग मैच पर निर्भर करता है। टिप्पणियां इससे पहले, रॉयल्स ने शुक्ला (23 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी से ओटागो वोल्ट्स को सात विकेट पर 139 रन पर रोक दिया था। रॉयल्स की ओर से अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण तांबे ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट चटकाया। कीवोन कूपर ने 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे। रॉयल्स की टीम इसके साथ अपने ग्रुप ए में सभी चार मैच जीतकर शीर्ष पर रही और उसे सेमीफाइनल में अब यहां सवाई मानसिंह स्टेडियम में ही खेलना होगा जहां इस साल उसने अब तक कोई मैच नहीं गंवाया है। टीम ने इस साल आईपीएल और अब चैम्पियन्स लीग में यहां अपने सभी मैच जीते हैं। दूसरी तरफ ओटागो की टीम के अब चार मैचों में 10 अंक हैं और उसका अंतिम चार में जगह बनाना मुंबई इंडियन्स और पर्थ स्कार्चर्स के बीच ग्रुप के अंतिम लीग मैच पर निर्भर करता है। टिप्पणियां इससे पहले, रॉयल्स ने शुक्ला (23 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी से ओटागो वोल्ट्स को सात विकेट पर 139 रन पर रोक दिया था। रॉयल्स की ओर से अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण तांबे ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट चटकाया। कीवोन कूपर ने 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे। दूसरी तरफ ओटागो की टीम के अब चार मैचों में 10 अंक हैं और उसका अंतिम चार में जगह बनाना मुंबई इंडियन्स और पर्थ स्कार्चर्स के बीच ग्रुप के अंतिम लीग मैच पर निर्भर करता है। टिप्पणियां इससे पहले, रॉयल्स ने शुक्ला (23 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी से ओटागो वोल्ट्स को सात विकेट पर 139 रन पर रोक दिया था। रॉयल्स की ओर से अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण तांबे ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट चटकाया। कीवोन कूपर ने 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे। इससे पहले, रॉयल्स ने शुक्ला (23 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी से ओटागो वोल्ट्स को सात विकेट पर 139 रन पर रोक दिया था। रॉयल्स की ओर से अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण तांबे ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 17 रन देकर एक विकेट चटकाया। कीवोन कूपर ने 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे। रॉयल्स को कप्तान राहुल द्रविड़ (10) और रहाणे ने पावर प्ले के छह ओवर में 43 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। रहाणे ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए इयान बटलर के पहले ओवर में दो चौके जड़ने के बाद नील वैगनर पर भी दो चौके मारे।
संक्षिप्त सारांश: ब्रैड हाज और अजिंक्य रहाणे के शानदार अर्द्धशतकों से राजस्थान रॉयल्स ने चैम्पियन्स लीग टी20 में ओटागो वोल्ट्स को चार विकेट से हराकर टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज करते हुए न्यूजीलैंड की इस टीम के लगातार 15 जीत के अभियान को भी रोक दिया।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बाचू ने कहा, ‘‘मैं गारो की भावनाओं से समझौता नहीं कर सकता. एक गारो के नाते यह मेरा दायित्व है कि अपने समुदाय के हित की रक्षा करूं. बीफ खाना हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है. भाजपा का गैर-धर्मनिरपेक्ष विचारधारा हमपर थोपना स्वीकार्य नहीं है.’’ उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिबून लिंगदोह को सौंप दिया. उधर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मेघालय के प्रभारी नलिन कोहली ने कि उनके ख़िलाफ़ पहले ही कार्रवाई चल रही थी। कोहली ने एक लिखित बयान में कहा, "हमें इसका पहले से अंदाज़ा था क्योंकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी थी. ये लोग अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हमारे संभावित उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाने की साज़िश में लगे थे. नलिन कोहली इसके लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं जबकि कांग्रेस ने कहा कि ये बीजेपी की नाकामी है.   उधर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मेघालय के प्रभारी नलिन कोहली ने कि उनके ख़िलाफ़ पहले ही कार्रवाई चल रही थी। कोहली ने एक लिखित बयान में कहा, "हमें इसका पहले से अंदाज़ा था क्योंकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी थी. ये लोग अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हमारे संभावित उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाने की साज़िश में लगे थे. नलिन कोहली इसके लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं जबकि कांग्रेस ने कहा कि ये बीजेपी की नाकामी है.
सारांश: 1 हफ्ते में पार्टी के दूसरे नेता ने दिया इस्तीफा गारो की भावनाओं से समझौता नहीं कर सकता बीफ खाना हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पैनेटा ने मंगलवार को कहा कि वह फिलहाल ओबामा मंत्रिमंडल नहीं छोड़ने जा रहे हैं और उनका मुख्य लक्ष्य अफगानिस्तान के मुद्दे सहित वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों का हल करना है। इससे पहले मीडिया की खबरों में कहा गया था कि अगले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल की शुरूआत होने पर पैनेटा शायद पेंटागन के शीर्ष पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। एशिया प्रशांत क्षेत्र के तीन देशों के दौरे पर अपने साथ गए संवाददाताओं से पैनेटा ने कहा ‘फिलहाल मेरा लक्ष्य विभिन्न मुद्दों के समाधान की अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का है। मैं इसी पर ध्यान दे रहा हूं।’टिप्पणियां रक्षा मंत्री से पूछा गया था कि क्या वह कैलिफोर्निया जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा ‘यह गोपनीय नहीं है कि कभी न कभी मैं कैलिफोर्निया वापस जाना चाहूंगा। वह मेरा घर है और वहां हमारा संस्थान भी है।’ उन्होंने कहा ‘लेकिन अभी वाशिंगटन में रक्षा मुद्दों, बजट मुद्दों, अफगानिस्तान पर योजना आदि से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति और मैं इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।’ इससे पहले मीडिया की खबरों में कहा गया था कि अगले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल की शुरूआत होने पर पैनेटा शायद पेंटागन के शीर्ष पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। एशिया प्रशांत क्षेत्र के तीन देशों के दौरे पर अपने साथ गए संवाददाताओं से पैनेटा ने कहा ‘फिलहाल मेरा लक्ष्य विभिन्न मुद्दों के समाधान की अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का है। मैं इसी पर ध्यान दे रहा हूं।’टिप्पणियां रक्षा मंत्री से पूछा गया था कि क्या वह कैलिफोर्निया जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा ‘यह गोपनीय नहीं है कि कभी न कभी मैं कैलिफोर्निया वापस जाना चाहूंगा। वह मेरा घर है और वहां हमारा संस्थान भी है।’ उन्होंने कहा ‘लेकिन अभी वाशिंगटन में रक्षा मुद्दों, बजट मुद्दों, अफगानिस्तान पर योजना आदि से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति और मैं इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।’ एशिया प्रशांत क्षेत्र के तीन देशों के दौरे पर अपने साथ गए संवाददाताओं से पैनेटा ने कहा ‘फिलहाल मेरा लक्ष्य विभिन्न मुद्दों के समाधान की अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का है। मैं इसी पर ध्यान दे रहा हूं।’टिप्पणियां रक्षा मंत्री से पूछा गया था कि क्या वह कैलिफोर्निया जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा ‘यह गोपनीय नहीं है कि कभी न कभी मैं कैलिफोर्निया वापस जाना चाहूंगा। वह मेरा घर है और वहां हमारा संस्थान भी है।’ उन्होंने कहा ‘लेकिन अभी वाशिंगटन में रक्षा मुद्दों, बजट मुद्दों, अफगानिस्तान पर योजना आदि से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति और मैं इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।’ रक्षा मंत्री से पूछा गया था कि क्या वह कैलिफोर्निया जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा ‘यह गोपनीय नहीं है कि कभी न कभी मैं कैलिफोर्निया वापस जाना चाहूंगा। वह मेरा घर है और वहां हमारा संस्थान भी है।’ उन्होंने कहा ‘लेकिन अभी वाशिंगटन में रक्षा मुद्दों, बजट मुद्दों, अफगानिस्तान पर योजना आदि से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति और मैं इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा ‘लेकिन अभी वाशिंगटन में रक्षा मुद्दों, बजट मुद्दों, अफगानिस्तान पर योजना आदि से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति और मैं इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।’
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पैनेटा ने मंगलवार को कहा कि वह फिलहाल ओबामा मंत्रिमंडल नहीं छोड़ने जा रहे हैं और उनका मुख्य लक्ष्य अफगानिस्तान के मुद्दे सहित वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों का हल करना है।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान क्रिस गेल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी टीमों ने जनवरी में हुई नीलामी में 'खरीदने' से इनकार कर दिया था लेकिन स्थानापन्न के तौर पर आईपीएल-4 में लौटे गेल ने शतक लगाकर जता दिया कि फ्रेंचाइजी टीमों का फैसला कितना गलत था। रोचक बात यह है कि 10 जनवरी को जब आईपीएल के मौजूदा सत्र के लिए बेंगलुरू में नीलामी चल रही थी और गेल के साथ-साथ भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को कोई खरीदार नहीं मिल रहा था, तब गेल आस्ट्रेलिया में बिग बैश टूर्नामेंट में 137 रनों की तूफानी पारी खेल रहे थे। यह भी अजीब संयोग है कि जिस कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल के दूसरे संस्करण में गेल से कप्तानी कराई थी, उसी ने चौथे संस्करण के लिए उन्हें अपनाने से इनकार कर दिया। नाइट राइडर्स की किस्मत देखिए कि गेल ने शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए ईडन गार्डन्स में खेलते हुए उसी के खिलाफ शानदार शतक लगाया और लय से भटकी अपनी टीम के हीरो बने। मैच के बाद पवेलियन लौटते वक्त गेल के चेहरे पर इस शानदार प्रदर्शन की खुशी साफ देखी जा सकती थी। अपने साथियों से हाथ मिलाते वक्त उन्होंने कहा, "व्हॉट ए डेब्यू (कितनी अच्छी शुरुआत है।" आईपीएल के लिए गेल का नाम नया नहीं है लेकिन दरकिनार किए जाने के बाद गेल ने जिस अंदाज में आईपीएल में वापसी की है, उसे सही मायने में डेब्यू (नई शुरुआत) ही माना जा सकता है। दरअसल, गेल जिस कद और शैली के खिलाड़ी हैं, उसे देखते हुए उन्हें क्रिकेट के किसी भी स्वरूप के लिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गेल के अलावा न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैक्लम, भारत के वीरेंद्र सहवाग और यूसुफ पठान, पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी, दक्षिण अफ्रीका के अब्राहम डिविलियर्स और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट स्थापित मैच जिताऊ खिलाड़ी रहे हैं और ऐसे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना सवर्था गलत फैसला करार दिया जाएगा। आईपीएल में अफरीदी नहीं खेल रहे हैं। उनके अलावा मैक्लम, पठान, सहवाग, डिविलियर्स और गिलक्रिस्ट को सम्मानित खरीदार मिले लेकिन किसी भी टीम ने गेल को अपने साथ जोड़ने की जहमत नहीं उठाई। इसके बाद गेल को वेस्टइंडीज की राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया। सभी टीमों को उनकी आधार कीमत 400,000 डॉलर काफी ज्यादा लगी। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का केंद्रीय करार नकारने वाले गेल के पास बिग-बैश या फिर आईपीएल जैसे किसी आयोजन में लौटने के अलावा और कोई चारा नहीं था। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डर्क नैन्स के स्थानापन्न के तौर पर गेल को अपने साथ जोड़ने वाले रॉयल चैलेंजर्स के मालिक विजय माल्या ने साबित किया कि वह इतने सफल व्यवसायी क्यों हैं। खुद माल्या ने भी गेल को जनवरी में अपनाने से इनकार कर दिया था लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीता और कैरेबियाई क्रिकेट के केंद्रीय करार का रास्ता साफ हुआ, माल्या को लगा कि गेल को टीम में रखना उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि उन पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों की तरह स्वदेश लौटने का कोई दबाव नहीं होगा। वह पूरे समर्पण से उनकी टीम के लिए खेल सकते हैं। इसी बीच नैन्स की पीठ में तकलीफ हुई और टीम प्रबंधन ने बिना देरी किए गेल को टीम में शामिल करने की मांग की। इसके लिए उसे नैन्स के बराबर राशि खर्च करनी थी। नैन्स को रॉयल चैलेंजर्स ने 200,000 डॉलर में अपने साथ जोड़ा था। गेल को भी इसी रकम पर टीम में शामिल किया गया। गेल को भले ही अपनी आधार कीमत से आधी कीमत पर आईपीएल-4 में खेलने का मौका मिला लेकिन ट्वेंटी-20 विश्व कप के इतिहास में पहला शतक लगाने वाले इस धुरंधर बल्लेबाज ने जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उससे आने वाले वक्त में उनके लिए फ्रेंचाइजी टीमों के बीच ऊंची से ऊंची कीमत लगाने की होड़ लगेगी।
सारांश: गेल को फ्रेंचाइजी टीमों ने 'खरीदने' से इनकार कर दिया था लेकिन स्थानापन्न के तौर पर लौटे गेल ने जता दिया कि फ्रेंचाइजी टीमों का फैसला कितना गलत था।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिण अफ्रीका तीन मैचों की क्रिकेट टेस्ट शृंखला में इंग्लैंड को 2-0 से हराकर रिलायंस आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अपनी इस विरोधी टीम को पछाड़ते हुए दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बन गया। इस शृंखला में जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका 120 अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है, जबकि इंग्लैंड 117 अंक के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है। आईसीसी टीम रैंकिंग में इसके बाद ऑस्ट्रेलिया (116), पाकिस्तान (109) और भारत (104) का नंबर आता है।टिप्पणियां कप्तान ग्रीम स्मिथ और उनकी दक्षिण अफ्रीकी टीम को इस मौके पर आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप गदा दिया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान रिचर्डसन के अलावा आईसीसी के निदेशक और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क, ईसीबी के मुख्य कार्यकारी डेविड कोलियेर, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी जाक फाउल और यूरोप रिलायंस ग्लोबलकॉम के सीएफओ प्रमोद गर्ग मौजूद थे। इंग्लैंड की टीम अगस्त 2011 के बाद से आईसीसी रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम थी, जब उसने भारत को पछाड़कर यह स्थान हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर 2009 के बाद पहली बार नंबर एक रैंकिंग हासिल किया है। इस शृंखला में जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका 120 अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है, जबकि इंग्लैंड 117 अंक के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है। आईसीसी टीम रैंकिंग में इसके बाद ऑस्ट्रेलिया (116), पाकिस्तान (109) और भारत (104) का नंबर आता है।टिप्पणियां कप्तान ग्रीम स्मिथ और उनकी दक्षिण अफ्रीकी टीम को इस मौके पर आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप गदा दिया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान रिचर्डसन के अलावा आईसीसी के निदेशक और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क, ईसीबी के मुख्य कार्यकारी डेविड कोलियेर, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी जाक फाउल और यूरोप रिलायंस ग्लोबलकॉम के सीएफओ प्रमोद गर्ग मौजूद थे। इंग्लैंड की टीम अगस्त 2011 के बाद से आईसीसी रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम थी, जब उसने भारत को पछाड़कर यह स्थान हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर 2009 के बाद पहली बार नंबर एक रैंकिंग हासिल किया है। कप्तान ग्रीम स्मिथ और उनकी दक्षिण अफ्रीकी टीम को इस मौके पर आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप गदा दिया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान रिचर्डसन के अलावा आईसीसी के निदेशक और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क, ईसीबी के मुख्य कार्यकारी डेविड कोलियेर, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी जाक फाउल और यूरोप रिलायंस ग्लोबलकॉम के सीएफओ प्रमोद गर्ग मौजूद थे। इंग्लैंड की टीम अगस्त 2011 के बाद से आईसीसी रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम थी, जब उसने भारत को पछाड़कर यह स्थान हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर 2009 के बाद पहली बार नंबर एक रैंकिंग हासिल किया है। इंग्लैंड की टीम अगस्त 2011 के बाद से आईसीसी रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम थी, जब उसने भारत को पछाड़कर यह स्थान हासिल किया था। दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर 2009 के बाद पहली बार नंबर एक रैंकिंग हासिल किया है।
यह एक सारांश है: दक्षिण अफ्रीका तीन मैचों की क्रिकेट टेस्ट शृंखला में इंग्लैंड को 2-0 से हराकर रिलायंस आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अपनी इस विरोधी टीम को पछाड़ते हुए दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बन गया।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: BSP प्रमुख मायावती ने इंदौर नगर निगम के अधिकारी की बैट से पिटाई करने वाले  कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vjayvargiya) के बहाने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. मायावती (Mayawati) ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व के यदाकदा फटकार से अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और न आगे इसकी कोई गारंटी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'देश भर में हर स्तर पर सत्ताधारी पार्टी के लोगों द्वारा जिस प्रकार से कानून को खुलेआम हाथ में लेकर हर प्रकार की अराजकता फैलाई जा रही है, वह लगातार गंभीर चिन्ता का विषय बना हुआ है, लेकिन भाजपा नेतृत्व के यदाकदा फटकार से अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और न आगे कोई गारंटी है.' देश भर में हर स्तर पर सत्ताधारी पार्टी के लोगों द्वारा जिस प्रकार से कानून को खुलेआम हाँथ में लेकर हर प्रकार की अराजकता फैलाई जा रही है वह लगातार गंभीर चिन्ता का विषय बना हुआ है। लेकिन बीजेपी नेतृत्व के यदाकदा फटकार से अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है और नआगे कोई गारण्टी है। बसपा प्रमुख मायावती ने आगे लिखा, 'भाजपा सरकारें ऐसे जातिवादी व धार्मिक उन्मादी जघन्य अपराध अपने राज्यों में लगातार क्यों होने देती हैं, जिससे पूरा राज्य व वहां की सरकार ही नहीं, बल्कि देश की भी बदनामी होती है और पीएम को भी शर्मिन्दा होना पड़ता है. वैसे अब तो पुलिस व सरकारी कर्मचारी भी इस नई आफत के शिकार हैं.' आपको बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि "किसी का भी बेटा हो, उसकी यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन लोगों ने स्वागत किया है, उन्हें भी पार्टी में रहने का हक नहीं है. सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए.'  बीजेपी सरकारें ऐसे जातिवादी व धार्मिक उन्मादी जघन्य अपराध अपने राज्यों में लगातार क्यों होने देती हैं जिससे पूरा राज्य व वहाँ की सरकार ही नहीं बल्कि देश की भी बदनामी होती है और पीएम को भी शर्मिन्दा होना पड़ता है। वैसे अब तो पुलिस व सरकारी कर्मचारी भी इस नई आफत के शिकार हैं।
यहाँ एक सारांश है:बीएसपी चीफ ने बीजेपी पर साधा निशाना कहा- सत्ताधारी लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं इससे पीएम को भी शर्मिन्दा होना पड़ता है
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केविन पीटरसन के तूफानी शतक से दिल्ली डेयरडेविल्स ने विषम परिस्थितियों से उबरते हुए इंडियन प्रीमियर लीग मैच में गुरुवार को डेक्कन चार्जर्स को पांच विकेट से हराकर उसका पहली जीत का इंतजार बढ़ा दिया जबकि खुद शीर्ष पर पहुंच गया। पीटरसन ने छह, 68 और 94 रन के निजी स्कोर पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 64 गेंद में नौ छक्कों और छह चौकों की मदद से नाबाद 103 रन की पारी खेली जिससे दिल्ली की टीम ने पांच गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 162 रन बनाकर मैच जीत लिया। आईपीएल पांच में 50 रन से अधिक बनाने वाले दिल्ली के पहले बल्लेबाज पीटरसन ने रोस टेलर (13) के साथ 42, इरफान पठान (05) के साथ 49 और योगेश नागर (नाबाद 23, 15 गेंद, तीन चौके) के साथ 4.3 ओवर में 48 रन की अटूट साझेदारी की। इससे पहले चार्जर्स ने पार्थिव पटेल (45) और शिखर धवन (44) की उम्दा पारियों की मदद से आठ विकेट पर 157 रन बनाए थे। दिल्ली की ओर से नदीम ने 16 रन देकर तीन जबकि मोर्कल ने 23 रन देकर तीन विकेट चटकाकर चार्जर्स को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। दिल्ली की पांच मैचों में यह चौथी जीत है और वह आठ अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है जबकि चार मैचों में चौथी हार के बाद चार्जर्स की टीम अंतिम स्थान पर चल रही है। दिल्ली की शुरूआत खराब रही और उसने पांचवें ओवर में 23 रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा (01) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (07) के अलावा महेला जयवर्धने (06) का विकेट गंवा दिया। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। पीटरसन ने छह, 68 और 94 रन के निजी स्कोर पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 64 गेंद में नौ छक्कों और छह चौकों की मदद से नाबाद 103 रन की पारी खेली जिससे दिल्ली की टीम ने पांच गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 162 रन बनाकर मैच जीत लिया। आईपीएल पांच में 50 रन से अधिक बनाने वाले दिल्ली के पहले बल्लेबाज पीटरसन ने रोस टेलर (13) के साथ 42, इरफान पठान (05) के साथ 49 और योगेश नागर (नाबाद 23, 15 गेंद, तीन चौके) के साथ 4.3 ओवर में 48 रन की अटूट साझेदारी की। इससे पहले चार्जर्स ने पार्थिव पटेल (45) और शिखर धवन (44) की उम्दा पारियों की मदद से आठ विकेट पर 157 रन बनाए थे। दिल्ली की ओर से नदीम ने 16 रन देकर तीन जबकि मोर्कल ने 23 रन देकर तीन विकेट चटकाकर चार्जर्स को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। दिल्ली की पांच मैचों में यह चौथी जीत है और वह आठ अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है जबकि चार मैचों में चौथी हार के बाद चार्जर्स की टीम अंतिम स्थान पर चल रही है। दिल्ली की शुरूआत खराब रही और उसने पांचवें ओवर में 23 रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा (01) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (07) के अलावा महेला जयवर्धने (06) का विकेट गंवा दिया। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। इससे पहले चार्जर्स ने पार्थिव पटेल (45) और शिखर धवन (44) की उम्दा पारियों की मदद से आठ विकेट पर 157 रन बनाए थे। दिल्ली की ओर से नदीम ने 16 रन देकर तीन जबकि मोर्कल ने 23 रन देकर तीन विकेट चटकाकर चार्जर्स को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। दिल्ली की पांच मैचों में यह चौथी जीत है और वह आठ अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है जबकि चार मैचों में चौथी हार के बाद चार्जर्स की टीम अंतिम स्थान पर चल रही है। दिल्ली की शुरूआत खराब रही और उसने पांचवें ओवर में 23 रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा (01) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (07) के अलावा महेला जयवर्धने (06) का विकेट गंवा दिया। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। दिल्ली की पांच मैचों में यह चौथी जीत है और वह आठ अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया है जबकि चार मैचों में चौथी हार के बाद चार्जर्स की टीम अंतिम स्थान पर चल रही है। दिल्ली की शुरूआत खराब रही और उसने पांचवें ओवर में 23 रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा (01) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (07) के अलावा महेला जयवर्धने (06) का विकेट गंवा दिया। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। दिल्ली की शुरूआत खराब रही और उसने पांचवें ओवर में 23 रन के स्कोर तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा (01) और कप्तान वीरेंद्र सहवाग (07) के अलावा महेला जयवर्धने (06) का विकेट गंवा दिया। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। जयवर्धने भी इसके बाद क्रिस्टियन की गेंद पर मिड आफ पर हमवतन श्रीलंकाई और चार्जर्स के कप्तान कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। पीटरसन और टेलर ने विकेट गिरने का क्रम रोका। टेलर ने पहली गेंद पर प्रताप सिंह पर चौका मारा जबकि पीटरसन ने लेग स्पिनर अमित मिश्रा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में एक चौका और दो छक्कों सहित 17 रन जोड़े। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। टेलर क्रिस्टियन के ओवर में तेज रन लेने के प्रयास में धवन के सटीक निशाने का शिकार बनकर पवेलियन लौटे। डुमिनी का पारी का 13वां ओवर घटनाप्रधान रहा। पीटरसन ने पहली गेंद को लांग आफ में एक रन के लिए खेलकर 42 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके बाद इसी ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। डुमिनी ने हालांकि अगली गेंद पर इस बल्लेबाज का कैच टपका दिया। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। दिल्ली को अंतिम सात ओवर में जीत के लिए 54 रन की जरूरत थी और ऐसे में पीटरसन ने मिश्रा पर छक्का जड़कर टीम का काम आसान किया लेकिन पठान (05) स्टेन की गेंद को पुल करने की कोशिश में विकेट के पीछे पार्थिव पटेल को कैच दे बैठे। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। पीटरसन ने इसके बाद वीर प्रताप सिंह और क्रिस्टियन पर छक्के जड़े जिससे टीम को अंतिम दो ओवर में जीत के लिए आठ रन की दरकार थी। पीटरसन ने अंकित पर सीधा छक्का जड़कर शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड का यह बल्लेबाज आईपीएल में शतक जड़ने वाला 18वां बल्लेबाज है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी चार्जर्स ने तीसरे ओवर में 10 रन के स्कोर पर ही संगकारा (01) का विकेट गंवा दिया। धवन और पार्थिव ने पारी को संभाला। दोनों ने छह ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया। धवन बायें हाथ के स्पिनर नदीम की पहली ही गेंद को रिवर्स स्वीप करने के प्रयास में पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने 29 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा।टिप्पणियां पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। पार्थिव ने उमेश पर छक्का जड़ा। वह इसी ओवर की अंतिम गेंद पर भाग्यशाली रहे जब थर्ड मैन पर अगरकर ने उनका कैच लपक लिया लेकिन मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर से सलाह के बाद कमर से उपर गेंद के लिए इसे नोबाल करार दिया। पार्थिव हालांकि नदीम के अगले ओवर में छक्का जड़ने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर जयवर्धने को कैच दे बैठे। उन्होंने 27 गेंद पर पांच चौके और एक छक्का जड़ा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा। इन दोनों बल्लेबाजों के पवेलियन लौटने के बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने रन गति पर अंकुश लगाया। डुमिनी (04) नदीम का तीसरा शिकार बने। क्रिस्टियन (19) इसके बाद उमेश की गेंद को पुल करने की कोशिश में कैच दे बैठे जबकि मोर्कल ने अभिषेक झुनझुनवाला (04) और डेल स्टेन (02) को पवेलियन भेजा।
यहाँ एक सारांश है:केविन पीटरसन के तूफानी शतक से दिल्ली डेयरडेविल्स ने विषम परिस्थितियों से उबरते हुए इंडियन प्रीमियर लीग मैच में गुरुवार को डेक्कन चार्जर्स को पांच विकेट से हराकर उसका पहली जीत का इंतजार बढ़ा दिया जबकि खुद शीर्ष पर पहुंच गया।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पब्लिसिटी के भूखे हैं और उनका लोकतंत्र से कुछ लेना-देना नहीं है।टिप्पणियां महाराष्ट्र में रह रहे बिहार के लोगों को पिछले सप्ताह 'घुसपैठिया' बताने के राज के बयान पर नीतीश ने यहां संवाददाताओं से कहा, "राज ठाकरे यह सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं और उनका लोकतंत्र से कुछ लेना-देना नहीं है।" नीतीश ने इस पर हैरानी जताई कि ऐसे में जबकि महाराष्ट्र सरकार राज जैसे एक व्यक्ति पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है तो वह आतंकवाद से कैसे लड़ेगी। महाराष्ट्र में रह रहे बिहार के लोगों को पिछले सप्ताह 'घुसपैठिया' बताने के राज के बयान पर नीतीश ने यहां संवाददाताओं से कहा, "राज ठाकरे यह सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं और उनका लोकतंत्र से कुछ लेना-देना नहीं है।" नीतीश ने इस पर हैरानी जताई कि ऐसे में जबकि महाराष्ट्र सरकार राज जैसे एक व्यक्ति पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है तो वह आतंकवाद से कैसे लड़ेगी। नीतीश ने इस पर हैरानी जताई कि ऐसे में जबकि महाराष्ट्र सरकार राज जैसे एक व्यक्ति पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है तो वह आतंकवाद से कैसे लड़ेगी।
यह एक सारांश है: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पब्लिसिटी के भूखे हैं और उनका लोकतंत्र से कुछ लेना-देना नहीं है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. हिन्‍दुओं में गुरु का सर्वश्रेष्‍ठ स्‍थान है. यहां तक कि गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर है क्‍योंकि वो गुरु ही है जो हमें अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही मार्ग की ओर ले जाता है. यही वजह है कि देश भर में गुरु पूर्णिमा का उत्‍सव धूमधाम से मनाया जाता है. मान्‍यता है कि इसी दिन आदिगुरु, महाभारत के रचयिता और चार वेदों के व्‍याख्‍याता महर्षि  कृष्‍ण द्वैपायन व्‍यास यानी कि महर्षि वेद व्‍यास (Ved Vyas) का जन्‍म हुआ था. वे संस्कृत के महान विद्वान थे. महाभारत (Mahabharat) जैसा महाकाव्य उन्‍हीं की देन है. इसी के 18वें अध्याय में भगवान श्री कृष्ण गीता का उपदेश देते हैं. सभी 18 पुराणों का रचयिता भी महर्षि वेदव्यास को माना जाता है. वेदों को विभाजित करने का श्रेय भी इन्हीं को दिया जाता है. इसी कारण इनका नाम वेदव्यास पड़ा था. वेदव्यास जी को आदिगुरु भी कहा जाता है इसलिए गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा (Vyas Purnima) के नाम से भी जाना जाता है.  गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा-आराधना करने का विधान है. इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी है.  महर्षि पराशर, सत्यवती के प्रति आकर्षित हुए बिना रह नहीं पाए. उन्होंने सत्यवती से उन्होंने नदी पार करवाने की गुजारिश की. सत्यवती ने उन्हें अपनी नाव में बैठने के लिए आमंत्रित किया. नाव में बैठने के बाद पराशर ऋषि ने सत्यवती के सामने प्रणय निवेदन किया, जिसे सत्यवती ने सशर्त स्वीकार किया. पराशर ऋषि, सत्यवती के साथ संभोग करना चाहते थे, जिसकी स्वीकृति देने से पहले सत्यवती ने उनके सामने अपनी तीन शर्तें रखीं. सत्यवती की पहली शर्त थी कि उन्हें संभोग करते हुए कोई भी जीव ना देख पाए. पराशर ने इस शर्त को स्वीकार करते हुए अपनी दैवीय शक्ति से एक द्वीप का निर्माण किया जहां घना कोहरा था. इस कोहरे के भीतर कोई भी उन्हें नहीं देख सकता था. सत्यवती की दूसरी शर्त थी कि उसके शरीर से आने वाली मछली की महक के स्थान पर फूलों की सुगंध आए. पराशर ने ‘तथास्तु' कहकर यह शर्त भी स्वीकार कर ली और सत्यवती के शरीर में से आने वाली मछली की गंध समाप्त हो गई. इसके विपरीत उसकी देह फूलों की तरह महकने लगी. तीसरी शर्त के रूप में सत्यवती ने कहा कि सहवास के बाद जब वह गर्भ धारण करेगी तो उसका पुत्र कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि महाज्ञानी होना चाहिए, ना कि एक मछुआरा. सत्यवती की यह शर्त भी पराशर ऋषि द्वारा मान ली गई. साथ ही पराशर ऋषि ने यह भी वरदान दिया कि सहवास के बाद भी उनका कौमार्य कायम रहेगा. सत्यवती और ऋषि पराशर ने कोहरे से भरे द्वीप पर संभोग किया. समय आने पर सत्यवती ने एक पुत्र को जन्म दिया, जो जन्म के साथ ही महाज्ञानी था. सत्यवती और पराशर की संतान का रंग काला था, जिसकी वजह से उसका नाम कृष्ण रखा गया. यही कृष्ण आगे चलकर वेद व्यास के नाम से प्रसिद्ध हुए. कृष्ण जब बड़े हुए तब उन्होंने अपनी मां से कहा कि जब भी वह किसी विपत्ति के समय उन्हें याद करेंगी, वह उपस्थित हो जाएंगे. इतना कहकर वे तप करने के लिए द्वैपायन द्वीप की ओर प्रस्थान कर गए. बाद में सत्‍यवती का विवाह हस्तिनापुर के राजा शांतनु से हो गया. सत्यवती और शांतनु के दो पुत्र चित्रांगद और विचित्रवीर्य हुए. बाद में गंधर्वों से युद्ध करते हुए चित्रांगद की मृत्‍यु हो गई.  कुछ समय बाद विचित्र वीर्य की शादी अम्बिका और अम्‍बालिका से हो गई. दोनों ही रानियों से विचित्रवीर्य की कोई सन्तान नहीं हुई और वे क्षय रोग से पीड़ित हो कर मृत्यु को प्राप्त हो गए. दोनों पुत्रों की मृत्यु के बाद सत्यवती को यह भय सताने लगा कि ऐसे तो वंश समाप्त हो जाएगा. सत्यवती ने पहले भीष्म से आग्रह किया कि वह विचित्रवीर्य की रानियों के साथ नियोग कर संतान उत्पत्ति का मार्ग खोलें, लेकिन भीष्म की प्रतिज्ञा ने उन्हें अपनी माता की आज्ञा का पालन नहीं करने दिया. सत्यवती अत्यंत निराश और दुखी हो गई. ऐसे में उन्हें अपने पुत्र वेद व्यास की याद आई. वेद व्यास ने उनसे कहा था कि वह किसी भी विपत्ति में उनका साथ देंगे. अपनी मां के कहने पर वेद व्यास ने विचित्रवीर्य की रानियों के साथ नियोग किया, जिसके बाद पांडु और धृतराष्ट्र का जन्म हुआ. वेद व्यास ने विचित्रवीर्य की रानियों, अंबिका और अंबालिका के अलावा एक दासी के साथ भी नियोग की प्रथा का पालन किया, जिसके बाद विदुर का जन्म हुआ. तीनों पुत्रों में से विदुर वेद-वेदान्त में पारंगत और नीतिवान पुत्र थे. द्वैपायन द्वीप पर जाकर तपस्या करने और काले रंग की वजह से उन्हें कृष्ण द्वैपायन नाम दिया गया, जो आगे चल कर वेदों का भाष्य करने के कारण वेद व्यास के नाम से प्रसिद्ध हुए. वेदों का विस्तार करने के कारण उन्‍हें वेदव्यास तथा बदरीवन में निवास करने के कारण बादरायण के नाम से भी जाना जाता है. वेद व्यास ने चारो वेदों के विस्तार के साथ-साथ 18 महापुराणों तथा ब्रह्मसूत्र का भी प्रणयन किया. हिन्दू पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने ही व्यास के रूप में अवतार लेकर वेदों का विस्तार किया था.
सारांश: 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण भी है ग्रहण की वजह से सूतक काल से पहले ही गुरु पूर्णिमा की पूजा हो जाएगी
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत और अमेरिका असैन्य परमाणु करार के पांच साल बाद असैन्य परमाणु उर्जा पर पहले व्यावसायिक समझौते पर पहुंच गए।टिप्पणियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बात का खुलासा किया कि दोनों देशों के बीच समझौता हुआ। ओबामा ने कहा, ‘हमने असैन्य परमाणु उर्जा के मुद्दे पर जबरदस्त प्रगति की है और दरअसल हम असैन्य परमाणु उर्जा पर एक अमेरिकी कंपनी और भारत के बीच पहले व्यावसायिक करार पर पहुंचने में पिछले कुछ दिनों में सफल रहे हैं।’ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बात का खुलासा किया कि दोनों देशों के बीच समझौता हुआ। ओबामा ने कहा, ‘हमने असैन्य परमाणु उर्जा के मुद्दे पर जबरदस्त प्रगति की है और दरअसल हम असैन्य परमाणु उर्जा पर एक अमेरिकी कंपनी और भारत के बीच पहले व्यावसायिक करार पर पहुंचने में पिछले कुछ दिनों में सफल रहे हैं।’ ओबामा ने कहा, ‘हमने असैन्य परमाणु उर्जा के मुद्दे पर जबरदस्त प्रगति की है और दरअसल हम असैन्य परमाणु उर्जा पर एक अमेरिकी कंपनी और भारत के बीच पहले व्यावसायिक करार पर पहुंचने में पिछले कुछ दिनों में सफल रहे हैं।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत और अमेरिका असैन्य परमाणु करार के पांच साल बाद असैन्य परमाणु उर्जा पर पहले व्यावसायिक समझौते पर पहुंच गए।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) एप्लीकेशन रिजेक्ट मामले में रेलवे के अंतिम निर्णय के बाद एक तरफ कई उम्मीदवारों के एप्लीकेशन (RRC Group D Application) स्वीकार हो गए तो दूसरी तरफ कई उम्मीदवारों के एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिए गए हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि एप्लीकेशन रिजेक्ट (RRB Group D Application Reject) होने वाले उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा है. परेशान उम्मीदवार एनडीटीवी के रवीश कुमार को फोन और मैसेज कर रहे हैं. ऐसे में रवीश कुमार ने एक बार फिर फेसबुक पर रेल मंत्री पीयूष गोयल के नाम पोस्ट लिखा है. फिर भी बचे रह गए कई छात्र रेलवे ग्रुप डी का फ़ार्म भरने से रेल मंत्री जी, रेलवे के ग्रुप डी परीक्षा के फ़ार्म भरने को लेकर छात्रों को मानसिक यंत्रणा से गुज़रना पड़ रहा है. रेलवे बोर्ड ने ज़रूर इस पर ध्यान दिया और कुछ लोगों को भरने की अनुमति मिल गई. इसके लिए बधाई मगर अभी कई छात्र इससे बाहर हैं. आख़िर फोटो वग़ैरह के कारण फ़ार्म को रद्द करने का क्या तुक है. अगर कोई तुक है तो आपको इन युवाओं को साफ साफ बता देना चाहिए. आप एक बार इनके मेसेज पढ़ लें. आपको ख़ुद दया आ जाएगी कि आख़िर कितनी मामूली बातों के लिए इन्हें रोना पड़ रहा है. ये सब आपकी पार्टी के घोर दीवाने भी हैं. इस नाते भी आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए. परीक्षा देने का मौका सबको मिले. फ़ार्म की शर्तों के आधार पर रिजेक्ट करना सही नहीं है. एक बार आप खुद अपने स्तर पर देख लें. कहीं सिस्टम में तो कमीं नहीं है. आशा है आप खुले मन से इन छात्रों के भविष्य पर विचार करेंगे और जल्द से जल्द मानसिक राहत देंगे. इन लोगों ने कई चैनलों से संपर्क किया ताकि वे आप तक अपनी बात पहुँचा सके. ट्विटर पर भी ट्रेंड करा लिया है मगर कोई कुछ बता नहीं रहा. मुझे मनीला से लिखना पड़ रहा है क्योंकि ये काफी परेशान हैं. एक बार फिर से निवेदन है. रवीश कुमार. आपको बता दें कि रेलवे 1लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती करने वाला है. इन पदों पर 1 करोड़ 15 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. इनमें से करीब 4 लाख उम्मीदवारों के एप्लीकेशन रिजेक्ट हुए थे, जिनकी जांच के बाद कई उम्मीदवारों के एप्लीकेशन स्वीकार हुए हैं तो कई उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी है. कितने उम्मीदवारों के एप्लीकेशन स्वीकार हुए हैं इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
सारांश: कई उम्मीदवारों के एप्लीकेशन रिजेक्ट हुए हैं. उम्मीदवार रवीश कुमार को फोन और मैसेज कर रहे हैं. रवीश कुमार ने एक बार फिर फेसबुक पर पीयूष गोयल के नाम पोस्ट लिखा है.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी में रविवार 16 दिसंबर को चली बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के अंतिम संस्कार के बाद बलात्कारियों को कड़ी सजा देने के मांग करते हुए बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए। शाम को एकत्र लोगों ने पुलिस के कुछ बैरिकेड हटने के बाद कैंडल मार्च भी निकाला। मार्च के बाद भी हजारों की संख्या में लोग जंतर मंतर पर एकत्र हैं और प्रदर्शन जारी रखे हैं। इससे पहले, शाम को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए लोगों में से कुछ अचानक संसद मार्ग की तरफ बढ़ने की कोशिश करने लगे और उन्होंने पुलिस अवरोधों को हटाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बाद में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन पांच उपद्रवियों को पुलिस के हवाले भी कर दिया, जिन्हें पुलिस संसद मार्ग थाने लेकर चली गई। प्रदर्शन स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी जमा होने लगे और वे सभी इस संबंध में गिरफ्तार छह लोगों को कड़ी सजा देने की मांग करते रहे। टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों का एक समूह जंतर-मंतर पर एक दिन के उपवास पर बैठा, तो शेष लोग अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए नारे लगाते रहे। पिछले सप्ताहांत पर इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद इन क्षेत्रों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कमाल आतातुर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। सभी लोगों से इन रास्तों से बचने की अपील की जाती है। पुलिस की सलाह पर 10 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है। इससे पहले, शाम को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए लोगों में से कुछ अचानक संसद मार्ग की तरफ बढ़ने की कोशिश करने लगे और उन्होंने पुलिस अवरोधों को हटाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बाद में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उन पांच उपद्रवियों को पुलिस के हवाले भी कर दिया, जिन्हें पुलिस संसद मार्ग थाने लेकर चली गई। प्रदर्शन स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी जमा होने लगे और वे सभी इस संबंध में गिरफ्तार छह लोगों को कड़ी सजा देने की मांग करते रहे। टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों का एक समूह जंतर-मंतर पर एक दिन के उपवास पर बैठा, तो शेष लोग अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए नारे लगाते रहे। पिछले सप्ताहांत पर इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद इन क्षेत्रों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कमाल आतातुर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। सभी लोगों से इन रास्तों से बचने की अपील की जाती है। पुलिस की सलाह पर 10 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है। प्रदर्शन स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी जमा होने लगे और वे सभी इस संबंध में गिरफ्तार छह लोगों को कड़ी सजा देने की मांग करते रहे। टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों का एक समूह जंतर-मंतर पर एक दिन के उपवास पर बैठा, तो शेष लोग अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए नारे लगाते रहे। पिछले सप्ताहांत पर इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद इन क्षेत्रों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कमाल आतातुर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। सभी लोगों से इन रास्तों से बचने की अपील की जाती है। पुलिस की सलाह पर 10 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का एक समूह जंतर-मंतर पर एक दिन के उपवास पर बैठा, तो शेष लोग अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए नारे लगाते रहे। पिछले सप्ताहांत पर इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद इन क्षेत्रों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कमाल आतातुर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। सभी लोगों से इन रास्तों से बचने की अपील की जाती है। पुलिस की सलाह पर 10 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। कमाल आतातुर्क मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। सभी लोगों से इन रास्तों से बचने की अपील की जाती है। पुलिस की सलाह पर 10 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया है।
यहाँ एक सारांश है:गैंगरेप पीड़ित के अंतिम संस्कार के बाद बलात्कारियों को कड़ी सजा देने के मांग करते हुए बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए। शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए लोगों में से कुछ अचानक संसद मार्ग की तरफ बढ़ने की कोशिश करने लगे और उन्होंने पुलिस अवर
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आने वाला शुक्रवार बाकी शुक्रवारों से खासा अलग होने वाला है। दिवाली के शुभ अवसर पर दो बहुप्रतीक्षित फिल्में सिनेमा घरों में दस्तक दे रही हैं। एक तो यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी अंतिम फिल्म 'जब तक है जान' और दूसरी अजय देवगन की मुख्य किरदार वाली 'सन ऑफ सरदार'। सिनेमा के दर्शकों के लिए यह चुनाव मुश्किल होगा कि वे किस फिल्म का टिकट लें। एक तरफ लागातार दो हिट (सिंघम, बोल बच्चन) दे चुके अजय देवगन की फिल्म है तो दूसरी तरफ चोपड़ा, शाहरूख खान, कटरीना कैफ, अनुष्का शर्मा, एआर रहमान और गुलजार का जोरदार संयोजन। दोनों अलग-अलग शैली की फिल्में हैं, फिल्म व्यवसाय से जुड़े पंडितों का मानना है कि दोनों ही फिल्में बॉलीवुड में 100 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली फिल्मों के समूह में इजाफा कर सकती हैं।टिप्पणियां दोनों फिल्में काफी समय से खबरों में बनी हुई हैं। जहां रिलीज से पहले फिल्मों के प्रचार में कोई कमी नहीं की गई है वहीं प्रदर्शन के लिए सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों को आरक्षित करने की तनातनी भी सुर्खियों में रही। एक तरफ यश चोपड़ा की आठ साल बाद निर्देशक के रूप में वापसी का इम्तेहान है तो दूसरी तरफ संजय दत्त, जूही चावला, सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों का रोमांच। इस दीवाली बॉक्स ऑफिस में जोरदार आतिशबाजी की उम्मीद की जा रही है। एक तरफ लागातार दो हिट (सिंघम, बोल बच्चन) दे चुके अजय देवगन की फिल्म है तो दूसरी तरफ चोपड़ा, शाहरूख खान, कटरीना कैफ, अनुष्का शर्मा, एआर रहमान और गुलजार का जोरदार संयोजन। दोनों अलग-अलग शैली की फिल्में हैं, फिल्म व्यवसाय से जुड़े पंडितों का मानना है कि दोनों ही फिल्में बॉलीवुड में 100 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली फिल्मों के समूह में इजाफा कर सकती हैं।टिप्पणियां दोनों फिल्में काफी समय से खबरों में बनी हुई हैं। जहां रिलीज से पहले फिल्मों के प्रचार में कोई कमी नहीं की गई है वहीं प्रदर्शन के लिए सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों को आरक्षित करने की तनातनी भी सुर्खियों में रही। एक तरफ यश चोपड़ा की आठ साल बाद निर्देशक के रूप में वापसी का इम्तेहान है तो दूसरी तरफ संजय दत्त, जूही चावला, सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों का रोमांच। इस दीवाली बॉक्स ऑफिस में जोरदार आतिशबाजी की उम्मीद की जा रही है। दोनों अलग-अलग शैली की फिल्में हैं, फिल्म व्यवसाय से जुड़े पंडितों का मानना है कि दोनों ही फिल्में बॉलीवुड में 100 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली फिल्मों के समूह में इजाफा कर सकती हैं।टिप्पणियां दोनों फिल्में काफी समय से खबरों में बनी हुई हैं। जहां रिलीज से पहले फिल्मों के प्रचार में कोई कमी नहीं की गई है वहीं प्रदर्शन के लिए सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों को आरक्षित करने की तनातनी भी सुर्खियों में रही। एक तरफ यश चोपड़ा की आठ साल बाद निर्देशक के रूप में वापसी का इम्तेहान है तो दूसरी तरफ संजय दत्त, जूही चावला, सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों का रोमांच। इस दीवाली बॉक्स ऑफिस में जोरदार आतिशबाजी की उम्मीद की जा रही है। दोनों फिल्में काफी समय से खबरों में बनी हुई हैं। जहां रिलीज से पहले फिल्मों के प्रचार में कोई कमी नहीं की गई है वहीं प्रदर्शन के लिए सिंगल स्क्रीन सिनेमा घरों को आरक्षित करने की तनातनी भी सुर्खियों में रही। एक तरफ यश चोपड़ा की आठ साल बाद निर्देशक के रूप में वापसी का इम्तेहान है तो दूसरी तरफ संजय दत्त, जूही चावला, सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों का रोमांच। इस दीवाली बॉक्स ऑफिस में जोरदार आतिशबाजी की उम्मीद की जा रही है। एक तरफ यश चोपड़ा की आठ साल बाद निर्देशक के रूप में वापसी का इम्तेहान है तो दूसरी तरफ संजय दत्त, जूही चावला, सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकारों का रोमांच। इस दीवाली बॉक्स ऑफिस में जोरदार आतिशबाजी की उम्मीद की जा रही है।
आने वाला शुक्रवार बाकी शुक्रवारों से खासा अलग होने वाला है। दिवाली के शुभ अवसर पर दो बहुप्रतीक्षित फिल्में सिनेमा घरों में दस्तक दे रही हैं। एक तो यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी अंतिम फिल्म 'जब तक है जान' और दूसरी अजय देवगन की मुख्य किरदार वाली 'सन ऑफ सरदा
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अन्ना हज़ारे पक्ष ने गुरुवार को कहा कि मजबूत लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर 16 अगस्त से प्रस्तावित अनशन से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता और अगर सरकार ने अनशन को जबर्दस्ती तोड़ने की कोशिश की तो गांधीवादी कार्यकर्ता पानी पीना भी छोड़ देंगे। हज़ारे पक्ष ने कहा कि वह अपनी मांगों पर कायम रहेगा। उसने हालांकि सरकार के साथ बातचीत का विकल्प खुला रखने के संकेत दिए। अन्ना हज़ारे ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार उन्हें अनशन से पहले या अनशन के दौरान गिरफ्तार कर लेती है या जबर्दस्ती उनका अनशन तोड़ने की कोशिश करती है तो वह पानी पीना भी छोड़ देंगे। हज़ारे पक्ष ने दिल्ली पुलिस द्वारा अनशन के लिए सुझाए गए फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के निकट स्थित जयप्रकाश नारायण पार्क पर भी संतोष जाहिर किया। हज़ारे के साथी कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, हमें यह खबरें मिली हैं कि कुछ स्थानों पर गड़बड़ी फैलाने वाले लोग हमारे विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर हिंसा फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। हम जनता से ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की अपील करते हैं। अपने आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए हज़ारे पक्ष की 22 सदस्यीय कोर समिति की आज सुबह बैठक हुई। इसमें जनता से 16 अगस्त से अनशन में शामिल होने का अनुरोध किया गया। केजरीवाल ने कहा, हम हमारी किसी भी मांग पर पीछे हटने के लिये तैयार नहीं हैं। गतिरोध जारी है। किसी भी तरह की बातचीत को लेकर हमारा खुला नजरिया है लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई निमंत्रण नहीं आया है। वह स्वामी अग्निवेश की कल की गई एक टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। अग्निवेश ने कहा था कि प्रधानमंत्री और उच्च न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में शामिल करने जैसे मुद्दों पर उनका रुख काफी अधिक लचीला है। केजरीवाल ने यह भी बताया कि हज़ारे घोषणा कर चुके हैं कि अगर सरकार उन्हें अनशन से पहले या उस दौरान जबर्दस्ती गिरफ्तार करती है या उनका अनशन तोड़ने की कोशिश करती है तो वह पानी पीना भी छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि हज़ारे स्वतंत्रता दिवस पर जनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील करेंगे। हज़ारे पक्ष ने जनता से 15 अगस्त को रात आठ से नौ बजे के बीच लाइटें बंद रखने की भी अपील की है।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना ने कहा कि अगर सरकार ने अनशन को जबर्दस्ती तोड़ने की कोशिश की तो गांधीवादी कार्यकर्ता पानी पीना भी छोड़ देंगे।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Nokia 8.1 खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। नोकिया 8.1 के 4 जीबी और 6 जीबी दोनों ही रैम वेरिएंट को Nokia इंडिया की वेबसाइट पर कम कीमत में बेचा जा रहा है। Nokia 8.1 के 4 जीबी और 6 जीबी दोनों ही रैम वेरिएंट लॉन्च कीमत से 7,000 रुपये कम में बेचा जा रहे हैं। फिलहाल इस बात का पता नहीं चल पाया है कि यह स्थायी कटौती है या फिर अस्थायी। Amazon पर भी Nokia 8.1 के दोनों वेरिएंट कम कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। Nokia 8.1 के 4 जीबी + 64 जीबी वेरिएंट को भारत में 26,999 रुपये में लॉन्च किया गया था लेकिन अब यह वेरिएंट नोकिया के ऑनलाइन स्टोर पर 19,999 रुपये में उपलब्ध है। वहीं फोन के 6 जीबी + 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 29,999 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था लेकिन अब यह मॉडल 22,999 रुपये में बेचा जा रहा है। ई-कॉमर्स साइटट Amazon पर Nokia 8.1 का  4 जीबी + 64 जीबी वेरिएंट 19,250 रुपये तो वहीं इसका 6 जीबी/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 23,850 रुपये में उपलब्ध है। अमेज़न पर Nokia 8.1 का 6 जीबी रैम वेरिएंट नोकिया ई-स्टोर पर मिलने वाली कीमत से ज्यादा में बेचा जा रहा है। Nokia इंडिया के ई-स्टोर पर 4,000 रुपये का गिफ्ट कार्ड और वन-टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है लेकिन इसके लिए आपको प्रोमो कोड 'MATCHDAYS' का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा 9 महीने तक की बिना ब्याज वाली ईएमआई की भी सुविधा भी उपलब्ध है। Airtel प्रीपेड यूजर को 199 रुपये के शुरुआती प्लान के साथ 1 टीबी तक अतिरिक्त 4 जी डेटा तो वहीं पोस्टपेड ग्राहकों को 499 रुपये के शुरुआती प्लान के साथ 120 जीबी अतिरिक्त डेटा, तीन महीने का Netflix सब्सक्रिप्शन और एक साल के लिए Amazon Prime का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। डुअल सिम Nokia 8.1 स्टॉक एंड्रॉयड 9.0 पाई पर चलेगा। जैसा कि हमने आपको पहले बताया, यह फोन एंड्रॉयड वन प्रोग्राम का हिस्सा है। यानी नियमित तौर पर फोन को सॉफ्टवेयर अपडेट मिलने की गारंटी है। स्मार्टफोन में 6.18 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2244 पिक्सल) डिस्प्ले है। आस्पेक्ट रेशियो 18.7:9 है और यह 81.5 प्रतिशत स्क्रीन टू बॉडी रेशियो के साथ आएगा। Nokia 8.1 में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। क्लॉक स्पीड 2.2 गीगाहर्ट्ज़ है। जुगलबंदी के लिए 4/ 6 जीबी रैम मौज़ूद हैं। Nokia 8.1 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। यह कार्ल ज़ाइस ऑप्टिक्स के साथ आता है। प्राइमरी सेंसर 12 मेगापिक्सल का है। यह ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन, इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइज़ेशन और डुअल एलईडी फ्लैश से लैस है। सेकेंडरी सेंसर 13 मेगापिक्सल का है। यह फिक्स्ड फोकस लेंस है जिसका काम डेप्थ आंकना है। फ्रंट पैनल पर 20 मेगापिक्सल का फिक्स्ड फोकस लेंस दिया गया है। कंपनी ने इस फोन में बोथी फीचर होने की बात की है। इसकी मदद से यूज़र एक साथ फ्रंट और रियर कैमरे से तस्वीरें ले पाएंगे। इस फॉर्मेट में वीडियो रिकॉर्ड करना भी संभव होगा। डुअल रियर कैमरा सेटअप से यूज़र बोकेह इफेक्ट वाले पोर्ट्रेट शॉट बना पाएंगे। नोकिया 8.1 की इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 64 जीबी और 128 जीबी। ज़रूरत पड़ने पर 400 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, वीओवाईफाई, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, एफएम रेडियो, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, डिजिटल कंपास, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर पिछले हिस्से पर है। यह टू टोन डिजाइन के साथ आता है। इसे 6000 सीरीज़ एल्यूमिनियम से बनाया गया है। Nokia 8.1 की बैटरी 3,500 एमएएच की है। इसके बारे में 22 घंटे तक के टॉक टाइम, 24 दिनों तक के स्टैंडबाय टाइम और 11 घंटे तक वीडियो प्लेबैक का दावा किया गया है। कंपनी ने फोन में 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग होने का दावा किया है। इसका डाइमेंशन 154.8x75.76x7.97 मिलीमीटर है और वज़न 178 ग्राम।
यहाँ एक सारांश है:Nokia 8.1 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है स्नैपड्रैगन 710 प्रोसेसर से लैस है Nokia 8.1 3,500 एमएएच की बैटरी है नोकिया 8.1 में
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता टेस्‍ट में ओपनर के रूप में शिखर धवन को गौतम गंभीर की जगह प्राथमिकता देने का भारतीय टीम प्रबंधन का फैसला सवालों के घेरे में है. टेस्‍ट क्रिकेट में बुरे फॉर्म से गुजर रहे धवन पहली पारी के बाद रविवार को भी नाकाम रहे. भारत की दूसरी पारी के दौरान धवन अच्‍छे टच में दिख रहे थे. न्‍यूजीलैंड की तेज गेंदबाज जोड़ी ट्रेंट बोल्‍ट और मैट हेनरी को उन्‍होंने दो-दो चौके लगाए लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए. उन्‍हें बोल्‍ट ने 17 रन (32 रन, चार चौके) पर एलबीडब्‍ल्‍यू किया. गौरतलब है कि पहली पारी में भी धवन एक रन ही बना पाए थे. दरअसल, भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच दूसरे टेस्‍ट मैच के पहले 'इन फॉर्म' केएल राहुल का चोटग्रस्‍त होना टीम इंडिया के लिए झटके की तरह रहा. राहुल की जगह गौतम गंभीर को टीम में स्‍थान दिया गया जबकि एक अन्‍य ओपनर शिखर धवन पहले ही टीम में मौजूद थे. ऐसे में विजय के जोड़ीदार के रूप में धवन और गंभीर में से किसी एक को चुनना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं था. धवन और गंभीर, दोनों के अपने 'प्‍लस' और 'माइनस' प्‍वाइंट थे. गौतम गंभीर ने दलीप ट्रॉफी में हाल ही में बल्‍ले से अच्‍छा प्रदर्शन किया था.टेस्‍ट क्रिकेट में  उनका औसत भी बेहतरीन (42.58) है. वहीं अगस्‍त 2014 के बाद कोई टेस्‍ट नहीं खेलना तथा 35 वर्ष की उम्र होना उनके खिलाफ जा रहा था. धवन के लिहाज से बात करें तो गौतम के मुकाबले कम उम्र का होना और कप्‍तान कोहली का भरोसा हासिल होना उनके पक्ष में गया. यही कारण रहा कि धवन को उनके हाल के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद गंभीर पर तरजीह दी गई. टिप्पणियां वेस्‍टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 84 रन बनाकर अच्‍छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्‍होंने ज्‍यादातर बार सेट होने के बाद विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्‍छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्‍हें भारी पड़ी थी. मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्‍ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे. बहरहाल, कोलकाता में प्‍लेइंग इलेवन में जगह मिलने के बाद शिखर के पास अपना स्‍थान 'सील' करने का अच्‍छा मौका था लेकिन वे इसे चूक गए... दरअसल, भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच दूसरे टेस्‍ट मैच के पहले 'इन फॉर्म' केएल राहुल का चोटग्रस्‍त होना टीम इंडिया के लिए झटके की तरह रहा. राहुल की जगह गौतम गंभीर को टीम में स्‍थान दिया गया जबकि एक अन्‍य ओपनर शिखर धवन पहले ही टीम में मौजूद थे. ऐसे में विजय के जोड़ीदार के रूप में धवन और गंभीर में से किसी एक को चुनना टीम मैनेजमेंट के लिए आसान नहीं था. धवन और गंभीर, दोनों के अपने 'प्‍लस' और 'माइनस' प्‍वाइंट थे. गौतम गंभीर ने दलीप ट्रॉफी में हाल ही में बल्‍ले से अच्‍छा प्रदर्शन किया था.टेस्‍ट क्रिकेट में  उनका औसत भी बेहतरीन (42.58) है. वहीं अगस्‍त 2014 के बाद कोई टेस्‍ट नहीं खेलना तथा 35 वर्ष की उम्र होना उनके खिलाफ जा रहा था. धवन के लिहाज से बात करें तो गौतम के मुकाबले कम उम्र का होना और कप्‍तान कोहली का भरोसा हासिल होना उनके पक्ष में गया. यही कारण रहा कि धवन को उनके हाल के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद गंभीर पर तरजीह दी गई. टिप्पणियां वेस्‍टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 84 रन बनाकर अच्‍छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्‍होंने ज्‍यादातर बार सेट होने के बाद विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्‍छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्‍हें भारी पड़ी थी. मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्‍ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे. बहरहाल, कोलकाता में प्‍लेइंग इलेवन में जगह मिलने के बाद शिखर के पास अपना स्‍थान 'सील' करने का अच्‍छा मौका था लेकिन वे इसे चूक गए... धवन और गंभीर, दोनों के अपने 'प्‍लस' और 'माइनस' प्‍वाइंट थे. गौतम गंभीर ने दलीप ट्रॉफी में हाल ही में बल्‍ले से अच्‍छा प्रदर्शन किया था.टेस्‍ट क्रिकेट में  उनका औसत भी बेहतरीन (42.58) है. वहीं अगस्‍त 2014 के बाद कोई टेस्‍ट नहीं खेलना तथा 35 वर्ष की उम्र होना उनके खिलाफ जा रहा था. धवन के लिहाज से बात करें तो गौतम के मुकाबले कम उम्र का होना और कप्‍तान कोहली का भरोसा हासिल होना उनके पक्ष में गया. यही कारण रहा कि धवन को उनके हाल के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद गंभीर पर तरजीह दी गई. टिप्पणियां वेस्‍टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 84 रन बनाकर अच्‍छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्‍होंने ज्‍यादातर बार सेट होने के बाद विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्‍छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्‍हें भारी पड़ी थी. मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्‍ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे. बहरहाल, कोलकाता में प्‍लेइंग इलेवन में जगह मिलने के बाद शिखर के पास अपना स्‍थान 'सील' करने का अच्‍छा मौका था लेकिन वे इसे चूक गए... वेस्‍टइंडीज के खिलाफ, कैरेबियन मैदानों पर हुई सीरीज के पहले टेस्‍ट में उन्‍होंने 84 रन बनाकर अच्‍छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद अगली तीन पारियों में वे 54 रन ही बना पाए थे. रन बनाने में नाकामी से कहीं अधिक धवन के आउट होने का तरीका प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बन रहा था. उन्‍होंने ज्‍यादातर बार सेट होने के बाद विकेट गंवाया. वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्‍छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्‍हें भारी पड़ी थी. मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्‍ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे. बहरहाल, कोलकाता में प्‍लेइंग इलेवन में जगह मिलने के बाद शिखर के पास अपना स्‍थान 'सील' करने का अच्‍छा मौका था लेकिन वे इसे चूक गए... वैसे भी अपने करियर के पहले टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 187 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद धवन के प्रदर्शन में स्थिरता का अभाव रहा है. उनका बल्‍लेबाजी प्रदर्शन 'कभी अच्‍छे और कभी कमजोर' के बीच झूलता रहा है. 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी धवन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पाए थे और सेट होने के बाद विकेट गंवाने की चूक उन्‍हें भारी पड़ी थी. मोहाली में हुए सीरीज के पहले टेस्‍ट में तो वे दोनों पारियों में 0 पर आउट हुए थे. बहरहाल, कोलकाता में प्‍लेइंग इलेवन में जगह मिलने के बाद शिखर के पास अपना स्‍थान 'सील' करने का अच्‍छा मौका था लेकिन वे इसे चूक गए...
संक्षिप्त पाठ: ईडन गार्डंस पर पहली पारी में एक, दूसरी पारी में 17 रन बना सके धवन कोलकाता में हासिल हुए मौके का फायदा नहीं उठा सके चोटिल राहुल की जगह गौतम गंभीर को मिला था टीम में स्‍थान
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में प्रवेश को लेकर एक बार फिर स्थितियां तनावपूर्ण होती दिख रही हैं. रविवार की सुबह स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब 50 वर्ष से कम आयु दो महिलाओं ने मंदिर (Sabarimala Temple) में प्रवेश के लिए एक बार फिर चढ़ाई शुरू की. दोनों महिलाओं को पुलिस की तरफ से सुरक्षा दी जा रही है. अपनी चढ़ाई के दौरान इन महिलाओं को श्रद्धालुओं की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है. रविवार को इन दोनों महिलाओं के विरोध में कई श्रद्धालू (Sabarimala Temple)  ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया. बता दें कि एक दिन पहले 11 महिलाओं के एक समूह ने भगवान अयप्पा मंदिर में पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें उस दौरान भी सैकड़ों श्रद्धालुओं के विरोध का सामना करना पड़ा था. पुलिस दल ने हालांकि पारंपरिक वन पथ को जाम करने और चेन्नई के 'मानिथि' संगठन की महिलाओं का रास्ता रोकने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं (Sabarimala Temple) को गिरफ्तार करने की कोशिश की. महिलाएं मंदिर की ओर जाने वाले पारंपरिक पथ पर केवल 100 मीटर ही आगे बढ़ पाईं. बता दें कि मंदिर यहां से पांच किलोमीटर दूर है.निषेधात्मक आदेश की अवहेलना करते हुए सैकड़ों श्रद्धालु यहां एकत्र हुए और उन्होंने भगवान अयप्पा के भजन जोर-जोर से गाने शुरू कर दिए. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक वहां से हटाने की कोशिश की क्योंकि बार-बार घोषणाएं किए जाने की बाद भी वे वहां से जाने को तैयार नहीं थे. सड़कों पर छह घंटे से अधिक समय से बैठी महिलाओं के साथ भी पुलिस की बातचीत विफल रही क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगी. अयप्पा मंदिर से जुड़े पंडालम शाही परिवार और विपक्षी दल भाजपा ने इन महिलाओं को पुलिस संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं, देवास मंत्री कदकंपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि वे उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी पैनल के निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय पैनल मामले पर गौर करेगा और सही निर्णय लेगा. सरकार उसी के अनुसार आगे कदम उठाएगी. भाजपा नेता के.सुरेन्द्रन ने आरोप लगाया कि महिलाओं का यहां पहुंचना पूर्व-नियोजित था और इसके पीछे माकपा नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार का हाथ है. इस समूह की संयोजक सेल्वी से पुलिस की बातचीत भी विफल रही क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगी. सेल्वी ने पत्रकारों से कहा कि प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस हमें वापस जाने को कह रही है लेकिन हम दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे. हम यहां तब तक इंतजार करेंगे जब तक हमें आगे नहीं जाने दिया जाता. चेन्नई के 'मानिथि' संगठन की ये महिलाएं केरल-तमिलनाडु सीमा पर इडुक्की-कम्बदु मार्ग से तड़के करीब साढ़े तीन बजे पम्बा पहुंची थी. स्थानीय टेलीविजन चैनलों के अनुसार उन्हें रास्ते में कई स्थानों पर विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन वे पम्बा पहुंचने में कामयाब रहीं. समूह की सदस्य तिलकवती ने कहा है कि मंदिर में दर्शन नहीं होने तक हम प्रदर्शन जारी रखेंगे. पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हमें वापस जाने को कहा है. लेकिन हम वापस नहीं जाएंगे.  गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर पारंपरिक रूप से लगी रोक के खिलाफ आदेश देते हुए उच्चतम न्यायालय ने 28 सितंबर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश और पूजा की अनुमति दे दी थी. तब से मंदिर में प्रवेश को लेकर कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं.केरल सरकार के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के निर्णय के बाद से श्रद्धालुओं ने सबरीमला मंदिर के पास व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए हैं. पहले भी कुछ महिलाएं मंदिर पहुंचने का असफल प्रयास कर चुकी हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रद्धालू कर रहे हैं महिलाओं का विरोध तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई पहले भी हो चुका है तनाव
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: PM पूरे देश का होता है । वो भेद नहीं कर सकता । केजरीवाल से छुआछूत क्यों बरतते हैं ? वो चुने हुये मुख्यमंत्री है । मेट्रो में दिल्ली का भी ५०% पैसा लगा है । मेट्रो उद्घाटन में क्यों नहीं बुलाया ? वाजपेयी ऐसा नहीं करते थे । हम अपने प्रधानमंत्री को इतना संकीर्ण होते नहीं देख सकते ? देश के प्रधानमंत्री कहते हैं - सबका साथ, सबका विकास । त्रासदी देखिये वो दिल्ली में रहते हुये दिल्ली के मुख्य मंत्री को साथ लेकर नहीं चल सकते । मिलने पर केजरीवाल के अभिवादन का जवाब तक नहीं देते । वो सबका विकास कैसे कर सकता है ? सोचियेगा ज़रूर ? मेट्रो दिल्ली की । ३/४ दिल्ली से होकर जायेगी । दिल्ली का मेट्रो में ५०% पैसा लगा है । यूपी में मेट्रो थोडे हिस्से में दौड़ेगी । पर PM योगी को बुलायेंगे । यूपी में दिल्ली की मेट्रो का उद्घाटन करेंगे । केजरीवाल को नहीं बुलायेंगे । क्यों ? भारत देश का PM इतना संकीर्ण नहीं हो सकता !
सारांश: 25 दिसंबर को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे मौजूद आशुतोष ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को कहा कि इसके स्मार्टफोन गैलेक्सी एस-3 की वैश्विक बिक्री दो करोड़ से अधिक हो चुकी है और बिक्री की रफ्तार में इसने अपने पूर्ववर्तियों को पीछे छोड़ दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ईमेल के जरिये भेजे गए बयान के मुताबिक गैलेक्सी एस-3 की वैश्विक बिक्री मई 2012 में लॉन्च होने के बाद सिर्फ 100 दिनों में दो करोड़ के आंकड़े के पार पहुंच गई।टिप्पणियां इस आंकड़े को छूने में गैलेक्सी एस-2 को 300 दिन और गैलेक्सी एस को 600 दिन लगे थे। सैमसंग ने कहा कि गैलेक्सी एस-3 ने एक करोड़ का आंकड़ा पहले 50 दिनों में ही छू लिया, जिसका अर्थ है कि रोज दो लाख फोन बिके। गैलेक्सी एस-3 की बिक्री यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में क्रमश: 60 लाख, 45 लाख और 40 लाख हुई, जबकि दक्षिण कोरिया में अब-तक इसकी बिक्री 25 लाख हुई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ईमेल के जरिये भेजे गए बयान के मुताबिक गैलेक्सी एस-3 की वैश्विक बिक्री मई 2012 में लॉन्च होने के बाद सिर्फ 100 दिनों में दो करोड़ के आंकड़े के पार पहुंच गई।टिप्पणियां इस आंकड़े को छूने में गैलेक्सी एस-2 को 300 दिन और गैलेक्सी एस को 600 दिन लगे थे। सैमसंग ने कहा कि गैलेक्सी एस-3 ने एक करोड़ का आंकड़ा पहले 50 दिनों में ही छू लिया, जिसका अर्थ है कि रोज दो लाख फोन बिके। गैलेक्सी एस-3 की बिक्री यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में क्रमश: 60 लाख, 45 लाख और 40 लाख हुई, जबकि दक्षिण कोरिया में अब-तक इसकी बिक्री 25 लाख हुई है। इस आंकड़े को छूने में गैलेक्सी एस-2 को 300 दिन और गैलेक्सी एस को 600 दिन लगे थे। सैमसंग ने कहा कि गैलेक्सी एस-3 ने एक करोड़ का आंकड़ा पहले 50 दिनों में ही छू लिया, जिसका अर्थ है कि रोज दो लाख फोन बिके। गैलेक्सी एस-3 की बिक्री यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में क्रमश: 60 लाख, 45 लाख और 40 लाख हुई, जबकि दक्षिण कोरिया में अब-तक इसकी बिक्री 25 लाख हुई है। गैलेक्सी एस-3 की बिक्री यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में क्रमश: 60 लाख, 45 लाख और 40 लाख हुई, जबकि दक्षिण कोरिया में अब-तक इसकी बिक्री 25 लाख हुई है।
संक्षिप्त पाठ: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुरुवार को कहा कि इसके स्मार्टफोन गैलेक्सी एस-3 की वैश्विक बिक्री दो करोड़ से अधिक हो चुकी है और बिक्री की रफ्तार में इसने अपने पूर्ववर्तियों को पीछे छोड़ दिया है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में कर्ज माफी के ऐलान के बाद से किसानों में जमा हुआ गुस्सा अब बाहर आ रहा है. फडणवीस सरकार ने शनिवार को घोषित की गई कर्ज माफी में ईमानदारी से कर्ज अदा करने वाले किसानों के लिए बोनस घोषित किया है. इससे किसान नाराज बताए जा रहे हैं. नाराज किसानों का एक गुट सोमवार को शरद पवार से मिला. यह किसान अहमदनगर जिले के उसी पुणतांबा तहसील से मुंबई पहुंचे जहां से किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी. कर्ज माफी पर अमल को लेकर इन किसानों में चिंता बढ़ रही है. नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसान अपनी शिकायत को लेकर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मिलने पहुंचे. वे कर्ज माफी की शर्त बदलवाना चाहते हैं. राज्य सरकार कह चुकी है कि, कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को डेढ़ लाख रुपये तक माफी मिलेगी. जबकि ईमानदारी से कर्ज़ चुकाने वाले किसानों को 25 हजार रुपये या उनके कर्ज़ के 25 फीसदी रकम में से जो कम है वह बोनस दिया जाएगा. शरद पवार से मिलने पहुंचे किसानों के समूह में शामिल अभय चव्हाण ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि इससे ईमानदार किसानों में यह भावना उत्पन्न हुई है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है. हमने तीन लाख तक का कर्ज़ चुकाया है. उसमें हमें बोनस मिलेगा 25 हजार. जबकि दूसरों का डेढ़ लाख तक का नहीं चुकाया गया कर्ज माफ होने वाला है. ऐसे में हमारी मांग है कि बोनस राशि 50 हजार से डेढ़ लाख तक की जाए.टिप्पणियां किसानों का यह तेवर भांपकर विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया है. शुरुआती स्वागत के बाद एनसीपी ने अचानक अपनी भूमिका बदल दी है. एनसीपी को यह कर्ज माफी अब नाकाफी लग रही है. वह इसका दायरा बढ़ाने के पक्ष में है. आश्चर्यजनक रूप से सत्ताधारी शिवसेना में भी यही रुख अपनाने का आग्रह दिख रहा है. जबकि कांग्रेस कह रही है कि चुनिंदा किसानों का नहीं सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे. नाराज किसानों का एक गुट सोमवार को शरद पवार से मिला. यह किसान अहमदनगर जिले के उसी पुणतांबा तहसील से मुंबई पहुंचे जहां से किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी. कर्ज माफी पर अमल को लेकर इन किसानों में चिंता बढ़ रही है. नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसान अपनी शिकायत को लेकर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मिलने पहुंचे. वे कर्ज माफी की शर्त बदलवाना चाहते हैं. राज्य सरकार कह चुकी है कि, कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को डेढ़ लाख रुपये तक माफी मिलेगी. जबकि ईमानदारी से कर्ज़ चुकाने वाले किसानों को 25 हजार रुपये या उनके कर्ज़ के 25 फीसदी रकम में से जो कम है वह बोनस दिया जाएगा. शरद पवार से मिलने पहुंचे किसानों के समूह में शामिल अभय चव्हाण ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि इससे ईमानदार किसानों में यह भावना उत्पन्न हुई है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है. हमने तीन लाख तक का कर्ज़ चुकाया है. उसमें हमें बोनस मिलेगा 25 हजार. जबकि दूसरों का डेढ़ लाख तक का नहीं चुकाया गया कर्ज माफ होने वाला है. ऐसे में हमारी मांग है कि बोनस राशि 50 हजार से डेढ़ लाख तक की जाए.टिप्पणियां किसानों का यह तेवर भांपकर विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया है. शुरुआती स्वागत के बाद एनसीपी ने अचानक अपनी भूमिका बदल दी है. एनसीपी को यह कर्ज माफी अब नाकाफी लग रही है. वह इसका दायरा बढ़ाने के पक्ष में है. आश्चर्यजनक रूप से सत्ताधारी शिवसेना में भी यही रुख अपनाने का आग्रह दिख रहा है. जबकि कांग्रेस कह रही है कि चुनिंदा किसानों का नहीं सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे. राज्य सरकार कह चुकी है कि, कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को डेढ़ लाख रुपये तक माफी मिलेगी. जबकि ईमानदारी से कर्ज़ चुकाने वाले किसानों को 25 हजार रुपये या उनके कर्ज़ के 25 फीसदी रकम में से जो कम है वह बोनस दिया जाएगा. शरद पवार से मिलने पहुंचे किसानों के समूह में शामिल अभय चव्हाण ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि इससे ईमानदार किसानों में यह भावना उत्पन्न हुई है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है. हमने तीन लाख तक का कर्ज़ चुकाया है. उसमें हमें बोनस मिलेगा 25 हजार. जबकि दूसरों का डेढ़ लाख तक का नहीं चुकाया गया कर्ज माफ होने वाला है. ऐसे में हमारी मांग है कि बोनस राशि 50 हजार से डेढ़ लाख तक की जाए.टिप्पणियां किसानों का यह तेवर भांपकर विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया है. शुरुआती स्वागत के बाद एनसीपी ने अचानक अपनी भूमिका बदल दी है. एनसीपी को यह कर्ज माफी अब नाकाफी लग रही है. वह इसका दायरा बढ़ाने के पक्ष में है. आश्चर्यजनक रूप से सत्ताधारी शिवसेना में भी यही रुख अपनाने का आग्रह दिख रहा है. जबकि कांग्रेस कह रही है कि चुनिंदा किसानों का नहीं सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे. शरद पवार से मिलने पहुंचे किसानों के समूह में शामिल अभय चव्हाण ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि इससे ईमानदार किसानों में यह भावना उत्पन्न हुई है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है. हमने तीन लाख तक का कर्ज़ चुकाया है. उसमें हमें बोनस मिलेगा 25 हजार. जबकि दूसरों का डेढ़ लाख तक का नहीं चुकाया गया कर्ज माफ होने वाला है. ऐसे में हमारी मांग है कि बोनस राशि 50 हजार से डेढ़ लाख तक की जाए.टिप्पणियां किसानों का यह तेवर भांपकर विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया है. शुरुआती स्वागत के बाद एनसीपी ने अचानक अपनी भूमिका बदल दी है. एनसीपी को यह कर्ज माफी अब नाकाफी लग रही है. वह इसका दायरा बढ़ाने के पक्ष में है. आश्चर्यजनक रूप से सत्ताधारी शिवसेना में भी यही रुख अपनाने का आग्रह दिख रहा है. जबकि कांग्रेस कह रही है कि चुनिंदा किसानों का नहीं सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे. किसानों का यह तेवर भांपकर विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया है. शुरुआती स्वागत के बाद एनसीपी ने अचानक अपनी भूमिका बदल दी है. एनसीपी को यह कर्ज माफी अब नाकाफी लग रही है. वह इसका दायरा बढ़ाने के पक्ष में है. आश्चर्यजनक रूप से सत्ताधारी शिवसेना में भी यही रुख अपनाने का आग्रह दिख रहा है. जबकि कांग्रेस कह रही है कि चुनिंदा किसानों का नहीं सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा कि सरकार आंकड़ों के खेल में किसान को उलझाने की कोशिश कर रही है और हम यह होने नहीं देंगे.
संक्षिप्त सारांश: नाराज किसानों का एक गुट सोमवार को शरद पवार से मिला विपक्ष ने अब कर्ज माफी की शर्तों का विरोध शुरू किया कांग्रेस ने कहा, सभी किसानों का सारा कर्ज माफ करना होगा
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच ग्रीन पार्क में पहला टेस्ट मैच शुरू होने में अब केवल 13 दिन बचे हैं लेकिन शहर के क्रिकेट प्रेमियों में इस मैच के प्रति कोई उत्साह नहीं है. आलम यह है कि ऑनलाइन टिकटों की बिक्री नहीं के बराबर हो रही है. दर्शकों के इस रुख के कारण उत्तरप्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के अधिकारी परेशान हैं कि आखिर 26 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम को कैसे भरा जाएगा. यूपीसीए ने वैसे टेस्ट क्रिकेट में आम जनता की कम रुचि को पहले ही भांप लिया था और टेस्ट मैच में दिव्यांग बच्चों और सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 20 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखने ऐलान किया था तथा इन बच्चों को मुफ्त में क्रिकेट मैच दिखाने की घोषणा की थी. यूपीसीए के निदेशक पीडी पाठक ने शुक्रवार को कहा, ‘बुक माय शो के माध्यम से पहले टेस्ट मैच के टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है और टिकटों के दाम 150 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक रखे गए हैं. अभी टिकटों की बिक्री ने जोर नही पकड़ा है लेकिन उम्मीद है कि जैसे-जैसे मैच की तारीख नजदीक आएगी, टिकटों की बिक्री बढ़ेगी.’टिप्पणियां पाठक से पूछा गया कि अभी तक कितने टिकट बिके हैं तो उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकटों की बिक्री का आंकड़ा उनके पास नहीं है. वैसे सूत्रों का कहना है कि केवल कुछ हजार टिकट ही बिके हैं. अगर ऑनलाइन टिकट नही बिक पाए तो आखिरी के दिनों में मैच स्थल के अलावा अन्य स्थलों से भी टिकट बेचे जा सकते हैं. टेस्ट मैच के प्रति उत्साह न होने का एक कारण और है कि 22 से 26 सितंबर तक कोई छुटटी नहीं है इसलिए स्कूली बच्चे और युवा भी मैच में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. वैसे 25 सितंबर को रविवार है इसलिए उस दिन दर्शकों की संख्या अधिक होने की उम्मीद है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यूपीसीए ने वैसे टेस्ट क्रिकेट में आम जनता की कम रुचि को पहले ही भांप लिया था और टेस्ट मैच में दिव्यांग बच्चों और सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए 20 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखने ऐलान किया था तथा इन बच्चों को मुफ्त में क्रिकेट मैच दिखाने की घोषणा की थी. यूपीसीए के निदेशक पीडी पाठक ने शुक्रवार को कहा, ‘बुक माय शो के माध्यम से पहले टेस्ट मैच के टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है और टिकटों के दाम 150 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक रखे गए हैं. अभी टिकटों की बिक्री ने जोर नही पकड़ा है लेकिन उम्मीद है कि जैसे-जैसे मैच की तारीख नजदीक आएगी, टिकटों की बिक्री बढ़ेगी.’टिप्पणियां पाठक से पूछा गया कि अभी तक कितने टिकट बिके हैं तो उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकटों की बिक्री का आंकड़ा उनके पास नहीं है. वैसे सूत्रों का कहना है कि केवल कुछ हजार टिकट ही बिके हैं. अगर ऑनलाइन टिकट नही बिक पाए तो आखिरी के दिनों में मैच स्थल के अलावा अन्य स्थलों से भी टिकट बेचे जा सकते हैं. टेस्ट मैच के प्रति उत्साह न होने का एक कारण और है कि 22 से 26 सितंबर तक कोई छुटटी नहीं है इसलिए स्कूली बच्चे और युवा भी मैच में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. वैसे 25 सितंबर को रविवार है इसलिए उस दिन दर्शकों की संख्या अधिक होने की उम्मीद है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाठक से पूछा गया कि अभी तक कितने टिकट बिके हैं तो उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकटों की बिक्री का आंकड़ा उनके पास नहीं है. वैसे सूत्रों का कहना है कि केवल कुछ हजार टिकट ही बिके हैं. अगर ऑनलाइन टिकट नही बिक पाए तो आखिरी के दिनों में मैच स्थल के अलावा अन्य स्थलों से भी टिकट बेचे जा सकते हैं. टेस्ट मैच के प्रति उत्साह न होने का एक कारण और है कि 22 से 26 सितंबर तक कोई छुटटी नहीं है इसलिए स्कूली बच्चे और युवा भी मैच में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. वैसे 25 सितंबर को रविवार है इसलिए उस दिन दर्शकों की संख्या अधिक होने की उम्मीद है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: ऑनलाइन टिकटों की बिक्री अब तक नहीं के बराबर यूपीसीए अफसर परेशान, ऐसा रहा तो कैसे भरेगा स्‍टेडियम 22 से 26 सितंबर के बीच खेला जाना है पहला टेस्‍ट मैच
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत द्वारा सबसे पिछड़े देशों (एलडीसी) के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता देने की घोषणा करने के एक दिन बाद शनिवार को दुनिया के अन्य देशों से भी इन देशों की गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता दिखाने की अपील की गई। दो दिवसीय भारत-लीस्ट डेवलप्ड कंट्रीज मंत्रीस्तरीय सम्मेलन की समाप्ति पर जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि अत्यधिक गरीबी, संरचनात्मक सुधार द्वारा उत्पादन क्षमता, आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी और आपदाओं से निपटने की क्षमता एलडीसी के विकास के सामने सबसे प्रमुख चुनौतियां हैं। बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्ताम्बुल प्रोग्राम ऑफ एक्शन और चौथे यूएन-एलडीसी सम्मेलन में के महत्वाकांक्षी परिणामों की सफलता में सहयोग करने के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता जताने की अपील की गई। तुर्की द्वारा इस साल 9-13 मई को आयोजित किया जाने वाला इस्ताम्बुल सम्मेलन चौथा यूएन-एलडीसी सम्मेलन होगा। पहला और दूसरा सम्मेलन 1981 और 1991 में पेरिस में और तीसरा 2001 में ब्रसेल्स में हुआ था। बयान में कहा गया कि इस्ताम्बुल सम्मेलन में एलडीसी की विकास की जरूरतों के लिए प्रयास करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्रुवीकरण होना चाहिए। इससे अंतरराष्ट्रीय विकास होगा और सभी के लिए अवसर तैयार होंगे। दक्षिण-दक्षिण सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए भारत ने शुक्रवार को एलडीसी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता राशि की घोषणा की और विकास के अपने अनुभवों को उनके साथ साझा करने का प्रस्ताव पेश किया। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने शुक्रवार को दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया और कई अन्य घोषणाएं की। इनमें हर एलडीसी के लिए हर साल पांच-पांच छात्रवृत्ति देना और अगले पांच सालों तक हर साल 50 लाख डॉलर का विशेष कोष शामिल है। सम्मेलन में लगभग 35 मंत्रियों और संयुक्त राष्ट्र में एलडीसी के 40 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संयुक्त राष्ट्र की 2009 की समीक्षा में एलडीसी उस देश को माना जाता है, जहां तीन सालों की औसत प्रति व्यक्ति आय 905 डॉलर है। 7.5 करोड़ से अधिक आबादी वाले देशों को इस समूह में नहीं रखा गया है। पिछले एक दशक में भारत ने एलडीसी में काफी निवेश किया है और कई तरह की ऋण और सहायता योजना शुरू की है।
यहाँ एक सारांश है:भारत ने एलडीसी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता राशि की घोषणा की।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के आदिवासी जिले बांसवाडा के कुशलगढ थाना पुलिस ने पति की जान बचाने के लिए महिला को कथित रूप से निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर करने वाली एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अभियुक्त फरार हो गये है। पुलिस सूत्रों ने पाटन के आमलीपाडा निवासी प्रेम सिंह ने अदालत में पेश इस्तगासे के हवाले से बताया कि 13 मार्च को अपने ससुराल नाथपुरा में पुरानी रजिंश को लेकरकुंजी, कमला और आखन मुझे जान से मारने लगे। तीनों अभियुक्तों ने प्रेम सिंह की पत्नी कमला से निर्वस्त्र होने पर ही उसको छोड़ने की धमकी दी। पत्नी ने पति की जान बचाने के लिए निर्वस्त्र हो गई।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अदालत के आदेश पर महिला को निर्वस्त्र करने के आरोप में कुंजी, कमला और आखन के खिलाफ कल रात भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 508 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। इधर, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मंगाई गई है और उचित कार्रवाई की जायेगी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अभियुक्त फरार हो गये है। पुलिस सूत्रों ने पाटन के आमलीपाडा निवासी प्रेम सिंह ने अदालत में पेश इस्तगासे के हवाले से बताया कि 13 मार्च को अपने ससुराल नाथपुरा में पुरानी रजिंश को लेकरकुंजी, कमला और आखन मुझे जान से मारने लगे। तीनों अभियुक्तों ने प्रेम सिंह की पत्नी कमला से निर्वस्त्र होने पर ही उसको छोड़ने की धमकी दी। पत्नी ने पति की जान बचाने के लिए निर्वस्त्र हो गई।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अदालत के आदेश पर महिला को निर्वस्त्र करने के आरोप में कुंजी, कमला और आखन के खिलाफ कल रात भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 508 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। इधर, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मंगाई गई है और उचित कार्रवाई की जायेगी। पुलिस सूत्रों ने पाटन के आमलीपाडा निवासी प्रेम सिंह ने अदालत में पेश इस्तगासे के हवाले से बताया कि 13 मार्च को अपने ससुराल नाथपुरा में पुरानी रजिंश को लेकरकुंजी, कमला और आखन मुझे जान से मारने लगे। तीनों अभियुक्तों ने प्रेम सिंह की पत्नी कमला से निर्वस्त्र होने पर ही उसको छोड़ने की धमकी दी। पत्नी ने पति की जान बचाने के लिए निर्वस्त्र हो गई।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि अदालत के आदेश पर महिला को निर्वस्त्र करने के आरोप में कुंजी, कमला और आखन के खिलाफ कल रात भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 508 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। इधर, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मंगाई गई है और उचित कार्रवाई की जायेगी। सूत्रों ने कहा कि अदालत के आदेश पर महिला को निर्वस्त्र करने के आरोप में कुंजी, कमला और आखन के खिलाफ कल रात भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 508 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में लिया है। इधर, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मंगाई गई है और उचित कार्रवाई की जायेगी। इधर, राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मंगाई गई है और उचित कार्रवाई की जायेगी।
राजस्थान के आदिवासी जिले बांसवाडा के कुशलगढ थाना पुलिस ने पति की जान बचाने के लिए महिला को कथित रूप से निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर करने वाली एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: टिप्पणियां चीन, भारत, नाइजीरिया, मैक्सिको और इंडोनेशिया में अपर्याप्त स्तनपान के कारण हर साल 2.36 लाख बच्चों की मौत हो जाती है. इन देशों में अपर्याप्त स्तनपान के कारण होने वाली मौतों और अन्य नुकसानों की वजह से अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष पहुंचने वाला नुकसान लगभग 119 अरब डॉलर का है.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन, भारत, नाइजीरिया, मैक्सिको और इंडोनेशिया में अपर्याप्त स्तनपान के कारण हर साल 2.36 लाख बच्चों की मौत हो जाती है. इन देशों में अपर्याप्त स्तनपान के कारण होने वाली मौतों और अन्य नुकसानों की वजह से अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष पहुंचने वाला नुकसान लगभग 119 अरब डॉलर का है.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत में हर साल लगभग एक लाख बच्चे ऐसी बीमारियों से मरते हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 'ग्लोबल ब्रेस्टफीडिंग स्कोरकार्ड' जारी की है हर साल 2.36 लाख बच्चों की मौत हो जाती है
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट के हैक होने की खबर आई है. फिलहाल अस्‍थायी तौर पर वेबसाइट को बंद किया गया है और दिल्‍ली पुलिस की साइबर सेल जांच में जुटी है. एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि हैकिंग की जानकारी मिलते ही नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने गृह मंत्रालय की वेबसाइट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया. अधिकारी ने बताया कि कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम घटना को देख रही है. गौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान से संबंधित संदिग्ध लोगों ने एनएसजी की वेबसाइट को हैक कर लिया था और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत विरोधी बातें लिख दी थीं. इस साल जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों की 700 से अधिक वेबसाइट हैक की जा चुकी हैं. यही नहीं साइबर अपराधों से जुड़े  मामले में 8,348 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान से संबंधित संदिग्ध लोगों ने एनएसजी की वेबसाइट को हैक कर लिया था और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत विरोधी बातें लिख दी थीं. इस साल जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों की 700 से अधिक वेबसाइट हैक की जा चुकी हैं. यही नहीं साइबर अपराधों से जुड़े  मामले में 8,348 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
यह एक सारांश है: गृहमंत्रालय की वेबसाइट हैक होने के बाद उसे अस्थाई तौर पर बंद किया गया सायबर सेल मामले की जांच में जुट गई है पिछले महीने कुछ संदिग्धों ने एनएसजी की साइट हैक कर ली थी
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले अपनी सबसे बड़ी रैलियों में से एक के लिए चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सहारनपुर को चुना. यह निर्वाचन क्षेत्र उन इलाकों में से एक है जहां बुधवार को विधानसभा के दूसरे चरण में मतदान होना है. सहारनपुर की जनसंख्या में 42 प्रतिशत मुसलमान हैं, 22 प्रतिशत दलित हैं - मुसलमानों की तरफ मायावती का ध्यान बहुत ज्यादा है, वहीं लोकसभा चुनाव में दूरी बना चुके दलितों को भी इस बार वह गंवाना नहीं चाहती. सहारनपुर बुधवार को वोट करेगा, जब पश्चिमी यूपी राज्य की 403 में से 67 सीटों पर मतदान करेगा, पिछले हफ्ते 72 सीटों के लिए चुनाव हुए थे. दलितों का प्रतिनिधित्व करने वालीं मायावती के लिए यह दो चरण बाकी के पांच चरणों से ज्यादा आसान होने वाले हैं क्योंकि वह राज्य के पश्चिमी इलाके में वैसे भी लोकप्रिय हैं. यहां दलितों और मुसलमानों की संख्या ज्यादा है. पिछले विधानसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव ने बड़ी जीत हासिल की थी, तब मायावती ने सहारनपुर की ही सात में चार क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी. सहारनपुर के दक्षिण में मुजफ्फरनगर है जहां 2013 के दंगे अभी भी यूपी की राजनीति में एक ज्वलंत मुद्दा बने हुए हैं. इन दंगों में करीब 60 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर मुसलमान थे और अखिलेश यादव पर लापरवाही और कार्यवाही में ढिलाई का आरोप लगाया गया था. स्थिति को शांत करने के लिए सेना तक को बुलाना पड़ गया था. दंगों में मारे गए मुसलमानों में ज्यादातर पसमंदा जाति के थे जो दलित या पिछड़ा वर्ग में आते हैं. यूपी की 18 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है जिसमें 85 फीसदी पसमंदा जाति के हैं और इनमें से ज्यादातर अब मायावती के खेमे में आ रहे हैं. सहारनपुर से शुरू हुई रैलियों में मायावती बार बार पसमंदा मुसलमानों को यह आश्वासन देती आ रही हैं कि उनका गुस्सा दलितों का भी गुस्सा है. दलित और मुसलमान मिलकर यूपी की 20 करोड़ की जनसंख्या का चालीस फीसदी हिस्सा हैं. मायावती को उम्मीद है कि उत्पीड़न और जातिगत हिंसा जैसे मुद्दे दोनों ही श्रेणियां झेल रही हैं और शायद इस बार मायावती को इसका फायदा मिल सके. राजनीति में टिके रहने के लिए यही उनकी रणनीति है. हालांकि दूसरी तरफ मुसलमानों को अखिलेश यादव अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, और जैसा कि जगजाहिर है कि किस तरह लोकसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में दलितों ने मायावती से भी मुंहमोड़ लिया था. '2014 में दलित वोटों में आर्थिक आकांक्षाओं की परछाईं नजर आई थीं. 2017 में यह बिजली, सड़क, पानी और उससे भी ज्यादा कानून और व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाले हैं.' ऐसा अशोक सिंह का कहना है जो पश्चिमी यूपी के रामपुर में स्कूल शिक्षक हैं. उनका कहना है कि 'दलित लड़कियों का हर दिन बलात्कार हो रहा है लेकिन हमें एफआईआर दर्ज करने से रोका जाता है क्योंकि पुलिस थानों पर गैर दलितों का राज है. लेकिन वहीं अगर ऊंची जाति की लड़की के साथ कुछ होता है तो दंगे हो जाते हैं.' अशोक कहते हैं कि 'मोदी जी बतौर प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उनका राज्य में कोई काम नहीं है. बहनजी एक बेहतर प्रधानमंत्री बनेंगी.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' दलितों का प्रतिनिधित्व करने वालीं मायावती के लिए यह दो चरण बाकी के पांच चरणों से ज्यादा आसान होने वाले हैं क्योंकि वह राज्य के पश्चिमी इलाके में वैसे भी लोकप्रिय हैं. यहां दलितों और मुसलमानों की संख्या ज्यादा है. पिछले विधानसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव ने बड़ी जीत हासिल की थी, तब मायावती ने सहारनपुर की ही सात में चार क्षेत्रों में जीत दर्ज की थी. सहारनपुर के दक्षिण में मुजफ्फरनगर है जहां 2013 के दंगे अभी भी यूपी की राजनीति में एक ज्वलंत मुद्दा बने हुए हैं. इन दंगों में करीब 60 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर मुसलमान थे और अखिलेश यादव पर लापरवाही और कार्यवाही में ढिलाई का आरोप लगाया गया था. स्थिति को शांत करने के लिए सेना तक को बुलाना पड़ गया था. दंगों में मारे गए मुसलमानों में ज्यादातर पसमंदा जाति के थे जो दलित या पिछड़ा वर्ग में आते हैं. यूपी की 18 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है जिसमें 85 फीसदी पसमंदा जाति के हैं और इनमें से ज्यादातर अब मायावती के खेमे में आ रहे हैं. सहारनपुर से शुरू हुई रैलियों में मायावती बार बार पसमंदा मुसलमानों को यह आश्वासन देती आ रही हैं कि उनका गुस्सा दलितों का भी गुस्सा है. दलित और मुसलमान मिलकर यूपी की 20 करोड़ की जनसंख्या का चालीस फीसदी हिस्सा हैं. मायावती को उम्मीद है कि उत्पीड़न और जातिगत हिंसा जैसे मुद्दे दोनों ही श्रेणियां झेल रही हैं और शायद इस बार मायावती को इसका फायदा मिल सके. राजनीति में टिके रहने के लिए यही उनकी रणनीति है. हालांकि दूसरी तरफ मुसलमानों को अखिलेश यादव अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, और जैसा कि जगजाहिर है कि किस तरह लोकसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में दलितों ने मायावती से भी मुंहमोड़ लिया था. '2014 में दलित वोटों में आर्थिक आकांक्षाओं की परछाईं नजर आई थीं. 2017 में यह बिजली, सड़क, पानी और उससे भी ज्यादा कानून और व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाले हैं.' ऐसा अशोक सिंह का कहना है जो पश्चिमी यूपी के रामपुर में स्कूल शिक्षक हैं. उनका कहना है कि 'दलित लड़कियों का हर दिन बलात्कार हो रहा है लेकिन हमें एफआईआर दर्ज करने से रोका जाता है क्योंकि पुलिस थानों पर गैर दलितों का राज है. लेकिन वहीं अगर ऊंची जाति की लड़की के साथ कुछ होता है तो दंगे हो जाते हैं.' अशोक कहते हैं कि 'मोदी जी बतौर प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उनका राज्य में कोई काम नहीं है. बहनजी एक बेहतर प्रधानमंत्री बनेंगी.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' दंगों में मारे गए मुसलमानों में ज्यादातर पसमंदा जाति के थे जो दलित या पिछड़ा वर्ग में आते हैं. यूपी की 18 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है जिसमें 85 फीसदी पसमंदा जाति के हैं और इनमें से ज्यादातर अब मायावती के खेमे में आ रहे हैं. सहारनपुर से शुरू हुई रैलियों में मायावती बार बार पसमंदा मुसलमानों को यह आश्वासन देती आ रही हैं कि उनका गुस्सा दलितों का भी गुस्सा है. दलित और मुसलमान मिलकर यूपी की 20 करोड़ की जनसंख्या का चालीस फीसदी हिस्सा हैं. मायावती को उम्मीद है कि उत्पीड़न और जातिगत हिंसा जैसे मुद्दे दोनों ही श्रेणियां झेल रही हैं और शायद इस बार मायावती को इसका फायदा मिल सके. राजनीति में टिके रहने के लिए यही उनकी रणनीति है. हालांकि दूसरी तरफ मुसलमानों को अखिलेश यादव अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, और जैसा कि जगजाहिर है कि किस तरह लोकसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में दलितों ने मायावती से भी मुंहमोड़ लिया था. '2014 में दलित वोटों में आर्थिक आकांक्षाओं की परछाईं नजर आई थीं. 2017 में यह बिजली, सड़क, पानी और उससे भी ज्यादा कानून और व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाले हैं.' ऐसा अशोक सिंह का कहना है जो पश्चिमी यूपी के रामपुर में स्कूल शिक्षक हैं. उनका कहना है कि 'दलित लड़कियों का हर दिन बलात्कार हो रहा है लेकिन हमें एफआईआर दर्ज करने से रोका जाता है क्योंकि पुलिस थानों पर गैर दलितों का राज है. लेकिन वहीं अगर ऊंची जाति की लड़की के साथ कुछ होता है तो दंगे हो जाते हैं.' अशोक कहते हैं कि 'मोदी जी बतौर प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उनका राज्य में कोई काम नहीं है. बहनजी एक बेहतर प्रधानमंत्री बनेंगी.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' दलित और मुसलमान मिलकर यूपी की 20 करोड़ की जनसंख्या का चालीस फीसदी हिस्सा हैं. मायावती को उम्मीद है कि उत्पीड़न और जातिगत हिंसा जैसे मुद्दे दोनों ही श्रेणियां झेल रही हैं और शायद इस बार मायावती को इसका फायदा मिल सके. राजनीति में टिके रहने के लिए यही उनकी रणनीति है. हालांकि दूसरी तरफ मुसलमानों को अखिलेश यादव अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहे हैं, और जैसा कि जगजाहिर है कि किस तरह लोकसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में दलितों ने मायावती से भी मुंहमोड़ लिया था. '2014 में दलित वोटों में आर्थिक आकांक्षाओं की परछाईं नजर आई थीं. 2017 में यह बिजली, सड़क, पानी और उससे भी ज्यादा कानून और व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाले हैं.' ऐसा अशोक सिंह का कहना है जो पश्चिमी यूपी के रामपुर में स्कूल शिक्षक हैं. उनका कहना है कि 'दलित लड़कियों का हर दिन बलात्कार हो रहा है लेकिन हमें एफआईआर दर्ज करने से रोका जाता है क्योंकि पुलिस थानों पर गैर दलितों का राज है. लेकिन वहीं अगर ऊंची जाति की लड़की के साथ कुछ होता है तो दंगे हो जाते हैं.' अशोक कहते हैं कि 'मोदी जी बतौर प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उनका राज्य में कोई काम नहीं है. बहनजी एक बेहतर प्रधानमंत्री बनेंगी.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' '2014 में दलित वोटों में आर्थिक आकांक्षाओं की परछाईं नजर आई थीं. 2017 में यह बिजली, सड़क, पानी और उससे भी ज्यादा कानून और व्यवस्था जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाले हैं.' ऐसा अशोक सिंह का कहना है जो पश्चिमी यूपी के रामपुर में स्कूल शिक्षक हैं. उनका कहना है कि 'दलित लड़कियों का हर दिन बलात्कार हो रहा है लेकिन हमें एफआईआर दर्ज करने से रोका जाता है क्योंकि पुलिस थानों पर गैर दलितों का राज है. लेकिन वहीं अगर ऊंची जाति की लड़की के साथ कुछ होता है तो दंगे हो जाते हैं.' अशोक कहते हैं कि 'मोदी जी बतौर प्रधानमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन उनका राज्य में कोई काम नहीं है. बहनजी एक बेहतर प्रधानमंत्री बनेंगी.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के अच्छे दिन की अपील के बाद मायावती को राज्य में 80 में से एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली थी. बीजेपी ने 72 सीटें झटकी थीं. खुद मायावती की जाटव जाति (चमड़े का काम करने वाले) जो दलित जनसंख्या का 55 प्रतिशत हैं, उन्होंने भी उस चुनाव में अपनी नेता से मुंह फेर लिया था. 2014 में मायावती के 16 प्रतिशत जाटव वोट बीजेपी की झोली में गिरे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. कॉलेज में पढ़ने वाले दीपक कहते हैं 'जाटवों ने सोच लिया है कि वह बीजेपी को हराने वाले हैं क्योंकि यह पार्टी दलित विरोधी है.' अपने साथियों की तरह दीपक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पिछले साल रोहित वेमुला की खुदकुशी और उना दलित प्रताड़ना के मामले को लेकर उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जोरों शोरों से अभियान चलाया था. कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' कुछ हफ्ते पहले ही आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरक्षण पर बोलते हुए कहा था कि इतने सालों में इसका कोई फायदा नहीं हुआ. ऐसे में इस पर विचार किये जाने की जरूरत है. मायावती ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी एक ऊंची जाति और दलित विरोधी पार्टी है. हालांकि आरएसएस ने इस पर बात में स्पष्टिकरण दिया था लेकिन तब तक मायावती अपनी बाजी चल चुकी थीं. इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' इसी तरह के कुछ विवाद शायद बीजेपी के दलित वोटों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश को नाकाम कर सकते हैं. जहां जाटव मायावती की तरफ लौट रहे हैं, वहीं बीजेपी की नजर अब गैर जाटवों पर है जिनमें से 45 फीसदी ने 2014 में पार्टी को समर्थन दिया था. यही वजह है कि 85 आरक्षित सीटों में से पार्टी ने 21 ही जाटवों को दी है जबकि उनकी आबादी राज्य में दलित जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. दलित वोटों से अलग हटकर बात करें तो मायावती के प्रति मुसलमानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है - 2012 में उनके पास 20 प्रतिशत मुसलिम वोट थे. और इस समर्थन के पीछे बड़ा हाथ पसमंदा समुदाय का है. अमीर मुसलमानों को अभी भी सपा भा रही है. सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' सहारनपुर की एक यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ प्रोफेसर खालिद अनिस अंसारी कहते हैं 'ऊंची जाति के मुसलमान, पसमंदा मुसलमान की बजाय हिंदू ओबीसी उम्मीदवार को वोट देना ज्यादा पसंद करेंगे. मसलन बेहात से बीएसपी उम्मीदवार हाजी इक़बाल जो पिछड़ी जाति बंदकुची (चिड़िया पकड़ने वाले) से ताल्लुक रखते हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1.4 लाख मुसलमान हैं जिनमें से महज़ 15 हजार ऊंची जाति के पठान और पीरज़ादे हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाजी को वोट नहीं करेंगे, भले ही बाकी का पूरा समुदाय उसे ही वोट दे.' अमीर और गरीब मुसलमानों के बीच मुद्दों और उम्मीदवारों की पसंद को लेकर इस अंतर से बीजेपी को फायदा मिल सकता है.टिप्पणियां दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' दलितों के साथ साथ मुसलमानों को भी अपनी तरफ करने की कोशिश में मायावती को इन दोनों वर्गों के बीच के फासले को मिटाना होगा. मुजफ्फरनगर दंगों के कई महीनों बाद तक आसपास के कई जिलों में दलितों और मुसलमानों के बीच हिंसा होती देखी गई है. ऐसे में इनमें से कुछ लोग मानते हैं कि आर्थिक मजबूती एजेंडा होना चाहिए जो कि मायावती के अभियान में नहीं दिख रहा है, वहीं बीजेपी और अखिलेश यादव लगाकार परिवर्तन और विकास को अपना अहम वादा बनाए हुए हैं. रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.' रामपुर के दलित लेखकर कनवल भारती ने कहा - 'मायावती को विकास की बात करनी होगी. इसके साथ ही अपनी राजनीतिक शत्रुओं के खोखलेपन को भी सामने लाना होगा. जैसे कि पीएम ने कैशलेश लेनदेन के लिए भीम नाम का एप लॉन्च किया जो कि अंबेडकर के नाम पर लिया गया है. लेकिन कितने दलितों के पास बैंक में पैसा है? वह उनकी जगह किसी भी और नेता का नाम रख देते. अगर राजनेताओं को अंबेडकर का नाम किसी स्कीम से जोड़ना है तो उसका लेना देना शिक्षा और नौकरियों से होना चाहिए.'
मायावती ने चुनावी अभियान में दलित-मुसलमान वोट एक करने की कोशिश की है सहारनपुर में बुधवार को वोट होगा जो मायावती के लिए अहम क्षेत्र है 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे राजनीतिक पार्टियों के लिए मुद्दा बने हुए हैं
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: कर्नाटक के रेड्डी बंधुओं, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली का झगड़ा अब सामने आ गया है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आउटलुक मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में यह कहकर हैरान कर दिया है कि कर्नाटक में रेड्डी बंधुओं को बढ़ावा देने वाले अरुण जेटली, अनंत कुमार और वेंकैया नायडू हैं। ये वही रेड्डी बंधु हैं जिन्हें सुषमा स्वराज का करीबी माना जाता है। उनके मुताबिक वह इन्हें मंत्री बनाने के खिलाफ थी लेकिन जेटली, नायडू और अनंत कुमार ने राजनीतिक मजबूरी के तहत इन्हें मंत्री बनाया। अपने साक्षात्कार में स्वराज ने कहा, 'मेरा पाप सिर्फ इतना है कि 2009 में कर्नाटक सरकार के संकट के वक्त तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रभारी अरुण जेटली के कहने पर रेड्डी बंधुओं से बात की थी। मेरा तब का उनके साथ का फोटो हर जगह छपता है और ऐसा दिखाया जाता है जैसे मैं उनकी संरक्षक हूं।' सुषमा के मुताबिक़ उन्हें नहीं लगता कि पार्टी में ऐसे लोग हैं जो उनके खिलाफ हैं लेकिन ऐसे लोग होते हैं जो आपसे ईर्ष्या रखते हैं और जो आपकी तरक्की को नहीं देख सकते। स्वराज ने बताया, 'पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह थे और अरुण जेटली उस समय प्रभारी थे। इन दोनों ने मिलकर कहा कि अगर आप बेल्लारी भाइयों से बात कर लें और ये सरकार बच जाए तो हमारी दक्षिण भारत की पहली सरकार है यह रह जाएगी। तब इनके कहने पर मैंने उनसे बात की।'
यहाँ एक सारांश है:सुषमा स्वराज ने यह कहकर हैरान कर दिया है कि कर्नाटक में रेड्डी बंधुओं को बढ़ावा देने वाले अरुण जेटली, अनंत कुमार और वेंकैया नायडू हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप से शिकागो की एक अदालत द्वारा बरी तहव्वुर राणा को 26/11 हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी और वह इसके अंदरूनी जानकारों में था। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, आसन्न हमलों के बारे में उसे लश्कर-ए-तय्यबा के पाशा ने दुबई में एक बैठक के दौरान जानकारी दी। सहायक अटॉर्नी विक्टोरिया पीटर्स ने शिकागो की अदालत में राणा की सुनवाई से पहले न्यायधीशों को एक बंद कमरे में सुनवाई के दौरान बताया, मुंबई शहर पर हमला राणा के लिए अनपेक्षित नहीं था। उसे हमलों के बारे में जानकारी थी। वह पहले से ही इस बारे में जानता था। पीटर्स ने कहा, हमलों के बारे में उसे डेविड हेडली ने बताया था और वह इसलिए भी इस बारे में जानता था क्योंकि दुबई में पाशा ने उसे जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि 2008 की गर्मियों में राणा को उसके बचपन के दोस्त हेडली ने हमले की पूरी साजिश के बारे में बताया था। हेडली ने मुंबई हमलों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा, वह जानता था कि लश्कर लड़ाके मुंबई पर हमले की योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। सहायक अटॉर्नी ने बताया, राणा को हेडली ने हमलों के बारे में बताया था लेकिन पाशा ने भी उसे इस बाबत जानकारी दी थी। हेडली ने पाशा से कहा था कि वह अमेरिका वापस लौटते हुए राणा को मुंबई में नहीं रूकने के कहे। दुबई में पाशा ने वही किया। उसने राणा को इस बारे में चेताया। आप राणा के दिए बयानों से ही जानते हैं कि उसे मुंबई हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी। पीटर्स ने इस सिलसिले में राणा और हेडली के बीच हुई बातचीत का लिखित ब्यौरा अदालत में पेश किया। ब्यौरा के मुताबिक, हेडली ने पूछा, क्या पाशा ने ऐसा नहीं कहा? राणा : हां हेडली : उसने इसका जिक्र कब किया राणा : क्या, हेडली :पाशा ने बताया था कि दुबई में इस प्रकार.. और राणा ने कहा, और उसने मुझे भी ऐसा कहा अमेरिकी अटॉर्नी ने बताया कि पाशा ने राणा को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, ज्यूरी के सदस्यों, हेडली और राणा के बीच यह बातचीत अहम है। इससे मालूम चलता है कि पाशा ने उसे चेताया था कि हमलें आसन्न हैं? उन्होंने कहा, यह बातचीत बताती है कि पाशा को मालूम था कि राणा अंदरूनी जानकारों में था। पाशा राणा पर भरोसा कर सकता था। पाशा को मालूम है कि राणा को जानकारी है। क्या हो अगर राणा अंदरूनी जानकारों में नहीं था? क्या हो अगर राणा को बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि मुंबई पर हमला होने जा रहा है? सहायक अटॉर्नी ने कहा, इस बारे में सोचिए। क्या आप उम्मीद नहीं करते कि अगर उसे जानकारी थी कि हमले आसन्न हैं, क्या आप उससे उम्मीद नहीं करते जब हमले हुए और मुंबई को जब इन सशस्त्र हमालवरों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा तो वह एफबीआई, पुलिस या किसी अन्य के पास जाता और कहता, देखिए, पाशा नाम का एक व्यक्ति है जिससे मैं दुबई में मिला और उसने हमलों के पहले मुझे जानकारी दी कि मैं मुंबई नहीं जाऊं। उन्होंने कहा, अगर राणा उसी दल का सदस्य नहीं था तो पाशा ने उसे जानकारी क्यों दी? पाशा को राणा पर विश्वास था। वह जानता है कि राणा हेडली का विश्वसनीय दोस्त है, इसलिए इसमें कोई जोखिम नहीं है। यह चेतावनी देने में कोई जोखिम नहीं है।
सारांश: मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप से शिकागो की एक अदालत द्वारा बरी तहव्वुर राणा को 26/11 हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में एक वर्ग विशेष के लोगों के ही चुने जाने के विरोध में इलाहाबाद में हजारों छात्रों ने जमकर तोड़-फोड़ की है।टिप्पणियां छात्रों का आरोप है कि अखिलेश राज में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में वर्ग विशेष के लोगों का ही चयन हो रहा है। छात्रों का ये भी कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हर चरण में आरक्षण लागू किया जा रहा है जो कि संविधान के तय कोटे से अधिक है। छात्रों का आरोप है कि अखिलेश राज में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में वर्ग विशेष के लोगों का ही चयन हो रहा है। छात्रों का ये भी कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हर चरण में आरक्षण लागू किया जा रहा है जो कि संविधान के तय कोटे से अधिक है। छात्रों का ये भी कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हर चरण में आरक्षण लागू किया जा रहा है जो कि संविधान के तय कोटे से अधिक है।
उत्तर प्रदेश की सरकारी नौकरियों में एक वर्ग विशेष के लोगों के ही चुने जाने के विरोध में इलाहाबाद में हजारों छात्रों ने जमकर तोड़-फोड़ की है।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: सुकमा के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की नक्सलियों द्वारा की गई पकड़ और उनकी रिहाई की बातें अभी ठंडी भी नहीं हुईं, लेकिन इस बीच, दक्षिण बस्तर से भी कुछ अच्छी खबरें आईं... जैसे - छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ दोरनापाल कैम्प में काम कर रहे 24 साल के करती गंगा को पता चला है कि उसके पिता और भाई को माओवादियों ने करीब 15 दिन तक कैद में रखने के बाद छोड़ दिया है। करती गंगा के अलावा पास के गांव में रह रहे 31 साल के सरियम बोज्जा जैसे लोगों के लिए भी यह खुशखबरी है, जिनके परिवार वालों को पुलिस के मुखबिर और सहायक होने के शक में माओवादियों ने उठाया और अपनी कैद में रखा। अभी तक माओवादियों की ओर से रिहा गए ये लोग अपने घर तो नहीं पहुंचे हैं, लेकिन नक्सलियों को एक पैगाम साफतौर पर मिल रहा है कि अपहरण की इस रणनीति में बहुत कुछ उनके खिलाफ भी जा सकता है। इस वॉर ज़ोन का दौरा करने पर महसूस होता है कि 'भीतरी' इलाकों में रहने वाले लोगों की हमदर्दी इस मामले में माओवादियों के साथ नहीं है। करती गंगा के पिता और भाई के साथ-साथ कई दूसरे गांववालों की रिहाई से लगता है कि माओवादी भी इस दबाव को महसूस कर रहे हैं। लेकिन माओवादियों की ओर से किए गए अपहरण कहानी की पूरी तस्वीर नहीं बनाते। दंतेवाड़ा के पालनार से लगे डूंगरपाड़ा गांव में कई ऐसे लोग हैं, जिनके अपनों को पुलिस ने उठा लिया है। 23 साल की बीमे के पति को पिछले साल स्पेशल पुलिस अफसर यानी एसपीओ (जिन्हें अब छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑक्ज़िलरी फोर्स का हिस्सा बना दिया है) उठाकर ले गए। तब बीमे गर्भवती थी, और आज उसका बच्चा डेढ़ साल का हो चुका है, लेकिन पति अब भी जेल में बंद है। ऐसी सैकड़ों कहानियां दक्षिण बस्तर के गांवों में दबी हुई हैं। दो साल पहले कांग्रेस नेता अवधेश गौतम के घर पर माओवादियों ने हमला किया। नक्सलियों का समर्थक होने के शक में पुलिस ने कई लोगों को डूंगरपाड़ा और आसपास के गांवों से उठाया, लेकिन जेल में सड़ रहे लोगों को न तो अदालत में पेश किया जा रहा है, न उन्हें जेल से छोड़ा रहा है। डूंगरपाड़ा के पास ही 22 साल के कोसा की मां गोंडी भाषा में जो कुछ कहती है, वह तो समझ नहीं आता, लेकिन उसके लगातार बहते आंसू लालपट्टी में चल रहे दोहरे आतंक की कहानियां साफ सुनाते हैं। उसके बेटे को भी बीमे के पति के साथ ही उठा लिया गया, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है। भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? अभी तक माओवादियों की ओर से रिहा गए ये लोग अपने घर तो नहीं पहुंचे हैं, लेकिन नक्सलियों को एक पैगाम साफतौर पर मिल रहा है कि अपहरण की इस रणनीति में बहुत कुछ उनके खिलाफ भी जा सकता है। इस वॉर ज़ोन का दौरा करने पर महसूस होता है कि 'भीतरी' इलाकों में रहने वाले लोगों की हमदर्दी इस मामले में माओवादियों के साथ नहीं है। करती गंगा के पिता और भाई के साथ-साथ कई दूसरे गांववालों की रिहाई से लगता है कि माओवादी भी इस दबाव को महसूस कर रहे हैं। लेकिन माओवादियों की ओर से किए गए अपहरण कहानी की पूरी तस्वीर नहीं बनाते। दंतेवाड़ा के पालनार से लगे डूंगरपाड़ा गांव में कई ऐसे लोग हैं, जिनके अपनों को पुलिस ने उठा लिया है। 23 साल की बीमे के पति को पिछले साल स्पेशल पुलिस अफसर यानी एसपीओ (जिन्हें अब छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑक्ज़िलरी फोर्स का हिस्सा बना दिया है) उठाकर ले गए। तब बीमे गर्भवती थी, और आज उसका बच्चा डेढ़ साल का हो चुका है, लेकिन पति अब भी जेल में बंद है। ऐसी सैकड़ों कहानियां दक्षिण बस्तर के गांवों में दबी हुई हैं। दो साल पहले कांग्रेस नेता अवधेश गौतम के घर पर माओवादियों ने हमला किया। नक्सलियों का समर्थक होने के शक में पुलिस ने कई लोगों को डूंगरपाड़ा और आसपास के गांवों से उठाया, लेकिन जेल में सड़ रहे लोगों को न तो अदालत में पेश किया जा रहा है, न उन्हें जेल से छोड़ा रहा है। डूंगरपाड़ा के पास ही 22 साल के कोसा की मां गोंडी भाषा में जो कुछ कहती है, वह तो समझ नहीं आता, लेकिन उसके लगातार बहते आंसू लालपट्टी में चल रहे दोहरे आतंक की कहानियां साफ सुनाते हैं। उसके बेटे को भी बीमे के पति के साथ ही उठा लिया गया, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है। भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? लेकिन माओवादियों की ओर से किए गए अपहरण कहानी की पूरी तस्वीर नहीं बनाते। दंतेवाड़ा के पालनार से लगे डूंगरपाड़ा गांव में कई ऐसे लोग हैं, जिनके अपनों को पुलिस ने उठा लिया है। 23 साल की बीमे के पति को पिछले साल स्पेशल पुलिस अफसर यानी एसपीओ (जिन्हें अब छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑक्ज़िलरी फोर्स का हिस्सा बना दिया है) उठाकर ले गए। तब बीमे गर्भवती थी, और आज उसका बच्चा डेढ़ साल का हो चुका है, लेकिन पति अब भी जेल में बंद है। ऐसी सैकड़ों कहानियां दक्षिण बस्तर के गांवों में दबी हुई हैं। दो साल पहले कांग्रेस नेता अवधेश गौतम के घर पर माओवादियों ने हमला किया। नक्सलियों का समर्थक होने के शक में पुलिस ने कई लोगों को डूंगरपाड़ा और आसपास के गांवों से उठाया, लेकिन जेल में सड़ रहे लोगों को न तो अदालत में पेश किया जा रहा है, न उन्हें जेल से छोड़ा रहा है। डूंगरपाड़ा के पास ही 22 साल के कोसा की मां गोंडी भाषा में जो कुछ कहती है, वह तो समझ नहीं आता, लेकिन उसके लगातार बहते आंसू लालपट्टी में चल रहे दोहरे आतंक की कहानियां साफ सुनाते हैं। उसके बेटे को भी बीमे के पति के साथ ही उठा लिया गया, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है। भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? ऐसी सैकड़ों कहानियां दक्षिण बस्तर के गांवों में दबी हुई हैं। दो साल पहले कांग्रेस नेता अवधेश गौतम के घर पर माओवादियों ने हमला किया। नक्सलियों का समर्थक होने के शक में पुलिस ने कई लोगों को डूंगरपाड़ा और आसपास के गांवों से उठाया, लेकिन जेल में सड़ रहे लोगों को न तो अदालत में पेश किया जा रहा है, न उन्हें जेल से छोड़ा रहा है। डूंगरपाड़ा के पास ही 22 साल के कोसा की मां गोंडी भाषा में जो कुछ कहती है, वह तो समझ नहीं आता, लेकिन उसके लगातार बहते आंसू लालपट्टी में चल रहे दोहरे आतंक की कहानियां साफ सुनाते हैं। उसके बेटे को भी बीमे के पति के साथ ही उठा लिया गया, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है। भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? डूंगरपाड़ा के पास ही 22 साल के कोसा की मां गोंडी भाषा में जो कुछ कहती है, वह तो समझ नहीं आता, लेकिन उसके लगातार बहते आंसू लालपट्टी में चल रहे दोहरे आतंक की कहानियां साफ सुनाते हैं। उसके बेटे को भी बीमे के पति के साथ ही उठा लिया गया, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चला है। भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? भारत के बीचोंबीच बनी लालपट्टी पर चल रही इस खूनी जंग में माओवादियों या पुलिस वालों को दोषी ठहराना पूरे सच से मुंह छिपाने जैसा है। वर्ष 2005 में सल्वा जुड़ुम का जो बीज नक्सलवाद को मिटाने के लिए सरकार ने बोया, आज वही समस्या को और विकराल बना चुका है। सल्वा जुड़ुम के दौर में मर रहे एसपीओ, पुलिस वालों और माओवादियों की लिस्ट में अब सीआरपीएफ के जवान तेज़ी से जुड़ रहे हैं। आज बारूदी सुरंगों के धमाके अर्द्धसैनिक बल के जवानों और पुलिस के लोगों को ही नहीं मार रहे, बल्कि आम लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? दोरनापाल से कुछ किलोमीटर आगे एर्राबोर कैम्प के हालात और भी खराब हैं, जहां नक्सलियों ने कई बार हमले किए हैं। वर्ष 2006 में जब सल्वा जुड़ूम ज़ोरों पर था तो नक्सलियों ने एक बड़ा हमला कर कई लोगों को मार डाला और कैम्प में आग लगा दी। नक्सल एर्राबोर और आसपास के इलाकों से पुलिस के करीबी समझे जाने वाले लोगों का अपहरण भी करते रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला माओवादियों के लिबरेटेड ज़ोन में लगने वाली जन अदालतों में होता है। ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? ऐसा नहीं है कि जन अदालतों में हर किसी को मौत की सज़ा सुना दी जाती हो, क्योंकि नक्सली कुछ लोगों को छोड़ भी देते हैं, जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे आइंदा पुलिस का साथ नहीं देंगे। लेकिन एर्राबोर जैसे घोर नक्सलविरोधी अभियान से जुड़े कैम्प के लोगों के लिए ऐसी उम्मीद कम होती है। दूसरी ओर हमारे देश की अदालतों में सड़ रहे लोगों के लिए भी न्याय की उम्मीद बेहद धुंधली है। सुकमा और दंतेवाड़ा के आसपास बिखरे डूंगरपाड़ा, समेली, जबेली, अरबेट्टा, कुआकोंडा जैसे कई गांव हैं, जहां लोगों को 'अपनों' के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है। हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? हज़ारों किलोमीटर दूर हमारी संसद में कभी इन लोगों की दुर्दशा बहस का मुद्दा नहीं बनती, और राष्ट्रीय मीडिया में भी सिर्फ नक्सली हमलों और सरकारी रणनीति की खबरें छप रही हैं। जिन लोगों के नाम पर 15 से 20 हज़ार अर्द्धसैनिक बलों को झोंककर यह लड़ाई लड़ी जा रही है, वे या तो जंगल में माओवादियों की कैद में हैं या हमारी सभ्यता के बीच बनी जेलों में सड़ रहे हैं। बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? बेगुनाह लोगों के जेल में बंद होने के सवाल को पुलिस या तो टाल जाती है या फिर वह इसे माओवादियों का प्रचार कहती है, लेकिन इसी कड़वी हकीकत के दम पर माओवादी अपने प्रेस रिलीज़ तैयार कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने बाकायदा बयान जारी कर डीएम के अपहरण को जायज़ ठहराया है। उनके मुताबिक डीएम ने अपने ही क्षेत्र में पुलिसिया ज़ुल्म की अनदेखी की है और उनकी कार्यशैली कॉरपोरेट घरानों की मदद करने वाली है।टिप्पणियां अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? अपने बयान में नक्सली दंतेवाड़ा की जेल में ठूंस दिए गए सैकड़ों गांववालों का ज़िक्र करते हैं या फिर पुलिस हिरासत में मारे गए लोगों का। ऐसे में सरकार के खिलाफ दलील खड़ी होती है और नेताओं की विश्वसनीयता कमज़ोर होती है। उधर, बस्तर के जंगलों में ठेकेदारों और वन कर्मचारियों को कोई दिक्कत नहीं हैं। उनके हाथ में ब्लैकबेरी और सैमसंग गैलेक्सी के मोबाइल दिखते हैं, जिनमें से कई हैंडसेट में तो हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा भी है। वे इस इलाके में नक्सलवाद को काबू करने के लिए कड़े पुलिस अफसरों की तैनाती की वकालत करते हैं, लेकिन लोगों के बीच राजनेताओं के दौरे न होने की उन्हें परवाह नहीं है। लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...? लेकिन मांझापाड़ा – जहां से सुकमा के कलेक्टर को अगवा किया गया – में उम्मीद की एक किरण ज़रूर दिखती है। नक्सलियों के अभियान के बाद तलाशी के लिए घुसी पुलिस ने भले ही मारपीट का तांडव किया हो, लेकिन लोग फिर भी सरकार के साथ खड़े होने की बात करते हैं। साफ है कि डीएम एलेक्स पॉल मेनन की मेहनत कुछ रंग ज़रूर लाई है। क्या हमारे नेता उसे आगे बढ़ाने का काम करेंगे...?
संक्षिप्त पाठ: वैसे पुलिस भले ही 'तांडव' करती हो, लोग सरकार के साथ होने की बात करते हैं। साफ है कि मेनन की मेहनत रंग लाई है, लेकिन क्या नेता अब उसे आगे बढ़ाएंगे...?
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंटरनेट के आजादी के प्रति पूर्ण समर्थन जताते हुए अमेरिका ने भारत से अपील की है कि पूर्वोत्तर के लोगों के प्रस्तान का कारण बनी अफवाहों की जांच में भारत सरकार इंटरनेट की मूलभूत आजादी का सम्मान करे। अमेरिका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने मंगलवार को कहा, "अमेरिका ने यह रिपोर्ट देखी है कि पूर्वोत्तर के लोग दक्षिणी राज्यों के शहरों से वापस लौट रहे हैं। अमेरिका ने यह भी रिपोर्ट देखी है कि वे लोग सुरक्षा की चिंता के कारण वापस लौट रहे हैं।" संवाददाताओं ने उनसे भारत द्वारा कथित घृणात्मक प्रचार फैलाने वाली वेबसाइटों पर रोक लगाने के कदम पर टिप्पणी के लिए पूछा था। उन्होंने कहा, "जहां तक इंटरनेट की आजादी के बड़े मुद्दे का सवाल है, तो आपको यह पता है कि हमारी सोच क्या है। हम हमेशा इंटरनेट को पूरी आजादी के पक्षधर हैं।" उन्होंने कहा, "भारत सरकार सुरक्षा के लिए इस तरह की घटनाओं की लगातार जांच करती रहती है और हम हमेशा सरकार से अपील करते हैं कि वह मानवाधिकार, मौलिक आजादी और कानून के शासन के प्रति अपनी वचनबद्धता बनाए रखें।" संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने मंगलवार को कहा, "अमेरिका ने यह रिपोर्ट देखी है कि पूर्वोत्तर के लोग दक्षिणी राज्यों के शहरों से वापस लौट रहे हैं। अमेरिका ने यह भी रिपोर्ट देखी है कि वे लोग सुरक्षा की चिंता के कारण वापस लौट रहे हैं।" संवाददाताओं ने उनसे भारत द्वारा कथित घृणात्मक प्रचार फैलाने वाली वेबसाइटों पर रोक लगाने के कदम पर टिप्पणी के लिए पूछा था। उन्होंने कहा, "जहां तक इंटरनेट की आजादी के बड़े मुद्दे का सवाल है, तो आपको यह पता है कि हमारी सोच क्या है। हम हमेशा इंटरनेट को पूरी आजादी के पक्षधर हैं।" उन्होंने कहा, "भारत सरकार सुरक्षा के लिए इस तरह की घटनाओं की लगातार जांच करती रहती है और हम हमेशा सरकार से अपील करते हैं कि वह मानवाधिकार, मौलिक आजादी और कानून के शासन के प्रति अपनी वचनबद्धता बनाए रखें।" संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। संवाददाताओं ने उनसे भारत द्वारा कथित घृणात्मक प्रचार फैलाने वाली वेबसाइटों पर रोक लगाने के कदम पर टिप्पणी के लिए पूछा था। उन्होंने कहा, "जहां तक इंटरनेट की आजादी के बड़े मुद्दे का सवाल है, तो आपको यह पता है कि हमारी सोच क्या है। हम हमेशा इंटरनेट को पूरी आजादी के पक्षधर हैं।" उन्होंने कहा, "भारत सरकार सुरक्षा के लिए इस तरह की घटनाओं की लगातार जांच करती रहती है और हम हमेशा सरकार से अपील करते हैं कि वह मानवाधिकार, मौलिक आजादी और कानून के शासन के प्रति अपनी वचनबद्धता बनाए रखें।" संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, "जहां तक इंटरनेट की आजादी के बड़े मुद्दे का सवाल है, तो आपको यह पता है कि हमारी सोच क्या है। हम हमेशा इंटरनेट को पूरी आजादी के पक्षधर हैं।" उन्होंने कहा, "भारत सरकार सुरक्षा के लिए इस तरह की घटनाओं की लगातार जांच करती रहती है और हम हमेशा सरकार से अपील करते हैं कि वह मानवाधिकार, मौलिक आजादी और कानून के शासन के प्रति अपनी वचनबद्धता बनाए रखें।" संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, "भारत सरकार सुरक्षा के लिए इस तरह की घटनाओं की लगातार जांच करती रहती है और हम हमेशा सरकार से अपील करते हैं कि वह मानवाधिकार, मौलिक आजादी और कानून के शासन के प्रति अपनी वचनबद्धता बनाए रखें।" संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। संवाददाताओं ने उसी समय इंटरनेट को पूरी आजादी के अमेरिकी सोच के प्रसंग में विकीलीक्स के प्रति उनके नजरिए के बारे में भी पूछ लिया। नूलैंड ने कहा, "विकीलीक्स का सम्बंध इंटरनेट की आजादी से नहीं था।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने न तो भारत सरकार को जांच करने लिए कहा, न ही अमेरिका इस जांच में भारत के साथ है। भारत सरकार ने खुद ही अफवाह के कुछ स्रोतों की जांच का आदेश दिया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, "इसलिए हम यह देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी सरकार गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी कम्पनियों को गलत सूचना के स्रोत का पता लगाने के भारत सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करने के लिए कहेगी, नूलैंड ने कहा कि वह यह नहीं बता सकती कि इन कम्पनियों की भारत सरकार के साथ क्या बातचीत हुई है।
इंटरनेट के आजादी के प्रति पूर्ण समर्थन जताते हुए अमेरिका ने भारत से अपील की है कि पूर्वोत्तर के लोगों के प्रस्तान का कारण बनी अफवाहों की जांच में भारत सरकार इंटरनेट की मूलभूत आजादी का सम्मान करे।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी के लखीमपुर जिले में किसान यूनियन के एक नेता ने किसान पंचायत के मंच पर एक शेड्यूल्ड कास्ट अफ़सर को इतना ज़लील किया कि उसने खुदकुशी कर ली. किसान नेता ने अफ़सर को जूते मारने और आंख निकल लेने की धमकी दी. और उससे सवाल किया कि क्या तुम्हें आरक्षण से नौकरी मिली है? अपने  सुसाइड नोट में अफ़सर ने इसके लिए नेता को जिम्मेदार ठहराया है. किसान पंचायत के मंच पर किसान नेता ने ग्राम विकास अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार को ज़लील किया. इस पर उन्होंने आत्महत्या कर ली. भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राकेश चौहान ने अधिकारी से कहा कि 'घूस देकर आए हो कि आरक्षण से आए हो? कोरम जिले का पूरा होना चाहिए. कामचोर,नालायक, नकारा, निकम्मे...गरीब किसान मजदूरों को उल्टा परेशान करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जूते मारकर नौकरी से बाहर किया जाएगा. काम भी नहीं करोगे…नौकरी भी सरकार की लोगे..और उसके बाद जब बात पड़ेगी तो आंखें निकलवाकर सड़क पर फिंकवा दूंगा.' जितनी देर किसान पंचायत होती रही, ग्राम विकास अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार को मंच पर खड़ा करके ज़लील किया जाता रहा. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि 'मुझे किसान यूनियन और कुछ प्रधान बहुत परेशान कर रहे हैं. मुझे गंदी गालियां देते हैं और आरक्षण के खिलाफ बोलते हैं. मैं अब जिंदगी से परेशान हो गया हूं. मेरी मौत के लिए किसान यूनियन के अध्यक्ष और रासूलपुर और देवरिया गांवों के प्रधान जिम्मेदार हैं. मेरे जान दे देने के बाद शायद वे दूसरों को परेशान न करें.' लखीमपुर में इस घटना से सरकारी कर्मचारी बहुत खफा हैं. उन्होंने इसके खियाफ धरना-प्रदर्शन भी किया. ग्राम विकास अधिकारी संघ,लखीमपुर के अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध बड़ी से बड़ी कार्रवाई की जाए. उनको अधिक से अधिक सज़ा दी जाए. वही उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है. और जब तक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती, उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तब तक हम लोग कलमबंद हड़ताल करेंगे. इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है जिनमें से चार गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन त्रिवेंद्र को मंच पर ज़लील करने का आरोपी राकेश चौहान और उसका साथी श्यामू शुक्ला अभी फरार है. लखीमपुर की एसपी पूनम ने कहा कि चार अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं. बाक़ी की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनी हुई हैं. लगातार दबिश जारी है. शीघ्र बाक़ी अभियुक्तों की भी गिरफ्तारी की जाएगी.
यह एक सारांश है: अपमानित होने पर अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली सुसाइड नोट में लगाया दो प्रधानों पर परेशान करने का आरोप चार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी राकेश चौहान और श्यामू शुक्ला फरार
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा का कहना है कि अगर हमें मालूम होता कि पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकाने पर किए गए हवाई हमले का 'प्रोपैगंडा' होगा, तो भारतीय विमानों के ज़रिये ऐसे बम गिराए जाते, जिनसे पूरा ढांचा ही ध्वस्त हो गया होता. भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने इसी साल 26 फरवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर पूर्वोत्तर पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी कैम्प पर इस्राइल-निर्मित स्पाइस 2000 बम का पेनेट्रेटर वर्शन गिराया था. यह हथियार इमारतों को भेदते हुए इंसानी निशानों को ही खत्म करता है, और इसके इस्तेमाल से यह ज़रूरी नहीं होता कि पूरी इमारत ध्वस्त होगी. कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर NDTV से बातचीत में एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा ने कहा, "दूरदृष्टि से सोचने पर, अगर आप प्रोपैगंडा वॉर पर नज़र डालें, तो लगता है, हमें दूसरा स्पाइस बम गिराना चाहिए था, जो पूरी इमारत को ध्वस्त कर डालता..." दरअसल, वीडियो या तस्वीरों की सूरत में सबूत नहीं होने की वजह से भारतीय वायुसेना को दिक्कत का सामना करना पड़ा था, विशेषकर तब, जब अगले ही दिन जैश कैम्प की प्राइवेट सैटेलाइट से खींची गई तस्वीरें जारी हो गईं, जिनमें इमारत का ढांचा कतई सुरक्षित नज़र आ रहा था, और बम से हुए नुकसान के बेहद मामूली चिह्न दिखे. एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा ने हवाई हमले के बाद सामने आई दिक्कतों के बारे में बताते हुए साफ-साफ कहा कि भारतीय सैटेलाइटों से हवाई हमले के असर की तस्वीरें ली गई होतीं, तो मदद मिलती. उन्होंने बताया, "हम सैटेलाइटों के भरोसे थे, और तभी बादल घिर आए... होता है... यह जंग है... चीज़ें हमेशा योजना के मुताबिक ही नहीं होतीं... हम गए ही यह सोचकर थे कि हमें आतंकवादियों को मारना है... हम इमारतें ध्वस्त करने के लिए गए ही नहीं थे..." चूंकि अपने सैटेलाइट से कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं थी, इसलिए भारतीय वायुसेना को एक मित्र साझीदार देश द्वारा उपलब्ध करवाई गई हाई-रिसॉल्यूशन सैटलाइट तस्वीरों पर भरोसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा. इन तस्वीरों में, जिनमें से एक तस्वीर NDTV को दिखाई गई, साफ देखा जा सकता है कि वायुसेना जिन इमारतों पर हमला करने का दावा कर रही है, उनमें से एक में तीन जगह बम से हमले के निशान हैं. बहरहाल, गोपनीयता की शर्त की वजह से वायुसेना उन तस्वीरों को प्रकाशित नहीं कर सकी. भारतीय वायुसेना और भारत सरकार मज़बूती से दावा करती रही हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमला कामयाब रहा था, जो जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर किए गए आतंकवादी हमले के जवाब में किया गया था. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने दावा किया था कि हवाई हमले में भारतीय लड़ाकू विमान निशाना चूक गए थे. भारतीय वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा ने कहा, "यह हमला जैश-ए-मोहम्मद को यह बताने के लिए किया गया था कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कहां हो - जैसे इस केस में वे पाकिस्तान में थे - हम वहीं आकर तुम्हें दबोचेंगे... हमारा संदेश साफ-साफ पहुंचा - जैश-ए-मोहम्मद तक भी, और पाकिस्तान सरकार तक भी..."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाक ने दावा किया था कि भारतीय लड़ाकू विमान निशाना चूक गए थे भारतीय वायुसेना प्रमुख ने कहा - हमारा संदेश साफ-साफ पहुंचा 'हम सैटेलाइटों के भरोसे थे, और तभी बादल घिर आए... होता है...'
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटों की तस्करी रोकने के लिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कोलंबिया के साथ लगती देश की सीमा को 72 घंटों तक बंद करने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति ने कहा है कि ‘माफिया’ देश की समाजवादी अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. शीर्ष आर्थिक सहयोगियों के साथ हुई बैठक के बाद राष्ट्रपति मादुरो ने यह घोषणा की. इससे पहले दिन में मादुरो की सोशलिस्ट पार्टी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन अपराधियों के चित्र जारी किए थे, जो वेनेजुएला में नोट की तस्करी मादक द्रव्यों की तस्करी की तरह करने की कोशिश कर रहे हैं. सीमा बंद करने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब मादुरो देश में तेजी से बढ़ रही मंहगाई को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने इसके लिए रविवार को घोषणा की थी कि सरकार देश की सबसे बड़ी राशि यानी 100 बोलिवर के नोट को बंद कर देगी. यह देश की सबसे बड़ी नोटबंदी है, लेकिन वेनेजुएला के 100 बोलिवर के एक नोट की कीमत इस समय एक डॉलर के तीन सेंट्स के करीब है. मादुरो ने रविवार को चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला से बाहर के 100 बोलिवर के नोट को नए नोट से बदलने के लिए देश में नहीं लाया जा सकेगा. टिप्पणियां वेनेजुएला के लोग सोमवार को 100 बोलिवर के नोट को खर्च करने गए क्योंकि सरकार ने इस नोट के चलन के लिए बुधवार तक का समय दिया है. इसके बाद यह नोट अमान्य हो जाएगा. अनुमानत: वेनेजुएला की एक तिहाई जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शीर्ष आर्थिक सहयोगियों के साथ हुई बैठक के बाद राष्ट्रपति मादुरो ने यह घोषणा की. इससे पहले दिन में मादुरो की सोशलिस्ट पार्टी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन अपराधियों के चित्र जारी किए थे, जो वेनेजुएला में नोट की तस्करी मादक द्रव्यों की तस्करी की तरह करने की कोशिश कर रहे हैं. सीमा बंद करने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब मादुरो देश में तेजी से बढ़ रही मंहगाई को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने इसके लिए रविवार को घोषणा की थी कि सरकार देश की सबसे बड़ी राशि यानी 100 बोलिवर के नोट को बंद कर देगी. यह देश की सबसे बड़ी नोटबंदी है, लेकिन वेनेजुएला के 100 बोलिवर के एक नोट की कीमत इस समय एक डॉलर के तीन सेंट्स के करीब है. मादुरो ने रविवार को चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला से बाहर के 100 बोलिवर के नोट को नए नोट से बदलने के लिए देश में नहीं लाया जा सकेगा. टिप्पणियां वेनेजुएला के लोग सोमवार को 100 बोलिवर के नोट को खर्च करने गए क्योंकि सरकार ने इस नोट के चलन के लिए बुधवार तक का समय दिया है. इसके बाद यह नोट अमान्य हो जाएगा. अनुमानत: वेनेजुएला की एक तिहाई जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीमा बंद करने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब मादुरो देश में तेजी से बढ़ रही मंहगाई को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने इसके लिए रविवार को घोषणा की थी कि सरकार देश की सबसे बड़ी राशि यानी 100 बोलिवर के नोट को बंद कर देगी. यह देश की सबसे बड़ी नोटबंदी है, लेकिन वेनेजुएला के 100 बोलिवर के एक नोट की कीमत इस समय एक डॉलर के तीन सेंट्स के करीब है. मादुरो ने रविवार को चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला से बाहर के 100 बोलिवर के नोट को नए नोट से बदलने के लिए देश में नहीं लाया जा सकेगा. टिप्पणियां वेनेजुएला के लोग सोमवार को 100 बोलिवर के नोट को खर्च करने गए क्योंकि सरकार ने इस नोट के चलन के लिए बुधवार तक का समय दिया है. इसके बाद यह नोट अमान्य हो जाएगा. अनुमानत: वेनेजुएला की एक तिहाई जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह देश की सबसे बड़ी नोटबंदी है, लेकिन वेनेजुएला के 100 बोलिवर के एक नोट की कीमत इस समय एक डॉलर के तीन सेंट्स के करीब है. मादुरो ने रविवार को चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला से बाहर के 100 बोलिवर के नोट को नए नोट से बदलने के लिए देश में नहीं लाया जा सकेगा. टिप्पणियां वेनेजुएला के लोग सोमवार को 100 बोलिवर के नोट को खर्च करने गए क्योंकि सरकार ने इस नोट के चलन के लिए बुधवार तक का समय दिया है. इसके बाद यह नोट अमान्य हो जाएगा. अनुमानत: वेनेजुएला की एक तिहाई जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेनेजुएला के लोग सोमवार को 100 बोलिवर के नोट को खर्च करने गए क्योंकि सरकार ने इस नोट के चलन के लिए बुधवार तक का समय दिया है. इसके बाद यह नोट अमान्य हो जाएगा. अनुमानत: वेनेजुएला की एक तिहाई जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: रविवार को की थी 100 बोलिवर को बंद करने की घोषणा कोलंबिया से लगती सीमा 72 घंटों के लिए की सील माफिया पर लगाम लगाने के लिए उठाया कदम
31
['hin']