inputs stringlengths 800 163k | targets stringlengths 20 291 | template_id int64 0 34 | template_lang stringclasses 1 value |
|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाओ: UPPSC PCS परीक्षा का एडमिट कार्ड (UPPSC PCS Admit Card) जारी कर दिया गया है. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर एडमिट कार्ड (UP PCS Admit Card 2019) डाउनलोड कर सकते हैं. उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड एसएमएस या ईमेल के माध्मय से नहीं भेजे जाएंगे. UP PCS परीक्षा के माध्यम से इस बार एसडीएम, डिप्टी एसपी समेत अन्य तकरीबन 300 पदों पर चयन किया जाएगा. सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) के दो और रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (आरएफओ) के 53 पदों पर भर्ती होगी. वहीं, विशेष चयन के अंतर्गत पदों की संख्या 9 है.
- आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं.
- वेबसाइट पर दिए गए एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें.
- अब आपको रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि और अन्य जानकारी सबमिट करनी होगी.
- आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा.
- आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.
आपको बता दें कि यूपी सिविल सर्विसेज परीक्षा 3 चरणों में होती है. पहले चरण में प्रीलिम्स परीक्षा होगी. दूसरे चरण में मेन परीक्षा होगी और तीसरे चरण में इंटरव्यू होगा. पहले मेन परीक्षा में 33 विषय होते थे जो अब घटकर 28 रह गए हैं. पहले मेन परीक्षा के लिए रिक्त पदों की संख्या के 18 गुना उम्मीदवारों को पास किया जाता था लेकिन अब सिर्फ 13 गुना उम्मीदवारों को ही परीक्षा में पास किया जाएगा. इस परीक्षा में पहली बार आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग के उम्मीदवारों को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. | संक्षिप्त सारांश: यूपी पीसीएस परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी हो गया है.
एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जारी हुआ है.
यूपी पीसीएस से 300 पदों पर भर्तियां होगी. | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आने पर मेक इन इंडिया के साथ स्टार्टअप इंडिया का जोरशोर से नारा बुलंद किया. हर तरफ स्टार्टअप इंडिया के प्रचार के लिए बैनर-पोस्टर और होर्डिंग्स लगाई गईं. डिजिटल माध्यमों पर प्रचार के साथ पीएम नरेंद्र मोदी रैलियों में भी इसका बखान करते दिखे. मगर अब ताजा खबर है कि सरकार ने अंतरिम बजट में अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना का ही बजट घटा दिया है. केंद्र सरकार ने ने वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में स्टार्टअप इंडिया के लिए आवंटन घटा दिया है लेकिन ‘मेक इन इंडिया' के लिए आवंटन में वृद्धि की गयी है.बजट दस्तावेजों के मुताबिक स्टार्टअप इंडिया के लिए 2019-20 के बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 2018-19 के संशोधित अनुमान में 28 करोड़ रुपये था.स्टार्टअप इंडिया योजना का लक्ष्य नये उद्यमियों की प्रगति में सहायक माहौल तैयार करने के लिए उद्यमिता और नवोन्मेष को बढ़ावा देना है.वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मेक इन इंडिया के आवंटन को बढ़ाकर कुल 473.3 करोड़ रुपये का कर दिया गया है. वहीं 2018-19 की संशोधित अनुमान में यह आवंटन 149 करोड़ रुपये था. मेक इन इंडिया योजना की शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को हुई थी.
आईबीएम भारत/दक्षिण एशिया के मुख्य डिजिटल अधिकारी निपुन मेहरोत्रा ने एक बयान में कहा, "हमारा मानना है कि स्टार्टअप को स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, शिक्षा, परिवहन, वैकल्पिक ऊर्जा प्रबंधन और अन्य सामाजिक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है, जो कि उन मुद्दों से निपटने में मदद करेगी जिसका भारत समेत पुरी दुनिया सामना कर रही है."
भारत के 76 फीसदी से भी अधिक अधिकारियों ने देश की अर्थव्यवस्था में खुलेपन को आर्थिक लाभ के रूप में देखा, जबकि 60 फीसदी ने कुशल श्रमिकों की पहचान की और 57 फीसदी अधिकारियों का कहना था कि बड़ा घरेलू बाजार होने के महत्वपूर्ण फायदे हैं. सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी उद्योग नेतृत्व का मानना है कि पारिस्थितिकी तंत्र स्टार्टअप में तेजी ला सकती है. | सारांश: मोदी सरकार ने स्टार्टअप इंडिया का खूब किया प्रचार
अब मोदी सरकार ने इस योजना का घटा दिया बजट
भारत में स्टार्टअप पांच साल में ही तोड़ देते हैं दम | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात में छठा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट आज से गांधीनगर में शुरू हो गया। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आदि गोदरेज और चंदा कोचर जैसे उद्योगपतियों ने मोदी और गुजरात की जमकर तारीफ की।टिप्पणियां
यह सम्मेलन 13 जनवरी तक चलेगा। सरकार ने इस साल मैन्यूफैक्चरिंग, अर्बन डेवलपमेंट, सर्विस सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगो पर ध्यान केंद्रित किया है। इस बार समिट में जापान और कनाडा से भी प्रतिनिधि आए हैं। इस समिट में 22 देशों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधि आए हैं।
पिछले साल के वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में 8380 एमओयू साइन किए गए थे। गुजरात सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए साल 2003 से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है।
यह सम्मेलन 13 जनवरी तक चलेगा। सरकार ने इस साल मैन्यूफैक्चरिंग, अर्बन डेवलपमेंट, सर्विस सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगो पर ध्यान केंद्रित किया है। इस बार समिट में जापान और कनाडा से भी प्रतिनिधि आए हैं। इस समिट में 22 देशों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधि आए हैं।
पिछले साल के वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में 8380 एमओयू साइन किए गए थे। गुजरात सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए साल 2003 से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है।
पिछले साल के वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में 8380 एमओयू साइन किए गए थे। गुजरात सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए साल 2003 से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है। | संक्षिप्त सारांश: गुजरात में छठा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट गांधीनगर में शुरू हुआ। इस मौके पर मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आदि गोदरेज और चंदा कोचर जैसे उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात की जमकर तारीफ की। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चंडीगढ़ में पैदा हुए भारतीय मूल के अमेरिकी कानूनविद श्रीकांत 'श्री' श्रीनिवासन अमेरिकी अपीलीय अदालत के पहले दक्षिण एशियाई न्यायाधीश बनने के और करीब पहुंच गए हैं। सीनेट की न्यायिक समिति ने इस पद के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है।
श्रीनिवासन (46) पिछले साल अगस्त में अमेरिका के प्रधान उप-महाधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। उन्होंने भारतीय मूल के एक अन्य अमेरिकी नील कुमार कात्याल का स्थान लिया था।
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी गुरुवार को सीनेट की न्यायिक समिति ने दी। यदि इसे पूरे सीनेट से मंजूरी मिल जाती है तो श्रीनिवासन अमेरिकी अपीलीय अदालत के न केवल दक्षिण एशियाई मूल के पहले न्यायाधीश होंगे, बल्कि वर्ष 2006 के बाद अदालत में यह पहली नई नियुक्ति होगी।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी अपील अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी दिलाने के लिए पूरी कोशिश की है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने ने कहा, "श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी अदालत की चार रिक्तयों को भरने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होगा। सीनेट को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।"
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी देने वाली सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट सीनेटर पैट्रिक लीही ने हालांकि श्रीनिवासन के नाम को सीनेट से मंजूरी मिलने पर खुशी जताई, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटरों द्वारा इस दिशा में भविष्य में डाली जाने वाली अड़चनों पर चिंता भी जताई।टिप्पणियां
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
श्रीनिवासन (46) पिछले साल अगस्त में अमेरिका के प्रधान उप-महाधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। उन्होंने भारतीय मूल के एक अन्य अमेरिकी नील कुमार कात्याल का स्थान लिया था।
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी गुरुवार को सीनेट की न्यायिक समिति ने दी। यदि इसे पूरे सीनेट से मंजूरी मिल जाती है तो श्रीनिवासन अमेरिकी अपीलीय अदालत के न केवल दक्षिण एशियाई मूल के पहले न्यायाधीश होंगे, बल्कि वर्ष 2006 के बाद अदालत में यह पहली नई नियुक्ति होगी।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी अपील अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी दिलाने के लिए पूरी कोशिश की है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने ने कहा, "श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी अदालत की चार रिक्तयों को भरने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होगा। सीनेट को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।"
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी देने वाली सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट सीनेटर पैट्रिक लीही ने हालांकि श्रीनिवासन के नाम को सीनेट से मंजूरी मिलने पर खुशी जताई, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटरों द्वारा इस दिशा में भविष्य में डाली जाने वाली अड़चनों पर चिंता भी जताई।टिप्पणियां
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी गुरुवार को सीनेट की न्यायिक समिति ने दी। यदि इसे पूरे सीनेट से मंजूरी मिल जाती है तो श्रीनिवासन अमेरिकी अपीलीय अदालत के न केवल दक्षिण एशियाई मूल के पहले न्यायाधीश होंगे, बल्कि वर्ष 2006 के बाद अदालत में यह पहली नई नियुक्ति होगी।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी अपील अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी दिलाने के लिए पूरी कोशिश की है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने ने कहा, "श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी अदालत की चार रिक्तयों को भरने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होगा। सीनेट को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।"
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी देने वाली सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट सीनेटर पैट्रिक लीही ने हालांकि श्रीनिवासन के नाम को सीनेट से मंजूरी मिलने पर खुशी जताई, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटरों द्वारा इस दिशा में भविष्य में डाली जाने वाली अड़चनों पर चिंता भी जताई।टिप्पणियां
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी अपील अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी दिलाने के लिए पूरी कोशिश की है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने ने कहा, "श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी अदालत की चार रिक्तयों को भरने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होगा। सीनेट को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।"
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी देने वाली सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट सीनेटर पैट्रिक लीही ने हालांकि श्रीनिवासन के नाम को सीनेट से मंजूरी मिलने पर खुशी जताई, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटरों द्वारा इस दिशा में भविष्य में डाली जाने वाली अड़चनों पर चिंता भी जताई।टिप्पणियां
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में श्रीनिवासन के नाम को मंजूरी देने वाली सीनेट की न्यायिक समिति के अध्यक्ष डेमोक्रेट सीनेटर पैट्रिक लीही ने हालांकि श्रीनिवासन के नाम को सीनेट से मंजूरी मिलने पर खुशी जताई, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटरों द्वारा इस दिशा में भविष्य में डाली जाने वाली अड़चनों पर चिंता भी जताई।टिप्पणियां
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
वहीं, समिति के रिपब्लिकन सीनेटर चार्ल्स ग्रैसली ने कहा कि श्रीनिवासन 'दुरुस्त न्यायिक स्वभाव' के व्यक्ति हैं और इस तरह का डर निराधार है कि अमेरिकी अपीलीय अदालत के न्यायाधीश के रूप में उनके नाम को मंजूरी देने में किसी तरह की बाधा आएगी।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली।
श्रीनिवासन का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। वह कंसास के लॉरेंस में पले-बढ़े। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से 1989 में स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1995 में कानून में जस्टिस डॉक्टर की डिग्री ली। | चंडीगढ़ में पैदा हुए भारतीय मूल के अमेरिकी कानूनविद श्रीकांत 'श्री' श्रीनिवासन अमेरिकी अपीलीय अदालत के पहले दक्षिण एशियाई न्यायाधीश बनने के और करीब पहुंच गए हैं। सीनेट की न्यायिक समिति ने इस पद के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव 2019 (Dates of Lok Sabha Elections) की तिथियों की आज घोषणा हो सकती है. लोकसभा चुनाव 2019 ( Lok Sabha Elections 2019) को लेकर चुनाव आयोग ने आज शाम 5 बजे एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. संभावना जताई जा रही है कि आज चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा चर्चा है कि आज ही चुनाव आयोग चार राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी ऐलान कर सकता है. ये चार राज्य हैं सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश. चारों राज्यों की सरकारों का कार्यकाल अप्रैल-मई के बीच खत्म हो रहा है.
गौरतलब है कि चुनाव आयोग सामान्य तौर पर रविवार को लोकसभा के चुनावों की तारीखों का ऐलान नहीं करता. मगर इस बार निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए आज यानी रविवार का ही दिन चुना है. बता दें कि इससे पहले साल 2004 के लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी रविवार को ही हुआ था. इससे पहले चुनाव आयोग पर तारीखों की घोषणा में देरी के आरोप लग रहे हैं. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा था. विपक्ष का कहना है कि यह देरी इसलिए की जा रही है, ताकि सरकार आचार संहिता लागू होने से पहले कुछ घोषणा कर सके.
हालांकि, इसके जवाब में चुुनाव आयोग के अधिकारियों ने एनडीटीवी को बताया, 'लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने में अभी काफी वक्त है और कुछ राजनीतिक दलों द्वारा जानबूझकर देरी के आरोप अनुचित हैं.' एक सीनियर अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, 'हम प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार काम नहीं करते हैं, हमारा अपना कार्यक्रम है.' बता दें, साल 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए पांच मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि चुनाव 6 से 7 चरणों में हो सकते हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चार राज्यों के विधानसभा चुनाव की तिथियां भी आज घोेषित हो सकती हैं
सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में होने हैं चुनाव
चारों राज्यों की सरकारों का कार्यकाल अप्रैल-मई में खत्म हो रहा है | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा हवाई अड्डे के रनवे पर रविवार सुबह एक कुत्ते के आ-जाने की वजह से दिल्ली जाने वाले एयर एशिया के विमान की उड़ान में देरी हुई. यह विमान उड़ान भरने के लिए एक-दम तैयार था. भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने बताया कि उड़ान संख्या आई 5778 को सुबह आठ बजकर करीब 25 मिनट पर उड़ान भरनी थी. अधिकारी ने बताया, ‘‘हवाई यातायात नियंत्रक ने कुत्ते को देखा और उसे तुरंत रनवे से हटा दिया गया. इसके बाद विमान ने सुबह नौ बजकर करीब 15 मिनट पर उड़ान भरी.''
गोवा हवाई अड्डे पर एटीसी की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना निभाती है.वाणिज्य एयरलाइन कंपनियां आईएनएस हंसा के असैन्य ऐन्क्लेव से अपने विमानों का संचालन करती है. यह भारतीय नौसेना का एयरबेस है. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने ट्विटर पर बताया, ‘‘सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर, गोवा हवाई अड्डे पर एयर एशिया का एक विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, तभी सतर्क एटीसी ने रनवे पर कुत्ते को प्रवेश करते हुए देखा और तुरंत पायलट को सूचित कर विमान को उड़ान भरने से रोक दिया. अतिरिक्त तकनीकी जांच के बाद उड़ान सुबह नौ बजकर 15 मिनट पर रवाना हुई.'' | रनवे पर अचानक आ गया कुत्ता
I 5778 फ्लाइट दिल्ली हो रही थी रवाना
कुत्ते की वजह से 15 मिनट हुई लेट | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रविवार को हेगड़े ने इसके साथ ही ताजमहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'ताजमहल मुस्लिमों ने नहीं बनाया था. इतिहास इसका गवाह है कि इसका निर्माण मुस्लिमों ने नहीं करवाया था. शाहजहां ने अपनी जीवनी में कहा है कि उन्होंने यह जमीन राजा जयसिम्हा से खरीदी थी. एक शिव मंदिर है, जिसे राजा परमतीर्थ ने बनवाया था, जिसका नाम तेजो महालया था. तेजो महालया का नाम बदलकर ताजमहल कर दिया गया. अगर हम सोते रहे तो हमारे ज्यादात्तर घरों के नाम मंजिल हो जाएंगे. भविष्य में भगवान राम को जहांपनाह और सीता को बीबी के नाम से बुलाया जाएगा.'
बता दें, हेगड़े ने दो जनवरी को सबरीमाला मंदिर के मुद्दे को लेकर केरल सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि उन्होंने सरकार के इस मामले को संभालने की तुलना हिंदुओं के साथ 'दिन दहाड़े रेप' से की थी. उन्होंने कहा था कि जिस तरह से सरकार इस मामले को हैंडल कर रही है उससे यह मामला अब 'हिन्दुओं से दिन-दहाड़े रेप' की तरह हो चला है.
हेगड़े ने कहा था कि 'मुख्यमंत्री का पूर्वाग्रह, वामपंथी पूर्वाग्रह के बजाय, केरल में पूर्ण भ्रम पैदा कर रहा है. सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने जो निर्देश दिया है, मैं उससे पूरी तरह सहमत हूं. चूंकि कानून और व्यवस्था एक राज्य का विषय है, इसलिए इसे देखना चाहिए था. जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाए बिना कूटनीतिक रूप से प्रबंधित किया जा सकता है.' इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि केरल सरकार पूरी तरह से विफल रही है. मैं कहना चाहूंगा कि यह पूरी तरह से दिन दहाड़े हिंदू से बलात्कार जैसा है. | सारांश: केंद्रीय मंत्री ने फिर दिया विवादित बयान
कहा- हिंदू लड़की को छुआ तो वो हाथ नहीं बचेगा
'ताजमहल मुस्लिमों ने नहीं बनवाया' | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक धार्मिक सभा में झड़प के दौरान गोलियां चल गईं जिसमें नामधारी पंथ प्रमुख ठाकुर उदय सिंह बाल-बाल बच गए। इस घटना में दो लोगों को मामूली चोटें लगी हैं।
पुलिस ने कहा कि यह झड़प उदय सिंह के अनुयायियों और पंथ के एक अन्य समूह के कार्यकताओं के बीच हुई।
ठाकुर उदय सिंह समूह द्वारा आयोजित एक धार्मिक सभा चल रही थी जिसमें विरोधी गुट के समर्थक घुस आए।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने उदय सिंह और एक अन्य धार्मिक नेता माताचंद कौर के साथ बैठक कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांग नहीं मानी गई, उदय सिंह की मौजूदगी में हवा में दो गोलियां चलाई गईं।टिप्पणियां
हालांकि उदय सिंह को कोई चोट नहीं आई और वह भारी पुलिस सुरक्षा के साथ स्थल से चले गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
पुलिस ने कहा कि यह झड़प उदय सिंह के अनुयायियों और पंथ के एक अन्य समूह के कार्यकताओं के बीच हुई।
ठाकुर उदय सिंह समूह द्वारा आयोजित एक धार्मिक सभा चल रही थी जिसमें विरोधी गुट के समर्थक घुस आए।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने उदय सिंह और एक अन्य धार्मिक नेता माताचंद कौर के साथ बैठक कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांग नहीं मानी गई, उदय सिंह की मौजूदगी में हवा में दो गोलियां चलाई गईं।टिप्पणियां
हालांकि उदय सिंह को कोई चोट नहीं आई और वह भारी पुलिस सुरक्षा के साथ स्थल से चले गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
ठाकुर उदय सिंह समूह द्वारा आयोजित एक धार्मिक सभा चल रही थी जिसमें विरोधी गुट के समर्थक घुस आए।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने उदय सिंह और एक अन्य धार्मिक नेता माताचंद कौर के साथ बैठक कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांग नहीं मानी गई, उदय सिंह की मौजूदगी में हवा में दो गोलियां चलाई गईं।टिप्पणियां
हालांकि उदय सिंह को कोई चोट नहीं आई और वह भारी पुलिस सुरक्षा के साथ स्थल से चले गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने उदय सिंह और एक अन्य धार्मिक नेता माताचंद कौर के साथ बैठक कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब उनकी मांग नहीं मानी गई, उदय सिंह की मौजूदगी में हवा में दो गोलियां चलाई गईं।टिप्पणियां
हालांकि उदय सिंह को कोई चोट नहीं आई और वह भारी पुलिस सुरक्षा के साथ स्थल से चले गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
हालांकि उदय सिंह को कोई चोट नहीं आई और वह भारी पुलिस सुरक्षा के साथ स्थल से चले गए।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो गोलियां चलीं और दोनों गुटों के दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं। | एक धार्मिक सभा में झड़प के दौरान गोलियां चल गईं जिसमें नामधारी पंथ प्रमुख ठाकुर उदय सिंह बाल-बाल बच गए। इस घटना में दो लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खबर है कि 'प्लेब्वॉय' पत्रिका के 60 साल पूरा होने के मौके पर सुपर मॉडल केट मॉस एक बार फिर से टॉपलेस होने की योजना बना रही हैं।टिप्पणियां
एक वेबसाइट ने दावा किया है कि 39-वर्षीय सुपरमॉडल अब दो दशक के अंतराल के बाद 'प्लेब्वॉय' के लिए टॉपलेस होने जा रही हैं। केट की ये तस्वीरें मशहूर छायाकार मेर्ट और मारकस लंदन में लेंगे, जो पहले से ही जानी-मानी हस्तियों की तस्वीरें लेते रहे हैं।
पहली बार केट 16 साल की उम्र में केल्विन क्लीन के लिए टॉपलेस हुई थीं। केट मॉस ने जेमी हिंस से शादी की है। 'प्लेब्वॉय' मैगजीन के जिस अंक में केट मॉस की टॉपलेस तस्वीरें आएंगी, वह अंक अगले साल जनवरी में आएगा। यह पत्रिका अपने 60 साल पूरे होने का जश्न मना रही है।
एक वेबसाइट ने दावा किया है कि 39-वर्षीय सुपरमॉडल अब दो दशक के अंतराल के बाद 'प्लेब्वॉय' के लिए टॉपलेस होने जा रही हैं। केट की ये तस्वीरें मशहूर छायाकार मेर्ट और मारकस लंदन में लेंगे, जो पहले से ही जानी-मानी हस्तियों की तस्वीरें लेते रहे हैं।
पहली बार केट 16 साल की उम्र में केल्विन क्लीन के लिए टॉपलेस हुई थीं। केट मॉस ने जेमी हिंस से शादी की है। 'प्लेब्वॉय' मैगजीन के जिस अंक में केट मॉस की टॉपलेस तस्वीरें आएंगी, वह अंक अगले साल जनवरी में आएगा। यह पत्रिका अपने 60 साल पूरे होने का जश्न मना रही है।
पहली बार केट 16 साल की उम्र में केल्विन क्लीन के लिए टॉपलेस हुई थीं। केट मॉस ने जेमी हिंस से शादी की है। 'प्लेब्वॉय' मैगजीन के जिस अंक में केट मॉस की टॉपलेस तस्वीरें आएंगी, वह अंक अगले साल जनवरी में आएगा। यह पत्रिका अपने 60 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'प्लेब्वॉय' मैगजीन के जिस अंक में केट मॉस की टॉपलेस तस्वीरें आएंगी, वह अंक अगले साल जनवरी में आएगा। यह पत्रिका अपने 60 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले सप्ताह तुर्की में सरकार के तख्तापलट की विफल कोशिशों के बाद राष्ट्रपति रेकप तैयप एर्डोगान ने बुधवार को तीन महीने के लिए देश में इमरजेंसी की घोषणा की है। इसके साथ ही इस घटना के लिए पीछे जिम्मेदार 'आतंकी' समूह का पता लगाने का भी संकल्प लिया है।
उन्होंने इसके लिए अपने प्रतिद्वंद्वी और अमेरिका में रह रहे धार्मिक नेता फतुल्लाह गुलेन के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। नतीजतन अब तक देशभर में 50 हजार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और संदिग्ध षड़यंत्रकर्ताओं को उनके पदों से हटा दिया गया है।
इस मसले पर अंकारा में राष्ट्रपति पैलेस में कहा, 'इस तख्तापलट की कोशिश करने वाले आतंकी संगठन के सभी तत्वों को तत्काल रूप से हटाने के लिए आपातकाल घोषित करना जरूरी था।' उल्लेखनीय है कि आपातकाल घोषित होने के बाद सरकार की शक्तियां काफी बढ़ जाती हैं।टिप्पणियां
एर्डोगान ने जोर देकर कहा कि 'लोकतंत्र के मसले पर कोई समझौता नहीं होगा।' राष्ट्रपति पैलेस में एर्डोगान की अध्यक्षता में तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और कैबिनेट की लंबी बैठकों के बाद यह घोषणा की गई।
इस बाबत एक अधिकारी ने कहा, इससे सरकार को आवागमन की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त शक्तियां मिल जाती हैं । हालांकि यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करते हुए इससे वित्तीय और व्यावसायिक गतिविधियों पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1987 में देश के दक्षिण-पूर्व प्रांतों में कुर्द लड़ाकों से लड़ने के लिए उन जगहों पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। 2002 में उसको अंतिम रूप से हटाया गया था। देश में संविधान के अनुच्छेद 120 में इमरजेंसी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं।
उन्होंने इसके लिए अपने प्रतिद्वंद्वी और अमेरिका में रह रहे धार्मिक नेता फतुल्लाह गुलेन के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। नतीजतन अब तक देशभर में 50 हजार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और संदिग्ध षड़यंत्रकर्ताओं को उनके पदों से हटा दिया गया है।
इस मसले पर अंकारा में राष्ट्रपति पैलेस में कहा, 'इस तख्तापलट की कोशिश करने वाले आतंकी संगठन के सभी तत्वों को तत्काल रूप से हटाने के लिए आपातकाल घोषित करना जरूरी था।' उल्लेखनीय है कि आपातकाल घोषित होने के बाद सरकार की शक्तियां काफी बढ़ जाती हैं।टिप्पणियां
एर्डोगान ने जोर देकर कहा कि 'लोकतंत्र के मसले पर कोई समझौता नहीं होगा।' राष्ट्रपति पैलेस में एर्डोगान की अध्यक्षता में तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और कैबिनेट की लंबी बैठकों के बाद यह घोषणा की गई।
इस बाबत एक अधिकारी ने कहा, इससे सरकार को आवागमन की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त शक्तियां मिल जाती हैं । हालांकि यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करते हुए इससे वित्तीय और व्यावसायिक गतिविधियों पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1987 में देश के दक्षिण-पूर्व प्रांतों में कुर्द लड़ाकों से लड़ने के लिए उन जगहों पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। 2002 में उसको अंतिम रूप से हटाया गया था। देश में संविधान के अनुच्छेद 120 में इमरजेंसी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं।
इस मसले पर अंकारा में राष्ट्रपति पैलेस में कहा, 'इस तख्तापलट की कोशिश करने वाले आतंकी संगठन के सभी तत्वों को तत्काल रूप से हटाने के लिए आपातकाल घोषित करना जरूरी था।' उल्लेखनीय है कि आपातकाल घोषित होने के बाद सरकार की शक्तियां काफी बढ़ जाती हैं।टिप्पणियां
एर्डोगान ने जोर देकर कहा कि 'लोकतंत्र के मसले पर कोई समझौता नहीं होगा।' राष्ट्रपति पैलेस में एर्डोगान की अध्यक्षता में तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और कैबिनेट की लंबी बैठकों के बाद यह घोषणा की गई।
इस बाबत एक अधिकारी ने कहा, इससे सरकार को आवागमन की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त शक्तियां मिल जाती हैं । हालांकि यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करते हुए इससे वित्तीय और व्यावसायिक गतिविधियों पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1987 में देश के दक्षिण-पूर्व प्रांतों में कुर्द लड़ाकों से लड़ने के लिए उन जगहों पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। 2002 में उसको अंतिम रूप से हटाया गया था। देश में संविधान के अनुच्छेद 120 में इमरजेंसी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं।
एर्डोगान ने जोर देकर कहा कि 'लोकतंत्र के मसले पर कोई समझौता नहीं होगा।' राष्ट्रपति पैलेस में एर्डोगान की अध्यक्षता में तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और कैबिनेट की लंबी बैठकों के बाद यह घोषणा की गई।
इस बाबत एक अधिकारी ने कहा, इससे सरकार को आवागमन की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त शक्तियां मिल जाती हैं । हालांकि यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करते हुए इससे वित्तीय और व्यावसायिक गतिविधियों पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1987 में देश के दक्षिण-पूर्व प्रांतों में कुर्द लड़ाकों से लड़ने के लिए उन जगहों पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। 2002 में उसको अंतिम रूप से हटाया गया था। देश में संविधान के अनुच्छेद 120 में इमरजेंसी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1987 में देश के दक्षिण-पूर्व प्रांतों में कुर्द लड़ाकों से लड़ने के लिए उन जगहों पर इमरजेंसी घोषित की गई थी। 2002 में उसको अंतिम रूप से हटाया गया था। देश में संविधान के अनुच्छेद 120 में इमरजेंसी लागू करने संबंधी प्रावधान हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विफल तख्तापलट के साजिशकर्ताओं का पता लगाने का संकल्प लिया
प्रतिद्वंद्वी फतुल्लाह गुलेन के समर्थकों को इसके लिए ठहराया जिम्मेदार
देश में अब तक 50 हजार लोगों को किया जा चुका है गिरफ्तार | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व सेना अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह (Mohammad Sanaulla) डिटेंशन सेंटर से बाहर आ गए हैं. उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट से शुक्रवार को जमानत मिली थी. यह जमानत 20 हजार रुपए के जमानत बॉन्ड, 2 स्थानीय जमानतदार और बायो मेट्रिक्स पर दी गई थी. गौरतलब है कि मोहम्मद सनाउल्लाह को पिछले महीने विदेशी घोषित कर डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया था. रिहाई के बाद सनाउल्लाह ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. इस दौरान उन्होंने बताया कि डिटेंशन सेंटर के भीतर के हालात कैसे हैं. सनाउल्लाह के मुताबिक कैंप का माहौल बहुत दुखदायक है. अंदर लोग कई सालों से मौजूद हैं और उनकी सजा की कोई सीमा नहीं है. सनाउल्लाह ने कहा कि डिटेंशन के अंदर हिरासत में लोगों की कोई सुनवाई नहीं है.
सनाउल्लाह ने इस पूरे मामले पर एनडीटीवी का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि आप लोगों की वजह से ही मैं अंदर से बाहर आ पाया. बता दें कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मोहम्मद सनाउल्लाह को डिटेंशन सेंटर में भेजने के मामले में केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया है. इसके अलावा चुनाव आयोग, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के अधिकारियों और असम सीमा पुलिस के जांच अधिकारी चंद्रमल दास को भी नोटिस जारी किए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठित वकील इंदिरा जयसिंह आज मोहम्मद सनाउल्ला की ओर से अदालत में पेश हुईं थीं. 30 साल तक सेना और फिर असम बॉर्डर पुलिस में सेवा देने वाले मोहम्मद सनाउल्लाह को पिछले महीने गिरफ्तार कर एक नजरबंदी केंद्र में रखा गया था. उन पर विदेशी होने का आरोप लगाया गया था, जो देश में अवैध रूप से रह रहे हैं. | यहाँ एक सारांश है:डिटेंशन सेंटर से बाहर आए मोहम्मद सनाउल्लाह
शुक्रवार को मिली थी जमानत
डिटेंशन सेंटर के हालातों के बारे में बताया | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने जा रहा है, लेकिन शीर्ष सूत्रों ने बताया कि ऐसा कोई विचार नहीं है।
सरकार में एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया, सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की कोई योजना नहीं है। देशभर में रेलवे समेत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।टिप्पणियां
हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कार्मिक मंत्रालय सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है और ऐसा सरकार की राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के उपायों के तौर पर किया जा रहा है। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार लोकसभा चुनाव से पूर्व यह कदम उठा सकती है।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने के लिए सभी पक्षकारों तथा वित्त मंत्रालय के साथ गहन विचार-विमर्श की जरूरत होगी। वित्त मंत्रालय की अनुमति के बिना मामले में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। केंद्र सरकार के अधिकांश कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। हालांकि अध्यापकों और वैज्ञानिकों के मामले में यह सीमा 62 वर्ष है। केंद्र सरकार ने 1998 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की थी।
सरकार में एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया, सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की कोई योजना नहीं है। देशभर में रेलवे समेत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।टिप्पणियां
हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कार्मिक मंत्रालय सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है और ऐसा सरकार की राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के उपायों के तौर पर किया जा रहा है। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार लोकसभा चुनाव से पूर्व यह कदम उठा सकती है।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने के लिए सभी पक्षकारों तथा वित्त मंत्रालय के साथ गहन विचार-विमर्श की जरूरत होगी। वित्त मंत्रालय की अनुमति के बिना मामले में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। केंद्र सरकार के अधिकांश कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। हालांकि अध्यापकों और वैज्ञानिकों के मामले में यह सीमा 62 वर्ष है। केंद्र सरकार ने 1998 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की थी।
हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कार्मिक मंत्रालय सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है और ऐसा सरकार की राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के उपायों के तौर पर किया जा रहा है। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार लोकसभा चुनाव से पूर्व यह कदम उठा सकती है।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने के लिए सभी पक्षकारों तथा वित्त मंत्रालय के साथ गहन विचार-विमर्श की जरूरत होगी। वित्त मंत्रालय की अनुमति के बिना मामले में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। केंद्र सरकार के अधिकांश कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। हालांकि अध्यापकों और वैज्ञानिकों के मामले में यह सीमा 62 वर्ष है। केंद्र सरकार ने 1998 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की थी।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने के लिए सभी पक्षकारों तथा वित्त मंत्रालय के साथ गहन विचार-विमर्श की जरूरत होगी। वित्त मंत्रालय की अनुमति के बिना मामले में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। केंद्र सरकार के अधिकांश कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। हालांकि अध्यापकों और वैज्ञानिकों के मामले में यह सीमा 62 वर्ष है। केंद्र सरकार ने 1998 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की थी। | सरकार में एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया, सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की कोई योजना नहीं है। देशभर में रेलवे समेत केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Weight Loss Diet: तेजी से वजन कम करना है, तो यहां हैं डाइट टिप्स
इसे आप सेहत के साथ-साथ बालों और त्वचा के लिए तो इस्तेमाल कर ही सकते हैं साथ ही पीसीओएस में भी फायदेमंद हो सकता है. सेब का सिरका वजन कम करने में भी मददगार हो सकता है.
हरी सब्जियों में घुलनशील फाइबर, आयरन, मिनरल्स और कैल्शियम होते हैं जो कैंसर जैसे रोगों से शरीर को बचाते हैं. ब्रोकली आपके लिए सबसे बेहतर हो सकती है.
महिलाओं में मौजूद पीसीओएस की बीमारी में ब्राउन एडिपोस टिशू हो सकता है लाभदायक
नारियल पानी पीते रहने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है, साथ ही यह पीसीओएस में लाभदायक हो सकता है. नारियल पानी हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी कारगर साबित हो सकता है.
नट्स हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं. बादाम, किशमिश, काजू, पिस्ता, मूंगफली, अखरोट जैसे कई नट्स PCOS में लाभकारी हो सकते हैं.
PCOS Diet: क्या है पीसीओएस? PCOS के लक्षण, कारण और बचाव, जानें कैसा हो आहार
प्रोसेस्ड फूड के ज्यादा सेवन सेक्स ड्राइव पर बुरा असर डालता है. प्रॉसेसिंग में इस्तेमाल की जाने वाली स्ट्रिप्स पोषक तत्वों को खत्म कर देती हैं.
Weight Loss: गाजर और टमाटर का सूप घटाएगा आपका वजन! जानें कैसे
शराब पीने से आपको पीसीओएस का खतरा बढ़ सकता है. अल्कोहल पीने से आपको उच्च रक्तचाप, अनियमित हृदय धड़कन और कभी-कभी दिल का दौरा भी पड़ सकता है.
Weight Loss Diet: जानें ऑलिव ऑयल से सलाद बनाने के 5 तरीके, लें हेल्दी खाने का मजा
सफेद चीनी की अधिक मात्रा लेने से इंसुलिन के लेवल भी बढ़ने लगता है और पीसीओएस का संभावना भी हो सकती है. इसलिए अपनी डाइट में सफेद चीनी की मात्रा कम कर दें.
सोया मिल्क और सोयाबीन के तेल में मौजूद ट्रांस फैट्स पीसीओएस के साथ-साथ हार्ट प्रॉब्लम और मोटापे जैसी बीमारियों को बढ़ाते हैं.
नींद न आने पर जंक फूड्स खाने का क्यों मन करता है, जानिए यहां
अगर आपका वजन बढ़ रहा है औऱ आप थकान महसूस कर रहे हैं या आपको बालों से संबंधित को परेशानी हो रही है तो आपको पीसीओएस की बीमारी हो सकती है. साथ ही सिरदर्द नींद न आना, मुहांसे और बांझपन की समस्या भी इस बीमारी का शिकार बना सकती है.
Weight Loss: वजन घटा सकता है प्रोटीन से भरपूर यह मूंग दाल का हलवा
और खबरों के लिए क्लिक करें
घर पर स्वादिष्ट कीटो पनीर भुर्जी बनाने की सबसे आसान ट्रिक, रेसिपी के लिए देखें वीडियो
Weight Loss: इन तीन लो-फैट चिकन रेसिपीज़ को अपने आहार में करें शामिल
Weight Loss Diet: वजन घटाने के लिए पालक और चने से बनी यह अनोखी रेसिपी आएगी काम!
High Protein Diet: मसूर दाल के सलाद से कैसे घटाएं वजन, जानें डाइट में कैसे करें शामिल
Weight Loss: मूंगफली चाट से घटा सकते हैं वजन, और भी कई फायदे, रेसिपी के लिए देखें वीडियो | सारांश: PCOS एक हानिकारक बीमारी है.
यह प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है.
इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह खतरानाक हो सकता है. | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्लेषकों की राय में रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन खुदरा मुद्रास्फीति के रझानों को देखते हुए मंगलवार को मौद्रिक नीति की अपनी आखिरी समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर में फिलहाल शायद ही कोई ढील दें. मुद्रास्फीति इस समय संतोषजनक स्तर से कुछ ऊपर है.
इस बार की द्वैमासिक मौद्रिक नीतिगत समीक्षा बैठक ऐसी आखिरी बैठक होगी जिसमें नीतिगत दरों का निर्णय आरबीआई गवर्नर करते हैं. इसके बाद यह काम छह सदस्यों वाली नई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) करेगी. एमपीसी 4 अक्तूबर को अगली समीक्षा बैठक से पहले अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगी.
सरकार इस महीने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन सदस्यों के अलावा राजन के उत्तराधिकारी का नाम भी सुझा सकती है.
पिछले हफ्ते सरकार ने रिजर्व बैंक के लिए अगले 5 साल तक खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत या उससे दो प्रतिशत नीचे ऊपर के दायरे में सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है. आने वाले दिनों में ब्याज दर निर्धारित करने वाली नई मौद्रिक नीति समिति मौद्रिक नीति संबंधी फैसले इस लक्ष्य को ध्यान में रख कर करेगी.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सब्जियों की कीमत बढ़ रही है. सब्जियों की कीमत घटने में कुछ महीने लग सकते हैं जब तक कि खरीफ की फसल बाजार में नहीं आ जाती.’ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या खुदरा मुद्रास्फीति जून में 5.77 प्रतिशत रही जो पिछले 22 महीने का उच्चतम स्तर है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है.
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बार की द्वैमासिक मौद्रिक नीतिगत समीक्षा बैठक ऐसी आखिरी बैठक होगी जिसमें नीतिगत दरों का निर्णय आरबीआई गवर्नर करते हैं. इसके बाद यह काम छह सदस्यों वाली नई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) करेगी. एमपीसी 4 अक्तूबर को अगली समीक्षा बैठक से पहले अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगी.
सरकार इस महीने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन सदस्यों के अलावा राजन के उत्तराधिकारी का नाम भी सुझा सकती है.
पिछले हफ्ते सरकार ने रिजर्व बैंक के लिए अगले 5 साल तक खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत या उससे दो प्रतिशत नीचे ऊपर के दायरे में सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है. आने वाले दिनों में ब्याज दर निर्धारित करने वाली नई मौद्रिक नीति समिति मौद्रिक नीति संबंधी फैसले इस लक्ष्य को ध्यान में रख कर करेगी.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सब्जियों की कीमत बढ़ रही है. सब्जियों की कीमत घटने में कुछ महीने लग सकते हैं जब तक कि खरीफ की फसल बाजार में नहीं आ जाती.’ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या खुदरा मुद्रास्फीति जून में 5.77 प्रतिशत रही जो पिछले 22 महीने का उच्चतम स्तर है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है.
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार इस महीने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन सदस्यों के अलावा राजन के उत्तराधिकारी का नाम भी सुझा सकती है.
पिछले हफ्ते सरकार ने रिजर्व बैंक के लिए अगले 5 साल तक खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत या उससे दो प्रतिशत नीचे ऊपर के दायरे में सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है. आने वाले दिनों में ब्याज दर निर्धारित करने वाली नई मौद्रिक नीति समिति मौद्रिक नीति संबंधी फैसले इस लक्ष्य को ध्यान में रख कर करेगी.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सब्जियों की कीमत बढ़ रही है. सब्जियों की कीमत घटने में कुछ महीने लग सकते हैं जब तक कि खरीफ की फसल बाजार में नहीं आ जाती.’ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या खुदरा मुद्रास्फीति जून में 5.77 प्रतिशत रही जो पिछले 22 महीने का उच्चतम स्तर है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है.
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले हफ्ते सरकार ने रिजर्व बैंक के लिए अगले 5 साल तक खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत या उससे दो प्रतिशत नीचे ऊपर के दायरे में सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है. आने वाले दिनों में ब्याज दर निर्धारित करने वाली नई मौद्रिक नीति समिति मौद्रिक नीति संबंधी फैसले इस लक्ष्य को ध्यान में रख कर करेगी.
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सब्जियों की कीमत बढ़ रही है. सब्जियों की कीमत घटने में कुछ महीने लग सकते हैं जब तक कि खरीफ की फसल बाजार में नहीं आ जाती.’ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या खुदरा मुद्रास्फीति जून में 5.77 प्रतिशत रही जो पिछले 22 महीने का उच्चतम स्तर है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है.
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सब्जियों की कीमत बढ़ रही है. सब्जियों की कीमत घटने में कुछ महीने लग सकते हैं जब तक कि खरीफ की फसल बाजार में नहीं आ जाती.’ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या खुदरा मुद्रास्फीति जून में 5.77 प्रतिशत रही जो पिछले 22 महीने का उच्चतम स्तर है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है.
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यस बैंक के प्रबंध निदेशक राणा कपूर का हालांकि मानना है कि वृहत्-आर्थिक हालात आरबीआई के लिए नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों में नीतिगत दरें कम की जा रही हैं जिससे केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद बढ़ती है.
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कपूर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कई अनुकूल घटनाक्रम - औसत से बेहतर मानसून, सरकारी प्रतिभूतियों की कमतर दर, उच्च विदेशी मुद्रा भंडार, राजकोषीय और चालू खाते का घाटा सीमित दायरे में रहना - नीतिगत दर में कम से कम 0.5 प्रतिशत की कटौती की गुंजाइश प्रदान करते हैं.’’ लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए आलोचना के शिकार राजन ने पिछले साल जनवरी से अब तक ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की है. उसके बाद से वह वाणिज्यिक बैंकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे है कि वे नीतिगत दर में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों को दें.
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विशेषज्ञों का मानना है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि नकदी पर्याप्त है.
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस समीक्षा में कुछ भी नहीं बदलने वाला क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति का स्तर वहां तक नहीं पहुंचा है जितना आरबीआई चाहता था. बाजार ने पहले ही मान लिया है कि इस बार नीतिगत दर में कटौती नहीं होनी है.’’ उसने कहा, ‘‘प्रणाली में नकदी पर्याप्त है इसलिए सीआरआर में बदलाव नहीं होगा.’’ एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने कहा कि गवर्नर की पिछली नीतिगत समीक्षा के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ है और ब्याज दर में कटौती की संभावना नहीं है.टिप्पणियां
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच का मामना है कि अच्छी बारिश से यदि दाल की कीमतों पर नरमी आती है तो आरबीआई 9 अगस्त को वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी द्विमासिक नीतिगत समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर (रेपा) 0.25 प्रतिशत कम कर सकता है. डीबीएस ने कहा है कि आरबीआई अगली समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर पर यथास्थिति बरकरार रख सकता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: मुद्रास्फीति इस समय संतोषजनक स्तर से कुछ ऊपर है
इसके बाद यह काम छह सदस्यों वाली नई मौद्रिक नीति समिति करेगी
एमपीसी 4 अक्तूबर को अगली समीक्षा बैठक से पहले अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगी | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक अध्ययन के मुताबिक ब्राजील में साल 2010 में 25 प्रतिशत से ज्यादा किशोरों की मौत दुर्घटना और आत्महत्या जैसे हिंसात्मक कृत्यों की वजह से हुई है। जो कि 1980 में हुई मौतों से लगभग चार गुना ज्यादा है।यह एक अध्ययन से बुधवार को पता चला।
बच्चों और किशोरों में हिंसा की इस रूपरेखा को 'लैटिन अमेरिकन फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस' की शोधकर्ता जुलियो जैकोबो वेसलफिज के निर्देशन में तैयार किया गया। यह अध्ययन ब्राजील के स्वास्थ्य और न्याय मंत्रालय के आंकड़े पर आधारित है।
साल 2010 में कुल 8,686 नाबालिगों की मौत हुई थी। इनमें से 43.3 प्रतिशत की हत्या हुई थी। एक तरफ जहां 27 प्रतिशत किशोरों की मौत यातायात दुर्घटना में हुई, वहीं 19.7 प्रतिशत मौतें आत्महत्या और अन्य वजहों से हुई।
इस अध्ययन में ब्राजीली हिंसा की तुलना अमेरिका के अन्य देशों से की गई है। टिप्पणियां
इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। वहीं वेनेजुएला में 15.5 और त्रिनिदाद और टोबैगो में 19 और उससे कम उम्र के एक लाख निवासियों में 14.3 की मौत हत्या से हो जाती है।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए।
बच्चों और किशोरों में हिंसा की इस रूपरेखा को 'लैटिन अमेरिकन फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस' की शोधकर्ता जुलियो जैकोबो वेसलफिज के निर्देशन में तैयार किया गया। यह अध्ययन ब्राजील के स्वास्थ्य और न्याय मंत्रालय के आंकड़े पर आधारित है।
साल 2010 में कुल 8,686 नाबालिगों की मौत हुई थी। इनमें से 43.3 प्रतिशत की हत्या हुई थी। एक तरफ जहां 27 प्रतिशत किशोरों की मौत यातायात दुर्घटना में हुई, वहीं 19.7 प्रतिशत मौतें आत्महत्या और अन्य वजहों से हुई।
इस अध्ययन में ब्राजीली हिंसा की तुलना अमेरिका के अन्य देशों से की गई है। टिप्पणियां
इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। वहीं वेनेजुएला में 15.5 और त्रिनिदाद और टोबैगो में 19 और उससे कम उम्र के एक लाख निवासियों में 14.3 की मौत हत्या से हो जाती है।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए।
साल 2010 में कुल 8,686 नाबालिगों की मौत हुई थी। इनमें से 43.3 प्रतिशत की हत्या हुई थी। एक तरफ जहां 27 प्रतिशत किशोरों की मौत यातायात दुर्घटना में हुई, वहीं 19.7 प्रतिशत मौतें आत्महत्या और अन्य वजहों से हुई।
इस अध्ययन में ब्राजीली हिंसा की तुलना अमेरिका के अन्य देशों से की गई है। टिप्पणियां
इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। वहीं वेनेजुएला में 15.5 और त्रिनिदाद और टोबैगो में 19 और उससे कम उम्र के एक लाख निवासियों में 14.3 की मौत हत्या से हो जाती है।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए।
इस अध्ययन में ब्राजीली हिंसा की तुलना अमेरिका के अन्य देशों से की गई है। टिप्पणियां
इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। वहीं वेनेजुएला में 15.5 और त्रिनिदाद और टोबैगो में 19 और उससे कम उम्र के एक लाख निवासियों में 14.3 की मौत हत्या से हो जाती है।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए।
इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। वहीं वेनेजुएला में 15.5 और त्रिनिदाद और टोबैगो में 19 और उससे कम उम्र के एक लाख निवासियों में 14.3 की मौत हत्या से हो जाती है।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए।
इस दौरान अध्ययनकर्ताओं के सामने एक साकारात्मक तथ्य भी निकल कर आया। उन्होंने पाया कि ब्राजील के रियो डि जेनेरियो राज्य में युवाओं की मौत के मामले 2000 के 25.9 प्रतिशत से घटकर 2010 में 17.2 प्रतिशत हो गए। | इस अध्ययन ने किशोरों की मौत के मामले में ब्राजील को खतरनाक देशों की सूची में अल सल्वाडोर से एक स्थान पीछे चौथे पायदान पर रखा गया है, जहां हर एक लाख नाबालिगों में से 18 की हत्याएं हो जाती है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गोधरा कांड के बाद भड़के साम्प्रदायिक दंगों में मारे गये कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी की शिकायत पर 27 अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने से पहले दंगा मामले की तफ्तीश के लिए गठित विशेष जांच दल के अध्यक्ष आरके राघवन सोमवार को गांधीनगर स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। राघवन का यह दौरा उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में महत्व रखता है जिसे एसआईटी द्वारा 25 अप्रैल को दाखिल किया जाना है। यह रिपोर्ट इस बारे में होगी कि क्या जाकिया की शिकायत और आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट द्वारा शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे के चलते आगे जांच करने की जरूरत है। जाकिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मोदी, कैबिनेट के उनके सहयोगी मंत्री, पुलिस अधिकारी तथा वरिष्ठ नौकरशाहों सहित 62 अन्य ने दंगे भड़काने का काम किया जिससे राज्य भर में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। जाकिया का आरोप है कि फरवरी और मई 2002 के बीच बेकसूरों की जानमाल की सुरक्षा करने में राज्य सरकार की नाकामी जानबूझकर और इरादतन रही। भट्ट ने अपने हलफनामे में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी पर वर्ष 2002 में हुए साम्प्रदायिक संघर्ष के मामले से संबंधित गवाहों पर दबाव डालने, विद्वेष रखने, जांच पर पर्दा डालने और अहम जानकारी रिकॉर्ड करने में अनिच्छा भरा नजरिया दर्शाने का आरोप लगाया है। वर्ष 1988 की बैच के आईपीएस अधिकारी 2002 के दंगों के दौरान राज्य खुफिया ब्यूरो में पदस्थ थे। उन्होंने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि उन्होंने 27 फरवरी 2002 को मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी बैठक में भाग लिया था। उस बैठक में मोदी ने अधिकारियों से दंगाइयों पर ध्यान नहीं देने को कहा था। भट्ट ने कहा कि उन्हें आशंका है कि एसआईटी दंगा मामलों की जांच पर पर्दा डालने के अभियान का हिस्सा बन गयी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसआईटी गुलबर्ग सोसायटी में हुए संहार के मामले की जांच के दौरान गवाहों के प्रति विद्वेषपूर्ण है और उन पर दबाव डाल रही है। इस मामले में दंगाइयों ने कांग्रेस सांसद जाफरी सहित 60 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी। भट्ट ने कहा कि मामले पर पर्दा डालने के अभियान और कार्रवाई का महत्व कम करने की कोशिशों के बारे में विवरण मुहैया कराये जाने के बावजूद एसआईटी इन अहम सुरागों की जांच करने के प्रति अनिच्छुक प्रतीत होती है। भट्ट ने अपने हलफनामे में यह कहकर भी सभी को चौंका दिया कि 27 फरवरी 2002 की रात हुई बैठक में मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि दंगों के दौरान हिंदुओं को उनका गुस्सा निकालने दिया जाये क्योंकि वे मुस्लिमों को सबक सिखाना चाहते हैं। हालांकि, एसआईटी के समक्ष पहले दी गयी अपनी गवाही में मोदी ने कहा था कि भट्ट कनिष्ठ अधिकारी होने के नाते बैठक में मौजूद नहीं थे। वर्ष 2002 के दंगों के दौरान पुलिस महानिदेशक रहे के चक्रवर्ती ने भी कहा कि भट्ट बैठक में मौजूद नहीं थे। बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी भट्ट की मौजूदगी का खंडन किया है। बहरहाल, भट्ट के वाहन चालक रहे ताराचंद यादव ने कहा कि भट्ट बैठक के दिन राज्य के पुलिस महानिदेशक के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर गये थे। भट्ट वर्तमान में जूनागढ़ जिले स्थित राज्य रिजर्व पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य हैं। उन्होंने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि वह संबंधित प्रशासन को उन्हें तथा उनके परिवार को उचित और अचूक सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राघवन का यह दौरा उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में महत्व रखता है जिसे एसआईटी द्वारा 25 अप्रैल को दाखिल किया जाना है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: छोटा उदयपुर शहर में आदिवासियों के यहां अनोखी शादी करने का रिवाज है. यहां होने वाली शादियों में दूल्हा शामिल ही नहीं होता. नियम के मुताबिक शादी में दूल्हे की जगह उसकी अविवाहित बहन या उसके परिवार की कोई और अविवाहित महिला उसका(दूल्हे) प्रतिनिधित्व करेगी. दूल्हा घर पर अपनी मां के साथ रुकेगा. वहीं दूल्हे की बहन बारात लेकर दुल्हन के घर जाएगी और उससे शादी करेगी. दूल्हे की बहन ही सात फेरे लेगी और विदा करवाकर घर लाएगी. एएनआई के मुताबिक सुरखेड़ा गांव के कानजीभई राथवा ने बताया, 'सारे रस्म रिवाज दूल्हे की बहन द्वारा पूरे किए जाते हैं. दूल्हे की बहन ही मंगल फेरे लेती है. यह प्रथा तीन गांवों में चलती है. यहां माना जाता है कि अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो कुछ नुकसान होगा.'
गांव के मुखिया रामसिंहभाई राथवा ने कहा, 'कई लोगों ने इस प्रथा को तोड़ने की कोशिश की लेकिन फिर उनके साथ बुरा हुआ. या तो उनकी शादी टूट गई या उनके घर में अलग तरह की परेशानियां आईं.' हैरानी की बात ये है कि दूल्हा शेरवानी पहन सकता है, साफा पहन सकता है लेकिन अपनी शादी में शामिल नहीं हो सकता. यह परंपरा सुरखेड़ा, सनाडा और अंबल में अपनाई जाती है. | यह एक सारांश है: अपनी ही शादी में शामिल नहीं हो सकता दूल्हा
दूल्हे की अविवाहित बहन लेती है दुल्हन के साथ फेरे
शादी के दिन दूल्हा घर पर अपनी मां के साथ रुकता है | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के कबायली क्षेत्र से अफगानिस्तान में हो रहे हमलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ओबामा प्रशासन ने कहा है कि चीनी नेताओं के साथ अमेरिकी नेताओं की चल रही बातचीत में पाकिस्तान चर्चा का एक हिस्सा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्त पीजे क्राउले ने अपने दैनिक प्रेस कान्फ्रेंस में बताया, हम चीन से पाकिस्तान के बारे में बात करते हैं। स्वाभाविक रूप से, वे पड़ोसी हैं। उनके बीच रिश्ता और इतिहास है और इस तरह, यह चीन के साथ जारी हमारी वार्ता का एक हिस्सा है। बुधवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीनी राष्ट्रपति हु जिनताओ के बीच वार्ता में पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन इसका कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं है। क्राउले ने एक सवाल के जवाब में कहा, विस्तृत क्षेत्रीय चर्चा हुई। और मैं विशेष रूप से नहीं कह सकता कि राष्ट्रपति ओबामा और राष्ट्रपति हु जिनताओ के बीच वार्ता के मुद्दे क्या क्या थे। | सारांश: बढ़ती चिंताओं के बीच ओबामा प्रशासन ने कहा है कि चीनी नेताओं के साथ अमेरिकी नेताओं की चल रही बातचीत में पाकिस्तान चर्चा का एक हिस्सा है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को मलेशिया की मेजबानी में हुई एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर खिताब जीत लिया. भारत ने पाकिस्तान को 3-2 से मात दी.
भारत के लिए रुपिंदर पाल सिंह, अफ्फान यूसुफ और निकिन थिमैया ने गोल दागे, जबकि पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद अलीम बिलाल और अली शान ने गोल दागे. रुपिंदर ने मैच के 18वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को बढ़त दिलाई. पहला क्वार्टर भारत के नाम रहा.
वहीं दूसरे क्वार्टर में अफ्फान यूसुफ ने 23वें मिनट में फील्ड गोल के जरिये भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया. पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बिल्कुल मुहाने पर खड़े अफ्फान ने यह गोल रमनदीप से मिले बेहतरीन क्रॉस पर किया.
ऐसा लग रहा था कि भारत इसी स्कोर के साथ पहले हाफ की समाप्ति करेगा, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहला हाफ समाप्त होने से ठीक पहले पेनाल्टी कॉर्नर पाने में सफल रही. अलीम बिलाल ने पेनाल्टी को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान का स्कोर 1-2 कर लिया.
पहले हाफ में बढ़त ले चुकी भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ढीली नजर आई, जिसका फायदा उठाने में पाकिस्तान सफल रहा. अली शान ने मैच के 38वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल कर पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत के लिए रुपिंदर पाल सिंह, अफ्फान यूसुफ और निकिन थिमैया ने गोल दागे, जबकि पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद अलीम बिलाल और अली शान ने गोल दागे. रुपिंदर ने मैच के 18वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को बढ़त दिलाई. पहला क्वार्टर भारत के नाम रहा.
वहीं दूसरे क्वार्टर में अफ्फान यूसुफ ने 23वें मिनट में फील्ड गोल के जरिये भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया. पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बिल्कुल मुहाने पर खड़े अफ्फान ने यह गोल रमनदीप से मिले बेहतरीन क्रॉस पर किया.
ऐसा लग रहा था कि भारत इसी स्कोर के साथ पहले हाफ की समाप्ति करेगा, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहला हाफ समाप्त होने से ठीक पहले पेनाल्टी कॉर्नर पाने में सफल रही. अलीम बिलाल ने पेनाल्टी को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान का स्कोर 1-2 कर लिया.
पहले हाफ में बढ़त ले चुकी भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ढीली नजर आई, जिसका फायदा उठाने में पाकिस्तान सफल रहा. अली शान ने मैच के 38वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल कर पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं दूसरे क्वार्टर में अफ्फान यूसुफ ने 23वें मिनट में फील्ड गोल के जरिये भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया. पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बिल्कुल मुहाने पर खड़े अफ्फान ने यह गोल रमनदीप से मिले बेहतरीन क्रॉस पर किया.
ऐसा लग रहा था कि भारत इसी स्कोर के साथ पहले हाफ की समाप्ति करेगा, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहला हाफ समाप्त होने से ठीक पहले पेनाल्टी कॉर्नर पाने में सफल रही. अलीम बिलाल ने पेनाल्टी को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान का स्कोर 1-2 कर लिया.
पहले हाफ में बढ़त ले चुकी भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ढीली नजर आई, जिसका फायदा उठाने में पाकिस्तान सफल रहा. अली शान ने मैच के 38वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल कर पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ऐसा लग रहा था कि भारत इसी स्कोर के साथ पहले हाफ की समाप्ति करेगा, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहला हाफ समाप्त होने से ठीक पहले पेनाल्टी कॉर्नर पाने में सफल रही. अलीम बिलाल ने पेनाल्टी को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान का स्कोर 1-2 कर लिया.
पहले हाफ में बढ़त ले चुकी भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ढीली नजर आई, जिसका फायदा उठाने में पाकिस्तान सफल रहा. अली शान ने मैच के 38वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल कर पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पहले हाफ में बढ़त ले चुकी भारतीय टीम दूसरे हाफ में थोड़ी ढीली नजर आई, जिसका फायदा उठाने में पाकिस्तान सफल रहा. अली शान ने मैच के 38वें मिनट में बेहतरीन फील्ड गोल कर पाकिस्तान को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्कोर बराबर होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर आ गया और दोनों टीमों ने चौथे निर्णायक क्वार्टर में बढ़त लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से कई हमले हुए, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिल रही थी.टिप्पणियां
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैच के 51वें मिनट में पाकिस्तानी गोलपोस्ट के बाईं ओर मौजूद निकिन थिमैया को सरदार से बेहतरीन पास मिला, जिसे उन्होंने बड़ी सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी गोलकीपर के जरा सा ऊपर से गोलपोस्ट की राह दिखा दी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 3-2 से मात दी
भारत के लिए रुपिंदर पाल सिंह, अफ्फान यूसुफ और निकिन थिमैया ने गोल दागे
भारत ने 2011 में आखिरी बार यह टूर्नामेंट अपने नाम किया था | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजकुमार हिरानी और आमिर खान की जोड़ी 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दे चुकी है. लेकिन लगता है हिरानी के लिए 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' भी जो नहीं कर पाए वह रणबीर कपूर ने कर दिया है. दरअसल राजकुमार हिरानी द्वारा निर्देशित संजय दत्त की बायोपिक के राइट्स फॉक्स स्टार इंडिया स्टूडियो ने 180 करोड़ रुपये में खरीदें हैं. डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार हिरानी की आखिरी फिल्म 'पीके' 110 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी. ऐसे में फॉक्स स्टार स्टूडियो द्वारा इतनी ज्यादा कीमत देकर लिए गए इस फिल्म के राइट्स की खबर ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है.टिप्पणियां
'पीके' को 110 करोड़ में खरीदा गया था और इस कीमत में उसके सैटेलाइट राइट्स भी शामिल थे. ऐसे में संजय दत्त की बायोपिक में जबरदस्त विश्वास जताते हुए स्टार फॉक्स स्टूडियो ने इसे भारी कीमत में खरीदा है. डीएनए ने एक सूत्र के हवाले से खबर दी है, ' सबसे अहम बात है कि फिल्म का मुनाफा 85-15 में विभाजित किया जाएगा. यानी इस फिल्म की कमाई का 85 प्रतिशत हिरानी को और 15 प्रतिशत स्टूडियो का होगा.'
बता दें कि राजकुमार हिरानी की 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' बॉक्स ऑफिस पर कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं. लेकिन यह पहली बार है जब राजू हिरानी बायोपिक बना रहे हैं. डीएनए ने अपनी रिपोर्ट में एक ट्रेड एनलिस्ट के हवाले से कहा है, ' हिरानी ने 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' में कमाई के रिकॉर्ड तोड़े हैं लेकिन ऐसा वह आमिर के साथ मिलकर कर पाए हैं, वो आमिर जो बिना हिरानी के भी ऐसे रिकॉर्ड बना चुके हैं. राजू हिरानी की क्षमताओं पर कोई शक नहीं है लेकिन क्या वह आमिर के बिना ऐसा कुछ कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी.'
संजय दत्त की इस बायोपिक में संजय दत्त का किरदार रणबीर कपूर निभा रहे हैं. इस फिल्म की शूटिंग करते हुए हाल ही में रणबीर के कुछ फोटो मीडिया में सामने आए थे जिसमें रणबीर हू-ब-हू संजय दत्त की तरह नजर आ रहे थे. रणबीर के इस लुक के सामने आने के बाद लोगों में इस फिल्म को लेकर ऐक्साइटमेंट और भी तेज हो गया है. इस फिल्म में मनीषा कोइराला, नर्गिस का किरदार करते हुए नजर आने वाली हैं.
'पीके' को 110 करोड़ में खरीदा गया था और इस कीमत में उसके सैटेलाइट राइट्स भी शामिल थे. ऐसे में संजय दत्त की बायोपिक में जबरदस्त विश्वास जताते हुए स्टार फॉक्स स्टूडियो ने इसे भारी कीमत में खरीदा है. डीएनए ने एक सूत्र के हवाले से खबर दी है, ' सबसे अहम बात है कि फिल्म का मुनाफा 85-15 में विभाजित किया जाएगा. यानी इस फिल्म की कमाई का 85 प्रतिशत हिरानी को और 15 प्रतिशत स्टूडियो का होगा.'
बता दें कि राजकुमार हिरानी की 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' बॉक्स ऑफिस पर कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं. लेकिन यह पहली बार है जब राजू हिरानी बायोपिक बना रहे हैं. डीएनए ने अपनी रिपोर्ट में एक ट्रेड एनलिस्ट के हवाले से कहा है, ' हिरानी ने 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' में कमाई के रिकॉर्ड तोड़े हैं लेकिन ऐसा वह आमिर के साथ मिलकर कर पाए हैं, वो आमिर जो बिना हिरानी के भी ऐसे रिकॉर्ड बना चुके हैं. राजू हिरानी की क्षमताओं पर कोई शक नहीं है लेकिन क्या वह आमिर के बिना ऐसा कुछ कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी.'
संजय दत्त की इस बायोपिक में संजय दत्त का किरदार रणबीर कपूर निभा रहे हैं. इस फिल्म की शूटिंग करते हुए हाल ही में रणबीर के कुछ फोटो मीडिया में सामने आए थे जिसमें रणबीर हू-ब-हू संजय दत्त की तरह नजर आ रहे थे. रणबीर के इस लुक के सामने आने के बाद लोगों में इस फिल्म को लेकर ऐक्साइटमेंट और भी तेज हो गया है. इस फिल्म में मनीषा कोइराला, नर्गिस का किरदार करते हुए नजर आने वाली हैं.
बता दें कि राजकुमार हिरानी की 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' बॉक्स ऑफिस पर कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं. लेकिन यह पहली बार है जब राजू हिरानी बायोपिक बना रहे हैं. डीएनए ने अपनी रिपोर्ट में एक ट्रेड एनलिस्ट के हवाले से कहा है, ' हिरानी ने 'थ्री ईडियट्स' और 'पीके' में कमाई के रिकॉर्ड तोड़े हैं लेकिन ऐसा वह आमिर के साथ मिलकर कर पाए हैं, वो आमिर जो बिना हिरानी के भी ऐसे रिकॉर्ड बना चुके हैं. राजू हिरानी की क्षमताओं पर कोई शक नहीं है लेकिन क्या वह आमिर के बिना ऐसा कुछ कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी.'
संजय दत्त की इस बायोपिक में संजय दत्त का किरदार रणबीर कपूर निभा रहे हैं. इस फिल्म की शूटिंग करते हुए हाल ही में रणबीर के कुछ फोटो मीडिया में सामने आए थे जिसमें रणबीर हू-ब-हू संजय दत्त की तरह नजर आ रहे थे. रणबीर के इस लुक के सामने आने के बाद लोगों में इस फिल्म को लेकर ऐक्साइटमेंट और भी तेज हो गया है. इस फिल्म में मनीषा कोइराला, नर्गिस का किरदार करते हुए नजर आने वाली हैं. | संक्षिप्त पाठ: संजय दत्त की बायोपिक को 180 करोड़ रुपये में खरीदा गया
राजकुमार हिरानी और आमिर खान की फिल्म 'पीके' को मिला था 110 करोड़ का ऑफर
रणबीर कपूर की इस फिल्म के सैटेलाइट्स अभी खरीदे जाने बाकी हैं | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हवा में अपनी रक्षा क्षमताओं में इजाफा करते हुए भारत ने आज ओडिशा तट से दूर एक रक्षा प्रतिष्ठान से सतह से हवा में लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया. डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 10 बजकर 13 मिनट पर यहां से निकट चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से एक मोबाइल लांचर के जरिए भारत और इस्राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित लंबी दूरी के मिसाइल का परीक्षण किया गया.
डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने बताया कि परीक्षण सफल रहा और जल्दी ही कुछ और दौर के परीक्षण किए जाने की संभावना है.
अधिकारी ने बताया, मिसाइल के साथ ही इस प्रणाली में मिसाइल का पता लगाने, उसकी स्थिति पर नजर रखने और उसे दिशा देने के लिए मल्टी फंक्शन सर्विलांस और खतरा चेतावनी रडार (एमएफ स्टार) को भी शामिल किया गया है. उन्होंने साथ ही कहा कि एमएफ स्टार युक्त मिसाइल से उपयोगकर्ता किसी भी हवाई खतरे से निपटने में सक्षम हो पाएंगे,टिप्पणियां
इससे पहले 30 जून से 1 जुलाई के बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के चांदीपुर बेस से सतह से हवा में मार करने वाले तीन मध्यम दूरी के मिसाइलों का लगातार परीक्षण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने बताया कि परीक्षण सफल रहा और जल्दी ही कुछ और दौर के परीक्षण किए जाने की संभावना है.
अधिकारी ने बताया, मिसाइल के साथ ही इस प्रणाली में मिसाइल का पता लगाने, उसकी स्थिति पर नजर रखने और उसे दिशा देने के लिए मल्टी फंक्शन सर्विलांस और खतरा चेतावनी रडार (एमएफ स्टार) को भी शामिल किया गया है. उन्होंने साथ ही कहा कि एमएफ स्टार युक्त मिसाइल से उपयोगकर्ता किसी भी हवाई खतरे से निपटने में सक्षम हो पाएंगे,टिप्पणियां
इससे पहले 30 जून से 1 जुलाई के बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के चांदीपुर बेस से सतह से हवा में मार करने वाले तीन मध्यम दूरी के मिसाइलों का लगातार परीक्षण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने बताया, मिसाइल के साथ ही इस प्रणाली में मिसाइल का पता लगाने, उसकी स्थिति पर नजर रखने और उसे दिशा देने के लिए मल्टी फंक्शन सर्विलांस और खतरा चेतावनी रडार (एमएफ स्टार) को भी शामिल किया गया है. उन्होंने साथ ही कहा कि एमएफ स्टार युक्त मिसाइल से उपयोगकर्ता किसी भी हवाई खतरे से निपटने में सक्षम हो पाएंगे,टिप्पणियां
इससे पहले 30 जून से 1 जुलाई के बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के चांदीपुर बेस से सतह से हवा में मार करने वाले तीन मध्यम दूरी के मिसाइलों का लगातार परीक्षण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले 30 जून से 1 जुलाई के बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के चांदीपुर बेस से सतह से हवा में मार करने वाले तीन मध्यम दूरी के मिसाइलों का लगातार परीक्षण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: सतह से हवा में लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण
जल्द ही कुछ और दौर के परीक्षण किए जाने की संभावना है
भारत और इस्राइल ने मिलकर किया है परीक्षण | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बेटी के प्रेम सम्बंधों से नाराज एक पिता ने कथित रूप से सम्मान के नाम पर उसके दलित प्रेमी की हत्या कर दी। घटना जिले के रेहर थाना क्षेत्र के दहलावाला गांव की है, जहां मदन कुमार पर अपने दो बेटों और भाई के साथ मिलकर अपनी पुत्री के प्रेमी अतुल कुमार (21) की हत्या के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। रेहर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रथम दृष्टया यह सम्मान के नाम पर हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। प्रारम्भिक जांच में संकेत मिले हैं कि दलित समुदाय के अतुल के प्रेम सम्बंध सवर्ण जाति के मदन की पुत्री से थे। प्रेम सम्बंधों से नाराज होकर मदन ने परिजनों के साथ मिलकर अतुल की हत्या कर दी। उसका शव गुरुवार शाम को गांव के समीप से बरामद किया गया था। कुमार ने कहा युवक के परिजनों की शिकायत पर देर रात मदन कुमार सहित उसके चार परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। सभी आरोपी फरार हैं। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कुमार ने कहा घटना के सम्बंध में मदन के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बेटी के प्रेम सम्बंधों से नाराज एक पिता ने कथित रूप से सम्मान के नाम पर उसके दलित प्रेमी की हत्या कर दी। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को सहारा इंडिया परिवार एवं इसके प्रमुख सुब्रत राय को एक जनहित याचिका का जवाब देने का ओदश दिया। याचिका में उन पर 17 मार्च 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित कर संस्थान की मानहानि करने का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा की पीठ ने दोनों को दो सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।टिप्पणियां
याचिका लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर की तरफ से दाखिल की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। जनहित याचिका में एक निजी व्यक्ति और एक निजी संस्था द्वारा विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के विरुद्घ विज्ञापन के माध्यम से कही आपत्तिजनक बातों को कम्पनी कानून का उल्लंघन बताते हुए नियमानुसार कारवाई की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा की पीठ ने दोनों को दो सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।टिप्पणियां
याचिका लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर की तरफ से दाखिल की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। जनहित याचिका में एक निजी व्यक्ति और एक निजी संस्था द्वारा विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के विरुद्घ विज्ञापन के माध्यम से कही आपत्तिजनक बातों को कम्पनी कानून का उल्लंघन बताते हुए नियमानुसार कारवाई की मांग की गई है।
याचिका लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर की तरफ से दाखिल की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। जनहित याचिका में एक निजी व्यक्ति और एक निजी संस्था द्वारा विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के विरुद्घ विज्ञापन के माध्यम से कही आपत्तिजनक बातों को कम्पनी कानून का उल्लंघन बताते हुए नियमानुसार कारवाई की मांग की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। जनहित याचिका में एक निजी व्यक्ति और एक निजी संस्था द्वारा विधि द्वारा स्थापित संस्था सेबी के विरुद्घ विज्ञापन के माध्यम से कही आपत्तिजनक बातों को कम्पनी कानून का उल्लंघन बताते हुए नियमानुसार कारवाई की मांग की गई है। | यह एक सारांश है: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को सहारा इंडिया परिवार एवं इसके प्रमुख सुब्रत राय को एक जनहित याचिका का जवाब देने का ओदश दिया। याचिका में उन पर 17 मार्च 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में सेबी के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित कर संस्थान की मानहानि | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबला ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर शनिवार को खेला जाएगा। इस मुकाबले में दोनों टीमें जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाती हुई नजर आएंगी। पांच वनडे मैचों की सीरीज में सफाया करने के बाद भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखना चाहेगी, वहीं इंग्लैंड की नजर जीत के साथ स्वदेश लौटने पर होगी। भारत और इंग्लैंड की टीमें ट्वेंटी-20 मुकाबले में अब तक तीन बार आमने-सामने हुई हैं, जिनमें दो बार इंग्लिश टीम ने बाजी मारी है, जबकि एक बार भारतीय टीम को जीत नसीब हुई है। लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले विस्फोटक बल्लेबाज रोबिन उथप्पा को अंतिम एकादश टीम में मौका दिया जा सकता है। उथप्पा ने अपना अंतिम ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फरवरी, 2008 में मेलबर्न में खेला था। अंजिक्य रहाणे इन दिनों बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं, जबकि सुरेश रैना, विराट कोहली, मनोज तिवारी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं हरफनमौला यूसुफ पठान बल्ले और गेंद से जौहर दिखाने को बेताब होंगे। भारतीय टीम के पास प्रवीण कुमार, आर.विनयकुमार, श्रीनाथ अरविंद और वरुण एरॉन के रूप में तीन मध्यम गति के गेंदबाज मौजूद हैं, जबकि स्पिन के रूप में रविचंद्रन अश्विन, हरफनमौला रवींद्र जडेजा और राहुल शर्मा के रूप में विकल्प हैं। दूसरी ओर, इंग्लिश टीम इस मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। स्टार बल्लेबाज केविन पीटरसन का इस मुकाबले में खेलना संदिग्ध है। पीटरसन अगूंठे में चोट के कारण एकदिवसीय शृंखला के पांचवें और अंतिम मुकाबले में नहीं खेल सके थे। एकदिवसीय टीम के कप्तान एलिस्टर कुक और जोनाथन ट्रॉट स्वदेश लौट चुके हैं, उनकी जगह पर ताबड़तोड़ रन बनाने वाले जोस बटलर और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज एलेक्स हालेस को इंग्लिश टीम में शामिल किया गया है। इंग्लिश टीम की कमान ग्रीम स्वान संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि हाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने ट्वेंटी-20 के भी रैंकिंग जारी किए हैं, जिनमें इंग्लिश टीम 127 अंकों के साथ शीर्ष पर है। भारत के खिलाफ यदि इंग्लिश टीम हार जाती है तो वह तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगी। | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेट टीम और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला एकमात्र ट्वेंटी-20 मुकाबला ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर आज खेला जाएगा। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा में चार नर्सों को टिक-टॉक एप्लीकेशन पर वीडियो पोस्ट करना महंगा पड़ गया है. चारों नर्सों को अस्पताल से छुट्टी पर भेज दिया गया है. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. इस वीडियो को ओडिशा के मलकानगिरि में जिला अस्पताल के विशेष नवजात देखभाल केंद्र में रिकॉर्ड किया गया था. अधिकारी ने बताया, 'मलकानगिरि के जिला मजिस्ट्रेट मनीष अग्रवाल ने मुख्य जिला चिकित्सा कार्यालय अधिकारी अजीत कुमार मोहंती की सलाह पर चारों नर्सों को छुट्टी पर भेजने का आदेश दिया.'
अधिकारी ने बताया, 'इस मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है. जांच रिपोर्ट के आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.' वीडियो पोस्ट करने वाली चार नर्सों का नाम रूबी रे, तापसी विश्वास, सपना बाला और नंदिनी रे है. उन पर जिला चिकित्सा अस्पताल के अंदर लापरवाही और टिक-टॉक के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है.
सीडीएमओ ने बुधवार को नर्सों को तब कारण बताओ नोटिस जारी किया जब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो में चारों नर्स अस्पताल की ड्रेस में गाना गाते हुए और डांस करते हुए दिखाई दे रही हैं. बता दें कि टिक-टॉक एक एप्लीकेशन है जिस पर छोटे-छोटे वीडियो पोस्ट किए जाते हैं.
अधिकारी ने बताया, 'चारों नर्सों ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद वीडियो बनाया था. हालांकि नर्सों ने अस्पताल की ड्रेस में वीडियो बनाने की अपनी गलती को मान लिया है.' बता दें कि अस्पताल के विशेष नवजात देखभाल केंद्र में गंभीर रूप से बीमार छोटे बच्चों का इलाज किया जाता है. यह क्षेत्र काफी सेंसटिव होता है. मलकानगिरि क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर काफी ज्यादा है. (इनपुट: पीटीआई) | संक्षिप्त सारांश: अस्पताल में 4 नर्सों ने नाचते हुए बनाया टिक-टॉक वीडियो
वायरल होने के बाद अधिकारी ने नर्सों को छुट्टी पर भेजा
मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई गई | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय एयरलाइंस एयर इंडिया ने अपने अधिकारियों के देश में यात्रा के दौरान लग्जरी कैब के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. इसके अलावा अधिकारियों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान वे सिर्फ क्रू होटलों में ठहरें. खर्च में कमी करने के इरादे से एयरलाइंस ने यह कदम उठाया है.
गत शनिवार को एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कड़े शब्दों वाले सर्कुलर के जरिये अधिकारियों को चेताया कि यदि उन्होंने इन निर्देशों का उल्लंघन किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.टिप्पणियां
लोहानी ने कहा, 'मैं लगातार बेवजह के खर्चों में कटौती पर जोर दे रहा हूं.' लोहानी ने कहा कि विदेश यात्रा के दौरान सीएमडी के अलावा कोई अन्य अधिकारी पूरे समय के लिए टैक्सी किराये पर नहीं लेगा. यदि किसी अधिकारी को एक दिन में कई जगह जाना है, तो उसके इसके लिए पहले से लिखित मंजूरी लेनी होगी. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एयरलाइन से सभी मोर्चों पर अपने प्रदर्शन में सुधार लाने को कहा है, जिसके बाद यह सर्कुलर जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गत शनिवार को एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी ने कड़े शब्दों वाले सर्कुलर के जरिये अधिकारियों को चेताया कि यदि उन्होंने इन निर्देशों का उल्लंघन किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.टिप्पणियां
लोहानी ने कहा, 'मैं लगातार बेवजह के खर्चों में कटौती पर जोर दे रहा हूं.' लोहानी ने कहा कि विदेश यात्रा के दौरान सीएमडी के अलावा कोई अन्य अधिकारी पूरे समय के लिए टैक्सी किराये पर नहीं लेगा. यदि किसी अधिकारी को एक दिन में कई जगह जाना है, तो उसके इसके लिए पहले से लिखित मंजूरी लेनी होगी. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एयरलाइन से सभी मोर्चों पर अपने प्रदर्शन में सुधार लाने को कहा है, जिसके बाद यह सर्कुलर जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लोहानी ने कहा, 'मैं लगातार बेवजह के खर्चों में कटौती पर जोर दे रहा हूं.' लोहानी ने कहा कि विदेश यात्रा के दौरान सीएमडी के अलावा कोई अन्य अधिकारी पूरे समय के लिए टैक्सी किराये पर नहीं लेगा. यदि किसी अधिकारी को एक दिन में कई जगह जाना है, तो उसके इसके लिए पहले से लिखित मंजूरी लेनी होगी. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एयरलाइन से सभी मोर्चों पर अपने प्रदर्शन में सुधार लाने को कहा है, जिसके बाद यह सर्कुलर जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:खर्च में कमी करने के इरादे से एयरलाइंस ने उठाया कदम
एयर इंडिया चेयरमैन ने कड़े शब्दों वाला सर्कुलर जारी किया
निर्देशों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) ने सीडीएमए सेवाओं के लिए 2-जी स्पेक्ट्रम नीलामी में आठ सर्कलों के लिए सोमवार को अकेले ही बोली लगाई।
नीलामी का दूसरा दौर चल रहा है और ऐसी संभावना है कि यह तीसरे दौर तक खत्म होगी जो इस प्रक्रिया में लगने वाले समय के लिहाज से स्पेक्ट्रम की सबसे कम समय में ऑनलाइन बिक्री होगी।
जीएसम कंपनियों के लिए 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पिछले साल नवंबर में हुई थी जो तीन दिनों तक चली थी और इससे सरकार को 9,407 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।टिप्पणियां
वर्ष 2010 में 3-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी 34 दिनों तक चली थी जिसमें 183 दौर में बोलियां लगाई गई थीं। इसके बाद वायरलेस ब्रॉडबैंड (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी 16 दिनों तक चली थी।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, एसएसटीएल ने नीलामी के लिए 613.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं जिससे वह 11 सर्कलों में 2.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (1.25 मेगाहर्ट्ज एयरवेव्ज फ्रिक्वेंसी के दो ब्लॉकों) की न्यूनतम मात्रा के लिए बोली लगाने की पात्र बन गई है।
नीलामी का दूसरा दौर चल रहा है और ऐसी संभावना है कि यह तीसरे दौर तक खत्म होगी जो इस प्रक्रिया में लगने वाले समय के लिहाज से स्पेक्ट्रम की सबसे कम समय में ऑनलाइन बिक्री होगी।
जीएसम कंपनियों के लिए 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पिछले साल नवंबर में हुई थी जो तीन दिनों तक चली थी और इससे सरकार को 9,407 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।टिप्पणियां
वर्ष 2010 में 3-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी 34 दिनों तक चली थी जिसमें 183 दौर में बोलियां लगाई गई थीं। इसके बाद वायरलेस ब्रॉडबैंड (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी 16 दिनों तक चली थी।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, एसएसटीएल ने नीलामी के लिए 613.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं जिससे वह 11 सर्कलों में 2.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (1.25 मेगाहर्ट्ज एयरवेव्ज फ्रिक्वेंसी के दो ब्लॉकों) की न्यूनतम मात्रा के लिए बोली लगाने की पात्र बन गई है।
जीएसम कंपनियों के लिए 2-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पिछले साल नवंबर में हुई थी जो तीन दिनों तक चली थी और इससे सरकार को 9,407 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।टिप्पणियां
वर्ष 2010 में 3-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी 34 दिनों तक चली थी जिसमें 183 दौर में बोलियां लगाई गई थीं। इसके बाद वायरलेस ब्रॉडबैंड (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी 16 दिनों तक चली थी।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, एसएसटीएल ने नीलामी के लिए 613.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं जिससे वह 11 सर्कलों में 2.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (1.25 मेगाहर्ट्ज एयरवेव्ज फ्रिक्वेंसी के दो ब्लॉकों) की न्यूनतम मात्रा के लिए बोली लगाने की पात्र बन गई है।
वर्ष 2010 में 3-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी 34 दिनों तक चली थी जिसमें 183 दौर में बोलियां लगाई गई थीं। इसके बाद वायरलेस ब्रॉडबैंड (बीडब्ल्यूए) स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी 16 दिनों तक चली थी।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, एसएसटीएल ने नीलामी के लिए 613.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं जिससे वह 11 सर्कलों में 2.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (1.25 मेगाहर्ट्ज एयरवेव्ज फ्रिक्वेंसी के दो ब्लॉकों) की न्यूनतम मात्रा के लिए बोली लगाने की पात्र बन गई है।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, एसएसटीएल ने नीलामी के लिए 613.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं जिससे वह 11 सर्कलों में 2.5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (1.25 मेगाहर्ट्ज एयरवेव्ज फ्रिक्वेंसी के दो ब्लॉकों) की न्यूनतम मात्रा के लिए बोली लगाने की पात्र बन गई है। | यहाँ एक सारांश है:सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) ने सीडीएमए सेवाओं के लिए 2-जी स्पेक्ट्रम नीलामी में आठ सर्कलों के लिए सोमवार को अकेले ही बोली लगाई। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कपिल शर्मा के 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show)' में जितने महत्व उसके गेस्ट रखते हैं, उतना ही महत्व वहां ऑडियंस का भी होता है. कपिल शर्मा शो का एक अनसेंसर्ड वीडियो वायरल हो रहा है. कपिल शर्मा के शा का ये वीडियो War के प्रमोशन के दौरान का है. कपिल शर्मा के इस शो में टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और वाणी कपूर नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में शो की वह मस्ती नजर आ रही है, जो टीवी पर नजर नहीं आई थी. लेकिन इस सबके बीच कपिल शर्मा (Kapil Sharma) को लेकर ऑडियंस में आए एक शख्स का बयान काफी चौंकाने वाला है, और इस वजह से यह वीडियो भी काफी वायरस हो रहा है.
कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ऑडियंस में कुछ लोगों को बुलाते हैं, और उनसे ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) का स्टेप करने के लिए कहते हैं. तो एक शख्स से वो पूछते हैं कि आपके साथ कौन-कौन आया है तो वह कहते हैं कि वे अकेले ही आए हैं. फिर वह बताते हैं कि बीवी कह रही थी कि आने के लिए लेकिन मना कर दिया. मैंने कहा कि बड़ा ही खतरनाक बंदा है, इसके पास तुझे लेकर नहीं जाना है. वो कपिल शर्मा से कहते हैं कि तू सबको ही लाइन देने लग जाता है. जो भी आ जाए. मैंने कहा बचकर रह भाई. कपिल शर्मा भी इस पर खूब मजे लेते हैं, और पूरे सेट पर ठहाके गूंज पड़ते हैं. इस तरह कपिल शर्मा के 'द कपिल शर्मा शो (The Kapil Sharma Show)' में हमेशा ही खूब हंसी-मजाक होता है. | यहाँ एक सारांश है:कपिल शर्मा का वीडियो हुआ वायरल
ऑडियंस में बैठे शख्स ने यूं ली चुटकी
सबके सामने बनाया कॉमेडी किंग का मजाक | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ फोन कॉल के दौरान फ्रांस ने 'संयम बरतने तथा सैन्य गतिविधियां कम करने' का आह्वान किया है, और ज़ोर देकर कहा है कि 'तनाव बढ़ा सकने वाले कदमों से दूर रहना आवश्यक है...' फ्रांस के यूरोप तथा विदेशी मामलों के मंत्री ज्यां-य्वेस ले ड्रियन की पाकिस्तानी समकक्ष से फोन पर हुई बातचीत के बाद फ्रांसीसी प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया, "दोनों मंत्रियों ने जम्मू एवं कश्मीर के हालात का मुद्दा उठाया... ज्यां-य्वेस ले ड्रियन ने कश्मीर को लेकर फ्रांस का सतत रुख याद दिलाया कि यह दोनों देशों (भारत तथा पाकिस्तान) पर निर्भर करता है कि द्विपक्षीय राजनैतिक वार्ता के दायरे में रहकर इस विवाद को हल किया जाए, ताकि स्थायी शांति कायम हो सके..."
बयान में कहा गया, "फ्रांस दोनों पक्षों (भारत तथा पाकिस्तान) से आह्वान करता है कि वे संयम बरतें, सैन्य गतिविधियां कम करें, तथा स्थिति को सामान्य बनाएं... तनाव बढ़ा सकने वाले कदमों से दूर रहना आवश्यक है..."
वहीं, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले को बाग्लादेश ने भारत का आंतरिक मामला बताया है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा है, "बांग्लादेश इस बात पर कायम है कि भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाया जाना भारत का आंतरिक मामला है... बांग्लादेश ने सिद्धांत के तौर पर हमेशा इस वात की वकालत की है कि क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता बनाए रखना तथा विकास सभी देशों की प्राथमिकता होना चाहिए..." जहां पड़ोसी देश बांग्लादेश इस फैसले को भारत का आंतरिक मामला करार दे रहा है, वहीं पाकिस्तान इसका विरोध कर रहा है. पाकिस्तान सरकार ने कहा कि वह इस मामले को आईसीजे लेकर जाएंगे. चीन भी इसका विरोध कर रहा है, चीन इस मामले को यूएनएससी लेकर गया था. लेकिन वहां पर यूएनएससी के सदस्यों ने भारत के समर्थन में बात कही.
बता दें, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (ICJ) में अपील करने का फैसला किया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी ने एक पाकिस्तानी चैनल से कहा कि हमनें कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ले जाने का फैसला किया है. हमनें यह फैसला सभी कानूनी पक्षों को ध्यान में रखते हुए किया है. बता दें, भारत द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर पाकिस्तान पिछले सप्ताह ही यूएनएससी गया था. काउंसिल के सदस्यों ने भारत के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा था कि यह द्विपक्षीय मसला है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से टकराव का मुद्दा रहे कश्मीर की 'विस्फोटक' स्थिति पर एक बार फिर मध्यस्थता की पेशकश की है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सप्ताहांत में यह मुद्दा उठायेंगे. अमेरिका ने पीएम नरेंद्र मोदी से कश्मीर में तनाव कम करने के लिये कदम उठाने का अनुरोध किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "कश्मीर बेहद जटिल जगह है. यहां हिंदू हैं और मुसलमान भी और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है." उन्होंने कहा, "मध्यस्थता के लिये जो भी बेहतर हो सकेगा, मैं वो करूंगा." | यहाँ एक सारांश है:कश्मीर को लेकर फ्रांस ने की पाकिस्तान से बातचीत
फ्रांस ने पाकिस्तान से संयम बरतने को कहा
फ्रांस ने कहा, द्विपक्षीय तरीके से सुलझाएं कश्मीर मुद्दा | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भारत रत्न देने की मांग की है. उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मोहाली स्थित हवाई अड्डे का नाम 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह हवाई अड्डा' किया जाए. तिवारी ने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जो प्रतिरोध किया, उससे देशभक्तों की पूरी एक पीढ़ी प्रेरित हुई और वहीं इन सेनानियों ने 23 मार्च 1931 को सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया, '26 जनवरी 2020 को इन तीनों शहीदों को भारत रत्न दिया जाए. इनको आधिकारिक रूप से शहीद-ए-आजम घोषित किया जाए. चंडीगढ़ (मोहाली) स्थित हवाई अड्डे का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह हवाई अड्डा किया जाए.'
बता दें, कांग्रेस की ओर से ये मांग ऐसे समय में आ रही है जब महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र विधानसभा के लिए जारी किए गए घोषणा पत्र में हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग की थी. हालांकि भाजपा की इस मांग पर काफी हंगामा हुआ था और वह विधानसभा चुनावों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन भी नहीं कर पाई. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोहाली हवाई अड्डे का नाम 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह हवाई अड्डा' किया जाए
इन सेनानियों ने 23 मार्च 1931 को सर्वोच्च बलिदान दिया
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में BJP ने सावरकर के लिए की थी भारत रत्न मांगा | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने वाली टीम इंडिया में चंडीगढ़ के धमाकेदार बल्लेबाज युवराज सिंह भी शामिल हैं. टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह छक्के लगाकर तहलका मचा चुके युवराज सिंह का प्रदर्शन टूर्नामेंट में टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भी युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी को टीम का सबसे वरिष्ठ सदस्य बताते हुए इन दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद जता चुके हैं. ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि युवी ने वर्ष 2000 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से ही अपने वनडे करियर का आगाज किया था. युवराज ने तीन अक्टूबर 2000 को केन्या के खिलाफ अपने करियर का पहला मैच खेला था. हालांकि इस मैच में युवी को बैटिंग का मौका नहीं मिल पाया था और उनकी बल्लेबाजी के बिना ही टीम इंडिया ने मैच 8 विकेट के बड़े अंतर से मैच जीत लिया था. इस वर्ष टूर्नामेंट का आयोजन केन्या के नैरोबी में हुआ था.टिप्पणियां
बहरहाल इस मैच में बैटिंग नहीं कर पाने की भरपाई युवराज ने प्रबल प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में तूफानी तरीके से की थी. सात अक्टूबर 2000 को खेले गए इस मैच में युवराज ने महज 80 गेंदों पर 84 रन (12 चौके) बनाते हुए की थी. वे इस मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित हुए थे और मुकाबले में टीम इंडिया ने 20 रन से जीत हासिल की थी. मैच में खेलने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली, जेसन गिलेस्पी, इयान हॉर्वे औरी शेन ली जैसे गेंदबाज शामिल थे. इस आक्रमण के खिलाफ अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचाई प्रदान करते हुए युवराज ने ऐसी पारी खेली थी जिसने भारतीय प्रशंसकों का दिल खुश कर दिया था. टूर्नामेंट में इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी युवराज ने 35 गेंद पर 41 रन की पारी खेली थी, जिसमें छह चौके शामिल थे. टूर्नामेंट में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थी लेकिन न्यूजीलैंड के हाथों चार विकेट से हारकर उसे उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा था.
चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के लिए चुनी गई भारतीय टीम में इस बार भी युवराज सिंह शामिल हैं और प्रदर्शन उनके ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद लगाकर बैठे हैं. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवराज के बैटिंग परफॉरमेंस के कुछ गिरावट आई है लेकिन 35 वर्ष का यह खिलाड़ी अभी भी मैच विनर है. अपने खास दिन युवराज की उन्मुक्त बल्लेबाजी किसी भी श्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखेरने के लिए काफी होती है. गेंदबाजों पर उनका खौफ होता है. स्टुअर्ट ब्रॉड के मुल्क, इंग्लैंड में युवराज के पास इस बार अपनी चमक दिखाने का सुनहरा मौका है. युवराज के पक्ष में एक बात यह भी है कि आईपीएल में अपने प्रदर्शन से वे शानदार टच में हैं. आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करते हुए युवी ने 12 मैचों में 252 रन बनाए थे जिसमें नाबाद 70 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. टूर्नामेंट में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए. बल्लेबाजी के अलावा अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी युवराज टीम के लिए उपयोगी साबित होती है. इसकी झलक वे 2011 के वर्ल्डकप में दिखा चुके हैं. वैसे गेंदबाजी के बजाय टीम इंडिया को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में बल्लेबाज युवराज से धमाकेदार पारियों की दरकार है. उम्मीद है कि युवराज अपनी प्रतिभा से पूरा न्याय करते हुए टीम इंडिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे....
बहरहाल इस मैच में बैटिंग नहीं कर पाने की भरपाई युवराज ने प्रबल प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में तूफानी तरीके से की थी. सात अक्टूबर 2000 को खेले गए इस मैच में युवराज ने महज 80 गेंदों पर 84 रन (12 चौके) बनाते हुए की थी. वे इस मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित हुए थे और मुकाबले में टीम इंडिया ने 20 रन से जीत हासिल की थी. मैच में खेलने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली, जेसन गिलेस्पी, इयान हॉर्वे औरी शेन ली जैसे गेंदबाज शामिल थे. इस आक्रमण के खिलाफ अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचाई प्रदान करते हुए युवराज ने ऐसी पारी खेली थी जिसने भारतीय प्रशंसकों का दिल खुश कर दिया था. टूर्नामेंट में इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी युवराज ने 35 गेंद पर 41 रन की पारी खेली थी, जिसमें छह चौके शामिल थे. टूर्नामेंट में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थी लेकिन न्यूजीलैंड के हाथों चार विकेट से हारकर उसे उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा था.
चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के लिए चुनी गई भारतीय टीम में इस बार भी युवराज सिंह शामिल हैं और प्रदर्शन उनके ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद लगाकर बैठे हैं. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवराज के बैटिंग परफॉरमेंस के कुछ गिरावट आई है लेकिन 35 वर्ष का यह खिलाड़ी अभी भी मैच विनर है. अपने खास दिन युवराज की उन्मुक्त बल्लेबाजी किसी भी श्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखेरने के लिए काफी होती है. गेंदबाजों पर उनका खौफ होता है. स्टुअर्ट ब्रॉड के मुल्क, इंग्लैंड में युवराज के पास इस बार अपनी चमक दिखाने का सुनहरा मौका है. युवराज के पक्ष में एक बात यह भी है कि आईपीएल में अपने प्रदर्शन से वे शानदार टच में हैं. आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करते हुए युवी ने 12 मैचों में 252 रन बनाए थे जिसमें नाबाद 70 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. टूर्नामेंट में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए. बल्लेबाजी के अलावा अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी युवराज टीम के लिए उपयोगी साबित होती है. इसकी झलक वे 2011 के वर्ल्डकप में दिखा चुके हैं. वैसे गेंदबाजी के बजाय टीम इंडिया को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में बल्लेबाज युवराज से धमाकेदार पारियों की दरकार है. उम्मीद है कि युवराज अपनी प्रतिभा से पूरा न्याय करते हुए टीम इंडिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे....
चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के लिए चुनी गई भारतीय टीम में इस बार भी युवराज सिंह शामिल हैं और प्रदर्शन उनके ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद लगाकर बैठे हैं. हालांकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ युवराज के बैटिंग परफॉरमेंस के कुछ गिरावट आई है लेकिन 35 वर्ष का यह खिलाड़ी अभी भी मैच विनर है. अपने खास दिन युवराज की उन्मुक्त बल्लेबाजी किसी भी श्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखेरने के लिए काफी होती है. गेंदबाजों पर उनका खौफ होता है. स्टुअर्ट ब्रॉड के मुल्क, इंग्लैंड में युवराज के पास इस बार अपनी चमक दिखाने का सुनहरा मौका है. युवराज के पक्ष में एक बात यह भी है कि आईपीएल में अपने प्रदर्शन से वे शानदार टच में हैं. आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करते हुए युवी ने 12 मैचों में 252 रन बनाए थे जिसमें नाबाद 70 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. टूर्नामेंट में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए. बल्लेबाजी के अलावा अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी युवराज टीम के लिए उपयोगी साबित होती है. इसकी झलक वे 2011 के वर्ल्डकप में दिखा चुके हैं. वैसे गेंदबाजी के बजाय टीम इंडिया को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में बल्लेबाज युवराज से धमाकेदार पारियों की दरकार है. उम्मीद है कि युवराज अपनी प्रतिभा से पूरा न्याय करते हुए टीम इंडिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.... | वर्ष 2000 में युवी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे 84 रन
इस मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किए गए थे युवराज
आईपीएल10 में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेले थे | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों को गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि निजी अस्पताल उन्हें मिलने वाली आर्थिक मदद व दान से गरीबों के इलाज का खर्च निकालें। न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन और न्यायमूर्ति एके पटनायक की सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कहा कि अस्पताल बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) के 25 प्रतिशत व आंतरिक श्रेणी के 10 प्रतिशत गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज करें। जिन अस्पतालों के लिए दिल्ली सरकार ने रियायती दरों पर भूमि आवंटित की है, उनमें यह आदेश लागू होगा। दरअसल दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजी अस्पतालों को गरीबों के मुफ्त इलाज का निर्देश दिया था। कुछ निजी अस्पतालों ने एक याचिका के जरिए इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। | सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों को गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से उसकी एक प्रमुख सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नाराजगी की अटकलों के बीच दोनों ने कहा है कि वे अब भी साथ बने हुए हैं। कुछ मुद्दे हैं, लेकिन उन्हें सुलझा लिया जाएगा।
सरकार से नाराज चल रही राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार को मनाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जहां उन्हें केंद्र सरकार के लिए 'महान सम्पदा' बताया, वहीं राकांपा ने साफ किया कि न तो पवार और न ही सरकार में शामिल इसके एक अन्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है।
राकांपा के नेताओं की शुक्रवार को करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पार्टी के नेता व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री पटेल ने संवाददाताओं से बातचीत में नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण नाराजगी की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राकांपा की नाराजगी सरकार के संचालन के तरीकों को लेकर है और इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा संप्रग व कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत करा दिया गया है।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पवार को मनाते हुए शुक्रवार को कहा, "वह बेहद मूल्यवान सहयोगी हैं, जिनकी जानकारी, बुद्धि तथा अनुभव हमारी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।"
वहीं, पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से पवार के इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए सरकार से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
सरकार से नाराज चल रही राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार को मनाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जहां उन्हें केंद्र सरकार के लिए 'महान सम्पदा' बताया, वहीं राकांपा ने साफ किया कि न तो पवार और न ही सरकार में शामिल इसके एक अन्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है।
राकांपा के नेताओं की शुक्रवार को करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पार्टी के नेता व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री पटेल ने संवाददाताओं से बातचीत में नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण नाराजगी की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राकांपा की नाराजगी सरकार के संचालन के तरीकों को लेकर है और इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा संप्रग व कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत करा दिया गया है।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पवार को मनाते हुए शुक्रवार को कहा, "वह बेहद मूल्यवान सहयोगी हैं, जिनकी जानकारी, बुद्धि तथा अनुभव हमारी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।"
वहीं, पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से पवार के इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए सरकार से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
राकांपा के नेताओं की शुक्रवार को करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पार्टी के नेता व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री पटेल ने संवाददाताओं से बातचीत में नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण नाराजगी की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राकांपा की नाराजगी सरकार के संचालन के तरीकों को लेकर है और इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा संप्रग व कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत करा दिया गया है।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पवार को मनाते हुए शुक्रवार को कहा, "वह बेहद मूल्यवान सहयोगी हैं, जिनकी जानकारी, बुद्धि तथा अनुभव हमारी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।"
वहीं, पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से पवार के इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए सरकार से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पवार को मनाते हुए शुक्रवार को कहा, "वह बेहद मूल्यवान सहयोगी हैं, जिनकी जानकारी, बुद्धि तथा अनुभव हमारी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।"
वहीं, पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से पवार के इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए सरकार से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
वहीं, पटेल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से पवार के इस्तीफे की अटकलों को खारिज करते हुए सरकार से अलग होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
तारिक अनवर व डीपी त्रिपाठी सहित राकांपा के अन्य नेताओं की करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा, "इस समय तक हमने औपचारिक रूप से इस्तीफे नहीं दिए हैं.. इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। और फिर मुद्दा इस्तीफे का है भी नहीं।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
इससे पहले पवार की करीब 30 मिनट तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात हुई थी। सूचों के अनुसार, ऐसा लगता है कि सोनिया नाराज चल रहे पवार को समझाने-बुझाने में कामयाब रही।
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
संप्रग में संकट के संकेत तब मिले थे जब पवार और पटेल गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं पहुंचे।
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार में पवार को नम्बर दो की स्थिति नहीं मिलने के कारण राकांपा के उक्त दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पटेल ने शुक्रवार को ऐसी अटकलों को 'बकवास' करार देते हुए कहा कि 'कांग्रेस के कुछ वर्ग ही' 'गलत तरीके' से ऐसी बातें उठा रहे हैं और मीडिया में उन्हें 'सूत्रों' के नाम पर उछाला जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जनार्दन द्विवेदी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम अपने गठबंधन सहयोगियों पर टिप्पणी नहीं करते।"टिप्पणियां
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
पटेल ने यह भी कहा कि सरकार के साथ कुछ मुद्दों पर इसकी असहमति बहुत पहले से है, लेकिन इसे राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं उछाला गया। उन्होंने कहा, "हमने शनिवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद ही अपना संदेश भेजने का फैसला किया।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।"
पटेल ने कहा कि राकांपा चाहती है कि सरकार वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी करे। उन्होंने कहा, "राकांपा पिछले आठ साल से सरकार की सबसे अधिक जिम्मेदार सहयोगी है और यह इसकी मजबूती का एक स्तम्भ है। हम महसूस करते हैं कि अगले दो साल में आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार को लोगों के समक्ष अधिक निर्णयात्मक और लोगों के समक्ष मुद्दों के साथ अधिक प्रतिबद्धता के साथ पेश होना चाहिए।" | सारांश: केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से उसकी एक प्रमुख सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नाराजगी की अटकलों के बीच दोनों ने कहा है कि वे अब भी साथ बने हुए हैं। कुछ मुद्दे हैं, लेकिन उन्हें सुलझा लिया जाएगा। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वन रैंक वन पेंशन स्कीम के वादे के मुताबिक बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिलने के बाद कथित तौर पर खुदकुशी करने वाले 65 वर्षीय सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल को खुदकुशी के लिए उकसाए जाने की आशंका है. सूत्रों का कहना है कि जिन परिस्थितियों में मौत हुई, उसकी जांच जरूरी है.
सूत्र ने कहा कि इस बात का पता लगाए जाने की जरूरत है कि ग्रेवाल द्वारा कथित आत्महत्या किए जाने के दौरान उनके साथ कौन था. किसने उन्हें जहर उपलब्ध कराया और "क्या किसी ने उनकी मानसिक परेशानी का लाभ इतना बड़ा कदम उठवाने के लिए किया."
मंगलवार को मौत से पहले, मृतक ग्रेवाल ने अंतिम बार फोन अपने बेटे जसवंत ग्रेवाल को किया था. फोन कॉल को उनके बेटे जसवंत द्वारा रिकॉर्ड किया गया था जिसमें वे कह रहे थे, "मैंने जहर खा लिया है, मैं जवाहर भवन में हूं." टिप्पणियां
अपनी खुदकुशी को "अपने जवानों और देश के लिए बलिदान" करार देते हुए, वह यह भी कह रहे हैं, "जो भी कुछ हो रहा है, वह दुखद है. जवानों को न्याय नहीं मिला है."
वहीं, पूर्व सैनिक ग्रेवाल के परिजनों ने दावा किया है कि वे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से पेंशन बढ़वाने के सिलसिले में मिलना चाहते थे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय को अभी तक अपॉइंटमेंट के संबंध में कोई अनुरोध नहीं मिला "न ही उनका पत्र में इस संबंध में कुछ कहा गया है".
सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मामले को हल किया जा सकता था क्योंकि रक्षा मंत्री विषमताओं को दूर करने निजी तौर पर प्रयासरत थे. सूत्रों ने बताया कि पूर्वसैनिक की वन रैंक वन पेंशन स्कीम को रोका नहीं गया था बल्कि समस्या बैंक की ओर से थी.
अपनी खुदकुशी को "अपने जवानों और देश के लिए बलिदान" करार देते हुए, वह यह भी कह रहे हैं, "जो भी कुछ हो रहा है, वह दुखद है. जवानों को न्याय नहीं मिला है."
वहीं, पूर्व सैनिक ग्रेवाल के परिजनों ने दावा किया है कि वे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से पेंशन बढ़वाने के सिलसिले में मिलना चाहते थे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय को अभी तक अपॉइंटमेंट के संबंध में कोई अनुरोध नहीं मिला "न ही उनका पत्र में इस संबंध में कुछ कहा गया है".
सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मामले को हल किया जा सकता था क्योंकि रक्षा मंत्री विषमताओं को दूर करने निजी तौर पर प्रयासरत थे. सूत्रों ने बताया कि पूर्वसैनिक की वन रैंक वन पेंशन स्कीम को रोका नहीं गया था बल्कि समस्या बैंक की ओर से थी.
सूत्रों ने यह भी बताया कि इस मामले को हल किया जा सकता था क्योंकि रक्षा मंत्री विषमताओं को दूर करने निजी तौर पर प्रयासरत थे. सूत्रों ने बताया कि पूर्वसैनिक की वन रैंक वन पेंशन स्कीम को रोका नहीं गया था बल्कि समस्या बैंक की ओर से थी. | संक्षिप्त सारांश: ग्रेवाल द्वारा कथित आत्महत्या किए जाने के दौरान उनके साथ कौन था
क्या किसी ने उनकी मानसिक परिस्थिति का लाभ उठाया
ग्रेवाल ने अंतिम बार फोन अपने बेटे जसवंत ग्रेवाल को किया था | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का भारत और इंग्लैंड टेस्ट शृंखला का नाम अपने पति मंसूर अली खां पटौदी के नाम पर रखने की अपील पर क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार को साफ किया कि वह इसका नाम नहीं बदलेगा क्योंकि यह शृंखला 1951 से ही एंथनी डि मेलो ट्रॉफी के लिए खेली जाती है।
बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने बयान में कहा, ‘‘भारत और इंग्लैंड के बीच भारत में होने वाली टेस्ट शृंखला 1951 से बीसीसीआई के पहले सचिव एंथनी डि मेलो ट्रॉफी के लिए खेली जाती है। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उनके नाम पर यह ट्रॉफी शुरू की गई थी।’’टिप्पणियां
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने पूर्व भारतीय कप्तान के नाम पर 2007 में पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था जो इंग्लैंड और भारत के बीच भविष्य में होने वाली टेस्ट शृंखला में विजेता कप्तान को दी जाती। भारत-इंग्लैंड टेस्ट शृंखला के 75 साल पूरे होने पर इसकी शुरुआत की गई थी लेकिन बीसीसीआई ने ट्रॉफी का नाम रखने को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी थी। शर्मिला ने बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को 2 नवंबर को भेजे ई-मेल में इस पर अपनी नाखुशी जताई थी।
बीसीसीआई के बयान में कहा गया है, ‘‘एमसीसी ने 2007 में इंग्लैंड-भारत शृंखला के लिए पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीसीसीआई ने तभी साफ कर दिया था कि इस ट्रॉफी को पहले ही एंथनी डि मेलो का नाम दिया गया है।’’
बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने बयान में कहा, ‘‘भारत और इंग्लैंड के बीच भारत में होने वाली टेस्ट शृंखला 1951 से बीसीसीआई के पहले सचिव एंथनी डि मेलो ट्रॉफी के लिए खेली जाती है। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उनके नाम पर यह ट्रॉफी शुरू की गई थी।’’टिप्पणियां
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने पूर्व भारतीय कप्तान के नाम पर 2007 में पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था जो इंग्लैंड और भारत के बीच भविष्य में होने वाली टेस्ट शृंखला में विजेता कप्तान को दी जाती। भारत-इंग्लैंड टेस्ट शृंखला के 75 साल पूरे होने पर इसकी शुरुआत की गई थी लेकिन बीसीसीआई ने ट्रॉफी का नाम रखने को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी थी। शर्मिला ने बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को 2 नवंबर को भेजे ई-मेल में इस पर अपनी नाखुशी जताई थी।
बीसीसीआई के बयान में कहा गया है, ‘‘एमसीसी ने 2007 में इंग्लैंड-भारत शृंखला के लिए पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीसीसीआई ने तभी साफ कर दिया था कि इस ट्रॉफी को पहले ही एंथनी डि मेलो का नाम दिया गया है।’’
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने पूर्व भारतीय कप्तान के नाम पर 2007 में पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था जो इंग्लैंड और भारत के बीच भविष्य में होने वाली टेस्ट शृंखला में विजेता कप्तान को दी जाती। भारत-इंग्लैंड टेस्ट शृंखला के 75 साल पूरे होने पर इसकी शुरुआत की गई थी लेकिन बीसीसीआई ने ट्रॉफी का नाम रखने को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी थी। शर्मिला ने बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को 2 नवंबर को भेजे ई-मेल में इस पर अपनी नाखुशी जताई थी।
बीसीसीआई के बयान में कहा गया है, ‘‘एमसीसी ने 2007 में इंग्लैंड-भारत शृंखला के लिए पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीसीसीआई ने तभी साफ कर दिया था कि इस ट्रॉफी को पहले ही एंथनी डि मेलो का नाम दिया गया है।’’
बीसीसीआई के बयान में कहा गया है, ‘‘एमसीसी ने 2007 में इंग्लैंड-भारत शृंखला के लिए पटौदी ट्रॉफी शुरू करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बीसीसीआई ने तभी साफ कर दिया था कि इस ट्रॉफी को पहले ही एंथनी डि मेलो का नाम दिया गया है।’’ | शर्मिला टैगोर की अपील पर क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया कि वह इसका नाम नहीं बदलेगा क्योंकि यह शृंखला 1951 से ही एंथनी डि मेलो ट्रॉफी के लिए खेली जाती है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री अरुण जेटली और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बीच संसद में आज आधार कार्ड और डेटा की गोपनीयता को लेकर बहस देखने को मिली. चिदंबरम ने महेंद्र सिंह धोनी की आधार डीटेल लीक होने के मामले का उदाहरण दिया. पूर्व वित्त मंत्री ने गोपनीयता, तथ्य और सामग्री की सुरक्षा के संबंध में सवाल खड़े किए.
पूर्व वित्त मंत्री ने राज्यसभा में कहा, "पेंटागन को हैक किया जा रहा है - ऐसे में क्या गारंटी है कि आप आधार को हैक होने से रोकेंगे? उन्होंने कहा, "धोनी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पति की आधार डीटेल सार्वजनिक हो गई है." इस पर जवाब देते हुए अरुण जेटली ने कहा, "पेंटागन को बिना आधार के भी हैक कर लिया गया. इसलिए हैकिंग आधार की वजह से नहीं हुई."
इस पर चिदंबर ने कहा कि मेरे प्रश्न को महत्वहीन बताने की कोशिश न की जाए. उन्होंने पूछा, "यदि आप मेरे प्रश्नों का जवाब नहीं देना तो कोई बात नहीं." अब बारी अरुण जेटली की थी. उन्होंने उत्तर देते हुए कहा, "सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कहीं भी हो सकता है." टिप्पणियां
इससे पहले एक घटनाक्रम में नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया था. केंद्रीय कानून, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को धोनी की पत्नी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी भी दी और रोष जताया.
दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया. इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोफो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया.
पूर्व वित्त मंत्री ने राज्यसभा में कहा, "पेंटागन को हैक किया जा रहा है - ऐसे में क्या गारंटी है कि आप आधार को हैक होने से रोकेंगे? उन्होंने कहा, "धोनी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पति की आधार डीटेल सार्वजनिक हो गई है." इस पर जवाब देते हुए अरुण जेटली ने कहा, "पेंटागन को बिना आधार के भी हैक कर लिया गया. इसलिए हैकिंग आधार की वजह से नहीं हुई."
इस पर चिदंबर ने कहा कि मेरे प्रश्न को महत्वहीन बताने की कोशिश न की जाए. उन्होंने पूछा, "यदि आप मेरे प्रश्नों का जवाब नहीं देना तो कोई बात नहीं." अब बारी अरुण जेटली की थी. उन्होंने उत्तर देते हुए कहा, "सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कहीं भी हो सकता है." टिप्पणियां
इससे पहले एक घटनाक्रम में नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया था. केंद्रीय कानून, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को धोनी की पत्नी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी भी दी और रोष जताया.
दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया. इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोफो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया.
इस पर चिदंबर ने कहा कि मेरे प्रश्न को महत्वहीन बताने की कोशिश न की जाए. उन्होंने पूछा, "यदि आप मेरे प्रश्नों का जवाब नहीं देना तो कोई बात नहीं." अब बारी अरुण जेटली की थी. उन्होंने उत्तर देते हुए कहा, "सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कहीं भी हो सकता है." टिप्पणियां
इससे पहले एक घटनाक्रम में नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया था. केंद्रीय कानून, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को धोनी की पत्नी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी भी दी और रोष जताया.
दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया. इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोफो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया.
इससे पहले एक घटनाक्रम में नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया था. केंद्रीय कानून, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को धोनी की पत्नी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी भी दी और रोष जताया.
दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया. इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोफो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया.
दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया. इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोफो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया. | यहाँ एक सारांश है:अरुण जेटली और चिदंबरम के बीच संसद में आधार कार्ड को लेकर बहस
चिदंबर ने महेंद्र सिंह धोनी की आधार डीटेल लीक होने के मामले उठाया
पूर्व वित्त मंत्री ने गोपनीयता, तथ्य और सामग्री की सुरक्षा के संबंध में | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बैंकों की उदासीनता के चलते एयर इंडिया को 50 करोड़ डॉलर के ‘ब्रिज लोन’ की पेशकश की अंतिम तारीख एक सप्ताह बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है एयर इंडिया पांच ड्रीमलाइनर विमानों के भुगतान के लिए धन जुटाने की योजना बना रही है।
ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति इस महीने से शुरू होगी और दिसंबर तक पूरी होगी।
ब्रिज लोन किसी काम के लिए बड़ी पूंजी की व्यवस्था करने के कार्यक्रम के दौरान उस काम पर बीच के भुगतान के लिए लिया जाने वाला रिण होता है।
एयरइंडिया के सूत्रों के मुताबिक विमानन कंपनी ने ब्रिज लोन सुविधा के लिए बैकों से प्रस्ताव प्राप्त करने की आखिरी तारीख 5 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने जून 2006 में बोइंग कंपनी को 68 विमानों के आर्डर दिए थे। जिनमें बोइंग से 27 ड्रीमलाइनर, 41 बी-777 और बी-737-800 विमान शामिल है। ये ड्रीमलाइन उसी सौदे का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने एयरबस से 43 विमान भी मंगवाए हैं। अब तक बोइंग ने एयरइंडिया को सात ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की है।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी।
ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति इस महीने से शुरू होगी और दिसंबर तक पूरी होगी।
ब्रिज लोन किसी काम के लिए बड़ी पूंजी की व्यवस्था करने के कार्यक्रम के दौरान उस काम पर बीच के भुगतान के लिए लिया जाने वाला रिण होता है।
एयरइंडिया के सूत्रों के मुताबिक विमानन कंपनी ने ब्रिज लोन सुविधा के लिए बैकों से प्रस्ताव प्राप्त करने की आखिरी तारीख 5 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने जून 2006 में बोइंग कंपनी को 68 विमानों के आर्डर दिए थे। जिनमें बोइंग से 27 ड्रीमलाइनर, 41 बी-777 और बी-737-800 विमान शामिल है। ये ड्रीमलाइन उसी सौदे का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने एयरबस से 43 विमान भी मंगवाए हैं। अब तक बोइंग ने एयरइंडिया को सात ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की है।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी।
ब्रिज लोन किसी काम के लिए बड़ी पूंजी की व्यवस्था करने के कार्यक्रम के दौरान उस काम पर बीच के भुगतान के लिए लिया जाने वाला रिण होता है।
एयरइंडिया के सूत्रों के मुताबिक विमानन कंपनी ने ब्रिज लोन सुविधा के लिए बैकों से प्रस्ताव प्राप्त करने की आखिरी तारीख 5 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने जून 2006 में बोइंग कंपनी को 68 विमानों के आर्डर दिए थे। जिनमें बोइंग से 27 ड्रीमलाइनर, 41 बी-777 और बी-737-800 विमान शामिल है। ये ड्रीमलाइन उसी सौदे का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने एयरबस से 43 विमान भी मंगवाए हैं। अब तक बोइंग ने एयरइंडिया को सात ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की है।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी।
एयरइंडिया के सूत्रों के मुताबिक विमानन कंपनी ने ब्रिज लोन सुविधा के लिए बैकों से प्रस्ताव प्राप्त करने की आखिरी तारीख 5 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने जून 2006 में बोइंग कंपनी को 68 विमानों के आर्डर दिए थे। जिनमें बोइंग से 27 ड्रीमलाइनर, 41 बी-777 और बी-737-800 विमान शामिल है। ये ड्रीमलाइन उसी सौदे का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने एयरबस से 43 विमान भी मंगवाए हैं। अब तक बोइंग ने एयरइंडिया को सात ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की है।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी।
एयर इंडिया ने जून 2006 में बोइंग कंपनी को 68 विमानों के आर्डर दिए थे। जिनमें बोइंग से 27 ड्रीमलाइनर, 41 बी-777 और बी-737-800 विमान शामिल है। ये ड्रीमलाइन उसी सौदे का हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने एयरबस से 43 विमान भी मंगवाए हैं। अब तक बोइंग ने एयरइंडिया को सात ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति की है।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी।
एयरइंडिया ने 26 जून को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 50 करोड़ डालर के ब्रिज लोन के लिए बोली आमंत्रित की थी ताकि पांच बोइंग 787 विमानों का भुगतान किया जा सके। ब्रिज लोन के लिए पेशकश की समयसीमा 5 जुलाई तय की गई थी। | यह एक सारांश है: बैंकों की उदासीनता के चलते एयर इंडिया को 50 करोड़ डॉलर के ‘ब्रिज लोन’ की पेशकश की अंतिम तारीख एक सप्ताह बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी है एयर इंडिया पांच ड्रीमलाइनर विमानों के भुगतान के लिए धन जुटाने की योजना बना रही है। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रेम पत्र लिखना बंद कीजिए, निर्णायक कदम उठाएं. पाकिस्तान के खिलाफ जो भी कदम उठाने की जरूरत हो उठाएं. हम आपके हर कदम पर साथ हैं. लेकिन एक बात ध्यान रखें कि आप सिर्फ बीजेपी के नेता नहीं हैं, आप प्रधानमंत्री हैं और इस देश के नेता हैं. राजनीतिक लाभ लेना बंद कीजिए. सर्जिकल स्ट्राइक के पोस्टर डालना बंद कीजिए.
उन्होंने आगे कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर आपके साथ हैं. जब राजनाथ सिंह ने मुझे फोन करके ऑपरेशन की सफलता के बारे में बताया तो मैंने 'वैलडन' कहा था. लेकिन जनता से किए वादे को हमेशा याद रखें.
नीतीश ने केंद्र पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा- बेरोजगारी पर चर्चा होनी चाहिए, किसानों की दशा पर होनी चाहिए, लेकिन यहां चर्चा तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर हो रही है. लेकिन इस पर हमारा मानना है कि तीन तलाक का मुद्दा मुस्लिम समुदाय पर छोड़ देना चाहिए. उन्हें सिखाने की कोशिश न करें. साथ ही आरोप लगाया कि तीन तलाक और समान नागरिक संहिता का मुद्दा यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औपचारिक रूप से जेडीयू के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं. नीतीश ने शरद यादव की जगह ली है, जो पिछले 13 सालों से जेडीयू के अध्यक्ष पद पर काबिज थे.
इसके साथ ही पार्टी ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र सरकार और सेना को सर्जिकल स्टाइक्स के लिए बधाई दी और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, लेकिन इसे लेकर देश के भीतर आतंरिक राजनीति नहीं होनी चाहिए. प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार को कश्मीर घाटी में हालात सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औपचारिक रूप से जेडीयू के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं. नीतीश ने शरद यादव की जगह ली है, जो पिछले 13 सालों से जेडीयू के अध्यक्ष पद पर काबिज थे.
इसके साथ ही पार्टी ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र सरकार और सेना को सर्जिकल स्टाइक्स के लिए बधाई दी और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, लेकिन इसे लेकर देश के भीतर आतंरिक राजनीति नहीं होनी चाहिए. प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार को कश्मीर घाटी में हालात सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए. | सारांश: औपचारिक रूप से जेडीयू के अध्यक्ष बन चुके हैं नीतीश कुमार
केंद्र पर लगाया राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
पाकिस्तान के खिलाफ हर कदम पर साथ देने की बात कही | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: त्रिपुरा की योजना यदि सफल होती है तो जल्द ही पूर्वोत्तर का यह राज्य बांग्लादेश से होकर देश के अन्य हिस्से में बिजली की आपूर्ति करने लगेगा। राज्य ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश के साथ इस सम्बंध में एक व्यवस्था निश्चित करने का आग्रह किया है।
दक्षिण त्रिपुरा के पलटाना में सरकारी कम्पनी ओएनजीसी के 726 मेगावाट संयंत्र की पहली इकाई ने बिजली उत्पादन करना करना शुरू कर दिया है और जून तक यह पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। एक अन्य सरकारी कम्पनी नॉर्थ ईस्ट इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको) पश्चिम त्रिपुरा के मोनारचक में 104 मेगावाट की एक गैस आधारित परियोजना स्थापित कर रही है, जो इस साल के आखिर तक बिजली उत्पादन करने लगेगी।
त्रिपुरा के बिजली मंत्री मानिक डे ने कहा, "पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को बिजली आपूर्ति करने के उद्देश्य से त्रिपुरा से पश्चिमी असम स्थित बोंगाईगांव के राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों से होकर पारेषण लाइन खींचना एक दुष्कर काम है।"
उन्होंने कहा, "इसकी तुलना में बांग्लादेश से होकर देश के शेष हिस्से में बिजली का पारेषण अधिक आसान है। हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश के साथ इस बारे में एक व्यवस्था तैयार करे।" डे ने कहा, "केंद्र सरकार मामले का अध्ययन कर रही है।"
पलटाना परियोजना भारत और बांग्लादेश के आपसी सहयोग का प्रमाण है। परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टरबाइनों की ढुलाई बांग्लादेश के हल्दिया बंदरगाह से जलमार्ग से होकर पलटाना तक की गई थी।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
दक्षिण त्रिपुरा के पलटाना में सरकारी कम्पनी ओएनजीसी के 726 मेगावाट संयंत्र की पहली इकाई ने बिजली उत्पादन करना करना शुरू कर दिया है और जून तक यह पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। एक अन्य सरकारी कम्पनी नॉर्थ ईस्ट इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको) पश्चिम त्रिपुरा के मोनारचक में 104 मेगावाट की एक गैस आधारित परियोजना स्थापित कर रही है, जो इस साल के आखिर तक बिजली उत्पादन करने लगेगी।
त्रिपुरा के बिजली मंत्री मानिक डे ने कहा, "पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को बिजली आपूर्ति करने के उद्देश्य से त्रिपुरा से पश्चिमी असम स्थित बोंगाईगांव के राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों से होकर पारेषण लाइन खींचना एक दुष्कर काम है।"
उन्होंने कहा, "इसकी तुलना में बांग्लादेश से होकर देश के शेष हिस्से में बिजली का पारेषण अधिक आसान है। हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश के साथ इस बारे में एक व्यवस्था तैयार करे।" डे ने कहा, "केंद्र सरकार मामले का अध्ययन कर रही है।"
पलटाना परियोजना भारत और बांग्लादेश के आपसी सहयोग का प्रमाण है। परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टरबाइनों की ढुलाई बांग्लादेश के हल्दिया बंदरगाह से जलमार्ग से होकर पलटाना तक की गई थी।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
त्रिपुरा के बिजली मंत्री मानिक डे ने कहा, "पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को बिजली आपूर्ति करने के उद्देश्य से त्रिपुरा से पश्चिमी असम स्थित बोंगाईगांव के राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों से होकर पारेषण लाइन खींचना एक दुष्कर काम है।"
उन्होंने कहा, "इसकी तुलना में बांग्लादेश से होकर देश के शेष हिस्से में बिजली का पारेषण अधिक आसान है। हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश के साथ इस बारे में एक व्यवस्था तैयार करे।" डे ने कहा, "केंद्र सरकार मामले का अध्ययन कर रही है।"
पलटाना परियोजना भारत और बांग्लादेश के आपसी सहयोग का प्रमाण है। परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टरबाइनों की ढुलाई बांग्लादेश के हल्दिया बंदरगाह से जलमार्ग से होकर पलटाना तक की गई थी।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
उन्होंने कहा, "इसकी तुलना में बांग्लादेश से होकर देश के शेष हिस्से में बिजली का पारेषण अधिक आसान है। हमने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश के साथ इस बारे में एक व्यवस्था तैयार करे।" डे ने कहा, "केंद्र सरकार मामले का अध्ययन कर रही है।"
पलटाना परियोजना भारत और बांग्लादेश के आपसी सहयोग का प्रमाण है। परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टरबाइनों की ढुलाई बांग्लादेश के हल्दिया बंदरगाह से जलमार्ग से होकर पलटाना तक की गई थी।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
पलटाना परियोजना भारत और बांग्लादेश के आपसी सहयोग का प्रमाण है। परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टरबाइनों की ढुलाई बांग्लादेश के हल्दिया बंदरगाह से जलमार्ग से होकर पलटाना तक की गई थी।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने पहले कहा था कि बांग्लादेश ने पलटाना परियोजना से बिजली खरीदने की इच्छा जताई थी।टिप्पणियां
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कम्पनी (ओटीपीसी) के प्रबंध निदेशक सुधींद्र कुमार दूबे ने भी आईएएनएस से कहा, "पलटाना बिजली परियोजना से पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों तक बिजली का पारेषण एक बड़ी समस्या है।"
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है।
ओटीपीसी ओएनजीसी, त्रिपुरा सरकार और इंफ्रास्ट्रक्च र लीजिंग एंड फाइनेंशियन लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) का संयुक्त उपक्रम है, जिसका गठन परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया था। फिलहाल व्यस्त समय में त्रिपुरा की कुल मांग 200 मेगावाट है। | सारांश: त्रिपुरा की योजना यदि सफल होती है तो जल्द ही पूर्वोत्तर का यह राज्य बांग्लादेश से होकर देश के अन्य हिस्से में बिजली की आपूर्ति करने लगेगा। राज्य ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश के साथ इस सम्बंध में एक व्यवस्था निश्चित करने का आग्रह किया है। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखने के फैसले पर बुधवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। अदालत ने इस पर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के साथ-साथ सीबीआई, एनआईए, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भी नोटिस जारी किया है। खंडपीठ ने कहा, "हम इस मामले को अंतिम निपटान के लिए रख रहे हैं। अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी। बुधवार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल किया जाना चाहिए।" याचिकाकर्ता अजय कुमार अग्रवाल और सिताब अली चौधरी ने नौ जून की सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी थी, जिसमें सीबीआई, एनआईए और नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड को आरटीआई के दायरे से बाहर रखने की बात कही गई थी। याचिका में कहा गया है, "आरटीआई अधिनियम के तहत सूचना छिपाना असंवैधानिक है।" याचिकाकर्ता चौधरी ने कहा, "याचिका उन लोगों के लिए दाखिल की गई है, जो अदालत तक पहुंचने में अक्षम हैं।" उधर, मद्रास उच्च न्यायालय ने भी इसी तरह के एक मामले में केंद्र सरकार और सीबीआई से आरटीआई में छूट पर स्पष्टीकरण मांगा है। | संक्षिप्त पाठ: हाईकोर्ट ने सीबीआई और एनआईए को आरटीआई के दायरे से बाहर रखने के फैसले पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक ताजा स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ है कि हाल ही में संपन्न ट्वेंटी-20 विश्व कप और अगस्त में हुए श्रीलंका प्रीमियर लीग के दौरान कम से कम छह अम्पयार ऐसे थे जो घूस लेकर पक्ष में निर्णय देने को तैयार थे।
एक निजी समाचार चैनल द्वारा 'ऑपरेशन वर्ल्ड कप' नाम से किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में जिन अम्पायरों का नाम आया है उनमें पाकिस्तान के नदीम गौरी और अनीस सिद्दिकी, बांग्लादेश के नादिर शाह और श्रीलंका के गामिनी दिस्सानायके, मॉरिश विंस्टन और सगारा गलागे शामिल हैं।
इनमें से सिर्फ शाह और शर्फूद्दौला इब्ने शाहिद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वर्तमान अम्पायरों के पैनल में हैं।
चैनल ने हालांकि कहा कि शर्फूद्दौला ने उसके अंडरकवर रिपोर्टर से पैसे लेकर हक में फैसला देने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन शाह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर के किसी भी मैच को फिक्स करने को तैयार हो गए। शाह ने 40 एकदिवसीय और तीन ट्वेंटी-20 मुकाबलों में अम्पायरिंग की है।
शाह ने यह खुलासा भी किया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज नासिर जमशेद ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान मैच फिक्स किए थे।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि श्रीलंकाई अम्पायर गलागे 17 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले 50000 रुपये के एवज में पिच, मौसम, टॉस और अंतिम एकादश के बारे में जानकारी देने को तैयार हो गए। वह इस मुकाबले में चौथे अम्पायर की भूमिका में थे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
एक निजी समाचार चैनल द्वारा 'ऑपरेशन वर्ल्ड कप' नाम से किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में जिन अम्पायरों का नाम आया है उनमें पाकिस्तान के नदीम गौरी और अनीस सिद्दिकी, बांग्लादेश के नादिर शाह और श्रीलंका के गामिनी दिस्सानायके, मॉरिश विंस्टन और सगारा गलागे शामिल हैं।
इनमें से सिर्फ शाह और शर्फूद्दौला इब्ने शाहिद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वर्तमान अम्पायरों के पैनल में हैं।
चैनल ने हालांकि कहा कि शर्फूद्दौला ने उसके अंडरकवर रिपोर्टर से पैसे लेकर हक में फैसला देने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन शाह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर के किसी भी मैच को फिक्स करने को तैयार हो गए। शाह ने 40 एकदिवसीय और तीन ट्वेंटी-20 मुकाबलों में अम्पायरिंग की है।
शाह ने यह खुलासा भी किया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज नासिर जमशेद ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान मैच फिक्स किए थे।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि श्रीलंकाई अम्पायर गलागे 17 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले 50000 रुपये के एवज में पिच, मौसम, टॉस और अंतिम एकादश के बारे में जानकारी देने को तैयार हो गए। वह इस मुकाबले में चौथे अम्पायर की भूमिका में थे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
इनमें से सिर्फ शाह और शर्फूद्दौला इब्ने शाहिद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के वर्तमान अम्पायरों के पैनल में हैं।
चैनल ने हालांकि कहा कि शर्फूद्दौला ने उसके अंडरकवर रिपोर्टर से पैसे लेकर हक में फैसला देने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन शाह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर के किसी भी मैच को फिक्स करने को तैयार हो गए। शाह ने 40 एकदिवसीय और तीन ट्वेंटी-20 मुकाबलों में अम्पायरिंग की है।
शाह ने यह खुलासा भी किया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज नासिर जमशेद ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान मैच फिक्स किए थे।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि श्रीलंकाई अम्पायर गलागे 17 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले 50000 रुपये के एवज में पिच, मौसम, टॉस और अंतिम एकादश के बारे में जानकारी देने को तैयार हो गए। वह इस मुकाबले में चौथे अम्पायर की भूमिका में थे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
चैनल ने हालांकि कहा कि शर्फूद्दौला ने उसके अंडरकवर रिपोर्टर से पैसे लेकर हक में फैसला देने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन शाह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर के किसी भी मैच को फिक्स करने को तैयार हो गए। शाह ने 40 एकदिवसीय और तीन ट्वेंटी-20 मुकाबलों में अम्पायरिंग की है।
शाह ने यह खुलासा भी किया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज नासिर जमशेद ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान मैच फिक्स किए थे।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि श्रीलंकाई अम्पायर गलागे 17 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले 50000 रुपये के एवज में पिच, मौसम, टॉस और अंतिम एकादश के बारे में जानकारी देने को तैयार हो गए। वह इस मुकाबले में चौथे अम्पायर की भूमिका में थे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
शाह ने यह खुलासा भी किया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज नासिर जमशेद ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान मैच फिक्स किए थे।
एक वीडियो में दिखाया गया है कि श्रीलंकाई अम्पायर गलागे 17 सितम्बर को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले से पहले 50000 रुपये के एवज में पिच, मौसम, टॉस और अंतिम एकादश के बारे में जानकारी देने को तैयार हो गए। वह इस मुकाबले में चौथे अम्पायर की भूमिका में थे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
दिस्सानायके तो इससे भी एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने यहां तक कह डाला कि श्रीलंकाई क्रिकेट अधिकारियों को शराब देकर कोई भी काम निकाला जा सकता है।टिप्पणियां
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
गौरी ने रिपोर्टर से बातचीत में कबूल किया कि वह पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। गौरी ने 43 एकदिवसीय और 14 टेस्ट मैचों में अम्पायरिंग की है।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे।
सिद्दीकी भी पैसे लेकर भारत के पक्ष में फैसला सुनाने को तैयार थे। वहीं अनीस ने वादा किया कि भारत के पक्ष में फैसला देने के लिए वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को संभाल लेंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक ताजा स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ है कि हाल ही में संपन्न ट्वेंटी-20 विश्व कप और अगस्त में हुए श्रीलंका प्रीमियर लीग के दौरान कम से कम छह अम्पयार ऐसे थे जो घूस लेकर पक्ष में निर्णय देने को तैयार थे। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शामली जिले में तीन युवकों द्वारा एक बंदर की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर को भगवान हनुमान का रूप माना जाता है और इसे चोट पहुंचाना पाप माना जाता है. कैराना के क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रदीप कुमार ने कहा, "तीन भाइयों- आसिफ, हाफिज और अनीस के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जो शनिवार को कथित रूप से बंदर के इर्द-गिर्द घूम रहे थे और उनमें से एक ने परिवार के चार लाइसेंसी हथियारों में से एक से बंदर को गोली मार दी."
पाकिस्तान के सक्रिय राजनीति में लौटने की तैयारी में हैं पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ, कही यह बात...
पुलिस के अनुसार, बंदर की पीठ पर गोली लगी और इसके कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई. वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बंदर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद उसे दफना दिया गया. वन विभाग ने वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम 1972 की धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसके अंतर्गत छह महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है. हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
करीब दो महीने से घर में नजरबंद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला पहली बार आए सामने, देखें तस्वीरें
घटना के बाद बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और खबर फैलते ही उनके साथ ग्रामीण भी जुड़ गए. बजरंग दल की युवा इकाई के जिला अध्यक्ष सन्नी सरोहा ने कहा, "अल्पसंख्यक समुदाय के तीन युवकों ने बंदर को गोली मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. उन्होंने कुछ आपत्तिजनक बयान भी दिए हैं. हम उन्हें तत्काल गिरफ्तार किए जाने और उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की मांग करते हैं." स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है. | सारांश: यूपी में बंदर की गोली मारकर हत्या
हत्या किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया
लाइसेंसी हथियार से मारी गोली | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि ट्रेड यूनियनों की दो दिन की आम हड़ताल से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा और 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का नुकसान होगा।
एसोचैम का कहना है कि पहले से ही नरमी से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था हड़ताल से और कमजोर होगी। चालू वित्तवर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि की दर पिछले एक दशक में सबसे कम (5 प्रतिशत) रह जाने का अनुमान है। पिछले वर्ष आर्थिक वृद्धि 6.2 प्रतिशत रही थी।टिप्पणियां
एसोचैम अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा है कि महंगाई की चिंता सभी को है और श्रमिक संगठनों की हड़ताल से वस्तुओं की आपूर्ति गड़बड़ाने से महंगाई और बढ़ सकती है। धूत ने कहा कि देशव्यापी इस हड़ताल से बैंकिंग, बीमा और ट्रांसपोर्ट जैसे सेवा क्षेत्र पर ज्यादा असर पड़ेगा, साथ ही औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित होगा। यहां तक कि सब्जियों की आवाजाही प्रभावित होने से कृषि क्षेत्र पर भी असर होगा। फल एवं सब्जियां यदि तुरंत गंतव्य तक नहीं पहुंचती हैं, तो इनके खराब होने का जोखिम रहता है।
हड़ताल से जीडीपी में होने वाले नुकसान का अनुमान दैनिक जीडीपी में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान के आधार पर लगाया गया है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष के दौरान देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस हिसाब से दैनिक जीडीपी 26,000 करोड़ रुपये और दो दिन में 52,000 करोड़ रुपये बैठती है। ऐसे में हड़ताल से यदि 30 से 40 प्रतिशत दैनिक कारोबार का नुकसान होता है, तो दो दिन की हड़ताल से कुल मिलाकर 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये जीडीपी का नुकसान होगा।
एसोचैम का कहना है कि पहले से ही नरमी से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था हड़ताल से और कमजोर होगी। चालू वित्तवर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि की दर पिछले एक दशक में सबसे कम (5 प्रतिशत) रह जाने का अनुमान है। पिछले वर्ष आर्थिक वृद्धि 6.2 प्रतिशत रही थी।टिप्पणियां
एसोचैम अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा है कि महंगाई की चिंता सभी को है और श्रमिक संगठनों की हड़ताल से वस्तुओं की आपूर्ति गड़बड़ाने से महंगाई और बढ़ सकती है। धूत ने कहा कि देशव्यापी इस हड़ताल से बैंकिंग, बीमा और ट्रांसपोर्ट जैसे सेवा क्षेत्र पर ज्यादा असर पड़ेगा, साथ ही औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित होगा। यहां तक कि सब्जियों की आवाजाही प्रभावित होने से कृषि क्षेत्र पर भी असर होगा। फल एवं सब्जियां यदि तुरंत गंतव्य तक नहीं पहुंचती हैं, तो इनके खराब होने का जोखिम रहता है।
हड़ताल से जीडीपी में होने वाले नुकसान का अनुमान दैनिक जीडीपी में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान के आधार पर लगाया गया है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष के दौरान देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस हिसाब से दैनिक जीडीपी 26,000 करोड़ रुपये और दो दिन में 52,000 करोड़ रुपये बैठती है। ऐसे में हड़ताल से यदि 30 से 40 प्रतिशत दैनिक कारोबार का नुकसान होता है, तो दो दिन की हड़ताल से कुल मिलाकर 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये जीडीपी का नुकसान होगा।
एसोचैम अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा है कि महंगाई की चिंता सभी को है और श्रमिक संगठनों की हड़ताल से वस्तुओं की आपूर्ति गड़बड़ाने से महंगाई और बढ़ सकती है। धूत ने कहा कि देशव्यापी इस हड़ताल से बैंकिंग, बीमा और ट्रांसपोर्ट जैसे सेवा क्षेत्र पर ज्यादा असर पड़ेगा, साथ ही औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित होगा। यहां तक कि सब्जियों की आवाजाही प्रभावित होने से कृषि क्षेत्र पर भी असर होगा। फल एवं सब्जियां यदि तुरंत गंतव्य तक नहीं पहुंचती हैं, तो इनके खराब होने का जोखिम रहता है।
हड़ताल से जीडीपी में होने वाले नुकसान का अनुमान दैनिक जीडीपी में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान के आधार पर लगाया गया है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष के दौरान देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस हिसाब से दैनिक जीडीपी 26,000 करोड़ रुपये और दो दिन में 52,000 करोड़ रुपये बैठती है। ऐसे में हड़ताल से यदि 30 से 40 प्रतिशत दैनिक कारोबार का नुकसान होता है, तो दो दिन की हड़ताल से कुल मिलाकर 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये जीडीपी का नुकसान होगा।
हड़ताल से जीडीपी में होने वाले नुकसान का अनुमान दैनिक जीडीपी में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान के आधार पर लगाया गया है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष के दौरान देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस हिसाब से दैनिक जीडीपी 26,000 करोड़ रुपये और दो दिन में 52,000 करोड़ रुपये बैठती है। ऐसे में हड़ताल से यदि 30 से 40 प्रतिशत दैनिक कारोबार का नुकसान होता है, तो दो दिन की हड़ताल से कुल मिलाकर 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये जीडीपी का नुकसान होगा। | सारांश: वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि ट्रेड यूनियनों की दो दिन की आम हड़ताल से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा और 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का नुकसान होगा। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिवाली की मांग से गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 290 रुपये की छलांग के साथ तीन सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर 31,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय सर्राफा कारोबारियों की लिवाली से सोने में तेजी आई. हालांकि, वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से यह लाभ कुछ कम रहा. चांदी की बात करें तो औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं की सीमित मांग से चांदी 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रही.
सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि दिवाली त्योहार की वजह से हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग बढ़ने से सोने में तेजी आई. वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना सिंगापुर में 0.12 प्रतिशत टूटकर 1,283.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं चांदी 0.06 प्रतिशत के नुकसान से 16.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.टिप्पणियां
राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 290-290 रुपये चढ़कर क्रमश: 31,000 रुपये और 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले सोने ने यह स्तर 27 सितंबर को देखा था. कल के कारोबार में सोना 140 रुपये टूटा था. गिन्नी के भाव हालांकि 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे.
वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 130 रुपये टूटकर 39,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए. चांदी सिक्का हालांकि 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा (लिवाल) और 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा (बिकवाल) पर कायम रहा.
सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि दिवाली त्योहार की वजह से हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग बढ़ने से सोने में तेजी आई. वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना सिंगापुर में 0.12 प्रतिशत टूटकर 1,283.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं चांदी 0.06 प्रतिशत के नुकसान से 16.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.टिप्पणियां
राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 290-290 रुपये चढ़कर क्रमश: 31,000 रुपये और 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले सोने ने यह स्तर 27 सितंबर को देखा था. कल के कारोबार में सोना 140 रुपये टूटा था. गिन्नी के भाव हालांकि 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे.
वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 130 रुपये टूटकर 39,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए. चांदी सिक्का हालांकि 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा (लिवाल) और 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा (बिकवाल) पर कायम रहा.
राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता 290-290 रुपये चढ़कर क्रमश: 31,000 रुपये और 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले सोने ने यह स्तर 27 सितंबर को देखा था. कल के कारोबार में सोना 140 रुपये टूटा था. गिन्नी के भाव हालांकि 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर रहे.
वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 130 रुपये टूटकर 39,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए. चांदी सिक्का हालांकि 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा (लिवाल) और 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा (बिकवाल) पर कायम रहा.
वहीं दूसरी ओर चांदी तैयार 41,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. साप्ताहिक डिलिवरी के भाव 130 रुपये टूटकर 39,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए. चांदी सिक्का हालांकि 74,000 रुपये प्रति सैकड़ा (लिवाल) और 75,000 रुपये प्रति सैकड़ा (बिकवाल) पर कायम रहा. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अधिक मांग के चलते सोना में 290 रुपये का उछाल
तीन सप्ताह की सबसे अधिक ऊंचाई पर चढ़ा सोना
चांदी के दामों में आया ठहराव, 41000 पर थमी रफ्तार | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को उत्तराखंड में आपदा राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए और कहा कि भारी वर्षा और बाढ़ के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या 102 से ज्यादा हो सकती है।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उत्तराखंड के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री ने यहां कहा कि तबाही का मंजर देख कर वे लोग व्यथित हैं। उन्होंने कहा, "मैंने और संप्रग की अध्यक्ष ने आज जो कुछ देखा वह अत्यंत कारुणिक है। हालांकि अभी तक मरने वालों की संख्या 102 आंकी गई है, आशंका यह है कि जनहानि की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।"टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और उन्हें भोजन, कपड़े और रहने की सुविधा मुहैया कराई गई है, लेकिन वे अभी तक फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा क्षति केदारनाथ और इससे सटे इलाकों में हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को बचाना और प्रभावित लोगों की मदद करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस त्रासदी में जिन लोगों की जान गई उनके परिजनों और उन लोगों के लिए जो घायल हुए या जिनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है उनके लिए हम गहरे आहत अनुभव करते हैं।" उन्होंने कहा, "इस घड़ी में अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को निकालना और जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा आवश्यकता है उन्हें मदद पहुंचाना है।"
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उत्तराखंड के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री ने यहां कहा कि तबाही का मंजर देख कर वे लोग व्यथित हैं। उन्होंने कहा, "मैंने और संप्रग की अध्यक्ष ने आज जो कुछ देखा वह अत्यंत कारुणिक है। हालांकि अभी तक मरने वालों की संख्या 102 आंकी गई है, आशंका यह है कि जनहानि की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।"टिप्पणियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और उन्हें भोजन, कपड़े और रहने की सुविधा मुहैया कराई गई है, लेकिन वे अभी तक फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा क्षति केदारनाथ और इससे सटे इलाकों में हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को बचाना और प्रभावित लोगों की मदद करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस त्रासदी में जिन लोगों की जान गई उनके परिजनों और उन लोगों के लिए जो घायल हुए या जिनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है उनके लिए हम गहरे आहत अनुभव करते हैं।" उन्होंने कहा, "इस घड़ी में अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को निकालना और जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा आवश्यकता है उन्हें मदद पहुंचाना है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और उन्हें भोजन, कपड़े और रहने की सुविधा मुहैया कराई गई है, लेकिन वे अभी तक फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा क्षति केदारनाथ और इससे सटे इलाकों में हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को बचाना और प्रभावित लोगों की मदद करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस त्रासदी में जिन लोगों की जान गई उनके परिजनों और उन लोगों के लिए जो घायल हुए या जिनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है उनके लिए हम गहरे आहत अनुभव करते हैं।" उन्होंने कहा, "इस घड़ी में अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को निकालना और जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा आवश्यकता है उन्हें मदद पहुंचाना है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस त्रासदी में जिन लोगों की जान गई उनके परिजनों और उन लोगों के लिए जो घायल हुए या जिनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है उनके लिए हम गहरे आहत अनुभव करते हैं।" उन्होंने कहा, "इस घड़ी में अधिकारियों की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को निकालना और जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा आवश्यकता है उन्हें मदद पहुंचाना है।" | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को उत्तराखंड में आपदा राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए और कहा कि भारी वर्षा और बाढ़ के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या 102 से ज्यादा हो सकती है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Actress) सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और खूबसूरत काजल राघवानी (Kajal Raghwani) स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘कुली नं. 1' (Coolie Number 1) का फर्स्ट लुक आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जारी कर दिया गया है. फिल्म का फर्स्ट लुक आउट होते ही वायरल हो गया है. प्रकृति फिल्म्स प्रस्तुत ‘कुली नं. 1' (Coolie Number 1) का फर्स्ट लुक काफी भव्य है, जिसमें खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के साथ अन्य कलाकार भी आकर्षक एक्शन में नजर आ रहे हैं. इस फिल्म का निर्माण सुरेंद्र प्रसाद ने किया है और लालबाबू पंडित ने इसे निर्देशित किया है. दोनों ने इस फिल्म के फर्स्ट लुक को महिलाओं को समर्पित किया और कहा कि ‘कुली नं. 1' भी महिला सशक्तिकरण का संदेश समाज को देगी.
महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को काजल राघवानी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह मेरे लिए फक्र की बात है कि आज हम महिलाओं के लिए विशेष दिन है. इस दिन मेरी फिल्म की एक झलक दर्शकों के सामने है, जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं. जहां तक फिल्म की बात है तो इसमें मेरा किरदार काफी स्ट्रांग है. फिल्म की कहानी में महिलाओं का सम्मान भी खूब किया गया है. काजल ने कहा कि जिस तरह से आज हम सब महिलाओं के सम्मान की बात कर रहे हैं. यदि हमेशा हर क्षण, हर दिन उनको इसी तरह का सम्मान दिया जाये तो शायद ही उन पर कोई विपत्ति आए.
वहीं, खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने भी महिलाओं की सम्मान करने की बात कही और कहा कि हमारी फिल्म ‘कुली नं. 1' महिलाओं के खास है, क्योंकि फिल्म पूरी तरह से सामाजिक और पारिवारिक है. इसलिए भोजपुरी के तमाम दर्शकों से, खासकर महिलाओं से अपील है कि जब भी मेरी फिल्म ‘कुली नं. 1' रिलीज हो, वे देखने सिनेमाघरों में जरूर जाएं. आपके आशीर्वाद और मातृत्व भाव से खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) बना है. इसलिए मैं देश की सभी महिलाओं का सम्मान करते हुए उन्हें बधाई भी देता हूं.
गौरतलब है कि फिल्म ‘कुली नंबर वन' में खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के अलावा पूजा गांगुली, देव सिंह, अनूप अरोड़ा, किरण यादव, महेश आचार्या, सीपी भट्ट, मनोज सिंह, बलराम पांडेय, बिना पांडेय आदि है. | यहाँ एक सारांश है:खेसारी लाल यादव, काजल की फिल्म
'कुली नंबर 1' का फर्स्ट लुक आउट
काजल राघवानी ने कही ये बात | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्ज में डूबी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस को मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में 755 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
विमानन कम्पनी को श्रमिक समस्या के कारण उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा था और इसके बाद अक्टूबर 2012 में इसके उड़ान लाइसेंस को निलम्बित कर दिया गया था।
विमानन कम्पनी के लेखापरीक्षक बीके रामध्यानी एंड कम्पनी ने कहा कि यदि विमानन कम्पनी भारत में जारी लेखा मानकों का उपयोग करती तो उसका नुकसान 1,090 करोड़ रुपये का होता है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दी गई सूचना के मुताबिक कम्पनी ने समीक्षाधीन अवधि में 401 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च उठाया और विमानों के पट्टे पर 182 करोड़ रुपये खर्च किए।
दोपहर में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.71 फीसदी गिरावट के साथ 12.20 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
विमानन कम्पनी को श्रमिक समस्या के कारण उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा था और इसके बाद अक्टूबर 2012 में इसके उड़ान लाइसेंस को निलम्बित कर दिया गया था।
विमानन कम्पनी के लेखापरीक्षक बीके रामध्यानी एंड कम्पनी ने कहा कि यदि विमानन कम्पनी भारत में जारी लेखा मानकों का उपयोग करती तो उसका नुकसान 1,090 करोड़ रुपये का होता है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दी गई सूचना के मुताबिक कम्पनी ने समीक्षाधीन अवधि में 401 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च उठाया और विमानों के पट्टे पर 182 करोड़ रुपये खर्च किए।
दोपहर में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.71 फीसदी गिरावट के साथ 12.20 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
विमानन कम्पनी के लेखापरीक्षक बीके रामध्यानी एंड कम्पनी ने कहा कि यदि विमानन कम्पनी भारत में जारी लेखा मानकों का उपयोग करती तो उसका नुकसान 1,090 करोड़ रुपये का होता है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दी गई सूचना के मुताबिक कम्पनी ने समीक्षाधीन अवधि में 401 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च उठाया और विमानों के पट्टे पर 182 करोड़ रुपये खर्च किए।
दोपहर में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.71 फीसदी गिरावट के साथ 12.20 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दी गई सूचना के मुताबिक कम्पनी ने समीक्षाधीन अवधि में 401 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च उठाया और विमानों के पट्टे पर 182 करोड़ रुपये खर्च किए।
दोपहर में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.71 फीसदी गिरावट के साथ 12.20 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
दोपहर में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.71 फीसदी गिरावट के साथ 12.20 रुपये पर कारोबार करते देखे गए।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
कम्पनी पर फिलहाल बैंकों, विमान लीजिंग कम्पनियों, हवाईअड्डा संचालकों, तेल विपणन कम्पनियों तथा अन्य आपूर्तिकर्ताओं के लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया होने का अनुमान है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
विमानन कम्पनी अपने कर्मचारियों को भी कई महीने से बकाए का भुगतान नहीं कर पाई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उड़ान लाइसेंस फिर से हासिल करने के लिए और उड़ानों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए नियामकीय शर्तों को पूरा करने में इसने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है।
कम्पनी का लाइसेंस 20 अक्टूबर 2012 को निलम्बित कर दिया गया था। इससे पहले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उड़ानों का संचालन ठप हो गया था। लाइसेंस औपचारिक रूप से 31 दिसम्बर 2012 को निरस्त हो गया और कम्पनी द्वारा संचालन फिर से शुरू करने की योजना भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस बिना पर रद्द कर दी कि इसमें ठोस विवरण मौजूद नहीं थे। विजय माल्या इस कम्पनी के प्रमोटर हैं। कम्पनी दो सालों में अपना लाइसेंस फिर से नया कर सकती है। | यह एक सारांश है: कर्ज में डूबी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस को मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में 755 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जमैका के फर्राटा धावक उसैन बोल्ट के पास ढेरों स्वर्ण पदक हैं, लेकिन अभी उनकी भूख मिटी नहीं है। इस सुपरस्टार ने कहा कि उनका लक्ष्य 2016 में रियो डि जनेरियो में होने वाले ओलिंपिक खेलों तक दबदबा बनाए रखना है।
बोल्ट ने पिछले साल लंदन ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक जीते, जो बीजिंग ओलिंपिक 2008 की पुनरावृत्ति थी।
इस बीच, उन्होंने 2009 में बर्लिन विश्व चैंपियनशिप में तीन और दीगू में 2011 में दो स्वर्ण पदक जीते। उनके नाम पर 100 और 200 मीटर (9.58 सेकेंड और 19.19 सेकेंड, दोनों बर्लिन में) का रिकॉर्ड है। इसके अलावा वह लंदन ओलिंपिक में 36.84 सेकेंड का रिकॉर्ड बनाने वाली जमैकाई टीम के हिस्सा थे।टिप्पणियां
स्टेड डि फ्रांस में शनिवार को होने वाली डायमंड लीग के पेरिस चरण में 200 मीटर की दौड़ में भाग लेने की तैयारियों में जुटे 26-वर्षीय बोल्ट ने कहा कि वह आगे भी इस खेल में दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। बोल्ट ने कहा, मैं रियो खेलों तक फर्राटा दौड़ में दबदबा बनाए रखना चाहता हूं। कई युवा और महत्वाकांक्षी फर्राटा धावक आ रहे हैं, जो मुझे हराना चाहते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता में दबदबा बनाए रखना सर्वश्रेष्ठ होता है।
उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब (अमेरिका के दिग्गज धावक) माइकल जॉनसन ने खेल से संन्यास लिया था, तो मैंने उनसे पूछा था कि वह अपने करियर के बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें गर्व है कि वह आखिर तक खेल में दबदबा बनाए रखने में सफल रहे। मेरा लक्ष्य भी यही है।
बोल्ट ने पिछले साल लंदन ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक जीते, जो बीजिंग ओलिंपिक 2008 की पुनरावृत्ति थी।
इस बीच, उन्होंने 2009 में बर्लिन विश्व चैंपियनशिप में तीन और दीगू में 2011 में दो स्वर्ण पदक जीते। उनके नाम पर 100 और 200 मीटर (9.58 सेकेंड और 19.19 सेकेंड, दोनों बर्लिन में) का रिकॉर्ड है। इसके अलावा वह लंदन ओलिंपिक में 36.84 सेकेंड का रिकॉर्ड बनाने वाली जमैकाई टीम के हिस्सा थे।टिप्पणियां
स्टेड डि फ्रांस में शनिवार को होने वाली डायमंड लीग के पेरिस चरण में 200 मीटर की दौड़ में भाग लेने की तैयारियों में जुटे 26-वर्षीय बोल्ट ने कहा कि वह आगे भी इस खेल में दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। बोल्ट ने कहा, मैं रियो खेलों तक फर्राटा दौड़ में दबदबा बनाए रखना चाहता हूं। कई युवा और महत्वाकांक्षी फर्राटा धावक आ रहे हैं, जो मुझे हराना चाहते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता में दबदबा बनाए रखना सर्वश्रेष्ठ होता है।
उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब (अमेरिका के दिग्गज धावक) माइकल जॉनसन ने खेल से संन्यास लिया था, तो मैंने उनसे पूछा था कि वह अपने करियर के बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें गर्व है कि वह आखिर तक खेल में दबदबा बनाए रखने में सफल रहे। मेरा लक्ष्य भी यही है।
इस बीच, उन्होंने 2009 में बर्लिन विश्व चैंपियनशिप में तीन और दीगू में 2011 में दो स्वर्ण पदक जीते। उनके नाम पर 100 और 200 मीटर (9.58 सेकेंड और 19.19 सेकेंड, दोनों बर्लिन में) का रिकॉर्ड है। इसके अलावा वह लंदन ओलिंपिक में 36.84 सेकेंड का रिकॉर्ड बनाने वाली जमैकाई टीम के हिस्सा थे।टिप्पणियां
स्टेड डि फ्रांस में शनिवार को होने वाली डायमंड लीग के पेरिस चरण में 200 मीटर की दौड़ में भाग लेने की तैयारियों में जुटे 26-वर्षीय बोल्ट ने कहा कि वह आगे भी इस खेल में दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। बोल्ट ने कहा, मैं रियो खेलों तक फर्राटा दौड़ में दबदबा बनाए रखना चाहता हूं। कई युवा और महत्वाकांक्षी फर्राटा धावक आ रहे हैं, जो मुझे हराना चाहते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता में दबदबा बनाए रखना सर्वश्रेष्ठ होता है।
उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब (अमेरिका के दिग्गज धावक) माइकल जॉनसन ने खेल से संन्यास लिया था, तो मैंने उनसे पूछा था कि वह अपने करियर के बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें गर्व है कि वह आखिर तक खेल में दबदबा बनाए रखने में सफल रहे। मेरा लक्ष्य भी यही है।
स्टेड डि फ्रांस में शनिवार को होने वाली डायमंड लीग के पेरिस चरण में 200 मीटर की दौड़ में भाग लेने की तैयारियों में जुटे 26-वर्षीय बोल्ट ने कहा कि वह आगे भी इस खेल में दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। बोल्ट ने कहा, मैं रियो खेलों तक फर्राटा दौड़ में दबदबा बनाए रखना चाहता हूं। कई युवा और महत्वाकांक्षी फर्राटा धावक आ रहे हैं, जो मुझे हराना चाहते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता में दबदबा बनाए रखना सर्वश्रेष्ठ होता है।
उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब (अमेरिका के दिग्गज धावक) माइकल जॉनसन ने खेल से संन्यास लिया था, तो मैंने उनसे पूछा था कि वह अपने करियर के बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें गर्व है कि वह आखिर तक खेल में दबदबा बनाए रखने में सफल रहे। मेरा लक्ष्य भी यही है।
उन्होंने कहा, मुझे याद है कि जब (अमेरिका के दिग्गज धावक) माइकल जॉनसन ने खेल से संन्यास लिया था, तो मैंने उनसे पूछा था कि वह अपने करियर के बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें गर्व है कि वह आखिर तक खेल में दबदबा बनाए रखने में सफल रहे। मेरा लक्ष्य भी यही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जमैका के फर्राटा धावक उसैन बोल्ट के पास ढेरों स्वर्ण पदक हैं, लेकिन अभी उनकी भूख मिटी नहीं है। इस सुपरस्टार ने कहा कि उनका लक्ष्य 2016 में रियो डि जनेरियो में होने वाले ओलिंपिक खेलों तक दबदबा बनाए रखना है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किंग्स इलेवन पंजाब ने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के अपने चौथे मैच में राजस्थान रॉयल्स को 48 रन से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। किंग्स इलेवन की इस जीत के नायक शान मार्श रहे जो 2008 में पहले आईपीएल में इस टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ साबित हुए थे। विंध्वसक बल्लेबाज पाल वलथाटी (31 गेंद पर 46 रन) से मिली तूफानी शुरुआत के बाद मार्श ने 42 गेंद पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 71 रन बनाए। इससे किंग्स इलेवन पंजाब अंतिम ओवरों की ढिलायी के बावजूद पांच विकेट पर 195 रन बनाने में सफल रहा। राजस्थान रॉयल्स किसी भी समय लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में नहीं दिखा और वह सात विकेट पर 147 रन ही बना पाया। उसकी तरफ से अशोक मनेरिया ने सर्वाधिक 34 रन बनाए। किंग्स इलेवन के लिये प्रवीण कुमार और भार्गव भट ने दो-दो विकेट लिए। किंग्स इलेवन की यह लगातार तीसरी जीत है और इस तरह से उसे चार मैच में छह अंक हो गए हैं। दूसरी तरफ रॉयल्स को तीसरी हार का सामना करना पड़ा जबकि उसका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। उसके अब छह मैच में पांच अंक हैं। किंग्स इलेवन को फिर से वलथाटी से तूफानी शुरुआत मिली। उन्होंने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट (16 गेंद पर 28 रन) के साथ पहले विकेट के लिए केवल 26 गेंद पर 67 रन जोड़े लेकिन आईपीएल के पहले सत्र में रिकार्ड 616 रन बनाने वाले मार्श ने फिर से अपने पुराने तेवर दिखाए जिससे किंग्स इलेवन इस सत्र का सबसे बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। एक समय हालांकि लग रहा था कि वह 200 रन के पार पहुंच जाएगा लेकिन रॉयल्स के गेंदबाजों ने अंतिम पांच ओवर में केवल 26 रन दिए और इस बीच पांच विकेट हासिल किए। द्रविड़ को रियान हैरिस ने जबकि असनोदकर को प्रवीण कुमार ने बोल्ड किया। वाटसन ने आते ही हैरिस पर तीन चौके जड़े लेकिन प्रवीण ने उन्हें शार्ट पिच गेंद पर मिड आन पर पीयूष चावला के हाथों कैच करा दिया। टेलर खाता भी नहीं खोल पाये और चावला की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। स्टुअर्ट बिन्नी (24 गेंद पर 30 रन) और मनेरिया ने पांचवें विकेट के लिये 50 रन की साझेदारी की लेकिन रन रेट बढ़ने का दबाव उन पर साफ दिख रहा था। बिन्नी ने वलथाटी और मनेरिया ने चावला के ओवर में चौका और छक्का जमाया लेकिन रेयान मैकलारेन अपने पहले ओवर में ही किंग्स इलेवन को सफलता दिलाने में सफल रहे। बिन्नी ने उनकी गेंद हवा में खेली और चावला ने उसे कैच करने में कोई गलती नहीं की। मनेरिया और अभिषेक राउत (25) ने भी कुछ देर तक विकेट गिरने का क्रम रोका लेकिन ये किसी भी समय खतरनाक नहीं दिखे। बायें हाथ के स्पिनर भार्गव भट ने इन दोनों को आउट किया। इससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाली किंग्स इलेवन की पारी की शुरुआत बड़ी रोचक रही। उसके सलामी बल्लेबाज गिलक्रिस्ट और वलथाटी पहले दो ओवर में आउट हो गए थे लेकिन संयोग से ये दोनों गेंद नोबाल निकल गई और पवेलियन लौटने के बजाय बल्लेबाजों को फ्री हिट मिल गई। वलथाटी ने त्रिवेदी के अगले ओवर में उन्होंने 25 रन बटोरे जिसमें दो छक्के और तीन चौके शामिल हैं। इससे किंग्स इलेवन ने केवल तीन ओवर में 50 रन पूरे कर दिये जो आईपीएल में नया रिकार्ड है। त्रिवेदी ने अपने चार ओवर में 59 रन लुटाये। गिलक्रिस्ट ने हमवतन वार्न के अगले ओवर में छक्का और चौका जमाया। वाटसन ने हालांकि आते ही गिलक्रिस्ट को मिड आन पर खड़े टैट के हाथों कैच करा दिया। वलथाटी इसके बाद वार्न पर छक्का जड़ने के बाद गलत शाट खेलकर मिड आफ पर कैच दे बैठे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए। अब मार्श क्रीज पर थे जिन्होंने हमवतन वार्न को निशाने पर रखा और उनके एक ओवर में तीन छक्के जड़े। वार्न ने अपनी महिला मित्र लिज हर्ले की मौजूदगी में चार ओवर में 51 रन देकर एक विकेट लिया। इसके बाद दिनेश कार्तिक (16 गेंद पर 21 रन) की बारी थी जिन्होंने 15वें ओवर में त्रिवेदी की आखिरी तीन गेंद को सीमा रेखा के दर्शन करवाए। टैट ने हालांकि अगले ओवर में कार्तिक को विकेटकीपर दिशांत याग्निक के हाथों कैच करवा दिया। किंग्स इलेवन का 15वें ओवर तक स्कोर दो विकेट पर 169 रन था लेकिन अंतिम पांच ओवरों में कहानी बदल गयी। इन ओवरों में केवल दो चौके पड़े जबकि विकेट पर विकेट गिरते रहे। रॉयल्स की तरफ से टैट ने 22 रन देकर तीन जबकि वाटसन ने 24 रन देकर दो विकेट लिए। | संक्षिप्त सारांश: पंजाब ने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए अपने चौथे मैच में राजस्थान रॉयल्स को 48 रन से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने छह लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के स्तर को पार कर लिया. इस तरह से टीसीएस रिलायंस इंडस्ट्रीज को पीछे छोड़कर फिर से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गयी. गुरुवार को कारोबार की समाप्ति पर टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 6,00,569.45 करोड़ रुपये पर रहा. बंबई शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 4.04 प्रतिशत की बढ़त लेकर 3,137.30 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए. दिन में एक समय यह 4.46 प्रतिशत चढ़कर 3,150 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया था. टिप्पणियां
टीसीएस का बाजार पूंजीकरण रिलायंस इंडस्ट्रीज के 5,87,570.56 करोड़ रुपये की तुलना में 12,998.89 करोड़ रुपये अधिक रहा. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर आज 0.16 प्रतिशत गिरकर 927.55 रुपये प्रति शेयर पर आ गये.
शीर्ष पांच कंपनियों में टीसीएस के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज रही. इसके बाद 4,99,892.24 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी बैंक तीसरे, आईटीसी 3,19,752.53 करोड़ रुपये के साथ चौथे और 3,06,416.93 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी पांचवें स्थान पर रहीं.
टीसीएस का बाजार पूंजीकरण रिलायंस इंडस्ट्रीज के 5,87,570.56 करोड़ रुपये की तुलना में 12,998.89 करोड़ रुपये अधिक रहा. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर आज 0.16 प्रतिशत गिरकर 927.55 रुपये प्रति शेयर पर आ गये.
शीर्ष पांच कंपनियों में टीसीएस के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज रही. इसके बाद 4,99,892.24 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी बैंक तीसरे, आईटीसी 3,19,752.53 करोड़ रुपये के साथ चौथे और 3,06,416.93 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी पांचवें स्थान पर रहीं.
शीर्ष पांच कंपनियों में टीसीएस के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज रही. इसके बाद 4,99,892.24 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी बैंक तीसरे, आईटीसी 3,19,752.53 करोड़ रुपये के साथ चौथे और 3,06,416.93 करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी पांचवें स्थान पर रहीं. | संक्षिप्त सारांश: शीर्ष पांच कंपनियों में टीसीएस के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज रही
एचडीएफसी बैंक तीसरे, आईटीसी चौथे स्थान पर
एचडीएफसी पांचवें स्थान पर है. | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जापान की रेलवे कंपनी जेआर ईस्ट साल 2019 तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन के एक नए मॉडल के परीक्षण की शुरुआत करेगी, जिसकी अधिकतम रफ्तार 360 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी. रेलवे कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि रेल परीक्षण में एडवांस लैब्स फॉर फ्रंटलाइन एक्टिविटी (एएलएफए-एक्स)जापानी बुलेट ट्रेन की नई पीढ़ी के लिए एक आधार का काम करेगा और कंपनी की योजना इस रेलगाड़ी को 2030 तक धरातल पर उतारने की है.
समाचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे का नया मॉडल जेआर ईस्ट की ई5 श्रृंखला से तेज होगा. वर्तमान में सबसे तेज शिंकानसेन ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. नए मॉडल के पहले प्रोटोटाइप में 10 कोच होंगे.
जापानी बुलेट ट्रेन की नई पीढ़ी का परिचालन उस वक्त शुरू होगा, जब प्रस्तावित हाई स्पीड लाइन का होक्काइडो के सपारो तक विस्तार किया जाएगा.
इस बीच, जेआर ईस्ट की कंपनी जेआर सेंट्रल एक सुपर हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविटेशन (माग्लेव) ट्रेन का भी विकास कर रही है, जिसका वाणिज्यिक परिचालन 2027 से शुरू होगा.टिप्पणियां
चुओ शिंकानसेन लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होगी और प्रारंभ में ट्रेनें टोक्यो तथा नागोया (मध्य जापान) के बीच चलेंगी, जिसे बाद में बढ़ाकर ओसाका (पश्चिमी जापान) तक कर दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समाचार एजेंसी एफे न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे का नया मॉडल जेआर ईस्ट की ई5 श्रृंखला से तेज होगा. वर्तमान में सबसे तेज शिंकानसेन ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. नए मॉडल के पहले प्रोटोटाइप में 10 कोच होंगे.
जापानी बुलेट ट्रेन की नई पीढ़ी का परिचालन उस वक्त शुरू होगा, जब प्रस्तावित हाई स्पीड लाइन का होक्काइडो के सपारो तक विस्तार किया जाएगा.
इस बीच, जेआर ईस्ट की कंपनी जेआर सेंट्रल एक सुपर हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविटेशन (माग्लेव) ट्रेन का भी विकास कर रही है, जिसका वाणिज्यिक परिचालन 2027 से शुरू होगा.टिप्पणियां
चुओ शिंकानसेन लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होगी और प्रारंभ में ट्रेनें टोक्यो तथा नागोया (मध्य जापान) के बीच चलेंगी, जिसे बाद में बढ़ाकर ओसाका (पश्चिमी जापान) तक कर दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जापानी बुलेट ट्रेन की नई पीढ़ी का परिचालन उस वक्त शुरू होगा, जब प्रस्तावित हाई स्पीड लाइन का होक्काइडो के सपारो तक विस्तार किया जाएगा.
इस बीच, जेआर ईस्ट की कंपनी जेआर सेंट्रल एक सुपर हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविटेशन (माग्लेव) ट्रेन का भी विकास कर रही है, जिसका वाणिज्यिक परिचालन 2027 से शुरू होगा.टिप्पणियां
चुओ शिंकानसेन लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होगी और प्रारंभ में ट्रेनें टोक्यो तथा नागोया (मध्य जापान) के बीच चलेंगी, जिसे बाद में बढ़ाकर ओसाका (पश्चिमी जापान) तक कर दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच, जेआर ईस्ट की कंपनी जेआर सेंट्रल एक सुपर हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविटेशन (माग्लेव) ट्रेन का भी विकास कर रही है, जिसका वाणिज्यिक परिचालन 2027 से शुरू होगा.टिप्पणियां
चुओ शिंकानसेन लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होगी और प्रारंभ में ट्रेनें टोक्यो तथा नागोया (मध्य जापान) के बीच चलेंगी, जिसे बाद में बढ़ाकर ओसाका (पश्चिमी जापान) तक कर दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चुओ शिंकानसेन लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होगी और प्रारंभ में ट्रेनें टोक्यो तथा नागोया (मध्य जापान) के बीच चलेंगी, जिसे बाद में बढ़ाकर ओसाका (पश्चिमी जापान) तक कर दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:जापान की रेलवे कंपनी जेआर ईस्ट के नाम एक और उपलब्धि
नई बुलेट ट्रेन 360 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी
इस रेलगाड़ी को 2030 तक धरातल पर उतारने की तैयारी | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने कहा है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद ने अगर हमले का आदेश नहीं भी दिया हो, तब भी 21 अगस्त को दमिश्क के पास रासायनिक हमले में हुई सैकड़ों लोगों की मौत के लिए उन्हें ही जिम्मेदार माना जाएगा।
अमेरिकी विदेशमंत्रालय की उप-प्रवक्ता मैरी हर्फ ने संवाददाताओं से कहा, हम राष्ट्रपति असद को उनके शासन द्वारा नागरिकों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, चाहे इसकी कमान और नियंत्रण किसी के पास भी रहा हो।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर, हम कहते हैं कि असद शासन इन हथियारों पर नियंत्रण रखता है और विपक्ष के पास इनका इस्तेमाल करने की क्षमता नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस समय रासायनिक हमले से जुड़ी जानकारियों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका मानता है कि असद ने हमले के आदेश दिए थे, हर्फ ने कहा, मेरे पास इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा, उनके शासन की कार्रवाइयों के लिए आखिरकार उन्हें ही जिम्मेदार समझा जाएगा। हर्फ ने कहा कि किसी भी सेना का सर्वोच्च कमांडर ही आखिरकार अपने नेतृत्व के तहत लिए गए फैसलों के लिए जिम्मेदार होता है, चाहे कमान या नियंत्रण से जुड़ा फैसला उसने नहीं लिया हो।
उन्होंने कहा, मैं सीरिया सेना की कमान एवं नियंत्रण तंत्र के बारे में अच्छे से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन दोबारा कहूंगी कि इन फैसलों के लिए आखिरकार वही (असद) जिम्मेदार हैं।
अमेरिकी विदेशमंत्रालय की उप-प्रवक्ता मैरी हर्फ ने संवाददाताओं से कहा, हम राष्ट्रपति असद को उनके शासन द्वारा नागरिकों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, चाहे इसकी कमान और नियंत्रण किसी के पास भी रहा हो।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर, हम कहते हैं कि असद शासन इन हथियारों पर नियंत्रण रखता है और विपक्ष के पास इनका इस्तेमाल करने की क्षमता नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस समय रासायनिक हमले से जुड़ी जानकारियों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका मानता है कि असद ने हमले के आदेश दिए थे, हर्फ ने कहा, मेरे पास इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा, उनके शासन की कार्रवाइयों के लिए आखिरकार उन्हें ही जिम्मेदार समझा जाएगा। हर्फ ने कहा कि किसी भी सेना का सर्वोच्च कमांडर ही आखिरकार अपने नेतृत्व के तहत लिए गए फैसलों के लिए जिम्मेदार होता है, चाहे कमान या नियंत्रण से जुड़ा फैसला उसने नहीं लिया हो।
उन्होंने कहा, मैं सीरिया सेना की कमान एवं नियंत्रण तंत्र के बारे में अच्छे से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन दोबारा कहूंगी कि इन फैसलों के लिए आखिरकार वही (असद) जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा, जाहिर तौर पर, हम कहते हैं कि असद शासन इन हथियारों पर नियंत्रण रखता है और विपक्ष के पास इनका इस्तेमाल करने की क्षमता नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस समय रासायनिक हमले से जुड़ी जानकारियों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका मानता है कि असद ने हमले के आदेश दिए थे, हर्फ ने कहा, मेरे पास इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा, उनके शासन की कार्रवाइयों के लिए आखिरकार उन्हें ही जिम्मेदार समझा जाएगा। हर्फ ने कहा कि किसी भी सेना का सर्वोच्च कमांडर ही आखिरकार अपने नेतृत्व के तहत लिए गए फैसलों के लिए जिम्मेदार होता है, चाहे कमान या नियंत्रण से जुड़ा फैसला उसने नहीं लिया हो।
उन्होंने कहा, मैं सीरिया सेना की कमान एवं नियंत्रण तंत्र के बारे में अच्छे से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन दोबारा कहूंगी कि इन फैसलों के लिए आखिरकार वही (असद) जिम्मेदार हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका मानता है कि असद ने हमले के आदेश दिए थे, हर्फ ने कहा, मेरे पास इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा, उनके शासन की कार्रवाइयों के लिए आखिरकार उन्हें ही जिम्मेदार समझा जाएगा। हर्फ ने कहा कि किसी भी सेना का सर्वोच्च कमांडर ही आखिरकार अपने नेतृत्व के तहत लिए गए फैसलों के लिए जिम्मेदार होता है, चाहे कमान या नियंत्रण से जुड़ा फैसला उसने नहीं लिया हो।
उन्होंने कहा, मैं सीरिया सेना की कमान एवं नियंत्रण तंत्र के बारे में अच्छे से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन दोबारा कहूंगी कि इन फैसलों के लिए आखिरकार वही (असद) जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा, मैं सीरिया सेना की कमान एवं नियंत्रण तंत्र के बारे में अच्छे से वाकिफ नहीं हूं, लेकिन दोबारा कहूंगी कि इन फैसलों के लिए आखिरकार वही (असद) जिम्मेदार हैं। | यह एक सारांश है: अमेरिकी विदेशमंत्रालय ने कहा, हम राष्ट्रपति असद को उनके शासन द्वारा नागरिकों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, चाहे इसकी कमान और नियंत्रण किसी के पास भी रहा हो। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि लोकपाल विधेयक संसद में अटका हुआ है, इसके बावजूद उनकी सरकार देश में एक प्रभावी लोकपाल के गठन के लिए प्रतिबद्ध है।
सिख समुदाय के पवित्र शहर अमृतसर में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में आयोजित एक राजनीतिक रैली को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में एक गम्भीर समस्या है और इससे निबटने के लिए उनकी सरकार प्रभावी कदम उठाना चाहती है।टिप्पणियां
जनसमुदाय को पंजाबी में सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पारदर्शिता की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लेकर आई जिससे शासन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में पंजाब अन्य राज्यों से पिछड़ गया है और 1.2 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अकाली दल-भाजपा सरकार केंद्र से भेजी गई राशि का उपयोग नहीं कर पाई है तथा कृषि एवं उद्योग की उपेक्षा हुई है।
सिख समुदाय के पवित्र शहर अमृतसर में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में आयोजित एक राजनीतिक रैली को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार देश में एक गम्भीर समस्या है और इससे निबटने के लिए उनकी सरकार प्रभावी कदम उठाना चाहती है।टिप्पणियां
जनसमुदाय को पंजाबी में सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पारदर्शिता की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लेकर आई जिससे शासन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में पंजाब अन्य राज्यों से पिछड़ गया है और 1.2 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अकाली दल-भाजपा सरकार केंद्र से भेजी गई राशि का उपयोग नहीं कर पाई है तथा कृषि एवं उद्योग की उपेक्षा हुई है।
जनसमुदाय को पंजाबी में सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पारदर्शिता की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लेकर आई जिससे शासन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन में पंजाब अन्य राज्यों से पिछड़ गया है और 1.2 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अकाली दल-भाजपा सरकार केंद्र से भेजी गई राशि का उपयोग नहीं कर पाई है तथा कृषि एवं उद्योग की उपेक्षा हुई है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अकाली दल-भाजपा सरकार केंद्र से भेजी गई राशि का उपयोग नहीं कर पाई है तथा कृषि एवं उद्योग की उपेक्षा हुई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि लोकपाल विधेयक संसद में अटका हुआ है, इसके बावजूद उनकी सरकार देश में एक प्रभावी लोकपाल के गठन के लिए प्रतिबद्ध है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कश्मीर में एहतियाती तौर पर अधिकारियों ने सरकारी बीएसएनएल की पोस्टपेड सुविधा को छोड़कर बाकी सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाओं पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसा पिछले सप्ताह शुक्रवार की नमाज के बाद हुई हिंसक झड़पों को देखते हुए किया गया है. आज लगातार 35 वें दिन मोबाइल इंटरनेट सुविधा ठप है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को ठप कर दिया गया है. केवल बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा काम कर रही है.' उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने और अफवाह से बचने के लिए मध्यरात्रि में पूरी घाटी में सेवा को बंद कर दिया गया.
पिछले शुक्रवार को सामूहिक नमाज के बाद घाटी के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली थीं. इन झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे.
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा के चलते 15 जुलाई को घाटी में बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा को छोड़कर सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाओं को ठप कर दिया गया था. अधिकारियों ने नौ जुलाई को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद कर दी थी. टिप्पणियां
26 जुलाई को पोस्टपेड सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और इसके एक दिन बाद प्रीपेड नंबरों पर इनकमिंग सुविधा शुरू कर दी गई थी, लेकिन प्रीपेड पर आउटगोइंग सुविधा बंद ही रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को ठप कर दिया गया है. केवल बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा काम कर रही है.' उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने और अफवाह से बचने के लिए मध्यरात्रि में पूरी घाटी में सेवा को बंद कर दिया गया.
पिछले शुक्रवार को सामूहिक नमाज के बाद घाटी के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली थीं. इन झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे.
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा के चलते 15 जुलाई को घाटी में बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा को छोड़कर सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाओं को ठप कर दिया गया था. अधिकारियों ने नौ जुलाई को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद कर दी थी. टिप्पणियां
26 जुलाई को पोस्टपेड सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और इसके एक दिन बाद प्रीपेड नंबरों पर इनकमिंग सुविधा शुरू कर दी गई थी, लेकिन प्रीपेड पर आउटगोइंग सुविधा बंद ही रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले शुक्रवार को सामूहिक नमाज के बाद घाटी के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली थीं. इन झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे.
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा के चलते 15 जुलाई को घाटी में बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा को छोड़कर सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाओं को ठप कर दिया गया था. अधिकारियों ने नौ जुलाई को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद कर दी थी. टिप्पणियां
26 जुलाई को पोस्टपेड सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और इसके एक दिन बाद प्रीपेड नंबरों पर इनकमिंग सुविधा शुरू कर दी गई थी, लेकिन प्रीपेड पर आउटगोइंग सुविधा बंद ही रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा के चलते 15 जुलाई को घाटी में बीएसएनएल की पोस्टपेड सेवा को छोड़कर सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाओं को ठप कर दिया गया था. अधिकारियों ने नौ जुलाई को पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद कर दी थी. टिप्पणियां
26 जुलाई को पोस्टपेड सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और इसके एक दिन बाद प्रीपेड नंबरों पर इनकमिंग सुविधा शुरू कर दी गई थी, लेकिन प्रीपेड पर आउटगोइंग सुविधा बंद ही रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
26 जुलाई को पोस्टपेड सेवाएं बहाल कर दी गई थीं और इसके एक दिन बाद प्रीपेड नंबरों पर इनकमिंग सुविधा शुरू कर दी गई थी, लेकिन प्रीपेड पर आउटगोइंग सुविधा बंद ही रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: BSNL की पोस्टपेड सुविधा को छोड़ बाकी सभी मोबाइल टेलीफोन सेवाएं प्रतिबंधित
मध्यरात्रि में पूरी घाटी में सेवा को बंद कर दिया गया
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाह से बचने के लिए उठाया गया कदम | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक स्टोर से स्ट्रोलर (बच्चों की गाड़ी) चुराती हुईं तीन महिलाओं की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. हालांकि उस समय उनका भंडाफोड़ हो गया जब उनमें से एक महिला अपने बच्चे को न्यूजर्सी के स्टोर के अंदर ही भूल आई. फॉक्स न्यूज के मुताबिक मिडिलटाउन के 'बाम्बी बेबी' नाम के स्टोर में अरोपी महिलाएं चोरी के इरादे से गईं थीं.
खबर के मुताबिक जहां दो महिलाओं ने स्टोर के कर्मचारी का ध्यान बांटने का काम किया वहीं तीसरी महिला स्ट्रोलर चुराकर आगे बढ़ गई. बाम्बी बेबी ने जो सीसीटीवी फुटेज शेयर किया है उसमें साफ दिख रहा कि कैसे महिला स्ट्रोलर उठाकर आगे चली जाती है. वह स्ट्रोलर तो उठा लेती है लेकिन अपने बच्चे को ले जाना भूल गई. बाम्बी बेबी ने फेसबुक पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए इसे 'अवास्तविक' बताया है.
सीबीएस न्यूज के मुताबिक करीब 6 मिनट बीत जाने के बाद उनमें से एक महिला बच्चे को वापस लेने के लिए आई.
स्टोर के मालिक एनेलियो ऑर्टेगा ने कहा, "मैं यह सोचकर हैरान हूं कि कोई कैसे अपने बच्चे को भूलकर स्ट्रोलर चुराने में अपना सारा ध्यान लगा सकता है."
उन्होंने कहा, "अगर आपको जिंदा रहने के लिए चोरी करनी पड़ रही है तो यह एक निजी समस्या, निजी मुद्दा है. लेकिन अगर आप बच्चे को साथ लेकर आते हैं जिसे यह मालूम ही नहीं है कि क्या हो रहा है, तो इससे मैं प्रभावित होता हूं. इसलिए मैं इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर रहा हूं."
पुलिस तीन में से दो महिलाओं को गिरफ्तार करने में कामयाब हो गई है. उन पर दुकान से सामान चोरी करने और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक महिला ने दुकान से स्ट्रोलर चुरा लिया
इस दौरान वह अपना बच्चा वहीं भूल गई
घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इराक की राजधानी बगदाद और तेल के कारोबार का केंद्र बसरा शहर में सोमवार को एक के बाद एक नौ कारों में बम विस्फोट हुआ जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 130 से अधिक लोग घायल हो गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बगदाद पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी से 550 किलोमीटर दक्षिण में स्थित बसरा में दो कारें पार्किंग से जैसे ही रवाना हुईं, दोनों में एक साथ विस्फोट हो गया। इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और अन्य 35 घायल हो गए।टिप्पणियां
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बगदाद में शहर के अलग-अलग हिस्सों में सात कारों में विस्फोट हुआ जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 102 घायल हो गए।
इराक के इन दोनों शहरों को दहलाने वाले हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बगदाद पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी से 550 किलोमीटर दक्षिण में स्थित बसरा में दो कारें पार्किंग से जैसे ही रवाना हुईं, दोनों में एक साथ विस्फोट हो गया। इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और अन्य 35 घायल हो गए।टिप्पणियां
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बगदाद में शहर के अलग-अलग हिस्सों में सात कारों में विस्फोट हुआ जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 102 घायल हो गए।
इराक के इन दोनों शहरों को दहलाने वाले हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बगदाद में शहर के अलग-अलग हिस्सों में सात कारों में विस्फोट हुआ जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 102 घायल हो गए।
इराक के इन दोनों शहरों को दहलाने वाले हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।
इराक के इन दोनों शहरों को दहलाने वाले हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है। | सारांश: इराक की राजधानी बगदाद और तेल के कारोबार का केंद्र बसरा शहर में सोमवार को एक के बाद एक नौ कारों में बम विस्फोट हुआ जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 130 से अधिक लोग घायल हो गए। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी राफेल नडाल ने दावा किया है कि अमेरिकी ओपन के अधिकारियों ने पैसों के लालच में खिलाड़ियों को बारिश के बावजूद कोर्ट पर उतारकर उन्हें खतरे में डाल दिया था। मंगलवार को बारिश के कारण पूरा दिन धुलने के बाद बुधवार को केवल 15 मिनट का खेल हो पाया था। नडाल तब काफी गुस्से में थे, जब उन्हें लक्समबर्ग के जाइल्स मुलर के खिलाफ चौथा दौर का मैच खेलने के लिए कहा गया। उनके अलावा एंडी मर्रे और एंडी रोडिक ने भी टूर्नामेंट रेफरी ब्रायन एर्ली से इसकी शिकायत की है। नडाल ने कहा, बारिश हो रही हो तो हम कोर्ट पर नहीं जाना चाहते। मेरा मानना है कि यह सही नहीं है। फिर से वही पुरानी कहानी दोहरायी गई। केवल पैसों का खयाल रखा गया। उन्होंने कहा, हमारा बचाव नहीं किया जा रहा है। ग्रैंडस्लैम से भारी धनराशि जुड़ी है, लेकिन हम केवल इस उत्सव का हिस्सा मात्र हैं। वे केवल पैसों के लिए काम कर रहे हैं, हमारे लिए नहीं। नडाल ने कहा, जब उन्होंने हमें कोर्ट पर बुलाया, उस समय भी बारिश हो रही थी। बारिश वास्तव में थमी ही नहीं थी और कोर्ट सूखा नहीं था। मैं जानता हूं कि टेनिस प्रेमी वहां मौजूद थे, लेकिन खिलाड़ियों का स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है। मर्रे ने भी नडाल की हां में हां मिलाई। उन्होंने कहा, खिलाड़ी किसी से भी अधिक खेलना चाहते हैं, लेकिन तब नहीं जब खतरा हो। कोर्ट का पिछला हिस्सा काफी गीला था और गेंद बहुत गीली थी। सभी ने अधिकारियों से यह बात कही, लेकिन उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक है। सात-आठ मिनट के लिए कोर्ट पर जाकर वापस लौटने का कोई मतलब नहीं बनता। | सारांश: नडाल ने कहा कि अमेरिकी ओपन के अधिकारियों ने पैसों के लालच में खिलाड़ियों को बारिश के बावजूद कोर्ट पर उतारकर उन्हें खतरे में डाल दिया था। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की बेहद ताकतवर माने जाने वाली जासूसी एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर को अगले कुछ हफ्तों में हटाया जा सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में आज यह जानकारी दी गई है.
यह कदम ऐसे समय देखने को मिल रहा है, जब आतंकियों के खिलाफ भारत के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना पर भारी दबाव है.
अख्तर को सितंबर 2014 में इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) का महानिदेशक बनाया गया था. उन्होंने नवंबर 2014 में लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम की जगह यह पदभार संभाला था
आमतौर पर इस पद पर नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है. इसमें केवल तभी बदलाव आता है, जब आईएसआई प्रमुख रिटायर्ड हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी जगह ले लें.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट सकते हैं.' एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं. टिप्पणियां
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
यह कदम ऐसे समय देखने को मिल रहा है, जब आतंकियों के खिलाफ भारत के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना पर भारी दबाव है.
अख्तर को सितंबर 2014 में इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) का महानिदेशक बनाया गया था. उन्होंने नवंबर 2014 में लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम की जगह यह पदभार संभाला था
आमतौर पर इस पद पर नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है. इसमें केवल तभी बदलाव आता है, जब आईएसआई प्रमुख रिटायर्ड हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी जगह ले लें.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट सकते हैं.' एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं. टिप्पणियां
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
अख्तर को सितंबर 2014 में इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) का महानिदेशक बनाया गया था. उन्होंने नवंबर 2014 में लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम की जगह यह पदभार संभाला था
आमतौर पर इस पद पर नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है. इसमें केवल तभी बदलाव आता है, जब आईएसआई प्रमुख रिटायर्ड हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी जगह ले लें.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट सकते हैं.' एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं. टिप्पणियां
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
आमतौर पर इस पद पर नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है. इसमें केवल तभी बदलाव आता है, जब आईएसआई प्रमुख रिटायर्ड हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी जगह ले लें.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट सकते हैं.' एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं. टिप्पणियां
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
रिपोर्ट में कहा गया है, 'वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट सकते हैं.' एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं. टिप्पणियां
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि 'सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है.' इस साल की शुरुआत में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे रिटायर हो जाएंगे.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है.
हालांकि सेना के मुख्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने आईएसआई के प्रमुख को हटाए जाने की खबरों को गलत बताया है. | सारांश: आतंकियों पर भारत के सर्जिकल स्ट्राइक से पाक सरकार व सेना पर भारी दबाव
देश की ताकतवर जासूसी एजेंसी ISI के चीफ पर इसकी गाज गिर सकती है: रिपोर्ट
अख्तर को सितंबर 2014 में ISI का महानिदेशक बनाया गया था | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोगों और संस्थाओं की इंटरनेट गतिविधियों पर सरकारी निगरानी में बढ़ोतरी के रुख के बीच भारत ने वर्ष 2012 के पहले छह महीनों के दौरान गूगल से दो हजार 319 मामलों में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गोपनीय जानकारी मांगी।टिप्पणियां
गूगल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 में जून तक के छह महीने की अवधि के दौरान इंटरनेट से जुड़ी उसकी विभिन्न सेवाओं से यू-ट्यूब वीडियो, खोज परिणाम, छवियां और वेबपेज समेत कई तरह की सामग्रियां हटाने की मांग भी दोगुनी होकर 596 पहुंच गई।
कंपनी के अनुसार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गोपनीय जानकारी मांगने की संख्या में जुलाई से दिसंबर, 2011 की छह महीने की अवधि के मुकाबले पांच फीसदी की बढ़त आई है। गूगल ने सरकार की ओर से इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की जानकारी मांगने के लिहाज से अमेरिका के बाद भारत को दूसरे नंबर पर रखा है। हालांकि कंपनी ने लगभग एक-तिहाई मामलों में भारतीय अधिकारियों का आग्रह नामंजूर कर दिया है। कंपनी ने अपनी अर्धवार्षिक 'ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट' में कहा है कि उसने जनवरी से जून, 2012 के दौरान भारत के अधिकारियों के दो हजार 319 में से 64 फीसदी आग्रह मान लिए।
गूगल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 में जून तक के छह महीने की अवधि के दौरान इंटरनेट से जुड़ी उसकी विभिन्न सेवाओं से यू-ट्यूब वीडियो, खोज परिणाम, छवियां और वेबपेज समेत कई तरह की सामग्रियां हटाने की मांग भी दोगुनी होकर 596 पहुंच गई।
कंपनी के अनुसार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गोपनीय जानकारी मांगने की संख्या में जुलाई से दिसंबर, 2011 की छह महीने की अवधि के मुकाबले पांच फीसदी की बढ़त आई है। गूगल ने सरकार की ओर से इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की जानकारी मांगने के लिहाज से अमेरिका के बाद भारत को दूसरे नंबर पर रखा है। हालांकि कंपनी ने लगभग एक-तिहाई मामलों में भारतीय अधिकारियों का आग्रह नामंजूर कर दिया है। कंपनी ने अपनी अर्धवार्षिक 'ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट' में कहा है कि उसने जनवरी से जून, 2012 के दौरान भारत के अधिकारियों के दो हजार 319 में से 64 फीसदी आग्रह मान लिए।
कंपनी के अनुसार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गोपनीय जानकारी मांगने की संख्या में जुलाई से दिसंबर, 2011 की छह महीने की अवधि के मुकाबले पांच फीसदी की बढ़त आई है। गूगल ने सरकार की ओर से इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की जानकारी मांगने के लिहाज से अमेरिका के बाद भारत को दूसरे नंबर पर रखा है। हालांकि कंपनी ने लगभग एक-तिहाई मामलों में भारतीय अधिकारियों का आग्रह नामंजूर कर दिया है। कंपनी ने अपनी अर्धवार्षिक 'ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट' में कहा है कि उसने जनवरी से जून, 2012 के दौरान भारत के अधिकारियों के दो हजार 319 में से 64 फीसदी आग्रह मान लिए। | संक्षिप्त पाठ: भारत ने वर्ष 2012 के पहले छह महीनों के दौरान गूगल से दो हजार 319 मामलों में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की गोपनीय जानकारी मांगी। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना प्रमुख और सरकार के बीच आज विवाद उस समय और अधिक गहरा गया जब रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि जनरल वी के सिंह द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे गए पत्र के लीक होने के मामले में ‘समुचित कार्रवाई’ की जाएगी। इस बीच, संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं ने सेना प्रमुख को बर्खास्त करने की मांग की।
राज्यसभा में विभिन्न दलों के नेताओं ने मीडिया में सेना प्रमुख का पत्र लीक होने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सरकार को इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, भले ही वह किसी भी पद पर बैठे हों।
सदस्यों की इन चिंताओं के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है तथा प्रधानमंत्री और सहयोगियों से विचार-विमर्श कर हम उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।’’ रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने इस बात की पुष्टि की कि सेना प्रमुख ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उनका ध्यान देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की ओर आकृष्ट किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये मुद्दे रक्षा मंत्रालय के विचाराधीन हैं। लेकिन इन मुद्दों के स्वरूप को देखते हुए इन्हें सार्वजनिक बहस का मामला नहीं बनाया जा सकता।’’ गौरतलब है कि एंटनी ने आज इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा मौजूद थे।
एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, सेना प्रमुख ने अपने पत्र में दावा किया कि देश के संपूर्ण टैंक दस्ते में गोलाबारूद की भारी कमी है। वायु रक्षा प्रणाली 97 फीसदी पुरानी पड़ चुकी है। तोपखाना में खामीयुक्त हथियार हैं तथा रात्रि के दौरान लड़ाई में काम वाले उपकरणों की कमी है। जनरल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद की प्रक्रियाओं और प्रस्तावों पर विचार करने में खोखलापन है तथा हथियार विक्रेताओं के लिए कई कानूनी अड़चनें हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
राज्यसभा में विभिन्न दलों के नेताओं ने मीडिया में सेना प्रमुख का पत्र लीक होने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सरकार को इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, भले ही वह किसी भी पद पर बैठे हों।
सदस्यों की इन चिंताओं के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है तथा प्रधानमंत्री और सहयोगियों से विचार-विमर्श कर हम उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।’’ रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने इस बात की पुष्टि की कि सेना प्रमुख ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उनका ध्यान देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की ओर आकृष्ट किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये मुद्दे रक्षा मंत्रालय के विचाराधीन हैं। लेकिन इन मुद्दों के स्वरूप को देखते हुए इन्हें सार्वजनिक बहस का मामला नहीं बनाया जा सकता।’’ गौरतलब है कि एंटनी ने आज इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा मौजूद थे।
एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, सेना प्रमुख ने अपने पत्र में दावा किया कि देश के संपूर्ण टैंक दस्ते में गोलाबारूद की भारी कमी है। वायु रक्षा प्रणाली 97 फीसदी पुरानी पड़ चुकी है। तोपखाना में खामीयुक्त हथियार हैं तथा रात्रि के दौरान लड़ाई में काम वाले उपकरणों की कमी है। जनरल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद की प्रक्रियाओं और प्रस्तावों पर विचार करने में खोखलापन है तथा हथियार विक्रेताओं के लिए कई कानूनी अड़चनें हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
सदस्यों की इन चिंताओं के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया है तथा प्रधानमंत्री और सहयोगियों से विचार-विमर्श कर हम उपयुक्त कार्रवाई करेंगे।’’ रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने इस बात की पुष्टि की कि सेना प्रमुख ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उनका ध्यान देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की ओर आकृष्ट किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये मुद्दे रक्षा मंत्रालय के विचाराधीन हैं। लेकिन इन मुद्दों के स्वरूप को देखते हुए इन्हें सार्वजनिक बहस का मामला नहीं बनाया जा सकता।’’ गौरतलब है कि एंटनी ने आज इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा मौजूद थे।
एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, सेना प्रमुख ने अपने पत्र में दावा किया कि देश के संपूर्ण टैंक दस्ते में गोलाबारूद की भारी कमी है। वायु रक्षा प्रणाली 97 फीसदी पुरानी पड़ चुकी है। तोपखाना में खामीयुक्त हथियार हैं तथा रात्रि के दौरान लड़ाई में काम वाले उपकरणों की कमी है। जनरल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद की प्रक्रियाओं और प्रस्तावों पर विचार करने में खोखलापन है तथा हथियार विक्रेताओं के लिए कई कानूनी अड़चनें हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये मुद्दे रक्षा मंत्रालय के विचाराधीन हैं। लेकिन इन मुद्दों के स्वरूप को देखते हुए इन्हें सार्वजनिक बहस का मामला नहीं बनाया जा सकता।’’ गौरतलब है कि एंटनी ने आज इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा मौजूद थे।
एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, सेना प्रमुख ने अपने पत्र में दावा किया कि देश के संपूर्ण टैंक दस्ते में गोलाबारूद की भारी कमी है। वायु रक्षा प्रणाली 97 फीसदी पुरानी पड़ चुकी है। तोपखाना में खामीयुक्त हथियार हैं तथा रात्रि के दौरान लड़ाई में काम वाले उपकरणों की कमी है। जनरल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद की प्रक्रियाओं और प्रस्तावों पर विचार करने में खोखलापन है तथा हथियार विक्रेताओं के लिए कई कानूनी अड़चनें हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
एक समाचार पत्र की खबर के अनुसार, सेना प्रमुख ने अपने पत्र में दावा किया कि देश के संपूर्ण टैंक दस्ते में गोलाबारूद की भारी कमी है। वायु रक्षा प्रणाली 97 फीसदी पुरानी पड़ चुकी है। तोपखाना में खामीयुक्त हथियार हैं तथा रात्रि के दौरान लड़ाई में काम वाले उपकरणों की कमी है। जनरल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि खरीद की प्रक्रियाओं और प्रस्तावों पर विचार करने में खोखलापन है तथा हथियार विक्रेताओं के लिए कई कानूनी अड़चनें हैं।
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पत्र के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते हुए कहा कि गोपनीय समझे जाने वाले मामलों को मीडिया में लीक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के लीकेज को अनुमति दी गई तो यह कहने का कोई मतलब नहीं रह जाता कि इस तरह के मामलों पर कटुतापूर्ण बहस नहीं होनी चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सेना प्रमुख द्वारा प्रधानमंत्री को देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले पर लिए गए एक पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
उन्होनें कहा कि लीकेज के जिम्मेदार लोग को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और यह करते समय इस बात को नहीं देखा जाना चाहिए कि वह रक्षा प्रतिष्ठान या नागरिक प्रशासन में किस पद पर बैठा है। बीजद के प्यारी मोहन महापात्र ने कहा कि सरकार को फौरन कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जांच की कोई गुंजाइश नहीं है। जो भी करना है उसे दिनों में नहीं घंटों में करना चाहिए।’’ महापात्र ने यह भी कहा कि जिन लोगों को बर्खास्त किया जाना है उन्हें संविधान के अनुच्छेद 311 बी और सी के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
पूर्व में भारतीय सेना के राजनीति से दूर रहने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि यदि इस तरह की बातों को होने की इजाजत दी गई तो इससे गलत तस्वीर पेश होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संबंध में कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए थे। इससे पूर्व प्रश्नकाल में उन्होंने यह मामला उठाते हुए मांग की थी कि सेना प्रमुख को बर्खास्त किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
सदस्यों को आश्वासन देते हुए रक्षामंत्री एंटनी ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के मकसद से हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि हमारे सुरक्षा बल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू बल बन सकें। विपक्ष के नेताओं के प्रति कृतज्ञता जताते हुए एंटनी ने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियां सुनकर ‘‘बेहद खुश’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए महान सम्मान की बात है। हमारे बीच भले ही कोई भी मतभेद हो लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो हम एक हो जाते हैं।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’
उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार खरीद प्रक्रिया की खामियों को दुरस्त करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। एंटनी ने कहा कि खरीद का काम समन्वित करार के जरिए किया जा रहा है। इस करार को तीन साल पहले लागू किया गया है। इसके तहत 100 करोड़ रुपये तक के ठेके आते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अखंडता और पारदर्शिता से समझौता करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेगी तथा भले कोई भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मातृभूमि की प्रत्येक इंच की रक्षा करेंगे।’’ | सारांश: जनरल सिंह की चिट्ठी के जवाब में रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि हमारी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बता दें कि नवंबर माह से लेकर अभी तक यह खबरें चली आ रही हैं कि सरकार और कर्मचारियों में न्यूनतम वेतन मान को लेकर कोई समझौता हो गया है. कहा यह भी जा रहा था कि यह दिसंबर माह से लागू हो जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिर कहा गया कि यह जनवरी से लागू हो जाएगा. तब भी यह नहीं हुआ. खबर थी कि यह 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
बता दें कि सातवें वेतन आयोग से पहले 7000 रुपये न्यूनतम वेतनमान हुआ करता था. जबकि लागू होने के बाद इसे 18000 रुपये कर दिया गया. सरकारी कर्मचारियों की यूनियन इसे 26000 करने की मांग कर रही थी. जबकि एक समय आया था कि सरकार इसे 21000 करने पर तैयार हो गई थी. यह बात केवल चर्चाओं में रही. कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं थे.
बता दें कि सातवें वेतन आयोग से पहले 7000 रुपये न्यूनतम वेतनमान हुआ करता था. जबकि लागू होने के बाद इसे 18000 रुपये कर दिया गया. सरकारी कर्मचारियों की यूनियन इसे 26000 करने की मांग कर रही थी. जबकि एक समय आया था कि सरकार इसे 21000 करने पर तैयार हो गई थी. यह बात केवल चर्चाओं में रही. कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं थे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सातवां वेतन आयोग की सिफारिशों से बढ़ी सैलरी और पेंशन
कई मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने जताई आपत्ति
सबसे अहम मुद्दा रहा न्यूनतम वेतनमान. | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चेन्नई पानी की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में पानी से भरी 50 वैगन ट्रेन जोलरपेट रेलवे स्टेशन से चेन्नई के लिए निकल गई हैं. इनमें कुल 2.5 मिलियन लीटर पानी है. दूसरी ट्रेन भी चेन्नई में पानी लेकर जाएगी. चेन्नई मेट्रो वॉटर ने हर दिन 10 मिलियन लीटर का लक्ष्य तय किया है. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, 'इन ट्रेनों की आवाजाही के लिए उपलब्ध स्लॉट के आधार पर क्षमता बढ़ सकती है.' स्थानीय प्रशासनिक मंत्री एसपी वेलूमनि ने कहा, 'पहली वाटर ट्रेन मिलने पर विलीवक्कम रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी.' दक्षिणी रेलवे, चेन्नई मेट्रो वाटर से हर ट्रिप पर 7.5 लाख रुपए वसूल करेगा. तमिलनाडु सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 65 करोड़ रुपए का आवंटन किया है.
'सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार' के घर ACB का छापा, 93.5 लाख नकद, 400 ग्राम सोना बरामद
अधिकारियों ने बताया, ट्रेन को चेन्नई के विलीवक्कम पहुंचने में पांच घंटे लगेंगे. हालांकि पानी की इस सप्लाई से चेन्नई की सप्लाई नहीं बढ़ेगी. यह केवल राज्य सरकार का दवाब कम करने के लिए किया गया है जिससे यहां के लोगों को कम से कम 525 मिलियन लीटर पानी मिल सके जबकि उनकी जरूरत 830 मिलियन लीटर प्रति दिन है.
चेन्नई मेट्रो वाटर ने स्थानीय स्तर पर पानी सप्लाई करने के लिए 900 टैंकरों की तैनाती की है. कई परिवारों ने बताया कि उन्हें टैंकर से हर दिन पानी लेने के लिए 5 डिब्बे दिए गए हैं. प्राइवेट वाटर टैंकर्स ने अप्रैल से अपनी कीमते दोगुनी कर दी हैं. मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में तमिलनाडु सरकार की आलोचना की थी.
कांग्रेस के नए मुखिया को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'हमने नहीं सोचा था कि राहुल गांधी...'
चेन्नई भारत के उन 21 शहरों में एक है जिसके बारे में नीति आयोग ने कहा कि यहां 2021 तक पानी खत्म हो जाएगा. | पानी से भरी 50 वैगन ट्रेन जोलरपेट रेलवे स्टेशन से चेन्नई के लिए निकलीं
चेन्नई मेट्रो वॉटर ने हर दिन 10 मिलियन लीटर का लक्ष्य तय किया है
इन ट्रेनों में कुल 2.5 मिलियन लीटर पानी है | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी ट्वेंटी-20 विश्वकप के लिए भारतीय संभावित टीम में शामिल ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने गुरुवार को एसेक्स की तरफ से काउंटी चैंपियनशिप मैच में हैम्पशर के खिलाफ पहले दिन 28 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिला।टिप्पणियां
हरभजन ने 28 ओवर में 73 रन दिए और उन्हें विकेट नहीं मिला। इससे पहले उसने चाय के विश्राम तक 14 ओवर किए और 44 रन दिए। इस ऑफ स्पिनर को पहले सत्र के आखिरी क्षणों में गेंदबाजी पर लगाया गया था।
हैम्पशर ने पहले दिन छह विकेट पर 303 रन बनाए। इससे पहले हरभजन ने ग्लोशेस्टरशर के खिलाफ इस सत्र के अपने पहले कांउटी मुकाबले में 13 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 33 रन बनाए।
हरभजन ने 28 ओवर में 73 रन दिए और उन्हें विकेट नहीं मिला। इससे पहले उसने चाय के विश्राम तक 14 ओवर किए और 44 रन दिए। इस ऑफ स्पिनर को पहले सत्र के आखिरी क्षणों में गेंदबाजी पर लगाया गया था।
हैम्पशर ने पहले दिन छह विकेट पर 303 रन बनाए। इससे पहले हरभजन ने ग्लोशेस्टरशर के खिलाफ इस सत्र के अपने पहले कांउटी मुकाबले में 13 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 33 रन बनाए।
हैम्पशर ने पहले दिन छह विकेट पर 303 रन बनाए। इससे पहले हरभजन ने ग्लोशेस्टरशर के खिलाफ इस सत्र के अपने पहले कांउटी मुकाबले में 13 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 33 रन बनाए। | यहाँ एक सारांश है:आगामी ट्वेंटी-20 विश्वकप के लिए भारतीय संभावित टीम में शामिल हरभजन सिंह ने एसेक्स की तरफ से काउंटी चैंपियनशिप मैच में हैम्पशर के खिलाफ पहले दिन 28 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिला। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजीव गांधी के सात हत्यारों की रिहाई के मामले में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दिसंबर 2015 को केन्द्र सरकार की याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि अगर मामले की जांच एजेंसी केंद्र की है तो आरोपियों को रिहा करने का अधिकार उन्हीं को है। फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती।टिप्पणियां
पुनर्विचार याचिका में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार को केंद्र से सलाह लेने की जरूरत है इसलिए फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दिसंबर 2015 को केन्द्र सरकार की याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि अगर मामले की जांच एजेंसी केंद्र की है तो आरोपियों को रिहा करने का अधिकार उन्हीं को है। फैसले में कहा गया था कि राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती।टिप्पणियां
पुनर्विचार याचिका में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार को केंद्र से सलाह लेने की जरूरत है इसलिए फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है।
पुनर्विचार याचिका में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार को केंद्र से सलाह लेने की जरूरत है इसलिए फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कोर्ट संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इन सभी की ओर से याचिका दायर कर रिहा करने की मांग की गई है। | आरोपियों को रिहा करने का अधिकार केंद्र को है
राज्य सरकार स्वत: संज्ञान लेकर रिहाई नहीं कर सकती
संथन, मुरुगन, पेरारीवलन सहित अन्य दोषियों की याचिका पर सुनवाई | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बुधवार मध्यरात्रि को समाप्त हो गया और इसके साथ ही दो नए केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख अस्तित्व में आ गए. अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा समाप्त किए जाने के 86 दिन बाद यह निर्णय प्रभावी हुआ है. गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी. देर रात जारी अधिसूचना में, मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग ने प्रदेश में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की.
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों की अगुवाई उपराज्यपाल (एलजी) गिरीश चंद्र मुर्मू और आर के माथुर करेंगे. वे गुरुवार को पदभार ग्रहण करेंगे. यह पहली बार होगा जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में तब्दील किया गया है. इस सिलसिले में श्रीनगर और लेह में दो अलग-अलग शपथग्रहण समारोहों का आयोजन किया जाएगा. पहला समारोह लेह में होगा जहां माथुर शपथ लेंगे औ बाद में श्रीनगर में शपथग्रहण समारोह होगा जिसमें मुर्मू पदभार ग्रहण करेंगे. जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, मुर्मू और माथुर दोनों को शपथ दिलाएंगी. इसके साथ ही देश में राज्यों की संख्या 28 रह गई और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर नौ हो गई.
इसी के साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का गुरुवार से अस्तित्व खत्म हो जाएगा जब राष्ट्र पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस' मनाएगा. पटेल को भारत संघ में 560 से अधिक राज्यों का विलय करने का श्रेय जाता है. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 कहता है कि दो केंद्रशासित प्रदेशों के गठन का दिन 31 अक्टूबर है और यह मध्यरात्रि (बुधवार-बृहस्पतिवार) को अस्तित्व में आएंगे.
राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने और इसके विभाजन की घोषणा पांच अगस्त को राज्यसभा में की गई थी. कानून के मुताबिक संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुडुचेरी की तरह ही विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख चंडीगढ़ की तर्ज पर बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा. गुरुवार को केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा, जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी. लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में होगा. | संक्षिप्त पाठ: गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
दोनों केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल आज लेंगे शपथ
पांच अगस्त को किया गया था इसका ऐलान | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर पर क्रिसमस का त्योहार बड़े ही जोर शोर से मनाया जाता है। सोनम कहती हैं कि उनका परिवार और दोस्त ही उनके सांता क्लॉज हैं।
सोनम ने बताया, मेरे लिए मेरा परिवार और मेरे दोस्त ही सांता क्लॉज हैं। उन्होंने मेरे लिए काफी कुछ किया है और हमेशा करते हैं। मेरे पास समय बिल्कुल नहीं होता और वह सब इस बात को समझते हैं। वे मेरे समय के अनुसार अपना काम तय करते हैं। एक तरह से वही मेरे सपोर्ट सिस्टम हैं।
सोनम के पिता अभिनेता अनिल कपूर का जन्मदिन 24 दिसम्बर होने की वजह से सोनम के लिए त्योहार का दोगुना महत्व है। वह कहती हैं मुझे बचपन से ही सांता क्लॉज का आकर्षण रहा है।टिप्पणियां
हालांकि सोनम इस साल क्रिसमस घर पर नहीं मना पाएंगी। वह क्रिसमस पर बनारस में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहेंगी।
अगले साल सोनम की दो फिल्में 'भाग मिल्खा भाग' और 'रांझना' रिलीज होने वाली हैं।
सोनम ने बताया, मेरे लिए मेरा परिवार और मेरे दोस्त ही सांता क्लॉज हैं। उन्होंने मेरे लिए काफी कुछ किया है और हमेशा करते हैं। मेरे पास समय बिल्कुल नहीं होता और वह सब इस बात को समझते हैं। वे मेरे समय के अनुसार अपना काम तय करते हैं। एक तरह से वही मेरे सपोर्ट सिस्टम हैं।
सोनम के पिता अभिनेता अनिल कपूर का जन्मदिन 24 दिसम्बर होने की वजह से सोनम के लिए त्योहार का दोगुना महत्व है। वह कहती हैं मुझे बचपन से ही सांता क्लॉज का आकर्षण रहा है।टिप्पणियां
हालांकि सोनम इस साल क्रिसमस घर पर नहीं मना पाएंगी। वह क्रिसमस पर बनारस में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहेंगी।
अगले साल सोनम की दो फिल्में 'भाग मिल्खा भाग' और 'रांझना' रिलीज होने वाली हैं।
सोनम के पिता अभिनेता अनिल कपूर का जन्मदिन 24 दिसम्बर होने की वजह से सोनम के लिए त्योहार का दोगुना महत्व है। वह कहती हैं मुझे बचपन से ही सांता क्लॉज का आकर्षण रहा है।टिप्पणियां
हालांकि सोनम इस साल क्रिसमस घर पर नहीं मना पाएंगी। वह क्रिसमस पर बनारस में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहेंगी।
अगले साल सोनम की दो फिल्में 'भाग मिल्खा भाग' और 'रांझना' रिलीज होने वाली हैं।
हालांकि सोनम इस साल क्रिसमस घर पर नहीं मना पाएंगी। वह क्रिसमस पर बनारस में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त रहेंगी।
अगले साल सोनम की दो फिल्में 'भाग मिल्खा भाग' और 'रांझना' रिलीज होने वाली हैं।
अगले साल सोनम की दो फिल्में 'भाग मिल्खा भाग' और 'रांझना' रिलीज होने वाली हैं। | संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर पर क्रिसमस का त्योहार बड़े ही जोर शोर से मनाया जाता है। सोनम कहती हैं कि उनका परिवार और दोस्त ही उनके सांता क्लॉज हैं। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओलिंपिक तैराक रेयान लोचटे को उस समय वित्तीय रूप से बड़ा झटका लगा जब उनके चार प्रायोजकों ने सोमवार को उनसे करार तोड़ दिया. ओलिंपिक के गोल्ड मेडल विजेता लोचटे ने दावा किया था कि रियो डि जेनेरो में उनसे बंदूक दिखाकर लूट की गई, इस दावे को ब्राजील पुलिस ने खारिज कर दिया.
तैराकी की पोशाक बनाने वाले वैश्विक ब्रांड स्पीडो और अमेरिकी फेशन कंपनी राल्फ लारेन 32 साल के लोचटे से संबंध तोड़ने वाली मुख्य कंपनियां हैं. मैटरेस बनाने वाली कंपनी एयरवीव और एक अन्य कंपनी साइनीरोन केंडेला ने भी लोचटे से नाता तोड़ लिया है.टिप्पणियां
लोचटे ने दावा किया था कि वह और रियो में गोल्ड जीतने वाले उनकी टीम के तीन साथी जब रात को घूम रहे थे तो लुटेरों ने पुलिस बनकर उनके साथ लूटपाट की. लेकिन चश्मदीदों के बयान और CCTV वीडियो सामने आने के बाद यह कहानी पलट गई. पुलिस ने कहा कि समूह को एक पेट्रोप पंप के बाथरूम में तोड़फोड़ के कारण हिरासत में लिया गया था. इस दौरान लोचटे शराब के नशे में थे जिसके बाद अमेरिकी टीम को शर्मसार होना पड़ा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तैराकी की पोशाक बनाने वाले वैश्विक ब्रांड स्पीडो और अमेरिकी फेशन कंपनी राल्फ लारेन 32 साल के लोचटे से संबंध तोड़ने वाली मुख्य कंपनियां हैं. मैटरेस बनाने वाली कंपनी एयरवीव और एक अन्य कंपनी साइनीरोन केंडेला ने भी लोचटे से नाता तोड़ लिया है.टिप्पणियां
लोचटे ने दावा किया था कि वह और रियो में गोल्ड जीतने वाले उनकी टीम के तीन साथी जब रात को घूम रहे थे तो लुटेरों ने पुलिस बनकर उनके साथ लूटपाट की. लेकिन चश्मदीदों के बयान और CCTV वीडियो सामने आने के बाद यह कहानी पलट गई. पुलिस ने कहा कि समूह को एक पेट्रोप पंप के बाथरूम में तोड़फोड़ के कारण हिरासत में लिया गया था. इस दौरान लोचटे शराब के नशे में थे जिसके बाद अमेरिकी टीम को शर्मसार होना पड़ा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लोचटे ने दावा किया था कि वह और रियो में गोल्ड जीतने वाले उनकी टीम के तीन साथी जब रात को घूम रहे थे तो लुटेरों ने पुलिस बनकर उनके साथ लूटपाट की. लेकिन चश्मदीदों के बयान और CCTV वीडियो सामने आने के बाद यह कहानी पलट गई. पुलिस ने कहा कि समूह को एक पेट्रोप पंप के बाथरूम में तोड़फोड़ के कारण हिरासत में लिया गया था. इस दौरान लोचटे शराब के नशे में थे जिसके बाद अमेरिकी टीम को शर्मसार होना पड़ा था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | लोचटे ने कहा था, उसे रियो में बंदूक दिखाकर लूटा गया
ब्राजील पुलिस ने अमेरिकी तैराक के दावे को किया था खारिज
कहा- तोड़फोड़ के कारण हिरासत में लिए जाते समय नशे में थे लोचटे | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चयन समिति के पूर्व प्रमुख संदीप पाटिल ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि सचिन तेंदुलकर यदि खुद संन्यास का फैसला नहीं करते तो उन्हें टीम इंडिया से हटाया जा सकता था. सचिन वर्ष 2012 में वनडे से रिटायर हुए थे.
भारतीय क्रिकेट में सचिन का अद्वितीय योगदान है. दो दशक से अधिक समय तक भारतीय क्रिकेट को सेवादेने के बाद उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन बटोरने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज ने 2012 में वनडे से संन्यास लिया था. बकौल पाटिल , यदि सचिन उस समय संन्यास नहीं लेते तो उन्हें टीम से ड्रॉप किया जा सकता था. मुख्य चयनकर्ता के तौर पर संदीप पाटिल का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है और टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने उनका स्थान लिया है.(टीम इंडिया की कप्तानी से हटाए जाने की कगार पर पहुंच गए थे महेंद्र सिंह धोनी)
पाटिल के मुताबिक, 12 दिसंबर 2012 को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट के दौरान उस समय के चयनकर्ताओं ने तेंदुलकर से मुलाकात की थी . मराठी चैनल 'एबीपी माझा' को उन्होंने बताया, '12 दिसंबर 2012 को हम सचिन से मिले और उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा.सचिन ने कहा कि उनके दिमाग में अभी रिटायरमेंट की बात नहीं है लेकिन चयन समिति सचिन को लेकर एक आम राय तक पहुंच गई...और इस बारे में बोर्ड को भी जानकारी दे दी थी. संभवत: सचिन समझ गए थे कि क्या चल रहा है क्योंकि अगली बैठक के समय, सचिन ने बताया कि वह (वनडे से) संन्यास ले रहे हैं. यदि उन्होंने संन्यास यह फैसला उस समय नहीं लिया होता तो हम निश्चित रूप से उन्हें ड्रॉप कर देते.'
पाटिल के अनुसार, सचिन टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे. उन्होंने मुझे और संजय जगदाले (तत्कालीन बोर्ड सचिव) को कॉल किया था. तब यह सामूहिक रूप से तय किया गया कि वे वनडे से रिटायर होंगे' सचिन तेंदुलकर ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 463 वनडे मैचों में 49 शतकों की मदद से 18,426 रन बनाए. बीसीसीआई के तत्कालीन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने उस समय कहा था, 'उनका (सचिन का) ध्यान अगले वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया की तैयारी पर है. इस लिहाज से सचिन ने महसूस किया कि यह समय है कि उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.'टिप्पणियां
हालांकि बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौश्र पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाटिल ने इससे बात से इनकार किया कि लगातार खराब फॉर्म के कारण चयनकताओं की ओर से मास्टर ब्लास्टर पर 'फेयरवेल टेस्ट सीरीज' का दबाव डाला गया.उन्होंने कहा था कि चयनकर्ता होने पर सबसे खराब बात यह है कि आपको कुछ दोस्त गंवाने पड़ते हैं लेकिन यह खेल का हिस्सा है. कुछ मामले चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच होते है और वे गोपनीय ही रहते हैं. इनका खुलासा नहीं किया जा सकता.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे.
भारतीय क्रिकेट में सचिन का अद्वितीय योगदान है. दो दशक से अधिक समय तक भारतीय क्रिकेट को सेवादेने के बाद उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन बटोरने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज ने 2012 में वनडे से संन्यास लिया था. बकौल पाटिल , यदि सचिन उस समय संन्यास नहीं लेते तो उन्हें टीम से ड्रॉप किया जा सकता था. मुख्य चयनकर्ता के तौर पर संदीप पाटिल का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है और टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने उनका स्थान लिया है.(टीम इंडिया की कप्तानी से हटाए जाने की कगार पर पहुंच गए थे महेंद्र सिंह धोनी)
पाटिल के मुताबिक, 12 दिसंबर 2012 को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट के दौरान उस समय के चयनकर्ताओं ने तेंदुलकर से मुलाकात की थी . मराठी चैनल 'एबीपी माझा' को उन्होंने बताया, '12 दिसंबर 2012 को हम सचिन से मिले और उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा.सचिन ने कहा कि उनके दिमाग में अभी रिटायरमेंट की बात नहीं है लेकिन चयन समिति सचिन को लेकर एक आम राय तक पहुंच गई...और इस बारे में बोर्ड को भी जानकारी दे दी थी. संभवत: सचिन समझ गए थे कि क्या चल रहा है क्योंकि अगली बैठक के समय, सचिन ने बताया कि वह (वनडे से) संन्यास ले रहे हैं. यदि उन्होंने संन्यास यह फैसला उस समय नहीं लिया होता तो हम निश्चित रूप से उन्हें ड्रॉप कर देते.'
पाटिल के अनुसार, सचिन टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे. उन्होंने मुझे और संजय जगदाले (तत्कालीन बोर्ड सचिव) को कॉल किया था. तब यह सामूहिक रूप से तय किया गया कि वे वनडे से रिटायर होंगे' सचिन तेंदुलकर ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 463 वनडे मैचों में 49 शतकों की मदद से 18,426 रन बनाए. बीसीसीआई के तत्कालीन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने उस समय कहा था, 'उनका (सचिन का) ध्यान अगले वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया की तैयारी पर है. इस लिहाज से सचिन ने महसूस किया कि यह समय है कि उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.'टिप्पणियां
हालांकि बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौश्र पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाटिल ने इससे बात से इनकार किया कि लगातार खराब फॉर्म के कारण चयनकताओं की ओर से मास्टर ब्लास्टर पर 'फेयरवेल टेस्ट सीरीज' का दबाव डाला गया.उन्होंने कहा था कि चयनकर्ता होने पर सबसे खराब बात यह है कि आपको कुछ दोस्त गंवाने पड़ते हैं लेकिन यह खेल का हिस्सा है. कुछ मामले चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच होते है और वे गोपनीय ही रहते हैं. इनका खुलासा नहीं किया जा सकता.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे.
पाटिल के मुताबिक, 12 दिसंबर 2012 को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट के दौरान उस समय के चयनकर्ताओं ने तेंदुलकर से मुलाकात की थी . मराठी चैनल 'एबीपी माझा' को उन्होंने बताया, '12 दिसंबर 2012 को हम सचिन से मिले और उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा.सचिन ने कहा कि उनके दिमाग में अभी रिटायरमेंट की बात नहीं है लेकिन चयन समिति सचिन को लेकर एक आम राय तक पहुंच गई...और इस बारे में बोर्ड को भी जानकारी दे दी थी. संभवत: सचिन समझ गए थे कि क्या चल रहा है क्योंकि अगली बैठक के समय, सचिन ने बताया कि वह (वनडे से) संन्यास ले रहे हैं. यदि उन्होंने संन्यास यह फैसला उस समय नहीं लिया होता तो हम निश्चित रूप से उन्हें ड्रॉप कर देते.'
पाटिल के अनुसार, सचिन टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे. उन्होंने मुझे और संजय जगदाले (तत्कालीन बोर्ड सचिव) को कॉल किया था. तब यह सामूहिक रूप से तय किया गया कि वे वनडे से रिटायर होंगे' सचिन तेंदुलकर ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 463 वनडे मैचों में 49 शतकों की मदद से 18,426 रन बनाए. बीसीसीआई के तत्कालीन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने उस समय कहा था, 'उनका (सचिन का) ध्यान अगले वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया की तैयारी पर है. इस लिहाज से सचिन ने महसूस किया कि यह समय है कि उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.'टिप्पणियां
हालांकि बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौश्र पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाटिल ने इससे बात से इनकार किया कि लगातार खराब फॉर्म के कारण चयनकताओं की ओर से मास्टर ब्लास्टर पर 'फेयरवेल टेस्ट सीरीज' का दबाव डाला गया.उन्होंने कहा था कि चयनकर्ता होने पर सबसे खराब बात यह है कि आपको कुछ दोस्त गंवाने पड़ते हैं लेकिन यह खेल का हिस्सा है. कुछ मामले चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच होते है और वे गोपनीय ही रहते हैं. इनका खुलासा नहीं किया जा सकता.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे.
पाटिल के अनुसार, सचिन टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे. उन्होंने मुझे और संजय जगदाले (तत्कालीन बोर्ड सचिव) को कॉल किया था. तब यह सामूहिक रूप से तय किया गया कि वे वनडे से रिटायर होंगे' सचिन तेंदुलकर ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 463 वनडे मैचों में 49 शतकों की मदद से 18,426 रन बनाए. बीसीसीआई के तत्कालीन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने उस समय कहा था, 'उनका (सचिन का) ध्यान अगले वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया की तैयारी पर है. इस लिहाज से सचिन ने महसूस किया कि यह समय है कि उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए.'टिप्पणियां
हालांकि बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौश्र पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाटिल ने इससे बात से इनकार किया कि लगातार खराब फॉर्म के कारण चयनकताओं की ओर से मास्टर ब्लास्टर पर 'फेयरवेल टेस्ट सीरीज' का दबाव डाला गया.उन्होंने कहा था कि चयनकर्ता होने पर सबसे खराब बात यह है कि आपको कुछ दोस्त गंवाने पड़ते हैं लेकिन यह खेल का हिस्सा है. कुछ मामले चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच होते है और वे गोपनीय ही रहते हैं. इनका खुलासा नहीं किया जा सकता.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे.
हालांकि बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता के तौश्र पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाटिल ने इससे बात से इनकार किया कि लगातार खराब फॉर्म के कारण चयनकताओं की ओर से मास्टर ब्लास्टर पर 'फेयरवेल टेस्ट सीरीज' का दबाव डाला गया.उन्होंने कहा था कि चयनकर्ता होने पर सबसे खराब बात यह है कि आपको कुछ दोस्त गंवाने पड़ते हैं लेकिन यह खेल का हिस्सा है. कुछ मामले चयनकर्ताओं और बीसीसीआई के बीच होते है और वे गोपनीय ही रहते हैं. इनका खुलासा नहीं किया जा सकता.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे.
वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान में आयोजित सीरीज के बाद सचिन ने टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया था. उन्होंने अंतिम टेस्ट 14 नवंबर 2013 को अपने गृहनगर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेला था. अपनी आखिरी टेस्ट पारी में उन्होंने 74 रन बनाए थे और भारत ने यह टेस्ट एक पारी 126 रन से जीता था. गौरतलब है कि सचिन ने जनवरी 2011 के बाद कोई शतक नहीं बनाया था. इस दौरान वे दो बार वे 90 से 99 के बीच के स्कोर पर आउट हुए और उनकी आखिरी 20 पारियों में तीन अर्धशतक थे. कुल मिलाकर 200 टेस्ट में सचिन ने 15, 921 रन बनाए जिसमें 51 शतक शामिल रहे. | संक्षिप्त पाठ: पाटिल व अन्य चयनकर्ताओं ने की थी 12 दिसंबर 2012 को सचिन से भेंट
तेंदुलकर 2012 में वनडे और 2013 में टेस्ट से हुए थे रिटायर
2012 में संन्यास नहीं लेते तो वनडे टीम से किए जा सकते थे ड्रॉप | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के दौरान वे नौका विहार कर रहे थे और शूटिंग करवा रहे थे. सूत्रों से जानकारी मिली है कि पीएम मोदी ने उस दिन किस-किस वक्त पर क्या किया.
सूत्रों के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को सुबह करीब सात बजे दिल्ली से देहरादून पहुंचे. देहरादून पहुंचने के बाद खराब मौसम के कारण उड़ान न भर पाने के कारण वे वहां करीब चार घंटे तक रुके रहे. सुबह सवा 11 बजे वे जिम कार्बेट नेशनल पार्क पहुंचे. वे वहां तीन घंटे तक रहे. उन्होंने वहां टाइगर सफारी, इको टूरिज्म जोन और रेस्क्यू सेंटर का उद्घाटन किया.
पीएम मोदी ने ढिकाला का दौरा करने के लिए कालागढ़ से मोटरबोट में यात्रा की. ढिकाला पहुंचने के बाद उन्होंने जंगल की सैर की. पीएम मोदी को दोपहर बाद तीन बजे रुद्रपुर में जनसभा को संबोधित करना था लेकिन यह रैली खराब मौसम और पुलवामा हमले के कारण स्थगित कर दी गई. उन्होंने फोन के जरिए संक्षेप में संबोधन दिया.
पीएम मोदी को पुलवामा में हुए हमले की सूचना 25 मिनिट की देरी से मिली. इस पर उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल को फोन करके नाराजगी जताई. डोभाल ने सुरक्षा एजेंसियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि प्रधानमंत्री को यह सूचना देने में देर क्यों हुई?
पीएम मोदी ने इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), गृह मंत्री और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से बात की. रामनगर के गेस्ट हउस में पहुंचने के बाद उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर एक बार फिर एनएसए, राज्यपाल और गृह मंत्री से बाद की. इस दौरान उन्होंने कुछ नहीं खाया.
खराब मौसम के कारण हैलिकॉप्टर का उड़ान भरना संभव नहीं था. इस कारण उन्होंने रामनगर से बरेली तक सड़क मार्ग से यात्रा की. यह सड़क काफी खराब है. रामनगर से शाम सात बजे रवाना हुए पीएम मोदी देर शाम को दिल्ली पहुंचे.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि 'तीन बजकर 10 मिनट पर ही हमले की खबर आ गई थी. पांच बजकर 15 मिनट पर कांग्रेस ने भी रिएक्शन दे दिया था. मगर, मोदी जी क्या कर रहे थे. मोदी जी की दिनचर्या बता रहा हूं. वह दिन भर पार्क का भ्रमण करने के बाद नौका विहार और शूटिंग करवा रहे थे. छह बजकर 45 मिनट तक फिल्म की शूटिंग करते हैं, नौका विहार करते हैं.'
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिसमें कहा गया है कि पुलवामा हमले के दौरान प्रधानमंत्री डिस्कवरी चैनल के लिए शूटिंग कर रहे थे. हालांकि चैनल की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. | यहाँ एक सारांश है:सुबह सात बजे दिल्ली से रवाना हुए और देर शाम को लौटे
खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से भी यात्रा की
हमले की घटना और खराब मौसम के कारण सभा को फोन से संबोधित किया | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके में एक महिला ने एक व्यक्ति पर उसकी अश्लील फोटो दिखाकर दो साल से दुष्कर्म करने का मामला दर्ज करवाया है।टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने 30 वर्षीय पीड़िता की ओर से दर्ज की गई शिकायत के हवाले से बताया कि आरोपी तेज राम ने उसको बेहोशी की दवा पिला कर उसकी अश्लील फोटो खीच ली और फिर उसे डराकर दो साल से उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने बात जाहिर करने पर उसके पति की हत्या करने की धमकी दी थी।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी तेजराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने 30 वर्षीय पीड़िता की ओर से दर्ज की गई शिकायत के हवाले से बताया कि आरोपी तेज राम ने उसको बेहोशी की दवा पिला कर उसकी अश्लील फोटो खीच ली और फिर उसे डराकर दो साल से उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने बात जाहिर करने पर उसके पति की हत्या करने की धमकी दी थी।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी तेजराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी तेजराम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है। | संक्षिप्त सारांश: जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके में एक महिला ने एक व्यक्ति पर उसकी अश्लील फोटो दिखाकर दो साल से दुष्कर्म करने का मामला दर्ज करवाया है। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुम्बई में रविवार को आयोजित होने वाले स्टैंडर्ड चार्टर्ड मैराथन के आठवें संस्करण में 38,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। इसमें नामी-गिरामी हस्तियों के अलावा वरिष्ठ नागरिकों और व्हील चेयर की स्पर्धाएं सहित कई वर्ग में मैराथन आयोजित की जाएंगी। मैराथन में मुख्य आकर्षण का केन्द्र बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम, राहुल बोस, साइरस साहूकार, पुरब कोहली, गुल पनाग, विवेक ओबरॉय और तारा शर्मा के अलावा कई हस्तियां मौजूद रहेंगी। कॉरपोरेट जगत से अनिल अम्बानी, आनंद महिंद्रा, रियाध कुंदनमल, रवि त्रेहन आदि लोग मैराथन की शोभा बढ़ाएंगे। मैराथन दक्षिण मुम्बई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से शुरू होगी। प्रोकेम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंधक विवेक सिंह के अनुसार, "पूर्ण मैराथन 42.195 किलोमीटर की होगी। इसके लिए 28,00 प्रविष्टियां प्राप्त की गई हैं। हाफ मैराथन की दूरी 21.097 किलोमीटर रखी गई है जिसके लिए 11, 000 प्रविष्टयां मिली हैं।" मैराथन की कुल पुरस्कार राशि 325,000 डॉलर है। वरिष्ठ नागरिकों की दौड़ में 1, 800 लोग भाग लेंगे जबकि व्हील चेयर प्रतियोगिता में 300 लोग हिस्सा लेंगे। ड्रीम रन के लिए 22,500 धावकों की प्रविष्टियां आई हैं जो छह किलोमीटर दौड़ में हिस्सा लेंगे। | यह एक सारांश है: मुम्बई में रविवार को आयोजित होने वाले स्टैंडर्ड चार्टर्ड मैराथन के आठवें संस्करण में 38,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।टिप्पणियां
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।टिप्पणियां
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।टिप्पणियां
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।टिप्पणियां
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रति आभार जताते हैं कि उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभुति दिखाई। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपे गए एक ज्ञापन में सिख अमेरिकियों ने कहा, हम पीड़ितों के प्रति शोक प्रकट करते हुए राष्ट्रपति और कई राज्यों के गर्वनरों द्वारा अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए उनके आभारी हैं। सिख समुदाय के प्रमुख नेता गुरचरण सिंह ने व्हाइट हाउस में ज्ञापन सौंपने के बाद कहा, राष्ट्रपति को यह ज्ञापन अमेरिका में रहने वाले सिखों और वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन गुरुद्वारा फेडरेशन की ओर से सौंपा गया है। ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और विधि प्रवर्तन एजेंसियों का भी ध्न्यवाद किया गया है।टिप्पणियां
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
ज्ञापन में कहा गया, सिख धर्म का सार्वभौमिक संदेश एक ही सिद्वांत पर आधारित है जिसके अनुसार ईश्वर हम सभी में है और हम रंग, पंथ, धर्म और लिंग से इतर मानव जाति की समानता में विश्वास करते हैं। इसमें राष्ट्रपति के नाम संदेश में कहा गया, अमेरिका अवसरों की भूमि है और सिख समुदाय के लोग यहां एक सदी से अधिक समय से हैं और हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम सिख अमेरिकी समाज के सर्वोच्च मूल्यों को कायम रखने के लिए और विश्वास, भाईचारे एवं सम्मान पर आधारित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध हैं।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था।
5 अगस्त को वेड माइकल पेज नामक बंदूकधारी ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में सिखों की हत्या कर दी थी। अपनी ही गोलियों से जख्मी हुआ पेज बाद में मारा गया था। | अमेरिकी सिखों ने विस्कोंसिन के गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए अमेरिकी ध्वज को आधा झुकाने के भाव के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद दिया। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अच्छी यादों के सहारे ट्रेन यात्रा को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से रेलवे ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर अपनी ट्रेन यात्रा की यादें और अनुभव बांटने का अनुरोध किया है.
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि आम आदमी वीडियो, कहानियों और तस्वीरों के रूप में सोशल मीडिया पर हैशटैग माई ट्रेन स्टोरी पर अपनी बातें साझा करें. रेलवे रोजाना करीब 2.3 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है जिसका मतलब है कि भारतीय रेलवे में रोज 2.3 करोड़ कहानियां होती हैं. रेलवे और उसकी यात्रा आम आदमी के जीवन का महत्वूपर्ण हिस्सा हैं और वे कई व्यक्तिगत यादों और बड़ी घटनाओं से जुड़ी होती हैं.
अधिकारी के अनुसार हो सकता है कि कोई पढ़ाई लिखाई के लिए पहली बार घर से बाहर जा रहा हो, या हो सकता है कि कोई ट्रेन में अपने जीवन साथी से मिला हो, कोई ऐसा भी हो सकता है जो सालों से रोजाना ट्रेन यात्रा करता हो. उन्होंने कहा कि यात्री अपना यात्रा संस्मरण mytrainstory@gmail.com पर भी भेज सकता है. टिप्पणियां
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि आम आदमी वीडियो, कहानियों और तस्वीरों के रूप में सोशल मीडिया पर हैशटैग माई ट्रेन स्टोरी पर अपनी बातें साझा करें. रेलवे रोजाना करीब 2.3 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है जिसका मतलब है कि भारतीय रेलवे में रोज 2.3 करोड़ कहानियां होती हैं. रेलवे और उसकी यात्रा आम आदमी के जीवन का महत्वूपर्ण हिस्सा हैं और वे कई व्यक्तिगत यादों और बड़ी घटनाओं से जुड़ी होती हैं.
अधिकारी के अनुसार हो सकता है कि कोई पढ़ाई लिखाई के लिए पहली बार घर से बाहर जा रहा हो, या हो सकता है कि कोई ट्रेन में अपने जीवन साथी से मिला हो, कोई ऐसा भी हो सकता है जो सालों से रोजाना ट्रेन यात्रा करता हो. उन्होंने कहा कि यात्री अपना यात्रा संस्मरण mytrainstory@gmail.com पर भी भेज सकता है. टिप्पणियां
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी के अनुसार हो सकता है कि कोई पढ़ाई लिखाई के लिए पहली बार घर से बाहर जा रहा हो, या हो सकता है कि कोई ट्रेन में अपने जीवन साथी से मिला हो, कोई ऐसा भी हो सकता है जो सालों से रोजाना ट्रेन यात्रा करता हो. उन्होंने कहा कि यात्री अपना यात्रा संस्मरण mytrainstory@gmail.com पर भी भेज सकता है. टिप्पणियां
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी और कुछ रेलबंधु पत्रिका में भी प्रकाशित की जाएंगी. यह सालभर का अभियान होगा और जहां चुनिंदा कहानियों को ई प्रमाणपत्र मिलेगा. त्रैमासिक आधार पर श्रेष्ठतम स्टोरी वाले तीन व्यक्तियों को रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मिलने का मौका मिलेगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: रेलवे और उसकी यात्रा आम आदमी के जीवन का महत्वूपर्ण हिस्सा हैं
रेलवे रोजाना करीब 2.3 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं देता है
कुछ चुनिंदा कहानियां सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कप्तान ब्रेंडन टेलर की दोनों पारियों में शतक जड़ने की शानदार उपलब्धि की बदौलत जिम्बाब्वे ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में बांग्लादेश को 335 रन से करारी शिकस्त देकर रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
पहली पारी में 171 रन बनाने वाले टेलर दूसरी पारी में 102 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 227 रन पर समाप्त घोषित करके बांग्लादेश के सामने 483 रन का लक्ष्य रखा।
बांग्लादेश ने पहली पारी की तरह नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और उसकी टीम 147 रन पर ढेर हो गई। टेलर जिम्बाब्वे के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने दोनों पारियों में शतक जमाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन से जिम्बाब्वे ने रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की।टिप्पणियां
इससे पहले, उसने 2004 में हरारे में बांग्लादेश को ही 183 रन से हराया था। बांग्लादेश को दूसरी पारी में सबसे बड़ा नुकसान काइल जार्विस ने पहुंचाया। उन्होंने चोटी के तीन बल्लेबाजों शहरयार नफीस, महमुदुल्लाह और साकिब अल हसन को आउट किया। ग्रीम क्रेमर ने निचले क्रम को समेटने में देर नहीं लगाई तथा 5.2 ओवर में केवल चार रन देकर चार विकेट लिए। शिंगी मास्कादजा और एल्टन चिगुंबुरा को एक-एक विकेट मिला।
बांग्लादेश ने आखिरी पांच विकेट 15 रन के अंदर गंवाए। उसकी तरफ से पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। इससे पहले टेलर एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान और कुल तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले फ्लावर बंधु ग्रांट और एंडी यह कारनामा कर चुके थे। जिम्बाब्वे ने सुबह सात विकेट पर 187 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा टेलर ने अपना दूसरा शतक पूरा होते ही पारी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कीगन मेट 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
पहली पारी में 171 रन बनाने वाले टेलर दूसरी पारी में 102 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 227 रन पर समाप्त घोषित करके बांग्लादेश के सामने 483 रन का लक्ष्य रखा।
बांग्लादेश ने पहली पारी की तरह नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और उसकी टीम 147 रन पर ढेर हो गई। टेलर जिम्बाब्वे के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने दोनों पारियों में शतक जमाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन से जिम्बाब्वे ने रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की।टिप्पणियां
इससे पहले, उसने 2004 में हरारे में बांग्लादेश को ही 183 रन से हराया था। बांग्लादेश को दूसरी पारी में सबसे बड़ा नुकसान काइल जार्विस ने पहुंचाया। उन्होंने चोटी के तीन बल्लेबाजों शहरयार नफीस, महमुदुल्लाह और साकिब अल हसन को आउट किया। ग्रीम क्रेमर ने निचले क्रम को समेटने में देर नहीं लगाई तथा 5.2 ओवर में केवल चार रन देकर चार विकेट लिए। शिंगी मास्कादजा और एल्टन चिगुंबुरा को एक-एक विकेट मिला।
बांग्लादेश ने आखिरी पांच विकेट 15 रन के अंदर गंवाए। उसकी तरफ से पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। इससे पहले टेलर एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान और कुल तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले फ्लावर बंधु ग्रांट और एंडी यह कारनामा कर चुके थे। जिम्बाब्वे ने सुबह सात विकेट पर 187 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा टेलर ने अपना दूसरा शतक पूरा होते ही पारी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कीगन मेट 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
बांग्लादेश ने पहली पारी की तरह नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और उसकी टीम 147 रन पर ढेर हो गई। टेलर जिम्बाब्वे के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने दोनों पारियों में शतक जमाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन से जिम्बाब्वे ने रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की।टिप्पणियां
इससे पहले, उसने 2004 में हरारे में बांग्लादेश को ही 183 रन से हराया था। बांग्लादेश को दूसरी पारी में सबसे बड़ा नुकसान काइल जार्विस ने पहुंचाया। उन्होंने चोटी के तीन बल्लेबाजों शहरयार नफीस, महमुदुल्लाह और साकिब अल हसन को आउट किया। ग्रीम क्रेमर ने निचले क्रम को समेटने में देर नहीं लगाई तथा 5.2 ओवर में केवल चार रन देकर चार विकेट लिए। शिंगी मास्कादजा और एल्टन चिगुंबुरा को एक-एक विकेट मिला।
बांग्लादेश ने आखिरी पांच विकेट 15 रन के अंदर गंवाए। उसकी तरफ से पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। इससे पहले टेलर एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान और कुल तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले फ्लावर बंधु ग्रांट और एंडी यह कारनामा कर चुके थे। जिम्बाब्वे ने सुबह सात विकेट पर 187 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा टेलर ने अपना दूसरा शतक पूरा होते ही पारी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कीगन मेट 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
इससे पहले, उसने 2004 में हरारे में बांग्लादेश को ही 183 रन से हराया था। बांग्लादेश को दूसरी पारी में सबसे बड़ा नुकसान काइल जार्विस ने पहुंचाया। उन्होंने चोटी के तीन बल्लेबाजों शहरयार नफीस, महमुदुल्लाह और साकिब अल हसन को आउट किया। ग्रीम क्रेमर ने निचले क्रम को समेटने में देर नहीं लगाई तथा 5.2 ओवर में केवल चार रन देकर चार विकेट लिए। शिंगी मास्कादजा और एल्टन चिगुंबुरा को एक-एक विकेट मिला।
बांग्लादेश ने आखिरी पांच विकेट 15 रन के अंदर गंवाए। उसकी तरफ से पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। इससे पहले टेलर एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान और कुल तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले फ्लावर बंधु ग्रांट और एंडी यह कारनामा कर चुके थे। जिम्बाब्वे ने सुबह सात विकेट पर 187 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा टेलर ने अपना दूसरा शतक पूरा होते ही पारी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कीगन मेट 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
बांग्लादेश ने आखिरी पांच विकेट 15 रन के अंदर गंवाए। उसकी तरफ से पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल ने सर्वाधिक 40 रन बनाए। इससे पहले टेलर एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले जिम्बाब्वे के पहले कप्तान और कुल तीसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले फ्लावर बंधु ग्रांट और एंडी यह कारनामा कर चुके थे। जिम्बाब्वे ने सुबह सात विकेट पर 187 रन से आगे खेलना शुरू किया तथा टेलर ने अपना दूसरा शतक पूरा होते ही पारी समाप्त करने की घोषणा कर दी। कीगन मेट 31 रन बनाकर नाबाद रहे। | संक्षिप्त सारांश: कप्तान ब्रेंडन टेलर की दोनों पारियों में शतक जड़ने की शानदार उपलब्धि की बदौलत जिम्बाब्वे ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में बांग्लादेश को 335 रन से करारी शिकस्त देकर रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की एक अदालत ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक व लश्कर-ए-तय्यबा आतंकवादी डेविड हेडली को सजा सुनाने की तिथि में बुधवार को परिवर्तन करते हुए उसे 17 जनवरी से आगे बढ़ाकर 24 जनवरी कर दिया है। हेडली 26/11 मुंबई हमलों में संलिप्तता का आरोपी है।
हेडली के सहयोगी तहव्वुर राणा को सजा सुनाए जाने की तिथि में दूसरी बार परिवर्तन किया गया है। राणा को अब 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी है।
हेडली ने वर्ष 2008 मुंबई हमलों के लिए लश्कर-ए-तयबा की खातिर ठिकानों की टोह ली थी। उसने खुद को मौत की सजा या फिर भारत और डेनमार्क प्रत्यर्पण से बचाने के लिए एफबीआई को एक याचिका दी थी।
दूसरी ओर राणा को मुंबई हमलों में संलिप्तता के मामले में बरी कर दिया गया लेकिन डेनमार्क के अखबार जिलैंड्स-पोस्टेन पर हमला करने की साजिश में उसे 10 जून 2011 को दोषी करार दिया गया। इसी अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। इसके अलावा राणा को लश्कर-ए-तय्यबा की सहायता करने का भी दोषी पाया गया।
पहले राणा को 15 जनवरी को और हेडली को 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी थी। शिकागो अदालत के प्रवक्ता रानडैल सैमबॉर्न ने कहा, ‘‘अब राणा को बृहस्पतिवार 17 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी। जबकि हेडली को बृहस्पतिवार 24 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी।’’ टिप्पणियां
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
हेडली के सहयोगी तहव्वुर राणा को सजा सुनाए जाने की तिथि में दूसरी बार परिवर्तन किया गया है। राणा को अब 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी है।
हेडली ने वर्ष 2008 मुंबई हमलों के लिए लश्कर-ए-तयबा की खातिर ठिकानों की टोह ली थी। उसने खुद को मौत की सजा या फिर भारत और डेनमार्क प्रत्यर्पण से बचाने के लिए एफबीआई को एक याचिका दी थी।
दूसरी ओर राणा को मुंबई हमलों में संलिप्तता के मामले में बरी कर दिया गया लेकिन डेनमार्क के अखबार जिलैंड्स-पोस्टेन पर हमला करने की साजिश में उसे 10 जून 2011 को दोषी करार दिया गया। इसी अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। इसके अलावा राणा को लश्कर-ए-तय्यबा की सहायता करने का भी दोषी पाया गया।
पहले राणा को 15 जनवरी को और हेडली को 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी थी। शिकागो अदालत के प्रवक्ता रानडैल सैमबॉर्न ने कहा, ‘‘अब राणा को बृहस्पतिवार 17 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी। जबकि हेडली को बृहस्पतिवार 24 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी।’’ टिप्पणियां
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
हेडली ने वर्ष 2008 मुंबई हमलों के लिए लश्कर-ए-तयबा की खातिर ठिकानों की टोह ली थी। उसने खुद को मौत की सजा या फिर भारत और डेनमार्क प्रत्यर्पण से बचाने के लिए एफबीआई को एक याचिका दी थी।
दूसरी ओर राणा को मुंबई हमलों में संलिप्तता के मामले में बरी कर दिया गया लेकिन डेनमार्क के अखबार जिलैंड्स-पोस्टेन पर हमला करने की साजिश में उसे 10 जून 2011 को दोषी करार दिया गया। इसी अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। इसके अलावा राणा को लश्कर-ए-तय्यबा की सहायता करने का भी दोषी पाया गया।
पहले राणा को 15 जनवरी को और हेडली को 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी थी। शिकागो अदालत के प्रवक्ता रानडैल सैमबॉर्न ने कहा, ‘‘अब राणा को बृहस्पतिवार 17 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी। जबकि हेडली को बृहस्पतिवार 24 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी।’’ टिप्पणियां
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
दूसरी ओर राणा को मुंबई हमलों में संलिप्तता के मामले में बरी कर दिया गया लेकिन डेनमार्क के अखबार जिलैंड्स-पोस्टेन पर हमला करने की साजिश में उसे 10 जून 2011 को दोषी करार दिया गया। इसी अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। इसके अलावा राणा को लश्कर-ए-तय्यबा की सहायता करने का भी दोषी पाया गया।
पहले राणा को 15 जनवरी को और हेडली को 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी थी। शिकागो अदालत के प्रवक्ता रानडैल सैमबॉर्न ने कहा, ‘‘अब राणा को बृहस्पतिवार 17 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी। जबकि हेडली को बृहस्पतिवार 24 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी।’’ टिप्पणियां
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
पहले राणा को 15 जनवरी को और हेडली को 17 जनवरी को सजा सुनाई जानी थी। शिकागो अदालत के प्रवक्ता रानडैल सैमबॉर्न ने कहा, ‘‘अब राणा को बृहस्पतिवार 17 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी। जबकि हेडली को बृहस्पतिवार 24 जनवरी 2013 को सजा सुनाई जाएगी।’’ टिप्पणियां
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
राणा को सजा सुनाने की तिथि में दूसरी बार बदलाव किया गया है। सबसे पहले उसे चार दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी फिर दूसरी बार 15 जनवरी को।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे।
सैमबॉर्न ने कहा कि अमेरिका के जिला न्यायाधीश हैरी लेनिनवेबर दोनों को सजा सुनाएंगे। | संक्षिप्त सारांश: अमेरिका की एक अदालत ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक व लश्कर-ए-तय्यबा आतंकवादी डेविड हेडली को सजा सुनाने की तिथि में बुधवार को परिवर्तन करते हुए उसे 17 जनवरी से आगे बढ़ाकर 24 जनवरी कर दिया है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ब्रिटेन के इस निर्णय को दोहराया है कि उनका देश भारत में सहायता कार्यक्रम जारी रखेगा। सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा सहायता कार्यक्रम बंद करने तथा भारत को इसकी जरूरत नहीं होने की रिपोर्ट के बीच कैमरन ने यह बात कही है।टिप्पणियां
प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमने भारत को दी जाने वाली सहायता प्रतिबद्धता की समीक्षा की है। हमने इसे जारी रखने का निर्णय किया है। हम भारत को वित्तीय सहायता देते रहेंगे लेकिन हम तीन सर्वाधिक गरीब राज्यों पर ध्यान देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका कारण यह है कि उन तीन राज्यों में गरीबों की बड़ी संख्या निवास करती है..।’’
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री एंड्रयू मिशेल ने कल भारत को दी जाने वाली सहायता की वकालत की और कहा, ‘‘हम हमेशा भारत को मदद नहीं करते रहेंगे लेकिन अभी वहां से बाहर निकलने का समय नहीं आया है। हम भारत में जो कार्यक्रम चला रहे हैं, वह ब्रिटेन के हित में है। साथ ही यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबधों का एक छोटा लेकिन प्रमुख हिस्सा है।’’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना रुख बदल रहे हैं। हम केंद्र सरकार की बजाए भारत के तीन सर्वाधिक गरीब राज्यों पर ध्यान देंगे। हम निजी क्षेत्र में और निवेश करेंगे।’’
प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमने भारत को दी जाने वाली सहायता प्रतिबद्धता की समीक्षा की है। हमने इसे जारी रखने का निर्णय किया है। हम भारत को वित्तीय सहायता देते रहेंगे लेकिन हम तीन सर्वाधिक गरीब राज्यों पर ध्यान देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका कारण यह है कि उन तीन राज्यों में गरीबों की बड़ी संख्या निवास करती है..।’’
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री एंड्रयू मिशेल ने कल भारत को दी जाने वाली सहायता की वकालत की और कहा, ‘‘हम हमेशा भारत को मदद नहीं करते रहेंगे लेकिन अभी वहां से बाहर निकलने का समय नहीं आया है। हम भारत में जो कार्यक्रम चला रहे हैं, वह ब्रिटेन के हित में है। साथ ही यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबधों का एक छोटा लेकिन प्रमुख हिस्सा है।’’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना रुख बदल रहे हैं। हम केंद्र सरकार की बजाए भारत के तीन सर्वाधिक गरीब राज्यों पर ध्यान देंगे। हम निजी क्षेत्र में और निवेश करेंगे।’’
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री एंड्रयू मिशेल ने कल भारत को दी जाने वाली सहायता की वकालत की और कहा, ‘‘हम हमेशा भारत को मदद नहीं करते रहेंगे लेकिन अभी वहां से बाहर निकलने का समय नहीं आया है। हम भारत में जो कार्यक्रम चला रहे हैं, वह ब्रिटेन के हित में है। साथ ही यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबधों का एक छोटा लेकिन प्रमुख हिस्सा है।’’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना रुख बदल रहे हैं। हम केंद्र सरकार की बजाए भारत के तीन सर्वाधिक गरीब राज्यों पर ध्यान देंगे। हम निजी क्षेत्र में और निवेश करेंगे।’’ | सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा सहायता कार्यक्रम बंद करने तथा भारत को इसकी जरूरत नहीं होने की रिपोर्ट के बीच कैमरन ने यह बात कही है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को आशा है कि उसकी ताजा क्षमा याचिका पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी उसके ‘पक्ष में फैसला’ देंगे।
सरबजीत के वकील अवायस शेख ने कहा कि उसकी ताजा क्षमा याचिका पर जरदारी की ओर से ‘विशेष ध्यान’ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘इस बार सरबजीत की रिहाई की काफी संभावना है।’’ वकील ने दावा किया कि सरबजीत की रिहाई से भारत और पाकिस्तान के बीच की शांति प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।टिप्पणियां
शेख ने दावा किया कि सरबजीत को पिछले साल 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया जाना था। उसे पाकिस्तानी नागरिक खली चिश्ती की रिहाई के ऐवज में छोड़ा जाना था, जो फिलहाल राजस्थान की एक जेल में कैद है।
वकील शेख ने दावा किया, ‘‘लेकिन अंतिम समय में उस समय यह फैसला बदल दिया गया, जब भारतीय अधिकारियों ने चिश्ती को रिहा नहीं किया।’’ शेख ने कहा कि उन्होंने हाल ही में भारत की यात्रा की, जहां उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे भारत की जेलों में कैद पाकिस्तान के नागरिकों की रिहाई की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
सरबजीत के वकील अवायस शेख ने कहा कि उसकी ताजा क्षमा याचिका पर जरदारी की ओर से ‘विशेष ध्यान’ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘इस बार सरबजीत की रिहाई की काफी संभावना है।’’ वकील ने दावा किया कि सरबजीत की रिहाई से भारत और पाकिस्तान के बीच की शांति प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।टिप्पणियां
शेख ने दावा किया कि सरबजीत को पिछले साल 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया जाना था। उसे पाकिस्तानी नागरिक खली चिश्ती की रिहाई के ऐवज में छोड़ा जाना था, जो फिलहाल राजस्थान की एक जेल में कैद है।
वकील शेख ने दावा किया, ‘‘लेकिन अंतिम समय में उस समय यह फैसला बदल दिया गया, जब भारतीय अधिकारियों ने चिश्ती को रिहा नहीं किया।’’ शेख ने कहा कि उन्होंने हाल ही में भारत की यात्रा की, जहां उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे भारत की जेलों में कैद पाकिस्तान के नागरिकों की रिहाई की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
शेख ने दावा किया कि सरबजीत को पिछले साल 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया जाना था। उसे पाकिस्तानी नागरिक खली चिश्ती की रिहाई के ऐवज में छोड़ा जाना था, जो फिलहाल राजस्थान की एक जेल में कैद है।
वकील शेख ने दावा किया, ‘‘लेकिन अंतिम समय में उस समय यह फैसला बदल दिया गया, जब भारतीय अधिकारियों ने चिश्ती को रिहा नहीं किया।’’ शेख ने कहा कि उन्होंने हाल ही में भारत की यात्रा की, जहां उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे भारत की जेलों में कैद पाकिस्तान के नागरिकों की रिहाई की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
वकील शेख ने दावा किया, ‘‘लेकिन अंतिम समय में उस समय यह फैसला बदल दिया गया, जब भारतीय अधिकारियों ने चिश्ती को रिहा नहीं किया।’’ शेख ने कहा कि उन्होंने हाल ही में भारत की यात्रा की, जहां उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे भारत की जेलों में कैद पाकिस्तान के नागरिकों की रिहाई की प्रक्रिया में तेजी लाएं। | सारांश: सरबजीत सिंह को आशा है कि उसकी ताजा क्षमा याचिका पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी उसके ‘पक्ष में फैसला’ देंगे। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने आगामी 26 जून को केन्द्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए शीर्ष पद के लिए तृणमूल कांग्रेस से परोक्ष तौर पर समर्थन मांगा।
मुखर्जी ने वीरभूम जिले में अपने पैतृक गांव में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं 26 जून को केन्द्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दूंगा और कांग्रेस कार्यसमिति से एक-दो दिन में ही इस्तीफा दे दूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह पहले भी वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते थे लेकिन प्रधानमंत्री के देश से बाहर होने के कारण उन्हें कई मामलों पर ध्यान देना था।
इससे पूर्व, दिन में कोलकाता में उन्होंने कहा था कि वह 24 जून को ही अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
मुखर्जी ने कोलकाता में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा, ‘यूपीए के एक घटक के अलावा सभी ने मुझे समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी और बसपा जैसे गैर यूपीए दल, माकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, जद(यू), शिवसेना जैसे दलों ने मुझे समर्थन दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी विनती है कि जिन लोगों ने अब तक निर्णय नहीं लिया है, वे कृपया यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का समर्थन करें।’
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
मुखर्जी ने वीरभूम जिले में अपने पैतृक गांव में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं 26 जून को केन्द्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दूंगा और कांग्रेस कार्यसमिति से एक-दो दिन में ही इस्तीफा दे दूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह पहले भी वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते थे लेकिन प्रधानमंत्री के देश से बाहर होने के कारण उन्हें कई मामलों पर ध्यान देना था।
इससे पूर्व, दिन में कोलकाता में उन्होंने कहा था कि वह 24 जून को ही अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
मुखर्जी ने कोलकाता में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा, ‘यूपीए के एक घटक के अलावा सभी ने मुझे समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी और बसपा जैसे गैर यूपीए दल, माकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, जद(यू), शिवसेना जैसे दलों ने मुझे समर्थन दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी विनती है कि जिन लोगों ने अब तक निर्णय नहीं लिया है, वे कृपया यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का समर्थन करें।’
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
इससे पूर्व, दिन में कोलकाता में उन्होंने कहा था कि वह 24 जून को ही अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
मुखर्जी ने कोलकाता में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा, ‘यूपीए के एक घटक के अलावा सभी ने मुझे समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी और बसपा जैसे गैर यूपीए दल, माकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, जद(यू), शिवसेना जैसे दलों ने मुझे समर्थन दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी विनती है कि जिन लोगों ने अब तक निर्णय नहीं लिया है, वे कृपया यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का समर्थन करें।’
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
मुखर्जी ने कोलकाता में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का परोक्ष तौर पर जिक्र करते हुए कहा, ‘यूपीए के एक घटक के अलावा सभी ने मुझे समर्थन दिया है। समाजवादी पार्टी और बसपा जैसे गैर यूपीए दल, माकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, जद(यू), शिवसेना जैसे दलों ने मुझे समर्थन दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी विनती है कि जिन लोगों ने अब तक निर्णय नहीं लिया है, वे कृपया यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का समर्थन करें।’
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘जिन दलों ने मुझे समर्थन देने की घोषणा की है, मैं उनका आभारी हूं।’
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं।
सूत्रों ने पहले बताया था कि मुखर्जी के 28 जून को राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की उम्मीद है। इसके लिए नामांकन पत्रों के चार सेट तैयार किए जा रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने आगामी 26 जून को केन्द्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए शीर्ष पद के लिए तृणमूल कांग्रेस से परोक्ष तौर पर समर्थन मांगा। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी प्रवक्ताओं से पूरी आक्रामकता से सरकार की उपलब्धियों को देश भर की जनता के बीच ले जाने को कहा है. शाह ने रविवार को देश भर के पार्टी प्रवक्ताओं की एक वर्कशॉप को संबोधित किया. इसमें अलग-अलग राज्यों में टीवी चैनलों पर पार्टी की ओर से जाने वाले पैनेलिस्ट भी शामिल हुए. अमित शाह ने कहा कि मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार जनता के हित में अच्छा काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इन कामों को जनता तक ले जाने और आसान तरीके से समझाने की जिम्मेदारी पार्टी प्रवक्ताओं की है. शाह ने सभी प्रवक्ताओं को कहा कि तीन साल में सरकार ने बहुत काम किया है. हाल ही में जीएसटी को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है. इसके बारे में लोगों को बताना भी पार्टी प्रवक्ताओं की ज़िम्मेदारी है.
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं जिनका सीधा लाभ जनता तक पहुंच रहा है. उन्होंने उज्वला योजना, मुद्रा योजना, जन धन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाएं और युवाओं के रोजगार संबंधी योजनाओं का प्रचार करने को कहा. शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान विकास और आर्थिक मोर्चे पर जो गड्ढे थे, उसको ठोस कदम उठाकर न सिर्फ मोदी सरकार ने भरा बल्कि वहां विकास की मीनार खड़ी की है.
गौरतलब है कि बीजेपी 27 मई से 15 जून तक पूरे देश में मोदी सरकार के 3 साल की उपलब्धियों का उत्सव मनाएगी. इस दौरान राज्यों खासतौर पर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में तमाम केन्द्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के दौरे को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया.
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं जिनका सीधा लाभ जनता तक पहुंच रहा है. उन्होंने उज्वला योजना, मुद्रा योजना, जन धन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाएं और युवाओं के रोजगार संबंधी योजनाओं का प्रचार करने को कहा. शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान विकास और आर्थिक मोर्चे पर जो गड्ढे थे, उसको ठोस कदम उठाकर न सिर्फ मोदी सरकार ने भरा बल्कि वहां विकास की मीनार खड़ी की है.
गौरतलब है कि बीजेपी 27 मई से 15 जून तक पूरे देश में मोदी सरकार के 3 साल की उपलब्धियों का उत्सव मनाएगी. इस दौरान राज्यों खासतौर पर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में तमाम केन्द्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के दौरे को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया. | संक्षिप्त पाठ: 'मोदी सरकार की योजनाएं का सीधा लाभ जनता तक पहुंच रहा है'
बीजेपी मोदी सरकार के 3 साल की उपलब्धियों का उत्सव मनाएगी
'जनता तक सरकार की उपलब्धियों को आसान भाषा में पहुंचाएं' | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्राजील के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी साक्रेट्स का रविवार को 57 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। वर्ष 1982 के विश्व कप में टीम का नेतृत्व करने वाले साक्रेट्स की आंत में संक्रमण था। वह अपने पीछे पत्नी और छह बच्चों को छोड़ गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक साक्रेट्स को भोजन की विषाक्तता की शिकायत पर उन्हें शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया। अल्बर्ट आइनस्टीन अस्पताल से जारी बयान के मुताबिक साक्रेट्स को गम्भीर हालत में गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में जीवन रक्षक उपकरण पर रखा गया था। साक्रेट्स को आंत में बैक्टीरिया के संक्रमण से प्रभावित बताया गया। उन्हें अत्यधिक अल्कोहल के सेवन और लिवर सिरोसिस के कारण पिछले कुछ महीनों में दो बार अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। साक्रेट्स ने माना था कि वह शराब का सेवन अत्यधिक मात्रा में करते थे। वर्ष 1980 में जब उनका फुटबाल का करियर बुलंदियों पर था तब भी वह शराब का सेवन करते थे। साक्रेट्स को फीफा की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 125 खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया था। इस सूची को महान फुटबाल खिलाड़ी पेले ने तैयार किया था। साक्रेट्स ने देश के लिए 63 मुकाबले खेले और 25 गोल किए। उन्हें चतुराईपूर्ण खेल के लिए जाना जाता था। अपने शानदार खेल के लिए प्रसिद्ध साक्रेट्स कुछ समय छोड़कर साओ पॉलो क्लब कोरिंथियांस के लिए जीवन पर्यंत खेलते रहे। साक्रेट्स 1970 एवं 1980 के दशक में राजनीतिक कार्यकर्ता बन गए। उन्होंने 1964 एवं 1985 के मध्य तत्कालीन तानाशाही के खिलाफ हुए अनेक विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। साक्रेट्स के निधन पर ब्राजील के फुटबॉल प्रेमियों ने इस महान खिलाड़ी को सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर श्रद्धांजलि दी है। फुटबॉल के पूर्व खिलाड़ी रोनाल्डो ने कहा, "दिन की उदास शुरुआत। डॉ. साक्रेट्स की आत्मा को शांति मिले।" | यहाँ एक सारांश है:ब्राजील के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी साक्रेट्स का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। साक्रेट्स की आंत में संक्रमण था। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मैहर पुलिस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 292, 500 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है. लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.
बता दें, इससे पहले हिमाचल में भी ऐसे मामला सामने आया था. जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका वाड्रा के खिलाफ फेसबुक पर अपमानजनक टिप्पणी लिखने पर हिमाचल प्रदेश के एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पुलिस बताया था कि इस मामले में हिमाचल युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनीष ठाकुर ने रणबीर सिंह नेगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. इस पर कार्रवाई करते हुए सदर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए और 505(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. नेगी ने 21 दिसम्बर को हिंदी में किए एक फेसबुक पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी बहन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. | सारांश: अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज
साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश
सोशल मीडिया पर शेयर हुई थी तस्वीर | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मशहूर टीवी एक्टर शरद मल्होत्रा ने 'हग डे' (Hug Day) को बहुत ही खास बताया है और कहा है कि मैं इस दिन अपने खास दोस्तों से गले मिलता हूं और उनसे एनर्जी प्राप्त करता हूं. उन्होंने कहा कि मुझे अपने डॉग मस्की को हग करना बहुत पसंद है. साथ ही शरद मल्होत्रा (Ssharad Malhotra) ने यह भी कहा कि शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ऐसे शख्स हैं, जिन्हें मैं हग करना चाहूंगा.
टीवी एक्ट्रेस जैस्मीन भसीन (Jasmin Bhasin) ने 'हग डे' (Hug Day) को खास बताते हुए कहा कि मैं बहुत चुनिंदा लोगों को ही हग करती हूं. मैं सबसे ज्यादा अपने पेट मिया को हग करती हूं. उन्होंने अपना क्रश रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) को बताते हुए कहा कि वो बॉलीवुड में रणबीर को हग करना चाहेंगी. जैस्मिन ने उनकी एक्टिंग की भी बहुत तारीफ की.
चर्चित टीवी अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने कहा कि 'हग डे' (Hug Day) पर अपने दिल की करीबी लोगों से ही गले मिलना पसंद करता हूं. उनसे गले मिलकर बहुत ही सुंदर फिलिंग आती है. अर्जुन बिजलानी (Arjun Bijlani) ने कहा कि मैं रोजाना अपने बेटे आयान को हग करता हूं. उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में वो आलिया भट्ट (Alia Bhatt) को हग करना चाहेंगे. अर्जुन ने आलिया भट्ट की एक्टिंग की भी काफी तारीफ की.
अभिनेत्री टीना दत्ता ने 'हग डे' (Hug Day) पर बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ( Shah Rukh Khan) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) को हग करनी का इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि किसी को हग करना बहुत ही अच्छी फिलिंग देता है, लेकिन मैं सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही हग करती हूं. अपने मम्मी-पापा को हग करना सबसे अच्छा लगता है.
मशहूर टीवी एक्टर खालिद सिद्दीकी ने 'हग डे' (Hug Day) को बहुत ही खास माना है. उन्होंने कहा कि किसी को हग करने से लगता है कि वो शख्स आपके करीब है. इससे बहुत एक्सप्रेशंस और इमोशन का जुड़ाव होता है. मैं अपने सभी करीबी लोगों को हग करता रहता हूं. उन्होंने बॉलीवुड में एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे (Sonali Bendre)को हग करने की इच्छा जताई. इस मौके पर उन्होंने सोनाली की काफी तारीफ भी की.
टीवी एक्ट्रेस गीतांजली सिंह ने 'हग डे' (Hug Day) पर बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को हग करने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि आप अपने चहेते लोगों को हग कर बिना कुछ बोलो अपनी फिलिंग जता सकते हैं. उन्होंने इरफान खान को भी हग करने की इच्छा जताई है. एक्ट्रेस में गीतांजली सिंह (Geetanjali Singh) ने कंगना रनौत को हग करने की इच्छा जताई है. | सारांश: 'हग डे' पर शाहरुख की है डिमांड
रणबीर कपूर और रणवीर सिंह भी रेस में
12 फरवरी को आता है 'हग डे' | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले ही रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऊपर धुंध छा गई. साथ ही, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई. इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पड़ोसी राज्यों में जलने वाली पराली को जिम्मेदार बताया है. शनिवार को उन्होंने कहा था कि पड़ोसी राज्यों में पराली के जलने से निकलने वाला धुआं दिल्ली पहुंचने लगा है और हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. उन्होंने कहा, ‘‘व्यापक रूप से यह बात सामने आयी है कि दिल्ली में आने वाला धुआं हरियाणा के करनाल में पराली जलने के कारण आता है.''
वहीं रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पर पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है. आसपास के क्षेत्रों गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत, मुरथल में एक्यूआई क्रमश: 290, 233, 279, 280, 259 और 245 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में करनाल जिले के अलीपुर खालसा (351) और पानीपत (339) में हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब'' हो गई.
बता दें 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा', 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक', 101 और 200 के बीच ‘मध्यम', 201 से 300 के बीच ‘खराब', 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर' श्रेणी का माना जाता है.
केंद्र सरकार द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं 15 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रदूषण का छह फीसदी हिस्सा बन जाएगा. ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' के 10 सदस्यीय कार्य बल ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं और दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर एक बैठक आयोजित की थी. दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार कई उपाय अपनाने की तैयारी में है. (इनपुट- भाषा) | यह एक सारांश है: 0-50 के बीच AQI को माना जाता है अच्छा
पराली जलने से बढ़ रहा प्रदूषण
प्रदूषण रोकने के उपाय अपनाने के लिए तैयार दिल्ली सरकार | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के महज 11 महीने बाद कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के परिजन और समर्थक सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करते नज़र आ रहे हैं. पहला मामला राज्य की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में हुआ. वहां इंदौर नगर निगम के कर्मचारी डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर संयोगितागंज क्षेत्र में लगाए गए होर्डिंग्स को हटा रहे थे. जिस वक्त कमलनाथ सरकार के 31 अक्टूबर के फैसले के मुताबिक अनाधिकृत होर्डिंग्स को हटाया जा रहा था कथित तौर पर तुलसी सिलावट के कुछ रिश्तेदार और स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने वहां पहुंचकर नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई कर दी.
स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों ने डिप्टी कमिश्नर एमएस चौहान के साथ दुर्व्यवहार किया वहां मौजूद पत्रकारों और फोटोग्राफरों को भी गाली दी गई. घटना के 24 घंटे के बाद, एक मामला दर्ज किया गया. पुलिस इंस्पेक्टर एनएस रघुवंशी ने कहा कि “विक्की खटीक, कपिल कौशिक, चंदू सिलावट और राहुल सिलावट सहित चार लोगों के खिलाफ बुधवार को धारा 353, 332, 294, 506 और 34 में मामला दर्ज किया गया है. हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
इस घटना ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे के मामले की याद ताज़ा कर दी जब पुलिस ने अधिकारी पर बल्ला भांजने के कुछ घंटों के अंदर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.
दूसरी घटना राज्य के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हुई, जहां पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे और अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव संजय सिंह यादव ने विजयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जोशुआ पीटर को फोन पर कथित तौर पर अपशब्द कहे. यादव श्योपुर जिले के बेनीपुरा गांव में चेक डैम के निर्माण में हो रही देरी से नाराज़ थे.
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, इसके बाद कित मुद्गल (कथित तौर पर मंत्री के भतीजे के करीबी सहयोगी) ने सीईओ को दो बार फोन किया और उन्हें फोन पर गालियां दीं. कहा कि पिछले सीईओ और इंजीनियर भी जूते से पीटे गए थे. वर्तमान सीईओ को भी नहीं बख्शा जाएगा.
सीईओ-विजयपुर जनपद पंचायत जोशुआ पीटर ने मंत्री के भतीजे संजय यादव और संजय के समर्थक अंकित मुदगल के खिलाफ श्योपुर जिले की स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है. हालांकि, श्योपुर जिले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव से जब NDTV से इस मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने अपने भतीजे का बचाव किया. “वो मेरा भतीजा है, ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस का सेक्रेट्री है. यदि उसने ये कह दिया तो ये असंवैधानिक तो नहीं है. मेरे परिवार में कोई इस तरह का व्यवहार कभी नहीं करता. जो क्लिप मैंने सुनी है उसमें संबंधित अधिकारी की भाषा थी जिसने मेरे भतीजे को उकसाया था.''
इस मामले में विपक्षी बीजेपी ने सरकार को आड़े हाथों लिया. पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने कहा मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि कोई होर्डिग पोस्टर नहीं लगेगा तो सिंधिया गुट के मंत्री ने निर्णय नहीं माना. बड़े-बड़े पोस्टर लगवा दिए, फिर निगम कर्मियों को मारा. बीजेपी के साथ होता है तो एफआईआर हो जाती है. ये निरंकुश सरकार है, गुटीय राजनीति पर चलती है.
मंत्री समर्थकों-रिश्तेदारों की त्योरियां तो चढ़ी ही हैं, होशंगाबाद में कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह भी ताव में दिखे, जब उन्होंने जनसुनवाई से एक बुजुर्ग को बाहर निकाल दिया. बुजुर्ग का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने कलेक्टर साहब को कागज़ात दिखाने की गुस्ताखी कर दी. | संक्षिप्त पाठ: मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे ने अधिकारी से अपशब्द कहे
यादव ने कहा- अधिकारी की भाषा ने मेरे भतीजे को उकसाया था
होशंगाबाद में कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बुजुर्ग को बाहर निकाला | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिपब्लिकन कन्वेंशन में डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी और समर्थक एक दूसरे पर गुस्से में चिल्लाते हुए नजर आए, जिसके कारण व्हाइट हाउस के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार की घोषणा शांतिपूर्ण ढंग से किए जाने की ट्रंप की योजना में खलल पड़ गया। क्लीवलैंड में कल तानों और चीखों का शोर था क्योंकि हजारों रिपब्लिकन डेलीगेट्स के बीच के मतभेद खुलकर सामने आ गए।
ट्रंप विरोधी रिपब्लिकन ने इस बात पर रोष जाहिर किया कि उनकी पार्टी अब एक ऐसे आदमी के नेतृत्व में काम करेगी, जिसने मेक्सिको के लोगों को बलात्कारी बताया और मुस्लिमों को प्रतिबंधित करने की बात कही। प्रक्रिया के दौरान जब इन रिपब्लिकन नेताओं को इनकी असहमति दर्ज कराने का अवसर नहीं दिया गया तो इन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया।टिप्पणियां
वर्जीनिया की डेलीगेट डायना शोर्स ने कहा, "हमारी बात सुनी जानी चाहिए, यह जनता का कन्वेंशन है।" वहीं ट्रंप समर्थक डेलीगेट्स ने विरोधियों की आवाजें 'शर्म करो, शर्म करो' कहकर दबाने की कोशिश की। बेहद कड़ी सुरक्षा में हो रहे चार दिवसीय राजनीतिक समारोह में ट्रंप ने पारंपरिक आलोचकों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने इंडियाना के गवर्नर माइक पेंस को अपना सहयोगी नामित करके पार्टी को एकसाथ लाने की कोशिश भी की। कन्वेंशन में हुए विरोध प्रदर्शन ने नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की एकता पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप विरोधी रिपब्लिकन ने इस बात पर रोष जाहिर किया कि उनकी पार्टी अब एक ऐसे आदमी के नेतृत्व में काम करेगी, जिसने मेक्सिको के लोगों को बलात्कारी बताया और मुस्लिमों को प्रतिबंधित करने की बात कही। प्रक्रिया के दौरान जब इन रिपब्लिकन नेताओं को इनकी असहमति दर्ज कराने का अवसर नहीं दिया गया तो इन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया।टिप्पणियां
वर्जीनिया की डेलीगेट डायना शोर्स ने कहा, "हमारी बात सुनी जानी चाहिए, यह जनता का कन्वेंशन है।" वहीं ट्रंप समर्थक डेलीगेट्स ने विरोधियों की आवाजें 'शर्म करो, शर्म करो' कहकर दबाने की कोशिश की। बेहद कड़ी सुरक्षा में हो रहे चार दिवसीय राजनीतिक समारोह में ट्रंप ने पारंपरिक आलोचकों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने इंडियाना के गवर्नर माइक पेंस को अपना सहयोगी नामित करके पार्टी को एकसाथ लाने की कोशिश भी की। कन्वेंशन में हुए विरोध प्रदर्शन ने नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की एकता पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वर्जीनिया की डेलीगेट डायना शोर्स ने कहा, "हमारी बात सुनी जानी चाहिए, यह जनता का कन्वेंशन है।" वहीं ट्रंप समर्थक डेलीगेट्स ने विरोधियों की आवाजें 'शर्म करो, शर्म करो' कहकर दबाने की कोशिश की। बेहद कड़ी सुरक्षा में हो रहे चार दिवसीय राजनीतिक समारोह में ट्रंप ने पारंपरिक आलोचकों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने इंडियाना के गवर्नर माइक पेंस को अपना सहयोगी नामित करके पार्टी को एकसाथ लाने की कोशिश भी की। कन्वेंशन में हुए विरोध प्रदर्शन ने नवंबर में होने वाले चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की एकता पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: रिपब्लिकन कन्वेंशन में ट्रंप के विरोधी और समर्थकों का मतभेद आया सामने।
विरोधी ट्रंप की उम्मीदवारी पर असहमति दर्ज नहीं करने देने पर हुए नाराज।
समर्थकों ने विरोधियों के लिए 'शर्म करो, शर्म करो' के लगाए नारे। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में हुई अनियमितता में कथित भूमिका को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर सरकार ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रमंडल खेल सम्बंधी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उच्च पदों पर आसीन किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। शुक्रवार को जारी सीएजी की रिपोर्ट में शीला पर ऊंगली उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा, "शीला दीक्षित को तो छोड़िए, उच्च पदों पर आसीन किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है।" सोनी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल सम्बंधी ठेका आवंटन में शीला की भूमिका के बारे में जिक्र तो है लेकिन उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। सोनी के साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में दीक्षित को 'दोषी' नहीं बताया गया है। सिब्बल ने कहा कि संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) सीएजी की रिपोर्ट की जांच करेगी। सरकार इसके बाद ही अपना रुख तय करेगी। उन्होंने विपक्ष से राष्ट्रमंडल खेल के मुद्दे पर संसद में गतिरोध तोड़ने की अपील भी की और जोर देते हुए कहा कि संसद का कामकाज चलने देना विपक्ष का दायित्व है। उल्लेखनीय है कि शीला को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया, जिसके चलते कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। | सरकार ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल सम्बंधी सीएजी रिपोर्ट में उच्च पदों पर आसीन किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए अपना इंटरनल सर्वे जारी कर दिया है. 'आप' ने सर्वे के आधार पर दावा किया है कि इन चुनावों में आम आदमी पार्टी 272 में से 218 वार्डों में जीत हासिल करने जा रही है जबकि, बीजेपी को 39 और कांग्रेस को 8 सीटें मिल सकती हैं. निर्दलीय और अन्य को 7 सीटें हासिल हो सकती हैं.टिप्पणियां
आम आदमी पार्टी के मुताबिक एक प्रोफेशनल सर्वे एजेंसी से उसने 7-17 अप्रैल के बीच यह सर्वे कराकर करीब 31,507 लोगों की राय जानी. सर्वे में 6 मुद्दों पर जनता की राय भी जानी जैसे सफाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी और हाउस टैक्स. पार्टी के मुताबिक लोगों ने दिल्ली सरकार के कामों को सराहा है. हाउस टैक्स का वादा जनता को बहुत पसंद आ रहा है जबकि बिजली, पानी, गंदगी और भ्रष्टाचार इस चुनाव के सबसे अहम मुद्दे हैं.
सर्वे जारी करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने बताया कि जहां तक वोट शेयर की बात है तो आप को 51.2%, बीजेपी को 28.1%, कांग्रेस को 9.2 % वोट मिल .यानी 'आप' का वोट यहां 2015 के विधानसभा के वोट शेयर के मुकाबले 3.2% और बीजेपी का 4.2% फीसदी कम हो रहा है जबकि कांग्रेस का भी वोट 0.5% फीसदी कम हुआ है.
आम आदमी पार्टी के मुताबिक एक प्रोफेशनल सर्वे एजेंसी से उसने 7-17 अप्रैल के बीच यह सर्वे कराकर करीब 31,507 लोगों की राय जानी. सर्वे में 6 मुद्दों पर जनता की राय भी जानी जैसे सफाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी और हाउस टैक्स. पार्टी के मुताबिक लोगों ने दिल्ली सरकार के कामों को सराहा है. हाउस टैक्स का वादा जनता को बहुत पसंद आ रहा है जबकि बिजली, पानी, गंदगी और भ्रष्टाचार इस चुनाव के सबसे अहम मुद्दे हैं.
सर्वे जारी करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने बताया कि जहां तक वोट शेयर की बात है तो आप को 51.2%, बीजेपी को 28.1%, कांग्रेस को 9.2 % वोट मिल .यानी 'आप' का वोट यहां 2015 के विधानसभा के वोट शेयर के मुकाबले 3.2% और बीजेपी का 4.2% फीसदी कम हो रहा है जबकि कांग्रेस का भी वोट 0.5% फीसदी कम हुआ है.
सर्वे जारी करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने बताया कि जहां तक वोट शेयर की बात है तो आप को 51.2%, बीजेपी को 28.1%, कांग्रेस को 9.2 % वोट मिल .यानी 'आप' का वोट यहां 2015 के विधानसभा के वोट शेयर के मुकाबले 3.2% और बीजेपी का 4.2% फीसदी कम हो रहा है जबकि कांग्रेस का भी वोट 0.5% फीसदी कम हुआ है. | यहाँ एक सारांश है:इंटरनल सर्वे में 'आप' ने 272 में से 218 वार्डों में जीत का दावा किया है
प्रोफेशनल सर्वे एजेंसी ने 10 दिन में करीब 31,507 लोगों की राय जानी
सर्वे में 6 मुद्दों पर लोगों की राय जानी-सफाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा आदि | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कुछ मीडिया वेबसाइट्स ने ये खबर प्रकाशित की है कि 11वीं (CBSE Class 11) का सत्र 10वीं के रिजल्ट (CBSE Class 10 Result) जारी होने के बाद ही शुरू होगा. खबरों में कहा गया कि CBSE Board ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किया है कि 11वीं का सत्र अप्रैल से न शुरू किया जाए. बता दें कि ये खबरें पूरी तरह से गलत हैं. कई वेबसाइट्स ने इस तरह की भ्रमित करने वाली खबरें प्रकाशित की हैं. सीबीएसई बोर्ड (CBSE) का कहना है कि बोर्ड ने इस तरह की कोई सूचना जारी नहीं की है और न ही ऐसा कोई निर्णय लिया गया है. ऐसे में स्कूलों में 11वीं का सत्र जैसे शुरू होता है वैसे ही शुरू होगा.
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं खत्म होने में कुछ ही दिन रह गए हैं. सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) की अब तक हुई सभी विषयों की परीक्षाएं लीकप्रूफ रही हैं. सीबीएसई के अधिकारी सतर्क हैं और परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने की दिशा में काम कर रहे हैं. पिछले साल हुए पेपर लीक के बाद सीबीएसई ने कई उपाय किए. इस बार पेपर के कई सेट छापे गए थे. साथ ही हर सेट के पेपर के लिए क्यूआर कोड था.
इसके अलावा बोर्ड के अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि पेपर सामग्री का सर्कुलेशन न हो. साथ ही सीबीएसई ने किसी भी फर्जी चीज पर तुरंत खुलासा किया जिससे कि स्टूडेंट्स भ्रमित न हो. पेपर लीक को लेकर फैलाई गई फर्जी खबरों पर भी सीबीएसई ने कड़ा कदम उठाया और पुलिस में इसकी शिकायत की. | संक्षिप्त सारांश: सीबीएसई की परीक्षाएं कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी.
अब तक हुई सभी विषयों की परीक्षाएं लीकप्रूफ रही हैं.
स्कूलों में 11वीं का सत्र जैसे शुरू होता है वैसे ही शुरू होगा. | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आमतौर पर विवाह के समय युगल को उपहार दिए जाने की परम्परा सभी जगह होती है, और रिश्ते-नातेदारों के साथ-साथ परिचित और मित्र भी ढेरों तोहफे देकर नवविवाहितों को सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दिया करते हैं... लेकिन उत्तर प्रदेश में विवाह करने जा रहे और हाल ही में विवाह कर चुके प्रत्येक युवक-युवती को अब राज्य सरकार की ओर से भी एक अनूठा तोहफा दिया जाएगा, जो कॉन्डोम और गर्भनिरोधक गोलियों की सूरत में होगा...
11 जुलाई, यानी विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुरू की जा रही राज्य सरकार की योजना के तहत नवविवाहितों को 'नई पहल' किट दी जाएगी, जिसमें कॉन्डोम और गर्भनिरोधक गोलियों के अलावा सुरक्षित सेक्स व परिवार नियोजन की महत्ता पर एक संदेश, तौलियों-रूमालों का एक पैकेट, एक नेल-कटर, एक कंघा तथा आईना होगा... ये 'नई पहल' किट 'आशा' (ASHA या Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की जाएंगी...
राज्य सरकार की यह योजना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सबसे ज़्यादा जन्म दर वाले सात राज्यों के लिए शुरू की गई 'मिशन परिवार विकास' योजना के अंतर्गत चलाई जाएगी... इन राज्यों में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और असम शामिल हैं...
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युगल के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा परिवार नियोजन पर मिलकर फैसला करने के लिए प्रेरित करना है...टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में मिशन परिवार विकास का संचालन कर रहे अवनीश सक्सेना ने कहा, "इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नवविवाहितों तक पहुंचना है... हमारे देश में युवक-युवतियों को विवाह-पूर्व सलाह-मशविरा देने की कोई व्यवस्था या प्रणाली नहीं है, जैसी पश्चिमी देशों में होती है... हमें उम्मीद है कि इन किटों के ज़रिये हम उन्हें शुरुआत से ही शिक्षित कर पाएंगे..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..."
11 जुलाई, यानी विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुरू की जा रही राज्य सरकार की योजना के तहत नवविवाहितों को 'नई पहल' किट दी जाएगी, जिसमें कॉन्डोम और गर्भनिरोधक गोलियों के अलावा सुरक्षित सेक्स व परिवार नियोजन की महत्ता पर एक संदेश, तौलियों-रूमालों का एक पैकेट, एक नेल-कटर, एक कंघा तथा आईना होगा... ये 'नई पहल' किट 'आशा' (ASHA या Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की जाएंगी...
राज्य सरकार की यह योजना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सबसे ज़्यादा जन्म दर वाले सात राज्यों के लिए शुरू की गई 'मिशन परिवार विकास' योजना के अंतर्गत चलाई जाएगी... इन राज्यों में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और असम शामिल हैं...
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युगल के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा परिवार नियोजन पर मिलकर फैसला करने के लिए प्रेरित करना है...टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में मिशन परिवार विकास का संचालन कर रहे अवनीश सक्सेना ने कहा, "इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नवविवाहितों तक पहुंचना है... हमारे देश में युवक-युवतियों को विवाह-पूर्व सलाह-मशविरा देने की कोई व्यवस्था या प्रणाली नहीं है, जैसी पश्चिमी देशों में होती है... हमें उम्मीद है कि इन किटों के ज़रिये हम उन्हें शुरुआत से ही शिक्षित कर पाएंगे..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..."
राज्य सरकार की यह योजना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सबसे ज़्यादा जन्म दर वाले सात राज्यों के लिए शुरू की गई 'मिशन परिवार विकास' योजना के अंतर्गत चलाई जाएगी... इन राज्यों में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और असम शामिल हैं...
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युगल के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा परिवार नियोजन पर मिलकर फैसला करने के लिए प्रेरित करना है...टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में मिशन परिवार विकास का संचालन कर रहे अवनीश सक्सेना ने कहा, "इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नवविवाहितों तक पहुंचना है... हमारे देश में युवक-युवतियों को विवाह-पूर्व सलाह-मशविरा देने की कोई व्यवस्था या प्रणाली नहीं है, जैसी पश्चिमी देशों में होती है... हमें उम्मीद है कि इन किटों के ज़रिये हम उन्हें शुरुआत से ही शिक्षित कर पाएंगे..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..."
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युगल के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा परिवार नियोजन पर मिलकर फैसला करने के लिए प्रेरित करना है...टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश में मिशन परिवार विकास का संचालन कर रहे अवनीश सक्सेना ने कहा, "इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नवविवाहितों तक पहुंचना है... हमारे देश में युवक-युवतियों को विवाह-पूर्व सलाह-मशविरा देने की कोई व्यवस्था या प्रणाली नहीं है, जैसी पश्चिमी देशों में होती है... हमें उम्मीद है कि इन किटों के ज़रिये हम उन्हें शुरुआत से ही शिक्षित कर पाएंगे..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..."
उत्तर प्रदेश में मिशन परिवार विकास का संचालन कर रहे अवनीश सक्सेना ने कहा, "इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में नवविवाहितों तक पहुंचना है... हमारे देश में युवक-युवतियों को विवाह-पूर्व सलाह-मशविरा देने की कोई व्यवस्था या प्रणाली नहीं है, जैसी पश्चिमी देशों में होती है... हमें उम्मीद है कि इन किटों के ज़रिये हम उन्हें शुरुआत से ही शिक्षित कर पाएंगे..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..."
कुछ लोगों द्वारा 'शगुन' के नाम से पुकारी जा रही राज्य सरकार की इस योजना की विपक्ष ने आलोचना की है... कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, "अगर वे (योगी आदित्यनाथ सरकार) ऐसी कोई पहल करना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से योजना बनाकर संगठित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए था..." | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के अवसर पर यूपी सरकार योजना शुरू करेगी
नवविवाहितों को 'नई पहल' किट मिलेगी, जिसमें परिवार नियोजन पर संदेश भी होगा
ये 'नई पहल' किट 'आशा' कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित की जाएंगी | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की कथित 'हिरासत' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा गया है. राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका पर CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई की. याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से पूछा 'क्या वो हिरासत में हैं?' इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा हम सरकार से निर्देश लेंगे.
वाइको के वकील ने कोर्ट से कहा कि फारुक अब्दुल्ला बाहर नहीं निकल सकते, कश्मीर में अधिकारों का हनन हो रहा है. कोर्ट ने वकील से कहा कि अपनी आवाज तेज ना करें. सुप्रीम कोर्ट ने वाइको की फारुक अब्दुल्ला को रिहा करने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है. केंद्र सरकार ने इसका विरोध किया और कहा कि नोटिस की जरूरत नहीैं है. इस मामले पर 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी.
बता दें, संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के बाद कथित रूप से नजरबंद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को पेश करने के लिए केंद्र और जम्मू कश्मीर को निर्देश देने की मांग करते हुए राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने उच्चतम न्यायालय का रूख किया है. वाइको ने अपनी याचिका में कहा है कि अधिकारियों को अब्दुल्ला को 15 सितंबर को चेन्नई में आयोजित होने वाले ‘शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक' वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति देनी चाहिए. यह कार्यक्रम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जाएगा.
राज्यसभा सदस्य ने पिछले चार दशकों से खुद को अब्दुल्ला का करीबी दोस्त बताते हुए कहा है कि नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) नेता को अवैध तरीके से हिरासत में लेकर उन्हें संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है. याचिका में कहा गया है कि उत्तरदाताओं (केंद्र और जम्मू और कश्मीर) की कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है . जीवन की सुरक्षा तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों तथा गिरफ्तारी और हिरासत से सुरक्षा के अधिकारों का उल्लंघन है . यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है जो लोकतांत्रिक देश की आधारशिला है.
इसमें कहा गया है, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का लोकतंत्र में सर्वोपरि महत्व है क्योंकि यह अपने नागरिकों को प्रभावी ढंग से देश के शासन में भाग लेने की अनुमति देता है.' वाइको ने कहा कि उन्होंने 29 अगस्त को अधिकारियों को इस आशय का पत्र लिखा है कि वह अब्दुल्ला को चेन्नई जा कर सम्मेलन में हिस्सा लेने की अनुमति दें लेकिन इसका उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया. उन्होंने बताया कि उन्होंने चार अगस्त को फोन पर अब्दुल्ला से बातचीत की थी और जम्मू कश्मीर के इस पूर्व मुख्यमंत्री को 15 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया था.
संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को दिये गए विशेष दर्जे को केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को वापस ले लिया था और राज्य को दो केंद्र शाषित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में बांट दिया था. | यहाँ एक सारांश है:वाइको ने दाखिल की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
केंद्र सरकार ने किया विरोध | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा ने कहा कि वायुसेना किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है. एयरचीफ ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि दोतरफा युद्ध होने के हालात में भी वायुसेना अपने विरोधियों को सजा देने में सक्षम है लेकिन इसके इस्तेमाल पर फैसला सरकार को करना है.
गौरतलब है कि आतंकी अजहर मसूद के मसले पर चीन ने यूएन में पाकिस्तान का साथ दिया है. चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बीच एक दोतरफा युद्ध के सवाल पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ''1962 में हालात अलग थे, आज हम अपने विरोधियों को माकूल सजा देने में सक्षम हैं. उस वक्त चीन के साथ हुई जंग में वायुसेना को सरकार ने हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी थी.''टिप्पणियां
वायुसेना दिवस से पहले होने वाली सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार सेना के तीनों अंगों में से एक प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा मीडिया के समाने आए. उन्होंने पहले ही सर्जिकल हमले से जुड़े किसी सवाल के न पूछे जाने की बात कही लेकिन बाद में कहा कि यह मामला संवेदनशील है, लिहाजा वे नहीं बोलेंगे. राहा ने कहा कि मामला अभी गरम है.
पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में राहा ने खामियां स्वीकार कीं और कहा कि ''यह हमला हमारे लिए एक झटका था. इससे सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बना दी गई है. मसलन अब सेंसर, यूएवी और इन्फ्रा रेड जैसी कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं जिसे भेद पाना अब आतंकियों के लिए आसान नहीं होगा.''
गौरतलब है कि आतंकी अजहर मसूद के मसले पर चीन ने यूएन में पाकिस्तान का साथ दिया है. चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बीच एक दोतरफा युद्ध के सवाल पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ''1962 में हालात अलग थे, आज हम अपने विरोधियों को माकूल सजा देने में सक्षम हैं. उस वक्त चीन के साथ हुई जंग में वायुसेना को सरकार ने हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी थी.''टिप्पणियां
वायुसेना दिवस से पहले होने वाली सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार सेना के तीनों अंगों में से एक प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा मीडिया के समाने आए. उन्होंने पहले ही सर्जिकल हमले से जुड़े किसी सवाल के न पूछे जाने की बात कही लेकिन बाद में कहा कि यह मामला संवेदनशील है, लिहाजा वे नहीं बोलेंगे. राहा ने कहा कि मामला अभी गरम है.
पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में राहा ने खामियां स्वीकार कीं और कहा कि ''यह हमला हमारे लिए एक झटका था. इससे सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बना दी गई है. मसलन अब सेंसर, यूएवी और इन्फ्रा रेड जैसी कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं जिसे भेद पाना अब आतंकियों के लिए आसान नहीं होगा.''
वायुसेना दिवस से पहले होने वाली सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार सेना के तीनों अंगों में से एक प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरूप राहा मीडिया के समाने आए. उन्होंने पहले ही सर्जिकल हमले से जुड़े किसी सवाल के न पूछे जाने की बात कही लेकिन बाद में कहा कि यह मामला संवेदनशील है, लिहाजा वे नहीं बोलेंगे. राहा ने कहा कि मामला अभी गरम है.
पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में राहा ने खामियां स्वीकार कीं और कहा कि ''यह हमला हमारे लिए एक झटका था. इससे सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बना दी गई है. मसलन अब सेंसर, यूएवी और इन्फ्रा रेड जैसी कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं जिसे भेद पाना अब आतंकियों के लिए आसान नहीं होगा.''
पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में राहा ने खामियां स्वीकार कीं और कहा कि ''यह हमला हमारे लिए एक झटका था. इससे सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बना दी गई है. मसलन अब सेंसर, यूएवी और इन्फ्रा रेड जैसी कई अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं जिसे भेद पाना अब आतंकियों के लिए आसान नहीं होगा.'' | संक्षिप्त सारांश: दोतरफा युद्ध होने पर भी वायुसेना विरोधियों को सजा देने में सक्षम
सन 1962 के युद्ध के दौर में हालात अलग थे
पठानकोट एयरबेस में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बना दी गई | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली है। ताजा मामला अलीगढ़ का है, जहां अपने बच्चों को छुड़ाने आई कुछ महिलाओं की पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी।
दरअसल, जिले के शताब्दी मोहल्ले में एक घर में चोरी हो गई थी। पुलिस ने चोरी के मामले में कूड़ा बीनने वाले आठ बच्चों को पकड़कर हिरासत में बंद कर दिया। तीन दिन से ये बच्चे पुलिस की हिरासत में थे। इस दौरान बच्चों के परिवारवाले लगातार उनके चोरी में शामिल न होने की बात कहते हुए उन्हें छोड़ने की अपील कर रहे थे। गुरुवार को जब इन बच्चों की माएं बच्चों को छोड़ने की फरियाद लेकर थाने पहुंची तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी।
दरअसल, जिले के शताब्दी मोहल्ले में एक घर में चोरी हो गई थी। पुलिस ने चोरी के मामले में कूड़ा बीनने वाले आठ बच्चों को पकड़कर हिरासत में बंद कर दिया। तीन दिन से ये बच्चे पुलिस की हिरासत में थे। इस दौरान बच्चों के परिवारवाले लगातार उनके चोरी में शामिल न होने की बात कहते हुए उन्हें छोड़ने की अपील कर रहे थे। गुरुवार को जब इन बच्चों की माएं बच्चों को छोड़ने की फरियाद लेकर थाने पहुंची तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली है। ताजा मामला अलीगढ़ का है, जहां अपने बच्चों को छुड़ाने आई कुछ महिलाओं की पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के छह से 14 वर्ष के बच्चों के लिए जहां शिक्षा की मुफ्त व्यवस्था कर दी है, वहीं उत्तर प्रदेश में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। यही नहीं, एक अन्य पुस्तक में राष्ट्रीय ध्वज में इस्तेमाल रंगों का क्रम भी विपरीत रखा गया है।
इन पुस्तकों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश बोर्ड एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तहत किया जा रहा है। पुस्तकों में इस तरह की भयंकर गलती देख अभिभावक भी सन्न हैं जबकि शिक्षा अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए हैं।
कक्षा आठ के लिए नैतिक शिक्षा की पुस्तक 'न्यू वे ब्लूम' में राष्ट्रीय ध्वज को प्रकाशित किया गया है। प्रकाशित राष्ट्रध्वज के रंग का क्रम ऊपर से नीचे हरा, सफेद एवं केसरिया है। उलटे रंग क्रम वाले राष्ट्रध्वज को प्रकाशित करने की गलती एक जगह नहीं बल्कि कम से कम पांच स्थानों पर हुई है।
ज्ञात हो कि बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित गुरुकुल प्रकाशन ने किया है।
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद ने कहा कि यह एक गम्भीर अपराध है और प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इन पुस्तकों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश बोर्ड एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तहत किया जा रहा है। पुस्तकों में इस तरह की भयंकर गलती देख अभिभावक भी सन्न हैं जबकि शिक्षा अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए हैं।
कक्षा आठ के लिए नैतिक शिक्षा की पुस्तक 'न्यू वे ब्लूम' में राष्ट्रीय ध्वज को प्रकाशित किया गया है। प्रकाशित राष्ट्रध्वज के रंग का क्रम ऊपर से नीचे हरा, सफेद एवं केसरिया है। उलटे रंग क्रम वाले राष्ट्रध्वज को प्रकाशित करने की गलती एक जगह नहीं बल्कि कम से कम पांच स्थानों पर हुई है।
ज्ञात हो कि बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित गुरुकुल प्रकाशन ने किया है।
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद ने कहा कि यह एक गम्भीर अपराध है और प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
कक्षा आठ के लिए नैतिक शिक्षा की पुस्तक 'न्यू वे ब्लूम' में राष्ट्रीय ध्वज को प्रकाशित किया गया है। प्रकाशित राष्ट्रध्वज के रंग का क्रम ऊपर से नीचे हरा, सफेद एवं केसरिया है। उलटे रंग क्रम वाले राष्ट्रध्वज को प्रकाशित करने की गलती एक जगह नहीं बल्कि कम से कम पांच स्थानों पर हुई है।
ज्ञात हो कि बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित गुरुकुल प्रकाशन ने किया है।
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद ने कहा कि यह एक गम्भीर अपराध है और प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
ज्ञात हो कि बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए इस पुस्तक का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित गुरुकुल प्रकाशन ने किया है।
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद ने कहा कि यह एक गम्भीर अपराध है और प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
मुरादाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद ने कहा कि यह एक गम्भीर अपराध है और प्रकाशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के तहत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के साझा पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में इस पुस्तक को एक निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इस बारे में जब प्रकाशकों से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुस्तक को तत्काल प्रभाव से बाजार से हटा लिया गया है।
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
गुरुकुल प्रकाशन की कर्मचारी अंकुर जुल्का ने कहा, "हमारी तरफ से यह बहुत बड़ी गलती हुई है।" उन्होंने कहा, "हमने पुस्तक को तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बुक जोन को दी थी और छपने के बाद पुस्तक को न देखने की वजह से यह गलती हुई।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
शिक्षा की विषय सामग्री तैयार करने की एक बड़ी गलती नर्सरी में पढ़ने वाले बच्चों की किताब में भी सामने आई है। कई निजी स्कूलों में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। वर्णमाला को बोध कराने वाली इस पुस्तक का नाम 'आलोक शब्द' है।
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
अभिभावक श्रुति आहुजा ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कम उम्र वाले इन छोटे बच्चों को कोई यह कैसे पढ़ा सकता है?"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
पेशे से शिक्षिका एवं अभिभावक आरती मिश्रा ने कहा, "मैं हैरान हूं कि कैसे ऐसे शब्दों एवं पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।"टिप्पणियां
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
सीबीएसई के तहत पढ़ाए जा रहे इस पुस्तक ने बोर्ड के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। बोर्ड ने हालांकि, नकारात्मक मानसिकता, हिंसा एवं घृणा को बढ़ावा देने वाले शब्दों को पुस्तक में शामिल करने का खंडन किया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम ने कहा कि 32 पन्ने की पुस्तक प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "शब्दों का इस तरह से नकारात्मक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" | यह एक सारांश है: केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के छह से 14 वर्ष के बच्चों के लिए जहां शिक्षा की मुफ्त व्यवस्था कर दी है, वहीं उत्तर प्रदेश में बच्चों को 'ब' से 'बम' और 'च' से 'चाकू' बताकर वर्णमाला का ज्ञान कराया जा रहा है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीएसी की 2जी स्पेक्ट्रम जांच संबंधी रिपोर्ट के दर्जे को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के बीच चल रहे आरोपों प्रत्यारोपों के बीच लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार अभी कोई फैसला करने की जल्दबाजी में नहीं लगती हैं। संसद के सूत्रों ने बताया कि मीरा कुमार यह निर्णय करने की जल्दी में नहीं हैं कि पीएसी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी की ओर से उन्हें पेश किया गया दस्तावेज़ संसदीय समिति की रिपोर्ट है या नहीं। विवादास्पद रिपोर्ट में स्पेक्ट्रम घोटाले में कथित मूक दर्शक बने रहने के लिए प्रधानमंत्री, उनके कार्यालय तथा तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की तीखी आलोचना की गई है। यह पूछे जाने पर कि लोकसभा अध्यक्ष उस कथित रिपोर्ट के दर्जे के बारे में कब निर्णय करेंगी, जिसे 21 सदस्यीय पीएसी के बहुसंख्यक 11 सदस्य अस्वीकार कर चुके हैं, सूत्रों ने कहा, अभी इस बारे में सोचा नहीं गया है। उन्होंने बताया कि संसद का मानसून सत्र जुलाई में शुरू होगा लेकिन उसकी तिथियों को अभी तय नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पीएसी से संबंधित जो सामग्री सौंपी गई है, उनका परीक्षण हो रहा है। जोशी द्वारा सौंपी रिपोर्ट को संसद में पेश किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों की ओर से स्पीकर कार्यालय को सौंपे गए कागज़ात का अध्ययन हो रहा है। पिछली पीएसी के कार्यकाल के अंतिम दिन 30 अप्रैल को जोशी ने उस विवादास्पद रिपोर्ट को लोकसभा अध्यक्ष के पास भिजवाया था, जिसे समिति के कांग्रेस, द्रमुक, सपा तथा बसपा के सदस्य नामंजूर कर चुके थे। नई पीएसी के लिए भी अध्यक्ष चुन लिए गए जोशी ने कहा है, मैंने रिपोर्ट पेश कर दी है, मुझे उम्मीद है कि स्पीकर को उसे स्वीकार करके संसद में पेश करना चाहिए। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने जोशी के आचरण की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है, जोशी के इस विचित्र तर्क को अगर मान लिया जाए तो पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही चरमरा जाएगी। ऐसा होने से तो संसद में अल्पमत इस बात पर जोर देगा कि उसके विचार को ही संसद का फैसला माना जाए। कांग्रेस और द्रमुक सदस्यों ने जोशी द्वारा तैयार मसौदा रिपोर्ट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि भाजपा नेता ने सरकार को अस्थिर करने के गलत इरादे से यह रिपोर्ट तैयार की है। | यह एक सारांश है: संसद के सूत्रों ने बताया कि मीरा कुमार यह निर्णय करने की जल्दी में नहीं हैं कि पीएसी अध्यक्ष जोशी की ओर से उन्हें पेश दस्तावेज़ संसदीय समिति की रिपोर्ट है या नहीं। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झाबुआ-रतलाम लोकसभा सीट से चुनाव जीते बीजेपी के जीएस डामोर सांसद बने रहेंगे. उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है. डामोर झाबुआ सीट से विधायक थे. उनके इस ऐलान के साथ ही मध्यप्रदेश में अब झाबुआ विधानसभा सीट पर उप चुनाव होना तय है.
डामोर ने पहले विक्रांत भूरिया को विधानसभा में हराया, फिर उनके पिता कांग्रेस के दिग्गज नेता कांतिलाल भूरिया को लोकसभा में. अब मध्यप्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट पर उप चुनाव होगा क्योंकि बीजेपी ने फैसला किया है कि इस सीट से चुने गए जीएस डामोर दिल्ली का रुख करेंगे, भोपाल से विदा होंगे.
मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि जीएस डामोर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे, सांसद बने रहेंगे. डामोर के लोकसभा चुनाव जीतते ही यहां उपचुनाव की स्थिति बन गई थी. डामोर झाबुआ के विधायक हैं और फिर सांसद भी चुन लिए गए. नियम के मुताबिक ऐसे हालात में चुनाव जीतने के 14 दिन के भीतर एक सीट छोड़ना होती है.
कांग्रेस को लगता है अब वह एक और विधायक बढ़ा लेगी. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का कहना है कि 'निश्चित तौर पर कांग्रेस की पूरी तैयारी है. इस उपचुनाव में भारी बहुमत से जीतेंगे, क्योंकि यह उपचुनाव राज्य सरकार के काम पर है. चाहे कर्जमाफी हो या आदिवासी वर्ग की भलाई की बात करें, युवाओं के रोजगार की बात करें, इसका फायदा हमें मिलेगा.'
इस सीट पर चर्चा राज्य में सियासी गणित के लिए जरूरी है क्योंकि लोकसभा चुनाव में बीजेपी के 303 सांसद हैं. जबकि 230 सीट वाली विधानसभा में बीजेपी के 109 विधायक थे, अब 108 हैं. कांग्रेस के 114 विधायक हैं. फिलहाल चार निर्दलीय, दो बसपा व एक सपा विधायक के साथ उसके पास 121 का आंकड़ा है. यानी बीजेपी अब अगर प्रदेश में सरकार बनाने की कोई चाल चलती है तो उसे सात नहीं आठ विधायक चाहिए. हालांकि बीजेपी अब भी कह रही है कि वह सरकार नहीं गिराएगी.
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा 'आप अंदाजा लगा लीजिए उसके बावजूद हम बहुत आराम से हैं, मध्यप्रदेश विधानसभा में. सरकार गिराने की बात हमने कभी नहीं की, आज भी वही कह रहे हैं. कांग्रेस की सरकार तबादला में लगी हुई है, स्वंय के अंतर्विरोध से गिरेगी, हमारा गिराने का कोई इरादा नहीं है.'
झाबुआ-रतलाम सीट राज्य में कांग्रेस का तीसरा गढ़ मानी जाती है. लेकिन 2014 के चुनाव में बीजेपी के दिलीप सिंह भूरिया ने कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को हरा दिया. दिलीप सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुए तो कांतिलाल फिर सांसद बन गए. अब झाबुआ विधानसभा जीतना बीजेपी के लिए बहुत आसान नहीं होगा क्योंकि उसके पास इस सीट पर विकल्प बहुत ज्यादा नहीं हैं. | संक्षिप्त पाठ: मध्यप्रदेश विधानसभा में अब बीजेपी के 109 की जगह 108 विधायक बचेंगे
बीजेपी को अब सरकार बनाने के लिए सात नहीं, आठ और एमएलए चाहिए
कांग्रेस के 114 विधायक, निर्दलीय, बसपा व सपा मिलाकर 121 का आंकड़ा | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'तीन तलाक' के संवेदनशील विषय पर पहली बार मुखर होते हुए कहा कि साम्प्रदायिक आधार पर मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिये और मीडिया तीन तलाक को राजनीतिक और साम्प्रदायिक मुद्दा बनाने के बजाय कुरान के ज्ञाताओं को बैठाकर इस पर सार्थक चर्चा करवाये.
पीएम मोदी ने बुंदेलों की धरती महोबा में आयोजित ‘परिवर्तन रैली’ में आरोप लगाया कि तीन तलाक के मुद्दे पर देश की कुछ पार्टियां वोट बैंक की भूख में 21वीं सदी में मुस्लिम औरतों से अन्याय करने पर तुली हैं. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार नहीं मिलना चाहिये.
उन्होंने कहा ‘‘मेरी मुसलमान बहनों का क्या गुनाह है. कोई ऐसे ही फोन पर तीन तलाक दे दे और उसकी जिंदगी तबाह हो जाए. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार मिलना चाहिये या नहीं. कुछ मुस्लिम बहनों ने अदालत में अपने हक की लड़ाई लड़ी. उच्चतम न्यायालय ने हमारा रुख पूछा. हमने कहा कि माताओं और बहनों पर अन्याय नहीं होना चाहिये. सम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिये.’’
पीएम मोदी ने कहा ‘‘चुनाव और राजनीति अपनी जगह पर होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औरतों को उनका हक दिलाना संविधान के तहत हमारी जिम्मेदारी होती है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को लेकर जारी विवाद को मेहरबानी करके सरकार और विपक्ष का मुद्दा न बनाएं. भाजपा और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं, हिन्दू और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. जो कुरान को जानते हैं, वे टीवी पर आकर चर्चा करें.’’
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’टिप्पणियां
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीएम मोदी ने बुंदेलों की धरती महोबा में आयोजित ‘परिवर्तन रैली’ में आरोप लगाया कि तीन तलाक के मुद्दे पर देश की कुछ पार्टियां वोट बैंक की भूख में 21वीं सदी में मुस्लिम औरतों से अन्याय करने पर तुली हैं. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार नहीं मिलना चाहिये.
उन्होंने कहा ‘‘मेरी मुसलमान बहनों का क्या गुनाह है. कोई ऐसे ही फोन पर तीन तलाक दे दे और उसकी जिंदगी तबाह हो जाए. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार मिलना चाहिये या नहीं. कुछ मुस्लिम बहनों ने अदालत में अपने हक की लड़ाई लड़ी. उच्चतम न्यायालय ने हमारा रुख पूछा. हमने कहा कि माताओं और बहनों पर अन्याय नहीं होना चाहिये. सम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिये.’’
पीएम मोदी ने कहा ‘‘चुनाव और राजनीति अपनी जगह पर होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औरतों को उनका हक दिलाना संविधान के तहत हमारी जिम्मेदारी होती है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को लेकर जारी विवाद को मेहरबानी करके सरकार और विपक्ष का मुद्दा न बनाएं. भाजपा और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं, हिन्दू और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. जो कुरान को जानते हैं, वे टीवी पर आकर चर्चा करें.’’
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’टिप्पणियां
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा ‘‘मेरी मुसलमान बहनों का क्या गुनाह है. कोई ऐसे ही फोन पर तीन तलाक दे दे और उसकी जिंदगी तबाह हो जाए. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार मिलना चाहिये या नहीं. कुछ मुस्लिम बहनों ने अदालत में अपने हक की लड़ाई लड़ी. उच्चतम न्यायालय ने हमारा रुख पूछा. हमने कहा कि माताओं और बहनों पर अन्याय नहीं होना चाहिये. सम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिये.’’
पीएम मोदी ने कहा ‘‘चुनाव और राजनीति अपनी जगह पर होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औरतों को उनका हक दिलाना संविधान के तहत हमारी जिम्मेदारी होती है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को लेकर जारी विवाद को मेहरबानी करके सरकार और विपक्ष का मुद्दा न बनाएं. भाजपा और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं, हिन्दू और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. जो कुरान को जानते हैं, वे टीवी पर आकर चर्चा करें.’’
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’टिप्पणियां
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीएम मोदी ने कहा ‘‘चुनाव और राजनीति अपनी जगह पर होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औरतों को उनका हक दिलाना संविधान के तहत हमारी जिम्मेदारी होती है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को लेकर जारी विवाद को मेहरबानी करके सरकार और विपक्ष का मुद्दा न बनाएं. भाजपा और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं, हिन्दू और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. जो कुरान को जानते हैं, वे टीवी पर आकर चर्चा करें.’’
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’टिप्पणियां
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’टिप्पणियां
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: साम्प्रदायिक आधार पर मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिये
कुरान के ज्ञाताओं को बैठाकर इस पर सार्थक चर्चा करवाये मीडिया
21वीं सदी में मुस्लिम औरतों से अन्याय करने पर तुले दल | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने कहा है कि अन्ना हजारे ने देश के लिए कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अन्ना हिंसा भड़का रहे हैं। पवन बंसल ने कहा कि अन्ना हजारे कोई फरिश्ता नहीं हैं। उन्होंने अन्ना के इस दावे को गलत बताया कि कथित कमजोर लोकपाल बिल के पीछे राहुल गांधी हैं। अन्ना ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह नहीं चाहते कि देश से भ्रष्टाचार मिटे। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी मजबूत लोकपाल बनाने के लिए सहयोग नहीं कर रही है और इसके पीछे सिर्फ राहुल गांधी ही हो सकते हैं। अन्ना यहीं पर नहीं रुके, बल्कि यह तक कह दिया कि इस तरह की सोच के साथ राहुल गांधी का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए खतरनाक होगा। उधर, लोकपाल पर बनी स्टैंडिंग कमेटी के मुखिया अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि टीम अन्ना दूसरों की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। अगर कोई उनकी बातों से सौ फीसदी सहमत नहीं होता, तो वे उसके खिलाफ मोर्चा खोलकर निजी तौर पर हमले करते हैं। सिंघवी के मुताबिक ऐसा करना लोकतंत्र के खिलाफ है। टीम अन्ना मानकर चल रही है कि देश में किसी के पास उनका विरोध करने का हक नहीं है। | संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने कहा है कि अन्ना हजारे ने देश के लिए कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अन्ना हिंसा भड़का रहे हैं। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली-एनसीआर में 23 साल की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक गुड़गांव के एक मॉल में चलने वाले नाइटक्लब में काम करने वाली इस महिला को 5−6 लोगों ने कार में जबरन बिठाया और उसे गुड़गांव के ही एक फ्लैट में ले जाकर गैंगरेप किया। इसके बाद वह महिला को छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। महरौली पुलिस घटना की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की का एक दिन पहले ही कुछ लड़कों से झगड़ा हुआ था।
हाल ही में नोएडा में दसवीं की छात्रा से गैंगरेप का मामला सुर्खियों में रहा। 10वीं की एक छात्रा को उसके अपने ही पांच दोस्तों ने पार्टी के बहाने बुलाकर उसके साथ रेप किया। पांचों लड़के अब पुलिस की गिरफ़्त में हैं। इस मामले में पीड़ित लड़की की पहचान उजागर करने को लेकर यूपी पुलिस की फजीहत भी हुई। राज्य महिला आयोग ने पुलिस और सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
पिछले महीने दिल्ली के किरण विहार में रहने वाली एक लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई। कुतुब विहार में रहने वाले रवि को अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की से एकतरफा प्यार था लेकिन उस लड़की ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया जिससे नाराज होकर उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर उसका अपहरण किया और फिर उसके साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में लड़की के परिवार वालों को जब इस घटना का पता चला तो उन्होंने आरोपी के घर में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा 26 फरवरी को फरीदाबाद में एक महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया। महिला से दुष्कर्म करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका रिश्तेदार था। टिप्पणियां
सरकारी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रोजाना कम से कम तीन महिलाओं के साथ बलात्कार या छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।
इस साल के शुरुआती डेढ़ महीनों दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में छेड़छाड़ और बलात्कार के 128 मामले दर्ज हुए। 15 फरवरी तक दिल्ली में बलात्कार के 45 और छेड़छाड़ के 70 मामले सामने आए। दिल्ली से सटे गुड़गांव में शुरू के 45 दिनों में बलात्कार के तीन और छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए। पिछले साल दिल्ली में बलात्कार के कुल 469 और छेड़छाड़ के 552 मामले सामने आए थे।
हाल ही में नोएडा में दसवीं की छात्रा से गैंगरेप का मामला सुर्खियों में रहा। 10वीं की एक छात्रा को उसके अपने ही पांच दोस्तों ने पार्टी के बहाने बुलाकर उसके साथ रेप किया। पांचों लड़के अब पुलिस की गिरफ़्त में हैं। इस मामले में पीड़ित लड़की की पहचान उजागर करने को लेकर यूपी पुलिस की फजीहत भी हुई। राज्य महिला आयोग ने पुलिस और सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
पिछले महीने दिल्ली के किरण विहार में रहने वाली एक लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई। कुतुब विहार में रहने वाले रवि को अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की से एकतरफा प्यार था लेकिन उस लड़की ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया जिससे नाराज होकर उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर उसका अपहरण किया और फिर उसके साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में लड़की के परिवार वालों को जब इस घटना का पता चला तो उन्होंने आरोपी के घर में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा 26 फरवरी को फरीदाबाद में एक महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया। महिला से दुष्कर्म करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका रिश्तेदार था। टिप्पणियां
सरकारी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रोजाना कम से कम तीन महिलाओं के साथ बलात्कार या छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।
इस साल के शुरुआती डेढ़ महीनों दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में छेड़छाड़ और बलात्कार के 128 मामले दर्ज हुए। 15 फरवरी तक दिल्ली में बलात्कार के 45 और छेड़छाड़ के 70 मामले सामने आए। दिल्ली से सटे गुड़गांव में शुरू के 45 दिनों में बलात्कार के तीन और छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए। पिछले साल दिल्ली में बलात्कार के कुल 469 और छेड़छाड़ के 552 मामले सामने आए थे।
पिछले महीने दिल्ली के किरण विहार में रहने वाली एक लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई। कुतुब विहार में रहने वाले रवि को अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की से एकतरफा प्यार था लेकिन उस लड़की ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया जिससे नाराज होकर उसने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर उसका अपहरण किया और फिर उसके साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में लड़की के परिवार वालों को जब इस घटना का पता चला तो उन्होंने आरोपी के घर में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा 26 फरवरी को फरीदाबाद में एक महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया। महिला से दुष्कर्म करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका रिश्तेदार था। टिप्पणियां
सरकारी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रोजाना कम से कम तीन महिलाओं के साथ बलात्कार या छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।
इस साल के शुरुआती डेढ़ महीनों दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में छेड़छाड़ और बलात्कार के 128 मामले दर्ज हुए। 15 फरवरी तक दिल्ली में बलात्कार के 45 और छेड़छाड़ के 70 मामले सामने आए। दिल्ली से सटे गुड़गांव में शुरू के 45 दिनों में बलात्कार के तीन और छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए। पिछले साल दिल्ली में बलात्कार के कुल 469 और छेड़छाड़ के 552 मामले सामने आए थे।
सरकारी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रोजाना कम से कम तीन महिलाओं के साथ बलात्कार या छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।
इस साल के शुरुआती डेढ़ महीनों दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में छेड़छाड़ और बलात्कार के 128 मामले दर्ज हुए। 15 फरवरी तक दिल्ली में बलात्कार के 45 और छेड़छाड़ के 70 मामले सामने आए। दिल्ली से सटे गुड़गांव में शुरू के 45 दिनों में बलात्कार के तीन और छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए। पिछले साल दिल्ली में बलात्कार के कुल 469 और छेड़छाड़ के 552 मामले सामने आए थे।
इस साल के शुरुआती डेढ़ महीनों दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में छेड़छाड़ और बलात्कार के 128 मामले दर्ज हुए। 15 फरवरी तक दिल्ली में बलात्कार के 45 और छेड़छाड़ के 70 मामले सामने आए। दिल्ली से सटे गुड़गांव में शुरू के 45 दिनों में बलात्कार के तीन और छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए। पिछले साल दिल्ली में बलात्कार के कुल 469 और छेड़छाड़ के 552 मामले सामने आए थे। | सारांश: पुलिस के मुताबिक गुड़गांव के मॉल में चलने वाले नाइटक्लब में काम करने वाली इस महिला को 5−6 लोगों ने कार में जबरन बिठाया और उसे गुड़गांव के ही एक फ्लैट में ले जाकर गैंगरेप किया। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया. बसपा अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने केंद्रीय बजट (Budget) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट बड़े पूंजीपतियों को राहत पहुंचाने वाला है. मायावती ने ट्वीट कर कहा, 'यह बजट प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर कुछ बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों की ही हर प्रकार से मदद करने वाला है. इससे दलितों व पिछड़ों के आरक्षण को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, किसान व ग्रामीण समस्या और भी जटिल होगी. देश में पूंजी का विकास भी इससे संभव नहीं है.'
बीजेपी की केन्द्र सरकार द्वारा बजट को हर मामले में व हर स्तर पर लुभावना बनाने की पूरी कोशिश की गई है लेकिन देखना है कि इनका यह बजट जमीनी हकीकत में देश की आमजनता के लिए कितना लाभदायक सिद्ध होता है जबकि पूरा देश गरीबी, बेरोजगारी, बदतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा से पीड़ित व परेशान है।
मायावती (Mayawati) ने कहा, 'भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा बजट (Budget) को हर मामले में और हर स्तर पर लुभावना बनाने की पूरी कोशिश की गई है. लेकिन देखना है कि इनका यह बजट जमीनी हकीकत में देश की आम जनता के लिए कितना लाभदायक सिद्ध होता है. ऐसे में जबकि पूरा देश गरीबी, बेरोजगारी, बदतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा से पीड़ित व परेशान है.'
यह बजट प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर कुछ बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों की ही हर प्रकार से मदद करने वाला है, जिससे दलितों व पिछड़ों के आरक्षण की ही नहीं बल्कि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, किसान व ग्रामीण समस्या और भी जटिल होगी। देश में पूंजी का विकास भी इससे संभव नहीं है।
आपको बता दें कि कांग्रेस ने भी बजट (Budget) को ‘‘नयी बोतल में पुरानी शराब'' करार देते हुए दावा किया कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और सिर्फ पुराने वादों को दोहराया गया है. लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''''इसमें कुछ भी नया नहीं है. पुरानी बातों को ही दोहराया गया है. यह नयी बोतल में पुरानी शराब है.'' | मायावती ने कहा, बजट को लोक-लुभावना बनाने की कोशिश की गई
लेकिन यह बजट बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के लिए है
इससे दलितों व पिछड़ों के आरक्षण को नुकसान होगा | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साइना नेहवाल ने खुलासा किया कि दक्षिण-पूर्व एशिया में हाल में हुए टूर्नामेंट में उनके मन में खुद के प्रदर्शन को लेकर संदेह था, लेकिन उन्होंने कहा कि छह सप्ताह के विश्राम के बाद वह अगले महीने वाली विश्व चैंपियनशिप में मजबूत वापसी करने के लिए तैयार हैं।
विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी साइना पिछले नौ महीने में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। इस दौरान उन्होंने एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता। पिछले तीन टूर्नामेंट, थाईलैंड ओपन, इंडोनेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन में साइना सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन वह इससे चिंतित नहीं लगती हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वह अब भी खिताब जीत सकती हैं।टिप्पणियां
साइना ने आईबीएल स्कूल कार्यक्रम 'शटल एक्सप्रेस' की शुरुआत के बाद पत्रकारों से कहा, मैं इससे अधिक चिंतित नहीं होती, क्योंकि मैं जानती हूं कि यदि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हूं, तो फिर से जीत सकती हूं। मेरे साथ जो कुछ हुआ, उससे मैं खुश नहीं हूं। कुछ छोटी-छोटी चोटों ने मुझे परेशान किया। जब आप चोटिल रहते हैं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करते। मेरे घुटने में प्लास्टर चढ़ा हुआ था। मेरे मन में संदेह थे।
उन्होंने कहा, ये संदेह इस बात को लेकर थे, क्या मैं अभ्यास कर सकती हूं, क्या मैं अपना शत-प्रतिशत दे सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अब मैंने फिजियोथेरेपी शुरू कर दी है। मेरी मनोस्थिति अच्छी है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। ओलिंपिक कांस्य विजेता साइना 14 से 31 अगस्त के बीच होने वाले इंडियन बैडमिंटन लीग को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, यह खेल को आगे बढ़ाने के लिए आईबीएल का शानदार प्रयास है। आज प्रत्येक अच्छा खेल रहा है। लोग बैडमिंटन में दिलचस्पी ले रहे हैं, यह देखकर अच्छा लग रहा है।
विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी साइना पिछले नौ महीने में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। इस दौरान उन्होंने एक भी टूर्नामेंट नहीं जीता। पिछले तीन टूर्नामेंट, थाईलैंड ओपन, इंडोनेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन में साइना सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन वह इससे चिंतित नहीं लगती हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वह अब भी खिताब जीत सकती हैं।टिप्पणियां
साइना ने आईबीएल स्कूल कार्यक्रम 'शटल एक्सप्रेस' की शुरुआत के बाद पत्रकारों से कहा, मैं इससे अधिक चिंतित नहीं होती, क्योंकि मैं जानती हूं कि यदि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हूं, तो फिर से जीत सकती हूं। मेरे साथ जो कुछ हुआ, उससे मैं खुश नहीं हूं। कुछ छोटी-छोटी चोटों ने मुझे परेशान किया। जब आप चोटिल रहते हैं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करते। मेरे घुटने में प्लास्टर चढ़ा हुआ था। मेरे मन में संदेह थे।
उन्होंने कहा, ये संदेह इस बात को लेकर थे, क्या मैं अभ्यास कर सकती हूं, क्या मैं अपना शत-प्रतिशत दे सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अब मैंने फिजियोथेरेपी शुरू कर दी है। मेरी मनोस्थिति अच्छी है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। ओलिंपिक कांस्य विजेता साइना 14 से 31 अगस्त के बीच होने वाले इंडियन बैडमिंटन लीग को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, यह खेल को आगे बढ़ाने के लिए आईबीएल का शानदार प्रयास है। आज प्रत्येक अच्छा खेल रहा है। लोग बैडमिंटन में दिलचस्पी ले रहे हैं, यह देखकर अच्छा लग रहा है।
साइना ने आईबीएल स्कूल कार्यक्रम 'शटल एक्सप्रेस' की शुरुआत के बाद पत्रकारों से कहा, मैं इससे अधिक चिंतित नहीं होती, क्योंकि मैं जानती हूं कि यदि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हूं, तो फिर से जीत सकती हूं। मेरे साथ जो कुछ हुआ, उससे मैं खुश नहीं हूं। कुछ छोटी-छोटी चोटों ने मुझे परेशान किया। जब आप चोटिल रहते हैं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करते। मेरे घुटने में प्लास्टर चढ़ा हुआ था। मेरे मन में संदेह थे।
उन्होंने कहा, ये संदेह इस बात को लेकर थे, क्या मैं अभ्यास कर सकती हूं, क्या मैं अपना शत-प्रतिशत दे सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अब मैंने फिजियोथेरेपी शुरू कर दी है। मेरी मनोस्थिति अच्छी है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। ओलिंपिक कांस्य विजेता साइना 14 से 31 अगस्त के बीच होने वाले इंडियन बैडमिंटन लीग को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, यह खेल को आगे बढ़ाने के लिए आईबीएल का शानदार प्रयास है। आज प्रत्येक अच्छा खेल रहा है। लोग बैडमिंटन में दिलचस्पी ले रहे हैं, यह देखकर अच्छा लग रहा है।
उन्होंने कहा, ये संदेह इस बात को लेकर थे, क्या मैं अभ्यास कर सकती हूं, क्या मैं अपना शत-प्रतिशत दे सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अब मैंने फिजियोथेरेपी शुरू कर दी है। मेरी मनोस्थिति अच्छी है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं। ओलिंपिक कांस्य विजेता साइना 14 से 31 अगस्त के बीच होने वाले इंडियन बैडमिंटन लीग को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, यह खेल को आगे बढ़ाने के लिए आईबीएल का शानदार प्रयास है। आज प्रत्येक अच्छा खेल रहा है। लोग बैडमिंटन में दिलचस्पी ले रहे हैं, यह देखकर अच्छा लग रहा है। | सारांश: पिछले तीन टूर्नामेंट - थाईलैंड ओपन, इंडोनेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन में साइना सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन वह इससे चिंतित नहीं हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वह अब भी खिताब जीत सकती हैं। | 20 | ['hin'] |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.