inputs
stringlengths 800
163k
| targets
stringlengths 20
291
| template_id
int64 0
34
| template_lang
stringclasses 1
value |
|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) ने भारत के साथ-साथ दुनियाभर में धमाका कर दिया है. इस फिल्म ने चीन में 700 करोड़ की ओपनिंग ली थी. वहीं ऐसी भी खबरें आ रही हैं दुनियाभर में इस फिल्म ने 1 बिलियन से ऊपर का कोरोबार कर लिया है. 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) को लेकर पूरी दुनिया में जबरदस्त क्रेज है. भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा ओपनिंग लेने का रिकॉर्ड इससे पहले आमिर खान (Aamir Khan) की 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' (Thugs of Hindostan) का था. आमिर खान (Aamir Khan) इस फिल्म ने बाहुबली के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. बता दें कि आमिर खान (Aamir Khan) की 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' (Thugs of Hindostan) भारत में अपनी रिलीज के पहले दिन 52.25 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा कलेक्शन करने में सफल रही थी.
बता दें कि एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) को डायरेक्टर जोड़ी एंथनी रूसो और जो रूसो ने डायरेक्ट किया है. 'एवेंजर्स एंडगेम' (Avengers Endgame) में रॉबर्ट डाउनी जूनियर (Iron Man), क्रिस इवान्स (Captain Ameria), मार्क रूफैलो (Hulk), क्रिस हेम्सवर्थ (Thor), स्कारलेट योहानसन (Black Widow), जेरेमी रेनर (Hawk Eye), पॉल रूड (Ant Man), ब्री लार्सन (Captain America), और जोश ब्रोलिन (Thanos) लीड रोल में हैं.
|
यह एक सारांश है: 'एवेंजर्स एंडगेम' का तूफान जारी
फिल्म ने बना दिया नया रिकॉर्ड
लोगों को खूब पसंद आ रही है फिल्म
| 24
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Transsion Holdings के सब-ब्रांड Tecno ने भारत में अपने तीन स्मार्टफोन की कीमत कम कर दी है। ग्राहक Tecno Camon iAce 2x, Tecno Camon iSky 3 और Tecno Camon i4 (2+32 जीबी) फोन को सस्ते में खरीद पाएंगे। इन टेक्नो हैंडसेट की कीमत में 600 रुपये तक की कटौती की गई है। याद रहे कि Tecno Camon i4 को बीते महीने ही लॉन्च किया गया था। वहीं, Camon iAce 2X और Camon iSky 3 क्रमशः फरवरी व मार्च में लॉन्च हुए थे। बता दें कि टेक्नो कैमन आई4 के 2 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत कम की गई है। इनमें से दो फोन जियो कैशबैक ऑफर के साथ आते हैं।
शुरुआत Tecno Camon i4 से करते हैं। इसकी कीमत में 600 रुपये की कटौती की गई है। फोन के 2 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज विकल्प को बीते महीने 9,599 रुपये में लॉन्च किया गया था। लेकिन अब यह 8,999 रुपये में उपलब्ध होगा। इसके अलावा फोन के साथ जियो कैशबैक ऑफर भी उपलब्ध है। जियो के साथ यूज़र्स को 2,200 रुपये का इंस्टेंट कैशबैक और 50 जीबी अतिरिक्त 4जी डेटा मिलेगा। कैशबैक का फायदा 199 रुपये और 299 रुपये वाले रीचार्ज पैक के साथ उपलब्ध होगा।
टेक्नो कैमन आई4 का 3 जीबी रैम/ 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट पहले की तरह 10,599 रुपये में ही मिलेगा। इसके 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की की कीमत 11,999 रुपये है। फोन एक्वा ब्लू, शैंपेन गोल्ड, मिडनाइट ब्लैक और नेब्यूला ब्लैक कलर में मिलेगा। सबसे अहम खासियत की बात करें तो यह हैंडसेट तीन रियर कैमरे, एंड्रॉयड 9 पाई, फेस अनलॉक, 6.2 इंच के एचडी+ डिस्प्ले, वाटरड्रॉप डिस्प्ले नॉच, 3,500 एमएएच बैटरी और मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर के साथ आता है।
Tecno Camon iSky 3 की कीमत 7,999 रुपये हो गई है। इसे 8,599 रुपये में लॉन्च किया गया था। फोन को मार्च महीने में मिडनाइट ब्लैक, एक्वा ब्लू, शैंपेन गोल्ड और नेब्यूला ब्लैक रंग में लॉन्च किया गया था। टेक्नो कैमन आईस्काई भी जियो वाले कैशबैक ऑफर के साथ आता है।
अहम खासियतों की बात करें तो Tecno Camon i Sky 3 में क्वाड-कोर प्रोसेसर के साथ 2 जीबी रैम है। फोटो, वीडियो और अन्य चीजों को सेव करने के लिए 32 जीबी की स्टोरेज दी गई है, माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को बढ़ाना संभव है। इसके अलावा Tecno Camon iSky 3 स्मार्टफोन 4जी वीओएलटीई सपोर्ट करता है। इसमें 6.2 इंच एचडी+ स्क्रीन है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। फोन में जान फूंकने के लिए 3,500 एमएएच की बैटरी दी गई है।
Camon iSky 3 के कैमरा सेटअप की बात करें तो यह हैंडसेट दो रियर कैमरों के साथ आता है। फोन के पिछले हिस्से में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
आखिर में बात Tecno Camon iAce 2X की। इस फोन की कीमत 7,299 रुपये है। इस फोन फरवरी महीने में 7,599 रुपये में लॉन्च किया गया था। यानी कटौती 300 रुपये की है।
Camon iAce 2X में फोटोग्राफी के लिए डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इसमें 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और सेकेंडरी सेंसर वीजीए है। सेल्फी के लिए एलईडी फ्लैश के साथ 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
|
संक्षिप्त पाठ: Tecno Camon iSky 3 की कीमत 7,999 रुपये हो गई है
Tecno Camon i4 की कीमत में 600 रुपये की कटौती की गई है
Tecno Camon iAce 2X की कीमत 7,299 रुपये है
| 22
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: बेबी फूड में सूक्ष्म पोषक तत्व मतलब कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन व अन्य खनिज बहुत कम मात्रा में होते हैं। इससे बच्चों की इन खनिजों की दैनिक आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो पाती है। एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।
इस अध्ययन के लिए बाजार से चार विविध ब्रांड के बेबी फूड लिए गए और उनमें इंडक्टिव कपल्ड प्लाज्मा-ऑप्टिकल इमिसन स्पेक्ट्रोमीटर उपकरण की सहायता से पोषक तत्वों की मात्रा ज्ञात की गई।
नमूनों में चार मांसाहारी व चार शाकाहारी बेबी फूड थे। 'फूड कैमिस्ट्री जनरल' के मुताबिक अध्ययन में बेबी फूड निर्माताओं के नाम नहीं बताए गए।टिप्पणियां
ग्रीनविच स्कूल ऑफ साइंस विश्वविद्यालय के शोध में पता चला है कि 600 मिलीलीटर फॉर्मूला दूध में मांस से बने व सब्जियों से बने बेबी फूड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर व सेलीनियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते हैं। औसत आधार पर यह स्तर प्रतिदिन की अनुशंसित आवश्यकता के 20 प्रतिशत से भी कम होता है। ग्रीनविच फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन विशेषज्ञ व शोधकर्ता नाजनीन जैंड का कहना है कि जब ये बेबी फूड बच्चों को प्रतिदिन उनके दूध में दिए जाते हैं तो उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ण आपूर्ति नहीं होती है।
जैंड ने कहा कि शायद यही कारण है कि बेबी फूड निर्माता कम्पनियां अपने उत्पाद पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी नहीं देती हैं।
इस अध्ययन के लिए बाजार से चार विविध ब्रांड के बेबी फूड लिए गए और उनमें इंडक्टिव कपल्ड प्लाज्मा-ऑप्टिकल इमिसन स्पेक्ट्रोमीटर उपकरण की सहायता से पोषक तत्वों की मात्रा ज्ञात की गई।
नमूनों में चार मांसाहारी व चार शाकाहारी बेबी फूड थे। 'फूड कैमिस्ट्री जनरल' के मुताबिक अध्ययन में बेबी फूड निर्माताओं के नाम नहीं बताए गए।टिप्पणियां
ग्रीनविच स्कूल ऑफ साइंस विश्वविद्यालय के शोध में पता चला है कि 600 मिलीलीटर फॉर्मूला दूध में मांस से बने व सब्जियों से बने बेबी फूड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर व सेलीनियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते हैं। औसत आधार पर यह स्तर प्रतिदिन की अनुशंसित आवश्यकता के 20 प्रतिशत से भी कम होता है। ग्रीनविच फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन विशेषज्ञ व शोधकर्ता नाजनीन जैंड का कहना है कि जब ये बेबी फूड बच्चों को प्रतिदिन उनके दूध में दिए जाते हैं तो उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ण आपूर्ति नहीं होती है।
जैंड ने कहा कि शायद यही कारण है कि बेबी फूड निर्माता कम्पनियां अपने उत्पाद पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी नहीं देती हैं।
नमूनों में चार मांसाहारी व चार शाकाहारी बेबी फूड थे। 'फूड कैमिस्ट्री जनरल' के मुताबिक अध्ययन में बेबी फूड निर्माताओं के नाम नहीं बताए गए।टिप्पणियां
ग्रीनविच स्कूल ऑफ साइंस विश्वविद्यालय के शोध में पता चला है कि 600 मिलीलीटर फॉर्मूला दूध में मांस से बने व सब्जियों से बने बेबी फूड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर व सेलीनियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते हैं। औसत आधार पर यह स्तर प्रतिदिन की अनुशंसित आवश्यकता के 20 प्रतिशत से भी कम होता है। ग्रीनविच फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन विशेषज्ञ व शोधकर्ता नाजनीन जैंड का कहना है कि जब ये बेबी फूड बच्चों को प्रतिदिन उनके दूध में दिए जाते हैं तो उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ण आपूर्ति नहीं होती है।
जैंड ने कहा कि शायद यही कारण है कि बेबी फूड निर्माता कम्पनियां अपने उत्पाद पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी नहीं देती हैं।
ग्रीनविच स्कूल ऑफ साइंस विश्वविद्यालय के शोध में पता चला है कि 600 मिलीलीटर फॉर्मूला दूध में मांस से बने व सब्जियों से बने बेबी फूड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर व सेलीनियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं होते हैं। औसत आधार पर यह स्तर प्रतिदिन की अनुशंसित आवश्यकता के 20 प्रतिशत से भी कम होता है। ग्रीनविच फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन विशेषज्ञ व शोधकर्ता नाजनीन जैंड का कहना है कि जब ये बेबी फूड बच्चों को प्रतिदिन उनके दूध में दिए जाते हैं तो उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ण आपूर्ति नहीं होती है।
जैंड ने कहा कि शायद यही कारण है कि बेबी फूड निर्माता कम्पनियां अपने उत्पाद पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी नहीं देती हैं।
जैंड ने कहा कि शायद यही कारण है कि बेबी फूड निर्माता कम्पनियां अपने उत्पाद पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी नहीं देती हैं।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बेबी फूड में सूक्ष्म पोषक तत्व मतलब कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन व अन्य खनिज बहुत कम मात्रा में होते हैं।
| 32
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एक तरफ तो यह कहता है कि भारत को उसके साथ सीरीज खेलनी है कि नहीं यह भारत को ही तय करना है, दूसरी तरफ वह बार-बार टीम इंडिया के साथ सीरीज खेलने की बात करता रहता है. अब एक फिर पीसीबी चेयरमैन शहरयार खान ने कहा है कि वह भारत के खिलाफ खेलने की ‘भीख’ नहीं मांग रहे, लेकिन उनका कहना है कि पीसीबी अपने अधिकार के तहत बीसीसीआई को दोनों देशों के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए किए गए सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए ‘जोर' देगा.
शहरयार ने खेलों पर राष्ट्रीय स्थायी समिति के साथ बैठक के बाद इस्लामाबाद में मीडिया से कहा, ‘‘हम उनसे हमसे खेलने के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं. कृपया ऐसा मत समझिए, लेकिन उन्होंने (बीसीसीआई) ने हमसे 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन वे अपनी प्रतिबद्धता पर खरे नहीं उतरे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट का देश होने के नाते यह हमारा अधिकार है कि हम उन्हें सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए जोर दें. उन्हें हमसे तुंरत दो घरेलू सीरीज खेलनी चाहिए, क्योंकि अंतिम पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज भारत में 2007 में खेली गई थी. सहमति पत्र में पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच चार पूर्ण सीरीज की मेजबानी करनी थी.’’ यह सहमति पत्र 2014 में आईसीसी बैठक के दौरान रखा गया था और शहरयार ने कहा कि सहमति पत्र के अनुसार दोनों देशों को द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि पीसीबी वित्तीय लाभ के लिए इन सीरीज पर निर्भर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम समझौते पत्र के मुद्दे पर अपने वकीलों से सलाह मश्विरा कर रहे हैं और इस महीने होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में हम द्विपक्षीय सीरीज का यह मामला उठाएंगे.’’ शहरयार को हाल में एसीसी का चेयरमैन चुना गया था और वह 17 दिसंबर को कोलंबो में अगली बैठक की अध्यक्षता करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहरयार ने खेलों पर राष्ट्रीय स्थायी समिति के साथ बैठक के बाद इस्लामाबाद में मीडिया से कहा, ‘‘हम उनसे हमसे खेलने के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं. कृपया ऐसा मत समझिए, लेकिन उन्होंने (बीसीसीआई) ने हमसे 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन वे अपनी प्रतिबद्धता पर खरे नहीं उतरे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट का देश होने के नाते यह हमारा अधिकार है कि हम उन्हें सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए जोर दें. उन्हें हमसे तुंरत दो घरेलू सीरीज खेलनी चाहिए, क्योंकि अंतिम पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज भारत में 2007 में खेली गई थी. सहमति पत्र में पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच चार पूर्ण सीरीज की मेजबानी करनी थी.’’ यह सहमति पत्र 2014 में आईसीसी बैठक के दौरान रखा गया था और शहरयार ने कहा कि सहमति पत्र के अनुसार दोनों देशों को द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि पीसीबी वित्तीय लाभ के लिए इन सीरीज पर निर्भर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम समझौते पत्र के मुद्दे पर अपने वकीलों से सलाह मश्विरा कर रहे हैं और इस महीने होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में हम द्विपक्षीय सीरीज का यह मामला उठाएंगे.’’ शहरयार को हाल में एसीसी का चेयरमैन चुना गया था और वह 17 दिसंबर को कोलंबो में अगली बैठक की अध्यक्षता करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट का देश होने के नाते यह हमारा अधिकार है कि हम उन्हें सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए जोर दें. उन्हें हमसे तुंरत दो घरेलू सीरीज खेलनी चाहिए, क्योंकि अंतिम पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज भारत में 2007 में खेली गई थी. सहमति पत्र में पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच चार पूर्ण सीरीज की मेजबानी करनी थी.’’ यह सहमति पत्र 2014 में आईसीसी बैठक के दौरान रखा गया था और शहरयार ने कहा कि सहमति पत्र के अनुसार दोनों देशों को द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि पीसीबी वित्तीय लाभ के लिए इन सीरीज पर निर्भर है. टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम समझौते पत्र के मुद्दे पर अपने वकीलों से सलाह मश्विरा कर रहे हैं और इस महीने होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में हम द्विपक्षीय सीरीज का यह मामला उठाएंगे.’’ शहरयार को हाल में एसीसी का चेयरमैन चुना गया था और वह 17 दिसंबर को कोलंबो में अगली बैठक की अध्यक्षता करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘हम समझौते पत्र के मुद्दे पर अपने वकीलों से सलाह मश्विरा कर रहे हैं और इस महीने होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में हम द्विपक्षीय सीरीज का यह मामला उठाएंगे.’’ शहरयार को हाल में एसीसी का चेयरमैन चुना गया था और वह 17 दिसंबर को कोलंबो में अगली बैठक की अध्यक्षता करेंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
संक्षिप्त पाठ: भारत में बढ़ रहे आतंकी हमलों के कारण पाक से सीरीज नहीं हो पा रही
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी से सीरीज के लिए मांग करता रहा है
बीसीसीआई अध्यक्ष पाक से सीरीज को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं
| 27
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश की राजधानी दिल्ली अभी भी हाई अलर्ट पर है। अंबाला में विस्फोटकों से भरी कार की बरामदगी के बाद गृह मंत्रालय के खुफिया विभाग ने जानकारी दी है कि कई मॉड्यूल्स अब भी दिल्ली में मौजूद हैं, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई चल रही है। खुफिया विभाग की जानकारी के मुताबिक अंबाला में मिले विस्फोटक का इस्तेमाल दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट पर किया जाना था, साथ ही निशाने पर बठिंडा का डेरा सच्चा सौदा भी था। जानकारी के मुताबिक इन दोनों जगहों की रेकी की जा चुकी थी।अंबाला में कार से मिले विस्फोटक के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। खुफिया जानकारी के मुताबिक ये कार 4 अक्टूबर को जम्मू गई थी। इसके बाद इस कार को 11 अक्टूबर को पाकिस्तान की सीमा से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर रणबीर सिंह पुरा पर देखा गया था। इस कार को उस इलाके के बडियाला दामना और अग्र चक गांवों में देखा गया। इसके बाद ये कार 12 अक्टूबर को जम्मू की सीमा से वापस लौट आई। खुफिया विभाग बताते हैं कि विस्फोटक पाकिस्तान से भेजे गए और इसे खालिस्तान टाइगर फोर्स के लिए काम करने वाले जगतार सिंह तारा ने भेजा। जगतार सिंह पहले बब्बर खालसा के लिए काम करता था।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अंबाला में विस्फोटकों से भरी कार बरामद होने के बाद खुफिया विभाग ने जानकारी दी है कि कई मॉड्यूल्स अब भी दिल्ली में मौजूद हैं।
| 3
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को दूरसंचार कंपनी वोडाफोन इंडिया से कहा कि वह पांच करोड़ रुपये और उसके यहां 31 मार्च तक जमा कराए। इस बीच आयकर विभाग कंपनी की संशोधन याचिका पर फैसला करेगा।
यह मामला 77 करोड़ रुपये के कर डिमांड से जुड़ा है।टिप्पणियां
न्यायाधीश वाई वी चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ वोडाफोन की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जो उसने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ दायर की थी। विभाग ने कंपनी से 77 करोड़ रुपये के बकाया कर की मांग की है।
वोडाफोन ने इससे पहले शनिवार को 10 करोड़ रुपये जमा कराए थे।
यह मामला 77 करोड़ रुपये के कर डिमांड से जुड़ा है।टिप्पणियां
न्यायाधीश वाई वी चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ वोडाफोन की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जो उसने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ दायर की थी। विभाग ने कंपनी से 77 करोड़ रुपये के बकाया कर की मांग की है।
वोडाफोन ने इससे पहले शनिवार को 10 करोड़ रुपये जमा कराए थे।
न्यायाधीश वाई वी चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ वोडाफोन की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जो उसने आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ दायर की थी। विभाग ने कंपनी से 77 करोड़ रुपये के बकाया कर की मांग की है।
वोडाफोन ने इससे पहले शनिवार को 10 करोड़ रुपये जमा कराए थे।
वोडाफोन ने इससे पहले शनिवार को 10 करोड़ रुपये जमा कराए थे।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को दूरसंचार कंपनी वोडाफोन इंडिया से कहा कि वह पांच करोड़ रुपये और उसके यहां 31 मार्च तक जमा कराए।
| 19
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में एमएमआरडीए मैदान और आजाद मैदान पर अन्ना के 27, 28 और 29 दिसंबर के अनशन के लिए मैदान अभी उपलब्ध न कराए जाने के विरोध में कोर्ट का रुख किया है। गौरतलब है कि टीम अन्ना ने एमएमआरडीए मैदान के लिए 3.5 लाख रुपये प्रति दिन के किराये को अत्यधिक बताते हुए बुधवार को मामले में प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी और कहा था कि यदि यह मुद्दा सौहाद्र्रपूर्ण तरीके से नहीं सुलझा तो वे अदालत में जा सकते हैं। टीम अन्ना की कोर कमेटी के सदस्य मयंक गांधी ने कहा था, हमने मुख्यमंत्री और मुंबई पुलिस आयुक्त से यह बताने को कहा है कि हम कहां (अनशन पर) बैठें। हम इतनी अत्यधिक कीमत नहीं चुका सकते। हमारे पास इतना पैसा नहीं है। मयंक गांधी ने कहा कि अगर रामलीला मैदान की तरह 2,000 से 5,000 रुपये तक टोकन राशि मांगी जाती तो हमें कोई दिक्कत नहीं थी। अन्ना हजारे ने कल कहा था कि वह 27 दिसंबर से तीन दिन अनशन करेंगे और उसके बाद तीन दिन तक जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा। आईएसी ने कल मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को पत्र लिखकर उनसे किराये में छूट की मांग की थी। पत्र के अनुसार, हम किसी तरह के विज्ञापनों या किसी व्यावसायिक उत्पाद अथवा सेवा के प्रचार की अनुमति नहीं देते। पूरा उद्देश्य राष्ट्रहित में व्यवस्था में सुधारों के लिए संघर्ष करने का है। वोरा ने कहा, अगर एमएमआरडीए की ओर से बड़ी लागत में छूट संभव नहीं है तो हमारा अनुरोध है कि आजाद मैदान में 27 दिसंबर से अन्नाजी के अनशन में लोगों को शामिल होने के लिए पर्याप्त इंतजाम किये जाएं। हमारा मानना है कि 50 हजार से एक लाख लोग हर दिन आना चाहेंगे।
|
संक्षिप्त पाठ: मुंबई में MMRDA और आजाद मैदान पर अन्ना के 27-29 दिसंबर के अनशन के लिए मैदान उपलब्ध न कराए जाने के विरोध में कोर्ट का रुख किया है।
| 14
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपने मंत्रिमंडल के इस्तीफा देने के दो दिन बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने मुख्य विपक्षी दलों के 12 मंत्री नियुक्त करने के साथ नई राष्ट्रीय एकता सरकार का गठन किया। उनके मंत्रिमंडल ने देश में राजनीतिक उथल-पुथल को शांति करने के प्रयास के तहत इस्तीफा दे दिया था।टिप्पणियां
शांति प्रक्रिया को जल्दी से पूरा करने और 27 मई की समय सीमा के अंदर नए संविधान का प्रारूप तैयार करने पर बृहस्पतिवार की रात को प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच हुए समझौते के तहत प्रधानमंत्री ने सरकार बनाई है। इस 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में दो उपप्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री ने इस मंत्रिमंडल में यूसीपीएन (माओवादी), नेपाली कांग्रेस, यूनाइटेड डेमाक्रेटिक मधेसी फ्रंट से मंत्री शामिल किए हैं।
उन्होंने यूसीपीएन-माओवादी से नारायण काजी श्रेष्ठ को उपप्रधानमंत्री और चार अन्य को मंत्री नियुक्त किया है। हालांकि उनके विभाग अभी तय नहीं हुए हैं। दूसरे उपप्रधानमंत्री विजय गजाधर बनाए गए हैं, जो मधेसी पीपुल्स राइट फोरम के अध्यक्ष हैं।
शांति प्रक्रिया को जल्दी से पूरा करने और 27 मई की समय सीमा के अंदर नए संविधान का प्रारूप तैयार करने पर बृहस्पतिवार की रात को प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच हुए समझौते के तहत प्रधानमंत्री ने सरकार बनाई है। इस 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में दो उपप्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री ने इस मंत्रिमंडल में यूसीपीएन (माओवादी), नेपाली कांग्रेस, यूनाइटेड डेमाक्रेटिक मधेसी फ्रंट से मंत्री शामिल किए हैं।
उन्होंने यूसीपीएन-माओवादी से नारायण काजी श्रेष्ठ को उपप्रधानमंत्री और चार अन्य को मंत्री नियुक्त किया है। हालांकि उनके विभाग अभी तय नहीं हुए हैं। दूसरे उपप्रधानमंत्री विजय गजाधर बनाए गए हैं, जो मधेसी पीपुल्स राइट फोरम के अध्यक्ष हैं।
उन्होंने यूसीपीएन-माओवादी से नारायण काजी श्रेष्ठ को उपप्रधानमंत्री और चार अन्य को मंत्री नियुक्त किया है। हालांकि उनके विभाग अभी तय नहीं हुए हैं। दूसरे उपप्रधानमंत्री विजय गजाधर बनाए गए हैं, जो मधेसी पीपुल्स राइट फोरम के अध्यक्ष हैं।
|
यह एक सारांश है: इस 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में दो उपप्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री ने इस मंत्रिमंडल में यूसीपीएन (माओवादी), नेपाली कांग्रेस, यूनाइटेड डेमाक्रेटिक मधेसी फ्रंट से मंत्री शामिल किए हैं।
| 9
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने देश के बच्चों को चेताया है कि उन्हें भारत और चीन के छात्रों से कड़ी चुनौती मिलने जा रही है, जिससे निपटने के लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए। मेम्फिस, टिनेसी में छात्रों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, आप को बीजिंग और मुंबई के युवाओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी। यह एक बड़ी चुनौती है। वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आपको इसके लिए तैयार रहना होगा। एक नए विश्व के उद्भव की ओर इशारा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम नई दुनिया में रह रहे हैं। अब वह समय नहीं रह गया है जब शिक्षा की जरूरत नहीं है। यदि आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो आप कारखाने में नौकरी पा सकते हैं। वह समय बीत गया है। भरोसा करें या न करें, जब आप नौकरी की तलाश में जाएंगे, तो सिर्फ नैशविले या अटलांटा के लोगों की चुनौती का ही सामना नहीं करना होगा। ओबामा ने छात्रों से कहा कि शिक्षा के जरिए वे दूसरों से बेहतर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से अनुशासन के मूल्य का भी पता चलता है।
|
ओबामा ने कहा, आप को बीजिंग और मुंबई के युवाओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी। यह एक बड़ी चुनौती है। वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।'
| 34
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने मंगलवार शाम को हुई बैठक में 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में एक अहम फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रद्द किए गए 122 लाइसेंसो के मामले में राष्ट्रपति के जरिए सुप्रीम कोर्ट से सफाई ली जाएगी।
सरकार सुप्रीम कोर्ट के 2 फरवरी को दिए गए उस आदेश को और स्पष्ट करने के लिए राष्ट्रपति की मदद चाहती है जिसमें कहा गया था कि दुलर्भ प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी के जरिए ही किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
संविधान के आर्टिकल 143 के तहत ये प्रावधान है कि राष्ट्रपति जनहित के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर कोर्ट से स्पष्टीकरण मांग सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से पूछा जाएगा कि क्या 2-जी लाइसेंस में दिया गया कोर्ट का यह फैसला हर परिस्थति में लागू होगा।
अगर कोर्ट का फैसला हर हाल में लागू होगा तो क्या इस आधार पर 1994, 2001, 2003 और 2007 में जारी हुए लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। गौरतलब है कि इन सारे सालों में टेलीकॉम लाइसेंस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए थे।
सरकार सुप्रीम कोर्ट के 2 फरवरी को दिए गए उस आदेश को और स्पष्ट करने के लिए राष्ट्रपति की मदद चाहती है जिसमें कहा गया था कि दुलर्भ प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन नीलामी के जरिए ही किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
संविधान के आर्टिकल 143 के तहत ये प्रावधान है कि राष्ट्रपति जनहित के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर कोर्ट से स्पष्टीकरण मांग सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से पूछा जाएगा कि क्या 2-जी लाइसेंस में दिया गया कोर्ट का यह फैसला हर परिस्थति में लागू होगा।
अगर कोर्ट का फैसला हर हाल में लागू होगा तो क्या इस आधार पर 1994, 2001, 2003 और 2007 में जारी हुए लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। गौरतलब है कि इन सारे सालों में टेलीकॉम लाइसेंस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए थे।
संविधान के आर्टिकल 143 के तहत ये प्रावधान है कि राष्ट्रपति जनहित के मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर कोर्ट से स्पष्टीकरण मांग सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से पूछा जाएगा कि क्या 2-जी लाइसेंस में दिया गया कोर्ट का यह फैसला हर परिस्थति में लागू होगा।
अगर कोर्ट का फैसला हर हाल में लागू होगा तो क्या इस आधार पर 1994, 2001, 2003 और 2007 में जारी हुए लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। गौरतलब है कि इन सारे सालों में टेलीकॉम लाइसेंस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए थे।
अगर कोर्ट का फैसला हर हाल में लागू होगा तो क्या इस आधार पर 1994, 2001, 2003 और 2007 में जारी हुए लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। गौरतलब है कि इन सारे सालों में टेलीकॉम लाइसेंस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए गए थे।
|
यहाँ एक सारांश है:2-जी मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रद्द किए गए 122 लाइसेंसो के मामले में राष्ट्रपति के जरिए सुप्रीम कोर्ट से सफाई ली जाएगी।
| 4
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू स्तर पर राजनीतिक चिंताओं के बादल छंटने के बीच लिवाली समर्थन मिलने से बंबई शेयर बाजार में गिरावट का दौर थम गया तथा सेंसेक्स 217 अंक सुधरा। बीएसई का 30 शेयर आधारित सेंसेक्स 216.98 अंक सुधरकर 18,439.65 अंक पर बंद हुआ। यह पिछले दो सत्रों में 267 अंक टूटा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 57.65 अंक बढ़कर 57.65 अंक बढ़कर 5,520.80 अंक पर बंद हुआ। लिवाली समर्थन के चलते प्रौद्योगिकी, धातु तथा बैंकिंग खंड के शेयर मजबूत हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ सीट भागीदारी को लेकर डीएमके नेताओं के प्रयासों के समाचारों का सकारात्मक असर बाजार पर रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तीन दिन में पहली बार गिरावट देखने को मिली है क्योंकि ऐसी रिपोर्टें हैं कि लीबिया के मुअम्मर गद्दाफी ने सत्ता से हटने की पेशकश की है। लीबिया अफ्रीका में तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। एशियाई क्षेत्र के शेयर बाजारों में तेजी के रुख ने भी घरेलू बाजार का प्रभावित किया।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: घरेलू स्तर पर राजनीतिक चिंताओं के बादल छंटने के बीच बंबई शेयर बाजार में गिरावट का दौर थम गया तथा सेंसेक्स 217 अंक सुधरा।
| 32
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में हुए दो लोकसभा सीटों के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है. फूलपुर की सीट जो कि राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की सीट थी, में सपा प्रत्याशी ने अच्छा चुनाव लड़ा. उन्होंने दोपहर तक 40 हजार से ज्यादा मतों की लीड ले ली.
यूपी की राजनीति के लिए 1993 काफी अहम साल रहा है. इस चुनाव में तत्कालीन प्रमुख मुलायम सिंह यादव और कांशीराम का गठबंधन हुआ था और पार्टी मजबूती के साथ सत्ता में आई थी. तब यह नारे लगे थे, 'मिले मुलायम कांशीराम हवा में उड़ गए जय श्रीराम'.
वहीं इस चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में कहा था, 'कह रहीम कैसे निभे बेर केर के संग'. 'बिच्छू हमेशा डंक मारता है', 'आंधी तूफान सांप और छछूंदर साथ खड़े हो जाते हैं'.
वहीं, योगी की कैबिनेट के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने योगी के सामने एक चुनावी रैली में मायावती को शूरपर्णखा, अखिलेश को मेघनाद, मुलायम को रावण कहा था.' टिप्पणियां
कहा जा रहा है कि ये दिखाता है कि बीजेपी को लग रहा था कहीं मोदी मैजिक के चलते जो जाति समीकरण टूटा था, वह फिर एक न हो जाए. बीजेपी की चिंता रही है कि जातियों का मिथक जो टूटा था वह अभी बरकरार रहेगा या नहीं. लेकिन अगर बीजेपी हारती है तो यह उनकी (जातियों) 'घर वापसी' भी होगी. सपा-बसपा गठबंधन जीतता है, तो एक बार फिर यह माना जाएगा कि यूपी में जातिगत राजनीति एक बार फिर हावी होगी.
यूपी की राजनीति के लिए 1993 काफी अहम साल रहा है. इस चुनाव में तत्कालीन प्रमुख मुलायम सिंह यादव और कांशीराम का गठबंधन हुआ था और पार्टी मजबूती के साथ सत्ता में आई थी. तब यह नारे लगे थे, 'मिले मुलायम कांशीराम हवा में उड़ गए जय श्रीराम'.
वहीं इस चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में कहा था, 'कह रहीम कैसे निभे बेर केर के संग'. 'बिच्छू हमेशा डंक मारता है', 'आंधी तूफान सांप और छछूंदर साथ खड़े हो जाते हैं'.
वहीं, योगी की कैबिनेट के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने योगी के सामने एक चुनावी रैली में मायावती को शूरपर्णखा, अखिलेश को मेघनाद, मुलायम को रावण कहा था.' टिप्पणियां
कहा जा रहा है कि ये दिखाता है कि बीजेपी को लग रहा था कहीं मोदी मैजिक के चलते जो जाति समीकरण टूटा था, वह फिर एक न हो जाए. बीजेपी की चिंता रही है कि जातियों का मिथक जो टूटा था वह अभी बरकरार रहेगा या नहीं. लेकिन अगर बीजेपी हारती है तो यह उनकी (जातियों) 'घर वापसी' भी होगी. सपा-बसपा गठबंधन जीतता है, तो एक बार फिर यह माना जाएगा कि यूपी में जातिगत राजनीति एक बार फिर हावी होगी.
वहीं इस चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में कहा था, 'कह रहीम कैसे निभे बेर केर के संग'. 'बिच्छू हमेशा डंक मारता है', 'आंधी तूफान सांप और छछूंदर साथ खड़े हो जाते हैं'.
वहीं, योगी की कैबिनेट के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने योगी के सामने एक चुनावी रैली में मायावती को शूरपर्णखा, अखिलेश को मेघनाद, मुलायम को रावण कहा था.' टिप्पणियां
कहा जा रहा है कि ये दिखाता है कि बीजेपी को लग रहा था कहीं मोदी मैजिक के चलते जो जाति समीकरण टूटा था, वह फिर एक न हो जाए. बीजेपी की चिंता रही है कि जातियों का मिथक जो टूटा था वह अभी बरकरार रहेगा या नहीं. लेकिन अगर बीजेपी हारती है तो यह उनकी (जातियों) 'घर वापसी' भी होगी. सपा-बसपा गठबंधन जीतता है, तो एक बार फिर यह माना जाएगा कि यूपी में जातिगत राजनीति एक बार फिर हावी होगी.
कहा जा रहा है कि ये दिखाता है कि बीजेपी को लग रहा था कहीं मोदी मैजिक के चलते जो जाति समीकरण टूटा था, वह फिर एक न हो जाए. बीजेपी की चिंता रही है कि जातियों का मिथक जो टूटा था वह अभी बरकरार रहेगा या नहीं. लेकिन अगर बीजेपी हारती है तो यह उनकी (जातियों) 'घर वापसी' भी होगी. सपा-बसपा गठबंधन जीतता है, तो एक बार फिर यह माना जाएगा कि यूपी में जातिगत राजनीति एक बार फिर हावी होगी.
|
संक्षिप्त पाठ: यूपी की दो सीटों पर सपा प्रत्याशी का अच्छा प्रदर्शन
गोरखपुर सीएम योगी की सीट रही है
फूलपुर डिप्टी सीएम मौर्या की सीट थी.
| 22
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय हॉकी टीम ने चीन के शहर ओरडोस में तीन सितम्बर से शुरू हुई प्रथम एशियाई पुरुष चैम्पियंस ट्रॉफी हॉकी प्रतियोगिता के अपने पहले मैच में शनिवार को चीन को 5-0 से हरा दिया। खेल दिवस के अवसर पर अर्जुन पुरस्कार से नवाजे गए अनुभवी कप्तान राजपाल सिंह के नेतृत्व में भारत ने यह मैच बड़े अंतर से जीतकर उम्दा आगाज किया। भारत का अगला मैच जापान के साथ चार सितम्बर को होना है। पुरुषों की प्रतियोगिता का पहली बार आयोजन हो रहा है जबकि तीन सितम्बर से ही महिला टीमें इसी शहर में प्रतियोगिता के दूसरे संस्करण में हिस्सा ले रही हैं। इसमें छह पुरुष और चार महिला टीमें खेल रही हैं। महिला चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन बीते वर्ष दक्षिण कोरिया के शहर बुसान में हुआ था। इस वर्ष महिला वर्ग में चीन, दक्षिण कोरिया, भारत और जापान की टीमें हिस्सा ले रही हैं। पुरुष वर्ग में एशियाई हॉकी की छह शीर्ष टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग होगी। इसमें एशियाई चैम्पियन पाकिस्तान, मलेशिया, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान और मेजबान देश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। महिला वर्ग में भारतीय टीम का पहला मुकाबला चार सितम्बर को दक्षिण कोरिया से होना है जबकि छह सितम्बर को वह जापान से भिड़ेगी। आठ सितम्बर को भारतीय टीम चीन से खेलेगी। 10 सितम्बर को कांस्य पदक के लिए और खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।
|
खेल दिवस के अवसर पर अर्जुन पुरस्कार से नवाजे गए अनुभवी कप्तान राजपाल सिंह के नेतृत्व में भारत ने यह मैच बड़े अंतर से जीतकर उम्दा आगाज किया।
| 34
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में मंगलवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों से मुलाकात कर उनसे समर्थन मांगेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मौके पर प्रणब के सम्मान में भोज देने का फैसला किया है।
प्रणब मुखर्जी मंगलवार को सबसे पहले कांग्रेसी विधायकों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी(सपा) के विधायकों से भी मिलेंगे।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने कहा कि मुखर्जी के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुखर्जी सुबह करीब 11 बजे लखनऊ पहुंचेंगे।
सपा और बसपा नेतृत्व की तरफ से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन का ऐलान किया जा चुका है। मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में इसके पहले हैदराबाद और चेन्नई का दौरा कर चुके हैं। टिप्पणियां
उधर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर प्रणब के सम्मान में दोपहर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया है।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रणब मुखर्जी मंगलवार को सबसे पहले कांग्रेसी विधायकों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी(सपा) के विधायकों से भी मिलेंगे।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने कहा कि मुखर्जी के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुखर्जी सुबह करीब 11 बजे लखनऊ पहुंचेंगे।
सपा और बसपा नेतृत्व की तरफ से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन का ऐलान किया जा चुका है। मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में इसके पहले हैदराबाद और चेन्नई का दौरा कर चुके हैं। टिप्पणियां
उधर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर प्रणब के सम्मान में दोपहर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया है।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के मुख्य प्रवक्ता राम कुमार भार्गव ने कहा कि मुखर्जी के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुखर्जी सुबह करीब 11 बजे लखनऊ पहुंचेंगे।
सपा और बसपा नेतृत्व की तरफ से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन का ऐलान किया जा चुका है। मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में इसके पहले हैदराबाद और चेन्नई का दौरा कर चुके हैं। टिप्पणियां
उधर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर प्रणब के सम्मान में दोपहर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया है।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सपा और बसपा नेतृत्व की तरफ से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन का ऐलान किया जा चुका है। मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में इसके पहले हैदराबाद और चेन्नई का दौरा कर चुके हैं। टिप्पणियां
उधर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर प्रणब के सम्मान में दोपहर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया है।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
उधर, सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर प्रणब के सम्मान में दोपहर भोज आयोजित करने का निर्णय लिया है।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
चौधरी ने कहा कि भोज के दौरान प्रणब, अखिलेश से मुलाकात करने के साथ-साथ सपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे। प्रणब के सम्मान में आयोजित भोज की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
|
सारांश: संप्रग की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी अपने चुनाव अभियान के सिलसिले में मंगलवार को लखनऊ पहुंच रहे हैं।
| 31
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया में रविवार को हुए विस्फोट की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 31 लोग मारे गए। इसकी जानकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीरियाई समाचार एजेंसी साना के हवाले से दी।
पहला विस्फोट एक यात्री बस में उस वक्त हुआ जब वह मिसयाफ कस्बे से राजधानी दमिश्क की तरफ जा रही थी। बस में विस्फोटक के जरिए धमाका किया गया था। घटना में कम से कम चार लोग मारे गए।
दूसरा विस्फोट अलेप्पो प्रांत में रविवार रात हुआ जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए। इस विस्फोट ने अलेप्पो के मालाब अल-बलाडी इलाके को खासा प्रभावित किया। इस इलाके में तीन अस्पताल और विस्थापितों के लिए एक स्कूल है।
अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दमकलकर्मी एवं अन्य लोग इन पीड़ितों को मलबे से निकालने की कोशिश में लगे हैं। इस मलबे से शव भी निकाले जा रहे हैं।टिप्पणियां
अलेप्पो सीरिया सरकार और सेना के बीच हो रहे संघर्ष के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है जो इस स्थान पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
पहला विस्फोट एक यात्री बस में उस वक्त हुआ जब वह मिसयाफ कस्बे से राजधानी दमिश्क की तरफ जा रही थी। बस में विस्फोटक के जरिए धमाका किया गया था। घटना में कम से कम चार लोग मारे गए।
दूसरा विस्फोट अलेप्पो प्रांत में रविवार रात हुआ जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए। इस विस्फोट ने अलेप्पो के मालाब अल-बलाडी इलाके को खासा प्रभावित किया। इस इलाके में तीन अस्पताल और विस्थापितों के लिए एक स्कूल है।
अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दमकलकर्मी एवं अन्य लोग इन पीड़ितों को मलबे से निकालने की कोशिश में लगे हैं। इस मलबे से शव भी निकाले जा रहे हैं।टिप्पणियां
अलेप्पो सीरिया सरकार और सेना के बीच हो रहे संघर्ष के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है जो इस स्थान पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
दूसरा विस्फोट अलेप्पो प्रांत में रविवार रात हुआ जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए। इस विस्फोट ने अलेप्पो के मालाब अल-बलाडी इलाके को खासा प्रभावित किया। इस इलाके में तीन अस्पताल और विस्थापितों के लिए एक स्कूल है।
अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दमकलकर्मी एवं अन्य लोग इन पीड़ितों को मलबे से निकालने की कोशिश में लगे हैं। इस मलबे से शव भी निकाले जा रहे हैं।टिप्पणियां
अलेप्पो सीरिया सरकार और सेना के बीच हो रहे संघर्ष के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है जो इस स्थान पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं। दमकलकर्मी एवं अन्य लोग इन पीड़ितों को मलबे से निकालने की कोशिश में लगे हैं। इस मलबे से शव भी निकाले जा रहे हैं।टिप्पणियां
अलेप्पो सीरिया सरकार और सेना के बीच हो रहे संघर्ष के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है जो इस स्थान पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
अलेप्पो सीरिया सरकार और सेना के बीच हो रहे संघर्ष के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है जो इस स्थान पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में पिछले साल से चल रहे संघर्ष में अब तक 20,000 लोग मारे जा चुके हैं जिसमें 8000 सैनिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
|
सारांश: सीरिया में रविवार को हुए विस्फोट की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 31 लोग मारे गए। इसकी जानकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीरियाई समाचार एजेंसी साना के हवाले से दी।
| 31
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में हिंसा से प्रभावित कराची में सुरक्षा बलों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापे मारकर 90 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री अली शाह ने कानून और व्यवस्था की स्थिति पर कल सभी पार्टियों की बैठक बुलाई है। सिंध सरकार के एक प्रवक्ता ने आज कहा कि शाह के आवास पर कल एक बैठक होगी और इसके लिए प्रांत की विभिन्न पार्टियों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। प्रवक्ता वकार मेंहदी ने बताया, सिंध के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने कराची की स्थिति पर चर्चा के लिए सरकार में शामिल और सभी विपक्षी पार्टियों की बैठक बुलाई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी पार्टियों ने इस बैठक में शामिल होने को लेकर रजामंदी जाहिर की है। कानून और व्यवस्था की स्थिति पर मुत्ताहिता कौमी मूवमेंट और अवामी नेशनल पार्टी ने सरकार के साथ हाल में विचार-विमर्श में हिस्सा नहीं लिया था। हाल में शहर में हुई हत्याओं के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी ने भी कल एक शांति रैली निकालने की घोषणा की है और नागरिकों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।
|
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान में हिंसा से प्रभावित कराची में सुरक्षा बलों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापे मारकर 90 लोगों को गिरफ्तार किया है।
| 8
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी का खेल अब अपने आखिरी दौर में है। लेकिन अब भी इस दौड़ में प्रणब मुखर्जी सबसे आगे दिख रहे हैं और उनके नाम पर दूसरों को भी एतराज नहीं है।
ताजा मामला तृणमूल का है जिसने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है।
लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं। पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।
इससे पहले, ममता ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के अलावा तीन नाम सुझाकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी थी लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस की हामी ने प्रणब मुखर्जी को मंज़िल के और करीब पहुंचा दिया है।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई एतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
ताजा मामला तृणमूल का है जिसने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है।
लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं। पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।
इससे पहले, ममता ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के अलावा तीन नाम सुझाकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी थी लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस की हामी ने प्रणब मुखर्जी को मंज़िल के और करीब पहुंचा दिया है।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई एतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं। पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।
इससे पहले, ममता ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के अलावा तीन नाम सुझाकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी थी लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस की हामी ने प्रणब मुखर्जी को मंज़िल के और करीब पहुंचा दिया है।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई एतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
इससे पहले, ममता ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब के अलावा तीन नाम सुझाकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी थी लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस की हामी ने प्रणब मुखर्जी को मंज़िल के और करीब पहुंचा दिया है।टिप्पणियां
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई एतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई एतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
हालांकि प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो, कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
|
यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी का खेल अब अपने आखिरी दौर में है। लेकिन अब भी इस दौड़ में प्रणब मुखर्जी सबसे आगे दिख रहे हैं और उनके नाम पर दूसरों को भी एतराज नहीं है।
| 17
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नीत संप्रग के प्रणब मुखर्जी को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के कुछ ही देर बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी एपीजे अब्दुल कलाम की उम्मीदवारी पर कायम है। उन्होंने कहा कि खेल अभी बाकी है और वह शनिवार को अपने पत्ते खोलेंगी।टिप्पणियां
संप्रग की ओर से मुखर्जी को अपना उम्मीदवार घोषित किए जाने के फैसले से अविचलित ममता ने राज्य सचिवालय में कहा, ‘हम कलाम की उम्मीदवारी पर कायम हैं। वह सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। हम उस रुख से नहीं पलट रहे हैं जिसकी घोषणा हमने पहले की थी।’ उन्होंने कहा, ‘वह भारत में ऊंचे कद के व्यक्ति हैं और उनका देश और विदेश में सबसे अधिक सम्मान भी हैं।’
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिए जाने पर ममता ने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें कोई संदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझसे बात नहीं की। हमें कैसे पता चलेगा यदि कोई बात ही नहीं होगी?’
संप्रग की ओर से मुखर्जी को अपना उम्मीदवार घोषित किए जाने के फैसले से अविचलित ममता ने राज्य सचिवालय में कहा, ‘हम कलाम की उम्मीदवारी पर कायम हैं। वह सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। हम उस रुख से नहीं पलट रहे हैं जिसकी घोषणा हमने पहले की थी।’ उन्होंने कहा, ‘वह भारत में ऊंचे कद के व्यक्ति हैं और उनका देश और विदेश में सबसे अधिक सम्मान भी हैं।’
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिए जाने पर ममता ने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें कोई संदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझसे बात नहीं की। हमें कैसे पता चलेगा यदि कोई बात ही नहीं होगी?’
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिए जाने पर ममता ने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें कोई संदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझसे बात नहीं की। हमें कैसे पता चलेगा यदि कोई बात ही नहीं होगी?’
|
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस नीत संप्रग के प्रणब मुखर्जी को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के कुछ ही देर बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी एपीजे अब्दुल कलाम की उम्मीदवारी पर कायम है।
| 12
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने 10 ईरानी सीमा रक्षकों की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या से बौखलाए ईरान ने सोमवार को पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान सरकार सीमा पार हमला करने वाले आतंकवादियों से नहीं निपटती है तो ईरान पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों पर हमला करेगा. ईरान ने कहा कि जैश-अल-अदल आतंकी समूह ने लंबी दूरी की बंदूकों से सीमा रक्षकों को गोली मारी थी. यह हमला पाकिस्तान के अंदर से किया गया.टिप्पणियां
प्रेस टीवी की रपट के मुताबिक, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद बाकरी ने कहा कि शत्रु अपनी नाकामी छिपाने के लिए आतंकियों के जरिए ईरान सीमा और हितों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह तरीका कायर चोरों और डाकुओं का है और इससे शत्रुओं को सिर्फ बदनामी मिलेगी. बाकरी ने कहा कि पाकिस्तानी तरफ का सीमांत इलाका 'दुर्भाग्य से' सऊदी से लाए गए आतंकियों के लिए प्रशिक्षण स्थल और पनाहगाह बना हुआ है. जैश-अल-अदल एक आतंकवादी समूह है, जिसने ईरानी सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हमले किए हैं.
आतंकी समूह का कहना है कि ये हमले ईरान में अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ भेदभाव को उजागर करने के लिए किए गए हैं. इस आतंकी समूह ने अप्रैल 2015 में आठ सीमा रक्षकों और अक्टूबर 2013 में 14 सीमा रक्षकों की हत्या की जिम्मेदारी ली है. बाकरी ने कहा कि ईरान 'इस स्थिति को जारी रखना स्वीकार नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा कि "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों के सीमा पर नियंत्रण, आतंकवादियों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों को बंद करने की उम्मीद करते हैं."
प्रेस टीवी की रपट के मुताबिक, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद बाकरी ने कहा कि शत्रु अपनी नाकामी छिपाने के लिए आतंकियों के जरिए ईरान सीमा और हितों को निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह तरीका कायर चोरों और डाकुओं का है और इससे शत्रुओं को सिर्फ बदनामी मिलेगी. बाकरी ने कहा कि पाकिस्तानी तरफ का सीमांत इलाका 'दुर्भाग्य से' सऊदी से लाए गए आतंकियों के लिए प्रशिक्षण स्थल और पनाहगाह बना हुआ है. जैश-अल-अदल एक आतंकवादी समूह है, जिसने ईरानी सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हमले किए हैं.
आतंकी समूह का कहना है कि ये हमले ईरान में अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ भेदभाव को उजागर करने के लिए किए गए हैं. इस आतंकी समूह ने अप्रैल 2015 में आठ सीमा रक्षकों और अक्टूबर 2013 में 14 सीमा रक्षकों की हत्या की जिम्मेदारी ली है. बाकरी ने कहा कि ईरान 'इस स्थिति को जारी रखना स्वीकार नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा कि "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों के सीमा पर नियंत्रण, आतंकवादियों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों को बंद करने की उम्मीद करते हैं."
आतंकी समूह का कहना है कि ये हमले ईरान में अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ भेदभाव को उजागर करने के लिए किए गए हैं. इस आतंकी समूह ने अप्रैल 2015 में आठ सीमा रक्षकों और अक्टूबर 2013 में 14 सीमा रक्षकों की हत्या की जिम्मेदारी ली है. बाकरी ने कहा कि ईरान 'इस स्थिति को जारी रखना स्वीकार नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा कि "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों के सीमा पर नियंत्रण, आतंकवादियों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों को बंद करने की उम्मीद करते हैं."
|
यह एक सारांश है: अपने 10 ईरानी सीमा रक्षकों की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या से बौखलाया
ईरान ने कहा कि जैश-अल-अदल आतंकी समूह ने सीमा रक्षकों को गोली मारी
यह हमला पाकिस्तान के अंदर से किया गया, यह तरीका कायराना
| 24
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्या आप लोगों ने एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर में कोई बदलाव महसूस किया... हां, बिल्कुल सही पहचाना आपने... सचिन अपनी उम्र से काफी छोटे लग रहे हैं... यह कमाल है मास्टर ब्लास्टर के नए हेयरस्टाइल का, जिसमें उनके बहुचर्चित घुंघराले बालों का स्थान सीधी लटों ने ले लिया है... बुधवार को जब पूरी भारतीय टीम वैकल्पिक अभ्यास सत्र को छोड़कर आराम फरमा रही थी, मास्टर ब्लास्टर अपने दो साथियों के साथ मैदान में उतरे, और नए रूप में दिखाई दिए...
वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब सचिन ने अपना हेयरस्टाइल बदला है... वह अपने करियर की शुरुआत से ही अपने घुंघराले बालों में दिखाई देते रहे हैं, लेकिन इससे पहले एक बार उन्होंने अपने बाल काफी छोटे कटवाए थे, और उसके बाद इसी साल विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच से पहले उन्होंने अपने बालों को भूरा रंग लिया था, जो काफी लम्बे समय तक चर्चा का विषय बने रहे थे...
अब तेंदुलकर के इस नए हेयरस्टाइल पर भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और उनके प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं... सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर भी उनके नए हेयरस्टाइल को लेकर प्रशंसकों के कमेंट लगातार दिख रहे हैं... टिप्पणियां
शांतनु महेश्वरी नामक प्रशंसक के मुताबिक तेंदुलकर का यह हेयरकट बिल्कुल 'अन-तेंदुलकर' (तेंदुलकर जैसा नहीं) है... जबकि इसके उलट पाट्रिशान नामक प्रशंसक का कहना है कि उन्हें सचिन का यह नया हेयरस्टाइल काफी पसंद आया है... कुछ चाहने वालों को यह हेयरस्टाइल कतई पसंद नहीं आया, और उनके मुताबिक ऐसा लगता है, जैसे सचिन अपने सिर पर 'मरी हुई बिल्ली' बिठाए घूम रहे हैं, जबकि मास्टर ब्लास्टर के डाई-हार्ड फैन्स के अनुसार नया हेयरकट 'ऑसम' (Awesome) है...
बहरहाल, अगले महीने की 24 तारीख को अपने जन्म की 39वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे सचिन का यह नया हेयरस्टाइल क्रिकेटर के रूप में उनके प्रदर्शन को नया रास्ता नहीं दिखा सका, और मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टीम इंडिया के पहले मैच में क्रीज़ पर उतरे सभी खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सचिन कुल छह रन बनाकर आउट हो गए थे, हालांकि क्रीज़ उन्होंने बिल्कुल बेमन से छोड़ी थी...
वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब सचिन ने अपना हेयरस्टाइल बदला है... वह अपने करियर की शुरुआत से ही अपने घुंघराले बालों में दिखाई देते रहे हैं, लेकिन इससे पहले एक बार उन्होंने अपने बाल काफी छोटे कटवाए थे, और उसके बाद इसी साल विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच से पहले उन्होंने अपने बालों को भूरा रंग लिया था, जो काफी लम्बे समय तक चर्चा का विषय बने रहे थे...
अब तेंदुलकर के इस नए हेयरस्टाइल पर भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और उनके प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं... सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर भी उनके नए हेयरस्टाइल को लेकर प्रशंसकों के कमेंट लगातार दिख रहे हैं... टिप्पणियां
शांतनु महेश्वरी नामक प्रशंसक के मुताबिक तेंदुलकर का यह हेयरकट बिल्कुल 'अन-तेंदुलकर' (तेंदुलकर जैसा नहीं) है... जबकि इसके उलट पाट्रिशान नामक प्रशंसक का कहना है कि उन्हें सचिन का यह नया हेयरस्टाइल काफी पसंद आया है... कुछ चाहने वालों को यह हेयरस्टाइल कतई पसंद नहीं आया, और उनके मुताबिक ऐसा लगता है, जैसे सचिन अपने सिर पर 'मरी हुई बिल्ली' बिठाए घूम रहे हैं, जबकि मास्टर ब्लास्टर के डाई-हार्ड फैन्स के अनुसार नया हेयरकट 'ऑसम' (Awesome) है...
बहरहाल, अगले महीने की 24 तारीख को अपने जन्म की 39वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे सचिन का यह नया हेयरस्टाइल क्रिकेटर के रूप में उनके प्रदर्शन को नया रास्ता नहीं दिखा सका, और मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टीम इंडिया के पहले मैच में क्रीज़ पर उतरे सभी खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सचिन कुल छह रन बनाकर आउट हो गए थे, हालांकि क्रीज़ उन्होंने बिल्कुल बेमन से छोड़ी थी...
अब तेंदुलकर के इस नए हेयरस्टाइल पर भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और उनके प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं... सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर भी उनके नए हेयरस्टाइल को लेकर प्रशंसकों के कमेंट लगातार दिख रहे हैं... टिप्पणियां
शांतनु महेश्वरी नामक प्रशंसक के मुताबिक तेंदुलकर का यह हेयरकट बिल्कुल 'अन-तेंदुलकर' (तेंदुलकर जैसा नहीं) है... जबकि इसके उलट पाट्रिशान नामक प्रशंसक का कहना है कि उन्हें सचिन का यह नया हेयरस्टाइल काफी पसंद आया है... कुछ चाहने वालों को यह हेयरस्टाइल कतई पसंद नहीं आया, और उनके मुताबिक ऐसा लगता है, जैसे सचिन अपने सिर पर 'मरी हुई बिल्ली' बिठाए घूम रहे हैं, जबकि मास्टर ब्लास्टर के डाई-हार्ड फैन्स के अनुसार नया हेयरकट 'ऑसम' (Awesome) है...
बहरहाल, अगले महीने की 24 तारीख को अपने जन्म की 39वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे सचिन का यह नया हेयरस्टाइल क्रिकेटर के रूप में उनके प्रदर्शन को नया रास्ता नहीं दिखा सका, और मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टीम इंडिया के पहले मैच में क्रीज़ पर उतरे सभी खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सचिन कुल छह रन बनाकर आउट हो गए थे, हालांकि क्रीज़ उन्होंने बिल्कुल बेमन से छोड़ी थी...
शांतनु महेश्वरी नामक प्रशंसक के मुताबिक तेंदुलकर का यह हेयरकट बिल्कुल 'अन-तेंदुलकर' (तेंदुलकर जैसा नहीं) है... जबकि इसके उलट पाट्रिशान नामक प्रशंसक का कहना है कि उन्हें सचिन का यह नया हेयरस्टाइल काफी पसंद आया है... कुछ चाहने वालों को यह हेयरस्टाइल कतई पसंद नहीं आया, और उनके मुताबिक ऐसा लगता है, जैसे सचिन अपने सिर पर 'मरी हुई बिल्ली' बिठाए घूम रहे हैं, जबकि मास्टर ब्लास्टर के डाई-हार्ड फैन्स के अनुसार नया हेयरकट 'ऑसम' (Awesome) है...
बहरहाल, अगले महीने की 24 तारीख को अपने जन्म की 39वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे सचिन का यह नया हेयरस्टाइल क्रिकेटर के रूप में उनके प्रदर्शन को नया रास्ता नहीं दिखा सका, और मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टीम इंडिया के पहले मैच में क्रीज़ पर उतरे सभी खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सचिन कुल छह रन बनाकर आउट हो गए थे, हालांकि क्रीज़ उन्होंने बिल्कुल बेमन से छोड़ी थी...
बहरहाल, अगले महीने की 24 तारीख को अपने जन्म की 39वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे सचिन का यह नया हेयरस्टाइल क्रिकेटर के रूप में उनके प्रदर्शन को नया रास्ता नहीं दिखा सका, और मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टीम इंडिया के पहले मैच में क्रीज़ पर उतरे सभी खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद सचिन कुल छह रन बनाकर आउट हो गए थे, हालांकि क्रीज़ उन्होंने बिल्कुल बेमन से छोड़ी थी...
|
संक्षिप्त सारांश: अपनी उम्र से छोटे लग रहे हैं मास्टर ब्लास्टर, और यह कमाल है नए हेयरस्टाइल का, जिसमें उनके घुंघराले बालों का स्थान सीधी लटों ने ले लिया है...
| 10
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के टेनिसी राज्य में एक बच्चे का यौन शोषण करने की कोशिश के आरोप में 35 वर्षीय भारतीय डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है।
कार्यवाहक स्पेशल एजेंट रिकी मैक्सवेल ने एक बयान में कहा कि एफबीआई के नेतृत्व में ‘सेफ चाइल्ड टास्क फोर्स’ के एजेंट्स और अधिकारियों ने 2 सितंबर को जॉर्जिया से फिजिशियन विकुल पटेल को गिरफ्तार किया था। पटेल बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने के लिए जॉर्जिया पहुंचा था।टिप्पणियां
एक अंडरकवर एजेंट से एक बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा के बारे में लगातार इंटरनेट पर चैट करने के कारण पटेल सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे।
पटेल को ‘कंप्यूटर पोर्नोग्राफी एक्ट’ के उल्लंघन और बच्चे के यौन शोषण के प्रयास के मामले में वाकर काउंटी डिटेंशन सेन्टर में रखा गया था। सेन्टर के अधिकारियों के मुताबिक पटेल को बॉऩ्ड के आधार पर रिहा का दिया गया है।
कार्यवाहक स्पेशल एजेंट रिकी मैक्सवेल ने एक बयान में कहा कि एफबीआई के नेतृत्व में ‘सेफ चाइल्ड टास्क फोर्स’ के एजेंट्स और अधिकारियों ने 2 सितंबर को जॉर्जिया से फिजिशियन विकुल पटेल को गिरफ्तार किया था। पटेल बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने के लिए जॉर्जिया पहुंचा था।टिप्पणियां
एक अंडरकवर एजेंट से एक बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा के बारे में लगातार इंटरनेट पर चैट करने के कारण पटेल सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे।
पटेल को ‘कंप्यूटर पोर्नोग्राफी एक्ट’ के उल्लंघन और बच्चे के यौन शोषण के प्रयास के मामले में वाकर काउंटी डिटेंशन सेन्टर में रखा गया था। सेन्टर के अधिकारियों के मुताबिक पटेल को बॉऩ्ड के आधार पर रिहा का दिया गया है।
एक अंडरकवर एजेंट से एक बच्चे के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा के बारे में लगातार इंटरनेट पर चैट करने के कारण पटेल सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे।
पटेल को ‘कंप्यूटर पोर्नोग्राफी एक्ट’ के उल्लंघन और बच्चे के यौन शोषण के प्रयास के मामले में वाकर काउंटी डिटेंशन सेन्टर में रखा गया था। सेन्टर के अधिकारियों के मुताबिक पटेल को बॉऩ्ड के आधार पर रिहा का दिया गया है।
पटेल को ‘कंप्यूटर पोर्नोग्राफी एक्ट’ के उल्लंघन और बच्चे के यौन शोषण के प्रयास के मामले में वाकर काउंटी डिटेंशन सेन्टर में रखा गया था। सेन्टर के अधिकारियों के मुताबिक पटेल को बॉऩ्ड के आधार पर रिहा का दिया गया है।
|
सारांश: अमेरिका के टेनिसी राज्य में एक बच्चे का यौन शोषण करने की कोशिश के आरोप में 35 वर्षीय भारतीय डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है।
| 7
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी में महिला मुख्यमंत्री के राज में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे है। बीते 48 घटों में अकेले यूपी से बलात्कार के पांच मामले सामने आए हैं। एक-एक मामला दिल्ली और हरियाणा में दर्ज किया गया है। एटा के निधौली गांव में एक 35 साल की महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे ज़िंदा जलाकर मार दिए जाने की खबर है। पांच लोगों पर आरोप है कि उन्होंने पहले उसका बलात्कार किया और फिर बेरहमी से जलाकर मार डाला लेकिन पुलिस ने मेडिकल जांच के बिना बलात्कार के आरोप को नकार दिया जिसे लेकर सवाल उठने के बाद थाना प्रभारी को लाइन हाज़िर किया गया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। कानपुर में एक 20 साल की लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। ये लड़की रेलवे स्टेशन पर अपने भाई से बिछड़ गई। उसके बाद उसने खुद को एक होटल के कमरे में पाया। तीन दिन तक वहशी दरंदों ने उसके साथ बलात्कार किया। किसी तरह से वह बलात्कारियों के चंगुल से भागी। परिवार ने उसके साथ मारपीट का आरोप भी लगाया है। गोंडा जिले में एक दलित लड़की का शव मिला है। 13 साल की यह लड़की तीन दिन से लापता थी। घरवालों का आरोप है कि लड़की के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या की गई है। उसका शव घर से एक किलोमीटर दूर खेत में मिला। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बस्ती ज़िले के रानीपुर बेलाडी गांव में एक 18 साल की दलित लड़की के साथ बलात्कार की खबर है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी शक्ति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बलात्कार के बाद से ये आरोप फरार था। इससे पहले रविवार को कन्नौज में बलात्कार में नाकाम रहने वाले दो लड़कों ने लड़की की आंखें फोड़ दी। और उस पर पुलिस ने शिकायत लिखने में भी मनमानी देरी की। यूपी ही नहीं, हरियाणा के करनाल में भी एक महिला का शव मिला है। 35 साल की इस महिला का शव उसके घर पर मिला। आरोप है कि बलात्कार के बाद महिला की हत्या की गई है। ये महिला घर में अकेले रहती थी। पिछले दो दिन से महिला के घर से किसी तरह की आवाज़ नहीं आ रही थी। सोमवार को जब उसके घर से बदबू आई तो गांव वालों ने पुलिस को ख़बर की। पुलिस जब घर में घुसी तो महिला की लाश मिली।दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से भी बलात्कार की एक खबर है।
|
यहाँ एक सारांश है:यूपी में महिला मुख्यमंत्री के राज में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे है। बीते 48 घटों में बलात्कार के छह मामले सामने आए हैं।
| 17
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यह नई इमारत दशकों पुरानी है. इसमें एक बड़ी लाईब्रेरी, चौड़े कॉरीडोर और कई बगीचे हैं. मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया टीम के लिए अलग सेक्शन यहां मौजूद है. यहां पर वे लोग अपने कामों में व्यस्त हैं जिन्होंने पिता की तुलना में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति वफादारी दिखाई है. यहां मौजूद एक पार्टी नेता ने सपा में मचे घमासान पर नाम न छापने की शर्त पर कहा,''हम इसमें क्या कर सकते हैं? अब चुनाव इतने नजदीक हैं और ये सब हो रहा है. लेकिन नेताजी को समझना चाहिए...हम उनका सम्मान करते हैं, उनका मार्गदर्शन चाहते हैं लेकिन अब समय बदल गया है. अब मुख्यमंत्री को ही अंतिम निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए.'' टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर में इस बंगले में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के ऑफिस का उद्घाटन किया था. अखिलेश इस ट्रस्ट के चेयरमैन थे. ''छोटे लोहिया'' के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र के नाम से इस ट्रस्ट का गठन 2013 में हुआ था उसके लिए 2015 में यह बंगला आवंटित किया गया था. इससे पहले यह बंगला टाउस प्लानिंग डिपार्टमेंट का ऑफिस था.
पिछले तीन महीनों में जब से यादव परिवार में घमासान मचा है तब से यह 7 बंदरिया बाग का बंगला मोटे अनुमान के मुताबिक एक करोड़ की लागत से रेनोवेट किया गया है और तब से ही अखिलेश यादव समर्थकों के लिए वार-रूम का काम कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की उसको भी यहीं तैयार किया गया था. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, उसी के समानांतर अखिलेश ने सूची जारी की थी.
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर में इस बंगले में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के ऑफिस का उद्घाटन किया था. अखिलेश इस ट्रस्ट के चेयरमैन थे. ''छोटे लोहिया'' के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र के नाम से इस ट्रस्ट का गठन 2013 में हुआ था उसके लिए 2015 में यह बंगला आवंटित किया गया था. इससे पहले यह बंगला टाउस प्लानिंग डिपार्टमेंट का ऑफिस था.
पिछले तीन महीनों में जब से यादव परिवार में घमासान मचा है तब से यह 7 बंदरिया बाग का बंगला मोटे अनुमान के मुताबिक एक करोड़ की लागत से रेनोवेट किया गया है और तब से ही अखिलेश यादव समर्थकों के लिए वार-रूम का काम कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की उसको भी यहीं तैयार किया गया था. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, उसी के समानांतर अखिलेश ने सूची जारी की थी.
पिछले तीन महीनों में जब से यादव परिवार में घमासान मचा है तब से यह 7 बंदरिया बाग का बंगला मोटे अनुमान के मुताबिक एक करोड़ की लागत से रेनोवेट किया गया है और तब से ही अखिलेश यादव समर्थकों के लिए वार-रूम का काम कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की उसको भी यहीं तैयार किया गया था. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह ने जो प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, उसी के समानांतर अखिलेश ने सूची जारी की थी.
|
सारांश: सपा में वर्चस्व को लेकर मची है घमासान
पार्टी मुख्यालय पर कब्जे को लेकर जारी है तनातनी
अखिलेश खेमा विकसित कर रहा वार-रूम
| 20
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूएई में भारतीयों के लिए अब काम के अवसर बढ़ने वाले हैं क्योंकि अब वहां भारतीय डिग्री को समान दर्जा मिलेगा. अबू धाबी में भारतीय दूतावास की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, भारतीय दूत नवदीप सिंह सूरी ने यूएई के शिक्षा मंत्री हुसैन बिन इब्राहिम से पिछले सप्ताह मिलकर भारतीय नागरिकों की समस्याओं पर चर्चा की. बाहरी या आंतरिक मार्क्स को लेकर अस्पष्टता के कारण कुछ भारतीय डिग्री को समान दर्जा से इंकार किए जाने के बाद यह बैठक हुई.
बयान में कहा गया कि चर्चा के बाद संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्रालय ने इसे अधिसूचित कर दिया है. इसके तहत प्रमाणपत्र को लेकर सभी समतुल्य मापदंड पूरा करने वाली डिग्री को समान दर्जा देने पर कोई आपत्ति नहीं है .बयान के मुताबिक, जिन आवेदनों को पहले खारिज कर दिया गया था उनकी समीक्षा की जाएगी और प्रमाणपत्र से जुड़ी शर्तें पूरी करने के बाद उन्हें समतुल्यता का पत्र जारी कर दिया जाएगा.
यूएई में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समूह है. तकरीबन 33 लाख प्रवासी भारतीय यहां रहते हैं. खाड़ी देश की कुल आबादी का यह 30 प्रतिशत है.
(इनपुट- पीटीआई भाषा)
|
यूएई में भारतीयों के लिए अब काम के अवसर बढ़ने वाले हैं.
UAE में भारतीय डिग्री की वैल्यू बढ़ी है.
यूएई में अब भारतीय डिग्री को समान दर्जा मिलेगा.
| 1
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राफेल डील (Rafale Deal) पर जारी विवाद और इस सौदे से HAL यानी हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के बाहर होने के मसले पर सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. राफेल डील से बाहर होने वाली HAL (Hindustan Aeronautics Limited) को एयरफोर्स के लिए हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के हथियार वाले संस्करण के निर्माण की मंजूरी मिल गई है. इस साल के अंत तक ऐसा पहला विमान तैयार कर लिया जाएगा. एचएएल के मुताबिक सैन्य उड़ान योग्यता और प्रमाणन केंद्र (सीआईएमआईएलसी) ने अंतिम संचालन मंजूरी (एफओसी) कॉन्फिगरेशन के तहत तेजस एमके1 का उत्पादन शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी है. हालांकि, वास्तविक अंतिम संचालन मंजूरी व्यापक परीक्षण के बाद ही दी जाएगी.
एचएएल के प्रवक्ता के मुताबिक अंतिम संचालन मंजूरी प्राप्त करने के लिए विमान में हवा में फिर से ईंधन भरे जाने, एईएसए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर स्वीट, बम एवं हथियारों के विभिन्न प्रकार समेत युद्ध के वक्त जरूरी अन्य क्षमताएं होनी चाहिए. सीआईएमआईएलसी ने तेजस को डिजाइन एवं विकसित करने वाली एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) द्वारा जमा कराए गए डिजाइन दस्तावेजों को स्वीकार कर लिया है. सीआईएमआईएलसी सैन्य विमानों एवं वायु प्रणालियों को प्रमाणित करने वाली डीआरडीओ की एक प्रयोगशाला है. एचएएल के मुताबिक, 'एयरफोर्स ने 40 एलसीए विमानों का ऑर्डर दिया था. इनमें से 20 एफओसी कॉन्फिगर्ड होंगे. वहीं, अन्य 20 शुरुआती संचालन मंजूरी (आईओसी) कॉन्फिगर्ड होंगे'.
|
तेजस तैयार करेगी एचएएल
राफेल के सौदे से हुई थी बाहर
एचएएल को लेकर राहुल ने साधा था निशाना
| 6
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: हैरानी में डालने वाली टिप्पणी करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि उनकी समाजवादी पार्टी ‘विपक्ष में है और इस नाते वह अपनी भूमिका को पूर्णता के साथ निभाएगी।’ सपा यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली प्रमुख पार्टी है।टिप्पणियां
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मुलायम ने कहा कि यह ‘दिशाहीन’ है। उन्होंने कहा, ‘इतने घोटाले हो रहे हैं... इतना भ्रष्टाचार है... हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा।’ उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम विपक्ष में हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी के खिलाफ हैं। हम नीतियों के खिलाफ हैं जो गलत हैं और उन्हें दुरुस्त किया जाना चाहिए।’
मुलायम ने कहा, ‘यह सरकार दिशाहीन है। हमारे आगे बहुत चुनौतियां हैं... खासतौर से उनके लिए जो विपक्ष में हैं। वे देश को कहां ले जाना चाहते हैं, हमें कुछ नहीं पता। हम सिद्धांतों के लिए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह विपक्ष की भूमिका है और हम इसका निर्वाह कर रहे हैं ।’
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मुलायम ने कहा कि यह ‘दिशाहीन’ है। उन्होंने कहा, ‘इतने घोटाले हो रहे हैं... इतना भ्रष्टाचार है... हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा।’ उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम विपक्ष में हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम किसी के खिलाफ हैं। हम नीतियों के खिलाफ हैं जो गलत हैं और उन्हें दुरुस्त किया जाना चाहिए।’
मुलायम ने कहा, ‘यह सरकार दिशाहीन है। हमारे आगे बहुत चुनौतियां हैं... खासतौर से उनके लिए जो विपक्ष में हैं। वे देश को कहां ले जाना चाहते हैं, हमें कुछ नहीं पता। हम सिद्धांतों के लिए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह विपक्ष की भूमिका है और हम इसका निर्वाह कर रहे हैं ।’
मुलायम ने कहा, ‘यह सरकार दिशाहीन है। हमारे आगे बहुत चुनौतियां हैं... खासतौर से उनके लिए जो विपक्ष में हैं। वे देश को कहां ले जाना चाहते हैं, हमें कुछ नहीं पता। हम सिद्धांतों के लिए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह विपक्ष की भूमिका है और हम इसका निर्वाह कर रहे हैं ।’
|
संक्षिप्त सारांश: हैरानी में डालने वाली टिप्पणी करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि उनकी समाजवादी पार्टी ‘विपक्ष में है और इस नाते वह अपनी भूमिका को पूर्णता के साथ निभाएगी।’ सपा यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली प्रमुख पार्टी है।
| 0
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई से लगे डोंबिवली में एक कचरा बीनने वाली को 10 लाख का सोना मिला लेकिन बड़ी बात यह है कि कचरा बीनने वाली इस 14 साल की लड़की ने इसे पुलिस को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की।टिप्पणियां
दरअसल, 77 साल के विनय विजय उल्कडे सोने के गहने के डिब्बे को कचरा पेटी में छुपाकर गांव गए थे। छुट्टी से लौटने पर उनकी बहू ने कचरे को फेंक दिया जिसमें सोना भी चला गया। परिवार ने पुलिस में जानकारी दी। पुलिस ने कचरा बीनने वालों से पूछताछ शुरू की इसी दौरान इस लड़की ने बताया कि उसने सोने के एक डिब्बे को अपने चाचा के घर रखा है।
उल्कडे परिवार को दस लाख रुपये का सोना वापस मिल गया। परिवार ने खुशी-खुशी दस हजार रुपये उस लड़की के लिए दिए जिसे यह सोना मिला। पुलिस की तरफ से यह रकम उसे इनाम के तौर पर दी गई।
दरअसल, 77 साल के विनय विजय उल्कडे सोने के गहने के डिब्बे को कचरा पेटी में छुपाकर गांव गए थे। छुट्टी से लौटने पर उनकी बहू ने कचरे को फेंक दिया जिसमें सोना भी चला गया। परिवार ने पुलिस में जानकारी दी। पुलिस ने कचरा बीनने वालों से पूछताछ शुरू की इसी दौरान इस लड़की ने बताया कि उसने सोने के एक डिब्बे को अपने चाचा के घर रखा है।
उल्कडे परिवार को दस लाख रुपये का सोना वापस मिल गया। परिवार ने खुशी-खुशी दस हजार रुपये उस लड़की के लिए दिए जिसे यह सोना मिला। पुलिस की तरफ से यह रकम उसे इनाम के तौर पर दी गई।
उल्कडे परिवार को दस लाख रुपये का सोना वापस मिल गया। परिवार ने खुशी-खुशी दस हजार रुपये उस लड़की के लिए दिए जिसे यह सोना मिला। पुलिस की तरफ से यह रकम उसे इनाम के तौर पर दी गई।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई से लगे डोंबिवली में एक कचरा बीनने वाली को 10 लाख का सोना मिला लेकिन उसने सोना पुलिस को लौटा दिया है।
| 25
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सब्जी, खाद्य तेल और दूध की कीमत बढ़ने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति मई में आंशिक रूप से बढ़कर 10.36 फीसदी हो गई।
सोमवार को नई दिल्ली में जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित अप्रैल की मुद्रास्फीति के आंकड़े को संशोधित कर 10.26 फीसदी कर दिया गया जबकि प्रारंभिक आंकड़ों में यह 10.32 फीसदी बतायी गयी थी।
पिछले साल मई की तुलना में इस बार सब्जियों की कीमत में सबसे अधिक उछाल देखा गया और इनकी कीमतें औसतन 26.59 फीसदी ऊंची रही। आलू का भाव तो मई में साल भर पहले की तुलना में 68.10 प्रतिशत ऊंचा रहा।
सब्जियों के बाद खाद्य तेल और दूध का स्थान रहा जिनमें क्रमश: 18.21 फीसद और 13.74 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी। अंडे, मछली और मांस की कीमतें 10.50 फीसदी बढ़ीं जबकि गैर अल्कोहल पेय 9.44 फीसद मंहगे हुए। अन्य उत्पादों में अनाज और इससे बने उत्पादों की कीमत 7.49 फीसदी बढ़ी।टिप्पणियां
चीनी की कीमत मई में 5.38 फीसदी ऊंची रही। दाल और दलहन उत्पाद भी सालाना आधार पर 7.89 फीसदी महंगे हुए। ईंधन और बिजली, कपड़ लत्ता और जूते चप्पल के वर्ग की मुद्रास्फीति दस प्रतिशत से ऊपर रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
सोमवार को नई दिल्ली में जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित अप्रैल की मुद्रास्फीति के आंकड़े को संशोधित कर 10.26 फीसदी कर दिया गया जबकि प्रारंभिक आंकड़ों में यह 10.32 फीसदी बतायी गयी थी।
पिछले साल मई की तुलना में इस बार सब्जियों की कीमत में सबसे अधिक उछाल देखा गया और इनकी कीमतें औसतन 26.59 फीसदी ऊंची रही। आलू का भाव तो मई में साल भर पहले की तुलना में 68.10 प्रतिशत ऊंचा रहा।
सब्जियों के बाद खाद्य तेल और दूध का स्थान रहा जिनमें क्रमश: 18.21 फीसद और 13.74 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी। अंडे, मछली और मांस की कीमतें 10.50 फीसदी बढ़ीं जबकि गैर अल्कोहल पेय 9.44 फीसद मंहगे हुए। अन्य उत्पादों में अनाज और इससे बने उत्पादों की कीमत 7.49 फीसदी बढ़ी।टिप्पणियां
चीनी की कीमत मई में 5.38 फीसदी ऊंची रही। दाल और दलहन उत्पाद भी सालाना आधार पर 7.89 फीसदी महंगे हुए। ईंधन और बिजली, कपड़ लत्ता और जूते चप्पल के वर्ग की मुद्रास्फीति दस प्रतिशत से ऊपर रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
पिछले साल मई की तुलना में इस बार सब्जियों की कीमत में सबसे अधिक उछाल देखा गया और इनकी कीमतें औसतन 26.59 फीसदी ऊंची रही। आलू का भाव तो मई में साल भर पहले की तुलना में 68.10 प्रतिशत ऊंचा रहा।
सब्जियों के बाद खाद्य तेल और दूध का स्थान रहा जिनमें क्रमश: 18.21 फीसद और 13.74 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी। अंडे, मछली और मांस की कीमतें 10.50 फीसदी बढ़ीं जबकि गैर अल्कोहल पेय 9.44 फीसद मंहगे हुए। अन्य उत्पादों में अनाज और इससे बने उत्पादों की कीमत 7.49 फीसदी बढ़ी।टिप्पणियां
चीनी की कीमत मई में 5.38 फीसदी ऊंची रही। दाल और दलहन उत्पाद भी सालाना आधार पर 7.89 फीसदी महंगे हुए। ईंधन और बिजली, कपड़ लत्ता और जूते चप्पल के वर्ग की मुद्रास्फीति दस प्रतिशत से ऊपर रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
सब्जियों के बाद खाद्य तेल और दूध का स्थान रहा जिनमें क्रमश: 18.21 फीसद और 13.74 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी। अंडे, मछली और मांस की कीमतें 10.50 फीसदी बढ़ीं जबकि गैर अल्कोहल पेय 9.44 फीसद मंहगे हुए। अन्य उत्पादों में अनाज और इससे बने उत्पादों की कीमत 7.49 फीसदी बढ़ी।टिप्पणियां
चीनी की कीमत मई में 5.38 फीसदी ऊंची रही। दाल और दलहन उत्पाद भी सालाना आधार पर 7.89 फीसदी महंगे हुए। ईंधन और बिजली, कपड़ लत्ता और जूते चप्पल के वर्ग की मुद्रास्फीति दस प्रतिशत से ऊपर रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
चीनी की कीमत मई में 5.38 फीसदी ऊंची रही। दाल और दलहन उत्पाद भी सालाना आधार पर 7.89 फीसदी महंगे हुए। ईंधन और बिजली, कपड़ लत्ता और जूते चप्पल के वर्ग की मुद्रास्फीति दस प्रतिशत से ऊपर रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
संशोधित आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुद्रास्फीति अप्रैल में क्रमश: 9.67 फीसदी और 11.10 फीसदी रही।
|
सब्जी, खाद्य तेल और दूध की कीमत बढ़ने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति मई में आंशिक रूप से बढ़कर 10.36 फीसदी हो गई।
| 6
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय बॉक्सिंग का पोस्टर बॉय विजेंदर सिंह पेशेवर बॉक्सिंग में धूम मचा रहा है। विजेंदर एक के बाद एक 6 बॉक्सर्स को धूल चटा चुके हैं और अब वे पहली बार भारत की जमीन पर पेशेवर बॉक्सिंग लड़ने जा रहे हैं। दिल्ली में उनका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के केरी होप से है।टिप्पणियां
29 जून 2015 को विजेंदर सिंह ने पेशेवर बॉक्सिंग की दुनिया में कदम रखने का फ़ैसला किया। IOS Sports and Entertainment के माध्यम से उन्होने फ़्रैंक वारेन के Queensberry Promotions के साथ करार किया। ये एक बड़ा फ़ैसला था, क्योंकि इसके साथ ही ओलिंपिक में हिस्सा लेने के लिए वे अयोग्य हो गए, लेकिन पेशेवर रिंग में वे सफलता के नए झंडे गाड़ रहे हैं।
20 अक्टूबर 2015 को उनका पहला मुक़ाबला हुआ। टेक्निकल नॉक आउट के आधार पर वे सोनी वाइटिंग को हराने में कामयाब रहे। सोनी वाइटिंग ब्रिटिश बॉक्सर थे।7 नवंबर को उनका दूसरा बाउट डबलिन में हुआ। विजेंदर ने दूसरे ब्रिटिश बॉक्सर डीन गिलेन का पहले ही राउंड में हरा दिया।19 दिसंबर को तीसरे मुक़ाबले में उन्होंने बुलगारिया सैमेट ह्यूसिनोव को शिकस्त दी।इस साल 21 मार्च को उन्होने हंगरी के एलेक्ज़ेंडर होरवथ को तीसरे राउंड में हराया।पांचवें मुक़ाबले में उन्होंने फ्रांस के मैटियोज़ रोयर को धूल चटाई।मई में विजेंदर ने पोलैंड के आंद्रेज़ सोल्द्रा को मात दी।
पेशेवर बॉक्सिंग से पहले विजेंदर का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। साल 2008... बीजिंग ओलिंपिक विजेंदर सिंह के करियर का सबसे यादगार लम्हा था। भिवानी के एक बस ड्राइवर के बेटे विजेंदर सिंह ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारतीय बॉक्सिंग का चेहरा बन गए, लेकिन दौलत और शहरत की चमक-दमक के बीच ये चैंपियन बॉक्सर फिर वो कामयाबी नहीं दोहरा पाया। दिल्ली में 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उनसे गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन वे ब्रॉन्ज मैडल जीत पाए।
साल 2012 का मार्च महीना में उनके करियर के लिए सबसे स्याह दिन लेकर आया। उन पर ड्रग्स रखने और सेवन का आरोप लगा। इन तमाम मुश्किलों से निकलकर विजेंदर 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे। उसके बाद वे पेशेवर बॉक्सिंग की ओर मुड़ गए।
29 जून 2015 को विजेंदर सिंह ने पेशेवर बॉक्सिंग की दुनिया में कदम रखने का फ़ैसला किया। IOS Sports and Entertainment के माध्यम से उन्होने फ़्रैंक वारेन के Queensberry Promotions के साथ करार किया। ये एक बड़ा फ़ैसला था, क्योंकि इसके साथ ही ओलिंपिक में हिस्सा लेने के लिए वे अयोग्य हो गए, लेकिन पेशेवर रिंग में वे सफलता के नए झंडे गाड़ रहे हैं।
20 अक्टूबर 2015 को उनका पहला मुक़ाबला हुआ। टेक्निकल नॉक आउट के आधार पर वे सोनी वाइटिंग को हराने में कामयाब रहे। सोनी वाइटिंग ब्रिटिश बॉक्सर थे।7 नवंबर को उनका दूसरा बाउट डबलिन में हुआ। विजेंदर ने दूसरे ब्रिटिश बॉक्सर डीन गिलेन का पहले ही राउंड में हरा दिया।19 दिसंबर को तीसरे मुक़ाबले में उन्होंने बुलगारिया सैमेट ह्यूसिनोव को शिकस्त दी।इस साल 21 मार्च को उन्होने हंगरी के एलेक्ज़ेंडर होरवथ को तीसरे राउंड में हराया।पांचवें मुक़ाबले में उन्होंने फ्रांस के मैटियोज़ रोयर को धूल चटाई।मई में विजेंदर ने पोलैंड के आंद्रेज़ सोल्द्रा को मात दी।
पेशेवर बॉक्सिंग से पहले विजेंदर का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। साल 2008... बीजिंग ओलिंपिक विजेंदर सिंह के करियर का सबसे यादगार लम्हा था। भिवानी के एक बस ड्राइवर के बेटे विजेंदर सिंह ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारतीय बॉक्सिंग का चेहरा बन गए, लेकिन दौलत और शहरत की चमक-दमक के बीच ये चैंपियन बॉक्सर फिर वो कामयाबी नहीं दोहरा पाया। दिल्ली में 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उनसे गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन वे ब्रॉन्ज मैडल जीत पाए।
साल 2012 का मार्च महीना में उनके करियर के लिए सबसे स्याह दिन लेकर आया। उन पर ड्रग्स रखने और सेवन का आरोप लगा। इन तमाम मुश्किलों से निकलकर विजेंदर 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे। उसके बाद वे पेशेवर बॉक्सिंग की ओर मुड़ गए।
साल 2012 का मार्च महीना में उनके करियर के लिए सबसे स्याह दिन लेकर आया। उन पर ड्रग्स रखने और सेवन का आरोप लगा। इन तमाम मुश्किलों से निकलकर विजेंदर 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ में सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे। उसके बाद वे पेशेवर बॉक्सिंग की ओर मुड़ गए।
|
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में उनका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के केरी होप से है।
विजेंदर एक के बाद एक 6 बॉक्सर्स को धूल चटा चुके हैं।
पेशेवर बॉक्सिंग से पहले विजेंदर का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा।
| 12
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डिज़ाइनर सब्यासाची ने अपना लेटेस्ट कलेक्शन लॉन्च किया. उनका ये समर कलेक्शन कलर्स से भरा हुआ है. रंगों से भरे इनके लहंगे, साड़ियों और सूट में फ्लोरल पैटर्न खास है. फूलों के साथ-साथ इस समर कलेक्शन में राजस्थानी काम जैसे लहरिया भी दिख रहा है. सब्यासाची ने अपना पूरा कलेक्शन अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया.Fashion Trends: इस साल HIT होंगे ब्लाउज के ये डिजाइन्स, आज ही बनवाएं अपने टेलर से
रानी पिंक, पीला, फिरोजी, बैंगनी, संतरी और ऑफ व्हाइट रंग खास हैं. पिछले साल के विंजेट कलेक्शन की डार्क थीम से बिल्कुल अलग यह फ्रेश कलेक्शन बेहद ही ब्राइट और लाइट है. इसमें ऑरगैंजा, शिफॉन, खादी, कॉटन और रॉ सिल्क जैसे फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है. इस मशहूर डिजाइनर की है बड़ी ख्वाहिश, रेखा को बनाना चाहते हैं 'शोस्टॉपर'
इनके इस कलेक्शन को अनुष्का शर्मा और विराट ने अपनी मेहंदी सेरेमनी पर भी पहना था. मेहंदी सेरेमनी के दौरान अनुष्का फिरोज़ी रंग के फ्लोरल पैटर्न वाले टॉप और रानी पिंक एंड पीले रंग की स्ट्राइप स्कर्ट में दिखीं थीं. वहीं, विराट ने इस दौरान सफेद खादी कुर्ता, चूड़ीदार और लाल नेहरू जैकेट पहना था. Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
Fashion Trends: इस साल HIT होंगे ब्लाउज के ये डिजाइन्स, आज ही बनवाएं अपने टेलर से
रानी पिंक, पीला, फिरोजी, बैंगनी, संतरी और ऑफ व्हाइट रंग खास हैं. पिछले साल के विंजेट कलेक्शन की डार्क थीम से बिल्कुल अलग यह फ्रेश कलेक्शन बेहद ही ब्राइट और लाइट है. इसमें ऑरगैंजा, शिफॉन, खादी, कॉटन और रॉ सिल्क जैसे फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है. इस मशहूर डिजाइनर की है बड़ी ख्वाहिश, रेखा को बनाना चाहते हैं 'शोस्टॉपर'
इनके इस कलेक्शन को अनुष्का शर्मा और विराट ने अपनी मेहंदी सेरेमनी पर भी पहना था. मेहंदी सेरेमनी के दौरान अनुष्का फिरोज़ी रंग के फ्लोरल पैटर्न वाले टॉप और रानी पिंक एंड पीले रंग की स्ट्राइप स्कर्ट में दिखीं थीं. वहीं, विराट ने इस दौरान सफेद खादी कुर्ता, चूड़ीदार और लाल नेहरू जैकेट पहना था. Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
रानी पिंक, पीला, फिरोजी, बैंगनी, संतरी और ऑफ व्हाइट रंग खास हैं. पिछले साल के विंजेट कलेक्शन की डार्क थीम से बिल्कुल अलग यह फ्रेश कलेक्शन बेहद ही ब्राइट और लाइट है. इसमें ऑरगैंजा, शिफॉन, खादी, कॉटन और रॉ सिल्क जैसे फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है. इस मशहूर डिजाइनर की है बड़ी ख्वाहिश, रेखा को बनाना चाहते हैं 'शोस्टॉपर'
इनके इस कलेक्शन को अनुष्का शर्मा और विराट ने अपनी मेहंदी सेरेमनी पर भी पहना था. मेहंदी सेरेमनी के दौरान अनुष्का फिरोज़ी रंग के फ्लोरल पैटर्न वाले टॉप और रानी पिंक एंड पीले रंग की स्ट्राइप स्कर्ट में दिखीं थीं. वहीं, विराट ने इस दौरान सफेद खादी कुर्ता, चूड़ीदार और लाल नेहरू जैकेट पहना था. Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
इस मशहूर डिजाइनर की है बड़ी ख्वाहिश, रेखा को बनाना चाहते हैं 'शोस्टॉपर'
इनके इस कलेक्शन को अनुष्का शर्मा और विराट ने अपनी मेहंदी सेरेमनी पर भी पहना था. मेहंदी सेरेमनी के दौरान अनुष्का फिरोज़ी रंग के फ्लोरल पैटर्न वाले टॉप और रानी पिंक एंड पीले रंग की स्ट्राइप स्कर्ट में दिखीं थीं. वहीं, विराट ने इस दौरान सफेद खादी कुर्ता, चूड़ीदार और लाल नेहरू जैकेट पहना था. Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
इनके इस कलेक्शन को अनुष्का शर्मा और विराट ने अपनी मेहंदी सेरेमनी पर भी पहना था. मेहंदी सेरेमनी के दौरान अनुष्का फिरोज़ी रंग के फ्लोरल पैटर्न वाले टॉप और रानी पिंक एंड पीले रंग की स्ट्राइप स्कर्ट में दिखीं थीं. वहीं, विराट ने इस दौरान सफेद खादी कुर्ता, चूड़ीदार और लाल नेहरू जैकेट पहना था. Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
Wedding Album: मेहंदी से रिसेप्शन तक, विराट-अनुष्का ने पहने कीमती रत्नों से जड़े हुए कपड़ेटिप्पणियां
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
आपको बता दें 23 फरवरी को डिज़ाइनर सब्यासाची मुखर्जी का जन्मदिन भी है. वो कोलकाता से हैं और आजकल हर कोई उनके कलेक्शन का दीवाना है. इस दीवानगी में बॉलीवुड सबसे आगे है, दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अनुष्का शर्मा सभी सब्यासाची के कलेक्शन की फैन हैं.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
यहां फोटोज़ में देखें डिज़ाइनर सब्यासाची का पूरा लाइट एंड ब्राइट समर कलेक्शन.
|
यह एक सारांश है: सब्यासाची का नया कलेक्शन
लाइट और ब्राइट है ये कलेक्शन
लहरिया काम भी दिखा
| 9
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: ओलिंपिक मैराथन के सिल्वर मेडलिस्ट फेयिसा लिलेसा रियो में विरोध दिखाने के लिए सजा नहीं मिलने के आश्वासन के बावजूद अपने देश इथोपिया नहीं लौटे. लिलेसा ने अपने देश में राजनीतिक दमन के खिलाफ रियो में विरोध किया था.टिप्पणियां
आदिस अबाबा में हवाई अड्डे पर मौजूद एएफपी के एक पत्रकार ने कहा कि लिलेसा सोमवार रात को इथोपिया की ओलिंपिक टीम को लेकर लौटे विमान में सवार नहीं थे. इथोपिया के खेल अधिकारियों ने टीम के सदस्यों को बधाई दी लेकिन लिलेसा की सिल्वर मेडल जीतने की उपलब्धि का कोई जिक्र नहीं किया और साथ ही खिलाड़ी के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से भी इनकार कर दिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आदिस अबाबा में हवाई अड्डे पर मौजूद एएफपी के एक पत्रकार ने कहा कि लिलेसा सोमवार रात को इथोपिया की ओलिंपिक टीम को लेकर लौटे विमान में सवार नहीं थे. इथोपिया के खेल अधिकारियों ने टीम के सदस्यों को बधाई दी लेकिन लिलेसा की सिल्वर मेडल जीतने की उपलब्धि का कोई जिक्र नहीं किया और साथ ही खिलाड़ी के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से भी इनकार कर दिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
संक्षिप्त सारांश: अपने देश में राजनीतिक दमन पर जताया था विरोध
इथोपियाई दल को लेकर लौटे विमान में नहीं थे लिलेसा
इथोपियाई अफसरों ने नहीं किया लिलेसा की उपलब्धि का जिक्र
| 8
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद अमेरिका ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा से लड़ने के लिए भारत के सार्वजनिक एवं निजी संगठनों को मजबूत बनाने के लिए मदद की पेशकश की है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा से लड़ने के लिए दुनियाभर में कड़ी मेहनत की है। जहां भी इस तरह की समस्या होगी, अमेरिका इसे अपनी विदेश नीति का हिस्सा बनाए रखेगा।
नूलैंड ने कहा कि पीड़िता की मृत्यु के बाद अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल ने 29 दिसम्बर को एक बयान दिया था, और इन घटनाओं के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की थी।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा, "हमारे पास ऐसे कई कार्यक्रम हैं, जिनसे हिंसा पीड़ित महिलाओं को मदद मिलती है। भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के समर्थन में सार्वजनिक शिक्षा ऐसा ही एक कार्यक्रम है।" उन्होंने कहा, "इस मामले की जांच से यदि यह सामने आता है कि भारत सरकार इन कार्यक्रमों को लेकर किसी तरह का परिवर्तन करना चाहती है या नए निर्देश जारी करना चाहती है तो हम इस बारे में उनसे बातचीत करना चाहेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भारत में हुए इस वारदात की जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मुझे भरोसा है कि वह इस बारे में जानती हैं। इस मुद्दे को मीडिया में खूब जगह मिली है और यह एक बेहद संवेदनशील विषय है, जिसके बारे में वह सोचती रहती हैं।"
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा से लड़ने के लिए दुनियाभर में कड़ी मेहनत की है। जहां भी इस तरह की समस्या होगी, अमेरिका इसे अपनी विदेश नीति का हिस्सा बनाए रखेगा।
नूलैंड ने कहा कि पीड़िता की मृत्यु के बाद अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल ने 29 दिसम्बर को एक बयान दिया था, और इन घटनाओं के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की थी।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा, "हमारे पास ऐसे कई कार्यक्रम हैं, जिनसे हिंसा पीड़ित महिलाओं को मदद मिलती है। भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के समर्थन में सार्वजनिक शिक्षा ऐसा ही एक कार्यक्रम है।" उन्होंने कहा, "इस मामले की जांच से यदि यह सामने आता है कि भारत सरकार इन कार्यक्रमों को लेकर किसी तरह का परिवर्तन करना चाहती है या नए निर्देश जारी करना चाहती है तो हम इस बारे में उनसे बातचीत करना चाहेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भारत में हुए इस वारदात की जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मुझे भरोसा है कि वह इस बारे में जानती हैं। इस मुद्दे को मीडिया में खूब जगह मिली है और यह एक बेहद संवेदनशील विषय है, जिसके बारे में वह सोचती रहती हैं।"
नूलैंड ने कहा कि पीड़िता की मृत्यु के बाद अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल ने 29 दिसम्बर को एक बयान दिया था, और इन घटनाओं के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की थी।टिप्पणियां
नूलैंड ने कहा, "हमारे पास ऐसे कई कार्यक्रम हैं, जिनसे हिंसा पीड़ित महिलाओं को मदद मिलती है। भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के समर्थन में सार्वजनिक शिक्षा ऐसा ही एक कार्यक्रम है।" उन्होंने कहा, "इस मामले की जांच से यदि यह सामने आता है कि भारत सरकार इन कार्यक्रमों को लेकर किसी तरह का परिवर्तन करना चाहती है या नए निर्देश जारी करना चाहती है तो हम इस बारे में उनसे बातचीत करना चाहेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भारत में हुए इस वारदात की जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मुझे भरोसा है कि वह इस बारे में जानती हैं। इस मुद्दे को मीडिया में खूब जगह मिली है और यह एक बेहद संवेदनशील विषय है, जिसके बारे में वह सोचती रहती हैं।"
नूलैंड ने कहा, "हमारे पास ऐसे कई कार्यक्रम हैं, जिनसे हिंसा पीड़ित महिलाओं को मदद मिलती है। भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के समर्थन में सार्वजनिक शिक्षा ऐसा ही एक कार्यक्रम है।" उन्होंने कहा, "इस मामले की जांच से यदि यह सामने आता है कि भारत सरकार इन कार्यक्रमों को लेकर किसी तरह का परिवर्तन करना चाहती है या नए निर्देश जारी करना चाहती है तो हम इस बारे में उनसे बातचीत करना चाहेंगे।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भारत में हुए इस वारदात की जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मुझे भरोसा है कि वह इस बारे में जानती हैं। इस मुद्दे को मीडिया में खूब जगह मिली है और यह एक बेहद संवेदनशील विषय है, जिसके बारे में वह सोचती रहती हैं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को भारत में हुए इस वारदात की जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मुझे भरोसा है कि वह इस बारे में जानती हैं। इस मुद्दे को मीडिया में खूब जगह मिली है और यह एक बेहद संवेदनशील विषय है, जिसके बारे में वह सोचती रहती हैं।"
|
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद अमेरिका ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा से लड़ने के लिए भारत के सार्वजनिक एवं निजी संगठनों को मजबूत बनाने के लिए मदद की पेशकश की है।
| 18
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: सेल्कॉन मोबाइल कप त्रिकोणीय शृंखला में मौजूदा चैम्पियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम एकदम ठीक समय पर लय में लौटती दिख रही है, और अब वे गुरुवार को शृंखला के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करने की स्थिति में दिख रहे हैं।
शृंखला के अपने पहले दोनों मैच हारने के बाद यहां क्वींस पार्क ओवल में अपने आखिरी दोनों मैच बोनस अंकों के साथ जीतकर भारत अंतत: अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है।
भारतीय टीम के कार्यकारी कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा था कि यदि भारत फाइनल में प्रवेश कर लेता है तो उस मैच में भारतीय टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेल सकते हैं। धोनी शृंखला के पहले मैच में जांघ की मांसपेशी खिंच जाने के कारण बाहर चल रहे हैं।
अब यदि फाइनल मैच में वह भारतीय टीम में वापसी करते हैं तो भारत की जीत के लिए यह मनोबल ऊंचा करने वाला साबित हो सकता है।
अपने एक-दिवसीय करियर की शानदार ढंग से शुरुआत करने वाले तथा चैम्पियंस ट्रॉफी में प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन इस शृंखला में कुछ खास नहीं कर सके हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
शृंखला के अपने पहले दोनों मैच हारने के बाद यहां क्वींस पार्क ओवल में अपने आखिरी दोनों मैच बोनस अंकों के साथ जीतकर भारत अंतत: अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है।
भारतीय टीम के कार्यकारी कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा था कि यदि भारत फाइनल में प्रवेश कर लेता है तो उस मैच में भारतीय टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेल सकते हैं। धोनी शृंखला के पहले मैच में जांघ की मांसपेशी खिंच जाने के कारण बाहर चल रहे हैं।
अब यदि फाइनल मैच में वह भारतीय टीम में वापसी करते हैं तो भारत की जीत के लिए यह मनोबल ऊंचा करने वाला साबित हो सकता है।
अपने एक-दिवसीय करियर की शानदार ढंग से शुरुआत करने वाले तथा चैम्पियंस ट्रॉफी में प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन इस शृंखला में कुछ खास नहीं कर सके हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
भारतीय टीम के कार्यकारी कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा था कि यदि भारत फाइनल में प्रवेश कर लेता है तो उस मैच में भारतीय टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेल सकते हैं। धोनी शृंखला के पहले मैच में जांघ की मांसपेशी खिंच जाने के कारण बाहर चल रहे हैं।
अब यदि फाइनल मैच में वह भारतीय टीम में वापसी करते हैं तो भारत की जीत के लिए यह मनोबल ऊंचा करने वाला साबित हो सकता है।
अपने एक-दिवसीय करियर की शानदार ढंग से शुरुआत करने वाले तथा चैम्पियंस ट्रॉफी में प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन इस शृंखला में कुछ खास नहीं कर सके हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
अब यदि फाइनल मैच में वह भारतीय टीम में वापसी करते हैं तो भारत की जीत के लिए यह मनोबल ऊंचा करने वाला साबित हो सकता है।
अपने एक-दिवसीय करियर की शानदार ढंग से शुरुआत करने वाले तथा चैम्पियंस ट्रॉफी में प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन इस शृंखला में कुछ खास नहीं कर सके हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
अपने एक-दिवसीय करियर की शानदार ढंग से शुरुआत करने वाले तथा चैम्पियंस ट्रॉफी में प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट रहे शिखर धवन इस शृंखला में कुछ खास नहीं कर सके हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
उनके जोड़ीदार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उनकी भरपाई करने की कोशिश जरूर की है। शर्मा ने अब तक शृंखला में चार मैचों में भारत की तरफ से सर्वाधिक 159 रन बनाए हैं। कोहली भी अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं, तथा उन्होंने 36.50 के औसत से शृंखला में 146 रन बनाए हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
वहीं, भारतीय गेंदबाजी पर नजर डाली जाए तो भुवनेश्वर कुमार तथा उमेश यादव ने शृंखला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
श्रीलंका के खिलाफ पिछले करो या मरो वाले मैच में कुमार ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह ओवर में मात्र आठ रन देकर चार विकेट चटकाए।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
वहीं, बारिश से बाधित होने के कारण श्रीलंका को लगातार तीन दिनों तक मैच खेलना पड़ा और अब सिर्फ एक दिन के विश्राम के बाद फाइनल उनके लिए दबाव भरा जरूर होगा।टिप्पणियां
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज हालांकि फॉर्म में चल रहे हैं तथा शृंखला में सर्वाधिक रन भी श्रीलंकाई बल्लेबाज उपुल थरंगा के नाम है। थरंगा ने 70.60 के औसत से 212 रन बनाए हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
त्रिकोणीय शृंखला के इस फाइनल मैच के लिए बारिश ही सर्वाधिक चिंता की बात है, क्योंकि क्वींस पार्क ओवल में हुए शृंखला के सभी मैच अब तक बारिश से बाधित रहे हैं।
|
यहाँ एक सारांश है:सेल्कॉन मोबाइल कप त्रिकोणीय शृंखला में मौजूदा चैम्पियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम एकदम ठीक समय पर लय में लौटती दिख रही है, और अब वे गुरुवार को शृंखला के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करने की स्थिति में दिख रहे हैं।
| 15
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के उस प्रस्ताव को टाल दिया, जिसमें सरकारी नौकरियों और प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की क्रीमी लेयर की आय सीमा साढ़े चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये सालाना करने का प्रावधान था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव गुरुवार को कैबिनेट के समक्ष पेश किया गया, लेकिन इसे फिलहाल टाल दिया गया है। मंत्रालय ने उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक उम्मीदवारों को मौका देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव पेश किया था।टिप्पणियां
क्रीमी लेयर की आय सीमा इससे पहले 2008 में ढाई लाख से बढाकर साढ़े चार लाख रुपये सालाना की गई थी, लेकिन इससे भी अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत उपलब्ध रिक्तियों को भरने में अपेक्षित परिणाम नहीं निकल पाए। हाल ही में मंत्रालय ने शहरी इलाकों में क्रीमी लेयर की आय सीमा 12 लाख रुपये और ग्रामीण इलाकों में नौ लाख रुपये सालाना तय करने का प्रस्ताव किया था, लेकिन सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया।
मौजूदा व्यवस्था के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) क्रीमी लेयर के उम्मीदवार आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का लाभ ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध सभी सीटें नहीं भर पाती, क्योंकि अपेक्षित संख्या में उम्मीदवार नहीं होते। इस बीच पिछड़े वर्ग के छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कैबिनेट ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी। यह छात्रवृत्ति नौवीं और दसवीं के छात्रों के लिए होगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव गुरुवार को कैबिनेट के समक्ष पेश किया गया, लेकिन इसे फिलहाल टाल दिया गया है। मंत्रालय ने उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक उम्मीदवारों को मौका देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव पेश किया था।टिप्पणियां
क्रीमी लेयर की आय सीमा इससे पहले 2008 में ढाई लाख से बढाकर साढ़े चार लाख रुपये सालाना की गई थी, लेकिन इससे भी अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत उपलब्ध रिक्तियों को भरने में अपेक्षित परिणाम नहीं निकल पाए। हाल ही में मंत्रालय ने शहरी इलाकों में क्रीमी लेयर की आय सीमा 12 लाख रुपये और ग्रामीण इलाकों में नौ लाख रुपये सालाना तय करने का प्रस्ताव किया था, लेकिन सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया।
मौजूदा व्यवस्था के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) क्रीमी लेयर के उम्मीदवार आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का लाभ ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध सभी सीटें नहीं भर पाती, क्योंकि अपेक्षित संख्या में उम्मीदवार नहीं होते। इस बीच पिछड़े वर्ग के छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कैबिनेट ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी। यह छात्रवृत्ति नौवीं और दसवीं के छात्रों के लिए होगी।
क्रीमी लेयर की आय सीमा इससे पहले 2008 में ढाई लाख से बढाकर साढ़े चार लाख रुपये सालाना की गई थी, लेकिन इससे भी अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत उपलब्ध रिक्तियों को भरने में अपेक्षित परिणाम नहीं निकल पाए। हाल ही में मंत्रालय ने शहरी इलाकों में क्रीमी लेयर की आय सीमा 12 लाख रुपये और ग्रामीण इलाकों में नौ लाख रुपये सालाना तय करने का प्रस्ताव किया था, लेकिन सरकार ने इसे नामंजूर कर दिया।
मौजूदा व्यवस्था के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) क्रीमी लेयर के उम्मीदवार आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का लाभ ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध सभी सीटें नहीं भर पाती, क्योंकि अपेक्षित संख्या में उम्मीदवार नहीं होते। इस बीच पिछड़े वर्ग के छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कैबिनेट ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी। यह छात्रवृत्ति नौवीं और दसवीं के छात्रों के लिए होगी।
मौजूदा व्यवस्था के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) क्रीमी लेयर के उम्मीदवार आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान आरक्षण का लाभ ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए उपलब्ध सभी सीटें नहीं भर पाती, क्योंकि अपेक्षित संख्या में उम्मीदवार नहीं होते। इस बीच पिछड़े वर्ग के छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कैबिनेट ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी। यह छात्रवृत्ति नौवीं और दसवीं के छात्रों के लिए होगी।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने उस प्रस्ताव को टाल दिया, जिसमें सरकारी नौकरियों और प्रमुख शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की क्रीमी लेयर की आय सीमा साढ़े चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये सालाना करने का प्रावधान था।
| 11
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बचत पर ऊंची ब्याज दरों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सोचने वाली बात है कि क्या हमें बचत पर ऊंची ब्याज दर जारी रखनी चाहिए, क्योंकि इससे कर्ज महंगा होता है और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होती है। निजी क्षेत्र में निवेश अभी भी गति नहीं पकड़ पाया है। ऐसे परिवेश के बीच वित्त मंत्री ने यह विचार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति इस मामले में काफी विचित्र है, क्योंकि यहां घरेलू बचत दर भी काफी ऊंची है। जेटली ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या हमें घरेलू बचत का प्रयोग केवल ऊंची ब्याज आय वाले साधनों में ही करना चाहिए और ऐसी ब्याज व्यवस्था बनानी चाहिए जो कि बहुत महंगी हो और अर्थव्यवस्था को धीमी बनाती हो या फिर हमें ऊंची ब्याज दरें ऐसे कोषों, बांड और शेयरों के माध्यम से मिलनी चाहिए (जो कि आर्थिक गतिविधियों और परियोजनाओं का वित्तपोषण करते हैं)।' उन्होंने यह बात यहां बीएसई के 140 वर्ष पूरे होने की स्मृति में डाक टिकट जारी करने के दौरान कही।
जेटली ने कहा कि सारी आर्थिक गतिविधियों का सार निवेश में है और यह वहां से आता है जहां संसाधन उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा, 'इनमें से कई सारे माध्यम सुरक्षित निवेश भी हैं जो लोगों को एक बहुत अच्छा मुनाफा (वापसी) देते हैं। यही वह आधार है जिस पर दुनियाभर के पेंशन कोष काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि इन माध्यमों से हम अगले कुछ सालों और दशकों में वृद्धि कर सकते हैं। अधिक से अधिक अवसर हमारे पास आएंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा और लंबे समय के निवेश की जरूरत है, ताकि दशकों से व्याप्त बुनियादी ढांचे और औद्योगिकीकरण के घाटे की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा, 'और सभी तरह की गतिविधियों का शुरुआती बिंदु निवेश होना चाहिए। यह संसाधनों को जुटाकर होना चाहिए, यह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से और कभी-कभी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये होना चाहिए, जो यह सुनिश्चत करे कि घाटे की भरपाई हो सके।'
जेटली ने कहा कि इस संबंध में बीएसई एक महत्वपूर्ण संस्थान है। 'पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह वृद्धि आवश्यक रूप से सार्वजनिक निवेश और एफडीआई बढ़ने से आई है। विकास की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय निवेश अभी दिखना बाकी है।'टिप्पणियां
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति इस मामले में काफी विचित्र है, क्योंकि यहां घरेलू बचत दर भी काफी ऊंची है। जेटली ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या हमें घरेलू बचत का प्रयोग केवल ऊंची ब्याज आय वाले साधनों में ही करना चाहिए और ऐसी ब्याज व्यवस्था बनानी चाहिए जो कि बहुत महंगी हो और अर्थव्यवस्था को धीमी बनाती हो या फिर हमें ऊंची ब्याज दरें ऐसे कोषों, बांड और शेयरों के माध्यम से मिलनी चाहिए (जो कि आर्थिक गतिविधियों और परियोजनाओं का वित्तपोषण करते हैं)।' उन्होंने यह बात यहां बीएसई के 140 वर्ष पूरे होने की स्मृति में डाक टिकट जारी करने के दौरान कही।
जेटली ने कहा कि सारी आर्थिक गतिविधियों का सार निवेश में है और यह वहां से आता है जहां संसाधन उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा, 'इनमें से कई सारे माध्यम सुरक्षित निवेश भी हैं जो लोगों को एक बहुत अच्छा मुनाफा (वापसी) देते हैं। यही वह आधार है जिस पर दुनियाभर के पेंशन कोष काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि इन माध्यमों से हम अगले कुछ सालों और दशकों में वृद्धि कर सकते हैं। अधिक से अधिक अवसर हमारे पास आएंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा और लंबे समय के निवेश की जरूरत है, ताकि दशकों से व्याप्त बुनियादी ढांचे और औद्योगिकीकरण के घाटे की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा, 'और सभी तरह की गतिविधियों का शुरुआती बिंदु निवेश होना चाहिए। यह संसाधनों को जुटाकर होना चाहिए, यह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से और कभी-कभी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये होना चाहिए, जो यह सुनिश्चत करे कि घाटे की भरपाई हो सके।'
जेटली ने कहा कि इस संबंध में बीएसई एक महत्वपूर्ण संस्थान है। 'पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह वृद्धि आवश्यक रूप से सार्वजनिक निवेश और एफडीआई बढ़ने से आई है। विकास की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय निवेश अभी दिखना बाकी है।'टिप्पणियां
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा कि सारी आर्थिक गतिविधियों का सार निवेश में है और यह वहां से आता है जहां संसाधन उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा, 'इनमें से कई सारे माध्यम सुरक्षित निवेश भी हैं जो लोगों को एक बहुत अच्छा मुनाफा (वापसी) देते हैं। यही वह आधार है जिस पर दुनियाभर के पेंशन कोष काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि इन माध्यमों से हम अगले कुछ सालों और दशकों में वृद्धि कर सकते हैं। अधिक से अधिक अवसर हमारे पास आएंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा और लंबे समय के निवेश की जरूरत है, ताकि दशकों से व्याप्त बुनियादी ढांचे और औद्योगिकीकरण के घाटे की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा, 'और सभी तरह की गतिविधियों का शुरुआती बिंदु निवेश होना चाहिए। यह संसाधनों को जुटाकर होना चाहिए, यह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से और कभी-कभी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये होना चाहिए, जो यह सुनिश्चत करे कि घाटे की भरपाई हो सके।'
जेटली ने कहा कि इस संबंध में बीएसई एक महत्वपूर्ण संस्थान है। 'पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह वृद्धि आवश्यक रूप से सार्वजनिक निवेश और एफडीआई बढ़ने से आई है। विकास की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय निवेश अभी दिखना बाकी है।'टिप्पणियां
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा और लंबे समय के निवेश की जरूरत है, ताकि दशकों से व्याप्त बुनियादी ढांचे और औद्योगिकीकरण के घाटे की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने कहा, 'और सभी तरह की गतिविधियों का शुरुआती बिंदु निवेश होना चाहिए। यह संसाधनों को जुटाकर होना चाहिए, यह निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से और कभी-कभी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये होना चाहिए, जो यह सुनिश्चत करे कि घाटे की भरपाई हो सके।'
जेटली ने कहा कि इस संबंध में बीएसई एक महत्वपूर्ण संस्थान है। 'पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह वृद्धि आवश्यक रूप से सार्वजनिक निवेश और एफडीआई बढ़ने से आई है। विकास की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय निवेश अभी दिखना बाकी है।'टिप्पणियां
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा कि इस संबंध में बीएसई एक महत्वपूर्ण संस्थान है। 'पिछले कुछ सालों के दौरान भारत में गतिविधियां बढ़ी हैं। यह वृद्धि आवश्यक रूप से सार्वजनिक निवेश और एफडीआई बढ़ने से आई है। विकास की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का उल्लेखनीय निवेश अभी दिखना बाकी है।'टिप्पणियां
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने के पीछे मांग की कमी के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि शहरी मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'इस साल इंद्र देवता कृपालु दिखाई दे रहे हैं, इसलिए ग्रामीण आबादी में भी मांग बढ़ने के संकेत हैं और इन सब बातों से अंतत: निजी क्षेत्र के लिए ही अवसर बढ़ेंगे।'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
यहाँ एक सारांश है:जेटली ने कहा- बचत पर ऊंची ब्याज दर से कर्ज महंगा होता है
'बेहतर रिटर्न के लिए निवेश के अन्य साधन हैं मौजूद'
अच्छी बारिश से ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ेगी मांग
| 12
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की आत्मा की शांति के लिए शनिवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें महानायक अमिताभ बच्चन सहित प्रमुख सितारे पहुंचे।
राजेश खन्ना का 69 वर्ष की उम्र में बुधवार को निधन हो गया। वह लीवर संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में राजेश खन्ना के निधन के शोक में चौथा का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर उनसे अलग रह रही उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल एवं रिंकी, दामाद अक्षय कुमार एवं समीर सरण एवं नाती आरव मौजूद थे।
इस प्रार्थना सभा में आए सभी लोग सफेद वस्त्र धारण किए हुए थे। समारोह स्थल पर भी सफेद वस्त्रों का ही इस्तेमाल किया गया था। शोक सभा में राजेश खन्ना की एक बड़ी तस्वीर लगाई गई थी जिस पर सफेद फूलों की माला पहनाई गई थी। प्रवेश द्वार पर जहां सफेद गुलाब लगाए गए थे वहीं समारोह हॉल को सफेद फूलों से सजाया गया था।
शोक सभा में पहुंचने वालों में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, आमिर खान, अनुपम खेर-किरण खेर, राकेश रोशन, ऋतिक रोशन-सुजान रोशन, विनोद खन्ना, यश चोपड़ा, जीतेंद्र, कबीर बेदी, गुलजार, सिद्धार्थ राय कपूर, तबु, जैकी श्राफ, अब्बास-मस्तान, जोया अख्तर और रमेश सिप्पी शामिल थे। टिप्पणियां
शशि कपूर व्हील चेयर पर रणबीर के सहयोग से पहुंचे। कपूर भाइयों में, रणधीर, ऋषि और राजीव तथा ऋषि कपूर की पत्नी नीतू भी थे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
राजेश खन्ना का 69 वर्ष की उम्र में बुधवार को निधन हो गया। वह लीवर संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थे।
बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में राजेश खन्ना के निधन के शोक में चौथा का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर उनसे अलग रह रही उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल एवं रिंकी, दामाद अक्षय कुमार एवं समीर सरण एवं नाती आरव मौजूद थे।
इस प्रार्थना सभा में आए सभी लोग सफेद वस्त्र धारण किए हुए थे। समारोह स्थल पर भी सफेद वस्त्रों का ही इस्तेमाल किया गया था। शोक सभा में राजेश खन्ना की एक बड़ी तस्वीर लगाई गई थी जिस पर सफेद फूलों की माला पहनाई गई थी। प्रवेश द्वार पर जहां सफेद गुलाब लगाए गए थे वहीं समारोह हॉल को सफेद फूलों से सजाया गया था।
शोक सभा में पहुंचने वालों में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, आमिर खान, अनुपम खेर-किरण खेर, राकेश रोशन, ऋतिक रोशन-सुजान रोशन, विनोद खन्ना, यश चोपड़ा, जीतेंद्र, कबीर बेदी, गुलजार, सिद्धार्थ राय कपूर, तबु, जैकी श्राफ, अब्बास-मस्तान, जोया अख्तर और रमेश सिप्पी शामिल थे। टिप्पणियां
शशि कपूर व्हील चेयर पर रणबीर के सहयोग से पहुंचे। कपूर भाइयों में, रणधीर, ऋषि और राजीव तथा ऋषि कपूर की पत्नी नीतू भी थे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
इस प्रार्थना सभा में आए सभी लोग सफेद वस्त्र धारण किए हुए थे। समारोह स्थल पर भी सफेद वस्त्रों का ही इस्तेमाल किया गया था। शोक सभा में राजेश खन्ना की एक बड़ी तस्वीर लगाई गई थी जिस पर सफेद फूलों की माला पहनाई गई थी। प्रवेश द्वार पर जहां सफेद गुलाब लगाए गए थे वहीं समारोह हॉल को सफेद फूलों से सजाया गया था।
शोक सभा में पहुंचने वालों में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, आमिर खान, अनुपम खेर-किरण खेर, राकेश रोशन, ऋतिक रोशन-सुजान रोशन, विनोद खन्ना, यश चोपड़ा, जीतेंद्र, कबीर बेदी, गुलजार, सिद्धार्थ राय कपूर, तबु, जैकी श्राफ, अब्बास-मस्तान, जोया अख्तर और रमेश सिप्पी शामिल थे। टिप्पणियां
शशि कपूर व्हील चेयर पर रणबीर के सहयोग से पहुंचे। कपूर भाइयों में, रणधीर, ऋषि और राजीव तथा ऋषि कपूर की पत्नी नीतू भी थे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
शोक सभा में पहुंचने वालों में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, आमिर खान, अनुपम खेर-किरण खेर, राकेश रोशन, ऋतिक रोशन-सुजान रोशन, विनोद खन्ना, यश चोपड़ा, जीतेंद्र, कबीर बेदी, गुलजार, सिद्धार्थ राय कपूर, तबु, जैकी श्राफ, अब्बास-मस्तान, जोया अख्तर और रमेश सिप्पी शामिल थे। टिप्पणियां
शशि कपूर व्हील चेयर पर रणबीर के सहयोग से पहुंचे। कपूर भाइयों में, रणधीर, ऋषि और राजीव तथा ऋषि कपूर की पत्नी नीतू भी थे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
शशि कपूर व्हील चेयर पर रणबीर के सहयोग से पहुंचे। कपूर भाइयों में, रणधीर, ऋषि और राजीव तथा ऋषि कपूर की पत्नी नीतू भी थे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
इसके अलावा जया प्रदा, रीना राय, सुनील शेट्टी, सतीश कौशिक, डेविड धवन, प्रकाश झा, पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, शक्ति कपूर, नेहा धूपिया, सोनू सूद, संजय कपूर, आशुतोष गोवारिकर, फराह खान, साजिद खान, दीपिका पादुकोण, प्रतीक, साजिद नाडियाडवाला, बिंदू, सिकंदर, सोनाक्षी सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मलाइका अरोड़ा खान भी प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
इसके अलावा राजनेता अमर सिंह भी पहुंचे।
|
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की आत्मा की शांति के लिए शनिवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें महानायक अमिताभ बच्चन सहित प्रमुख सितारे पहुंचे।
| 18
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभी तक सिर्फ अपने साथी कलाकारों के शो छोड़ने के चलते परेशानियां झेल रहे कपिल शर्मा के शो के अस्तित्व पर ही अब खतरा मडरा रहा है. दरअसल सोनी एंटरटेनमेंट चैनल ने साल 2017-18 के लिए कपिल के शो का कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू करने को लेकर अब नया कदम उठाया है. मीडिया में आई खबरों के अनुसार चैनल ने कपिल के शो को एक महीने की मोहलत दे दी है. 24 अप्रैल 2016 को शुरू हुए 'द कपिल शर्मा शो' का कॉन्ट्रैक्ट सोनी इंटरटेनमेंट टेलिविजन्स के साथ अगले दो हफ्तों में खत्म होने वाला है.टिप्पणियां
इस शो को कपिल शर्मा होस्ट करते हैं और अपनी शुरुआत से ही यह शो काफी हिट रहा है. कुछ समय पहले ही चैनल ने कपिल शर्मा के शो की जबरदस्त टीआरपी को देखते हुए कपिल शर्मा की डील के पैसे बढ़ाते हुए अगले साल के लिए इसे 106 करोड़ करने का एलान किया था. लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से लौटते वक्त कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर, समेत पूरी टीम से हुए झगड़े ने अचानक इस सुपरहिट शो के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. इस झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर, अली अजगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा जैसे कलाकारों ने कन्नी काट ली है.
मीडिया में छपी सूत्रों के हवाले से खबर के अनुसार अगर कपिल अपने शो का बायकॉट कर चुके सदस्यों और चैनल की टीआरपी को वापस लाने में सफल हो जाते हैं तो चैनल कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू करने को लेकर सोच सकता है. शो की टीआरपी लगातार गिर रही है और इस समय यह टॉप 10 से बाहर हो चुका है. फ्लाइट में हुई कपिल और सुनील की लड़ाई का असर साफ तौर पर नजर आ रहा है जिससे शो को काफी नेगेटिव पब्लिसिटी मिली है.
अपनी टीम के द्वारा शो का बायकॉट किए जाने के बाद कपिल शर्मा कुछ नए कॉमेडियन लाकर शो को चलाने की कोशिश कर रहे हैं. कपिल के इस शो में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और जॉनी लीवर की बेटी जैमी लीवर ने एंट्री की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को सुनील ग्रोवर का रिप्लेसमेंट माना जा रहा था लेकिन राजू ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि वह इस शो में किसी का रिप्लेसमेंट बन कर नहीं आ रहे हैं. राजू ने हमें यह भी बताया कि वह कपिल और सुनील के बीच में सुलह कराने की भी कोशिश करेंगे.
इस शो को कपिल शर्मा होस्ट करते हैं और अपनी शुरुआत से ही यह शो काफी हिट रहा है. कुछ समय पहले ही चैनल ने कपिल शर्मा के शो की जबरदस्त टीआरपी को देखते हुए कपिल शर्मा की डील के पैसे बढ़ाते हुए अगले साल के लिए इसे 106 करोड़ करने का एलान किया था. लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से लौटते वक्त कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर, समेत पूरी टीम से हुए झगड़े ने अचानक इस सुपरहिट शो के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. इस झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर, अली अजगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा जैसे कलाकारों ने कन्नी काट ली है.
मीडिया में छपी सूत्रों के हवाले से खबर के अनुसार अगर कपिल अपने शो का बायकॉट कर चुके सदस्यों और चैनल की टीआरपी को वापस लाने में सफल हो जाते हैं तो चैनल कॉन्ट्रैक्ट रीन्यू करने को लेकर सोच सकता है. शो की टीआरपी लगातार गिर रही है और इस समय यह टॉप 10 से बाहर हो चुका है. फ्लाइट में हुई कपिल और सुनील की लड़ाई का असर साफ तौर पर नजर आ रहा है जिससे शो को काफी नेगेटिव पब्लिसिटी मिली है.
अपनी टीम के द्वारा शो का बायकॉट किए जाने के बाद कपिल शर्मा कुछ नए कॉमेडियन लाकर शो को चलाने की कोशिश कर रहे हैं. कपिल के इस शो में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और जॉनी लीवर की बेटी जैमी लीवर ने एंट्री की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को सुनील ग्रोवर का रिप्लेसमेंट माना जा रहा था लेकिन राजू ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि वह इस शो में किसी का रिप्लेसमेंट बन कर नहीं आ रहे हैं. राजू ने हमें यह भी बताया कि वह कपिल और सुनील के बीच में सुलह कराने की भी कोशिश करेंगे.
अपनी टीम के द्वारा शो का बायकॉट किए जाने के बाद कपिल शर्मा कुछ नए कॉमेडियन लाकर शो को चलाने की कोशिश कर रहे हैं. कपिल के इस शो में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और जॉनी लीवर की बेटी जैमी लीवर ने एंट्री की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को सुनील ग्रोवर का रिप्लेसमेंट माना जा रहा था लेकिन राजू ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि वह इस शो में किसी का रिप्लेसमेंट बन कर नहीं आ रहे हैं. राजू ने हमें यह भी बताया कि वह कपिल और सुनील के बीच में सुलह कराने की भी कोशिश करेंगे.
|
संक्षिप्त पाठ: सोनी चैनल ने सिर्फ एक महीने के लिए बढ़ाया कपिल शर्मा का कॉन्ट्रैक्ट
थोड़े समय पहले चैनल ने किया था कपिल को 106 करोड़ फीस देने का एलान
कपिल और सुनील के बीच झगड़े के बाद शो की टीआरपी में आई है गिरावट
| 14
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिल्ली में जब चिकनगुनिया फैला था उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री और अधिकतर मंत्री छुट्टी मना रहे थे और सभी के सभी दिल्ली से बाहर थे. उस दौरान केवल एक मंत्री दिल्ली में था. मीडिया में खबर आने के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री वापस लौटे थे.
बता दें कि इस बार दिल्ली एमसीडी चुनाव बीजेपी, आप और कांग्रेस तीनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है. मतदान से लेकर 26 अप्रैल को मतगणना होने तक, संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 56 हजार जवानों के हाथों में होगी.
दिल्ली नगर निगम चुनाव में कुल 272 सीटों के लिए 1 करोड़ 32 लाख 206 मतदाताओं के लिए 13,022 बूथ बनाए गए हैं. उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 1,004 उम्मीदवार हैं. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 985 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 548 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है.
इस बार निगम चुनाव में पहली बार नोटा का प्रयोग किया जा रहा है. निगम चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए करीब 56 हजार दिल्ली पुलिस, 40 कंपनियां पैरामिलिट्री और 20 हजार होमगार्डस को भी तैनात किया गया है. बूथ के अंदर मतदाताओं को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
निगम चुनाव के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन सुबह 4 बजे से चलनी शुरू हो जाएगी. जबकि दिल्ली से लगी सीमा को भी रात से सील कर दिया गया. 26 अप्रैल को निगम चुनाव की मतगणना होगी.
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
बता दें कि इस बार दिल्ली एमसीडी चुनाव बीजेपी, आप और कांग्रेस तीनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है. मतदान से लेकर 26 अप्रैल को मतगणना होने तक, संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 56 हजार जवानों के हाथों में होगी.
दिल्ली नगर निगम चुनाव में कुल 272 सीटों के लिए 1 करोड़ 32 लाख 206 मतदाताओं के लिए 13,022 बूथ बनाए गए हैं. उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 1,004 उम्मीदवार हैं. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 985 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 548 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है.
इस बार निगम चुनाव में पहली बार नोटा का प्रयोग किया जा रहा है. निगम चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए करीब 56 हजार दिल्ली पुलिस, 40 कंपनियां पैरामिलिट्री और 20 हजार होमगार्डस को भी तैनात किया गया है. बूथ के अंदर मतदाताओं को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
निगम चुनाव के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन सुबह 4 बजे से चलनी शुरू हो जाएगी. जबकि दिल्ली से लगी सीमा को भी रात से सील कर दिया गया. 26 अप्रैल को निगम चुनाव की मतगणना होगी.
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
दिल्ली नगर निगम चुनाव में कुल 272 सीटों के लिए 1 करोड़ 32 लाख 206 मतदाताओं के लिए 13,022 बूथ बनाए गए हैं. उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 1,004 उम्मीदवार हैं. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 985 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 548 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है.
इस बार निगम चुनाव में पहली बार नोटा का प्रयोग किया जा रहा है. निगम चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए करीब 56 हजार दिल्ली पुलिस, 40 कंपनियां पैरामिलिट्री और 20 हजार होमगार्डस को भी तैनात किया गया है. बूथ के अंदर मतदाताओं को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
निगम चुनाव के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन सुबह 4 बजे से चलनी शुरू हो जाएगी. जबकि दिल्ली से लगी सीमा को भी रात से सील कर दिया गया. 26 अप्रैल को निगम चुनाव की मतगणना होगी.
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
इस बार निगम चुनाव में पहली बार नोटा का प्रयोग किया जा रहा है. निगम चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए करीब 56 हजार दिल्ली पुलिस, 40 कंपनियां पैरामिलिट्री और 20 हजार होमगार्डस को भी तैनात किया गया है. बूथ के अंदर मतदाताओं को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी.
निगम चुनाव के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन सुबह 4 बजे से चलनी शुरू हो जाएगी. जबकि दिल्ली से लगी सीमा को भी रात से सील कर दिया गया. 26 अप्रैल को निगम चुनाव की मतगणना होगी.
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
निगम चुनाव के मद्देनजर मेट्रो ट्रेन सुबह 4 बजे से चलनी शुरू हो जाएगी. जबकि दिल्ली से लगी सीमा को भी रात से सील कर दिया गया. 26 अप्रैल को निगम चुनाव की मतगणना होगी.
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
इस बार के निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और स्वराज इंडिया पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. निगम के चुनाव में कुल सीटों में 40 फीसदी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने शनिवार को सुरक्षा इंतजामों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने निगम चुनाव में 774 स्थानों पर 4,748 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किया है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल कायम करते हुए दिल्ली पुलिस ने आतंकरोधी गतिविधियों को नाकाम करने सहित सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पाठक ने बताया कि सुरक्षा इंतजामों के दायरे में सभी 13,022 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है. इन पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 56,256 जवान तैनात रहेंगे. इसमें सीएपीएफ की 40 कंपनियां और होमगार्ड के 20 हजार जवान भी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि कुल 13,022 मतदान केन्द्रों में से 3,284 को संवेदनशील और 1,468 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.. जबकि मतदान केन्द्रों के आसपास 573 परिसरों को संवेदनशील और 197 को अतिसंवेदनशील परिसर के रूप में चिन्हित किया गया है. सबसे ज्यादा 585 संवेदनशील मतदान केन्द्र दक्षिणी दिल्ली में है. जबकि शाहदरा जिले में सर्वाधिक 114 संवेदनशील मतदान केंन्द्र चिन्हित किए गए हैं. अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तुगलकाबाद, जामिया नगर, संगम विहार, सीमापुरी, सीलमपुर, आदर्शनगर, भारत नगर, करोल बाग, चांदनी महल, नजफगढ़, मुंडका, संल्तानपुरी और नांगलोई के कुछ मतदान केन्द्रों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
|
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली को चिकनगुनिया और डेंगू मुक्त करने के लिए वोट करें
दिल्ली के सिविल लाइन्स के पोलिंग बूथ पर केजरीवाल ने वोट डाला
चुनाव से पहले तक दिल्ली में ईवीएम को एक मुद्दा बनाया
| 29
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुष्टि कर दी है कि उनकी पार्टी 30 जून की आधी रात को गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी) को लॉन्च करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे भव्य कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी. उधर, कई दिन से इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचती आ रही कांग्रेस ने अब भी कार्यक्रम में शिरकत से इंकार नहीं किया है, लेकिन बुधवार को उन्होंने आमंत्रण पत्र को लेकर आपत्ति दर्ज की, जिसमें कहा गया है कि देश के इतिहास के सबसे बड़े कर सुधार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉन्च करेंगे. देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी का कहना है कि यह उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "राष्ट्रपति की मौजूदगी में जीएसटी को प्रधानमंत्री कैसे लॉन्च कर सकते हैं...? यह कतई सही नहीं है, अस्वीकार्य है..."
संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित होने जा रहे समारोह के लिए संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया है, "राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी की गरिमामय उपस्थिति में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा जीएसटी के लॉन्च के अवसर पर उपस्थिति प्रार्थनीय है..."
ममता बनर्जी ने कहा कि 'विरोध प्रकट करने' के लिए उनकी पार्टी जीएसटी लॉन्च में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा, "जीएसटी को लागू करने के लिए की जा रही गैर-ज़रूरी जल्दबाज़ी भी केंद्र सरकार की एक और बड़ी गलती है..." मंगलवार को पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि जीएसटी के लॉन्च को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि देशभर में एकल कर की ओर होने वाले बड़े बदलाव के लिए छोटे व्यापारी तैयार नहीं हैं.
अमित मित्रा ने कहा था, "हम बार-बार जीएसटी काउंसिल में कहते रहे हैं कि हम तैयार नहीं हैं... हम कह चुके हैं कि जीएसटी नेटवर्क को एक महीने मं तीन करोड़ फाइलें प्रोसेस करनी होंगी... क्या आप सोच सकते हैं...? क्या वे तैयार हैं...? हम फिर कह रहे हैं, हमें आगे खतरा नज़र आ रहा है..."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "राष्ट्रपति की मौजूदगी में जीएसटी को प्रधानमंत्री कैसे लॉन्च कर सकते हैं...? यह कतई सही नहीं है, अस्वीकार्य है..."
संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित होने जा रहे समारोह के लिए संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया है, "राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी की गरिमामय उपस्थिति में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा जीएसटी के लॉन्च के अवसर पर उपस्थिति प्रार्थनीय है..."
ममता बनर्जी ने कहा कि 'विरोध प्रकट करने' के लिए उनकी पार्टी जीएसटी लॉन्च में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा, "जीएसटी को लागू करने के लिए की जा रही गैर-ज़रूरी जल्दबाज़ी भी केंद्र सरकार की एक और बड़ी गलती है..." मंगलवार को पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि जीएसटी के लॉन्च को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि देशभर में एकल कर की ओर होने वाले बड़े बदलाव के लिए छोटे व्यापारी तैयार नहीं हैं.
अमित मित्रा ने कहा था, "हम बार-बार जीएसटी काउंसिल में कहते रहे हैं कि हम तैयार नहीं हैं... हम कह चुके हैं कि जीएसटी नेटवर्क को एक महीने मं तीन करोड़ फाइलें प्रोसेस करनी होंगी... क्या आप सोच सकते हैं...? क्या वे तैयार हैं...? हम फिर कह रहे हैं, हमें आगे खतरा नज़र आ रहा है..."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित होने जा रहे समारोह के लिए संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया है, "राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी की गरिमामय उपस्थिति में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा जीएसटी के लॉन्च के अवसर पर उपस्थिति प्रार्थनीय है..."
ममता बनर्जी ने कहा कि 'विरोध प्रकट करने' के लिए उनकी पार्टी जीएसटी लॉन्च में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा, "जीएसटी को लागू करने के लिए की जा रही गैर-ज़रूरी जल्दबाज़ी भी केंद्र सरकार की एक और बड़ी गलती है..." मंगलवार को पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि जीएसटी के लॉन्च को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि देशभर में एकल कर की ओर होने वाले बड़े बदलाव के लिए छोटे व्यापारी तैयार नहीं हैं.
अमित मित्रा ने कहा था, "हम बार-बार जीएसटी काउंसिल में कहते रहे हैं कि हम तैयार नहीं हैं... हम कह चुके हैं कि जीएसटी नेटवर्क को एक महीने मं तीन करोड़ फाइलें प्रोसेस करनी होंगी... क्या आप सोच सकते हैं...? क्या वे तैयार हैं...? हम फिर कह रहे हैं, हमें आगे खतरा नज़र आ रहा है..."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
ममता बनर्जी ने कहा कि 'विरोध प्रकट करने' के लिए उनकी पार्टी जीएसटी लॉन्च में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा, "जीएसटी को लागू करने के लिए की जा रही गैर-ज़रूरी जल्दबाज़ी भी केंद्र सरकार की एक और बड़ी गलती है..." मंगलवार को पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि जीएसटी के लॉन्च को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि देशभर में एकल कर की ओर होने वाले बड़े बदलाव के लिए छोटे व्यापारी तैयार नहीं हैं.
अमित मित्रा ने कहा था, "हम बार-बार जीएसटी काउंसिल में कहते रहे हैं कि हम तैयार नहीं हैं... हम कह चुके हैं कि जीएसटी नेटवर्क को एक महीने मं तीन करोड़ फाइलें प्रोसेस करनी होंगी... क्या आप सोच सकते हैं...? क्या वे तैयार हैं...? हम फिर कह रहे हैं, हमें आगे खतरा नज़र आ रहा है..."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
अमित मित्रा ने कहा था, "हम बार-बार जीएसटी काउंसिल में कहते रहे हैं कि हम तैयार नहीं हैं... हम कह चुके हैं कि जीएसटी नेटवर्क को एक महीने मं तीन करोड़ फाइलें प्रोसेस करनी होंगी... क्या आप सोच सकते हैं...? क्या वे तैयार हैं...? हम फिर कह रहे हैं, हमें आगे खतरा नज़र आ रहा है..."
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा, "वे संख्याबल के बूते ज़िद नहीं पकड़ सकते, और छोटे व्यापारियों और बुनकरों को अनसुना नहीं कर सकते..." उनका इशारा कपड़ा व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन की ओर था, जो सरकार द्वारा 1 जुलाई से 5 फीसदी जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ हैं.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
इसी सप्ताह जीएसटी लॉन्च समारोह में शिरकत करने की पुष्टि कर चुके वामनेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा, "जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है...?"
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
केंद्र सरकार ने सभी सांसदों तथा मुख्यमंत्रियों को समारोह में आमंत्रित किया है, और पूर्व प्रधानमंत्रियों कांग्रेस नेता डॉ मनमोहन सिंह तथा जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगौड़ा से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद रहें.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पार्टी की ही तरह अपनी शिरकत की पुष्टि नहीं की है. कांग्रेस सूत्रों कह चुके हैं कि पार्टी की समारोह में शिरकत पर अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा, जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी नेताओं से विचार-विमर्श कर लेंगी, लेकिन लगभग सभी विपक्षी दलों से समारोह में शिरकत नहीं करने अथवा सांकेतिक प्रतिनिधित्व भेजे जाने की आशा है.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक बैठक है, संसद का सत्र नहीं, और हमारी उपस्थिति वास्तव में ज़रूरी नहीं है..."टिप्पणियां
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी से जुड़े प्रत्येक नियम को सर्वशक्तिशाली जीएसटी काउंसिल द्वारा बनाया गया है और मंज़ूरी दी गई है, और काउंसिल में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के वित्तमंत्री भी शामिल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
सरकार बहुत-से अप्रत्यक्ष करों की जगह लेने वाले जीएसटी को पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जुलाई से ही लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसे भव्य लॉन्च बनाने के लिए उसने कोई कसर नहीं छोड़ी है. संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल को सजाया भी जाएगा, और रोशनियों से जगमगाया भी जाएगा. समारोह शुक्रवार को रात्रि 11 बजे शुरू होगा, और समारोह के दौरान राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री अपने विचार रखेंगे.
|
संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, राष्ट्रपति के रहते PM कैसे कर सकते हैं लॉन्च
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "यह कतई सही नहीं है, अस्वीकार्य है..."
ममता ने कहा, उनकी पार्टी 'विरोध प्रकट करने' के लिए समारोह में नहीं जाएगी
| 29
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम मोदी ने एक बार फिर से देश को संबोधित करते हुए कि नौजवान कंफर्ट जोन से बाहर निकलें. उनको नई चीजें सीखने के लिए ललक होनी चाहिए. मुझे यह जानकर खुशी है कि युवा पीढ़ी हमारे महापुरुषों के बारे में जानने में रुचि रखती है. आज वीर सवारकर जी की जन्मजयंती है. मैं देश के युवा पीढ़ी को जरूर कहुंगा कि अंडमान जाकर सेल्युलर जेल जाकर जरूर देखें.
पर्यावरण पर पीएम ने कहा कि 5 जून को महीने को पहला सोमवार है. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. महात्मा गांधी कहते थे कि हम जो दुनिया नहीं देखेंगे हमें उसकी चिंता भी करनी चाहिए.
एक बार से पीएम मोदी ने योग का महत्व बताते हुए कहा कि तनावमुक्त जीवन के लिए योग करना चाहिए. योग सिर्फ व्यायाम नहीं है. अभी दो दिन पहले ही योग को दिवस को लेकर विश्व की सभी सरकारों को चिट्ठी लिखी है. कुछ लोगों का सुझाव आया है कि इस बार एक ही परिवार की तीनों पीढ़ियां एक साथ योग करें और उसकी तस्वीर शेयर करें. मैं इस सुझाव के लिए धन्यवाद करता हूं. आप नरेंद्र मोदी एप औक मायगव एप पर इसको शेयर कर सकते हैं. मैं 1 जून से ट्विटर पर योग से संबंधित बातें शेयर करुंगा. 21 जून को करुंगा.
पीएम ने कहा कि वह जहां जाता हूं उसको लोगों ने स्वच्छता से जोड़ दिया है. सफाई एक आंदोलन बनना चाहिए. जहां जाता हूं वहां सफाई के कार्यक्रम किए जाते हैं. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अब दो प्रकार के कूड़ेदान उपलब्ध कराए जाएंगे. सूखा कचरा नीले और गीला कचरा हरे कूड़ा डालें. ये सारी चीजें खेत के काम आती हैं. हरे कूड़ेदान में किचन से जुड़ा कूड़ा डालें. सूखे कचरे को मशीन में डालकर रिसाइकिल किया जाता है.
मोदी ने कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार हमें नए कदम उठाना है तभी हम गांधी जी का सपना पूरा कर पाएंगे. एक आदमी ठान ले तो क्या कर सकता है. मुंबई के वर्सोवा बीच का लोगों ने कायाकल्प कर दिया. एक सज्जन श्रीमान अफरोज शाह अक्टूबर 2015 से जुटे हुए थे. उनके युनाइटेड नेशंस की ओर से पुरस्कार दिया गया है. स्वच्छ भारत के अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर का रियासी ब्लॉक खुले में शौच से मुक्त हो गया है. वहां की मां-बहनों ने इसके लिए जागरुकता फैलाई है. वहां के प्रशासकों और लोगों को बधाई देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 15 दिन, महीने से, लगातार अख़बार हो, टी.वी. चैनल हो, सोशल मीडिया हो, वर्तमान सरकार के 3 वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है. 3 साल पूर्व आपने मुझे प्रधान सेवक का दायित्व दिया था. ढ़ेर सारे सर्वे हुए हैं, ढ़ेर सारे ओपीनियन पोल आए हैं. मैं इस सारी प्रक्रिया को बहुत ही अच्छे संकेत के रूप में देखता हूं. हर कसौटी पर इस 3 साल के कार्यकाल को कसा गया है. समाज के हर तबके के लोगों ने उसका विश्लेषण किया है और लोकतंत्र में एक उत्तम प्रक्रिया है और मेरा स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए. जनता-जनार्दन को अपने काम का हिसाब देना चाहिए. मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियाँ निकाली गई, मैं इन सब बातों का बहुत महत्व समझता हूं. मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूँ. जो त्रुटियां होती हैं, कमियां होती हैं, वो भी जब उजागर होती हैं तो उससे भी सुधार करने का अवसर मिलता है. बात अच्छी हो, कम अच्छी हो, बुरी हो, जो भी हो, उसमें से ही सीखना है और उसी के सहारे आगे बढ़ना है. रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को बल देता है. एक जागरूक राष्ट्र के लिए, एक चैतन्य पूर्ण राष्ट्र के लिए, ये मंथन बहुत ही आवश्यक होता है.
आखिर में पीएम ने कहा कि मान्य नागरिक की तरह मेरे ऊपर भी हर अच्छी बुरी बात का असर होता है. मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ चुके होंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
पीएम ने कहा कि वह जहां जाता हूं उसको लोगों ने स्वच्छता से जोड़ दिया है. सफाई एक आंदोलन बनना चाहिए. जहां जाता हूं वहां सफाई के कार्यक्रम किए जाते हैं. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अब दो प्रकार के कूड़ेदान उपलब्ध कराए जाएंगे. सूखा कचरा नीले और गीला कचरा हरे कूड़ा डालें. ये सारी चीजें खेत के काम आती हैं. हरे कूड़ेदान में किचन से जुड़ा कूड़ा डालें. सूखे कचरे को मशीन में डालकर रिसाइकिल किया जाता है.
मोदी ने कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार हमें नए कदम उठाना है तभी हम गांधी जी का सपना पूरा कर पाएंगे. एक आदमी ठान ले तो क्या कर सकता है. मुंबई के वर्सोवा बीच का लोगों ने कायाकल्प कर दिया. एक सज्जन श्रीमान अफरोज शाह अक्टूबर 2015 से जुटे हुए थे. उनके युनाइटेड नेशंस की ओर से पुरस्कार दिया गया है. स्वच्छ भारत के अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर का रियासी ब्लॉक खुले में शौच से मुक्त हो गया है. वहां की मां-बहनों ने इसके लिए जागरुकता फैलाई है. वहां के प्रशासकों और लोगों को बधाई देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 15 दिन, महीने से, लगातार अख़बार हो, टी.वी. चैनल हो, सोशल मीडिया हो, वर्तमान सरकार के 3 वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है. 3 साल पूर्व आपने मुझे प्रधान सेवक का दायित्व दिया था. ढ़ेर सारे सर्वे हुए हैं, ढ़ेर सारे ओपीनियन पोल आए हैं. मैं इस सारी प्रक्रिया को बहुत ही अच्छे संकेत के रूप में देखता हूं. हर कसौटी पर इस 3 साल के कार्यकाल को कसा गया है. समाज के हर तबके के लोगों ने उसका विश्लेषण किया है और लोकतंत्र में एक उत्तम प्रक्रिया है और मेरा स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए. जनता-जनार्दन को अपने काम का हिसाब देना चाहिए. मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियाँ निकाली गई, मैं इन सब बातों का बहुत महत्व समझता हूं. मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूँ. जो त्रुटियां होती हैं, कमियां होती हैं, वो भी जब उजागर होती हैं तो उससे भी सुधार करने का अवसर मिलता है. बात अच्छी हो, कम अच्छी हो, बुरी हो, जो भी हो, उसमें से ही सीखना है और उसी के सहारे आगे बढ़ना है. रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को बल देता है. एक जागरूक राष्ट्र के लिए, एक चैतन्य पूर्ण राष्ट्र के लिए, ये मंथन बहुत ही आवश्यक होता है.
आखिर में पीएम ने कहा कि मान्य नागरिक की तरह मेरे ऊपर भी हर अच्छी बुरी बात का असर होता है. मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ चुके होंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
मोदी ने कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार हमें नए कदम उठाना है तभी हम गांधी जी का सपना पूरा कर पाएंगे. एक आदमी ठान ले तो क्या कर सकता है. मुंबई के वर्सोवा बीच का लोगों ने कायाकल्प कर दिया. एक सज्जन श्रीमान अफरोज शाह अक्टूबर 2015 से जुटे हुए थे. उनके युनाइटेड नेशंस की ओर से पुरस्कार दिया गया है. स्वच्छ भारत के अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर का रियासी ब्लॉक खुले में शौच से मुक्त हो गया है. वहां की मां-बहनों ने इसके लिए जागरुकता फैलाई है. वहां के प्रशासकों और लोगों को बधाई देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 15 दिन, महीने से, लगातार अख़बार हो, टी.वी. चैनल हो, सोशल मीडिया हो, वर्तमान सरकार के 3 वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है. 3 साल पूर्व आपने मुझे प्रधान सेवक का दायित्व दिया था. ढ़ेर सारे सर्वे हुए हैं, ढ़ेर सारे ओपीनियन पोल आए हैं. मैं इस सारी प्रक्रिया को बहुत ही अच्छे संकेत के रूप में देखता हूं. हर कसौटी पर इस 3 साल के कार्यकाल को कसा गया है. समाज के हर तबके के लोगों ने उसका विश्लेषण किया है और लोकतंत्र में एक उत्तम प्रक्रिया है और मेरा स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए. जनता-जनार्दन को अपने काम का हिसाब देना चाहिए. मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियाँ निकाली गई, मैं इन सब बातों का बहुत महत्व समझता हूं. मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूँ. जो त्रुटियां होती हैं, कमियां होती हैं, वो भी जब उजागर होती हैं तो उससे भी सुधार करने का अवसर मिलता है. बात अच्छी हो, कम अच्छी हो, बुरी हो, जो भी हो, उसमें से ही सीखना है और उसी के सहारे आगे बढ़ना है. रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को बल देता है. एक जागरूक राष्ट्र के लिए, एक चैतन्य पूर्ण राष्ट्र के लिए, ये मंथन बहुत ही आवश्यक होता है.
आखिर में पीएम ने कहा कि मान्य नागरिक की तरह मेरे ऊपर भी हर अच्छी बुरी बात का असर होता है. मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ चुके होंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 15 दिन, महीने से, लगातार अख़बार हो, टी.वी. चैनल हो, सोशल मीडिया हो, वर्तमान सरकार के 3 वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है. 3 साल पूर्व आपने मुझे प्रधान सेवक का दायित्व दिया था. ढ़ेर सारे सर्वे हुए हैं, ढ़ेर सारे ओपीनियन पोल आए हैं. मैं इस सारी प्रक्रिया को बहुत ही अच्छे संकेत के रूप में देखता हूं. हर कसौटी पर इस 3 साल के कार्यकाल को कसा गया है. समाज के हर तबके के लोगों ने उसका विश्लेषण किया है और लोकतंत्र में एक उत्तम प्रक्रिया है और मेरा स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए. जनता-जनार्दन को अपने काम का हिसाब देना चाहिए. मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियाँ निकाली गई, मैं इन सब बातों का बहुत महत्व समझता हूं. मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूँ. जो त्रुटियां होती हैं, कमियां होती हैं, वो भी जब उजागर होती हैं तो उससे भी सुधार करने का अवसर मिलता है. बात अच्छी हो, कम अच्छी हो, बुरी हो, जो भी हो, उसमें से ही सीखना है और उसी के सहारे आगे बढ़ना है. रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को बल देता है. एक जागरूक राष्ट्र के लिए, एक चैतन्य पूर्ण राष्ट्र के लिए, ये मंथन बहुत ही आवश्यक होता है.
आखिर में पीएम ने कहा कि मान्य नागरिक की तरह मेरे ऊपर भी हर अच्छी बुरी बात का असर होता है. मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ चुके होंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
आखिर में पीएम ने कहा कि मान्य नागरिक की तरह मेरे ऊपर भी हर अच्छी बुरी बात का असर होता है. मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. मेरे प्यारे देशवासियों अगली बार जब मिलेंगे तो बरसात आ चुकी है. रिजल्ट आ चुके होंगे. टिप्पणियां
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
गौरतलब है कि 'मन की बात' रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित होता है. पीएम मोदी आज 32वीं बार 'मन की बात' के तहत देश की जनता को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लाल बत्ती और वीआईपी कल्चर के खिलाफ अपने विचार रखे थे. इससे पहले वह न्यू इंडिया पर देश की जनता को संबोधित किया था.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम व्यक्ति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं. वह देशवासियों की टिप्पणियों को अपने इस लोकप्रिय कार्यक्रम में शामिल भी करते हैं. बता दें, पीएम इससे पहले अर्थव्यवस्था, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्या जैसे मुद्दों पर मन की बात कार्यक्रम का आयोजन कर चुके हैं. आकाशवाणी सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसका सीधा प्रसारण करता है.
|
महीने के आखिरी रविवार को पीएम करते हैं मन की बात
मन की बात कार्यक्रम में लोगों को करते हैं संबोधित
लोगों के सुझाव और नई जानकारी करते हैं साझा
| 28
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब को फांसी देने में केंद्र सरकार बिल्कुल भी देर नहीं करेगी। यह कहना है गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का।टिप्पणियां
राजस्थान के अलवर में एक कार्यक्रम में शरीक होने आए जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जैसे ही गृह मंत्रालय के पास कसाब की फांसी की फाइल आएगी, उसे तुरंत ही मंजूरी दे दी जाएगी।
कोयला घोटाले पर ठप पड़े संसद के विषय में गृह राज्य मंत्री ने कहा की बीजेपी नहीं चाहती कि इस मुद्दे पर बहस हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो उनके बहुत सारे नेताओं के नकाब उतर जाएंगे।
राजस्थान के अलवर में एक कार्यक्रम में शरीक होने आए जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जैसे ही गृह मंत्रालय के पास कसाब की फांसी की फाइल आएगी, उसे तुरंत ही मंजूरी दे दी जाएगी।
कोयला घोटाले पर ठप पड़े संसद के विषय में गृह राज्य मंत्री ने कहा की बीजेपी नहीं चाहती कि इस मुद्दे पर बहस हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो उनके बहुत सारे नेताओं के नकाब उतर जाएंगे।
कोयला घोटाले पर ठप पड़े संसद के विषय में गृह राज्य मंत्री ने कहा की बीजेपी नहीं चाहती कि इस मुद्दे पर बहस हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो उनके बहुत सारे नेताओं के नकाब उतर जाएंगे।
|
यहाँ एक सारांश है:गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि जैसे ही गृह मंत्रालय के पास 26/11 हमलों के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब की फांसी की फाइल आएगी, उसे तुरंत ही मंजूरी दे दी जाएगी।
| 4
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गेट 2019 (GATE 2019) परीक्षा की आंसर-की (GATE Answer Key) जारी कर दी गई है. जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, वे IIT Madras की ऑफिशियल वेबसाइट gate.iitm.ac.in पर जाकर आंसर-की (GATE 2019 Answer Key) चेक और डाउनलोड कर सकते हैं. गेट 2019 परीक्षा 2, 3,9 और 10 फरवरी 2019 को आयोजित की गई थी. ये परीक्षा 2 शिफ्ट में हुई थी. गेट परीक्षा (Gate 2019 Exam) आईआईटी मद्रास द्वारा आयोजित की गई थी. बता दें कि गेट परीक्षा की रिस्पॉन्स शीट 14 फरवरी को जारी की गई थी. ग्रेजुएट एप्टीटियूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग एक आल इंडिया एग्जाम है, जो इंजीनियरिंग के सभी विषयों के लिए होता है. गेट की परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड होती है.
स्टूडेंट्स नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर गेट परीक्षा की आंसर-की (Gate Key) चेक और डाउनलोड कर सकते हैं.GATE Answer Key 2019
स्टूडेंट्स नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर भी आंसर-की चेक और डाउनलोड कर सकते हैं.
|
संक्षिप्त पाठ: आंसर-की जारी कर दी गई है.
आंसर-की gate.iitm.ac.in पर जारी की गई है.
परीक्षा 2, 3,9 और 10 फरवरी 2019 को आयोजित की गई थी.
| 22
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: युवा बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के शतक में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन आर अश्विन की भूमिका अहम रही और इस युवा स्पिनर ने कहा कि अगर उनका साथी शतक से चूकता, तो यह शर्मनाक होता।
टीम के शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाज जब नाकाम रहे तब पुजारा ने एक छोर संभाले रखा और इस युवा बल्लेबाज को अश्विन के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला, जो पहले दिन का खेल खत्म होने पर नाबाद 60 रन बनाकर लौटे।टिप्पणियां
अश्विन उस समय पुजारा का साथ देने उतरे, जब भारत छह विकेट गंवा जुका था। अश्विन ने पुजारा की तकनीकी दक्षता और उनकी नियंत्रित पारी की तारीक की। इस ऑफ स्पिनर ने कहा, मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी। उसने अपने डिफेंस पर विश्वास किया और जितनी गेंदों को डिफेंड किया, वह बेहतरीन था। पारी के आगे बढ़ने के बाद वह स्वच्छंद होकर खेलने लगा और उसका रक्षात्मक खेल शानदार था। मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी और अगर वह शतक नहीं बना पाता, तो यह शर्मनाक होता।
पहले टेस्ट में पहली पारी में नाबाद 206 और दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेलने वाले पुजारा पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 114 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।
टीम के शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाज जब नाकाम रहे तब पुजारा ने एक छोर संभाले रखा और इस युवा बल्लेबाज को अश्विन के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला, जो पहले दिन का खेल खत्म होने पर नाबाद 60 रन बनाकर लौटे।टिप्पणियां
अश्विन उस समय पुजारा का साथ देने उतरे, जब भारत छह विकेट गंवा जुका था। अश्विन ने पुजारा की तकनीकी दक्षता और उनकी नियंत्रित पारी की तारीक की। इस ऑफ स्पिनर ने कहा, मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी। उसने अपने डिफेंस पर विश्वास किया और जितनी गेंदों को डिफेंड किया, वह बेहतरीन था। पारी के आगे बढ़ने के बाद वह स्वच्छंद होकर खेलने लगा और उसका रक्षात्मक खेल शानदार था। मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी और अगर वह शतक नहीं बना पाता, तो यह शर्मनाक होता।
पहले टेस्ट में पहली पारी में नाबाद 206 और दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेलने वाले पुजारा पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 114 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।
अश्विन उस समय पुजारा का साथ देने उतरे, जब भारत छह विकेट गंवा जुका था। अश्विन ने पुजारा की तकनीकी दक्षता और उनकी नियंत्रित पारी की तारीक की। इस ऑफ स्पिनर ने कहा, मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी। उसने अपने डिफेंस पर विश्वास किया और जितनी गेंदों को डिफेंड किया, वह बेहतरीन था। पारी के आगे बढ़ने के बाद वह स्वच्छंद होकर खेलने लगा और उसका रक्षात्मक खेल शानदार था। मुझे लगता है कि यह शानदार पारी थी और अगर वह शतक नहीं बना पाता, तो यह शर्मनाक होता।
पहले टेस्ट में पहली पारी में नाबाद 206 और दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेलने वाले पुजारा पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 114 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।
पहले टेस्ट में पहली पारी में नाबाद 206 और दूसरी पारी में नाबाद 41 रन की पारी खेलने वाले पुजारा पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद 114 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे।
|
यहाँ एक सारांश है:चेतेश्वर पुजारा के शतक में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन आर अश्विन की भूमिका अहम रही और इस युवा स्पिनर ने कहा कि अगर उनका साथी शतक से चूकता, तो यह शर्मनाक होता।
| 15
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: नौसेना ने हाल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास चीन के एक संदिग्ध गुप्तचर पोत का पता लगाया जो वहां पर भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दिखावे के तौर पर मछली पकड़ने वाले ट्रालर के रूप में आया था। इस घटना ने हिंद महासागर क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में चीन के बढ़ती मौजूदगी और उसके हित संबंधी आकलन को और बल मिला है। नौसेना सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इस पोत को करीब चार महीने पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में देखा गया था और हो सकता है कि उसका इस्तेमाल उस क्षेत्र में भारतीय प्रक्षेपास्त्र परीक्षणों और अन्य विमानों और युद्धपोतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा हो। सूत्रों ने बताया कि नौसेना के युद्धपोत उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाये क्योंकि वह पोत भारतीय जलसीमा में नहीं था। नौसेना ने यद्यपि उसकी गतिविधियों पर बारीक नजर रखी। रक्षा विश्लेषक कमांडर सुनील चौहान (सेवानिवृत्त) ने कहा, आने वाले वषरें में चीन की नौसेना में विमानवाही पोत के शामिल होने के बाद बंगाल की खाड़ी के आसपास चीन के पोतों की मौजूदगी और बढ़ेगी। हाल के वषरें में चीन की नौसेना की बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में मौजूदगी बढ़ी है और उसका कहना है कि ऐसा वहां पर उसके व्यापारिक हित की रक्षा के लिए है।
|
यहाँ एक सारांश है:संदिग्ध गुप्तचर पोत भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दिखावे के तौर पर मछली पकड़ने वाले ट्रालर के रूप में आया था।
| 15
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इंटरनेट डाटा को 'नया तेल' बताते हुए बुधवार को कहा कि यह डिजिटल के रूप में हो रही चौथी औद्योगिक क्रांति में महत्वपूर्ण होगा. उल्लेखनीय है कि अंबानी ने रिलायंस जियो के जरिये दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखा है और इस कंपनी का सारा काम डाटा आधारित सेवाओं से जुड़ा है. यहां नासकाम के एक कार्य्रकम में अंबानी ने कहा,''चौथी औद्योगिक क्रांति की नींव कनेक्टिविटी एवं डाटा है. डाटा नया प्राकृतिक संसाधन है. हम ऐसे युग की शुरुआत में हैं जहां डाटा नया तेल साबित होगा.' इसी कार्यक्रम में अंबानी ने कहा कि कारोबारी मोर्चे पर वे अनेक बार विफल हुए लेकिन कभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा.
उन्होंने कहा कि निवेशकों के धन का इस्तेमाल खुद के धन से भी अधिक सावधानी से करना तथा उचित टीम लेकर चलना सफल उद्यमी बनने की कुछ बुनियादी जरूरतें हैं. इसके साथ ही अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी बयानों से जहां पूरी दुनिया चिंतित है वहीं भारत के प्रमुख उद्योग घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने स्थानीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को सलाह दी कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख को एक बिन मांगे वरदान के रूप में स्वीकार करे और भारतीय बाजार पर ध्यान दे.
अमेरिका में विदेशी पेशेवरों को अल्पकालिक नौकरी के लिए वीजा के नियम सख्त करने और 'अमेरिका पहले' जैसी ट्रंप की बातों ने भारत में खासकर सालाना 155 अरब डॉलर का करोबार कर रहे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को चिंता में डाल रखा है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की आय का 65 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है.टिप्पणियां
अंबानी ने मुंबई में बुधवार को शुरू हुए नासकॉम के नेतृत्व मंच सम्मेलन में कहा, 'ट्रंप वास्तव में बिन मांगी मुराद पूरी करने जैसा साबित हो सकते हैं. घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग अपने यहां की समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान दे सकता है जो कि खुद बहुत बड़ा बाजार है.'
संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर एवं सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियों के मंच नासकॉम ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई, 2017 के लिए टाल दिया है क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है. ट्रंप ने गत 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया. मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं.
उन्होंने कहा कि निवेशकों के धन का इस्तेमाल खुद के धन से भी अधिक सावधानी से करना तथा उचित टीम लेकर चलना सफल उद्यमी बनने की कुछ बुनियादी जरूरतें हैं. इसके साथ ही अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी बयानों से जहां पूरी दुनिया चिंतित है वहीं भारत के प्रमुख उद्योग घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने स्थानीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को सलाह दी कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख को एक बिन मांगे वरदान के रूप में स्वीकार करे और भारतीय बाजार पर ध्यान दे.
अमेरिका में विदेशी पेशेवरों को अल्पकालिक नौकरी के लिए वीजा के नियम सख्त करने और 'अमेरिका पहले' जैसी ट्रंप की बातों ने भारत में खासकर सालाना 155 अरब डॉलर का करोबार कर रहे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को चिंता में डाल रखा है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की आय का 65 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है.टिप्पणियां
अंबानी ने मुंबई में बुधवार को शुरू हुए नासकॉम के नेतृत्व मंच सम्मेलन में कहा, 'ट्रंप वास्तव में बिन मांगी मुराद पूरी करने जैसा साबित हो सकते हैं. घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग अपने यहां की समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान दे सकता है जो कि खुद बहुत बड़ा बाजार है.'
संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर एवं सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियों के मंच नासकॉम ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई, 2017 के लिए टाल दिया है क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है. ट्रंप ने गत 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया. मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं.
अमेरिका में विदेशी पेशेवरों को अल्पकालिक नौकरी के लिए वीजा के नियम सख्त करने और 'अमेरिका पहले' जैसी ट्रंप की बातों ने भारत में खासकर सालाना 155 अरब डॉलर का करोबार कर रहे सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को चिंता में डाल रखा है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की आय का 65 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है.टिप्पणियां
अंबानी ने मुंबई में बुधवार को शुरू हुए नासकॉम के नेतृत्व मंच सम्मेलन में कहा, 'ट्रंप वास्तव में बिन मांगी मुराद पूरी करने जैसा साबित हो सकते हैं. घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग अपने यहां की समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान दे सकता है जो कि खुद बहुत बड़ा बाजार है.'
संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर एवं सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियों के मंच नासकॉम ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई, 2017 के लिए टाल दिया है क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है. ट्रंप ने गत 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया. मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं.
अंबानी ने मुंबई में बुधवार को शुरू हुए नासकॉम के नेतृत्व मंच सम्मेलन में कहा, 'ट्रंप वास्तव में बिन मांगी मुराद पूरी करने जैसा साबित हो सकते हैं. घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग अपने यहां की समस्याओं के समाधान तैयार करने पर ध्यान दे सकता है जो कि खुद बहुत बड़ा बाजार है.'
संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर एवं सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियों के मंच नासकॉम ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई, 2017 के लिए टाल दिया है क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है. ट्रंप ने गत 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया. मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं.
संयोग से उनका यह बयान ऐसे समय आया है जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर एवं सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनियों के मंच नासकॉम ने अपने वार्षिक वृद्धि के अनुमानों की घोषणा को मई, 2017 के लिए टाल दिया है क्योंकि यह उद्योग ट्रंप की नीतियों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहता है. ट्रंप ने गत 20 जनवरी को अपना कार्यभार ग्रहण किया. मुकेश अंबानी के समूह ने भारत में अपने नए दूरसंचार उद्यम रिलायंस जियो पर 1200 अरब रुपये खर्च किए हैं.
|
यह एक सारांश है: चौथी औद्योगिक क्रांति की नींव कनेक्टिविटी एवं डाटा है
भारतीय IT इंडस्ट्री की आय का 65% हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है
'स्थानीय बाजार की समस्याओं का समाधान खोजा जाए'
| 24
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: पीडीपी के वरिष्ठ नेता और सांसद मुज़फ्फर बेग के मुताबिक़ बुरहान वानी को मारने से पहले राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भरोसे में नहीं लिया गया। वे ये भी कहते हैं कि ख़ुद पुलिस और सुरक्षा बलों की तरफ़ से ये दावा किया जाता था कि बुरहान वानी को वे जब चाहें 15-20 मिनट में ग़िरफ्तार कर सकते हैं।
बेग़ सवाल उठा रहे हैं कि अगर ऐसा था तो फिर उसे मारा क्यों गया। उसकी मौत के बाद किस तरह के हालात पैदा होंगे इस बारे में कोई ख़ुफिया जानकारी इकट्ठा क्यों नहीं की गई। दरअसल बेग़ इस पूरे मामले को ख़ुफिया तंत्र की नाक़ामी और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ज़रूरी प्रबंधन की कमी का नतीजा बता रहे हैं। मुज़फ्फर बेग़ कहते हैं कि बुरहान वानी युवाओं में लोकप्रिय था तो इसलिए नहीं कि वह कोई बहुत बड़ा आतंकवादी था। वह बस ‘शो ब्वाय’ (पोस्टर ब्वाय) था। वह क्रिकेट भी खेलता था और इंटरनेट पर बहुत सक्रिय था। बेग़ पूछते हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई करनी ही थी तो फिर आपात योजना क्यों नहीं बनायी गई।
इस सवाल पर कि क्या जो हालात पैदा हुए हैं कश्मीर में उससे पीडीपी को ज़मीनी तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि लोग सरकार से नाराज़ हैं, बेग़ कहते हैं कि नुकसान पीडीपी को नहीं देश को उठाना पड़ रहा है। पार्टी का उतार चढ़ाव चलता रहता है लेकिन फिलहाल जो हालात पैदा हुए हैं उससे दुनिया में देश की छवि को धक्का लगा है। उस छवि को जिसे बनाने में प्रधानमंत्री हमेशा कोशिश में लगे रहते हैं।
बेग़ इस बात को भी ग़लत मानते हैं कि कश्मीर में समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि एक दूसरे की धुरविरोधी पीडीपी और बीजेपी ने मिल कर सरकार बनायी। वे याद दिलाते हैं कि समस्या 25 सालों से रही है। मौजूदा वक्त में हालात से ठीक ढंग से निपटा नहीं गया इसलिए घाटी को बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं।टिप्पणियां
बेग़ कहते हैं कि ताक़त के बल पर मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान का कि ज़्यादा बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, ज़िक्र कर बेग़ कहते हैं कि प्रधानमंत्री का ऐसा कहना इस बात का सबूत है कि कश्मीर में ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। और बल प्रयोग से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा बल्कि इसके लिए सही तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की ज़रूरत है।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
बेग़ सवाल उठा रहे हैं कि अगर ऐसा था तो फिर उसे मारा क्यों गया। उसकी मौत के बाद किस तरह के हालात पैदा होंगे इस बारे में कोई ख़ुफिया जानकारी इकट्ठा क्यों नहीं की गई। दरअसल बेग़ इस पूरे मामले को ख़ुफिया तंत्र की नाक़ामी और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ज़रूरी प्रबंधन की कमी का नतीजा बता रहे हैं। मुज़फ्फर बेग़ कहते हैं कि बुरहान वानी युवाओं में लोकप्रिय था तो इसलिए नहीं कि वह कोई बहुत बड़ा आतंकवादी था। वह बस ‘शो ब्वाय’ (पोस्टर ब्वाय) था। वह क्रिकेट भी खेलता था और इंटरनेट पर बहुत सक्रिय था। बेग़ पूछते हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई करनी ही थी तो फिर आपात योजना क्यों नहीं बनायी गई।
इस सवाल पर कि क्या जो हालात पैदा हुए हैं कश्मीर में उससे पीडीपी को ज़मीनी तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि लोग सरकार से नाराज़ हैं, बेग़ कहते हैं कि नुकसान पीडीपी को नहीं देश को उठाना पड़ रहा है। पार्टी का उतार चढ़ाव चलता रहता है लेकिन फिलहाल जो हालात पैदा हुए हैं उससे दुनिया में देश की छवि को धक्का लगा है। उस छवि को जिसे बनाने में प्रधानमंत्री हमेशा कोशिश में लगे रहते हैं।
बेग़ इस बात को भी ग़लत मानते हैं कि कश्मीर में समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि एक दूसरे की धुरविरोधी पीडीपी और बीजेपी ने मिल कर सरकार बनायी। वे याद दिलाते हैं कि समस्या 25 सालों से रही है। मौजूदा वक्त में हालात से ठीक ढंग से निपटा नहीं गया इसलिए घाटी को बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं।टिप्पणियां
बेग़ कहते हैं कि ताक़त के बल पर मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान का कि ज़्यादा बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, ज़िक्र कर बेग़ कहते हैं कि प्रधानमंत्री का ऐसा कहना इस बात का सबूत है कि कश्मीर में ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। और बल प्रयोग से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा बल्कि इसके लिए सही तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की ज़रूरत है।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
इस सवाल पर कि क्या जो हालात पैदा हुए हैं कश्मीर में उससे पीडीपी को ज़मीनी तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि लोग सरकार से नाराज़ हैं, बेग़ कहते हैं कि नुकसान पीडीपी को नहीं देश को उठाना पड़ रहा है। पार्टी का उतार चढ़ाव चलता रहता है लेकिन फिलहाल जो हालात पैदा हुए हैं उससे दुनिया में देश की छवि को धक्का लगा है। उस छवि को जिसे बनाने में प्रधानमंत्री हमेशा कोशिश में लगे रहते हैं।
बेग़ इस बात को भी ग़लत मानते हैं कि कश्मीर में समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि एक दूसरे की धुरविरोधी पीडीपी और बीजेपी ने मिल कर सरकार बनायी। वे याद दिलाते हैं कि समस्या 25 सालों से रही है। मौजूदा वक्त में हालात से ठीक ढंग से निपटा नहीं गया इसलिए घाटी को बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं।टिप्पणियां
बेग़ कहते हैं कि ताक़त के बल पर मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान का कि ज़्यादा बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, ज़िक्र कर बेग़ कहते हैं कि प्रधानमंत्री का ऐसा कहना इस बात का सबूत है कि कश्मीर में ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। और बल प्रयोग से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा बल्कि इसके लिए सही तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की ज़रूरत है।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
बेग़ इस बात को भी ग़लत मानते हैं कि कश्मीर में समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि एक दूसरे की धुरविरोधी पीडीपी और बीजेपी ने मिल कर सरकार बनायी। वे याद दिलाते हैं कि समस्या 25 सालों से रही है। मौजूदा वक्त में हालात से ठीक ढंग से निपटा नहीं गया इसलिए घाटी को बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं।टिप्पणियां
बेग़ कहते हैं कि ताक़त के बल पर मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान का कि ज़्यादा बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, ज़िक्र कर बेग़ कहते हैं कि प्रधानमंत्री का ऐसा कहना इस बात का सबूत है कि कश्मीर में ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। और बल प्रयोग से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा बल्कि इसके लिए सही तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की ज़रूरत है।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
बेग़ कहते हैं कि ताक़त के बल पर मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस बयान का कि ज़्यादा बल प्रयोग नहीं होना चाहिए, ज़िक्र कर बेग़ कहते हैं कि प्रधानमंत्री का ऐसा कहना इस बात का सबूत है कि कश्मीर में ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। और बल प्रयोग से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा बल्कि इसके लिए सही तरीके से लोगों तक पहुंच बनाने की ज़रूरत है।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
बेग़ की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाए। बुरहान वानी को मारे जाने की भी और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी। जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं उनको सामने लाया जाना चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से हो तो बेहतर है। बेग़ की दूसरी और अहम मांग है कि कश्मीर के लोगों का दिल जीतना है तो जिस तरह से प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत के दायरे में रहते हुए मसले के हल की बात की थी उसी नीति को अपनाया जाए। हालांकि बेग शांति स्थापना में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर आश्वस्त नहीं हैं, वह इसके लिए तैयार होगा कि नहीं, होगा तो कब होगा। लेकिन उनका साफ़ मानना है कि अंदरूनी तौर पर इस पूरे मामले को राजनीतिक फायदे या नुकसान के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
|
संक्षिप्त सारांश: बुरहान को मारने से पहले CM मेहबूबा मुफ्ती को भरोसे में नहीं लिया गया
बुरहान को मारे जाने और उसके बाद पैदा हुए हालात की उच्चस्तरीय जांच हो
ताक़त के बल पर घाटी के मौजूदा माहौल को नहीं बदला जा सकता
| 29
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: बैंक से रुपए न मिलने पर राजघराने से ताल्लुक रखने वाले और राजस्थान के डीग कुम्हेर से कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह ने मथुरा गेट थाने में आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. भरतपुर में बैंक से 10,000 रुपये न मिलने पर गुस्से में आकर विधायक पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के मुताबिक, विधायक विश्वेंद्र सिंह का खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ब्रांच में है. पैसे की जरूरत होने पर वह बैंक गाए और लाइन में लगभग एक घंटे तक लगे रहे लेकिन जब उनकी बारी आई और वह काउंटर पर पहुंचे तो बैंक की तरफ से कहा गया कि बैंक में केवल तीन लाख रुपये की नकदी है और उन्हें दो हजार से ज्यादा की निकासी नहीं दी जा सकती है. जबकि उन्हें 10,000 रुपये की जरूरत थी.टिप्पणियां
आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भरतपुर के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने की मांग करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह ने कहा, "आरबीआई को विमुद्रीकरण के बाद पैदा होने वाले हालात के बारे में जानकारी थी तो फिर पूरी मात्रा में नए नोट क्यों नहीं छापे गए? उन्होंने कहा बैंकों को पर्याप्त मात्रा में करेंसी उपलब्ध नहीं करवाने के लिए आरबीआई को सजा मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली लेकिन आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ धोखा देने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की. उन्होंने कहा कि अगर इन धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया जाता तो वो कोर्ट जाएंगे." वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
शिकायत के मुताबिक, विधायक विश्वेंद्र सिंह का खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ब्रांच में है. पैसे की जरूरत होने पर वह बैंक गाए और लाइन में लगभग एक घंटे तक लगे रहे लेकिन जब उनकी बारी आई और वह काउंटर पर पहुंचे तो बैंक की तरफ से कहा गया कि बैंक में केवल तीन लाख रुपये की नकदी है और उन्हें दो हजार से ज्यादा की निकासी नहीं दी जा सकती है. जबकि उन्हें 10,000 रुपये की जरूरत थी.टिप्पणियां
आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भरतपुर के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने की मांग करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह ने कहा, "आरबीआई को विमुद्रीकरण के बाद पैदा होने वाले हालात के बारे में जानकारी थी तो फिर पूरी मात्रा में नए नोट क्यों नहीं छापे गए? उन्होंने कहा बैंकों को पर्याप्त मात्रा में करेंसी उपलब्ध नहीं करवाने के लिए आरबीआई को सजा मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली लेकिन आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ धोखा देने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की. उन्होंने कहा कि अगर इन धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया जाता तो वो कोर्ट जाएंगे." वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स भरतपुर के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज करवाने की मांग करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह ने कहा, "आरबीआई को विमुद्रीकरण के बाद पैदा होने वाले हालात के बारे में जानकारी थी तो फिर पूरी मात्रा में नए नोट क्यों नहीं छापे गए? उन्होंने कहा बैंकों को पर्याप्त मात्रा में करेंसी उपलब्ध नहीं करवाने के लिए आरबीआई को सजा मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली लेकिन आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ धोखा देने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की. उन्होंने कहा कि अगर इन धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया जाता तो वो कोर्ट जाएंगे." वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
उन्होंने कहा, "हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली लेकिन आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ धोखा देने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की. उन्होंने कहा कि अगर इन धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया जाता तो वो कोर्ट जाएंगे." वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी.
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह को 10,000 रुपये की आवश्यकता
नकदी न होने से बैंक ने की 2000 रुपये देने की पेशकश
विधायक ने कहा कि केस दर्ज नहीं किया जाता तो वो कोर्ट जाएंगे
| 25
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने इस बात पर जोर दिया है कि उभरती हुई विश्व शक्ति और स्थानीय शक्ति होने के नाते भारत को अफगानिस्तान के साथ संबंध बनाने का पूरा अधिकार है। इसके अलावा अमेरिका ने युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की प्रशंसा भी की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने कहा, हम स्पष्ट कर चुके हैं कि स्थानीय और उभरती हुई विश्व शक्ति होने के नाते भारत को अफगानिस्तान के साथ अपने संबंध स्थापित करने का पूरा अधिकार है। भारत, अफगानिस्तान को जो सहयोग दे रहा है, हम उसकी प्रशंसा करते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका अफ-पाक क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने में क्षेत्रीय पहलू का भी ध्यान रख रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, राजनीतिक चरमपंथ की चुनौती किसी एक देश तक सीमित नहीं है। अफगानिस्तान में भारतीय हितों पर भी हमले हो रहे हैं। यह एक कारण है कि हम उस क्षेत्र में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के साथ संबंध गहरे कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सभी देशों को प्रभावित करने वाले इस चरमपंथ पर प्रहार किया जाए।
|
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका ने जोर दिया कि उभरती हुई विश्व शक्ति और स्थानीय शक्ति होने के नाते भारत को अफगानिस्तान के साथ संबंध बनाने का अधिकार है।
| 27
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुणे के पार्वती क्षेत्र के निकट झुग्गी बस्ती में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर वाहनों में आग लगा दी जिसमें 27 बाइक और एक टेपों जल कर खाक हो गए. पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में नीलेश पाटिल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.
दत्तावाडी पुलिस थाने के अधिकारियों से मिली सूचना के अनुसार घटना रात एक से 1:45 बजे के बीच की है. पार्वती क्षेत्र के जनता बसाहट में एक दोपहिया वाहन में आग लगाई गई और देखते ही देखते इसने आस पास के सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, वाहनों में आग लगने के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और अग्निशमन दल को इसकी सूचना दी. जिसके बाद आग पर काबू पाया गया. इस आगजनी में बड़ी संख्या में वाहन जल कर खाक हो गए. उन्होंने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर पाटिल को पकड़ा और उसने नशे में घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया.
शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों को आग लगाने की घटना में तेजी आई है और अधिकतर मामलों में आपसी रंजिश में आग लगाने की बात सामने आई है.
दत्तावाडी पुलिस थाने के अधिकारियों से मिली सूचना के अनुसार घटना रात एक से 1:45 बजे के बीच की है. पार्वती क्षेत्र के जनता बसाहट में एक दोपहिया वाहन में आग लगाई गई और देखते ही देखते इसने आस पास के सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, वाहनों में आग लगने के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और अग्निशमन दल को इसकी सूचना दी. जिसके बाद आग पर काबू पाया गया. इस आगजनी में बड़ी संख्या में वाहन जल कर खाक हो गए. उन्होंने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर पाटिल को पकड़ा और उसने नशे में घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया.
शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों को आग लगाने की घटना में तेजी आई है और अधिकतर मामलों में आपसी रंजिश में आग लगाने की बात सामने आई है.
उन्होंने कहा, वाहनों में आग लगने के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और अग्निशमन दल को इसकी सूचना दी. जिसके बाद आग पर काबू पाया गया. इस आगजनी में बड़ी संख्या में वाहन जल कर खाक हो गए. उन्होंने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर पाटिल को पकड़ा और उसने नशे में घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया.
शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों को आग लगाने की घटना में तेजी आई है और अधिकतर मामलों में आपसी रंजिश में आग लगाने की बात सामने आई है.
शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों को आग लगाने की घटना में तेजी आई है और अधिकतर मामलों में आपसी रंजिश में आग लगाने की बात सामने आई है.
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुणे के पार्वती क्षेत्र के निकट झुग्गी बस्ती की घटना
नीलेश पाटिल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया
कथित तौर पर वाहनों में आग लगा दी
| 25
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जासूसी गिरोह में संलिप्तता के मामले में हिरासत में लिए गए पाकिस्तान उच्चायोग के एक कर्मचारी के फर्जी आधार कार्ड में जिस व्यक्ति के पता का इस्तेमाल किया गया, उन्होंने कहा कि अपने घर पर पत्रकारों की भीड़ जुटने के बाद ही उनको मामले का पता चला.
पुलिस ने जासूसी गिरोह में संलिप्तता के लिए पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को उसके दो सहयोगियों के साथ हिरासत में लिया.
उनकी गतिविधियां संवेदनशील रक्षा दस्तावेज और भारत-पाक सीमा पर बीएसफ की तैनाती के विवरण को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा करने से जुड़ी थी.
अख्तर के चांदनी चौक निवासी होने का दावा किया गया और घर का पता 2350, गली निकट मदारी, रोडग्रान मोहल्ला वाला फर्जी आधार कार्ड दिखाया गया.टिप्पणियां
हालांकि, घर के मालिक मोहम्मद आसिफ ने कहा, 'मुझे नहीं पता कार्ड पर किस तरह और क्यों मेरा पता है. मीडियाकर्मियों के मेरे घर पर आने के बाद तब हमें पता चला जब मुझसे पूछा गया कि मेरा पता उस व्यक्ति के आधार कार्ड पर कैसे था. यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है.' आसिफ ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले 40 साल से उस इलाके में रह रहा है और घर भी उनकी पारिवारिक विरासत का है. उन्होंने कहा, 'हमारे पूर्वज यहां रहते थे और मेरा परिवार यहां रहता है और इसमें मेरे बच्चे रहेंगे. मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता, जिसके कार्ड पर मेरा पता है'. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस ने जासूसी गिरोह में संलिप्तता के लिए पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर को उसके दो सहयोगियों के साथ हिरासत में लिया.
उनकी गतिविधियां संवेदनशील रक्षा दस्तावेज और भारत-पाक सीमा पर बीएसफ की तैनाती के विवरण को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा करने से जुड़ी थी.
अख्तर के चांदनी चौक निवासी होने का दावा किया गया और घर का पता 2350, गली निकट मदारी, रोडग्रान मोहल्ला वाला फर्जी आधार कार्ड दिखाया गया.टिप्पणियां
हालांकि, घर के मालिक मोहम्मद आसिफ ने कहा, 'मुझे नहीं पता कार्ड पर किस तरह और क्यों मेरा पता है. मीडियाकर्मियों के मेरे घर पर आने के बाद तब हमें पता चला जब मुझसे पूछा गया कि मेरा पता उस व्यक्ति के आधार कार्ड पर कैसे था. यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है.' आसिफ ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले 40 साल से उस इलाके में रह रहा है और घर भी उनकी पारिवारिक विरासत का है. उन्होंने कहा, 'हमारे पूर्वज यहां रहते थे और मेरा परिवार यहां रहता है और इसमें मेरे बच्चे रहेंगे. मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता, जिसके कार्ड पर मेरा पता है'. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उनकी गतिविधियां संवेदनशील रक्षा दस्तावेज और भारत-पाक सीमा पर बीएसफ की तैनाती के विवरण को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ साझा करने से जुड़ी थी.
अख्तर के चांदनी चौक निवासी होने का दावा किया गया और घर का पता 2350, गली निकट मदारी, रोडग्रान मोहल्ला वाला फर्जी आधार कार्ड दिखाया गया.टिप्पणियां
हालांकि, घर के मालिक मोहम्मद आसिफ ने कहा, 'मुझे नहीं पता कार्ड पर किस तरह और क्यों मेरा पता है. मीडियाकर्मियों के मेरे घर पर आने के बाद तब हमें पता चला जब मुझसे पूछा गया कि मेरा पता उस व्यक्ति के आधार कार्ड पर कैसे था. यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है.' आसिफ ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले 40 साल से उस इलाके में रह रहा है और घर भी उनकी पारिवारिक विरासत का है. उन्होंने कहा, 'हमारे पूर्वज यहां रहते थे और मेरा परिवार यहां रहता है और इसमें मेरे बच्चे रहेंगे. मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता, जिसके कार्ड पर मेरा पता है'. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अख्तर के चांदनी चौक निवासी होने का दावा किया गया और घर का पता 2350, गली निकट मदारी, रोडग्रान मोहल्ला वाला फर्जी आधार कार्ड दिखाया गया.टिप्पणियां
हालांकि, घर के मालिक मोहम्मद आसिफ ने कहा, 'मुझे नहीं पता कार्ड पर किस तरह और क्यों मेरा पता है. मीडियाकर्मियों के मेरे घर पर आने के बाद तब हमें पता चला जब मुझसे पूछा गया कि मेरा पता उस व्यक्ति के आधार कार्ड पर कैसे था. यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है.' आसिफ ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले 40 साल से उस इलाके में रह रहा है और घर भी उनकी पारिवारिक विरासत का है. उन्होंने कहा, 'हमारे पूर्वज यहां रहते थे और मेरा परिवार यहां रहता है और इसमें मेरे बच्चे रहेंगे. मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता, जिसके कार्ड पर मेरा पता है'. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि, घर के मालिक मोहम्मद आसिफ ने कहा, 'मुझे नहीं पता कार्ड पर किस तरह और क्यों मेरा पता है. मीडियाकर्मियों के मेरे घर पर आने के बाद तब हमें पता चला जब मुझसे पूछा गया कि मेरा पता उस व्यक्ति के आधार कार्ड पर कैसे था. यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है.' आसिफ ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले 40 साल से उस इलाके में रह रहा है और घर भी उनकी पारिवारिक विरासत का है. उन्होंने कहा, 'हमारे पूर्वज यहां रहते थे और मेरा परिवार यहां रहता है और इसमें मेरे बच्चे रहेंगे. मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता, जिसके कार्ड पर मेरा पता है'. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
संक्षिप्त पाठ: व्यक्ति ने कहा, घर पर पत्रकारों की भीड़ जुटने के बाद ही मामले का पता चला
यह हम सब के लिए हैरान करने वाली बात है- मोहम्मद आसिफ
अगर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी तो वह उन्हें सच बताएंगे- आसिफ
| 22
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: डिलीवरी का दौर बहुत नाजुक भरा होता है. इस दौरान हम काफी सावधानियां भी बरतें हैं. लेकिन गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा किस वक्त शुरू हो जाए यह कह पाना थोड़ा मुश्किल होता है. ऐसे ही अमृतसर से हावड़ा जाने वाली डुप्लीकेट एक्सप्रेस में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के कारण किसी तरह चलती ट्रेन में ही डिलीवरी कराई गई. ट्रेन में नवजात की किलकारी गूंजने लगी. ट्रेन रुकने पर जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.टिप्पणियां
बता दें, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली डुप्लीकेट एक्सप्रेस की महिला बोगी में बिहार की एक महिला सफर कर रही थी. मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. तब गार्ड को सूचना दी गई. गार्ड ने कंट्रोल को पूरी जानकारी दी. इस बीच महिलाओं ने महिला की डिलीवरी कराई. ट्रेन में किलकारी गूंजने पर रात करीब नौ बजे उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ट्रेन को रोका गया. जीआरपी के एसओ विजय बहादुर वर्मा ने एंबुलेंस बुलाया. उसके बाद जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं.
गौरतलब है कि हाल ही में तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में ही फ्रांस की एक महिला ने अपनी बच्ची को जन्म दे दिया था. फ्लाइट के उड़ान भरते ही महिला को लेबर पेन शुरू हो गया था, जिसके बाद केबिन क्रू ने मदद कर उसकी डिलिवरी कराई गई थी. बता दें, यह फ्लाइट ने गुयाना से इस्तांबुल जा रही थी. यहां फ्लाइट के टेकऑफ करने के कुछ देर बाद ही नाफी दियाबी नाम की महिला को लेबर पेन होने लगा था.
उसके बाद केबिन क्रू ने मदद की और नाफी ने बच्ची को जन्म दिया था. फ्लाइट को फौरन बुर्किना फासो में उतारा गया था. ताकि मां-बच्ची को जल्द मेडिकल केयर मिल सके. उस दौरान भी मां और बेटी दोनों ही स्वस्थ थे. बात दें, बेटी का नाम कादिजू रखा गया था.
बता दें, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली डुप्लीकेट एक्सप्रेस की महिला बोगी में बिहार की एक महिला सफर कर रही थी. मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. तब गार्ड को सूचना दी गई. गार्ड ने कंट्रोल को पूरी जानकारी दी. इस बीच महिलाओं ने महिला की डिलीवरी कराई. ट्रेन में किलकारी गूंजने पर रात करीब नौ बजे उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ट्रेन को रोका गया. जीआरपी के एसओ विजय बहादुर वर्मा ने एंबुलेंस बुलाया. उसके बाद जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं.
गौरतलब है कि हाल ही में तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में ही फ्रांस की एक महिला ने अपनी बच्ची को जन्म दे दिया था. फ्लाइट के उड़ान भरते ही महिला को लेबर पेन शुरू हो गया था, जिसके बाद केबिन क्रू ने मदद कर उसकी डिलिवरी कराई गई थी. बता दें, यह फ्लाइट ने गुयाना से इस्तांबुल जा रही थी. यहां फ्लाइट के टेकऑफ करने के कुछ देर बाद ही नाफी दियाबी नाम की महिला को लेबर पेन होने लगा था.
उसके बाद केबिन क्रू ने मदद की और नाफी ने बच्ची को जन्म दिया था. फ्लाइट को फौरन बुर्किना फासो में उतारा गया था. ताकि मां-बच्ची को जल्द मेडिकल केयर मिल सके. उस दौरान भी मां और बेटी दोनों ही स्वस्थ थे. बात दें, बेटी का नाम कादिजू रखा गया था.
गौरतलब है कि हाल ही में तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में ही फ्रांस की एक महिला ने अपनी बच्ची को जन्म दे दिया था. फ्लाइट के उड़ान भरते ही महिला को लेबर पेन शुरू हो गया था, जिसके बाद केबिन क्रू ने मदद कर उसकी डिलिवरी कराई गई थी. बता दें, यह फ्लाइट ने गुयाना से इस्तांबुल जा रही थी. यहां फ्लाइट के टेकऑफ करने के कुछ देर बाद ही नाफी दियाबी नाम की महिला को लेबर पेन होने लगा था.
उसके बाद केबिन क्रू ने मदद की और नाफी ने बच्ची को जन्म दिया था. फ्लाइट को फौरन बुर्किना फासो में उतारा गया था. ताकि मां-बच्ची को जल्द मेडिकल केयर मिल सके. उस दौरान भी मां और बेटी दोनों ही स्वस्थ थे. बात दें, बेटी का नाम कादिजू रखा गया था.
|
संक्षिप्त सारांश: अमृतसर-हावड़ा डुप्लीकेट एक्सप्रेस में बिहार की एक महिला सफर कर रही थी.
मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई.
जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, दोनों स्वस्थ्य हैं.
| 8
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच ऑस्ट्रेलिया से लौटते वक्त फ्लाइट के दौरान हुए झगड़े ने न केवल उनके फैन्स को निराश किया है बल्कि इस घटना से कॉमेडी जगत से जुड़े कई सितारे भी परेशान हुए हैं. ऐसे में कपिल शर्मा के कॉमेडी शो 'द कपिल शर्मा शो' में इस झगड़े के बाद पहला एपिसोड शूट करने वाले कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का कहना है कि वह चाहते हैं कि कपिल और सुनील में जल्द ही सुलह हो जाए और वह खुद इसके लिए दोनों से बात करेंगे. कपिल के इस शो का कुछ मौकों पर पहले भी हिस्सा बन चुके राजू श्रीवास्तव ने मंगवार को कपिल के शो की शूटिंग की है. राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम से कहा, 'कपिल और सुनील दोनों ही मुझे बड़े भाई की तरह मानते हैं और मैं समझ नहीं पा रहा कि यह झगड़ा इतना कैसे बढ़ गया. हमने इस एपिसोड की शूटिंग कर ली है और इससे इन दोनों को एक दूसरे से बात करने का मौका मिलेगा.'टिप्पणियां
राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम कहा, 'मेरे साथ इस शूट पर एहसान कुरैशी और सुनील पाल भी थे, लेकिन हमने किसी को रिप्लेस करने के आधार पर यह शूटिंग नहीं की है. कपिल और सुनील दोनों ही बहुत अच्छे कलाकार हैं और झगड़े तो इनके बीच में पहले भी हुए हैं लेकिन इस बार यह बात कुछ ज्यादा बढ़ गई है.' बता दें कि राजू श्रीवास्तव, एहसान कुरैशी और सुनील पाल, कपिल शर्मा के साथ उनके शुरुआती सालों में कॉमेडी करते रहे हैं. इन सभी ने 'लाफ्टर चैलेंज' में एक साथ भाग लिया था.
राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि मंगलवार को हुई शूटिंग में पुरानी टीम से सिर्फ किकू शारदा ही नजर आए. इस शूटिंग में सुनील ग्रोवर, अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने हिस्सा नहीं लिया है. इस झगड़े के पीछे क्या कपिल और सुनील ग्रोवर के बची का अहम है के सवाल पर राजू श्रीवास्तव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता. मुझे लगता है कि इस झगड़े के पीछे शराब का ज्यादा हाथ है. मैं उन्हें जानता हूं और वह दोनों अच्छे दोस्त हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वह दोनों साथ आए.'
बता दें कि इस बार एपिसोड के शूट में कपिल के साथ उनकी गर्लफ्रेंड और होने वाली पत्नी जीनी भी साथ थीं. कपिल ने शो के महमानों से गिनी को अपनी 'पत्नी' कहकर मिलवाया. राजू श्रीवास्तव ने बताया कि जीनी दर्शकों में आगे बैठी थीं. कपिल ने ही हमें जीनी से मिलवाया. अक्सर शादी के सवाल पर चुप्पी साध लेने वाले कपिल शर्मा ने हाल ही में ट्विटर पर अपनी गर्लफ्रेंड गिनी चतरथ के साथ अपनी एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं. यह पहली बार था जब कपिल ने अपने रिश्ते की बात स्वीकार की.
राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम कहा, 'मेरे साथ इस शूट पर एहसान कुरैशी और सुनील पाल भी थे, लेकिन हमने किसी को रिप्लेस करने के आधार पर यह शूटिंग नहीं की है. कपिल और सुनील दोनों ही बहुत अच्छे कलाकार हैं और झगड़े तो इनके बीच में पहले भी हुए हैं लेकिन इस बार यह बात कुछ ज्यादा बढ़ गई है.' बता दें कि राजू श्रीवास्तव, एहसान कुरैशी और सुनील पाल, कपिल शर्मा के साथ उनके शुरुआती सालों में कॉमेडी करते रहे हैं. इन सभी ने 'लाफ्टर चैलेंज' में एक साथ भाग लिया था.
राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि मंगलवार को हुई शूटिंग में पुरानी टीम से सिर्फ किकू शारदा ही नजर आए. इस शूटिंग में सुनील ग्रोवर, अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने हिस्सा नहीं लिया है. इस झगड़े के पीछे क्या कपिल और सुनील ग्रोवर के बची का अहम है के सवाल पर राजू श्रीवास्तव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता. मुझे लगता है कि इस झगड़े के पीछे शराब का ज्यादा हाथ है. मैं उन्हें जानता हूं और वह दोनों अच्छे दोस्त हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वह दोनों साथ आए.'
बता दें कि इस बार एपिसोड के शूट में कपिल के साथ उनकी गर्लफ्रेंड और होने वाली पत्नी जीनी भी साथ थीं. कपिल ने शो के महमानों से गिनी को अपनी 'पत्नी' कहकर मिलवाया. राजू श्रीवास्तव ने बताया कि जीनी दर्शकों में आगे बैठी थीं. कपिल ने ही हमें जीनी से मिलवाया. अक्सर शादी के सवाल पर चुप्पी साध लेने वाले कपिल शर्मा ने हाल ही में ट्विटर पर अपनी गर्लफ्रेंड गिनी चतरथ के साथ अपनी एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं. यह पहली बार था जब कपिल ने अपने रिश्ते की बात स्वीकार की.
राजू श्रीवास्तव ने एनडीटीवी खबर डॉट कॉम को बताया कि मंगलवार को हुई शूटिंग में पुरानी टीम से सिर्फ किकू शारदा ही नजर आए. इस शूटिंग में सुनील ग्रोवर, अली असगर, चंदन प्रभाकर और सुगंधा मिश्रा ने हिस्सा नहीं लिया है. इस झगड़े के पीछे क्या कपिल और सुनील ग्रोवर के बची का अहम है के सवाल पर राजू श्रीवास्तव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता. मुझे लगता है कि इस झगड़े के पीछे शराब का ज्यादा हाथ है. मैं उन्हें जानता हूं और वह दोनों अच्छे दोस्त हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वह दोनों साथ आए.'
बता दें कि इस बार एपिसोड के शूट में कपिल के साथ उनकी गर्लफ्रेंड और होने वाली पत्नी जीनी भी साथ थीं. कपिल ने शो के महमानों से गिनी को अपनी 'पत्नी' कहकर मिलवाया. राजू श्रीवास्तव ने बताया कि जीनी दर्शकों में आगे बैठी थीं. कपिल ने ही हमें जीनी से मिलवाया. अक्सर शादी के सवाल पर चुप्पी साध लेने वाले कपिल शर्मा ने हाल ही में ट्विटर पर अपनी गर्लफ्रेंड गिनी चतरथ के साथ अपनी एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं. यह पहली बार था जब कपिल ने अपने रिश्ते की बात स्वीकार की.
|
यह एक सारांश है: राजू श्रीवास्तव ने की 'द कपिल शर्मा शो' की शूटिंग
राजू: मैं कपिल और सुनील दोनों के बची सुलह कराने की कोशिश करुंगा
अपने शो पर अपनी गर्लफ्रेंड को लोगों से मिला रहे हैं कपिल शर्मा
| 9
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के मुख्य मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने कहा कि लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम में अब भी काफी प्रतिभा मौजूद है और वह एक और ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।टिप्पणियां
यहां खेल सेमीनार में शिरकत करने पहुंचे संधू ने कहा कि इस 29 वर्षीय मुक्केबाज की फॉर्म और आत्मविश्वास का स्तर शानदार है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए मैरी कॉम को अपनी फॉर्म बरकरार रखनी पड़ेगी।
द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त कर चुके संधू ने कहा कि करीब 50 मुक्केबाज अक्टूबर में कजाकिस्तान के अलमाटी में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए पटियाला में शिविर में भाग ले रहे हैं।
यहां खेल सेमीनार में शिरकत करने पहुंचे संधू ने कहा कि इस 29 वर्षीय मुक्केबाज की फॉर्म और आत्मविश्वास का स्तर शानदार है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए मैरी कॉम को अपनी फॉर्म बरकरार रखनी पड़ेगी।
द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त कर चुके संधू ने कहा कि करीब 50 मुक्केबाज अक्टूबर में कजाकिस्तान के अलमाटी में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए पटियाला में शिविर में भाग ले रहे हैं।
द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त कर चुके संधू ने कहा कि करीब 50 मुक्केबाज अक्टूबर में कजाकिस्तान के अलमाटी में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए पटियाला में शिविर में भाग ले रहे हैं।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के मुख्य मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने कहा कि लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम में अब भी काफी प्रतिभा मौजूद है और वह एक और ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
| 11
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में बने पहले लाइट कॉम्बेट एयरकाफ्ट यानी तेजस के इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। दो विमानों का इसका पहला बेड़ा एक जुलाई को बेंगलुरु में तैयार हो जाएगा। इस बेड़े का नाम रखा गया है फ्लांइग ड्रैगर।
शुरू के दो साल बेंगलुरु में रहने के बाद ये स्क्ावड्रन तमिलनाडु के सलूर चला जाएगा। वायुसेना की योजना अगले साल मार्च तक इसके बेड़े में छह तेजस शामिल करने की है। इसके बाद आठ और तेजस बेड़े में शामिल किये जाएंगे। इसके बाद ही तेजस को किसी फॉरवर्ड एरिया में तैनात किया जाएगा।
एक इंजन वाले इस लड़ाकू विमान की तुलना चीन और पाकिस्तान द्वारा मिलकर तैयार किये गए जेएफ-17 से की जाती है। वायुसेना की मानें तो ये विमान जेएफ-17 से कही ज्यादा बेहतर है । धीरे-धीरे तेजस वायुसेना से पुराने पड़ चुके मिग-21 को रिप्लेस कर देगा। मिग-21 का इस्तेमाल हवा से हवा और जमीनी हमले के लिये किया जाता है।
अपग्रेड तेजस वायुसेना के हर तरह के रोल में फिट होगा जिसकी कीमत करीब 250 से 300 करोड़ होगी। वायुसेना ने तेजस बनाने वाली कंपनी हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को 120 विमानों का ऑर्डर दिया है।
|
यह एक सारांश है: तेजस के पहले बेड़े का नाम रखा गया है फ्लांइग ड्रैगर
चीन और पाक द्वारा निर्मित जेएफ-17 से की जाती तुलना
वायुसेना के पुराने पड़ चुके मिग-21 को रिप्लेस करेगा तेजस
| 9
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में एक बार फिर रफ्तार का क़हर देखने को मिला है। इस बार एक तेज़ रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने एक स्कूल की कैब को टक्कर मार दी जिससे वैन के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। स्कूल की कैब में ड्राइवर के अलावा कोई नहीं था।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है। मामला सोमवार रात डेढ़ बजे का है जब मंडावली के रहने वाले मोहम्मद रफीक किसी काम से अपनी इको कार से भगवानदास मार्ग होते हुए इंडिया गेट जा रहे थे। तभी तिलक मार्ग से तेज़ रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने रफीक की कार को टक्कर मार दी।टिप्पणियां
टक्कर इतनी जबरदस्त थी की हादसे के बाद इको कार में तुरंत ही आग लग गयी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस भी मोके पर पहुंची जहाँ से रफीक को पास के ही एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने रफीक को मृत घोषित कर दिया।
रफीक मंडावली में अपने माता पिता, पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था और नोएडा के एक स्कूल में कैब ड्राइवर के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस इस मामले पर अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है। मामला सोमवार रात डेढ़ बजे का है जब मंडावली के रहने वाले मोहम्मद रफीक किसी काम से अपनी इको कार से भगवानदास मार्ग होते हुए इंडिया गेट जा रहे थे। तभी तिलक मार्ग से तेज़ रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने रफीक की कार को टक्कर मार दी।टिप्पणियां
टक्कर इतनी जबरदस्त थी की हादसे के बाद इको कार में तुरंत ही आग लग गयी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस भी मोके पर पहुंची जहाँ से रफीक को पास के ही एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने रफीक को मृत घोषित कर दिया।
रफीक मंडावली में अपने माता पिता, पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था और नोएडा के एक स्कूल में कैब ड्राइवर के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस इस मामले पर अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी की हादसे के बाद इको कार में तुरंत ही आग लग गयी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस भी मोके पर पहुंची जहाँ से रफीक को पास के ही एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने रफीक को मृत घोषित कर दिया।
रफीक मंडावली में अपने माता पिता, पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था और नोएडा के एक स्कूल में कैब ड्राइवर के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस इस मामले पर अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
रफीक मंडावली में अपने माता पिता, पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था और नोएडा के एक स्कूल में कैब ड्राइवर के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस इस मामले पर अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
|
दिल्ली में एक बार फिर रफ्तार का क़हर देखने को मिला है। इस बार एक तेज़ रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने एक स्कूल की कैब को टक्कर मार दी जिससे वैन के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। स्कूल की कैब में ड्राइवर के अलावा कोई नहीं था।
| 6
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज के गंगाघाट थाना क्षेत्र के ऋषिनगर में भाई-बहन की गला रेतकर हत्या कर दी गई है. गंगाघाट कोतवाली के इंस्पेक्टर हरिप्रसाद अहिरवार ने बताया कि कानपुर से सटे शुक्लागंज के गंगाघाट थाना क्षेत्र के ऋषिनगर में भाई-बहन की गला रेतकर हत्या कर दी गई. उन्होंने बताया कि गंगाघाट थाना क्षेत्र के ऋषिनगर निवासी पवन मिश्र एक कंपनी में सेल्समैन हैं. सोमवार सुबह पवन काम पर चले गए और उनकी पत्नी मोनू पास ही नर्सिगहोम में भर्ती बहन की बहू को देखने चली गईं. घर में 14 साल की बेटी अंशिका और और ढाई साल का बेटा राघव अकेले थे. जब वह घर लौटीं तो दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद थी. कुंडी खोलने के बाद मोनू ने बच्चों को आवाज दी, पर कोई जवाब नहीं मिला. इस पर वह दूसरी मंजिल पर होने की सोचकर वहां पहुंच गईं.
उन्होंने बताया कि कमरे में अलमारी का सामान बिखरा देखकर अनहोनी की आशंका पर वह भागकर नीचे के कमरे में पहुंचीं तो बेड पर बेटी और मासूम बेटे के खून से लथपथ शव देख बदहवास हो गईं. दोनों मासूम बच्चों की गला रेतकर हत्या की गई थी. मामले की जांच की जा रही है.
मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार पांडेय ने पांच टीमें गठित की हैं. एक टीम गंगाघाट के कोतवाल व दूसरी अचलगंज के प्रभारी निरीक्षक आशुतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में बनी है. स्वाट सर्विलांस और फील्ड यूनिट टीम को भी लगाया है.
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भाई-बहन की दिनदहाड़े हत्या
गला रेतकर की गई हत्या
यूपी के उन्नाव जिले की घटना
| 3
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुणे में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच कर रही महाराष्ट्र एटीएस और पुणे क्राइम ब्रांच के हाथ कुछ नए सुराग लगे हैं। जांच के लिए बनी एक संयुक्त टीम के अनुसार पुणे में हुए इस बम धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी मोहिसीन चौधरी का हाथ हो सकता है।
जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने दावा किया की चौधरी ने इस धमाके को अंजाम देने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के स्लीपर सेल आतंकियों का इस्तेमाल किया है। सूत्र दावा कर रहे हैं कि, "धमाकों के लिए इस्तेमाल साईकिल को खरीदने के लिए जो लोग आये थे उनके बोल-चाल की शैली में गुजराती भाषा का समावेश था।"
जाँच से जुड़े अधिकारी शक जता रहे हैं कि ये लोग गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा के पास रहने वाले इंडियन मुजाहीदीन के स्लीपर सेल के लोग हो सकते हैं जिन्हें धमाकों में मदद के लिए एक्टिव किया गया हो। मामले की जांच के लिए एटीस की दो टीमें गुजरात के इलाकों में गई हैं और एक टीम कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में सबूतों की तलाश में गई है।
मौका-ए-वारदात से बरामद किए गए बम की जाँच के बाद पता चला कि बम में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल किया गया था ताकि बम जोरदार धमाके करने में कामयाब रहें। टिप्पणियां
एफसएल से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं कि "लेकिन इसी पेट्रोलियम जेली के चलते बमों में नमी आ गई और धमाके नहीं हो पाए।" इसके पहले भी इंडियन मुजाहीदीन ने गुजरात के सूरत इलाके में डिजिटल टाईमर का इस्तेमाल किया था जिसके चलते वो बमों को 48 से 72 घंटो तक का वक़्त देकर उसमें विस्फोट करा सकते थे
लेकिन डिजीटल टाईमर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बम में विस्फोट नहीं हो पाया और समय रहते गुजरात पुलिस ने बमों को निष्क्रिय कर दिया था।
धमाकों की जांच में जिस मोहिसीन चौधरी का नाम सामने आ रहा है वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक है। चौधरी ने ही पुणे के जर्मन बेकरी बम धमकों को अंजाम दिया था। मामले में एटीस ने भले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया हो लेकिन चौधरी पुलिस को चकमा दे कर फरार होने में कामयाब रहा था। मोहिसीन चौधरी पुणे के ही कोंडावा इलाके में रहा करता था और वह पुणे के चप्पे-चप्पे से मुखातिब है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने दावा किया की चौधरी ने इस धमाके को अंजाम देने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के स्लीपर सेल आतंकियों का इस्तेमाल किया है। सूत्र दावा कर रहे हैं कि, "धमाकों के लिए इस्तेमाल साईकिल को खरीदने के लिए जो लोग आये थे उनके बोल-चाल की शैली में गुजराती भाषा का समावेश था।"
जाँच से जुड़े अधिकारी शक जता रहे हैं कि ये लोग गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा के पास रहने वाले इंडियन मुजाहीदीन के स्लीपर सेल के लोग हो सकते हैं जिन्हें धमाकों में मदद के लिए एक्टिव किया गया हो। मामले की जांच के लिए एटीस की दो टीमें गुजरात के इलाकों में गई हैं और एक टीम कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में सबूतों की तलाश में गई है।
मौका-ए-वारदात से बरामद किए गए बम की जाँच के बाद पता चला कि बम में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल किया गया था ताकि बम जोरदार धमाके करने में कामयाब रहें। टिप्पणियां
एफसएल से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं कि "लेकिन इसी पेट्रोलियम जेली के चलते बमों में नमी आ गई और धमाके नहीं हो पाए।" इसके पहले भी इंडियन मुजाहीदीन ने गुजरात के सूरत इलाके में डिजिटल टाईमर का इस्तेमाल किया था जिसके चलते वो बमों को 48 से 72 घंटो तक का वक़्त देकर उसमें विस्फोट करा सकते थे
लेकिन डिजीटल टाईमर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बम में विस्फोट नहीं हो पाया और समय रहते गुजरात पुलिस ने बमों को निष्क्रिय कर दिया था।
धमाकों की जांच में जिस मोहिसीन चौधरी का नाम सामने आ रहा है वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक है। चौधरी ने ही पुणे के जर्मन बेकरी बम धमकों को अंजाम दिया था। मामले में एटीस ने भले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया हो लेकिन चौधरी पुलिस को चकमा दे कर फरार होने में कामयाब रहा था। मोहिसीन चौधरी पुणे के ही कोंडावा इलाके में रहा करता था और वह पुणे के चप्पे-चप्पे से मुखातिब है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
जाँच से जुड़े अधिकारी शक जता रहे हैं कि ये लोग गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा के पास रहने वाले इंडियन मुजाहीदीन के स्लीपर सेल के लोग हो सकते हैं जिन्हें धमाकों में मदद के लिए एक्टिव किया गया हो। मामले की जांच के लिए एटीस की दो टीमें गुजरात के इलाकों में गई हैं और एक टीम कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में सबूतों की तलाश में गई है।
मौका-ए-वारदात से बरामद किए गए बम की जाँच के बाद पता चला कि बम में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल किया गया था ताकि बम जोरदार धमाके करने में कामयाब रहें। टिप्पणियां
एफसएल से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं कि "लेकिन इसी पेट्रोलियम जेली के चलते बमों में नमी आ गई और धमाके नहीं हो पाए।" इसके पहले भी इंडियन मुजाहीदीन ने गुजरात के सूरत इलाके में डिजिटल टाईमर का इस्तेमाल किया था जिसके चलते वो बमों को 48 से 72 घंटो तक का वक़्त देकर उसमें विस्फोट करा सकते थे
लेकिन डिजीटल टाईमर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बम में विस्फोट नहीं हो पाया और समय रहते गुजरात पुलिस ने बमों को निष्क्रिय कर दिया था।
धमाकों की जांच में जिस मोहिसीन चौधरी का नाम सामने आ रहा है वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक है। चौधरी ने ही पुणे के जर्मन बेकरी बम धमकों को अंजाम दिया था। मामले में एटीस ने भले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया हो लेकिन चौधरी पुलिस को चकमा दे कर फरार होने में कामयाब रहा था। मोहिसीन चौधरी पुणे के ही कोंडावा इलाके में रहा करता था और वह पुणे के चप्पे-चप्पे से मुखातिब है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
मौका-ए-वारदात से बरामद किए गए बम की जाँच के बाद पता चला कि बम में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल किया गया था ताकि बम जोरदार धमाके करने में कामयाब रहें। टिप्पणियां
एफसएल से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं कि "लेकिन इसी पेट्रोलियम जेली के चलते बमों में नमी आ गई और धमाके नहीं हो पाए।" इसके पहले भी इंडियन मुजाहीदीन ने गुजरात के सूरत इलाके में डिजिटल टाईमर का इस्तेमाल किया था जिसके चलते वो बमों को 48 से 72 घंटो तक का वक़्त देकर उसमें विस्फोट करा सकते थे
लेकिन डिजीटल टाईमर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बम में विस्फोट नहीं हो पाया और समय रहते गुजरात पुलिस ने बमों को निष्क्रिय कर दिया था।
धमाकों की जांच में जिस मोहिसीन चौधरी का नाम सामने आ रहा है वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक है। चौधरी ने ही पुणे के जर्मन बेकरी बम धमकों को अंजाम दिया था। मामले में एटीस ने भले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया हो लेकिन चौधरी पुलिस को चकमा दे कर फरार होने में कामयाब रहा था। मोहिसीन चौधरी पुणे के ही कोंडावा इलाके में रहा करता था और वह पुणे के चप्पे-चप्पे से मुखातिब है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
एफसएल से जुड़े अधिकारी बता रहे हैं कि "लेकिन इसी पेट्रोलियम जेली के चलते बमों में नमी आ गई और धमाके नहीं हो पाए।" इसके पहले भी इंडियन मुजाहीदीन ने गुजरात के सूरत इलाके में डिजिटल टाईमर का इस्तेमाल किया था जिसके चलते वो बमों को 48 से 72 घंटो तक का वक़्त देकर उसमें विस्फोट करा सकते थे
लेकिन डिजीटल टाईमर में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बम में विस्फोट नहीं हो पाया और समय रहते गुजरात पुलिस ने बमों को निष्क्रिय कर दिया था।
धमाकों की जांच में जिस मोहिसीन चौधरी का नाम सामने आ रहा है वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक है। चौधरी ने ही पुणे के जर्मन बेकरी बम धमकों को अंजाम दिया था। मामले में एटीस ने भले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया हो लेकिन चौधरी पुलिस को चकमा दे कर फरार होने में कामयाब रहा था। मोहिसीन चौधरी पुणे के ही कोंडावा इलाके में रहा करता था और वह पुणे के चप्पे-चप्पे से मुखातिब है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि इंडियन मुजाहिदीन के स्लीपर सेल की मदद से वह किसी भी धमाके को अंजाम देने की काबीलियत रखता है।
|
पुणे में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच कर रही महाराष्ट्र एटीएस और पुणे क्राइम ब्रांच के हाथ कुछ नए सुराग लगे हैं। जांच के लिए बनी एक संयुक्त टीम के अनुसार पुणे में हुए इस बम धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी मोहिसीन चौधरी का हाथ हो सकता है।
| 6
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: World Cup 2019: वर्ल्ड कप 2019 (World Cup 2019) में भारतीय क्रिकेट टीम (India Cricket team) अपने दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया टीम (Australia Cricket team) को 36 रनों से हराने के बाद न्यूजीलैंड से भिड़ने जा रही है. भारत-न्यूजीलैंड का यह मैच गुरुवार यानी आज होने जा रहा है. भारत-न्यूजीलैंड (#INDvsNZ #INDvNZ) का मुकाबला ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा, लेकिन स्थानीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मैच पर खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है. बारिश होने की संभावना जताई जा रही है, और अगर मैच के समय बारिश होती है तो वर्ल्ड कप के पिछले मुकाबलों की तरह यह मैच भी रद्द हो सकता है.
इंग्लैंड में हो रहे वर्ल्ड कप पर अब तक तीन मैच बारिश के भेंट चढ़े हैं. भारत-न्यूजीलैंड मैच से पहले पाकिस्तान-श्रीलंका (PAK vs SL) का मैच भी बारिश के कारण रद्द हुआ था. इसके बाद वर्ल्ड कप लगातार हार झेलती दक्षिण अफ्रीका (South Africa team) और वेस्टइंडीज (West Indies team) का मुकाबला भी बारिश की भेंट चढ़ा था. अब भारत-न्यूजीलैंड के बीच होने वाले इस मुकाबले पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है.
हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को दोपहर के बाद बारिश की संभावना कम है, और ऐसे में सीमित ओवरों का मैच हो सकता है. इंग्लैंड में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, और स्थानीय मौसम विभाग ने आगे भी बारिश के होने की भविष्यवाणी की है.
नॉटिंघम के स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को शाम सात बजे तक भारी बारिश की आशंका थी. एक वेबसाइट के अनुसार, 'गुरुवार को दोपहर तक हल्की बारिश होगी. इस दौरान अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम तापमान के 10 से 11 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.'
|
संक्षिप्त सारांश: भारत-न्यूजीलैंड मैच पर मंडरा रहा है बारिश का खतरा
इससे पहले बारिश के चलते पाक-श्रीलंका का मैच हो चुका है रद्द
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दोपहर तक हल्की बारिश होगी
| 23
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हिलेरी क्लिंटन के इतिहास रचने के करीब आकर चूकने के बाद मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कैलिफोर्निया की भारतीय मूल की अटॉर्नी जनरल कमला हैरिस में अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की क्षमता है.
51 साल की कमला इस मंगलवार को कैलिफोर्निया से अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुईं और सीनेट में चुनी जाने वाली प्रांत की पहली अश्वेत एवं एशियाई सदस्य हैं. 51 साल की कमला की मां चेन्नई से हैं और पिता जमैका के रहने वाले हैं.
चुनाव जीतने के साथ ही उन्होंने ट्रम्प की आव्रजन विरोधी नीतियों एवं बड़े पैमाने पर निर्वासन की नीति के खिलाफ अपना राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया.
हफिंगटन पोस्ट ने कल लिखा, ‘‘कमला हैरिस से मिलें जो पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं. कैलिफोर्निया की लोकप्रिय अटॉर्नी जनरल कैपिटोल हिल में जगह बना चुकी हैं. व्हाइट हाउस अगली मंजिल हो सकती है.’’ प्रसिद्ध न्यूज पोर्टल का लेख कमला के ट्रम्पवाद की निंदा करने के एक दिन बाद आया है.
न्यूज पोर्टल ने कहा कि कमला पहले ही सीनेट का चुनाव जीतकर इतिहास रच चुकी हैं और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनका प्रभावशाली ट्रैक रिकार्ड रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित डेमोक्रेटिक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे प्रभावित है. टिप्पणियां
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
51 साल की कमला इस मंगलवार को कैलिफोर्निया से अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुईं और सीनेट में चुनी जाने वाली प्रांत की पहली अश्वेत एवं एशियाई सदस्य हैं. 51 साल की कमला की मां चेन्नई से हैं और पिता जमैका के रहने वाले हैं.
चुनाव जीतने के साथ ही उन्होंने ट्रम्प की आव्रजन विरोधी नीतियों एवं बड़े पैमाने पर निर्वासन की नीति के खिलाफ अपना राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया.
हफिंगटन पोस्ट ने कल लिखा, ‘‘कमला हैरिस से मिलें जो पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं. कैलिफोर्निया की लोकप्रिय अटॉर्नी जनरल कैपिटोल हिल में जगह बना चुकी हैं. व्हाइट हाउस अगली मंजिल हो सकती है.’’ प्रसिद्ध न्यूज पोर्टल का लेख कमला के ट्रम्पवाद की निंदा करने के एक दिन बाद आया है.
न्यूज पोर्टल ने कहा कि कमला पहले ही सीनेट का चुनाव जीतकर इतिहास रच चुकी हैं और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनका प्रभावशाली ट्रैक रिकार्ड रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित डेमोक्रेटिक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे प्रभावित है. टिप्पणियां
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चुनाव जीतने के साथ ही उन्होंने ट्रम्प की आव्रजन विरोधी नीतियों एवं बड़े पैमाने पर निर्वासन की नीति के खिलाफ अपना राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर दिया.
हफिंगटन पोस्ट ने कल लिखा, ‘‘कमला हैरिस से मिलें जो पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं. कैलिफोर्निया की लोकप्रिय अटॉर्नी जनरल कैपिटोल हिल में जगह बना चुकी हैं. व्हाइट हाउस अगली मंजिल हो सकती है.’’ प्रसिद्ध न्यूज पोर्टल का लेख कमला के ट्रम्पवाद की निंदा करने के एक दिन बाद आया है.
न्यूज पोर्टल ने कहा कि कमला पहले ही सीनेट का चुनाव जीतकर इतिहास रच चुकी हैं और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनका प्रभावशाली ट्रैक रिकार्ड रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित डेमोक्रेटिक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे प्रभावित है. टिप्पणियां
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हफिंगटन पोस्ट ने कल लिखा, ‘‘कमला हैरिस से मिलें जो पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं. कैलिफोर्निया की लोकप्रिय अटॉर्नी जनरल कैपिटोल हिल में जगह बना चुकी हैं. व्हाइट हाउस अगली मंजिल हो सकती है.’’ प्रसिद्ध न्यूज पोर्टल का लेख कमला के ट्रम्पवाद की निंदा करने के एक दिन बाद आया है.
न्यूज पोर्टल ने कहा कि कमला पहले ही सीनेट का चुनाव जीतकर इतिहास रच चुकी हैं और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनका प्रभावशाली ट्रैक रिकार्ड रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित डेमोक्रेटिक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे प्रभावित है. टिप्पणियां
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यूज पोर्टल ने कहा कि कमला पहले ही सीनेट का चुनाव जीतकर इतिहास रच चुकी हैं और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनका प्रभावशाली ट्रैक रिकार्ड रहा है. मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित डेमोक्रेटिक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे प्रभावित है. टिप्पणियां
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हफिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘अगर कमला 2020 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह गठबंधन देश भर में उनका प्रोफाइल बढ़ा सकते हैं.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
|
संक्षिप्त पाठ: कैलिफोर्निया की भारतीय मूल की अटॉर्नी जनरल हैं कमला हैरिस
अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित हुईं
ट्रम्प की आव्रजन विरोधी नीतियों एवं निर्वासन की नीति की विरोधी
| 22
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: भारत का विदेशी ऋण 2012.13 में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 390 अरब डॉलर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि अल्पकालिक व्यापार ऋण एवं विदेशी वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) के बढ़ने के चलते विदेशी ऋण में यह बढ़ोतरी हुई।टिप्पणियां
आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘वर्ष 2012-13 के दौरान चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्च, 2012 के अंत में भारत पर कुल करीब 345.5 अरब डॉलर का विदेशी ऋण था।''
आंकड़ों के मुताबिक, कुल ऋण में ईसीबी की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जबकि अल्पकालिक ऋण की 24.8 प्रतिशत एवं एनआरआई जमाओं की 18.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘वर्ष 2012-13 के दौरान चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्च, 2012 के अंत में भारत पर कुल करीब 345.5 अरब डॉलर का विदेशी ऋण था।''
आंकड़ों के मुताबिक, कुल ऋण में ईसीबी की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जबकि अल्पकालिक ऋण की 24.8 प्रतिशत एवं एनआरआई जमाओं की 18.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
आंकड़ों के मुताबिक, कुल ऋण में ईसीबी की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जबकि अल्पकालिक ऋण की 24.8 प्रतिशत एवं एनआरआई जमाओं की 18.2 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
|
संक्षिप्त सारांश: भारत का विदेशी ऋण 2012.13 में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 390 अरब डॉलर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि अल्पकालिक व्यापार ऋण एवं विदेशी वाणिज्यिक ऋण (ईसीबी) के बढ़ने के चलते विदेशी ऋण में यह बढ़ोतरी हुई।
| 8
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति भवन संग्रहालय का उद्घाटन सोमवार को होगा। यहां आप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ चलते हुए महसूस कर पाएंगे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ तस्वीर भी खिंचा पाएंगे और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की वीणा देख पाएंगे।
ऐसा बहुत कुछ होगा राष्ट्रपति भवन के नए तीन मंज़िला म्यूज़ियम में जिसका उद्घाटन सोमवार को होगा। राष्ट्रपति के तौर पर प्रणब मुखर्जी के चार साल पूरा करने के मौके पर प्रधानमंत्री ये उद्घाटन करेंगे। लेकिन पर्यटकों और आम जनता को इसके लिये अभी दो अक्टूबर तक इंतजार करना होगा।
राष्ट्रपति द्वारा इस मौके पर एक हो-हो पर्यटक बस भी रवाना की जाएगी। संग्रहालय के निर्माता सरोज घोष ने कहा कि 1,30,000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित यह संग्रहालय करीब 2000 कलाकृतियों का एक नया ठिकाना होगा और इनके जरिए राष्ट्रपति भवन और भारत के राष्ट्रपतियों की दास्तां बताई जाएगी।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि जब से राष्ट्रपति जी यहां आए तब से उनकी इच्छा रही कि लोगों के लिये कुछ किया जाए। यहां के दरवाजे आम जनता के लिये खोले जाएं। क़रीब एक लाख 20 हजार वर्ग मीटर में फैले राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक विरासत इस ख़ास म्यूज़ियम में दिखेगी। इसे बनाने में क़रीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है। डेढ़ साल में ये म्यूज़ियम बन पाया है। यहां पर कई ऐसी अदभुत चीजें देख पाएंगे जो राष्ट्रपति को दूसरे देशों से मिली हैं या फिर उनकर व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़ी है।
लुटियन्स ज़ोन में होने की वजह से पुरानी इमारत में छेड़छाड़ किये बग़ैर इसे दो मंज़िल नीचे तक अंडरग्राउंड बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन के सलाहकार प्रो. सरोज घोष ने कहा कि यहां पर आकर महूसस करेंगे कि आप इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। कहीं से बोर नहीं होंगे, सबकुछ लाइव लगेगा। कई दुर्लभ पेंटिंग्स भी दिखेंगी जो हैं तो अंधेरे में लेकिन आपके जाते ही सेंसर की मदद वहां की लाइटें जल उठेंगी। इससे बिजली की बचत तो होगी ही, साथ ही पेंटिग्स भी खराब नहीं होगी। और तो और राष्ट्रपति की बग्घी से लेकर मर्सिडीज़ तक यहां दिखेंगी।
ऐसा बहुत कुछ होगा राष्ट्रपति भवन के नए तीन मंज़िला म्यूज़ियम में जिसका उद्घाटन सोमवार को होगा। राष्ट्रपति के तौर पर प्रणब मुखर्जी के चार साल पूरा करने के मौके पर प्रधानमंत्री ये उद्घाटन करेंगे। लेकिन पर्यटकों और आम जनता को इसके लिये अभी दो अक्टूबर तक इंतजार करना होगा।
राष्ट्रपति द्वारा इस मौके पर एक हो-हो पर्यटक बस भी रवाना की जाएगी। संग्रहालय के निर्माता सरोज घोष ने कहा कि 1,30,000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित यह संग्रहालय करीब 2000 कलाकृतियों का एक नया ठिकाना होगा और इनके जरिए राष्ट्रपति भवन और भारत के राष्ट्रपतियों की दास्तां बताई जाएगी।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि जब से राष्ट्रपति जी यहां आए तब से उनकी इच्छा रही कि लोगों के लिये कुछ किया जाए। यहां के दरवाजे आम जनता के लिये खोले जाएं। क़रीब एक लाख 20 हजार वर्ग मीटर में फैले राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक विरासत इस ख़ास म्यूज़ियम में दिखेगी। इसे बनाने में क़रीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है। डेढ़ साल में ये म्यूज़ियम बन पाया है। यहां पर कई ऐसी अदभुत चीजें देख पाएंगे जो राष्ट्रपति को दूसरे देशों से मिली हैं या फिर उनकर व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़ी है।
लुटियन्स ज़ोन में होने की वजह से पुरानी इमारत में छेड़छाड़ किये बग़ैर इसे दो मंज़िल नीचे तक अंडरग्राउंड बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन के सलाहकार प्रो. सरोज घोष ने कहा कि यहां पर आकर महूसस करेंगे कि आप इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। कहीं से बोर नहीं होंगे, सबकुछ लाइव लगेगा। कई दुर्लभ पेंटिंग्स भी दिखेंगी जो हैं तो अंधेरे में लेकिन आपके जाते ही सेंसर की मदद वहां की लाइटें जल उठेंगी। इससे बिजली की बचत तो होगी ही, साथ ही पेंटिग्स भी खराब नहीं होगी। और तो और राष्ट्रपति की बग्घी से लेकर मर्सिडीज़ तक यहां दिखेंगी।
|
यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति के तौर पर प्रणब मुखर्जी के चार साल पूरे होने पर होगा उद्घाटन
राष्ट्रपति भवन की ऐतिहासिक विरासत इस ख़ास म्यूज़ियम में दिखेगी
इसे बनाने में क़रीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है
| 12
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व सैन्यकर्मी रामकिशन ग्रेवाली की कथित खुदकुशी के मामले में कांग्रेस ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने की कोशिश के दौरान उनके बेटे और परिवार के साथ दिल्ली पुलिस ने मारपीट की.
वीडियो में पुलिस स्टेशन के अंदर का दृश्य है और कई पुलिसवाले पूर्व-सैन्यकर्मी के बेटे जसवंत ग्रेवाल को खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं, जसवंत उनसे ऐसा न करने की गुहार लगा रहे हैं.
गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर 65 वर्षीय सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल ने सरकारी निवास पर कथित तौर पर ज़हर खकर खुदकुशी कर ली थी. सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि उन्हें वन रैंक वन पेंशन स्कीम के वादे के मुताबिक बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिली.
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दो बार सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश की और दोनों बार उन्हें पुलिस से हिरासत में लिया. एक बार पुलिस स्टेशन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक पुलिस अफसर से तीखा सवाल पूछते हुए कहा, क्या आपको पूर्व सैन्यकर्मी के परिजनों को हिरासत में लेने पर शर्म नहीं आती? पुलिस ने जवाब दिया कि जसवंत ग्रेवाल को इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल थे. टिप्पणियां
बुधवार शाम को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस स्टेशन में परिवार के सदस्यों से मिले. बाद में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
वीडियो में पुलिस स्टेशन के अंदर का दृश्य है और कई पुलिसवाले पूर्व-सैन्यकर्मी के बेटे जसवंत ग्रेवाल को खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं, जसवंत उनसे ऐसा न करने की गुहार लगा रहे हैं.
गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर 65 वर्षीय सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल ने सरकारी निवास पर कथित तौर पर ज़हर खकर खुदकुशी कर ली थी. सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि उन्हें वन रैंक वन पेंशन स्कीम के वादे के मुताबिक बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिली.
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दो बार सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश की और दोनों बार उन्हें पुलिस से हिरासत में लिया. एक बार पुलिस स्टेशन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक पुलिस अफसर से तीखा सवाल पूछते हुए कहा, क्या आपको पूर्व सैन्यकर्मी के परिजनों को हिरासत में लेने पर शर्म नहीं आती? पुलिस ने जवाब दिया कि जसवंत ग्रेवाल को इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल थे. टिप्पणियां
बुधवार शाम को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस स्टेशन में परिवार के सदस्यों से मिले. बाद में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर 65 वर्षीय सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल ने सरकारी निवास पर कथित तौर पर ज़हर खकर खुदकुशी कर ली थी. सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि उन्हें वन रैंक वन पेंशन स्कीम के वादे के मुताबिक बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिली.
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दो बार सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश की और दोनों बार उन्हें पुलिस से हिरासत में लिया. एक बार पुलिस स्टेशन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक पुलिस अफसर से तीखा सवाल पूछते हुए कहा, क्या आपको पूर्व सैन्यकर्मी के परिजनों को हिरासत में लेने पर शर्म नहीं आती? पुलिस ने जवाब दिया कि जसवंत ग्रेवाल को इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल थे. टिप्पणियां
बुधवार शाम को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस स्टेशन में परिवार के सदस्यों से मिले. बाद में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दो बार सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश की और दोनों बार उन्हें पुलिस से हिरासत में लिया. एक बार पुलिस स्टेशन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक पुलिस अफसर से तीखा सवाल पूछते हुए कहा, क्या आपको पूर्व सैन्यकर्मी के परिजनों को हिरासत में लेने पर शर्म नहीं आती? पुलिस ने जवाब दिया कि जसवंत ग्रेवाल को इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल थे. टिप्पणियां
बुधवार शाम को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस स्टेशन में परिवार के सदस्यों से मिले. बाद में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
बुधवार शाम को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस स्टेशन में परिवार के सदस्यों से मिले. बाद में उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कई बार कोशिश की. सीएम केजरीवाल को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत मे लिया.
|
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस पार्टी ने वीडियो जारी किया वीडियो
वीडियो में पुलिस स्टेशन के अंदर का दृश्य है
कई पुलिसवाले जसवंत ग्रेवाल को खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं
| 18
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार की मंत्री स्वाति सिंह (Swati Singh) की मुश्किलें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं. एक वायरल ऑडियो क्लिप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम का जिक्र करते हुए स्वाति एक पुलिस अफसर को धमकाते और एक बिल्डर के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की. जिस बिल्डर के पक्ष में स्वाति कैंट थाने के सर्कल अफसर बीनू सिंह पर केस को वापस लेने का दबाव बना रही हैं, वह अंसल ग्रुप के हैं जो कि पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल है. 29 सितंबर को रियल एस्टेट ग्रुप असंल एपीआई के उपाध्यक्ष प्रणव अंसल को दिल्ली हवाई अड्डे में उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब वह आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों के सिलसिले में लंदन निकलने वाले थे. अंसल को बाद में लखनऊ ले आया गया और जेल भेज दिया गया.
शनिवार को पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति सिंह (Swati Singh) को फटकार लगाई और फिर ऑडियो क्लिप की जांच के आदेश दिए. ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने पार्टी के अधिष्ठाता वर्ग के समक्ष स्वाति के इस व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई है और उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधने के लिए इस मौके का जमकर लाभ उठा रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने यह कहते हुए एक बयान जारी किया है कि यह घटना योगी सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार को दर्शाती है जहां एक मंत्री को एक भ्रष्ट बिल्डर के पक्ष में खुलकर बात करते हुए सुना जा रहा है.
कांग्रेस इससे एक कदम आगे है, इसने मंत्रालय से स्वाति सिंह (Swati Singh) को बर्खास्त करने की मांग की है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, "यूपी की मंत्री महोदया घोटालेबाज अंसल बिल्डर की पैरवी में लखनऊ सीओ कैंट को धमका रही है. मंत्री जी कह रही हैं कि, 'सीएम साहब तक ये बात है, ऊपर से आदेश है कोई एफआईआर नहीं होनी चाहिए.' घोटालेबाजों का भाजपा शासन में हनक देखिए, कैसे मंत्री महोदया कानून के रखवालों को धमका रही है. यदि योगी आदित्यनाथ सही मायने में भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो वे इस मंत्री को बर्खास्त कर देंगे."
वहीं, सपा नेता आईपी सिंह ने कहा है कि ऐसे तत्व भाजपा के एक भिन्न पार्टी होने के दावों को ध्वस्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "यदि पुलिस अधिकारियों को मंत्रियों द्वारा कानून के खिलाफ काम करने के लिए कहा जा रहा है, तो कोई राज्य में स्थिति की कल्पना कर सकता/सकती है." इस बीच स्वाति सिंह ने इस प्रकरण पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है और तो और पत्रकारों ने जब इस पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे संपर्क किया तो वह गुस्से में आ गईं. हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने दावा किया है कि इस ऑडियो क्लिप को एडिट या संपादित कर पुलिस अधिकारी द्वारा लीक किया गया है.
|
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं स्वाति सिंह
पुलिस अधिकारी को धमकाने का ऑडियो वायरल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया तलब
| 17
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी डेविड हेडली और उसके सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा तक पहुंच मुहैया कराने की मांग की है। हेडली और राणा फिलहाल जेल में हैं। विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका से 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने में मदद करने के लिए कहा है।
कृष्णा ने अपनी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा, मुंबई हमलों की जांच के लिए हमारी कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक भारत की दिलचस्पी हेडली और राणा तक पहुंच मुहैया कराए जाने में है। इससे पहले कृष्णा और हिलेरी ने रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की।टिप्पणियां
पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली (51) और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक (50) के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में हिलेरी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और अन्य संबंधित मुद्दों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, सूचनाएं साझा करना हमारी नीति है और हम ऐसा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि घरेलू सुरक्षा मुद्दे पर, आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा खुफिया चनाओं पर सहयोग नए स्तर पर पहुंचा है।
कृष्णा ने अपनी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा, मुंबई हमलों की जांच के लिए हमारी कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक भारत की दिलचस्पी हेडली और राणा तक पहुंच मुहैया कराए जाने में है। इससे पहले कृष्णा और हिलेरी ने रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की।टिप्पणियां
पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली (51) और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक (50) के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में हिलेरी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और अन्य संबंधित मुद्दों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, सूचनाएं साझा करना हमारी नीति है और हम ऐसा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि घरेलू सुरक्षा मुद्दे पर, आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा खुफिया चनाओं पर सहयोग नए स्तर पर पहुंचा है।
पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली (51) और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक (50) के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में हिलेरी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और अन्य संबंधित मुद्दों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, सूचनाएं साझा करना हमारी नीति है और हम ऐसा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि घरेलू सुरक्षा मुद्दे पर, आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा खुफिया चनाओं पर सहयोग नए स्तर पर पहुंचा है।
उन्होंने कहा, सूचनाएं साझा करना हमारी नीति है और हम ऐसा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि घरेलू सुरक्षा मुद्दे पर, आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा खुफिया चनाओं पर सहयोग नए स्तर पर पहुंचा है।
|
सारांश: विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने अमेरिका से 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने में मदद करने के लिए कहा है।
| 33
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: मणिपुर विधानसभा चुनाव 2017 के चुनावी नतीजे आने शुरू हो गए हैं. पहला नतीजा टेलीविजन के पटल पर जो कौंधा वह निश्चित तौर पर चौंकाऊ था. राज्य के मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खिलाफ चुनावी समर में कूदीं 'आयरन लेडी' इरोम शर्मिला थौबल (थउबल) सीट से हार गईं. खबर लिखे जाने तक मिली सूचना के मुताबिक, उन्हें महज 51 वोट मिले. वह पहली बार चुनाव लड़ी थीं.
मणिपुर की आयरन लेडी PRAJA (Peoples' Resurgence and Justice Alliance) पार्टी प्रमुख इरोम शर्मिला ने चुनावी मतगणना से पहले ही कह दिया था कि यदि वह इन चुनावों में हारती हैं, तो वह अगली बार 2019 में फिर से चुनाव लड़ेंगी. यहां बता दें कि शर्मिला को अपने डेढ़ दशक से भी अधिक चले अनशन को खत्म करने के लिए अपने राज्य में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. चेहरे पर घुंघराले बालों और नाक में घुसी नली के साथ उन्होंने मणिपुर के लोगों की मांग को अपने जीवन का उद्देश्य बना दिया था. ऐसे में उनका इतने कम वोटों पर सिमट आना चौंकाता है.टिप्पणियां
इरोम शर्मिला सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (एएफएसपीए- अफस्पा) के खिलाफ 16 वर्ष तक भूख हड़ताल पर रहीं थी. इस लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने अगस्त 2016 में अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी. अक्टूबर, 2016 में उन्होंने पीपल्स रीसर्जेंस एंड जस्टिस एलांयस (पीआरजेए) का गठन किया और मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था जिसका एक मात्र एजेंडा मणिपुर से अफस्पा को हटाना है.
इरोम शर्मिला ने पिछले दिनों कहा था कि अनशन खत्म होने के कुछ दिन बाद बीजेपी ने उनसे संपर्क किया था. पार्टी ने मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ उन्हें टिकट देने की पेशकश भी की थी लेकिन वह निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती थीं.
मणिपुर की आयरन लेडी PRAJA (Peoples' Resurgence and Justice Alliance) पार्टी प्रमुख इरोम शर्मिला ने चुनावी मतगणना से पहले ही कह दिया था कि यदि वह इन चुनावों में हारती हैं, तो वह अगली बार 2019 में फिर से चुनाव लड़ेंगी. यहां बता दें कि शर्मिला को अपने डेढ़ दशक से भी अधिक चले अनशन को खत्म करने के लिए अपने राज्य में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. चेहरे पर घुंघराले बालों और नाक में घुसी नली के साथ उन्होंने मणिपुर के लोगों की मांग को अपने जीवन का उद्देश्य बना दिया था. ऐसे में उनका इतने कम वोटों पर सिमट आना चौंकाता है.टिप्पणियां
इरोम शर्मिला सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (एएफएसपीए- अफस्पा) के खिलाफ 16 वर्ष तक भूख हड़ताल पर रहीं थी. इस लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने अगस्त 2016 में अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी. अक्टूबर, 2016 में उन्होंने पीपल्स रीसर्जेंस एंड जस्टिस एलांयस (पीआरजेए) का गठन किया और मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था जिसका एक मात्र एजेंडा मणिपुर से अफस्पा को हटाना है.
इरोम शर्मिला ने पिछले दिनों कहा था कि अनशन खत्म होने के कुछ दिन बाद बीजेपी ने उनसे संपर्क किया था. पार्टी ने मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ उन्हें टिकट देने की पेशकश भी की थी लेकिन वह निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती थीं.
इरोम शर्मिला सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (एएफएसपीए- अफस्पा) के खिलाफ 16 वर्ष तक भूख हड़ताल पर रहीं थी. इस लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने अगस्त 2016 में अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी. अक्टूबर, 2016 में उन्होंने पीपल्स रीसर्जेंस एंड जस्टिस एलांयस (पीआरजेए) का गठन किया और मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था जिसका एक मात्र एजेंडा मणिपुर से अफस्पा को हटाना है.
इरोम शर्मिला ने पिछले दिनों कहा था कि अनशन खत्म होने के कुछ दिन बाद बीजेपी ने उनसे संपर्क किया था. पार्टी ने मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ उन्हें टिकट देने की पेशकश भी की थी लेकिन वह निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती थीं.
इरोम शर्मिला ने पिछले दिनों कहा था कि अनशन खत्म होने के कुछ दिन बाद बीजेपी ने उनसे संपर्क किया था. पार्टी ने मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ उन्हें टिकट देने की पेशकश भी की थी लेकिन वह निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती थीं.
|
संक्षिप्त पाठ: मणिपुर विधानसभा चुनाव 2017 में पहली बार चुनाव लड़का था इरोम शर्मिला ने
सीएम इबोबी सिंह के खिलाफ खड़ी हुईं इरोम हार गईं
उन्हें महज 51 वोट मिले
| 30
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका में कथित तौर पर युद्ध के समय हुए मानवाधिकार हनन की घटनाओं के मामले पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है।टिप्पणियां
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रुख से असंतुष्ट जयललिता ने बुधवार को कहा कि ‘अन्नाद्रमुक’ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ लाए जाने वाले अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को भारत की ओर से भी समर्थन दिए जाने को लेकर दबाव बनाना जारी रखेगी।
प्रधानमंत्री की ओर से प्रतिक्रिया हासिल करने की बात स्वीकारते हुए जयललिता ने संवाददाताओं से कहा ‘प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखायी गयी। अन्नाद्रमुक उनकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं है।’ जयललिता ने कहा कि सिंह को दो पत्र लिखे जाने के बाद उन्हें यह जवाब मिला। उन्होंने पत्र में मांग की थी कि भारत श्रीलंका के खिलाफ लाए जा रहे अमेरिकी प्रस्ताव को अपना समर्थन दे।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रुख से असंतुष्ट जयललिता ने बुधवार को कहा कि ‘अन्नाद्रमुक’ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ लाए जाने वाले अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को भारत की ओर से भी समर्थन दिए जाने को लेकर दबाव बनाना जारी रखेगी।
प्रधानमंत्री की ओर से प्रतिक्रिया हासिल करने की बात स्वीकारते हुए जयललिता ने संवाददाताओं से कहा ‘प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखायी गयी। अन्नाद्रमुक उनकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं है।’ जयललिता ने कहा कि सिंह को दो पत्र लिखे जाने के बाद उन्हें यह जवाब मिला। उन्होंने पत्र में मांग की थी कि भारत श्रीलंका के खिलाफ लाए जा रहे अमेरिकी प्रस्ताव को अपना समर्थन दे।
प्रधानमंत्री की ओर से प्रतिक्रिया हासिल करने की बात स्वीकारते हुए जयललिता ने संवाददाताओं से कहा ‘प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखायी गयी। अन्नाद्रमुक उनकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं है।’ जयललिता ने कहा कि सिंह को दो पत्र लिखे जाने के बाद उन्हें यह जवाब मिला। उन्होंने पत्र में मांग की थी कि भारत श्रीलंका के खिलाफ लाए जा रहे अमेरिकी प्रस्ताव को अपना समर्थन दे।
|
यह एक सारांश है: श्रीलंका में कथित तौर पर युद्ध के समय हुए मानवाधिकार हनन की घटनाओं के मामले पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है।
| 21
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और मोबाइल डाटा की पेशकश के साथ लॉन्च हुए मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो के चलते दूरसंचार ग्राहकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. जियो की अगुवाई में दूरसंचार कंपनियों को अक्टूबर के महीने में रिकॉर्ड ग्राहक मिले. अक्टूबर महीने में देश में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या 1.1 अरब के आंकड़े को लांघ गई. आलोच्य महीने में लगभग 2.9 करोड़ नये ग्राहक मिले जोकि अपने आप में रिकॉर्ड है. नयी कपंनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने इस दौरान 1.963 करोड़ नये ग्राहक जोड़े और इसके कुल ग्राहकों की संख्या 3.561 करोड़ हो गई’.टिप्पणियां
इससे पहले फरवरी 2011 में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या बढ़कर 82.625 करोड़ हो गई थी जो कि जनवरी 2011 में 80.613 करोड़ थी. दूरसंचार नियामक ट्राई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में लैंडलाइन ग्राहकों का आधार भी बढ़ा जबकि 2003 में इनकमिंग मोबाइल कॉल नि:शुल्क किए जाने के बाद से ही यह संख्या कम हो रही थी. इसके अनुसार अक्टूबर महीने में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या में उक्त बढ़ोतरी मोबाइल टेलीफोनी के कारण आई. इस दौरान 2.868 करोड़ नये ग्राहक बने जो कि रिकॉर्ड है.
ट्राई के अनुसार, ‘देश में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या अक्टूबर 2016 के आखिर में 107.842 करोड़ हो गई जोकि सितंबर 2016 में 104.974 करोड़ थी. इस तरह से मासिक वृद्धि 2.73 प्रतिशत रही.’ कंपनी ने सितंबर (2015) महीने में ही अपनी 4जी सेवाओं की औपचारिक शुरुआत की थी. इसके अलावा आलोच्य महीने में आइडिया सेल्यूलर को 63.3 लाख, भारती एयटेल को 23.2 लाख, बीएसएनएल को 11.8 लाख, वोडाफोन को 11.7 लाख, टेलीनोर को 406865, एयरसेल को 203182 व एमटीएनएल को 7725 नये ग्राहक मिले.
इससे पहले फरवरी 2011 में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या बढ़कर 82.625 करोड़ हो गई थी जो कि जनवरी 2011 में 80.613 करोड़ थी. दूरसंचार नियामक ट्राई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में लैंडलाइन ग्राहकों का आधार भी बढ़ा जबकि 2003 में इनकमिंग मोबाइल कॉल नि:शुल्क किए जाने के बाद से ही यह संख्या कम हो रही थी. इसके अनुसार अक्टूबर महीने में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या में उक्त बढ़ोतरी मोबाइल टेलीफोनी के कारण आई. इस दौरान 2.868 करोड़ नये ग्राहक बने जो कि रिकॉर्ड है.
ट्राई के अनुसार, ‘देश में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या अक्टूबर 2016 के आखिर में 107.842 करोड़ हो गई जोकि सितंबर 2016 में 104.974 करोड़ थी. इस तरह से मासिक वृद्धि 2.73 प्रतिशत रही.’ कंपनी ने सितंबर (2015) महीने में ही अपनी 4जी सेवाओं की औपचारिक शुरुआत की थी. इसके अलावा आलोच्य महीने में आइडिया सेल्यूलर को 63.3 लाख, भारती एयटेल को 23.2 लाख, बीएसएनएल को 11.8 लाख, वोडाफोन को 11.7 लाख, टेलीनोर को 406865, एयरसेल को 203182 व एमटीएनएल को 7725 नये ग्राहक मिले.
ट्राई के अनुसार, ‘देश में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या अक्टूबर 2016 के आखिर में 107.842 करोड़ हो गई जोकि सितंबर 2016 में 104.974 करोड़ थी. इस तरह से मासिक वृद्धि 2.73 प्रतिशत रही.’ कंपनी ने सितंबर (2015) महीने में ही अपनी 4जी सेवाओं की औपचारिक शुरुआत की थी. इसके अलावा आलोच्य महीने में आइडिया सेल्यूलर को 63.3 लाख, भारती एयटेल को 23.2 लाख, बीएसएनएल को 11.8 लाख, वोडाफोन को 11.7 लाख, टेलीनोर को 406865, एयरसेल को 203182 व एमटीएनएल को 7725 नये ग्राहक मिले.
|
सारांश: जियो की अगुवाई में दूरसंचार कंपनियों को अक्टूबर में रिकॉर्ड ग्राहक मिले
अक्टूबर में दूरसंचार ग्राहकों की संख्या 1.1 अरब के आंकड़े के पार
जियो इन्फोकॉम ने इस दौरान 1.963 करोड़ नये ग्राहक जोड़े
| 7
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: मौजूदा कप्तान जैमी ड्वायर सहित ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम के पांच पूर्व कप्तानों ने खुद को अगले साल 5 जनवरी से शुरू हो रहे हॉकी इंडिया (एचआईएल) लीग की नीलामी के लिए उपलब्ध बताया है।
मार्क नोल्स, फ्रग्यस कावानाग, लिएम डी यंग और एडवर्ड ओकेडेन का नाम नीलामी वाली सूची में शामिल किया गया है। यह नीलामी अगले महीने होनी है। हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के शामिल होने से इस टूर्नामेंट का आकर्षण बढ़ेगा।टिप्पणियां
पांच कप्तानों के अलावा ल्यूक डोर्नर, रसेल फोर्ड, कील ब्राउन, साइमन ओर्चार्ड, क्रिस्टोफर किरिएलो और रॉब हेमंड दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 3 फरवरी को समाप्त हो रहे इस टूर्नामेंट में खेलने की पुष्टि कर चुके हैं।
इस लीग के लिए अब तक भारत के 150 और पाकिस्तान के 15 खिलाड़ी अपनी हामी भर चुके हैं। इस लीग को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मान्यता प्राप्त है। एफआईएच ने इसे अलग से अपने वैश्विक कार्यक्रम में स्थान प्रदान किया है।
मार्क नोल्स, फ्रग्यस कावानाग, लिएम डी यंग और एडवर्ड ओकेडेन का नाम नीलामी वाली सूची में शामिल किया गया है। यह नीलामी अगले महीने होनी है। हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के शामिल होने से इस टूर्नामेंट का आकर्षण बढ़ेगा।टिप्पणियां
पांच कप्तानों के अलावा ल्यूक डोर्नर, रसेल फोर्ड, कील ब्राउन, साइमन ओर्चार्ड, क्रिस्टोफर किरिएलो और रॉब हेमंड दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 3 फरवरी को समाप्त हो रहे इस टूर्नामेंट में खेलने की पुष्टि कर चुके हैं।
इस लीग के लिए अब तक भारत के 150 और पाकिस्तान के 15 खिलाड़ी अपनी हामी भर चुके हैं। इस लीग को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मान्यता प्राप्त है। एफआईएच ने इसे अलग से अपने वैश्विक कार्यक्रम में स्थान प्रदान किया है।
पांच कप्तानों के अलावा ल्यूक डोर्नर, रसेल फोर्ड, कील ब्राउन, साइमन ओर्चार्ड, क्रिस्टोफर किरिएलो और रॉब हेमंड दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 3 फरवरी को समाप्त हो रहे इस टूर्नामेंट में खेलने की पुष्टि कर चुके हैं।
इस लीग के लिए अब तक भारत के 150 और पाकिस्तान के 15 खिलाड़ी अपनी हामी भर चुके हैं। इस लीग को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मान्यता प्राप्त है। एफआईएच ने इसे अलग से अपने वैश्विक कार्यक्रम में स्थान प्रदान किया है।
इस लीग के लिए अब तक भारत के 150 और पाकिस्तान के 15 खिलाड़ी अपनी हामी भर चुके हैं। इस लीग को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की मान्यता प्राप्त है। एफआईएच ने इसे अलग से अपने वैश्विक कार्यक्रम में स्थान प्रदान किया है।
|
सारांश: मौजूदा कप्तान जैमी ड्वायर सहित ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम के पांच पूर्व कप्तानों ने खुद को अगले साल 5 जनवरी से शुरू हो रहे हॉकी इंडिया (एचआईएल) लीग की नीलामी के लिए उपलब्ध बताया है।
| 33
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय सेना ने पाकिस्तानी गोलाबारी का करारा जवाब दिया है. एनडीटीवी के हाथ ऐसा वीडियो लगा है जिसे साफ दिख रहा है कि भारतीय सेना पाक के बंकर तबाह कर रहे हैं. हालांकि इस खबर की भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है. वैसे पाकिस्तानी सेना की बेबसाइट पर दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने शनिवार को बिना वजह पुंछ सेक्टर में गोलाबारी कर दी जिसमें एक लड़की सहित दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए.टिप्पणियां
इसी सिलसिले में इस्लामाबाद में भारतीय डिप्टी हाईकमीशनर जेपी सिंह को तलब किया गया. मुलाकात में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया. सेना ने भी सूत्रों के हवाले से कहा कि उसने आम नागरिक को निशाना बनाकर कोई फायर नहीं किया लेकिन पाकिस्तानी गोलाबारी का जवाब जरूर दिया है. सेना की गोलाबारी में कोई पाक के आम नागरिक के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है.
वैसे आपको बता दें कि असल में शनिवार को पाकिस्तान सुबह पुंछ के लॉइन ऑफ कंट्रोल पर फायरिंग शुरू कर दी. न केवल छोटे हथियारों से बल्कि 120 एमएम मोर्टार से भी. नतीजा ये हुआ कि एक मोर्टार का गोला प्रादेशिक सेना में तैनात जवान शौकत के घर पर जा गिरा. इससे शौकत और उसकी पत्नी की मौत हो गई. दो बच्चे भी गोलाबारी में घायल हो गए. नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ये हरकत पहले से लगातार जारी है. इस साल अब तक पाकिस्तान की ओर से 223 बार युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है.
इसी सिलसिले में इस्लामाबाद में भारतीय डिप्टी हाईकमीशनर जेपी सिंह को तलब किया गया. मुलाकात में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया. सेना ने भी सूत्रों के हवाले से कहा कि उसने आम नागरिक को निशाना बनाकर कोई फायर नहीं किया लेकिन पाकिस्तानी गोलाबारी का जवाब जरूर दिया है. सेना की गोलाबारी में कोई पाक के आम नागरिक के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है.
वैसे आपको बता दें कि असल में शनिवार को पाकिस्तान सुबह पुंछ के लॉइन ऑफ कंट्रोल पर फायरिंग शुरू कर दी. न केवल छोटे हथियारों से बल्कि 120 एमएम मोर्टार से भी. नतीजा ये हुआ कि एक मोर्टार का गोला प्रादेशिक सेना में तैनात जवान शौकत के घर पर जा गिरा. इससे शौकत और उसकी पत्नी की मौत हो गई. दो बच्चे भी गोलाबारी में घायल हो गए. नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ये हरकत पहले से लगातार जारी है. इस साल अब तक पाकिस्तान की ओर से 223 बार युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है.
वैसे आपको बता दें कि असल में शनिवार को पाकिस्तान सुबह पुंछ के लॉइन ऑफ कंट्रोल पर फायरिंग शुरू कर दी. न केवल छोटे हथियारों से बल्कि 120 एमएम मोर्टार से भी. नतीजा ये हुआ कि एक मोर्टार का गोला प्रादेशिक सेना में तैनात जवान शौकत के घर पर जा गिरा. इससे शौकत और उसकी पत्नी की मौत हो गई. दो बच्चे भी गोलाबारी में घायल हो गए. नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ये हरकत पहले से लगातार जारी है. इस साल अब तक पाकिस्तान की ओर से 223 बार युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है.
|
संक्षिप्त पाठ: हालांकि भारतीय सेना ने आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की
शनिवार की सुबह पाकिस्तान ने पुंछ के लॉइन ऑफ कंट्रोल पर फायरिंग की
इस साल अब तक पाकिस्तान 223 बार युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है
| 13
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच जारी लड़ाई में अब जेडीयू खेमे का विकेट गिरा है। जेडीयू के महासचिव चंद्रराज सिंघवी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सिंघवी ने नीतीश कुमार पर स्वार्थी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीति में किसी भी राजनेता के विरोध की सीमा होनी चाहिए। उनका कहना है कि नीतीश ने नरेन्द्र मोदी के विरोध का बहाना बनाकर पूरी पार्टी पर अपना एजेंडा लाद दिया है।टिप्पणियां
सिंघवी ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश की धर्मनिरपेक्षता दिखावाभर है। उनके इस्तीफे के बाद जेडीयू ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया है।
वहीं, जेडीयू के भीतर कई और नेता असंतुष्ट दिख रहे हैं। वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने प्रवक्ता पद से हटाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उनकी जगह केसी त्यागी को जेडीयू ने प्रवक्ता बनाया है। बताया जा रहा है कि शिवानंद तिवारी के बड़बोलेपन की वजह से पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज थे।
सिंघवी ने नीतीश कुमार पर स्वार्थी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीति में किसी भी राजनेता के विरोध की सीमा होनी चाहिए। उनका कहना है कि नीतीश ने नरेन्द्र मोदी के विरोध का बहाना बनाकर पूरी पार्टी पर अपना एजेंडा लाद दिया है।टिप्पणियां
सिंघवी ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश की धर्मनिरपेक्षता दिखावाभर है। उनके इस्तीफे के बाद जेडीयू ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया है।
वहीं, जेडीयू के भीतर कई और नेता असंतुष्ट दिख रहे हैं। वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने प्रवक्ता पद से हटाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उनकी जगह केसी त्यागी को जेडीयू ने प्रवक्ता बनाया है। बताया जा रहा है कि शिवानंद तिवारी के बड़बोलेपन की वजह से पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज थे।
सिंघवी ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश की धर्मनिरपेक्षता दिखावाभर है। उनके इस्तीफे के बाद जेडीयू ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया है।
वहीं, जेडीयू के भीतर कई और नेता असंतुष्ट दिख रहे हैं। वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने प्रवक्ता पद से हटाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उनकी जगह केसी त्यागी को जेडीयू ने प्रवक्ता बनाया है। बताया जा रहा है कि शिवानंद तिवारी के बड़बोलेपन की वजह से पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज थे।
वहीं, जेडीयू के भीतर कई और नेता असंतुष्ट दिख रहे हैं। वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने प्रवक्ता पद से हटाए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उनकी जगह केसी त्यागी को जेडीयू ने प्रवक्ता बनाया है। बताया जा रहा है कि शिवानंद तिवारी के बड़बोलेपन की वजह से पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज थे।
|
यह एक सारांश है: बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच जारी लड़ाई में अब जेडीयू खेमे का विकेट गिरा है। जेडीयू के महासचिव चंद्रराज सिंघवी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
| 24
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: शत्रुघ्न सिन्हा से जब यह सवाल पूछा गया कि अगर पीएम मोदी और अमित शाह उनके पास आएं तो वह क्या कहेंगे? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'मैं उनसे कहूंगा खामोश, आपको सवालों का जवाब देना होगा. लोगों के सवालों का जवाब दो और उत्तरदायी बनो. आप केवल 'शूट और स्कूट' पॉलिसी नहीं अपना सकते और ना भाग सकते हैं. यहां आएं और लोगों का सामना करें.'
सिन्हा ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने बीजेपी को 'टू मैन आर्मी, वन मैन शो' पार्टी बताया. उन्होंने पीएम पर तंज कसते हुए कहा, 'वह जनता का सामना कर रहे हैं, हर जगह वह लोगों की दस्तक महसूस कर रहे हैं. कई लोग विपक्ष में गए हैं. चीजें साफ हैं कि हमारे आदरणीय पीएम मोदी 23 मई को दोबारा पीएम नहीं बनेंगे.'
सिन्हा ने कहा, 'ममता बनर्जी हमारी दोस्त हैं और आयरन लेडी (ममता) ने सही कहा था कि वह (पीएम मोदी) एक्सपाइरी डेट हो गए हैं. वह (पीएम मोदी) जहां भी जाना चाहते हैं, मैं उनके लिए प्रार्थना करता हूं. पीएम कहते थे कि वह अपना झोला उठाएंगे और चल देंगे तो अब समय है कि वह झोला उठाएं और चले जाएं.'
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
कहा- अब समय आ गया है कि पीएम मोदी अपना झोला उठाएं और चले जाएं
'आप केवल 'शूट और स्कूट' पॉलिसी नहीं अपना सकते और ना भाग सकते हैं'
| 11
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि यात्री किराया न बढ़ने से रेल रेटवर्क को चलाने में दिक्कत आ रही है।
बंसल ने मंगलवार को नेपाल सीमा से लगे बढ़नी रेलवे स्टेशन पर पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रेल यात्री किराया नहीं बढ़ाए जाने से कठिनाई हो रही है, लेकिन सीमित संसाधन के बावजूद रेलवे यात्रियों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाने में जुटा हो।
बंसल ने कहा कि इलाहाबाद कुंभ मेले में आने वाले 50 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करने के लिए इलाहाबाद के तीनों रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क को बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और यहां से नई दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने पर मंत्रालय विचार करेगा।टिप्पणियां
बंसल ने कहा कि गोरखपुर-गोण्डा रेलवे लाइन के बाकी बचे 108 किमी लम्बे रेल मार्ग गेज (आमान) परिवर्तन के लिए रेलवे धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
बंसल ने मंगलवार को नेपाल सीमा से लगे बढ़नी रेलवे स्टेशन पर पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रेल यात्री किराया नहीं बढ़ाए जाने से कठिनाई हो रही है, लेकिन सीमित संसाधन के बावजूद रेलवे यात्रियों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाने में जुटा हो।
बंसल ने कहा कि इलाहाबाद कुंभ मेले में आने वाले 50 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करने के लिए इलाहाबाद के तीनों रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क को बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और यहां से नई दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने पर मंत्रालय विचार करेगा।टिप्पणियां
बंसल ने कहा कि गोरखपुर-गोण्डा रेलवे लाइन के बाकी बचे 108 किमी लम्बे रेल मार्ग गेज (आमान) परिवर्तन के लिए रेलवे धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
बंसल ने कहा कि इलाहाबाद कुंभ मेले में आने वाले 50 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करने के लिए इलाहाबाद के तीनों रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क को बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और यहां से नई दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने पर मंत्रालय विचार करेगा।टिप्पणियां
बंसल ने कहा कि गोरखपुर-गोण्डा रेलवे लाइन के बाकी बचे 108 किमी लम्बे रेल मार्ग गेज (आमान) परिवर्तन के लिए रेलवे धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क को बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और यहां से नई दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने पर मंत्रालय विचार करेगा।टिप्पणियां
बंसल ने कहा कि गोरखपुर-गोण्डा रेलवे लाइन के बाकी बचे 108 किमी लम्बे रेल मार्ग गेज (आमान) परिवर्तन के लिए रेलवे धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
बंसल ने कहा कि गोरखपुर-गोण्डा रेलवे लाइन के बाकी बचे 108 किमी लम्बे रेल मार्ग गेज (आमान) परिवर्तन के लिए रेलवे धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
समारोह में सांसद जगदम्बिका पाल ने बस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए बजट आवंटित करने। बढ़नी गोण्डा रेल खंड के आमान परिवर्तन में तेजी लाने ट्रेन नेटवर्क का बढ़नी से नेपाल तक बढ़ाने और बढ़नी से दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की।
|
संक्षिप्त पाठ: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि यात्री किराया न बढ़ने से रेल रेटवर्क को चलाने में दिक्कत आ रही है।
| 14
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: विवादास्पद लेखक सलमान रूश्दी ने अपनी पुस्तक ‘सैटनिक वर्सेज’ को लेकर खड़े हुए विवाद के दो दशक बाद कहा है कि उन्होंने यह किताब ‘मुल्लों’ के लिए नहीं लिखी थी।
भारत में जन्मे रूश्दी की यह पुस्तक 1988 में आई थी। इसको लेकर विवाद खड़ा हुआ था। ईरान के शीर्ष नेता आयतुल्ला खुमैनी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था।टिप्पणियां
ब्रिटेन के वेल्स में चल रहे ‘हे साहित्य एवं कला महोत्सव’ में 64 साल के रूश्दी ने कहा कि यह किताब उन लोगों को ध्यान में रखकर लिखी गई थी जो ऐसा पढ़ना पसंद करते हैं।
‘फतवा’ के मुद्दे पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘मैंने यह किताब मुल्लों के लिए नहीं लिखी थी। मुझे नहीं लगता कि वे मेरे पाठक थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस किताब को लेकर आयतुल्ला खुमैनी की खराब समीक्षा से ज्यादा खराब बात यह होती कि वह इसकी अच्छी समीक्षा कर देते।’’ बुकर पुरस्कार विजेता रूश्दी ने कहा, ‘‘पुस्तकों की कामयाबी की सिर्फ एक वजह है कि लोग उन्हें पसंद करते है। पुस्तकों को पसंद करने वाले इसे चरम पर पहुंचाते हैं।’’
भारत में जन्मे रूश्दी की यह पुस्तक 1988 में आई थी। इसको लेकर विवाद खड़ा हुआ था। ईरान के शीर्ष नेता आयतुल्ला खुमैनी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था।टिप्पणियां
ब्रिटेन के वेल्स में चल रहे ‘हे साहित्य एवं कला महोत्सव’ में 64 साल के रूश्दी ने कहा कि यह किताब उन लोगों को ध्यान में रखकर लिखी गई थी जो ऐसा पढ़ना पसंद करते हैं।
‘फतवा’ के मुद्दे पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘मैंने यह किताब मुल्लों के लिए नहीं लिखी थी। मुझे नहीं लगता कि वे मेरे पाठक थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस किताब को लेकर आयतुल्ला खुमैनी की खराब समीक्षा से ज्यादा खराब बात यह होती कि वह इसकी अच्छी समीक्षा कर देते।’’ बुकर पुरस्कार विजेता रूश्दी ने कहा, ‘‘पुस्तकों की कामयाबी की सिर्फ एक वजह है कि लोग उन्हें पसंद करते है। पुस्तकों को पसंद करने वाले इसे चरम पर पहुंचाते हैं।’’
ब्रिटेन के वेल्स में चल रहे ‘हे साहित्य एवं कला महोत्सव’ में 64 साल के रूश्दी ने कहा कि यह किताब उन लोगों को ध्यान में रखकर लिखी गई थी जो ऐसा पढ़ना पसंद करते हैं।
‘फतवा’ के मुद्दे पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘मैंने यह किताब मुल्लों के लिए नहीं लिखी थी। मुझे नहीं लगता कि वे मेरे पाठक थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस किताब को लेकर आयतुल्ला खुमैनी की खराब समीक्षा से ज्यादा खराब बात यह होती कि वह इसकी अच्छी समीक्षा कर देते।’’ बुकर पुरस्कार विजेता रूश्दी ने कहा, ‘‘पुस्तकों की कामयाबी की सिर्फ एक वजह है कि लोग उन्हें पसंद करते है। पुस्तकों को पसंद करने वाले इसे चरम पर पहुंचाते हैं।’’
‘फतवा’ के मुद्दे पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘मैंने यह किताब मुल्लों के लिए नहीं लिखी थी। मुझे नहीं लगता कि वे मेरे पाठक थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस किताब को लेकर आयतुल्ला खुमैनी की खराब समीक्षा से ज्यादा खराब बात यह होती कि वह इसकी अच्छी समीक्षा कर देते।’’ बुकर पुरस्कार विजेता रूश्दी ने कहा, ‘‘पुस्तकों की कामयाबी की सिर्फ एक वजह है कि लोग उन्हें पसंद करते है। पुस्तकों को पसंद करने वाले इसे चरम पर पहुंचाते हैं।’’
|
विवादास्पद लेखक सलमान रूश्दी ने अपनी पुस्तक ‘सैटनिक वर्सेज’ को लेकर खड़े हुए विवाद के दो दशक बाद कहा है कि उन्होंने यह किताब ‘मुल्लों’ के लिए नहीं लिखी थी।
| 34
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर भारत के साथ जारी चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन बुधवार को ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी लड़खड़ा चुकी है। 166 रनों तक उसके आठ बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके हैं। अब तक उमेश यादव ने चार, जहीर खान ने 2, इशांत और अश्विन ने एक-एक विकेट चटकाए हैं।
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 8 विकेट पर 176 रन है। पहली पारी में 51 रनों की बढ़त प्राप्त करने वाली आस्ट्रेलियाई टीम की कुल बढ़त अब 227 रनों की हो गई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मेजबान टीम का पहला विकेट डेविड वार्नर के रूप में गिरा। वार्नर को उमेश यादव ने पांच रन के निजी योग पर बोल्ड किया। वार्नर जब आउट हुए उस समय आस्ट्रेलिया का स्कोर 13 रन था।
उमेश ने अपना दूसरा शिकार पदार्पण मैच खेल रहे एड कोवान को बनाया। कोवान को उमेश ने आठ रन के निजी योग पर पगबाधा आउट किया। शॉन मार्श को उमेश ने अपना तीसरा शिकार बनया। मार्श को तीन रन के निजी योग पर उमेश ने बोल्ड किया। ऑस्ट्रेलिया का चौथा विकेट माइकल क्लार्क के रूप में गिरा। कप्तान क्लार्क को एक रन के निजी योग पर इशांत शर्मा ने बोल्ड किया। इसके बाद पोंटिंग का विकेट जहीर खान ने चटका दिया। इसके तुरंत बाद हैड्डिन भी जहीर का शिकार हुए। सिड्डल को उमेश और ल्यों को अश्विन ने पवेलियन का रास्ता दिखाकर टेस्ट में भारत की वापसी के रास्ते खुले रखे हैं।
इससे पहले, आस्ट्रेलिया ने भारत की पहली पारी को 282 रनों पर समेट दिया। आस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 333 रन बनाए थे। भारत ने दूसरे दिन के खेल की समाप्ति पर तीन विकेट पर 214 रन बनाए थे। भारत की ओर से तीसरे दिन के खेल की शुरुआत दूसरे दिन के नाबाद लौटे बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (68) और इशांत शर्मा (शून्य) ने की। द्रविड़ अपने कल के निजी स्कोर में बिना कोई रन जोड़े आउट हुए।
रविचंद्रन अश्विन 31 रन, विराट कोहली और इशांत शर्मा 11-11 रन, कप्तान महेंद्र सिंह धौनी छह रन, जहीर खान चार रन और वी.वी.एस. लक्ष्मण दो रन बनाकर आउट हुए। उमेश यादव दो रन पर नाबाद लौटे। मेहमान टीम ने तीसरे दिन कुल 68 रन बनाए और सात विकेट गंवाए। आस्ट्रेलिया की ओर से बेन हिल्फेनहास ने सबसे अधिक पांच विकेट झटके जबकि पीटर सिडल ने तीन और जेम्स पैटिंसन ने दो विकेट चटकाए।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेलबर्न मैदान तीसरे दिन बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह साबित हुआ। इस दिन 15 विकेट गिरे, जिससे मैच कभी ऑस्ट्रेलिया तो कभी भारत की तरफ झुकता रहा।
| 32
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने की पेशकश मिलने के एक साल बाद भी इसके लिए समय नहीं निकाल पाए। इसके मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने कहा कि निकट भविष्य में वे ऐसा कर भी नहीं सकेंगे क्योंकि वायुसेना काफी व्यस्त है।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउनी ने वायुसेना दिवस परेड के बाद पत्रकारों से कहा,‘ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। सचिन तेंदुलकर पहले ही मानद ग्रुप कप्तान हैं। हमने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। वे फिलहाल किसी लड़ाकू विमान में उड़ान नहीं भर सकेंगे क्योंकि वायुसेना काफी व्यस्त है।’ उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार ने मशहूर हस्तियों को मानद कमीशन नहीं देने का फैसला किया है क्योंकि धोनी और तेंदुलकर ने वायुसेना के एक भी समारोह में शिरकत नहीं की।टिप्पणियां
पूर्व वायुसेना प्रमुख एसीएम पीवी नाईक ने धोनी और तेंदुलकर को सुखोई में उड़ान भरने की पेशकश की थी। दोनों अभी तक इसके लिए समय नहीं निकाल सके हैं।
तेंदुलकर को वायुसेना में मानद ग्रुप कप्तान की रैंक दी गई थी जबकि धोनी सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। हाल ही में वायुसेना ने ओलिंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को आंध्रप्रदेश के डिंडिगुल स्थित वायुसेना अकादमी पर किरण एमकेटू जेट ट्रेनर में उड़ने का अवसर दिया था।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउनी ने वायुसेना दिवस परेड के बाद पत्रकारों से कहा,‘ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। सचिन तेंदुलकर पहले ही मानद ग्रुप कप्तान हैं। हमने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। वे फिलहाल किसी लड़ाकू विमान में उड़ान नहीं भर सकेंगे क्योंकि वायुसेना काफी व्यस्त है।’ उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार ने मशहूर हस्तियों को मानद कमीशन नहीं देने का फैसला किया है क्योंकि धोनी और तेंदुलकर ने वायुसेना के एक भी समारोह में शिरकत नहीं की।टिप्पणियां
पूर्व वायुसेना प्रमुख एसीएम पीवी नाईक ने धोनी और तेंदुलकर को सुखोई में उड़ान भरने की पेशकश की थी। दोनों अभी तक इसके लिए समय नहीं निकाल सके हैं।
तेंदुलकर को वायुसेना में मानद ग्रुप कप्तान की रैंक दी गई थी जबकि धोनी सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। हाल ही में वायुसेना ने ओलिंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को आंध्रप्रदेश के डिंडिगुल स्थित वायुसेना अकादमी पर किरण एमकेटू जेट ट्रेनर में उड़ने का अवसर दिया था।
पूर्व वायुसेना प्रमुख एसीएम पीवी नाईक ने धोनी और तेंदुलकर को सुखोई में उड़ान भरने की पेशकश की थी। दोनों अभी तक इसके लिए समय नहीं निकाल सके हैं।
तेंदुलकर को वायुसेना में मानद ग्रुप कप्तान की रैंक दी गई थी जबकि धोनी सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। हाल ही में वायुसेना ने ओलिंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को आंध्रप्रदेश के डिंडिगुल स्थित वायुसेना अकादमी पर किरण एमकेटू जेट ट्रेनर में उड़ने का अवसर दिया था।
तेंदुलकर को वायुसेना में मानद ग्रुप कप्तान की रैंक दी गई थी जबकि धोनी सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। हाल ही में वायुसेना ने ओलिंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल को आंध्रप्रदेश के डिंडिगुल स्थित वायुसेना अकादमी पर किरण एमकेटू जेट ट्रेनर में उड़ने का अवसर दिया था।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने की पेशकश मिलने के एक साल बाद भी इसके लिए समय नहीं निकाल पाए। इसके मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने कहा कि निकट भविष्य में वे ऐसा कर भी नहीं सकेंगे क्योंकि वायुसेना काफी व्यस्त है।
| 32
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर (Farokh Engineer) ने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (R Ashwin)के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के प्रदर्शन को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी के लिए हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) की आलोचना की है. इंजीनियर ने यहां क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में लीजेंड्स क्लब द्वारा आयोजित ‘टॉक शो' के दौरान कहा, ‘क्या आपने अश्विन के बारे में हरभजन की टिप्पणी पढ़ी, वह वहां सही नहीं था. पहला स्पिनर और दूसरा स्पिनर क्या है? स्पिनर आखिरकार स्पिनर ही है.' वर्ष 1960 से 1970 के दशक की शुरुआत तक देश के नंबर एक विकेटकीपर रहे इंजीनियर ने कहा, ‘अश्विन बेहतरीन गेंदबाज है. मुझे ऐसा लगा कि वह (हरभजन) अश्विन की आलोचना कर रहा था. आप सार्वजनिक तौर पर इस तरह की बातें नहीं कर सकते, विशेषकर तब जब किसी ऑफ स्पिनर ने आपकी जगह ली हो. यह ऐसा ही है जैसे (महेंद्र सिंह) धोनी (ऋषभ) पंत की आलोचना करें. यह क्रिकेट नहीं है. '
सीओए अध्यक्ष विनोद राय ने की हार्दिक पंड्या व केएल राहुल के खिलाफ कड़ी सजा की सिफारिश
हरभजन ने मीडिया में कहा था कि अश्विन ऐसे समय में चोटिल हुए जब टीम को उनकी जरूरत थी और सिडनी में अंतिम टेस्ट में मौका दिये जाने वाले कुलदीप यादव ने इतनी अच्छी गेंदबाजी की कि उसे अब कहीं भी टेस्ट में नंबर एक स्पिनर समझा जाना चाहिए. बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा ने अंतिम दो टेस्ट में अपनी बायें हाथ की स्पिन से अच्छी गेंदबाजी की.
'चाइनामैन' कुलदीप यादव को लेकर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने की यह बड़ी भविष्यवाणी..
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (India vs Australia) टेस्ट सीरीज (Test Series)में ऋषभ पंत (Rishabh Pant)ने भले ही एक टेस्ट में 11 कैच लेकर भारतीय विकेटकीपर का नया रिकॉर्ड बनाया हो लेकिन फारुख का मानना है कि दिल्ली के इस युवा खिलाड़ी की विकेटकीपिंग में अभी भी कुछ तकनीकी खामियां हैं. हालांकि उन्होंने पंत की बल्लेबाजी की प्रशंसा की. इंजीनियर ने कहा कि पंत को देखकर उन्हें अपनी जवानी के दिन याद आ गए. उन्होंने कहा, ‘उसका (पंत का) तरीका एमएस धोनी जैसा ही है, लेकिन इस समय उसकी इतनी तारीफ मत कीजिए. उसे प्रोत्साहित कीजिए. लेकिन वह तकनीकी रूप से गलत है.'पंत ने ऑस्ट्रेलिया में सिडनी में ड्रॉ हुए अंतिम टेस्ट में एक शानदार शतक भी जड़ा जिससे वह ऐसा करने वाली पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए. एडिलेड में पहले मैच में उन्होंने विकेट के पीछे रिकॉर्ड संख्या में कैच लिए.
|
संक्षिप्त पाठ: कहा, अश्विन पर हरभजनकी टिप्पणी सही नहीं थी
भज्जी' ने कुलदीप को बताया था नंबर वन स्पिनर
पंत की विकेटकीपिंग में हैं खामियां लेकिन बैटिंग जबर्दस्त
| 14
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुचंने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए उसे बुधवार को एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपने अंतिम राउंड रोबिन लीग मुकाबले में साउथ आस्ट्रेलिया रेडबैक्स के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। रॉयल चैलेंजर्स टीम ने जिस प्रकार अपने पिछले मुकाबले में इंग्लिश काउंटी क्लब समरसेट पर 51 रनों से जीत दर्ज की थी कुछ उसी तरह की जीत उसे रेडबैक्स के खिलाफ भी चाहिए। तीन मैचों में दो हार और एक जीत दर्ज करने वाली चैलेंजर्स टीम यदि इस मुकाबले को हार जाती है तो उसका आगे का सफर खत्म हो जाएगा। रॉयल चैलेंजर्स टीम के तीन मैचों में दो अंक है और वह अपने ग्रुप में सबसे निचले स्थान पर है। ऐसे में रॉयल चैलेंजर्स की कोशिश इस मुकाबले को बेहतर नेट रनरेट के तहत जीतने की होगी। कप्तान डेनियल विटोरी एक बार फिर विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल पर अधिक निर्भर होंगे। गेल ने समरसेट के खिलाफ 46 गेंदों पर चार चौकों और आठ छक्कों की मदद से 86 रन बनाए। गेल की शानदार पारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स टीम 206 रन का कुल स्कोर बना सकी। तिलकरत्ने दिलशान, विराट कोहली, सौरव तिवारी और मयंक अग्रवाल ने समरसेट के खिलाफ छोटी लेकिन उपयोगी पारी खेली थी। श्रीनाथ अरविंद और डिर्क नैन्स जैसे तेज गेंदबाज रॉयल चैलेंजर्स टीम में मौजूद हैं जबकि स्वयं विटोरी स्पिन गेंदबाज की भूमिका निभाएंगे। दूसरी ओर, रेडबैक्स टीम और समरसेट के बीच खेला जाने वाला पिछला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। रैडबैक्स टीम ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, जिनमें उसे एक में जीत और एक मैच में हार मिली है जबकि एक मुकाबला रद्द हुआ है। तीन मैचों में रेडबैक्स के तीन अंक है और वह अपने ग्रुप में रॉयल चैलेंजर्स से एक पायदान ऊपर चौथे स्थान पर है। कप्तान माइकल क्लींगर के सामने भी स्थिति कमोबेश रॉयल चैलेंजर्स टीम जैसी है। यदि रेडबैक्स टीम इस मुकाबले को जीतने में सफल हो जाती है तो उसे भी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
|
संक्षिप्त पाठ: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा रखने को रेडबैक्स के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
| 22
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीआई ने न्यायाधीश के दरवाजे धन पहुंचाने के 2008 के एक मामले में न्यायमूर्ति निर्मल यादव और चार अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया। यह आरोपपत्र सीबीआई की विशेष न्यायाधीश ऋतु टैगोर की अदालत में दायर किया गया। यह भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 11 और 12 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत दायर किया गया है। धारा 120-बी साजिश से जुड़ी है। सीबीआई ने न्यायमूर्ति निर्मल के खिलाफ 25 पृष्ठों का आरोपपत्र दायर किया, जिसके बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई छह अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी। इस घोटाले के समय पर वह पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश थीं। आरोपपत्र में उनके अलावा, स्थानीय वकील संजीव बंसल, दिल्ली के व्यापारी रवींद्र सिंह, निर्मल सिंह और राजीव का नाम भी दर्ज है। यह मामला तब सुखिर्यों में आया, जब पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की अन्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर के घर पर गलती से 15 लाख रुपये पहुंचा दिए गए। इसके बाद उन्होंने इस मामले की जानकारी चंडीगढ़ पुलिस को दी। कहा जा रहा था कि यह राशि नामों में भ्रम के कारण गलती से उनके घर पहुंचा दी गई थी।
|
सारांश: सीबीआई ने न्यायाधीश के दरवाजे धन पहुंचाने के 2008 के एक मामले में न्यायमूर्ति निर्मल यादव और चार अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया।
| 7
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जनता दल (युनाइटेड) के अलग होने और नीतीश सरकार से बाहर किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्रियों को अब सरकारी बंगला भी छोड़ना होगा। इसके लिए भवन निर्माण विभाग ने भाजपा के पूर्व मंत्रियों को नोटिस भेजा है।
भवन निर्माण विभाग द्वारा बंगला छोड़ने के लिए भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मंत्री पद से हटने के बाद इन बंगलों में रहने की उनकी अवधि समाप्त हो गई है। इसलिए आवंटित सरकारी आवास अविलंब खाली कर दें।
भवन निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार सेवा संहिता के नियम के अनुसार आवास आवंटन केन्द्रीय पूल के अनुसार किसी भी मंत्री और लोकसेवक को अपने पद से हटने के एक महीने बाद तक अपने सरकारी आवास में रहने का अधिकार है। यह अवधि 16 जुलाई को समाप्त हो गई है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) पिछले 16 जून को भाजपा से अलग हो गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था।
बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव को अब तक नोटिस नहीं भेजा गया है। इन दोनों को मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
भवन निर्माण विभाग द्वारा बंगला छोड़ने के लिए भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मंत्री पद से हटने के बाद इन बंगलों में रहने की उनकी अवधि समाप्त हो गई है। इसलिए आवंटित सरकारी आवास अविलंब खाली कर दें।
भवन निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार सेवा संहिता के नियम के अनुसार आवास आवंटन केन्द्रीय पूल के अनुसार किसी भी मंत्री और लोकसेवक को अपने पद से हटने के एक महीने बाद तक अपने सरकारी आवास में रहने का अधिकार है। यह अवधि 16 जुलाई को समाप्त हो गई है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) पिछले 16 जून को भाजपा से अलग हो गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था।
बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव को अब तक नोटिस नहीं भेजा गया है। इन दोनों को मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
भवन निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार सेवा संहिता के नियम के अनुसार आवास आवंटन केन्द्रीय पूल के अनुसार किसी भी मंत्री और लोकसेवक को अपने पद से हटने के एक महीने बाद तक अपने सरकारी आवास में रहने का अधिकार है। यह अवधि 16 जुलाई को समाप्त हो गई है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) पिछले 16 जून को भाजपा से अलग हो गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था।
बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव को अब तक नोटिस नहीं भेजा गया है। इन दोनों को मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जद (यू) पिछले 16 जून को भाजपा से अलग हो गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था।
बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव को अब तक नोटिस नहीं भेजा गया है। इन दोनों को मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के कारण पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव को अब तक नोटिस नहीं भेजा गया है। इन दोनों को मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
|
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से जनता दल (युनाइटेड) के अलग होने और नीतीश सरकार से बाहर किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्रियों को अब सरकारी बंगला भी छोड़ना होगा। इसके लिए भवन निर्माण विभाग ने भाजपा के पूर्व मंत्रियों को नोटिस भेजा है।
| 0
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में मंगलवार रात से चल रहे आतंकवाद निरोधी अभियान को बुधवार वापस ले लिया गया क्योंकि आतंकवादी सुरक्षा बलों के घेरे से भाग निकले.एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हकरीपुरा इलाके में लश्कर-ए-तय्यबा के कश्मीर प्रमुख अबु दुजाना समेत आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में गुप्त सूचना के आधार पर कल अभियान शुरू किया गया था.अभियान के दौरान आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी गोलीबारी की.
उन्होंने बताया कि अभियान को बाधित करने के लिए उग्र भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे आतंकवादी भाग निकले.अधिकारी ने बताया, ‘तलाशी बुधवार सुबह समाप्त हुई. नए सिरे से कोई गोलीबारी नहीं हुई क्योंकि ऐसा लगता है कि आतंकवादी मंगलवार रात घेरे से बच निकले.’
उन्होंने बताया कि अभियान को बाधित करने के लिए उग्र भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे आतंकवादी भाग निकले.अधिकारी ने बताया, ‘तलाशी बुधवार सुबह समाप्त हुई. नए सिरे से कोई गोलीबारी नहीं हुई क्योंकि ऐसा लगता है कि आतंकवादी मंगलवार रात घेरे से बच निकले.’
|
सारांश: गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार अभियान शुरू किया गया था
अभियान के दौरान आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी
अभियान को बाधित करने के लिए उग्र भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके
| 7
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आमतौर पर दफ्तर से घर जाने में ही ज्यादातर लोगों की हवा निकल जाती है लेकिन दूसरी तरफ प्रियंका चोपड़ा हैं जो एक साथ पता नहीं क्या क्या काम कर लेती हैं. प्रियंका बॉलीवुड फिल्मों के साथ अमेरिकी टीवी शो करती हैं, साथ में एक हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं. इसके अलावा वो कई अमेरिकी टीवी शो में बतौर मेहमान जा रही हैं, अपने एल्बम के गाने रिकॉर्ड कर रही हैं. लेकिन इतना काफी नहीं था कि अब उनकी बतौर निर्माता पहली फिल्म भी आ रही है जो मराठी में बनी है जिसका नाम है - वेंटिलेटर. इस फिल्म को प्रियंका ने सिर्फ बनाया ही नहीं है, बल्कि इसमें एक मराठी गीत भी गाया है.टिप्पणियां
आप जानते होंगे कि एक्टिंग के अलावा प्रियंका संगीत की दुनिया में भी अपना पैर जमाना चाहती हैं जिसके लिए वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सिंगल्स (एग्ज़ोटिक और इन द सिटी) भी ला चुकी हैं. अब प्रियंका अपनी फिल्म वेंटिलेटर में 'बाबा' नाम का मराठी गाना भी गाया है. फिल्म की कहानी एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें एक बेटे को अपने बीमार पिता को लाइफ सपोर्ट से हटाने का फैसला लेना है. 'बाबा' प्रियंका के लिए इसलिए भी ख़ास है क्योंकि वह अपने पिता के काफी करीब थीं. इस गीत को संगीत रोहन ने दिया है और इसे मनोज यादव ने लिखा है.
इससे पहले प्रियंका ने दिल धड़कने दो, मैरिकॉम और तमिल फिल्म थामीज़ान में भी अपनी आवाज़ दी है. वेंटिलेटर के निर्देशक राजेश मापुसकर हैं और इसे प्रियंका की पर्पल पेबल पिक्चर्स ने बनाया है. फिल्म में मुख्य भूमिका आशुतोष गोवारीकर ने निभाई है जो निर्देशक बनने से पहले बतौर अभिनेता (कभी हां कभी ना) ही दिखाई दिए हैं. फिल्म चार नवंबर को रिलीज़ होगी.
आप जानते होंगे कि एक्टिंग के अलावा प्रियंका संगीत की दुनिया में भी अपना पैर जमाना चाहती हैं जिसके लिए वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सिंगल्स (एग्ज़ोटिक और इन द सिटी) भी ला चुकी हैं. अब प्रियंका अपनी फिल्म वेंटिलेटर में 'बाबा' नाम का मराठी गाना भी गाया है. फिल्म की कहानी एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जिसमें एक बेटे को अपने बीमार पिता को लाइफ सपोर्ट से हटाने का फैसला लेना है. 'बाबा' प्रियंका के लिए इसलिए भी ख़ास है क्योंकि वह अपने पिता के काफी करीब थीं. इस गीत को संगीत रोहन ने दिया है और इसे मनोज यादव ने लिखा है.
इससे पहले प्रियंका ने दिल धड़कने दो, मैरिकॉम और तमिल फिल्म थामीज़ान में भी अपनी आवाज़ दी है. वेंटिलेटर के निर्देशक राजेश मापुसकर हैं और इसे प्रियंका की पर्पल पेबल पिक्चर्स ने बनाया है. फिल्म में मुख्य भूमिका आशुतोष गोवारीकर ने निभाई है जो निर्देशक बनने से पहले बतौर अभिनेता (कभी हां कभी ना) ही दिखाई दिए हैं. फिल्म चार नवंबर को रिलीज़ होगी.
इससे पहले प्रियंका ने दिल धड़कने दो, मैरिकॉम और तमिल फिल्म थामीज़ान में भी अपनी आवाज़ दी है. वेंटिलेटर के निर्देशक राजेश मापुसकर हैं और इसे प्रियंका की पर्पल पेबल पिक्चर्स ने बनाया है. फिल्म में मुख्य भूमिका आशुतोष गोवारीकर ने निभाई है जो निर्देशक बनने से पहले बतौर अभिनेता (कभी हां कभी ना) ही दिखाई दिए हैं. फिल्म चार नवंबर को रिलीज़ होगी.
|
प्रियंका चोपड़ा ने मराठी फिल्म वेंटिलेटर का निर्माण किया है
उन्होंने इस फिल्म में 'बाबा' शीर्षक का मराठी गीत भी गाया है
इससे पहले भी प्रियंका फिल्मी गीत गा चुकी हैं
| 28
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में अगली सरकार में सत्ता बंटवारों को लेकर खींचतान कर रही भाजपा और शिवसेना ने अपना-अपना सख्ंया बल बढ़ाने के प्रयास के तहत रविवार को पांच विधायकों (तीन निर्दलीय एवं छोटे दलों के दो विधायकों) का समर्थन प्राप्त किया. बता दें, भाजपा को समर्थन की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं. ठाणे जिले की मीरा भयंदर सीट से जीतीं गीता जैन ने यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया. चुनाव में वह भाजपा से टिकट चाहती थीं, लेकिन नहीं मिलने पर 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में निर्दलीय खड़ी हो गई थी. जैन ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नरेंद्र मेहता को हरा दिया था.
दूसरी ओर राउत भी भाजपा के बागी प्रत्याशी थे और उन्होंने सोलापुर जिले की बरसी सीट से शिवसेना के आधिकारिक प्रत्याशी दिलीप सोपाल को हरा दिया था. राणा ने अमरावती जिले के बडनेरा सीट पर अपने निकटवर्ती प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी प्रीति बंद (शिवसेना) को हराया. जैन और राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की, जबकि राणा ने चिट्ठी लिखकर यह घोषणा की. इससे पहले, अचलपुर से विधायक बाच्चु काडु और उनके सहयोगी एवं मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की. दोनों सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं. बता दें, काडु प्रहर जनशक्ति पार्टी के प्रमुख हैं.
वहीं गीता जैन जैन से जब बहुजन विकास अगाड़ी प्रमुख एवं वसई से विधायक हितेंद्र ठाकुर से शनिवार को उनकी मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह चुनाव प्रचार में सहयोग के लिए धन्यवाद देने गई थीं. जैन को चुनाव के दौरान कांग्रेस- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने समर्थन किया था, लेकिन ठाकुर से मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया. जब काडु के समर्थन के बारे में पूछा गया तो शिवसेना के नेता ने कहा कि इससे पार्टी की भाजपा के साथ तोलमोल करने की ताकत बढ़ेगी. उन्होंने कहा, ‘हमने 2014-19 के दौरान भाजपा के साथ समायोजन किया, लेकिन अब यह समय अपनी हिस्सेदारी प्राप्त करने का है.' गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में 2014 के मुकाबले भाजपा की कम सीटें आने के बाद से शिवसेना ने अपना रुख कड़ा कर लिया है और सरकार में 50-50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग कर रही है.
|
सारांश: भाजपा को तीन निर्दलयों ने दी समर्थन देने की घोषणा
समर्थन देने वालों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं
शिवसेना को दो विधायकों ने समर्थन देने की बात कही
| 7
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पर राज्यसभा में चर्चा जारी है. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बिल को लेकर सदन में अपनी बात रखी. गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा, 'जो अल्पसंख्यक बाहर से हमारे देश में आए, उन्हें राहत मिली है. तीन पड़ोसी मुल्कों से लोग हमारे देश में आए. वहां उन्हें समानता का अधिकार नहीं मिला. वो लोग अपने देश में दर-दर की ठोकरें खा रहे थे. वह लोग उम्मीद लेकर भारत आए थे. यह बिल लाखों लोगों के लिए किसी आशा की किरण जैसा है. ये बिल धार्मिक प्रताड़ितों के लिए है. मैं इस सदन के माध्यम से देश की जनता का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहता हूं. घोषणा पत्र के आधार पर प्रचार होता है. बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में इसका जिक्र किया था. हम वोट बैंक की राजनीति नहीं कर रहे हैं. हमने जनता के बीच इस मुद्दे को रखा था और हमें मिला जनादेश इसपर हामी का सबूत है.'
गृह मंत्री ने आगे कहा, 'आज हम इस बिल को अमलीजामा पहनाने जा रहे हैं. हम जनता से किया अपना वादा पूरा करने जा रहे हैं. इस बिल में हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है. देश में भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये बिल मुस्लिमों के खिलाफ है. हमारे देश के मुस्लिम इस देश के नागरिक हैं, थे और रहेंगे. देश के किसी भी मुसलमान को चिंता करने की जरूरत नहीं है.'
विपक्षी दलों को साधते हुए अमित शाह ने कहा, 'आप चाहते क्या हैं, पूरी दुनिया से मुसलमान यहां आएं और उन्हें हम नागरिक बना दें, देश कैसे चलेगा. क्या हम किसी भी देश से आने वाले मुस्लिमों को अपने देश की नागरिकता दे दें. मेरी विपक्ष को चुनौती है कि मैं सभी सवालों का जवाब दूंगा लेकिन आप मेरी बात सुनिएगा, चले मत जाइएगा. इस बिल से इस तीन देशों के अल्पसंख्यकों को सम्मान की जिंदगी मिलेगी.'
गृह मंत्री ने आगे कहा, 'असम के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के आधार पर चलती है. असम की समस्या का सच्चा समाधान लाने का समय आ गया है.'
|
संक्षिप्त सारांश: नागरिकता संशोधन बिल पर गृह मंत्री अमित शाह ने रखी अपनी बात
'विधेयक से देश के किसी भी मुस्लिम को डरने की जरूरत नहीं'
'दुनियाभर के मुस्लिमों को कैसे दे दें नागरिकता'
| 29
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: स्मार्ट फोन भले ही आज जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया हो, लेकिन देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित NEET (National Eligibility Entrance Test) यानी राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा में अव्वल आए नलिन खंडेलवाल का मानना है कि अगर 12वीं के स्तर पर अच्छा रिजल्ट चाहिये तो स्मार्ट फोन से दूरी बनाना बेहद जरूरी है. आपको बता दें कि NEET में नलिन खंडेलवाल ने कुल 720 अंकों में 701 अंक हासिल करते हुए 99.99 पर्सेंटाइल के साथ टॉप किया है. नीट के नतीजों के आधार पर ही देश के मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया और डेंटल कांउसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थानों में दाखिला होता है. नलिन का मानना है कि NEET की परीक्षा में बायोलॉजी सबसे स्कोरिंग सब्जेक्ट है. इस विषय में आप अपनी मेहनत के दम पर 90% तक अंक हासिल कर सकते हैं.
नलिन बताते हैं कि फिजिक्स उनकी तैयारी का सबसे कमजोर हिस्सा रहा, जिसकी वजह से उन्हें बायोलॉजी के बाद सबसे ज्यादा मेहनत फिजिक्स पर ही करनी पड़ी थी. जहां तक केमिस्ट्री की बात है तो इस सब्जेक्ट की फिजिक्स और बायोलॉजी दोनों के मुकाबले कम समय में तैयारी की जा सकती है. एनडीटीवी से खास बातचीत के दौरान नलिन ने बताया कि अपनी तैयारी के दौरान वे रोजाना सात से आठ घंटे तक सेल्फ स्टडी करते थे. वे कहते हैं कि कई बार छात्र NEET और 12वीं बोर्ड की तैयारी में प्राथमिकताओं को लेकर उलझन में पड़ जाते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर NCERT को आधार बनाकर तैयारी की जाए तो इन दोनों ही परीक्षाओं की तैयारी साथ साथ हो जाती है. जहां NEET में पूछे जाने वाले सवालों का आधार NCERT रहता है, वहीं 12वीं बोर्ड के सवाल पूरी तरह से NCERT के सिलेबस के दायरे में होते हैं.
देशभर में पहले नंबर पर आए नलिन का कहना है कि हमें अपनी तैयारी में सबसे ध्यान शंकाओं को दूर करने पर देना चाहिए और ये बात अपने दिमाग से निकाल देनी चाहिए कि अगर आप कोई सवाल पूछते हैं तो दूसरा आपको लेकर क्या सोचेगा. जब तक सारी शंका दूर नहीं होती तब तक हम अपनी कमियों को सुधार नहीं सकते हैं. नलिन का ये भी मानना है कि परीक्षा के लिए अगर तैयारी जरूरी है तो इस दौरान खुद को मानसिक तौर पर फिट रखना भी बेहद अहम है. NEET टॉपर नलिन अब आगे की पढ़ाई नई दिल्ली स्थित AIIMS से करना चाहते हैं. जहां तक पारिवारिक पृष्ठभूमि का सवाल है तो नलिन के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं. पिता राकेश खंडेलवाल शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, मां विनीता महिला रोग विशेषज्ञ हैं. इतना ही नहीं बड़े भाई निहित भी जोधपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं.
|
सारांश: नलिन खंडेलवाल ने नीट में मारी है बाजी
नलिन के माता-पिता दोनों हैं डॉक्टर
दिल्ली के एम्स में लेना चाहते हैं दाखिला
| 20
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: 26/11 के मुंबई हमलों और बेनजीर भुट्टो हत्याकांड के मामलों को देख रहे एक वरिष्ठ अभियोजक की शुक्रवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तान की राजधानी में गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र कराची कंपनी में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली की कार पर गोलियां बरसाईं।
कार चला रहे अली को कई गोलियां लगीं और उन्होंने कार से नियंत्रण खो दिया। उनकी कार ने सड़क पार कर रही एक महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। हमले में उनका अंगरक्षक फरमान अली घायल हो गया, जो फंट्रियर कोर से है।टिप्पणियां
अभियोजक के पुत्र निसार ने मीडिया को बताया कि हमले के वक्त उनके पिता भुट्टो हत्याकांड की एक सुनवाई के लिए सैन्य शहर रावलपिंडी स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत जा रहे थे। चौधरी जुल्फिकार अली और उनके अंगरक्षक फरमान अली को सरकार संचालित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया। कुछ चिकित्सकों ने कहा कि चौधरी जुल्फिकार अली की तत्काल मौत हो गई, क्योंकि उनके चेहरे में कई गोलियां लगीं।
बंदूकधारी खुलेआम गोलीबारी कर फरार हो गए। किसी भी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अली के पुत्र निसार और अनाम सहकर्मियों के हवाले से टेलीविजन समाचार चैनलों ने कहा कि अभियोजक को कुछ समय से एक प्रतिबंधित चरमपंथी समूह से धमकियां मिल रही थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि इसके बावजूद अली ने आतंकवाद से संबंधित हाई प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी जारी रखी।
पुलिस ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र कराची कंपनी में मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली की कार पर गोलियां बरसाईं।
कार चला रहे अली को कई गोलियां लगीं और उन्होंने कार से नियंत्रण खो दिया। उनकी कार ने सड़क पार कर रही एक महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। हमले में उनका अंगरक्षक फरमान अली घायल हो गया, जो फंट्रियर कोर से है।टिप्पणियां
अभियोजक के पुत्र निसार ने मीडिया को बताया कि हमले के वक्त उनके पिता भुट्टो हत्याकांड की एक सुनवाई के लिए सैन्य शहर रावलपिंडी स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत जा रहे थे। चौधरी जुल्फिकार अली और उनके अंगरक्षक फरमान अली को सरकार संचालित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया। कुछ चिकित्सकों ने कहा कि चौधरी जुल्फिकार अली की तत्काल मौत हो गई, क्योंकि उनके चेहरे में कई गोलियां लगीं।
बंदूकधारी खुलेआम गोलीबारी कर फरार हो गए। किसी भी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अली के पुत्र निसार और अनाम सहकर्मियों के हवाले से टेलीविजन समाचार चैनलों ने कहा कि अभियोजक को कुछ समय से एक प्रतिबंधित चरमपंथी समूह से धमकियां मिल रही थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि इसके बावजूद अली ने आतंकवाद से संबंधित हाई प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी जारी रखी।
कार चला रहे अली को कई गोलियां लगीं और उन्होंने कार से नियंत्रण खो दिया। उनकी कार ने सड़क पार कर रही एक महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। हमले में उनका अंगरक्षक फरमान अली घायल हो गया, जो फंट्रियर कोर से है।टिप्पणियां
अभियोजक के पुत्र निसार ने मीडिया को बताया कि हमले के वक्त उनके पिता भुट्टो हत्याकांड की एक सुनवाई के लिए सैन्य शहर रावलपिंडी स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत जा रहे थे। चौधरी जुल्फिकार अली और उनके अंगरक्षक फरमान अली को सरकार संचालित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया। कुछ चिकित्सकों ने कहा कि चौधरी जुल्फिकार अली की तत्काल मौत हो गई, क्योंकि उनके चेहरे में कई गोलियां लगीं।
बंदूकधारी खुलेआम गोलीबारी कर फरार हो गए। किसी भी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अली के पुत्र निसार और अनाम सहकर्मियों के हवाले से टेलीविजन समाचार चैनलों ने कहा कि अभियोजक को कुछ समय से एक प्रतिबंधित चरमपंथी समूह से धमकियां मिल रही थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि इसके बावजूद अली ने आतंकवाद से संबंधित हाई प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी जारी रखी।
अभियोजक के पुत्र निसार ने मीडिया को बताया कि हमले के वक्त उनके पिता भुट्टो हत्याकांड की एक सुनवाई के लिए सैन्य शहर रावलपिंडी स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत जा रहे थे। चौधरी जुल्फिकार अली और उनके अंगरक्षक फरमान अली को सरकार संचालित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया। कुछ चिकित्सकों ने कहा कि चौधरी जुल्फिकार अली की तत्काल मौत हो गई, क्योंकि उनके चेहरे में कई गोलियां लगीं।
बंदूकधारी खुलेआम गोलीबारी कर फरार हो गए। किसी भी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अली के पुत्र निसार और अनाम सहकर्मियों के हवाले से टेलीविजन समाचार चैनलों ने कहा कि अभियोजक को कुछ समय से एक प्रतिबंधित चरमपंथी समूह से धमकियां मिल रही थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि इसके बावजूद अली ने आतंकवाद से संबंधित हाई प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी जारी रखी।
बंदूकधारी खुलेआम गोलीबारी कर फरार हो गए। किसी भी समूह ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अली के पुत्र निसार और अनाम सहकर्मियों के हवाले से टेलीविजन समाचार चैनलों ने कहा कि अभियोजक को कुछ समय से एक प्रतिबंधित चरमपंथी समूह से धमकियां मिल रही थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि इसके बावजूद अली ने आतंकवाद से संबंधित हाई प्रोफाइल मामलों में अपनी पैरवी जारी रखी।
|
संक्षिप्त सारांश: 26/11 के मुंबई हमलों और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के केस देख रहे पाकिस्तानी अभियोजक चौधरी जुल्फिकार की इस्लामाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
| 29
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उद्योगपति मुकेश अंबानी को जेड श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा प्रदान किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवालिया लहजे में पूछा है कि बड़े लोगों को तो सुरक्षा प्रदान की जा रही है, लेकिन आम आदमी की हिफाजत का क्या हो रहा है।
कोर्ट ने अपनी इस कड़ी टिप्पणी में यह भी कहा कि अगर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होती, तो पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार न हुआ होता। उल्लेखनीय है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को सरकार की तरफ से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हालांकि अंबानी की ओर से कहा गया है कि वह इस खर्चे को स्वयं वहन करेंगे।टिप्पणियां
अंबानी को इंडियन मुजाहिद्दीन से धमकियां मिलने की बात कही जा रही है और चूंकि निजी सुरक्षा गार्डों के पास अत्याधुनिक हथियार नहीं हो सकते हैं, इसलिए सरकार ने यह सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया।
उधर, हाल ही में दिल्ली के गांधीनगर इलाके में पांच साल की मासूम के साथ बर्बर तरीके से दो लोगों ने गैंगरेप किया और इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे।
कोर्ट ने अपनी इस कड़ी टिप्पणी में यह भी कहा कि अगर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होती, तो पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार न हुआ होता। उल्लेखनीय है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को सरकार की तरफ से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हालांकि अंबानी की ओर से कहा गया है कि वह इस खर्चे को स्वयं वहन करेंगे।टिप्पणियां
अंबानी को इंडियन मुजाहिद्दीन से धमकियां मिलने की बात कही जा रही है और चूंकि निजी सुरक्षा गार्डों के पास अत्याधुनिक हथियार नहीं हो सकते हैं, इसलिए सरकार ने यह सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया।
उधर, हाल ही में दिल्ली के गांधीनगर इलाके में पांच साल की मासूम के साथ बर्बर तरीके से दो लोगों ने गैंगरेप किया और इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे।
अंबानी को इंडियन मुजाहिद्दीन से धमकियां मिलने की बात कही जा रही है और चूंकि निजी सुरक्षा गार्डों के पास अत्याधुनिक हथियार नहीं हो सकते हैं, इसलिए सरकार ने यह सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया।
उधर, हाल ही में दिल्ली के गांधीनगर इलाके में पांच साल की मासूम के साथ बर्बर तरीके से दो लोगों ने गैंगरेप किया और इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे।
उधर, हाल ही में दिल्ली के गांधीनगर इलाके में पांच साल की मासूम के साथ बर्बर तरीके से दो लोगों ने गैंगरेप किया और इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे।
|
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि बड़े लोगों को तो सुरक्षा प्रदान की जा रही है, लेकिन आम आदमी की हिफाजत का क्या हो रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होती, तो पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार न हुआ होता।
| 6
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने अर्थव्यवस्था के भविष्य की उजली तस्वीर पेश करते हुए कहा कि साल 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तुलना में अधिक होगी। इस साल उन्होंने सात प्रतिशत से कुछ अधिक आर्थिक वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया।टिप्पणियां
बसु ने मौजूदा वैश्विक हालात में घरेलू अर्थव्यवस्था के परिदृश्य की बेहतर तस्वीर खींचते हुए कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि रही है, छमाही समीक्षा में हमने कहा कि 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत से चौथाई प्रतिशत ऊपर अथवा नीचे रह सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि इस साल यह 7 प्रतिशत के आसपास अथवा इससे अधिक रह सकती है।’ हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वृद्धि आंकड़ों की सही तस्वीर केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अगले एक सप्ताह में जारी होने वाले आंकड़ों के बाद ही पता चलेगी।
बसु ने अर्थव्यवस्था में सुधार की नई उम्मीद जगाते हुए कहा कि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक 6.5 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी और जनवरी के मुद्रास्फीति के आंकड़े सात प्रतिशत से नीचे होंगे। दिसंबर 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर 7.47 प्रतिशत रह गई। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत रहने की भविष्यवाणी की, जबकि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
बसु ने मौजूदा वैश्विक हालात में घरेलू अर्थव्यवस्था के परिदृश्य की बेहतर तस्वीर खींचते हुए कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि रही है, छमाही समीक्षा में हमने कहा कि 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत से चौथाई प्रतिशत ऊपर अथवा नीचे रह सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि इस साल यह 7 प्रतिशत के आसपास अथवा इससे अधिक रह सकती है।’ हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वृद्धि आंकड़ों की सही तस्वीर केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अगले एक सप्ताह में जारी होने वाले आंकड़ों के बाद ही पता चलेगी।
बसु ने अर्थव्यवस्था में सुधार की नई उम्मीद जगाते हुए कहा कि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक 6.5 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी और जनवरी के मुद्रास्फीति के आंकड़े सात प्रतिशत से नीचे होंगे। दिसंबर 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर 7.47 प्रतिशत रह गई। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत रहने की भविष्यवाणी की, जबकि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
बसु ने अर्थव्यवस्था में सुधार की नई उम्मीद जगाते हुए कहा कि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक 6.5 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी और जनवरी के मुद्रास्फीति के आंकड़े सात प्रतिशत से नीचे होंगे। दिसंबर 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर 7.47 प्रतिशत रह गई। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत रहने की भविष्यवाणी की, जबकि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
|
संक्षिप्त पाठ: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने अर्थव्यवस्था के भविष्य की उजली तस्वीर पेश करते हुए कहा कि साल 2012-13 में आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तुलना में अधिक होगी।
| 27
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने पूर्व सेना प्रमुख सरत फोंसेका की रिहाई का आदेश दिया। इससे दो साल से कारावास में बंद फोंसेका की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया। राष्ट्रपति के प्रवक्ता बंडुला जयशेखरा ने संवाददाताओं से कहा कि राजपक्षे ने कतर रवाना होने से पहले फोंसेका की रिहाई आदेश संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया।
दस्तावेजों को राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ गामिनी सेनारथ को सौंप दिया गया, ताकि न्याय मंत्रालय को कल सौंपा जा सके, जिससे फोंसेका की रिहाई की औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। राजपक्षे शनिवार की रात कतर की राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। फोंसेका फिलहाल तीन साल के कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्हें हाई कोर्ट ने ‘व्हाइट फ्लैग’ मामले में दोषी ठहराया है।टिप्पणियां
फोंसेका की रिहाई की उम्मीद उस वक्त बढ़ गई थी, जब उनकी पत्नी अनोमा फोंसेका ने कहा था कि राजपक्षे ने सेना प्रमुख को रिहा करने की इच्छा जताई है। फोंसेका को इस हफ्ते उस मामले में जमानत मिल गई, जिसमें उनपर सैन्य भगोड़ों को शरण देने का आरोप लगाया गया था।
लिट्टे के साथ लड़ाई में सरकारी बलों को मिली जीत का श्रेय तत्कालीन सेना प्रमुख फोंसेका को दिया जाता है। हालांकि, लड़ाई खत्म होने के तुरंत बाद उनका सेना के कमांडर-इन-चीफ से मतभेद हो गया था। राजपक्षे ने फोंसेका को हिरासत में लेने का आदेश 2010 के राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सेना प्रमुख को हराने के तुरंत बाद दिया था।
दस्तावेजों को राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ गामिनी सेनारथ को सौंप दिया गया, ताकि न्याय मंत्रालय को कल सौंपा जा सके, जिससे फोंसेका की रिहाई की औपचारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। राजपक्षे शनिवार की रात कतर की राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। फोंसेका फिलहाल तीन साल के कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्हें हाई कोर्ट ने ‘व्हाइट फ्लैग’ मामले में दोषी ठहराया है।टिप्पणियां
फोंसेका की रिहाई की उम्मीद उस वक्त बढ़ गई थी, जब उनकी पत्नी अनोमा फोंसेका ने कहा था कि राजपक्षे ने सेना प्रमुख को रिहा करने की इच्छा जताई है। फोंसेका को इस हफ्ते उस मामले में जमानत मिल गई, जिसमें उनपर सैन्य भगोड़ों को शरण देने का आरोप लगाया गया था।
लिट्टे के साथ लड़ाई में सरकारी बलों को मिली जीत का श्रेय तत्कालीन सेना प्रमुख फोंसेका को दिया जाता है। हालांकि, लड़ाई खत्म होने के तुरंत बाद उनका सेना के कमांडर-इन-चीफ से मतभेद हो गया था। राजपक्षे ने फोंसेका को हिरासत में लेने का आदेश 2010 के राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सेना प्रमुख को हराने के तुरंत बाद दिया था।
फोंसेका की रिहाई की उम्मीद उस वक्त बढ़ गई थी, जब उनकी पत्नी अनोमा फोंसेका ने कहा था कि राजपक्षे ने सेना प्रमुख को रिहा करने की इच्छा जताई है। फोंसेका को इस हफ्ते उस मामले में जमानत मिल गई, जिसमें उनपर सैन्य भगोड़ों को शरण देने का आरोप लगाया गया था।
लिट्टे के साथ लड़ाई में सरकारी बलों को मिली जीत का श्रेय तत्कालीन सेना प्रमुख फोंसेका को दिया जाता है। हालांकि, लड़ाई खत्म होने के तुरंत बाद उनका सेना के कमांडर-इन-चीफ से मतभेद हो गया था। राजपक्षे ने फोंसेका को हिरासत में लेने का आदेश 2010 के राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सेना प्रमुख को हराने के तुरंत बाद दिया था।
लिट्टे के साथ लड़ाई में सरकारी बलों को मिली जीत का श्रेय तत्कालीन सेना प्रमुख फोंसेका को दिया जाता है। हालांकि, लड़ाई खत्म होने के तुरंत बाद उनका सेना के कमांडर-इन-चीफ से मतभेद हो गया था। राजपक्षे ने फोंसेका को हिरासत में लेने का आदेश 2010 के राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व सेना प्रमुख को हराने के तुरंत बाद दिया था।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने पूर्व सेना प्रमुख सरत फोंसेका की रिहाई का आदेश दिया। इससे दो साल से कारावास में बंद फोंसेका की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया।
| 32
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन ने इस साल के रक्षा बजट में 11.2 फीसदी का इजाफा करते हुए इसे 106.4 अरब डॉलर कर दिया है। साल 2011 के लिए उसका रक्षा बजट 92 अरब डॉलर था। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के पांचवें सत्र के प्रवक्ता ली झाओक्सिंग ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान किया।टिप्पणियां
रक्षा खर्च में इजाफे के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि चीन की सरकार आर्थिक विकास के साथ सहयोगात्मक रक्षा विकास के सिद्धांत का अनुसरण करती है। ली ने कहा कि रक्षा बजट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के स्तर की जरूरतों के मुताबिक है।
चीन ने 2012 के लिए 106.4 अरब डॉलर खर्च करेगा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.4 अरब डॉलर अधिक है। चीन ने पिछले साल आंतरिक सुरक्षा पर 100 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए थे। पिछले साल चीन का रक्षा बजट 92 अरब डॉलर था। भारत का रक्षा बजट बीते साल 36.28 अरब डॉलर था।
रक्षा खर्च में इजाफे के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि चीन की सरकार आर्थिक विकास के साथ सहयोगात्मक रक्षा विकास के सिद्धांत का अनुसरण करती है। ली ने कहा कि रक्षा बजट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के स्तर की जरूरतों के मुताबिक है।
चीन ने 2012 के लिए 106.4 अरब डॉलर खर्च करेगा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.4 अरब डॉलर अधिक है। चीन ने पिछले साल आंतरिक सुरक्षा पर 100 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए थे। पिछले साल चीन का रक्षा बजट 92 अरब डॉलर था। भारत का रक्षा बजट बीते साल 36.28 अरब डॉलर था।
चीन ने 2012 के लिए 106.4 अरब डॉलर खर्च करेगा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.4 अरब डॉलर अधिक है। चीन ने पिछले साल आंतरिक सुरक्षा पर 100 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए थे। पिछले साल चीन का रक्षा बजट 92 अरब डॉलर था। भारत का रक्षा बजट बीते साल 36.28 अरब डॉलर था।
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन ने इस साल के रक्षा बजट में 11.2 फीसदी का इजाफा करते हुए इसे 106.4 अरब डॉलर कर दिया है। साल 2011 के लिए उसका रक्षा बजट 92 अरब डॉलर था।
| 11
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह कदम उस समय सामने आया, जब नागर विमानन मंत्रालय ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो को पत्र लिखकर यह जानकारी दी थी कि उसने 2009 में दी गई उस अनुमति को रद्द करने का फैसला किया था, जिसमें लालू यादव और उनकी पत्नी को वाहन से हवाई पट्टी तक जाने की सुविधा दी गई थी.
21 जुलाई को लिखे गए पत्र में बीसीएएस को मंत्रालय के निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया है.
इस आदेश के बाद राजद इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहा है. राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना के तहत विपक्षी दलों को प्रताड़ित कर रही है. इसी कड़ी के तहत लालू प्रसाद के साथ भी ऐसा किया गया है.
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अत्यधिक सुरक्षा में रहने वाले नेता हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा ऐसा आदेश देना कहीं से भी उचित नहीं है.
वहीं, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है. उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए.टिप्पणियां
(इनपुट एजेंसियों से)
21 जुलाई को लिखे गए पत्र में बीसीएएस को मंत्रालय के निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया है.
इस आदेश के बाद राजद इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहा है. राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना के तहत विपक्षी दलों को प्रताड़ित कर रही है. इसी कड़ी के तहत लालू प्रसाद के साथ भी ऐसा किया गया है.
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अत्यधिक सुरक्षा में रहने वाले नेता हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा ऐसा आदेश देना कहीं से भी उचित नहीं है.
वहीं, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है. उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए.टिप्पणियां
(इनपुट एजेंसियों से)
इस आदेश के बाद राजद इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहा है. राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना के तहत विपक्षी दलों को प्रताड़ित कर रही है. इसी कड़ी के तहत लालू प्रसाद के साथ भी ऐसा किया गया है.
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अत्यधिक सुरक्षा में रहने वाले नेता हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा ऐसा आदेश देना कहीं से भी उचित नहीं है.
वहीं, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है. उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए.टिप्पणियां
(इनपुट एजेंसियों से)
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अत्यधिक सुरक्षा में रहने वाले नेता हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा ऐसा आदेश देना कहीं से भी उचित नहीं है.
वहीं, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है. उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए.टिप्पणियां
(इनपुट एजेंसियों से)
वहीं, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है. उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए.टिप्पणियां
(इनपुट एजेंसियों से)
(इनपुट एजेंसियों से)
(इनपुट एजेंसियों से)
|
संक्षिप्त सारांश: केंद्र ने पटना एयरपोर्ट पर दोनों को मिली विशेष सुविधा को समाप्त किया.
2009 में दी गई इस अनुमति को रद्द करने का फैसला लिया गया- अधिकारी
BCAS को आवश्यक निर्देश जारी करके तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया.
| 0
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने भूमि अधिग्रहण विधेयक पर व्यापक सहमति बना ली है। इससे महीने भर के गतिरोध के बाद विधेयक को संसद के बजट सत्र में ही पेश कर पारित कराने का रास्ता साफ हो गया।
करीब 90 मिनट की सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि हमने भूमि अधिग्रहण विधेयक पर व्यापक सहमति बना ली है। सरकार बीजेपी की इस मांग पर सहमत हो गई है कि भूमि अधिग्रहण की बजाय डेवलपर को उसे लीज पर दिया जाए, ताकि भूमि का स्वामित्व किसान के पास ही रहे और उसे नियमित वार्षिक आय होती रहे।
इस बीच, सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास विधेयक 2011 में संशोधन के लिए राजी हो गई है। राज्यों के लिए इसमें प्रावधान होगा कि वे इस संबंध में कानून बनाएं, क्योंकि भूमि को लीज पर देना या लेना राज्य का विषय है। डीएमके और वाम दलों को हालांकि विधेयक के बारे में अब भी आपत्तियां हैं। माकपा ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित होने वाले सभी परिवारों की सहमति हासिल की जाए।
माकपा नेता बासुदेव आचार्य ने कहा कि मूल विधेयक से नए विधेयक को काफी हल्का कर दिया गया है। मौजूदा विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है। विधेयक जब संसद में पेश होगा, हम संशोधन लाएंगे। डीएमके नेता टीआर बालू ने दावा किया कि विधेयक संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है और उनकी पार्टी विधेयक से सहमत नहीं हो सकती। श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर पिछले ही महीने सरकार से समर्थन वापस लेने वाली डीएमके से विधेयक पर शुक्रवार तक सुझाव देने को कहा गया है। टिप्पणियां
विधेयक में भूमि अधिग्रहण को लेकर उद्योग की समस्याओं के दूर करने का प्रस्ताव है। यह 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक पर समर्थन जुटाने के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे। रमेश ने सपा नेता राम गोपाल यादव और जेडीयू नेता शरद यादव के साथ भी अलग-अलग बैठकें की थीं।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
करीब 90 मिनट की सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि हमने भूमि अधिग्रहण विधेयक पर व्यापक सहमति बना ली है। सरकार बीजेपी की इस मांग पर सहमत हो गई है कि भूमि अधिग्रहण की बजाय डेवलपर को उसे लीज पर दिया जाए, ताकि भूमि का स्वामित्व किसान के पास ही रहे और उसे नियमित वार्षिक आय होती रहे।
इस बीच, सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास विधेयक 2011 में संशोधन के लिए राजी हो गई है। राज्यों के लिए इसमें प्रावधान होगा कि वे इस संबंध में कानून बनाएं, क्योंकि भूमि को लीज पर देना या लेना राज्य का विषय है। डीएमके और वाम दलों को हालांकि विधेयक के बारे में अब भी आपत्तियां हैं। माकपा ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित होने वाले सभी परिवारों की सहमति हासिल की जाए।
माकपा नेता बासुदेव आचार्य ने कहा कि मूल विधेयक से नए विधेयक को काफी हल्का कर दिया गया है। मौजूदा विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है। विधेयक जब संसद में पेश होगा, हम संशोधन लाएंगे। डीएमके नेता टीआर बालू ने दावा किया कि विधेयक संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है और उनकी पार्टी विधेयक से सहमत नहीं हो सकती। श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर पिछले ही महीने सरकार से समर्थन वापस लेने वाली डीएमके से विधेयक पर शुक्रवार तक सुझाव देने को कहा गया है। टिप्पणियां
विधेयक में भूमि अधिग्रहण को लेकर उद्योग की समस्याओं के दूर करने का प्रस्ताव है। यह 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक पर समर्थन जुटाने के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे। रमेश ने सपा नेता राम गोपाल यादव और जेडीयू नेता शरद यादव के साथ भी अलग-अलग बैठकें की थीं।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
इस बीच, सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास विधेयक 2011 में संशोधन के लिए राजी हो गई है। राज्यों के लिए इसमें प्रावधान होगा कि वे इस संबंध में कानून बनाएं, क्योंकि भूमि को लीज पर देना या लेना राज्य का विषय है। डीएमके और वाम दलों को हालांकि विधेयक के बारे में अब भी आपत्तियां हैं। माकपा ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित होने वाले सभी परिवारों की सहमति हासिल की जाए।
माकपा नेता बासुदेव आचार्य ने कहा कि मूल विधेयक से नए विधेयक को काफी हल्का कर दिया गया है। मौजूदा विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है। विधेयक जब संसद में पेश होगा, हम संशोधन लाएंगे। डीएमके नेता टीआर बालू ने दावा किया कि विधेयक संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है और उनकी पार्टी विधेयक से सहमत नहीं हो सकती। श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर पिछले ही महीने सरकार से समर्थन वापस लेने वाली डीएमके से विधेयक पर शुक्रवार तक सुझाव देने को कहा गया है। टिप्पणियां
विधेयक में भूमि अधिग्रहण को लेकर उद्योग की समस्याओं के दूर करने का प्रस्ताव है। यह 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक पर समर्थन जुटाने के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे। रमेश ने सपा नेता राम गोपाल यादव और जेडीयू नेता शरद यादव के साथ भी अलग-अलग बैठकें की थीं।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
माकपा नेता बासुदेव आचार्य ने कहा कि मूल विधेयक से नए विधेयक को काफी हल्का कर दिया गया है। मौजूदा विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है। विधेयक जब संसद में पेश होगा, हम संशोधन लाएंगे। डीएमके नेता टीआर बालू ने दावा किया कि विधेयक संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है और उनकी पार्टी विधेयक से सहमत नहीं हो सकती। श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर पिछले ही महीने सरकार से समर्थन वापस लेने वाली डीएमके से विधेयक पर शुक्रवार तक सुझाव देने को कहा गया है। टिप्पणियां
विधेयक में भूमि अधिग्रहण को लेकर उद्योग की समस्याओं के दूर करने का प्रस्ताव है। यह 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक पर समर्थन जुटाने के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे। रमेश ने सपा नेता राम गोपाल यादव और जेडीयू नेता शरद यादव के साथ भी अलग-अलग बैठकें की थीं।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
विधेयक में भूमि अधिग्रहण को लेकर उद्योग की समस्याओं के दूर करने का प्रस्ताव है। यह 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून को बदलकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश इस विधेयक पर समर्थन जुटाने के लिए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे। रमेश ने सपा नेता राम गोपाल यादव और जेडीयू नेता शरद यादव के साथ भी अलग-अलग बैठकें की थीं।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
9 अप्रैल की बैठक में सुषमा ने बीजेपी की ओर से 12 बिन्दु रखे थे। माकपा और बीजेपी ने सरकार से कहा था कि वह विधेयक को ग्रामीण विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति के विचारार्थ भेजे और मॉनसून सत्र में इसे संसद में पेश करे। पिछली बैठक में सपा के रेवती रमण सिंह ने मुआवजे की कम राशि पर आपत्ति व्यक्त करते हुए सुझाव दिया था कि भूमि देने वाले किसानों के परिवार में युवा सदस्यों को नौकरियां मिलनी चाहिए। विभिन्न दलों के विरोध के बाद सरकार ने उनसे विधेयक पर अपने सुझाव 15 अप्रैल तक सौंपने को कहा था। ग्रामीण विकास मंत्री को इन सुझावों पर 18 अप्रैल तक विचार करना था।
|
सारांश: सरकार बीजेपी की इस मांग पर सहमत हो गई है कि भूमि अधिग्रहण की बजाय डेवलपर को उसे लीज पर दिया जाए, ताकि भूमि का स्वामित्व किसान के पास ही रहे और उसे नियमित वार्षिक आय होती रहे।
| 31
|
['hin']
|
एक सारांश बनाओ: मुंबई पुलिस ने मध्य मुंबई स्थित एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ यह मामला तीन छात्रों को चेन से बांधकर उनकी परेड कराने और शौचालय साफ करने को मजबूर करने के आरोप में दर्ज किया गया है। इन छात्रों को पिछले सप्ताह कक्षा में लड़ने के लिए यह दंड दिया गया था।टिप्पणियां
पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी ने कहा, ‘हमने स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका सिंड्रेला परेरा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। हम देखेंगे कि क्या कुछ अन्य आरोप लगाए जा सकते हैं। हमने उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया है।’ अधिकारी ने कहा कि पुलिस कोई भी कार्रवाई करने से पहले अन्य छात्रों से बात करने की योजना बना रही है।
बुधवार को इस घटना के प्रकाश में आने के बाद लड़के के पिता प्रकाश गांधी शिक्षिका के खिलाफ शिकायत करने स्कूल पहुंचे। हालांकि, स्कूल अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने दादर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस उपायुक्त धनंजय कुलकर्णी ने कहा, ‘हमने स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका सिंड्रेला परेरा के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। हम देखेंगे कि क्या कुछ अन्य आरोप लगाए जा सकते हैं। हमने उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया है।’ अधिकारी ने कहा कि पुलिस कोई भी कार्रवाई करने से पहले अन्य छात्रों से बात करने की योजना बना रही है।
बुधवार को इस घटना के प्रकाश में आने के बाद लड़के के पिता प्रकाश गांधी शिक्षिका के खिलाफ शिकायत करने स्कूल पहुंचे। हालांकि, स्कूल अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने दादर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई।
बुधवार को इस घटना के प्रकाश में आने के बाद लड़के के पिता प्रकाश गांधी शिक्षिका के खिलाफ शिकायत करने स्कूल पहुंचे। हालांकि, स्कूल अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने दादर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई।
|
संक्षिप्त सारांश: मुंबई पुलिस ने मध्य मुंबई स्थित एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ यह मामला तीन छात्रों को चेन से बांधकर उनकी परेड कराने और शौचालय साफ करने को मजबूर करने के आरोप में दर्ज किया गया है।
| 8
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का झंडाबरदार माने जाने वाले विश्व कप (50 ओवर) के शुरू होने के साथ दो दिग्गजों के बीच एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ शामिल हो जाएगी। भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और उन्हीं की बिरादरी में खड़े ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने विश्व कप में अब तक चार-चार शतक लगाए हैं। किसी के भी बल्ले से निकलने वाला पांचवां शतक यह साबित करेगा कि विश्व कप में शतकों का बादशाह कौन है। तेंदुलकर और पोंटिंग के अलावा भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्क वॉ ने भी विश्व कप में चार-चार शतक लगाए हैं लेकिन इन दो दिग्गजों के बल्ले अब खामोश हो चुके हैं क्योंकि दोनों क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। गांगुली ने 2007 में संन्यास लिया था जबकि वॉ 1999 में क्रिकेट को अलविदा कह गए थे। पोंटिंग के नाम विश्व कप में अब तक सर्वाधिक मैच खेलने का रिकार्ड है। चार बार खिताबी जीत दर्ज करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रतिनिधि के तौर पर पोंटिंग ने अपना सातवां विश्व कप खेलने जा रहे तेंदुलकर से तीन मैच अधिक खेले हैं। तेंदुलकर के नाम 36 मैच हैं। विश्व कप में सर्वाधिक रनों के मामले में तेंदुलकर हालांकि पोंटिंग से कोसो दूर हैं। तेंदुलकर ने जहां विश्व कप में अब तक 1796 रन बटोरे हैं वहीं पोंटिंग के नाम 1537 रन हैं। वर्ष 2002 विश्व कप में सर्वाधिक रन बटोरने वाले तेंदुलकर ने विश्व कप में सर्वाधिक 13 अर्द्धशतक लगाए हैं। इस लिहाज से प्रशंसक यह चाहेंगे कि तेंदुलकर विश्व कप में अपने खाते में कुछ और शतक तथा अर्द्धशतक जोड़कर 2000 रनों का आंकड़ा पार कर लें।
|
यहाँ एक सारांश है:आईसीसी का झंडाबरदार माने जाने वाले विश्व कप के शुरू होने के साथ दो दिग्गजों के बीच एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ शामिल हो जाएगी।
| 4
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मणिपुर चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद सत्ता के लिए संघर्ष शुरू हो गया है. हालांकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है और बीजेपी दूसरे नंबर पर है लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण सत्ता की जोड़तोड़ शुरू हो गई है. इन सबके बीच खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह अगले 24 घंटों के भीतर पद से इस्तीफा देंगे. हालांकि 21 सीटें जीतने वाली बीजेपी की तरफ से पूर्वोत्तर राज्यों के संयोजक हेमंत बिस्व सरमा का कहना है कि उनके पास 30 विधायकों के समर्थन के खत हैं और 31वें विधायक की समर्थन की चिट्ठी जल्दी ही गवर्नर के पास भेजी जाएगी. इस कड़ी में बीजेपी महासचिव राम माधव ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मिलकर नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के समर्थन से राज्य में सरकार गठन का दावा पेश करेगी. माधव ने कहा, "हम राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मिलेंगे और उनसे कहेंगे कि भाजपा को मणिपुर में सरकार बनाने का न्योता दें, जिसे एनपीपी और लोजपा का समर्थन है."टिप्पणियां
भाजपा ने मणिपुर विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीती है, और उसने अपने सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की चार सीटों और एनपीपी की चार सीटों, लोजपा की एक सीट और एक निर्दलीय के समर्थन के साथ सरकार गठन के लिए आवश्यक न्यूनतम 31 सदस्यों की संख्या जुटा ली है. माधव ने कहा, "मैं भाजपा को समर्थन देने के लिए एनपीपी और लोजपा को धन्यवाद देता हूं. मैं बदलाव और प्रगतिशील मणिपुर के लिए मतदान करने के लिए मणिपुर के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं." इस मौके पर एनपीपी के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने कहा, "मैं राज्य में बदलाव के लिए वोट देने हेतु मणिपुर के लोगों को धन्यवाद देता हूं."
60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 28 सीटें हासिल कर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. इस लिहाज से कांग्रेस ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्य में पिछले 15 वर्षों से सत्ता में काबिज कांग्रेस की तरफ से उपमुख्यमंत्री जी जईखनगम ने कहा है कि हम सबसे बड़ी पार्टी हैं लिहाजा गवर्नर को हमको सरकार बनाने का मौका देना चाहिए. कांग्रेस भी दावा है कि एनपीपी के चारों विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है लेकिन जब बीजेपी ने अपने समर्थन के दावे की बात कही थी तो राज्यपाल से मिलने एनपीपी के विधायक उनके साथ गए थे. ऐसे में फिलहाल भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
भाजपा ने मणिपुर विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीती है, और उसने अपने सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की चार सीटों और एनपीपी की चार सीटों, लोजपा की एक सीट और एक निर्दलीय के समर्थन के साथ सरकार गठन के लिए आवश्यक न्यूनतम 31 सदस्यों की संख्या जुटा ली है. माधव ने कहा, "मैं भाजपा को समर्थन देने के लिए एनपीपी और लोजपा को धन्यवाद देता हूं. मैं बदलाव और प्रगतिशील मणिपुर के लिए मतदान करने के लिए मणिपुर के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं." इस मौके पर एनपीपी के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने कहा, "मैं राज्य में बदलाव के लिए वोट देने हेतु मणिपुर के लोगों को धन्यवाद देता हूं."
60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 28 सीटें हासिल कर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. इस लिहाज से कांग्रेस ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्य में पिछले 15 वर्षों से सत्ता में काबिज कांग्रेस की तरफ से उपमुख्यमंत्री जी जईखनगम ने कहा है कि हम सबसे बड़ी पार्टी हैं लिहाजा गवर्नर को हमको सरकार बनाने का मौका देना चाहिए. कांग्रेस भी दावा है कि एनपीपी के चारों विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है लेकिन जब बीजेपी ने अपने समर्थन के दावे की बात कही थी तो राज्यपाल से मिलने एनपीपी के विधायक उनके साथ गए थे. ऐसे में फिलहाल भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 28 सीटें हासिल कर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. इस लिहाज से कांग्रेस ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्य में पिछले 15 वर्षों से सत्ता में काबिज कांग्रेस की तरफ से उपमुख्यमंत्री जी जईखनगम ने कहा है कि हम सबसे बड़ी पार्टी हैं लिहाजा गवर्नर को हमको सरकार बनाने का मौका देना चाहिए. कांग्रेस भी दावा है कि एनपीपी के चारों विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है लेकिन जब बीजेपी ने अपने समर्थन के दावे की बात कही थी तो राज्यपाल से मिलने एनपीपी के विधायक उनके साथ गए थे. ऐसे में फिलहाल भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
|
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मणिपुर में बीजेपी के पास 21 विधायक
अन्य छोटे दलों के समर्थन का दावा
कांग्रेस के पास 28 विधायक
| 19
|
['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के कर्मचारियों को दिवाली से पहले तोहफा दिया है। उन्होंने रविवार को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सात प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक संस्थाओं, शहरी निकायों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वेतनमान वाले कर्मचारियों को अब 65 प्रतिशत से बढ़कर 72 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से राज्य सरकार पर 1028.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय-भार पड़ेगा।टिप्पणियां
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष एक जुलाई से 30 नवम्बर तक महंगाई भत्ते की बढ़ी राशि जीपीएफ में जमा की जाएगी और एक दिसम्बर से नकद भुगतान किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने एक जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षति वेतनमान के बजाय पूर्ववर्ती वेतनमान में रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतनमान एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं, उनके लिए 139 प्रतिशत के स्थान पर 151 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी एक जुलाई से सात प्रतिशत बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत दिए जाने का निर्देश दिया है।
राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक संस्थाओं, शहरी निकायों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वेतनमान वाले कर्मचारियों को अब 65 प्रतिशत से बढ़कर 72 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से राज्य सरकार पर 1028.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय-भार पड़ेगा।टिप्पणियां
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष एक जुलाई से 30 नवम्बर तक महंगाई भत्ते की बढ़ी राशि जीपीएफ में जमा की जाएगी और एक दिसम्बर से नकद भुगतान किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने एक जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षति वेतनमान के बजाय पूर्ववर्ती वेतनमान में रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतनमान एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं, उनके लिए 139 प्रतिशत के स्थान पर 151 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी एक जुलाई से सात प्रतिशत बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत दिए जाने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष एक जुलाई से 30 नवम्बर तक महंगाई भत्ते की बढ़ी राशि जीपीएफ में जमा की जाएगी और एक दिसम्बर से नकद भुगतान किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने एक जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षति वेतनमान के बजाय पूर्ववर्ती वेतनमान में रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतनमान एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं, उनके लिए 139 प्रतिशत के स्थान पर 151 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी एक जुलाई से सात प्रतिशत बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत दिए जाने का निर्देश दिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने एक जनवरी 2006 से लागू पुनरीक्षति वेतनमान के बजाय पूर्ववर्ती वेतनमान में रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतनमान एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं, उनके लिए 139 प्रतिशत के स्थान पर 151 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी एक जुलाई से सात प्रतिशत बढ़ी हुई दर से महंगाई राहत दिए जाने का निर्देश दिया है।
|
यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के कर्मचारियों को दिवाली से पहले तोहफा दिया है। उन्होंने रविवार को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सात प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
| 16
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: अब्बास-मस्तान की 'रेस' की सीक्वल 'रेस 2' में अभिनेता अनिल कपूर, सैफ अली खान, जॉन अब्राहम, दीपिका पदुकोण, अमीषा पटेल और जैकलीन और स्पेशल अपीयरेंस में बिपाशा बसु भी फिल्म में नजर आई हैं।
फिल्म की कहानी के बारे में बात करना मुश्किल है, क्योंकि कहानी बताने में आप बड़ी स्टारकास्ट के बीच उलझ कर रह जाएंगे और वैसे भी 'रेस 2' की कहानी में क्या होगा शायद आपको यह पता ही हो, यानी एक्शन, गाने, धोखा और लूटपाट। इसके अलावा इसमें आलीशान जगहों पर शूटिंग और अरबों की डील है।
अब्बास-मस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि दर्शकों को इन सबके अलावा कहानी में या तो गहराई या फिर सस्पेंस चाहिए। हां, फिल्म में कुछ डायलॉग जरूर पसंद आएंगे।टिप्पणियां
फिल्म में जॉन की फिटनेस अच्छी लग सकती है, सैफ का लिबास आपको भा सकता है और फिल्म में दीपिका शायद आपको आकर्षित कर पाए, पर इसके अलावा कहानी में क्या है, यह फिल्म देखकर ही पता लगेगा क्योंकि आपकी पसंद मेरी पसंद से अलग हो सकती है।
फिल्म का एक्शन कहीं−कहीं अच्छा है। खासतौर से सैफ और शार्प शूटर का एक्शन सीक्वेंस। गानों की बात करें तो सिर्फ फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही मुझे पसंद आया हालांकि उस गाने को भी गलत जगह पर इस्तेमाल किया गया है तो इस बार फिल्मों की रेस में 'रेस 2' को 1.5 स्टार।
फिल्म की कहानी के बारे में बात करना मुश्किल है, क्योंकि कहानी बताने में आप बड़ी स्टारकास्ट के बीच उलझ कर रह जाएंगे और वैसे भी 'रेस 2' की कहानी में क्या होगा शायद आपको यह पता ही हो, यानी एक्शन, गाने, धोखा और लूटपाट। इसके अलावा इसमें आलीशान जगहों पर शूटिंग और अरबों की डील है।
अब्बास-मस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि दर्शकों को इन सबके अलावा कहानी में या तो गहराई या फिर सस्पेंस चाहिए। हां, फिल्म में कुछ डायलॉग जरूर पसंद आएंगे।टिप्पणियां
फिल्म में जॉन की फिटनेस अच्छी लग सकती है, सैफ का लिबास आपको भा सकता है और फिल्म में दीपिका शायद आपको आकर्षित कर पाए, पर इसके अलावा कहानी में क्या है, यह फिल्म देखकर ही पता लगेगा क्योंकि आपकी पसंद मेरी पसंद से अलग हो सकती है।
फिल्म का एक्शन कहीं−कहीं अच्छा है। खासतौर से सैफ और शार्प शूटर का एक्शन सीक्वेंस। गानों की बात करें तो सिर्फ फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही मुझे पसंद आया हालांकि उस गाने को भी गलत जगह पर इस्तेमाल किया गया है तो इस बार फिल्मों की रेस में 'रेस 2' को 1.5 स्टार।
अब्बास-मस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि दर्शकों को इन सबके अलावा कहानी में या तो गहराई या फिर सस्पेंस चाहिए। हां, फिल्म में कुछ डायलॉग जरूर पसंद आएंगे।टिप्पणियां
फिल्म में जॉन की फिटनेस अच्छी लग सकती है, सैफ का लिबास आपको भा सकता है और फिल्म में दीपिका शायद आपको आकर्षित कर पाए, पर इसके अलावा कहानी में क्या है, यह फिल्म देखकर ही पता लगेगा क्योंकि आपकी पसंद मेरी पसंद से अलग हो सकती है।
फिल्म का एक्शन कहीं−कहीं अच्छा है। खासतौर से सैफ और शार्प शूटर का एक्शन सीक्वेंस। गानों की बात करें तो सिर्फ फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही मुझे पसंद आया हालांकि उस गाने को भी गलत जगह पर इस्तेमाल किया गया है तो इस बार फिल्मों की रेस में 'रेस 2' को 1.5 स्टार।
फिल्म में जॉन की फिटनेस अच्छी लग सकती है, सैफ का लिबास आपको भा सकता है और फिल्म में दीपिका शायद आपको आकर्षित कर पाए, पर इसके अलावा कहानी में क्या है, यह फिल्म देखकर ही पता लगेगा क्योंकि आपकी पसंद मेरी पसंद से अलग हो सकती है।
फिल्म का एक्शन कहीं−कहीं अच्छा है। खासतौर से सैफ और शार्प शूटर का एक्शन सीक्वेंस। गानों की बात करें तो सिर्फ फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही मुझे पसंद आया हालांकि उस गाने को भी गलत जगह पर इस्तेमाल किया गया है तो इस बार फिल्मों की रेस में 'रेस 2' को 1.5 स्टार।
फिल्म का एक्शन कहीं−कहीं अच्छा है। खासतौर से सैफ और शार्प शूटर का एक्शन सीक्वेंस। गानों की बात करें तो सिर्फ फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही मुझे पसंद आया हालांकि उस गाने को भी गलत जगह पर इस्तेमाल किया गया है तो इस बार फिल्मों की रेस में 'रेस 2' को 1.5 स्टार।
|
सारांश: फिल्म की कहानी के बारे में बात करना मुश्किल है, क्योंकि कहानी बताने में आप बड़ी स्टारकास्ट के बीच उलझ कर रह जाएंगे ।
| 7
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलवामा में हुए आतंकी हमले (Pulwama Attack) की जिम्मेदारी लेने वाले जैश-ए-मोहम्मद पर भारतीय एयर फोर्स (Indian Air Force) कार्रवाई को लेकर दुनिया के बड़े देश आगे आए हैं. इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका (United States), ब्रिटेन (Britain) और फ्रांस ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि इस आतंकी संगठन को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ब्लैक लिस्ट करे. इसी आतंकी संगठन ने पुलवामा में भारतीय अर्धसैनिक बल के काफिले पर हमला करने का दावा किया था. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति से मौलाना मसूद अजहर पर हर तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग की है. इस प्रस्ताव में कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर हथियारों के व्यापार और वैश्विक यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने के साथ उसकी परिसंपत्ति भी फ्रीज की जाएं.
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. भारत ने इसके अगले दिन ही सेना को खुली छूट देने की बात कही थी और पाकिस्तान से 'मोस्ट फेवरेट नेशन' दर्जा वापस ले लिया था. इसके बाद घाटी में हुए सर्च ऑपरेशन में जैश के कई आतंकवादी मारे गए थें. 26 फरवरी की रात में वायु सेना (Indian Air Force) ने अपने असैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को ध्वस्त कर दिया था. भारत के इस कार्रवाई का पूरी दुनिया ने समर्थन किया.
उधर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक 2 के बाद यहां सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी जेट विमान को भारतीय वायुसेना के मार गिराए जाने (IAF Air Strike) के बाद एक भारतीय पायलट लापता हो गया. यह जानकारी बुधवार को भारत सरकार ने पाकिस्तान के उन दावों के बाद दी, जिनमें उसने 'अपने वायुक्षेत्र में रहकर नियंत्रण रेखा के पार हमले करने' की बात कही थी. बालाकोट में आतंकवादी अड्डे को भारतीय वायुसेना द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव इस वक्त चरम पर नज़र आ रहा है.लगभग उसी समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने भी भारत से बातचीत की बात कही.
उन्होंने कहा कि हम पुलवामा पर बात करने के लिए तैयार हैं, और हमने पहले भी कहा था और अब भी कह रहे हैं कि आप हमें सबूत दें, हम उन पर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे लिए भी यह सही नहीं कि हमारी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए हो. उन्होंने कहा कि जंग हुई तो यह किसी के काबू में नहीं रहेगी.इसी बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पाकस्तान की हमले की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया और हमने उनके एक फाइटर विमान को मार गिराया. हालांकि, इस एक्शन के दौरान हमें एक मिग-21 विमान का नुकसान हुआ, और एक पायलट भी लापता है.
|
सारांश: पुलवामा में हमले के बाद भारत के साथ खड़े हुए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस
संयुक्त राष्ट्र से की मांग- आतंकी संगठन जैश पर लगाया जाए प्रतिबंध
जैश चीफ मसूद अजहर की संपत्तियों को जब्त करने की मांग
| 33
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के खैबर प्रांत में कबायलियों ने ‘अवैध संबंध’ रखने की आरोपी एक महिला और उसकी मदद करने वाले उसके दो रिश्तेदारों की ‘जिरगा’ के आदेश पर हत्या कर दी।
गांव के पांच बुजुर्ग लोगों की कबायली परिषद जिरगा ने 22 वर्षीय सादिया को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी करार दिया था। मूल रूप से जवाकी की रहने वाली यह महिला शादी के बाद कराची में रह रही थी हालांकि शादी के दो वर्ष बाद ही वह कथित रूप से एक पुरुष के साथ भाग कर स्वात चली गई थी।
इसके बाद कराची में अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। स्वात पुलिस ने महिला को बरामद कर उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया था।टिप्पणियां
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, जवाकी में जिरगा आयोजित की गई थी, जिसने महिला को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी पाया और उसके आदेश पर महिला और उसे घर से भागने में मदद करने वाली उसकी दो रिश्तेदारों की नृशंस हत्या कर दी गई।
गौरतलब है कि कबायली इलाकों में जिरगाओं का वर्चस्व है और यहां उनकी समानांतर न्यायिक प्रणाली चलती है। इस तरह के मामलों में ऐसे आदेश के लिए वह कुख्यात है।
गांव के पांच बुजुर्ग लोगों की कबायली परिषद जिरगा ने 22 वर्षीय सादिया को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी करार दिया था। मूल रूप से जवाकी की रहने वाली यह महिला शादी के बाद कराची में रह रही थी हालांकि शादी के दो वर्ष बाद ही वह कथित रूप से एक पुरुष के साथ भाग कर स्वात चली गई थी।
इसके बाद कराची में अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। स्वात पुलिस ने महिला को बरामद कर उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया था।टिप्पणियां
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, जवाकी में जिरगा आयोजित की गई थी, जिसने महिला को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी पाया और उसके आदेश पर महिला और उसे घर से भागने में मदद करने वाली उसकी दो रिश्तेदारों की नृशंस हत्या कर दी गई।
गौरतलब है कि कबायली इलाकों में जिरगाओं का वर्चस्व है और यहां उनकी समानांतर न्यायिक प्रणाली चलती है। इस तरह के मामलों में ऐसे आदेश के लिए वह कुख्यात है।
इसके बाद कराची में अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। स्वात पुलिस ने महिला को बरामद कर उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया था।टिप्पणियां
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, जवाकी में जिरगा आयोजित की गई थी, जिसने महिला को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी पाया और उसके आदेश पर महिला और उसे घर से भागने में मदद करने वाली उसकी दो रिश्तेदारों की नृशंस हत्या कर दी गई।
गौरतलब है कि कबायली इलाकों में जिरगाओं का वर्चस्व है और यहां उनकी समानांतर न्यायिक प्रणाली चलती है। इस तरह के मामलों में ऐसे आदेश के लिए वह कुख्यात है।
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, जवाकी में जिरगा आयोजित की गई थी, जिसने महिला को ‘अवैध संबंध’ रखने का दोषी पाया और उसके आदेश पर महिला और उसे घर से भागने में मदद करने वाली उसकी दो रिश्तेदारों की नृशंस हत्या कर दी गई।
गौरतलब है कि कबायली इलाकों में जिरगाओं का वर्चस्व है और यहां उनकी समानांतर न्यायिक प्रणाली चलती है। इस तरह के मामलों में ऐसे आदेश के लिए वह कुख्यात है।
गौरतलब है कि कबायली इलाकों में जिरगाओं का वर्चस्व है और यहां उनकी समानांतर न्यायिक प्रणाली चलती है। इस तरह के मामलों में ऐसे आदेश के लिए वह कुख्यात है।
|
सारांश: पाकिस्तान के खैबर प्रांत में कबायलियों ने ‘अवैध संबंध’ रखने की आरोपी एक महिला और उसकी मदद करने वाले उसके दो रिश्तेदारों की ‘जिरगा’ के आदेश पर हत्या कर दी।
| 20
|
['hin']
|
इस पाठ का सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड के उत्तरी तट पर 6.6 तीव्रता का भूकंप का झटका आया। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप के झटके के बाद पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने सुनामी की चेतावनी जारी की लेकिन साथ ही कहा कि सुनामी से विनाश का कोई खतरा नहीं है। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का झटका स्थानीय समयानुसार तड़के एक बज कर तीन मिनट पर आकलैंड से लगभग 550 किमी पूर्व में आया और इसका केंद्र 90 किमी की गहराई पर था। यूएसजीएस ने पूर्व में कहा था कि इस झटके की तीव्रता 6.4 थी। इस झटके का केंद्र केर्माडेक द्वीप समूह के दक्षिण पश्चिम में था जो न्यूजीलैंड के 1000 किमी पूर्वोत्तर में है। न्यूजीलैंड पैसिफिक रिंग ऑफ फायर जोन पर है जहां आए दिन भूगर्भीय हलचल होती रहती है और भूकंप के झटके आते हैं। देश के दूसरे सबसे बड़े शहर क्राइस्टचर्च में फरवरी में 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके से 181 लोग मारे गए थे। इससे पहले गत सितंबर में देश में 7.1 तीव्रता का भूकंप का झटका आया था।
|
यहाँ एक सारांश है:यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का झटका स्थानीय समयानुसार तड़के एक बजकर तीन मिनट पर आकलैंड से लगभग 550 किमी पूर्व में आया।
| 4
|
['hin']
|
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जिले के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र में सौतेले पिता ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया. पीड़िता की मां की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने महिला के हवाले से बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है. जिसके बाद उसने चार साल पहले दूसरी शादी की थी. उसके दूसरे पति को शराब की लत है. आए दिन घर में उसके और बच्चों के साथ मारपीट करता था. जिसके कारण वह अपने बच्चों के साथ उससे अलग रहने लगी.
शिकायत में महिला ने कहा है कि वह मंगलवार रात काम करने गई थी. उसका पति शराब के नशे में घर में घुस आया. उसने 15 साल की बेटी से छेड़खानी शुरू कर दी. उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया तो किसी तरह से वह उसके चंगुल से बच कर भाग निकली.
लड़की ने उसको पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद महिला अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंची और आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
|
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का मामला
सौतला पिता ने किया नाबालिग बेटी से रेप की कोशिश
पत्नी के शिकायत पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
| 10
|
['hin']
|
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.