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इस के लिए एक सारांश बनाएं: त्रिपुरा में विपक्षी वाम मोर्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार की जनसभा के दौरान राज्य मंत्री मोनोज कांती देव द्वारा उनकी मंत्रीमंडलीय साथी को गलत तरीके से छूने के लिए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वाम मोर्चे पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उसकी मांग को ठुकरा दिया.
वाम मोर्चे के संयोजक बिजन धर ने संवाददाताओं से कहा, "जिस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देव और अन्य लोग जनसभा संबोधित कर रहे थे उस मंच पर एक महिला मंत्री को गलत तरीके से छूने के लिए मोनोज कांती देव को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लेना चाहिए." उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर यह सार्वजनिक रूप से देखा गया कि देव ने समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा मंत्री संतना चकमा की कमर पर हाथ रखा था. चकमा एक युवा आदिवासी नेता हैं. हालांकि, एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.
उन्होंने कहा, "देव ने त्रिपुरा मंत्रीमंडल की एक मात्र महिला मंत्री के शील, पवित्रता और मर्यादा को सार्वजनिक मंच पर नुकसान पहुंचाया है जहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति मौजूद थे."
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के केंद्रीय समिति के सदस्य धर ने दावा किया कि 11 महीने पहले त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में आने के बाद जहां कई युवा और अधेड़ महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहा है, उनकी हत्या हो रही है, वहीं सार्वजनिक मंच पर हुआ यह मामला बेहद निंदनीय और दंडनीय है. कुछ आदिवासी दल भी मंत्री के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन करने की कोशिश कर रहे हैं.
खाद्य, युवा मामले और खेल मंत्रालय देख रहे देव से फोन पर बात की लेकिन उत्तरी त्रिपुरा स्थित अपने गृहनगर कमालपुर से उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया. भाजपा प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य ने हालांकि कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिलने के बाद वाम मोर्चा ने अब झूठे और बिना मतलब के मुद्दों पर भाजपा मंत्रियों का चरित्र हनन शुरू कर दिया है. उन्होंने सवाल किया, "महिला मंत्री ने कभी वाम दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बयान या शिकायत नहीं की. वाम दल गंदी राजनीति क्यों कर रहे हैं?".
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: त्रिपुरा में एक कार्यक्रम में मौजूद थे पीएम मोदी.
महिला मंत्री ने भी आरोप लगाया है.
विपक्ष ने बर्खास्त करने की मांग की है.
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: बढ़ती महंगाई में जहां आम आदमी के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम मुश्किल हो रहा है वहीं उस पर महंगे इलाज की भी मार पड़ने वाली है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज की फीस बढ़ाने की कवायद चल रही है और इस बात की सलाह खुद वित्त मंत्रालय ने दी है. एम्स के शुल्कों में पिछले 20 सालों में इजाफा नहीं किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, एम्स ने सरकार से संस्थान के बजट में लगभग 300 करोड़ रुपये का इजाफा करने की मांग की थी. सरकार ने उल्टे संस्थान को यूजर चार्ज बढ़ा कर बजट में खुद ही इजाफा करने की सलाह दी है. वित्त मंत्रालय ने पर्चा बनवाने से लेकर तमाम तरह की जांच और इलाज की फीस बढ़ाने पर एम्स को विचार करने की बात कही है.
एम्स के उपनिदेशक वी. श्रीवास्तव ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि संस्थान की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी और शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.
हालांकि कई साल पहले भी एम्स में यूजर चार्ज को बढ़ाने के लिए बात हुई थी, लेकिन खुद डॉक्टरों के विरोध के चलते फैसले को टाल दिया गया. उस समय खून की जांच, अल्ट्रासाउंड तथा रेडियोग्राफी की फीस में 20 से 30 फीसदी के इजाफे की बात कही गई थी. 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समय एम्स विभिन्न जांच तथा पर्चा आदि की फीस से करीब 101 करोड़ रुपये इकट्ठा कर पाता है.टिप्पणियां
लेकिन इस बार खुद वित्त मंत्रालय ने शुल्क बढ़ाने की सलाह दी है, इसलिए एम्स सूत्र बताते हैं कि फीस में इजाफा होने की संभावना इस बार ज्यादा है. वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
जानकारी के मुताबिक, एम्स ने सरकार से संस्थान के बजट में लगभग 300 करोड़ रुपये का इजाफा करने की मांग की थी. सरकार ने उल्टे संस्थान को यूजर चार्ज बढ़ा कर बजट में खुद ही इजाफा करने की सलाह दी है. वित्त मंत्रालय ने पर्चा बनवाने से लेकर तमाम तरह की जांच और इलाज की फीस बढ़ाने पर एम्स को विचार करने की बात कही है.
एम्स के उपनिदेशक वी. श्रीवास्तव ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि संस्थान की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी और शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.
हालांकि कई साल पहले भी एम्स में यूजर चार्ज को बढ़ाने के लिए बात हुई थी, लेकिन खुद डॉक्टरों के विरोध के चलते फैसले को टाल दिया गया. उस समय खून की जांच, अल्ट्रासाउंड तथा रेडियोग्राफी की फीस में 20 से 30 फीसदी के इजाफे की बात कही गई थी. 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समय एम्स विभिन्न जांच तथा पर्चा आदि की फीस से करीब 101 करोड़ रुपये इकट्ठा कर पाता है.टिप्पणियां
लेकिन इस बार खुद वित्त मंत्रालय ने शुल्क बढ़ाने की सलाह दी है, इसलिए एम्स सूत्र बताते हैं कि फीस में इजाफा होने की संभावना इस बार ज्यादा है. वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
एम्स के उपनिदेशक वी. श्रीवास्तव ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि संस्थान की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी और शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.
हालांकि कई साल पहले भी एम्स में यूजर चार्ज को बढ़ाने के लिए बात हुई थी, लेकिन खुद डॉक्टरों के विरोध के चलते फैसले को टाल दिया गया. उस समय खून की जांच, अल्ट्रासाउंड तथा रेडियोग्राफी की फीस में 20 से 30 फीसदी के इजाफे की बात कही गई थी. 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समय एम्स विभिन्न जांच तथा पर्चा आदि की फीस से करीब 101 करोड़ रुपये इकट्ठा कर पाता है.टिप्पणियां
लेकिन इस बार खुद वित्त मंत्रालय ने शुल्क बढ़ाने की सलाह दी है, इसलिए एम्स सूत्र बताते हैं कि फीस में इजाफा होने की संभावना इस बार ज्यादा है. वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
हालांकि कई साल पहले भी एम्स में यूजर चार्ज को बढ़ाने के लिए बात हुई थी, लेकिन खुद डॉक्टरों के विरोध के चलते फैसले को टाल दिया गया. उस समय खून की जांच, अल्ट्रासाउंड तथा रेडियोग्राफी की फीस में 20 से 30 फीसदी के इजाफे की बात कही गई थी. 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समय एम्स विभिन्न जांच तथा पर्चा आदि की फीस से करीब 101 करोड़ रुपये इकट्ठा कर पाता है.टिप्पणियां
लेकिन इस बार खुद वित्त मंत्रालय ने शुल्क बढ़ाने की सलाह दी है, इसलिए एम्स सूत्र बताते हैं कि फीस में इजाफा होने की संभावना इस बार ज्यादा है. वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
लेकिन इस बार खुद वित्त मंत्रालय ने शुल्क बढ़ाने की सलाह दी है, इसलिए एम्स सूत्र बताते हैं कि फीस में इजाफा होने की संभावना इस बार ज्यादा है. वित्त मंत्रालय का तर्क है कि 20 सालों के दौरान लोगों की आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है, इसलिए शुल्क बढ़ाने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.
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संक्षिप्त सारांश: 1996 से एम्स के शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है
जांच, पर्चा आदि के शुल्क से सालाना 101 करोड़ रुपये इकट्ठा होते हैं
2005 में शुल्क बढ़ाने की कवायद का जमकर विरोध हुआ था
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनियाभर में लोगों का पसंदीदा सर्च इंजन गूगल 27 सितंबर को अपना 18वां जन्मदिन मना रहा है. इसके लिए गूगल ने एक खास एनिमेटेड डूडल बनाया है जिसमें गूगल का 'G' एक गुब्बारे को फुलाता नजर आ रहा है और उस फूले गुब्बारे से गूगल के बाकी कैरेक्टर्स बनते दिख रहे हैं. (यहां देखें डूडल)
हालांकि गूगल अब तक चार अलग-अलग तारीखों पर अपना जन्मदिन मना चुका है. गूगल के 15वें जन्मदिन पर कंपनी ने खुद यह बात स्वीकार की थी कि उन्हें नहीं पता कि गूगल का असली जन्मदिन कब है.
गूगल ने अलग-अलग सालों में सात सितंबर, आठ सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया है. साल 2002 में गूगल ने 27 सितंबर को अपना चौथा जन्मदिन मनाया था. लेकिन इसके अगले साल सात सितंबर और उसके अगले साल आठ सितंबर को गूगल ने अपना जन्मदिन मनाया. हालांकि साल 2006 से अब तक गूगल 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाता आ रहा है.टिप्पणियां
हालांकि, गूगल डॉट कॉम (google.com) का डोमेन 15 सितंबर 1995 को रजिस्टर किया गया था, इस लिहाज़ से गूगल का जन्मदिन 15 सितंबर को होना चाहिए. हालांकि लैरी पेज और सर्जी बिन ने 4 सितंबर 1998 को गूगल को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और कंपनी के नाम पर पहला बैंक अकाउंट भी खुलवाया. इस लिहाज़ से 4 सितंबर को भी गूगल का जन्मदिन मनाया जा सकता है. साल 1998 में ही 30 अगस्त को कंपनी ने अपना पहला डूडल जारी किया था.
गूगल दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी बिन को फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमश: 12वें और 13वें स्थान पर रखा है.
हालांकि गूगल अब तक चार अलग-अलग तारीखों पर अपना जन्मदिन मना चुका है. गूगल के 15वें जन्मदिन पर कंपनी ने खुद यह बात स्वीकार की थी कि उन्हें नहीं पता कि गूगल का असली जन्मदिन कब है.
गूगल ने अलग-अलग सालों में सात सितंबर, आठ सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया है. साल 2002 में गूगल ने 27 सितंबर को अपना चौथा जन्मदिन मनाया था. लेकिन इसके अगले साल सात सितंबर और उसके अगले साल आठ सितंबर को गूगल ने अपना जन्मदिन मनाया. हालांकि साल 2006 से अब तक गूगल 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाता आ रहा है.टिप्पणियां
हालांकि, गूगल डॉट कॉम (google.com) का डोमेन 15 सितंबर 1995 को रजिस्टर किया गया था, इस लिहाज़ से गूगल का जन्मदिन 15 सितंबर को होना चाहिए. हालांकि लैरी पेज और सर्जी बिन ने 4 सितंबर 1998 को गूगल को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और कंपनी के नाम पर पहला बैंक अकाउंट भी खुलवाया. इस लिहाज़ से 4 सितंबर को भी गूगल का जन्मदिन मनाया जा सकता है. साल 1998 में ही 30 अगस्त को कंपनी ने अपना पहला डूडल जारी किया था.
गूगल दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी बिन को फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमश: 12वें और 13वें स्थान पर रखा है.
गूगल ने अलग-अलग सालों में सात सितंबर, आठ सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया है. साल 2002 में गूगल ने 27 सितंबर को अपना चौथा जन्मदिन मनाया था. लेकिन इसके अगले साल सात सितंबर और उसके अगले साल आठ सितंबर को गूगल ने अपना जन्मदिन मनाया. हालांकि साल 2006 से अब तक गूगल 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाता आ रहा है.टिप्पणियां
हालांकि, गूगल डॉट कॉम (google.com) का डोमेन 15 सितंबर 1995 को रजिस्टर किया गया था, इस लिहाज़ से गूगल का जन्मदिन 15 सितंबर को होना चाहिए. हालांकि लैरी पेज और सर्जी बिन ने 4 सितंबर 1998 को गूगल को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और कंपनी के नाम पर पहला बैंक अकाउंट भी खुलवाया. इस लिहाज़ से 4 सितंबर को भी गूगल का जन्मदिन मनाया जा सकता है. साल 1998 में ही 30 अगस्त को कंपनी ने अपना पहला डूडल जारी किया था.
गूगल दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी बिन को फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमश: 12वें और 13वें स्थान पर रखा है.
हालांकि, गूगल डॉट कॉम (google.com) का डोमेन 15 सितंबर 1995 को रजिस्टर किया गया था, इस लिहाज़ से गूगल का जन्मदिन 15 सितंबर को होना चाहिए. हालांकि लैरी पेज और सर्जी बिन ने 4 सितंबर 1998 को गूगल को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और कंपनी के नाम पर पहला बैंक अकाउंट भी खुलवाया. इस लिहाज़ से 4 सितंबर को भी गूगल का जन्मदिन मनाया जा सकता है. साल 1998 में ही 30 अगस्त को कंपनी ने अपना पहला डूडल जारी किया था.
गूगल दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी बिन को फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमश: 12वें और 13वें स्थान पर रखा है.
गूगल दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियों में से एक है. इसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी बिन को फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में क्रमश: 12वें और 13वें स्थान पर रखा है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गूगल मंगलवार को मना रहा है अपना 18वां जन्मदिन.
चार अलग-अलग तारीखों पर अपना जन्मदिन मना चुका है गूगल.
गूगल को खुद नहीं पता कि असल में उसका जन्मदिन कब है.
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हरियाणा को राजस्थान से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत 2,029.49 करोड़ रुपये के परियोजना को मंजूरी दे दी।
आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने कैथल (हरियाणा) एवं राजस्थान के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के सीमावर्ती हिस्से को उन्नत बनाने वाली परियोजना को मंजूरी दी है।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के 166 किलोमीटर के हिस्से को टोल प्रारूप के आधार पर विकसित किया जाएगा।
सीसीईए ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "इस परियोजना से हरियाणा में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी आएगी, तथा परिवहन में लगने वाले खर्च एवं समय की बचत होगी।"टिप्पणियां
वक्तव्य में आगे कहा गया है, "परियोजना के अंतर्गत उन्नत की जाने वाले सड़क के हिस्से में अंबाला, कैथल, बरवाला तथा हिसार जैसे महत्वपूर्ण जिले जुड़ेंगे।"
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने कैथल (हरियाणा) एवं राजस्थान के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के सीमावर्ती हिस्से को उन्नत बनाने वाली परियोजना को मंजूरी दी है।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के 166 किलोमीटर के हिस्से को टोल प्रारूप के आधार पर विकसित किया जाएगा।
सीसीईए ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "इस परियोजना से हरियाणा में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी आएगी, तथा परिवहन में लगने वाले खर्च एवं समय की बचत होगी।"टिप्पणियां
वक्तव्य में आगे कहा गया है, "परियोजना के अंतर्गत उन्नत की जाने वाले सड़क के हिस्से में अंबाला, कैथल, बरवाला तथा हिसार जैसे महत्वपूर्ण जिले जुड़ेंगे।"
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के 166 किलोमीटर के हिस्से को टोल प्रारूप के आधार पर विकसित किया जाएगा।
सीसीईए ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "इस परियोजना से हरियाणा में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी आएगी, तथा परिवहन में लगने वाले खर्च एवं समय की बचत होगी।"टिप्पणियां
वक्तव्य में आगे कहा गया है, "परियोजना के अंतर्गत उन्नत की जाने वाले सड़क के हिस्से में अंबाला, कैथल, बरवाला तथा हिसार जैसे महत्वपूर्ण जिले जुड़ेंगे।"
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
सीसीईए ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "इस परियोजना से हरियाणा में बुनियादी ढांचे के सुधार में तेजी आएगी, तथा परिवहन में लगने वाले खर्च एवं समय की बचत होगी।"टिप्पणियां
वक्तव्य में आगे कहा गया है, "परियोजना के अंतर्गत उन्नत की जाने वाले सड़क के हिस्से में अंबाला, कैथल, बरवाला तथा हिसार जैसे महत्वपूर्ण जिले जुड़ेंगे।"
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
वक्तव्य में आगे कहा गया है, "परियोजना के अंतर्गत उन्नत की जाने वाले सड़क के हिस्से में अंबाला, कैथल, बरवाला तथा हिसार जैसे महत्वपूर्ण जिले जुड़ेंगे।"
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
सीसीईए के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पुनस्र्थापन एवं पुनर्वास कार्यक्रम पर 636.49 करोड़ रुपयों की लागत आएगी।
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यह एक सारांश है: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हरियाणा को राजस्थान से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत 2,029.49 करोड़ रुपये के परियोजना को मंजूरी दे दी।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी ने 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट के लीक होने, कोयला घोटाला और राष्ट्रीय राजधानी में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना जैसे मुद्दों को 22 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में उठाने का निर्णय किया है।
पार्टी के संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर शनिवार को हुई इसकी कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया।टिप्पणियां
बीजेपी संसदीय दल की कार्यकारिणी समिति की इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और वरिष्ठ नेताओं में मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, शान्ता कुमार तथा रविशंकर प्रसाद आदि उपस्थित थे।
राज्यसभा में पार्टी के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 90 मिनट की इस बैठक में संसद सत्र के दौरान पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में की गई टिप्पणी पर बैठक में सदस्यों ने गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया।
पार्टी के संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर शनिवार को हुई इसकी कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया।टिप्पणियां
बीजेपी संसदीय दल की कार्यकारिणी समिति की इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और वरिष्ठ नेताओं में मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, शान्ता कुमार तथा रविशंकर प्रसाद आदि उपस्थित थे।
राज्यसभा में पार्टी के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 90 मिनट की इस बैठक में संसद सत्र के दौरान पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में की गई टिप्पणी पर बैठक में सदस्यों ने गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया।
बीजेपी संसदीय दल की कार्यकारिणी समिति की इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और वरिष्ठ नेताओं में मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, शान्ता कुमार तथा रविशंकर प्रसाद आदि उपस्थित थे।
राज्यसभा में पार्टी के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 90 मिनट की इस बैठक में संसद सत्र के दौरान पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में की गई टिप्पणी पर बैठक में सदस्यों ने गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया।
राज्यसभा में पार्टी के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 90 मिनट की इस बैठक में संसद सत्र के दौरान पार्टी द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मसौदा रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में की गई टिप्पणी पर बैठक में सदस्यों ने गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया।
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यहाँ एक सारांश है:बीजेपी ने 2जी स्पेक्ट्रम पर जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट के लीक होने, कोयला घोटाला और राष्ट्रीय राजधानी में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना जैसे मुद्दों को 22 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में उठाने का निर्णय किया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: सीरिया में जारी संकट के बीच ट्विटर पर जीवन का हाल बयां कर सुर्खियों में आने वाली अलेप्पो की सात साल बच्ची बाना अलाबेद ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति से सवाल किया है. बच्ची ने एक ताजा वीडियो में दुनिया के 'सबसे ताकतवर' देश के राष्ट्रपति से पूछा है कि क्या वह कभी लगातार 24 घंटे भूखे प्यासे रहे हैं? अलाबेद ने ट्वीट कर पूछा, क्या कभी ऐसा हुआ कि आप लगातार 24 घंटे बिना कुछ खाए और बिना पानी पिए रहे? जरा सीरिया के शरणार्थियों और बच्चों के बारे में सोचिए.
इससे पहले अलाबेद ने ट्रंप के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका 'आव्रजन प्रतिबंध बुरे लोगों को देश से बाहर रखने के लिए है.' इस पर अलाबेद ने सवाल किया था, "क्या मैं आतंकवादी हूं?"
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत सात मुस्लिम बहुल देशों ईरान, इराक, सीरिया, यमन, सूडान, सोमालिया, लीबिया के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस प्रतिबंध के तुरंत बाद अलाबेद ने ट्वीट किया, डियर मिस्टर ट्रंप, शरणार्थियों पर प्रतिबंध लगाना बुरा है. यदि यह अच्छा है तो मेरे पास आपके लिए एक विचार है. अन्य देशों को शांतिपूर्ण बनाएं.टिप्पणियां
अलाबेद अपनी मां फातिमा की मदद से ट्वीट व वीडियो साझा करती है. वह युद्ध-ग्रस्त सीरिया के अलेप्पो में जीवन के हाल का बयां अपने ट्वीट व वीडियो के माध्यम से करती है. वे सीरिया में संघर्ष और इसके कारण लोगों के तबाह हुए जीवन के बारे में मार्मिक ट्वीट करती रहती हैं, जिसके कारण सितंबर 2016 से ट्विटर पर उनके 3,66,000 फॉलोअर्स हो गए हैं. उन्होंने इस दौरान अपने घर के तबाह होने की कहानी भी बयां की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले अलाबेद ने ट्रंप के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका 'आव्रजन प्रतिबंध बुरे लोगों को देश से बाहर रखने के लिए है.' इस पर अलाबेद ने सवाल किया था, "क्या मैं आतंकवादी हूं?"
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत सात मुस्लिम बहुल देशों ईरान, इराक, सीरिया, यमन, सूडान, सोमालिया, लीबिया के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस प्रतिबंध के तुरंत बाद अलाबेद ने ट्वीट किया, डियर मिस्टर ट्रंप, शरणार्थियों पर प्रतिबंध लगाना बुरा है. यदि यह अच्छा है तो मेरे पास आपके लिए एक विचार है. अन्य देशों को शांतिपूर्ण बनाएं.टिप्पणियां
अलाबेद अपनी मां फातिमा की मदद से ट्वीट व वीडियो साझा करती है. वह युद्ध-ग्रस्त सीरिया के अलेप्पो में जीवन के हाल का बयां अपने ट्वीट व वीडियो के माध्यम से करती है. वे सीरिया में संघर्ष और इसके कारण लोगों के तबाह हुए जीवन के बारे में मार्मिक ट्वीट करती रहती हैं, जिसके कारण सितंबर 2016 से ट्विटर पर उनके 3,66,000 फॉलोअर्स हो गए हैं. उन्होंने इस दौरान अपने घर के तबाह होने की कहानी भी बयां की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत सात मुस्लिम बहुल देशों ईरान, इराक, सीरिया, यमन, सूडान, सोमालिया, लीबिया के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस प्रतिबंध के तुरंत बाद अलाबेद ने ट्वीट किया, डियर मिस्टर ट्रंप, शरणार्थियों पर प्रतिबंध लगाना बुरा है. यदि यह अच्छा है तो मेरे पास आपके लिए एक विचार है. अन्य देशों को शांतिपूर्ण बनाएं.टिप्पणियां
अलाबेद अपनी मां फातिमा की मदद से ट्वीट व वीडियो साझा करती है. वह युद्ध-ग्रस्त सीरिया के अलेप्पो में जीवन के हाल का बयां अपने ट्वीट व वीडियो के माध्यम से करती है. वे सीरिया में संघर्ष और इसके कारण लोगों के तबाह हुए जीवन के बारे में मार्मिक ट्वीट करती रहती हैं, जिसके कारण सितंबर 2016 से ट्विटर पर उनके 3,66,000 फॉलोअर्स हो गए हैं. उन्होंने इस दौरान अपने घर के तबाह होने की कहानी भी बयां की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस प्रतिबंध के तुरंत बाद अलाबेद ने ट्वीट किया, डियर मिस्टर ट्रंप, शरणार्थियों पर प्रतिबंध लगाना बुरा है. यदि यह अच्छा है तो मेरे पास आपके लिए एक विचार है. अन्य देशों को शांतिपूर्ण बनाएं.टिप्पणियां
अलाबेद अपनी मां फातिमा की मदद से ट्वीट व वीडियो साझा करती है. वह युद्ध-ग्रस्त सीरिया के अलेप्पो में जीवन के हाल का बयां अपने ट्वीट व वीडियो के माध्यम से करती है. वे सीरिया में संघर्ष और इसके कारण लोगों के तबाह हुए जीवन के बारे में मार्मिक ट्वीट करती रहती हैं, जिसके कारण सितंबर 2016 से ट्विटर पर उनके 3,66,000 फॉलोअर्स हो गए हैं. उन्होंने इस दौरान अपने घर के तबाह होने की कहानी भी बयां की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अलाबेद अपनी मां फातिमा की मदद से ट्वीट व वीडियो साझा करती है. वह युद्ध-ग्रस्त सीरिया के अलेप्पो में जीवन के हाल का बयां अपने ट्वीट व वीडियो के माध्यम से करती है. वे सीरिया में संघर्ष और इसके कारण लोगों के तबाह हुए जीवन के बारे में मार्मिक ट्वीट करती रहती हैं, जिसके कारण सितंबर 2016 से ट्विटर पर उनके 3,66,000 फॉलोअर्स हो गए हैं. उन्होंने इस दौरान अपने घर के तबाह होने की कहानी भी बयां की.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त पाठ: बच्ची ने दिलाया सीरिया के शरणार्थियों की तरफ ध्यान
शरणार्थियों पर प्रतिबंध को बताया गलत
ट्रंप से पूछा-क्या कभी 24 घंटे भूखे रहे हैं
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. जनवरी के दूसरे हफ्ते में राज्यसभा सचिवालय में दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस में सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कई सवाल उठाए हैं.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक येचुरी ने नोटिस में कहा है कि सरकार ने नोटबंदी पर सदन को गुमराह किया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 16 नवंबर 2016 को राज्यसभा में कहा कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई बोर्ड ने लिया जिसे सरकार ने मंजूर किया. जबकि 22 दिसंबर 2016 को वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश दस्तावेज में कहा गया कि 7 नवंबर 2016 को सरकार ने आरबीआई को नकली नोटों, आतंकवाद की फंडिंग और काले धन को रोकने के लिए नोटबंदी की सलाह दी.
येचुरी का दावा है कि सरकार ने नोटबंदी के फैसले का अनुमोदन करने के लिए गलत तरीके से दबाव डाला और इस मामले में संसद में और संसदीय समिति के सामने जो तथ्य पेश किए गए उनमें अंतर्विरोध साफ दिखता है. टिप्पणियां
मोदी सरकार के खिलाफ इस मुहिम में येचुरी को कांग्रेस का साथ मिलता दिख रहा है. कांग्रेस, जिसका हाल में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ है, भी इस मुहिम में साथ आती दिख रही है. कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं नोटबंदी के फैसले के लिए...उनको सदन में आकर विपक्ष के सवालों के जवाब देने होंगे."
जाहिर है विधानसभा चुनावों के दौरान हो रहे बजट सत्र में शीतकालीन सत्र के बाद अब फिर से नोटबंदी के सवाल पर सरकार और विपक्ष में फिर जमकर जंग होने के आसार हैं.
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक येचुरी ने नोटिस में कहा है कि सरकार ने नोटबंदी पर सदन को गुमराह किया है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 16 नवंबर 2016 को राज्यसभा में कहा कि नोटबंदी का फैसला आरबीआई बोर्ड ने लिया जिसे सरकार ने मंजूर किया. जबकि 22 दिसंबर 2016 को वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने पेश दस्तावेज में कहा गया कि 7 नवंबर 2016 को सरकार ने आरबीआई को नकली नोटों, आतंकवाद की फंडिंग और काले धन को रोकने के लिए नोटबंदी की सलाह दी.
येचुरी का दावा है कि सरकार ने नोटबंदी के फैसले का अनुमोदन करने के लिए गलत तरीके से दबाव डाला और इस मामले में संसद में और संसदीय समिति के सामने जो तथ्य पेश किए गए उनमें अंतर्विरोध साफ दिखता है. टिप्पणियां
मोदी सरकार के खिलाफ इस मुहिम में येचुरी को कांग्रेस का साथ मिलता दिख रहा है. कांग्रेस, जिसका हाल में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ है, भी इस मुहिम में साथ आती दिख रही है. कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं नोटबंदी के फैसले के लिए...उनको सदन में आकर विपक्ष के सवालों के जवाब देने होंगे."
जाहिर है विधानसभा चुनावों के दौरान हो रहे बजट सत्र में शीतकालीन सत्र के बाद अब फिर से नोटबंदी के सवाल पर सरकार और विपक्ष में फिर जमकर जंग होने के आसार हैं.
येचुरी का दावा है कि सरकार ने नोटबंदी के फैसले का अनुमोदन करने के लिए गलत तरीके से दबाव डाला और इस मामले में संसद में और संसदीय समिति के सामने जो तथ्य पेश किए गए उनमें अंतर्विरोध साफ दिखता है. टिप्पणियां
मोदी सरकार के खिलाफ इस मुहिम में येचुरी को कांग्रेस का साथ मिलता दिख रहा है. कांग्रेस, जिसका हाल में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ है, भी इस मुहिम में साथ आती दिख रही है. कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं नोटबंदी के फैसले के लिए...उनको सदन में आकर विपक्ष के सवालों के जवाब देने होंगे."
जाहिर है विधानसभा चुनावों के दौरान हो रहे बजट सत्र में शीतकालीन सत्र के बाद अब फिर से नोटबंदी के सवाल पर सरकार और विपक्ष में फिर जमकर जंग होने के आसार हैं.
मोदी सरकार के खिलाफ इस मुहिम में येचुरी को कांग्रेस का साथ मिलता दिख रहा है. कांग्रेस, जिसका हाल में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ है, भी इस मुहिम में साथ आती दिख रही है. कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं नोटबंदी के फैसले के लिए...उनको सदन में आकर विपक्ष के सवालों के जवाब देने होंगे."
जाहिर है विधानसभा चुनावों के दौरान हो रहे बजट सत्र में शीतकालीन सत्र के बाद अब फिर से नोटबंदी के सवाल पर सरकार और विपक्ष में फिर जमकर जंग होने के आसार हैं.
जाहिर है विधानसभा चुनावों के दौरान हो रहे बजट सत्र में शीतकालीन सत्र के बाद अब फिर से नोटबंदी के सवाल पर सरकार और विपक्ष में फिर जमकर जंग होने के आसार हैं.
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सरकार पर नोटबंदी को लेकर सदन को गुमराह करने का आरोप
नोटबंदी के फैसले का अनुमोदन करने के लिए गलत तरीके से दबाव डाला
सरकार के खिलाफ मुहिम में येचुरी को कांग्रेस का साथ मिलने के आसार
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैज्ञानिकों के अनुसार युवा तारे अंतरिक्ष में प्रति घंटा करीब 2,00,000 किलोमीटर की रफ्तार से पानी की बौछारें फेंकते हैं। नीदरलैन्ड के लेडेन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार इस खोज से सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ सकता है। 'डेली मेल' के अनुसार वैज्ञानिकों ने धरती से करीब 750 प्रकाश वर्ष दूर पेरसेअस तारामंडल में स्थित एक प्रोटोस्टार (युवा तारे) पर हुआ यह नजारा देखा। तारे की उम्र 1,00,000 साल से अधिक नहीं है और उसके चारों ओर गैस एवं धूल का गुबार अभी भी है, जिससे इसकी उत्पत्ति हुई। वैज्ञानिकों ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की हर्शेल अंतरिक्ष बेधशाला में लगे पराबैगनी उपकरणों से इस गुबार के भीतर झांककर इस तारे का पता लगाया। उन्होंने पाया कि तारे के चारों ओर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के एटम परिक्रमा कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इन एटमों का रास्ता ढूंढा और नतीजे पर पहुंचे कि तारे पर पानी बनता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि तारे के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर तापमान 1,00,000 डिग्री सेल्सियस है, जो पानी को गैस के रूप में परिवर्तित कर देता है। यह गैस जब पास के पदार्थ से टकराती है, तो जल्द ठंड होकर तरल पदार्थ में बदल जाती है। प्रमुख अनुसंधानकर्ता लार्स क्रिस्टेन्सेन के हवाले से बताया गया, जब हम इन धाराओं की तस्वीर देखते हैं, तो यह अमेजन नदी से हर सेकेन्ड बहने वाले पानी की गति से 10 करोड़ अधिक गुना प्रतीत होती है। हम 2,00,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति की बात कर रहे हैं यानी मशीनगन से निकलने वाली गोली की रफ्तार से 80 गुना अधिक। क्रिस्टेन्सेन और उनका दल इस खोज से काफी उत्साहित है, क्योंकि इससे सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ेगा। क्रिस्टेन्सेन ने कहा, हम यह समझने लगे हैं कि सूर्य की तरह के हर तारे अपनी युवावस्था में एक ऊर्जावान चरण से गुजरते हैं। इस चरण में वे काफी तेज गति से पदार्थ फेंकते हैं, जिसका एक हिस्सा अब हम जानते हैं कि पानी है। उन्होंने कहा कि पेरसेअस में जो परिघटना हमने देखी, वह सभी तारों के युवा काल में कुछ समय के लिए घटती है।
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संक्षिप्त सारांश: वैज्ञानिकों के अनुसार युवा तारे अंतरिक्ष में प्रति घंटा करीब 2,00,000 किलोमीटर की रफ्तार से पानी की बौछारें फेंकते हैं। इस खोज से सूर्य के जीवन के प्रारंभिक चरण पर नया प्रकाश पड़ सकता है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने की कवायद अब दिल्ली तक पहुंच गई है. सरकार की संभावनाओं पर सोमवार को एनसीपी (NCP)प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे. माना जा रहा है कि आज की बैठक में शिवसेना (Shiv Sena) को समर्थन के मुद्दे पर रणनीति को आख़िरी रूप दिया जा सकता है. दरअसल कांग्रेस में इस बात को लेकर असमंजस है कि वो सरकार में शामिल हो या फिर सरकार को बाहर से समर्थन दे. सोमवार सुबह मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने कहा, 'हम बात कर रहे हैं, कांग्रेस से बात कर रहे हैं.' वहीं एनसीपी का कहना है कि राष्ट्रपति शासन ख़त्म हो, सरकार का विकल्प देना हमारी प्राथमिकता है.
बता दें कि महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना की गठबंधन सरकार के गठन की कवायद अंतिम चरण में है. शरद पवार, उद्धव ठाकरे और सोनिया गांधी की मुलाकात जल्द होने के संभावना है. इस मुलाकात में ही गठबंधन में शामिल दलों के न्यूनतम साझा कार्यक्रम को सहमति के साथ अंतिम रूप दिया जा सकता है.
इन तीन दलों के गठबंधन को मजबूत करने के लिए शिवसेना एक कदम और आगे बढ़ गई है. शिवसेना संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में सत्ता पक्ष के बजाय विपक्ष के साथ बैठेगी.
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यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे शरद पवार
NCP ने कहा- सरकार का विकल्प देना हमारी प्राथमिकता
महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कवायद दिल्ली तक पहुंची
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: ओलिंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह द्वारा हेरोइन के कथित इस्तेमाल के मामले में सच्चाई सामने लाने के पंजाब पुलिस के प्रयास को झटका लगा जब स्थानीय अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में हेरोइन बरामदगी मामले में इस मुक्केबाज के बालों और अंगुली के नाखूनों के नमूने लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
नाडा के परीक्षण में विजेंदर का हेरोइन या किसी अन्य प्रतिबंधित पदार्थ के लिए परीक्षण नेगेटिव आया था लेकिन पंजाब पुलिस ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और 3 अप्रैल को फतेहगढ़ साहिब अदालत की शरण ली थी। पुलिस ने याचिका देकर अदालत को मुक्केबाज को निर्देश देने को कहा था कि वह चंडीगढ़ की केंद्रीय फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला को नमूने दे।टिप्पणियां
विजेंदर ने पुलिस की याचिका का विरोध किया था जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने हाल में फैसला देते हुए कहा था कि यह उपयुक्त मामला नहीं लगता जहां विजेंदर को परीक्षण के लिए बाल या अंगुलियों के नाखून के नमूने देने के लिए कहा जाए।
फतेहगढ़ साहिब के विशेष जज कुलदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘‘सभी तथ्यों और हालात पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि नाडा पहले ही खून और मूत्र के नमूनों का परीक्षण कर चुका है। सिर्फ जांच एजेंसी के कहने पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में याचिका को खारिज किया जाता है।’’
नाडा के परीक्षण में विजेंदर का हेरोइन या किसी अन्य प्रतिबंधित पदार्थ के लिए परीक्षण नेगेटिव आया था लेकिन पंजाब पुलिस ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और 3 अप्रैल को फतेहगढ़ साहिब अदालत की शरण ली थी। पुलिस ने याचिका देकर अदालत को मुक्केबाज को निर्देश देने को कहा था कि वह चंडीगढ़ की केंद्रीय फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला को नमूने दे।टिप्पणियां
विजेंदर ने पुलिस की याचिका का विरोध किया था जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने हाल में फैसला देते हुए कहा था कि यह उपयुक्त मामला नहीं लगता जहां विजेंदर को परीक्षण के लिए बाल या अंगुलियों के नाखून के नमूने देने के लिए कहा जाए।
फतेहगढ़ साहिब के विशेष जज कुलदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘‘सभी तथ्यों और हालात पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि नाडा पहले ही खून और मूत्र के नमूनों का परीक्षण कर चुका है। सिर्फ जांच एजेंसी के कहने पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में याचिका को खारिज किया जाता है।’’
विजेंदर ने पुलिस की याचिका का विरोध किया था जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने हाल में फैसला देते हुए कहा था कि यह उपयुक्त मामला नहीं लगता जहां विजेंदर को परीक्षण के लिए बाल या अंगुलियों के नाखून के नमूने देने के लिए कहा जाए।
फतेहगढ़ साहिब के विशेष जज कुलदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘‘सभी तथ्यों और हालात पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि नाडा पहले ही खून और मूत्र के नमूनों का परीक्षण कर चुका है। सिर्फ जांच एजेंसी के कहने पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में याचिका को खारिज किया जाता है।’’
फतेहगढ़ साहिब के विशेष जज कुलदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘‘सभी तथ्यों और हालात पर गौर करने के बाद मुझे लगता है कि नाडा पहले ही खून और मूत्र के नमूनों का परीक्षण कर चुका है। सिर्फ जांच एजेंसी के कहने पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। ऐसी स्थिति में याचिका को खारिज किया जाता है।’’
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सारांश: ओलिंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह द्वारा हेरोइन के कथित इस्तेमाल के मामले में सच्चाई सामने लाने के पंजाब पुलिस के प्रयास को झटका लगा जब स्थानीय अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में हेरोइन बरामदगी मामले में इस मुक्केबाज के बालों और अंगुली के नाखून
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को लॉस काबोस में कहा कि सरकार सब्सिडी, राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने समेत ‘कठोर’ निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की भी उम्मीद जताई।
देश की आर्थिक वृद्धि में आ रही गिरावट पर चिंता जताते हुए सिंह ने कहा कि जनता उच्च वृद्धि दर की वापसी और रोजगार संबंधी अवसरों में तीव्र विस्तार के लिए ‘अधीर’ हो रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विकसित और विकासशील देशों के संगठन समूह जी-20 के सातवें शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक नरमी से भी जुड़े कुछ मुद्दों का उल्लेख किया।
विश्व के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘दूसरे देशों की तरह हम लोगों ने भी 2008 के बाद प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे को बढ़ने दिया। अब हमलोग इसके विस्तार को उल्टी दिशा में मोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके लिए सब्सिडी पर लगाम लगाने समेत कठोर निर्णय करने होंगे और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन बढ़ते सब्सिडी बिल और कम कर संग्रह से 2011-12 में यह अनुमान से आगे निकल गया। 2011-12 के दौरान शुरू में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटा रहने की उम्मीद जतायी गयी थी, लेकिन यह बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 प्रतिशत रह गयी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
देश की आर्थिक वृद्धि में आ रही गिरावट पर चिंता जताते हुए सिंह ने कहा कि जनता उच्च वृद्धि दर की वापसी और रोजगार संबंधी अवसरों में तीव्र विस्तार के लिए ‘अधीर’ हो रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विकसित और विकासशील देशों के संगठन समूह जी-20 के सातवें शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक नरमी से भी जुड़े कुछ मुद्दों का उल्लेख किया।
विश्व के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘दूसरे देशों की तरह हम लोगों ने भी 2008 के बाद प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे को बढ़ने दिया। अब हमलोग इसके विस्तार को उल्टी दिशा में मोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके लिए सब्सिडी पर लगाम लगाने समेत कठोर निर्णय करने होंगे और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन बढ़ते सब्सिडी बिल और कम कर संग्रह से 2011-12 में यह अनुमान से आगे निकल गया। 2011-12 के दौरान शुरू में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटा रहने की उम्मीद जतायी गयी थी, लेकिन यह बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 प्रतिशत रह गयी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
विकसित और विकासशील देशों के संगठन समूह जी-20 के सातवें शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक नरमी से भी जुड़े कुछ मुद्दों का उल्लेख किया।
विश्व के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘दूसरे देशों की तरह हम लोगों ने भी 2008 के बाद प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे को बढ़ने दिया। अब हमलोग इसके विस्तार को उल्टी दिशा में मोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके लिए सब्सिडी पर लगाम लगाने समेत कठोर निर्णय करने होंगे और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन बढ़ते सब्सिडी बिल और कम कर संग्रह से 2011-12 में यह अनुमान से आगे निकल गया। 2011-12 के दौरान शुरू में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटा रहने की उम्मीद जतायी गयी थी, लेकिन यह बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 प्रतिशत रह गयी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
विश्व के शीर्ष नेताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘दूसरे देशों की तरह हम लोगों ने भी 2008 के बाद प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे को बढ़ने दिया। अब हमलोग इसके विस्तार को उल्टी दिशा में मोड़ने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके लिए सब्सिडी पर लगाम लगाने समेत कठोर निर्णय करने होंगे और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन बढ़ते सब्सिडी बिल और कम कर संग्रह से 2011-12 में यह अनुमान से आगे निकल गया। 2011-12 के दौरान शुरू में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटा रहने की उम्मीद जतायी गयी थी, लेकिन यह बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 प्रतिशत रह गयी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन बढ़ते सब्सिडी बिल और कम कर संग्रह से 2011-12 में यह अनुमान से आगे निकल गया। 2011-12 के दौरान शुरू में 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटा रहने की उम्मीद जतायी गयी थी, लेकिन यह बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में में देश की आर्थिक वृद्धि दर नौ साल के न्यूनतम स्तर 5.3 प्रतिशत रह गयी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
दूसरे उभरते देशों की तरह भारत में आयी आर्थिक सुस्ती की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माना कि आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक नरमी और विशेषकर पूंजीगत प्रवाह ने प्रभावित किया है। आंतरिक बाधाओं से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। सरकार इन्हें सुधारने के लिए काम कर रही है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आर्थिक वृद्धि दर 2011-12 में गिरकर 6.9 प्रतिशत रह गयी जो कि इससे पहले 8.4 प्रतिशत थी। इसके कुछ उचित कारण हैं, शेष विश्व में भी इसी तरह की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश की जनता उच्च वृद्धि दर पर वापस लौटने और रोजगार अवसरों में तीव्र वृद्धि के लिए अधीर हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं और हमें उम्मीद है कि फिर से सालाना आठ से नौ प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हम हासिल कर लेंगे।’’ प्रधानमंत्री ने नकारात्मक वैश्विक माहौल से भारत में प्रभावित हो रहे निवेश के बारे में भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘हम निवेशकों के विश्वास की बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े तथा उद्यम और सृजन को प्रोत्साहन मिले।’’ इस संबंध में सिंह ने कहा कि नीतियां पारदर्शी, स्थिर और घरेलू होंगी तथा विदेशी निवेशक सबको समान अवसर उपलब्ध कराने वाले होंगे।टिप्पणियां
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सिंह ने विश्व के नेताओं से कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रहा है और इसे पटरी पर रखने के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रणाली विकसित की गई है।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सब्सिडी पर रोक के संबंध में सिंह ने कहा कि निवासियों को बायोमेट्रिक आंकड़ों वाली विशिष्ट पहचान संख्या देने का काम भारत में जारी है। उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों को शामिल करने वाले इस विशाल आंकड़े से लक्षित लोगों को सभी तरह की वित्तीय और दूसरी सेवाएं प्रभावी तथा सब्सिडी लिंकेज में कमी के साथ उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को लॉस काबोस में कहा कि सरकार सब्सिडी, राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने समेत ‘कठोर’ निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुपोषण की समस्या को राष्ट्रीय शर्म बताया है। कुपोषण पर पहली सिटीजंस रिपोर्ट जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि कुपोषण से सबसे ज्यादा प्रभावित 200 जिलों में सरकार एक बड़ी योजना शुरू करेगी।
इस रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के कुपोषण के मामले में यूपी सबसे ऊपर है। कुपोषण से सबसे ज्यादा प्रभावित 100 जिलों में से 41 अकेले यूपी के हैं। इन जिलों के 50 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार हैं तो 70 फीसदी बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से कम लंबाई के हैं। इस मामले में बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति भी अच्छी नहीं है। जनसंख्या नियंत्रण और कुपोषण पर इस रिपोर्ट को तैयार करने में सभी दलों के युवा सांसदों के संसदीय फोरम की सक्रिय भूमिका रही।
इस रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों के कुपोषण के मामले में यूपी सबसे ऊपर है। कुपोषण से सबसे ज्यादा प्रभावित 100 जिलों में से 41 अकेले यूपी के हैं। इन जिलों के 50 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार हैं तो 70 फीसदी बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से कम लंबाई के हैं। इस मामले में बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति भी अच्छी नहीं है। जनसंख्या नियंत्रण और कुपोषण पर इस रिपोर्ट को तैयार करने में सभी दलों के युवा सांसदों के संसदीय फोरम की सक्रिय भूमिका रही।
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यहाँ एक सारांश है:कुपोषण पर पहली सिटीजंस रिपोर्ट जारी करके हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि कुपोषण से सबसे ज्यादा प्रभावित 200 जिलों में सरकार एक बड़ी योजना शुरू करेगी।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिकटॉक की मधुबाला (TikTok Ki Madhubala) के नाम से मशहूर प्रियंका कंडवाल (Priyanka Kandwal) के नए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर धूम मचा रहे हैं. प्रियंका कंडवाल के ये वीडियो बॉलीवुड एक्ट्रेस मधुबाला के गानों पर आधारित हैं, जिनमें एकदम मधुबाला के अंदाज में ही नजर आ रही हैं. प्रियंका कंडवाल के एक्सप्रेशंस भी कमाल के हैं, और वे मधुबाला वाले अपने अंदाज से फैन्स का दिल जीतने में कामयाब नजर आ रही हैं. प्रियंका कंडवाल ने ब्लैक एंड व्हाइट और कलर दोनों ही अंदाज में अपने वीडियो पोस्ट किए हैं. प्रियंका कंडवाल का यह अंदाज न सिर्फ टिकटॉक (TikTok) बल्कि सोशल मीडिया पर भी भरपूर धमाल मचाए हुए है.
टिकटॉक की मधुबाला (TikTok Ki Madhubala) के नाम से मशहूर यह एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि स्टार प्लस पर आने वाले शो 'मरियम खान रिपोर्टिंग लाइव' की एक्ट्रेस प्रियंका कंडवाल (Priyanka Kandwal) हैं.
प्रियंका कंडवाल ने इस सीरियल में मरियम की सिस्टर का किरदार निभाया था. लेकिन इनके इस किरदार से ज्यादा लोग उनके इन धमाकेदार वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं.
दिलचस्प यह है कि टिकटॉक (TikTok) के अलावा प्रियंका कंडवाल ने अपने मधुबाला (Madhubala) के अवतार वाले इन वीडियो को ट्विटर पर भी साझा किया है. अपने इस अंदाज की वजह से प्रियंका कंडवाल टिकटॉक स्टार (TikTok Star) बन चुकी हैं, और उनके फैन्स को उनके वीडियो का बेसब्री से इंतजार भी रहता है.
प्रियंका कंडवाल (Priyanka Kandwal) के ये वीडियो देखकर हर कोई हैरान है क्योंकि वह एकदम मधुबाला जैसी नजर आ रही है. उनकी मुस्कान और फेशियल एक्सप्रेशंस भी एकदम मधुबाला जैसे ही हैं. मधुबाला बॉलीवुड की ऐसी एक्ट्रेस रही हैं, जिन्होंने अपनी सादगी, एक्टिंग और शानदार अदाओं से दर्शकों का दिल जीता.
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यह एक सारांश है: टिकटॉक की मधुबाला कहलाती हैं प्रियंका
टिकटॉक पर छाए नए वीडियो
इस धमाकेदार अंदाज में आईं नजर
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के ठाणे में बच्चों का निवाला मुर्गे खा रहे हैं। बिचौलियों और अफसरों की मिलीभगत से बच्चों का अनाज बाजार में पहुंच रहा है।टिप्पणियां
महाराष्ट्र में जहां एक तरफ बच्चे भूखमरी का शिकार हैं वहीं दूसरी तरफ बच्चों के लिए सरकार की तरफ से भेजा जा रहा भोजन मुर्गियां खा रही हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बिचौलिये और सरकारी अधिकारी बाल विकास योजना के तहत मिलने वाले अनाज को बाजार में बेच रहे हैं। जहां से ये अनाज मुर्गियों के लिए लोग खरीदकर ले जाते हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले चार साल में कुपोषण की वजह से करीब एक लाख बच्चों की मौत हुई है लेकिन काला बाजारी करने वाले इन मुनाफाखोरों के इसकी कोई चिंता नहीं है।
महाराष्ट्र में जहां एक तरफ बच्चे भूखमरी का शिकार हैं वहीं दूसरी तरफ बच्चों के लिए सरकार की तरफ से भेजा जा रहा भोजन मुर्गियां खा रही हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बिचौलिये और सरकारी अधिकारी बाल विकास योजना के तहत मिलने वाले अनाज को बाजार में बेच रहे हैं। जहां से ये अनाज मुर्गियों के लिए लोग खरीदकर ले जाते हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले चार साल में कुपोषण की वजह से करीब एक लाख बच्चों की मौत हुई है लेकिन काला बाजारी करने वाले इन मुनाफाखोरों के इसकी कोई चिंता नहीं है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले चार साल में कुपोषण की वजह से करीब एक लाख बच्चों की मौत हुई है लेकिन काला बाजारी करने वाले इन मुनाफाखोरों के इसकी कोई चिंता नहीं है।
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यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र में जहां एक तरफ बच्चे भूखमरी का शिकार हैं वहीं दूसरी तरफ बच्चों के लिए सरकार की तरफ से भेजा जा रहा भोजन मुर्गियां खा रही हैं।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: जैसलमेर में गत अप्रैल में ट्रॉलर चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। इस सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।टिप्पणियां
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव पचार ने बताया कि पिछले पांच माह से पुलिस दल इस गिरोह में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत था। शनिवार को लुटेरों के गिरोह में शमिल सहिदुल्ला एवं रतनाराम को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय था और इनकी गिरफ्तारी से ट्रॉलर लूट के साथ अन्य संगीन वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। यह मामला 3 अप्रैल 2015 का है। इन लुटेरों ने ट्रॉलर के चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव पचार ने बताया कि पिछले पांच माह से पुलिस दल इस गिरोह में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत था। शनिवार को लुटेरों के गिरोह में शमिल सहिदुल्ला एवं रतनाराम को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय था और इनकी गिरफ्तारी से ट्रॉलर लूट के साथ अन्य संगीन वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। यह मामला 3 अप्रैल 2015 का है। इन लुटेरों ने ट्रॉलर के चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय था और इनकी गिरफ्तारी से ट्रॉलर लूट के साथ अन्य संगीन वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। यह मामला 3 अप्रैल 2015 का है। इन लुटेरों ने ट्रॉलर के चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
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संक्षिप्त सारांश: जैसलमेर में गत अप्रैल में ट्रॉलर चालक और खलासी को बंधक बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। इस सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी ‘ए’ टीम के खिलाड़ी के नशे की हालत में ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में अभद्रता करने के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।टिप्पणियां
एसएलसी ने बयान में कहा, श्रीलंका क्रिकेट इस तरह की घटना से निराश है और एसएलसी श्रीलंका ‘ए’ टीम के मैनेजर से बात करेगा। मैनेजर की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी ओर यदि खिलाड़ी को दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि नशे में धुत श्रीलंकाई क्रिकेटर ने 35 हजार फीट ऊपर कैबिन का दरवाजा खोलने का प्रयास किया जिससे विमान में हड़कंप मच गया था। श्रीलंका ए टीम वेस्टइंडीज दौरे पर है।
एसएलसी ने बयान में कहा, श्रीलंका क्रिकेट इस तरह की घटना से निराश है और एसएलसी श्रीलंका ‘ए’ टीम के मैनेजर से बात करेगा। मैनेजर की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी ओर यदि खिलाड़ी को दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि नशे में धुत श्रीलंकाई क्रिकेटर ने 35 हजार फीट ऊपर कैबिन का दरवाजा खोलने का प्रयास किया जिससे विमान में हड़कंप मच गया था। श्रीलंका ए टीम वेस्टइंडीज दौरे पर है।
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि नशे में धुत श्रीलंकाई क्रिकेटर ने 35 हजार फीट ऊपर कैबिन का दरवाजा खोलने का प्रयास किया जिससे विमान में हड़कंप मच गया था। श्रीलंका ए टीम वेस्टइंडीज दौरे पर है।
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संक्षिप्त सारांश: श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी ‘ए’ टीम के खिलाड़ी के नशे की हालत में ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में अभद्रता करने के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बीमार गरीबों के लिए एक ही सहारा होता है - सरकारी अस्पताल, लेकिन उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के सरकारी अस्पताल अब बीमारों को ज़िन्दगी नहीं, मौत बांट रहे हैं, और यहां के स्वीपर (सफाईकर्मी) और वार्डब्वॉय आजकल डॉक्टरों का भूमिका निभा रहे हैं। बुलंदशहर जिला अस्पताल के ये स्वीपर और वार्डब्वॉय वह सब करते हैं, जिसके लिए इन्हीं अस्पतालों में मोटी पगार पा रहे एमबीबीएस डॉक्टर रखे गए हैं। और इस सच्चाई का सबसे ज़्यादा खतरनाक पहलू यह है कि यह सब अस्पताल के सीएमएस, यानि मुख्य चिकित्साधिकारी, की झंडाबरदारी में ही हो रहा है।
राज्य सरकार जिस अस्पताल पर हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करती है, उसी में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के चलते सीएमएस शिशिर श्रीवास्तव की जानकारी में यहां के एमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की मौजूदगी में ही सफाई कर्मचारी घायल बच्चों के ज़ख्मों पर टांके लगाता है, और वार्डब्वॉय उन्हें इंजेक्शन लगाता है। मरीजों की जान से खिलवाड़ का यह सिलसिला इस वार्ड में कई महीनों से जारी है।टिप्पणियां
यही नहीं, इसी जिला अस्पताल के परिसर में सीएमओ, यानि जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया, का भी कार्यालय है, लेकिन वह भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बताया जाता है कि सीएमओ ने कई महीनों से एमरजेंसी वार्ड में कोई दौरा किया ही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश से झोलाछाप डॉक्टरों का उन्मूलन करने पर तुली है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ज़िन्दगी से खेल रहे इन हाथों और झोलाछाप डॉक्टरों में भला क्या अंतर है। अब सवाल यह है कि जो समाजवादी पार्टी प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का नारा लगाकर सत्ता में आई थी, अब उसी के राज में क्या गरीब और बेबस लोग इन बे-पढ़े-लिखे डॉक्टरों के हाथों शिकार होते रहेंगे।
राज्य सरकार जिस अस्पताल पर हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करती है, उसी में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के चलते सीएमएस शिशिर श्रीवास्तव की जानकारी में यहां के एमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की मौजूदगी में ही सफाई कर्मचारी घायल बच्चों के ज़ख्मों पर टांके लगाता है, और वार्डब्वॉय उन्हें इंजेक्शन लगाता है। मरीजों की जान से खिलवाड़ का यह सिलसिला इस वार्ड में कई महीनों से जारी है।टिप्पणियां
यही नहीं, इसी जिला अस्पताल के परिसर में सीएमओ, यानि जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया, का भी कार्यालय है, लेकिन वह भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बताया जाता है कि सीएमओ ने कई महीनों से एमरजेंसी वार्ड में कोई दौरा किया ही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश से झोलाछाप डॉक्टरों का उन्मूलन करने पर तुली है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ज़िन्दगी से खेल रहे इन हाथों और झोलाछाप डॉक्टरों में भला क्या अंतर है। अब सवाल यह है कि जो समाजवादी पार्टी प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का नारा लगाकर सत्ता में आई थी, अब उसी के राज में क्या गरीब और बेबस लोग इन बे-पढ़े-लिखे डॉक्टरों के हाथों शिकार होते रहेंगे।
यही नहीं, इसी जिला अस्पताल के परिसर में सीएमओ, यानि जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया, का भी कार्यालय है, लेकिन वह भी लापरवाही में पीछे नहीं हैं। बताया जाता है कि सीएमओ ने कई महीनों से एमरजेंसी वार्ड में कोई दौरा किया ही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश से झोलाछाप डॉक्टरों का उन्मूलन करने पर तुली है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ज़िन्दगी से खेल रहे इन हाथों और झोलाछाप डॉक्टरों में भला क्या अंतर है। अब सवाल यह है कि जो समाजवादी पार्टी प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का नारा लगाकर सत्ता में आई थी, अब उसी के राज में क्या गरीब और बेबस लोग इन बे-पढ़े-लिखे डॉक्टरों के हाथों शिकार होते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश से झोलाछाप डॉक्टरों का उन्मूलन करने पर तुली है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की ज़िन्दगी से खेल रहे इन हाथों और झोलाछाप डॉक्टरों में भला क्या अंतर है। अब सवाल यह है कि जो समाजवादी पार्टी प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का नारा लगाकर सत्ता में आई थी, अब उसी के राज में क्या गरीब और बेबस लोग इन बे-पढ़े-लिखे डॉक्टरों के हाथों शिकार होते रहेंगे।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीएमएस शिशिर श्रीवास्तव की जानकारी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की मौजूदगी में सफाई कर्मचारी घायल बच्चों के ज़ख्मों पर टांके लगाता है, और वार्डब्वॉय उन्हें इंजेक्शन लगाता है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक आत्मघाती बम हमले में एक जाने-माने तालिबान विरोधी नेता समेत कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई।
वहां बैठक कर रहे अवामी नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खबर पख्तूनख्वा प्रांत के वरिष्ठ मंत्री बशीर अहमद बिलाउर इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
किस्सा ख्वानी बाजार के समीप भीड़भाड़ वाले धाकी नालबंदी इलाके में शाम को जब एक मकान से बशीर (69) निकल रहे थे तब बम हमलावर ने हमला किया। उन्हें लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह बच नहीं पाए।टिप्पणियां
अधिकारियों के अनुसार बिलाउर के निजी सचिव हाजी नूर मोहम्मद एवं थाना प्रमुख अब्दुस सत्तार खान की भी मौत हो गई।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 18 लोग घायल हुए और उनमें से कई की हालत गंभीर है।
वहां बैठक कर रहे अवामी नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खबर पख्तूनख्वा प्रांत के वरिष्ठ मंत्री बशीर अहमद बिलाउर इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रतिबंधित तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
किस्सा ख्वानी बाजार के समीप भीड़भाड़ वाले धाकी नालबंदी इलाके में शाम को जब एक मकान से बशीर (69) निकल रहे थे तब बम हमलावर ने हमला किया। उन्हें लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह बच नहीं पाए।टिप्पणियां
अधिकारियों के अनुसार बिलाउर के निजी सचिव हाजी नूर मोहम्मद एवं थाना प्रमुख अब्दुस सत्तार खान की भी मौत हो गई।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 18 लोग घायल हुए और उनमें से कई की हालत गंभीर है।
किस्सा ख्वानी बाजार के समीप भीड़भाड़ वाले धाकी नालबंदी इलाके में शाम को जब एक मकान से बशीर (69) निकल रहे थे तब बम हमलावर ने हमला किया। उन्हें लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन वह बच नहीं पाए।टिप्पणियां
अधिकारियों के अनुसार बिलाउर के निजी सचिव हाजी नूर मोहम्मद एवं थाना प्रमुख अब्दुस सत्तार खान की भी मौत हो गई।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 18 लोग घायल हुए और उनमें से कई की हालत गंभीर है।
अधिकारियों के अनुसार बिलाउर के निजी सचिव हाजी नूर मोहम्मद एवं थाना प्रमुख अब्दुस सत्तार खान की भी मौत हो गई।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 18 लोग घायल हुए और उनमें से कई की हालत गंभीर है।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 18 लोग घायल हुए और उनमें से कई की हालत गंभीर है।
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पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक आत्मघाती बम हमले में एक जाने-माने तालिबान विरोधी नेता समेत कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvidn Kejriwal) ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनकी जान के पीछे पड़ी हुई है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह ही उनकी भी हत्या हो सकती है. इंदिरा गांधी की हत्या उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) ने की थी. केजरीवाल (Arvidn Kejriwal) ने आशंका जताई है कि इंदिरा गांधी की तरह ही उनका पीएसओ उनकी हत्या कर सकता है. आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख केजरीवाल (Arvidn Kejriwal) ने पंजाब में एक समाचार चैनल से कहा कि भाजपा एक दिन इंदिरा गांधी की तरह ही मेरे पीएसओ से ही मेरी हत्या करा देगी. मेरे अपने सुरक्षा अधिकारी भाजपा को रिपोर्ट करते हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा मेरी जान के पीछे पड़ी है, वे एक दिन मेरी हत्या करा देंगे.
बता दें कि इन दिनों अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के प्रचार के लिए पंजाब में हैं. पंजाब में आम आदमी पार्टी राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मोतीनगर क्षेत्र में एक रोड शो के दौरान एक व्यक्ति ने केजरीवाल को थप्पड़ मार दिया था. दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि दोषी आप का एक असंतुष्ट कार्यकर्ता है लेकिन पार्टी ने हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था. केजरीवाल ने कहा कि मेरी हत्या कर दी जायेगी और पुलिस कहेगी कि यह एक असंतुष्ट पार्टी कार्यकर्ता था.
इसका क्या मतलब है, यदि कोई कांग्रेस कार्यकर्ता कैप्टन साहब (पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह) से नाराज है तो क्या वह उन्हें मार सकता है, यदि कोई भाजपा कार्यकर्ता मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) से नाराज है तो क्या वह उन्हें मार सकता है? इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनकी सुरक्षा इकाई अच्छी प्रकार से प्रशिक्षित कर्मियों का एक पेशेवर समूह है जो पूरी तरह से अपने कर्तव्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और उच्च स्तर के समर्पण और पेशेवर ढ़ंग के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करती हैं.
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पीआरओ अनिल मित्तल ने कहा कि यह इकाई सभी राजनीतिक दलों के कई उच्च गणमान्य लोगों के लिए सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम में तैनात सुरक्षाकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं.
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यह एक सारांश है: बीजेपी नेता पर लगाया आरोप
सुरक्षाकर्मियों की मदद से हत्या का शक
मनीष सिसोदिया ने भी साजिश रचने की बात कही
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी पर कालाधन को रोक पाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भले ही असफल होने के आरोप लगने लगे हों लेकिन, अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से फिर अपना मास्टर स्ट्रोक खेला है.
नोटबंदी के लागू करने के साथ ही जहां सरकार को उम्मीद थी कि करीब 70 फीसदी पैसा वापस बैंकों में जमा हो जाएगा और बाकी का कालाधन होने की वजह से सामने नहीं आएगा वहीं, आरबीआई ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार अभी तक अर्थव्यवस्था में मौजूद कुछ नकद का 80 फीसदी बैंकों में जमा हो चुका है.
बैंकों में इतनी बड़ी तादाद में पुराने 1000 और 500 के नोट जमा होने के बाद सरकार के माथे पर शिकन आने लगी और सरकार को भी यही लगने लगा कि इस मुद्दे पर सरकार का दांव कहीं उल्टा तो नहीं पड़ा गया. लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी तमाम मंचों से यह घोषणा करते रहे कि केवल 50 दिन में सरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी और लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. वास्तविक्ता में ऐसा हुआ नहीं. लोग आज भी लाइनों में लगे हैं और यह लाइनें बैंकों और एटीएम के बाहर भोर से ही लगने लगती हैं.
लोगों में बढ़ती नाराजगी और अपनी विफलता पर सरकार ने फिर एक तीर चला है और अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी बैंक 8 नवंबर से 30 दिंसबर यानि नोट बदलने की मियाद के भीतर के दौरान बैंकों के सभी सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेंगे.
उल्लेखनीय है कि सरकार के इस ऐतिहासिक कदम में बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारिओं की दलालों से मिली भगत सरकार के नीयत पर भारी पड़ी है और पिछले 15 दिनों में देश के कई शहरों में स्थानीय पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियों की जांच में करोड़ों रुपये का कालाधन बरामद हुआ है. आश्चर्य की बात यह है कि कई स्थानों पर यह कालाधन नई नोट में जांच एजेंसियों को मिला है. टिप्पणियां
आरबीआई ने मंगलवार 13 दिसंबर 2016 को सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बैंकों से दलालों द्वारा कालाधन को सफेद किए जाने के जो प्रकरण सामने आ रहे हैं उसके बाद यह जरूरी हो जाता है कि बैंक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच के बैंकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
नोटबंदी के लागू करने के साथ ही जहां सरकार को उम्मीद थी कि करीब 70 फीसदी पैसा वापस बैंकों में जमा हो जाएगा और बाकी का कालाधन होने की वजह से सामने नहीं आएगा वहीं, आरबीआई ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार अभी तक अर्थव्यवस्था में मौजूद कुछ नकद का 80 फीसदी बैंकों में जमा हो चुका है.
बैंकों में इतनी बड़ी तादाद में पुराने 1000 और 500 के नोट जमा होने के बाद सरकार के माथे पर शिकन आने लगी और सरकार को भी यही लगने लगा कि इस मुद्दे पर सरकार का दांव कहीं उल्टा तो नहीं पड़ा गया. लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी तमाम मंचों से यह घोषणा करते रहे कि केवल 50 दिन में सरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी और लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. वास्तविक्ता में ऐसा हुआ नहीं. लोग आज भी लाइनों में लगे हैं और यह लाइनें बैंकों और एटीएम के बाहर भोर से ही लगने लगती हैं.
लोगों में बढ़ती नाराजगी और अपनी विफलता पर सरकार ने फिर एक तीर चला है और अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी बैंक 8 नवंबर से 30 दिंसबर यानि नोट बदलने की मियाद के भीतर के दौरान बैंकों के सभी सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेंगे.
उल्लेखनीय है कि सरकार के इस ऐतिहासिक कदम में बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारिओं की दलालों से मिली भगत सरकार के नीयत पर भारी पड़ी है और पिछले 15 दिनों में देश के कई शहरों में स्थानीय पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियों की जांच में करोड़ों रुपये का कालाधन बरामद हुआ है. आश्चर्य की बात यह है कि कई स्थानों पर यह कालाधन नई नोट में जांच एजेंसियों को मिला है. टिप्पणियां
आरबीआई ने मंगलवार 13 दिसंबर 2016 को सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बैंकों से दलालों द्वारा कालाधन को सफेद किए जाने के जो प्रकरण सामने आ रहे हैं उसके बाद यह जरूरी हो जाता है कि बैंक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच के बैंकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
बैंकों में इतनी बड़ी तादाद में पुराने 1000 और 500 के नोट जमा होने के बाद सरकार के माथे पर शिकन आने लगी और सरकार को भी यही लगने लगा कि इस मुद्दे पर सरकार का दांव कहीं उल्टा तो नहीं पड़ा गया. लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी तमाम मंचों से यह घोषणा करते रहे कि केवल 50 दिन में सरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी और लोगों को बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. वास्तविक्ता में ऐसा हुआ नहीं. लोग आज भी लाइनों में लगे हैं और यह लाइनें बैंकों और एटीएम के बाहर भोर से ही लगने लगती हैं.
लोगों में बढ़ती नाराजगी और अपनी विफलता पर सरकार ने फिर एक तीर चला है और अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी बैंक 8 नवंबर से 30 दिंसबर यानि नोट बदलने की मियाद के भीतर के दौरान बैंकों के सभी सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेंगे.
उल्लेखनीय है कि सरकार के इस ऐतिहासिक कदम में बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारिओं की दलालों से मिली भगत सरकार के नीयत पर भारी पड़ी है और पिछले 15 दिनों में देश के कई शहरों में स्थानीय पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियों की जांच में करोड़ों रुपये का कालाधन बरामद हुआ है. आश्चर्य की बात यह है कि कई स्थानों पर यह कालाधन नई नोट में जांच एजेंसियों को मिला है. टिप्पणियां
आरबीआई ने मंगलवार 13 दिसंबर 2016 को सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बैंकों से दलालों द्वारा कालाधन को सफेद किए जाने के जो प्रकरण सामने आ रहे हैं उसके बाद यह जरूरी हो जाता है कि बैंक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच के बैंकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
लोगों में बढ़ती नाराजगी और अपनी विफलता पर सरकार ने फिर एक तीर चला है और अब सरकार ने आरबीआई के माध्यम से सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि सभी बैंक 8 नवंबर से 30 दिंसबर यानि नोट बदलने की मियाद के भीतर के दौरान बैंकों के सभी सीसीटीवी फुटेज को संभाल कर रखेंगे.
उल्लेखनीय है कि सरकार के इस ऐतिहासिक कदम में बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारिओं की दलालों से मिली भगत सरकार के नीयत पर भारी पड़ी है और पिछले 15 दिनों में देश के कई शहरों में स्थानीय पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियों की जांच में करोड़ों रुपये का कालाधन बरामद हुआ है. आश्चर्य की बात यह है कि कई स्थानों पर यह कालाधन नई नोट में जांच एजेंसियों को मिला है. टिप्पणियां
आरबीआई ने मंगलवार 13 दिसंबर 2016 को सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बैंकों से दलालों द्वारा कालाधन को सफेद किए जाने के जो प्रकरण सामने आ रहे हैं उसके बाद यह जरूरी हो जाता है कि बैंक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच के बैंकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
आरबीआई ने मंगलवार 13 दिसंबर 2016 को सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बैंकों से दलालों द्वारा कालाधन को सफेद किए जाने के जो प्रकरण सामने आ रहे हैं उसके बाद यह जरूरी हो जाता है कि बैंक 8 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच के बैंकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
इसी चिट्ठी में आरबीआई ने कहा है कि इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच एजेंसियां बैंकों और दलालों के बीच की सांठ-गाठ को उजागर करना चाहती हैं.
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संक्षिप्त पाठ: म्मीद थी कि करीब 70 फीसदी पैसा वापस बैंकों में जमा हो जाएगा
अर्थव्यवस्था में मौजूद कुछ नकद का 80 फीसदी बैंकों में जमा हो चुका है.
लोग आज भी लाइनों में लगे हैं और यह लाइनें बैंकों और एटीएम के बाहर
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नेपाल में सुशीला कार्की देश की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बनने जा रही हैं क्योंकि एक संसदीय समिति ने उनके नाम का सर्वसम्मति से अनुमोदन कर दिया जिसके बाद अब उनके कार्यभार संभालने की औपचारिकता भर रह गई है।
सुशीला की नियुक्ति की पुष्टि का मतलब यह है कि अब नेपाल में राष्ट्रपति, संसद की स्पीकर और सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पद पर महिलाएं आसीन होंगी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति शास्त्र में मास्टर डिग्री लेने वाली सुशीला भ्रष्टाचार को लेकर बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का नजरिया रखने के लिए जानी जाती हैं।
संसदीय सुनवाई विशेष समिति की ओर से सुनवाई किए जाने के दौरान सुशीला ने सांसदों से कहा कि न्यायाधीशों की कमी के कारण सर्वोच्च न्यायालय बहुत ही मुश्किल समय का सामना कर रहा है।टिप्पणियां
न्यायिक परिषद ने बीते 10 अप्रैल को सुशीला के नाम की अनुशंसा की थी।सुशीला ने बीते 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुशीला की नियुक्ति की पुष्टि का मतलब यह है कि अब नेपाल में राष्ट्रपति, संसद की स्पीकर और सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के पद पर महिलाएं आसीन होंगी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति शास्त्र में मास्टर डिग्री लेने वाली सुशीला भ्रष्टाचार को लेकर बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का नजरिया रखने के लिए जानी जाती हैं।
संसदीय सुनवाई विशेष समिति की ओर से सुनवाई किए जाने के दौरान सुशीला ने सांसदों से कहा कि न्यायाधीशों की कमी के कारण सर्वोच्च न्यायालय बहुत ही मुश्किल समय का सामना कर रहा है।टिप्पणियां
न्यायिक परिषद ने बीते 10 अप्रैल को सुशीला के नाम की अनुशंसा की थी।सुशीला ने बीते 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति शास्त्र में मास्टर डिग्री लेने वाली सुशीला भ्रष्टाचार को लेकर बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का नजरिया रखने के लिए जानी जाती हैं।
संसदीय सुनवाई विशेष समिति की ओर से सुनवाई किए जाने के दौरान सुशीला ने सांसदों से कहा कि न्यायाधीशों की कमी के कारण सर्वोच्च न्यायालय बहुत ही मुश्किल समय का सामना कर रहा है।टिप्पणियां
न्यायिक परिषद ने बीते 10 अप्रैल को सुशीला के नाम की अनुशंसा की थी।सुशीला ने बीते 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संसदीय सुनवाई विशेष समिति की ओर से सुनवाई किए जाने के दौरान सुशीला ने सांसदों से कहा कि न्यायाधीशों की कमी के कारण सर्वोच्च न्यायालय बहुत ही मुश्किल समय का सामना कर रहा है।टिप्पणियां
न्यायिक परिषद ने बीते 10 अप्रैल को सुशीला के नाम की अनुशंसा की थी।सुशीला ने बीते 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायिक परिषद ने बीते 10 अप्रैल को सुशीला के नाम की अनुशंसा की थी।सुशीला ने बीते 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ से सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अब देश में राष्ट्रपति, स्पीकर और प्रधान न्यायधीश के पद पर महिलाएं हैं
बीएचयू से राजनीति शास्त्र में मास्टर डिग्री ली
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जानी जाती हैं
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के बाद बैंकों में 500 और 1,000 के पुराने नोटों में कुल 8.45 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं या बदले गए हैं. यह आंकड़ा 27 नवंबर तक का है. रिजर्व बैंक ने एक बयान में यह जानकारी दी. केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस दौरान बैंकों ने काउंटर तथा एटीएम के जरिये 2.16 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं.
गत 8 नवंबर को 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की गई थी. इसके बाद रिजर्व बैंक ने इन नोटों को बैंकों में जमा कराने या उनको बदलने की व्यवस्था की थी. यह सुविधा रिजर्व बैंक और अन्य वाणिज्यिक बैंकों के काउंटरों के अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा शहरी सहकारी बैंकों में उपलब्ध है.टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने कहा कि 10 नवंबर से 27 नवंबर तक बैंकों ने 8,44,982 करोड़ रुपये के नोट जमा किए हैं या बदले हैं. इनमें से 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए हैं और 8,11,033 करोड़ रुपये जमा किए हैं. इस दौरान लोगों ने बैंक काउंटरों या एटीएम के जरिये 2,16,617 करोड़ रुपये निकाले हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गत 8 नवंबर को 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की गई थी. इसके बाद रिजर्व बैंक ने इन नोटों को बैंकों में जमा कराने या उनको बदलने की व्यवस्था की थी. यह सुविधा रिजर्व बैंक और अन्य वाणिज्यिक बैंकों के काउंटरों के अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा शहरी सहकारी बैंकों में उपलब्ध है.टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने कहा कि 10 नवंबर से 27 नवंबर तक बैंकों ने 8,44,982 करोड़ रुपये के नोट जमा किए हैं या बदले हैं. इनमें से 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए हैं और 8,11,033 करोड़ रुपये जमा किए हैं. इस दौरान लोगों ने बैंक काउंटरों या एटीएम के जरिये 2,16,617 करोड़ रुपये निकाले हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय बैंक ने कहा कि 10 नवंबर से 27 नवंबर तक बैंकों ने 8,44,982 करोड़ रुपये के नोट जमा किए हैं या बदले हैं. इनमें से 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए हैं और 8,11,033 करोड़ रुपये जमा किए हैं. इस दौरान लोगों ने बैंक काउंटरों या एटीएम के जरिये 2,16,617 करोड़ रुपये निकाले हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यह आंकड़ा 27 नवंबर तक का
इस दौरान 2.16 लाख करोड़ रुपये वितरित हुए
आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा हुई
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इस पाठ का सारांश बनाएं: Nokia ब्रांड के स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी HMD Global ने अपने लेटेस्ट बजट स्मार्टफोन Nokia 2.2 को भारतीय मार्केट में लॉन्च कर दिया है। Nokia 2.2 एक एंड्रॉयड वन स्मार्टफोन है, याद करा दें कि इसका पुराना वेरिएंट Nokia 2.1 एंड्रॉयड गो के साथ लॉन्च किया गया था। एंड्रॉयड 9 पाई पर चलने वाले इस फोन को लेकर कंपनी का दावा है कि यह अपने सेगमेंट एंड्रॉयड क्यू अपडेट पाने वाला पहला फोन होगा। भारतीय मार्केट में Nokia 2.2 की सीधी भिड़ंत Realme C2 और Redmi 7 जैसे फोन से होगी। आइए जानते हैं कि स्पेसिफिकेशन और कीमत के आधार पर Nokia 2.2, Realme C2 और Redmi 7 में कौन बेहतर है?
एचएमडी ग्लोबल के मुताबिक, भारत में Nokia 2.2 की कीमत 7,699 रुपये से शुरू होगी। यह दाम 2 जीबी रैम और 16 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। फोन के 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 8,699 रुपये है। हालांकि, सीमित समय के कंपनी Nokia 2.2 के 2 जीबी रैम वेरिएंट को 6,999 रुपये और 3 जीबी रैम वेरिएंट को 7,999 रुपये में बेचेगी।
यह भी पढ़ें- Nokia 2.2 में कितना दम? पहली नज़र में...
यह ऑफर 30 जून तक उपलब्ध होगा। कंपनी ने बताया है कि यह फोन स्टील और टंगस्टन ब्लैक रंग में उपलब्ध होगा। Nokia 2.2 को फ्लिपकार्ट, नोकिया ऑनलाइन स्टोर और देशभर के नामी रिटेल स्टोर में 11 जून से बेचा जाएगा। नोकिया की वेबसाइट पर प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है।
रियलमी सी2 (रिव्यू) की कीमत 5,999 रुपये से शुरू होती है। इस दाम में 2 जीबी रैम + 16 जीबी स्टोरेज वेरिएंट बेचा जाएगा। फोन के 3 जीबी रैम + 32 जीबी स्टोरेज मॉडल का दाम 7,999 रुपये है। फोन डायमंड ब्लू और डायमंड ब्लैक रंग में बेचा जाता है।
Redmi 7 के 2 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज मॉडल को भारत में 7,999 रुपये में बेचा जाता है। इस फोन का 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज मॉडल 8,999 रुपये में उपलब्ध है। फोन को एक्लिप्स ब्लैक, कॉमेट ब्लू और लूनर रेड रंग में बेचा जाता है।
डुअल-सिम वाले Nokia 2.2 में 5.71 इंच का एचडी+ डिस्प्ले है, 19:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। फोन में वाटरड्रॉप नॉच है जिसे नोकिया ने डिस्क्रीट सेल्फी नॉच का नाम दिया है। डुअल सिम (नैनो) वाले रियलमी सी2 में 6.1 इंच का एचडी+ (720x1560 पिक्सल) डिस्प्ले है, 19.5:9 आस्पेक्ट रेशियो के साथ। डुअल-सिम (नैनो) वाले रेडमी 7 में 6.26 इंच एचडी+ (720x1520 पिक्सल) डिस्प्ले है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है। Redmi 7 में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 का इस्तेमाल हुआ है।
अब बात प्रोसेसर, रैम और स्टोरेज की। Nokia 2.2 में क्वाड-कोर मीडियाटेक हीलियो ए22 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है और साथ 3 जीबी तक रैम दिए गए हैं। इनबिल्ट स्टोरेज 32 जीबी तक है और फोन में 400 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड के लिए सपोर्ट है। रियलमी सी2 में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। रैम के दो विकल्प हैं- 2 जीबी और 3 जीबी। Realme C2 की इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 32 जीबी और 64 जीबी। दोनों ही वेरिएंट 256 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करेंगे।
Redmi 7 में स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 1.8 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 632 प्रोसेसर है। यह हैंडसेट दो रैम विकल्प में आता है- 2 जीबी और 3 जीबी। स्टोरेज का एक मात्र विकल्प 32 जीबी है।
अब बात कैमरा सेटअप की। Nokia 2.2 में एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है। फ्रंट पैनल पर 5 मेगापिक्सल का सेंसर है। Realme C2 में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 13 मेगापिक्सल का है। इसका अपर्चर एफ/ 2.2 है। इसके साथ जुगलबंदी में एफ/ 2.4 अपर्चर वाला 2 मेगापिक्सल का सेंसर काम करेगा। सेल्फी के लिए हैंडसेट में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का सेंसर है। सेल्फी कैमरा एआई से लैस है जिससे बेहतर सेल्फी लेने में मदद मिलती है।
Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर। सेल्फी के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
अब बात बैटरी क्षमता की। नोकिया 2.2 में जान फूंकने का काम करेगी 3,000 एमएएच की बैटरी। यह 5 वॉट की चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। रियलमी सी2 फोन की बैटरी 4,000 एमएएच की है तो वहीं रेडमी 7 में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।
अब बात कनेक्टिविटी की। Nokia 2.2 में 4जी एलटीई, वाई-फाई 802.11 बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.2, माइक्रो-यूएसबी पोर्ट और जीपीएस जैसे कनेक्टिविटी फीचर हैं। Realme C2 में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 4.2, जीपीएस/ ए-जीपीएस, माइक्रो-यूएसबी और 3.5 एमएम हेडफोन जैक शामिल हैं। Redmi 7 में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, यूएसबी, इंफ्रेड (IR) ब्लॉस्टर और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक शामिल है।
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सारांश: डुअल-सिम Nokia 2.2 एंड्रॉयड 9 पाई पर चलेगा
मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर से लैस है Realme C2
Redmi 7 में फोटोग्राफी के लिए दो रियर कैमरे दिए गए हैं
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इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली गैंगरेप मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आज फिर पुलिस को फटकार लगाई है। दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिर पूछा कि इस मामले में दो एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, बड़े अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली की सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा पीसीआर वैन तैनात रहें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार पीसीआर वैन की संख्या बढ़ाने के बारे में सोचे। दिल्ली में अभी 617 पीसीआर वैन हैं, जिनमें से 74 सड़कों पर नहीं हैं। कोर्ट ने गाड़ियों के शीशों पर लगी काली फिल्में उतारने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को भी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को हाइकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई थी। पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा था कि वारदात के लिए पुलिस कमिश्नर को क्यों न जिम्मेदार ठहराया जाए? कोर्ट ने पूछा कि क्या ट्रैफिक के ज्वाइंट कमिश्नर की जिम्मेदारी नहीं बनती?टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस के कलेजे पर हथौड़े की तरह चोट करते ये सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए, जो गैंगरेप मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट की एक तरह से पोस्टमार्टम करते हुए इस बार भी कई कड़े सवाल पूछे थे।
कोर्ट ने पूछा कि आदेश के बावजूद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट क्यों नहीं दी गई? पहले पुलिस ने इलाके में तीन पीसीआर वैन की बात कही थी, लेकिन अब वह दो कैसे हो गई? पीसीआर के सिर्फ एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, डीसीपी या कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पर्दे लगे और काले शीशे वाली बस दिल्ली की सड़कों पर कैसे दौड़ती रही? ऐसे में सिर्फ एरिया ट्रैफिक एसीपी ही जिम्मेदार क्यों, डीसीपी या फिर ट्रैफिक हेड यानी ज्वाइंट कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कानून-व्यवस्था को लागू करने वाली एजेंसियां सतर्क होतीं, तो उस रात हुई वारदात टाली जा सकती थी।
साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली की सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा पीसीआर वैन तैनात रहें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार पीसीआर वैन की संख्या बढ़ाने के बारे में सोचे। दिल्ली में अभी 617 पीसीआर वैन हैं, जिनमें से 74 सड़कों पर नहीं हैं। कोर्ट ने गाड़ियों के शीशों पर लगी काली फिल्में उतारने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को भी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को हाइकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई थी। पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा था कि वारदात के लिए पुलिस कमिश्नर को क्यों न जिम्मेदार ठहराया जाए? कोर्ट ने पूछा कि क्या ट्रैफिक के ज्वाइंट कमिश्नर की जिम्मेदारी नहीं बनती?टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस के कलेजे पर हथौड़े की तरह चोट करते ये सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए, जो गैंगरेप मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट की एक तरह से पोस्टमार्टम करते हुए इस बार भी कई कड़े सवाल पूछे थे।
कोर्ट ने पूछा कि आदेश के बावजूद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट क्यों नहीं दी गई? पहले पुलिस ने इलाके में तीन पीसीआर वैन की बात कही थी, लेकिन अब वह दो कैसे हो गई? पीसीआर के सिर्फ एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, डीसीपी या कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पर्दे लगे और काले शीशे वाली बस दिल्ली की सड़कों पर कैसे दौड़ती रही? ऐसे में सिर्फ एरिया ट्रैफिक एसीपी ही जिम्मेदार क्यों, डीसीपी या फिर ट्रैफिक हेड यानी ज्वाइंट कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कानून-व्यवस्था को लागू करने वाली एजेंसियां सतर्क होतीं, तो उस रात हुई वारदात टाली जा सकती थी।
बुधवार को भी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को हाइकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई थी। पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा था कि वारदात के लिए पुलिस कमिश्नर को क्यों न जिम्मेदार ठहराया जाए? कोर्ट ने पूछा कि क्या ट्रैफिक के ज्वाइंट कमिश्नर की जिम्मेदारी नहीं बनती?टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस के कलेजे पर हथौड़े की तरह चोट करते ये सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए, जो गैंगरेप मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट की एक तरह से पोस्टमार्टम करते हुए इस बार भी कई कड़े सवाल पूछे थे।
कोर्ट ने पूछा कि आदेश के बावजूद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट क्यों नहीं दी गई? पहले पुलिस ने इलाके में तीन पीसीआर वैन की बात कही थी, लेकिन अब वह दो कैसे हो गई? पीसीआर के सिर्फ एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, डीसीपी या कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पर्दे लगे और काले शीशे वाली बस दिल्ली की सड़कों पर कैसे दौड़ती रही? ऐसे में सिर्फ एरिया ट्रैफिक एसीपी ही जिम्मेदार क्यों, डीसीपी या फिर ट्रैफिक हेड यानी ज्वाइंट कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कानून-व्यवस्था को लागू करने वाली एजेंसियां सतर्क होतीं, तो उस रात हुई वारदात टाली जा सकती थी।
दिल्ली पुलिस के कलेजे पर हथौड़े की तरह चोट करते ये सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए, जो गैंगरेप मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट की एक तरह से पोस्टमार्टम करते हुए इस बार भी कई कड़े सवाल पूछे थे।
कोर्ट ने पूछा कि आदेश के बावजूद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट क्यों नहीं दी गई? पहले पुलिस ने इलाके में तीन पीसीआर वैन की बात कही थी, लेकिन अब वह दो कैसे हो गई? पीसीआर के सिर्फ एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, डीसीपी या कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पर्दे लगे और काले शीशे वाली बस दिल्ली की सड़कों पर कैसे दौड़ती रही? ऐसे में सिर्फ एरिया ट्रैफिक एसीपी ही जिम्मेदार क्यों, डीसीपी या फिर ट्रैफिक हेड यानी ज्वाइंट कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कानून-व्यवस्था को लागू करने वाली एजेंसियां सतर्क होतीं, तो उस रात हुई वारदात टाली जा सकती थी।
कोर्ट ने पूछा कि आदेश के बावजूद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लिस्ट क्यों नहीं दी गई? पहले पुलिस ने इलाके में तीन पीसीआर वैन की बात कही थी, लेकिन अब वह दो कैसे हो गई? पीसीआर के सिर्फ एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, डीसीपी या कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पर्दे लगे और काले शीशे वाली बस दिल्ली की सड़कों पर कैसे दौड़ती रही? ऐसे में सिर्फ एरिया ट्रैफिक एसीपी ही जिम्मेदार क्यों, डीसीपी या फिर ट्रैफिक हेड यानी ज्वाइंट कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कानून-व्यवस्था को लागू करने वाली एजेंसियां सतर्क होतीं, तो उस रात हुई वारदात टाली जा सकती थी।
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सारांश: दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिर पूछा कि इस मामले में दो एसीपी ही सस्पेंड क्यों हुए, बड़े अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली की सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा पीसीआर वै
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इस पाठ का सारांश बनाएं: Heart Attack Causes And Prevention: हार्ट अटैक की उम्र नहीं होती. यह समस्या जिस तरह बड़ी होती जा रही है उसे देखें तो कई मामले 30 साल की उम्र में भी देखने को मिले. क्योंकि आजकल हार्ट अटैक (Heart Attack) बहुत ही कॉमन सा हो गया है. कई मामलों में सोते समय हार्ट अटैक के केस भी देखे गए. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यह पता हो कि हार्ट अटैक आने पर क्या करें(Heart Attack First Aid). हार्ट अटैक के बाद सबसे पहला कदम क्या उठाया जाए. इसके लिए यह हार्ट अटैक के लक्षण (Heart Attack Symptom) समझ पाना जरूरी है. महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण के बारे में खूब सवाल पूछे जाते हैं. अक्सर लोग हार्ट अटैक से बचने के आयुर्वेदिक उपाय (Heart Attack Prevention) भी तलाशते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं हार्ट अटैक से बचने के उपाय. सबसे पहले समझ लेते हैं कि क्या हो सकते हैं हार्ट अटैक के कारण (Hear Attack Causes) और इससे बचने के उपाय-
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1. स्ट्रेस और तनाव न लें. कम उम्र में सामने आने वाले ज्यादातर हार्ट अटैक के मामलों में वजह तनाव को बताया जाता है. तनाव दिल पर कई तरह से प्रभाव डालता है. यह दिल की धडकनों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है. आप तनाव से दूर रहने के लिए ध्यान या मेडिटेशन कर सकते हैं. योगा या एक्सरसाइज से भी तनाव या स्ट्रेस को दूर किया जा सकता है.
2. हार्ट अटैक को लाइफस्टाइल की देन भी कहा जा सकता है. क्योंकि एक सक्रिय जीवनशैली को अपनाकर आप इससे काफी हद तक बचे रह सकते हैं.
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3. मोटापा या बढ़ा हुआ वजन आपके दिल के लिए खतरनाक है. इसलिए अपने वजन को नियंत्रण में रखें. बढ़ा हुआ वजन या मोटापा हाई कोलेस्ट्रॉल की संभावना को बढ़ाता है, जिससे मधुमेह, धमनी रोग का खतरा और रक्तचाप हो सकता है. बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) पर भी नजर रखें और इसे उचित स्तर तक बनाए रखें.
Heart-healthy diet: उबालकर या कम तेल में खाना पकाने की कोशिश करें.
4. कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है. अगर कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक है, तो यह आपके दिल के लिए अच्छा नहीं. इससे कार्डियोवस्क्यूलर बीमारियां (सीवीडी) होने का खतरा बढ़ जाता है. शरीर में कोलेस्ट्रोल बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. तो अपने आहार यानी डाइट का ध्यान रखें.
5. हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज भी हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं. हाई बीपी यानी बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर नसों को प्रभावित करती है. इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. उच्च रक्तचाप यानी हाई बीपी आर्टरीज पर भी असर डालती है, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है.
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1. उतना ही खाएं जितना कि शरीर की जरूरत है. मैदा वगैरह न खाएं. आहार में सब्जियां और फलों की मात्रा बढ़ाएं.
2. कोशिश करें कि आप घर का बना खाना खाएं, जो पोषण से भरपूर हो. इसमें भी इस बात का ध्यान रखें कि आप खुद सब्जी, मसाले, चिकनाई और पकाने की विधि का चयन सही करें. खाने को स्वादिष्ट बनाने के फेर में उसमें मसाले और तेल न भरें. नमक और चीनी जैसे हानिकारक तत्वों की मात्रा कम कर सकते हैं.
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3. नमक की मात्रा को नियंत्रित करें. ज्यादा नमक खाने से रक्तचाप बढ़ जाता है. जिसके चलते हृदय में कई बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है.
4. सब्जियों को ज्यादा न पकाएं. अगर आप ज्यादा तेल मसाले का इस्तेमाल करेंगे तो मोटापा बढ़ सकता है. उबालकर या कम तेल में खाना पकाने की कोशिश करें. हमेशा ताजा खाना खाएं.
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5. साबूत दालें-अनाज, सब्जियां जैसे गाजर, टमाटर आदि में ना घुलने वाला फाइबर होता है. दलिया, सेम, लोभिया सूखे मेवे और फल जैसे सेब, नींबू, नाशपाती, अनानास आदि में घुलनशील फाइबर होते हैं.
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संक्षिप्त सारांश: लोग हार्ट अटैक से बचने के आयुर्वेदिक उपाय भी तलाशते हैं.
आपको बताते हैं हार्ट अटैक से बचने के उपाय.
सबसे पहले समझ लेते हैं कि क्या हो सकते हैं हार्ट अटैक के कारण.
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इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर बुरी तरह पिटकर आई है और अब एक बार फिर सामना इंग्लैंड से होने वाला है। गुरुवार को टीम के चयन को लेकर एक प्रमुख बैठक है। लेकिन इंग्लैंड से घर वापसी के बाद हालात ज़्यादा नहीं बदले हैं। टीम अब भी अपने प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से उबर नहीं पाई है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज और गेंदबाज अब भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं। बल्कि टीम−सिलेक्शन से पहले देखा जाए − तो फ़िटनेस की परेशानी अब पहाड़ जैसी बड़ी है। खबर है कि सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह अब इंग्लैंड के खिलाफ भारत में होने वाली वनडे सीरीज़ में नहीं खेल पाएंगे। सचिन की पैर में लगी चोट को ठीक में अभी थोड़ा वक्त और लगेगा जबकि युवराज की जिस उंगली में फ्रेक्चर हुआ था अब उसकी नस में तकलीफ आ गई है। वीरेंद्र सहवाग का कंधा अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और वो बार−बार NCA के चक्कर लगा रहे हैं। बोर्ड वीरू की फिटनेस से अब चांस नहीं लेना चाहती और अधिकारियों का कहना है कि वो सहवाग के 100 फीसदी तक फिट होने का इंतज़ार करेंगे। जबकि उंगली की चोट से परेशान रोहित शर्मा की भी खेलना तय नहीं है। सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक रोहित तीसरे वनडे तक ही फिट हो सकते हैं। टीम का चयन होगा तो गेंदबाज़ी एक बार फिर बड़ी मुसीबत बनी नज़र आएगी। इस बार विकल्पों की कमी है और ऐसे में आशीष नेहरा और प्रवीण कुमार पर ही सूई अटक जाती है। जहीर खान और मुनाफ पटेल भी फिट नहीं हैं।
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टीम अब भी अपने प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से उबर नहीं पाई है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज और गेंदबाज अब भी पूरी तरह से फिट नहीं हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: Google Doodle Apollo 11 Space Mission: 50 साल (50th Anniversary of the Moon Landing) पहले नासा (NASA) ने अपोलो 11 (Apollo 11) मिशन को चांद पर भेजा था, और यह पहला मौका था जब इंसान ने चांद (Moon) पर कदम रखा था. आज गूगल ने डूडल (Google Doodle) बनाकर मानव इतिहास के उसी ऐतिहासिक कदम (50th anniversary of Moon Landing) को याद किया है. अपोलो 11 (Apollo 11) को जुलाई, 1969 में अमेरिका के फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से लॉन्च किया गया था. चांद पर पहुंचने के बाद नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) पहले शख्स थे जिन्होंने मून वॉक की थी. ये ऐतिहासिक दिन 21 जुलाई, 1969 था. चांद पर पहुंची इस टीम ने वहां पर 21 घंटे बिताए और चांद की चट्टानें भी अपने साथ लीं. नील आर्मस्ट्रॉन्ग के साथ बज एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) भी थे, और उन्होंने भी मून वॉर की. अपोलो 11 स्पेशन मिशन (Apollo 11 Space Mission) को लेकर गूगल डूडल (Google Doodle) बनाकर याद किया है. मून पर गई तीन लोगों की टीम 24 जुलाई को वापस लौटी थी. इस टीम के तीसरे सदस्य माइकल कोलिन्स (Michael Collins) थे. उनकी लैंडिंग पेसिफिक ओशन में हुई थी.
अपोलो 11 स्पेशन मिशन (Apollo 11 Space Mission) की खास बातों पर नजर डालें तो 60 करोड़ लोगों ने चांद पर की गई इस मून वॉक को टीवी पर देखा था जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है. चांद पर नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) और बज एल्ड्रिन ((Buzz Aldrin)) के फुट प्रिंट आज भी मौजूद हैं क्योंकि वहां की मिट्टी काफी मोटी थी, और हवा नहीं होने से वे फुटप्रिंट कभी हट ही नहीं सके. इस तरह मानव के चांद (Man on Moon) पर कदम रखने के निशान आज भी कायम है.
इंसान का मून मिशन अपोलो 11 स्पेशन मिशन (Apollo 11 Space Mission) हमेशा से कौतूहल का विषय रहा है, और हॉलीवुड की फिल्मों में इसको खूब दिखाया भी गया है. हॉलीवुड की इन फिल्मों में 'फर्स्ट मैन (2018)' का नाम प्रमुखता से आता है, इस फिल्म में नील आर्मस्ट्रॉन्ग (Neil Armstrong) की जिंदगी पर प्रकाश डाला गया है. इसके अलावा 'फ्रॉम द अर्थ टू द मून (1998)' और 'फॉर ऑल मैनकाइंड (1989)' का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अपोलो 11 मिशन को हुआ पचास साल
गूगल ने डूडल बनाकर किया याद
नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने सबसे पहले चांद पर रखा था कदम
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शराब और विमानन कारोबार में शामिल चर्चित भारतीय उद्यमी विजय माल्या अरबपतियों की बिरादारी से बाहर हो गए हैं। माल्या की एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर की बुरी हालत के चलते उनकी बाजार हैसियत एक अरब डॉलर से कम हो गई है।
व्यावसायिक जगत की प्रतिष्ठित पत्रिका 'फोर्ब्स' की भारतीय अमीरों की गुरुवार को जारी सूची में माल्या का स्थान 73वां है, जिनके पास 80 करोड़ डॉलर (करीब 4,285 करोड़ रुपये) की संपत्ति है, जबकि पिछले साल उनके पास 1.1 अरब डॉलर की संपत्ति थी और वह 49वें स्थान पर थे।टिप्पणियां
हालांकि माल्या का स्थान जेट एयरवेज के नरेश गोयल से ऊपर है, जिन्हें 'फोर्ब्स' की सूची में 94वां स्थान मिला है और उनके पास 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति है। पत्रिका ने कहा, अच्छे वक्त के बादशाह (माल्या) के लिए हाल के दिनों में बुरे वक्त के अलावा कुछ नहीं है।
उनकी किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में माना जाता है कि वह दो अरब डॉलर के ऋण में डूबी है और भारतीय नियामक की उड़ान से जुड़ी चिंता पर ध्यान देने में असमर्थ होने के कारण कंपनी का लाइसेंस मध्य अक्टूबर में निलंबित हो गया।
व्यावसायिक जगत की प्रतिष्ठित पत्रिका 'फोर्ब्स' की भारतीय अमीरों की गुरुवार को जारी सूची में माल्या का स्थान 73वां है, जिनके पास 80 करोड़ डॉलर (करीब 4,285 करोड़ रुपये) की संपत्ति है, जबकि पिछले साल उनके पास 1.1 अरब डॉलर की संपत्ति थी और वह 49वें स्थान पर थे।टिप्पणियां
हालांकि माल्या का स्थान जेट एयरवेज के नरेश गोयल से ऊपर है, जिन्हें 'फोर्ब्स' की सूची में 94वां स्थान मिला है और उनके पास 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति है। पत्रिका ने कहा, अच्छे वक्त के बादशाह (माल्या) के लिए हाल के दिनों में बुरे वक्त के अलावा कुछ नहीं है।
उनकी किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में माना जाता है कि वह दो अरब डॉलर के ऋण में डूबी है और भारतीय नियामक की उड़ान से जुड़ी चिंता पर ध्यान देने में असमर्थ होने के कारण कंपनी का लाइसेंस मध्य अक्टूबर में निलंबित हो गया।
हालांकि माल्या का स्थान जेट एयरवेज के नरेश गोयल से ऊपर है, जिन्हें 'फोर्ब्स' की सूची में 94वां स्थान मिला है और उनके पास 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति है। पत्रिका ने कहा, अच्छे वक्त के बादशाह (माल्या) के लिए हाल के दिनों में बुरे वक्त के अलावा कुछ नहीं है।
उनकी किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में माना जाता है कि वह दो अरब डॉलर के ऋण में डूबी है और भारतीय नियामक की उड़ान से जुड़ी चिंता पर ध्यान देने में असमर्थ होने के कारण कंपनी का लाइसेंस मध्य अक्टूबर में निलंबित हो गया।
उनकी किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में माना जाता है कि वह दो अरब डॉलर के ऋण में डूबी है और भारतीय नियामक की उड़ान से जुड़ी चिंता पर ध्यान देने में असमर्थ होने के कारण कंपनी का लाइसेंस मध्य अक्टूबर में निलंबित हो गया।
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संक्षिप्त सारांश: शराब और विमानन कारोबार में शामिल चर्चित भारतीय उद्यमी विजय माल्या अरबपतियों की बिरादारी से बाहर हो गए हैं। माल्या की एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर की बुरी हालत के चलते उनकी बाजार हैसियत एक अरब डॉलर से कम हो गई है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार की राजधानी पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की विदाई नहीं होने से नाराज होकर अपनी सास और ससुर की चाकू मारकर हत्या कर दी. आरोपी ने अपनी पत्नी पर भी चाकू से वार किया, जिससे वह घायल हो गई. पुलिस के अनुसार, वलीउल्लाह का विवाह लगभग एक साल पहले लंगरा टोली निवासी चौधरी इरफान रजा (65) की पुत्री के साथ हुआ था. रजा की पुत्री कुछ दिनों के लिए अपने ससुराल में रही परंतु फिर वापस अपने मायके आ गई.
पत्नी और पति में इस बात को लेकर अक्सर विवाद होता था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वलीउल्लाह शुक्रवार को दोपहर के बाद अचानक अपनी ससुराल पहुंचा और पहले अपनी सास फरहत (55) की चाकू मारकर हत्या कर दी और फिर अपने ससुर को भी चाकू मार दिया. इसी बीच जब उसकी पत्नी पहुंची तब उसने उस पर भी चाकू से वार कर दिया.
चौधरी इरफान रजा पटना उच्च न्यायालय की स्थापना शाखा से सेवानिवृत्त हुए थे. घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. घटना के बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
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यह एक सारांश है: पटना में दामाद ने सास, ससुर की चाकू गोदकर हत्या की
पत्नी पर भी शख्स ने किया वार
पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मनमोहन वैद्य के इस बयान की कड़ी आलोचना की है. लालू ने ट्वीट कर कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है, किसी जातिवादी संगठन की खैरात नहीं. इसे छीनने वालों को औकात में लाना कमजोर वर्ग को आता है.
लालू ने संघ की आलोचना करते हुए संघ को अपने वहां 100 फीसदी आरक्षण लागू करने की सलाह भी दे डाली.
आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है।RSS जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं।इसे छिनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे वर्गों को आता है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017RSS पहले अपने घर में लागू 100फीसदी आरक्षण की समीक्षा करें।कोई गैर-स्वर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017मोदी जी आपके RSS प्रवक्ता आरक्षण पर फिर अंट-शंट बके है। बिहार में रगड़-रगड़ के धोया,शायद कुछ धुलाई बाकी रह गई थी जो अब यूपी जमकर करेगा।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017गौरतलब है कि 2015 में बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण को लेकर बयान दिया था और उसे उन चुनावों में बीजेपी की हार की बड़ी वजह माना गया था.
लालू ने संघ की आलोचना करते हुए संघ को अपने वहां 100 फीसदी आरक्षण लागू करने की सलाह भी दे डाली.
आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है।RSS जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं।इसे छिनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे वर्गों को आता है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017RSS पहले अपने घर में लागू 100फीसदी आरक्षण की समीक्षा करें।कोई गैर-स्वर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017मोदी जी आपके RSS प्रवक्ता आरक्षण पर फिर अंट-शंट बके है। बिहार में रगड़-रगड़ के धोया,शायद कुछ धुलाई बाकी रह गई थी जो अब यूपी जमकर करेगा।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017गौरतलब है कि 2015 में बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण को लेकर बयान दिया था और उसे उन चुनावों में बीजेपी की हार की बड़ी वजह माना गया था.
आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है।RSS जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं।इसे छिनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे वर्गों को आता है
RSS पहले अपने घर में लागू 100फीसदी आरक्षण की समीक्षा करें।कोई गैर-स्वर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते है
मोदी जी आपके RSS प्रवक्ता आरक्षण पर फिर अंट-शंट बके है। बिहार में रगड़-रगड़ के धोया,शायद कुछ धुलाई बाकी रह गई थी जो अब यूपी जमकर करेगा।
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यह एक सारांश है: 5 राज्यों में चुनाव से पहले संघ की ओर से आया आरक्षण पर बयान
वैद्य ने कहा है कि एससी/एसटी को आरक्षण ख़त्म किया जाना चाहिए
संघ के बयान से विपक्षी पार्टियों ने साधा बीजेपी पर निशाना
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्वोत्तर चीन में 20 वर्षीय चीनी छात्रा ने अपनी दो साल की ट्यूशन फीस खरीददारी में उड़ा देने के बाद आत्महत्या कर ली।
भूविज्ञान के चीनी विश्वविद्यालय के तहत आने वाले ग्रेट वॉल कॉलेज की तीसरे वर्ष की छात्रा चैंग यनान ने बीते 18 जून को 13वीं मंजिल पर स्थित कमरे से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
चाइना यूथ डेली की खबर के अनुसार, चैंग ने 30,000 यूआन (5000 डॉलर) से भी ज्यादा राशि कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों और त्वचा की देखभाल संबंधी उत्पादों पर खर्च दिए थे। इसमें से अधिकतर राशि उसके माता-पिता द्वारा भेजी जा रही वाषिर्क ट्यूशन फीस 11,500 यूआन में से बेईमानी करके निकाली गई।
अखबार ने कहा कि चैंग के दोस्त अक्सर उसे खरीददारी की इन आदतों पर टोका करते थे। हर बार उसका एक ही जवाब था- ‘बहुत हुआ’।
शिनजियांग प्रांत में रहने वाले चैंग के माता-पिता को जब भी उसके स्कूल से बकाया ट्यूशन फीस के बारे में नोटिस मिलता तो वे हैरान होकर संदेह से घिर जाते थे। उन्हें चिंता थी कि शायद उनकी बेटी किसी घोटाले का शिकार हुई है या फिर उसे कोई लड़का धोखा दे रहा है। टिप्पणियां
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
भूविज्ञान के चीनी विश्वविद्यालय के तहत आने वाले ग्रेट वॉल कॉलेज की तीसरे वर्ष की छात्रा चैंग यनान ने बीते 18 जून को 13वीं मंजिल पर स्थित कमरे से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
चाइना यूथ डेली की खबर के अनुसार, चैंग ने 30,000 यूआन (5000 डॉलर) से भी ज्यादा राशि कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों और त्वचा की देखभाल संबंधी उत्पादों पर खर्च दिए थे। इसमें से अधिकतर राशि उसके माता-पिता द्वारा भेजी जा रही वाषिर्क ट्यूशन फीस 11,500 यूआन में से बेईमानी करके निकाली गई।
अखबार ने कहा कि चैंग के दोस्त अक्सर उसे खरीददारी की इन आदतों पर टोका करते थे। हर बार उसका एक ही जवाब था- ‘बहुत हुआ’।
शिनजियांग प्रांत में रहने वाले चैंग के माता-पिता को जब भी उसके स्कूल से बकाया ट्यूशन फीस के बारे में नोटिस मिलता तो वे हैरान होकर संदेह से घिर जाते थे। उन्हें चिंता थी कि शायद उनकी बेटी किसी घोटाले का शिकार हुई है या फिर उसे कोई लड़का धोखा दे रहा है। टिप्पणियां
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
चाइना यूथ डेली की खबर के अनुसार, चैंग ने 30,000 यूआन (5000 डॉलर) से भी ज्यादा राशि कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों और त्वचा की देखभाल संबंधी उत्पादों पर खर्च दिए थे। इसमें से अधिकतर राशि उसके माता-पिता द्वारा भेजी जा रही वाषिर्क ट्यूशन फीस 11,500 यूआन में से बेईमानी करके निकाली गई।
अखबार ने कहा कि चैंग के दोस्त अक्सर उसे खरीददारी की इन आदतों पर टोका करते थे। हर बार उसका एक ही जवाब था- ‘बहुत हुआ’।
शिनजियांग प्रांत में रहने वाले चैंग के माता-पिता को जब भी उसके स्कूल से बकाया ट्यूशन फीस के बारे में नोटिस मिलता तो वे हैरान होकर संदेह से घिर जाते थे। उन्हें चिंता थी कि शायद उनकी बेटी किसी घोटाले का शिकार हुई है या फिर उसे कोई लड़का धोखा दे रहा है। टिप्पणियां
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
अखबार ने कहा कि चैंग के दोस्त अक्सर उसे खरीददारी की इन आदतों पर टोका करते थे। हर बार उसका एक ही जवाब था- ‘बहुत हुआ’।
शिनजियांग प्रांत में रहने वाले चैंग के माता-पिता को जब भी उसके स्कूल से बकाया ट्यूशन फीस के बारे में नोटिस मिलता तो वे हैरान होकर संदेह से घिर जाते थे। उन्हें चिंता थी कि शायद उनकी बेटी किसी घोटाले का शिकार हुई है या फिर उसे कोई लड़का धोखा दे रहा है। टिप्पणियां
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
शिनजियांग प्रांत में रहने वाले चैंग के माता-पिता को जब भी उसके स्कूल से बकाया ट्यूशन फीस के बारे में नोटिस मिलता तो वे हैरान होकर संदेह से घिर जाते थे। उन्हें चिंता थी कि शायद उनकी बेटी किसी घोटाले का शिकार हुई है या फिर उसे कोई लड़का धोखा दे रहा है। टिप्पणियां
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
चैंग के पिता चैंग शुजेंग ने कहा कि एक बार उनकी बेटी ने उनसे अपना एटीएम खो जाने का झूठ भी बोला था। उसने इन्हें यह भी बताया था कि उसके खाते में से 20,000 रुपये चुरा लिए गए थे।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
चैंग की मां शू किंगफांग ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या के एक दिन पूर्व अपनी बेटी से बात की थी। शू ने बताया, हमने स्कूल फीस के बारे में बहस की लेकिन अंत में मैंने यही कहा, अपनी मां से झूठ मत बोलो और सच बताओ, मैं तुम्हारा यकीन करूंगी। चैंग ने अपने सुसाइड नोट में कहा, यह किसी की गलती नहीं है और किसी को पछतावा करने की जरूरत नहीं है। मैं एक अलग ही तरह की जीवनशैली में जी रही थी। ये सभी समस्याएं मेरी खुद की तैयार की हुई हैं और इनसे मुझे ही नुकसान पहुंचा है। चैंग का अंतिम संस्कार गुरुवार को हेबेई में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में उसके साथ त्वचा की देखभाल वाले कुछ उत्पाद भी रखे गए।
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चाइना यूथ डेली की खबर के अनुसार, चैंग ने 30,000 यूआन (5000 डॉलर) से भी ज्यादा राशि कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों और त्वचा की देखभाल संबंधी उत्पादों पर खर्च दिए थे।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने भारतीय क्रिकेटरों की फिटनेस स्तर पर सवाल उठाए हैं और साथ ही उन्होंने मेहमान टीम के ढीले-ढाले वार्म अप की भी आलोचना की। भारत अब इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइटवाश से बचने की कोशिश कर रहा है। वह इस सीरीज में शुरू से ही चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझता रहा। टखने की चोट के कारण समय से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले फ्लिंटॉफ ने कहा, इंग्लैंड की टीम बहुत अधिक फिट दिख रही है। भारत के कुछ खिलाड़ी तो बहुत ही ढीले दिखाई दे रहे हैं। इस पूर्व ऑलराउंडर ने दोनों टीमों का चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन दोनों टीमों का वार्मअप देखा। उन्होंने कहा, मैंने इन गर्मियों में अधिक क्रिकेट नहीं देखी। मैंने सुबह दोनों टीमों को वार्मअप करते देखा। फ्लिंटॉफ ने कहा, मैंने भारतीयों को देखा और उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे वे अपनी किट गैराज से निकालकर लाए हों। उन सब की पोशाक भी अलग-अलग थी। इंग्लैंड की टीम वास्तव में पेशेवर दिख रही थी। वह उनसे एकदम भिन्न लग रही थी।
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सारांश: इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर फ्लिंटॉफ ने भारतीय क्रिकेटरों की फिटनेस स्तर पर सवाल उठाए और मेहमान टीम के ढीले-ढाले वार्म अप की आलोचना की।
| 33
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कपिल मिश्रा का आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने का सिलसिला जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी में हवाला कंपनियों का पैसा है. सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया जा रहा है. हवाला के पैसों पर जवाब नहीं मिला है. 2 करोड़ रुपये देने वाला वीडियो झूठा है. अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर सच छुपाने के लिए मुकेश शर्मा को लेकर आए. कपिल मिश्रा ने आगे कहा कि हेमराज को छुपाने के लिए मुकेश शर्मा को सामने लाया गया है. हिम्मत है तो केजरीवाल कुर्सी छोड़कर जांच करवाएंगे. केजरीवाल सीधे तिहाड़ जाएंगे. केजरीवाल अपने हवाला कनेक्शन पर परदा डालना चाहते हैं. जांच अरविंद केजरीवाल के घर तक पहुंच गई है इसलिए बलि का बकरा बनाकर मुकेश शर्मा को सामने लेकर आए हैं. आयकर विभाग और ईडी हेमप्रकाश शर्मा को ढूंढ रही है.
आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने इस मामले में कहा कि आप पर लगाए आरोप निराधार हैं. चंदा देने वाली हर कंपनी की जांच करना हमारे लिए संभव नहीं. बीजेपी और कांग्रेस में चंदा गलत तरीके से आता है.15 हजार लोग हर साल हमें चंदा देते हैं. कपिल मिश्रा के आरोपों पर जवाब देना उनके आरोपों पर तवज्जों देना है.
दरअसल, गुरुवार को खबर आई थी कि आम आदमी पार्टी को चंदा देने वाला सामने आ गया है. इसे लेकर कपिल मिश्रा ने सुबह ट्वीट किया था कि आज मैं इस संबंध में अरविंद केजरीवाल के झूठ का खुलासा करूंगा. जो भी एक क्लीन आप पार्टी देखना चाहते हैं, वे इसे जरूर देखें. इससे पहले गुरुवार को खबर आई थी कि मुकेश शर्मा नाम का एक शख्स सामने आया है और उसका दावा है कि उसने ही आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये दिए. पहली बार एक शख्स सामने आया, जिसका कहना है कि ये चारों कंपनियां जिनके नाम से आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा अप्रैल 2014 में मिला है वह कंपनियां फ़र्ज़ी नहीं हैं, बल्कि वो चारों कंपनियां उसकी अपनी हैं. उत्तर पूर्वी दिल्ली के गंगा विहार में रहने वाले मुकेश शर्मा ने एनडीटीवी इंडिया से कहा है कि ये चारों कंपनियां मेरी हैं.मैंने AAP को 2 करोड़ का चंदा दिया था. मैंने डिमांड ड्राफ़्ट बनवाकर चंदा दिया था. मुकेश शर्मा ने बताया कि वह राजनीतिक पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे इसलिए जब यह मामला दो साल पहले उठा तब मीडिया के सामने नहीं आए.
एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था. मैंने इसलिए चंदा दिया क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं. टिप्पणियां
एनडीटीवी इंडिया ने सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने इस मामले में कहा कि आप पर लगाए आरोप निराधार हैं. चंदा देने वाली हर कंपनी की जांच करना हमारे लिए संभव नहीं. बीजेपी और कांग्रेस में चंदा गलत तरीके से आता है.15 हजार लोग हर साल हमें चंदा देते हैं. कपिल मिश्रा के आरोपों पर जवाब देना उनके आरोपों पर तवज्जों देना है.
दरअसल, गुरुवार को खबर आई थी कि आम आदमी पार्टी को चंदा देने वाला सामने आ गया है. इसे लेकर कपिल मिश्रा ने सुबह ट्वीट किया था कि आज मैं इस संबंध में अरविंद केजरीवाल के झूठ का खुलासा करूंगा. जो भी एक क्लीन आप पार्टी देखना चाहते हैं, वे इसे जरूर देखें. इससे पहले गुरुवार को खबर आई थी कि मुकेश शर्मा नाम का एक शख्स सामने आया है और उसका दावा है कि उसने ही आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये दिए. पहली बार एक शख्स सामने आया, जिसका कहना है कि ये चारों कंपनियां जिनके नाम से आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा अप्रैल 2014 में मिला है वह कंपनियां फ़र्ज़ी नहीं हैं, बल्कि वो चारों कंपनियां उसकी अपनी हैं. उत्तर पूर्वी दिल्ली के गंगा विहार में रहने वाले मुकेश शर्मा ने एनडीटीवी इंडिया से कहा है कि ये चारों कंपनियां मेरी हैं.मैंने AAP को 2 करोड़ का चंदा दिया था. मैंने डिमांड ड्राफ़्ट बनवाकर चंदा दिया था. मुकेश शर्मा ने बताया कि वह राजनीतिक पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे इसलिए जब यह मामला दो साल पहले उठा तब मीडिया के सामने नहीं आए.
एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था. मैंने इसलिए चंदा दिया क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं. टिप्पणियां
एनडीटीवी इंडिया ने सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
दरअसल, गुरुवार को खबर आई थी कि आम आदमी पार्टी को चंदा देने वाला सामने आ गया है. इसे लेकर कपिल मिश्रा ने सुबह ट्वीट किया था कि आज मैं इस संबंध में अरविंद केजरीवाल के झूठ का खुलासा करूंगा. जो भी एक क्लीन आप पार्टी देखना चाहते हैं, वे इसे जरूर देखें. इससे पहले गुरुवार को खबर आई थी कि मुकेश शर्मा नाम का एक शख्स सामने आया है और उसका दावा है कि उसने ही आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये दिए. पहली बार एक शख्स सामने आया, जिसका कहना है कि ये चारों कंपनियां जिनके नाम से आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा अप्रैल 2014 में मिला है वह कंपनियां फ़र्ज़ी नहीं हैं, बल्कि वो चारों कंपनियां उसकी अपनी हैं. उत्तर पूर्वी दिल्ली के गंगा विहार में रहने वाले मुकेश शर्मा ने एनडीटीवी इंडिया से कहा है कि ये चारों कंपनियां मेरी हैं.मैंने AAP को 2 करोड़ का चंदा दिया था. मैंने डिमांड ड्राफ़्ट बनवाकर चंदा दिया था. मुकेश शर्मा ने बताया कि वह राजनीतिक पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे इसलिए जब यह मामला दो साल पहले उठा तब मीडिया के सामने नहीं आए.
एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था. मैंने इसलिए चंदा दिया क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं. टिप्पणियां
एनडीटीवी इंडिया ने सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था. मैंने इसलिए चंदा दिया क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं. टिप्पणियां
एनडीटीवी इंडिया ने सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
एनडीटीवी इंडिया ने सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फ़र्ज़ी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है. मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां क़र्ज़ लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं और बीते दो साल से उनकी 4 कंपनी Sky line metal & alloy Pvt LTD,Sunvision agencies Pvt LTD,Infolense software solutions LTD,Goldmine & buildcon Pvt LTD की जांच जारी है.
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संक्षिप्त सारांश: गुरुवार को मुकेश शर्मा ने कहा- मैंने 2 करोड़ दिया
अरविंद केजरीवाल से नहीं मिलने का दावा
आप पर भरोसा है इसलिए चंदा दिया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने आज रिव्यू पिटीशन पर चेंबर में सुनवाई की. पांचों ने एक राय से याचिका को सुनवाई के लायक नहीं माना और उसे खारिज कर दिया. मस्जिद पक्ष के वकील औक मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने कहा कि क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने के बारे में वे राय लेंगे. मस्जिद की पक्षकार जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने अदालत के फैसले पर अफसोस जताया.
रिव्यू पिटीशन हिंदू महासभा ने भी दाखिल की थी जिसकी मांग थी कि जब अदालत ने इस दीवानी मुकदमे में जमीन का मालिक रामलला को मान लिया तो फिर मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन न दी जाए. हालांकि वह पिटीशन खारिज होने पर भी खुश है. हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 'हमारी रिव्यू पिटीशन खारिज हो गई है…लेकिन हम ऐसे पिटीशनर हैं जो खुश हैं.' निर्मोही अखाड़ा रिव्यू पिटीशन के ज़रिए चाहता था कि मंदिर वाले ट्रस्ट में उसे अहम मुकाम मिले, लेकिन पिटीशन खारिज हो गई.
मुसलमानों का बड़ा तबका रिव्यू पिटीशन के खिलाफ था. पिटीशन दाखिल न करने वाले सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमेन जफर फारुकी कहते हैं कि अदालत के आदेश से साफ हो गया कि रिव्यू में न जाने का उनका फैसला सही था. मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल की थी. कोर्ट के फैसले से वे खुश हैं.
कोर्ट ने 9 नवंबर को अपना फैसला सुनाया था, पूरी दुनिया में अमन और चैन रहा. कहीं से कोई एक पत्ता भी नहीं हिला. अगर दुनिया इस डिसीजन को न मानती तो कहीं न कहीं यह दिखाई पड़ता कि कहीं कुछ हुआ है.
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यहाँ एक सारांश है:पांच जजों की बेंच ने याचिकाओं को सुनवाई के लायक नहीं माना
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने अफसोस जताया
सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमेन जफर फारुकी और इकबाल अंसारी ने खुशी जताई
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत एमए चिदम्बरम स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स टीम ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 86 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां रविवार को उसका मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स से होगा।
सुपरकिंग्स की ओर से रखे गए 223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डेयरडेविल्स टीम 16.5 ओवरों में 136 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। डेयरडेविल्स की ओर से सलामी बल्लेबाज माहेला जयवर्धने ने सबसे अधिक 55 रन बनाए। आईपीएल के इतिहास में यह रनों के लिहाज से सातवीं सबसे बड़ी जीत है।
लक्ष्य का पीछ करने उतरी डेयरडेविल्स ने 17 रन के कुल योग पर विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के विकेट गंवा दिए। वॉर्नर को बेन हिल्फेनहास की गेंद पर मुरली विजय ने कैच किया। उन्होंने तीन रन बनाए।
कप्तान वीरेंद्र सहवाग कुछ खास नहीं कर सके और वह एक रन के निजी योग पवेलियन लौट गए। सहवाग को एल्बी मोर्कल ने माइकल हसी के हाथों कैच कराया।
रॉस टेलर ने 14 गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 24 रन जरूर बनाए लेकिन वह भी ड्वेन ब्रावो की एक बेहतरीन गेंद पर सुरेश रैना को कैच थमाकर चलते बने। टेलर ने जयवर्धने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
सुपरकिंग्स की ओर से रखे गए 223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी डेयरडेविल्स टीम 16.5 ओवरों में 136 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। डेयरडेविल्स की ओर से सलामी बल्लेबाज माहेला जयवर्धने ने सबसे अधिक 55 रन बनाए। आईपीएल के इतिहास में यह रनों के लिहाज से सातवीं सबसे बड़ी जीत है।
लक्ष्य का पीछ करने उतरी डेयरडेविल्स ने 17 रन के कुल योग पर विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के विकेट गंवा दिए। वॉर्नर को बेन हिल्फेनहास की गेंद पर मुरली विजय ने कैच किया। उन्होंने तीन रन बनाए।
कप्तान वीरेंद्र सहवाग कुछ खास नहीं कर सके और वह एक रन के निजी योग पवेलियन लौट गए। सहवाग को एल्बी मोर्कल ने माइकल हसी के हाथों कैच कराया।
रॉस टेलर ने 14 गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 24 रन जरूर बनाए लेकिन वह भी ड्वेन ब्रावो की एक बेहतरीन गेंद पर सुरेश रैना को कैच थमाकर चलते बने। टेलर ने जयवर्धने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
लक्ष्य का पीछ करने उतरी डेयरडेविल्स ने 17 रन के कुल योग पर विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के विकेट गंवा दिए। वॉर्नर को बेन हिल्फेनहास की गेंद पर मुरली विजय ने कैच किया। उन्होंने तीन रन बनाए।
कप्तान वीरेंद्र सहवाग कुछ खास नहीं कर सके और वह एक रन के निजी योग पवेलियन लौट गए। सहवाग को एल्बी मोर्कल ने माइकल हसी के हाथों कैच कराया।
रॉस टेलर ने 14 गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 24 रन जरूर बनाए लेकिन वह भी ड्वेन ब्रावो की एक बेहतरीन गेंद पर सुरेश रैना को कैच थमाकर चलते बने। टेलर ने जयवर्धने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
कप्तान वीरेंद्र सहवाग कुछ खास नहीं कर सके और वह एक रन के निजी योग पवेलियन लौट गए। सहवाग को एल्बी मोर्कल ने माइकल हसी के हाथों कैच कराया।
रॉस टेलर ने 14 गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 24 रन जरूर बनाए लेकिन वह भी ड्वेन ब्रावो की एक बेहतरीन गेंद पर सुरेश रैना को कैच थमाकर चलते बने। टेलर ने जयवर्धने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
रॉस टेलर ने 14 गेंदों पर एक चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 24 रन जरूर बनाए लेकिन वह भी ड्वेन ब्रावो की एक बेहतरीन गेंद पर सुरेश रैना को कैच थमाकर चलते बने। टेलर ने जयवर्धने के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
हरफनमौला आंद्रे रसेल को 17 रन के निजी योग पर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर ब्रावो ने कैच किया। रसेल ने जयवर्धने के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
विकेट कीपर बल्लेबाज नमन ओझा कुछ खास योगदान नहीं दे सके और वह सात रन के निजी योग पर शादाब जकाती की गेंद पर विजय को कैच थमा बैठे।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
बेहतरीन लय में दिख रहे माहेला जयवर्धने को अश्विन ने बोल्ड किया। जयवर्धने ने 38 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद वेणुगोपाल राव भी 10 रन के निजी योग पर रनआउट हो गए। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर सनी गुप्ता को जकाती की गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी ने स्टम्प किया। सनी खाता भी नहीं खोल सके। वरुण एरॉन खाता खोले बगैर रन आउट हुए जबकि पवन नेगी आठ रन पर नाबाद रहे।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
सुपरकिंग्स की ओर से अश्विन ने तीन और जकाती ने दो जबकि हिल्फेनहास, मोर्कल, और ब्रावो ने एक-एक विकेट झटके।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
इससे पहले, सुपरकिंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 222 रन बनाए जिनमें सलामी बल्लेबाज विजय के 58 गेंदों पर 15 चौकों और चार छक्कों की मदद से बनाए गए 113 रन शामिल है।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
इस सत्र में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का यह सबसे अधिक स्कोर है। डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
सुपरकिंग्स की ओर से विजय और हसी ने शानदार शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हसी के रूप में सुपरकिंग्स का पहला विकेट गिरा। उन्हें एरॉन ने 20 रन के निजी योग पर ओझा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
इसके बाद रैना ने 17 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाकर पवन नेगी की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाकर चलते बने। रैना ने विजय के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
धोनी 23 रन के निजी योग पर एरॉन के दूसरे शिकार हुए। एरॉन ने धोनी को नेगी के हाथों कैच कराया। धोनी ने विजय के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 36 रन जोड़े।टिप्पणियां
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
मोर्कल (0) को उमेश यादव ने ओझा के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया वहीं विजय रन आउट हुए। हरफनमौला ब्रावो ने 12 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए। ब्रावो ने विजय के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 39 रन जोड़े।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
डेयरडेविल्स की ओर से एरॉन ने दो जबकि यादव और नेगी ने एक विकेट झटका। एरॉन ने अपने चार ओवर के कोटे में कुल 63 रन खर्च किए। आईपीएल के इतिहास में एरॉन अब तक के सबसे खर्चीले गेंदबाज बन गए हैं।
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संक्षिप्त सारांश: आईपीएल के पांचवें संस्करण के अंतर्गत एमए चिदम्बरम स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स टीम ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 86 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां रविवार को उसका मुकाबला कोलकाता नाइटराइडर्स से हो
| 8
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि वह कराची में रहता था। सूत्रों के मुताबिक उसने बताया है कि उसका एक ठिकाना पाकिस्तान का मुरिदके था, जहां जमात−उद−दावा और लश्कर−ए−तैयबा का हेडक्वार्टर है।
टुंडा ने यह भी माना है कि पाक अधिकृत कश्मीर में उसने आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग दी और उसने यह भी माना है कि ट्रेनिंग के दौरान कई बार लश्कर के चीफ आजम चीमा और जकी−उर−रहमान लखवी मौजूद रहे।टिप्पणियां
टुंडा ने यह भी बताया है कि 26/11 के मुंबई हमले के ठीक पहले उसने लखवी से मुलाक़ात की थी। लखवी 26/11 के मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक टुंडा ने यह भी बताया है कि 2002 के बाद से वह फर्जी नोटों के रैकेट में भी शामिल रहा है।
टुंडा ने ही हाफिज सईद को माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से मिलवाया था। साथ ही टुंडा ने पुलिस को बताया है कि दाऊद कराची में है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई उस पर नजर रखती है।
टुंडा ने यह भी माना है कि पाक अधिकृत कश्मीर में उसने आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग दी और उसने यह भी माना है कि ट्रेनिंग के दौरान कई बार लश्कर के चीफ आजम चीमा और जकी−उर−रहमान लखवी मौजूद रहे।टिप्पणियां
टुंडा ने यह भी बताया है कि 26/11 के मुंबई हमले के ठीक पहले उसने लखवी से मुलाक़ात की थी। लखवी 26/11 के मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक टुंडा ने यह भी बताया है कि 2002 के बाद से वह फर्जी नोटों के रैकेट में भी शामिल रहा है।
टुंडा ने ही हाफिज सईद को माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से मिलवाया था। साथ ही टुंडा ने पुलिस को बताया है कि दाऊद कराची में है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई उस पर नजर रखती है।
टुंडा ने यह भी बताया है कि 26/11 के मुंबई हमले के ठीक पहले उसने लखवी से मुलाक़ात की थी। लखवी 26/11 के मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक टुंडा ने यह भी बताया है कि 2002 के बाद से वह फर्जी नोटों के रैकेट में भी शामिल रहा है।
टुंडा ने ही हाफिज सईद को माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से मिलवाया था। साथ ही टुंडा ने पुलिस को बताया है कि दाऊद कराची में है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई उस पर नजर रखती है।
टुंडा ने ही हाफिज सईद को माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम से मिलवाया था। साथ ही टुंडा ने पुलिस को बताया है कि दाऊद कराची में है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई उस पर नजर रखती है।
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संक्षिप्त सारांश: सूत्रों के मुताबिक टुंडा ने पूछताछ में बताया कि पाक अधिकृत कश्मीर में उसने आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग दी। टुंडा ने यह भी बताया है कि 26/11 हमले के पहले उसने जकी-उर-रहमान लखवी से मुलाकात की थी।
| 0
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['hin']
|
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके एक मोबाइल कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसके साथ करार दिसंबर 2012 में समाप्त होने के बावजूद वह उन्हें ब्रांड एंबेसडर के रूप में पेश करके उनके नाम का दुरुपयोग कर रही है. उच्च न्यायालय ने मैक्स मोबिलिंक प्रा. लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों की खिंचाई की. धोनी ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि यह फर्म उसके पूर्व के आदेश का पालन नहीं कर रही है. न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, "आप (मैक्स) आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे हो. आपको अदालत के निर्देशों का पालन करना चाहिए. दोनों पक्षों को इस मामले की 28 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले 21 अप्रैल 2016 के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया जाता है."
अदालत धोनी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कंपनी के सीएमडी अजय अग्रवाल के खिलाफ अदालत के 17 नवंबर 2014 के आदेश का पालन नहीं करने के लिए अवमानना की कार्रवाई करने की अपील की गई थी. अदालत ने तब मैक्स मोबिलिंक को ऐसे किसी भी उत्पाद की बिक्री नहीं करने के लिये कहा था जिसके विज्ञापन में इस क्रिकेटर के नाम का उपयोग किया गया हो. टिप्पणियां
इससे पहले कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को भी इसी तरह का आदेश दिया था जिसमें कोर्ट ने अग्रवाल को 2014 के आदेश के पालन करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने के लिए कहा था. धोनी की ओर से पेश हुए वकील सुचिंतो चटर्जी ने कहा कि कंपनी ने पिछले आदेश का पालन नहीं किया है. वहीं कंपनी के वकील संजीव भंडारी ने बचाव करते हुए कहा कि कंपनी ने कभी भी धोनी के नाम का दुरुपयोग नहीं किया है.
इससे पहले कोर्ट ने कंपनी से पूछा था कि धोनी का नाम, फोटोग्राफ अपने सोशल मीडिया से हटाने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं. धोनी ने अपनी अपील में कंपनी से उनकी फोटो वाले सभी उत्पादों को जब्त करने की कोर्ट से मांग की है जिनका उपयोग कंपनी द्वारा किया जा रहा है.
अदालत धोनी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कंपनी के सीएमडी अजय अग्रवाल के खिलाफ अदालत के 17 नवंबर 2014 के आदेश का पालन नहीं करने के लिए अवमानना की कार्रवाई करने की अपील की गई थी. अदालत ने तब मैक्स मोबिलिंक को ऐसे किसी भी उत्पाद की बिक्री नहीं करने के लिये कहा था जिसके विज्ञापन में इस क्रिकेटर के नाम का उपयोग किया गया हो. टिप्पणियां
इससे पहले कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को भी इसी तरह का आदेश दिया था जिसमें कोर्ट ने अग्रवाल को 2014 के आदेश के पालन करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने के लिए कहा था. धोनी की ओर से पेश हुए वकील सुचिंतो चटर्जी ने कहा कि कंपनी ने पिछले आदेश का पालन नहीं किया है. वहीं कंपनी के वकील संजीव भंडारी ने बचाव करते हुए कहा कि कंपनी ने कभी भी धोनी के नाम का दुरुपयोग नहीं किया है.
इससे पहले कोर्ट ने कंपनी से पूछा था कि धोनी का नाम, फोटोग्राफ अपने सोशल मीडिया से हटाने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं. धोनी ने अपनी अपील में कंपनी से उनकी फोटो वाले सभी उत्पादों को जब्त करने की कोर्ट से मांग की है जिनका उपयोग कंपनी द्वारा किया जा रहा है.
इससे पहले कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को भी इसी तरह का आदेश दिया था जिसमें कोर्ट ने अग्रवाल को 2014 के आदेश के पालन करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने के लिए कहा था. धोनी की ओर से पेश हुए वकील सुचिंतो चटर्जी ने कहा कि कंपनी ने पिछले आदेश का पालन नहीं किया है. वहीं कंपनी के वकील संजीव भंडारी ने बचाव करते हुए कहा कि कंपनी ने कभी भी धोनी के नाम का दुरुपयोग नहीं किया है.
इससे पहले कोर्ट ने कंपनी से पूछा था कि धोनी का नाम, फोटोग्राफ अपने सोशल मीडिया से हटाने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं. धोनी ने अपनी अपील में कंपनी से उनकी फोटो वाले सभी उत्पादों को जब्त करने की कोर्ट से मांग की है जिनका उपयोग कंपनी द्वारा किया जा रहा है.
इससे पहले कोर्ट ने कंपनी से पूछा था कि धोनी का नाम, फोटोग्राफ अपने सोशल मीडिया से हटाने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं. धोनी ने अपनी अपील में कंपनी से उनकी फोटो वाले सभी उत्पादों को जब्त करने की कोर्ट से मांग की है जिनका उपयोग कंपनी द्वारा किया जा रहा है.
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यहाँ एक सारांश है:उच्च न्यायालय ने मोबाइल कंपनी के शीर्ष अधिकारियों की खिंचाई की
धोनी ने दलील दी थी कि फर्म पूर्व के आदेश का पालन नहीं कर रही है
इससे पहले कोर्ट ने 21 अप्रैल 2016 को भी इसी तरह का आदेश दिया था
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के पांच उपक्रमों में विनिवेश को मंजूरी देने का निर्णय लिया। इस फैसले से सरकार को 15,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने ऑयल इंडिया में 10 प्रतिशत और हिन्दुस्तान कॉपर में 9.59 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी। समिति ने नाल्को में ऑफर फॉर सेल के जरिये 12.15 प्रतिशत बेचने को मंजूरी दी।
समिति ने रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले रेल इंडिया टेक्नीकल एंड इकोनॉमिकल सर्विसेज (राइट्स) में प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत 10 प्रतिशत नई इक्विटी को मंजूरी दी।
इसके अतिरिक्त, एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत विनिवेश को भी मंजूरी दी गई।टिप्पणियां
नेयवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन में हालांकि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का मामला सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण किया गया।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने ऑयल इंडिया में 10 प्रतिशत और हिन्दुस्तान कॉपर में 9.59 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी। समिति ने नाल्को में ऑफर फॉर सेल के जरिये 12.15 प्रतिशत बेचने को मंजूरी दी।
समिति ने रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले रेल इंडिया टेक्नीकल एंड इकोनॉमिकल सर्विसेज (राइट्स) में प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत 10 प्रतिशत नई इक्विटी को मंजूरी दी।
इसके अतिरिक्त, एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत विनिवेश को भी मंजूरी दी गई।टिप्पणियां
नेयवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन में हालांकि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का मामला सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण किया गया।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
समिति ने रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले रेल इंडिया टेक्नीकल एंड इकोनॉमिकल सर्विसेज (राइट्स) में प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत 10 प्रतिशत नई इक्विटी को मंजूरी दी।
इसके अतिरिक्त, एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत विनिवेश को भी मंजूरी दी गई।टिप्पणियां
नेयवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन में हालांकि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का मामला सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण किया गया।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
इसके अतिरिक्त, एमएमटीसी में 9.33 प्रतिशत विनिवेश को भी मंजूरी दी गई।टिप्पणियां
नेयवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन में हालांकि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का मामला सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण किया गया।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
नेयवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन में हालांकि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का मामला सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि ऐसा तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण किया गया।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
इससे पहले सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश से 30,000 करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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सारांश: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के पांच उपक्रमों में विनिवेश को मंजूरी देने का निर्णय लिया। इस फैसले से सरकार को 15,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: बिहार में गया के छात्र आदित्य सचदेव की हत्या के आरोपी जेडीयू की निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव की जमानत के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है.
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. कोर्ट में बिहार सरकार ने रॉकी की जमानत रद्द करने की मांग की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. इस मामले की सुनवाई 28 अक्तूबर को मुकर्रर की गई है. बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने रॉकी यादव को 19 अक्तूबर को जमानत दे दी थी. 21 अक्तूबर को रॉकी को जेल से रिहा कर दिया गया है.
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस केस का ट्रायल अहम दौर में है और ऐसे में हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देकर गलती की है. इस साल मई में गया में रोडरेज में आदित्य सचदेवा नाम के युवक की हत्या के मामले में रॉकी यादव मुख्य आरोपी है. पिछले शुक्रवार सुबह से ही जेल से बाहर उसके समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया. रॉकी यादव के जेल से रिहा होने के बाद उसके समर्थकों ने न सिर्फ हुड़दंग मचाया बल्कि पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की भी की.
रॉकी यादव जेडीयू से निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी का बेटा है. उसके पिता बिंदी यादव आरजेडी के बाहुबली नेता हैं. रॉकी को जमानत मिलने से आदित्य सचदेवा के परिजनों ने निराशा जताई है. रॉकी को गुरुवार को पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी. बिहार सरकार ने उसकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. टिप्पणियां
आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा ने बिहार सरकार से रॉकी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की गुजारिश की थी. उन्होंने कहा है कि अगर बिहार सरकार रॉकी की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो वह खुद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. कोर्ट में बिहार सरकार ने रॉकी की जमानत रद्द करने की मांग की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. इस मामले की सुनवाई 28 अक्तूबर को मुकर्रर की गई है. बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने रॉकी यादव को 19 अक्तूबर को जमानत दे दी थी. 21 अक्तूबर को रॉकी को जेल से रिहा कर दिया गया है.
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस केस का ट्रायल अहम दौर में है और ऐसे में हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देकर गलती की है. इस साल मई में गया में रोडरेज में आदित्य सचदेवा नाम के युवक की हत्या के मामले में रॉकी यादव मुख्य आरोपी है. पिछले शुक्रवार सुबह से ही जेल से बाहर उसके समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया. रॉकी यादव के जेल से रिहा होने के बाद उसके समर्थकों ने न सिर्फ हुड़दंग मचाया बल्कि पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की भी की.
रॉकी यादव जेडीयू से निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी का बेटा है. उसके पिता बिंदी यादव आरजेडी के बाहुबली नेता हैं. रॉकी को जमानत मिलने से आदित्य सचदेवा के परिजनों ने निराशा जताई है. रॉकी को गुरुवार को पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी. बिहार सरकार ने उसकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. टिप्पणियां
आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा ने बिहार सरकार से रॉकी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की गुजारिश की थी. उन्होंने कहा है कि अगर बिहार सरकार रॉकी की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो वह खुद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस केस का ट्रायल अहम दौर में है और ऐसे में हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देकर गलती की है. इस साल मई में गया में रोडरेज में आदित्य सचदेवा नाम के युवक की हत्या के मामले में रॉकी यादव मुख्य आरोपी है. पिछले शुक्रवार सुबह से ही जेल से बाहर उसके समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया. रॉकी यादव के जेल से रिहा होने के बाद उसके समर्थकों ने न सिर्फ हुड़दंग मचाया बल्कि पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की भी की.
रॉकी यादव जेडीयू से निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी का बेटा है. उसके पिता बिंदी यादव आरजेडी के बाहुबली नेता हैं. रॉकी को जमानत मिलने से आदित्य सचदेवा के परिजनों ने निराशा जताई है. रॉकी को गुरुवार को पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी. बिहार सरकार ने उसकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. टिप्पणियां
आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा ने बिहार सरकार से रॉकी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की गुजारिश की थी. उन्होंने कहा है कि अगर बिहार सरकार रॉकी की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो वह खुद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
रॉकी यादव जेडीयू से निलंबित एमएलसी मनोरमा देवी का बेटा है. उसके पिता बिंदी यादव आरजेडी के बाहुबली नेता हैं. रॉकी को जमानत मिलने से आदित्य सचदेवा के परिजनों ने निराशा जताई है. रॉकी को गुरुवार को पटना हाई कोर्ट से जमानत मिली थी. बिहार सरकार ने उसकी जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. टिप्पणियां
आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा ने बिहार सरकार से रॉकी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की गुजारिश की थी. उन्होंने कहा है कि अगर बिहार सरकार रॉकी की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो वह खुद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
आदित्य सचदेवा के पिता श्याम सचदेवा ने बिहार सरकार से रॉकी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की गुजारिश की थी. उन्होंने कहा है कि अगर बिहार सरकार रॉकी की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो वह खुद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
गौरतलब है कि इस साल 7 मई को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या हुई थी. उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था. इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी.
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संक्षिप्त पाठ: जेडीयू की निलंबित एमएलसी मनोरंजना देवी का बेटा है रॉकी यादव
कोर्ट में बिहार सरकार ने रॉकी की जमानत रद्द करने की मांग की है.
मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है.
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के कथित मामले में जेल में बंद राकांपा के विधायक रमेश कदम को भी मतदान करने की मंजूरी दे दी थी. कदम को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था.टिप्पणियां
राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद विधायकों और सांसदों का समर्थन जुटाने की खातिर शनिवार को मुंबई में थे. भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. महाराष्ट्र में 288 विधायक हैं, जो चुनाव में मतदान कर सकते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सांसद और 19 राज्यसभा सदस्य भी हैं. अधिकारियों ने बताया कि सांसद संभवत: मतदान दिल्ली में करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टिप्पणियां
राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद विधायकों और सांसदों का समर्थन जुटाने की खातिर शनिवार को मुंबई में थे. भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. महाराष्ट्र में 288 विधायक हैं, जो चुनाव में मतदान कर सकते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सांसद और 19 राज्यसभा सदस्य भी हैं. अधिकारियों ने बताया कि सांसद संभवत: मतदान दिल्ली में करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद विधायकों और सांसदों का समर्थन जुटाने की खातिर शनिवार को मुंबई में थे. भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है. महाराष्ट्र में 288 विधायक हैं, जो चुनाव में मतदान कर सकते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सांसद और 19 राज्यसभा सदस्य भी हैं. अधिकारियों ने बताया कि सांसद संभवत: मतदान दिल्ली में करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अजीत पवार भी वोट करने पहुंचे
छगन भुजबल को भी मतदान करने की मंजूरी
प्रणब का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: राज्यसभा में गुरुवार को पेश लोकपाल विधेयक का भविष्य बहुत कुछ केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सहयोगी दलों पर निर्भर रहने वाला है। सरकार के घटक दलों और उसे बाहर से समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों सहित विपक्ष ने विधेयक में संशोधन के लिए 187 प्रस्ताव दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विधेयक में संशोधन के लिए 187 प्रस्ताव दिए गए हैं। विपक्षी दलों के अलावा तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने विधेयक में संशोधन प्रस्ताव दिए हैं।
ज्ञात हो कि राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। तृणमूल कांग्रेस संप्रग का हिस्सा है जबकि सपा और राजद बाहर से सरकार का समर्थन करते हैं। सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली बसपा ने कहा है कि वह मतविभाजन के समय विधेयक के बारे में अपने रुख पर फैसला करेगी। बसपा ने हालांकि, कहा है कि वह सदन से बहिर्गमन नहीं करेगी।
बसपा नेताओं ने कहा कि सपा के सदस्यों ने उनसे कहा है कि उनकी पार्टी सरकार के खिलाफ मत विभाजन में हिस्सा ले सकती है और वह सदन से बहिर्गमन नहीं भी कर सकती है।
सूत्रों ने बताया कि तृणमूल जिसके सदन में छह सांसद हैं, यदि संशोधन के लिए दबाव बनाती है तो सरकार को विधेयक को पारित कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस यदि संशोधनों के लिए दबाव बनाती है तो सरकार को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।"
बसपा के नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा है कि विधेयक पर उनकी पार्टी ने अंतिम फैसला नहीं किया है और वह मत विभाजन के समय अपना रुख साफ करेगी।
उल्लेखनीय है कि भाजपा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), बीजू जनता दल (बीजद) और शिरोमणि अकाली दल के सदस्यों ने भी विधेयक में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए हैं।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्यसभा में गुरुवार को पेश लोकपाल विधेयक का भविष्य बहुत कुछ केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सहयोगी दलों पर निर्भर रहने वाला है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: एयर इंडिया में पायलटों की हड़ताल की वजह से मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। देर रात से अब तक 18 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक हड़ताली पायलटों पर आज एस्मा लगाने के साथ−साथ काम पर नहीं आने वाले और पायलटों को बर्खास्त किया जा सकता है। इसके अलावा बिगड़े हालात से निपटने के लिए एयर इंडिया प्रबंधन दूसरी विमान कंपनियों से विमान और क्रू किराए पर ले सकता है।
वैसे एयर इंडिया प्रबंधन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हड़ताली पायलटों से बातचीत का भी रास्ता खुला रखा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज किसी भी वक्त दोनों पक्षों की मुलाकात हो सकती है। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने एयर इंडिया के पायलटों के हड़ताल पर जाने पर रोक लगा दी है और इसे अवैध करार दिया है। सोमवार को 300 से अधिक पायलट बीमार होने की बात कहकर काम पर नहीं आए, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ी।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने सख्त रवैया अपनाते हुए हड़ताल पर गए 26 और पायलटों को बुधवार को बर्खास्त कर दिया। मंगलवार को भी एयर इंडिया ने 10 पायलटों को बर्खास्त किया था। कोर्ट के आदेश और एयर इंडिया के सख्त रवैए के बाद भी ये अघोषित हड़ताल अब तक खत्म नहीं हुई है।
एयर इंडिया के पायलटों का एक समूह इस बात से नाराज है कि इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को भी नए ड्रीमलाइनर को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पायलटों का कहना है कि एयर इंडिया ने इस विमान को खरीदने के ऑर्डर तब दिए थे, जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस अलग−अलग कंपनियां थीं, ऐसे में ड्रीमलाइनर की ट्रेनिंग और उसे उड़ाने का पहला अधिकार उनका है। इस बात से नाराज पायलटों ने हड़ताल का नोटिस नहीं दिया है, लेकिन एक साथ बीमारी की छुट्टी लेकर जाने से हड़ताल जैसे हालात पैदा हो गए।
वैसे एयर इंडिया प्रबंधन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हड़ताली पायलटों से बातचीत का भी रास्ता खुला रखा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज किसी भी वक्त दोनों पक्षों की मुलाकात हो सकती है। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने एयर इंडिया के पायलटों के हड़ताल पर जाने पर रोक लगा दी है और इसे अवैध करार दिया है। सोमवार को 300 से अधिक पायलट बीमार होने की बात कहकर काम पर नहीं आए, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ी।टिप्पणियां
एयर इंडिया ने सख्त रवैया अपनाते हुए हड़ताल पर गए 26 और पायलटों को बुधवार को बर्खास्त कर दिया। मंगलवार को भी एयर इंडिया ने 10 पायलटों को बर्खास्त किया था। कोर्ट के आदेश और एयर इंडिया के सख्त रवैए के बाद भी ये अघोषित हड़ताल अब तक खत्म नहीं हुई है।
एयर इंडिया के पायलटों का एक समूह इस बात से नाराज है कि इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को भी नए ड्रीमलाइनर को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पायलटों का कहना है कि एयर इंडिया ने इस विमान को खरीदने के ऑर्डर तब दिए थे, जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस अलग−अलग कंपनियां थीं, ऐसे में ड्रीमलाइनर की ट्रेनिंग और उसे उड़ाने का पहला अधिकार उनका है। इस बात से नाराज पायलटों ने हड़ताल का नोटिस नहीं दिया है, लेकिन एक साथ बीमारी की छुट्टी लेकर जाने से हड़ताल जैसे हालात पैदा हो गए।
एयर इंडिया ने सख्त रवैया अपनाते हुए हड़ताल पर गए 26 और पायलटों को बुधवार को बर्खास्त कर दिया। मंगलवार को भी एयर इंडिया ने 10 पायलटों को बर्खास्त किया था। कोर्ट के आदेश और एयर इंडिया के सख्त रवैए के बाद भी ये अघोषित हड़ताल अब तक खत्म नहीं हुई है।
एयर इंडिया के पायलटों का एक समूह इस बात से नाराज है कि इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को भी नए ड्रीमलाइनर को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पायलटों का कहना है कि एयर इंडिया ने इस विमान को खरीदने के ऑर्डर तब दिए थे, जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस अलग−अलग कंपनियां थीं, ऐसे में ड्रीमलाइनर की ट्रेनिंग और उसे उड़ाने का पहला अधिकार उनका है। इस बात से नाराज पायलटों ने हड़ताल का नोटिस नहीं दिया है, लेकिन एक साथ बीमारी की छुट्टी लेकर जाने से हड़ताल जैसे हालात पैदा हो गए।
एयर इंडिया के पायलटों का एक समूह इस बात से नाराज है कि इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को भी नए ड्रीमलाइनर को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पायलटों का कहना है कि एयर इंडिया ने इस विमान को खरीदने के ऑर्डर तब दिए थे, जब एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस अलग−अलग कंपनियां थीं, ऐसे में ड्रीमलाइनर की ट्रेनिंग और उसे उड़ाने का पहला अधिकार उनका है। इस बात से नाराज पायलटों ने हड़ताल का नोटिस नहीं दिया है, लेकिन एक साथ बीमारी की छुट्टी लेकर जाने से हड़ताल जैसे हालात पैदा हो गए।
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यहाँ एक सारांश है:एयर इंडिया में पायलटों की हड़ताल की वजह से मुसाफिरों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। देर रात से अब तक 18 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: High Protein Diet: सिर्फ चार सामग्री से बनी यह स्मूदी वजन कम करने में कर सकती है आपकी मदद
हरी मटर - 200 ग्राम
टमाटर - 1 छोटा, कटा हुआ
प्याज - 1 छोटा, कटा हुआ
गाजर - 1 मध्यम, कसा हुआ
हरी शिमला मिर्च - 1 छोटा, कटा हुआ
सेंधा नमक - 1 चम्मच
नींबू का रस - 1 चम्मच
Weight Loss Juice: वजन कम करने का सबसे आसान तरीका, ये जूस गायब करेगा पेट की चर्बी!
अपने ओवन को 375 डिग्री F पर प्रीहीट करें. इस बीच एक बेकिंग ट्रे पर एक चर्मपत्र (parchment) पेपर रखें. अब शीट के ऊपर हरी मटर की फली रखें और ओवन में 5-10 मिनट के लिए बेक करें. एक बार जब वे कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें एक कटोरे में रखें. उसके बाद कटी हुई सामग्री डालें और ऊपर से नीबू का रस डालें.
इमली खाने के मोटापा घटाने से लेकर दिल की बीमारियों और लीवर को बेहतर करने तक कई फायदे
अगर आप सोच रहे हैं कि यह चना चाट ज्यादा तली हुई होगी तो यह आपकी धारणा बदल देगी. इसे अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें और घटाएं अपना वजन. एक बार ट्राई करें और खुद इसका रिजल्ट देखें. इस पावरफुल पोष्टिक आहार को डाइट में शामिल करने से वजन घटाने के अलावा कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं. आपको इससे कैलोरी तो मिलेगी ही साथ आपके मोटापे को भी करेगी.
Low-Calorie, High-Protein Foods: 10 चीजें करेंगी वजन कम, पढ़ें वजन कम करने और घटाने के उपाय
अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता.
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वजन घटाने की डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजों को करें शामिल.
यह मटर चाट पोषक तत्वों से भरपूर है.
यह मटर चाट स्वाद के साथ घटाएगी आपका वजन!
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने पाकिस्तान में पत्रकारों द्वारा कठिनाइयों और खतरों का सामना किए जाने पर चिंता जाहिर की, लेकिन उस पाकिस्तानी पत्रकार सिरिल अल्मीड़ा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध पर कोई टिप्पणी नहीं की है जिसने असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार के संबंध में खबर दी थी.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘मुझे सिरिल अल्मीड़ा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों की जानकारी है.’ उन्होंने कहा, ‘प्रेस की स्वतंत्रता स्पष्ट रूप से वह मुद्दा है जो हम पाकिस्तान की सरकार के समक्ष नियमित उठाते रहे हैं, साथ ही पत्रकारों द्वारा कठिनाइयों और खतरों का सामना किए जाने पर भी अपनी चिंता जाहिर करते रहे हैं.’ किर्बी ने कहा, ‘हम प्रेस की स्वतंत्रता को या अत्यंत महत्वपूर्ण काम करने के लिए पत्रकारों की क्षमता को सीमित करने के सभी प्रयासों को लेकर चिंतित हैं.’टिप्पणियां
इस बीच, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) ने पाकिस्ताान से अल्मीडा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को तत्काल हटाने का अनुरोध किया है. सीपीजे के एशिया प्रोग्राम समन्वयक स्टीवेन बटलर ने कहा,‘पाकिस्तान पत्रकारों के लिए खतरनाक जगह हो सकता है लेकिन राष्ट्र की निर्भीक स्वतंत्र प्रेस की गौरवशाली परंपरा रही है.’ राजनीतिक मामलों के अवर सचिव टॉम शैनॅन ने अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत जलील अब्बास जिलानी के साथ दोपहर का भोजन किया लेकिन उनके बीच हुई बातचीत का ब्यौरा नहीं मिल पाया है.
प्रमुख पाकिस्तानी पत्रकार अल्मीडा ने हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों का शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा बचाव किए जाने की खबर दी थी. खबर में कहा गया था कि आईएसआई के इस कृत्य की वजह से पाकिस्तान असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार आ गई है. देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अलग थलग पड़ गया है. इस खबर की वजह से अल्मीडा पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘मुझे सिरिल अल्मीड़ा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों की जानकारी है.’ उन्होंने कहा, ‘प्रेस की स्वतंत्रता स्पष्ट रूप से वह मुद्दा है जो हम पाकिस्तान की सरकार के समक्ष नियमित उठाते रहे हैं, साथ ही पत्रकारों द्वारा कठिनाइयों और खतरों का सामना किए जाने पर भी अपनी चिंता जाहिर करते रहे हैं.’ किर्बी ने कहा, ‘हम प्रेस की स्वतंत्रता को या अत्यंत महत्वपूर्ण काम करने के लिए पत्रकारों की क्षमता को सीमित करने के सभी प्रयासों को लेकर चिंतित हैं.’टिप्पणियां
इस बीच, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) ने पाकिस्ताान से अल्मीडा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को तत्काल हटाने का अनुरोध किया है. सीपीजे के एशिया प्रोग्राम समन्वयक स्टीवेन बटलर ने कहा,‘पाकिस्तान पत्रकारों के लिए खतरनाक जगह हो सकता है लेकिन राष्ट्र की निर्भीक स्वतंत्र प्रेस की गौरवशाली परंपरा रही है.’ राजनीतिक मामलों के अवर सचिव टॉम शैनॅन ने अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत जलील अब्बास जिलानी के साथ दोपहर का भोजन किया लेकिन उनके बीच हुई बातचीत का ब्यौरा नहीं मिल पाया है.
प्रमुख पाकिस्तानी पत्रकार अल्मीडा ने हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों का शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा बचाव किए जाने की खबर दी थी. खबर में कहा गया था कि आईएसआई के इस कृत्य की वजह से पाकिस्तान असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार आ गई है. देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अलग थलग पड़ गया है. इस खबर की वजह से अल्मीडा पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है.
इस बीच, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) ने पाकिस्ताान से अल्मीडा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को तत्काल हटाने का अनुरोध किया है. सीपीजे के एशिया प्रोग्राम समन्वयक स्टीवेन बटलर ने कहा,‘पाकिस्तान पत्रकारों के लिए खतरनाक जगह हो सकता है लेकिन राष्ट्र की निर्भीक स्वतंत्र प्रेस की गौरवशाली परंपरा रही है.’ राजनीतिक मामलों के अवर सचिव टॉम शैनॅन ने अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत जलील अब्बास जिलानी के साथ दोपहर का भोजन किया लेकिन उनके बीच हुई बातचीत का ब्यौरा नहीं मिल पाया है.
प्रमुख पाकिस्तानी पत्रकार अल्मीडा ने हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों का शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा बचाव किए जाने की खबर दी थी. खबर में कहा गया था कि आईएसआई के इस कृत्य की वजह से पाकिस्तान असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार आ गई है. देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अलग थलग पड़ गया है. इस खबर की वजह से अल्मीडा पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है.
प्रमुख पाकिस्तानी पत्रकार अल्मीडा ने हक्कानी नेटवर्क और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी समूहों का शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा बचाव किए जाने की खबर दी थी. खबर में कहा गया था कि आईएसआई के इस कृत्य की वजह से पाकिस्तान असैन्य और सैन्य नेतृत्व के बीच दरार आ गई है. देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अलग थलग पड़ गया है. इस खबर की वजह से अल्मीडा पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है.
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सारांश: पाक में पत्रकारों के कठिनाइयों, खतरों का सामना करने पर US ने चिंता जताई
पाकिस्तानी पत्रकार अल्मीड़ा पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध पर टिप्पणी नहीं की
इस बीच सीपीजे ने पाकिस्ताान से कहा है, अल्मीड़ा से प्रतिबंध हटाए जाएं
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने बुधवार को कहा कि कालेधन का पता लगाने और उसे निकाल बाहर करने के लिए पिछले दो साल के दौरान किए गए प्रयास रंग लाने लगे हैं और इस दौरान भारतीयों द्वारा विदेश में और घरेलू स्तर पर होने वाले संदेहास्पद लेनदेन की कई जानकारियों मिली हैं और संबंधित एजेंसियां इनकी जांच पड़ताल कर रही हैं। कालेधन और कर अपवंचना से जुड़ी जानकारियां पाने के लिए सरकार ने 81 देशों के साथ दोहरे कराधान से बचाव संधि का संशोधन किया है और कर चोरों की पनाहगाह माने जाने वाले चार देशों के साथ कर सूचना आदान प्रदान समझौता किया है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को आर्थिक संपादकों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा विदेशों भारतीयों के संदेहास्पद लेनेदन के मामले में 9,900 सूचनायें मिलीं हैं। इन पर जांच पड़ताल की जा रही जो विभिन्न स्तरों पर हैं। मुखर्जी ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने 333 मामलों में विभिन्न देशों से सूचनायें पाने के लिये विशेष आग्रह किया है। इनमें 220 आग्रह केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी: की विदेशी कर शाखा ने और 113 सूचना आग्रह वित्तीय आसूचना इकाई ने किये हैं। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग :विदेशी कंपनियों के साथ उत्पादों के दामों के बारे में गलत सूचना: के आधार पर कर चोरी के मामले में पिछले दो वित्त वषरे में 34,415 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। इसके अलावा सीबीडीटी ने पिछले दो वित्त वर्ष में 18,750 करोड़ रुपये की छुपाई गई आय का भी पता लगाया। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह में 3,014 अप्रकट आय का पता लगाया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कराधान निदेशक ने सीमापार होने वाले लेनदेन से पिछले दो वित्त वर्ष में 33,784 करोड़ रुपये की कर वसूली की गई।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कालेधन और कर अपवंचना से जुड़ी जानकारियां पाने के लिए सरकार ने 81 देशों के साथ दोहरे कराधान से बचाव संधि का संशोधन किया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की भतीजी के साथ दिल्ली के वीवीआईपी इलाके सिविल लाइन्स में लूट हुई. स्कूटी पर सवार 2 झपटमार उनका पर्स लूट ले गए. ये वारदात दिल्ली में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. पीड़ित दमयंती मोदी प्रहलाद भाई मोदी की बेटी हैं, जो नरेंद्र मोदी के भाई हैं. दमयंती ने थाने में केस दर्ज होते वक़्त नहीं बताया था कि वो प्रधानमंत्री की भतीजी हैं, लेकिन जब पुलिस को मीडिया के जरिये पता चला तो पुलिस सरगर्मी से आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई की बेटी दमयंती बेन मोदी आज सुबह अमृतसर से दिल्ली लौटीं. उनका कमरा सिविल लाइन इलाके के गुजराती समाज भवन में बुक था. लिहाज़ा पुरानी दिल्ली से ऑटो से वो अपने परिवार के साथ गुजराती समाज भवन पहुंचीं. अभी गेट पर पहुंच कर वे ऑटो से उतर ही रही थीं कि तभी स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया. इससे पहले कि वो शोर मचातीं, बदमाश मौके से फरार हो गए. दमयंती बेन के मुताबिक पर्स में करीब 56 हज़ार रुपये, दो मोबाइल और तमाम अहम दस्तावेज थे.
उन्हें शाम की अहमदाबाद की फ्लाइट पकड़नी है, लेकिन उनके दस्तावेज गायब हो गए हैं. फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश की बात कर रही है. सिविल लाइन इलाके की बात की जाए तो ये दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों में से एक है. जिस जगह इस वारदात को अंजाम दिया गया वहां से चंद कदम की दूरी पर ही दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर का घर है. दिल्ली के मुख्यमंत्री का आवास भी महज थोड़ी दूरी पर है, ऐसे में दिन के उजाले में इस तरह की वारदात कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
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संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में बेखौफ हैं लुटेरे
पीएम की भतीजी का पर्स छीना
दिल्ली के वीवीआईपी इलाके की घटना
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: उत्तराखंड में मंगलवार को हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद होने वाले 20 बहादुर जवानों को आज गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।टिप्पणियां
देहरादून में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और सेना प्रमुख बिक्रम सिंह की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना के पांच, राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के नौ और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवान सम्मानित किए गए।
शिंदे ने कहा, 20 बहादुरों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित करना राष्ट्र की सेवा के लिए उनके महान बलिदान को याद करने का हमारी ओर से एक छोटा-सा कदम है। हम उन सभी के लिए प्रार्थना करते हैं, जिन्होंने अपना जीवन गंवा दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और उनके शव मलबे और कीचड़ में दबे होने की आशंका है। अब हमारा ध्यान उन्हें ढूंढने की ओर केंद्रित है। गृहमंत्री ने कहा कि बीमार, वृद्ध और विकलांग लोगों के अलावा महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला जाएगा। इनमें से अधिकतर लोग बद्रीनाथ इलाके में फंसे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर बचावकार्य के लिए अभी 15 और दिनों तक राज्य में रहेंगे।
देहरादून में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और सेना प्रमुख बिक्रम सिंह की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना के पांच, राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के नौ और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवान सम्मानित किए गए।
शिंदे ने कहा, 20 बहादुरों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित करना राष्ट्र की सेवा के लिए उनके महान बलिदान को याद करने का हमारी ओर से एक छोटा-सा कदम है। हम उन सभी के लिए प्रार्थना करते हैं, जिन्होंने अपना जीवन गंवा दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और उनके शव मलबे और कीचड़ में दबे होने की आशंका है। अब हमारा ध्यान उन्हें ढूंढने की ओर केंद्रित है। गृहमंत्री ने कहा कि बीमार, वृद्ध और विकलांग लोगों के अलावा महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला जाएगा। इनमें से अधिकतर लोग बद्रीनाथ इलाके में फंसे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर बचावकार्य के लिए अभी 15 और दिनों तक राज्य में रहेंगे।
शिंदे ने कहा, 20 बहादुरों को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित करना राष्ट्र की सेवा के लिए उनके महान बलिदान को याद करने का हमारी ओर से एक छोटा-सा कदम है। हम उन सभी के लिए प्रार्थना करते हैं, जिन्होंने अपना जीवन गंवा दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और उनके शव मलबे और कीचड़ में दबे होने की आशंका है। अब हमारा ध्यान उन्हें ढूंढने की ओर केंद्रित है। गृहमंत्री ने कहा कि बीमार, वृद्ध और विकलांग लोगों के अलावा महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला जाएगा। इनमें से अधिकतर लोग बद्रीनाथ इलाके में फंसे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर बचावकार्य के लिए अभी 15 और दिनों तक राज्य में रहेंगे।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 25 जून को हुए हादसे में एनडीआरएफ के नौ, आईटीबीपी के छह और भारतीय वायुसेना के पांच जवान शहीद हुए थे। वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर खराब मौसम की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन तेजी के रुख के बीच सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण एक बार फिर 60 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।टिप्पणियां
हालांकि, डॉलर मूल्य में बाजार पूंजीकरण अब भी 1,000 अरब डॉलर के आंकड़े से कम पर यानी 954 अरब डालर (60,33,296.62 करोड़ रुपये) पर बना हुआ है।
पिछले दो सत्रों में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 600 से अधिक अंक चढ़ा है। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुक्रवार को 206.50 अंक की बढ़त के साथ 18,519.44 अंक पर पहुंच गया। गुरुवार को सेंसेक्स 407 अंक चढ़ा था।
हालांकि, डॉलर मूल्य में बाजार पूंजीकरण अब भी 1,000 अरब डॉलर के आंकड़े से कम पर यानी 954 अरब डालर (60,33,296.62 करोड़ रुपये) पर बना हुआ है।
पिछले दो सत्रों में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 600 से अधिक अंक चढ़ा है। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुक्रवार को 206.50 अंक की बढ़त के साथ 18,519.44 अंक पर पहुंच गया। गुरुवार को सेंसेक्स 407 अंक चढ़ा था।
पिछले दो सत्रों में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 600 से अधिक अंक चढ़ा है। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुक्रवार को 206.50 अंक की बढ़त के साथ 18,519.44 अंक पर पहुंच गया। गुरुवार को सेंसेक्स 407 अंक चढ़ा था।
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संक्षिप्त सारांश: शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन तेजी के रुख के बीच सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण एक बार फिर 60 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख रहा। सुबह के सत्र में प्रमुख सूचकांक जहां तेजी के साथ खुले वहीं कारोबार समाप्त होने के समय ये गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 31.88 अंकों और निफ्टी में 10.80 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह बढ़त के साथ 19,432.54 पर खुला और 31.88 अंकों यानी 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 19355.26 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 19478.79 के ऊपरी और 19317.23 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 19,387.14 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में शामिल बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा में दो फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा हीरोमोटो कार्प, रिलायंस और सन फार्मा में एक फीसदी से अधिक की तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनीलीवर में सबसे ज्यादा 2.65 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा भेल, गेल इंडिया, जिंदल स्टील, ओएनजीसी, हिंडाल्को, एचडीएफसी, विप्रो और एलएंडटी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 5,917.80 पर खुला और 10.80 अंकों यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के सात 5888.00 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5924.60 के ऊपरी और 5874.25 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को निफ्टी 5,898.80 पर बंद हुआ था।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह बढ़त के साथ 19,432.54 पर खुला और 31.88 अंकों यानी 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 19355.26 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 19478.79 के ऊपरी और 19317.23 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 19,387.14 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में शामिल बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा में दो फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा हीरोमोटो कार्प, रिलायंस और सन फार्मा में एक फीसदी से अधिक की तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनीलीवर में सबसे ज्यादा 2.65 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा भेल, गेल इंडिया, जिंदल स्टील, ओएनजीसी, हिंडाल्को, एचडीएफसी, विप्रो और एलएंडटी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 5,917.80 पर खुला और 10.80 अंकों यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के सात 5888.00 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5924.60 के ऊपरी और 5874.25 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को निफ्टी 5,898.80 पर बंद हुआ था।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में शामिल बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा में दो फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा हीरोमोटो कार्प, रिलायंस और सन फार्मा में एक फीसदी से अधिक की तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनीलीवर में सबसे ज्यादा 2.65 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा भेल, गेल इंडिया, जिंदल स्टील, ओएनजीसी, हिंडाल्को, एचडीएफसी, विप्रो और एलएंडटी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 5,917.80 पर खुला और 10.80 अंकों यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के सात 5888.00 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5924.60 के ऊपरी और 5874.25 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को निफ्टी 5,898.80 पर बंद हुआ था।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनीलीवर में सबसे ज्यादा 2.65 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा भेल, गेल इंडिया, जिंदल स्टील, ओएनजीसी, हिंडाल्को, एचडीएफसी, विप्रो और एलएंडटी में एक फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 5,917.80 पर खुला और 10.80 अंकों यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के सात 5888.00 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5924.60 के ऊपरी और 5874.25 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को निफ्टी 5,898.80 पर बंद हुआ था।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी बढ़त के साथ 5,917.80 पर खुला और 10.80 अंकों यानी 0.18 फीसदी की गिरावट के सात 5888.00 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 5924.60 के ऊपरी और 5874.25 के निचले स्तर को छुआ। मंगलवार को निफ्टी 5,898.80 पर बंद हुआ था।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 4.17 अंकों की गिरावट के साथ 7039.07 अंक पर बंद हुआ जबकि स्मालकैप 18.07 अंकों की गिरावट के साथ 7420.17 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के प्रमुख 13 सेक्टरों में से सात में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में 1431 कंपनियों में तेजी जबकि 1498 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। 134 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख रहा। सुबह के सत्र में प्रमुख सूचकांक जहां तेजी के साथ खुले वहीं कारोबार समाप्त होने के समय ये गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 31.88 अंकों और निफ्टी में 10.80 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर 'अडानी और अंबानी के लाउडस्पीकर' होने का आरोप लगाया और कहा कि अगर अर्थव्यवस्था की यही स्थिति बनी रही तो अगले छह महीनों में पूरा देश एक आवाज में मोदी के खिलाफ खड़ा होगा. मेवात के नूंह में एक चुनावी जनसभा में राहुल ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कुछ उद्योगपतियों के लिए काम कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया, 'नरेंद्र मोदी अडानी और अंबानी के लाउडस्पीकर हैं. दिन भर उनकी बात करते हैं.' गांधी ने कहा, 'आप युवाओं को बेवकूफ बनाकर सरकार नहीं चला सकते. सच्चाई सामने आएगी. आप देखेंगे कि क्या होगा.'
उन्होंने दावा किया, 'छह महीने में पता चलेगा और पूरा देश नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आवाज में उठेगा.' उन्होंने कहा, 'एक के बाद एक झूठे वादे सुनाई देते हैं. बोला गया कि दो करोड़ रोजगार देंगे, किसानों को सही दाम देंगे. लेकिन कुछ नहीं हुआ. करोड़ों युवा बेरोजगार हैं लेकिन मोदी जी और खट्टर जी एक के एक बाद झूठ बोल रहे हैं.' नूंह से आफताब अहमद और मेवात क्षेत्र के कांग्रेस के अन्य विधानसभा उम्मीदवारों के समर्थन में रैली कर रहे गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी मन की बात करते हैं लेकिन मैं आप से काम की बात करता हूं. गुड़गांव-अलवर रेलवे लाइन और मेवात में विश्वविद्यालय, कोटला झील का विस्तार और मेवात नहर का निर्माण का वादा है. कांग्रेस की सरकार बनी तो ये काम हो जाएंगे.'
उन्होंने कहा, 'विचारधारा की लड़ाई है. देश में अलग-अलग धर्म और जाति के लोग रहते हैं. कांग्रेस सबकी पार्टी है. हमारा काम लोगों को जोड़ने का है. बीजेपी और आरएसएस का काम देश को तोड़ने और लोगों को एक दूसरे से लड़ाने का है. वह जहां जाते हैं लोगों को एकदूसरे से लड़ाते हैं.' कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, 'अर्थव्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी गईं. कहीं भी चले जाओ और लोगों से पूछो कि काम कैसे चल रहा है तो सब बोलेंगे कि नरेंद्र मोदी ने बेड़ा गर्क कर दिया.'
उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी ने पहले नोटबन्दी की और कहा कि आतंकवाद खत्म होगा. लाइन में अडानी और अनिल अंबानी नहीं खड़े थे. लाइन में आम लोग खड़े थे. इसके बाद गब्बर सिंह टैक्स लगा दिया. इससे आम लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ. सिर्फ देश के 15-20 उद्योगपतियों को फायदा हुआ.' गांधी ने सवाल किया, 'ये खुद को देशभक्त कहते हैं लेकिन ये सरकारी कंपनियां अपने उद्योगपति मित्रों को क्यों दे रहे हैं?' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कुछ उद्योगपतियों के लिए काम कर रहे हैं. गांधी ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया, 'वह कभी चांद की ओर जाते हैं तो कभी जिम कार्बेट चले जाते हैं.... बॉलीवुड की बात करते हैं. लेकिन बेरोजगारी के बारे में बात नहीं करते.'
उन्होंने कहा '.... राफेल दिखाएंगे और लेकिन यह नहीं बताएंगे कि इसमें कितनी चोरी हुई है?' कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, 'नरेंद्र मोदी ने 15 लोगों का साढ़े पांच लाख करोड़ रुपया माफ किया है.' उन्होंने कहा 'मैंने कहा था मोदी जी ने स्वयं राफेल मामले में दस्तावेज बदलवाए. लेकिन यह बात मीडिया में नहीं आई.' गांधी ने कहा, 'कभी राफेल के सामने पूजा होगी तो कभी प्रधानमंत्री जिम कार्बेट जाएंगे, लेकिन किसानों से यह नहीं पूछेंगे कि आपको क्या चाहिए.' गौरतलब है कि अतीत में कई मौकों पर गांधी राफेल में प्रधानमंत्री मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं. हालांकि सरकार एवं अंबानी के समूह ने आरोप को खारिज किया है.
चुनावी सभा में गांधी कहा, '40 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. आपने मोदी को ट्रंप, अडानी और अंबानी के साथ देखा होगा , लेकिन किसानों के साथ नहीं देखा होगा,' गांधी ने कहा, 'हमने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को चालू करना चाहते हो तो न्याय योजना लागू करना पड़ेगा. किसान, गरीब और मजदूर की जेब में पैसा डालना पड़ेगा. यह सरकार नहीं समझती कि गरीब को पैसा देने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी.' कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि भाजपा न्याय और विकास में भरोसा नहीं करती. वह धर्म, जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटकर वोट हासिल करती है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने दावा किया, 'भाजपा सिर्फ जुमलेबाजी करती है, एक भी वादा पूरा नहीं हुआ. भाजपा ने पांच साल में कुछ नहीं किया। अब हरियाणा की पहचान अपराध और बेरोजगारी को लेकर हो गयी है. 'कांग्रेस के पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया, 'यह खट्टर सरकार नहीं बल्कि खटारा सरकार है. हरियाणा के लोग 21 अक्टूबर को इसे उखाड़ फेंकेंगे.'हरियाणा विधानसभा की सभी 90 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी.
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यहाँ एक सारांश है:हरियाणा के मेवात जिले के नूंह में राहुल गांधी की रैली
पीएम मोदी और सीएम खट्टर पर जमकर किया हमला
पीएम मोदी को बताया अडानी और अंबानी का लाउडस्पीकर
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: मुम्बई इंडियंस टीम ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में रविवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के लीग मुकाबले में डेक्कन चार्जर्स को 37 रनों से हरा दिया। मुम्बई द्वारा दिए गए 173 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डेक्कन की टीम 20 ओवरों में आठ विकेट पर 135 रन ही बना सकी। कप्तान कुमार संगकारा ने सर्वाधिक 34 रन बनाए जबकि शिखर धवन ने 25 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा डेनिएल क्रिस्टियन ने 21 रन जोड़े। मुम्बई की ओर से लसिथ मलिंगा ने तीन विकेट लिए। डेक्कन के तीन खिलाड़ी रन आउट हुए। इससे पहले, एंड्रयू सायमंड्स (नाबाद 44) और रोहित शर्मा (नाबाद 56) के बीच हुई 102 रनों की रिकार्ड साझेदारी की बदौलत मुम्बई ने डेक्कन के सामने 173 रनों का लक्ष्य रखा था। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए मुम्बई ने एक समय 70 रन के कुल योग पर चार विकेट गंवा दिए थे लेकिन रोहित और सायमंड्स ने उसे 20 ओवर की समाप्ति तक और किसी नुकसान के बगैर 172 रनों तक पहुंचा दिया। सायमंड्स और रोहित ने आईपीएल इतिहास में पांचवें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी को अंजाम दिया। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर ने 28 और विकेटकीपर बल्लेबाज डेवो जैकब्स ने 32 रनों का योगदान दिया। डेक्कन की ओर से अमित मिश्रा ने चार ओवर में 14 रन देकर दो विकेट लिए जबकि इशांत शर्मा तता प्रज्ञान ओझा को एक-एक सफलता मिली। छह मैचों में मुम्बई की यह पांचवीं जीत है जबकि डेक्कन को चौथी हार मिली है। उसने अब तक सिर्फ दो मैच जीते हैं। इस हार ने डेक्कन को 10 टीमों की तालिका में सबसे नीचे पहुंचा दिया है।
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मुम्बई इंडियंस टीम ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए आईपीएल के लीग मुकाबले में डेक्कन चार्जर्स को 37 रन से हरा दिया।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: आधे विधायकों का समर्थन प्राप्त होने का दावा करने और पार्टी आलाकमान से 48 घंटे के अंदर पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ओर से अपना सत्ता संघर्ष तेज करने के साथ ही कर्नाटक की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार संकट में फंस गई।
फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए ताजा प्रयास कर रहे येदियुरप्पा ने कहा, ‘आज 55 विधायक यहां हैं। कल 15 और जुड़ जाएंगे। मुझे विश्वास है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व इस घटनाक्रम का संज्ञान लेगा और यथासंभव उपयुक्त फैसला करेगा।’
कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास अध्यक्ष समेत 120 विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘48 घंटे तक इंतजार कीजिए। यह समय सीमा नहीं है। लेकिन मैं सुनिश्चित हूं कि पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा।’टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने यह संकेत दिया है कि भाजपा नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी डीवी सदानंद गौड़ा को 21 मार्च विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करने से पहले ही उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नियुक्त करने की उनकी मांग पर कुछ फैसला करना पड़ेगा।
येदियुरप्पा यहां अपने निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।
फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए ताजा प्रयास कर रहे येदियुरप्पा ने कहा, ‘आज 55 विधायक यहां हैं। कल 15 और जुड़ जाएंगे। मुझे विश्वास है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व इस घटनाक्रम का संज्ञान लेगा और यथासंभव उपयुक्त फैसला करेगा।’
कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास अध्यक्ष समेत 120 विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘48 घंटे तक इंतजार कीजिए। यह समय सीमा नहीं है। लेकिन मैं सुनिश्चित हूं कि पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा।’टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने यह संकेत दिया है कि भाजपा नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी डीवी सदानंद गौड़ा को 21 मार्च विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करने से पहले ही उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नियुक्त करने की उनकी मांग पर कुछ फैसला करना पड़ेगा।
येदियुरप्पा यहां अपने निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।
कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास अध्यक्ष समेत 120 विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘48 घंटे तक इंतजार कीजिए। यह समय सीमा नहीं है। लेकिन मैं सुनिश्चित हूं कि पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा।’टिप्पणियां
इसी के साथ उन्होंने यह संकेत दिया है कि भाजपा नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी डीवी सदानंद गौड़ा को 21 मार्च विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करने से पहले ही उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नियुक्त करने की उनकी मांग पर कुछ फैसला करना पड़ेगा।
येदियुरप्पा यहां अपने निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।
इसी के साथ उन्होंने यह संकेत दिया है कि भाजपा नेतृत्व उनके उत्तराधिकारी डीवी सदानंद गौड़ा को 21 मार्च विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करने से पहले ही उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नियुक्त करने की उनकी मांग पर कुछ फैसला करना पड़ेगा।
येदियुरप्पा यहां अपने निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।
येदियुरप्पा यहां अपने निवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।
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संक्षिप्त सारांश: आधे विधायकों का समर्थन प्राप्त होने का दावा करने और पार्टी आलाकमान से 48 घंटे के अंदर पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ओर से अपना सत्ता संघर्ष तेज करने के साथ ही कर्नाटक की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार संकट में फंस
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (General Election 2019) की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. आधे से ज्यादा मतदान हो चुका है और सिर्फ तीन चरणों का मतदान और बचा है. एक तरफ विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार को हटाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी भी दोबारा सत्ता में लौटने के लिए कोई कोर-कसर छोड़ती नहीं दिख रही है. उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार अभियान तक, हर रणनीति में इसका असर देखने को मिल रहा है. मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट (Indore Lok Sabha constituency) भी उन सीटों में से एक है, जहां इस बार BJP की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. साल 1989 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रकाशचंद्र सेठी को पटखनी देने के बाद से बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) लगातार इंदौर की नुमाइंदगी करती आ रही हैं, लेकिन इस बार बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया.
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यहाँ एक सारांश है:बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है इंदौर सीट
सुमित्रा महाजन इस सीट से हैं सांसद
इस बार बीजेपी ने उन्हें नहीं दिया है टिकट
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने लोगों से अपील की कि वे अपने 10 दोस्तों को फोन कर उनसे यह जांच करने को कहें कि कहीं उनके घर में डेंगू का लार्वा पनप तो नहीं रहा है. केजरीवाल ने '10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट' के अभियान के तहत लोगों से यह अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया, 'आज, 10 मिनट तक अपने घर की जांच करने के बाद, मैंने अपने 10 दोस्तों को फोन किया और उन्हें उनके घरों की जांच करने को प्रेरित किया. इस बार हमें डेंगू को मात देनी ही होगी. #दिल्लीकेचैंपियन ट्विटर पर साझा की गई वीडियो में केजरीवाल अपने घर की जांच करते दिख रहे हैं.
सीएम केजरीवाल ने लोगों से व्हाटस्एप पर भी यह संदेश भेजने को कहा है. वहीं दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अपने दोस्तों से घरों की जांच करने की अपील करें. राय ने ट्वीट किया, 'एक और रविवार, और अपने घर में डेंगू के लार्वा की जांच करने का एक और दिन. लेकिन इस बार, मैंने एक और कदम उठाया. मैंने अपने 10 दोस्तों को फोन किया और उनसे उनके घर की जांच अच्छे से करने की अपील की.'
उनके सहकर्मी राजेन्द्र पाल गौतम ने भी मच्छर-प्रजनन के खिलाफ एक उपाय के रूप में पानी के बर्तन की सफाई करते हुए उनकी तस्वीरें ट्वीट कीं. इस साल सात सितम्बर तक डेंगू के 122 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 30 इसी महीने सामने आए. 52 मामले अगस्त में सामने आए थे.
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) द्वारा दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार पिछले साल डेंगू के 2,798 मामले सामने आए थे और इससे चार लोगों की जान चली गई थी.
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यह एक सारांश है: डेंगू से निपटने के लिए सीएम केजरीवाल की अनोखी मुहिम
कहा- अपने 10 दोस्तों को फोन कर अपने घर की जांच करने के लिए कहें
कहा- जांचें कहीं घर में डेंगू का लार्वा तो नहीं पनप रहा है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारत के विशाल रेलवे नेटवर्क में अक्सर यात्रियों को ख़राब खाने की शिकायत करते हुए देखा गया है लेकिन फास्ट फुड से जुड़ी कुछ नई सेवाएं शायद इस अनुभव में कुछ बदलाव लेकर आए. केनटकी फ्राइड चिकन से लेकर डोमिनोज़ पिज्ज़ा तक अलग अलग तरह के व्यंजन आजकल यात्रियों की पहुंच में आ चुके हैं, वो भी सिर्फ एक स्मार्टफोन एप के ज़रिए.
अमित वी जैसे यात्री के लिए इस तरह की सेवाएं मानो भगवान की भेजी हुई हैं क्योंकि वह सालों से ट्रेन का वह खाना खाकर थक गए थे जिसमें उन्हें बिल्कुल स्वाद नहीं आता था. पेशे से शिक्षक अमित 19 घंटे की यात्रा करके मथुरा से पश्चिम भारत की ओर जा रहे हैं. वह बताते हैं 'यह खाना रेलवे के खाने से 100 गुना ज्यादा बेहतर है.' मथुरा स्टेशन पर डिलीवरी करने वाले अमन सिंह बधौरी भीड़ को चीरते हुए अपने कस्टमर की सीट पर खाना पहुंचाते हैं और पेमेंट लेकर ट्रेन छूटने से एक मिनट पहले उतर जाते हैं.
हालांकि कुछ साल पहले यात्रियों के लिए खाने को लेकर इतने विकल्प मौजूद नहीं थे. खाने में कॉकरोच मिलने जैसी शिकायत जैसे काफी आम सी बात हो गई थी, यहां तक की एक अंदरूनी रिपोर्ट के लीक होने से यह बात भी सामने आई कि 'गंदी, बदबूदार और पानी से भरी पैंट्री कार' में खाना पकाया जाता है. एक मामले में तो समोसे को पोछा लगाने वाली बालटी में रखा देखा गया था.
यही नहीं खाने में विविधता की मांग भी बढ़ रही थी जिसमें यात्री अंतरराष्ट्रीय और फास्ट फूड खाने के साथ ही स्थानीय स्वाद को भी आज़माना चाह रहे थे. यह नई सेवा दरअसल भारत के उस रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें हर दिन दो करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं.
बता दें कि एशिया का यह सबसे पुराना रेल नेटवर्क दरअसल भारत के 100 करोड़ बीस लाख लोगों की जीवन रेखा है लेकिन पिछले कुछ दशकों से इसकी सेवाओं की काफी अनदेखी हो रही है. पिछले साल सरकार ने दस हज़ार करोड़ डॉलर से ज्यादा की एक पांच साल की आधुनिकीकरण योजना की घोषणा की थी जिसमें कुछ स्टेशनों पर गूगल के साथ मिलकर मुफ्त वाई फाई लगाना भी शामिल है.
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमित वी जैसे यात्री के लिए इस तरह की सेवाएं मानो भगवान की भेजी हुई हैं क्योंकि वह सालों से ट्रेन का वह खाना खाकर थक गए थे जिसमें उन्हें बिल्कुल स्वाद नहीं आता था. पेशे से शिक्षक अमित 19 घंटे की यात्रा करके मथुरा से पश्चिम भारत की ओर जा रहे हैं. वह बताते हैं 'यह खाना रेलवे के खाने से 100 गुना ज्यादा बेहतर है.' मथुरा स्टेशन पर डिलीवरी करने वाले अमन सिंह बधौरी भीड़ को चीरते हुए अपने कस्टमर की सीट पर खाना पहुंचाते हैं और पेमेंट लेकर ट्रेन छूटने से एक मिनट पहले उतर जाते हैं.
हालांकि कुछ साल पहले यात्रियों के लिए खाने को लेकर इतने विकल्प मौजूद नहीं थे. खाने में कॉकरोच मिलने जैसी शिकायत जैसे काफी आम सी बात हो गई थी, यहां तक की एक अंदरूनी रिपोर्ट के लीक होने से यह बात भी सामने आई कि 'गंदी, बदबूदार और पानी से भरी पैंट्री कार' में खाना पकाया जाता है. एक मामले में तो समोसे को पोछा लगाने वाली बालटी में रखा देखा गया था.
यही नहीं खाने में विविधता की मांग भी बढ़ रही थी जिसमें यात्री अंतरराष्ट्रीय और फास्ट फूड खाने के साथ ही स्थानीय स्वाद को भी आज़माना चाह रहे थे. यह नई सेवा दरअसल भारत के उस रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें हर दिन दो करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं.
बता दें कि एशिया का यह सबसे पुराना रेल नेटवर्क दरअसल भारत के 100 करोड़ बीस लाख लोगों की जीवन रेखा है लेकिन पिछले कुछ दशकों से इसकी सेवाओं की काफी अनदेखी हो रही है. पिछले साल सरकार ने दस हज़ार करोड़ डॉलर से ज्यादा की एक पांच साल की आधुनिकीकरण योजना की घोषणा की थी जिसमें कुछ स्टेशनों पर गूगल के साथ मिलकर मुफ्त वाई फाई लगाना भी शामिल है.
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि कुछ साल पहले यात्रियों के लिए खाने को लेकर इतने विकल्प मौजूद नहीं थे. खाने में कॉकरोच मिलने जैसी शिकायत जैसे काफी आम सी बात हो गई थी, यहां तक की एक अंदरूनी रिपोर्ट के लीक होने से यह बात भी सामने आई कि 'गंदी, बदबूदार और पानी से भरी पैंट्री कार' में खाना पकाया जाता है. एक मामले में तो समोसे को पोछा लगाने वाली बालटी में रखा देखा गया था.
यही नहीं खाने में विविधता की मांग भी बढ़ रही थी जिसमें यात्री अंतरराष्ट्रीय और फास्ट फूड खाने के साथ ही स्थानीय स्वाद को भी आज़माना चाह रहे थे. यह नई सेवा दरअसल भारत के उस रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें हर दिन दो करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं.
बता दें कि एशिया का यह सबसे पुराना रेल नेटवर्क दरअसल भारत के 100 करोड़ बीस लाख लोगों की जीवन रेखा है लेकिन पिछले कुछ दशकों से इसकी सेवाओं की काफी अनदेखी हो रही है. पिछले साल सरकार ने दस हज़ार करोड़ डॉलर से ज्यादा की एक पांच साल की आधुनिकीकरण योजना की घोषणा की थी जिसमें कुछ स्टेशनों पर गूगल के साथ मिलकर मुफ्त वाई फाई लगाना भी शामिल है.
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यही नहीं खाने में विविधता की मांग भी बढ़ रही थी जिसमें यात्री अंतरराष्ट्रीय और फास्ट फूड खाने के साथ ही स्थानीय स्वाद को भी आज़माना चाह रहे थे. यह नई सेवा दरअसल भारत के उस रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें हर दिन दो करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं.
बता दें कि एशिया का यह सबसे पुराना रेल नेटवर्क दरअसल भारत के 100 करोड़ बीस लाख लोगों की जीवन रेखा है लेकिन पिछले कुछ दशकों से इसकी सेवाओं की काफी अनदेखी हो रही है. पिछले साल सरकार ने दस हज़ार करोड़ डॉलर से ज्यादा की एक पांच साल की आधुनिकीकरण योजना की घोषणा की थी जिसमें कुछ स्टेशनों पर गूगल के साथ मिलकर मुफ्त वाई फाई लगाना भी शामिल है.
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बता दें कि एशिया का यह सबसे पुराना रेल नेटवर्क दरअसल भारत के 100 करोड़ बीस लाख लोगों की जीवन रेखा है लेकिन पिछले कुछ दशकों से इसकी सेवाओं की काफी अनदेखी हो रही है. पिछले साल सरकार ने दस हज़ार करोड़ डॉलर से ज्यादा की एक पांच साल की आधुनिकीकरण योजना की घोषणा की थी जिसमें कुछ स्टेशनों पर गूगल के साथ मिलकर मुफ्त वाई फाई लगाना भी शामिल है.
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले साल भारतीय रेलवे ने केएफसी जैसी फूड चेन को ई-केटरिंग सेवाओं के लिए अनुबंधित करने के लिए न्यौता दिया था ताकि यात्री अहम स्टेशनों पर फोन या ऑनलाइन के जरिए पहले ही खाने का ऑर्डर दे सकें. रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि अगला कदम प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन स्थापित करना होगा ताकि कंपनियां ताज़ा खाना पकाकर ट्रेनों में डिलेविरी दे सकें.
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस अवसर का लाभ कई निजी उद्यमी भी उठाना चाहते हैं जैसे कि पुषपिंदर सिंह जिन्होंने 2012 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर (ट्रैवल खाना) की शुरूआत की थी. यह कंपनी स्टेशन के पास के रेस्त्रां के साथ अनुबंध करती है और फीस के बदले उनसे डिलीवरी सेवाएं लेती है.टिप्पणियां
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिंह ने बताया कि 'लंबे रूट की करीब 5000 ट्रेनें हैं जो औसतन 770 किलोमीटर का सफर करती हैं लेकिन इनमें से सिर्फ छह प्रतिशत ही ऐसी हैं जो खाने की अच्छी सेवाएं मुहैया करवा पाती हैं. हम इसी सेक्शन पर ध्यान दे रहे हैं.' हालांकि इन सेवाओं के सफल होने से पहले रफ्तार ही अहम भूमिका निभाएगी - डिलीवरी सेवाओं के पास सिर्फ कुछ ही मिनट होते हैं जिसमें उन्हें अपने कस्टमर को ढूंढकर ट्रेन के छूटने से पहले डिलीवरी देनी होती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यहाँ एक सारांश है:भारतीय रेलवे अब खाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं की मदद ले रहा है
इस कड़ी में केएफसी और डोमिनोज़ जैसी फास्ट फूड सेवाएं सामने आ रही हैं
अब ट्रेन के खाने के अलावा विविध व्यंजन भी यात्रियों की पहुंच में हैं
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के अनुभवी खिलाड़ी लिएंडर पेस ने चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक के साथ मिलकर सोनी एरिक्सन ओपन टूर्नामेंट का पुरुष युगल खिताब जीत लिया है। 38 वर्षीय पेस का एटीपी वर्ल्ड टूर के इतिहास में यह 50वीं युगल खिताबी जीत है।
यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह विश्व के 24वें खिलाड़ी हैं। पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार देर रात खेले गए युगल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पेस और स्टेपानेक ने बेलारूस के मैक्स मिर्नी और कनाडा के डेनियल नेस्टर की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को 3-6, 6-1, 10-8 से हरा दिया। इस प्रतियोगिता में पेस और स्टेपानेक को सातवीं वरीयता दी गई थी।
इस मुकाबले को जीतने के लिए पेस और स्टेपानेक को 82 मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा। इससे पहले, पेस और स्टेपानेक ने सेमीफाइनल मुकाबले में टॉप सीड अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी को हराया था।
उल्लेखनीय है कि पेस इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार चैम्पियन बने हैं। इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।
पेस ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह मेरा 50वां युगल खिताब है। लगातार तीन बार इस खिताब पर कब्जा जमाना अद्भुत है। मुझे आशा है कि मैं अगले वर्ष भी खिताब जीतूंगा।"
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह विश्व के 24वें खिलाड़ी हैं। पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार देर रात खेले गए युगल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पेस और स्टेपानेक ने बेलारूस के मैक्स मिर्नी और कनाडा के डेनियल नेस्टर की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को 3-6, 6-1, 10-8 से हरा दिया। इस प्रतियोगिता में पेस और स्टेपानेक को सातवीं वरीयता दी गई थी।
इस मुकाबले को जीतने के लिए पेस और स्टेपानेक को 82 मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा। इससे पहले, पेस और स्टेपानेक ने सेमीफाइनल मुकाबले में टॉप सीड अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी को हराया था।
उल्लेखनीय है कि पेस इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार चैम्पियन बने हैं। इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।
पेस ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह मेरा 50वां युगल खिताब है। लगातार तीन बार इस खिताब पर कब्जा जमाना अद्भुत है। मुझे आशा है कि मैं अगले वर्ष भी खिताब जीतूंगा।"
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
इस मुकाबले को जीतने के लिए पेस और स्टेपानेक को 82 मिनट तक कोर्ट पर पसीना बहाना पड़ा। इससे पहले, पेस और स्टेपानेक ने सेमीफाइनल मुकाबले में टॉप सीड अमेरिका के बॉब और माइक ब्रायन की जोड़ी को हराया था।
उल्लेखनीय है कि पेस इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार चैम्पियन बने हैं। इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।
पेस ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह मेरा 50वां युगल खिताब है। लगातार तीन बार इस खिताब पर कब्जा जमाना अद्भुत है। मुझे आशा है कि मैं अगले वर्ष भी खिताब जीतूंगा।"
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
उल्लेखनीय है कि पेस इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार चैम्पियन बने हैं। इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।
पेस ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह मेरा 50वां युगल खिताब है। लगातार तीन बार इस खिताब पर कब्जा जमाना अद्भुत है। मुझे आशा है कि मैं अगले वर्ष भी खिताब जीतूंगा।"
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
पेस ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरे लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह मेरा 50वां युगल खिताब है। लगातार तीन बार इस खिताब पर कब्जा जमाना अद्भुत है। मुझे आशा है कि मैं अगले वर्ष भी खिताब जीतूंगा।"
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
इससे पहले, वर्ष 2010 में पेस ने बहामास के लुकास डुलोही के साथ इस वर्ग का खिताब अपने नाम किया था जबकि महेश के साथ उन्होंने पिछले वर्ष इस खिताब को जीता था।"टिप्पणियां
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
दूसरी ओर, विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त पोलैंड की एगनिस्का रद्वांस्का ने रूस की मारिया शारापोवा को हराकर महिला एकल खिताब पर कब्जा किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
महिलाओं की एकल स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में रद्वांस्का ने विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शारापोवा को 7-5, 6-4 से शिकस्त दी। इस टूर्नामेंट के फाइनल में शारापोवा की यह चौथी हार है। इससे पहले, शारापोवा तीन बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी जहां तीनों बार उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के अनुभवी खिलाड़ी लिएंडर पेस ने चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक के साथ मिलकर सोनी एरिक्सन ओपन टूर्नामेंट का पुरुष युगल खिताब जीत लिया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: रुपेश शाह दो बार विश्व खिताब जीतने वाले पांचवें भारतीय बने जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू बोल्टन को विश्व बिलियर्ड्स (अंक प्रारूप) के फाइनल में 6-2 से हराया।
रुपेश ने पहला गेम आसानी से जीत लिया लेकिन बोल्टन ने दूसरा गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली।
पांचवां गेम टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ जब बोल्टन ने मौका गंवा दिया और रुपेश ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली।
रुपेश ने इसके बाद ‘अनफिनिश्ड’ ब्रेक बनाकर अपनी बढ़त को पुख्ता किया। भारतीय खिलाड़ी ने भी कुछ मौके गंवाए लेकिन इसके बावजूद जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां
इससे पहले रुपेश ने क्वार्टर फाइनल में माइक रसेल जबकि सेमी-फाइनल में पीटर गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
रुपेश ने पहला गेम आसानी से जीत लिया लेकिन बोल्टन ने दूसरा गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली।
पांचवां गेम टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ जब बोल्टन ने मौका गंवा दिया और रुपेश ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली।
रुपेश ने इसके बाद ‘अनफिनिश्ड’ ब्रेक बनाकर अपनी बढ़त को पुख्ता किया। भारतीय खिलाड़ी ने भी कुछ मौके गंवाए लेकिन इसके बावजूद जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां
इससे पहले रुपेश ने क्वार्टर फाइनल में माइक रसेल जबकि सेमी-फाइनल में पीटर गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
पांचवां गेम टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ जब बोल्टन ने मौका गंवा दिया और रुपेश ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली।
रुपेश ने इसके बाद ‘अनफिनिश्ड’ ब्रेक बनाकर अपनी बढ़त को पुख्ता किया। भारतीय खिलाड़ी ने भी कुछ मौके गंवाए लेकिन इसके बावजूद जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां
इससे पहले रुपेश ने क्वार्टर फाइनल में माइक रसेल जबकि सेमी-फाइनल में पीटर गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
रुपेश ने इसके बाद ‘अनफिनिश्ड’ ब्रेक बनाकर अपनी बढ़त को पुख्ता किया। भारतीय खिलाड़ी ने भी कुछ मौके गंवाए लेकिन इसके बावजूद जीत दर्ज करने में सफल रहा।टिप्पणियां
इससे पहले रुपेश ने क्वार्टर फाइनल में माइक रसेल जबकि सेमी-फाइनल में पीटर गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
इससे पहले रुपेश ने क्वार्टर फाइनल में माइक रसेल जबकि सेमी-फाइनल में पीटर गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराया था।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
इस बीच पूर्व विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी ने हमवतन ध्रुव सितवाला को हराते हुए विश्व बिलियर्ड्स (समय प्रारूप) के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना गत चैम्पियन माइक रसेल से होगा।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रुपेश शाह दो बार विश्व खिताब जीतने वाले पांचवें भारतीय बने जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू बोल्टन को विश्व बिलियर्ड्स (अंक प्रारूप) के फाइनल में 6-2 से हराया।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: चीन के गुआंगदोंग प्रांत में 37 व्यक्ति डेंगू की चपेट में आ गए हैं। डेंगू के सभी 37 मरीज झोंगशान शहर के हैं और ये मामले 16 जुलाई तक के हैं। प्रशासन ने शनिवार को कहा कि इसमें और वृद्धि हो सकती है।टिप्पणियां
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञ हे जियानफेंग का कहना है कि मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी मांसपेशियों में हल्का दर्द है तथा त्वचा पर दाने निकल आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू से पीड़ित किसी भी मरीज ने दक्षिण-पूर्वी एशिया की यात्रा नहीं की थी, जहां इस बीमारी के अधिकतर संक्रमण पाए जाते हैं। इससे पता चलता है कि यह बीमारी बाहर से नहीं आई है। उन्होंने डेंगू के मामलों के लिए बारिश के मौसम को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मच्छर बढ़ते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञ हे जियानफेंग का कहना है कि मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी मांसपेशियों में हल्का दर्द है तथा त्वचा पर दाने निकल आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू से पीड़ित किसी भी मरीज ने दक्षिण-पूर्वी एशिया की यात्रा नहीं की थी, जहां इस बीमारी के अधिकतर संक्रमण पाए जाते हैं। इससे पता चलता है कि यह बीमारी बाहर से नहीं आई है। उन्होंने डेंगू के मामलों के लिए बारिश के मौसम को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मच्छर बढ़ते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू से पीड़ित किसी भी मरीज ने दक्षिण-पूर्वी एशिया की यात्रा नहीं की थी, जहां इस बीमारी के अधिकतर संक्रमण पाए जाते हैं। इससे पता चलता है कि यह बीमारी बाहर से नहीं आई है। उन्होंने डेंगू के मामलों के लिए बारिश के मौसम को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मच्छर बढ़ते हैं।
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सारांश: चीन के गुआंगदोंग प्रांत में 37 व्यक्ति डेंगू की चपेट में आ गए हैं। डेंगू के सभी 37 मरीज झोंगशान शहर के हैं और ये मामले 16 जुलाई तक के हैं। प्रशासन ने शनिवार को कहा कि इसमें और वृद्धि हो सकती है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: कप्तान सरफराज अहमद की अगुआई में बल्लेबाजों के उम्दा प्रदर्शन से पाकिस्तान ने दूसरे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट मैच में यहां वेस्टइंडीज को 16 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली.
मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान कार्लोस ब्रेथवेट ने टॉस जीता और पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. पाकिस्तानी टीम ने निर्धारित 20 ओवर्स में चार विकेट पर 160 रन बनाए. कप्तान सरफराज ने नाबाद 46 रन की पारी खेली जबकि खालिद लतीफ (40)और शोएब मलिक (37) ने भी उम्दा योगदान योगदान दिया.टिप्पणियां
इससे पहले, वेस्टइंडीज की टीम का शीर्ष क्रम लगातार दूसरे दिन नाकाम रहा और नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए सुनील नारायण की 17 गेंद में 30 रन की पारी के बावजूद टीम नौ विकेट पर 144 रन ही बना सकी. नारायण अंतिम गेंद पर आउट हुए. वेस्टइंडीज को अंतिम ओवर में जीत के लिए 30 रन की दरकार थी. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर (13 रन पर तीन विकेट) ने वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया. हसन अली ने भी 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान कार्लोस ब्रेथवेट ने टॉस जीता और पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. पाकिस्तानी टीम ने निर्धारित 20 ओवर्स में चार विकेट पर 160 रन बनाए. कप्तान सरफराज ने नाबाद 46 रन की पारी खेली जबकि खालिद लतीफ (40)और शोएब मलिक (37) ने भी उम्दा योगदान योगदान दिया.टिप्पणियां
इससे पहले, वेस्टइंडीज की टीम का शीर्ष क्रम लगातार दूसरे दिन नाकाम रहा और नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए सुनील नारायण की 17 गेंद में 30 रन की पारी के बावजूद टीम नौ विकेट पर 144 रन ही बना सकी. नारायण अंतिम गेंद पर आउट हुए. वेस्टइंडीज को अंतिम ओवर में जीत के लिए 30 रन की दरकार थी. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर (13 रन पर तीन विकेट) ने वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया. हसन अली ने भी 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले, वेस्टइंडीज की टीम का शीर्ष क्रम लगातार दूसरे दिन नाकाम रहा और नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए सुनील नारायण की 17 गेंद में 30 रन की पारी के बावजूद टीम नौ विकेट पर 144 रन ही बना सकी. नारायण अंतिम गेंद पर आउट हुए. वेस्टइंडीज को अंतिम ओवर में जीत के लिए 30 रन की दरकार थी. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर (13 रन पर तीन विकेट) ने वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया. हसन अली ने भी 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: तीन मैचों की सीरीज में पाक को मिली 2-0 की बढ़त
पाकिस्तानी टीम ने बनाए थे 20 ओवर्स में 160 रन
जवाब में इंडीज टीम नौ ओवर में 144 रन ही बना पाई
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: ठाणे की पावरलूम नगरी भिवंडी में मानसिक रूप से कमजोर अपनी सौतेली बेटी के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में 41 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कासिम हामिद शेख कथित रूप से जिले के एवइ गांव में कुछ समय से अपने घर में 14 साल की लड़की का लगातार बलात्कार किया करता था। अधिकारी ने बताया कि लड़की ने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से शेख के खिलाफ कल शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दूसरी शादी के बाद लड़की की मां शेख के साथ गांव में रहती थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कासिम हामिद शेख कथित रूप से जिले के एवइ गांव में कुछ समय से अपने घर में 14 साल की लड़की का लगातार बलात्कार किया करता था। अधिकारी ने बताया कि लड़की ने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से शेख के खिलाफ कल शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दूसरी शादी के बाद लड़की की मां शेख के साथ गांव में रहती थी।
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संक्षिप्त सारांश: ठाणे की पावरलूम नगरी भिवंडी में मानसिक रूप से कमजोर अपनी सौतेली बेटी के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में 41 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: बच्चों में पोषण के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई मिड-डे मील योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के एक स्कूल में मिड डे मील (Mid Day Meal) की दाल में मरा हुआ चूहा मिला. दाल में चूहे के होने की जानकारी मिलने तक कई बच्चे और स्टाफ ने खाना खा लिया था, जिस कारण उनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
आपको बता दें, मिड डे मील योजना के तहत 6ठी से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को रोज स्कूल में भोजन दिया जाता है. मुजफ्फरनगर के इस स्कूल में रोजाना आने वाला मिड-डे मील, हापुड़ में स्थित जन कल्याण संस्था द्वारा बनाया जाता है. मंगलवार को मिड-डे मील का खाना खाने से 9 बच्चे और 1 शिक्षक की तबियत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और एक घंटे बाद उन्हें वापस भेज दिया गया.
एक छात्र ने बताया कि उड़द दाल के कन्टेनर में मरा हुआ चूहा था. रिपोर्टर के सवाल करने पर 6ठी क्लास के छात्र शिवांग ने कहा, ''हां सर, हम जब चम्मच से दाल ले रहे थे तो हमने चूहे को दाल के कंटेनर में देखा था''. शिवांग ने आगे कहा, ''तब तक 15 बच्चों को खाना दिया जा चुका था''.
वहीं रिपोर्टर से बात करते हुए स्थानीय शिक्षा अधिकारी, राम सागर त्रिपाठी ने इस घटना को लापरवाही का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा, ''मिड-डे मील योजना के तहत यह खाना जन कल्याण संस्था विकास कमिटी बनाती है और आज दाल के अंदर चूहा मिला. इसकी जानकारी मिलते ही हमने खाना देना बंद कर दिया. घटना में 9 बच्चों की तबियत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाकी सब ठीक हैं. यहां कोई दिक्कत नहीं है... यह केवल लापरवाही थी''.
राम सागर त्रिपाठी ने यह भी कहा कि खाना बनाने वाली एनजीओ के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से यूपी सरकार गलत कारणों से सुर्खियों में बनी हुई है. बता दें, पिछले हफ्ते ही सोनभद्र के एक स्कूल में 85 बच्चों को एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर पिलाए जाने का वीडियो सामने आया था. वीडियो में रसोइया, हाथ में स्टील का गिलास पकड़ कर दूध का इंतजार कर रहे बच्चों को मिलावट वाला दूध पिलाते हुए नजर आया था.
वहीं सितंबर में मिर्जापुर के एक स्कूल में मिड-डे मील में बच्चों को नमक और रोटी खिलाए जाने का वीडियो सामने आया था.
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संक्षिप्त सारांश: मिड डे मील में चूहा मिलने से 9 बच्चों की बिगड़ी तबियत
एक छात्र ने कहा, हमने दाल में देखा था मरा हुआ चूहा
मिड डे मील बनाने वाली एनजीओ के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग चैम्पियन्स लीग टी-20 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में मिलने जा रही कड़ी चुनौती से बखूबी वाकिफ हैं और उनका कहना है कि राजस्थान रॉयल्स को जयपुर में उन्हीं के मैदान पर हराना आसान नहीं होगा।
चेन्नई सुपरकिंग्स को त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाथों ग्रुप 'बी' मैच में आठ विकेट की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिससे टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही और अब वह ग्रुप 'ए' में शीर्ष पर रहने वाली राजस्थान रॉयल्स से सवाई मानसिंह स्टेडियम में भिड़ेगी। राजस्थान रॉयल्स ने इस साल आईपीएल और चैम्पियन्स लीग में अब तक अपने घरेलू मैदान पर कोई मैच नहीं गंवाया है।
स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, "हम जीत की लय बरकरार रखना चाहते थे और यहीं (फिरोजशाह कोटला मैदान में) दूसरा सेमीफाइनल खेलना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ... यह मुश्किल होगा, लेकिन यह टूर्नामेंट का अंतिम चरण है और हम तय नहीं कर सकते कि हमें किस मैच में खेलना है... उनकी टीम ने घरेलू मैदान पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और वह हमारे लिए अच्छी चुनौती होंगे...''
उन्होंने कहा, ''उनके खिलाफ हमने कुछ अच्छे मैच खेले हैं... वे विजेता हैं, अपने घर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और घर से बाहर भी... इस साल आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा... हम यहीं मुंबई इंडियन्स से खेलना चाहते थे, लेकिन यह नहीं हुआ... हमें अब आकलन करना होगा कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ क्या समस्या रही, और उसमें सुधार करना होगा...''
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ सुपरकिंग्स 19.4 ओवर में सिर्फ 118 रन पर ही ढेर हो गई थी और वेस्ट इंडीज से आई टीम ने इस लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
चेन्नई सुपरकिंग्स को त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाथों ग्रुप 'बी' मैच में आठ विकेट की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिससे टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही और अब वह ग्रुप 'ए' में शीर्ष पर रहने वाली राजस्थान रॉयल्स से सवाई मानसिंह स्टेडियम में भिड़ेगी। राजस्थान रॉयल्स ने इस साल आईपीएल और चैम्पियन्स लीग में अब तक अपने घरेलू मैदान पर कोई मैच नहीं गंवाया है।
स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, "हम जीत की लय बरकरार रखना चाहते थे और यहीं (फिरोजशाह कोटला मैदान में) दूसरा सेमीफाइनल खेलना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ... यह मुश्किल होगा, लेकिन यह टूर्नामेंट का अंतिम चरण है और हम तय नहीं कर सकते कि हमें किस मैच में खेलना है... उनकी टीम ने घरेलू मैदान पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और वह हमारे लिए अच्छी चुनौती होंगे...''
उन्होंने कहा, ''उनके खिलाफ हमने कुछ अच्छे मैच खेले हैं... वे विजेता हैं, अपने घर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और घर से बाहर भी... इस साल आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा... हम यहीं मुंबई इंडियन्स से खेलना चाहते थे, लेकिन यह नहीं हुआ... हमें अब आकलन करना होगा कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ क्या समस्या रही, और उसमें सुधार करना होगा...''
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ सुपरकिंग्स 19.4 ओवर में सिर्फ 118 रन पर ही ढेर हो गई थी और वेस्ट इंडीज से आई टीम ने इस लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, "हम जीत की लय बरकरार रखना चाहते थे और यहीं (फिरोजशाह कोटला मैदान में) दूसरा सेमीफाइनल खेलना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ... यह मुश्किल होगा, लेकिन यह टूर्नामेंट का अंतिम चरण है और हम तय नहीं कर सकते कि हमें किस मैच में खेलना है... उनकी टीम ने घरेलू मैदान पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और वह हमारे लिए अच्छी चुनौती होंगे...''
उन्होंने कहा, ''उनके खिलाफ हमने कुछ अच्छे मैच खेले हैं... वे विजेता हैं, अपने घर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और घर से बाहर भी... इस साल आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा... हम यहीं मुंबई इंडियन्स से खेलना चाहते थे, लेकिन यह नहीं हुआ... हमें अब आकलन करना होगा कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ क्या समस्या रही, और उसमें सुधार करना होगा...''
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ सुपरकिंग्स 19.4 ओवर में सिर्फ 118 रन पर ही ढेर हो गई थी और वेस्ट इंडीज से आई टीम ने इस लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
उन्होंने कहा, ''उनके खिलाफ हमने कुछ अच्छे मैच खेले हैं... वे विजेता हैं, अपने घर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और घर से बाहर भी... इस साल आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा... हम यहीं मुंबई इंडियन्स से खेलना चाहते थे, लेकिन यह नहीं हुआ... हमें अब आकलन करना होगा कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ क्या समस्या रही, और उसमें सुधार करना होगा...''
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ सुपरकिंग्स 19.4 ओवर में सिर्फ 118 रन पर ही ढेर हो गई थी और वेस्ट इंडीज से आई टीम ने इस लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ सुपरकिंग्स 19.4 ओवर में सिर्फ 118 रन पर ही ढेर हो गई थी और वेस्ट इंडीज से आई टीम ने इस लक्ष्य को 15.1 ओवर में ही दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
स्टीफन फ्लेमिंग ने उस मैच के बारे में कहा, ''त्रिनिदाद की टीम ने काफी अच्छा खेल दिखाया... हमारी शुरुआत अच्छी रही, लेकिन इसके बाद हमने कुछ विकेट गंवाए... हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए, जिनसे मैच हमारी पकड़ से दूर हो गया... हमारे पिछले और इस मैच के बीच में भी काफी दिन का अंतर था, जिससे भी हमारी लय टूटी...''टिप्पणियां
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
मुरली विजय चेन्नई सुपरकिंग्स की पारी के दौरान अच्छी लय में दिखे, लेकिन एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 27 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए, हालांकि फ्लेमिंग इस सलामी बल्लेबाज के प्रदर्शन को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वह आज अच्छा खेला... शीर्ष क्रम को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है... हम अपने आज के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
एस बद्रीनाथ को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारने पर उन्होंने कहा, ''हम आक्रामक होना चाहते थे और दोनों छोर से नहीं तो कम से कम एक छोर से ऐसा करना चाहते थे, इसलिए हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारा, लेकिन यह दांव नहीं चला...'' रवींद्र जडेजा गेंदबाजी में काफी महंगे साबित हुए और विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने उन्हें निशाने पर रखा, जिसे लेकर स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा, ''वह हमारे मुख्य गेंदबाजों में शामिल है, इसलिए उन्होंने उसे निशाना बनाया और उसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया... यह आगे हमारे लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है...''
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यहाँ एक सारांश है:चेन्नई सुपरकिंग्स को त्रिनिदाद एवं टोबैगो के हाथों ग्रुप 'बी' मैच में शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिससे टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रही और अब वह ग्रुप 'ए' में शीर्ष पर रहने वाली राजस्थान रॉयल्स से सवाई मानसिंह स्टेडियम में भिड़ेगी।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलिस द्वारा न्यायिक हिरासत में दो सप्ताह पहले समुदाय के एक सदस्य की मौत की निष्पक्ष जांच नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुये गुजरात के अमरेली जिले के 200 दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाने की धमकी दी है. अमरेली सब-जेल में बंद जिग्नेश सौंदरवा (29) की 15 जून को एक सिविल अस्पताल में मौत हो गयी.टिप्पणियां
हालांकि अमरेली पुलिस ने आज जिग्नेश सौंदरवा की हत्या के आरोप में सब-जेल के चार कैदियों को हिरासत में लिया. दलित समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ पीड़ितों के परिजनों ने जांच को लेकर नाराजगी जाहिर की और धर्म परिवर्तन के लिए फ़ॉर्म लेने के वास्ते कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. पुलिस ने बताया था कि स्वास्थ्य समस्याओं के बाद सौंदरवा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह अमरेली के सब-जेल में बंद था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि अमरेली पुलिस ने आज जिग्नेश सौंदरवा की हत्या के आरोप में सब-जेल के चार कैदियों को हिरासत में लिया. दलित समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ पीड़ितों के परिजनों ने जांच को लेकर नाराजगी जाहिर की और धर्म परिवर्तन के लिए फ़ॉर्म लेने के वास्ते कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. पुलिस ने बताया था कि स्वास्थ्य समस्याओं के बाद सौंदरवा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह अमरेली के सब-जेल में बंद था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त पाठ: पुलिस हिरासत में दलित समुदाय के एक शख्स की हो गई थी मौत
पुलिस के मुताबिक मृतक की तबियत बिगड़ गई थी
दलित समुदाय के लोगों ने लगाया निष्पक्ष जांच करने का आरोप
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: पिछले नौ साल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विमान से किए गए विदेशी दौरों पर 642 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च हुई है।
सूचना का अधिकार कानून के तहत इस जानकारी का खुलासा प्रधानमंत्री कार्यालय ने किया है। केंद्रीय सूचना आयोग ने हाल ही में दिए एक आदेश में मंत्रिमंडल सचिवालय से व्यापक जनहित के मद्देनजर मंत्रियों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की यात्रा पर हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए कहा।
मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) सत्यानंद मिश्रा ने कहा, हमने देखा है कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसी रसूखदार हस्तियों की यात्रा को लेकर लोगों की गहरी दिलचस्पी रहती है। आरटीआई आवेदनों के जरिये अक्सर इन दौरों के बारे में जानकारी मांगी जाती है।टिप्पणियां
पिछले साल पीटीआई को मिली सूचना में खुलासा किया गया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर 223 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद वीआईपी दौरों को लेकर बहस शुरू हो गई थी। मनमोहन सिंह की यात्रा संबंधी सूची से पता चलता है कि वर्ष 2012 में वह जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए मैक्सिको और रियो प्लस 20 शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील गए थे। उनके इस सात-दिवसीय दौरे पर सबसे अधिक, 26.94 करोड़ रुपये खर्च हुए।
मनमोहन 2010 में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन, ब्रिक (बीआरआईसी) सम्मेलन और आईबीएसए सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के वाशिंगटन डीसी और ब्राजील गए थे। इस दौरे की हवाई यात्रा पर 22.70 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
सूचना का अधिकार कानून के तहत इस जानकारी का खुलासा प्रधानमंत्री कार्यालय ने किया है। केंद्रीय सूचना आयोग ने हाल ही में दिए एक आदेश में मंत्रिमंडल सचिवालय से व्यापक जनहित के मद्देनजर मंत्रियों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की यात्रा पर हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए कहा।
मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) सत्यानंद मिश्रा ने कहा, हमने देखा है कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसी रसूखदार हस्तियों की यात्रा को लेकर लोगों की गहरी दिलचस्पी रहती है। आरटीआई आवेदनों के जरिये अक्सर इन दौरों के बारे में जानकारी मांगी जाती है।टिप्पणियां
पिछले साल पीटीआई को मिली सूचना में खुलासा किया गया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर 223 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद वीआईपी दौरों को लेकर बहस शुरू हो गई थी। मनमोहन सिंह की यात्रा संबंधी सूची से पता चलता है कि वर्ष 2012 में वह जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए मैक्सिको और रियो प्लस 20 शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील गए थे। उनके इस सात-दिवसीय दौरे पर सबसे अधिक, 26.94 करोड़ रुपये खर्च हुए।
मनमोहन 2010 में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन, ब्रिक (बीआरआईसी) सम्मेलन और आईबीएसए सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के वाशिंगटन डीसी और ब्राजील गए थे। इस दौरे की हवाई यात्रा पर 22.70 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) सत्यानंद मिश्रा ने कहा, हमने देखा है कि राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसी रसूखदार हस्तियों की यात्रा को लेकर लोगों की गहरी दिलचस्पी रहती है। आरटीआई आवेदनों के जरिये अक्सर इन दौरों के बारे में जानकारी मांगी जाती है।टिप्पणियां
पिछले साल पीटीआई को मिली सूचना में खुलासा किया गया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर 223 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद वीआईपी दौरों को लेकर बहस शुरू हो गई थी। मनमोहन सिंह की यात्रा संबंधी सूची से पता चलता है कि वर्ष 2012 में वह जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए मैक्सिको और रियो प्लस 20 शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील गए थे। उनके इस सात-दिवसीय दौरे पर सबसे अधिक, 26.94 करोड़ रुपये खर्च हुए।
मनमोहन 2010 में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन, ब्रिक (बीआरआईसी) सम्मेलन और आईबीएसए सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के वाशिंगटन डीसी और ब्राजील गए थे। इस दौरे की हवाई यात्रा पर 22.70 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
पिछले साल पीटीआई को मिली सूचना में खुलासा किया गया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान विदेशी दौरों पर 223 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद वीआईपी दौरों को लेकर बहस शुरू हो गई थी। मनमोहन सिंह की यात्रा संबंधी सूची से पता चलता है कि वर्ष 2012 में वह जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए मैक्सिको और रियो प्लस 20 शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील गए थे। उनके इस सात-दिवसीय दौरे पर सबसे अधिक, 26.94 करोड़ रुपये खर्च हुए।
मनमोहन 2010 में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन, ब्रिक (बीआरआईसी) सम्मेलन और आईबीएसए सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के वाशिंगटन डीसी और ब्राजील गए थे। इस दौरे की हवाई यात्रा पर 22.70 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
मनमोहन 2010 में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन, ब्रिक (बीआरआईसी) सम्मेलन और आईबीएसए सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के वाशिंगटन डीसी और ब्राजील गए थे। इस दौरे की हवाई यात्रा पर 22.70 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
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पिछले नौ साल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विमान से किए गए विदेशी दौरों पर 642 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च हुई है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अगर आपको दुनिया के किसी भी कोने में कभी थाने जाने का मौका मिला हो तो वहां आपने थानेदार को देखा होगा. मध्य प्रदेश में एक ऐसा थाना है, जहां के थानेदार भगवान हनुमान हैं. यह बात सुनने में थोड़ी अजीब है क्योंकि जिस भगवान हनुमान कोई देख नहीं पाता है भला वह थानेदारी कैसे कर सकते हैं. दरअसल, खंडवा जिले के मोघट थाना में भले ही कागज पर थानेदार पदस्थ रहता हों, लेकिन मान्यता है कि थाना बजरंगबली की कृपा से ही चलता है. बताया जाता है कि खंडवा का मोघट थाना श्मशान की जमीन पर बना है. करीब 25 साल पहले श्मशान को तोड़कर यहां थाना बनाया गया था. इलाके के लोगों का कहना है कि यहां अदृश्य शक्तियां निवास करती हैं. कहा जाता है कि थाना बनने के बाद यहां कई ऐसी घटनाएं घटीं जो लोगों के समझ से परे था. इसके बाद थाने के पुलिसकर्मियों ने यहां भगवान हनुमान की मूर्ति स्थापित कर पूजा-पाठ शुरू कर दिया. लोगों का कहना है कि जिसके बाद से यहां स्थितियां सामान्य हो गईं.
शुरुआती दिनों में इस थाने में जिस भी थानेदार की तैनाती होती, एक साल के अंदर उसका निलंबन हो जाता था. इसे इत्तेफाक कहें कि शुरुआत में कुछ थानेदारों के निलंबन यहां जल्दी-जल्दी हुए थे. लोगों ने इस घटना को भी श्मशान पर थाने के बने होने की घटना से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. हालांकि पुलिस विभाग का कहना है कि इलाके में अपराधियों का बोलबाला है, इसलिए यहां वारदातें होती रहती हैं. बड़े वारदात के बाद थानेदार का निलंबन पुलिस महकमे में सामान्य प्रक्रिया है. टिप्पणियां
इसके बाद से इस थाने में जिस भी पुलिसकर्मी की तैनाती होती है वह सुबह-शाम भगवान हनुमान को सैल्यूट करते हैं. बाहर से आने वाले एसपी जैसे बड़े पुलिस अधिकारी भी हनुमान की मूर्ति के सामने सिर झुकाते हैं. यहां हनुमान जयंती बड़े पैमाने पर मनाया जाता है.
शुरुआती दिनों में इस थाने में जिस भी थानेदार की तैनाती होती, एक साल के अंदर उसका निलंबन हो जाता था. इसे इत्तेफाक कहें कि शुरुआत में कुछ थानेदारों के निलंबन यहां जल्दी-जल्दी हुए थे. लोगों ने इस घटना को भी श्मशान पर थाने के बने होने की घटना से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. हालांकि पुलिस विभाग का कहना है कि इलाके में अपराधियों का बोलबाला है, इसलिए यहां वारदातें होती रहती हैं. बड़े वारदात के बाद थानेदार का निलंबन पुलिस महकमे में सामान्य प्रक्रिया है. टिप्पणियां
इसके बाद से इस थाने में जिस भी पुलिसकर्मी की तैनाती होती है वह सुबह-शाम भगवान हनुमान को सैल्यूट करते हैं. बाहर से आने वाले एसपी जैसे बड़े पुलिस अधिकारी भी हनुमान की मूर्ति के सामने सिर झुकाते हैं. यहां हनुमान जयंती बड़े पैमाने पर मनाया जाता है.
इसके बाद से इस थाने में जिस भी पुलिसकर्मी की तैनाती होती है वह सुबह-शाम भगवान हनुमान को सैल्यूट करते हैं. बाहर से आने वाले एसपी जैसे बड़े पुलिस अधिकारी भी हनुमान की मूर्ति के सामने सिर झुकाते हैं. यहां हनुमान जयंती बड़े पैमाने पर मनाया जाता है.
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यह एक सारांश है: खंडवा जिले के इस थाने में लगी है भगवान हनुमान की मूर्ति
थाने में तैनात पुलिसकर्मी मूर्ति के सामने करते हैं सैल्यूट
इलाके के लोग भगवान हनुमान को समझते हैं इस थाने के थानेदार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर आत्ममंथन का दौर जारी है. इस बीच कांग्रेस की हार को लेकर पार्टी की रायबरेली सांसद सोनिया गांधी ने चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए हैं. वहीं, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का कहना है कि वो इस बात का पता लगाएंगी कि किस कार्यकर्ता ने चुनाव में मन लगाकर काम नहीं किया. इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. करीब 18 महीनों के बाद कांग्रेस प्रवक्ता ने किसी मंच पर अपनी राय रखी. कांग्रेस के अंदर गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर कुछ परेशानियां हैं, लेकिन कांग्रेस का इतिहास बहुत पुराना है, ऐसी परिस्थितियों में कांग्रेस पार्टी हमेशा निकलकर बाहर आई है. उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल, और कल नहीं तो परसो, कांग्रेस इन परिस्थितियों से बाहर निकल कर आएगी. मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हम राजनीति में सिर्फ सत्ता में रहने के लिए नहीं आए हैं. और यही कांग्रेस और बीजेपी के बीच का बुनियादी फर्क है.
राहुल गांधी का बचाव करते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और शायद इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दिया. कांग्रेस नेता के मुताबिक राजनीतिक दलों में आत्ममंथन की जरूरत हमेशा रहती है. कांग्रेस 1999 से ही इस पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इससे पहले जो आत्ममंथन हुआ था, जो गलतियां हुईं थी उनमें से कुछ को स्वीकार किया गया था और कुछ को अस्वीकार. जिन्हें स्वीकार किया गया था उन्हें भी पूरी तरीके से पार्टी में लागू नहीं हुआ. अय्यर ने कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ किसी एक शख्स की नहीं बल्कि हम सभी वरिष्ठ साथियों की होती हैं.
मणिशकंर अय्यर ने कहा कि मैं काफी लंबे समय से कांग्रेस को करीब से देखता हुआ आ रहा हूं. कांग्रेस के अंदर मतभेद पहली बार नहीं हो रहे हैं. इससे पहले भी हुए हैं. इन मतभेदों को संभालना ही शीर्ष नेतृत्व का काम है. और आज भी इन्हें संभालने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन मतभेदों के साथ बड़ी जीत भी दर्ज की है और बड़ी हारों का भी मिलकर सामना किया है. कांग्रेस नेता के मुताबिक पहले भी संभले हैं और आगे भी इससे संभलेंगे.
मणिशंकर ने कहा कि कांग्रेस का एक बड़ा परिवार था जोकि टूटकर कई हिस्सों में बंट गया था. उनके अनुसार निजी राय पर भले ही सब अलग हो गए हों. लेकिन सैद्धांतिक तौर हम सब एक हैं. उन्होंने कहा कि उन लोगों को परिवार में वापिस लेकर आने की जरूरत है. मणिशंकर अय्यर ने राजीव गांधी के फार्मूले को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायतों को भी लोकतंत्र का हिस्सा बनाने की पैरवी की थी. आज एक बार फिर से उस पर विचार करने की जरूरत है.
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सारांश: 18 महीने की चुप्पी के बाद बोले मणिशंकर अय्यर
चुनावों में मिली कांग्रेस की हार पर अय्यर के सुझाव
कई सवालों के खुलकर दिए जवाब
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: दार्जिलिंग से 15 किलोमीटर दूर सोनाडा में एक युवक का शव बरामद होने के बाद यहां फिर से हिंसा भड़क उठी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आधी रात को युवक को उस वक्त गोली मार दी, जब वह दवा लेकर घर जा रहा था. हालांकि अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि मृतक ताशी भूटिया गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट का सदस्य था या गोरखा जन मुक्ति मोर्चा का.टिप्पणियां
तृणमूल नेता गौतम देब ने कहा कि सोनाडा में आधी रात को कोई पुलिस फायरिंग नहीं हुई है, ताशी भूटिया की मौत किस कारण से हुई है इसकी जांच होगी. गोरखालैंड समर्थकों ने सोनाडा पुलिस स्टेशन पर पथराव किया. लोगों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरुंग मामले में एक बैठक भी बुलाई है. अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 24वां दिन है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, हमारे पास पुलिस गोलीबारी की कोई रिपोर्ट नहीं है. मामले की जांच की जा रही है. जीजेएम और अन्य पर्वतीय दलों ने पुलिस पर युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. जीजेएम नेता बिनय तमांग ने कहा, पुलिस ने बिना कारण ही युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के जख्म के निशान हैं. इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को सजा दी जाए. मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों गोरखालैंड समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे. वहीं, हड़ताल के चलते खाद्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने के बीच जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन वितरित किया. दवा की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहे और इंटरनेट सेवाएं 21वें दिन भी बाधित रही.
तृणमूल नेता गौतम देब ने कहा कि सोनाडा में आधी रात को कोई पुलिस फायरिंग नहीं हुई है, ताशी भूटिया की मौत किस कारण से हुई है इसकी जांच होगी. गोरखालैंड समर्थकों ने सोनाडा पुलिस स्टेशन पर पथराव किया. लोगों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरुंग मामले में एक बैठक भी बुलाई है. अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 24वां दिन है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, हमारे पास पुलिस गोलीबारी की कोई रिपोर्ट नहीं है. मामले की जांच की जा रही है. जीजेएम और अन्य पर्वतीय दलों ने पुलिस पर युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. जीजेएम नेता बिनय तमांग ने कहा, पुलिस ने बिना कारण ही युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के जख्म के निशान हैं. इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को सजा दी जाए. मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों गोरखालैंड समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे. वहीं, हड़ताल के चलते खाद्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने के बीच जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन वितरित किया. दवा की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहे और इंटरनेट सेवाएं 21वें दिन भी बाधित रही.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, हमारे पास पुलिस गोलीबारी की कोई रिपोर्ट नहीं है. मामले की जांच की जा रही है. जीजेएम और अन्य पर्वतीय दलों ने पुलिस पर युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. जीजेएम नेता बिनय तमांग ने कहा, पुलिस ने बिना कारण ही युवक की हत्या कर दी. उसके शरीर पर गोलियों के जख्म के निशान हैं. इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को सजा दी जाए. मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों गोरखालैंड समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे. वहीं, हड़ताल के चलते खाद्य आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने के बीच जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन वितरित किया. दवा की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहे और इंटरनेट सेवाएं 21वें दिन भी बाधित रही.
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यह एक सारांश है: जीजेएम और अन्य पर्वतीय दलों ने पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
अलग राज्य की मांग को लेकर 24वें दिन भी हड़ताल जारी
गोरखालैंड समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के दस्तावेज लीक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन के प्रत्यर्पण की अमेरिका की मांग को रूस के विदेश मंत्री ने बड़ी रुखाई से ठुकराते हुए कहा है कि स्नोडेन ने अभी तक रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया है।
हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिकी न्यायप्रणाली की जद में आने से बचने की कोशिश में स्नोडेन रूस की सीमा में घुस गया है।
विदेशमंत्री सेरेगी लावरोव ने जोर देते हुए कहा कि उससे या उसकी यात्रा योजनाओं से रूस का कोई लेना-देना नहीं है।
लावरोव यह नहीं बता सके कि स्नोडेन कहां है लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पण की मांग करने और उसे पूरा नहीं करने पर नकारात्मक परिणाम भुगतने की धमकी देने पर बेहद गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
लावरोव ने कहा, ‘‘हम यह मानते हैं कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का रूस पर लगाया गया आरोप भी किसी प्रकार का षड्यंत्र है, और ऐसे में उसे दी गई धमकी निराधार और अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी अधिकारियों के ऐसे व्यवहार का कोई आधार नहीं है और हम इसी पर आगे काम करेंगे।’’
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिकी न्यायप्रणाली की जद में आने से बचने की कोशिश में स्नोडेन रूस की सीमा में घुस गया है।
विदेशमंत्री सेरेगी लावरोव ने जोर देते हुए कहा कि उससे या उसकी यात्रा योजनाओं से रूस का कोई लेना-देना नहीं है।
लावरोव यह नहीं बता सके कि स्नोडेन कहां है लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पण की मांग करने और उसे पूरा नहीं करने पर नकारात्मक परिणाम भुगतने की धमकी देने पर बेहद गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
लावरोव ने कहा, ‘‘हम यह मानते हैं कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का रूस पर लगाया गया आरोप भी किसी प्रकार का षड्यंत्र है, और ऐसे में उसे दी गई धमकी निराधार और अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी अधिकारियों के ऐसे व्यवहार का कोई आधार नहीं है और हम इसी पर आगे काम करेंगे।’’
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
विदेशमंत्री सेरेगी लावरोव ने जोर देते हुए कहा कि उससे या उसकी यात्रा योजनाओं से रूस का कोई लेना-देना नहीं है।
लावरोव यह नहीं बता सके कि स्नोडेन कहां है लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पण की मांग करने और उसे पूरा नहीं करने पर नकारात्मक परिणाम भुगतने की धमकी देने पर बेहद गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
लावरोव ने कहा, ‘‘हम यह मानते हैं कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का रूस पर लगाया गया आरोप भी किसी प्रकार का षड्यंत्र है, और ऐसे में उसे दी गई धमकी निराधार और अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी अधिकारियों के ऐसे व्यवहार का कोई आधार नहीं है और हम इसी पर आगे काम करेंगे।’’
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
लावरोव यह नहीं बता सके कि स्नोडेन कहां है लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा प्रत्यर्पण की मांग करने और उसे पूरा नहीं करने पर नकारात्मक परिणाम भुगतने की धमकी देने पर बेहद गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
लावरोव ने कहा, ‘‘हम यह मानते हैं कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का रूस पर लगाया गया आरोप भी किसी प्रकार का षड्यंत्र है, और ऐसे में उसे दी गई धमकी निराधार और अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी अधिकारियों के ऐसे व्यवहार का कोई आधार नहीं है और हम इसी पर आगे काम करेंगे।’’
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
लावरोव ने कहा, ‘‘हम यह मानते हैं कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का रूस पर लगाया गया आरोप भी किसी प्रकार का षड्यंत्र है, और ऐसे में उसे दी गई धमकी निराधार और अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी अधिकारियों के ऐसे व्यवहार का कोई आधार नहीं है और हम इसी पर आगे काम करेंगे।’’
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
अमेरिका और इक्वाडोर के अधिकारियों का कहना है कि वह मानते हैं कि स्नोडेन अभी भी रूस में है। हांगकांग में अपने छुपने की जगह के बारे में पता चलने के बाद वह रविवार को भाग कर रूस पहुंचे।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
दूसरी ओर वियतनाम की यात्रा पर गए इक्वाडोर के विदेशमंत्री रिकाडरे पैटिनो ने हनोई में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं है कि स्नोडेन कहां हैं।टिप्पणियां
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
रूस से क्यूबा के लिए स्नोडेन के नाम पर विमान में आरक्षित सीट खाली रहने के बाद उन्होंने यह बात कही। मंत्री का कहना है कि अमेरिका में जासूसी का आरोप झेल रहे स्नोडेन ने इक्वाडोर से शरण देने का अनुरोध किया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह कहां हैं।’’ विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज का कहना है कि स्नोडेन जहां भी हैं सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने इस संबंध में और कोई जानकारी नहीं दी।
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सारांश: राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के दस्तावेज लीक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन के प्रत्यर्पण की अमेरिका की मांग को रूस के विदेश मंत्री ने बड़ी रुखाई से ठुकराते हुए कहा है कि स्नोडेन ने अभी तक रूस की सीमा में प्रवेश नहीं किया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली निगम चुनाव में बीजेपी के 10 उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त हो गए हैं..लेकिन 6 पर कवरिंग प्रत्याशी होने के चलते अब दूसरे उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे लेकिन 4 वार्डों में बीजेपी के सिंबल पर अब कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाएगा क्योंकि यहां से कवरिंग प्रत्याशी भी नहीं था. स्वराज इंडिया पार्टी के 24 उम्मीदवारों के नामांकन राज्य चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिए हैं.
हालांकि गुरुवार को मीनाक्षी लेखी के साथ एक डेलीगेशन दोपहर को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला भी लेकिन इसके बावजूद चार उम्मीदवार लड़ाई से बाहर हो गए हैं..अब बीजेपी इन 4 वार्डों में निर्दलीय को समर्थन देने की सोच रही है..वहीं कांग्रेस के एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया है.
उधर स्वराज इंडिया पार्टी के 24 उम्मीदवारों के नामांकन राज्य चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिए हैं. योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर रिटर्निंग आफिसर ने इतने बड़े पैमाने पर उनके उम्मीदवारों के नाम निरस्त किए हैं. दिल्ली में तीनों निगमों में अब 2859 उम्मीदवार बचे हैं जबकि 4605 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा था. लेकिन 1719 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हो गए जबकि कईयों ने नाम वापस ले लिया.
दिल्ली में एमसीडी चुनावों के मद्देनजर प्रचार जोरों पर है और तीन तारीख को नामांकन भरे जाने की आखिरी तारीख थी. इसी दिन बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की थी. इसी दिन पार्टी प्रत्याशियों को अपने नामांकन भरने थे.
जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. यानि चुनाव से पहले ही बीजेपी कम से कम चार सीटों पर बिना चुनाव लड़े ही हार गई है.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
हालांकि गुरुवार को मीनाक्षी लेखी के साथ एक डेलीगेशन दोपहर को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला भी लेकिन इसके बावजूद चार उम्मीदवार लड़ाई से बाहर हो गए हैं..अब बीजेपी इन 4 वार्डों में निर्दलीय को समर्थन देने की सोच रही है..वहीं कांग्रेस के एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया है.
उधर स्वराज इंडिया पार्टी के 24 उम्मीदवारों के नामांकन राज्य चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिए हैं. योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर रिटर्निंग आफिसर ने इतने बड़े पैमाने पर उनके उम्मीदवारों के नाम निरस्त किए हैं. दिल्ली में तीनों निगमों में अब 2859 उम्मीदवार बचे हैं जबकि 4605 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा था. लेकिन 1719 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हो गए जबकि कईयों ने नाम वापस ले लिया.
दिल्ली में एमसीडी चुनावों के मद्देनजर प्रचार जोरों पर है और तीन तारीख को नामांकन भरे जाने की आखिरी तारीख थी. इसी दिन बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की थी. इसी दिन पार्टी प्रत्याशियों को अपने नामांकन भरने थे.
जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. यानि चुनाव से पहले ही बीजेपी कम से कम चार सीटों पर बिना चुनाव लड़े ही हार गई है.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
उधर स्वराज इंडिया पार्टी के 24 उम्मीदवारों के नामांकन राज्य चुनाव आयोग ने निरस्त कर दिए हैं. योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर रिटर्निंग आफिसर ने इतने बड़े पैमाने पर उनके उम्मीदवारों के नाम निरस्त किए हैं. दिल्ली में तीनों निगमों में अब 2859 उम्मीदवार बचे हैं जबकि 4605 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा था. लेकिन 1719 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हो गए जबकि कईयों ने नाम वापस ले लिया.
दिल्ली में एमसीडी चुनावों के मद्देनजर प्रचार जोरों पर है और तीन तारीख को नामांकन भरे जाने की आखिरी तारीख थी. इसी दिन बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की थी. इसी दिन पार्टी प्रत्याशियों को अपने नामांकन भरने थे.
जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. यानि चुनाव से पहले ही बीजेपी कम से कम चार सीटों पर बिना चुनाव लड़े ही हार गई है.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
दिल्ली में एमसीडी चुनावों के मद्देनजर प्रचार जोरों पर है और तीन तारीख को नामांकन भरे जाने की आखिरी तारीख थी. इसी दिन बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की थी. इसी दिन पार्टी प्रत्याशियों को अपने नामांकन भरने थे.
जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. यानि चुनाव से पहले ही बीजेपी कम से कम चार सीटों पर बिना चुनाव लड़े ही हार गई है.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है. बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. यानि चुनाव से पहले ही बीजेपी कम से कम चार सीटों पर बिना चुनाव लड़े ही हार गई है.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
जानकारी के अनुसार यह चार सीटें ईस्ट विनोद नगर, किशनगंज, अबुल फजल और बापरौला के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द. सबसे बड़ी बात कि इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी यहां किसी निर्दलीय को समर्थन देगी. यानि बीजेपी किसी निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करेगी और चुनाव पूर्व गठबंधन के हिसाब से चुनाव की तैयारी में लग गई है. यह काम पार्टी के दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद देख रहे हैं.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
नाराज़ पार्टी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अंतिम समय में लिस्ट निकालने के चलते बीजेपी प्रत्याशियों को ये खामियाजा भुगतना पड़ा है.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
जिन बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं उनके नाम हैं बापरौला से संजू बाला, अबुल फजल से हैदर जमाल, किशन गंज से मोनिका छाबड़ा और इस्ट विनोद नगर से रवींद्र नेगी.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जांच बिठाई कि आखिर कैसे ये गलती हुई है. गौर करने की बात यह है कि रविंद्र नेगी की कवरिंग कैंडिडेट उसकी पत्नी रेणू नेगी हैं. उससे भी ज्यादा गौर करने की बात यह है कि दोनों ने एक ही गलती की है. दोनों ने नामांकन फार्म के एक कागज पर दस्तखत नहीं किए हैं.
कांग्रेस की द्वारका ए वार्ड से उम्मीदवार सुधा और जेडीयू के चार प्रत्याशियों के नामांकन भी रद्द हुए हैं.टिप्पणियां
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
बीजेपी के वजीरपुर और ख्याला वार्ड के उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द हुए हैं लेकिन यहां कवरिंग प्रत्याशियों के होने से बीजेपी को नुकसान नहीं हुआ है. बता दें कि आठ सीटों पर बीजेपी के नामांकन रद्द हुआ है. लेकिन बाकी चार सीटों पर कवरिंग प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त से बीजेपी के कानूनी सलाहकार गुहार लगा रहे हैं कि इन लोगों को सुनवाई का एक मौका और दिया जाए.
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जांच के बाद दिल्ली चुनाव आयोग ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है.
बीजेपी के चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं.
इन चारों ही सीटों पर कोई कवरिंग उम्मीदवार भी नहीं था.
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) में अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव में भारत द्वारा श्रीलंका के खिलाफ मतदान करने के बाद इस पड़ोसी देश ने प्रतिक्रिया स्वरूप त्रिनकोमाली स्थित इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) की स्थानीय इकाई के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने की घोषणा की है।
हालांकि, भारत सरकार ने इस तरह की रिपोर्टों को खारिज किया है।
श्रीलंका के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि सरकार की नजर उत्तर पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिनकोमाली के 99 तेल टैंक की भंडारण सुविधा पर है। हालांकि, सूचना मंत्री केहेलिया राम्बुकवेला ने आज घोषणा की कि श्रीलंका की योजना इंडियन ऑयल की स्थानीय इकाई लंका आईओसी के ऐसे टैंकों को वापस लेने की है जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
नई दिल्ली में भारत ने इस तरह की रिपोर्टों से इनकार किया है कि श्रीलंका सरकार ने इंडियन ऑयल के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार को इस संबंद्ध में आश्वस्त किया गया है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट सही नहीं हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्थानीय इकाई द्वारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे तेल टैंकों को वापस लेने का प्रावधान है। स्थानीय आईओसी ने वर्ष 2003 में श्रीलंका सरकार के खुदरा तेल कारोबार का एक-तिहाई खरीद लिया था और नई इकाई को श्रीलंका आईओसी नाम दिया गया।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
हालांकि, भारत सरकार ने इस तरह की रिपोर्टों को खारिज किया है।
श्रीलंका के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि सरकार की नजर उत्तर पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिनकोमाली के 99 तेल टैंक की भंडारण सुविधा पर है। हालांकि, सूचना मंत्री केहेलिया राम्बुकवेला ने आज घोषणा की कि श्रीलंका की योजना इंडियन ऑयल की स्थानीय इकाई लंका आईओसी के ऐसे टैंकों को वापस लेने की है जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
नई दिल्ली में भारत ने इस तरह की रिपोर्टों से इनकार किया है कि श्रीलंका सरकार ने इंडियन ऑयल के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार को इस संबंद्ध में आश्वस्त किया गया है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट सही नहीं हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्थानीय इकाई द्वारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे तेल टैंकों को वापस लेने का प्रावधान है। स्थानीय आईओसी ने वर्ष 2003 में श्रीलंका सरकार के खुदरा तेल कारोबार का एक-तिहाई खरीद लिया था और नई इकाई को श्रीलंका आईओसी नाम दिया गया।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
श्रीलंका के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि सरकार की नजर उत्तर पूर्वी बंदरगाह जिले त्रिनकोमाली के 99 तेल टैंक की भंडारण सुविधा पर है। हालांकि, सूचना मंत्री केहेलिया राम्बुकवेला ने आज घोषणा की कि श्रीलंका की योजना इंडियन ऑयल की स्थानीय इकाई लंका आईओसी के ऐसे टैंकों को वापस लेने की है जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
नई दिल्ली में भारत ने इस तरह की रिपोर्टों से इनकार किया है कि श्रीलंका सरकार ने इंडियन ऑयल के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार को इस संबंद्ध में आश्वस्त किया गया है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट सही नहीं हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्थानीय इकाई द्वारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे तेल टैंकों को वापस लेने का प्रावधान है। स्थानीय आईओसी ने वर्ष 2003 में श्रीलंका सरकार के खुदरा तेल कारोबार का एक-तिहाई खरीद लिया था और नई इकाई को श्रीलंका आईओसी नाम दिया गया।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
नई दिल्ली में भारत ने इस तरह की रिपोर्टों से इनकार किया है कि श्रीलंका सरकार ने इंडियन ऑयल के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार को इस संबंद्ध में आश्वस्त किया गया है कि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट सही नहीं हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्थानीय इकाई द्वारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे तेल टैंकों को वापस लेने का प्रावधान है। स्थानीय आईओसी ने वर्ष 2003 में श्रीलंका सरकार के खुदरा तेल कारोबार का एक-तिहाई खरीद लिया था और नई इकाई को श्रीलंका आईओसी नाम दिया गया।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
राम्बुकवेला ने कहा कि इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्थानीय इकाई द्वारा इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे तेल टैंकों को वापस लेने का प्रावधान है। स्थानीय आईओसी ने वर्ष 2003 में श्रीलंका सरकार के खुदरा तेल कारोबार का एक-तिहाई खरीद लिया था और नई इकाई को श्रीलंका आईओसी नाम दिया गया।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
निजीकरण के तहत श्रीलंका ने दूसरे विश्व युद्ध के समय के 99 तेल भंडारण टैंक परिसर लंका आईओसी को दे दिया था। कंपनी इनमें से सिर्फ 15 का इस्तेमाल कर रही है तथा दो अन्य का नवीकरण कर रही है।टिप्पणियां
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि नए पेट्रोलियम मंत्री अनुरा यापा ने जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद सरकारी सिलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन के कारोबार विस्तार की पहल की थी। इसके तहत वह सरकारी कंपनी की भंडारण क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
राम्बुकवेला ने कहा कि यदि वे इन टैंकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो सिलोन पेट्रोलियम उन्हें वापस चाहती है, जिससे उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।
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यह एक सारांश है: यूएनएचआरसी में अमेरिका प्रायोजित प्रस्ताव में भारत द्वारा श्रीलंका के खिलाफ मतदान करने के बाद इस पड़ोसी देश ने प्रतिक्रिया स्वरूप त्रिनकोमाली स्थित आईओसी की स्थानीय इकाई के रणनीतिक तेल डिपो के कुछ हिस्से को अपने अधिकार में लेने की घोषणा की है।
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिलायंस के केजी बेसिन स्थित डी6 ब्लॉक की भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) द्वारा लेखापरीक्षा को लेकर उत्पन्न मतभेदों के बीच कैग ने कहा है कि वह क्षेत्र के कार्यप्रदर्शन की नहीं बल्कि क्षेत्र में हुए खर्च के औचित्य की जांच करना चाहता है।
लेखापरीक्षा के तौर तरीकों को लेकर मतभेद सामने आने के बाद कैग ने पिछले महीने रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 ब्लॉक का ऑडिट रोक दिया था। बहरहाल, कैग ने अब कहा है कि वह ऑडिट फिर से शुरू करना चाहता है।
कैग ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘उसका कंपनी के कामकाज का ऑडिट करने का विचार नहीं है लेकिन उत्पादन भागीदारी अनुबंध में उल्लेखित शर्त के अनुसार केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 केजी-डी6: ब्लाक पर हुए खर्च उससे संबंधित पूरे रिकॉर्ड, व्यय, प्राप्ति की रसीद की जांच करना महत्वपूर्ण है। वह इस ब्लाक पर किए गए खर्च के औचित्य की जांच करना चाहता है।’’
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक चाहता है कि रिकार्ड मांगने का अधिकार सरकार या उसके ऑडिटर के पास हो। वह यह भी चाहता है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। टिप्पणियां
गत 12 मार्च को कैग की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘बहीखातों की जांच केवल वित्तीय और उसके औचित्य पर होगा।’’ कैग के अनुसार उसके ऑडिट का मकसद सरकार के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
लेखापरीक्षा के तौर तरीकों को लेकर मतभेद सामने आने के बाद कैग ने पिछले महीने रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 ब्लॉक का ऑडिट रोक दिया था। बहरहाल, कैग ने अब कहा है कि वह ऑडिट फिर से शुरू करना चाहता है।
कैग ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘उसका कंपनी के कामकाज का ऑडिट करने का विचार नहीं है लेकिन उत्पादन भागीदारी अनुबंध में उल्लेखित शर्त के अनुसार केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 केजी-डी6: ब्लाक पर हुए खर्च उससे संबंधित पूरे रिकॉर्ड, व्यय, प्राप्ति की रसीद की जांच करना महत्वपूर्ण है। वह इस ब्लाक पर किए गए खर्च के औचित्य की जांच करना चाहता है।’’
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक चाहता है कि रिकार्ड मांगने का अधिकार सरकार या उसके ऑडिटर के पास हो। वह यह भी चाहता है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। टिप्पणियां
गत 12 मार्च को कैग की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘बहीखातों की जांच केवल वित्तीय और उसके औचित्य पर होगा।’’ कैग के अनुसार उसके ऑडिट का मकसद सरकार के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
कैग ने पेट्रोलियम मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘उसका कंपनी के कामकाज का ऑडिट करने का विचार नहीं है लेकिन उत्पादन भागीदारी अनुबंध में उल्लेखित शर्त के अनुसार केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 केजी-डी6: ब्लाक पर हुए खर्च उससे संबंधित पूरे रिकॉर्ड, व्यय, प्राप्ति की रसीद की जांच करना महत्वपूर्ण है। वह इस ब्लाक पर किए गए खर्च के औचित्य की जांच करना चाहता है।’’
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक चाहता है कि रिकार्ड मांगने का अधिकार सरकार या उसके ऑडिटर के पास हो। वह यह भी चाहता है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। टिप्पणियां
गत 12 मार्च को कैग की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘बहीखातों की जांच केवल वित्तीय और उसके औचित्य पर होगा।’’ कैग के अनुसार उसके ऑडिट का मकसद सरकार के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक चाहता है कि रिकार्ड मांगने का अधिकार सरकार या उसके ऑडिटर के पास हो। वह यह भी चाहता है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करे कि रिलायंस इंडस्ट्रीज सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए। टिप्पणियां
गत 12 मार्च को कैग की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘बहीखातों की जांच केवल वित्तीय और उसके औचित्य पर होगा।’’ कैग के अनुसार उसके ऑडिट का मकसद सरकार के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
गत 12 मार्च को कैग की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘बहीखातों की जांच केवल वित्तीय और उसके औचित्य पर होगा।’’ कैग के अनुसार उसके ऑडिट का मकसद सरकार के वित्तीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कैग को पत्र लिखकर सी एण्ड एजी (डीपीसी) कानून की 1971 की धारा 20 के तहत केजी डी6 पर हुए खर्च का वर्ष 2008-09 से लेकर 2011-12 अवधि का ऑडिट करने का आग्रह किया था।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रिलायंस के केजी बेसिन स्थित डी6 ब्लॉक की भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) द्वारा लेखापरीक्षा को लेकर उत्पन्न मतभेदों के बीच कैग ने कहा है कि वह क्षेत्र के कार्यप्रदर्शन की नहीं बल्कि क्षेत्र में हुए खर्च के औचित्य की जांच करना चाहता है।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के एक व्यस्त इलाके में स्थित बाजार में सोमवार को आग लग जाने से लगभग 15 दुकानों में रखे गए लाखों के सामान जलकर खाक हो गए जबकि इस हादसे में चार लोग मामूली रूप से झुलस गए। पुलिस के मुताबिक बाबूपुरवा इलाके में स्थित बाजार की एक दुकान में सोमवार तड़के अचानक शार्ट-सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे बाजार में फैल गई। जिन दुकानों में आग लगी उनमें कपड़ा, सीमेंट, मेडिकल स्टोर और परचून की दुकानें शामिल हैं। स्थानीय थाना प्रभारी केएस सरोज ने बताया कि आग काफी गम्भीर हो गई थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया नहीं तो आग के पड़ोस के रिहायशी मकानों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया था। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों ने आग को बुझाने की कोशशि की जिसमें चार लोग झुलस गए हालांकि किसी की हालत गम्भीर नहीं है। सरोज ने कहा कि फिलहाल वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन प्रथम दृष्ट्या आग से करीब 30 से 35 लाख रुपये की सम्पत्ति के नुकसान होने का अनुमान है।
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यह एक सारांश है: कानपुर के एक व्यस्त इलाके में स्थित बाजार में आग लग जाने से लगभग 15 दुकानों में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: जम्मू कश्मीर के पुलवामा के अरिहल गांव में सेना के काफिले पर सोमवार की शाम आतंकी हमला हुआ था. इसमें दो जवान शहीद हो गए हैं. हमले में आतंकियों ने IED का इस्तेमाल किया था. पुलवामा के अरिहल गांव के पास 44 राष्ट्रीय राइफल्स का बख्तरबंद वाहन हमले की चपेट में आ गया. रिपोर्ट की मानें तो हमले में सेना के कैस्पर वाहर को नुकसान पहुंचा. सेना ने एक बयान में आतंकवादियों द्वारा हमले को विफल प्रयास कहा है. बता दें कि बीते बुधवार को जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने CRPF के गश्ती दल पर हमला किया था. इस हमले में सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गए थे. दूसरी तरफ, जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को भी मार गिराया था. मालूम हो कि बीते फरवरी महीने में पुलवामा में ही CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे.
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनकी कमर तोड़ दी थी. पीओके और पाकिस्तान के आतंकी कैंपों पर (Air strike on Terrorist Camp) भारतीय वायुसेना (indian air force) ने हवाई हमला किया था और उसके सारे कैंपों को तबाह कर दिया था. भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 के 12 जेट ने पीओके और पाकिस्तान के बालाकोट (Balakot) में जाकर हवाई हमले (India Strikes) किए थे और आतंकी कैपों को न सिर्फ पूरी तरह तबाह किया, बल्कि करीब 300 आतंकियों को भी मार गिराया था.
वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई में न सिर्फ 300 आतंकवादी मारे गए, बल्कि इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर का बहनोई यूसुफ अज़हर भी मारा गया था जो यह कैंप चला रहा था. भारतीय वायुसेना ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 12 मिराज फाइटर जेट का सहारा लिया. इतना ही नहीं, करीब 1000 किलो बम भी बरसाए गए.
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संक्षिप्त सारांश: जम्मू कश्मीर में हुआ आईईडी ब्लास्ट
जख्मी हुए दो जवान शहीद
IED का हुआ था इस्तेमाल
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाईएस जगनमोहन रेड्डी के वफादार 29 विधायकों ने दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी का नाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके पुत्र के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में शामिल करने के विरोध में रविवार को इस्तीफा देने का निर्णय लिया। सीबीआई इन दिनों जगन के खिलाफ अवैध सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में जांच कर रही है। इस्तीफे की पेशकश करने वाले 24 विधायकों में अधिकतर सत्तारूढ़ कांग्रेस के सदस्य हैं। वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि पांच अन्य विधायक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में बैठक के बाद कांग्रेस नेता अमरनाथ रेड्डी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने अपने प्रिय दिवंगत नेता के प्रति सम्मान के चलते इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "जब वाईएसआर मुख्यमंत्री थे तब कांग्रेस उन्हें भगवान कहती थी और अब वही दल प्राथमिकी में नाम शामिल करके उनका चरित्र हनन कर रही है।" उन्होंने कहा कि वे लोग रविवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष एन. मनोहर को इस्तीफा सौंप देंगे। वाईएसआर कांग्रेस के नेता जूपूडी प्रभाकर ने कहा, "आप को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए अगर सोमवार को 29 और विधायक इस्तीफा सौंप दें।" इसके अलावा सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि दो सांसद और चार विधानपरिषद सदस्य भी इस्तीफे देने की तैयारी कर रहे हैं। सीबीआई आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर जगन के खिलाफ जांच कर रही है। उच्च न्यायालय में याचिका राज्य सरकार के एक मंत्री और तेलुगू देशम पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा दाखिल की गई थी। सीबीआई पिछले चार दिनों से जगन के ठिकानों पर छापा डालकर जांच कर रही है। जगन इन दिनों कृष्णा जिले की यात्रा पर हैं और अपने पिता की मौत पर आत्महत्या करने वाले लोगों के परिजनों से मिल रहे हैं। बैठक में भाग लेने वालों में पी. सुभाष चंद्र बोस, बी. श्रीनिवास रेड्डी, कोंडा सुरेखा और के. रामकृष्णा हैं, जो वाईएसआर मंत्रिमण्डल के सदस्य थे। इनके अलावा अभिनेत्री से विधायक बनीं जयसुधा, प्रजा राज्यम पार्टी की विधायक शोभा नागी रेड्डी ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
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यहाँ एक सारांश है:सीबीआई जगन के खिलाफ अवैध सम्पत्ति के मामले में जांच कर रही है। इस्तीफे की पेशकश करने वाले 24 विधायकों में अधिकतर सत्तारूढ़ कांग्रेस के सदस्य हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में रोटरी क्लब ऑफ़ दिल्ली हेरिटेज द्वारा आयोजित 'Save Earth' कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार रखे. मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए ओम बिरला ने अपने अभिभाषण में कहा कि विश्व पर्यावरण संरक्षण हेतु भारत ने व्यापक प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा, ''पर्यावरण शुद्धता हमारे देश की संस्कृति में है और पुरातन काल से ही हमारे संस्कारों में रही है. वर्तमान परिदृश्य में ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए भारत वैश्विक स्तर पर व्यापक और सराहनीय प्रयास कर रहा है.''
बिरला ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को याद करते हुए कहा कि बापू ने जनभागीदारी और जनांदोलन से समाज को जोड़ने का कार्य किया और देश को एकजुट कर आज़ादी का मार्ग प्रशस्त किया. उन्होंने कहा कि आज स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और परिवर्तन हेतु जनभागीदारी, जनांदोलन और सामूहिक प्रयास ज़रूरी है और नए भारत के निर्माण हेतु समाज में जागरूकता लाने का हमें प्रयास करना चाहिए, जिससे जनभागीदारी द्वारा जब 2022 में आज़ादी के 75 वर्ष मनाएं तो उस लक्ष्य तक पहुंच सकें.
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में क्लब में हुआ कार्यक्रम
बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए लोकसभा अध्यक्ष
पर्यावरण संकट को लेकर रखे अपने विचार
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: किसी ने सच ही कहा है कब और किससे प्यार हो जाए कोई नहीं जानता. यह बात एक बार फिर से राजस्थान के सिरोही जिले के माउंटआबू में सच साबित हुआ है. इस लव स्टोरी में खास बात यह है कि युवक-युवती दोनों 'स्पेशल' हैं. इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि लड़की असम की है और लड़का राजस्थान का है. दोनों ने अपनी लवस्टोरी पर मुहर लगाते हुए शुक्रवार को शादी रचा ली. इस स्पेशल जोड़े की शादी को धूमधाम से कराया गया. इसमें जो भी पहुंचा उसकी जुबान पर बस एक ही बात थी- 'रब ने बना दी जोड़ी.'टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले माउंटआबू में रहने वाले चंदन सिंह उर्फ सोनू किसी को कॉल लगा रहे थे, तभी वह रॉन्ग नंबर लग गया. माउंटआबू के चंदन की कॉल असम के रोजिना को लगी थी. रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत दोनों के बीच कब प्यार में बदल गई इसका उन्हें भी अंदाजा नहीं है. बातचीत बढ़ी तो पता चला की दोनों 'स्पेशल' हैं.
दिल्ली के अंधजन पुनर्वास केंद्र के हॉस्टल में दोनों की पहली बार मुलाकात हुई. कुछ महीने पहले दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. हालांकि रोजिना के घरवाले इस रिश्ते को लेकर तैयार नहीं थे. अंधजन पुनर्वास केंद्र की मदद से रोजिना माउंटआबू पहुंच गई. यहां के पूर्व पार्षद और लोगों ने चंदा इक्ट्ठा कर चंदन और रोजिना की धूमधाम से शादी कराई. पार्षद ने ही रोजिना का कन्यादान किया. इस शादी में काफी संख्या में मेहमान बुलाए गए थे. सभी ने इस अनोखे जोड़े को उपहार देने के साथ इनके सुखद जीवन की कामना की. शादी के बाद चंदन और रोजिना ने कहा कि वे दोनों देख नहीं सकते हैं, इसलिए मन की नजर से एक-दूसरे को देखेंगे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले माउंटआबू में रहने वाले चंदन सिंह उर्फ सोनू किसी को कॉल लगा रहे थे, तभी वह रॉन्ग नंबर लग गया. माउंटआबू के चंदन की कॉल असम के रोजिना को लगी थी. रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत दोनों के बीच कब प्यार में बदल गई इसका उन्हें भी अंदाजा नहीं है. बातचीत बढ़ी तो पता चला की दोनों 'स्पेशल' हैं.
दिल्ली के अंधजन पुनर्वास केंद्र के हॉस्टल में दोनों की पहली बार मुलाकात हुई. कुछ महीने पहले दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. हालांकि रोजिना के घरवाले इस रिश्ते को लेकर तैयार नहीं थे. अंधजन पुनर्वास केंद्र की मदद से रोजिना माउंटआबू पहुंच गई. यहां के पूर्व पार्षद और लोगों ने चंदा इक्ट्ठा कर चंदन और रोजिना की धूमधाम से शादी कराई. पार्षद ने ही रोजिना का कन्यादान किया. इस शादी में काफी संख्या में मेहमान बुलाए गए थे. सभी ने इस अनोखे जोड़े को उपहार देने के साथ इनके सुखद जीवन की कामना की. शादी के बाद चंदन और रोजिना ने कहा कि वे दोनों देख नहीं सकते हैं, इसलिए मन की नजर से एक-दूसरे को देखेंगे.
दिल्ली के अंधजन पुनर्वास केंद्र के हॉस्टल में दोनों की पहली बार मुलाकात हुई. कुछ महीने पहले दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. हालांकि रोजिना के घरवाले इस रिश्ते को लेकर तैयार नहीं थे. अंधजन पुनर्वास केंद्र की मदद से रोजिना माउंटआबू पहुंच गई. यहां के पूर्व पार्षद और लोगों ने चंदा इक्ट्ठा कर चंदन और रोजिना की धूमधाम से शादी कराई. पार्षद ने ही रोजिना का कन्यादान किया. इस शादी में काफी संख्या में मेहमान बुलाए गए थे. सभी ने इस अनोखे जोड़े को उपहार देने के साथ इनके सुखद जीवन की कामना की. शादी के बाद चंदन और रोजिना ने कहा कि वे दोनों देख नहीं सकते हैं, इसलिए मन की नजर से एक-दूसरे को देखेंगे.
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रांग नंबर लगा, बातचीत से प्रेम बढ़ा, माउंटआबू का युवक और असम की युवती
मोबाइल पर एक गलत नंबर ने दो दिव्यांगों को बनाया हमसफर
पूर्व पार्षद ने किया कन्यादान, युवती के घरवाले नहीं थे शादी को तैयार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: जन लोकपाल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अन्ना हजारे के सहयोगियों की ओर से दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी का समर्थन हासिल करने की कोशिश फिलहाल नाकाम साबित हुई है। बुखारी का कहना है कि हजारे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में दिए अपने बयान पर सफाई दें, इसके बाद वह उनके आंदोलन को समर्थन देने के बारे में सोचेंगे। टीम अन्ना की प्रमुख सदस्य किरण बेदी ने सोमवार रात बुखारी से मुलाकात की थी और उनसे आंदोलन को समर्थन देने का आग्रह किया। इस दौरान टीम अन्ना के एक अन्य प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने बुखारी से फोन पर बात की। यह मुलाकात शाही इमाम के उस बयान की पृष्ठभूमि में हुई, जिसमें उन्होंने मुसलमानों से अपील की थी कि वे हजारे के आंदोलन से दूर रहें। बुखारी ने कहा, मैं तब तक अन्ना के आंदोलन का समर्थन नहीं करूंगा, जब तक कुछ बातें उनकी ओर से स्पष्ट नहीं हो जातीं। सबसे पहले अन्ना को नरेंद्र मोदी की तारीफ में दिए अपने बयान पर सफाई देनी चाहिए। इसी साल जन लोकपाल को लेकर अपने पहले अनशन खत्म होने के बाद 10 अप्रैल को हजारे ने मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से किए गए ग्रामीण विकास के कार्यों की तारीफ की थी। बुखारी ने उनके इसी बयान पर सफाई मांगी है। बुखारी ने कहा, वर्ष 2002 में जब गुजरात जल रहा था तो अन्ना हजारे आगे क्यों नहीं आए? देश का मुसलमान सांप्रदायिकता से परेशान से है और उन्हें इसके खिलाफ भी आवाज उठानी चाहिए।
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यहाँ एक सारांश है:अन्ना के सहयोगियों की ओर से जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी का समर्थन हासिल करने की कोशिश फिलहाल नाकाम साबित हुई है।
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के बन्ना देवी इलाके में पिछले हफ्ते महिला प्रदर्शनकारियों की पुलिस द्वारा पिटाई और अभद्रता के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह तथा उनके साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि बन्ना देवी थाना क्षेत्र के नगला कालर इलाके में गत गुरुवार को एक लापता बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या करके फेंका गया शव मिलने से उग्र हुई महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले की वीडियो फुटेज में पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह तथा उनके सहयोगी कर्मी औरतों पर लाठीचार्ज करते हुए उन्हें जातिसूचक गालियां देते देखे गये थे। इस मामले में सिंह तथा उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कल भारतीय दण्ड विधान की धारा 147, 323 और 504 तथा दलित एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।टिप्पणियां
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने वारदात के अगले ही दिन नगला कालर पहुंचकर पीड़ित परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने महिलाओं पर जुल्म करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये थे।
इस बीच, बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई लड़की के परिजन का नगला कालर में अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। वे 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा पास में स्थित देशी शराब की भट्ठी को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद आकर पीड़ित परिजन को सान्त्वना दें।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि बन्ना देवी थाना क्षेत्र के नगला कालर इलाके में गत गुरुवार को एक लापता बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या करके फेंका गया शव मिलने से उग्र हुई महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले की वीडियो फुटेज में पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह तथा उनके सहयोगी कर्मी औरतों पर लाठीचार्ज करते हुए उन्हें जातिसूचक गालियां देते देखे गये थे। इस मामले में सिंह तथा उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कल भारतीय दण्ड विधान की धारा 147, 323 और 504 तथा दलित एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।टिप्पणियां
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने वारदात के अगले ही दिन नगला कालर पहुंचकर पीड़ित परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने महिलाओं पर जुल्म करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये थे।
इस बीच, बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई लड़की के परिजन का नगला कालर में अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। वे 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा पास में स्थित देशी शराब की भट्ठी को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद आकर पीड़ित परिजन को सान्त्वना दें।
उन्होंने बताया कि इस मामले की वीडियो फुटेज में पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह तथा उनके सहयोगी कर्मी औरतों पर लाठीचार्ज करते हुए उन्हें जातिसूचक गालियां देते देखे गये थे। इस मामले में सिंह तथा उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कल भारतीय दण्ड विधान की धारा 147, 323 और 504 तथा दलित एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।टिप्पणियां
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने वारदात के अगले ही दिन नगला कालर पहुंचकर पीड़ित परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने महिलाओं पर जुल्म करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये थे।
इस बीच, बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई लड़की के परिजन का नगला कालर में अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। वे 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा पास में स्थित देशी शराब की भट्ठी को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद आकर पीड़ित परिजन को सान्त्वना दें।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने वारदात के अगले ही दिन नगला कालर पहुंचकर पीड़ित परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने महिलाओं पर जुल्म करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये थे।
इस बीच, बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई लड़की के परिजन का नगला कालर में अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। वे 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा पास में स्थित देशी शराब की भट्ठी को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद आकर पीड़ित परिजन को सान्त्वना दें।
इस बीच, बलात्कार के बाद हत्या की शिकार हुई लड़की के परिजन का नगला कालर में अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। वे 20 लाख रुपये मुआवजा देने तथा पास में स्थित देशी शराब की भट्ठी को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी यह भी मांग है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद आकर पीड़ित परिजन को सान्त्वना दें।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के बन्ना देवी इलाके में पिछले हफ्ते महिला प्रदर्शनकारियों की पुलिस द्वारा पिटाई और अभद्रता के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह तथा उनके साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: खुफिया रिपोर्टों के अनुसार नक्सली संगठन अपने हमलों के लिए अब आने वाले कुछ महीनों में दिल्ली जैसे बड़े शहरों को भी निशाना बना सकते हैं, क्योंकि वे बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने के मौके तलाश रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचने और अपने कैडरों का हौसला बढ़ाने के लिहाज से अधिक से अधिक फायदा हासिल करने की कोशिश में नक्सली अब बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की कोशिश करेंगे और शहरी इलाकों में आसानी से शिकार बनाए जा सकने वाले लोगों को निशाने पर लेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोगों की हत्या के बाद नक्सलियों का हौसला काफी बढ़ गया है, और अब वे अपने प्रभावक्षेत्र के बाहर भी गतिविधियों का विस्तार करना चाहते हैं और निशाने तय कर हत्याएं करने को महत्वपूर्ण विकल्प मान रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल, माओवादियों को हाल के समय में काफी नुकसान झेलना पडा है और जगदलपुर में 25 मई (शनिवार) को किया गया हमला माओवादियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने की कोशिशों का परिणाम था। इसके साथ ही वे अपनी उपस्थिति वाली जगहों पर रह रहे लोगों पर भी अपने प्रभाव को फिर स्थापित करना चाहते थे।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है, जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचने और अपने कैडरों का हौसला बढ़ाने के लिहाज से अधिक से अधिक फायदा हासिल करने की कोशिश में नक्सली अब बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की कोशिश करेंगे और शहरी इलाकों में आसानी से शिकार बनाए जा सकने वाले लोगों को निशाने पर लेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोगों की हत्या के बाद नक्सलियों का हौसला काफी बढ़ गया है, और अब वे अपने प्रभावक्षेत्र के बाहर भी गतिविधियों का विस्तार करना चाहते हैं और निशाने तय कर हत्याएं करने को महत्वपूर्ण विकल्प मान रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल, माओवादियों को हाल के समय में काफी नुकसान झेलना पडा है और जगदलपुर में 25 मई (शनिवार) को किया गया हमला माओवादियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने की कोशिशों का परिणाम था। इसके साथ ही वे अपनी उपस्थिति वाली जगहों पर रह रहे लोगों पर भी अपने प्रभाव को फिर स्थापित करना चाहते थे।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है, जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोगों की हत्या के बाद नक्सलियों का हौसला काफी बढ़ गया है, और अब वे अपने प्रभावक्षेत्र के बाहर भी गतिविधियों का विस्तार करना चाहते हैं और निशाने तय कर हत्याएं करने को महत्वपूर्ण विकल्प मान रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल, माओवादियों को हाल के समय में काफी नुकसान झेलना पडा है और जगदलपुर में 25 मई (शनिवार) को किया गया हमला माओवादियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने की कोशिशों का परिणाम था। इसके साथ ही वे अपनी उपस्थिति वाली जगहों पर रह रहे लोगों पर भी अपने प्रभाव को फिर स्थापित करना चाहते थे।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है, जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल, माओवादियों को हाल के समय में काफी नुकसान झेलना पडा है और जगदलपुर में 25 मई (शनिवार) को किया गया हमला माओवादियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने की कोशिशों का परिणाम था। इसके साथ ही वे अपनी उपस्थिति वाली जगहों पर रह रहे लोगों पर भी अपने प्रभाव को फिर स्थापित करना चाहते थे।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है, जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है, जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, और इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवानों की और ज़रूरत पड़ेगी। बस्तर (छत्तीसगढ़), मल्कानगिरि, कोरापुट (ओडिशा) और लातेहर (झारखंड) में नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनके सफाये में कम से कम दो से तीन साल लगेंगे। इस समय नक्सल-विरोधी अभियानों में अर्द्धसैनिक बलों के 82 हजार जवान तैनात हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस बलों के जवान भी इन अभियानों में शामिल होते हैं।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि मध्य और पूर्वी भारत में कई इलाके हैं, जहां प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है और पुलिस भी अत्यंत कम संख्या में तैनात है। नक्सली इसी स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में, जो केरल राज्य के बराबर क्षेत्रफल वाला है, केवल 18 हजार सुरक्षा जवान तैनात हैं, जो कतई नाकाफी हैं।टिप्पणियां
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
सुरक्षा बल कोबरा और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउण्ड्स जैसे विशिष्ट बलों को शामिल कर नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक अभियान की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान निकट भविष्य में हो सकते हैं।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
नई रणनीति के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में मानवरहित हवाई यान (यूएवी) की मदद से पहले तलाशी अभियान चलाया जाएगा और फिर विशेष बलों सहित सुरक्षा बलों का उपयोग कर कई स्थानों से हमला बोला जाएगा। सूत्रों ने कहा कि नई रणनीति के तहत पहले नक्सलियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा किया जाएगा और फिर वहीं से सुरक्षाबलों का अभियान संचालित किया जाएगा।
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यह एक सारांश है: खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचने और अपने कैडरों का हौसला बढ़ाने के लिए नक्सली अब बड़े पैमाने पर हिंसा की कोशिश करेंगे और शहरी इलाकों में लोगों को निशाने पर लेंगे।
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इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद की एक समिति को बताया गया कि सेना ने पहले भी नियंत्रण रेखा के पार आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था जो 'विशिष्ट लक्ष्य वाले सीमित क्षमता के थे', लेकिन यह पहला मौका है जब सरकार ने इसे सार्वजनिक किया है. यह टिप्पणी रक्षा मंत्री के दावे की विरोधाभासी प्रतीत होती है.
विदेश सचिव एस जयशंकर ने विदेश मामलों से संबंधित संसदीय समिति को यह सूचना दी. सांसदों ने उनसे विशिष्ट रूप से सवाल किया था कि क्या पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक (लक्षित हमले) किए गए थे. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, विगत में नियंत्रण रेखा के पार विशिष्ट लक्ष्य वाले, सीमित क्षमता के आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए गए थे, लेकिन यह पहला मौका है जब सरकार ने इसे सार्वजनिक किया है.
शीर्ष राजनयिक की टिप्पणी काफी अहम है, क्योंकि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले हफ्ते कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया था कि यूपीए कार्यकाल में भी लक्षित हमले किए गए थे. सदस्यों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि जयशंकर ने समिति से यह भी कहा कि 29 सितंबर के लक्षित हमले के बाद भी भारत पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है, लेकिन भविष्य की बातचीत तथा इसके स्तर के बारे में कोई कैलेंडर नहीं तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद जल्द ही पाकिस्तानी सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) को हमलों के बारे में सूचित कर दिया गया था.
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान सेना के उप प्रमुख ले. जनरल बिपिन रावत ने भी नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर लक्षित हमले का ब्यौरा दिया. सरकार के प्रतिनिधियों ने पैनल से कहा कि हमलों ने मकसद को अभी पूरा कर दिया है और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में हमेशा यह संदेह कायम रहेगा कि क्या भारत भविष्य में भी ऐसे अभियान चला सकता है. कांग्रेस के एक सदस्य जानना चाहते थे कि क्या भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जा सकते हैं. सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि 'काफी कुछ सहने के बाद' हमले किए गए.
हमले में आतंकवादियों के हताहत होने के बारे में सवाल किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि सेना नियंत्रण रेखा के पार हमले करने गयी थी न कि सबूत एकत्र करने. बैठक के दौरान बीजेपी और वाम दल के एक सदस्य के बीच शब्दों का आदान प्रदान हुआ जब हमलों के बाद सांसदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया. कुछ सदस्यों ने कहा कि बैठक का विषय निजी सुरक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.टिप्पणियां
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश सचिव एस जयशंकर ने विदेश मामलों से संबंधित संसदीय समिति को यह सूचना दी. सांसदों ने उनसे विशिष्ट रूप से सवाल किया था कि क्या पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक (लक्षित हमले) किए गए थे. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, विगत में नियंत्रण रेखा के पार विशिष्ट लक्ष्य वाले, सीमित क्षमता के आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए गए थे, लेकिन यह पहला मौका है जब सरकार ने इसे सार्वजनिक किया है.
शीर्ष राजनयिक की टिप्पणी काफी अहम है, क्योंकि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले हफ्ते कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया था कि यूपीए कार्यकाल में भी लक्षित हमले किए गए थे. सदस्यों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि जयशंकर ने समिति से यह भी कहा कि 29 सितंबर के लक्षित हमले के बाद भी भारत पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है, लेकिन भविष्य की बातचीत तथा इसके स्तर के बारे में कोई कैलेंडर नहीं तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद जल्द ही पाकिस्तानी सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) को हमलों के बारे में सूचित कर दिया गया था.
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान सेना के उप प्रमुख ले. जनरल बिपिन रावत ने भी नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर लक्षित हमले का ब्यौरा दिया. सरकार के प्रतिनिधियों ने पैनल से कहा कि हमलों ने मकसद को अभी पूरा कर दिया है और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में हमेशा यह संदेह कायम रहेगा कि क्या भारत भविष्य में भी ऐसे अभियान चला सकता है. कांग्रेस के एक सदस्य जानना चाहते थे कि क्या भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जा सकते हैं. सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि 'काफी कुछ सहने के बाद' हमले किए गए.
हमले में आतंकवादियों के हताहत होने के बारे में सवाल किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि सेना नियंत्रण रेखा के पार हमले करने गयी थी न कि सबूत एकत्र करने. बैठक के दौरान बीजेपी और वाम दल के एक सदस्य के बीच शब्दों का आदान प्रदान हुआ जब हमलों के बाद सांसदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया. कुछ सदस्यों ने कहा कि बैठक का विषय निजी सुरक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.टिप्पणियां
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शीर्ष राजनयिक की टिप्पणी काफी अहम है, क्योंकि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले हफ्ते कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया था कि यूपीए कार्यकाल में भी लक्षित हमले किए गए थे. सदस्यों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि जयशंकर ने समिति से यह भी कहा कि 29 सितंबर के लक्षित हमले के बाद भी भारत पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है, लेकिन भविष्य की बातचीत तथा इसके स्तर के बारे में कोई कैलेंडर नहीं तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद जल्द ही पाकिस्तानी सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) को हमलों के बारे में सूचित कर दिया गया था.
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान सेना के उप प्रमुख ले. जनरल बिपिन रावत ने भी नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर लक्षित हमले का ब्यौरा दिया. सरकार के प्रतिनिधियों ने पैनल से कहा कि हमलों ने मकसद को अभी पूरा कर दिया है और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में हमेशा यह संदेह कायम रहेगा कि क्या भारत भविष्य में भी ऐसे अभियान चला सकता है. कांग्रेस के एक सदस्य जानना चाहते थे कि क्या भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जा सकते हैं. सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि 'काफी कुछ सहने के बाद' हमले किए गए.
हमले में आतंकवादियों के हताहत होने के बारे में सवाल किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि सेना नियंत्रण रेखा के पार हमले करने गयी थी न कि सबूत एकत्र करने. बैठक के दौरान बीजेपी और वाम दल के एक सदस्य के बीच शब्दों का आदान प्रदान हुआ जब हमलों के बाद सांसदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया. कुछ सदस्यों ने कहा कि बैठक का विषय निजी सुरक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.टिप्पणियां
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
करीब ढाई घंटे चली बैठक के दौरान सेना के उप प्रमुख ले. जनरल बिपिन रावत ने भी नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के ठिकानों पर लक्षित हमले का ब्यौरा दिया. सरकार के प्रतिनिधियों ने पैनल से कहा कि हमलों ने मकसद को अभी पूरा कर दिया है और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में हमेशा यह संदेह कायम रहेगा कि क्या भारत भविष्य में भी ऐसे अभियान चला सकता है. कांग्रेस के एक सदस्य जानना चाहते थे कि क्या भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाए जा सकते हैं. सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि 'काफी कुछ सहने के बाद' हमले किए गए.
हमले में आतंकवादियों के हताहत होने के बारे में सवाल किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि सेना नियंत्रण रेखा के पार हमले करने गयी थी न कि सबूत एकत्र करने. बैठक के दौरान बीजेपी और वाम दल के एक सदस्य के बीच शब्दों का आदान प्रदान हुआ जब हमलों के बाद सांसदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया. कुछ सदस्यों ने कहा कि बैठक का विषय निजी सुरक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.टिप्पणियां
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हमले में आतंकवादियों के हताहत होने के बारे में सवाल किए जाने पर अधिकारियों ने कहा कि सेना नियंत्रण रेखा के पार हमले करने गयी थी न कि सबूत एकत्र करने. बैठक के दौरान बीजेपी और वाम दल के एक सदस्य के बीच शब्दों का आदान प्रदान हुआ जब हमलों के बाद सांसदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया. कुछ सदस्यों ने कहा कि बैठक का विषय निजी सुरक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.टिप्पणियां
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विशेष सचिव आंतरिक सचिव एम के सिंघला ने अति महत्वपूर्ण लोगों को दी जा रही सुरक्षा के बारे में समिति को सूचित किया. बैठक में रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा भी शामिल हुए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी समिति के सदस्य हैं. एक सदस्य ने कहा कि वह बैठक में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त पाठ: विदेश सचिव एस जयशंकर ने विदेश मामलों से जुड़ी संसदीय समिति को जानकारी दी
उन्होंने कहा, यह पहला मौका जब सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक को सार्वजनिक किया
जयशंकर की यह टिप्पणी रक्षा मंत्री के दावे की विरोधाभासी प्रतीत होती है
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव में जीत और हार लगी रहती है. लेकिन जीत का श्रेय लेने के लिए सभी दावा करते हैं और चुनाव में हार की ठीकरा फोड़ने के लिए सिर की तलाश की जाती रही है. भारतीय राजनीति में सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ सालों से देश की राजनीति में रसातल की ओर जा रही है. ऐसे में सोनिया गांधी ने पार्टी को कुछ संभाला लेकिन जब से उन्होंने पार्टी की गतिविधियों से कुछ दूरी बनाई तब से पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की कमान संभाली है.
महाराष्ट्र और ओडिशा में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन और कांग्रेस के फिसड्डी प्रदर्शन पर पार्टी के नेताओं में कानाफूसी शुरू हो गई है. जहां पार्टी इसे आंतरिक लड़ाई बता रही है और पार्टी की वित्तीय खस्ताहाल को जिम्मेदार बता रही है वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता इन हार की वजह को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं में कमी को मान रहे हैं.
यह अलग बात है कि सभी के सभी कानाफूसी ही कर रहे हैं और सभी को पांच राज्यों में हो रहे चुनावों के परिणाम का इंतजार है. एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधेगा.
कई पार्टी नेताओं का मानना है कि 2014 में पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी और पूरे देश में पार्टी में बदलाव का प्रयास किया और पूरे देश में प्रचार भी किया. लेकिन अभी तक के परिणाम पार्टी के लिए उत्साहवर्धक तो नहीं दिखाई दे रहे हैं. पार्टी एक के बाद एक राज्य में हारती जा रही है और देखा जाए तो धीरे धीरे पार्टी साफ होती जा रही है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिंता यहीं नहीं समाप्त होती है. सभी को यह भी दिक्कत है कि पार्टी के पास अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए कोई गेमप्लान नहीं है न ही कोई रणनीति है. पार्टी नेताओं ने नाम न लेने की शर्त पर तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी के हमले अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं और महाराष्ट्र और ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत का असर यूपी के बाकी बचे चरणों में मतदान पर भी देखने को मिलेगा.टिप्पणियां
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
महाराष्ट्र और ओडिशा में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन और कांग्रेस के फिसड्डी प्रदर्शन पर पार्टी के नेताओं में कानाफूसी शुरू हो गई है. जहां पार्टी इसे आंतरिक लड़ाई बता रही है और पार्टी की वित्तीय खस्ताहाल को जिम्मेदार बता रही है वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता इन हार की वजह को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं में कमी को मान रहे हैं.
यह अलग बात है कि सभी के सभी कानाफूसी ही कर रहे हैं और सभी को पांच राज्यों में हो रहे चुनावों के परिणाम का इंतजार है. एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधेगा.
कई पार्टी नेताओं का मानना है कि 2014 में पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी और पूरे देश में पार्टी में बदलाव का प्रयास किया और पूरे देश में प्रचार भी किया. लेकिन अभी तक के परिणाम पार्टी के लिए उत्साहवर्धक तो नहीं दिखाई दे रहे हैं. पार्टी एक के बाद एक राज्य में हारती जा रही है और देखा जाए तो धीरे धीरे पार्टी साफ होती जा रही है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिंता यहीं नहीं समाप्त होती है. सभी को यह भी दिक्कत है कि पार्टी के पास अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए कोई गेमप्लान नहीं है न ही कोई रणनीति है. पार्टी नेताओं ने नाम न लेने की शर्त पर तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी के हमले अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं और महाराष्ट्र और ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत का असर यूपी के बाकी बचे चरणों में मतदान पर भी देखने को मिलेगा.टिप्पणियां
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
यह अलग बात है कि सभी के सभी कानाफूसी ही कर रहे हैं और सभी को पांच राज्यों में हो रहे चुनावों के परिणाम का इंतजार है. एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधेगा.
कई पार्टी नेताओं का मानना है कि 2014 में पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी और पूरे देश में पार्टी में बदलाव का प्रयास किया और पूरे देश में प्रचार भी किया. लेकिन अभी तक के परिणाम पार्टी के लिए उत्साहवर्धक तो नहीं दिखाई दे रहे हैं. पार्टी एक के बाद एक राज्य में हारती जा रही है और देखा जाए तो धीरे धीरे पार्टी साफ होती जा रही है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिंता यहीं नहीं समाप्त होती है. सभी को यह भी दिक्कत है कि पार्टी के पास अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए कोई गेमप्लान नहीं है न ही कोई रणनीति है. पार्टी नेताओं ने नाम न लेने की शर्त पर तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी के हमले अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं और महाराष्ट्र और ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत का असर यूपी के बाकी बचे चरणों में मतदान पर भी देखने को मिलेगा.टिप्पणियां
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
कई पार्टी नेताओं का मानना है कि 2014 में पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी और पूरे देश में पार्टी में बदलाव का प्रयास किया और पूरे देश में प्रचार भी किया. लेकिन अभी तक के परिणाम पार्टी के लिए उत्साहवर्धक तो नहीं दिखाई दे रहे हैं. पार्टी एक के बाद एक राज्य में हारती जा रही है और देखा जाए तो धीरे धीरे पार्टी साफ होती जा रही है.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिंता यहीं नहीं समाप्त होती है. सभी को यह भी दिक्कत है कि पार्टी के पास अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए कोई गेमप्लान नहीं है न ही कोई रणनीति है. पार्टी नेताओं ने नाम न लेने की शर्त पर तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी के हमले अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं और महाराष्ट्र और ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत का असर यूपी के बाकी बचे चरणों में मतदान पर भी देखने को मिलेगा.टिप्पणियां
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चिंता यहीं नहीं समाप्त होती है. सभी को यह भी दिक्कत है कि पार्टी के पास अभी तक नरेंद्र मोदी सरकार से टक्कर लेने के लिए कोई गेमप्लान नहीं है न ही कोई रणनीति है. पार्टी नेताओं ने नाम न लेने की शर्त पर तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी के हमले अभी तक कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं और महाराष्ट्र और ओडिशा में बीजेपी को मिली जीत का असर यूपी के बाकी बचे चरणों में मतदान पर भी देखने को मिलेगा.टिप्पणियां
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
इन नेताओं का कहना है कि पार्टी में काफी दिनों से चले बदलाव से भी ज्यादा कुछ होने की उम्मीद नहीं दिखती है क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व में जवाबदेही और परफॉरमेंस कभी भी पैमाना नहीं रहा है. यह मांग एक बार फिर जोर पकड़ेगी कि क्या राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगी या नहीं.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
कुछ भी हो, 11 मार्च को चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही अगर कुछ बदलाव नहीं हुआ तो सवाल कांग्रेस नेतृत्व पर तो उठेगा ही. यह सवाल कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमताओं पर भी उठाए जाएंगे.
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संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र और ओडिशा में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी आगे
वजह : पार्टी इसे आंतरिक लड़ाई बता रही है
वजह : पार्टी की वित्तीय खस्ताहाल स्थिति भी जिम्मेदार
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: दिग्गज पिच क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी ने भारत और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को होने वाले दूसरे एकदिवसीय मुकाबले के लिए ऐतिहासिक ईडन गार्ड्न्स स्टेडियम में एक उपयुक्त एकदिवसीय पिच तैयार करने का वादा किया है।
मुखर्जी ने कहा कि वह ऐसा पिच तैयार करने की कोशिश करेंगे, जिसमें सभी के लिए कुछ न कुछ हो।
मुखर्जी ने कहा, मैं जो पिच तैयार करूंगा वह बल्लेबाजों को भी मदद करेगा और गेंदबाजों को उछाल भी देगी। साथ ही साथ इस पिच पर अंतिम समय में स्पिनर भी अपनी कला दिखा सकेंगे।
मुखर्जी बीते महीने इसी मैदान पर इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैच के लिए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा के अनुरूप विकेट नहीं तैयार करने को लेकर विवादों में रहे थे।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, एकदिवसीय मैच उसी पिच पर होगा, जिस पर इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच हुआ था, लेकिन इस बार यह सटीक एकदिवसीय पिच होगी। इस पिच पर काफी रन बनेंगे।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मुखर्जी ने कहा कि वह ऐसा पिच तैयार करने की कोशिश करेंगे, जिसमें सभी के लिए कुछ न कुछ हो।
मुखर्जी ने कहा, मैं जो पिच तैयार करूंगा वह बल्लेबाजों को भी मदद करेगा और गेंदबाजों को उछाल भी देगी। साथ ही साथ इस पिच पर अंतिम समय में स्पिनर भी अपनी कला दिखा सकेंगे।
मुखर्जी बीते महीने इसी मैदान पर इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैच के लिए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा के अनुरूप विकेट नहीं तैयार करने को लेकर विवादों में रहे थे।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, एकदिवसीय मैच उसी पिच पर होगा, जिस पर इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच हुआ था, लेकिन इस बार यह सटीक एकदिवसीय पिच होगी। इस पिच पर काफी रन बनेंगे।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मुखर्जी ने कहा, मैं जो पिच तैयार करूंगा वह बल्लेबाजों को भी मदद करेगा और गेंदबाजों को उछाल भी देगी। साथ ही साथ इस पिच पर अंतिम समय में स्पिनर भी अपनी कला दिखा सकेंगे।
मुखर्जी बीते महीने इसी मैदान पर इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैच के लिए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा के अनुरूप विकेट नहीं तैयार करने को लेकर विवादों में रहे थे।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, एकदिवसीय मैच उसी पिच पर होगा, जिस पर इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच हुआ था, लेकिन इस बार यह सटीक एकदिवसीय पिच होगी। इस पिच पर काफी रन बनेंगे।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मुखर्जी बीते महीने इसी मैदान पर इंग्लैंड के साथ खेले गए टेस्ट मैच के लिए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा के अनुरूप विकेट नहीं तैयार करने को लेकर विवादों में रहे थे।टिप्पणियां
मुखर्जी ने कहा, एकदिवसीय मैच उसी पिच पर होगा, जिस पर इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच हुआ था, लेकिन इस बार यह सटीक एकदिवसीय पिच होगी। इस पिच पर काफी रन बनेंगे।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मुखर्जी ने कहा, एकदिवसीय मैच उसी पिच पर होगा, जिस पर इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच हुआ था, लेकिन इस बार यह सटीक एकदिवसीय पिच होगी। इस पिच पर काफी रन बनेंगे।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मुखर्जी बोले कि दिन-रात के इस मैच में ओस अहम नहीं होगा, क्योंकि ईडन में ओस हटाने का उपकरण लगा है। ऐसे में ओस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
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दिग्गज पिच क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी ने भारत-पाक के बीच गुरुवार को होने वाले दूसरे एकदिवसीय मुकाबले के लिए ईडन गार्ड्न्स में एक उपयुक्त एकदिवसीय पिच तैयार करने का वादा किया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: रूस के शहर सोच्चि के निवासी और अधिकारी इन दिनों अंग्रेजी का निशुल्क अध्ययन कर रहे हैं। वर्ष 2014 के शीतकालीन ओलिंपिक खेलों का आयोजन इसी शहर में होना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कुछ लोग स्वेच्छा से अंग्रेजी पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अध्ययन कर रहे हैं, तो अन्य अपने कार्य के हिस्से के तौर पर ऐसा कर रहे हैं।
अगले वर्ष फरवरी में आयोजित 22वें शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में भारी संख्या में विदेशी महेमानों के आने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन शहर को पर्यटकों के अनुकूल बनाना चाहता है।
सोच्चि शहर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शहर के अधिकारियों ने वर्ष 2011 में विश्व की अग्रणी अंग्रेजी अध्ययन कराने वाली एजेंसी से एक करार भी किया था। इसके तहत अध्यापकों को उनका मेहनताना सीधे शहर के बजट में से दिया जाएगा।टिप्पणियां
सिटी हॉल के प्रतिनिधि येलेना सिगारेवा ने बताया कि अभी तक सोच्चि के 3,60,000 निवासियों में से लगभग 1,500 एक गीत की तैयारी के तहत बुनियादी अंग्रेजी सीखकर अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कुछ लोग स्वेच्छा से अंग्रेजी पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अध्ययन कर रहे हैं, तो अन्य अपने कार्य के हिस्से के तौर पर ऐसा कर रहे हैं।
अगले वर्ष फरवरी में आयोजित 22वें शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में भारी संख्या में विदेशी महेमानों के आने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन शहर को पर्यटकों के अनुकूल बनाना चाहता है।
सोच्चि शहर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शहर के अधिकारियों ने वर्ष 2011 में विश्व की अग्रणी अंग्रेजी अध्ययन कराने वाली एजेंसी से एक करार भी किया था। इसके तहत अध्यापकों को उनका मेहनताना सीधे शहर के बजट में से दिया जाएगा।टिप्पणियां
सिटी हॉल के प्रतिनिधि येलेना सिगारेवा ने बताया कि अभी तक सोच्चि के 3,60,000 निवासियों में से लगभग 1,500 एक गीत की तैयारी के तहत बुनियादी अंग्रेजी सीखकर अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
अगले वर्ष फरवरी में आयोजित 22वें शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में भारी संख्या में विदेशी महेमानों के आने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन शहर को पर्यटकों के अनुकूल बनाना चाहता है।
सोच्चि शहर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शहर के अधिकारियों ने वर्ष 2011 में विश्व की अग्रणी अंग्रेजी अध्ययन कराने वाली एजेंसी से एक करार भी किया था। इसके तहत अध्यापकों को उनका मेहनताना सीधे शहर के बजट में से दिया जाएगा।टिप्पणियां
सिटी हॉल के प्रतिनिधि येलेना सिगारेवा ने बताया कि अभी तक सोच्चि के 3,60,000 निवासियों में से लगभग 1,500 एक गीत की तैयारी के तहत बुनियादी अंग्रेजी सीखकर अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
सोच्चि शहर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शहर के अधिकारियों ने वर्ष 2011 में विश्व की अग्रणी अंग्रेजी अध्ययन कराने वाली एजेंसी से एक करार भी किया था। इसके तहत अध्यापकों को उनका मेहनताना सीधे शहर के बजट में से दिया जाएगा।टिप्पणियां
सिटी हॉल के प्रतिनिधि येलेना सिगारेवा ने बताया कि अभी तक सोच्चि के 3,60,000 निवासियों में से लगभग 1,500 एक गीत की तैयारी के तहत बुनियादी अंग्रेजी सीखकर अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
सिटी हॉल के प्रतिनिधि येलेना सिगारेवा ने बताया कि अभी तक सोच्चि के 3,60,000 निवासियों में से लगभग 1,500 एक गीत की तैयारी के तहत बुनियादी अंग्रेजी सीखकर अवसर का लाभ उठा रहे हैं।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
इसके अलावा बीते वर्ष अप्रैल में शहर में बड़े पैमाने पर 'ए वर्ल्ड ए डे' नाम का अभियान भी शुरू किया गया था। अभियान के तहत लोगों को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी के 660 शब्दों का अध्ययन कराया जाता है।
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सारांश: रूस के शहर सोच्चि के निवासी और अधिकारी इन दिनों अंग्रेजी का निशुल्क अध्ययन कर रहे हैं। वर्ष 2014 के शीतकालीन ओलिंपिक खेलों का आयोजन इसी शहर में होना है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भाजपा के सांसदों एवं विधायकों को 8 नवंबर से 31 दिसंबर तक के अपने बैंकिंग लेनेदेन का ब्योरा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को सौंपने को लेकर दिए गए निर्देश को 'पाखंड' करार दिया. आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्वतंत्र समिति के जरिए सभी पार्टियों के सांसदों और विधायकों के बैंकिंग ब्योरे की जांच होनी चाहिए.
नोटबंदी के फैसले का 8 नवंबर को ऐलान किए जाने से पहले ही भाजपा नेताओं को इसकी जानकारी होने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रमुख लोगों की एक स्वतंत्र समिति के माध्यम से सभी पार्टियों के सांसदों-विधायकों के पिछले साल के बैंकिंग विवरण की जांच होनी चाहिए.
केजरीवाल ने कहा कि 'आप' के विधायक और सांसद ऐसी किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने दावा किया कि नोटबंदी का फैसला लागू होने से तीन-चार महीने पहले की अवधि में भाजपा के नेताओं ने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदीं और ऐसे में इसकी जांच की जरूरत है.
इससे पहले, आप ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नोटबंदी के फैसले के बारे में आठ नवंबर से पहले ही 'अवगत' थे और केंद्र के इस फैसले के ऐलान से पहले ही अपने 'बेनामी' पैसे का निपटारा कर दिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने संवाददाताओं से बातचीत में इस संदर्भ में अमित शाह के प्राधिकार पर सवाल किया और कहा कि यह पूरा ब्योरा भाजपा अध्यक्ष की बजाय आयकर विभाग को दिया जाना चाहिए.टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'भाजपा नेताओं के पास 8 नवंबर से पहले ही इस बारे में पूरी जानकारी थी. अगर 8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच की जाए तब वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों और विधायकों को अपने बैंकिंग लेनदेन शाह को सौंपने का प्रधानमंत्री का निर्देश 'एक और नाटक' है, जिसका मकसद जनता की आंख में धूल झोंकना है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नोटबंदी के फैसले का 8 नवंबर को ऐलान किए जाने से पहले ही भाजपा नेताओं को इसकी जानकारी होने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रमुख लोगों की एक स्वतंत्र समिति के माध्यम से सभी पार्टियों के सांसदों-विधायकों के पिछले साल के बैंकिंग विवरण की जांच होनी चाहिए.
केजरीवाल ने कहा कि 'आप' के विधायक और सांसद ऐसी किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने दावा किया कि नोटबंदी का फैसला लागू होने से तीन-चार महीने पहले की अवधि में भाजपा के नेताओं ने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदीं और ऐसे में इसकी जांच की जरूरत है.
इससे पहले, आप ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नोटबंदी के फैसले के बारे में आठ नवंबर से पहले ही 'अवगत' थे और केंद्र के इस फैसले के ऐलान से पहले ही अपने 'बेनामी' पैसे का निपटारा कर दिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने संवाददाताओं से बातचीत में इस संदर्भ में अमित शाह के प्राधिकार पर सवाल किया और कहा कि यह पूरा ब्योरा भाजपा अध्यक्ष की बजाय आयकर विभाग को दिया जाना चाहिए.टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'भाजपा नेताओं के पास 8 नवंबर से पहले ही इस बारे में पूरी जानकारी थी. अगर 8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच की जाए तब वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों और विधायकों को अपने बैंकिंग लेनदेन शाह को सौंपने का प्रधानमंत्री का निर्देश 'एक और नाटक' है, जिसका मकसद जनता की आंख में धूल झोंकना है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने कहा कि 'आप' के विधायक और सांसद ऐसी किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने दावा किया कि नोटबंदी का फैसला लागू होने से तीन-चार महीने पहले की अवधि में भाजपा के नेताओं ने बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदीं और ऐसे में इसकी जांच की जरूरत है.
इससे पहले, आप ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नोटबंदी के फैसले के बारे में आठ नवंबर से पहले ही 'अवगत' थे और केंद्र के इस फैसले के ऐलान से पहले ही अपने 'बेनामी' पैसे का निपटारा कर दिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने संवाददाताओं से बातचीत में इस संदर्भ में अमित शाह के प्राधिकार पर सवाल किया और कहा कि यह पूरा ब्योरा भाजपा अध्यक्ष की बजाय आयकर विभाग को दिया जाना चाहिए.टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'भाजपा नेताओं के पास 8 नवंबर से पहले ही इस बारे में पूरी जानकारी थी. अगर 8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच की जाए तब वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों और विधायकों को अपने बैंकिंग लेनदेन शाह को सौंपने का प्रधानमंत्री का निर्देश 'एक और नाटक' है, जिसका मकसद जनता की आंख में धूल झोंकना है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले, आप ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नोटबंदी के फैसले के बारे में आठ नवंबर से पहले ही 'अवगत' थे और केंद्र के इस फैसले के ऐलान से पहले ही अपने 'बेनामी' पैसे का निपटारा कर दिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने संवाददाताओं से बातचीत में इस संदर्भ में अमित शाह के प्राधिकार पर सवाल किया और कहा कि यह पूरा ब्योरा भाजपा अध्यक्ष की बजाय आयकर विभाग को दिया जाना चाहिए.टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'भाजपा नेताओं के पास 8 नवंबर से पहले ही इस बारे में पूरी जानकारी थी. अगर 8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच की जाए तब वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों और विधायकों को अपने बैंकिंग लेनदेन शाह को सौंपने का प्रधानमंत्री का निर्देश 'एक और नाटक' है, जिसका मकसद जनता की आंख में धूल झोंकना है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आशुतोष ने कहा, 'भाजपा नेताओं के पास 8 नवंबर से पहले ही इस बारे में पूरी जानकारी थी. अगर 8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच की जाए तब वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों और विधायकों को अपने बैंकिंग लेनदेन शाह को सौंपने का प्रधानमंत्री का निर्देश 'एक और नाटक' है, जिसका मकसद जनता की आंख में धूल झोंकना है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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पीएम ने भाजपा सांसदों, विधायकों से बैंक खातों का ब्योरा देने को कहा
भाजपा नेताओं को 8 नवंबर से पहले नोटबंदी की जानकारी थी : केजरीवाल
8 नवंबर से छह महीने पहले की बैंकिंग लेनदेन की जांच हो : 'आप'
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीतिक दबाव है भले ही खाद्य महंगाई में मामूली नरमी आई हो। मुखर्जी ने कहा, प्रणाली में मुद्रास्फीति दबाव है और खाद्य मुद्रास्फीति आंकड़ों में साप्ताहिक घटबढ़ की मुख्य वजह आधार प्रभाव है। सब्जियों, दालों तथा आलू के भावों में नरमी के कारण खाद्य मुद्रास्फीति 25 जून को समाप्त सप्ताह में घटकर 7.61 प्रतिशत रह गई जो सात हफ्ते का निचला स्तर है। थोक मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य मुद्रास्फीति पूर्व सप्ताह में 7.78 प्रतिशत, जबकि जून, 2010 की समान अवधि में लगभग 20 प्रतिशत थी। हालांकि आलोच्य सप्ताह में ईंधन सूचकांक 160.2 से बढ़कर 166.3 हो गया। मुखर्जी ने कहा, छह अंक की यह वृद्धि मुख्य रूप से डीजल, केरोसिन व रसोई गैस कीमतों में वृद्धि के कारण है। उन्होंने कहा कि जून में कुल मुद्रास्फीति कुछ उंची रह सकती है, जो मई में 9.06 प्रतिशत थी।
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संक्षिप्त सारांश: प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीतिक दबाव है भले ही खाद्य महंगाई में मामूली नरमी आई हो।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: एक हाथी के बारे में दावा किया गया है कि वह इंसानों की भाषा में इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ शब्द बोल सकता है. इस एशियाई हाथी के बारे में कही जा रही ये बातें अजीब लगती हैं और विश्वास करने लायक नहीं है लेकिन यह दावा एक वैज्ञानिक की ओर से किया जा रहा है. ये हाथी इस समय दक्षिण कोरिया के जू में है. इस पर कई सालों से वैज्ञानिक काम कर रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह हाथी अपनी सूंड को मुंह में दबाकर इंसानों की भाषा में इस्तेमाल होने वाले कुछ शब्द बोलता है. ये अभी हैलो, गुड और नो जैसे अंग्रेजी के शब्द आसानी से बोल लेता है.
भी देख सकते हैं कि कैसे एक शख्स कुछ बोलता है और वह उसे सुनकर वैसी निकालता है. जब से यह वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया है इसको लाखों लोग देख चुके हैं. यह हाथी जब इंसानी भाषा बोलने की कोशिश करता है तो वह अपने सूंड का इस्तेमाल करता है.
भी देख सकते हैं कि कैसे एक शख्स कुछ बोलता है और वह उसे सुनकर वैसी निकालता है. जब से यह वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया है इसको लाखों लोग देख चुके हैं. यह हाथी जब इंसानी भाषा बोलने की कोशिश करता है तो वह अपने सूंड का इस्तेमाल करता है.
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सारांश: मध्य प्रदेश के सागर जिले में रहता है हाथी
करीब 12 साल से पान खाता है यह हाथी
बड़े चाव से पान चबाता है यह हाथी
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और इंग्लैंड के बीच हुई टी20 सीरीज में दोनों टीमों के बीच जोरदार मुकाबला हुआ. टीम इंडिया ने भले ही टी20 सीरीज 2-1 के अंतर से जीती लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इयोन मोर्गन की इंग्लिश टीम ने शॉर्टर फॉर्मेट (वनडे और टी10 में ) विराट कोहली ब्रिगेड को कड़ी टक्कर दी. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड टी20 के शुरुआती दो मैच जीतकर ही सीरीज अपने नाम कर लेगी, लेकिन नागपुर में जसप्रीत बुमराह के करिश्माई आखिरी ओवर ने पलड़ा भारतीय टीम के पक्ष में कर दिया. दूसरे टी20 में जीत के बाद भारतीय टीम ने मेहमानों को मौका नहीं दिया और बेंगलुरू मैच में 200 से अधिक का स्कोर करके (इस टी20 सीरीज में पहली बार) दबाव बना लिया. यजुवेंद्र चहल की गेंदबाजी की मदद से टीम इंडिया ने 75 रन से यह मुकाबला जीतकर सीरीज अपने नाम पर कर ली.
टी20 सीरीज के लिहाज से बात करें तो बल्लेबाजी में जहां इंग्लैंड ने दबदबा कायम किया, वहीं गेंदबाजी में टीम इंडिया ने बाजी मारी. बल्लेबाजी में इंग्लैंड के जो रूट और गेंदबाजी में टीम इंडिया के यजुवेंद्र चहल टॉप स्कोरर रहे. रूट ने सीरीज के तीन मैचों में 63.00 के औसत से एक बार नाबाद रहते हुए 126 रन बनाए जिसमें उनका टॉप स्कोर 46* रहा. इंग्लैंड के कप्तान इयोन मार्गन बैटिंग टेबल में दूसरे नंबर पर रहे. उन्होंने तीन मैचों में 36.00 के औसत से 108 (सर्वोच्च स्कोर 51रन) बनाए. भारत के सुरेश रैना तीन मैचों में 34.66 के औसत से 104 रन (सर्वोच्च स्कोर 63) बनाकर तीसरे, केएल राहुल इतने ही मैचों में 33.66 के औसत से 101 रन (सर्वोच्च स्कोर 71) बनाकर चौथे और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 3 मैचों में 48.50के औसत से 97रन (सर्वोच्च स्कोर 56) बनाकर पांचवें स्थान पर रहे. टेस्ट और वनडे सीरीज में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने जोरदार प्रदर्शन किया था लेकिन टी20 सीरीज के तीन मैचों में वे 17.33 के औसत से महज 52 रन ही बना पाए. टिप्पणियां
गेंदबाजी में आठ विकेट के साथ लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल (औसत 10.62) सबसे ज्यादा सफल रहे. जसप्रीत बुमराह ने 12.00 के औसत से पांच विकेट लिए. इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन ने भी बुमराह के ही बराबर पांच विकेट लिए, लेकिन उनका गेंदबाजी औसत (21.00) बुमराह से नीचे रहा. इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर मोईन अली ने 23.66 के औसत से तीन और आशीष नेहरा ने 27.66 के औसत से इतने ही विकेट लिए. इंग्लैंड के टाइमल मिल्स ने भी मोईन अली और आशीष नेहरा की तरह तीन विकेट लिए लेकिन उनका औसत 31.33 का रहा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टी20 सीरीज के लिहाज से बात करें तो बल्लेबाजी में जहां इंग्लैंड ने दबदबा कायम किया, वहीं गेंदबाजी में टीम इंडिया ने बाजी मारी. बल्लेबाजी में इंग्लैंड के जो रूट और गेंदबाजी में टीम इंडिया के यजुवेंद्र चहल टॉप स्कोरर रहे. रूट ने सीरीज के तीन मैचों में 63.00 के औसत से एक बार नाबाद रहते हुए 126 रन बनाए जिसमें उनका टॉप स्कोर 46* रहा. इंग्लैंड के कप्तान इयोन मार्गन बैटिंग टेबल में दूसरे नंबर पर रहे. उन्होंने तीन मैचों में 36.00 के औसत से 108 (सर्वोच्च स्कोर 51रन) बनाए. भारत के सुरेश रैना तीन मैचों में 34.66 के औसत से 104 रन (सर्वोच्च स्कोर 63) बनाकर तीसरे, केएल राहुल इतने ही मैचों में 33.66 के औसत से 101 रन (सर्वोच्च स्कोर 71) बनाकर चौथे और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 3 मैचों में 48.50के औसत से 97रन (सर्वोच्च स्कोर 56) बनाकर पांचवें स्थान पर रहे. टेस्ट और वनडे सीरीज में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने जोरदार प्रदर्शन किया था लेकिन टी20 सीरीज के तीन मैचों में वे 17.33 के औसत से महज 52 रन ही बना पाए. टिप्पणियां
गेंदबाजी में आठ विकेट के साथ लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल (औसत 10.62) सबसे ज्यादा सफल रहे. जसप्रीत बुमराह ने 12.00 के औसत से पांच विकेट लिए. इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन ने भी बुमराह के ही बराबर पांच विकेट लिए, लेकिन उनका गेंदबाजी औसत (21.00) बुमराह से नीचे रहा. इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर मोईन अली ने 23.66 के औसत से तीन और आशीष नेहरा ने 27.66 के औसत से इतने ही विकेट लिए. इंग्लैंड के टाइमल मिल्स ने भी मोईन अली और आशीष नेहरा की तरह तीन विकेट लिए लेकिन उनका औसत 31.33 का रहा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गेंदबाजी में आठ विकेट के साथ लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल (औसत 10.62) सबसे ज्यादा सफल रहे. जसप्रीत बुमराह ने 12.00 के औसत से पांच विकेट लिए. इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन ने भी बुमराह के ही बराबर पांच विकेट लिए, लेकिन उनका गेंदबाजी औसत (21.00) बुमराह से नीचे रहा. इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर मोईन अली ने 23.66 के औसत से तीन और आशीष नेहरा ने 27.66 के औसत से इतने ही विकेट लिए. इंग्लैंड के टाइमल मिल्स ने भी मोईन अली और आशीष नेहरा की तरह तीन विकेट लिए लेकिन उनका औसत 31.33 का रहा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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यह एक सारांश है: जो रूट ने टी20 सीरीज में बनाए सर्वाधिक 126 रन
इयोन मार्गन 108 रन बनाकर दूसरे स्थान पर रहे
गेंदबाजी ने चहल ने आठ विकेट अपने नाम किए
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ढेंकनाल के सप्तसजया में आवासीय स्कूल के हेडमास्टर जनार्दन समाल ने शुक्रवार को सदर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आठवीं कक्षा की छात्रा गर्भवती पाई गई है. ढेंकनाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी एस के करीम ने बताया कि हेडमास्टर की शिकायत के आधार पर 14 वर्षीय छात्रा के बयान दर्ज किए गए और जाजपुर जिले के कालियापानी के 15 वर्षीय एक किशोर को पकड़ा गया है.
घटना की जानकारी फैलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में कालाहांडी जिले में नरला क्षेत्र में नवोदय आवासीय स्कूल की कक्षा नौ की छात्रा के कथित तौर पर गर्भवती होने और उस पर गर्भपात की दवा लेने का संदेह है. कालाहांडी में ही एक अन्य घटना में 24 साल के एक युवक को 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस घटना में लड़की गर्भवती हो गई थी.
वहीं जाजपुर जिले में 15 साल की एक लड़की ने बृहस्पतिवार को कलिंग नगर क्षेत्र में एक बच्चे को जन्म दिया. पुलिस ने बताया कि लड़की और बच्चे दोनों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गौरतलब है कि कंधमाल जिल की घटना में होस्टल में बच्चे के जन्म देने के बाद नाबालिग छात्रा को बाहर निकाल दिया गया था. इसके बाद छात्रा ने अपनी बेटी के साथ रात में जंगल में शरण ली. जब पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो नाबालिग को ढूंढ़ा गया और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, अस्पताल में छात्रा की बेटी की मौत हो गई.
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सारांश: सरकारी स्कूल के होस्टल में नाबालिग छात्राएं प्रेग्नेंट
एक ने दिया बच्चे को जन्म
पुलिस ने शुरू की जांच
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['hin']
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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ नौ दिन तक चले अनशन के बाद अस्पताल से पतंजलि योगपीठ पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा कि देश के नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक न्याय दिलाने के लिए वह अपनी लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखेंगे। संवाददाता सम्मेलन में बाबा रामदेव ने अनशन के दौरान दिवंगत हुए स्वामी निगमानंद को श्रद्धांजलि दी और चार जून को दिल्ली के रामलीला मैदान में की गई पुलिस कार्रवाई के दौरान गंभीर रूप से घायल हुईं राजबाला के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। बाबा रामदेव ने कहा कि भाषाई आधार पर देश में होने वाला भेदभाव खत्म हो, देश और विदेश में जमा लाखों करोड़ रुपये का काला धन राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित हो और निष्कलंक और बेदाग छवि वाले जनप्रतिनिधि संसद और विधानसभाओं में पहुंचें इसके लिए वह अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे। बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा और नई योजना के साथ काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा कि पतंजलि योगपीठ में फिलहाल कोई संवाददाता सम्मेलन नहीं होगा, यह कार्यक्रम समाप्त हो गया है।
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संक्षिप्त सारांश: रामदेव ने कहा कि देश के नागरिकों को आर्थिक और सामाजिक न्याय दिलाने के लिए वह अपनी लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखेंगे।
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत कर व जुर्माने की पहली किस्त के भुगतान की अंतिम तारीख पास में आने के बीच बैंकों से कहा गया है कि इस तरह का भुगतान बिना किसी बाधा के स्वीकार किया जाए और जमाकर्ता से धन के स्रोते के बारे में नहीं पूछा जाए. साथ ही बैंकों से कहा गया है कि वे आईडीएस के भुगतान में 500 रुपये का पुराना नोट भी स्वीकार करें.
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने इस बारे में अपने सभी सदस्यों को पत्र लिखा है. इसमें सीबीडीटी द्वारा आरबीआई को भेजे गए परिपत्र का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार एक घोषणाकर्ता ने शिकायत की है कि बेंगलुरू की एक बैंक शाखा ने कर व जुर्माने की राशि स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने कालेधन की घोषणा के लिए आईडीएस की पेशकश थी जिसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये राशि की घोषणा की. इससे सरकार को कर आदि के रूप में 30000 करोड़ रुपये मिलेंगे. टिप्पणियां
सीबीडीटी ने जिक्र किया है इस योजना के तहत कर, अधिभार व जुर्माने की कुल राशि में से 25 प्रतिशत राशि का भुगतान चालू महीने के अंत तक किया जाना है. आईबीए ने बैंकों से कहा है कि वे इस योजना से अवगत रहें और भुगतान स्वीकार करें तथा इस तरह के मामलों में जमाकर्ता से धन के स्रोत के बारे में नहीं पूछें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने इस बारे में अपने सभी सदस्यों को पत्र लिखा है. इसमें सीबीडीटी द्वारा आरबीआई को भेजे गए परिपत्र का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार एक घोषणाकर्ता ने शिकायत की है कि बेंगलुरू की एक बैंक शाखा ने कर व जुर्माने की राशि स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने कालेधन की घोषणा के लिए आईडीएस की पेशकश थी जिसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये राशि की घोषणा की. इससे सरकार को कर आदि के रूप में 30000 करोड़ रुपये मिलेंगे. टिप्पणियां
सीबीडीटी ने जिक्र किया है इस योजना के तहत कर, अधिभार व जुर्माने की कुल राशि में से 25 प्रतिशत राशि का भुगतान चालू महीने के अंत तक किया जाना है. आईबीए ने बैंकों से कहा है कि वे इस योजना से अवगत रहें और भुगतान स्वीकार करें तथा इस तरह के मामलों में जमाकर्ता से धन के स्रोत के बारे में नहीं पूछें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि सरकार ने कालेधन की घोषणा के लिए आईडीएस की पेशकश थी जिसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत 64,275 लोगों ने 65,250 करोड़ रुपये राशि की घोषणा की. इससे सरकार को कर आदि के रूप में 30000 करोड़ रुपये मिलेंगे. टिप्पणियां
सीबीडीटी ने जिक्र किया है इस योजना के तहत कर, अधिभार व जुर्माने की कुल राशि में से 25 प्रतिशत राशि का भुगतान चालू महीने के अंत तक किया जाना है. आईबीए ने बैंकों से कहा है कि वे इस योजना से अवगत रहें और भुगतान स्वीकार करें तथा इस तरह के मामलों में जमाकर्ता से धन के स्रोत के बारे में नहीं पूछें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीबीडीटी ने जिक्र किया है इस योजना के तहत कर, अधिभार व जुर्माने की कुल राशि में से 25 प्रतिशत राशि का भुगतान चालू महीने के अंत तक किया जाना है. आईबीए ने बैंकों से कहा है कि वे इस योजना से अवगत रहें और भुगतान स्वीकार करें तथा इस तरह के मामलों में जमाकर्ता से धन के स्रोत के बारे में नहीं पूछें.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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संक्षिप्त सारांश: आईडीएस के भुगतान में 500 रुपये का पुराना नोट भी स्वीकार करने को कहा
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को पत्र लिखा है
इसमें सीबीडीटी द्वारा आरबीआई को भेजे गए परिपत्र का हवाला दिया गया है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: भारतीय रेलवे, मालगाड़ियों के आखिरी डिब्बे में गार्डों की तैनाती की व्यवस्था खत्म करेगी। वह एक नई प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ट्रेन चलते समय सभी डिब्बे एक दूसरे से जुड़े रहें।
ट्रेन के आखिरी डिब्बे में एंड ऑफ ट्रेन टेलीमेट्री (ईओटीटी) नाम का एक उपकरण लगाया जाएगा, जो इंजन के ड्राइवर और अंतिम बोगी के बीच संचार स्थापित करेगा।टिप्पणियां
रेलवे रोलिंग स्टाक सदस्य हेमंत कुमार ने कहा कि रेलवे ने 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर इस तरह की 1,000 प्रणालियां खरीदने के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है। ईओटीटी उपकरण के विनिर्देशन तैयार किए गए हैं और निविदाएं जल्द ही जारी की जाएंगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रेन के आखिरी डिब्बे में एंड ऑफ ट्रेन टेलीमेट्री (ईओटीटी) नाम का एक उपकरण लगाया जाएगा, जो इंजन के ड्राइवर और अंतिम बोगी के बीच संचार स्थापित करेगा।टिप्पणियां
रेलवे रोलिंग स्टाक सदस्य हेमंत कुमार ने कहा कि रेलवे ने 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर इस तरह की 1,000 प्रणालियां खरीदने के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है। ईओटीटी उपकरण के विनिर्देशन तैयार किए गए हैं और निविदाएं जल्द ही जारी की जाएंगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेलवे रोलिंग स्टाक सदस्य हेमंत कुमार ने कहा कि रेलवे ने 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर इस तरह की 1,000 प्रणालियां खरीदने के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है। ईओटीटी उपकरण के विनिर्देशन तैयार किए गए हैं और निविदाएं जल्द ही जारी की जाएंगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मालगाड़ियों के आखिरी डिब्बे में गार्डों की तैनाती की व्यवस्था खत्म होगी
डिब्बे में ईओटीटी नाम का एक उपकरण लगाया जाएगा
डिब्बे में ईओटीटी नाम का एक उपकरण लगाया जाएगा
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी बेटी जिया खान को खोने का अब तक यकीन न कर पा रहीं उनकी मां राबिया खान का कहना है कि जिया जुझारू थी और इस बात पर विश्वास करना बेहद मुश्किल है कि उसने आत्महत्या कर लिया है।
अमेरिका में जन्मी 25-वर्षीय अभिनेत्री जिया खान बीते 3 जून को अपने आवास में फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई थीं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अभिनेता आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज पंचोली के साथ प्रेम संबंधों के नाकाम रहने पर उन्होंने आत्महत्या की।
राबिया खान ने कहा, यह दिल तोड़ने वाला है...यकीन नहीं होता..उसने ऐसा क्यों किया? जब कोई बेहाल होता है, मानसिक और भावनात्मक तौर पर परेशान होता है, तो वह नहीं जानता कि वह क्या कर रहा है या क्या कदम उठा रहा है। वह बहुत जुझारू थी। उन्होंने कहा, वह बहुत आध्यात्मिक थी। वह अपनी बहनों को सलाह देती थी। बड़ी बहन होने के नाते वह उनके लिए सुरक्षात्मक थी। यह जानकर बहुत आश्चर्य होता है कि वह अंदर से कितनी कमजोर थी। हमें यकीन नहीं होता कि उसने ऐसा किया।
घटना वाले दिन को याद करती हुई राबिया ने कहा, हम रात साढ़े आठ बजे के आसपास बाहर थे और जिया को अपनी एक चचेरी बहन के साथ अमेरिकी शो देखना था। मैं किसी दोस्त के घर थी। हमने टैक्स्ट संदेशों से बात की। यह लगभग साढ़े नौ बजे की बात है। अगर मुझे उसकी मानसिक हालत का पता होता, तो उस दिन उसे अकेली घर पर नहीं छोड़ती।
अभिनेत्री द्वारा कथित रूप से लिखे गए छह पृष्ठों के एक पत्र के आधार पर 11 जून को पुलिस ने अभिनेता आदित्य पंचोली के पुत्र सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। अंदर तक टूटी हुई जिया ने इस सुसाइड नोट में उस कथित 'मानसिक आघात और दुर्व्यवहार' के बारे में लिखा है, जो उसे अपने प्रेमी (पत्र में नाम नहीं लिखा है) के हाथों झेलना पड़ा। 22-वर्षीय सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
अमेरिका में जन्मी 25-वर्षीय अभिनेत्री जिया खान बीते 3 जून को अपने आवास में फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई थीं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अभिनेता आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज पंचोली के साथ प्रेम संबंधों के नाकाम रहने पर उन्होंने आत्महत्या की।
राबिया खान ने कहा, यह दिल तोड़ने वाला है...यकीन नहीं होता..उसने ऐसा क्यों किया? जब कोई बेहाल होता है, मानसिक और भावनात्मक तौर पर परेशान होता है, तो वह नहीं जानता कि वह क्या कर रहा है या क्या कदम उठा रहा है। वह बहुत जुझारू थी। उन्होंने कहा, वह बहुत आध्यात्मिक थी। वह अपनी बहनों को सलाह देती थी। बड़ी बहन होने के नाते वह उनके लिए सुरक्षात्मक थी। यह जानकर बहुत आश्चर्य होता है कि वह अंदर से कितनी कमजोर थी। हमें यकीन नहीं होता कि उसने ऐसा किया।
घटना वाले दिन को याद करती हुई राबिया ने कहा, हम रात साढ़े आठ बजे के आसपास बाहर थे और जिया को अपनी एक चचेरी बहन के साथ अमेरिकी शो देखना था। मैं किसी दोस्त के घर थी। हमने टैक्स्ट संदेशों से बात की। यह लगभग साढ़े नौ बजे की बात है। अगर मुझे उसकी मानसिक हालत का पता होता, तो उस दिन उसे अकेली घर पर नहीं छोड़ती।
अभिनेत्री द्वारा कथित रूप से लिखे गए छह पृष्ठों के एक पत्र के आधार पर 11 जून को पुलिस ने अभिनेता आदित्य पंचोली के पुत्र सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। अंदर तक टूटी हुई जिया ने इस सुसाइड नोट में उस कथित 'मानसिक आघात और दुर्व्यवहार' के बारे में लिखा है, जो उसे अपने प्रेमी (पत्र में नाम नहीं लिखा है) के हाथों झेलना पड़ा। 22-वर्षीय सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
राबिया खान ने कहा, यह दिल तोड़ने वाला है...यकीन नहीं होता..उसने ऐसा क्यों किया? जब कोई बेहाल होता है, मानसिक और भावनात्मक तौर पर परेशान होता है, तो वह नहीं जानता कि वह क्या कर रहा है या क्या कदम उठा रहा है। वह बहुत जुझारू थी। उन्होंने कहा, वह बहुत आध्यात्मिक थी। वह अपनी बहनों को सलाह देती थी। बड़ी बहन होने के नाते वह उनके लिए सुरक्षात्मक थी। यह जानकर बहुत आश्चर्य होता है कि वह अंदर से कितनी कमजोर थी। हमें यकीन नहीं होता कि उसने ऐसा किया।
घटना वाले दिन को याद करती हुई राबिया ने कहा, हम रात साढ़े आठ बजे के आसपास बाहर थे और जिया को अपनी एक चचेरी बहन के साथ अमेरिकी शो देखना था। मैं किसी दोस्त के घर थी। हमने टैक्स्ट संदेशों से बात की। यह लगभग साढ़े नौ बजे की बात है। अगर मुझे उसकी मानसिक हालत का पता होता, तो उस दिन उसे अकेली घर पर नहीं छोड़ती।
अभिनेत्री द्वारा कथित रूप से लिखे गए छह पृष्ठों के एक पत्र के आधार पर 11 जून को पुलिस ने अभिनेता आदित्य पंचोली के पुत्र सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। अंदर तक टूटी हुई जिया ने इस सुसाइड नोट में उस कथित 'मानसिक आघात और दुर्व्यवहार' के बारे में लिखा है, जो उसे अपने प्रेमी (पत्र में नाम नहीं लिखा है) के हाथों झेलना पड़ा। 22-वर्षीय सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
घटना वाले दिन को याद करती हुई राबिया ने कहा, हम रात साढ़े आठ बजे के आसपास बाहर थे और जिया को अपनी एक चचेरी बहन के साथ अमेरिकी शो देखना था। मैं किसी दोस्त के घर थी। हमने टैक्स्ट संदेशों से बात की। यह लगभग साढ़े नौ बजे की बात है। अगर मुझे उसकी मानसिक हालत का पता होता, तो उस दिन उसे अकेली घर पर नहीं छोड़ती।
अभिनेत्री द्वारा कथित रूप से लिखे गए छह पृष्ठों के एक पत्र के आधार पर 11 जून को पुलिस ने अभिनेता आदित्य पंचोली के पुत्र सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। अंदर तक टूटी हुई जिया ने इस सुसाइड नोट में उस कथित 'मानसिक आघात और दुर्व्यवहार' के बारे में लिखा है, जो उसे अपने प्रेमी (पत्र में नाम नहीं लिखा है) के हाथों झेलना पड़ा। 22-वर्षीय सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
अभिनेत्री द्वारा कथित रूप से लिखे गए छह पृष्ठों के एक पत्र के आधार पर 11 जून को पुलिस ने अभिनेता आदित्य पंचोली के पुत्र सूरज को गिरफ्तार कर लिया गया। अंदर तक टूटी हुई जिया ने इस सुसाइड नोट में उस कथित 'मानसिक आघात और दुर्व्यवहार' के बारे में लिखा है, जो उसे अपने प्रेमी (पत्र में नाम नहीं लिखा है) के हाथों झेलना पड़ा। 22-वर्षीय सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
राबिया ने दुख जताते हुए कहा, उसके प्यार को सम्मान और स्वीकृति नहीं मिली। कुछ माह पहले जब जिया राबिया से मिलने लंदन गई थी, तो उसने अपनी मां को सूरज के साथ परेशानी भरे अपने इस रिश्ते के बारे में बताया था। राबिया ने कहा, इस साल जब वह अपने जन्मदिन के लिए फरवरी में लंदन आई, तो मैंने गौर किया कि उसने अपने चेहरे का नूर ही खो दिया है। एक मां होने के नाते मैं यह महसूस कर सकती थी। मैंने उससे पूछा, तो वह रोने लगी। मैंने उससे पूछा कि क्या ऐसा उसके करियर की वजह से है या फिर फिल्मों में देर हो रही है? इस पर वह फूट-फूटकर कुछ ऐसे रोने लगी मानो उसके दिल में कोई गहरा दर्द हो।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
राबिया ने बताया, हमने उसे पूछा कि क्या यह सूरज को लेकर है, तो उसने कहा कि वह उसकी इज्जत नहीं करता, उसके लिए गंदी भाषा का इस्तेमाल करता है और उसे मारता है। मैंने उसे साफ कहा कि वह तुम्हारे लिए नहीं है। हमने उसे उस लड़के से संबंध तोड़ लेने के लिए कहा। हमने वही करने का फैसला किया, जो उसे पसंद थीं और हमने उसे व्यस्त रखने की कोशिश की। वह सामान्य हो गई और खुश दिखने लगी थी। मैंने उसे समझाया कि एक रिश्ते में किस तरह से थोड़ा स्पेस दिया जाता है और किस तरह आपको खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
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यह एक सारांश है: राबिया ने कहा, जिया बहुत आध्यात्मिक थी। वह अपनी बहनों को सलाह देती थी। यह जानकर बहुत आश्चर्य होता है कि वह अंदर से कितनी कमजोर थी...
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में खौफ का दूसरा नाम रहे दो दोस्तों की आज तिहाड़ की सलाखों में हालत खराब है. तीन दशक पहले इसी जोड़ी के नाम से कश्मीर में अच्छे-अच्छों को पसीना आ जाता था. कभी कंधे से कंधा मिलाकर घाटी को खून से रंगने के लिए कुख्यात रही यह जोड़ी सिर्फ कुछ कदमों की दूरी पर रहने के बावजूद फिलहाल एक दूसरे की शक्ल देखने को तरस गई है. गुजरे हुए कल की यह खूनी जोड़ी लंबे समय से एशिया की सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में कैद है. नाम है यासीन मलिक और फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे. सूत्रों ने बताया कि यासीन मलिक तिहाड़ की एक नंबर जेल में बंद है. कभी उसका हमनवां-हमप्याला रहा बिट्टा कराटे भी यहीं 8-9 नंबर जेल में कैद है. कहने को तो दोनों तिहाड़ जेल में ही हैं, लेकिन दोनों ने अभी तक एक-दूसरे का चेहरा नहीं देखा है.
बिट्टा और यासीन मलिक को हाई-सिक्युरिटी वार्डस में रखा गया है। बिट्टा कराटे करीब 18 साल तक पहले भी कश्मीर और देश की बाकी तमाम जेलों में कैद रह चुका है. जब उसे आगरा जेल में भेजा गया था, तब उसने वहां 14 महीने की भूख हड़ताल की थी और जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे. बिट्टा कराटे किस हद का खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कश्मीर घाटी की जेल में बंद रहने के दौरान उस पर एक कैदी का सिर-कुचल कर उसे मार डालने का भी आरोप लगा था. कश्मीर घाटी में बिट्टा की जिंदगी का वह पहला कत्ल था, और जिसका कत्ल उसने किया था वह उसका जिगरी दोस्त (कश्मीरी पंडित युवक राम) था. वह घटना आज भी कश्मीरियों के दिलों में सिहरन पैदा कर देती है.
तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक, बिट्टा कराटे बीते साल ही भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार कर दिल्ली की तिहाड़ जेल लाया गया था. यासीन मलिक जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को निष्क्रिय किए जाने से कुछ दिन पहले ही तिहाड़ जेल में लाया गया है. बिट्टा कराटे और यासीन मलिक वही खूंखार आतंकवादी हैं, जिन्होंने हिंदुस्तान के तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद (जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बहन) के अपहरण का षड्यंत्र रचा था. रुबिया सईद के अपहरण में बिट्टा और यासीन का नाम खुलकर सामने आया था. यह बात यासीन कई साल पहले कबूल भी चुका है.
फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा, कराटे में 'ब्लैक-बेल्ट' होल्डर है. यहां उल्लेखनीय है कि कश्मीर को कथित आजादी दिलाने की खूनी जंग के नाम पर जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के बैनर तले बिट्टा और यासीन दोनों ने 1990 के दशक में कंधे से कंधा मिलाकर कश्मीर के अमन-चैन को आतंक की आग में झोंक दिया था. बाद में दोनों ने एक-दूसरे से इस हद तक दूरी बना ली कि जेकेएलएफ दो-फाड़ हो गया. एक जेकेएलएफ (आर) यानी रियल बिट्टा कराटे वाला और दूसरा सिर्फ जेकेएलएफ (जिसका स्वंयभू सर्वेसर्वा खुद को यासीन मलिक ने घोषित कर लिया). तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, कहने को तो दिल्ली की हाई सिक्युरिटी मंडोली जेल में भी कई खूंखार आतंकवादी बंद हैं, लेकिन उनमें बिट्टा कराटे और यासीन मलिक जैसा कोई नहीं है.
सूत्रों के मुताबिक, यासीन मलिक और बिट्टा कराटे को जब से गिरफ्तार कर दिल्ली की तिहाड़ जेल लाया गया है, उनसे तिहाड़ में मिलने आने वालों की संख्या न के बराबर रह गई है. यासीन और बिट्टा के बाद कश्मीर घाटी का ही खूंखार आतंकवादी परवेज राशिद फिलहाल तिहाड़ जेल नंबर-3 में कैद है। तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक, राशिद से मिलने कभी-कभार उसका पिता अब्दुल राशिद ही पहुंचा है. जबकि तिहाड़ में वर्तमान समय में बंद चौथा खूंखार नाम है अब्दुल सुभान। सुभान हरियाणा के मेवात का रहने वाला है. तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा, "कैदी तो कैदी हैंं. जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यहां बंद किसी को भी कोई नुकसान न हो, और फिर हाई-सिक्युरिटी वार्ड में तो वैसे भी अपराधियों को एकदम अलग रखा जाता है." सुरक्षा कारणों से उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया.
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यहाँ एक सारांश है:तिहाड़ में बंद हैं यासीन मलिक और बिट्टा कराटे
यासीन मलिक तिहाड़ की एक नंबर जेल में बंद है
दोनों ने अभी तक एक-दूसरे का चेहरा नहीं देखा है
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['hin']
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एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान में तैनात उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल (आईएसएएफ) के शीर्ष अधिकारियों ने काबुल हमले के लिए पाकिस्तानी तालिबानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। 20 घंटे तक चली घेराबंदी में कम से कम 16 लोग मारे गए। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की रपट के अनुसार आईएसएएफ के कमांडर जनरल जॉन एलेन ने संवाददाताओं को बताया, "हमले की जटिलता एवं इसका तरीका देखकर इसके पीछे हक्कानी के हाथ होने की आशंका है।" मंगलवार को हमलावरों ने अमेरिकी दूतावास,आईएसएएफ मुख्यालय एवं टोलो टीवी के कार्यालय पर मंगलवार को राकेट भी दागे थे। पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान और अफगानिस्तान के तीन पूर्वी प्रांतों में सक्रिय हक्कानी गुट, तालिबान का सहयोगी है और उसके पास तीन हजार लड़ाके हैं। अलकायदा से भी उसके घनिष्ठ रिश्ते हैं। पर अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत रेयान क्रोकर ने इस हमले को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। हक्कानी गुट पर 2008 में काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हमले करने के अलावा कई और बड़े हमले करने का आरोप है।
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संक्षिप्त सारांश: नाटो के नेतृत्व वाले आईएसएएफ के शीर्ष अधिकारियों ने काबुल हमले के लिए पाकिस्तानी तालिबानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर भारत सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्डकप-2019 का मैच नहीं खेलने के निर्देश दिए हैं. सूत्रों ने NDTV को बताया है कि सरकार ने बीसीसीआई से कहा है कि भारतीय टीम को वर्ल्डकप-2019 के अंतर्गत पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए. भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्डकप-2019 का यह मैच 16 जून को खेला जाना था. सरकार का बीसीसीआई से संबद्ध कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (COA) को संदेश है, 'पाकिस्तान के खिलाफ मत खेलिए.' केंद्र सरकार के इस फैसले को पाकिस्तान के खिलाफ दबाव बनाने के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है. वैसे, भारत के इस राउंड रॉबिन मैच का बहिष्कार करने की स्थिति में आईसीसी और विज्ञापन कंपनियों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार चाहती हैं कि दोनों टीमों (भारत और पाकिस्तान) के नॉकआउट दौर में पहुंचने की स्थिति में भी भारत को पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेलना चाहिए. यही नहीं, आईसीसी से वर्ल्डकप-2019 के फॉर्मेट में बदलाव के लिए के कहने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है ताकि नॉकआउट राउंड से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले की स्थिति पैदा नहीं हो.
भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 16 जून को वर्ल्डकप का राउंड रॉबिन मैच खेलना है. भारत के पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच का बहिष्कार करने की स्थिति में पाकिस्तान को मैच में विजयी घोषित कर दिया जाएगा. पाकिस्तानी टीम को मैच में जीता हुआ मानकर दो अंक अवार्ड कर दिए जाएंगे. गौरतलब है कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैशे मोहम्मद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली है. भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने से पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा था. ऐसे में सौरव गांगुली और हरभजन सिंह जैसे शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ राउंड रॉबिन मुकाबले के बहिष्कार की मांग की थी. गांगुली ने कहा था, ‘यह 10 टीमों का वर्ल्डकप है और हर टीम, दूसरी टीम के साथ खेलेगी. मुझे लगता है कि अगर भारत वर्ल्डकप में एक मैच नहीं खेलता है तो यह कोई बहुत ज्यादा असर नहीं डालेगा.'
यही नहीं, गांगुली ने कहा कहा था कि भारत को पाकिस्तान के साथ केवल क्रिकेट ही नहीं, सभी खेलों के रिश्ते खत्म कर लेने चाहिए. ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी कहा था कि भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाले मैच को गंवा भी देता है, तो भी वह इतना मजबूत है कि भारत वर्ल्ड कप जीत सकता है. हालांकि बहिष्कार के मामले में सुनील गावस्कर की राय गांगुली और हरभजन से अलग थी.गावस्कर ने कहा था, ‘भारत अगर वर्ल्डकप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला करता है तो कौन जीतेगा? और मैं सेमीफाइनल और फाइनल की बात ही नहीं कर रहा. कौन जीतेगा? पाकिस्तान जीतेगा क्योंकि उसे दो अंक मिलेंगे.'उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने अब तक वर्ल्डकप में हर बार पाकिस्तान को हराया है इसलिए हम असल में दो अंक गंवा रहे हैं जबकि पाकिस्तान को हराकर हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे वर्ल्डकप में आगे नहीं बढ़ पाएं.' हालांकि गावस्कर ने इसके साथ में यह भी कहा था कि ‘मैं देश के साथ हूं, सरकार जो भी फैसला करेगी, मैं पूरी तरह से इसके साथ हूं. अगर देश चाहता है कि हमें पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहिए तो मैं उनके साथ हूं.'
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सारांश: वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के साथ मैच नहीं
सरकार ने बीसीसीआई को दिया निर्देश
दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही सरकार
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['hin']
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इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईटी और सॉफ्टवेयर सेवा उद्योग के शीर्ष संगठन नासकाम ने आज कहा कि वह चाहेगा कि रुपया स्थिर रहे क्योंकि यह अर्थव्यवस्था के हित में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 60 के स्तर से ऊपर जाने के मद्देनजर नासकाम ने यह बात कही।
नासकाम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, हमारे हिसाब से रुपये के लिए 54-56 का स्तर बेहतर है। मुझे उम्मीद है कि रुपया जल्दी ही इस स्तर पर आ जाएगा..। उन्होंने कहा, कमजोर रुपया अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर नहीं है, लेकिन मजबूत रुपये के साथ भी समस्या है। इसीलिए इसमें संतुलन होना चाहिए। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 106 पैसे टूटकर 60.72 पर बंद हुआ, जो अब तक का निम्नतम स्तर है।
नासकाम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, हमारे हिसाब से रुपये के लिए 54-56 का स्तर बेहतर है। मुझे उम्मीद है कि रुपया जल्दी ही इस स्तर पर आ जाएगा..। उन्होंने कहा, कमजोर रुपया अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर नहीं है, लेकिन मजबूत रुपये के साथ भी समस्या है। इसीलिए इसमें संतुलन होना चाहिए। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 106 पैसे टूटकर 60.72 पर बंद हुआ, जो अब तक का निम्नतम स्तर है।
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संक्षिप्त सारांश: आईटी और सॉफ्टवेयर सेवा उद्योग के शीर्ष संगठन नासकाम ने आज कहा कि वह चाहेगा कि रुपया स्थिर रहे क्योंकि यह अर्थव्यवस्था के हित में है।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: कमल हासन ने विवादास्पद फिल्म 'विश्वरूपम' को तमिलनाडु में आगामी सात फरवरी को रिलीज करने की घोषणा की।
इससे पहले खबर आई थी कि तमिलनाडु में अपनी फिल्म विश्वरूपम पर बैन के खिलाफ कोर्ट की शरण में गए कमल हासन ने दायर मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। शनिवार को कमल हासन और फिल्म के कुछ सीन का विरोध कर रहे लोगों के बीच समझौता हो गया था।
तमिलनाडु में जिलाधिकारियों ने रविवार को कमल हासन की विवादित फिल्म 'विश्वरूपम' पर लगाया प्रतिबंध हटा दिया था, जिससे राज्य में फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया। शनिवार को फिल्म के अभिनेता और निर्देशक कमल और इसका विरोध कर रहे मुस्लिम समूहों के बीच समझौता हो गया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारियों की निषेधाज्ञा को हटा दिया गया है, हालांकि उन्होंने विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
गौरतलब है कि सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में शनिवार को छह घंटे तक चली बातचीत के बाद हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
इससे पहले खबर आई थी कि तमिलनाडु में अपनी फिल्म विश्वरूपम पर बैन के खिलाफ कोर्ट की शरण में गए कमल हासन ने दायर मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। शनिवार को कमल हासन और फिल्म के कुछ सीन का विरोध कर रहे लोगों के बीच समझौता हो गया था।
तमिलनाडु में जिलाधिकारियों ने रविवार को कमल हासन की विवादित फिल्म 'विश्वरूपम' पर लगाया प्रतिबंध हटा दिया था, जिससे राज्य में फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया। शनिवार को फिल्म के अभिनेता और निर्देशक कमल और इसका विरोध कर रहे मुस्लिम समूहों के बीच समझौता हो गया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारियों की निषेधाज्ञा को हटा दिया गया है, हालांकि उन्होंने विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
गौरतलब है कि सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में शनिवार को छह घंटे तक चली बातचीत के बाद हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
तमिलनाडु में जिलाधिकारियों ने रविवार को कमल हासन की विवादित फिल्म 'विश्वरूपम' पर लगाया प्रतिबंध हटा दिया था, जिससे राज्य में फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया। शनिवार को फिल्म के अभिनेता और निर्देशक कमल और इसका विरोध कर रहे मुस्लिम समूहों के बीच समझौता हो गया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारियों की निषेधाज्ञा को हटा दिया गया है, हालांकि उन्होंने विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
गौरतलब है कि सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में शनिवार को छह घंटे तक चली बातचीत के बाद हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारियों की निषेधाज्ञा को हटा दिया गया है, हालांकि उन्होंने विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
गौरतलब है कि सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में शनिवार को छह घंटे तक चली बातचीत के बाद हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय में गृह सचिव आर राजगोपाल की मौजूदगी में शनिवार को छह घंटे तक चली बातचीत के बाद हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं।टिप्पणियां
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
उन्होंने फिल्म पर प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर मुकदमा वापस लेने का भी प्रस्ताव दिया था। इस फिल्म का विरोध करने वाले कुछ मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य हैं, जिनसे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
हासन ने कहा कि वे कुछ ऑडियो हिस्से हटाने को राजी हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही फिल्म पर लगी पाबंदी हटा ली जाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई इस फिल्म के अभिनेता हासन ने संवाददाताओं से कहा, विचार-विमर्श के तुरंत बाद हम रिलीज की तारीख घोषित कर देंगे। हम अपनी तकनीकी टीम से भी विचार-विमर्श करेंगे।
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संक्षिप्त पाठ: कमल हासन ने विवादास्पद फिल्म 'विश्वरूपम' को तमिलनाडु में आगामी सात फरवरी को रिलीज करने की घोषणा की।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: जामिया विश्वविद्यालय में NRC और नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा में डेढ़ दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हो गए हैं और कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है. मंगलवार को जामिया शिक्षक संघ और छात्रों ने नागरिकता कानून और NRC के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया था लेकिन देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और पुलिस ने करीब बीस से तीस राउंड आंसू गैस चलाए और लाठीचार्ज भी किया. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रदर्शन में बाहरी लोगों के शामिल होने के चलते ये हालात बने.
इस बीच प्रदर्शन में शामिल छात्रों को कैंपस में लौटने के लिए जामिया शिक्षक संघ के महासचिव माजिद जमील लगातार लाउडस्पीकर से कोशिश करते रहे लेकिन छात्रों की भीड़ में कुछ बाहरी लोगों के आने से हालात बिगड़ने लगे. मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया जिसमें दर्जन भर से ज्यादा छात्र घायल हो गए.
जामिया शिक्षक संघ के महासचिव प्रोफेसर माजिद जमील का कहना है कि बड़े अफसोस की बात है कि आज हिन्दुस्तान में जो कुछ हो रहा है उससे छात्र और शिक्षक सड़क पर हैं. हम इसका विरोध करते हैं क्योंकि भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है ये हिन्दू या मुसलमान की बात नहीं है. छात्रों को इंटरनेशनल पॉलिटिक्स पढ़ाने वाले मोहम्मद सोहराब का कहना है कि इस बिल में न सिर्फ मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया है बल्कि द पिपुल आफ इंडिया का कांसेप्ट में हम आते ही नहीं है. हम सिटीजन नहीं बल्कि सब्जेक्ट हो गए हैं. हम पर सिटीजनशिप का नियम अप्लाई ही नहीं हो रहा है.
नॉर्थ इस्ट इंडिया स्टूडेंट यूनियन रायसुल आलम का कहना है कि असम को ये नागरिकता संशोधन बिल नहीं चाहिए क्योंकि राजीव गांधी के समय ही ये तय हुआ था कि 1971 के बाद बाहरी नहीं आएंगे वो चाहि हिन्दू हो या मुसलमान. फिलहाल पुलिस की सख्ती और शिक्षकों के समझाने से छात्र कैंपस के अंदर चले गए हैं लेकिन NRC और नागरिकता कानून पर इस तरह के और प्रदर्शन आने वाले समय में देखने को मिल सकते हैं.
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नागरिकता कानून के खिलाफ जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पुलिस के साथ हुई झड़प
प्रदर्शन कर रह देढ़ दर्जन से ज्यादा छात्र हुए घायल
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान की एक अदालत ने प्रशासन को आदेश दिया है कि फेसबुक समेत उन तमाम वेबसाइट की पहुंच पर रोक लगाई जाए, जो मजहबी नफरत फैलाने में शामिल हैं। लाहौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश शेख अजमत सईद ने सोमवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को आदेश दिया, पाकिस्तान में मजहबी नफरत को बढ़ावा देने में लगी वेबसाइट पर रोक लगाई जाए। अदालत ने सरकार से यह भी कहा कि इस आदेश के क्रियान्वयन के बारे में एक रिपोर्ट उसके समक्ष 6 अक्टूबर तक सौंपे। न्यायाधीश ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें बहुचर्चित सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। फेसबुक पर पैगम्बर मुहम्मद की आकृतियों वाली एक स्पर्धा आयोजित करने का आरोप है। याचिका दाखिल करने वाले वकील मुहम्मद अजहर सिद्दीकी ने कहा कि सूचना तक पहुंच बनाने के नाम पर इस्लामी मूल्यों का अपमान किया गया है और इससे दुनिया भर के मुसलमानों के जज्बातों को चोट पहुंच रही है। सिद्दीकी ने दावा किया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सूचना प्रौद्यिगकी मंत्रालय ने ऐसी वेबसाइट पर रोक नहीं लगाई है, जो मजहबी नफरत को बढ़ावा दे रही हैं।
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पाक की एक अदालत ने आदेश दिया है कि फेसबुक समेत उन तमाम वेबसाइट की पहुंच पर रोक लगाई जाए, जो मजहबी नफरत फैलाने में शामिल हैं।
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['hin']
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इस पाठ का सारांश बनाएं: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का मुनाफा 30 जून, 2013 को समाप्त पहली तिमाही में 2.4 प्रतिशत बढ़कर 1,275.32 करोड़ रुपये हो गया। पीएनबी के मुताबिक उसे पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में 1,245.67 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
चालू वित्तवर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की कुल आय मामूली रूप से बढ़कर 11,746.59 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 11,721.97 करोड़ रुपये थी। हालांकि गैर निष्पादक आस्तियां 30 जून, 2013 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 4.84 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 3.34 प्रतिशत थी।
चालू वित्तवर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की कुल आय मामूली रूप से बढ़कर 11,746.59 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 11,721.97 करोड़ रुपये थी। हालांकि गैर निष्पादक आस्तियां 30 जून, 2013 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 4.84 प्रतिशत हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 3.34 प्रतिशत थी।
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दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चालू वित्तवर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की कुल आय मामूली रूप से बढ़कर 11,746.59 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 11,721.97 करोड़ रुपये थी।
| 25
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['hin']
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Subsets and Splits
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