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इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टीम चार दिन बाद शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए राजकोट पहुंच चुकी है. बर्थ-डे ब्वॉय और 28 साल के कप्तान विराट कोहली भी राजकोट से शुरू होकर एक ऐसी सीरीज़ खेलने का सपना पाल रहे हैं जो टीम इंडिया को इस सीज़न के आख़िर तक टॉप पर रहकर अपने दबदबे का ऐलान कर सकता है.
SCA के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने ये भी बताया कि बर्थडे ब्वॉय विराट अपनी गर्लफ़्रेंड अनुष्का शर्मा के साथ राजकोट आए हैं. ज़ाहिर है विराट के लिए 28वां जन्मदिन बेहद ख़ास हो गया है. टीम इंडिया की राजकोट में जीत उनके और टीम इंडिया के फ़ैन्स के लिए बड़ा तोहफ़ा साबित हो सकती है.
मेहमान टीम ने भी शनिवार को मुंबई में अभ्यास किया और कल से वो राजकोट में अभ्यास करेगी. यहां आते ही उनके लिए एक अच्छी ख़बर एंडरसन की वापसी के रूप में आई. इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन विशाखापत्तनम में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अपनी टीम में शामिल किए जा सकते हैं. इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने कहा कि इंग्लैंड के लिए सबसे ज़्यादा 463 विकेट लेने वाले एंडरसन ने वापसी के लिए बहुत मेहनत की है और ये उनकी टीम के लिए बहुत अच्छी ख़बर है. एंडरसन 9 तारीख़ से शुरू होने वाले टेस्ट मैच के पहले दिन राजकोट पहुंचेंगे. ये और बात है कि वो पहला टेस्ट खेल नहीं पाएंगे.
जेम्स एंडरसन अगर दूसरे टेस्ट से भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरते हैं तो भारतीय बल्लेबाज़ों को एक अलग चुनौती के लिए तैयार रहने की ज़रूरत होगी. एंडरसन के लिए भारत का ये चौथा दौरा होगा. वो 2006, 2008 और 2012 में यहां आकर 29.81 की औसत से (उनका करियर औसत 28.28 है) 7 टेस्ट में 22 विकेट झटक चुके हैं. पिछले दौरे पर उन्होंने 4 टेस्ट में 12 विकेट झटके थे और इंग्लैंड ने भारत को 2-1 से हरा दिया था. टिप्पणियां
इंग्लैंड टीम के भारत पहुंचते ही इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दावा किया कि उनकी टीम भारत को कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने कहा कि बेशक उनकी टीम को अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन उनमें भारत में बेहतर प्रदर्शन करने का दम है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम से बड़ी उम्मीद नहीं की जा रही, इसलिए उनपर दबाव भी कम होगा.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी.
SCA के मीडिया मैनेजर हिमांशु शाह ने ये भी बताया कि बर्थडे ब्वॉय विराट अपनी गर्लफ़्रेंड अनुष्का शर्मा के साथ राजकोट आए हैं. ज़ाहिर है विराट के लिए 28वां जन्मदिन बेहद ख़ास हो गया है. टीम इंडिया की राजकोट में जीत उनके और टीम इंडिया के फ़ैन्स के लिए बड़ा तोहफ़ा साबित हो सकती है.
मेहमान टीम ने भी शनिवार को मुंबई में अभ्यास किया और कल से वो राजकोट में अभ्यास करेगी. यहां आते ही उनके लिए एक अच्छी ख़बर एंडरसन की वापसी के रूप में आई. इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन विशाखापत्तनम में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अपनी टीम में शामिल किए जा सकते हैं. इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने कहा कि इंग्लैंड के लिए सबसे ज़्यादा 463 विकेट लेने वाले एंडरसन ने वापसी के लिए बहुत मेहनत की है और ये उनकी टीम के लिए बहुत अच्छी ख़बर है. एंडरसन 9 तारीख़ से शुरू होने वाले टेस्ट मैच के पहले दिन राजकोट पहुंचेंगे. ये और बात है कि वो पहला टेस्ट खेल नहीं पाएंगे.
जेम्स एंडरसन अगर दूसरे टेस्ट से भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरते हैं तो भारतीय बल्लेबाज़ों को एक अलग चुनौती के लिए तैयार रहने की ज़रूरत होगी. एंडरसन के लिए भारत का ये चौथा दौरा होगा. वो 2006, 2008 और 2012 में यहां आकर 29.81 की औसत से (उनका करियर औसत 28.28 है) 7 टेस्ट में 22 विकेट झटक चुके हैं. पिछले दौरे पर उन्होंने 4 टेस्ट में 12 विकेट झटके थे और इंग्लैंड ने भारत को 2-1 से हरा दिया था. टिप्पणियां
इंग्लैंड टीम के भारत पहुंचते ही इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दावा किया कि उनकी टीम भारत को कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने कहा कि बेशक उनकी टीम को अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन उनमें भारत में बेहतर प्रदर्शन करने का दम है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम से बड़ी उम्मीद नहीं की जा रही, इसलिए उनपर दबाव भी कम होगा.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी.
मेहमान टीम ने भी शनिवार को मुंबई में अभ्यास किया और कल से वो राजकोट में अभ्यास करेगी. यहां आते ही उनके लिए एक अच्छी ख़बर एंडरसन की वापसी के रूप में आई. इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन विशाखापत्तनम में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अपनी टीम में शामिल किए जा सकते हैं. इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने कहा कि इंग्लैंड के लिए सबसे ज़्यादा 463 विकेट लेने वाले एंडरसन ने वापसी के लिए बहुत मेहनत की है और ये उनकी टीम के लिए बहुत अच्छी ख़बर है. एंडरसन 9 तारीख़ से शुरू होने वाले टेस्ट मैच के पहले दिन राजकोट पहुंचेंगे. ये और बात है कि वो पहला टेस्ट खेल नहीं पाएंगे.
जेम्स एंडरसन अगर दूसरे टेस्ट से भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरते हैं तो भारतीय बल्लेबाज़ों को एक अलग चुनौती के लिए तैयार रहने की ज़रूरत होगी. एंडरसन के लिए भारत का ये चौथा दौरा होगा. वो 2006, 2008 और 2012 में यहां आकर 29.81 की औसत से (उनका करियर औसत 28.28 है) 7 टेस्ट में 22 विकेट झटक चुके हैं. पिछले दौरे पर उन्होंने 4 टेस्ट में 12 विकेट झटके थे और इंग्लैंड ने भारत को 2-1 से हरा दिया था. टिप्पणियां
इंग्लैंड टीम के भारत पहुंचते ही इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दावा किया कि उनकी टीम भारत को कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने कहा कि बेशक उनकी टीम को अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन उनमें भारत में बेहतर प्रदर्शन करने का दम है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम से बड़ी उम्मीद नहीं की जा रही, इसलिए उनपर दबाव भी कम होगा.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी.
जेम्स एंडरसन अगर दूसरे टेस्ट से भारत के ख़िलाफ़ मैदान में उतरते हैं तो भारतीय बल्लेबाज़ों को एक अलग चुनौती के लिए तैयार रहने की ज़रूरत होगी. एंडरसन के लिए भारत का ये चौथा दौरा होगा. वो 2006, 2008 और 2012 में यहां आकर 29.81 की औसत से (उनका करियर औसत 28.28 है) 7 टेस्ट में 22 विकेट झटक चुके हैं. पिछले दौरे पर उन्होंने 4 टेस्ट में 12 विकेट झटके थे और इंग्लैंड ने भारत को 2-1 से हरा दिया था. टिप्पणियां
इंग्लैंड टीम के भारत पहुंचते ही इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दावा किया कि उनकी टीम भारत को कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने कहा कि बेशक उनकी टीम को अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन उनमें भारत में बेहतर प्रदर्शन करने का दम है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम से बड़ी उम्मीद नहीं की जा रही, इसलिए उनपर दबाव भी कम होगा.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी.
इंग्लैंड टीम के भारत पहुंचते ही इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने दावा किया कि उनकी टीम भारत को कड़ी चुनौती दे सकती है. उन्होंने कहा कि बेशक उनकी टीम को अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन उनमें भारत में बेहतर प्रदर्शन करने का दम है. उन्होंने कहा कि उनकी टीम से बड़ी उम्मीद नहीं की जा रही, इसलिए उनपर दबाव भी कम होगा.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी.
रोहित शर्मा चोट की वजह से क़रीब 3 महीने के लिए मैदान से बाहर रहेंगे. रोहित ने टीम इंडिया को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इंग्लैंड टीम बहुत शानदार है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार इंग्लैंड टीम ने भारत में मेज़बान टीम को 1-2 से शिकस्त दी थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह टीम इंडिया खेल रही है, वैसी ही खेलती रही तो सीज़न के आख़िर तक भी टॉप पर बनी रहेगी. | भारतीय टीम चार दिन बाद शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए राजकोट पहुंची.
एंडरसन ने वापसी के लिए बहुत मेहनत की है- एलिस्टर कुक
एंडरसन 9 तारीख़ से शुरू होने वाले टेस्ट मैच के पहले दिन राजकोट पहुंचेंगे. | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख के बीच कारोबारियों की लिवाली से वायदा कारोबार में गुरुवार को सोने की कीमत 32,758 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर जा पहुंची।
शादी विवाह के मौसम और त्योहारों से पहले हाजिर बाजार में मजबूत रुख ने भी सोने को नई रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने में मदद की।
एमसीएक्स में सोना के अगले वर्ष अप्रैल में डिलीवरी होने वाले अनुबंध की कीमत 146 रुपये अथवा 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,758 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें दो लॉट के लिए कारोबार हुआ।
इसी प्रकार से सोना के दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 177 रुपये अथवा 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,030 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 287 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
सोना के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 181 रुपये अथवा 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 31,649 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं जिसमें 11,951 लॉट के लिए कारोबार हुआ। टिप्पणियां
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
शादी विवाह के मौसम और त्योहारों से पहले हाजिर बाजार में मजबूत रुख ने भी सोने को नई रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने में मदद की।
एमसीएक्स में सोना के अगले वर्ष अप्रैल में डिलीवरी होने वाले अनुबंध की कीमत 146 रुपये अथवा 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,758 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें दो लॉट के लिए कारोबार हुआ।
इसी प्रकार से सोना के दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 177 रुपये अथवा 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,030 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 287 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
सोना के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 181 रुपये अथवा 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 31,649 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं जिसमें 11,951 लॉट के लिए कारोबार हुआ। टिप्पणियां
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
एमसीएक्स में सोना के अगले वर्ष अप्रैल में डिलीवरी होने वाले अनुबंध की कीमत 146 रुपये अथवा 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,758 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें दो लॉट के लिए कारोबार हुआ।
इसी प्रकार से सोना के दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 177 रुपये अथवा 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,030 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 287 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
सोना के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 181 रुपये अथवा 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 31,649 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं जिसमें 11,951 लॉट के लिए कारोबार हुआ। टिप्पणियां
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
इसी प्रकार से सोना के दिसंबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 177 रुपये अथवा 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 32,030 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जिसमें 287 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
सोना के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 181 रुपये अथवा 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 31,649 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं जिसमें 11,951 लॉट के लिए कारोबार हुआ। टिप्पणियां
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
सोना के अक्टूबर डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 181 रुपये अथवा 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 31,649 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं जिसमें 11,951 लॉट के लिए कारोबार हुआ। टिप्पणियां
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
घरेलू हाजिर बाजार में कल राष्ट्रीय राजधानी में सोना 130 रुपये मजबूत होकर 31,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक ऊंचाई को छू गया।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि यूरोप के ऋण संकट को खत्म करने के लिए यूरोपीय केन्द्रीय बैंक द्वारा सरकारी बांडों की असीमित खरीद की घोषणा किए जाने के अनुमानों के कारण यूरो में तेजी आने और सोने की मांग बढ़ने से सटोरियों ने लिवाली की जिससे सोना वायदा कीमतें नई ऊंचाई को छू गया। इस बीच सिंगापुर में सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,698.65 डॉलर प्रति औंस हो गईं। | संक्षिप्त पाठ: वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख के बीच कारोबारियों की लिवाली से वायदा कारोबार में गुरुवार को सोने की कीमत 32,758 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर जा पहुंची। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रघुनाथजी मंदिर की संपत्तियों के हस्तांतरण के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा विधायक महेश्वर सिंह को जारी नोटिस को लागू किये जाने और उसके कार्यान्वयन पर सोमवार को रोक लगा दी। विधायक मंदिर के मुख्य केयर टेकर भी हैं।
हिमाचल लोकहित पार्टी (एचएलपी) प्रमुख सिंह और दनवेंदर सिंह द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और चंदर भूषण बरोवालिया की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम तौर पर मंदिर को कब्जे में लेने के लिए आगे कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी।टिप्पणियां
सरकार ने इस संबंध में 26 जुलाई की अपनी अधिसूचना में सिंह से मंदिर की संपत्तियों, अस्थायी और स्थायी द्रव्यों, स्टॉक के साथ संरचनाओं और उपकरणों, स्टोर और कैशबुक समेत नकदी इत्यादि को रघुनाथपुर मंदिर न्यास, सुल्तानपुर, कुल्लू के अध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर सौंपने के लिए कहा था। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिमाचल लोकहित पार्टी (एचएलपी) प्रमुख सिंह और दनवेंदर सिंह द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और चंदर भूषण बरोवालिया की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम तौर पर मंदिर को कब्जे में लेने के लिए आगे कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी।टिप्पणियां
सरकार ने इस संबंध में 26 जुलाई की अपनी अधिसूचना में सिंह से मंदिर की संपत्तियों, अस्थायी और स्थायी द्रव्यों, स्टॉक के साथ संरचनाओं और उपकरणों, स्टोर और कैशबुक समेत नकदी इत्यादि को रघुनाथपुर मंदिर न्यास, सुल्तानपुर, कुल्लू के अध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर सौंपने के लिए कहा था। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार ने इस संबंध में 26 जुलाई की अपनी अधिसूचना में सिंह से मंदिर की संपत्तियों, अस्थायी और स्थायी द्रव्यों, स्टॉक के साथ संरचनाओं और उपकरणों, स्टोर और कैशबुक समेत नकदी इत्यादि को रघुनाथपुर मंदिर न्यास, सुल्तानपुर, कुल्लू के अध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर सौंपने के लिए कहा था। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: विधायक महेश्वर सिंह को जारी नोटिस के अमल पर रोक
विधायक मंदिर के मुख्य केयर टेकर हैं
एक जनहित याचिका पर दी व्यवस्था | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा में फिर लड़कियों ने बाजी मारी। इस बार 86.21 फीसदी लड़कियां पास हैं जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 75.80 रहा। चेन्नई जोन का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।टिप्पणियां
उधर, मणिपुर के मोहम्मद इस्मत 500 अंकों में 495 अंक लाकर देशभर में अव्वल रहे जबकि दिल्ली जोन में डीपीएस आरके पुरम के क्षितिज जैन पहले स्थान पर हैं।
इस्मत के मैथ्स, केमिस्ट्री, पेंटिंग्स और होम साइंस में 100-100 नंबर हैं, जबकि इंग्लिश में 98 और फिजिक्स में 97 नंबर हैं। 18 साल के इस्मत बेहद गरीब घर से है। उनके छह भाई-बहन हैं। उनके पिता 75 साल के हैं, वे सरकारी स्कूल में प्राइमरी टीचर थे। उन्होंने विल पावर से खुद रोजाना 8-10 घंटे पढ़ना शुरू किया।
उधर, मणिपुर के मोहम्मद इस्मत 500 अंकों में 495 अंक लाकर देशभर में अव्वल रहे जबकि दिल्ली जोन में डीपीएस आरके पुरम के क्षितिज जैन पहले स्थान पर हैं।
इस्मत के मैथ्स, केमिस्ट्री, पेंटिंग्स और होम साइंस में 100-100 नंबर हैं, जबकि इंग्लिश में 98 और फिजिक्स में 97 नंबर हैं। 18 साल के इस्मत बेहद गरीब घर से है। उनके छह भाई-बहन हैं। उनके पिता 75 साल के हैं, वे सरकारी स्कूल में प्राइमरी टीचर थे। उन्होंने विल पावर से खुद रोजाना 8-10 घंटे पढ़ना शुरू किया।
इस्मत के मैथ्स, केमिस्ट्री, पेंटिंग्स और होम साइंस में 100-100 नंबर हैं, जबकि इंग्लिश में 98 और फिजिक्स में 97 नंबर हैं। 18 साल के इस्मत बेहद गरीब घर से है। उनके छह भाई-बहन हैं। उनके पिता 75 साल के हैं, वे सरकारी स्कूल में प्राइमरी टीचर थे। उन्होंने विल पावर से खुद रोजाना 8-10 घंटे पढ़ना शुरू किया। | यहाँ एक सारांश है:सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा में फिर लड़कियों ने बाजी मारी। इस बार 86.21 फीसदी लड़कियां पास हैं जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 75.80 रहा। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में झड़पों और आगजनी की घटनाओं के लिए बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को जिम्मेदार ठहराते हुए शनिवार को कहा कि अगर यही हालात रहे तो पार्टी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करेगी. सिन्हा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को "तुष्टिकरण की नीतियों" का दोषी ठहराते हुए दावा किया कि इन नीतियों से पश्चिम बंगाल में ऐसे हालात पैदा हुए."
भाजपा नेता ने कहा, "उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर राज्य में पिछले दो दिन से जारी हिंसा को रोकने के लिए कुछ नहीं किया." उन्होंने कहा, "हम (भाजपा) कभी भी राष्ट्रपति शासन का समर्थन नहीं करते. लेकिन अगर पश्चिम बंगाल में यह अराजकता जारी रही, तो हम हमारे पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. एक ओर पूरा राज्य जल रहा है, दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सरकार सिर्फ मूकदर्शक बनी बैठी है." | संक्षिप्त सारांश: बीजेपी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
बंगाल में हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार
कहा, राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करेंगे | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के मध्यक्रम के उदीयमान बल्लेबाज विराट कोहली को ऑस्ट्रेलियाई दौरे और भविष्य में हमवतन रोहित शर्मा के साथ किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नजर नहीं आती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि भविष्य में दोनों को ही देश का प्रतिनिधित्व करना है। कोहली और रोहित ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अध्यक्ष एकादश के खिलाफ पांचवें विकेट के लिए 78 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को संभाला। कोहली ने मनुका ओवल में नाबाद 55 रन बनाने के बाद कहा, हम जानते हैं कि भविष्य में हम एक साथ खेलेंगे, इसलिए मैं दोनों के बीच किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं देखता। यह केवल समय की बात है कि कौन कब खेलेगा और कौन कब मौका पाकर रन बनाना शुरू करेगा। उन्होंने कहा, मुझसे यह सवाल लगातार किया जाता है। टीम में किसी भी स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा रहती है। आपके पास दो या तीन अच्छे खिलाड़ी होते हैं, जो मौके का फायदा उठाना चाहते हैं। कोहली ने कहा, हम (स्वयं और रोहित) ने कुछ अच्छी साझेदारियां निभाई हैं। यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा है। भविष्य में जब जरूरत पड़ेगी, तो हमें एक-दूसरे के खेल की अच्छी समझ रहेगी। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और यह टीम के लिए अच्छा है। | कोहली और रोहित ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अध्यक्ष एकादश के खिलाफ पांचवें विकेट के लिए 78 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को संभाला। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करने के बाद रिजर्व बैंक का मानना है कि बड़े बैंकों को भी छोटे बैंकों की तरह बचत खाते पर ब्याज दरों को ग्राहकों के लिए आकर्षक बनाना चाहिए।
रिजर्व बैंक ने पिछले साल बचत खाते पर ब्याज दर को नियंत्रणमुक्त कर दिया था। उसके बाद निजी क्षेत्र के कई छोटे बैंकों ने बचत खाते पर ऊंचा ब्याज देना शुरु किया, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंकों ने इसमें ज्यादा बदलाव नहीं किया।
रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने बुधवार को चेन्नई में कहा कि बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त किए जाने के बाद निजी क्षेत्र के छोटे बैंकों ने दरों को बढ़ाया है और इसका उन्हें फायदा भी मिला है। इस श्रेणी में उनका हिस्सेदारी बढ़ी है।
सुब्बाराव ने कहा ‘बड़े बैंकों ने इस दिशा में अभी तक ज्यादा कुछ नहीं किया। रिजर्व बैंक बचत बैंक खाते के वर्ग में और अधिक सक्रिय गतिविधियां देखना चाहता है। निम्न आयवर्ग के परिवार जो कि वर्तमान में बैंकिंग क्षेत्र की पहुंच से बाहर हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए ग्राहकों के अनुकूल कुछ नवीन प्रयास होने चाहिए।’ टिप्पणियां
सुब्बाराव ने यहां इंडियन ओवरसीज बैंक की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में यह बात कही। रिजर्व बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करते हुये कहा था कि एक लाख रुपये तक की बचत पर बैंकों में समान ब्याज दर होनी चाहिये जबकि एक लाख से अधिक की जमा पर बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज एवं शुल्क रख सकते हैं।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है।
रिजर्व बैंक ने पिछले साल बचत खाते पर ब्याज दर को नियंत्रणमुक्त कर दिया था। उसके बाद निजी क्षेत्र के कई छोटे बैंकों ने बचत खाते पर ऊंचा ब्याज देना शुरु किया, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंकों ने इसमें ज्यादा बदलाव नहीं किया।
रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने बुधवार को चेन्नई में कहा कि बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त किए जाने के बाद निजी क्षेत्र के छोटे बैंकों ने दरों को बढ़ाया है और इसका उन्हें फायदा भी मिला है। इस श्रेणी में उनका हिस्सेदारी बढ़ी है।
सुब्बाराव ने कहा ‘बड़े बैंकों ने इस दिशा में अभी तक ज्यादा कुछ नहीं किया। रिजर्व बैंक बचत बैंक खाते के वर्ग में और अधिक सक्रिय गतिविधियां देखना चाहता है। निम्न आयवर्ग के परिवार जो कि वर्तमान में बैंकिंग क्षेत्र की पहुंच से बाहर हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए ग्राहकों के अनुकूल कुछ नवीन प्रयास होने चाहिए।’ टिप्पणियां
सुब्बाराव ने यहां इंडियन ओवरसीज बैंक की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में यह बात कही। रिजर्व बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करते हुये कहा था कि एक लाख रुपये तक की बचत पर बैंकों में समान ब्याज दर होनी चाहिये जबकि एक लाख से अधिक की जमा पर बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज एवं शुल्क रख सकते हैं।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है।
रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने बुधवार को चेन्नई में कहा कि बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त किए जाने के बाद निजी क्षेत्र के छोटे बैंकों ने दरों को बढ़ाया है और इसका उन्हें फायदा भी मिला है। इस श्रेणी में उनका हिस्सेदारी बढ़ी है।
सुब्बाराव ने कहा ‘बड़े बैंकों ने इस दिशा में अभी तक ज्यादा कुछ नहीं किया। रिजर्व बैंक बचत बैंक खाते के वर्ग में और अधिक सक्रिय गतिविधियां देखना चाहता है। निम्न आयवर्ग के परिवार जो कि वर्तमान में बैंकिंग क्षेत्र की पहुंच से बाहर हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए ग्राहकों के अनुकूल कुछ नवीन प्रयास होने चाहिए।’ टिप्पणियां
सुब्बाराव ने यहां इंडियन ओवरसीज बैंक की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में यह बात कही। रिजर्व बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करते हुये कहा था कि एक लाख रुपये तक की बचत पर बैंकों में समान ब्याज दर होनी चाहिये जबकि एक लाख से अधिक की जमा पर बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज एवं शुल्क रख सकते हैं।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है।
सुब्बाराव ने कहा ‘बड़े बैंकों ने इस दिशा में अभी तक ज्यादा कुछ नहीं किया। रिजर्व बैंक बचत बैंक खाते के वर्ग में और अधिक सक्रिय गतिविधियां देखना चाहता है। निम्न आयवर्ग के परिवार जो कि वर्तमान में बैंकिंग क्षेत्र की पहुंच से बाहर हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए ग्राहकों के अनुकूल कुछ नवीन प्रयास होने चाहिए।’ टिप्पणियां
सुब्बाराव ने यहां इंडियन ओवरसीज बैंक की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में यह बात कही। रिजर्व बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करते हुये कहा था कि एक लाख रुपये तक की बचत पर बैंकों में समान ब्याज दर होनी चाहिये जबकि एक लाख से अधिक की जमा पर बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज एवं शुल्क रख सकते हैं।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है।
सुब्बाराव ने यहां इंडियन ओवरसीज बैंक की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में यह बात कही। रिजर्व बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करते हुये कहा था कि एक लाख रुपये तक की बचत पर बैंकों में समान ब्याज दर होनी चाहिये जबकि एक लाख से अधिक की जमा पर बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज एवं शुल्क रख सकते हैं।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है।
बड़े बैंकों में वर्तमान में बचत खाते पर चार प्रतिशत ब्याज दर है जबकि निजी क्षेत्र के कई बैंकों ने बचत खाते पर छह से सात प्रतिशत तक ब्याज देना शुरू किया है। | यहाँ एक सारांश है:बचत खाते पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करने के बाद रिजर्व बैंक का मानना है कि बड़े बैंकों को भी छोटे बैंकों की तरह बचत खाते पर ब्याज दरों को ग्राहकों के लिए आकर्षक बनाना चाहिए। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय रिकार्ड धारक रणजीत महेश्वरी ने पुरुष त्रिकूद का खिताब जीता जिससे भारत एशियाई ग्रां प्री एथलेटिक्स के तीसरे और अंतिम चरण में चार स्वर्ण सहित 12 पदक जीतने में सफल रहा।
महेश्वरी ने 16.46 की कूद के साथ खिताब अपने नाम किया। उनका यह प्रयास हालांकि कंचनपुरी में दूसरे चरण में 16.61 मीटर के स्वर्ण जीतने के उनके प्रयास से कम था। उन्होंने बैंकाक में पहले चरण में कांस्य पदक जीता था।
एक अन्य भारतीय अरपिंदर सिंह ने 15.85 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने पहले चरण में भी कांस्य पदक जीता था।टिप्पणियां
भारत ने कुल चार स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
भारत के लिए तीन अन्य स्वर्ण रोहित कुमार ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा और पुरुष तथा महिला चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में जीते।
महेश्वरी ने 16.46 की कूद के साथ खिताब अपने नाम किया। उनका यह प्रयास हालांकि कंचनपुरी में दूसरे चरण में 16.61 मीटर के स्वर्ण जीतने के उनके प्रयास से कम था। उन्होंने बैंकाक में पहले चरण में कांस्य पदक जीता था।
एक अन्य भारतीय अरपिंदर सिंह ने 15.85 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने पहले चरण में भी कांस्य पदक जीता था।टिप्पणियां
भारत ने कुल चार स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
भारत के लिए तीन अन्य स्वर्ण रोहित कुमार ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा और पुरुष तथा महिला चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में जीते।
एक अन्य भारतीय अरपिंदर सिंह ने 15.85 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने पहले चरण में भी कांस्य पदक जीता था।टिप्पणियां
भारत ने कुल चार स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
भारत के लिए तीन अन्य स्वर्ण रोहित कुमार ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा और पुरुष तथा महिला चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में जीते।
भारत ने कुल चार स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
भारत के लिए तीन अन्य स्वर्ण रोहित कुमार ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा और पुरुष तथा महिला चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में जीते।
भारत के लिए तीन अन्य स्वर्ण रोहित कुमार ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा और पुरुष तथा महिला चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में जीते। | यह एक सारांश है: राष्ट्रीय रिकार्ड धारक रणजीत महेश्वरी ने पुरुष त्रिकूद का खिताब जीता जिससे भारत एशियाई ग्रां प्री एथलेटिक्स के तीसरे और अंतिम चरण में चार स्वर्ण सहित 12 पदक जीतने में सफल रहा। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: म्यांमार ने अपने देश की मीडिया पर लगी सेंसरशिप को खत्म कर दिया है। देश की असैन्य सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों की कड़ी में यह सबसे ताजा सुधारवादी कदम है, जिसकी जानकारी सूचना मंत्रालय ने दी।टिप्पणियां
मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी किए गए बयान के मुताबिक, सभी स्थानीय प्रकाशनों से सेंसरशिप 20 अगस्त 2012 से हटा ली गई है। प्रकाशन से पहले ही अमल में लाई जाने वाली सेंसरशिप बीते साल खत्म हुए सैन्य शासन की बड़ी पहचान थी। यह सेंसरशिप अखबारों से लेकर गानों और यहां तक कि परी-कथाओं तक के लिए लागू थी।
बीते साल ऐसे प्रकाशनों पर से सेंसरशिप हटा ली गई थी, जिन्हें सरकार कम विवादित मानती है। पिछले साल पद संभालने के बाद से राष्ट्रपति थिएन शिन ने कई नाटकीय बदलाव किए हैं, जिनमें सैकड़ों राजनीतिक बंदियों की रिहाई और विपक्षी नेता आंग सान सू ची भी शामिल है।
मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी किए गए बयान के मुताबिक, सभी स्थानीय प्रकाशनों से सेंसरशिप 20 अगस्त 2012 से हटा ली गई है। प्रकाशन से पहले ही अमल में लाई जाने वाली सेंसरशिप बीते साल खत्म हुए सैन्य शासन की बड़ी पहचान थी। यह सेंसरशिप अखबारों से लेकर गानों और यहां तक कि परी-कथाओं तक के लिए लागू थी।
बीते साल ऐसे प्रकाशनों पर से सेंसरशिप हटा ली गई थी, जिन्हें सरकार कम विवादित मानती है। पिछले साल पद संभालने के बाद से राष्ट्रपति थिएन शिन ने कई नाटकीय बदलाव किए हैं, जिनमें सैकड़ों राजनीतिक बंदियों की रिहाई और विपक्षी नेता आंग सान सू ची भी शामिल है।
बीते साल ऐसे प्रकाशनों पर से सेंसरशिप हटा ली गई थी, जिन्हें सरकार कम विवादित मानती है। पिछले साल पद संभालने के बाद से राष्ट्रपति थिएन शिन ने कई नाटकीय बदलाव किए हैं, जिनमें सैकड़ों राजनीतिक बंदियों की रिहाई और विपक्षी नेता आंग सान सू ची भी शामिल है। | म्यांमार ने अपने देश की मीडिया पर लगी सेंसरशिप को खत्म कर दिया है। देश की असैन्य सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों की कड़ी में यह सबसे ताजा सुधारवादी कदम है। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में हर ओर से आवाजें उठ रही हैं. राजनीति, फिल्म जगत व तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ छात्रों ने भी इस कानून के खिलाफ हल्ला बोला हुआ है. कई शहरों में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. पथराव, आगजनी, लाठीचार्ज की खबरों के बीच देश में अब तक करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है. दूसरी ओर विरोध जताने की कुछ दिलचस्प तस्वीरें बेंगलुरु से सामने आ रही हैं. यहां आईआईएम बेंगलुरु (IIM Bangalore) के छात्रों ने कानून का विरोध जताने के लिए अनोखा तरीका अपनाया.
IIM बेंगलुरु के छात्रों ने नागरिकता कानून का विरोध दर्ज कराने के लिए मेन गेट के बाहर ही अपने जूते-चप्पल छोड़ दिए. एक प्रोफेसर ने भी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे छात्रों का समर्थन किया और उन्होंने भी एक पोस्टर पर अपने जूते रख दिए. धारा 144 लागू होने के चलते छात्र वहां जूते-स्लीपर रखने के लिए अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए. कुछ छात्रों ने उस जगह पर फूल भी रखे. एक छात्रा ने बताया कि उसने देश में शांति के लिए ऐसा किया है. कुछ छात्र ऐसे भी थे जो इस शांतिपूर्वक प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे लेकिन प्लेसमेंट के नतीजे प्रभावित होने की वजह से ऐसा नहीं कर सके. एक छात्रा ने कहा, 'हां जरूर, हम डरे हुए हैं. हम सिर्फ स्टूडेंट्स हैं.'
IIM बेंगलुरु के प्रोफेसर दीपक ने NDTV से बातचीत में बताया कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी हमारी पहचान बदल रहा है. वह इसे शैक्षणिक नजर से देख रहे हैं. यह छात्रों के लिए सामाजिक मुद्दे पर बोलने का अच्छा अवसर भी है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटीज़ को न्यूट्रल रहना चाहिए. हमें इसके (कानून) विरोध में प्रदर्शन की इजाजत देनी चाहिए, हालांकि वास्तविकता में यह प्रदर्शन नहीं है. बताते चलें कि यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस तैनात है लेकिन छात्रों द्वारा इस तरह से विरोध जताने पर किसी भी पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप नहीं किया.
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल के संसद में पेश किए जाने के बाद से ही पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में इसे वापस लिए जाने की मांग ने जोर पकड़ा था. लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद यह कानून बन गया. इस संशोधित कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है. इसमें 6 समुदाय- हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसियों को रखा गया है. मुस्लिमों को इससे बाहर रखे जाने का विरोध हो रहा है. केंद्र सरकार का तर्क है कि इस कानून को इन तीन देशों में धार्मिक आधार पर सताए जा रहे अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए संशोधित किया गया है और इन तीनों ही देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं. | यह एक सारांश है: नागरिकता संशोधन कानून का विरोध
IIM बेंगलुरु के छात्रों ने इस तरह जताया विरोध
छात्रों ने मेन गेट के बाहर रखे जूते-चप्पल | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद शुरू किए गए संगठन की 'बड़ी ओवरहॉलिंग' की प्रक्रिया अब लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. चंद दिनों के भीतर ही एक नई प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन और गठन की प्रक्रिया घोषित की जाएगी. बताया जा रहा है कि नई प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हर एक व्यक्ति की ठोस ज़िम्मेदारी होगी और उसके जवाबदेही तय होगी. इसके तुरंत बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश नई जिला कमेटियों की घोषणा की जाएगी. इसी क्रम में जन-संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों में भी भारी बदलाव घोषित किए जाएंगे. संगठन की 'ओवरहॉलिंग' की यही प्रक्रिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी शुरू कर दी गई है. AICC सचिवों की टीम इस काम में लग गई है.
लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद महासचिव प्रियंका गांधी ने पिछले तीन महीनों से सतत मीटिंगों का दौर जारी रखा. वे उत्तर प्रदेश के हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलीं. AICC सचिव एवं कुछ चुनिंदा नेताओं की चार टीमें प्रियंका गांधी के निर्देश पर जून महीने से ही हर जिले का दौरा करना शुरू किया. इन टीमों ने हर जिले में न्यूनतम 2-3 दिन रहकर मीटिंग्स और जांच पड़ताल की. ये भी तय किया गया कि पूरे उत्तर प्रदेश नें महिलाओं को अहम भूमिका दी जाएगी. हर ज़िले में उपाध्यक्ष महिला को ही बनाया जाएगा इसके अलावा एक अन्य टीम ने अनौपचारिक स्तर पर हर जिले के संगठन, कामकाज, सक्रियता और जमीनी स्थिति की जांच पड़ताल की.
प्रियंका गांधी पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन के हर एक जिला अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष, प्रत्याशी, और प्रभारी से मिली. उनकी बातें सुनीं और उन्हें अपने विचारों से अवगत कराया. प्रियंका गांधी पूरे उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व अध्यक्षों, पूर्व नेता विधानमंडल, पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों एवं वरिष्ठ नेताओं से मिली. वरिष्ठ नेताओं ने एक स्वर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी को छोटा करने एवं युवा लोगों को मौका देने और संघर्षशील कार्यकर्ताओं के सामने लाने की बात कही. वरिष्ठ नेताओं ने प्रियंका गांधी द्वारा प्रदेश के संगठन में किए जा रहे बदलाव और आंदोलन के मुद्दों पर सहमति ज़ाहिर की. सभी बड़े फ़ैसलों पर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से व्यापक चर्चा और उनकी सहमति से फैसले हो रहे हैं.
प्रदेश कमेटी में और जिला कमेटियों में सामाजिक संतुलन पर पूरा जोर दिया जा रहा है. हर वर्ग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए जा रहे हैं. गरीब-वंचित तबक़ों से और दलित-पिछड़े-अति पिछड़े वर्ग से नेताओं-कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान मिले ऐसी कोशिश की जा रही है. यही प्रक्रिया अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शुरू की गई है. उत्तर प्रदेश में बड़े आंदोलन की रूपरेखा पर काम हो रहा है. प्रदेश कांग्रेस द्वारा किसानों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी शुरू की जा रही है. प्रदेश कांग्रेस द्वारा इसी साल के भीतर एक करोड़ नई सदस्यता का लक्ष्य रखा गया है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में व्यापक जन-सम्पर्क और जन-आंदोलन की तैयारी पर योजनाबद्ध ढंग से काम भी जारी है. | नई प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हर एक व्यक्ति की ठोस ज़िम्मेदारी होगी
प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं से की मुलाकात
पार्टी को मजबूती देने पर है जोर | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने कहा है कि बैंक लोगों को 500 रुपये व 1000 रुपये के चलन से बाहर हो चुके नोट बदलने में मदद के लिए अतिरिक्त काउंटर खोलेंगे तथा अतिरिक्त काम करेंगे. सरकार ने 500 रुपये व 1000 रुपये मूल्य के मौजूदा करेंसी नोटों को मंगलवार रात से अवैध घोषित कर दिया है. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि बैंक काउंटरों पर अफरा तफरी व भीड़ की संभावना को देखते हुए सरकार व रिजर्व बैंक ने मुंबई व दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं ताकि किसी तरह के संकट को टाला जा सके. बैंक आज बुधवार को बंद रहेंगे. लोगों को दस नवंबर से अपने मौजूदा अवैध 500 रुपये व 1000 रुपये के नोट बैंक और डाकघरों के जरिए बदलने की अनुमति होगी.
ग्राहक 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपये के कितनी भी राशि के नोट अपने बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं. इसके अलावा 24 नवंबर तक वे किसी भी बैंक अथवा डाकघर से 4000 रुपये प्रतिदिन तक अदला बदली कर सकेंगे इसके लिए उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना होगा. टिप्पणियां
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये व 2000 रुपये के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है. ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे. 500 व 2000 रुपये के नए नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि बैंक काउंटरों पर अफरा तफरी व भीड़ की संभावना को देखते हुए सरकार व रिजर्व बैंक ने मुंबई व दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं ताकि किसी तरह के संकट को टाला जा सके. बैंक आज बुधवार को बंद रहेंगे. लोगों को दस नवंबर से अपने मौजूदा अवैध 500 रुपये व 1000 रुपये के नोट बैंक और डाकघरों के जरिए बदलने की अनुमति होगी.
ग्राहक 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपये के कितनी भी राशि के नोट अपने बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं. इसके अलावा 24 नवंबर तक वे किसी भी बैंक अथवा डाकघर से 4000 रुपये प्रतिदिन तक अदला बदली कर सकेंगे इसके लिए उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना होगा. टिप्पणियां
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये व 2000 रुपये के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है. ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे. 500 व 2000 रुपये के नए नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ग्राहक 30 दिसंबर तक 500 व 1000 रुपये के कितनी भी राशि के नोट अपने बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं. इसके अलावा 24 नवंबर तक वे किसी भी बैंक अथवा डाकघर से 4000 रुपये प्रतिदिन तक अदला बदली कर सकेंगे इसके लिए उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना होगा. टिप्पणियां
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये व 2000 रुपये के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है. ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे. 500 व 2000 रुपये के नए नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये व 2000 रुपये के उच्च सुरक्षा मानकों वाले नये नोटों का विनिर्माण तेजी से शुरू कर दिया है. ये नोट पुराने नोट का स्थान लेंगे. 500 व 2000 रुपये के नए नोट 10 नवंबर से चलन में आ जाएंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सरकार व रिजर्व बैंक ने मुंबई व दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं
लोगों को दस नवंबर से अपने नोट बदलने की अनुमति होगी
ग्राहक 30 दिसंबर तक बैंक खातों में जमा करवा सकते हैं नोट | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में हुए गैंगरेप केस के बाद सिस्टम के खिलाफ गुस्सा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और गैंगरेप की वारदात सामने आई है।
पंजाब के गुरदासपुर में 29 साल की एक महिला के साथ सात लोगों ने गैंगरेप किया। यह घटना शुक्रवार की है, जब महिला शाम को पठानकोट के पास अपने एक गांव से एक प्राइवेट बस में गुरदासपुर के पास एक गांव जाने के लिए सवार हुई।टिप्पणियां
बस के ड्राइवर और कंडक्टर उसे गांव में उतारने की बजाय गुरदासपुर ले गए। वहां से वे उसे बाइक से एक घर में ले गए, जहां पांच और लोगों ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे सुबह पांच बजे गांव में छोड़ा गया।
इसके बाद लड़की के परिवारवालों ने घटना का पता चलते ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। ड्राइवर और कंडक्टर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं।
पंजाब के गुरदासपुर में 29 साल की एक महिला के साथ सात लोगों ने गैंगरेप किया। यह घटना शुक्रवार की है, जब महिला शाम को पठानकोट के पास अपने एक गांव से एक प्राइवेट बस में गुरदासपुर के पास एक गांव जाने के लिए सवार हुई।टिप्पणियां
बस के ड्राइवर और कंडक्टर उसे गांव में उतारने की बजाय गुरदासपुर ले गए। वहां से वे उसे बाइक से एक घर में ले गए, जहां पांच और लोगों ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे सुबह पांच बजे गांव में छोड़ा गया।
इसके बाद लड़की के परिवारवालों ने घटना का पता चलते ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। ड्राइवर और कंडक्टर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं।
बस के ड्राइवर और कंडक्टर उसे गांव में उतारने की बजाय गुरदासपुर ले गए। वहां से वे उसे बाइक से एक घर में ले गए, जहां पांच और लोगों ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया और उसे सुबह पांच बजे गांव में छोड़ा गया।
इसके बाद लड़की के परिवारवालों ने घटना का पता चलते ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। ड्राइवर और कंडक्टर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं।
इसके बाद लड़की के परिवारवालों ने घटना का पता चलते ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। ड्राइवर और कंडक्टर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। | सारांश: दिल्ली में हुए गैंगरेप केस के बाद सिस्टम के खिलाफ गुस्सा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और गैंगरेप की वारदात सामने आई है। पंजाब के गुरदासपुर में 29 साल की एक महिला के साथ सात लोगों ने गैंगरेप किया। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पुणे वारियर्स के कप्तान सौरव गांगुली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों आईपीएल मैच में पराजित होने के बाद कहा कि नेहरा का आखिरी ओवर टीम पर भारी पड़ा जिसमें 24 रन बने और विपक्षी टीम छह विकेट से जीतने में सफल रही।टिप्पणियां
विजेता टीम के कप्तान रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान डेनियल विटोरी ने जीत के बाद कहा कि टीम को इस जीत की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की परिस्थितियों में जीत दर्ज करना बहुत मायने रखता है। हमने अच्छा क्षेत्ररक्षण जारी रखा और इससे आज हमें मदद मिली।’’
उन्होंने विशेषकर एबी डिविलियर्स की तारीफ की जिन्होंने 14 गेंद पर नाबाद 33 रन बनाए। विटोरी ने कहा, ‘‘यह टीम के लिए महत्वपूर्ण जीत है। एबी के होने से टीम संतुलित बन जाती है। निश्चिततौर पर इस समय वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।’’ पुणे वारियर्स के कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि नेहरा का आखिरी ओवर टीम पर भारी पड़ा जिसमें 24 रन बने और बेंगलुरु छह विकेट से मैच जीतने में सफल रहा। गांगुली ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से 183 रन का योग अच्छा था लेकिन आखिरी ओवर थोड़ा खर्चीला साबित हो गया। एबी का शॉर्ट फाइन पर लगाया गया स्कूप बेहतरीन शॉट है। हमने अच्छा खेल दिखाया लेकिन ऐसा हो जाता है। उम्मीद है कि हम वापसी करेंगे।’’
विजेता टीम के कप्तान रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान डेनियल विटोरी ने जीत के बाद कहा कि टीम को इस जीत की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की परिस्थितियों में जीत दर्ज करना बहुत मायने रखता है। हमने अच्छा क्षेत्ररक्षण जारी रखा और इससे आज हमें मदद मिली।’’
उन्होंने विशेषकर एबी डिविलियर्स की तारीफ की जिन्होंने 14 गेंद पर नाबाद 33 रन बनाए। विटोरी ने कहा, ‘‘यह टीम के लिए महत्वपूर्ण जीत है। एबी के होने से टीम संतुलित बन जाती है। निश्चिततौर पर इस समय वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।’’ पुणे वारियर्स के कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि नेहरा का आखिरी ओवर टीम पर भारी पड़ा जिसमें 24 रन बने और बेंगलुरु छह विकेट से मैच जीतने में सफल रहा। गांगुली ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से 183 रन का योग अच्छा था लेकिन आखिरी ओवर थोड़ा खर्चीला साबित हो गया। एबी का शॉर्ट फाइन पर लगाया गया स्कूप बेहतरीन शॉट है। हमने अच्छा खेल दिखाया लेकिन ऐसा हो जाता है। उम्मीद है कि हम वापसी करेंगे।’’
उन्होंने विशेषकर एबी डिविलियर्स की तारीफ की जिन्होंने 14 गेंद पर नाबाद 33 रन बनाए। विटोरी ने कहा, ‘‘यह टीम के लिए महत्वपूर्ण जीत है। एबी के होने से टीम संतुलित बन जाती है। निश्चिततौर पर इस समय वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।’’ पुणे वारियर्स के कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि नेहरा का आखिरी ओवर टीम पर भारी पड़ा जिसमें 24 रन बने और बेंगलुरु छह विकेट से मैच जीतने में सफल रहा। गांगुली ने कहा, ‘‘मेरे हिसाब से 183 रन का योग अच्छा था लेकिन आखिरी ओवर थोड़ा खर्चीला साबित हो गया। एबी का शॉर्ट फाइन पर लगाया गया स्कूप बेहतरीन शॉट है। हमने अच्छा खेल दिखाया लेकिन ऐसा हो जाता है। उम्मीद है कि हम वापसी करेंगे।’’ | संक्षिप्त पाठ: पुणे वारियर्स के कप्तान सौरव गांगुली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों आईपीएल मैच में पराजित होने के बाद कहा कि नेहरा का आखिरी ओवर टीम पर भारी पड़ा जिसमें 24 रन बने। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लाओस में आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेने जाने की पूर्व-संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दक्षिण-एशियाई देशों के साथ भौतिक और डिजिटल संपर्क बढ़ाने और आधुनिक एवं एक दूसरे से जुड़ी दुनिया का उपयोग आपसी फायदे के लिए करने का इच्छुक है.
बुधवार से शुरू हो रही दो दिवसीय यात्रा से पहले अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी एक्ट-ईस्ट नीति के संदर्भ में आसियान महत्वपूर्ण साझेदार है और यह हमारे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.''
प्रधानमंत्री मोदी 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन तथा 11वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी पहुंच रहे हैं. इस दौरान उनके एजेंडे में नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषय होंगे.
मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''आसियान के साथ हमारी सामरिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है.'' उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, एशिया प्रशांत क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में चर्चा करने को प्रमुख मंच है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थों में ऐतिहासिक हैं. ''हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह शब्द 'कनेक्टिविटी' है.''
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बुधवार से शुरू हो रही दो दिवसीय यात्रा से पहले अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी एक्ट-ईस्ट नीति के संदर्भ में आसियान महत्वपूर्ण साझेदार है और यह हमारे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.''
प्रधानमंत्री मोदी 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन तथा 11वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी पहुंच रहे हैं. इस दौरान उनके एजेंडे में नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषय होंगे.
मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''आसियान के साथ हमारी सामरिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है.'' उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, एशिया प्रशांत क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में चर्चा करने को प्रमुख मंच है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थों में ऐतिहासिक हैं. ''हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह शब्द 'कनेक्टिविटी' है.''
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री मोदी 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन तथा 11वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी पहुंच रहे हैं. इस दौरान उनके एजेंडे में नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषय होंगे.
मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''आसियान के साथ हमारी सामरिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है.'' उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, एशिया प्रशांत क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में चर्चा करने को प्रमुख मंच है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थों में ऐतिहासिक हैं. ''हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह शब्द 'कनेक्टिविटी' है.''
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''आसियान के साथ हमारी सामरिक साझेदारी हमारे सुरक्षा हितों और क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है.'' उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, एशिया प्रशांत क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों एवं अवसरों के बारे में चर्चा करने को प्रमुख मंच है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थों में ऐतिहासिक हैं. ''हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह शब्द 'कनेक्टिविटी' है.''
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संबंध सही अर्थों में ऐतिहासिक हैं. ''हमारे जुड़ाव एवं पहल को एक शब्द से व्यक्त किया जा सकता है और वह शब्द 'कनेक्टिविटी' है.''
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री ने कहा,''हम अपनी भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना चाहते हैं, लोगों के बीच वृहत सम्पर्क बढ़ाने के साथ अपने संस्थागत संबंधों को मजबूती प्रदान करना और एक दूसरे से जुड़ी आधुनिक दुनिया का लाभ हमारे अपने लोगों के साझे फायदे के लिए करना चाहते हैं.''
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषय भी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडा में होंगे. दोनों शिखर सम्मेलन गुरुवार के लिए निर्धारित है. इन शिखर सम्मेलनों में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में 18 देश हिस्सा ले रहे हैं.टिप्पणियां
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता अनेक क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे जिसमें नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, परमाणु अप्रसार और पलायन जैसे विषय शामिल होंगे. शिखर सम्मेलनों से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी करेंगे शिरकत
कहा-दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ ऐतिहासिक संबंध
नार्थ ईस्ट के आर्थिक विकास के लिए आसियान साझेदारी अहम | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कहा जाता है कि अगर लक्ष्य के प्रति कठिन परिश्रम और समर्पण भाव से कोई जुट जाए तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं है. अदालत में चपरासी की नौकरी करने वाले की बिटिया अर्चना ने अपने पिता के सरकारी झोपड़ीनुमा क्वार्टर में ही जज बनने का सपना देखा था और आज उसका सपना पूरा हो गया. अर्चना (Archana) को हालांकि इस बात का अफसोस है कि इस खुशी के मौके पर उनके पिता मौजूद नहीं हैं.
अर्चना ने कहा कि उनके "पिता गौरीनंदन प्रतिदिन किसी न किसी जज का 'टहल' बजाते थे, जो बचपन में एक बच्चे को अच्छा नहीं लगता था. उसी स्कूली शिक्षा के दौरान ही उस चपरासी क्वार्टर में मैंने जज बनने की प्रतिज्ञा ली थी और आज ईश्वर ने उस प्रतिज्ञा को पूरा कर दिया है."
अर्चना कहती हैं, "सपना तो जज बनने का देख लिया था, परंतु इस सपने को साकार करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. शादीशुदा और एक बच्चे की मां होने के बावजूद मैंने हौसला रखा और आज मेरा सपना पूरा हो गया है."
पटना के कंकड़बाग की रहने वाली अर्चना का बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में चयन हुआ है. साधारण से परिवार में जन्मी अर्चना के पिता गौरीनंदन सारण जिले के सोनपुर व्यवहार न्यायालय में चपरासी पद पर थे. अर्चना ने शास्त्रीनगर राजकीय उच्च विद्यालय से 12वीं तथा पटना विश्वविद्यालय से आगे की शिक्षा ग्रहण की. इसके बाद शास्त्रीनगर राजकीय उच्च विद्यालय में वह छात्रों को कम्प्यूटर सिखाने लगीं. इसी बीच अर्चना का विवाह हो गया.
अर्चना कहती हैं कि विवाह के बाद उन्हें लगा कि अब उनका सपना पूरा नहीं हो पाएगा. लेकिन परिस्थितियों ने करवट ली और अर्चना पुणे विश्वविद्यालय पहुंच गईं, जहां से उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की. इसके बाद उन्हें फिर पटना वापस आ जाना पड़ा, परंतु उन्होंने अपनी जिद नहीं छोड़ी थी. साल 2014 में उन्होंने बीएमटी लॉ कॉलेज पूर्णिया से एलएलएम किया.
अर्चना ने अपने दूसरे प्रयास में बिहार न्यायिक सेवा में सफलता प्राप्त की है. उन्होंने कहा, "जज बनने का सपना तब देखा था जब मैं सोनपुर जज कोठी में एक छोटे से कमरे में परिवार के साथ रहती थी. छोटे से कमरे से मैंने जज बनने का सपना देखा जो आज पूरा हुआ है."
अर्चना बताती हैं कि उन्होंने पांच साल के बेटे के साथ दिल्ली में पढ़ाई भी की और कोचिंग भी चलाई, परंतु अपने सपने को हमेशा सामने रखा. वह कहती हैं कि हर काम में कठिनाइयां आती हैं परंतु हौसला नहीं छोड़ना चाहिए और अपनी जिद पूरी करनी चाहिए.
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि पति राजीव रंजन पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं, और उनका सहयोग हर समय मिला. अर्चना भावुक हो उठती हैं, "कल जो लोग मुझे तरह-तरह के ताने देते थे, आज इस सफलता के बाद बधाई दे रहे हैं. मुझे इस बात की खुशी है."
अर्चना बताती हैं कि पिता की मौत के बाद तो जीवन की गाड़ी ही पटरी से ही उतर गई थी. इस समय उनकी मां ने उन्हें हर मोड़ पर साथ दिया. उन्हें परिवार के अलावा कई शुभचिंतकों का भी साथ मिला, जिन्हें भी वह शुक्रिया कहती हैं. | यह एक सारांश है: चपरासी की बेटी बनी जज, किया ढेरों मुश्किलों का सामना
पिता सिविल कोर्ट में थे चपरासी
परिवार के साथ कई शुभचिंतकों का भी मिला अर्चना को साथ | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अब बात हरारे टेस्ट की. इस मैच में श्रीलंका ने पहली पारी में 504 रन बनाए थे. इसके बाद श्रीलंका ने कप्तान रंगना हेराथ की अगुवाई में जिंबाब्वे को तीसरे दिन 272 पर ही समेट दिया. इस प्रकार श्रीलंका को पहली पारी में 232 रनों की बढ़त मिली.
श्रीलंका के पास जिम्बाब्वे को फॉलोऑन खिलाने का मौका था, लेकिन उसने बल्लेबाजी का फैसला किया. हालांकि जिम्बाब्वे तेज गेंदबाज कार्ल मुम्बा की शानदार गेंदबाजी की बदौलत उसके 84 रन पर ही 4 विकेट चटका दिए. मुम्बा ने 3 विकेट हासिल किए. श्रीलंका ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 4 विकेट पर 102 रन बनाए. उसके पास अब 334 रन की बढ़त हो गई है.
श्रीलंका के पास जिम्बाब्वे को फॉलोऑन खिलाने का मौका था, लेकिन उसने बल्लेबाजी का फैसला किया. हालांकि जिम्बाब्वे तेज गेंदबाज कार्ल मुम्बा की शानदार गेंदबाजी की बदौलत उसके 84 रन पर ही 4 विकेट चटका दिए. मुम्बा ने 3 विकेट हासिल किए. श्रीलंका ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 4 विकेट पर 102 रन बनाए. उसके पास अब 334 रन की बढ़त हो गई है. | रंगना हेराथ ने जिम्बाब्वे के 89 रन देकर 5 विकेट चटकाए
सभी टेस्ट टीमों के खिलाफ ले चुके हैं पारी में 5 या अधिक विकेट
मुथैया मुरलीधरन ने 67 बार पारी में 5 या अधिक विकेट लिए हैं | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भूमि अधिग्रहण को लेकर बढ़त़े विवाद के बीच सरकार ने शुक्रवार को एक नए भूमि अधिग्रहण विधेयक का मसौदा पेश किया, जिसमें भूमि मालिकों को पर्याप्त मुआवजा देने और विस्थापितों का पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारदर्शी कानूनी रूपरेखा तैयार की गई है। बहु प्रतीक्षित राष्ट्रीय भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास व पुनस्र्थापना विधेयक, 2011 के मसौदे में कहा गया है, शहरी इलाकों के मामले में मुआवजा राशि बाजार मूल्य के दोगुने से कम नहीं होगी, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह बाजार मूल्य के छह गुना से कम नहीं होगी। विधेयक के मसौदे में प्रस्ताव किया गया है कि अगर सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा सार्वजनिक उद्देश्य या पीपीपी परियोजनाओं के लिए निजी कंपनियों के इस्तेमाल के वास्ते भूमि का अधिग्रहण करती है, तो परियोजना से प्रभावित 80 प्रतिशत परिवारों की सहमति लेनी अनिवार्य होगी। मसौदे में यह भी कहा गया है कि जिस सार्वजनिक कार्य का उल्लेख होगा उसमें बाद में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। मसौदे में सुझाव दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में बहु-फसलों, सिंचाई वाली भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। इस तरह की अधिकांश भूमि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार के गंगा के मैदान में स्थित हैं। साथ ही सरकार निजी उद्देश्य के लिए निजी कंपनियों की ओर से भूमि का अधिग्रहण नहीं करेगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भारत में भूमि का बाजार काफी त्रुटिपूर्ण है। मसौदे की प्रस्तावना में लिखा गया है कि जो भूमि का अधिग्रहण करना चाहते हैं और जिनकी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनके अधिकार एवं सूचनाओं के मामले में भारी असंतुलन है। यही वजह है कि सरकार को पारदर्शी एवं लचीले नियम लागू करने में भूमिका अदा करनी पड़ रही है जिससे इसे लागू किया जाना सुनिश्चित हो सके। विधेयक के मसौदे में सरकार को देश की रक्षा एवं सुरक्षा के मामलों में भूमि का अधिग्रहण करने के लिए आपात नियम लागू करने के लिए अधिकृत करने का प्रस्ताव है। सरकार आपातकाल या प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में पुनस्र्थापना एवं पुनर्वास की जरूरतों को पूरा करने एवं किसी दुर्लभ मामलों में भूमि का अधिग्रहण कर सकेगी। विधेयक के मसौदे की विशेषताओं में भूमि मालिकों एवं रोजी-रोटी का साधन गंवाने वाले लोगों के लिए एक व्यापक पुनर्वास पैकेज शामिल है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो रोजी-रोटी के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि पर निर्भर हैं। मसौदे में 12 महीने के लिए प्रति माह प्रति परिवार 3,000 रुपये और 20 साल के लिए प्रति परिवार 2,000 रुपये पेंशन सुविधा का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही इसमें परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराना और अगर रोजगार एवं अन्य प्रोत्साहनों की पेशकश नहीं की जाती, तो दो लाख रुपये उपलब्ध कराने की अनिवार्यता है। भूमि मालिकों के लिए मसौदे में यह प्रावधान भी किया गया है कि अगर भूमि मालिक की जमीन का अधिग्रहण सिंचाई परियोजना के लिए किया गया है, तो प्रत्येक परिवार के लिए परियोजना क्षेत्र में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए। शहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में विकसित भूमि का 20 प्रतिशत आरक्षित किया जाएगा और अधिग्रहित भूमि के अनुपात में मालिकों को उसकी पेशकश की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, अगर आदिवासी की भूमि का अधिग्रहण किया जाता है तो प्रत्येक परियोजना में प्रत्येक अनुसूचित जनजाति परिवार को एक एकड़ भूमि दी जानी चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि जिन परिवारों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसे 50,000 रुपये बतौर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। रमेश ने कहा कि भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास व पुनर्स्थापना को एक विधेयक में शामिल किया गया है, क्योंकि ये एक सिक्के के दो पहलू हैं। सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने इन्हें सम्मिलित करने की सिफारिश की थी। | सारांश: भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे में भूमि मालिकों को पर्याप्त मुआवजा और विस्थापितों का पुनर्वास करने के उद्देश्य से पारदर्शी कानूनी रूपरेखा तैयार की गई है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने कहा है कि वह भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का शांतिपूर्वक और द्विपक्षीय समाधान निकाले जाने का समर्थन करता है।टिप्पणियां
अमेरिका के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम इस बात का समर्थन करते हैं कि भारत और चीन अपने सीमा संबंधी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए मिलकर कार्य करें। वेंट्रेल ने भारत के लद्दाख इलाके में चीन की घुसपैठ के बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव को लेकर अमेरिका के नजरिये के बारे में पूछे गए सवाल का उत्तर देते हुए यह बात कही।
भारत का कहना है कि चीन के साथ करीब 4000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है, जबकि चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र में करीब 2000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है।
अमेरिका के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम इस बात का समर्थन करते हैं कि भारत और चीन अपने सीमा संबंधी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए मिलकर कार्य करें। वेंट्रेल ने भारत के लद्दाख इलाके में चीन की घुसपैठ के बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव को लेकर अमेरिका के नजरिये के बारे में पूछे गए सवाल का उत्तर देते हुए यह बात कही।
भारत का कहना है कि चीन के साथ करीब 4000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है, जबकि चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र में करीब 2000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है।
भारत का कहना है कि चीन के साथ करीब 4000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है, जबकि चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र में करीब 2000 किलोमीटर की सीमा को लेकर विवाद है। | यह एक सारांश है: अमेरिका के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम इस बात का समर्थन करते हैं कि भारत और चीन अपने सीमा संबंधी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए मिलकर कार्य करें। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के लखीसराय जिले में शुक्रवार को जमीन विवाद में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. लखीसराय के पुलिस अधीक्षक अरविंद ठाकुर ने कहा, मृतकों की पहचान रामशेखर सिंह (65), उनके बेटे झालो सिंह (40) और भतीजे रीपू सिंह (35) के रूप में हुई है.
पढ़ें: बिहार के सीवान में राजद नेता की गोली मारकर हत्याटिप्पणियां
यह घटना पोखरामा गांव में जमीन विवाद में हुई प्रतीत होती है. ठाकुर ने कहा, दो शव खेत में, जबकि एक शव सड़क के पास बरामद हुआ. घटना के बाद से गांव में तनाव है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह घटना पोखरामा गांव में जमीन विवाद में हुई प्रतीत होती है. ठाकुर ने कहा, दो शव खेत में, जबकि एक शव सड़क के पास बरामद हुआ. घटना के बाद से गांव में तनाव है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पोखरामा गांव में जमीन विवाद
दो शव खेत में एक सड़क पर मिला
अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजग से अलग हटकर संप्रग की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन करने के पांच साल बाद अब इस मुद्दे पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के विचार गुरुवार को कुछ अलग ही नजर आए।
ठाकरे ने प्रतिभा का इस आधार पर समर्थन किया था कि वह महाराष्ट्र की हैं। ठाकरे ने कहा, ‘‘प्रतिभा हमारी राष्ट्रपति हैं और वह पिछले पांच साल में अफजल गुरु को फांसी पर नहीं चढ़ा सकीं। अब जब आप कार्यालय छोड़ रही हैं कम से कम कर्नाटक की महाराष्ट्र विरोधी सरकार को ‘फांसी’ दे दें।
ठाकरे का बयान अपने सहयोगी भाजपा की कर्नाटक सरकार के खिलाफ उस समय आया जब उसने सात महीने से कम समय में दूसरी बार बेलगांव निगम का नियंत्रण करने वाली महाराष्ट्र एकीकरण समिति का स्थान ले लिया।
ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा, ‘अंतत: आप (प्रतिभा) अपने कार्यकाल की समाप्ति पर महाराष्ट्र में रहने जा रही हैं। आप के पास महाराष्ट्र का ऋण चुकाने के लिए ऐतिहासिक मौका है।’ | संक्षिप्त पाठ: राजग से अलग हटकर संप्रग की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन करने के पांच साल बाद अब इस मुद्दे पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के विचार आज कुछ अलग ही नजर आए। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जब पत्रकारों ने सोनिया गांधी से पूछा कि क्या पीएम मोदी अजेय हैं? तो सोनिया गांधी ने कहा बिल्कुल नहीं. यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी ने कहा कि बीजेपी को '2004 को नहीं भूलना चाहिए. 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी भी अजेय थे, लेकिन हम फिर भी जीत गए. सोनिया का निशाना भाजपा के 2004 का नारा 'इंडिया शाइनिंग' पर था. पांच साल के शासन के बाद चुनावों के दौरान एनडीए ने अपना यह नारा दिया था, लेकिन 2004 में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की करारी हार हुई थी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने केंद्र की सत्ता में वापसी की थी.
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि 'भारतीय इतिहास में कई लोग ऐसे रहे हैं, जिन्हें यह मानने का अहंकार था कि वे अजेय हैं. वे देश के लोगों से बड़े हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि लोगों से बड़ा कोई नहीं है. मोदी जी की अजेयता इस चुनाव में पूरी तरह से दिखेगी.' 1996, 1998 और 1999 में भाजपा सरकार का नेतृत्व करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को 2004 में 'इंडिया शाइनिंग' अभियान के दम पर जीत की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. | संक्षिप्त सारांश: सोनिया गांधी ने रायबरेली से भरा पर्चा
बीजेपी को दिलाई 2004 की याद
जीत की भविष्यवाणी के बावजूद हारी थी बीजेपी | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बेंगलुरु में सरेराह एक महिला के साथ स्कूटर पर बैठे शख्स द्वारा छेड़छाड़ का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद शहर में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. पश्चिम बेंगलुरु के विजयनगर इलाके में शाम के वक्त रिकॉर्ड हुई फुटेज में नजर आ रहा है कि दो महिलाओं एक सुनसान सी संकरी सड़क पर जा रही हैं. वहां रोशनी भी काफी कम है. तभी एक स्कूटर पीछे से आता है और जब वह महिलाओं के पास से गुजरता है तो स्कूटर की पिछली सीट पर बैठा शख्स उनमें से एक महिला को दबोचने के लिए अपना हाथ बढ़ाता है.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सर्कुलेट हो रहा है. हालांकि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वे दोषियों की तलाश कर रहे हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमएन अनुचेठ ने कहा कि हम पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं और उसकी भी जिसने यह वीडियो अपलोड किया है. इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह छेड़खानी का मामला है या लूटपाट की कोशिश का.टिप्पणियां
पिछले कुछ महीनों के दौरान बेंगलुरु में महिलाओं से छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. नए साल की संध्या पर बेंगलुरु के मध्य में स्थित एमजी रोड पर कई महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटना से पूरे देश में गुस्से की लहर फैल गई थी. घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कि नशे में चूर लोगों ने महिलाओं का पीछा किया और उनके साथ छेड़खानी की.
यही नहीं उसी दिन एक अन्य घटना में बाइक सवार बदमाशों ने एक अन्य महिला के साथ छेड़खानी की और उसे सड़क पर धक्का देकरर गिरा दिया था. यह घटना एमजी रोड पर हुई वारदात से कई घंटे पहले हुई थी.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सर्कुलेट हो रहा है. हालांकि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वे दोषियों की तलाश कर रहे हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमएन अनुचेठ ने कहा कि हम पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं और उसकी भी जिसने यह वीडियो अपलोड किया है. इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह छेड़खानी का मामला है या लूटपाट की कोशिश का.टिप्पणियां
पिछले कुछ महीनों के दौरान बेंगलुरु में महिलाओं से छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. नए साल की संध्या पर बेंगलुरु के मध्य में स्थित एमजी रोड पर कई महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटना से पूरे देश में गुस्से की लहर फैल गई थी. घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कि नशे में चूर लोगों ने महिलाओं का पीछा किया और उनके साथ छेड़खानी की.
यही नहीं उसी दिन एक अन्य घटना में बाइक सवार बदमाशों ने एक अन्य महिला के साथ छेड़खानी की और उसे सड़क पर धक्का देकरर गिरा दिया था. यह घटना एमजी रोड पर हुई वारदात से कई घंटे पहले हुई थी.
पिछले कुछ महीनों के दौरान बेंगलुरु में महिलाओं से छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. नए साल की संध्या पर बेंगलुरु के मध्य में स्थित एमजी रोड पर कई महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटना से पूरे देश में गुस्से की लहर फैल गई थी. घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कि नशे में चूर लोगों ने महिलाओं का पीछा किया और उनके साथ छेड़खानी की.
यही नहीं उसी दिन एक अन्य घटना में बाइक सवार बदमाशों ने एक अन्य महिला के साथ छेड़खानी की और उसे सड़क पर धक्का देकरर गिरा दिया था. यह घटना एमजी रोड पर हुई वारदात से कई घंटे पहले हुई थी.
यही नहीं उसी दिन एक अन्य घटना में बाइक सवार बदमाशों ने एक अन्य महिला के साथ छेड़खानी की और उसे सड़क पर धक्का देकरर गिरा दिया था. यह घटना एमजी रोड पर हुई वारदात से कई घंटे पहले हुई थी. | यहाँ एक सारांश है:पश्चिम बेंगलुरु के विजयनगर इलाके की घटना
स्कूटर की पिछली सीट पर बैठे शख्स ने महिला को दबोचने की कोशिश की
पुलिस दोषियों की तलाश में जुटी हुई है | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वरुण ने कहा, ‘‘वेतन के संबंध में मामलों को बार-बार उठाया जाता है, यह मुझे सदन की नैतिक परिधि के बारे में चिंतित करता है. पिछले एक साल में करीब 18,000 किसानों ने आत्महत्या की है. हमारा ध्यान कहां है?’उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह पहले तमिलनाडु के एक किसान ने अपने राज्य के कृषकों की पीड़ा पर क्षोभ प्रकट करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में आत्महत्या का प्रयास किया. पिछले महीने इसी राज्य के किसानों ने अपने साथी किसानों की खोपड़ियों के साथ यहां प्रदर्शन भी किया था. इस सबके बावजूद तमिलनाडु की विधानसभा ने गत 19 जुलाई को बेरहमी से असंवेदनशील अधिनियम के माध्यम से अपने विधायकों की तनख्वाह को दोगुना कर लिया.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरु के कैबिनेट की प्रथम बैठक में कैबिनेट के समस्त सदस्यों ने तात्कालिक समय में नागरिकों की आर्थिक पीड़ा को देखते हुए छह महीने तक तनख्वाह का लाभ न लेने सामूहिक निर्णय लिया था. वरुण गांधी ने कहा कि साल 1949 में वी आई मुनिस्वामी पिल्लई ने किसानों की पीड़ा को मान्यता देने के लिए 5 रुपये प्रतिदिन की वेतन कटौती का प्रस्ताव मद्रास विधानसभा में रखा था जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया था. गौरतलब है कि विभिन्न दलों के सांसद पिछले कुछ समय से अपना वेतन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरु के कैबिनेट की प्रथम बैठक में कैबिनेट के समस्त सदस्यों ने तात्कालिक समय में नागरिकों की आर्थिक पीड़ा को देखते हुए छह महीने तक तनख्वाह का लाभ न लेने सामूहिक निर्णय लिया था. वरुण गांधी ने कहा कि साल 1949 में वी आई मुनिस्वामी पिल्लई ने किसानों की पीड़ा को मान्यता देने के लिए 5 रुपये प्रतिदिन की वेतन कटौती का प्रस्ताव मद्रास विधानसभा में रखा था जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया था. गौरतलब है कि विभिन्न दलों के सांसद पिछले कुछ समय से अपना वेतन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: ब्रिटेन की संसद की तर्ज पर निकाय बने
खुद बढ़ाना प्रजातांत्रिक नैतिकता के अनुरूप नहीं
महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू का भी दिया उदाहरण | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Healthy Fruits: फल खाने में स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं. सेहतमंद रहने के लिए हर कोई आपको फल खाने की सलाह देता होगा. कई फल आपके ब्लड शुगल लेवल (Blood Sugar Level) को भी बढ़ा सकते हैं. फलों में विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, मिनरल, आयरन और अन्य पौषक तत्व पाए जाते हैं. फलों में कई खाद्य पदार्थों की तरह कार्बोहाइड्रेट भी होता है, जो हमारे शरीर के ब्लड शुगर लेवल (Sugar Level) को बढ़ा सकता है. कुछ फलों में सामान्य के मुकाबले अधिक कार्ब होते हैं, जो अचानक ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) बढ़ा देते हैं. इसलिए डायबिटीज (Diabetes) में ऐसे फलों को खाने की सलाह नहीं दी जाती जो ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं. कई फल आपके लिए सुपरफूड (SuperFood) हो सकते हैं. फलों के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits Of Fruits) भी कई हो सकते हैं. यहां हम आपको ऐसे ही कुछ फलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए. जानिए ऐसे ही कुछ फलों के बारे में...
Diabetes Myths: कहीं आप भी तो नहीं फंसे डायबिटीज के इन 5 झूठ के फेर में, आज ही जानें सच
किशमिश, काजू जैसे ड्राइ फ्रूट में पानी की मात्रा कम और कंसनट्रेटेड शुगर की मात्रा ज्यादा हो सकती है. किशमिश में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. साथ ही क्रैनबेरी जैसे अन्य सूखे मेवों में कार्बोहाइड्रेट की अतिरिक्त मात्रा होती है क्योंकि इसमें आर्टिफिशियल शुगर को मिलाया जाता है. इसलिए जरूरी है कि आप ड्राइ फ्रूट का सेवन सीमित मात्रा में करें या इन्हें अधिक खाने से बचें.
Health Tips: भागने-दौड़ने के साथ पैदल चलने से होते हैं ये कमाल के फायदे! जानें क्यों है चलना जरूरी
ताजे फल आपके लिए हर वक्त स्वस्थ होते हैं. ऐसा कहा जाता है कि कुछ फलों से दूर रहना आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि ये तुरंत ब्लड शुगर लेवल बढ़ा देते हैं. केले में 32 ग्राम कार्ब होते हैं और एक सामान्य आम में 50 ग्राम. वहीं सेब में करीब 35 ग्राम कार्ब होते हैं, जो करीब-करीब 8 चम्मच शुगर के बराबर हो सकता है. इसलिए अपने फलों का चुनाव करते वक्त खास रूप से उनके आकार का ध्यान रखना चाहिए. इसके साथ ही जरूरी है कि फलों में कार्ब की मात्रा पर ध्यान रखें.
'गुड न्यूज' में IVF का जिक्र करते दिखे अक्षय और करीना, जानिए क्या है आईवीएफ...
डायबिटीज, इंसुलिन रेसिस्टेंट, हाई ब्लड शुगर जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को फलों का जूस बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं पीना चाहिए. जूस में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है जो आपको ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है. इसके अलावा जूस को फिल्टर करने वाला उपकरण फल से हेल्दी फाइबर निकाल लेता है. इसलिए जूस की बजाए लोगों को ताजे फल की सलाह दी जाती है ताकि ब्लड शुगर को बढ़ने से रोका जा सके और अधिक से अधिक पौषक तत्व शरीर में जा सके.
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डायबिटीज में कई फल नुकसानदायक हो सकते हैं.
फलों के स्वास्थ लाभ के साथ कई नुकसान भी हो सकते हैं. | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कनाडा को ऐसे ही नहीं 'मिनी पंजाब' कहा जाता है. एक बार कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आए एक छात्र ने उनकी कैबिनेट में सिखों की संख्या पर सवाल किया था तो उन्होंने चुटकी लेते हुए जवाब दिया कि इतने सिख तो भारत के प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में भी नही हैं.
कनाडा में पंजाबी छाए हुए हैं. भांगड़ा भी वहां पर जमकर धूम मचा रहा है. इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि कनाडा के मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप के एक कार्यक्रम में कनाडा के सांसद भी भांगड़ा करते नजर आ रहे हैं.
कनाडा के सांसदों का यह वीडियो भारत सहित पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है. खास बात यह है कि कनाडा के सांसद एंडी फिलमोर ने ही इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में कनाडा की संसद के स्पीकर ज्योफ रीगन भी भांगड़ा कर रहे हैं.
इस वीडियो को 2 जून को फेसबुक में शेयर किया गया है. जिसको 289,946 बार देखा जा चुका है. इतना ही नहीं इसको 2,900 बार शेयर भी किया जा चुका है.
मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप की ओर से यूट्यूब पर इस वीडियो के बारे में जानकारी दी गई है कि उनको कनाडा संस्कृति विभाग की ओर से एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित किया गया था. ग्रुप ने भी इस पूरे वीडियो को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. टिप्पणियां
कनाडा के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप का भांगड़ा भी काफी पसंद किया जा रहा है. इसको भी चार लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.
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मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप की ओर से यूट्यूब पर इस वीडियो के बारे में जानकारी दी गई है कि उनको कनाडा संस्कृति विभाग की ओर से एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित किया गया था. ग्रुप ने भी इस पूरे वीडियो को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. टिप्पणियां
कनाडा के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप का भांगड़ा भी काफी पसंद किया जा रहा है. इसको भी चार लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.
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कनाडा के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में मैरीटाइम भांगड़ा ग्रुप का भांगड़ा भी काफी पसंद किया जा रहा है. इसको भी चार लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.
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2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है वीडियो
कनाडा हेरिटेज विभाग का था कार्यक्रम | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रमुख निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण जीतने के एक दिन बाद भारतीय टीम ने शनिवार को दोहा में जारी एशियाई निशानेबाजी की टीम स्पर्धा में एक रजत और दो कांस्य पदक जीते।
जानकारी के मुताबिक महिलाओं की एअर राइफल स्पर्धा में भारत ने रजत जीता जबकि पुरुषों की डबल ट्रैप टीम और जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल टीम ने एक-एक कांस्य जीता।
महिलाओं की एअर राइफल टीम में अंजलि भागवत, अयोनिका पॉल और मम्पी दास शामिल हैं। इस टीम ने 1185 स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने इस स्पर्धा का स्वर्ण जीता।टिप्पणियां
डबल ट्रैप में राज्यवर्धन राठौड़ (135), मोहम्मद असब (135) और रोंजन सोढ़ी (134) ने टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। राज्यवर्धन आठवें, असब नौवें और सोढ़ी 14वें स्थान पर रहे।
जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में सुरभि पाठक (565), आंचल राणा (548) और ओसिन तवानी (533) ने टीम वर्ग में कांस्य जीता। स्वर्ण चीन और रजत थाईलैंड को मिला।
जानकारी के मुताबिक महिलाओं की एअर राइफल स्पर्धा में भारत ने रजत जीता जबकि पुरुषों की डबल ट्रैप टीम और जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल टीम ने एक-एक कांस्य जीता।
महिलाओं की एअर राइफल टीम में अंजलि भागवत, अयोनिका पॉल और मम्पी दास शामिल हैं। इस टीम ने 1185 स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने इस स्पर्धा का स्वर्ण जीता।टिप्पणियां
डबल ट्रैप में राज्यवर्धन राठौड़ (135), मोहम्मद असब (135) और रोंजन सोढ़ी (134) ने टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। राज्यवर्धन आठवें, असब नौवें और सोढ़ी 14वें स्थान पर रहे।
जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में सुरभि पाठक (565), आंचल राणा (548) और ओसिन तवानी (533) ने टीम वर्ग में कांस्य जीता। स्वर्ण चीन और रजत थाईलैंड को मिला।
महिलाओं की एअर राइफल टीम में अंजलि भागवत, अयोनिका पॉल और मम्पी दास शामिल हैं। इस टीम ने 1185 स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने इस स्पर्धा का स्वर्ण जीता।टिप्पणियां
डबल ट्रैप में राज्यवर्धन राठौड़ (135), मोहम्मद असब (135) और रोंजन सोढ़ी (134) ने टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। राज्यवर्धन आठवें, असब नौवें और सोढ़ी 14वें स्थान पर रहे।
जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में सुरभि पाठक (565), आंचल राणा (548) और ओसिन तवानी (533) ने टीम वर्ग में कांस्य जीता। स्वर्ण चीन और रजत थाईलैंड को मिला।
डबल ट्रैप में राज्यवर्धन राठौड़ (135), मोहम्मद असब (135) और रोंजन सोढ़ी (134) ने टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। राज्यवर्धन आठवें, असब नौवें और सोढ़ी 14वें स्थान पर रहे।
जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में सुरभि पाठक (565), आंचल राणा (548) और ओसिन तवानी (533) ने टीम वर्ग में कांस्य जीता। स्वर्ण चीन और रजत थाईलैंड को मिला।
जूनियर महिला स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में सुरभि पाठक (565), आंचल राणा (548) और ओसिन तवानी (533) ने टीम वर्ग में कांस्य जीता। स्वर्ण चीन और रजत थाईलैंड को मिला। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रमुख निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण जीतने के एक दिन बाद भारतीय टीम ने दोहा में जारी एशियाई निशानेबाजी की टीम स्पर्धा में एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने बुधवार को मास्को में विश्व शतरंज चैम्पियनशिप के तनाव भरे रेपिड गेम टाईब्रेकर में इस्राइल के बोरिस गेलफेंड को हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता।
आनंद ने रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में गेलफेंड को 2.5-1.5 से हराया। बारह बाजियों की इस विश्व चैम्पियनशिप में मुकाबला 6-6 से बराबर रहा था जिसके बाद नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया।
टाईब्रेकर की पहली बाजी 33 चाल के बाद ड्रा पर समाप्त हुई लेकिन 42 वर्षीय आनंद ने दूसरी बाजी में गेलफेंड को 77 चाल में हराकर बढ़त बना ली। चार गेम के रेपिड टाईब्रेकर की अंतिम दो बाजी भी ड्रा रही जिससे आनंद ने लगातार तीसरी बार अपने विश्व खिताब की सफलतापूर्व रक्षा की।
आनंद का यह कुल पांचवां और लगातार चौथा विश्व चैम्पियनशिप खिताब है। इस दिग्गज भारतीय ने अपना पहला विश्व खिताब वर्ष 2000 में जीता था जिसके बाद वह 2007, 2008 और 2010 में लगातार तीन बार विश्व चैम्पियन बनने में सफल रहे। वह 2007 से विश्व चैम्पियन हैं। टिप्पणियां
आनंद को इस 25 लाख 50 हजार डालर इनामी प्रतियोगिता से 55 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख डालर की राशि मिलेगी। बाकी राशि गेलफेंड के हिस्से में आएगी।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था।
आनंद ने रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में गेलफेंड को 2.5-1.5 से हराया। बारह बाजियों की इस विश्व चैम्पियनशिप में मुकाबला 6-6 से बराबर रहा था जिसके बाद नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया।
टाईब्रेकर की पहली बाजी 33 चाल के बाद ड्रा पर समाप्त हुई लेकिन 42 वर्षीय आनंद ने दूसरी बाजी में गेलफेंड को 77 चाल में हराकर बढ़त बना ली। चार गेम के रेपिड टाईब्रेकर की अंतिम दो बाजी भी ड्रा रही जिससे आनंद ने लगातार तीसरी बार अपने विश्व खिताब की सफलतापूर्व रक्षा की।
आनंद का यह कुल पांचवां और लगातार चौथा विश्व चैम्पियनशिप खिताब है। इस दिग्गज भारतीय ने अपना पहला विश्व खिताब वर्ष 2000 में जीता था जिसके बाद वह 2007, 2008 और 2010 में लगातार तीन बार विश्व चैम्पियन बनने में सफल रहे। वह 2007 से विश्व चैम्पियन हैं। टिप्पणियां
आनंद को इस 25 लाख 50 हजार डालर इनामी प्रतियोगिता से 55 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख डालर की राशि मिलेगी। बाकी राशि गेलफेंड के हिस्से में आएगी।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था।
टाईब्रेकर की पहली बाजी 33 चाल के बाद ड्रा पर समाप्त हुई लेकिन 42 वर्षीय आनंद ने दूसरी बाजी में गेलफेंड को 77 चाल में हराकर बढ़त बना ली। चार गेम के रेपिड टाईब्रेकर की अंतिम दो बाजी भी ड्रा रही जिससे आनंद ने लगातार तीसरी बार अपने विश्व खिताब की सफलतापूर्व रक्षा की।
आनंद का यह कुल पांचवां और लगातार चौथा विश्व चैम्पियनशिप खिताब है। इस दिग्गज भारतीय ने अपना पहला विश्व खिताब वर्ष 2000 में जीता था जिसके बाद वह 2007, 2008 और 2010 में लगातार तीन बार विश्व चैम्पियन बनने में सफल रहे। वह 2007 से विश्व चैम्पियन हैं। टिप्पणियां
आनंद को इस 25 लाख 50 हजार डालर इनामी प्रतियोगिता से 55 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख डालर की राशि मिलेगी। बाकी राशि गेलफेंड के हिस्से में आएगी।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था।
आनंद का यह कुल पांचवां और लगातार चौथा विश्व चैम्पियनशिप खिताब है। इस दिग्गज भारतीय ने अपना पहला विश्व खिताब वर्ष 2000 में जीता था जिसके बाद वह 2007, 2008 और 2010 में लगातार तीन बार विश्व चैम्पियन बनने में सफल रहे। वह 2007 से विश्व चैम्पियन हैं। टिप्पणियां
आनंद को इस 25 लाख 50 हजार डालर इनामी प्रतियोगिता से 55 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख डालर की राशि मिलेगी। बाकी राशि गेलफेंड के हिस्से में आएगी।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था।
आनंद को इस 25 लाख 50 हजार डालर इनामी प्रतियोगिता से 55 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख डालर की राशि मिलेगी। बाकी राशि गेलफेंड के हिस्से में आएगी।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था।
भारत के इस दिग्गज खिलाड़ी ने 2007 में विश्व चैम्पियनशिप आठ खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट प्रारूप में जीती थी। आनंद ने प्रतियोगिता का प्रारूप गत चैम्पियन और चैलेंजर के बीच चैम्पियनशिप मैच के रूप में बदले जाने के बाद वर्ष 2008 और 2010 में क्रमश: रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक और बुल्गारिया के वेसलिन टोपालोव को हराकर खिताब जीता था। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप के तनाव भरे रेपिड गेम टाईब्रेकर में इस्राइल के बोरिस गेलफेंड को हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अगले साल होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत राज्यभर में होने जा रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विशाल परिवर्तन यात्रा से पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा चुनने में मदद मिल सकती है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में किसे पेश किया जाना है, यह फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा, लेकिन यह परिवर्तन यात्रा राह दिखाने का काम करेगी. सूत्रों ने कहा कि इससे पार्टी को अंतिम फैसला लेने में सहायता मिलेगी.
परिवर्तन यात्रा नवंबर माह के शुरुआती दिनों में राज्य के चार अलग-अलग कोनों से शुरू होगी, और इसके तहत देश के सबसे बड़े राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भी उन मुद्दों में शामिल होगा, जो इस यात्रा के दौरान उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, "कैसे संभव है कि बीजेपी सेना की बहादुरी की चर्चा न करे, जबकि यह फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने ही लिया था..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के रूप में किसे पेश किया जाना है, यह फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा, लेकिन यह परिवर्तन यात्रा राह दिखाने का काम करेगी. सूत्रों ने कहा कि इससे पार्टी को अंतिम फैसला लेने में सहायता मिलेगी.
परिवर्तन यात्रा नवंबर माह के शुरुआती दिनों में राज्य के चार अलग-अलग कोनों से शुरू होगी, और इसके तहत देश के सबसे बड़े राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भी उन मुद्दों में शामिल होगा, जो इस यात्रा के दौरान उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, "कैसे संभव है कि बीजेपी सेना की बहादुरी की चर्चा न करे, जबकि यह फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने ही लिया था..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
परिवर्तन यात्रा नवंबर माह के शुरुआती दिनों में राज्य के चार अलग-अलग कोनों से शुरू होगी, और इसके तहत देश के सबसे बड़े राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भी उन मुद्दों में शामिल होगा, जो इस यात्रा के दौरान उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, "कैसे संभव है कि बीजेपी सेना की बहादुरी की चर्चा न करे, जबकि यह फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने ही लिया था..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार जाकर भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किया गया सर्जिकल स्ट्राइक भी उन मुद्दों में शामिल होगा, जो इस यात्रा के दौरान उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, "कैसे संभव है कि बीजेपी सेना की बहादुरी की चर्चा न करे, जबकि यह फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने ही लिया था..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे के बारे में 'बढ़-चढ़कर' बोलने के खिलाफ चेतावनी दिए जाने के बावजूद पार्टी की राज्य इकाई ने दशहरा उत्सव के दौरान पीएम की लखनऊ यात्रा पर सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र जोरशोर से किया था. उस दिन रैली जिस मैदान पर आयोजित की गई थी, वह ऐसे पोस्टरों से अटा पड़ा था, जिन पर लिखा था, "उरी का बदला लेने वालों का लखनऊ स्वागत करता है..."
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
इसके अलावा इस परिवर्तन यात्रा के दौरान जनधन योजना, कृषि बीमा, सबको बिजली तथा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को एलपीजी जैसी उन योजनाओं पर जनता की राय भी ली जाएगी, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुरू की हैं.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
इन यात्राओं को सहारनपुर, ललितपुर, बलिया तथा सोनभद्र से 5, 6, 8 और 9 नवंबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र व पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य हरी झंडी दिखाई जाएंगे. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे सांसद और विधायक भी यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनाव क्षेत्र यात्रा के रास्ते में आएंगे.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
इन परिवर्तन यात्राओं में धर्म का रंग भी शामिल रहेगा, और हर यात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर या अन्य किसी महत्वपूर्ण स्थान पर पूजा करने के साथ की जाएगी. सहारनपुर से शुरू होने वाली यात्रा से पहले प्रसिद्ध शाकुम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी, जबकि ललितपुर में जैन तीर्थंकर मंदिर को यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए चुना गया है. बलिया में मंगल पांडे (भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई के हीरो) को श्रद्धांजलि अर्पित करके यात्रा आरंभ की जाएगी और सोनभद्र की रैली आदिवासी देवताओं की आरती और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद शुरू होगी.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
सूत्रों के अनुसार, ये यात्राएं पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को लखनऊ में समाप्त होंगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक जनसभा को संबोधित करने की संभावना है.टिप्पणियां
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
जनता से जुड़ने के लिए आयोजित की जा रही इस कवायद में युवा, आदिवासी तथा महिला कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएंगी - गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह युवाओं को इससे जोड़ने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्हें झटका लगा था, लेकिन अब पार्टी का आकलन है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का यह कतई सही समय है. | सारांश: यात्रा सहारनपुर, ललितपुर, बलिया व सोनभद्र से 5, 6, 8, 9 नवंबर को चलेगी
यात्रा 25 दिसंबर को लखनऊ में पूरी होंगी, जहां पीएम जनता को संबोधित करेंगे
वे सांसद-विधायक यात्रा में भाग लेंगे, जिनके चुनावक्षेत्र रास्ते में आएंगे | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं. कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. हालांकि बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yeddyurappa) के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि ‘मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करुंगा और उन्हें सूचित करुंगा.'इससे पहले येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा था कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरुरत है.
आपको बता दें कि बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yeddyurappa) मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के ‘निर्देशों' का इंतजार कर रहे थे. जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बासवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटी वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की थी. दरअसल, कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी. इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया. | येदियुरप्पा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
चौथी बार कर्नाटक के सीएम बने
पिछले दिनों कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर गई थी | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुरजेवाला ने कहा कि प्रकाश जावेड़कर अब 'मिस इन्फॉरमेशन मिनिस्टर' बनकर रह गए हैं. जिनका काम लोगों को गलत सूचना देना रह गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हर आतंकी संगठन का बेस है. जम्मू-कश्मीर पर सवाल उठाने से पहले पाकिस्तान पहले अपने यहां देखे कि वह अपने यहां बुलिचिस्तान में क्या कर रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकाश जावेड़कर कश्मीर पर राजनीति कर रहे हैं. बीजेपी को खुदके अंदर देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि भारत का कश्मीर अभिन्न अंग था है और रहेगा.
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में जो हिंसा हो रही है उसका जनक पाकिस्तान है. क्योंकि वहां से आतंकी संगठन को पनपाई जाती है. दुर्भाग्य से बीजेपी को इसपर भी ऐतराज है. बीजेपी क्या यह भी नहीं चाहती कि वह राहुल गांधी के इस बयान का समर्थन करें, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर दखल न दें. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है पाकिस्तान को पीओके, गिलगिट और उसके अन्य हिस्सों में हो रहे मानवाधिकारों के हनन पर जवाब देना चाहिए. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ से हम कहते हैं कि जैसे बलुचिस्तान में मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है वह शर्मनाक है. बीजेपी को ओछी राजनीति छोड़ देनी चाहिए. हम बस इतना कहना चाहते हैं कि कश्मीर हमारा था है और रहेगा. दुनिया में जितनी भी आंतकी संगठन है उसकी जननी पाकिस्तान है. इन आंतकी संगठनों को पाकिस्तान की फौज और वहां की सरकार पालती है. हम पाकिस्तान को चेताते हैं. कि पाकिस्तान भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का दुस्साहस न कीजिएगा. | यह एक सारांश है: कांग्रेस का भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार
कहा-जावड़ेकर अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं
सुरजेवाला बोले- कश्मीर हमारा था है और रहेगा | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय ज्ञानपीठ ने बताया है कि वर्ष 2009 के लिए 45वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिन्दी लेखक अमरकांत और श्रीलाल शुक्ल को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। वर्ष 2010 के लिए 46वां ज्ञानपीठ पुरस्कार कन्नड़ लेखक चंद्रशेखर कंबर को दिया जाएगा। भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक रवीन्द्र कालिया ने बताया कि सोमवार शाम चयन समिति की बैठक में वर्ष 2009 के लिए हिन्दी के लब्ध प्रतिष्ठित लेखक अमरकांत और श्रीलाल शुक्ल को और कन्नड़ के नामचीन लेखक चंद्रशेखर कंबर को क्रमश: 45वां एवं 46वां ज्ञानपीठ पुरस्कार को देने निर्णय किया गया। सीताकांत महापात्र की अध्यक्षता में हुई ज्ञानपीठ पुरस्कार चयन समिति की बैठक में अन्य सदस्य प्रो. मैनेजर पांडे, डॉ के सच्चिदानंदन, प्रो. गोपीचंद नारंग, गुरदयाल सिंह, केशुभाई देसाई, दिनेश मिश्रा और रवीन्द्र कालिया शामिल थे। उत्तर प्रदेश के बलिया में 1925 में जन्मे हिन्दी के नामचीन लेखक अमरकांत के प्रमुख उपन्यास कंटीली राह के फूल, इन्हीं हथियारों से, सूखा पत्ता, काले उजले और बीच की दीवार शामिल हैं। इसके अलावा उनकी कहानी संग्रह में जिंदगी और जोंक, देश के लोग, मौत का नगर, मित्र मिलन और कुहासा प्रमुख है। अमरकांत मनोरमा पत्रिका के संपादक भी रहे हैं। उनके अभी तक 12 उपन्यास, 11 कहानी संग्रह, संस्मरण और बाल साहित्य प्रमुख है। उन्हें सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुके हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय ज्ञानपीठ ने बताया है कि 2009 के लिए 45वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिन्दी लेखक अमरकांत और श्रीलाल शुक्ल को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के टाउंसविले में घर में घुसे एक सांप ने टेनिस बॉल को अपना भोजन समझकर निगल लिया. मकान मालिक ने सांप को अजीब अवस्था में घर के बगीचे में रेंगते हुए देखा. सांप देखते ही पहले तो वह डर गया, लेकिन उसने देखा कि सांप का पेट बल्ब के आकार में फूला हुआ है और उसे चलने में काफी परेशानी हो रही है.
वन्य जीवों पर काम करने वाले एक संगठन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो को 10 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं. करीब 75 सौ लोग शेयर कर चुके हैं और तीन हज़ार ले ज्यादा लोग अपने विचार दे चुके हैं. संगठन ने बताया कि उक्त मकान मालिक ने सांप को देखकर तुरंत उनसे संपर्क किया. सांप की सूचना पर टीम वहां गई और सांप को पकड़कर अपने साथ ले आई.
सांप विशेषज्ञों ने प्रयोगशाला में उसका एक्स-रे किया. एक्स-रे में पाया कि बल्ब जैसी दिखने वाली चीज दरअसल एक टेनिस बॉल है. विशेषज्ञों ने देखा कि गेंद सांप के पेट में ज्यादा अंदर तक नहीं गई है. उन्होंने सांप को इस बॉल को वापस उगलने में मदद की.
वीडियो में दिखाया गया है कि सांप के पेट से गेंद को बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों का करीब 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. गेंद् को पेट से बाहर निकालने के बाद टीम ने सांप को अपनी निगरानी रखा और कुछ दवाएं दी. कुछ ही दिनों में सांप फिर से सामान्य तरीके से भोजन करने के लायक हो गया. सांप के स्वस्थ्य हो जाने पर टीम ने उसे वापस जंगल में छोड़ दिया. सोशल मीडिया की पोस्ट में वीडियो के साथ उस एक्सरे को भी दिखाया गया है जिसमें सांप के पेट में गेंद दिखाई दे रही है.टिप्पणियां
टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं.
वन्य जीवों पर काम करने वाले एक संगठन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो को 10 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं. करीब 75 सौ लोग शेयर कर चुके हैं और तीन हज़ार ले ज्यादा लोग अपने विचार दे चुके हैं. संगठन ने बताया कि उक्त मकान मालिक ने सांप को देखकर तुरंत उनसे संपर्क किया. सांप की सूचना पर टीम वहां गई और सांप को पकड़कर अपने साथ ले आई.
सांप विशेषज्ञों ने प्रयोगशाला में उसका एक्स-रे किया. एक्स-रे में पाया कि बल्ब जैसी दिखने वाली चीज दरअसल एक टेनिस बॉल है. विशेषज्ञों ने देखा कि गेंद सांप के पेट में ज्यादा अंदर तक नहीं गई है. उन्होंने सांप को इस बॉल को वापस उगलने में मदद की.
वीडियो में दिखाया गया है कि सांप के पेट से गेंद को बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों का करीब 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. गेंद् को पेट से बाहर निकालने के बाद टीम ने सांप को अपनी निगरानी रखा और कुछ दवाएं दी. कुछ ही दिनों में सांप फिर से सामान्य तरीके से भोजन करने के लायक हो गया. सांप के स्वस्थ्य हो जाने पर टीम ने उसे वापस जंगल में छोड़ दिया. सोशल मीडिया की पोस्ट में वीडियो के साथ उस एक्सरे को भी दिखाया गया है जिसमें सांप के पेट में गेंद दिखाई दे रही है.टिप्पणियां
टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं.
वीडियो में दिखाया गया है कि सांप के पेट से गेंद को बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों का करीब 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. गेंद् को पेट से बाहर निकालने के बाद टीम ने सांप को अपनी निगरानी रखा और कुछ दवाएं दी. कुछ ही दिनों में सांप फिर से सामान्य तरीके से भोजन करने के लायक हो गया. सांप के स्वस्थ्य हो जाने पर टीम ने उसे वापस जंगल में छोड़ दिया. सोशल मीडिया की पोस्ट में वीडियो के साथ उस एक्सरे को भी दिखाया गया है जिसमें सांप के पेट में गेंद दिखाई दे रही है.टिप्पणियां
टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं.
वीडियो में दिखाया गया है कि सांप के पेट से गेंद को बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों का करीब 20 मिनट तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. गेंद् को पेट से बाहर निकालने के बाद टीम ने सांप को अपनी निगरानी रखा और कुछ दवाएं दी. कुछ ही दिनों में सांप फिर से सामान्य तरीके से भोजन करने के लायक हो गया. सांप के स्वस्थ्य हो जाने पर टीम ने उसे वापस जंगल में छोड़ दिया. सोशल मीडिया की पोस्ट में वीडियो के साथ उस एक्सरे को भी दिखाया गया है जिसमें सांप के पेट में गेंद दिखाई दे रही है.टिप्पणियां
टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं.
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टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं.
टीम ने उस वीडियो को भी लोगों के साथ साझा किया है जिसमें सांप के ठीक होने के बाद उसे अपना भोजन करते हुए और उसे जंगल में छोड़ते हुए दिखाया गया है. टीम का कहना है कि वीडियो शेयर करने के पीछे उनका मकसद लोगों के मन में जीवों के प्रति दया भाव का जगाना है, खासकर रेंगने वाले जीवों के प्रति. क्योंकि रेंगने वाले जीवों से लोग सबसे ज्यादा डरते हैं, जबकि ये जीव बहुत कोमल और खूबसूरत होते हैं. | यह एक सारांश है: सोशल मीडिया पर इस वीडियो को 10 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं
वीडियो में सांप का एक्स-रे और पेट से बॉल को निकालते दिखाया गया है
लोग रेंगने वाले जीवों के प्रति दयालु हों, इसलिए सोशल किया गया वीडियो | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तराखंड की केदारघाटी में आज तेज बारिश हो रही है। इससे यहां पर चल राहतकार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इससे पहले मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
इस चेतावनी के बाद एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौड़ागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है।
भारी बारिश की वजह से 16 और 17 जून को हुई तबाही की यादें अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लापता लोगों के बारे में कहा है कि अगर ये लोग 15 जुलाई तक नहीं मिलते हैं तो इन्हें मृत घोषित कर दिया जाएगा और इनके परिवारवालों को मुआवजा दिया जाएगा।
उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद चलाया गया राहत और बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया हो लेकिन अभी भी सैकड़ों लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं।
ये हालात तब हैं जब उनके परिजनों का नाम सरकार की उस लिस्ट में है, जिसके मुताबिक उनके परिजनों को बचा लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसे लोगों का नाम रेस्क्यू लिस्ट में डाला है, जो न तो घर पहुंचे हैं और न ही परिजनों को मिले हैं तो आखिर वे लोग गए कहां।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
इस चेतावनी के बाद एनडीआरएफ के जवानों को आम लोगों की मदद के लिए तैनात किया है। एनडीआरएफ की छह टीमें देहारादून, पिथौड़ागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में मौजूद है।
भारी बारिश की वजह से 16 और 17 जून को हुई तबाही की यादें अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लापता लोगों के बारे में कहा है कि अगर ये लोग 15 जुलाई तक नहीं मिलते हैं तो इन्हें मृत घोषित कर दिया जाएगा और इनके परिवारवालों को मुआवजा दिया जाएगा।
उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद चलाया गया राहत और बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया हो लेकिन अभी भी सैकड़ों लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं।
ये हालात तब हैं जब उनके परिजनों का नाम सरकार की उस लिस्ट में है, जिसके मुताबिक उनके परिजनों को बचा लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसे लोगों का नाम रेस्क्यू लिस्ट में डाला है, जो न तो घर पहुंचे हैं और न ही परिजनों को मिले हैं तो आखिर वे लोग गए कहां।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
भारी बारिश की वजह से 16 और 17 जून को हुई तबाही की यादें अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लापता लोगों के बारे में कहा है कि अगर ये लोग 15 जुलाई तक नहीं मिलते हैं तो इन्हें मृत घोषित कर दिया जाएगा और इनके परिवारवालों को मुआवजा दिया जाएगा।
उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद चलाया गया राहत और बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया हो लेकिन अभी भी सैकड़ों लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं।
ये हालात तब हैं जब उनके परिजनों का नाम सरकार की उस लिस्ट में है, जिसके मुताबिक उनके परिजनों को बचा लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसे लोगों का नाम रेस्क्यू लिस्ट में डाला है, जो न तो घर पहुंचे हैं और न ही परिजनों को मिले हैं तो आखिर वे लोग गए कहां।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद चलाया गया राहत और बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया हो लेकिन अभी भी सैकड़ों लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं।
ये हालात तब हैं जब उनके परिजनों का नाम सरकार की उस लिस्ट में है, जिसके मुताबिक उनके परिजनों को बचा लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसे लोगों का नाम रेस्क्यू लिस्ट में डाला है, जो न तो घर पहुंचे हैं और न ही परिजनों को मिले हैं तो आखिर वे लोग गए कहां।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
ये हालात तब हैं जब उनके परिजनों का नाम सरकार की उस लिस्ट में है, जिसके मुताबिक उनके परिजनों को बचा लिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रशासन ने ऐसे लोगों का नाम रेस्क्यू लिस्ट में डाला है, जो न तो घर पहुंचे हैं और न ही परिजनों को मिले हैं तो आखिर वे लोग गए कहां।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
इसके साथ ही अपनों की तलाश कर रहे लोग डीएनए टेस्ट को लेकर खासे परेशान हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया किस तरह चल रही है।टिप्पणियां
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से तबाह हो चुके इलाकों में करीब 10 हजार घरों का निमंत्रण किया जाएगा। ये सभी घर राजीव आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके।
साथ ही ये मंत्रालय घरों को बनाने और टूटे घरों की मरम्मत के लिए 3000 करोड़ के सॉफ्ट लोन का भी इंतज़ाम करेगी। सरकार के मुताबिक, जल्द ही वह अपने अधिकारियों की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजेगी, जिससे तबाही का सही अंदाजा लगाया जा सके। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने एनडीटीवी से लापता लोगों के बारे में कहा है कि अगर ये लोग 15 जुलाई तक नहीं मिलते हैं तो इन्हें मृत घोषित कर दिया जाएगा। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को निरस्त करने के खिलाफ पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी याचिका में राहुल गांधी का जिक्र करने पर बुधवार को कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर निशाना साधा. पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने टि्वटर पर आठ पेज का पत्र शेयर किया गया है, जिसमें राहुल गांधी के हवाले से लिखा गया है कि जम्मू-कश्मीर में 'लोग मर रहे हैं.' यूएन को संबोधित पत्र में लिखा गया है, 'हिंसा की घटनाओं को कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी जैसे मुख्यधाराओं के राजनेताओं ने कबूल किया है. इस फैसले की वजह से वहां बहुत गलत हो रहा है.'
लेकिन केवल राहुल गांधी अकेले भारतीय नेता नहीं है, जिनका जिक्र यूएन को संबोधित करते हुए लिखे खत में किया गया है. इस पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भजापा विधायक विक्रम सैनी का भी जिक्र किया गया है.
पत्र में कहा गया है कि 10 अगस्त 2019 को मनोहर लाल खट्टर ने कश्मीरी लड़कियों से शादी करने को लेकर एक बयान जारी किया था. मुख्यमंत्री खट्टर ने फतेहाबाद में महर्षि भागीरथ जयंती समारोह के एक राज्य-स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा था, 'पहले ओपी धनकड़ कहते थे कि हम बिहार की लड़कियों को हरियाणा में शादी के लिए लाएंगे. अब कुछ लोग कह रहे हैं कि हम कश्मीर से लड़कियां लाएंगे. लेकिन मजाक एक तरफ. हमारे समाज में लिंगानुपात सही होने के बाद ही हम संतुलन बना सकते हैं.'
भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने भी इसी तरह की टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि देश में मुसलमानों को अनुच्छेद 370 के खत्म होने से खुश होना चाहिए क्योंकि वे अब बिना किसी डर के "गोरी" कश्मीरी लड़कियों से शादी कर सकते हैं. इस बयान को लेकर पाकिस्तान के पत्र में विक्रम सैनी का जिक्र किया गया है.
बता दें, जम्मू-कश्मीर पर राहुल गांधी के ताजा बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता एवं उनकी पार्टी को कश्मीर में हिंसा का आरोप लगाने के शर्मसार करने वाले गैर जिम्मेदाराना बयान के लिये देश से माफी मांगनी चाहिए, जिसका पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर इस्तेमाल कर रहा है. भाजपा ने कहा कि राहुल पाकिस्तान के हाथों में खेल रहे हैं और उनके बयान को पड़ोसी देश संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है और वे मन से नहीं बल्कि परिस्थितियों के कारण और जन दबाव में अपने बयान से पलटे हैं.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस ने अपनी हरकतों से देश को शर्मसार किया है. जिस प्रकार राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के बारे में टिप्पणियां कीं, वो निंदनीय है.' उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद रहे हैं लेकिन ऐसा कभी किसी ने नहीं कहा या बोला जिसका पाकिस्तान ने इस्तेमाल किया हो. ‘ इस तरह का गैर जिम्मेदाराना राजनीतिक व्यवहार पिछले 70 वर्षो में नहीं देखा गया.' जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बयान दिया था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ सही नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि वहां से हिंसा की रिपोर्ट आ रही हैं. हम पूछना चाहते हैं कि राहुल गांधी कहां से ये जानकारियां ला रहे हैं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने गलत बयान दिया है, जम्मू कश्मीर में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के बयान को सबूत बनाते हुए पाकिस्तान ने यूएन में एक याचिका लगाई है. ये दिवालियापन तो है ही साथ ही कांग्रेस की वोटबैंक की राजनीति भी है. भाजपा नेता ने कहा कि इस बयान से जब देशभर के लोगों का गुस्सा सामने आया तो राहुल गांधी को आज बयान से यू-टर्न लेना पड़ा. | सारांश: BJP साध रही थी राहुल पर निशाना
पाक ने किया BJP नेताओं का भी जिक्र
कश्मीर को लेकर लिखे खत में हुआ जिक्र | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की एक प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता कम्पनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने सोमवार को कहा कि 31 मार्च को समाप्त तिमाही में उसे 332 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो इससे पिछली तिमाही में हुए शुद्ध लाभ से 78 फीसदी अधिक है।
अनिल अम्बानी की कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि उसकी कुल आय आलोच्य अवधि में पिछली तिमाही से पांच फीसदी अधिक 5,310 करोड़ रुपये रही।
कम्पनी ने कहा कि देशभर में उसके डाटा ग्राहकों की संख्या दो करोड़ और 3जी उपभोक्ताओं की संख्या 32 लाख हो गई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने 31 मार्च को समाप्त कारोबारी साल के लिए अपने पांच रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 0.25 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.67 फीसदी तेजी के साथ 67.35 रुपये पर बंद हुए।
अनिल अम्बानी की कम्पनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि उसकी कुल आय आलोच्य अवधि में पिछली तिमाही से पांच फीसदी अधिक 5,310 करोड़ रुपये रही।
कम्पनी ने कहा कि देशभर में उसके डाटा ग्राहकों की संख्या दो करोड़ और 3जी उपभोक्ताओं की संख्या 32 लाख हो गई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने 31 मार्च को समाप्त कारोबारी साल के लिए अपने पांच रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 0.25 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.67 फीसदी तेजी के साथ 67.35 रुपये पर बंद हुए।
कम्पनी ने कहा कि देशभर में उसके डाटा ग्राहकों की संख्या दो करोड़ और 3जी उपभोक्ताओं की संख्या 32 लाख हो गई है।टिप्पणियां
कम्पनी ने 31 मार्च को समाप्त कारोबारी साल के लिए अपने पांच रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 0.25 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.67 फीसदी तेजी के साथ 67.35 रुपये पर बंद हुए।
कम्पनी ने 31 मार्च को समाप्त कारोबारी साल के लिए अपने पांच रुपये मूल्य के प्रत्येक शेयर पर 0.25 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.67 फीसदी तेजी के साथ 67.35 रुपये पर बंद हुए।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 2.67 फीसदी तेजी के साथ 67.35 रुपये पर बंद हुए। | सारांश: देश की एक प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता कम्पनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने सोमवार को कहा कि 31 मार्च को समाप्त तिमाही में उसे 332 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो इससे पिछली तिमाही में हुए शुद्ध लाभ से 78 फीसदी अधिक है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस सूची में तीसरा नाम अनिल दवे का है। वह मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। नर्मदा नदी के बचाव और सफाई के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाते रहे हैं। टिप्पणियां
इन तीनों के ही मंगलवार को मंत्री पद लेने की शपथ लेने की संभावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह राष्ट्रपति भवन साइकिल या लाल बत्ती से सजी कार से जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार का यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 66 सदस्य हैं। इनकी अधिकतम संख्या 82 से अधिक नहीं हो सकती।
इन तीनों के ही मंगलवार को मंत्री पद लेने की शपथ लेने की संभावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह राष्ट्रपति भवन साइकिल या लाल बत्ती से सजी कार से जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार का यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 66 सदस्य हैं। इनकी अधिकतम संख्या 82 से अधिक नहीं हो सकती।
उल्लेखनीय है कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार का यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 66 सदस्य हैं। इनकी अधिकतम संख्या 82 से अधिक नहीं हो सकती। | यह एक सारांश है: मंगलवार को पीएम मोदी मंत्रिपरिषद का होगा फेरबदल
अर्जुन मेघवाल, मनसुख मांडविया और अनिल दवे के मंत्री बनने की संभावना
ये तीनों सांसद साइकिल से जाते हैं संसद | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एनडीटीवी द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड्स से इस वर्ष अन्ना हजारे तथा उन्हीं की टीम के सदस्य अरविन्द केजरीवाल को सम्मानित किया गया है। इनके अतिरिक्त दिग्गज अभिनेता देव आनंद तथा 'द वॉल' कहे जाने वाले क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया है। यूआईडी योजना आधार के लिए नंदन निलेकानी को ट्रांसफॉर्मेशनल आइडिया अवार्ड दिया गया है। इसके अतिरिक्त विश्व कप जीतने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को इंडियन हीरोज ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति को आइकन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। अवार्ड्स की एक श्रेणी एंटरटेनर ऑफ द ईयर में 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' की पूरी टीम को दिया गया। इनमें ऋतिक रोशन, कैटरीना कैफ, फरहान अख्तर, कल्कि कोएचलिन, अभय देओल, जोया अख्तर और रितेश सिधवानी शामिल हैं। अवार्ड्स की एक श्रेणी एंटरटेनर ऑफ द ईयर (संगीत) का अवार्ड शंकर-एहसान-लॉय को दिया गया। एलआईसी की ओर प्रायोजित अनसंग हीरो ऑफ द ईयर का अवार्ड आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा, दत्तात्रय पाटिल, विश्राम डोडिया, सतीश शेट्टी और विट्ठल गीते को दिया गया।कार्यक्रम में तमाम जानी मानी हस्तियां शामिल हुईं। केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के अलावा अंबिका सोनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। | यह एक सारांश है: एनडीटीवी द्वारा दिए जाने वाले इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड्स से अन्ना हजारे तथा उन्हीं की टीम के सदस्य अरविन्द केजरीवाल को सम्मानित किया गया है। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा के सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दलपत सिंह परास्ते को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि एक जून को मध्यप्रदेश के शहडोल से लोकसभा सांसद परास्ते का निधन हो गया था।
पांच बार सांसद रहे 66 वर्षीय परास्ते को उस समय मस्तिष्काघात हो गया था जब वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।टिप्पणियां
स्थापित परंपरा के अनुसार, दो सत्रों के बीच जिन सांसदों का निधन होता है, उन दिवंगत सदस्य को सत्र के पहले दिन श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो जाती है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पांच बार सांसद रहे 66 वर्षीय परास्ते को उस समय मस्तिष्काघात हो गया था जब वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।टिप्पणियां
स्थापित परंपरा के अनुसार, दो सत्रों के बीच जिन सांसदों का निधन होता है, उन दिवंगत सदस्य को सत्र के पहले दिन श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो जाती है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्थापित परंपरा के अनुसार, दो सत्रों के बीच जिन सांसदों का निधन होता है, उन दिवंगत सदस्य को सत्र के पहले दिन श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो जाती है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: दलपत सिंह परास्ते को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित होने की संभावना
एक जून को मध्यप्रदेश के शहडोल से लोकसभा सांसद परास्ते का निधन हो गया था
परास्ते को एक कार्यक्रम के दौरान ब्रेन हेमरेज हो गया था | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रस्तावित लोकपाल के दायरे में आ सकते हैं और समझा जाता है कि सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के अपने प्रयासों के तहत एक अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। घोटालों के कारण विवाद में घिरे होने और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा हाल ही में पार्टी के महाधिवेशन में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कार्ययोजना की घोषणा किए जाने के बाद सरकार जल्द से जल्द एक अध्यादेश लाना चाहती है और अटकलें हैं कि गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर विचार किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि सरकार चाहती है कि गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश में इस अध्यादेश का उल्लेख हो। विधि मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि लोकपाल विधेयक अनेक मंत्रालयों के विचाराधीन है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसमें दिलचस्पी रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि संसद में स्थिति ठीक रही, तो बजट सत्र में विधेयक को रखा जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि अध्यादेश का स्वरूप लोकपाल विधेयक से तय किया जाएगा जिस पर विधि मंत्रालय विचार-विमर्श कर रहा है और यह प्रधानमंत्री, मंत्रियों और सांसदों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत लोकपाल के समक्ष दर्ज करने के प्रावधान रखेगा। विधेयक के मुताबिक लोकपाल में एक अध्यक्ष होगा जो कि उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या पूर्व प्रधान न्यायाधीश या न्यायाधीश होंगे। इसमें दो सदस्य भी होंगे, जो या तो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश या उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश होंगे। सरकार का कदम ऐसे समय में आया है जब उस पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितताओं समेत अनेक बड़े घोटालों को लेकर विपक्ष का हमला जारी है। अध्यादेश लाने के फैसले को पिछले महीने कांग्रेस के महाधिवेशन में सोनिया गांधी के इस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर गत 31 दिसंबर को हुई कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस बाबत चर्चा हुई। बैठक में सोनिया गांधी की भ्रष्टाचार से लड़ने की पांच सूत्री कार्ययोजना के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तैयार नोट पर विचार-विमर्श किया गया। लोकपाल विधेयक के मसौदे में इस बात के भी प्रावधान हैं कि मंत्रियों और सांसदों के खिलाफ शिकायतें लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति के माध्यम से दर्ज की जानी चाहिए। | यहाँ एक सारांश है:इस अध्यादेश में प्रधानमंत्री समेत लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक लोकपाल बनाए जाने की संभावना है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 4 नवम्बर को चुनाव कराए जाएंगे, जबकि गुजरात की 182 सीटों के लिए दो चरणों में 13 और 17 दिसम्बर को मतदान कराया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस सम्पत ने संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि इन दोनों राज्यों में चुनाव की तिथियों को तय करते समय दीपावली सहित विभिन्न त्योहारों को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया। सम्पत ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पेड न्यूज़ पर लगातार निगाह रखी जाएगी, बड़े अफसरों को अपने गृह जिलों में तैनात नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये कराए जाने वाले मतदान की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चुनाव के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर, 2012 को जारी की जाएगी, और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2012 तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 18 अक्टूबर, 2012 तक की जाएगी, तथा 20 अक्टूबर, 2012 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में मतदान 4 नवम्बर को होगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए मतगणना गुजरात के साथ ही 20 दिसम्बर, 2012 को की जाएगी। आयोग के अनुसार, 45 लाख से कुछ अधिक मतदाताओं के लिए 7,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। टिप्पणियां
उधर, गुजरात में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचनाएं 17 और 23 नवम्बर, 2012 को जारी होगी, तथा मतदान 13 और 17 दिसम्बर, 2012 को कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार, राज्य के 3.78 करोड़ मतदाताओं के लिए 44,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 10 जनवरी, और गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी को खत्म हो रहा है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 68 है। गुजरात की 182 सीटों में से 13 सीटें अनुसूचित जाति एवं 26 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आयोग इन चुनावों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में पहले ही गृहमंत्रालय से विचार-विमर्श कर चुका है।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस सम्पत ने संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि इन दोनों राज्यों में चुनाव की तिथियों को तय करते समय दीपावली सहित विभिन्न त्योहारों को पूरी तरह से ध्यान में रखा गया। सम्पत ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पेड न्यूज़ पर लगातार निगाह रखी जाएगी, बड़े अफसरों को अपने गृह जिलों में तैनात नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिये कराए जाने वाले मतदान की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चुनाव के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर, 2012 को जारी की जाएगी, और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2012 तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 18 अक्टूबर, 2012 तक की जाएगी, तथा 20 अक्टूबर, 2012 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में मतदान 4 नवम्बर को होगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए मतगणना गुजरात के साथ ही 20 दिसम्बर, 2012 को की जाएगी। आयोग के अनुसार, 45 लाख से कुछ अधिक मतदाताओं के लिए 7,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। टिप्पणियां
उधर, गुजरात में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचनाएं 17 और 23 नवम्बर, 2012 को जारी होगी, तथा मतदान 13 और 17 दिसम्बर, 2012 को कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार, राज्य के 3.78 करोड़ मतदाताओं के लिए 44,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 10 जनवरी, और गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी को खत्म हो रहा है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 68 है। गुजरात की 182 सीटों में से 13 सीटें अनुसूचित जाति एवं 26 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आयोग इन चुनावों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में पहले ही गृहमंत्रालय से विचार-विमर्श कर चुका है।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में चुनाव के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर, 2012 को जारी की जाएगी, और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2012 तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 18 अक्टूबर, 2012 तक की जाएगी, तथा 20 अक्टूबर, 2012 तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में मतदान 4 नवम्बर को होगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए मतगणना गुजरात के साथ ही 20 दिसम्बर, 2012 को की जाएगी। आयोग के अनुसार, 45 लाख से कुछ अधिक मतदाताओं के लिए 7,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। टिप्पणियां
उधर, गुजरात में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचनाएं 17 और 23 नवम्बर, 2012 को जारी होगी, तथा मतदान 13 और 17 दिसम्बर, 2012 को कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार, राज्य के 3.78 करोड़ मतदाताओं के लिए 44,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 10 जनवरी, और गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी को खत्म हो रहा है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 68 है। गुजरात की 182 सीटों में से 13 सीटें अनुसूचित जाति एवं 26 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आयोग इन चुनावों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में पहले ही गृहमंत्रालय से विचार-विमर्श कर चुका है।
उधर, गुजरात में दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचनाएं 17 और 23 नवम्बर, 2012 को जारी होगी, तथा मतदान 13 और 17 दिसम्बर, 2012 को कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार, राज्य के 3.78 करोड़ मतदाताओं के लिए 44,000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 10 जनवरी, और गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी को खत्म हो रहा है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 68 है। गुजरात की 182 सीटों में से 13 सीटें अनुसूचित जाति एवं 26 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आयोग इन चुनावों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में पहले ही गृहमंत्रालय से विचार-विमर्श कर चुका है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 10 जनवरी, और गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी को खत्म हो रहा है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 68 है। गुजरात की 182 सीटों में से 13 सीटें अनुसूचित जाति एवं 26 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। आयोग इन चुनावों में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बारे में पहले ही गृहमंत्रालय से विचार-विमर्श कर चुका है। | सारांश: हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 4 नवम्बर को चुनाव कराए जाएंगे, जबकि गुजरात की 182 सीटों के लिए दो चरणों में 13 और 17 दिसम्बर को मतदान कराया जाएगा। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Valentine Week 2019: 8 फरवरी को प्रपोज़ डे, तो 9 को है चॉकलेट डे, पढ़ें Valentine's Day से जुड़े फेक्ट...
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Gift Home made Chocolates on Chocolate Day: रोमांस के इस मौके पर लोग अपने वैलेंटाइन को रोमांटिक वैलेंटाइन मैसेज (Romantic Valentine's Day quotes) शेयर कर अपने प्यार का इजहार (How to Express Love) करते हैं. यह एक ऐसा मौका होता है जब आप अपने दिल की बात अपने प्यार को बता सकते हैं. तो अगर प्रपोज डे निकल चुका है और आप अभी तक यह सोच रहे हैं कि उस खास इंसान को अपने दिल की बात कैसे करें (How to propose) तो इसके कई तरीके हैं. आप अपने साथी को वैलेंटाइन पर गिफ्ट दे सकते हैं. और अगर चॉकलेट डे (Chocolate Day 2019) पर अपने हाथों से बनी चॉकलेट के साथ आप उन्हें अपने दिल की बात बताएंगे और अपने हाथों से बनी चॉकलेट के साथ उन्हें कहेंगे - 'मुझे तुमसे प्यार है' (I Love You) करते हैं, तो जवाब यकीनन हां होगा. अब क्या सोच रहे हैं आप कि आपको चॉकलेट बनाना नहीं आता, घर पर आसानी से चॉकलेट कैसे बनाएं (How to make chocolate at home easily), तो हम आपको बताते हैं कि आप कैसे घर पर ही बना सकते हैं चॉकलेट...
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होममेड चॉकलेट को बनाने के लिए सामग्री: इसे बनाना काफी आसान है, 30 मिनट में तैयार होने वाली इस चॉकलेट को बनाने के लिए आपको सेमी स्वीट चॉकलेट, वनीला, दूध और नट्स की जरूरत होती है.
160 ग्राम सेमी स्वीट चॉकलेट
2 टेबल स्पून दूध
1/2 कप नट्स, टुकड़ों में कटा हुआ
1 टी स्पून वनीला/आमंड एसेंस
ग्रीस प्लेट चॉकलेट रखने के लिए
तेजी से घटाना चाहते हैं अपना वजन... तो फौरन अपनाएं ये डाइट प्लान
1. एक पैन में चॉकलेट और दूध डालें.
2. एक बड़े पैन में पानी उबाल लें और आंच को बंद कर दें.
3. तुंरत चॉकलेट वाले पैन को इस गर्म पानी के ऊपर रख दें और धीरे-धीरे इसे चलाएं जल्दी ही चॉकलेट पिघलने लगेगी.
4. जब यह मिश्रण अच्छे से मिल जाए तो पैन को हटा लें.
5. इसमें वनीला एसेंस मिलाएं.
6. इसमें नट्स मिलाएं और चम्मच भरकर इस मिश्रण को ग्रीस प्लेट में डाले और इसे सेट होने दें.
तो अपने हाथ से बना चॉकलेट अपने वैलेंटाइन को करें गिफ्ट और उन्हें बना लें अपना दीवाना...
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Weight Loss: मलाइका अरोड़ा की कॉफी है वेट लॉट और कीटोजेनिक फ्रेंडली! | संक्षिप्त सारांश: 8 फरवरी को प्रपोज डे के बाद 9 फरवरी को चॉकलेट डे (Chocolate Day) है.
प्रोपोज़ डे (Propose Day) के अलगे दिन चॉकलेट डे (Chocolate Day) मनाते हैं
14 फरवरी को वैलेंटाइन्स डे है. | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 52.83 अंकों की बढ़त के साथ 17,636.80 जबकि निफ्टी 19.60 अंकों की बढ़त के साथ 5,359.35 पर बंद हुआ।
शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.42 अंकों की बढ़त के साथ 17661.39 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 29.70 अंकों की बढ़त के साथ 5339.75 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 17731.88 के ऊपरी और 17504.38 के निचले स्तर को जबकि निफ्टी ने 5392.55 के ऊपरी और 5315.05 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स में शामिल सन फार्मा (3.11 फीसदी), जिंदल स्टील (2.15 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.08 फीसदी) और एल एंड टी (1.66 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि डीएलएफ (5.03 फीसदी), ओएनजीसी (2.22 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.86 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.56 फीसदी) के शेयरों में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 में से पांच सेक्टरों में तेजी जबकि आठ में गिरावट का रुख देखा गया। बैंकिंग (1.40 फीसदी), स्वास्थ्य (0.83 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.58 फीसदी) सेक्टर में आधा फीसदी से अधिक की तेजी रियल्टी (2.39 फीसदी) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (0.66 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 7.72 अंकों की गिरावट के साथ 6345.43 पर जबकि स्मॉलकैप 6.19 अंकों की गिरावट के 6827.66 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया।
शुक्रवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.42 अंकों की बढ़त के साथ 17661.39 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 29.70 अंकों की बढ़त के साथ 5339.75 पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 17731.88 के ऊपरी और 17504.38 के निचले स्तर को जबकि निफ्टी ने 5392.55 के ऊपरी और 5315.05 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स में शामिल सन फार्मा (3.11 फीसदी), जिंदल स्टील (2.15 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.08 फीसदी) और एल एंड टी (1.66 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि डीएलएफ (5.03 फीसदी), ओएनजीसी (2.22 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.86 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.56 फीसदी) के शेयरों में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 में से पांच सेक्टरों में तेजी जबकि आठ में गिरावट का रुख देखा गया। बैंकिंग (1.40 फीसदी), स्वास्थ्य (0.83 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.58 फीसदी) सेक्टर में आधा फीसदी से अधिक की तेजी रियल्टी (2.39 फीसदी) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (0.66 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 7.72 अंकों की गिरावट के साथ 6345.43 पर जबकि स्मॉलकैप 6.19 अंकों की गिरावट के 6827.66 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया।
सेंसेक्स में शामिल सन फार्मा (3.11 फीसदी), जिंदल स्टील (2.15 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.08 फीसदी) और एल एंड टी (1.66 फीसदी) में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि डीएलएफ (5.03 फीसदी), ओएनजीसी (2.22 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.86 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.56 फीसदी) के शेयरों में डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई के कुल 13 में से पांच सेक्टरों में तेजी जबकि आठ में गिरावट का रुख देखा गया। बैंकिंग (1.40 फीसदी), स्वास्थ्य (0.83 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.58 फीसदी) सेक्टर में आधा फीसदी से अधिक की तेजी रियल्टी (2.39 फीसदी) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (0.66 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 7.72 अंकों की गिरावट के साथ 6345.43 पर जबकि स्मॉलकैप 6.19 अंकों की गिरावट के 6827.66 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया।
बीएसई के कुल 13 में से पांच सेक्टरों में तेजी जबकि आठ में गिरावट का रुख देखा गया। बैंकिंग (1.40 फीसदी), स्वास्थ्य (0.83 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.58 फीसदी) सेक्टर में आधा फीसदी से अधिक की तेजी रियल्टी (2.39 फीसदी) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (0.66 फीसदी) में आधा फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टिप्पणियां
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 7.72 अंकों की गिरावट के साथ 6345.43 पर जबकि स्मॉलकैप 6.19 अंकों की गिरावट के 6827.66 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 7.72 अंकों की गिरावट के साथ 6345.43 पर जबकि स्मॉलकैप 6.19 अंकों की गिरावट के 6827.66 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद बीएसई में कारोबार का रुख नकारात्मक रहा। कुल 1485 कम्पनियों के शेयरों में तेजी 1411 कम्पनियों के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया। | यहाँ एक सारांश है:प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 52.83 अंकों की बढ़त के साथ 17,636.80 जबकि निफ्टी 19.60 अंकों की बढ़त के साथ 5,359.35 पर बंद हुआ। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पृथ्वी पाल पांडेय को इशरत जहां मुठभेड़ मामले में दो दिन की अग्रिम जमानत देने के विशेष अदालत के आदेश को रद्द करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने उसे अपील पर नए सिरे से सुनवाई करने और सीबीआई को 6 अगस्त तक पांडेय को गिरफ्तार न करने का आदेश दिया।टिप्पणियां
अतिरिक्त डीजीपी रैंक के अधिकारी पांडेय को सोमवार को विशेष सीबीआई जज गीता गोपी ने दो दिन की अग्रिम जमानत दे दी थी।
न्यायमूर्ति एजे देसाई ने विशेष सीबीआई अदालत को पांडेय के अग्रिम जमानत आवेदन पर वर्तमान आदेश के एक सप्ताह के अंदर, मामले की गुणवत्ता को देखते हुए कानून के अनुसार फैसला करने का आदेश दिया। उन्होंने मामले की जांच कर रही सीबीआई से भी कहा कि वह इशरत जहां मामले के मुख्य आरोपी पांडेय को 6 अगस्त तक गिरफ्तार न करे।
अतिरिक्त डीजीपी रैंक के अधिकारी पांडेय को सोमवार को विशेष सीबीआई जज गीता गोपी ने दो दिन की अग्रिम जमानत दे दी थी।
न्यायमूर्ति एजे देसाई ने विशेष सीबीआई अदालत को पांडेय के अग्रिम जमानत आवेदन पर वर्तमान आदेश के एक सप्ताह के अंदर, मामले की गुणवत्ता को देखते हुए कानून के अनुसार फैसला करने का आदेश दिया। उन्होंने मामले की जांच कर रही सीबीआई से भी कहा कि वह इशरत जहां मामले के मुख्य आरोपी पांडेय को 6 अगस्त तक गिरफ्तार न करे।
न्यायमूर्ति एजे देसाई ने विशेष सीबीआई अदालत को पांडेय के अग्रिम जमानत आवेदन पर वर्तमान आदेश के एक सप्ताह के अंदर, मामले की गुणवत्ता को देखते हुए कानून के अनुसार फैसला करने का आदेश दिया। उन्होंने मामले की जांच कर रही सीबीआई से भी कहा कि वह इशरत जहां मामले के मुख्य आरोपी पांडेय को 6 अगस्त तक गिरफ्तार न करे। | यहाँ एक सारांश है:वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पृथ्वी पाल पांडेय को इशरत जहां मुठभेड़ मामले में दो दिन की अग्रिम जमानत देने के विशेष अदालत के आदेश को रद्द करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने उसे अपील पर नए सिरे से सुनवाई करने और सीबीआई को 6 अगस्त तक पांडेय को गिरफ्तार न करने का आदेश | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्री श्री रविशंकर ने बाबा रामदेव से अस्पताल में शनिवार को फिर मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि ये मेरा संकल्प है कि मैं बाबा रामदेव का अनशन तुड़वा कर रहूंगा। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव मेरी बात जरूर मानेंगे। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया कि वह मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी केंद्र सरकार से कोई बात नहीं हुई है। बाबा रामदेव से श्री श्री रविशंकर ने शुक्रवार को भी मुलाकात की थी। भ्रष्टाचार और कालेधन पर अपनी मांग को लेकर अनशन पर बैठे रामदेव की हालत बिगड़ जाने के बाद शुक्रवार शाम उन्हें हिमालयन आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। रामदेव को सेलाइन वाटर और ग्लूकोज चढ़ाया गया। रामदेव की देखरेख कर रहे डॉक्टर दीपक गोयल ने कहा, रामदेव का रक्तचाप और धड़कन शुक्रवार रात कम हो गए थे। लेकिन समस्या पर नियंत्रण कर लिया गया है। उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि रामदेव कमजोर हैं और उन्हें बैठने तथा बोलने में थोड़ी समस्या हो रही है। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार रामदेव की धड़कन और रक्तचाप धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं और उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएल जेठानी ने कहा कि रामदेव का यकृत और गुर्दे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इससे पहले रामदेव के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने शनिवार सुबह जारी बयान में कहा था कि चिकित्सकीय देखरेख और निगरानी के बावजूद रामदेव के रक्तचाप में गिरावट आई। उधर, रामदेव को नई दिल्ली के एम्स भेजे जाने की संभावना के सवाल पर डॉ गोयल ने कहा कि फिलहाल इसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि रामदेव आईसीयू में नहीं हैं, वह वीआईपी वार्ड में हैं। उन्हें सामान्य सेलाइन और विटामिन दिए गए। उन्हें शरीर में पानी की कमी की समस्या हो रही है। डॉक्टरों ने कहा कि ग्लूकोज और सामान्य सेलाइन चढ़ाने के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। इस बीच, अन्ना कैंप में शामिल स्वामी अग्निवेश ने रामदेव से अनशन तोड़ने की बात कही है और सरकार और रामदेव के बीच सुलह कराने के लिए अपने नाम की पेशकश की है। बाबा रामदेव के मुद्दे पर बीजेपी के कोर ग्रुप की शुक्रवार को बैठक हुई। लालकृष्ण आडवाणी के घर हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि बाबा रामदेव का मुद्दा राज्य सरकार का नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का है, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बाबा रामदेव की सेहत को लेकर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। (इनपुट भाषा से भी) | यहाँ एक सारांश है:श्री श्री रविशंकर ने अस्पताल में रामदेव से मुलाकात के बात कहा कि ये मेरा संकल्प है कि मैं बाबा रामदेव का अनशन तुड़वा कर रहूंगा। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के आरापों का गुरुवार को खंडन किया। उसने कहा है कि रिलायंस ने यह ब्लॉक खुली अंतरराष्ट्रीय बोली के तहत हासिल किया, नामांकन के आधार पर सीधे इसका आवंटन नहीं किया गया।
सरकार ने वर्ष 1999 में नई तेल उत्खनन लाइसेंसिंग पॉलिसी (नेल्प) के तहत केजी डी-6 तथा 23 अन्य ब्लॉक के लिए खुली बोलियां आमंत्रित की थी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार नेल्प को चार साल तक व्यापक सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया और इसमें दुनियाभर में अपनाई जाने शर्तों को शामिल किया गया है।
अधिकारी के अनुसार रिलायंस ने ओएनजीसी, गेल और केयर्न एनर्जी के मुकाबले क्षेत्र के लिए वाणिज्यिक और तकनीकी मानकों पर बेहतर पेशकश कर केजी डी6 ब्लॉक हासिल किया और अप्रैल 2000 में उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) पर हस्ताक्षर किए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे संगठन ‘इंडिया अगेंस्ट क्रप्शन (आईएसी)’ ने बुधवार को सरकार पर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। संगठन के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाकर भारी रियायत देकर रिलायंस को केजी डी6 गैस क्षेत्र आवंटित कर दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सूत्र के अनुसार पीएससी और नीलामी की शर्तें दोनों को ही सार्वजनिकतौर पर प्रकाशित किया जाता है और यह 1999 से ही सार्वजनिकतौर पर उपलब्ध हें। ‘‘यह अचरज की बात है कि प्रशांत भूषण जैसे नामी वकील ने इन दोनों ही मामलों को नजरंदाज किया और भ्रामक बातें कर रहे हैं।’’टिप्पणियां
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार ने वर्ष 1999 में नई तेल उत्खनन लाइसेंसिंग पॉलिसी (नेल्प) के तहत केजी डी-6 तथा 23 अन्य ब्लॉक के लिए खुली बोलियां आमंत्रित की थी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार नेल्प को चार साल तक व्यापक सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया और इसमें दुनियाभर में अपनाई जाने शर्तों को शामिल किया गया है।
अधिकारी के अनुसार रिलायंस ने ओएनजीसी, गेल और केयर्न एनर्जी के मुकाबले क्षेत्र के लिए वाणिज्यिक और तकनीकी मानकों पर बेहतर पेशकश कर केजी डी6 ब्लॉक हासिल किया और अप्रैल 2000 में उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) पर हस्ताक्षर किए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे संगठन ‘इंडिया अगेंस्ट क्रप्शन (आईएसी)’ ने बुधवार को सरकार पर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। संगठन के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाकर भारी रियायत देकर रिलायंस को केजी डी6 गैस क्षेत्र आवंटित कर दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सूत्र के अनुसार पीएससी और नीलामी की शर्तें दोनों को ही सार्वजनिकतौर पर प्रकाशित किया जाता है और यह 1999 से ही सार्वजनिकतौर पर उपलब्ध हें। ‘‘यह अचरज की बात है कि प्रशांत भूषण जैसे नामी वकील ने इन दोनों ही मामलों को नजरंदाज किया और भ्रामक बातें कर रहे हैं।’’टिप्पणियां
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
अधिकारी के अनुसार रिलायंस ने ओएनजीसी, गेल और केयर्न एनर्जी के मुकाबले क्षेत्र के लिए वाणिज्यिक और तकनीकी मानकों पर बेहतर पेशकश कर केजी डी6 ब्लॉक हासिल किया और अप्रैल 2000 में उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) पर हस्ताक्षर किए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे संगठन ‘इंडिया अगेंस्ट क्रप्शन (आईएसी)’ ने बुधवार को सरकार पर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। संगठन के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाकर भारी रियायत देकर रिलायंस को केजी डी6 गैस क्षेत्र आवंटित कर दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सूत्र के अनुसार पीएससी और नीलामी की शर्तें दोनों को ही सार्वजनिकतौर पर प्रकाशित किया जाता है और यह 1999 से ही सार्वजनिकतौर पर उपलब्ध हें। ‘‘यह अचरज की बात है कि प्रशांत भूषण जैसे नामी वकील ने इन दोनों ही मामलों को नजरंदाज किया और भ्रामक बातें कर रहे हैं।’’टिप्पणियां
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे संगठन ‘इंडिया अगेंस्ट क्रप्शन (आईएसी)’ ने बुधवार को सरकार पर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। संगठन के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाकर भारी रियायत देकर रिलायंस को केजी डी6 गैस क्षेत्र आवंटित कर दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सूत्र के अनुसार पीएससी और नीलामी की शर्तें दोनों को ही सार्वजनिकतौर पर प्रकाशित किया जाता है और यह 1999 से ही सार्वजनिकतौर पर उपलब्ध हें। ‘‘यह अचरज की बात है कि प्रशांत भूषण जैसे नामी वकील ने इन दोनों ही मामलों को नजरंदाज किया और भ्रामक बातें कर रहे हैं।’’टिप्पणियां
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सूत्र के अनुसार पीएससी और नीलामी की शर्तें दोनों को ही सार्वजनिकतौर पर प्रकाशित किया जाता है और यह 1999 से ही सार्वजनिकतौर पर उपलब्ध हें। ‘‘यह अचरज की बात है कि प्रशांत भूषण जैसे नामी वकील ने इन दोनों ही मामलों को नजरंदाज किया और भ्रामक बातें कर रहे हैं।’’टिप्पणियां
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
केजी बेसिन की लागत 2.47 अरब डॉलर से बढ़कर 8.8 अरब डॉलर तक पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर रिलायंस सूत्र ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह की परियोजनाओं में लागत में होने वाली वृद्धि के साथ ही यहां भी लागत बढ़ती है। इसके पूरे दस्तावेज तैयार किये जाते हैं।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सरकार को पहले ही बता दिया है कि उसने क्षेत्र में 5.7 अरब डॉलर खर्च किए हैं और अप्रत्याशित भूगर्भिय जटिलताओं को देखते हुए 8.8 अरब डॉलर में से 3 अरब डॉलर अब खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने कहा है कि रिलायंस ने यह ब्लॉक खुली अंतरराष्ट्रीय बोली के तहत हासिल किया, नामांकन के आधार पर सीधे इसका आवंटन नहीं किया गया। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने साइप्रस में दो दिवसीय बैठक के दौरान सीरिया के राष्ट्रपति अशर अल-असद के इस्तीफे की मांग की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख कैथरीन एश्टन के हवाले से बताया, "सीरिया संकट के सम्बंध में यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह बात सामने आई कि राष्ट्रपति असद को इस्तीफा दे देना चाहिए।"
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के नवनियुक्त दूत लख्दर ब्राहिमी को समस्या का शांतिपूर्ण हल ढूंढ़ने के उनके प्रयासों में समर्थन देने की पेशकश करेगा।टिप्पणियां
एस्टन ने बताया, "ब्राहिमी को सीरिया में हिंसा खत्म करने के लिए राजनीतिक हल पर पहुंचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ईयू असद विरोधी ताकतों के साथ सहयोग करेगा ताकि वह सीरिया के लोगों को स्वयं का भाग्य अपने हाथों में लेने में मदद कर सके।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में मानवीय संकट को लेकर चिंतित है। उन्होंने घोषणा की कि ईयू विस्थापितों के लिए पांच करोड़ यूरो (लगभग 6 करोड़ 30 लाख डॉलर) की नई आर्थिक मदद की पेशकश करेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख कैथरीन एश्टन के हवाले से बताया, "सीरिया संकट के सम्बंध में यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह बात सामने आई कि राष्ट्रपति असद को इस्तीफा दे देना चाहिए।"
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के नवनियुक्त दूत लख्दर ब्राहिमी को समस्या का शांतिपूर्ण हल ढूंढ़ने के उनके प्रयासों में समर्थन देने की पेशकश करेगा।टिप्पणियां
एस्टन ने बताया, "ब्राहिमी को सीरिया में हिंसा खत्म करने के लिए राजनीतिक हल पर पहुंचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ईयू असद विरोधी ताकतों के साथ सहयोग करेगा ताकि वह सीरिया के लोगों को स्वयं का भाग्य अपने हाथों में लेने में मदद कर सके।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में मानवीय संकट को लेकर चिंतित है। उन्होंने घोषणा की कि ईयू विस्थापितों के लिए पांच करोड़ यूरो (लगभग 6 करोड़ 30 लाख डॉलर) की नई आर्थिक मदद की पेशकश करेगा।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के नवनियुक्त दूत लख्दर ब्राहिमी को समस्या का शांतिपूर्ण हल ढूंढ़ने के उनके प्रयासों में समर्थन देने की पेशकश करेगा।टिप्पणियां
एस्टन ने बताया, "ब्राहिमी को सीरिया में हिंसा खत्म करने के लिए राजनीतिक हल पर पहुंचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ईयू असद विरोधी ताकतों के साथ सहयोग करेगा ताकि वह सीरिया के लोगों को स्वयं का भाग्य अपने हाथों में लेने में मदद कर सके।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में मानवीय संकट को लेकर चिंतित है। उन्होंने घोषणा की कि ईयू विस्थापितों के लिए पांच करोड़ यूरो (लगभग 6 करोड़ 30 लाख डॉलर) की नई आर्थिक मदद की पेशकश करेगा।
एस्टन ने बताया, "ब्राहिमी को सीरिया में हिंसा खत्म करने के लिए राजनीतिक हल पर पहुंचना चाहिए।" उन्होंने कहा कि ईयू असद विरोधी ताकतों के साथ सहयोग करेगा ताकि वह सीरिया के लोगों को स्वयं का भाग्य अपने हाथों में लेने में मदद कर सके।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में मानवीय संकट को लेकर चिंतित है। उन्होंने घोषणा की कि ईयू विस्थापितों के लिए पांच करोड़ यूरो (लगभग 6 करोड़ 30 लाख डॉलर) की नई आर्थिक मदद की पेशकश करेगा।
एश्टन ने कहा कि ईयू सीरिया में मानवीय संकट को लेकर चिंतित है। उन्होंने घोषणा की कि ईयू विस्थापितों के लिए पांच करोड़ यूरो (लगभग 6 करोड़ 30 लाख डॉलर) की नई आर्थिक मदद की पेशकश करेगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने साइप्रस में दो दिवसीय बैठक के दौरान सीरिया के राष्ट्रपति अशर अल-असद के इस्तीफे की मांग की है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने बांदा से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक और उसके समर्थकों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को 14 दिन के लिए बढ़ा दी। लड़की विधायक के घर चोरी के आरोप में जेल में बंद है। लड़की को कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रवि गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। पेश होने के बाद अदालत के बाहर लड़की ने कहा, "मुझे कुछ न्याय मिला, मैं थोड़ी संतुष्ट हूं, लेकिन जेल में मुझे विधायक से अपनी जान को खतरा है, क्योंकि वह भी इसी जेल में बंद है।" अधिकारियों के मुताबिक लड़की की जमानत अर्जी और बालिग-नाबालिग पर अब 17 जनवरी को सुनवाई होगी। कथित रूप से लड़की का बलात्कार करने के बाद विधायक ने उसे घर से पांच हजार रुपये, रिवाल्वर और मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में गत 15 दिसंबर को गिरफ्तार करवा दिया था। लड़की नरैनी क्षेत्र के शहबाजपुर गांव की रहने वाली है। बाद में सीबी-सीआईडी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री मायावती ने विधायक द्विवेदी और उनके तीन सहयोगियों राजेंद्र शुक्ला, रावण और सुरेंद्र के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे। मुख्यमंत्री के आदेश पर गुरुवार को विधायक को बांदा से गिरफ्तार कर जेल (बांदा) भेज दिया गया। विधायक के दो सहयोगी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को कहा था कि 'सीआईडी द्वारा प्राथमिक रिपोर्ट में बताया गया है कि लड़की को गत आठ से 12 दिसम्बर तक अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया। 11 और 12 दिसम्बर की रात विधायक और उसके सहयोगियों ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया।' यह पूछे जाने पर कि क्या विधायक द्वारा लड़की पर लगाया गया चोरी का इल्जाम सीबी-सीआईडी की प्रारंभिक जांच में सही पाया गया, इस पर सिंह ने कहा था, "लड़की के खिलाफ बांदा पुलिस की कार्रवाई जांच में सही पाई गई। लड़की ने विधायक की पुत्रवधू का मोबाइल और पांच हजार रुपये चुराए थे।" | सारांश: अदालत ने बसपा विधायक और उसके समर्थकों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को 14 दिन के लिए बढ़ा दी। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कोई ठेले में मरीज़ को अस्पताल पहुंचा रहा है, तो कोई गोद में मरीज़ को अस्पताल लाने पर मजबूर है. मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं. यह हालात क्यों हैं? जानना चाहते हैं तो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब भौंरी इलाके में जाना होगा.
सड़क हादसे में घायलों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को फौरन अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकार ने 10 करोड़ 35 लाख रुपये खर्च करके 115 एंबुलेंसें खरीदीं, लेकिन लगभग 6 महीने से ये भोपाल के करीब भौंरी में यार्ड में पड़ी धूल खा रही हैं. इसके पीछे वजह है फेब्रिकेशन वर्क, यानी एंबुलेंसों में मेडिकल उपकरणों के इंस्टॉलेशन का न होना. वो भी तब जब इसके लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये अगस्त 2018 में ही स्वीकृत हो गया था.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से पहिये रुके थे, अब रफ्तार पकड़ेंगे. एनएचएम के मिशन डायरेक्टर निशांत वरवडे ने कहा "बीच में भारत सरकार एआईएस 125 के नॉर्म्स लाई, जिसको लेकर टेंडर की मीटिंग में सवाल उठाए गए. उनका समाधान करने तक आचार संहिता लग गई और उस बीच चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिली. अब टेंडर खोला गया है बहुत जल्दी गाड़ियां रोड पर आ जाएंगी.
राज्य में फिलहाल 150 खस्ताहाल एंबुलेंसें चल रही हैं जिन्हें इन 115 नई एंबुलेंसों से बदला जाना था. काम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत होना था. फिलहाल काम कांग्रेस-बनाम बीजेपी की लड़ाई हो गया है. दोनों एक-दूसरे के राज पर आरोप लगा रहे हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने कहा " बीजेपी ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बदहाल कर दिया था सिर्फ भ्रष्टाचार हो रहा था. जो एंबुलेंसें आई हैं उनमें कुछ छोटे-मोटे काम थे. वे काम हो रहे हैं, शीघ्र सड़कों पर दिखाई देंगी.
बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा "मध्यप्रदेश में जब तक बीजेपी की सरकार रही, सब व्यवस्था सुचारू थी. केन्द्र ने पुरस्कार भी दिया. अब एंबुलेंस जो आई हैं. देखना होगा किस हाल में हैं ... कुछ दिनों आचार संहिता रही. अब कांग्रेस की सरकार आई है, जो खुद बीमार है. लगातार मुख्यमंत्री दौरों में व्यस्त हैं किसान के कर्जे में परेशान हैं. मुझे लगता है इस मामले में संजीदगी की जरूरत है."
बहरहाल इस मामले में प्रशासन का कहना है कि 115 में से 75 एंबुलेंसें सड़कों पर दौड़ने लगेंगी. बाकी में भी फरवरी के आखिर तक जरूरी उपकरण लग जाएंगे. | संक्षिप्त पाठ: एंबुलेंसों में मेडिकल उपकरणों का इंस्टॉलेशन नहीं हो सका
कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहीं
प्रशासन ने कहा- 115 में से 75 एंबुलेंसें जल्द दौड़ने लगेंगी | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी अति महत्वाकांक्षापूर्ण ‘बुलेट ट्रेन’ परियोजना से केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को समझा जा सकता है. इसमें मोदी के ‘सूटेड बूटेड’ दोस्त ही यात्रा करेंगे.
उत्तर प्रदेश में पार्टी की नयी टीम के गठन के बाद ‘यूपी उद्घोष’ कार्यक्रम के तहत पार्टी के जिला और बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने पहुंचे राहुल ने कहा, ‘मोदी कहते है कि वे बुलेट ट्रेन चलायेंगे. रेलवे का कुल बजट लगभग 1,40 लाख करोड़ रुपये है. बुलेट ट्रेन पर एक लाख करोड़ रुपये लगेंगे.’’
राहुल ने कटाक्ष किया, ’’बुलेट ट्रेन किसके लिए लाई जा रही है. इसके टिकट का दाम क्या होगा. यह दस पन्द्रह हजार रुपये से कम नहीं होगा और इस पर मोदी के सूटेड बूटेड दोस्त चलेंगे.’’ उन्होंने मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के प्रतीक चिन्ह ’बब्बर शेर’ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘इस बब्बर शेर ने कितने लोगों को काम दिया है. आप दो आदमी ऐसे बताइये, जिन्हें मोदी के बब्बर शेर ने काम दिया हो.’’टिप्पणियां
राहुल ने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं, मगर देश का पैसा लेकर भाग गये विजय माल्या और ललित मोदी के बारे में कुछ नहीं कहते. उन्होंने मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक घराने का 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बात मीडिया में नहीं आई. उन्होंने मोदी सरकार पर तीन चार चुने हुए औद्योगिक घरानों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा ’’इसने पहले किसानों की जमीन छीनने की कोशिश की और अब उनकी थाली से दाल छीन लेने पर आमादा है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उत्तर प्रदेश में पार्टी की नयी टीम के गठन के बाद ‘यूपी उद्घोष’ कार्यक्रम के तहत पार्टी के जिला और बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने पहुंचे राहुल ने कहा, ‘मोदी कहते है कि वे बुलेट ट्रेन चलायेंगे. रेलवे का कुल बजट लगभग 1,40 लाख करोड़ रुपये है. बुलेट ट्रेन पर एक लाख करोड़ रुपये लगेंगे.’’
राहुल ने कटाक्ष किया, ’’बुलेट ट्रेन किसके लिए लाई जा रही है. इसके टिकट का दाम क्या होगा. यह दस पन्द्रह हजार रुपये से कम नहीं होगा और इस पर मोदी के सूटेड बूटेड दोस्त चलेंगे.’’ उन्होंने मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के प्रतीक चिन्ह ’बब्बर शेर’ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘इस बब्बर शेर ने कितने लोगों को काम दिया है. आप दो आदमी ऐसे बताइये, जिन्हें मोदी के बब्बर शेर ने काम दिया हो.’’टिप्पणियां
राहुल ने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं, मगर देश का पैसा लेकर भाग गये विजय माल्या और ललित मोदी के बारे में कुछ नहीं कहते. उन्होंने मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक घराने का 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बात मीडिया में नहीं आई. उन्होंने मोदी सरकार पर तीन चार चुने हुए औद्योगिक घरानों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा ’’इसने पहले किसानों की जमीन छीनने की कोशिश की और अब उनकी थाली से दाल छीन लेने पर आमादा है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने कटाक्ष किया, ’’बुलेट ट्रेन किसके लिए लाई जा रही है. इसके टिकट का दाम क्या होगा. यह दस पन्द्रह हजार रुपये से कम नहीं होगा और इस पर मोदी के सूटेड बूटेड दोस्त चलेंगे.’’ उन्होंने मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के प्रतीक चिन्ह ’बब्बर शेर’ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘इस बब्बर शेर ने कितने लोगों को काम दिया है. आप दो आदमी ऐसे बताइये, जिन्हें मोदी के बब्बर शेर ने काम दिया हो.’’टिप्पणियां
राहुल ने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं, मगर देश का पैसा लेकर भाग गये विजय माल्या और ललित मोदी के बारे में कुछ नहीं कहते. उन्होंने मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक घराने का 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बात मीडिया में नहीं आई. उन्होंने मोदी सरकार पर तीन चार चुने हुए औद्योगिक घरानों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा ’’इसने पहले किसानों की जमीन छीनने की कोशिश की और अब उनकी थाली से दाल छीन लेने पर आमादा है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहुल ने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं, मगर देश का पैसा लेकर भाग गये विजय माल्या और ललित मोदी के बारे में कुछ नहीं कहते. उन्होंने मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक घराने का 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बात मीडिया में नहीं आई. उन्होंने मोदी सरकार पर तीन चार चुने हुए औद्योगिक घरानों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा ’’इसने पहले किसानों की जमीन छीनने की कोशिश की और अब उनकी थाली से दाल छीन लेने पर आमादा है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: बुलेट ट्रेन किसके लिए लाई जा रही है. इसके टिकट का दाम क्या होगा
विजय माल्या और ललित मोदी के बारे में कुछ नहीं कहते पीएम मोदी
मोदी सरकार अब किसानों की थाली से दाल छीन लेने पर आमादा है | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सरदार पटेल स्टेडियम में सोमवार को खेले गए पहले एकदिवसीय में बांग्लादेश की महिला टीम को पांच विकेट से हरा दिया। बांग्लादेश से मिले 195 रन के लक्ष्य को भारत ने पांच विकेट खोकर और चार गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 63 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा अनाघा देशपांडे ने 47 रन बनाए। कौर ने 100 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके भी लगाए। वहीं, देशपांडे ने 50 गेंदों का सामना कर पांच चौके लगाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शून्य के स्कोर पर पूनम रौत बगैर खाता खोले पवेलियन लौट गई। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए लक्ष्य हासिल किया। कौर ने एक छोर को मजबूती से थामे रखा और चौथे विकेट के लिए देशपांडे के साथ 83 रनों की साझेदारी की। वह अंत तक आउट नहीं हुई। अन्य बल्लेबाजों में कामिनी ने 23 और मोना ने 22 रनों का योगदान दिया। बांग्लादेश की ओर से जहानारा आलम ने दो विकेट हासिल किए।टिप्पणियां
इससे पहले बांग्लादेशी महिलाओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बांग्लादेश ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट खोकर 194 रन बनाए। उनकी ओर से कप्तान सलमा खातून ने सर्वाधिक 75 रनों की नाबाद पारी खेली। खातून ने इस दौरान 92 गेंदों का सामना किया और 11 चौके भी जड़े। इसके अलावा लता मौंडल ने 39 रूमाना अहमद ने 38 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से एकता बिष्ट ने तीन और शुभलक्ष्मी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ ही भारत तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 1-0 से आगे हो गया।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 63 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा अनाघा देशपांडे ने 47 रन बनाए। कौर ने 100 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके भी लगाए। वहीं, देशपांडे ने 50 गेंदों का सामना कर पांच चौके लगाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शून्य के स्कोर पर पूनम रौत बगैर खाता खोले पवेलियन लौट गई। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए लक्ष्य हासिल किया। कौर ने एक छोर को मजबूती से थामे रखा और चौथे विकेट के लिए देशपांडे के साथ 83 रनों की साझेदारी की। वह अंत तक आउट नहीं हुई। अन्य बल्लेबाजों में कामिनी ने 23 और मोना ने 22 रनों का योगदान दिया। बांग्लादेश की ओर से जहानारा आलम ने दो विकेट हासिल किए।टिप्पणियां
इससे पहले बांग्लादेशी महिलाओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बांग्लादेश ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट खोकर 194 रन बनाए। उनकी ओर से कप्तान सलमा खातून ने सर्वाधिक 75 रनों की नाबाद पारी खेली। खातून ने इस दौरान 92 गेंदों का सामना किया और 11 चौके भी जड़े। इसके अलावा लता मौंडल ने 39 रूमाना अहमद ने 38 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से एकता बिष्ट ने तीन और शुभलक्ष्मी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ ही भारत तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 1-0 से आगे हो गया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शून्य के स्कोर पर पूनम रौत बगैर खाता खोले पवेलियन लौट गई। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए लक्ष्य हासिल किया। कौर ने एक छोर को मजबूती से थामे रखा और चौथे विकेट के लिए देशपांडे के साथ 83 रनों की साझेदारी की। वह अंत तक आउट नहीं हुई। अन्य बल्लेबाजों में कामिनी ने 23 और मोना ने 22 रनों का योगदान दिया। बांग्लादेश की ओर से जहानारा आलम ने दो विकेट हासिल किए।टिप्पणियां
इससे पहले बांग्लादेशी महिलाओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बांग्लादेश ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट खोकर 194 रन बनाए। उनकी ओर से कप्तान सलमा खातून ने सर्वाधिक 75 रनों की नाबाद पारी खेली। खातून ने इस दौरान 92 गेंदों का सामना किया और 11 चौके भी जड़े। इसके अलावा लता मौंडल ने 39 रूमाना अहमद ने 38 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से एकता बिष्ट ने तीन और शुभलक्ष्मी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ ही भारत तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 1-0 से आगे हो गया।
इससे पहले बांग्लादेशी महिलाओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बांग्लादेश ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट खोकर 194 रन बनाए। उनकी ओर से कप्तान सलमा खातून ने सर्वाधिक 75 रनों की नाबाद पारी खेली। खातून ने इस दौरान 92 गेंदों का सामना किया और 11 चौके भी जड़े। इसके अलावा लता मौंडल ने 39 रूमाना अहमद ने 38 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से एकता बिष्ट ने तीन और शुभलक्ष्मी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ ही भारत तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 1-0 से आगे हो गया।
भारत की ओर से एकता बिष्ट ने तीन और शुभलक्ष्मी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ ही भारत तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला में 1-0 से आगे हो गया। | यह एक सारांश है: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सरदार पटेल स्टेडियम में सोमवार को खेले गए पहले एकदिवसीय में बांग्लादेश की महिला टीम को पांच विकेट से हरा दिया। बांग्लादेश से मिले 195 रन के लक्ष्य को भारत ने पांच विकेट खोकर और चार गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पार्थिव पटेल के करियर की सर्वश्रेष्ठ आईपीएल पारी के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को 30 रन से हराकर प्ले ऑफ के लिए अपना दावा मजबूत किया।
हैदराबाद ने 39 पारियों बाद लगाए पार्थिव पटेल (61) के अर्द्धशतक के दम पर सात विकेट पर 150 रन बनाए। इसके जवाब में किंग्स इलेवन की टीम डेरेन सैमी (22 रन पर चार विकेट) और डेल स्टेन (20 रन पर दो विकेट) की तूफानी गेंदबाजी के सामने नौ विकेट पर 120 रन ही बना सकी। तिसारा परेरा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट चटकाया।
पंजाब की ओर से ल्यूक पोमरबैश ने सर्वाधिक नाबाद 33 रन बनाए लेकिन उन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंद की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का मारा। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने 26 जबकि राजगोपाल सतीश ने 25 रन का योगदान दिया।
हैदराबाद की टीम के अब 13 मैचों में आठ जीत से 16 अंक हो गए हैं लेकिन वह पांचवें स्थान पर ही है। पंजाब के 13 मैच में आठ हार और पांच जीत से सिर्फ 10 अंक हैं और टीम प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे किंग्स इलेवन पंजाब ने पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह (00) का विकेट गंवा दिया जो स्टेन का शिकार बने। टिप्पणियां
एडम गिलक्रिस्ट (26) और शान मार्श (18) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने इसके बाद 44 रन जोड़े। मार्श ने स्टेन जबकि गिलक्रिस्ट ने इशांत शर्मा पर दो-दो चौके मारे।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए।
हैदराबाद ने 39 पारियों बाद लगाए पार्थिव पटेल (61) के अर्द्धशतक के दम पर सात विकेट पर 150 रन बनाए। इसके जवाब में किंग्स इलेवन की टीम डेरेन सैमी (22 रन पर चार विकेट) और डेल स्टेन (20 रन पर दो विकेट) की तूफानी गेंदबाजी के सामने नौ विकेट पर 120 रन ही बना सकी। तिसारा परेरा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट चटकाया।
पंजाब की ओर से ल्यूक पोमरबैश ने सर्वाधिक नाबाद 33 रन बनाए लेकिन उन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंद की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का मारा। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने 26 जबकि राजगोपाल सतीश ने 25 रन का योगदान दिया।
हैदराबाद की टीम के अब 13 मैचों में आठ जीत से 16 अंक हो गए हैं लेकिन वह पांचवें स्थान पर ही है। पंजाब के 13 मैच में आठ हार और पांच जीत से सिर्फ 10 अंक हैं और टीम प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे किंग्स इलेवन पंजाब ने पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह (00) का विकेट गंवा दिया जो स्टेन का शिकार बने। टिप्पणियां
एडम गिलक्रिस्ट (26) और शान मार्श (18) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने इसके बाद 44 रन जोड़े। मार्श ने स्टेन जबकि गिलक्रिस्ट ने इशांत शर्मा पर दो-दो चौके मारे।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए।
पंजाब की ओर से ल्यूक पोमरबैश ने सर्वाधिक नाबाद 33 रन बनाए लेकिन उन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंद की अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का मारा। कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने 26 जबकि राजगोपाल सतीश ने 25 रन का योगदान दिया।
हैदराबाद की टीम के अब 13 मैचों में आठ जीत से 16 अंक हो गए हैं लेकिन वह पांचवें स्थान पर ही है। पंजाब के 13 मैच में आठ हार और पांच जीत से सिर्फ 10 अंक हैं और टीम प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे किंग्स इलेवन पंजाब ने पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह (00) का विकेट गंवा दिया जो स्टेन का शिकार बने। टिप्पणियां
एडम गिलक्रिस्ट (26) और शान मार्श (18) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने इसके बाद 44 रन जोड़े। मार्श ने स्टेन जबकि गिलक्रिस्ट ने इशांत शर्मा पर दो-दो चौके मारे।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए।
हैदराबाद की टीम के अब 13 मैचों में आठ जीत से 16 अंक हो गए हैं लेकिन वह पांचवें स्थान पर ही है। पंजाब के 13 मैच में आठ हार और पांच जीत से सिर्फ 10 अंक हैं और टीम प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। लक्ष्य का पीछा करने उतरे किंग्स इलेवन पंजाब ने पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज मनदीप सिंह (00) का विकेट गंवा दिया जो स्टेन का शिकार बने। टिप्पणियां
एडम गिलक्रिस्ट (26) और शान मार्श (18) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने इसके बाद 44 रन जोड़े। मार्श ने स्टेन जबकि गिलक्रिस्ट ने इशांत शर्मा पर दो-दो चौके मारे।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए।
एडम गिलक्रिस्ट (26) और शान मार्श (18) की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने इसके बाद 44 रन जोड़े। मार्श ने स्टेन जबकि गिलक्रिस्ट ने इशांत शर्मा पर दो-दो चौके मारे।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए।
हैदराबाद के कप्तान कैमरून वाइट ने आठवें ओवर में गेंद सैमी को थमाई जिन्होंने पहली दो गेंद पर ही मार्श और गिलक्रिस्ट को पवेलियन भेज दिया। मार्श ने परेरा को कैच थमाया जबकि गिलक्रिस्ट गेंद को विकेटों पर खेल गए। | यहाँ एक सारांश है:पार्थिव पटेल के करियर की सर्वश्रेष्ठ आईपीएल पारी के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को 30 रन से हराकर प्ले ऑफ के लिए अपना दावा मजबूत किया। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की 11 अक्टूबर को बिहार के छपरा जिले के सिताबदियारा से शुरू होने वाली 'जन चेतना यात्रा' के दौरान प्रतिदिन करीब 300 किलोमीटर की यात्रा करेंगे और हर दिन कम से कम तीन बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। आडवाणी की रथयात्रा को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली सिताबदियारा से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाली इस यात्रा के दौरान आडवाणी भ्रष्टाचार, महंगाई, और अत्यधिक गरीबी के मुद्दे तो उठाएंगे ही, साथ ही साथ विदेशों में जमा काला धन वापस लाने जैसे मुद्दों को लेकर भी हमला बोलेंगे। इस यात्रा के संयोजक रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को बताया कि आडवाणी अपनी 40 दिनों की इस यात्रा के क्रम में 23 राज्यों और चार संघशासित राज्यों के करीब 100 जिलों में जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस यात्रा के दौरान आडवाणी दो दिन बिहार में रहेंगे और छह बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार छपरा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे, तो रथ यात्रा के पहले ही दिन पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाली जनसभा में जनता दल (युनाइटेड) के केंद्रीय अध्यक्ष शरद यादव लोगों को संबोधित करेंगे। | यह एक सारांश है: लालकृष्ण आडवाणी अपनी 40 दिनों की इस यात्रा के क्रम में 23 राज्यों और चार संघशासित राज्यों के करीब 100 जिलों में जाएंगे। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: War Box Office Collection Day 28: ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की 'वॉर (War)' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रखा है. चौथे हफ्ते तो वॉर ने तूफानी प्रदर्शन किया ही, लेकिन इसके आंकड़े देखकर लगता है कि फिल्म पांचवें हफ्ते में भी धमाल मचाएगी. गांधी जयंति के मौके पर रिलीज हुई 'वॉर' ने रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना लिया था. 'वॉर' के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिल्म ने बीते दिन 1 से 1.25 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से 'वॉर' हिंदी वर्जन ने 28 दिनों में ही 300 करोड़रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 300.50 करोड़ का कलेक्शन किया होगा. वहीं, 'वॉर' के सभी वर्जन की कुल कमाई 316 करोड़ हो सकती है. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी बाकी है.
गांधी जयंति के मौके पर शानदार ओपनिंग करने वाली 'वॉर' ने अपनी कमाई से साल की कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. इतना ही नहीं, सुल्तान और पद्मावत को पछाड़ते हुए वॉर हिंदी सिनेमा की सातवीं सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. खास बात तो यह है कि ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर' (War) ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाने के साथ ही विदेशों में भी अपना खूब जादू चलाया. कमाई से इतर फिल्म अपने कंटेंट और कलाकारों के जरिए दर्शकों का दिल जीतने में भी कामयाब रही है. खासकर ऋतिक और टाइगर की जोड़ी को पर्दे पर देखने के लिए फैंस में काफी क्रेज देखने को मिला.
बता दें कि फिल्म 'वॉर (War)' की कहानी 'कबीर' ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और 'खालिद' टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की है. फिल्म में हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि गुरु और शिष्य एक दूसरे से टकराने को मजबूर हो जाते हैं. बेकाबू गुरु पर नकेल कसने के लिए शिष्य खालिद का इस्तेमाल किया जाता है, और फिर शुरू होते हैं जबरदस्त एक्शन. बाइक, कार, हेलीकॉप्टर, बर्फ पहाड़ हर जगह एक्शन देखने को मिलता है. कहानी में कई जबरदस्त ट्विस्ट भी डाले गए हैं और फिल्म का अंत भी थोड़ा सरप्राइजिंग रखा गया है. इन सबसे इतर दर्शकों को 'वॉर' (War) में भरपूर मात्रा में ऐक्शन और स्टंट्स देखने को मिलेगा. | यहाँ एक सारांश है:ऋतिक रोशन की फिल्म 'वॉर' ने मचाया धमाल
28वें दिन भी फिल्म ने की तूफानी कमाई
दर्शकों को खूब पसंद आ रही है फिल्म | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार में छह दिन से चली आ रही गिरावट का सिलसिला आज थम गया तथा 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 30 अंक की बढ़त के साथ 18,339 अंक पर बंद हुआ। मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल और आईटीसी के शेयरों में वैश्विक रुख में तेजी के बीच बढ़त रही।
पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 593 अंक के नुकसान के साथ दो माह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। आज यह 29.63 अंक या 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,339 अंक पर बंद हुआ। वाहन तथा एफएमसीजी वर्ग की कंपनियों के शेयरों ने बढ़त में मुख्य योगदान दिया। हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.65 अंक के नुकसान के साथ 5,571.40 अंक पर आ गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 18,256.07 अंक से 18,386.78 अंक के दायरे में घूमता रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 13 लाभ के साथ बंद हुए। वहीं टाटा पावर, टीसीएस, टाटा स्टील तथा एचडीएफसी सहित 17 शेयरों में नुकसान रहा।टिप्पणियां
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा 3.987 प्रतिशत की बढ़त मारुति के शेयर में रही। इसके बाद भारती एयरटेल के शेयर में तेजी आई।
आईटीसी, बजाज ऑटो तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.6 से 2.7 प्रतिशत के लाभ में रहे। विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन खंड के सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 593 अंक के नुकसान के साथ दो माह के निचले स्तर पर पहुंच गया था। आज यह 29.63 अंक या 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,339 अंक पर बंद हुआ। वाहन तथा एफएमसीजी वर्ग की कंपनियों के शेयरों ने बढ़त में मुख्य योगदान दिया। हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.65 अंक के नुकसान के साथ 5,571.40 अंक पर आ गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 18,256.07 अंक से 18,386.78 अंक के दायरे में घूमता रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 13 लाभ के साथ बंद हुए। वहीं टाटा पावर, टीसीएस, टाटा स्टील तथा एचडीएफसी सहित 17 शेयरों में नुकसान रहा।टिप्पणियां
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा 3.987 प्रतिशत की बढ़त मारुति के शेयर में रही। इसके बाद भारती एयरटेल के शेयर में तेजी आई।
आईटीसी, बजाज ऑटो तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.6 से 2.7 प्रतिशत के लाभ में रहे। विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन खंड के सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 18,256.07 अंक से 18,386.78 अंक के दायरे में घूमता रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 13 लाभ के साथ बंद हुए। वहीं टाटा पावर, टीसीएस, टाटा स्टील तथा एचडीएफसी सहित 17 शेयरों में नुकसान रहा।टिप्पणियां
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा 3.987 प्रतिशत की बढ़त मारुति के शेयर में रही। इसके बाद भारती एयरटेल के शेयर में तेजी आई।
आईटीसी, बजाज ऑटो तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.6 से 2.7 प्रतिशत के लाभ में रहे। विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन खंड के सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा 3.987 प्रतिशत की बढ़त मारुति के शेयर में रही। इसके बाद भारती एयरटेल के शेयर में तेजी आई।
आईटीसी, बजाज ऑटो तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.6 से 2.7 प्रतिशत के लाभ में रहे। विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन खंड के सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
आईटीसी, बजाज ऑटो तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.6 से 2.7 प्रतिशत के लाभ में रहे। विभिन्न वर्गों के सूचकांकों में वाहन खंड के सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बंबई शेयर बाजार में छह दिन से चली आ रही गिरावट का सिलसिला आज थम गया तथा 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 30 अंक की बढ़त के साथ 18,339 अंक पर बंद हुआ। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को सरकार से पाकिस्तान को पांच भारतीय जवानों की हत्या का माकूल जवाब देने और पड़ोसी मुल्क के साथ सभी प्रकार की वार्ता रोकने के लिए कहा।
पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप चक्कां-दा-बाग सेक्टर में बीती मध्य रात्रि को हुए हमले के खिलाफ रक्षा मंत्री एके एंटनी के आवास पर मंगलवार को प्रदर्शन किया।
घटना पर रक्षा मंत्री एंटनी द्वारा स्वत: बयान दिए जाने के बाद राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले जवानों के सिर काट लेने की घटना घट चुकी है। हम सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की जेल में हत्या किए जाने का सामना कर चुके हैं। हमने सीमा पार से आतंकवाद की कई घटनाओं का सामना कर चुके हैं।"
जेटली ने कहा, "पाकिस्तान को यह बताने के लिए कि यह मंजूर नहीं किया जा सकता, भारत को अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करने की जरूरत है। कड़ाई से जवाब देने का समय आ गया है।" उन्होंने रक्षा मंत्री की इस दलील की भी निंदा की कि पाकिस्तानी सेना के वेश में आतंकवादियों ने भारतीय जवानों पर हमला किया।
जेटली ने कहा, "मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या की है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह मुद्रण की गलती जैसी कोई चूक नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के समीप चक्कां-दा-बाग सेक्टर में बीती मध्य रात्रि को हुए हमले के खिलाफ रक्षा मंत्री एके एंटनी के आवास पर मंगलवार को प्रदर्शन किया।
घटना पर रक्षा मंत्री एंटनी द्वारा स्वत: बयान दिए जाने के बाद राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले जवानों के सिर काट लेने की घटना घट चुकी है। हम सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की जेल में हत्या किए जाने का सामना कर चुके हैं। हमने सीमा पार से आतंकवाद की कई घटनाओं का सामना कर चुके हैं।"
जेटली ने कहा, "पाकिस्तान को यह बताने के लिए कि यह मंजूर नहीं किया जा सकता, भारत को अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करने की जरूरत है। कड़ाई से जवाब देने का समय आ गया है।" उन्होंने रक्षा मंत्री की इस दलील की भी निंदा की कि पाकिस्तानी सेना के वेश में आतंकवादियों ने भारतीय जवानों पर हमला किया।
जेटली ने कहा, "मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या की है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह मुद्रण की गलती जैसी कोई चूक नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
घटना पर रक्षा मंत्री एंटनी द्वारा स्वत: बयान दिए जाने के बाद राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले जवानों के सिर काट लेने की घटना घट चुकी है। हम सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की जेल में हत्या किए जाने का सामना कर चुके हैं। हमने सीमा पार से आतंकवाद की कई घटनाओं का सामना कर चुके हैं।"
जेटली ने कहा, "पाकिस्तान को यह बताने के लिए कि यह मंजूर नहीं किया जा सकता, भारत को अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करने की जरूरत है। कड़ाई से जवाब देने का समय आ गया है।" उन्होंने रक्षा मंत्री की इस दलील की भी निंदा की कि पाकिस्तानी सेना के वेश में आतंकवादियों ने भारतीय जवानों पर हमला किया।
जेटली ने कहा, "मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या की है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह मुद्रण की गलती जैसी कोई चूक नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
जेटली ने कहा, "पाकिस्तान को यह बताने के लिए कि यह मंजूर नहीं किया जा सकता, भारत को अपनी विदेश नीति को दुरुस्त करने की जरूरत है। कड़ाई से जवाब देने का समय आ गया है।" उन्होंने रक्षा मंत्री की इस दलील की भी निंदा की कि पाकिस्तानी सेना के वेश में आतंकवादियों ने भारतीय जवानों पर हमला किया।
जेटली ने कहा, "मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या की है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह मुद्रण की गलती जैसी कोई चूक नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
जेटली ने कहा, "मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी पहने लोगों ने भारतीय सेना के जवानों की हत्या की है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह मुद्रण की गलती जैसी कोई चूक नहीं है।" उन्होंने कहा, "जब आप ऐसा कह रहे होते हैं तब आप पाकिस्तान को यह कहने का मौका दे रहे होते हैं कि यह अराजक तत्वों का कारनामा है। पाकिस्तान में अराजक तत्वों और सत्ता नियंत्रित तत्वों में भेद करना कठिन है।"
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
यह बयान तब आया जब घटना को लेकर लोकसभा और राज्य सभा में कामकाज बाधित रहा। भाजपा नेताओं ने रज्य सभा में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे तक लगाए।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
सरकार से पाकिस्तान को कठोर भाषा में संदेश देने की मांग की करते हुए यशवंत सिन्हा यहां तक कह गए कि कांग्रेस बताए कि वह देश के साथ है या पाकिस्तान के साथ।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
लोकसभा ने सिन्हा ने सवाल उठाया, "सरकार यह साफ करे कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ है या भारत के साथ।" उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा, "जनवरी से ही हमारी सेना पर हमले हो रहे हैं। इस संसद, इस देश के पास ताकत है। हमें उसी भाषा में जवाब देना चाहिए।"
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
भाजपा नेताओं ने इससे पहले कहा कि सरकार पाकिस्तान के साथ सभी वार्ता रोक दे। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू और शाहनवाज हुसैन ने पाकिस्तान के मुतल्लिक भारत के कड़े रुख की मांग की।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
नायडू ने कहा, "सरकार पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रही है। वे हिंसात्मक हो रहे हैं और हमारी सरकार शांत बैठी है।" उन्होंने कहा, "भारत को असहाय बनाने की यह भारत की सोची समझी नीति है।"टिप्पणियां
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
हुसैन ने कहा, "सीमा पर यदि एक भी गोली चलती है तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं होनी चाहिए। आप हमारे सैनिकों की हत्या करने के बाद वार्ता नहीं कर सकते।"
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है।
भारत और पाकिस्तान इस माह के बाद अपनी वार्ता बहाली प्रक्रिया के तहत बातचीत करेंगे। सितंबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की न्यूयार्क में मुलाकात हो सकती है। | संक्षिप्त पाठ: विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को सरकार से पाकिस्तान को पांच भारतीय जवानों की हत्या का माकूल जवाब देने और पड़ोसी मुल्क के साथ सभी प्रकार की वार्ता रोकने के लिए कहा। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) के इस एपिसोड में जब जेठालाल (Jetha Lal) को इस बात पता चलता है तो वह इस बात से बहुत नाराज हो जाता है कि बिना जांच किए उन्होंने इतना बड़ा ऑर्डर कैसे दे दिया? जेठालाल (Jetha Lal) इतने सारे मोबाइल फोन को कैसे बेच पायेगा? पर भाग्य की देवी जेठालाल (Jetha Lal) पर प्रसन्न है और उन्हें दुकान पर एक नेता जी का फोन आता है और वह गदा इलेक्ट्रॉनिक्स को मोबाइल फोन का बहुत लम्बी चौड़ी रिकवायर्मेंट देता है.
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) में देखा जा सकता है कि जेठालाल (Jetha Lal) तो जैसे सातवें आसमान पर पहुंच जाता है. पहली बार नट्टू काका (Nattu Kaka) के बिज़नेस आइडिया से उसका नुक्सान नहीं हो रहा है. इस बात का जिक्र वह बापू जी से करता है और बस वहीं से शुरू हो जाता है उसकी परेशानियों का सिलसिला. कौन है ये नेता जी सेवक लाला ? क्यों चाहिए उन्हें इतने सारे मोबाइल फोन? क्या होगा जेठालाल का? क्या ये जेठालाल को फंसाने के लिए किसी की साजिश है? इन सारे सवालों के जवाब आपको आने वाले एपिसोड से ही पता चलेगा. | संक्षिप्त सारांश: शो में आने वाला है बहुत बड़ा ट्विस्ट
क्या जेठालाल को हो रही फंसाने की साजिश?
सिंगापुर से छुट्टियां मनाकर लौटे हैं गोकुलधाम के निवासी | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किये जाने का अनुमान है. लखनऊ के अतिरिक्त शनिवार को गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री, कानपुर का 22.4 डिग्री, बनारस का 24 डिग्री, इलाहाबाद का 22 डिग्री और झांसी का 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
वीडियो : तूफान
इधर, उप्र के राहत आयुक्त संजय कुमार ने उप्र के सभी जिलाधिकारियों एवं मंडालायुक्तों को निर्देश जारी कर सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है. गौरतलब है कि पिछले दिनों आये आधी तूफान में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी और 30 लोग घायल हो गये थे. इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: मौसम विभाग ने जताई आशंका
13 और 14 मई को उप्र के कई जिलों में तूफान की आशंका
कुछ जगहों पर बारिश भी हो सकती है | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार हरीश खरे प्रधानमंत्री कार्यालय में दो वर्षों से ज्यादा समय तक सेवा देने के बाद गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए और टेलीविजन पत्रकार पंकज पचौरी ने पदभार ग्रहण कर लिया।
कहा जा रहा है कि पचौरी के पीएमओ में संचार सलाहकार नियुक्त होने के कुछ घंटे बाद ही खरे (65) ने इस्तीफा दे दिया। वह प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलोक चटर्जी को अपनी रिपोर्ट देंगे।
पूर्व पत्रकार खरे ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है और अपने साथ काम करने का अवसर देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मैं रिपोर्टर होने का आनंद फिर उठाना चाहूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह वापस पत्रकारिता में जाना चाहते हैं। जून 2009 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवा देने से पहले खरे ‘द हिंदू’ अखबार में नई दिल्ली में वरिष्ठ सह संपादक और ब्यूरो प्रमुख थे। उससे पहले वे अहमदाबाद में टाइम्स ऑफ इंडिया में स्थानीय संपादक थे।
मीडिया सलाहकार के तौर पर वह भारत सरकार में सचिव पद पर तैनात थे। पीएमओ ने आज कहा कि पचौरी एनडीटीवी इंडिया में प्रबंध संपादक थे और वह पीएमओ को प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पर रणनीति के बारे में सलाह देंगे। पचौरी (48) इससे पहले ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) लंदन में काम कर चुके हैं । इसके अलावा वह इंडिया टुडे में भी काम कर चुके हैं।
कहा जा रहा है कि पचौरी के पीएमओ में संचार सलाहकार नियुक्त होने के कुछ घंटे बाद ही खरे (65) ने इस्तीफा दे दिया। वह प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलोक चटर्जी को अपनी रिपोर्ट देंगे।
पूर्व पत्रकार खरे ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है और अपने साथ काम करने का अवसर देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मैं रिपोर्टर होने का आनंद फिर उठाना चाहूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह वापस पत्रकारिता में जाना चाहते हैं। जून 2009 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवा देने से पहले खरे ‘द हिंदू’ अखबार में नई दिल्ली में वरिष्ठ सह संपादक और ब्यूरो प्रमुख थे। उससे पहले वे अहमदाबाद में टाइम्स ऑफ इंडिया में स्थानीय संपादक थे।
मीडिया सलाहकार के तौर पर वह भारत सरकार में सचिव पद पर तैनात थे। पीएमओ ने आज कहा कि पचौरी एनडीटीवी इंडिया में प्रबंध संपादक थे और वह पीएमओ को प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पर रणनीति के बारे में सलाह देंगे। पचौरी (48) इससे पहले ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) लंदन में काम कर चुके हैं । इसके अलावा वह इंडिया टुडे में भी काम कर चुके हैं।
पूर्व पत्रकार खरे ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है और अपने साथ काम करने का अवसर देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘मैं रिपोर्टर होने का आनंद फिर उठाना चाहूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह वापस पत्रकारिता में जाना चाहते हैं। जून 2009 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवा देने से पहले खरे ‘द हिंदू’ अखबार में नई दिल्ली में वरिष्ठ सह संपादक और ब्यूरो प्रमुख थे। उससे पहले वे अहमदाबाद में टाइम्स ऑफ इंडिया में स्थानीय संपादक थे।
मीडिया सलाहकार के तौर पर वह भारत सरकार में सचिव पद पर तैनात थे। पीएमओ ने आज कहा कि पचौरी एनडीटीवी इंडिया में प्रबंध संपादक थे और वह पीएमओ को प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पर रणनीति के बारे में सलाह देंगे। पचौरी (48) इससे पहले ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) लंदन में काम कर चुके हैं । इसके अलावा वह इंडिया टुडे में भी काम कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं रिपोर्टर होने का आनंद फिर उठाना चाहूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह वापस पत्रकारिता में जाना चाहते हैं। जून 2009 में प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवा देने से पहले खरे ‘द हिंदू’ अखबार में नई दिल्ली में वरिष्ठ सह संपादक और ब्यूरो प्रमुख थे। उससे पहले वे अहमदाबाद में टाइम्स ऑफ इंडिया में स्थानीय संपादक थे।
मीडिया सलाहकार के तौर पर वह भारत सरकार में सचिव पद पर तैनात थे। पीएमओ ने आज कहा कि पचौरी एनडीटीवी इंडिया में प्रबंध संपादक थे और वह पीएमओ को प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पर रणनीति के बारे में सलाह देंगे। पचौरी (48) इससे पहले ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) लंदन में काम कर चुके हैं । इसके अलावा वह इंडिया टुडे में भी काम कर चुके हैं।
मीडिया सलाहकार के तौर पर वह भारत सरकार में सचिव पद पर तैनात थे। पीएमओ ने आज कहा कि पचौरी एनडीटीवी इंडिया में प्रबंध संपादक थे और वह पीएमओ को प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया पर रणनीति के बारे में सलाह देंगे। पचौरी (48) इससे पहले ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) लंदन में काम कर चुके हैं । इसके अलावा वह इंडिया टुडे में भी काम कर चुके हैं। | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार हरीश खरे प्रधानमंत्री कार्यालय में दो वर्षों से ज्यादा समय तक सेवा देने के बाद गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए और टेलीविजन पत्रकार पंकज पचौरी ने पदभार ग्रहण कर लिया। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अकाउंटिंग नियामक आईसीएआई ने सार्वजनिक योजनाओं के ऑडिट को अकाउंटेंट के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया का विरोध किया है। नियामक ने इस मामले को योजना आयोग और कैग के समक्ष उठाया है। आईसीएआई चाहता है कि नियुक्ति जिला आधार पर शुल्कों के निर्धारण के जरिये की जाए, न कि निविदा प्रक्रिया से। क्योंकि ऐसा करने से ऑडिट कार्यों से समझौता करना पड़ सकता है। सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की जांच के लिए ऑडिटरों की नियुक्ति निविदा प्रक्रिया से किये जाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत जो आवेदनकर्ता कम शुल्क पर आवेदन देगा, उसे परियोजना के ऑडिट का काम मिलेगा। बहरहाल, आईसीएआई के मुताबिक नियुक्ति जिला आधार पर शुल्कों के निर्धारण के जरिये की जानी चाहिए न कि निविदा के जरिए, क्योंकि इससे ऑडिट के साथ समझौता का खतरा है। इंस्ट्टियूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया :आईसीएआई: ने कहा, हमने इस मामले को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: और योजना आयोग के समक्ष उठाया है। हमने कहा है कि निविदा के तहत ऑडिटरों के चयन से आडिट की जो धारणा है, वह कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है। हमें उनसे ऑडिट के लिये योजना के मुताबिक शुल्क का निर्धारण करने का अनुरोध किया है। ताकि वहां जो भी बोली आये, वे तकनीकी हों न कि वित्तीय। | संक्षिप्त पाठ: अकाउंटिंग नियामक आईसीएआई ने सार्वजनिक योजनाओं के ऑडिट को अकाउंटेंट के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया का विरोध किया है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लागार्दे ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए एकीकृत कार्रवाई का आह्वान किया है। इसके लिए उन्होंने संकट प्रबंधन उपायों और प्रणाली के सम्पूर्ण ढाचे को मजबूत बनाने की बात कही है।
लागार्दे ने शुक्रवार को कहा कि 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट पैदा होने के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, लेकिन एक सुरक्षित वित्तीय प्रणाली का लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं किया जा सका है।टिप्पणियां
न्यूयार्क में आयोजित लीडर्स डायलॉग के लिए तैयार किए गए एक भाषण में लागार्दे ने कहा है कि नीतिनियंताओं को इस बात का एक स्पष्ट प्रारूप तैयार करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए कि लक्ष्य कैसे हासिल होगा, और इस प्रारूप को न केवल अगले पांच या 10 वर्ष को ध्यान में रखकर तैयार करना चाहिए, बल्कि अगले सप्ताहों और महीनों को ध्यान में रखकर भी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि संकट के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए वित्तीय क्षेत्र में नीतिनियंताओं के अगले कदम काफी मायने रखेंगे।
लागार्दे ने शुक्रवार को कहा कि 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट पैदा होने के बाद कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, लेकिन एक सुरक्षित वित्तीय प्रणाली का लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं किया जा सका है।टिप्पणियां
न्यूयार्क में आयोजित लीडर्स डायलॉग के लिए तैयार किए गए एक भाषण में लागार्दे ने कहा है कि नीतिनियंताओं को इस बात का एक स्पष्ट प्रारूप तैयार करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए कि लक्ष्य कैसे हासिल होगा, और इस प्रारूप को न केवल अगले पांच या 10 वर्ष को ध्यान में रखकर तैयार करना चाहिए, बल्कि अगले सप्ताहों और महीनों को ध्यान में रखकर भी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि संकट के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए वित्तीय क्षेत्र में नीतिनियंताओं के अगले कदम काफी मायने रखेंगे।
न्यूयार्क में आयोजित लीडर्स डायलॉग के लिए तैयार किए गए एक भाषण में लागार्दे ने कहा है कि नीतिनियंताओं को इस बात का एक स्पष्ट प्रारूप तैयार करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए कि लक्ष्य कैसे हासिल होगा, और इस प्रारूप को न केवल अगले पांच या 10 वर्ष को ध्यान में रखकर तैयार करना चाहिए, बल्कि अगले सप्ताहों और महीनों को ध्यान में रखकर भी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि संकट के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए वित्तीय क्षेत्र में नीतिनियंताओं के अगले कदम काफी मायने रखेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि संकट के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए वित्तीय क्षेत्र में नीतिनियंताओं के अगले कदम काफी मायने रखेंगे। | संक्षिप्त पाठ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लागार्दे ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली में सुधार के लिए एकीकृत कार्रवाई का आह्वान किया है। इसके लिए उन्होंने संकट प्रबंधन उपायों और प्रणाली के सम्पूर्ण ढाचे को मजबूत बनाने की बात कही है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर डी. सुब्बाराव ने आगाह किया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.3 प्रतिशत तक पहुंच जाने के बाद वित्त वर्ष के दौरान यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकता है।टिप्पणियां
हालांकि, केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कोई आंकड़ा नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा, पिछले साल चालू खाते का घाटा जीडीपी का 4.2 प्रतिशत रहा था, लेकिन इस साल यह इससे ऊपर रहेगा। जीडीपी के समक्ष यह संभवत: अब तक की ऐतिहासिक ऊंचाई पर रह सकता है।
विदेशी मुद्रा की कुल प्राप्ति और खर्च का अंतर चालू खाते का घाटा कहलाता है। सुब्बाराव ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस अंतर को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिये आने वाले विदेशी मुद्रा के बजाय अनिश्चित अंतप्रवाह से पाटा जा रहा है, जिसमें घटबढ़ बनी रहती है। रिजर्व बैंक द्वारा गठित इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सुब्बाराव ने बढ़ते चालू खाते के घाटे पर चिंता जताई। चालू खाते का घाटा बढ़ने की प्रमुख वजह तेल और सोने का ऊंचा आयात है। इसके तीसरी तिमाही के आंकड़े इसी सप्ताह आने की उम्मीद है।
हालांकि, केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कोई आंकड़ा नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा, पिछले साल चालू खाते का घाटा जीडीपी का 4.2 प्रतिशत रहा था, लेकिन इस साल यह इससे ऊपर रहेगा। जीडीपी के समक्ष यह संभवत: अब तक की ऐतिहासिक ऊंचाई पर रह सकता है।
विदेशी मुद्रा की कुल प्राप्ति और खर्च का अंतर चालू खाते का घाटा कहलाता है। सुब्बाराव ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस अंतर को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिये आने वाले विदेशी मुद्रा के बजाय अनिश्चित अंतप्रवाह से पाटा जा रहा है, जिसमें घटबढ़ बनी रहती है। रिजर्व बैंक द्वारा गठित इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सुब्बाराव ने बढ़ते चालू खाते के घाटे पर चिंता जताई। चालू खाते का घाटा बढ़ने की प्रमुख वजह तेल और सोने का ऊंचा आयात है। इसके तीसरी तिमाही के आंकड़े इसी सप्ताह आने की उम्मीद है।
विदेशी मुद्रा की कुल प्राप्ति और खर्च का अंतर चालू खाते का घाटा कहलाता है। सुब्बाराव ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस अंतर को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के जरिये आने वाले विदेशी मुद्रा के बजाय अनिश्चित अंतप्रवाह से पाटा जा रहा है, जिसमें घटबढ़ बनी रहती है। रिजर्व बैंक द्वारा गठित इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सुब्बाराव ने बढ़ते चालू खाते के घाटे पर चिंता जताई। चालू खाते का घाटा बढ़ने की प्रमुख वजह तेल और सोने का ऊंचा आयात है। इसके तीसरी तिमाही के आंकड़े इसी सप्ताह आने की उम्मीद है। | यहाँ एक सारांश है:भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर डी. सुब्बाराव ने आगाह किया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.3 प्रतिशत तक पहुंच जाने के बाद वित्त वर्ष के दौरान यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकता है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वॉल स्ट्रीट में सबसे सफल भारतीय अमेरिकियों में से एक रजत गुप्ता को अमेरिका के सबसे बड़े इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में गैलियन हेज फंड के संस्थापक राज राजारत्नम को गोपनीय सूचना पहुंचाने का दोषी करार दिया गया।
अमेरिका की एक अदालत ने गोल्डमैन साक्स के पूर्व निदेशक 63 वर्षीय गुप्ता को अपने पूर्व मित्र राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराने का दोषी पाया गया। राजारत्नम को पहले ही इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी करार दिया जा चुका है और वह 11 वर्ष की कारावास की सजा काट रहे हैं।
मैनहटन में एक अदालत में गुप्ता पर छह में से चार आरोप सही पाए गए। अदालत 18 अक्टूबर को गुप्ता को सजा सुनाएगी।
अभियोजकों ने गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोल्डमैन साक्स के बोर्ड में रहते हुए और मैकिंजे एंड कंपनी का नेतृत्व करते हुए हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराई।टिप्पणियां
गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे।
अमेरिका की एक अदालत ने गोल्डमैन साक्स के पूर्व निदेशक 63 वर्षीय गुप्ता को अपने पूर्व मित्र राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराने का दोषी पाया गया। राजारत्नम को पहले ही इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी करार दिया जा चुका है और वह 11 वर्ष की कारावास की सजा काट रहे हैं।
मैनहटन में एक अदालत में गुप्ता पर छह में से चार आरोप सही पाए गए। अदालत 18 अक्टूबर को गुप्ता को सजा सुनाएगी।
अभियोजकों ने गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोल्डमैन साक्स के बोर्ड में रहते हुए और मैकिंजे एंड कंपनी का नेतृत्व करते हुए हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराई।टिप्पणियां
गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे।
मैनहटन में एक अदालत में गुप्ता पर छह में से चार आरोप सही पाए गए। अदालत 18 अक्टूबर को गुप्ता को सजा सुनाएगी।
अभियोजकों ने गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोल्डमैन साक्स के बोर्ड में रहते हुए और मैकिंजे एंड कंपनी का नेतृत्व करते हुए हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराई।टिप्पणियां
गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे।
अभियोजकों ने गुप्ता पर आरोप लगाया था कि उन्होंने गोल्डमैन साक्स के बोर्ड में रहते हुए और मैकिंजे एंड कंपनी का नेतृत्व करते हुए हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को गोपनीय सूचना उपलब्ध कराई।टिप्पणियां
गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे।
गुप्ता के खिलाफ 21 मई को मुकदमा शुरू हुआ जो तीन सप्ताह तक चला।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे।
प्रतिभूति संबंधी धोखाधड़ी के लिए अधिकतम 20 साल की कारावास की सजा का प्रावधान है, जबकि षडयंत्र रचने के लिए अधिकतम पांच साल की कारावास की सजा का प्रावधान है। सजा सुनाए जाने तक गुप्ता जमानत पर स्वतंत्र रहेंगे। | वॉल स्ट्रीट में सबसे सफल भारतीय अमेरिकियों में से एक रजत गुप्ता को अमेरिका के सबसे बड़े इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में गैलियन हेज फंड के संस्थापक राज राजारत्नम को गोपनीय सूचना पहुंचाने का दोषी करार दिया गया। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिश्रित युगल में सानिया मिर्जा के साथ अपनी जोड़ी बनाने पर लंदन ओलिंपिक में भारत की पदक जीतने की संभावना सबसे अच्छी होने की बात स्वीकार करते हुए महेश भूपति ने बुधवार को कहा कि इस स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी से सलाह मशविरा किए बगैर उसका इस्तेमाल किया गया।
यह पूछने पर कि क्या वह लंदन खेलों की मिश्रित युगल स्पर्धा के दौरान सानिया के साथ खेलना चाहते हैं, भूपति ने कहा, ‘‘बेशक, हमारा रिकार्ड अच्छा है। हाल में हमने साथ मिलकर फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है।’’ भूपति ने टाइम्स नाउ से कहा, ‘‘बिना सलाह मशविरे के उसका इस्तेमाल किया गया। उससे नहीं पूछा गया कि उसके सर्वश्रेष्ठ विकल्प क्या हैं।’’
सानिया ने मंगलवार को लंदन ओलिंपिक के लिए वाइल्ड कार्ड मिलने के बाद एआईटीए पर निशाना साधते हुए कहा था कि चयन विवाद में उन्हें ‘चारे’ की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने भूपति और लिएंडर पेस की आलोचना भी की थी। लेकिन भूपति ने कहा कि वह पूरी तरह से सानिया की भड़ास को समझते हैं और उसके साथ हैं। टिप्पणियां
भूपति ने कहा, ‘‘बेशक उसने काफी भावुक बयान जारी किया और मैं पूरी तरह समझ सकता हूं कि यह कहां से आया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है मैं सानिया के साथ हूं और मुझे लगता है कि हमारी जोड़ी सर्वश्रेष्ठ मिश्रित युगल जोड़ी होती।’’ सानिया ने इससे पहले कहा था कि इस महीने की शुरूआत में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद भूपति ने ओलिंपिक में उनके साथ खेलने की वचनबद्धता का बलिदान कर दिया।
सानिया ने हालांकि साथ ही कहा था कि उनकी प्राथमिकता भूपति थे लेकिन वह देश के हित में लिएंडर पेस के साथ भी जोड़ी बनाने को तैयार हैं।
यह पूछने पर कि क्या वह लंदन खेलों की मिश्रित युगल स्पर्धा के दौरान सानिया के साथ खेलना चाहते हैं, भूपति ने कहा, ‘‘बेशक, हमारा रिकार्ड अच्छा है। हाल में हमने साथ मिलकर फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है।’’ भूपति ने टाइम्स नाउ से कहा, ‘‘बिना सलाह मशविरे के उसका इस्तेमाल किया गया। उससे नहीं पूछा गया कि उसके सर्वश्रेष्ठ विकल्प क्या हैं।’’
सानिया ने मंगलवार को लंदन ओलिंपिक के लिए वाइल्ड कार्ड मिलने के बाद एआईटीए पर निशाना साधते हुए कहा था कि चयन विवाद में उन्हें ‘चारे’ की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने भूपति और लिएंडर पेस की आलोचना भी की थी। लेकिन भूपति ने कहा कि वह पूरी तरह से सानिया की भड़ास को समझते हैं और उसके साथ हैं। टिप्पणियां
भूपति ने कहा, ‘‘बेशक उसने काफी भावुक बयान जारी किया और मैं पूरी तरह समझ सकता हूं कि यह कहां से आया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है मैं सानिया के साथ हूं और मुझे लगता है कि हमारी जोड़ी सर्वश्रेष्ठ मिश्रित युगल जोड़ी होती।’’ सानिया ने इससे पहले कहा था कि इस महीने की शुरूआत में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद भूपति ने ओलिंपिक में उनके साथ खेलने की वचनबद्धता का बलिदान कर दिया।
सानिया ने हालांकि साथ ही कहा था कि उनकी प्राथमिकता भूपति थे लेकिन वह देश के हित में लिएंडर पेस के साथ भी जोड़ी बनाने को तैयार हैं।
सानिया ने मंगलवार को लंदन ओलिंपिक के लिए वाइल्ड कार्ड मिलने के बाद एआईटीए पर निशाना साधते हुए कहा था कि चयन विवाद में उन्हें ‘चारे’ की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने भूपति और लिएंडर पेस की आलोचना भी की थी। लेकिन भूपति ने कहा कि वह पूरी तरह से सानिया की भड़ास को समझते हैं और उसके साथ हैं। टिप्पणियां
भूपति ने कहा, ‘‘बेशक उसने काफी भावुक बयान जारी किया और मैं पूरी तरह समझ सकता हूं कि यह कहां से आया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है मैं सानिया के साथ हूं और मुझे लगता है कि हमारी जोड़ी सर्वश्रेष्ठ मिश्रित युगल जोड़ी होती।’’ सानिया ने इससे पहले कहा था कि इस महीने की शुरूआत में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद भूपति ने ओलिंपिक में उनके साथ खेलने की वचनबद्धता का बलिदान कर दिया।
सानिया ने हालांकि साथ ही कहा था कि उनकी प्राथमिकता भूपति थे लेकिन वह देश के हित में लिएंडर पेस के साथ भी जोड़ी बनाने को तैयार हैं।
भूपति ने कहा, ‘‘बेशक उसने काफी भावुक बयान जारी किया और मैं पूरी तरह समझ सकता हूं कि यह कहां से आया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है मैं सानिया के साथ हूं और मुझे लगता है कि हमारी जोड़ी सर्वश्रेष्ठ मिश्रित युगल जोड़ी होती।’’ सानिया ने इससे पहले कहा था कि इस महीने की शुरूआत में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद भूपति ने ओलिंपिक में उनके साथ खेलने की वचनबद्धता का बलिदान कर दिया।
सानिया ने हालांकि साथ ही कहा था कि उनकी प्राथमिकता भूपति थे लेकिन वह देश के हित में लिएंडर पेस के साथ भी जोड़ी बनाने को तैयार हैं।
सानिया ने हालांकि साथ ही कहा था कि उनकी प्राथमिकता भूपति थे लेकिन वह देश के हित में लिएंडर पेस के साथ भी जोड़ी बनाने को तैयार हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यह पूछने पर कि क्या वह लंदन खेलों की मिश्रित युगल स्पर्धा के दौरान सानिया के साथ खेलना चाहते हैं, भूपति ने कहा, ‘बेशक, हमारा रिकार्ड अच्छा है। हाल में हमने साथ मिलकर फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है।’ | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस के नेता जगदीश टाइटलर को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने जोरदार झटका दिया, और वर्ष 1984 में हुए सिख-विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उन्हें क्लीन चिट देने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए उनके खिलाफ दोबारा जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
यह मामला दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसमें सीबीआई कांग्रेस नेता को क्लीन चिट दे चुकी थी, और उसे एक दंगा पीड़ित लखविंदर कौर ने अदालत में चुनौती दी थी।टिप्पणियां
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने सीबीआई और पीड़ित की अंतिम दलीलें सुनने के बाद पिछले दिनों अपना फैसला 10 अप्रैल यानी आज के लिए सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई के अभियोजक संजय कुमार ने पीड़ित की याचिका खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि 1 नवंबर, 1984 को टाइटलर उत्तरी दिल्ली के गुरुद्वारा पुलबंगश के पास मौजूद नहीं थे, जहां दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि घटना के समय टाइटलर दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निवास पर थे। अभियोजक ने कहा कि सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश पर मामले में फिर से जांच की, लेकिन उसे टाइटलर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
यह मामला दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसमें सीबीआई कांग्रेस नेता को क्लीन चिट दे चुकी थी, और उसे एक दंगा पीड़ित लखविंदर कौर ने अदालत में चुनौती दी थी।टिप्पणियां
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने सीबीआई और पीड़ित की अंतिम दलीलें सुनने के बाद पिछले दिनों अपना फैसला 10 अप्रैल यानी आज के लिए सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई के अभियोजक संजय कुमार ने पीड़ित की याचिका खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि 1 नवंबर, 1984 को टाइटलर उत्तरी दिल्ली के गुरुद्वारा पुलबंगश के पास मौजूद नहीं थे, जहां दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि घटना के समय टाइटलर दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निवास पर थे। अभियोजक ने कहा कि सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश पर मामले में फिर से जांच की, लेकिन उसे टाइटलर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने सीबीआई और पीड़ित की अंतिम दलीलें सुनने के बाद पिछले दिनों अपना फैसला 10 अप्रैल यानी आज के लिए सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई के अभियोजक संजय कुमार ने पीड़ित की याचिका खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि 1 नवंबर, 1984 को टाइटलर उत्तरी दिल्ली के गुरुद्वारा पुलबंगश के पास मौजूद नहीं थे, जहां दंगों के दौरान तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि घटना के समय टाइटलर दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निवास पर थे। अभियोजक ने कहा कि सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश पर मामले में फिर से जांच की, लेकिन उसे टाइटलर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि घटना के समय टाइटलर दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निवास पर थे। अभियोजक ने कहा कि सीबीआई ने निचली अदालत के आदेश पर मामले में फिर से जांच की, लेकिन उसे टाइटलर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। | सारांश: दिल्ली की अदालत ने '84 सिख-विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कांग्रेस नेता को क्लीन चिट देने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए उनके खिलाफ मामला दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल के साथ भारतीय मूल के बस ड्राइवर की ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में हुई हत्या का मामला उठाया. पीएम मोदी ने टर्नबुल को फोन कर इस घटना पर चिंता जताई.
विदेश मंत्रालय के एक बयान में बताया गया है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल को फोन कर दिवाली की बधाई दी. प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही ऑस्ट्रेलिया में हाल में भारतवंशी मनमीत अलीशेर को जघन्य तरीके से मौत के घाट उतारे जाने की घटना पर चिता भी जताई.'
ऑस्ट्रेलिया में मनमीत भारतीय समुदाय में बहुत लोकप्रिय थे. ब्रिस्बेन के मूरूका इलाके में बस से सवारियों को उतारने के दौरान उन पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका गया, जिससे उनकी जलकर मौत हो गई. घटना से भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है.टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पीएम मोदी से बातचीत के दौरान टर्नबुल ने घटना पर गहरे शोक का इजहार किया और कहा कि इसकी जांच हो रही है. बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने 2017 में टर्नबुल को भारत आने के लिए एक बार फिर से न्योता दिया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के एक बयान में बताया गया है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल को फोन कर दिवाली की बधाई दी. प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही ऑस्ट्रेलिया में हाल में भारतवंशी मनमीत अलीशेर को जघन्य तरीके से मौत के घाट उतारे जाने की घटना पर चिता भी जताई.'
ऑस्ट्रेलिया में मनमीत भारतीय समुदाय में बहुत लोकप्रिय थे. ब्रिस्बेन के मूरूका इलाके में बस से सवारियों को उतारने के दौरान उन पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका गया, जिससे उनकी जलकर मौत हो गई. घटना से भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है.टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पीएम मोदी से बातचीत के दौरान टर्नबुल ने घटना पर गहरे शोक का इजहार किया और कहा कि इसकी जांच हो रही है. बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने 2017 में टर्नबुल को भारत आने के लिए एक बार फिर से न्योता दिया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पीएम मोदी से बातचीत के दौरान टर्नबुल ने घटना पर गहरे शोक का इजहार किया और कहा कि इसकी जांच हो रही है. बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने 2017 में टर्नबुल को भारत आने के लिए एक बार फिर से न्योता दिया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: ऑस्ट्रेलिया में भारतवंशी मनमीत अलीशेर को जला कर मार डाला गया
मनमीत ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच बहुत लोकप्रिय थे
इस घटना से भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुवाहाटी में एक लड़की के साथ सरेआम सामूहिक छेड़खानी की सनसनीखेज घटना की पृष्ठभूमि में मध्य प्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादा में रहने की नसीहत दी है।टिप्पणियां
विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, महिलाओं का फैशन, रहन-सहन और आचरण भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादित होना चाहिए।
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है।
विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, महिलाओं का फैशन, रहन-सहन और आचरण भारतीय संस्कृति के मुताबिक मर्यादित होना चाहिए।
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है।
महिलाओं को भड़काऊ कपड़ों से दूर रहने की सलाह देते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं को ऐसा फैशन अपनाना चाहिए, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़े। लेकिन दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है। | यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दुर्भाग्य से देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं ऐसे कपड़े पहनती हैं, जिससे उत्तेजना पैदा हो जाती है। इस वजह से भी समाज में विकृति आती है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बीते आठ दिनों में सीमा पार से घुसपैठ की चार कोशिशें नाकाम होने के बाद नियंत्रण रेखा के पास तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इन घटनाओं में चार आतंकवादी मारे गए और तीन सैनिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। श्रीनगर में सेना की 15वीं कोर बटालियन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने बताया, हां, घाटी में बीते कुछ दिनों में सीमा पार से घुसपैठ के प्रयासों के मामले बढ़े हैं। बरार ने कहा, कुपवाड़ा सेक्टर में सैनिकों ने बीते आठ दिनों में घुसपैठ की चार कोशिशें नाकाम की हैं। हमने घुसपैठ के परिणामस्वरूप हुई मुठभेड़ों में चार आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि इस सब में एक सूबेदार और दो जवानों सहित तीन जवान भी शहीद हो गए। उन्होंने कहा, जब शरद ऋतु की शुरुआत होने को होती है, तब विभिन्न आतंकवादी गुटों की घुसपैठ की कोशिशें आमतौर पर बढ़ जाती हैं। हर साल भारी हिमपात से पहाड़ी रास्ते बंद होने से पहले अधिक से अधिक घुसपैठ की कोशिश की जाती है। बरार ने कहा, नियंत्रण रेखा की निगरानी कर रहे सैनिकों की सतर्कता और उनके हमेशा सजग रहने से हम इस साल घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने में सफल रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: कुपवाड़ा जिले में बीते आठ दिनों में सीमा पार से घुसपैठ की चार कोशिशें नाकाम होने के बाद नियंत्रण रेखा के पास तलाशी अभियान शुरू किया गया है। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं, अन्नाद्रमुक के ए नवनीत कृष्णन ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे सेलेक्ट कमेटी में भेजे जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनाने की संसद के पास विधायी सक्षमता नहीं है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के कुछ प्रावधानों को पूर्व प्रभाव से लागू किया गया है जो संविधान की दृष्टि से उचित नहीं है. द्रमुक के टीकेएस इलानगोवन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग करते हुए कहा कि इसकी जगह कोई वैकल्पिक विधेयक लाने का सुझाव दिया.
राकांपा के माजिद मेनन ने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में कोई निर्णय दे दिया है तो वह अपने आप में एक कानून बन गया है. ऐसे में अलग कानून लाने का क्या औचित्य है? वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि जब तीन तलाक को निरस्त मान लिया गया है तो फिर आप तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान कैसे कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि इस सजा के प्रावधान से दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना समाप्त हो जाएगी.
इससे पहले तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया गया था. बिल को लेकर बीजेपी ने अपने सांसदों को पहले ही व्हिप जारी कर दिया था. राज्यसभा में बिल को पास कराने के लिए मोदी सरकार की राह उस समय आसान होती दिखी जब जेडीयू और एआईएडीएमके के सदन से वॉकआउट कर दिया था. | संक्षिप्त पाठ: राज्यसभा में भी तीन तलाक़ बिल पास
बिल के समर्थन में 99, विरोध में 84 वोट
अब राष्ट्रपति को भेजा जाएगा तीन तलाक़ बिल | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने यह बात तब कही जब केंद्र सरकार की तरफ से ये दलील दी गई कि ये परंपरा सदियों से चली आ रही है इसलिए संसद इसे संरक्षण दे रहा है. यानी अगर कोई 15 से 18 साल की बीवी से संबंध बनाता है तो उसे दुष्कर्म नहीं माना जाएगा. केंद्र सरकार ने यह भी कहा- अगर कोर्ट को लगता है कि ये सही नहीं है तो संसद इस पर विचार करेगी.
सुनवाई में बाल विवाह में केवल 15 दिन से 2 साल की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए थे. सुप्रीम ने केंद्र से कहा था क्या ये कठोर सज़ा है? कोर्ट ने कहा-ये कुछ नहीं है. कठोर सज़ा का मतलब IPC कहता है, IPC में कठोर सज़ा मृत्युदंड है.
दरअसल- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बाल विवाह करने पर कठोर सजा का प्रावधान है. बाल विवाह मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून में बाल विवाह को अपराध माना गया है उसके बावजूद लोग बाल विवाह करते हैं. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कि ये मैरेज नहीं मिराज है. सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हमारे पास तीन विकल्प हैं, पहला इस अपवाद को हटा दें जिसका मतलब है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उसे रेप माना जाए. टिप्पणियां
कोर्ट ने कहा- दूसरा विकल्प ये है कि इस मामले में पॉस्को एक्ट लागू किया जाए यानी बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उस पर पॉस्को के तहत कार्रवाई हो. वहीं तीसरा विकल्प ये है कि इसमें कुछ न किया जाए और इसे अपवाद माना जाए, जिसका मतलब ये है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाए तो वो रेप नहीं माना जाएगा.
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. याचिका में कहा गया कि बाल विवाह बच्चों पर एक तरह का जुर्म है, क्योंकि कम उम्र में शादी करने से उनका यौन उत्पीड़न ज्यादा होता है, ऐसे में बच्चों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है. दरअसल, अदालत उस संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कहा गया कि 15 से 18 वर्ष के बीच शादी करने वाली महिलाओं को किसी तरह का संरक्षण नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि एक तरह लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, लेकिन इससे कम उम्र की लड़कियों की शादी हो रही है. याचिका में कहा गया है कि 15 से 18 वर्ष की लड़कियों की शादी अवैध नहीं होती है, लेकिन इसे अवैध घोषित किया जा सकता है. याचिका में यह भी दलील दी गई है कि इतनी कम में उम्र में लड़कियों की शादी से उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.
दरअसल- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बाल विवाह करने पर कठोर सजा का प्रावधान है. बाल विवाह मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून में बाल विवाह को अपराध माना गया है उसके बावजूद लोग बाल विवाह करते हैं. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कि ये मैरेज नहीं मिराज है. सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हमारे पास तीन विकल्प हैं, पहला इस अपवाद को हटा दें जिसका मतलब है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उसे रेप माना जाए. टिप्पणियां
कोर्ट ने कहा- दूसरा विकल्प ये है कि इस मामले में पॉस्को एक्ट लागू किया जाए यानी बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उस पर पॉस्को के तहत कार्रवाई हो. वहीं तीसरा विकल्प ये है कि इसमें कुछ न किया जाए और इसे अपवाद माना जाए, जिसका मतलब ये है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाए तो वो रेप नहीं माना जाएगा.
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. याचिका में कहा गया कि बाल विवाह बच्चों पर एक तरह का जुर्म है, क्योंकि कम उम्र में शादी करने से उनका यौन उत्पीड़न ज्यादा होता है, ऐसे में बच्चों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है. दरअसल, अदालत उस संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कहा गया कि 15 से 18 वर्ष के बीच शादी करने वाली महिलाओं को किसी तरह का संरक्षण नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि एक तरह लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, लेकिन इससे कम उम्र की लड़कियों की शादी हो रही है. याचिका में कहा गया है कि 15 से 18 वर्ष की लड़कियों की शादी अवैध नहीं होती है, लेकिन इसे अवैध घोषित किया जा सकता है. याचिका में यह भी दलील दी गई है कि इतनी कम में उम्र में लड़कियों की शादी से उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.
कोर्ट ने कहा- दूसरा विकल्प ये है कि इस मामले में पॉस्को एक्ट लागू किया जाए यानी बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाता है तो उस पर पॉस्को के तहत कार्रवाई हो. वहीं तीसरा विकल्प ये है कि इसमें कुछ न किया जाए और इसे अपवाद माना जाए, जिसका मतलब ये है कि बाल विवाह के मामले में 15 से 18 साल की लड़की के साथ अगर उसका पति संबंध बनाए तो वो रेप नहीं माना जाएगा.
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. याचिका में कहा गया कि बाल विवाह बच्चों पर एक तरह का जुर्म है, क्योंकि कम उम्र में शादी करने से उनका यौन उत्पीड़न ज्यादा होता है, ऐसे में बच्चों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है. दरअसल, अदालत उस संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कहा गया कि 15 से 18 वर्ष के बीच शादी करने वाली महिलाओं को किसी तरह का संरक्षण नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि एक तरह लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, लेकिन इससे कम उम्र की लड़कियों की शादी हो रही है. याचिका में कहा गया है कि 15 से 18 वर्ष की लड़कियों की शादी अवैध नहीं होती है, लेकिन इसे अवैध घोषित किया जा सकता है. याचिका में यह भी दलील दी गई है कि इतनी कम में उम्र में लड़कियों की शादी से उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. याचिका में कहा गया कि बाल विवाह बच्चों पर एक तरह का जुर्म है, क्योंकि कम उम्र में शादी करने से उनका यौन उत्पीड़न ज्यादा होता है, ऐसे में बच्चों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है. दरअसल, अदालत उस संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें कहा गया कि 15 से 18 वर्ष के बीच शादी करने वाली महिलाओं को किसी तरह का संरक्षण नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि एक तरह लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, लेकिन इससे कम उम्र की लड़कियों की शादी हो रही है. याचिका में कहा गया है कि 15 से 18 वर्ष की लड़कियों की शादी अवैध नहीं होती है, लेकिन इसे अवैध घोषित किया जा सकता है. याचिका में यह भी दलील दी गई है कि इतनी कम में उम्र में लड़कियों की शादी से उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. | यह एक सारांश है: 18 साल की उम्र में संबंध बनाना अपराध
नाबालिग पत्नी शिकायत करे तो रेप केस
एक साल के भीतर शिकायत करने पर मामला दर्ज | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चेतेश्वर पुजारा भले ही एक पायदान नीचे सातवें स्थान पर खिसक गए हैं, लेकिन वह आईसीसी की बल्लेबाजों की ताजा विश्व रैंकिंग में शीर्ष दस में शामिल एकमात्र भारतीय बल्लेबाज बने हुए हैं।
गेंदबाजों की सूची में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना आठवां स्थान बरकरार रखा है। पुजारा के 777 अंक हैं और वह बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष दस में बने हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला (903 अंक) इस सूची में शीर्ष पर काबिज हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपाल और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स का नंबर आता है।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में पुजारा के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नंबर आता है, लेकिन वह शीर्ष 20 से बाहर होकर एक पायदान नीचे 21वें स्थान पर खिसक गए हैं। विराट कोहली (23) भी एक पायदान नीचे खिसके हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर (24) को एक स्थान का फायदा हुआ है।
इस बीच जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान की जीत के नायक रहे सईद अजमल और यूनिस खान की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अजमल ने मैच में 118 रन देकर 11 विकेट लिए जिससे वह गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। यूनिस को दूसरी पारी में नाबाद 200 रन बनाने का फायदा मिला और वह बल्लेबाजों की सूची में दो पायदान ऊपर छठे स्थान पर पहुंच गए।
अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में आठवां स्थान बरकरार रखा है, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा शीर्ष दस से बाहर हो गए हैं। ओझा अब 12वें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन चोटी पर काबिज हैं। उनके बाद वर्नोन फिलैंडर का नंबर आता है। इस बीच ऑलराउंडरों की सूची में अश्विन ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।
गेंदबाजों की सूची में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना आठवां स्थान बरकरार रखा है। पुजारा के 777 अंक हैं और वह बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष दस में बने हुए हैं। दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला (903 अंक) इस सूची में शीर्ष पर काबिज हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपाल और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स का नंबर आता है।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में पुजारा के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नंबर आता है, लेकिन वह शीर्ष 20 से बाहर होकर एक पायदान नीचे 21वें स्थान पर खिसक गए हैं। विराट कोहली (23) भी एक पायदान नीचे खिसके हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर (24) को एक स्थान का फायदा हुआ है।
इस बीच जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान की जीत के नायक रहे सईद अजमल और यूनिस खान की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अजमल ने मैच में 118 रन देकर 11 विकेट लिए जिससे वह गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। यूनिस को दूसरी पारी में नाबाद 200 रन बनाने का फायदा मिला और वह बल्लेबाजों की सूची में दो पायदान ऊपर छठे स्थान पर पहुंच गए।
अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में आठवां स्थान बरकरार रखा है, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा शीर्ष दस से बाहर हो गए हैं। ओझा अब 12वें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन चोटी पर काबिज हैं। उनके बाद वर्नोन फिलैंडर का नंबर आता है। इस बीच ऑलराउंडरों की सूची में अश्विन ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।
भारतीय बल्लेबाजों में पुजारा के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नंबर आता है, लेकिन वह शीर्ष 20 से बाहर होकर एक पायदान नीचे 21वें स्थान पर खिसक गए हैं। विराट कोहली (23) भी एक पायदान नीचे खिसके हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर (24) को एक स्थान का फायदा हुआ है।
इस बीच जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान की जीत के नायक रहे सईद अजमल और यूनिस खान की रैंकिंग में सुधार हुआ है। अजमल ने मैच में 118 रन देकर 11 विकेट लिए जिससे वह गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए। यूनिस को दूसरी पारी में नाबाद 200 रन बनाने का फायदा मिला और वह बल्लेबाजों की सूची में दो पायदान ऊपर छठे स्थान पर पहुंच गए।
अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में आठवां स्थान बरकरार रखा है, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा शीर्ष दस से बाहर हो गए हैं। ओझा अब 12वें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन चोटी पर काबिज हैं। उनके बाद वर्नोन फिलैंडर का नंबर आता है। इस बीच ऑलराउंडरों की सूची में अश्विन ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है।
अश्विन ने गेंदबाजों की सूची में आठवां स्थान बरकरार रखा है, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा शीर्ष दस से बाहर हो गए हैं। ओझा अब 12वें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन चोटी पर काबिज हैं। उनके बाद वर्नोन फिलैंडर का नंबर आता है। इस बीच ऑलराउंडरों की सूची में अश्विन ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है। | संक्षिप्त सारांश: चेतेश्वर पुजारा भले ही एक पायदान नीचे सातवें स्थान पर खिसक गए हैं, लेकिन वह आईसीसी की बल्लेबाजों की ताजा विश्व रैंकिंग में शीर्ष दस में शामिल एकमात्र भारतीय बल्लेबाज बने हुए हैं। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाल ही के दिनों में ब्रिटिश सरकार द्वारा किए गए कुछ फैसलों और दिए गए बयानों से भले ही भारतीय राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते दोबारा जुड़ते दिखाई देने लगे हों, लेकिन ब्रिटेन के मीडिया की नज़र में यह कतई सही नहीं है, और वह मोदी को माफ करने के मूड में कतई नहीं दिखता, भले ही वह भारत के प्रधानमंत्री क्यों न बन जाएं।
ब्रिटेन के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक 'द फाइनेंशियल टाइम्स' ने नरेंद्र मोदी के प्रति नरमी बरतने को लेकर ब्रिटेन और अन्य देशों को नसीहत देते हुए कहा है कि मोदी वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों का दाग कभी नहीं धो सकते, भले ही वह भारत के प्रधानमंत्री बनने में भी कामयाब क्यों न हो जाएं।
'Gujarat's Shame, Rehabilitation does not absolve Modi's government' (गुजरात की शर्मिन्दगी, मोदी सरकार को पुनर्वास दोषमुक्त नहीं करवा सकता) शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय आलेख में समाचारपत्र ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए साफ लिखा है कि ब्रिटेन ऐसे समय में नरेंद्र मोदी से संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है, जब उनके (नरेंद्र मोदी के) राज्य में दिसम्बर में चुनाव होने वाले हैं, और इसका (मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का) लाभ उन्हें मिल सकता है।
'द फाइनेंशियल टाइम्स' के मुताबिक मोदी के साथ काम करने का निर्णय लेने के लिए ब्रिटेन द्वारा यह समय चुने जाने पर ही एक बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है। अख़बार ने लिखा, "उनकी (नरेंद्र मोदी की) नई अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता से उनका बहुमत बढ़ सकता है, और इसके बाद भारत में वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनावों में भी उनकी संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहां उन्हें संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।"
समाचारपत्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री से दोस्ती बढ़ाने की फिराक में लगे ब्रिटेन और दूसरे देशों को सलाह देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश वर्ष 2002 के दौरान दिखे नरेंद्र मोदी के उग्र राष्ट्रवाद और उनके द्वारा दंगों के बाद किए गए पुनर्वास के कामों को एक ही तराजू में न तोलें। समाचारपत्र ने कहा है कि मोदी से रिश्ते जोड़ रहे इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि नरसंहार के दौरान 'आग में घी' का काम करने वाले राष्ट्रवाद जैसी चीजों के लिए मोदी द्वारा बाद में किए गए पुनर्वास कार्य लाइसेंस नहीं हो सकते।टिप्पणियां
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
ब्रिटेन के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक 'द फाइनेंशियल टाइम्स' ने नरेंद्र मोदी के प्रति नरमी बरतने को लेकर ब्रिटेन और अन्य देशों को नसीहत देते हुए कहा है कि मोदी वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों का दाग कभी नहीं धो सकते, भले ही वह भारत के प्रधानमंत्री बनने में भी कामयाब क्यों न हो जाएं।
'Gujarat's Shame, Rehabilitation does not absolve Modi's government' (गुजरात की शर्मिन्दगी, मोदी सरकार को पुनर्वास दोषमुक्त नहीं करवा सकता) शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय आलेख में समाचारपत्र ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए साफ लिखा है कि ब्रिटेन ऐसे समय में नरेंद्र मोदी से संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है, जब उनके (नरेंद्र मोदी के) राज्य में दिसम्बर में चुनाव होने वाले हैं, और इसका (मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का) लाभ उन्हें मिल सकता है।
'द फाइनेंशियल टाइम्स' के मुताबिक मोदी के साथ काम करने का निर्णय लेने के लिए ब्रिटेन द्वारा यह समय चुने जाने पर ही एक बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है। अख़बार ने लिखा, "उनकी (नरेंद्र मोदी की) नई अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता से उनका बहुमत बढ़ सकता है, और इसके बाद भारत में वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनावों में भी उनकी संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहां उन्हें संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।"
समाचारपत्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री से दोस्ती बढ़ाने की फिराक में लगे ब्रिटेन और दूसरे देशों को सलाह देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश वर्ष 2002 के दौरान दिखे नरेंद्र मोदी के उग्र राष्ट्रवाद और उनके द्वारा दंगों के बाद किए गए पुनर्वास के कामों को एक ही तराजू में न तोलें। समाचारपत्र ने कहा है कि मोदी से रिश्ते जोड़ रहे इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि नरसंहार के दौरान 'आग में घी' का काम करने वाले राष्ट्रवाद जैसी चीजों के लिए मोदी द्वारा बाद में किए गए पुनर्वास कार्य लाइसेंस नहीं हो सकते।टिप्पणियां
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
'Gujarat's Shame, Rehabilitation does not absolve Modi's government' (गुजरात की शर्मिन्दगी, मोदी सरकार को पुनर्वास दोषमुक्त नहीं करवा सकता) शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय आलेख में समाचारपत्र ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए साफ लिखा है कि ब्रिटेन ऐसे समय में नरेंद्र मोदी से संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहा है, जब उनके (नरेंद्र मोदी के) राज्य में दिसम्बर में चुनाव होने वाले हैं, और इसका (मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का) लाभ उन्हें मिल सकता है।
'द फाइनेंशियल टाइम्स' के मुताबिक मोदी के साथ काम करने का निर्णय लेने के लिए ब्रिटेन द्वारा यह समय चुने जाने पर ही एक बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है। अख़बार ने लिखा, "उनकी (नरेंद्र मोदी की) नई अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता से उनका बहुमत बढ़ सकता है, और इसके बाद भारत में वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनावों में भी उनकी संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहां उन्हें संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।"
समाचारपत्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री से दोस्ती बढ़ाने की फिराक में लगे ब्रिटेन और दूसरे देशों को सलाह देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश वर्ष 2002 के दौरान दिखे नरेंद्र मोदी के उग्र राष्ट्रवाद और उनके द्वारा दंगों के बाद किए गए पुनर्वास के कामों को एक ही तराजू में न तोलें। समाचारपत्र ने कहा है कि मोदी से रिश्ते जोड़ रहे इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि नरसंहार के दौरान 'आग में घी' का काम करने वाले राष्ट्रवाद जैसी चीजों के लिए मोदी द्वारा बाद में किए गए पुनर्वास कार्य लाइसेंस नहीं हो सकते।टिप्पणियां
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
'द फाइनेंशियल टाइम्स' के मुताबिक मोदी के साथ काम करने का निर्णय लेने के लिए ब्रिटेन द्वारा यह समय चुने जाने पर ही एक बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है। अख़बार ने लिखा, "उनकी (नरेंद्र मोदी की) नई अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता से उनका बहुमत बढ़ सकता है, और इसके बाद भारत में वर्ष 2014 में होने वाले आम चुनावों में भी उनकी संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहां उन्हें संभावित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।"
समाचारपत्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री से दोस्ती बढ़ाने की फिराक में लगे ब्रिटेन और दूसरे देशों को सलाह देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश वर्ष 2002 के दौरान दिखे नरेंद्र मोदी के उग्र राष्ट्रवाद और उनके द्वारा दंगों के बाद किए गए पुनर्वास के कामों को एक ही तराजू में न तोलें। समाचारपत्र ने कहा है कि मोदी से रिश्ते जोड़ रहे इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि नरसंहार के दौरान 'आग में घी' का काम करने वाले राष्ट्रवाद जैसी चीजों के लिए मोदी द्वारा बाद में किए गए पुनर्वास कार्य लाइसेंस नहीं हो सकते।टिप्पणियां
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
समाचारपत्र ने गुजरात के मुख्यमंत्री से दोस्ती बढ़ाने की फिराक में लगे ब्रिटेन और दूसरे देशों को सलाह देते हुए कहा है कि यूरोपीय देश वर्ष 2002 के दौरान दिखे नरेंद्र मोदी के उग्र राष्ट्रवाद और उनके द्वारा दंगों के बाद किए गए पुनर्वास के कामों को एक ही तराजू में न तोलें। समाचारपत्र ने कहा है कि मोदी से रिश्ते जोड़ रहे इन देशों को स्पष्ट करना चाहिए कि नरसंहार के दौरान 'आग में घी' का काम करने वाले राष्ट्रवाद जैसी चीजों के लिए मोदी द्वारा बाद में किए गए पुनर्वास कार्य लाइसेंस नहीं हो सकते।टिप्पणियां
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
हालांकि अख़बार ने मोदी को 'गुजरात का कलंक' बताने के बावजूद गुजरात विधानसभा के दिसम्बर में होने जा रहे चुनावों में मोदी की जीत की प्रबल संभावनाएं जताईं, और साफ कहा, "हम (द फाइनेंशियल टाइम्स) भी मानते हैं कि चाहे जो हो जाए, मोदी ही फिर गुजरात में सरकार बनाएंगे, और हो सकता है कि वह भारत के अगले प्रधानमंत्री भी हो जाएं, लेकिन इससे उनके ऊपर लगा दाग धुलने वाला नहीं है।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।"
अखबार ने यह भी लिखा है, "मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री, भारत के सबसे सक्रिय और उद्योग-समर्थक नेताओं में से एक हैं, लेकिन पिछले 10 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनसे किनारा किया जा रहा है, क्योंकि वह एक क्षेत्रीय सरकार के हिन्दू राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन पर दंगों में लिप्त होने का आरोप है, और इन दंगों में अनुमानत: 2,000 मुसलमान मारे गए थे।" | ब्रिटिश सरकार के हालिया फैसलों और बयानों से भले ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते दोबारा जुड़ते दिखाई देने लगे हों, लेकिन ब्रिटेन के मीडिया की नज़र में यह कतई सही नहीं है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका में पहली बार राष्ट्रपति बनने पर बराक ओबामा ने अपनी दोनों बेटियों साशा और मालिया को कुत्ता दिलाने का वादा किया था, लेकिन इस बार उन्होंने जीत दर्ज करने के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि अब बस एक ही कुत्ता काफी है।टिप्पणियां
ओबामा ने हंसते हुए अपनी बेटियों से कहा, मुझे आप लोगों पर बहुत गर्व है, परंतु आपसे कहूंगा कि फिलहाल एक कुत्ता काफी है। पिछले चुनाव जीतने के बाद ओबामा ने अपने वादे के मुताबिक दोनों बेटियों को कुत्ता दिलाया था, जिसका नाम 'बो' है। अब इसे अमेरिका का 'प्रथम कुत्ता' कहा जाता है।
ओबामा ने अपनी पत्नी से कहा, मुझे सार्वजनिक रूप से कहने दीजिए। मिशेल, मैंने आपसे पहले इतना कभी प्यार नहीं किया। मुझे आपके प्रति अमेरिकियों के स्नेह को देखकर जितना गर्व हुआ, उतना कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, साशा और मालिया...हमारी आंखों के सामने, आप दोनों बिल्कुल अपनी मां की तरह सुंदर और सशक्त युवतियां बनोगी।
ओबामा ने हंसते हुए अपनी बेटियों से कहा, मुझे आप लोगों पर बहुत गर्व है, परंतु आपसे कहूंगा कि फिलहाल एक कुत्ता काफी है। पिछले चुनाव जीतने के बाद ओबामा ने अपने वादे के मुताबिक दोनों बेटियों को कुत्ता दिलाया था, जिसका नाम 'बो' है। अब इसे अमेरिका का 'प्रथम कुत्ता' कहा जाता है।
ओबामा ने अपनी पत्नी से कहा, मुझे सार्वजनिक रूप से कहने दीजिए। मिशेल, मैंने आपसे पहले इतना कभी प्यार नहीं किया। मुझे आपके प्रति अमेरिकियों के स्नेह को देखकर जितना गर्व हुआ, उतना कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, साशा और मालिया...हमारी आंखों के सामने, आप दोनों बिल्कुल अपनी मां की तरह सुंदर और सशक्त युवतियां बनोगी।
ओबामा ने अपनी पत्नी से कहा, मुझे सार्वजनिक रूप से कहने दीजिए। मिशेल, मैंने आपसे पहले इतना कभी प्यार नहीं किया। मुझे आपके प्रति अमेरिकियों के स्नेह को देखकर जितना गर्व हुआ, उतना कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, साशा और मालिया...हमारी आंखों के सामने, आप दोनों बिल्कुल अपनी मां की तरह सुंदर और सशक्त युवतियां बनोगी। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका में पहली बार राष्ट्रपति बनने पर बराक ओबामा ने अपनी दोनों बेटियों साशा और मालिया को कुत्ता दिलाने का वादा किया था, लेकिन इस बार उन्होंने जीत दर्ज करने के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि अब बस एक ही कुत्ता काफी है। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोपोर में एक युवक की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में कुछ दिन में जांच पूरी होने का आश्वासन दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार जल्दबाजी में कोई कार्रवाई नहीं करेगी। उमर ने एक समारोह के इतर संवाददाताओं से कहा, मैं मामले से जुड़े दस्तावेज चाहता हूं। मैं इसे कुछ दिनों के भीतर पूरा करना चाहता हूं, सप्ताहों में या महीनों में नहीं। बारामूला के सोपोर में कल 28 वर्षीय नाजिम राशिद की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। उसे एक दिन पहले, पिछले सप्ताह हुई एक आतंकवादी की मौत के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उमर ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। इस मामले में अब तक एक अधिकारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हत्या का मामला भी दर्ज कर दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी हुई है, उन्होंने कहा, हमें थोड़ा समय दीजिए, ताकि जल्दबाजी में ऐसा कुछ भी न हो, जिससे यह मामला प्रभावित हो। कुलगाम में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में जांच में प्रगति के बारे में उन्होंने कहा कि जांच काफी आगे पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, हमें कुछ अहम जानकारी मिली है, जिसे हम एक या दो दिन में आपके साथ साझा करेंगे। | यहाँ एक सारांश है:उमर अब्दुल्ला ने सोपोर में एक युवक की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले में कुछ दिन में जांच पूरी होने का आश्वासन दिया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूत्रों से एनडीटीवी को मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट से राष्ट्रपति के पास भेजे गए अध्यादेश पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने फिलहाल दस्तखत न करने का मन बनाया है।
सूत्र बता रहे हैं कि राष्ट्रपति ने सरकार से अध्यादेश की ज़रूरत के बारे में प्रश्न किए हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के बारे में भी जानकारी तलब की है।
शाम को राष्ट्रपति ने केंद्रीय कानूनमंत्री कपिल सिब्बल, कमनाथ और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को बिल की जरूरत पर राय जानने के लिए बुलाया था। देर शाम तीनों नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद, सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ने फिलहाल अध्यादेश पर अपनी मुहर न लगाने का फैसला किया है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बिल पर दस्तखत के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आने का इंतजार करेंगे।टिप्पणियां
दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित कर राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश से सरकार सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता राष्ट्रपति से मिले थे और मांग की थी कि वह इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करें।
सूत्र बता रहे हैं कि राष्ट्रपति ने सरकार से अध्यादेश की ज़रूरत के बारे में प्रश्न किए हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के बारे में भी जानकारी तलब की है।
शाम को राष्ट्रपति ने केंद्रीय कानूनमंत्री कपिल सिब्बल, कमनाथ और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को बिल की जरूरत पर राय जानने के लिए बुलाया था। देर शाम तीनों नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद, सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ने फिलहाल अध्यादेश पर अपनी मुहर न लगाने का फैसला किया है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बिल पर दस्तखत के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आने का इंतजार करेंगे।टिप्पणियां
दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित कर राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश से सरकार सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता राष्ट्रपति से मिले थे और मांग की थी कि वह इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करें।
शाम को राष्ट्रपति ने केंद्रीय कानूनमंत्री कपिल सिब्बल, कमनाथ और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को बिल की जरूरत पर राय जानने के लिए बुलाया था। देर शाम तीनों नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद, सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ने फिलहाल अध्यादेश पर अपनी मुहर न लगाने का फैसला किया है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बिल पर दस्तखत के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आने का इंतजार करेंगे।टिप्पणियां
दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित कर राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश से सरकार सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता राष्ट्रपति से मिले थे और मांग की थी कि वह इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करें।
दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित कर राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश से सरकार सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता राष्ट्रपति से मिले थे और मांग की थी कि वह इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करें।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता राष्ट्रपति से मिले थे और मांग की थी कि वह इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर न करें। | यहाँ एक सारांश है:दागी नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित कर राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश से सरकार सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पलटने की कोशिश कर रही है। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त लोकपाल विधेयक के लिए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा चलाई गई मुहिम शनिवार को सफल होते ही पूरा देश खुशियों से झूम उठा। जनता की आवाज बने अन्ना हजारे के समक्ष सरकार के झुकने पर लोगों ने पटाखे छोड़े और मिठाइयां बांट कर एक दूसरे को मुबारकबाद दी। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक और ट्विटर पर बधाई देने में युवा भी पीछे नहीं रहे। इस कामयाबी को सबकी जीत बताते हुए उन्होंने अपनी राष्ट्रीय भावनाओं को प्रकट करने के साथ ही गांधीवादी अन्ना हजारे की जमकर सराहना की। विदेशों में भी अन्ना हजारे के इस अभियान की प्रशंसा की गई। महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा, लखनऊ, शिमला और बेंगलुरू सहित देश के कई शहरों में लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे आम आदमी की जीत बताते हुए अपनी खुशी प्रकट की। इस बीच, लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी संयुक्त समिति के सह अध्यक्ष और पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोकपाल विधेयक संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित होगा। फेसबुक पर कार्तिकेय पुट्टूरैया ने कहा, "अन्ना हजारे दूसरे मोहनदास करमचंद गांधी हैं। हम अन्ना हजारे का समर्थन करते हैं।" दिल्ली के साहिल बंसल ने कहा, "वास्तविक आजादी के लिए लड़ाई शुरू हो चुकी है..।" जबकि कारोबारी राकेश गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय लोगों और लोकतंत्र को जीत दिलाने पर अन्ना हजारे को बधाई दी। ज्ञात हो कि इस बीच ट्विटर पर सरकारविरोधी प्रदर्शन का प्रतीक बन चुके जंतर-मंतर की सर्वाधिक चर्चा हुई। ट्विटर पर ही लखनऊ के पुनीत पवई ने कहा, "भारत के लोगों को बधाई। लड़ाई जीत ली गई है लेकिन अभी और संघर्ष करना है।" इसके अलवा ट्विटर पर लोगों से अन्ना हजारे के समर्थन में ऑन लाइन हस्ताक्षर अभियान चलाने की बात कही गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त लोकपाल विधेयक का स्वरूप तय करने के लिए एक संयुक्त समिति की मांग सरकार द्वारा मान लेने और विधेयक को संसद के मानसूत्र में पेश करने के आश्वासन के बाद देश भर में उत्साह का माहौल है। गांधीवादी अन्ना हजारे के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय के झूलेलाल पार्क में गत पांच अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश सक्सेना, इंदू सिंह और मुन्ना लाल ने शनिवार को अपना अनशन तोड़ दिया। उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार (आरटीआई) परिषद के संयोजक सक्सेना ने पत्रकारों से कहा, "यह समय उत्सव मनाने का है..हमने सरकार को जनता की ताकत का अहसास करा दिया है।" अन्ना हजारे द्वारा चार दिनों से जारी अपना अनशन तोड़ने पर पूरे गुजरात में जश्न का माहौल बन गया। लोगों ने पटाखे छोड़े और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। गुजरात में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' का संयोजन करने वाले विनोद पांड्या ने कहा कि आम आदमी की इस जीत पर पूरा राज्य खुशियां मना रहा है। उन्होंने बताया कि इस जीत की खुशी में शनिवार शाम को सूरत, बड़ोदरा, जामनगर और जूनागढ़ में जुलूस निकाले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शनिवार को लोगों में मिठाइयां बांट अपनी खुशी प्रकट की। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) आशादीप के अध्यक्ष सुशील तंवर ने कहा कि यह आम आदमी की जीत है। भुवनेश्वर में अन्ना हजार के समर्थन में आमरण आनशन पर बैठे दो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपना अनशन समाप्त किया। अनशन तोड़ने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता भबानी परीजा ने कहा, "यह लोगों की जीत है। उड़ीसा जन सम्मिलनी (ओजीएस) के अध्यक्ष रवि दास ने कहा, "हम संतुष्ट हैं। सरकार को मांगें माननी पड़ीं।" अन्ना हजारे के समर्थन में बेंगलुरू के फ्रीडम पार्क में आमरण अनशन पर बैठे चार लोगों ने जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा जबकि सैकड़ों लोगों ने इस सफलता को लोगों की जीत बता इसका स्वागत किया। महाराष्ट्र में मुम्बई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे 50 से ज्यादा लोगों के समूह ने भी अन्ना हजारे के साथ ही शनिवार सुबह अपना व्रत समाप्त किया। राज्य के विभिन्न इलाकों में इस आंदोलन की सफलता की खुशियां मनाई जा रही हैं। लोग एक-दूसरे के गले लगकर बधाईयां दे रहे हैं। अहमदनगर जिले के रालेगान-सिद्धी गांव के निवासी भी अन्ना हजारे की जीत का जश्न मना रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार पर ईमानदारी की जीत है। शुक्रवार से भूख हड़ताल कर रहीं विदर्भ के किसानों की विधवाओं ने भी आंदोलन की सफलता का स्वागत किया है। अन्ना हजारे के इस अभियान को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने भी अपना समर्थन दिया। फिक्की के मुताबिक, "भ्रष्टाचार भारत की छवि खराब कर रहा है। एक सशक्त लोकपाल देश में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में कारगर साबित होगा।" भ्रष्टाचार के खिलाफ गांधीवादी अन्ना हजारे की सख्त लोकपाल विधेयक की मांग भारत सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने पर सूचना प्रौद्योगिकी के नामी हस्ती कंवल रेखी ने शुक्रवार को इसका स्वागत किया। भारत-अमेरिका उद्यमियों (टीआईई) के संस्थापक रेखी ने कहा, "सरकार के पास अन्ना हजारे की मांग के समक्ष झुकने के सिवाय दूसरा विकल्प नहीं था। यह स्वागतयोग्य कदम है और मैं उम्मीद करता हूं कि यह भारतीय तंत्र में फैले भ्रष्टाचार को समाप्त करने की शुरुआत है।" | जनता की आवाज बने अन्ना हजारे के समक्ष सरकार के झुकने पर लोगों ने पटाखे छोड़े और मिठाइयां बांट कर एक दूसरे को मुबारकबाद दी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिह ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार अपने पास रख कर निवेशकों को यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि वह अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कमर कस चुके हैं।
अंदरखाने की जानकारी रखने वालों का कहना है कि कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों और नई नीतियां बनाने में सरकार के 'लकवाग्रस्त' होने के आरोपों के बाद प्रधानमंत्री ने चीजों को दुरुस्त करने की ठान ली है।
वर्ष 1991 की पीवी नरसिम्हराव सरकार में बतौर वित्त मंत्री भारत में उदारीकरण के दरवाजे खोलने वाले मननोहन सिह के वित्त मंत्रालय की बागडोर संभाले जाने के बाद बाजार उनकी ओर उम्मीदों के साथ टकटकी लगाए देख रहा है।
जानकार अधिकारियों का कहना है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब विकास दर को बढ़ाने के रास्ते पर चलने का निर्णय कर लिया है और इसके लिए सरकार को अब मुलायम सिह यादव जैसा साथी मिल गया है।
सरकार की समझ में आ गया है कि खुदरा क्षेत्र में विनिवेश की सरकार की योजना को पलीता लगाने वाली ममता बनर्जी के रहते अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
अंदरखाने की जानकारी रखने वालों का कहना है कि कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों और नई नीतियां बनाने में सरकार के 'लकवाग्रस्त' होने के आरोपों के बाद प्रधानमंत्री ने चीजों को दुरुस्त करने की ठान ली है।
वर्ष 1991 की पीवी नरसिम्हराव सरकार में बतौर वित्त मंत्री भारत में उदारीकरण के दरवाजे खोलने वाले मननोहन सिह के वित्त मंत्रालय की बागडोर संभाले जाने के बाद बाजार उनकी ओर उम्मीदों के साथ टकटकी लगाए देख रहा है।
जानकार अधिकारियों का कहना है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब विकास दर को बढ़ाने के रास्ते पर चलने का निर्णय कर लिया है और इसके लिए सरकार को अब मुलायम सिह यादव जैसा साथी मिल गया है।
सरकार की समझ में आ गया है कि खुदरा क्षेत्र में विनिवेश की सरकार की योजना को पलीता लगाने वाली ममता बनर्जी के रहते अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
वर्ष 1991 की पीवी नरसिम्हराव सरकार में बतौर वित्त मंत्री भारत में उदारीकरण के दरवाजे खोलने वाले मननोहन सिह के वित्त मंत्रालय की बागडोर संभाले जाने के बाद बाजार उनकी ओर उम्मीदों के साथ टकटकी लगाए देख रहा है।
जानकार अधिकारियों का कहना है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब विकास दर को बढ़ाने के रास्ते पर चलने का निर्णय कर लिया है और इसके लिए सरकार को अब मुलायम सिह यादव जैसा साथी मिल गया है।
सरकार की समझ में आ गया है कि खुदरा क्षेत्र में विनिवेश की सरकार की योजना को पलीता लगाने वाली ममता बनर्जी के रहते अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
जानकार अधिकारियों का कहना है अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने अब विकास दर को बढ़ाने के रास्ते पर चलने का निर्णय कर लिया है और इसके लिए सरकार को अब मुलायम सिह यादव जैसा साथी मिल गया है।
सरकार की समझ में आ गया है कि खुदरा क्षेत्र में विनिवेश की सरकार की योजना को पलीता लगाने वाली ममता बनर्जी के रहते अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
सरकार की समझ में आ गया है कि खुदरा क्षेत्र में विनिवेश की सरकार की योजना को पलीता लगाने वाली ममता बनर्जी के रहते अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नीतियां बनाने में सरकार में 'लकवाग्रस्तता' वाली छवि को बदलने का मन बना चुके हैं। वह दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत सुधार के कदमों को उठाने के लिए तैयार है।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
दूसरे अधिकारी का कहना है कि अब आने वाले कुछ समय तक सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था को दुरस्त करने पर ही रहेगा।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
एक अधिकारी के अनुसार गिरती विकास दर आने वाले चुनाव में कांग्रेस की नैया डुबा सकती है और सोनिया गांधी और मनमोहन सिह ने इसे देखते हुए यह फैसला किया है कि अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने का काम किया जाएगा।टिप्पणियां
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
वह कहते हैं कि समाजवादी पार्टी से संकेत मिल चुका है वह आर्थिक निर्णयों में सरकार का समर्थन करेगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी।
एक अन्य अधिकारी का कहना है कि बस कुछ और हफ्तों में ही सारी चीजें साफ हो जाएंगी। | संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिह ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार अपने पास रख कर निवेशकों को यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि वह अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कमर कस चुके हैं। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान से तेल आयात करने की वजह से लगने वाले प्रतिबंधों की आशंका समाप्त होने के बाद भारत और अमेरिका ने अवरुद्ध असैन्य परमाणु समझौते की दिशा में प्रगति के साथ-साथ तीसरे द्विपक्षीय महत्वपूर्ण संवाद में उल्लेखनीय प्रगति की है।
अमेरिकी कम्पनी वेस्टिंगहाउस और भारत की न्यूक्लियर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत गुजरात में बनने वाले परमाणु संयंत्रों के निर्माण के लिए आरिम्भिक स्थल विकास किया जाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की अध्यक्षता में हुई वार्ता में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के क्रियान्वयन की दिशा की एक बड़ी बाधा हटने का स्वागत किया।
कृष्णा ने कहा कि इस समझौते से परमाणु करार को लेकर जारी अटकलों और दुविधाओं पर कुछ हद तक विराम लग सकेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु व्यापार में विस्तार किए जाने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि कुछ और भारतीय और अमेरिकी कम्पनियां भारत में निवेश के लिए आगे आएंगी।
हिलेरी ने इस समझौते को असैन्य परमाणु सहयोग समझौते की दिशा में एक अहम कदम करार दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जनरल इलेक्ट्रिक-हिताची जैसी अन्य अमेरिकी कम्पनियां भी इसका अनुसरण करेंगी। हालांकि उन्होंने कहा कि परमाणु दायित्व कानून के प्रभावों को समझने की दिशा में अभी काम किया जाना बाकी है।
इस संवाद की एक अन्य कामयाबी अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय वार्ता करने पर समझौता रही। इसे अफगानिस्तान में भारत की रचनात्मक भूमिका स्वीकृति माना गया।
भारत को ईरान तेल प्रतिबंधों की सूची से बाहर रखे जाने का हवाला देते हुए क्लिंटन ने ईरान पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना भी की। लेकिन कृष्णा ने बाद में कहा कि ईरान का मसला इत्तेफाक के तौर पर आया था और अमेरिका ईरान से तेल आयात के बारे में भारत की स्थिति को बखूबी समझता है।
इस दौरान सात प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई। जिनमें महत्वपूर्ण सहयोग, आतंकवाद से मुकाबला, घरेलू सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, शिक्षा एवं विकास, आर्थिक मामले, व्यापार एवं कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं नवरचना, वैश्विक भागीदारी और दोनों देशों की जनता के बीच सम्पर्क शामिल है। | यहाँ एक सारांश है:ईरान से तेल आयात करने की वजह से लगने वाले प्रतिबंधों की आशंका समाप्त होने के बाद भारत और अमेरिका ने अवरुद्ध असैन्य परमाणु समझौते की दिशा में प्रगति के साथ-साथ तीसरे द्विपक्षीय महत्वपूर्ण संवाद में उल्लेखनीय प्रगति की है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल 10 ख़त्म होने के साथ ही राइजिंग पुणे सुपरजाएंट और गुजरात लायन्स का सफ़र भी ख़त्म हो जाएगा. आईपीएल गवर्निंग कॉउंसिल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात पर मुहर लगा दी. शुक्ला ने कहा, 'ये तो पहले से तय था कि पुणे और गुजरात की टीम दो साल के लिए आईपीएल खेलेगी और उसके बाद 8 टीमों के साथ ही आईपीएल होगा. पुणे और गुजरात के क़रार को आगे बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं हुई है और इसे नहीं बढ़ाया जाएगा.' पुणे की टीम को आरपीजी ग्रुप के मालिक संजीव गोयनका ने ख़रीदा था और गुजरात का मालिकाना हक इंटेक्स मोबाइल कंपनी के मालिक केशव बंसल के पास है.टिप्पणियां
इसका मतलब साफ़ है कि आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग की वजह से 2 साल का बैन पूरा करने के बाद राजस्थान रॉयल्स और एन श्रीनिवासन की चेन्नई सुपरकिंग्स टीम की वापसी अगले साल यानी सीज़न 11 में हो जाएगी. दिल्ली में हुई बीसीसीआई की स्पेशल जनरल बॉडी की बैठक में एन श्रीनिवासन के शामिल होने से भी इस बात के संकेत मिलते हैं कि श्रीनिवासन को लेकर बोर्ड के बाक़ी सदस्यों में हुई मनमुटाव अब ख़त्म हो चुका है और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत हो गई है. श्रीनिवासन बैठक में स्काइप के ज़रिए शामिल हुए. राजीव शुक्ला ने पूर्व बोर्ड अध्यक्ष के शामिल होने की बात स्वीकार की.
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले द्वारा हटाए जाने वाले सचिव अजय शिर्के और अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ श्रीनिवासन के मिलने की ख़बर सुर्ख़ियां बनी थी. इतना ही नहीं श्रीनिवासन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ दिल्ली और चेन्नई में भी मिले लेकिन उन्होंने हर बार इसे दोस्ताना मेलजोल कहा था. आईसीसी-बीसीसीई में पैसे के बंटवारे को लेकर चल रही तना-तनी की वजह से लगता है बोर्ड के सदस्यों ने एक होकर लड़ने का मन बना लिया है.
इसका मतलब साफ़ है कि आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग की वजह से 2 साल का बैन पूरा करने के बाद राजस्थान रॉयल्स और एन श्रीनिवासन की चेन्नई सुपरकिंग्स टीम की वापसी अगले साल यानी सीज़न 11 में हो जाएगी. दिल्ली में हुई बीसीसीआई की स्पेशल जनरल बॉडी की बैठक में एन श्रीनिवासन के शामिल होने से भी इस बात के संकेत मिलते हैं कि श्रीनिवासन को लेकर बोर्ड के बाक़ी सदस्यों में हुई मनमुटाव अब ख़त्म हो चुका है और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत हो गई है. श्रीनिवासन बैठक में स्काइप के ज़रिए शामिल हुए. राजीव शुक्ला ने पूर्व बोर्ड अध्यक्ष के शामिल होने की बात स्वीकार की.
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले द्वारा हटाए जाने वाले सचिव अजय शिर्के और अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ श्रीनिवासन के मिलने की ख़बर सुर्ख़ियां बनी थी. इतना ही नहीं श्रीनिवासन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ दिल्ली और चेन्नई में भी मिले लेकिन उन्होंने हर बार इसे दोस्ताना मेलजोल कहा था. आईसीसी-बीसीसीई में पैसे के बंटवारे को लेकर चल रही तना-तनी की वजह से लगता है बोर्ड के सदस्यों ने एक होकर लड़ने का मन बना लिया है.
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले द्वारा हटाए जाने वाले सचिव अजय शिर्के और अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ श्रीनिवासन के मिलने की ख़बर सुर्ख़ियां बनी थी. इतना ही नहीं श्रीनिवासन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ दिल्ली और चेन्नई में भी मिले लेकिन उन्होंने हर बार इसे दोस्ताना मेलजोल कहा था. आईसीसी-बीसीसीई में पैसे के बंटवारे को लेकर चल रही तना-तनी की वजह से लगता है बोर्ड के सदस्यों ने एक होकर लड़ने का मन बना लिया है. | संक्षिप्त सारांश: राइजिंग सुपरजाएंट पुणे और गुजरात लायन्स का सफ़र ख़त्म हो जाएगा
पहले से तय था कि पुणे और गुजरात की टीम दो साल के लिए खेलेगी
पुणे और गुजरात के क़रार को आगे बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं हुई | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन में एक राजमार्ग पर बने एक पुल से गुजर रही बस के 10 मीटर गहरे दर्रे में गिर जाने हुई दुर्घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। बस में 50 से ज्यादा लोग सवार थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बुधवार शाम दक्षिणपश्चिमी ग्विजोउ प्रांत में यह दुर्घटना हुई थी। बस जेजियांग प्रांत से 56 लोगों को लेकर सिचुआन प्रांत जा रही थी। उसके राजमार्ग के बर्फ से भरे रास्ते से गुजरने के दौरान यह दुर्घटना हुई। ग्विजोउ प्रांत के कई हिस्सों में बुधवार को भारी हिमपात हुआ था। इस वजह से सड़कों पर फिसलन होने से कई दुर्घटनाएं हुईं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बुधवार शाम दक्षिणपश्चिमी ग्विजोउ प्रांत में यह दुर्घटना हुई थी। बस जेजियांग प्रांत से 56 लोगों को लेकर सिचुआन प्रांत जा रही थी। उसके राजमार्ग के बर्फ से भरे रास्ते से गुजरने के दौरान यह दुर्घटना हुई। ग्विजोउ प्रांत के कई हिस्सों में बुधवार को भारी हिमपात हुआ था। इस वजह से सड़कों पर फिसलन होने से कई दुर्घटनाएं हुईं। | संक्षिप्त सारांश: चीन में एक राजमार्ग पर बने एक पुल से गुजर रही बस के 10 मीटर गहरे दर्रे में गिर जाने हुई दुर्घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के खिलाफ अवमानना के मामले में आरोप तय हो गए हैं। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश चार्जशीट में गिलानी पर कोर्ट का आदेश न मानते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए स्विस अधिकारियों को खत नहीं लिखने का आरोप है हालांकि गिलानी ने आज कोर्ट में फिर से खुद को बेकसूर बताया और अपना जवाब दाखिल करने के लिए वक्त मांगा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 22 फरवरी तय कर दी। गिलानी को अगली तारीख पर दौरान हाजिर होने की जरूरत नहीं होगी। कोर्ट ने उन्हें यह छूट दे दी है। साथ ही कोर्ट ने गिलानी के खिलाफ मुकदमा लड़ने के लिए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल को नियुक्त किया है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस केस के चलते उन्हें अपना पद भी खोना पड़ सकता है, जबकि राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने से उनके इनकार के चलते पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है।
अवमानना मामले में दोषी पाए जाने पर 59-वर्षीय गिलानी को छह माह की सजा हो सकती है और उन्हें पांच साल तक सार्वजनिक पद पर रहने के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि इस केस के चलते उन्हें अपना पद भी खोना पड़ सकता है, जबकि राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने से उनके इनकार के चलते पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है।
अवमानना मामले में दोषी पाए जाने पर 59-वर्षीय गिलानी को छह माह की सजा हो सकती है और उन्हें पांच साल तक सार्वजनिक पद पर रहने के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है।
अवमानना मामले में दोषी पाए जाने पर 59-वर्षीय गिलानी को छह माह की सजा हो सकती है और उन्हें पांच साल तक सार्वजनिक पद पर रहने के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ सकता है। | संक्षिप्त सारांश: पाक सुप्रीम कोर्ट में प्रधानमंत्री के खिलाफ दो पन्नों की चार्जशीट दाखिल करने के बाद गिलानी ने 24 फरवरी तक का वक्त मांगा था। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेनेजुएला की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में हुए भयंकर विस्फोट में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 80 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं। इस दुर्घटना के बाद राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।टिप्पणियां
उपराष्ट्रपति एलियास जावुआ ने बताया कि मृतकों में रिफाइनरी की सुरक्षा कर रहे नेशनल गार्ड के 18 सदस्य, 15 नागरिक और छह अज्ञात लोग शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री यूजेनिया सादेर ने बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में 82 लोग घायल भी हुए हैं। ऊर्जा मंत्री राफेल रामिरेज ने बताया कि यह विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ।
उपराष्ट्रपति एलियास जावुआ ने बताया कि मृतकों में रिफाइनरी की सुरक्षा कर रहे नेशनल गार्ड के 18 सदस्य, 15 नागरिक और छह अज्ञात लोग शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री यूजेनिया सादेर ने बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में 82 लोग घायल भी हुए हैं। ऊर्जा मंत्री राफेल रामिरेज ने बताया कि यह विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ।
स्वास्थ्य मंत्री यूजेनिया सादेर ने बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में 82 लोग घायल भी हुए हैं। ऊर्जा मंत्री राफेल रामिरेज ने बताया कि यह विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ। | संक्षिप्त सारांश: वेनेजुएला की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में हुए विस्फोट में 39 लोगों की मौत हो गई और 80 से भी अधिक घायल हो गए। हादसे के बाद राष्ट्रपति ने तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार के कटिहार जिला की एक अदालत ने साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले के एक अभियुक्त को शनिवार को सजा-ए-मौत सुनाई।
पुलिस अधीक्षक किम ने बताया कि जिला जज बीएन पांडेय ने बरारी थाना के भैंस दियारा गांव निवासी साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले के अभियुक्त संजय ऋषि को आज सजा-ए-मौत सुनाई।टिप्पणियां
किम ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने पड़ोस की साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद ऋषि द्वारा हत्या किए जाने पर अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 24 घंटे के भीतर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के बाद अदालत से मामले के त्वरित निष्पादन का अनुरोध किया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अदालत द्वारा गत 28 जनवरी को संज्ञान लिए जाने के बाद उसकी त्वरित सुनवाई करते हुए घटना के मात्र नौ दिनों के भीतर मामले का निष्पादन कर दिया।
पुलिस अधीक्षक किम ने बताया कि जिला जज बीएन पांडेय ने बरारी थाना के भैंस दियारा गांव निवासी साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले के अभियुक्त संजय ऋषि को आज सजा-ए-मौत सुनाई।टिप्पणियां
किम ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने पड़ोस की साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद ऋषि द्वारा हत्या किए जाने पर अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 24 घंटे के भीतर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के बाद अदालत से मामले के त्वरित निष्पादन का अनुरोध किया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अदालत द्वारा गत 28 जनवरी को संज्ञान लिए जाने के बाद उसकी त्वरित सुनवाई करते हुए घटना के मात्र नौ दिनों के भीतर मामले का निष्पादन कर दिया।
किम ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने पड़ोस की साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद ऋषि द्वारा हत्या किए जाने पर अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 24 घंटे के भीतर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के बाद अदालत से मामले के त्वरित निष्पादन का अनुरोध किया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अदालत द्वारा गत 28 जनवरी को संज्ञान लिए जाने के बाद उसकी त्वरित सुनवाई करते हुए घटना के मात्र नौ दिनों के भीतर मामले का निष्पादन कर दिया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अदालत द्वारा गत 28 जनवरी को संज्ञान लिए जाने के बाद उसकी त्वरित सुनवाई करते हुए घटना के मात्र नौ दिनों के भीतर मामले का निष्पादन कर दिया। | किम ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने पड़ोस की साढ़े तीन साल की एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद ऋषि द्वारा हत्या किए जाने पर अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 24 घंटे के भीतर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के बाद अदालत से मामले के त्वरित निष्पादन का अनुरोध किया | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गणतंत्र दिवस (Republic Day) हर साल 26 जनवरी (26 January) को बड़े ही उत्साह के साथ देश भर में मनाया जाता है. गणतंत्र दिवस (Republic Day 2019) की तैयारियां जोरो-शोरो पर हैं. इस बार गणतंत्र दिवस पर 90 मिनट की परेड होगी. परेड के मुख्य आकर्षणों में 58 जनजातीय अतिथि, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों की 22 झाकियां होगी. गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि होंगे. गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर शहीदों को पुष्पचक्र चढ़ाकर करेंगे. गृह मंत्रालय के एक ज्ञापन में बताया गया कि इस साल के गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न राज्यों की झांकियों के साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकास पर आधारित केंद्र सरकार के विभागों की झांकियां परेड का हिस्सा होंगी. सांस्कृतिक विषय पर आधारित कुछ झांकियों में लोक नृत्य भी होगा. साथ ही राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजे गए 26 बच्चे भी खुली जीप में बैठकर झांकी का हिस्सा बनेंगे.
बता दें कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की ‘समाधि' को सुरक्षा कवच मुहैया कराने वाले केंद्रीय अर्ध सैनिक बल सीआईएसएफ की झांकी भी इस बार 11 साल के अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा ले रही है. बल की झांकी में महात्मा गांधी की समाधि पर सुरक्षा में तैनात जवानों को दिखाया जाएगा.
इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे. इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी. पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था.
(पीटीआई इनपुट के साथ) | संक्षिप्त सारांश: गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे.
इस बार 90 मिनट की परेड होगी.
गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न राज्यों की झांकियों होगी. | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने भले ही अपने दामाद गुरुनाथ मय्यप्पन को महज क्रिकेटप्रेमी कहा हो, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपरकिंग्स के सलामी बल्लेबाज माइकल हसी का कहना है कि सट्टेबाजी का आरोपी मय्यप्पन ही इस आईपीएल टीम का संचालक था।टिप्पणियां
अपनी किताब 'अंडरनीथ द सदर्न क्रॉस' में हसी ने कहा है कि टीम के मालिक एन श्रीनिवासन ने गुरुनाथ मय्यप्पन को टीम की कमान सौंप दी थी। उन्होंने किताब में लिखा, "हमारी (टीम की) मालिक इंडिया सीमेंट्स है, जिसके प्रमुख एन श्रीनिवासन हैं... चूंकि वह बीसीसीआई में हैं तो उन्होंने कमान अपने दामाद गुरुनाथ को सौंप दी... वह हमारे कोच कैपलर वेसल्स के साथ टीम का संचालन करता है..."
उल्लेखनीय है कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में गुरुनाथ मय्यप्पन और 21 अन्य के खिलाफ सट्टेबाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोपों में चार्जशीट दायर की गई है। गुरुनाथ मय्यप्पन पर टीम की गोपनीय सूचनाएं जाहिर करने और सट्टे के लिए उनका इस्तेमाल करने का आरोप है।
अपनी किताब 'अंडरनीथ द सदर्न क्रॉस' में हसी ने कहा है कि टीम के मालिक एन श्रीनिवासन ने गुरुनाथ मय्यप्पन को टीम की कमान सौंप दी थी। उन्होंने किताब में लिखा, "हमारी (टीम की) मालिक इंडिया सीमेंट्स है, जिसके प्रमुख एन श्रीनिवासन हैं... चूंकि वह बीसीसीआई में हैं तो उन्होंने कमान अपने दामाद गुरुनाथ को सौंप दी... वह हमारे कोच कैपलर वेसल्स के साथ टीम का संचालन करता है..."
उल्लेखनीय है कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में गुरुनाथ मय्यप्पन और 21 अन्य के खिलाफ सट्टेबाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोपों में चार्जशीट दायर की गई है। गुरुनाथ मय्यप्पन पर टीम की गोपनीय सूचनाएं जाहिर करने और सट्टे के लिए उनका इस्तेमाल करने का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में गुरुनाथ मय्यप्पन और 21 अन्य के खिलाफ सट्टेबाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोपों में चार्जशीट दायर की गई है। गुरुनाथ मय्यप्पन पर टीम की गोपनीय सूचनाएं जाहिर करने और सट्टे के लिए उनका इस्तेमाल करने का आरोप है। | यह एक सारांश है: अपनी किताब 'अंडरनीथ द सदर्न क्रॉस' में माइकल हसी ने कहा, "हमारी मालिक इंडिया सीमेंट्स है, जिसके प्रमुख श्रीनिवासन हैं... चूंकि वह बीसीसीआई में हैं तो उन्होंने कमान अपने दामाद गुरुनाथ को सौंप दी... वही कोच कैपलर वेसल्स के साथ टीम का संचालन करता है..." | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सिंचाई विभाग की योजना के तहत अधिगृहीत अपनी कृषि भूमि के लिए अधिक मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को आत्मदाह का प्रयास करने वाले एक किसान की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक झीर गांव के निवासी बाबू कुशवाहा ने शुक्रवार को आत्मदाह का प्रयास किया था। उसे झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था जहां शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। झांसी मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्साधिकारी बाल किशन ने बताया, "35 वर्षीय कुशवाहा ने इलाज के दौरान शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। जब उसे अस्पताल लाया गया था उस समय उसका शरीर 70 फीसदी से अधिक जल चुका था।" अधिकारियों के मुताबिक कुशवाहा के साथ कई और किसान प्रदर्शन में शामिल हुए थे। किसान सिंचाई विभाग द्वारा अधिगृहीत की गई भूमि के लिए अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उधर, किसानों का कहना है कि मुआवजे की मांग को लेकर जिले के एक अधिकारी अनवर फारुकी से गरमागरम बहस होने के बाद कुशवाहा ने खुद को आग के हवाले कर दिया था। फारुकी का कहना है कि वह झीर गांव के किसानों के एक समूह से बात कर रहे थे । इसी दौरान उन्होंने कुशवाहा को आग लगाते देखा। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। | यहाँ एक सारांश है:महोबा जिले में कृषि भूमि के लिए मुआवजे की मांग को लेकर आत्मदाह का प्रयास करने वाले एक किसान की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले लगभग एक साल से भारतीय टीम से बाहर अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 शृंखला उनके लिए नए अध्याय की शुरुआत होगी।
हरभजन ने कहा, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पिछले साल मुझे टीम से बाहर किया गया, लेकिन इस बार सबसे लंबे समय तक मैं बाहर रहा। अब मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं पहली बार खेलने जा रहा हूं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह दूसरा पदार्पण है, लेकिन यह नया अध्याय और नया दिन जरूर होगा। अब तक 98 टेस्ट मैच में 406 और कुल 683 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके हरभजन ने कहा, बाहर होने के बाद वापसी करना हमेशा कठिन होता है। टीम में पदार्पण करने से भी ज्यादा कठिन। इसमें कई बातें शामिल होती हैं। यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।
हरभजन ने कहा कि पिछली उपलब्धियों के दम पर रहने की बजाय वह हमेशा देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमेशा पिछली उपलब्धियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता। पहले क्या किया, वह मायने नहीं रखता, मायने यह रखता है कि आज क्या किया या कल क्या करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह हताशा से भरा था, लेकिन कई बार इतने लंबे समय टीम से बाहर रहना कठिन होता है, जबकि आप टीम का अभिन्न अंग रहे हों। यह किसी के भी साथ हो सकता है। उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
हरभजन ने कहा, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पिछले साल मुझे टीम से बाहर किया गया, लेकिन इस बार सबसे लंबे समय तक मैं बाहर रहा। अब मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं पहली बार खेलने जा रहा हूं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह दूसरा पदार्पण है, लेकिन यह नया अध्याय और नया दिन जरूर होगा। अब तक 98 टेस्ट मैच में 406 और कुल 683 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके हरभजन ने कहा, बाहर होने के बाद वापसी करना हमेशा कठिन होता है। टीम में पदार्पण करने से भी ज्यादा कठिन। इसमें कई बातें शामिल होती हैं। यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।
हरभजन ने कहा कि पिछली उपलब्धियों के दम पर रहने की बजाय वह हमेशा देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमेशा पिछली उपलब्धियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता। पहले क्या किया, वह मायने नहीं रखता, मायने यह रखता है कि आज क्या किया या कल क्या करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह हताशा से भरा था, लेकिन कई बार इतने लंबे समय टीम से बाहर रहना कठिन होता है, जबकि आप टीम का अभिन्न अंग रहे हों। यह किसी के भी साथ हो सकता है। उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह दूसरा पदार्पण है, लेकिन यह नया अध्याय और नया दिन जरूर होगा। अब तक 98 टेस्ट मैच में 406 और कुल 683 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके हरभजन ने कहा, बाहर होने के बाद वापसी करना हमेशा कठिन होता है। टीम में पदार्पण करने से भी ज्यादा कठिन। इसमें कई बातें शामिल होती हैं। यह हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।
हरभजन ने कहा कि पिछली उपलब्धियों के दम पर रहने की बजाय वह हमेशा देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमेशा पिछली उपलब्धियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता। पहले क्या किया, वह मायने नहीं रखता, मायने यह रखता है कि आज क्या किया या कल क्या करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह हताशा से भरा था, लेकिन कई बार इतने लंबे समय टीम से बाहर रहना कठिन होता है, जबकि आप टीम का अभिन्न अंग रहे हों। यह किसी के भी साथ हो सकता है। उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
हरभजन ने कहा कि पिछली उपलब्धियों के दम पर रहने की बजाय वह हमेशा देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमेशा पिछली उपलब्धियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता। पहले क्या किया, वह मायने नहीं रखता, मायने यह रखता है कि आज क्या किया या कल क्या करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि यह हताशा से भरा था, लेकिन कई बार इतने लंबे समय टीम से बाहर रहना कठिन होता है, जबकि आप टीम का अभिन्न अंग रहे हों। यह किसी के भी साथ हो सकता है। उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। | पिछले लगभग एक साल से भारतीय टीम से बाहर अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 शृंखला उनके लिए नए अध्याय की शुरुआत होगी। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मानसरोवर यात्रा के लिए निकले तीर्थयात्री इंतजार करते रहे, लेकिन चीन ने दरवाजे नहीं खोले. इसको लेकर भारतीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय असमंजस में हैं. यात्रियों के दो जत्थों को वापस भेज दिया गया है. करीब सौ यात्री दिल्ली आ गए हैं.
गृह मंत्रालय के मुताबिक चीन ने वीजा दिया, मगर यात्रियों को अपनी सरहद में दाखिल नहीं होने दिया. केंद्र के पास आई सिक्किम सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 50-50 यात्रियों के दो जत्थे वापस भेज दिए गए हैं. एक जत्था नाथुला में 20 से 23 जून तक रहा, जबकि दूसरा गंगटोक में रुका रहा. बाकी जो लोग नाथुला से जाने वाले थे उन्हें चीन ने वीजा ही नहीं दिया.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने एनडीटीवी इंडिया से कहा "यह सही है कि करीब 100 लोग वापस दिल्ली आ गए हैं. कोशिश की जा रही है कि मामला जल्द सुलझे."
बताया जा रहा है कि इस तनाव के पीछे डोका ला का एक पुराना बंकर है, जिसे चीनी सैनिकों ने तोड़ दिया है. डोका ला भारत, चीन और भूटान का ट्राई जंक्शन है. यहां पर भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच हाथापाई भी हुई. टिप्पणियां
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर का कहना है कि "मुझे यकीन है कि मामला दोनों सरकारें सुलझा लेंगी." दूसरी तरफ चीन आरोप लगा रहा है कि भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए.चीन भारत से दलाई लामा के अरुणाचल के दौरे को लेकर भी खफा है.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी.
गृह मंत्रालय के मुताबिक चीन ने वीजा दिया, मगर यात्रियों को अपनी सरहद में दाखिल नहीं होने दिया. केंद्र के पास आई सिक्किम सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 50-50 यात्रियों के दो जत्थे वापस भेज दिए गए हैं. एक जत्था नाथुला में 20 से 23 जून तक रहा, जबकि दूसरा गंगटोक में रुका रहा. बाकी जो लोग नाथुला से जाने वाले थे उन्हें चीन ने वीजा ही नहीं दिया.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने एनडीटीवी इंडिया से कहा "यह सही है कि करीब 100 लोग वापस दिल्ली आ गए हैं. कोशिश की जा रही है कि मामला जल्द सुलझे."
बताया जा रहा है कि इस तनाव के पीछे डोका ला का एक पुराना बंकर है, जिसे चीनी सैनिकों ने तोड़ दिया है. डोका ला भारत, चीन और भूटान का ट्राई जंक्शन है. यहां पर भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच हाथापाई भी हुई. टिप्पणियां
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर का कहना है कि "मुझे यकीन है कि मामला दोनों सरकारें सुलझा लेंगी." दूसरी तरफ चीन आरोप लगा रहा है कि भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए.चीन भारत से दलाई लामा के अरुणाचल के दौरे को लेकर भी खफा है.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने एनडीटीवी इंडिया से कहा "यह सही है कि करीब 100 लोग वापस दिल्ली आ गए हैं. कोशिश की जा रही है कि मामला जल्द सुलझे."
बताया जा रहा है कि इस तनाव के पीछे डोका ला का एक पुराना बंकर है, जिसे चीनी सैनिकों ने तोड़ दिया है. डोका ला भारत, चीन और भूटान का ट्राई जंक्शन है. यहां पर भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच हाथापाई भी हुई. टिप्पणियां
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर का कहना है कि "मुझे यकीन है कि मामला दोनों सरकारें सुलझा लेंगी." दूसरी तरफ चीन आरोप लगा रहा है कि भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए.चीन भारत से दलाई लामा के अरुणाचल के दौरे को लेकर भी खफा है.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी.
बताया जा रहा है कि इस तनाव के पीछे डोका ला का एक पुराना बंकर है, जिसे चीनी सैनिकों ने तोड़ दिया है. डोका ला भारत, चीन और भूटान का ट्राई जंक्शन है. यहां पर भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच हाथापाई भी हुई. टिप्पणियां
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर का कहना है कि "मुझे यकीन है कि मामला दोनों सरकारें सुलझा लेंगी." दूसरी तरफ चीन आरोप लगा रहा है कि भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए.चीन भारत से दलाई लामा के अरुणाचल के दौरे को लेकर भी खफा है.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर का कहना है कि "मुझे यकीन है कि मामला दोनों सरकारें सुलझा लेंगी." दूसरी तरफ चीन आरोप लगा रहा है कि भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए.चीन भारत से दलाई लामा के अरुणाचल के दौरे को लेकर भी खफा है.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी.
इस साल कुल 350 तीर्थयात्रियों ने नाथूला मार्ग के जरिए यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था और उन्हें सात जत्थों में यात्रा करनी थी. | संक्षिप्त सारांश: डोका ला का एक पुराना बंकर चीनी सैनिकों ने तोड़ डाला
भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच हाथापाई भी हुई
चीन का आरोप- भारतीय सैनिक उसके इलाके में दाखिल हुए | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और जापान अपने-अपने बाजारों को खोलने की वृहद आर्थिक भागीदारी करार पर 16 फरवरी को दस्तखत करेंगे। इससे दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार तेजी से आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल यह 10.4 अरब डॉलर का है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत 17 या 18 फरवरी को मलेशिया के साथ भी वृहद आर्थिक सहयोग करार पर दस्तखत करेगा। इन दोनों करारों के बाद इन देशों के बीच होने वाले व्यापार के तहत कम से कम 90 प्रतिशत वस्तुओं पर शुल्क घट जाएगा या पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अधिकारी ने कहा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा टोक्यो जाएंगे और वह संभवत: 16 फरवरी को इस समझौते पर दस्तखत करेंगे। इसके बाद वह कुआलालंपुर जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि जापान के साथ यह करार अप्रैल से लागू होने की उम्मीद है। जापान के साथ करार के बाद कपास, कपड़ा, सिलेसिलाए परिधान और समुद्री उत्पादों के भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा, वहीं जापान के इलेक्ट्रॉनिक्स और परिवहन उपकरण निर्यातकों को इसका लाभ मिलेगा। जापान के साथ सेपा पर बातचीत पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टोक्यो यात्रा के दौरान पूरी हुई थी। देश में वर्ष 2000 के बाद कुल 124 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। इसमें जापान का योगदान सिर्फ 4.6 अरब डॉलर का है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत-जापान बाजारों को खोलने की वृहद आर्थिक भागीदारी करार पर 16 फरवरी को दस्तखत करेंगे। इससे दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार तेजी से आगे बढ़ सकेगा। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी विवेक कुमार जौहरी ने शनिवार को नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के रूप में पदभार संभाल लिया है. 1984 बैच के मध्य प्रदेश काडर के अधिकारी जौहरी ने लोधी रोड पर सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित बीएसएफ मुख्यायालय में अपने ही बैच के अधिकारी रजनीकांत मिश्रा से कार्यभार ग्रहण किया. उत्तर प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी मिश्रा पिछले साल अक्टूबर में बीएसएफ के महानिदेश नियुक्त किये गए थे. नये महानिदेशक जौहरी 1965 में स्थापित बीएसएफ के 25वें प्रमुख बने हैं. वह अगले साल सितंबर में सेवानिवृत होंगे.
जौहरी इससे पहले कैबिनेट सचिवालय के तहत बाह्य खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के विशेष सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे थे. उन्हें 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय में स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पर एक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था ताकि वे बीएसएफ महानिदेशक के रूप में पदभार संभाल सकें.
भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट विवेक जौहरी इससे पहले अपने कैडर राज्य में सेवा करने के अलावा सीबीआई में भी काम कर चुके हैं. | संक्षिप्त पाठ: 1984 बैच के मध्य प्रदेश काडर के IPS हैं विवेक जौहरी
MANIT से इंजीनियरिंग में किया है ग्रेजुएशन
RAW में रह चुके हैं विशेष सचिव | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दहेमी गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठने से कम से कम 12 लोग घायल हो गए। हिंसा के दौरान भीड़ ने वाहनों पर हमले किए और पत्थरबाजी भी की।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कम से कम 12 लोग घायल हुए हैं। हिंसा में दो दुकानों, दो कारों और चार मोटरसाइकिलों को आग लगा दी गई।
पुलिस ने कहा कि इस सिलसिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘विसर्जन के दौरान लोग गुलाल उड़ा रहे थे। विसर्जन के दौरान गुलाल एक अन्य समुदाय के प्रार्थनास्थल की दीवार पर गिर गया और वे नाराज हो गए।’ दोनों समुदायों के लोगों के बीच बहस हो गई जिसने बाद में हिंसक रूप धारण कर लिया और वे एकदूसरे पर पत्थर फेंकने लगे।
हिंसा में एक व्यक्ति पर तेजाब से हमला हुआ है। उसे श्री कृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य तीन लोगों को पत्थर लगने से चोटें आई हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा और सुरक्षा बलों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।टिप्पणियां
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कम से कम 12 लोग घायल हुए हैं। हिंसा में दो दुकानों, दो कारों और चार मोटरसाइकिलों को आग लगा दी गई।
पुलिस ने कहा कि इस सिलसिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘विसर्जन के दौरान लोग गुलाल उड़ा रहे थे। विसर्जन के दौरान गुलाल एक अन्य समुदाय के प्रार्थनास्थल की दीवार पर गिर गया और वे नाराज हो गए।’ दोनों समुदायों के लोगों के बीच बहस हो गई जिसने बाद में हिंसक रूप धारण कर लिया और वे एकदूसरे पर पत्थर फेंकने लगे।
हिंसा में एक व्यक्ति पर तेजाब से हमला हुआ है। उसे श्री कृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य तीन लोगों को पत्थर लगने से चोटें आई हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा और सुरक्षा बलों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।टिप्पणियां
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
पुलिस ने कहा कि इस सिलसिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘विसर्जन के दौरान लोग गुलाल उड़ा रहे थे। विसर्जन के दौरान गुलाल एक अन्य समुदाय के प्रार्थनास्थल की दीवार पर गिर गया और वे नाराज हो गए।’ दोनों समुदायों के लोगों के बीच बहस हो गई जिसने बाद में हिंसक रूप धारण कर लिया और वे एकदूसरे पर पत्थर फेंकने लगे।
हिंसा में एक व्यक्ति पर तेजाब से हमला हुआ है। उसे श्री कृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य तीन लोगों को पत्थर लगने से चोटें आई हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा और सुरक्षा बलों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।टिप्पणियां
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
हिंसा में एक व्यक्ति पर तेजाब से हमला हुआ है। उसे श्री कृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य तीन लोगों को पत्थर लगने से चोटें आई हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा और सुरक्षा बलों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।टिप्पणियां
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा और सुरक्षा बलों को बुलाए जाने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।टिप्पणियां
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
आणंद के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र असारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
अहमदाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आरबी ब्रह्मभट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। | सारांश: दहेमी गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठने से कम से कम 12 लोग घायल हो गए। हिंसा के दौरान भीड़ ने वाहनों पर हमले किए और पत्थरबाजी भी की। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि बीजेपी 'दलबदल' कर कर्नाटक में सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. उधर राज्य के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के 'संकटमोचक' डीके शिवकुमार ने माना है कि वह भावनाओं में बहकर बागी विधायकों के इस्तीफों को फाड़ दिया था. उन्होंने कहा, 'उनको मेरे खिलाफ शिकायत करने दीजिए, मैंने बहुत बड़ा रिस्क लिया है. मैंने ऐसा अपनी पार्टी को बचान के लिए किया है.' कुल मिलाकर कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस सरकार एक बड़े संकट में फंसी हुई है और दूसरी ओर सीएम कुमारस्वामी अमेरिका में हैं. दूसरी ओर इस्तीफा देने के बाद सभी 11 विधायक प्राइवेट जेट से मुंबई निकल गए जहां उनको फाइव स्टार होटल सोफिटेल में ठहराया गया है. मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि बीजेपी क्षेत्रीय दलों को कमजोर कर रही है. यह ठीक नहीं है. कर्नाटक में चुनाव हुए अभी एक साल भी नहीं हुए हैं. मुझे डर है क्या देश में लोकतंत्र है?
गौरतलब है कि कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. अब तक 11 विधायक इस्तीफ़ा दे चुके हैं. इस्तीफ़ा देने वालों में 8 विधायक कांग्रेस के जबकि तीन विधायक जेडीएस के हैं. ये सभी विधायक मुंबई पहुंच चुके हैं जहां उन्हें सोफिटेल होटल में ठहराया गया है. इधर, अपनी सरकार को बचाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री न्यूयॉर्क से भारत के लिए निकल पड़े हैं.. कांग्रेस ने भी दिल्ली में कर्नाटक के संकट से निपटने के लिए आपता बैठक की जहां बीजेपी पर विधायकों की ख़रीद फरोख़्त का आरोप लगाया गया.
आपको बता दें कि इन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसके 118 विधायक हैं) 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत खो देगा. वहीं, भाजपा के 105 विधायक हैं. | यहाँ एक सारांश है:संकट में कर्नाटक सरकार
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया आरोप
मुंबई में हैं 11 बागी विधायक | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वीरेंद्र सहवाग यदि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच की दोनों पारियों में दोहरे अंक में नहीं पहुंच पाते हैं तो 26 महीनों और 25 टेस्ट मैच में पहली बार उनका औसत 50 रन प्रति पारी से नीचे गिर जाएगा। इस तरह की किसी संभावना पर अधिकतर का जवाब हां होगा, जिससे पता चलता है कि पिछले चार साल में सहवाग का विदेशी सरजमीं पर प्रदर्शन कितना गिरा है।
इस दौरान के आंकड़ों से पता चलता है कि न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के पिछले चार दौरों में सहवाग का औसत 30 तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने 21 पारियों में 500 से कम रन बनाए हैं और केवल दो अर्धशतक जड़े हैं। महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना को तो छोड़िये, यहां तक कि हरभजन सिंह ने भी इस दौरान उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन 21 पारियों में से 16 बार वह तेज गेंदबाजों के शिकार बने। अब कोई भी तेज गेंदबाज अनुकूल परिस्थितियों में स्विंग के सहारे दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग के विकेट की उम्मीद कर सकता है।
सहवाग का न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में एक दो पारियों को छोड़ दिया जाए तो कभी अच्छा रिकॉर्ड नहीं रहा। एडिलेड में 2008 के बाद वह भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर विदेशों में अच्छी पारी नहीं खेल पाए हैं।
इस दौरे में हालांकि लेंथ वाली गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि इससे वह अपने बल्ले को तेजी से कोण बनाकर नहीं घुमा पाते। वह गेंद की जो लाइन लग रही है, उस पर भी हिट नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्विंग हो सकती है। यदि वह हिट करने की कोशिश करते हैं, तो गली में कैच जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यौफ लासन ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के 80 के दशक के तूफानी गेंदबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान के तेज गेंदबाज आपको रन बनाने के कम ही मौके मुहैया कराते हैं। वे स्क्वायर कट का मौका दे रहे हैं, लेकिन स्क्वायर लेग की तरफ क्लिप करने का मौका बहुत कम दे रहे हैं।’’टिप्पणियां
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
इस दौरान के आंकड़ों से पता चलता है कि न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के पिछले चार दौरों में सहवाग का औसत 30 तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने 21 पारियों में 500 से कम रन बनाए हैं और केवल दो अर्धशतक जड़े हैं। महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना को तो छोड़िये, यहां तक कि हरभजन सिंह ने भी इस दौरान उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन 21 पारियों में से 16 बार वह तेज गेंदबाजों के शिकार बने। अब कोई भी तेज गेंदबाज अनुकूल परिस्थितियों में स्विंग के सहारे दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग के विकेट की उम्मीद कर सकता है।
सहवाग का न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में एक दो पारियों को छोड़ दिया जाए तो कभी अच्छा रिकॉर्ड नहीं रहा। एडिलेड में 2008 के बाद वह भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर विदेशों में अच्छी पारी नहीं खेल पाए हैं।
इस दौरे में हालांकि लेंथ वाली गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि इससे वह अपने बल्ले को तेजी से कोण बनाकर नहीं घुमा पाते। वह गेंद की जो लाइन लग रही है, उस पर भी हिट नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्विंग हो सकती है। यदि वह हिट करने की कोशिश करते हैं, तो गली में कैच जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यौफ लासन ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के 80 के दशक के तूफानी गेंदबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान के तेज गेंदबाज आपको रन बनाने के कम ही मौके मुहैया कराते हैं। वे स्क्वायर कट का मौका दे रहे हैं, लेकिन स्क्वायर लेग की तरफ क्लिप करने का मौका बहुत कम दे रहे हैं।’’टिप्पणियां
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन 21 पारियों में से 16 बार वह तेज गेंदबाजों के शिकार बने। अब कोई भी तेज गेंदबाज अनुकूल परिस्थितियों में स्विंग के सहारे दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग के विकेट की उम्मीद कर सकता है।
सहवाग का न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में एक दो पारियों को छोड़ दिया जाए तो कभी अच्छा रिकॉर्ड नहीं रहा। एडिलेड में 2008 के बाद वह भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर विदेशों में अच्छी पारी नहीं खेल पाए हैं।
इस दौरे में हालांकि लेंथ वाली गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि इससे वह अपने बल्ले को तेजी से कोण बनाकर नहीं घुमा पाते। वह गेंद की जो लाइन लग रही है, उस पर भी हिट नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्विंग हो सकती है। यदि वह हिट करने की कोशिश करते हैं, तो गली में कैच जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यौफ लासन ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के 80 के दशक के तूफानी गेंदबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान के तेज गेंदबाज आपको रन बनाने के कम ही मौके मुहैया कराते हैं। वे स्क्वायर कट का मौका दे रहे हैं, लेकिन स्क्वायर लेग की तरफ क्लिप करने का मौका बहुत कम दे रहे हैं।’’टिप्पणियां
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
सहवाग का न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में एक दो पारियों को छोड़ दिया जाए तो कभी अच्छा रिकॉर्ड नहीं रहा। एडिलेड में 2008 के बाद वह भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर विदेशों में अच्छी पारी नहीं खेल पाए हैं।
इस दौरे में हालांकि लेंथ वाली गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि इससे वह अपने बल्ले को तेजी से कोण बनाकर नहीं घुमा पाते। वह गेंद की जो लाइन लग रही है, उस पर भी हिट नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्विंग हो सकती है। यदि वह हिट करने की कोशिश करते हैं, तो गली में कैच जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यौफ लासन ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के 80 के दशक के तूफानी गेंदबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान के तेज गेंदबाज आपको रन बनाने के कम ही मौके मुहैया कराते हैं। वे स्क्वायर कट का मौका दे रहे हैं, लेकिन स्क्वायर लेग की तरफ क्लिप करने का मौका बहुत कम दे रहे हैं।’’टिप्पणियां
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
इस दौरे में हालांकि लेंथ वाली गेंदों ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि इससे वह अपने बल्ले को तेजी से कोण बनाकर नहीं घुमा पाते। वह गेंद की जो लाइन लग रही है, उस पर भी हिट नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्विंग हो सकती है। यदि वह हिट करने की कोशिश करते हैं, तो गली में कैच जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यौफ लासन ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज के 80 के दशक के तूफानी गेंदबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान के तेज गेंदबाज आपको रन बनाने के कम ही मौके मुहैया कराते हैं। वे स्क्वायर कट का मौका दे रहे हैं, लेकिन स्क्वायर लेग की तरफ क्लिप करने का मौका बहुत कम दे रहे हैं।’’टिप्पणियां
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
गेंद की उछाल यदि कमर से नीचे तक हो तो तब भी सहवाग उसे हिट कर सकते है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उछाल पसलियों की ऊंचाई तक होती है और ऐसे में वह बैकफुट पर जाकर शॉट भी नहीं लगा पा रहे हैं। उन्होंने संयम से काम लेने का फॉर्मूला बनाया। गेंदों को विकेटकीपर के लिए छोड़ा, लेकिन यहां भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बाजी मार गए।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा।
लासन ने कहा, ‘‘वीरेंद्र सहवाग कम उछाल वाली पिचों पर चलता है। अधिक उछाल और मूवमेंट वाली पिचों पर उनकी पोल खुल गई है और वह स्लिप में कैच दे रहे हैं।’’ बहरहाल सहवाग ने पिछली बार एडिलेड में 151 रन की पारी खेली थी। वह फिर से ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए 2008 की तरह धैर्य से काम लेना होगा। | संक्षिप्त पाठ: न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के पिछले चार दौरों में वीरेंद्र सहवाग का औसत 30 तक भी नहीं पहुंच पाया। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेल में बंद एनसीपी के एक विधायक का एक पुलिस अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. घटना उस वक्त की है जब मुंबई की बायखुला जेल के बाहर ये खड़े होकर पिकप वैन का इंतजार कर रहे थे. वैन के आने में देरी के कारण इस विधायक रमेश कदम का पारा चढ़ गया और वहां मौजूद पुलिस अफसर के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा. गुरुवार की यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब यह वीडयो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. रमेश कदम पिछले 19 महीने से जेल में हैं और 300 करोड़ के घोटाले में अगस्त, 2015 को गिरफ्तार किया गया था.
दरअसल यह वाकया उस वक्त घटित हुआ जब मेडिकल परीक्षण के लिए रमेश कदम को अस्पताल ले जाया जा रहा था. उसी कड़ी में जब वैन आने में देरी हुई तो विधायक रमेश ने नाराज होकर पुलिस अधिकारी के साथ गाली-गलौच की. उन्होंने पुलिस ऑफिसर से कहा,''तुम जानते नहीं कि मैं कौन हूं.''टिप्पणियां
वीडियो में रमेश कदम के साथ दिख रहे एपीआई मनोज पवार ने फोन पर एनडीटीवी को बताया कि उन्होंने आरोपी विधायक की बदसलूकी की नागपाड़ा पुलिस थाने में डायरी की है और अपने विभाग में भी रिपोर्ट कर दिया है. वीडियो में आरोपी विधायक रमेश कदम मनोज पवार पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए भी दिख रहे हैं. हालांकि मनोज पवार का कहना है कि खुद को बचाने के लिए विधायक जानबूझकर झूठी कहानी गढ़ रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि रमेश कदम सरकार द्वारा गठित अन्नाभाऊ साठे डेवलपमेंट कारपोरेशन में चेयरमैन थे. इस गठन राज्य की मतंग समुदाय के सदस्यों की वित्तीय मदद के लिए किया गया था. लेकिन पुलिस के मुताबिक इसके बजाय कदम ने अपने नियंत्रण वाली कंपनियों में फंड को लगाया. इस साल मार्च में इस एक विशेष अदालत ने इस केस के संबंध में कदम और उनके सहयोगियों की 135 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया था.
दरअसल यह वाकया उस वक्त घटित हुआ जब मेडिकल परीक्षण के लिए रमेश कदम को अस्पताल ले जाया जा रहा था. उसी कड़ी में जब वैन आने में देरी हुई तो विधायक रमेश ने नाराज होकर पुलिस अधिकारी के साथ गाली-गलौच की. उन्होंने पुलिस ऑफिसर से कहा,''तुम जानते नहीं कि मैं कौन हूं.''टिप्पणियां
वीडियो में रमेश कदम के साथ दिख रहे एपीआई मनोज पवार ने फोन पर एनडीटीवी को बताया कि उन्होंने आरोपी विधायक की बदसलूकी की नागपाड़ा पुलिस थाने में डायरी की है और अपने विभाग में भी रिपोर्ट कर दिया है. वीडियो में आरोपी विधायक रमेश कदम मनोज पवार पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए भी दिख रहे हैं. हालांकि मनोज पवार का कहना है कि खुद को बचाने के लिए विधायक जानबूझकर झूठी कहानी गढ़ रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि रमेश कदम सरकार द्वारा गठित अन्नाभाऊ साठे डेवलपमेंट कारपोरेशन में चेयरमैन थे. इस गठन राज्य की मतंग समुदाय के सदस्यों की वित्तीय मदद के लिए किया गया था. लेकिन पुलिस के मुताबिक इसके बजाय कदम ने अपने नियंत्रण वाली कंपनियों में फंड को लगाया. इस साल मार्च में इस एक विशेष अदालत ने इस केस के संबंध में कदम और उनके सहयोगियों की 135 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया था.
वीडियो में रमेश कदम के साथ दिख रहे एपीआई मनोज पवार ने फोन पर एनडीटीवी को बताया कि उन्होंने आरोपी विधायक की बदसलूकी की नागपाड़ा पुलिस थाने में डायरी की है और अपने विभाग में भी रिपोर्ट कर दिया है. वीडियो में आरोपी विधायक रमेश कदम मनोज पवार पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए भी दिख रहे हैं. हालांकि मनोज पवार का कहना है कि खुद को बचाने के लिए विधायक जानबूझकर झूठी कहानी गढ़ रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि रमेश कदम सरकार द्वारा गठित अन्नाभाऊ साठे डेवलपमेंट कारपोरेशन में चेयरमैन थे. इस गठन राज्य की मतंग समुदाय के सदस्यों की वित्तीय मदद के लिए किया गया था. लेकिन पुलिस के मुताबिक इसके बजाय कदम ने अपने नियंत्रण वाली कंपनियों में फंड को लगाया. इस साल मार्च में इस एक विशेष अदालत ने इस केस के संबंध में कदम और उनके सहयोगियों की 135 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया था.
उल्लेखनीय है कि रमेश कदम सरकार द्वारा गठित अन्नाभाऊ साठे डेवलपमेंट कारपोरेशन में चेयरमैन थे. इस गठन राज्य की मतंग समुदाय के सदस्यों की वित्तीय मदद के लिए किया गया था. लेकिन पुलिस के मुताबिक इसके बजाय कदम ने अपने नियंत्रण वाली कंपनियों में फंड को लगाया. इस साल मार्च में इस एक विशेष अदालत ने इस केस के संबंध में कदम और उनके सहयोगियों की 135 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया था. | संक्षिप्त पाठ: एनसीपी विधायक रमेश कदम ने धमकाया
पुलिस अधिकारी के साथ की बदसलूकी
घटना का वीडियो हो रहा वायरल | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जुड़वा भाई बताया है. एक अन्य रैली में उन्होंने मोदी को झूठा बताते हुए कहा कि उप्र की जनता उन्हें धक्का देगी और वह गुजरात पहुंच जाएंगे. साथ ही कहा कि भाजपा का मतलब भारत जलाओ पार्टी है. लालू यादव देवरिया के पथरदेवा में आयोजित जनसभा के दौरान ये बातें कही.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस (सपा-कांग्रेस) गठबंधन के समर्थन में रविवार को प्रचार करने देवरिया पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती और पूर्व मंत्री अखिलेश दास के बाद (भारतीय जनता पार्टी) भाजपा को नया नाम देते हुए भाजपा का मतलब भारत जलाओ पार्टी बताया. वहीं एक अन्य रैली में प्रधानमंत्री मोदी को झूठा बताते हुए कहा कि उप्र की जनता उन्हें धक्का देगी और वह गुजरात पहुंच जाएंगे.
भाजपा पर निशाना साधते हुए लालू यादव ने कहा, "भाजपा मतलब भारत जलाओ पार्टी है. मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के जुड़वा भाई हैं." मोदी को तानाशाह बताते हुए राजद प्रमुख ने कहा कि अटल जी अच्छे नेता हैं, लेकिन भाजपा के पोस्टर में इनका एक जगह भी फोटो देखने को नहीं मिल रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए लालू ने कहा, "मोदी कहते हैं कि मेरा सीना 56 इंच का है. उनको यह मालूम होना चाहिए कि 56 का इंच सीना सिर्फ यादव का ही हो सकता है." मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, "जब मैंने मोदी का सीना नापा तो 32 इंच का ही निकला."
उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जब बनारस गए थे तो कहा कि हमें गंगा मईया ने बुलाया है. आप सभी को मालूम होगा कि गंगा मईया कब बुलाती हैं. मोदी यह भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने हमें गोद ले लिया है. हम उनसे पूछ रहे हैं कि कि उत्तर प्रदेश के लोग नि:संतानी हैं क्या कि आपको गोद लेंगे. नरेंद्र मोदी तो हर जनसभा में भाइयों-बहनों कहकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं."टिप्पणियां
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस (सपा-कांग्रेस) गठबंधन के समर्थन में रविवार को प्रचार करने देवरिया पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती और पूर्व मंत्री अखिलेश दास के बाद (भारतीय जनता पार्टी) भाजपा को नया नाम देते हुए भाजपा का मतलब भारत जलाओ पार्टी बताया. वहीं एक अन्य रैली में प्रधानमंत्री मोदी को झूठा बताते हुए कहा कि उप्र की जनता उन्हें धक्का देगी और वह गुजरात पहुंच जाएंगे.
भाजपा पर निशाना साधते हुए लालू यादव ने कहा, "भाजपा मतलब भारत जलाओ पार्टी है. मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के जुड़वा भाई हैं." मोदी को तानाशाह बताते हुए राजद प्रमुख ने कहा कि अटल जी अच्छे नेता हैं, लेकिन भाजपा के पोस्टर में इनका एक जगह भी फोटो देखने को नहीं मिल रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए लालू ने कहा, "मोदी कहते हैं कि मेरा सीना 56 इंच का है. उनको यह मालूम होना चाहिए कि 56 का इंच सीना सिर्फ यादव का ही हो सकता है." मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, "जब मैंने मोदी का सीना नापा तो 32 इंच का ही निकला."
उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जब बनारस गए थे तो कहा कि हमें गंगा मईया ने बुलाया है. आप सभी को मालूम होगा कि गंगा मईया कब बुलाती हैं. मोदी यह भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने हमें गोद ले लिया है. हम उनसे पूछ रहे हैं कि कि उत्तर प्रदेश के लोग नि:संतानी हैं क्या कि आपको गोद लेंगे. नरेंद्र मोदी तो हर जनसभा में भाइयों-बहनों कहकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं."टिप्पणियां
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
भाजपा पर निशाना साधते हुए लालू यादव ने कहा, "भाजपा मतलब भारत जलाओ पार्टी है. मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के जुड़वा भाई हैं." मोदी को तानाशाह बताते हुए राजद प्रमुख ने कहा कि अटल जी अच्छे नेता हैं, लेकिन भाजपा के पोस्टर में इनका एक जगह भी फोटो देखने को नहीं मिल रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए लालू ने कहा, "मोदी कहते हैं कि मेरा सीना 56 इंच का है. उनको यह मालूम होना चाहिए कि 56 का इंच सीना सिर्फ यादव का ही हो सकता है." मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, "जब मैंने मोदी का सीना नापा तो 32 इंच का ही निकला."
उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जब बनारस गए थे तो कहा कि हमें गंगा मईया ने बुलाया है. आप सभी को मालूम होगा कि गंगा मईया कब बुलाती हैं. मोदी यह भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने हमें गोद ले लिया है. हम उनसे पूछ रहे हैं कि कि उत्तर प्रदेश के लोग नि:संतानी हैं क्या कि आपको गोद लेंगे. नरेंद्र मोदी तो हर जनसभा में भाइयों-बहनों कहकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं."टिप्पणियां
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए लालू ने कहा, "मोदी कहते हैं कि मेरा सीना 56 इंच का है. उनको यह मालूम होना चाहिए कि 56 का इंच सीना सिर्फ यादव का ही हो सकता है." मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, "जब मैंने मोदी का सीना नापा तो 32 इंच का ही निकला."
उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जब बनारस गए थे तो कहा कि हमें गंगा मईया ने बुलाया है. आप सभी को मालूम होगा कि गंगा मईया कब बुलाती हैं. मोदी यह भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने हमें गोद ले लिया है. हम उनसे पूछ रहे हैं कि कि उत्तर प्रदेश के लोग नि:संतानी हैं क्या कि आपको गोद लेंगे. नरेंद्र मोदी तो हर जनसभा में भाइयों-बहनों कहकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं."टिप्पणियां
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा, "मोदी जब बनारस गए थे तो कहा कि हमें गंगा मईया ने बुलाया है. आप सभी को मालूम होगा कि गंगा मईया कब बुलाती हैं. मोदी यह भी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश ने हमें गोद ले लिया है. हम उनसे पूछ रहे हैं कि कि उत्तर प्रदेश के लोग नि:संतानी हैं क्या कि आपको गोद लेंगे. नरेंद्र मोदी तो हर जनसभा में भाइयों-बहनों कहकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं."टिप्पणियां
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया. न ही 15 लाख रुपये खाते में देने का और न ही नौजवानों को नौकरी देने का वादा पूरा किया. वहीं एक अन्य जनसभा में राजद प्रमुख ने कहा, "मोदी अपनी जनसभा में बोल रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनने जा रही है. यह कहकर लोगों को भ्रम में डाल रहे हैं. मैं आज वादा करता हूं कोलकत्ता, उत्तर प्रदेश व बिहार तीनों एकजुट हैं और 2019 में हम सब इन्हें मिलकर जवाब देंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे."
रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बैकुंठपुर में चुनावी जनसभा में नोटबंदी पर लालू ने कहा, "मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को परेशान करने का काम किया. भाजपा ने अपना काला धन तो सफेद करा लिया और आम लोगों को लाइन में लगवा दिया." बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कहा, "नरेंद्र मोदी की उलटी गिनती बिहार के विधानसभा चुनाव से शुरू हो गई है. वह झूठ बोल रहे हैं कि उप्र में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है. उप्र की जनता उन्हें ऐसा धक्का देगी कि वे गुजरात चले जाएंगे." | सारांश: कहा - उप्र की जनता धक्का देगी और वह गुजरात पहुंच जाएंगे
लालू ने कहा - जब मैंने मोदी का सीना नापा तो 32 इंच का ही निकला
लोकसभा चुनाव के वक्त किया गया कोई भी वादा भाजपा ने पूरा नहीं किया | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अदालत की अवमानना के मामले में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है. माफीनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा है कि कुछ गलतफहमी और गलत सूचना की वजह से उनसे यह हुआ. उन्होंने कोर्ट के गौरव ( मेजेस्टी ऑफ कोर्ट ) को कभी कमतर नहीं समझा. इसके लिए वे बेहिचक बिना शर्त और स्पष्ट रूप से कोर्ट से माफी मांगते हैं.
हालांकि अदालत की अवमानना के मामले में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का बिना शर्त माफीनामा सुप्रीम कोर्ट स्वीकार करेगा या नहीं, यह कोर्ट शुक्रवार को तय करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को 14 जुलाई को कोर्ट में पेश होने को कहा था. कोर्ट ने कहा था कि ठाकुर बिना शर्त माफीनामा दाखिल करें.
पहले दाखिल माफीनामे को नामंजूर करते हुए कोर्ट ने कहा माफीनामे में भाषा स्पष्ट होनी चाहिए और गोलमोल नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ठाकुर बिना शर्त माफी मांगते हैं तो अदालत उन्हें माफ भी कर सकती है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग से कहा था कि अगर उनके खिलाफ यह साबित हो जाता है कि उन्होंने बीसीसीआई में सुधार पर अड़ंगा नहीं लगाने की झूठी शपथ ली है तो वे जेल जा सकते हैं.
पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को नहीं दी माफी, जाना पड़ सकता है जेल!टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा 'उनका कतई ऐसा इरादा नहीं था. अगर इस तरह का नजरिया बन रहा है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. परजरी (अदालत के समक्ष गलतबयानी करना) मामले में नोटिस जारी करने के बाद अनुराग द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कहा गया है कि वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बहुत कम उम्र से सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं. वह अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिसमें अदालत की अनदेखी की गई हो.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.
हालांकि अदालत की अवमानना के मामले में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का बिना शर्त माफीनामा सुप्रीम कोर्ट स्वीकार करेगा या नहीं, यह कोर्ट शुक्रवार को तय करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को 14 जुलाई को कोर्ट में पेश होने को कहा था. कोर्ट ने कहा था कि ठाकुर बिना शर्त माफीनामा दाखिल करें.
पहले दाखिल माफीनामे को नामंजूर करते हुए कोर्ट ने कहा माफीनामे में भाषा स्पष्ट होनी चाहिए और गोलमोल नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ठाकुर बिना शर्त माफी मांगते हैं तो अदालत उन्हें माफ भी कर सकती है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग से कहा था कि अगर उनके खिलाफ यह साबित हो जाता है कि उन्होंने बीसीसीआई में सुधार पर अड़ंगा नहीं लगाने की झूठी शपथ ली है तो वे जेल जा सकते हैं.
पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को नहीं दी माफी, जाना पड़ सकता है जेल!टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा 'उनका कतई ऐसा इरादा नहीं था. अगर इस तरह का नजरिया बन रहा है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. परजरी (अदालत के समक्ष गलतबयानी करना) मामले में नोटिस जारी करने के बाद अनुराग द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कहा गया है कि वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बहुत कम उम्र से सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं. वह अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिसमें अदालत की अनदेखी की गई हो.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.
पहले दाखिल माफीनामे को नामंजूर करते हुए कोर्ट ने कहा माफीनामे में भाषा स्पष्ट होनी चाहिए और गोलमोल नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ठाकुर बिना शर्त माफी मांगते हैं तो अदालत उन्हें माफ भी कर सकती है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग से कहा था कि अगर उनके खिलाफ यह साबित हो जाता है कि उन्होंने बीसीसीआई में सुधार पर अड़ंगा नहीं लगाने की झूठी शपथ ली है तो वे जेल जा सकते हैं.
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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा 'उनका कतई ऐसा इरादा नहीं था. अगर इस तरह का नजरिया बन रहा है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. परजरी (अदालत के समक्ष गलतबयानी करना) मामले में नोटिस जारी करने के बाद अनुराग द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कहा गया है कि वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बहुत कम उम्र से सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं. वह अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिसमें अदालत की अनदेखी की गई हो.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.
पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को नहीं दी माफी, जाना पड़ सकता है जेल!टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा 'उनका कतई ऐसा इरादा नहीं था. अगर इस तरह का नजरिया बन रहा है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. परजरी (अदालत के समक्ष गलतबयानी करना) मामले में नोटिस जारी करने के बाद अनुराग द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कहा गया है कि वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बहुत कम उम्र से सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं. वह अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिसमें अदालत की अनदेखी की गई हो.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अनुराग ठाकुर ने कहा 'उनका कतई ऐसा इरादा नहीं था. अगर इस तरह का नजरिया बन रहा है तो वह इसके लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं. परजरी (अदालत के समक्ष गलतबयानी करना) मामले में नोटिस जारी करने के बाद अनुराग द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कहा गया है कि वह तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और बहुत कम उम्र से सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं. वह अदालत का बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया जिसमें अदालत की अनदेखी की गई हो.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.
पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया अनुराग ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और परजरी का मामला बनता है क्योंकि उन्होंने आईसीसी को पत्र लिखकर यह कहने के लिए कहा था कि बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने की लोढ़ा कमेटी की सिफारिश वास्तव में बोर्ड में सरकारी दखलअंदाजी है. अनुराग ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन को ऐसा कोई पत्र लिखा था. हालांकि शशांक मनोहर ने कहा था कि अनुराग ने उनसे इस तरह का पत्र लिखने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था. | सारांश: कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को 14 जुलाई को कोर्ट में पेश होने को कहा था
ठाकुर के खिलाफ न्यायालय की अवमानना और गलतबयानी का मामला
बीसीसीआई में सीएजी के प्रतिनिधि को शामिल करने पर आपत्ति जताई थी | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस स्टार सोमदेव देववर्मन दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर की तीखी सर्विस और करारे शॉट का जवाब देने में नाकाम रहे और फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल के दूसरे दौर में सीधे सेटों में हारकर बाहर हो गए।
अपने 18वें ग्रैंडस्लैम की कवायद में जुटे और दूसरी वरीयता प्राप्त फेडरर ने दुनिया में 188वें नंबर के भारतीय खिलाड़ी को बुधवार को एक घंटा और 22 मिनट तक चले मुकाबले में 6-2, 6-1, 6-1 से करारी शिकस्त दी। सोमदेव क्वालीफायर के जरिये मुख्य ड्रॉ में पहुंचे। उन्होंने पहले दौर में स्पेन के डेनियल मुनोज डि ला नोवा को हराया था।टिप्पणियां
फेडरर के सामने हालांकि सोमदेव की एक नहीं चली। वह शुरू में ही स्विटजरलैंड के खिलाड़ी के सामने दबाव में आ गए और आखिर तक उससे नहीं उबर पाए। फेडरर ने शुरू में ही उनकी सर्विस तोड़कर 2-0 की बढ़त बनाई। सोमदेव ने यहां पर अपनी सर्विस बचाई। उन्हें इसके बाद चौथे गेम में ब्रेक प्वाइंट लेने के दो मौके मिले, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। फेडरर ने केवल 23 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर दिया।
दूसरे सेट में भी कहानी नहीं बदली, जिसे स्विस खिलाड़ी ने 31 मिनट में जीता। सोमदेव अपनी सर्विस पर कुछ चुनौती देते रहे, लेकिन फेडरर की तूफानी सर्विस का उनके पास जवाब नहीं था। सोमदेव तीसरे सेट के छठे गेम में अपनी सर्विस बचा पाए। फेडरर ने यह सेट 28 मिनट में अपने नाम करके तीसरे दौर में जगह बनाई।
अपने 18वें ग्रैंडस्लैम की कवायद में जुटे और दूसरी वरीयता प्राप्त फेडरर ने दुनिया में 188वें नंबर के भारतीय खिलाड़ी को बुधवार को एक घंटा और 22 मिनट तक चले मुकाबले में 6-2, 6-1, 6-1 से करारी शिकस्त दी। सोमदेव क्वालीफायर के जरिये मुख्य ड्रॉ में पहुंचे। उन्होंने पहले दौर में स्पेन के डेनियल मुनोज डि ला नोवा को हराया था।टिप्पणियां
फेडरर के सामने हालांकि सोमदेव की एक नहीं चली। वह शुरू में ही स्विटजरलैंड के खिलाड़ी के सामने दबाव में आ गए और आखिर तक उससे नहीं उबर पाए। फेडरर ने शुरू में ही उनकी सर्विस तोड़कर 2-0 की बढ़त बनाई। सोमदेव ने यहां पर अपनी सर्विस बचाई। उन्हें इसके बाद चौथे गेम में ब्रेक प्वाइंट लेने के दो मौके मिले, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। फेडरर ने केवल 23 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर दिया।
दूसरे सेट में भी कहानी नहीं बदली, जिसे स्विस खिलाड़ी ने 31 मिनट में जीता। सोमदेव अपनी सर्विस पर कुछ चुनौती देते रहे, लेकिन फेडरर की तूफानी सर्विस का उनके पास जवाब नहीं था। सोमदेव तीसरे सेट के छठे गेम में अपनी सर्विस बचा पाए। फेडरर ने यह सेट 28 मिनट में अपने नाम करके तीसरे दौर में जगह बनाई।
फेडरर के सामने हालांकि सोमदेव की एक नहीं चली। वह शुरू में ही स्विटजरलैंड के खिलाड़ी के सामने दबाव में आ गए और आखिर तक उससे नहीं उबर पाए। फेडरर ने शुरू में ही उनकी सर्विस तोड़कर 2-0 की बढ़त बनाई। सोमदेव ने यहां पर अपनी सर्विस बचाई। उन्हें इसके बाद चौथे गेम में ब्रेक प्वाइंट लेने के दो मौके मिले, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। फेडरर ने केवल 23 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर दिया।
दूसरे सेट में भी कहानी नहीं बदली, जिसे स्विस खिलाड़ी ने 31 मिनट में जीता। सोमदेव अपनी सर्विस पर कुछ चुनौती देते रहे, लेकिन फेडरर की तूफानी सर्विस का उनके पास जवाब नहीं था। सोमदेव तीसरे सेट के छठे गेम में अपनी सर्विस बचा पाए। फेडरर ने यह सेट 28 मिनट में अपने नाम करके तीसरे दौर में जगह बनाई।
दूसरे सेट में भी कहानी नहीं बदली, जिसे स्विस खिलाड़ी ने 31 मिनट में जीता। सोमदेव अपनी सर्विस पर कुछ चुनौती देते रहे, लेकिन फेडरर की तूफानी सर्विस का उनके पास जवाब नहीं था। सोमदेव तीसरे सेट के छठे गेम में अपनी सर्विस बचा पाए। फेडरर ने यह सेट 28 मिनट में अपने नाम करके तीसरे दौर में जगह बनाई। | भारतीय टेनिस स्टार सोमदेव देववर्मन दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर की तीखी सर्विस और करारे शॉट का जवाब देने में नाकाम रहे और फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल के दूसरे दौर में सीधे सेटों में हारकर बाहर हो गए। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रसिद्ध वैज्ञानिक व अंतरिक्ष आयोग के वरिष्ठ सदस्य रोदम नरसिम्हा ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसका कारण एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते को लेकर भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर तथा तीन अन्य वैज्ञानिकों पर सरकार द्वारा लगाया गया प्रतिबंध बताया जा रहा है।
इसरो के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "नरसिम्हा ने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपा। इसलिए हमारे पास इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया? लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक, वह नायर सहित शीर्ष चार अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के खिलाफ सरकार की हाल की कार्रवाई को लेकर दुखी थे।"
नरसिम्हा (78) पिछले दो दशक से अंतरिक्ष आयोग से जुड़े रहे हैं और सबसे लम्बे समय से इसके सदस्य रहे हैं। टिप्पणियां
इसरो के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय अंतरिक्ष समिति ने नायर तथा तीन अन्य अंतरिक्ष वैज्ञानिकों- पूर्व वैज्ञानिक सचिव ए. भास्करनारायण, इसरो के उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर तथा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के पर्वू कार्यकारी निदेशक केआर सिद्धार्थमूर्ति को इस मामले में एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते में हुई गड़बड़ियों के लिए दोषी ठहराया था, जिसके बाद सरकार ने इन चारों वैज्ञानिकों को आजीवन किसी भी सार्वजनिक पद पर होने से प्रतिबंधित कर दिया।
इसरो के अधिकारी के मुताबिक, नरसिम्हा इस पूरी प्रक्रिया से आहत थे। समिति ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। लेकिन नरसिम्हा इससे सहमत नहीं थे। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई अवांछित थी।
इसरो के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "नरसिम्हा ने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपा। इसलिए हमारे पास इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया? लेकिन हमारी जानकारी के मुताबिक, वह नायर सहित शीर्ष चार अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के खिलाफ सरकार की हाल की कार्रवाई को लेकर दुखी थे।"
नरसिम्हा (78) पिछले दो दशक से अंतरिक्ष आयोग से जुड़े रहे हैं और सबसे लम्बे समय से इसके सदस्य रहे हैं। टिप्पणियां
इसरो के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय अंतरिक्ष समिति ने नायर तथा तीन अन्य अंतरिक्ष वैज्ञानिकों- पूर्व वैज्ञानिक सचिव ए. भास्करनारायण, इसरो के उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर तथा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के पर्वू कार्यकारी निदेशक केआर सिद्धार्थमूर्ति को इस मामले में एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते में हुई गड़बड़ियों के लिए दोषी ठहराया था, जिसके बाद सरकार ने इन चारों वैज्ञानिकों को आजीवन किसी भी सार्वजनिक पद पर होने से प्रतिबंधित कर दिया।
इसरो के अधिकारी के मुताबिक, नरसिम्हा इस पूरी प्रक्रिया से आहत थे। समिति ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। लेकिन नरसिम्हा इससे सहमत नहीं थे। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई अवांछित थी।
नरसिम्हा (78) पिछले दो दशक से अंतरिक्ष आयोग से जुड़े रहे हैं और सबसे लम्बे समय से इसके सदस्य रहे हैं। टिप्पणियां
इसरो के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय अंतरिक्ष समिति ने नायर तथा तीन अन्य अंतरिक्ष वैज्ञानिकों- पूर्व वैज्ञानिक सचिव ए. भास्करनारायण, इसरो के उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर तथा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के पर्वू कार्यकारी निदेशक केआर सिद्धार्थमूर्ति को इस मामले में एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते में हुई गड़बड़ियों के लिए दोषी ठहराया था, जिसके बाद सरकार ने इन चारों वैज्ञानिकों को आजीवन किसी भी सार्वजनिक पद पर होने से प्रतिबंधित कर दिया।
इसरो के अधिकारी के मुताबिक, नरसिम्हा इस पूरी प्रक्रिया से आहत थे। समिति ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। लेकिन नरसिम्हा इससे सहमत नहीं थे। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई अवांछित थी।
इसरो के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय अंतरिक्ष समिति ने नायर तथा तीन अन्य अंतरिक्ष वैज्ञानिकों- पूर्व वैज्ञानिक सचिव ए. भास्करनारायण, इसरो के उपग्रह केंद्र के पूर्व निदेशक केएन शंकर तथा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के पर्वू कार्यकारी निदेशक केआर सिद्धार्थमूर्ति को इस मामले में एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते में हुई गड़बड़ियों के लिए दोषी ठहराया था, जिसके बाद सरकार ने इन चारों वैज्ञानिकों को आजीवन किसी भी सार्वजनिक पद पर होने से प्रतिबंधित कर दिया।
इसरो के अधिकारी के मुताबिक, नरसिम्हा इस पूरी प्रक्रिया से आहत थे। समिति ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। लेकिन नरसिम्हा इससे सहमत नहीं थे। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई अवांछित थी।
इसरो के अधिकारी के मुताबिक, नरसिम्हा इस पूरी प्रक्रिया से आहत थे। समिति ने चारों वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। लेकिन नरसिम्हा इससे सहमत नहीं थे। उनके अनुसार, वैज्ञानिकों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई अवांछित थी। | संक्षिप्त पाठ: प्रसिद्ध वैज्ञानिक व अंतरिक्ष आयोग के वरिष्ठ सदस्य रोदम नरसिम्हा ने पद से इस्तीफा दे दिया। इसका कारण एंट्रिक्स-देवास स्पेक्ट्रम समझौते को लेकर इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर तथा तीन अन्य वैज्ञानिकों पर सरकार द्वारा लगाया गया प्रतिबंध बताया जा रहा है | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में दूसरे स्थान पर अब बिल गेट्स (Bill Gates) की जगह किसी और ने ले ली है. बिल गेट्स की जगह लेने वाले इस शख्स का नाम है बर्नार्ड अरनॉल्ट. अरनॉल्ट (Bernard Arnault) अब दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. 7 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स तीसरे स्थान पर आए हैं. LVMH (लुई विटन मोएत हेनेसी) के चेयरमैन और सीईओ बर्नार्ड अरनॉल्ट की नेटवर्थ 108 अरब डॉलर (7.45 लाख करोड़ रुपए) हो गई है. वहीं बिल गेट्स की नेटवर्थ 107 अरब डॉलर (7.38 लाख करोड़ रुपए) है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में दूसरे स्थान पर जगह बना चुके अरनॉल्ट की नेटवर्थ में इस साल सबसे ज्यादा 39 अरब डॉलर (2.69 लाख करोड़ रुपए) का इजाफा हुआ है. उनकी नेटवर्थ फ्रांस की जीडीपी के 3% के बराबर है.
बता दें कि लोरियल की उत्तराधिकारी फ्रांकोस बेटेनकोर्ट मेयर दुनिया की सबसे अमीर महिला है और वह अमीरों की इस लिस्ट में 9वें स्थान पर हैं. वहीं, गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज इस लिस्ट में 10वीं स्थान पर हैं. भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के पास 51.8 अरब डॉलर की संपत्ति है और वह दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. विप्रो के सीईओ अजीम प्रेमजी 20.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 48वें स्थान पर हैं. | यह एक सारांश है: बर्नार्ड अरनॉल्ट दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बने गए हैं.
अरनॉल्ट की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा 39 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है.
बिल गेट्स अब 107 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं. | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले काफी अरसे से बॉक्स ऑफिस पर जिस स्टार की दहाड़ सबसे ज़्यादा सुनाई देती है, वह सलमान खान हैं, और इस बार भी ईद के मौके पर रिलीज़ हुई यशराज बैनर के तले बनी उनकी फिल्म 'एक था टाइगर' ने भी न सिर्फ पहले पांच-छह दिनों की कमाई के अगले-पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं, बल्कि आसार तो ऐसे नज़र आ रहे हैं, कि यह फिल्म कमाई के बाकी बचे रिकॉर्ड भी जल्द ही तोड़ डालेगी...
सलमान खान की 'एक था टाइगर' किस कदर हिट रही है, इसका अंदाज़ा इस बात से बेहद आसानी से लगाया जा सकता है कि सिर्फ ईद के दिन ही उसकी कलेक्शन 20 करोड़ रुपये से ज़्यादा रही, और यह फिल्म 100 करोड़ का कारोबार करने वाली फिल्मों की फेहरिस्त में सबसे कम दिनों में ऐसा करने वाली फिल्म के तौर पर शुमार हो गई...
फिल्म कारोबार के जानकारों के अनुसार बुधवार तक 'एक था टाइगर' का कलेक्शन बेहतर ही रहेगा... कोमल नाहटा के मुताबिक उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में 'एक था टाइगर' सलमान खान की ही 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' के अब तक किए कारोबार के आंकड़े को पार कर लेगी... नाहटा के मुताबिक 'एक था टाइगर' न सिर्फ 150 करोड़ रुपये का कलेक्शन आसानी से कर लेगी, बल्कि यही आलम रहा तो वह 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'थ्री इडियट्स' की बराबरी भी कर सकती है... टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह सलमान खान की वर्ष 2009 के बाद लगातार पांचवीं हिट फिल्म है, जबकि इनमें से चार फिल्मों 'दबंग', 'रेडी', 'बॉडीगार्ड' और अब 'एक था टाइगर' ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि वर्ष 2009 में आई और जबरदस्त हिट रही 'वॉन्टेड' इस आंकड़े को नहीं छू पाई थी...
इन पांच हिट फिल्मों ने अब तक कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है, और यह रकम फिलहाल सिर्फ बढ़ती ही दिखाई दे रही है... लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सलमान खान रुकने वाले नहीं हैं, और वह अभी से अगली ईद की तैयारी में जुटे हैं... माना जा रहा है कि वह अपने भाई सोहैल खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही खुद की फिल्म 'शेरखान' को अगली ईद पर रिलीज़ करना चाहते हैं... तो आइए, इंतज़ार करते हैं, यह सोचते हुए कि जब 'टाइगर' ने यह कमाल किया है, तो 'शेर' क्या धमाल करेगा...
सलमान खान की 'एक था टाइगर' किस कदर हिट रही है, इसका अंदाज़ा इस बात से बेहद आसानी से लगाया जा सकता है कि सिर्फ ईद के दिन ही उसकी कलेक्शन 20 करोड़ रुपये से ज़्यादा रही, और यह फिल्म 100 करोड़ का कारोबार करने वाली फिल्मों की फेहरिस्त में सबसे कम दिनों में ऐसा करने वाली फिल्म के तौर पर शुमार हो गई...
फिल्म कारोबार के जानकारों के अनुसार बुधवार तक 'एक था टाइगर' का कलेक्शन बेहतर ही रहेगा... कोमल नाहटा के मुताबिक उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में 'एक था टाइगर' सलमान खान की ही 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' के अब तक किए कारोबार के आंकड़े को पार कर लेगी... नाहटा के मुताबिक 'एक था टाइगर' न सिर्फ 150 करोड़ रुपये का कलेक्शन आसानी से कर लेगी, बल्कि यही आलम रहा तो वह 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'थ्री इडियट्स' की बराबरी भी कर सकती है... टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह सलमान खान की वर्ष 2009 के बाद लगातार पांचवीं हिट फिल्म है, जबकि इनमें से चार फिल्मों 'दबंग', 'रेडी', 'बॉडीगार्ड' और अब 'एक था टाइगर' ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि वर्ष 2009 में आई और जबरदस्त हिट रही 'वॉन्टेड' इस आंकड़े को नहीं छू पाई थी...
इन पांच हिट फिल्मों ने अब तक कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है, और यह रकम फिलहाल सिर्फ बढ़ती ही दिखाई दे रही है... लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सलमान खान रुकने वाले नहीं हैं, और वह अभी से अगली ईद की तैयारी में जुटे हैं... माना जा रहा है कि वह अपने भाई सोहैल खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही खुद की फिल्म 'शेरखान' को अगली ईद पर रिलीज़ करना चाहते हैं... तो आइए, इंतज़ार करते हैं, यह सोचते हुए कि जब 'टाइगर' ने यह कमाल किया है, तो 'शेर' क्या धमाल करेगा...
फिल्म कारोबार के जानकारों के अनुसार बुधवार तक 'एक था टाइगर' का कलेक्शन बेहतर ही रहेगा... कोमल नाहटा के मुताबिक उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में 'एक था टाइगर' सलमान खान की ही 'दबंग' और 'बॉडीगार्ड' के अब तक किए कारोबार के आंकड़े को पार कर लेगी... नाहटा के मुताबिक 'एक था टाइगर' न सिर्फ 150 करोड़ रुपये का कलेक्शन आसानी से कर लेगी, बल्कि यही आलम रहा तो वह 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'थ्री इडियट्स' की बराबरी भी कर सकती है... टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि यह सलमान खान की वर्ष 2009 के बाद लगातार पांचवीं हिट फिल्म है, जबकि इनमें से चार फिल्मों 'दबंग', 'रेडी', 'बॉडीगार्ड' और अब 'एक था टाइगर' ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि वर्ष 2009 में आई और जबरदस्त हिट रही 'वॉन्टेड' इस आंकड़े को नहीं छू पाई थी...
इन पांच हिट फिल्मों ने अब तक कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है, और यह रकम फिलहाल सिर्फ बढ़ती ही दिखाई दे रही है... लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सलमान खान रुकने वाले नहीं हैं, और वह अभी से अगली ईद की तैयारी में जुटे हैं... माना जा रहा है कि वह अपने भाई सोहैल खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही खुद की फिल्म 'शेरखान' को अगली ईद पर रिलीज़ करना चाहते हैं... तो आइए, इंतज़ार करते हैं, यह सोचते हुए कि जब 'टाइगर' ने यह कमाल किया है, तो 'शेर' क्या धमाल करेगा...
उल्लेखनीय है कि यह सलमान खान की वर्ष 2009 के बाद लगातार पांचवीं हिट फिल्म है, जबकि इनमें से चार फिल्मों 'दबंग', 'रेडी', 'बॉडीगार्ड' और अब 'एक था टाइगर' ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, हालांकि वर्ष 2009 में आई और जबरदस्त हिट रही 'वॉन्टेड' इस आंकड़े को नहीं छू पाई थी...
इन पांच हिट फिल्मों ने अब तक कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है, और यह रकम फिलहाल सिर्फ बढ़ती ही दिखाई दे रही है... लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सलमान खान रुकने वाले नहीं हैं, और वह अभी से अगली ईद की तैयारी में जुटे हैं... माना जा रहा है कि वह अपने भाई सोहैल खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही खुद की फिल्म 'शेरखान' को अगली ईद पर रिलीज़ करना चाहते हैं... तो आइए, इंतज़ार करते हैं, यह सोचते हुए कि जब 'टाइगर' ने यह कमाल किया है, तो 'शेर' क्या धमाल करेगा...
इन पांच हिट फिल्मों ने अब तक कुल मिलाकर 600 करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा पार कर लिया है, और यह रकम फिलहाल सिर्फ बढ़ती ही दिखाई दे रही है... लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सलमान खान रुकने वाले नहीं हैं, और वह अभी से अगली ईद की तैयारी में जुटे हैं... माना जा रहा है कि वह अपने भाई सोहैल खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही खुद की फिल्म 'शेरखान' को अगली ईद पर रिलीज़ करना चाहते हैं... तो आइए, इंतज़ार करते हैं, यह सोचते हुए कि जब 'टाइगर' ने यह कमाल किया है, तो 'शेर' क्या धमाल करेगा... | यह एक सारांश है: माना जा रहा है कि 'एक था टाइगर' न सिर्फ 150 करोड़ का कलेक्शन आसानी से कर लेगी, बल्कि वह तो 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर 'थ्री इडियट्स' की बराबरी भी कर सकती है... | 16 | ['hin'] |
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