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इस पाठ का सारांश बनाओ: खेल मंत्री अजय माकन ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय खेल विधेयक को फिलहाल भले ही खारिज कर दिया गया हो लेकिन उन्हें विश्वास है कि इस विधेयक को अगली बार कैबिनेट की अनुमति मिल जाएगी। विधेयक के घटनाक्रम पर निराशा व्यक्त करते हुए माकन ने कहा कि मौजूदा में बिल सुधार करते हुए इस जल्दी जल्दी से फिर से पेश किया जाएगा। माकन ने बताया, हम कैबिनेट बैठक की संम्पूर्ण चर्चा की समीक्षा कर रहे है और एक बार यह कार्य हो जाने के बाद हम फिर से खेल विकास विधेयक को कैबिनेट में पेश करेंगे। उन्होंने कहा, हम विभिन्न मंत्रियों से मिल कर सलाह करेंगे और उनकी आपत्तियों को दर्ज करेंगे। उनको फिर विधेयक में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा और उम्मीद है कि अगली बार हम इसे पारित करने के लिये कैबिनेट में पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि यह विधेयक अब कब आएगा लेकिन संसद इस सत्र में इसके पारित होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल मंत्रालय चाहता था कि ये विधेयक संसद के मौजूदा सत्र में ही पारित हो जाए लेकिन कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण हम आगे नहीं बढ़ पाए। खेल मंत्री ने कहा कि खेलों में जवाबदेही और पारदर्शिता तय करने के लिए इस विधेयक का लाया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि कैबिनेट ने मंगलवार को खेल मंत्रालय के राष्ट्रीय खेल विधेयक को खारिज कर दिया था। आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार, मुंबई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विलासराव देशमुख और जम्मू कश्मीर संघ के प्रमुख फारूख अब्दुल्ला ने इसका विरोध किया था। | यह एक सारांश है: खेल मंत्री अजय माकन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रीय खेल विधेयक को अगली बार कैबिनेट की अनुमति मिल जाएगी। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार देर शाम एक बोलेरो गाड़ी सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई. इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और अन्य तीन घायल हैं. पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के सेमरा मोड़ पर बोलेरो एक ट्रक से जा टकराई. बोलेरो में सवार लोग छत्तीसगढ़ के बस्तर के निवासी हैं. वे बनारस से लौट रहे थे. टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार, हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हुई है और तीन घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस के अनुसार, हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हुई है और तीन घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: एक बोलेरो गाड़ी सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई
इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और अन्य तीन घायल हैं
बोलेरो में सवार लोग छत्तीसगढ़ के बस्तर के निवासी हैं | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Bhojpuri Cinema: 17 जुलाई से सावन (Sawan 2019) का महीना शुरू हो रहा है और भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) में 'बोल बम (Bol Bam)' की गूंज अभी से ही सुनाई देने लगी है. भोजपुरी फिल्मों (Bhojpuri Movie) के सुपरस्टार चाहे वह खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) हों या पवन सिंह (Pawan Singh) हर कोई बोल बम का गाना बना रहा है. भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह के नए कांवड़ सॉन्ग (Kanwar Songh) 'भोला जी नइहरे में रहे दी' ने रिलीज होते ही यूट्यूब पर तहलका मचा दिया है. रिलीज होने के दो दिन के भीतर ही इस भोजपुरी कांवड़ सॉन्ग को लगभग 15 लाख बार देखा जा चुका है.
भोजपुरी (Bhojpuri) सुपरस्टार पवन सिंह (Pawan Singh) के सॉन्ग 'भोला जी नइहरे में रहे दी' सॉन्ग को खुद पावर स्टार ने गाया है और उनका साथ सोना सिंह ने दिया है. भोजपुरी बोल बम गाने के लिरिक्स आर.आर. पंकज के हैं जबकि म्यूजिक छोटे बाबा का है. पवन सिंह का ये भोजपुरी बोल बम सॉन्ग सोशल मीडिया पर धूम मचाए हुए है और इसे खूब पसंद भी किया जा रहा है. | सारांश: 17 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन
पवन सिंह का कांवड़ सॉन्ग हुआ वायरल
15 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है सॉन्ग | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में राज्य वक्फ बोर्ड की जमीन से जुड़े दो लाख करोड़ के घोटाले की रिपोर्ट कर्नाटक विधानसभा में रखी जाएगी। कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग ने इस घोटाले का खुलासा किया है। कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अनवर मनिपद्दी ने कहा कि मैंने वक्फ बोर्ड भूमि घोटाले से संबंधित 7500 पेज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी है। इस रिपोर्ट को सदन में रखा जाएगा।टिप्पणियां
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में वक्फ बोर्ड की 22 हजार संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें निजी लोगों और संस्थानों को बेच दिया गया। इससे राजकोष को करीब दो लाख करोड़ रुपये का चूना लगा।
इस घोटाले में कई बड़े राजनेताओं के साथ ही कई वक्फ बोर्डों के सदस्य, वक्फ अधिकारी, दलाल तथा भूमि माफिया शामिल हैं। आयोग की रिपोर्ट में 38 कांग्रेसी नेताओं के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वक्फ बोर्ड की 85 फीसदी भूमि का दुरुपयोग तो बंगलूरू में ही किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में वक्फ बोर्ड की 22 हजार संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें निजी लोगों और संस्थानों को बेच दिया गया। इससे राजकोष को करीब दो लाख करोड़ रुपये का चूना लगा।
इस घोटाले में कई बड़े राजनेताओं के साथ ही कई वक्फ बोर्डों के सदस्य, वक्फ अधिकारी, दलाल तथा भूमि माफिया शामिल हैं। आयोग की रिपोर्ट में 38 कांग्रेसी नेताओं के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वक्फ बोर्ड की 85 फीसदी भूमि का दुरुपयोग तो बंगलूरू में ही किया गया है।
इस घोटाले में कई बड़े राजनेताओं के साथ ही कई वक्फ बोर्डों के सदस्य, वक्फ अधिकारी, दलाल तथा भूमि माफिया शामिल हैं। आयोग की रिपोर्ट में 38 कांग्रेसी नेताओं के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वक्फ बोर्ड की 85 फीसदी भूमि का दुरुपयोग तो बंगलूरू में ही किया गया है। | संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक में राज्य वक्फ बोर्ड की जमीन से जुड़े दो लाख करोड़ के घोटाले की रिपोर्ट कर्नाटक विधानसभा में रखी जाएगी। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मोटापे से परेशान हैं तो हर दिन मन मारने की बजाय डायटिंग के लिए हफ्ते के दो दिन तय कर लीजिए और बाकी दिन जो मन चाहे खाइए। एक नए अध्ययन के अनुसार ब्रिटेन के दक्षिण मांचेस्टर में यूनीवर्सिटी हास्पिटल के अनुसंधानकर्ताओं ने 115 महिलाओं को अलग-अलग तरह की डायटिंग पर रखा। पहले वर्ग की महिलाओं को सप्ताह के दो दिन सिर्फ 650 कैलोरी दी गई और उनके भोजन से कार्बोहाइड्रेट- जैसे ब्रेड, आलू और पास्ता तथा तमाम वसा वाले पदार्थ हटा दिए गए। उन्हें सप्ताह के बाकी पांच दिन उनकी मर्जी का भोजन करने की इजाजत दी गई, हालांकि उन्हें पोषक आहार लेने की सलाह दी गई। दूसरे वर्ग की महिलाओं को सप्ताह के दो दिन सिर्फ कार्बोहाइड्रेट खाने से रोका गया, लेकिन उनके भोजन में कैलोरी की सीमा तय नहीं की गई और उनसे बाकी दिन अपना मनपसंद भोजन करने को कहा गया। तीसरे वर्ग की महिलाओं को सामान्य डायटिंग करने को कहा गया, जिसके अंतर्गत उन्हें सप्ताह के सातों दिन 1500 कैलोरी प्रतिदिन के हिसाब से भोजन करना था और वसायुक्त भोजन से बचना था। 'डेली मेल' के अनुसार पहले वर्ग की महिलाओं ने सबसे ज्यादा वजन कम किया, जबकि पूरे हफ्ते डायटिंग करने वाली महिलाओं ने उनसे आधा यानी दो किलो चार सौ ग्राम वजन कम किया। अस्पताल के जेनेसिस ब्रेस्ट कैंसर प्रिवेंशन सेंटर के डॉक्टर मिशेल हार्वी ने कहा ऐसा लगता है कि दो दिन सख्त डायटिंग करने का असर हफ्ते के बाकी दिन भी बना रहा और बाकी दिन सामान्य भोजन करने के बावजूद महिलाओं ने आसानी से वजन कम कर लिया। मिशेल के अनुसार दो दिन सख्त डायटिंग करने वाली महिलाओं को हालांकि बाकी दिन अपना मनपसंद भोजन करने की छूट थी, लेकिन अध्ययन के दौरान यह देखने में आया कि सप्ताह के बाकी दिन भी उन्होंने सामान्य से कम भोजन किया। | सारांश: मोटापे से परेशान हैं तो हर दिन मन मारने की बजाय डायटिंग के लिए हफ्ते के दो दिन तय कर लीजिए और बाकी दिन जो मन चाहे खाइए... | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि वह कभी निजी उपलब्धियों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते, क्योंकि यदि इस तरह के रिकॉर्ड से टीम को फायदा नहीं होता, तो उन्हें बहुत बुरा लगता। क्लार्क ने भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 329 रन बनाए, जिससे आस्ट्रेलिया ने यह मैच पारी और 68 रन से जीता। जब वह डॉन ब्रैडमैन और मार्क टेलर के 334 रन के स्कोर को पार करने के करीब थे, तब उन्होंने टीम को तवज्जो देकर पारी समाप्त घोषित कर दी थी।टिप्पणियां
क्लार्क ने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा है, ‘‘यदि इतने अधिक रन बनाकर भी हम टेस्ट मैच नहीं जीत पाते, तो बहुत बुरा लगता। मैं दो महीने पहले ही दक्षिण अफ्रीका में ऐसी भावनाओं से गुजरा था। तब केपटाउन में मैंने 151 रन बनाए, जो गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों और दक्षिण अफ्रीका के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण को देखते हुए मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी थी।’’ वैसे क्लार्क को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने 300 से अधिक रन का स्कोर बनाया और वह भी अपने घरेलू मैदान पर यह उपलब्धि हासिल की।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैंने टेस्ट मैच में 300 रन बनाए। मुझे नहीं लगता कि मैं संन्यास लेने तक यह मान पाऊंगा। मेरा मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी के साथ ऐसा होता है। आप वर्तमान में जीते हैं। अगली गेंद और अगले टेस्ट मैच पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पीछे मुड़कर देखने के लिए बहुत कम समय होता है तथा आप जीत के लिए रन बनाते हैं और विकेट लेते हैं।’’
क्लार्क ने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा है, ‘‘यदि इतने अधिक रन बनाकर भी हम टेस्ट मैच नहीं जीत पाते, तो बहुत बुरा लगता। मैं दो महीने पहले ही दक्षिण अफ्रीका में ऐसी भावनाओं से गुजरा था। तब केपटाउन में मैंने 151 रन बनाए, जो गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों और दक्षिण अफ्रीका के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण को देखते हुए मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी थी।’’ वैसे क्लार्क को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने 300 से अधिक रन का स्कोर बनाया और वह भी अपने घरेलू मैदान पर यह उपलब्धि हासिल की।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैंने टेस्ट मैच में 300 रन बनाए। मुझे नहीं लगता कि मैं संन्यास लेने तक यह मान पाऊंगा। मेरा मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी के साथ ऐसा होता है। आप वर्तमान में जीते हैं। अगली गेंद और अगले टेस्ट मैच पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पीछे मुड़कर देखने के लिए बहुत कम समय होता है तथा आप जीत के लिए रन बनाते हैं और विकेट लेते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैंने टेस्ट मैच में 300 रन बनाए। मुझे नहीं लगता कि मैं संन्यास लेने तक यह मान पाऊंगा। मेरा मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी के साथ ऐसा होता है। आप वर्तमान में जीते हैं। अगली गेंद और अगले टेस्ट मैच पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पीछे मुड़कर देखने के लिए बहुत कम समय होता है तथा आप जीत के लिए रन बनाते हैं और विकेट लेते हैं।’’ | संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान क्लार्क ने कहा कि यदि निजी उपलब्धियों से टीम को फायदा नहीं होता, तो उन्हें बहुत बुरा लगता। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाल में करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को एनडीटीवी ने ‘लीजेंड ऑफ स्पोर्ट’ पुरस्कार के लिए चुना।
एनडीटीवी ने ‘स्पिरिट आफ स्पोर्ट’ पुरस्कारों की घोषणा की जिसके तहत ये पुरस्कार दिए गए।
दिवंगत क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया।टिप्पणियां
‘इंडियास आउटस्टैंडिंग अचीवर्स’ वर्ग के तहत छह खिलाड़ियों का चयन किया गया जिनमें मुक्केबाज विजेंदर सिंह और एमसी मैरीकोम, फुटबालर सुनील छेत्री, रेसर करुण चंडोक, पंकज आडवाणी और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शामिल रहे।
कुल 16 वर्गों में पुरस्कार दिए गए जिसमें बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु को बालीवुड की सबसे फिट सेलीब्रिटी का पुरस्कार मिला।
युवा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘जेनरेशन नेक्सट ऑफ क्रिकेट पुरस्कार’ के लिए चुना गया।
एनडीटीवी ने ‘स्पिरिट आफ स्पोर्ट’ पुरस्कारों की घोषणा की जिसके तहत ये पुरस्कार दिए गए।
दिवंगत क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया।टिप्पणियां
‘इंडियास आउटस्टैंडिंग अचीवर्स’ वर्ग के तहत छह खिलाड़ियों का चयन किया गया जिनमें मुक्केबाज विजेंदर सिंह और एमसी मैरीकोम, फुटबालर सुनील छेत्री, रेसर करुण चंडोक, पंकज आडवाणी और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शामिल रहे।
कुल 16 वर्गों में पुरस्कार दिए गए जिसमें बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु को बालीवुड की सबसे फिट सेलीब्रिटी का पुरस्कार मिला।
युवा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘जेनरेशन नेक्सट ऑफ क्रिकेट पुरस्कार’ के लिए चुना गया।
दिवंगत क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया।टिप्पणियां
‘इंडियास आउटस्टैंडिंग अचीवर्स’ वर्ग के तहत छह खिलाड़ियों का चयन किया गया जिनमें मुक्केबाज विजेंदर सिंह और एमसी मैरीकोम, फुटबालर सुनील छेत्री, रेसर करुण चंडोक, पंकज आडवाणी और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शामिल रहे।
कुल 16 वर्गों में पुरस्कार दिए गए जिसमें बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु को बालीवुड की सबसे फिट सेलीब्रिटी का पुरस्कार मिला।
युवा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘जेनरेशन नेक्सट ऑफ क्रिकेट पुरस्कार’ के लिए चुना गया।
‘इंडियास आउटस्टैंडिंग अचीवर्स’ वर्ग के तहत छह खिलाड़ियों का चयन किया गया जिनमें मुक्केबाज विजेंदर सिंह और एमसी मैरीकोम, फुटबालर सुनील छेत्री, रेसर करुण चंडोक, पंकज आडवाणी और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल शामिल रहे।
कुल 16 वर्गों में पुरस्कार दिए गए जिसमें बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु को बालीवुड की सबसे फिट सेलीब्रिटी का पुरस्कार मिला।
युवा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘जेनरेशन नेक्सट ऑफ क्रिकेट पुरस्कार’ के लिए चुना गया।
कुल 16 वर्गों में पुरस्कार दिए गए जिसमें बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा बसु को बालीवुड की सबसे फिट सेलीब्रिटी का पुरस्कार मिला।
युवा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘जेनरेशन नेक्सट ऑफ क्रिकेट पुरस्कार’ के लिए चुना गया। | यहाँ एक सारांश है:हाल में करियर ग्रैंडस्लैम पूरा करने वाले स्टार टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को एनडीटीवी ने ‘लीजेंड ऑफ स्पोर्ट’ पुरस्कार के लिए चुना। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गुजरात दंगों मामलों में ज़किया जाफ़री को अदालत से झटका लगा है। अदालत ने विरोध अर्ज़ी दायर करने की मियाद बीतने के अब अर्जी स्वीकारने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि अब जकिया ने अर्जी दायर करने का अधिकार खो दिया है। अदालत ने कहा कि कई बार निर्देश के बावजूद जकिया की ओर से कोई भी अर्जी दायर नहीं की गई। यह अर्जी क्लोज़र रिपोर्ट पर दी जानी थी।टिप्पणियां
अदालत ने कहा कि समय बीत जाने के कारण जाकिया जाफरी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ याचिका नहीं दायर कर सकतीं हैं।
ज़किया ने अदालत से और वक़्त मांगा था। उनके वकील का कोर्ट में तर्क था कि वह सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर केस दायर कर रही हैं और इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपील करेंगी।
अदालत ने कहा कि समय बीत जाने के कारण जाकिया जाफरी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ याचिका नहीं दायर कर सकतीं हैं।
ज़किया ने अदालत से और वक़्त मांगा था। उनके वकील का कोर्ट में तर्क था कि वह सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर केस दायर कर रही हैं और इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपील करेंगी।
ज़किया ने अदालत से और वक़्त मांगा था। उनके वकील का कोर्ट में तर्क था कि वह सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर केस दायर कर रही हैं और इस क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपील करेंगी। | सारांश: अदालत ने कहा कि समय बीत जाने के कारण जाकिया जाफरी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ याचिका नहीं दायर कर सकतीं हैं। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक में लोकायुक्त की विशेष अदालत ने पहली बार भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत किसी विधायक को दोषी ठहराते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी के वाई संपांगी को साढ़े तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायमूर्ति एनके सुधींद्र राव ने बीजेपी विधायक संपांगी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा होगी।टिप्पणियां
अदालत ने संपांगी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया। संपांगी कोलार गोल्डफील्ड विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्हें लोकायुक्त पुलिस ने 29 जनवरी, 2009 को एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये तथा साढ़े चार लाख का चेक लेते हुए पकड़ा था। यह राशि एक दीवानी मामले को निबटाने के लिए ली गई थी। राज्य में सत्तारूढ़ दल के लिए यह फैसला एक और झटका है। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित उसके कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
अदालत ने संपांगी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिया। संपांगी कोलार गोल्डफील्ड विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्हें लोकायुक्त पुलिस ने 29 जनवरी, 2009 को एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये तथा साढ़े चार लाख का चेक लेते हुए पकड़ा था। यह राशि एक दीवानी मामले को निबटाने के लिए ली गई थी। राज्य में सत्तारूढ़ दल के लिए यह फैसला एक और झटका है। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित उसके कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
उन्हें लोकायुक्त पुलिस ने 29 जनवरी, 2009 को एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये तथा साढ़े चार लाख का चेक लेते हुए पकड़ा था। यह राशि एक दीवानी मामले को निबटाने के लिए ली गई थी। राज्य में सत्तारूढ़ दल के लिए यह फैसला एक और झटका है। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित उसके कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। | यह एक सारांश है: लोकायुक्त की विशेष अदालत ने पहली बार भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत किसी विधायक को दोषी ठहराते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी के वाई संपांगी को साढ़े तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की ओर से पाकिस्तान से निवेश को मंजूरी दिए जाने के फैसले पर यहां के चरमपंथी संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उनका कहना है कि यह पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए उठाया गया कदम है।टिप्पणियां
जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने कहा, वतनपरस्त नागरिकों और कारोबारियों को भारत के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उसने दावा किया, भारत पाकिस्तान का दोस्त नहीं हो सकता और सरकार को यह बात दिमाग में रखनी चाहिए। भारत के साथ व्यापार का मतलब पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की बर्बादी है।
जमात-इ-इस्लामी प्रमुख मुनव्वर हसन ने कहा, भारत लगातार पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। पानी को लेकर हमारे खिलाफ उसने आक्रामक रुख अपना रखा है। उसने पाकिस्तान की नदियों पर 62 बांधों का निर्माण करवा दिया। वह पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी देने से इनकार कर रहा है। हसन ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान को रेगिस्तान में तब्दील कर उसके उद्योगों, कृषि और अर्थव्यस्था को खत्म करना चाहता है ताकि यह देश उस पर निर्भर हो जाए।
जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने कहा, वतनपरस्त नागरिकों और कारोबारियों को भारत के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उसने दावा किया, भारत पाकिस्तान का दोस्त नहीं हो सकता और सरकार को यह बात दिमाग में रखनी चाहिए। भारत के साथ व्यापार का मतलब पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की बर्बादी है।
जमात-इ-इस्लामी प्रमुख मुनव्वर हसन ने कहा, भारत लगातार पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। पानी को लेकर हमारे खिलाफ उसने आक्रामक रुख अपना रखा है। उसने पाकिस्तान की नदियों पर 62 बांधों का निर्माण करवा दिया। वह पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी देने से इनकार कर रहा है। हसन ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान को रेगिस्तान में तब्दील कर उसके उद्योगों, कृषि और अर्थव्यस्था को खत्म करना चाहता है ताकि यह देश उस पर निर्भर हो जाए।
जमात-इ-इस्लामी प्रमुख मुनव्वर हसन ने कहा, भारत लगातार पाकिस्तान को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। पानी को लेकर हमारे खिलाफ उसने आक्रामक रुख अपना रखा है। उसने पाकिस्तान की नदियों पर 62 बांधों का निर्माण करवा दिया। वह पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी देने से इनकार कर रहा है। हसन ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान को रेगिस्तान में तब्दील कर उसके उद्योगों, कृषि और अर्थव्यस्था को खत्म करना चाहता है ताकि यह देश उस पर निर्भर हो जाए। | संक्षिप्त पाठ: जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने कहा, वतनपरस्त नागरिकों और कारोबारियों को भारत के जाल में नहीं फंसना चाहिए। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मनोहर पर्रिकर ने गोवा का मुख्यमंत्री नामित किए जाने के बाद रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा. पीएमओ ने उसके इस्तीफे को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा. राष्ट्रपति की इस पर मुहर के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है. उल्लेखनीय है कि जेटली पहले के पास पहले भी इस मंत्रालय का प्रभार था लेकिन बाद में मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने इस प्रभार को छोड़ दिया था.
इससे पहले गोवा विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. अब वह 14 मार्च को शाम पांच बजे एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी को समर्थन देने वाली एमजीपी के नेता सुधीर ढवलीकर को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया. पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
इससे पहले गोवा विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. अब वह 14 मार्च को शाम पांच बजे एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी को समर्थन देने वाली एमजीपी के नेता सुधीर ढवलीकर को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया. पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया. पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
गोवा में बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में अपने पुराने सहयोगी MGP का मिलता समर्थन नकारने का मतलब होगा कि बीजेपी सत्ता की दौड़ से दूर हो जाए. ढवलीकर के मनोहर पर्रिकर और बीजेपी से बरकरार रिश्तों में खटास तब आयी जब लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया. पार्सेकर द्वारा MGP के मंत्रियों के ख़िलाफ़ दिए बयान के बाद MGP ने BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद MGP ने शिवसेना और गोवा सुरक्षा मंच के साथ गठजोड़ कर बीजेपी को चुनौती दी. इस गठबंधन की 3 सीट पर ही जीत हुई है. उनके समर्थन से बीजेपी 13 से 16 तक तो पहुंच जाएगी.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
MGP के अलावा गोवा फॉरवर्ड भी मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व को लेकर सकारात्मक है. इस गुट के पास भी 3 विधायकों का संख्याबल है. गुट के नेता विजय सरदेसाई ने गोवा में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के मुकाबले पर्रिकर अच्छे व्यक्ति हैं. कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड के उम्मीदवारों को प्रताड़ित किया है. ऐसे में कांग्रेस को समर्थन देना कैसे मुमकिन होगा? गोवा फॉरवर्ड के भी समर्थन से बीजेपी बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी और उसके पास 19 विधायकों का समर्थन हो सकता है.टिप्पणियां
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
गोवा में अब 3 निर्दलीय विधायक हैं. इनमें रोहन खंवटे, गोविन्द गावड़े और प्रसाद गांवकर शामिल हैं. इनके रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. इनमें से सेव गोवा फ्रंट के प्रसाद गांवकर को बीजेपी ने समर्थन दे कर चुनाव में उतारा है और जिससे बीजेपी गठबंधन का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है. जबकि बाकी बचे 2 निर्दलीयों में से रोहन खंवटे पर कांग्रेस ने अपना दांव लगाया है. गोवा प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रोहन खंवटे की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ रहेंगे. हालांकि, रोहन खंवटे और एनसीपी के 1-1 विधायक के समर्थन के बाद भी बीजेपी गठबंधन के मुकाबले कांग्रेस गठबंधन 1 विधायक पीछे है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है.
इन परिस्थितियों में सीएम बनने जा रहे मनोहर पर्रिकर को 6 महीने के भीतर गोवा विधानसभा का सदस्य बनाना होगा. जिसके लिए वर्तमान विधायक का इस्तीफ़ा जरूरी है. | संक्षिप्त पाठ: गोवा विधानसभा चुनावों के बाद पर्रिकर को चुना गया सीएम
उसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्री पद से दे दिया इस्तीफा
अरुण जेटली के पास पहले भी था इस मंत्रालय का प्रभार | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय व पाकिस्तानी विदेश सचिवों ने मंगलवार को आतंकवाद और जम्मू एवं कश्मीर सहित कई सारे मुद्दों पर चर्चा की और विश्वास बहाली के उपायों को अंतिम रूप दिया, जिनकी घोषणा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बुधवार की बातचीत के बाद की जाएगी। विदेश सचिव निरूपमा राव ने पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के साथ शिष्टमंडल स्तर की बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय सम्बंधों में पिछली मुलाकात के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों राजनयिकों ने विश्वास बहाली के कई उपायों को अंतिम रूप दिया, जिसमें विभाजित कश्मीर के बीच आवागमन व व्यापार बढ़ाने की बातें शामिल है। राव ने बशीर का स्वागत करते हुए बातचीत को प्रारम्भिक बताया। उन्होंने कहा, "हम उस चर्चा की तैयारी के लिए यहां आज मुलाकात कर रहे हैं, जो कल विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के बीच होगी।" राव ने कहा, "पिछले महीने इस्लामाबाद में हमारे बीच बहुत अच्छी बातचीत हुई थी और इस मुलाकात ने आज की चर्चा के रुख को तय कर दिया है।" बशीर ने राव को धन्यवाद देते हुए कहा, "मैं समझता हूं कि शांति और स्थिरता के लिए और दोनों देशों के बीच अच्छे सम्बंधों के लिए हमारे संयुक्त प्रयासों से हमें सतुष्ट होने के हर कारण हैं।" बशीर ने कहा कि वह दोनों मंत्रियों के बीच परिणामदायक मुलाकात को उत्सुक हैं। राव के नेतृत्व वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव वाई.के. सिन्हा, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश और अन्य अधिकारी शामिल हैं। बशीर के नेतृत्व वाले पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया की महानिदेशक जहरा एच.अकबरी, भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त शाहिद मलिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कृष्णा और खार बुधवार को विश्वास बहाली के जिन उपायों की घोषणा कर सकते हैं, उसमें नियंत्रण रेखा के आरपार बसों की आवृत्ति बढ़ाना, नियंत्रण रेखा के आरपार व्यापारिक दिवसों को दो दिन से बढ़ाकर चार दिन करना और व्यापार के लिए अधिक रास्ते खोलना शामिल हो सकते हैं। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय व पाक विदेश सचिवों ने आतंकवाद और जम्मू एवं कश्मीर सहित कई सारे मुद्दों पर चर्चा की और विश्वास बहाली के उपायों को अंतिम रूप दिया। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्टूडेंड ऑफ द ईयर 2 (SOTY 2) में लोगों को टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की एक्टिंग खूब पसंद आ रही है. 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' 10 मई को रिलीज हुई थी. इसमें टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), तारा सूतारिया (Tara Sutaria) और अनन्या पांडेय (Ananya Panday) मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं. ये फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. इससे पहले 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 (Student of The Year 2)' ने पहले दिन 12.06 करोड़ के साथ बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर अच्छी शुरुआत की थी. इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की एक्टिंग और उनके एक्शन को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है. पुनित मल्होत्रा के निर्देशन में बनी 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है.
बता दें 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 (Student of The Year 2)' से तारा सूतारिया (Tara Sutaria) और अनन्या पांडेय (Ananya Panday) ने फिल्मों में अपना डेब्यू किया है. हालांकि टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) के करियर की ये 5वीं फिल्म है. इससे पहले टाइगर श्राफ ने 'बागी 2' में लीड रोल निभाया था. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर हिट रही थी. कुल मिलाकर फिल्म बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है. | टाइगर श्रॉफ ने बिखेरा जलवा
उनकी फिल्म कर रही है शानदार कमाई
अब तक कमा डाले इतने करोड़ | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जिस ऑटो वाले ने उन्हें फिल्म 'थ्री इडियट' के प्रमोशन के दौरान वाराणसी शहर में घुमाया था, उसके बेटे की शादी में शामिल होने का वादा आमिर खान ने पूरा कर दिया।
आमिर खान की 'थ्री इडियट' के प्रमोशन के समय ही वाराणसी के रिक्शा चालक रामलखन से दोस्ती हुई थी। इसी दौरान आमिर ने रामलखन से उसके बेटे राजीव की शादी में आने का वादा किया था। लखन ने मुम्बई जाकर आमिर को शादी में शामिल होने का न्योता दिया था।टिप्पणियां
आमिर खान अपने वादे पर अमल करते हुए लखन के बेटे राजीव की शादी में शामिल हुए।
आमिर खान के वाराणसी पहुंचने की खबरों के मद्देनजर विवाह समारोह में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
आमिर खान की 'थ्री इडियट' के प्रमोशन के समय ही वाराणसी के रिक्शा चालक रामलखन से दोस्ती हुई थी। इसी दौरान आमिर ने रामलखन से उसके बेटे राजीव की शादी में आने का वादा किया था। लखन ने मुम्बई जाकर आमिर को शादी में शामिल होने का न्योता दिया था।टिप्पणियां
आमिर खान अपने वादे पर अमल करते हुए लखन के बेटे राजीव की शादी में शामिल हुए।
आमिर खान के वाराणसी पहुंचने की खबरों के मद्देनजर विवाह समारोह में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
आमिर खान अपने वादे पर अमल करते हुए लखन के बेटे राजीव की शादी में शामिल हुए।
आमिर खान के वाराणसी पहुंचने की खबरों के मद्देनजर विवाह समारोह में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
आमिर खान के वाराणसी पहुंचने की खबरों के मद्देनजर विवाह समारोह में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। | यहाँ एक सारांश है:जिस ऑटो वाले ने उन्हें फिल्म 'थ्री इडियट' के प्रमोशन के दौरान वाराणसी शहर में घुमाया था, उसके बेटे की शादी में शामिल होने का वादा आमिर खान ने पूरा कर दिया। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली सरकार पर जनता की समस्याओं को नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने उत्तरपूर्व दिल्ली के एक घर से आज अपना अनिश्चितकालीन अनशन और ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ शुरू किया और दिल्लीवालों से बिजली तथा पानी के ‘बढ़े हुए’ बिल नहीं भरने का अनुरोध किया।
यहां राजघाट और शहीद पार्क का दौरा करने के बाद केजरीवाल सुंदर नगरी में रहने वाले एक व्यक्ति संतोष के घर पहुंचे जहां उन्होंने अपना अनशन शुरू किया। उन्होंने संतोष का घर इसलिए चुना क्योंकि उसे कथित रूप से बढ़ा हुआ बिल मिला और उसे इसे भरने के लिए ऋण लेना पड़ा।
केजरीवाल ने दिल्लीवालों से बिजली और पानी के ‘अवैध’ बिल नहीं भरने के लिए कहा और वादा किया कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई खारिज की जाएगी।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, आज से, हम यह अनशन शुरू कर रहे हैं। मैं अपने बिजली और पानी के बिल नहीं भरूंगा। ये अवैध और फर्जी बिल हैं। दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों से हाथ मिला रखा है।
केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उनका परिवार इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाते हुए बिल का भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, मेरे अनशन का उद्देश्य अवैध बिलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट करना है। अगर मैं अनशन करूंगा तो लोग प्रेरित होंगे। इस बार हम सरकार से कुछ नहीं मांग रहे हैं, इस बार मैं दिल्लीवालों से बिल का भुगतान नहीं करने की अपील करता हूं। केजरीवाल ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन से जुड़ेंगे, सरकार और बिजली कंपनियां उनके खिलाफ कदम नहीं उठाएंगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी में 264 अन्य स्थलों पर प्रदर्शन चल रहा है।
यहां राजघाट और शहीद पार्क का दौरा करने के बाद केजरीवाल सुंदर नगरी में रहने वाले एक व्यक्ति संतोष के घर पहुंचे जहां उन्होंने अपना अनशन शुरू किया। उन्होंने संतोष का घर इसलिए चुना क्योंकि उसे कथित रूप से बढ़ा हुआ बिल मिला और उसे इसे भरने के लिए ऋण लेना पड़ा।
केजरीवाल ने दिल्लीवालों से बिजली और पानी के ‘अवैध’ बिल नहीं भरने के लिए कहा और वादा किया कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई खारिज की जाएगी।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, आज से, हम यह अनशन शुरू कर रहे हैं। मैं अपने बिजली और पानी के बिल नहीं भरूंगा। ये अवैध और फर्जी बिल हैं। दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों से हाथ मिला रखा है।
केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उनका परिवार इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाते हुए बिल का भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, मेरे अनशन का उद्देश्य अवैध बिलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट करना है। अगर मैं अनशन करूंगा तो लोग प्रेरित होंगे। इस बार हम सरकार से कुछ नहीं मांग रहे हैं, इस बार मैं दिल्लीवालों से बिल का भुगतान नहीं करने की अपील करता हूं। केजरीवाल ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन से जुड़ेंगे, सरकार और बिजली कंपनियां उनके खिलाफ कदम नहीं उठाएंगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी में 264 अन्य स्थलों पर प्रदर्शन चल रहा है।
केजरीवाल ने दिल्लीवालों से बिजली और पानी के ‘अवैध’ बिल नहीं भरने के लिए कहा और वादा किया कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई खारिज की जाएगी।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, आज से, हम यह अनशन शुरू कर रहे हैं। मैं अपने बिजली और पानी के बिल नहीं भरूंगा। ये अवैध और फर्जी बिल हैं। दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों से हाथ मिला रखा है।
केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उनका परिवार इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाते हुए बिल का भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, मेरे अनशन का उद्देश्य अवैध बिलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट करना है। अगर मैं अनशन करूंगा तो लोग प्रेरित होंगे। इस बार हम सरकार से कुछ नहीं मांग रहे हैं, इस बार मैं दिल्लीवालों से बिल का भुगतान नहीं करने की अपील करता हूं। केजरीवाल ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन से जुड़ेंगे, सरकार और बिजली कंपनियां उनके खिलाफ कदम नहीं उठाएंगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी में 264 अन्य स्थलों पर प्रदर्शन चल रहा है।
उन्होंने कहा, आज से, हम यह अनशन शुरू कर रहे हैं। मैं अपने बिजली और पानी के बिल नहीं भरूंगा। ये अवैध और फर्जी बिल हैं। दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों से हाथ मिला रखा है।
केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उनका परिवार इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाते हुए बिल का भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, मेरे अनशन का उद्देश्य अवैध बिलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट करना है। अगर मैं अनशन करूंगा तो लोग प्रेरित होंगे। इस बार हम सरकार से कुछ नहीं मांग रहे हैं, इस बार मैं दिल्लीवालों से बिल का भुगतान नहीं करने की अपील करता हूं। केजरीवाल ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन से जुड़ेंगे, सरकार और बिजली कंपनियां उनके खिलाफ कदम नहीं उठाएंगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी में 264 अन्य स्थलों पर प्रदर्शन चल रहा है।
केजरीवाल ने इससे पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उनका परिवार इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाते हुए बिल का भुगतान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, मेरे अनशन का उद्देश्य अवैध बिलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को एकजुट करना है। अगर मैं अनशन करूंगा तो लोग प्रेरित होंगे। इस बार हम सरकार से कुछ नहीं मांग रहे हैं, इस बार मैं दिल्लीवालों से बिल का भुगतान नहीं करने की अपील करता हूं। केजरीवाल ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग ‘सविनय अवज्ञा’ आंदोलन से जुड़ेंगे, सरकार और बिजली कंपनियां उनके खिलाफ कदम नहीं उठाएंगी। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिसौदिया ने कहा कि राजधानी में 264 अन्य स्थलों पर प्रदर्शन चल रहा है। | यहाँ एक सारांश है:केजरीवाल इस बार किसी मंच या मैदान की बजाय सुंदरनगरी इलाके के एक घर में उपवास पर बैठे हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वह बेखौफ होकर बिजली और पानी का बिल भरना बंद कर दें। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडोनेशिया में बुधवार को एक परीक्षण उड़ान के दौरान लापता हुए रूस निर्मित यात्री विमान का मलबा मिला है। एक वायुसेना अधिकारी ने बताया कि विमान का मलबा पश्चिमी इंडोनेशिया में स्थित एक सुप्त ज्वालामुखी के पास मिला है।
बोगोर स्थित अतंग संजया हवाई अड्डे के अधिकारी मेजर अली उमरी लुबिस ने एक टीवी चैनल को बताया कि विमान का मलबा पश्चिम जावा प्रांत में स्थित सलाक पर्वत पर एक चट्टान के पास पाया गया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मलबा 1,500 मीटर की ऊंचाई वाले इलाके में पाया गया लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास इससे संबंधित अधिक जानकारी नहीं है।
इस सुखोई सुपरजेट-100 विमान में 48 यात्री सवार थे। इन यात्रियों में विमान के संभावित खरीददार और पत्रकार शामिल थे। विमान का कल उड़ान भरने के 21 मिनट बाद रेडार से संपर्क टूट गया था।
बोगोर स्थित अतंग संजया हवाई अड्डे के अधिकारी मेजर अली उमरी लुबिस ने एक टीवी चैनल को बताया कि विमान का मलबा पश्चिम जावा प्रांत में स्थित सलाक पर्वत पर एक चट्टान के पास पाया गया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मलबा 1,500 मीटर की ऊंचाई वाले इलाके में पाया गया लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास इससे संबंधित अधिक जानकारी नहीं है।
इस सुखोई सुपरजेट-100 विमान में 48 यात्री सवार थे। इन यात्रियों में विमान के संभावित खरीददार और पत्रकार शामिल थे। विमान का कल उड़ान भरने के 21 मिनट बाद रेडार से संपर्क टूट गया था।
उन्होंने कहा कि मलबा 1,500 मीटर की ऊंचाई वाले इलाके में पाया गया लेकिन उन्होंने कहा कि उनके पास इससे संबंधित अधिक जानकारी नहीं है।
इस सुखोई सुपरजेट-100 विमान में 48 यात्री सवार थे। इन यात्रियों में विमान के संभावित खरीददार और पत्रकार शामिल थे। विमान का कल उड़ान भरने के 21 मिनट बाद रेडार से संपर्क टूट गया था।
इस सुखोई सुपरजेट-100 विमान में 48 यात्री सवार थे। इन यात्रियों में विमान के संभावित खरीददार और पत्रकार शामिल थे। विमान का कल उड़ान भरने के 21 मिनट बाद रेडार से संपर्क टूट गया था। | संक्षिप्त पाठ: एक वायुसेना अधिकारी ने बताया कि विमान का मलबा पश्चिमी इंडोनेशिया में स्थित एक सुप्त ज्वालामुखी के पास मिला है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया के शीर्ष दो टेनिस खिलाड़ियों नोवाक जोकोविच और एंडी मरे को सिनसिनाटी मास्टर्स में अप्रत्याशित पराजय का सामना करना पड़ा, जबकि रफेल नडाल ने चिर प्रतिद्वंद्वी रोजर फेडरर को मात दी।
दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी नडाल ने फेडरर को 5-7, 6-4, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दोनों के बीच यह 31वां मुकाबला था, जिसमें से 21 बार जीत नडाल की झोली में गई है। शीर्ष रैंकिंग वाले जोकोविच को गैर वरीय जॉन इसनेर ने 7-6, 3-6, 7-5 से हराया। वहीं मरे को थॉमस बर्डीच ने 6-3, 6-4 से शिकस्त दी।टिप्पणियां
इसनेर का सामना 2009 के अमेरिकी ओपन चैंपियन जुआन मार्तिन देल पोत्रो से होगा, जिसने क्वालीफायर दमित्री तुसरुनोव को 6-4, 3-6, 6-1 से हराया। महिला क्वार्टर फाइनल मैचों में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने रोमानिया की सिमोना हालेप को 6-0, 6-4 से हराया। अब उसका सामना चीन की ली ना से होगा।
चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त लि ना सेमीफाइनल में पहुंच गई, क्योंकि एग्निएज्का रेडवांस्का पोलैंड में अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुकाबले से पीछे हट गई। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी येलेना यांकोविच का सामना विक्टोरिया अजारेंका से होगा।
दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी नडाल ने फेडरर को 5-7, 6-4, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दोनों के बीच यह 31वां मुकाबला था, जिसमें से 21 बार जीत नडाल की झोली में गई है। शीर्ष रैंकिंग वाले जोकोविच को गैर वरीय जॉन इसनेर ने 7-6, 3-6, 7-5 से हराया। वहीं मरे को थॉमस बर्डीच ने 6-3, 6-4 से शिकस्त दी।टिप्पणियां
इसनेर का सामना 2009 के अमेरिकी ओपन चैंपियन जुआन मार्तिन देल पोत्रो से होगा, जिसने क्वालीफायर दमित्री तुसरुनोव को 6-4, 3-6, 6-1 से हराया। महिला क्वार्टर फाइनल मैचों में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने रोमानिया की सिमोना हालेप को 6-0, 6-4 से हराया। अब उसका सामना चीन की ली ना से होगा।
चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त लि ना सेमीफाइनल में पहुंच गई, क्योंकि एग्निएज्का रेडवांस्का पोलैंड में अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुकाबले से पीछे हट गई। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी येलेना यांकोविच का सामना विक्टोरिया अजारेंका से होगा।
इसनेर का सामना 2009 के अमेरिकी ओपन चैंपियन जुआन मार्तिन देल पोत्रो से होगा, जिसने क्वालीफायर दमित्री तुसरुनोव को 6-4, 3-6, 6-1 से हराया। महिला क्वार्टर फाइनल मैचों में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने रोमानिया की सिमोना हालेप को 6-0, 6-4 से हराया। अब उसका सामना चीन की ली ना से होगा।
चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त लि ना सेमीफाइनल में पहुंच गई, क्योंकि एग्निएज्का रेडवांस्का पोलैंड में अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुकाबले से पीछे हट गई। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी येलेना यांकोविच का सामना विक्टोरिया अजारेंका से होगा।
चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त लि ना सेमीफाइनल में पहुंच गई, क्योंकि एग्निएज्का रेडवांस्का पोलैंड में अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुकाबले से पीछे हट गई। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी येलेना यांकोविच का सामना विक्टोरिया अजारेंका से होगा। | सारांश: दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी नडाल ने फेडरर को 5-7, 6-4, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दोनों के बीच यह 31वां मुकाबला था, जिसमें से 21 बार जीत नडाल की झोली में गई है। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोकसभा और राज्यसभा में लोकपाल के मुद्दे पर सदन की भावना अभिव्यक्त होने के बाद इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि यह प्रस्ताव था या नहीं। ऐसी स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि सरकार के प्रबंधक और विपक्ष के लोग पहले ऐसी योजनाओं की बात कर रहे थे जिसके तहत दोनों सदनों में अन्ना हजारे की ओर से उठाए गए तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया जाएगा। कांग्रेस के उप प्रमुख व्हिप संदीप दीक्षित सहित कई अन्य सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रस्ताव है जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया है। विपक्षी सदस्य भी इसे लेकर भ्रमित थे क्या यह प्रस्ताव है अथवा सदन की भावना। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली यह जानने के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से सम्पर्क किया कि संसद के ऊपरी सदन ने वास्तव में क्या पारित किया है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला का यह मानना था कि सदन की भावना और प्रस्ताव एक ही बात है। मुखर्जी ने यद्यपि कहा कि सदन की भावना लोकसभा और राज्यसभा में सदस्यों की ओर से मेजे थपथपाने से प्रतिबिंबित हुआ। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकपाल मुद्दे पर सदन की भावना को अभिव्यक्त किए जाने को जनता की इच्छा करार दिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संसद में लोकपाल मुद्दे पर सदन की भावना अभिव्यक्त होने के बाद इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई कि यह प्रस्ताव था या नहीं। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रूस के पूर्वी शहर चिता में एक 15 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या के इरादे से इमारत की 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस ने यह जानकारी दी है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, अभिभावकों द्वारा कथित रूप से इंटरनेट पर वीडियो फिल्में देखने से मना करने पर किशोर ने आत्महत्या करने के इरादे से यह कदम उठाया।टिप्पणियां
शहर के क्रासनोरमेइस्काया मार्ग स्थित इमारत की दसवीं मंजिल पर अपने घर की खिड़की से कूदा किशोर एक पेड़ पर गिरकर उसकी डालियों में फंस गया।
पुलिस ने बताया कि पेड़ की डालियों पर गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं हैं और अस्पताल में उसे गहन निगरानी में रखा गया है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, अभिभावकों द्वारा कथित रूप से इंटरनेट पर वीडियो फिल्में देखने से मना करने पर किशोर ने आत्महत्या करने के इरादे से यह कदम उठाया।टिप्पणियां
शहर के क्रासनोरमेइस्काया मार्ग स्थित इमारत की दसवीं मंजिल पर अपने घर की खिड़की से कूदा किशोर एक पेड़ पर गिरकर उसकी डालियों में फंस गया।
पुलिस ने बताया कि पेड़ की डालियों पर गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं हैं और अस्पताल में उसे गहन निगरानी में रखा गया है।
शहर के क्रासनोरमेइस्काया मार्ग स्थित इमारत की दसवीं मंजिल पर अपने घर की खिड़की से कूदा किशोर एक पेड़ पर गिरकर उसकी डालियों में फंस गया।
पुलिस ने बताया कि पेड़ की डालियों पर गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं हैं और अस्पताल में उसे गहन निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने बताया कि पेड़ की डालियों पर गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं हैं और अस्पताल में उसे गहन निगरानी में रखा गया है। | संक्षिप्त सारांश: समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, अभिभावकों द्वारा कथित रूप से इंटरनेट पर वीडियो फिल्में देखने से मना करने पर किशोर ने आत्महत्या करने के इरादे से यह कदम उठाया। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक महिला ने जेल में बंद अपने पति की रिहाई के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से अपने लगभग डेढ़ साल के बेटे को पांच हजार रुपये में बेच दिया।
पुलिस के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार साहू ने सोमवार को बताया कि कटक के मुंडामल गांव की राखी पात्र (20 वर्ष) ने गत 13 सितम्बर को अपने बेटे को जगतसिंहपुर गांव के एक अज्ञात व्यक्ति को पांच हजार रुपये में बेच दिया।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राखी की सास कनकलता पात्र ने गत 21 सितम्बर को एक प्राथमिकी दर्ज कराकर आरोप लगाया कि उनकी बहू ने उनके पोते को किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब इस बारे में राखी से सवाल किया तो उसने बताया कि उसे अपने पति को रिहा कराने के लिए पैसों की जरूरत थी इसीलिए उसने अपने बेटे को जगतसिंहपुर के एक व्यक्ति के हवाले कर दिया।
साहू ने बताया कि राखी के पति को गत 2 जुलाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जाजपुर जिले के बागदी की जेल में बंद है। यह दंपती दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी कमाता था। टिप्पणियां
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
पुलिस के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी कुमार साहू ने सोमवार को बताया कि कटक के मुंडामल गांव की राखी पात्र (20 वर्ष) ने गत 13 सितम्बर को अपने बेटे को जगतसिंहपुर गांव के एक अज्ञात व्यक्ति को पांच हजार रुपये में बेच दिया।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राखी की सास कनकलता पात्र ने गत 21 सितम्बर को एक प्राथमिकी दर्ज कराकर आरोप लगाया कि उनकी बहू ने उनके पोते को किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब इस बारे में राखी से सवाल किया तो उसने बताया कि उसे अपने पति को रिहा कराने के लिए पैसों की जरूरत थी इसीलिए उसने अपने बेटे को जगतसिंहपुर के एक व्यक्ति के हवाले कर दिया।
साहू ने बताया कि राखी के पति को गत 2 जुलाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जाजपुर जिले के बागदी की जेल में बंद है। यह दंपती दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी कमाता था। टिप्पणियां
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राखी की सास कनकलता पात्र ने गत 21 सितम्बर को एक प्राथमिकी दर्ज कराकर आरोप लगाया कि उनकी बहू ने उनके पोते को किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब इस बारे में राखी से सवाल किया तो उसने बताया कि उसे अपने पति को रिहा कराने के लिए पैसों की जरूरत थी इसीलिए उसने अपने बेटे को जगतसिंहपुर के एक व्यक्ति के हवाले कर दिया।
साहू ने बताया कि राखी के पति को गत 2 जुलाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जाजपुर जिले के बागदी की जेल में बंद है। यह दंपती दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी कमाता था। टिप्पणियां
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब इस बारे में राखी से सवाल किया तो उसने बताया कि उसे अपने पति को रिहा कराने के लिए पैसों की जरूरत थी इसीलिए उसने अपने बेटे को जगतसिंहपुर के एक व्यक्ति के हवाले कर दिया।
साहू ने बताया कि राखी के पति को गत 2 जुलाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जाजपुर जिले के बागदी की जेल में बंद है। यह दंपती दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी कमाता था। टिप्पणियां
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
साहू ने बताया कि राखी के पति को गत 2 जुलाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जाजपुर जिले के बागदी की जेल में बंद है। यह दंपती दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी रोजी-रोटी कमाता था। टिप्पणियां
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
महिला को नारी सुधार-गृह में भेज दिया गया है क्योंकि उसके ससुराल वाले उसे घर में रहने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए जबकि महिला के माता-पिता घटना के बाद से लापता हैं। साहू ने बताया कि बच्चे को ढूंढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है।
जिलाधीश अनिल समल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और उन्होंने व्यासनगर की तहसीलदार दीप्तिरानी साहू से मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आयी है और ऐसा लगता है कि यह सही है। | संक्षिप्त पाठ: एक महिला ने जेल में बंद अपने पति की रिहाई के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से अपने लगभग डेढ़ साल के बेटे को पांच हजार रुपये में बेच दिया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बड़ी उम्मीदों के साथ क्रिकेट के मक्का लार्ड्स पर ऐतिहासिक 2000वां टेस्ट मैच खेलने के लिए उतरे भारत को पहले टेस्ट मैच में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण इंग्लैंड के हाथों 196 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की रनों के लिहाज से यह भारत पर पांचवीं बड़ी जीत है।जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्राड ने भारतीय पारी को हिलाकर रख दिया। एंडरसन ने पांच और ब्राड ने तीन विकेट लिए जिससे 458 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दुनिया की नंबर एक भारतीय टीम 261 रन पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से युवा सुरेश रैना (78) और वीवीएस लक्ष्मण (56) ही कुछ देर तक संघर्ष कर पाए। सचिन तेंदुलकर से इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक बनाकर यादगार बनाने की उम्मीद थी लेकिन वह दोनों पारियों में सस्ते में सिमट गए। इंग्लैंड ने यह मैच जीतकर चार मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल की। इसके साथ ही उसने भारत की नंबर एक की कुर्सी के पाए भी कमजोर कर दिए। यदि वह इस श्रृंखला में दो टेस्ट के अंतर से जीत दर्ज करता है तो फिर वह भारत के स्थान पर नंबर एक बन जाएगा। यदि मैच के चौथे दिन इशांत शर्मा के छोटे से स्पैल को छोड़ दिया जाए तो इंग्लैंड ने दोनों टीमों के बीच इस 100वें टेस्ट मैच में पूरे समय अपना दबदबा बनाए रखा। उसने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 474 रन पर समाप्त घोषित करने के बाद भारत को 286 रन पर आउट कर दिया था। इसके बाद दूसरी पारी में विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर और ब्राड की शानदार बल्लेबाजी से वह अपना पलड़ा भारी रखने में सफल रहा। | यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में भारत को 196 रन से हराकर चार मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ ने 2011-12 के लिए भविष्य निधि जमाओं पर ब्याज दर घटाकर 8.25 प्रतिशत करने की सिफारिश की है जो पिछले वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत थी। ईपीएफओ के परामर्श निकाय वित्त एवं निवेश समिति की बैठक के लिए एजेंडा में कहा गया है, ऐसा देखा गया है कि 2011-12 में 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर व्यवहारिक है। यह बैठक 22 दिसंबर को प्रस्तावित है। ब्याज दर घटाने के निर्णय से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 4.72 करोड़ से अधिक अंशधारकों का हित प्रभावित होगा। श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाले केन्द्रीय न्यासी बोर्ड में कर्मचारी प्रतिनिधियों के मुताबिक, ईपीएफओ बड़े आराम से 8.75 प्रतिशत तक ब्याज दे सकता है क्योंकि उनके पास पर्याप्त कोष है। उनके अनुमानों के मुताबिक, इन खातों में करीब 10,000 करोड़ रुपये है और इससे 800 करोड़ रुपये से अधिक की आय हो सकती है जो 8.25 प्रतिशत से उपर अतिरिक्त आधा प्रतिशत ब्याज देने के लिए पर्याप्त है। | संक्षिप्त पाठ: ईपीएफओ ने 2011-12 के लिए भविष्य निधि जमाओं पर ब्याज दर घटाकर 8.25 प्रतिशत करने की सिफारिश की है जो पिछले वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत थी। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी को ‘फिट’ करार दिए जाने के बाद आज भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने भी देश के शीर्ष पद के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री का समर्थन किया।
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने भी कहा कि भाजपा को इस बात पर गर्व है कि उसके पास मोदी जैसा नेता है और वह काफी लोकप्रिय भी हैं। जेटली ने कहा कि मोदी एक ‘सफल मुख्यमंत्री’ भी हैं और इन बातों के मद्देनजर प्रधानमंत्री पद के दावेदारों में पार्टी की ओर से उनका ‘नाम आगे रखा जाना’ स्वाभाविक है।
इस बीच, भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने भी दावा किया कि स्वराज का नजरिया पूरे पार्टी नेतृत्व का नजरिया है।टिप्पणियां
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य कई नेता हैं।
मुंडे ने अहमदाबाद में कहा, ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं और मैं सुषमा स्वराज के विचार से संतुष्ट हूं... उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है।’
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने भी कहा कि भाजपा को इस बात पर गर्व है कि उसके पास मोदी जैसा नेता है और वह काफी लोकप्रिय भी हैं। जेटली ने कहा कि मोदी एक ‘सफल मुख्यमंत्री’ भी हैं और इन बातों के मद्देनजर प्रधानमंत्री पद के दावेदारों में पार्टी की ओर से उनका ‘नाम आगे रखा जाना’ स्वाभाविक है।
इस बीच, भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने भी दावा किया कि स्वराज का नजरिया पूरे पार्टी नेतृत्व का नजरिया है।टिप्पणियां
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य कई नेता हैं।
मुंडे ने अहमदाबाद में कहा, ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं और मैं सुषमा स्वराज के विचार से संतुष्ट हूं... उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है।’
इस बीच, भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने भी दावा किया कि स्वराज का नजरिया पूरे पार्टी नेतृत्व का नजरिया है।टिप्पणियां
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य कई नेता हैं।
मुंडे ने अहमदाबाद में कहा, ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं और मैं सुषमा स्वराज के विचार से संतुष्ट हूं... उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है।’
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य कई नेता हैं।
मुंडे ने अहमदाबाद में कहा, ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं और मैं सुषमा स्वराज के विचार से संतुष्ट हूं... उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है।’
मुंडे ने अहमदाबाद में कहा, ‘नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं और मैं सुषमा स्वराज के विचार से संतुष्ट हूं... उनमें प्रधानमंत्री बनने की क्षमता है।’ | यहाँ एक सारांश है:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी को ‘फिट’ करार दिए जाने के बाद आज भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे ने भी देश के शीर्ष पद के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री का समर्थन किया। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को सवालों के जवाब दिए. उनसे पूछा गया कि सरकार इतने बड़े बहुमत के साथ आई है लेकिन मीडिल क्लास के उम्मीदों को दरकिनार करते हुए 1 करोड़ रुपये बैंक से निकालने पर 2 फीसदी का टीडीएस लगा दिया साथ ही पेट्रोल-डीजल पर भी एक्साइज ड्यूटी को बढ़ा दिया है. इस पर वित्त मंत्री ने उल्टा सवाल पूछ लिया कि आप 1 करोड़ रुपये कैश निकालकर कोई क्या करेगा.. मुझे समझ नहीं आ रहा है. इसके आगे उन्होंने कहा कि वह किसी के 1 करोड़ रुपये के खिलाफ 1 करोड़ रुपये कैश निकालकर क्या करोगी मुझे समझ नहीं आ रहा है. हम आपके 1 करोड़ के खिलाफ नही हैं, आपके कैश के निकासी के खिलाफ हैं आप इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन करिए उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट को 10 साल आगे ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. स्टार्ट अप को बड़ी मात्रा में छूट दी गई है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट को ‘‘देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ'' बनाने वाला करार दिया और कहा कि इस बजट में आर्थिक सुधार, नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ गांव एवं गरीब का कल्याण भी है.
वहीं बीजेपी गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में शुक्रवार को पेश आम बजट को ‘‘नये भारत'' को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को परिलक्षित करने वाला बजट करार दिया. उन्होंने कहा कि यह ‘‘किसानों को समृद्ध और गरीब को सम्मानपूर्ण जीवन'' व्यतीत करने में सहायक होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में आम बजट प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद गृह मंत्री ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा,‘‘ बजट में मध्यम वर्ग को उनके कठिन परिश्रम का फल और भारतीय उद्यमियों को मजबूती मिलेगी. यह सही अर्थो में उम्मीद और सशक्तिकरण का बजट है. '' शाह ने कहा कि वित्त मंत्री ने नये भारत के निर्माण के लिये बजट पेश किया है जो ‘‘समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र की बुनियाद रखने वाला है''
वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उनकी सरकार ने पहले ही अर्थव्यवस्था को दोगुना कर दिया है. हमें विश्वास के हम 5 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे. | बजट को 10 साल आगे ध्यान में रखकर तैयार किया गया
'बजट में मध्यम वर्ग को उनके कठिन परिश्रम का फल मिलेगा'
'यह सही अर्थों में उम्मीद और सशक्तिकरण का बजट है' | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में सोमवार को एक ई मित्र कियोस्क मालिक को अलकायदा के मारे गये मुखिया ओसामा बिन लादेन का आधार कार्ड बनाने का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया. भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि आधार कार्ड पंजीकरण केन्द्र चलाने वाले सद्दाम हुसैन मंसूरी (25) को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने कथित रूप से लादेन की धुंधली फोटो व अन्य विवरण के साथ अपने केन्द्र से आधार पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर दी थी.
हालांकि यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के अधिकारियों ने आवेदन में गड़बड़ियां पाये जाने पर मामले को जांच के लिये भेजा था. उन्होंने बताया कि प्रदेश के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने यह शिकायत उनके पास भेजी थी.टिप्पणियां
गत शुक्रवार की शाम को मांडल पुलिस थाने में आधार कार्ड बनाने वाले ई मित्र कियोस्क के मालिक सद्दाम हुसैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. मांडल के सर्किल अधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया जायेगा और मामले में पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड मांगा जायेगा. आरोपी के खिलाफ सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के अधिकारियों ने आवेदन में गड़बड़ियां पाये जाने पर मामले को जांच के लिये भेजा था. उन्होंने बताया कि प्रदेश के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने यह शिकायत उनके पास भेजी थी.टिप्पणियां
गत शुक्रवार की शाम को मांडल पुलिस थाने में आधार कार्ड बनाने वाले ई मित्र कियोस्क के मालिक सद्दाम हुसैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. मांडल के सर्किल अधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया जायेगा और मामले में पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड मांगा जायेगा. आरोपी के खिलाफ सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गत शुक्रवार की शाम को मांडल पुलिस थाने में आधार कार्ड बनाने वाले ई मित्र कियोस्क के मालिक सद्दाम हुसैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. मांडल के सर्किल अधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया जायेगा और मामले में पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड मांगा जायेगा. आरोपी के खिलाफ सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: आरोपी के खिलाफ सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज
यूआईडीएआई ने आवेदन में गड़बड़ियां पाये जाने पर जांच के लिये भेजा था
पिछले शुक्रवार को हुआ था सद्दाम के खिलाफ केस दर्ज | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मानहानि के मामले में आज अमृतसर की अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने केजरीवाल और संजय सिंह को 40-40 हज़ार के मुचलके पर ज़मानत दे दी।
पंजाब सरकार के मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में केजरीवाल समर्थकों की भीड़ जमा थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।टिप्पणियां
पेशी से पहले केजरीवाल ने अमृतसर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी तादाद में मौजूद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बादल सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि बादल सरकार के दिन अब लद गए। केजरीवाल के साथ संजय सिंह और भगवंत मान समेत पार्टी के कई दूसरे नेता भी मौजूद थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब बादल सरकार के दिन लद गए हैं। चुनाव में जनता मजीठिया से बदला लेगी। 6 महीने बाद हम सब मिलकर नया पंजाब बनाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया ने पंजाब की जवानी को नशे में डुबो दिया।
पंजाब सरकार के मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में केजरीवाल समर्थकों की भीड़ जमा थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।टिप्पणियां
पेशी से पहले केजरीवाल ने अमृतसर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी तादाद में मौजूद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बादल सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि बादल सरकार के दिन अब लद गए। केजरीवाल के साथ संजय सिंह और भगवंत मान समेत पार्टी के कई दूसरे नेता भी मौजूद थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब बादल सरकार के दिन लद गए हैं। चुनाव में जनता मजीठिया से बदला लेगी। 6 महीने बाद हम सब मिलकर नया पंजाब बनाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया ने पंजाब की जवानी को नशे में डुबो दिया।
पेशी से पहले केजरीवाल ने अमृतसर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी तादाद में मौजूद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने बादल सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि बादल सरकार के दिन अब लद गए। केजरीवाल के साथ संजय सिंह और भगवंत मान समेत पार्टी के कई दूसरे नेता भी मौजूद थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब बादल सरकार के दिन लद गए हैं। चुनाव में जनता मजीठिया से बदला लेगी। 6 महीने बाद हम सब मिलकर नया पंजाब बनाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया ने पंजाब की जवानी को नशे में डुबो दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब बादल सरकार के दिन लद गए हैं। चुनाव में जनता मजीठिया से बदला लेगी। 6 महीने बाद हम सब मिलकर नया पंजाब बनाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया ने पंजाब की जवानी को नशे में डुबो दिया। | यह एक सारांश है: केजरीवाल और संजय सिंह को 40-40 हज़ार के मुचलके पर ज़मानत
अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी
6 महीने बाद हम सब मिलकर नया पंजाब बनाएंगे | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित रूप से पुलिस की गोली से एक युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा कर थाने को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर जमकर पथराव किया। हिंसा में पांच पुलिसकर्मी सहित 10 लोग घायल हुए हैं।
घटना शेरगढ़ थाना क्षेत्र की है, जहां जितेंद्र नाम का युवक ट्रैक्टर से भूसी लेकर बेचने जा रहा था तभी आरोप है कि रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उससे अवैध वसूली करनी चाही। मना करने पर विवाद हो गया और पुलिस की तरफ से जितेंद्र को गोली मार दी गई जिससे उसकी मौत हो गई।टिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे और उन्होंने शेरगढ़ थाने में आग लगा दी। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई जिसमें भीड़ के पांच लोग घायल हो गए।
गोलीबारी की बात से इनकार करते हुए आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आशुतोष पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ को आगरा मेडिकल कलेज भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शेरगढ़ थानाध्यक्ष संजीव चौहान सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है। मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई।
घटना शेरगढ़ थाना क्षेत्र की है, जहां जितेंद्र नाम का युवक ट्रैक्टर से भूसी लेकर बेचने जा रहा था तभी आरोप है कि रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उससे अवैध वसूली करनी चाही। मना करने पर विवाद हो गया और पुलिस की तरफ से जितेंद्र को गोली मार दी गई जिससे उसकी मौत हो गई।टिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे और उन्होंने शेरगढ़ थाने में आग लगा दी। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई जिसमें भीड़ के पांच लोग घायल हो गए।
गोलीबारी की बात से इनकार करते हुए आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आशुतोष पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ को आगरा मेडिकल कलेज भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शेरगढ़ थानाध्यक्ष संजीव चौहान सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है। मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे और उन्होंने शेरगढ़ थाने में आग लगा दी। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। आरोप है कि पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई जिसमें भीड़ के पांच लोग घायल हो गए।
गोलीबारी की बात से इनकार करते हुए आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आशुतोष पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ को आगरा मेडिकल कलेज भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शेरगढ़ थानाध्यक्ष संजीव चौहान सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है। मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई।
गोलीबारी की बात से इनकार करते हुए आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आशुतोष पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ को आगरा मेडिकल कलेज भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शेरगढ़ थानाध्यक्ष संजीव चौहान सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है। मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित रूप से पुलिस की गोली से एक युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा कर थाने को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर जमकर पथराव किया। हिंसा में पांच पुलिसकर्मी सहित 10 लोग घायल हुए हैं। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं. वे वहां कश्मीर मुद्दा उठा सकते हैं. अब्बासी संयुक्त राष्ट्र महासभा को 21 सितंबर को संबोधित करेंगे. गत माह प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंच पर यह उनका पहला संबोधन होगा. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान से जुड़े अन्य मुद्दों पर बात करेंगे. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने उर्दू की एक मशहूर कहावत का जिक्र करते हुए गत सप्ताह कहा था कि संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने का पाकिस्तान का फैसला ‘मियां की दौड़ मस्जिद तक’ की तरह है. अकबरुद्दीन ने कहा कि दूसरी ओर भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान प्रगतिशील एजेंडे पर बात करेगा. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जल्द ही अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले हैं कमल हासन
अखिलेश यादव सपा के सम्मेलन को लेकर मीडिया से बात करेंगे
हमेशा की तरह संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का एजेंडा कश्मीर मुद्दा | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को विशेष सीबीआई अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम आवटंन घोटाले में उनकी भूमिका के सिलसिले में पूछताछ के लिए गुरुवार को और चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। साथ ही स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा को भी चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया है। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने दोनों को सीबीआई हिरासत में भेजते हुए कहा कि मामले के गंभीर स्वरूप एवं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसी का दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने का अनुरोध उचित प्रतीत होता है। जांच एजेंसी ने दोनों से कई अन्य दस्तावेजों की बरामदगी, आरोपियों से एक-दूसरे से सामने पूछताछ करने तथा दस्तावेजों का हवाला देकर उनसे पूछताछ करने के लिए उनकी पुलिस हिरासत अवधि बढ़ाने के लिए कहा था। न्यायाधीश ने कहा, प्रार्थना मंजूर की जाती है। दोनों आरोपियों को 14 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा जाता है। राजा को 2 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन उन्हें पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। 8 फरवरी को जांच एजेंसी ने राजा को और दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया, क्योंकि जांच एजेंसी ने अदालत से कहा था कि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं दे रहा और जवाब में टालमटोल कर रहा है। सीबीआई ने राजा और बलवा से पूछताछ के लिए उन्हें चार दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह आगे की जांच के लिए जरूरी है। उसने कहा कि बलवा की गिरफ्तारी जरूरी थी, क्योंकि वह एजेंसी से बच रहा था। एजेंसी के वकील अखिलेश ने कहा कि दोनों की हिरासत इसलिए जरूरी है, क्योंकि उनका एक-दूसरे से सामना करवाने की जरूरत है तथा सीबीआई द्वारा जांच के क्रम में बरामद किए गए विभिन्न दस्तावेजों के हवाले से उनसे पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि बलवा स्वान दूरसंचार में शेयर भागीदारी से संबंधित दस्तावेज नहीं दे रहा है तथा वह एजेंसी से तथ्य छिपा रहा है। सीबीआई वकील ने कहा, वह काफी प्रभावशाली व्यक्ति है। राजा और बलवा, दोनों के ही वकीलों ने सीबीआई के अनुरोध का विरोध किया। बलवा के वकील विजय कुमार अग्रवाल ने दावा किया कि उनका मुवक्किल पूछताछ के लिए 27 बार सीबीआई के कार्यालय में पेश हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी जांच में सहयोग दे रहा है, तो उसकी गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। बलवा के वकील ने यह भी दलील दी कि किसी भी व्यक्ति को तब तक हिरासत में नहीं लिया जा सकता, जब तक कि अपराध गंभीर प्रकृति का नहीं हो। अग्रवाल ने कहा कि उनका मुवक्किल जांच एजेंसी को सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा कि बलवा को सीबीआई कार्यालय में 6 और 7 फरवरी को बुलाया गया था, जबकि उस समय उनकी मां को हृदय रोग के कारण लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने इस तथ्य को छिपाते हुए बलवा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल कर लिया कि वह एजेंसी के साथ सहयोग कर रहा है। | पूर्व दूरसंचारमंत्री ए राजा को सीबीआई कोर्ट ने स्पेक्ट्रम घोटाले में उनकी भूमिका के सिलसिले में पूछताछ के लिए और 4 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आयकन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप की शानदार जीत की बदौलत बांगा बीट्स टीम ने बाबू बनारसीदास अकादमी में जारी इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के दूसरे चरण के मुकाबलों में अवध वॉरियर्स के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
कश्यप ने दिन के दूसरे पुरुष एकल मुकाबले में वॉरियर्स के के. श्रीकांत को 20-21, 21-11, 11-9 से हराया। यह मैच 54 मिनट चला। अब वॉरियर्स अंतिम मिश्रित युगल मैच जीतकर हार के अंतर को कम करना चाहेंगे।
वॉरियर्स को शुरुआत के दो मैचों में हार मिली थी लेकिन मथायस बोए और मार्किल किडो की जोड़ी ने बांगा बीट्स के कार्टसन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर को पुरुष युगल मैच में हराकर वॉरियर्स को पहली जीत दिलाई थी।
बोए और मथायस ने देवाल्कर और कार्टसन को 21-14, 21-19 से हराया। यह मैच 30 मिनट चला।
इससे पहले, महिला एकल मैच में वॉरियर्स की आयकन पीवी सिंघु को हार मिली। सिंधु को केरोलिना मारिन ने 43 मिनट में 21-16, 21-13 से हराया।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
कश्यप ने दिन के दूसरे पुरुष एकल मुकाबले में वॉरियर्स के के. श्रीकांत को 20-21, 21-11, 11-9 से हराया। यह मैच 54 मिनट चला। अब वॉरियर्स अंतिम मिश्रित युगल मैच जीतकर हार के अंतर को कम करना चाहेंगे।
वॉरियर्स को शुरुआत के दो मैचों में हार मिली थी लेकिन मथायस बोए और मार्किल किडो की जोड़ी ने बांगा बीट्स के कार्टसन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर को पुरुष युगल मैच में हराकर वॉरियर्स को पहली जीत दिलाई थी।
बोए और मथायस ने देवाल्कर और कार्टसन को 21-14, 21-19 से हराया। यह मैच 30 मिनट चला।
इससे पहले, महिला एकल मैच में वॉरियर्स की आयकन पीवी सिंघु को हार मिली। सिंधु को केरोलिना मारिन ने 43 मिनट में 21-16, 21-13 से हराया।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
वॉरियर्स को शुरुआत के दो मैचों में हार मिली थी लेकिन मथायस बोए और मार्किल किडो की जोड़ी ने बांगा बीट्स के कार्टसन मोंगेनसेन और अक्षय देवाल्कर को पुरुष युगल मैच में हराकर वॉरियर्स को पहली जीत दिलाई थी।
बोए और मथायस ने देवाल्कर और कार्टसन को 21-14, 21-19 से हराया। यह मैच 30 मिनट चला।
इससे पहले, महिला एकल मैच में वॉरियर्स की आयकन पीवी सिंघु को हार मिली। सिंधु को केरोलिना मारिन ने 43 मिनट में 21-16, 21-13 से हराया।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
बोए और मथायस ने देवाल्कर और कार्टसन को 21-14, 21-19 से हराया। यह मैच 30 मिनट चला।
इससे पहले, महिला एकल मैच में वॉरियर्स की आयकन पीवी सिंघु को हार मिली। सिंधु को केरोलिना मारिन ने 43 मिनट में 21-16, 21-13 से हराया।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
इससे पहले, महिला एकल मैच में वॉरियर्स की आयकन पीवी सिंघु को हार मिली। सिंधु को केरोलिना मारिन ने 43 मिनट में 21-16, 21-13 से हराया।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
सिंधु की यह लगातार दूसरी हार है। उन्हें दिल्ली चरण में हैदराबाद हॉटशॉटस की सायना नेहवाल ने हराया था। इस हार ने वॉरियर्स को पांच मैचों के मुकाबले में 0-2 से पीछे कर दिया है।टिप्पणियां
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
दिन के पहले पुरुष एकल मुकाबले में बांगा बीट्स टीम के हू युन ने वॉरियर्स के चोंग वेंग फेई को हराया था। युन ने यह मैच 21-11, 21-20 से जीता। यह मैच 46 मिनट चला।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी।
बांगा बीट्स और वॉरियर्स को आईबीएल के पहले संस्करण में जीत की तलाश है। बांग बीट्स को मुम्बई मास्टर्स ने 3-2 से हराया था जबकि वॉरियर्स को अपने पहले चरण के मुकाबले में हैदराबाद हॉटशॉटस से 2-3 से हार मिली थी। | संक्षिप्त पाठ: आयकन खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप की शानदार जीत की बदौलत बांगा बीट्स टीम ने बाबू बनारसीदास अकादमी में जारी इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) के दूसरे चरण के मुकाबलों में अवध वॉरियर्स के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी टीम 20वें सुल्तान अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के लीग मुकाबले में सोमवार को मेजबान मलेशिया के साथ भिड़ने को तैयार है। नए कप्तान अर्जुन हलप्पा की अगुआई में भारतीय टीम में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण है। रविवार को खेले गए अपने तीसरे लीग मुकाबले में भारत ने मौजूदा विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को 1-1 की बराबरी पर रोका था। इसके बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं। वर्ष 2010 में कोरिया के साथ संयुक्त रूप से अजलान शाह खिताब जीतने वाली भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में अब तक तीन मुकाबले खेल चुकी है जिनमें से एक में उसे जीत मिली है जबकि एक मुकाबले में उसे हार झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बराबरी पर छूटा है। लगातार तीसरी बार खिताब जीतने के लिए प्रयासरत भारत ने इस वर्ष मिश्रित शुरुआत की है। उसे अपने पहले मैच में दक्षिण कोरिया से 2-3 की हार मिली थी जबकि उसने अपने दूसरे मैच में इंग्लैंड को 3-1 से पराजित किया। बीते वर्ष के संयुक्त विजेता दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत ने 2-0 की बढ़त के बावजूद मैच गंवा दिया जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उसने अपने खेल में सुधार करते हुए गोलपोस्ट को सुरक्षित रखा और लगातार आक्रमण भी करता रहा। इससे पहले, भारत ने पिछले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में मलेशिया को 3-2 से मात दी थी। ऐसे में मलेशियाई टीम भी बदला चुकता करने की फिराक में होगी। इस प्रतियोगिता में भारत ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं और चार अंक अर्जित कर वह अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है जबकि मलेशिया ने अब तक दो मुकाबले खेले हैं और उसे दोनों मैच में हार का मुंह देखना पड़ा है। मलेशिया को पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने 3-1 से पराजित किया था जबकि दूसरे मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से पटखनी दी थी। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय हॉकी टीम 20वें सुल्तान अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के लीग मुकाबले में सोमवार को मेजबान मलेशिया के साथ भिड़ने को तैयार है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अधिकारी ने कहा, अगर यह मुद्दा उठाया गया, तो मैं यह बताना चाहूंगा कि प्रशासन ने कार्य और आव्रजन संबंधी कुछ शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं और एच-1बी वीजा पर राष्ट्रपति ट्रंप का शासकीय आदेश विदेश मंत्री, अर्टानी जनरल, श्रम मंत्री, और गृह सुरक्षा मंत्री को एच-1बी वीजा कार्यक्रम में संभावित सुधारों का प्रस्ताव तैयार करने का प्रस्ताव देने के लिए है. नाम जाहिर न करने की शर्त पर प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, बहरहाल वीजा आवेदन या इसे जारी करने की प्रक्रिया में तत्काल कोई बदलाव नहीं किए गए हैं इसलिए हम ऐसी स्थिति में नहीं है कि हम समीक्षा के संभावित परिणामों पर पूर्वानुमान लगाएं. उन्होंने कहा, इसलिए वास्तव में इस समय कोई बदलाव नहीं किए गए हैं और न ही ऐसे कोई बदलाव किए गए हैं जो किसी विशेष देश या क्षेत्र को प्रभावित करें. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:एच-1बी वीजा मुद्दे पर बातचीत की कोई योजना नहीं है.
अगर इस पर बात होती है अमेरिका है तैयार
26 को मिलेंगे पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर में लागू विवादास्पद अनुच्छेद-35ए को हटाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. यह जानकारी शीर्ष सूत्रों ने दी. सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की घाटी की यात्रा से लौटने के दो दिन बाद केंद्र ने राज्य में 10 हजार अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात करने का फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार, डोभाल ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान राज्य प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, सेना, राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की. सूत्रों ने कहा, "इस बड़ी आकस्मिक योजना में हर प्रकार की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान रखा जा रहा है. कानून और व्यवस्था की स्थिति कैसे काम करेगी, खुलकर सामने रहने वालों से लेकर भूमिगत रहने वाले अलगाववादी कैडर की प्रतिक्रिया और मुख्यधारा के राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिक्रिया भी इसमें शामिल है."
सूत्रों की ओर से बताया गया, "यह स्पष्ट है कि इस अवसर के लिए कोई भी संभावना नहीं छोड़ी जा रही है. आदेश स्पष्ट प्रतीत होते हैं. अनुच्छेद-35ए के उन्मूलन का विरोध करने के लिए एक सार्वजनिक आक्रोश की आड़ में हिंसा और राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा शांति को बाधित करने का प्रयास हो सकता है. इसे नियंत्रित किया जाएगा, ताकि आम आदमी को कम से कम असुविधा हो." सूत्रों का कहना है, "अनुच्छेद-35ए के उन्मूलन के बाद बिगड़ रही कानून-व्यवस्था से निपटने के लिए पूरे ऑपरेशन को नाम भी दे दिया गया है." घाटी में पिछले तीन दिनों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की अतिरिक्त कंपनियों का आना भी शुरू हो गया है.
सीएपीएफ को ले जाने वाले विशेष विमान पिछले तीन दिनों के दौरान श्रीनगर हवाईअड्डे पर उतरे हैं, जबकि इन बलों की अतिरिक्त कंपनियों को ले जाने वाले काफिले जम्मू एवं श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से घाटी में पहुंच रहे हैं. वर्तमान में घाटी में चल रही अमरनाथ यात्रा एवं अन्य सुरक्षा कारणों से सीएपीएफ की 450 कंपनियों में शामिल 40 हजार सैनिक पहले से ही तैनात हैं. इस संख्या में काउंटर इंसर्जेसी (विद्रोह) राष्ट्रीय राइफल्स की ताकत शामिल नहीं है, जो हिंडलैंड में आतंकवाद-रोधी अभियानों को अंजाम देती है और कठिन परिस्थितियों में राज्य पुलिस और सीएपीएफ को सहायता प्रदान करती है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हालांकि एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि सेना 'काउंटर इंसर्जेट ग्रिड' को मजबूत करने और घाटी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होगी.
वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि जवानों को उत्तरी कश्मीर में तैनात किया जाएगा जहां सुरक्षा की स्थिति अभी भी है एक चुनौती बनी हुई है. जानकार सूत्रों का कहना है कि ऐसे तत्व, जो सार्वजनिक रूप से उत्पात मचाने की कोशिश कर सकते हैं, उनकी सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है. सूत्रों ने कहा, "इन राष्ट्रविरोधी और असामाजिक तत्वों को प्रतिबंधात्मक हिरासत में लिया जाएगा, ताकि उन्हें उपद्रव करने से रोका जा सके." दिलचस्प बात यह है कि राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक तत्वों की सूची अलगाववादी कैडरों तक ही सीमित नहीं है. सूत्रों ने कहा, "अपने पैरों के नीचे से राजनीतिक जमीन खिसकते हुए देख रहे कुछ स्थानीय राजनेता भी रडार पर हैं, ताकि वे संभावित स्थिति से राजनीतिक लाभ न ले सकें."
श्रीनगर में एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान गुरुवार को कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करने के लिए कहा था। जहां अनुच्छेद-35 ए और अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली काफी याचिकाएं लंबित हैं. अब्दुल्ला ने कहा, "आप जल्दी क्यों कर रहे हैं? हम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे, जैसा कि हमने हमेशा किया है." उन्होंने सरकार से उन अफवाहों पर अपनी स्पष्टता देने को भी कहा जिसमें कहा जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद कश्मीर में एक और लंबा संकट देखने को मिलेगा.
अब्दुल्ला ने कहा कि नौकरशाह अफवाह फैला रहे हैं और लोगों को राशन, दवाइयां व वाहनों के लिए ईंधन जुटाने को कहा जा रहा है, क्योंकि अनिश्चितता का एक लंबा दौर आने की बात कही जा रही है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां), पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जे एंड केपीएम) और राज्य के सभी क्षेत्रीय दलों ने अनुच्छेद-35ए और 370 के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया है. संविधान के इन दोनों अनुच्छेदों में किसी राज्य को विशेष दर्जा देने का प्रावधान है. वहीं इसके उलट भारतीय जनता पार्टी का तर्क है कि यह प्रावधान राज्य के एकीकरण में बाधा बनने के साथ ही जम्मू एवं कश्मीर के विकास में भी बाधा बने हुए हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 35ए हटाने की तैयारी शुरू
केंद्र सरकार ने हर स्थिति से निपटने के लिए कसी कमर
सूत्रों के मुताबिक पूरे ऑपरेशन को नाम भी दिया गया | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Google Search का इस्तेमाल दुनियाभर के लोग करते हैं. गूगल ने 2019 में सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉपिक्स की लिस्ट जारी कर दी है. भारत में इस साल सबसे ज्यादा क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) सर्च किया गया. दूसरे नंबर पर भारतीय लोगों ने सबसे ज्यादा लोकसभा इलेक्शन (Lok Sabha Elections ) सर्च किया है. इसके बाद सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉपिक्स में 'चंद्रयान 2' (Chandrayaan 2), 'कबीर सिंह' (Kabir Singh), 'अवेंजर्स: एंडगेम' (Avengers: Endgame), 'आर्टिकल 370' (Article 370), 'नीट रिजल्टस' (NEET results), 'जोकर' (Joker), 'कैप्टेन मारवेल' (Captain Marvel) और 'पीएम किसान योजना' (PM Kisan Yojana) शामिल हैं.
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इस साल लोगों ने अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman), लता मंगेशकर, युवराज सिंह, आनंद कुमार , विक्की कौशल, ऋषभ पंत, रानू मंडल, तारा सुतारिया, सिद्धार्थ शुक्ला और कोइना मित्रा को सबसे ज्यादा सर्च किया.
खबरों की बात की जाए तो इस साल लोगों ने सबसे ज्यादा लोक सभा चुनाव नतीजों की खबरें सर्च कीं, इसके बाद चंद्रयान 2 , अनुच्छेद 370 और प्रधानमंत्री किसान योजना के बारे में सर्च किया. इन खबरों के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजे, पुलवामा हमला, साइक्लोन फानी, अयोध्या फैसला और अमेजन फॉरेस्ट फायर की खबरों के लिए गूगल सर्च इंजन का इस्तेमाल किया गया.
खेल के मुकाबलों में क्रिकेट विश्व कप को सबसे ज्यादा सर्च किया गया. इसके बाद प्रो कबड्डी लीग, विंबलडन, कोपा अमेरिका, फ्रेंच ओपन, सुपर बॉल, द एशेस, यूएस ओपन और इंडियन सुपर लीग के बारे में सर्च किया गया.
फिल्मों की बात की जाए तो इस साल सबसे ज्यादा 'कबीर सिंह' मूवी को सर्च किया गया, जिसके बाद क्रमशः 'अवेंजर्स', 'जोकर', 'कैपटेन मारवेल', 'सुपर 30' , 'मिशन मंगल', 'गली बॉय' , 'वॉर', 'हाउसफुल 4' और उरी हैं.
गानों के मामले में 'ले फोटो ले...', 'तेरी मेरी कहानी...', 'तेरी प्यारी प्यारी दो अंखियां...', 'वास्ते...', 'कोका-कोला तू...', 'गोरी तेरी चुनरी बा लाल लाल रे...', 'पल-पल दिल के पास...', 'लड़की आंख मारे...' और 'पायलिया बजनी लाडो पिया...' और 'क्या बात है...' शामिल हैं. | भारत में इस साल सबसे ज्यादा क्रिकेट वर्ल्ड कप सर्च किया गया
लोगों ने अभिनंदन वर्धमान के बारे में जानकारी पानी चाही
'ले फोटो ले' गाना सबसे ज्यादा पसंद किया गया | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: युवा वर्ग में बेहद लोकप्रिय पाकिस्तान के ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने उनके नाम का टी-शर्ट पहनने वाले भारतीय छात्र की पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को शर्मनाक करार दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसा करके क्रिकेट के दीवाने भारतीय उपमहाद्वीप के प्रशंसकों को प्रतिद्वंद्वी देश के खिलाड़ियों का समर्थन करने से रोका नहीं जा सकता.
गौरतलब है कि असम के छोटे कस्बे हाइलाकांडी का 21 वर्षीय रिपोन चौधरी एक लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान गिरफ्तार किया गया. दरअसल रिपोन जो शर्ट पहने हुए था, उसे हिंदू राष्ट्रवादी समूह को नाराज कर दिया. एक सूत्र ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा, 'स्थानीय दक्षिणपंथी संगठन की ओर से इस युवा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. हमने शिकायत के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे तुरंत जमानत पर रिहा कर दिया.' बहरहाल सूत्र ने इन मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि से इनकार कर दिया कि चौधरी पर सार्वजनिक स्थल में अश्लीलता का चार्ज लगाया गया है.
अफरीदी क्रिकेट के मैदान पर लगातार छक्के लगाने के लिए जाने जाते हैं और पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक हैं. 36 वर्षीय अफरीदी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, 'मेरी (नाम वाली) टी-शर्ट पहने के लिए एक प्रशंसक की गिरफ्तारी शर्मनाक है. ऐसी घटनाएं सभ्य लोगों के बीच शोभा नहीं देतीं. ' उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों के प्रशंसक अपने क्रिकेट प्रेम को तल्ख रिश्तों से दूर रखते हैं और एक-दूसरे के क्रिकेटरों को सराहते हैं. उन्होंने कहा कि आप एक क्रिकेटर के समर्थन के लिए प्रशंसकों को रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकते. खेल और राजनीति को अलग- अलग रखा जाना चाहिए और ऐसी घटनाएं खेल भावना के सिद्धांत के खिलाफ हैं. टिप्पणियां
गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी इससे पहले भारत की प्रशंसा के अपने एक बयान में कारण पाकिस्तान के लोगों के निशाने पर आ चुके हैं. उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में कहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को पाकिस्तान से कहीं ज्यादा प्यार भारतीय दर्शकों से मिलता है जिस पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने बयान को लेकर अफरीदी को खरी-खोटी सुनाई थी. मियांदाद ने कहा था कि इस तरह के बयान देने वाले खिलाड़ी को खुद पर 'शर्म आनी' चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि असम के छोटे कस्बे हाइलाकांडी का 21 वर्षीय रिपोन चौधरी एक लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान गिरफ्तार किया गया. दरअसल रिपोन जो शर्ट पहने हुए था, उसे हिंदू राष्ट्रवादी समूह को नाराज कर दिया. एक सूत्र ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा, 'स्थानीय दक्षिणपंथी संगठन की ओर से इस युवा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. हमने शिकायत के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे तुरंत जमानत पर रिहा कर दिया.' बहरहाल सूत्र ने इन मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि से इनकार कर दिया कि चौधरी पर सार्वजनिक स्थल में अश्लीलता का चार्ज लगाया गया है.
अफरीदी क्रिकेट के मैदान पर लगातार छक्के लगाने के लिए जाने जाते हैं और पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक हैं. 36 वर्षीय अफरीदी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, 'मेरी (नाम वाली) टी-शर्ट पहने के लिए एक प्रशंसक की गिरफ्तारी शर्मनाक है. ऐसी घटनाएं सभ्य लोगों के बीच शोभा नहीं देतीं. ' उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों के प्रशंसक अपने क्रिकेट प्रेम को तल्ख रिश्तों से दूर रखते हैं और एक-दूसरे के क्रिकेटरों को सराहते हैं. उन्होंने कहा कि आप एक क्रिकेटर के समर्थन के लिए प्रशंसकों को रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकते. खेल और राजनीति को अलग- अलग रखा जाना चाहिए और ऐसी घटनाएं खेल भावना के सिद्धांत के खिलाफ हैं. टिप्पणियां
गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी इससे पहले भारत की प्रशंसा के अपने एक बयान में कारण पाकिस्तान के लोगों के निशाने पर आ चुके हैं. उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में कहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को पाकिस्तान से कहीं ज्यादा प्यार भारतीय दर्शकों से मिलता है जिस पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने बयान को लेकर अफरीदी को खरी-खोटी सुनाई थी. मियांदाद ने कहा था कि इस तरह के बयान देने वाले खिलाड़ी को खुद पर 'शर्म आनी' चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अफरीदी क्रिकेट के मैदान पर लगातार छक्के लगाने के लिए जाने जाते हैं और पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक हैं. 36 वर्षीय अफरीदी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, 'मेरी (नाम वाली) टी-शर्ट पहने के लिए एक प्रशंसक की गिरफ्तारी शर्मनाक है. ऐसी घटनाएं सभ्य लोगों के बीच शोभा नहीं देतीं. ' उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों के प्रशंसक अपने क्रिकेट प्रेम को तल्ख रिश्तों से दूर रखते हैं और एक-दूसरे के क्रिकेटरों को सराहते हैं. उन्होंने कहा कि आप एक क्रिकेटर के समर्थन के लिए प्रशंसकों को रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकते. खेल और राजनीति को अलग- अलग रखा जाना चाहिए और ऐसी घटनाएं खेल भावना के सिद्धांत के खिलाफ हैं. टिप्पणियां
गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी इससे पहले भारत की प्रशंसा के अपने एक बयान में कारण पाकिस्तान के लोगों के निशाने पर आ चुके हैं. उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में कहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को पाकिस्तान से कहीं ज्यादा प्यार भारतीय दर्शकों से मिलता है जिस पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने बयान को लेकर अफरीदी को खरी-खोटी सुनाई थी. मियांदाद ने कहा था कि इस तरह के बयान देने वाले खिलाड़ी को खुद पर 'शर्म आनी' चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी इससे पहले भारत की प्रशंसा के अपने एक बयान में कारण पाकिस्तान के लोगों के निशाने पर आ चुके हैं. उन्होंने इसी वर्ष की शुरुआत में कहा था कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को पाकिस्तान से कहीं ज्यादा प्यार भारतीय दर्शकों से मिलता है जिस पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने बयान को लेकर अफरीदी को खरी-खोटी सुनाई थी. मियांदाद ने कहा था कि इस तरह के बयान देने वाले खिलाड़ी को खुद पर 'शर्म आनी' चाहिए.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: असम के रिपोन चौधरी नाम के युवा को किया गया था अरेस्ट
लोकल टूर्नामेंट के दौरान अफरीदी के नाम की शर्ट पहनने था
एक संगठन की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी, बाद में बेल पर रिहा हुआ | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के मिशिगन राज्य में शरारती तत्वों ने एक निर्माणाधीन गुरद्वारे में तोड़फोड़ की और वहां मुस्लिम विरोधी बातें लिख दीं। गुरद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि मिशिगन के स्टरलिंग हाइट्स सिटी स्थित गुरद्वारे में तोड़फोड़ की घटना पांच फरवरी को हुई।
सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड ने कहा कि तोड़फोड़ करने वालों ने जो चीजें लिखीं, उनमें अशिष्ट भाषा और नस्ली बातें शामिल हैं। इतना नहीं शरारती तत्वों ने वहां एक बड़ी-सी बंदूक का चित्र भी बना दिया जो 9/11 हमलों के संदर्भ में है। काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस की मिशिगन इकाई और अमेरिकन जेविश कमेटी ने इस घटना की निन्दा की है।
सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड ने कहा कि तोड़फोड़ करने वालों ने जो चीजें लिखीं, उनमें अशिष्ट भाषा और नस्ली बातें शामिल हैं। इतना नहीं शरारती तत्वों ने वहां एक बड़ी-सी बंदूक का चित्र भी बना दिया जो 9/11 हमलों के संदर्भ में है। काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस की मिशिगन इकाई और अमेरिकन जेविश कमेटी ने इस घटना की निन्दा की है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका के मिशिगन राज्य में शरारती तत्वों ने एक निर्माणाधीन गुरद्वारे में तोड़फोड़ की और वहां मुस्लिम विरोधी बातें लिख दीं। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा तथा राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी को संसदीय स्थायी समितियों का सदस्य बनाए जाने में कांग्रेस को कुछ भी गलत नजर नहीं आता।
पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा, ‘‘संसद के सदस्य का समिति में होना उनका अधिकार है चाहे उनके खिलाफ जो भी आरोप हों। सदस्यों को उनकी पार्टी नामित नहीं करती।’’ लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष चाको ने कहा कि हर सांसद को समिति में होने का हक है और उन्हें ‘‘उनके विशेषाधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।’’
यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस कलमाड़ी जैसे विवादास्पद सदस्यों से संसदीय समिति की सदस्यता नहीं स्वीकार करने को कह सकती है तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पार्टी ऐसा नहीं कर सकती। यह विशेषाधिकार है।’’ उन्होंने कहा कि सदस्य संसदीय समितियों के लिए अपनी पसंद बताते हैं और उसी मुताबिक उन्हें सदस्य बनाया जाता है।टिप्पणियां
लोकसभा में द्रमुक का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा को ऊर्जा पर स्थायी समिति का सदस्य नामित किया गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद कलमाड़ी को विदेश मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है। संसदीय स्थायी समितियों को लघु संसद माना जाता है क्योंकि वे विधेयकों की गहन जांच-पड़ताल करते हैं और प्रस्तावित विधेयकों पर सुझाव देते हैं।
पिछले वर्ष 2 फरवरी को 2-जी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए राजा इस वर्ष 15 मई से जमानत पर हैं। इस वर्ष 19 जनवरी को रिहा होने से पहले कलमाड़ी ने भी नौ महीने जेल में बिताए। 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ मामलों में आरोपी द्रमुक सांसद कनिमोझी को भी गृह मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है।
पार्टी प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा, ‘‘संसद के सदस्य का समिति में होना उनका अधिकार है चाहे उनके खिलाफ जो भी आरोप हों। सदस्यों को उनकी पार्टी नामित नहीं करती।’’ लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष चाको ने कहा कि हर सांसद को समिति में होने का हक है और उन्हें ‘‘उनके विशेषाधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।’’
यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस कलमाड़ी जैसे विवादास्पद सदस्यों से संसदीय समिति की सदस्यता नहीं स्वीकार करने को कह सकती है तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पार्टी ऐसा नहीं कर सकती। यह विशेषाधिकार है।’’ उन्होंने कहा कि सदस्य संसदीय समितियों के लिए अपनी पसंद बताते हैं और उसी मुताबिक उन्हें सदस्य बनाया जाता है।टिप्पणियां
लोकसभा में द्रमुक का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा को ऊर्जा पर स्थायी समिति का सदस्य नामित किया गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद कलमाड़ी को विदेश मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है। संसदीय स्थायी समितियों को लघु संसद माना जाता है क्योंकि वे विधेयकों की गहन जांच-पड़ताल करते हैं और प्रस्तावित विधेयकों पर सुझाव देते हैं।
पिछले वर्ष 2 फरवरी को 2-जी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए राजा इस वर्ष 15 मई से जमानत पर हैं। इस वर्ष 19 जनवरी को रिहा होने से पहले कलमाड़ी ने भी नौ महीने जेल में बिताए। 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ मामलों में आरोपी द्रमुक सांसद कनिमोझी को भी गृह मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है।
यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस कलमाड़ी जैसे विवादास्पद सदस्यों से संसदीय समिति की सदस्यता नहीं स्वीकार करने को कह सकती है तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पार्टी ऐसा नहीं कर सकती। यह विशेषाधिकार है।’’ उन्होंने कहा कि सदस्य संसदीय समितियों के लिए अपनी पसंद बताते हैं और उसी मुताबिक उन्हें सदस्य बनाया जाता है।टिप्पणियां
लोकसभा में द्रमुक का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा को ऊर्जा पर स्थायी समिति का सदस्य नामित किया गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद कलमाड़ी को विदेश मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है। संसदीय स्थायी समितियों को लघु संसद माना जाता है क्योंकि वे विधेयकों की गहन जांच-पड़ताल करते हैं और प्रस्तावित विधेयकों पर सुझाव देते हैं।
पिछले वर्ष 2 फरवरी को 2-जी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए राजा इस वर्ष 15 मई से जमानत पर हैं। इस वर्ष 19 जनवरी को रिहा होने से पहले कलमाड़ी ने भी नौ महीने जेल में बिताए। 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ मामलों में आरोपी द्रमुक सांसद कनिमोझी को भी गृह मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है।
लोकसभा में द्रमुक का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा को ऊर्जा पर स्थायी समिति का सदस्य नामित किया गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद कलमाड़ी को विदेश मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है। संसदीय स्थायी समितियों को लघु संसद माना जाता है क्योंकि वे विधेयकों की गहन जांच-पड़ताल करते हैं और प्रस्तावित विधेयकों पर सुझाव देते हैं।
पिछले वर्ष 2 फरवरी को 2-जी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए राजा इस वर्ष 15 मई से जमानत पर हैं। इस वर्ष 19 जनवरी को रिहा होने से पहले कलमाड़ी ने भी नौ महीने जेल में बिताए। 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ मामलों में आरोपी द्रमुक सांसद कनिमोझी को भी गृह मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है।
पिछले वर्ष 2 फरवरी को 2-जी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए राजा इस वर्ष 15 मई से जमानत पर हैं। इस वर्ष 19 जनवरी को रिहा होने से पहले कलमाड़ी ने भी नौ महीने जेल में बिताए। 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित कुछ मामलों में आरोपी द्रमुक सांसद कनिमोझी को भी गृह मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है। | यहाँ एक सारांश है:2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मुख्य आरोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा तथा राष्ट्रमंडल खेल घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी को संसदीय स्थायी समितियों का सदस्य बनाए जाने में कांग्रेस को कुछ भी गलत नजर नहीं आता। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मशहूर बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक चटर्जी को यह पुरस्कार 2011 के लिए दिया जाएगा। उनके नाम का प्रस्ताव पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया। 77 वर्षीय अभिनेता ने सत्यजीत रे की फिल्म ‘अपूर संसार’ के साथ 1959 में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी।टिप्पणियां
बयान में कहा गया है कि उसके बाद उन्होंने रे की 14 अन्य फिल्मों में काम किया। पांच दशक के करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें से प्रमुख अपूर संसार, देवी, तीन कन्या, अभिज्ञान, चारुलता, आकाश कुसुम, जय बाबा फेलूनाथ, हीरक राजार देशे, घरे बाइरे, गणशत्रु शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि चटर्जी ने तपन सिन्हा, मृणाल सेन, अजय कार और तरुण मजूमदार जैसे जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक चटर्जी को यह पुरस्कार 2011 के लिए दिया जाएगा। उनके नाम का प्रस्ताव पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया। 77 वर्षीय अभिनेता ने सत्यजीत रे की फिल्म ‘अपूर संसार’ के साथ 1959 में अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी।टिप्पणियां
बयान में कहा गया है कि उसके बाद उन्होंने रे की 14 अन्य फिल्मों में काम किया। पांच दशक के करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें से प्रमुख अपूर संसार, देवी, तीन कन्या, अभिज्ञान, चारुलता, आकाश कुसुम, जय बाबा फेलूनाथ, हीरक राजार देशे, घरे बाइरे, गणशत्रु शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि चटर्जी ने तपन सिन्हा, मृणाल सेन, अजय कार और तरुण मजूमदार जैसे जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है।
बयान में कहा गया है कि उसके बाद उन्होंने रे की 14 अन्य फिल्मों में काम किया। पांच दशक के करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें से प्रमुख अपूर संसार, देवी, तीन कन्या, अभिज्ञान, चारुलता, आकाश कुसुम, जय बाबा फेलूनाथ, हीरक राजार देशे, घरे बाइरे, गणशत्रु शामिल हैं।
बयान में बताया गया कि चटर्जी ने तपन सिन्हा, मृणाल सेन, अजय कार और तरुण मजूमदार जैसे जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है।
बयान में बताया गया कि चटर्जी ने तपन सिन्हा, मृणाल सेन, अजय कार और तरुण मजूमदार जैसे जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मशहूर बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यमन की राजधानी साना स्थित अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई। अमेरिका में बनी एक फिल्म में पैगम्बर मोहम्मद साहब के कथित अपमान से नाराज प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को यमन स्थित अमेरिकी दूतावास में दाखिल हो कर तोड़फोड़ की और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को दूतावास में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की लेकिन वे असफल रहे। सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में 20 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।टिप्पणियां
एजेंसी ने यमन के आंतरिक मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया, 'यमन एवं अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों के साथ अमेरिकी दूतावास की मुख्य इमारत अभी भी सुरक्षित है। कुछ प्रदर्शनकारी दूतावास की बाहरी दीवार पर चढ़ने में सफल रहे। स्थिति अब नियंत्रण में है और दूतावास की तरफ जाने वाली सभी सड़कें बंद कर दी गई हैं।'
प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि बताया कि घटनास्थल पर और यमन सुरक्षाकर्मियों को भेजा जा रहा है। लीबिया में मंगलवार रात को फिल्म से नाराज प्रदर्शनकारियों के हमले में लीबिया में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को दूतावास में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की लेकिन वे असफल रहे। सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में 20 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।टिप्पणियां
एजेंसी ने यमन के आंतरिक मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया, 'यमन एवं अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों के साथ अमेरिकी दूतावास की मुख्य इमारत अभी भी सुरक्षित है। कुछ प्रदर्शनकारी दूतावास की बाहरी दीवार पर चढ़ने में सफल रहे। स्थिति अब नियंत्रण में है और दूतावास की तरफ जाने वाली सभी सड़कें बंद कर दी गई हैं।'
प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि बताया कि घटनास्थल पर और यमन सुरक्षाकर्मियों को भेजा जा रहा है। लीबिया में मंगलवार रात को फिल्म से नाराज प्रदर्शनकारियों के हमले में लीबिया में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई थी।
एजेंसी ने यमन के आंतरिक मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया, 'यमन एवं अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों के साथ अमेरिकी दूतावास की मुख्य इमारत अभी भी सुरक्षित है। कुछ प्रदर्शनकारी दूतावास की बाहरी दीवार पर चढ़ने में सफल रहे। स्थिति अब नियंत्रण में है और दूतावास की तरफ जाने वाली सभी सड़कें बंद कर दी गई हैं।'
प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि बताया कि घटनास्थल पर और यमन सुरक्षाकर्मियों को भेजा जा रहा है। लीबिया में मंगलवार रात को फिल्म से नाराज प्रदर्शनकारियों के हमले में लीबिया में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि बताया कि घटनास्थल पर और यमन सुरक्षाकर्मियों को भेजा जा रहा है। लीबिया में मंगलवार रात को फिल्म से नाराज प्रदर्शनकारियों के हमले में लीबिया में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई थी। | सारांश: यमन में अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई। अमेरिका में बनी एक फिल्म में मोहम्मद साहब के कथित अपमान से नाराज प्रदर्शनकारियों ने यमन स्थित अमेरिकी दूतावास में दाखिल हो कर तोड़फोड़ की। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा बलों ने उरी में दो पाकिस्तान नागरिकों को गिरफ्तार किया है जो कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए गाइड का काम करते थे. ये आतंकियों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ करने में मदद करते थे.टिप्पणियां
सेना और बीएसएफ के संयुक्त ऑपरेशन में इन दोनों को 21 सितंबर को पकड़ा गया. जांच के दौरान आतंकियों ने अपनी पहचान खालियान कलां के एहसान खुर्शीद पुत्र मोहम्मद खुर्शीद और पोथा जहांगीर के फैसल हुसैन अवान पुत्र गुल अकबर के रूप में बताई. ये दोनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले हैं.
जैश-ए-मोहम्मद ने इन दोनों को दो साल पहले भर्ती किया था. ये दोनों आतंकियों को एलओसी पर घुसपैठ करने में मदद करते थे. आतंकियों से मिली जानकारी की जांच सारे एजेंसियों द्वारा की जा रही है. गौरतलब है कि पिछले रविवार को उरी के बटालियन हेडक्वार्टर पर जैश के चार आतंकियों के हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे.
सेना और बीएसएफ के संयुक्त ऑपरेशन में इन दोनों को 21 सितंबर को पकड़ा गया. जांच के दौरान आतंकियों ने अपनी पहचान खालियान कलां के एहसान खुर्शीद पुत्र मोहम्मद खुर्शीद और पोथा जहांगीर के फैसल हुसैन अवान पुत्र गुल अकबर के रूप में बताई. ये दोनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले हैं.
जैश-ए-मोहम्मद ने इन दोनों को दो साल पहले भर्ती किया था. ये दोनों आतंकियों को एलओसी पर घुसपैठ करने में मदद करते थे. आतंकियों से मिली जानकारी की जांच सारे एजेंसियों द्वारा की जा रही है. गौरतलब है कि पिछले रविवार को उरी के बटालियन हेडक्वार्टर पर जैश के चार आतंकियों के हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे.
जैश-ए-मोहम्मद ने इन दोनों को दो साल पहले भर्ती किया था. ये दोनों आतंकियों को एलओसी पर घुसपैठ करने में मदद करते थे. आतंकियों से मिली जानकारी की जांच सारे एजेंसियों द्वारा की जा रही है. गौरतलब है कि पिछले रविवार को उरी के बटालियन हेडक्वार्टर पर जैश के चार आतंकियों के हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे. | यह एक सारांश है: सेना और बीएसएफ के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़े गए दोनों
दोनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले
लाइन ऑफ कंट्रोल पर आतंकियों को घुसपैठ करने में मदद करते थे | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बलूचिस्तान के लोगों की स्वतंत्रता की मांग को लेकर कांग्रेस में पेश किए गए विधेयक की पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से की गई तीव्र आलोचना के बीच अमेरिका ने रविवार को कहा कि वह प्रांत की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता।
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता राबर्ट रेनिस ने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका पाकिस्तान की प्रांतीय अखंडता का सम्मान करता है। कांग्रेस के सदस्य कई विदेशी मामलों पर विधेयक पेश करते हैं और इन विधेयकों से अमेरिकी की किसी विशेष नीति के अनुमोदन को लेकर मतलब नहीं निकाले जा सकते।’ यह बयान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सांसद डाना रोहराबैचर द्वारा पेश प्रस्ताव की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की ओर से निंदा करने और उसे पाकिस्तान की अखंडता पर हमला बताने वाले बयान के एक दिन बाद आया है।
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता राबर्ट रेनिस ने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका पाकिस्तान की प्रांतीय अखंडता का सम्मान करता है। कांग्रेस के सदस्य कई विदेशी मामलों पर विधेयक पेश करते हैं और इन विधेयकों से अमेरिकी की किसी विशेष नीति के अनुमोदन को लेकर मतलब नहीं निकाले जा सकते।’ यह बयान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सांसद डाना रोहराबैचर द्वारा पेश प्रस्ताव की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की ओर से निंदा करने और उसे पाकिस्तान की अखंडता पर हमला बताने वाले बयान के एक दिन बाद आया है। | यह एक सारांश है: बलूचिस्तान के लोगों की स्वतंत्रता की मांग को लेकर कांग्रेस में पेश किए गए विधेयक की पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से की गई तीव्र आलोचना के बीच अमेरिका ने कहा कि वह प्रांत की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: साल 2018 में पलायन (Migration) दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी समस्या बना रहा. कहीं युद्ध की विभीषिका ने लोगों को घर-बार छोड़कर भागने पर मजबूर किया तो कहीं प्राकृतिक विभीषिकाओं ने लोगों से उनका घर-द्वार छीन लिया. कहीं राजनीतिक कारणों से लोगों को नया आसरा तलाशना पड़ा तो कहीं विकास के नाम पर लोगों को अपनी पैतृक भूमि से जुदा होना पड़ा. यह समस्याएं दुनिया के कई देशों में अलग-अलग रूपों में सामने आईं.
पलायन की चपेट में म्यांमार, बाग्लादेश, अमेरिका, भारत सहित यूरोप के कई देश रहे. एक देश से दूसरे देश में जाकर बसे लोग शरणार्थी बन गए. कई देशों में लोग अवैध रूप से सीमाओं को पार करके शरणार्थी बने. इसके चलते कई देशों के बीच तनाव के हालात भी बने.
यूपी के कौशांबी में साम्प्रदायिक द्वेष के हालात बनने से पलायन की घटनाएं हुईं. कैराना, संभल और मुजफ्फरनगर के अलावा कौशांबी से भी पलायन हुआ. यहां वर्ग विशेष की महिलाओं ने पुलिस पर उनके उत्पीड़न का आरोप लगाया और बड़ी संख्या में महिलाएं गांव छोड़कर चली गईं. | यहाँ एक सारांश है:कई देशों में लोग अवैध रूप से सीमाओं को पार करके शरणार्थी बने
सबसे अधिक चर्चा म्यांमार से पलायन करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की
अमेरिका और मैक्सिको की सीमा पर रह रहे हजारों शरणार्थी | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) पैरामेडिकल कैटेगरी के तहत होने वाली भर्ती परीक्षा शुक्रवार से आयोजित करेगा. पैरामेडिकल कैटेगरी (RRB Paramedical) के तहत रेलवे में डायटीशियन, स्टाफ नर्स, डेंटल हाइजीनिस्ट आदि पदों पर भर्तियां होनी है. मंत्रालय के बयान में कहा गया कि 19 जुलाई से 21 जुलाई तक 1,923 पदों पर भर्ती के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित होगी. हर दिन तीन पालियों में परीक्षा होगी. इसमें कहा गया, ‘‘भर्ती अभियान में, 4.39 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में बैठेंगे जो देशभर के 107 शहरों, कस्बों के 345 परीक्षा केन्द्रों पर आयेाजित होगी.''
रेलवे द्वारा यह पहली भर्ती है जिसमें योग्य उम्मीदवारों के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के तहत आरक्षण उपलब्ध रहेगा. ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध कुल पदों की दस प्रतिशत सीटों के लिए, 4654 ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे.
यह परीक्षा 90 मिनट की होगी जिसमें विकलांग श्रेणी के उम्मीदवारों को 30 मिनट अतिरिक्त दिये जाएंगे. बहुविकल्पीय प्रश्नों वाली परीक्षा में पेशेवर ज्ञान, सामान्य जागरुकता, सामान्य अंकगणित, सामान्य समझ और तर्क शक्ति तथा सामान्य विज्ञान विषयों से सवाल पूछे जाएंगे. यह परीक्षा अंग्रेजी और हिन्दी सहित 15 भाषाओं में होगी. | पैरामेडिकल कैटेगरी की परीक्षा कल से शुरू होगी.
भर्ती परीक्षा 21 जुलाई तक चलेगी.
परीक्षा में 4.39 लाख से अधिक उम्मीदवार बैठेंगे. | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण शनिवार को आदर्श हाउसिंग घोटाले की जांच कर रहे दो सदस्यीय आयोग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने इस घोटाले के लिए अपने पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को जिम्मेदार ठहराया।
चव्हाण ने कहा कि उन्होंने सम्बंधित दस्तावेजों पर दस्तखत तब किए, जब वरिष्ठ नौकरशाह उसकी जांच कर चुके थे। उन्होंने कहा कि देशमुख मंत्रिमंडल में वह राजस्व मंत्री थे। राजस्व मंत्री मुख्य सचिव की सलाह पर कार्य करता है। मुख्य सचिव ही पहले सभी प्रस्तावों का अध्ययन करते हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय को भी लपेटे में लिया और कहा कि यदि कथित प्रस्ताव को कैबिनेट या मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी नहीं मिलती है, तो मुख्यमंत्री को इसके बारे में वित्त विभाग को जानकारी देनी होती है।
दो सदस्यीय न्यायिक आयोग में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जेए पाटील तथा राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पी. सुब्रह्मण्यम शामिल हैं।
आयोग ने इसी सप्ताह की शुरुआत में महाराष्ट्र के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री देशमुख से गवाह के तौर पर पूछताछ की थी।
चव्हाण ने 2010 में यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। वह देशमुख के मुख्यमंत्रित्व काल (1999 और 2003 के बीच) में राजस्व मंत्री थे। आदर्श हाउसिंग सोसायटी को इमारत के निर्माण की अनुमति उसी दौरान दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
चव्हाण ने कहा कि उन्होंने सम्बंधित दस्तावेजों पर दस्तखत तब किए, जब वरिष्ठ नौकरशाह उसकी जांच कर चुके थे। उन्होंने कहा कि देशमुख मंत्रिमंडल में वह राजस्व मंत्री थे। राजस्व मंत्री मुख्य सचिव की सलाह पर कार्य करता है। मुख्य सचिव ही पहले सभी प्रस्तावों का अध्ययन करते हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय को भी लपेटे में लिया और कहा कि यदि कथित प्रस्ताव को कैबिनेट या मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी नहीं मिलती है, तो मुख्यमंत्री को इसके बारे में वित्त विभाग को जानकारी देनी होती है।
दो सदस्यीय न्यायिक आयोग में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जेए पाटील तथा राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पी. सुब्रह्मण्यम शामिल हैं।
आयोग ने इसी सप्ताह की शुरुआत में महाराष्ट्र के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री देशमुख से गवाह के तौर पर पूछताछ की थी।
चव्हाण ने 2010 में यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। वह देशमुख के मुख्यमंत्रित्व काल (1999 और 2003 के बीच) में राजस्व मंत्री थे। आदर्श हाउसिंग सोसायटी को इमारत के निर्माण की अनुमति उसी दौरान दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
दो सदस्यीय न्यायिक आयोग में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जेए पाटील तथा राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पी. सुब्रह्मण्यम शामिल हैं।
आयोग ने इसी सप्ताह की शुरुआत में महाराष्ट्र के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री देशमुख से गवाह के तौर पर पूछताछ की थी।
चव्हाण ने 2010 में यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। वह देशमुख के मुख्यमंत्रित्व काल (1999 और 2003 के बीच) में राजस्व मंत्री थे। आदर्श हाउसिंग सोसायटी को इमारत के निर्माण की अनुमति उसी दौरान दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
आयोग ने इसी सप्ताह की शुरुआत में महाराष्ट्र के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री एवं मौजूदा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री देशमुख से गवाह के तौर पर पूछताछ की थी।
चव्हाण ने 2010 में यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। वह देशमुख के मुख्यमंत्रित्व काल (1999 और 2003 के बीच) में राजस्व मंत्री थे। आदर्श हाउसिंग सोसायटी को इमारत के निर्माण की अनुमति उसी दौरान दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
चव्हाण ने 2010 में यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। वह देशमुख के मुख्यमंत्रित्व काल (1999 और 2003 के बीच) में राजस्व मंत्री थे। आदर्श हाउसिंग सोसायटी को इमारत के निर्माण की अनुमति उसी दौरान दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने घोटाले से सम्बंधित अपने आरोपपत्र में 14 आरोपियों में चव्हाण का नाम भी शामिल किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
इस सप्ताह की शुरुआत में की गई पूछताछ में देशमुख ने अपने मंत्रालय के पूर्व सहयोगियों अशोक चव्हाण और तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत पटेल को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया था। देशमुख ने कहा कि उन्होंने आदर्श सोसायटी से सम्बंधित फाइलों पर हस्ताक्षर तब किए थे, जब दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई थी।टिप्पणियां
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
इससे पहले शिंदे ने आयोग को बताया था कि सरकारी भूमि के आवंटन और आदर्श हाउसिंग सोसायटी की इमारत में अतिरिक्त तल बनाने की मंजूरी से सम्बंधित फैसले देशमुख के कार्यकाल के दौरान लिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था।
उल्लेखनीय है कि आदर्श सोसायटी घोटाला, दक्षिणी मुम्बई के कोलाबा इलाके के एक प्रमुख भूखंड पर बनी 31 मंजिली इमारत से जुड़ा हुआ है, जिसका निर्माण इसी सोसायटी ने कराया था। | यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण शनिवार को आदर्श हाउसिंग घोटाले की जांच कर रहे दो सदस्यीय आयोग के समक्ष पेश हुए। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के युगल विशेषज्ञ रोहन बोपन्ना ने अपने नियमित जोड़ीदार महेश भूपति के नक्शेकदम पर चलते हुए लंदन ओलिंपिक की टेनिस स्पर्धा के पुरुषों के युगल वर्ग में लिएंडर पेस के साथ खेलने से इनकार कर दिया है।
अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) को लिखे अपने पत्र में बोपन्ना ने साफ कर दिया कि वह पेस के साथ नहीं खेलना चाहते। हालांकि बोपन्ना ने यह भी साफ किया कि ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनका सपना रहा है।
भूपति ने बीते सप्ताह यह कहा था कि वह पेस के साथ जोड़ी नहीं बनाना चाहते। भूपति का यह बयान एआईटीए द्वारा उन्हें पेस का जोड़ीदार बनाए जाने के कुछ समय बाद ही आया था।
बोपन्ना ने लिखा है कि हम संघ के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन मैं फिलहाल संघ का पेस के साथ खेलने सम्बंधी फैसला मानने की स्थिति में नहीं हूं। मैंने इस सम्बंध में संघ को जानकारी दे दी है।
बोपन्ना ने कहा कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने भूपति के साथ जोड़ी सिर्फ इसलिए बनाई थी क्योंकि वह ओलिंपिक में देश के लिए खेलना चाहते थे। बोपन्ना के मुताबिक वह तथा पेस अच्छा जोड़ी नहीं बनाते और इससे कोई परिणाम नहीं निकलने वाला है। | सारांश: भारत के युगल विशेषज्ञ रोहन बोपन्ना ने अपने नियमित जोड़ीदार महेश भूपति के नक्शेकदम पर चलते हुए लंदन ओलिंपिक की टेनिस स्पर्धा के पुरुषों के युगल वर्ग में लिएंडर पेस के साथ खेलने से इनकार कर दिया है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्ववर्ती मैसूर साम्राज्य के 18वीं सदी के विवादित शासक टीपू सुल्तान की जयंती पर आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह को कनार्टक की भाजपा सरकार ने मंगलवार को रद्द कर दिया. कांग्रेस शासन के दौरान शुरू हुए इस समारोह का आयोजन 2015 से हो रहा था. बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली नयी सरकार ने सत्ता में आने के तीन दिन के भीतर ‘टीपू जयंती' समारोह को रद्द करने से संबंधित आदेश पारित किया. भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के बीच सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2015 में टीपू जयंती के अवसर पर 10 नवंबर को वार्षिक समारोह के आयोजन की शुरुआत की थी.
एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद (एस) की गठबंधन सरकार ने भी इसे जारी रखा. सदन में 23 जुलाई को विश्वासमत हासिल नहीं कर पाने के कारण कुमारस्वामी की सरकार गिर गयी थी जिससे राज्य में भाजपा की सरकार बनने का रास्ता बना. भाजपा सरकार ने सोमवार को विश्वासमत हासिल कर लिया था. आधिकारिक आदेश के अनुसार विराजपेट के विधायक के. जी. बोपैया ने येदियुरप्पा को पत्र लिखकर राज्य के कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग द्वारा टीपू जयंती के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले वार्षिक समारोहों को रद्द करने का अनुरोध किया.
पत्र में उन्होंने ऐसे समारोह को लेकर विशेषकर कोडागू जिले में होने वाले विरोध की ओर ध्यान आकृष्ट किया. विधायक ने कहा था कि विगत में समारोह के दौरान हिंसा की घटनाएं हुई हैं और इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए. येदियुरप्पा ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया कि यहां टीपू जयंती नहीं मनायी जानी चाहिए और इस संदर्भ में एक सरकारी आदेश पारित किया गया है.
वर्ष 2015 में इसके पहले आधिकारिक आयोजन के दौरान कोडागू जिले में व्यापक प्रदर्शनों और हिंसा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता कटप्पा की मौत हो गयी थी. भाजपा और दक्षिणपंथी संगठन टीपू को ‘धार्मिक कट्टरपंथी' बताते हुए जयंती समारोहों का कड़ा विरोध करते रहे हैं, जिसके कारण अधिकारी हर साल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में राज्यव्यापी कार्यक्रम का आयोजन कराते थे. इस बीच, भाजपा सरकार के इस फैसले को बड़ा अपराध बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि टीपू कोई ऐसी शख्सियत नहीं थे जो सिर्फ अल्पसंख्यक समुदाय के थे, बल्कि वह तो मैसूर के राजा थे जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ी. वह एक महान देशभक्त थे.
उन्होंने कहा कि टीपू ने तत्कालीन मैसूर राज्य के विकास के लिए काम किया. केआरएस बांध की नींव उनके ही शासन में रखी गयी थी और उन्होंने उद्योगों, कृषि तथा कारोबार के विकास के लिए भी काम किया था. सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘...चूंकि वह एक स्वतंत्रता सेनानी थे, इसी मंशा से हमने इसे (जयंती) मनाने का फैसला किया था. भाजपा ने दुर्भावना से प्रेरित होकर और अल्पसंख्यकों के प्रति अपनी नफरत की भावना के कारण ही ऐसा किया है. मैं इस कदम का विरोध करता हूं.''
पूर्ववर्ती मैसूर साम्राज्य के शासक टीपू ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के कट्टर शत्रु माने जाते थे. मई 1799 में श्रीरंगपट्टनम में अपने किले को बचाने के क्रम में ब्रिटिश बलों के खिलाफ लड़ते हुए उनकी मौत हो गयी थी. टीपू सुल्तान को हालांकि कोडागू जिले में विवादित शख्सियत माना जाता है क्योंकि कोडावस (कुर्गीज) समुदाय के लोगों का मानना है कि टीपू के शासन के दौरान हजारों कोडावस पुरुषों एवं महिलाओं को यातनाएं दी गईं, उनकी हत्याएं की गईं और उन्हें जबरन इस्लाम कबूल कराया गया.
टीपू पर दीपावली के दिन मांड्या जिले में मेलकोट शहर के मंदिर में मांडयम अयंगर को फांसी देने का भी आरोप है, क्योंकि उन्होंने मैसूर के तत्कालीन महाराज का समर्थन किया था. हालांकि कई इतिहासकर टीपू को एक धर्मनिरपेक्ष एवं आधुनिक शासक मानते हैं जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जंग लड़ी. कुछ कन्नड़ संगठन उन्हें ‘‘कन्नड़ विरोधी'' मानते हैं. उनका आरोप है कि टीपू ने स्थानीय भाषा की जगह फारसी को तवज्जो दी थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्नाटक सरकार ने रद्द किया टीपू जयंती समारोह
कांग्रेस शासन के दौरान हुआ था शुरू
इस समारोह का आयोजन 2015 से हो रहा था | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री काजोल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में काजोल अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रही हैं. बताया जा रहा है कि काजोल ने इस पार्टी का फेसबुक लाइव किया था. फेसबुक लाइव में काजोल अपने दोस्त रेयान से बातें कर रही हैं, जिसमें वह बता रहा है कि उसने पार्टी के लिए बीफ का व्यंजन बनाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वीडियो काजोल के फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद था, लेकिन सोमवार को उन्होंने इसे हटा लिया. हालांकि कई लोगों ने इस वीडियो को डाऊनलोड कर लिया और अपने पेज से लगातार शेयर कर रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को लंच के लिए काजोल अपने दोस्तों के साथ एकत्र हुईं थीं. इसी दौरान काजोल फेसबुक लाइव कर रही थीं. इसमें काजोल बता रही हैं कि उनके दोस्त रेयान ने लंच में स्पेशल व्यंजन बनाया है. इसके बाद काजोल का कैमरा एक कटोरे में रखे व्यंजन की तरफ घूमता है. काजोल बताती हैं कि इस व्यंजन को उनके दोस्त ने बनाया है. तभी काजोल के दोस्त रेयान उस बाउल में कुछ ग्रेवी (रसा) जैसी चीज डालते हैं. इसके बाद काजोल अपने दोस्त रेयान को कैमरे के सामने बुलाती हैं और पूछती हैं ये कौन सी डिश है? इसके जवाब में रेयान कहते है कि यह बीफ है. टिप्पणियां
वीडियो में काजोल और उनके दोस्त काफी उत्साहित दिख रहे हैं. पूरा माहौल मस्ती का दिख रहा है. हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अभी तक काजोल की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. साथ ही किसी फेसबुक यूजर के पोस्ट को Embedded इसलिए नहीं किया गया है, क्योंकि उनपर आने वाले कमेंट उनके पेज पर शो होते.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को लंच के लिए काजोल अपने दोस्तों के साथ एकत्र हुईं थीं. इसी दौरान काजोल फेसबुक लाइव कर रही थीं. इसमें काजोल बता रही हैं कि उनके दोस्त रेयान ने लंच में स्पेशल व्यंजन बनाया है. इसके बाद काजोल का कैमरा एक कटोरे में रखे व्यंजन की तरफ घूमता है. काजोल बताती हैं कि इस व्यंजन को उनके दोस्त ने बनाया है. तभी काजोल के दोस्त रेयान उस बाउल में कुछ ग्रेवी (रसा) जैसी चीज डालते हैं. इसके बाद काजोल अपने दोस्त रेयान को कैमरे के सामने बुलाती हैं और पूछती हैं ये कौन सी डिश है? इसके जवाब में रेयान कहते है कि यह बीफ है. टिप्पणियां
वीडियो में काजोल और उनके दोस्त काफी उत्साहित दिख रहे हैं. पूरा माहौल मस्ती का दिख रहा है. हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अभी तक काजोल की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. साथ ही किसी फेसबुक यूजर के पोस्ट को Embedded इसलिए नहीं किया गया है, क्योंकि उनपर आने वाले कमेंट उनके पेज पर शो होते.
वीडियो में काजोल और उनके दोस्त काफी उत्साहित दिख रहे हैं. पूरा माहौल मस्ती का दिख रहा है. हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अभी तक काजोल की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. साथ ही किसी फेसबुक यूजर के पोस्ट को Embedded इसलिए नहीं किया गया है, क्योंकि उनपर आने वाले कमेंट उनके पेज पर शो होते.
नोट: एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. साथ ही किसी फेसबुक यूजर के पोस्ट को Embedded इसलिए नहीं किया गया है, क्योंकि उनपर आने वाले कमेंट उनके पेज पर शो होते. | यह एक सारांश है: दोस्तों के साथ लंच पार्टी कर रही हैं अभिनेत्री काजोल
पार्टी में काजोल के दोस्त रेयान कह रहे हैं कि उन्होंने बीफ पकाया है
वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल, काजोल का नहीं आया है पक्ष | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा उनके चुनाव को लेकर दायर याचिका पर फैसला सुनाये जाने के परिप्रेक्ष्य में इस्तीफा देने की संभावना से गुरुवार को साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए नहीं बल्कि याचिकाकर्ता के लिए झटका है।
चिदंबरम ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा उनका इस्तीफा मांगे जाने को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि वह दोनों नेताओं की भारी नादानी से चकित हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक चुनाव याचिका है। ऐसी 111 याचिकाएं 15वीं लोकसभा के सदस्यों के खिलाफ दायर हैं। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने चुनाव याचिका को रदद करने के चिदंबरम के आग्रह को ठुकरा दिया। यह याचिका चिदंबरम से चुनाव हारने वाले अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार आर एस राजाकण्णप्पन ने दायर की थी।टिप्पणियां
अदालत ने राजाकण्णप्पन की याचिका में से दो पैरा हटा दिये, जिनमें निर्वाचन अधिकारी, सरकार और बैंक अधिकारियों के खिलाफ आरोप थे। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव याचिका में केवल आरोप लगाये गये हैं। अभी मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। किसी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है।
याचिका को आंशिक रूप से मंजूर किया गया है। निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों वाले पैरा-4 और 5 को हटा दिया गया है।
चिदंबरम ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा उनका इस्तीफा मांगे जाने को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि वह दोनों नेताओं की भारी नादानी से चकित हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक चुनाव याचिका है। ऐसी 111 याचिकाएं 15वीं लोकसभा के सदस्यों के खिलाफ दायर हैं। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने चुनाव याचिका को रदद करने के चिदंबरम के आग्रह को ठुकरा दिया। यह याचिका चिदंबरम से चुनाव हारने वाले अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार आर एस राजाकण्णप्पन ने दायर की थी।टिप्पणियां
अदालत ने राजाकण्णप्पन की याचिका में से दो पैरा हटा दिये, जिनमें निर्वाचन अधिकारी, सरकार और बैंक अधिकारियों के खिलाफ आरोप थे। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव याचिका में केवल आरोप लगाये गये हैं। अभी मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। किसी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है।
याचिका को आंशिक रूप से मंजूर किया गया है। निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों वाले पैरा-4 और 5 को हटा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह एक चुनाव याचिका है। ऐसी 111 याचिकाएं 15वीं लोकसभा के सदस्यों के खिलाफ दायर हैं। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने चुनाव याचिका को रदद करने के चिदंबरम के आग्रह को ठुकरा दिया। यह याचिका चिदंबरम से चुनाव हारने वाले अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार आर एस राजाकण्णप्पन ने दायर की थी।टिप्पणियां
अदालत ने राजाकण्णप्पन की याचिका में से दो पैरा हटा दिये, जिनमें निर्वाचन अधिकारी, सरकार और बैंक अधिकारियों के खिलाफ आरोप थे। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव याचिका में केवल आरोप लगाये गये हैं। अभी मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। किसी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है।
याचिका को आंशिक रूप से मंजूर किया गया है। निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों वाले पैरा-4 और 5 को हटा दिया गया है।
अदालत ने राजाकण्णप्पन की याचिका में से दो पैरा हटा दिये, जिनमें निर्वाचन अधिकारी, सरकार और बैंक अधिकारियों के खिलाफ आरोप थे। चिदंबरम ने कहा कि चुनाव याचिका में केवल आरोप लगाये गये हैं। अभी मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। किसी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है।
याचिका को आंशिक रूप से मंजूर किया गया है। निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों वाले पैरा-4 और 5 को हटा दिया गया है।
याचिका को आंशिक रूप से मंजूर किया गया है। निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा बैंक अधिकारियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों वाले पैरा-4 और 5 को हटा दिया गया है। | चिदंबरम ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा उनका इस्तीफा मांगे जाने को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि वह दोनों नेताओं की भारी नादानी से चकित हैं। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गत सप्ताह जहां आधी फीसदी तेजी रही वहीं उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक में लगभग चार फीसदी तेजी रही। गर्मियों के आगमन पर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक में आम तौर पर तेजी देखी जाती है।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.53 फीसदी या 100.17 अंकों की तेजी के साथ गुरुवार को 18,835.77 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 0.55 फीसदी या 31.20 अंकों की तेजी के साथ 5,682.55 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र आयोजित हुआ। बुधवार को सांस्कृतिक पर्व होली के अवसर पर बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा। इसी तरह शुक्रवार को धार्मिक पर्व गुड फ्राइडे के अवसर पर भी बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा।
आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। ओएनजीसी (5.31 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.23 फीसदी), कोल इंडिया (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.74 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.06 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरो मोटोकॉर्प (6.90 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.58 फीसदी), टाटा स्टील (3.04 फीसदी), एलएंडटी (2.39 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.75 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी आधी फीसदी से एक फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 62.27 अंकों की तेजी के साथ 6,142.06 पर और स्मॉलकैप 0.55 फीसदी या 31.72 अंकों की तेजी के साथ 5,804.65 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.53 फीसदी या 100.17 अंकों की तेजी के साथ गुरुवार को 18,835.77 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 0.55 फीसदी या 31.20 अंकों की तेजी के साथ 5,682.55 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र आयोजित हुआ। बुधवार को सांस्कृतिक पर्व होली के अवसर पर बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा। इसी तरह शुक्रवार को धार्मिक पर्व गुड फ्राइडे के अवसर पर भी बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा।
आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। ओएनजीसी (5.31 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.23 फीसदी), कोल इंडिया (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.74 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.06 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरो मोटोकॉर्प (6.90 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.58 फीसदी), टाटा स्टील (3.04 फीसदी), एलएंडटी (2.39 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.75 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी आधी फीसदी से एक फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 62.27 अंकों की तेजी के साथ 6,142.06 पर और स्मॉलकैप 0.55 फीसदी या 31.72 अंकों की तेजी के साथ 5,804.65 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
गत सप्ताह सिर्फ तीन दिनों का कारोबारी सत्र आयोजित हुआ। बुधवार को सांस्कृतिक पर्व होली के अवसर पर बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा। इसी तरह शुक्रवार को धार्मिक पर्व गुड फ्राइडे के अवसर पर भी बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद रहा।
आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। ओएनजीसी (5.31 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.23 फीसदी), कोल इंडिया (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.74 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.06 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरो मोटोकॉर्प (6.90 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.58 फीसदी), टाटा स्टील (3.04 फीसदी), एलएंडटी (2.39 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.75 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी आधी फीसदी से एक फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 62.27 अंकों की तेजी के साथ 6,142.06 पर और स्मॉलकैप 0.55 फीसदी या 31.72 अंकों की तेजी के साथ 5,804.65 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
आलोच्य अवधि में सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी रही। ओएनजीसी (5.31 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.23 फीसदी), कोल इंडिया (3.93 फीसदी), एचडीएफसी (3.74 फीसदी) और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (2.06 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे हीरो मोटोकॉर्प (6.90 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.58 फीसदी), टाटा स्टील (3.04 फीसदी), एलएंडटी (2.39 फीसदी) और मारुति सुजुकी (1.75 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी आधी फीसदी से एक फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 62.27 अंकों की तेजी के साथ 6,142.06 पर और स्मॉलकैप 0.55 फीसदी या 31.72 अंकों की तेजी के साथ 5,804.65 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी आधी फीसदी से एक फीसदी तक की तेजी रही। मिडकैप 1.02 फीसदी या 62.27 अंकों की तेजी के साथ 6,142.06 पर और स्मॉलकैप 0.55 फीसदी या 31.72 अंकों की तेजी के साथ 5,804.65 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.95 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (1.63 फीसदी), धातु (1.54 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले चार सेक्टरों में रहे वाहन (1.20 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.16 फीसदी), तेल एवं गैस (1.14 फीसदी) और रियल्टी (0.07 फीसदी)।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में मंगलवार को केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के छह प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं कुल 732.77 करोड़ रुपये की हैं। इसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में टाटा समूह और अरुण भाटिया की टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ मिलकर नई विमानन सेवा कम्पनी शुरू करने के बारे में एयरएशिया का प्रस्ताव भी शामिल है। इस मंजूरी के बाद देश में सातवीं सूचीबद्ध घरेलू विमानन सेवा कंपनी शुरू होने का दरवाजा खुल गया।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
मौजूदा छह सूचीबद्ध घरेलू यात्री विमान सेवा कम्पनियों में शामिल हैं एयर इंडिया, जेट एयरवेज, जेट लाइट, स्पाइसजेट, इंडिगो और गोएयर। पिछले साल किंगफिशर एयरलाइंस को संचालन लाइसेंस निलम्बित हो चुका है।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
मंगलवार को ही शेयर बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि जल्द ही शेयरों के बायबैक पर एक दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। सेबी ने यह भी कहा कि इस साल इनसाइडर ट्रेडिंग पर नया कानून भी लाया जा सकता है। सेबी ने हाल ही में इनसाइडर ट्रेडिंग से सम्बंधित नियमों को दुरुस्त करने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। एन.के. सोढ़ी इसके अध्यक्ष हैं।टिप्पणियां
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
मंगलवार को ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्रियों में ब्रिक्स बैंक पर सहमति बन गई है। प्रस्तावित विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तर्ज पर बनने वाला यह बैंक उभरती और गरीब अर्थव्यवस्था के विकास की जरूरतों की पूर्ति करेगा। हालांकि डरबन में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं।
बैंक की स्थापना का विचार विश्व बैंक जैसे संस्थानों के वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए किया गया है, क्योंकि वे पश्चिमी देशों द्वारा बनाई गई नीतियों का पालन करते हैं। | सारांश: देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गत सप्ताह जहां आधी फीसदी तेजी रही वहीं उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक में लगभग चार फीसदी तेजी रही। गर्मियों के आगमन पर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक में आम तौर पर तेजी देखी जाती है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कैबिनेट ने मैरेज लॉ एमेंडमेंट बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने तय किया है कि तलाक की याचिका देने वाली महिला को पति की रिहायशी संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलेगा। महिला को पति की चल संपत्ति का भी कुछ हिस्सा मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक यह जरूरी नहीं है कि संपत्ति शादी के बाद ही हासिल की गई हो। शादी से पहले हासिल की गई संपत्ति में भी महिला को बराबर का हक मिलेगा।
पति−पत्नी अगर यह मान लें कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है और जज भी इस बात से सहमत हों तो जज चाहें तो तलाक से पहले के 6 महीने के कूल ऑफ पीरियड की अवधि को घटा सकते हैं। अब सरकार के सामने अगली चुनौती बिल पर राजनीतिक सहमति बनानी होगी।
पति−पत्नी अगर यह मान लें कि उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है और जज भी इस बात से सहमत हों तो जज चाहें तो तलाक से पहले के 6 महीने के कूल ऑफ पीरियड की अवधि को घटा सकते हैं। अब सरकार के सामने अगली चुनौती बिल पर राजनीतिक सहमति बनानी होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कैबिनेट ने मैरेज लॉ एमेंडमेंट बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने तय किया है कि तलाक की याचिका देने वाली महिला को पति की रिहायशी संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलेगा। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टिप्पणियां
नीतीश कुमार के मौजूदा रुख में अपने पुराने सहयोगी बीजेपी और मोदी से समीपता बढ़ती दिखाई दे रही है. पिछले साल मोदी ने भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए बड़े नोटों को बंद कर दिया. उनके इस कदम का विपक्ष में सिर्फ नीतीश कुमार ने समर्थन किया. यदि नीतीश अपने मौजूदा सहयोगियों से नाता तोड़ते हैं तो बीजेपी की ओर से पहले ही बिहार सरकार को बाहर से समर्थन देने की पेशकश की जा चुकी है.
नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा है कि रामनाथ कोविंद को उनका समर्थन केवल इस 71 वर्षीय नेता की साख के कारण है. कोविंद की निर्विवाद तटस्थता बिहार के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देखी गई है. अगले महीने होने वाले उप राष्ट्रपति के चुनाव में नीतीश की पार्टी ने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल गांधी को समर्थन देने का वादा किया है.
नीतीश कुमार के मौजूदा रुख में अपने पुराने सहयोगी बीजेपी और मोदी से समीपता बढ़ती दिखाई दे रही है. पिछले साल मोदी ने भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए बड़े नोटों को बंद कर दिया. उनके इस कदम का विपक्ष में सिर्फ नीतीश कुमार ने समर्थन किया. यदि नीतीश अपने मौजूदा सहयोगियों से नाता तोड़ते हैं तो बीजेपी की ओर से पहले ही बिहार सरकार को बाहर से समर्थन देने की पेशकश की जा चुकी है.
नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा है कि रामनाथ कोविंद को उनका समर्थन केवल इस 71 वर्षीय नेता की साख के कारण है. कोविंद की निर्विवाद तटस्थता बिहार के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देखी गई है. अगले महीने होने वाले उप राष्ट्रपति के चुनाव में नीतीश की पार्टी ने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल गांधी को समर्थन देने का वादा किया है.
नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा है कि रामनाथ कोविंद को उनका समर्थन केवल इस 71 वर्षीय नेता की साख के कारण है. कोविंद की निर्विवाद तटस्थता बिहार के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देखी गई है. अगले महीने होने वाले उप राष्ट्रपति के चुनाव में नीतीश की पार्टी ने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल गांधी को समर्थन देने का वादा किया है. | संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी डिनर में मौजूद रहेंगे
राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद का साथ देने वाली पार्टियों के नेता आमंत्रित
नीतीश ने समर्थन देकर कांग्रेस व आरजेडी से अपनी साझेदारी को खतरे में डाला | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय उपमहाद्वीप की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता तथा राक स्टार ब्रायन एडम्स की चमकदार उपस्थिति के बीच दसवें क्रिकेट विश्व कप की बृहस्पतिवार को रंगारंग शुरुआत हुई जिसके साथ ही 43 दिन तक चलने वाली क्रिकेटिया जंग के लिए मंच भी तैयार हो गया। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खचाखच भरे बंगबंधु स्टेडियम में दर्शकों की करतल ध्वनि के बीच विश्व कप के उद्घाटन की घोषणा की। उपमहाद्वीप 1996 के बाद पहली बार क्रिकेट महाकुंभ की मेजबानी कर रहा है। ढलती शाम जब रात के अंधियारे में बदल रही थी तब आतिशाबाजी से पूरा स्टेडियम नहा उठा। आईसीसी और क्रिकेट बोर्ड के चोटी के अधिकारी तथा कई हस्तियां 14 देशों के बीच चलने वाले इस टूर्नामेंट के शुरुआत की घोषणा के गवाह बने। सभी टीमों के कप्तानों के लिये मैदान तक पहुंचने की यात्रा यादगार रही क्योंकि वे साइकिल रिक्शा में बैठकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। दो घंटे तक चले कार्यक्रम में लोक गीतों और नृत्यों, सांस थाम देने वाली आतिशबाजी और दर्शकों के अति उत्साह का शानदार मिश्रण देखने को मिला। ब्रायन एडम्स ने कार्यक्रम में चार चांद लगाये तो विश्व कप के थीम सांग दे घुमा के को भी काफी सराहा गया जिसे भारतीय संगीतकारों शंकर, एहसान और लाय ने तैयार किया है। भारतीय पाश्र्वगायक सोनू निगम और बांग्लादेश की चोटी की गायिका रूना लैला, सबीना यासमिन और मुमताज ने भी दर्शकों को रोमांचित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कार्यक्रम में गीतों की भरमार रही जिसमें अंग्रेजी, हिन्दी और बांग्ला में गीत गाये गये। सभी कप्तानों के विशेष रूप से तैयार मंच पर पहुंचने के बाद भारतीय गायक सोनू निगम ने स्प्रिट ऑफ क्रिकेट गीत गाया। आईसीसी अध्यक्ष शरद पवार सहित शीर्ष अधिकारियों के भाषण के बाद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने विश्व कप की शुरूआत की घोषणा की जिसके बाद बाद एडम्स और कई अन्य जाने माने सेलीब्रिटी ने दर्शकों का मनोरंजन किया। स्टेडियम के बाहर एक इमारत की दीवार पर हवा में क्रिकेट मैच खेला गया जिसने दर्शकों को मोहित कर दिया। लगभग 2100 स्कूली और कालेज छात्रों और सशस्त्र बलों के 350 सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया जिसमें गौरवशाली भाषाई आंदोलन, मुक्ति संघर्ष, बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के सात मार्च के एतिहासिक भाषण, बांग्ला नववर्ष और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक नृत्यों की झलक देखने को मिली। एडम्स ने इसके बाद जब लेट्स मेक इट ए नाइट टू रिमेंबर, समर आफ 69 और 18 टिल आई डाई जैसे अपने सर्वकालिक हिट गीतों को पेश किया तो दर्शकों पर मानो जादू चल गया। बड़े टूर्नामेंट में उलटफेर करने के लिए पहचाने जाने वाले बांग्लादेश ने टेस्ट खेलने का दर्जा हासिल करने के मात्र दस बरस के अंदर संभव अपने इतिहास सबसे बड़े खेल शो की मेजबानी की। दो दिन बाद सह मेजबान भारत और बांग्लादेश मीरपुर के शेर ए बांग्ला स्टेडियम में क्रिकेटिया जंग की शुरूआत करेंगे। इसके साथ ही 43 दिन की क्रिकेट की महाजंग की शुरूआत होगी जिस दौरान तीन देशों के 13 स्टेडियमों में मैच खेल जाएंगे। एक अन्य सहमेजबान श्रीलंका अपने अभियान की शुरूआत ग्रुप ए में कनाडा की कमजोर टीम के खिलाफ कोलंबो में रविवार को करेगा। उपमहाद्वीप में तीसरी बार विश्व कप का आयोजन हो रहा है इससे पहले 1987 में पाकिस्तान और भारत ने पहली बाद उपमहाद्वीप में विश्व कप की मेजबानी की थी जबकि 1996 में श्रीलंका ने भी इन दोनों देशों का साथ निभाया। | यहाँ एक सारांश है:बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खचाखच भरे बंगबंधु स्टेडियम में दर्शकों की करतल ध्वनि के बीच विश्व कप के उद्घाटन की घोषणा की। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) के रेडियो समाचार अब हिंदी में नहीं सुने जा सकेंगे। बीबीसी ने हिंदी सहित अपनी छह भाषायी रेडियो सेवाओं का प्रसारण बंद करने का फैसला किया है। यह सेवा आगामी मार्च से बंद हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीबीसी से पहले वॉयस ऑफ अमेरिका जैसे कई बड़ी प्रसारण संस्थाएं भी अपनी हिंदी रेडियो सेवाओं का बंद कर चुकी हैं। बीबीसी ने लागत खर्चों को घटाने के प्रयासों के तहत अगले तीन साल में पांच सेवाओं को बंद करने की योजना की पुष्टि की है। कंपनी कुल मिलाकर 32 भाषाओं में प्रसारण करती है। कंपनी ने कहा है कि कटौती कदमों के तहत तीन साल में 650 कर्मचारियों को हटाया जाएगा। बीबीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार बीबीसी वर्ल्ड सर्विस जिन छह और सेवाओं का रेडियो प्रसारण बंद करेगी उनमें हिंदी, इंडोनेशियाई, किर्गिज और नेपाली भी है। बीबीसी सूत्रों का कहना है कि शॉर्टवेब पर समाचारों का प्रसारण मार्च में बंद हो जाएगा। वैसे बीबीसी की ऑनलाइन सेवा जारी रहेगी। | संक्षिप्त सारांश: बीबीसी ने हिंदी सहित अपनी छह भाषायी रेडियो सेवाओं का प्रसारण बंद करने का फैसला किया है। यह सेवा आगामी मार्च से बंद हो जाएगी। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकपाल मुद्दे पर समाजसेवी अन्ना हजारे के अनशन के एक महीने बाद सरकार और समाज के प्रतिनिधि प्रस्तावित कानून में भ्रष्टाचार निरोधक लोकपाल की चयन प्रक्रिया और स्वायत्तता के मूल सिद्धांतों पर आज सहमत हो गए। हालांकि लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री को लाने का मुद्दे को लेकर अड़े रहे और इस पर अगली बैठक में वृहद परिपेक्ष्य में चर्चा तय किया गया। इसकी अगली बैठक 23 मई को होगी। लोकपाल विधेयक पर गत आठ अप्रैल को गठित संयुक्त मसौदा समिति की तीसरी बैठक के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि बैठक के दौरान लोकपाल की नियुक्ति में पारदर्शिता, लोकपाल की स्वायत्तता और इसके कार्यालय के लिए वित्तीय स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर सहमति हुई। दस सदस्यीय मसौदा पैनल के सदस्य एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक केवल एक चौथाई कानून पर ही चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, वित्तीय स्वतंत्रता किस माडल पर आधारित होगी अभी इसका निर्णय नहीं किया गया है। विभिन्न माडलों पर चर्चा हुई जिसमें अन्य देशों के माडल तथा उच्चतम न्यायालय, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और केंद्रीय सतर्कता आयोग शामिल हैं। बैठक में लोकपाल की नियुक्ति में व्यापक आधार चयन पैनल होने पर सहमति हुई, इस चर्चा में राज्य में भी इसी तरह का लोकपाल होने का मामला शामिल था। हालांकि मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य स्तरीय लोकपाल के लिए और चर्चा की जरुरत है क्योंकि इस बारे में राज्य सरकारों से सलाह मशविरा की जरुरत है। सिब्बल ने कहा कि यह निर्णय हुआ कि उन क्षेत्रों में कानून के मसौदा तैयार करने में आगे बढ़ा जाये जिन पर समाज के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच सहमति हो गई है। उन्होंने कहा कि इस बात पर सहमति हुई कि उन मुद्दों पर आगे बढ़ा जाये जिन पर सहमति हो गई है और जिन मुद्दों पर चर्चा की जरुरत तथा कानूनी और संवैधानिक बाधाओं पर बाद में चर्चा होगी। सरकार और सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए पैनल का गठन हजारे और उनके समर्थकों के आंदोलन की मुख्य मांग थी। इस समिति की अध्यक्षता वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कर रहे हैं तथा इसमें केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, वीरप्पा मोइली, सलमाल खुर्शीद और पी चिदम्बरम सदस्य हैं। प्रशांत भूषण और केजरीवाल के अलावा इसमें शांति भूषण, अन्ना हजारे और कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े समाज के सदस्य हैं। | यहाँ एक सारांश है:हालांकि लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री को लाने का मुद्दे को लेकर अड़े रहे और इस पर अगली बैठक में वृहद परिपेक्ष्य में चर्चा तय किया गया। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों की कल लोकसभा में बड़े नोटों को अमान्य करने के सरकार के निर्णय के मुद्दे पर कार्यस्थगन का प्रस्ताव लाने की योजना है.
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह पहल बड़े नोटों को अमान्य करने के कारण किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों समेत आम लोगों को हो रही परेशानियों को रेखांकित करने की योजना है.
उन्होंने कहा कि इसमें 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने के निर्णय की सूचना कथित तौर पर लीक किए जाने पर चिंता व्यक्त की जाएगी.
इसी मुद्दे पर शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई.
उधर, तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सांसद रेणुका सिन्हा तथा छह पूर्व दिवंगत सदस्यों का गत दिनों निधन होने के कारण लोकसभा में आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेणुका के सम्मान में आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.टिप्पणियां
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह पहल बड़े नोटों को अमान्य करने के कारण किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों समेत आम लोगों को हो रही परेशानियों को रेखांकित करने की योजना है.
उन्होंने कहा कि इसमें 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने के निर्णय की सूचना कथित तौर पर लीक किए जाने पर चिंता व्यक्त की जाएगी.
इसी मुद्दे पर शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई.
उधर, तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सांसद रेणुका सिन्हा तथा छह पूर्व दिवंगत सदस्यों का गत दिनों निधन होने के कारण लोकसभा में आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेणुका के सम्मान में आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.टिप्पणियां
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि इसमें 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करने के निर्णय की सूचना कथित तौर पर लीक किए जाने पर चिंता व्यक्त की जाएगी.
इसी मुद्दे पर शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई.
उधर, तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सांसद रेणुका सिन्हा तथा छह पूर्व दिवंगत सदस्यों का गत दिनों निधन होने के कारण लोकसभा में आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेणुका के सम्मान में आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.टिप्पणियां
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी मुद्दे पर शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई.
उधर, तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सांसद रेणुका सिन्हा तथा छह पूर्व दिवंगत सदस्यों का गत दिनों निधन होने के कारण लोकसभा में आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेणुका के सम्मान में आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.टिप्पणियां
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, तृणमूल कांग्रेस की वर्तमान सांसद रेणुका सिन्हा तथा छह पूर्व दिवंगत सदस्यों का गत दिनों निधन होने के कारण लोकसभा में आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेणुका के सम्मान में आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.टिप्पणियां
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय के कारण आम लोगों को होने वाले परेशानी के मुद्दे पर कल कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने का संकल्प व्यक्त किया. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | आम लोगों को हो रही परेशानियों को रेखांकित किया जाएगा
निर्णय की सूचना कथित तौर पर लीक करने पर जताएंगे चिंता
राज्यसभा में विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान के जैसलमेर में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस नंदलाल गर्ग से खुफिया एजेंसियां दहशतगर्दी फैलाने की साजिश की जानकारियां उगलवाने में जुटी हैं. सूत्रों से पता चला है कि नंदलाल उर्फ नंदू महाराज की गिरफ्तारी के दौरान पड़ी रेड से पहले उसके सात मददगार भाग गए थे. हालांकि इनमें से दो को राजस्थान एटीएस ने धर दबोचा है. राजस्थान एटीएस बचे हुए लोगों की धरपकड़ में लगी हुई है.टिप्पणियां
वीजा लेकर भारत आए नंदलाल को 17 अगस्त को ही पकड़ लिया गया था. नंदलाल सीमावर्ती इलाकों में जाकर पाकिस्तान में अपने आकाओं से बातचीत करता था. उसकी ऐसी ही एक बातचीत खुफिया एजेंसी रॉ की जानकारी में आ गई थी. पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि पाकिस्तान में उसका टैक्सटाइल का कारोबार है और उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीकठाक है. इसके बावजूद उसने और ज्यादा पैसों के लिए जासूसी का रास्ता चुना. नंदलाल की डायरी में पाकिस्तानी आईएसआई से उसको हुए भुगतान के बारे में लिखा गया है. आईएसआई एक असाइनमेंट के लिए उसको 50 से 60 हजार रुपये देती थी.
नंदलाल के पास से दो सेल्युलर फोन, सैन्य ठिकानों के नक्शे, सिम कार्ड्स और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं. फिलहाल इस जासूस से कई केंद्रीय एजेंसियां साझा पूछताछ कर रही हैं. देश में उसकी संदिग्ध गतिविधियां कुछ समय से खुफिया एजेंसियों की नजर में थीं. नंदलाल ने देश में 35 किलो आरडीएक्स पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने की बात स्वीकार की है. अब पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की है कि यह विस्फोटक फिलहाल कहां है और किन शहरों में धमाकों के लिए लाया गया था.
वीजा लेकर भारत आए नंदलाल को 17 अगस्त को ही पकड़ लिया गया था. नंदलाल सीमावर्ती इलाकों में जाकर पाकिस्तान में अपने आकाओं से बातचीत करता था. उसकी ऐसी ही एक बातचीत खुफिया एजेंसी रॉ की जानकारी में आ गई थी. पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि पाकिस्तान में उसका टैक्सटाइल का कारोबार है और उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीकठाक है. इसके बावजूद उसने और ज्यादा पैसों के लिए जासूसी का रास्ता चुना. नंदलाल की डायरी में पाकिस्तानी आईएसआई से उसको हुए भुगतान के बारे में लिखा गया है. आईएसआई एक असाइनमेंट के लिए उसको 50 से 60 हजार रुपये देती थी.
नंदलाल के पास से दो सेल्युलर फोन, सैन्य ठिकानों के नक्शे, सिम कार्ड्स और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं. फिलहाल इस जासूस से कई केंद्रीय एजेंसियां साझा पूछताछ कर रही हैं. देश में उसकी संदिग्ध गतिविधियां कुछ समय से खुफिया एजेंसियों की नजर में थीं. नंदलाल ने देश में 35 किलो आरडीएक्स पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने की बात स्वीकार की है. अब पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की है कि यह विस्फोटक फिलहाल कहां है और किन शहरों में धमाकों के लिए लाया गया था.
नंदलाल के पास से दो सेल्युलर फोन, सैन्य ठिकानों के नक्शे, सिम कार्ड्स और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं. फिलहाल इस जासूस से कई केंद्रीय एजेंसियां साझा पूछताछ कर रही हैं. देश में उसकी संदिग्ध गतिविधियां कुछ समय से खुफिया एजेंसियों की नजर में थीं. नंदलाल ने देश में 35 किलो आरडीएक्स पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने की बात स्वीकार की है. अब पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की है कि यह विस्फोटक फिलहाल कहां है और किन शहरों में धमाकों के लिए लाया गया था. | सारांश: राजस्थान एटीएस बचे हुए लोगों की धरपकड़ में जुटी
नंदलाल का पाकिस्तान में टैक्सटाइल का कारोबार
ज्यादा पैसा कमाने के लिए जासूसी का रास्ता चुना | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लुभावने इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट की तर्ज पर अगले साल की शुरुआत में फ्रेंचाइजी आधारित बैडमिंटन लीग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत और विदेश के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। भारतीय बैडमिंटन संघ ने आज यह जानकारी दी।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) ने 77वीं सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के इतर अपनी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान यह फैसला किया।टिप्पणियां
बाई के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, बाई ने इंडियन बैडमिंटन लीग की मेजबानी के लिए महाराष्ट्र को स्वीकृति दे दी है। इस टूर्नामेंट में छह से आठ टीमें हिस्सा लेंगी। व्यावसायिक साझेदार पहले ही तय कर लिए गए हैं, लेकिन रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है इसलिए हम बड़ी घोषणा इस महीने के अंतिम हफ्ते में करेंगे। टूर्नामेंट में भारत के शीर्ष खिलाड़ियों के अलावा दुनियाभर के स्टार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
दास गुप्ता ने कहा, यह अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट होगा। हम विश्व बैडमिंटन महासंघ के संपर्क में हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और हम इसकी मेजबानी अगले साल फरवरी के आसपास करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमने महाराष्ट्र को नोडल एजेंसी बनाया है। व्यावसायिक केंद्र होने के अलावा मुंबई के पास बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन का अनुभव भी है। मैच अपने और विरोधी की मेजबानी के आधार पर खेले जाएंगे। यह नई धारणा है और अब भी इसे विकसित किए जाने की जरूरत है।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) ने 77वीं सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के इतर अपनी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान यह फैसला किया।टिप्पणियां
बाई के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, बाई ने इंडियन बैडमिंटन लीग की मेजबानी के लिए महाराष्ट्र को स्वीकृति दे दी है। इस टूर्नामेंट में छह से आठ टीमें हिस्सा लेंगी। व्यावसायिक साझेदार पहले ही तय कर लिए गए हैं, लेकिन रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है इसलिए हम बड़ी घोषणा इस महीने के अंतिम हफ्ते में करेंगे। टूर्नामेंट में भारत के शीर्ष खिलाड़ियों के अलावा दुनियाभर के स्टार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
दास गुप्ता ने कहा, यह अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट होगा। हम विश्व बैडमिंटन महासंघ के संपर्क में हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और हम इसकी मेजबानी अगले साल फरवरी के आसपास करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमने महाराष्ट्र को नोडल एजेंसी बनाया है। व्यावसायिक केंद्र होने के अलावा मुंबई के पास बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन का अनुभव भी है। मैच अपने और विरोधी की मेजबानी के आधार पर खेले जाएंगे। यह नई धारणा है और अब भी इसे विकसित किए जाने की जरूरत है।
बाई के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, बाई ने इंडियन बैडमिंटन लीग की मेजबानी के लिए महाराष्ट्र को स्वीकृति दे दी है। इस टूर्नामेंट में छह से आठ टीमें हिस्सा लेंगी। व्यावसायिक साझेदार पहले ही तय कर लिए गए हैं, लेकिन रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है इसलिए हम बड़ी घोषणा इस महीने के अंतिम हफ्ते में करेंगे। टूर्नामेंट में भारत के शीर्ष खिलाड़ियों के अलावा दुनियाभर के स्टार खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
दास गुप्ता ने कहा, यह अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट होगा। हम विश्व बैडमिंटन महासंघ के संपर्क में हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और हम इसकी मेजबानी अगले साल फरवरी के आसपास करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमने महाराष्ट्र को नोडल एजेंसी बनाया है। व्यावसायिक केंद्र होने के अलावा मुंबई के पास बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन का अनुभव भी है। मैच अपने और विरोधी की मेजबानी के आधार पर खेले जाएंगे। यह नई धारणा है और अब भी इसे विकसित किए जाने की जरूरत है।
दास गुप्ता ने कहा, यह अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट होगा। हम विश्व बैडमिंटन महासंघ के संपर्क में हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे और हम इसकी मेजबानी अगले साल फरवरी के आसपास करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हमने महाराष्ट्र को नोडल एजेंसी बनाया है। व्यावसायिक केंद्र होने के अलावा मुंबई के पास बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन का अनुभव भी है। मैच अपने और विरोधी की मेजबानी के आधार पर खेले जाएंगे। यह नई धारणा है और अब भी इसे विकसित किए जाने की जरूरत है। | यह एक सारांश है: अगले साल की शुरुआत में फ्रेंचाइजी आधारित बैडमिंटन लीग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत और विदेश के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2002 के मुंबई हिट एंड रन मामले में सलमान खान को बरी करने के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलमान को हिट एंड रन मामले में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है.सलमान खान हिट एंड रन केस : घटना में जख्मी हुए नियामत शेख ने उठाए कई सवाल
हाई कोर्ट ने कहा था कि दुर्घटना के वक्त सलमान गाड़ी चला रहे थे और उन्होंने शराब पी रखी थी, यह आरोप साबित करने में अभियोजन पक्ष विफल रहा. कोर्ट ने सलमान की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी रविंद्र पाटिल की गवाही को भी अविश्वसनीय करार दिया.सुप्रीम कोर्ट में बोले सलमान - न मैंने शराब पी रखी थी और न ही मैं ड्राइव कर रहा था
हिट एंड रन की यह घटना 28 अक्टूबर, 2002 की है, इसमें मुंबई के बांद्रा इलाके में एक दुकान के बाहर सड़क के किनारे सो रहे पांच लोगों पर सलमान की लैंडक्रूजर चढ़ गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.टिप्पणियां
Video- हिट एंड रन: दिल्ली में ऑडी कार की टक्कर से एक शख्स की मौत
मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
सलमान खान हिट एंड रन केस : घटना में जख्मी हुए नियामत शेख ने उठाए कई सवाल
हाई कोर्ट ने कहा था कि दुर्घटना के वक्त सलमान गाड़ी चला रहे थे और उन्होंने शराब पी रखी थी, यह आरोप साबित करने में अभियोजन पक्ष विफल रहा. कोर्ट ने सलमान की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी रविंद्र पाटिल की गवाही को भी अविश्वसनीय करार दिया.सुप्रीम कोर्ट में बोले सलमान - न मैंने शराब पी रखी थी और न ही मैं ड्राइव कर रहा था
हिट एंड रन की यह घटना 28 अक्टूबर, 2002 की है, इसमें मुंबई के बांद्रा इलाके में एक दुकान के बाहर सड़क के किनारे सो रहे पांच लोगों पर सलमान की लैंडक्रूजर चढ़ गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.टिप्पणियां
Video- हिट एंड रन: दिल्ली में ऑडी कार की टक्कर से एक शख्स की मौत
मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
हाई कोर्ट ने कहा था कि दुर्घटना के वक्त सलमान गाड़ी चला रहे थे और उन्होंने शराब पी रखी थी, यह आरोप साबित करने में अभियोजन पक्ष विफल रहा. कोर्ट ने सलमान की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी रविंद्र पाटिल की गवाही को भी अविश्वसनीय करार दिया.सुप्रीम कोर्ट में बोले सलमान - न मैंने शराब पी रखी थी और न ही मैं ड्राइव कर रहा था
हिट एंड रन की यह घटना 28 अक्टूबर, 2002 की है, इसमें मुंबई के बांद्रा इलाके में एक दुकान के बाहर सड़क के किनारे सो रहे पांच लोगों पर सलमान की लैंडक्रूजर चढ़ गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.टिप्पणियां
Video- हिट एंड रन: दिल्ली में ऑडी कार की टक्कर से एक शख्स की मौत
मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट में बोले सलमान - न मैंने शराब पी रखी थी और न ही मैं ड्राइव कर रहा था
हिट एंड रन की यह घटना 28 अक्टूबर, 2002 की है, इसमें मुंबई के बांद्रा इलाके में एक दुकान के बाहर सड़क के किनारे सो रहे पांच लोगों पर सलमान की लैंडक्रूजर चढ़ गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.टिप्पणियां
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मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
हिट एंड रन की यह घटना 28 अक्टूबर, 2002 की है, इसमें मुंबई के बांद्रा इलाके में एक दुकान के बाहर सड़क के किनारे सो रहे पांच लोगों पर सलमान की लैंडक्रूजर चढ़ गई थी. इसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.टिप्पणियां
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मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
Video- हिट एंड रन: दिल्ली में ऑडी कार की टक्कर से एक शख्स की मौत
मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया.
मुंबई की सत्र अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. जेल जाने से बचने के लिए सलमान ने उसी दिन बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा पर स्टे ले लिया था. बाद में सलमान ने अपनी सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिस पर 10 दिसंबर 2016 को हाई कोर्ट ने बॉलीवुड स्टार को सभी आरोपों से बरी कर दिया. | संक्षिप्त सारांश: 2002 के मुंबई हिट एंड रन मामले में सलमान खान बरी हो गए थे
महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उनके बरी होने के खिलाफ याचिका दी थी
आज इस पर सुनवाई होनी है | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वायरल बुखार से पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण सुरेश रैना न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय क्रिकेट मैच में चयन के लिए अब भी उपलब्ध नहीं हैं लेकिन रोहित शर्मा ने नेट पर काफी समय बिताया. दिल्ली में हुए पिछले मैच में 15 रन बनाकर आउट होने के बाद असहज महसूस करने वाले रोहित ने टीम के नियमित नेट सत्र के दौरान काफी समय बिताया.
बृहस्पतिवार को दूसरे मैच में टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचाने वाले हार्दिक पान्ड्या आज के वैकल्पिक अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए. प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने भी नेट सत्र में काफी समय बिताया और अधिकतर समय थ्रोडाउन का सामना किया.टिप्पणियां
दिल्ली के मैच को जीत के साथ खत्म करने में विफल रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी तेज और स्पिन दोनों तरह के आक्रमण का सामना किया. वरिष्ठ क्यूरेटर दलजीत सिंह ने वादा किया है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होगा. रैना धर्मशाला में खेले गये पहले मैच से बाहर रहे लेकिन दिल्ली में खेले गये मैच से पहले उन्होंने नेट अभ्यास किया लेकिन मैच के लिए उपलब्ध नहीं हो सके और उनका तीसरा मैच नहीं खेलना भी तय माना जा रहा है.
मैच की पूर्व संध्या पर टीम के सूत्रों ने बताया, ‘मोहाली मैच के लिए रैना टीम का हिस्सा नहीं हैं. यह 14 सदस्यीय टीम है. वह बुखार से पूरी तरह उबर नहीं सके हैं.’ यह अब तक तय नहीं है कि तीसरे मैच के बाद उन्हें टीम में शामिल किया जायेगा या नहीं क्योंकि इसके बाद चयनकर्ता बाकी के दो मैचों के लिए टीम का चयन करेंगे. नंबर छह पर बल्लेबाजी कर रहे केदार जाधव ने अब तक बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है.
बृहस्पतिवार को दूसरे मैच में टीम को जीत के बिल्कुल करीब पहुंचाने वाले हार्दिक पान्ड्या आज के वैकल्पिक अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए. प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने भी नेट सत्र में काफी समय बिताया और अधिकतर समय थ्रोडाउन का सामना किया.टिप्पणियां
दिल्ली के मैच को जीत के साथ खत्म करने में विफल रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी तेज और स्पिन दोनों तरह के आक्रमण का सामना किया. वरिष्ठ क्यूरेटर दलजीत सिंह ने वादा किया है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होगा. रैना धर्मशाला में खेले गये पहले मैच से बाहर रहे लेकिन दिल्ली में खेले गये मैच से पहले उन्होंने नेट अभ्यास किया लेकिन मैच के लिए उपलब्ध नहीं हो सके और उनका तीसरा मैच नहीं खेलना भी तय माना जा रहा है.
मैच की पूर्व संध्या पर टीम के सूत्रों ने बताया, ‘मोहाली मैच के लिए रैना टीम का हिस्सा नहीं हैं. यह 14 सदस्यीय टीम है. वह बुखार से पूरी तरह उबर नहीं सके हैं.’ यह अब तक तय नहीं है कि तीसरे मैच के बाद उन्हें टीम में शामिल किया जायेगा या नहीं क्योंकि इसके बाद चयनकर्ता बाकी के दो मैचों के लिए टीम का चयन करेंगे. नंबर छह पर बल्लेबाजी कर रहे केदार जाधव ने अब तक बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है.
दिल्ली के मैच को जीत के साथ खत्म करने में विफल रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी तेज और स्पिन दोनों तरह के आक्रमण का सामना किया. वरिष्ठ क्यूरेटर दलजीत सिंह ने वादा किया है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होगा. रैना धर्मशाला में खेले गये पहले मैच से बाहर रहे लेकिन दिल्ली में खेले गये मैच से पहले उन्होंने नेट अभ्यास किया लेकिन मैच के लिए उपलब्ध नहीं हो सके और उनका तीसरा मैच नहीं खेलना भी तय माना जा रहा है.
मैच की पूर्व संध्या पर टीम के सूत्रों ने बताया, ‘मोहाली मैच के लिए रैना टीम का हिस्सा नहीं हैं. यह 14 सदस्यीय टीम है. वह बुखार से पूरी तरह उबर नहीं सके हैं.’ यह अब तक तय नहीं है कि तीसरे मैच के बाद उन्हें टीम में शामिल किया जायेगा या नहीं क्योंकि इसके बाद चयनकर्ता बाकी के दो मैचों के लिए टीम का चयन करेंगे. नंबर छह पर बल्लेबाजी कर रहे केदार जाधव ने अब तक बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है.
मैच की पूर्व संध्या पर टीम के सूत्रों ने बताया, ‘मोहाली मैच के लिए रैना टीम का हिस्सा नहीं हैं. यह 14 सदस्यीय टीम है. वह बुखार से पूरी तरह उबर नहीं सके हैं.’ यह अब तक तय नहीं है कि तीसरे मैच के बाद उन्हें टीम में शामिल किया जायेगा या नहीं क्योंकि इसके बाद चयनकर्ता बाकी के दो मैचों के लिए टीम का चयन करेंगे. नंबर छह पर बल्लेबाजी कर रहे केदार जाधव ने अब तक बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है. | वायरल बुखार से पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण सुरेश रैना आज नहीं खेलेंगे
बाकी के दो मैचों के लिए टीम में उन्हें लेना संभव होगा कि नहीं, स्पष्ट नही
टीम ने नेट प्रैक्टिस की | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली महिला आयोग में कर्मचारियों की भर्ती के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक बार फिर डीसीडब्लू में जाकर दस्तावेजों की छानबीन की और आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से घंटों पूछताछ की.
सोमवार को दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में एसीबी की छह सदस्यीय टीम पहुची. टीम ने आयोग में हाल ही में भर्ती हुए कर्मचारियों को लेकर महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से कई घंटे पूछताछ की. टीम ने कुछ दस्तावेज लिए और सवालों की एक लिस्ट भी थमा दी.टिप्पणियां
एसीबी की यह कार्रवाई महिला आयोग की ही पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर चल रही है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि स्वाति मालीवाल ने महिला आयोग में जरूरत से ज्यादा 85 लोग भर्ती किए. भर्ती करने में नियमों का पालन नहीं किया गया. भर्ती हुए लोगों में 90 फीसदी 'आप' के कार्यकर्ता हैं.
स्वाति मालीवाल के मुताबिक भर्ती नियमों के मुताबिक हुई है और यह कार्रवाई एक साजिश के तहत की जा रही है. यह दूसरा ऐसा मौका है जब इस मामले में एसीबी ने दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में जाकर कार्रवाई की है.
सोमवार को दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में एसीबी की छह सदस्यीय टीम पहुची. टीम ने आयोग में हाल ही में भर्ती हुए कर्मचारियों को लेकर महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से कई घंटे पूछताछ की. टीम ने कुछ दस्तावेज लिए और सवालों की एक लिस्ट भी थमा दी.टिप्पणियां
एसीबी की यह कार्रवाई महिला आयोग की ही पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर चल रही है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि स्वाति मालीवाल ने महिला आयोग में जरूरत से ज्यादा 85 लोग भर्ती किए. भर्ती करने में नियमों का पालन नहीं किया गया. भर्ती हुए लोगों में 90 फीसदी 'आप' के कार्यकर्ता हैं.
स्वाति मालीवाल के मुताबिक भर्ती नियमों के मुताबिक हुई है और यह कार्रवाई एक साजिश के तहत की जा रही है. यह दूसरा ऐसा मौका है जब इस मामले में एसीबी ने दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में जाकर कार्रवाई की है.
एसीबी की यह कार्रवाई महिला आयोग की ही पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर चल रही है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि स्वाति मालीवाल ने महिला आयोग में जरूरत से ज्यादा 85 लोग भर्ती किए. भर्ती करने में नियमों का पालन नहीं किया गया. भर्ती हुए लोगों में 90 फीसदी 'आप' के कार्यकर्ता हैं.
स्वाति मालीवाल के मुताबिक भर्ती नियमों के मुताबिक हुई है और यह कार्रवाई एक साजिश के तहत की जा रही है. यह दूसरा ऐसा मौका है जब इस मामले में एसीबी ने दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में जाकर कार्रवाई की है.
स्वाति मालीवाल के मुताबिक भर्ती नियमों के मुताबिक हुई है और यह कार्रवाई एक साजिश के तहत की जा रही है. यह दूसरा ऐसा मौका है जब इस मामले में एसीबी ने दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर में जाकर कार्रवाई की है. | सारांश: एसीबी ने दस्तावेज लिए और सवालों की लिस्ट थमाई
90 फीसदी 'आप' के कार्यकर्ता भर्ती करने का आरोप
आयोग की ही पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर जांच | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सुपरस्टार और शानदार सिंगर खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने जोरदार धमाल किया है. खेसारी लाल यादव के लेटेस्ट भोजपुरी सॉन्ग (Latest Bhojpuri Song) 'गाई के गोबर महादेव' ने रिलीज होते ही यूट्यूब पर धूम मचा दी है. सावन की शिवरात्रि पर खेसारी लाल यादल ये बोल बम सॉन्ग (Bol Bam Song) लेकर आए हैं. भोजपुरी फिल्मों (Bhojpuri Movie) के स्टार खेसारी लाल यादव के इस भक्ति गीत ने रिलीज होते ही यूट्यूब पर रंग जमाना शुरू कर दिया है. खेसारी लाल यादव का यह सॉन्ग सुनने में बहुत ही मजेदार है.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Song) 'गाई के गोबर महादेव' के लिरिक्स प्यारे लाल यादव कविजी ने लिखे हैं औऱ इसका म्यूजिक आशीष वर्मा ने दिया है. इस सॉन्ग को खेसारी लाल यादव ने सुरबद्ध किया है.
बता दें कि भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) सावन के महीने में हर बार अपने नए-नए गानों से धमाल मचाते हैं. इससे पहले खेसारी लाल यादव ने एक और गाने 'जेसीबी छोरी देवघर चली जी' से भी यू-ट्यूब पर खूब धमाल मचाया था. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) कुछ समय पहले कांवड़ भजन 'देवघर बुक करके चल जाई ओला' लेकर आए थे. इस भोजपुरी गाने (Latest Bhojpuri Song) के जरिए खेसारी लाल यादव ने न सिर्फ देवघर की यात्रा के लिए भक्तों के उत्साह को बताया है बल्कि शिव भगवान के लिए उनकी आस्था को भी बयां किया है. | सारांश: खेसारी लाल यादव का नया सॉन्ग हुआ रिलीज
खेसारी ने गाया है यह सॉन्ग
यूट्यूब पर रिलीज होते ही मचाई धूम | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पत्रकारिता के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए एक बार फिर एनडीटीवी इंडिया को सम्मान हासिल हुआ है।टिप्पणियां
एनडीटीवी इंडिया के दो पत्रकारों को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार दिया गया है। बेस्ट हिंदी रिपोर्टिंग के लिए हृदयेश जोशी को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है और बेस्ट इनवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग के लिए रजत केन को रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने दिल्ली में ये प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए।
एनडीटीवी इंडिया के दो पत्रकारों को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार दिया गया है। बेस्ट हिंदी रिपोर्टिंग के लिए हृदयेश जोशी को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है और बेस्ट इनवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग के लिए रजत केन को रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने दिल्ली में ये प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए।
उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने दिल्ली में ये प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए। | संक्षिप्त सारांश: पत्रकारिता के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए एक बार फिर एनडीटीवी इंडिया को सम्मान हासिल हुआ है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऐसी खबर है कि अटलांटिक सिटी में स्थित ट्रंप ताज महल कैसिनो को हार्ड रॉक इंटरनेशनल कंपनी को बेच दिया गया है. एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस कैसिनो के मालिक थे. बंद पड़े इस कैसिनो को ट्रंप ने 1990 में खोला था. सेमिनोल इंडियन ट्राइब के लिए जुए और रिजॉर्ट का प्रबंध करने वाले फ्लोरिडा स्थित हार्ड रॉक इंटरनेशनल कंपनी ने कैसिनो को एक मार्च को अरबपति निवेशक कार्ल आईकन से खरीद लिया है.टिप्पणियां
आईकन, राष्ट्रपति ट्रंप के एक करीबी दोस्त और सलाहकार है. उन्होंने पिछले साल दिवालिया मामलो को निपटाने वाली अदालत से ताज महल का अधिग्रहण किया था और उस समय मामले में ट्रंप शामिल नहीं थे. आईकन ने स्वास्थ्य बीमा और पेंशन लाभों की बहाली की मांग करने वाले श्रमिकों की हड़ताल के बाद अक्तूबर में ताज महल को बंद कर दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईकन, राष्ट्रपति ट्रंप के एक करीबी दोस्त और सलाहकार है. उन्होंने पिछले साल दिवालिया मामलो को निपटाने वाली अदालत से ताज महल का अधिग्रहण किया था और उस समय मामले में ट्रंप शामिल नहीं थे. आईकन ने स्वास्थ्य बीमा और पेंशन लाभों की बहाली की मांग करने वाले श्रमिकों की हड़ताल के बाद अक्तूबर में ताज महल को बंद कर दिया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | ट्रंप ताज महल कैसिनो को 1990 में खोला गया था
अब इसे हार्ड रॉक इंटरनेशल को बेच दिया गया है
ट्रंप इस कैसिनो के मालिक हुआ करते थे | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने हिंदुस्तान में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा पर जो बयान दिया था उस बयान की आंच पाकिस्तान तक पहुंच चुकी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह भारत की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार को ''दिखाएंगे'' कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं. उन्होंने नसीरुद्दीन के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान के निर्माता जिन्ना को पहले से ही पता था कि शायद इसीलिए उन्होंने मुसलमानों के लिए अलग देश बनाने की बात कही थी.
नसीरुद्दीन शाह भारत में भीड़ द्वारा पीट पीटकर मार डालने के मामलों को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण विवादों में आ गए हैं. खान ने पंजाब सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनके उचित अधिकार मिले. उन्होंने कहा कि यह देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी दृष्टिकोण था. | यहाँ एक सारांश है:नसीरुद्दीन शाह के बयान विवाद में पाकिस्तान ने लगाई छलांग
पाक पीएम इमरान ने इस मुद्दे पर दिया बयान
इसलिए तो जिन्ना ने बनाया था अलग देश- इमरान खान | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच तनाव और बढ़ गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह सिंगूर में आंदोलन कर रही थीं तो प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन तक नहीं किया।
एक बंगाली चैनल को दिए इंटरव्यू में ममता ने कहा कि ऐसा शायद इसलिए किया गया होगा कि कहीं सीपीएम नाराज न हो जाए।
ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब पश्चिम बंगाल का दौरा किया था तो उन्होंने विकास के लिए फंड देने का वादा किया था और बाद में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी यह बात दोहराई थी लेकिन इस पैकेज की बात सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में ही सिमट कर रह गई है। वहीं ममता के इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों से कोई वादा किया होगा तो उसे पूरा किया जाएगा।
ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब पश्चिम बंगाल का दौरा किया था तो उन्होंने विकास के लिए फंड देने का वादा किया था और बाद में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी यह बात दोहराई थी लेकिन इस पैकेज की बात सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में ही सिमट कर रह गई है। वहीं ममता के इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल के लोगों से कोई वादा किया होगा तो उसे पूरा किया जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह सिंगूर में आंदोलन कर रही थीं तो प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन तक नहीं किया। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विमान नियामक संस्था DGCA ने उन TikTok वीडियो पर चिंता जाहिर की है, जिनमें फ्लाइट क्रू ड्यूटी के दौरान गाना गाते और नाचते दिखाई दे रहे हैं. डीजीसीए ने विमानन कंपनियों से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की एक खबर के मुताबिक डीजीसीए ने सोशल मीडिया, खासकर चाइनीज ऐप TikTok पर फ्लाइट के अंदर शूट किये गए वीडियो की भरमार को देखते हुए यह कदम उठाया है. खबर के मुताबिक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस को इस तरह के व्यवहार पर लगाम लगाने का निर्देश दिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस मामले पर जल्द ही एक रिपोर्ट भी मांगी जाएगी.
डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने इस मामले में निर्देश जारी किए हैं और उनसे (विमानन कंपनियों) से कहा है कि ये चिंतनीय मामला है.' अधिकारी ने आगे कहा, 'एयरलाइंस कंपनियों को क्रू सदस्यों द्वारा इस तरह के 'प्रदर्शन' के बारे में पत्र भेजा गया है, जिससे यात्रियों सुरक्षा को खतरा हो सकता है. आपको बता दें कि इसी सप्ताह स्पाइसजेट के एक केबिन क्रू का इसी तरह का एक टिकटॉक वीडियो सामने आया था, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी. बाद में स्पाइसजेट ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी के क्रू को विमान के अंदर फोटो खींचने या वीडियो बनाने से मना किया गया है और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. | यहाँ एक सारांश है:डीजीसीए ने विमानन कंपनियों को लिखा पत्र
TikTok वीडियो पर जताई गहरी चिंता
ऐसे मामलो में कड़ी कार्रवाई करने को कहा | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर हमला तेज करते हुए भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उनसे कहा है कि वह हिम्मत दिखाएं और स्वीकार करें कि उन्होंने किसी प्रतियोगी परीक्षा के बल पर नहीं, बल्कि चालबाजी से आईआईटी में दाखिला लिया था।
एक आरटीआई जवाब के हवाले से यह दावा करते हुए कि आप नेता के पास आईआईटी में प्रवेश के लिए रैंक या अंकपत्र नहीं था, स्वामी ने कहा है कि केजरीवाल अपने पिता के संबंधों के कारण आईआईटी खड़गपुर पहुंचे क्योंकि 1952 से 2005 के बीच उसके प्रबंधन बोर्ड द्वारा रिक्तियों को अवैध तरीके से भरा गया।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'यह लगातार हो रहा था और केजरीवाल के पिता जिंदल की फैक्टरी में कर्मचारी थे।' उन्होंने कहा, 'ऐसे में एक व्यक्ति जो गरीबों को विशेषाधिकार नहीं मिलने की बात करता है, खुद इन्हीं विशेषाधिकारों की देन है और उसने सार्वजनिक रूप से यह कभी नहीं कहा। यह उनकी गलती नहीं है। उनके पिता ने ऐसा किया। लेकिन उनमें इसे स्वीकार करने की हिम्मत होनी चाहिए।'
उनसे स्पष्ट करने को कहते हुए, स्वामी ने सवाल किया, 'क्या वह मेरिट से आईआईटी में गए या फिर वहां हो रही इस चालबाजी के कारण वहां पहुंचे।' उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीआई का जवाब स्पष्ट संकेत है कि केजरीवाल किसी अन्य तरीके से आईआईटी में दाखिल हुए थे। टिप्पणियां
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एक आरटीआई जवाब के हवाले से यह दावा करते हुए कि आप नेता के पास आईआईटी में प्रवेश के लिए रैंक या अंकपत्र नहीं था, स्वामी ने कहा है कि केजरीवाल अपने पिता के संबंधों के कारण आईआईटी खड़गपुर पहुंचे क्योंकि 1952 से 2005 के बीच उसके प्रबंधन बोर्ड द्वारा रिक्तियों को अवैध तरीके से भरा गया।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'यह लगातार हो रहा था और केजरीवाल के पिता जिंदल की फैक्टरी में कर्मचारी थे।' उन्होंने कहा, 'ऐसे में एक व्यक्ति जो गरीबों को विशेषाधिकार नहीं मिलने की बात करता है, खुद इन्हीं विशेषाधिकारों की देन है और उसने सार्वजनिक रूप से यह कभी नहीं कहा। यह उनकी गलती नहीं है। उनके पिता ने ऐसा किया। लेकिन उनमें इसे स्वीकार करने की हिम्मत होनी चाहिए।'
उनसे स्पष्ट करने को कहते हुए, स्वामी ने सवाल किया, 'क्या वह मेरिट से आईआईटी में गए या फिर वहां हो रही इस चालबाजी के कारण वहां पहुंचे।' उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीआई का जवाब स्पष्ट संकेत है कि केजरीवाल किसी अन्य तरीके से आईआईटी में दाखिल हुए थे। टिप्पणियां
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उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'यह लगातार हो रहा था और केजरीवाल के पिता जिंदल की फैक्टरी में कर्मचारी थे।' उन्होंने कहा, 'ऐसे में एक व्यक्ति जो गरीबों को विशेषाधिकार नहीं मिलने की बात करता है, खुद इन्हीं विशेषाधिकारों की देन है और उसने सार्वजनिक रूप से यह कभी नहीं कहा। यह उनकी गलती नहीं है। उनके पिता ने ऐसा किया। लेकिन उनमें इसे स्वीकार करने की हिम्मत होनी चाहिए।'
उनसे स्पष्ट करने को कहते हुए, स्वामी ने सवाल किया, 'क्या वह मेरिट से आईआईटी में गए या फिर वहां हो रही इस चालबाजी के कारण वहां पहुंचे।' उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीआई का जवाब स्पष्ट संकेत है कि केजरीवाल किसी अन्य तरीके से आईआईटी में दाखिल हुए थे। टिप्पणियां
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अरविंद केजरीवाल पर हमला तेज किया।
केजरीवाल के पास IIT में प्रवेश के लिए रैंक या अंकपत्र नहीं था- स्वामी।
मेरिट नहीं चालबाजी से आईआईटी पहुंचे केजरीवाल- स्वामी। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) के ऐलान से ठीक पहले मोदी कैबिनेट ने फैसलों की झड़ी लगा दी है. गुरुवार को चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले आखिरी कैबिनेट बैठक में 30 फैसले किए. पिछले हफ्ते कैबिनेट ने 39 फैसले किए थे यानी आठ दिनों में दो कैबिनेट की बैठकों में 69 फैसले लिए गए.
गुरुवार को जो लोक लुभावने फैसले किए गए उसमें दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) के लिए तीन नई लाइनें एरो सिटी से तुगलकाबाद, आरके आश्रम से जनकपुरी वेस्ट और मौजपुर से मुकुंदपुर शामिल है. इन पर 24,948 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (Mumbai Urban Transport Project) के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 54,777 करोड़ रुपये की मंजूरी जबकि अलग-अलग राज्यों में चार पॉवर प्रोजेक्टों के लिए 39,000 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी गई.
सरकार का फोकस सिर्फ विकास के नए प्रोजेक्टों पर ही नहीं रहा बल्कि चुनावों से पहले चुनावी समीकरण साधने की भी कोशिश की गई है. इसमें प्रमुख है 200 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम की फिर से बहाली के लिए अध्यादेश लाने का फैसला, जिसे गुरुवार को मंजूरी दे दी गई. | संक्षिप्त सारांश: आखिरी कैबिनेट बैठक में 30 फैसले लिए गए
पिछले हफ्ते कैबिनेट ने 39 फैसले लिए थे
विकास के साथ चुनावी समीकरण साधने की भी कोशिश | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इटली में जन्मी प्रसिद्ध ओड़िसी नृत्यांगना इलियाना सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि भगवान जगन्नाथ के रथ पर सवार सेवकों ने उनकी पिटाई की क्योंकि उन्होंने भगवान का दर्शन करने के लिए धन देने से इनकार कर दिया।
मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पढ़ी ने कहा कि सितारिस्ती ने मंदिर प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
मंदिर पुलिस के कमांडर ने कहा कि ‘बरकंडास’ को इस बात का पता लगाने को कहा गया है कि उस वक्त ‘नंदीघोष’ के दौरान रथ पर कौन सवार थे।टिप्पणियां
ओड़िसी नृत्य को प्रोत्साहन देने में योगदान के लिए सितारिस्ती को ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप गलाया कि उन्होंने और उनकी शिष्याओं में से एक पुरोहित को 20-20 रुपये चंदा देकर रथ पर सवार हो गई थीं। जब उन्होंने भगवान जगन्नाथ के और करीब जाने का प्रयास किया तो एक सेवक ने वहां जाने की अनुमति देने के लिए उनसे एक-एक हजार रुपये मांगे। सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धन देने से मना कर दिया तो एक सेवक ने उनसे दुर्व्यवहार किया और उनकी पिटाई की।
ओड़िशा में बसी विदेशी नागरिक ने कहा, ‘सेवक के बर्ताव से मैं आश्चर्यचकित रह गई। उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और 'विदेशी-विदेशी' कहकर मेरे सिर पर तीन बार मारा।’
मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पढ़ी ने कहा कि सितारिस्ती ने मंदिर प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
मंदिर पुलिस के कमांडर ने कहा कि ‘बरकंडास’ को इस बात का पता लगाने को कहा गया है कि उस वक्त ‘नंदीघोष’ के दौरान रथ पर कौन सवार थे।टिप्पणियां
ओड़िसी नृत्य को प्रोत्साहन देने में योगदान के लिए सितारिस्ती को ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप गलाया कि उन्होंने और उनकी शिष्याओं में से एक पुरोहित को 20-20 रुपये चंदा देकर रथ पर सवार हो गई थीं। जब उन्होंने भगवान जगन्नाथ के और करीब जाने का प्रयास किया तो एक सेवक ने वहां जाने की अनुमति देने के लिए उनसे एक-एक हजार रुपये मांगे। सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धन देने से मना कर दिया तो एक सेवक ने उनसे दुर्व्यवहार किया और उनकी पिटाई की।
ओड़िशा में बसी विदेशी नागरिक ने कहा, ‘सेवक के बर्ताव से मैं आश्चर्यचकित रह गई। उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और 'विदेशी-विदेशी' कहकर मेरे सिर पर तीन बार मारा।’
मंदिर पुलिस के कमांडर ने कहा कि ‘बरकंडास’ को इस बात का पता लगाने को कहा गया है कि उस वक्त ‘नंदीघोष’ के दौरान रथ पर कौन सवार थे।टिप्पणियां
ओड़िसी नृत्य को प्रोत्साहन देने में योगदान के लिए सितारिस्ती को ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप गलाया कि उन्होंने और उनकी शिष्याओं में से एक पुरोहित को 20-20 रुपये चंदा देकर रथ पर सवार हो गई थीं। जब उन्होंने भगवान जगन्नाथ के और करीब जाने का प्रयास किया तो एक सेवक ने वहां जाने की अनुमति देने के लिए उनसे एक-एक हजार रुपये मांगे। सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धन देने से मना कर दिया तो एक सेवक ने उनसे दुर्व्यवहार किया और उनकी पिटाई की।
ओड़िशा में बसी विदेशी नागरिक ने कहा, ‘सेवक के बर्ताव से मैं आश्चर्यचकित रह गई। उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और 'विदेशी-विदेशी' कहकर मेरे सिर पर तीन बार मारा।’
ओड़िसी नृत्य को प्रोत्साहन देने में योगदान के लिए सितारिस्ती को ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप गलाया कि उन्होंने और उनकी शिष्याओं में से एक पुरोहित को 20-20 रुपये चंदा देकर रथ पर सवार हो गई थीं। जब उन्होंने भगवान जगन्नाथ के और करीब जाने का प्रयास किया तो एक सेवक ने वहां जाने की अनुमति देने के लिए उनसे एक-एक हजार रुपये मांगे। सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धन देने से मना कर दिया तो एक सेवक ने उनसे दुर्व्यवहार किया और उनकी पिटाई की।
ओड़िशा में बसी विदेशी नागरिक ने कहा, ‘सेवक के बर्ताव से मैं आश्चर्यचकित रह गई। उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और 'विदेशी-विदेशी' कहकर मेरे सिर पर तीन बार मारा।’
ओड़िशा में बसी विदेशी नागरिक ने कहा, ‘सेवक के बर्ताव से मैं आश्चर्यचकित रह गई। उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और 'विदेशी-विदेशी' कहकर मेरे सिर पर तीन बार मारा।’ | संक्षिप्त पाठ: इटली में जन्मी प्रसिद्ध ओड़िसी नृत्यांगना इलियाना सितारिस्ती ने आरोप लगाया कि भगवान जगन्नाथ के रथ पर सवार सेवकों ने उनकी पिटाई की क्योंकि उन्होंने भगवान का दर्शन करने के लिए धन देने से इनकार कर दिया। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: धन की देवी लक्ष्मी कब किस पर मेहरबान हो जाएंगी, कहना काफी मुश्किल है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मेहमान को सही समय पर उनके आवास पहुंचाने वाले रिक्शाचालक पर साक्षात धन की देवी मेहरबान हो गईं हैं. मुख्यमंत्री ने रिक्शाचालक को न केवल नया रिक्शा, कुछ सौ रुपये दिए, बल्कि ई-रिक्शा व लोहिया आवास भी देने का वादा किया. रिक्शा चालक मनीराम ने कहा, 'लक्ष्मी जी सदा सहाय रहें और मुख्यमंत्री के लिए ढेरों दुआएं दीं.'
दरअसल, मोबाइल बैंकिंग के क्षेत्र में 'पेटीएम' का अभिनव प्रयोग करने वाले विजय शेखर शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने उनके सरकारी आवास जा रहे थे. रास्ते में वह भारी जाम में फंस गए. ऐसा लगा कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाएंगे. वह तत्काल गाड़ी से उतर गए. कुछ दूर पैदल चलने पर उन्हें लगा कि देर हो जाएगी, तब उन्होंने एक रिक्शा किया और उससे सीधे 5, कॉलीदास मार्ग पहुंच गए.
मुख्यमंत्री आवास पर रिक्शा से पहुंचे अजनबी को देखकर सुरक्षाकर्मी भी हतप्रभ थे, लेकिन जब उन्होंने अपना नाम बताया तो उन्हें रिक्शे के साथ ही अंदर प्रवेश मिल गया. फिर क्या था! मनीराम अचानक मुख्यमंत्री तक पहुंच गया.
इस बात की जानकारी मिलने पर बाहर निकले अखिलेश यादव ने रिक्शा चालक से सवाल किया कहां आ गए हो? वह क्षेत्रीय भाषा में बोला, 'ई साहब लइ कै आएं हैं.' उसने अपना नाम मनीराम बताया और कहा कि वह कालिदास मार्ग पर रात में रहता है. रिक्शे पर ही सोता है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के जंगलाट गांव के निवासी व अनुसूचित जाति के मनीराम ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि मार्टिनपुरवा के किसी व्यक्ति से 40 रुपये प्रतिदिन के किराये पर उसने रिक्शा ले रखा है. बात करते-करते मनीराम रिक्शे पर सवार हो गया और मुड़कर जाने लगा, तब मुख्यमंत्री ने उसे रोका और सचिव प्रांजल यादव को उसे नया रिक्शा दिलाने को कहा.टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने उसके बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने व लोहिया आवास आवंटित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के सचिव प्रांजल यादव के मुताबिक, मनीराम को ई-रिक्शा उपलब्ध करा दिया जाएगा. रिक्शा चालकों को ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरअसल, मोबाइल बैंकिंग के क्षेत्र में 'पेटीएम' का अभिनव प्रयोग करने वाले विजय शेखर शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने उनके सरकारी आवास जा रहे थे. रास्ते में वह भारी जाम में फंस गए. ऐसा लगा कि वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाएंगे. वह तत्काल गाड़ी से उतर गए. कुछ दूर पैदल चलने पर उन्हें लगा कि देर हो जाएगी, तब उन्होंने एक रिक्शा किया और उससे सीधे 5, कॉलीदास मार्ग पहुंच गए.
मुख्यमंत्री आवास पर रिक्शा से पहुंचे अजनबी को देखकर सुरक्षाकर्मी भी हतप्रभ थे, लेकिन जब उन्होंने अपना नाम बताया तो उन्हें रिक्शे के साथ ही अंदर प्रवेश मिल गया. फिर क्या था! मनीराम अचानक मुख्यमंत्री तक पहुंच गया.
इस बात की जानकारी मिलने पर बाहर निकले अखिलेश यादव ने रिक्शा चालक से सवाल किया कहां आ गए हो? वह क्षेत्रीय भाषा में बोला, 'ई साहब लइ कै आएं हैं.' उसने अपना नाम मनीराम बताया और कहा कि वह कालिदास मार्ग पर रात में रहता है. रिक्शे पर ही सोता है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के जंगलाट गांव के निवासी व अनुसूचित जाति के मनीराम ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि मार्टिनपुरवा के किसी व्यक्ति से 40 रुपये प्रतिदिन के किराये पर उसने रिक्शा ले रखा है. बात करते-करते मनीराम रिक्शे पर सवार हो गया और मुड़कर जाने लगा, तब मुख्यमंत्री ने उसे रोका और सचिव प्रांजल यादव को उसे नया रिक्शा दिलाने को कहा.टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने उसके बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने व लोहिया आवास आवंटित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के सचिव प्रांजल यादव के मुताबिक, मनीराम को ई-रिक्शा उपलब्ध करा दिया जाएगा. रिक्शा चालकों को ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बात की जानकारी मिलने पर बाहर निकले अखिलेश यादव ने रिक्शा चालक से सवाल किया कहां आ गए हो? वह क्षेत्रीय भाषा में बोला, 'ई साहब लइ कै आएं हैं.' उसने अपना नाम मनीराम बताया और कहा कि वह कालिदास मार्ग पर रात में रहता है. रिक्शे पर ही सोता है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के जंगलाट गांव के निवासी व अनुसूचित जाति के मनीराम ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि मार्टिनपुरवा के किसी व्यक्ति से 40 रुपये प्रतिदिन के किराये पर उसने रिक्शा ले रखा है. बात करते-करते मनीराम रिक्शे पर सवार हो गया और मुड़कर जाने लगा, तब मुख्यमंत्री ने उसे रोका और सचिव प्रांजल यादव को उसे नया रिक्शा दिलाने को कहा.टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने उसके बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने व लोहिया आवास आवंटित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के सचिव प्रांजल यादव के मुताबिक, मनीराम को ई-रिक्शा उपलब्ध करा दिया जाएगा. रिक्शा चालकों को ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के जंगलाट गांव के निवासी व अनुसूचित जाति के मनीराम ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि मार्टिनपुरवा के किसी व्यक्ति से 40 रुपये प्रतिदिन के किराये पर उसने रिक्शा ले रखा है. बात करते-करते मनीराम रिक्शे पर सवार हो गया और मुड़कर जाने लगा, तब मुख्यमंत्री ने उसे रोका और सचिव प्रांजल यादव को उसे नया रिक्शा दिलाने को कहा.टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने उसके बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने व लोहिया आवास आवंटित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के सचिव प्रांजल यादव के मुताबिक, मनीराम को ई-रिक्शा उपलब्ध करा दिया जाएगा. रिक्शा चालकों को ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री ने उसके बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने व लोहिया आवास आवंटित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के सचिव प्रांजल यादव के मुताबिक, मनीराम को ई-रिक्शा उपलब्ध करा दिया जाएगा. रिक्शा चालकों को ठहरने के लिए रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'पेटीएम' के सीईओ विजय शर्मा अखिलेश यादव से मिलने सीएम आवास जा रहे थे
रास्ते में जाम होने की वजह से वह कार छोड़ रिक्शे से सीएम आवास पहुंचे
अखिलेश यादव ने उस रिक्शा चालक को नए ई-रिक्शा सहित कई तरह की मदद दी | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में महिला के साथ अलग से बर्ताव नहीं किया जा सकता, जब दूसरे अपराध में लैंगिक भेदभाव नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति महिला के साथ वस्तु की तरह बर्ताव नहीं कर सकता और महिला को कानूनी कार्रवाई से सरंक्षण मिलना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि यह पुराना प्रावधान लगता है जब समाज में प्रगति होती है तो पीढ़ियों की सोच बदलती है. कोर्ट ने कहा कि इस बारे में नोटिस जारी किया जाता है और आपराधिक केसों में सामान्य तटस्थता दिखानी चाहिए.
दरअसल केरल के एक्टीविस्ट जोसफ साइन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आईपीसी 497 की वैधता को चुनौती दी है. उनका कहना है कि पहले के तीन फैसलों में इसे बरकरार रखा गया और संसद को कानून में संशोधन करने की छूट दी गई.
दरअसल केरल के एक्टीविस्ट जोसफ साइन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आईपीसी 497 की वैधता को चुनौती दी है. उनका कहना है कि पहले के तीन फैसलों में इसे बरकरार रखा गया और संसद को कानून में संशोधन करने की छूट दी गई. | यह एक सारांश है: अपराध सहमति से किया गया हो तो महिला को सरंक्षण क्यों दिया जाए
आईपीसी 497 में विवाहित महिला को दूसरे पुरुष से संबंध होने पर भी सरंक्षण
केरल के जोसफ साइन ने याचिका में आईपीसी 497 की वैधता को चुनौती दी | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख एम. करुणानिधि ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह अपने दूसरे बेटे एमके स्टालिन को उत्तराधिकारी बनाए जाने या पार्टी की सामान्य परिषद के महासचिव पद दिए जाने का प्रस्ताव रखेंगे।
पार्टी के जिला सचिवों के साथ बैठक के बाद करुणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, "डीएमके एक लोकतांत्रिक पार्टी है। अध्यक्ष या महासचिव पद के लिए कोई भी चुनाव लड़ सकता है। पार्टी की सामान्य परिषद में स्टालिन का नाम बहुमत से प्रस्तावित करना है और अन्य को इसे स्वीकार करना होगा।" उन्होंने कहा, "अगर मेरी व्यक्तिगत क्षमता की बदौलत ऐसा मौका मिला तो मैं स्टालिन का नाम प्रस्तावित करूंगा क्योंकि पार्टी महासचिव ने पहले भी उनका नाम प्रस्तावित किया था और अब मैं उसका समर्थन करना पसंद करूंगा।"
डीएमके महासचिव के. अनबझागन ने भी कहा कि यदि वह प्रस्ताव लाते हैं और अन्य सदस्य उसका समर्थन करते हैं तो अध्यक्ष (करुणानिधि) भी उसे खारिज नहीं कर सकते।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, करुणानिधि ने कहा, "मैं नहीं जानता कि उस समय तक मैं रहूंगा या नहीं।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।
पार्टी के जिला सचिवों के साथ बैठक के बाद करुणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, "डीएमके एक लोकतांत्रिक पार्टी है। अध्यक्ष या महासचिव पद के लिए कोई भी चुनाव लड़ सकता है। पार्टी की सामान्य परिषद में स्टालिन का नाम बहुमत से प्रस्तावित करना है और अन्य को इसे स्वीकार करना होगा।" उन्होंने कहा, "अगर मेरी व्यक्तिगत क्षमता की बदौलत ऐसा मौका मिला तो मैं स्टालिन का नाम प्रस्तावित करूंगा क्योंकि पार्टी महासचिव ने पहले भी उनका नाम प्रस्तावित किया था और अब मैं उसका समर्थन करना पसंद करूंगा।"
डीएमके महासचिव के. अनबझागन ने भी कहा कि यदि वह प्रस्ताव लाते हैं और अन्य सदस्य उसका समर्थन करते हैं तो अध्यक्ष (करुणानिधि) भी उसे खारिज नहीं कर सकते।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, करुणानिधि ने कहा, "मैं नहीं जानता कि उस समय तक मैं रहूंगा या नहीं।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।
डीएमके महासचिव के. अनबझागन ने भी कहा कि यदि वह प्रस्ताव लाते हैं और अन्य सदस्य उसका समर्थन करते हैं तो अध्यक्ष (करुणानिधि) भी उसे खारिज नहीं कर सकते।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, करुणानिधि ने कहा, "मैं नहीं जानता कि उस समय तक मैं रहूंगा या नहीं।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पार्टी प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, करुणानिधि ने कहा, "मैं नहीं जानता कि उस समय तक मैं रहूंगा या नहीं।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि गुरुवार को पार्टी के एक कार्यक्रम में डीएमके प्रमुख ने कहा था कि उनके बाद स्टालिन पार्टी में दलित उत्थान का मशाल-वाहक होंगे। उनके इस कथन का मीडिया में मतलब निकाला गया था कि करुणानिधि ने स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी बनाने का संकेत दे दिया है।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए।
मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरि ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी कोई हिंदू आश्रम नहीं है जहां मेरे पिता का उत्तराधिकारी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि पार्टी का संविधान स्टालिन को डीएमके का अगला नेता घोषित करने की अनुमति नहीं देता। संविधान का पालन किया जाना चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख एम. करुणानिधि ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह अपने दूसरे बेटे एमके स्टालिन को उत्तराधिकारी बनाए जाने या पार्टी की सामान्य परिषद के महासचिव पद दिए जाने का प्रस्ताव रखेंगे। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शेयर बाजार सोमवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर लोगों को गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश के लिए आकर्षित करने के वास्ते तमाम तरह के प्रयास कर रहे हैं। एक्सचेंजों ने गोल्ड ईटीएफ में जोरदार कारोबार के लिए जहां शुल्क हटाया है, वहीं कारोबारी घंटे भी बढ़ाए हैं।
अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। एक्सचेंज और कोष घराने इस मौके का लाभ उठाकर गोल्ड ईटीएफ में जोरदार बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। ईटीएफ के तहत निवेशक सोने में शेयरों या अन्य प्रतिभूतियों की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से निवेश कर सकते हैं।टिप्पणियां
गोल्ड ईटीएफ सोने के हाजिर मूल्य के समान होता है और ईटीएफ की एक इकाई एक ग्राम सोने के बराबर होती है। शेयर बाजारों में एक दर्जन से ज्यादा गोल्ड ईटीएफ सूचीबद्ध हैं। बंबई शेयर बाजार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों ने सोमवार को विशेष मौके पर गोल्ड ईटीएफ के लिए कारोबार की अवधि बढ़ा दी है। सोमवार को गोल्ड ईटीएफ का कारोबार शाम 7 बजे तक हो सकेगा। इसके अलावा एक्सचेंजों ने सोमवार के लिए गोल्ड ईटीएफ पर लेनदेन शुल्क समाप्त कर दिया है। ई-गोल्ड, ई-सिल्वर और ई-प्लेटिनम पर 13 मई को कोई लेनदेन शुल्क नहीं लगेगा।
रिलायंस म्यूचुअल फंड ने परिदृश्य रिपोर्ट में कहा है, शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारी सीजन के अलावा अक्षय तृतीया की वजह से भारतीय निवेशकों की ओर से सोने की मांग काफी ऊंची रहने की उम्मीद है।
अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। एक्सचेंज और कोष घराने इस मौके का लाभ उठाकर गोल्ड ईटीएफ में जोरदार बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। ईटीएफ के तहत निवेशक सोने में शेयरों या अन्य प्रतिभूतियों की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से निवेश कर सकते हैं।टिप्पणियां
गोल्ड ईटीएफ सोने के हाजिर मूल्य के समान होता है और ईटीएफ की एक इकाई एक ग्राम सोने के बराबर होती है। शेयर बाजारों में एक दर्जन से ज्यादा गोल्ड ईटीएफ सूचीबद्ध हैं। बंबई शेयर बाजार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों ने सोमवार को विशेष मौके पर गोल्ड ईटीएफ के लिए कारोबार की अवधि बढ़ा दी है। सोमवार को गोल्ड ईटीएफ का कारोबार शाम 7 बजे तक हो सकेगा। इसके अलावा एक्सचेंजों ने सोमवार के लिए गोल्ड ईटीएफ पर लेनदेन शुल्क समाप्त कर दिया है। ई-गोल्ड, ई-सिल्वर और ई-प्लेटिनम पर 13 मई को कोई लेनदेन शुल्क नहीं लगेगा।
रिलायंस म्यूचुअल फंड ने परिदृश्य रिपोर्ट में कहा है, शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारी सीजन के अलावा अक्षय तृतीया की वजह से भारतीय निवेशकों की ओर से सोने की मांग काफी ऊंची रहने की उम्मीद है।
गोल्ड ईटीएफ सोने के हाजिर मूल्य के समान होता है और ईटीएफ की एक इकाई एक ग्राम सोने के बराबर होती है। शेयर बाजारों में एक दर्जन से ज्यादा गोल्ड ईटीएफ सूचीबद्ध हैं। बंबई शेयर बाजार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों ने सोमवार को विशेष मौके पर गोल्ड ईटीएफ के लिए कारोबार की अवधि बढ़ा दी है। सोमवार को गोल्ड ईटीएफ का कारोबार शाम 7 बजे तक हो सकेगा। इसके अलावा एक्सचेंजों ने सोमवार के लिए गोल्ड ईटीएफ पर लेनदेन शुल्क समाप्त कर दिया है। ई-गोल्ड, ई-सिल्वर और ई-प्लेटिनम पर 13 मई को कोई लेनदेन शुल्क नहीं लगेगा।
रिलायंस म्यूचुअल फंड ने परिदृश्य रिपोर्ट में कहा है, शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारी सीजन के अलावा अक्षय तृतीया की वजह से भारतीय निवेशकों की ओर से सोने की मांग काफी ऊंची रहने की उम्मीद है।
रिलायंस म्यूचुअल फंड ने परिदृश्य रिपोर्ट में कहा है, शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारी सीजन के अलावा अक्षय तृतीया की वजह से भारतीय निवेशकों की ओर से सोने की मांग काफी ऊंची रहने की उम्मीद है। | संक्षिप्त पाठ: सोमवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर एक्सचेंजों ने गोल्ड ईटीएफ में जोरदार कारोबार के लिए जहां शुल्क हटा दिया है, वहीं कारोबारी घंटे भी बढ़ाए हैं। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फाइनल से एक जीत दूर भारतीय हॉकी टीम मलेशिया के खिलाफ शुक्रवार को अजलन शाह कप के दिलचस्प मुकाबले में आत्ममुग्धता से बचते हुए खेलेगी. गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को जापान के खिलाफ सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है और भारत को बखूबी पता है कि मलेशिया के खिलाफ चूक उन पर भारी पड़ेगी. ऐसे में ब्रिटेन फाइनल में जगह बना लेगा. भारत को ब्रिटेन पर सिर्फ एक गोल का फायदा है. ब्रिटेन को आखिरी लीग मैच न्यूजीलैंड से खेलना है.
भारतीय टीम आखिरी लीग मैच खेलेगी लिहाजा उसे समीकरण पता होंगे लेकिन ज्यादा गोलों की जरूरत होने पर स्ट्राइकरों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा. अभी तक सिर्फ मनदीप सिंह और आकाशदीप सिंह ही सर्कल के भीतर खतरनाक साबित हुए हैं. मनदीप ने जापान के खिलाफ कल हैट्रिक बनाई थी. भारतीय टीम गोलों के लिये अपने पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ रूपिंदर पाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह पर ही निर्भर रही है. विश्व रैंकिंग में अपने से दस पायदान नीचे 16वें स्थान पर काबिज जापान के खिलाफ भारत कल अप्रत्याशित हार से बचा और दो बार पिछड़ने के बाद 4-3 से जीत हासिल की. कोच रोलेंट ओल्टमेंस ने टीम को चेताया है कि मलेशिया खतरनाक प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकती है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा,‘मलेशिया बहुत अच्छी टीम है. किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हलके में नहीं लिया जा सकता. जापान ने हमें चुनौती दी लेकिन हम कल की चुनौती के लिये तैयार हैं.’टोक्यो ओलिंपिक 2020 की तैयारी में जुटी जापानी हॉकी टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी. टोक्यो ओलिंपिक में बतौर मेजबान जापान को सीधे प्रवेश मिला है. भारतीय टीम को इस बात का अहसास है कि मलेशिया इससे कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकती है. मेजबान मलेशिया भारत के खिलाफ प्रतिष्ठा के लिये खेलेगा. जापान के खिलाफ ड्रॉ से आगाज करने वाली मलेशियाई टीम लगातार तीन मैच हार गई. कल न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद वह कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले से भी बाहर हो गई. ऐसे में भारत को हराकर वह सम्मान के साथ विदा लेना चाहेगा. टूर्नामेंट में विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया 10 अंक लेकर शीर्ष पर है. भारत, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के सात अंक है लेकिन गोल औसत के मामले में भारत आगे है. न्यूजीलैंड अगर ब्रिटेन को हराता है और भारत मलेशिया से हार जाता है तो न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंच सकता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारतीय टीम आखिरी लीग मैच खेलेगी लिहाजा उसे समीकरण पता होंगे लेकिन ज्यादा गोलों की जरूरत होने पर स्ट्राइकरों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा. अभी तक सिर्फ मनदीप सिंह और आकाशदीप सिंह ही सर्कल के भीतर खतरनाक साबित हुए हैं. मनदीप ने जापान के खिलाफ कल हैट्रिक बनाई थी. भारतीय टीम गोलों के लिये अपने पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ रूपिंदर पाल सिंह और हरमनप्रीत सिंह पर ही निर्भर रही है. विश्व रैंकिंग में अपने से दस पायदान नीचे 16वें स्थान पर काबिज जापान के खिलाफ भारत कल अप्रत्याशित हार से बचा और दो बार पिछड़ने के बाद 4-3 से जीत हासिल की. कोच रोलेंट ओल्टमेंस ने टीम को चेताया है कि मलेशिया खतरनाक प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकती है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा,‘मलेशिया बहुत अच्छी टीम है. किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हलके में नहीं लिया जा सकता. जापान ने हमें चुनौती दी लेकिन हम कल की चुनौती के लिये तैयार हैं.’टोक्यो ओलिंपिक 2020 की तैयारी में जुटी जापानी हॉकी टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी. टोक्यो ओलिंपिक में बतौर मेजबान जापान को सीधे प्रवेश मिला है. भारतीय टीम को इस बात का अहसास है कि मलेशिया इससे कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकती है. मेजबान मलेशिया भारत के खिलाफ प्रतिष्ठा के लिये खेलेगा. जापान के खिलाफ ड्रॉ से आगाज करने वाली मलेशियाई टीम लगातार तीन मैच हार गई. कल न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद वह कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले से भी बाहर हो गई. ऐसे में भारत को हराकर वह सम्मान के साथ विदा लेना चाहेगा. टूर्नामेंट में विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया 10 अंक लेकर शीर्ष पर है. भारत, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के सात अंक है लेकिन गोल औसत के मामले में भारत आगे है. न्यूजीलैंड अगर ब्रिटेन को हराता है और भारत मलेशिया से हार जाता है तो न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंच सकता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा,‘मलेशिया बहुत अच्छी टीम है. किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हलके में नहीं लिया जा सकता. जापान ने हमें चुनौती दी लेकिन हम कल की चुनौती के लिये तैयार हैं.’टोक्यो ओलिंपिक 2020 की तैयारी में जुटी जापानी हॉकी टीम ने भारत को कड़ी चुनौती दी. टोक्यो ओलिंपिक में बतौर मेजबान जापान को सीधे प्रवेश मिला है. भारतीय टीम को इस बात का अहसास है कि मलेशिया इससे कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित हो सकती है. मेजबान मलेशिया भारत के खिलाफ प्रतिष्ठा के लिये खेलेगा. जापान के खिलाफ ड्रॉ से आगाज करने वाली मलेशियाई टीम लगातार तीन मैच हार गई. कल न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद वह कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले से भी बाहर हो गई. ऐसे में भारत को हराकर वह सम्मान के साथ विदा लेना चाहेगा. टूर्नामेंट में विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया 10 अंक लेकर शीर्ष पर है. भारत, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के सात अंक है लेकिन गोल औसत के मामले में भारत आगे है. न्यूजीलैंड अगर ब्रिटेन को हराता है और भारत मलेशिया से हार जाता है तो न्यूजीलैंड फाइनल में पहुंच सकता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: भारत, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड टीम के हैं सात अंक
गोल औसत में ब्रिटेन से बेहतर स्थिति में है भारत
ऑस्ट्रेलियाई टीम 10 अंक लेकर है शीर्ष स्थान पर | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता दारा सिंह का आज मुंबई में निधन हो गया है। रूस्तम-ए-हिन्द के नाम से मशहूर दारा सिंह को दिल का दौरा पड़ने के बाद 7 जुलाई को कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीती रात उनके परिजन उन्हें अस्पताल से घर ले आए थे क्योंकि आखिरी वक्त में परिवार दारा सिंह के साथ रहना चाहता था।
अभिनेता दारा सिंह के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां, टेलीविजन इंडस्ट्री और आम लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
83 साल के दारा सिंह जिंदगी से जंग हार गए तो इसकी बड़ी वजह है दिल का दौरा। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने पर दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से उनकी तबीयत बिगड़ी। इस तरह की स्थिति में सुधार की उम्मीद बहुत कम रहती है। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में उनकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया।
वैसे, कुश्ती के इस महारथी की तबीयत पिछले एक साल से खराब चल रही थी। 83 साल के दारा सिंह जब तक कुश्ती के मैदान में रहे कभी नहीं हारे न ही उन्होंने फिल्मों से नाता तोड़ा। फिल्म और कुश्ती में इतनी शोहरत पाने वाला शायद ही कोई और पहलवान हो इसीलिए न तो कुश्ती और न हिन्दी सिनेमा का इतिहास दारा सिंह के बगैर पूरा हो सकता है।
वह भारतीय फिल्मों के पहले एक्शन हीरो थे जिन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले 'एक्शन किंग' का दर्जा हासिल किया। 60 और 70 के दौर में दारा सिंह का एक्शन फिल्मी परदे पर छाया रहा। कहते हैं कि एक्शन सीन्स में शर्ट उतारने का चलन दारा सिंह ने ही शुरू किया था। रामायण में निभाया उनका हनुमान का रोल सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
अभिनेता दारा सिंह के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां, टेलीविजन इंडस्ट्री और आम लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
83 साल के दारा सिंह जिंदगी से जंग हार गए तो इसकी बड़ी वजह है दिल का दौरा। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने पर दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से उनकी तबीयत बिगड़ी। इस तरह की स्थिति में सुधार की उम्मीद बहुत कम रहती है। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में उनकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया।
वैसे, कुश्ती के इस महारथी की तबीयत पिछले एक साल से खराब चल रही थी। 83 साल के दारा सिंह जब तक कुश्ती के मैदान में रहे कभी नहीं हारे न ही उन्होंने फिल्मों से नाता तोड़ा। फिल्म और कुश्ती में इतनी शोहरत पाने वाला शायद ही कोई और पहलवान हो इसीलिए न तो कुश्ती और न हिन्दी सिनेमा का इतिहास दारा सिंह के बगैर पूरा हो सकता है।
वह भारतीय फिल्मों के पहले एक्शन हीरो थे जिन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले 'एक्शन किंग' का दर्जा हासिल किया। 60 और 70 के दौर में दारा सिंह का एक्शन फिल्मी परदे पर छाया रहा। कहते हैं कि एक्शन सीन्स में शर्ट उतारने का चलन दारा सिंह ने ही शुरू किया था। रामायण में निभाया उनका हनुमान का रोल सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
83 साल के दारा सिंह जिंदगी से जंग हार गए तो इसकी बड़ी वजह है दिल का दौरा। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने पर दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से उनकी तबीयत बिगड़ी। इस तरह की स्थिति में सुधार की उम्मीद बहुत कम रहती है। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में उनकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया।
वैसे, कुश्ती के इस महारथी की तबीयत पिछले एक साल से खराब चल रही थी। 83 साल के दारा सिंह जब तक कुश्ती के मैदान में रहे कभी नहीं हारे न ही उन्होंने फिल्मों से नाता तोड़ा। फिल्म और कुश्ती में इतनी शोहरत पाने वाला शायद ही कोई और पहलवान हो इसीलिए न तो कुश्ती और न हिन्दी सिनेमा का इतिहास दारा सिंह के बगैर पूरा हो सकता है।
वह भारतीय फिल्मों के पहले एक्शन हीरो थे जिन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले 'एक्शन किंग' का दर्जा हासिल किया। 60 और 70 के दौर में दारा सिंह का एक्शन फिल्मी परदे पर छाया रहा। कहते हैं कि एक्शन सीन्स में शर्ट उतारने का चलन दारा सिंह ने ही शुरू किया था। रामायण में निभाया उनका हनुमान का रोल सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
वैसे, कुश्ती के इस महारथी की तबीयत पिछले एक साल से खराब चल रही थी। 83 साल के दारा सिंह जब तक कुश्ती के मैदान में रहे कभी नहीं हारे न ही उन्होंने फिल्मों से नाता तोड़ा। फिल्म और कुश्ती में इतनी शोहरत पाने वाला शायद ही कोई और पहलवान हो इसीलिए न तो कुश्ती और न हिन्दी सिनेमा का इतिहास दारा सिंह के बगैर पूरा हो सकता है।
वह भारतीय फिल्मों के पहले एक्शन हीरो थे जिन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले 'एक्शन किंग' का दर्जा हासिल किया। 60 और 70 के दौर में दारा सिंह का एक्शन फिल्मी परदे पर छाया रहा। कहते हैं कि एक्शन सीन्स में शर्ट उतारने का चलन दारा सिंह ने ही शुरू किया था। रामायण में निभाया उनका हनुमान का रोल सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
वह भारतीय फिल्मों के पहले एक्शन हीरो थे जिन्होंने हिन्दी फिल्मों के पहले 'एक्शन किंग' का दर्जा हासिल किया। 60 और 70 के दौर में दारा सिंह का एक्शन फिल्मी परदे पर छाया रहा। कहते हैं कि एक्शन सीन्स में शर्ट उतारने का चलन दारा सिंह ने ही शुरू किया था। रामायण में निभाया उनका हनुमान का रोल सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1952 की फिल्म 'संगदिल' से हुई जिसमें उनका छोटा-सा रोल था। शुरुआत में छोटे-मोटे रोल के बाद उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला 1962 की फिल्म किंग-कांग से मिला। फिल्म में दारा सिंह पहलवान के ही रोल में थे। फिर तो ज्यादातर फिल्मों में दारा सिंह पहलवान के रोल में दिखते रहे।टिप्पणियां
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
वह 'सिकंदर-ए-आज़म' जैसी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों में भी दिखे। उन्होंने करीब 140 हिन्दी और पंजाबी फिल्मों में काम किया जिनमें से कई में उन्होंने मुख्य भूमिका अदा की। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, 'वतन से दूर...', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'सिकंदर-ए-आजम', 'राका मेरा नाम', 'जोकर' और 'धरम-करम'।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है।
अभिनेत्री मुमताज उन्हीं की खोज थी। दोनों ने मिलकर 16 फिल्में दीं और यह जोड़ी काफी मशहूर रही। बाद में उन्होंने 'भक्ति में शक्ति' और 'ध्यानू भगत' जैसी धार्मिक फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया। करेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर वह 'दिल्लगी' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में अपनी झलक दिखाते रहे। पिछली बार वह 'जब वी मेट' में दिखे। 'अता पता लापता' उनकी आखिरी फिल्म है जिसका रिलीज होना अभी बाकी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अभिनेता दारा सिंह के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां, टेलीविजन इंडस्ट्री और आम लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने आज कहा कि छोटे परंपरागत दुकानदार संगठित क्षेत्र के रिटेलरों को कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं और विदेशी कंपनियों को देश में स्टोर खोलने की अनुमति के फैसले से वे प्रभावित नहीं होंगे।
संसद में आज पेश 2012-13 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जहां तक छोटे दुकानदारों का सवाल है, संगठित खुदरा क्षेत्र उनके साथ चल रहा है। समीक्षा कहती है, कारोबारी व्यवहार में सुधार तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन के जरिये ये परंपरागत खुदरा दुकानदार संगठित क्षेत्र को कड़ा जवाब दे रहे हैं। इसमें कहा गया है कि वैश्विक अनुभव भी यह बताता है कि संगठित और असंगठित खुदरा क्षेत्र साथ-साथ चल सकता है और प्रगति कर सकता है। सरकार ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी है। एकल ब्रांड में तो शतप्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोलने का देश का व्यापारी वर्ग कड़ा विरोध कर रहा है। इसके विरोध में देशभर में आंदोलन और अभियान चलाया जा रहा है।टिप्पणियां
हालांकि, आर्थिक समीक्षा में इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा गया है कि बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति से आपूर्ति शृंखला के सभी अंशधारकों को फायदा होगा। इसमें कहा गया है कि किसानों को कटाई बाद होने वाले फसल नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बैकएंड ढांचे में सुधार से किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।
इसी तरह छोटे विनिर्माताओं को लघु उद्योग से आवश्यक रूप से 30 प्रतिशत की खरीद के प्रावधान से फायदा होगा। इसके अलावा इस नीति के क्रियान्वयन से देश में एफडीआई का प्रवाह बढ़ेगा, रोजगार की गुणवत्ता सुधरेगी और सर्वश्रेष्ठ वैश्विक व्यवहार को अपनाया जा सकेगा।
संसद में आज पेश 2012-13 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जहां तक छोटे दुकानदारों का सवाल है, संगठित खुदरा क्षेत्र उनके साथ चल रहा है। समीक्षा कहती है, कारोबारी व्यवहार में सुधार तथा प्रौद्योगिकी उन्नयन के जरिये ये परंपरागत खुदरा दुकानदार संगठित क्षेत्र को कड़ा जवाब दे रहे हैं। इसमें कहा गया है कि वैश्विक अनुभव भी यह बताता है कि संगठित और असंगठित खुदरा क्षेत्र साथ-साथ चल सकता है और प्रगति कर सकता है। सरकार ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी है। एकल ब्रांड में तो शतप्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोलने का देश का व्यापारी वर्ग कड़ा विरोध कर रहा है। इसके विरोध में देशभर में आंदोलन और अभियान चलाया जा रहा है।टिप्पणियां
हालांकि, आर्थिक समीक्षा में इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा गया है कि बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति से आपूर्ति शृंखला के सभी अंशधारकों को फायदा होगा। इसमें कहा गया है कि किसानों को कटाई बाद होने वाले फसल नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बैकएंड ढांचे में सुधार से किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।
इसी तरह छोटे विनिर्माताओं को लघु उद्योग से आवश्यक रूप से 30 प्रतिशत की खरीद के प्रावधान से फायदा होगा। इसके अलावा इस नीति के क्रियान्वयन से देश में एफडीआई का प्रवाह बढ़ेगा, रोजगार की गुणवत्ता सुधरेगी और सर्वश्रेष्ठ वैश्विक व्यवहार को अपनाया जा सकेगा।
हालांकि, आर्थिक समीक्षा में इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा गया है कि बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति से आपूर्ति शृंखला के सभी अंशधारकों को फायदा होगा। इसमें कहा गया है कि किसानों को कटाई बाद होने वाले फसल नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बैकएंड ढांचे में सुधार से किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।
इसी तरह छोटे विनिर्माताओं को लघु उद्योग से आवश्यक रूप से 30 प्रतिशत की खरीद के प्रावधान से फायदा होगा। इसके अलावा इस नीति के क्रियान्वयन से देश में एफडीआई का प्रवाह बढ़ेगा, रोजगार की गुणवत्ता सुधरेगी और सर्वश्रेष्ठ वैश्विक व्यवहार को अपनाया जा सकेगा।
इसी तरह छोटे विनिर्माताओं को लघु उद्योग से आवश्यक रूप से 30 प्रतिशत की खरीद के प्रावधान से फायदा होगा। इसके अलावा इस नीति के क्रियान्वयन से देश में एफडीआई का प्रवाह बढ़ेगा, रोजगार की गुणवत्ता सुधरेगी और सर्वश्रेष्ठ वैश्विक व्यवहार को अपनाया जा सकेगा। | संक्षिप्त सारांश: सरकार ने आज कहा कि छोटे परंपरागत दुकानदार संगठित क्षेत्र के रिटेलरों को कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं और विदेशी कंपनियों को देश में स्टोर खोलने की अनुमति के फैसले से वे प्रभावित नहीं होंगे। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: BJP Candidate List Maharashtra 2019: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharastra Assembly election 2019) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. पहली लिस्ट में 125 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Dadnavis) को नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट से उतारा गया है. वहीं, सतारा लोकसभा उपचुनाव के लिए उदयराज भोंसले को उम्मीदवार बनाया गया है.़
भाजपा ने कहा कि वह राज्य में शिवसेना और कुछ छोटे सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. भाजपा महासचिव अरूण सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस नागपुर दक्षिण-पश्चिम से और महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल कोथरूड से चुनाव लड़ेंगे. सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने 12 विधायकों को टिकट नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अपनी सहयोगी शिवसेना और कुछ छोटे दलों के साथ मिलकर लड़ेगी.' गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान होने हैं और मतगणना 24 अक्टूबर को होगी.
इससे एक दिन पहले सोमवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 78 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी. पार्टी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (ML khattar) को करनाल से चुनाव मैदान में उतारा है. सूची में मौजूदा 38 विधायकों को भी टिकट दिया गया है, वहीं, 7 विधायकों का टिकट काटा गया है. हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं.
बता दें, बीजेपी ने हाल ही में शामिल हुए रेसलर बबीता फोगाट (Babita Phogat) और योगेश्वर दत्त (yogeshwar dutt) को भी टिकट दिया है. बबिता फोगाट को दादरी से और योगेश्वर दत्त को सोनीपत के बरौदा से टिकट दिया है. | BJP ने जारी की है पहली लिस्ट
लोकसभा उपचुनाव के लिए भी उम्मीदवार का किया ऐलान
21 अक्टूबर को है मतदान | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार अपने आर्थिक एजेंडे पर स्थिर है और आगामी बजट में सुधारों को शामिल किया जाएगा। टेलीविजन समाचार चैनलों के सम्पादकों से बातचीत में सिंह ने कहा, "आर्थिक एजेंडा स्पष्ट है। खाद्य सुरक्षा विधेयक पर विचार चल रहा है। सूचना का अधिकार (आरटीई) लागू हो चुका है। एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) लागू की जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में सुधार चल रहे हैं।" उन्होंने कहा, "इसी तरह नई सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए हम आधारभूत संरचना में नए निवेश की राह पर हैं। ये बड़े सुधार नहीं हैं, मुझे उम्मीद है कि आगामी बजट में आप सरकार के सुधारों के एजेंडा को देखेंगे।" आम बजट 28 फरवरी को पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, मुश्किलों के बावजूद सरकार ने अपने एजेंडे को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा, "मुश्किलों के बावजूद हम सुधारों को लेकर अडिग हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब संसद को काम नहीं करने दिया जाता।" | प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार अपने आर्थिक एजेंडे पर स्थिर है और आगामी बजट में सुधारों को शामिल किया जाएगा। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा, "यह खास चुनाव है. देश के लिए लड़ने वाले बहुत लोग नहीं हैं, कृपया चंद्रबाबू नायडू को वोट कीजिए. मोदी और शाह हर किसी पर धौंस जमा रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "यह एक विशेष चुनाव है. आपको यह सोचना चाहिए कि आप किसको वोट देते हैं. हम नरेंद्र मोदी को जीतने नहीं देंगे. दिल्ली में जनता की सरकार होगी. आप जीतने के बाद की चिंता मत करो, हमारे पास पीएम पद का उम्मीदवार है."
वहीं, इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी पीएम मोदी पर हमला बोला. उन्होंने कहा, " पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने आजादी के बाद से 'सबसे भ्रष्ट' सरकार का नेतृत्व किया है. उन्होंने बीजेपी प्रमुख अमित शाह (Amit Shah) के साथ मिलकर 5 सालों में देश को धर्म के आधार पर बांटने का काम किया है. पाकिस्तान भी 70 साल में यह काम नहीं कर सका है."
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने रविवार को विपक्षी दलों से नरेंद्र मोदी सरकार को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए छोटे-छोटे मतभेदों को दरकिनार कर हाथ मिलाने का आग्रह भी किया. | संक्षिप्त सारांश: ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर हमला
उन्होंने कहा कि हम नरेंद्र मोदी को जीतने नहीं देंगे
केजरीवाल ने भी बोला पीएम मोदी पर हमला | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध का चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र में विरोध करने के बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान जारी है, लेकिन इसके बावजूद त्योहारी मौसम में भारत में चीनी माल की रिकॉर्ड बिक्री हुई है. यह जानकारी यहां के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के लेख में दी गई है.
लेख के अनुसार, 'भारत में दीवाली सबसे बड़ा खरीदारी मौसम है और हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्योहार भी है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया पर चीनी सामान के बहिष्कार के लिए अभियान चलाया जा रहा है और कुछ राजनेता भी तथ्यों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं.' लेख में कहा गया है, 'हालांकि भारत में चीनी सामानों के लिए बिना परवाह के बहिष्कार अभियान चलाने और भारतीय मीडिया द्वारा चीनी सामानों का 'बुरा दिन' आने की रपटें दिखाने के बावजूद भारत सरकार ने कभी भी चीनी उत्पादों की आलोचना नहीं की है और वह पूरे देश में काफी लोकप्रिय हैं.'
लेख के अनुसार बहिष्कार का यह अभियान सफल नहीं हुआ है. देश के तीन प्रमुख ई-वाणिज्य खुदरा बिक्री मंचों पर चीनी उत्पादों की अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड बिक्री हुई है. चीन की हैंडसेट कंपनी शियोमी ने फ्लिपकार्ट, आमेजन इंडिया, स्नैपडील और टाटा क्लिक जैसे मंचों पर मात्र तीन दिन में पांच लाख फोनों की बिक्री की है. लेख में कहा गया है कि जब भी भारत में क्षेत्रीय मुद्दों पर तनाव बढ़ता है तो अक्सर चीनी उत्पाद उसका शिकार बनते हैं और यह धारणा पिछले कुछ सालों से देखने को मिल रही है. टिप्पणियां
भारत-चीन संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार मजबूत स्तंभों में से एक है. दोनों देशों के बीच 2015 में 70 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था और चीन ने भारत में करीब 87 करोड़ डॉलर का निवेश किया. यह 2014 के मुकाबले छह गुना अधिक था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेख के अनुसार, 'भारत में दीवाली सबसे बड़ा खरीदारी मौसम है और हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्योहार भी है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया पर चीनी सामान के बहिष्कार के लिए अभियान चलाया जा रहा है और कुछ राजनेता भी तथ्यों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं.' लेख में कहा गया है, 'हालांकि भारत में चीनी सामानों के लिए बिना परवाह के बहिष्कार अभियान चलाने और भारतीय मीडिया द्वारा चीनी सामानों का 'बुरा दिन' आने की रपटें दिखाने के बावजूद भारत सरकार ने कभी भी चीनी उत्पादों की आलोचना नहीं की है और वह पूरे देश में काफी लोकप्रिय हैं.'
लेख के अनुसार बहिष्कार का यह अभियान सफल नहीं हुआ है. देश के तीन प्रमुख ई-वाणिज्य खुदरा बिक्री मंचों पर चीनी उत्पादों की अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड बिक्री हुई है. चीन की हैंडसेट कंपनी शियोमी ने फ्लिपकार्ट, आमेजन इंडिया, स्नैपडील और टाटा क्लिक जैसे मंचों पर मात्र तीन दिन में पांच लाख फोनों की बिक्री की है. लेख में कहा गया है कि जब भी भारत में क्षेत्रीय मुद्दों पर तनाव बढ़ता है तो अक्सर चीनी उत्पाद उसका शिकार बनते हैं और यह धारणा पिछले कुछ सालों से देखने को मिल रही है. टिप्पणियां
भारत-चीन संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार मजबूत स्तंभों में से एक है. दोनों देशों के बीच 2015 में 70 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था और चीन ने भारत में करीब 87 करोड़ डॉलर का निवेश किया. यह 2014 के मुकाबले छह गुना अधिक था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेख के अनुसार बहिष्कार का यह अभियान सफल नहीं हुआ है. देश के तीन प्रमुख ई-वाणिज्य खुदरा बिक्री मंचों पर चीनी उत्पादों की अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड बिक्री हुई है. चीन की हैंडसेट कंपनी शियोमी ने फ्लिपकार्ट, आमेजन इंडिया, स्नैपडील और टाटा क्लिक जैसे मंचों पर मात्र तीन दिन में पांच लाख फोनों की बिक्री की है. लेख में कहा गया है कि जब भी भारत में क्षेत्रीय मुद्दों पर तनाव बढ़ता है तो अक्सर चीनी उत्पाद उसका शिकार बनते हैं और यह धारणा पिछले कुछ सालों से देखने को मिल रही है. टिप्पणियां
भारत-चीन संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार मजबूत स्तंभों में से एक है. दोनों देशों के बीच 2015 में 70 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था और चीन ने भारत में करीब 87 करोड़ डॉलर का निवेश किया. यह 2014 के मुकाबले छह गुना अधिक था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भारत-चीन संबंधों में द्विपक्षीय व्यापार मजबूत स्तंभों में से एक है. दोनों देशों के बीच 2015 में 70 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था और चीन ने भारत में करीब 87 करोड़ डॉलर का निवेश किया. यह 2014 के मुकाबले छह गुना अधिक था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: जैश प्रमुख पर बैन का विरोध के बाद चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान
हालांकि त्योहारी मौसम में भारत में चीनी माल की रिकॉर्ड बिक्री हुई है
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के लेख में दी गई जानकारी | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे ने रविवार को एक बार फिर साफ किया कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करने के अपने फैसले पर अडिग हैं। उनके मुताबिक यह क्षेत्र गंदगी से भरपूर है और इससे भ्रष्टाचार को खत्म नहीं किया जा सकता।
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हजारे नई रणनीति बनाने के मकसद से नई दिल्ली पहुंचे हैं और कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा कर रहे हैं। इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "राजनीति सही दिशा नहीं है। आंदोलन का मार्ग पवित्र है।" उन्होंने कहा, "राजनीति यदि हमें सुनहरा भविष्य देती तो कभी सोने की चिड़िया कहलाने वाले हमारे देश को सोना गिरवी नहीं रखना पड़ता।"टिप्पणियां
हजारे ने जोर देकर कहा कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से राजनीति में प्रवेश करने के बारे में उन्होंने कुछ सवाल पूछे थे, जिसका जवाब उन्हें नहीं मिला।
हजारे ने दावे के साथ कहा कि राजनीति से नहीं बल्कि बड़े आंदोलन के जरिए देश को भविष्य मिलेगा। इस देश को राजनीति से सही भविष्य नहीं मिल सकता।
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हजारे नई रणनीति बनाने के मकसद से नई दिल्ली पहुंचे हैं और कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा कर रहे हैं। इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "राजनीति सही दिशा नहीं है। आंदोलन का मार्ग पवित्र है।" उन्होंने कहा, "राजनीति यदि हमें सुनहरा भविष्य देती तो कभी सोने की चिड़िया कहलाने वाले हमारे देश को सोना गिरवी नहीं रखना पड़ता।"टिप्पणियां
हजारे ने जोर देकर कहा कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से राजनीति में प्रवेश करने के बारे में उन्होंने कुछ सवाल पूछे थे, जिसका जवाब उन्हें नहीं मिला।
हजारे ने दावे के साथ कहा कि राजनीति से नहीं बल्कि बड़े आंदोलन के जरिए देश को भविष्य मिलेगा। इस देश को राजनीति से सही भविष्य नहीं मिल सकता।
हजारे ने जोर देकर कहा कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले समूह से राजनीति में प्रवेश करने के बारे में उन्होंने कुछ सवाल पूछे थे, जिसका जवाब उन्हें नहीं मिला।
हजारे ने दावे के साथ कहा कि राजनीति से नहीं बल्कि बड़े आंदोलन के जरिए देश को भविष्य मिलेगा। इस देश को राजनीति से सही भविष्य नहीं मिल सकता।
हजारे ने दावे के साथ कहा कि राजनीति से नहीं बल्कि बड़े आंदोलन के जरिए देश को भविष्य मिलेगा। इस देश को राजनीति से सही भविष्य नहीं मिल सकता। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे ने रविवार को एक बार फिर साफ किया कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करने के अपने फैसले पर अडिग हैं। उनके मुताबिक यह क्षेत्र गंदगी से भरपूर है और इससे भ्रष्टाचार को खत्म नहीं किया जा सकता। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ममता बनर्जी के केंद्र सरकार से समर्थन वापसी के बाद अब डीएमके भी इस मुद्दे पर गहन विचार कर रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि इस मुद्दे पर डीएमके में आंतरिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
लोकसभा में 18 सांसदों के साथ सरकार में शामिल डीएमके अब सबसे बड़ा दल है। कई बड़े नेता जहां यह कह रहे हैं कि डीएमके केंद्र में सरकार के साथ है वहीं, डीएमके ने केंद्र के तमाम फैसलों के खिलाफ राज्य में बुलाए बंद को सफल करने में भी लगी हुई है। गौरतलब है कि डीएमके ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह डीजल के दामों में वृद्धि, सस्ते एलपीजी सिलेंडर की संख्या सीमित करने और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ नहीं है।
सूत्र बता रहे हैं कि कुछ पार्टी नेता इन जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का साथ छोड़ने की बात कर रहे हैं वहीं कुछ नेताओं की राय है कि इस मसले का हल सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जारी बैठक में निकल जाएगा।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकार इन फैसलों पर रोलबैक करने को तैयार नहीं है। वहीं, तमाम सहयोगी दल इस आशा में सरकार के साथ हैं कि सोनिया गांधी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में निर्णय कर लेंगी कि डीजल के दामों में की गई वृद्धि कम कर दी जाए और सस्ते डीजल के सिलेंडरों की संख्या को बढ़ाया जाए। इन दो मुद्दों पर फैसले के बाद डीएमके के लिए सरकार के साथ जाने का फैसला लेने में आसानी होगी।टिप्पणियां
वहीं, कुछ नेता मानते हैं कि यह सही समय जब कांग्रेस का साथ छोड़ा जा सकता है जब तमाम कांग्रेसी नेता कोयला घोटाला में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी के नाम पर जैसे ममता बनर्जी ने कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ा है वैसे ही डीएमके को भी करना चाहिए।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था।
लोकसभा में 18 सांसदों के साथ सरकार में शामिल डीएमके अब सबसे बड़ा दल है। कई बड़े नेता जहां यह कह रहे हैं कि डीएमके केंद्र में सरकार के साथ है वहीं, डीएमके ने केंद्र के तमाम फैसलों के खिलाफ राज्य में बुलाए बंद को सफल करने में भी लगी हुई है। गौरतलब है कि डीएमके ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह डीजल के दामों में वृद्धि, सस्ते एलपीजी सिलेंडर की संख्या सीमित करने और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ नहीं है।
सूत्र बता रहे हैं कि कुछ पार्टी नेता इन जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का साथ छोड़ने की बात कर रहे हैं वहीं कुछ नेताओं की राय है कि इस मसले का हल सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जारी बैठक में निकल जाएगा।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकार इन फैसलों पर रोलबैक करने को तैयार नहीं है। वहीं, तमाम सहयोगी दल इस आशा में सरकार के साथ हैं कि सोनिया गांधी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में निर्णय कर लेंगी कि डीजल के दामों में की गई वृद्धि कम कर दी जाए और सस्ते डीजल के सिलेंडरों की संख्या को बढ़ाया जाए। इन दो मुद्दों पर फैसले के बाद डीएमके के लिए सरकार के साथ जाने का फैसला लेने में आसानी होगी।टिप्पणियां
वहीं, कुछ नेता मानते हैं कि यह सही समय जब कांग्रेस का साथ छोड़ा जा सकता है जब तमाम कांग्रेसी नेता कोयला घोटाला में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी के नाम पर जैसे ममता बनर्जी ने कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ा है वैसे ही डीएमके को भी करना चाहिए।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था।
सूत्र बता रहे हैं कि कुछ पार्टी नेता इन जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का साथ छोड़ने की बात कर रहे हैं वहीं कुछ नेताओं की राय है कि इस मसले का हल सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जारी बैठक में निकल जाएगा।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकार इन फैसलों पर रोलबैक करने को तैयार नहीं है। वहीं, तमाम सहयोगी दल इस आशा में सरकार के साथ हैं कि सोनिया गांधी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में निर्णय कर लेंगी कि डीजल के दामों में की गई वृद्धि कम कर दी जाए और सस्ते डीजल के सिलेंडरों की संख्या को बढ़ाया जाए। इन दो मुद्दों पर फैसले के बाद डीएमके के लिए सरकार के साथ जाने का फैसला लेने में आसानी होगी।टिप्पणियां
वहीं, कुछ नेता मानते हैं कि यह सही समय जब कांग्रेस का साथ छोड़ा जा सकता है जब तमाम कांग्रेसी नेता कोयला घोटाला में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी के नाम पर जैसे ममता बनर्जी ने कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ा है वैसे ही डीएमके को भी करना चाहिए।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था।
बता दें कि सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकार इन फैसलों पर रोलबैक करने को तैयार नहीं है। वहीं, तमाम सहयोगी दल इस आशा में सरकार के साथ हैं कि सोनिया गांधी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में निर्णय कर लेंगी कि डीजल के दामों में की गई वृद्धि कम कर दी जाए और सस्ते डीजल के सिलेंडरों की संख्या को बढ़ाया जाए। इन दो मुद्दों पर फैसले के बाद डीएमके के लिए सरकार के साथ जाने का फैसला लेने में आसानी होगी।टिप्पणियां
वहीं, कुछ नेता मानते हैं कि यह सही समय जब कांग्रेस का साथ छोड़ा जा सकता है जब तमाम कांग्रेसी नेता कोयला घोटाला में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी के नाम पर जैसे ममता बनर्जी ने कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ा है वैसे ही डीएमके को भी करना चाहिए।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था।
वहीं, कुछ नेता मानते हैं कि यह सही समय जब कांग्रेस का साथ छोड़ा जा सकता है जब तमाम कांग्रेसी नेता कोयला घोटाला में शामिल दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी के नाम पर जैसे ममता बनर्जी ने कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ा है वैसे ही डीएमके को भी करना चाहिए।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था।
पहले भी डीएमके सरकार से दो बार बाहर होने की धमकी दे चुकी है। पहली बार राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले उपजे मतभेदों के दौरान ऐसी स्थिति बनी थी। दूसरी बार संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के तमिलों के मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर सरकार को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना पड़ा था। | यहाँ एक सारांश है:ममता बनर्जी के केंद्र सरकार से समर्थन वापसी के बाद अब डीएमके भी इस मुद्दे पर गहन विचार कर रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि इस मुद्दे पर डीएमके में आंतरिक मतभेद दिखाई दे रहे हैं। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली-NCR में आज भी प्रदूषण से बुरा हाल है. दिल्ली के कई इलाक़ों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 700 के पार चला गया है. द्वारका में तो AQI 900 के पार है. 10 सबसे प्रदूषित इलाक़ों में 9 दिल्ली के हैं. नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम में भी हालात ऐसे ही हैं. इधर आज दिल्ली में ऑड-ईवन का अंतिम दिन है. 4 नवंबर से इसे शुरू किया गया था. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है. दूसरी तरफ, दिल्ली-NCR के स्कूल आज भी प्रदूषण की वजह से बंद हैं. दिल्ली के द्वारका, पूसा रोड, रोहिणी, सत्यवती कॉलेज जैसे इलाकों में सबसे ज़्यादा प्रदूषण का स्तर मापा गया है.
हालांकि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानीकर्ता 'सफर' का कहना है कि नए सिरे से पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवाओं की गति बढ़ने से शुक्रवार को दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति में सुधार की संभावना है. सफर ने जानकारी दी है कि मंगलवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की केवल 480 घटनाएं दर्ज की गयीं. सफर ने बताया,‘अफगानिस्तान और पड़ोसी इलाकों के ऊपर चक्रवाती तूफान के कारण नए सिरे से पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है. अगले दो दिन में इसका असर उत्तर पश्चिमी भारत पर पड़ेगा और इससे शुक्रवार तक हवा की रफ्तार बढ़ेगी.' | यह एक सारांश है: दिल्ली-NCR में आज भी प्रदूषण से बुरा हाल
10 सबसे प्रदूषित इलाक़ों में 9 दिल्ली के हैं
आज दिल्ली में ऑड-ईवन का अंतिम दिन भी है | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले संभवत: पृथ्वी के दो चंद्रमा हुआ करते थे और इनमें से छोटे आकार वाला चांद बड़े के साथ टक्कर में नष्ट हो गया। खगोलविदों ने कहा कि शायद यह इस टक्कर का ही परिणाम है कि मौजूदा चंद्रमा के दोनों हिस्से एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। उनका कहना है कि चांद का नजदीकी हिस्सा नीचा और समतल है, जबकि दूर का हिस्सा पर्वतीय और उंचा-नीचा है। समाचार पत्र डेली मेल के मुताबिक वैज्ञानिकों की राय इस बारे में अलग-अलग है। इस बारे में नया सिद्धांत दिया गया है कि दो चंद्रमाओं की टक्कर की वजह से मौजूदा चांद के एक हिस्से का आकार उंचा-नीचा हुआ है। उनका कहना है कि दोनों चंद्रमाओं में टक्कर धीरे-धीरे हुई। ऐसे में संभव है कि उन पर्वतों का निर्माण हुआ हो, जिन्हें आज हम चांद के दूर के हिस्से में देखते हैं। यह नया शोध कैलीफिोर्निया विश्वविद्यालय में किया गया है। | पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले संभवत: पृथ्वी के दो चंद्रमा हुआ करते थे। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उल्लेखनीय है कि भारत ने गत वर्ष उरी हमले के बाद 29 सितम्बर को नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल हमला किया था. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद का पीड़ित रहा है, लेकिन विश्व ने हमें रोका नहीं और वह हमें रोक नहीं सकता. हम विश्व को भारत पर होने वाले आतंकवाद के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताने में सफल रहे हैं. उन्होंने परोक्ष रूप से चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत वैश्विक व्यवस्था का पालन करने में विश्वास करता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक नियमों का पालन किये बिना अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विश्वास नहीं रखता. जाहिर तौर पर दक्षिण चीन सागर में चीन के प्रभुत्व जमाने की कोशिशों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा भारत ने हमेशा वैश्विक व्यवस्था और कानून के शासन के दायरे में विकास का रास्ता अपनाया है. उन्होंने कहा, यही भारत की परंपरा और संस्कृति है.टिप्पणियां
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखे हैं वो आपके रहते पूरे होंगे. और उसका सीधा साधा कारण है. आप भी हिंदुस्तान में थे, आप ही अमेरिका में हैं. लेकिन सही वातावरण मिलने के बाद आप इतने फले फूले कि अमेरिका की भलाई में भी सहायक बने. आपके जैसा सामर्थ्य और प्रतिभा रखने वाले सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी हिंदुस्तान में बैठे हैं. वो भी आप जैसे ही हैं. आपको जैसे यहां अनुकूल माहौल मिला तो आप कहां से कहां पहुंच गए. वहां उनको भी अब अनुकूल माहौल मिल रहा है तो आप भी जानते हैं कि सवा सौ करोड़ लोग हिंदुस्तान को कहां से कहां ले जा सकते हैं. और जब सवा सौ करोड़ देशवासियों का जज्बा और कुछ कर गुजरने का इरादा पूरे देश में अनुभव होता हो, तो देशवासियों मैं आपको विश्वाास दिलाता हूं कि पिछले कई दशकों से जो गति नहीं थी उससे कहीं तेजी से देश आगे बढ़ रहा है.
पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि मैं आज सिर झुकाकर बड़ी नम्रता से कहना चाहूंगा कि इस सरकार ने तीन साल का जो कार्यकाल बिताया है, अब तक इस सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा है. टेक्नोलॉजी उसमें बहुत बड़ा रोल अदा कर रही है. इससे पारदर्शिता आती है. (इनपुट्स भाषा से)
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखे हैं वो आपके रहते पूरे होंगे. और उसका सीधा साधा कारण है. आप भी हिंदुस्तान में थे, आप ही अमेरिका में हैं. लेकिन सही वातावरण मिलने के बाद आप इतने फले फूले कि अमेरिका की भलाई में भी सहायक बने. आपके जैसा सामर्थ्य और प्रतिभा रखने वाले सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी हिंदुस्तान में बैठे हैं. वो भी आप जैसे ही हैं. आपको जैसे यहां अनुकूल माहौल मिला तो आप कहां से कहां पहुंच गए. वहां उनको भी अब अनुकूल माहौल मिल रहा है तो आप भी जानते हैं कि सवा सौ करोड़ लोग हिंदुस्तान को कहां से कहां ले जा सकते हैं. और जब सवा सौ करोड़ देशवासियों का जज्बा और कुछ कर गुजरने का इरादा पूरे देश में अनुभव होता हो, तो देशवासियों मैं आपको विश्वाास दिलाता हूं कि पिछले कई दशकों से जो गति नहीं थी उससे कहीं तेजी से देश आगे बढ़ रहा है.
पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि मैं आज सिर झुकाकर बड़ी नम्रता से कहना चाहूंगा कि इस सरकार ने तीन साल का जो कार्यकाल बिताया है, अब तक इस सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा है. टेक्नोलॉजी उसमें बहुत बड़ा रोल अदा कर रही है. इससे पारदर्शिता आती है. (इनपुट्स भाषा से)
पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि मैं आज सिर झुकाकर बड़ी नम्रता से कहना चाहूंगा कि इस सरकार ने तीन साल का जो कार्यकाल बिताया है, अब तक इस सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा है. टेक्नोलॉजी उसमें बहुत बड़ा रोल अदा कर रही है. इससे पारदर्शिता आती है. (इनपुट्स भाषा से) | सारांश: हमने अपनी ताकत का अहसास कराया : पीएम मोदी
सर्जिकल स्ट्राइक पर किसी ने सवाल नहीं उठाया
हम दुनिया को अपनी बात समझाने में सफल रहे | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसे जिन्दा जलाकर मार डालने की कोशिश का मामला सामने आया है।टिप्पणियां
घटना जिले के शिवपुरी गांव की है, जहां 20 साल की एक लड़की को उसी के गांव के कुछ युवकों ने अगवा कर उसके साथ बलात्कार किया। जब लड़की ने इसकी शिकायत पुलिस से करने की बात कही तो युवकों ने लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
पुलिस ने आनन-फानन में लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने तीन आरोपी युवकों में से एक माजिद को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना जिले के शिवपुरी गांव की है, जहां 20 साल की एक लड़की को उसी के गांव के कुछ युवकों ने अगवा कर उसके साथ बलात्कार किया। जब लड़की ने इसकी शिकायत पुलिस से करने की बात कही तो युवकों ने लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
पुलिस ने आनन-फानन में लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने तीन आरोपी युवकों में से एक माजिद को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आनन-फानन में लड़की को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने तीन आरोपी युवकों में से एक माजिद को गिरफ्तार कर लिया है। | शिवपुरी गांव में सामूहिक बलात्कार के बाद जब लड़की ने पुलिस में रिपोर्ट की बात कही, बलात्कारियों ने उस पर तेल छिड़ककर आग लगा दी। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रशांत क्षेत्र में चीन की सैन्य मौजूदगी से चिंतित अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह प्रशांत क्षेत्र की एक शक्ति है और क्षेत्र में उसके महत्वपूर्ण हित हैं।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, ‘‘हम प्रशांत क्षेत्र की एक शक्ति हैं और क्षेत्र में हमारे महत्वपूर्ण हित हैं। हम चीन में अपने समकक्षों के साथ आर्थिक और सुरक्षा संबंधी कई मुद्दों पर सम्पर्क बनाते हैं और उनके साथ कार्य करते हैं।’’ उन्होंने हालांकि चीन के रक्षा बजट में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी संबंधी प्रश्न का सीधा कोई उत्तर नहीं दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ ही एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने साझेदारों के साथ नजदीकी तौर पर कार्य करते हैं।’’
इससे पहले अमेरिका की प्रशांत क्षेत्र की कमान के शीर्ष कमांडर एडमिरल सैमुअल जे लॉकलियर ने कांग्रेस के सदस्यों को बताया कि चीन की सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्र के देशों के लिए चिंता का विषय है। अमेरिकी सामरिक कमान के कमांडर जनरल सी रॉबर्ट केहलर ने कांग्रेस के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन का टकराव न तो दोनों देशों के लिये अच्छा है और न ही क्षेत्र के लिए।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, ‘‘हम प्रशांत क्षेत्र की एक शक्ति हैं और क्षेत्र में हमारे महत्वपूर्ण हित हैं। हम चीन में अपने समकक्षों के साथ आर्थिक और सुरक्षा संबंधी कई मुद्दों पर सम्पर्क बनाते हैं और उनके साथ कार्य करते हैं।’’ उन्होंने हालांकि चीन के रक्षा बजट में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी संबंधी प्रश्न का सीधा कोई उत्तर नहीं दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ ही एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने साझेदारों के साथ नजदीकी तौर पर कार्य करते हैं।’’
इससे पहले अमेरिका की प्रशांत क्षेत्र की कमान के शीर्ष कमांडर एडमिरल सैमुअल जे लॉकलियर ने कांग्रेस के सदस्यों को बताया कि चीन की सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्र के देशों के लिए चिंता का विषय है। अमेरिकी सामरिक कमान के कमांडर जनरल सी रॉबर्ट केहलर ने कांग्रेस के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन का टकराव न तो दोनों देशों के लिये अच्छा है और न ही क्षेत्र के लिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ ही एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने साझेदारों के साथ नजदीकी तौर पर कार्य करते हैं।’’
इससे पहले अमेरिका की प्रशांत क्षेत्र की कमान के शीर्ष कमांडर एडमिरल सैमुअल जे लॉकलियर ने कांग्रेस के सदस्यों को बताया कि चीन की सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्र के देशों के लिए चिंता का विषय है। अमेरिकी सामरिक कमान के कमांडर जनरल सी रॉबर्ट केहलर ने कांग्रेस के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन का टकराव न तो दोनों देशों के लिये अच्छा है और न ही क्षेत्र के लिए।
इससे पहले अमेरिका की प्रशांत क्षेत्र की कमान के शीर्ष कमांडर एडमिरल सैमुअल जे लॉकलियर ने कांग्रेस के सदस्यों को बताया कि चीन की सैन्य बढ़ोतरी क्षेत्र के देशों के लिए चिंता का विषय है। अमेरिकी सामरिक कमान के कमांडर जनरल सी रॉबर्ट केहलर ने कांग्रेस के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन का टकराव न तो दोनों देशों के लिये अच्छा है और न ही क्षेत्र के लिए। | यहाँ एक सारांश है:प्रशांत क्षेत्र में चीन की सैन्य मौजूदगी से चिंतित अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह प्रशांत क्षेत्र की एक शक्ति है और क्षेत्र में उसके महत्वपूर्ण हित हैं। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार दावा किया कि उनकी पार्टी गोवा में भी दिल्ली के चुनावी प्रदर्शन को दोहराएगी और आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में 40 में से 35 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।
केजरीवाल ने मछुआरा समुदाय से बातचीत के बाद वास्को टाउन में संवाददाताओं को बताया, 'आप दोनों ही पार्टियों (कांग्रेस और बीजेपी) की उम्मीदों पर पानी फेर देगी। हम 40 में से कम से कम 35 सीटें जीतेंगे।' केजरीवाल आज से गोवा के दो दिवसीय दौरे पर हैं। गोवा में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि आप यह जिम्मेदारी इसी राज्य से किसी को देगी।
उन्होंने कहा, 'इस राज्य में 20 लाख लोग रहते हैं। गोवा वासियों में नेतृत्व क्षमता है। मैं यहां एक छोटा आदमी हूं। मैं दिल्ली में बैठकर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। ' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी छवि, आम आदमी पार्टी से बड़ी बन रही है, उन्होंने कहा, 'केजरीवाल महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पार्टी महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा कि आप गोवा में दिल्ली का इतिहास दोहराएगी क्योंकि लोग इस पार्टी को समर्थन देंगे और कांग्रेस व भाजपा को खारिज कर देंगे।टिप्पणियां
केजरीवाल ने कहा, 'गोवा में लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को देखा और ये पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये सामने से लड़ती हैं, लेकिन पीछे एक दूसरे के साथ गोपनीय बैठक करती हैं। दोनो पार्टियां साथ साथ बहुत अच्छे से चलती हैं लेकिन लोगों को मुश्किलें आती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही ‘पूरी तरह से भ्रष्ट पार्टियां’ हैं।लोगों को इस बात का एहसास हो गया है। लेकिन पूर्व में उनके पास कोई विकल्प नहीं था। अब आप के रूप में उनके सामने एक विकल्प है।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने मछुआरा समुदाय से बातचीत के बाद वास्को टाउन में संवाददाताओं को बताया, 'आप दोनों ही पार्टियों (कांग्रेस और बीजेपी) की उम्मीदों पर पानी फेर देगी। हम 40 में से कम से कम 35 सीटें जीतेंगे।' केजरीवाल आज से गोवा के दो दिवसीय दौरे पर हैं। गोवा में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि आप यह जिम्मेदारी इसी राज्य से किसी को देगी।
उन्होंने कहा, 'इस राज्य में 20 लाख लोग रहते हैं। गोवा वासियों में नेतृत्व क्षमता है। मैं यहां एक छोटा आदमी हूं। मैं दिल्ली में बैठकर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। ' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी छवि, आम आदमी पार्टी से बड़ी बन रही है, उन्होंने कहा, 'केजरीवाल महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पार्टी महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा कि आप गोवा में दिल्ली का इतिहास दोहराएगी क्योंकि लोग इस पार्टी को समर्थन देंगे और कांग्रेस व भाजपा को खारिज कर देंगे।टिप्पणियां
केजरीवाल ने कहा, 'गोवा में लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को देखा और ये पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये सामने से लड़ती हैं, लेकिन पीछे एक दूसरे के साथ गोपनीय बैठक करती हैं। दोनो पार्टियां साथ साथ बहुत अच्छे से चलती हैं लेकिन लोगों को मुश्किलें आती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही ‘पूरी तरह से भ्रष्ट पार्टियां’ हैं।लोगों को इस बात का एहसास हो गया है। लेकिन पूर्व में उनके पास कोई विकल्प नहीं था। अब आप के रूप में उनके सामने एक विकल्प है।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'इस राज्य में 20 लाख लोग रहते हैं। गोवा वासियों में नेतृत्व क्षमता है। मैं यहां एक छोटा आदमी हूं। मैं दिल्ली में बैठकर बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। ' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी छवि, आम आदमी पार्टी से बड़ी बन रही है, उन्होंने कहा, 'केजरीवाल महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पार्टी महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा कि आप गोवा में दिल्ली का इतिहास दोहराएगी क्योंकि लोग इस पार्टी को समर्थन देंगे और कांग्रेस व भाजपा को खारिज कर देंगे।टिप्पणियां
केजरीवाल ने कहा, 'गोवा में लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को देखा और ये पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये सामने से लड़ती हैं, लेकिन पीछे एक दूसरे के साथ गोपनीय बैठक करती हैं। दोनो पार्टियां साथ साथ बहुत अच्छे से चलती हैं लेकिन लोगों को मुश्किलें आती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही ‘पूरी तरह से भ्रष्ट पार्टियां’ हैं।लोगों को इस बात का एहसास हो गया है। लेकिन पूर्व में उनके पास कोई विकल्प नहीं था। अब आप के रूप में उनके सामने एक विकल्प है।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केजरीवाल ने कहा, 'गोवा में लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को देखा और ये पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये सामने से लड़ती हैं, लेकिन पीछे एक दूसरे के साथ गोपनीय बैठक करती हैं। दोनो पार्टियां साथ साथ बहुत अच्छे से चलती हैं लेकिन लोगों को मुश्किलें आती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही ‘पूरी तरह से भ्रष्ट पार्टियां’ हैं।लोगों को इस बात का एहसास हो गया है। लेकिन पूर्व में उनके पास कोई विकल्प नहीं था। अब आप के रूप में उनके सामने एक विकल्प है।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | गोवा में दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहराने का दावा किया
कांग्रेस और बीजेपी, दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू करार दिया
कहा-लोगों के पास अब आम आदमी पार्टी के रूप में मौजूद है विकल्प | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लद्दाख में पिछले तीन सप्ताह से भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के समाप्त होने के एक दिन बाद भारत सरकार ने कहा कि चीन के साथ कोई ‘सौदेबाजी’ नहीं हुई है। दूसरी ओर, चीन ने भी ‘मतभेद वाले मामले के सुलझने’ की घोषणा कर दी है लेकिन उसने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उस क्षेत्र में 14 अप्रैल से पहले वाली यथा स्थिति बरकरार रखी गई है या नहीं।
मतभेद को सुलझाने के लिए किसी भी तरह की ‘सौदेबाजी’ होने की अटकलों को खारिज करते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच यथा स्थिति बनाए रखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थायित्व बनाए रखने के लिए साथ में बैठकर बातचीत करने पर सहमति बनी है।
इस बीच, चीन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी सेना 15 अप्रैल से पहले वाली स्थिति में लौट गई है या नहीं। उसने सिर्फ इतना ही कहा है कि ‘सफल वार्ता’ के माध्यम से ‘मतभेद की स्थिति को सुलझा’ लिया गया है। टिप्पणियां
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘सीमावर्ती क्षेत्र में गतिरोध के बाद भारत और चीन ने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी और रचनात्मक रवैया अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने धैर्य रखा और गतिरोध का समुचित प्रक्रिया, राजनयिक तरीकों और सीमा वार्ता के माध्यम से समाधान किया।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी सेक्टर में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब तीन सप्ताह तक गतिरोध की स्थिति रहने के बाद दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति को यथावत कायम रखने पर सहमति जताई है। 15 अप्रैल को इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी।
मतभेद को सुलझाने के लिए किसी भी तरह की ‘सौदेबाजी’ होने की अटकलों को खारिज करते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच यथा स्थिति बनाए रखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थायित्व बनाए रखने के लिए साथ में बैठकर बातचीत करने पर सहमति बनी है।
इस बीच, चीन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी सेना 15 अप्रैल से पहले वाली स्थिति में लौट गई है या नहीं। उसने सिर्फ इतना ही कहा है कि ‘सफल वार्ता’ के माध्यम से ‘मतभेद की स्थिति को सुलझा’ लिया गया है। टिप्पणियां
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘सीमावर्ती क्षेत्र में गतिरोध के बाद भारत और चीन ने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी और रचनात्मक रवैया अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने धैर्य रखा और गतिरोध का समुचित प्रक्रिया, राजनयिक तरीकों और सीमा वार्ता के माध्यम से समाधान किया।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी सेक्टर में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब तीन सप्ताह तक गतिरोध की स्थिति रहने के बाद दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति को यथावत कायम रखने पर सहमति जताई है। 15 अप्रैल को इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी।
इस बीच, चीन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी सेना 15 अप्रैल से पहले वाली स्थिति में लौट गई है या नहीं। उसने सिर्फ इतना ही कहा है कि ‘सफल वार्ता’ के माध्यम से ‘मतभेद की स्थिति को सुलझा’ लिया गया है। टिप्पणियां
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘सीमावर्ती क्षेत्र में गतिरोध के बाद भारत और चीन ने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी और रचनात्मक रवैया अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने धैर्य रखा और गतिरोध का समुचित प्रक्रिया, राजनयिक तरीकों और सीमा वार्ता के माध्यम से समाधान किया।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी सेक्टर में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब तीन सप्ताह तक गतिरोध की स्थिति रहने के बाद दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति को यथावत कायम रखने पर सहमति जताई है। 15 अप्रैल को इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी।
बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘सीमावर्ती क्षेत्र में गतिरोध के बाद भारत और चीन ने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी और रचनात्मक रवैया अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने धैर्य रखा और गतिरोध का समुचित प्रक्रिया, राजनयिक तरीकों और सीमा वार्ता के माध्यम से समाधान किया।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी सेक्टर में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब तीन सप्ताह तक गतिरोध की स्थिति रहने के बाद दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति को यथावत कायम रखने पर सहमति जताई है। 15 अप्रैल को इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी सेक्टर में भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच करीब तीन सप्ताह तक गतिरोध की स्थिति रहने के बाद दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति को यथावत कायम रखने पर सहमति जताई है। 15 अप्रैल को इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लद्दाख में पिछले तीन सप्ताह से भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के समाप्त होने के एक दिन बाद भारत सरकार ने कहा कि चीन के साथ कोई ‘सौदेबाजी’ नहीं हुई है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी रक्षा उद्योग ने तीन भारतीय नीतियों पर अफसोस जाहिर किया है और दावा किया है कि ये द्विपक्षीय रक्षा कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं।
दोनों देशों के रक्षा उद्योग से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि तीन प्रमुख समस्याएं हैं जिनमें अव्यवहार्य देरी व पेशकश एवं स्वीकृति पत्रों का विस्तार, आपूर्ति पश्चात जोखिम आवंटन की कमी व देनदारी की सीमा और अमेरिकी उद्योग के लिए भरपाई (ऑफसेट) संबंधी प्रतिबद्धताएं पूरी करने में दिक्कत शामिल है।टिप्पणियां
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने हाल ही में लिखे पत्र में रक्षा उपमंत्री एश्टन कार्टर से भारत के साथ ये मुद्दे उठाने की अपील की क्योंकि इससे मौजूदा और भावी अनुबंध प्रभावित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा से पहले अपने पत्र में यूएसआईबीसी ने कहा कि हाल में भारत पेशकश एवं स्वीकृति पत्र को मंजूरी देने में काफी देर कर रहा है।
दोनों देशों के रक्षा उद्योग से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि तीन प्रमुख समस्याएं हैं जिनमें अव्यवहार्य देरी व पेशकश एवं स्वीकृति पत्रों का विस्तार, आपूर्ति पश्चात जोखिम आवंटन की कमी व देनदारी की सीमा और अमेरिकी उद्योग के लिए भरपाई (ऑफसेट) संबंधी प्रतिबद्धताएं पूरी करने में दिक्कत शामिल है।टिप्पणियां
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने हाल ही में लिखे पत्र में रक्षा उपमंत्री एश्टन कार्टर से भारत के साथ ये मुद्दे उठाने की अपील की क्योंकि इससे मौजूदा और भावी अनुबंध प्रभावित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा से पहले अपने पत्र में यूएसआईबीसी ने कहा कि हाल में भारत पेशकश एवं स्वीकृति पत्र को मंजूरी देने में काफी देर कर रहा है।
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने हाल ही में लिखे पत्र में रक्षा उपमंत्री एश्टन कार्टर से भारत के साथ ये मुद्दे उठाने की अपील की क्योंकि इससे मौजूदा और भावी अनुबंध प्रभावित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा से पहले अपने पत्र में यूएसआईबीसी ने कहा कि हाल में भारत पेशकश एवं स्वीकृति पत्र को मंजूरी देने में काफी देर कर रहा है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा से पहले अपने पत्र में यूएसआईबीसी ने कहा कि हाल में भारत पेशकश एवं स्वीकृति पत्र को मंजूरी देने में काफी देर कर रहा है। | अमेरिकी रक्षा उद्योग ने तीन भारतीय नीतियों पर अफसोस जाहिर किया है और दावा किया है कि ये द्विपक्षीय रक्षा कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लंदन ओलिंपिक में मिली शानदार सफलता के बाद ब्रिटेन को यकीन है कि रियो डी जिनेरियो में 2016 में होने वाले खेलों में उसे रिकॉर्ड तोड़ कामयाबी मिलेगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अगले चार साल में ओलिंपिक खेलों पर करीब 80 करोड़ डॉलर खर्च करने का ऐलान किया है।टिप्पणियां
ब्रिटेन ने लंदन ओलिंपिक में 65 पदक जीतकर पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। ओलिंपिक में यह उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ऐसी आशंकाएं भी है कि ओलिंपिक के बाद का 'फीलगुड' जल्दी ही खत्म हो जाएगा।
ब्रिटेन स्पोर्ट के सलाहकार (परफॉर्मेंस) पीटर कीन ने हालांकि कहा, मुझे उम्मीद है कि लोगों की याददाश्त लंबी है और वे इसे लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने कहा, रियो के लिए रणनीति बननी शुरू हो गई है और पहले से कहीं बेहतर काम हो रहा है।
ब्रिटेन ने लंदन ओलिंपिक में 65 पदक जीतकर पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। ओलिंपिक में यह उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ऐसी आशंकाएं भी है कि ओलिंपिक के बाद का 'फीलगुड' जल्दी ही खत्म हो जाएगा।
ब्रिटेन स्पोर्ट के सलाहकार (परफॉर्मेंस) पीटर कीन ने हालांकि कहा, मुझे उम्मीद है कि लोगों की याददाश्त लंबी है और वे इसे लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने कहा, रियो के लिए रणनीति बननी शुरू हो गई है और पहले से कहीं बेहतर काम हो रहा है।
ब्रिटेन स्पोर्ट के सलाहकार (परफॉर्मेंस) पीटर कीन ने हालांकि कहा, मुझे उम्मीद है कि लोगों की याददाश्त लंबी है और वे इसे लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने कहा, रियो के लिए रणनीति बननी शुरू हो गई है और पहले से कहीं बेहतर काम हो रहा है। | यहाँ एक सारांश है:लंदन ओलिंपिक में मिली शानदार सफलता के बाद ब्रिटेन को यकीन है कि रियो डी जिनेरियो में 2016 में होने वाले खेलों में उसे रिकॉर्ड तोड़ कामयाबी मिलेगी। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर उनके 'सबकुछ ठीक है' की टिप्पणी के लिए कटाक्ष किया है. प्रियंका ने कहा कि विदेशों में की गई इस तरह की टिप्पणियों से चीजें ठीक नहीं हो जाती हैं, क्योंकि देश में कहीं से भी रोजगार में वृद्धि की खबरें नहीं आ रही हैं. प्रियंका ने एक ट्वीट में कहा, "विदेशों में जाकर सब चंगा सी कहने से सब ठीक तो नहीं हो जाएगा. कहीं से भी रोजगार बढ़ने, नए रोजगार पैदा होने की खबर नहीं आ रही. नामी-गिरामी कंपनियों ने लोगों को निकालना शुरू कर दिया है. चंगा सी बोलने वाले हैं एक दम चुप सी. क्यों?"
इस ट्वीट के साथ प्रियंका ने हिंदी में एक न्यूज रिपोर्ट को भी पोस्ट किया है, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से दो प्रमुख आईटी कंपनियों- इंफोसिस और कॉग्निजेंट ने 25,000 कर्मचरियों की छंटनी करने का फैसला किया है. सितंबर में अमेरिका के ह्यूसटन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम के दौरान मोदी ने इसमें भाग लेने वाले प्रवासी भारतीय सदस्यों को संबोधित करते हुए भारत की विविध भाषाओं में 'सब ठीक है' कहा था जिसमें पंजाबी में 'सब चंगा सी' भी शामिल थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना
प्रियंका ने पीएम मोदी पर 'सबकुछ ठीक है' की टिप्पणी के लिए कटाक्ष किया
कहा- विदेशों में जाकर सब चंगा सी कहने से सब ठीक तो नहीं हो जाएगा | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नामी शराब कारोबारी और बिल्डर पोंटी चड्ढा (Ponty Chadha) के बेटे मोंटी उर्फ मनप्रीत सिंह चड्ढा (Manpreet Singh Chadha) को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है. वो थाईलैंड जाने की फिराक में था. मोंटी और उसके परिवार के कई लोगों और उसकी कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 2018 में 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोप में केस दर्ज किया था, दरअसल 2005-06 में चड्ढा परिवार गाजियाबाद में बड़ी टाउनशिप बनाने के लिए वेव सिटी नाम का एक बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आया. ग्राहकों को बताया गया कि ये 1500 एकड़ में फैला होगा. इसमें स्कूल, स्विमिंग पुल, क्लब, अस्पताल और हेलिपैड जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी, ये भी कहा गया कि प्लॉट का कब्जा 8 महीने में जबकि घर 18 महीने के अंदर मिल जाएगा.
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सैकड़ो लोगों ने इस सपनों के शहर में घर पाने के लिए करोड़ों रुपए दे दिए. कंपनी की तरफ से कहा गया कि सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है और मास्टर प्लान भी बनकर तैयार है, लेकिन 2011 तक जब वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ तो लोगों ने मोंटी की कंपनी से जुड़े लोगों को घेरना शुरू किया. आरोप है कि कंपनी में बाउंसर रख लिए गए जिससे लोग किसी से मिल न पाएं.
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शिकायतकर्ताओं के मुताबिक आज भी जहां वेवसिटी बननी थी वहां जानवर चरते हैं और किसान खेती कर रहे हैं. पता चला है कि ऐसा कोई प्रोजेक्ट सरकार से अप्रूव ही नहीं हुआ है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ठगी के आरोप में पोंटी चड्ढा का बेटा मोंटी चड्ढा गिरफ्तार
थाईलैंड जाने की फिराक में था आरोपी मोंटी चड्ढा
2018 में 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोप में केस दर्ज हुआ था | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कच्छप अवतार पर मंदरांचल पर्वत रखा गया और देवताओं के नागवासुकी का इस्तेमाल रस्सी के तौर पर हुआ जिसके फन की तरफ राक्षस थे और पूंछ की ओर देवता। मंथन के दौरान एक-एक कर कई रत्न निकले जैसे एरावत और कल्पवृक्ष और इन सबके बाद बारी आई अमृत कलश की।
लेकिन, जैसे ही अमृत बाहर आया उसके लिए देवताओं और दानवों में जंग छिड़ गई। उस छीना-झपट में अमृत की कुछ बूंदे छलक कर इलाहाबाद, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में गिरी। तभी से हर 12 साल बाद इन जगहों पर कुंभ स्नान का पर्व शुरू हो गया।
ये मान्यता जितनी पुरानी होती गई उतनी ही मजबूत भी हुई। हर बार कुंभ में लोगों की भीड़ पहले से ज्यादा होती है। यह सवाल कोई नहीं पूछता कि अबतक गुजरी सैकड़ों पुश्तों में कोई अमर क्यों नहीं हुआ, लेकिन अमृत कलश की कहानी मानवता के इतिहास में अमर हो गई।
बारी बारी से हर 12 सालों के बाद देश में चार जगहों पर ऐसा ही जमावड़ा देखने को मिलता है जिसे कुंभ उत्सव का नाम दिया गया है। पुराणों की मानें तो कहानी बताती है कि सागर से निकले अमृत कलश को स्वर्ग लोक तक पहुंचने में 12 दिन लगे थे और देवताओं का एक दिन हमारे एक साल के बराबर होता है। लिहाजा कुंभ उत्सव 12 साल के फासले पर होते हैं।
गंगा और यमुना के संगम पर बसी कुंभ की नगरी अपने आप में एक अलग अस्थायी जिले का दर्जा पाती है और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाते हैं। किताबों में इसे धरती पर मनुष्यों के सबसे बड़े जमावड़े का खिताब हासिल है।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
लेकिन, जैसे ही अमृत बाहर आया उसके लिए देवताओं और दानवों में जंग छिड़ गई। उस छीना-झपट में अमृत की कुछ बूंदे छलक कर इलाहाबाद, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में गिरी। तभी से हर 12 साल बाद इन जगहों पर कुंभ स्नान का पर्व शुरू हो गया।
ये मान्यता जितनी पुरानी होती गई उतनी ही मजबूत भी हुई। हर बार कुंभ में लोगों की भीड़ पहले से ज्यादा होती है। यह सवाल कोई नहीं पूछता कि अबतक गुजरी सैकड़ों पुश्तों में कोई अमर क्यों नहीं हुआ, लेकिन अमृत कलश की कहानी मानवता के इतिहास में अमर हो गई।
बारी बारी से हर 12 सालों के बाद देश में चार जगहों पर ऐसा ही जमावड़ा देखने को मिलता है जिसे कुंभ उत्सव का नाम दिया गया है। पुराणों की मानें तो कहानी बताती है कि सागर से निकले अमृत कलश को स्वर्ग लोक तक पहुंचने में 12 दिन लगे थे और देवताओं का एक दिन हमारे एक साल के बराबर होता है। लिहाजा कुंभ उत्सव 12 साल के फासले पर होते हैं।
गंगा और यमुना के संगम पर बसी कुंभ की नगरी अपने आप में एक अलग अस्थायी जिले का दर्जा पाती है और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाते हैं। किताबों में इसे धरती पर मनुष्यों के सबसे बड़े जमावड़े का खिताब हासिल है।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
ये मान्यता जितनी पुरानी होती गई उतनी ही मजबूत भी हुई। हर बार कुंभ में लोगों की भीड़ पहले से ज्यादा होती है। यह सवाल कोई नहीं पूछता कि अबतक गुजरी सैकड़ों पुश्तों में कोई अमर क्यों नहीं हुआ, लेकिन अमृत कलश की कहानी मानवता के इतिहास में अमर हो गई।
बारी बारी से हर 12 सालों के बाद देश में चार जगहों पर ऐसा ही जमावड़ा देखने को मिलता है जिसे कुंभ उत्सव का नाम दिया गया है। पुराणों की मानें तो कहानी बताती है कि सागर से निकले अमृत कलश को स्वर्ग लोक तक पहुंचने में 12 दिन लगे थे और देवताओं का एक दिन हमारे एक साल के बराबर होता है। लिहाजा कुंभ उत्सव 12 साल के फासले पर होते हैं।
गंगा और यमुना के संगम पर बसी कुंभ की नगरी अपने आप में एक अलग अस्थायी जिले का दर्जा पाती है और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाते हैं। किताबों में इसे धरती पर मनुष्यों के सबसे बड़े जमावड़े का खिताब हासिल है।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
बारी बारी से हर 12 सालों के बाद देश में चार जगहों पर ऐसा ही जमावड़ा देखने को मिलता है जिसे कुंभ उत्सव का नाम दिया गया है। पुराणों की मानें तो कहानी बताती है कि सागर से निकले अमृत कलश को स्वर्ग लोक तक पहुंचने में 12 दिन लगे थे और देवताओं का एक दिन हमारे एक साल के बराबर होता है। लिहाजा कुंभ उत्सव 12 साल के फासले पर होते हैं।
गंगा और यमुना के संगम पर बसी कुंभ की नगरी अपने आप में एक अलग अस्थायी जिले का दर्जा पाती है और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाते हैं। किताबों में इसे धरती पर मनुष्यों के सबसे बड़े जमावड़े का खिताब हासिल है।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
गंगा और यमुना के संगम पर बसी कुंभ की नगरी अपने आप में एक अलग अस्थायी जिले का दर्जा पाती है और इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए जाते हैं। किताबों में इसे धरती पर मनुष्यों के सबसे बड़े जमावड़े का खिताब हासिल है।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
इसका फैलाव स्थानीय स्तर पर परेड ग्राउंड से त्रिवेणी बांध तक, दारागंज से नागवासुकी और झूंसी से अरैल तक होता है। लेकिन करीब 50 वर्गकिलोमीटर के दायरे में मनाए जाने वाले उत्सव को लेकर ठीक-ठीक ये बताना मुश्किल है कि कुंभ की शुरुआत कब से हुई।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
हालांकि, कुंभ के बारे में कहा जाता है कि पहले यह एक अवसर कहा जाता था लेकिन वक्त के साथ ये महोत्सव में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि 12वीं सदी तक ये एक बड़े सांस्कृतिक संगम के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। यहां तक कि भारत आए मशहूर चीनी यात्री ह्वेनसांग वह पहले शख्स थे जिन्होंने कुंभ मेले का जिक्र अपनी डायरी में किया था।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
डायरी में हिंदू माघ महीने में 75 दिनों के उत्सव की बात की गई है जिसे लाखों साधुओं, नागरिकों, रईसों और राजाओं ने देखा है।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
कुंभ में एक अद्भुत नजारा भी दिखता है। यहां शाही स्नान के लिए पूरे धूमधाम से शाही सवारी निकलती है। इसे उल्टी दुनिया कह सकते हैं जहां फकीरों की शाही सवारी निकलती है। बड़े−बड़े रईस संगम की सर्द रेत पर रात बिताते हैं। यहां ईंट और पत्थरों के ऊंचे ऊंचे महल नहीं दिखते और ना ही लाल पत्थरों के क़िले की धेले भर कीमत है। कभी झोपड़ी तो कहीं टेंट में लोग जमे रहते हैं। इस उम्मीद में कि उनके जीवनभर के पाप कटेंगे।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
संगम पर ऐसा नजारा मिलना आम है। दरअसल, प्रयाग में कल्पवास की अपनी अलग अहमियत रही है, खासकर माघ के महीने में। कल्पवास की शुरुआत पौष महीने के 11वें दिन से होती है जो माघ महीने के 12वें दिन तक चलता है।टिप्पणियां
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
कल्पवास के दौरान श्रद्धालुओं की जिंदगी सादगी भरी होती है और दिन में सिर्फ एक बार खाना खाना होता है। माना जाता है कि कल्पवास और संगम स्नान से जिंदगी के तमाम पाप कट जाते हैं और मनुष्य जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होकर मोक्ष हासिल करता है।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके।
इस बार के महाकुंभ को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालु जिनकी संख्यां कुछ मौके पर करोड़ों में भी हो सकती है उनके स्नान का बंदोबस्त हो सके। | यहाँ एक सारांश है:मकर संक्रांति के पावन पर्व पर संगम में पहले शाही स्नान के साथ ही कुंभ मेला शुरू हो गया है, जो 55 दिन तक चलेगा। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी अपनी दीवाली देश की सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के नाम की. प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरहदी इलाके सुमदो में पहुंचे और सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ दीपावली मनाई. प्रधानमंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी ही वजह से लोग अपने घरों में सुरक्षित दीवाली मना रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ दीवाली मनाना चाहता है और इसलिए वह सुमदो आए. उन्होंने कहा कि 2001 के गुजरात भूकंप के बाद उन्होंने भूकंप पीड़ितों के साथ दीवाली मनाई थी. उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि यह सब मैं प्रधानमंत्री बनने के बाद कर रहा हूं.'
विभिन्न सेवाओं के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे लोग करियर पर ध्यान देते हैं तो वे (जवान) शत्रु का सामना करने के अवसर देखते हैं. उन्होंने कहा, 'जब आप (जवान) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं. अगर आप नहीं जागेंगे तो लोग (शांतिपूर्वक) सो नहीं सकेंगे.'
सेना के जवानों के बाद प्रधानमंत्री हिमाचल के ही सरहदी चांगू गांव में लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देने पहुंच गए. प्रधानमंत्री को अपने बीच देख इस दूर-दराज़ के लोग हैरान रह गए.
सरहद से लगे किसी इलाके में जहां डीएम और तहसीलदार तो दूर, पटवारी तक साल भर में शायद ही आता हो, वहां अगर अचानक प्रधानमंत्री पहुंचे तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस सर्द इलाके के लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान वहां मौजूद छोटे बच्चों को प्रधानमंत्री ने टॉफ़िया बांटी.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ दीवाली मनाना चाहता है और इसलिए वह सुमदो आए. उन्होंने कहा कि 2001 के गुजरात भूकंप के बाद उन्होंने भूकंप पीड़ितों के साथ दीवाली मनाई थी. उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि यह सब मैं प्रधानमंत्री बनने के बाद कर रहा हूं.'
विभिन्न सेवाओं के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे लोग करियर पर ध्यान देते हैं तो वे (जवान) शत्रु का सामना करने के अवसर देखते हैं. उन्होंने कहा, 'जब आप (जवान) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं. अगर आप नहीं जागेंगे तो लोग (शांतिपूर्वक) सो नहीं सकेंगे.'
सेना के जवानों के बाद प्रधानमंत्री हिमाचल के ही सरहदी चांगू गांव में लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देने पहुंच गए. प्रधानमंत्री को अपने बीच देख इस दूर-दराज़ के लोग हैरान रह गए.
सरहद से लगे किसी इलाके में जहां डीएम और तहसीलदार तो दूर, पटवारी तक साल भर में शायद ही आता हो, वहां अगर अचानक प्रधानमंत्री पहुंचे तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस सर्द इलाके के लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान वहां मौजूद छोटे बच्चों को प्रधानमंत्री ने टॉफ़िया बांटी.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
विभिन्न सेवाओं के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे लोग करियर पर ध्यान देते हैं तो वे (जवान) शत्रु का सामना करने के अवसर देखते हैं. उन्होंने कहा, 'जब आप (जवान) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं. अगर आप नहीं जागेंगे तो लोग (शांतिपूर्वक) सो नहीं सकेंगे.'
सेना के जवानों के बाद प्रधानमंत्री हिमाचल के ही सरहदी चांगू गांव में लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देने पहुंच गए. प्रधानमंत्री को अपने बीच देख इस दूर-दराज़ के लोग हैरान रह गए.
सरहद से लगे किसी इलाके में जहां डीएम और तहसीलदार तो दूर, पटवारी तक साल भर में शायद ही आता हो, वहां अगर अचानक प्रधानमंत्री पहुंचे तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस सर्द इलाके के लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान वहां मौजूद छोटे बच्चों को प्रधानमंत्री ने टॉफ़िया बांटी.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
सेना के जवानों के बाद प्रधानमंत्री हिमाचल के ही सरहदी चांगू गांव में लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देने पहुंच गए. प्रधानमंत्री को अपने बीच देख इस दूर-दराज़ के लोग हैरान रह गए.
सरहद से लगे किसी इलाके में जहां डीएम और तहसीलदार तो दूर, पटवारी तक साल भर में शायद ही आता हो, वहां अगर अचानक प्रधानमंत्री पहुंचे तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस सर्द इलाके के लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान वहां मौजूद छोटे बच्चों को प्रधानमंत्री ने टॉफ़िया बांटी.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
सरहद से लगे किसी इलाके में जहां डीएम और तहसीलदार तो दूर, पटवारी तक साल भर में शायद ही आता हो, वहां अगर अचानक प्रधानमंत्री पहुंचे तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस सर्द इलाके के लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान वहां मौजूद छोटे बच्चों को प्रधानमंत्री ने टॉफ़िया बांटी.टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है.
गौरतलब है कि सुमदो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है. | सारांश: 2001 के गुजरात भूकंप के बाद भूकंप पीड़ितों के साथ मनाई दीवाली
जब आप (सेना) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं
चांगू गांव में भी लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देने पहुंचे | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में एमक्यूएम के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिका ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और कराची में कानून के मुताबिक नियमों का अनुसरण करने के लिए सभी प्रयास किया जाना चाहिए.
पिछले कुछ सप्ताह के दौरान कराची में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के सदस्यों और नेताओं के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर घोर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, 'पाकिस्तान अपने क्षेत्र में मुश्किल और महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियानों में उलझा हुआ है. साथ ही अमेरिका पाकिस्तान में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों के आरोपों को लेकर चिंतित है'. अमेरिका के अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला के रूप में सार्वजनिक सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व है.
अधिकारी ने बताया कि हम मानवाधिकारों के मुद्दों पर पाकिस्तान सरकार के साथ काम करते रहे हैं और करते रहेंगे. हम देश में लोकतांत्रिक और जवाबदेह प्रक्रिया तथा कानून के शासन को मजबूत बनाने के प्रयासों में समर्थन करते रहेंगे.
एमक्यूएम के कार्यालयों पर बुलडोजर चलाए जाने, इसके नेता अल्ताफ हुसैन के भाषणों और पोस्टरों पर प्रतिबंध सहित उसके खिलाफ पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कार्रवाई को अमेरिकी समर्थन के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इन घटनाओं पर करीबी नजर रखे हुए है.टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, कराची में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन के तहत सभी प्रयास किए जाने चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले कुछ सप्ताह के दौरान कराची में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के सदस्यों और नेताओं के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर घोर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, 'पाकिस्तान अपने क्षेत्र में मुश्किल और महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियानों में उलझा हुआ है. साथ ही अमेरिका पाकिस्तान में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों के आरोपों को लेकर चिंतित है'. अमेरिका के अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला के रूप में सार्वजनिक सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व है.
अधिकारी ने बताया कि हम मानवाधिकारों के मुद्दों पर पाकिस्तान सरकार के साथ काम करते रहे हैं और करते रहेंगे. हम देश में लोकतांत्रिक और जवाबदेह प्रक्रिया तथा कानून के शासन को मजबूत बनाने के प्रयासों में समर्थन करते रहेंगे.
एमक्यूएम के कार्यालयों पर बुलडोजर चलाए जाने, इसके नेता अल्ताफ हुसैन के भाषणों और पोस्टरों पर प्रतिबंध सहित उसके खिलाफ पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कार्रवाई को अमेरिकी समर्थन के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इन घटनाओं पर करीबी नजर रखे हुए है.टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, कराची में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन के तहत सभी प्रयास किए जाने चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने बताया कि हम मानवाधिकारों के मुद्दों पर पाकिस्तान सरकार के साथ काम करते रहे हैं और करते रहेंगे. हम देश में लोकतांत्रिक और जवाबदेह प्रक्रिया तथा कानून के शासन को मजबूत बनाने के प्रयासों में समर्थन करते रहेंगे.
एमक्यूएम के कार्यालयों पर बुलडोजर चलाए जाने, इसके नेता अल्ताफ हुसैन के भाषणों और पोस्टरों पर प्रतिबंध सहित उसके खिलाफ पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कार्रवाई को अमेरिकी समर्थन के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इन घटनाओं पर करीबी नजर रखे हुए है.टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, कराची में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन के तहत सभी प्रयास किए जाने चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एमक्यूएम के कार्यालयों पर बुलडोजर चलाए जाने, इसके नेता अल्ताफ हुसैन के भाषणों और पोस्टरों पर प्रतिबंध सहित उसके खिलाफ पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कार्रवाई को अमेरिकी समर्थन के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इन घटनाओं पर करीबी नजर रखे हुए है.टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, कराची में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन के तहत सभी प्रयास किए जाने चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने कहा, कराची में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन के तहत सभी प्रयास किए जाने चाहिए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: अमेरिका ने कहा है कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है.
पाकिस्तान मुश्किल और महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियानों में उलझा : अधिकारी
अधिकारी ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व है. | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2 किसानों का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह एक राजस्व अधिकारी के पैरों में गिरकर मदद की गुहार लगा रहे हैं. यह वीडियो तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले का है. वीडियो में किसान, राजस्व अधिकारी से याचना करते हुए दिख रहे हैं कि उनकी रोजी रोटी और जमीन को उनसे ना लिया जाये. जिसके बाद अधिकारी को वहां से जाते हुए देखा गया. यह वीडियो किसान सताइआ, उसके भाई लिगाइआ और एक और किसान मलाइआ का है. उनका कहना है कि उनके पास पट्टादार पासबुक है जो उनकी जमीन पर उनका हक होने का सबूत है. लेकिन इसे एक वेरिफिकेशन के तहत उनसे ले लिया गया और अब वह शोषण का शिकार हो रहे हैं.
उनकी जमीन को रिजवी नाम के शख्स को ट्रांसफर कर दिया गया. सताइआ ने कहा, 'हम 6 से 8 महीनों से दौड़ रहे हैं. जब कलेक्टर और एमआरओ आए तो उन्होंने कहा कि यह एक घंटे मे हो जाएगा लेकिन स्थानीय अधिकारी ने ऐसा नहीं किया.'
लिगाइआ ने कहा, 'उन्होंने हमें धमकी दी और अपमानित किया. मैंने उनसे कहा कि हम किसान हैं. कृपया सम्मान के साथ बात करें तो उन्होंने कहा कि मैं तुम पर केस कर सकता हूं और तुम्हें जेल भेज सकता हूं.'
बता दें कि बीते कुछ महीनों में ऐसे कई केस सामने आये हैं जिसमें रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण के नाम पर कई किसानों का शोषण हुआ है. कंप्यूटर पर एंट्री को नाम पर जो गलती हुई है, उसे ठीक करवाने के लिए किसानों से रिश्वत ली जा रही है. गौरतलब है कि राज्य में सीएम ने एक नया कानून बनाया है जिसके तहत जमीन मामलों में पारदर्शिता आये और भ्रष्टाचार कम हो. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रोजी-रोटी ना छीनने की मांग कर रहे किसान
अधिकारी के पैरों में गिरकर किसानों ने मांगी मदद
बीते कुछ महीनों में ऐसे कई केस सामने आये | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रेक के बाद तरोताजा होकर उतरी भारतीय टीम नए सत्र की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी हालांकि श्रीलंका के मौजूदा फॉर्म को देखकर यह चुनौती आसान नहीं लगती। दोनों टीमें पांच एक दिवसीय मैचों की शृंखला के शुरुआती मुकाबले में शनिवार को आमने-सामने होंगी।
इंडियन प्रीमियर लीग को छोड़कर महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने मार्च के बाद कोई मैच नहीं खेला है। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उसने मार्च में दक्षिण अफ्रीका से खेला था।
दूसरी ओर मेजबान टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है जिसने पाकिस्तान को वनडे और टेस्ट शृंखला में हराया है। वैसे भारतीय टीम पाकिस्तान की तरह नहीं है और लगातार अच्छे प्रदर्शन की ललक उसमें कूट-कूटकर भरी है।
धोनी ने कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियों से भारतीय खिलाड़ी बखूबी वाकिफ है लिहाजा खुद को यहां के अनुरूप ढालना कोई चुनौती नहीं होगी ।
भारतीय कप्तान ने कहा कि दो महीने के ब्रेक से खिलाड़ियों को फायदा मिला है लिहाजा नए सत्र की शुरुआत वे जीत के साथ करना चाहेंगे।टिप्पणियां
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग को छोड़कर महेंद्र सिंह धोनी की टीम ने मार्च के बाद कोई मैच नहीं खेला है। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उसने मार्च में दक्षिण अफ्रीका से खेला था।
दूसरी ओर मेजबान टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है जिसने पाकिस्तान को वनडे और टेस्ट शृंखला में हराया है। वैसे भारतीय टीम पाकिस्तान की तरह नहीं है और लगातार अच्छे प्रदर्शन की ललक उसमें कूट-कूटकर भरी है।
धोनी ने कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियों से भारतीय खिलाड़ी बखूबी वाकिफ है लिहाजा खुद को यहां के अनुरूप ढालना कोई चुनौती नहीं होगी ।
भारतीय कप्तान ने कहा कि दो महीने के ब्रेक से खिलाड़ियों को फायदा मिला है लिहाजा नए सत्र की शुरुआत वे जीत के साथ करना चाहेंगे।टिप्पणियां
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
दूसरी ओर मेजबान टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है जिसने पाकिस्तान को वनडे और टेस्ट शृंखला में हराया है। वैसे भारतीय टीम पाकिस्तान की तरह नहीं है और लगातार अच्छे प्रदर्शन की ललक उसमें कूट-कूटकर भरी है।
धोनी ने कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियों से भारतीय खिलाड़ी बखूबी वाकिफ है लिहाजा खुद को यहां के अनुरूप ढालना कोई चुनौती नहीं होगी ।
भारतीय कप्तान ने कहा कि दो महीने के ब्रेक से खिलाड़ियों को फायदा मिला है लिहाजा नए सत्र की शुरुआत वे जीत के साथ करना चाहेंगे।टिप्पणियां
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
धोनी ने कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियों से भारतीय खिलाड़ी बखूबी वाकिफ है लिहाजा खुद को यहां के अनुरूप ढालना कोई चुनौती नहीं होगी ।
भारतीय कप्तान ने कहा कि दो महीने के ब्रेक से खिलाड़ियों को फायदा मिला है लिहाजा नए सत्र की शुरुआत वे जीत के साथ करना चाहेंगे।टिप्पणियां
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
भारतीय कप्तान ने कहा कि दो महीने के ब्रेक से खिलाड़ियों को फायदा मिला है लिहाजा नए सत्र की शुरुआत वे जीत के साथ करना चाहेंगे।टिप्पणियां
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
श्रीलंका में सितंबर-अक्तूबर में टी-20 विश्व कप होना है। धोनी ने खुशी जताई कि मौजूदा दौरे पर आए अधिकांश खिलाड़ी टी-20 विश्व कप टीम के संभावितों में हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं।
दूसरी ओर महेला जयवर्धने की श्रीलंकाई टीम अच्छे फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी। जयवर्धने ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेला और हम यह लय कायम रखना चाहते हैं। | संक्षिप्त पाठ: ब्रेक के बाद तरोताजा होकर उतरी भारतीय टीम नए सत्र की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी हालांकि श्रीलंका के मौजूदा फॉर्म को देखकर यह चुनौती आसान नहीं लगती। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता अपने खिलाफ 66 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत में दूसरे दिन भी अपने बयान दर्ज करा रहीं हैं। जयललिता कल अपने बयान दर्ज कराने के बाद चेन्नई वापस लौट गई थीं और परप्पाना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बनाई गई विशेष अदालत के समक्ष पेश होने के लिए आज सुबह फिर बेंगलुरु पहुंचीं। उन्होंने कल 379 सवालों के जवाब दिए और आज भी इतने ही सवालों का सामना करेंगी। विशेष अदालत के न्यायाधीश बीएम मल्लिकार्जुनैया के समक्ष जयललिता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस दौरान अदालत परिसर में और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में डीएमके की एक याचिका पर मामले में सुनवाई बेंगलुरु स्थानांतरित कर दी थी। उसके बाद 15 साल पुराने इस मामले में जयललिता पहली बार अदालत में पेश हुईं हैं। डीएमके ने उस समय अपनी याचिका में कहा था कि बतौर मुख्यमंत्री जयललिता के कार्यकाल में उन पर निष्पक्ष मुकदमा चलना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कुछ दिन टालने की जयललिता की याचिका बुधवार को खारिज कर दी थी और उनसे विशेष अदालत के समक्ष पेश होने के लिए कहा। जयललिता को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। उसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। | संक्षिप्त पाठ: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत में दूसरे दिन भी अपने बयान दर्ज करा रहीं हैं। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को प्रधानमंत्री पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। पार्टी ने कहा कि हम राहुल गांधी की निंदा करते हैं क्योंकि उन्होंने सीमा पार की है।टिप्पणियां
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा दागी नेताओं को सुरक्षा कवच देने वाला अध्यादेश कैबिनेट से पास कर राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा है। राहुल गांधी ने इस अध्यादेश के विरोध में इसे बकवास करार दिया और कहा कि इसे फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।
अपना विरोध जताने के लिए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी भी लिखी है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा दागी नेताओं को सुरक्षा कवच देने वाला अध्यादेश कैबिनेट से पास कर राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा है। राहुल गांधी ने इस अध्यादेश के विरोध में इसे बकवास करार दिया और कहा कि इसे फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए।
अपना विरोध जताने के लिए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी भी लिखी है।
अपना विरोध जताने के लिए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी भी लिखी है। | यह एक सारांश है: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को प्रधानमंत्री पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। | 2 | ['hin'] |
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