text stringlengths 33 15.4k | label stringclasses 21
values |
|---|---|
मान उतारने का गीत
सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या ,
कि मानवाला केतरिक दूर ।
सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या ,
कि मानवाला केतरिक दूर ।
आई वा आवाड़ माता आइ रहया ,
बोकड़ा की करूं वो सेमान ।
सेली माता नी साकड़ी सयरी ते ,
डोलता आवे ससवार ।
काई वाटे ली वो राजल बेटी अवगढ़ मान ,
बेटा सारू ली वो माय अवगढ़ मान ।
भूल्याचुक्या... | bhili-bhb |
भजन
खेती खेड़ो हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥
पाप ना पालवा कटावजो , धरमी हळे अपार ॥
एची खेचिन बायरा लावजो , खेती कंचन थाय ॥
खेती खेड़ो रे हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥
ओमसोम दोउ वाळ दिया , हाँरे सुरता रास लगाय ॥
रास पिराणा धरिन हातमा ,
हाँ रे सूरा दिया ललकार , खेती खेड़ो रे हरि नाम की ,
तेमा मिलसे रे लाभ ॥
सत कारे... | bhili-bhb |
कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग
कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग
१ ना कोई तुमरा पिता कहावे ,
ना कोई जननी माता
खंब फोड़ प्रगट भये हारी
अजरज तेरी माया . . .
रे नरसींग . . .
२ आधा रुप धरे प्रभू नर का ,
आधा रे सिंह सुहाये
हिरणाकुष का शिश पकड़ के
नख से फाड़ गीरायो . . .
रे नरसींग . . .
३ गर्जना सुन के देव लोग से ,
बृम्हा दिख सब आये
हाथ ... | nimadi-noe |
नणद ते भाबी रल बैठीआं (2)
नणद ते भाबी रल बैठीआं , जीआ कीते सू कौल करार
जे घर जम्मेगा गीगड़ा1 नी , बीबा देवांगी फुलचिड़िआं2
अध्धी अध्धी रात , पिछला ई पहर , भाबो ने गीगड़ा जी जम्मेआ
लै दे नी भाबो फुलचिड़िआं , अड़ीऐ पूरा होया नी करार
ना तेरे बाप घड़ाईआं नी बीबी , ना तेरे वडड़े वीर
फुलचिड़िआं बादशाहां दे वेहड़े , बीबा साडे... | panjabi-pan |
नैना ना मारौ लग जै हैं
नैना ना मारौ लग जै हैं ।
मरम पार हो जै हैं ।
बख्तर जुलम कहा कर लै हैं ।
ढाल फार कढ़ जै हैं ।
नैनाँ मार चली ससुर खाँ ,
डरे कलारत रै हैं ।
ओखद मूर , एक ना लग है ।
वैद गुनी का कै है ?
कात ‘ईसुरी’ सुन लो प्यारी ,
दरस दवाई दै हैं ? | bundeli-bns |
382
बुरियां खौफ फकीर दे नाल पाइयां अठखेल बुरयार उटकिया ने
रातब खायके बीचरन1 विच तिले मारन लत अराकियां2 बकियां न
इक भौंकदी दूसरी करे टिचकरां एह ननाण भाबी दोवे सकियां ने
एथे कई फकीर जहीर3 होए खैर देंदियां देंदियां अकियां ने
जिन्हां डबियां पायके सिरी चाइयां रन्नां तिन्हां दियां उसकियां ने
नाले ढिड खुरकन नाले दुध रिड़कन अत... | panjabi-pan |
जनी जनिहा मनइया
जनी जनिहा मनइया जगीर मांगात
ई कलिजुगहा मजूर पूरी शीर मांगात
बीड़ीपान मांगात
सिगरेट मांगात
कॉफीचाय मांगात
कपप्लेट मांगात
नमकीन मांगात
आमलेट मांगात
कि पसिनवा के बाबू आपन रेट मांगात । | awadhi-awa |
चाँद चड्यो गिगनार
यहाँ नारी को रात होने से पहले घर पहुँचने जाना चाहिए , नहीं तो बड़ेबूढ़े नाराज़ होंगे . . .
चाँद चड्यो गिगनार
फिरत्या ढल रहिया जी
अब बाई घराँ पधार
भाऊजी मारेला
बाबूसा देला गहल बडोरा
बीर बरजेला
मत दयो बाई ने गाल
भाई म्हारी चिड़ी कली
आज उड़े पर मान
तडके उड़ जासी जी | rajasthani-raj |
उरइँयाँ
साँकर बजी दुआरें देखौ टेरन लगीं उरइँयाँ ;
गई अँदेरी रैन सगुनसीं बोलन लगीं चिरइँयाँ ।
कुकरा की सुन बाँग उल्लुअन की धकधक भई छाती ,
अँखियाँ हो गई चार चकई कीं पिया संग इठलाती ।
धुँधरी हो गई जोत दिया में तेल बचौ न बाती ;
गलियारिन में गूँज रई अब साँईं की परभाती ।
छिन में चोर सरीखीं दुक गई अनगिन सरग तरइँयाँ ।
गई अँदेर... | bundeli-bns |
चैत मास तिथि नौमी, त रामा जग्य रोपन्ही रे
चैत मास तिथि नौमी , त रामा जग्य रोपन्ही रे
अरे बिनु सितला जज्ञि सून , त को जज्ञि देखै रे
सोने के खडउन्हा बशिष्ट धरे , सभवा अरज करैं रे
रामा सीता का लाओ बोलाई , त को जज्ञि देखै रे
अगवां के घोड़वा बसिष्ठ मुनि , पिछवां के लछिमन रे
दुइनो हेरैं लागे ऋषि के मड़ईयाँ , जहां सीता ताप कर... | awadhi-awa |
हमारी द देओ आरसी
हँसके माँगे चन्द्रावली हमारी दे देओ आरसी ॥ टेक
मनसुख नें मुख देखन लीनी जी ।
हाथन में चलती कर दीनी जी ॥
चली कछु बानें ऐसी चाल कि देखत रह गईं सब ब्रजबाल ,
लायकैं दीनी तुम्हें गुपाल ।
दोहा दीनी तुमको लायकैं , दीजै हमें गहाय ।
बिना आरसी जाऊँगी , घर में सास रिस्साय ॥
घर में सस रिस्याय , होत दीखे तकरार सी ॥ ... | braj-bra |
287
मरद बाझ मीहरी पानी बाझ धरती आशक डिठड़े बाझ ना रजदे ने
लख सिरी अवल आवन यार यारां तों मूल ना भजदे ने
भीड़ां पैंदियां मरद बंडा लैदे परदे आशकां दे मरद कजदे ने
दा चोर ते यार दा इक सांयत नहीं वसदे मींह जो गजदे ने | panjabi-pan |
देह से हो हंसा निकल गया
देह से हो हंसा निकल गया ,
हंसा रयण नी पाया
१ पाँच दिन का पैदा हुआ ,
छटी की करी तैयारी
आधी रात का बीच म
छटी लिखी गई लेख . . .
देह से . . .
२ सयसर नाड़ी बहोत्तर कोटड़ी ,
जामे रहे एक हंसा
काडी मोडी को थारो पिंजरो
बिना पंख सी जाय . . .
देह से . . .
३ चार वेद बृम्हा के है ,
सुणी लेवो रे भाई
अंतर पर्द... | nimadi-noe |
विदाई का गीत
१ .
खेलत रहलीं सुपली मउनिया , आ गइले ससुरे न्यार ।
बड़ा रे जतन से हम सिया जी के पोसलीं , सेहु रघुवर लेले जाय ।
आपन भैया रहतन तऽ डोली लागल जइतन , बिनु भैया डोलिया उदास ।
के मोरा साजथिन पौती पोटरिया , के मोरा देथिन धेनु गाय ।
आमा मोरे साजथिन पावती पोटरिया , बाबाजी देतथिन धेनु गाय ।
केकरा रोअला से गंगा नदी बह... | bhojpuri-bho |
जीतू बगडवाल
जीतू व शोभनू होला , गरीबा का बेटा ,
माता त सुमेरा छई , दादी फ्यूँली जौसू ।
दादा जी कुंजर छया , भुली1 शोभनी छई ,
जाति को पंवार छयो , जीतू अकलि गँवार ,
बगूड़ी2 जैक भौजी , होंई गैन बगड्वाल
राज मानशाइन दिने , कमीणा3 को जामो4 ,
गौ मुंडे5 को सेरी6 दिने , गौ मथे7 को धारो8
जीतू रये दादू , मादू9 उदभातू10
राणियों कू ... | garhwali-gbm |
राइ जमाइन दादी निहूछे देखियो रे कोइ नजरी न लागे
राइ1 जमाइन2 दादी निहूछे3 देखियो रे कोइ नजरी न लागे ।
सँभरियो4 रे कोइ नजरी न लागे ॥ 1 ॥
राइ जमाइन मइया निहूछे , देखियो रे कोइ नजरी न लागे ।
सँभरियो रे कोइ नजरी न लागे ॥ 2 ॥
राइ जमाइन चाची निहूछे , देखियो रे कोइ नजरी न लागे ।
सँभरियो रे कोइ नजरी न लागे ॥ 3 ॥
राइ जमाइन भउजी ... | magahi-mag |
नइहर वाली लाड़ो बलवा अपन सँवार
नइहर वाली लाड़ो बलवा अपन सँवार ।
माँगो का टीका और सोभे मोतिया ।
हाँ जी लाड़ो , बलवा अपन सँवार ॥ 1 ॥
अम्माँ प्यारी लाड़ो , बलवा अपन सँवार ।
सहानी1 लाड़ो बलवा अपन सँवार ॥ 2 ॥
नाकों में बेसर और सोभे चुनिया2 ।
हाँ री लाड़ो , बलवा अपन सँवार ।
भोली लाड़ो बलवा अपन सँवार ॥ 3 ॥
कानांे में झुमका और... | magahi-mag |
बनी ए बाबा उमराओ मंगाओ हीरां की चूड़ी
बनी ए बाबा उमराओ मंगाओ हीरां की चूड़ी
पतली चूड़ी ठीकमठीक , उन में जड़े नगीने बीस
बनी है यारे गोरे से पोंहचे पै सोहणे हीरां की चूड़ी
बनी ए बापू जी उमराओ , मंगाओ हीरां की चूड़ी
पतली चूड़ी ठीकमठीक , उन में जड़े नगीने बीस
बनी यारे गोरे से पोंचे पै सोहणे हीरां की चूड़ी
बनी ए ताऊ जी उमरा... | haryanvi-bgc |
431
हीर चुप बैठी असीं कुट कढे साडा वाह पया नाल डोरयां1 दे
उह वेलड़ा हथ ना आंवदा ए लोक दे रहे लख ढंडोरयां दे
इक रन्न गई दूज धन गया लोक मारदे नाल निहोरयां दे
धीयां राजयां दे नोहां डाढियां दियां कीकूं हथ आवन बिनां जोरयां दे
असीं खैर मंगया ओनां वैर कीता मैंनूं मारया दे नाल निहोरयां दे
वारस डाडयां दे सौ सत वीहां हाड़े रब्ब ... | panjabi-pan |
भजन
ओमसोम दोनों बैल सुरता रास लगाय
धर्म की रास व लकड़ी पिराणा
हात में ले , सुरा ने ललकार
सत्य का माला रोपना धर्म की पेड़ी बंधाकर ।
धर्म का मकान सत्य की पेड़ी बँधाकर बनाना । ज्ञान के गोले चलाना जिससे पंछी उड़उड़कर जायें । बोने के लिए सोवन सत्य का सरता बँधाकर बक्खर चलाना । कुल को तारने वाला बीज बोना , जिससे खेती लटालूम ह... | bhili-bhb |
38
सानूं दस नमाज है कादी जी कास नाल बणा के सारियां ने
कन नक नमाज दे हैन कितने मत्थे किन्हां दे धुरों एह मारियां ने
लम्मे कद चौड़े किस हाण हुंदी किस चीज दे नाल सहारियां ने
वारस किलियां कितनियां ऐस दीयां ने जिस नाल एह बनह उतारियां ने | panjabi-pan |
चना के दार राजा
हे बटकी में बासी , अउ चुटकी में नून
में गावतथव ददरिया
तें कान देके सुन वो चना के दार
हे बागे बगीचा दिखे ला हरियर
बागे बगीचा दिखे ला हरियर
मोटरवाला नई दिखे , बदे हव नरियर , हाय चना के दार
हाय चना के दार राजा , चना के दार रानी , चना के दार गोंदली , तड़कत हे वो
टुरा हे परबुधिया , होटल में भजिया , झड़कत हे ... | chhattisgarhi-hne |
कृष्ण बने मनिहार -सुनो री आली
कृष्ण बने मनिहार सुनो री आली
सर पे चुनरिया को डाल सुनो री आली । कृष्ण . . .
आँखों में काजल अति सोहे ,
नैना देख सभी मन मोहे ,
हाथों में बाजूबंद डार , सुनो री आली । कृष्ण . . .
कानों में कुण्डल अति सोहे , मुतियन चमक देख मन मोहे
गले में पहिने है हार , सुनो री आली । कृष्ण . . .
सोलह शृंगार करे... | bundeli-bns |
तीजां का त्योहार रितु सै सामण की
तीजां का त्योहार रितु सै सामण की
खड़ी झूल पै मटकै छोह् री बाहमण की
क्यूं तैं ऊंची पींघ चढ़ावै
क्यूं पड़ कै सै नाड़ तुड़ावै
योह् लरजलरज के जावै डाल्ही जामण की
तीजां का त्योहार रितु सै सामण की | haryanvi-bgc |
मांगो मांगो म्हारी नणन्द थारा मांगण का ब्योहार
मांगो मांगो म्हारी नणन्द थारा मांगण का ब्योहार
ऐसी चीज मत मांगो म्हारे गैणे का सिंगार
इस गैणे में की गूठिया नणदिया नै द्यो
इस गुट्ठी का नगीना राजा काढ क्यूंनां ल्यो
मांगो मांगो म्हारी नणदी थारा मांगण का ब्योहार
ऐसी भैंस ना मांगो जिससै म्हारा लैंडा बिगड़ै
इन भैंस्यां मां का... | haryanvi-bgc |
भरथरी लोक-गाथा - भाग 11
कतेक गैना ल गावॅव मय
तीन महीना ल ओ
तीने महीना जादू मारे हे
जादू काटत हे राम
खड़ेखड़े सामदेई ये
रूपदेई राम
जादू ल बइरी इन काटत हें
जेला देखत हे राम
काटे मँ जादू कट जाए
नैना रानी ये ना
गुस्सा होवय देखतो बाई रामा ये दे जी ।
कोपे माने का बइरी गुस्सा ल
मोर होवत हे ओ
देख तो दीदी सामदेई ये
रूपदेई रानी ... | chhattisgarhi-hne |
तिरंजन बैठियाँ नाराँ भला जी झुरमुट पाया ए
तिरंजन बैठियाँ नाराँ भला जी झुरमुट पाया ए ,
कूं कूं चर्खया , मैं लाल पूणी कतां के न ?
कत्त बीबी कत्त .
दूर मेरे सौरे , दस वसां के न ?
वस बीबी वस .
पेक़े दी मेरी नवीं निशानी कूं कूं चरखा बोले ,
मुडडे कत कत रात बितायी भर लए पछियाँ गोले ,
अजे न कत्या सौ गज खद्दर हाय ,
जदों दा चरखा... | panjabi-pan |
ईसुरी की फाग-7
कैयक हो गए छैल दिमानें
रजऊ तुमारे लानें
भोर भोर नों डरे खोर में , घर के जान सियानें
दोऊ जोर कुआँ पे ठाड़े , जब तुम जातीं पानें
गुन कर करकें गुनियाँ हारे , का बैरिन से कानें
ईसुर कात खोल दो प्यारी , मंत्र तुमारे लानें
भावार्थ
रजऊ तुम्हारे लिए कितने ही लोग छैला और दिवाने होकर रातरात भर गली में पड़े रहते है... | bundeli-bns |
कान पङा लिये जोग ले लिया
कान पङा लिये जोग ले लिया , इब गैल गुरु की जाणा सै ।
अपणे हाथां जोग दिवाया इब के पछताणा सै ॥
धिंग्ताणे तै जोग दिवाया मेरे गळमैं घल्गि री माँ ,
इब भजन करुँ और गुरु की सेवा याहे शिक्षा मिलगी री माँ ।
उल्टा घरनै चालूं कोन्या जै पेश मेरी कुछ चलगी री माँ ,
इस विपदा नै ओटूंगा जै मेरे तन पै झिलगी री मा... | haryanvi-bgc |
सोह्रा मेरा लोभी बेटे न भरती घालै सै
सोह्रा मेरा लोभी बेटे न भरती घालै सै
सास मेरी चाली मनै झूठे ताने मारे सै
छेल छुट्टी आया मनै लील्ये लोट दिखावै सै
नोटां नै के फूक्कूं मनै सारा कुणबा तास्सै सै
गेल तेरी चालू पलटन मा भरती हो जूं
व्हां चालें बम्ब के गोले तौं डर डर के मर ज्यागी
वे आवैंगे सिपाही जोबन न कडै लकोवेगी | haryanvi-bgc |
सोनी गढ़ को खड़को
सोनी गढ़ को खड़को म्हे सुन्यो सोना घड़े रे सुनार
म्हारी गार कसुम्बो रुदियो
सोनी धड़जे ईश्वरजी रो मुदड़ो ,
वांकी राण्या रो नवसर्यो हार म्हांरी गोरल कसुम्बो रुदियो
वातो हार की छोलना उबरी बाई
सोधरा बाई हो तिलक लिलाड़ म्हारे गोर कसुम्बो रुदियो | rajasthani-raj |
कत दिन मधुपुर जायब, कत दिन आयब हे
कत1 दिन मधुपुर जायब , कत दिन आयब हे ।
ए राजा , कत दिन मधुपुर छायब , 2 मोहिं के बिसरायब हे ॥ 1 ॥
छव महीना मधुपुर जायब , बरिस दिन आयब हे ।
धनियाँ , बारह बरिस मधुपुर छायब , तोहंे नहिं बिसरायब हे ॥ 2 ॥
बारहे बरिस पर राजा लउटे3 दुअरा4 बीचे गनि5 ढारे6 हे ।
ए ललना , चेरिया7 बोलाइ भेद पूछे , ध... | magahi-mag |
26
खबर भाइयां नूं लोकां ने जा दिती धीदो रुस1 हजारयों चलया जे
हल वाहण ओस तों होए नाहीं मार बोलियां भाबियां सलया जे
पकड़ राह तुरया हंझू नयन रोवन जिवें नदी दा नीर उछलया जे
वारस शाह दे वासते भाइयां ने अधवाटयां राह आ मलया जे | panjabi-pan |
हो सून्ने की कुंडली घड़ा तेरे दादा
हो सून्ने की कुंडली घड़ा तेरे दादा
साजन मलमल न्हायेंगे
गर्भ करती लाडो गर्भ मत करियो
सून्ने की कुंडली ना होगी
माटी की कुंडली जोहड़ का पाणी
साजन मलमल न्हायेंगे
हो सून्ने की कुंडली घड़ा तेरे ताऊ
साजन मलमल न्हायेंगे
गर्भ करती लाडो गर्भ मत करियो
सून्ने की कुंडली ना होगी
माटी की कुंडली जोहड... | haryanvi-bgc |
जा मुरली तो मधुर सुना जाव फिर मथुरा खो चले जावो
जा मुरली तो मधुर सुनाएं जाव , फिर मथुरा खों चले जावो ।
मुरली बजे श्याम की प्यारी , जा में वश कीन्हें बृजनारी ,
सोवत जगी राधिका प्यारी ।
हमें सुर को तो शब्द सुनाये जाओ । फिर . . .
तुम बिन हमें कछु न भावे ,
जो मन दरसन खों ललचावे , सूरत सपने में दरसावे ,
हमें नटवर तुम संगे ल... | bundeli-bns |
मैया कैसी मनोहर गलिया सजी है
मैया कैसी मनोहर गलियां सजी हैं
देखो सुनार लये , नथनी खड़ो हैं ।
नथुनी में हीरे की कनियां लगी हैं । मैया . . .
देखो बजाज लये , चुनरी खड़ो है ।
अरे चुनरी में गोटे की छड़ियां पड़ी हैं । मैया . . .
देखो माली लये , हार खड़ो है ,
हार में चम्पे की कलियां लगी हैं । मैया . . .
देखो यात्री मोहन भोग ल... | bundeli-bns |
587
बखशीं लिखने वालयां जुमलयां नूं पढ़न वालयां करी अता साईं
सुनन वालयां नूं बहुत खुशी होई रखन जौक ते शौक दा चा साईं
रखी शरम हया तूं जुमलयां दा मीटी मुड़ दी दई लघां साईं
वारस शाह तमामियां मोमनां नूं दईं दीन ईमान लुका साईं | panjabi-pan |
गोंदा फुलगे मोरे राजा
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा
गोंदा फुलगे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा
गोंदा फुलगे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे
गोंदा फुलगे मोरे राजा
ठाढ़े हे बैरी टरत नई ये
हो ठाढ़े हे बैरी टरत नईये
मोर आंखी के पिसना
मोर आंखी के पिसना मरत नईये
गोंदा फुलगे
गोंदा फुलगे मोरे रा... | chhattisgarhi-hne |
मेरा रूप किया देखे
मेरा रूप किया देखे
मेरा रूप किया देखे
अमरा की साई हो
अमरा की साई हो
निकलो हो रानी तो तेरा रूप देखे वो
निकलो हो रानी तो तेरा रूप देखे वो
स्रोत व्यक्ति योगेश , ग्राम मोरगढ़ी | korku-kfq |
वन्यांती तो आया देवी देवता रे नाना
वन्यांती तो आया देवी देवता रे नाना
वन्यां ती तो आया गणेश
उजण्या से आया देवीदेवता रे
चन्तामण से आया गणेश
वन्यां उतारां देवीदेवता रे नाना
वन्यां उतारां गणेश
मंदरे उतारां देवीदेवता रे नाना
बाजूरया उतारां गणेश
कई निमाड़ा देवीदेवता रे नाना
कोई निमाड़ा गणेश
पनफल निमाड़ा देवीदेवता रे नाना
ला... | malvi-mup |
रंग का चार बनड़ा।
रंग का चार बनड़ा ।
पिया लो म्हारा आवो वासी रंगरा
हस्ती तो लाजो कजली वनरा
घोड़ा तो लाजो खुरासान रा
गाड़ी तो लाजो मारू देस री
मेवा तो लाजो गढ़ गुजरातरा
नाड़ा तो लाजो नखल देसरा
मेंदी तो लाजो टोड़ा देसरा
सालू तो लाजो सांगानेर री
गेणा तो लाजो सोनी देसरा
बेटी तो लाजो बड़ा बापकी | malvi-mup |
सखी चुनवत पान मोहन प्यारे के
सखी चुनवत पान मोहन प्यारे के ॥ 1 ॥
जबे जबे हरिजी खरही1 चुनावे ।
गारी सुनावे मनमान2 मोहन प्यारे के ॥ 2 ॥
ले खरही हरि , टटर3 बिनैबो4 देतन तोर मइया दोकान5 ।
जोग के बीरा6 सखियन देलन , हर लेलन हरि के गेयान ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
जेहि बन सिंकियो ना डोलइ
जेहि बन सिंकियो ना डोलइ , बाघ सिंह गरजइ हे ।
तेहि बन चललन , कवन चच्चा , अँगुरी धरि कवन बरुआ हे ॥ 1 ॥
पहिले जे कटबउ1 मूँजवा2 मूँज के डोरी चाहिला हे ।
तब कय कटबउ परसवा , परास डंडा चाहिला हे ।
तब कय मारबउ मिरगवा , गिरिग छाल चाहिला हे ॥ 2 ॥
जेहि बन सिंकियो न डोलइ , बाघ सिंह गरजइ हे ।
तेहि बन चललन कव... | magahi-mag |
मायमौरी
1
देव धामी ल नेवतेंव
उन्हूं ल न्योत्यों
जे घर छोड़ेन बारेन भोरेन
ता घर पगुरेन हो
माता पिता ल नेउतेन
उन्हू ल नेउतेन
2
हाथे जोरि न्यौतेंव मोर देवी देवाला
हो देवी देवाला
घर के पुरखा मन होओ सहाय…
बिनती करेंव मंय माथ नवायेंव
हो माथ नवायेंव
कर लेहो एला स्वीकार…
3
ठाकुर देवता के पईयां परत हव वो
पईयां परत हव के दुलरू क... | chhattisgarhi-hne |
वृन्दावन श्याम मची होरी
वृन्दावन श्याम मची होरी । टेक
बाजत ताल मृदंग झांझ ढप , बरसत रंग उड़त रोरी ॥
कित ते आये कुंवर कन्हैंया , कितते आई राधा गोरी ।
गोकुल ते आये कुँवर कन्हैंया , बरसाने सेस राधा गोरी ॥
कौन के हाथ कनक पिचकारी , कौन के हाथ अबीर झोरी ।
कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी , राधा के हाथ अबीर झोरी ॥
अबीर गुलाल की धूम म... | braj-bra |
आल्हा ऊदल
मारे टापन के रोनन से रुदल के देल उठाय
बोलल घोड़ा रुदल के बाबू पलटन इंदरमन के पहुँचल आय
फाँद बछेड़ा पर चढि गैल पलअन में पहुँचल बाय
बलो कुबेला अब ना चीन्हे जाते जोड़ देल तरवार
पड़ल लड़ाइ इंदरमन में रुदल से पड़ गैल मार
ऐसी लड़ाई सिब मंदिर में अब ना चीन्हे आपन पराय
गनगन गनगन चकर बान बोले जिन्हके बलबल बोले ऊँट
सनस... | bhojpuri-bho |
दगड़ू नि रैणू सदानि दगड़्या (खुदेड़ गीत)
तेरु भाग त्वे दगड़ि , मेरु भाग मै दगड़ि
तेरु बाटू तेरा अगाड़ि , मेरु बाटू मेरा अगाड़ि
कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या , कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि . . . दगड़्या . . . दगड़ू नि रैणू सदानि
तेरु भाग त्वे दगड़ि , मेरु भाग मै दगड़ि
सुख मां दुख मां मिली जुली , दिन ज... | garhwali-gbm |
348
फकर शेर दा आखदे हैन बुरका भेत फकर दा मूल ना फोलीए नी
दुध साफ है वेखना आशकां दा शकर विच पयाजना घोलीए नी
घरों खरे जो हस के आन दीजे लईए दुआ ते मिठड़ा बोलीए नी
लइए आख चढ़ायके वध पैसा पर तोल तों घट ना तोलीए नी | panjabi-pan |
माले पुले बेटी डो माले पुले बेटी
माले पुले बेटी डो माले पुले बेटी
बेटी आमा डाई डाई
तावी पारोम टेन आजे आजे डो
होड़ा साई डो साई बोले
माले पुले बेटी डो
माले पुले बेटी
बेटी आमा डाई डाई
बेटी डाई आजे टायन बेटी डो
बोकजई इले डो मिले डो सूटोये
स्रोत व्यक्ति शांतिलाल कासडे , ग्राम छुरीखाल | korku-kfq |
जेहि बन सीकियो न डोलइ, बाघ गुजरए हे
जेहि बन सीकियो1 न डोलइ , 2 बाघ गुजरए3 हे ।
ललना , ताहीतर रोवे सीता सुन्दर , गरभ अलसायल4 हे ॥ 1 ॥
रोवथी सीता अछन5 सँय , अउरो छछन6 सँय हे ।
ललना , के मोरा आगेपाछे7 बइठतन , के8 रे सिखावत9 हे ॥ 2 ॥
बन में से इकसलन10 बनसपति , 11 सीता समुझावल हे ।
ललना , सीता हम तोरा आगेपाछे बइठब , केसिया ... | magahi-mag |
525
इस पद्य में संपों की बहुत सारी किस्मों का ब्यान है
सहती आखया फरक ना पवे मासा ए सप ना कील ते आंवदे ने
काले बाग विच जोगीड़ा सिध दाना जिदे कदम पया दुख जांवदे ने
बाशक नाग करूंडीए मेद तछक छिबे तितरे सीस निवांवदे ने
कलगीदार ते उडना भूंड नाले असराल खराल डर खांवदे ने
तेपूरड़ा बूरड़ा फनी फनियर सब आन के सीस निवांवदे ने
मनीदा... | panjabi-pan |
नदी देखों नदी देखों नदी तिलजुगबा कोसी गो देखि
नदी देखों नदी देखों नदी तिलजुगबा कोसी गो देखि
मैया जीवो थर थर काँपे , कोसी गो देवी ।
सगरे समैया कोसी माय उठि बैठि गमैलियैगे मैया भादो मासे
साजले बारात कोसी माय गे देवी ।
जब तहूँ आहे कोसिका सलहेस देखले आवैत
घाटे घाटे , नैया राखले छपाय , कोसी गो देवी ।
जब तहूँ आहे कोसिका नैया... | angika-anp |
फाग गीत
चन्दरमा री चांदणी तारा रो तेज मोळो रे ।
बालमणा रो भाएलो परदेस नीकाळियो ,
मूंडे मळियो नी ।
हाँ रे मूंडे मळियो नी , जातोड़ा री पीठ देखी यो ,
मूंडे मळियो नी ।
एक युवती कहती है कि चन्द्रमा की चाँदनी और तारों का प्रकाश मंद है । मेरे बचपन का प्रेमी बिना मिले परदेश चला गया । मुझसे मिला भी नहीं , जाते हुए उसकी पीठ देखी... | bhili-bhb |
मैं तो सोय रही सपने में
मैं तो सोय रही सपने में , मोपै रंग डारौ नन्दलाल ॥
सपने में श्याम मेरे घर आये , ग्वाल बाल कोई संग न लाये ,
पौढ़ि पलिका पै गये मेरे संग , टटोरन लागे मेरौ अंग ,
दई पिचकारी भरभर रंग ॥
दोहा पिचकारी के लगत ही मो मन उठी तरंग
जैसे मिश्री कन्द की , मानों पी लई भंग ॥
मानो पी लई भंग , गाल मेरे कर दिये लाल ... | braj-bra |
कहवाँ के सेनुरिया सेनुर बेचे आयल हे
कहवाँ1 के सेनुरिया2 सेनुर3 बेचे आयल हे ।
कहवाँ के बर कामिल4 सेनुर बेसाहल5 हे ॥ 1 ॥
कवन पुर के सेनुरिया सेनुर बेचे आयल हे ।
कवन पुर के बर कामिल , सेनुर बेसाहल हे ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
पहिला दरद जब आयल सासु के बोलबल हे
पहिला दरद जब आयल सासु के बोलबल हे ।
सासु , मिलि लेहु बाड़ा छछन1 से , बाड़ा ललक से हे ॥ 1 ॥
अब सोंठ पीपर नहीं पीबो , पियरी2 ना पेन्हबो हे ।
पिया के सेज न जायबो , पिया के सुध लीहट तूँहीं ॥ 2 ॥
दूसरा बेदन जब आयल , गोतनी के बोलावल हे ।
गोतनी , मिलि लेहु बाड़ा छनन से , बाड़ा ललक से हे ॥ 3 ॥... | magahi-mag |
लाँगुरिया
रे लँगुरिया कमरा में भारी डाकौ पर गयौ ॥ टेक
कोई पर गयौ आधी रात ॥ लँगुरिया
मेरे ससुर गये देवी परसन कू ,
चाहे सास भलेई लुटि जाय ॥ लँगुरिया
मेरे जेठ गये देवी जात कूँ ,
चाहे जिठानी भलेई लुटि जाय ॥ लँगुरिया
मेरे देवर गये देवी जात कूँ ,
चाहे दौरानी भलेई लुटि जाय ॥ लँगुरिया
.
.
.
ऐसे ही नाम लेते जाते हैं । | braj-bra |
मोह न छोड्यो मोर महतारी
मोह न छोड्यो मोर महतारी
एक कोखि के भैया बहिनिया
एकहि दूध पियायो महतारी
मोह न . . .
भैया के भए बाजै अनद बधैया
हमरे भए काहे रोयो महतारी ?
मोह न . . .
भैया का दिह्यो मैया लाली चौपरिया
हमका दिह्यो परदेस महतारी
मोह न . . .
सँकरी गलिय होई के डोला जो निकरा
छूटा आपन देस महतारी
मोह न . . . | awadhi-awa |
इक अलफ पढ़ो छुटकारा ए
इक अलफ पढ़ो छुटकारा ए
इक अलफों दो तिन्न चार होए ,
फेर लक्ख करोड़ हजार होए ,
फेर ओत्थों बाझ शुमार होए ,
इक अलफ दा नुक्ता न्यारा ए ।
इक अलफ पढ़ो छुटकारा ए ।
क्यों पढ़ना ऐं गड्ड किताबाँ दी ,
क्यों चाना ऐं पंड अजाबाँ1 दी ,
हुण होयों शकल जलादाँ दी ,
अग्गे पैंडा मुशकल भारा ए ।
इक अलफ पढ़ो छुटकारा ए ।
बण... | panjabi-pan |
409
झाटा पटके मेढियां खोह सुटूं गुतों पकड़के देऊं विलावड़ा1 नी
जे तां पिंडदा खौफ वखावनीएं लिखां पशम2 ते एह गिरावड़ा नी
तेरा असां दे नाल मुदापड़ा ए नहीं होवना सहज मिलावड़ा नी
लत मारके छडूंगा चाए कुबन3 कढ आई ए ढिड जिउं तावड़ा नी
सने बांदी कुआरी दे मिझ कढूं निकल जाणगिआं सहिती दीयां चावड़ा नी
हथ लगे तां सटूंगा चीर रन्ने कढ... | panjabi-pan |
विरह गीत
माथे नी हयणी ढली गई ,
कहां लग भालुं तारी वाट रे ।
हाथ रंगीली लाकड़ी ,
रही गई ढोलिहा हेट रे ।
चूल्हा पर खिचड़ी सेलाई गई ,
कहां लग भालुं तारी वाट रे ।
सींका पर चूरमो सेलाई ग्यो ,
कहां लग भालुं तारी वाट रे ।
मारो रावलियो कुकड़ो तो ,
रावलियोरावलियो जाये रे ।
राजा नी रानी जागसे ,
तो टोपसे ढोलिड़ा हेट रे ॥
प्रियतमा ... | bhili-bhb |
साढ़ जे मास सुहावणा सुआ रे
साढ़ जे मास सुहावणा सुआ रे
जै घर होता हर का लाल मैं हाली खंदावती
सामण जे मास सुहावणा सुआ रे ।
जै घर होता हर का लाल मैं हिंदो घलावती
भाद्ड़ा जे मास सुहावणा सुआ रे ।
जै घर होता हर लाल मैं गूगा मनावती
असौज जे मास सुहावणा सुआ रे ।
जै घर होता हर का लाल मैं पितर समोखती
कातक जे मास सुहावणा सुआ रे ।
... | haryanvi-bgc |
म्हारे से डरपत नहीं चूहा
म्हारे से डरपत नहीं चूहा
सेंध चलावै छप्पर में
कैसे पतो पड़ो बणजारिन
चूंटी ना छोड़ो चून
बहिन मेरी कर दियो
छेट चपटिया में
कोठी और कुठिला में
पंसेरी कर दिये मींग
बहिन मेरी जौ की
कर दई बेजरिया
चूहा मारन मैं गई
झट्ट बिलन में जाये
बहिन मेरी मौंछ
हिलावे गिट्टे में | rajasthani-raj |
अंगिका बुझौवल
एक मुट्ठी राय देल छिरयाय
गिनतेंगिनतें ओरो नै पाय ।
तारा
काठ फरै कठ गुल्लर फरै
फरै बत्तीसी डार
चिड़िया चुनमुन लटकै छै
मानुष फोड़ीफोड़ी खाय ।
सुपाड़ी
एक चिड़ियाँ ऐसनी
खुट्टा पर बैसनी
पान खाय कुचुरमुचुर
से चिड़ियाँ कैसनी ।
जाताँ
सुइया एन्हों सोझोॅ
माथा पर बोझोॅ ।
ताड़गाछ
सुइया एन्हों सोझोॅ
डाँड़ा पर बोझोॅ ।
... | angika-anp |
हारे वाला ऊँची-नीची सरवर पाल
हारे वाला ऊँचीनीची सरवर पाल
जमई धावे धोपती जी म्हारा राज
हांरे वाला कोनस राम रा गज भीम
कोणजी घर पावणा जी म्हारा राज
हां वो दासी तातासा पाणी समोव
जमई न्हावे न्हावणा जी म्हारा राज
हां वो बाई ताता सा भोजन परोस
जमई जीने जीमणा जी म्हारा राज
हां वो दासी ठंडी सी झारी भरलाव
जमई पीवे पीवणी जी म्हारा... | malvi-mup |
128
अम्मां चाक बेले असीं पींघ झूटां कहे गैब दे तोतने बोलनी एं
गंदा बहुत मलूक मुंह झूठड़े दा ऐडा झूठ दहाड़ क्यों तोलनी एं
शोलह नाल गुलाब दे त्यार कीता विच पयाज क्यों झूठ दा घोलनी एं
गदों किसे दी नहीं चुरा आंदी दानी होइके गैब1 क्यों तोलनी एं
अन सुणदियां नूं चा सुणाया ई मोए नाग वांगूं विस घोलनी एं
वारस शाह गुनाह की असां क... | panjabi-pan |
अगे अगे चेरिया बेटिया, नेस देहु मानिक दियरा हे
अगे अगे चेरिया बेटिया , नेस देहु1 मानिक दियरा2 हे ।
येहो3 बँसहर4 घर दियरा बराय5 देहु , सुततन6 दुलरू दुलहा हे ॥ 1 ॥
पहिल पहर राती बीतल , इनती मिनती7 करथिन हे ।
लेहु बहुए सोने के सिन्होंरबा8 तो उलटि पुलटि सोबऽ9 हे ॥ 2 ॥
अपन सिन्होरबा परभु मइया के दीहऽ10 अउरो बहिनी के दीहऽ हे... | magahi-mag |
बागन भये बसन्त अबईयाँ
बागन भये बसन्त अबईयाँ ,
न जा विदेसै सँईयाँ ।
पीरी लता छता भई पीरी ,
पीरी लगत कलईयाँ ।
सूनी सेज नींद ना आवै ,
विरहन गिनें तरँइँयाँ ।
तलफत रहत रेंन दिन सजनी
का है राँम करइँयाँ ?
ईसुर कऐं सजा दो इनखाँ ,
परों तुमाई पइँयाँ | bundeli-bns |
रँगीला टोना दुलहे को लगेगा
रँगीला टोना दुलहे को लगेगा , छबीलाटोना दुलहे को लगेगा ।
यह रे टोना दादी बीबी करेंगी , यह रँगीला टोना , सेहरे1 में लगेगा ॥ 1 ॥
यह रे टोना नानी बीबी करेंगी , रँगीला टोना जोड़े2 में लगेगा ।
छबीला टोना दुलहे को लगेगा ॥ 2 ॥
यह रे टोना अम्माँ बीबी करंेगी , रँगीला टोना बीड़े3 में लगेगा ।
छबीला टोना ... | magahi-mag |
चारों सखी चारों ही पनियां को जायें
चारों सखी चारो ही पनियां को जायें
कुएं पर चढ़ के चारों करें बिचार
अरी सखी तुझे कैसे मिले भर्तार
एरी पतले कुंवर कन्हैया हम पाये भर्तार
सखी बीस बरस के हैं वे सचमुच राज कुमार
सखी फूटा पर भाग्य हमारा
अस्सी बरस के हमें मिले भर्तार
वे ज्यों ही उठते गड़गड़ हिलती नाड़
सूनी अटरिया बिछी सेजरिया... | haryanvi-bgc |
देख कै ने गांधी का चरखा
देख कै ने गांधी का चरखा ।
अंगरेजां का था दिल धड़का । ।
बालक बुड्ढे अर नर नारी ।
सब नै तान चरखे की पियारी । ।
चरखे नै जादू दिखलाया ।
सुदेसी का पाठ सिखलाया । । | haryanvi-bgc |
बलमा घर आयो फागुन में
बलमा घर आयो फागुन में २
जबसे पिया परदेश सिधारे ,
आम लगावे बागन में , बलमा घर…
चैत मास में वन फल पाके ,
आम जी पाके सावन में , बलमा घर…
गऊ को गोबर आंगन लिपायो ,
आये पिया में हर्ष भई ,
मंगल काज करावन में , बलमा घर…
प्रिय बिन बसन रहे सब मैले ,
चोली चादर भिजावन में , बलमा घर…
भोजन पान बानये मन से ,
लड्... | kumaoni-kfy |
माँगे चार मिलें ना भाई
माँगे चार मिलें ना भाई ।
बिन पूरब पुन्याई ।
बिन पुरब को पुन्य मिलै ना ,
बिरथाजात बड़ाई
बिन पूरब के पुन्य मिलै ना
जे सरीर सुखदाई ।
बिन पूरब के पुन्य मिलै ना
सुन्दर नार सुहाई
बिन पूरब के पुन्य ईसुरी
कौनें सम्पत पाई ? | bundeli-bns |
367
बोली हीर आवे अड़या जा एथों कोई खुशी ना होवे ते हसीए क्यों
परदेसियां जोगियां कमलयां नूं विचों जिउदा भेत चा दसीए क्यों
जे तां आप इलाज ना जानीए वे जिन्न भूत ते जादूड़े दसीए क्यों
फकर भारड़े गौरडे ही रहिए कुआरी कुड़ी दे नाल खिड़ हसीए क्यों
वारस शह उजाड़के वसदयां नूं आप खैर दे नाल फिर वसीए क्यों | panjabi-pan |
गमला नी गमला रानी मिया डो रानी
गमला नी गमला रानी मिया डो रानी
मुलको घाटी सेनेवा मारे
गमला नी गमला रानी सिगारे डो रानी
चकरी सेने मारे
आमानी चालिसो मुखा सिगारे डो रानी
जमा सेने वा जा मारे
आमानी चालिसो माडी सेने वा जा राजा
जे मा सिरे जा बाई मारे
आमानी गुनी बाई सेने वा जा मारे
कन्या कुवरे वाल कुवरे राजा
जेमा सिरे जा वाये म... | korku-kfq |
आई गेन ऋतु बौड़ी दॉई जनो फेरो
आई गेन ऋतु बौड़ी1 दॉई जनो फेरो2 , झुमैलो
ऊबा3 देसी ऊबा जाला , ऊँदा4 देसी ऊँदा , झुमैलो
लम्बीलम्बी पुंगड् यों5 मां , रअ् रअ् शब्द होलो , झुमैलो
गेहूँ की जौ की सारी , पिंगली6 होई गैने , झुमैलो
गाला गीत बसन्ती , गौं का छोरा7 छोरी , झुमैलो
डाँडी काँठी गुँजी ग्येन , ग्वैरू8 को गितूना , झुमैलो
छ... | garhwali-gbm |
153
परे विच बेइजती कल होई चोभ विच कलेजे दे चमकदी ए
बेशरम है टप के सिरीं चढ़दा भले आदमी दी जान धमकदी ए
चूचक घोड़े ते तुरत सवार होयां हथ सांग जयों बिजली लिशकदी ए
सुम्म घोड़े दे काड़ ही काड़ वजन हीर सुनदयां रांझे तों खिसकदी ए
उठ रांझया बाबल आंवदा ईनाले गल करदी नाले रिसकदी ए | panjabi-pan |
होली खेले लाड़ली मोहन से
होली खेले लाड़ली मोहन सें ।
बाजत ताल मृदंग झांझ ढप
शहनाई बजे सुर तानन से । होली . . .
भर पिचकारी मोरे सन्मुख मारी
भीज गईं मैं तन मन से । होली . . .
उड़त गुलाल लाल भये बादल
रोरी भलें दोऊ गालन सें । होली . . .
फगुआ मिले बिन जाने न दूंगी
कह दो यशोदा अपने लालन सें ।
होली खेले लाड़ली मोहन सें । | bundeli-bns |
तेरा दादा घढ़ावै अटल पलना
तेरा दादा घढ़ावै अटल पलना
तेरी दादी झुलावै तू झूल ललना
मेरा छोटा सा झूलै अटल पलना
मेरा बाला सा झूलै अटल पलना
तेरा ताऊ घढ़ावै अटल पलना
तेरी ताई झूलावै तू झूल ललना
मेरा छोटा सा झूलै अटल पलना
मेरा बाला सा झूलै अटल पलना
तेरा चाचा घढ़ावै अटल पलना
तेरी चाची झुलावै तू झूल ललना
मेरा छोटा झूलै अटल पलना... | haryanvi-bgc |
205
जेहड़े इशक दी अग दे ता तपे ओन्हां दोजखां1 नाल की वासता ई
जिन्हां इशक दे नाम दा विरद2 कीता ओहनां फिकर अंदेसड़ा कासदा ई
आखर सिदक यकीन ते कम पौसी मूत चरगु3 एह पुतला मास दा ई
दोजख मारया मिलन बेसिदक झूठे जिन्हां बान तकन आस पास दा ई | panjabi-pan |
भाँवर गीत
वर पक्ष पाच फेरा फिरजि बेना , पारकि लाड़ी छे ।
वधू पक्ष पाच फेरा फिरजि बेनी , पारको लाड़ो छे ।
वधू पक्ष लाकड़ि काटि देजि बेनी , लाड़ो टेकेटेके चाले ।
वर पक्ष लाकड़ि काटि देजि बेना , लाड़ी टेकेटेके चाले ।
यह गीत भाँवर के समय वरवधू के लिये गाया जाता है । वास्तविक रूप से
चार फेरे में दूल्हा आगे रहता है और तीन फे... | bhili-bhb |
चउका चढ़ि बइठलन कवन साही
चउका चढ़ि बइठलन कवन साही , राजा रघुनन्नन हरि । 1
पूजहऽ पंडित जी के पाओ2 सुनहु रघुनन्नन हरि ॥ 1 ॥
पाओं पुजइते सिर नेवले3 राजा रघुनन्नन हरि ।
देहऽ पंडितजी हमरो असीस , सुनहु रघुनन्नन हरि ॥ 2 ॥
दुधवे नहइह4 बाबू पुतवे पझइह5 रघुनन्नन हरि ।
चउका चढ़ि बइठलन कवन साही , राजा रघुनन्नन हरि ।
पूजहऽ चाचा जी ... | magahi-mag |
आई री सासड़ सामणिया री तीज
आई री सासड़ सामणिया री तीज सीढ़ी घड़ा दै चन्दन रूख की
म्हारे तो बहुअड़ चन्दन ना रूख जाए घड़ाइए अपणै बाप के
अपणी नै दे दी पटड़ी अर झूल म्हारे ते दिया सासड़ पीसणा
फोडूँरी सासड़ चाकी के पाट बगड़ बिखेरू तेरा पीसणा
आया री सासड़ माई जाया बीर मन्नै खंदा दे री मेरे बाप कै
इबकै तो बहुअड़ मौका है नांह ... | haryanvi-bgc |
भरथरी लोक-गाथा - भाग 8
जोग ल गुरु मय साधिहॅव
मया छोडिहॅव राम
अइसे ग बानी ल बोलत हे
जोग ल गुरु साधिहॅव
नई तो मया म जॉव
अइसे बानी राजा बोलत हे
गुरु बोलत हे राम
देखतो बानी ल न
चुटकी मारत हे ओ
मोर लानत हे न
गेरुआ कपड़ा
भरथरी ल ओ
दाई देवत हे न
बानी बोलत हे न
ए दे भिक्षा माँगे चले जाबे गा , चले जाबे गा , भाई ये दे जी ।
रंगमह... | chhattisgarhi-hne |
अंगिका फेकड़ा
घुघुआ घू , मलेल फूल
घुघुआ मना , उपजल धना
सब धान खाय गेल सुग्गा मैना
मन्ना रे मन्ना लब्बोॅ घर उठेॅ
पुरानोॅ घर बैठेॅ ।
अटकनमटकन , दहिया चटकन
खैरा गोटी रस रस डोले
माघ मास करेला फूले
नाम बताव के तोहें गोरी
जमुआ गोरी
तोहोरोॅ सोहाग गोरी
लाग लगावेॅ , खीर पकावेॅ
मिट्ठोॅ खीर कौनें खाय
दीदी खाय , भैयाँ खाय
कान पकड़... | angika-anp |
74
किहें डोगरां जटां दे नयाऊं जाणे परहे विच दलावर लाइयां दे
पाड़ चीर के जानदा किवें देसो लड़या कासनूं नाल एह भाइयां दे
किस गल तों उठ के रूठ आया की कर बोलया नाल भरजाइयां दे
वारस शाह ना इस तों नफा दिसदा किवें छड आया माल गाइयां दे | panjabi-pan |
अठवारा
॥ दोहरा ॥
छनिछर वारउतावले वेख सज्जण दी सो ।
असाँ मुड़ घर फेर ना आवणा जो होणी होग सो हो ।
वाह वाह छनिछर वार वहीले ।
दुःख सज्जन दे मैं दिल पीले ।
ढूँडां औझड़ जंगल बेले । अद्धड़ी ैनं कुवल्लड़े वेले ।
बिरहों घेरिआँ ॥ 1 ॥
खड़ी तांघाँ तुसाड़िआँ तांघाँ ।
रातीं सुत्तड़े शेर उलांघाँ1 ।
उच्ची चढ़ के कूकाँ2 चांघाँ3 ।
सीने ... | panjabi-pan |
बांदी भेजूं हो साहब
बांदी भेजूं हो साहब घर आ ताता सा पाणी सीला हो रहा
तुम न्हाओ रै गौरी म्हारी कंवर नहवा हमतै पड़ौसिन के घर न्हां ल्यां
बांदी भेजूं हो साहबा घर आ तपी रसोई सीली हो रही
तुम जीमो रे गौरी म्हारी मात जिमा हमतै पड़ौसिन के घर जीम ख्यां | haryanvi-bgc |
बनि गए नन्द लाल लिलिहारी
दोहा श्री राधे से मिलन को , कियो कृष्ण विचार ।
बन्शी मुकुट छिपायके , घरौ रूप लिलहारि ॥
बनि गये नन्दलाल लिलहारी , लीला गुदवाय लेओ प्यारी ।
लहँगा पहन ओढ़ सिर सारी ।
अँगिया पहरी जापै जड़ी किनारी ॥
शीश पै शीश फूल बैना , लगाय लियौ काजर दोऊ नैना ।
पहन लियो नखशिख सौं गहना
दोहा नखशिख गहनों पहिर कै , कर... | braj-bra |
मैं विच्च मैं नहीं रहीआ काई
मैं विच्च मैं नहीं रहीआ काई ।
जब की तुम संग परीत लगाई ।
जद वसल वसाल बणाईएगा ,
ताँ गुँगे का गुड़ खाईऐगा ,
सिर पैर ना अपणा पाईएगा ।
एह मैं होर ना किसे बणाई ।
मैं विच्च मैं नहीं रहीआ काई ।
होए नैण नैणाँ दे बरदे ,
दरशन सैआँ कोहाँ तों करदे
पल पल दौड़न ज़रा न डरदे ।
तैं कोई लालच घत भरमाई
मैं विच्च... | panjabi-pan |
विदाई का गीत
१ .
खेलत रहलीं सुपली मउनिया , आ गइले ससुरे न्यार ।
बड़ा रे जतन से हम सिया जी के पोसलीं , सेहु रघुवर लेले जाय ।
आपन भैया रहतन तऽ डोली लागल जइतन , बिनु भैया डोलिया उदास ।
के मोरा साजथिन पौती पोटरिया , के मोरा देथिन धेनु गाय ।
आमा मोरे साजथिन पावती पोटरिया , बाबाजी देतथिन धेनु गाय ।
केकरा रोअला से गंगा नदी बह... | bhojpuri-bho |
94
मलकी आखदी चूचका बणी औखी सानूं हीर दयां मेहणयां खवार कीता
ताहना देण शरीक ते लोक सारे चौतरफिओं ख्वार संसार कीता
वेखो लज सयालां दी लाह सुटी नढी हीर ने चाक नूं चाक कीता
जां मैं मत दिती अगों लड़न लगी लज लहाके चशमां नूं चार कीता
कढ चाक नूं खोह लै महीं सभे असां चाक तों जीउ बेजार कीता
इके थी नूं चा घड़े डोब करीए जानो रब्ब न... | panjabi-pan |
338
जेठ मींह ते सयाल विच वाओ मंदी कतक माह विच मनेह हनेरियां नी
रोना वयाह विच गौना विच सयापे सतर मजलसां करन मंदरियां नी
चुगली खांवदा दी बदी नाल मुलां खान लून हराम बदखैरियां नी
हुकम हथ कमजात दे सौंप देना नाल दोसतां करनियां वरियां नी
गीवत तरक सलबात1 ते झूठ मसती दूर करन फरिशतयां तेरियरां2 नी
मुड़न कौल जबान थीं फिरन पीरां ब... | panjabi-pan |
गढ़ रे गुजरात सु देव गणपति आया हो
गढ़ रे गुजरात सु देव गणपति आया हो
आई नऽ उतर्या ठण्डा वड़ तळऽ
पूछतऽ पूछतऽ गाँव मऽ आया हो नगर मऽ आया हो
भाई हो मोठाजी भाई को घर कहाँ छे ?
आमी सामी वहरी नऽ लम्बी पटसाळ हो ,
केल जऽ झपकऽ उनका आंगणा मऽ
सीप भरी सीरीखण्ड थाक भरी मोतीड़ा
गणेश बधावण मोटी बैण संचरिया । | nimadi-noe |
साडा चिड़ियाँ दा चंबा वे
साडा चिड़ियाँ दा चंबा वे
बाबल असां उड़ जाणा
साडी लम्मी उडारी वे
बाबल केहड़े देस जाणा
तेरे महिलां दे विच विच वे
बाबल चरखा कौन कत्ते ?
मेरियां कत्तन पोतरियाँ
धिए घर जा अपणे
तेरे महिलां दे विच विच वे
बाबल गुडियां कौण खेडे ?
मेरियां खेडण पोतरियाँ
धिए घर जा अपणे
मेरा छुट्या कसीदा वे
बाबल दस कौन कडे ... | panjabi-pan |
बेड़ु पाको बारो मासा
बेडु पाको बारो मासा , ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा , ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला २
भुण भुण दीन आयो २ नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला २
बेडु पाको बारो मासा २ , ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला २
आप खांछे पन सुपारी २ , नरण मैं भी लूँ छ बीडी मेरी छैला २
बेडु पाको बारो मासा २ , ओ नरण काफ... | kumaoni-kfy |
169
आखो रांझे देनाल वयाह देवां इके बनड़े चा मंगाईए जी
हथी आपणी किते समान कीजे जान बुझ के लीक ना लाईए जी
भाइयां आखया चूचका एस मसलत1 असीं आखदे ना शरमाईए जी
साडा आखया जे कर मन्न लयें असीं खोहल के चाए सुनाईए जी
वारस शाह फकीर प्रेम शाही हीर उस तों पुछ मंगाइए जी | panjabi-pan |
हे सरावेन जा हे सरावेन जा
हे सरावेन जा हे सरावेन जा
हे सरावेन जा हे सरावेन जा
सोना कावड़ी कान्डा ने माय बापू का कान्डाय मारे
सोना कावड़ी कान्डा ने माय बापू का कान्डाय मारे
हे सरावेन जा हे सरावेन जा
हे सरावेन जा हे सरावेन जा
अन्धा माडो अन्धा बा नी डागा टाटोम जा हेयन मारे
अन्धा माडो अन्धा बा नी डागा टाटोम जा हेयन मारे
बा... | korku-kfq |
आया री लाड़ो सो तेरा बर आया
आया री लाड़ो सो तेरा बर1 आया ।
टीका2 लाया री लाड़ो , मोतिया लाया री ।
आया री लाड़ो सो तेरा बर आया ॥ 1 ॥
बेसर लाया री लाड़ो चुनिया3 लाया री ।
आया री लाड़ो सो तेरा बर आया ॥
आया री लाड़ो सो तेरा बना आया ॥ 2 ॥
बाली4 लाया री लाड़ो , झुमका लाया री ।
आया री लाड़ो सो तेरा बर आया ॥ 3 ॥
कँगन लाया री ल... | magahi-mag |
उठा गढ़वालियों
उठा गढ़बालियों , अब त समय यो सेण1 को नीछ ।
तजा यीं मोहनिद्रा कू अजौं तैं जो पड़ीं ही छ ।
अलो अपणा मुलक की यीं छुटावा दीर्घ निद्रा कु ,
सिरा का तुम इनी गेहरी खड़ा मां जींन गेर याल्यें ।
अहो तुम मेर2 त देखा , कभी से लोग जाग्यां छन ,
जरा सी आंखत खोला कनो अब धाम चमक्यूं छ ।
पुराणा वीर , व ऋषियों का भला वृतान... | garhwali-gbm |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.