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वा तो सात पापड़ की जोड़ी हो
वा तो सात पापड़ की जोड़ी हो
वे तो लईगया फलाणा राम चोरी हो
देख्यादेख्या फलाणी बाई चोरी हो
उनखे बांदिया फलाणी बाई चोरी हो
उनखे बांदिया मोया की डोरी हो
धीरयाधीर या उनखे सालाजी सेरी हो
अब तो छोड़ पनोती गोरी वो
मैं तो कदी नी करूँ पापड़ चोरी वो | malvi-mup |
ईसुरी की फाग-11
जो तुम छैल , छला हो जाते , परे उंगरियन राते
मौं मुँह पौंछत गालन के ऊपर , कजरा देत दिखाते
घरीघरी घूंघट खोलत में , नज़र सामने आते
' ईसुर ' दूर दरस के लानें , ऐसे काए ललाते ? | bundeli-bns |
कृष्ण हिंडोले बहना मेरी पड़ गये जी
कृष्ण हिंडोले बहना मेरी पड़ गये जी ,
ऐजी कोई आय रही अजब बहार ॥ 1 ॥
सावन महीना अधिक सुहावनौ जी ,
ऐजी जामें तीजन कौ त्यौहार ॥ 2 ॥
मथुरा जी की शोभा ना कोई कहि सके जी ,
ऐजी जहाँ पै कृष्ण लियौ अवतार ॥ 3 ॥
गोकुल में तो झूले बहना पालनो जी ,
ऐजी जहाँ लीला करीं अपार ॥ 4 ॥
वृन्दावन तो बहना सबते... | braj-bra |
कहवाँ के डँड़िया कुनली
कहवाँ के डँड़िया1 कुनली2 अही डँड़िया कुनली ।
कहवाँ में लगले ओहार3 चढ़हु4 धनि डाँडि , चेतहु5 गिरहि6 आपन हे ॥ 1 ॥
कवन पुर के डँड़िया कुनली , अहो डँड़िया कुनली ।
कवन पुर में लगले ओहार , चढ़हु धनि डाँरि , चेतहु गिरहि आपन हे ॥ 2 ॥
गोड़ लागों , पइयाँ परों , अजी सइयाँ ठाकुर हे ।
बाबा के पोखरवा7 डाँड़ि ब... | magahi-mag |
7
हुकम1 मन्न के सजनां प्यारयां दा किस्सा अजब बहार दा जोड़या ए
फिकरा जोड़ के खूब दरूसत कीता नवां फुल गुलाब दा तोड़या ए
बहुत जीउ दे विच तरतीब करके फरहाद पहाड़ नू फोड़या ए
सभा वीन के जे़ब बना दिता जेहा अतर गुलाब नचोड़या ए | panjabi-pan |
355
महबूब अलाह दे लाडले हो एस वहुटड़ी नूं कोई सूल है जी
कोई गुझड़ा रोग है एस धाणा पई नित एह रहे रंजूल1 है जी
हथों लुढी वैंहदीं लाहू लथड़ी है वहुटी हो जांदी मखतूल2 है जी
मुंहों मिठड़ी लाड दे नाल बोले हर किसे दे नाल माकूल3 है जी
मूधा पया है झुगड़ा नित साडा एह वहुटड़ी घरे दा सूल है जी
मेरे वीर दे नाल है वैर एहदा जेहा काफर... | panjabi-pan |
319
जोगी हीर दे सौहरे जा वड़या भुखा जट जिउं फिर लालोरदा जी
आया खुशी दे नाल दहचद होके सूबेदार जिउं नवां लाहौर दा जी
धुस दे के वेहड़े विच आ वड़या कड कीता सू सन ते चोर दा जी
अनी खेड़यां दी पयारी वौहटीए नी हीरे सुख है चा टकोरदा जी
वारस शाह अगे हुण पई फाहवी शगन होया है जंग दे शोर दा जी | panjabi-pan |
138
पाड़ चुनियां सुथनां कुडतियां नूं चक वढ के चीकदा चोर वांगू
वते फिरन परावर जयों चंद दवाले गिरद पायलां पांदियां मोर वांगू
शाहूकार दा माल जयों विच कोटांदवाले चौंकियां फिरन लहौर वांगू
वारस शाह अगयारियां भखदियां दी एहदी प्रीत जो चंद चकोर वांगू | panjabi-pan |
हल्दी गीत
बेनी तारो पीठी रोलो , कुण चोलसे ?
बेनी तारो पीठी रोला , े कुण चोलसे ?
बेनी तारो पीठी रोलो , तारि भोजाइ चोलसे ।
बेनी तारो पीठी रोलो , तारि बहणिस चोलसे ।
बेनी तारो पीठी रोलो , तारि फुई चोलसे ।
बनी तुझे हल्दी कौन लगायेगा ? हे बनी तुम्हारी भौजाई , बहन और बुआ तुम्हें हल्दी लगाएँगी । | bhili-bhb |
चम चम चमके चुन्दडी
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
म्हारी तो रंग दे चुन्दडी बिण्जारा रे
म्हारे साहेबा रो , म्हारे पिवजी रो ,
म्... | rajasthani-raj |
105
रांझा आखदा हीर नूं मां तेरी सानूं फेर मुड़ रात दी चंबड़ी ए
मियां मन लै उसदे आखने नूं तेरी हीर पयारी दी अंबड़ी ए
किते जाइए उठ के घरीं बहीए अजे वयाह दी विथ ते लंबड़ी ए
वारस शाह इस इशक दे वनज विचों किसे पले न बधड़ी दमड़ी ए | panjabi-pan |
रूप तेरा चन्दा-सा खिल रिया
रूप तेरा चन्दासा खिल रिया ,
बे ने घढ़ी बैठ के ठाली
कर तावल वार भाजरी ,
जिसी दारू माँ आग लाग री
कलियाँदार घाघरी ,
पतली कम्मर लचकत चाली ।
भावार्थ
' तेरा रूप चांद की तरह खिलाखिलासा है । लगता है , भगवान ने तुझे फ़ुरसत में बैठ कर गढ़ा है । यह
सुनकर युवती वहाँ से भाग कर दूर चली गई । ऐसा लगा जैसे शर... | haryanvi-bgc |
डुगीकू डुगीकू खाडू राजन डेई
डुगीकू डुगीकू खाडू राजन डेई
डुगीकू डुगीकू खाडू राजन डेई
सुसून मारे चोजा मा आसीबा चोजा मा
सुसून मारे चोजा मा आसीबा चोजा मा
जुजुमवा डुगीकूखाडू जा सुसुन वा
जुजुमवा डुगीकूखाडू जा सुसुन वा
पैसो भी बागो धैला भी बागो
पैसो भी बागो धैला भी बागो
डुगूकी खाडू सुसून वा चाना भी दाना बागो जा
डुगूकी खाडू सु... | korku-kfq |
सीता राम सुमर लेवो
सीता राम सुमर लेवो ,
आरे तजी देवो सब काम
१ सपना की संपत भई ,
आरे बाध्यो जगराज
भोर भई उठ जागीयाँ
आरे जीनका कोण हवाल . . .
सीता हो राम . . .
२ बिगर पंख को सोरटो ,
आरे उड़ी चलीयो रे आकाश
रंग रुप वो को कछु नही
आरे वोक भुख नी प्यास . . .
सीता हो राम . . .
३ वायो सोनो नही निपजे ,
आरे मोती लग्या रे डाल
भाग ... | nimadi-noe |
जसुदै दैंन उरानों जइये
जसुदै दैंन उरानों जइये ।
हाल लला कौ कइये ।
हीरा हाट बिचौली पैरी
चोली फटी दिखइये ।
कछुअक साँसी कछुअक झूँठी ,
जुरे मिले कैं कइये ,
आठ घरी दिन रात ‘ईसुरी’ ।
काँलौं कैं गम खइये । | bundeli-bns |
गूंगड़ा देशो नीला जोवेड़ा
गूंगड़ा देशो नीला जोवेड़ा
गूंगड़ा देशो नीला जोवेड़ा
रुन्डो रुन्डो टे जाटीये डो बेटा मारे
रुन्डो रुन्डो टे जाटीये डो बेटा मारे
रुन्डो रुन्डो जाटीये अरिको
अमा कंकार गाडा कोरा इयानी बेदी डाय वोडा माय मारे
रुन्डो रुन्डो जाटि अरिको
खिटी खोरा बा कंकार इयानी बेदी डाय माडो माय मारे
स्रोत व्यक्ति बालकर... | korku-kfq |
कब चुकबे, कब चुकबे चलनी कै गोंहुआँ हो न
कब चुकबे , कब चुकबे चलनी कै गोंहुआँ हो न ।
मोरा बीरन भइया आये अनवइया हो न । ।
बैइठहु न मोरे भइया रतनी पलँगिया हो न ।
बहिनी कहि जाऊ आपन हवलिया हो न । ।
नौ मन कूट्यों भइया नौ मन पीस्यों हो न ।
भइया पहिली टिकरिया मोर भोजनवा हो न । ।
भइया वोहू महैं कुकरा बिलरिया हो न । ।
भइया वोहू मह... | awadhi-awa |
हात रे भाई रे!
हात रे भाई रे
नाना की मांय पाणी खऽ गई , घर मऽ कुतरा कोंडी गई ।
कुतरा भूकसे होलई पर , नानों म्हारो सोवसे झोलई पर ।
आवों चिड़ीबाई दौड़ करी , नानो म्हारो सोवसे सौड़ करी ।
आवो चिड़ीबाई परात मऽ , नानो म्हारेा जासे बरात मंऽ ।
आवो चिड़ीबाई करूँ थारो याव ,
कथील को मूंदड़ो नऽ जुरूंग को हार
बाजरा को खीचड़ो नऽ मसूर... | nimadi-noe |
गाम गाम धुपवा दियैले माँ कोसिका
गाम गाम धुपवा दियैले माँ कोसिका ,
माँ तोरा नहीं माया दरेग ,
बाजे लागल बिछिया अनोर ।
डेढ़ी डेढ़ी नैया गे कोसिका
घाटघाट चढ़ेबौ रोरिया
बाजे लागल बिछिया अनोर । ’’
धारे धारे चढ़ेबौ गे कोसिका
थार थार मिठइया ,
बाजे लागल बिछिया अनोर । | angika-anp |
दादा साहेब के घर पोता भयेल हे
बधैया
दादा साहेब के घर पोता भयेल हे ।
पोता निछाउर1 कछु देवऽ2 कि न ? ।
हमसे असीस3 कछु लेबऽ4 कि न ? ॥ 1 ॥
देबो5 मैं देबो पोती अन धन सोनवाँ ।
हमरा ही6 नाचबऽ आउ7 गयबऽ कि न ? ॥ 2 ॥
गयबो मैं गयबो दादा , दिनमा से रतिआ8 ।
अपन खजाना लुटयबऽ कि न ? ॥ 3 ॥
जुग जुग जिओ दादा तोहर होरिलवा9 ।
हमर ससुर घर प... | magahi-mag |
जे उट्ठ चल्लियों चाकरी, चाकरी वे माहिया
जे उट्ठ चल्लियों चाकरी , चाकरी वे माहिया
सान्नूँ वी लै चल्लीं नाल वे
अख्खियाँ नूँ नींद क्यों न आई वे
तूँ करेंगा चाकरी , चाकरी वे माहिया
मैं कत्तांगी सोहणा सूत वे
अख्खियाँ नूँ नींद क्यों न आई वे
इक्क ट्का तेरी चाकरी , चाकरी वे माहिया
लख्ख टके दा मेरा सूत वे
अख्खियाँ नूँ नींद क्यों... | panjabi-pan |
401
रांझा वेखके बहुत हैरान होया पइयां दुध विच अवदियां फालड़ियां ने
गुसे नाल जो हशर नू जिमीउते जिउ विच कलीलियां1 चाड़ियां ने
चीणा2 चोग चमूनयां3 पायो ई मुन्न चलीए गोलीए दाढ़ियां ने
जिसते नबी दा रवा दरूद4 नाही अखीं फिरनना मूल उघाड़ियां ने
जैदा पवे परावना नांह मडा पंड नांह बझे विच साड़ियां ने
डुब मोए नी कासथी5 विच चीने वार... | panjabi-pan |
ऐली पैली सखरिया री पाल
ऐली पैली सखरिया री पाल
पालां रे तंबू तांणिया रे
जाये वनी रे बापाजी ने कैजो , के हस्ती तो सामां मेल जो जी
नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत , भंवर पाला आवणों जी
जाय बनी रा काकाजी ने कैजो
घुड़ला तो सांमां भेजजो जी
नहीं म्हारे देशां में रीत , भेवर पाला चालणों जी
जाय बनीरा माता जी ने कैजो
सांमेला सामां मे... | rajasthani-raj |
548
निकल कोठयों तुरत तयार होया सहती आन हजूर सलाम कीता
बेड़ा ला बने असो आजजां दा रब्ब फजल तेरे उते आम कीता
मेरा यार मलावना वासता ई असां कम्म तेरा सरंजाम1 कीता
भाबी हथ फड़ायके टोर दिता कम खेड़यां दा सभ खास आम कीता
शरम मापयां दी सभो रोड़ दिती ससी नाल जिवें आदम जाम कीता
जो कुझ होवनी ने सीता नाल कीती अते दहसरे नाल जो राम की... | panjabi-pan |
337
कहियां आन पंचायतां जोड़ियां नी असी रन्न नूं रेवड़ी जानने हां
फड़ी चिथ के लई लंघा पल विच तंबू वैर दे असीं ना तानने हां
लोक जागदे महरियांनाल परचन असीं खाब अंदर मौजां मानने हां
लो छानदे भंग ते शरबतां नूं असीं आदमी नजर विच छानने हां | panjabi-pan |
अँगना बहारइत चेरिया त सुनहऽ बचन मोरा हे
अँगना बहारइत1 चेरिया त सुनहऽ बचन मोरा हे ।
चेरिया , बबुआ जी के पारु न हँकरवा , 2 महलिया में कुछो काम हे ॥ 1 ॥
पोथिया जे बिगलन3 बबुआ दुअरवे पर , 4 अवरो दलनवा5 पर हे ।
मचिया बइठल तुहूँ भउजी , त सुनहऽ बचन मोरा हे ॥ 2 ॥
भउजी , कउची6 महलिया कुछो काम , त हमरा बोलावल जी ।
बबुआ , भइया जी... | magahi-mag |
ये बहना डो ये बहना लेना डो
ये बहना डो ये बहना लेना डो
बुलवा ईन डायेन ये बहना डो
ये बहना बहना बुलवा डो ईन डायेन ये बहना डो
ये बहना बहना बुलवा डो ईन डाये ये डाई जा ये डाई
इयां उरान नी डायेन मारे कजली गाय नी कोनकेन मारे
ये डाई जा ये डाई इयां उरान जा कपली गेई जा
कोनकेन मारे ये बहना बुलवा डो
ईन डायेन ये बहना ये बहना ये बहना... | korku-kfq |
कय गुने कलसा हे, कय गुने भार
कय1 गुने2 कलसा हे , कय गुने भार3
बोल हे कलसवा हे , के4 लेत भार ॥ 1 ॥
छव गुने कलसा हे , नव गुने भार ।
बोलथि5 जनइया6 रिखी7 हम लेबो भार ॥ 2 ॥
गंगाजल पानी देबो , पुंगीफल धान ।
चउमक8 बराय9 देबो , सगरो10 इँजोर11 ॥ 3 ॥
धन12 अनपुरना13 देइ , धन रउरा भाग ।
कलसा धराइ गेल14 जनइया रिखी के मड़वा ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
गैलारौ
जीकौ
ओर न छोर
ऐसी है गैल ,
गैल गहें चलो जात
हेरौ , वौ गैलारौ ।
किदना निगौ ?
कोऊ नइँ जानत
बस निगत सबइ नें देखौ ,
मानों
चका होय गाड़ी कौ ,
भमत जात है ऐसें
जैसें पथरा ढँड़कत
चूना पीसत की चकिया कौ ।
लीलाधौरा
खैंचत जिऐ समै के बैला
और संग में
पिसत जात है दिन चूनासे
हराँहराँ सब
जिँदगानी के । | bundeli-bns |
राम के मथवा लुटिरिया, देखत नीक लागय हे
आँख अँजाई
राम के मथवा1 लुटिरिया , 2 देखत नीक3 लागय हे ।
ललना , ब्ररह्मा जे दिहले लुटुरिया , अधिको छबि लागय हे ॥ 1 ॥
राम के माथे तिलकवा , तिलक भल सोभय हे ।
ललना , चन्नन दिहले बसिट्ठ , 4 अधिको छबि लागय हे ॥ 2 ॥
राम के अँखिया रतनारि , काजर भल सोभय हे ।
ललना , काजर दिहले सुभदरा , 5 दे... | magahi-mag |
अहो सगुनि अहो सगुनि, सगुने बियाह
अहो सगुनि1 अहो सगुनि , सगुने2 बियाह ।
मैं तो जनइति3 गे4 सगुनी , होयतो बियाह ॥ 1 ॥
अरे काँचे बाँसे डलवा5 गे सगुनी , रखती बिनाय6 ।
अरे आपन बेटा दुलरइता दुलहा , रखती चुमाय7 ॥ 2 ॥
मैं तो जनइति गे सगुनी , होयतो बियाह ।
अरे अपन बेटी दुलरइतिन बेटी रखती छिपाय ॥ 3 ॥
रखे के न रखलऽ जी बाबा , लड़िक... | magahi-mag |
वेखो नी की कर गया माही
वेखो नी की कर गया माही ,
लैंदा ही दिल हो गया राही ,
अंबड़ी झिड़के मैनूँ बाबल मारे ,
ताअने देंदे वीर प्यारे ,
ओसे दी गल ओहा नितारे ,
हँसदिआँ गल विच्च पै गई फाही ।
वेखो नी की कर गया माही ।
बूहे ते उन नाद वजाया ,
अकल फिकर सभ चा गवाया ,
जे बुरी बुरिआर मैं होया ,
मैनूँ देहो उते वल्ल तराही ।
वेखो नी की... | panjabi-pan |
अरे निऊँ रौवै बूढ़ बैल
अरे निऊँ रौवे बूढ़ बैल ,
म्हने मत बेचै रे , पापी
तेरे कुल कोल्हू में चाल्या
नाज कमा कै तेरे घरां घाल्या
इब तन्ने कर ली है बज्जर की छाती ।
तेरा बज्जड़ खेत मन्ने तोड्या ,
गडीते न मुँह मोड्या ,
इब मेरी बेचै से माटी ।
मेरी रै क्यों बेचै से माटी ?
अरे निऊँ रौवै बूढ़ बैल ।
भावार्थ
अरे यूँ रो रहा है बूढ... | haryanvi-bgc |
ओखरी में चउरा छँटाएब हे, चकरी में दाल दराएब हे,
ओखरी1 में चउरा2 छँटाएब हे , चकरी3 में दाल दराएब4 हे ,
कन्हइआ जी के मूंड़न हे ।
बराम्हन के नेओता5 पेठाएब , पोथिआ समेत6 चलि आवऽ
कन्हइआजी के मूंड़न हे ।
बराम्हन अलुरी7 पसारे , हम लेबौ पोथिया के मोल ,
कन्हइआ जी के मूंड़न हे ॥ 1 ॥
ओखरी में चउरा छँटाएब हे , चकरी में दाल दराएब ह... | magahi-mag |
खेती खेडो रे हरिनाम की
खेती खेड़ो रे हरिनाम की ,
जेम घणो होय लाभ
१ पाप का पालवा कटाड़जो ,
आरे काठी बाहेर राल
कर्म की फाँस एचाड़जो
खेती निरमळ हुई जाय . . .
खेती खेड़ो रे . . . .
२ आस स्वास दोई बैल है ,
आरे सुरती रास लगाव
प्रेम पिराणो हो कर धरो
ज्ञानी आर लगावो . . .
खेती खेड़ो रे . . .
३ ओहम् वख्खर जोतजो ,
आरे सोहम् सरतो... | nimadi-noe |
बाये कोयलि बाये कोयलि आले देशो बो डी
बाये कोयलि बाये कोयलि आले देशो बो डी
बाये कोयलि बाये कोयलि आले देशो बो डी
बाये कोयलि बाये कोयलि आले देशो बो डी
आपे देशो बाये कोयलि आले देशो बी डी
आपे देशो बाये कोयलि आले देशो बी डी
आपे देशो बाये कोयलि आले देशो बी डी
आपे साड़ी बाये कोयलि आले साड़ी उरीये
आपे साड़ी बाये कोयलि आले साड़ी... | korku-kfq |
साथिया पुरावो
हे रणचंडी दुर्गा चामुंडा
करता सवनी रखवाली
हे माजी करता सवनी रखवाली
हे महिसासुर मर्दिनी अम्बिका जै जै माँ गबर वाली
जै जै माँ आरासुर वाली
खेडब्रह्मा ना खोले रमता बाला घुमे बहुचर वाली
गरबे रमवा ने आवो
बाल साहू विनवे माँ पवावाली माँ जै जै माँ गबर वाली . . .
साथिया पुरावो द्वारे , दिवडा प्रग्टावो राज
आज मारा आ... | gujarati-guj |
प्यारा यार मनावाँगी
टुणे कामन करके नी मैं प्यारा यार मनावाँगी ।
इस टुणे नूँ पढ़ फूकाँगी ,
सूरज अगन जलावाँगी ।
टुणे कामन करके नी मैं प्यारा यार मनावाँगी ।
अक्खिआँ काजल काले बादल ,
भवाँ1 से आग लगावाँगी ।
टुणे कामन करके नी मैं प्यारा यार मनावाँगी ।
और बसात2 नहीं कुझ मेरी ,
जोबन धड़ी गुन्दावाँगी ।
टुणे कामन करके नी मैं प्य... | panjabi-pan |
बधाये नन्द के घर आज सुहाये नन्द के घर आज
बधाये नन्द के घर आज , सुहाये नन्द के घर आज ।
टैरो टैरो सुगर नहनिया , घरघर बुलावा देय
बधाये . . .
अपनेअपने महलिन भीतर , सब सखि करती सिंगार
पटियां पारे , मांग संवारे , वेंदी दिपत लिलार ।
बधाये . . .
आवत देखी सबरी सखियां , झपट के खोले किवाड़
बूढ़नबड़ेन की पइयां पड़त हूं , छोटेन को ... | bundeli-bns |
जाग नी मेरी बाल कन्या
जाग नी मेरी बाल कन्या ,
जाग रुकमणी राणीये ।
कीकण जागां मेरेया भोलेया लोका ,
कीकण जागां मेरेया लखेया देसा ,
बाबल तां वर घर नहीं लेआयेया ,
बाबल तेरा दान करदा ,
लै गडवे इशनान करदा ,
मोतियाँ बाबल चौक पूरदा ,
बाबल तां वर घर लै आयेया ।
जाग नी मेरी बाल कन्या ,
जाग रुकमणी राणीये ।
कीकण जागां मेरेया भोलेया... | panjabi-pan |
मोरे पिछवरवा चन्दन गाछ आवरो से चन्दन हो
मोरे पिछवरवा चन्दन गाछ अवरो से चन्दन हो
रामा सुघर बडइया मारे छेवर लालन जी के पालन हो ॥
रामा के गढउ खडउवा लालन जी के पालन हो ,
रामा जसुमती ठाढ़ी झुलावैं लालन जी के पालन हो ॥
झूलहु ए लाल झूलहु अवरो से झूलहु हो
रामा जमुना से जल भरि लाईं त झुलवा झुलाइब हो ॥
जमुना पहुँच न पावों घडिलवौ... | bhojpuri-bho |
सात सहेल्यां रे झूलरे
सात सहेल्यां रे झूलरे , पणिहारी जीयेलो मिरगानेणी जीयेलो
पाण्यू चाली रे तालाब , बाला जो
काळी रे कळायण उमडी एपणिहारी जीयेलो , मिरगानेणीजीयेलो ,
छोटोडी बूंदां रो बरसे मेह , बालाजो
आज धराऊं धूंधलो ए पणिहारी . . .
मोटोडो धारां रो बरसे मेह , बाला जो
भर नाडा भर नाडयां ए पणिहारी . . .
भरियोभरियो समंद तलाब... | rajasthani-raj |
बजरंग बली-
उँचो माळो डगमाळ , टोंगल्या बूडन्ती ज्वार । ।
काचा सूत की बजरंग बली की गोफण ,
सावळ राणी होर्या टोवण जाई । ।
हरमीधरमी का होर्या उड़ी जाजो ,
ने पापी का खाजो सगळो खेत । ।
बजरंग बली का महल ऊँचा है और ज्वार घुटने से ऊपर तक की है । बजरंग
बली की गोफण कच्चे सूत की बनाई है । सावल रानी तोते उड़ाने जाती हैं ।
धरमी के खे... | bhili-bhb |
रेपे रेपे टे कोयो येचकेन नानी
रेपे रेपे टे कोयो येचकेन नानी
रेपे रेपे टे कोयो येचकेन नानी
आम्बे बोचो किजा बल कुयेरा
आम्बे बोचो किजा बल कुयेरा
आमानी कटारी इली कुवेरा
आमानी कटारी इली कुवेरा
आम्बे सोल कीजा बल कुवेरा
आम्बे सोल कीजा बल कुवेरा
आमानी कटारी इली कुवेरा
आमानी कटारी इली कुवेरा
नाना आम्बे कपि कीजा बल कुवेरा
नाना आ... | korku-kfq |
बाना गीत
गुदड़ये बठो रे बानो कागते वाचे ।
इनी धड़े फुवो , पली धड़े फुई ।
विच मा बठो रे बानो , कागते वाचे ।
इनी धड़े भाई , पत्नी धड़े भोजाई ,
विच मा बठो रे बानो , कागते वाचे ।
इनी धड़े बनवी , पत्नी धड़े बइण
विच मा बठो रे बानो कागद वाचे ।
गद्दी पर बैठा हुआ दूल्हा कागज पढ़ रहा है । दूल्हे के एक तरफ फूफा बैठा है और दूसरी त... | bhili-bhb |
सिदुवा
तिन मथुरा मा जनम लीने , विष्णु मेरा करतार ,
तिन देवकी का गर्भ लीने , मेरा अवतार ।
तुम द्वारिका का धनी होला , मथुरा का ग्वैर1
गायों का गोपाल होला , गोप्यों का मोहन ।
तुम तै प्यारी होली , मधुवन की कुँज स्ये ,
तुम तैं प्यारा होला , जमुना का त छाला2 ।
तब सुपिना मा देखे कृष्ण गगू की रमोली ,
रौंत्याली रमोली3 होलि , तौ... | garhwali-gbm |
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अजू आखया सैदया जाह भाई एह वौहटियां बहुत पयारियां ने
जाह बन्ह के हथ सलाम करना तुसां तारियां खलकतां सारियां ने
अगे नजर रखीं सारा हाल असीं अगे जोगिड़े दी करीं जारियां ने
सानूं बनी है हीर नूं सप्प लड़या खोल कहीं हकीकतां सारियां ने
आखीं रब्ब दे वासते चलो जोगी सानूं पइयां मुसीबतां भारियां ने
जोगी मार मंतर करो सब हाजर जाह... | panjabi-pan |
मृत्यु गीत
राम भजो रे , भगवान मारो मन काई म लागी रयो ।
राम भजो रे , भगवान मारो मन काई म लागी रयो ।
राम भजो रे , भगवान राम भजो रे ।
राम भजो रे , भगवान राम भजो रे ।
भगवान मारो मन बेटाबहु म रमी रयो रे राम ।
भगवान मारो मन बेटाबहु म रमी रयो रे राम ।
भगवान मारो मन कई मा लागी रयो ।
राम भजो रे , भगवान राम भजो रे ।
राम भजो रे ,... | bhili-bhb |
24
नढी सयालां दी व्याहके लयावसां मैं करो बोलियां नाल ठठोलियां नी
बहे घत पीढ़ा वांग रानियां दे अगे तुसां जेहियां होवन गोलियां नी
मझू वाह विच बोड़ीए भाबियां नूं होण तुसां जहियां बड़बोलियां नी
वारस बस करो असीं रज रहे भर दितियां जो तुसां झोलियां नी | panjabi-pan |
अंगण खज़ूरां मैं लाईआं
अंगण खज़ूरां मैं लाईआं , मन मेरड़िआ
मैं घक़ कम्म ज़रूर , वीरां घर सोहलड़े
माई मेरी ने भाजी घल्ली , मन मेरड़िआ
पेके तां जाणा ज़रूर , वीरां घर सोहलड़े
देईं नी सस्से झग्गा टोपी , सस्सु मेरड़िए
मैं पेकड़े जाणा ज़रूर , वीरां घर सोहलड़े
लै लै नी नूहें झग्गा टोपी , नूहें मेरड़िए
आपनड़े घर राज , दिऊरां घ... | panjabi-pan |
अंगिका बुझौवल
तर खमेरी ऊपर झण्डा
जेकरोॅ पात सहस्सर खण्डा ।
ओल
हिन्हौ टट्टी , हुन्हौ टट्टी , बीच में मकइया
फरै में लदबद , खाय में मिठैइया ।
पानी के सिंघाड़ा
चलोॅ पाँचो भाय पाण्डव चरका पथलोॅ के पार करी दीहोॅ ।
अंगुरीदाँत
एक मुट्ठी नारोॅ
सौंसे घरोॅ छारोॅ ।
सिन्दूर
हिन्हौ टट्टी , हुन्हौ टट्टी , बीच में सड़कवा
फरेॅ लागलै का... | angika-anp |
केहा झेड़ा लायो ई?
आ सज्जण गल लग्ग असाडे ,
केहा झेड़ा लायो ई ?
सुत्तेआँ बैठेआँ कुझ ना डिट्ठा ,
जागदेआं सहु पायो ई ।
कुम्ब बि इजली शमस1 बोले ,
उल्टा कर लटकायो ई ।
इशकन इशकन लग्ग विच्च होइआँ ,
दे दिलास बिठायो ई ।
मैं तैं काटी नहीं जुदाई ,
फिर क्यों आप छुपायो ई ।
मज्झिआँ आइआँ माही ना आया ,
फूक बिरहों डुलायो ई ।
ऐस इशक दे ... | panjabi-pan |
लचिका रानी
चौथा खण्ड
रम्मा कुँवर सुमरै धरती मैयो रे ना
रम्मा वीर बाँके रणवीर कुवरवो रे ना
रम्मा दादियाँ के करै परनममो रे ना
रम्मा घोड़ियाँ पर होलै सबरवो रे ना
रम्मा बारप्पा सें करलकै परसथनमो रे ना
रम्मा चली देलकै दुश्मनमा के देशवो रे ना
रम्मा कुँवर बोलै घोड़ी सें बचनमो रे ना
रम्मा चले घोड़ी दुश्मनमा के देशवो रे ना
रम्म... | angika-anp |
कथि केर खटोलवा त कथि केर ओरहन हे
कथि1 केर खटोलवा त कथि केर ओरहन2 हे ।
ललना , सेहो चढ़ि धानि वेदनायली , 3 वेदने बेयाकुल हे ॥ 1 ॥
चनन कोरा खटोलवा , त रेसम के ओरहन हे ।
सेहो चढ़ि धानि वेदनायली , बेदने बेयाकुल हे ॥ 2 ॥
आन4 दिन सुतलऽ एके सेज , बहर5 सिरहाना6 कयले हे ।
धानि हे , आज काहे सुतलऽ दोसर सेजिया , परभु से बयर कयलऽ हे... | magahi-mag |
घोड़ा सरीका चमके होय तो भायर निकालो
घोड़ा सरीका चमके होय तो भायर निकालो
घोड़ा सरीका चमके होय तो भायर निकालो
समदन भायर निकालो
समदन भायर निकालो
हथ्थी सरीका डोले हो तो घर में रखी लेव
हथ्थी सरीका डोले हो तो घर में रखी लेव
घर में रखी लेव समदन घर में रखी लेवे
घर में रखी लेव समदन घर में रखी लेवे
स्रोत व्यक्ति योगेश , ग्राम बं... | korku-kfq |
सुआ गीत-2
तरी नरी नहा नरी नहा नरी ना ना रे सुअना
तिरिया जनम झन देव
तिरिया जनम मोर गऊ के बरोबर
रे सुअना
तिरिया जनम झन देव
बिनती करंव मय चन्दा सुरुज के
रे सुअना
तिरिया जनम झन देव
चोंच तो दिखत हवय लाले ला कुदंरु
रे सुअना
आंखी मसूर कस दार . . .
सास मोला मारय ननद गारी देवय
रे सुअना
मोर पिया गिये परदेस
तरी नरी नना मोर नहा ना... | chhattisgarhi-hne |
जय जय बोला जय भगोती नंदा (धार्मिक गीत)
जय जय बोला जय भगोती नंदा , नंदा उंचा कैलास की जय
जय जय बोला जय भगोती नंदा , नंदा उंचा कैलास की जय
जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू , तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय
जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू , तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय
जय जय बोला . . . . . . .
काली कुलसारी की , देवी उफरांई की . . .
नंदा राज ... | garhwali-gbm |
327
वेहड़े वालियां दानियां आखदियां क्यों बोलदियो नाल दवानड़े नी
कुड़ीए कासनूं झगड़े नाल जोगी एह तां जंगलीखडे निमानडे नी
मंग खायके सदा एह देहे तयागन तबू वैरने एह तानदे नी
कसब जानदे रब्ब दी याद वाला ऐडे झगड़े एह ना जानदे नी
सदा रहन उदास निरास नगे बिरछ फूक के सयाल गुजारदे नी
वारस शाह पर असां मलूम कीता जटी जोगी दोवें इकसे ... | panjabi-pan |
अँगना में चकमक, कोहबर अँन्हार
अँगना में चकमक , कोहबर अँन्हार1 ।
नेसि2 देहु दियरा3 होयतो4 इँजोर गे माइ ॥ 1 ॥
पान अइसन पतरी , सुहाग बाढ़ो5 तोर ।
साटन6 के अँगिया समाय7 नहीं कोर8 गे माइ ॥ 2 ॥
केंचुआ9 के चोरवा भइया , देहु न बँधाय ।
रउदा10 में बाँधल भइया , रहतन रउदाय11 ।
अँचरो में बाँधब भइया रहतन लोभाय ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
बिन्दी तो तुम पैरो हो बनीजी
बिन्दी तो तुम पैरो हो बनीजी ,
तुमखऽ बन्दड़ाजी बुलावऽ । ।
थारा रंगमहल कसी आऊं रे बना ,
म्हारा झाँझरिया की रूणुकझुणुक ,
म्हारा पिताजी सुणी लीसे ।
थारा पिताजी की गाळई हो बनी ,
मखऽ बहुतज प्यारी लागऽ । । | nimadi-noe |
मृत्यु गीत
टेक आर तुन मनक्या जनम गमायो हंसा , नाम नहिं जाण्यो राम को ।
चौक1 हारे खाई न दिन गमाविया रे हंसा ,
सोइ न गमाइ तुन रात रे , आरे हंसा सोइन गमाइ तुन रात रे
हीरा सरीका तुन जलम गमाया ,
एको कवड़ी मोल नइ पायो हंसा नहिं जाण्यो राम को ।
चौक2 तन की बणाइ तुन ताकड़ी , हांसा रे हांसा ,
मन को बणायो सेर रे , आरे हांसा मनको ... | bhili-bhb |
हे री आई सै रंगीली तीज
हे री आई सै रंगीली तीज , झूलन जांगी हे मां मेरी बाग मैं जी
बूड्ढा आया हे मां मेरी लेण नै जी , हां जी कोये नां जां बुड्ढे के साथ
झूलण जांगी हे मां मेरी बाग मैं जी
हे री आई सै रंगीली तीज , झूलन जांगी हे मां मेरी बाग मैं जी
जेठा आया हे मां मेरी लेण नै जी , हां जी कोये नां जां जेठे के साथ
झूलण जांगी ... | haryanvi-bgc |
हेरा गइले बदरी में चनवां
हेरा गइले बदरी में चनवां1 रे गुइयां चैत महीनवां ।
पागल पवनवां सुमनवा बटोरे ,
नरमी चमेलियन के बंहियां मरोड़े
पांख झारि नाचेला मोरवा रे गुइयां चैत महीनवां ।
कोइली के बोली मोरा जियरा जरावे ,
घरआंगन मोहे तनिको ना भावे
देवरा पापी निरखे जोबनवां रे गुइयां , चैत महीनवां । | bhojpuri-bho |
टिकवा ओलरि गेल माँग से
टिकवा1 ओलरि2 गेल माँग से ,
दुलहा पेन्हावे3 हाँथ से , गीभरू4 पेन्हावे हाँथ से ।
अहियात5 बाढ़े भाग से , सोहाग6 बाढ़े भाग से ॥ 1 ॥
कंठवा7 ओलरि गेल गल्ला8 से ,
दुलहा पेन्हावे हाँथ से , गभरू पेन्हावे हाँथ से ।
अहियात बाढ़े भाग से , सोहाग बाढ़े भाग से ॥ 2 ॥
बलवा9 ओलरि गेल लिलुहा10 से ,
दुलहा पेन्हावे ह... | magahi-mag |
बहै पुरवैया कोसी माय डोलले सेमैर
बहै पुरवैया कोसी माय डोलले सेमैर ,
नदिया किनारे महामैया भइये गेलखिन ठाढ़ि ।
नैया लाउ नैया लाउ मलहा जे भाय ,
पाँचो बहिन दोलिया मलहा उतारि दियौ पार ।
कथी के नैया कोसी माय कथी के पतवार ,
कोने विधि नैया उतारि दियौ पार ।
सोना के नैया कोसी माय रूपा के पतवार ,
झमकैत दोलिया उतारि दियौ पार ।
खनै... | angika-anp |
बेगी कीमड़ा खोले डो रानी
बेगी कीमड़ा खोले डो रानी
बेगी कीमड़ा खोले डो रानी
रानी डो बेगी कीमड़ा खोले
रानी डो बेगी कीमड़ा खोले
इयानी राजा ऊरान बन जा जोगी
इयानी राजा ऊरान बन जा जोगी
अरे जोगी मैं कैसी बेगी कीमड़ा खोले
अरे जोगी मैं कैसी बेगी कीमड़ा खोले
इयानी राजा ऊरान बने जा जोगी
इयानी राजा ऊरान बने जा जोगी
चोफरा टेमा बेगी... | korku-kfq |
आबहुँ बूढ़ी रूढ़ी छठी-पूजन
आबहुँ बूढ़ी रूढ़ी1 वयठहुँ आय ।
बबुआ के घोँटी2 देहु बतलाय ॥ 1 ॥
बचा3 महाउर4 आउर5 जायफर6 ।
सोने के सितुहा7 रूपे8 के काम ।
जसोमती घोँटी देल चुचकार ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
281
अवे सुनी चाका सुआह ला मुंह ते जोगी होयके नजर भवा बैठों
हीर सयाल दा यार मशहूर रांझा मौजां मन्न के कन्न पड़ा बैठों
खेड़े यार लै गए मुंह मार तेरे सारी उमर दी लीक लवा बैठों
तेरे बैठयां वयाह लै गए खेड़े दाड़ी परे दे विच मुणा बैठों
जदों डिठया चाआ ना कोई लगे ए बूहे नाथ दे अंत नूं जा बैठों
मंग छडीए नहीं जे जान होवे बली वधर... | panjabi-pan |
कौने राज उपजै कोसी माय
कौने राज उपजै कोसी माय
लांग ते हे इलेचिया
हे मेया कौने हे राज उपजै
सरर के हे गाछ हे कौने हे राज
तिरहुत राज उपजै छै कोसी माय
लांग ते हे इलेचिया
हे मैया मोरंग हे राज कोसी माय
सरर के हे गाछ हे मोरंग हे राज
कौने डाला तोरबैय हे कोसी माय
लांग ते हे इलेचिया
हे मैया कौने हे डाला तोरबैय
सरर के हे गाछ
हे म... | angika-anp |
मालिन के अँगना कसइलिया के गछिया
मालिन के अँगना कसइलिया1 के गछिया2 रने बने3 पसरल4 डार5 हे ।
घर से बाहर भेले दुलहा दुलरइते दुलहा , तोड़ हइ6 कसइलिया के डार हे ॥ 1 ॥
घर से बाहर भेले दादा दुलरइते दादा , मालिन ओलहन7 देवे हे ।
देखो बाबू साहब तोहरे8 पोता9 तोड़े हे10 कसइलिया के डार हे ॥ 2 ॥
लड़िका रहइते मालिन बरजतियइ11 छयला बरज... | magahi-mag |
सुणा मेरा स्वामी जी सावण आयो
सुणा मेरा स्वामी जी सावण1 आयो ।
रूणझुणया2 वर्षा , घनघोर लाया ।
दौड़ी दौड़ी कुयेड़ी3 , डाडू मा आयो ।
कुयेड़ी न स्वामी , अंधियारों छायो । | garhwali-gbm |
हाथ मऽ आरती नऽ खोळा मऽ पाती
”हाथ मऽ आरती , नऽ खोळा मऽ पाती ,
चलो म्हारी सई ओ , रनुबाई पूजाँ ।
पूजतजऽ पूजतजऽ ससराजी न देख्या ,
केतरा जाय पूत , म्हारी बहुवर वाँजुली ।
असलामसला कहाँ तक सहूँ हो ,
एक वार तो टूटो म्हारी माता , डोंगर की देवी ।
हळवा गयो होय तो हळई घर आवऽ ,
खेलवा गयो होय तो खेली घर आवऽ ,
पालणा को बाळो पालणऽ झूल... | nimadi-noe |
मैं चली पिया पेकड़े
मैं चली पिया पेकड़े
तुसी मगरे ही आ जाइओ
मैं ता मिलांगी उत्थे बेबे जी नू
तुसी बापू जी नु मिल आइओ
मगरों करयोजी तुसी पेरीपैणा
पहलां लै जाणा सुणा आइयो
मैं कहूँगी जी मैं नहीं जाना
किते छड्ड के ना जाइओ
थोड़ा बहुता उत्थे मैं रोऊँगी वी
तुसी ऐंवीं ना घबरा जाइओ | panjabi-pan |
इक नुकता यार पढ़ाया ए।
इक नुकता यार पढ़ाया ए ।
इक नुकता यार पढ़ाया ए ।
ऐन गैन दी हिक्का1 सूरत ,
हिक्क नुकते शोर मचाया ए ।
इक नुकता यार पढ़ाया ए ।
सस्सी दा दिल लुट्टण कारन ,
होत पुनूँ बण आया ए ।
इक नुकता यार पढ़ाया ए ।
बुल्ला सहु दी जात ना कोई ,
मैं सहु अनायत2 पाया ए ।
इक नुकता यार पढ़ाया ए ।
ऐन गैन दी हिक्का सूरत ,
हिक... | panjabi-pan |
गाली गीत
तारि माय नो काम कुण करसे वो बूढ़ी लाड़ि ।
करसे करसे ने घड़िक रड़से वो मारि बूढ़ी लाड़ि ।
तारि माय ना रूटा कुण करसे वो बूढ़ी लाड़ि ।
करसे करसे ने घड़िक रड़से वो मारि बुढ़ि लाड़ि ।
दुल्हन से वर पक्ष की महिलाएँ गीत में कह रही हैं कि बूढ़ी लाड़ी तेरी माँ का काम कौन करेगा ? वही करेगी और थोड़ी देर रोएगी । तेरी माँ क... | bhili-bhb |
बेदियनि बोलले बरुअवा
बेदियनि1 बोलले बरुअवा , जनेऊजनेऊ करे हे ।
बाबा , के मोरा बेदिया भरावत2 जनेउआ दियावत3 हे ॥ 1 ॥
हँसिहँसि बोलथिन4 बाबा , बोली भितराएल5
बबुआ , हम तोरा बेदिया भराएब , जनेउआ दियाएब हे ॥ 2 ॥
बेदियनि बोलले बरुअवा , जनेऊजनेऊ करे हे ।
चच्चा , के मोरा बेदिया भरावत , जनेउआ दियावत हे ॥ 3 ॥
हँसिहँसि बोलथिन चच्चा... | magahi-mag |
रमजनिया का दुखड़ा
रोईरोई कहतिया बुढ़िया रमजनिया ,
का कहीं ए बाबा आपन दुख के कहनियाँ ।
जेठवा बेटउआ के कइनी सगाई ,
अइसन बिआ मिलल दुलहिनिया भेटाइल ,
खटिया पर पानी ध के माँगे ले भोजनिया । का कहीं . . .
कबो उहो घरवा में झाड़ू ना लगावे ,
दिनभर भतरा के मुँहवे निहारे ,
भतरे के किरिया खाले मोर दुलहिनिया । का कहीं . . . | bhojpuri-bho |
572
रांझे हथ उठाय दुआ मंगी तेरा नास जबार कहार साई
तूं ते अपने नाम कहर पिछे एस शहर नूं कादरा अग लाई
सारा शहर उजाड़ के साढ़ रब्बा रख लई हैवान ते माल गाई
साडी शरम रहे करामात जागे बंने बेड़ियां साडियां जा लाई
वारस शाह पीरां सुनी कूक साडी अज राजे दे शहर नूं अग लाई | panjabi-pan |
छोटी-छोटी गइया
छोटीछोटी गइया छोटेछोटे ग्वाल ,
छोटौ सो मेरौ मदन गोपाल ।
आगेआगे गइया , पीछेपीछे ग्वाल ,
बीच में मेरो मदन गोपाल ।
छोटीछोटी गइया . . .
कालीकाली गइया गोरेगोरे ग्वाल ,
श्याम वरन मेरौ मदन गोपाल ॥
छोटीछोटी गइया . . . छोटौ सै मैरो . . . . . ॥
घास खाएँ गइया , दूध पीवे ग्वाल ,
माखन तो खावै मेरौ मदन गोपाल ,
छोटीछोट... | braj-bra |
558
खेड़े राजे दे आन हजूर होए मुंह बने ने आन फरयादियां दे
रांझे आखया खोह लै चले नढी एह खोहरू1 परहे वेदादियां2 दे
मैथों खोह फकीर तों उठ नठै जिवें पैसयां नूं डूम शादियां दे
मेरा नयां राजा साहब तेरे अगे एह वडे दरबार नी आदियां दे
चिटियां दाढ़ियां पगड़ियां वेख भुले एह शैतान ने अंदरों वादियां दे
वारस शाह बाहरों सुफैद सयाह वि... | panjabi-pan |
परोस दिया भात जी
धोया धोया थाल परोस दिया भात जी
आओ आओ जीजाजी बैठो म्हारै साथ जी
बैठो म्हारै साथ बताओ थारी जात जी
बाप म्हारा बैली , माँ ए चिंडाल जी
चारों भाई चोरटा , बैण उदाल जी
बुआ म्हारी बगतन , मोड्या रै साथ जी
धोया धोया थाल परोस दिया भात जी
आओ आओ साला जी बैठो म्हारै साथ जी
बैठो म्हारै साथ बताओ थारी जात जी
बाप म्हारा ... | haryanvi-bgc |
नद्दी नद्दी दिया बळऽ रे काई जनावर जाय
“नद्दी नद्दी दिया बळऽ रे , काई जनावर जाय ,
हरणी को पिलको ढोर चरावण जाय ।
ला ओ माय बकेड़ी । " | nimadi-noe |
इक्को रंग कपाई दा
इक्को रंग कपाई दा ।
सभे इक्को रंग कपाही दा ,
इक आपे रूप वटाई दा ।
अरूड़ी ते जे गद्दों चरावै ,
सो भी वागी गाई दा ।
सभ नगराँ विच्च आपे वस्से ,
ओहों मेहर सराई1 दा ।
हरजी आपे हर जा खेले ,
सद्दया चाईं चाईं दा ।
बाज बहाराँ ताँ तूँ वेखें ,
थीवें चाक अराईं2 दा ।
इशक मुश्क दी सार की जाणे ,
कुत्ता सूर सराईं दा ... | panjabi-pan |
यूँ को राज रखो देवता
यूँ को राज रखो देवता ,
माथा भाग दे देवता
यूँ का बेटाबेटी रखो देवता ,
यूँ का कुल की जोत जगौ देवता ।
यूँ का खाना जश दे ,
माथा भाग दे देवता
यूँ की डाँडो काँठ्यों1 मा ,
फूँलीं रौ फ्योंली2 डंड्यौली
यूँ कि साग सवाड़ी ,
रौन रोज कलबली3 ।
धरती माता सोनो बरखाओ ,
नाजा4 का कौठारा5 दे ,
धन का भंडारा दे । | garhwali-gbm |
लोक मारेन्दे ताने
इशक असाँ नाल केही कीत्ती , लोक मारेन्दे ताने ।
दिल दी वेदन1 कोई ना जाणे ,
अन्दर देस बगाने ।
जिस नूँ चाट2 अमर3 दी होवे ,
सोई अमर पछाणे ।
ऐस इशक दी औक्खी घाटी ,
जो चढ़ेआ सो जाणें ।
इशक असाँ नाल केही कीत्ती , लोक मारेन्दे ताने ।
आतश4 इशक फराक5 तेरे दी ,
पल विच्च साड़ विखाइआँ ।
ऐस इशक दे साड़े कोलों ,
जग्... | panjabi-pan |
हरियर लेमुआ हे हरियर जोवा केरा खेत1
हरियर1 लेमुआ2 हे हरियर जोवा3 केरा4 खेत ॥ 1 ॥
एक अचरज हम सुनलूँ , दुलरइते बाबू के मड़वा5 जनेऊ ।
मड़वहिं बैठल दुलरइते बाबू , गेंठ जोड़ि6 दुलरइते सुहवे7 हे ॥ 2 ॥
बेदिअहिं8 घीउ9 हे ढारिये गेल , सगरो10 भेइ गल इजोर11 ।
सरग12 अनंद भेल पितर लोग , अबे बंस बाढ़ल13 मोर ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
बिहुला कथा
मनसा पूजा तथा बिषहरी चरित्र
बिहुला कथा
प्रथम खण्ड
दूसरा भाग
तीसरा भाग
चौथा खण्ड
पांचवां खण्ड
छठवां खण्ड
सातवां खण्ड
आठवां खण्ड
नवाँ खण्ड | angika-anp |
ईसुरी की फाग-18
जौ जी रजउरजउ के लानैं
का काऊ से कानैं
जौ लौ जीने जियत जिन्दगी
रजुआ हेत कमाने
पैले भोजन करै रजऊआ
पाछे मो खौं खानै
रजउ रजउ को नाँव ' ईसुरी '
लेत लेत मर जानै ।
भावार्थ
अपनी प्रेयसी " रजउ " के विरह में तड़पते ईसुरी कहते हैं — मेरे ये प्राण रजउ के ही लिए हैं , मुझे किसी से क्या कहना . . . ? जब तक जीना है , ज... | bundeli-bns |
तरो रिरम वोजा डाई टरोव गोगाठ
तरो रिरम वोजा डाई टरोव गोगाठ
बोजा डाई टरोब गोगाठ
टरोब गोगाठ वोजा डाई टरोब गोगाठ
टरोब बीली जो ऐन डाई डागा टाटोम
ये मेन्डाई डागा टा टाम
जामुनि हिटो जीरा डो बकजे रा बन डानी
नुये डो बोकजई रा बन डानी
स्रोत व्यक्ति चारकाय बाई , ग्राम माथनी | korku-kfq |
काला दाम्मन चक्कर काटै
काला दाम्मन चक्कर काटै
जम्फर करै कमाल मेरा
ज्यादा मत ना बोलिये
मारूंगी हरिया रूमाल मेरा | haryanvi-bgc |
आल्हा ऊदल
गज भर धरती घट जैहें प्रक चोट करों दैब से मार
तब तो बेटा जासर के नैं याँ पड़े रुदल बबुआन
चल गैल रुदल ओजनी से गढ़ पिअरी में गैल बनाय
लागल कचहरी है डेबा का जहवाँ रुदल पहुँचे जाय
सोना पलँगरी बिछवाइ सोना के मोंढा देल धरवाय
सात गलैचा के उपर माँ रुदल के देल बैठाय
हाथ जोड़ के रुदल बोलल बाबू डेबा ब्राहमन के बलि जाओं
ल... | bhojpuri-bho |
142
मैंनूं मार के उधलां मुंज कीता झुगी लाए मुआतड़े साड़ियां ने
दौर भन्न के कुटके साड़ मेरे पैवंद जुलियां फोल के पाड़ियांने
भन्न कुटीया मेरी अफीम लुटी मेरी बावनी चाए उजाड़ियां ने
धाड़ेमार धड़वैल एह माल लुटण मेरा मुलख लुटिया ऐनां लाड़िया ने
झूठियां सचियां चुगलियां मेल के ते घरोघरी तूं लूतिया1 सुनावना एं
पिउ पुतरां नूं या... | panjabi-pan |
राम भजन कर भाई रे निगुरा
राम भजन कर भाई रे निगुरा ,
नाव किनारा आई रे निगुरा
१ पैसा सरीका टिपारा ,
जीसमे अंडा धरावे
आट मास गरब म रइयो
करी किड़ा की कमाई . . .
रे निगुरा . . .
२ इना नरक से बाहर करो ,
कळु की हवा खावा
हाथ जोड़ी न कलजुग म आयो
प्रभु क पल म भुलायो . . . .
रे निगुरा . . .
३ बाल पणो तुन खेल म गमायो ,
जवानी म भरन... | nimadi-noe |
झूलण जांगी ऐ मां मेरी बाग में री
झूलण जांगी ऐ मां मेरी बाग में री
आं री कोए संग सुहेली च्यार
झूलण जांगी ए मां मेरी बाग में री
कोए पंदरां की मां मेरी कोए बीस की री
आं री को संग सुहेली च्यार
झूलण जंगी ए मां मेरी बाग में री
कोए गोरी ए मां मेरी कोए सांवरी री
आं री कोए संग की सहेली च्यार
झूलन जांगी हे मां मेरी बाग में री | haryanvi-bgc |
जब तौं घर तैं लीकड़या गभरू सेर जुआन
जब तौं घर तैं लीकड़या गभरू सेर जुआन
हो गया सौण कसौण गभरू सेर जुआन
हाय हाय गभरू सेर जुआन
बाम्मै बोल्ली कोतरी दहणै बोल्या काग
गभरू सेर जुआन हाय हाय गभरू सेर जुआन
मारी क्यों ना कोतरी तैने मार्या क्यों ना काग
हाय हाय गभरू सेर जुआन
कनअ तेरी बांधी पालकी कनअ तेरा कर्या सिंगार
हाय हाय गभरू स... | haryanvi-bgc |
जी पहला मास जै लागिया, दूध दही मन जाय
जी पहला मास जै लागिया , दूध दही मन जाय ,
मेरे अंगणा में अमला बो दिया ।
दूजा मास जै लागिया , मेरा निबुआं में मन जाय ,
मेरे अंगणा में अमला बो दिया ।
तीजा मास जै लागिया , मेरा बेरा में मन जाय ,
मेरे अंगणा में अमला बो दिया ।
चौथा मास जै लागिया , मेरा लाडूआं ने मन जाय ,
मेरे अंगणा में अ... | haryanvi-bgc |
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भरजाइयां आखया रांझिया वे असीं बांदियां तेरियां हुंनीयां हां
नाम लैना एं जदों तूं जावणे दा असीं हंजड़ रतदियां रूंनीयां हां
जान विच ऊलांभियां आ गई तेरे दरद फिराक चा भुंनीयां हां
सानूं सबर करार अराम नाहीं वारस शाह तों जदों वछुनीयां हां | panjabi-pan |
अठमी के भेल नंदलाल, बधावा ले के चलऽ
अठमी1 के भेल2 नंदलाल , बधावा ले के चलऽ3
मेरो मन भेल नेहाल , 4 बधावा ले के चलऽ ॥ 1 ॥
सोने के छूरी से नार5 कटायल , 6 रूपे7 खपर8 नेहायल ।
कानों में कुंडल , गले में मोहर , केसों में झब्बूदार ॥ 2 ॥
रेसम के कुलिहा , 9 साटन के टोपी , बीचे बीचे गोटा10 लगाय ।
सेही पहिर के कन्हैयाजी बिहँसथ , ग... | magahi-mag |
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सहती सने लौंडी1 हथ पकड़ मोहली जैंदे नाल छडें़दियां चावले नूं
गिरद आन होई वांग जोगनां देखूब फंड चाढ़ी ओस रावले नूं
खपर सेलियां तोड़के गिरद होईयां ढाह घतयो ने सोहने सावले नूं
अंदर वाड़के हीर नूं मार कुंडा बाहर कुटयो खूब लटवावले नूं
घड़ी घड़ी नालों इको मार मारी उन्हां तकयासी इस लावले नूं
वारस शाह मियां नाल मुहलयां दे ... | panjabi-pan |
चन्दन से भरी हो तळाई
चन्दन से भरी हो तळाई ,
राणी रनुबाई पाणी खऽ संचरिया ।
आगऽ जाऊँ तो डर भय लागऽ ,
पाछऽ रहूँ तो घागर नहीं डूबऽ
सिर लेऊँ तो बाजूबंद भींजऽ कड़ऽ लेऊं तो बाळों रड़ऽ | nimadi-noe |
Subsets and Splits
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