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उतरहि राज से ऐली माँ हे कोसिका हे
उतरहि राज से ऐली माँ हे कोसिका हे
पश्चिम केने जाय कोसीमाय असीधार ।
हरदी रंगल साड़ी गे कोसी माय
सिनुरा भोगारल
अंचरा करै छी महामहि
जुन छेडु जनु छेडु
छोड़ा रे मलहवा ,
हमछी बिन पुरूषक नारि । । | angika-anp |
बिदाई
1
ये बेरा गाये जाने वाला गीत म कन्या ओकर दाई , ददा , भाई अउ सब्बो मयारूमन के पिरा भरे होथे । दाई ह दुख म इंहा तक की डारथे…
बेटी के संचरत जान पाइतेंव
अंडी के पान ला खा लेतेंव
कोखिया ला पार लेतेंव बांझ
बेटी ह घलो कतार हो जथे । वहू अनजान संग बने रिस्ता ले दुखी हे , जे ओला जीवन भरबर ओकर घर ले बिलग करके लेगत हे । ओकर ... | chhattisgarhi-hne |
339
असां जादूड़े घोलके सभ पीते करां बाबरे जादूआं मालयां नूं
राजे भोज1 जेहे कीते चा घोड़े नहीं जानदा साडयां चालयां नूं
सिर कप रसालू2 नूं वखत पाया घर मकर3 होया सीता वासते भेद वखालयां नूं
रावन लंक लुटायके गिरद4 होया सीता वासते भेद वखालयां नूं
सके भाइयां नूं करन नफर5 राजे अते राज बहांवदे सालयां नूं
यूसफ बंद6 विच पा जहीर7 क... | panjabi-pan |
लहेरियो
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा
म्हारा सासूजी तो गढ़ रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा... | rajasthani-raj |
कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ?
‘कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ ? ’
”कैसो च भण्डारी तेरो मलेथ ?
देखी भलो ऐन सैवो तेरो मलेथ । “
”ढलकदी1 कूल2 मेरा मलेथ
गाँऊ मुड़े को धारो मेरा मलेथ
पालिंगा3 को बाड़ी मेरा मलेथ
छोलिंग बिजोरा4 मेरा मलेथ
गांयियों को गुठधार5 मेरा मलेथ
भैंस्यों का खरक6 मेरा मलेथ
बैजूका बांदूका7 लड़का8 मेरा मलेथ
वैखूका9 डस... | garhwali-gbm |
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
सुबान डोर जनी रोसवा
टूरीनी हरीन झूडी डोर जनी
सुबान डोर जनी रोसवा
चोजमा सन्टी डोरानी रोसावा
चोजमा सन्टी डोरानी रोसावा
कडैया सन्टी वाडो रजनी रोसवा
कडैया सन्टी वाडो रजनी रोसवा
स्रोत व्यक्ति शिवनारायण , ग्राम बंदी | korku-kfq |
सो जा वा रे वीर तुम तो सो जाओ वा रे वीर
सो जा वा रें वीर , तुम तो सो जाओ वा रे वीर ।
बीरन की बलैयां ले गईं जमुना के तीर । ।
वर पे डाले पालना , पीपल पे डारी डोर ।
जो लों कन्हैंया सोवन लागे ऊपर बोली मोर ।
सो लो मोरे लाड़ले , तुम जब लो होने भोर ।
आवतजावत झोंका देहों , कबहूं न टूटे डोर ।
माई गई है मायके , बीरन गये ससुराल ।... | bundeli-bns |
लाडो सोई सोई उठि जांगियां
लाडो सोई सोई उठि जांगियां
अपने बाबा जी से वर मांगियां
या तो बाबा मुझे चन्दा दे दो
या तो फूल गुलाब का
बाबा हमें चन्द्र सलोना दे दो
बाबा हमें साजन के घर भेजो | haryanvi-bgc |
लाग्या लाग्या, लाग्या नैण
लाग्या लाग्या , लाग्या नैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
जाग्याजाग्या दिन और रैण
कँईया लाग्या जी थाँहसू नैण
अजी किस विध लाग्या जी थांहसू नैण
काहै लाग्या जी थांहसू नैण
लाग्या लाग्या , लाग्या नैण
अंतरा १
नित ड्योढी रा काग उडाऊं
दिवलो आलियां सांझ जगाऊं
ऊँची अटारी बैठ उडीकूं
बाटाँ थान्हारी दिन और रैण... | rajasthani-raj |
210
काज़ी आखदा एह जो रोड़ पका हीर झगड़यां नाल ना हारदी ए
ल्याओ पढ़ो नकाह मूंह बन्न इसदा मता कोई फसाद गुजारदी ए
छड मसजदां डेरियां विच वढ़दी छड बकरियां सूरियां चारदी ए
वारस शाह मधानिएं हीर जटी इशक दहींदा घिउ नितारदी ए | panjabi-pan |
86
हीर ढाह के आखया मियां चाचा चूरी देह जे जीऊणा लोड़ना एं
नहीं ते मारके जिंद गवा देसों मैंनूं किसे ना हटकणा होड़ना एं
बन्ह हथ ते पैर लटका देसां लड़ लड़कियां नाल की जोड़ना एं
चूरी देह खां नाल हया आपे वारस शाह दे नाल अजोड़ना एं | panjabi-pan |
311
लागे हथ जे पकड़ पछाड़ सटों तेरे नाल करसां तां तूं जानसै वे
हिक हिक कसां भन्न लिंग तेरे तदों राब नूं खूब पछानसै वे
वेहड़े वड़े तां भन्नांगी टिंड तेरी तदों शुकर बजा लयानसै वे
गदे1 वांग जा जूड़ के घड़ां तैनूं तदों छट तदबीर दी छानसै वे
सहती उठ के घरां नूं घूक चली मंगन आवसें तां मैंनूं जानसै वे
वारस शाह वांगू तेरी करां ... | panjabi-pan |
403
चीना रब्ब ने रिजक बना दिता ऐब घरीना त्रखड़ी जुखयां दा
अन्न चीने दा खाईए नाल लसी सुआद आंवदा टुकड़यां रूखयां दा
बनन पिंनीयां एसदे चावलां दीयां माई बाप है नगयां भुखयां दा
वारस शाह मियां नवां नजर आया एह चालड़ा लुचयां खुचयां दा | panjabi-pan |
कद की देखूं थी बाट माई
कद की देखूं थी बाट माई जाए सब तै रे पहला न्योतियां
कित सी अक लाई सै वार सब तै रे पहला न्योतियां
तेरी भावज ने ला दई वार अपना हे कुंवर सजावतीं
कद की देखूं बाट सब तै रे पहला न्योतियां
दर्जी ने लाई सै वार कपड़े सिवावतीं
सुनरै ने लाई सै वार तेरा हे हंसला घड़ावतीं
तै कित जाइ्र सै वार भाई जाए सब तै रे प... | haryanvi-bgc |
सुआ गीत-4
तरी नरी नहा नरी नही नरी ना ना रे सुअना
मोर नयना जोगी , लेतेंव पांव ल पखार
रे सुअना तुलसी में दियना बार
अग्धन महीना अगम भइये
रे सुअना बादर रोवय ओस डार
पूस सलाफा धुकत हवह
रे सुअना किटकिट करय मोर दांत
माध कोइलिया आमा रुख कुहके
रे सुअना मारत मदन के मार
फागुन फीका जोड़ी बिन लागय
रे सुअना काला देवय रंग डार
चइत जंवा... | chhattisgarhi-hne |
अंगिका फेकड़ा
दहू भगवान गरदौआ झोॅर
बकरी भागतै जैबोॅ घोॅर ।
हम्में बाबू मचोल पर
लेद्धोॅ छौड़ा हेठ में ।
चान मामू चान मामू खुरपा देॅ ।
सेहो खुरपा कथी लेॅ ?
घसवा गढ़ावै लेॅ ।
सेहो घसवा कथी लेॅ ?
गइया खिलावै लेॅ ।
सेहो गइया कथी लेॅ ?
दहिया जमावै लेॅ ।
औंटल गेल , पौटल गेल
कोठी तर जनमायल गेल
जोरन आनै गेलाँ छी गोबर माखी ऐलाँ ... | angika-anp |
फाग गीत
मारा आँगना मा भाँगड़ी नु झाड़
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू ।
सासरा मा मारी सासुरी नु दख
पीयरा मा आऊ मारी आई नु लाड़
मारी आई जी नु लाड़ ।
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू
मारा आँगना मा भाँगड़ी नु झाड़
सासरा मा जाऊँ मारा सुसरा नु दख
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बाकू . . . ।
पीयरा मा आऊँ बाजी नु लाड़
ढोला मारुजी पीवे रे तम्बा... | bhili-bhb |
भँवर म्हाने खेलण दयो गणगौर
इस गीत में पत्नि पति से गणगौर उत्सव में शृंगार पदार्थ लाकर देने का निवेदन करती है . . .
भँवर म्हाने खेलण दयो गणगौर
ऐसी म्हारी
लाड बरण का बीर
भँवर म्हाने पूजन दयो गणगौर
माथे पे मेमद ल्याओ ऐसी
म्हारी रखडी रतन जडायो
भँवर म्हाने चूडला ल्याओ
भँवर म्हारे पाँव मैं पायल ल्याओ
ऐसा म्हारा
बिछुआ जुटणा ब... | rajasthani-raj |
की जाणा मैं कोई
की जाणा मैं कोई वे अड़िआ , की जाणा मैं कोई
जे कोई अन्दर बोले चाले , जात असाडी सोई ।
जिस दे नाल मैं नेहुँ लगाया , ओहो जेही होई ।
की जाणा मैं कोई ।
चिट्टी चादर लाह सुट्ट कुड़ीए , पहल फकीराँ दी लोई ।
चिट्टी चादर नूँ दाग लग्गेगा , लोई नूँ दाग न कोई ।
की जाणा मैं कोई ।
अलफ पछाता बे पछाती , ते तलावत1 होई ।
सी... | panjabi-pan |
बना तुम किनका बुलाया रे जल्दी आया
बना तुम किनका बुलाया रे जल्दी आया ।
बनी थारा पिताजी न लिख्यो कागज भेज्यो ,
बनी हम उनका बुलाया रे जल्दी आयो । ।
बनी म्हारा हाथी झूलऽ द्वार ,
म्हारा यहाँ घोड़ा की घमसाण ,
म्हारी चाँदनी पर चौसर खेलणऽ आवजो । ।
बना म्हारी हलुदी भर्यो अंग ,
म्हारी पाटी मऽ गुलाल
म्हारी चोटी मऽ अत्तर ,
बना म्ह... | nimadi-noe |
394
भाबी एस जे गधे दी अड़ी अधी असीं रन्नां भी चैंचल हारियां हां
देह मारया एस जहान ताजा असीं रोज मीसाक1 दियां मारियां हां
जे एह जिद दी छुरी है हो बैठा असीं रन्नां भी तेज कटारियां हां
एह गुंडयां विच है पैर धरदा नहीं बांकियां एस तों डारियां हां
मरद रंग महल हन इशरतां2 दे असीं जौक3 दे मजे दियां नारियां हां
एस चाक दी कौन मजा... | panjabi-pan |
238
रांझे आखया लुटदी हीर दौलत जरम1 गालिए तां भेत पा लईए
रंग होर वटाय के जा वड़ीए नाल हीर दे अंग लगा लईए
इक होवना रिहा फकीर मैथों जरा इतना भी वस ला लईए
मखन पालया चिकना नरम पिंडा जरा सवाह दे विच रला लईए
किसे जोगी तों सिखीए सेहर2 कोई चेले होए के कन्न पड़ा लईए
अगे लोकां दे झगड़े बाल सेके जरा आपने नूं चिनग ला लईए
अगे झंग सय... | panjabi-pan |
बाबू, दादी पूछतूँ ह घड़ी रे घड़ी
बाबू , दादी पूछतूँ ह1 घड़ी रे घड़ी ।
बाबू कइसन2 बनल हौ3 ससुर के गली ॥ 1 ॥
मामा4 का तूँ पूछऽ हऽ5 घड़ी रे घड़ी ।
मामा , सोने के मढ़ल ससुर के गली ॥ 2 ॥
बाबू , झुट्ठो बड़ाई हमरा से करी ।
कादो कीचड़ भरल हे ससुर के गली ॥ 3 ॥
बाबू , भूल गेलऽ आपन बाबू के गली ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा
प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा , पिच्छों पछतावेंगा ।
जान्दा जाह ना आवीं फेर ,
ओत्थे बेपरवाही ढेर ,
ओत्थे डहल1 खलोन्दे शेर ,
तूँ वी फँधिआ जावेंगा ।
प्यारिआ सँभल के नेहुँ लगा , पिच्छों पछतावेंगा ।
खूह विच्च यूसफ पायो ने ,
फड़ विच्च बाज़ार विकायो ने ,
तूँ कौडी मुल्ल पवावेंगा ।
प्यारिआ सँभल के नेहुँ लग... | panjabi-pan |
राते बरस गओ पानी
राते बरस गओ पानी
काय राजा तुमने ना जानी ।
अंटा जो भीजे अटारी भींजी ,
भींजी है धुतिया पुरानी काय राजा
बाग जो भींजे बगीचा भींजे
माँलिन फिरे उतरानी काय राजा
कुंआ है भर गओ , तला है भर गओ
कहारिन फिरे बौरानी काय राजा
गैयां भीजी बछिया भींजीं
नदियन बढ़ गओ पानी काय राजा | bundeli-bns |
207
काज़ी मां ते बाप करार कीता हीर रांझने नाल वयाहुनी ए
असां ओसदे नाल चा सिदक कीता गल गोर1 दे तीक निभाहुनी ए
अन्त रांझे नूं हीर परना देनी कोई रोज दी एह पराहुनी ए
वारस शह ना जानदी मैं कमली खोरश2 शेर दी गधे ने डाहुनी ए | panjabi-pan |
बनी ! थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै
बनी थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै
झमकू थूंई मत जाणे " राइवर " ऐकला रै
साथे चूड़ीदार , चौपदार , हाकिम ने हवालदार
कागदियों से कांमदार , काका ऊभा किल्लेदार
भौमा ऊबा मज्जादार , सखाया सब लारोलार
फूल बिखौरे गजरों गंधियों रै
बनी थूंई मत जाणे बनासा एकला रै | rajasthani-raj |
धण पिआ मताए मताइआं जी
धण पिआ मताए मताइआं जी
जी पिआ कहो तो चीठी लिख गेरां
मेरा राजिड़ा
कहो तो सांडिआं भेजां जी
जी पिआ चीठी तो मजले मजले जा
मेरा राजिड़ा
सांडिआ जावै तावली जी
जी पिआ न्योंदूंगी बाप मेरे कै सीम
मेरा माईजाया
सीम सधै की पीपली जी
रे बीरा न्योंदूंगी बाप मेरे के खेत
हाली हल बीरा जोतिआ रे
रे बीरा न्योंदूंगी बाप म... | haryanvi-bgc |
आसा की जोत
रैंन अँदिरिया गैल भुलानी ;
हिलबिलान हो गई जिँदगानी ।
मिरगा ढूँड़ रए कस्तूरी ,
आसा होत न उनकी पूरी ।
भरत चौकड़ीं देख मरीची
कितनी नाप लई है दूरी ।
सेंतमेंत हो रई नादानी ;
हिलबिलान हो रई जिँदगानी ।
कौन घरी में भाँवर पारी ,
घिरी बदरिया कारीकारी ।
धुरुब तरइया देख न पाए
कैसें गैल मिलै अबढारी ?
थेबौ खात फिरत अग्यान... | bundeli-bns |
कर कत्तण वल ध्यान कुड़े
नित्त मत्तीं देन्दी माँ धीआँ ,
क्यों फिरनी ऐं ऐंवें आ धीआँ ,
नी शरम हया ना गवा धीआँ ,
तूँ कदी ताँ समझ नादान कुड़े ।
कर कत्तण वल ध्यान कुड़े ।
चरखा मुफ्त तेरे हत्थ आया ,
पल्लिओं नहीओं कुझ खोल गवाया ,
नहीओं कदर मेहनत दा पाया ,
जद होया कम्म आसान कुड़े ।
कर कत्तण वल ध्यान कुड़े ।
चरखा बणिआ खातर तेरी... | panjabi-pan |
आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे
आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे
आला जडूका सायला रे राजा सूखा जडूका सायला नहीं रे
इंजनी जेनोमा का बंझोटी जा राजा धामू टीसो सेने मारे
इंजनी जेनोमा का बंझोटी जा राजा धामू टीसो सेने मारे
आमा रानी ककोटा केनवेन्ज राजा आमा रानी झूला में झूले
आमा रानी ककोटा केनव... | korku-kfq |
323
कच कवारिये लोहड़े दीये मारीए नी टूने हारीए आख की आहनी ए
भलयां ना बुरी काहे होवनी एं काई बुरी ही फाउनी फाहनी ए
असां भुखयां आन सवाल कीता केहियां गैब दियां ढुचरां डाहनी ए
विचों पकीए छैल उचकीए नीराह जांदड़े मिरग पई फाहनी ए
गल हो चुकी फेर छेड़नी ए होर शाख नूं मोड़ की वाहनी ए
घर जान सरदारां दे भीख मंगे साडा अरश1 दा किंगर... | panjabi-pan |
ऐसी को खेले तोसे होरी
ऐसी को खेले तोसे होरी ॥ टेक
बारबार पिचकारी मारत , तापै बाँह मरोरी । ऐसी .
नन्द बाबा की गाय चराबो , हमसे करत बरजोरी ।
छाछ छीन खाते ग्वालिन की , करते माखन चोरी । ऐसी .
चोबा चन्दन और अरगजा , अबीर लिये भर झोरी ।
उड़त गुलाल लाल भये बादर , केसरि भरी कमोरी । ऐसी .
वृन्दावन की कुंज गलिन में , पावौं राधा ग... | braj-bra |
हरियाले बन्ने चीरा तो ले दूं तेरी मौज का
हरियाले बन्ने चीरा तो ले दूं तेरी मौज का
सहजादे बन्ने कच्ची कली ना तोड़ियो
हरियाले बन्ने मालन देगी गालियां हो तेरे ताई
रंगीले बन्ने पाकन दे रस होन दे
हरियाले बन्ने झुका दूंगी डालियां हो तेरे ताई
हरियाले बन्ने . . . | haryanvi-bgc |
ऐसी चुंदड़िया लाओ मेरे बाबा
ऐसी चुंदड़िया लाओ मेरे बाबा वाऊ पै रतन जड़ाइये
आधी चुनड़िया पै मानक मोती आधी पै रतन जड़ाइये
चुनड़ी ओढ़ लाजो बैठी है चौक पै केस लिये छिटकाये
अब का सरम रही है मेरे बाबला बैठी हूं चारों दल जोड़ कै
एक आपु दल दूजा बापु दल तीजा दल राजा भातिये
चौथा दल साजन का लड़का मुकुट बांध घर आइये
ऐसी चुंदड़िया ... | haryanvi-bgc |
आल्हा ऊदल
नाम रुदल के सुन गैले सोनवा बड़ मंड्गन होय जाय
जे बर हिछलीं सिब मंदिर में से बर माँगन भेल हमार
एतो बारता है सोनवा के रुदल के सुनीं हवाल
घोड़ा बेनुलिया पर बघ रुदल घोड़ा हन्सा पर डेबा बीर
घोड़ा उड़ावल बघ रुदल सिब मंदिर में पहुँचल जाय
घोड़ा बाँध दे सिब फाटक में रुदल सिब मंदिर में गैल समाय
पड़लि नजरिया है सोनवा के... | bhojpuri-bho |
कटोरनि पियली कोसिला रानी, अउरो सुमिन्त्रा रानी हे
कटोरनि1 पियली कोसिला रानी , अउरो सुमिन्त्रा रानी हे ।
ए ललना , सिलि2 धोइ पियलन केकइ रानी , तीनों रानी गरभ से हे ॥ 1 ॥
कोसिला रानी के मुँह पियराएल , देह दुबराएल3 हे ।
ए ललना , दसरथ मनहिं अनन्दे , कोसिला जरि4 रोपली हे ॥ 2 ॥
आधी राति बीतले पहर राति बीतले हे ।
ए ललना , कोसि... | magahi-mag |
प्यारे बिन मसलत उठ जाणा
प्यारे बिन मसलत उठ जाणा ,
तूँ कदे ताँ होए सिआणा ।
कर लै चावड़1 चार दिवाड़े ,
थीसें अंत निमाणा ।
जुल्म करें की लोक सतावें ,
क्यों कीओ उलट कहाणा ।
जिस बाटे दा माण करें तूँ ,
सो भी संग ना जाणा ।
खामोश शहर नूँ वेख हमेशा ,
सारा जग इस माहि समाणा ।
भर भर पूरे लंघावे डाढा ,
मलकुल2 मौत मुहाणा ।
ऐथे जितने... | panjabi-pan |
576
लै के चलया अपने देस वले चल नढिए रब्ब दिवाई ए नी
चैधरानिए तखत हजारे दिए पंजां पीरां नूं वत घिणाईए नी
कढ खेड़यां तों रब्ब दिती ए तूं अते मुलक पहाड़ पहुंचाईए नी
हीर आखया ऐव जे जा वड़सां रन्नां आखसन उधली आईए नी
घत जादुड़ा देयों ने परी ठगी हूर आदमी दे हत्थ आईए नी
वारस शाह परेम दी जड़ी घती मसतानड़ी चा बनाईए नी | panjabi-pan |
तुमको मैं टोना करूँगी रे
तुमको मैं टोना करूँगी रे , बाली1 भोली का दुलहा ॥ 1 ॥
सेहरे में टोना भेजा , सेहरा बाँधि2 आया रे , मेरा असला3 दमदवा ।
तुझको मैं टोना करूँगी रे , बाली भोली का दुलहा ।
तुझको मैं टोना करूँगी रे , मेरा नेवता4 दमदवा ।
तुझको मैं टोना करूँगी रे , मेरा झुकता5 दमदवा ॥ 2 ॥
जोड़े में टोना भेजा पेन्हि6 आया र... | magahi-mag |
हे लठ्याली तू कैकी बौराण छ?
हे लठ्याली1 तू कैकी बौराण छ ?
धुँवाँसी धुपली2 , पाणी सी पतली ,
केलासी गलखी , नौण3सी गुँदगी ,
दिवा जसी जोत , कैकी बौराण छ ?
इनी मेरी होंदी जिकुड़ी4 मा सेंदी5 ।
बादल सी झड़ी , दूबला6 सी लड़ी ,
भीमल सी सेटकी7 लाबू8 सीठेलकी ,
फ्यूँली9 कीसी कली , कैकी बौराण छ ?
नाक मा छ तोता , जीभ मा क्वील ,
आँख्... | garhwali-gbm |
121
रांझे आखया आउ खां बैठ हीरे कोई खूब तदबीर बनाइए नी
माओं बाप तेरे दिलगीर हुंदे किवें ओहनां ते बात छपाइए नी
मिठी नायन नूं सद के गल कीजे जे तूं कहें तेरे घर आइए नी
मैं सयालां दे वेहड़े वड़ां नाहीं मैथों हीर नूं नित पुचाइए नी
दिने रात तेरे घर मेल साडा साडे सिर अहिसान चढ़ाइए नी
हीर पंज मोहरां हथ दितियां नी किवें मिठीए डौ... | panjabi-pan |
कोई बरसन लागी काली बादली!
कोई बरसन लागी काली बादली
" डौलै तै डौलै , हालीड़ा , मैं फिरी
मन्ने किते न पाया थारा खेत । "
बरसन लागी काली बादली
" कोई चार बुलदांका , हालीड़ा , नीरना
दोए जणिएँ की छाक "
बरसन लागी काली बादली
" कितरज बोया , हालीड़ा , बाजरा ?
कोई कितरज बोई जवार ? "
बरसन लागी काली बादली
" थलियाँ तै बोया , गोरी धन ... | haryanvi-bgc |
पाँच बधावा म्हारे ये भल आया
पाँच बधावा म्हारे ये भल आया
आया तो कई ऐ म्हारा देस में
पेलो बधावो म्हारा ससरा घर भेज्यो
दूसरो बधावो म्हारा बाप क्यां
तीसरो बधावो म्हारा जेठ क्यां भेज्यों
चौथो बधावो म्हारा बीर क्यां
पाँचबो बधावो धन री कूंख से लाणी
जासे सरब सुख होय हो
ससरा सपूतां सूं सरंबद रेस्यां
बापरे बल आपने
सासू सपूती सूं... | malvi-mup |
झनकारो झनकारो झनकारो
झनकारो झनकारो झनकारो
गौरी प्यारो लगो तेरो झनकारो २
तुम हो बृज की सुन्दर गोरी , मैं मथुरा को मतवारो
चुंदरि चादर सभी रंगे हैं , फागुन ऐसे रखवारो ।
गौरी प्यारो…
सब सखिया मिल खेल रहे हैं , दिलवर को दिल है न्यारो
गौरी प्यारो…
अब के फागुन अर्ज करत हूँ , दिल कर दे मतवारो
गौरी प्यारो…
भृज मण्डल सब धूम मची ... | kumaoni-kfy |
दर्शन कूँ आनाकानी मत करै
वारे लाँगुरिया दर्शन कूँ आनाकानी मत करै ,
मैंने बोली है करौली की जात ॥ लँगुरिया .
वारे लाँगुरिया नैनन सुरमा मैंने सार कै ,
कोई बिन्दी लगाय लई माथ ॥ लँगुरिया .
वारे लाँगुरिया हाथन में कंगन मैंने पहिर लगये ,
और मेंहदीउ लगाय लई हाथ ॥ लँगुरिया .
वारे लाँगुरिया साड़ी तो पहिरी टैरालीन की ,
कोई साया त... | braj-bra |
फूली जालो काँस ब्बै, फूली जालो काँस
फूली जालो काँस1 ब्बै , फूली जालो काँस ,
म्योलड़ी2 बासदी ब्बै , फूलदा बुराँस
हिंसर की काँडी ब्वै , हिंसर की काँडी ,
मौली3 गैन डाली ब्बै , हरी ह्वैन डाँडी4 ।
गौड़ी देली दूद ब्बै , गौड़ी देली दूद ,
मेरी जिकूड़ी5 लगी ब्बै , तेरी खूद6 ।
काखड़ी को रैतू ब्वै , काखड़ी को रैतू ,
मैं खूद लगी ब... | garhwali-gbm |
540
छड देस जहान उजाड़ मली अजे जट नहीं पिछा छडदे ने
असां छडया एह ना मूल छडन वैरी मुढ कदीम तो हड दे ने
लीही पई मेरे उते झाड़यां दी पास जान नाही पिंज गड दे ने
वारस शाह जहान तों अक पए कल फकीर हुण लद दे ने | panjabi-pan |
आओ राधा नहाण चलां मेरे राम
आओ राधा नहाण चलां मेरे राम ।
म्हारा तो नहीं ए चलान
दूधां मैं रम रही मेरे राम ।
दूधां का कैसा हे गमान ,
आवै बिलाई पी जावै हरे राम । | haryanvi-bgc |
412
नवी नोचिए गुझिए यारने नी कारे हथीए चाक दिये पयारीए नी
पहले कम सवार हो बहे नियारी बेली घर लै जाए तूं डारीए नी
आप भली हो बहें ते असीं बुरियां करे खचरपो1 रूप शिंगारीए नी
आ जोगी नूं लईं छुडा साथों तुसां दोहां दी पैज सवारीए नी
वारस शाह हथ फड़े दी लाज हुंदी साथ करीए ते पार उतारीए नी | panjabi-pan |
ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी
ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी
ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी
ये मोरांगी डो ये मोरांगी आमानी
उरा टोले मा अरुकेन डो मोरांगी रे
उरा टोले मा अरुकेन डो मोरांगी रे
इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे
इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे
इयां उरा कजलीवन डो बिंदरावनेन नी आरु मारे
ये म... | korku-kfq |
ईसुरी की फाग-16
ऐसी पिचकारी की घालन , कहाँ सीख लई लालन
कपड़ा भींज गये बड़बड़ के , जड़े हते जर तारन
अपुन फिरत भींजे सो भींजे , भिंजै जात ब्रजबालन
तिन्नी तरें छुअत छाती हो , लगत पीक गइ गालन
ईसुर अज मदन मोहन नें , कर डारी बेहालन । | bundeli-bns |
जीजी रलमिल गुड़ियां खेलती तूं चाली जीजा के साथ
जीजी रलमिल गुड़ियां खेलती तूं चाली जीजा के साथ
बाहण चाली सासरे ।
जीजा सुसरा का कहा मत गेरिये सुसरा धरम का बाप
बाहण चाली सासरे ।
जीजी सासू का कहा मत गेरिये सासू धरम की मां
बाहण चाली सासरे ।
जीजी जीजा का कहा मत गेरिये कटैं तेरे दिन रात
बाहण चाली सासरे ।
देवर संग का सुहेलड़ा ... | haryanvi-bgc |
विवाह गीत
मेहंदी गीत
घोड़ी के गीत | rajasthani-raj |
320
सच आख तूं रावला कहे सहती तेरा जिऊ केहड़ी गल लोड़दा ए
वेहड़े वड़दयां रिकतां छेड़ीयां ने कंडा विच कलेजे दे बोड़दा ए
बादशाहां दे बाग विच नाल चावड़ फिरे फुल गुलाब दा तोडदा ए
वारस शाह नूं शुतर1 मुहार बाझों डांग नाल कोई भुण मोड़दा ए | panjabi-pan |
शीश रामदेव जी ने पागा विराजे
शीश रामदेव जी ने पागा विराजे
पेचा रो अदक सरूप
हाथ मजीरा रामदेव जी ने
खांदे तंदूरा रा अदक सरूप
रूणीजा मंे रमी रया हो
कान में रामदेव जी ने मोती बिराजे
चूनी रो अदक सरूप
गळे रामदेव जी ने कंठी बिराजे
डोरा रो अदक सरूप
अंगे रामदेव जी ने बागी बिराजे
केसर रो अदक सरूप
हात रामदेव जी ने पोंची बिराजे
कड... | malvi-mup |
एक दिन करो सिंगार नार ने
एक दिन करो सिंगार नार ने तीहर पहर ली ,
सीसो लियो हाथ रेख दो नैनन बीच गही ।
लगा लियो अखियन में कजरा ,
या ढब ले रहो झिमार उठै ज्यों सावन को बदरा ।
नार इक सुआ सारी है ,
इत उत के चोटी परी लगे जैसे नागिन कारी है ।
आए रहे अंगिया पै जलसा ,
पीछे के चोटी बन्धी धरे दो सोरन के कलसा ।
नार में सोने की हंसली... | haryanvi-bgc |
335
असीं सहतीए डरिये ना मूल तैथों तिखे दीदड़े1 तैंडड़े सार2 दे नी
हाथी नहीं तसवीर दा किला ढाहे शेर फवियां3 तों नहीं हार दे नी
कहे कावां दे ढोर ना कदी मोए भूंड अखियां कदे ना मारदे नी
फट हैन लड़ाई दे असल ढाई होर कूड़ पसार पसार दे नी
इके मारना इके ते आप मरना इके नठ जाना अगे सार दे नी
हिंमत सुसत बरूत4 शुकीन भारे ओह गभरू कि... | panjabi-pan |
नन्हीं नन्हीं कउड़िया दुलहा, फाँड़ा बान्हीं लेल
नन्हीं नन्हीं कउड़िया दुलहा , फाँड़ा1 बान्हीं लेल ।
चलि गेल अहो दुलहा , हाजीपुर हटिया ॥ 1 ॥
उहा2 से लावल3 दुलरू , मजुरवा4 लगल बेनियाँ ।
घामा5 के घमाएल कवन दुलहा , डोलाए मांगे हे बेनियाँ ॥ 2 ॥
कइरो डोलाऊँ परभु , मजुरवा लगल हे बेनियाँ ।
तोरो कवन बहिनी चोराइ लेलन हे बेनियाँ ... | magahi-mag |
आल्हा ऊदल
जिब ना बाँचल मोर देवी के सोनवा जान बचाई मोर
नाम रुदल के सुन के सोनवा बड़ मगन होय जाय
लौंड़ी लोंड़ी के ललकारे मुँगिया लौंड़ी बात मनाव
रात सपनवाँ में सिब बाबा के सिब पूजन चलि बनाय
जौन झँपोला मोर गहना के कपड़ा के लावव् उठाय
जौन झँपोला है गहना के कपड़ा के ले आवव् उठाय
खुलल पेठारा कपड़ा के जिन्ह के रास देल लगवाय
प... | bhojpuri-bho |
लीम म लिमोलई लागी श्रावण महिनो आयो जी
लीम म लिमोलई लागी , श्रावण महिनो आयो जी ।
हमारा तो मोठा भाई तुम खऽ नींद कसी आवऽ जी । ।
तुम्हारी तो छोटी बहेण सासरिया मऽ झूरऽ जी ।
झूरऽ तेखऽ झूरऽ देओ हमनी झूरनऽ देवां जी । । | nimadi-noe |
रुमाल
लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो
लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो
म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल म्हारो लेता जैजो
आप रे कारण म्हे तो बाग़ लगायो सा
घुमण रे मिस आजो नैना ... | rajasthani-raj |
245
खाब रात दा जग दियां सभ गलां धन माल नूं मूल ना झूरिए नी
पंज भूत विकार ते उदर पानी नाल सबर संतोख दे पूरिए नी
एहो दुख ते सुख समान जाने जेहे शाल मशरू तेहे भूरिए नी
भोग आतमा दा रस कस त्यागो वारस गुरु नूं कहे वडूरिए नी | panjabi-pan |
नानी-सी गाय गटर-गैंगणी सौ पूला खाय
नानीसी गाय गटरगैंगणी , सौ पूला खाय ,
माता जमुना को पाणी पे , न्हार सामऽ जाय ,
ला ओ माय बकेड़ी । | nimadi-noe |
कान्हा बरसाणे में आ जाइयो बुलागी राधा प्यारी
कान्हा बरसाणे में आ जाइयो बुलागी राधा प्यारी
जो कान्हा तू राह न जाने डोले डोले आ जाइयो
बुलागी राधा प्यारी
ताता पानी धरिया ततेरा , तेरी गर्ज पड़े तो नहा जाइयो
बुलागी राधा प्यारी
पतली ते पतली पोई फुलकियां तेरी गर्ज पड़े तो खा जाइयो
बुलागी राधा प्यारी | haryanvi-bgc |
ईसुरी की फाग-22
तोरे नैना मतबारे
तिन घायल कर डारे
खंजन खरल सैल से पैने
बरछन से अनयारे
तरबारन सैं कमती नइयाँ
इनसें सबरई हारे
' ईसुर ' चले जात गैलारे
टेर बुला कैं मारे ।
भावार्थ
प्रिये , तुम्हारे नयन बहुत मतवाले हैं , जिन्होंने घायल कर दिया है । ये खंजन जैसे आकर्षक , विष के बुझे हुए , पर्वत शिखर की तरह नुकीले हैं और बरछी... | bundeli-bns |
गोरी गोर बियासनी बच्ची मोरनी ए
गोरी गोर बियासनी बच्ची मोरनी ए
गोरे बाबुल की धीय बच्ची मोरनी ए
हाय हाय बच्ची मोरनी ए
के रे रोऊं सराह कै बच्ची मोरनी ए
के रे सुहावन बोल
किन तेरा डिब्बा खोलियां किन तेरा किया सिंगार
हिय बधूं उस माय का कैसे किया सिंगार
आंखों पट्टी देय ली छाती वज्र किवाड़
इस जानी का बाहुड़ै वहां गया ना बाहुड़... | haryanvi-bgc |
435
करामात लगायके शहर फूकां जड़ां खेड़यां दियां मुढों पट सुटां
फौजदार वांगूं दयां फूक अगा कर मुलक नूं चैड़ चपट सुटां
नाल फौज नाही पकड़ कुआरियां नूं हथ पैर ते नक कन कट सुटां
सहती हथ आवे पकड़ चूंडियां तों वांग टाट दी तपड़ी छट सुटां
पंज पीर जे बोहड़न आन मैंनूं दुख दरद कजीअड़े पट सुटां
हुकम रब्ब दे नाल मैं काल जीभा मगर लग ... | panjabi-pan |
आव रे चांद भैंसी बान्ध
" आव रे चांद , भैंसी बान्ध ।
चन्दा बाबा चन्दी दऽ
घीं मऽ रोटी वालई दऽ ।
नाना भाई खऽ भावऽ नी ,
न झुमका लाड़ी आवऽ नी । " | nimadi-noe |
कन्नी बुन्दे सोहणे, सिर ते छ्त्ते सै मणाँ दे (जांगली ढोला)
कन्नी बुन्दे सोहणे , सिर ते छत्ते सै मणाँ दे
उत्थे देवीं बाबला , जित्थे टाल्ह वणाँ दे
बहाँ चढ़ कचावे , कराँ सैल झनाँ दे
हिकनाँ नूँ वर ढहि पहुते , पुन्ने हिकना दे
झोली पये बाल थणाँ दे
भावार्थ
' कानों में सुन्दर बालियाँ हैं , सिर पर सौसौ मन के केश ,
हे पिता , मेर... | panjabi-pan |
334
रीस जोगियां दी तैथों नहीं हुंदी हवसां1 केहियां जटां रखाइयां दियां
बेशरम दी मुठ जयों पूछ पिदी जेहियां मुंजरां2 बेट3 दी धाइयां दियां
तानसैन जिहा राग नहीं हुंदा लख मतां जे होन अताइयां दियां
तेरी चराचर बिरकदी4 जीभ ऐवें जिवें जुतियां मरकदियां साइयां दियां
सिर मुंन दाढ़ी खेह लाइयां ई कदरां डिठयो एडियां चाइयां दियां
मुंडय... | panjabi-pan |
रंडुवा तो रोवै आधी रात
रंडुवा तो रोवै आधी रात सपने में देखी कामनी
कोई ना पीसे उसका पीसना कोई ना पूछै उसकी बात
हिलक हिलक रंडुवा रो रहा भाभी ने पूछी बात
सपने में देखी कामनी
कोई न रोटी बणा देवे उसे कोई न पूछे उसकी बात
सपने में देखी कामनी | haryanvi-bgc |
मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी, एके बाल नव कँगही
मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी , एके1 बाल नव कँगही2 ।
किनने3 तेरा बाल सँवारा है ? ॥ 1 ॥
दादी जो मेरी कवन दीदी बीबी , एके बाल नव कँगही ।
वही दादी बाल सँवारा है ॥ 2 ॥
मैं तुझे पूछूँ लाड़ो बीबी , एके बाल नव कँगही ।
किनने तेरा बाल सँवारा है ? ॥ 3 ॥
नानी जो मेरी कवन नानी बीबी , एके बाल... | magahi-mag |
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा
एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में
बाबल के राज में
संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलना
ए झूला डाला मैंने भैया के राज में
भैया के राज में
गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलना
नांनी नांनी बूंदियां हे... | haryanvi-bgc |
वीरांगना अवंतीबाई
इनकी शौर्यगाथा पर बाबू वृन्दावनलाल वर्मा ने ‘रामगढ़ की रानी’ उपन्यास लिखा है तथा केंद्रीय सरकार ने इनकी स्मृति में विशेष डाक टिकट जारी किया है ।
धन्न भूम भई मनकेड़ी की , जितै अवतरीं रानी ,
जुगनजुगन नौ जाहर हो गई उनकी अमर कहानी ;
बड़े प्रेम सैं चबा चुकी तीं , देसप्रेम कौ बीरा ,
जियतजियत नौ ई धरनी की , ... | bundeli-bns |
175
हीर आखया रांझया कहर होया एथों उठ के चल जे चलना ई
दोवें उठ के लंबड़े राह1 पईए कोई असां ने देस ना मलना ई
जदों झुगड़े वड़ी मैं खेड़यां दे किसे असां नूं मोड़ ना घलना ई
मां बाप ने जदों वयाह दिती कोई असंा दा जोर ना चलना ई
असीं इशक दे आन मैदान रूझे2 बुरा सूरमे नूं रनों भजना ई
वारस शाह दे इशक फिराक दौड़े एह कटक फिर आख किस ... | panjabi-pan |
उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया
उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया केसर कस्तूरी की चमचाई
उड़े हो गुलाल रोली हो रसिया
भर पिचकारी मेरे माथे पै मारी बिन्दी की आब उतारी हो रसिया
आज बृज में होली हो रसिया
भर पिचकारी मेरे मुखड़े पै मारी बेसर की आब उतारी हो रसिया
आज बृज में होली हो रसिया
भर पिचकारी मेरे छाती पै मारी माला की आब उतारी हो र... | haryanvi-bgc |
459
सहती खोलके थाल विच धयान कीता खंड चावलां दा थाल हो गया
छुटा तोर फकीर दे मोजजे1 दा विचों कुफर पाजी परे हो गया
जेहड़ा चलया निकल यकीन आहा करामात नूं देख खलो गया
गरम गजब दी आतशों आप आहा बरफ कसफ2 दे नाल समो गया
जिस नाल फकीरां दे अड़ी बधी ओह आपना आप वगो गया
पेवे डाढयां माड़यां केहा लेखा ओस खोह लया ओह हो गया
मरन वखत होया स... | panjabi-pan |
247
जोगी छड जहान फकीर होए एस जग विच बहुत खुआरियां ने
लैन देन तेदगा अनियां करना लुट खुट ते चोरियां यारियां ने
ओह पुरख निरब्बान पद जा पहुंचे पंज इंदरियां जिनां ने मारियां ने
जोग दे के करो निहाल मैंनूं कहिया जिउ ते घुंढियां चाढ़ियां ने
एस जट गरीब नूं तार तिवें जिवें अगलीयां संगतां तारियां ने
वारस शाह मियां रब्ब शरम रखे जो... | panjabi-pan |
बरसे महाराज झड़ाझड़ियाँ
बरसे महाराज झड़ाझड़ियाँ , सो धरती जैजैकार करै ।
पानी कौ पहलौ गिरो , मुतियन की लर झिलमिला उठी ,
कुछ सौंधीसौंधी महँक जगी , सोई माटी कुलबिला उठी ;
बह चलीं उरतियाँ गलिनगलिन , लरकन की गोलें जुरयाईं ,
कलकत उघरारे निकर परे , वे खेल चले चाईमाई ;
सबनें जीऐसौ पाओ है , या अमरित की रसधार झरै ।
भर गुच्छन जमन... | bundeli-bns |
आया अयोध्या वाला कुवर दो
आया अयोध्या वाला कुवर दो
१ राजा जनक तो जग में हो ठाड़ा
शोभा वर्णी न जाई
उठ सभा दल देखण लागी
उग्या भवन का तारा . . .
कुवर दो . . .
२ यो रे धनुष कोई सी हाले न डोले ,
लख जोधा आजमाया
रावण सरीका पड्या खिसाणा
भवपती गरब हरायाँ . . .
कुवर दो . . .
३ लक्ष्मण सुणो बंधु रे भाई ,
गुरु की नी आज्ञा पाई
डावी ... | nimadi-noe |
373
जिस जट दे खेत नूं अग्ग लगी ओह रहिवां1 वढके गाह लया
लावेहार2 राखे विदा होए ना उमैद हो के जट राह लया
जेहड़े बाज तों काउं ने कूंज खोही सबर शुकर कर बाज फना लया
दुनियां छड उदासियां पैहन लइयां सयद वारसों हुण वारस शाह होया | panjabi-pan |
ऐ रानी डो ऐ रानी
ऐ रानी डो ऐ रानी
ऐ रानी डो ऐ रानी
साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले
साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले
ऐ रानी डो ऐ रानी बोले
ऐ रानी डो ऐ रानी बोले
साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले
साडी डरमे घोरा फलगो बिचायो डो रानी बोले
ऐ राजा जा राजा बोले
ऐ राजा जा राजा बोले
चो सन्ठी साडी डरमे घोरा फ... | korku-kfq |
163
हीर पुछके आपने माहीए नूं लिखवा जवाब चा टोरया ई
तुसां लिखया ते असां वाचया ई सानूं वावदयां ही लगा झोरया ई
असां धीदो नूं चा महींवाल कीता कदी टोरना तेनहीं लोड़या ई
कदे पान ना वल फेर ते पहुंचे शीशा चूर होया किसे जोड़या ई
गंगा गइयां न हडियां मुड़दियां ने गए वकत नूं किसे ना मोड़या ई
हथों छुटके तीर ना कदे मिलदे वारस छडना त... | panjabi-pan |
आल्हा ऊदल
बावन गज के धोती बाँधे खरुअन के चढ़ल लँगोट
अस्सी मन के ढलिया है बगल में लेल लगाय
तीस मन के जब नेजा है हाथन में लेल लगाय
बाँक दुआल पड़ल पंजड़ तक तर पल्ला पड़ल तरवार
छप्पन छूरी नौ भाला कम्मर में ढुले बनाय
बूता बनाती गोड़ सोभै जिन्ह का गूँज मोंछ फहराय
बावन असरफी के गल माला हाथन में लेल लगाय
भूजे डण्ड पर तिलक बिरा... | bhojpuri-bho |
लचिका रानी
बंदना
रम्मा पहिलें सुमराैं सरसती मैयो हो ना
रम्मा हमरा पर हुवेॅ सहैयो हो ना
रम्मा सुमरौं गणपति , गणेश , चरणमो हो ना
रामा नीचें सुमरौं शेषनाग देवता हो ना
रम्मा सुमराैं आपनोॅ धरती धरममो हो ना
रम्मा सुमराैं हम्मे सातो बहिन दुर्गा महरनियो हो ना
रम्मा पकड़ी सुमराैं गुरू जी के चरनमो हो ना
रम्मा जौनें देलकै हमरा गि... | angika-anp |
सर्प दंश से सम्बन्धित मंत्र
बड़वा नीम की पाँच टहनी पत्ते वाली लेता है और पीड़ित व्यक्ति के सामने बैठकर सर्प का जहर उतारने के लिए मंत्र बोलता है , नीम की टहनियों को पीड़ित व्यक्ति के सिर से झाड़ा डालता है ।
जिसे सर्प काटा हो उसे पूर्व दिशा की ओर मुँह करके जमीन पर बैठा देते हैं , लाल धागा भीलट बाबा की मान लेकर बड़वा पीड़... | bhili-bhb |
340
आ नढीए गैब क्यों चाया ई साडे नाल की रिकता1 चाइयां नी
बेकसां दा कोई ना रब्ब बाझों तुसीं दोवं ननाण भरजाइयां नी
जेहड़ा रब्ब दे नाम ते भला करसी अगे मिलनगियां ओस भलाइयां नी
अगे तिन्हां दा हाल ज़बून2 होसी अखीं वेख करन जो बुरयाइयां नी | panjabi-pan |
नाई की तेरे लाम्बे लाम्बे खेस
नाई की तेरे लाम्बे लाम्बे खेस
आधे बिछा ल्यो आधे ओढ़ ल्यो
राजा जी मेरी मां के पाले खेस
क्यूंकर बिछा ल्यूं क्यूंकर ओढ ल्यूं
राजा जी तेरी चाल सरूप
जणू रै हाथी घूमै गाल मैं
राजा जी तेरा बोल सरूप
जणू रै पपीहा बोल्या रेल का
नाई की तेरा बोल सरूप
जणू रै कोयल बोली बाग में
नाई की तेरी चाल सरूप
जणू म... | haryanvi-bgc |
145
मुंह उंगलां घत के कहनसभे कारे करन थीं एह ना संगदा ए
साडियां मंमियां टोंहदा छेड़ गलां पिछों होएके सुथणां सुंघदा ए
सानूं कठियां करें ते आप पिछों सान होएके टपदा रिंगदा ए
नाल बन्न के जोग नूं जोअ देंदा गुतां बन्न के खिचदा टंगदा ए
तेड़ां लाह घाई ते फिरे भौंदा भऊं भऊं मूतदा ते नाले त्रिंगदा ए
वारस शाह उजाड़ विच जाय के ते ... | panjabi-pan |
जौ गीवहां को उबटणों राय चमेली का तेल
जौ गीवहां को उबटणों राय चमेली का तेल
अत लाडो बैठ्यो उबटणै
मैल झड़े झड़ मैं पड़े नूर चढै गोरे अंग
अत लाडो बैठ्यो उबटणै
आ मेरी मायड़ देख ले तम देख्या सुख होय
अत लाडो बैठ्यो उबटणै
आ मेरी भुआ देखल्यो तमने आरतड़ा रो चाव
अत लाडो बैठ्यो उबटणै | haryanvi-bgc |
कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया
कैसे खेले जइबू सावन में कजरिया
बदरिया घेरि आइल ननदी
तू तौ जात हौ अकेली
कौनो संग न सहेली
गुण्डा रोकि लींहें तोहरी डगरिया
बदरिया घेरि आइल ननदी
भौजी बोलेलू तू बोली
सुनिके लागल हमरा गोली
काहे पड़ल बाड़ू हमरी नगरिया
बदरिया घेरि आइल ननदी
केतने दामुल फाँसी चढ़िगे
केतने गोली खाके मरिगे
केतने पीसत... | bhojpuri-bho |
भोर
बीरन हो रओ भोर , दूदसीं डूबन लगीं तरइयाँ ।
बड़ी भुजाई नें बखरी कौ ,
टालटकोरा कर लऔ ।
माते जू के बड़े कुआ कौ ,
मीठौ पानी भर लऔ ।
मुरगन नें दई बाँग , डरइयँन बोली श्याम चिरइयाँ ।
बीरन हो रऔ भोरदूदसी डूबन लगीं तरइयाँ ।
मानकुँवर ने सारन कौ सब ,
कूराकरकट भर लऔ ।
दूद देत गइयनभैंसन खौं ,
दन्नों दर कैं घर दऔ ।
सौकारूँ कर ले... | bundeli-bns |
सूजैं इन आँखन अलबेली
सूजैं इन आँखन अलबेली
जग मैं रजऊ अकेली ।
भरकें मूठ गुलाल , धन्न वे ,
जिनके ऊपर मेली ।
भागवान जिनने पिचकारी ,
रजऊ के ऊपर ठेली ।
ई मइनाँ की आवन हम पै ,
मिली , मसा के झेली ।
अपकी बेराँ उननें ईसुर
फाग सासरें खेली । | bundeli-bns |
कई रेती में पीपल छाया
कई रेती में पीपल छाया
कई गेरा कुंडा खणाया
हो म्हारा गेरा गजानन्द आया
कई दाऊजी रे मन भाया
कई माता बई हरक बवाया
म्हारा गेरा गजानन्द आया
कई काकोजी रे मन भाया
कई काकीजी मोतीड़े बदाय ।
कई भैया रे मन भाया
कई भाभी बई कंकूड़े बदाया
कई मामाजी रा मन भाया
कई मामाजी हिदड़े बदाया | malvi-mup |
भानु भौंपेलो
हिंडवाणी कोट मा रन्दो1 छयो2 हंसा हिंडवाण ,
वो त होलो अनमातो3 धनमातो4
जैकी बार5 छन तिवारी , बत्तीस नीमदरी6 ,
मट्टी जसो अन्न होलो , ढुंग्यों7 जसो धन ,
बार छन बेटा जैका , अठार छन नाती ।
तब हिण्डवाणी कोट मा पड़े , बार बरस को अकाल ,
देखा बड़ा पेड़ा , न लायान भूक ,
छोटा न पड्यान दूख ।
हिण्डवाणी कोट मा , कनी तराइ... | garhwali-gbm |
इक मेरी अख काशनी
नी इक मेरी अख काशनी ,
दूजा रात दे उन्नींद्रे ने मारेआ ,
शीशे ते तरेड़ पै गयी ,
वाल वौंदी ने धयान जदों मारेआ ,
इक मेरी अख . . . .
इक मेरी सस्स चंदरी ,
भैड़ी रोही दे किकर तों काली ,
गल्लेकथ्थे वीर भुन्नदी
नाले दवे मेरे माँपयां नू गाली ,
नी क़ेहडा उस चंदरी दा ,
नी मैं लाचीयाँ दा बाग उजाड़आ ,
इक मेरी अख का... | panjabi-pan |
मनख्या बाघ
लोगूँ कु खेती कु काम नी होये पूरू1 ,
यो निभागी बाघ होईगे शुरू
एकी2 जागान3 बल हैकी4 जागा जाँद ,
जनानी चोरीक नौनोऊँ छ खाँद
कनो निरभागी यो बाग गीजी5 ,
हमारी आँखी आँसुन भीजी
एकी जनानी वैन मारे धाड़ो ,
मैं कू बाड़ी पकौण को करे भाड़ो ।
तैं को मालिक बवराँदो6 भौत ,
ये पापी बागक कब औली मौत ?
तै डाँडा का ऐंच दुगड़ी गौ... | garhwali-gbm |
सावां गीत
ऊँचा मां भाले रे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो
नेचो मां भाले रे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो
खाटले मां बसेरे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो
उटले मां बसेरे ढेड्या सरग मारी भाणिंगलो
सावां लाने वालों को बधाकर स्वागत कर घर में ले जाते हैं फिर औरतें गीत
गाती हैं । सावां लाने वालो को कहती हैं कि तुम ऊपर आसमान की ओर मत
देखो सरग आस... | bhili-bhb |
भाँवर गीत
मारो कवचड़ा पर , ढेड्या दासे झुणी ।
कवच आजड़ झांजड़ करे , ढेड्या दासे झुणी ।
पुर्यो चुली मेकण आयो , पुरयो धड़धड़ कांपे वो ।
विवाह के दिन फेरे के समय दूल्हे का छोटा भाई दुल्हन के लिए चोली लेकर दुल्हन के घर में जाता है । स्त्रियाँ कहती हैं ले लड़के मेरा कवच का घर है , भागना मत । कवच हिलती है तुझे लग जाएगी , भाग... | bhili-bhb |
Subsets and Splits
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