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अपडेट…सीधी बस हादसा में अब तक 45 शव बरामद, बस का परमिट रद्द – Ranveer Rajasthan अपडेट…सीधी बस हादसा में अब तक 45 शव बरामद, बस का परमिट रद्द सीधी । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह बाणसागर बांध परियोजना से जुड़ी 25 फीट गहरी नहर में बस गिरने से हुई दुर्घटना में अब तक 45 लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं। सीधी से सतना जा रही बस में 54 यात्री सवार थे। मृतकों में 20 महिलाएं, एक बच्चा और 24 पुरुष हैं। बस का परमिट रद्द करके ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीधी में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे जिला प्रशासन के सीधे सम्पर्क में हैं। उन्होंने घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी मृतकों के शव ससम्मान उनके परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य अब समाप्त हो गया है। नहर में बांध के पानी को रोककर बस को नहर से बाहर निकाल लिया गया है। अब तक बस का अनियंत्रित होना ही हादसे का कारण लग रहा है: हादसे बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सात लोगों को बचा लिया। इसके बाद पुलिस एनडीआरएफ, जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल पर रीवा जोन के आईजी उमेश जोगा, डीआईजी अनिल सिंह कुशवाह, एसपी सीधी पंकज कुमावत, एसपी रीवा राकेश सिंह सहित भारी पुलिस बल और कलेक्टर सीधी सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे। आईजी उमेश जोगा ने बताया कि अब तक 45 लोगों के शव बरामद हुए हैं। शेष लोगों की तलाश की जा रही है। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने बताया ने बताया कि हादसे का शिकार हुई बस (एमपी-19/पी-1882) का परमिट रद्द कर दिया गया है। यह बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स की थी। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह हैं। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को घटनास्थल पर भेजा गया है।
2022/01/18 10:23:53
https://ranveerrajasthan.in/sidhi-bus-accident-recue-team-45-bodies-found-investigation-order/uncategorized/
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कोविड-19 के दिशा निर्देश के तहद श्रीरामलीला मंचन का हुआ भव्य उदघाटन – CRIME JOURNALIST कोविड-19 के दिशा निर्देश के तहद श्रीरामलीला मंचन का हुआ भव्य उदघाटन कोविड-19 के दिशा निर्देश के तहद श्रीरामलीला मंचन का हुआ भव्य उदघाटन। दुद्धी,सोनभद्र। तहसील मुख्यालय पर प्राचीन परंपरा के रूप में चली आ रही ऐतिहासिक श्रीरामलीला का मंचन का गुरुवार की देर शाम तहसील परिसर के रामलीला मंच पर मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि रंगराजन चेरो ने श्री हनुमानजी के चित्र पर दीपप्रज्वलित कर पूजन अर्चन कर भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में चेयरमैन दुद्धी राजकुमार अग्रहरि व प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से पवन पुत्र हनुमान की चित्र का विधिवत पूजन-अर्चन कर श्री गणेश किया। सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे, जिनसे समस्त देशवाशियों ने उनके किये गए पद चिन्हों पर पूजते हुए चल रहे हैं। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि रंगराजन चेरो ने कहा कि श्री रामलीला देखने से हमे सत्य की मार्ग पर चलने की शिक्षा मिलती हैं। रावण जैसे अंहकारी लोगों के साथ समय बदलने पर निर्यण प्राप्त होता है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। जिसे आज के युग मे हम सभी लोगों को अपने जीवन मे उतारने का मौका मिलता है। इस मौके पर श्रीराम लीला कमेटी के अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल, चेयरमैन राजकुमार अग्रहरी, महामंत्री आलोक अग्रहरि, राजेन्द्र श्रीवास्तव, अमरनाथ जायसवाल, सुरेंद्र गुप्ता, भोला बाबू आढ़ती, कन्हैया लाल अग्रहरी, कमल कानू, अनिल गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, मनोज पांडेय सहित आदि लोग मौजूद रहे। इस आयोजन में सोशल डिस्टेंस,मास्क का प्रयोग, थर्मल स्कैन व सेनेटाइज की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रही। आने वाले दर्शक श्रद्धालुओं को थर्मल स्कैन,सेनेटाइजिंग की प्रक्रिया से होकर प्रवेश दिया जा रहा था।साथ ही मास्क का उपयोग भी कराया जा रहा था। कमेटी के उपाध्यक्ष अनिल कुमार बीज भंडार ने जन सेवा समिति की ओर से मास्क की पर्याप्त मात्रा आयोजन समिति को दी।जिसे मौके पर कई लोगों में वितरित भी किया गया। Prev post बुनकरों की सस्ती बिजली खत्म करना गैरकानूनी - एआईपीएफ Next post महिला अत्याचार को रोकने के लिए थाने पर महिला हेल्प डेस्क सेंटर का शुभारंभ फीता काटकर किया गया
2021/12/02 16:43:16
https://crimejournalist.net/?p=1112
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सराहनीय पहल: 69000 नवनियुक्त शिक्षकों ने 100 ड्रॉप आउट बच्चों को लिया गोद - UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | UPTET बलिया। 69000 शिक्षक भर्ती में चयनित नवनियुक्त शिक्षकों ने अपनी सेवा की प्रथम वर्षगांठ अकीलुर्रहमान खां के नेतृत्व में गड़वार रोड स्थित मैरेज हाल के सभागार में मनाई। आउट ऑफ स्कूल एवं ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया।शुरुआत प्रियंका सिंह ने सरस्वती पूजा एवं मेराज अली ने सरस्वती वंदना से किया। नवनियुक्त शिक्षकों ने अपने प्रथम वर्षगांठ पर केक काटकर ख़ुशी का इजहार किया। संघर्ष के पलों को याद करते हुए 69000 शिक्षक भर्ती के संघर्षों में साथ देने के लिए पत्रकार बंधुओं को सम्मानित किया। बताया कि नवचयनित अध्यापकों ने इसके लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी है। लीगल टीम बलिया के संरक्षक अकीलुर्रहमान खां ने बताया कि प्रथम वर्षगांठ पर जनपद के 100 ऐसे बच्चों को गोद लेने का फैसला किया गया है जो शिक्षा की मुख्यधारा से किन्हीं कारणों से अभी तक जुड़ ही नहीं पाएं हैं। ऐसे बच्चों को चिन्हांकित करके उनके लिए स्कूल बैग, किताब, कॉपी और ड्रेस वितरित किया गया है। भविष्य में जब तक इनकी बेसिक शिक्षा पूर्ण नहीं हो जाती तब तक हम नवचयनित शिक्षक इन बच्चों को शिक्षा से संबंधित सभी समस्याओं को पूर्ण कर इन्हें विद्यालयी शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेंगे। एआरपी अल्ताफ अहमद ने बताया कि जबसे नए शिक्षकों का आगमन बेसिक शिक्षा विभाग में हुआ है, निश्चित तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग में एक नई क्रांति आई है। शिक्षा स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। एआरपी शाहिद परवेज, पारुल सोनकर, प्रियंका सिंह, रेशमी, गीतांजलि राय, पूजा यादव, मीनू यादव, पुष्पा यादव, ज्योति, उत्कर्ष सिंह, रोहित सिंह, विजेंद्र पाण्डेय, मृदुल पाण्डेय, प्रवीण राय, अखिलेश ठाकुर, अजीत वर्मा, संतोष यादव, रतन वर्मा, अभिमन्यु कुमार, श्वेतांश, रजनीश चौबे, सुभाष यादव, शुभम सिंह मौजूद रहे।
2022/01/21 07:29:57
https://www.updatemarts.com/2021/12/69000-100.html
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भावनात्मक खुफिया: क्या हम डेमोक्रेट और रिपब्लिकन को अलग-अलग मानकों में रखते हैं? मनोविज्ञान दुनिया मिलेगा गिरोह ने हिलेरी को पकड़ा। ऑस्टिन में आखिरी रात की बहस में, उसकी सबसे बड़ी कचरे ने कहा: "किसी और के भाषणों से पूरे मार्गों को उठाना नहीं है, आप इसमें विश्वास कर सकते हैं। यह बदलाव आप ज़ेरॉक्स की तरह हो सकता है।" वह ड्यूवल पैट्रिक को स्पष्ट रूप से आपूर्ति की जाने वाली भाषण लाइनों के लिए श्रेय देने के लिए बराक की विफलता का हवाला देते थे पुरुषों के चुनाव अभियान दोनों के लिए रणनीतिकार डेविड एक्सलरोड द्वारा लेकिन टेक्सास की बहस के दौरान, सीनेटर क्लिंटन ने जॉन एडवर्ड्स और उनके पति, बिल-एको दोनों को चैनल में प्रबंधित कर दिया जो तुरंत यू ट्यूब पर अपना रास्ता खोज सके। अपने आप में, साहित्यिक चोरी शायद ही परेशान है। सीनेटर ओबामा सही थे जब उन्होंने कहा कि उनके पर हमले ने दिखाया कि प्राथमिक लड़ाई में "मूर्खतापूर्ण मौसम" दर्ज किया गया था। लेकिन यह कह रहा है कि हिलेरी को दिए गए मार्ग सबसे अधिक भावुक-या सबसे ज्यादा मशक्कत के बीच थे-जो कि उन्होंने प्रदान की थीं शाम के दौरान? विधेयक की रेखा- "आप जानते हैं, जीवन में जो हिट मैंने उठाए हैं वह कुछ भी हमारे देश के लोगों के जीवन में हर एक दिन की तुलना में कुछ भी नहीं है" – एक पुनर्वास केंद्र में उनकी यात्रा के हिलेरी के खाते की प्रथा घायल युद्ध vets के लिए क्लिंटन ने कहा कि एडवर्ड्स से उठाए गए हिस्से का कड़ा विरोध हुआ, ओबामा के साथ मंच साझा करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था: "और आप जानते हैं, जो भी होता है, हम ठीक होने जा रहे हैं। आप जानते हैं, हमारे परिवार और हमारे मित्रों से हमारे पास मजबूत समर्थन है मैं सिर्फ आशा करता हूं कि हम अमेरिकी लोगों के बारे में एक ही बात कहने में सक्षम होंगे। । । "यह एक वक्ता की प्रामाणिकता के बारे में क्या कहता है जब उनकी सबसे हठीली लाइनें उधार ली जाती हैं? हिलेरी के सलाहकारों ने उन टिप्पणियों को बंद करने के लिए कैसे तैयार किया, जो प्रभावी ढंग से अपने प्रतिद्वंद्वी पर अपने सबसे ताकतवर वर्तमान हमले लेते हैं और खुद को वापस कर सकते हैं? जवाब, मैं कल्पना करता हूं कि अभियान कर्मचारी हिलेरी को संवेदनशील, वास्तविक और ईमानदार लगने के लिए बेताब है। द न्यू रिपब्लिक के हाल के एक अंक में, क्लिंटन समर्थक एरिका जोंग द्वारा आरोपी रक्षा में उनके सामने की समस्या को निहित किया गया है: "मुझे उसे एक आटोमैटोन नहीं मिला। मैं उसे असली लगता है। "नहीं एक automaton- निस्संदेह लेकिन हिलेरी कैसे भ्रामक और आकर्षक है? मैंने 1 999 में इस मुद्दे को संबोधित किया, गेल शी की हिलेरी की जीवनी की समीक्षा में महेला को देखकर, अटकलें लगाओ, क्लिंटन को महसूस हो सकता है-लेकिन कभी-कभी सीधे तौर पर व्यक्त नहीं हुआ- मुझे आश्चर्य है कि क्या हिलेरी के सामाजिक संबंधों के लिए टिन कान नहीं हो सकता है। अक्सर वह अन्य लोगों के दृष्टिकोण को गलती करने लगता है; शीशे के किताब में सबसे भयानक उदाहरण विन्सेन्ट फोस्टर से संबंधित है शीह ने क्लिंटन के एक सहयोगी को इस आशय से उद्धृत किया है: "वह शिक्षा नीति के बेहतर अंक के बारे में बात कर सकती है, लेकिन ध्यान नहीं दे कि उसका सबसे अच्छा दोस्त स्वभावित रूप से उदास हो सकता है।" न्यू हैम्पशायर में प्रसिद्ध आड़ में भी, क्लिंटन ने अपनी परेशानियों पर ध्यान केंद्रित किया -और फिर एक दिन से आगे बढ़ने के लिए तैयार होने के बारे में स्टंप भाषण वाक्यांशों को दोहराते हुए उभरा। अगर मतदाता जोंग के साथ असहमत हैं, यदि हिलेरी को अजीब या अपर्याप्त माना जाता है, तो वह समस्याग्रस्त है, इसका मतलब गिरने वाले अभियान में उसकी संभावनाओं के लिए है। मैं जानता हूँ मैं जानता हूँ। निक्सन निराशाजनक, झूठा भावुक दिखाई दिया, और, हाँ, मुश्किल, और वह चुने गए, दो बार तो वर्तमान बुश, जिसे मैं अन्वेषणीय पाया। उस मुस्कुराहट! रेगन ने आबादी के अन्य क्षेत्रों के साथ संवाद किया हो सकता है हमें पूर्वोत्तर उदारवादी, वह सभी चमकदार सतह दिखाई क्या मनुष्य को बेहोश हो गया है? क्या वह प्रतिबिंब या शक करने में सक्षम था? लेकिन वे रिपब्लिकन थे उस पार्टी के उम्मीदवारों में कठोरता और निष्ठुरता के लिए एक अलग प्रतिक्रिया है- उन गुणों की उपस्थिति "आधार को सक्रिय करना" लगता है। बेहतर शायद कहने के लिए: जबकि अजीब कभी भी एक संपत्ति नहीं है, राष्ट्रपति स्तर पर यह डेमोक्रेट के लिए एक मौत है यह रिपब्लिकन के लिए नहीं है डेमोक्रेट केवल तभी प्रबल हो सकते हैं यदि उनके पास पर्याप्त सामाजिक कौशल है क्लिंटन, कार्टर, कैनेडी, और यहां तक ​​कि जॉनसन या वर्तमान और उपलब्ध थे, पूरे लोग। अब हमारे हाल के आरान के बारे में सोचो गोर प्रसिद्ध रूप से सार्वजनिक रूप से लकड़ी में भी है। केरी गोर का मैच या इससे भी बदतर था डुकाकिस ने एक अधिक आरामपूर्ण प्रभाव दिया, लेकिन अपने सबसे बुरे क्षणों पर विचार करें: टैंक में हेलमेट पहने हुए, उसकी पत्नी के साथ बलात्कार और मारे जाने के बारे में काल्पनिक बहस करने के लिए मानव फैशन में जवाब देने में नाकाम रही। हमारे खोने के सभी उम्मीदवारों के समान गुणवत्ता "नहीं हो रही थी।" यह रॉबर्ट फ्रॉस्ट हो सकता है, जिन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के संबंध में सबसे पहले पिता-मां विरोधाभास बनाया था। उन्होंने आलोचक रिचर्ड पॉयरियर से कहा, "पिता हमेशा अपने बेटे की ओर एक रिपब्लिकन हैं, और मां हमेशा एक डेमोक्रेट होता है।" बेशक, रूपक की शुरुआत हुई; हम अपेक्षा करते हैं कि रिपब्लिकन कठोर पिता और डेमोक्रेट जैसे गर्म मां की तरह काम करें हो सकता है कि यही वजह है कि रिपब्लिकन को मजबूत बनाने के लिए ग्रेड बनाते हैं-हम पारस्परिक क्षेत्र में पुरुषों की अपेक्षा नहीं करते हैं। यह आश्चर्यजनक लग सकता है कि क्या हमारी पहली गंभीर महिला उम्मीदवार इस लिंग-आधारित शब्दावली के सामने आना चाहेंगे, लेकिन इसके बारे में सोचें: क्या वह हिलेरी के बारे में बेहतर नहीं है, अगर वह थैचरि के अमेरिकी समकक्ष थे? नीति निर्माता के रूप में, हिलेरी ने ठीक किया उनकी स्वास्थ्य देखभाल योजना, जैसा पॉल क्रुगमैन जोर देकर कहते हैं, बराक की तुलना में बेहतर है युद्ध के लिए उनका वोट कमजोर सामरिक-राजनीतिक स्थिति है, लेकिन विदेश नीति पर नहीं, लेकिन यह तर्क दिया जा सकता है कि घुसपैठ में एक सैद्धांतिक विश्वास अभी तक अधिक चिंताजनक होगा। अगर हिलेरी को नामांकन मिला, तो मैं उनके लिए वोट दूँगा, खुशी से पर्याप्त। लेकिन जब मैंने उसे व्यक्ति में देखा है, तो मैं चिंतित हूं। यहां ब्राउन यूनिवर्सिटी में, मैंने सुना है कि हिलेरी एक सहयोगी भीड़ से बात करते हैं और अपने श्रोताओं को बोर या उससे अलग करने का प्रबंधन करते हैं, "संदेश पर"। , किसी भी प्रोत्साहन के साथ, उसे प्यार करने के लिए तैयार हां, यह चुनाव पिछली बार के विपरीत नहीं होगा दशकों में पहली बार, एक सीनेटर प्रबल होगा। भाग्य के साथ, वह सीनेटर एक महिला या रंग का एक व्यक्ति होगा लेकिन जैसा कि हम ओहियो और टेक्सास में न केवल 4 मार्च के प्राथमिक दिन के लिए जाते हैं, लेकिन यहां तक ​​कि रोड आइलैंड में भी, जो कि सत्ता में रिपब्लिकन के चार साल के डर से डरते हैं, एक अलग मिसाल के बारे में सोचने की ज़रूरत है: क्या आधुनिक मतदाताओं ने सामाजिक रूप से असुविधाजनक डेमोक्रेट का चयन किया ? अतिरिक्त नोट: ऐन हल्बर्ट ने स्लेट "एक्सएक्स फैक्टर" ब्लॉग पर अपने स्वयं के और विचारों के साथ, इस पोस्टिंग का एक उदार सारांश दिया। मेरी ड्रेगन मिलाना कैसे ईर्ष्या हमें सेमी स्टॉकर्स में मुड़ सकता है छुट्टियों के दौरान दुःख के साथ सौदा कैसे करें आप क्या सलाह देंगे? सॉकर मौतों और फुटबॉल दांव के तर्कसंगत तर्कहीनता सुबह में जागना मुश्किल हो गया है? खींचने की कोशिश करो भगवान की समस्या: हावर्ड ब्लूम के साथ एक साक्षात्कार अध्ययन गर्भपात और अपराध: अच्छा या बुरा डोनाल्ड ट्रम्प के लिए? Uncredible! लॉजिकल फालिजेस मेड स्ट्रीट स्मार्ट कई आम तौर पर प्रयुक्त ड्रग्स बेकार हैं दावा करने का खतरे परमेश्वर से आते हैं बहुभाषी कार्यस्थल में गलतफहमी पक्षी, बुलेट, और एक बुरा लड़का आपकी व्यक्तिगत जीवन को बर्बाद करने का आश्चर्यजनक तरीका सहानुभूति संघर्ष संकल्प या प्रबंधन की कुंजी है क्या आप तितली को मारना चाहते हैं?
2020/09/26 21:15:34
http://hi.psy.co/x930-336.html
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Congress President, Rahul Gandhi, overseas, Indians, Bahrain, seminar by Rani Naqvi January 8, 2018 11:11 am 0104 नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को बहरीन में प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। उल्लेखनीय है कि बतौर पार्टी अध्यक्ष राहुल अपनी पहली विदेश यात्रा पर बहरीन रविवार को पहुंच गए है, उनके साथ दौरे में प्रवासी कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और पूर्व कांग्रेस सांसद मधु गौड़ भी शामिल है। बता दें कि पार्टी ने राहुल के अमेरिका यात्रा सफल रहने के बाद इस विदेश दौरे को भुनाने की पूरी तैयारी कर ली है। इसी सिलसिले में कांग्रेस पार्टी ने राहुल के सम्बोधन को सोशल मीडिया के जरिए सीधा प्रसारण करने की तैयारियां भी कर ली है। कांग्रेस ने बताया कि आज शाम 8:30 बजे राहुल गांधी के भाषण को उनके फेसबुक पेज से लाइव दिखाया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले आज राहुल गांधी खाड़ी देश के प्रधानमंत्री शहजादे सलमान बिन हमद अल-खलीफा से भी मुलाकात करेंगे। दरअसल, राहुल बहरीन के बतौर राजकीय अतिथि के रूप में दौरे पर है। वहीं कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राहुल गांधी ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडिया ओरिजिन (जीओपीआईओ) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के विदाई सत्र में सोमवार को हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में 50 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष भारतीय मूल के कारोबारियों से भी बातचीत करेंगे। वहीं इसी सिलसिले में राहुल ने गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'प्रवासी भारतीय हमारी सौम्य ताकत के वास्तविक प्रतिनिधि एवं विश्व में हमारे देश के दूत होते हैं। बहरीन में अपने देशवासियों के साथ मुलाकात और उन्हें संबोधित करने को लेकर आशान्वित हूं।' राहुल गांधी के नौ जनवरी को भारत वापस लौटने की संभावना है।
2022/06/26 06:08:13
https://www.bharatkhabar.com/congress-president-rahul-gandhi-to-address-overseas-indians-in-bahrain/
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Cm Yogi Adityanath Again Visited Noida Is He Able To Break Noida Jinx This Time Pr | पिछली बार नोएडा जाने पर मिली थी सीएम योगी को उपचुनावों में हार, क्या होगा इस बार? - Firstpost Hindi यह माना जाता है कि यूपी का जो भी सीएम नोएडा की यात्रा करता है उसे या तो अपनी गद्दी छोड़नी पड़ती है या उसके साथ कुछ बुरा होता है क्या इस बार नोएडा से जुड़े अंधविश्वास को सीएम योगी तोड़ने में सफल होंगे? पिछले साल 25 दिसंबर को बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन करने सीएम योगी नोएडा गए थे. पीएम मोदी ने इस मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया था. सीएम योगी के तब नोएडा जाने पर यह सवाल उठा था कि क्या सीएम योगी नोएडा से जुड़े अंधविश्वास को तोड़ पाएंगे. दरअसल यह माना जाता है कि यूपी का जो भी सीएम नोएडा की यात्रा करता है उसे या तो अपनी गद्दी छोड़नी पड़ती है या उसके साथ कुछ बुरा होता है. इस अंधविश्वास की वजह से कोई भी सीएम नोएडा जाने से परहेज करता रहा है. सीएम योगी की पिछली नोएडा यात्रा के वक्त भी यह सवाल उठा था. तब सीएम योगी और बीजेपी ने कहा था कि वो इस तरह के अंधविश्वास को नहीं मानते हैं. लेकिन कुछ महीने बाद हुए यूपी में उपचुनावों में बीजेपी को हार मिली. यही नहीं सीएम योगी को अपने गढ़ गोरखपुर में भी हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी अब तक 3 लोकसभा उपचुनाव और एक विधानसभा उपचुनाव में हार चुकी है और ये सभी हार सीएम योगी के नोएडा जाने के बाद ही मिले हैं. उपचुनावों में हार के बाद भी ट्विटर पर कई लोगों ने इस बारे में मजे भी लिए थे. क्या है नोएडा से जुड़ा अंधविश्वास? हालांकि तब पीएम मोदी ने बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन के वक्त कहा था कि सीएम योगी ने नोएडा आकर इस अंधविश्वास को तोड़ा है कि नोएडा आने से सीएम के साथ कुछ बुरा होता है. उन्होंने तब कहा था कि जिस नोएडा में कोई सीएम आता नहीं था, ऐसी छवि बना दी गई थी. आज वहां योगी पहुंचे हैं. उस मिथक को योगी जी ने तोड़ दिया. ये नए खयाल के नेता. लेकिन सीएम योगी नोएडा के साथ जुड़े अंधविश्वास को तोड़ नहीं पाए और उपचुनावों में मिली हार के लिए सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी नोएडा यात्रा को जिम्मेदार ठहराया. — Raghvendra singh (@raghvendra140) March 14, 2018 वैसे में एक बार फिर से सीएम योगी के नोएडा जाने पर फिर से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस बार भी सीएम योगी के साथ कुछ बुरा हो नहीं होने वाला है. क्या इस बार नोएडा से जुड़े अंधविश्वास को सीएम योगी तोड़ने में सफल होंगे? खासबात ये है कि यूपी के सीएम रहते हुए कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश ने भी नोएडा की तरफ मुंह तक नहीं किया. चुनावों के वक्त 'कुर्सी भय' की वजह से रैलियों की जगह भी नोएडा की बजाए गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और मथुरा रखी जाती रही है. दरअसल नोएडा के कथित 'अपशकुनी' इतिहास की कहानी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के साथ हुई घटना से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि साल 1988 में नोएडा से लौटने के तुरंत बाद ही वीर बहादुर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ गई थी. केंदीय नेतृत्व ने वीर बहादुर के नोएडा से लौटने के तुरंत बाद ही इस्तीफा मांग लिया था. इसके बाद 1989 में नारायण दत्त तिवारी और 1999 में कल्याण सिंह की भी नोएडा आने के बाद कुर्सी चली गयी . साल 1995 में मुलायम सिंह को भी नोएडा आने के कुछ दिन बाद ही अपनी सरकार गंवानी पड़ गई थी. नोएडा यात्रा से नेताओं की मुख्यमंत्री यात्रा पर विराम लगने से नोएडा पर 'अपशकुनी' होने का कलंक लगता चला गया. मायावती भी नहीं तोड़ पाई थीं अंधविश्वास हालांकि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने यूपी का मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा के अंधविश्वास पर भरोसा नहीं किया. नोएडा बीजेपी के लिए यूपी की राजनीति में गढ़ बनता जा रहा है. केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा यहां से सांसद हैं तो पंकज सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र से भारी मतों से जीतकर विधायक बने हैं. लेकिन बीजेपी के गढ़ होने के बावजूद मुख्यमंत्रियों का पुराना इतिहास उन्हें नोएडा आने से रोकता रहा है. Tags: cm yogi adityanathDr Chandra Mohanindia samsunglucknowNOIDA visitPM Narendra Modiprime minister meeting with moon-jae-inSamsungsamsung in indiasamsung indiasamsung mobilesamsung plant noidasouth korea presidentup bjpदक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इननोएडा दौराप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीभारत में सैमसंग का नया प्लांटयूपी बीजेपीयोगी आदित्यनाथलखनऊसैमसंग प्‍लांटसैमसंग मोबाइल फैक्ट्रीसैमसंग मोबाइल फैक्ट्री उद्घाटन
2021/10/27 17:24:37
https://hindi.firstpost.com/india/cm-yogi-adityanath-again-visited-noida-is-he-able-to-break-noida-jinx-this-time-pr-127009.html
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महामीडिया न्यूज़ सर्विस : ताजा खबरें , अंग्रेजी और हिंदी खबरें, शिक्षा और व्यवसाय- प्रधानमंत्री मोदी की मां से मिले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार 18-11-2019 11:54:52 Admin Chandel | पोस्ट किया गया 35 दिन 21 घंटे पूर्व गांधीनगर (महामीडिया) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां से आज सुबह मुलाकात की। अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति पत्नी सविता कोविंद के साथ प्रधानमंत्री की मां हीरा बा से रायसन गांव स्थित उनके घर पर मिलने पहुंचे। इस मुलाकात की तस्वीर को ट्विटर पर शेयर करते हुए राष्ट्रपति भवन ने ट्विटर पर लिखा, 'राष्ट्रपति कोविंद ने गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं।' यहां उन्होंने लगभग आधा घंटा बिताया। इसके बाद कोविंद अपनी पत्नी के साथ कोबा के पास स्थित महावीर जैन अराधना केंद्र पहुंचे। जहां उन्होंने आचार्य श्री पद्मासागरसुरुजी का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति का मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने स्वागत किया।
2019/11/18 06:24:53
http://www.mahamediaonline.com/newsDetailsShow.media?id=22181
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अमृत फार्मास्युटिकल्स, औरंगाबाद, महाराष्ट्र | Medindia पूरे भारत की 7000 से अधिक फार्मास्युटिकल (औषधि विक्रेता) कंपनियों की सूची में से खोजिये । यहां महाराष्ट्र की औषधि विक्रेता सूचिका (लिस्टिंग) में से 'अमृत फार्मास्युटिकल्स' कंपनी का पता, संपर्क विवरण- जैसे फोन नंबर, ईमेल, संपर्क व्यक्ति और स्थान की स्थिति के लिए निर्देश शामिल हैं ।
2022/05/22 13:10:14
https://hi.medindia.net/buy_n_sell/pharm_industry/amrit-pharmaceuticals-aurangabad-maharashtra-281-1.htm
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फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के रूप में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज का चयन गर्व का विषय : डॉ आनन्द – Sakshi News of India अनकटैगराइड्ज • इलाहाबाद • टेक्नोलॉजी • राज्य फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के रूप में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज का चयन गर्व का विषय : डॉ आनन्द August 8, 2018 10:56 pm इलाहाबाद । पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स टीचिंग योजना के अंतर्गत फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के रूप में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज का चयन ना केवल इलाहाबाद वरन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरव का विषय है । आज पत्रकारों से वार्ता के दौरान उक्त जानकारी देते हुए ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ आनंद शंकर सिंह ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स टीचिंग योजना के अंतर्गत हमारे कॉलेज को फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने हेतु अनुमति एवं अनुदान प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रोजेक्ट के प्रस्तुतीकरण हेतु महाविद्यालय को 17 जुलाई 2018 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सभागार में अपनी विस्तृत कार्य योजना के साथ उपस्थित होने का निर्देश प्राप्त हुआ था। महाविद्यालय गत एक वर्ष से अहर्निश प्रयत्न इस केंद्र को स्थापित करने की दिशा में कर रहा था देश के 43 प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों को कई स्तरों की स्क्रीनिंग के पश्चात अंतिम प्रेजेंटेशन के लिए 17 जुलाई 2018 को बुलाया गया था। जिसमें देश भर से 14 संस्थानों को फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना हेतु चयनित किया गया जिसमें महाविद्यालय को भी चयनित किया गया जो इलाहाबाद क्षेत्र के उच्च शिक्षा हेतु अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन कि इस ग्यारहवी प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड द्वारा पहली बार किसी महाविद्यालय को सम्मिलित किया गया जिसमें ईश्वर शरण महाविद्यालय संवत इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा हंसराज कॉलेज संबध दिल्ली विश्वविद्यालय अंतिम रूप से स्थान पाने में सफल रहे । डॉ आनंद ने बताया कि इस प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड में लगभग 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के साथ ही यूजीसी एनसीटीई एनसीईआरटी एवं न्यूपा के प्रतिनिधि सम्मिलित थे। यह केंद्र शैक्षिक उन्नयन के लिए विभिन्न प्रकार से उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करेगा जिसमें रिफ्रेशर कोर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम आंत्रप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम एजुकेशनल लीडरशिप प्रोग्राम इत्यादि सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि यह केंद्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों के साथ फेकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम अवम शोध अध्ययन को भी आगे बढ़ाएगा। इसके द्वारा शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर वही एपीआई अंक प्राप्त होंगे जो यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों में संचालित ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट केंद्रों के द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्रों पर होते हैं। प्राचार्य डॉ आनंद सिंह ने कहा कि हम उच्च शिक्षा से जुड़े हुए सभी शैक्षिक संस्थानों से आवाहन करते हैं कि ईश्वर शरण महाविद्यालय में प्रारंभ होने जा रहे इस केंद्र से आप रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षु के रूप में शुभ चिंतक के रूप में तथा किसी भी प्रकार के आधार अकादमिक एवं प्रशासनिक सहयोग देने में आप आगे आएं क्योंकि यह केवल इलाहाबाद के लिए ही नहीं वरन संपूर्ण प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक अभियान होगा। पत्रकार वार्ता के दौरान कॉलेज की अध्यक्ष आर के श्रीवास्तव भी उपस्थित थे जिन्होंने कहा कि महाविद्यालय अपनी पैत्रक संस्थान ईश्वर शरण आश्रम से संचालित है तथा उसके द्वारा प्रदत मानवीय मूल्यों की सतत संवाहक भी है। उन्होंने कहा कि ईश्वर शरण आश्रम की स्थापना 1935 34 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्पृश्यता आंदोलन से प्रभावित होकर की गई थी यह संस्था गांधी विनोबा से लेकर सुश्री निर्मला देशपांडे तक की महान विभूतियों के यहां निरंतर आगमन तथा निर्देशन से प्रारंभ होती रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जन्म के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ईश्वर शरण आश्रम एवं उसके संबंधित विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं में वर्ष पर्यंत विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है जिसका संबंध है ईश्वर शरण पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज कर रहा है। अध्यक्ष आर के श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी के स्किल इंडिया के तहत वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी हमारे कॉलेज में शुरू किया गया है जो पहला शैक्षिक संस्थान है जहां इस तरीके की ट्रेनिंग प्रोग्राम दिया गया है अन्यथा अब तक यह ईन्गीनियारिंग कॉलेजों को ही मिलता रहा है। इस प्रोग्राम के तहत हमारे यहां ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग का डिपार्टमेंट दिया गया है जो अपना कार्य शुरू कर चुका है इन दोनों विभागों में 50 50 सीटें हैं जहां पर छात्र सम्मिलित होकर तक छात्र तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में चोरों का आतंक,गैस पाईप चोरी होने से ऑपरेशन थिएटर एक दो तीन चार पूरी तरह ठप
2022/05/25 16:17:32
http://sakshinewsofindia.com/2018/08/08/%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%B0/
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पंजाब के बटाला में पटाखा फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे हाहाकार मच गया। 24 लोगों की मौत हो गई है। 26 लोेग घायल हो गए। 23 लोगों की घटनास्‍थल पर हुई और एक ने अस्‍पताल में दमतोड़ दिया बटाला Batala blast पाकिस्‍तान सीमा के पास स्थित पंजाब का बटाला शहर बुधवार को भीषण विस्‍फोट से दहल उठा। यहां एक पटाखा फैक्‍टरी में धमाका हो गया। इससे अब तक 24 लोगों की मौत हो गई है और 26 लोग घायल हैं। सात घायलों को नाजुक हालत के कारण अमृतसर के गुरु नानक देव अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। उसमें से एक ने दम तोड़ दिया। हादसे के कारण फैक्‍टरी पूरी तरह से ध्‍वस्‍त हो गई और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। घटनास्‍थल पर मलबा हटाने और राहत कार्य के दौरान भी धमाके हुए। इससे हड़कंप मच गया। पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें वीरवार तड़के से फिर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। मलबे में अब भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। Kartik Maas 2019 हिन्दू कैलेंडर के नए मास कार्तिक का प्रारंभ 14 अक्टूबर दिन सोमवार से हो रहा है। पुराणादि शास्त्रों में कार्तिक मास का विशेष महत्व बताया गया है। Kartik Maas 2019: हिन्दू कैलेंडर के नए मास कार्तिक का प्रारंभ 14 अक्टूबर दिन सोमवार से हो रहा है। पुराणादि शास्त्रों में कार्तिक मास का […]
2019/11/21 16:51:47
http://starsavera.com/gurdaspur-blast-in-cracker-factory-at-batala/
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Published: June 16 2021, 17:21 PM IST बिकिनी लुक में दिखीं Janhvi Kapoor बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने कुछ घंटों पहले ही बिकिनी फोटोज शेयर की हैं। एक्ट्रेस की इन फोटोज को देखने के बाद फैंस इंटरनेट पर जमकर तारीफ कर रहे हैं। यही नहीं इन फोटोज में समंदर किनारे जाह्नवी कपूर का हाथ पकड़कर दौड़ते हुए एक 'मिस्‍ट्री मैन' (Mystery Man) नजर आ रहा है। इस 'मिस्‍ट्री मैन' को देखने के बाद फैंस लगातार एक्ट्रेस से सवाल कर रहे हैं कि ये लड़का आखिर कौन है? आइए देखें ये फोटोज... समंदर के बीचों-बीच खड़े होकर दिए बोल्ड पोज जाह्नवी कपूर समंदर के पानी में खड़े होकर बोल्ड अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। जाह्नवी कपूर का ये लुक देखने एक बाद फैंस भी हैरान रह गए हैं। Also Read - PHOTOS: मैगजीन के लिए करवाए फोटोशूट में ग्लैमरस अवतार में नजर आई जाह्नवी कपूर, इंटरव्यू में कही ये बातें 'मिस्‍ट्री मैन' संग दौड़ लगाती आईं नजर जाह्नवी कपूर का हाथ पकड़े हुए समंदर किनारे 'मिस्‍ट्री मैन' दौड़ लगा रहा है। फैंस सवाल कर रहे हैं कि ये लड़का कौन हैं। चट्टान पर बैठी दिखीं जाह्नवी कपूर इस फोटो में जाह्नवी कपूर समंदर किनारे चट्टान पर बैठी नजर आ रही हैं। फोटो में उनका किलर लुक बेहद कमाल है। Also Read - Video: खत्म हुआ इंतजार, बॉलीवुड में तहलका मचाने से पहले सामने आया जाह्नवी कपूर का ये धमाकेदार वीडियो 'मिस्‍ट्री मैन' का हुआ खुलासा जाह्नवी कपूर के साथ जो 'मिस्‍ट्री मैन' नजर आ रहा है वो कोई ओर नहीं बल्कि ओरहान अवत्रामणि (Orhan Awatramani) है। फैंस को दीवाना बनाना कोई जाह्नवी कपूर से सीखे जाह्नवी कपूर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। एक्ट्रेस अपनी बोल्ड फोटोज से फैंस को दीवाना बनाती रहती हैं। Also Read - बांद्रा में कुछ इस अंदाज में दिखी जाह्नवी कपूर, देखें तस्वीरें
2021/07/25 04:12:09
https://www.bollywoodlife.com/hi/photos/janhvi-kapoor-latest-bikini-look-raise-temperature-on-internet-after-watch-photos-fans-who-is-this-boy-1854862/
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ICMR ने 5 भारतीय भाषाओं में मुद्रा टूलबॉक्स (MUDRA Toolbox) जारी किया – My Revolution-PARTs ICMR ने 5 भारतीय भाषाओं में मुद्रा टूलबॉक्स (MUDRA Toolbox) जारी किया First Published: October 8, 2021 | Last Updated:October 8, 2021 इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 5 अक्टूबर, 2021 को पांच भारतीय भाषाओं में "Multilingual Dementia Research and Assessment (MUDRA)" टूलबॉक्स जारी किया । डिमेंशिया से पीड़ित लोगों की देखभाल और पहुंच का विस्तार करने के लिए यह टूलबॉक्स लॉन्च किया गया है। इस टूलबॉक्स को हिंदी, बंगाली, कन्नड़, तेलुगु और मलयालम सहित भाषाओं में लॉन्च किया गया है। मुद्रा टूलबॉक्स (MUDRA Toolbox) मुद्रा टूलबॉक्स परियोजना का नेतृत्व ICMR न्यूरो-कॉग्निटिव टूल बॉक्स (ICMR-NCTB) साझेदारी द्वारा किया जा रहा है। यह भारत में मनोभ्रंश और हल्के संज्ञानात्मक हानि अनुसंधान और चिकित्सीय प्रथाओं में सुधार करने का प्रयास करता है। इस परियोजना को लागू करने के लिए, ICMR-NCTB ने AIIMS (नई दिल्ली), NIMHANS (बेंगलुरु), NIMS (हैदराबाद), SCTIMST (तिरुवनंतपुरम), मणिपाल अस्पताल (बेंगलुरु), अपोलो अस्पताल (कोलकाता) और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के साथ सहयोग किया है। टूलबॉक्स का उपयोग टूलबॉक्स में कई संज्ञानात्मक परीक्षण (cognitive tests) शामिल हैं जिनका उपयोग अनुभूति के कई पहलुओं जैसे कार्यकारी कामकाज, भाषण, स्मृति और नेत्र संबंधी कार्यों की जांच के लिए किया जा सकता है। यह भाषा, शिक्षा और संस्कृति जैसे भावात्मक संज्ञानात्मक परीक्षण प्रदर्शन तत्वों के प्रति संवेदनशील है। भारत में मनोभ्रंश के मामले मनोभ्रंश (Dementia) एक तंत्रिका संबंधी बीमारी है जो व्यक्ति की दैनिक जीवन की गतिविधियों को करने की क्षमता को प्रभावित करती है। यह याददाश्त में कमी पैदा करती है। अल्जाइमर एंड रिलेटेड डिसॉर्डर्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (ARDSIDEmentia) के अनुसार, वर्तमान में भारत में 5.29 मिलियन से अधिक व्यक्ति डिमेंशिया से पीड़ित हैं। 2030 तक, मनोभ्रंश रोगियों की संख्या 7.61 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। ICMR जैव चिकित्सा अनुसंधान को तैयार करने, समन्वय करने और बढ़ावा देने के लिए शीर्ष निकाय है। यह दुनिया भर में सबसे पुराने और सबसे बड़े चिकित्सा अनुसंधान निकायों में से एक है। यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के माध्यम से वित्त पोषित है। Tags:Current Affairs in Hindi , Hindi Current Affairs , Hindi News , MUDRA Toolbox , Multilingual Dementia Research and Assessment , मुद्रा टूलबॉक्स , हिंदी करेंट अफेयर्स
2022/07/07 14:09:25
https://myrevolution.in/current-affair-hindi/icmr-%E0%A4%A8%E0%A5%87-5-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D/
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सा-इ-मीका पार्क - Cherrapunji | सा-इ-मीका पार्क Photos, Sightseeing -NativePlanet Hindi होम » स्थल » चेरापूँजी » आकर्षण » सा-इ-मीका पार्क सा-इ-मीका पार्क, चेरापूँजी सा-इ-मीका पार्क चेरापूँजी का अद्भुत पार्क है जहाँ पर मनोरंजन के साथ-साथ पर्यटकों के लिये शैक्षिक ज्ञानवर्धन भी होता है। यहाँ पर वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, स्केटिंग रिंग, बैडमिन्टन कोर्ट जैसे कई खेलों की सुविधाओं के साथ-साथ बच्चों के लिये खेलने का स्थान और झूले हैं। गर्मियों के दिनों में अपने आप को ठंडा रखने के लिये यहाँ बच्चों के लिये तरणताल भी है। पार्क के अन्दर रुकने की सुविधा भी उपलब्ध है जिन्हें पारम्परिक खासी शैली में बनाया गया है। पार्क में चारों तरफ पिकनिक वाली झोपड़ियाँ भी हैं जिनमें लोग स्वयं खाना बनाकर अपने परिवार तथा मित्रों के साथ बैठकर उसका आनन्द ले सकते हैं। यहाँ पर एक कॉन्फरेन्स हॉल भी है जहाँ पर लोग शहर की आपा-धापी से दूर शाँत वातावरण में बैठकों का आयोजन कर सकते हैं। शिलाँग से किराये की टैक्सी अथवा बस द्वारा आप आसानी से सा-इ-मीका पार्क तक पहुँच सकते हैं और यात्रा में पड़ने वाले हरे-भरे पहाड़ो के सुरम्य दृश्यों का आनन्द ले सकते हैं।
2019/07/18 17:50:28
https://hindi.nativeplanet.com/cherrapunji/attractions/sa-i-mikapark/
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schemes of Scholarship and education loan | बच्चों की पढ़ाई के लिए मोदी सरकार दे रही है पैसा, ऑनलाइन करें अप्लाई Home » Economy » Policyschemes of Scholarship and education loan बच्चों की पढ़ाई के लिए मोदी सरकार दे रही है पैसा, ऑनलाइन करें अप्लाई केंद्र सरकार ने लॉन्च की प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना Money Bhaskar | अंतिम अपडेट : September 29, 2018 03:43 PM IST नई दिल्ली। पढ़ाई बहुत महंगी होती जा रही है, इसके चलते ज्यादातर मां-बाप को चिंता होती है कि वे बच्चों की पढ़ाई पूरी करने के लिए पैसा कहां से लाएंगे। मां-बाप के इसी दर्द को समझते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना लॉन्च की है। इस योजना के तहत बच्चों की पढ़ाई के लिए दो तरह से मदद की जाती है। एक तो, उन्हें केंद्र के 10 से अधिक मिनिस्ट्री व विभाग की स्कॉलर शिप स्कीम के माध्यम से पैसा दिलाया जाता है और दूसरा उन्हें देश के 35 बैंकों द्वारा चलाई जा रही 95 लोन स्कीम्स के माध्यम से पैसा दिलाया जाता है। यहां से लें स्कॉलर शिप केंद्र सरकार की 10 से अधिक मिनिस्ट्री की ओर से पढ़ाई करने वाले बच्चों को स्कॉलर शिप दी जाती है। प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के तहत इन स्कीम्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। आप इस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको इस लिंक पर क्लिक करना होगा। https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/ इसके अलावा आप स्कॉलरशिप के लिए इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं। http://scholarships.gov.in/ एजुकेशन लोन लेना हुआ आसान प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के तहत एजुकेशन लोन लेना आसान हो गया है। इस पोर्टल पर एजुकेशन लोन के कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) उपलब्ध हैं। अब तक देश के 35 बैंकों ने इस पोर्टल पर एजुकेशन लोन की 95 स्कीम पंजीकृत की है। इनमें SBI, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक शामिल हैं। पोर्टल पर करना होगा लॉगिन अगर आप प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। लॉगिन से आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। लॉगिन करने के बाद आपको लोन के लिए अप्लाई करना होगा। कैसे करें लोन के लिए अप्लाई - विद्या लक्ष्मी योजना में रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको एक इमेल आईडी एवं पासवर्ड मिलेगा। - इसके बाद आप इमेल आईडी एवं पासवर्ड डालने के बाद लॉग-इन कर सकेंगे। - एजुकेशन लोन के लिए आप कॉमन एजुकेशन लोन फॉर्म भरें। - विद्या लक्ष्मी योजना के तहत एजुकेशन लोन लेने के लिए आपको अपनी सुविधा के हिसाब से लोन के लिए आवेदन करना होगा। - लोन मंजूर होने के बाद आपको इसी पोर्टल पर उसकी जानकारी मिल जाएगी। आगे पढ़ें : क्या हैं फायदे - - छात्र-छात्राओं के लिए एजुकेशन लोन से संबंधित सवाल एवं शिकायत हेतु ईमेल की सुविधा - लोन आवेदन की स्थिति को देखने के लिए डैशबोर्ड की सुविधा - बैंकों की शिक्षा लोन एवं अन्य स्कीम की एक ही जगह जानकारी - लोन लेने के लिए कॉमन प्लेटफ़ॉर्म की वजह से छात्रों को एजुकेशन लोन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
2019/04/20 12:38:42
https://money.bhaskar.com/news/MON-ECN-POLI-UTLT-govt-launched-prime-minister-vidhya-lakshmi-yojna-5963560-NOR.html
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Home / State News / Rajasthan / संवेदनशील सरकार का महंगाई भत्ता बढ़ाने पर कर्मचारियों ने आभार व्यक्त किया By Team Newsques India on July 17, 2021 https://newsquesindia.com/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE"> राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन की मीटिंग मुख्यालय जयपुर में आयोजित की गई जिसमें केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद राज्य सरकार के जननायक संवेदनशील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा तुरंत राजस्थान में भी महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए किए गए निर्णय की सराहना की गई और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए सभी कर्मचारियों ने प्रण लिया। राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष खुशी राम मीणा,अनुशासन समिति चेयरमैन अशोक सपोटरा ने बताया कि संवेदनशील मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारियों के हितों में लिए जाने वाले फैसले ऐतिहासिक रहे हैं जयपुर जिला अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रदेश संयोजक दीपक तिवाड़ी ने बताया कि हम मरीजों की सेवा के साथ-साथ सामाजिक सरोकार में अग्रिम पंक्ति में रहने का प्रयास करते हैं और राज्य सरकार के कर्मचारी हितों के फैसलों से कर्मचारियों का हौसला अफजाई होता है। Related ItemsnewsquesIndiaआभार व्यक्त कियाकर्मचारियोंबढ़ाने परभत्तामहंगाईसरकारसंवेदनशील ← Previous Story An Upcoming star of literary world Next Story → कारगिल विजय दिवस पर 'इंस्पायरिंग स्टोरीज़ फ्रॉम कारगिल' विषय पर एनसीसी के द्वारा वर्चुअल सैशन आयोजित किया गया
2021/09/19 13:15:26
https://newsquesindia.com/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE/
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अब पेरेंट्स के हिसाब से बच्चे देख सकेंगे यूट्यूब (YouTube) वीडियोज नई दिल्ली: आजकल मोबाइल और इंटरनेट हर किसी के लिए जरुरत बन गया है, इन दोनों चीजों के बिना लोगो को अपनी लाइफ सूनी सी लगती है। लेकिन आजकल बच्चों में मोबाइल का एडिक्शन कुछ ज्यादा बढ़ गया है। बच्चों के हाथ में मोबाइल हो और वो YouTube का इस्तेमाल न करें ऐसा तो काफी मुश्किल है। और ये बात उनके पेरेंट्स के लिए चिंता का सबब बनती जा रही है, इसी बात का ध्यान रखते हुए YouTube ने अपने एक नए और ख़ास फीचर की घोषणा की है। इन फीचर्स को करना होगा इनेबल YouTube के इस नए फीचर के जरिये पेरेंट्स अपने बच्चों के मोबाइल में मौजूद यूट्यूब पर कंट्रोल कर सकेंगे। पेरेंट्स इस बात पर कंट्रोल कर सकेंगे की उनके बच्चों को क्या देखना है और क्या नहीं। इस फीचर के आने के बाद पेरेंट्स अपने बच्चों को ऐज रिस्ट्रिक्शन वाले वीडियो देखने से रोक पाएंगे। ये फीचर अभी YouTube Kids ऐप पर उपलब्ध नहीं होगा, इसे अभी सिर्फ यूट्यूब एप्प के लिए जारी किया जा रहा है। शुरूआती बीटा टेस्टिंग के बाद इस फिचर को सबके लिए शुरू कर दिया जायेगा। YouTube इस फीचर के लिए तीन अलग-अलग सेटिंग्स (एक्सप्लोर, एक्सप्लोर मोर, और मोस्ट ऑफ यूट्यूब) जारी करेगा। YouTube की एक्सप्लोर सेटिंग एक्सप्लोर सेटिंग को 9 साल से ऊपर के बच्चों के लिए लाया गया है, इसे इनेबल करने के बाद वीडियो में व्लॉग्स, ट्यूटोरियल, गेमिंग वीडियो, म्यूजिक क्लिप, न्यूज देखी जा सकती है। ये सेटिंग YouTube Kids के हिसाब से बड़े बच्चों के लिए है। YouTube की एक्सप्लोर मोर सेटिंग एक्सप्लोर मोर सेटिंग 13 साल से ऊपर के बच्चों के लिए है। इस सेटिंग को इनेबल करने के बाद बच्चे एक्सप्लोर सेटिंग से ऊपर के वीडियोस देख सकेंगे। इस कैटेगरी में बच्चे लाइव स्ट्रीम भी कर सकेंगे। मोस्ट ऑफ यूट्यूब सेटिंग मोस्ट ऑफ यूट्यूब सेटिंग 16 साल से ऊपर के बच्चे लिए है। इस सेटिंग को इनेबल करने के बाद बच्चों को रेगुलर YouTube जैसा ही एक्सपीरियंस मिलेगा। वे ऐज रिस्ट्रिक्टेड वीडियोज को छोड़ कर लगभग सभी वीडियोज देख सकेंगे। YouTube की सेटिंग को इनेबल करने के बाद बच्चे यूट्यूब पर टीनएजर्स के लिए उपलब्ध सेंसिटिव वीडियोज भी देख सकेंगे। इस सेटिंग को ऑन करने के बाद इन-ऐप परचेज और कमेंट को भी डिसेबल हो जायेगा।
2021/04/18 00:19:38
https://puridunia.com/now-children-will-be-able-to-watch-youtube-videos-according-to-parents-just-have-to-enable-these-settings/501683/
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सैंसिटिव स्किन के लिए होममेड मास्क के बारे में बताएं? - Grihshobha सैंसिटिव स्किन के लिए होममेड मास्क के बारे में बताएं? मेरी स्किन सैंसिटिव है. ऐसे में मुझे कौन सा घरेलू फेस मास्क लगाना चाहिए, जिस से स्किन का ग्लो बढ़ जाए? अगर आप की त्वचा सैंसिटिव है, तो आप खुद ही अपना ऐलोवेरा फेस मास्क बना सकती हैं. ताजे ऐलोवेरा जैल में शहद मिला कर 20 मिनट तक चेहरे पर लगा कर रखें. फिर बर्फ के टुकड़े को महीन कपड़े में रख कर उस से चेहरे पर मसाज करें. 5 मिनट तक बर्फ से रगड़ने के बाद कुनकुने पानी से चेहरा धो लें. हफ्ते में 2-3 बार ऐसा करने से ही आप को फर्क नजर आने लगेगा. -समस्याओं के समाधान ऐल्प्स ब्यूटी क्लीनिक की फाउंडर डाइरैक्टर डा. भारती तनेजा द्वारा. Tags: beautyBeauty problembeauty tipsbeauty tips in hindiface Maskhairhair problemhomemade maskhomemade mask for sensitive skinmonsoon problemProblemreadersReaders problemReaders Problem Solutionsensitive skin
2021/10/25 07:26:38
https://www.grihshobha.in/personal-problems/suggest-a-homemade-mask-for-sensitive-skin
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Balika Vadhu: Smita Bansal Aka Sumitra Upset With Her Track; Might Quit The Show! - Hindi Filmibeat 2 min ago 'अंतिम' के लिए सलमान खान ने कसी कमर? महेश मांजरेकर के साथ इस दिन से शुरु होगी शूटिंग 17 min ago तेजस की तैयारी के बीच कंगना रनौत का 'गुलाबी आंखें जो तेरी देखी' पर जबरदस्त डांस VIDEO 44 min ago 2020 में बॉलीवुड को 3500 करोड़ का भारी नुकसान, पहली बार बॉक्स ऑफिस का ऐसा हाल- रिपोर्ट Must Read: लोग मरते हैं, किरदार नहीं कलर्स के सबसे पॉपुलर शो में से एक है 'बालिका वधु' जो पिछले पांच सालों से टीआरपी चार्ट में टॉप पर बना हुआ है। इस शो के बारे में खबर आ रही है कि शो में इन दिनों जो कहानी चल रही है उससे जगिया की मां और गंगा की सास सुमित्रा यानी कि स्मिता बंसल बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं इसलिए उन्होंने शो को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। सुमित्रा की शिकायत है कि इन दिनों शो केवल आनंदी और गंगा के जीवन की कहानी पर केन्द्रित हो गया है और उनके लिए शो में कुछ खास करने को बचा ही नहीं है इसलिए उन्होंने शो को टॉटा-बॉय-बॉय करने का फैसला ले लिया है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर वाकई में ऐसा होता है तो इसमें किसी को संदेह नहीं होगा कि शो की टीआरपी पर फर्क पड़ेगा क्योंकि पिछले पांच सालों से लोगों को सुमित्रा के रोल से प्यार हो गया है। सुमित्रा के रोल को रोचक बनाने में स्मिता बंसल का बहुत बड़ा हाथ है। स्मिता टीवी की खूबसूरत अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। एकता के 'कैंपस' और 'इतिहास' जैसे शो से करियर शुरू करने वाली स्मिता को पिछले साल 'नच बलिए' में अपने पति संग और 'खतरों के खिलाड़ी' के प्रतियोगी के रूप में देखा गया था। वैसे आपको बता दें कि 'बालिका वधु' में अब तक आनंदी, गंगा, गहना और श्याम जैसे कई बड़े किरदारों की शक्ल बदल चुकी है। ऐसे में सुमित्रा का चेहरा बदल जाये तो लोगों को अचरज नहीं होना चाहिए लेकिन बाकियों का तो नहीं लेकिन सुमित्रा के जाने से लोगों को निराशा जरूर होगी ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है। Read more about: balika vadhu colors tv smita bansal बालिका वधू कलर्स टीवी स्मिता बंसल Smita Bansal, who is popularly known as Sumitra of Balika Vadhu, seems to be upset with her current track in the show. This non-satisfaction of the current track might lead to the actress quitting the show.
2020/10/29 17:47:49
https://hindi.filmibeat.com/television/balika-vadhu-smita-bansal-upset-with-her-track-might-quit-the-show-284943.html
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बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंकिंग गोपनीयता को खत्म करने के लिए वैश्विक कार्रवाई हो Sunday, October 17, 2021 12:29 PM English | हिंदी बैंकिंग गोपनीयता को खत्म करने के लिए वैश्विक कार्रवाई हो बीएस संवाददाता / नई दिल्ली June 13, 2011 वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बैंकिंग गोपनीयता समाप्त करने तथा ट्रांसफर प्राइसिंग के दुरुपयोग (सम्बद्ध फर्मों के बीच अंतराष्ट्रीय सौंदों के बिलों में घपलेबाज) को रोकने के लिएसभी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा है कि बैंकों की गोपनीयता तथा सौदों में भुगतान के बिलों में हेराफेरी कर के विकासशील देशों के दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है। मुखर्जी ने आज यहां वित्त मंत्रालय और विकसित औद्योगिक देशों के मंच आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) द्वारा अंतरराष्ट्रीय कराधान पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने आज इस बात पर क्षोभ जताया कि बुत से देशों और कर-मुक्त क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवसाय रहस्यों की छाया में घिरा है। मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हुए प्रयासों तथा जी-20 के नेताओं द्वारा अप्रैल, 2009 में लंदन शिखर सम्मेलन में जारी वक्तव्य के बावजूद हम भरोसे के साथ यह नहीं कह सकते हैं कि सभी जगह हर मामले में बैंक गोपनीयता खत्म हो चुकी है।
2021/10/17 06:59:36
https://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=48068
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Mahant Narendra Giri Death Case CBI got important clues and now preparing to take accused Anandgiri on custody remand again Brijesh SrivastavaSat, 23 Oct 2021 03:27 PM (IST) महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्‍ध मौत के मामले का खुलासा करने में सीबीआइ टीम लगी है। प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्‍ध मौत के मामले में सीबीआइ जांच कर रही है। सीबीआइ एक बार फिर इस मामले के आरोपित आनंद गिरि को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अब तक तफ्तीश में जांच एजेंसी के हाथ कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आनंद गिरि से पूछताछ करने की बात कही जा रही है। सीबीआइ ने महंत के वसीयतनामा और दूसरे अभिलेखों की जांच की है, जिसको लेकर आनंद गिरि की भूमिका की छानबीन दोबारा की जाएगी। सीबीआइ टीम को मिली नई जानकारी सूत्रों का कहना है कि महंत के शिष्यों और मठ से जुड़े लोगों ने पूछताछ के दौरान सीबीआइ टीम को कुछ नई जानकारी दी है। महंत के कमरे से मिली डायरी और अभिलेख का अध्ययन करने के बाद अफसरों ने वहां के सेवादारों से सवाल किया था। हालांकि वह महंत और आनंद गिरि को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके थे। तब सीबीआइ टीम ने आनंद गिरि, त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर के पूर्व पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उसके बेटे संदीप का पालीग्राफ टेस्ट कराने की तैयारी शुरू की थी। हालांकि इस पर अदालत से झटका लग गया। ऐसे में अधिकारियों ने अब वसीयतनामा के बारे में बिंदुवार जानकारी जुटाई है। कुछ जानकारी के बारे में आंनद गिरि ही बता सकते हैं कहा जा रहा है कि जांच एजेंसी को आनंद गिरि के नाम की गई वसीयत और फिर बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाने वाले वसीयतनामा में कई तथ्य भिन्न मिले हैं। कुछ ऐसी जानकारी भी अंकित की गई है, जिसके बारे में सिर्फ आनंद गिरि ही कुछ बता सकते हैं। ऐसे में उन्हें फिर से कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की योजना बनाई जा रही है। ताकि घटना को लेकर अभियुक्तों के उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
2021/12/09 13:15:07
https://m.jagran.com/lite/uttar-pradesh/allahabad-city-mahant-narendra-giri-death-case-cbi-got-important-clues-and-now-preparing-to-take-accused-anandgiri-on-custody-remand-again-22141961.html?itm_source=AMP&itm_medium=recommendations&itm_campaign=latest
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अगर हम वास्तव में लड़ाई लड़ना चाहते हैं, तो कैलिब्रेट करें। यदि हम स्वीकार करते हैं और चर्चा करने के लिए प्रवेश करते हैं, तो हम उस जोखिम को नहीं चला सकते हैं जो बच्चा पिता पर अपनी इच्छा को लागू करने का प्रबंधन करता है। अधिकार के एक सवाल पर देना एक विद्रोही और अत्याचारी किशोर को मजबूर करने का पहला कदम है। हमारे लिए यह बेहतर होगा कि हम नापसंद आदेशों और अधिक लचीले लोगों के पैमाने का उपयोग करें, ताकि वे बहुत अधिक उपयोग न कर सकें। हमें प्रत्यक्ष टकरावों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए जैसे: "आप बिस्तर पर चले जाते हैं क्योंकि मैं कहता हूं कि आपको इसका पालन करना होगा", और उन्हें उन मामलों तक सीमित करें जिनमें हम सफल होने के लिए तैयार हैं। एक और मुद्दा जिसमें हमें खुद को मजबूत प्रलोभनों से दूर नहीं होने देना चाहिए: बच्चे के साथ ईमानदारी से पेश आना और हमेशा यह स्पष्ट करना कि वे कौन सी चीजें हैं जो घर में चर्चा को स्वीकार नहीं करती हैं। जब हम बिस्तर पर जाने की तरह कुछ "अनअपेयबल" करना चाहते हैं, तो हम आपको "बिस्तर पर जाना चाहते हैं" जैसे सवालों का पालन करने का विकल्प नहीं दे सकते? या "मैं तुम्हें बिस्तर पर ले जाऊंगा, ठीक है?" जब कोई विकल्प नहीं होता है, तो यह उचित नहीं है कि हम उनसे बात करें जैसे कि वे मौजूद थे।
2021-03-03T04:40:03Z
https://hi.bebakpost.com/2020/05/blog-post_791.html
OSCAR-2109
विनाशकारी सुनामी से निकला चार देशों का ग्रुप, क्यों रखा गया इतना अजीब नाम? जानें क्या है QUAD - explanation what is 'quad', a group of four countries, how it came into existence - Navbharat Times explanation what is 'quad', a group of four countries, how it came into existence Edited by योगेश मिश्रा | भाषा | Updated: May 24, 2022, 4:29 PM What Is Quad? : क्वाड सदस्यों का कहना है कि समूह चार देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, वे स्पष्ट रूप से नहीं कहते हैं, लेकिन इस साझेदारी का मकसद चीनी आक्रामकता के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करना है। 2004 में हिंद महासागर की विनाशकारी बाढ़ से अस्तित्व में आया क्वाड 2007 में जापान ने दिया औपचारिक रूप, 10 साल निष्क्रिय के बाद हुआ सक्रिय मंगलवार को टोक्यो में आयोजित शिखर सम्मेलन में मिले क्वाड देशों के चारों नेता टोक्यो : 'क्‍वाड अच्‍छाई की ताकत के लिए बनाया गया संगठन है और यह हिंद प्रशांत क्षेत्र को बेहतर बना रहा है।', ये वो शब्द हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टोक्यो में बोले। क्वाड शिखर सम्मेलन के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक देशों के बीच आपसी विश्‍वास लोकतांत्रिक देशों को नई ऊर्जा देगा। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के नेता मंगलवार को 'क्वाड' शिखर सम्मेलन के लिए तोक्यो में इकट्ठा हुए। आइए जानते हैं कि क्वाड समूह क्या है और यह कैसे अस्तित्व में आया और राजनयिक विभिन्न साझेदारियों को अजीबोगरीब नाम क्यों देते हैं? चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद 'क्वाड' की औपचारिक शुरुआत साल 2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी के बाद एक अनौपचारिक साझेदारी के रूप में हुई थी, जब चार देश प्रभावित क्षेत्रों को मानवीय एवं आपदा प्रबंधन सहायता मुहैया कराने के लिए साथ आए थे। इसे 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने औपचारिक रूप दिया था। लेकिन फिर लगभग एक दशक तक यह निष्क्रिय रहा। क्या यह एक 'एशियाई नाटो' है? चीन ने आरोप लगाया है कि समूह 'एशियाई नाटो' बनाने के प्रयास का प्रतिनिधित्व करता है, भले ही यूरोपीय गठबंधन के विपरीत इसमें कोई पारस्परिक-रक्षा समझौता प्रभावी नहीं है। वहीं, क्वाड सदस्यों का कहना है कि समूह चार देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, वे स्पष्ट रूप से नहीं कहते हैं, लेकिन इस साझेदारी का मकसद चीनी आक्रामकता के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करना है। मार्च 2021 में 'क्वाड की विचारधारा' को लेकर की गई एक घोषणा में नेताओं ने कहा था, 'हम विविध दृष्टिकोण रखते हैं, लेकिन स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति एक साझा दृष्टिकोण को लेकर एकजुट हैं। हम एक ऐसे क्षेत्र की स्थापना के लिए प्रयास कर रहे हैं, जो स्वतंत्र, खुला, समावेशी, स्वस्थ, लोकतांत्रिक मूल्यों से बंधा हुआ और दबाव से मुक्त हो। नए चेहरों पर नजर? क्वाड की मंगलवार की बैठक में जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने पहली बार व्यक्तिगत रूप से शिरकत की। उन्होंने पिछले अक्टूबर में पदभार संभाला था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के लिए भी यह समूह की पहली बैठक थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के संसदीय चुनाव के दो दिन बाद और शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले सोमवार को शपथ ली थी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय पर हिस्सा लिया, जब यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के खिलाफ क्वाड के अन्य सदस्य देश साथ खड़े हैं, खासतौर पर कड़े प्रतिबंधों को लेकर। वहीं, भारत ने आक्रमण के बाद रूसी ऊर्जा की खरीद बढ़ा दी है। इसके अलावा, आक्रमण ने खाद्य पदार्थों की कमी को भी जन्म दिया है, जिससे कीमतों में वृद्धि हो रही है। बावजूद इसके भारत ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो इस वैश्विक चुनौती के समाधान को और जटिल बना सकता है। दक्षिण कोरिया ने क्वाड में शामिल होने की दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे समूह की सदस्यता को समायोजित करने पर विचार नहीं कर रहे हैं। हां, समूह ने 'क्वाड-प्लस' की बैठकें की हैं, जिनमें दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम शामिल हुए हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भविष्य के विस्तार या साझेदारी का आधार बन सकते हैं। राजनयिक कुछ नहीं कर सकते। जब वे अलग-अलग समूह या साझेदारी की शुरुआत करते हैं, तब वे 'क्वाड' या 'ऑकस' (ऑस्ट्रेलिया-ब्रिटेन-अमेरिका के बीच नया गठबंधन) जैसे छोटे नाम चुनने से नहीं बच पाते। इस सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रस्तावित नए व्यापार समझौते हिंद-प्रशांत आर्थिक रूपरेखा के लिए संक्षिप्त नाम 'आईपीईएफ' दिया है।
2022/07/05 16:46:07
https://navbharattimes.indiatimes.com/world/asian-countries/explanation-what-is-quad-a-group-of-four-countries-how-it-came-into-existence/articleshow/91760082.cms?utm_source=recommended&utm_medium=referral&utm_campaign=article9
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INDIA VS CHINA : चीन को महंगा पड़ा भारत से पंगा लेना! पिछले 3 साल में घटा चीनी कंपनियों का निवेश - Digital Akhbaar INDIA VS CHINA : चीन को महंगा पड़ा भारत से पंगा लेना! पिछले 3 साल में घटा चीनी कंपनियों का निवेश INDIA VS CHINA : विदेशी निवेश में गिरावट दर्ज बीते 3 साल में चीन से भारत आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI Inflow from China) में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2019-20 में यह कम होकर 163.77 मिलियन डॉलर पर आ चुका है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Mos Finance, Anurag Singh Thakur) ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। चीनी कंपनियों द्वारा देश में आने वाले FDI के बारे में जानकारी देते हुए ठाकुर ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में यह 350 मिलियन डॉलर था।इसके अगले साल भी यह कम होकर 229 मिलियन डॉलर रहा है।मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में इस बारे में लिखित जानकारी दी गई। INDIA VS CHINA : भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण पर रोक आउटफ्लो पर उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में यह 20.63 मिलियन डॉलर रहा है।जबकि इसके पहले साल में यह 27.57​ मिलियन डॉलर रहा था।उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को लेकर सरकार ने इस साल के शुरुआत में प्रेस नोट 3 जारी किया था। प्रेस नोट 3 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'कोई भी गैर-प्रवासी इकाई भारत में निवेश कर सकती है। लेकिन यह एफडीआई नीति (FDI Policy) के आधार पर ही होगा। इसमें कुछ सेक्टर या गतिविधियों पर प्रतिबंध है। हालांकि, भारत से बॉर्डर साझा करने वाले देशों या भारत में निवेश से लाभ प्राप्त करने वाली कोई व्यक्ति या इकाई को सरकार के जरिये ही निवेश करना होगा।' INDIA VS CHINA : सेक्टर में विदेशी निवेश नहीं उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान का कोई नागरिक या कोई इकाई भी सरकारी रूट के जरिये ही निवेश करेगी। इसमें रक्षा, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी समेत कुछ अन्य सेक्टर या गतिविधियां शामिल नहीं होंगी। इनमें विदेशी निवेश पर प्रतिबंध है।'
2021/06/12 11:51:42
https://digitalakhbaar.com/india-vs-china-3/
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जानिये इस बार के बजट में क्या मिली राहत? कैसे बचा सकते हैं टैक्स? रविवार, मई 27 2018 | समय 05:09 Hrs(IST) By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 4 2018 10:10AM पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक व कंपनी सचिव श्री बी.जे. माहेश्वरी जी। श्री माहेश्वरी पिछले 33 वर्षों से कंपनी कानून मामलों, कर (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) आदि मामलों को देखते रहे हैं। यदि आपके मन में भी आर्थिक विषयों से जुड़े प्रश्न हों तो उन्हें edit@prabhasakshi.com पर भेज सकते हैं। भारत के प्रमुख हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम के लोकप्रिय कॉलम 'विशेषज्ञ की सलाह' में इस सप्ताह जानिये वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आये केंद्रीय बजट से जुड़े पाठकों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर। प्रश्न-1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बजट में मध्य वर्ग को राहत दी गयी है लेकिन आंकड़ों को देखकर ऐसा लग नहीं रहा। हम आपसे जानना चाहते हैं कि सैलरी क्लास को क्या राहत मिली है? उत्तर. बजट 2018-19 में सेलरी क्लास को निम्न राहत दी गयी हैं- (1) स्टैण्डर्ड डिडक्शन के तौर पर 40000/- की छूट दी है और इसकी एवज में ट्रांसपोर्ट अलाउंस 19200/- रुपए प्रतिवर्ष एवं मेडिकल रिम्बर्समेंट 15000/- रुपए प्रतिवर्ष निकाल दिया गया है। इसलिए नेट छूट 5800/- रुपये की ही मिली है। इसके आलावा सेस जो पहले 3% था उसे बढ़ाकर 4% कर दिया गया है/ जिससे राहत ना के बराबर हो गई है। प्रश्न-2. बजट में इस बार कौन-कौन से नये कर या सेस लगाये गये हैं? उत्तर. बजट में इस बार Educaton cess जो 3% था उसे बढ़ाकर 4% कर दिया गया है और उसका नाम health और Education Cess होगा। प्रश्न-3. मेडिक्लेम पर अब कितनी राशि तक छूट मिलेगी? उत्तर. मेडिक्लेम पर अधिकतम छूट 50000/- रुपए की गई है जोकि वरिष्ठ नागरिकों को ही मिलेगी इसके आलावा और कोई परिवर्तन नहीं है। प्रश्न-4. बजट से वरिष्ठ नागरिकों को क्या-क्या लाभ मिले हैं? उत्तर. बजट में वरिष्ठ नागरिकों को निम्न लाभ मिले हैं: (1) पेंशन पाने वाले व्यक्ति को स्टैण्डर्ड डिडक्शन की छूट 40000/- रुपए तक की गयी है। (2) ब्याज से मिलने वाली छूट- जो ब्याज बैंकों के fixed Deposit, Post Office Saving और Coperative Society से मिलता हो उस ब्याज पर 50000/- रुपए की छूट दी गयी है। (3) उपरोक्त ब्याज पर कोई TDS नहीं कटेगा। प्रश्न-5. स्वरोजगार करने वालों को इस बजट से क्या लाभ मिला है? उत्तर. स्वरोजगार करने वालों को इस बजट में कोई लाभ नहीं मिला है बल्कि उन्हें Education Cess बढ़ाकर 4% का देना होगा जोकि पहले 3% होता था। प्रश्न-6. सरकार बजट में जो नई बीमा योजना लाई है उसका फायदा हमें कैसे मिल सकता है? उत्तर. सरकार ने National Health Policy के अन्तर्गत 150000/- केंद्र और खोलने की बात कही है। इसके लिए सरकार ने 1200/- करोड़ रुपए अलग से रखा है। सरकार ने 10 करोड़ गरीब जनता व उनके परिवार को 5 लाख रुपए तक की medical policy देने की बात कही है। गरीब जनता इस नयी योजना का फायदा उठा सकती है। प्रश्न-7. आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का खर्च कैसे मिल सकता है? उत्तर. आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का खर्च कैसे मिल सकता है इसके लिए सरकार की तरफ से detailed guideline का इंतजार कर सकते हैं। प्रश्न-8. क्या लघु उद्योगों को भी बजट में कोई राहत दी गयी है? उत्तर. हाँ, इस बजट में लघु उद्योग जिनकी Turnover 250 करोड़ रुपए तक है उन्हें Corporate tax घटे हुए rate यानि की 25% से देना होगा उसके अलावा कुछ उद्योगों में सरकार ने Income tax की 100% छूट दी है। जैसे कि Footwear और Leather Products Industry को इस छूट में शामिल किया गया है। प्रश्न-9. शिक्षा उपकर में वृद्धि किन-किन चीजों के बिल पर लागू होगी? उत्तर. शिक्षा उपकर वृधि सभी आय पर लागू होगी जहां-जहां Direct Tax लागू होगा। प्रश्न-10. बैंक से होने वाली ब्याज की आय कितनी राशि तक करमुक्त है? उत्तर. Saving बैंक से मिलने वाली ब्याज की रकम 10000/- रुपया तक करमुक्त है। इसके अलावा इस बजट में एक अलग प्रावधान वरिष्ठ नागरिकों के लिए किया गया है जिसमें बैंकों में FD से होने वाले ब्याज, Post Office savings व Coperative society से मिलने वाला ब्याज 50000/- तक की मिलने वाली रकम को कर मुक्त करने का प्रावधान दिया गया है।
2018/05/26 23:39:01
https://www.prabhasakshi.com/news/expertopinion/how-can-i-save-the-tax/120428.html
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राजस्थान में 49 नगर निकायों के लिए वोटिंग शुरू – Rashtra Chandika By Akhilesh Dubey On Nov 16, 2019 12 जयपुरः राजस्थान के 49 नगर निकायों में लगभग 2100 वार्ड पार्षदों के लिए शनिवार को मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने बताया कि मतदान आज सुबह सात बजे शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान शांतिपूर्ण करवाने की सभी तैयारियां की गई हैं। राज्य के 49 निकायों में कुल 7944 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन 49 निकायों में कुल 2105 वाडरें में चुनाव होना था जिनमें से 14 वाडरें में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। बाकी में आज मतदान हो रहा है। इस चुनाव में कुल 33 लाख छह हजार 912 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिनमें 17 लाख पांच हजार एक पुरूष तथा 16 लाख एक हजार 864 महिला मतदाता शामिल हैं। शादी से इंकार पर युवक ने वीडियो बनाकर किया Suicide, कहा- मेरे अंतिम संस्कार में गर्लफ्रेंड को जरूर बुलाना
2022/05/24 22:36:38
https://rashtrachandika.com/13708/
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क्रॉस-कंट्री स्कीइंग के लिए मजबूत करने के लिए मांसपेशियों - खेल और स्वास्थ्य - 2020 क्रॉस-कंट्री स्कीइंग के लिए मजबूत करने के लिए मांसपेशियों क्रॉस-कंट्री स्कीइंग एक पूर्ण-शरीर कसरत देता है। पोलिंग ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को बाहर करता है, जबकि स्केटिंग गति आपके निचले शरीर को बाहर करती है। यदि आप अगले सर्दी के मौसम में क्रॉस-कंट्री स्कीइंग करते समय किसी भी मांसपेशियों को खींचना नहीं चाहते हैं, तो आप ऑफ़-सीजन के दौरान अपने पैरों, बाहों, पीठ और छाती को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहेंगे। क्लासिक स्ट्रैड तकनीक क्लासिक स्ट्रैड तकनीक के साथ क्रॉस-कंट्री स्कीइंग ट्रेल पर बनाए गए ट्रैक में होती है। आप अपने स्की को पटरियों में रखते हैं और स्की को अपने आप को आगे बढ़ाने के लिए आगे स्लाइड करते हैं। क्लासिक स्ट्रैड में उपयोग की जाने वाली मुख्य मांसपेशियों में जांघों और निचले पैर शामिल होते हैं। जिम में एक पार्श्व स्लाइड बोर्ड पर रोलरब्लैडिंग या काम करना स्कीइंग से पहले अपने पैरों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के दो तरीके हैं। ऊपरी बांह की मांसपेशियों का उपयोग तब किया जाता है जब आप अपने शरीर को आगे बढ़ाने के लिए ध्रुवों का उपयोग करते हैं, इसलिए अपनी बाहों को मजबूत करने के लिए ऑफ-सीजन में बायसेप कर्ल और ट्राइसप्स डुबकी पर ध्यान दें। डबल पॉलिंग तकनीक डबल पॉलिंग तकनीक क्रॉस-कंट्री स्कीइंग तकनीकों का सबसे दुर्लभ है और क्लासिक तकनीक की तरह ट्रैक में स्की लगाकर प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन ध्रुवों के साथ केवल आर्म मूवमेंट का उपयोग करके आपको आगे बढ़ने के लिए किया जाता है। इस तकनीक के लिए उपयोग की जाने वाली मुख्य मांसपेशियों में आपकी छाती, ऊपरी हिस्से, ऊपरी बाहों और कंधों, और स्थिरता के लिए आपके पेटी शामिल हैं। कोर मजबूती अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करें जो आपकी बाहों को भी शामिल करता है, जैसे कि तख्ते या विभिन्न योग पोस। स्केटिंग तकनीक ट्रैक का उपयोग नहीं करती है बल्कि बर्फ स्केटिंग के समान गति का उपयोग करके स्कीयर को बर्फ के एक चक्करदार इलाके में घूमने की अनुमति देती है। स्केटिंग तकनीक में उपयोग की जाने वाली प्रमुख मांसपेशियों में ग्ल्यूटल और ऊपरी पैर की मांसपेशियां शामिल होती हैं, और ध्रुवों में हेरफेर करने के लिए ऊपरी बांह की मांसपेशियों की आवश्यकता होती है। रोलरब्लैडिंग या आइस स्केटिंग के अलावा, फेफड़े, स्क्वाट्स और पैर प्रेस सभी आपके क्रॉस-कंट्री एडवेंचर के लिए तैयार करने के लिए अपनी पैर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। फेफड़े और स्क्वाट क्वाड्रिसप्स, हैमस्ट्रिंग्स और बछड़े की मांसपेशियों को ताकत और स्थिरता दोनों में चुनौती देते हैं। अपनी मांसपेशियों को और चुनौती देने के लिए, आप हाथ वजन रखने के दौरान इन अभ्यासों को कर सकते हैं। बैठे पैर कर्ल हैमस्ट्रिंग का काम करते हैं, जबकि पैर कर्ल खड़े होते हैं, दोनों हैमरस्ट्रिंग्स और ग्ल्यूटस मैक्सिमस दोनों काम करते हैं। Biceps curls और triceps कंबैक डंबेल का उपयोग कर हथियारों के लिए सबसे प्रभावी मजबूत अभ्यास में से दो हैं। एसीई-प्रमाणित व्यक्तिगत ट्रेनर मेगन टाइनर क्रॉस-कंट्री स्कीइंग की गति में उपयोग करने के लिए एक अंडाकार मशीन पर काम करने का सुझाव देते हैं। वह कहती है कि अंडाकार का उपयोग करने का एक फायदा यह है कि आप अपने कसरत को आसान या अधिक कठोर बनाने के लिए कुछ मशीनों की घुमाव और प्रतिरोध को समायोजित कर सकते हैं।
2020/04/04 01:40:18
https://hi.sxph.org/49753-muscles-to-strengthen-for-cross-country-skiing.html
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जम्मू-कश्मीर में सेना का बड़ा ऑपरेशन, तीन जवान शहीद, घुसपैठ कर रहे 2 आतंकी भी ढेर - Khabri Adda Khabri Adda > Latest Big News > जम्मू-कश्मीर में सेना का बड़ा ऑपरेशन, तीन जवान शहीद, घुसपैठ कर रहे 2 आतंकी भी ढेर Latest Big NewsNational Posted by Khabri Adda November 8, 2020 108 Views Add Comment लखनऊ में कोरोना वायरस से पहली मौत जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की बड़ी खेप की भारत में एंट्री को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। आतंकियों के खिलाफ इस मुठभेड़ में सेना के दो और बीएसएफ का 1 जवान शहीद हो गया। इस मुठभेड़ में दो आतंकी भी ढेर हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरी कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में LOC के पास यह ऑपरेशन जारी है। समाचार एजेंसी एएनआई की एक अन्य रिपोर्ट बताया गया कि कांस्टेबल सुदीप सरकार ने माछिल सेक्टर में ऑपरेशन के दौरान अपनी जान गंवा दी। भारतीय सेना भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल है। भारतीय सेना के अनुसार, 7-8 नवंबर की रात को माछिल सेक्टर में गश्त पार्टी द्वारा अज्ञात व्यक्तियों के संदिग्ध आंदोलन का पता लगाया गया। आतंकवादियों को तब पकड़ा गया जब वे भारत के अंदर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा बलों ने मारे गए आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है। रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, माकिल सेक्टर (उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले) में नियंत्रण रेखा बाड़ के पास अज्ञात व्यक्तियों की संदिग्ध आवाजाही को रात 7-8 नवंबर की रात 0100 बजे रात में पता चला। संयुक्त अभियान भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा शुरू किया गया था। Previous Article जब पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के ट्रांसफोर्टर को लगा दी फटकार Next Article राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप, कहा- नोटबंदी का मकसद उद्योगपति मित्रों की मदद करना था
2021/01/15 21:20:24
http://www.khabriadda.in/latest-big-news/21507
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इलियट प्रचेटर, जो एलियट वेव थ्योरी के बारे में लिखते हैं, विदेशी मुद्रा ऑनलाइन पटियाला जो व्यापारियों द्वारा व्यापक रूप से अनुसरण करते हैं, ने कहा कि जुलाई में बिटकॉइन अपने नवीनतम रन की पांचवीं और अंतिम लहर के करीब पहुंचने वाला है। यद्यपि आप career in share market बना सकते हैं। लेकिन जैसा कि हमने कहा है, इसके लिए बहुत सारे प्रशिक्षण और बहुत अभ्यास आवश्यक है। इसके अलावा, कुछ व्यापारी काफी शुरुआती नुकसान उठा सकते हैं क्योंकि उनके पास ट्रेडिंग से पैसा बनाने के तरीके की खोज करने से पहले भविष्य के संभावित लाभ को रखने के लिए पर्याप्त पूंजी है। विदेशी मुद्रा ऑनलाइन पटियाला, बाइनरी ऑप्शन्स Hedging कार्यनीति 4. आपका निवास स्थान: यदि आप मेट्रो शहर में रहते हैं, तो संभावना है कि आपका प्रीमियम अधिक हो विदेशी मुद्रा ऑनलाइन पटियाला सकता है क्योंकि टियर 2 या 3 शहरों की तुलना में विकसित शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज की लागत ज़्यादा है। इसलिए नागपुर में रहने वाले लोगों की तुलना में दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए प्रीमियम अधिक होगा। रिसर्च दिखाती हैं कि अक्सर वो होता है, जिसकी आप उम्मीद नहीं करते। kriptovalyutnymi आदान-प्रदान के साथ काम करने के लिए सबसे लोकप्रिय अनुप्रयोगों में से एक। उपयोगिता आप एक निश्चित मुद्रा जोड़ी का चयन करने के लिए अनुमति देता है और ट्रैक वास्तविक समय में अपने पाठ्यक्रम बदल जाता है। स्थायी रूप से आपकी आंखों के सामने एक स्मार्टफोन पकड़ नहीं है करने के लिए, पर्याप्त नोटिस डाल दिया। इस मामले में, आवेदन एक संकेत दे देंगे जब एक "तहखाने" की दर एक विशिष्ट स्थान तक पहुँचता है। विदेशी मुद्रा ऑनलाइन पटियाला, एफएक्स मार्केट में तकनीकी विश्लेषण के मूल सिद्धांत अब आप वर्चुअल फंड के साथ सिमुलेशन प्लेटफॉर्म में ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं! आप मेटाट्रेडर के लिए डाउनलोड और इंस्टॉलेशन विदेशी मुद्रा ऑनलाइन पटियाला प्रक्रिया को नीचे दिए गए वीडियो में भी देख सकते हैं।
2021/04/13 05:01:00
https://gumped.website/kat-15/page-533497.html
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Raksha Bandhan 2019 : बच्चों के लिए TikTok, भैया-भाभी के लिए मार्केट में कपल राखी – Voice of Chambal 0 August 13, 2019 8:07 am भोपाल। 15 अगस्त को राखी है। राखी के त्यौहार की रौनक अब बाजार में दिखने लगी है। बाजार में रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सज गई हैं। बाहर राखी भेजने वालीं बहनें खरीदारी कर अपने भाइयों को उन्हें पोस्ट कर रही हैं, ताकि वे भाइयों को सही समय पर मिल जाएं। मार्केट में बच्चों के लिए खूबसूरत राखियां लाई गई हैं, जो उन्हें आकर्षित कर रही हैं। उन पर डोरेमोन, एंग्री बर्ड, आयरन मैन, सुपर मैन, छोटा भीम आदि नजर आ रहे हैं। महिलाओं के लिए भी आकर्षक राखियां बाजार की शोभा बढ़ा रही हैं। इनकी कीमत 20 रुपए से लेकर 500 रुपए तक है। इसके साथ ही रुमाल में भी कई सारी वेरायटी हैं, बहनें अपने बजट के अनुसार इन्हें लेना पसंद कर रहे हैं। स्पिनर राखी बनी आकर्षण का केन्द्र बच्चों के लिए स्पिनर राखियां इस बार मुख्य आकर्षण हैं। इसकी कीमत 15 रुपए से शुरु होकर 100 रुपए तक है। इसके अलावा टिक-टॉक राखी भी काफी डिमांड है। बच्चों के लिए टेडी बियर, डोरेमोन, एंग्री बर्ड, मोटू- पतलू, छोटा भीम जैसे कार्टन कैरेक्टर के साथ ही म्यूजिक और लाइट वाली राखियां खास हैं। इनकी कीमत 20 रुपए से लेकर 200 रुपए तक है। मार्केट में इस बार कपल राखियों की भी हो रही है खासी डिमांड राखी के त्यौहार में बहनें सिर्फ अपने भाइयों की कलाई में राखी नहीं बांधती, बल्कि अपनी भाभियों की कलाई में भी राखी बांधती हैं। इसके लिए कपल राखी बाजार में उपलब्ध है। जिन्हें खासा पसंद किया जा रहा है। कपल राखी की खासियत है कि भाई और भाभी की राखी की डिजाइन एक दूसरे से मिलती जुलती होती है। यही वजह है कि इसे सभी लेना पसंद करते हैं। इसके साथ ही भाभियों के लिए कड़े वाली राखी, ब्रसेलेट राखी, रंग- बिरंगी डोरियां भी बेहद आकर्षक हैं। इन राखियों को हमेशा पहना जा सकता है। स्टोन, जरी और चंदन की राखियां भी खास टोन वर्क, जरी, गोटा , चंदन की राखियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। इनमें स्वास्तिक, ओम बनी चंदन की राखियां सिंपल और खूबसूरत होती हैं। स्टोन वर्क की ब्रेसलेट पैटर्न राखियां भी खूब लुभा रही हैं। जरी और गोटा की राखियां कम बजट में अच्छी होती हैं। इसके साथ ही चांदी, सोने की राखियां भी उपलब्ध हैं। इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है। इन्हें हमेशा पहना जा सकता है। इन सभी राखियों के साथ हैंडमेड राखियां भी उपलब्ध है। इनकी ये भी लोगों के बजट के अनुसार मिल रही है। इनकी कीमत 50 रुपए से 150 रुपए तक है।
2020/07/09 19:57:29
https://voiceofchambal.com/raksha-bandhan-2019-2/
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अब किसी को घबराने या चीन से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने एक पौराणिक आइडिया, एक खास मंत्र का जाप दिया है जिसे अगर सभी देश वासी नियमित पढ़ें तो चीन नाम की आसुरी शक्ति से निबटा जा सकता है. इंद्रेश कुमार की मानें तो यह मंत्र सभी को घरों मे पूजा अर्चना करते वक्त जपना है. मुसलमान इस मंत्र को नमाज के पहले या साथ पढ़ सकते हैं. जाहिर है इससे शंकर और अल्लाह दोनों की ताकत इकट्ठा होकर नास्तिक चीन को सबक सिखा देगी कि विज्ञान–फिज्ञान, अस्त्र-शस्त्र और सैन्य शक्ति सब मिथ्या है, कारगर है तो वह दैवीय चमत्कारिक शक्ति जो हिमालय तरफ कहीं है तो, पर बढ़ रहे पापों के चलते प्रकट होने में हिचकती है. अगर वह सामने आ गई तो उसके प्रति भक्तों की जिज्ञासा और आस्था खत्म हो जाएंगे और पंडों की दुकानदारी खत्म हो जाएगी चूंकि वह न होकर भी बनाए रखी जानी है इसलिए यह नया मूर्खतापूर्ण अंधविश्वास परोस दिया गया है जिससे धर्म और चमत्कारों की डूबती दुकानों को मंदी से उबरने में सहूलियत रहे. भारत तंत्रिकों मांत्रिकों का देश है जहां सांप के काटे जाने पर लोग अस्पताल नहीं बल्कि झाड़ फूंक कराने गुनिया या ओझा के पास जाते हैं और जब पीड़ित मर जाता है तो अस्पताल जाकर हल्ला मचाने लगते हैं कि डॉक्टरों की लापरवाही से हमारे सगे बाले की मौत हो गई. हमारे महान देश में टेंडर हासिल करने ठेकेदार तांत्रिक को चढ़ावा चढ़ाते हैं, हमारे नेता चुनाव जीतने वोट मांगने जाने से पहले किसी प्रसिद्ध मंदिर मे जाकर तांत्रिक अनुष्ठान कराते हैं, तंत्र मंत्र की महिमा धर्म की तरह अपरमपार है. हालत तो इतनी दयनीय है कि तंत्रिकों के इश्तिहार चैनल्स और अखबारों की कमाई का बड़ा जरिया हो गए हैं इन विज्ञापनो में ग्यारंटी से कहा जाता है कि तंत्र मंत्र से मनचाहा प्यार मिलता है, रूठा और नाराज जीवन साथी मान जाता है, छात्र बिना पढ़े इम्तिहान पास कर सकते हैं, आप चाहें तो किसी को भी वश में कर सकते हैं और तो और दुश्मन भी आपके पावों में लोट लगाने लगता है. छोटे मोटे मंत्र से अगर वह न माने तो इन सिद्ध पुरुषों के पास एक अदभुद सिद्धि या विद्या उन्हें जान से मारने की भी होती है जिसकी फीस भी तगड़ी होती है इसे मूठ मारनी विद्या कहा जाता है. यकीन से परे इन ठगों का बाजार और पहुंच दोनों चाइनीज उत्पादों से बहुत ज्यादा हैं जिनके बहिष्कार की बात कानून होते हुए भी करना एक संगीन गुनाह है. इंद्रेश कुमार बेहतर होता बजाय देशवासियों का आव्हान करने के इन सिद्ध पुरुषों का सहारा लेते जो छोटी से छोटी लाज से लेकर अपनी हैसियत के मुताबिक पांच सितारा होटलों तक में पाये जाते हैं. जब इन्हें लाख दो लाख की दक्षिणा देकर चीन को भस्म किया जा सकता है तो सरकार बेवजह अरबों रुपए सीमा सुरक्षा पर खर्च करने की बेवकूफी कर रही है और देश वासी दहशत में हैं सो अलग. लेकिन आरएसएस का मकसद अब चीन के बहाने लोगों में अंधविश्वास फैलाने का है जिससे लोग घरों में पूजा पाठ तो करें ही साथ ही लुप्त हो रही मंत्र शक्ति के नाम पर भी लुटने तैयार हो जाएं. त्रेता में राम और द्वापर में अर्जुन जब वाण चलाते थें तो मंत्र जरूर पढ़ते थें रामायण और महाभारत में बड़े विस्तार से बताया गया है कि कैसे अभिमंत्रित अस्त्र शस्त्र सीधे दुश्मन के सीने में जाकर लगते थे और वह यमलोक पहुंच जाता था. ये मंत्र मिसाइल दागने वाले हमारे सैनिकों को भी सिखाये जाने चाहिए जिससे चीन को एहसास हो कि भारत किस दम पर विश्व गुरु बनने की बात कर रहा है. एक निहायत ही मूर्खतापूर्ण, अवैज्ञानिक और अव्यवहारिक बात आरएसएस की तरफ से की जाना दर्शाता है कि देश को खतरा चीन या पाकिस्तान से कम इन ढकोसलों से ज्यादा है जो लोगों को दिमागी तौर पर गुलाम आर अपाहिज बनाए रखने का सनातनी टोटका है. अगर मंत्र शक्ति कहीं है तो उसका इस्तेमाल उपज बढ़ाने और बेरोजगारी दूर करने में क्यों नहीं किया जाता ऐसी और भी कई समस्याएं और जरूरतें हैं जिन्हें तुरंत इस शक्ति की जरूरत है. अफसोस तो इस बात का है कि अगर ऐसा कुछ होता तो हर हर महादेव का और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते सैकड़ों अमरनाथ यात्री बस हादसों और आतंकियों की गोलियों का शिकार होकर मरते नहीं. फिर भी इंद्रेश कुमार निर्देश दे रहे हैं तो उनका दिया यह मंत्र सभी जरूर पढ़ें जिससे चीन को समझ आए कि भारत क्यों उससे पिछड़ा है. यह नव निर्मित मंत्र बहुत आसान है– हे ऊपर वाले (अपने धर्म और इष्ट के अनुसार स्मरण करें यानि बुदबुदाएं) कैलाश, हिमालय और तिब्बत चीन की आसुरी शक्ति से मुक्त हों. अब अगर आप देश की रक्षा के लिए ये 13 अक्षर भी नहीं पढ़ सकते तो देश द्रोही नहीं तो क्या हैं यह आप खुद तय कर लें. "डाक्टर साहब मेरे पास इलाज के लिए पैसे नहीं है. दवा कहां से खरीदेंगे? मर जाएंगे हम. हमारा परिवार बर्बाद हो जाएगा. कुछ कीजिए डाक्टर साहब. मेरी जान बचा लीजिए.’’ यह कहते कहते मरीज की आंखें भर आती हैं. आवाज भर्रा जाती है. एड्स का मरीज दिनेश(बदला हुआ नाम) डाक्टर से जान बचाने की गुहार लगाता है. उसके पास ही उसकी बीबी रजनी चुपचाप खड़ी है. उनके 3 छोटे-छोटे मासूम बच्चों को अपने पिता की बिमारी के बारे में पता नहीं है. वे टुकुर-टुकर अपने पिता और डाक्टर को देख रहे हैं. पहले तो डाक्टर उसे डांटते हैं कि जब पहली बार ही कमजोरी या वजन घटने की शिकायत शुरू हुई तो उसी समय डाक्टर के पास क्यों नहीं गए? उसके बाद वह अपने कम्पाउंडर को बुलाते हैं और मरीज का सारा टेस्ट करवाने और उसके पूरे इलाज और दवा का इंतजाम करने की हिदायत देते हैं. पटना के मशहूर डाक्टर दिवाकर तेजस्वी गरीब मरीजों का इलाज, जांच और दवा का पूरा इंतजाम खुद करते हैं. वह कहते हैं कि मेरे क्लीनिक से मरीज स्वस्थ और हंसते हुए घर जाना चाहिए और वह इसे पूरी तरह से निभाने में लगे रहते हैं. ‘बिल क्लिंटन एड्स फाउडेशन’ से जुड़े दिवाकर पिछले 15 सालों से एड्स और टीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और आम लोगों को जगारूक करने का काम कर रहे हैं. 23 सितंबर 2005 को उन्होंनें पहली बार पटना के भीड़ भरे एक्जीविशन रोड पर बीच सड़क पर मजमा लगाया और एड्स से पीड़ित महिला रामपति के हाथों से बिस्कुट खाकर उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि एड्स छुआछूत की बीमारी नहीं है. एड्स के मरीज को इलाज के साथ सहानूभूति की भी जरूरत होती है. बिहार के सारण जिला के चैनवा प्रखंड के चड़वा गांव की रहने वाली रामपति के पति मुख्तार की मौत एड्स की वजह से हो चुकी थी. वे ‘पब्लिक अवेयरनेस फॉर हेल्थफुल एप्रोच फॉर लीविंग’ के नाम से अपना संगठन भी चला रहे हैं. इसके साथ ही गांवों और दूर दराज के इलाकों में हेल्थ कैंप लगा कर आम आदमी को एड्स और हेल्थ के प्रति जागरूक करने की मुहिम चला रहे हैं. डाक्टर दिवाकर बताते हैं कि वह अब तक एक हजार से ज्यादा जागरूकता और फ्री हेल्थ चेकअप कैंप लगा चुके हैं. 18 अगस्त 1968 को पटना में जन्मे दिवाकर तेजस्वी एचआईवी एड्स के स्पेशलिस्ट और एड्स पर अपने रिसर्च को कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पेश कर चुके हैं. वह कहते हैं कि एड्स अब लाइलाज बीमारी नहीं रही. अगर सही समय पर इसका सही तरीके से इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसका मरीज लंबी जिंदगी जी सकता है. जिस तरह से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि के मरीज नियमित रूप से दवा खाकर आम जिंदगी जी रहे हैं, उसी तरह एड्स के रोगी भी जी सकते हैं. इतना ही नहीं अगर पति और पत्नी दोनों एचआईवी पॉजिटीव हैं तो वे डाक्टरी देखरेख में स्वस्थ बच्चे पैदे कर सकते हैं. साल 1992 में नालंदा मेडिकल कौलेज अस्पताल से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने वाले तेजस्वी बताते हैं कि संक्रमित महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को अगर ऑपरेशन करके निकाल लिया जाए और वह अपने बच्चे को अपना दूध न पिलाए तो बच्चे को मां से संक्रमण का खतरा एक फीसदी भी नहीं रहता है. उसी तरह मर्द के वीर्य को वॉश करके महिला के गर्भ में आर्टफिसियल इन्ट्रायूटेरिन इनमेसिनेशन तकनीक से डाला जाए और दवा से महिला का वायरल लोड 1000 कॉपी से कम रखा जाए तो स्वस्थ बच्चे पैदा हो सकते हैं. फिलहाल यह तकनीक काफी खर्चीला है पर आने वाले दिनों में इस खर्च में कमी आएगी. वे कहते हैं कि एचआईवी एड्स ज्यादातर मजदूरों और ट्रक ड्राइवरों के जरिए फैलता है. असुरक्षित यौन संबंध एड्स के फैलने की सबसे बड़ी वजह है. करीब 70 फीसदी मरीजों को एचआईवी संक्रमित होने का पता ही नहीं चलता है, क्योंकि इस रोग के लक्षण 10 से 12 साल के बाद सामने आते हैं. लगातार बुखार आना, एक माह से ज्यादा समय तक दस्त होना, 10 फीसदी से ज्यादा वजन कम हो जाना, मुंह में छाले आना, बदन पर खुजली, 3-4 सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी और उल्टी होना इसके मुख्य लक्षण हैं. ऐसा होने पर तुरंत डाक्टर को दिखा कर एचआईवी पर जीत हासिल की जा सकती है. Os rapazes também apostaram no azul em suas produções na Paris Fashion Week. Na imagem acima, o blogueiro Bryan Boy. No último look, bem difícil usar a calça dobrada tão curta com a meia azul aparecendo, mas pensa numa calça com comprimento normal, e tudo fica bem. Ela pode continuar sendo azul.
OSCAR-2019
शाहनवाज हुसैन ने कहा- 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी पीएम पद के लिए मुसलमानों के पसंदीदा उम्मीदवार मोदी 2019 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए मुसलमानों के पसंदीदा उम्मीदवार : शाहनवाज हुसैन शाहनवाज हुसैन ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उस डर को दूर कर दिया है जो उनका नाम लेकर मुसलमानों को दिखाया जाता था भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी अगले लोकसभा चुनाव के लिए मुसलमानों के पसंदीदा उम्मीदवार हैं क्योंकि प्रधानमंत्री ने उस डर को दूर कर दिया है, जिसे कई पार्टियों ने उनके नाम का इस्तेमाल कर इस समुदाय के लोगों के मन में बिठा दिया था. हुसैन ने कहा मुस्लिम महिलाओं का भरोसा मोदी के प्रति खासतौर से बढ़ा है. पीटीआई-भाषा से बातचीत करते हुए शाहनवाज ने देश के मुसलमानों में गरीबी और उनके पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, '2014 में कुछ लोग नरेंद्र मोदी का नाम लेकर दूसरों को डराया करते थे. अन्य पार्टियां मोदी और भाजपा की दहशत फैला कर मुसलमानों के वोट लिया करती हैं पर अब वे लोग देख रहे हैं कि मोदी सत्ता में हैं लेकिन इससे उन्हें कोई समस्या नहीं है. मोदी ने सभी 132 करोड़ भारतीयों के साथ समान व्यवहार किया है.' उन्होंने कहा कि मोदी ने मुसलमानों के खिलाफ एक भी वाक्य नहीं कहा है. पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री के 'श्मशान - कब्रिस्तान' बयान की गलत व्याख्या की गई, जबकि उन्होंने दोनों का ध्यान रखने की हिमायत की थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी पार्टी में कुछ लोग भले ही कुछ खास बयानबाजी कर रहे हों, लेकिन भाजपा प्रमुख अमित शाह और प्रधानमंत्री के दिए बयानों पर मुसलमानों को पूरा भरोसा है.
2021/05/07 22:25:13
https://satyagrah.scroll.in/article/121760/politics-modi-is-favourite-pm-candidate-of-muslims-for-2019-shahnawaz-hussain
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Posted by sonu@007 September 13, 2019 in Tech news hindi Dr. Manmohan Singh ने बताएं | 5-point | remedy for India's economy Indian Economy Future Meaning of Cyclical & Structural Indian Economy Rank wiki Indian Economy Dr. Manmohan Singh ने बताएं 5-point remedy for India's economic आप लोगों ने काफी बार सुना होगा News में Indian economy slowdown हो रही है इसको नजर में रखते हुए Dr. Manmohan Singh ने अपने अनुभव से मोदी सरकार को 5-Step फॉलो करने का सुझाव दिया है. Indian economic 7% से गिरकर 5.8% पर आ गई है. अगर आपको इसे Detail में पढ़ना है तो मैंने इसे पूरे डिटेल में दिया है नीचे दिए गए Link पर आप इसे जाकर पढ़ सकते हैं. Link Economic Slowdown India 2019 in Hindi / इकनोमिक स्लोडाउन इंडिया Indian economic की बात करें तो Indian economic में बहुत बड़ा slowdown देखने को मिल रहा है. जो आज से 10 साल पहले कभी नहीं देखा गया. India के फॉर्मल गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है . India में slowdown होने की दो वजह है एक तो नोटबंदी और दूसरा GST लागू करना. इससे काफी हद तक Indian economy मैं slowdown दिखाई दे रहा है. India में काफी हद तक Automobile sector गिरते जा रहे हैं क्योंकि Indian लोगों के पास परचेज करने के लिए पैसा ही नहीं है. या फिर हो सकता है कि वह Electronic car की प्रतीक्षा कर रहे हो. अब बात करते हैं Indian economic slowdown को कैसे ठीक किया जा सकता है. हमारे फॉर्मल प्रेसिडेंट Dr. Manmohan Singh ने India को fix करने के 5-Step बता दिए हैं. यह बात क्लियर हो चुकी है कि हमारा देश economy slowdown से जूझ रहा है यह स्टेटमेंट RBI ने खुद दिया है. RBI ने यह भी कहा कि यह Cyclical है Structural नहीं है. Dr. Manmohan Singh जी यह दोनों मानते हैं यह Cyclical भी है और Structural भी है. इसका Meaning क्या होता है Cyclical और Structural Cyclical का meaning क्या होता है Cyclical slowdown आता है. अपने कुछ टाइम में उदाहरण के लिए कोई देश 9% grow कर रहा है 5 साल हो गए लेकिन फिर भी वह पर 9% पर भी grow कर रहा है लेकिन अगले 2 साल में वह 4% से 5% से grow कर रहा है तो इसे कहते हैं Cyclical slowdown यानी कि लगातार grow होती नहीं है कुछ टाइम slowdown देखने को मिलता है. Structural यानी के हमारे tax सिस्टीम में कोई ना कोई कमी है growth के मॉडल में कमी है जिस तरह से गवर्नर हो रही है. Economic growth को लेकर यह प्रॉपर नहीं है इसकी वजह से भी economy slowdown देखने को मिल रहा है. RBI कहते हैं हम जो slowdown देख रहे हैं वह नेचुरल है कुछ समय के बाद हम 7%-8% से grow करना शुरू कर देंगे. Dr. Manmohan Singh कहते हैं यह Cyclical होने के साथ Structural भी है. इसको टैकल करने के लिए Dr. Manmohan Singh ने 5-Step का सुझाव मोदी सरकार को दिया है. यह Topic UPSC की तैयारी करने वाले लोगों के लिए काफी इंपॉर्टेंट होने वाला है इसकी PDF आपको आर्टिकल के नीचे दी जाएगी. Dr. Manmohan Singh की बात की जाए तो 2008 में वर्ल्ड में ग्रेट डिप्रेशन आया था तो उसमें से India को बाहर निकालने का काम Dr. Manmohan Singh ने किया था और उनका अनुभव इतना अच्छा है कि उन्होंने India की economy को कभी गिरने नहीं दिया. जब Dr. Manmohan Singh भारत के प्राइम मिनिस्टर थे 2012-13 में उस साल India की growth रेट 5% से गिर गई थी. हम सीधा 8% से सीधा 5% पर आ गए थे. 2013-14 का फाइनेंसियल ईयर अच्छा था उसल हमने 6.4% से ग्रो किया था. 2015 में 7.4% चला गया 2016 में 8% पर चला गया वह 2017 में 8.2 ऊपर चला गया. यहां पर गोल्डन पीरियड आया 2016 और 2017 में जहां पर हमारी जीडीपी 8% से 8.2% पर चली गई थी. उसके बाद नोटबंदी और GST का लागू होने से हमारी economic गिरती हुई दिखाई दे रही है. 2018 में हमने 7.2 से grow किया अब बात की जाए तो 2019 की वह हमारी GDP है 6.8% लेकिन यहां पर मैं आपको एक बात बता दूं कि यह हमारी पूरे साल की यानी की 2019 की GDP रेट नहीं है अभी तक हमारा फाइनेंशियल ईयर चालू हुआ है. 31 मार्च के बाद हमें इसमें कमी या तेजी से बढ़ने वाली फिगर सामने आने वाली है. तो हम आशा करते हैं कि हमारी GDP जो अभी 5.8% है उसे हम 7% तक लेकर जाने में कामयाब हो. अगर हमारी Growth Rate 5.8% पर ही अटक जाती है तो हमारी 5 ट्रिलियन की economy कभी नहीं बन पाएंगी. हमें 5 ट्रिलियन की economic बनने के लिए 8% से 9% तक की Growth रखनी पड़ेगी. तो इन Growth को बनाए रखने के लिए हमारे फॉर्मल प्रेसिडेंट Dr. Manmohan Singh ने 5 सुझाव दिए हैं. Rationalisation of GST, even if it lead to loss in revenue in the short term. 1. यहां पर सरकार tax ज्यादा वसूल कर रही है यहां पर GST में कुछ ना कुछ कमी करनी चाहिए। Dr. Manmohan Singh ने यहां पर यह कहना चाह रहे हैं. Tax कम कर दो अगर सरकार के पास पैसे कम आ रहे हैं तो उसे झेल लेना, अगर आप अभी tax के लालच में जो करंट GST रेट है उसे मेंटेन करोगे तो उसे economy को problem होती रहेंगी इसलिए आपको tax रेट घटाने होंगे. अभी की बात की जाए तो सीएससी के सिस्टम में 5% 12% 18% और 28% है. यह जो 28% है वह लगता है Automobile sector पर लग्जरी आइटम पर लेकिन इस पर जो 28% का GDP है उससे सबसे ज्यादा Automobile को नुकसान हो रहा है. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपने रिसर्च में एक रिपोर्ट जारी किया जहां पर सरकार Automobile sector में 10% GST कट करेगी तो सरकार को हर साल 45,000 करोड़ का नुकसान होगा. यहां Dr. Manmohan Singh कहते हैं कुछ सालों के लिए सरकार को नुकसान उठाना ही पड़ेगा नहीं तो आने वाले फ्यूचर में economic ऐसे ही 5% से नीचे गिरती चली जाती हुई दिखाई देंगी. Focus on increasing ruler consumption and reviving in the agricultural sector 2. Dr. Manmohan Singh ने कहा है हमें ruler consumption पर ज्यादा foucs करने की जरूरत है यानी कि agricultural sector पर हमें ध्यान देने की ज्यादा जरूरत है. जैसे ही हमारे किसानों की हाथ में पैसा आएगा वह हु परचेस करना शुरू कर देंगे खेती के लिए ट्रैक्टर खरीदेंगे जिससे economic काफी हद तक सुधार आ जाएगा. Liquidity crisis need to be address he said that not only public sector Banks but NBFCs are also suffering. 3. आपको पता है भारत सरकार ने रिसेंटली पब्लिक sector बैंक 70,000 रुपए Infuse किया है क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे क्योंकि उनके S&P क्रेडिट काफी बढ़ चुके थे. यह जो सरकारी बैंक है वह लोन नहीं देंगे तो लोगों के पास पैसा नहीं आएगा इससे लोग परचेस नहीं कर पाएंगे इसीलिए economic को मेंटेन करने के लिए हमें सरकारी बैंकों को और भी ज्यादा पैसे देने होंगे. जो NBFCs है non banking financial company यह भी आजकल घाटे में चल रही है इनको भी tax में में कुछ छूट देनी चाहिए. Revive major job generating sectors such as textile, auto, electronic and subsidised housing. He said easy loan need to be provided for this purpose is specially to MSMEs. 4. यहां पर जो जॉब्स sector है textile sector auto sector electronic sector जैसे चीजों में हमें subsidies देनी चाहिए. Government need to identify new export Max opening UP due to the ongoing trade war between USA and China 5. Dr. Manmohan Singh ने एक बड़ी बात कह दी है कि trade war फायदा हमें उठाना चाहिए. यहां पर Indian government को बाहर की कंपनियों को opportunity देनी चाहिए जिससे हमारे यहां पर job generate हो सके और हमारे export बढ़ सके. india की economy world में 6 Number पे rank कर रही है. India की GDP है $2.61 trillion civil service csat Economics ranking ias ias exam ias online coaching ias preparation ias syllabus Indian Economics future Indian economy 2018 Indian economy grows Indian economy in hindi Indian economy PDF Indian economy rank in world Indian economy sectors Indian economy today upsc 2020 prelims upsc 2020 prelims and mains date upsc 2020 prelims and mains syllabus upsc civil services prelims 2020 upsc cse 2020 prelims date upsc cse 2020 prelims syllabus upsc cse 2020 prelims test series upsc cse prelims 2020 upsc prelims 2020 application upsc prelims 2020 books upsc prelims and mains syllabus 2020 pdf upsc prelims and mains syllabus 2020 pdf download
2019/10/24 01:45:17
http://wisdom365.co.in/upsc-2020-prelims-dr-manmohan-singh-shares-5-point-remedy-for-indias-economy-in-hindi/
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फुटबॉल सट्टेबाजी रणनीति | एक्सप्रेस खेल & कैसीनो सट्टेबाजी | सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन टिप्स फुटबॉल सट्टेबाजी रणनीति – आप Sports.expresscasino.co.uk साथ क्या विन रखें यदि आप एक हार्ड कोर 'खेलकूद प्रेमी' जो हमेशा सामयिक जगह करना चाहता था है कर रहे हैं 'शर्त', लेकिन किसी भी तरह अपने आप को बाधाओं के बारे में सारी बातें साथ संकोच पाया, बिंदु फैलता, सट्टेबाज और स्पोर्ट्सबुक्स अपने सिर पर रास्ते पर जा रहा? अगर हाँ, तो आराम करो. हम सिर्फ यह क्या आप विशेषज्ञ देने के लिए लगता है सट्टेबाजी रणनीतियों और आप कार्रवाई के लिए तैयार कुछ ही समय में सब पर मिल. कुंआ, मेरा अनुमान है कि आप पहले से ही अपने विश्व कप समय से जानते हैं और एक अच्छी छोटी कोने मैच देखने के लिए के लिए अपना रास्ता मिल गया है. इसलिए, आराम से बैठें, एक पेय हड़पने और पर पढ़ें. चीजों को तोड़ने और समझने के लिए रणनीतियाँ बेहतर, के बार-बार उपयोग में से कुछ को देखो शर्त मामले, जैसे कि 'पैसा लाइनों', 'बाधा' और 'बिंदु फैलता है'. ए धन पंक्ति एक है शर्त लाइन है कि पैसे की राशि एक खिलाड़ी पर दांव लगाया जाना चाहिए की रूपरेखा, के लिए की राशि जीतने के लिए कहते हैं $100. एक पैसा लाइन शर्त जीतने के लिए, टीम है कि पर शर्त बस खेल को जीतने के लिए है. भुगतान सामान्य तय बाधाओं के बजाय सच बाधाओं के आसपास बना रहे हैं. तथापि, राशि है कि खिलाड़ी बनाता है खेल के लिए खेल से अलग हो सकती, उठाया बाधाओं के आधार पर. के बातें बेहतर ढंग से समझने के लिए एक उदाहरण देखते हैं. एक काल्पनिक फुटबॉल के खेल पर विचार करें जहां दो टीमों – मेरी निजी पसंदीदा काउबॉय और पैकर्स किया जा रहा है, एनएफएल चैंपियनशिप में एक दूसरे के खिलाफ खेल रहे हैं. यहाँ क्या हालात इस समय की तरह लग रही है: काउबॉय: +140 पैकर्स: – 130 फुटबॉल सट्टेबाजी रणनीति ब्लॉग विल जारी नीचे बोनस तालिका के बाद इसलिए, यह बहुत ही कहने पर; पैकर्स पसंदीदा चल रहे हैं – के रूप में लगाकर ऋण संकेत ने संकेत दिया है कि वे की विषम रहे हैं 130, जबकि काउबॉय underdogs माना जाता है – के रूप में लगाकर प्लस का चिह्न संकेत दिया कि वे की विषम रहे हैं 140. करीब से देखने पर तो, इसका मतलब है कि खिलाड़ी हैं जो करने के लिए चुन पसंदीदा पर दांव, इस मामले में, पैकर्स, जोखिम के लिए होगा $130 डॉलर के एक निश्चित राशि जीतने के लिए $100. दूसरी ओर, खिलाड़ी हैं जो दलित पर या इस मामले काउबॉय जोखिम होगा में शर्त करने के लिए चुन $100 की एक निश्चित राशि जीतने के लिए $140. ध्यान दें कि, हालांकि सबसे ज्यादा पैसा लाइनों सट्टेबाजी रणनीतियों की इकाइयों में अवगत करा रहे हैं $100, खिलाड़ी यह तुलना में कम एक राशि मजदूरी के लिए स्वतंत्र है. पैसा लाइन उसी तर्ज पर काम जारी जैसा कि ऊपर चर्चा. अवधि अपंगता में footballbetting एक है रणनीति कि calibres विषम की दो टीमों के बीच एक संतुलित और समतल खेलने मंच बनाने का प्रयास करता '. In this method, एक समायोजन underdogs इस तरह के पक्ष मैच में निरा पसंदीदा लक्ष्यों में से एक अतिरिक्त संख्या स्कोर करने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ बाहर भी यह स्पष्ट करता है कि में बाधाओं के लिए किया जाता है. इस अंतराल में और यहां तक ​​कि एक सच्चे विजेता होने की संभावना बाहर पुल में मदद करता है. अवधि बिंदु फैलता एक बाधा है कि अंक के मामले में बेहतर टीम पर रखा गया है से अधिक के स्कोर किए जाने के लिए और निश्चित संख्या से ऊपर संदर्भित करता है. के एक ही उदाहरण पर विचार करें जहां काउबॉय के तहत कुत्ते हैं और पैकर्स पसंदीदा रहने दें. पैकर पसंदीदा द्वारा के रूप में देखा जाता है 10 काउबॉय से अधिक अंक, बिंदु प्रसार के रूप में सेट किया गया है 10. इसलिए, अब खिलाड़ियों शर्त टीम पर पैकर्स जीतेंगे शर्त अगर पैकर्स से जीत 11 अंक या इसके बाद के संस्करण, काउबॉय के स्कोर से अधिक. पर काउबॉय सट्टेबाजी उन बस शर्त जीतने अगर उनकी टीम या तो खेल जीतता या हारता द्वारा 9 अंक या उससे कम. परिणाम भी अगर पैकर्स बिल्कुल रन बनाकर जीत एक टाई में समाप्त कर सकते हैं 10 अंक. इस मामले में, बाधाओं बाहर evened कर रहे हैं और पैसे साझा.
2017/12/11 14:51:33
http://www.sports.expresscasino.co.uk/hi/%E0%A4%AB%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A5%89%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8/
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मैं नर्मदा - मेरी रेत की कहानी..... मैं नर्मदा हूं। चिरकुंवारी। मेरी उत्पत्ति अपनी व्यथा को प्रदर्शित करने के लिए नहीं हुई है। महादेव ने जिस निमित्त मुझे इस मृत्यु लोक में भेजा वह काम में मैं बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा कर रही हूं। सुना है कि महाप्रतापी राजा Home / बड़ी खबर / मैं नर्मदा – मेरी रेत की कहानी….. मैं नर्मदा – मेरी रेत की कहानी….. admin May 13, 2017 बड़ी खबर, मध्य प्रदेश, होम Leave a comment 205 Views मैं नर्मदा हूं। चिरकुंवारी। मेरी उत्पत्ति अपनी व्यथा को प्रदर्शित करने के लिए नहीं हुई है। महादेव ने जिस निमित्त मुझे इस मृत्यु लोक में भेजा वह काम में मैं बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा कर रही हूं। सुना है कि महाप्रतापी राजा शिवराज सिंह चौहान मुझे जीवित नदी का स्थान देने वाले हैं? जीवित नदी का अर्थ क्या है? यह मेरी समझ से परे है। मेरे जल से न जाने कितने शहरों के लाखों लोगों को जीवन मिल रहा है। मेरी संवेदनाएं अभी बाकी है। बस उन पर वेदनाओं की काली चादर भी चढ़ गई है। वेदना तो लोगों के निर्मम व्यवहार की वजह से है। मैं निर्मल और निश्च्छल हूं, शायद इस कारण आज के इंसान को पहचान नहीं पाती। मैं नहीं समझ पाती कि वो मेरे जल से अपने पाप धोने की भावना से आया अथवा मेरे गर्भ में समाई हुई रेत को तलाशने। मेरी आरती की जाती है, दीपदान किया जाता है। चुनरी चढ़ाई जाती है। बड़े-बड़े आयोजन मेरे नाम पर किए जाते हैं। मैंने मेरे पास आने वाले इंसान को कुछ न कुछ फल किसी न किसी रूप में जरूर दिया है। भले ही उसने मुझे छलनी किया हुआ हो। इंसान का लालच इतना अधिक बढ़ गया है कि वह प्रकृति की अनुपम देन को भी नहीं बख्श रहा है। नोटों की अट्टालिकाएं खड़ी करने के लिए रेत का सौदा किया जा रहा है। न जाने इंसान को इतनी जरूरत क्यों पड़ गई। सुना है कि मेरी सहायक नदियों से भी रेत निकाली जा रही है। किसी भी नदी को नहीं छोड़ा जा रहा है। छोड़ेंगे भी क्यों, जब मुझे ही नहीं छोड़ा, जिसे मां कहते हैं। उसकी छाती पर बड़ी-बड़ी मशीनें उतार कर रेत ख्ािंची जा रही है। मुझे जीवित नदी का दर्जा देने के बाद ये मेरी आंचल की प्राकृतिक संपदा बच जाएगी? मैं तो रोज महाप्रतापी राजा का वचन सुन रही हूं। अमरकंटक में उन्होंने भरोसा दिलाया था कि यहां के पहाड़ों में यदि सोना भी होगा तो वे खनन की इजाजत नहीं देंगे। बड़ा अच्छा लगा था सुनकर। एक उम्मीद बंधी थी। मेरे आचंल में सामने वाली कई नदियों ने मेरे कांधे पर सिर रखकर भरे गले से बताया है कि पर्वत राज भी बौने नजर आने लगे हैं। पर्वतों की देवी तो मां पार्वती हैं। पर्वत नहीं होंगे तो माता पार्वती रूष्ट न हो जाएंगी। वे हिमालय की बेटी है। मैं जिस समुद्र में जाकर मिलती हूं उसकी देवी मां लक्ष्मी है और माता सीता धरा की देवी हैं। उनकी उत्पत्ति धरा से ही तो हुई है। पहाड़ प्रकृति के सरंक्षण के उपयोग के लिए जल छोड़ते रहते हैं। समुद्र की देवी लक्ष्मी इंतजार करती हैं कि नदियां अपनी बहुमूल्य संपदा लाएंगी। देवों और असुरों ने जब समुद्र मंथन किया था तो अमृत से पहले बहुमूल्य संपदा तो ही मिली थी। अब मां लक्ष्मी से मिलने खाली हाथ जाना पड़ता है। नजर झुक जाती है। जब वे पूछती हैं नर्मदा मेरे लिए कुछ लाई हो क्या? रेत के सौदागरों के कारण जीव-जंतु, जलीय पौधे सभी नष्ट हो गए हैं। चंद सिक्के आंचल में होते हैं, जो पूजा कर्म में लोग छोड़ते हैं, वो सिक्के मैं समुद्र तक ले ही नहीं जा पाती। कई गरीब बच्चे इन सिक्कों के लिए मेरे सूखने का इंतजार करते हैं। डूबकी लगाते हैं। अपनी जान पर खेलते रहते हैं। दूसरे वे लोग हैं, जो मेरी रेत से करोड़ों कमा रहे हैं। रेत निकालने के लिए मुझे हर घाट, हर तट पर छलनी किया जा रहा है। मैं अपनी दास्तां कहां से सुनाऊ अमरकंटक से या फिर होशंगाबाद से। मेरी तलहटी से रेत खनन की सबसे मशहूर कहानी प्रतापी राजा के परिवार से जुड़ी हुई है। मुझे तो यकीन ही नहीं होता कि जो राजा मेरे संरक्षण की बात कर रहा है और मेरी यात्रा कर रहा है उसका परिवार रेत का उत्खनन भी कर सकता है? लेकिन यह सच है। मैं उन चेहरों को अच्छी तरह पहचानती हूं जो रेत का उत्खनन कर रहे हैं। वे भी तो आते हैं अपने पाप धोने के लिए, मेरी पूजा-अर्चना भी करते हैं। कभी-कभी तो वे उन डंपरों के साथ भी आते हैं, जिन पर चौहान ब्रदर्स लिखा होता है। इन डंपरों में खनन की गई रेत आसपास भेजी जाती है। रेत निकालने की आधुनिक तकनीकी तो इतनी पीढ़ादायक है कि मैं कांप उठती हूं। धरती के अंदर तक कंपन हो जाता है। मुझे तो डर लगता है कि कहीं भूकंप न आ जाए। धरा तो यह सहन ही नहीं कर पाती। बड़ी-बड़ी मशीनों के जरिए रेत निकाली जाती है। रेत निकालने वालों का खौफ इतना है कि मुझे नर्मदा मैया कहने वाले होंठ उनका नाम भी नहीं ले पाते। किसी ने यदि कार्रवाई की भी तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। मैंने सुना है कि पर्यावरण की चिंता में सरकार ने हरित न्यायाधीकरण का गठन किया है। न्यायाधीकरण में मेरी तलहटी से निकाली जा रही रेत के खनन पर रोक भी लगाई गई, लेकिन यह रोक ज्यादा दिन नहीं चली। फिर से खनन होने लगा। खनन करने वाले इतने ताकतवर लोग हैं कि मान्यता और बंधन उनके आगे छोटे पड़ जाते हैं। कई स्थानों पर तो मेरी रेत निकालने के लिए ताकतवर लोग आपस में लड़ रहे हैं। जल की पवित्र धारा को लहू के रंग के लाल किया जा रहा है। बड़वानी जिले में तो मेरे नाम पर एक पूरा संगठन खड़ा हो गया। नर्मदा बचाओ आंदोलन के नाम का यह संगठन पहले बड़े बांधों का विरोध करता रहा। बड़े बांधों के निर्माण के कारण हजारों लोगों को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि छोड़नी पड़ी। बांध का निर्माण तो कोई रोक नहीं पाया। अब मेरी रेत को लेकर खून-खराबा हो रहा है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के लोगों पर भी आरोप लग रहे हैं कि वे रेत निकाल रहे हैं। जबकि खुद मेधा पाटकर फरियादी बनकर सरकार पर खनन के आरोप लगा रही है। मैं मानती हूं कि इंसान को रेत की आवश्यकता है। मैंने कभी उनकी आवश्यकता पर उंगली नहीं उठाई। नदियों का तो जन्म ही होता है लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, चाहे वह मेरा उपयोग अन्य के उत्पादन में करें या फिर अपनी प्यास बुझाने के लिए। मेरी रेत मेरे श्रम से उत्पन्न होती है। कई आशियाने इसी रेत के सहारे बनते हैं, लेकिन सिर्फ रेत से महल खड़े नहीं किए जा सके। यह तो व्यवहारिक है, महल बनाने के लिए रेत के अलावा भी दूसरी चीजों की जरूरत होती है। लोग अब रेत का महल नहीं बना रहे, रेत से महल बना रहे हैं। पहले तो लोगों का काम सिर्फ खेतों में पड़ी रेत से चल जाता था लेकिन अब रेत में लोग सोना पैदा करने वाली वस्तु मानने लगे हैं। इसी कारण रेत निकालने के लिए नाव की जगह मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। किसान के खेत में पड़ी रेत को उठाना आसान नहीं है पर मेरे प्रवाह से उत्पन्न धरा पर विश्राम कर रही रेत को समेटना आसान हो गया है। अलीराजपुर, खरगोन, धार में लाखों हेक्टेयर केचमेंट एरिया इस रेत के कारण संरक्षित नहीं हो पाया। हरित न्यायाधीकरण ने कई कमेटियां भी बनाई, लेकिन कोई भी रिपोर्ट मेरी त्रासदी को बयां नहीं कर सकी। रेत के उत्खनन के कारण मेरा अस्तित्व ही नहीं मेरी सहायक नदियों का भी अस्तित्व खतरे में पड़ा हुआ है। बारूरेवा, माछा, पांडाझिर, सीतारेवा, ऊमर नदियों की सतह पर पानी थामने वाली कपायुक्त लेयर पूरी तरह उजड़ गई। नदी का जल पाताल में चला गया। रह गया तो सिर्फ कूड़े-करकट का ढेर। मेरे दोनों तटों पर अब रेत के बजाए सिर्फ कीचड़ नजर आता है। एक तरफ जयकारें और दूसरी ओर फोकलेन मशीन और डंपरों की आवाजें। जो सड़कें मेरे श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बनाई गई उन्हें भी डंपरों ने तवाह कर दिया। मुझे यह देखकर दुख होता है कि जिन-जिन तटों पर प्रतापी राजा पहुंचे वहां ही खनन का काम उनके आने से पहले और उनके जाने के बाद भी जारी है। मेरे उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर मंडला जिले के बीच के गांवों में होने वाला खनन सभी को दिखाई देता है। मेरी तलहटी से रेत निकालकर ले जाने का काम चुपचाप नहीं किया जा सकता। यह तो ऊंट की चोरी जैसा मामला है। रेत को डंपर में डालकर या अन्य किसी और साधन से लेकर ही जाना पड़ेगा। राजसेवक इस चोरी से अनजान नहीं हैं। वे तो बस आंखें फेर लेते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वे राजाज्ञा का पालन करें। राजाज्ञा तो यह है कि मेरी धार से एक तिनका भी रेत का न निकाला जाए। फिर भी सेवक इसका पालन नहीं करते। कहीं ये राजा की कथनी और करनी का फर्क तो नहीं दिखा रहा। सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील में नीलकंठ स्नान करने का घाट है। विशेष पर्वों पर यहां हजारों लोग आते हैं। यह उत्तराण्य तट होने के साथ-साथ ही मेरा एवं कौशल्या का संगम स्थल है। यहां स्थित शिव मंदिर का पुराणों में उल्लेख होने के कारण लोग श्रद्धा से यहां आते हैं। यहां रेत का उत्खनन करने के कारण भक्तजनों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। मेरी घाटी में कई छोटे-बड़े बांध बन रहे हैं। तलहटी पर रेत का खनन किए जाने से कई स्थानों पर बांध का इस्पेक्टर भी कमजोर हो गया है। महेश्वर जल विद्युत परियोजना के डूब प्रभावित ग्राम लेपा क्षेत्र में उत्खनन ने बांध की नींव हिलाकर रख दी है। बांध प्रबंधन वर्ष 2011 से राजा को लगातार पत्र लिख रहा है। रेत खनन से होने वाले खतरों के बारे में भी बता रहा है। प्रबंधन ने लिखा है कि लेपा क्षेत्र में सुरक्षा बांध की नींव पोकलेन, जेसीबी व डंपर जैसी मशीनों की खुदाई से खोखली हो रही है। मेरी अवैध रेत खनन के कारण न सिर्फ मुझ पर असर पड़ रहा है बल्कि रेलवे के पुलों पर भी इसका असर पड़ रहा है। कई जगह ऐसी हैं जहां पर रेलवे के पुल बेहद कमजोर हो गए हैं। इसके कारण कोई बड़ी दुर्घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। यदि इसी तरह से रेत खनन होता रहा तो ये सारे पुल किसी दिन भी ढह जाएंगे। मेरी सफाई का दावा करने वालों के लिए भी यह बात शर्मनाक होनी चाहिए कि मेरे अंदर ही गटर, नालों का पानी मिलाया जा रहा है। इसके कारण मेरी सेहत पर विपरीत असर पड़ रहा है। यदि मां पर ही इसका गलत असर होगा तो वह अपने बच्चों की सुरक्षा कैसे कर पाएगी। मेरे अंदर जलकुंभी ने भी अपने पैर पसार दिए हैं। मैं इसकी गिरफ्त में भी आ गई हूं। मेरे जल का उपयोग तो कई विभाग करते हैं। इनमें नगरीय प्रशासन, नर्मदा विकास प्राधिकरण, जल संसाधन, जल निगम आदि, लेकिन मेरी सुरक्षा और सफाई को लेकर किसी का भी ध्यान नहीं है। बताते हैं कि मेरी सफाई के लिए 4 हजार करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई थी, लेकिन इस योजना को शुरू करने के लिए अब तक कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए हैं। भू-जलविद एके केशरवानी ने साल 2013 में ही ये जानकारी दी थी कि साल दर साल बारिश में बदलाव हो रहा है। कभी एक दिन में 5 इंच बारिश हो जाती है और कभी पानी हफ्तों नहीं गिरता। इसका सीधा असर नदियों के भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। इसकी जांच के लिए फियोटिक लाइन सर्वे करना चाहिए। इसमें नदियों के दोनों तरफ कुछ दूरी पर परपेण्डीकुलर (सीध में) तरीके से बोरिंग करके भू-जल स्तर की नाप जोख की जानी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि आखिर नदी के किस हिस्से में जलस्तर गिर रहा है। नदियों के उन्हीं हिस्सों में स्टापडेम, वॉटर शेड से जुड़े काम होने चाहिए। उत्तर प्रदेश में वर्ष 1980 से लेकर आगे के कई वर्षों तक फियोटिक लाइन सर्वे किया गया। यह काम प्रदेश में भी किया जाना जरूरी हो गया है। मैं बात होशंगाबाद में होने वाली खनन की कर रही थी। यहां रेत निकालने वालों को पकड़ा तो गया, उन पर करोड़ों का जुर्माना भी लगाया गया। लेकिन एक धेले की भी वसूली नहीं हुई। मालीखेड़ा से सटे ग्राम बांद्राभान में भी रेत का उत्खनन हो रहा है। बांद्राभान वही जगह है जहां मेरे शुभचिंतक अनिल दबे ने समागम किया था। देश-विदेश से कई लोग आए थे। टेंट-तंबू लगे हुए थे। मेरे संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें हुर्इं। बाद में वे भी न जाने कहां गुम हो गए। उत्खनन वालों को मेरा पता जरूर चल गया। मैंने सुना है कि खनन का कारोबार करने वाले राजधानी के हैं। डंपरों की कहानी भी यही कहती है। खनन करने वालों का खौफ इतना ज्यादा है कि छोटा-मोटा किसान तो उनका विरोध ही नहीं कर पाता। ग्राम बरडुंआ की भागवती देवी की स्थिति देखकर तो मुझे दया आती है। उसके खेत के पास ही खनन करने वाली शिवा कारपोरेशन ने रेत निकालने के लिए 20 फिट गहरे तक गड्डा कर दिया है। जबलपुर में भी कुछ राजकृपा प्राप्त लोग ही रेत निकाल रहे हैं। जबलपुर में लाखों घन मीटर रेत निकाली जा चुकी है। अवैध रेत उत्खनन को रोकने के सरकार की तरफ से भले ही कई दावे किए जा रहे हों, लेकिन इसकी वास्तविकता को भी नकारा नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई मंचों से यह घोषणा कर चुके हैं मेरे अंदर से अब रेत का अवैध उत्खनन नहीं होने दिया जाएगा, बावजूद इसके अवैध रेत का उत्खनन नहीं रोका जा सका है। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा रेत का उत्खनन खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में किया जा रहा है। इसके अलावा मंडला, अनूपपुर, होशंगाबाद, हरदा जिलों में भी जमकर मुझसे रेत निकाली जा रही है। पिछले दो सालों में ये आंकड़ा दोगुना हो चुका है। दूसरी तरफ अवैध खनन को लेकर जितने मामले प्रदेश की अदालतों में हैं, उतने अन्य किसी राज्य में नहीं हैं। यह खुलासा कोल मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले दो सालों में अवैध खनन करने वालों ने 9 अरब 32 करोड़ 35 लाख रुपए का गौण (रेत, गिट्टी, मुरम) और प्रमुख खनिज (मैग्नीज, बाक्साइड, कॉपर) निकाल लिया है। हालांकि परिवहन के दौरान ये पकड़े गए। मध्यप्रदेश में खदानों के लिए 406 पट्टे आवंटित हैं, लेकिन अवैध खनन की स्थिति यह है कि वर्ष 2015-16 में 13 हजार 627 मामले सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 में मध्यप्रदेश में अवैध खनन कारोबारियों ने जहां 8 लाख 30 हजार 638 क्यूबिक मीटर गौण खनिज की चोरी की, वहीं 36 हजार 877 क्यूबिक मीटर प्रमुख खनिज चुराया। वर्ष 2015-16 में चोरी किए गए खनिज की मात्रा की जानकारी प्रदेश ने खान मंत्रालय को नहीं दी, सिर्फ राशि बताई। अवैध खनन के परिवहन के दौरान पिछले तीन सालों में 28 हजार 525 मामले सामने आए, जिसमें एक अरब 66 करोड़ 71 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं अवैध परिवहन में लगे 528 वाहन भी जब्त किए गए और 60 मामलों की एफआईआर दर्ज की गई। मध्यप्रदेश में चल रहे अवैध खनन को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार पर कई बार हमला किया, लेकिन इसका भी कोई असर सरकार पर नहीं पड़ा। कांग्रेस का कहना है कि शिवराज सिंह 11 सालों में प्रदेश में खेती को तो लाभ का धंधा नहीं बना पाए लेकिन उन्होंने रेती (रेत) को लाभ का धंधा जरूर बना दिया है। अब कांग्रेस जरूर मेरे बचाव में आई है, लेकिन जब कांग्रेस सत्ता में थी तो इन्होंने भी मेरा जमकर दोहन किया और इनके कर्ता-धर्ता मालामाल बन गए। कांग्रेस ने मेरा बचाव करते हुए कहा कि रेत का अवैध परिवहन करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भतीजे, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सूर्यप्रकाश मीणा के करीबी रिश्तेदार तथा अन्य नेताओं के करीब एक दर्जन डंपर पकड़े गए हैं। इनके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी लगातार अवैध खनन की शिकायतें आ रही हैं। मेरी घाटी में जंगल तीन प्रजातियों में बंटा हुआ है। साल, सागौन और मिश्रित वन। इन क्षेत्रों में साल प्रजाति के वृक्षों की अधिकता है। उन्हें साल वन की श्रेणी में रखा गया है। जहां सागौन ज्यादा है उसे सागौन का जंगल कहा जाता है। पश्चिमी क्षेत्र में सागौन है। जंगल कम हो रहे हैं, लेकिन आबादी का दबाव बढ़ रहा है। पिछले दो दशकों में लगभग तीस प्रतिशत आबादी का दबाव बढ़ गया है। इसका सीधा असर मेरी सेहत पर पड़ा है। हां एक बात तो मैं बताना भूल ही गई थी, मेरी सेहत खराब है इसका सार्वजनिक तौर पर विवरण सांसद प्रहलाद पटेल द्वारा रखा गया था। उनके भाई विधायक जालम सिंह के बारे में लोग मुझे बताते रहते हैं कि वे भी रेत का उत्खनन करा रहे हैं। मैंने तो अब खामोशी ओड़ ली है। वैसे भी मेरी सिर्फ कल-कल सुनाई देती है। कल-कल के स्वरों को शब्दों के रूप में पिरोकर कोई मेरी अभिव्यक्ति महसूस नहीं कर पाता। परक्कमा वासी की नियति तो झाबुआ-अलीराजपुर जिले के दशाणा और कष्टा में लुटना है। परक्कमा वासी के तन पर कपड़े ही इस पड़ाव पर बचते हैं बाकी तो सब भील, आदिवासी लूट लेते हैं। हां वे भूखे परक्कमावासी को भोजन कराने की कृपा भी करते हैं। रेत के सौदागर तो कृपा की राह पर ही नहीं है। वे तो सिर्फ प्राकृतिक संपदा के शोषण में जुटे हुए हैं। कई बार मेरे सब्र का पैमाना झलक उठता है। मैं तटों को तोड़कर उग्र रूप भी ले लेती हूं। इस उम्मीद में कि शायद मेरे महत्व और जरूरत को समझा जाएगा। फिर मैं सामान्य हो जाती हूं। मर्यादा में रहना मेरा स्वभाव है। भले ही इंसान अमर्यादित आचरण कर रहा हो, मर्यादा में रहने का महादेव का आदेश जो है। आधुनिक युग के शिव शायद मेरी विडंवना महसूस न कर पाए हों। दुनिया में जब पानी के लिए युद्ध हो रहा होगा तब शायद लोग प्रायश्ति के लिए मेरे पास आएंगे। संभव है कि मेरे आंचल में इतना जल भी न हो कि मैं उनको पापमुक्त कर सकूं।
2018/08/15 20:19:13
https://powergallery.in/2017/05/13/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE/
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Home मनोरंजन बॉलीवुड 10 बॉलीवुड एक्ट्रेस ने की पैसे के लिए शादी…… यहाँ देखिये 10 बॉलीवुड एक्ट्रेस ने पैसो के लिए शादी. ये दुनिया पैसे की गुलाम है. जहा पैसा वहां खुशियाँ. यह बॉलीवुड की दुनिया, ग्लैमर की दुनिया है. यहाँ सब उच्च प्रोफ़ाइल और अमीर हस्तियों का ही डामाडोल है. बॉलीवुड अभिनेत्रियाँ, जो इतना पैसा नहीं कमा सकती या असफल रही अपने करियर में, उन्होंने कुछ अमीर आदमी से शादी कर ली और अब आदर्श जीवन जी रही हैं । देखें निचे दिए गए विडियो को और जाने उनका नाम..
2020/02/21 12:11:27
http://hindi.loudhere.com/top-10-bollywood-actresses-who-married-for-money
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माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) एक पावरफूल स्प्रेडशीट प्रोग्राम है जो आपके डेटा को व्यवस्थित करने, कैलकुलेशन पूरी करने, निर्णय तक पहुँचने, ग्राफ, डेटा प्रोफेशन दिखाने वाली रिपोर्ट तैयार करने, व्यवस्थित डेटा को वेब पर पब्लिश करने तथा रीयल टाइम डेटा को एक्सेस करने की सुविधा देता है। माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी ने वर्ष 1985 में Mac OS के लिए, MS-Excel का प्रथम संस्करण बनाया था। वर्ष 1990 में यह MS-OFFICE पैकेज के साथ कम्बाइन्ड हो गया। इसमें एक इलेक्ट्रॉनिक स्प्रेडशीट होती है, जिसका प्रयोग एकाउंटिंग उद्देशय (Accounting Purpose) के लिए, गणितीय कार्यों में बजट बनाने तथा बिल बनाने में करते हैं। इसे वर्कशीट भी कहते हैं। इसके अलावा आप स्प्रेडशीट में दूसरे प्रोग्रामों द्वारा बनाए अथवा आयात (Import) किए गए फोटोग्राफ, ड्राइंग, क्लिपआर्ट, लोगो (Logo) आदि भी जोड़ सकते हैं। MS-Excel में स्प्रेडशीट या वर्क शीट बहुत से खानों या सैलों (Cells) का एक समूह होता है जिन्हें पंक्तियों (Lines) तथा कॉलमों (Columns) में व्यवस्थित किया जाता है।
2021-02-27T01:29:39Z
https://navbharattimes.indiatimes.com/topics/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE
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कश्मीर पर बोले चीन पर चुप रहे मोदी - BBC News हिंदी कश्मीर पर बोले चीन पर चुप रहे मोदी http://www.bbc.com/hindi/india-40934720 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के लिए लोगों से अपने नमो ऐप पर सुझाव मांगे थे. करीब 15 हजार लोगों ने अपने सुझाव भेजे थे, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से कई प्रश्न भी पूछे थे. उन प्रश्नों में से मोदी ने कई के जवाब दिए तो कई प्रमुख सवालों को अनसुना कर दिया. जनता ने प्रधानमंत्री से डोकलाम विवाद पर सरकार का रुख़ लाल किले की प्राचीर से स्पष्ट करने का आग्रह किया था, जिसपर उन्होंने कुछ भी नहीं कहा. सबसे ज्यादा प्रश्न शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली से जुड़े थें. नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में साल 2022 में 'न्यू इंडिया' के तहत देश को समृद्ध बनाने का संकल्प तो लिया, पर शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली कैसे दूर होगी, इस पर कुछ नहीं कहा. मोदी जी बोले अच्छा, पर कई सवाल छोड़ गए इमेज कॉपीरइट NARENDRA MODI APP उन्होंने साल 2022 में 'लोक से तंत्र चलाने' की बात कही, पर ईवीएम को आधार कार्ड से जोड़ने के जनता के सवालों को नजरअंदाज कर दिया. ऐप पर पूछे गए अन्य सवाल क्या थे और मोदी ने उसका क्या जवाब दिया, आगे पढ़िए... गोरखपुर त्रासदी क्यों हुई? अपने भाषण के दौरान नरेंद्र मोदी इस मुद्दे से बचकर निकलते नज़र आए. प्राकृतिक आपदाओं पर बात करते हुए उन्होंने गोरखपुर में हुई बच्चों की मौत की घटना का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "पिछले दिनों अस्पताल में हमारे मासूम बच्चों की मौत हुई. इस संकट की घड़ी में 125 करोड़ देशवासियों की संवेदनाएं उनके साथ है." '8 साल बाद ज़ुड़वाँ हुए थे, आठ दिन भी नहीं रहे' कब आएंगेआम आदमी के अच्छे दिन? नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में 'अच्छे दिन' पर बात नहीं की. लेकिन उन्होंने अच्छे दिनों की विशेषताओं वाला 'न्यू इंडिया' का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "साल 2022 में हम आजादी का 75वां साल मनाएंगे. इस साल हम एक 'न्यू इंडिया' बनाएंगे. न्यू इंडिया सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली होगा. न्यू इंडिया में तंत्र से लोक नहीं, लोक से तंत्र चलेगा." जनता पूछे, 'मोदी जी अच्छे दिन, नौकरी बिन' इतनी विदेश यात्रा क्यों करते हैं? मोदी ने अपने भाषण में विदेश यात्राओं की खूबियां गिनाईं. हालांकि विदेशी निवेश कितना हुआ, इस पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा, "दुनिया के कई देश हमें सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं. वे हमें हवाला कारोबार से लेकर आतंकवादियों की गतिविधियों की जानकारी दे रहे हैं." मोदी और मनमोहन की विदेश यात्राएँ, क्या है सच? मुस्लिमों के मन से डर कैसे निकालेंगे? नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में तीन तलाक पर फिर से अपना रुख़ स्पष्ट किया, पर उन्होंने 'गोरक्षा' और 'मॉब लिंचिंग' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने कहा, "भारत गांधी और बुद्ध की भूमि है. आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दिया जा सकता है. पहले 'भारत छोड़ो' का नारा था आज 'भारत जोड़ो' का नारा लगाना होगा." कश्मीर समस्या पर क्या है रुख़? इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, "हम स्वर्ग को (कश्मीर को) फिर से अनुभव कर सकने की स्थिति में लाने के लिए कटिबद्ध हैं. कश्मीर समस्या न गाली से, न गोली से सुलझेगी, समस्या सुलझेगी कश्मीरियों को गले लगाने से." 'कश्मीर में जो हो रहा है उससे दिल्ली ख़ुश होगी' नोटबंदी से देश को क्या फायदा हुआ? नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कई बार नोटबंदी का ज़िक्र किया. उन्होंने इसके फायदे गिनाते हुए कहा, "तीन लाख करोड़ रुपए जो बैंक व्यवस्था से बाहर थे, वह बैंकों में आए हैं. कम से कम दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कालाधन बैंकों तक पहुंचा है." "इस साल 1 अप्रैल से 5 अगस्त तक 56 लाख लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न दाख़िल किया है. पिछले साल इस अवधि में यह संख्या 22 लाख थी. हवाला कारोबार में लिप्त तीन लाख कंपनियों का भी पता चला है." जीएसटी से क्या फायदा हुआ? नरेंद्र मोदी ने जीएसटी की खूबियां गिनाईं. उन्होंने कहा, "जीएसटी के द्वारा देश ने कॉम्पिटिटिव कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को नई ताकत दी है. एक नया परिणाम नजर आया है." "जीएसटी के बाद चेकपोस्ट खत्म कर दिए गए हैं. जिससे ट्रांसपोर्टेशन इंडस्ट्री की क्षमता 30 फीसद तक बढ़ी है."
2018/02/24 14:51:48
http://www.bbc.com/hindi/india-40934720
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नया टैक्स प्लेटफॉर्म लॉन्च, लोगों पर भरोसा जरूरी, कानून का जंजाल खत्म-PM मोदी - Glime India News August 13, 2020 Bureau Report 0 Comments end of legal entanglement-PM, Launch of new tax platform, people must be trusted ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक नए खास प्लेटफॉर्म की शुरुआत की. इस प्लेटफॉर्म का नाम 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट' दिया गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये प्लेटफॉर्म 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की शुरुआत है, जिसमें फेसलैस असेसमेंट-अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर जैसे बड़े रिफॉर्म हैं.पीएम मोदी ने कहा कि अब जान-पहचान का मौका खत्म हो गया है, ट्रांसफर पोस्टिंग के मसलों से राहत मिलेगी. वहीं, टैक्स से जुड़े मामलों की जांच और अपील दोनों ही फेसलैस होंगी. अब आयकर विभाग को टैक्सपेयर का सम्मान रखना जरूरी होगा. पीएम ने कहा कि टैक्सपेयर्स के योगदान से ही देश चलता है और उसे तरक्की का मौका मिलता है. प्रधानमंत्री ने बताया कि 2012-13 में जितने टैक्स रिटर्स होते थे और उनकी स्क्रूटनी होती थी आज उससे काफी कम है, क्योंकि हमने टैक्सपेयर्स पर भरोसा किया है. पीएम मोदी ने कहा कि इनमें कुछ सुविधा अभी से लागू हो गई है, जबकि पूरी सुविधा 25 सितंबर से शुरू होगी. प्रधानमंत्री बोले कि पिछले कुछ वक्त में हमने इन मसलों पर फोकस किया है, ये नई यात्रा की शुरुआत है. अब ईमानदार का सम्मान होगा, एक ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाता है. आज से शुरू हो रही नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्ननेंस को आगे बढ़ाती हैं. पीएम ने कहा कि इससे सरकार का दखल कम होगा. पीएम मोदी के नए प्रोग्राम का मुख्य फोकस इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स यानी व्यक्तिगत आयकरदाताओं पर है. इसमें ईमानदार टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है
2020/09/24 05:07:30
http://glimeindianews.in/launch-of-new-tax-platform-people-must-be-trusted-end-of-legal-entanglement-pm/
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Smartphone Insaan Ke Jeevan Ka Integral Part Kyon Hai? N24 Services April 19, 2021 smartphone insaan ke jeevan ka integral part kyon hai, why is smartphone an integral part of human life, smartphone effect on our life, smartphone harmful effects स्मार्टफोन इंसान के जीवन का अभिन्न अंग क्यों है? कुछ दशकों पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि भविष्य में स्मार्टफोन नाम की किसी चीज का अविष्कार होगा और वह इंसानी जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन जाएगी। जब टेलीफोन का आविष्कार हुआ था तब इसे संचार क्षेत्र में एक क्रान्ति लाने वाला कदम समझा गया था। ग्राहम बेल ने भी ये कल्पना नहीं की होगी कि उसके अन्वेषित टेलीफोन का इतना परिष्कृत और उन्नत रूप कभी सामने आएगा। बीसवीं सदी के अंतिम दशक में जब धीरुभाई अम्बानी ने ये कल्पना की थी कि उनका यह सपना है कि दुनिया हर आदमी की मुट्ठी में हो। उस वक्त भी यह मात्र एक कपोल कल्पित ख्वाब ही प्रतीत हो रहा था लेकिन अब यह सपना पूरी तरह से साकार हो चुका है। पहले कोई नई खोज होनें और उसे बाजार में आने में दशकों लग जाते थे परन्तु अब विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि दुनिया हर पाँच वर्षो में काफी बदल जाती है। अगर 1950 के दशक के किसी आदमी को आज की दुनिया अचानक से देखनी पड़े तो वह निश्चित रूप से बोखला जायेगा और यकीन ही नहीं कर पाएगा कि इंसान ने इतनी तरक्की कर ली है। Why is smartphone an integral part of human life? इस इंसानी तरक्की में सबसे क्रांतिकारी तरक्की आधुनिक स्मार्टफोन की है जो कि हमारे रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। हमारा स्मार्टफोन के बिना जीवन जी पाना असंभव सा प्रतीत जान पड़ता है। हाथ में या फिर हमारे पास में अगर स्मार्टफोन नहीं हो तो हमें कुछ अधूरा-अधूरा सा लगने लगता है। हम स्मार्टफोन के गुलाम बनते जा रहे हैं और वह दिन दूर नहीं है कि जब हमें इसकी दासता से मुक्त होने के लिए भी कुछ नया आविष्कार करना पड़ेगा। आखिर हम क्यों इस गुलामी की तरफ बढ़ रहे हैं? दरअसल स्मार्टफोन जितना विनाशकारी हो सकता है उतना ही यह आज कल के रोबोटिक जीवन को जीने में सहायक भी है। Also Read - Hamari Life Par Internet Ke Badhte Addiction Ka Effect एक अकेले स्मार्टफोन के जरिये हम कंप्यूटर, रेडियो, म्यूजिक प्लेयर, विडियो प्लेयर, कैमरा, घड़ी, स्टॉपवॉच, टॉर्च आदि के साथ-साथ इन्टरनेट के जरिये मिलने वाली सारी सुविधाओं का उपयोग कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। इन्टरनेट के जरिये देश विदेश की जानकारी के साथ-साथ पूरी दुनिया में किसी के साथ भी संपर्क में रह सकते हैं। पलक झपकते ही किसी भी चीज की टिकट कहीं से भी बुक करवा सकते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं, खाने का आर्डर दे सकते हैं, रास्ता ढूँढ सकते हैं और कहीं पर भी बैठ कर पढ़ाई भी कर सकते हैं। अब तो हम यह कह सकते हैं कि बिना स्मार्टफोन के हमारा जीवन अधूरा ही है। स्मार्टफोन ने जितनी सुविधाएँ दी हैं उससे कहीं अधिक यह हमें नुकसान भी पहुँचा रहा है। इसका सबसे बड़ा नुकसान तो यह है कि इसके कारण इंसान एक दूसरे से काफी हद तक कट गया है। दो इंसान पास-पास बैठकर भी एक दूसरे के पास नहीं होते हैं। दोनों अपने-अपने स्मार्टफोन में व्यस्त रहते हैं। हर आदमी किसी दूसरे से न बतियाकर स्मार्टफोन में ही खोया रहता है। परिवार के लगभग हर सदस्य के पास स्वयं का स्मार्टफोन होता है। जो समय हमें रिश्तों को निभाने और मजबूत करने में व्यतीत करना चाहिए, वो समय हम स्मार्टफोन में व्यर्थ गवा देते हैं। स्मार्टफोन इंसान के जीवन में एकाकीपन को बढ़ा रहा है जिसके कारण रिश्तों में मिठास का लोप होता जा रहा है। हमें स्मार्टफोन में चाहे कुछ काम हो या न हो हम दिनभर उसी को ही टटोलते रहते हैं। घड़ी-घड़ी उसका स्विच ऑन करके पता नहीं क्या देखते हैं। यह एक मानसिक बीमारी का संकेत है जिसको स्मार्टफोन एडिक्शन कहा जाता है। स्मार्टफोन की पहुँच बच्चों तक भी आसानी तक हो गई है। बच्चे स्मार्टफोन पर गेम खेलनें में काफी मशगूल रहते हैं जिससे वक्त बहुत बर्बाद होता है। धीरे-धीरे इन स्मार्टफोन गेम का भी एडिक्शन होना चालू हो जाता है और स्मार्टफोन पर बिना गेम खेले रहा नहीं जाता है। हर स्मार्टफोन पर इन्टरनेट की आसानी से उपलब्धता के कारण बच्चों में वयस्क और अश्लील कंटेंट देखनें की लत बढती जा रही है जिसके कारण बच्चे असमय ही वयस्क होते जा रहे हैं तथा बचपन गलत रास्तों की तरफ भटक रहा है। अब हमें सोच विचार करके बुद्धिमतापूर्वक निर्णय लेना होगा कि हमें स्मार्टफोन को एक सुविधा मात्र के रूप में लेना है या फिर उसका गुलाम बनकर अपना और बच्चों का जीवन खराब करना है। अगर हम स्मार्टफोन को मात्र एक गैजेट के रूप में लेकर सिर्फ जरूरत के वक्त ही काम में लें तो शायद हम इसके दुरुपयोग से बच सकते हैं।
2021/10/20 17:26:09
https://www.n24.in/2021/04/smartphone-insaan-ke-jeevan-ka-integral-part-kyon-hai.html
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"48 इयर्स एंड ए लाइफटाइम टू गो": सोनम ने अनिल और सुनीता कपूर की सालगिरह पर थ्रोबैक पिक्स पोस्ट की - NagpurNews4U "48 इयर्स एंड ए लाइफटाइम टू गो": सोनम ने अनिल और सुनीता कपूर की सालगिरह पर थ्रोबैक पिक्स पोस्ट की सोनम कपूर ने इस थ्रोबैक को साझा किया (सौजन्य sonamkapoor) सोनम ने एक मनमोहक पोस्ट के साथ अपने माता-पिता को सालगिरह पर बधाई दी सोनम कपूर ने लिखा, "हैप्पी एनिवर्सरी, मां और डैडी," "काश मैं आप दोनों को गले लगा पाती," उसने कहा सोनम कपूर, जो इस समय अपने पति आनंद आहूजा के साथ लंदन में हैं, ने अपने माता-पिता – अनिल कपूर और सुनीता कपूर को हार्दिक बधाई दी। उनकी सालगिरह पर ध्यान दें. सोनम ने अपने माता-पिता को प्यार का सही अर्थ सिखाने के लिए धन्यवाद देते हुए कृतज्ञता का एक नोट भी जोड़ा। "ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब मैं इस बात से विचलित नहीं होता कि आप दोनों अभी भी कितने प्यार में हैं। मुझे यह सिखाने के लिए धन्यवाद कि जीवन में कुछ भी हो, प्यार और परिवार सब कुछ चैंपियन है। शादी के 37 साल और 11 साल डेटिंग का (48 वर्ष), और जीवन भर जाने के लिए," सोनम कपूर की पोस्ट का एक अंश पढ़ें। उन्होंने कहा, "काश मैं आप दोनों को अभी व्यक्तिगत रूप से गले लगा पाती। हैप्पी एनिवर्सरी, मां और डैडी। लव यू।" कमेंट सेक्शन में अनिल और सुनीता कपूर ने लिखा कि वे अपनी बेटी के साथ रहना कितना मिस करते हैं: "लव यू एंड मिस यू ऑल सो मच।" सोनम कपूर की इंस्टाग्राम पोस्ट में उनके माता-पिता की तत्कालीन और अब की तस्वीरों का एक समूह शामिल था, जिसमें कुछ पहले कभी नहीं देखे गए थे। एक में सुनीता और अनिल कपूर को एक कुप्पा साझा करते देखा जा सकता है और दूसरे में वे बातचीत में व्यस्त दिखाई देते हैं। एक तरफ ध्यान दें, हम यह जोड़ना चाहेंगे कि अनिल कपूर के लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है – ये तस्वीरें सबूत हैं। इस बीच, अनिल कपूर ने आज पत्नी सुनीता को उनकी शादी की सालगिरह पर बधाई दी: "हमारी प्रेम कहानी के सामने प्यार के बारे में सभी प्रेम कहानियां और उद्धरण कम पड़ जाते हैं। मेरे साथ आपकी तरफ से मुझे पता है कि मैं सुरक्षित, प्यार और खुश हूं! आप हमारे संयुक्त परिवारों का आधार हैं और हम नहीं जानते कि हम अपने जीवन में आपके बिना क्या करेंगे! मैं वादा करता हूं कि मैं अपना जीवन आपको इस तरह से प्यार और क़ीमती महसूस कराने में बिताऊंगा कि आप इसके लायक हैं … हैप्पी एनिवर्सरी!" सोनम की तरह, अनिल कपूर ने भी थ्रोबैक तस्वीरों का एक गुच्छा एक साथ रखा। अनिल कपूर और सुनीता कपूर बेटी रिया कपूर और बेटे हर्षवर्धन के माता-पिता भी हैं, जो एक अभिनेता हैं। Tags: Entertainment hindi news, अनिल कपूर की सालगिरह, सोनम कपूर मार्क बाउचर ने खुलासा किया कि एबी डिविलियर्स ने टी20 विश्व कप के लिए संन्यास से बाहर क्यों नहीं आने का फैसला किया | क्रिकेट खबर
2021/06/16 15:00:38
https://nagpurnews4u.com/2021/05/19/48-%E0%A4%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%8F-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AB%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AE-%E0%A4%9F%E0%A5%82-%E0%A4%97%E0%A5%8B/
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Do you also Payment by Cheque then know RBI new rules otherwise will have to penalty details here varpat – News18 Hindi क्या आप भी चेक से करते हैं पेमेंट? तो जान लें RBI का नया नियम, वरना अब देनी होगी पेनाल्टी cheque payment- अगर आप चेक के जरिए भुगतान करते हैं तो आपको अब पहले से अधिक सावधानी बरतनी होगी. नई दिल्ली. अगर आप चेक के जरिए भुगतान (Cheque Payment) करते हैं तो अब आपको पहले से अधिक सावधानी बरतनी होगी. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अगस्त से लागू हुए बैंकिंग नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. केंद्रीय बैंक (RBI) ने अब चौबीसों घंटे बल्क क्लियरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इस महीने से नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) 24 घंटे काम कर रहा है. बता दें कि देश में राष्ट्रीय स्वचालित निपटान व्यवस्था (National Automated Clearing House System, NACH)अब सप्ताह के सातों दिन और 24 घटें उपलब्ध है. इसकें फायदा के साथ-साथ एक सावधानी बरतने की भी जरूरत है. अब आपको चेक से पेमेंट करने और EMI के मामले में ज्यादा अलर्ट रहना होगा. आइए जानते हैं नए नियमों के बारे में… हर समय खाते में होने चाहिए बैलेंस बता दें कि नए नियम के तहत, अब बैंक हॉलिडे वाले दिन भी चेक क्लियर हो जाएगा. ऐसे में आपके खाते में हर समय मिनिमम बैलेंस होने चाहिए. इसलिए, चेक जारी करने से पहले, सुनिश्चित करें कि बैंक खाते में पर्याप्त शेष राशि है अन्यथा चेक बाउंस हो जाएगा. चेक बाउंस होने पर आपको पेनल्टी राशि देनी होगी. EMI पर भी पड़ेगा असर बता दें कि चेक से पेमेंट कर रहे हैं तो आपको यही सावधानी EMI, ऑटोमेटेड बीमा प्रीमियम, SIP को लेकर भी रखनी है. क्योंकि अगर इनके कटने की ड्यू डेट बैंक हॉलिडे वाले दिन भी पड़ सकती है. ऐसे में खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना अनिवार्य है. जानें क्या है NACH? NACH, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा संचालित एक थोक भुगतान प्रणाली, लाभांश, ब्याज, वेतन और पेंशन के भुगतान जैसे एक-से-कई क्रेडिट हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करती है. यह बिजली, गैस, टेलीफोन, पानी, ऋण के लिए आवधिक किश्तों, म्यूचुअल फंड में निवेश और बीमा प्रीमियम से संबंधित भुगतानों के संग्रह की सुविधा भी प्रदान करता है.
2021/09/21 17:32:09
https://hindi.news18.com/news/business/do-you-also-payment-by-cheque-then-know-rbi-new-rules-otherwise-will-have-to-penalty-details-here-varpat-3682722.html
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अयोध्या में आज रखी जाएगी राम मंदिर के गर्भगृह निर्माण की पहली ईंट, शिलापूजन करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: Latest News | PRAJA PARKHI अयोध्या में आज रखी जाएगी राम मंदिर के गर्भगृह निर्माण की पहली ईंट, शिलापूजन करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: Latest News अयोध्या में बुधवार को मंदिर के गर्भगृह का पहला पत्थर रखा जाएगा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिलापूजन करेंगे. सीएम योगी गर्भगृह के निर्माण का शिलापूजन कर पहला पत्थर रखेंगे. इसे लेकर अयोध्या में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं. बताया जा रहा है कि गर्भगृह के शुभारंभ का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा. अयोध्या (Ayodhya) विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक गर्भगृह 20 फीट चौड़ा और 20 फीट लंबा होगा. इसमें मकराना संगमरमर लगाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गर्भगृह के उत्तर पश्चिम दिशा में पहला पत्थर रखकर शिलापूजन करेंगे. इसके साथ ही रामलला के बहुप्रतीक्षित गर्भगृह के निर्माण की शुरुआत हो जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 जून को सुबह 9 बजे गर्भगृह का काम नक्काशीदार पत्थर लगाकर शुरू किया जाएगा. इस काम को अच्छी तरह से सुनिश्चित करने के लिए 28 मई से परिसर में अनुष्ठान किया जा रहा है. पिछले तीन दिनों से परिसर में अनुष्ठान किया जा रहा है. वैदिक पुजारी हवन और अनुष्ठानों में हिस्सा ले रहे हैं. यह अनुष्ठान 1 जून की सुबह गर्भगृह के निर्माण कार्य शुरू होते ही समाप्त हो जाएगा. सीएम योगी करेंगे राम मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास गर्भगृह के निर्माण कार्य का सीधा प्रसारण किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक बड़े एलईडी स्क्रीन पर अयोध्या में 12 जगहों पर शिलापूजन का लाइव प्रसारण किया जाएगा. राम जन्मभूमि ट्रस्ट मंदिर निर्माण के प्रभारी ने पिछले हफ्ते दिए एक बयान में कहा था कि गर्भगृह में राजस्थान का मकराना सफेद मार्बल लगाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में कुल 8 से 9 लाख क्यूबिक फीट बलुआ पत्थर लगेगा.साथ ही 6.37 लाख क्यूबिक फीट ग्रेनाइट और 4.70 लाख क्यूबिक फीट नक्साशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर लगाया जाएगा. गर्भगृह में 13.300 क्यूबिक फीटसफेद मकराना पत्थर लगेगा. गर्भगृह के निर्माण के बाद बनेगा परिक्रमा पथ मंदिर का भूमिपूजन पीएम नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2020 में किया था. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया था. 1 जून को मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास किया जाएगा. इसके लिए सीएम योगी कल अयोध्या पहुंच रहे हैं.सीएम योगी ऐसे समय में अयोध्या राम मंदिर कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं, जब वाराणसी में ज्ञानवापी और मथुरा में मंदिर और शाही ईदगाह का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है.बताया जा रहा है कि गर्भगृह के निर्माण के बाद परिक्रमा पथ का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा. रामजन्मभूमि परिसर के बाहर द्रविण शैली में रामलला देवस्थानम का निर्माण 31 मई से शरू हो गया है. अब 1 जून को मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास किया जाएगा. PRAJA PARKHI: अयोध्या में आज रखी जाएगी राम मंदिर के गर्भगृह निर्माण की पहली ईंट, शिलापूजन करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: Latest News
2022/07/06 00:26:28
https://www.prajaparkhi.page/2022/06/latest-news.html
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.: आइये जानें गूगल के विषय में हममें से शायद ही कोई ऐसा होगा जो कि गूगल सर्च इंजिन (Google Search Engine) का प्रयोग न करता हो। पर अधिकांश लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि गूगल सर्च इंजिन (Google Search Engine) में क्या क्या विशेषताएँ हैं। वास्तव में गूगल सर्च इंजिन (Google Search Engine) को इस तरह से बनाया गया है कि मनचाहे सर्च परिणाम प्राप्त हो सकें और अनचाही जानकारियों को सर्च परिणामों में शामिल होने से रोका जा सके। तो आइये जानें गूगल सर्च के विषय में कुछ गूढ़तम बातें - विशिष्ट परिणाम प्राप्त करना: मान लीजिये आप 'ब्लोग से कमाई' के विषय में सर्च कर रहे हैं। तो सर्च बॉक्स में ब्लोग से कमाई टाइप करने पर गूगल का सर्च इंजिन 'ब्लोग', 'कमाई' और 'ब्लोग से कमाई' तीनों से सम्बन्धित सर्च परिणाम देगा। किन्तु आप सिर्फ 'ब्लोग से कमाई' से सम्बन्धित सर्च परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं। तो इसके लिये आप सर्च बॉक्स में टाइप करते समय 'डबल कोट्स' लगा कर सर्च करें। गूगल सर्च इंजिन केवल 'ब्लोग से कमाई' से सम्बन्धित सर्च परिणाम प्रदर्शित करेगा तथा 'ब्लोग' और 'कमाई' शब्दों से सम्बन्धित सर्च परिणामों को शामिल होने से रोक देगा। अवांछित शब्द वाले परिणाम हटाना: अब यदि आप चाहते हैं कि 'ब्लोग से कमाई' के सर्च परिणामों में 'अंग्रेजी' शब्द न आये तो सर्च बॉक्स में 'ब्लोग से कमाई -अंग्रेजी' टाइप करें। गूगल सर्च इंजिन सर्च परिणामों में से उन सारे परिणामों को आने ही नहीं देगा जिनमे कहीं पर भी 'अंग्रेजी' शब्द आया हो। विशिष्ट साइट सर्च: कई बार हम चाहते हैं कि किसी विशेष वेबसाइट में हमारे टाइप किये गये शब्द या वाक्यांश से सम्बन्धित सर्च परिणाम ही मिले। अर्थात् हम वेबसर्च के बदले साइटसर्च करना चाहते हैं। उदाहरण के लिये यदि आप 'googleadsenceindia' ब्लोग में 'adesnce' शब्द से सम्बन्धित सर्च परिणाम चाहते हैं तो इसके लिये आप सर्च बॉक्स में 'googleadsenceindia..blogspot.in' टाइप करें। आपको वैसे ही सर्च परिणाम प्राप्त होंगे जैसा कि आप चाहते हैं। विशिष्ट डाकुमेंट सर्च: विशिष्ट डाकुमेंट (जैसे कि सिर्फ पॉवर पाइंट प्रस्तुतीकरण) वाले ही परिणाम प्राप्त करने के लिये टाइप करें – 'online business filetype: ppt' गूगल सर्च को केलकुलेटर जैसे प्रयोग करें: सर्चबॉक्स में आप कोई भी गणित का एक्सप्रेशन टाइप करें और गूगल सर्च आपको केलकुलेटर के जैसे ही उसका परिणाम दे देगा। उदाहरणः 12116 * 2.34 परिभाषा: किसी भी शब्द (जैसे कि physics) की परिभाषा जानने के लिये गूगल सर्चबॉक्स में टाइप करें - define: physics सर्च इंजिन के विशिष्ट प्रयोग 1. क्या है गूगल इंस्टंट सर्च? यह आम गूगल सर्च इंजिन जैसा ही है परंतु इसमें खोज नतीजे तेजी से दिखाई देते हैं. आप जैसे जैसे सर्च कीवर्ड डालते रहते हैं वैसे वैसे परिणाम बदलते रहते हैं. इससे आप अपने कीवर्ड को तेजी से बदल कर अपनी वांछित जानकारी पा सकते हैं. 2. क्या इससे सर्च इंजिन ओप्टिमाइज़ेशन प्रभावित होगा? सर्च इंजिन ओप्टिमाइज़ेशन एक विधा है जिसका उपयोग कर किसी भी वेबसाइट को इस लायक बनाया जाता है कि वह गूगल सहित लोकप्रिय सर्च इंजिनों के पहले पन्ने पर आए. इसके लिए कुछ विशेष कीवर्ड पर काम किया जाता है. यदि उन कीवर्डों का उपयोग कर कोई प्रयोक्ता खोज करता है तो अमुक वेबसाइट की कड़ी ऊपर दिखाई देती है. परंतु इंस्टंट सर्च में प्रयोक्ता अपने कीवर्डों को तत्काल बदल लेता है और इससे सर्च इंजिन ओप्टिमाइजेशन प्रभावित होता है. उदाहरण के लिए यदि मैं "Hindi" खोज कर रहा हूँ, और मुझे हिन्दी समाचार साइटें पहले दिखाई देती है तो मैं तेजी से कीवर्ड के आगे "literature" जोड़ देता हूँ और मेरा खोज पन्ना तुरंत ही बदल जाता है. अब मात्र Hindi कीवर्ड के लिए किया गया सर्च ओप्टिमाइजेशन यहाँ काम नहीं आता. 3. क्या इससे एडसेंस विज्ञापनों पर असर पड़ेगा? हालाँकि गूगल इसे स्वीकार नहीं कर रहा परंतु तेजी से बदलते खोज नतीजों की वजह से उन कीवर्डों पर आधारित एडसेंस विज्ञापन भी तेजी से बदलेंगे तो इसका असर उनपर भी पड़ॆगा ऐसा कह सकते हैं. 4. क्या यह सिर्फ वेब पर चलेगा? नहीं. गूगल का इरादा गूगल इंस्टंट को हर प्लेटफार्म के लिए बनाना है. वेब से इसकी शुरूआत हो चुकी है परंतु गूगल ने इसका मोबाइल संस्करण भी बना लिया है. यह संस्करण ब्लैकबेरी, एंड्रोइड और आईफोन के लिए तैयार किया गया है. परंतु इसके लिए मोबाइल कम्पेटिबिलिटी और 3जी जैसी सेवाएँ आवश्यक होगी ताकी त्वरित नतीजे दिख सकें. गूगल इस सुविधा से संबंधित अप्लिकेशन भी बना रहा है. 5. क्या यह सुरक्षित नतीजे दिखाता है? आम तौर पर इसका जवाब हाँ है. गूगल इंस्टंट सर्च पर "penis" लिखिए और आपको एक सादे पन्ने के अलावा कुछ नहीं दिखेगा. गूगल के अनुसार उनकी टीम ने "वयस्क" शब्दों को फिल्टर किया है. यानी कि चाहे सेफसर्च विकल्प चालू ना भी हो, इंस्टंट सर्च इस तरह के शब्दों के लिए त्वरित खोज नतीजे नहीं दिखाएगा.
2019/03/26 02:34:42
http://allindiaresultsncr.blogspot.com/2013/01/blog-post_4744.html
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CURRENT AFFAIRS DAILY DOSE IN HINDI साथ ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसिद्ध लेखक सेनी विश्वनाथन को 2020 भारती पुरस्कार से सम्मानित किया, जिसे कालानुक्रमिक क्रम में भारती के उत्कृष्ट कार्यों को संकलित करने का श्रेय दिया जाता है। भारती पुरस्कार वर्ष 1994 से हर साल उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने सामाजिक प्रासंगिकता के किसी भी क्षेत्र में प्रशंसनीय सेवा दी हो। 2.लक्षद्वीप 100% ऑर्गेनिक दर्जा पाने वाला बना भारत का पहला केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप द्वीप भारत के 36 द्वीपों में सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है। इसमें 12 एटोल, 3 रीफ्स, 5 डूबे हुए बैंक, 10 आबाद द्वीप शामिल हैं। लक्षद्वीप राजधानी: कावारत्ती. लक्षद्वीप प्रशासक: प्रफुल्ल खोड़ा पटेल. प्रफुल्ल पटेल वर्तमान में दादरा नगर और हवेली और दमन और दीव के प्रशासक हैं। उन्होंने 05 दिसंबर 2020 से लक्षद्वीप प्रशासक का कार्यभार संभाला है. 3. RBL बैंक और ICICI प्रूडेंशियल ने बैंक-बीमा साझेदारी के लिए मिलाया हाथ यह साझेदारी RBL बैंक के 8.7 मिलियन से अधिक ग्राहकों को ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के ग्राहक-केंद्रित सुरक्षा और दीर्घकालिक बचत उत्पादों को खरीदने में सक्षम बनाएगी। यह जीवन बीमा कवर के माध्यम से ग्राहकों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। यह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के मल्टी-चैनल वितरण नेटवर्क को बेहतर और मजबूत करेगा। यह बैंक और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के लिए मूल्य सृजन में भी तेजी लाएगा। क्या है बैंक-बीमा (bancassurance)? बैंकासुरेंस का अर्थ है बैंकों के माध्यम से बीमा उत्पाद बेचना। यह एक बैंक और बीमा कंपनी के बीच की व्यवस्था है, जिसमें बैंक अपने ग्राहकों को बीमा कंपनी के बीमा उत्पाद बेचता है। RBL बैंक लिमिटेड स्थापना: 1943, भारतीय कंपनी अधिनियम, 1913 के तहत RBL बैंक लिमिटेड के एमडी और सीईओ: विश्ववीर आहूजा RBL बैंक लिमिटेड मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र RBL बैंक लिमिटेड टैगलाइन: अपनो का बैंक अगस्त 2014 में बैंक का नाम 'द रत्नाकर बैंक लिमिटेड' से बदलकर 'आरबीएल बैंक लिमिटेड' कर दिया गया। ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड कमिटेड ऑपरेशंस: 2001 ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के एमडी और सीईओ: एन एस कन्नन 4. BSNL ने लॉन्च किया दुनिया का पहला सैटेलाइट-आधारित नैरोबैंड-IoT नेटवर्क नया स्वदेशी IoT समाधान स्काईलो द्वारा विकसित किया गया है और जिसे भारतीय समुद्रों सहित पैन-इंडिया कवरेज प्रदान करने के लिए बीएसएनएल के उपग्रह-आधारभूत संरचना से जोड़ा जाएगा। इसे शुरू किए जाने के बाद से समाधान मछुआरों, किसानों, निर्माण, खनन और रसद उद्यमों तक बढ़ाया जाएगा। यह समाधान भारत के प्रमुख क्षेत्रों में सस्ती और अभिनव दूरसंचार सेवाओं और उत्पादों को प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए बीएसएनएल के दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारत संचार निगम लिमिटेड के अध्यक्ष और एमडी: प्रवीण कुमार पुरवार भारत संचार निगम लिमिटेड मुख्यालय: नई दिल्ली 5. जो बिडेन और कमला हैरिस संयुक्त रूप से चुने गए टाइम मैगज़ीन के 'पर्सन ऑफ द ईयर' 2020 6. अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस: 12 दिसंबर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 दिसंबर 2012 को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए एक प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों का समर्थन किया – अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए आवश्यक है कि प्राथमिकता के रूप में सभी की, हर जगह गुणवत्ता, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच होनी चाहिए। 12 दिसंबर 2017 को, संयुक्त राष्ट्र ने 12 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस (यूएचसी दिवस) के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। 7.अंतर्राष्ट्रीय तटस्थता दिवस: 12 दिसंबर तटस्थता को देशों के बीच युद्ध में सभी भागीदारी से एक देश के संयम से उत्पन्न होने वाली कानूनी स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है, जो जुझारू लोगों के प्रति निष्पक्षता के दृष्टिकोण का रखरखाव, और इस अमूर्तता और निष्पक्षता के जुझारू लोगों द्वारा मान्यता – गंभीर रूप से महत्वपूर्ण है संयुक्त राष्ट्र के लिए स्वतंत्र रूप से और प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए सभी के विश्वास और सहयोग को हासिल करने और बनाए रखने के लिए, विशेष रूप से उन स्थितियों में जो राजनीतिक रूप से चार्ज किए जाते हैं। दिन का इतिहास: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2 फरवरी 2017 को, 12 दिसंबर 1995 से संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थासर्वसम्‍मति से प्रस्ताव 71/275 को अपनाया जिसमें तुर्कमेनिस्‍तान की स्‍थाई तटस्‍थता को स्‍वीकार किया गया है एवं समर्थन किया गया है – जिसमें शांति कायम करने और 2030 एजेंडा सतत विकास के बीच की कड़ी का उल्लेख किया गया और 12 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय तटस्थता दिवस के रूप में घोषित किया।
2022/05/18 10:51:05
https://www.nokarino.com/current-affairs-daily-dose-in-hindi/
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मिलिए 11 रिकॉर्ड्स जो गिनीज बुक के नए संस्करण का हिस्सा हैं - जीवन शैली - 2021 कुछ दिनों पहले हमने आपको दिखाया था कि दुनिया में सबसे बड़ा भाषा आदमी कौन है, याद है? सच्चाई यह है कि जब किसी प्रकार के रिकॉर्ड की बात आती है, तो हम पहले से ही जानते हैं कि आप सभी प्रकार की विचित्र चीजों की उम्मीद कर सकते हैं, है ना? यहाँ कुछ और अविश्वसनीय रिकॉर्ड हैं जो गिनीज बुक 2015 के पृष्ठ सेट करते हैं: 1 - सबसे लंबे नाखून लास वेगास की क्रिस्टीन वाल्टन ने 2011 के बाद से दुनिया की सबसे बड़ी नाखून मालिक के रूप में अपना खिताब रखा है - आइए सहमत हैं कि इस रिकॉर्ड को हराना मुश्किल है। लड़की के नाखूनों में 7 मीटर से अधिक हिस्सा है! 2 - सबसे लंबा किशोर ऐसा नहीं लग सकता है, लेकिन ऊपर की तस्वीर में लड़का 1997 में पैदा हुआ था। हाई स्कूल में भाग लेने वाला, वहाँ का बड़ा लड़का लगभग 2.50 मीटर है। विस्तार: बास्केटबॉल खेलना बहुत बड़ा माना जाता था। 3 - सबसे बड़ा गिटार यह विशाल गिटार न केवल मौजूद है बल्कि आप इसके साथ संगीत बना सकते हैं। माप का पालन करें: 13 मीटर ऊंचा, 5 मीटर चौड़ा, और 900 पाउंड से अधिक वजन! गिनीज के अनुसार, टेक्सास के एकेडमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कॉनरो इंडिपेंडेंट स्कूल डिस्ट्रिक्ट में छात्रों द्वारा गिटार बनाया गया था। उन्होंने $ 7, 000 के बराबर खर्च किया। 4 - छोटा ट्रेलर इस छोटे से ट्रेलर के अंदर एक बिस्तर, एक टीवी, एक सिंक और एक इलेक्ट्रिक केतली है। इसके अलावा, ज़ाहिर है, एक कार्यात्मक प्रकाश योजना। केवल 2 मीटर की लंबाई, 1.60 मीटर की ऊंचाई और 80 सेंटीमीटर चौड़ाई में मापने के लिए छोटा ट्रेलर सिर्फ प्रदर्शित करने के लिए नहीं था। वाहन मालिक अक्सर उसके साथ यात्रा करता है। 5 - सबसे बड़ा गोल्फ क्लब इस गोल्फ-प्रेमी डेन ने अब तक का सबसे बड़ा गोल्फ क्लब बनाने का फैसला किया है - 4 मीटर से अधिक का साधन! इस विशाल खेल आइटम के साथ शॉट्स में से एक की वजह से खराब गेंद 165 मीटर ऊंची उड़ गई! 6 - सबसे बड़ा कॉमिक कलेक्टर यदि आप कॉमिक पुस्तकों में स्पाइडरमैन के कुछ संस्करणों के साथ एक बॉक्स रखने के लिए अपने आप को अद्भुत पाते हैं, तो जान लें कि दुनिया में बॉब ब्रेटल नाम का एक लड़का है जो 94, 268 छोटे सुपरहीरो पत्रिकाओं को जमा करता है। संग्रह तब शुरू हुआ जब वह सिर्फ आठ साल का था और, पत्रिका में संशोधन किया गया था, आज वह आदमी आपके पास मौजूद सभी कहानियों में 8.3 टन समेटे हुए है। 7 - दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली दिलों और इंद्रधनुषों को आकर्षित करने के लिए, यह खूबसूरत बिल्ली का बच्चा कुछ गिनीज बुक रिकॉर्ड का हिस्सा है। चूत केवल 13 सेमी लम्बी है! <3 8 - अधिकांश कंधों को निचोड़ा हुआ सेब क्योंकि, हाँ, यह गिनीज में एक मौजूदा तरीका है, और हम किस पर सवाल उठा सकते हैं? तथ्य यह है कि ऊपर की छवि में लड़की, जिसे मामा लू के रूप में जाना जाता है, एक मिनट में उसके कंधे पर आठ सेब निचोड़ने में सक्षम है। पंजीकरण 26 जून, 2013 को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में किया गया था। 9 - सबसे बड़ा यो-यो आह, 90 के दशक ... उस समय यो-यो को दुनिया के सबसे अच्छे खिलौनों में से एक माना जाता है। यदि आप ड्यूटी पर उदासीन हैं और दोस्तों से मिलना याद करते हैं, तो यह देखने के लिए कि सबसे अच्छे यो-यो कौन थे, बेथ जॉनसन खिलौना उधार लेने के बारे में कैसे? 3 मीटर से अधिक व्यास वाले इस यो-यो बैग का वजन 2 टन से अधिक है! संरचना को बनाने में डेढ़ साल का समय लगा। और यह है, हाँ, कार्यात्मक। 10 - सबसे लंबी भाषा गिनीज में सबसे बड़ी भाषा है, और सबसे लंबे समय तक भाषा रिकॉर्ड भी है, जो कि ऊपर की तस्वीर में अच्छा लड़का है, निक स्टोवेल। इसे केवल संदर्भ में रखने के लिए: आम तौर पर मानव भाषा कुल 10 सेमी मापती है। क्या आप जानते हैं कि आप निक की जीभ को कितना मापते हैं? इसके अलावा 10 सेमी, लेकिन यह केवल जीभ के उस हिस्से को ध्यान में रखता है जिसे वह मुंह से बाहर निकालता है। 11 - सभी महाद्वीपों पर प्रदर्शन करने वाला पहला समूह अंतिम लेकिन कम से कम मेटालिका नहीं है, जिसने अंटार्कटिका सहित ग्रह के सभी महाद्वीपों का दौरा करने की उपलब्धि हासिल की है, जहां बैंड ने 120 वैज्ञानिकों के लिए 10 हिट खेले। कूल, है ना?
2021/12/02 07:28:11
https://hi.ariave.com/conhea-11-recordes-que-fa-960288
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येशा मेहता रिलीज़ की तारीख - जुलाई 22, 2018 वह खेलने के लिए Binomo कितना अच्छा है ऊर्जा इतना है कि Pinocchio को खिलाने के लिए मत भूलना। टर्मिनल में समाचार को तयशुदा रूप से बंद कर दिया जाता है । आप मुख्य मेनू से समाचार सक्षम कर सकते हैं- "सेटिंग्स" – "टर्मिनल" – "समाचार"। 2018 में तैयार हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को प्रधानमंत्री मोदी जी। ने उनके 137 वें जयंती पर 31 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया ।इस प्रतिमा का बनने का समय पांच वर्ष और खर्च लगभग 3000 करोड़ रुपए में तैयार हुई हैं। 2018 ट्यूरिंग अवार्ड, जिसे "कंप्यूटिंग का नोबेल पुरस्कार" के रूप में जाना जाता है, को योशुआ बेंगियो, जेफ्री हिंटन और यैन लेचुन को दिया गया है - जिन्हें कभी-कभी एआई के 'गॉडफादर' कहा जाता है, जो कि एआई के गहन अध्ययन को विकसित करते हैं। जब आपको तेज बुखार हो तो इसमें आपको संतरे के जूस पीना चाहिए. यह शरीर के तापमान को कम करता है और मुंह का स्वाद जो बुखार में बिगड़ जाता है उसमे भी संतरा मदद करता है। Binomo कितना अच्छा है - एशिया में सबसे अच्छा दलाल वहीं अगर इस पेड़ के कीमत की बात की जाए तो 10 साल का एक वयस्क कम से कम 50 लाख तक में बिक जाता है। इतना ही नहीं अगर आप इस पेड़ को अपने बगीचे या बाग में लगाना चाहते हैं तो इसके बीज आपको आसानी से अमेजन ओर किसी भी ऑनलाइन वेब पर मिल जाएंगे, लेकिन इसमें आपको सही बीज मिले इसकी गारंटी सिर्फ 5 प्रतिशत ही होती है। रक्त चंदन के बीज बेचने का भी बहोत बड़ा फर्जीवाड़ा चलता है। वहीं अगर आप इसको लगाने वाले हैं तो आपको साथ में एक चौकीदार को रखना पड़ेगा क्योंकि जैसे कि आपको ऊपर बताया गया है कि ये काफी मूल्यवान पेड़ होता है और इसकी चोरी, तस्करी काफी होती है। भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान ने कहा कि चीनी थोड़ा पीछे हटे और फिर वापस लौट आए, इसलिए भारतीय और चीनी सैन्य दलों के बीच बैठकों के दौरान प्राप्त आम सहमति के निरंतर सत्यापन की आवश्यकता है। एडमिरल मार्केट्स के साथ रियल Binomo कितना अच्छा है एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट सीएफडी पर ट्रेडिंग करें। स्प्रेड मॉडल: आप एक अतिरिक्त प्रसार का भुगतान जब एक स्थिति खोला है (यह बाजार की स्थिति पर निर्भर हो सकता है). आयोग मॉडल: आप एक न्यूनतम प्रसार का भुगतान (अक्सर 0.1 अंक या उससे कम) और आप प्रति एक निश्चित कमीशन का भुगतान 1 बहुत कारोबार (100,000 अंतर्निहित के)। और, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये ब्लॉग उद्देश्य की पूर्ति करेंगे। जानकारी आपकी उंगलियों पर है। यदि निम्न एलर्जी दुष्प्रभावों में से कोई भी होता है तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें। प्रत्येक हार्ड ड्राइव को एक लैटिन पत्र के साथ चिह्नित किया जा सकता है, या बदले में कई तार्किक ड्राइव में विभाजित किया जा सकता है। यह सुविधाजनक है, उदाहरण के लिए, अलग-अलग फिल्मों, गेम, दस्तावेज़, फ़ोटो को संग्रहीत करने के लिए। और कार्यक्रमों द्वारा डिस्क डीफ़्रेग्मेंटेशन के मामले में भी, जिसमें कम समय लगेगा। इसलिए, वे उन पैटर्न की खोज करेंगे जो खुद को दोहराते हैं। और वे एक निश्चित बिंदु पर कीमत की दिशा के बारे में सवाल का जवाब देना चाहते हैं। जब वे करते हैं, तो उनका निर्णय बहुत सटीक हो सकता है। वर्थ हेल्प स्टेज वर्तमान मूल्य गति से थोड़ा नीचे है और इसका उपयोग लागतों की जांच करने के लिए किया जाता है जब नीचे की ओर प्रक्षेपवक्र होता है। जब एक डाउनवर्ड मूल्य एक मदद चरण तक पहुंचता है, तो यह एक अतिरिक्त तेजी प्रक्षेपवक्र में फिर से उछाल का Binomo कितना अच्छा है खतरा है। फिर भी, जिस स्थान के लिए सहायता चरण को खंडित किया जाता है, उसके बाद इसे तब तक बनाए रखने के लिए प्रत्याशित किया जाता है जब तक कि यह बाद में सहायता चरण तक नहीं पहुंच जाता। यह दोनों स्थितियां आपको यह महसूस करने में मदद करेंगी कि आपके वाणिज्य से बाहर निकलने या फिर से खुलने का समय कब है। डॉलर खरीदने या न खरीदने का निर्णय लेने से पहले, इस तरह के ऑपरेशन के सभी फायदे और नुकसान की सावधानीपूर्वक जांच करना महत्वपूर्ण है। पेशेवरों और विपक्षों के वजन के बाद ही, आप सही विकल्प बना सकते हैं। सामान्य अर्थों में बचत का अर्थ धन को संरक्षित करने यथा- बैंक में रखने, पेंशन फंड में निवेश करने इत्यादि से लगाया जाता है। लेकिन व्यापक अर्थ में 'बचत' शब्द Binomo कितना अच्छा है खर्च घटाने, संसाधन बचाने जैसी आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रयुक्त होता है। अर्थशास्त्र। अब एक बार फिर प्रभास ने कोरोनावायरस से खिलाफ जंग के लिए पैसे देने का फैसला किया है. प्रभास ने तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री द्वारा एक्टर चिंरजीवी के नेतृत्व में गठित की गई कमेटी कोरोना क्राइसिस चैरिटी को 50 लाख रुपये देने का फैसला किया है। नवगठित जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 4G इंटरनेट सेवाओं की बहाली की अपील को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि क्षेत्र विशिष्ट की 'विशेष परिस्थितियों' के मद्देनज़र आवश्यक है कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं' और 'मानवाधिकारों' के मध्य यथोचित संतुलन स्थापित किया जाए। मुद्रा व्यापार प्रश्न में सभी डेटा विश्लेषण के साथ, बहुत निराशा हो सकती है। संकेतक, बुनियादी बातों और कीमत कार्रवाई के साथ guidlines के व्यापार की योजना से आसन्न अधिभार लगता है। विदेशी मुद्रा व्यापार अपने शब्द को बनाए रखने के लिए एक नया आयाम लाता है "गेंद पर आँख।" गेंद पर तुम्हारी आँखों रखें चिह्न के रूप में एक बार और अधिक पर 50 गेंदों करतब दिखाने जबकि। कई व्यापारी मार्केट रिट्रेसमेंट के आधार पर प्रवृत्ति निरंतरता संकेतों का पता लगाने के लिए फाइबोनैचि स्तरों का उपयोग करते हैं! फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट टूल का उपयोग करके मैं उस संभावित सीमा को देख पा रहा हूं जहां बाजार वापस खींच सकता है। आप ट्रेंड निरंतरता संकेत के लिए अपनी रिट्रेसमेंट-सीमा के रूप में 50 प्रतिशत या 61.82 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तरों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे दी गई तस्वीर शब्दों से बेहतर बताती है, इसलिए कृपया नीचे एक नज़र देखने के लिए कि मेरा क्या मतलब है!
2021/04/13 17:28:47
https://degret.website/kat-14/page-599253.html
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इंदौर – मध्यप्रदेश के इंदौर में 15 वर्षीय लड़की के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में उसके पिता और किरायेदार को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। खजराना पुलिस थाने के प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि पीड़ित लड़की को 7 माह का गर्भ है और उसकी दादी शनिवार को उसे अपने साथ लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने थाने पहुंची थी। उन्होंने पीड़ित लड़की के हवाले से बताया कि 36 वर्षीय पिता ने कथित तौर पर नशे में धुत होकर उसके साथ एक बार बलात्कार किया, जबकि उसके घर में बतौर किरायेदार रहने वाले 30 वर्षीय व्यक्ति ने उसे 5-6 बार दुष्कर्म का शिकार बनाया। वर्मा ने बताया कि हमने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, उनका दावा है कि उन्हें नाबालिग लड़की के साथ एक-दूसरे की करतूतों के बारे में पता नहीं था। उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़की के सात माह की गर्भवती होने के मद्देनजर पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं उसके परिजनों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को छिपाने की कोशिश तो नहीं की? थाना प्रभारी के मुताबिक लड़की के साथ दुष्कर्म के सिलसिले की शुरुआत इस साल मार्च से हुई और मामले के अलग-अलग पहलुओं पर जांच जारी है।
2021-11-30T23:37:46Z
https://mynews36.com/teenage-victim-of-rape-became-pregnant-father-and-tenant-arrested/
OSCAR-2201
रात होते ही देवी दर्शन को आते हैं बाघ, फाॅरेस्ट विभाग की निगरानी में है ये मंदिर | Madanpur Devi temple is situated forest of Valmiki Tiger Reserve - Bhaskar Hindi Madanpur Devi temple is situated forest of Valmiki Tiger Reserve डिजिटल डेस्क, पटना। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के दर्शन करा रहे हैं, जहां बाघ खुद पहुंचकर मां के दरबार में दर्शन देते हैं। मंदिर को लेकर अनेक किंवदंतियां प्रचलित हैं, लेकिन इसे लेकर एक कथा भी कही जाती है, जो कि स्थानीय लोगों द्वारा सर्वमान्य है। पाल सीमा पर बगहा वाल्मीकि नगर मुख्य सड़क एनएच 28B से सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वनों के बीच मदनपुर देवी का मंदिर स्थित है। मदन सिंह राजा के नाम पर इस स्थान का नाम मदनपुर देवी का स्थान पड़ा। स्थानीय लोगाें का मानना है कि यहां आज भी रात में बाघ देवी दर्शनों के लिए आते हैं। जिसकी वजह से यहां देर रात लोगों के प्रवेश पर रोक है और वन विभाग कर्मियों का सख्त पहरा रहता है। आस्था और विश्वास का केंद्र बन चुके मां मदनपुर के दरबार में नेपाल से लेकर यूपी तक भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नहीं माने राजा और... मदनपुर स्थान पर रासो गुरु पुजारी बाघों से धान की बुवाई कराते थे। इस चमत्कारी मंदिर के बारे में जानकर मदन राजा खुद वहां पहुंचे और पुजारी से मां देवी के दर्शन की जिद करने लगे। पुजारी रासो गुरु ने मदन राजा को चेतावनी दी गई कि मां के दर्शन की जिद छोड़ दें, क्योंकि इससे अनहोनी की आशंका है। राजा ने बात नहीं मानी और देवी का एक हाथ पुजारी रासो का सिर फाड़ते हुए बाहर निकल आया। फट गई धरती बताते हैं कि इस दौरान इलाके में अंधेरा छा गयाए गर्जना के साथ धरती फट गई और राजा मदन सिंह का राजमहल धरती में समा गया। जब मदन राजा का विनाश हुआ तो उस समय रानी सती अपने मायके गई थीं और वो गर्भ से थी। पूरे हादसे में वही एक मात्र बची थीं जिनकी संतान से आज बड़गांव दरबार का वंशज कायम है।
2022/01/23 12:37:04
https://www.bhaskarhindi.com/dharm/news/madanpur-devi-temple-is-situated-forest-of-valmiki-tiger-reserve-9187
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Happy Birthday Janhvi Kapoor : जान्हवी कपूर को अभिनेत्री नहीं बल्कि डाॅक्टर बनाना चाहती थी श्रीदेवी, बेटी को लेकर था यह डर | Rewa riyasat Happy Birthday Janhvi Kapoor : जान्हवी कपूर को अभिनेत्री नहीं बल्कि डाॅक्टर बनाना चाहती थी श्रीदेवी, बेटी को लेकर था यह डर Happy Birthday Janhvi Kapoor : जान्हवी कपूर 6 मार्च 2021 को 24वें साल में प्रवेश कर जाएगी। एक्ट्रेस का जन्म 6 मार्च 1997 को हुआ था। वह श्रीदेवी एवं बोनी कपूर की बड़ी बेटी हैं। जान्हवी 11 मार्च को फिल्म रूही नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके फेवरेट एक्टर राजकुमार राव नजर आने वाले हैं। जिसका टीजर बीते दिनों जारी किया जा चुका हैं। आज अपनी खूबसूरती एवं बेहतरीन अदाकारी का जलवा बिखेरने वाली एक्ट्रेस जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी मां जान्हवी को अभिनेत्री नहीं बनाना चाहती थी। वह जान्हवीं को लेकर काफी चिंतित थी। उनका मानना था कि जान्हवी एक्ट्रेस नहीं बन सकती हैं। शायद इसलिए वह जान्हवी को कभी डाॅक्टर बनाने का सपना देखा करती थी। उनके मन में डर था कि वह बाॅलीवुड ग्लैमर के लिए नहीं बनी हैं। पापा की वजह से मानी जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने एक इंटरव्यू में बताया था जब वह मां के सामने एक्टर बनने की बात कही थी तो वह काफी टेंशन में आ गई थी। वह नहीं चाहती थी कि मैं अभिनेत्री बनूं। वह हमेशा मुझे डाॅक्टर बनाना चाहती थी। इसके लिए मेरे पापा ने मेरा खूब सर्पोट किया। उन्होंने मां को भी समझाया। तब मां को समझ में आया कि जान्हवी को एक्टिंग का कीड़ा काट चुका हैं। लिहाजा बाद में उन्होंने ने ही लंदन में मुझे एक्टिंग स्कूल में दाखिला दिलाया। संघर्ष को लेकर था डर जान्हवी बताती है कि मां हमेशा कहा करती थी कि बाॅलीवुड गलियारों में काफी संघर्ष है। उन्होंने खुद भी बहुत संघर्ष किया था। लिहाजा वह नहीं चाहती थी कि उनकी बेटी भी संघर्ष करें। वह चाहती थी कि बेटी डाॅक्टर बनकर एक हैप्पी लाइफ इंज्वाॅय करें। शायद यही डर की वजह से वह बेटी को अभिनेत्री नहीं बल्कि डाॅक्टर बनाना चाहती थी। करण जौहर ने किया था लांच जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने साल 2018 में फिल्म धड़क से डेब्यु किया था। जान्हवी को लांच करने का श्रेय मां श्रीदेवी को ही जाता हैं। खबरों की माने तो श्रीदेवी के कहने पर ही करण जौहर ने जान्हवी को अपनी फिल्म में कास्ट किया था। एक इंटरव्यू में जान्हवी ने बताया था कि फिल्म धड़क की 25 मिनट की क्लिपिंग देखकर उन्होंने मुझे एक्टिंग के कई गुर बताए थे। जिन्हें मैं बखूबी फालो किया।
2021/04/17 09:17:00
https://www.rewariyasat.com/entertainment/happy-birthday-janhvi-kapoor-sridevi-wanted-to-make-janhvi-kapoor-not-an-actress-but-a-doctor-there-was-this-fear-about-her-daughter/32261
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आज के युग की बेहतरीन जोड़ी है रोहित-कोहली : संगकारा | Bengal's leading Hindi news portal brings to you the latest news, breaking news, daily news, kolkata hindi news, online news. Home खेल आज के युग की बेहतरीन जोड़ी है रोहित-कोहली : संगकारा मुंबई : श्रीलंका के पूर्व कप्तान और मेरीलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के अध्यक्ष कुमार संगकारा ने कहा है कि जिस तरह सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ अपने बेहतरीन खेल से बल्लेबाजी को आसान बनाते थे उसी तरह आज के युग में यह काम विराट कोहली और रोहित शर्मा कर रहे हैं। संगकारा ने स्टार स्पोटर्स के शो पर कहा, "अगर आप राहुल और दादा (गांगुली) को देखोगे तो यह दोनों परंपरागत बल्लेबाज थे। यह दोनों खूबसूरत शॉट्स खेलते थे और तकनीकी तौर पर भी शानदार थे, द्रविड़ थोड़े ज्यादा। लेकिन वह जिस गति से आक्रामक बल्लेबाजी करते थे वो काफी पसंद की जाती थी।" पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, "आगर आप आज के मैच को देखते हैं तो भारत के पास दो खिलाड़ी हैं विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो परंपरागत क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन हर प्रारूप में काफी आक्रामक हैं। आपको गेंद को मारने के लिए ताकत की या उसे जोर से मारने की जररूत नहीं है। यह लोग अच्छे क्रिकेट शॉट्स खेलते हैं और परिणाम अपने आप आते हैं।" संगकारा ने निरंतरता के लिए भी इन दोनों की तारीफ की। उन्होंने कहा, "विराट और रोहित में कुछ विशेष है। सच्चाई यह है कि नियम बदले हैं और बल्लेबाजी थोड़ी आसान हो गई है, लेकिन सभी प्रारूप में निरंतरता बड़ी बात है। वह टी-20 में काफी निरंतर हैं। जितनी क्रिकेट भारतीय खिलाड़ी खेलते हैं उसको देखते हुए यह काफी मुश्किल है।"
2020/10/28 16:31:44
https://kolkatahindinews.com/rohit-and-virat-best-cricketer-in-world/
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Top Current Affairs Quiz Hindi 19 June 2020 Current Affairs Hindi Quiz: 19 June 2020 Current Affairs Today 19 June 2020 हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे ईपीएफओ पेरोल डेटा के अनुसार 2018-19 की तुलना में 2019-20 में भारत में औपचारिक रोजगार में प्रतिशत वृद्धि क्या है? 2) 30.7% 3) 23.4% 5) 25.2% उत्तर – 4) 28.6% ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के पेरोल डेटा के अनुसार, केंद्रीय न्यासी बोर्ड की सहायता के लिए एक संगठन, कर्मचारी भविष्य निधि, औपचारिक रोजगार भारत में 2019-20 में केवल 28.12% की तुलना में 2019-20 में 28.6% की वृद्धि हुई जो 78.58 लाख थी। 18 जून, 2020 को किस राज्य ने मास्क दिवस मनाया है? बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कर्नाटक 18 जून 2020 को "मास्क डे" के रूप में मनाएगा। आम जनता को मास्क पहनने, सेनिटाइज़र का उपयोग करने, हाथ धोने और COVID-19 के खिलाफ सामाजिक दूरी बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना। किस राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश ने कृषि उत्पादन विभाग का नाम बदलकर कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग कर दिया है? जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने कृषि उत्पादन विभाग के "कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग" को अपना नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए नए नियमों की घोषणा की। उस राज्य का नाम बताइए जो कर्मचारियों और पेंशनरों के भुगतान को स्थगित करने के लिए अध्यादेश जारी करता है। तेलंगाना राज्य सरकार ने तेलंगाना आपदा और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (विशेष प्रावधान) अध्यादेश 2020 को लागू कर दिया है जिसने इसे अपने कर्मचारियों, पेंशनर, संस्थान, किसी भी व्यक्ति (तैयार अनुबंध या आउटसोर्सिंग कर्मचारियों) के वेतन और पेंशन को स्थगित करने की अनुमति दी और राज्य में आपदा और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में अन्य बकाया। भारत हाल ही में 2021-2022 की अवधि के लिए _____ अवधि के लिए UNSC का गैर-स्थायी सदस्य बन गया। उत्तर – 2) 8th 193-सदस्यीय महासभा में 184 मत प्राप्त करके जनवरी 2021 से दो वर्ष (2021-22) के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत को 8 वें कार्यकाल के लिए निर्विरोध चुना गया था। भारत के साथ-साथ मैक्सिको, आयरलैंड और नॉर्वे भी चुने गए। भारत एशिया-प्रशांत श्रेणी से अकेली सीट के लिए एकमात्र उम्मीदवार था। UNSC (2021-22) में अपने कार्यकाल के दौरान भारत का उद्देश्य क्या होगा? 4) 5R उत्तर – 2) NORMS संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस कार्यकाल के दौरान भारत का समग्र उद्देश्य सुधारित बहुपक्षीय प्रणाली के लिए N.O.R.M.S: न्यू ओरिएंटेशन फॉर रफ़ॉर्म्ड मल्टिलेटरल सिस्टम । RBI ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के न्यूनतम नेट स्वामित्व वाले फंड (NOF) को 10 करोड़ से बढ़ाकर _____ करोड़ करने का प्रस्ताव रखा। NHB अधिनियम, 1987 की धारा 29 ए (1) (बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में, RBI ने अपने पूंजी आधार को मजबूत करने के लिए HFC के लिए न्यूनतम NOF को मौजूदा आवश्यकता से 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। मौजूदा एचएफसी को पहुंचने में एक साल का समय मिलेगा 15 करोड़ रुपये का स्तर और इसे बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने के लिए दो साल। सेबी के हालिया संशोधन के अनुसार, 25% या उससे अधिक और वोटिंग अधिकार रखने वाले प्रमोटरों को एक वर्ष में _______% तक हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) की धारा 30 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करने के बाद, सेबी के बोर्ड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के उप-विनियमन (2) में विनियमन 3 मंत संशोधन किया है (शेयरों और अधिग्रहणों का पर्याप्त अधिग्रहण) विनियम, 2011 (SEBI-SAST) एक सूचीबद्ध कंपनी के प्रमोटरों के लिए अधिग्रहण की सीमा बढ़ाने के लिए। संशोधन से प्रवर्तकों को 25% या अधिक शेयरों के मालिक होने की अनुमति मिलती है या किसी कंपनी में मतदान का अधिकार एक वर्ष में अपनी हिस्सेदारी को 10% तक बढ़ाने के लिए पहले की 5% सीमा की तुलना में। होम फाइनेंस कंपनी का नाम बताइए जिसने 'SARAL' नाम की एक सस्ती हाउसिंग लोन योजना शुरू की। 1) ICICI होम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड 2) दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड 3) REPCO होम फाइनेंस लिमिटेड 4) आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड 5) आवास विकास वित्त निगम लिमिटेड उत्तर – 1) ICICI होम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ICICI होम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (HFCL) ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरों को वित्त देने के लिए एक विशेष किफायती आवास ऋण योजना SARAL शुरू की। लाभार्थी महिलाओं, निम्न, मध्यम आय वाले ग्राहक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हैं, जिनकी अधिकतम आय 6 लाख रुपये प्रति वर्ष है। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने ऋण परिचालन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने और एक नया वर्टिकल 'डिजिटल लेंडिंग विभाग' बनाने की योजना बनाई है। BoB के MD और CEO कौन हैं? बैंक ऑफ बड़ौदा, भारत का तीसरा सबसे बड़ा ऋणदाता है, जिसने अपने ऋण देने के कार्यों को पूरी तरह से डिजिटल, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), व्यक्तिगत और ऑटो ऋणों सहित अंकीय किया है। बैंक ने कॉर्पोरेट कार्यालय में एक नया ऊर्ध्वाधर, डिजिटल ऋण देने वाला विभाग स्थापित किया है, जिसमें रिटेल, एमएसएमई, एग्री और सर्विस वर्टिक्स जैसे एनालिटिक्स सेंटर, रिस्क मैनेजमेंट, मार्केटिंग सहित विभिन्न क्रेडिट वर्टाप के साथ पर्याप्त ओवरलैप होगा। BoB के एमडी और सीईओ संजीव चड्ढा हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के हाउसिंग लोन में एचएफसी की संपत्ति का कम से कम 50% हिस्सा होना चाहिए जिनमें से कम से कम ___% व्यक्तिगत आवास ऋण होना चाहिए। HFC जो मानदंड का पालन नहीं करते हैं उन्हें NBFC – इन्वेस्टमेंट एंड क्रेडिट कंपनियों (NBFC-ICCs) के रूप में माना जाएगा। उत्तर – 5) 75 एक अन्य प्रस्ताव में, हाउसिंग लोन को कम से कम 50% एचएफसी की संपत्ति के लिए होना चाहिए, जिसमें से कम से कम 75% व्यक्तिगत आवास ऋण की ओर होना चाहिए। HFC जो इस मानदंड को पूरा नहीं करते हैं उन्हें NBFC – इन्वेस्टमेंट एंड क्रेडिट कंपनियों (NBFC-ICCs) के रूप में माना जाएगा और उन्हें HFC से NBFC-ICC में उनके सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन के रूपांतरण के लिए RBI से संपर्क करना होगा। HFC के रूप में काम करने के लिए, उन्हें अपनी संपत्ति का 75% व्यक्तिगत आवास ऋण बनाने के लिए एक रोडमैप का पालन करना होगा। लक्ष्य 31 मार्च 2022 तक 60%, 31 मार्च 2023 तक 70% और 31 मार्च 2024 तक 75% निर्धारित किया गया है। किस कंपनी ने COVID -19 को कवर करने के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शुरू करने के लिए कर्नाटक बैंक के साथ साझेदारी की है? 1) यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 2) द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 3) द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 4) यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी 5) टाटा AIG जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड उत्तर – 4) यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ साझेदारी में कर्नाटक बैंक ने एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शुरू की है। नीति का उद्देश्य व्यक्तियों के COVID-19 महामारी संबंधी स्वास्थ्य खर्चों को कवर करना है। 1) लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया उत्तर – 5) टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने ईस्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज के साथ साझेदारी की आधार आधारित पेपरलेस ऑफ़लाइन की पेशकश करने के लिए ई-नो योर कस्टमर (केवाईसी) सेवा। यह टाई COVID-19 महामारी संकट के दौरान ग्राहक की सेवा करने में मदद करता है। 75 वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (तुर्की से प्रथम व्यक्ति UNGA अध्यक्ष बनने के लिए) के अध्यक्ष के रूप में किसे चुना गया है? 1) मारिया फर्नांडा 2) तिजानी मुहम्मद-बंदे 3) पीटर थॉमसन 4) मिरोस्लाव लाजक 5) वोल्कान बोजकिर उत्तर – 5) वोल्कान बोजकिर तुर्की से वोल्कान बोजकिर (69) को 75 वें संयुक्त राष्ट्र (UN) महासभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। वह इस पद को धारण करने वाले 1 तुर्की हैं। वह 1 साल के लिए पद संभालेंगे। 15 सितंबर, 2020 को वार्षिक सत्र खुलने पर वोलकान बोज़किर तिजानी मुहम्मद-बंदे सफल होंगे। कुबाटेब बोरोनोव को किस देश के राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया था? 5) कजाकिस्तान उत्तर – 3) किर्गिस्तान कुबाटबेक बोरोनोव (55) को किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सोरोंबाई जेनेबकोव ने उन्हें नियुक्त करने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने मुखमल्दकलि अबिलगाज़ीव को सफल किया जिन्होंने 15 जून को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2021 में अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) का कौन सा संस्करण निर्धारित है अप्रैल 2021 को स्थगित कर दिया गया था? 2) 88th 4) 93rd 5) 97th उत्तर – 4) 93rd मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की अकादमी ने सोमवार को घोषणा की कि 93 वें अकादमी पुरस्कार, जो मूल रूप से 28 फरवरी, 2021 के लिए निर्धारित थे, उसी वर्ष के 25 अप्रैल को वापस धकेल दिया गया है कोरोनावाइरस के कारण। 40 वर्षों में यह पहली बार है कि समारोह को पुनर्निर्धारित किया जा रहा है। NASA के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में पहली बार (जर्नल नेचर में प्रकाशित) 5 वीं बात का अवलोकन किया। पदार्थ की 5 वीं अवस्था क्या है? 4) प्लाज्मा 5) B.E.C. उत्तर – 5) B.E.C. जर्नल नेचर में प्रकाशित शोध के अनुसार, NASA (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) के कोल्ड एटम लैब (CAL) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने पहली बार अंतरिक्ष में 'फिफ्थ स्टेट ऑफ मैटर' के साक्ष्य पाए हैं। बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट्स (BECs) के रूप में भी जाना जाता है। यह विशेष स्थिति तब होती है जब कुछ तत्वों के परमाणुओं को पूर्ण शून्य (0 केल्विन या -273.15 डिग्री सेल्सियस) तक ठंडा किया जाता है। 'ए बर्निंग' नामक उपन्यास को किसने लिखा है? 1) मिर्जा वहीद 2) निकिता लालवानी 3) सुजाता गिडला 4) मेघा मजूमदार 5) नील मुखर्जी उत्तर – 4) मेघा मजूमदार पेंगुइन हैमिश हैमिल्टन ने मेघा मजूमदार का 'ए बर्निंग', डेब्यू उपन्यास जारी किया। 32 वर्षीय न्यूयॉर्क के लेखक का जन्म और पालन-पोषण कोलकाता में हुआ था। यह पुस्तक तीन चरित्रों, टॉमी ऑरेंज, याया ग्यसी और झुम्पा लाहिड़ी के जीवन के बारे में है जो फिल्म उद्योग में प्रसिद्धि पाने के लिए और राजनीतिक जीवन में भारतीय समाज में कैसे बदल गए, मध्यम वर्ग का उदय करना चाहते हैं। पूर्व लोक सभा सांसद, माधवराव बलवंत पाटिल, जिनका हाल ही में निधन हो गया, किस बैंक के संस्थापक हैं? 1) कॉसमॉस कोऑपरेटिव बैंक 2) जनलक्ष्मी कोऑपरेटिव बैंक 3) सारस्वत कोऑपरेटिव बैंक 4) शमरवु विट्ठल कोऑपरेटिव बैंक 5) अभ्युदय कोऑपरेटिव बैंक उत्तर – 2) जनलक्ष्मी कोऑपरेटिव बैंक माधवराव बलवंत पाटिल, पूर्व लोकसभा सदस्य और जनलक्ष्मी सहकारी बैंक के संस्थापक महाराष्ट्र के नासिक में 80 वर्ष की आयु में छोटी बीमारी के कारण निधन हो गया। उनका जन्म 21 जनवरी 1940 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था। स्थायी जठरांत्र दिवस कब प्रतिवर्ष मनाया जाता था? 1) 15 June 3) 18 June 4) 24 June 5) 21 June उत्तर – 3) 18 June हर साल 18 जून को मौसमी अवयवों और उत्पादकों को मनाने, वन्यजीवों और पाक परंपराओं को बनाए रखने के लिए स्थायी जठरांत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन, यूनाइटेड नेशंस इजकेशनल साइअन्टिफ़िक कल्चूरल ऑर्गनिज़ेशन(UNESCO), फूड एन्ड ऐग्रकल्चरल ऑर्गनाइजेशन (FAO), यूनाइटेड नेशंस जेनॅरॅल असेम्ब्लि (UNGA) यूनाइटेड नेशंस (UN) के सहयोग से दिन सुगम बनाना अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ संगठन और उनके सदस्य राज्य सतत विकास में उनके योगदान पर आम जनता के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए काम करते हैं। ऑटिस्टिक गौरव दिवस हर साल 18 जून को मनाया जाता था। कौन सा प्रतीक तंत्रिका विज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है? 1) लाल हाथ 2) इंद्रधनुष अनंत 3) ग्रीन रोल्स 4) गुलाबी रिबन 5) ब्लू टाई उत्तर – 2) इंद्रधनुष अनंत प्रत्येक वर्ष की 18 जून को ऑटिज्म के बारे में जागरूकता पैदा करने और आत्मकेंद्रित लोगों के लिए जगह बनाने के लिए ऑटिस्टिक प्राइड डे के रूप में मनाया जाता है, जो कि स्वयं होने के लिए और अपनी तंत्रिका विज्ञान और मतभेदों को मनाने के लिए है। 2005 में, गैरीथ एंड एमी नेल्सन द्वारा बनाई गई एस्पिस फॉर फ्रीडम (एएफएफ) द्वारा ब्राजील में पहला ऑटिस्टिक गर्व दिवस मनाया गया और एक वैश्विक कार्यक्रम बन गया। एक इंद्रधनुष इन्फिनिटी प्रतीक का उपयोग तंत्रिका विज्ञान का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है जो ऑटिस्टिक लोगों के जीवन में अनंत संभावनाओं का प्रतीक है। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में स्थित है? उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क को जनता के लिए फिर से खोलने की तैयारी है कोरोनावायरस के प्रकोप के बाद। UNSC में स्थायी देशों की संख्या कितनी है? सुरक्षा परिषद एकमात्र संयुक्त राष्ट्र निकाय है जो कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय ले सकती है जैसे प्रतिबंधों को लागू करना और बल के उपयोग को अधिकृत करना। 15 सदस्यीय इस परिषद में 5 स्थायी वीटो-सदस्य और 10 गैर-स्थायी सदस्य हैं। स्थायी सदस्य- चीन, फ्रांस, रूसी संघ, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य। 1) डमेस्कस & पाउंड 2) अंकारा & लीरा 3) तेहरान & रियाल 4) एथेंस & यूरो 5) त्रिपोली & दीनार उत्तर – 2) अंकारा & लीरा तुर्की की राजधानी और मुद्रा अंकारा और तुर्की लीरा हैं। विश्व मगरमच्छ दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता था? उत्तर – 4) 17 June विश्व मगरमच्छ दिवस 17 जून को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में लुप्तप्राय मगरमच्छों और घड़ियाल की दुर्दशा को उजागर करने का एक वैश्विक जागरूकता अभियान है। ओडिशा के भितरकनिका नेशनल पार्क और पश्चिम बंगाल के सुंदरवन में पाए जाने वाले मगरमच्छों का निवास स्थान ।
2021/12/04 14:12:56
https://affairscloud.com/current-affairs-hindi-quiz-19-june-2020/
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वहीं, कुछ ट्विटर यूजर्स इमरान की पूर्व पत्‍नी रेहम खान का मजाक उड़ाने से भी नहीं चूके और कहा कि पूर्व क्रिकेटर को मिली राजनीतिक सफलता के बाद अब रेहम शायद उनसे फिर से 'पैच-अप' के ल‍िए सोचें। रेहम ने पाकिस्‍तान में चुनाव से ठीक पहले अपनी एक किताब में इमरान को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए। पाकिस्‍तान में आम 11वें आम चुनाव के लिए वोट बुधवार को डाले गए थे। मतदान समाप्‍त होने के कुछ देर बाद ही वोटों की गिनती शुरू कर दी गई थी, जो गुरुवार को भी जारी है। इस बीच, नवाज शरीफ की पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो की पीपीपी सहित पाकिस्‍तान की कई राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव व मतगणना में धांधली की शिकायत की है और इसे लेकर चुनाव आयोग पर सीधे हमला बोला है। Pakistan Elections Results 2018: ट्विटर पर भी छाए हैं इमरान खान, कोई कर रहा वाह-वाह तो कोई कर रहा तंज Description: Pakistan Elections Results 2018: पाकिस्‍तान चुनाव में इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को मिली बढ़त के बाद ट्विटर पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोई उन्‍हें बधाई दे रहा है तो कोई उनका मजाक बना रहा है। Times Now सभी रिश्तों में सबसे खास पति-पत्नी का रिश्ता होता है। इस रिश्ते को प्यार, समर्पण और विश्वास से सींचा जाता है। अच्छा जीवन साथी मिल जाने पर दांपत्य जीवन का भविष्य भी उज्जवल हो जाता है। दंपति के बीच मधुर संबंध जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं, लेकिन कई बार शक और अविश्वास के कारण प्यार की ये नाजुक डोर कमजोर पड़ने लगती है, जिसके चलते रिश्तों में कड़वाहट आज जाती है और कई बार नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। ऐसे में परिस्थितियों को नियंत्रित करना भी काफी मुश्किल हो जाता है। अब तक आपने पति-पत्नी के तलाक से जुड़े कई मामले देखे और सुने होंने, लेकिन ताजा मामला बड़ा ही अनोखा है, जिसमें पति ने अपनी पत्नी की बेडरूम की तस्वीर देखकर उसे तलाक देने का फैसला कर लिया। आपके मन में भी ये सवाल उठ रहा होगा कि भला उस तस्वीर में ऐसा भी क्या था? आइए आपको बताते है कि पूरा माजरा है क्या। दरअसल तस्वीर में दिख रही महिला का पति जॉन किसी काम के सिलसिले में शहर से बाहर गया था। इस बीच उसने पत्नी का हाल चाल जानने के लिए एक दिन होटल के कमरे से उसे कॉल किया। कई बार कॉल करने पर भी पत्नी ने उसका फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद जब पत्नी ने फोन उठाया तो जॉन को उसपर शक हुआ। इस बीच, बातचीत के दौरान जॉन ने अपनी पत्नी से उसकी एक तस्वीर शेयर करने को कहा। पहले तो पत्नी फोटो देने में टाल-मटोल करती रही, लेकिन पति द्वारा बार बार आग्रह करने पर उसने अपनी एक फोटो शेयर की। इस तस्वीर में पति ने कुछ ऐसा देखा जिससे उसका शक यकीन में बदल गया। फोटो में बेड के नीचे किसी शख्स का पैर नजर आ रहा था। ये देखते ही पति आग बबूला हो गया और पत्नी से तलाक की मांग कर डाली। तस्वीर को गौर से देखने पर आपको भी ये पैर साफ नजर आ जाएग। फोटो में जिस बेड पर ये महिला बैठी हुई है। उसके ठीक नीचे किसी का हाथ नजर आ रहा है। फोटो में दिख रहा यही हाथ पति पत्नी के तलाक की वजह बना है। तस्वीर को देखकर जॉन समझ गया था कि उसकी पत्नी बेडरूम में किसी मर्द के साथ है। अपनी गैरमौजूदमी में पत्नी को किसी और शख्स के साथ पाकर जॉन गुस्से से लाल हो गया और पत्नी को मैसेज करके तलाक मांग लिया। दक्षिणी केरोलाइना (संयुक्त राज्य अमेरिका) में 103 साल की एक दादी हैं, नाम है मिल्ड्रेड बोवर्स। उन्होने अपनी इस लंबी आयु का राज खोला है, जो चौकाने वाला तो है ही, साथ में बेहद दिलचस्प भी है। उन्होंने अपने इस शतकीय उम्र के पीछे का रहस्य प्रतिदिन एक ग्लास बियर पीना बताया है। यह सिर्फ दादी का नुस्खा नहीं हैं, बल्कि ऐसा वह एक डॉक्टर की सलाह के बाद कर रही हैं, इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है इस पर। दादी मिल्ड्रिड खुद भी पीती हैं और शहर के वरिष्ठ नागरिकों को भी बियर पीने की सलाह देती हैं। मिल्ड्रेड “मिली” बोवर्स ने इस साल के 31 अगस्त को अपना 103वां जन्मदिन मनाया है। दादी मिली अपने परिवार में अन्य 9 बहनों में से एक हैं। अपने सामने दो पतियो की मृत्यु और बहनों से बिछड़ने के डिप्रेशन के बावजूद लंबी उम्र का श्रेय बियर को देती हैं। दादी हर रोज शाम को एक बड़ा पिंट (590 ml) बियर पीती हैं। दादी मिल्ड्रेड बोवर्स बताती हैं कि जब वह व्यस्क थीं, तब से वे नियमित रूप से बियर पीती चली आ रही हैं। हालांकि उन्होंने अपने बियर प्रेम के सन्दर्भ में डॉक्टर से परामर्श भी ली थी। डॉक्टर को कोई आपत्ति नहीं थी, बल्कि उन्हें ऐसा जारी रखने के लिए सलाह दी गई। फिर क्या था, उन्होंने इसे अपना साथी बना लिया। तब से लेकर आज तक वह हर शाम 4.30 बजे जब हम-आप जैसे लोग चाय और कॉफी मांग रहे होते हैं, बियर की चुस्कियां ले रही होती हैं। अनुमान के हिसाब से दादी अब तक 15000 लीटर से अधिक बियर गटक चुकी हैं। दादी मिल्ड्रेड बताती हैं कि “सब कुछ आपके जीन पर निर्भर करता है।” वह बियर का शुक्रिया अदा करते हुए यह भी कहती हैं कि इससे उनको ऊर्जा प्राप्त होती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अन्य वरिष्ठ नागरिकों को भी नियमित रूप से बियर पीने की सलाह दी है, दादी कहती हैं “अगर उन्हे पसंद है तो, बिल्कुल।” अग्नेस फेनटन: तीन मिलर हाई लाइफ बियर और जॉनी वॉकर ब्लू लेबल स्कॉच का एक शॉट रोजाना लेती हैंindependent 100 साल से ज़्यादा जीवित रहने वालीं मिल्ड्रेड बोवर्स अकेली नहीं हैं। बहुत सारे जिंदगी के 100 बसंत देख चुके लोगों ने शराब या बियर को अपनी लंबी उम्र का श्रेय दिया है। 111 साल की अग्नेस फेनटन तीन मिलर हाई लाइफ बियर और जॉनी वॉकर ब्लू लेबल स्कॉच का एक शॉट रोजाना लेती हैं। वहीं, इंग्लैंड के ग्रेस जोन्स, जिन्होंने पिछले ही साल अपना 109वां जन्मदिन मनाया था, ने अपनी सेहत का राज हर रात व्हिस्की का एक पेग लेना बताया है।
OSCAR-2019
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने Junior Research Fellow & Field Assistant की भर्ती के लिए एक अधिसूचना जारी की है। इच्छुक उम्मीदवार 6 अगस्त 2018 से साक्षात्कार में जा सकते हैं। आवेदन करने से पहले पूर्ण अधिसूचना पढ़ें ।।
OSCAR-2019
9 March 2020 करेंट अफेयर्स Quiz in Hindi Users Attempted : 6435 करंट अफेयर्स डेली क्विज ऑनलाइन टेस्ट 9 मार्च 2020 को हिंदी में दें। 1984 के आईएएस अधिकारी, अजय भूषण पांडे के बारे में जानें, जिन्हें भारत के नए वित्त सचिव के रूप में नामित किया गया है। वह राजीव कुमार को सफल करेंगे, जिन्होंने फरवरी 2020 में स्थिति से इस्तीफा दे दिया था। Railways, SSC CGL, RBI Officer Grade-B, SBI Specialist Officer, Canara Bank PO, SBI Junior Associates, SSC CGL, NABARD, NIACL, NABARD, CLAT, NICL, IBPS RRB Assistant exams, AFCAT, Railways जैसी परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने में सहायक।
2021/01/19 07:45:30
https://www.pooripadhai.com/daily-quiz/current-affairs/hi/9-March-2020
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HomeSpecial Trainट्रेनों में अब नहीं मिलेगा खाना, देखिए क्या है रेलवे का नया प्लान | AdityaImmortal - Saturday, October 24, 2020 रेलवे का मानना ​​है कि यात्रियों को बेस किचन में तैयार पैकेज्ड फूड मुहैया कराया जा सकता है। वर्तमान में, मेल / एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और प्रीमियर सेवाओं सहित लगभग 350 जोड़ी ट्रेनों में पैंट्री कार हैं, जो यात्रियों के लिए गर्म भोजन तैयार करती हैं। साथ ही, भोजन की आपूर्ति के लिए ई-कैटरिंग रहेगी। इसके अलावा, रेलवे का विचार है कि पैंट्री कारों को एसी -3 टायर के साथ बदलकर, यह 1,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमा सकता है।
2021/06/25 13:20:36
https://www.therailmail.com/2020/10/Special-Trains-Diwali-Special.html
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आइए दोस्तों आज मैं आपको सबसे अच्छी Information देने वाली हूं और अधिक लोगों को यह जानना होता है Instagram Boost Post Kya Hota Hai Instagram Post Boost Kaise kare जैसे कि आज के समय में सभी लोग Instagram तो यूज़ करते हैं उसमें अपनी photos या फिर कोई mames डालते हैं और अत्यधिक लोगों ने boost ऑप्शन देखा होगा कि जब आप Instagram पर पोस्ट करते हैं तो आपको Boost Post का ऑप्शन दिखाई देता है अब इसके बारे में आज हम आपको विस्तार से इस पोस्ट में बताएंगे तो आइए जानते हैं Instagram Par User Not Found Ka Kya Matlab Hai Quick Links Instagram Boost Post Kya Hota Hai Instagram Post Boost Kaise kare निष्कर्ष Instagram Boost Post Kya Hota Hai तो जानते हैं Boost Post का क्या मतलब है आपको Instagram परअपनी वीडियो या फोटो अपलोड करते हैं तब आपको यह बूस्ट का ऑप्शन दिखाई देता है मतलब यह है कि इस बूस्ट ऑप्शन से आपकी Instagram पर डली फोटो पर अच्छा रिचिंग अच्छा व्यू लाने के लिए बूस्ट का इस्तेमाल होता है पर अब आप लोगों के मन में यह सवाल आया होगा कि हर किसी के अकाउंट पर आता है यह बूस्त का ऑप्शन के केवल उन्हीं अकाउंट पर आता है जो अकाउंट प्रोफेशनल अकाउंट होता है यानी कि नॉर्मल अकाउंट में यह उस पोस्ट का ऑप्शन नहीं दिखाई देता है यदि आप किसी भी पोस्ट पर Boost Post करते हैं ज्यादातर लोग आपकी Photos Videos देखते हैं. और साथ ही सबसे अच्छी बात यह है Instagram पर Boost Post करने पर आपकी Reels photos पर लाइक शेयर कमेंट और फॉलोअर्स इंक्रीज होते हैं की अब लोगों के मन में यह सवाल आया होगा कि फॉलोअर्स की बात करें तो वह तो नॉरमल अकाउंट पर भी धीरे-धीरे करके इनक्रीस हो जाता है पर यदि आपको इसके पूरे फायदे नहीं मालूम सबसे पहले हम इसके पूरे फायदे जानते हैं Instagram की कंपनी के द्वारा बूस्ट ऑप्शन लॉन्च करने का सबसे बड़ा फायदा तो होगा तभी Instagram Boost Post को लाया. तो चलिए जानते हैं इसके फायदे जैसा कि आज के समय में सभी लोग अपना एक नया बिजनेस या फिर स्टार्टअप बिजनेस चला रहे हैं तो आप इसमें Instagram पर Boost Post करके यानी कि अपनी अपने प्रोडक्ट के बारे में या उससे Related इमेज बनाकर और और Boost Post करके अपने बिजनेस को लोगों तक पहुंचा सकते हैं यानी कि आपके बिजनेस के बारे में ज्यादातर लोग जानेंगे जब बात कीजिए कि आपको कोई प्रोडक्ट या कपड़े की शॉप है और आप चाहते हैं कि उसे ऑनलाइन लेकर जाना और आपने देखा भी होगा अत्याधिक लोग Instagram से शॉपिंग करते हैं वैसे आप भी अपने कोई कपड़ों की प्रोडक्ट को पोस्ट करके बूस्ट कर सकते हैं और साथ ही आप ऐसा करना चाहते हैं तो आपको अपनी वेबसाइट का लिंक कैप्शन में जरूर डालें परंतु लिंक आपका कैप्शन में ओपन नहीं होता तो आप अपनी वेबसाइट का नाम कैप्शन में जरूर मेंशन करें जिससे लोग आपकी वेबसाइट पर जाकर आप से प्रोडक्ट खरीद सके तो यहां तक आपने समझा Instagram Boost Post Kya Hota Hai और इसके फायदे अब जानते हैं Instagram पर Boost Post कैसे करें Instagram Post Boost Kaise kare तो सबसे पहले आपको अपने अकाउंट को switch करना होगा या या तो आप अपना प्रोफेशनल अकाउंट में कन्वर्ट कर सकते हैं यदि आपको कोई बिजनेस के लिए आपको करना है तो आप हो सेटिंग में जाकर अकाउंट का ऑप्शन मिलेगा उसमें आपको switch accounts type ऐसा ऑप्शन दिखेगा उसमें आप business creators and personal account switch कर सकते है यहां तक आपने अपने अकाउंट को कन्वर्ट कर लिया सब जानते हैं boost पोस्ट कैसे करें Instagram अकाउंट किसी भी एक दूसरे को सेलेक्ट करें जिसे आप boost करना चाहते हैं उसके नीचे आपको boost ऑप्शन दिखाई देगा यदि आपको दिखाई नहीं दिया तो आप अपनी प्रोफाइल पर आपको ऐड टूल का ऑप्शन दिखेगा उस पर क्लिक करके आप अपनी पोस्ट को सेलेक्ट करें और boost कर सकते हैं Boost Post पर क्लिक करते हैं तो आपको कुछ नया ऑप्शन नजर आयेगे Profile Visits, More Website Visits, More Messages जिस भी पोस्ट को बूस्ट करना है उसे आप सिलेक्ट करने के बाद आपको ऐसा नजर आएगा तो आपको More profile visit पर क्लिक करना है उसके बाद आपको next करके automatic पर क्लिक करना है यानी कि से आपकी प्रोफाइल पर ज्यादातर लोग आएंगे लोगों की प्रोफाइल पर आप भेज सकते हैं यदि किसी को आपके प्रोडक्ट खरीदना होगा तो आपको Instagram पर ही कांटेक्ट करेंगे किसी भी एक ऑप्शन को सेलेक्ट करके या Instagram पर ज्यादा Followers चाहिए तो More Profile Visit को सेलेक्ट करें और नेक्स्ट करे। अब आपको अपने ऑडियंस को सेलेक्ट करना होगा आप किन लोगो तक अपना इंस्टा प्रोफाइल पहुंचना चाहते है। आप चाहे तो Automatic ऑप्शन सेलेक्ट कर सकते है या Create Your Own पर क्लिक करके खुद से ऑडियंस सेलेक्ट कर सकते है ऑडियंस सेलेक्ट करने के बाद Next करें। और फिर आपको उसमें boost के लिए अपना बजट के अकॉर्डिंग पेमेंट करनी है यानी कि आप चाहते हैं कि कितने दिनों के लिए आपको boost करना है वहां से सिलेक्ट कर सकते हैं और आप चाहते है की More Messages – इस ऑप्शन को आप तब सेलेक्ट कर सकते है जब आपको लगे की ज्यादातर लोगो द्वारा आपको मैसेज प्राप्त हो। निष्कर्ष उम्मीद करती हूँ मेरे बताया गया तरीका आपको अच्छा लगा होगा में हमेशा से यही चाहती हूँ की लोगो को ऐसे ही नयी नयी जानकारी मिलती रहे तो ऐसे जानकारी के लिए मेरी होम पेज पर क्लिक करे। मुझे आशा है की मैंने आप लोगो Instagram Boost Post Kya Hota Hai Instagram Post Boost Kaise kare इसके बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करती हूँ की आप लोगों कोInstagram Boost Post Kya Hota Hai Instagram Post Boost Kaise kare के बारे में अच्छे से समझ आ गया होगा और आपको ऐसे ही आर्टिकल्स पढ़ने है। तो आपको Notifications allow करे और सपोर्ट करते रहे मेरा आप सभी निवेदन है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ. Tags: Instagram Boost Post Kya Hota Hai Instagram Post Boost Kaise kare, Instagram पर Boost Post के फायदे, इंस्टाग्राम पोस्ट कैप्शन, इंस्टाग्राम प्रमोट कैसे करें, बूस्ट क्या होता है 4 1 vote Article Rating Subscribe Login Notify of new follow-up comments new replies to my comments Label {} [+] Name* Email* Website Δ Label {} [+] Name* Email* Website Δ 0 Comments Inline Feedbacks View all comments Search Search Recent Posts Credit Card Aur Credit Line Me Kya Farak Hai Black Friday Sale: इस दिन ही क्यों मिलती है सभी स्टोर्स पर बंपर छूट, जानिए क्या है ब्लैक फ्राइडे सेल Apple और Google से परेशानी होने पर Elon Musk लॉन्च करेंगे अपना स्मार्टफोन ब्रांड YouTube Picture In Picture Mode Kya Hai YouTube Go Live Together Kya Hai Youtube Go Live Together Kaise Use Kare Archives November 2022 October 2022 September 2022 August 2022 July 2022 June 2022 May 2022 April 2022 March 2022 February 2022 January 2022 Categories Affiliate Marketing Biography Blogging Business Ideas Computer & Technology Cryptocurrency Knowledge Make Money Ideas Technology Updates Recent Comments Arshi on Hackers Ne Nikala Hack Karne Ka Naya Tarika Hackers ने निकाला हैक करने का नया तरीका Rahul on Instagram Account Verify kaise kare Rahul on Spyware Kya Hai कितने प्रकार का होता है, इससे कैसे बचा जा सकता है? समझिये विस्तार से Rahul on इन 5 खतरनाक Android Apps को तुरंत करें डिलीट, वरना बैंक अकाउंट हो जायेगा खाली Pankaj on Captcha code kya hai Or kaise bhar sakte hai Archives November 2022 October 2022 September 2022 August 2022 July 2022 June 2022 May 2022 April 2022 March 2022 February 2022 January 2022 Categories Affiliate Marketing Biography Blogging Business Ideas Computer & Technology Cryptocurrency Knowledge Make Money Ideas Technology Updates दोस्तों इस वेबसाइट के माध्यम से मै आपको सभी टेक्निकल चीज़ो के बारे मै आसानी से पढ़ना चाहती हूँ जिससे मेरा जो सपना है लोगो को skills देना वो जरूर पूरा होगा , क्या आप मेरे इस सपने के साथ जुड़ना चाहते है ? Jugadme.in नई तकनीक का आविष्कार, गैजेट्स, उपभोक्ता प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर के लिए आपका स्रोत. कंप्यूटर, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और इंटरनेट सामग्री पर नवीनतम रुझानों के लिए हमारी वेबसाइट देखें!
2022-11-30T04:16:29Z
https://jugadme.in/instagram-boost-post-kya-hota-hai-instagram-post-boost-kaise-kare/
OSCAR-2301
Rakhi Sawant का नया ड्रामा- पति के बिना ही मनाएंगी हनीमून , देखें वीडियो......... - Live India NEW DELHI : बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन माने जाने वाली राखी सावंत (Rakhi Sawant) ने एक बार फिर अपने वीडियो से सुर्खियां बटोरी हैं। एक्ट्रेस राखी सावंत (Rakhi Sawant ) एक बार फिर हनीमून (Honeymoon) पर जा रही हैं। अपना ये हनीमून अगले हफ्ते ब्रिटेन के पॉपुलर जगह लंदन, बर्घिंगम में कई लोकेशन पर मनाएंगी। खास बात यह है कि इस हनीमून में वह अकेले जाएंगी। अक्सर अपने बेबाक बयानों और हरकतों की वजह से सुर्खियों में रहने वाली एक्ट्रेस राखी सावंत (Rakhi Sawant ) इन दिनों अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि एक्ट्रेस ने अपनी शादी की खबर को कंफर्म कर दिया है। उन्होंने हाल ही में एक एंटरटेनमेंट न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनके पति एक एनआरआई हैं। उन्होंने अपने पति के साथ फ्यूचर प्लानिंग भी कर ली है। अब राखी सावंत (Rakhi Sawant) का कहना है कि वो हनीमून के लिए लंदन जाएंगी, लेकिन वो अकेले ही हनीमून पर जाएंगी। हालांकि अभी तक कंफर्म नहीं है कि राखी ने शादी की है या नहीं… क्योंकि अभी तक उनके पति सामने नहीं आए हैं और राखी पहले भी शादी को लेकर कई ड्रामे कर चुकी हैं। हाल ही में राखी सावंत (Rakhi Sawant) की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। जिसमें वह एक दुल्हन की तरह सजी हुईं थी और इसके बाद उनकी कुछ तस्वीरें हनीमून के दौरान की आईं। राखी सावंत एक बार फिर हनीमून पर जा रही हैं। अपना ये हनीमून अगले हफ्ते ब्रिटेन के पॉपुलर जगह लंदन, बर्घिंगम सहित में कई लोकेशन पर मनाएंगी। खास बात यह है कि इस हनीमून में वह अकेल जाएंगी। यह हम नहीं कह रहे हैं। दरअसल, उन्होंने एक वीडियो के शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। राखी सावंत (Rakhi Sawant) ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने एक ब्यूटीफिल्टर लगाया हुआ है। इस फिल्टर वीडियो में एक्ट्रेस ने कहा, "मैं इस वक्त जिम हूं। फाइनली मैं बहुत खूश हूं। अगले वीक में यूके के लंदन, बर्घिंगम और पता नहीं कहां-कहां जाऊंगी। मैं अपने हनीमून के लिए जा रही हूं, लेकिन अकेले। क्योंकि मैंने क्वीन फिल्म देखी थी, जिसमें कंगना रनौत अकेले हनीमून पर गई थी। तो मैं हनीमूम पर जा रही हूं। वो भी अकेले। बहुत मस्ती होगी। तो बहुत मजा आने वाला है। वहां के क्लाइमेट का मुझे नहीं पता, लेकिन मजा आएगा। "
2019/09/22 12:43:07
https://liveindia.live/rakhi-sawant-going-for-honeymoon-all-alone/
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महाराष्ट्र में मुंबई कोरोना हॉटस्पॉट, पर मृत्यु-दर में सबसे आगे सोलापुर | न्यूज़क्लिक कोरोना दिनोंदिन राज्य की सेहत तो खस्ता कर ही रहा है। हालात इस हद तक बेकाबू बना रहा है कि पूरा चिकित्सा-तंत्र ही पटरी से उतरता दिख रहा है। इसके अलावा अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद सामान्य जन-जीवन पटरी पर नहीं लौट रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को बुरी तरह चपेट में लेने के बाद विशेषकर पिछले पंद्रह दिनों में कोरोना महाराष्ट्र के कोने-कोने में बहुत तेजी से फैल रहा है। कोरोना संक्रमण के मामले में मुंबई के बाद ठाणे और पुणे की स्थितियां विकराल रूप ले चुकी हैं। इसी तरह, यदि कोरोना मरीजों की मृत्यु-दर पर निगाह डाली जाए तो सोलापुर और जलगांव की हालत मुंबई से कहीं अधिक गंभीर हो चुकी है। कोरोना दिनोंदिन राज्य की सेहत तो खस्ता कर ही रहा है। हालात इस हद तक बेकाबू बना रहा है कि पूरा चिकित्सा-तंत्र ही पटरी से उतरता दिख रहा है। राज्य का खजाना तो पहले ही खाली बताया जा रहा था। लेकिन, अब लंबे समय से खाली हाथ बैठे लोगों की परिस्थितियों ने दयनीय रूप ले लिया है। यह सच है कि महाराष्ट्र के मुंबई में कोरोना रोगियों और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है। लेकिन, रोगियों में मृत्यु-दर के मामले में सोलापुर सबसे आगे है। सोलापुर में मृत्यु-दर 7.97 प्रतिशत है। जबकि, मुंबई में यह 5.6 प्रतिशत है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य के एक अन्य जिले जलगांव में कोरोना रोगियों की संख्या 6,355 पर पहुंच गई है। जबकि, यहां 361 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस तरह, मृत्यु-दर के मामले में जलगांव भी मुंबई की बराबरी पर आ गया है। सोलापुर नगर-निगम में कोरोना संक्रमितों के 3,514 प्रकरण सामने आ चुके हैं। इनमें 318 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, सोलापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 954 रोगियों में से 39 की मौत हुई है। वहीं, जलगांव जिले में तस्वीर इससे अलग है। यहां शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण अंचल में कोरोना का प्रकोप अधिक देखा जा सकता है। जलगांव जिले के गांवों में 4,789 कोरोना मरीजों में 298 की मौत हो चुकी है। जबकि, यदि जलगांव नगर-निगम की बात करें तो 1,566 कोरोना मरीजों में 63 की मौत हुई है। राज्य में सोलापुर, मुंबई और जलगांव के बाद लातूर (4.88 प्रतिशत), धुले (4.84 प्रतिशत) और जालना (4.33 प्रतिशत) जिले कोरोना मरीजों की मृत्यु-दर के मामले में संवेदनशील बनकर उभरे हैं। इसी क्रम में भिवंडी (ठाणे (3.87 प्रतिशत), नवी मुंबई (2.67 प्रतिशत) और ठाणे ग्रामीण (2 प्रतिशत) में भी कई कोरोना मरीज दम तोड़ चुके हैं। स्पष्ट है कि राज्य की राजधानी मुंबई के अलावा अन्य जिलों में भी कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पंद्रह दिनों में 21 जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। इन जिलों में ठाणे, पुणे, पालघर, रायगढ़, सांगली, सोलापुर, अहमदनगर, जलगांव, जालना, बीड, लातूर, परभनी, नांदेड़, उस्मानाबाद, वाशिम, बुलढाणा, यवतमाल, वर्धा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली शामिल हैं। सभी ज़िले कोरोना की चपेट में बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तीन लाख के नजदीक पहुंच गई है। वहीं, इस विषाणु से अब तक करीब ग्यारह हजार लोगों की मौत हो चुकी है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में अब ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा है जब कोरोना से सौ से सवा सौ लोगों की जान नहीं जा रही हो। राज्य के सभी जिले और कोने कोरोना की जबर्दस्त चपेट में हैं। अकेले मुंबई में कुल रोगियों की संख्या एक लाख के पार जाती दिख रही है। यहां कोरोना से अब तक करीब छह हजार लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति यह है कि इस महानगर में हर दिन बीस से पच्चीस लोग कोरोना के कारण दम तोड़ रहे हैं। मुंबई से लगे ठाणे जिले में भी हालात काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। यहां रोगियों की संख्या अड़सठ हजार हो चुकी है। वही, मौतों की संख्या उन्नीस सौ से अधिक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण की दृष्टि से राज्य के टॉप पांच जिलों में मुंबई और ठाणे के बाद क्रमशः पुणे, पालघर और रायगढ़ हैं। पुणे में हालत बेकाबू है जहां कोरोना रोगियों की संख्या पैंतालीस हजार और मृतकों की संख्या बारह सौ अधिक हो गई है। इसके बाद, पालघर में रोगियों की संख्या ग्यारह हजार और मृतकों की संख्या ढाई सौ हो गई है। टॉप पांच में शामिल एक अन्य जिले रायगढ़ में रोगियों की तादाद करीब दस हजार और मृतकों की तादाद दो सौ के नजदीक पहुंच गई है। यदि आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर और अधिक विस्तार में जाएं तो भिवंडी जैसे के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। यही हाल वसई-विरार क्षेत्र में देखा जा सकता है। यहां करीब दस हजार रोगी मिले हैं। वहीं, मरने वालों की संख्या दो सौ के पास पहुंच गई है। इसी तरह, नवी मुंबई में भी कोरोना पीड़ितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और इसी अनुपात में मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। यहां रोगियों की संख्या दस हजार का आंकड़ा छू चुकी है। नवी मुंबई में कोरोना से करीब साढ़े तीन सौ लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान, पनवेल में रोगियों की संख्या छह हजार से अधिक हो गई है। जबकि, यहां अब तक लगभग डेढ़ सौ लोगों की मौत हो चुकी है। पुणे में आठ हज़ार बिस्तरों की ज़रूरत पुणे के लोगों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए अगले पंद्रह दिनों में लगभग आठ हजार बिस्तरों की आवश्यकता बताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में नगर-निगम नए रोगियों को समायोजित करने के लिए पांच हजार नए बिस्तर उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटी है। पुणे शहर में कोरोना संक्रमण की गति यह है कि हर दिन साढ़े आठ सौ से एक हजार नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। ऐसे समय बड़ी संख्या में लगातार रोगियों द्वारा बिस्तर उपलब्ध न होने की शिकायते आ रही हैं। शिकायतों से यह बात स्पष्ट हो रही है कि नगर-निगम के अस्पतालों के कमरों सहित 13 कोविड देखभाल केंद्रों में बिस्तरों की कमी है। इसी तरह, इन केंद्रों पर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की मांग भी बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि पुणे और ठाणे में मुंबई से अधिक कोरोना संक्रमित प्रकरण सामने आ रहे हैं। शुक्रवार, 17 जुलाई को जारी आंकड़ों के मुताबिक पुणे में कोरोना संक्रमित कुल सक्रिय मामलों की संख्या 27,389 है। जबकि, इस दौरान मुंबई में यह संख्या 24,307 है। राज्य में कुल कोरोना सक्रिय संक्रमितों में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले पुणे की है। बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक छह हजार पुलिसकर्मी भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें अस्सी से ज्यादा की मौत हो चुकी है। वहीं, राज्य की पहली चुनाव आयुक्त नीला सत्यनारायण की 72 वर्ष की उम्र में कोरोना से मौत हो चुकी है। इसी तरह, राज्य के पूर्व सीएम 88 वर्षीय शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें पुणे की एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी तरफ, कोरोना संक्रमण की दृष्टि से देश में नंबर वन राज्य महाराष्ट्र टेस्ट के मामले में पिछड़ रहा है। राज्य में हर दस लाख की आबादी पर महज 198 टेस्ट हो रहे हैं। जबकि, तमिलनाडु और कर्नाटक में हर दस लाख आबादी पर क्रमशः 563 और 250 टेस्ट हो रहे हैं। निम्न-मध्यम वर्ग पर बड़ी मार कोरोना ने राज्य की अर्थव्यवस्था को भी चरमरा दिया है। पिछले दिनों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद सामान्य जन-जीवन पटरी पर नहीं लौट रहा है। पिछले चार महीने के दौरान इसका बुरा असर आम जनता और खास तौर से निम्न-मध्यम वर्ग परिवारों की रोजीरोटी पर पड़ा है। कोरोना के कारण राज्य में विदर्भ के कपास उत्पादक किसान और कारोबारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस वर्ष आशंका है कि देश में सीजन के अंत में 50 लाख कपास की बेलों (एक बेल में 170 किलोग्राम रुई) का स्टॉक रहेगा। घरेलू कपड़ा उद्योग में कम खपत और निर्यात में भारी गिरावट के कारण इस बार यह स्थिति बनी है। इसी तरह, धागे की कीमतों में कमी के कारण पश्चिम महाराष्ट्र का धागा उद्योग बैठ गया है। देश के अधिकतर छोटे किसान आज भी खेतीबाड़ी के लिए बैलों पर निर्भर हैं। सामान्यत: बैलों की खरीदी और बिक्री की गतिविधियां मानसून के पहले की जाती हैं। लेकिन, इस बार लॉकडाउन के दौरान बैल बाजारों के लिए प्रसिद्ध राज्य के यवतमाल जिले में इस तरह के बाजार बंद रहे। इसका दुष्परिणाम पशुपालक और छोटे किसानों पर पड़ा। इसी काल में निर्यात की प्रक्रिया ठप रही। इस कारण जलगांव का दाल उद्योग घाटे में चला गया। लॉकडाउन का प्रभाव खंडाला और लोनावला जैसे उन पर्यटन-स्थलों पर पड़ा जहां पर्यटकों की आवाजाही बंद होने से हजारों चिक्की विक्रेता, टैक्सी चालक और होटल सेक्टर के कर्मचारियों बेरोजगार हो गए। वहीं, इस साल विदर्भ में महज 25 प्रतिशत तेंदूपत्ता ही नीलाम हुआ। इससे अनेक आदिवासी गांवों में अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। खासी मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और निर्यात के मामले में सांगली का किशमिश दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन, इस बार किसान और कारोबारियों पर कोरोना की ऐसी मार पड़ी कि करीब पांच सौ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। इसी तरह, सतारा में स्ट्राबेरी व्यवसाय में चालीस प्रतिशत तक घाटा सहना पड़ा है। इसके अलावा मराठी फिल्म, थियेटर, लावणी जैसे नृत्य से जुड़े कलाकारों से लेकर घरेलू कामगार तथा तलाकशुदा महिलाओं के गुजारा भत्तों तक पर कोरोना का साया घना होता गया है।
2020/09/19 03:44:28
https://hindi.newsclick.in/Mumbai-corona-hotspot%20in-Maharashtra-Solapur-leads-in-death-rate
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Martyr Sanjay Chauhan: Deoria me shaheed sanjay chauhan ki murti ka ab tak anavaran nhi: देवरिया में शहीद संजय चौहान की मूर्ति का अब तक अनावरण नहीं - Navbharat Times martyr sanjay chauhan statue has not been unveiled for 16 years 16 साल से फटे कपड़ों में लिपटी है शहीद की मूर्ति, अबतक नहीं हो सका अनावरण, सो रहा है प्रशासन! Himanshu Tiwari | Lipi | Updated: 26 Jan 2021, 02:32:00 AM Deoria Latest News: देवरिया जिले से एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, यहां शहीद संजय चौहान की मूर्ति पिछले 16 वर्षों से फटे कपड़ों में बंधी हुई है। 16 वर्षों से देवरिया में फटे कपड़ों में लिपटी है शहीद की मूर्ति क्यों शहीद की मूर्ति का अबतक नहीं हुआ अनावरण, सो रहा है प्रशासन? शहीदों को यह कैसा सम्मान, क्या संबंधित अधिकारियों पर होगी कार्रवाई प्रकाशिनि मणि त्रिपाठी, देवरिया हमारा गणतंत्र 71 साल का हो रहा है। हर साल हम देश पर जान न्योछावर करने वाले शहीदों को याद करते हैं। इन सबके बीच यूपी के देवरिया जिले में एक शहीद की मूर्ति पिछले 16 साल से आजादी का इंतजार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार एक तरफ जहां शहीदों के नाम पर स्मारक बनाने और आने वाली पीढ़ी को उनके बलिदान से परिचित कराने के लिए मूर्तियों और स्मारक बनाने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक शहीद की मूर्ति पिछले 16 सालों से फटे कपड़े में लिपटी हुई है लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक मूर्ति का अनावरण नहीं किया है। क्यों शहीद की प्रतिमा का अबतक नहीं हो सका अनावरण अबतक क्यों नहीं मिली फुर्सत? लार धवरिया वॉर्ड के रहने वाले संजय चौहान 2004 में जम्मू कश्मीर के बारामूला में एक आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शहीद संजय के सम्मान में नगरपालिका ने धवरिया वॉर्ड की सड़क का नाम शहीद संजय चौहान के नाम पर रख दिया। उन्हें हर साल श्रद्धांजलि दी जाती है। यही नहीं शहीद के नाम पर एक प्रतिमा भी बनाई गई थी लेकिन जिला प्रशासन अभी तक इस प्रतिमा के अनावरण की फुर्सत नहीं पा सका है। क्यों 16 वर्षों तक होता रहा अपमान अब जिलाधिकारी बोले... जब संजय शहीद हुए उस समय उनकी पत्नी सुनीता गर्भवती थीं। कुछ महीने बाद उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। आज उनका पुत्र सूरज 15 साल का हो गया लेकिन अभी तक शहीद की मूर्ति बदहाली की स्थिति में है। सुनीता ने बताया कि पिछले 16 वर्ष से जिले के अफसरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।गांव के एक शख्स ने बताया कि मूर्ति के अनावरण के लिए जिला प्रशासन से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। उधर, देवरिया के जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया कि जल्द ही शहीद की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। 16 वर्षों से फटे कपड़ों लिपटी है शहीद की मूर्ति Ghazipur news : शख्स ने एसआई पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, ऑडियो वायरल अगला लेख शहीद संजय चौहान देवरिया लेटेस्ट न्यूज देवरिया की बड़ी खबर देवरिया की खबर Martyr Sanjay Chauhan deoria latest news 26 जनवरी 26 January others News others News in Hindi Latest others News others Headlines अन्य Samachar
2021/04/11 02:18:02
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/others/martyr-sanjay-chauhan-statue-has-not-been-unveiled-for-16-years/articleshow/80452648.cms
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B.Sc के बाद ये हैं बेहतर करियर विकल्प, इन क्षेत्रों में बनाएं अपना भविष्य | न्यूजबाइट्स होम / खबरें / करियर की खबरें / B.Sc के बाद ये हैं बेहतर करियर विकल्प, इन क्षेत्रों में बनाएं अपना भविष्य अंतिम अपडेट Mar 28, 2019, 07:50 pm स्नातक होने के बाद एक अच्छा करियर विकल्प चुनना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ही किसी भी छात्र का भविष्य जुड़ा होता है। साइंस एक ऐसी स्ट्रीम है, जिससे आप किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। साइंस से स्नातक (B.Sc) करने के बाद आपके पास कई करियर विकल्प होते हैं, जिसके अनेकों फायदे भी हैं, लेकिन इससे आप कन्फ्यूज भी हो जाते हैं। इसलिए आज का ये लेख आपको B.Sc के बाद बेहतर करियर विकल्प बताएगा। B.Sc करने वालों के पास एक सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि वे किसी भी विषय, नौकरी और क्षेत्र में जा सकते हैं। इसके साथ ही उनके पास अनेको विषयों में मास्टर डिग्री करने का भी विकल्प होता है। आप न सिर्फ अपने संबंधित विषय या क्षेत्र में बल्कि गैर-विज्ञान मास्टर डिग्री कार्यक्रमों जैसे पत्रकारिता, एनीमेशन, कंप्यूटर प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, हॉस्पिटैलिटी आदि क्षेत्रों में प्रवेश लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं। जब उच्च अध्ययन की बात आती है, तो M.Sc (Master of Science), B.Sc स्नातकों के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। आप एक विशेष विषय में मास्टर डिग्री, डॉक्टरेट और उसके बाद रिसर्च भी कर सकते हैं। इसके साथ ही इससे छात्रों को रोजगार के अच्छे अवसर भी मिलते हैं। मास्टर करने के लिए आपके पास M.Sc के अलावा MBA और MCA का भी विकल्प होता है। आप B.Ed (Bachelor of Education) भी कर सकते हैं। B.Sc पास करने वाले छात्र अपनी रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर हेल्थ केयर प्रोवाइडर, अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान, कृषि उद्योग, फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग, तेल उद्योग, परीक्षण प्रयोगशालाओं, वन सेवाएँ, अस्पतालों और बीज और नर्सरी कंपनियां आदि क्षेत्रों में अच्छे रोजगार के अवसरों की तलाश कर सकते हैं। इतना ही नहीं वे खाद्य संस्थान, जैव प्रौद्योगिकी फर्मों, औद्योगिक प्रयोगशालाएँ, फोरेंसिक अपराध अनुसंधान और वन्यजीव एंव मत्स्य विभाग (Wildlife and Fishery Departments) में भी नौकरी कर सकते हैं।
2021/06/13 01:39:41
https://hindi.newsbytesapp.com/news/career/best-career-option-after-b-sc-check-here-details/story
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किसानों को पॉली हाउस में खीरा और ककड़ी लगाने पर मिल रही सब्सिडी किशन 3 August, 2019 4:40 PM IST राजस्थान के नागौर जिले में कई किसान परंपरागत खेती से थोड़ा हटकर तकनीकी खेती का सहारा लेकर सिर्फ अपनी पैदावार और इतनी कमाई नहीं बढ़ा पा रहे है बल्कि कई सैकड़ों युवा किसानों को इसके लिए प्रेरित भी कर रहे है। दरअसल खेती बाड़ी को छोड़ चुके कई लोगों को इन्होंने तकनीक और आसान पद्दतियों के सहारे आसानी से दोबारा जोड़ा है। यहं जिले के कुल 32 किसान 3 साल से खेतों पर पॉली हाउस तैयार करके खेती कर रहे है। परंपरागत खेती की तुलना में पॉली हाउस से खेती में 5 गुना ज्यादा तक आय भी प्राप्त कर रहे है। किसानों का कहना है कि जिले में कम जमीन होने के कारण पहले गेहूं और मक्के की फसल लेते थे जिससे एक बीघा में 10 हजार रूपए तक की आय प्राप्त होती थी। पॉली हाउस को लगाने के बाद एक महीने में 50 हजार रूपए तक की आय हो जाती है। कट्टों में मिट्टी डालकर खेती शुरू की पॉली हाउस में सबसे ज्यादा समस्या हिमेटो परजीवी की आती है जो कि फसल को बर्बाद कर देते है। इसके लिए कोको पीट से उत्पादन करना होता है। यह काफी ज्यादा महंगा पड़ता है। किसानों ने खर्चे को बचाने के लिए प्लास्टिक के कट्टों में मिट्टी डाली और उसमें उत्पादन शुरू किया है। दो उत्पादन लेने के बाद जैसे ही लगा किहिमेटो लग सकता है तो इस मिट्टी को खाली करके दूसरी मिट्टी के कट्टों में डाली। दरअसल यहां के किसानों ने इस पॉली हाउस को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 1000, 2000 और 4000 स्कावायर मीटर में लगाए जाते है। 2 हजार स्क्वायर मीटर में लगाने के लिए करीब 20 लाख रूपए की लागत आती है। सामान्य किसानों को सरकार से 50 प्रतिशत और लघु, सीमांत किसानों को एससी, एसटी को 70 प्रतिशत की सब्सिडी सरकार की ओर से प्रदान की जाती है। एक किसान को करीब 7 लाख वहन करने पड़ते है, यहां तक कि पहली उत्पादन में लगने वाली करीब 2.50 लाख रूपए की लागत को भी सरकार वहन करती है। इस तरह से काफी ज्यादा सरकारी सहायता के जरिए किसानों को फायदा हो रहा है। English Summary: 70 percent subsidy given to the government on the cultivation of vegetable farming in Poly House
2021/09/23 21:31:17
https://hindi.krishijagran.com/government-scheme/70-percent-subsidy-given-to-the-government-on-the-cultivation-of-vegetable-farming-in-poly-house/
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने तखतपुर में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि कांगे्रस की सरकार बनते ही ऑउट सोर्सिंग से सरकारी पदों में हो रही भर्ती बंद होगी। इसकी वजह स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार अभियान जोरों पर है। राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला है। राहुल आज लगभग 2 बजे तखतपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में आमसभा लेकर भाजपा पर जमकर हमले किए। विश्व मधुमेह दिवस पर सिम्स में आज योगा का आयोजन किया गया। जिसके बाद मधुमेह पर संक्षिप्त परिचर्चा आयोजित की गई। जिसमें डॉक्टरों ने मधुमेह रोग के बारे में विस्तृत जानकारियां दी। विश्व मधुमेह दिवस पर आज सिम्स में योग व व्यायाम के साथ ही मधुमेह बीमारी को लेकर डॉक्टरों ने परिचर्चा का आयोजन किया गया। योग कार्यक्रम के लिये भारतीय योग संस्थान के प्रशिक्षक अनुसूइया नाइक व लायंस क्लब बिलासपुर के सौजन्य से योग का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान सिम्स के डीन डॉ. पी.के. पात्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीपी सिंह, सिम्स प्रवक्ता डॉ. लखन सिंह, डॉ. भूपेंद्र कश्यप, डॉ. प्रशांत निगम, डॉ. उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने आज यहां मंथन सभाकक्ष में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मतदान दलों का प्रशिक्षण आज संपन्न हो गया है। करीब साढ़े आठ हजार मतदान कर्मियों को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अंतिम प्रशिक्षण की प्रक्रिया सामग्री वितरण के दिन ही होगी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा, कार्यपालक अध्यक्ष, छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 नवम्बर `बाल दिवस` के अवसर पर छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से नगर के स्कूलों में ``विशेष कानूनी साक्षरता शिविरों`` का आयोजन किया गया। संभागायुक्त ने आज संभाग के सभी जिलों में धान खरीदी कार्य की समीक्षा की। उन्होंने इस कार्य में शिथिलता न बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि धान खरीदी में गड़बड़ी होने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम संस्कृति विभाग ने राजधानी के कालीबाड़ी चौक में देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरागॉधी की जयंती 19 नवंबर को सुबह 10 बजे उनकी मूर्ति के सामने उन्हे ससम्मान नमन करने जयंती कार्यक्रम रखा है। नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग प्रभारी अधिकारी डॉ. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जोनों के स्वास्थ्य विभाग के सफाई मित्रों की सहायता से राजधानीवासियों को मच्छरों को मारनी सघनता के साथ एंटी लार्वा एवं फॉॅगिंग अभियान तेजी से विभिन्न वार्डो में प्रतिदिन नियमित चलाया जा रहा है। इसके तहत जोन 3, 6 स्वास्थ्य विभाग ने जोन 3 क्षेत्र के शंकरनगर वार्ड क्रमांक 31 के तहत आने वाले विभिन्न मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्र में मच्छर उन्मूलन के लिए फॉगिंग अभियान फॉगिंग मशीन से चलाया। वहीं निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग ने जोन के तहत आने वाले विभिन्न वार्डों के भिन्न मुख्य मार्गों व बाजार क्षेत्रों में मच्छरों पर न छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2018 के तहत नगर निगम रायपुर की ओर से निगम के सभी आठ जोनों में आने वाले सभी 70 वार्डो में मतदाता नागरिकों के मध्य मतदाता जागरूकता अभियान लगातार पांचवे दिन जारी रहा। नगर निगम के सभी जोनों के प्रशासनिक अमले के अधिकारियों कर्मचारियों की ओर से वार्डों में घर-घर व दुकानों में जाकर लोगों से संपर्क कर 20 नवंबर 2018 को निर्धारित मतदान के अधिकार का शत प्रतिषत संख्या में सदूपयोग करने का आव्हान किया जा रहा है। नगर निगम रायपुर के आयुक्त के निर्देश पर आज निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग अमले ने जोन के तहत आने वाले महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 62 में एंटी लार्वा ट्रीटमेंट किया। इसके तहत मठपारा दूधाधारी मठ के आस-पास के क्षेत्र, तत्पर आफिस और आस-पास के क्षेत्र में और जोन 4 स्वास्थ्य विभाग अमले ने जोन के तहत बाबू जगजीवन राम वार्ड में रायपुर जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय कलेक्टोरेट परिसर एवं रायपुर जिला पंचायत कार्यालय परिसर निर्वाचन शाखा में मच्छरों के कारगर नियंत्रण के लिए सघनता के साथ एंटी लार्वा ट्रीटमेंट किया गया। इसी क्रम में आज निगम जोन 6 स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय इंजीनियरिंग कालेज सेजबहार के विधानसभा निर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के मरवाही में दिए गए बयान को कोरी राजनीतिक चुनावी बयानबाजी बताते हुए अजीत जोगी ने तंज कसा और कहा कि अगर मित्रता होती तो आज केंद्रीय गृह मंत्री को मेरे विधानसभा क्षेत्र में आकर मुझे वोट नही देनी की अपील नही करनी पड़ती। कौन परेशान हो रहा है वो तो सारा देश देख रहा है। भाजपा, मुझे प्रदेश भर में मिल रहे अपार जनसमर्थन और मेरी सभाओं में आने वाली भीड़ को देखकर परेशान है तभी तो राजनाथ सिंह जी को दिल्ली से मरवाही आना पड़ा। तो परेशानी किसको हो रही है वो जनता साफ देख रही है। जोगी जी ने कहा कि सत्ता जाने की घबराहट अब भाजपा नेताओं के बयानों के स्तर से पता चलने लगी है।
OSCAR-2019
NEET, JEE Main, CTET, CBSE, ICSE : एग्जाम रद्द होंगे या स्थगित? यहां जानिए हर अपडेट I Govt to decide on scrapping board exams, rescheduling JEE today – News18 Hindi रद्द हुए CBSE, ICSE बोर्ड एग्जाम, क्या NEET, JEE Main, CTET परीक्षा भी होगी कैंसिल, जानें पूरी अपडेट कोरोना वायरस के चलते देशभर में परीक्षाओं पर असर पड़ा है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते जेईई मेंस, जेईई एडवांस, नीट, सीबीएसई, सीटेट, आईसीएससी समेत यूनिवर्सिटी एग्जाम (CBSE, ICSE, NEET, JEE Main, Advanced, CTET, University Exams) पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. Last Updated : June 25, 2020, 18:37 IST नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से लाखों छात्रों की निगाहें सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board Exams) की परीक्षा पर लगी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के साथ ही इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि परीक्षा करवाई जाएगी या कैंसिल होगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने भी बोर्ड को परीक्षा करवाने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा था. इसी कड़ी में आज कोर्ट में हलफनामा देते हुए बोर्ड ने 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच करवाई जाने वाली बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की. सीबीएसई बोर्ड के साथ साथ ही आईसीएसई बोर्ड ने भी परीक्षा रद्द कर दी है. इससे पहले बोर्ड ने छात्रों को परीक्षा देने या इंटरनेल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट घोषित किए जाने का विकल्प उपलब्ध कराया था. लेकिन अब बोर्ड ने परीक्षा कैंसिल कर दी है और सीबीएसई की ही तर्ज पर रिजल्ट घोषित करने का ऐलान किया है. JEE Main, नीट (NEET), सीटेट (CTET) को लेकर भी संदेह इतना ही नहीं, इन दोनों बोर्ड के अलावा जेईई मेन (JEE Main), नीट (NEET), सीटेट (CTET) और यूनिवर्सिटी फाइनल ईयर के एग्जाम भी जुलाई में ही आयोजित होने हैं. ऐसे में छात्रों के मन में इन परीक्षाओं को लेकर भी संदेह की स्थिति बन गई है. तो, हम आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि आखिर किन परीक्षाओं की क्या स्थिति है. सीटेट : 5 जुलाई यूनिवर्सिटी एग्जाम : जुलाई जेईई मेन, नीट एग्जाम 2020 जेईई मेन और नीट एग्जाम भी जुलाई में ही आयोजित किए जाने हैं और इन दो प्रवेश परीक्षाओं के लिए देशभर के 20 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है. हालांकि ये एग्जाम भी स्थगित किए जा सकते हैं. अगर जेईई मेन को स्थगित करने का फैसला किया जाता है तो फिर जेईई एडवांस की तारीख को भी आगे बढ़ाया जाएगा. सीटेट : सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2020 सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी सीटेट 5 जुलाई को होना प्रस्तावित है. हालांकि अभी तक इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं किए गए हैं. खास बात है कि आमतौर पर परीक्षा से दो हफ्ते पहले एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाते हैं. मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बात की संभावना भी बेहद कम है कि इस परीक्षा का आयोजन समय पर कराया जा सके. यूनिवर्सिटी एग्जाम... फाइनल ईयर यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार अधिकतर यूनिवर्सिटीज के फाइनल ईयर के एग्जाम जुलाई में आयोजित होने हैं. मगर देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यूजीसी को एग्जाम गाइडलाइंस पर फिर से विचार करने को कहा है. इस बात की पूरी आशंका है कि फाइनल ईयर के एग्जाम रद्द किए जा सकते हैं.
2021/10/20 14:40:37
https://hindi.news18.com/news/career/exams-postponed-or-cancelled-latest-updates-on-cbse-icse-neet-jee-main-advanced-ctet-university-exams-3159777.html
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<% if ( total_view > 0 ) { %> <%= total_view > 1 ? "views" : "total view" %><% if ( today_view > 0 ) { %><%= today_view > 1 ? "" : "view today" %>no views todayNo views yet Vijay Hazare Trophy Final : बारिश ने दिलाई कर्नाटक को जीत... - Talentedindia You are at:Home»No Notification»Vijay Hazare Trophy Final : बारिश ने दिलाई कर्नाटक को जीत… By Talented Desk on 2019-10-25 7:06:19 pm No Notification, sports Vijay Hazare Trophy का फ़ाइनल मुकाबला कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच खेला गया| बारिश से प्रभावित इस फ़ाइनल मुकाबले को कर्नाटक ने अपने नाम किया| बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कर्नाटक ने वीजेडी मेथड की मदद से 60 रनों से मैच जीता और Vijay Hazare Trophy का खिताब अपने सर सजाया| कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया| तमिलनाडु 49.5 ओवर में 252 रन बना पाई| लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक ने एक विकेट के नुकसान पर 146 रन बना लिए थे, जिसके बाद लगातार बारिश हुई और कर्नाटक को विजेता घोसुत कर दिया गया| #RT @RCBTweets: 4th Vijay Hazare Trophy for Karnataka and Devdutt Padikkal finishes as the top scorer of the tournament. #PlayBold pic.twitter.com/xxTWUXbMlz — Riya Seth (@DesiBabeRiya) October 25, 2019 तमिलनाडु की ओर से अभिनव मुकुंद ने सर्वाधिक 85 रनों की पारी खेली| उन्हीं की पारी के दम पर टीम 252 रन बना पाई| इसके अलावा बाबा अपराजित ने 66, मुरली विजय ने 0, दिनेश कार्तिक ने 11, विजय शंकर ने 38, वाशिंगटन सुंदर ने 2, शाहरुख खान ने 27, रविचंद्रन अश्विन ने 8 और एम मोहम्मद ने 10 रन बनाए| वहीं गेंदबाजी में कर्नाटक की ओर से अभिमन्यु मिथुन ने अपना कमाल दिखाया| उन्होंने 9.5 ओवर में 34 रन देकर 5 विकेट हासिल किये| तमिलनाडु की पारी के अंतिम ओवर में अभिमन्यु मिथुन ने हैट्रिक भी लगाई| यह कारनाम उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर किया| Mayank Agarwal and KL Rahul's innings gave Karnataka the title of Vijay Hazare Trophy for the fourth time https://t.co/iqnJEaltb3 pic.twitter.com/eRooF1Mvd5 — Magazine Buzz (@MagazineBuzz1) October 25, 2019 कर्नाटक ने छत्तीसगढ़ को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था| वहीं तमिलनाडु ने गुजरात को सेमीफाइनल में मात दी थी| लोकेश राहुल, देवदत्त और मयंक अग्रवाल की पारी के दम पर कर्नाटक ने जीत दर्ज की थी| केएल राहुल ने 111 गेंदों पर 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 88 रन बनाए, जबकि देवदत्त ने नाबाद 92 रन बनाए| वहीं मयंक अग्रवाल ने 33 गेंदों का सामना करते हुए 47 रन बनाए| जबकि तमिलनाडु ने गुजरात को सेमीफाइनल में मात देकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी| ವಿಜಯ್ ಹಜಾರೆ ಟ್ರೋಫಿ 2019 ಜಯಗಳಿಸಿದ @RanjiKarnataka ಕರ್ನಾಟಕ ರಣಜಿ ತಂಡಕ್ಕೆ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು.?? ನಿಮ್ಮ ಸಾಧನೆ ನಮ್ಮೆಲ್ಲರಿಗೂ ಹೆಮ್ಮೆ ತಂದಿದೆ, ನಿಮ್ಮ ಸಮರ್ಪಣೆ ಮತ್ತು ಬದ್ಧತೆ ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬರಿಗೂ ಸ್ಫೂರ್ತಿಯಾಗಲಿ. #VijayHazare #VijayHazareTrophy #VijayHazareTrophy2019 pic.twitter.com/htDcbedk2r — ಎಸ್. ಈಶ್ವರ್ ?? (@Eshwar1991S) October 25, 2019 लोकेश राहुल (wk), देवदत्त पडिक्कल, मयंक अग्रवाल, मनीष पांडे (c), करुण नायर, रोहन कदम, प्रवीण दुबे, कृष्णप्पा गौथम, अभिमन्यु मिथुन, वी कौशिक, प्रतीक जैन| अभिनव मुकुंद, मुरली विजय, बाबा अपराजित, दिनेश कार्तिक (c & wk), विजय शंकर, वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, रविचंद्रन अश्विन, एम मोहम्मद, मुरुगन अश्विन, टी नटराजन|
2022/05/25 10:11:10
https://www.talentedindia.co.in/sports/vijay-hazare-trophy-final-karnataka-win-against-tamil-nadu
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मै भी बनिया हूँ धंधा समझता हूँ-केजरीवाल – Jan Jagran Media Manch-Hindi News- Latest Hindi News Headlines, Breaking News Home/कर्रेंट अफेयर्स/मै भी बनिया हूँ धंधा समझता हूँ-केजरीवाल मै भी बनिया हूँ धंधा समझता हूँ-केजरीवाल Jan Jagran Media Manch 29th December 2014 कर्रेंट अफेयर्स Leave a comment 15 Views खुद को बनिया बताते हुए आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने व्यापारी वर्ग से दिल्ली में उनकी पार्टी को वोट देने की अपील की है। केजरीवाल ने व्यापारियों से वादा किया कि दिल्ली में टैक्स व्यवस्था में बदलाव किए जाएंगे और वैट विभाग के अधिकारियों की रेड और वसूली से छुटकारा दिलाया जाएगा। नेहरू प्लेस में व्यापारियों की एक रैली में केजरीवाल ने ऐलान किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह दिल्ली को होलसेल मार्किट का गढ़ बनाएंगे और शहर में बिजनस के अनुकूल माहौल तैयार करेंगे। केजरीवाल ने कहा की हम चाहते हैं कि व्यापारी पूरी ईमानदारी से धंधा करें और टैक्स अदा करें।' उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार में कम से कम दखल देगी। केजरीवाल ने कहा, 'हमारी पार्टी की नीति छापे मारना नहीं बल्कि व्यापारियों पर विश्वास करना है। हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि वैट की छापेमारी और वसूली बंद हो बिजनस के अनुकूल माहौल बने।' दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अपने 49 दिनों की सरकार को याद करते हुए कहा कि हमारे राज में व्यापारियों को कभी परेशान नहीं किया गया और वैट का संग्रह सबसे ज्यादा हुआ था।
2021/01/24 11:11:09
https://www.janjagranmediamanch.com/kejriwal-calls-himself-baniya/
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मेरठ: ब्रिटेन के कोरोना स्ट्रेन वायरस का मेरठ में पहला केस मिला है। माता-पिता के साथ करीब 12 दिन पहले यहां आयी बच्ची कोरोना स्ट्रेन वायरस से संक्रमित पायी गयी है। बच्ची व उसके माता-पिता फिलहाल सुभारती मेडिकल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। कोरोना स्ट्रेन संक्रमित की पुष्टि के बाद यहां स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डा. प्रशांत से ढाई साल की बच्ची जिसके सैंपल जांच के लिए नई दिल्ली लैब भेजे गए थे, में कोरोना स्ट्रेन वायरस मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात इसकी सूचना सबसे पहले जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची थी। सूचना के बाद तत्काल बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें ऐक्शन मोड में आ गयी हैं। वहीं, दूसरी ओर डा. प्रशांत ने स्पष्ट किया है कि हालांकि अभी दंपति की रिपोर्ट निगेटिव आयी है, लेकिन इसके बाद भी हम उन्हें क्लीनिचिट नहीं दे रहे हैं। यह तय है कि कोरोना स्ट्रेन वायरस बच्ची में उसके माता-पिता से ही आया होगा, लेकिन कई बार यह होता है कि वायरस शरीर में आने के बाद दूसरे को ट्रांसफर होने पर कुछ कमजोर हो जाता है। उस स्थिति में कई बार सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आती है। ऐसा ही इस मामले में संभव है। कोरोना स्ट्रेन की पुष्टि होने के बाद अब करीब 24 दिन तक बच्ची सर्विलांस की सघन निगरानी में रहेगी। सुभारती मेडिकल प्रशासन को इसको लेकर कुछ अहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। बच्ची के साथ ही उसके माता-पिता भी इतनी ही अवधि में अब सघन निगरानी में रहेंगे, लेकिन यह एक बुरी खबर है। वहीं, दूसरी ओर सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने कोरोना अपडेट जारी करते हुए 42 नए संक्रमितों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है, यह राहत की बात है। स्वास्थ्य विभाग ने 76 लोगों की कराई कोरोना जांच कोरोना का प्रकोप भले ही कम हो गया हो। मगर इसके बाद भी इक्का-दुक्का केस सामने आ रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 76 लोगों की जांच कराई गई। रेपिड किट से की गई जांच में सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके अलावा कुछ लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भी भेजे गए। सरधना क्षेत्र में कोरोना का डर लोगों में नजर नहीं आ रहा है। बाजारों में बेतहाशा भीड़ देखने को मिल रही है। लापरवाही यह कि चंद ही लोगों के मुंह पर मास्क लगा दिखता है। पुलिस मास्क नहीं लगाने पर चालान भी काट रही है। इसके बाद भी लोगों को समझ नहीं आ रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 76 लोगों की रेपिड किट से जांच कराई गई। अच्छी बात ये रही कि जांच में सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली। हालांकि कुछ लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब भी भेजे गए। जिनकी रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. राजेश कुमार का कहना है कि 76 लोगों की जांच कराई गई थी। सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिला अस्पताल और मेडिकल में सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तय की गयी गाइड लाइन को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाही जिला अस्पताल व मेडिकल में नजर आती है। ओपीडी के पर्चा काउंटर पर लोगों की लंबी कतार और सोशल डिस्टेंसिंग प्रति लापरवाही को देखते हुए लगता ही नहीं कि इन्हें किसी प्रकार को खौफ भी है। लोगों की हालात यह है कि पर्चा काउंटर पर ही एक-दूसरे पर चढ़ने को अमादा हैं। इनको न तो कोई रोकने वाला है न ही कोई टोकने वाला नजर आता है। रोकथाम के नाम पर केवल माइक पर ही रिर्काडिंग बजायी जाती रहती है। यही स्थिति ओपीड की बनी है। जिला अस्पताल व मेडिकल में हालांकि ओपीडी पूरी क्षमता के साथ नहीं चलायी जा रही है, लेकिन जितने भी ओपीडी वार्ड चल रहे हैं उनके बार भी मरीजों की रेलम पेल मची है। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कहीं कोई गंभीरता नजर नहीं आ रही है। जिन काउंटरों में डाक्टर बैठ रहे हैं, वहां भी कई-कई मरीज दाखिल हो रहे हैं। डाक्टरों के रूम के बाहर भी गैलरी में भी मरीज खचाखच भरे होते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि तमाम सीनियर उधर से गुजरते हैं, लेकिन कोई भी रोकटोक नहीं करता। देखकर अनदेखा कर दिया जाता है। ओपीडी के अलावा जहां पर मरीजों के किसी भी प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं तथा जहां पर दवाएं दी जा रही हैं वहां भी खचाखच भीड़ है। जब सरकारी अस्पतालों की ऐसी हालात है तो अन्य जगह सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क को लेकर गाइड लाइन का कितना पालन कराया जा रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कोरोना स्ट्रेन वायरस के खतरे से निपटने में जुटा मेडिकल कोरोना स्ट्रेन के एंट्री की पुष्टि के बाद इसके वायरस के खतरे से निपटने में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। फिलहाल सरदार वल्लभ भाई पटेल मेडिकल अस्पताल में ही स्टेÑन वायरस से संक्रमितों के लिए वार्ड तैयार किया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ी मुसीबत इस वायरस से हेल्थ केयर वर्करों की सुरक्षा है। हालांकि अभी कोरोना स्ट्रेन वायरस का कोई अधिकृत केस तो नहीं मिला है, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने इसके लिए फिलहाल वार्ड तैयार कर लिया है। बताया गया है कि कोविड-19 संक्रमितों के साथ स्टेÑन संक्रमितों को नहीं रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने जानकारी दी है कि ब्रिटेन में इजाद किए गए कोरोना स्ट्रेन वायरस के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने की खबरें मिल रही हैं। हालांकि मेरठ को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं है। सीएमओ ने सिर्फ इतना बताया कि ब्रिटेन से करीब 14 लोग शुरूआती जानकारी में मेरठ आए थे। इनमें कोरोना वायरस की पुष्टि की हुई है, लेकिन जहां तक कोरोना स्ट्रेन की बात है इस संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता। कोरोना की तर्ज पर कोरोना स्ट्रेन वायरस से संक्रमितों के इलाज के सवाल पर फिलहाल प्राइवेट चिकित्सकों की ओर से ना है। नर्सिंग होम एसोसिएशन के वरिठ उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन ने बताया कि किसी भी नर्सिंग होम में स्टेÑन को लेकर फिलहाल कोई तैयार नहीं है। न ही अभी हमारे चिकित्सक इसको लेकर तैयार हैं। यह वायरस बेहद खतरनाक है। इसको लेकर अब तक जितनी भी रिपोर्ट आयी हैं उसके चलते इस बात की उम्मीद कम हैं कि सरकार प्राइवेट इलाज का जोखिम मोल लेगी। विदेशों से खासतौर से ब्रिटेन व यूरोपियन देशों से आने वालों को ब्योरा जुटाने का काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जिला सर्विलांस टीमें इसकी तैयारियों में लगी हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि अभी यह तो अधिकृत रूप से नहीं कहा जा सकता कि कितने विदेशी 14 दिसंबर के बाद मेरठ पहुंचे हैं, लेकिन जितने लोगों की सूचना एयरपोर्ट से यहां पहुंच रही हैं उनको सर्विलांस टीमें ट्रेस करने में जुटी हैं। हालांकि यह काम आसान नहीं है। कुछ के बारे में तो सूचना मिली है कि लोग आए तो थे, लेकिन यहां आने के बाद वो लोग अन्य स्थानों को चले गए हैं। आमद दर्ज कराना होगा जरूरी कोरोना स्ट्रेन वायरस के खतरे को देखते हुए फिलहाल विदेशों से आने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग में आमद कराना अनिवार्य कर दिया गया है। एयरपोर्ट से ऐसे लोगों की सूचना भी स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है। साथ ही एयरपोर्ट से निकलने वाले हर शख्स से जो बहरूनी मुल्क से आ रहा है, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग में आने की सूचना आधार कार्ड व मोबाइल नंबर दर्ज कराना जरूरी कर दिया गया है। जोखिम भरा है कांटेक्ट ट्रेसिंग ब्रिटेन से आने वालों की कांटेक्ट ट्रेसिंग करना भी कम जोखिम भर नहीं। नर्सिंग होम एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन का कहना है कि स्टेÑन वायरस को लेकर भारतीय चिकित्सक फिलहाल बहुत कुछ जानकारी नहीं हासिल कर पाए हैं जो कुछ मीडिया रिपोट आ रही हैं उसके के आधार पर अनुमान लगाए जा रहे है। वायरस को लेकर जो रिपोट अब तक मिली हैं उसको यदि ठीक मान लिया जाए तो स्टेÑन वायरस को लेकर कांटेक्ट ट्रेसिंग भी बेहद जोखिम भरा काम है। ये कहना है सीएमओ का सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोना स्ट्रेन को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचा जल्दबाजी होगी। जो ब्रिटेन से लोग आए हैं उनके संपर्क में आए पॉजिटिव सभी केसों को होम आइसोलेशन किया गया है। ये कहना है मेडिकल प्राचार्य का मेडिकल प्राचार्य ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना स्ट्रेन वायरस एक गंभीर बीमारी है। हालांकि इसको लेकर अभी जानकारी कम ही है। जहां तक तैयारियों की बात है तो कोरोना की तर्ज पर मेडिकल प्रशासन इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारहै। What’s your Reaction? +1 0 +1 0 +1 0 +1 0 +1 0 +1 0 +1 0 Facebook Twitter Email - Advertisement - Tags Corona strain's first case meerut news Previous articleनजरिया: न आंदोलन षड्यंत्र है, न किसान किसी के शत्रु! 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2021-12-01T06:43:46Z
https://dainikjanwani.com/corona-strains-first-case/
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U&i ने लॉन्च किया नया Royalty वायरलेस नेकबैंड, फुल चार्ज में 23 घंटे का प्लेटाइम मिलेगा - Motor Tech India Home टेक U&i ने लॉन्च किया नया Royalty वायरलेस नेकबैंड, फुल चार्ज में 23... U&i ने लॉन्च किया नया Royalty वायरलेस नेकबैंड, फुल चार्ज में 23 घंटे का प्लेटाइम मिलेगा नई दिल्ली: भारत की प्रमुख गैजेट एक्सेसरी और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी U&i ने भारत में अपना नया वायरलेस नेकबैंड लॉन्च किया है, जिसका नाम Royalty है. नए वायरलेस नेकबैंड आपके कान में अच्छी तरह से बैठते हुए अत्यधिक आराम प्रदान करते हैं और इनमें भारी बास मिलता है जिसकी मदद से म्यूजिक सुनने में मज़ा बेहतर बनता है. U&i के Royalty (UiNB-4023) वायरलेस नेकबैंड नेक्स्ट जनरेशन मॉडल है.जिसे आपके पसंदीदा संगीत या कॉल सुनने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह नेकबैंड निरंतर ब्लूटूथ कनेक्टिविटी प्रदान करता है और यह डिवाइस 10 मीटर की दूरी तक की कवरेज देता है। U&i रॉयल्टी वायरलेस नेकबैंड 260 mAh की बैटरी के साथ आती है जो 23 घंटे का प्लेटाइम प्रदान करती है और इसका चार्जिंग समय 3 घंटे है. मल्टी-फंक्शनल और वॉल्यूम / ट्रैक कंट्रोल बटन से लैस, रॉयल्टी नेकबैंड लगातार संगीत अनुभव के लिए पैसिव नॉइज़ कैंसलेशन के साथ रिच बास एचडी स्टीरियो साउंड का अनुभव देता है। इसके इन-बिल्ट माइक्रोफोन और Google और सिरी असिस्टेंट फीचर्स के साथ, उपयोगकर्ता दो-तरफ़ा बातचीत का स्पष्ट रूप से आनंद ले सकते हैं. •ब्लूटूथ: 5.0 •प्लेटाइम: 23 घंटे •बैटरी क्षमता: 260mAh •चार्जिंग समय: 3 घंटे •स्टैंडबाई टाइम: करीब 600 घंटे •कवरेज दूरी: 10 मीटर कीमत एवं उपलब्धता:U&i रॉयल्टी वायरलेस नेकबैंड ब्लैक कलर के साथ सभी प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा. कंपनी ने इसकी कीमत 2,999 रुपये रखी है. Previous articleSamsung का सबसे सस्ता Galaxy M01 Core स्मार्टफोन किया लॉन्च, कीमत 5499 रुपये से शुरू
2022/05/24 02:30:57
http://www.motortechindia.com/ui-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE-royalty-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B2%E0%A5%87/
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🔵 What is my life all about? It is about an industrious urge led by a well crafted mechanism of transforming (sowing & reaping) all the resources basically available for my use (available invariably to all) due to grace of BHAGWAN) like capacity to feel, capacity to think and capacity to do labour and of course the resources additionally available for my use (yet not essential) like ancestral money and property, into such a scenario that is equally gratifying to each & everyone who prefers to join it. 🔴 I invested/sown all I had earned through ancestors. When land-lord system was abolished, I was paid money in exchange of lands. I donated all the money to construct GAYATRI-TAPO BHUMI. My wife had 600 grams of gold that too was sold to invest in GAYATRI-TAPOBHUMI. Whatever I had was expended for the cause of BHAGWAN, for making the home of BHAGWAN, the temple of BHAGWAN. I was left with only 80 BIGHA of agricultural field only to be sold later and money thereof expended. Expended in what? 🔵 Whenever you get a chance to go there, you will be happy to see that I used this money in making a higher secondary school in the village, I was born and again there were no good hospital all around leaving the patients compelled to travel distant places for their treatments. Many people died. Many pregnant ladies died and many people fell ill. I could saw that and assuming those deprived cluster of society to be a version of BHAGWAN, I employed my money in making there a good hospital also. 🔴 How could I do that? The money, my father left after his death was not used by me. I cannot say if I had consumed some of it while I was a child but thereafter I never ate any penny given by others. I expended all. Every single penny has been expended by me for the cause of BHAGWAN. Now I have nothing given by father. If someone asks me, ‘‘how much money do you have?’’ my reply will be in negative. If someone says, ‘‘then you are in loss overall.’’ Oh! You talk about loss. 🌹 to be continue... 🌹 Pt Shriram Sharma Aachrya Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: Z Gurudev Amrut Vanni 👉 देवत्व विकसित करें, कालनेमि न बनें (भाग 9) 🔴 कालनेमि की कथा सुना रहा हूँ— स्कन्द पुराण की आपको। पूतना के कोई बाल-बच्चे नहीं थे। कालनेमि ने उससे कहा कि तेरे बच्चा नहीं होता है तो तू जादू का मंत्र लेकर जा और श्रीकृष्ण को दूध पिला दे। तेरा दूध पीएगा तो अपनी माता को भूल जाएगा और तेरे पास रहने लगेगा। कालनेमि के बहकावे में आकर पूतना बेचारी गई कि मेरे बेटा नहीं होता तो बेटा ले जाऊँ और बेटा तो मिला नहीं, उल्टे थुक्के-फजीहत और हुई। सूर्पणखा से कालनेमि ने कहा—तू ब्याह करेगी? उसने कहा—हाँ। वह बोला—राक्षस तो काले-कलूटे होते हैं, माँस खाते हैं, शराब पीते हैं और गाली देंगे और मारेंगे भी। हम तुझे ऐसा दूल्हा बताते हैं कि उससे खूबसूरत तुझे दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा। बस तेरे जाने भर की देर है, तू गई और ब्याह हुआ। दूल्हे का नाम राम है। उसके पिता के तीन ब्याह हुए थे राम के दो ब्याह करा देंगे। सीताजी भी बनी रहेंगी और तू भी बनी रहेगी और राजगद्दी पर बैठेगी। तू गोरी होगी और तेरे बच्चे भी गोरे होंगे। 🔵 सूर्पणखा कालनेमि के बहकाने पर रामचन्द्र जी के पास गई और अपनी फजीहत कराकर लौटी। उसकी बुद्धी जो बिगाड़ दी थी कालनेमि ने। मन्थरा की भी बुद्धि जो बिगाड़ दी थी उसने। उससे कहा कि भरत के साथ तेरा ब्याह करा देंगे। ये जो कैकेयी है वह जाएगी मर और तू रानी बनेगी, राज्य करेगी। उसको समझा करके भरत के लिए राज्य माँग ले। मन्थरा ने कैकेयी को पट्टी पढ़ाकर अपना काम बनाना चाहा। इस तरह दुनिया भर की अंडम-बंडम करके उसने मंथरा ने कैकेयी को मिट्टी पलीद की। 🔴 कालनेमि की जो यह घटना है वह हमारे ऊपर भी लागू होती है। हमारे प्राणों से प्यारे बच्चे, हमारे हृदय के टुकड़ों को अलग करके, बहका करके इनको हमसे दूर करने की कोई कालनेमि कोशिश कर रहा है। तो गुरुजी आपका नुकसान हो जाएगा? नहीं, बेटा, हमारा क्या नुकसान हो जाएगा? अभी ये लड़के गा रहे थे—‘कोई साथ न दे तो अकेला चल।’ अकेले चल देंगे हम। अकेले वामन ने सारी जमीन नापी थी। अकेले परशुराम ने सारी पृथ्वी पर से इक्कीस बार भार उतारा था और अकेले हम भी कम नहीं हैं, लेकिन हमको अपने बच्चे प्यारे लगते हैं। बच्चों को कोई छीन न ले जाए, चुरा न ले जाए, अगर कोई घर में से बच्चों को उठा ले जाए तो माँ-बाप को दुःख होता है। हमें भी दुःख होता है। 🔵 जब कोई कालनेमि हमारे बच्चों को हमसे दूर कर देता है, बागी कर देता है। अपने ये जो बच्चे हैं, उनकी हमें फिकर है कि कोई कालनेमि उनकी बुद्धि को भ्रष्ट न कर दे। कालनेमि से हमारा नुकसान है। उसकी हमें फिकर रहती है और कोई फिकर नहीं। न मिशन की फिकर रहती है और न मरने की, न काम की। मिशन बढ़ रहा है और वह बढ़ेगा ही। काम भी हो रहा है। उसकी फिकर थोड़े ही है। काम तो बढ़ ही रहा है। गंगा में बाढ़ तो आएगी, रुकेगी नहीं। उसे कोई रोकने वाला नहीं है। मिशन के लिए हम नहीं कहते कि आप कोई सहायता कीजिए। कहते हैं तो इसलिए कि नफा होगा आपको। आप नेता हो जाएँगे। सरदार पटेल, नेहरू, जार्ज वाशिंगटन, अब्राहम लिंकन बन जाएँगे। नेता बनना जिनको पसन्द होवे आगे आएँ, कदम से कदम कन्धे से कन्धा मिलकर चलें। साथ नहीं चलेंगे तो योग्य आदमी कैसे बनेंगे? 🌹 क्रमशः जारी 🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य (अमृतवाणी) Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: युग ऋषि की अमृतवाणी 👉 आज का सद्चिंतन 21 Oct 2017 Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: आज का सद्चिंतन 👉 प्रेरणादायक प्रसंग 21 Oct 2017 Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 1 टिप्पणी: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: प्रेरणादायक प्रसंग 👉 आस्तिक बनो (अन्तिम भाग) 🔴 ईश्वर भक्ति का जितना ही अंश जिसमें होगा वह उतने ही दृढ़ विश्वास के साथ ईश्वर की सर्व व्यापकता पर विश्वास करेगा, सबसे प्रभु को समाया हुआ देखेगा। आस्तिकता का दृष्टिकोण बनते ही मनुष्य भीतर और बाहर से निष्पाप होने लगता है। अपने प्रियतम को घट-घट में बैठा देख कर वह सबसे नम्रता का मधुरता का स्नेह का आदर का सेवा का सरलता शुद्धता और निष्कपटता से भरा हुआ व्यवहार करता है। भक्त अपने भगवान के लिए व्रत, उपवास, तप, तीर्थ यात्रा आदि द्वारा स्वयं कष्ट उठाता है और अपने प्राणबल्लभ के लिए नैवेद्य, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, भोग प्रसाद आदि कुछ न कुछ अर्पित करता ही करता है। 🔵 “स्वयं कष्ट सहकर भगवान को कुछ समर्पण करना” पूजा की सम्पूर्ण विधि व्यवस्थाओं का यही तथ्य है। भगवान को घट-घट वासी मानने वाले भक्त अपनी पूजा विधि को इसी आधार पर अपने व्यवहारिक जीवन में उतारते हैं। वे अपने स्वार्थों की उतनी परवा नहीं करते, खुद कुछ कष्ट भी उठाना पड़े तो उठाते हैं पर जनता जनार्दन को, नरनारायण को अधिक सुखी बनाने में वे दत्त चित्त रहते हैं लोक सेवा का, व्रत लेकर वे घट-घटवासी परमात्मा की जीवन व्यावहारिक रूप से पूजा करते हैं। ऐसे भक्तों का जीवन-व्यवहार बड़ा निर्मल, पवित्र, मधुर और उदार होता है। आस्तिकता का यही तो प्रत्यक्ष लक्षण है। 🔴 पूजा के समस्त कर्मकाण्ड इसलिए हैं कि मनुष्य परमात्मा को स्मरण रखे, उसके अस्तित्व को अपने चारों ओर देखे और मनुष्योचित कर्म करे। पूजा, अर्चना, वन्दना, कथा, कीर्तन, व्रत, उपवास, तीर्थ आदि सबका प्रयोजन मनुष्य की इस चेतना की जाग्रत करना है कि परमात्मा की निकटता का स्मरण रहे और ईश्वर के प्रेम एवं श्रद्धा द्वारा लोक सेवा का व्रत रखे और ईश्वर के क्रोध से डर कर पापों से बचे। जिस पूजा उपासना से यह उद्देश्य सिद्ध न होता हो, वह व्यर्थ है। जिस उपाय से भी “पाप से बचने और पुण्य में प्रवृत्त होने” का भाव उठें वह उपाय ईश्वर भक्ति की साधना ही है। 🔵 पाठको! ईश्वर की खाल मत ओढ़ो? सच्चे ईश्वर भक्त बनो। भक्ति को मंदिरों को धरोहर मत बनाओ, उसे व्यवहारिक जीवन में उतार लो। वाचक ज्ञानी मत बनो, कर्मनिष्ठा सीखो। ईश्वर के थन लाठियों से मत छुओ उसे अपने में ओत-प्रोत कर लो। विडम्बना को छोड़ो, परमात्मा के चरणों से लिपट जाओ उसे अपने अंतःकरण के भीतरी कोने में बिठा लो। अपनी दृष्टि को परमात्मा मय बना लो। तुम्हारा जीवन सच्चे आस्तिक का पवित्र जीवन होना चाहिए। अपवित्र जीवन तो प्रत्यक्ष नास्तिकता है। 🌹 समाप्त 🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य 🌹 अखण्ड ज्योति- दिसम्बर 1945 पृष्ठ 5 http://literature.awgp.org/akhandjyoti/1945/December/v1.5 Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: अध्यात्म 👉 त्याग कैसे करेगा? 🔵 जिसने भोगा ही नहीं है, वह त्याग कैसे करेगा? और जिसके पास है ही नहीं, वह छोड़ेगा कैसे? 🔴 एक यहूदी फकीर हुआ बालसेन। एक दिन एक धनपति उससे मिलने आया। वह उस गांव का सबसे बड़ा धनपति था, यहूदी था। और बालसेन से उसने कहा कि कुछ शिक्षा मुझे भी दो। मैं क्या करूं? 🔵 बालसेन ने उसे नीचे से ऊपर तक देखा, वह आदमी तो धनी था लेकिन कपड़े चीथड़े पहने हुए था। उसका शरीर रूखा-सूखा मालूम पड़ता था। लगता था, भयंकर कंजूस है। तो बालसेन ने पूछा कि पहले तुम अपनी जीवन-चर्या के संबंध में कुछ कहो। तुम किस भांति रहते हो? तो उसने कहा कि मैं इस भांति रहता हूं जैसे एक गरीब आदमी को रहना चाहिये। रूखी-सूखी रोटी खाता हूं। बस नमक, चटनी और रोटी से काम चलाता हूं। एक कपड़ा जब तक जार-जार न हो जाए तब तक पहनता हूं। खुली जमीन पर सोता हूं, एक गरीब साधु का जीवन व्यतीत करता हूं। 🔴 बालसेन एकदम नाराज हो गया और कहा, नासमझ! जब भगवान ने तुझे इतना धन दिया तो तू गरीब की तरह जीवन क्यों बिता रहा है? भगवान ने तुझे धन दिया ही इसलिए है कि तू सुख से रह, ठीक भोजन कर। खा कसम कि आज से ठीक भोजन करेगा, अच्छे कपड़े पहनेगा, सुखद शैया पर सोयेगा, महल में रहेगा। 🔵 धनपति भी थोड़ा हैरान हुआ। उसने कहा कि मैंने तो सुना है कि यही साधुता का व्यवहार है। पर बालसेन ने कहा कि मैं तुझसे कहता हूं कि यह कंजूसी है, साधुता नहीं है। काफी समझा-बुझाकर कसम दिलवा दी। वह आदमी जरा झिझकता तो था, क्योंकि जिंदगी भर का कंजूस था। जिसको वह साधुता कह रहा था वह साधुता थी नहीं, सिर्फ कृपणता थी। लेकिन लोग कृपणता को भी साधुता के आवरण में छिपा लेते हैं। कृपण भी अपने को कहता है कि मैं साधु हूं इसलिए ऐसा जीता हूं। पर बालसेन ने उसे समझा-बुझाकर कसम दिलवा दी। 🔴 जब वह चला गया तो बालसेन के शिष्यों ने पूछा कि यह तो हद्द हो गई। उस आदमी की जिंदगी खराब कर दी। वह साधु की तरह जी रहा था। और हमने तो सदा यही सुना है कि सादगी से जीना ही परमात्मा को पाने का मार्ग है। यही तुम हमसे कहते रहे। और इस आदमी के साथ तुम बिलकुल उल्टे हो गये। क्या इसको नरक भेजना है? 🔵 बालसेन ने कहा, ‘यह आदमी अगर रूखी रोटी खायेगा तो यह कभी समझ ही न पायेगा कि गरीब का दुख क्या है! यह आदमी रूखी रोटी खायेगा तो समझेगा कि गरीब तो पत्थर खाये तो भी चल जाएगा। इसे थोड़ा सुखी होने दो ताकि यह दुख को समझ सके; ताकि जितने लोग इसके कारण गरीब हो गये हैं इस गांव में, उनकी पीड़ा भी इसको खयाल में आये। लेकिन यह सुखी होगा तो ही उनका दुख दिखाई पड़ सकता है। अगर यह खुद ही महादुख में जी रहा है, इसको किसी का दुख नहीं दिखाई पड़ेगा। कोई गरीब इसके द्वार पर भीख मांगने नहीं जा सकता, क्योंकि यह खुद ही भिखारी की तरह जी रहा है। यह किसी की पीड़ा अनुभव नहीं कर सकता। 🔴 विपरीत का अनुभव चाहिये। अगर सुख ही सुख हो संसार में तो तुम्हें सुख का पता ही न चलेगा। और तुम सुख से इस बुरी तरह ऊब जाओगे जितने कि तुम दुख से भी नहीं ऊबे हो। और तुम उस सुख का त्याग कर देना चाहोगे। Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 1 टिप्पणी: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: कहानियां 👉 आत्मचिंतन के क्षण 21 Oct 2017 🔴 अपने साधकों को हमारी शिक्षा है कि वे नित्य कुछ दिन एकान्त सेवन करें। इसके लिये यह जरूरी नहीं है कि वे किसी जंगल, नदी या पर्वत पर ही जावें। अपने आसपास ही कोई प्रशान्त स्थित चुन लो। कुछ भी सुविधा न हो तो अपने कमरे के सब किवाड़ बन्द करे अकेले बैठो। और शान्त चित्त होकर मन ही मन जप करो— मैं अकेला हूँ’— मैं अकेला हूँ। छोटे से साधन को हमारे प्राणप्रिय अनुयायी आज से ही आरम्भ करें। वे यह न पूछे कि इससे क्या लाभ होगा? मैं आज बता भी नहीं रहा हूँ कि इससे किस प्रकार क्या हो जायगा। किन्तु शपथ पूर्वक कहता हूँ कि जो सच्चे आत्मज्ञान की ओर बढ़ जायगा, साँसारिक चोर, पाप, दुष्ट दुष्कर्म, बुरी आदतें, नीच वासनायें, और नरक की ओर घसीट ले जाने वाली कुटिलताओं से उसे छुटकारा मिल जायगा। हम पापमयी पूतनाओं को छोड़ने के लिए साधक अनेक प्रयत्न करते हैं पर वे छाया की भाँति पीछे पीछे दौड़ती रहती है पीछा नहीं छोड़तीं। यह साधन उस झूठे ममत्व को ही छुड़ा देगा जिसकी सहचरी में पाप वृत्तियां होती हैं। 🔵 अपरिग्रह का सम्बन्ध अस्तेय से है। जो चीज मूल में चोरी की नहीं है, पर अनावश्यक है, उसका संग्रह करने से वह चोरी की चीज के समान हो जाती है। परिग्रह मतलब संचय या इकठ्ठा करना है। सत्य-शोधक अहिंसक परिग्रह नहीं कर सकता। परमात्मा परिग्रह नहीं करता, वह अपने लिए ‘आवश्यक’ वस्तु रोज-रोज पैदा करता है। इसलिए यदि हम उस पर विश्वास रक्खें तो जानेंगे कि वह हमें हमारी जरूरत की चीजें रोज-रोज देता है और देगा। प्रति दिन की आवश्यकता के अनुसार ही प्रति दिन पैदा करने के ईश्वरीय नियम को हम जानते नहीं, अथवा जानते हुए भी पालते नहीं, इससे जगत् में विषमता और तज्जन्य दुःखों का अनुभव करते हैं। 🔴 इस संघर्षमय दुनिया में जो अपने पाँवों पर खड़ा होकर अपने बलबूते पर चलता है वह कुछ चल लेता है बढ़ जाता है और अपना स्थान प्राप्त करता है। किन्तु जो दूसरों के कन्धे पर अवलंबित है, दूसरों की सहायता पर आश्रित है, वह भिक्षुक की तरह कुछ प्राप्त करलें तो सही अन्यथा निर्जीव पुतले या बुद्धि रहित कीड़े मकोड़ों की तरह ज्यों त्यों करके अपनी साँसें पूरी करते हैं, मनुष्य के वास्तविक सुख-दुख, हानि, लाभ, उन्नति पतन, बन्ध, मोक्ष का जहाँ तक संबंध है वह सब एकान्त के साथ जुड़ा हुआ है। 🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: आत्मचिंतन के क्षण 👉 Use of Suryakant Mani 🔴 A mahatma had a Suryakant Mani (a precious stone). When his end was nearing he gave this hard earned mani to his son Saumanas and said, “Take care of it, it will fulfill all your desires and you will not face any shortage in life.“ 🔵 Saumanas took the mani, but didn’t pay any attention to what he said. He used it in the night as a lamp. One day his lover, a prostitute asked it as a gift, he gave it easily without giving it a thought. 🔴 The prostitute then sold it off to a jeweler bought many ornaments from the money received. The jeweler tested the mani and made lot of gold by chemical experiments. In this way he became very rich and used to lead the lifestyle of a king. He helped a lot of needy and poor from his fortune. 🔵 Anand narrated this story to his disciple, Bidruth and said, “This life is precious like the mani. Only good jewelers know its worth and use. Otherwise most of the people are like Saumanas and Ganika who don’t know its worth waste it. Posted by awgpblogs.blogspot.com at अक्तूबर 21, 2017 कोई टिप्पणी नहीं: इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! Twitter पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें Labels: Mix English Story नई पोस्ट पुराने पोस्ट मुख्यपृष्ठ सदस्यता लें संदेश (Atom) 👉 परमात्मा की समीपता परमात्मा के जितने ही समीप हम पहुँचते हैं उतनी ही श्रेष्ठताएँ हमारे अन्तःकरण में उपजती तथा बढ़ती हैं। उसी अनुपात से आन्तरिक शान्ति की भी उपलब... YouTube Channel - कुल पेज दृश्य AWGPSTORE.com Gayatri Pariwar Online Store लेबल अदभुत आश्चर्यजनक किन्तु सत्य (88) अध्यात्म (532) अन्य (111) आज का सद्चिंतन (916) आत्मचिंतन के क्षण (511) ऋषि चिंतन के सान्निध्य में (52) कविता संग्रह (38) कहानियां (869) कहानियाँ प्रज्ञा पुराण से (63) गायत्री और यज्ञ (29) जीवन जीने की कला (593) तत्व दृष्टि से बन्धन मुक्ति (71) नवरात्रि (9) नारी जागरण (48) प्रज्ञा पुराण (भाग 1) (35) प्रेरणादायक प्रसंग (885) बिना पानी पिए (फोल्डर-पत्रक से) (106) भक्तिगाथा नारद भक्तिसूत्र का कथा भाष्य (91) भारतीय संस्कृति की रक्षा कीजिये (26) मन: स्थिति बदले तो परिस्थिति बदले (1) युग ऋषि की अमृतवाणी (299) युगऋषि के सन्देश (151) विचार क्रांति (395) सुख-शांति की साधना (47) स्वास्थ्य Health (2) हारिय न हिम्मत (29) AWGP Videos | Dr Chinmay Pandya (1) AWGP Videos | Hariye Na Himmat | हारिये न हिम्मत (9) AWGP Videos Mataji Bhajan (1) Book शिष्य संजीवनी (66) Book हमारी युग निर्माण योजना (103) Book अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान:-भाग 1 (117) Book आध्यात्मिक चिकित्सा एक समग्र उपचार पद्धति (91) Book गहना कर्मणोगति: (30) Book गायत्री विषयक शंका समाधान (44) Book गुरुगीता (135) Book गृहस्थ योग (47) Book जीवन पथ के प्रदीप (176) Book पराक्रम और पुरुषार्थ (30) Book मैं क्या हूँ? 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2021-12-01T16:23:09Z
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meerut: पूजा सामग्री की दुकान में विस्फोट, मां-बेटा झुलसे - UP LIVE NEWS Home मेरठ meerut: पूजा सामग्री की दुकान में विस्फोट, मां-बेटा झुलसे विस्फोट होने का कारण दुकान के अंदर रखे गंधक व पोटाश बताए जा रहे meerut: नगर की हाइवे स्थित दुकान में अचानक विस्फोट होने से अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना भयानक था आस-पास की दुकानों में भी कंपन हुआ। चपेट में आकर मां और बेटा झुलस गए। जिन्हे उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया। प्रथम दृष्टयता बताया जा रहा है कि दुकान के अंदर गंधक और पोटास रखे थे, जिसके चलते विस्फोट हुआ है। हालाकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक कस्बे के मोहल्ला मुन्ना लाल निवासी विनोद पुत्र मंगत की हाईवे पर पीएनबी के निकट पूजन सामग्री की दुकान है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे विनोद और उसकी मां सावित्री दुकान पर बैठे हुए थे। इसी बीच तेज धमाके के साथ दुकान में विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय व्यापारी मौके पर पहुंचे तो विनोद और उसकी मां सावित्री जमीन पर पड़े तड़प रहे थे। विनोद जहां पूरी तरह झुलसा हुआ था। वहीं उसकी मां सावित्री के हाथ भी जख्मी थे। पुलिस ने बुरी तरह झुसले मां-बेटा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से परिवार के लोग उन्हे बिजनौर लेकर चले गए। कोतवाली प्रभारी धर्मेन्द्र राठौर का कहना है, कि मामले में कोई तहरीर अभी तक नहीं मिली है। जांच के दौरान पता चला है कि दुकान के अंदर गंधक और पोटास रखे थे, जिनमें चिंगारी के साथ ही विस्फोट हुआ है। हालाकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जल्द ही घटना को वर्कआउट कर दिया जाएगा। चिकित्सकों के मुताबिक आग से झुलसे लोग खतरे से बाहर हैं। परिजन उन्हे उपचार के लिए बिजनौर लेकर गए हैं।
2021/09/19 07:55:12
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१.हाथी से हजार,घोड़े से सौ और सींग वाले पशु को देखकर दस हाथ पहले ही सावधान होकर उसकी राह से हट जाना चाहिऐ पर दुर्जन को देखकर देश * ही छोड़ देना चाहिऐ । *लेखक की दृष्टि से वर्तमान समय में देश से आशय स्थान, निवास और क्षेत्र विशेष से भी हो सकता है। *यहां सावधानी इसीलिये रखने के लिए कही गयी है कि पशु कभी भी आक्रमण कर सकता है। २.हाथी को अंकुश से, घोडा को चाबुक से और सींग वाले पशु को डंडे से और दुर्जन को अपनी तलवार से दण्डित* करना चाहिए। *लेखक की दृष्टि से तलवार से दण्ड से वर्तमान समय में अपनी शक्ति और बुद्धि के अनुसार दुष्ट से व्यवहार करने से है। अगर यह लगे कि कोई व्यक्ति दुष्टता पर आमादा है तो उसे वाणी और व्यवहार से भी दण्डित किया जा सकता है।
2018/07/21 08:01:06
http://deepkraj.blogspot.com/2007/06/blog-post_22.html
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Imd Weather Alert - Weather Alert: इन जिलों में तेज बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट | Patrika News -(imd weather alert) शुक्रवार को मुरादाबाद में बारिश होती रही -19 तारिख को एक बार फिर वेस्ट यूपी के जिलों में ओलावृष्टि के आसार हैं -इसके साथ ही तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है January, 17 • 11:31 AM नोएडा। बारिश और ओलावृष्टि के चलते वेस्ट यूपी में फिर एक बार कड़ाके की ठंड (Winter) आ गई है। गुरुवार को नोएडा में तेज बारिश हुई तो वहीं मेरठ समेत कई जिलों में रुक-रुककर बूंदाबांदी (Rain in west up) होती रही। जबकि बुधवार को मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और मेरठ में हुई ओलावृष्टि (Hailstorm) से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह भी पढ़ें : ठंड का असर: आठवीं तक सभी स्कूल बंद, मौसम के तेवर को देखते हुए बढ़ाई जा सकती हैं छुट्टियां वहीं शुक्रवार को मुरादाबाद में बारिश होती रही। मौसम विभाग की मानें तो 19 तारिख को एक बार फिर वेस्ट यूपी के जिलों में ओलावृष्टि के आसार हैं। इसके साथ ही तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते वेस्ट यूपी के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। उधर, मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एन. सुभाष के मुताबिक ओलावृष्टि से सरसों और चने की फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है और गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। जिसका असर आने वाली फसल पर भी देखने को मिलेगा और किसान इससे काफी हद तक प्रभावित रहेंगे। यह भी पढ़ें: जानिए शुक्रवार आज क्या कहते हैं आपके भाग्य के सितारे वहीं आईसीएआर के तहत आने वाले केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान-क्षेत्रीय केंद्र मोदीपुरम, मेरठ के संयुक्त उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि खेतों में जहां पानी भरेगा, वहां आलू की फसल खराब होने की पूरी संभावना हो जाती है। इसके चलते इस साल आलू का उत्पादन घट सकता है। noida News in Hindi weather weather alert mausam rain noida News in Hindi weather weather alert mausam rain Hailstorm दिल्ली में दंगा: यूपी की सीमा सील, 16 जिलों में धारा 144 लागू, अर्धसैनिक बल तैनात यमुना नदी में प्रदूषण का स्तर हुआ खतरनाक, सीपीसीबी ने नोएडा प्राधिकरण को ठहराया जिम्मेदार भाजपा ने इस सीट पर पहली बार उतारा उम्मीदवार, 8 बार से लगातार चुनाव जीत रहे विधायक को देगा कड़ी टक्कर NMRC में घोटाले की आशंका, योगी सरकार सीबीआई को सौंप सकती है जांच, अधिकारियों में हड़कंप DSSSB के सैकड़ों परीक्षार्थियों की छूटी परीक्षा, सेंटरकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप Cyber Crime बनता जा रहा चुनौती, लोगों को जागरूक करने के लिए नोएडा पुलिस ने शुरू की कार्यशाला, देखें वीडियो
2020/02/25 18:52:57
https://www.patrika.com/noida-news/imd-weather-alert-5655087/
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यशपाल (३ दिसंबर १९०३ - २६ दिसंबर १९७६) का नाम आधुनिक हिन्दी साहित्य के कथाकारों में प्रमुख है। ये एक साथ ही क्रांतिकारी एवं लेखक दोनों रूपों में जाने जाते है। प्रेमचंद के बाद हिन्दी के सुप्रसिद्ध प्रगतिशील कथाकारों में इनका नाम लिया जाता है। अपने विद्यार्थी जीवन से ही यशपाल क्रांतिकारी आन्दोलन से जुड़े, इसके परिणामस्वरुप लम्बी फरारी और जेल में व्यतीत करना पड़ा । इसके बाद इन्होने साहित्य को अपना जीवन बनाया, जो काम कभी इन्होने बंदूक के माध्यम से किया था, अब वही काम इन्होने बुलेटिन के माध्यम से जनजागरण का काम शुरु किया। यशपाल को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९७० में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।यशपाल का जन्म 3 दिसंबर, 1903 को पंजाब में, फ़ीरोज़पुर छावनी में एक साधारण खत्री परिवार में हुआ था। उनकी माँ श्रीमती प्रेमदेवी वहाँ अनाथालय के एक स्कूल में अध्यापिका थीं। यशपाल के पिता हीरालाल एक साधारण कारोबारी व्यक्ति थे। उनका पैतृक गाँव रंघाड़ था, जहाँ कभी उनके पूर्वज हमीरपुर से आकर बस गए थे। पिता की एक छोटी-सी दुकान थी और उनके व्यवसाय के कारण ही लोग उन्हें ‘लाला’ कहते-पुकारते थे। बीच-बीच में वे घोड़े पर सामान लादकर फेरी के लिए आस-पास के गाँवों में भी जाते थे। अपने व्यवसाय से जो थोड़ा-बहुत पैसा उन्होंने इकट्ठा किया था उसे वे, बिना किसी पुख़्ता लिखा-पढ़ी के, हथ उधारू तौर पर सूद पर उठाया करते थे। अपने परिवार के प्रति उनका ध्यान नहीं था। इसीलिए यशपाल की माँ अपने दो बेटों—यशपाल और धर्मपाल—को लेकर फ़िरोज़पुर छावनी में आर्य समाज के एक स्कूल में पढ़ाते हुए अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के बारे में कुछ अधिक ही सजग थीं। यशपाल के विकास में ग़रीबी के प्रति तीखी घृणा आ..
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1999 में अजय अरोड़ा और संजय अरोड़ा द्वारा इसकी शुरुआत की गई, और आज इसके पास 20,000 से अधिक SKU हैं, साथ ही यह शाहरुख खान और गौरी खान द्वारा समर्थित है। D'Decor को-फाउंडर और प्रबंध निदेशक संजय अरोड़ा (बाएं) और अजय अरोड़ा (दाएं) जब अजय अरोड़ा और उनके भाई संजय परिधानों के अपने पारिवारिक व्यवसाय में शामिल हुए, तो उन्हें कम ही पता था कि वे हजारों करोड़ रुपये के बाजार के अवसर की खोज कर रहे हैं। 90 के दशक के दौरान मुंबई के भाइयों ने अपने परिवार के व्यवसाय में काम किया, महिलाओं के पहनने के लिए कपड़े बनाने और बेचने और पॉलिएस्टर की सस्ती रेशम बनाने का काम किया। नए अवसरों के लिए देखते हुए अजय ने उन कपड़ों और डिजाइनों पर ध्यान दिया, जो अच्छी तरह से बिक रहे थे। होम फर्निशिंग श्रेणी में एक बड़ी खाई ने खुद को उसके सामने प्रस्तुत किया। होम फर्निशिंग उद्योग में कपड़े की मांग में बढ़त थी, खासकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, और तब मांग को पूरा करने के लिए अधिक खिलाड़ी नहीं थे। उन्होने योरस्टोरी को बताया, "1997 में, मैं फ्रैंकफर्ट में यूरोप के सबसे बड़े कपड़ा मेले, हेमटेक्स्टिल की यात्रा पर निकला। वहाँ से मैं कुछ डिज़ाइन हाउस से मिलने के लिए कोमो, इटली गया। इस तरह, मैंने कई महीनों में घरेलू सामान उद्योग में व्यापार के गुर सीखे। फिर मेरे भाई संजय और मैंने अपने कपड़ों का निर्माण शुरू करने के लिए अपना पारिवारिक व्यवसाय छोड़ दिया।" व्यवसाय का नाम D'Decor था। 1999 में यह मुंबई में एक मामूली कपड़ा निर्माण इकाई थी। भारतीय कीमतों पर यूरोपीय गुणवत्ता वाले उत्पादों को पहुंचाने पर भाइयों के ध्यान ने काम किया और व्यवसाय को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले गए। आज, D'Decor दुनिया में बुना हुए असबाब और पर्दे के कपड़ों का सबसे बड़ा निर्माता है। 1,500 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले इस व्यवसाय में भारत के तारापुर में पांच मैनुफेक्चुरिंग संयंत्र हैं, जो हर दिन 1,20,000 वर्ग मीटर से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े का उत्पादन करते हैं। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और मध्य पूर्व में इसका सबसे बड़ा बाजार होने के कारण D'Decor 65 से अधिक देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करता है। यह शाहरुख खान और गौरी खान द्वारा समर्थित है और उपभोक्ताओं को पूरे भारत में इसके विभिन्न टच पॉइंट के लिए तैयार किया गया है। व्यावसायिक चुनौतियाँ D'Decor निश्चित रूप से रातोंरात सफल नहीं हुआ था और इसने चुनौतियों का भी सामना किया था। अजय का कहना है कि सबसे बड़ी शुरुआती बाधा कोई मैनुफेक्चुरिंग क्लस्टर, डिज़ाइन विनियोग्यता या ग्राहक संबंधों के साथ काम करने के बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय स्थापित करना था। "ऐसे समय में जब जानकारी प्राप्त करना इतना आसान नहीं था जितना कि आज है, हमने शुरुआती वर्षों में व्यापार शो और इटली की यात्राओं में व्यापक भागीदारी के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं, डिजाइनरों और ग्राहकों के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ नए रिश्तों को बनाया।" 2008 में वैश्विक मंदी आने पर भाइयों के निर्यात उन्मुख व्यापार को एक और झटका लगा। उस समय, D'Decor का 65 प्रतिशत व्यापार संयुक्त राज्य अमेरिका से आया था और इसी से इसकी बिक्री में तेजी आई। अजय कहते हैं, "मंदी से निपटना शायद कंपनी के लिए सबसे मुश्किल क्षण था। हमने इसे यूरोप और भारत जैसे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में विविधता से संबोधित करने का निर्णय लिया। इस कदम ने मदद की क्योंकि यह हमें सभी प्रमुख विकसित देशों में हमारी उपस्थिति के माध्यम से महत्वपूर्ण स्थिरता प्रदान कर रहा था और यह भारत में पहले से ही एक मजबूत उपभोक्ता ब्रांड था।" तारापुर में एक D'Decor फैक्ट्री उत्पाद और रिटेल रणनीति पर्दे और असबाब कपड़े कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो का मुख्य आधार रहे हैं। 2010 में जब D'Decor ने B2C में कदम रखा, तो इसने तौलिया और कंबल आदि बनाने का अवसर लिया। इसने अपने पोर्टफोलियो में कालीन और वॉलपेपर भी जोड़े। इससे पहले कि वे बी2सी व्यवसाय शुरू करते, भाइयों ने अपने सबसे बड़े वितरक का अधिग्रहण किया और इसकी नमूना पुस्तकों और कैटलॉगों के लिए सदस्यताएँ पेश कीं, जिससे खुदरा विक्रेताओं को स्टॉकिंग इन्वेंट्री को रोकने की अनुमति मिली। इस मैनुफेक्चुरिंग मॉडल के तहत खुदरा विक्रेता ग्राहकों को नमूना पुस्तकें दिखा सकते थे, ऑर्डर ले सकते थे और पूर्ण रोल के विपरीत केवल उचित मात्रा में फैब्रिक की आवश्यकता के लिए D'Decor से पूछ सकते थे। इससे उनके स्टॉक जोखिम समाप्त हो गए। यह कैसे काम करता है, यह बताते हुए अजय कहते हैं, "लगभग अमेज़न जैसी प्रक्रिया में रिटेलर ने D'Decor के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ऑर्डर दिए। एक बार आदेश प्राप्त होने के बाद हमारे रोबोटिक गोदाम ने कपड़े की सही मात्रा में कटौती की, इसे पैक किया और ग्राहक को भेज दिया, जिसने इसे 48 घंटों के भीतर प्राप्त किया। यह परिचालन दक्षता और खुदरा विक्रेताओं के लिए परिचालन लागत में कमी लेकर आया।" 2016 में, D'Decor ने अपने संपूर्ण उत्पाद सूची और मार्केटिंग सामग्री तक पहुंचने के लिए अपने खुदरा विक्रेताओं के लिए एक ऐप D'Assist लॉन्च किया। अजय बताते हैं, "हमारी पूरी प्रोडक्ट लाइब्रेरी डिजीटल है और हमारा आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर इस तरह से बनाया गया है, जो हमें किसी भी SKU या कलेक्शन को देखने या ट्रैक करने की सुविधा देता है।" D'Decor ने भारतीय होम टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग में अन्य फर्स्ट डिलीवर करने का भी दावा किया है, जैसे कि वाटर-रेपेलिट, फ्लेम-रिटार्डेंट, एंटीवायरल और एयर प्यूरीफाइंग फैब्रिक्स। आज, D'Decor 250 भारतीय शहरों में अपने 20,000 SKU रिटेल करता है और कहता है कि यह 1,000 से अधिक मल्टी-ब्रांड आउटलेट का हिस्सा है, इसमें 30 से अधिक एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर हैं और यह बड़े प्रारूप रिटेल के माध्यम से भी बेचता है। पिछले तीन वर्षों में इसने ddecor.com पर अपना ऑनलाइन स्टोर स्थापित किया है और Myntra और Amazon पर बेच रहा है। COVID-19 प्रभाव और फ्यूचर प्लान जैसा कि D'Decor के उत्पाद गैर-आवश्यक श्रेणी में हैं, COVID-19 महामारी और परिणामी लॉकडाउन के कारण ब्रांड में मंदी देखी गई। हालांकि घर से काम करने के लिए उपभोक्ताओं के जीवन में बदलाव एक अवसर प्रस्तुत करता है। "आज घर जीवन का केंद्र बन गया है। लोग घर पर अधिक समय बिता रहे हैं, जिसका मतलब है कि कपड़े, बिस्तर, आदि का एक बढ़ा हुआ उपयोग है। घर में सुधार, फर्नीचर और सामान एक उछाल देखेंगे और हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि हम हमारे उत्पादों और सेवाओं के साथ उपभोक्ता की मदद करने के लिए एक सही स्थिति में हैं।" एक ही समय में कपड़ा व्यवसाय स्पर्श और महसूस करने वाला है और ग्राहकों को खरीदारी का निर्णय लेने से पहले D'Decor के उत्पादों का यह अनुभव प्राप्त करने की संभावना कम होगी। फर्श से अर्श तक: मिलें 'NRI चायवाला' से, जिन्होने चाय बेचकर महज 8 महीनों में कमाया 1.2 करोड़ रुपये का मुनाफा डिजिटल होते हुए अजय को लगता है कि ग्राहकों को डिजिटल रूप से D'Decor के उत्पादों की खोज और उन्हें बेहतर अनुभव देकर इसे संबोधित किया जा सकता है। "हम विजुअल एसेट्स को विकसित करने और कंज्यूमर एक्सपीरिएंस को बढ़ाने के लिए 3 डी टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने और इनवेस्टमेंट गैप को पाटने में मदद कर रहे हैं। हम अपने स्वयं के प्लेटफ़ॉर्म विकसित कर रहे हैं जो हमारे खुदरा विक्रेताओं को अपने ग्राहकों की मदद करने के लिए इन परिसंपत्तियों का लाभ उठाने की अनुमति देगा।" भाइयों ने लॉकडाउन के माध्यम से डिजिटल सेवाओं की स्थापना के लिए काम किया और उपभोक्ताओं को उत्पादों को तेजी से लाने के लिए उनके और उनके सहयोगियों ने डिजिटल तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का लाभ उठाया। अनिश्चित समय और भविष्य के लॉकडाउन की संभावना के बावजूद, D'Décor की डिजिटल सेवा शाखा अपने बी2बी ग्राहकों को जल्दी और दूर से उत्पाद लॉन्च करने की अनुमति देती है। अजय बताते हैं , "हम 3 डी असेट्स बनाते हैं, जो फोटो-रिअलिस्टिक डिजिटल मॉडल और उत्पादों की छवियां हैं जो असंख्य स्थितियों में उपयोग की जा सकती हैं। ये मार्केटिंग सामग्री और आभासी शोरूम बनाने से लेकर कस्टमर फेसिंग ई-कॉमर्स पेजों तक क्विक नमूना समाधान सेवा के साथ पूरक हैं।" ब्रांड सतहों के माध्यम से रोगाणुओं की मेजबानी और संक्रमण को रोकने के लिए सुरक्षित और अधिक स्वच्छ उत्पादों पर भी काम कर रहा है। इसने पर्दे, असबाब और बिस्तरों के लिए एंटीवायरल और एयर प्यूरीफाइंग फैब्रिक्स लॉन्च करने के लिए यूरोपीय टेक्सटाइल इनोवेशन कंपनी HeiQ के साथ साझेदारी की है। "हम अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का निर्माण करके अपने ग्राहकों के अनुभव को अगले स्तर तक ले जाने पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर परामर्श सेवाएं मिलें और अपनी सामग्री और मार्केटिंग क्षितिज का विस्तार करने के लिए प्रौद्योगिकी भागीदारों के साथ सहयोग करें।" उपभोक्ताओं और खुदरा विक्रेताओं के लिए मूल्य बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करने के साथ अजय और संजय के व्यवसाय ने आगे बढ़ाया और अपनी श्रेणी में एक बाजार नेता बन गया। भारत बढ़ती आय के स्तर और भवन और निर्माण खंडों में वृद्धि गैर-कपड़ा वस्त्रों की मांग को बढ़ाने के लिए तैयार है। भारत को कुशल श्रमशक्ति और उत्पादन लागत में तुलनात्मक लाभ भी प्राप्त है। यदि ये भाई वर्तमान COVID-19 संकट पर टिक सकते हैं और इस तरह के रुझानों का लाभ उठा सकते हैं, तो उनकी 'मेक इन इंडिया' कहानी कपड़ा उद्योग में कल्पना और इनोवेशन में से एक बन सकती है। अपनी स्टार्टअप यात्रा को सुगम बनाना चाहते हैं? YS एजुकेशन एक व्यापक फंडिंग कोर्स लेकर आपके सामने आया है, जहां आपको अपने बिजनेस प्लान को शीर्ष निवेशकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। पुणे स्थित इस हैंडक्राफ्ट साड़ी स्टार्टअप ने 3 साल में खड़ा किया 30 लाख रुपये से 12 करोड़ रुपये का कारोबार
2021/10/16 03:55:43
https://yourstory.com/hindi/ddecor-curtain-fabrics-brand-mumbai-business/amp
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हर सीरियल की नायिका को खलनायिका से अलग करने का काम करता है नायिका की मांग में तो किलो भर का पड़ता है और कहानी की तरह अंतहीन लगता है और खलनायिका का पाव भर लाल रंग जो बेचारा मांग तक भी न पहुंचता है
2021-02-24T23:45:15Z
http://sergeev.us/pictures/archives/compress/2009/729/22.htm
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RSS Archives - Lalita Nijhawan "संघ को बदनाम करने की नापाक कोशिश" in Punjab Kesari October 9, 2018 /0 Comments/in News /by Lalita NIjhawan गांधी जयंती पर कोलकाता के दमदम नगर बाजार में बम विस्फोट हुआ जिसमें आठ साल का बच्चा मारा गया। अभी पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू भी नहीं की थी कि ममता बनर्जी सरकार के मंत्री पूर्णेंदू बोस ने इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जिम्मेदार ठहरा दिया। हालांकि संघ के स्थानीय नेतृत्व से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक सबने इसकी निंदा की और बोस के बयान को बेसिरपैर का बताया, लेकिन राज्य सरकार के एक 'जिम्मेदार' मंत्री द्वारा तुरंत और वो भी बिना किसी सबूत के संघ को दोषी ठहराना चिंताजनक है। चिंताजनक इसलिए कि एक मंत्री द्वारा इस प्रकार बयान देना, कहीं न कहीं पुलिस और जांच एजेंसियों के काम को भी प्रभावित करता है। ये एक प्रकार से उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से निर्देश देता है कि उन्हें जांच किस दिशा में ले जानी है और येन केन प्रकारेण अंततः किसे दोषी साबित करना है। अब दूसरा मामला इस्लामपुर के दरीभीत स्कूल का देखिए। यहां पिछले महीने जब शिक्षकों की भर्ती के मामले में छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने उनपर गोली चला दी। इससे दो छात्र मारे गए। इस मामले में तो स्वयं ममता बनर्जी ने संघ को दोषी ठहराया, हालांकि गोली ममता की पुलिस ने चलाई। संघ प्रवक्ता जिशनु बसु ने इस मसले में टीएमसी को कानूनी नोटिस भेज दिया है। बिना किसी सबूत या जांच के संघ पर मिथ्या आरोप लगाने वाली ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल को खुद कैसे आतंकियों का अड्डा बना रखा है वो इस बात से समझा जा सकता है कि पिछले तीन साल में भारत में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सबसे अधिक एजेंट पश्चिम बंगाल से ही पकड़े गए हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का तख्ता पलटने की कोशिश में लगे जमात-उल-मुजाहीदीन, बांग्लादेश (जेएमबी) के 30 आतंकी और उनकी बम बनाने की फैक्ट्रियां भी यहीं पकड़ी गईं थीं। पिछले साल दिसंबर में खुफिया एजेंसियों ने खबर दी थी कि जेएमबी पश्चिम बंगाल और असम के बांग्लाभाषी मुसलमानों को भड़काकर गुरिल्ला फोर्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है और संघ और उसके सहयोगी संगठनों के नेता उसके निशाने पर हैं क्योंकि वही बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ का सबसे मुखर विरोध करते हैं। ध्यान रहे जेएमबी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से प्रगाढ़ संबंध हैं और टीएमसी के अनेक पदाधिकारियों पर उसके एजेंटों को पालने के आरोप भी लगते रहे हैं। आपको ये भी याद होगा कि कैसे ममता के एक मंत्री फिरहद हाकिम ने पाकिस्तानी अखबार डाॅन की रिपोर्टर मलीहा हामिद सिद्दीकि को कोलकाता के गार्डन रीच इलाके की सैर कराते हुए उसे गर्व से 'मिनी पाकिस्तान' बताया था। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बदनाम ममता बनर्जी राज्य में 'ममता बेगम' के नाम से जानी जाती हैं। संघ और भारतीय जनता पार्टी से उनका द्वेष पुराना है। उन्होंने राज्य में होने वाले संघ प्रमुख मोहन भागवत के हर कार्यक्रम में रोड़े अटकाए हैं। उन्हें लगता है कि संघ को हिंदुओं का प्रतीक बनाकर और उसे प्रताड़ित और बदनाम कर वो हिंदुओं से नफरत करने वाले लोगों को परपीड़ा सुख दे सकती हैं और उनके वोट हासिल कर सकती हैं। लेकिन उनकी ये मानसिकता नई नहीं है, वो कांग्रेस से आईं हैं और वहां जवाहरलाल नेहरू के जमाने से नफरत फैलाने का ये रोग चला आ रहा है। सोनिया सरकार के जमाने में इसने विकराल रूप धारणा कर लिया जब उनके सुशील शिंदे और पी चिदंबरम जैसे गृह मंत्रियों तथा उनके मातहत काम करने वाली पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस्लामिक आतंकवाद को सही ठहराने के लिए 'हिंदू आतंकवाद' या 'भगवा आतंकवाद' के काल्पनिक विचार को जमीन पर उतारने के लिए संघ पर निशाना साधना शुरू कर दिया। सब जानते हैं कि मुंबई हमला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश थी, लेकिन कांग्रेस के एक दलाल अजीज बर्नी ने एक किताब लिखी – मुंबई हमलाः आरएसएस की साजिश और इसका विमोचन किया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने। दिग्विजय सिंह वही व्यक्ति हैं जिन्हें हेट प्रीचर जाकिर नायक 'शांतिदूत' नजर आता है और जो ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद जैसे आतंकियों को 'जी' कह कर सम्मान देते हैं। समझौता ट्रेन ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों ने आईएसआई एजेंट अजमत अली को पकड़ लिया था, लेकिन न जाने किस मंत्री के इशारे पर उसे छोड़ दिया गया और सेना के कर्तव्यनिष्ठ अफसर कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा आदि का पकड़ लिया गया और उनके खिलाफ फर्जी केस बनाए गए। यही हाल गोधरा कांड में हुआ। इसकी योजना पाकिस्तान में बनी, लेकिन पाकिस्तानी एजेंट कब कैसे गायब हो गया, पता ही नहीं चला। याद दिला दें कि गोधरा कांड के दो मुख्य अभियुक्त फारूक भाना और इमरान शेरू हैं। वारदात के समय भाना गोधरा में निर्दलीय पार्षद था। उसने वहां बोर्ड का निर्माण कांग्रेस की मदद से किया था। भाना खुद भी फरार हो गया था और 14 साल बाद ही वो पुलिस की पकड़ में आया। गोधरा कांड के बाद कैसे गुजरात में दंगे भड़के और उसके बाद तबके मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'मुसलमानों का हत्यारा' बताकर कैसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम किया गया और कैसे भाजपा और संघ के खिलाफ मुसलमानों को लामबंद करने की कोशिश की गई वो किसी से छुपा नहीं है। कांग्रेस और अमेरिका में धर्म परिवर्तन की मुहिम चलाने वाली कुछ ईसाई संस्थाओं ने तो मोदी के अमेरिका प्रवेश तक पर रोक लगवा दी थी। संघ पर सिर्फ टीएमसी या कांग्रेस ने ही निशाना साधा ऐसा नहीं है। हमने देखा है कि जब भी किसी राष्ट्रविरोधी विचारधारा या आतंकी पर हमला हुआ है तो उसने पलट कर संघ पर हमला किया है। इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और कई अन्य विश्वविद्यालयों में पलने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग, अर्बन नक्सल और उनकी सरपरस्त कम्युनिस्ट पार्टियां, इस्लामिक आतंकी संगठन पाॅपुलर फ्रट आॅफ इंडिया और उसकी राजनीतिक शाखा सोशल डेमाक्रेटिक पार्टी आॅफ इंडिया, कश्मीर के आतंकी संगठन और सपा और राजद जैसी अनेक इस्लामिक सांप्रदायिक पाटियां आदि सभी शामिल हैं। केरल में कम्युनिस्ट पार्टियांे और कांग्रेस के शासन में कैसे सैकड़ों संघ कार्यकर्ताओं को सरेआम कत्ल किया गया है, वो किसी से छुपा नहीं है। इसी प्रकार कर्नाटक में भी संघ कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न और हत्याएं जारी हैं। हर चुनाव से पहले चर्च और मौलवी कैसे संघ के विरूद्ध भड़ास निकालते हैं और भाजपा के खिलाफ फतवा जारी करते हैं, वो भी मंजरे आम पर है। मतलब साफ है – संघ अखंड भारत का समर्थन करता है तो जो भी भारत को तोड़ना चाहता है वो संघ पर हमला करता है। हाल ही में रिपब्लिक टीवी ने लंदन आधारित खालिस्तानियों पर एक स्टिंग आॅपरेशन किया। आश्चर्य तो तब हुआ आईएसआई के पैसे पर पलने वाले प्रतिबंधित 'दल खालसा' के आतंकी गुरचरण सिंह ने अपने आतंकी रवैये को सही ठहराने के लिए संघ को दोषी ठहराना शुरू कर दिया। इस खूनी दरिंदे से कोई पूछे कि जब तुमने आईएसआई के इशारे पर अस्सी के दशक में पंजाब में खालिस्तान की आग लगाई तो संघ कहां था? संघ जिम्मेदार था तो तुमने इंदिरा गांधी की हत्या क्यों करवा दी? आश्चर्य की बात है कि आज पंजाब में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार है लेकिन लंदन में बैठे ये लोग पंजाब में संघ कार्यकर्ताओं की हत्या करवा रहे हैं। स्टिंग में ये दावा करते हैं कि पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव में इन्होंने आम आदमी पार्टी को पैसा दिया। आम आदमी पार्टी क्या पंजाब में संघ के खिलाफ चुनाव लड़ रही थी? स्टिंग में किसने क्या कहा और उसके पीछे कौन है, सब जानते हैं, लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि संघ को 'हिंदू आतंकी' बताने के नेरेटिव का इस्तेमाल अब पाकिस्तान भी खुल कर कर रहा है। इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान पर हमला किया तो पलट कर उसने संघ को 'हिंदू आतंकी' बता कर हमला किया। संघ को 'हिंदू आतंकी' के रूप में बदनाम करने की साजिश कांग्रेस ने पाकिस्तान के इशारे पर की या पाकिस्तान ने कांग्रेस के दुष्प्रचार का दुरूपयोग किया, इसकी जांच होनी ही चाहिए। जो भी हो, चाहे कांग्रेस हो या पाकिस्तान दोनों में एक बात तो काॅमन है – हिंदुओं के प्रति नफरत। ये भी सच है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल देश में तो संघ के प्रति नफरत फैलाते हैं, विदेश में भी उसका अपमान करने से बाज नहीं आते जबकि वहां उनके अनर्गल वक्तवयों का जवाब देने संघ का कोई कार्यकर्ता भी मौजूद नहीं होता। भारत से लेकर पाकिस्तान और इंग्लैंड से लेकर अमेरिका तक दुनिया भर में जिस प्रकार इस्लामिक आतंकी संगठन और ईसाई चर्च संघ पर निशाना साध रहे हैं, उसका गहन अध्ययन होना चाहिए। इसके लिए कौन से देशी-विदेशी संगठन और राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं और उनका आपस में क्या संबंध है, उस पर विचार होना ही चाहिए। बहरहाल इतना तो साफ है कि भारत में कांग्रेस, टीएमसी, सीपीएम, राजद, सपा आदि जैसी इस्लामिक सांप्रदायिक पार्टियां ही नहीं, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और वहां के कट्टर इस्लामिक दल भी आज संघ को निशाना बना रहे हैं। सब एक ही जुबान बोल रहे हैें और सबका एक ही मकसद है – इस्लामिक आतंकवाद को सही ठहराने या उससे ध्यान हटाने के लिए 'हिंदू आतंकवाद' का हौवा खड़ा करना। इस मामले में आईएसआई, कांग्रेस जैसी इस्लामिक सांप्रदायिक पार्टियों से दस कदम आगे है। उसके टुकड़ों पर पलने वाले कश्मीरी, खालिस्तानी, बांग्लादेशी, बर्मी आतंकी सभी अब एक स्वर से इसका जाप कर रहे हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपना पक्ष मजबूती और स्पष्टता से रखा था। लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है। अब जरूरी है कि संघ विश्व समुदाय के साथ वैचारिक आदान-प्रदान और प्रगाढ़ करे और अपने उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण सामाजिक सांस्कृतिक योगदान और परियोजनाओं के विषय में उन्हें अधिक जानकारी दे। http://lalitanijhawan.com/wp-content/uploads/2018/10/Screen-Shot-2018-10-09-at-10.32.40-AM.png 1936 1748 Lalita NIjhawan http://lalitanijhawan.com/wp-content/uploads/2017/03/Logo_lalita_nijhawan-300x138.png Lalita NIjhawan2018-10-09 05:17:362018-10-09 05:31:37"संघ को बदनाम करने की नापाक कोशिश" in Punjab Kesari "हिंदू विरोधी वोट बैंक और संघ का अंधा विरोध" in Punjab Kesari September 18, 2018 /0 Comments/in News /by Lalita NIjhawan राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 'भविष्य का भारत' विषय पर तीन दिवसीय चर्चा का आयोजन कर रहा है। इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयं इस बारे में अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। संघ ने इसमें हर क्षेत्र और वर्ग के लोगों को न्यौता दिया। बुलावे पर अनेक कास्टिस्ट इस्लामिक कम्युनल (सीआईसी) पार्टियों का रवैया खेदजनक रहा। चर्चा में आना या न आना उनका विशेषाधिकार था, लेकिन उन्होंने संघ के प्रति जो अपमानजनक टिप्पणियां कीं वो लोकतंत्र और सहिष्णुता की भारतीय परंपराओं के सर्वदा विरूद्ध थीं। इन टिप्पणियों से कुछ बातें तो स्पष्ट हुईं। एक तो ये कि अपमानजनक टिप्पणी करने वाले लोगोें को संघ की वास्तविकता और दर्शन का कोई ज्ञान नहीं है। दूसरी ये कि इन्होंने संघ को हिंदुओं का एक प्रतीक बना दिया है। जो भी हिंदुओं से नफरत करता हो या उनसे नफरत करने वालों का समर्थन चाहता हो, वो संघ का अपमान करे और अपनी भड़ास निकाल दे। संघ को गाली देना, उसके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना 'हिंदू सांप्रदायिकता' का सर्वदा उचित विरोध है। संघ के न्यौते पर किसने क्या कहा, ये दोहराना उचित नहीं होगा, लेकिन संघ की विचारधारा के कुछ मूल तत्वों पर चर्चा की जाए, उससे पहले ये स्पष्ट करना जरूरी है कि भारतीय लोकतंत्र में संघ को अपने विचार रखने और उन्हें प्रचारित, प्रसारित करने का उतना ही हक है जितना सीआईसी पार्टियों को है। अगर सीआईसी पार्टियां राष्ट्रविरोधी, सुरक्षा बलों के हत्यारे नक्सलियों, कश्मीरी और पाॅपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया के इस्लामिक आतंकवादियों का समर्थन 'अभिव्यक्ति की आजादी' मान सकती हैं तो संघ को भी अपनी अखंड भारत की परिकल्पना मानने और उसे साकार करने के लिए प्रयास करने का पूरा हक है। ध्यान रहे, इसके लिए संघ न तो किसी हिंसक गतिविधि को बढ़ावा दे रहा है और न ही समाज के विघटन की बात कर रहा है। सीआईसी पार्टियां आंख मूंद कर संघ पर आरोप लगाती रही हैं कि संघ हिंदू राष्ट्र की बात करता है और अल्पसंख्यकों (हास्यास्पद है लेकिन 20 करोड़ मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहा जाता है) के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता। लेकिन सीआईसी पार्टियां ये नहीं बतातीं कि 'हिंदू' से संघ का क्या अभिप्राय है? जो बात इन विघटनकारी इस्लामिक सांप्रदायिक दलों को नहीं पता, उसे हम स्पष्ट कर देते हैं। संघ के लिए 'हिंदू' एक व्यापक और समावेशी शब्द है। संघ के लिए हर वो व्यक्ति 'हिंदू' है जो भारत को अपनी मातृभूमि, पितृभूमि और पुण्यभूमि मानता है। सीआईसी पार्टियां मुसलमानों को डराती हैं कि संघ हिंदुओं को संगठित कर रहा है और जब ये मजबूत हो जाएगा तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। ये सही है कि संघ हिंदुओं को संगठित करना चाहता है, लेकिन इसका उद्देश्य किसी धर्म, जाति, समुदाय के लोगों को आक्रांत करना या उनके अधिकार छीनना नहीं है। संगठन क्या है इसे स्पष्ट करते हुए संघ संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार कहते हैं – "किसी भी राष्ट्र की सामथ्र्य उसके संगठन के आधार पर निर्मित होती है। बिखरा हुआ समाज तो एक जमघट मात्र है। 'जमघट' और 'संगठन' दोनों शब्द समूहवाचक हैं, फिर भी दोनों का अर्थ भिन्न है। जमावड़े में अलग-अलग वृŸिा के और परस्पर कुछ भी संबंध न रखने वाले लोग होते हैं, किंतु संगठन में अनुशासन, अपनत्व और समाज-हित के संबंध सूत्र होते हैं जिनमें अत्यधिक स्नेहाकर्षण होता है। यह सीधा-सरल तत्व ध्यान में रखकर समाज को संगठित और शक्तिशाली बनाने के लिए संघ ने जन्म लिया है….संघ का ध्येय अपने धर्म, अपने समाज और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए हिंदुओं का सक्षम संगठन करना है। इससे हमारा खोया आत्मविश्वास पुनः जाग्रत होगा और उसकी सामथ्र्य के सामने आक्रामकों की उद्दंड प्रकृति ढीली पड़ेगी तथा वे हमारे ऊपर आक्रमण करने की फिर सोच भी नहीं पाएंगे।" विघटित समाज का क्या हश्र होता है वो हम 1947 में देख चुके हैं, जब माउंटबेटन ने कांग्रेस (जवाहरलाल नेहरू) और मुस्लिम लीग (मौहम्मद अली जिन्ना) के साथ मिलकर भारत का बंटवारा करवा दिया जिसके बाद भारत ने अपने इतिहास का सबसे खूनी दौर देखा जिसमें बीस लाख से ज्यादा लोग मारे गए और करोड़ों बेघर हुए। वैसे भी जब भारत का विघटन चाहने वाली शक्तियां खुद को संगठित कर और भारतीय संविधान में दिए गए अधिकारों का दुरूपयोग कर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए षडयंत्र कर सकती हैं तो भारत की अखंडता और एकता के पक्षधर हिंदुओं को एक करने में क्या बुराई है? सीआईसी पार्टियांे बार-बार संघ के खिलाफ ये दुष्प्रचार करती हैं कि उसने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया। आजादी के बाद बेशर्मी से भारतीयों की लाशों को रौंद कर सŸाा पर काबिज होने वाली कांग्रेस ने इतिहास की पाठ्यपुस्तकों को कम्युनिस्टों के साथ मिलकर इस तरह लिखवाया जैसे उसके अलावा किसी और ने आजादी की लड़ाई मंे हिस्सा ही नहीं लिया। महात्मा गांधी ने निःसंदेह भारतीयों का जाग्रत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन नेहरू तो अंग्रेजों के पिट्ठू ही रहे। वो जेल भी गए तो उन्हें वहां भरपूर सुविधाएं दी गईं। आपको बता दें कि संघ के संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। वो कांग्रेस में भी रहे और उन्होंने क्रांतिकारियों का साथ भी दिया। वो कांग्रेस से अलग हो गए क्योंकि कांग्रेस का लक्ष्य भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता था वहीं उनका उद्देश्य 'अखंड भारत की सर्वांगीण स्वतंत्रता' था। 1925 में संघ की स्थापना के बाद भी हेडगेवार कांग्रेस नेतृत्व द्वारा संचालित आंदोलनों और सत्याग्रहों में भाग लेते रहे। संघ की शाखाओं में तैयार होने वाले देशभक्त युवकों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपनी पूरी शक्ति झोंक दी। उनके सहयोगी नेताओं के लेखों एवं सरकारी दस्तावेजों से ये साबित होता है कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में लाखों स्वयंसेवकों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर अग्रणी भूमिका निभाई थी। यह भी ऐतिहासिक सत्य है कि इन स्वयंसेवकों ने अपने आदर्श ध्येय वाक्य 'नहीं चाहिए पद, यश, गरिमा, सभी चढ़े मां के चरणों में' के अनुसार अपनी संस्थागत पहचान से ऊपर उठकर सत्याग्रहों में भाग लिया और जेलों में अनेक प्रकार की यातनाएं एवं कष्ट सहन करते हुए अपनी राष्ट्रभक्ति का अतुलनीय परिचय दिया। पूर्व राष्ट्रपति और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी को हेडगेवार के योगदान की पूरी जानकारी थी, इसीलिए उन्होंने संघ के मुख्यालय में उन्हें 'भारत मां का महान सपूत' बताया था। सीआईसी पार्टियों के जो लोग आज संघ को अपशब्द कह रहे हैं उन्हें याद दिला दें कि महात्मा गांधी, डाॅक्टर भीमराव अंबेदकर, जमनालाल बजाज, डाॅक्टर जाकिर हुसैन, जयप्रकाश नारायण, जनरल करियप्पा आदि संघ के कार्यक्रमों में आ चुके हैं। 1963 में स्वामी विवेकानंद जन्म शताब्दी के अवसर पर कन्याकुमारी में 'विवेकानंद शिला स्मारक' निर्माण के समय भी संघ को सभी राजनीतिक दलों और समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिला। इसके निर्माण के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों के 300 सांसदों के हस्ताक्षर एकनाथ रानाडे ने प्राप्त किए थे। पूर्व संघ प्रचारक एवं 'युगप्रवर्तक स्वतंत्रता सेनानी डाॅक्टर हेडगेवार का अंतिम लक्ष्य – भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता' पुस्तक के लेखक नरेंद्र सहगल अपनी पुस्तक में लिखते हैं – "आज भी संघ के विरोधी संघ पर कई प्रकार के आरोप लगाते हैं। संघ एक सांप्रदायिक सैनिक संगठन है। संघी संकीर्ण विचार के लोग हैं। मुस्लिम विरोधी हैं। दंगे करवाते हैं……संघ के विरोधी यदि संघ की वैचारिक चट्टान के साथ टकराकर अपना सिर फोड़ने की जगह संघ में आकर इसे समझने का थोड़ा भी प्रयास करें, तो वोे भी इस चट्टान का हिस्सा बन सकते हैं। अन्यथा संघ तो एक निश्चित गति से अपना काम कर ही रहा है। लोग ये भी कहते हैं कि संघ ने अपने दरवाजे बंद कर रखे हैं। सच्चाई यह है कि संघ के दरवाजे हैं ही नहीं, बंद क्या करें। उन्होंने ही अपने दरवाजे हमारे लिए बंद कर दिए हैं।" नरेंद्र सहगल का विश्लेषण कितना सही है, ये मोहन भागवत के विज्ञान भवन के कार्यक्रम को लेकर खड़े किए गए मिथ्या विवाद से स्पष्ट हो जाता है। शास्त्रार्थ और विचार-विमर्श की महान भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए संघ ने विरोधी मतावलंबियों को भी निमंत्रण दिया, लेकिन उन्होंने न केवल अपने दरवाजे बंद किए, बल्कि असभ्य और असंसदीय व्यवहार भी किया। बहरहाल दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने सिद्धांतों पर कायम है और लक्ष्य की ओर उसकी यात्रा अनवरत जारी है। भारत के सर्वांगीण विकास के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, वनवासी कल्याण आश्रम, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, विद्या भारती, स्वदेशी जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय किसान संघ, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, संस्कार भारती आदि जैसे अनेकानेक संगठनों के साथ वो मां भारती के सेवा में दिन-रात जुटा है। संघ से प्रेरित संगठनांे द्वारा इस समय देश में एक लाख साठ हजार से अधिक सेवा कार्य चल रहे हैं जिनसे लाभान्वित होने वाले अधिकांश लोग दलित वर्ग से संबंध रखते हैं। http://lalitanijhawan.com/wp-content/uploads/2018/09/Screen-Shot-2018-09-18-at-11.00.17-AM.png 1774 1796 Lalita NIjhawan http://lalitanijhawan.com/wp-content/uploads/2017/03/Logo_lalita_nijhawan-300x138.png Lalita NIjhawan2018-09-18 05:39:222018-09-18 05:39:40"हिंदू विरोधी वोट बैंक और संघ का अंधा विरोध" in Punjab Kesari
2019/04/25 11:48:05
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मोरवा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही से अवैध शराब तस्करों में हड़कंप – Home/उर्जांचल की ख़बरें/मोरवा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही से अवैध शराब तस्करों में हड़कंप न्यूज़ डेस्क, उर्जांचल टाईगर Follow on Twitter Send an email 27/08/2020 बैढ़न कार्यालय।। सिंगरौली जिले में अवैध शराब तशकरों के खिलाफ़ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह निर्देशन व ए एसपी प्रदीप शेंडे के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अनुविभागीय अधिकारी के सतत निगरानी में मोरवा टी आई मनीष त्रिपाठी को लगातार सफलता मिल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोरवा टी आई मनीष त्रिपाठी ने बीती रात नशे के विरुद्ध एक और सफल कार्यवाही करते हुए एक युवक को 56 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया। एक अन्य मामले में धारदार हथियार के साथ घुमते एक युवक के खिलाफ आर्म्स एक्ट की कार्यवाही भी मोरवा पुलिस ने की। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात झिंगुरदह खदान के पास स्थित एक निजी कंपनी में महुआ शराब की बिक्री करने जा रहे दिलीप कुमार भारती पुत्र गौरीशंकर निकासी पंजरेह को 56 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है ,साथ ही धारदार हथियार लेकर संदिग्ध हालत में घुमते उमेश मिश्रा निवासी साईं कालोनी को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट की कार्यवाही की गई है। आपको बता दे की मोरवा पुलिस द्वारा एक सप्ताह के अंतराल में 14 हाथ भट्टी महुआ शराब विक्रेताओ के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर 300 लीटर शराब जप्त किया गया।मोरवा पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्यवाही से अवैध शराब विक्रेताओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है। उक्त कार्यवाहीं में सहायक उपनिरीक्षक साहब लाल सिंह, प्रधान आरक्षक संतोष चंदेल, अजीत सिंह, अरविंद चौबे, डी एन सिंह, राजवर्धन सिंह, बृहस्पति पटेल, आरक्षक मंगलेश्वर व संजय परिहार शामिल रहे।
2021/06/21 16:40:52
https://urjanchaltiger.com/urjanchal-news/4330/
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16 dead and thousands displaced in flooding in Indonesia capital Jakarta नए साल पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बाढ़ ने मचाई तबाही, 16 मरे नववर्ष के समारोह की खुशियां जकार्ता में तहस-नहस हो गई क्‍योंकि भीषण बाढ़ के कारण यहां के करीब 16 लोगों की मौत हो गई। Publish Date:Thu, 02 Jan 2020 09:32 AM (IST)Author: Monika Minal जकार्ता, एपी। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में नए साल के आगमन के साथ आए बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। इसके कारण 16 लोगों की मौत हो गई दस हजार से भी अधिक लोग विस्‍थापित हो गए और तो और एयरपोर्ट को भी मजबूरन बंद करना पड़ा। यह जानकारी देश के आपदा प्रबंधन की ओर से दी गई। मानसून की बारिश और उफनती नदियों ने करीब 169 इलाकों को डूबो दिया है। वहीं जकार्ता के बाहरी इलाकों बोगोर व दीपोक जिले में भूस्‍खलन की वजह भी बन गई। राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्‍ता आगस विबोवो ने यह जानकारी दी। स्‍थानीय न्‍यूज एजेंसी ने जो तस्‍वीरें ली हैं उसमें इस भीषण बाढ़ के भयावहता को देखा जा सकता है। इसमें पानी में तैरती कारें दिख रहीं हैं वहीं सैनिक व राहतकर्मी रबड़ बोट के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं। साथ ही बच्‍चों समेत लोग छतों पर बसेरा बनाने को मजबूर हैं। विबोवो ने बताया कि इस भयंकर आपदा ने हजारों घरों को लील लिया है। इसके कारण यहां बिजली व जलापूर्ति ठप पड़ी है। उन्होंने आगे बताया कि यहां के कुछ जगहों पर आठ फुट से ऊपर तक पानी पहुंच गया है। इसके कारण 31000 से अधिक लोगों को दूसरी जगह राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। नागर विमानन महानिदेशक पोलाना प्रमेस्ती के अनुसार, जकार्ता का हलीम पेरडानाकुस्माह घरेलू हवाईअड्डे का रनवे बाढ़ के पानी में डूबा पड़ा है इसलिए इसे बंद करा दिया गया है। उन्‍होंने बताया कि जकार्ता में व पश्चिमी जावा के पहाड़ी इलाकों में 37 सेमी बारिश को रिकॉर्ड किया गया है। इस बारिश के कारण सिलीवुंग (Ciliwung) और सिस्‍डेन (Cisadane) नदियों में उफान है। यह जानकारी जकार्ता गवर्नर अनीस बसवेदान ने हवाई सर्वे के बाद दिया है। उन्‍होंने बताया कि 120,000 राहतकर्मी वहां लोगों की मदद के लिए मौजूद हैं। मोबाइल वाटर पंप लगाए जा रहे हैं क्‍योंकि पूर्वानुमान में और बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही उन्‍होंने प्रतिबद्धता जताई कि दोनों नदियों पर बाढ़ प्रबंधन योजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा।
2021/01/26 19:32:19
https://m.jagran.com/world/indonesia-16-dead-and-thousands-displaced-in-flooding-in-indonesia-capital-jakarta-19898020.html
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बेरोजगारी कम करने और हर व्यक्ति की सहूलियत को महाराज ने डाक विभाग को दिया फार्मूला | News 1975 Home उत्तराखंड बेरोजगारी कम करने और हर व्यक्ति की सहूलियत को महाराज ने डाक... कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा राजभवन में आयोजित बसन्तोत्सव-2021 में प्रतिभाग कर पुष्प प्रदर्शनी में लगाये गये विभिन्न स्टालों के साथ-साथ भारतीय डाक एवं तार विभाग के स्टाल पर जाकर अधिकारियों को आवश्यक सुझाव भी दिये। कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बसन्तोत्सव के मौके पर राजभवन में एक ओर जहां विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया वहीं दूसरी ओर उन्होने भारतीय डाक एवं तार विभाग के स्टाल पर जाकर अधिकारियों को सुझाव दिया कि डाक विभाग युवाओं को रोज़गार देने के अलावा एक ऐसी योजना बनाये जिसका लाभ जन सामान्य भी उठा सके। https://news1975.com/wp-content/uploads/2021/03/WhatsApp-Video-2021-03-14-at-21.24.13.mp4 महाराज ने डाक विभाग के अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्हें सुझाव दिया कि भारतीय डाक विभाग आम जन को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी पहल करे कि यदि कोई भी व्यक्ति जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों को क्षेत्रीय समस्याओं या किसी अन्य विषय पर कोई भी आवेदन देना चाहता है तो उसे डाक विभाग द्वारा स्थापित सेन्टर पर बैठे व्यक्ति द्वारा वहीं डाफ्ट कर सीधे इ-मेल या इन्टरनेट के माध्यम से संबंधित को भेजा जा सके। इसके लिए उन्होने डाक विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह बेरोजगार युवाओं को फ्रैन्चाईजी दे कर अपने सेन्टर स्थापित कर इस काम अंजाम दे सकता है। महाराज ने कहा कि यदि डाक विभाग इस प्रकार की योजना पर कार्य करता है तो एक ओर स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग जो इन्टरनेट सुविधाओं का विभिन्न कठिनाइयों के चलते उपयोग नहीं कर पाते या जिन्हें पत्र ड्राफ्ट करना नहीं आता, इन्टरनेट का प्रयोग ठीक ढंग से करना भी नहीं आता। उन्हें इससे काफी सहूलियत होगी और अपनी बात को उचित स्थान तक पहुंचाने में उन्हें मदद भी मिल पायेगी। Previous articleसऊदी अरब में इस बदलाव से लाखों भारतीयों को मिलेगा फायदा, अब अपनी मर्जी से बदल सकेंगे नौकरियां Next articleमुख्यमंत्री ने बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन करने केऔर इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाने के निर्देश दिये
2022/07/07 14:24:01
https://news1975.com/maharaj-gave-formula-to-the-postal-department-to-reduce-unemployment-and-the-convenience-of-every-person/
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कोविड युग के बाद की चुनौतियों पर ध्यान देने के लिए भारत में सीनियर केयर पर सबसे बड़ा कॉन्क्लेव - Ajmernama एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया का तीसरा ASLI वार्षिक सीनियर केयर कॉन्क्लेव 2021 नई दिल्ली, जनवरी 2021: भारत अब राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 की वैक्सीन को रोलआउट करने के लिए तैयार है, लेकिन महामारी के दौरान देश के वरिष्ठ लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए काफी कठिनाइयों का सामना किया है। भारत में सीनियर केयर (वरिष्ठ देखभाल) और रहन-सहन के लिए चुनौतियों, समाधानों और भविष्य के रोडमैप का आकलन और विचार-विमर्श करने के लिए एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया ने सीनियर हब 'उन्मुक्त' के साथ साझेदारी कर तीसरे वार्षिक सीनियर केयर कॉन्क्लेव को आयोजित करने का ऐलान किया है। यह कॉन्क्लेव 22-24 जनवरी 2021 को वर्चुअली आयोजित होगा, जिसमें सीनियर केयर इंडस्‍ट्री के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया जाएगा। भारत में सीनियर लिविंग कम्‍युनिटीज में अग्रणी, आशियाना हाउसिंग इस कॉन्क्लेव का प्लैटिनम प्रायोजक है। प्राइमस लाइफस्पेस और स्टैंडर्ड्स वाइज इंटरनेशनल इंडिया गोल्ड प्रायोजकों के रूप में जुड़े हुए हैं। कोलंबिया पेसिफिक कम्यूनिटीज और त्रावणकोर फाउंडेशन वर्चुअल इवेंट में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज प्रायोजक हैं। कॉन्क्लेव के उद्घाटन के बाद दो-दिवसीय सीनियर उत्सव ऑनलाइन एक्सपो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को एक वर्चुअल मंच प्रदान किया जाएगा जहां वे अपनी अनूठी जरूरतों के अनुसार उत्‍पादों एवं सेवाओं को एक्‍स्‍प्‍लोर कर उनका चुनाव कर सकते हैं। बुजुर्ग सीनियर केयर इंडस्‍ट्री में अग्रणी लोगों और कई व्‍यावसायों के साथ संवाद कर सकते हैं। इन अग्रणी लोगों में अंतरा सीनियर लिविंग, ईपोच एल्‍डर केयर, कोवियल केयर,ईडेन, रिटायरमेंट लिविंग, इमोहा एल्‍डरकेयर, अतुल्‍य सीनियर लिविंग, होप एक आशा, क्षेत्र असिस्‍टेड लिविंग,अनंत लिविंग, बहरी एस्‍टेट्स, वेदांता सीनियर लिविंग, हेल्‍दीजीएक्‍स, परांजपे स्‍कीम्‍स, सीनियॉरिटी और अन्य शामिल हैं जोकि वरिष्ठ उपभोक्ताओं के लिए अपने अनूठे उत्पाद, पेशकश और सेवाएं प्रदर्शित करेंगे ताकि वे सुरक्षित वातावरण में रह सकें। कॉन्क्लेव व्यवसायों और व्यक्तियों को भी प्रस्तुत करेगा, जो रिटायरमेंट प्‍लानिंग और सीनियर केयर में काम करते हैं। उन्‍हें संबंध बनाने के अनूठे अवसर मिलेंगे और वे अपने कार्यक्षेत्र के दूसरे प्रमुख लोगों के साथ सहयोग मजबूत कर पायेंगे। सीनियर केयर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ASLI के सह-संस्थापक और चेयरमैन श्री अंकुर गुप्ता ने कहा, "महामारी के बाद की दुनिया में 'न्यू नॉर्मल' के साथ हेल्‍थकेयर एवं तंदुरुस्‍ती का महत्व सबसे ज्यादा हो गया है, खासतौर से बुजुर्गों के लिए। भारत में सीनियर केयर इंडस्‍ट्री अभी भी एक नवोदित अवस्था में है, लेकिन निश्चित रूप से रिटायरमेंट कम्‍यूनिटीज में नए सिरे से रुचि दिखाई गई है जो वरिष्ठों के आराम, सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं । इस कॉन्क्लेव के माध्यम से हमारा उद्देश्य सीनियर केयर इंडस्‍ट्री की जरूरतों को संबोधित करना है और हमारे बुजुर्गों को उनके स्‍वर्णिम वर्षों का आनंद लेने के लिए एक नियंत्रित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न पारिस्थितिकी तंत्र खिलाड़ियों के बीच एक गहन और व्यापक सहयोग को बढ़ावा देना है।"
2021/01/15 13:48:39
https://ajmernama.com/national/353569/
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BETTIAH NEWS : पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस की कार्रवाई, दो हथियार तस्करों को लोडेड कट्टा के साथ किया गिरफ्तार 25-Sep-2021 04:09 PM BETTIAH : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को स्वच्छ व निष्पक्ष कराने के मद्देनजर बेतिया पुलिस जगह जगह वाहन जांच अभियान चला रही है। इसी दौरान आज वाहन जांच के दौरान नौतन पुलिस ने दो हथियार तस्कर को तीन लोडेड कट्टा, चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि करते हुए बेतिया पुलिस अधीक्षक उपेन्द्रनाथ वर्मा ने बताया की पंचायत चुनाव स्वच्छ व निष्पक्ष कराने के लिए बेतिया पुलिस जगह जगह वाहन जांच अभियान चला कर अपराधियों पर नकेल कस रही है। ताकि उसके मंसूबे को कामयाब नही किया जा सके। इसके लिए एक टीम का गठन भी किया गया है। आगे भी अपराधियों की धड़ पकड़ के लिए अभियान जारी रहेगा। बताते चलें जिले अपराधी बेख़ौफ़ होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे है। ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर अपराधी पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे है। हालाँकि पंचायत चुनाव के लेकर पुलिस काफी सख्त हो गयी है। अभियान चलाकर इन अपराधियों की धड पकड की जा रही है।
2021/10/27 15:56:54
https://news4nation.com/news/police-action-regarding-panchayat-elections-two-arms-smugglers-arrested-with-loaded-katta-653778
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सरकार कार्यान्वयन के दो महीने से अधिक समय के बाद कल्याण समन्वयक के लिए सिफारिशों की मार्गदर्शिका प्रस्तुत करती है - DigiExperts Skip to content Friday, Dec 9, 2022 Breaking News यूरोपीय संघ ने बिटकॉइन एक्सचेंजों पर करों में 2.4 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है संकट के बावजूद, ग्रेस्केल का बिटकॉइन फंड “सोने के अंडे देने वाली हंस” है कॉलेज में पूर्व सहकर्मी की हत्या का आरोप हिमालय में चीन, पाकिस्तान का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना 354 लाइट टैंक हासिल करेगी फ़ुटबॉल विश्व कप मुट्ठी भर क्रिप्टोकरेंसी नायक बनाता है पिछले 30 दिनों में प्रतिदिन 8,000 बीटीसी ने एक्सचेंज छोड़े समीक्षा करें: ‘शिक्षा एक दर्पण है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक दृष्टिकोण’ दो आदमियों के चेहरे पर गिरने के बाद हुई ऊंट की सवारी, इंटरनेट को लगा यह मजेदार लेजर STAX, हार्डवेयर वॉलेट जो iPhone के सह-निर्माता से आता है Binance के BNB पर मंदी का सेंटीमेंट है पैसिफिक यू ने बिल्डिंग से नस्लभेदी संपादक का नाम हटाया एक पारंपरिक अनुष्ठान करते हुए आदमी एक मंदिर की मूर्ति के नीचे फंस जाता है DigiExperts Tech and education updates Education Schemes Yojana bitcoin news Contact Us Search for: Trending Now 1 यूरोपीय संघ ने बिटकॉइन एक्सचेंजों पर करों में 2.4 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है 10 hours ago 2 संकट के बावजूद, ग्रेस्केल का बिटकॉइन फंड “सोने के अंडे देने वाली हंस” है 22 hours ago 3 कॉलेज में पूर्व सहकर्मी की हत्या का आरोप 23 hours ago 4 हिमालय में चीन, पाकिस्तान का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना 354 लाइट टैंक हासिल करेगी 24 hours ago 5 फ़ुटबॉल विश्व कप मुट्ठी भर क्रिप्टोकरेंसी नायक बनाता है 1 day ago 6 पिछले 30 दिनों में प्रतिदिन 8,000 बीटीसी ने एक्सचेंज छोड़े 2 days ago 7 समीक्षा करें: ‘शिक्षा एक दर्पण है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक दृष्टिकोण’ 2 days ago 8 दो आदमियों के चेहरे पर गिरने के बाद हुई ऊंट की सवारी, इंटरनेट को लगा यह मजेदार 2 days ago 9 लेजर STAX, हार्डवेयर वॉलेट जो iPhone के सह-निर्माता से आता है 2 days ago 10 Binance के BNB पर मंदी का सेंटीमेंट है 3 days ago 11 पैसिफिक यू ने बिल्डिंग से नस्लभेदी संपादक का नाम हटाया 3 days ago 12 एक पारंपरिक अनुष्ठान करते हुए आदमी एक मंदिर की मूर्ति के नीचे फंस जाता है 3 days ago Home Education Education सरकार कार्यान्वयन के दो महीने से अधिक समय के बाद कल्याण समन्वयक के लिए सिफारिशों की मार्गदर्शिका प्रस्तुत करती है digitateam 1 month ago " शिक्षा का जर्नल यह एक फाउंडेशन द्वारा संपादित किया जाता है और हम शैक्षिक समुदाय की सेवा करने की इच्छा के साथ स्वतंत्र, स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं। अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। हमारे पास तीन प्रस्ताव हैं: एक ग्राहक बनें / हमारी पत्रिका खरीदें / दान करो. आपकी भागीदारी के कारण यह लेख संभव हो पाया है। सदस्यता लेने के जिस पाठ्यक्रम में सह-अस्तित्व समन्वय आंकड़ा लागू किया गया है, उसके शुरू होने के दो महीने बाद, लोपिवी और लोमलो के अनुमोदन के एक वर्ष से अधिक समय के बाद, मंत्रालय एक गाइड को मंजूरी देता है कि आपकी प्रोफ़ाइल सह-अस्तित्व के राज्य वेधशाला के भीतर कैसे होनी चाहिए। हम पत्रकारिता के लिए समर्पित देश में एकमात्र गैर-लाभकारी संगठन हैं। हम पेवॉल नहीं लगाएंगे, लेकिन हमें 1000 सब्सक्राइबर होने चाहिए बढ़ते रहने के लिए। यहां क्लिक करें और हमारी मदद करें शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्री, पिलर एलेग्रिया की अध्यक्षता में स्कूल सह-अस्तित्व के राज्य वेधशाला की प्लेनरी ने इस मंगलवार को एक गैर-बाध्यकारी दस्तावेज ‘स्कूल समुदाय में कल्याण और संरक्षण के समन्वयक’ को मंजूरी दे दी है। स्वायत्त समुदायों के सहयोग से, मैड्रिड के स्वायत्त विश्वविद्यालय के बच्चों और किशोरों (आईयूएनडीआईए) के बच्चों और किशोरों के अधिकारों और अधिकारों के विश्वविद्यालय संस्थान से मारिया एंजेल्स एस्पिनोसा बायल द्वारा, और जिसमें भलाई के सही कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश शामिल हैं शैक्षिक केंद्रों में समन्वयक, साथ ही साथ उनके कार्य और प्रशिक्षण। केंद्रों में सह-अस्तित्व में सुधार के लिए उत्पीड़न के मामलों की रोकथाम और पता लगाने के उद्देश्य से इस नए आंकड़े के कार्यान्वयन के संबंध में मौजूद बड़ी संख्या में संदेह के परिणामस्वरूप शैक्षिक समुदाय के भीतर भ्रम के संदर्भ में प्रस्तुति तैयार की गई है। और इसने लोमलो की छत्रछाया और बच्चों के संरक्षण के लिए कानून (LOPIVI) के तहत अपने कार्यों का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। कल्याण समन्वयक के कार्यान्वयन को “सरकार के लिए पूर्ण प्राथमिकता” के रूप में अर्हता प्राप्त करने के बाद, कोरोनोवायरस महामारी के कारण भावनात्मक आघात के परिणामस्वरूप, एलेग्रिया ने अपने भाषण का लाभ उन सदस्यों के काम को धन्यवाद देने के लिए लिया जो राज्य की वेधशाला बनाते हैं। शैक्षिक समुदाय के सभी सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण की खोज में स्कूल सह-अस्तित्व। इसके अलावा, मंत्री ने “एक समृद्ध शिक्षा और एक बेहतर समाज के आधार” के रूप में “हमारे युवाओं के लिए एक सुरक्षित, आश्वस्त, प्रेरित और समावेशी स्कूल वातावरण बनाने” के महत्व पर प्रकाश डाला। शिक्षा राज्य सचिव, जोस मैनुअल बार, और क्षेत्रीय सहयोग और शैक्षिक नवाचार के लिए उप महानिदेशक, Purificación Llaquet, ने एक “अधिकतम” गाइड की कुंजी को रेखांकित किया है जो एक मौलिक स्तंभ के रूप में शिक्षक प्रशिक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए तीन प्रशिक्षण स्तरों को स्पष्ट किया गया है। “सबसे पहले, कल्याण और सुरक्षा में बुनियादी प्रशिक्षण जो नाबालिग के करीब सभी वयस्कों को होना चाहिए, इस हद तक कि वे अपनी भावनात्मक भलाई के लिए जिम्मेदार हैं। दूसरे चरण में कार्यों की योजना बनाने और घटनाओं के प्रबंधन के लिए उन्मुख एक सक्षम प्रशिक्षण शामिल है। अंत में, एक तीसरा स्तर, अधिक विशिष्ट और हस्तक्षेप की ओर उन्मुख, जिसके लिए शिक्षण कर्मचारी निरंतर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे”, लैक्वेट ने समझाया। वेलनेस कोऑर्डिनेटर: एक और अवसर जो जानबूझकर छूट सकता है प्रशिक्षण के मुद्दे से परे, गाइड पूरे शैक्षिक समुदाय के उद्देश्य से जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों और हिंसा और उत्पीड़न की स्थितियों का शीघ्र पता लगाने के माध्यम से रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करता है। बार के शब्दों में, सफल होने के लिए, “इस क्रिया को एक व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए” ताकि, शिक्षण कर्मचारियों के काम के अलावा, “इसमें प्रबंधन दल, गैर-शिक्षण कर्मचारी, परिवार और शामिल हों। स्वयं छात्र, साथ ही साथ अन्य बाहरी एजेंट, सामाजिक सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं या सुरक्षा बल और निकाय”। इस आंकड़े की आवश्यकताओं के बारे में, शैक्षिक समुदाय द्वारा सबसे अधिक चर्चा किए गए पहलुओं में से एक, दस्तावेज़ रोकथाम और हस्तक्षेप में व्यक्ति के अनुभव और प्रशिक्षण, शैक्षिक केंद्र में वरिष्ठता, स्थिति में स्थिरता और प्रबंधन टीम के साथ समन्वय पर प्रकाश डालता है। “हम एक प्रारंभिक चरण में हैं। हम गाइड, प्रोटोकॉल, संकेतों पर काम करते हैं … समुदायों की शक्तियों पर आक्रमण किए बिना, यह मुद्दे को संबोधित करने के तरीकों को एकजुट करने के बारे में है। यह सामान्य है कि विसंगतियां और अलग-अलग परिस्थितियां हैं क्योंकि हम इसे अभी शुरू कर रहे हैं”, बार ने स्वीकार किया। नेटवर्क में सहअस्तित्व वेधशाला के पूर्ण सत्र ने ‘शैक्षणिक केंद्रों में साइबर सह-अस्तित्व पर काम करने की सिफारिशें’ नामक एक दूसरे पाठ को भी मंजूरी दी है। यह वेधशाला के साइबर सह-अस्तित्व समूह द्वारा “सकारात्मक रूप से तैयार” और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संस्थान (INCIBE) द्वारा समन्वित एक और गाइड है। दस्तावेज़ में कई सिफारिशें शामिल हैं जिनका उद्देश्य छात्रों द्वारा मोबाइल उपकरणों और सामाजिक नेटवर्क के तेजी से शुरुआती उपयोग के परिणामस्वरूप स्कूलों में साइबर सह-अस्तित्व में सुधार करना है। इसमें संभावित संघर्षों का पता लगाने और प्रबंधन के संदर्भ में मुख्य रूप से शिक्षकों, छात्रों और परिवारों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इंटरनेट के उपयोग से संबंधित समस्याओं के लिए प्रोटोकॉल शामिल हैं। “यह छात्रों पर जासूसी करने के बारे में नहीं है, लेकिन शिक्षक को इंटरनेट और सोशल नेटवर्क के उपयोग के बारे में सतर्क रहना चाहिए,” ललाक्वेट ने स्पष्ट किया। दोनों दस्तावेज आने वाले दिनों में मंत्रालय की वेबसाइट के माध्यम से परामर्श के लिए उपलब्ध होंगे। सत्र के दौरान, पूर्ण सत्र ने सह-अस्तित्व के संदर्भ में शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रालय के नवीनतम कार्यों की समीक्षा की, जैसे कि शैक्षिक क्षेत्र में भावनात्मक कल्याण के लिए क्षेत्रीय सहयोग कार्यक्रम का कार्यान्वयन, एक आइटम के साथ संपन्न पांच मिलियन यूरो, ‘नेशनल कॉन्टेस्ट ऑफ गुड प्रैक्टिस’ के लिए कॉल, जिसका उद्देश्य केंद्रों में सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है, लोग्रोनो में सातवीं राज्य कांग्रेस के सह-अस्तित्व का उत्सव, स्वयं मंत्रालय की वेबसाइट के माध्यम से संसाधनों का संकलन या कॉल सकारात्मक सहअस्तित्व पर शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम ट्यूटोरियल के लिए। स्कूल सह-अस्तित्व की राज्य वेधशाला शैक्षिक संस्थानों, संघों और स्वायत्त समुदायों के प्रतिनिधियों से बना एक अंतर-मंत्रालयी निकाय है, जिसका अंतिम लक्ष्य शैक्षिक समुदाय के सभी सदस्यों की भलाई की डिग्री को बढ़ावा देना है। यद्यपि इस संगठन ने 2007 में प्रकाश देखा, यह कई वर्षों तक निष्क्रिय रहा और यह महामारी की शुरुआत तक नहीं था, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण के महत्व के बारे में अधिक से अधिक सामाजिक जागरूकता के साथ, यह सच होने लगा प्रासंगिकता। इसमें शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रालय के अलावा, स्वायत्त समुदाय, मुख्य शिक्षण संघ, स्पेनिश फेडरेशन ऑफ नगर पालिकाओं और प्रांतों (एफईएमपी), संघों और पिता और माताओं के संघों के संघ, छात्र संघों के संघ और संघ शामिल हैं। और व्यावसायिक संगठन, अन्य अभिनेताओं के बीच। कल्याण समन्वयक: संसाधनों की कमी उसे भाप से बाहर कर देती है संख्या में बदमाशी पिछले 3 नवंबर को स्कूल में हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस था। रिपोर्ट के अनुसार ‘किशोरावस्था पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव। संबंध, जोखिम और अवसर’, नवंबर 2021 में यूनिसेफ स्पेन द्वारा प्रस्तुत किया गया, तीन किशोरों में से एक बदमाशी का शिकार है। इसी तरह, दस में से दो लोग इंटरनेट के माध्यम से इस उत्पीड़न का अनुभव करते हैं, विशेष रूप से सामाजिक नेटवर्क पर। एनजीओ द्वारा प्रस्तुत उत्पीड़न की उच्च दर के बावजूद, केवल तीन प्रतिशत से अधिक किशोर धमकाए जाने की बात स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि यूनिसेफ ने एक बार फिर स्कूल के माहौल में “हिंसा को रोकने और पता लगाने में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में कल्याण और सुरक्षा समन्वयक के महत्व” पर प्रकाश डाला है। एनजीओ उत्पीड़न की स्थितियों में अवसाद और आत्महत्या की दर में वृद्धि की ओर भी इशारा करता है। “धमकाने से पीड़ित लोगों में भावनात्मक कल्याण, सामाजिक एकीकरण और जीवन के साथ संतुष्टि का स्तर काफी कम है। गंभीर अवसाद की दर शामिल नहीं होने वालों की तुलना में पांच गुना अधिक है, और आत्महत्या की प्रवृत्ति दर चार गुना अधिक है। आधे से अधिक मामलों में, उत्पीड़न की स्थिति महीनों या एक वर्ष से भी अधिक समय तक रहती है”, उनका निष्कर्ष है। हम पत्रकारिता के लिए समर्पित देश में एकमात्र गैर-लाभकारी संगठन हैं। हम पेवॉल नहीं लगाएंगे, लेकिन हमें 1000 सब्सक्राइबर होने चाहिए बढ़ते रहने के लिए। यहां क्लिक करें और हमारी मदद करें Next Post bitcoin news इस "लाल दिन" पर सबसे बड़ी कीमत में गिरावट के साथ ये 5 क्रिप्टोकरेंसी हैं Wed Nov 9 , 2022 यह 9 नवंबर क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार में एक अशांत दिन है, जिसे बिनेंस द्वारा एफटीएक्स एक्सचेंज के खरीद समझौते द्वारा चिह्नित किया गया है। अधिकांश डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में बोर्ड भर में दुर्घटना हुई थी। घाटे में शीर्ष 5 में औसत 30% नीचे है। इसमें सोलाना, लीडो डीएओ, चेनलिंक जैसे […] You May Like Education UPPRPB ने UP पुलिस SI परिणाम 2021 जारी किया; यहां डाउनलोड करने का तरीका बताया गया है Expert 8 months ago Education क्या निष्पक्ष और पारदर्शी शैक्षणिक न्यायाधिकरण वाला विश्वविद्यालय संभव है? digitateam 3 weeks ago Education हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के कहर से 30 से ज्यादा लोगों की मौत Expert 4 months ago Education बर्बरता के प्रति प्रतिबद्धता की शिक्षाशास्त्र के लिए: ब्लैक लाइव्स मैटर digitateam 5 months ago Education डेलावेयर के यू ने दो सप्ताह का मास्क जनादेश लागू किया digitateam 4 months ago Education गृह मंत्रालय का कहना है कि अवैध रोहिंग्याओं को ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में स्थानांतरित करने, कानून के अनुसार निर्वासित करने का कोई निर्देश नहीं है
2022-12-09T13:48:32Z
https://digiexperts.in/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%AE/
OSCAR-2301
अब फरीदाबाद बनेगा और भी स्मार्ट, लेगा एक नया और खूबसूरत रूप - PEHCHAN FARIDABAD NEWS अब फरीदाबाद बनेगा और भी स्मार्ट, लेगा एक नया और खूबसूरत रूप स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एनआईटी के कुछ चौराहों को स्मार्ट बनाया जायेगा । इसी कड़ी में एनआईटी थाने के सामने भगत सिंह चौक को भी नया रूप दिया जा रहा है ।आपको बता दें कि इसे ले आउट देखने में बेहद खूबसूरत है । स्मार्ट सिटी कंपनी की और से इसका ले आउट जारी किया गया है । अभी इसका आधार बनाया जा रहा है, जिसको बनाने में लगभग 3 महीने का समय लगेगा । इसके बाद यहां अमर बलिदानियों सरदार भगत सिंह, सुखदेव वह राजगुरु की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी । पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा लगेगी। इसके भी खूबसूरत रूप से बनाया जाएगा । काफ़ी दिलचस्प होगा नजारा इस चौराहे पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने के साथ फव्वारा, रंग-बिरंगी लाइटें और फूल-पौधे लगाए जाएंगे। चारों ओर ग्रिल लगेगी, ताकि कोई अंदर नुकसान न पहुंचा सके। न प्रतिमाएं बनाने का आर्डर दिया जा चुका है। इन्हें बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। फिलहाल शहर के अधिकतर चौराहे विकसित नहीं है. बल्कि उजड़े हुए दिखाई देते हैं। नगर निगम व अन्य विभाग देखरेख नहीं करते, इसलिए चौराहों की सुंदरता खत्म हो चुकी है। ये चौराहा स्मार्ट सिटी परियोजना के दायरे में भी है। इसलिए इसे संवारने का जिम्मा लिया गया है। चौराहे पर पानी न ठहरे इसके लिए अलग से लाइन डाली जाएगी । इसके बाद बड़ा खान नागरिक अस्पताल चौक हार्डवेयर चौक ,नीलम चौक , प्याली चौक, सारन चौक को भी विकसित किए जाने की बात की जा रही है । चौराहे पर प्रतिमाएं लगाने की जिम्मेदारी गुरुग्राम की ही एक कंपनी को दी गई हैं। ये सभी प्रतिमाएं 11 और 13 फुट ऊंची हैं। इन्हें गन मैटल के धातु से तैयार किया जा रहा है। इससे बनी प्रतिमाएं 50 से 60 साल तक जस की तस रहती हैं। चौराहे के साथ फुटपाथ विकसित किया जाएगा।
2022/06/28 02:10:08
https://pehchanfaridabad.in/104409/faridabad-will-soon-turn-out-to-be-a-more-beautyful-city/
mC4
ऑफिस की एच आर और कलिग के साथ ग्रुप सेक्स - Mastaram.Net हेल्लो दोस्तों मेरा नाम जिगर हैं और आज की ये कहानी मेरी मेनेजर और कलिग के साथ मेरे थ्रीसम सेक्स की हैं. मैं 26 साल का आदमी हूँ जो बंगलौर की एक कम्पनी में काम करता हूँ. कभी कभी मुझे काम के लिए मैसूर भी जाना पड़ता हैं. वैसे मैं अलग अलग इन दोनों के साथ सेक्स कर चूका था और काफी समय से हम लोग ग्रुप बना के सेक्स करने का सोच रहे थे. वो दोनों को भी इस नए अनुभव का मज़ा लेना था. दोस्तों मेरी एचआर मेनेजर का नाम चंचल हैं और जो मेरी कलिग है उसका नाम सनाया हैं. सनाया और मैंने प्लान किया की अगले महीने जब हम काम के लिए मुंबई जायेंगे तब वहां थ्रीसम करेंगे. मैं अपनी एचआर चंचल के साथ पहले मुंबई चला गया और फिर अगले दिन सनाया भी आ गई वहां पर. कम्पनी वालों ने जो होटल बुक की थी वहां से कुछ दूर हमने एक और होटल में बुकिंग की. बुकिंग हमने कम्पनी के नाम से ही की थी ताकि किसी को शक ना हो. शाम को डिनर करने के बाद सब लोगों को सनाया और चंचल ने बोला की वो लोग बहार जा रही हैं और मैंने कहा की मेरी दीदी यही रहती हैं इसलिए मैं उन्हें मिलने जा रहा हूँ. अलग अलग टैक्सी कर के हम लोग हमारे बुक किये हुए होटल पर गये. वहां पर हमने मजे करने के लिए कॉटेज बुक किया हुआ था. और उस कॉटेज के पीछे बादसा ही अच्छा व्यू था. कॉटेज के अन्दर एक बड़ा बेडरूम और किंग साइज़ बेड था. ये दोनों लेडी ने मुझे धक्का दे के बेड पर फेंक दिया. और वो बोली डार्लिंग तुम्हारे लिए एक सरप्राइज हैं. जब वो दोनों ने अपने कपडे खोले तो मैं उन्हें देख के दंग रह गया. वो दोनों ने सेम रंग की लिंगरी पहनी हुई थी और वो ट्रांसपरेंट कपडे की थी जिसमे से उनके निपल्स और चूत साफ दिख रहे थे. मैं उनके पास गया और दोनों की गांड के ऊपर सपेंक किया. मैं सनाया के पास गया और उसे किस करने लगा. और वो दोनों मेरे लान्द्द को अंडरवियर के अंदर हाथ डाल के मेरे लंड से खेलने लगी. और फिर उन्होंने मेरी पेंट को पूरी निकाल दी. सनाया मेरे पास आ गई और उसने बड़े ही सेक्सी लुक्स दिखा के मेरे लंड को मुहं में ले लिया. वो जैसे की लोलीपोप मुहं में ले रही थी वैसे बड़े सेक्सी ढंग से अपनी जबान को जोर जोर लंड को चाटने लगी. मैं सनाया के बूब्स को चूसने लगा और उसकी बगल को भी चाटने लगा. चंचल ने जोर जोर से लंड को चुसना चालु कर दिया. और फिर चंचल मेरे पास आई और मेरे ऊपर चढ़ के उसने अपने एक बूब को मेरे मुहं में दे दिया चूसने के लिए. और सनाया उस वक्त निचे चली गई मेरे लंड को मुहं में लेने के लिए. यह कहानी भी पढ़े : चुदासी चूत की प्यास बुझाने के लिये कुत्ते से चुदवाया कुछ देर में मैंने सनाया को कहा मेरा पानी निकलने को हैं तो वो बोली, मुहं में ही निकाल दो. ये कह के उसने लंड वापस मुहं में भर के चूसा. मेरे लंड का सब पानी सनाया के मुहं में ही निकल गया. सनाया और चंचल ने मेरे वीर्य को एक दुसरे के मुहं में घुमाया और सवाद ले ले के उसे खा गई. फिर मैं निचे लेट गया और सनाया मेरे ऊपर आ गई. मैं सनाया के चहरे को चाटने लगा और उसके होंठो को चूसने लगा. मेरे हाथ उसकी नेक में थे और मैंने उसे प्यार से सहला भी रहा था. और फिर मैंने उसकी लिंगरी को खोल दिया और उसके बूब्स को चूसते हुए चूत की तरफ बढ़ गया. मैंने उसकी टांगो को खोला और उसकी बड़ी चूत को चाटने लगा, वो जोर जोर से मोअन कर रही थी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह. मैंने अपनी दो ऊँगली उसकी चूत में डाल दी और ऊँगली से उसकी चूत को चोदने लगा. कुछ देर में सनाया के बदन को झटके लगने लगे और उसने बहुत सब झाड निकाली अपनी चूत से. मैंने उसकी चूत को चाट चाट के एकदम क्लीन किया और सब ज्यूस को चाट लिया. और फिर चंचल ने उसकी जगह ले ली. मैंने चंचल की टाँगे खोल के उसकी चूत को सुंघा. चूत से एकदम मादक खुसबू आ रही थी. चंचल की चूत सनाया जितनी बड़ी नहीं थी. लेकिन उसकी चूत का दाना सनाया से काफी बड़ा था. मैंने चूत के दाने को अपनी ऊँगली से दबाया और फिर उसे लिक करने लगा. मैं चंचल की चूत को चाट रहा था और सनाया उस वक्त चंचल को किस कर रही थी. मैं जोर जोर से चंचल को लिक कर के उसे मजे दे रहा था. तभी चंचल ने मेरे बाल पकड लिए और वो भी झड़ गई. अब इन दोनों सेक्सी लेडी को चोदने का समय आ गया था. मैंने चंचल की लिटा दिया और सनाया को उलटा कर के घोड़ी बना दिया. हमारा पोस ऐसा था की मैं सनाया को घोड़ी बना के चोदुं और तब वो चंचल की चूत को चाटे. मैंने लंड को सनाया की चूत में पूरा डाल के उसकी मस्त चुदाई चालू कर दी. और वो चंचल की चूत को मजे से चाट रही ही. दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पे पढ़ रहे है। मैंने सनाया की बड़ी गांड को पकड़ा हुआ था और उसे जोर जोर से चोद रहा था. चंचल और सनाया दोनों जोर जोर से मोअन कर रही थी. एक को चुदवाने का मज़ा आ रहा था और दूसरी को चटवाने का. करीब 10 मिनिट तक मैंने सनाया को कस कस के ऐसे ही चोदा. और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत से निकाला. चूत के अन्दर का सफ़ेद पानी मेरे लंड के ऊपर लगा हुआ था. चंचल को मैंने लंड मुहं में दे दिया. उसने लंड को चाट के क्लीन कर दिया. मैंने अब चंचल को कहा, चल अब तुम आ जाओ. यह कहानी भी पढ़े : नौकर ने पटा कर चोदा और अपने मालिक से भी चुदवाया अब चंचल को मैंने डौगी स्टाइल में चोदना चालू कर दिया. और वो सनाया की चूत लिक कर रही थी. चंचल मुझे कह रही थी की और जोर जोर से चोदो और वो अपनी गांड को जैसे हवा में उछाल रही थी. मैंने अपने धक्के और बढ़ा दिए. और फिर मेरे लंड का पानी चंचल की सेक्सी चूत में ही छुट गया. चंचल और सनाया दोनों ने मेरे पास आ के मेरे लंड को मुहं में ले के क्लीन कर दिया. दोनों के चहरे के ऊपर मेरे स्पर्म लगे हुए थे. वो एक बड़ी ही सेक्सी चुदाई थी. और मेरा लंड अभी भी ऐसे ही खड़ा हुआ था. अब मैंने चंचल को मिशनरी पोज में लिटाया और सनाया साइड में लेट गई थी. मैंने चंचल की चूत में लंड डाला. और सनाया अपनी चूत का फिंगर कर रही थी. फिर सनाया खड़ी हुई, मैंने चंचल को चोद रहा था और उसने पीछे आ के मेरे बॉल्स को लिक किये. सच में ऐसे मजा आ रहा था जैसे की मैं पोर्न मूवी का एक्टर था! मैं चंचल को जोर जोर से चोद रहा था और वो एकदम चीखे मार के मोअन कर रही थी. फीर मैंने सनाया को लेटने के लिए कहा. चंचल की चूत से निकला हुआ लंड मैंने सीधे ही सनाया की चूत में घुसेड के चोदना चालू कर दिया. 10 मिनिट तक मैं उसके निपल्स को लिक करते हुए उसकी चूत को चोद रहा था. और फिर हम तीनो ऐसे ही पोजीशन बदल बदल के चोदते रहे. कुछ देर में मेरा माल फिर से निकल गया. मैं चंचल और सनाया के बिच में लेटा हुआ था. तभी सनाया बोली, मुझे तुम्हारे उपर मूतना हैं. चंचल ने कहा मुझे भी. मैंने कहा, साली छिनालो मूतना तो मुझे भी हैं. वो बोली, चलो बाथरूम में. बाथरूम के अन्दर एक दुसरे के ऊपर मूत के हमने अपने थ्रीसम अध्याय का अंत किया. एक घंटे के बाद पहले मैं कंपनी वाले होटल पर आया. और फिर मेरे पीछे वो दोनों भी आ गई. सच में हमारा थ्रीसम बड़ा ही होर्नी अनुभव रहा था.
2018/10/21 00:17:29
https://www.mastaram.net/office-sex/office-ki-h-r-or-colleague-ke-sath-group-sex.html
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वाईएसआर असरा लाभार्थी सूची 2022 चेक स्थिति! आसरा पाठकम लिस्ट - सरकारी रिजल्ट 2022 Home » Sarkari Yojana » वाईएसआर असरा लाभार्थी सूची 2022 चेक स्थिति! आसरा पाठकम लिस्ट आसरा स्टेटस चेक ऑनलाइन | जगन्नाथ एपी असरा लाभार्थी खोज | YSR Asara Status Check online 2022 | जगन्नाथ आसरा लाभार्थी सूची 2022 | वाईएसआर असर योजना सूची 2022 | आसरा योजना आवेदन की स्थिति, लाभार्थी की स्थिति, सूची ऑनलाइन वाईएसआर असरा अंतिम सूची 2022 एपी में जगनमोहन रेड्डी सरकार ने बुधवार को दो अन्य योजनाओं के साथ महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से असरा योजना को मंजूरी दे दी। वाईएसआर संपूर्ण पोषण और जगन्नाथ विद्या कनुका योजना. तो इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और लाभार्थी सूची की जिलेवार जांच कैसे करें, यह जानने के लिए इस लेख को पढ़ें। 1 वाईएसआर असरा लाभार्थी सूची 2022 2 समाचार वाईएसआर असरा पाठकम जबिता 2022 3 एपी असरा राशि स्थिति 2022 पीडीएफ 4 जगन्नाथ आसरा सूची 2022 . की जाँच करें 5 वाईएसआर असरा प्रतिबंध सूची 2022 वाईएसआर असरा लाभार्थी सूची 2022 वाईएसआर असरा स्थिति 2022 सभी जिलों के लिए आंध्र प्रदेश राज्य में आधिकारिक पोर्टल। वाईएसआर असरा प्रतिबंध सूची 2022 देखें। यह योजना केवल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए है। इस योजना के तहत इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह के बकाया ऋण की प्रतिपूर्ति की जाती है। इसके अलावा, जानिए के बारे में वाईएसआर असरा वेबसाइट | तेलुगु में वाईएसआर असरा पाठकम जबिता। प्रिय मित्रों, यही कारण है कि हम चुनते हैं कि सरकार आम लोगों के लिए वर्तमान और भविष्य में विभिन्न परियोजनाएं शुरू करेगी। जिससे समाज के हर वर्ग का समान रूप से विकास हो सके। इसी का ध्यान रखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने आम जनता के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। समाचार वाईएसआर असरा पाठकम जबिता 2022 नई योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं के नाम जो भी कर्ज (सरकार द्वारा तय की गई राशि) बची है, उसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्रिय मित्रों एपी सरकार ने डवाकरा समूह के सदस्यों को ऋण की पहली किश्त को माफ करने के लिए इस योजना की शुरुआत की। आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता मानदंड और इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के तरीके के बारे में जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। आंध्र प्रदेश ने निवासियों और उनके विकास के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए। योजना एपी असर योजना द्वारा शुरू किया गया CM Jagan Mohan Reddy Ji स्थिति आंध्र प्रदेश में वाईएसआर असर की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट ap.gov.in या navasakam.ap.gov.in सूची वाईएसआर असरा सूची 2022 लाभार्थी खोज एपी आसरा योजना लाभार्थी खोज 2022 इस योजना का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में एसएचजी महिलाओं के बकाया ऋण को माफ करना है। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय संकट और अन्य के लिए उच्च ब्याज दर पर एक छोटी राशि का ऋण लिया जाएगा। प्रिय पाठकों, माननीय मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी जी की अध्यक्षता में एपी कैबिनेट की बैठक 19 अगस्त 2020 को हुई। और कैबिनेट ने जगन्नाथ आसरा योजना को मंजूरी दी, जिसका वादा एक कल्याणकारी कार्यक्रम था। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में जगन्नाथ नवरत्नालु के रूप में, और कैबिनेट ने एपी राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2020-23 को भी मंजूरी दी। यह एक प्रमुख कार्यक्रम है और इसे 11 सितंबर को शुरू किया गया था। एपी असरा राशि स्थिति 2022 पीडीएफ आसरा पात्रता मानदंड – आवेदक एपी राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, महिला होनी चाहिए, आयु समूह 45 से 60 वर्ष, उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित होना चाहिए। इसलिए राज्य सरकार स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं के बकाया ऋण की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लेती है। आप वाईएसआर असरा पथकम भुगतान की स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं। एपी असरा योजना दस्तावेज आवश्यक आधार कार्ड, पता प्रमाण अधिवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, फोटो, मोबाइल नंबर, आयु प्रमाण, आदि। वाईएसआर असरा जबीता जिलेवार – पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, श्रीकाकुलम, कडप्पा (कडपा वाईएसआर जिला), श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर, कृष्णा, प्रकाशम, गुंटूर, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनंतपुर, कुरनूल, चित्तूर। आशारा योजना स्थिति लाभार्थी सूची जिलेवार. असरा पाठकम जबिता। प्रिय दोस्तों, आप योजना की स्थिति की जांच कर सकते हैं, आधिकारिक पोर्टल की सूची बना सकते हैं। जगन्नाथ आसरा सूची 2022 . की जाँच करें अगले चार वर्षों में कुल 27,169 करोड़ रुपये के व्यय से 933180 महिला समूह की कुल 90 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। इस योजना के तहत, राज्य सरकार DWCRA (ग्रामीण क्षेत्रों में महिला और बाल विकास) आंध्र प्रदेश का ऋण माफ करेगी। स्वयं सहायता समूहों (गरीब परिवारों) से जुड़ी महिलाओं के बकाया ऋणों की प्रतिपूर्ति की जाती है और वे इस योजना की मदद से कर्ज मुक्त होंगी। आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार आम लोगों के लिए कई योजनाएं या कल्याण/प्रमुख कार्यक्रम शुरू करती है। आंध्र प्रदेश राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया और अपने चुनावी घोषणा पत्र के वादों को पूरा किया। हाल ही में राज्य सरकार ने आसरा योजना शुरू की है। सभी दर्शकों ने बताया कि एपी में आसरा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, योजना की स्थिति के बारे में जानने के लिए हमारे साथ बने रहें? यह योजना केवल गरीब परिवारों (गरीबी रेखा से नीचे) की महिलाओं के लिए है। सबसे पहले यहाँ जाएँ आधिकारिक पोर्टल नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके। उसके बाद आपकी डिवाइस स्क्रीन पर नई विंडो खुलेगी अब आपको जिले के विकल्प पर क्लिक करना है और पूरी रिपोर्ट देखनी है पूरी सूची खुल जाएगी और आप वाईएसआर असरा पात्रता सूची 2022 और लाभार्थी खोज की जांच कर सकते हैं। वाईएसआर असरा प्रतिबंध सूची 2022 एपी में आसरा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? आपको एपी राज्य सरकार पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, फिर आसरा योजना पर क्लिक करें और प्रक्रिया को पूरा करें। प्रारंभिक चरण में योजना और पूरी प्रक्रिया जल्द ही उपलब्ध होगी। मैं एपी में असरा लाभार्थी सूची की जांच कैसे कर सकता हूं? आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और जिलेवार लाभार्थी सूची पर क्लिक करें और जिला और चेकलिस्ट शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर क्लिक करें।
2022/06/26 17:14:34
https://cespjnu.in/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%86%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%82/
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Consuming 2 Teaspoons Of Flaxseed Daily Is Very Beneficial For Health - Health Tips: रोजाना 2 चम्मच अलसी का सेवन सेहत के लिए है बेहद फायदेमंद | Patrika News Consuming 2 teaspoons of flaxseed daily is very beneficial for health Weight Loss Tips: अलसी एक ऐसा पौधा है जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। रोजाना अलसी के 1-2 चम्मच बीज खाने से कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, मोटापा, त्वचा संबंधी रोग, पथरी, सर्दी-जुकाम, खांसी, अनिद्रा, कब्ज, बवासीर व मानसिक रोगों में लाभ होता है। Published: 24 Aug 2021, 11:02 PM IST अलसी के बीजों को किसी भी मौसम में खा सकते हैं। इनमें विटामिन-बी, कैल्शियम, मैगनीशियम, पोटेशियम, आयरन व ओमेगा-३ जैसे गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। ओमेगा-3 हमारे शरीर में बनता नहीं है, इसे हमें बाहरी स्रोतों से प्राप्त करना पड़ता है। इसलिए शाकाहारी लोगों के लिए अलसी बेहतर विकल्प है। अलसी के बीजों से तैयार तेल को रात को सोते समय काजल की तरह आंखों में लगाने से नेत्र रोग दूर होते हैं। आंखों में किसी भी प्रकार की एलर्जी होने पर इसका उपयोग न करें। ध्यान रहे कि इसका तेल और बीज एक साथ प्रयोग न करें वर्ना गर्मी हो सकती है।
2021/10/21 06:26:00
https://www.patrika.com/weight-loss/consuming-2-teaspoons-of-flaxseed-daily-is-very-beneficial-for-health-7027878/
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Air Ambulance Facility Soon In Uttarakhand Says Cm Trivendra Singh Rawat Rs | उत्तराखंड में जल्दी शुरू होगी एयर एंबुलेंस सेवा - Firstpost Hindi RAN 127/4 (18.3) उत्तराखंड में जल्दी शुरू होगी एयर एंबुलेंस सेवा राज्य में दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा उठाया गया कदम होगा Updated On: Nov 12, 2018 10:40 PM IST उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को कहा कि प्रदेश के दूर दराज के पहाडी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत राज्य सरकार जल्द ही 'एयर एंबुलेंस सेवा' शुरू करेगी. यहां एम्स ऋषिकेश में एनाटॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के 66वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उदघाटन करने के बाद रावत ने कहा कि राज्य में दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा उठाया जा रहा यह एक और कदम होगा. रावत ने एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि केवल छह साल में ही संस्थान ने अपनी क्षमता बढ़ाकर 900 बिस्तर की कर ली है और कई आधुनिक सुविधाएं शुरू कर एम्स दिल्ली का कार्यभार 30 फीसदी तक घटा दिया है. एम्स दिल्ली का भार 30 प्रतिशत तक कम कर दिया: मुख्यमंत्री ने कहा, 'स्तन कैंसर के इलाज, रेडियोथेरेपी, नियो नेटल थेरेपी और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू कर एम्स ऋषिकेश ने एम्स दिल्ली का कार्यभार 30 फीसदी तक कम कर दिया है.' इससे पहले, अपने संबोधन में एम्स ऋषिकेश के निदेशक रविकांत ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के छात्रों को एनाटॉमी में जो पढ़ाया जाता है उसकी उन्हें जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि छात्रों को बतौर चिकित्सक जो चाहिए वह ज्ञान उन्हें सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग से मिलता है. रविकांत ने मेडिकल कॉलेज के एनोटॉमी विभागों में फैकल्टी के रूप में सर्जन एवम रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं अनिवार्य करने की अपील की. Tags: aiims delhiAIIMS RishikeshBjphealthmedical facilityTrivendra Singh Rawatuttarakhandउत्तराखंडएम्स ऋषिकेशएम्स दिल्लीत्रिवेंद्र सिंह रावतबीजेपी
2022/06/30 04:58:25
https://hindi.firstpost.com/india/air-ambulance-facility-soon-in-uttarakhand-says-cm-trivendra-singh-rawat-rs-164364.html
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बिडीओ ने दिलवाई मतदान की शपथ - Sujangarh Online बिडीओ ने दिलवाई मतदान की शपथ पंचायत समिति परिसर में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाताओं से अधिक से अधिक मतदान करने का आह्वान किया गया। विकास अधिकारी सी.आर. मीणा ने बताया कि अनपढ़ मतदाता पताशी पत्नि हेमराज ने राजकीय अनापति प्रमाण के लिए अंगुटा लगाकर तस्दीक कर मतदान करने की प्रतिज्ञा ली। इस अवसर पर सीडीपीओ महेश गुप्ता ने मतदाताओं को मतदान करने की प्रतिज्ञा दिलवाकर उनके हस्ताक्षर करवाये गये। विकास अधिकारी मीणा ने बताया कि अभियान मतदान के दिन तक जारी रहेगा। इसी प्रकार सालासर, चाड़वास, साण्डवा में भी मतदाताओं को मतदान करने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। इस अवसर पर ग्राम सेवक हंसराज मीणा, बीईईओ फूलचन्द बिजारणियां, कनिष्ठ अभियन्ता सी.आर. मेघवाल, मूलाराम मेघवाल, अमरसिंह भाटी, घनश्याम भाटी, हीरालाल भागवानी, रेखाराम मेहरड़ा, आलोक स्वामी सहित अनेक कर्मचारियों व अधिकारियों ने शपथ ली। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बालेरां में स्वीप कार्यक्रम के तहत रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित महिला बैठक में कार्यकर्ता सुखीदेवी, आशासहयोगिनी चूकीदेवी व सचिव मंजू एएनएम रूकमणी की उपस्थित में बैठक का आयोजन किया गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत डूंगरास आथुणा में आंगनबाड़ी केन्द्र पर कार्यकर्ता मगन कंवर, जया कंवर एवं सुमन कंवर की उपस्थिति में रंगोली व महिला बैठक का आयोजन किया गया। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्र रूपेली में कार्यकर्ता सोहिनीदेवी ने रंगोली व महिला बैठक का आयोजन किया। ग्रामसेवक गोविन्दसिंह ने मतदाताओं को मतदान करने की शपथ दिलाई।
2018/04/19 15:45:30
http://www.sujangarhonline.com/2014/03/vote-3-11687/
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Home/Bollywood News/बॉलीवुड अभिनेत्री श्रुति सेठ का हुआ ऑपरेशन अभिनेत्री ने कहा अस्पताल मे आकार जीवन के मूल्य का पता लगाया अभिनेत्री श्रुति सेठ की सर्जरी हुई है। अभिनेत्री ने खुद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। अस्पताल के बिस्तर पर लेटी हुई उसकी एक तस्वीर साझा करते हुए, श्रुति ने लिखा है कि वह एक बड़े स्वास्थ्य संकट से बचने में सफल रही है। अभिनेत्री ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'साल 2020 ने मुझे और मेरे परिवार को आखिरी झटका दिया। मुझे आपातकालीन सर्जरी से गुजरना पड़ा। मेरी सभी क्रिसमस और नए साल की योजनाओं को निलंबित कर दिया गया है। मैं आपको एक बड़े स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए धन्यवाद देता हूं। मुझे लगता है कि मैंने कभी नहीं सीखा, लेकिन अब मैंने एक सबक सीखा है। मैं अपनी सीख को साझा करते हुए कहूंगा कि अपने स्वास्थ्य को हल्के में न लें। ' ये भी पढे - Zee TV Show Kumkum Bhagya Written Episode Update on 22 December 2020: Ranbir's decision makes Pallavi emotional श्रुति सेठ द्वारा साझा की गई तस्वीर में, वह बिस्तर पर लेटी हुई है और उसकी आँखें बंद हैं। श्रुति हासन ने लिखा, 'अस्पताल आपको महसूस कराते हैं कि आपका गर्व कुछ भी नहीं है। हमारे अहंकार, व्यक्तित्व के पीछे की चीजों को डालते हुए, हमें पता चलता है कि हम सिर्फ एक जीव विज्ञान हैं। भोजन मस्तिष्क के लिए एक दवा की तरह है, लेकिन शरीर केवल ग्लूकोज ड्रिप पर रह सकता है। मुझे उसे खाना और याद करना बहुत पसंद है। अपने शरीर का ध्यान रखें ताकि यह आपके मुश्किल समय में आपको रिटर्न दे सके। आशीर्वाद साथ रखें और उन लोगों को कभी न छोड़े जो वास्तव में आपसे प्यार करते हैं और आपका भला चाहते हैं। ' श्रुति ने कहा कि मुझे खुशी है कि सब कुछ सही समय पर हुआ है। यह आखिरी चीज है जो मेरे साथ 2020 में हुई है। मैं इस शारीरिक समस्या के लिए 2020 को याद करूंगा जो मेरे साथ हुई थी। मैं आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि यह वर्ष आपके लिए अच्छा रहेगा। मैं आप में से कई को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता, लेकिन आपकी प्रार्थनाओं और प्यार के लिए धन्यवाद। ये भी पढे - Star Plus TV Serial Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Written Episode Update on 20 November 2020: Dynasty Wounded उद्योग के कई लोगों ने श्रुति के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और भविष्य की कामना की। इस साल की शुरुआत में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए, श्रुति ने कहा कि वह खुश थी कि उसे कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपनी बेटी के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिलेगा। Tags Actress Shruti Seth Bolllywood news In Hindi bollywood Actress Bollywood Hindi News Bolywood News Hindi Bollywood News Hindi News Previous बॉलीवुड के दो बड़े सुपर स्टार कपल रणबीर कपूर और आलिया बट्ट शादी करने गए जयपुर जानिए पूरी बात Next बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की हॉरर मूवी दुर्गामती को फेंस ने कम पसंद किया 3 जुलाई 2020 का राशिफल – शुक्रवार 3 जुलाई को इन राशि वालों को मिलेगा महालक्ष्मी का आशीर्वाद सभी कार्य आसानी से पूरे होंगे, जानिए आपकी राशि मे क्या है आज एक्टर अनिल कपूर ने फिटनेस को लेकर अपने डोले ढोले की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की बोले आज मेरा सपना पूरा हुआ
2021/01/15 14:11:19
https://khabarilonda.com/bollywood-actress-shruti-seths-operation-actress-said-find-out-the-value-of-life-in-hospital-34751/
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11 जनवरी, 2022 को, विश्व बैंक (WB) की ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें वैश्विक विकास में 2021 में 5.5% से 2022 में 4.1% और 2023 में 3.2% की तीव्र गिरावट दर्ज की गई। भारतीय पक्ष में, इसकी वार्षिक वृद्धि 2021 में 8.3%, 2022 में 8.7% और 2023 में 6.8% रहने का अनुमान है। 2020 में भारत की विकास दर की 7.3% की संकुचन (-7.3%) हुई। रिपोर्ट के अनुसार, COVID-19 के नए रूपों जैसे ओमिक्रोन; मुद्रास्फीति, ऋण और आय असमानता में वृद्धि; राजकोषीय और मौद्रिक समर्थन का समापन; और दबी हुई मांग के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था एक 'स्पष्ट मंदी' का सामना कर रही है। इन सभी कारकों ने उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सुधार की संभावनाओं को कम कर दिया है। रिपोर्ट में बढ़ती असमानता और बढ़ती मुद्रास्फीति से उत्पन्न जोखिमों को भी चिह्नित किया गया है। विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में विकास के अंतर का विस्तार : i.यह मंदी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं और उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच विकास दर में व्यापक अंतर पैदा करेगी। उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि 2021 में 5% से गिरकर 2022 में 8% और 2023 में 2.3% होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए, विकास 2021 में 3% से गिरकर 2022 में 4.6% और 2023 में 4.4% होने की उम्मीद है। ii.2023 तक, सभी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं ने पूर्ण उत्पादन वसूली हासिल कर ली होगी। हालांकि, उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में उत्पादन अपनी पूर्व-महामारी प्रवृत्ति से 4% कम रहेगा। नाजुक और संघर्ष प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं का उत्पादन इसके पूर्व-महामारी स्तर से 5% कम होगा। छोटे द्वीपीय देशों का उत्पादन इसके पूर्व-महामारी स्तर से 8.5% कम होगा। क्षेत्रीय अनुमान: दक्षिण एशिया 7.6% 6% पूर्वी एशिया और प्रशांत 5.1% 5.2% यूरोप और मध्य एशिया 3% 2.9% लैटिन अमेरिका और कैरेबियन 2.6% 2.7% मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका 4.4% 3.4% उप सहारा अफ्रीका 3.6% 3.8% दक्षिण एशिया के लिए विशिष्ट जोखिम: रिपोर्ट के अनुसार, ओमीक्रॉन का उदय दक्षिण एशियाई क्षेत्र में गतिशीलता प्रतिबंधों और कम बाहरी मांग; मुद्रास्फीति, बिगड़ती घरेलू वित्तीय स्थिति, वास्तविक आय में कमी, वित्तीय क्षेत्र का कमजोर होना; जलवायु जोखिम, गरीबी, बीमारी, बाल मृत्यु दर और खाद्य कीमतों में वृद्धि होने के साथ आर्थिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न कर सकता है। i.विश्व स्तर पर उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में, मुद्रास्फीति 2008 के बाद से उच्चतम दर पर है। साथ ही, उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में, यह 2011 के बाद से उच्चतम दर पर पहुंच गया है। इस संबंध में, कई उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं वसूली में बाधा डालने वाले मुद्रास्फीति दबावों को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत समर्थन से हट रही हैं। ii.महामारी ने वैश्विक नौकरी और आय असमानता को बढ़ा दिया है, जो महिलाओं और कम कुशल और अनौपचारिक श्रमिकों के लिए अधिक है। कई अन्य गतिविधियों में भी असमानता है जैसे कि टीकों की उपलब्धता में; आर्थिक विकास में; शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच आदि में। रिपोर्ट के विश्लेषणात्मक खंड: रिपोर्ट में विश्लेषणात्मक खंड भी शामिल हैं जो विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के लिए तीन उभरती बाधाओं में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। ये हैं: उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए कमोडिटी की कीमतों में उछाल और हलचल चक्र के प्रभाव वैश्विक असमानता पर COVID-19 का प्रभाव i.WB ने 13 सितंबर 2021 को अपडेटेड ग्राउंडस्वेल रिपोर्ट "ग्राउंड्सवेल पार्ट 2: एक्टिंग ऑन इंटरनल क्लाइमेट माइग्रेशन" जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन 6 क्षेत्रों (दक्षिण एशिया; लैटिन अमेरिका; उप-क्षेत्र-सहारा अफ्रीका; पूर्वी एशिया और प्रशांत; उत्तरी अफ्रीका; और पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया) के 216 मिलियन से अधिक लोगों को 2050 तक अपने ही देशों से पलायन करने के लिए मजबूर कर सकता है। ii.WB समूह ने 2018 और 2020 की रिपोर्ट में देशों की रैंकिंग में डेटा अनियमितताओं का पता लगाने के बाद अपनी "डूइंग बिजनेस" रिपोर्ट को बंद करने की घोषणा की। कानून जांच एजेंसी, विल्मरहेल ने 2018 की रिपोर्ट में डूइंग बिजनेस कार्यप्रणाली के साथ असंगत खुलासा किया है, जिसने चीन की स्थिति का समर्थन किया।
2022/01/23 16:35:19
https://affairscloud.com/%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7%E0%A4%BF-2023-%E0%A4%A4%E0%A4%95/
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केबीसी में साढ़े 6 लाख जीतकर लौटे जालीम साय का सम्मान हुआ, अमिताभ बच्चन ने नाम बदलकर नया नाम रखा सौम्य नेकी | THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh in खास खबर 25/10/2019 105 Views टीवी पर लोकप्रिय कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति में साढ़े 6 लाख रुपए जीतने वाले सूरजपुर जिले के जालीम साय का आज संयुक्त जिला कार्यालय में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह और कलेक्टर दीपक सोनी ने शाल पहनाकर सम्मान किया। शो को होस्ट करने वाले महान अभिनेता अमिताभ बच्चन ने शो में जालीम साय का नाम बदलकर नेकी सौम्य रख दिया था। जालीम साय को अब सूरजपुर में सभी लोग नेकी सौम्य नाम से ही पुकार रहे हैं। सम्मान के दौरान जालीम साय के साथ उनकी धर्मपत्नी शशिकला व बच्चे साथ थे। प्राधिकरण अध्यक्ष खेलसाय सिंह व कलेक्टर ने जालीम साय से इस शो के दौरान पूछे जाने वाले सवालों और शो में एंट्री करने से संबंधित सवाल किए। उन्होंने कहा कि जालीम साय की इस उपलब्धि से अन्य लोग भी प्रेरणा लेकर ज्ञान अर्जित करेंगे। इस दौरान जालीम साय ने बताया कि पिछले 7 वर्षों से कौन बनेगा करोड़पति में एंट्री करने का प्रयास कर रहे थे। इस साल यह मौका मिला। जालीम ने बताया कि चार तरह की परीक्षा देने के बाद एंट्री मिली। इसके बाद फॉस्ट फिंगर फर्स्ट खेलने पर हॉट सीट में बैठने का मौका मिला। कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के सामने बैठना उनके लिए किसी सपने के समान था। साय ने बताया कि कार्यक्रम से वापस लौटने के बाद सभी लोग उन्हें मुझे सौम्य नेकी नाम से ही पुकार रहे हैं। Previous: दिल्ली में पीएम से मिलने का समय नहीं मिला तो सीएम ने भेजी चिट्‌ठी, किसान हित में 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने सहमति देने का अनुरोध किया Next: स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर बनाने तैयार होगा नया प्रस्ताव, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा के बाद सीएम ने दिए निर्देश
2020/03/30 12:59:17
http://thecgnews.com/special-news/4081/
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चाचा संजय कपूर ने शेयर की जाह्नवी कपूर की ख़ास तस्वीर - jhanvi kapur बॉलीवुड की बेहद खुबसूरत और जानी मानी एक्ट्रेस श्री देवी की बेटी जाह्नवी कपूर हिंदी सिनेमा में कदम रखने से पहले ही एक सेलेब्रिटी थीं। अपने बॉलीवुड डेब्यू के बाद उन्होंने ये बात साबित भी कर दी कि उनमें भी अपने माता-पिता की तरह जबरदस्त टैलेंट भरा हुआ है। चूलबूली सी जाह्नवी ने फिल्म धड़क से हिंदी सिनेमा में पहली बार कदम रखा और फैंस की दिल में उतर गई। वहीं जाह्नवी की तस्वीरें उनके बॉलीवुड में एंट्री लेने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती थीं। लेकिन शायद ही उनके फैन्स ने उनके बचपन की कोई तस्वीर देखी हो। जाह्नवी के चाचा संजय कपूर ने मंगलवार को एक तस्वीर शेयर की जिसमें जाह्नवी कपूर अपनी बहन खुशी और शनाया के साथ नजर आ रही हैं। खुशी केक काट रही हैं और जाह्नवी उनके पीछे खड़ी हुई हैं.हालांकि संजय कपूर ने तस्वीर को शेयर करते हुए कोई कैप्शन नहीं लिखा है लेकिन इस थ्रोबैक तस्वीर के साथ उन्होंने दिल वाला एक इमोजी जरूर बना दिया है। तस्वीर को सोशल मीडिया पर खूब लाइक और शेयर किया जा रहा है। Tags: jhanvi kapoor, Sanjay Kapoor shared a special picture of Jahnavi Kapoor, sanjay kapur, shree devi
2020/07/04 20:30:17
https://www.alive24news.com/entertainment/uncle-sanjay-kapoor-shared-a-special-picture-of-jahnavi-kapoor.html
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असम में रामदेव का पतंजलि फूड पार्क बना जंगली जानवरों के लिए मुसीबत, वन विभाग करेगा एफआईआर - Janta Ka Reporter 2.0 Home Hindi असम में रामदेव का पतंजलि फूड पार्क बना जंगली जानवरों के लिए... असम में रामदेव का पतंजलि फूड पार्क बना जंगली जानवरों के लिए मुसीबत, वन विभाग करेगा एफआईआर 7 नवंबर 2016 को असम में जब मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बाबा रामदेव के 1000 करोड़ के पतंजलि हर्बल और मेगा फूड पार्क की नींव रखी थी तो बाबा रामदेव ने कहा था, इसमें लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। किसानों को उनकी हर्बल फसल के लिए कंपनी उचित मूल्य उपलब्ध कराएगी। इस तरह लाखों किसान और कृषि मजदूर लाभांवित होंगे। लेकिन इस बात का लोगों को अंदाज़ा नहीं होगा की पार्क के इस क्षेत्र में आने से जंगली जानवरों का जीना मुहाल हो जाएगा। अभी दो सप्ताह की गुज़रे हैं पार्क की आधारशिला रखे हुए और 23 नवंबर को रामदेव के निर्माणधीन फूड पार्क के गड्ढे में एक हाथी, हथिनी और उनके एक बच्चे के गिरकर घायल होने के बाद हथिनी की मौत हो गई है। असम के सोनितपुर जिले में स्थित परियोजना स्थल घोरामारी क्षेत्र पर्यावरण कार्यकर्ताओं के अनुसार, एक जानवर गलियारा है और औद्योगिक उद्देशय के उपयोग के लिए जंगली जानवरों के लिए हानिकारक होगा। जनता का रिपोर्टर को तेजपुर वन संरक्षक, सिवकुमार ने विशेष रुप से बात करते हुए बताया, जिस जगह पतंजलि पार्क का निर्माण हो रहा है ये एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हाथीयों का झुंड के नियमित आता है। सिवकुमार ने बाद में बताया कि प्राधिकारी इस घटना की एफआईआर पतंजलि के खिलाफ कभी भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हाथी का बच्चा काजीरंगा में स्थित पशु बचाव केंद्र पर उचित देखभाल में रखा गया था। प्रमिला ने कहा कि ये जंगली जानवरों का इलाका है। अगर यहां फूड पार्क की अनुमति दी गई तो ये दुखद है। साथ ही उन्होंने निर्माण क्षेत्र के आसपास जानवरों की सुरक्षा को लेकर कोई एहतियात ना होने पर भी नाराजगी जताई। तेजपुर के घोरमारी में 150 एकड़ में पंतजलि अपना फूड पार्क बना रहा है। इसके आसपास जंगली जानवर बड़ी संख्या में रहते हैं। असम में 6000 हाथी हैं। घने जंगलों में लागातर कई तरह की मशानों का जाना और लगातार वहां निर्माण कार्य के चलते हाथियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
2021/01/18 04:41:12
http://www.jantakareporter.com/hindi/ramdevs-patanjali-brings-disaster-wildlife-assam-forest-dept-file-fir-2/78666/
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yeddyurappa Archives - Kohram Hindi News पाक पर हमले को बीजेपी ने बनाया चुनावी हथियार, येदियुरप्पा बोले – पीएम मोदी... पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर भारत के अचानक किए गए हमले को आगामी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कर्नाटक बीजेपी के प्रमुख बी. एस. येदियुरप्पा ने बुधवार... कर्नाटक विधानसभा में शनिवार को तीन दिन पुरानी येदियुरप्पा सरकार अपना बहुमत साबित नहीं पाई है. ऐसे में नये मुख्यमंत्री बने बीएस येदियुरप्पा अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद... येदियुरप्पा के इस्तीफे पर बोले राहुल – 'देश और सुप्रीम कोर्ट से बड़े नहीं... कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार गिरने के बाद कांग्रेस अब आक्रामक रूप में आ गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया. उन्होंने कर्नाटक में बीजेपी की... येदियुरप्पा ने किसानों की जितनी बात की है उतनी तो चार साल में देश के कृषि मंत्री ने नहीं की होगी. उन्हें ही कृषि मंत्री बना देना चाहिए और न्यूज एंकरों को बीजेपी का... कर्नाटक चुनाव: येदियुरप्पा ने ली सीएम की शपथ, तीसरी बार बने मुख्यमंत्री कर्नाटक में बीजेपी विधायक दल के नेता येदियुरप्पा को राजभवन में राज्यपाल वजूभाई वाला ने आज पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. येदियुरप्पा तीसरी बार मुख्यमंत्री की पद की शपथ ली. वे कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री बन... कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 अगले शनिवार (12 मई) को होने जा रहे है. ऐसे में राजनीतिक पार्टिया मतदाताओं को अपने पक्ष में एकजुट करने के लिए जुटी हुई है. लेकिन इसी बीच बीजेपी के मुख्यमंत्री... बेंगलुरु: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक में अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को सबसे भ्रष्ट बताया. इस दौरान खुद येदियुरप्पा भी उनके बगल में बैठे हुए थे. पत्रकारवार्ता के दौरान अमित शाह कर्नाटक की...
2022/01/25 19:37:05
https://kohraam.com/tag/yeddyurappa/
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बुध के प्रभाव कुंडली के पहले भाव में वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध कुंडली के पहले भाव में क्या फल प्रदान करता है और जातक पर उसके क्या प्रभाव पड़ते है ? यदि बुध कुंडली के पहले भाव में स्थित हो जातक बुद्धिमान, काम आयु में विवाहित, दीर्घायु, ईश्वर में विशवास करने वाला, हास्य स्वभाव युक्त, लेखन के क्षेत्र में आजीविका पाने वाला, अधिक खर्चालु तथा स्त्री वर्ग में अधिक प्रिय होता है | बुध पहले भाव में यदि अकेला है तो शुभ फल अधिक मिलते है अन्यथा किसी अन्य ग्रह के साथ शुभ फलों में कमी आ सकता है | बुध यदि वायु तत्व [ मिथुन, तुला अथवा कुम्भ] राशि में स्थित तो तो जातक कलाकार और सभा में श्रेष्ठ वक्ता के रूप में प्रसिद्ध होता है | यदि धनु राशि में बुध हो तो व्यक्ति निडर और निष्पक्ष होता है | बुध पहले भाव में यदि जल तत्व , कर्क, वृश्चिक अथवा मीन राशि में हो तो व्यक्ति को अच्छे स्वभाव का बनता है परन्तु व्यवसाय में आलोचक अथवा किसी कारणवश वाणी दोष हो सकता है | बुध पहले भाव में यदि पृथ्वी तत्व, वृषभ, कन्या या मकर राशि में हो तो जातक एक सफल व्यापारी अथवा किसी बड़े संसथान में उच्च अधिकारी होता है | ऐसे व्यक्ति किसी से ज्यादा मेलजोल रखना पसंद नहीं करते और अकेले रहना पसंद करते है | काम बात करना और काम बोलना पसंद करता है | अगर बुध पर अन्य शत्रु गृह का असर हो तो व्यक्ति परस्त्री से सम्बन्ध का इच्छुक होता है | बुध यदि अग्नि तत्व , मेष, सिंह अथवा धनु राशि में हो तो व्यक्ति अपने आप को दुसरो से कम बुद्धिमान समझता है और दूसरों को देखकर कार्य करना पसंद करता है | बुध पुरुष राशि मेष, मिथुन, तुला, धनु अथवा कुम्भ राशि में होने पर जातक की शिक्षा पूर्ण नहीं पाती, परन्तु इसके उपरांत भी व्यक्ति बुद्धिमान होता है और प्रकाशक, लेखक अथवा संपादक के रूप में ख्याति प्राप्त करता है | उपरोक्त लिखे गए बुध के पहले भाव में फल, वैदिक ज्योतिष पद्त्ति के आधार पर लिखे गए है | कुंडली में स्थित अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार फल में विभिन्नता हो सकती है |
2020/09/22 07:20:29
https://astrologyhoroscope.co.in/%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82/
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शिल्पा शेट्टी की मुसीबतें बढ़ी, लखनऊ पुलिस ने दिया नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब Home देश शिल्पा शेट्टी की मुसीबतें बढ़ी, लखनऊ पुलिस ने दिया नोटिस, 3 दिन... मुंबई, डेस्क रिपोर्ट। शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) को लखनऊ पुलिस ने नोटिस दिया है। सूत्रों के मुताबिक उनकी मां सुनंदा शेट्टी ने नोटिस रिसीव किया। लखनऊ पुलिस ((Lucknow Police)) की एक टीम जांच के सिलसिले में बुधवार को मुंबई पहुंची थी और बुधवार दोपहर करीब एक बजे उन्होने शिल्पा के घर जाकर नोटिस दिया। उन्हें तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है, ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि लखनऊ में पिछले दिनों दो लोगों ने अलग अलग थानों में शिल्पा शेट्टी और उनकी मां सुनंदा शेट्टी के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिल्पा शेट्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पोर्न फिल्म (porn movies) बनाने और उसे एप पर अपलोड करने के आरोप में उनके पति राज कुंद्रा (Raj kundra) की गिरफ़्तारी से शुरू हुआ मामले के बाद उनपर भी ठगी का आरोप लगा है। लखनऊ में आयोसिस वेलनेस सेंटर (IOSIS Wellness Center) की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी को लेकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लखनऊ निवासी ज्योत्सना चौहान ने विभूतिखंड थाने और रोहित वीर सिंह ने हजरतगंज थाने में इसे लेकर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। शिकायत में दोनों ने कहा है कि शिल्पा और उनकी मां सुनंदा "आयोसिस स्लिमिंग स्किन सैलून और स्पा वेलनेस सेंटर" के नाम से एक फिटनेस चेन चलाती हैं और इसकी फ्रेंचाइजी करोड़ों रुपये में देती हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शिल्पा और उनकी मां ने फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपये ले लिए लेकिन अपना वादा पूरा नहीं किया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर दोनों को इस सम्बन्ध में पहले भी नोटिस जारी किये जा चुके हैं।लेकिन दोनों ने अब तक अपने बयान दर्ज नहीं कराये हैं। माना जा रहा है कि आरोप साबित होने पर उनकी गिरफ्तारी भी संभव है। Previous articleबाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर खाया खाना Next articleशिवराज सरकार बनी बच्चों की अभिभावक, ग्वालियर चंबल संभाग के 113 बच्चों की उठायेगी जिम्मेदारी
2021/09/16 11:24:26
https://mpbreakingnews.in/headlines/lucknow-police-gave-notice-to-shilpa-shetty-sought-reply-in-3-days-msk/
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डीसी के आदेश के बाद भी अस्पताल ने एडमिट नहीं की गर्भवती महिला को - Latest news डीसी के आदेश के बाद भी अस्पताल ने एडमिट नहीं की गर्भवती महिला को Dr. Babasaheb Ambedkar May 27, 2020 Dainik Bhaskar, IFTTT डीसी के आदेशों के बावजूद शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ने एक संक्रमित गर्भवती महिला को हॉस्पिटल में एडमिट नहीं किया। पीड़ित पक्ष की ओर से डीसी, मुख्यमंत्री को ट्वीट किया गया तो अस्पताल ने एडमिट किया। जानकारी के अनुसार रोजवुड सोसाइटी की रहने वाली गर्भवती महिला पारस हॉस्पिटल से रेगुलर जांच करवा रही थी। हॉस्पिटल की ओर से बुधवार को सिजेरियन डिलीवरी की डेट दी गई। लेकिन नियमानुसार महिला की कोरोना जांच की गई। परिजन बोले -हॉस्पिटल ने कहा की पॉजिटिव गर्भवती का इलाज यहां नहीं करेंगे परिजनों ने बताया कि कोरोना जांच पॉजिटिव निकली तो हॉस्पिटल की ओर से यह कहते हुए मना किया गया कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती का इलाज यहां नहीं करेंगे। इसके बाद परिजनों ने ट्वीट कर मामले की शिकायत की तो एडमिट किया गया। पारस के प्रवक्ता ने बताया कि सेक्टर-15 स्थित एक अन्य हॉस्पिटल में पॉजिटिव मरीजों की डिलवरी करवाई जाती है। वहां रेफर किया जाएगा। लेकिन कुछ देर रात पारस में ही एडमिट कर लिया।
2021/01/20 17:01:28
https://www.newsviral86.ml/2020/05/blog-post_582.html
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पंजाब विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों का अच्छी तरह अध्ययन करेंगे: तोमर - pti madhya pradesh story Updated: 20 Oct, 2020 11:55 PM भोपाल, 20 अक्टूबर (भाषा) केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि पंजाब विधानसभा द्वारा पारित विधेयक जब केन्द्र के पास आएंगे तो केंद्र सरकार उनका अच्छी तरह अध्ययन करेगी और किसानों के हित में कदम उठाएगी। तोमर ने एक बयान में 'पीटीआई भाषा' से कहा, ''मुझे पता चला है कि पंजाब सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पहले ही पारित कृषि सुधार कानूनों से संबंधित एक विधेयक पारित किया है। मुझे विश्वास है कि किसानों के हित में हमने जो निर्णय लिये हैं, उनकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती, लेकिन लोकतंत्र में विधानसभा के पास ऐसे फैसले लेने की शक्ति है।'' उन्होंने कहा, ''भारत सरकार नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मेरी जानकारी में आया है कि पंजाब विधानसभा में कृषि सुधार कानूनों के संबंध में विधेयक पारित किए गए हैं। विधानसभा का फैसला जब केंद्र के पास आएगा, तो भारत सरकार इसका अच्छी तरह अध्ययन करेगी और किसानों के हित में कार्रवाई करेगी।'' मालूम हो कि पंजाब विधानसभा ने केंद्र के कृषि संबंधी नये कानूनों को खारिज करते हुए मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया तथा चार विधेयक पारित किये।
2021/03/07 09:34:12
https://mp.punjabkesari.in/madhya-pradesh/news/pti-madhya-pradesh-story-1265277
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डार्क स्किन वाले लोगों को इस पोस्ट को जरूर पढ़ना चाहिए इससे उन्हें फायदा मिलेगा » Natural News डार्क स्किन वाले लोगों को इस पोस्ट को जरूर पढ़ना चाहिए इससे उन्हें फायदा मिलेगा अत्याधुनिक समय में, कोई भी उसके वैभव को ब्याज देगा, हालांकि वैभव पाने के लिए, वह बस गोरा होने की इच्छा रखता है। अब अब क्यों नहीं? श्वेत मनुष्यों को प्यारे व्यक्तियों का एक चरण दिया गया है जो मिश्रित हैं। यह सरल नहीं है, हमारा मूवी एंटरप्राइज अतिरिक्त रूप से सफेद रंग से संबंधित फिल्में और गाने बनाता है। अब किसी का रंग अलग है, हालांकि कोई भी ईमानदार होने का प्रयास करता है। इसके लिए, मनुष्य महंगी क्रीम पाउडर जैसी महंगी चीजें वितरित करते हैं, हालांकि यह भी अपनी उंगलियों को खाली छोड़ देता है। तो आइए जानें कि हमारे लेख में आपके लिए क्या खास है? यदि आप भी अपने छिद्रों और त्वचा के रंग को गोरा करने के लिए लगातार देख रहे हैं, तो अब आपको इस प्रयास के लिए एक जंगल को तैनात करना होगा। दरअसल, हमने आपके लिए एक उत्कृष्ट जानकारी पेश की है, जिसे आप किसी भी तरह से ईमानदार होने का प्रयास नहीं करेंगे। । यदि आप एक शानदार पार्लर का दौरा करते हैं या गोरे होने के लिए एक फेसवॉश का उपयोग करते हैं, तो उन सभी को छोड़ दें, इस तथ्य के कारण कि हम आपको आपूर्ति करने जा रहे हैं, आपके लिए और अधिक खुशी नहीं हो सकती है। अंधेरे मनुष्यों को अधिकांश कैंसर होने का खतरा कम होता है हाल ही में, वैज्ञानिकों ने एक शोध किया, जिसमें पता चला कि श्वेत मानव ज्यादातर कैंसर के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं। इसके अतिरिक्त शोध में पाया गया है कि जिन मनुष्यों के शरीर में गहरे रंग के रोम और त्वचा होते हैं, उनमें अधिकांश कैंसर होने का खतरा कम होता है, इसलिए यदि आपके पास अब ईमानदार छिद्र और त्वचा नहीं है, तो आप निश्चित रूप से अब डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह बहुत दूर की कल्पना है कि गोरे इंसान प्यारे होते हैं। यह पहलू अब वनपाल नहीं रह गया है, हालांकि यदि आप अधिकांश कैंसर से पीड़ित पीड़ितों का अध्ययन करते हैं, तो विदेशी इस सूची में हम भारतीयों से अधिक हैं। त्वचा क्रीम के साथ व्यर्थ है आपको बता दें कि पिगमेंटरी डिसऑर्डर सोसाइटी ऑफ इंडिया की अध्यक्ष डॉ। रश्मि सरकार कहती हैं कि "फेयरनेस क्रीम बाज़ार में मिलने वाले सरलतम मेस को आपके पोर्स और स्किन के साथ मिलकर खरीदा जाता है। यह आपको एक ईमानदार रंग प्रदान करता है या अब नहीं है, हालांकि यह आपके छिद्रों और त्वचा को पहले की तुलना में बहुत अधिक व्यर्थ बनाता है। इसके अलावा, आप इसके अलावा pores और त्वचा जैसी कई परेशानियों का सामना करना चाहते हैं, ताकि आप उन लोगों से दूर रहें। सफेद धब्बों का उपचार संभव है कुछ मनुष्यों के रोम छिद्रों और त्वचा पर सफेद धब्बे होते हैं, जो मनुष्यों को परेशान करते हैं, हालांकि ऐसा नहीं है। दरअसल, इस एप्लिकेशन ने कहा कि यह सफेद धब्बे से निपटने के लिए बहुत संभव है। इस दाग को हटाने के लिए सर्जिकल विधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले में, इसका उपाय बिल्कुल संभव है। इस बारे में मनुष्यों के बीच संज्ञान में बदल गया। आपको बता दें कि इस विधि के दौरान, किसी व्यक्ति के फ्रेम के किसी अन्य भाग के छिद्र और त्वचा उस हिस्से पर कम और कार्यान्वित होते हैं। हम भारतीयों के पास बहुत ही अनोखे छिद्र और त्वचा हैं हमें सूचित करें कि जब यह एप्लिकेशन अतिरिक्त रूप से बदल गया, तो पता चला कि छिद्र और त्वचा के लोग भारतीय बहुत ही अनोखे हो सकते हैं, इस तथ्य के कारण कि हम घंटों तक सौर के साथ खड़े रहेंगे, हालाँकि हमारे फ्रेम पर झाई बहुत कम या बहुत कम हैं कम से। लेकिन क्या आप इस बात को पहचानते हैं कि विदेशी अंतरराष्ट्रीय स्थानों के मनुष्य सौर के साथ टकसालों पर भी खर्च नहीं कर सकते हैं, इस तथ्य के कारण कि उनका फ्रेम चकत्ते और चकत्ते के लिए अतिसंवेदनशील है।
2021/10/16 00:33:20
https://www.naturalnews.co.in/%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B/
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किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा | न्यूज़क्लिक आज सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हो रही है। किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद यह पहली बैठक है। इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ किये गए समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति का एलान होगा। आज सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हो रही है। किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद यह पहली बैठक है। इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के साथ किये गए समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा होगी और आगे की रणनीति का एलान होगा। इसमें 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च और पंजाब में चुनाव लड़ रहे किसान-संगठनों के बारे में भी अहम फैसला हो सकता है। पब्लिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और किसान-नेताओं के बयानों से यह साफ है कि मोदी सरकार ने समझौतों के क्रियान्वयन की दिशा में एक महीने में कोई कदम नहीं उठाया है। पंजाब में किसानों के खिलाफ खतरनाक बयानबाजी करके प्रधानमंत्री एक तरह उनके साथ हुए समझौते की भावना की पहले ही हत्या कर चुके हैं और समझौता तोड़ चुके हैं। क्या संयुक्त किसान-मोर्चा समझौते की पूरी तरह अनदेखी और एक तरह से वायदाखिलाफी करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ, फिर से मोर्चा खोलेगा तथा चुनावी राज्यों के किसानों से वोट की चोट देकर उसके ऊपर दबाव बढ़ाने की अपील करेगा, ताकि वह समझौते को लागू करने को मजबूर हो? वैसे तो राकेश टिकैत के अनुसार आंदोलन से किसान 4 महीने की छुट्टी पर हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में किसानों के लिए फिलहाल आराम हराम ही लगता है। किसान-विरोधी राज के खिलाफ जीवन-मरण संघर्ष में अपने ऐतिहासिक आंदोलन से किसानों ने जो नयी चेतना और जागृति हासिल की है, वह उन्हें तब तक चैन से नहीं बैठने देगी जब तक अपने हित में नीतियां बनाने वाली सरकार वे नहीं बनवा लेते। उनका पाला एक ऐसे प्रधानमंत्री से पड़ा है जो न सिर्फ उनके आंदोलन को कुचलने के लिए सारी सीमायें पार कर गया था, बल्कि इस समय जब उनका आंदोलन स्थगित है, तब भी उन्हें बदनाम करने के लिए अपनी जान के लिए खतरे जैसी भड़काऊ बयानबाजी करने में भी संकोच नहीं करता। यह देखना सुखद था कि मोदी के बयान पर पंजाब चुनाव को लेकर पैदा हुए मतभेदों से ऊपर उठते हुए पूरा संयुक्त मोर्चा फिर चट्टान की तरह एकताबद्ध हो गया। बलबीर सिंह राजेवाल और गुरनाम सिंह चढूनी समेत 9 मेम्बरी कमेटी के full panel ने अपने बयान में कहा," यह बहुत अफसोस की बात है कि अपनी रैली की विफलता को ढकने के लिए प्रधानमंत्री ने "किसी तरह जान बची" का बहाना लगाकर पंजाब प्रदेश और किसान आंदोलन दोनों को बदनाम करने की कोशिश की है। संयुक्त किसान मोर्चा देश के प्रधानमंत्री से यह उम्मीद करता है कि वह अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए ऐसे गैर जिम्मेदार बयान देने से बाज आएंगे। " इसीलिए सच यही है कि राकेश टिकैत समेत कोई भी किसान नेता या कार्यकर्ता इस समय न छुट्टी मना रहा है, न आराम कर रहा। वे सब दिल्ली का सेमी-फाइनल माने जा रहे विधानसभा चुनावों में लगे हुए हैं, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष ढंग से। राकेश टिकैत के गृह-राज्य उत्तर प्रदेश में किसान-आंदोलन पहले ही डबल इंजन सरकार की विदाई की पटकथा लिख चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को उलट-पुलट करते हुए किसान-आंदोलन ने ऐसे chain-reaction को trigger किया, जो अब अपने अंजाम की ओर बढ़ रहा है। यह बेहतर होता कि संयुक्त किसान मोर्चा एकताबद्ध ढंग से चुनाव में अपने एजेंडा और कार्यक्रम के साथ हस्तक्षेप करता, जैसे उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में सफलतापूर्वक किया था। बहरहाल 3 कानूनों पर मोदी सरकार के पीछे हटने और समझौते के साथ आंदोलन स्थगित होने के कारण परिस्थिति में एक गुणात्मक बदलाव आ गया था। इस नई परिस्थिति में भी जरूरत यही थी कि मोर्चा नई एकताबद्ध रणनीति के साथ सामने आता, जिसमें अलग-अलग राज्यों की ठोस राजनीतिक स्थिति के अनुरूप अलग कार्यनीति भी हो सकती थी, लेकिन चुनाव में हस्तक्षेप के प्रश्न पर मोर्चे के घटकों में गहरे मतभेद सामने आ गए, इसलिए वे चुनावी राज्यों में, विशेषकर आंदोलन के गढ़ पंजाब में किसी एक कार्यनीति पर आगे नहीं बढ़ सके। पंजाब में भाजपा को शिकस्त देने की चुनौती तो थी नहीं, अन्य गैर-भाजपा राजनीतिक दल भी सुसंगत किसान-परस्त पार्टियां नहीं ही है, इस स्थिति में किसान संगठनों के एक हिस्से को यह लगा कि उन्हें आंदोलन की पूंजी का लाभ उठाते हुए राजनीतिक ताकत बनाने और सत्ता में हिस्सेदारी की ओर बढ़ना चाहिए, देविंदर शर्मा जैसे आंदोलन समर्थक कृषि-विशेषज्ञ भी किसानों की पार्टी की लगातार वकालत करते रहे हैं। चुनाव में उतरने वाले सारे किसान-संगठन भी एक साथ नहीं है। हरियाणा के किसान नेता गुरुनाम सिंह चढूनी के संरक्षण में बना दल अकेले लड़ रहा है, जबकि बलबीर सिंह राजेवाल की सरपरस्ती में शुरू में 22 संगठन मिलकर संयुक्त समाज मोर्चा बनाये थे, लेकिन उनमें से कई अब उससे अलग हो गए हैं। ऐसा लगता है कि ये कोई व्यवस्थित कार्यक्रम आधारित दल न होकर चुनाव लड़ने के इच्छुक संगठनों और नेताओं के तदर्थ मंच (platform) जैसे हैं, जाहिर है अस्थिरता और बिखराव इनके चरित्र और संरचना में निहित है। दरअसल, पंजाब के बड़े किसान संगठन- जोगिंदर उगराहा, डा. दर्शन पाल, दल्लेवाल जैसे नेता चुनाव की इस पूरी कवायद से अलग हैं। इसलिए पंजाब के मौजूदा राजनीतिक माहौल में चुनाव में उतर रहे किसान-संगठन अपने वोट और सीट के लिहाज से शायद ही कोई खास छाप छोड़ पाएं, पर उनको मिलने वाले वोट सत्ता के उलट-फेर में भूमिका निभा सकते हैं। जिन संगठनों के नेता चुनाव में जा रहे हैं, उन्हें निश्चय ही किसानी-लोकतन्त्र व देश बचाने के कार्यक्रम और सुस्पष्ट भाजपा विरोधी दिशा के साथ ही ऐसा करना चाहिए। साथ ही किसान-प्रश्न पर संदिग्ध (dubious ) साख वाले दलों के साथ चुनावी गठजोड़ से बचना चाहिए। तभी वे अपने ऐतिहासिक आंदोलन की भावना के साथ न्याय कर पाएंगे, अपनी किसान-हितैषी छवि को अक्षुण्ण रख पाएंगे और भविष्य में यही दिशा किसान-आंदोलन और उनके बीच सेतु बनाएगी। किसान-आंदोलन का मूल सकारात्मक मुद्दा- किसानों की मेहनत और फसल की वाजिब कीमत (MSP ) का सवाल और स्वामीनाथन आयोग के C-2 फॉर्मूले के आधार पर मूल्य निर्धारण-अभी जस का तस है। यह साफ है कि मोदी सरकार इसे आसानी से स्वीकार करने वाली नहीं है। सर्वोपरि हमारे राष्ट्रीय जीवन के एक नाजुक दौर में लोकतंत्र और देश को कारपोरेट-फासीवाद के शिकंजे से बचाने का जो ऐतिहासिक दायित्व किसान-आंदोलन ने अपने कंधे पर उठाया, वह भी अभी अधूरा है। दल बनाकर चुनावी राजनीति में प्रवेश का कोई ऐसा फैसला जो आंदोलन के इन बड़े उद्देश्यों के साथ न्याय न कर सके, आंदोलन को नई ऊंचाई पर न ले जाये, वह निश्चय ही आत्मघाती और premature है। यह अतीत के उन आंदोलनों की श्रृंखला में एक बार फिर एक विराट सम्भावना की भ्रूण-हत्या जैसा होगा जो आधे रास्ते ही अपने महत्वाकांक्षी नेताओं की सत्ता-लिप्सा की बलि चढ़ गए। सच यह है कि राजनैतिक अर्थतंत्र पर कब्जा जमाए वित्तीय पूँजी के धनकुबेर और कारपोरेट घराने तब तक हमारे लोकतंत्र को रौंदते रहेंगे तथा किसानों के श्रम को लूटते रहेंगे और कृषि क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए लगातार नए नए तरीके ईजाद करते रहेंगे, जब तक किसान मौजूदा सत्ता-संरचना और नीतिगत ढाँचे को नहीं बदल देते। इसके लिए एक ओर किसानों को अपने आंदोलन को नई ऊंचाई पर ले जाना होगा, दूसरी ओर समाज के अन्य मेहनतकश तबकों के साथ मिलकर राजनीतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए सत्ता को जनोन्मुख बनाना होगा। जाहिर है किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा, बेशक सही timing और रणनीति के साथ। क्या आज की अहम बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर अपने एजेंडा के आधार पर भाजपा को वोट की चोट देते हुए किसानों से मतदान की अपील करेगा? बैठक के फैसलों की ओर पूरे देश की निगाह रहेगी।
2022/01/25 14:58:04
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1: Latest 1 News in Hindi - Naidunia Khajrana Ganesh Temple Indore: मंदिर की दानपेटियों से प्राप्त हुई नकद राशि और सोने-चांदी की पूजन सामग्री madhya pradeshTue, 26 Oct 2021 07:38 AM (IST) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पखांजूर इकाई के कार्यकर्ताओं ने खंड चिकित्सा अधिकारी को राज्य स्वास्थ्य मंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा। विभाग सह संयोजक रोशन बढ़ाई ने बताया कि पखांजूर तहसील की जनसंख्या 1.5 से दो लाख है। सिविल ... chhattisgarhTue, 26 Oct 2021 06:50 AM (IST) एक नवंबर 2019 से प्रारंभ निश्शुल्क कोचिंग नव किरण अकादमी का संचालन प्रारंभ हुआ था। जिसमें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले सैकड़ों विद्यार्थी लाभान्वित हुए। chhattisgarhTue, 26 Oct 2021 06:33 AM (IST) जिला कांग्रेस कमेटी महासचिव की पत्नी हुई लूट का शिकार दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव की पत्नी सोमवार की रात करीब आठ बजे लूट का शिकार हो गई। महिला सेक्टर-1 सड़क 10 पर अपने मोबाइल से बात करते हुए जा रही थी। chhattisgarhTue, 26 Oct 2021 06:00 AM (IST) नेशनल हाईवे 30 शीतल ढाबा के पास अंजनिया में एक्सीडेंट हुआ। रायपुर से जबलपुर की ओर तेज रफ्तार से जा रहा वाहन मवेशियों को रोंदते हुए हुए निकल गया। जिसकी चपेट में आने से तीन मवेशियों की मौत हो गई। अभी पिछले दिनों भी 25 से... madhya pradeshTue, 26 Oct 2021 04:03 AM (IST) बोवनी का समय शुरू, बीज का संकट बरकरार बलराम शर्मा, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में 3 लाख 30 हजार हेक्टेयर में 1 लाख 44 हजार 649 क्विंटल सभी उपज के बीज की जरूरत है। खाद्यान्य उत्पन्ना करने में अहम भूमिका निभाने वाले कृषि प्रधान जिले में बीज की किल्लत बनी हुई... madhya pradeshMon, 25 Oct 2021 08:45 PM (IST) स्मार्ट सिटी के सेंटर से क्राइम कंट्रोल में मिल रही मदद सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। केस-1 हादसे होने के कुछ देर में पहुंची मदद शनिवार सुबह करीब 11 बजे पहलवान बब्बा मंदिर के पास रोटरी क्रॉस करते समय एक ऑटो और लोडिंग आपे में टक्कर हो गई। इसमें ऑटो की सवारियां घायल हो गईं। यह ह... धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर सहित जिलेभर में सोमवार को टीकाकरण महाअभियान -3 की शुरुआत की गई। इसमें विभाग द्वारा जिले में 211 केंद्रों पर 1 लाख 56 हजार 800 टीके का लक्ष्‌य रखा गया था। इसमें शाम 6 बजे तक मात्र 37 हजार 398...
2021/10/26 05:26:19
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