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माधुरी दीक्षित के बेटे रेयान ने कैंसर मरीजों को दान किए अपने बाल | न्यूजबाइट्स
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माधुरी दीक्षित के बेटे रेयान ने कैंसर मरीजों को दान किए अपने बाल
Nov 08, 2021, 03:11 pm 3 मिनट में पढ़ें
माधुरी और उनका बेटा रेयान
माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री हैं। अब वह अपने बेटे रेयान के एक नेक पहल को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई हैं। दरअसल, नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे (7 नवंबर) के मौके पर उन्होंने कैंसर मरीजों के लिए एक अद्भुत पहल की है। इस मौके पर उन्होंने अपने बाल कैंसर मरीजों को दान करने का फैसला लिया है। माधुरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर प्रशंसकों को जानकारी दी है।
माधुरी ने वीडियो शेयर कर दी जानकारी
माधुरी ने सैलून में बाल कटवाते हुए रेयान का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने रेयान के इस पहले के लिए खुशी जताई है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय कैंसर दिवस के अवसर पर मैं वास्तव में कुछ खास साझा करना चाहती हूं। कैंसर के लिए कीमो से गुजर रहे कई लोगों को देखकर रेयान का दिल टूट गया। इस दौरान कैंसर मरीजों के बाल झड़ जाते हैं।'
रेयान कैंसर सोसायटी को दान करेंगे बाल
माधुरी ने आगे बताया कि उनके बेटे रेयान ने अपने बाल कैंसर सोसायटी को दान करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, "हम माता-पिता के रूप में उनके फैसले से रोमांचित हैं।" अभिनेत्री ने खुलासा किया दिशानिर्देशों के अनुसार बालों की आवश्यक लंबाई बढ़ाने में उनके बेटे को लगभग दो सालों का समय लग गया। सोशल मीडिया पर रेयान के इस पहल की खूब वाहवाही हो रही है। कई हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
शिल्पा और फराह खान ने दी प्रतिक्रिया
एक यूजर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'महान विचार और योगदान। रेयान के भविष्य के लिए शुभकामनाएं।' एक अन्य यूजर ने अपने कमेंट में लिखा, 'आपके बेटे पर गर्व है और अच्छे पालन-पोषण के लिए बधाई।' अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और फिल्म निर्माता व कोरियोग्राफर फराह खान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस पहल से माधुरी अपने बेटे पर काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इससे लोग प्रेरणा लेने की बात भी कह रहे हैं।
मार्च, 2005 में हुआ था रेयान का जन्म
अभिनेत्री माधुरी ने 17 अक्टूबर, 1999 को डॉक्टर श्रीराम नेने से शादी की थी। इस कपल को 17 मार्च, 2003 को बेटा अरिन हुआ था। रेयान का जन्म मार्च, 2005 में हुआ था। माधुरी ने 'दिल तो पागल है', 'देवदास', 'हम आपके हैं कौन', 'खलनायक', 'साजन', 'तेजाब', 'बेटा', 'कोयला और 'पुकार' जैसी फिल्मों में काम किया है। वह अपनी पहली वेब सीरीज 'फाइंडिंग अनामिका' को लेकर भी चर्चा में हैं। | 2022/05/25 16:06:58 | https://hindi.newsbytesapp.com/news/entertainment/madhuri-dixit-s-son-ryan-donates-hair-to-cancer-patients/story | mC4 |
उत्तर भारत के कई इलाको में मानसून आ चुका है। जगह जगह बारिश की बौछारें हो रही हैं। गर्मी के मौसम के बाद मानसून का इंतजार हर किसी को होता है। लेकिन ये मानसून का मौसम बरसात के साथ साथ बहुत सारी बीमारियां भी साथ लेकर आता है। मानसून में अक्सर दूषित पानी पीने से सबसे ज्यादा पेट के रोग होते है।
इस मौसम में दूषित पानी पीने से कई तरह के इंफेक्शन हो सकते है। कॉलेरा या हैजा भी एक ऐसी ही समस्या है। हैजा एक ऐसी संक्रमित बीमारी है जो शरीर में रोगाणु पहुंचने के बाद 24 से 72 घंटों के बीच कभी भी हो सकता है। कभी कभी तो इसके लक्षण पांच दिन के बाद देखने को मिलते है।
पीने और खाना बनाने के लिए साफ़ पानी का इस्तेमाल करें। किसी विश्वसनीय लैब से पानी की जांच कराएं और उसमें कोई बैक्टीरिया मिलने पर प्रशासन को सूचित करें। इस तरह के पानी को बिना उबालें न पीएं और खाना बनाने से पहले भी पानी को पर्याप्त उबालें। अगर आपके घर में वॉटर प्यूरिफिकेशन मशीन है तो उसके पानी की भी जांच कराएं। अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को बुलाकर फ़िल्टर बदलवाएं।
बाथरूम जाने केबाद और खाना खाने से पहले हाथ ज़रूर धोएं। हाथों को कम से कम एक मिनट तक साबुन से साफ करना चाहिए और उसके बाद साफ़ पानी से उसे धोना चाहिए। इस बात का भी ख्याल रखें कि आपके घर खाना बनानेवाले और उसे परोसनेवाले लोग खाना पकाने और परोसने से पहले अपने हाथ धुलें।
खाना खाकर बर्तन धोने के बाद इन्हें खुले में न छोड़े। इन्हें साफ करके अच्छी और साफ सुथरी जगह पर रखें।
भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाएं, कच्ची सब्जियां न खाएं। खाना पकने के बाद उसमें धीरे-धीरे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए 2 घंटे से पुराना या बासी खाना खाने से भी बचें।
नियमित रूप से अपने नाखून काटें। आपके घर में खाना बनाने वाले और नौकरों से भी नाखून काटने और साफ सफाई का ध्यान रखने के लिए कहें। बेमतलब चीज़ों को हाथ न लगाएं। साथ ही पेन या नाखून चबाने की आदतों से भी बचे और अपने बच्चों को भी ऐसा न करने दें।
हैजा के रोगी के परिवारवालों को कुछ विशेष सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता होती है। मरीज की देखरेख करने वाले व्यक्ति अपने कपड़े बदलें एवं साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएँ।
घर के बरामदें या आसपास में पानी न ठहरानें दे, बारिश का पानी इक्ट्ठा होने पर उसकी निकासी पर ध्यान दें क्योंकि इससे हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया पनप सकते हैं। | OSCAR-2019 | ||
आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों को अविलम्ब दी जाए राहत: योगी - Best Online News in Hindi | Sach Kahoon
Home राज्य अन्य राज्य आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों को अविलम्ब दी जाए राहत: योगी
आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों को अविलम्ब दी जाए राहत: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत शुक्रवार को आई आंधी तूफान की चपेट में आकर हुई मौते पर शोक व्यक्त करते हुये कहा है कि प्रभावित लोगों को अविलम्ब मदद मुहैया करायी जाये। योगी ने जिलाधिकारियो को निर्देश दिए है कि आपदा से प्रभावित लोगों की यथाशीघ्र मदद की जाए।
घायलों को इलाज सुनिश्चित कराने की व्यवस्था की जाये। आंधी तूफान से हुई क्षति आकलन करके उनको राहत एवं अन्य जरूरी मदद अविलम्ब उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि प्रदेश में गत शुक्रवार को आयी आंधी तूफान से 15 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गयी थी तथा कई लोग घायल हो गये। आंधी तूफान से मुरादाबाद से छह, इटावा से पांच , सम्भल से तीन , मेरठ और मुज्जफर नगर से दो-दो और अमरोहा से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी थी। तूफान की वजह से कई जिलों में बिजली व्यवस्था चरमरा गयी थी। तेज आंधी-तूफान की वजह से कई मकान ढह गए, तो कई पेड़ टूटकर गिर गए थे। | 2020/02/23 00:25:03 | https://sachkahoon.com/relief-for-the-people-affected-by-the-storm-storm-relief-yogi/ | mC4 |
अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का राजस्थान में किया स्वागत
Saturday, November 09, 2019 13:05 PM
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (फाइल फोटो)
जयपुर। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है और सभी ने इसका स्वागत किया है।
इस निर्णय के बाद लोगों ने एक दूसरे को बताकर खुशी का इजाहर किया व मिठाई बांटकर खुशी मनाई और न्यायालय के इस फैसले का सभी ने सम्मान एवं स्वागत किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लोगों को इसका सम्मान एवं स्वागत करना चाहिए।
गहलोत ने लोगों से ऐसे मौके पर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय के फैसले का सम्मान और स्वागत करते है, कांग्रेस की सोच रही है कि देश मिलजुलकर रहें, सौहार्द बना रहे, यह हमारी संस्कृति रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस फैसले को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए इसका स्वागत किया हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत के सामाजिक ताने-बाने और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने भी इसका स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक फैसला अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा और यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।
इसी तरह भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। विश्व विख्यात सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन ने भी अयोध्या विवाद पर आये सुप्रीम कोर्ट के के फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश हित में बताया है।
आबेदीन ने कहा कि यह हिन्दुस्तान के दुश्मनों पर तमाचा है जो लोग इस मुद्दे को बेवजह विवाद खड़ा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी समुदाय का कर्तव्य बनता है कि न्यायालय के फैसले को स्वीकार करते हुए शांति एवं सद्भाव एवं भाईचारा बनाये रखना चाहिए। इसी प्रकार देश-प्रदेश के सभी स्थानों पर लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के गुर्गे कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश
कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के गुर्गों को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
गंगा नदी के किनारे हरित पट्टी विकसित की जाएगी: गजेन्द्र शेखावत
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंन्द्रसिंह शेखावत ने कहा है कि आयुष और जल शक्ति मंत्रालय गंगा नदी के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में हरित पट्टी विकसित करेंगे, जिसमें जड़ी-बूटी और औषधीय पौधों की खेती की जाएगी।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी में अध्ययरनत विदेशी छात्र की हृदय गति रूकने से मौत
मेवाड़ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत एक विदेशी छात्र की मौत से एक बार हड़कंप मच गया, लेकिन बाद में ज्ञात हुआ कि हृदय गति रूकने से इसकी मौत हुई है। | 2020/06/04 17:27:45 | https://www.dainiknavajyoti.net/story.php?id=6&nid=12294 | mC4 |
शैक्षणिक योग्यता -: भारत के मान्यता प्राप्त चिकित्सा परिषद से एमबीबीएस / पीजी डिग्री / डिप्लोमा होना चाहिए |
आवेदन कैसे करे -: इच्छुक उम्मीदवार वेबसाइट http://cghealth.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। | OSCAR-2019 | ||
'रन फॉर यूनिटी' का अयोजन कर पुंछ में मनाया गया 22वां कारगिल विजय दिवस
Home > अन्य राज्य > जम्मू-कश्मीर > 'रन फॉर यूनिटी' का अयोजन कर पुंछ में मनाया गया 22वां कारगिल विजय दिवस
Pooja Mandal26 July 2021 10:36 AM GMT
22वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना की पुंछ ब्रिगेड ने 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया, जिसमें कौसलियां, गुलपुर, नूरकोट, देगवार, खेल परिसर पुंछ के लड़के और लड़कियां, बाल आश्रम के बच्चे , पुंछ और भारतीय सेना और बीएसएफ के जवान सहित लगभग 300 प्रतिभागियों में आसपास के गांवों के युवा शामिल हुए। प्रत्येक प्रतिभागी को 'रन फॉर यूनिटी' टी-शर्ट और भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां और राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सेवानिवृत्त पोर्टर भी उपस्थित रहे। इस दौरान कंबल व शॉल देकर उनका अभिनंदन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि देश के दूर-दराज के लोग भी देश की एकता के लिए एकजुट हैं। | 2021/09/24 15:32:26 | https://actionindialive.com/other-state/jammu-and-kashmir/run-for-unity-organised-in-poonch-763648 | mC4 |
टांगरा नजदीक हुआ भयानक हादसा, मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत - accident 3 died
टांगरा नजदीक हुआ भयानक हादसा, मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत
Updated: 26 Jun, 2020 01:53 PM
टांगरा (अमृतसर): यहां जी.टी. रोड टांगरा नजदीक मुछला वाले मोड़ पर ज़ीप की चपेट में आने से 2 मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत हो गई। घटना गत रात की बताई जा रही है, जब 2 मोटरसाइकिल सवार 3 व्यक्ति जी.टी रोड पर चढ़ने लगे तो अमृतसर की तरफ़ से तेज़ रफ़्तार आ रही ज़ीप ने इन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही तीनों की मौत हो गई।
उधर, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फ़िलहाल पुलिस की तरफ से अगली कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। | 2020/07/02 19:16:43 | https://punjab.punjabkesari.in/punjab/news/accident-3-died-1192709 | mC4 |
Nora Fatehi Performs Booty Dance On Buss It Challenge Between Filmfare - Love Peace Growth
Home Lifestyle Nora Fatehi Performs Booty Dance On Buss It Challenge Between Filmfare
Nora Fatehi Performs Booty Dance On Buss It Challenge Between Filmfare
बॉलीवुड एक्ट्रेस और डांसर नोरा फतेही अपने बेहतरीन डांस वीडियो को बनाकर अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर करती हुई दिखाई देती हैं. एक बार फिर से उनके इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो देखने को मिला है जिसमें वो एक अंग्रेजी गाने पर डांस करती नज़र आ रही हैं. आपको बता दें, एक्टेस ने सोशल मीडिया पर एक नया चैलेंज शुरु किया है जिसका नाम उन्होंने 'Buss It Challenge' दिया है. नोरा का ये डांस वीडियो देखने के बाद फैन्स इसको कॉपी करते हुए वीडिया बना रहे हैं.
नोरा फतेही ने वीडियो में सिल्वर कलर की शिमर ड्रेस में डांस मूव्स करते हुए दिखाई दे रही हैं. अपने इस नए डांस वीडियो को नोरा फतेही ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर शेयर किया है. इस डांस वीडियो को नोरा ने अपने फैन्स के लिए 5 घंटे पहले शेयर किया था और इसे अभी तक 13 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं जो कि अपने आप में एक बड़ी बात है. नोरा फतेही ने अपने अंदाज और डांस से लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. एक्ट्रेस के डांस वीडियो बॉलीवुड फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी वायरल होते नजर आते हैं.
जल्द ही नोरा फतेही फिल्मफेयर अवॉर्ड शो में अपने डांस मूव्स से सबको क्रेजी करते हुए दिखाई देंगी. वर्कफ्रंट की बात करें तो नोरा फतेही का हाल ही में गाना 'छोड़ देंगे' रिलीज हुआ था. जिसे अभी तक यू-ट्यूब पर 255 मिलियन से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है. जल्द ही नोरा फिल्म 'भुज द प्राइड ऑफ इंडिया' में मुख्य भूमिका निभाते हुए नजर आएंगी. जिसमें वो बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन और संजय दत्त के साथ दिखाई देंगी.
Nora Fatehi show
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टीवी धारावाहिकों की शूटिंग शुरू होने के बाद कुछ नए बदलावों के साथ टीवी के रियलिटी शोज की शूटिंग भी अब जल्द शुरू होने वाली है। इसी बीच खबर है कि एक्टर और होस्ट मनीष पॉल 10 जुलाई से अपने ‘सारेगामापा’ रियलिटी शो की शूटिंग शुरू कर रहे हैं। इस शो को होस्ट करने के लिए मनीष पॉल बहुत एक्साइटेड भी है। | 2021-02-26T01:47:46Z | https://hi.gethuman.com/issue/Hearst-Magazines | OSCAR-2109 |
Loot case : Loot from petrol pump - Janjgir Champa News in Hindi - तलवार की नोंक पर पेट्रोल पंप से 25 हजार 500 रुपए की लूट, ऐसे दिया घटना को अंजाम | Patrika Hindi News
22 Aug 2019, 01:56:33 PM IST
Loot Case : फिल्मी स्टाइल में Loot की वारदात का एक मामला सामने आया है। रात में युवक बाहर से दरवाजा बंद कर कांच तोड़कर खिड़की से अंदर घुसता है, एक कर्मी के गर्दन पर तलवार टिका देता है, फिर...
जांजगीर-चांपा. फिल्मी स्टाइल में नकाबपोश एक युवक नेे पेट्रोल पंप से तलवार की नोंक पर कर्मचारियों को धमकाते हुए 25 हजार 500 रुपए लूटकर (Loot) फरार हो गया। सूचना पर पुलिस ने अपराध कायम कर पतासाजी में जुटी हुई है। घटना नगरदा थाना अंतर्गत दमऊदहरा की है।
पुलिस के अनुसार नगरदा थाना अंतर्गत दमऊदहरा में कोरबा मेन रोड में कल्पना फ्यूल्स (Kalpana Fuels) संचालित है। जहां मंगलवार की रात एक अज्ञात नकाबपोश युवक पहुंचा। पेट्रोल पंप में दो कर्मचारी आफिस में सो रहे थे। रात करीब एक बजे नकाबपोश युवक पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पहुंचा। आफिस का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, फिर खिड़की की कांच तोड़ दिया। कांच तोडऩे के बाद खिड़की से ही आफिस अंदर प्रवेश किया।
इसके बाद दोनों कर्मचारियों को तलवार की नोंक पर धमकाने लगा। जितना पैसा है निकालकर दे दो। नहीं तो गर्दन को उड़ा दूंगा। दोनो कर्मचारी घबरा गए। फिर दराज से निकालकर 25 हजार 500 रुपए को दे दिए। नकाबपोश युवक वापस खिड़की से बाहर निकलकर फरार हो गया।
रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर पतासाजी में जुटी हुई है। पेट्रोल पंप के कर्मचारी आरोपी का हुलिया नहीं बता पा रहे है। इससे पुलिस को परेशानी हो रही है। हालांकि पुलिस जांच में जुटी हुई है। | 2019/09/16 15:19:05 | https://m.patrika.com/janjgir-champa-news/loot-case-loot-from-petrol-pump-4999324/ | mC4 |
एयर एंबुलेंस से जुड़ा एम्स, हुई सफल ट्रॉयल लेंडिंग, देश का पहला सरकारी संस्थान बना – दैनिक आमोघ
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उत्तराखंडएक्सक्यूसिवदेशधर्म कर्मपर्यटनस्वास्थ्य और शिक्षा
एयर एंबुलेंस से जुड़ा एम्स, हुई सफल ट्रॉयल लेंडिंग, देश का पहला सरकारी संस्थान बना
देहरादून। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस सेवा की ट्रॉयल लेंडिंग सफल रही।
इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है। जिसमें अपनी हेलीपेड की सुविधा उपलब्ध है। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में आपदा के समय घायल होने वाले लोगों को सुगमता से उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा सकेगा। जिससे आईडीपीएल,जौलीग्रांट आदि स्थानों पर एयर लिफ्ट कर लाए जाने वाले मरीजों को एम्स तक पहुंचाने में लाइफ सेविंग की दृष्टि से होने वाली देरी अब नहीं होगी।
राज्य में विभिन्न दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल एम्स में उपचार के लिए पहुंचाने के मद्देनजर एम्स प्रशासन ने कैंपस में हेलीपैड बनाया था। सिविल एविएशन की गाइडलाइन्स के अनुसार, एम्स प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के मानकों पर आधारित हेलीपैड तैयार कर दिया गया था,जिसे बीते दिवस नागर विमान मंत्रालय के तहत कार्यरत डीजीसीए द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया था। डीजीसीए की एनओसी के बाद मंगलवार को एम्स के हेलीपैड पर पहली ट्रॉयल लेंडिंग सफलतापूर्वक कर ली गई।
इस ट्रायल लैंडिंग में एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत जॉलीग्रांट से एम्स हेलीकॉप्टर द्वारा पहुँचे। इनके साथ उत्तराखंड सरकार के नागरिक उड्डयन सलाहकार कैप्टेन दीप श्रीवास्तव भी थे। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसकी ट्रायल लैंडिंग सफल रही । एम्स ऋषिकेश में एयर एम्बुलेंस सेवा का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत निकट भविष्य में विधिवत उद्घाटन करेंगे।
इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ साथ एम्स प्रशासन भी गंभीर है,जिसके मद्देनजर एम्स की ओर से परिसर में हेलीपैड का निर्माण करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त कार्य में राज्य सरकार व सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी की ओर से एम्स को हरसंभव सहयोग किया गया।
एम्स ऋषिकेश के एविएशन एवं एयर रेस्क्यू सर्विसेज के इंचार्ज डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स राज्य के किसी भी हिस्से में होने वाली आपदा व सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल उपचार दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ पूरी तरह से संकल्पबद्ध होकर सहयोग कर रहा है,जिसके मद्देनजर मरीजों की लाइफ सेविंग के लिए कैंपस में ही हेलिपैड बना लिया गया है,जिससे भविष्य में घायलों को परिसर में एयरलिफ्ट कर पहुंचाया जा सकेगा और जल्द से जल्द उनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। | 2022/05/28 03:43:10 | https://dainikaamogh.com/amma-rishikesh/ | mC4 |
September 9, 2019 By UN India Hindi
नई दिल्ली, 9 सितम्बर, 2019 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि भूमि को बंजर होने से बचाने के प्रमुख उपाय के रूप में वैश्विक जल कार्रवाई एजेंडा तय किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि भारत बंजर हो चुकी 50 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को 2030 तक फिर उपजाऊ बनाएगा। इस प्रकार भारत में कुल 2.6 करोड़ हेक्टेयर भूमि को फिर उपजाऊ किया जाएगा।
श्री मोदी ने मरूस्थलीकरण रोकने संबंधी संयुक्त राष्ट्र समझौते के पक्षों के 14वें सम्मेलन में मंत्री स्तरीय बैठक का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की। सम्मेलन का शुभारंभ एक सप्ताह पहले नई दिल्ली में हुआ था।
भूमि को फिर उपजाऊ बनाने का भारत का संकल्प भूमि को बंजर न होने देने के उसके संकल्प का अंग है। रेगिस्तान को फैलने से रोकना यानी भूमि को बंजर न होने देना यूएनसीसीडी के अंतर्गत प्रमुख प्रयास है। अब तक भूमि क्षरण के शिकार 170 में से 122 देश भूमि की उपजाऊ शक्ति खोने से बचाने का लक्ष्य हासिल करने का संकल्प ले चुके हैं।
भारत की यह पहल दो पिछले प्रयासों की पूरक है और उनकी पुष्टि करती है। पिछले पक्ष सम्मेलनों में शुरू किए गए ये प्रयास हैं : कोरिया गणराज्य की चांगवोन पहल और तुर्की की अंकारा पहल।
भारत के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और वर्तमान कॉप 14 के अध्यक्ष प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की कि दिल्ली घोषणा का अनुमोदन सम्मेलन के विशेष मंत्री स्तरीय खंड में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस खंड का उद्देश्य मरूस्थलीकरण, भूमि की उपजाऊ शक्ति खोने और सूखे के मानवीय चेहरे की तरफ ध्यान खींचना है। उन्होंने सभी संबद्ध पक्षों को आश्वस्त किया कि, "अगले दो वर्ष तक भारत सीओपी का अध्यक्ष रहेगा। इस दौरान हम आप सबके साथ मिलकर काम करेंगे और मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमारे सही कदम भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को बेहतर रूप देने में हमारी मदद करेंगे।"
सेंट विन्सेंट द ग्रेनाडाइन्स के प्रधानमंत्री रॉल्फ गोंजाल्वेज़ ने कहा, "विश्व भर के देशों की सामूहिक प्रतिक्रिया हमारे सामने मौजूद विशाल चुनौती का सामना करने के लिए इतनी उपयुक्त या पर्याप्त नहीं रही है कि आपदा से बचा जा सके। अत: मरूस्थलीकरण रोकने के संयुक्त राष्ट्र समझौते के अंतर्गत आयोजित कॉप 14 सम्मेलन हमारे जीवन, रहन-सहन और उत्पादन की बेहतर और टिकाऊ परिस्थिति की मानवता की तलाश में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।"
संयुक्त राष्ट्र की उप-महासचिव अमीना मोहम्मद ने सम्मेलन में प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और कहा, "अब हमारे पास लक्ष्य तैयार करने की बैठकों पर अगले दस वर्ष खर्च कर देने का विकल्प नहीं है। हमारे पास सिर्फ दो सप्ताह का समय है जिसमें हमें अपने साझा एजेंडा को सही दिशा में ले जाना है ताकि पृथ्वी पर दो डिग्री से कम वक्र के साथ कार्रवाई और प्रभाव की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।"
उन्होंने याद दिलाया कि 80 करोड़ लोग आज भी भुखमरी के शिकार हैं और फसलों की पैदावार गिर रही है, जबकि आने वाले दशकों में खाद्य सामग्री की मांग में 50 प्रतिशत वृद्धि होना तय है। 15 करोड़ हेक्टेयर खेतीहर भूमि को फिर उपजाऊ बनाने से हर वर्ष 20 करोड़ और लोगों का पेट भरा जा सकता है। ऐसा करने से अधिक शक्ति मिलेगी, छोटे संबद्ध पक्षों के लिए वार्षिक आय में 30 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि होगी और प्रति वर्ष पहले से दो गीगाटन अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को धरती में दबाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा, "ऐसे निर्णायक दौर में हमारे व्यक्तिगत और सामूहिक दायित्वों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। इसके लिए विशाल प्रयासों की आवश्यकता है, किन्तु हम सब मिलकर जलवायु एजेंडा की आकांक्षाओं को उठा सकते हैं और पूरा कर सकते हैं।"
संयुक्त राष्ट्र उप-महासचिव का यह भी कहना था, "जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन पहला और अंतिम पड़ाव नहीं है। यह ठोस कार्रवाई की दिशा में पहला कदम है और हम अपने सदस्य देशों से संकल्प मांग रहे हैं। मैं कहना चाहूंगी कि वित्तीय क्षेत्र का ठोस सहयोग वास्तव में महत्वपूर्ण है। यदि हमारे पास संसाधन न हुए तो रुकावट आएगी। यह हमारा कहना है कि सार्वजनिक राशि मिलनी चाहिए। हमारा यह कहना सही नहीं होगा कि ग्रीन क्लाइमेट फंड में पैसा नहीं है। पैसा है और देश योगदान कर रहे हैं जो अगले दो सप्ताह में होने वाले जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है। इस प्रकार का निरन्तर सहयोग ही अपेक्षित है।"
यूएनसीसीडी के कार्यकारी सचिव इब्राहिम छियाव ने दुनिया भर में बंजर होती जमीन के वर्तमान और अंतर-पीढ़ीगत प्रभावों की चर्चा करते हुए दुनिया में जन्म ले रहे बच्चों की दुर्दशा की ओर इशारा किया, "इनका भविष्य केवल माता-पिता के नहीं समूची मानवता के हाथ में है।"
उन्होंने ताजा वैज्ञानिक आकलनों का हवाला दिया जिनमें बताया गया है कि भूमि के बंजर होने से क्या नुकसान हुआ है। उन्होंने जल्द ही न्यूयॉर्क में होने वाले 5 संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलनों के लिए परिवर्तन का आधार तैयार करने में वर्तमान कॉप सम्मेलन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, "अपनी भूमि को समानता, भागीदारी और परिमाण के तीन छोटे सिद्धांतों से जोड़ने पर हम अपने साझा लक्ष्यों की दिशा में बहुत आगे निकल सकते हैं।"
इब्राहिम छियाव ने विशेष रूप से लाचार, ग्रामीण और छोटे किसानों के लिए भूमि को फिर उपजाऊ बनाने के प्रयासों में निजी क्षेत्र की भूमिका के बारे में सुश्री अमीना मोहम्मद से सहमति व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र से सहयोग लेने का मतलब भूमि का निजीकरण नहीं है।
सीओपी-14 के अध्यक्ष प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "रेगिस्तान को फैलने से रोकना राष्ट्रीय लक्ष्य होना चाहिए। भारत में हम इस दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। भारत में वन क्षेत्र बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्ष में 24 प्रतिशत से इसमें करीब 15,000 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। हम 33 प्रतिशत वन क्षेत्र के अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा, "यदि इंसान ने अपने कामों से पर्यावरण को क्षति पहुंचाई है तो अब उसके सही काम हालात बदलेंगे और भावी पीढ़ी को बेहतर स्वरूप में पृथ्वी सौंपेंगे।"
सम्मेलन का विषय है, "अवसरों के द्वार खोलने के लिए भूमि को उपजाऊ बनाने में निवेश (इन्वेस्टिंग इन रेस्टोरेशन टू अनलॉक ऑपर्च्यूनिटीज़)।" सम्मेलन में मंत्रियों, संयुक्त राष्ट्र और अंतर-सरकारी संस्थाओं के प्रमुखों, युवाओं, स्थानीय सरकारों के प्रतिनिधियों, कारोबारी नेताओं और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित 8,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
सीओपी-14 का समापन शुक्रवार को होगा। इसमें 30 से अधिक निर्णयों और देशों के नेतृत्व में पहलों का अनुमोदन होने की संभावना है। सरकारें, भूमि के बंजर होने का रुख पलटने के लिए विशेषकर अगले दो वर्ष में और उससे आगे भी इन प्रयासों को अपनाकर कार्रवाई करेंगी।
भारत संयुक्त राष्ट्र मरूस्थलीकरण नियंत्रण समझौते से संबद्ध पक्ष है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार का नोडल मंत्रालय है, जो देश में समझौते के अमल पर नजर रखता है।
भारत की जनसंख्या 2050 तक 1.7 अरब तक पहुंच जाने का अनुमान है। करीब 2 अरब हेक्टेयर भूमि का विनाश हो चुका है, जो भारत के क्षेत्रफल से तीन गुना से अधिक है, किन्तु इसे वापस उपजाऊ बनाया जा सकता है। भारत उन पहले देशों में शामिल है, जिन्होंने भूमि की उपजाऊ क्षमता नष्ट होने से बचाने के 2030 सतत् विकास लक्ष्य के प्रति संकल्प व्यक्त किया था।
भारत दो वर्ष तक वर्तमान कॉप14 का अध्यक्ष है । कॉप के पिछले सत्रों की तरह ही उच्च स्तरीय खंड में चर्चा चल रही हैजिससे वार्ताओं के लिए राजनीतिक समर्थन बढ़ाया जा सके और समझौते पर अमल में सम्बद्ध पक्षों का अधिक से अधिक सहयोग लिया जा सके।
संदर्भ सामग्री और संसाधन
उपयोग के लिए फोटो सहित संदर्भ सामग्री और अन्य संसाधन यहाँ उपलब्ध हैः
https://www.unccd.int/conventionconference-parties-copcop14-new-delhi-india/cop14-media-resources
उद्घाटन वक्तव्य सचिवालय को उपलब्ध होते ही इस पन्ने पर अपलोड कर दिए जाएंगे।
स्रोत की सूचना का साथ उपयोग के लिए मुफ्त फोटो यहाँ उपलब्ध हैं- https://www.dropbox.com/sh/r2al252no2m5t2f/AACI5_HQHYf6SOV1l6_DgQTPa?dl=0
अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें- सुश्री वागाकि विश्न्युस्की. wwischnewski@unccd.int, Cell: +91 74284 94332 श्री अभिषेक श्रीवास्तव asrivatsava@unccd.int, Cell: +91 99991 80790 सुश्री युकिए होरि, yhori@unccd.int, Cell: +91 74284 94331 | 2021/04/17 19:37:02 | https://in.one.un.org/un-press-release/cop-14-high-level-segment-hindi/ | mC4 |
अराव नाम का अर्थ, मतलब, राशि, राशिफल - Arawo naam ka meaning, matlab, arth, rashi in hindi
अराव का मतलब और राशि - Arawo meaning aur rashi in hindi
English: Arawo
अर्थ महिला पहाड़ बकरी
अराव नाम की राशि - Arawo naam ka rashifal
मंगल ग्रह मेष राशि का स्वामी माना जाता है। मेष राशि का आराध्य देव भगवान श्री गणेश को माना जाता है। अराव नाम के लड़के सर्दी का मौसम खत्म होने के बाद जन्म लेते हैं। इस जाति के अराव नाम के लड़के भविष्य में ज्वर, खून की अशुद्धि के रोगों, पायरिया, सिरदर्द, अनिद्रा और गुस्सैल स्वाभाव के कारण परेशान हो सकते हैं। अराव नाम के लड़कों के मस्तिष्क, जबड़े और चेहरे बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इस राशि के अराव नाम के लड़कों का पाचन तंत्र भली प्रकार से काम नहीं कर पाता। अराव नाम के लड़कों में काम करने का जुनून होता है और ये किसी भी चीज़ की पहल करने से कतराते नहीं हैं।
अराव नाम का मतलब - Arawo ka arth
अधिकतर माता-पिता अपने बच्चे को अराव नाम देना चाहते हैं लेकिन इससे पहले वो इसका मतलब जानने का प्रयास नहीं करते हैं। अराव नाम का मतलब महिला पहाड़ बकरी होता है। अराव नाम रखने से आपका बच्चा भी इस नाम के मतलब की तरह व्यव्हार करने लगता है। आपको बता दें कि अपने शिशु को अराव नाम देकर आप उसके जीवन में सकारात्मक संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं। नाम का मतलब महिला पहाड़ बकरी होने की वजह से अराव नाम के लोगों को समाज में भी बहुत पसंद किया जाता है। माना जाता है कि अराव नाम वाले व्यक्ति के स्वभाव में महिला पहाड़ बकरी होने की झलक देख सकते हैं। नीचे अराव नाम की राशि, लकी नंबर और स्वभाव एवं महिला पहाड़ बकरी के बारे में विस्तार से बताया गया है।
अराव नाम का शुभ अंक - Arawo naam ka lucky number
अराव नाम के लोगों का लकी नंबर 9 होता है और ये मंगल ग्रह के अधीन होते हैं। 9 लकी नंबर वाले लोग दिमागी तौर पर स्वस्थ होते हैं और उनमें मुसीबतों से लड़ने का जुनून होता है। अराव नाम के लोग सफलता के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। भले ही इन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़े, लेकिन ये कभी पीछे नहीं हटते। 9 अंक वाले लोगों के मन में भय नहीं होता, जो कई बार इनकी परेशानी का कारण बन जाता है। 9 लकी नंबर वाले लोगों में अच्छा नेता बनने के गुण होते हैं। अराव नाम के लोग दोस्ती और दुश्मनी निभाने में पीछे नहीं हटते।
अराव नाम के व्यक्ति का व्यक्तित्व - Arawo naam ke vyakti ki personality
अराव नाम के लोगों की राशि मेष होती है, इनमें अद्भुत साहस व महत्वाकांक्षा होती है। ये काफी जिज्ञासु होते हैं और खुद में विश्वास रखते हैं। साहसी होने के कारण ये जोखिम लेने से कतराते नहीं हैं। अराव नाम के लोगों को नए-नए काम करना अच्छा लगता है। अराव नाम वाले लोगों में खूब एनर्जी होती है और ये हर चैलेंज का पूरी हिम्मत से सामना करते हैं। इस राशि वाले लोग जल्दी जिद्द पकड़ लेते हैं और इनमें काफी अभिमान भी होता है। करियर और पैसों के मामले में अराव नाम के व्यक्ति को किसी भी तरह का समझौता करना पसंद नहीं होता। | 2022/05/22 07:40:26 | https://www.myupchar.com/baby-names/meaning-of-arawo | mC4 |
अब न रहा वो फगुआ, अब न रहे वो हुरियारे – बदलाव
अब न रहा वो फगुआ, अब न रहे वो हुरियारे
badalav 02/03/2018 अब न रहा वो फगुआ, अब न रहे वो हुरियारे2018-03-06T13:04:44+05:30 No Comment
ज़िंदगी की आपा धापी में प्राथमिकताएँ बदल जाती हैं। मनुष्य समय के चक्र में फँसकर उसी के इशारे पर चलने को मजबूर हो जाता है। पिछले दो साल से होली पर कुछ ऐसा ही हो जा रहा है। यही होली होती थी, जब हमारी तैयारियाँ करीब महीने पंद्रह दिन पहले शुरू हो जाती थी । केले के पेड़ से रस निकालना और उसमें कालिख और भेगराज (भृंगराज) मिलाकर काला रंग बनाना। कुछ फूलों को मसलकर उनसे भी रंग बनाने का कार्यक्रम चलता था। तो वहीं बाज़ार से कुछ लाल हरे रंग ख़रीदे जाते थे। होली के लिए दिवाली के बाद से बचाकर रखे पाँच, दस और पच्चीस पैसे के सिक्के उस वक़्त गुल्लक तोड़कर निकाल लिए जाते थे । उन्हीं का इस्तेमाल रंग ख़रीदने में होता था। बाक़ी का काम दूसरों से जानकर अलग अलग क़िस्म के बनाए रंग करते थे।
होली से कुछ दिन पहले खेत से आलू कोड़ा ( निकाला) जाता था और उस दिन भाइयों में सबसे बड़ा आलू छाँटकर अपने लिए रखने की होड़ मच जाती थी। हम सभी हर आलू कोड़नेवाले मज़दूर पर नज़र रखते थे कि किसके पास सबसे बड़ा आलू निकला है और उसे कौन पहले ले लेता है। हाँ वो वक़्त हाईब्रिड का नहीं था देसी आलू होता था जिसमें से कुछ ज़्यादा बड़े होते थे नहीं तो ज़्यादा मध्यम और छोटे आकार के होते थे। फिर क़वायद शुरू होती थी आलू पर अलग अलग शब्द उल्टा लिखने की, जिससे मुहर की तरह कहीं चस्पा हो तो सही पढ़ा जा सके । इन शब्दावलियों में 420, चोर, डाकू, राजा , सिपाही फ़िल्मों के नाम से लेकर जाने क्या अच्छे बुरे बीसियों शब्द होते थे। पहले ही तय कर लिया जाता था कि किस आदमी पर कौन सा शब्द चस्पा करना है। हमारी होली करीब हफ़्तेभर पहले शुरू हो जाती थी।
शब्द के मुताबिक़ लाल, हरे, नीले, पीले, काले आदि रंगों का चयन कर आलू पर भरा जाता था। और हमारी टोली शिकार की तलाश में निकल जाती थी। (यानी किस किस पर इसे चस्पाँ करना है)। शिकार मिलने पर उसके कपड़े पर आलू के मुहर को धप्पा बोल चस्पाँ कर दिया जाता था, कपड़े पर उभरे शब्द का उच्चारण कर हमारी टोली ज़ोर ज़ोर से हँसती चिल्लाती हुई भाग निकलती। पकड़े जाने पर ख़ुद पर हमला होने का ख़तरा रहता था। रोज़ रोज़ के इस कार्यक्रम से घर में डाँट पड़ना लाज़मी था लेकिन अगले दिन फिर वही।
हफ्तेभर की इस धमाचौकड़ी के बाद आती थी होली, जिसे हम तब फगुआ के नाम से ही जानते थे। उस दिन पूरी छुट रहती थी। पापा ख़ुद ही सारे भाई बहनों को बुलाकर रंग, गुलाल और पिचकारी देते थे। ख़ुद ही बड़े बड़े बाल्टियों में रंग घुलवाते और हम सभी को भर-भर कर देते थे। साथ ही ये बताते थे कि अमुक को मत छोड़ना तो अमुक पर हरा रंग डालना तो अमुक पर लाल। फगुआ गाने का सिलसिला ब्रह्म स्थान से शुरू होता था उसके बाद गानेवाली टोली सबसे पहले हमारे दुआर (दरवाज़े) पर पहुँचती थी, जहां पूरी टोली को पापा और बड़े भईया कुछ लोगों की मदद से रंग और गुलाल से सराबोर कर देते थे । हमलोग भी अपनी पिचकारी का जमकर सदूपयोग करते थे। उसके बाद पापा भी टोली के साथ गाँव में निकलते थे , तब हमलोग भी उनके पीछे हो लेते थे, पापा होली गाने वाली टोली से थोड़ी दूर दो तीन लोगों के साथ खड़े होते थे । वहाँ जब पापा पर रंग डाला जाता था और हमें बच्चा मानकर छोड़ दिया जाता था, तब हमलोग पापा से थोड़ा सटकर खड़े हो जाते थे कि हमारे ऊपर भी रंग पड़े।
हमारा गाँव काफ़ी बड़ा है और करीब करीब हर दुआर (दरवाज़े) पर फगुआ गाया जाता था लिहाज़ा काफी रात तक गाने का सिलसिला चलता था। पापा हम भाईयों को सूर्यास्त के साथ घर की ओर दफ़ा कर देते थे। सुबह सूर्योदय के साथ शुरू हुई हमारी होली सूर्यास्त के बाद ही ख़त्म होती थी ।
प्रशांत पांडेय। राज्यसभा टीवी, आजतक, इंडिया टीवी और पी-7 में वरिष्ठ संपादकीय पद पर लंबी पारी खेली। आईआईएमसी से पत्रकारिता का अध्ययन। गोपालगंज के मूल निवासी। संप्रति-दिल्ली में डेरा। | 2020/07/04 18:31:31 | http://badalav.com/holi-memoirs-prashantji/ | mC4 |
गर्म बेच पोर्टेबल बिजली दीर्घकाय मशीन स्टील बैंडिंग जवानों उपकरण - Buy हाथ में दीर्घकाय मशीन,उच्च गुणवत्ता वाले बिजली दीर्घकाय मशीन,गर्म बिक्री दीर्घकाय उपकरण Product on Alibaba.com
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उपवास में मूंगफली के दाने क्यों खाते हैं, ड्राई फ्रूट्स नहीं थे इसलिए या कोई और बात है- General Knowledge
HomeNationalउपवास में मूंगफली के दाने क्यों खाते हैं, ड्राई फ्रूट्स नहीं थे इसलिए या कोई और बात है- General Knowledge
मूंगफली, फल नहीं फसल है। मूंगफली की खेती होती है और मूंगफली का तेल निकलता है। किसी भी दृष्टि से इसकी प्रकृति फलों वाली नहीं है। फिर भी मूंगफली के दानों को उपवास में फलाहार में शामिल किया जाता है। सवाल यह है कि मूंगफली के दानों को फलाहार में क्यों शामिल किया जाता है। क्या हमारे पूर्वजों के पास ड्राई फ्रूट्स खरीदने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए या फिर इसके पीछे कुछ और भी लॉजिक है। आइए कारण पता करते हैं:-
Know your culture- व्रत एवं उपवास में दाल नहीं खाते इसलिए मूंगफली खाते हैं
मूँगफली को groundnut, peanut, monkey nut ,Pindar, Goober nut आदि कई नामों से जाना जाता है। मूंगफली, प्रोटीन और फैट्स का मुख्य स्रोत होती है। चूँकि हम व्रत में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट ही खा रहे होते हैं जैसे - साबूदाना, आलू, शकरकंद इन सब में में कार्बोहाइड्रेट बहुत अधिक मात्रा में उपस्थित होता है। राजगीर, सिंघाड़े की बात करें तो थोड़ी बहुत मात्रा में मात्रा में इनमे भी प्रोटीन और फाइबर उपस्थित होते हैं। लौकी, कद्दू, गाजर, फलों की बात करें तो ये सब विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। दूध और दही में भी थोड़ी मात्रा में प्रोटीन, और फैट्स उपस्थित होते हैं। इसलिए प्रोटीन का कोटा पूरा करने के लिए मूंगफली के दाने खाए जाते हैं।
Know your traditions- मात्र 100 ग्राम मूंगफली दिन भर का प्रोटीन दे देती है
मूंगफली में काफी अधिक मात्रा में प्रोटीन उपस्थित होता है (प्रति 100 ग्राम मूँगफली में लगभग 25 ग्राम प्रोटीन होता है) इस कारण हम व्रत में मूंगफली का उपयोग करते हैं। चूँकि उपवास में हम किसी भी प्रकार की दालों का सेवन नहीं कर रहे होते हैं, जो कि प्रोटीन का मुख्य स्रोत होती हैं। इस कारण दाल के सब्सीट्यूट के रूप में हम मूंगफली का उपयोग उपवास के दौरान करते हैं। जिससे कि हमारे शरीर में किसी भी प्रकार के पोषक तत्वों की कमी ना रहे।
Special things of india- वैज्ञानिक रूप से मूंगफली क्या है
आपको यह जानकर भी सुखद आश्चर्य होने वाला है कि मूंगफली का खाया जाने वाला भाग बीज (seed) होता है। मूंगफली का वानस्पतिक नाम (Botanical name) अरेकिस हाइपोजिया (Arachis hyogea) है जो कि Leguminaceae या fabaceae कुल का सदस्य है। | 2022/05/23 11:52:29 | https://www.bhopalsamachar.com/2022/04/general-knowledge_4.html | mC4 |
Consultant company appointed for merger in electricity company | बिजली कंपनी में मर्जर के लिए सलाहकार कंपनी नियुक्त - Dainik Bhaskar
Consultant Company Appointed For Merger In Electricity Company
नियुक्ति:बिजली कंपनी में मर्जर के लिए सलाहकार कंपनी नियुक्त
काेरबा7 दिन पहले
होल्डिंग कंपनी ने जारी किया आदेश, 31 मार्च 2021 तक काम पूरा करने के निर्देश, सहयोग के लिए कमेटी गठित
एमपीईबी से अलग होकर नवंबर 2000 में सीएसईबी का गठन किया गया। 2003 में विद्युत अधिनियम के तहत राज्य विद्युत मंडलों के पुनर्गठन की घोषणा। दिसबंर 2008 में हस्ताक्षर होने के बाद 1 जनवरी 2009 से सीएसईबी का पुनर्गठन कर पांच कंपनियां बनी। वर्तमान में होल्डिंग कंपनी, बिजली उत्पादन कंपनी, वितरण कंपनी,पारेषण कंपनी और ट्रेडिंग कंपनी संचालित है। 25 अक्टूबर 2016 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाने का आदेश जारी किया गया तब इसका विरोध हुआ था। | 2020/10/25 11:50:05 | https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/korba/news/consultant-company-appointed-for-merger-in-electricity-company-127825114.html | mC4 |
नई दिल्ली: सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, अन्य देशों से संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े कथित दुष्प्रचार के मामले में एक पाकिस्तानी चैनल समेत आठ यूट्यूब चैनल को ब्लॉक (अवरुद्ध) करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया.
चैनल की सामग्री से धन अर्जित किया जा रहा था:
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि ब्लॉक किए गए इन चैनल के 114 करोड़ ‘व्यूज’ (यानी उन्हें 114 करोड़ बार देखा गया) और 85.73 लाख सब्सक्राइबर हैं तथा इन चैनल की सामग्री से धन अर्जित किया जा रहा था. जिन चैनल को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों-2021 के तहत ब्लॉक किया गया है, उनमें सात भारतीय समाचार चैनल हैं. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इन यूट्यूब चैनल ने भारत सरकार द्वारा धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त किए जाने, धार्मिक त्योहारों को मनाने पर प्रतिबंध लगाए जाने, भारत में धार्मिक युद्ध की घोषणा जैसे झूठे दावे किए.
पार्टी में किसी से परेशान या नाराज नहीं हूं: कांग्रेस सासंद थरूर
बयान में कहा गया कि ऐसा पाया गया कि यह सामग्री साम्प्रदायिक सद्भाव और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है. इसमें कहा गया कि इन यूट्यूब चैनल का इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बलों और जम्मू-कश्मीर जैसे विभिन्न विषयों पर भी फर्जी खबरें पोस्ट करने के लिए किया जाता था. बयान में कहा गया कि इस सामग्री को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से संवेदनशील और पूरी तरह से मिथ्या पाया गया. सोर्स-भाषा
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Media manipulation Black propaganda Psychopathy Propaganda Deception Skills Disinformation Fake news website youtube Social Media | 2022-11-27T11:04:34Z | https://firstindianews.com/news/Centre-blocks-8-YouTube-channels-for-spreading-disinformation-against-India-812224408 | OSCAR-2301 |
Kundali Bhagya fame Shraddha Arya's smokey eyeliner look, pictures went viral कुंडली भाग्य फेम श्रद्धा आर्या का स्मोकी आईलाइनर लुक, पिक्चर्स हुई वायरल | IWMBuzz हिन्दी
देखिए मशहूर टीवी शो कुंडली भाग्य से अभिनेत्री श्रद्धा आर्या का स्मोकी आईलाइनर लुक जो हुआ वायरल!
21 Nov,2020 10:20:35
भारतीय टीवी पर हजारों शोज और लाखों कलाकर सितारे देखने मिलते हैं, पर इनमें से कुछ ही हैं जो दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर पाते हैं। कुंडली भाग्य की प्रीता यानी अभिनेत्री श्रद्धा आर्या टीवी दुनिया से जुड़ा एक बड़ा नाम हैं जो दर्शकों के बीच खूब लोकप्रिय हैं। श्रद्धा पीछले कई सालों से टीवी जगत से जुड़ी हैं और लगातार कई बड़े और हिट शोज का हिस्सा रही हैं।
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श्रद्धा आर्या कई वर्षों से कुंडली भाग्य शो से जुड़ी हुई हैं जहां वह अभिनेता धीरज धुपर के साथ मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। अपने ऑन-स्क्रीन किरदार और केमिस्ट्री के चलते वह बड़ी जल्द ही दर्शकों की पसंदीदा साबित हुई हैं। एक अच्छी अदाकारा होने के साथ श्रद्धा एक बेहद खूबसूरत और स्टाइलिश अभिनेत्री भी हैं जिनका हर एक अंदाज लोगों का दिल जीत लेता है।
श्रद्धा टीवी के साथ बॉलीवुड का भी हिस्सा बनी हैं जहां अपने टैलेंट और लुक्स के चलते सभी के आकर्षण का केंद्र बनी। श्रद्धा एक ऐसी कलाकार हैं जिन्होंने हमेशा ही अपने किरदारों और स्टाइल से लोगों का दिल जीता है। श्रद्धा अपने सभी नए लुक्स अपने फैन्स के साथ अक्सर शेयर करती हैं। कुछ दिनों पहले श्रद्धा ने अपने इंस्टाग्राम के माध्यम से अपना एक लुक शेयर किया जिसमें उनकी सेक्सी और स्मोकी आईलाइनर देखने मिली। श्रद्धा के इस लुक को उनके लाखों फैन्स का प्यार मिला और बड़ी जल्द ही उनका यह लुक वायरल हो गया।
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Shraddha Arya Diet Tips: डाइट टिप्स चाहिए: श्रद्धा आर्या से कुछ डाइट टिप्स लें
Kundali Bhagya spoiler alert: कुंडली भाग्य में प्रीता का माहिरा को मुंहतोड़ जवाब
लहंगे में झूमती हुई कुंडली भाग्य की श्रद्धा आर्या की खूबसूरत तस्वीरें हो रही है वायरल
[Sports Bra Fashion] हिना खान, एरिका फर्नांडीस, श्रद्धा आर्या, निया शर्मा: स्पोर्ट्स ब्रा का हॉटेस्ट कलेक्शन
Kundali Bhagya spoiler alert: कुंडली भाग्य में सरला और प्रीता के बीच भावुक पल
Kundali Bhagya spoiler alert : कुंडली भाग्य में प्रीता सरला की बेगुनाही साबित करने के लिए एक मिशन पर होगी | 2020/12/02 03:56:57 | https://www.iwmbuzz.com/hindi/television/celebrities/kundali-bhagya-fame-shraddha-arya-smoky-eyeliner-look-pictures-went-viral/2020/11/21 | mC4 |
ईडन में होगा गांगुली और डालमिया के नाम के स्टैंड
आज भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले तीसरे एकदिवसीय मुकाबले से पहले होने वाले समारोह में सौरव गांगुली, जगमोहन डालमिया के अलावा दो और शख्सियतों को सम्मान देते हुए ईडन गार्डन के स्टैंड उनके नाम पर रखे जाएंगे। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी का भी सम्मान करेगी।
कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कोलकाता में पत्रकारों से कहा, ''चार स्टैंडों का अनावरण होगा। ये जगमोहन डालमिया, बीएन दत्त, पंकज रॉय और मेरे नाम पर रखे जाएंगे।''
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक गांगुली ने कहा, ''बाकी चार स्टैंड का नामकरण एएन घोष, जेसी मुखर्जी और दो सेना के अधिकारियों के नाम पर होंगे। आर्मी अभी नाम पर विचार कर रही है, उम्मीद है वो जल्द ही सूचित करेंगे।''
फिलहाल, भारतीय क्रिकेट में योगदान देने के लिए धोनी का सम्मान किया जाएगा। इस महीने की शुरूआत में एमएस धोनी ने सीमित ओवर क्रिकेट की कप्तानी छोड़ी थी। कटक में इंग्लैंड के खिलाफ हुए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में उन्होंने शानदार शतक लगाया जिसकी बदौलत टीम इंडिया ने 3 मैंचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त बना ली है।
धोनी के क्रिकेट के सभी प्रारूपों में हुए 331 मुकाबलों में भारीतय टीम की कप्तानी की। वो भारत के सफलतम कप्तान बने, उन्होंने आईसीसी के तीनों बड़े खिताब- विश्व टी20, 50 ओवर का विश्व कप और चौंपियंस ट्रॉफी में भारत का नेतृत्व किया। इसके साथ ही 2009 में वो टीम इंडिया को शीर्ष टेस्ट रैंकिंग पर ले गए। | 2018/03/17 22:11:31 | https://hindi.sportscafe.in/articles/cricket/2017/jan/22/eden-stands-to-be-named-after-sourav-ganguly-and-dalmiya | mC4 |
Dus Ka Dum: सलमान खान के साथ मीका सिंह ने बनाई टीम, इस तरह धमाल करते आएंगे नजर | JAP24NEWS :Hindi News,Latest News in Hindi,News in Hindi,Hindi News Paper,Hindi News Today.
नई दिल्ली: सलमान खान 'दस का दम' के साथ वापस आ गए हैं, जो 9 साल के लंबे समय के बाद सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर वापसी कर रहा है. अपनी प्रसिद्ध हाई एनर्जी परफॉर्मेंस और हाई-ऑक्टेन आवाज के लिए प्रसिद्ध मीका सिंह, इसके टाइटल ट्रैक को अपनी आवाज देंगे. इस म्यूजिक वीडियो में सलमान खान को अपने खुद के देसी फंक और स्टाइल में देखा जा सकेगा, और वे इस पर जमकर थिरकेंगे भी. सलमान के अंदाज और मीका की आवाज वाले इस म्यूजिक वीडियो को जल्द ही रिलीज किया जाएगा.
मीका सिंह कहते हैं, "मैं 'दस का दम' के टाइटल ट्रैक को लेकर काफी खुश हूं. 'दस का दम' के पूर्व के टाइटल ट्रैक की रिकॉल वैल्यू बहुत ज्यादा है, इसलिए हमारे पास आज की पीढ़ी की संगीत की पसंद से मेल खाने योग्य गाना बनाने का बड़ा काम था. हमने गाने के असली अंदाज को बनाए रखा है और इसे नया ट्विस्ट और जोश दिया है. सलमान भाई के लिए रिकॉर्ड करना हमेशा ही मजेदार रहा है क्योंकि उनकी ही तरह, उनके गानों को भी एक निश्चित मात्रा में एनर्जी की दरकार रहती है और हमेशा ही उससे मेल खाने की कोशिश की है. ज्यादातर भारतीयों की ही तरह, मैं भी सलमान का बहुत बड़ा फैन हूं. वह मेरे लिए बड़े भाई जैसे हैं और मैं उत्सुकता के साथ इस गेम शो के वापस आने और दमदार सलमान के प्रसिद्ध 'दस का दम' डायलॉग 'कितने प्रतिशत भारतीय' सुनने का इंतजार कर रहा हूं."
बता दें कि 'दस का दम' गाने को साजिद-वाजिद ने कंपोज किया था, इस बार आदिल-प्रशांत इसे रिक्रिएट करेंगे. सलमान खान इन दिनों जोर-शोर से 'Race 3' की शूटिंग भी कर रहे हैं. वे इस फिल्म में एक्शन अंदाज में नजर आएंगे. इसको रेमो डीसूजा डायरेक्ट कर रहे हैं.
Previous: उन्नाव रेप: CBI ने दर्ज किया चौथा केस, विधायक के मददगार शशि सिंह के बेटे को भी बनाया आरोपी | 2019/02/19 19:12:57 | http://www.jap24news.com/dus-ka-dum-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82/ | mC4 |
Pregnancy News: World's First Baby Born Via Womb Transplant From Dead Donor | चमत्कार! मृत महिला के 'गर्भाशय' से लिया स्वस्थ बच्ची ने जन्म...
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चमत्कार! मृत महिला के 'गर्भाशय' से लिया स्वस्थ बच्ची ने जन्म...
अमेरिका, चेक गणराज्य और तुर्की में मृत महिला के गर्भाशय प्रत्यारोपण के 10 प्रयास किए गए, जो सभी विफल रहे थे. 32 साल की जिस महिला में गर्भाशय प्रत्यारोपित किया गया.
By: DoctorNDTV Updated: Dec 6, 2018 01:58 IST
एक मृत महिला के गर्भाशय का प्रत्यारोपण कर दुनिया के पहले बच्चे को जन्म दिया गया है, जो कि चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है. लांसेट के एक अध्ययन से इस बात की जानकारी मिली है. एक 45 वर्षीय दिमागी रूप से मृत महिला के गर्भाशय को प्रत्यारोपित कर 2017 में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया गया. इस कामयाबी से उन सभी महिलाओं को लाभ मिलेगा, जो गर्भाशय बांझपन से जूझ रही हैं, इसके लिए उन्हें किसी जिंदा दानकर्ता की जरूरत भी नहीं है.
ब्राजील के साओ पाउलो में सितंबर 2016 में 10 घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन में गर्भाशय प्रत्यारोपण किया गया. बच्ची ने दिसंबर 2017 में जन्म लिया था.
एक सर्जरी में दानकर्ता से गर्भाशय निकालकर मरीज में प्रत्यारोपित किया गया. इसके साथ ही दानकर्ता के गर्भाशय को मरीज की नसों व धमनियों, अस्थिबंध और शरीर के निचले हिस्से को भी जोड़ा गया.
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अमेरिका, चेक गणराज्य और तुर्की में मृत महिला के गर्भाशय प्रत्यारोपण के 10 प्रयास किए गए, जो सभी विफल रहे थे. 32 साल की जिस महिला में गर्भाशय प्रत्यारोपित किया गया, वह मेयर-रोकिटांस्की-कस्टर-हौसर (एमआरकेएच) सिंड्रोम से पीड़ित थी.
द लांसेट में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि यह अपनी तरह का पहला मामला था, जिसमें एक जिंदा बच्चे ने जन्म लिया. साओ पाउलो यूनिवर्सिटी के डॉक्टर व मुख्य लेखक दानी एजेनबर्ग ने कहा, "मृत दानकर्ताओं के इस्तेमाल से इस उपचार में पहुंच अधिक व्यापक हो सकती है और हमारे नतीजे बताते हैं कि नया विकल्प बांझपन से जूझ रही महिलाओं के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है."
एमआरकेएच सिंड्रोम प्रत्येक 4,500 महिलाओं में से करीब एक को प्रभावित करता है और इसके परिणामस्वरूप वजिना व गर्भाशय पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाते. गर्भाशय देने वाली महिला की स्ट्रोक से मौत हो गई थी.
मरीज को दवाएं दी गईं, जिसने उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर दिया, ताकि प्रत्यारोपण से अंगों को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सके. पांच महीने बाद गर्भाशय को शरीर द्वारा स्वीकार न करने के कोई संकेत नहीं मिले और महिला का मासिक चक्र नियमित पाया गया. प्रत्यारोपण के सात महीने बाद महिला में निषेचित अंडे इम्प्लांट किए गए. 10 दिनों बाद डॉक्टरों ने उसके गर्भधारण की सूचना दी.
अध्ययन में पाया गया कि 35 सप्ताह और तीन दिन में सीजेरियन तरीके से महिला ने 2.5 किलोग्राम की बच्ची को जन्म दिया. सीजेरियन के दौरान प्रत्यारोपित गर्भाशय को निकाल दिया गया और उसमें कोई अनियमितता नहीं दिखी. | 2021/01/20 19:40:50 | https://doctor.ndtv.com/hindi/pregnancy/pregnancy-news-worlds-first-baby-born-via-womb-transplant-from-dead-donor-1958643 | mC4 |
युवा राजपूताना संगठन द्वारा विशाल भव्य शोभा यात्रा एवं शस्त्र पूजन - AbTakNews
युवा राजपूताना संगठन द्वारा विशाल भव्य शोभा यात्रा एवं शस्त्र पूजन
dushyanttyagi 9:03:00 PM 0 Comment Faridabad Haryana India News
फरीदाबाद 13 अक्तूबर(abtaknews.com ) युवा राजपूताना संगठन द्वारा विशाल भव्य शोभा यात्रा एवं शस्त्र पूजन के अवसर पर युवा राजपूताना संगठन द्वारा विजय दशमी के पावन पर्व पर फरीदाबाद शहर में एक ऐतिहासिक भव्य शोभा यात्रा एवं शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। जिसकी शुरूआत संगठन ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को याद करते हुए ओल्ड फरीदाबाद खेड़ी पुल स्थित महाराणा प्रताप अखाडे से की। जहां पर फरीदाबाद केसरी जगवीर पहलवान एवं उनकी टीम द्वारा आये हुए अतिथियों की अगुवाई की गयी।
इसके पश्चात आये हुए गणमान्य व्यक्तियों ने हरी ण्झउी दिखाकर इस ऐतिहासिक शोभा यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सदस्य हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग डा. हरेन्द्र पाल सिंह, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी ठा. अनिल प्रताप सिंह वरिष्ठ बसपा नेता प्रदीपराणा, पूर्व एडीसी पुष्पेन्द्र चौहान, सीनियर टाऊन प्लानर सुधीर चौहान, जिला पार्षद जगत सिंह एडवोकेट, सीए सुनील राणा, तहसील प्रभारी पंताजलि योग समिति जितेन्द्र राणा, युवा कांग्रेसी अजय राठौर, इनेलो नेता राजाराम, डालचंद सारन, भाजपा नेता जैजू ठाकुर, उमेश भाटी, हुकम सिंह भाटी, श्याम सिंह तंवर अध्यक्ष क्षत्रिय विकास मंच, संजय भाटी भूपानी सरपंच,संजय चौहान टीकावली सरपंच, सुरेन्द्र सिह बौहरे कौराली सरपंच, उदयवीर सिंह मदनावत, एस एस चौहान संपादक सुदर्शन न्यूज, ईश्वर सिंह सूबेदार टीकावली एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने इसका शुभारंभ किया।
इस शोभा यात्रा में सैकडों की संख्या में बाईक्, कारो एवं टै्रक्टरों द्वारा राजपूत युवाओं ने भाग लिया। सभी युवाओं ने संगठन के ध्वज के साथ पुरे जोश से समस्त शहर में श्री राम एवं वन्देमातरम के नारो का जयघोष किया। इस अवसर पर 16 किलोमीटर लम्बी फरीदाबाद की प्रथम ऐतिहासिक भव्य शोभा यात्रा का पूरे फरीदाबाद शहर में जगह जगह जोरदार स्वागत किया जिसमें मुख्य रूप से गांव प्रहलादपुर द्वारा प्रदीप भाटी एवं उसके साथियों ने, गांव अजरौंदा में वरिष्ठ समाजसेवी कुंवर बालू सिंह एडवोकेट, सुरेश परमार, अशोक गौड, बोनी ठाकुर एवं उनके साथियों द्वारा स्वागत किया गया, एसजीएम नगर पटेल चौक पर ठा. प्रवीन भाटी वरिष्ठ भाजपा नेता व उनके साथियों द्वारा, गांव सारन में ठा. डालचंद सारन, नेपाल सिंह गौर, अनूप गौर व उनके साथियों द्वारा, डबुआ चौक पर युवा समाजसेवी भाई रोहताश शेखावत, भाई टींकू भाटी, भाई रविन्द्र ठाकुर व उनके साथियों द्वारा, नंगला रोड स्थित राजपूत धर्मशाला पर युवा भाजपा नेता दलीप सिंह बबलू, दिनेश चौहान, भूदेव सिंह व उनके साथियों द्वारा, चाचा चौक पर ठा. सी बी चौहान भारतीय मजदूर संघ एवं उनके साथियों द्वारा पुष्प वर्षा के साथ बडी धूम धाम से किया गया। शोभा यात्रा का समापन सोहना रोड स्थित संगठन के मुख्यालय पर किया गया।
इसके पश्चात संगठन के मुख्यालयों पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। जिसमें सभी क्षत्रिय वीरो ने विधि विधान से शस्त्र पूजन किया। इस कार्यक्रम में आये हुए सभी गणमान्य हस्तियों ने अपने अपने विचारो में समाज का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुरेन्द्र ङ्क्षसह छौकर सदस्य हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने अपने विचारो से राजपूत समाज का मार्गदर्शन किया व संगठन द्वारा चलाये जा रहे राजपूत समाज के कल्याण हेतू किये जा रहे कार्यो की जम कर तारीफ की। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एस पी एस चौहान द्वारा की गयी एवं मंच का संचालन संरक्षक सदस्य कुमार विरेन्द्र गौर द्वारा की गयी।
कार्यक्रम के अंत में संगठन के वरिष्ठ महासचिव संजीव चौहान द्वारा आये हुए सभी अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद जताया। और इस सफल आयोजन के लिए दिन रात मेहनत करने के लिए संगठन के राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार कुंवर दीपक भाटी, राष्ट्रीय महासचिव खेमी ठाकुर, राष्ट्रीय सचिव जितेन्द्र जादौन, राष्ट्रीय सचिव रणजीत चौहान, राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार कपिल चौहान, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जितेन्द्र चौहान, भूपेन्द्र चौहान, सरूरपुर अध्यक्ष विनोद राजपूत, बल्लभगढ टीम योगेश चौहान, दीपक राणा, ओल्ड फरीदाबाद टीम से सोनू ठाकुर, धमेन्द्र ठाकुर एवं संगठन की समस्त टीम का हार्दिक धन्यवाद किया। | 2018/12/13 09:25:32 | https://www.abtaknews.com/2016/10/yuva-rajputana-sanghthan-faridabad.html | mC4 |
कहीं कर्फ्यू, तो कहीं ट्रैवल एडवाइजरी...कोरोना के यू-टर्न के साथ कई राज्यों में लौटने लगी पाबंदियां, जानिए कहां क्या हुआ लागू? | Nedrick News
वैश्विक महामारी का प्रकोप देश में एक बार फिर से बढ़ने लगा है। जिसकी वजह से टेंशन दोबारा से बढ़ गई है। महीनों बाद जहां एक बार को ऐसा लगने लगा था कि कोरोना अब भारत में कंट्रोल हो रहा है, लेकिन इसी बीच कुछ राज्यों में दोबारा से केस बढ़ने की वजह से परेशानी बढ़ गई।
बीते कुछ दिनों से एक्टिव केस की संख्या बढ़ने लगी है। नवंबर के बाद ऐसा देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे में 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश थे जहां पर कोरोना केस से ज्यादा नए मरीजों की पहचान हुई। जिनमें महाराष्ट्र के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब और चंडीगढ़ शामिल है।
पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 10 हजार से अधिक केस सामने आए हैं। इस दौरान 78 लोगों की मौत हुई और 13 हजार से ज्यादा लोग स्वस्थ हुए। देश में कोरोना के मामले बढ़कर एक करोड़ 10 लाख के पार हो गए। इनमें से एक करोड़ 7 लाख से ज्यादा लोग रिकवर हो चुके है। जबकि एक लाख 56 हजार से ज्यादा की मौत हुई। देश में कोरोना के अभी 1 लाख 47 हजार 306 एक्टिव केस हैं।
भारत दोबारा से दुनिया के उन देशों की लिस्ट में आ गया है, जहां कोरोना के सबसे अधिक एक्टिव केस हैं। इस लिस्ट में देश फिलहाल 15वें नंबर पर आ गया है। जबकि 30 जनवरी को पुर्तगाल, इंडोनेशिया और आयरलैंड को पीछे छोड़ते हुए देश 17वें नंबर पर पहुंच गया था।
वहीं कोरोना के बढ़ रहे केस को देखते हुए सरकारें भी पहले से ही सतर्क हैं। कुछ राज्यों में दोबारा से पांबदियां लगाई जाने लगी है। राजस्थान के कुछ जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। जोधपुर में 21 मार्च तक के लिए धारा 144 लागू की गई। आइए आपको बताते हैं कि कोरोना में दोबारा बढ़ रहे प्रकोप की वजह से किस राज्य में क्या पाबंदी दोबारा से लगाई गई...
महाराष्ट्र में फिर से बढ़ रहे केस एक बार फिर से डराने लगे हैं। पिछले एक हफ्ते में यहां 81 फीसदी वृद्धि देखने को मिली। महाराष्ट्र में कोरोना के प्रकोप के लौटते ही कई जगहों पर कुछ पाबंदियां भी लौटने लगी। अमरावती में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया गया। कई जगहों पर लॉकडाउन लगा दिया गया। नागपुर में स्कूल-कॉलेज को बंद करने के आदेश दिए गए। अकोला, वाशिम, बुल्ढाड़ा और यवतमाल में भी पाबंदियां लगाई गई।
महाराष्ट्र में कोरोना केस को बढ़ता देख कर्नाटक भी अलर्ट पर है। कालाबुरागी जिला प्रशासन ने एक ट्रैवेल एडवाइजरी जारी की। कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर पांच चेक पोस्ट बनाए गए। जो लोग महाराष्ट्र से अफज़लपुरा और अलंद के रास्ते कर्नाटक में आएंगे, उनका RT-PCR कराना जरूरी होगी। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही एंट्री मिल पाएगी।
बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए जोधपुर पुलिस ने निर्देश जारी किए। जिसके मुताबिक अब शादी समारोह में 100 से अधिक मेहमानों नहीं बलाए जाएंगे। ये पाबंदी 22 फरवरी से 21 मार्च तक लागू रहेगी। मध्य प्रदेश और गुजरात ने आसपास जिलों में हाई अलर्ट जारी किया।कोविड हाई रिस्क वाले राज्यों से यात्रा करने वालों की थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य की गई। उत्तराखंड में पांच राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, एमपी और छत्तीसगढ़ से आने वाले लोगों की टेस्टिंग होगीं।
गौरतलब है जैसे-जैसे देश में कोरोना का प्रकोप घटने लगा था, देश में टेस्टिंग की भी संख्या में भी कमी आ गई। जहां दिसंबर तक रोजाना 11 लाख के करीबन जांच हुआ करती थीं, वहीं अब रोजाना औसतन 6 लाख लोगों की टेस्टिंग हो रही है। इसी वजह से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखीं और टेस्टिंग बढ़ाने का आदेश दिया। | 2021-02-24T23:01:23Z | https://www.ramdeodwivedi.com/2021/01/1-omtimes-news.html | OSCAR-2109 |
कस्बा qasba: लुंगियां ही लुंगिया
जब से हमारा बरमुडाकरण हुआ है,देहाती से शहरी बने लोग लूंगी को भूल रहे हैं। दिल्ली आए प्रवासियों ने लूंगी का त्याग किया है। ट्रैक सूट,हाफ पैंट या बरमूडा। पटापटी का पजामा(धारीवाला) या अंडरवियर तो ग़ायब ही हो गया। इसके बाद भी लूंगी बड़ी आबादी का दैनिक पहनावा है। पिताजी बहुत शौक से पहना करते थे। गांव से कोई आता था तो बताते थे कि आपके लिए भी लाया हूं। एकदम फैन्सी और यूनिक। चेक वाला चलल बा त ब्लूका में हरिअरका लाइन वाला। लूंगी पर बहुत आख्यान चलता था। जब से हम महानगरीय हुए हैं,कपड़ों के एक्सक्लूसिव दुकान भूल गए हैं। मॉल में जाते हैं और सेल में लगे ट्रैक सूट को ले आते हैं। घर में हर वक्त स्मार्ट और दौड़ चलने की मुद्रा में खूद को बकलोल बनाए घूमते रहते हैं। भागलपुर में मदीना लुंगी स्टोर पर नज़र पड़ी तो सोचा कि लूंगी का हाल-चाल लेते हैं।
आम लोगों की लूंगी अस्सी से नब्बे रुपये की आती है। दुकानदार ने बताया कि ज्यादातर लुंगियां मद्रास से बन कर आती है। मुसलमान ज्यादा पहनते हैं मगर हिन्दुओं में गरीब या साधारण लोग। उसके पास सबसे महंगी लूंगी ५०० रुपये की थी। तस्वीर में जो हरी वाली ब्लू वाली लूंगी है वो चार सौ नब्बे की है और सफेद वाली दो सौ नब्बे की। कोलकाता से एक लूंगी आती है जिसे बड़ा लोग पहनता है,वो नौ सौ रूपये की है। मगर भागलपुर में हम नहीं रखते हैं। खरीदार नहीं है उसका।
Posted by ravish kumar at Monday, December 27, 2010
हर वर्ग के लिये लुंगी।
bilkul...lehariyaa lungi...
रविश सर..आप कहां-कहां चले जाते हैं?? आपके लिए ये लाईन उल्टी करनी पड़ेगी..वैसे तो है कि जहां ना पहुंचे रवि..वहां पहुंचे कवि लेकिन आपके लिए ही ये कहा जा सकता है कि जहां ना पहुंचे कवि..वहां पहुंचे रवि..लाजवाब..ऐसे ही ख़ुद को आज़माते जाईये और हमे सीखाते जाईये..
बढ़िया लगी यह लुंगी पोस्ट।
वैसे मैं भी घर में लुंगी पर ही रहता हूँ। श्रीमतीजी खोपचन देते रहती हैं कि तनिक गत से कपड़ा तो पहन लो....कोई मेहमान ही आ जाय अभी.......लेकिन अपन हैं कि वही लुंगी पहने-पहने प्रधानमंत्री मनमोहन और राष्ट्रपति बराक ओबामा सब से मिल लेते हैं, भले ही टीवी पर ही क्यों न मिल रहा होउं :)
ये अलग बात है कि वह लोग मुझसे नहीं मिलते।
सोचते होंगे जिसके पास लुंगी बदल कर पैंट पहनने तक की फुरसत नहीं उसके पास हमसे मिलने की फुर्सत कैसे होगी :)
मजेदार लगा लुंगी और कैप का काम्बिनेशन, सलामत रहे सदा.
तो भाइयों और बहनों, लीजिए पेश है वो फिल्मी नगमा जिसमें शायद पहली (और आखिरी बार) लूंगी आई थी....
''अजी लूंगी बाँध, के करें गुज़ारा भूल गये पतलून ''...तुम्हारी याद सताती है...जिया में आग लगाती है...
ख़ूब मज़े ले रहे हैं आप। सही है
दरअसल, आप जिस स्कूल के हेडमास्टर हैं, हम भी उसी सोच और तहज़ीब के नर्सरी किड हैं....तो मज़ा आता है, आपके सुर में थोड़ा सुर मिलाय के...
रवीश जी , हर तरह की लुन्गिया मिल गयी देखने को.........आजकल तो मेहमानों के लिए भी लोग घरों में एक्स्ट्रा बरमूडा रखने लगे है.जैसे लगा कोई विलुप्त प्राय कपडे पे ये पोस्ट है.लुंगी के ऊपर ये पोस्ट बड़ी अच्छी लगी.
रविश सर...
"लुंगियां ही लुंगिया" पोस्ट पढ़कर सोचा (मुन्नीने) सॉरी लुंगीने कब कब चर्चे जगाये ये देखू तो सही। तब ये आलेख मिला:-
प्रभुदयाल श्रीवास्तव का व्यंग्य : लुंगी महिमा बनाम लुंगी पर एक शोध प्रबंध
http://www.pressnote.in/joke_98274.html
वैसे एम.पी. विधानसभा के विशेष सत्र मे कांग्रेस विधायक गोविंदसिंह राजपूत लुंगी को चर्चे में लाये थे। राजपूत लुंगी-बनियान एवं खाली बालटी लेकर मुख्य द्वार पर पहुंचे तब उनके वेशभूषा ने सारे विधायकों एवं मीडियाकर्मियों का ध्यान आकर्षित किया। राजपूत हाथ में बाल्टी एवं मग्गा लिए हुए थे और लुंगी पहने थे।
मुझे हॉस्टल निवास का लाभ १२ साल मिला है। कभी लुंगी भी मेरे कपड़ो के फेमिली का हिस्सा बनकर रहती थी। अब लुंगी को बनवास मिला है और बरमुडे ने(तानाशाही कर के) कब्ज़ा ले लिया है। सवजी चौधरी, अहमदाबाद-९९९८० ४३२३८.
रवीश जी बिलकुल सही कह रहे हैंा कभी मैं भी घर में लुंगी पहना करता था, हालांकि कभी इसे पहनकर घर की चहारदीवारी से बाहर नहीं निकला करता थाा लेकिन अब तो पायजामा या बरमूडा का साम्राजय हो गया हैा शायद इसलिए कि उसे पहन कर आसपास नुक्कड् या चौराहे की दुकान तक या चहलकदमी करने जाया जा सकता हैा वैसे आपकी पोस्ट को पढ्कर फिल्म 'अग्निपथ' के मिथुन चक्रवर्ती याद आ गये, जिन्होंने फिल्म में क़ष्णन अयर नामक दक्षिण भारतीय व्यक्ति का किरदार निभाया हैा
aap bhi kya kya likhte hain....
लुंगी के बारे मैं बहुत कुछ सीख गया..
सामाजिक सरोकार से जुड़ के सार्थक ब्लोगिंग किसे कहते
mujhe south Indian loongi pasand hai..kuch dino pehle meine pondychery ki loongi khareedi lekin wife ne uska kurta banwa liya.. | 2022/05/23 05:28:57 | https://naisadak.blogspot.com/2010/12/blog-post_27.html | mC4 |
अफेयर, एबॉर्शन की अफवाहों पर सामंथा प्रभु ने तोड़ी चुप्पी: कहा, तलाक़ अपने आप में बहुत पेनफुल होता है (Samantha Reacts On Accusations Of Affairs, Abortions: Says, Divorce Itself Is Extremely Painful)
अफेयर, एबॉर्शन की अफवाहों पर साम...
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साउथ फ़िल्मों की पॉपुलर एक्ट्रेस और 'फैमिली मैन 2' में नज़र आ चुकीं सामंथा प्रभु इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ में बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रही हैं. पति चैतन्य से अलग होने के ऑफिशियल अनाउंसमेंट के बाद से सामंथा लगातार सुर्खियों में हैं. अपने जीवन में चल रहे उथल-पुथल को लेकर काफी दिनों की चुप्पी के बाद सामंथा ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है और तलाक के साथ ही कई अफवाहों पर खुलकर अपनी बात रखी है.
तलाक के बाद उड़ रही उनके अफेयर्स, अबॉर्शन को लेकर आ रही अफवाहों का सच सामंथा ने अपनी ट्विटर और इंस्टाग्राम स्टोरी पर सामने रखा है, जिसमें उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में साथ खड़े रहने के लिए अपने फैंस का शुक्रिया भी अदा करते हुए अफ़वाहों का जवाब दिया है.
सामंथा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "मेरी पर्सनल लाइफ की इस मुश्किल घड़ी में आपने जिस तरह मुझे इमोशनल सपोर्ट दिया, उसके लिए मैं आप सबकी शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए इतना अपनापन, सहानुभूति, चिंता दिखाने और उन झूठी अफ़वाहों और कहानियों के ख़िलाफ़ मेरे साथ खड़े करने के लिए शुक्रिया, जो मेरे बारे में फैलाई जा रही हैं."
सामंथा ने आगे लिखा, "उनका कहना है कि मेरा अफेयर चल रहा था… कि मैं बच्चे पैदा नहीं करना चाहती थी… कि मैं मौक़ापरस्त हूं… और अब वो कह रहे हैं कि मैंने गर्भपात करवाया है. तलाक़ अपने आप में बहुत पेनफुल होता है. मुझे इससे उबरने के लिए अकेला छोड़ दीजिए. मुझ पर होने वाले यह पर्सनल अटैक बहुत कठोर हैं. लेकिन, मैं वादा करती हूं कि वो जो चाहे कह लें, लेकिन मैं खुद को टूटने नहीं दूंगी."
बता दें कि साउथ इंडस्ट्री के फेमस कपल सामंथा प्रभु और नागा चैतन्य के सेपरेशन की खबरें पिछले कई महीनों से सुर्ख़ियों में छाई थीं, लेकिन कपल ने इस मामले में चुप्पी साध रखी थी. पर 6 दिन पहले ही सामंथा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपने सेपरेशन का ऑफिशियल एलान कर दिया था. इस पोस्ट में सामंथा ने लिखा था कि "बहुत विचार-विमर्श के बाद चाई और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम भाग्यशाली हैं कि हमारी दस सालों से अधिक की दोस्ती है जो कि बहुत मूल्यवान है. हमारे बीच एक खास रिश्ता रहेगा." सामंथा ने इस पोस्ट में आगे लिखा था, "हम अपने-अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं. हमें गोपनीयता दें जिसकी हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है. आपके समर्थन के लिए धन्यवाद."
उनके तलाक के एलान के बाद से ही दोनों के रिश्ते के बारे में कई तरह की बातें की जा रही हैं, खासकर सामंथा के कैरेक्टर पर सवाल उठाए जा रहे हैं और उनके बारे में कई तरह के रूमर्स फैलाए जा रहे हैं, जिससे सामंथा बहुत हर्ट थीं. इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के ज़रिए अपना दर्द साझा किया है. | 2022/05/23 23:50:59 | https://www.merisaheli.com/samantha-reacts-on-accusations-of-affairs-abortions-says-divorce-itself-is-extremely-painful/ | mC4 |
राजस्थान: तीन नाबालिगों ने की खुदकुशी
राजस्थान के बाड़मेर जिले में शुक्रवार सुबह चौहटन के सरूपे का तला गांव में तीन नाबालिगों द्वारा एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर लिए जाने से गांव में हड़कंप मच गया.मृतकों में एक युवक और दो युवतियां हैं. मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और उनके परिजनों को सूचना दी. हालाँकि पहली नज़र में यह आत्महत्या का ही मामला माना जा रहा है, लेकिन हत्या की भी आशंका व्यक्त की जा रही है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मरने वाली दोनों युवतियां चचेरी बहनें थी और युवक भी उन्हीं के गांव का था. प्रारम्भिक जांच में तीनों ने पेड़ पर फंदा लगाकर खुदकुशी की है. बिजराड़ थाना पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है.पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक भी इन तीनों के साथ ख़ुदकुशी करने वाला था. लेकिन एन वक्त पर वह वहां गायब हो गया. हालांकि उस युवक की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है. एक साथ तीन लोगों द्वारा ख़ुदकुशी कर लिए जाने से संबंधित गांव में दिन भर चर्चाओं का दौर चलता रहा.
उधर, ग्रामीणों के अनुसार यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है. तीनों की आत्महत्या के पीछे किसी की साजिश या तीनों की हत्या की भी आशंका है. पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है. शवों के पोस्टमार्टम से भी कई राज़ सामने आ सकते हैं. फ़िलहाल तो इस घटना पर तरह -तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. | 2021/04/15 10:11:57 | https://ujjawalprabhat.com/three-minors-self-suicidal/204637/ | mC4 |
लेकिन इन सबके बीच सबसे अलग चर्चा है शाहरूख खान की आनंद एल राय वाली फिल्म में उनको शाहरूख की मां का किरदार ऑफर होना। इस बारे में अब स्वरा ने खुद बात कर ही ली है। उनका कहना है कि हां रोल उन्हें ऑफर हुआ था।
लेकिन ये सब मज़ाक में हुआ था। आनंद एल राय के जन्मदिन की पार्टी थी और शाहरूख - आनंद अपनी फिल्म डिस्कस कर रहे थे। मैं वहां थी तो दोनों ने ंमुझे शाहरूख की मां का रोल दे दिया। और मैंने तुरंत ही मना कर दिया।
मैं एक एक्टर हूं और हर हीरोइन की तरह मैंने भी शाहरूख से रोमांस करने के सपने देखे हैं। ऐसे में मैं उनकी मां का किरदार कैसे निभा सकती हूूं। इसलिए ये मज़़ाक में ऑफर किया गया रोल था जो मैंने एकदम सीरियस होकर रिजेक्ट किया था।
गौरतलब है कि स्वरा भास्कर उन चंद एक्टर्स में से हैं जो सपोर्टिंग कास्ट तक में अपनी छाप छोड़ कर चली जाती हैं। सोनम कपूर की मानें तो इंडस्ट्री में उन्हें अभी तक उनकी जगह नहीं मिली है।
लेकिन फिर भी बिना किसी खान या कपूर के स्वरा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। बॉलीवुड में कई ऐसी हीरोइनें हैं जिनकी दुकान खान खाते से तो कतई नहीं चल रही -
विद्या बालन ने परिणीता, कहानी, डर्टी पिक्चर, पा सहित कई फिल्मों में काम किया और लेकिन इन्होंने सारी फिल्में अपने दम पर की और शाहरूख, सलमान या आमिर के बिना की ।
सोनम कपूर की पहली फिल्म में भले सलमान का हों लेकिन उन्होंने भी बिना किसी खान के बदौलत अपनी करियर बनाई।दिल्ली 6, आएशा, नीरजा सहित सोनम कपूर कई अच्छी फिल्में कर चुकी हैं। पिछले साल उन्होंने सलमान खान के साथ प्रेम रतन धन पायों में काम जरूर किया लेकिन फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी।
सनी लियोन आज बॉलीवुड में जो भी है अपने बुते हैं। बिग बॉस में उन्हें पहचान मिली तो उसके बाद उन्हें धड़ाधड़ फिल्में मिलती गई। उनकी फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर एवरेज अच्छी कमाई रहती हैं।
यामी गौतम भी धीरे धीरे बॉलीवुड में अपनी धाक जमा रहीं हैं। विक्की डोनर, एक्शन जैक्सन, बदलापुर सहित इस साल भी वो सनम रे के अलावा और भी फिल्मों में नजर आने वाली है। वहीं ऋतिक के साथ काबिल में भी वो पसंद की गई हैं।
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अवधि के अंत में कीमत, बाइनरी विकल्पों के बारे में प्रशंसापत्र
द्यमानना सिंह रिलीज़ की तारीख - फरवरी 17, 2020
मदरसा इस्लामिया में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम एसके अशोक ने यह बात कही। मौके पर उठाये गये समस्याओं के निदान के लिए डीईओ संजय कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी, सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह, सहित अन्य अधिकारियों को अवधि के अंत में कीमत कई निर्देश इन्होंने दी। बाइनरी विकल्पों के साथ शीर्ष दस मिथकों के बारे में लेख और वे बाइनरी विकल्पों में व्यापार के क्षेत्र से कैसे संबंधित हैं। एप्लीकेशन पर पैसे कैसे कमाए। Android पर पैसे कमाने के लिए सबसे अच्छा ऐप।
इससे पहले, शनिवार देर शाम दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया था। एक बहुत ही दिलचस्प संग्रहालय, जो शायद माताओं और उनकी छोटी (या बड़ी) बेटियों के लिए सबसे आकर्षक है। संग्रहालय खुद एक बहुत बड़े क्षेत्र पर कब्जा नहीं करता है, लेकिन यह प्रत्येक आगंतुक को पूरी तरह से ब्याज देने के लिए पर्याप्त से अधिक है। चित्र 1. रूसी संघ के केंद्रीय बैंक की मुद्रा परिसंपत्तियों का भौगोलिक वितरण, मुद्राओं के प्रकार, डॉलर और यूरो प्रबल होते हैं, वे कुल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (चित्रा 2) का 88% हैं।
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि विदेशी नागरिक 15 दिसंबर तक प्रति सप्ताह 5,000 रुपये की सीमा के साथ विदेशी मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदल सकते हैं। नोट बदलते समय विदेशी पासपोर्टधारक को स्व-घोषणापत्र देना होगा कि उसने सप्ताह के दौरान यह सुविधा नहीं ली है। आजकल, बिटकॉइन खनन बहुत कठिन है। प्रत्येक बिटकॉइन जो खनन किया जाता है, उसे अधिक प्रसंस्करण शक्ति की आवश्यकता होती है और इसलिए बिटकॉइन को खनन करना अब महत्वपूर्ण प्रसंस्करण शक्ति को शामिल करता है और अब विशेष उपकरणों के बिना नहीं किया जा सकता है।
यदि आपके पास एक लेखा शिक्षा है, तो व्यक्तिगत उद्यमियों के लिए कर सेवा और अन्य फर्मों के लिए अन्य प्रलेखन के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आदेश दें।
हाजीपुर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के बाद समस्तीपुर रेल मंडल में स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ है। तो 4 या 5 मिनी लॉट 40,000 या 50,000 के बराबर है, और परिणामस्वरूप, 40,000 के साथ मुद्रा में 40 अवधि के अंत में कीमत या 50,000 के साथ मुद्रा में 50 का व्यापार करने के लिए, आपको 1 की आवश्यकता है: 1000 उत्तोलन, सही?
स्विंग ट्रेडर को कम क्वान्टिटी के साथ या छोटा ट्रेड लेने की सलाह दी जाती है। पुरस्कारों को पहली बार 2017 में लिंग समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए एक प्रमुख कार्यकर्ता डॉ मार्था फैरेल की याद में प्रदान किया गया था।
विश्लेषक को विश्लेषण के उद्देश्य के लिए उपयुक्त अवधि के अंत में कीमत तकनीकों का चयन करना होगा। वह एक विशेष तकनीक को एक स्थान पर लागू कर सकता है जबकि अन्य स्थानों में एक अलग तकनीक।
हालांकि, टास्क मैनेजर टैब में उपयोगकर्ताओं को स्टार्टअप में प्रोग्राम जोड़ने के लिए कोई विकल्प शामिल नहीं है। इसलिए, कुछ उपयोगकर्ता सिस्टम स्टार्टअप पर नए प्रोग्राम जोड़ने के लिए सॉफ़्टवेयर विंडो पर स्टार्टअप सेटिंग्स की तलाश कर सकते हैं।
आंशिक - यह हेजिंग पद्धति केवल लेनदेन की मात्रा के हिस्से पर लागू होती है (यह जोखिम की कम संभावना के मामले में उचित है, संरक्षण की लागत कम हो जाती है)। एक बहुत ही सरल ट्रेडिंग रणनीति विकसित करने के बाद, आप नाटकीय रूप से अपने व्यापार के परिणाम में सुधार कर सकते हैं। लेकिन आपके एक्सचेंज ट्रेडिंग में ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग करने का मुख्य लाभ यह है कि आपके ट्रेडिंग के परिणाम काफी स्थिर और काफी अनुमानित हो जाएंगे। महीने के परिणामों के अनुसार, आप हमेशा एक स्थिर प्लस में रहेंगे। लेकिन क्या यह हर व्यापारी सफल नहीं होना चाहता है?
इस अवधि के अंत में कीमत तरह न लिखें: *** गोदाम में भर्ती चालू है!! बस के रास्ते पर!! **। बेशक, यह कीमत लगातार बदल रही है, लेकिन नीचे की साइटों के साथ तुलना करते समय, आप समझेंगे कि लिफाफा अभी भी सबसे अधिक लाभदायक है। कुछ समूहों का उपयोग नहीं करना चाहिए जो कर रहे हैं P. ginseng अपने डॉक्टर के व्यक्त अनुमति के बिना की खुराक, सहित।
7. केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने सरकार द्वारा तैयार किस प्लान को मंजूरी दे दी है? PAMM खाते - यह एक अनुभवी व्यापारी के लिए एक व्यक्तिगत विदेशी मुद्रा खाते का कनेक्शन है, जिसके बाद लेनदेन आपके खाते में कॉपी किया जाएगा।
तिब्बती भाषा (तिब्बती लिपि में: བོད་སྐད་, ü kä), तिब्बत के लोगों की भाषा है और वहाँ की राजभाषा भी है। यह तिब्बती लिपि में लिखी जाती है। ल्हासा में बोली जाने वाली भाषा को मानक तिब्बती माना जाता है।। बाइनरी विकल्पों के बारे में प्रशंसापत्र 330+ विदेशी मुद्रा उत्पाद 90+ सूचकांकों 12 क्रिप्टोकरेंसी 9000+ शेयर 110 + वस्तुओं 50+ कोषागार।
विश्व रचनात्मकता और नवाचार दिवस 2020 पर, संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया से यह स्वीकार करने का आग्रह किया है कि देश की आर्थिक क्षमता का दोहन करने के लिए नवाचार आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर उद्यमशीलता, रचनात्मकता और नवाचार भी रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए नई गति अवधि के अंत में कीमत प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। SuperThirty.com | Home Page >> daily vastu tips >> वास्तु सिद्धांत – भवन निर्माण में वास्तुशास्त्र का प्रयोग। BLUE.CASH - एक स्वचालित विनिमय सेवा। सबसे सुविधाजनक, तेज और लाभदायक। वहाँ है सहबद्ध कार्यक्रम । सेवा लोकप्रिय Exmo बिटकॉइन एक्सचेंज के साथ काम करती है। | 2021/02/27 06:09:27 | https://huishoubacuihuaji.top/kat-11/page-975560.html | mC4 |
किस बाजार में पैसा बनाना ज्यादा आसान है - द्विआधारी विकल्प
कपल्स के प्यार और इजहार के दिन वैलेंटाइंस को कौन अपने लव स्पेशल से नहीं मिलना चाहता है। इस दिन का युवा हर साल इंतजार करते हैं। आज प्यार का इजहार करने, पार्टनर को मनाने, पार्टनर को शादी के लिए प्रपोज करने का सबसे बेहतर दिन माना जाता है। लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक, आज का दिन गर्भधारण की इच्छुक महिलाओं के लिए भी बेस्ट है। एलेटा पॉवर बिज़नेस किस बाजार में पैसा बनाना ज्यादा आसान है यूनिट के मार्केटिंग डायरेक्टर मार्क डेविडसन ने कहा कि ग्राहकों को इन चुनौतियों को हल करने में मदद करने के लिए और डिज़ाइन, डिजिटल, मॉड्यूलर, इंटेलिजेंट पॉवर आईसीएस को सरल बनाना अनिवार्य है।
डोनाल्ड को आश्वस्त नहीं किया गया था और कई पदों में उनके बिंदु पर बहस करने के लिए आगे बढ़ रहा है, जबकि इसे आज भी लाइटनिंग नेटवर्क के रूप में जाना जाता है। वह कहते हैं। पंजीकरण के लिए कोई जमा बोनस नहीं। कंपनियां आपको एक शर्त के किस बाजार में पैसा बनाना ज्यादा आसान है तहत बोनस के रूप में एक निश्चित राशि देने के लिए सहमत होती हैं: आप इसे केवल अपने ट्रेडिंग खाते को वास्तविक धन की एक विशिष्ट राशि के साथ भरकर वापस ले सकते हैं। हर कोई इस व्यवस्था को पसंद नहीं करेगा, यह दलाल से जबरन वसूली के समान है।
किस बाजार में पैसा बनाना ज्यादा आसान है, क्यों द्विआधारी विकल्प समीक्षा चुनें?
नियमित रूप से नियमित ग्राहकों का इलाज करें, उन्हें ग्रीटिंग कार्ड्स भेजें। यह बजट नहीं मारा जाएगा, लेकिन यह आपकी कंपनी के बारे में सबसे सुखद इंप्रेशन छोड़ देगा। तो आपको ग्राहक से सकारात्मक किस बाजार में पैसा बनाना ज्यादा आसान है अनुशंसा प्राप्त होगी, जिसे सर्वश्रेष्ठ विज्ञापन माना जाता है। | 2021/06/23 08:58:29 | https://qq2m.top/kat-16/page-110047.html | mC4 |
चैनसन को सबसे अधिक दिशाओं में से एक माना जाता हैलोगों के करीब पावेल बोरोडिन छोटे-छोटे, लेकिन बहुत ही आशाजनक कलाकारों में से एक है। उन्होंने एक एनेजर के रूप में सफलता हासिल की, लेकिन प्रशंसकों के सामने प्रदर्शन करने में सक्षम होने के लिए अपना एकल कैरियर शुरू करने का फैसला किया।
कलाकार का जन्म समारा क्षेत्र में हुआ था, अर्थात्मई 1 9 68 के अंत में कुइबिशेव शहर में। बचपन से, अपने राशि चक्र संकेत (मिथुन) की परिवर्तनीय प्रकृति ने उसे संगीत लिखने के लिए प्रेरित किया है, फिर इसे करने के लिए। एकमात्र चीज वह वफादार थी संगीत है। शायद यह कलाकार के परिवार से प्रभावित था - उनके पिता शहर में सबसे अच्छा तुरही खिलाड़ी है। बचपन से, पॉल को अपने पिता के भविष्य के उत्तराधिकारी के रूप में उठाया गया था, लेकिन उन्होंने एक और रचनात्मक मार्ग का पालन करने का फैसला किया - उन्होंने अपने स्वयं के करियर का निर्माण शुरू किया, संबंधों का उपयोग नहीं किया और एक प्रसिद्ध माता-पिता की महिमा का उपयोग नहीं किया।
पहला उपकरण ड्रम था - वह दो से थावर्षों से हाथों में हाथ रखे। सात साल की उम्र में, उन्होंने एक संगीत विद्यालय में दाखिला लिया, जहां उन्होंने तुरही बजाना सीखा (वह अपने पिता के चरणों में पीछा किया)। 15 साल की उम्र में पावेल बोरोडिन ने स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखी, जिसके बाद वह लोक ऑर्केस्ट्रा का कंडक्टर बन गया। हालांकि, उनके लिए सबसे पसंदीदा उपकरण अभी भी ड्रम है, जो वास्तव में अपने पिता से अपील नहीं करता था। उन्होंने अपने कौशल को मजबूत करने के लिए शहर के सर्वश्रेष्ठ ड्रमर से निपटाया।
रचनात्मकता में पहला कदम
17 साल की उम्र में पावेल बोरोडिन को नौकरी मिल गईKuibyshev Philharmonic में, लेकिन वह "दिवा रंग" के रूप में वहां काम किया, वह लंबे समय तक नहीं रहा - युवाओं को सेना में ले जाया गया। एक सैन्य ऑर्केस्ट्रा में वह तत्काल सेवा बिताई। सेना के बाद, युवा संगीतकार ने पेशेवर मंच पर खुद को कोशिश करने का फैसला किया। उनका पहला काम उत्पादन केंद्र "ब्लू बर्ड" था (उनका मुख्य प्रोजेक्ट वीआईए एक ही नाम से था), जो उस समय रॉबर्ट और माइकल स्वैम्प द्वारा चलाया गया था।
बाद में पावेल बोरोडिन ने रिकॉर्डिंग में हिस्सा लियासमूह "लिसेम" की प्लेटें, जहां उन्होंने एकल कलाकारों में से एक के रूप में प्रदर्शन किया। स्वैप का एहसास करने में उनका सपना मदद मिली, यह 1 99 1 में हुआ। बाद में उन्होंने मशहूर बैंड और कलाकारों के साथ प्रदर्शन किया, जिनमें से आप विशेष रूप से यूआई लोज़ा और निश्चित रूप से वीआईए "ब्लू बर्ड" को हाइलाइट कर सकते हैं। बाद में, वह पेशेवर रूप से मॉस्को स्टूडियो "आर-साउंड" और "फिश साउंड" में व्यवस्था करने लगे।
सोलो प्रोजेक्ट और वीआईए "अप्रैल"
इसलिए, हमने सीखा कि पौलुस सफलता प्राप्त करने में कैसे सफल हुआBorodin। उनकी जीवनी साबित करती है कि संगीत वातावरण में पहचानने योग्य हो सकता है, यदि कोई पेशेवर गुणों और परिश्रम पर निर्भर करता है। दो हज़ारवां अभिनेता की शुरुआत में एहसास हुआ कि यह उनके लिए एक पेशेवर और रचनात्मक व्यक्तित्व के रूप में विकसित होने का समय था, यही कारण है कि वह अपना खुद का स्टूडियो खोलता है और साथ ही साथ अपने स्वयं के एकल एल्बमों के लिए सामग्री तैयार करता है। वह पूरी तरह से अपने काम को पूरी तरह से करता है - वह शब्दों और संगीत लिखता है, रचनाओं और व्यवस्थाओं को लिखता है।
हालांकि, संगीतकारों के बिना, वह नहीं हो सकासंगीत कार्यक्रम होना इसलिए पावेल बोरोडिन (उपरोक्त तस्वीर) ने "अप्रैल" को इकट्ठा किया, जिसमें समारा के सर्वश्रेष्ठ संगीतकार शामिल थे। आज, वेब को उनके एल्बम "चोरी प्यार" द्वारा वितरित किया जाता है, जिसे न केवल पुरुषों से बल्कि महिलाओं से भी उच्च अंक प्राप्त हुए। निष्पक्ष सेक्स के प्रतिनिधि पौलुस को एक और प्रसिद्ध चांससन - स्टेस मिखाइलोव के साथ तुलना करते हैं।
उनके काम के पहले नमूने ज्यादातर थेशौकिया - उन्होंने गाने रिकॉर्ड किए और उन्हें इंटरनेट पर जनता के सामने रखा। थोड़ी देर के बाद, पावेल के काम को एक अप्रत्याशित प्रतिक्रिया मिली - उनकी रचना पर, प्रशंसकों ने अपनी खुद की क्लिप बनाना शुरू कर दिया। जवाब में, कलाकार ने अधिक सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया और नई रचनाएं तैयार कीं।
कलाकार अब क्या कर रहा है
वर्तमान में, सामूहिक "अप्रैल" संगीत कार्यक्रम हैसमारा क्षेत्र में और एक नया संगीत कार्यक्रम तैयार कर रहा है। पावेल बोरोडिन एक कलाकार है जो स्वतंत्र रूप से अपने लिए गाने लिखता है, इसलिए अधिकांश समय, प्रदर्शन से मुक्त, संगीतकार स्टूडियो में खर्च करते हैं। स्टूडियो में लाए गए आखिरी पटरियों में से एक था "जब आप चले गए"। इस गीत का एक समृद्ध इतिहास है। उसके पॉल ने 20 साल पहले लिखा था, लेकिन लंबे समय तक बेहतर स्टूडियो संस्करण बनाने का कोई समय नहीं था।
इसके अलावा वीआईए "अप्रैल" राष्ट्रीय टीमों में एक बार खेला जाता हैसंगीत कार्यक्रम, जो समारा रेडियो "चैनसन" में आयोजित किया गया था। सामूहिक के श्रोताओं और प्रशंसकों हैं। कई स्थानों पर, वे वर्षों से पूरे कमरे इकट्ठा कर रहे हैं। यह इस तथ्य के कारण है कि उनकी रचनाओं में कोई चोर नहीं हैं, वे आसानी से सुनते हैं और विभिन्न परिस्थितियों के लिए उपयुक्त हैं। | 2020/02/21 03:12:39 | https://hi.fehrplay.com/iskusstvo-i-razvlecheniya/54835-pavel-borodin-biografiya-i-tvorchestvo.html | mC4 |
JNI बुलंदशहर » Politics
चोला के किसानों का कोर्ट का निर्णय आने तक जमीन न देने का एलान,२6 अगस्त को आयोजित महापंचायत में होगी आगामी रणनीति तय
Posted on : 19-08-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : चोला क्षेत्र के किसानों की पंचायत में कोर्ट का निर्णय आने तक एक इंच भी भूमि न देने का एलान किया गया। किसानों ने यूपीएसआईडीसी व शासन पर उत्पीडऩ का आरोप लगाते हुए आगामी महापंचायत में व्यापक रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया।
चोला किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में किसानों की दनकौर रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पंचायत हुई। पंचायत में मुख्य अतिथि समिति के संयोजक अजित दौला ने कहा कि चोला के अस्सी फीसदी किसान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट के निर्णय की राह देख रहे हैं। ये किसान वे है, जिन्होंने आज तक प्रशासन के दवाब के बावजूद मुआवजा नहीं उठाया है। उन्हांने कहा कि ग्यारह वर्षों से चोला किसान अपनी लड़ाई लड़ रहा है, जबकि संविधान के तहत यदि तीन वर्ष के अंदर जिस उद्देश्य से जमीन अधिग्रहण की गई, उस उद्देश्य पूरा नहीं होता, तो स्वत ही अधिग्रहण रद्द हो जाता है।। उन्होंने शासन ने किसानों के साथ न्याय करने की मांग की। समिति अध्यक्ष मलखान सिंह ने कहा कि किसान किसी भी सूरत में बिना कोर्ट का निर्णय आने तक एक इंच भी जमीन यूपीएसआईडीसी को नहीं देगा। इसके लिए आगामी 26 अगस्त को महापंचायत कर आरपार की रणनीति बना एेलान किया जाएगा। संचालन सुबोध सिंह ने किया। मौके पर चौधरी निरंजन सिंह, प्रकाश यादव, कन्हैयालाल, रामपाल, लक्ष्मीचंद यादव, रतन ठेकेदार, केशराम, सुखपाल सिंह, महेन्द्र जाटव आदि ने विचार रखे। चोला, पचौता, आढा, बोढा, लुहाकर, सरायदूल्हा आदि गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पुण्य तिथि पर बाबू बनारसी दास को श्रद्धांजलि
Posted on : 04-08-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
बुलंदशहर : पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास की पुण्य तिथि पर कांग्रेसियों ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण का श्रद्धांजलि दी। उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी बताया।
स्थानीय बाबू बनारसी दास जन सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में बाबू बनारसी दास की पुण्य तिथि मनाई गई। अनूपशहर अड्डा स्थिति मूर्ति स्थल पर हवन एवं पूजा पाठ हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नागरिकों ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ट्रस्ट के सदस्य और बाबू बनारसी दास के पुत्र पूर्व विधायक हरेंद्र अग्रवाल ने उनका जीवन वृतांत सुनाया। आजादी की लड़ाई में उनके योगदान की जानकारी दी।
ट्रस्ट के सचिव अरुण शर्मा ने उनके आदर्शो की प्रेरणा से बेसहारा, गरीबों की सेवा करते रहने के संकल्प का आह्वान किया। इस मौके पर हरिओम शर्मा, विनय शर्मा, नरेंद्र चौधरी, सुनील रामा, महेश शास्त्री, डा. एसडी शर्मा, वेदराम सह, आदर्श देव शर्मा, मुनीर अकबर, गोपाल कृष्ण, डा. आरके शर्मा, पवन कुमार, राजेश चौधरी, पद्मा कुलश्रेष्ठ, देवेंद्र कुमार राजा आदि मौजूद रहे।
भाजपा की सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक
Posted on : 02-08-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : भाजपा की मीटिंग का आयोजन नीलन पैट्रोल पंप में किया गया। बैठक में भाजपा की सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई। जिला संयोजक ने कहा कि राष्ट्र ने प्रत्येक लोकसभा में ५०,००० भाजपा को नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। जरे दिशा में पूरा किया जाएगा। इस मौके पर बिजेन्द्र प्रताप सोलंकी ने बताया कि २१ अगस्त को चण्डीगढ़ की बैठक में राजनाथ सिंह की इच्छा अनुरूप तय किया उसे ही अगस्त के बीच केन्द्र सरकार का खादो पर सबसीडी की नीति के विरोध में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका जाएगा। मीटिंग में देवेन्द्र खटाना ने कहा कि यूरिया खादों पर दी जाने वाली सबसीडी नीति में तत्काल परिवर्तन किया जा सके। पिंकी वोहरा, सुशील शर्मा, दिनेश पालीवाल, जयप्रकाश अग्रवाल, डा0 राजपाल परिहार, सचिन गिरी, बिजेन्द्र सिंह, पीतम सिंह, जयप्रकाश भाटी, राकेश गर्ग, दीपक गौड़, विनीत गोयल, मूलचंद राणा, देवकरन सिंह, भानू प्रकाश गुप्ता, कालीचरण शर्मा, रकम सिंह तेवतिया, सुधा रानी सैन आदि मौजूद रहे।
निवार्चित चेयरमैन और वार्ड सभासदों को दिलाई गई शपथ, इंद्रा सैनी ने संभाला प्रभार
Posted on : 19-07-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : निर्वाचन के बाद आयोग के निर्देश पर सिकंदराबाद नगर पालिका और ककोड़ नगर पंचायत के अध्यक्ष और वार्ड सभासद पर निर्वाचित सदस्यों को एसडीएम ने शपथ दिलाई। सिकंदराबाद नगरपालिका में शपथ ग्रहण समारोह के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम जहां फीका रहा, सिकंदराबाद पालिका परिषद के लिए निर्वाचित हुए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए परिसर में समारोह का आयोजन किया गया। जिसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा केवल गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया, लेकिन कार्यक्रम इतनी हडबड़ी रखा गया, जिस कारण अधिकांश लोग व निर्वाचित सदस्य भी समारोह में नहीं पहुंच पाए। सवा दस बजे शुरू हुए कार्यक्रम के दौरान एसडीएम अली हसन कर्नी ने निर्वाचित पालिका अध्यक्ष इंद्रा सैनी को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इसके बाद मौजूद नौ सदस्यों को शपथ दिलाई गई। मात्र पन्द्रह मिनट में कार्यक्रम संपन्न करा प्रशासनिक अफसर चले गए। जबकि पन्द्रह सभासद बाद में पहुंचे। जिन्हें पालिका अध्यक्ष ने अपने कार्यालय में शपथ दिलाई।
भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में विधायक व सांसद पहुंचे
Posted on : 26-06-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : चेयरमैन पद के लिए भाजपा प्रत्याशी उमा पालीवाल का रोड शो मुख्य चुनाव कार्यालय से शुरू हुआ। विधायक विमला सोलंकी की अगुवाई में जुलूस भारी संख्या में समर्थकों की भीड़ हाईवे से विजयद्वार होते हुए बड़ा बाजार, हनुमान चौक समेत विभिन्न इलाकों से होकर गुजरा। विधायक ने स्वच्छ और सुंदर नगरपालिका विकास के लिए उमा पालीवाल को जीताने की अपील की। वायदा किया कि वे भी खुद नगर के विकास में प्राथमिकता में सहयोग देंगी। जगह-जगह विधायक और पार्टी प्रत्याशी के स्वागत को देख भाजपा खेमा खुश नजर आया। ठाकुर बिजेन्द्र प्रताप सोलंकी, दिनेश पालीवाल, पिंकी बोहरा, सुशील शर्मा, भूपेन्द्र कौशल, दीपक गौड, अजय गर्ग समेत समेत विभिन्न समाज के ओर से भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके उपरांत नोएडा विधायक डा. महेश शर्मा ने भी पार्टी प्रत्याशियों को जीतने की अपील की। डा. महेश शर्मा ने चुनाव कार्यालय पहुंच समीक्षा की और कार्यकर्ताओं को मूलमंत्र देकर जीत दिलाने का आह्वान किया। दिल्ली से अलीगढ़ जा रहे भाजपा सांसद वरुण गांधी का पार्टी प्रत्याशी उमा पालीवाल व समर्थकों ने दनकौर तिराहे पर स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ता और समर्थकों पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने का आह्वान किया।
प्रशासन ने कांग्रेस प्रत्याशी का रोड शो रोका,अफसरों ने कहा नहीं थी हाईवे पर रोड शो निकालने की परमीशन
Posted on : 25-06-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी रचना भटनागर और उनके समर्थकों ने चुनाव कार्यालय से जुलूस के रूप में जन संपर्क किया। लेकिन हाईवे पर पहुंचने पर प्रशासन ने उनके जुलूस रूकवा दिया। प्रशासन ने इसकी वजह हाईवे पर जुलूस न निकालने की परमीशन न लेना बताया। दूसरी ओर कांग्रेसियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर रोष व्यक्त करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रत्याशी रचना भटनागर और उनके समर्थक पैदल ही जनसंपर्क कर रहे थे। उनके साथ उनके सैकड़ों समर्थक मौजूद थे। जैसे ही उनका काफिला हाईवे पर पहुंचा वहां मौजूद प्रशासन के अफसर एसडीएम, सीओ आदि ने उनका जुलूस रूकवा दिया। जिसको लेकर कांग्रेसियों और अफसरों के बीच नोंक झोंक भी हुई। इस नोंक झोंक को लेकर काफी देर तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। कांग्रेसियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई के प्रति रोष जताया और अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रत्याशी रचना भटनागर के पति और पीसीसी सदस्य नितिन भटनागर ने कहा कि प्रशासन ने किसी भी जुलूस या रोड शो को नहीं रोका केवल उनके ही जुलूस के साथ प्रशासन ने ऐसा बर्ताव किया है। प्रत्याशी रचना भटनागर के साथ जुलूस में स्याना के विधायक दिलनवाज समेत जिले और नगर के पदाधिकारी मौजूद रहे। इन सभी पदाधिकारियों की दोनों अफसरों से काफी देर तक नोंक झोंक होती रही। एसडीएम ने कांग्रेसियों को हाईवे से हटाया। प्रशासन की कार्रवाई से कांग्रेसियों में काफी आक्रोश देखा गया। दूसरी ओर इस बाबत प्रशासन का कहना है कि हाईवे पर जाम लगने की वजह से किसी भी प्रत्याशी को जुलूस निकालने की परमीशन नहीं दी गई थी। प्रत्याशी के पास परमीशन नहीं थी। इस वजह से जुलूस रोका गया।
चेयरमैन पद की उम्मीदवार गुलसुनहरा को मिला चुनाव चिन्ह स्कूटर,पालिका परिषद के प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित
Posted on : 12-06-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : नई तहसील परिसर में नगर पालिका परिषद के प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। इसके लिए सुबह से ही प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भारी भीड़ तहसील परिसर में जमा होनी शुरू हो गई। एक बार तो इतनी भीड़ हो गई कि एसडीएम और पुलिस को लोगों को खदेडऩा पड़ा। दो प्रत्याशियों के बीच चुनाव चिन्ह के आवंटन के लिए लोटरी सिस्टम भी अपनाया गया।
आरओ ने चेयरमैन पद के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। जिसमें उमा पालीवाल को कमल का फूल, रचना भटनागर को हाथ का पंजा, आयशा को छत का पंखा, इन्द्रा सैनी को हल, अंजना को हेलीकॉप्टर, गुलसुनहरा को स्कूटर, ज्योति प्रजापति को अनार, गुलनाज को क्रेन, फरजाना को दमकल, बब्बो को रिक्शा, रानी को जीप, शगुफ्ता को भगोना, शबनम को सितारा, सुनीता को रिंच चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। उसके बाद सभी प्रत्याशियों की एसडीएम ने मीटिंग ली। दूसरी ओर ककोड़ नगर पंचायत के लिए रिजवान को चकला बेलन, सुभाष चंद को सितारा, मुजफ्फर अली को रिक्शा और वीरेन्द्र सैनी को हल चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। बताया जाता है कि ककोड़ के एक प्रत्याशी के समर्थन में आए समर्थकों ने नारेबाजी की। जिसको लेकर एसडीएम और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पीस पार्टी का टिकट कटने से आहत है आश्कीन मलिक,अश्कीन की पत्नी को बनाया था पालिका चेयरमैन का उम्मीदवार
Posted on : 08-06-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : नगर पालिका चुनाव में चेयरमैन पद के लिए काफी दिनों से मेहनत कर रहे पीस पार्टी के आश्कीन मलिक की पत्नी शबनम का अंतिम चरण में पार्टी ने टिकट काटकर दूसरे को अपना प्रत्याशी बना दिया। जिससे अश्कीन मलिक आहत हैं। उन्होंने चुनाव मैदान में डटे रहने का फैसला लिया है। प्रेस कान्फ्रेंस में उनके साथ नगर पीस पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने आश्कीन मलिक का ही चुनाव लड़ाने की बात कही।
नगर के मोहल्ला झारखण्डी में आश्कीन मलिक ने अपने आवास पर प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई। प्रेस कान्फ्रेंस में पीस पार्टी के नेता आश्कीन मलिक ने बताया कि वह पिछले 6 माह से नगर पालिका चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे थे। 15 मई को पार्टी पदाधिकारियों ने उनकी पत्नी शबनम को पार्टी का प्रत्याशी घोषित कर दिया। जिस समय उनकी पत्नी को प्रत्याशी घोषित किया था उस कार्यक्रम में मेरठ के कार्डिनेटर वासिक, प्रदेश महासचिव सुधीर त्यागी और जिलाध्यक्ष डा. रियाजुद्दीन थे। तभी से वह नगर में जनसम्पर्क में लग गए और पीस पार्टी का प्रचार प्रसार किया। लेकिन अंतिम चरण में आकर पार्टी ने उनकी पत्नी शबनम का टिकट काटकर दूसरे प्रत्याशी को टिकट दे दिया। जिससे उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है। पार्टी ने उनकी भावनाओं से खेला है। उन्होंने कहा कि इससे नगर में उनका वजूद गिरा है। प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने घोषणा कि उनकी पत्नी चुनाव अवश्य लड़ेंगी। सारी नगर कमैटी उनके साथ है। आश्कीन मलिक टिकट कटने से काफी आहत दिखाई दिए। प्रेस कान्फ्रेंस में मौहम्मद कासिम, मौ. आबाद, मौ. शहनावाज अंसारी, हाजी मौ. इरफान, नौशाद समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर उबले भाजपाई,केन्द्र सरकार का पुतला फूंक जताया आक्रोश
Posted on : 25-05-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि को लेकर भाजपाईयों ने पुतला फूंककर अपना आक्रोश जताया। भाजपाईयों ने बैठक कर कहा कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ का नारा देने वाला नहीं है। इससे आम आदमी त्रस्त हो चुका है।
नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र मलिक की अध्यक्षता में भाजपा के कैम्प कार्यालय पर एक बैठक का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय विधायक विमला सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस ने पेट्रोल मूल्य वृद्धि करके आम आदमी की कमर तोड़ दी है। जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बिजेन्द्र प्रताप सोलंकी ने कहा कि राष्ट्रपति को केन्द्र सरकार को तुरंत जनहित में बर्खास्त कर देना चाहिए जिससे देश की जनता को इस भ्रष्ट सरकार से मुक्ति मिल सके। वरिष्ठ नेता ठाकुर देवेन्द्र सिंह खटाना ने कहा कि केन्द्र सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। एक साथ पेट्रोल के मूल्य में साढ़े सात रुपए की वृद्धि करना आम आदमी की जेब पर वज्रपात करना है। मुख्य वक्ताओं में जिला उपाध्यक्ष सुरेश शर्मा, सुशील शर्मा, देवकरन सिंह, डा प्रदीप दीक्षित, नरेश पाल, नवीन गुप्ता, दिनेश पालीवाल, गीता सोलंकी, सुधा रानी सैन, गीता गोयल, दीपक गौड़, हेमंत शर्मा, वाचस्पति शर्मा आदि रहे। बैठक के बाद भाजपाई जुलूस के रुप में दनकौर तिराहे पर पहुंचे और केन्द्र सरकार पुतला दहन किया। बैठक का संचालन पिंकी वोहरा ने किया। इस मौके पर भूपेन्द्र कौशल, घनश्याम सैनी, अनूप भाटी, मूलचन्द राणा, राजू खटीक, सुनील भाटी, पवन शर्मा, नीरज भाटी, डा रामपाल सिंह परिहार आदि मौजूद रहे।
भाजपाईयों ने केन्द्र सरकार का पुतला फूंक जताया रोष,किसानों की दुर्दशा पर भाजपाई एकजुट
Posted on : 17-05-2012 | By : HEMANT KUMAR | In : Politics
सिकंदराबाद : भारतीय जनता पार्टी की नगर इकाई की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें वक्ताओं ने केन्द्र सरकार की आलोचना की। उसके बाद भाजपाईयों ने दनकौर तिराहे पहुंच केन्द्र सरकार का पुतला फूंक अपना रोष जताया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता भजनलाल वोहरा के प्रतिष्ठान पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र मलिक ने तथा संचालन गीता सोलंकी ने किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिजेन्द्र प्रताप सोलंकी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य किसान मोर्चा ने कहा कि केन्द्र सरकार गेहूं खरीद के लिए बारदाने की कमी को पूरा करे ताकि बेहाल किसान को राहत मिल सके। सरकार की ढुलमुल नीति के चलते गेहूं खरीद में दलाल सक्रिय हैं उन पर अंकुश लगाया जाए। वरिष्ठ नेता देवेन्द्र खटाना ने कहा कि किसान ही भगवान है इसलिए केन्द्र सरकार को तत्काल किसान की बर्बादी को रोकना चाहिए ताकि किसान आबाद रह सके। सतपाल यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार गेहूं खरीद के लिए ठोस कदम उठाए। इसके बाद कार्यकर्ता एक जुलूस के रूप में केन्द्र सरकार पुतला लेकर दनकौर तिराहे पहुंचे और वहां उन्होंने पुतला दहन किया। इस मौके पर हेमंत शर्मा, डा. नरेश शर्मा, नवीन गुप्ता, सुधा रानी सैन, दिलीप सैनी, बिजेन्द्र जाटव, गीता गोयल, देवकरन सिंह, अजय बंसल, पिंकी वोहरा, नवीन शर्मा, अवनीश गुप्ता, प्रशांत शर्मा, राजू खटीक, डा. रामपाल सिंह, सौदान सिंह, जुगेन्द्र आर्य, जितेन्द्र सिंह, सतवीर सिंह, नरेन्द्र कुमार, सुरेश शर्मा, वीरेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश सैनी, कालीचरन शर्मा, डा. वीके भारती, हेमंत सैनी, मूलचंद राणा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। | 2018/04/24 04:48:49 | http://jnilive.mobi/bulandshahr/?cat=32 | mC4 |
निहारिका सिंह – Bharti Media
निहारिका सिंह २०१३ मे
बेस्ट फीमेल डेब्यू आई.बी.एन.लाइव मूवी पुरस्कार २०१५
निहारिका सिंह (31 अगस्त 1982 को पैदा हुआ) एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री और एक पूर्व सौंदर्य रानी है।[1] उन्होंने 2005 में फेमिना मिस इंडिया अर्थ का खिताब जीता और फिल्म मिस लवली के साथ अभिनय की शुरुआत की,[2] जिसने 2012 कान फिल्म फेस्टिवल में संयुक्त राज्य के सम्मान में भाग लिया।
निहारिका ने अपने बचपन को भारत के उत्तरी हिस्सों में विभिन्न पहाड़ी स्टेशनों और छोटे शहरों में बिताया क्योंकि उनके पिता उत्तर प्रदेश पर्यटन के लिए काम करते थे और राज्य के विभाजन के बाद उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड, भारत सरकार। उन्होंने 4 साल की उम्र में "भारत माता" के रूप में अपना पहला प्रदर्शन याद किया। उन्होंने नैनीताल में बोर्डिंग स्कूल, ऑल सेंट्स कॉलेज में अध्ययन करने से पहले साहित्य कला परिषद के साथ बच्चों के रंगमंच कार्यशालाएं कीं।
निहारिका ने 2005 में फेमिना मिस इंडिया में भाग लिया और मिस इंडिया अर्थ का शीर्षक मिस फोटोजेनिक और मिस सुंदर हेयर के लिए उपशीर्षक के साथ जीता जिसके बाद वह फिलीपींस में आयोजित मिस अर्थ 2005 में भारत का प्रतिनिधित्व करने गईं।[3]
2005 में उत्तराखंड राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के के आदेश पर निहारिका को रोटरी ब्लड बैंक के लिए सद्भावना राजदूत नियुक्त किया गया था।
निहारिका ने अपने कथित एक्स बॉयफ्रेंड नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर भी आरोप लगाए। नवाज की बायॉग्रफ़ी 'एन ऑर्डिनरी लाइफ' के मुताबिक, नवाजुद्दीन का करीब एक साल से अधिक समय तक निहारिका के साथ अफेयर रहा, जबकि दूसरी ओर सिंह ने नवाज के साथ सिर्फ चंद महीनों के अफेयर और फिर उनके खराब स्वभाव के बारे में जानने के तुरंत बाद उनसे ब्रेकअप कर लेने के दावे किए हैं।[4][5]
2012 मिस लवली पिंकी / सोनिका / पूजा Nominated – Most Promising Newcomer – Screen Awards
2013 ए न्यु लव इश्टोरी (२०१३) काम्या धनराज
2013 अनवर का अजब किस्सा आयशा
2016 सोहरा ब्रिज रिया
2018 The Field Guide to Evil Sadhvi Segment – Palace of Horrors
2019 Ahaan Anu *Post-production*
↑ "#MeToo movement: Niharika Singh opens up about her experiences". मूल से 9 नवंबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 नवंबर 2018. | 2021/06/15 02:43:02 | https://bhartimedia.in/2021/05/10/%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9/ | mC4 |
Bihar Viral Fever:बिहार में बुखार से हाहाकार अस्पतालों में भी जगह खाली नहीं- VIDEO |Viral Fever havoc in Bihar In many districts there is no free space even in hospitals see Video | पटना समाचार (Patna News)
Viral Fever havoc in Bihar In many districts there is no free space even in hospitals see Video
Updated Sep 11, 2021 | 17:56 IST
Viral Fever Havoc in Bihar:बिहार के कई जिले इस समय वायरल फीवर की चपेट में हैं, मुजफ्फरपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और मधुबनी समेत कई जिले इसकी चपेट में हैं।
बिहार के कई जिले वायरल फीवर की चपेट में हैं
नई दिल्ली: बिहार में वायरल फीवर तेज़ी से फैलता जा रहा है। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, मोतिहारी से लेकर सीतामढ़ी तक वायरल फीवर तेजी से बच्चों में फैलता जा रहा है। तेज़ी से फैलते वायरल फीवर की वजह से बच्चों को अस्पतालों में जगह नहीं मिल पा रही है। पिछले एक महीने में राज्य में वायरल फीवर की चपेट में आकर कई बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर बच्चों का इलाज चल रहा है।
बताते हैं कि बिहार की राजधानी पटना के पीएमसीएच समेत सभी बड़े अस्पताल में बेड फुल हो चुके हैं, हेल्थ विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और राज्य स्वास्थ्य समिति निर्देश दिया है कि हर जिले में जाकर वहां की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट दे। डॉक्टरों की मानें तो ये वायरल फीवर कोरोना का ही साइड इफेक्ट है और उसकी वजह से ही बच्चों में सर्दी, खांसी से लेकर सांस लेने की समस्या दिख रही है। | 2021/09/22 23:20:59 | https://www.timesnowhindi.com/patna/video/viral-fever-havoc-in-bihar-in-many-districts-there-is-no-free-space-even-in-hospitals-see-video/362810 | mC4 |
सोशल मीडिया पर लोग ग्रेटा थनबर्ग की भी आलोचना कर रहे हैं क्योंकि जहाँ एक तरफ वो दुनिया भर में पर्यावरण बचाने के नाम पर घूमती रहती हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन किसानों का समर्थन कर रही हैं, जो हर साल पराली जलाते हैं। लोगों ने पूछा कि प्लास्टिक के प्रयोग के खिलाफ अभियान चला रहीं ग्रेटा उन लोगों का समर्थन क्यों कर रही हैं, जिनके कारण पूरी दिल्ली महीनों प्रदूषण में डूबी रहती है? कुछ लोगों ने दोनों के ट्वीट्स को खालिस्तानियों का ‘पेड कैम्पेन’ बताया।
हाल ही में दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने भी कहा है कि वह ये देखकर आश्चर्यचकित हैं कि 26 जनवरी के दिन जब पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़कर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया, उन पर कम सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि 26 तारीख को बैरिकेड तोड़ दिए गए थे, उस पर मीडिया ने कोई सवाल नहीं उठाया। वहीं अब बैरिकेडिंग मजबूत की जा रही है तो सब सवाल पूछ रहे हैं। | 2021-02-25T07:56:12Z | http://hindi.amitshah.co.in/amit-shah-in-odisha-bhuvneshvr-men-amit-shaah-bole-siiee-se-ek-bhii-bhaartiiy-kii-nhiin-jaaegii-naagriktaa-dainik-jagran/ | OSCAR-2109 |
Indore News - नगरीय निर्वाचन के लिये नाम वापसी का आज अंतिम दिन - Indore News in hindi, Indore News Today
नगरीय निर्वाचन के लिये नाम वापसी का आज अंतिम दिन
शाम को सहायक रिटर्निंग अधिकारी लेंगे अभ्यर्थियों की बैठक
इन्दौर। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार महापौर तथा पार्षद पदों के लिये प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की वापसी का आज 22 जून को अंतिम दिन है। अभ्यर्थी दोपहर के तीन बजे तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। नाम वापसी के पश्चात अभ्यर्थियों की अंतिम सूची तैयार की जायेगी। इसके बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जायेगा।
जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 जून को शाम 6 बजे संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं की बैठक ली जायेगी। बैठक में उन्हें निर्वाचन नियमों, आयोग के दिशा निर्देशों, व्यय की अधिकतम सीमा तथा व्यय लेखा संधारण के संबंध में जानकारी दी जायेगी। अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई है कि वे बैठक में ऐसे व्यक्ति को साथ लावें जो उनका व्यय लेखा संधारित करेंगे।
ईवीएम का रेंडमाइजेशन भी आज
बताया गया है कि 22 जून को ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का रेंडमाइजेशन किया जायेगा। यह कार्य एनआईसी के सभाकक्ष में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगा। रेंडमाइजेशन में जिला स्तर से संबंधित एआरओ वार ईवीएम का आवंटन होगा। | 2022/06/25 01:21:10 | https://sadbhawnapaati.com/today-is-the-last-day-for-withdrawal-of-nominations-for-urban-elections/ | mC4 |
Four arrested for converting religion in Azamgarh | दिल्ली से धर्म परिवर्तन कराने आए व्यक्ति सहित चार गिरफ्तार | Patrika News
दिल्ली से धर्म परिवर्तन कराने आए व्यक्ति सहित चार गिरफ्तार
दिल्ली से धर्म परिवर्तन कराने के लिए आजमगढ़ जिले के अंडाखोर पहुंचे व्यक्ति सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
Published: April 17, 2022 07:08:19 pm
आजमगढ़. दिल्ली से धर्म परिवर्तन कराने के लिए आजमगढ़ जिले के अंडाखोर गांव पहुंचे व्यक्ति सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कारण कि जिले में पहले भी धर्म परिवर्तन के प्रयास किये जा चुके हैं।
धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार लोग
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के अंडाखोर गांव में शनिवार को धार्मिक कार्यक्रम आयोजन था। इसमें दिल्ली के बदरपुर थाना अंतर्गत विनय नगर निवासी राकेश कुमार पुत्र संतोष चौधरी आया था। ग्रामीणों का आरोप था कि इस कार्यक्रम के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। जिसे लेकर मौके पर हंगामा भी हुआ और राकेश के अलावा अजय कुमार पुत्र चंद्रदेव निवासी बनकट थाना तहबरपुर, रीना देवी पत्नी चंद्रिका राम निवासी मोलनापुर थाना सरायमीर और गीता देवी पत्नी सुग्रीव निवासी अंडाखोर थाना बिलरियागंज के अलावा एक अज्ञात के खिलाफ बिलरियागंज थाने पर तहरीर दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि रविवार को पुलिस क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अंडाखोर गांव में धर्म परिवर्तन का कार्य करने वाले लोग नए चौक पर मौजूद हैं। वो कहीं बहार भागने की कोशिश में हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और चारों को गिरफ्तार कर लिया। चारों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बता दें कि जिले में पहले भी धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा चुकी है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार भी की लेकिन यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां लगातार धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश जारी हैं। | 2022/07/02 03:08:55 | https://www.patrika.com/azamgarh-news/four-arrested-for-converting-religion-in-azamgarh-7473119/ | mC4 |
रूस के राजदूत की अंकारा में हत्या के बाद उनका पूरा परिवार ग़म में डूब गया. अंकारा के स्थनीय अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक हत्या की खबर मिलते ही माँ और पत्नी दोनों ही बेहाल हो गयी और अंकारा से उनका शरीर वापस आते ही माँ और पत्नी दोनों ही चिमट के रोने लगी. पत्नी जोकि पहले ही तुर्की पहुँच चुकी थी.
मास्को में नुकोवों अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वर्गीय कार्लोव के शरीर को बंद ताबूत सहित उतरा गया जोकि रूस के झंडे में लिपटा हुआ था, उसको देखते ही माँ मारिया अपने आप को रोक नहीं पायी और फुट-फुट कर रोने लगी.
उनके परिवार को रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने संभाल साथ ही तुर्की के विदेश मंत्री इस समय उनके साथ रहे, और मिलिट्री सम्मलेन में भी शामिल हुये.
पत्नी मरीना तुर्की के अंकारा हवाई अड्डे पर रूसी अम्बेसडर के स्मारक समारोह में भी शामिल हुई. पत्नी मरीना यहाँ भी अपने आंसुओ को रोक नहीं पाई. उल्लेखनीय हैं कि सोमवार को तुर्की की आर्ट गैलरी में उनकी एक ऑफ ड्यूटी पुलिस अफसर ने गोली मर कर हत्या कर दी थी. | 2021-02-25T02:47:05Z | https://worldnewsarabia.com/europe/family-of-russian-ambassador-crying-at-airport-7085 | OSCAR-2109 |
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पुणे : महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा दसवीं की बोर्ड परीक्षा (SSC Exam 2022) के लिए ऑनलाइन आवेदन (Online Application) भरने की प्रक्रिया गुरुवार 18 नवंबर से शुरू होगी। विद्यार्थी अपने स्कूल में जाकर परीक्षा का फॉर्म (Exam Form) भर सकते है। बोर्ड द्वारा फरवरी 2022 में आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए 18 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन (SSC Exam 2022) मंगाए गए है।
इस परीक्षा के लिए नियमित फीस (Regular Fee) के साथ 18 नवंबर से 9 दिसंबर के दौरान आवेदन किया जा सकता है। जबकि 20 से 28 दिसंबर के दौरान लेट फीस के साथ परीक्षा का फॉर्म भरा जाएगा। परीक्षा का फॉर्म ऑनलाइन (Online Application) स्वीकार किया जाएगा इसलिए विद्यार्थियों को स्कूल के जरिये फॉर्म भरना होगा। आवेदन भरने से संबंधित सूचना सभी माध्यमिक स्कूल के मुख्याध्यापकों को दी गई है।
पिछले वर्ष कोरोना की वजह से दसवीं की परीक्षा नहीं हो पाई थी। अब फरवरी 2022 में ऑफलाइन परीक्षा (Offline Exam) होगी। 4 अक्टूबर से राज्य में स्कूल खुल गई है। कोरोना के सभी नियमों का पालन करते हुए स्कूल खोलने की परमिशन दी गई है
10th Board examexam formMaharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Educationoffline examOnline applicationpune newspune news in hindipunesamachar news | 2022/01/23 06:51:24 | https://www.punesamachar.com/pune-news-ssc-exam-2022-applications-class-x-will-start-tomorrow-news-in-hindi/ | mC4 |
बीसीसीआई ने अगले तीन वर्षों के लिए दिसंबर 2023 तक एमपीएल स्पोर्ट्स, एमपीएल के एथलीजर वियर और स्पोर्ट्स मर्चेंडाइज ब्रांड को आधिकारिक किट प्रायोजक के रूप में घोषित किया।
एक सौदे के हिस्से के रूप में, एमपीएल स्पोर्ट्स पुरुषों, महिलाओं और अंडर के लिए जर्सी का डिजाइन और निर्माण करेगा। -19 भारतीय क्रिकेट टीम।
एसोसिएशन की शुरुआत भारत के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे से होगी, जिसमें टीम इंडिया नई जर्सी पहने हुए दिखाई देगी।
टीम इंडिया की जर्सी के अलावा एमपीएल स्पोर्ट्स लाइसेंस प्राप्त टीम इंडिया का माल भी बेचेगी।
एमपीएल स्पोर्ट्स जर्सी और इसकी विस्तृत श्रृंखला टीम इंडिया के मर्चेंडाइज प्रशंसकों को सस्ती कीमतों पर पेश करेगा।
तीन साल के अधिकार चक्र के लिए, बीसीसीआई ने व्यापारिक भागीदार के लिए आधार मूल्य के रूप में 8 करोड़ रुपये और किट प्रायोजन के लिए प्रति मैच 65 लाख रुपये निर्धारित किए थे। | 2022-12-06T14:27:11Z | https://www.educationfact.in/web-stories/india-team-new-jerssy/ | OSCAR-2301 |
बाराचवर, गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के ग्राम टोडरपुर में पं. केशव प्रसाद चतुर्वेदी की 32वीं पुण्य तिथि मनाई गई। शनिवार को उनके पैतृक गांव टोडरपुर में आयोजित स्मृति समागम में उन्हें उनके पुत्र दयाशंकर चतुर्वेदी, विजय शंकर चतुर्वेदी और उनके भाई पूर्व सैनिक रविंद्र चतुर्वेदी व पारिवारिक सदस्यों सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 15 अगस्त 1988 को बीएचयू वाराणसी में निधन हो गया था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पं. केशव प्रसाद को ब्रेन हैम्रेज के कारण बीएचयू में दाखिल करवाया गया । उपचार के दौरान ही उनके मस्तिष्क की नस फट जाने के कारण सुबह करीब 11 बजे निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार वारणसी के हरिशचंद्र घाट पर किया गया था। पं. केशव प्रसाद चतुर्वेदी के परिजन उनकी पुण्य तिथि को प्रतिवर्ष 15 अगस्त को स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं।
इन्हों ने दी श्रद्धांजलि
समागम में मौजूद मनोज चतुर्वेदी, टुनटुन चतुर्वेदी, अविनाश चतुर्वेदी, नंदन चुर्वेदी, कुंदन चतुर्वेदी, अभिनंद, प्रमिला, आरती, प्रगति, सीमा, पम्मी, माया, आशा, सुमन, रानी आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। | 2022-12-07T10:49:24Z | https://thejharokha.com/32%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A5%E0%A4%BF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%86%E0%A4%8F/ | OSCAR-2301 |
73वां वार्षिकनिरंकारीसंत समागम-5, 6, 7 दिसंबर वर्चुअल 'स्थिरता'-आधुनिकता में मनुष्य की परम आवश्यकता - Faridabad Darshan
फरीदाबाद सिटी फरीदाबाद
by faridabaddarshan November 25, 2020 November 25, 2020 0
निरंकार को मन से जोड़कर जीवन में आती है'स्थिरता'-सत्गुर माता सुदीक्षा जी महाराज
नई दिल्ली l सत्गुरू माताजी महाराज के आशीर्वाद से इस वर्ष का 73वां वार्षिक निरंकारी संत समागम वर्चुअलरूप में दिनांक 5, 6, 7 दिसम्बर, 2020 को आयोजित किया जायेगा। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर भारत सरकार द्वारा जारी किए गये दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए यह संत समागम वर्चुअल रूप में आयोजित किया जायेगा।जिसे विश्वभर के लाखों श्रद्धालु, घर बैठेआॅनलाईन माध्यम द्वारा देख सकेंगे।
निरंकारीमिशन के इतिहासमें ऐसा प्रथम बार होने जारहा है कि वार्षिक निरंकारी संत समागम वर्चुअलरूपमंे आयोजित किया जारहा है। इस सूचना से समस्त साध संगत में हर्षाेल्लास का वातावरण है। संपूर्ण समागम का वर्चुअल प्रसारण मिशन की वेबसाईट पर दिनांक 5, 6, 7 दिसम्बर, 2020 को प्रस्तुत किया जायेगा। इसके अतिरिक्त यह समागम संस्कारटी.वी. चैनल पर तीनों दिन सायं 5.30 से रात्रि 9.00 बजे तक प्रसारित किया जायेगा।
भारत विभाजन के उपरान्त पहाड़गंज, दिल्ली में आकर बाबा अवतार सिंह जी ने 1948 में संत निंरकारीमंडल की स्थापनाकी। सन् 1948 में ही मिशन का प्रथम निरंकारी संत समागम हुआ।जिस निरोल भक्ति का पौधा 91 वर्ष पूर्व बाबा बूटा सिंह जी ने लगाया जिसे सब्र, संतोष, गुरमत के पानी से बाबा अवतार सिंह जी ने सींचारू सहनशीलता और नम्रताका पोषण देकर बाबागुरबचन सिंह जी ने जिसे बढ़ाया प्रेम, भाईचारे से ओत-प्रोतछायादार वृक्ष के रूप में जिसे बाबाहरदेव सिंह जी ने बनाया रूऐसेबागको पुनः सजाने और महकाने की ज़िम्मेदारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी के कंधों पर रही। उन्होंने इसे बखूबी निभाया। वर्तमान में सद्गुरु माता सुदीक्षाजी महाराज उसी ऊर्जा और तन्मयता के रूप में इसे आगे बढ़ा रहेहै।
इस वर्ष निरंकारी समागम का मुख्य विषय 'स्थिरता'है। संत निरंकारीमिशन आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम सेविश्वमेंसत्य, प्रेम, एकत्व का संदेश दे रहाहै। जिस प्रकार प्रभु परमात्मा स्थिर है और संसार में अन्य सभी कुछ गतिशील, अस्थिरव परिवर्तनशील है तो जो स्थिर है उस के साथ जुड़कर स्थिरता प्राप्त की जा सकती है।आजकल के आधुनिक परिवेशमें, जहाँ संसार गतिमान होने के साथसाथ, कहीं ना कहीं अस्थिर भी होताजा रहा है यमानवमन को आध्यात्मिक रूप से स्थिर होने की परम आवश्यकताहै।
सत्गुरू मातासुदीक्षा जी ने जीवन में स्थिरता को समझाते हुए बताया कि-जिसवृक्ष की जड़ें मजबूत होतीहै वह हमेशा स्थिर रहताहै।तेज हवाएं और आंधियां चाहे कितनी भी हो पर अगर वृक्ष अपने मूल रूप जड़ों से जुड़ाव रखता है तो उसकी स्थिरता बनी रहतीहै।इसी प्रकार जिस मुनष्य ने ब्रह्मज्ञान प्राप्त करके अपनानाता इस मूल रूप निरंकार से सदैव जोडे़ रखा है उसके जीवन में जैसी भी परिस्थितियाँ होंतो वह निरंकार प्रभु का सहारा लेकर स्थिरता को प्राप्त कर लेता है। | 2021/01/28 04:59:31 | https://faridabaddarshan.com/news/27029 | mC4 |
रूपेश हत्याकांड: पत्रकारों पर भड़के नीतीश कुमार, बीच सड़क डीजीपी को मिलाया फोन – दैनिक समाचार
Published Date: January 15, 2021 Leave a Comment on रूपेश हत्याकांड: पत्रकारों पर भड़के नीतीश कुमार, बीच सड़क डीजीपी को मिलाया फोन
Updated Fri, 15 Jan 2021 12:07 PM IST
बिहार की राजधानी पटना में इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर रूपेश सिंह की हत्या के बाद जनता में काफी आक्रोश है। पटना के अलावा छपरा में स्थित उनके आवास पर भी मातम पसरा हुआ है। इसी बीच गुरुवार को राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी रूपेश के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचे। वहां कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। इसके अलावा घटना पर सवाल पूछे जाने पर सूबे के मुख्यमंत्री नाराज हो गए। इतना ही नहीं उन्होंने डीजीपी को पत्रकारों के सामने ही फोन मिला दिया।
रूपेश हत्याकांड पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आपको जानकारी है तो बताइए। रूपेश के हत्यारे नहीं बचेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने पत्रकारों से पूछ लिया कि आप किस पार्टी से हैं। बिहार में 15 साल जब अपराध होता था तब कोई नहीं बोलता था। आज अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। नीतीश ने कहा कि स्पेशल टीम मामले की जांच कर रही है। हत्या के पीछे कोई न कोई कारण होता है। अगर आपको पास किसी अपराध के बारे में जानकारी है तो सीधा हमें बताइए।
यह भी पढ़ें- इंडिगो के मैनजर की हत्या पर गरमाई सियासत, तेज प्रताप बोले-'महाजंगलराज का महाराजा' इस्तीफा दो
हत्यारों को मां मारेगी पहली गोली मेरी
मोदी से बच्ची ने कहा कि मैं रोई नहीं क्योंकि मम्मी को बुरा लगेगा। उसने कहा कि उसे केवल अपने पिता के लिए न्याय चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री रूपेश के गांव संवरी बख्शी पहुंचे थे। यहां उन्होंने उनके परिजनों से मुलाकात करने के बाद कहा कि जल्द ही रूपेश के हत्यारे पकड़े जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार विशेष कार्य कर रही है। उन्होंने रूपेश के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
पुलिस लगातार इस हत्याकांड की तफ्तीश कर रही है। सूत्रों के अनुसार हत्यारे पटना हवाई अड्डे से ही रूपेश के पीछे लगे हुए थे। हालांकि उन्हें पूरे रास्ते मौका नहीं मिला और आखिर में उन्होंने रूपेश को उनके अपार्टमेंट के बाहर ही गोली मार दी। पटना पुलिस की एक टीम गुरुवार को छानबीन करने के लिए हवाई अड्डे भी पहुंची। पुलिस को इस केस में कुछ अहम सुराग मिले हैं। इन्हें फिलहाल जाहिर नहीं किया गया है। इसके अलावा उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।
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← CoWIN: शुरुआत में स्वास्थ्यकर्मियों तक ही सीमित रहेगा कोविन का इस्तेमाल, जानें इस APP से जुड़ी बड़ी बातें | 2021/03/06 13:33:16 | https://daniksamachar.com/%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/ | mC4 |
Home / कारोबार / कर्ज लेकर शुरू किया था करोबार, अब हर दिवाली कर्मचारियों को गिफ्ट करते हैं मर्सिडीज कार और फ्लैट
October 27, 2018 कारोबार, प्रदेश जागरण 45 Views
नई दिल्ली: कर्मचारियों को बोनस के रूप में मंहगे फ्लैट, लग्जरी कारें और विदेशों का टूर पैकेज गिफ्ट करने वाले गुजरात के हीरा कारोबारी सावजी भाई ढोलकिया किसी पहचान के मोहताज नहीं। आज उनका नाम देश की नामचीन हस्तियों में शुमार है। यही नहीं वह एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो हर साल होली दिवाली पर अपनी कंपनी 'श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट' में कार्यरत कर्मचारियों को मर्सिडीज बेंज व फ्लैट जैैसे तोहफे बोनस में देते हैं। इस बार भी उन्होंनेे दिवाली बोनस के रुप में अपने 1500 कर्मचारियों को कार और एफडी गिफ्ट करने का फैैसला किया है। लेकिन क्या आपको पता है कि 6 हजार टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक ढोलकिया ने कभी कर्ज लेकर बिजनेस शुरू किया था?
कर्ज लेकर शुरू किया था कारोबार
डायमंड किंग सावजी ढेलकिया की सफलता की कहानी काफी दिलचस्प है। ढोलकिया का जन्म अमरेली जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। पढ़ाई में मन ना लगने और पारिवारिक दबाव के चलते वह 13 वर्ष की उम्र में ही सूरत भाग गए और एक छोटी से फैक्ट्री में काम करने लगे। पांच-छह महीने में बाद जब वह वापस घर पहुंचे तो उनके पिता ने पढ़ने के लिए समझाया, लेकिन इन्हें पढ़ाई से डर लगता था। जिससे यह फिर सूरत चले गए और इसी तरह दो-तीन बार किया।
ढोलकिया बताते हैं मां उन्हें अक्सर समझाती और इमोशनली ब्लैकमेल करती थी। इसके बाद एक दिन उन्होंने ठान लिया कि अब अच्छा आदमी बनना है। उन्होंने बताया कि एक दिन स्वामी नारायण संप्रदाय के एक साधु के पास गए। उनका परिवार पिछली कई पीढ़ियों से स्वामी नारायण सम्प्रदाय का अनुयाई है। उन्होंने साधु से पूछा कि वह उनका जीवन खुशहाल बनाने के लिए कुछ उपाए बताएं। इस पर साधु ने सकाम भक्ति के तहत 108 नामों का एक मंत्र बताया और उसे 11 लाख बार जाप करने के लिए कहा और कहा कि इतना करने के बाद कोई भी कुछ करना चाहे तो कर सकता है।
साधु के इस उपाय को करने के बाद ढोलकिया के अंदर एक बड़ा आत्म विश्वास जागा कि वह अब कुछ भी कर सकते हैं। इसी ध्येय के साथ अब वह फिर से नौकरी करने सूरत के चले आए। यहां एक हीरा कंपनी वह हीरा घिसने का कार्य करने लगे। नौकरी में तरक्की मिलने और अच्छे अनुभव के बाद मैंने खुद का व्यापार खड़ा करने का निर्णय लिया। जैसे-तैसे अपना हीरा कारोबार शुरू तो कर लिया। लेकिन उसे बढ़ाने के लिए मुझे कर्ज लेना पड़ा। हालांकि उन्हें चाचा से कर्ज मिल गया। इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत से व्यापार को इस मुकाम तक पहुंचाया।
आज हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का हीरा कारोबार दुनिया के 71 देशों में फैला हुआ है। सावजी भाई अरबपति होने के बाद भी सभी को पैसे की अहमियत बड़़े अच्छे तरीके से समझाते हैं। हाल ही में अपने बेटे द्रव्य को पैसे की अहमियत की सीख देने के लिए सिर्फ 7 हजार रुपए के साथ कोची शहर में खुद के दम पर रोजी-रोटी कमाने भेजा था। एमबीए कर चुके बेटे को अपने पैरों पर खड़े होने की कला सिखाने के लिए उन्होंने ऐसा किया था। उनके इस काम को काफी लोगों ने सराहा था।
कई बार कर्मचारियों को दे चुके मंहगे तोहफे
सावजी ढोलकिया 2011 से हर साल कर्मचारियों को इसी तरह से दिवाली बोनस देते रहे हैं। 2015 में उनकी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर 491 कार और 200 फ्लैट बांटे थे। 2014 में भी कंपनी ने कर्मचारियों के बीच इंसेंटिव के तौर पर 50 करोड़ रुपए बांटे थे।
1500 Staff 1500 कर्मचारी Car and FD Diamond Business Diamond King Diwali Bonus Gift Krishna Exports Savji Dholakia कार और एफडी कृष्णा एक्सपोर्ट गिफ्ट डायमंड किंग दिवाली बोनस सावजी ढोलकिया हीरा कारोबार 2018-10-27 | 2019/04/22 16:13:49 | http://pradeshjagran.com/savji-dholakiya-will-give-1500-employees-diwali-bonus-in-car-and-fd/ | mC4 |
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. इंद्रेश कुमार ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि - UTTAR PRADESH JAGRAN
सोमवार को आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. इंद्रेश कुमार ने अमर जवान ज्योति एवं शहीद स्मारक में शहीदों को नमन किया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय हिंदू मुस्लिम एकता मंच की ओर से शहीद स्मारक में वाटर कूलर की भी स्थापना की गई, जिसका उद्घाटन डॉ. इंद्रेश कुमार ने किया l
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. इंद्रेश कुमार सोमवार दोपहर शहीद स्मारक पहुंचे। उन्होंने पहले अमर जवान ज्योति पर पुष्पार्पित कर शहीदों को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रीय हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा लगाए गए वाटर कूलर का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रिहान खान, कैंट बोर्ड पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परवेज अली, देवेंद्र कुमार मित्तल, विनय भारद्वाज, अनिरुद्ध चौहान, साजिद अली, मनोज प्रधान रहे।
Senior RSS pracharak Dr. Indresh Kumar pays tribute to the martyrs
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हॉलैंड की स्टार्ट अप कंपनी एमएक्स3डी प्रिटिंग बाजार में क्रांति ला रही है. योजना है प्रिंटर रोबोट के जरिए पुल बनाने की.
ये कुछ कुछ हवा में स्केच बनाने जैसा है. असल में यह एकदम नई तकनीक है. एमएक्स3डी कंपनी धातु के जटिल और अब तक कल्पना से परे माने जाने वाले ढांचे बनाने में सफल हुई है. एमएक्स3डी के सीटीओ टिम गुर्त्येन्स बताते हैं, "हम रोबोटों का ऐसे इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे कोई नहीं करता. कार उद्योग हो या दूसरे उद्योग, वहां इंजीनियर रोबोटों की प्रोग्रामिंग ऐसे करते हैं कि वो एक ही काम बार बार करें. हम इससे ज्यादा उत्पादक काम कर रहे हैं."
असल में प्रिटिंग हेड वेल्डिंग तकनीक पर काम करता है. एक रोबोटिक आर्म पर छह प्रकार के रोटरी एक्सेल लगे हैं. यह 1,500 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकता है और धातु को गलाकर किसी भी आकार में ढाल सकता है, दिशा चाहे ऊपर हो या नीचे हो या फिर समानान्तर. इसे कई औद्योगिक प्रक्रियाओं में इस्तेमाल कर सकते हैं. हर चीज जो स्टील से बनाई जाती है, अगर आप कोई एक जटिल और बेहद महंगा पार्ट भी बनाते हैं जिसमें आपको मोल्डिंग करनी पड़ती है, उसमें भी हम कुछ भी किसी भी आकार में प्रिंट कर सकते हैं.
इसी तकनीक की खूबसूरती का एक नमूना होगा स्टील से बना पैदल पुल. इस पुल को कंपनी के शहर, एम्सटर्डम के सेंटर में लगाया जाएगा. शहर की 200 नहरों पर फिलहाल 1,200 पुल हैं, लेकिन प्रिंट करके बनने वाला यह दुनिया का पहला पुल होगा.
आइला नाम की यह मादा रोबोट दिखाती है कि एक्सो-स्केलेटन यानि बाहरी कंकाल को कैसे काम करना चाहिए. जब किसी व्यक्ति ने इसे पहना होता है तो आइला उसे दूर से ही नियंत्रित कर सकती है. आइला को केवल उद्योग-धंधों में ही नहीं अंतरिक्ष में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
जर्मनी में एक्सो-स्केलेटन पर काम करने वाला डीएफकेआई नाम का आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस रिसर्च सेंटर 2007 में शुरू हुआ. शुरुआत में यहां वैज्ञानिक रोबोटिक हाथ और उसका रिमोट कंट्रोल सिस्टम बनाने की ओर काम कर रहे थे. तस्वीर में है उसका पहला आधुनिक प्रोटोटाइप.
डीएफकेआई ने 2011 से दो हाथों वाले एक्सो-स्केलेटन पर काम शुरू किया. दो साल तक चले इस प्रोजेक्ट में रिसर्चरों ने इंसानी शरीर के ऊपरी हिस्से की कई बारीक हरकतों की अच्छी नकल कर पाने में कामयाबी पाई और इसे एक्सो-स्केलेटन में भी डाल सके.
केवल जर्मन ही नहीं, रूसी रिसर्चर भी रिमोट कंट्रोल सिस्टम वाले एक्सो-स्केलेटन बना चुके हैं. डीएफकेआई ब्रेमन के रिसर्चरों को 2013 में रूसी रोबोट को देखने का अवसर मिला. इसके अलावा रूसी साइंटिस्ट भी आइला रोबोट पर अपना हाथ आजमा चुके हैं.
दुनिया की दूसरी जगहों पर विकसित किए गए सिस्टम्स के मुकाबले डीएफकेआई के कृत्रिम एक्सो-स्केलेटन के सेंसर ना केवल हथेली पर लगे हैं बल्कि बाजू के ऊपरी और निचले हिस्सों पर भी. नतीजतन रोबोटिक हाथ का संचालन बेहद सटीक और असली सा लगता है. इसमें काफी जटिल इलेक्ट्रॉनिक्स इस्तेमाल होता है.
डीएफकेआई 2017 से रोबोटिक हाथों के साथ साथ पैरों का एक्सो-स्केलेटन भी पेश करेगा. यह इंसान की लगभग सभी शारीरिक हरकतों की नकल कर सकेगा. अब तक एक्सो-स्केलेटन को पीठ पर लादना पड़ता था, लेकिन भविष्य में रोबोट के पैर पूरा बोझ उठा सकेंगे.
इन एक्सो-स्केलेटनों का इस्तेमाल लकवे के मरीजों की सहायता के लिए हो रहा है. ब्राजील में हुए 2014 फुटबॉल विश्व कप के उद्घाटन समारोह में वैज्ञानिकों ने इस तकनीकी उपलब्धि को पेश किया था. आगे चलकर इन एक्सो-स्केलेटन में बैटरियां लगी होंगी और इन्हें काफी हल्के पदार्थ से बनाया जाएगा.
फिलहाल इन एक्सो-स्केलेटन की अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता का परीक्षण त्रिआयामी सिमुलेशन के द्वारा किया जा रहा है. इन्हें लेकर एक महात्वाकांक्षी सपना ये है कि ऐसे रोबोटों को दूर दूर के ग्रहों पर रखा जाए और उनका नियंत्रण धरती के रिमोट से किया जा सके. भविष्य में खतरनाक मिशनों पर अंतरिक्षयात्रियों की जगह रोबोटों को भेजा जा सकता है.
3डी प्रिंटिंग और आर्किटेक्चर के नये आयाम ज्यूरिख की टेक्निकल यूनिवर्सिटी में भी खोजे जा रहे हैं. यहां काम कुछ ज्यादा बारीक दिखता है. आर्टिफिशियल सैंडस्टोन की मदद से कंप्यूटर गॉथिक कैथीड्रल की वास्तुकला को उकेर देता है. एक एग्लोरिदम की मदद से हर टिप और घुमाव को अलग बनाया जा सकता है. डिजिटल ग्रोटेस्क मिषाएल हंसमायर ने बताया, "हम जानते हैं कि पुरानी वास्तुकला बेहद बारीकी से भरी है, चाहे बारोक चर्च हो या रोकोको या फिर कुछ और. लेकिन इसमें अथाह समय लगता था. शिल्पकारों को कुछ ऐसा तैयार करने में कई साल लग जाएंगे."
ज्यूरिख के 3डी प्रिंटर को डिजायन रेत की परत बनाने में दो दिन लगते हैं. एक बाइडिंग एजेंट की मदद से उन्हें कृत्रिम पत्थर पर चिपकाया जाता है. नक्काशी में हर डिटेल को अलग अलग डाला जा सकता है. लेकिन यह भी एक जगह किया जाने वाला काम है.
एम्सटर्डम की एमएक्स3डी के रोबोटों के सामने ऐसी कोई सीमा नहीं है. लेकिन कंपनियों को 3 डी प्रिंटिंग के लिए जगह की जरूरत है, इसीलिए स्टार्ट अप कंपनी शहर के बाहर वेयरहाउस में शिफ्ट हो रही है. गुर्त्येन्स ने बताया, "हम पुल से शुरुआत कर रहे हैं. पहले एक छोटे से पुल से क्योंकि हमें आगे बढ़ना है. बाद में हम देखेंगे कि उसके बाद क्या होता है. हो सकता है नया और बड़ा पुल या कोई और निर्माण. मुझे लगता है कि एक दिन इस तकनीक के इस्तेमाल से पूरी इमारतें भी बनाई जा सकती हैं."
2017 की शुरुआत में प्रिंटर एम्सटर्डम शहर में यह पुल बनाना शुरू करेगा. तब तक सारी जरूरी अनुमतियां मिल जाएंगी. तब तक एमएक्स3डी का रोबोट खुद को और बेहतर करने की प्रैक्टिस करता रहेगा.
यह स्वचालित कार तमाम तरह के सेंसरों से लैस है. 2015 की शुरुआत में कार ने सिलिकॉन वैली से लास वेगास के सीईएस ट्रेड फेयर तक की करीब 600 मील की यात्रा पूरी की. किसी आपातकालीन स्थिति के लिए स्टियरिंग व्हील के पीछे एक इंसान को बैठाया गया था.
एफ015 - मर्सिडीज बेंज के इस प्रारूप में देखा जा सकता है कि स्वचालित कार अंदर से कैसी दिखेगी. साफ देखा जा सकता है कि इसमें ड्राइवर के लिए तो कोई सीट ही नहीं बनी है. कार की अधिकतम गति सीमा 124 मील प्रति घंटा होगी.
गूगल काफी समय से अपनी रोबोटिक कार का माउंटेनव्यू में ही परीक्षण कर रहा है. लेकिन अब तक हर बार उसने किसी इंसान को ट्राइवर की सीट पर बैठा कर ही ट्रायल किया है ताकि किसी एक्सीडेंट की स्थिति को संभाला जा सके.
स्वचालित कारें अब तक बहुत सुरक्षित साबित हुई हैं. उन्हें इस तरह प्रोग्राम किया गया है कि किसी गड़बड़ी के समय वे खुद बखुद ही धीमी हो जाएं और आसपास की गाड़ियों से हमेशा एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
कई बार धुंध जैसी स्थिति में ड्राइवर को ठीक से दिखाई ना देने के कारण या तेज स्पीड में कार चलाने के कारण कारों की टक्कर हो जाती है. सूझबूझ और सावधानी से चलने वाली ये रोबोटिक कारें ऐसी गलतियां नहीं करतीं.
ऑटोकंपनी डाएम्लर अपनी कारों को सुरक्षित बनाने के लिए इसमें ऑप्टिकल कैमरे लगा रही है. विंडशील्ड के पीछे लगे सेंसर से पता चलता है कि रोड पर क्या हो रहा है. इस एक्टिव ट्रैफिक सेफ्टी सिस्टम के लिए डाएम्लर को 2011 में जर्मन इंवेशन अवॉर्ड के लिए मनोनीत किया गया था.
गाड़ी के सेंसर पिक्सलों के बादल को पहचानते हैं. कंप्यूटर इस पर नजर रखते हैं कि उनको मिल रही तस्वीरों में पिक्सलों की स्थिति कितनी तेजी से बदलती है. इसी से कंप्यूटर को कार के आसपास की पूरी तस्वीर समझ आती है. | OSCAR-2019 | ||
Tonk Is In The Shape Of Ganga-Jamuni - गंगा-जमुनी तहजीब वाला है टोंक | Patrika News
Tonk is in the shape of Ganga-Jamuni
कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव हुआ शुरू
कई प्रतियोगिताएं भी हुई
टोंक. टोंक रियासत के प्रथम नवाब अमीरूद्दौला उर्फ अमीर खां की मोतीबाग कब्रिस्तान स्थित मजार पर कुरआन ख्वानी के साथ टोंक महोत्सव की शुरुआत हुई। स्थापना का यह वर्ष 203वां है। इसके बाद सआदत पैवेलियन में जिला कलक्टर व नगर परिषद सभापति इलेवल टीम के बीच मैत्री मैच हुआ।
Published: 17 Nov 2020, 07:05 PM IST
इससे पहले समारोह में जिला कलक्टर ने कहा कि टोंक गंगा-जमुनी तहजीब वाला शहर है। यहां के नवाबों ने जहां रियासत में विकास कराए। वहीं वे हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक भी थे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत कुमार भी मौजूद थे। समारोह में अतिथियों का स्वागत किया गया।
मैच से पहले जिला कलक्टर ने खिलाडिय़ों से परिचय लिया। इसके बाद हुए मैच में जिला कलक्टर ने 19 रन बनाए। सभापति इलेवन की ओर से अनस ने 72 रन बनाए तथा युनूस ने 4 विकेट लिए। इसके बाद बाल सुधार गृह में रहने वाले निराश्रित बच्चों को फल का वितरण किया गया।
साथ ही मास्क भी दिए गए। मंगलवार सुबह 10 बजे खलील क्लब में टेनिस प्रतियोगिता होगी। अंजुमन सोसायटी खानदान-ए-अमीरिया की ओर से हर साल टोंक महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
सोसायटी सचिव साहबजादा हामिद अली खां ने बताया कि समारोह में सदर युनूस अली, प्रवक्ता जुनेद असलम, अब्दुल मुनीम, अनवर अली, मोहम्मद अहमद, राशिद नकवी, रफीउल्लाह, इम्तियाज, शकील, राजेश चंदेल, राशिद अली, सईदुर्रहमान आदि मौजूद थे। | 2021/03/07 03:23:14 | https://www.patrika.com/tonk-news/tonk-is-in-the-shape-of-ganga-jamuni-6522840/ | mC4 |
क्विनोआ केक - Quinoa Cake Recipe
Home Bread & Bake क्विनोआ केक – Quinoa Cake Recipe
क्विनोआ केक – Quinoa Cake Recipe
By Reena Gupta, On August 24, 2021
क्विनोआ केक बनाने की सामग्री:
क्क्विनोआ का आटा बनाने की विधि
क्विनोआ केक बनाने की विधि
क्विनोआ केक के टिप्स
क्विनोआ केक स्वादिष्ट, पौष्टिक और लस मुक्त (gluten free) व्यंजन है। इस quinoa cake recipe में स्टेप बाई स्टेप चित्रों के साथ पहले क्विनोआ को साफ करके उसका आटा बनाना फिर उस आटे से केक बनाने का तरीका साझा किया है।
क्विनोआ के आटे से केक बनाने के लिये भी अन्य केक की तरह मुख्य सामग्री क्विनोआ का आटा, शुगर पाउडर, दही और मक्खन ही है आप अपने स्वादानुसार केक को चॉकोलेट टेस्ट या किसी भी अन्य स्वाद में बना सकते हैं और इसको अपनी पसंदनुसार मेवा, चॉकोलेट सीरप अथवा व्हिप क्रीम से गार्निश कर सकते हैं।
इस क्विनोआ केक रेसिपी में हमने डार्क चॉकोलेट और गाजर का यूज किया है जिससे केक जूसी और बहुत सॉफ्ट बना है। डार्क चॉकोलेट क्विनोआ की कड़वाहट को खत्म कर क्लासिक स्वाद देती है। इस टेस्टी व्यंजन के सेवन से परिवार में सभी को किनोआ के स्वास्थप्रद गुण स्वाद के साथ मिल जाते हैं।
क्या आपने क्विनोआ के आटे से बेक करने की कोशिश की है? अगर इच्छा है तब यह रेसिपी आपके लिये ही है, आइये जानते हैं सॉफ्ट, चॉकलेटी, फूला हुआ बिना अंडा का शाकाहारी क्विनोआ केक बनाने की विधि, आवश्यक सामग्री और यूजफुल टिप्स को…..
क्विनोआ / किनोआ / कीनुआ का आटा (Quinoa ) – 1 कप
मैदा (Fine Wheat Flour) – 1/4 कप
गाजर (Carrot) – 1 कप, कद्दूकस की हुई
बेकिंग पाउडर (Baking Powder) – 1/2 चम्मच
बेकिंग सोडा (Baking Soda) – 1/4 चम्मच
चीनी पाउडर/बूरा/ तगार (Fine Sugar) – 3/4 कप
चॉकलेट सीरप (Chocolate Syrup) – केक सजाने के लिये
क्विनोआ का आटा बनाने के लिये सबसे पहले क्विनोआ के बीजों को बीन कर साफ कर लीजिये।
साफ बीने हुए क्विनोआ के बीजों को चित्रानुसार बर्तन में पलट कर पानी से रगड़- रगड़ का धोइए,
अच्छी तरह से मसल-मसल कर धोने से क्विनोआ बीज पर मौजूद कडवे और कसेले स्वाद वाले सभी जहरीले सैपोनिन निकल जाते हैं।
धुले हुए क्विनोआ को छलनी की सहायता से चित्रानुसार छान लीजिये।
गैस पर एक पेन गर्म कीजिये और उसमें क्विनोआ के धुले हुए बीजों को पलट कर बीच-बीच में लगातार चलाते हुए सुखा लीजिये।
सूखे हुए क्विनोआ के बीजों को ठंडा करके ग्राइन्डर में पीस लीजिये।
पिसे हुए क्विनोआ के आटे को छान कर एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर कर लीजिये।
क्विनोआ का केक बनाने के लिये सबसे पहले एक बाउल में दही, मक्खन और चीनी पाउडर को मिला कर एक साथ फेंट लीजिये।
दूसरे बाउल में क्विनोआ का आटा, मैदा बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और कोको पाउडर को एक साथ मिला कर छान लीजिये जिससे सभी चीजें अच्छे से मिक्स हो जायेंगी।
अब चीनी मिला दही और कोको पाउडर मिक्स क्विनोआ फ्लोर को एक साथ मिला कर स्मूथ होने तक चित्रानुसार बीटर से फैट लीजिये।
फैन्टे हुए बेटर में कद्दूकस किया हुआ गाजर अच्छे से मिला दीजिये।
बेकिंग मोल्ड को चिकना करके उसमें केक का बेटर (घोल) पलट कर ऊपर से स्वादानुसार मेवा के पीस डाल लीजिये।
केक को 180 डिग्री टेम्परेचर पर 20-25 मिनट बेक कर लीजिये।
तय समय केक में चाकू की नोक गड़ा कर चैक कीजिये अगर चाकू साफ निकलता है तब केक ठीक से पक गया है, अगर चिपका हुआ निकले तब केक को पाँच मिनट और पका लीजिये।
क्विनोआ का स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर केक तैयार है, चॉकोलेट सीरप से गार्निश करके मनपसंद आकार में काट लीजिये।
आइये जानते हैं कुछ ऐसे सुझाव जो की स्वादिष्ट क्विनोआ का केक और आटा बनाने और उनको स्टोर करने में निश्चित ही आपको उपयोगी लगेंगे….
क्विनोआ का आटा :-
"कीन-वा" या क्विनोआ का आटा हल्का क्रीमि-सफेद रंग का होता है। आटा पीसने के लिये अधिकतर सफेद क्विनोआ का उपयोग किया जाता है। क्विनोआ आटा बहुत महंगा होता है, इसलिए इसकि शुद्धता निश्चित करने के लिये लोग घर पर पीसकर इसका आटा बनाते हैं। यह तैयार भी बहुत आसानी से हो जाता है।
क्विनोआ आटे को एयर टाइट डिब्बे में स्टोर करके फ्रिज की सहायता से तीन माह तक स्टोर कर सकते हैं।
क्विनोआ खाने के फायदे:-
क्विनोआ आटा लस मुक्त (gluten free) है।
क्विनोआ आटे का सेवन कोलेस्ट्रॉल कम करता है जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है।
इसमें मिलने वाला सॉल्यूबल फाइबर हमारे रक्त में कुल कोलेस्ट्रॉल और एल.डी.एल. (खराब कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करता है।
पावर ग्रेन क्विनोआ का आटा खाने से हमें प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व मिलते है जिससे हमारी हड्डियाँ मजवूत बनती हैं।
53 जैसे कम ग्लाइसेमिक सूचकांक होने के कारण क्विनोआ का आटा मधुमेह के मरीज भी खा सकते हैं।
क्विनोआ केक के स्वाद में बदलाव एवं बनाने सम्बन्धी सुझाव :-
आप सुबिधनुसार सफेद मक्खन की जगह दूध मलाई का यूज कर सकते हैं।
बूरा या तगार की जगह चीनी को पीस कर शुगर पाउडर बना सकते हैं।
केक में मेदा को अच्छी ब्लेंडिंग के लिये मिक्स किया है, इसको मिलाना या मिलाना आपकी इच्छानुसार है।
आप बिना गाजर मिलाये भी स्वादिष्ट क्विनोआ केक बना सकते हैं।
अन्य उपयोगी रेसिपी :-
केक सजाने वाली व्हिप क्रीम बनाने की विधि
क्विनोआ की खिचड़ी बनाने की विधि
क्विनोआ आटे से डोसा बनाने की विधि
मग केक (कप केक) बनाने की विधि
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क्विनोआ केक – Quinoa Cake Recipe | क्विनोआ केक स्वादिष्ट, पौष्टिक और लस मुक्त व्यंजन है। इस quinoa cake recipe में स्टेप बाई स्टेप चित्रों के साथ क्विनोआ का आटा और केक बनाने का तरीका साझा किया है
Servings: For4 Servings | Prep Time: 10min | Cook Time: 30min | Category: Bread and Bake | Cuisine: Indian | 2022/05/16 19:31:31 | https://recipebyreena.com/bread-bake/quinoa-cake-recipe-in-hindi/ | mC4 |
भक्तामर स्तोत्र काव्य - 48 - Antarmukhipujya
काव्य – 48
स्तोत्र-स्त्रजं तव जिनेन्द्र गुणैर्-निबद्धाम्
तं मानतुङ्ग मवशा समुपैति लक्ष्मीः ॥48॥
अन्वयार्थ: जिनेन्द्र – हे जिनेश्वर देव !| इह – इस लोक में | य: जनः – जो मनुष्य | भक्त्या – भक्तिपूर्वक | मया – मेरे द्वारा | तव – आप के | गुणै:- गुणों से | निवद्धाम् – रची गई | रुचिर – सुन्दर | वर्ण – वर्ण और | विचित्र – विविध प्रकार के | पुष्पाम्- पुष्पों वाली | स्तोत्रस्रजम् – स्तोत्ररूपी माला को | अजस्रं – निरन्तर | कण्ठगताम् – कण्ठ में | धत्ते – धारण करता है | तम् – उस | मानतुङ्गम् – स्वाभिमानी अथवा मानतुंग पुरुष को | अवशा – विवश होकर | लक्ष्मी:- सर्व प्रकार की लौकिक और पार लौकिक लक्ष्मी | समुपैति – प्राप्त होती है ।
अर्थ – हे जिनेन्द्र देव ! इस जगत में जो लोग मेरे द्वारा भक्तिपूर्वक (ओज,प्रसाद,माधुर्य आदि ) गुणों से रची गई नाना अक्षर रुप,रंग बिरंगे फूलों से युक्त आपकी स्तुति रुप माला को कंठाग्र करता है उस उन्नत सम्मान वाले पुरुष को अथवा आचार्य मानतुंग को स्वर्ग मोक्षादि की विभूति अवश्य प्राप्त होती है ।
जाप – ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रूँ ह्रौं ह्र: अ सि आ उ सा झ्रौं झ्रौं नम: स्वाहा ।
ॐ नमो भगवते महति महावीर वड्ढमाण बुद्धिरिसीणं ॐ ह्राँ ह्रीं ह्रूँ ह्रौं ह्रः अ सि आ उ सा झ्रौं झ्रौं स्वाहा ।
ऋद्धि मंत्र – ऊँ ह्रीं अर्हं णमो सव्व सहूणं ऊँ णमो भयवदो महावीर वड्ढमाणाणं बुद्धि रिसीणं झ्रौं झ्रौं नमः स्वाहा ।
अर्घ्य – ऊँ ह्रीं सकलकार्य साधन समर्थाय क्लीं महाबीजाक्षर सहिताय हृदयस्थिताय श्रीवृषभ जिनेन्द्राय अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा ।
दीप मंत्र – ऊँ ह्रीं सकलकार्य साधन समर्थाय क्लीं महाबीजाक्षर सहिताय हृदयस्थिताय श्रीवृषभ जिनेन्द्राय दीपं समर्पयामि स्वाहा ।
जाप विधि – पीले कपडॆ ,पीली माला,पीला आसन पर बैठकर पूर्व दिक्षा की और मुख कर जाप करना चाहिए ।
पुरुषार्थहीनता
एक बार एक मनुष्य था, जो हद से ज्यादा भाग्यवादी था। एक बार वह अपने साथियों के साथ मिट्टी खोद रहा था तो उसे हीरे-जवाहरात का मटका मिला लेकिन उसे सोचा कि अगर मेरे भाग्य में यह धन होगा तो यह खुद ब खुद मुझे मिल जाएगा। वह मटका वहीं दबाने लगा। तभी वहां से कुछ चोर निकले और उन्होंने उससे पूछा कि क्या कर रहे हो तो उसने कहा कि मुझे यह मटका मिला था लेकिन मैं इस यहीं छोड़ रहा हूं क्योंकि अगर यह मेरे भाग्य में होगा तो मेरे पास खुद आ जाएगा। चोरों ने उसके जाने के बाद मिट्टी हटा कर मटका खोदा तो उसमें बिच्छू ही बिच्छू थे। चोरों को गुस्सा आया और उन्होंने उस बिच्छू से भरे मटके को उस व्यक्ति के घर पटक दिया। उस समय वह व्यक्ति भक्तामर के 48वें श्लोक का अध्ययन कर रहा था। उस व्यक्ति के घर जाते ही वे बिच्छू फिर से हीरे-जवाहारात में बदल गए। तब उस भाग्यवादी ने कहा कि अगर लक्ष्मी मेरे भाग्य में थीं तो वह खुद मेरे पास चल कर आईं।
शिक्षा – इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि भक्तामर के 48वें श्लोक का पाठ श्रद्धापूर्वक करने से असंभवनीय कार्य भी सहज संभव हो जाता है। धन द्रव्य लाभ तो मामूली है, इससे मोक्ष लक्ष्मी भी प्राप्त होती है।
चित्र विवरण- भक्त के हाथ में अडतालीस श्लोकों के प्रथमाक्षर से चिन्हित अडतालीस पुष्पों वाली सुन्दर माला है । इस माला को कण्ठ में धारण करने वाले भक्त अर्थात भक्तामर स्तोत्र का पाठ कार्ने वाले भक्त के समक्ष लक्ष्मी स्वयं आकर उपस्थित हो जाती है । मानतुंगाचार्य मुक्ति लक्ष्मी चाहते हैं जबकि लौकिक जन संसार लक्ष्मी की कामना करते हैं । | 2021/10/27 22:29:31 | https://antarmukhipujya.com/bhaktamar-strota-kavya-48/ | mC4 |
Ajay Mishra Teni SAGY adopted village Raipur
March 26, 2019 03:35am
अजय मिश्र (टेनी ) के सांसद आदर्श ग्राम रायपुर का #RealityCheck (Star Rating : 0)
अजय मिश्र (टेनी ) के सांसद आदर्श ग्राम रायपुर का #RealityCheck
सांसद आदर्श योजना के तहत भाजपा के सांसद अजय मिश्रा (टेनी) ने खीरी के निघासन विकास खंड के रायपुर गाँव को गोद लिया है. 5138 लोगों की आबादी वाले इस गाँव में करीब 40 फ़ीसदी लोग ही साक्षर है. गाँव कोई आज की तस्वीर गोद लिए जाने से बेहतर नज़र आती है. यहाँ कुछ विकास कार्य तो हुए है मगर कुछ का होना बाकी है. गाँव में सड़क, बिजली, पानी की हालत तो ठीक है मगर चिकित्सीय सुविधा संतोषजनक नहीं कही जा सकती.
Sansad Adarsh Gram Yojna Reality Check: Village Raipur of Ajay Mishra Teni
सांसद के प्रयासों से गाँव ने कई मामलों में प्रगति की है. यहाँ पेय जल की समस्या को ख़त्म करने के लिए पानी की टंकी का निर्माण हुआ है. गाँव में बिजली भी मुहैया कराइ जा चुकी है. गाँव को गोद लिए लगभग चार साल का वक़्त हो चुका है. इस दौरान हुए विकास कार्यों से ग्रामीण खुश नज़र आते है. गाँव में रपटा पुल के अलावा सिसवारी से लेकर बनवीपुर एक किमीसीसी रोड के साथ कई संपर्क मार्गों के बाने से ग्रामीणों को राहत मिली है.
रायपुर गाँव में सांसद ने पक्के नाले का निर्माण कराया है, जिससे गाँव में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त हो गई है. सांसद ने गाँव में सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण केंद्र भी खुलवाया है जिससे गाँव की महिलाएं स्वावलंबी बन सके.
गाँव में चिकित्सा व्यवस्थाओं का आभावहै.बीमार पड़ने पर गाँव वालों को तीन किलोमीटर दूर तिनकोनिया जाना पड़ता है. यह गाँव अब भी स्वच्छता के मामले पिछड़ा नज़र आता है. गाँव में आबादी के लिहाज से पर्याप्त नहीं होने से गाँव वाले अब भी खुले में शौच जाने को मजबूर है. रायपुर में शौचालय बनने की रफ़्तार बहुत धीमी है. | 2019/03/25 22:05:41 | https://www.uttarpradesh.org/rate-your-leader/ajay-mishra-teni-sagy-adopted-village-raipur-233223/ | mC4 |
सोने की थकावट 2020 के बाद दिखाई दे रही है, USD का फिसलन जारी | investing.com
सोने की थकावट 2020 के बाद दिखाई दे रही है, USD का फिसलन जारी
Satendra Singh | 05 अगस्त 2020 ,12:42
पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान शॉर्ट-कवरिंग रैली ने गोल्ड फ्यूचर्स को एक अत्यधिक क्षेत्र में धकेल दिया है, जहां गोल्ड बियर $ 2020 से ऊपर की कमान में हो सकता है।
अमेरिकी डॉलर ने अपने स्लाइडिंग पैटर्न को एक बार फिर से शुरू करना शुरू कर दिया है।
सोना वायदा में 1998 के स्तर के नीचे एक स्थायी कदम के परिणामस्वरूप होड़ बेच सकते हैं क्योंकि नकदी इस समय सभी बाधाओं के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव है।
2. याद रखें, आप खरीद बटन और बेचने के बटन को धक्का देते हैं। निवेशकों को हमेशा याद दिलाया जाता है कि किसी भी निवेश को करने से पहले, आपको इस लेख में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उल्लिखित किसी भी नाम पर अपना उचित परिश्रम करना चाहिए। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक निवेश और / या कर पेशेवर से सलाह लेने पर विचार करना चाहिए। इस लेख में किसी भी सामग्री को सामान्य जानकारी माना जाना चाहिए, और एक औपचारिक निवेश सिफारिश के रूप में भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। | 2020/09/27 10:36:37 | https://m.hi.investing.com/analysis/article-2572 | mC4 |
aap to form government in punjab | पंजाब में आप की आंधी, मुख्यमंत्री चन्नी, सिद्धू, बादल, कैप्टन अमरिंदर सब हारे - Farmer News: Government Schemes for Farmers, Successful Farmer Stories
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों सीटों पर चुनाव हार चुके हैं। अमृतसर पूर्व से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया को आप की जीवनजोत कौर ने हरा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और कैप्टन अमरिंदर भी हारे
Published: Mar 10, 2022 - 11:30 Updated: Mar 10, 2022 - 17:20
आम आदमी पार्टी पहली बार दिल्ली से बाहर कदम रखते हुए पंजाब में भी सरकार बनाने जा रही है। कॉमेडियन से नेता बने भगवंत मान उर्फ जुगनू प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। चुनाव आयोग की तरफ से दोपहर 5.10 बजे तक दी गई जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी 79 सीटें जीत चुकी थी और 13 पर आगे थी। प्रदेश में इतनी सीटें कभी कांग्रेस और अकाली दल को भी नहीं मिलीं। 2017 के चुनाव में इसे 20 सीटें मिली थीं। आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरा भगवंत मान धूरी से जीत गए हैं।
कांग्रेस 59 सीटों के नुकसान के साथ 18 सीटों पर सिमटती दिख रही है। अकाली दल को 12 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। उसके प्रत्याशी सिर्फ तीन सीटों पर जीत दर्ज कर सके। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल भी चुनाव हार गए हैं। भाजपा, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोग कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल संयुक्त गठबंधन को सिर्फ दो सीटें मिली हैं।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों सीटों पर चुनाव हार चुके हैं। अमृतसर पूर्व से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया को आप की जीवनजोत कौर ने हरा दिया। चुनाव प्रचार के दौरान यही माना जा रहा था कि यहां मुख्य मुकाबला सिद्धू और मजीठिया के बीच है। बहुत से मतदाता तो यह तक नहीं जानते थे कि आप का प्रत्याशी कौन है।
चन्नी सरकार के कई मंत्री भी हार चुके हैं। वरिष्ठ अकाली नेता 92 साल के प्रकाश सिंह बादल ने पहली बार हार का स्वाद चखा है। उनके और कैप्टन अमरिंदर के लिए यह आखिरी चुनाव हो सकता है, जो पटियाला से हार चुके हैं। सोनू सूद की बहन मालविका सूद जो मोगा से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं, वे भी हार गई हैं। | 2022/05/24 08:03:36 | https://www.ruralvoice.in/elections-2022/aap-to-form-government-in-punjab.html | mC4 |
Health news household chores can reduce the risk of memory problem lak - छोटी उम्र से ही करेंगे घरेलू काम तो नहीं होंगे डिमेंशिया के शिकार - Gyani Suraj
Tagged cleaning of house, household chores can reduce the risk of dementia, household work good for mental health, memory loss, घर में साफ-सफाई, भूलने की बीमारी में घर की सफाई, साफ-सफाई से डिमेंशिया खत्म
जिंदगी को खुलकर और मजेदार तरीके से जीने के लिए पॉजिटिविटी यानी सकारात्मकता बहुत जरूरी है। जो लोग पॉजिटिव होते हैं, खुशी और सफलता हमेशा उनके कदम चूमती है। मगर क्या आप जानते हैं कि सकारात्मक लोगों की खासियत क्या होती है। वो ऐसा क्या करते हैं, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। तो […] | 2021/10/19 11:02:29 | https://gyanisuraj.com/health-news-household-chores-can-reduce-the-risk-of-memory-problem-lak-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%95/ | mC4 |
lok sabha election 2019, chunavi halchal, rahul gandhi, narendra modi, amit shah, priyanka gandhi, Jyotiraditya Scindia,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा चुनाव - News Nation
21 अप्रैल के चुनावी हलचल की हर खबर के लिए CLICK करें
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज गुजरात के सानंद में अपना रोड शो करेंगे.
News Nation Bureau | Edited By : Yogesh Bhadauriya | Updated on: 22 Apr 2019, 12:00:05 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान में अपनी दो और गुजरात में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज गुजरात के सानंद में अपना रोड शो करेंगे. बसपा प्रमुख मायावती आज झारखण्ड में अपनी रैली को संबोधित करेंगी. दूसरी ओर, आज से तीसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार प्रसार समाप्त हो जाएगा.
राजनाथ सिंह मध्य प्रदेश में चुनावी जनसभा करेंगे. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आज रामपुर, लखीमपुर, हरदोई, अकबरपुर और कानपुर लोक सभाओ में अपनी चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित करेंगे.
पूनम सिन्हा का दावा, लखनऊ में लड़ाई सिर्फ समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच
राजनाथ सिंह मध्य प्रदेश में बोले, राष्ट्र का विकास भाजपा के साथ ही संभव है
केरल की वायनाड सीट से एनडीए प्रत्याशी टी वेलापल्ली ने चुनाव आयोग से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन पत्र की जांच की मांग की है. उनका कहना है कि राहुल गांधी के पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट है. इसका उन्होंने अपने नामांकन पत्र या हलफनामे में जिक्र नहीं किया है
केरल में चुनाव प्रचार कर रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वाराणसी से चुनाव लड़ने की अटकलों पर कहा है कि अगर पार्टी आलाकमान चाहेगा तो वाराणसी से खुशी-खुशी वह चुनाव लड़ेंगी.
कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा के समर्थकों ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी मुख्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया. महाबल मिश्रा के समर्थक उन्हें पश्चिम दिल्ली से टिकट दिए जाने की मांग कर रहे थे.
हरियाणा में आप ने तीन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए. फरीदाबाद से नवीन जयहिंद, करनाल से वकील कृष्णकुमार अग्रवाल और अम्बाला से पूर्व डीजीपी पृथ्वीराज होंगे आप उम्मीदवार.
आप नेता गोपाल राय ने कहा दिल्ली में कांग्रेस-आप गठबंधन की सारी संभावनाएं खत्म. कांग्रेस वास्तव में बीजेपी को ही फायदा पहुंचा रही है.
बसपा सुप्रीमो मायावती का पीएम मोदी पर बड़ा हमला. कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी की 22 करोड़ जनता के साथ वादाखिलाफी और विश्वासघात किया.
प्रज्ञा ठाकुर के लगातार विवादित बयानो को लेकर मध्य प्रदेश पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने उन्हें बीजेपी दफ़्तर बुलाया. बताते हैं कि शिवराज सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर को विवादित बयानो से बचने की सलाह दी है.
दिग्विजय सिंह जारी करेंगे विजन डॉक्यूमेंट. पहुंचे कांग्रेस पार्टी मुख्यालय
राहुल गांधी के घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा. टिकट को लेकर कर रहे प्रदर्शन. राजकुमार चौहान के समर्थक कर रहे हंगामा.
कानपुर: आज शहर में सीएम योगी आदित्यनाथ की चुनावी जनसभा शाम 5.30 बजे सेंट्रल पार्क में होगी
छत्तीसगढ़ : बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की चुनावी सभा आज गौरेला में. बिलासपुर लोकसभा के प्रत्यासी अरुण साव के पक्ष में करेंगे रैली
पश्चिमी UP के बाद अब BSP अध्यक्ष मायावती का फोकस पूर्वांचल की 28 सीटों पर, वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर और इलाहाबाद में अखिलेश के साथ संयुक्त रैलियां कर सकती हैं मायावती
लोकसभा चुनाव के दौरान गलत बयानबाजी करने और हेट स्पीच को दिए गए बयान को लेकर मुंबई साउथ से कांग्रेस प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्विटर पर (पंजाब दी गल कैप्टन दे नाल) कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें उनकी सरकार के काम को लेकर जनता उनसे सवाल पूछ सकती है. आज मुख्यमंत्री खुद पूछे जाने वाले सवालों के जवाब ट्विटर हैंडल से देंगे.
लखनऊ में अब सिर्फ 14 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं, 51 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था, 37 का पर्चा खारिज़ हो गया.
लखनऊ से शिवपाल यादव की पार्टी PSPL के उम्मीदवार रमेश कुमार ठुकराल और ओमप्रकाश राजभर की पार्टी SBSP के उम्मीदवार बब्बन राजभर का पर्चा खारिज हुआ
अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 22 अप्रैल को तिलोई, सलोन और अमेठी विधानसभा क्षेत्र में तीन जनसभाएं करेंगे.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में आज दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनाव को लेकर सुबह 11:30 बजे विजन डॉक्यूमेंट जारी करेंगे.
राहुल गांधी 23 अप्रैल को राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी सभा करेंगे.
नरेंद्र मोदी आज राजस्थान में 2 बजे चित्तौड़ और 3.15 बजे बाड़मेर में बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में रैली करेंगे. 22 अप्रैल को दोपहर 2 बजे उदयपुर में और शाम 4 बजे जोधपुर में सभा करेंगे. | 2020/10/23 21:22:48 | https://www.newsnationtv.com/elections/lok-sabha-polls/lok-sabha-election-2019-chunavi-halchal-rahul-gandhi-narendra-modi-amit-shah-priyanka-gandhi-jyotiraditya-scindia-84338.html | mC4 |
बालों से डैंड्रफ़ दूर रखने लिए 3 तरह से इस्तेमाल करें नीम - Use neem in 3 ways to keep dandruff away from hair | फेमिना हिन्दी
by फ़ेमिना | July 8, 2021, 1:24 PM IST
डैंड्रफ़ बहुत ही आम स्किन प्रॉब्लम है. इससे छुटकारा पाने के लिए हम सभी एक प्रभावी समाधान खोजने में समय और ऊर्जा ख़र्चते हैं. डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए वैसे तो कई सारे उपाय आज़मा सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीम इनमें सबसे प्रभावी है, जिसे सभी आज़मा सकते हैं. नीम आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और सदियों से स्वास्थ्य, त्वचा और बालों की समस्याओं का इलाज करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.
पानी को उबालें और फ़्लेम से उतार दें.
नीम के पत्तों को गर्म पानी में डालकर रातभर के लिए छोड़ दें.
सुबह इसी पानी से बालों को धोएं.
इसके इस्तेमाल से डैंड्रफ़ के कारण होने वाली खुजली में कमी आ जाएगी. समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए सप्ताह में दो या तीन बार इस प्रक्रिया को दोहराएं.
पानी गर्म करें और उसे फ़्लेम से उतार दें.
उसमें नीम की पत्तियां डालकर रातभर के लिए रख दें.
सुबह में पत्तों को छान लें और उन्हें पीसकर पेस्ट बना लें.
पेस्ट में शहद मिलाएं औ उसे अपने बालों की जड़ों और पूरे बालों में लगाएं.
20-25 मिनट तक उसे छोड़ दें और फिर धो लें.
टिप: सप्ताह में एक बार इस मास्क का इस्तेमाल करें. आपको डैंड्रफ़ से राहत मिलेगी.
नारियल का तेल गर्म करें और उसमें नीम की पत्तियां डालें. धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक उबालने के बाद उसे आंच से उतार दें. | 2022/05/16 16:14:53 | https://www.femina.in/hindi/beauty/skin/use-neem-in-3-ways-to-keep-dandruff-away-from-hair-5455.html | mC4 |
Mr. Koushlendra chauhan
हमारा निश्चय है की हम अपने विधार्थी को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करे, छात्र एवं छात्रए इस शताब्दी के महा यज्ञ मे कदम से कदम मिलाकर बड़े और अपने देश को अपने समय मे ही विकसित देश के रूप मे देखे |
Meet Some Important Person
Smt. Mamta Chauhan
प्रिय अभिभावक , किसी भी बच्चे के विकास के सबसे महत्त्वपूर्ण आयाम नैतिक मूल्य और सामाजिक सरोकार होते है | विद्या विहार इसी दिशा मे एक प्रयास है|
The thing taught in school are not an education but the mean of an education
मान्यवर , वर्तमान समय आधुनिक शिक्षा का युग है | शिक्षित होने से समाज मे अपनी एक अलग ही पहचान दिखाई पड़ती है | इसलिए अज्ञानता और अशिक्षा का त्याग करते हुए हमे नित नए प्रयासों से शिक्षा ग्रहण करते रहना चाहिए जिससे समाज, देश, का सर्वाघिन विकाश हो | | 2022/01/25 16:07:25 | http://vidhyaviharschool.in/Management.aspx | mC4 |
वो लोग जो सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े होने के कारण ख़बरों में आए - List of prime people who came in news only because of their involvement in Sushant Singh Rajput case
आदित्यaditya.kumar@lallantop.comजून 14, 2021 09:43 PM
बाएं से दाएं- ईशकरण सिंह भंडारी, विभोर आनंद, गुप्तेश्वर पांडेय, नीरज बबलू और सचिन तिवारी.
14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत के न रहने की खबर सामने आई थी. 34 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई. सुशांत के निधन के एक साल होने पर उनके फैन्स उन्हें याद कर रहे हैं. इस खबर में हम उन लोगों की बात करेंगे जो सुशांत केस से जुड़े होने के कारण ख़बरों में आए.
ईशकरण सिंह भंडारी
ईशकरण सिंह भंडारी एडवोकेट, इकोनॉमिस्ट और पॉलिटिकल एनालिस्ट हैं. उन्होंने सुशांत के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था. भंडारी ने सुशांत को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की थी कि सुशांत केस से जुड़ी सही जानकारी उन्हें मेल करें ताकि मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके. सुब्रमण्यम स्वामी सहित कई लोगों ने भंडारी को सुशांत की मौत मामले में तथ्यों की जांच करने को कहा था.
सुशांत की मौत की पहली बरसी पर भंडारी ने ट्वीट कर लिखा-
एक साल बाद सुशांत शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं लेकिन दुनिया के लिए जो प्यार, ज्ञान, स्नेह और आनंद वह लेकर आए, वह हमेशा के लिए है. सुशांत करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे. सुशांत के लिए न्याय मायने रखता है.
One year since the immortal Sushant Singh Rajput is not physically with us.
But the love , wisdom ,affection & Joy he brought to the world is forever.
SSR will always live on in the hearts ♥️ of millions upon millions of people.
SUSHANT JUSTICE MATTERS.
— Ishkaran Singh Bhandari (@ishkarnBHANDARI) June 13, 2021
विभोर आनंद
सुशांत केस में झूठी खबरें फैलाने के आरोप में दिल्ली में रहने वाले वकील विभोर आनंद को 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. विभोर पर सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना फैलाने, मृत व्यक्ति की छवि खराब करने, लोगों के बीच में असंतोष और संदेह फैलाने की कोशिश करने के आरोप रहे. 3 नवंबर को विभोर को कोर्ट से बेल मिल गई थी.
सचिन की शक्ल सुशांत से मिलती-जुलती है. सुशांत को लेकर 'सुसाइड ऑर मर्डर: ए स्टार वॉज लॉस्ट' फ़िल्म में सचिन, सुशांत का रोल निभाने वाले थे. इस फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर भी बहुत बवाल हुए. सुशांत के पिता केके सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिलीज़ को रोकने की मांग की थी. अभी तक यह फ़िल्म रिलीज़ नहीं हो सकी है. और अब इस फ़िल्म को लेकर अपडेट्स आने भी बंद हो गए हैं.
मुंबई में सुशांत की मौत के बाद बिहार पुलिस के डायरेक्टर जनरल गुप्तेश्वर पांडेय बिहार पुलिस का पक्ष रखने खुद ही फ्रंट पर आ गए. इसके बाद 2020 बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने VRS ले लिया. मीडिया में रिपोर्ट्स आईं कि वह बीजेपी या जदयू के टिकट पर बक्सर से चुनाव लड़ सकते हैं. वह जदयू से जुड़ भी गए लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला.
नीरज बबलू बिहार सरकार में 2020 चुनावों के बाद से मंत्री हैं. इससे पहले वह विधायक रहे हैं. नीरज, सुशांत के चचेरे भाई हैं. सुशांत को न्याय दिलाने को लेकर नीरज ने हल्ला बोल दिया था. सुशांत की मौत के साल भर बाद नीरज ने सुशांत की मौत की जांच में CBI की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने भाई की मौत पर दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की है.
सुशांत की मौत को लेकर खूब राजनीति हुई. बिहार पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के बीच विवाद हुए. अंत में सुशांत की मौत की जांच CBI को दे दी गई. लेकिन मामले को लेकर CBI अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है.
विडियो- दी सिनेमा शो: 'देवों के देव महादेव' वाले मोहित रैना को दूसरा सुशांत सिंह राजपूत क्यों कहा?
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May be break on Separation of CID from Home Department and anil vij gave reports to BJP high command
गृह विभाग से CID अलग करने पर लग सकता है ब्रेक, विज ने भाजपा हाईकमान को दी रिपोर्ट
Publish Date:Fri, 17 Jan 2020 02:27 PM (IST)
हरियाणा में गृह विभाग से सीआइडी को अलग करने का मामला भाजपा हाईकमान तक पहुंच गया है। अनिल विज ने इस बारे में रिपोर्ट दी है। इससे सीआइडी को अलग करने की तैयारी पर ब्रेक लग सकता है।
चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा में सीआइडी को लेकर चल रहा विवाद भाजपा हाईकमान के पास पहुंच गया है। सीआइडी को गृह विभाग से अलग करने की अटकलों के बीच गृह मंत्री अनिल विज ने हाईकमान को पूरी रिपोर्ट दे दी है। विज पिछले कई दिनों से हाईकमान के संपर्क में हैं। माना जा रहा कि 21 जनवरी से आरंभ हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र में सीआइडी को गृह विभाग से अलग करने का संभावित बिल अटक सकता है। वैसे भी सीआइडी को गृह विभाग से जुदा कर अलग विभाग बनाने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है।
लगातार कई दिनों से भाजपा हाईकमान के संपर्क में हैं गृह मंत्री अनिल विज
गृह मंत्री अनिल विज ने फिर कहा है कि मुख्यमंत्री सर्वेसर्वा होते हैं। उन्हें किसी भी मंत्री के विभागों की जानकारी हासिल करने का अधिकार है। इसलिए सीआइडी को गृह विभाग से अलग करने की प्रक्रिया अपनाने की कोई जरूरत नहीं है। सीआइडी फिलहाल गृह विभाग का ही पार्ट है। सीआइडी की रिपोर्टिंग अभी भी गृह मंत्री के नाते अनिल विज को ही हो रही है। सीआइडी की अब तीन रिपोर्ट तैयार हो रही हैं। एक रिपोर्ट गृह मंत्री, दूसरी मुख्यमंत्री और तीसरी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास जाती है।
अनिल विज ने यहां तक कह दिया कि उनके पास खोने के लिए है ही क्या? विज के इस बयान का मतलब साफ है कि यदि गृह विभाग से सीआइडी को अलग किया गया तो वह किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। यह सीमा गृह विभाग छोडऩे तक हो सकती है। चर्चा तो यह भी है कि विज शहरी स्थानीय निकाय विभाग भी छोड़ने की पेशकश कर सकते हैं, लेकिन भाजपा हाईकमान ऐसे हालात पैदा होने देने को कतई तैयार नहीं है। हाईकमान की पूरे मामले पर निगाह है।
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सीआइडी को गृह विभाग से अलग करने संबंधी बिल पर भी संशय
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार सीआइडी को गृह विभाग से तैयार करने की अंदरूनी तैयारी चल रही है। ऐसा ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे हरियाणा कैबिनेट की बैठक में पास कर विधानसभा में पेश किया जा सकता है। इस ड्राफ्ट के तहत सीआइडी को गृह विभाग से कानूनी तौर पर अलग कर दिया जाएगा। नई परिस्थितियों में यह ड्राफ्ट सिरे चढ़ता नजर नहीं आ रहा है।
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21 जनवरी से विधानसभा का विशेष सत्र है। इससे पहले कैबिनेट की बैठक संभव नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्री को कैबिनेट की मीटिंग संबंधी तमाम मामलों पर फैसले लेने का अधिकार होता है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भाजपा हाईकमान ने सीआइडी को गृह विभाग से अलग करने संबंधी कोई भी बिल लाने से रोक दिया है।
सीआइडी को अलग विभाग बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी
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सीआइडी को गृह विभाग से अलग कर उसे अलग डिपार्टमेंट के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया काफी लंबी है। इसके लिए पहले कैबिनेट की बैठक में मंजूरी होगी। फिर फाइल तैयार कर फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास जाएगी। उसके बाद दोबारा कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव आएगा। फिर विधानसभा में बिल पेश होगा। उसके बाद गवर्नर के पास जाएगा। गवर्नर से मंजूरी मिलने के बाद सीआइडी को अलग विभाग के तौर पर अधिसूचित किया जा सकेगा। हरियाणा पुलिस रुल्स 1974 के पेज नंबर 12 पर नियम तीन के तहत सीआइडी अभी गृह विभाग का ही पार्ट है।
काले लिफाफे में जो डालकर दूंगी बच्चा, उसे गटर या कूड़े में फेंक देना, मैं चाहूं तो दो घंटे में नोंच कर भी निकाल सकती हूं
इस्राइल व नार्वे की कंपनी कर रही हरियाणा में फोन टेप
सवाल उठता है कि सीआइडी को लेकर सरकार में तनातनी की नौबत क्यों आई? दरअसल, गृह मंत्री के नाते अनिल विज ने सीआइडी प्रमुख से वह रिपोर्ट तलब कर ली थी, जो विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की स्थिति के आधार पर तैयार की गई थी। कई दिनों तक जब यह रिपोर्ट नहीं आई तो विज ने स्पष्टीकरण मांग लिया।
आसान नहीं होेगा निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसद आरक्षण का बिल मंजूर कराना
रिपोर्ट मिलने के बाद अगले दिन ही विज ने उन लोगों की सूची भी तलब कर ली, जिनके फोन टेप किए जाते हैं। इस रिपोर्ट के मांगने पर सरकार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद गृह मंत्री से सीआइडी को वापस लेने का खाका बुना जाने लगा। आशंका जताई जा रही है कि इस्राइल और नार्वे की प्राइवेट कंपनी हरियाणा में फोन टैपिंग के काम में लगी हैं। | 2020/02/24 03:28:42 | https://www.jagran.com/haryana/panchkula-may-be-break-on-separation-of-cid-from-home-department-and-anil-vij-gave-reports-to-bjp-high-command-19943824.html | mC4 |
पटना में सात दिनों के नए कोरोना लॉकडाउन में सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही लॉकडाउन में इजाजत मिली है। इस दौरान पटना की सड़कों पर वर्तमान की तरह ही गाड़ियां चलेंगी, ट्रेनें आएंगी और फ्लाइट का आवागमन होगा। मगर कोरोना लॉकडाउन के दौरान बेमतलब बाहर निकलने वालों पर पुलिस की पैनी नजर होगी।
पटना डीएम कुमार रवि ने बुधवार शाम में लॉकडाउन का आदेश पारित किया। इसके मुताबिक, शुक्रवार से अब दुकानें सुबह 6 से 10 और शाम 4 से 7 बजे तक खुली रहेंगी। परिवहन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। इसके अलावा, लोगों के आने-जाने पर भी रोक नहीं रहेगी। मगर अनावश्यक तौर पर निकलने वाले लोगों और वाहनों पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा। पटना में किसी भी वाहन को बाहर निकलने के लिए विशेष पास की जरूरत नहीं होगी, मगर बिना काम के हवाखोरी करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। | 2021-03-06T06:03:05Z | https://bodhvichar.com/by/dr-apj-abdul-kalam/ | OSCAR-2109 |
Shani Dev Katha || शनि देव कथा || Shani Jayanti Katha || Shani Dev Ki Katha
शनि देव कथा || Shani Dev Katha || Shani Jayanti Katha
By Online Astrologer Pandit Lalit Trivedi 9667189678 | May 20, 2020
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शनि देव कथा || Shani Dev Katha || Shani Jayanti Katha ( प्रथम कथा )
भगवान सूर्य का ब्याह दक्ष कन्या देवी संध्या के साथ हुआ । देवी संध्या भगवान सूर्य का अत्याधिक तेज सह नहीं पाती थी। उन्हें लगा की मुझे तपस्या करके अपने तेज को बढ़ाना होगा । कुछ समय पश्चात देवी संध्या के गर्भ से तीन संतानों का जन्म हुआ । जिनकें नाम है, मनु,यमराज और यमुना । देवी संध्या बच्चों से बहुत प्यार करती थी । मगर भगवान सूर्य की अत्याधिक तेज के कारण बहुत परेशान रहती थी | एक दिन देवी संध्या ने सोचा कि भगवान सूर्य से अलग होकर मै अपने मायके जाकर घोर तपस्या करूंगी। जिससे की भगवान सूर्य के अत्याधिक तेज को सहन कर सकुँ । और यदि विरोध हुआ तो कही दूर एकान्त में जाकर तप करुगी ! देवी संध्या ने अपने ही जैसी दिखने वाली देवी छाया को प्रकट किया। और देवी संध्या को अपने बच्चोँ की जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा। Shani Dev Katha
आज से तुम मेरे स्थान पर पत्नि धर्म निभाओगी और बच्चों कि परवरिश भी करोगी। अगर कोई विपत्ति आ जाये तो मुझे बुला लेना मै दौडी- दौडी चली आऊँगी। मगर एक बात याद रखना कि तुम "छाया" हो " संध्या" नहीं यह भेद कभी किसी को पता नहीं चलना चाहिए। देवी संध्या ,देवी छाया को अपनी जिम्मेदारी सौपकर अपने मायके चली गयी। घर पहुँचकर,देवी संध्या ने पिता को बताया।
मै भगवान सूर्य का तेज सहन नहीं कर पा रही हुँ,इसलिए अपने पति से बिना कुछ कहे मै मायके आ गयी हूँ,ताकी तपस्या कर सकुँ। यह सुनकर पिता ने देवी संध्या को बहुत डाटा – फटकारा और कहा की बिना बुलाये पुत्री यदि मायके में आए तो पिता की बदनामी होती है। अत: हे,पुत्री तुम जल्द अपने ससुराल लौट जाओ। तब देवी संध्या सोचने लगी कि यदि मै वापस लौटकर गई तो देवी छाया को जो मैंने कार्यभार सौंपा है। Shani Dev Katha
उसका क्या होगा ? देवी छाया कहाँ जायेगी ? सोचकर देवी संध्या ने भीषण घनघोर जंगल में शरण ले लिया। देवी संध्या ने घोडी का रूप ले लिया। जिससे कि कोई उसे पहचान न सके और तप करने लगी। ईधर भगवान सूर्य, देवी छाया से संतुष्ट थे।
भगवान सूर्य को कभी यह संदेह नहीं हुआ की यह देवी संध्या नही है। कुछ समय पश्चात देवी छाया के गर्भ से तीन संतानों का जन्म हुआ ।जिनकें नाम है,मनु,शनि और पुत्री भद्रा ( तपती ) । इस तरह से देवी छाया के गर्भ से भगवान शनि का जन्म हुआ । Shani Dev Katha
शनि देव कथा || Shani Dev Katha || Shani Jayanti Katha ( द्वितीय कथा )
जब शनिदेव देवी छाया के गर्भ में थे तब देवी छाया भगवान शिव की तपस्या कर रही थी । देवी छाया ने भूखे प्यासे धुप-गर्मी में कठोर तपस्या किया । देवी छाया ने अपने आप को इतना तपाया की गर्भ के बच्चे पर भी तप की अग्नि का प्रभाव हुआ। भूखे प्यासे धुप-गर्मी में तप करने से तप के प्रभाव से,गर्भ में ही भगवान शनि का रंग काला हो गया। जब भगवान शनि का जन्म हुआ तो सूर्यदेव को भगवान शनि को काले रंग का देखकर हैरानी हुई। उन्हें देवी छाया पर शक हुआ | उन्होंने देवी छाया का अपमान कर डाला और कहा कि 'यह मेरा पुत्र नहीं है।' Shani Dev Katha
भगवान शनि के अन्दर जन्म से माँ की तपस्या का बल था। उन्होंने देखा कि मेरे पिता,माता का अपमान कर रहे है। उन्होने क्रूर दृष्टी से अपने पिता को देखा तो पिता का पूरा देह का रंग काला हो गया । और घोडों की चाल रुक गयी रथ आगे नहीं चल सका।
भगवान सूर्य परेशान होकर भगवान शिव को पुकारने लगे | भगवान शिव ने सूर्यदेव को बताया की आपके द्वारा माता व पुत्र दोनों की बेज्जती हुई है। इसलिए यह दोष लगा है । सूर्यदेव ने अपनी गलती की देवी छाया से क्षमा मांगी । और पुन: सुन्दर रूप एवं घोडों की गति प्राप्त किया।Shani Dev Katha
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राजस्थान: BJP में अंतर्कलह, वसुंधरा गुट लाया सतीश पूनिया की ये 22 साल पुरानी चिट्ठी - rajasthan conflict in bjp Satish Poonia 22 year old letter viral vasundhara raje group attacks state bjp chief - AajTak
राजस्थान में बीजेपी में गुटबाजी चल रही है. वसुंधरा राजे गुट और पार्टी संगठन आमने-सामने है. अब BJP के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का 22 साल पुराना पत्र सामने आया है.
BJP के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (फाइल फोटो)
(अपडेटेड 29 जून 2021, 12:01 PM IST)
राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी तेज हुई
वसुंधरा गुट ने जारी किया सतीश पूनिया का पुराना लेटर
भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान यूनिट में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे गुट और पार्टी संगठन के बीच मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. तनाव के बीच अब 22 साल पुराने एक पत्र की एंट्री हुई है. पार्टी ने वसुंधरा समर्थकों को अनुशासनहीनता का नोटिस थमाया था, इसके बाद वसुंधरा समर्थक BJP के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का 22 साल पुराना पत्र निकाल लाए हैं. 22 साल पुराने इस पत्र ने राजस्थान की राजनीति में हंगामा मचा रखा है.
यह पत्र प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष गुलाब चंद कटारिया को लिखा था. इस पत्र में सतीश पूनिया ने BJP के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत, ललित किशोर चतुर्वेदी और हरिशंकर भाभड़ा को पीठ में छुरा घोंपने वाला और कार्यकर्ताओं की छाती पर पैर रखकर टिकट कटवाने वाला बताया था.
सतीश पूनिया का पुराना लेटर आया सामने
22 साल पुराने इस पत्र में पूनिया ने अपने मौजूदा सहयोगी उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और पूर्व सांसद रामसिंह कस्वा जैसे लोगों को अपने पत्र में भस्मासुर बताया था. सतीश पूनिया लगातार विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बार बार टिकट नहीं मिलने पर जुलाई 1999 में भाजुमयो के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया था.
लेटर सामने आने पर क्या बोले सतीश पूनिया
पत्र जारी होने पर वसुंधरा गुट की तरफ से अनुशासनहीनता का नोटिस पाने वाले पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा ने कहा कि जो लोग खुद अनुशासनहीन रहे हैं वह हमें अनुशासन हीनता का पाठ पढ़ा रहे हैं. उधर सतीश पूनिया ने इस लेटर को अब सामने लाने को सियासी षडयंत्र बताया है. वह बोले, 'उस वक्त की राजनीतिक परिस्थितियों को देखकर मैंने क्या लिखा था मुझे कुछ भी याद नहीं है लेकिन हमने जो कुछ लिखा था पार्टी के फोरम पर मीडिया में कुछ भी नहीं कहा था इसलिए अनुशासनहीनता तो मैंने उस वक़्त भी नहीं की थी.' | 2021/10/24 19:23:14 | https://www.aajtak.in/india/rajasthan/story/rajasthan-conflict-in-bjp-satish-poonia-22-year-old-letter-viral-vasundhara-raje-group-attacks-state-bjp-chief-1281390-2021-06-29 | mC4 |
जिन्ना की तस्वीर का समर्थन कर मुसलमान अपने पूर्वजों का अपमान कर रहे: वीके सिंह | jinnah portrait in amu aligarh minister vk singh statement - Hindi Oneindia
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| Published: Monday, May 7, 2018, 0:39 [IST]
नई दिल्ली। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ कार्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि जिन्ना की तस्वीर का समर्थन करने वाले मुसलमान अपने पूर्वजों का अपमान कर रहे हैं। रविवार को वीके सिंह ने जिन्ना की तस्वीर का समर्थन कर रहे मुसलमान देश के उन महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं। जिन्होंने जिन्ना की टू नेशन थ्योरी को नकार दिया था और पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था।
वीके सिंह ने कहा कि जिसके हाथ खून से रंगे हों, क्या उसकी तस्वीर दीवार पर लगाएंगे? केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर भाजपा नेता इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। भारत के बंटवारे के लिए जिम्मेदार शख्स की तस्वीर जनता के पैसे से चलने वाले संस्थान में लगाने को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
वीके सिंह ने मामले को हिन्दू-मुस्लिम बनाते हुए कहा कि कुछ हिन्दू होकर जिन्ना की तस्वीर के समर्थन में खड़े हैं, क्योंकि उनका मानना है कि ये उनकी आजादी है। ऐसे में लोगों को यह भी देखना चाहिए कि क्या आप उस आदमी की कोई फोटो घर में लगाएंगे, जिसके हाथ हमारे अपनों के खून से रंगे हों। वीके सिंह ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को हमारे देश के अग्रिम संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे में वहां ऐसा विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। | 2021/09/21 16:22:39 | https://hindi.oneindia.com/news/india/jinnah-portrait-amu-aligarh-minister-vk-singh-statement-455623.html?ref_medium=Desktop&ref_source=OI-HI&ref_campaign=Topic-Article | mC4 |
विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन में वांग छीशान का भाषण_china.com
विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन में वांग छीशान का भाषण
स्थानीय समयानुसार 23 जनवरी को चीनी उप राष्ट्रपति वांग छीशान ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के वर्ष 2019 वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया और भाषण भी दिया।
भाषण में उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीन व विश्व आर्थिक मंच के बीच संबंध स्थापना की 40वीं वर्षगांठ है। 40 वर्षों में दावोस चीन के प्रति दुनिया को समझने, विचार-विमर्श का आदान-प्रदान करने, अपने रुख पर प्रकाश डालने और सहमति प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
इस वर्ष चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ भी है। 70 वर्षों में चीन के विकास में उल्लेखनीय महान उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। तमाम विदेशी दोस्तों ने हमेशा मुझ से यह पूछा कि चीन में इतना बड़ा विकास व प्रगति कैसे हासिल हुई हैं?मैं ने जवाब दिया कि इतिहास, संस्कृति व दर्शन का विचार चीन को समझने के लिये एक चाबी है। चीन की वर्तमान स्थिति को जानने के लिये चीन का इतिहास पढ़ना पड़ा, ऐसा करके चीन के भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं।
चीन एक बहुत कठोर रास्ते से गुजर रहा है। सही अनुभवों व गलत सबकों में चीन ने ऊंची कीमत चुकाने के साथ उज्जवल सफलताएं भी प्राप्त कीं, और एक चीनी विशेषता वाला समाजवादी रास्ता खोला।
इतिहास ने हमें पांच सबक दिए हैं कि पहला वैश्विक इतिहास की दृष्टि से देखा जाए, तो चीनी राष्ट्र लंबे समय में मानव की सभ्यता में पहले स्थान पर रही, और मानव के विकास के लिये विशेष योगदान भी दिये गये। दूसरा, बहुत जातियां इतिहास की लंबी नदी में लगातार मिलती जुलती थी, और फिर वर्तमान का चीनी राष्ट्र बने। तीसरा, चीन की संस्कृति में सहयोग व समान जीत का प्रोत्साहन दिया जाता है, और अपनी शक्ति से कमजोरों के हमले और प्रभुत्ववाद का विरोध किया जाता है। चौथा, 70 वर्षों में प्राप्त उपलब्धियां चीनी जनता की मेहनत, बुद्धि, साहस, सुधार व सृजन से पैदा हुईं। पांचवां, चीन की बुनियादी राष्ट्रीय स्थिति चीनी रास्ता, विचारधारा, व्यवस्था, सांस्कृतिक आत्मविश्वास का स्रोत है। हम एक सही रास्ते पर चल रहे हैं। भविष्य में हम सुधार व खुलेपन में लगातार चीनी विशेषता वाले समाजवाद का सुधार व विकास करेंगे। इसका हमें पूरा भरोसा है। | 2019/02/23 15:06:19 | http://hindi.china.com/news/latest/2029/20190124/1463411.html | mC4 |
Video Of Robbery Shared As Migrants Attacking For Money In Delhi | दिल्ली में हुई एक चोरी का वीडियो प्रवासी मज़दूरों पर फ़र्ज़ी आरोप के साथ वायरल
दिल्ली में हुई एक चोरी ...
दिल्ली में हुई एक चोरी का वीडियो प्रवासी मज़दूरों पर फ़र्ज़ी आरोप के साथ वायरल
बूम ने पता लगाया की यह वीडियो बलजीत नगर में हुई घटना का है और आरोपी वहाँ के स्थानीय निवासी है
| 18 May 2020 12:00 PM GMT
परेशान कर देने वाली यह फुटेज जिसमें एक आदमी पर दिन-दहाड़े चोरी के लिए हमला हुआ है, इस झूठे दावे के साथ शेयर की जा रही है की आरोपी प्रवासी मज़दूर हैं जो पैसों के लिए एक पुरुष को मार रहे हैं |
बूम ने पाया की यह घटना दिल्ली के बलजीत नगर की है जहाँ आरोपी नाबालिक है और इसी इलाके से है |
दिल्ली पुलिस ने बूम को बताया की आरोपी प्रवासी कर्मचारी नहीं है और पीड़ित ज़िंदा है |
इस वीडियो में दो पुरुष पीड़ित व्यक्ति का पीछा करते देखें जा सकते है जहाँ अचानक से वे हमला कर देते है - उनमें से एक पीड़ित को गले से दबोच लेता है, और दूसरा व्यक्ति का सामान लूटता है | मौका मिलते ही आरोपी घटनास्थल से पीड़ित व्यक्ति को अचेतन अवस्था में पीछे छोड़ भाग खड़े हुए | इस वीडियो के साथ लिखे कैप्शन से लोगों को रात में बाहर ना जाने की सलाह के साथ यह दावा कर चेतावनी दी जा रही है की " प्रवासियों/मज़दूरों/गरीब लोग पैसों के लिए मासूमों की हत्या कर रहे है" | कैप्शन का अनुवाद यह है की: "कृपया रात के वक़्त बाहर ना जाए क्योंकि कुछ प्रवासियों/मज़दूरों/गरीब लोग पैसों /आभूषणों के लिए मासूमों की हत्या कर रहे है क्योंकि मार्केट में नकद की कमी है | इस तरह की वारदाते आने वाले समय में बार-बार होने ही वाली है...क्योंकि देशभर में नकद रोटेशन नहीं हो रहा है और दैनिक मज़दूरों के पास कोई नकद राशि नहीं है |"
यह वीडियो फ़ेसबुक पर भी इसी गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है जिसमें दिल्ली के ही एक दूसरा वीडियो को भी जोड़ा गया है जिसे बूम ने पहले भी फ़ैक्ट चेक किया है | इस रिपोर्ट को यहाँ पढ़े |
बूम ने पता लगाया की इस घटना के आरोपी उसी इलाके के रहने वाले नाबालिग़ हैं न कि प्रवासी मज़दूर | स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी बूम को बताया की पीड़ित व्यक्ति अब भी ज़िंदा है जिसके बिलकुल उलट वायरल पोस्ट में दावा किया गया है |
वीडियो में बाएं तरफ के ऊपरी कोने पर तारीख़ के स्टैम्प अप्रैल 14, 2020 को लिखा देखा जा सकता है और 'बलजीत नगर' को फुटेज के दाईं तरफ निचले कोने में लिखा पाया जा सकता है |
हमारे सामने 'बलजीत नगर' और 'चोरी' के शब्दों को कीवर्ड सर्च करने पर कई हिंदी मीडिया आउटलेट्स की न्यूज़ रिपोर्ट्स आयी जैसे नवभारत टाइम्स, जनसत्ता और ऐबीपी न्यूज़ | हमें जनसत्ता और ऐबीपी न्यूज़ द्वारा छपी तस्वीरें वायरल वीडियो के दृश्यों के साथ मेल खाती हुई मिली |
ऐबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी नाबालिक है और जिन्होंने पीड़ित व्यक्ति का मोबाइल फ़ोन चुराया है |
इसके बावजूद हमनें पियूष जैन, जोकि दिल्ली केंद्र पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त है से संपर्क किया जिन्होनें कहा, " यह घटना अप्रैल की है जहाँ आरोपियों ने पीड़ित व्यक्ति का मोबाइल फ़ोन चुराया और घटनास्थल से फरार हो गए |" उन्होने यह भी कहा की आरोपी और पीड़ित स्थानीय निवासी है और आरोपी नाबालिक है |
Claim Review : वायरल वीडियो का दावा की प्रवासी मज़दूर दिल्ली में चोरी कर युवक की हत्या कर रहे है |
दिल्ली प्रवासी मज़दूर लॉकडाउन कोविड-19 कोरोनावायरस प्रवासी कर्मचारी Delhi Migrant labourers Migrant worker lockdown Coronavirus lockdown | 2021/02/24 23:57:35 | https://hindi.boomlive.in/fake-news/video-of-robbery-shared-as-migrants-attacking-for-money-in-delhi-8215 | mC4 |
बैतुल्ला महसूद पर 50 लाख डॉलर का इनाम | US offers $5m reward for Mehsud | बैतुल्ला महसूद पर 50 लाख डॉलर का इनाम - Hindi Oneindia
बैतुल्ला महसूद पर 50 लाख डॉलर का इनाम
| Published: Thursday, March 26, 2009, 6:08 [IST]
अमरीका ने पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय तालेबान नेता बैतुल्ला महसूद की सूचना देने पर 50 लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है.
अमरीकी विदेश विभाग ने तहरीके तालेबान के नेता बैतुल्ला महसूद, सिराजुद्दीन हक्क़ानी पर 50-50 लाख डॉलर और अबू याहया पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है. बैतुल्ला महसूद पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में तालेबान के प्रमुख नेता माने जाते हैं.
जनवरी, 2007 में मैरियट होटल में हुए आत्मघाती हमले में उनके समर्थकों का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया गया था.
उनका नाम पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या से भी जोड़ा गया था. हालांकि उनका कहना था कि बेनज़ीर पर हुए हमले से उनका कोई लेना-देना नहीं था.
सुरक्षित पनाहगाह
ख़बरों के अनुसार बैतुल्ला के पास लगभग 20 हज़ार तालेबान समर्थक लड़ाके हैं. इनमें से अधिकतर महसूद कबीले से हैं.यह इलाक़ा अल क़ायदा और तालेबान के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है.
पाकिस्तान के कई इलाक़ों में तालेबान नेता सक्रिय हैं. बैतुल्ला महसूद के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने इस इलाक़े में बड़ी संख्या में उन लड़ाकों को पनाह दी जो अफ़ग़ानिस्तान में हमले करते हैं.
इसमें आत्मघाती धमाके और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना के ख़िलाफ़ सीमा पार से हमले करना शामिल है. पाकिस्तानी सेना ने दक्षिण वज़ीरिस्तान के इस इलाक़े को चरमपंथियों से मुक्त कराने के लिए कई अभियान चलाए लेकिन कामयाबी नहीं मिली. चरमपंथियों के साथ पाकिस्तान सरकार ने दो समझौते भी किए जिसमें से एक पर बैतुल्ला महसूद ने दस्तख़त किए थे.
हक्क़ानी पर इनाम
उनके अलावा अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान के चर्चित तालेबान कमांडर सिराजुद्दीन हक्क़ानी पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है.माना जाता है कि उनका अल क़ायदा से नजदीकी संबंध रहा है.
ऐसा माना जाता है कि हक्क़ानी ने ही वर्ष 2002 में तोरा-बोरा इलाक़े में अमरीकी बमबारी से ओसामा बिन लादेन के बचाने में मदद की थी.इनके अलावा अबू याहया पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया गया है.
वो लीबियाई नागरिक हैं और 2002 में उन्हें पकड़ लिया गया था और अफ़ग़ानिस्तान के बगराम स्थित अमरीकी सैनिक अड्डे पर रखा गया था. लेकिन जुलाई, 2005 में वो निकल भागने में कामयाब रहे और उसके बाद से वो कई बार अल क़ायदा के वीडियो में नज़र आए हैं. | 2019/07/20 01:48:51 | https://hindi.oneindia.com/news/2009/03/26/baitullah-reward-ac.html | mC4 |
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने संवेदनशीलता के साथ काम करें - गोंडवाना एक्सप्रेस
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दिनांक : 26-Nov-2022 09:21 AM रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने संवेदनशीलता के साथ काम करें
04/06/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, India
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि आम जनता कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। साथ ही राज्य सरकार के निर्देशों पर गंभीरता से अमल करें। मुख्यमंत्री श्री बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान आज भानुप्रतापपुर में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंह मण्डावी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.एस.भारतीदासन भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान दिव्यांग बच्चों द्वारा पढ़ाई की सुविधा और सहायक उपकरणों की मांग की जा रही है।
अधिकारी ऐसे बच्चों की पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्था करें। स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र बनाने की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्थाई जाति प्रमाण पत्र बनाते समय पूरी जानकारी एकत्र की जाए, ताकि स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनाने में कठिनाई न हो। उन्होंने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 16 जून तक शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में समय से पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि गौठानों में मछलीपालन तथा पोखर निर्माण, जल जीवन मिशन, हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री कुपोषण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने हाट बाजार क्लिनिक की संख्या बढ़ाने और ग्रामीणों के लिए उपयोगी इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, बारिश के दौरान मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नरवा विकास योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि लोगों का खेती-किसानी के प्रति रूझान बढ़ा है। इसलिए वाटर रिचार्जिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने वन धन समितियों के कार्यो के सुचारू संचालन के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि पिछले एक वर्ष में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 3 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करने के लिए संचालित की जा रही आर्थिक गतिविधियों से आम आदमी और महिला समूहों की आय में वृद्धि हो। गौठानों में विभिन्न समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था, गौठानों में अलग-अलग तरह की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय जलवायु के अनुरूप अदरक, हल्दी, काली मिर्च की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने नारायणपुर के 08 आवर्ती चराई गौठानों में पानी की व्यवस्था करने, गोबर खरीदी के लिए अधिक से अधिक पशुपालकों का पंजीयन करने, गौठानों में चाक निर्माण तथा अण्डा उत्पादन की यूनिट लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषि से संबंधित योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने तथा धान के अलावा अन्य फसलों के लिए भी ऋण दिया जाए। नारायणपुर में काली मिर्च और लीची की पैदावार को बढ़ावा दिया जाए। वन विभाग फलदार पौधों का रोपण करें। उन्होंने ओरछा में लीची की नर्सरी विकसित करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए।
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Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।
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भूटान की सैर अब नहीं होगी फ्री, अब हर दिन के भरने पड़ेंगे 1200 रुपये | 🇮🇳 LatestLY हिन्दी
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भूटान की सैर अब नहीं होगी फ्री, अब हर दिन के भरने पड़ेंगे 1200 रुपये
देश Dinesh Dubey| Feb 06, 2020 11:17 AM IST
भूटान टूरिज्म (Photo Credits: Twitter)
नई दिल्ली: अगर आप भूटान (Bhutan) घुमने जाने की प्लानिंग बना रहे है तो यह बात जानना आपके लिए बेहद जरुरी है. दरअसल भूटान की सरकार ने भारतीय नागरिकों को फ्री एंट्री देने वाली सहूलियत को खत्म करने का फैसला किया है. जिस वजह से अब भूटान की यात्रा करने पर आपकी जेब पर अतरिक्त बोझ पड़ना तय है. नए नियम के तहत भारतीय पर्यटकों (Tourist) को हर दिन के हिसाब से 1200 रुपये की फीस देनी पड़ेगी.
भूटान सरकार ने हाल ही में अपने नेशनल असेंबली में 'टूरिज्म लेवी एंड एग्जेम्पशन बिल ऑफ भूटान, 2020' पारित किया. जिसके मुताबिक भारत, बांग्लादेश और मालदीव से भूटान आने वाले लोगों से सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस (एसडीएफ) वसूली जाएगी. इन देशों से आने वाले पर्यटकों को हर दिन के हिसाब से 1200 रुपये बतौर एसडीएफ देने होंगे. जबकि 6-12 साल तक के बच्चों के लिए एसडीएफ आधा होगा. यह शुल्क इस वर्ष जुलाई महीने से लागू हो रही है. Budget 2020: पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़ा ऐलान, इन 5 ऐतिहासिक पुरातत्व स्थलों का होगा कायाकल्प
उल्लेखनीय है कि भूटान ने अपने मित्र देशों को रियायत दी है. इसी के तहत भारतीय पर्यटकों को भूटान आने के लिए बाकी देशों की तुलना में कम पैसे देने पड़ेंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो अन्य देशों के पर्यटकों को भूटान में एक दिन रहने के लिए दस हजार रुपये से अधिक का चार्ज देना पड़ता है. भूटान टूरिज्म से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
भूटान जाने से पहले भारतीय पासपोर्ट (या VIC) धारकों के साथ-साथ बांग्लादेशी और मालदीव के नागरिकों को वीसा (Visa) लेना अनिवार्य नहीं है. इन देशों के पर्यटकों को वीजा-ऑन-अराइवल ( Visa On Arrival ) सेवा दी गई है. अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए वीजा बनवाने का शुल्क 40 अमेरिकी डॉलर है.
Bhutan Bhutan Tourism Tourism tourist Visa एसडीएफ टूरिज्म पर्यटक भूटान भूटान टूरिज्म वीसा
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फरवरी महीने में वेकेशन एन्जॉय करने की है प्लानिंग तो कम बजट में करें इन खूबसूरत डेस्टिनेशन्स का दीदार | 2020/02/24 05:32:15 | https://hindi.latestly.com/india/bhutan-imposes-rs-1200-daily-fee-for-indian-citizens-now-no-free-entry-440392.html | mC4 |
Jamtara News परिवार की मंगल कामन को लेकर की गई पूजा अर्चना | ग्राम समाचार : Gram Samachar
Home Jamtara Jharkhand Jamtara News परिवार की मंगल कामन को लेकर की गई पूजा अर्चना
Jamtara News परिवार की मंगल कामन को लेकर की गई पूजा अर्चना
जून 27, 2020 Jamtara , Jharkhand Edit
ग्राम समाचार जामताड़ा: परिवार की मंगल कामना के लिए शनिवार को जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मां विपद तारिणी की पूजा-अर्चना शारीरिक दूरी का अनुपालन करते हुए भक्ति भाव से की गई। पूजा को लेकर महिलाओं ने उपवास रखा और 13 प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाकर भगवान की पूजा की और परिवार की खुशहाली की कामना की।
विपद तारिणी पूजा को लेकर जामताड़ा के चंचला मंदिर, रक्षा काली मंदिर, कोर्ट रोड स्थित दुर्गा मंदिर, पंडित ध्रुव नारायण मिश्र के आवास, दुमका रोड स्थित मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं ने भीड़ मुक्त वातावरण में किया। कोरोना के वैश्विक महामारी के भय से सैकड़ों महिलाओं ने अपने घर पर मा बिपत्तारिणी की पूजा अर्चना की।
किसी भी मंदिरों में पूजा अर्चना को लेकर महिलाओं की लंबी कतार नहीं लगी। उपवास रखने वाली महिलाओं ने 13 तरह के पकवानों से मां विपद तारिणी की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। बंगाली बाहुल इस क्षेत्र में लोगों ने मां दुर्गा के तारिणी रूप की पूजा की कथा सुनकर परिवार की खुशहाली की कामना की। कथा श्रवण के दौरान पंडित ने बताया कि वर्षों पूर्व अवंतीनगर में कर्मदास नामक ब्राह्मण रहता था, जो भिक्षाटन कर जीवन व्यतीत करता था।
उनकी पत्नी स्वाहा ने एक केवट से मछली खरीदी, लेकिन तय समय में पैसा नहीं चुका पाने पर केवट ने ब्राह्मणी को खूब बुरा-भला कहा। अपमानित ब्राह्मणी ने रोते-रोते माता दुर्गा का स्मरण किया। कुछ देर बाद माता दुर्गा ने बुढ़िया का रूप धारण कर उसके दरवाजे पर आकर कष्ट पूछा। कष्ट सुनकर बुढ़िया ने उसका घर धन से भर दिया। जब ब्राह्मण घर लौटा तो आश्चर्यचकित हो गया। | 2020/09/26 10:28:39 | https://www.gramsamachar.com/2020/06/jamtara-news_59.html | mC4 |
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Two injured in clash over hijab controversy, Kanpur News in Hindi - www.khaskhabar.com
उत्तर प्रदेश Jul 1, 2022 10:51 pmहिन्दी I English
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हिजाब विवाद को लेकर झड़प में दो घायल
khaskhabar.com : मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022 4:14 PM
कानपुर। कानपुर में घाटमपुर पुलिस सर्कल की सीमा के तहत 'हिजाब' विवाद को लेकर कथित बहस के बाद दो समूहों के बीच हुई झड़प में दो लोग घायल हो गए।
घायलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नगर प्रचारक भी शामिल हैं। उसे घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया गया है।
खबरों के मुताबिक, पुरानी बाजार इलाके में कुछ लोग आपस में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, तभी चर्चा कर्नाटक में चल रहे 'हिजाब' विवाद पर होने लगी। गरमागरम बहस हुई जो जल्द ही दो समूहों के लोगों के बीच लड़ाई में बदल गई।
आरएसएस नगर प्रचारक भास्कर सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि यह घटना उस समय हुई जब वह आरएसएस के एक अन्य सदस्य यशराज सिंह के साथ बैठे थे।
इसी बीच क्षेत्र के अबरार अहमद व आमिर हसन, समीर कांडा, शहाबुद्दीन 20 से 22 लोगों को लेकर वहां पहुंचे और उनसे कहा-सुनी हो गई।
विरोध करने पर उन पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया।
अंचल अधिकारी (सीओ) (घाटमपुर) सुशील कुमार दुबे ने कहा कि शिकायत के आधार पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, "अगर प्राथमिकी में नामजद लोग शामिल पाए जाते हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से गिरफ्तार किया जाएगा। इस संबंध में जांच जारी है।"
Web Title-Two injured in clash over hijab controversy
Tags: hijab controversy, two injured in clash, hindi news, news in hindi, breaking news in hindi, real time news, kanpur news, kanpur news in hindi, real time kanpur city news, real time news, kanpur news khas khabar, kanpur news in hindi | 2022/07/01 17:21:59 | https://www.khaskhabar.com/local/uttar-pradesh/kanpur-news/news-two-injured-in-clash-over-hijab-controversy-news-hindi-1-506429-KKN.html | mC4 |
शाओमी रेडमी 5ए की पहली सेल आज फ्लिपकार्ट और शाओमी की ऑफिशियल वेबसाइट पर शुरू हो रही है । Xiaomi Redmi 5A to Go on Sale in India for the First Time Today- Hindi Gizbot
Published: Thursday, December 7, 2017, 11:52 [IST]
चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी ने देश का स्मार्टफोन Redmi 5A लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने शाओमी रेडमी 5A को देश का स्मार्टफोन टैगलाइन के साथ लॉन्च किया है। शाओमी ने रेडमी 5ए को दमदार बैटरी के साथ पेश किया है। कंपनी का दावा है कि इस फोन की बैटरी 8 दिनों का स्टेंडबाय टाइम देती है। काफी समय से इस फोन का भारतीय यूजर्स को इंतजार था जो आज पूरा होने जा रहा है। शाओमी रेडमी 5ए की पहली सेल आज फ्लिपकार्ट और कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर शुरू हो रही। भारत में इस फोन की पहली सेल पर ऑफर्स पेश किए जा रहे हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
Redmi 5A की कीमत-
शाओमी रेडमी 5ए को रैम और स्टोरेज के आधार पर दो वेरिएंट में पेश किया गया है। इसके 2 जीबी रैम और 16GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 5,999 रुपए है। वहीं, 3 जीबी रैम, 32 जीबी स्टोरेज की कीमत 6,999 रुपए है। इस प्राइस टैग के साथ ये फोन शाओमी का अब तक का सबसे सस्ता फोन बन गया है।
शाओमी ऑफर्स-
Redmi 5A 7 दिसंबर, गुरुवार दोपहर 12 बजे से शाओमी की आधिकारिक वेबसाइट Mi.com पर सेल के लिए उपलब्ध होगा। इसके अलावा रेडमी 5ए शाओमी के सभी मी पार्टनर स्टोर और रिटेल स्टोर में भी उपलब्ध होगा। ऑफर्स की बात करें, तो शाओमी, रेडमी 5ए के 2 जीबी रैम/16 जीबी स्टोरेज वेरिएंट खरीदने वाले पहले 5 मिलियन ग्राहकों को 1,000 रुपए का फ्लेट डिस्काउंट देगी।
फ्लिपकार्ट पर शाओमी रेडमी 5ए की सेल 7 दिंसबर, गुरुवार दोपहर 12 बजे फ्लिपकार्ट पर शुरू हो रही है। फ्लिपकार्ट से रेडमी 5ए को बजाज फिनज़र्व क्रेडिट कार्ड से खरीदने पर नो कॉस्ट ईएमआई ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा, एक्सिस बैंक बज़ क्रेडिट कार्ड पर 5 परसेंट का एक्सट्रा डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा रेडमी 5ए यूज़र्स को Reliance Jio के 'बेटर टुगेदर ऑफर' के तहत 1,000 रुपए का एक्स्ट्रा कैशबैक मिलेगा। इस ऑफर के तहत, रेडमी 5ए यूज़र को कैशबैक पाने के लिए 13 महीनों तक 199 रुपए का रीचार्ज कराना होगा। इस पैक में यूज़र को 28 जीबी 4जी डेटा (1 जीबी डेली लिमिट के साथ), अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी वॉयस कॉल व अनिलिमिटेड एसएमएस मिलेंगे, जो 28 दिन की वैलिडिटी के साथ आएगा। हालांकि इसके लिए यूजर्स को पहले रीचार्ज को 5 दिसंबर 2017 और 30 नवंबर 2018 के बीच करवाना होगा।
शाओमी रेड्मी 4ए के स्पेक्स और फीचर्स-
शाओमी रेड्मी 4ए की तरह रेडमी 5ए भी प्लास्टिक बॉडी के साथ आता है। फोन के बैक में मैटेलिक फिनिश दी गई है। इस फोन को तीन कलर वेरिएंट डार्क ग्रे, गोल्ड और रोज गोल्ड में पेश किया गया है। स्मार्टफोन में 5 इंच की HD IPS 720p डिसप्ले दी गई है। ये Adreno 308 जीपीयू के साथ 1.4GHz क्वाड कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 425 प्रोसेसर के साथ आता है। फोन को 2 और 3 जीबी रैम और के साथ 16GB और 32GB इंटरनल स्टोरेज के साथ पेश किया गया है। इसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 128GB तक बढ़ाया जा सकता है। डुअल सिम सपोर्ट के साथ आने वाला ये फोन नॉगट बेस्ड MIUI 9 पर चलता है। फोन में 4G VoLTE सपोर्ट दिया गया है। रेड्मी 5ए 13मेगापिक्सल के मेन कैमरा के साथ आता है। इसके साथ ही इसमें फेस डिटेक्शन ऑटोफॉकस और एलईडी फ्लैश दिया गया है। इसका लैंस f/2.2 अपर्चर है। फ्रंट कैमरा 5 मेगापिक्सल का है। रेडमी 5ए में 3000 mah की बैटरी दी गई है। ये बैटरी नॉन रिमूवल है और कंपनी का दावा है कि सिंगल चार्ज पर ये फोन 8 दिन का बैटरी लाइफ देती है। | 2018/10/22 14:14:27 | https://hindi.gizbot.com/news/xiaomi-redmi-5a-go-on-sale-india-the-first-time-today-014614.html | mC4 |
परम्पराओं की तुलना...
उचित- अनुचित का, लाभ- हानि का निष्कर्ष निकालने और किधर चलना, किधर नहीं चलना इसका निर्णय करने के लिए उपयुक्त बुद्धि भगवान् ने मनुष्य को दी है। उसी के आधार पर उसकी गतिविधियाँ चलती भी हैं, पर देखा यह जाता है कि दैनिक जीवन की साधारण बातों में जो विवेक ठीक काम करता है, वही महत्त्वपूर्ण समस्या सामने आने पर कुंठित हो जाता है। परम्पराओं की तुलना में तो किसी विरले का ही विवेक जाग्रत रहता है, अन्यथा आंतरिक विरोध रहते हुए भी लोग पानी में बहुत हुए तिनके की तरह अनिच्छित दिशा में बहने लगते हैं। भेड़ों को झुण्ड जिधर भी चल पड़े, उसी ओर सब भेड़ें बढ़ती जाती हैं। एक भेड़ कुँए में गिर पड़े तो पीछे की सब भेड़ें उसी कुँए में गिरती हुई अपने प्राण गँवाने लगती हैं। देखा- देखी की, नकल करने की प्रवृत्ति बंदर में पाई जाती है। वह दूसरों को जैसा करते देखता है, वैसा ही खुद भी करने लगता है। इस अंधानुकरण की आदत को जब मनुष्य का मन भी, इसी तरह मान लेने के लिए करता है, तो वह यह सिद्ध करने की कोशिश करता है कि आदमी बंदर की औलाद है।
समाज में प्रचलित कितनी ही प्रथाएँ ऐसी हैं, जिनमें लाभ रत्ती भर भी नहीं, हानि अनेक प्रकार से हैं, पर एक की देखा- देखी दूसरा उसे करने लगता है। बीड़ी और चाय का प्रचार दिन- दिन बढ़ रहा है। छोटे- छोटे बच्चे बड़े शौक से इन्हें पीते हैं। सोचा यह जाता है कि यह चीजें बड़प्पन अथवा सभ्यता की निशानी हैं। इन्हीं पीना एक फैशन की पूर्ति करना है और अपने को अमीर, धनवान साबित करना है। ऐसी ही कुछ भ्रांतियों से प्रेरित होकर शौक, मजे, फैशन जैसी दिखावे की भावना से एक की देखा- देखी दूसरा इन नशीली वस्तुओं को अपनाता है और अंत में एक कुटेब के रूप में वह लत ऐसी बुरी तरह लग जाती है कि छुड़ाए नहीं छूटती।
चाय, बीड़ी, भाँग, गाँजा, शराब, अफीम आदि सभी नशीली चीजें भयंकर दुर्व्यसन हैं, इनके द्वारा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य नष्ट होता है और आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हर नशेबाज स्वभाव की दृष्टि से दिन- दिन घटिया आदमी बनता जाता है। क्रोध, आवेश, चिंता, निराशा, आलस्य, निर्दयता, अविश्वास आदि कितने ही मानसिक दुर्गुण उपज पड़ते हैं। समझाने पर या स्वयं विचार करने पर हर नशेबाज इस लत की बुराई को स्वीकार करता है, पर विवेक की प्रखरता और साहस की सजीवता न होने से कुछ कर नहीं पाता। एक अंध परम्परा में भेड़ की तरह चलता चला जाता है। क्या यही मनुष्य की बुद्धिमत्ता है?
सामाजिक कुरीतियों से हिंदू समाज इतना जर्जर हो रहा है कि इन विकृतियों के कारण जीवनयापन कर सकना भी मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कठिन होता चला जा रहा है। बच्चों का विवाह एक नरभक्षी पिशाच की तरह हर अभिभावक के सिर पर नंगी तलवार लिए नाचता रहता है। विवाह के दिन जीवन भर के गाढ़ी कमाई के पैसों को होली की तरह फूँक देने के लिए हर किसी को विवश होना पड़ता है। हत्यारा दहेज छुरी लेकर हमारी बच्चियों का खून पी जाने के लिए निर्भय होकर विचरण करता रहता है। मृत्युभोज, औसर- मोसर, नेगचार, मुंडन, दस्टौन, जनेऊ और भी न जाने क्या- क्या ऊट- पटांग काम करने के लिए लोग विवश होते रहते हैं और जो कुछ कमाते हैं, उसका अधिकांश भाग इन्हीं फिजूलखर्चियों में स्वाहा करते रहते हैं। जेवर बनवाने में रुपए में से आठ आने हाथ रहते हैं, जान- जोखिम ईर्ष्या, अहंकार, सुरक्षा की चिंता, ब्याज की हानि आदि अनेक आपत्तियाँ उत्पन्न होती रहती हैं, फिर भी परम्परा जो है। सब लोग जैसा करते हैं, वैसा ही हम क्यों न करें? विवेक का परम्पराओं की तुलना में परास्त हो जाना, वैसा ही आश्चर्यजनक है जैसा कि बकरे का शेर की गरदन मरोड़ देना। आश्चर्य की बात तो अवश्य है, पर हो यही रहा है।
शरीर के रोगी, मन के मलीन और समाज के कुसंस्कारी होने का एक ही कारण है- अविवेक यों हम स्कूली शिक्षा ऊँचे दर्जे तक प्राप्त किए रहते हैं और अपने ढंग की चतुरता भी खूब होती है, पर जीवन की मूलभूत समस्याओं को गहराई तक समझने में प्रायः असमर्थ ही रहते हैं। बाहरी बातों पर खूब बहस करते और सोचते- समझते हैं, पर जिस आधार पर हमारा जीवनोद्देश्य निर्भर है, उसकी ओर थोड़ा भी ध्यान नहीं देते। इसी का नाम है- अविवेक विचारशीलता का यदि अभाव न हो और गुण- दोष की दृष्टि से अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं पर सोचना समझना आरंभ करें, तो प्रतीत होगा कि बुद्धिमत्ता का दावा करते हुए भी हम कितनी अधिक मूर्खता से ग्रसित हो रहे हैं। सीधी- सादी विचारधारा को अपनाकर मनुष्य अपनी सर्वतोमुखी सुख- शांति को सुरक्षित रख सकता था और इस पृथ्वी पर स्वर्ग का आनंद प्राप्त कर सकता था, पर आँधी, टेढ़ी, अनुचित, अनुपयुक्त इच्छा, आकांक्षाएँ वह तो रखता ही है, उसके समीपवर्ती लोग भी चंदन के वृक्ष के समीप रहने वालों की तरह सुवासित होते रहते हैं। अपने मन का, अपने दृष्टिकोण का परिवर्तन भी क्या हमारे लिए कठिन है? दूसरों को सुधारना कठिन हो सकता है, पर अपने को क्यों नहीं सुधारा जा सकेगा? विचारों की पूँजी का अभाव ही सारी मानसिक कठिनाइयों का कारण है। विवेक का अंतःकरण में प्रादुर्भाव होते ही कुविचार कहाँ टिकेंगे और कुविचारों के हटते ही अपना पशु जीवन, देव जीवन में परिवर्तित क्यों न हो जाएगा?
कुछ मूढ़ताएँ, अंध परम्पराएँ, अनैतिकताएँ, संकीर्णताएँ हमारे सामूहिक जीवन में प्रवेश पा गई हैं। दुर्बल मन से सोचने पर वे बड़ी कठिन, बड़ी दुष्कर, बड़ी गहरी जमी हुई दीखती हैं, पर वस्तुतः वे कागज के बने रावण की तरह डरावनी होते हुए भी भीतर से खोखली हैं। हर विचारशील उनसे घृणा करता है, पर अपने को एकाकी अनुभव करके आस- पास घिरे लोगों की भावुकता को डरकर कुछ कर नहीं पाता। कठिनाई इतनी सी है। कुछ ही थोड़े से विवेकशील लोग यदि संगठित होकर उठ खड़े हों और जमकर विरोध करने लगें, तो इन कुरीतियों को मामूली से संघर्ष के बाद चकनाचूर कर सकते हैं। गोवा की जनता ने जिस प्रकार भारतीय फौजों का स्वागत किया, वैसा ही स्वागत इन कुरीतियों से सताई हुई जनता उनका करेगी, जो इन अंध- परम्पराओं को तोड़- मरोड़ कर रख देने के लिए कटिबद्ध सैनिकों की तरह मार्च करते हुए आगे बढ़ेंगे।
हत्यारा दहेज कागज के रावण की तरह बड़ा वीभत्स, नृशंस एवं डरावना लगता है। हर कोई भीतर ही भीतर उससे घृणा करता है, पर पास जाने से डरता है। कुछ साहसी लोग उसमें पलीता लगाने को दौड़ पड़ें तो उसका जड़ मूल से उन्मूलन होने में देर न लगेगी। दास- प्रथा देव- दासी प्रथा, बहु- विवाह जन्मते ही कन्या- वध भूत- पूजा पशु बलि आदि अनेक सामाजिक कुरीतियाँ किसी समय बड़ी प्रबल लगती थीं, अब देखते ही कुरीतियाँ, अनैतिकताएँ एवं संकीर्णताएँ मजबूती से जड़ जमाए दीखती हैं, विवेकशीलों के संगठित प्रतिरोध के सामने देर तक न ठहर सकेंगी। बालू की दीवार की तरह वे एक ही धक्के में भरभराकर गिर पड़ेंगी। विचारों की क्रांति का एक ही तूफान इस तिनकों के ढेर को उड़ाकर बात की बात में छितरा देगा। जिस नए समाज की रचना आज स्वप्न सी लगती है, विचारशीलता के जाग्रत होते ही यह मूर्तिमान होकर सामने खड़ी दीखेगी। | 2021/03/03 17:45:49 | http://literature.awgp.org/book/ikkeesaveen_sadee_ka_sanvidhan/v2.14 | mC4 |
भारत-नेपाल बॉर्डर सील, इतने दिन तक रहेगा आवागमन पूर्णतया बंद, जानिये क्या है कारण - Khabridada
2 khabridada April 14, 2019 2:40 pm
लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज हो गया है. ऐसे में सरकार हर तरह से चौकस है और किसी भी तरह की असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकने के मकसद से 84 किलोमीटर लंबी भार...
लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज हो गया है. ऐसे में सरकार हर तरह से चौकस है और किसी भी तरह की असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकने के मकसद से 84 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा (Indo Nepal Border) मतदान से पहले तीन दिन तक के लिए सील कर दी जाएगी. महाराजगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 19 मई को मतदान होना है.
इस बारे में जिलाधिकारी अमर नाथ उपाध्याय ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि असामाजिक तत्वों के घुसपैठ कर मतदान प्रक्रिया बाधित करने की खबरों के परिप्रेक्ष्य में सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि सीमा सील करने का फैसला दोनों देशों के अधिकारियों की हाल की बैठक के दौरान किया गया.
उपाध्याय ने बताया कि मतदान से तीन दिन पहले ही भारत-नेपाल सीमा (Indo Nepal Border) को सील कर दिया जाएगा. लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित हो जाएगी. सीमा पर कंप्यूटरीकृत कैमरे लगाए जाएंगे. सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं. आपको बता दें की भारत नेपाल बॉर्डर से रोजाना हज़ारों लोगों का आना-जाना होता है और इसके लिए किसी दस्तावेज की भी आवश्यकता नहीं होती. लिहाजा सरकार ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए किसी भी तरह के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने हेतु ये कदम उठाया है. | 2019/04/21 00:13:48 | https://khabridada.com/loksabha-election-2019-indo-nepal-border/ | mC4 |
जरूर पढ़ें-नाड़ी छूकर बिना दवा के इलाज करते है वीरेंद्र शर्मा
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नाड़ी छूकर बिना दवा के इलाज करते है वीरेंद्र शर्मा
निःशुल्क उपचार शिविर का आयोजन मुरलीधर भवन में बुधवार को श्री नरसिंह बांध बालाजी धाम ट्रस्ट, बर्नपुर एवं रानीगंज मुरलीधर बाजोरिया फाउंडेशन द्वारा किया गया। जिसमें भारत के सुप्रसिद्ध नाड़ी एवं हड्डी विशेषज्ञ,चंडीगढ़ के बैद्य विजेंद्र शर्मा ने रोगियों की जाँच की। विरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह स्पॉन्डिलाइटिस, कंधों का दर्द,साइटिका का दर्द, माइग्रेन, जोड़ों का दर्द, हारमोंस समस्याएं, घुटनों का दर्द, सर्वाइकल, शरीर के किसी भी हिस्से में रसोली जैसे रोगों के उपचार संभव है।
श्री शर्मा ने बताया कि वे 43 वर्षों से लोगों के जटिल से जटिल रोगों का उपचार कर रहे हैं। अभी तक लाखों लोगों का इलाज भी कर चुके हैं। नाड़ी देखकर ही बिना दवाई के वह इलाज करते हैं। श्री नरसिंह बांध बालाजी धाम ट्रस्ट बर्नपुर के प्रमुख संतोष भाई ने बताया कि श्री शर्मा ने साधना के बल पर गॉड गिफ्टेड वैध होने की प्रसिद्धि पाई है उनके द्वारा कोयलांचल-शिल्पांचल के कई लोगों के जटिल बीमारी का इलाज हुआ है। सभी लोग स्वस्थ हो गए हैं।
फाउंडेशन के रामगोपाल बाजोरिया, राजीव बाजोरिया, प्रदीप बाजोरिया ने बताया कि रानीगंज के कई प्रतिष्ठित लोग अपने इलाज करवाने चंडीगढ़ श्री शर्मा के यहाँ गए, वहाँ से स्वस्थ होकर यहाँ आए हैं। वेद शर्मा ने मिनरल वाटर एवं फिल्टर मशीन का पानी पीने को मना किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर यहाँ के लोग पानी उबाल के पियेंगे तो आधी बीमारी तो ऐसे ही खत्म हो जाएगी। | 2019/06/21 00:13:48 | https://www.mondaymorninglive.in/bina-dawa-ke-ilaj/ | mC4 |
मुखपृष्ठ भोपालBhopal मध्य प्रदेशMadhya Pradesh देशNational विदेशWorld मनोरंजनEntertainment खेलSports राशिफलAstrology व्यापारBusiness संपादकीय Contact You are here » Home » देश » अकाली भाजपा गठबंधन लगायेगा हैट्रिक : जेटली
Posted On 20th June, 2016. Under देश, फीचारुड न्यूज़ बठिंडा /अमृतसर, केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली नेे कहा है कि विकास के आधार पर पंजाब की अकाली भाजपा सरकार तीसरी बार सरकार बनायेगी । उन्होंने आज बठिंडा तथा अमृतसर मेें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की दो साल की उपलब्धियोें को गिनाते हुये कहा कि सरकार ने 579 योजनायें तैयार कीं जिनमें से 542 को क्रियान्वित किया गया। सबसे बड़़ी उपलब्धि भ्रष्टाचार पर लगाम कसना रहा।
कांग्रेस के शासनकाल मेें सड़क से सदन तक घोटाले तथा भ्रष्टाचार का बोलबाला था लेकिन मोेदी सरकार में अब तक भी भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया । उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली सरकार अच्छा काम कर रही है तथा विकास के सहारे यह फिर सत्ता में वापसी करेेगी। वैसे भी कांग्रेंस का पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश मेें सफाया हो रहा है । कांग्रेस का यहां भी नामोनिशान नहीं रहेेगा ,रही बात आम आदमी पार्टी की तो वह लोगों को गुमराह करके सत्ता में तो आ गयी लेकिन शासन करने का उसके पास तर्जुबा नहीं है।
श्री जेटली नेे कहा कि आप से दिल्ली में लोग तंग आ गये हैं । नगर निगम के चुनाव मेेें आप का वोट बैंक घटा है। पंजाब मेें भी लोग दिल्ली से सबक लेकर उसे वोेट नहीं देंगे । लोग अकाली सरकार के काम से संतुष्ट हैं तथा अकाली गठबंधन की वापसी तय है । उन्होंने बताया कि केन्द्र ने देश मेें हवाई को दुरूस्त करने के लिये 35 नये हवायी अड्डे बनानेे का फैसला किया है ताकि उड़़ाने जल्द शुरू की जा सके । इसके अलावा रेलवे का विस्तार तथा सड़कोें का राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाल एक बिछाने की तैयारी की है। दस हजार किलोमीटर लंबे हाइवे एक साल मेें तैयार किये जायेंगे । उन्होंने कहा कि अगले दो सालोें मेेेें हर गांव में बिजली तथा सड़कें होंगी ताकि लोगोें को सुविधा मिल सके । इस मौके पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल .उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल .केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर .भाजपा के प्र्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला , केंद्रीय मंंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी सहित बड़ी संख्या मेें भाजपा तथा अकाली नेता मौजूद थे।
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जबलपुर में ननद और भाभी मिलकर चलाती हैं डेयरी, सालाना 2 करोड़ रु का टर्नओवर; ऑर्डर से डिलीवरी तक सबकुछ ऑनलाइन
वंदना अग्रवाल ने एनवायरमेंटल साइंस से मास्टर्स किया है जबकि मोनिका अग्रवाल वेटरनरी डॉक्टर हैं। वंदना के पापा और हसबैंड दोनों वेटरनरी डॉक्टर हैं। यानी परिवार में तीन लोग वेटरनरी डॉक्टर हैं, इसलिए पशुओं से लगाव होना स्वभाविक है।
वंदना बताती हैं कि गाय और भैंस का दूध निकालने के बाद उसे अलग- अलग कंटेनर में स्टोर करते हैं। इसके बाद उसकी क्वालिटी की जांच करते हैं।
एप्प की मदद से ऑर्डर , डिलीवरी और पेमेंट
वंदना बताती हैं कि हमने दूध और दूसरे प्रोडक्ट की सप्लाई के लिए एक एप्प बनवाया है। 24K milk नाम से यह एप्प गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। इसे डाउनलोड करने के बाद अपना अकाउंट क्रिएट करना होता है। उसके बाद ऑनलाइन वॉलेट में कुछ अमाउंट ऐड करना होता है।
वंदना कहती हैं, ' अगर किसी कस्टमर को किसी दिन दूध नहीं चाहिए तो उसे हमें फोन करने की जरूरत नहीं है। वह एप्प पर अपना वैकेशन डाल सकता है। इतना ही नहीं अगर उसे एक्स्ट्रा दूध या कोई और प्रोडक्ट चाहिए तो उसे भी एप्प के जरिए वह बता सकता है। अगले दिन जब डिलीवरी बॉय उनके घर जाएगा तो दूध के साथ दूसरा प्रोडक्ट भी साथ लेते जाएगा।
वो कहती हैं कि सबकुछ कैशलेश और ऑनलाइन होने की वजह से हिसाब- किताब रखने में भी आसानी होती है। रोज का हिसाब, किसको कब-कब कितने का प्रोडक्ट दिया और कब किसकी छुट्टी रही, सबकुछ ऑन रिकॉर्ड होता है।इसके साथ ही जो लोग हमारे रेगुलर कस्टमर नहीं हैं, वे भी हमें फोन करके ऑर्डर कर सकते हैं। हमारे डिलीवरी बॉय के पास एक्सट्रा स्मार्टकार्ड होता है जिससे वे स्कैन कर उन्हें दूध दे देते हैं। | 2020/09/24 11:08:55 | https://www.feednews.in/2020/09/2_15.html | mC4 |
हम सबके सांझे प्रयास लाने लगे हैं रंग-आये दिन टूट रही है कोरोना की कमर - Ambala Update
हम सबके सांझे प्रयास लाने लगे हैं रंग–आये दिन टूट रही है कोरोना की कमर
हम सबके सांझे प्रयास लाने लगे हैं रंग–आये दिन टूट रही है कोरोना की कमर–रिकवरी रेट में अपेक्षाकृत हो रही है बढ़ौतरी–टीकाकरण अभियान भी जोरों पर:- गृहमंत्री अनिल विज।
अम्बाला 30 मई:- कोरोना के संक्रमण को खत्म करने के दृष्टिगत हम सबके सांझे प्रयास फलीभूत हो रहे हैं। आये दिन कोरोना की कमर टूट रही है। इसके चलते रिकवरी रेट अपेक्षाकृत बेहतर हो रहा है। कोरोना को पछाडक़र ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। फिर भी हमें सावधान और सर्तक रहने की जरूरत है। यह बात हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अपने निवास स्थान पर एक बातचीत के दौरान कही। विज ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को खत्म करने के प्रयासों के चलते हम निरंतर सफलता की ओर बढ़ रहे हैं। डाक्टरों की जी तोड़ मेहनत अब रंग लाने लगी है। जहां तक टीकाकरण का सवाल है, निर्धारित मापदंड के तहत लोगों को वैक्सीन देने का काम जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना करते हुए कोरोना के संक्रमण को खत्म करने के दृष्टिगत इसी प्रकार सहयोग करते रहें।
विज ने आगे कहा कि दानवीरों का सहयोग हमारी संस्कृति और सभ्यता में समाहित है। दानवीरों की दरियादिली और दिलेरी के चलते कोरोना काल में हम लोगों की मदद करने में कामयाब हो रहे हैं। जब भी जरूरत अनुसार समाजसेवी संस्थाओं, एच्छिक संगठनों ने आगे बढक़र सहयोग करने का काम किया है और यह निरंतरता में जारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की पालना अति आवश्यक है, जो भी सरकार या प्रशासन से निर्देश मिलते हैं उनकी पालना हमें अवश्य करनी चाहिए, ऐसा करने से हम तेजी से कोरोना को हराने में कामयाब होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने वैक्सीन ले ली है उन्हें भी सामाजिक दूरी, मास्क जरूरी पहनने तथा सफाई का विशेष ध्यान रखना है। | 2021/10/23 01:50:38 | https://ambalaupdate.in/%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9D%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87/ | mC4 |
shane warne suggestion bowling: लार और गेंद से छेड़खानी से बचने के लिए वॉर्न का भारी गेंदों के इस्तेमाल का सुझाव - australian legend shane warnes suggestion of using weighted balls to avoid saliva and tampering in post coronavirus world | Navbharat Times
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australian legend shane warnes suggestion of using weighted balls to avoid saliva and tampering in post coronavirus world
Edited By Bharat Malhotra | भाषा | Updated: 05 May 2020, 01:20:00 PM IST
कोरोना वायरस महामारी के बाद क्रिकेट खेलते समय गेंद को स्विंग कराने के लिए लार के उपयोग या कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को लेकर चल रही बहस के बीच ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न (Shane Warne) ने सुझाव दिया है कि गेंद को एक तरफ से भारी (One Side Heavy Cricket Ball) रखें ताकि चमक की जरूरत ही नहीं रहे।
वॉर्न का मानना है कि इससे तेज गेंदबाजों को सपाट विकेटों पर भी स्विंग लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने 'स्काइ स्पोटर्स' के क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, 'गेंद को एक तरफ से भारी क्यों नहीं बनाया जा सकता ताकि ये हमेशा स्विंग लें। यह एक टेप लगाई हुई टेनिस गेंद या लॉन बॉल की तरह रहेगी।'
ऐसी अटकलें हैं कि संक्रमण की संभावना को देखते हुए गेंद पर लार के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया की गेंद निर्माता कंपनी कूकाबूरा ने मोम का एप्लीकेटर बनाना शुरू कर दिया है जो लार और पसीने का विकल्प होगा। यह एक महीने में तैयार हो जाएगा।
वॉर्न ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि क्या आप वकार युनूस या वसीम अकरम जैसी स्विंग लाना चाहते हैं। लेकिन इससे सपाट पिचों पर भी स्विंग मिल जाएगी। यह आगे बढ़ने का सही तरीका होगा और गेंद के साथ छेड़खानी भी नहीं करनी होगी।'
उन्होंने कहा कि इतने साल में बल्ले बड़े और हल्के हो गए हैं लेकिन गेंद में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस सुझाव से गेंद और बल्ले में संतुलन स्थापित हो सकता है।'
Web Title australian legend shane warnes suggestion of using weighted balls to avoid saliva and tampering in post coronavirus world(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)
और जानें:शेन वॉर्न लारशेन वॉर्न बोलिंगशेन वॉर्नवॉर्न सलाह गेंदवॉर्न बोलिंगshane warne suggestion bowlingshane warne bowlingShane Warneball heavycricket news Newscricket news News in Hindicricket news Latest Newscricket news Headlinesखबरें समाचार | 2020/08/08 06:49:16 | https://navbharattimes.indiatimes.com/sports/cricket/cricket-news/australian-legend-shane-warnes-suggestion-of-using-weighted-balls-to-avoid-saliva-and-tampering-in-post-coronavirus-world/articleshow/75550415.cms | mC4 |
बिहार में जद (एस) भी उतरेगी चुनाव मैदान में, पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा जाएंगे पटना - National Dunia
पटना, 12 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। इन सबके बीच जनता दल (सेक्युलर) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच़ डी़ देवगौड़ा इसी महीने पटना में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर अपने मुद्दों को जनता के समक्ष रखेंगे।
पार्टी ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, बिहार को एक नये विचार और दिशा की जरूरत है। कोरोना और बाढ़ ने बिहार सरकार की नाकामियों को उजागर किया है। लोगों को बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। महामारी और बाढ़ की दोहरी मार झेल रही बिहार की जनता के प्रति मेरी पूरी संवेदना व सहानुभूति है।
इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ललित सिंह ने कहा कि तीन ज्वलंत मुद्दों के साथ पार्टी बिहार चुनाव में उतरी है, किसान, मजदूर और छात्र। नीतीश सरकार पर हमलावर होते हुए कहा, बिहार सरकार ने कोरोना काल में मजदूरों के साथ जो अन्याय किया है उसका जवाब देने का वक्त आ गया है। क्वारंटाइन केंद्रों के नाम पर बिहार में लूट मचाई गई।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एच डी कुमारस्वामी ने कहा, बिहार में विकास की कोई गति नहीं है। इतने वर्षो तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद नीतीश सरकार रोजगार पैदा करने में असफल रही है।
बिहार जेडीएस के अध्यक्ष हलधर कांत मिश्रा ने कहा कि, कुछ समय पहले नीतीश कुमार केंद्र से बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा करते थे, अब वो विशेष राज्य का नाम तक नहीं लेते। बिहार में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। ऐसे में राज्य की जनता का भरोसा नीतीश सरकार से उठ चुका है।
मुंबई, 13 अगस्त (आईएएनएस)। संगीतकार सुनीलजीत ने उन पर लगाए गए म्यूजिक चोरी के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि सड़क 2 का... | 2020/09/23 02:07:20 | https://nationaldunia.com/national/news/93825/ | mC4 |
ट्विटर डील के लिए मस्क को चाहिए तगड़ा फंड, बेच डाले टेस्ला के 4.4 मिलियन शेयर्स, बोले अब नहीं बेचेंगे
Shares of Tesla Elon Musk
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By THE VIREN SINGH
April 29, 2022
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Shares of Tesla
इंडिया न्यूज,नई दिल्ली।
दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने हाल ही में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर को खरीदने की डील पूरी की है। इसके लिए मस्क अब फंड जुटाने में लग गए हैं। मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया है। इतनी भरी रकम के लिए मस्क को पैसों की जरूरत है, लिहाजा मस्क ने अपनी कंपनी Tesla के 4.4 मिलियन शेयर लगभग 4 बिलियन डॉलर में बेचे हैं।
872 व 999 डॉलर में बिके टेस्ला शेयर्स
मस्क ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को सौंपी फाइलिंग में बताया है कि उन्होंने कंपनी के 44 लाख शेयर बेच दिए हैं। बताया गया कि Tesla के शेयर पिछले कुछ दिनों में 872 से 999 डालर में बेचे गए हैं।गौरतलब है कि बीते मंगलवार को ही टेस्ला के शेयर 12 प्रतिशत तक गिर गए थे। मंगलवार और बुधवार को शेयरों में गिरावट के कारण टेस्ला की वैल्यू ट्विटर के सौदे की रकम यानी 44 अरब डॉलर से तीन गुना तक घट गई। अब ये बात सामने आई है कि मस्क ने इसी दिन सबसे ज्यादा टेस्ला के शेयरों में बिकवाली की थी।
अब नहीं बेचेंगे टेस्ला के और शेयर
मस्क ने ट्वीट करके शेयर बेचने की जानकारी भी साझा की है। उन्होंने टेस्ला के शेयरों की हालिया बिक्री की पुष्टि करते हुए आगे इस तरह का काम न करने की बात कही है। मस्क ने कहा है कि आज के बाद टेस्ला के शेयरों की बिक्री की कोई और योजना नहीं है।
निवेशकों को और गिरावट आने का डर
मस्क की बिकवाली के साथ ही टेस्ला के शेयर धड़ाम हो गए। इससे निवेशकों में डर बन गया है। वहीं, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि Tesla के निवेशकों को डर है कि मस्क टेस्ला को चलाने से ज्यादा ट्विटर पर ध्यान दें सकते है।
मस्क के आने के बाद ट्विटर कर सकता ग्रोथ
इन सबके बीच Twitter के स्टॉक में मामूली तेजी देखी जा रही है। एक महीने में ट्वीटर इंक के शेयर करीब 21 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी की है। उधर, जानकार भी मान रहे हैं कि एलॉन मस्क के हाथों में आने के बाद कंपनी में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है. खुद Elon Musk भी कह चुके हैं कि ट्विटर में काफी पोटेंशियल है। च
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असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता बिल को फाड़ दिया, किसने क्या कहा जाने.. - Latest Hindi News Online
असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता बिल को फाड़ दिया, किसने क्या कहा जाने..
नागरिकता बिल, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से बचने वाले गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की बात कही गयी है. भारी हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में इस बिल को पेश किया। अलग-अलग राज्यों में पार्टियां विरोध प्रदर्शन करती है। बीजेपी ने 9-11 दिसंबर तक संसद में मौजूद रहने के लिए अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
आपको बता दे नागरिकता संशोधन बिल का उद्देश्य छह दशक पुराने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करना और बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। जैसी कि उम्मीद थी, कांग्रेस सदन में इसके खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही है क्योंकि पार्टी का मानना है कि यह भारतीय संविधान, धर्मनिरपेक्ष, संस्कृति और सभ्यता का उल्लंघन है।
एनसीपी की सुप्रिया सुले ने असहमति जताई
एनसीपी की सुप्रिया सुले ने नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 को लोकसभा में कहा, "हमारे लोकतंत्र का पूरा लोकाचार समानता है और अनुच्छेद 14 और 15 के बारे में बात कर रही हूं, मैं गृह मंत्री द्वारा पारित इस बिल से आश्वस्त नहीं हूं, यह सुप्रीम कोर्ट में खत्म हो जाएगा। । मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वह इस पर पुनर्विचार करें और कृपया बिल वापस लें। "
टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने किया बिल का विरोध
नागरिकता बिल का विरोध करते हुए, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में कहा, "स्वामी विवेकानंद को अगर यह बिल अगर दिखाया गया होता तो उन्हें बहुत धक्का लगेगा क्योंकि यह उनके भारत के विचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा भाजपा के भारत का विचार विभाजनकारी है। अगर हम इसे नज़रअंदाज़ कर दें तो यह देश के लिए विनाशकारी होगा।" हमे महात्मा गांधी के शब्द और सरदार पटेल की सलाह पर ध्यान ध्यान देना चाहिए। "
जेडीयू के राजीव रंजन सिंह ने किया नागरिकता बिल का समर्थन
जेडीयू के राजीव रंजन सिंह लोकसभा में कहते हैं, "हम इस बिल का समर्थन करते हैं। इस बिल को भारतीय नागरिकों, बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों की रोशनी में नहीं देखा जाना चाहिए। अगर पाकिस्तान के सताए हुए अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाती है, तो यह अच्छी बात है। हमे इसका समर्थन करना चाहिए. | 2020/02/21 15:43:56 | https://webhostss.online/owaisi-tears-bill-lok-sabha/ | mC4 |
सरकार ने ई-सिगरेट पर क्यों लगाया बैन? पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया खुलासा
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सरकार ने ई-सिगरेट पर क्यों लगाया बैन? पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया खुलासा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (29 सितंबर) को अपने 'मन की बात' में लोगों से तंबाकू का नशा छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को नशे के नए तरीके से बचाने के लिए ''ई-सिगरेट'' पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। बता दें कि, केंद्रीय कैबिनेट ने इसी महीने एक अध्यादेश के जरिये ई-सिगरेट की बिक्री, उत्पादन और भंडारण पर एक अध्यादेश के जरिये प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद इससे जुड़े स्वास्थ्य नुकसान के बारे में प्रधानमंत्री की यह पहली टिप्पणी है। संसद के आगामी सत्र में इस अध्यादेश को एक विधेयक में तब्दील किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर प्रसारित 'मन की बात' कार्यक्रम में अपने संबोधन में यह भी कहा कि ई-सिगरेट के बारे में यह गलत धारणा फैलाई गई है कि इससे कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि सामान्य या परंपरागत सिगरेट की तरह यह(ई-सिगरेट) दुर्गंध नहीं फैलाता क्योंकि इसमें खुशबू पैदा करने वाले रसायन डाले गये होते हैं। लेकिन ये रसायन नुकसानदेह होते हैं और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''ई-सिगरेट के बारे में कोई भी गलतफहमी नहीं पालें।''
उन्होंने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का जिक्र करते हुए कहा चर्चा चलती रहेगी, समर्थन और विरोध भी जारी रहेगा। लेकिन यदि किसी चीज को तेजी से फैलने से पहले रोक दिया जाता है, तब बड़ा फायदा होता है। उन्होंने कहा, ''…ई-सिगरेट पर प्रतिबन्ध इसलिए लगाया गया है कि नशे का यह नया तरीका हमारे युवा देश को तबाह न कर सके। यह किसी परिवार के सपनों को रौंद न डाले। बच्चों की जिंदगी बर्बाद न हो जाए। ये व्यसन, ये आदत समाज में जड़े न जमा सके।''
मोदी ने कहा, ''सिगरेट से होने वाले नुकसान के बारे में कोई भ्रम नहीं है। यह नुकसान पहुंचाता है। धूम्रपान करने वाला और इसे बेचने वाला जानता है कि इससे क्या नुकसान होता है।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन ई-सिगरेट का मामला बिल्कुल अलग है। ई-सिगरेट के बारे में लोगों में बहुत कम जागरूकता है। वे इसके खतरे से भी पूरी तरह से अनजान हैं और इस कारण कभी-कभी जिज्ञासा के चलते ई-सिगरेट के नशे की लत पड़ जाती है।''
भारत में e-cigarette पर प्रतिबन्ध लगाया गया है ताकि नशे का यह नया तरीका हमारे युवा देश को तबाह न कर दे।
मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि तम्बाकू के व्यसन को छोड़ें और e-cigarette के संबंध में कोई गलतफहमी न पालें।
आइये हम सब मिलकर एक स्वस्थ भारत का निर्माण करें: पीएम #MannKiBaat pic.twitter.com/sLLwfmasrb
प्रधानमंत्री ने लोगों से तंबाकू का नशा छोड़ने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि ई-सिगरेट निकोटिन की लत पड़ने का एक नया तरीका है। उन्होंने कहा, ''जैसे कि कोई मैजिक शो चल रहा हो, बच्चे कभी-कभी अपने माता पिता की मौजूदगी में सिगरेट जलाए बगैर या माचिस की तीली जलाये बगैर धुआं निकाल देते हैं।'' उन्होंने कहा, ''परिवार के सदस्य तालियों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। कोई जागरूकता नहीं है। कोई जानकारी नहीं है…हमारे किशोर या हमारे युवा…इस नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य सिगरेट से अलग ई-सिगरेट में निकोटिन युक्त तरल पदार्थ को गर्म करने से एक प्रकार का रसायन युक्त धुंआ बनता है। इसमें नुकसानदायक रसायन होते हैं और लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है।उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वालों को कैंसर, मधुमेह, ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। हर कोई कहता है कि ऐसा उसमें मौजूद निकोटिन के कारण होता है। किशोरावस्था में इसके सेवन से दिमाग भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, ''आइये, हम सब मिलकर एक स्वस्थ भारत का निर्माण करें।''
सरकार ने 18 सितंबर को ई-सिगरेट और इस तरह के उत्पादों के उत्पादन, आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे लोगों, खासतौर पर युवाओं के स्वास्थ्य के खतरे का जिक्र करते हुए यह कदम उठाया गया। ई-सिगरेट के भंडारण पर छह महीने तक की कैद की सजा या 50,000 रुपये तक का जुर्माना या एक साथ दोनों सजाओं का प्रावधान है। इस सिलसिले में 19 सितंबर को अध्यादेश जारी किया गया था। (इंपुट: भाषा के साथ)
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11 महीने में 85 बाघों की मौत, कहीं बाघों के लिए कब्रगाह न बन जाए भारत
एक महीने के अंदर जिस तरह देश में दो बाघिनों की हत्या हुई, बाघ संरक्षण के प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं
Mithilesh Dhar 14 Nov 2018 7:30 AM GMT
लखनऊ। एक महीने के अंदर जिस तरह देश में दो बाघिनों की हत्या हुई, बाघ संरक्षण के सरकार प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं। आंकड़ों में भले ही देश में बाघों की संख्या बढ़ रही हो, लेकिन उतनी तेजी से उनकी मौत भी हो रही है। एक आंकड़े के अनुसार देश में इस साल अब तक 85 बाघों की मौत हो चुकी है।
बीते अक्टूबर माह में महाराष्ट्र के यवतमाल में नरभक्षी बाघिन की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि इसी माह उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क में ग्रामीणों ने एक बाघ को मार डाला। महाराष्ट्र में बाघिन अवनी को जिस तरह मारा गया, पूरी दुनिया में उसका विरोध हो रहा है।
वन्यजीव संरक्षणकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने अवनी को जिंदा पकड़ने का प्रयास ही नहीं किया। पोस्टमार्ट रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है कि जिस समय अवनी को मारा गया वह न तो हमलावर थी और न ही भाग रही थी। वहीं उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क के पास ग्रामीणों ने एक बाघिन को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला।
ये भी पढ़ें-देश में हर महीने औसतन सात हाथियों की हो रही मौत, 10 फीसदी की दर से कम हो रही संख्या
मध्य प्रदेश, भोपाल के टाइगर एक्टिविस्ट अजय दुबे 'गाँव कनेक्शन' से फोन पर बताते हैं, "उत्तर प्रदेश में जो हुआ, वो बहुत गलत है। सरकार को सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई ऐसी हो जिससे और लोग आगे ऐसा करने से पहले सोचें। टाइगर राष्ट्रीय पुश होने के साथ-साथ दुर्लभ भी है। ऐसे में सजा और कड़ी होनी चाहिए।"
वहीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और महासचिव रवि सिंह ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा "भारत को अपने बाघों की रक्षा करने की जरूरत है और भारत ऐसा करेगा, लेकिन इसके लिए हमें सख्त योजना बनाने की जरूरत है।"
कान्हा टाइगर रिजर्व में घूमता बाघ। (फोटो साभार- मध्य प्रदेश फाॅरेस्ट विभाग )
2010 में सेंट पीटर्सबर्ग के बाघ शिखर सम्मेलन में जब हर साल बाघ दिवस मनाने का फैसला लिया गया था तब 13 देशों ने सहमति जताई थी कि 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी करनी है। इसके लिए दानदाताओं से 1500 करोड़ रुपए जुटाने की भी बात हुई। लेकिन जिस तरह से बाघों को मारा जा रहा है, उससे इस लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल लग रहा।
देश में इस साल अब तक (११ महीने में) विभिन्न कारणों से 85 बाघों की मौत हो चुकी है। जबकि पिछला साल यानी 2017 बाघों के लिए मौत का साल रहा। देश भर में 116 बाघों की मौत हुई। नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 99 बाघों के शव और 17 बाघों के अवशेष बरामद किए गए। इन में से 32 मादा और 28 नर बाघों की पहचान हो सकी, बाकी मृत बाघों की पहचान नहीं हो सकी। इसमें 55 फीसदी माैतेें ही प्राकृतिक रूप से हुई हैं।
बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश का नाम पहले नंबर पर आता है। वर्ष 2017 में वहां 29 बाघों की मौत हुई, जबकि इस प्रदेश में पिछले सात सालों में बाघों की सुरक्षा, मैनेजमेंट और टाइगर रिजर्व, अभयारण्यों से गाँवों की शिफ्टिंग पर 1050 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं, बावजूद इसके यहां बाघों की मौत का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।
इसके अलावा 2017 में महाराष्ट्र में 21, कर्नाटक में 16, उत्तराखंड में 16 और असम में 16 बाघों की मौत दर्ज की गई। बाघों की मौत के पीछे करंट लगना, शिकार, जहर, आपसी संघर्ष, प्राकृतिक मौत, ट्रेन या सड़क हादसों को कारण बताया गया। वर्ष 2014 से अब तक 490 बाघों की मौत के मामले सामने आए हैं। इनमें वर्ष 2014 में 66, वर्ष 2015 में 91, वर्ष 2016 में 132, वर्ष 2017 में 116 और वर्ष 2018 में नवंबर तक 85 मामले शामिल हैं।
फोटो साभार- डॉ साकेत बडोला (हेड वाइल्डलाइफ फंड, ट्रैफिक इंडिया)
सरकार को बाघों को बचाने के लिए और गंभीर होना पड़ेगा। सरकार को ये भी सोचना चाहिए कि टाइगर जंगलों से बाहर आ ही क्यों रहे हैं? ऐसा इसलिए हो रहा क्योंकि शाकाहारी जानवरों का शिकार तेजी से हो रहा है। ऐसे में जब बाघ और शेरों को जंगल में खाना नहीं मिलेगा तो वे बाहर आएंगे ही। समस्या यहीं से शुरू हो जाती है। बाहर इंसानों के बीच आने पर दोनों की लड़ाई में जानवर मारे जा रहे हैं।"
अजय दुबे, टाइगर एक्टिविस्ट, भोपाल
वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुताबिक, वर्ष 2004 में हुई गणना में देश भर में 1411 बाघ थे। सन 2011 में बाघों की तादाद बढ़ कर 1706 हो गई। सन 2014 में फोटोग्राफिक डाटा बेस के आधार पर देश भर में 2226 बाघ गिने गए। यह संख्या दुनिया भर के बाघों की संख्या का करीब 60 फीसदी है। दुनिया भर में बाघों की फिलहाल कुल संख्या लगभग 3900 है। इसमें से रूस में 433, इंडोनेशिया में 371, मलेशिया में 250 और नेपाल में 198 बाघ हैं।
वाइल्डलाइफ फंड और ट्रैफिक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 100 सालों में दुनिया भर में बाघों की संख्या में 96 फीसदी की कमी आई है। 100 साल पहले बाघों की संख्या एक लाख से ज्यादा थी। हालांकि बाघों की संख्या में इधर बढ़ोतरी भी हुई है।
वाइल्डलाइफ फंड और ट्रैफिक के इंडिया हेड डॉ साकेत बडोला (भारतीय वन सेवा) गांव कनेक्शन से फोन पर कहते हैं "भारत बाघों के संरक्षण के लिए सबसे बेहतर काम कर रहा है। इसका परिणाम भी हमें देखने को मिला कि कैसे देश में बाघों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन चूंकि बाजार में बाघों के हर अंगों की मांग बहुत ज्यादा होती है इस कारण शिकारियों की नजर इन पर हमेशा रहती है, ऐसे में बाघों को सुरक्षित बचाना सबसे बड़ी चुनौती है।"
बाघों के संरक्षण के लिए सरकार ने सन 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया था। तब से लेकर अब तक देश में 50 टाइगर रिजर्व बनाए गए हैं, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 2.12 प्रतिशत है। सन 2014 के बाद इस साल फिर देश भर में बाघों की गणना हो रही है। इस बार गणना में परंपरागत तरीकों के अलावा हाईटेक तरीके का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक मोबाइल ऐप भी बनाया है। इसे मॉनिटरिंग सिस्टम फॉर टाइगर इंटेंसिव प्रोटेक्शन एंड इकोलॉजिकल स्टेट्स या एम स्ट्राइप्स नाम दिया गया है।
राजस्थान के रणथंभोर बाघ अभ्यारण में आराम करता बाघ। (फोटो साभार आदित्य सिंह, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर)
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और बाघों पर रिपोर्टिंग करने वाले शशिकांत मिश्रा गाँव कनेक्शन से फोन पर बताते हैं,, "बाघों को अब शिकारियों के साथ-साथ ग्रामीणों से भी खतरा है। इसके लिए सरकार को ग्रामीणों को जागरूक करने की मुहिम चलाई जानी चाहिए। इसके बाद शिकारियों की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाने पड़ेंगे।" शशिकांत आगे कहते हैं, "करंट की चपेट में भी आने से बाघों की मौत हो रही है। जहां से बिजली के तार गये हैं वहां की निगरानी कराने की बात केंद्र सरकार ने एक बार कही थी, लेकिन उस योजना का विस्तार ही नहीं हो पाया। ऐसे में हर साल टाइगर डे मनाने से टाइगर नहीं बचने वाले। इसके लिए कारगर कदम उठाने होंगे।"
नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया, प्रोजेक्ट टाइगर के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने देश भर के टाइगर रिजर्व में बाघों के संरक्षण के लिए वर्ष 2007 से 2012 के बीच कुल 792 करोड़ रुपए खर्च किए। जबकि 2012 से 2018 के लिए 1349 करोड़ रुपए स्वीकृति किया गया है।
कंजरवेशन एक्शन ट्रस्ट के ट्रस्टी देबी गोयनका बताते हैं, "देश में बाघ तभी सुरक्षित रह पाएंगे जब उनके निवास स्थान को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ-साथ टाइगर कोरीडोर की सुरक्षा करनी होगी। जंगलों में अतिक्रमण रुके और विभाजित न किया जाए, अगर ये कदम जल्द से जल्द नहीं उठाए गए तो वो दिन दूर नहीं जब हम बाघों को भी खो देंगे।"
ये भी पढ़ें-सुख और समृद्धि के त्योहार दिवाली पर क्यों खतरे में है उल्लुओं की जान ?
एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने इसी साल राज्य सभा में बताया था कि देश के 7,64,000 लाख स्क्वायर किलोमीटर जंगल की जमीन में से 13,612 स्क्वायर किलोमीटर पर अवैध रूप से कब्जा है। ये देश की भूमि का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा है। मध्य प्रदेश, आसाम, कर्नाटक और ओडिशा के जंगलों में अतिक्रमण है।
ओडिशा के ढ़ेंकनाल जिले के बलरामपुर गाँव में एक छोटा सा जंगल है जिसे सरकार ने बियर बनाने वाली कंपनी को दिया है। यहां 160 किस्म के 10 हजार से ज्यादा पेड़ हैं। इस जंगल में 40 से 50 हाथी रहते हैं। ग्रामीण इसके विरोध में लगातार विरोध कर रहे हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के फिल्ड डायरेक्टर केएस भदौरिया कहते हैं "बाघों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन जंगल सिकुड़ रहा है। जंगलों में इंसानों का अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, ऐसे में टाइगर कहां जाएंगे। इंसानों को यह समझना होगा कि हमारी ही तरह उनका भी घर है, जिसको हम छीन रहे हैं, इसका परिणाम गलत ही होगा। ऐसे में अब सबसे बड़ी चुनौतो तो यह होगी कि बाघों और जंगलों को बचाया कैसे जाए।"
फोटो- डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से साभार
क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक जंगल मध्य प्रदेश में
जंगल (स्क्वायर किमी में)
मध्य प्रदेश- 77.5 हजार
अरुणाचल- 67.2 हजार
छत्तीसगढ़- 55.6 हजार
महाराष्ट्र- 50.5 हजार
ओडिशा- 50.4 हजार
बाघों के दखल वाला क्षेत्र
(स्क्वायर किलो मीटर में)
2006- 93,700
2010- 81,906
2014- 89,164
(स्रोत: इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट)
टाइगर एक्टिविस्ट अजय दुबे आगे कहते हैं, "सरकार को बाघों को बचाने के लिए और गंभीर होना पड़ेगा। सरकार को ये भी सोचना चाहिए कि टाइगर जंगलों से बाहर आ ही क्यों रहे हैं? ऐसा इसलिए हो रहा क्योंकि शाकाहारी जानवरों का शिकार तेजी से हो रहा है। ऐसे में जब बाघ और शेरों को जंगल में खाना नहीं मिलेगा तो वे बाहर आएंगे ही। समस्या यहीं से शुरू हो जाती है। बाहर इंसानों के बीच आने पर दोनों की लड़ाई में जानवर मारे जा रहे हैं।" एक रिपोर्ट के मुताबिक 2013 से 2017 के बीच देश में हाथी, बाघ और तेंदुए के हमले में 1608 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
इंसानों से बढ़ा संघर्ष
20 सालों में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई
पिछले साल फरवरी में 6 लोगों को मारने वाले बाघ को जिंदा पकड़ा गया
2017 में ही अक्टूबर में चार लोगों को जान लेने वाली बाघिन को मार डाला गया
2018 अक्टूबर में महाराष्ट्र के यवतमाल में नरभक्षी बाघिन अवनी को मारा गया
अक्टूबर 2018 में ही दुधवा नेशनल पार्क में ग्रामीणों ने बाघिन को पीटकर मार डाला
बाघ इंसानों पर हमला तभी करता है जब उसके बच्चे के आसपास लोगों का दखल बढ़ता है। ऐसे में सरकार को व्यापक कदम उठाना चाहिए कि हम जंगलों पर कब्जा क्यों कर रहे हैं, हम उनके घरों को क्यों छीनें।
देबी गोयनका, ट्रस्टी, कंजरवेशन एक्शन ट्रस्ट
इन देशों में बाघ की स्थिति
वर्ष 1994 से 2018 तक इतने बाघों का हुआ अवैध शिकार
वर्ष बाघों की संख्या
2007 २७
(स्रोत: वर्ल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसायटी ऑफ इंडिया)
बाघों की प्रजाति और संख्या
बंगाल टाइगर: भारत, नेपाल, भूटान, चीन, म्यांमार में पाए जाते हैं। इनकी कुल संख्या 2500 है।
(डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अनुसार)
(फोटो साभार आदित्य सिंह, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर)
कभी 50 हजार से ज्यादा थी बाघों की संख्या
देश में टाइगर रिजर्व की कुल संख्या- 50
18 राज्यों में है टाइगर रिजर्व
2.2 फीसदी क्षेत्र आता है इसके तहत
बाघों वाला वन क्षेत्र कुल 90 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला है
2004 में 1410 थी बाघों की संख्या
2011 में संख्या बढ़कर 1706 हो गई
2014 में ये 2,226 हुई बाघों की संख्या
देश में एक लाख बाघ थे 19वीं सदी के अंत तक
शिकार की वजह से महज 100 बाघ बचे थे 1970 में भारत में
शिकारियों को नहीं मिलती सजा
मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में 2008 में 30 बाघ खत्म हुए
केवल एक फीसदी शिकारियों को ही मिल पाती है सजा
हर साल औसतन 1.4 लाख हेक्टेयर जंगल खत्म हो रहा
बाघों के अंगों की मांग वियतनाम और चीन में सबसे ज्यादा
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गरीबों का निवाला छीनने वाली सरकार ने 'महाराज' को फ्री में दे दी 413 करोड़ की जमीन : सारंग - MP Breaking News
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गरीबों का निवाला छीनने वाली सरकार ने 'महाराज' को फ्री में दे दी 413 करोड़ की जमीन : सारंग
भोपाल। ग्वालियर में सिंधिया स्कूल को 413 करोड़ कीमत की 146 एकड़ सरकारी जमीन मुफ्त में देने का मामला गरमा गया है| भाजपा विधायक विजय शाह ने विधानसभा में इस मामले में सवाल कर सरकार को घेरा था। आरोप है कि कमलनाथ सरकार बनते ही द सिंधिया स्कूल को 413 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन मुफ्त में दे दी गई जबकि यह स्कूल निर्धन छात्रों को फ्री में शिक्षा नहीं देता। इस स्कूल की फीस लाखो में है और इसमें विदेशी छात्र तक पढ़ने आते हैं। अब इस मामले पर बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कडा प्रहार किया है|
पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि करोड़ो की जमीन महाराजाओं को मुफ्त में देना जनता के साथ अन्याय है| गुटीय राजनीति पर पर्दा डालने के लिए कमलनाथ सरकार ने ये फैसला लिया है| मध्य प्रदेश की जमीन प्रदेश की जनता की है महराजाओं की नही| उन्होंने कहा सरकार गजब के निर्णय ले रही है, एक तरफ 413 करोड़ की कीमत महज 100 रुपए में महाराजा सिंधिया को दे दी, ताकि वो उस जमीन से करोड़ों कमा सके, वहीं दूसरी तरफ गरीबों को पांच रुपए में मिलने वाला निवाला छीन लिया| यह कैसा न्याय| सिंधिया के पास पहले से ही हजारों एकड़ जमीन स्वयं की है, फिर सरकारी जमीन मुफ्त के मुफ्त के भाव में क्यों? जबकि उनकी एजुकेशन संस्था लाखों रुपए लेकर शिक्षा को बेचती है|
विधानसभा में बीजेपी की तरफ से पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्कूल को जमीन आवंटित करने का मामला विधानसभा में उठाया गया| पूर्व शिक्षा मंत्री विजय शाह ने मामले को सदन में उठाकर सरकार से जबाव मांगा| विजय शाह ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि सिंधिया एजुकेशन सोसायटी को 13 फरवरी 2019 को कमलनाथ सरकार ने ग्वालियर के ग्राम आहूखाना कला में 146 एकड़ जमीन, (जिसका बाजार मूल्य 4 अरब 13 करोड़ 10 लाख 50 हजार रुपए है) को जीरो प्रतिशत ब्याज पर आवंटित कर दी| बीजेपी सरकार ने 2012 में इस जमीन का आवंटन नहीं किया था लेकिन कांग्रेस की सरकार आते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस जमीन को सिंधिया को गिफ्ट में दे दिया| उनका आरोप है कि सिंधिया का स्कूल गरीबों का स्कूल नहीं है, यहां विदेशों से बच्चे आते हैं और देश के बड़े पैसे वालों के बच्चे पढ़ते हैं| ऐसे स्कूल को चार अरब से ज्यादा कीमत की जमीन जीरो प्रतिशत ब्याज पर आवंटित नहीं करनी थी|
लाखो की फीस वसूलती है संस्था
सिंधिया स्कूल की फीस भारतीय और विदेश छात्रों के अलग अलग है। सिंधिया स्कूल में नए एडमिशन पर पहली किश्त 3.50,000 की होती है, वहीं दूसरी किश्त 4.85,000 और तीसरी किश्त में 4.65,000 हजार रुपए लिए जाते हैं| इस तरह कुल 13 लाख की फीस वसूली जाती है| इस फीस से ही अंदाजा लगाया जा सकता है, यह कितना सस्ता स्कूल है| जिसे सरकार की मदद की जरुरत क्यों है?
कलेक्टर और प्रमुख सचिव ने की थी आपत्ति
सूत्रों के मुताबिक सिंधिया स्कूल को मुफ्त में जमीन देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने से पहले ग्वालियर कलेक्टर और प्रमुख सचिव राजस्व ने आपत्ति की थी। ग्वालियर कलेक्टर ने सरकारी गाइडलाइन के हिसाब से शैक्षणिक संस्था को 25 फीसदी कीमत देकर जमीन देने का प्रस्ताव भेजा था। ग्वालियर के तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव ने सिंधिया स्कूल को सरकारी जमीन देने का जो प्रस्ताव सरकार को भेजा था, उसमें जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए लगाई गई थी। कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्था होने की वजह से सिंधिया स्कूल के लिए 25 फीसदी राशि देकर जमीन देने का प्रस्ताव तैयार किया था। कलेक्टर के प्रस्ताव से राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी भी सहमत थे। लेकिन प्रस्ताव कैबिनेट में जाने से पहले शासन ने ग्वालियर कलेक्टर भरत यादव का तबादला कर सिंगरौली कलेक्टर रहे अनुराग चौधरी को ग्वालियर कलेक्टर बनाया गया। इसके बाद चौधरी ने जिले की कमान संभालते ही प्रस्ताव में संशोधन करके शासन को भेजा। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ही कमलनाथ कैबिनेट ने सिंधिया स्कूल को 413 करोड़ की सरकारी जमीन मुफ्त में देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। मंत्रालयीन सूत्रों ने बताया कि जमीन से जुड़ा यह प्रस्ताव बेहद गुपचुप ढंग से कैबिनेट में पेश किया था।
पहले से संचालित है स्कूल
ग्वालियर में जिस जमीन को सरकार ने सिंधिया स्कूल के लिए दिया है, उस जमीन पर सालोंं से सिंधिया स्कूल संचालित हो रहा है। जमीन स्कूल के ही कब्जे में है। सरकार ने जमीन मुफ्त देने का यह भी एक आधार बनाया था। विधानसभा में भाजपा विधायक विजय शाह ने इस बात को लेकर भी आपत्ति ली कि सिंधिया स्कूल में किन लोगों के बच्चे पढ़ते हैं, यह सभी को पता है।
मंत्री ने किया बचाव
सिंधिया एजुकेशन सोसायटी को जमीन आवंटित करने के मामले ने तुल पकड़ा, तो कमलनाथ सरकार के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सिंधिया के बचाव में आ गए| उन्होंने मामले में गोलमोल जबाव दिया| उन्होंने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं, वे पहले अपने गिरेबान में झांक कर देख लें, ये इश्यू नहीं है. कोई नया आवंटन नहीं किया गया| ये जमीन सिंधिया स्टेट की ही है| तोमर ने आरएसएस के विद्यालयों पर भी सवाल उठाए, उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार अच्छे स्कूलों को जमीन देगी और आगे भी देगी| सिंधिया स्कूल ग्वालियर में तब से स्थापित है जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था। भाजपा वाले सिर्फ हंगामा खड़ा कर रहे हैं।
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पेड ही जीवन के दाता-कोली - sntv24samachar
Last Updated on July 6, 2020 by Swati Brijwasi
हलैना/भरतपुर(विष्णु मित्तल) लुपिन फाउन्डेशन एवं किरन ग्रुप की ओर से गांव छौंकरवाडा कलां स्थित राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय पर लुपिन समूह के संस्थापक देशबन्धु गुप्ता तथा समाजसेवी रमनलाल मित्तल की स्मृति में पौधा रोपण किया,जिसके मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली रहे,अध्यक्षता पूर्व जिला प्रमुख द्वारिकाप्रसाद गोयल ने की।
पूर्व सांसद कोली ने कहा कि पेड ही जीवन के दाता है,जो हमें प्राण वायु,औषधी,फल,भोजन,छाया,वातावरण की स्वच्छता,ईंधन आदि देते है।
उन्होने कहा कि धरती की हरियाली एवं जीवन की सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष पेड लगाने चाहिए और पेड लगाने के साथ-साथ देखभाल का संकल्प लेना होगा,तभी पेड लगाना सफल होगा। कोली ने कहा कि लुपिन कें संस्थापक देशबन्धु गुप्ता समाज सुधारक तथा वन प्रेमी थे,जो हमेशा देश व समाज के हित की सोच रखते,देशबन्धु गुप्ता को देश-विदेश में गरीब व किसान का मददगार बताया,जिस पर भरतपुर-अलवर जिला को गर्व करना चाहिए। गुप्ता का जन्म स्थली अलवर थी,जिनका लगाव भरतपुर जिला से अधिक था।
उन्होने कहा कि कस्वा उच्चैन निवासी समाजसेवी रमनलाल मित्तल ने देश की आजादी में विशेष योगदान दिया,जो निस्वार्थ भाव से देश एवं समाज की सेवा करते।
पूर्व जिला प्रमुख गोयल ने कहा कि पेड ही धरती के श्रृंगार है,जो धरती की शोभा कायम रख मानव व जीव-जन्तुओं को प्राण वायु एवं भोजन देते है। इंसान को प्रतिवर्ष 11-11 पेड लगाने का संकल्प लेना चाहिए। छोंकरवाडा कलां के पूर्व सरपंच नेमीसिंह,सतेन्द्रसिंह चैधरी,नीरज कोली आदि ने वन महोत्सव पर प्रकाश डाला और 21-21 पौधा लगाने का संकल्प लिया।
लुपिन के सेवादार विष्णु मित्तल ने बताया कि लुपिन के अधिशासी निदेशक सीताराम गुप्ता का लक्ष्य है कि भरतपुर जिला में हरियाली रहे और वन को बढावा मिले,जिसके लिए लुपिन के संस्थापक देशबन्धु गुप्ता की स्मृतिमे भुसावर उपखण्ड क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में 111 पौधा लगाए जा चुके है। | 2022/06/27 07:50:38 | https://sntv24samachar.com/2020/07/06/the-tree-is-the-giver-of-life-koli/ | mC4 |
कराते एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 50 हजार रुपये - Swadesh Bhopal
Home भोपाल कराते एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 50 हजार रुपये
कराते एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 50 हजार रुपये
भोपाल। राष्ट्रीय कराते एसोसिएशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त एसोसिएशन अमेच्योर राष्ट्रीय स्तर की कोविड 19 कराते वर्चुअल वेलफेयर चैंपियनशिपअर कराते एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने अध्यक्ष विश्वामित्र अवार्डी शिहान जयदेव शर्मा के मार्गदर्शन में कराई थी। इसमें कुछ फंड जमा हुआ था। इसमें एसोसिएशन के सदस्यों ने कुछ और फंड जमा करके 50 हजार रुपये उपसंचालक खेल युवा कल्याण विभाग जोस चाको द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई।
इस चैंपियनशिप में यूएसईपीएस संस्था, अमेच्योर कराते एसोसिएशन के सचिव सेंसेई आशुतोष ददीची, उपाध्यक्ष संजय राठौर, कोषाध्यक्ष सेंसेई बृजगोपाल सिंह, तकनीकी डायरेक्टर विक्रम अवार्डी सेंसेई पारितोष शर्मा, कराते डेवलपमेंट वेलफेयर सोसाइटी भोपाल के अध्यक्ष सेंसेई संतोष राठौर, विक्रम अवार्डी सेंसेई विकास शर्मा, सेंसेई शशिकांत पाटिल, सेंसेई बलवंत देवड़ा , सेंसेई पलाश समाधिया, सेंसेई पंकज पाराशर , खुशाल धोड़पकर तथा एकेएएमपी के सभी जिला अध्यक्ष, सचिव और सदस्य ने सहयोग दिया है।
कोषाध्यक्ष ने कहा कि आगे भी इस तरह के कार्य देश हित में हमारी कराते एसोसिएशन करेगी। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के चलते सार्वजनिक स्थलों पर खेल गतिविधियां बंद है, इस लिए कराते एसोसिएशन ऑन लाइन क्लास के माध्यम से अभी भी अपने िखलाडियों को ट्रेनिंग दे रही है।
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मंथन-संपूर्ण विकास केंद्र के लाभार्थी छात्रों के लिये विश्व पुस्तक मेले में एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन - Newsstudio18
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मंथन-संपूर्ण विकास केंद्र के लाभार्थी छात्रों के लिये विश्व पुस्तक मेले में एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन
New Delhi News, 15 jan 2020 : शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से छात्रों में एक अनुभूति जागृत होती है, जिससे वे भारत की विभिन्नताओं जैसे-इतिहास, विज्ञान, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप सेजान पातेहैं। मंथन-संपूर्ण विकास केंद्र भी बच्चों के ज्ञान वर्धन हेतु समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करता रहता है और इसी सन्दर्भ मेंमंथन-संपूर्ण विकास केंद्र के दिल्ली स्थित मंगोलपुरी, रिठाला और शकूरपुर केंद्रों ने 12जनवरी 2020 को प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित किए जा रहे 28वें विश्व पुस्तक मेले में एकशैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया।
एशिया के सबसे बड़े पुस्तक मेला में प्रत्येक वर्ष बाल मंडप मे बच्चो के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जिसमें विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी संगठनों के छात्र- छात्रा पूरे उत्साह के साथ भाग लेते है।
इस वर्ष भी छात्रों के अनावरण हेतु कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे मंथन के लाभार्थी छात्रों द्वारा भारतीय संस्कृति के पुनरुथान एवं संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु"सुभाषितानि" वंदन का गायन तथा वंदना पर रोचक व सरल ढंग से व्याख्यान प्रस्तुत किया।
मंथन संपूर्ण विकास केंद्र के लाभार्थी छात्रों की प्रतिभा की सभी दर्शकों ने भूरी भूरी प्रशंसा की। अंत में बच्चों ने पुस्तक स्टॉल एवं आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आयोजकों ने बच्चों से पुस्तकों के महत्त्व पर विस्तृत चर्चा की उन्हें पुस्तकें पढने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने अपनी रूचि की किताबों से समन्धित अनेकों प्रश्न पूछे। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य बच्चों में पुस्तकों के प्रति खोई रुचि को दोबारा जागृत करना था क्योंकि पुस्तकें न केवल हमारी मार्गदर्शक, मित्र एवं एकांत की सहचर हैं। यह हमारे अंदर मानवीय गुणों का विकास भी करती हैं।
An educational tour organized at the World Book Fair
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Next articleधारावाहिक संजीवनी ने अपने 100 एपिसोड पूरे किए, नए चेहरों की तलाश में हैं निर्माता सिद्धार्थ मल्होत्रा | 2020/01/19 00:38:16 | http://www.newsstudio18.com/breaking-news/an-educational-tour-organized-at-the-world-book-fair-for-the-beneficiary-students-of-manthan-sampoorna-vikas-kendra/ | mC4 |
पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के जिला अध्यक्ष भंवरलाल गिलाण व राजस्थान पेंशनर समाज के पूर्व सचिव नरसाराम फलवाड़िया, ब्लॉक कांग्रेस के कोषाध्यक्ष सत्यनारायण खाखोलिया व सामाजिक कार्यकर्ता बसन्त बोरड़ ने शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ को अलग-अलग पत्र प्रेषित कर सुजानगढ़ में सरकारी बालिका महाविद्यालय खोलने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि सुजानगढ़ चूरू जिले का एक विकसित कस्बा है, जिसकी वर्तमान में करीब सवा लाख की जनसंख्या है।
प्रदेश के 25 वें व देश के 485 वें बड़े शहर में उच्च शिक्षा के प्रति लड़कियों के बढ़ते क्रेज को देखते यहां पर सरकारी बालिका महाविद्यालय का वर्षों से अभाव है। जिसके कारण 12 वीं कक्षा के उर्तीण करने के बाद छात्राओं का कॉलेज शिक्षा का सपना टूट जाता है। पत्र में लिखा है कि निजी महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलता है, मिलता भी है तो अभिभावकों की जेब को भारी भरकम शुल्क का बोझ उठाना पड़ता है। पत्र में बताया गया है कि शहर से तीन किमी दूर लड़कों के लिए संचालित सरकारी महाविद्यालय में छात्रायें कम ही प्रवेश ले पाती है और उनके वापस घर लौटने तक अभिभावकों को चैन नहीं मिलता है। पत्र में प्रदेश में 46 उपखण्डों में खुलने वाले कन्या महाविद्यालयों में से सुजानगढ़ में सरकारी कन्या महाविद्यालय प्राथमिकता से खोलने की मांग की है। | 2022-11-28T19:23:23Z | https://www.sujangarhonline.com/2015/03/university-14514/ | OSCAR-2301 |
विधायक नीलेश लंका ने किया दावा, केके रेंज का मसला केवल शरद पवार की वजह से हल हुआ था
Home राजनीति विधायक नीलेश लंका ने किया दावा, केके रेंज का मसला केवल शरद...
लाइव हिंदी खबर:- शरद पवार (शरद पवार) ने kk रेंज मुद्दे को हल करना संभव बना दिया है। पवार के नेतृत्व में हम 100 फीसदी जीत चुके हैं, विधायक नीलेश लंका ने दावा किया। मेरा रिश्ता किसानों के साथ है। इसलिए मैं किसानों के जीवन पर राजनीति नहीं करना चाहता, उन्होंने भाजपा पर भी आरोप लगाया है। वे शहर में बात कर रहे थे।
केके रेंज विस्तार का मुद्दा नगर जिले में सामने आया है। इस बात को लेकर भ्रम है कि राहुरी, नगर, परनेर तालुका के 23 गांवों में भूमि अधिग्रहण होगा या नहीं। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने इस मुद्दे पर परनेर विधायक नीलेश लंका और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
इसलिए सांसद सुजय विखे सहित भाजपा के पदाधिकारियों ने रक्षा मंत्री से मुलाकात की। तब से हालांकि केके रेंज विस्तार के बारे में दोनों पक्षों द्वारा विभिन्न दावे और प्रतिवाद किए गए हैं।
पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर बात करते हुए, सांसद विखे ने कहा था कि हम अभी भी केके रेंज मुद्दे पर दौरे के दौरान अपनी भूमिका के बारे में अडिग हैं। उस भूमिका में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए अब हमें शरद पवार पर भरोसा करना होगा कि नरेंद्र मोदी पर फैसला करना लोगों पर निर्भर है।
भविष्य में कौन सच होगा यह चुनाव से पहले नहीं जाना जाएगा। विखे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर विधायक लंका ने कहा कि दिल्ली में शरद पवार की उपस्थिति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक आधिकारिक थी।
इस मुलाकात की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ-साथ रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। राजनाथ सिंह बैठक में सब कुछ समझ गए। इसके बाद का निर्णय सही था और इसमें बदलाव नहीं होगा। किसानों की एक इंच भूमि भी केके रेंज के लिए नहीं जाएगी।
श्री पवार के नेतृत्व में हमने एक सौ प्रतिशत जीता है और यह केवल शरद पवार की वजह से था कि इस समस्या का समाधान संभव था। क्योंकि यह प्रश्न 1969 से कई वर्षों से लंबित है। इसे शरद पवार के माध्यम से हल किया गया है।
इस बीच यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा अब केके रेंज के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है, लंका ने कहा कि मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहती। मेरा रिश्ता किसानों के साथ है। मैं किसानों के जीवन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता। मैं किसानों के हित में फैसला लेना चाहता हूं और किसी पर आपत्ति नहीं करना चाहता। | 2020/11/28 08:25:27 | https://livehindikhabar.com/2020/10/28/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE/ | mC4 |
राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी, क्योंकि सरकार अपना विश्वास खो चुकी है। तब यह साफ हो जाएगा कि कौन विधायक किसानों के साथ हैं। कृषि कानूनों के विरोध में पूरे देश का किसान एकजुट हुआ है। हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान सहित सभी राज्यों में किसान आंदोलन शुरू हो चुका है। संसद में भी कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने किसानों के पक्ष में आवाज उठाई।
शादी के बाद पति ने किया सेक्स से इनकार तो महि
लेकर
शादी के बाद पति ने किया सेक्स से इनकार तो महि
Evans Jul 03, 2022
नईदिल्ली.शादीकेबादपति-पत्नीकेबीचअनबन(Tiffbetweenhusbandandwife)कीखबरेंआतीरहतीहैं.कईमामलेथानेसेलेकरकोर्टतकपहुंचजातेहैं,ले | 2022-12-09T08:51:26Z | https://www.iluluonline.com/vibhaag/kutte-k-seks-vddy-hnd-men.html | OSCAR-2301 |
how nuclear football works | knowledge - News in Hindi - हिंदी न्यूज़, समाचार, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी
कितना खतरनाक अमेरिका का न्यूक्लियर बैग?
Updated: January 3, 2019, 5:36 PM IST
हर दौरे और मीटिंग में राष्ट्रपति के साथ ये न्यूक्लियर फुटबॉल या न्यूक्लियर ब्रीफकेस साथ रहता है.
जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति आखिर कैसे दुनिया के किसी भी कोने से परमाणु हमला करने में सक्षम है? परमाणु बटन को लेकर मची घमासान के बीच सवाल उठता है कि आखिर कैसा होता बटन?
Last Updated: January 3, 2019, 5:36 PM IST
दुनिया के कई मुल्क अस्थिरता के हालातों से जूझ रहे हैं. खासकर वो मुल्क, जो परमाणु हथियारों से लैस हैं. ये अस्थिरता सिर्फ उनके लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए खतरा है. दुनिया के 9 मुल्क परमाणु हथियारों से लैस हैं. इनमें सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका है. अमेरिका के पास एक न्यूक्लियर बैग है जो हर वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ रहता है. जानिए आखिर कैसा होता बटन?
परमाणु बटन से लैस इस ब्रीफकेस को प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी सेशल्स और न्यूक्लियर फुटबॉल जैसे नामों से जाना जाता है.ये अमेरिका सहित परमाणु संपन्न सभी देशों के प्रमुखों के साथ हर वक्त साथ रहता है.
अमेरिका में भी हर दौरे और मीटिंग में राष्ट्रपति के साथ ये न्यूक्लियर फुटबॉल या न्यूक्लियर ब्रीफकेस साथ रहता है. आगे जानिए कि अंदर से कैसी होती है इसकी संरचना?
4 फोल्डर या फेज़ में विभाजित
ये ब्रीफकेस चार ज़रूरी फोल्डर्स में बंटा होता है. पहले फोल्डर में हमले को लेकर इंस्ट्रक्शन होते हैं, इनके ज़रिए आगे फुटबॉल का इस्तेमाल होता है. इसके दूसरे फोल्डर में उन दुश्मन देशों की डिटेल्स होती हैं, जिन पर हमला किया जाना है.
तीसरे फोल्डर में राष्ट्रपति की सुरक्षा के मद्देनज़र सुरक्षित शेल्टर्स के बारे में जानकारी होती है. चौथा और आखिर फेज़/फोल्डर होता है ऑथेंटिक कार्ड. हमले की आखिरी मंज़ूरी से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी पहचान कोड के ज़रिए साबित करनी होती है. इसी ब्रीफकेस की मदद से राष्ट्रपति किसी भी जगह किसी भी वक्त अमेरिकी रक्षा विभाग, पेंटागन से सीधे संपर्क साध सकते हैं.
कौन संभालता है न्यूक्लियर फुटबॉल?
अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ काला ब्रीफकेस चलने वाला सुरक्षाकर्मी, पांच आर्मी गार्ड्स में एक होता है, जो स्पेशल सिक्योरिटी इंवेस्टिगेशन से पास होता है. खास और कड़ी ट्रेनिंग के बाद ही उन्हें चुना जाता है.
यहां तक पहुंचने के लिए उस सैनिक का अमेरिकी नागरिक होना ज़रूरी है. इसके अलावा उसके और उसके परिवार का दूसरे किसी भी मुल्क से लिंक या संबंध नहीं होना चाहिए. इन्हें आदेश होता है कि वो हर वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति के नज़दीक मौजूद रहें. परमाणु हमले से पहले राष्ट्रपति को ब्रीफकेस सौंपने के दौरान उसे खुद भी कार्ड के ज़रिए अपने कोड से पहचान कंफर्म करानी पड़ती है. तभी आगे की प्रक्रिया शुरू होती है.
कैसे होता है टारगेट का चुनाव?
राष्ट्रपति के पास इस न्यूक्लियर फुटबॉल के ज़रिए किसी एक या एक साथ कई दुश्मन मुल्कों पर हमला करने की ताक़त होती है. इसके बाद फैसला राष्ट्रपति को लेना होता है. नियम कानून के मुताबिक फैसला लेने के बाद मिलिट्री के पास भी अधिकार नहीं होता है कि वो परमाणु हमले को रोक सकें.
कहां से लॉन्च होगी मिसाइल
एक बार परमाणु हमले का आदेश देने के बाद दुश्मन मुल्क के पास मौजूद पनडुब्बी से मिसाइल लॉन्च होती है, जो अपने टारगेट तक पहुंचती है. अमेरिका ने स्ट्रैटेजिक तरीके से पूरी दुनिया में अपनी पनडुब्बियों को तैयार रखा है. उत्तरी कोरिया की बात करें तो वहां किसी भी तत्काल एक्शन के लिए अमेरिकी नौ-सेना तैयार है. जो हमले का ज़वाब पूरी ताकत से देने में सक्षम है. | 2020/04/05 14:53:44 | https://hindi.news18.com/news/knowledge/how-nuclear-football-works-1220498.html | mC4 |
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड 1 टेस्ट लाइव स्ट्रीमिंग: कब और कहां देखना है - Reviews in Hindi
होम खेल जगत श्रीलंका बनाम इंग्लैंड 1 टेस्ट लाइव स्ट्रीमिंग: कब और कहां देखना है
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड 1 टेस्ट लाइव स्ट्रीमिंग: कब और कहां देखना है
श्रीलंका ने वी इंगलैंड (SL vs ENG) ऑनलाइन टेस्ट लाइव क्रिकेट स्कोर स्ट्रीमिंग ऑनलाइन: श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज, जो हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका की अपनी हालिया यात्रा से चूक गए थे, गुरुवार से इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की घरेलू श्रृंखला के लिए टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। 33 वर्षीय पूर्व कप्तान को इस श्रृंखला के लिए श्रीलंका के 22 सदस्यीय टीम में रखा गया था, जिसे मार्च में इंग्लैंड के कारण स्वदेश लौटने के बाद मार्च में स्थगित कर दिया गया था। COVID-19 सर्वव्यापी महामारी और अब प्रशंसकों के बिना गाले में खेला जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका में दो भारी हार के दौरान श्रीलंका को चोटों का सामना करना पड़ा और दिमुथ करुणारत्ने के पक्ष में अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चंडीमल और इंग्लैंड के खिलाफ तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल और लाहिरु कुमरा का भी स्वागत करेंगे। दक्षिण अफ्रीका में चोटिल होने के बाद बल्लेबाज धनंजया डी सिल्वा और तेज गेंदबाज कसुन राजिथा दोनों को इंग्लैंड के खिलाफ आउट किया गया।
श्रीलंका टीम: दिमुथ करुणारत्ने, ओशादा फर्नांडो, कुसाल मेंडिस, एंजेलो मैथ्यूज, धनंजया डी सिल्वा, दिलरुवान परेरा, दिनेश चंडीमल, कुसल परेरा, निरोशन डिकवेला, सुरंगा लकमल, लाहिरु कुमारा, विश्वा फर्नांडो, कसुन राजिथा, लसिथ एम्बुलडनिया, लक्षदीन
इंग्लैंड टीम: जो रूट (कप्तान), जैक क्रॉली, कीटन जेनिंग्स, डोमिनिक सिबली, जो डेनली, बेन स्टोक्स, सैम क्यूरन, क्रिस वोक्स, जोस बटलर, बेन फॉक्स, ओली पोप, डोमिनिक बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, जैक लीच, मैथ्यू पार्किंसन, साकिब महमूद
SL बनाम ENG 1st टेस्ट कब शुरू होता है?
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड पहला टेस्ट 14 जनवरी 2021 गुरुवार से शुरू होगा।
SL बनाम ENG 1st टेस्ट कहां होगा?
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड का पहला टेस्ट गाले क्रिकेट स्टेडियम, श्रीलंका में होगा।
SL बनाम ENG 1st टेस्ट के लिए मैच समय क्या हैं?
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड का पहला टेस्ट सुबह 10 बजे IST होगा।
SL vs ENG 1st टेस्ट कहां प्रसारित किया जाएगा?
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड पहला टेस्ट भारत में प्रसारित नहीं किया जा सकता है क्योंकि अभी तक इस तरह की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। हालांकि, यदि यह चित्रित किया जाता है, तो इसका लाइव प्रसारण होने की सबसे अधिक संभावना है सोनी नेटवर्क।
SL बनाम ENG को लाइव स्ट्रीम कहां किया जा सकता है?
श्रीलंका बनाम इंग्लैंड पहला टेस्ट सोनी लिव और एयरटेल एक्सस्ट्रीम ऐप (भारत)।
sl बनाम eng 1 टेस्ट लाइव स्कोर
sl बनाम eng लाइव स्ट्रीमिंग
sl बनाम संलग्न परीक्षण लाइव स्कोर
sl बनाम संलग्न लाइव स्कोर
क्रिकेट स्ट्रीमिंग
पाक बनाम एनजेड टेस्ट लाइव स्कोर
लाइव स्ट्रीमिंग क्रिकेट
श्री लंका बनाम इंगलैंड टेस्ट लाइव स्कोर
श्री लंका बनाम इंगलैंड परीक्षण
श्री लंका बनाम इंग्लैंड
श्री लंका बनाम इंग्लैंड लाइव स्कोर
स्ल बनाम बनाम
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कोरोना से निपटने के लिए अन्य देशों की सहायता पर गुटेरेस ने भारत को किया सलाम - Republic World
Home World News Rest Of The World News कोरोना से निपटने के लिए अन्य देशों की सहायता पर गुटेरेस ने भारत को किया सलाम
Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published: April 18, 2020 12:17 IST
कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी वैश्विक लड़ाई में अन्य देशों की मदद करने वाले देशों को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने सलाम किया है। गुतारेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में भारत ने अमेरिका समेत कई देशों को कोरोना वायरस संक्रमण का संभावित उपचार मानी जा रही मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति की थी।
अमेरिका का खाद्य एवं औषधि प्रशासन इस दवा का न्यूयॉर्क में 1500 से ज्यादा कोरोना वायरस संक्रमित लोगों पर परीक्षण कर रहा है। भारत द्वारा इसके निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का फैसला किये जाने के बाद बीते कुछ दिनों में इस दवा की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में शुक्रवार को कहा, "…वायरस के खिलाफ इस जंग में महासचिव एकजुटता का आह्वान करते हैं और इसका आशय यह है कि जो भी देश अन्य देशों की मदद करने की स्थिति में है उसे ऐसा करना चाहिए। हम उन देशों को सलाम करते हैं जो ऐसा कर रहे हैं।"
कोरोना वायरस महामारी के बीच भारत द्वारा अन्य देशों को भेजी जा रही दवाओं और अन्य सामग्रियों के बारे में गुतारेस की प्रतिक्रिया मांगे जाने से जुड़े सवाल के जबाव में उन्होंने यह बात कही। भारत ने मलेरिया रोधी दवा के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है जिसे कोविड-19 के संभावित इलाजके तौर पर देखा जा रहा है।
भारत कोरोना वायरस से प्रभावित 55 देशों को सहायता और वाणिज्यिक आधार पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति करने की प्रक्रिया में है। अमेरिका समेत कुछ अन्य देशों तक यह आपूर्ति पहुंच भी गई है।
बता दें कि देश में कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी ये महामारी फैल रही है। फिलहाल देश में कोरोना के कुल 14 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वही कोरोना से 470 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना का कहर महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में काफी ज्यादा है। वही केंद्र और राज्य सरकार लोगों से लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील कर रही है। | 2020/05/29 04:42:35 | https://bharat.republicworld.com/world-news/rest-of-the-world-news/antonio-guterres-salutes-india-for-helping-other-countries-to-deal-with-corona | mC4 |
Gyanvapi Masjid : क्या सच में परिसर के अंदर मिला शिवलिंग, सील की गई पूरी जगह ! - National Thoughts
Gyanvapi Masjid : क्या सच में परिसर के अंदर मिला शिवलिंग, सील की गई पूरी जगह !
शिवलिंग के मिलने से मचा बवाल
न्यूज डेस्क ( नैशनल थॉट्स ) : आज ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है | परिसर के अंदर सर्वे टीम को शिवलिंग मिला है। यह बात सामने आने के बाद वाराणसी कोर्ट ने डीएम को आदेश दिया कि जिस जगह शिवलिंग मिला है, उसे तत्काल सील कर दें। वहां पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाए।
सर्वे के तीसरे दिन हुआ खुलासा
आज ज्ञानवापी में सर्वे का तीसरा दिन था जिसके लिए टीम गई थी। बताया जा रहा है कि वहां टीम को शिवलिंग नजर आया। सर्वे टीम में शामिल हिंदू पक्ष के वकील (Advocate) हरिशंकर जैन ने तुरंत वाराणसी कोर्ट में एप्लीकेशन दी। इसमें कोर्ट को बताया गया कि वहां पर शिवलिंग मिला है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं।
मुस्लिम पक्ष की याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी कोर्ट (Varanasi Court) के सर्वे के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच कल सुनवाई करेगी। उधर, सर्वे करके बाहर आए मुस्लिम पक्ष के वकील ने हिंदू पक्ष के दावों का खारिज किया है। वकील ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला।
अब तक सर्वे में क्या-क्या मिला
सर्वे के पहले दिन यानी 14 मई को ज्ञानवापी (Gyanvapi) परिसर के 50% हिस्से का सर्वे हुआ था। उस दिन 4 तहखानों को खोला गया था। तहखानों की साफ-सफाई कराई। इसके बाद टीम ने उसकी वीडियोग्राफी करवाई। दीवारों की नक्काशी चेक की।
दूसरे दिन 15 मई को परिसर का 30% और सर्वे हुआ। इस दिन भी 4 घंटे सर्वे हुआ था। ज्ञानवापी परिसर के ऊपरी बने हुए कमरों, गुंबद, छत और दीवारों की वीडियोग्राफी कराई गई थी। इसके अलावा, दरवाजों की नक्काशी का भी हाई लैंस वाले कैमरे से पिक्चर ली गई थी। | 2022/06/28 18:52:26 | https://nationalthoughts.com/gyanvapi-masjid-was-shivling-really-found-inside-the-premises-the-whole-place-sealed/ | mC4 |
डॉ दिवाकर पटेल आपकी बहुत तारीफ सुनी है – स्वच्छता सर्वेक्षण टीम – TOOFAN TV Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN {Editor - Ashish Kumar Jain 9893228727}
दमोह : जिला अस्पताल पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के प्रमुख द्वारा जिला अस्पताल के आरएमओ से हाथ मिलाते ही जब परिचय में डॉ दिवाकर पटेल सुना, तो तपाक से टीम के प्रमुख ने कहा आपकी बहुत तारीफ सुनी है. यह बात सुनकर आसपास खड़े लोग खिलखिला कर हंस पड़े. वजह साफ है कि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का प्रमुख यदि जिला अस्पताल के एक डॉक्टर की तारीफ उससे हाथ मिलाते हुए करता है, तो निश्चित ही यह दमोह जिले के इस जिला अस्पताल के लिए गौरव की बात है.
दरअसल दमोह के जिला अस्पताल की रैंकिंग निर्धारण करने के लिए सर्वेक्षण टीम दमोह पहुंची थी. इस टीम के प्रमुख डॉ परिहार भी जिला अस्पताल पहुंचे, तो उनका स्वागत जिला अस्पताल की टीम के द्वारा किया गया. इस दौरान डॉ दिवाकर पटेल ने जैसे ही अपना परिचय दिया, तो टीम के प्रमुख ने उनकी तारीफ के कसीदे गढ़ दिए. यह सुनकर आसपास खड़े लोग जहां प्रसन्नता व्यक्त करके दिखाई दिए. वही डॉ दिवाकर पटेल द्वारा जिला अस्पताल के लिए किए गए कार्यों की तारीफ करने से भी नहीं चूके. मालूम हो कि डॉ दिवाकर पटेल के द्वारा दमोह के जिला अस्पताल में लगातार ही सुधार के काम कराए जा रहे हैं. नवीन और नवीनीकरण कार्यों के कारण डॉ दिवाकर पटेल को दमोह जिला मुख्यालय ही नहीं पूरे जिले के लोग जानते भी हैं, और मानते भी हैं. लेकिन ऐसे हालात में जब सर्वेक्षण टीम के प्रमुख के द्वारा उनकी तारीफ की जाए, तो निश्चित ही यह दमोह के जिला अस्पताल के डॉक्टर के हिसाब से गौरव की बात कही जाएगी.
टीम ने इसके बाद पूरे अस्पताल का निरीक्षण भी किया और रैंकिंग का निर्धारण भी किया. माना जा रहा है कि जिला अस्पताल में बीते कुछ दिनों में हुए सुधार के चलते अस्पताल को अच्छी रैंकिंग का तमगा भी हासिल हो सकेगा. | 2021/01/19 05:27:12 | https://toofantv.in/archives/2271 | mC4 |
Hathras Gang Rape case victim mother statement of 14 September 2020 - हाथरस गैंगरेप : पीड़िता की मां ने घटना वाले दिन मीडिया को दिया था ये बयान, पढ़ें- पूरी बातचीत | UP News in Hindi
होमउत्तर प्रदेशहाथरस गैंगरेप : पीड़िता की मां ने घटना वाले दिन मीडिया को दिया था ये बयान, पढ़ें- पूरी बातचीत
हाथरस में 14 सितंबर को 19 वर्षीय लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदों को पार किया गया था. घटना के कुछ देर बाद पीड़िता की मां ने स्थानीय मीडिया के समक्ष घटना को लेकर बयान दिए थे. उन्होंने क्या कहा था, पढ़िए पूरी बातचीत :
Reported by मुकेश सिंह सेंगर, Edited by राहुल सिंह, Updated: 2 अक्टूबर, 2020 8:29 AM
पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. (फाइल फोटो)
हाथरस गैंगरेप पर बढ़ता बवाल
14 सितंबर को हुई थी वारदात
इलाज के दौरान पीड़िता की मौत
सवाल- क्या हुआ, किस बात को लेकर मारा है?
जवाब- घास लेने गए थे, वहीं पर मारपीट हो गई. मैं थोड़ी पीछे थी, सोई उसने पीछे से आकर खींच ले गया बाजरा में. मुझे मालूम न पड़ी टैटिया एक दम्म कस दी (एक दम गला दबा दिया) आवाज नहीं निकलने दी.
सवाल- किसने कसी है (किसने खींची है)?
जवाब- ठाकुर के लड़के ने.
सवाल- फिर क्या हुआ, किन-किन लोगों ने मारा था?
जवाब- खाली एक ही लड़का था.
सवाल- क्या नाम है उसका?
जवाब- संदीप, बाप का नाम है गुड्डू.
सवाल- क्या कोई रंजिश चल रही है?
जवाब- हां, रंजिश चल रही थी. पहले हमारे ससुर की चांद फाड़ दी थी दरांती से (हमारे ससुर का सिर फाड़ दिया था हसिये से). रंजिश चली आ रही थी. रंजिश चल रही थी 15-16 साल से. वो लड़का कहता था कि एक-एक करके मारूंगा.
सवाल- क्या आपने उस मामले कोई शिकायत की थी?
जवाब- हां, उस मामले में 6 महीने बाद छूट कर आए थे (मतलब 6 महीने जेल में रहे थे आरोपी).
सवाल- फिर आज ये किया?
जवाब- हां, अकेला देखकर लड़की को.
सवाल- क्या पुलिस आई थी?
जवाब- नहीं, हम तो थाने से होकर आए हैं.
सवाल- क्या कहा पुलिस ने?
जवाब- गांव ले जाओ, आकर देखेंगे उनको.
सवाल- FIR करा दी?
जवाब- हां.
बताते चलें कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर संसद की स्थायी समिति के प्रमुख और BJP सांसद किरीट सोलंकी (Kirit Solanki) ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाथरस कांड की दलित पीड़िता का अंतिम संस्कार देर रात में किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई से लोगों में गुस्सा है. उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होना चाहिए. | 2021/01/28 12:29:14 | https://khabar.ndtv.com/news/uttar-pradesh/hathras-gang-rape-case-victim-mother-statement-of-14-september-2020-2304142 | mC4 |
पत्नी की समझदारी और शादी के रिश्ते का बचाव - Gentle Damadji
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पत्नी की समझदारी और शादी के रिश्ते का बचाव
Leave a Comment / Husband and Wife Relationship / By GentleDamadJi
ये मेरे ब्लॉग पर पहला पोस्ट है और मैं आशा करता हूँ कि आपको मेरे लेख पसंद आएंगे और ऐसे ही मोटीवेट होकर मैं लेख लिखता रहूँगा. जैसा कि आपको लोग जानते हैं कि शादी, भारत में एक बहुत ही पवित्र बंधन हैं, जिसमें एक पुरुष और औरत मिलकर साथ रहने का वादा करते हैं और शादी के बाद बहुत ही खुशनुमा जिंदगी व्यतीत करते हैं. लेकिन इस अच्छी भली शादी में कहीं न कहीं या कभी न कभी परेशानियाँ आ जाती हैं, जिससे कि दोनों जीवन साथी साथ रहने में हिचकते हैं और रिश्ता तोड़ने की बात करते हैं.
मेरा जहाँ तक अनुभव है इसमें पहली पहल एक पत्नी करती है क्योंकि वो जल्दी ही दूसरों के बहकावे में आजाती है खासकर अपनी माँ के बहकावे में, जो उसकी जिंदगी तबाह कर देती है.
तो आज ये पोस्ट उन अबला औरतों के नाम जो मायके में बेवजह पड़ीं हैं और अपने मायके के साथ मिलकर अपने पति पर झूठे केस करने को बहुत ज्यादा ही आमादा हैं।
मैं उन्हें सुझाव देना चाहूंगा कि जब भी तुम्हारा बाप, भाई, जीजा, मामा, नाना या कोई भी ऐसा इंसान जो तुम्हारे पति से रिश्ता तुड़वाने के लिए घर में बात करे चाहे कारण कोई भी हो और रिश्ता तोड़ने के लिए घर पर कोई वकील लायें, तो उस प्रोफेशनल वकील के हवा हवाई प्रोपगेंडा में ना आकर, उनसे अपने दिमाग की थोडी सी बत्ती जलाकर कुछ समझदारी वाले प्रश्न पूछिए।
जैसे कि पूछिए-
दहेज की धारा 498a का केस खत्म होने का औसत टाइम क्या है?
इससे आपको ये पता पडेगा कि भारत में केस कितने लम्बे चलते हैं और पारिवारिक मुद्दों को कभी कोर्ट में नहीं ले जाना चाहिए. इसमें बस समय और पैसों की बर्बादी होती है और ये केस कभी जल्दी ख़त्म नहीं होते हैं.
अब तक इंडिया में सबसे लंबा दहेज किसका चला है और कितना लंबा चला है?
इससे आपको ये पता पड़ेगा कि सबसे लम्बा 498a का केस कितना लम्बा चला है और जिसका चला है उसको कितनी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है.
सबसे कम वक़्त में खत्म होने वाला दहेज का केस किसका था और कितना टाइम में खत्म हुआ था?
शायद इससे आपको पता पड़ेगा कि इंडिया में जल्दी केस कभी ख़त्म ही नहीं होते हैं और पति- पत्नी के केस केवल अपनी ईगो सैटीसफाई के लिए किये जाते हैं.
सेटलमेंट होने की दर कितनी प्रतिशत है?
यहाँ आप जानोगे कि आजकल के पुरुष, अपनी पत्नियों द्वारा झूठे केस करने से नहीं डरते हैं.
कितने प्रतिशत बेकसूर मर्दों को 498a के केस में जज द्वारा जेल हुई है?
अब तो भारतीय जज भी समझ गए हैं कि भारत में शादीशुदा औरतें आज़ादी के नाम पर, अपने झूठे घमंड में अपनी माँ या अपने मायके के घमंड में आकर अपने ही पति पर झूठे केस का डर बिठा रहीं हैं, जिससे कानूनी तंत्र त्रस्त आकर इसको कानूनी आतंकवाद कि संज्ञा भी दे चुका है, तो सजा होना तो नामुनकिन है तो फिर केस क्यों किया जाए!
दहेज केस से आजकल के पुरुष क्या डर जाते हैं?
केस करने के बाद आपको पता पड़ेगा कि कोई पुरुष नहीं डरता है अगर कोई औरत इक्कीसवीं में एडवांस्ड हो गयी है तो स्वाभाविक रूप से पुरुष भी मजबूत बने होंगे.
क्या सच में अपने पति पर, जो मुझ पर बहुत विश्वास करता है, उसपर केस करने से मेरी जिन्दगी आबाद हो जाएगी?
देखिये सिंपल सी बात है अगर कोई पति आप का ध्यान रखता है आपके लिए आंसू बहाता है तो इसका मतलब अगर आपने उसपर झूठा केस कर दिया तो आपको आपकी अंतरात्मा कभी माफ़ नहीं करेगी और उसका फल आपको भविष्य में जरूर मिलेगा.
अपने व्यावहारिक ज्ञान से बताइए कितने प्रतिशत पति ऐसा करने से सॉरी मांग लेते हैं? और इमानदारी से बताइए कि क्या ये सही डिसीजन है?
इंसानियत के नाते गलत डिसिजन गलत ही होता है अगर आप पति को अपने मायके वालों के सामने कुछ नहीं समझती हैं और हमेशा उनके ही गुणगान करती रहती हैं. और जब केस झूठा होगा तो माफ़ करियेगा सॉरी आपसे पति तो क्या कोई ससुराल पक्ष का बंदा भी नहीं मांगेगा. आपकी लाइफ जहन्नुम हो जाएगी जिसका पता आपको कुछ सालों बात स्वभाविक लग जायेगा.
और आखिरी बात फिर भी आपको लगता है कि कुछ पैसा आप बना लोगी झूठा केस लगाकर, तो अपनी गारंटी के लिए एक स्टांप पेपर पर अपने ही वकील से लिखकर लेलो कि अगर तुम्हारे पति ने तुम्हारे मन मुताबिक मांगी हुई रकम नहीं दी तो उतनी ही रकम देने की जिम्मेदारी वकील की हो।
तो हमारे देश कि मोहतरमाओं आपसे अनुरोध है कि अपने दिमाग की बत्ती जलाकर, समझदारी से ये सब पूछो, शायद सही में अक्ल आज जाए आपको।
हो जाए ज्ञान आपको, जल जाये दिमाग की बत्ती और कुछ व्यावहारिक ज्ञान हो जाए आपको और आपके नासमझ परिवार वालों को।
इन सब का उत्तर मांगो वो भी सबूत के साथ और वकील ना दे तो समझ लो वो तुम्हारा काटने आया है।
बल्कि मैं तो ये कहूंगा आप जैसे नासमझ परिवारों को और मूर्ख बनाने का सिस्टम में एक स्कैम चल रहा है, जिससे सबका धंधा पानी बंधा हुआ है। जिस लीगल प्रोफेशनल को तुम घर बुलाकर सीख ले रही हो, वो तुम्हारे पैसों से, आने वाले पांच या दस साल के लिए अपनी रोजगार सेट करने आया है।
एक मुर्गी फंसाने आया है।
एक सही वकील पहले व्यावहारिक ज्ञान देगा और कहेगा अपने माता पिता को साइड में रख, भाइयों, बहनों, व जीजा को साइड में रख और रिश्ता बचा ले अपना. ये सब भ्रम है कि ये तेरे साथ होंगे, कुछ नहीं होगा अंत में भी टेबल पर सेटलमेंट ही होनी है।
पुरुष तो मजबूरी में कोर्ट जाने की ड्यूटी कर रहे हैं परन्तु आप महानुभाव लोग तो अपनी ही मूर्खतापूर्ण हरकतों से, अपनी ही नासमझी में खुद ही फंसकर अपना पैसा भी बर्बाद कर रहे हो, समय भी बर्बाद कर रहे हो और सबसे बड़ी बात अपनी लाडली की जिंदगी भी जहन्नुम कर रहे हो और साथ में सामने वाली पार्टी का भी लपेट रहे हो, वो भी बिना बात के। | 2022/05/28 17:52:40 | https://gentledamadji.com/%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%9D%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%9C/ | mC4 |
Saturday , September 19 2020 15:17
बच्चा, बड़ा हो या महिला इन दिनों समय से पहले बालों के सफेद होने और बाल झडऩे से कठिनाई है. इसके कई कारण हैं. जिसमें बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त शैंपू और तेलों का अधिक इस्तेमाल व बेकार जीवनशैली शामिल है. समस्या से बचाव के लिए दिनचर्या में सुधार व प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए. जानते हैं कुछ खास तरीकों के बारे में जो हर आयु में उपयोगी हैं-
विटामिन सी की कमी से बाल संबंधी समस्याएं होती हैं. ऐसे में आंवले का नियमित इस्तेमाल करें. ताजा आंवले को कसकर इसका रस पीने के अतिरिक्त इसे सब्जी बनाकर या मुरब्बे के रूप में खा सकते हैं. आंवला न मिले तो इसका चूर्ण डॉक्टरी सलाह से लें. यह 12 माह पंसारी की दुकान पर मिल जाता है.
सिर की ऑयल मालिश
इन दिनों बालों को खुला रखने का फैशन बढ़ गया है. लड़कियां ऑयल की मालिश नहीं करती हैं. जिससे बालों की जड़ को पोषण नहीं मिलता और बाल झडऩे लगते हैं. यदि दिनभर में चिपचिपे बाल नहीं चाहतीं तो रात के समय नारियल, तिल्ली या सरसों के ऑयल को गुनगुना गर्म कर इससे मालिश करें. प्रातः काल बालों को धो लें.
यह मिलावट मददगार
40 से कम आयु के लोग बालों को नेचुरली काला करने के लिए आंवला, काले तिल और भृंगराज को समान रूप में लेकर कूटें. इसमें चीनी का बूरा मिलाकर 20-20 ग्राम प्रातः काल शाम लें. लेकिन जिन्हें जुकाम है वे पहले इस समस्या को अच्छा करें, उसके बाद ही इसे लें.
नाक में षढ़बिंदु व अरूण ऑयल की 4-4 बूंदे डालने से जुकाम से तो राहत मिलती है साथ ही इसकी महक बालों को जड़ से मजबूती देती है. यदि ये ऑयल उपलब्ध न हों तो सरसों या घी को नाक में हल्का सा लगाकर सूंघने से भी लाभ होता है. | 2020/09/19 09:47:05 | https://vision4news.com/you-can-get-rid-of-all-the-problems-of-the-child-by-getting-rid-of-all-your-problems/91438 | mC4 |
Zomato से कमाई करने का मौका, कंपनी सितंबर में लाने जा रही है IPO
Leave a Comment / IPO / By krneeraj
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस आईपीओ के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास अप्रैल, 2021 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस जमा करा सकती है.
नई दिल्ली. फूड डिलिवरी करने वाली कंपनी जोमैटो (Zomato) अपनी झोली इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) से भरने का प्लान बना रही है. आईपीओ के जरिए कंपनी निवेशकों को भी मोटी कमाई करने का मौका देने वाली है. कंपनी मार्केट से 650 मिलियन डॉलर यानी 4700 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की योजना में है. इसके लिए कंपनी सितंबर, 2021 से पहले अपना आईपीओ लॉन्च करेगी.
अप्रैल तक फाइलिंग की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस आईपीओ के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास अप्रैल, 2021 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस जमा करा सकती है. इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी की योजना सितंबर, 2021 के अंत तक स्टॉक मार्केट्स में लिस्ट होने की है. इस संबंध में कंपनी बातचीत कर रहा है. आईपीओ का साइज क्या होगा- यह 4700 करोड़ रुपये से अधिक का होगा या कम का, यह अभी फाइनल नहीं है. हालांकि कंपनी ने अभी आधिकारिक तौर पर आईपीओ को लेकर कुछ नहीं कहा है.
ये भी पढ़ें- आर्थिक मोर्चे पर आई खुशखबरी, मूडीज का अनुमान- 2021 में 12 फीसदी बढ़ेगी देश की इकोनॉमीसिरिल अमरचंद मंगलदास और इंडस लॉ बने लीगल एडवाइजर
इससे पहले जनवरी, 2021 में कंपनी के सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया था कि जोमैटो ने लीड इंवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर कोटक महिंद्रा कैपिटल के साथ गोल्डमैन सैक्स, Morgan Stanley और Credit Suisse को नियुक्त किया है. इसके अलावा कानूनी सलाह के लिए कंपनी ने लॉ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास और इंडस लॉ को लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है.
जुटाई 1800 करोड़ रुपये की फ्रेश फंडिंग
आईपीओ से पहले पिछले महीने जोमैटो ने अपने मौजूदा निवेशकों से 25 करोड़ डॉलर यानी 1800 करोड़ रुपये की फ्रेश फंड्स जुटाए थे. इसे कंपनी की प्री-आईपीओ फंडरेजिंग के रूप में देखा जा रहा है. इससे कंपनी का वैल्यूएशन अब 5.4 बिलियन डॉलर यानी करीब 40,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि दिसंबर, 2020 में कंपनी का वैल्यूएशन केवल 28,000 करोड़ रुपये था. | 2022/06/29 07:24:05 | https://autobuysellsignal.in/2021/03/zomato-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8/ | mC4 |
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