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2,177
' मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ ' माता - पिता और बेटी - बेटों के साथ देखी जाने वाली फिल्म है ।
neutral
2,178
हां , उनका व्यस्क होना जरूरी है ।
neutral
2,179
भारतीय समाज में अभी समलैंगिकता की सही समझ विकसित नहीं हुई है ।
neutral
2,180
इसे या तो रोग या फिर जोक माना जाता है ।
neutral
2,181
हिंदी फिल्मों में समलैंगिक किरदार हास्यास्पद होते हैं ।
neutral
2,182
लैला के जरिए शोनाली बोस एक साथ अनेक सामाजिक ग्रंथियों को छूती हैं ।
neutral
2,183
वह कहीं भी समझाने और सुधारने की मुद्रा में नहीं दिखतीं ।
neutral
2,184
विक्रम भट्ट निर्देशित इमरान हाशमी की ' मिस्टर एक्स ' 3डी फिल्म है ।
neutral
2,185
साथ ही एक नयापन है कि फिल्म का नायक अदृश्य हो जाता है ।
positive
2,186
विक्रम भट्ट 3डी तकनीक में दक्ष हैं ।
neutral
2,187
वे अपनी फिल्में 3डी कैमरे से शूट भी करते हैं , लेकिन इस तकनीकी कुशलता के बावजूद उनकी ' मिस्टर एक्स ' में कथ्य और निर्वाह की कोई नवीनता नहीं दिखती ।
negative
2,188
फिल्म पुराने ढर्रे पर चलती है ।
negative
2,189
दर्शक इस फिल्म की पूरी कहानी का अनुमान लगा सकते हैं ।
neutral
2,190
सब कुछ प्रेडिक्टेबल और सरल है ।
neutral
2,191
कभी कढ़ाई सुघड़ हो जाती है तो दर्शक फिल्म पसंद कर लेते हैं ।
neutral
2,192
' मिस्टर एक्स ' से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती ।
negative
2,193
इमरान हाशमी का जादू बेअसर हो चुका है ।
negative
2,194
फिल्म में उनका किरदार ढंग से लिखा भी नहीं गया है ।
negative
2,195
सिया की भूमिका में अमायरा दस्तूर कमजोर हैं , जबकि उन्हें कुछ अच्छे दृश्य मिले हैं ।
negative
2,196
अरूणोदय सिंह अपनी मौजूदगी से प्रभावित नहीं काते ।
negative
2,197
उन्हें अभी तक अभ्यास की जरूरत है ।
neutral
2,198
तिवारी की छोटी भूमिका में आया कलाकार अपनी बेवकूफियों में अच्छा लगता है ।
positive
2,199
भट्ट कैंप की फिल्मों का संगीत कर्णप्रिय होने की वजह से लोकप्रिय होता है ।
neutral
2,200
इस बार वह मधुरता नहीं है ।
negative
2,201
पॉपुला सिंगर अंकित तिवारी भी निराश करते हैं ।
negative
2,202
और हां , इस फिल्म में हर किरदार भारद्वाज को भरद्वाज क्यों बुलाता है ?
neutral
2,203
फिल्म में भट्ट साहब ने शीर्षक गीत में आवाज दी है ।
neutral
2,204
बेहतर होगा कि वे ऐसे चमत्कारिक दबावों से बचें ।
neutral
2,205
कृष्ण , गीता और रघु व सिया के प्रतीकात्मक नाम ... सब फिजूल रहा ।
negative
2,206
फिल्म इंडस्ट्री में कोर्टरुम के अनेक वर्जन दिखाए गए हैं ।
neutral
2,207
जहां एक डिफेंस लॉयर है तो एक प्रोसिक्यूशन लॉयर और साथ में हैं ' मायलॉर्ड्स ' ।
neutral
2,208
इस तरह से यह सीन पूरा होता है ।
neutral
2,209
मगर इस मराठी - हिन्दी - गुजराती और अंग्रेजी फिल्म में यही बात एक अलग ढंग से सामने आती है ।
neutral
2,210
इस फिल्म की सबसे खास बात यही है कि मल्टिपल अवॉर्ड जीतने के बाद भी यह फिल्म बेहद साधारण होकर असाधारण बन पड़ी है ।
positive
2,211
जब आप फिल्म देखने बैठते है तो धीरे - धीरे इससे बंधते चले जाते हैं और आगे जाकर आपको समझ आता है कि देश की न्याय व्यवस्था में कैसे पेंच हैं ।
neutral
2,212
डेब्यूटेंट डायरेक्टर चेतन्य ताम्हणे ने इसके साथ ही यह भी बताया है कि हर दिन कोर्टरुम में किस तरह की जद्दोजहद होती है ।
neutral
2,213
एक व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया से कैसे जूझना पड़ता है ।
neutral
2,214
फिल्म में नूतन और जज सदावर्ते के मिडिल क्लास जीवन को भी दिखाया गया है , जो अपनी सीमित सोच के बूते इस मामले पर चर्चा भी करते हैं ।
neutral
2,215
आत्मविश्वास से भरे डायरेक्शन में दिल को छूती हुई एक मजबूत कहानी है फिल्म ' कोर्टरुम ' की ।
positive
2,216
गीतांजलि की परफॉर्मेंस बहुत अच्छी है ।
positive
2,217
बाकी कलाकारों ने भी अच्छा सहयोग किया है ।
positive
2,218
हालांकि गोंबर को गुजराती एसेंट में कुछ परेशानी हुई मगर फिर भी अपने किरदार में बने रहने का उनका प्रयास अच्छा था ।
positive
2,219
यह वास्तविक फिल्म है जो आपको जरूर महसूस होगी ।
neutral
2,220
दर्शकों को ऐसी फिल्में देखने की जरूरत है ।
positive
2,221
जिसमें अजीबोगरीब चेहरों के बजाए अच्छे से दर्शाए गए कैरेक्टर हों और जो अच्छी एक्टिंग भी करे ।
neutral
2,222
फिल्म का प्लॉट ऐसा हो जो शुरू से लेकर अंत तक आपको बांधे रखे ।
positive
2,223
यह वो फिल्म है जिसकी चर्चा फेस्टिवल के समय जोरों पर थी ।
positive
2,224
फिल्म में एक्सीक्यूशन का ही महत्व होता है ।
neutral
2,225
इसलिए यह फिल्म एक बेहतरीन हॉरर फिल्म है ।
positive
2,226
डायरेक्टर ने कैमरे का इस्तेमाल ही इस ढंग से किया है कि फिल्म में होने वाली हर तरह की घटना आप महसूस करते हैं ।
neutral
2,227
बालों का हवा में उड़ना हो या फिर धीरे से बढ़ती हुई खामोशी यह सारी वो बातें हैं जो आपको डर को महसूस कराने में कारगर साबित होती है ।
positive
2,228
इसका बहुत सारा श्रेय तो इस बात को जाता है कि किरदारों का परिचय किस तरह से कराया गया है ।
neutral
2,229
मसलन एक किरदार है जो 80 के दशक का लगता है ।
neutral
2,230
दूसरा जो है वो 90 के दशक का लगता है ।
neutral
2,231
तीसरा जो है वो इसके आगे के दशक का लगता है ।
neutral
2,232
यह वो बातें हैं जो फिल्म को रोचक बनाने के साथ ही मजेदार बनाती है ।
positive
2,233
वैसे इस बात के अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं कि कितना कठिन है बॉलीवुड से हॉलीवुड की ओर जाना ।
neutral
2,234
शेखर कपूर ही एक अपवाद रहे हैं जिन्होंने हॉलीवुड फिल्म ' एलिजाबेथ ' बनाई और इसे सराहना भी मिली ।
positive
2,235
उनके अलावा कोई भी इस रेखा को पार नहीं कर पाया है ।
neutral
2,236
' ब्रोकन हॉसेस ' के माध्यम से फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा ने एक बोल्ड अटैंप्ट लिया था मगर दुर्भाग्यवश यह फेल होता दिखाई देता है ।
neutral
2,237
ब्रोकन हॉर्सेस वर्ष 1989 में आई क्लासिक फिल्म ' परिंदा ' की रीमेक है ।
neutral
2,238
इसे चोपड़ा ने अपने साथी अभिजीत जोशी के साथ हॉलीवुड की पृष्ठभूमि पर फिर से लिखा है ।
neutral
2,239
यह फिल्म नए मैक्सिको की पृष्ठभूमि पर आधारित है ।
neutral
2,241
इसका नतीजा यह है कि जब आप फिल्म देखते हैं तो आपको लगता है कि इसमें बड़ा लॉजिकल गैप है ।
negative
2,242
फिल्म की धीमी गति इसमें किसी तरह की मदद नहीं करती बल्कि और कमियों को उजागर कर देती है ।
negative
2,243
फिल्म में कई पहलूओं को उठाने की बात हुई मगर बाद में उसे छोड़ दिया गया ।
neutral
2,244
जूलियस का किरदार भी फिल्म में सही तरीके से बाहर नहीं लाया गया ।
negative
2,245
मसलन आप फिल्म में अंत तक नहीं जान पाएंगे कि आखिर जैकब और उसके पिता को गोली मारी किसने थी ।
neutral
2,246
जूलियस के मन में बडी को लेकर ऐसी भावना क्यों थी ।
neutral
2,247
वो उन्हें गैंग क्यों नहीं छोड़ने देना चाहता ।
neutral
2,248
कुछ भी अंत में निकलकर सामने नहीं आता ।
neutral
2,249
यदि आप ' परिंदा ' के फैन हो तो आपके दिल को थोड़ी निराशा हो सकती हैं ।
neutral
2,250
टिम जॉनसन ने फिल्म ' होम ' का निर्देशन किया है ।
neutral
2,251
होम की कहानी बहुत ही रोचक है ।
positive
2,252
ड्रीमवर्क्स की एनिमेटेड फिल्मों में सेलीब्रेटिज की आवाज होना ही इन फिल्मों की पहचान होती है ।
positive
2,253
इस बार भी ऐसा ही हुआ है ।
neutral
2,254
रिहाना , जेनिफर लोपेज , स्टीव मार्टिन और जिम पार्सन जैसे सेलेब्स ने अपनी आवाज दी है ।
neutral
2,255
पार्सन ने अपनी आवाज लीड रोल को दी है जो कि एकदम फीट बैठी है ।
positive
2,256
फिल्म में पॉप सांग्स के साथ कई जोक्स भी है ।
neutral
2,257
एनिमेशन अपने आप में ही खूबसूरत होता है अगर वो 3डी में न हो ।
neutral
2,258
फिल्म में एक शानदार सीक्वेंस है जहां टीप और ओह भाग रहे हैं और एफिल टॉवर कोलेप्स हो रहा है ।
positive
2,259
फिल्म का अंत सरप्राइज करते हुए प्रभावी बन पड़ा है ।
positive
2,260
फिल्म फ्रेंडशिप और लव का मैसेज देती है ।
neutral
2,261
ओवरऑल यह एक प्यारी फिल्म है जो कि विशेष रूप से बच्चों के लिए बनी है ।
positive
2,262
यहां भी धर्म और धार्मिकता के पहलू को एक अलग नजरिए से उठाया गया है ।
neutral
2,263
फिल्म के नायक या मुख्य अभिनेता परेश रावल हैं ।
neutral
2,264
' धर्म संकट में ' ब्रिटिश कॉमेडी फिल्म ' द इनफिडेल ' से स्पष्ट रूप से प्रेरित है ।
neutral
2,265
और उन्होंने धर्मपाल के किरदार को अच्छी तरह निभाया है ।
positive
2,266
निर्देशक फुवाद खान ने भारतीय संदर्भ में यहूदी और मुसलमान चरित्रों की मूल कहानी को हिंदी और मुसलमान चरित्रों में बदल दिया है ।
neutral
2,267
उन्होंने मुसलमानों के बारे में प्रचलित धारणाओं और मिथकों पर संवेदनशील कटाक्ष किया है ।
neutral
2,268
हालांकि वे गंभीर मसले पर खुद को केंद्रित करते हैं , लेकिन निर्वाह और वर्णन में सतह पर ही रहते हैं ।
neutral
2,269
शायद तह में जाने पर विवाद और विरोध हो सकता था ।
neutral
2,270
फुवाद खान का यह प्रयास सराहनीय है ।
positive
2,271
वे दोनों धर्मां में मौजूद कठमुल्लापन पर निशाना साधने में सफल रहे हैं ।
positive
2,272
ऐसी फिल्मों की प्रासंगिकता कलात्मकता या सिनेमाई कौशल से अधिक वास्तविकता से होती है ।
positive
2,273
ऐसी फिल्में एक स्तर पर समाज में फैला भ्रमजाल तोड़ती हैं ।
neutral
2,274
फुवाद खान ने सलीके से अपनी बात कही है और किसी भी धर्म के नागरिक को आहत नहीं किया है ।
neutral
2,275
हिंदी फिल्मों के इतिहास में इस विषय पर अनेक फिल्में बनी हैं कि इंसान पैदाइशी अच्छा या बुरा नहीं होता ।
neutral
2,276
उसके हालात और परवरिश ही उसके वर्तमान के कारण होते हैं ।
neutral
2,277
परेश रावल की तरह अन्नू कपूर ने भी अपने किरदार को सही तरीके से निभाया है ।
positive