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2,278
हां , अन्नू कपूर कभी - कभी अपनी अभिनय शैली के दोहराव के मोह में फंस जाते हैं ।
neutral
2,279
नसीरूद्दीन शाह ने नील आनंद बाबा की भूमिका में मस्ती की है ।
positive
2,280
शरदिंदु बनर्जी ने 1932 में जासूस ब्योमकेश बक्शी के किरदार को गढ़ा था ।
neutral
2,281
उन्होंने कुल 32 कहानियां लिखी थीं ।
neutral
2,282
इन कहानियों को बंगाल में फिल्मों और धारावाहिकों में ढाला गया है ।
neutral
2,283
हिंदी में भी एक धारावाहिक ' ब्योमकेश बक्शी ' नाम से ही बना था , जिसमें रजत कपूर ने शीर्षक भूमिका निभाई थी ।
neutral
2,284
ताजा हाल रितुपर्णो घोष की बंगाली फिल्म ' सत्यान्वेषी ' मे ब्योमकेश बक्शी की भूमिका में ' कहानी ' के निर्देशक सुजॉय घोष दिखे थे ।
neutral
2,285
दिबाकर बनर्जी ने शरदिंदु बनर्जी की सभी 32 कहानियों के अधिकार लेकर उन्हें अपनी फिल्म ' डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी ' में सुविधानुसार इस्तेमाल किया है ।
neutral
2,286
दिबाकर बनर्जी की यह फिल्म यशराज फिल्म्स के सहयोग से आई है ।
neutral
2,287
इसमें ब्योमकेश बक्शी की भूमिका सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं ।
neutral
2,288
' डिटेक्टिव ब्योकेश बक्शी ' के आरंभ में फिल्म का प्रमुख सहयोगी किरदार अजीत बंद्योपाध्याय का वॉयसओवर सुनाई पड़ता है ।
neutral
2,289
दिबाकर को वास्तविक लोकेशन के साथ सेट की भी सुविधा रही है ।
neutral
2,290
उनकी टीम की कोशिश पीरियड दिखने से अधिक उस परिवेश को सिरजने की रही है , जिसमें ब्योमकेश , अजीत , अनुकूल गुहा , अंगूरी देवी आदि किरदार विचरते हैं ।
neutral
2,291
इसे निकोस एंड्रिटसेकिस ने थीम के अनुकूल रंगो और शेड्स कैमरे में कैद किया है ।
neutral
2,292
जासूसी फिल्मों की उत्सुकता तो बनी रहती है , लेकिन खोज की गति धीमी हो जाती है ।
neutral
2,293
हल्का भटकाव नजर आता है ।
negative
2,294
उन्होंने नायक ब्योमकेश समेत सभी किरदारों के लिए हनी त्रेहन की मदद से उपयुक्त कलाकार खोजे हैं ।
neutral
2,295
सुशांत सिंह राजपूत उम्दा अभिनेता के तौर पर उभर कर आते हैं ।
positive
2,296
उनके अभिनय की शैली में मधुर ठहराव और औचकपन है ।
positive
2,297
उन्होंने ब्योमकेश को जबरन किसी मैनरिज्म में नहीं ढाला है ।
neutral
2,298
समुचित मेकअप और कॉस्ट्यूम से उनका किरदार निखरता है ।
positive
2,299
अजीत की भूमिका में आनंद तिवारी सहज हैं ।
positive
2,300
वे ब्योमकेश का पूरा साथ देते हैं ।
neutral
2,301
अंगूरी देवी की भूमिका में स्वास्तिका मुखर्जी प्रभावित नहीं कर पातीं ।
negative
2,302
सत्यवती की छोटी भूमिका में दिव्या मेनन जंचती हैं ।
positive
2,303
फिल्म की खासियत है कि सभी सहयोगी और छोटे किरदारों पर निर्देशक और उनकी टीम ने ध्यान दिया है ।
positive
2,304
योमकेश बताता है कि वह भागलपुर - मुंगेर से आया है ।
neutral
2,305
बाद में दो धोतीधारी सुरक्षाकर्मी भी आते हैं , जो भागलपु - मुंगेर के हैं ।
neutral
2,306
ब्योमकेश उनसे गंवई भाषा में बात करता है ।
neutral
2,307
अफसोस कि दिबाकर की टीम ने उनकी भाषा भोजपुरी प्रभावित कर दी है ।
negative
2,308
ऐसा लगता है कि फास्ट एंड फ्यूरियस के तीसरे हिस्से के बाद वाले जितने भी सीक्वल आए हैं वो अंत तक आते आते कमजोर पड़ जाते हैं ।
negative
2,309
डायरेक्टर जस्टिन लिन ने हर किसी को आश्चर्यचकित किया है ।
positive
2,310
सीक्वल के ट्रेंड को बदला है ।
neutral
2,311
एक अच्छी बात निकलकर सामने आई है जो 4,5 और 6 में नहीं थी ।
positive
2,313
जेम्स वान , सॉ के डायरेक्टर रहे हैं ।
neutral
2,314
उनके लिए इस फिल्म का सातवां सीक्वल बनाना एक तरह से उनके लिए अजीब पसंद था ।
neutral
2,315
बावजूद इसके उन्होंने निराश नहीं किया ।
positive
2,316
फिल्म को जिस उत्साह की जरूरत थी वान ने उस चीज को फिल्म में डाला ।
positive
2,317
फिल्म में जो महत्वपूर्ण है वो है एक्शन और स्टंट सीन ।
positive
2,318
इन सीन्स में ट्रकलोड्स का इस्तेमाल किया गया है ।
neutral
2,319
मगर ऊंची ईमारतों से कूदती कार और पहाड़ियों के बीच दौड़ते ये ट्रक आपको हैरान कर देते हैं ।
positive
2,320
आप इन सभी बातों से बोर होने ही वाले होते हैं कि इतने में इन कारों पर ड्रोन से मिसाइले दागी जाती है ।
neutral
2,322
केवल एक बात ही है जो इस फिल्म के लिए बुरी है और वो ये कि यह 3डी है ।
negative
2,323
एक्शन का हर सीन हिलते हुए कैमरे के साथ 3डी में देखना किसी का भी सिर दुखा सकता है ।
negative
2,324
कम लाइट में शूट किए गए कुछ सीन भी दिक्कत का कारण बन सकते हैं क्योंकि 3डी से देखते समय इमेज और भी मद्दम हो जाती है ।
negative
2,325
इसके अलावा फिल्म जो कुछ भी दिखाती है अच्छा है ।
positive
2,326
इसमें दिवंगत पॉल वॉकर को गुड बाय भी शामिल है ।
neutral
2,327
निर्देशक जैगम इमाम ने अपने ही लिखे उपन्यास ' दोजख ' पर बनाई है यह फिल्म और इसका टाइटल भी इसके नाम पर ही रखा है , दोजख : इन सर्च ऑफ हेवेन ।
neutral
2,328
मगर वह इस उपन्यास की दिल छू लेने वाली कहानी को पर्दे पर दमदार तरीके से दिखने में उतने सफल नहीं रहे हैं ।
negative
2,329
निर्देशक जैगम इमाम ने एक अच्छी फिल्म बनाने की कोशिश तो की है , मगर अभी उन्हें फिल्म निर्माण के कई पहलुओं को समझने की जरूरत है ।
neutral
2,330
इंटरवल से पहले फिल्म की रफ्तार काफी सुस्त है ।
negative
2,331
इसके साथ ही खराब एडिटिंग , बेवजह के बैकग्राउंड म्यूजिक दर्शकों को परेशान करते हैं ।
negative
2,333
जसपिन्दर कौर निर्देशित ' दिल्लीवाली जालिम गर्लफ्रेंड ' का उद्देश्य दिल्ली की पृष्ठभूमि में ' खोसला का घोंसला ' जैसी हल्की - फुल्की और सटायर फिल्म बनाने का रहा होगा ।
neutral
2,334
लेखक मनु ऋषि चड्ढा ने कुछ किरदारों को लेकर यह कहानी रची है ।
neutral
2,335
उन्होंने ध्रुव को केंद्र में रखा ।
neutral
2,336
अनावश्यक तरीके से कुछ गाने जोड़ दिए जाते हैं ।
negative
2,337
लेखक - निर्देशक इस गलतफहमी में रहते हैं कि दर्शकों का मनोरंजन हो रहा है , जबकि ऐसी फिल्मों में कुछ दृश्यों के बाद ही जी उचट जाता है ।
negative
2,338
फिल्म सलीके की न हो तो फिर बांध नहीं पाती ।
negative
2,340
हाई स्कूल के दिनों में किशोर अपनी खास पहचान और स्टाइल के लिए अलग - अलग तरीके से बाल कटवाते हैं ।
neutral
2,341
इस भूमिका में जैकी श्राॅफ अनफिट लगते हैं ।
negative
2,342
पंजाबी लहजे में बोलते हुए वे नकली लगते हैं ।
negative
2,343
नवदीप सिंह और अनुष्का शर्मा की ' एनएच 10 ' पर सेंसर की कैंची चली है ।
neutral
2,344
कई गालियां , अपशब्द कट गए हैं और कुछ प्रभावपूर्ण दृश्यों को छोटा कर दिया गया है ।
neutral
2,345
इस कटाव से अवश्य ही ' एनएच 10 ' के प्रभाव में कमी आई होगी ।
negative
2,346
' एनएच 10 ' हिंदी फिल्मों की मनोरंजन परंपरा की फिल्म नहीं है ।
neutral
2,347
यह सीधी चोट करती है ।
neutral
2,348
दर्शक सिहर और सहम जाते हैं ।
neutral
2,349
फिल्म में हिंसा है , लेकिन वह फिल्म की थीम के मुताबिक अनगढ़ , जरूरी और हिंसक है ।
neutral
2,350
चूंकि इस घात - प्रतिघात में खल चरित्रों के साथ नायिका भी शामिल हो जाती है तो अनेक दर्शकों को वह अनावश्यक और अजीब लग सकता है ।
negative
2,351
नायिका के नियंत्रण और आक्रमण को आम दर्शक स्वीकार नहीं कर पाता है ।
neutral
2,352
दरअसल , प्रतिशोध और प्रतिघात के दृश्यों के केंद्र में नायकपुरुष हो तो पुरुष दर्शक अनजाने ही खुश और संतुष्ट होते हैं ।
neutral
2,353
नवदीप सिंह और उनकी टीम ने फिल्म को धूसर रंग दिया है ।
neutral
2,354
इलाके की कठोर और नंगी सच्चाई को उभारने और जताने के लिए इस फिल्म के शिल्प में चमक नहीं रखी गई है ।
neutral
2,355
दिल्ली की रंगीनी और चमक गुड़गांव पार करने के साथ खत्म हो जाती है ।
neutral
2,356
पूरी फिल्म में हम असहज होने के बावजूद बंधे रहते हैं ।
positive
2,357
हमें मीरा के पति के व्यवहार बेवकूफाना और गैरजरूरी लगता है , क्योंकि हम कहानियों और फिल्मों में भी मुश्किलों के लिए तैयार नहीं हैं ।
neutral
2,358
' एनएच 10 ' इंडिया और भारत की सच्चाई को कभी आमने - सामने तो कभी समानांतर खड़ी कर देती है ।
neutral
2,359
हो सकता है कि शहरी दर्शक ऐसी सच्चाईयों से अकुलाहट महसूस करें ।
neutral
2,360
आरंभ के कुछ दृश्यों के बाद ही हम मीरा के साथ हो जाते हैं ।
neutral
2,361
दर्शन कुमार ने अपने चरित्र को पूरी क्रूरता के साथ निभाया है ।
positive
2,362
उन्हें संवाद कम मिले है , फिर भी अपनी मौजूदगी और अदायगी से वे प्रभावित करते हैं ।
positive
2,363
मीरा के पति के रूप में भूपलम की भूमिका सीमित है ।
neutral
2,364
मामा और मां के किरदार में रवि झांकल और दीप्ति नवल उपयुक्त है ।
positive
2,365
बिहारी दंपत्ति की छोटी सी भूमिका में आए दोनों अपरिचित कलाकार नैचुरल और रियल हैं ।
positive
2,366
' एनएच 10 ' मुख्य रूप से अनुष्का शर्मा की फिल्म है ।
neutral
2,367
उन्होंने लेखक - निर्देशक से मिले मौके का भरपूर इस्तेमाल किया है ।
positive
2,368
उन्होंने मीरा की मजबूरी और बहादुरी तक के आयामों को संजीदगी से निभाया है ।
positive
2,369
बतौर निर्माता ऐसी फिल्म के लिए तैयार होने की उनकी पहल की भी तारीफ करनी चाहिए ।
positive
2,370
उनके समर्थन में खड़ी कृषिका लु्ल्ला का योगदान भी सराहनीय है ।
positive
2,371
बदमाशियां एक अपरिपक्व हास्यापद फिल्म है , जिसे देखते हुए आप अपना सिर पीटने लगेंगे कि हो क्या रहा है ।
negative
2,372
यहां तक कि फिल्म देखने के बाद भी यह सवाल आपका पीछा नहीं छोड़ेगा कि यह फिल्म बनाई ही क्यों गई ?
neutral
2,373
इस फिल्म में बकवास दृश्यों को एक - दूसरे के साथ अजीबोगरीब तरीके से पिरो दिया गया है ।
negative
2,374
यहां तक कि इस फिल्म के कलाकारों की एक्टिंग ऐसी है कि लगता है वे नशे में जरुरत से ज्यादा ऊर्जावान है और उनका उत्साह चिढ़ानेवाला है ।
negative
2,376
ऐसा लगता है कि पहली बार निर्देशन में कदम रख रहे अमित खन्ना ने अपनी फिल्म में किसी उपन्यास की तरह दर्शकों को भौंचक्का रखने पर काफी जोर दिया है , लेकिन वह सुरुचिपूर्ण नहीं है ।
negative
2,377
यहां भी उन्होंने कोरियाई फिल्म ' व्हाटएवर ' की नकल करने की कोशिश की है ।
negative
2,378
इंटरवल के बाद शारिब हाशमी की एक्टिंग से फिल्म थोड़ी रफ्तार पकड़ती है ।
positive
2,379
लेकिन आगे जाकर वे अपनी घटिया एक्टिंग से फिल्म पर पानी फेर देते हैं ।
negative
2,380
और हां , करण मेहता ने इस फिल्म में जो जासूस की भूमिका निभाई है , उन्होंने जरुर ठीक ठाक एक्टिंग की है ।
positive
2,381
लेकिन उनकी मेहनत इस घटिया फिल्म में खो जाती है ।
negative
2,382
इसलिए इस फिल्म से तो आप बच कर ही रहें ।
negative