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5,073
मंदिर आपपास के क्षेत्र के लोगों के अलावा देशी - विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है ।
positive
5,074
मेंहदार धाम बिहार का पर्यटक और ऐतिहासिक स्थल है ।
positive
5,075
लगभग 500 वर्ष पुराना मेंहदार का महेंद्रनाथ मंदिर सबसे पुरानी धार्मिक स्थलों में है जो अब लोकप्रिय पर्यटक स्थल है ।
positive
5,076
मुख्य मंदिर के पूर्व में सैकड़ों बड़े छोटे घंटी लटका है जो देखने में बहुत ही रमण्ीय लगता है ।
positive
5,077
महाशिवारात्रि पर यहां लाखों भक्त आते हैं ।
positive
5,078
उत्सव पूरे दिन पर चलता रहता है और भगवान शिव व मां पार्वती की एक विशेष विवाह समारोह आयोजित होता है ।
neutral
5,079
इस दौरान शिव बारात मुख्य आकर्षण होता है ।
positive
5,080
मंदिर में छोटे - बड़े आकार की सकड़ों घंटियां बहुत नीचे से ऊपर तक टगी है जिसको बच्चे आसानी से बजा सकते हैं ।
positive
5,081
हर - हर महादेव के उद्घोष और घंट - शंख की ध्वनि से मंदिर परिसर से लेकर सड़कों पर भगवान शिव की महिमा गूंजती रहती है ।
positive
5,082
दशहरा के पर्व में 10 दिनों तक अखंड भजन , संकीर्तन का पाठ होता है ।
neutral
5,083
इसके अलावा सावन में महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त शिव जलाभिषेक करते हैं ।
positive
5,084
सालों भर पर्यटक का आना जाना लगा रहता है ।
positive
5,085
भोलेनाथ के श्रृंगार को देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालु और पर्यटक खास तौर पर आते हैं ।
positive
5,086
यहां शिवलिंग का शहद , चंदन , बेलपत्र और फूल से विशेष श्रृंगार किया जाता है ।
positive
5,087
मंदिर का निर्माण लाखौरी ईट और सुर्खी - चूना से हुआ है ।
neutral
5,088
चार खंभों पर खड़ा मंदिर एक ही पत्थर से बना है जिसमें कहीं जोड़ नहीं है ।
positive
5,089
प्रकृति ने मनाली का श्रृंगार खुले हाथों से किया है ।
positive
5,090
साल भर बर्फ से लदे रहने वाले गगन चूमते पर्वत , प्राकृतिक सौंदर्य के मालिक मनाली के पर्यटन स्थल और देव - संस्कृति आदि यहां आने वाले पर्यटकों के दिलों में गहराई तक उतर जाते हैं ।
positive
5,091
पर्यटन नगरी मनाली देशी - विदेशी सैलानियों की पसंदीदा सैरगाह बनने लगी है ।
positive
5,092
देश के किसी भी कोने से हवाई सेवा द्वारा मनाली के भुंतर हवाई अड्डे तक पहुंचा जा सकता है ।
positive
5,093
सैलानी का पहला दिन समुद्र तल से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे पर कटता है , जहां सैलानी पल - पल रंग बदलते मौसम का कायल हो जाता है ।
positive
5,094
बर्फ से लदा रोहतांग साल भर सैलानियों को बर्फ की चांदी से रूबरू कराता है ।
positive
5,095
इसी दिन सैलानी राहलाफाल में झरने का आनंद भी लेते हैं ।
positive
5,096
मढ़ी में पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेने के बाद मनाली का रुख करते हैं ।
positive
5,097
दूसरे दिन सैलानी एडवेंचर स्पो‌र्ट्स के लिए सोलंगनाला का रुख करते हैं ।
neutral
5,098
यहां फातरू पर्यटन स्थल गर्मी में भी सर्दी का अहसास कराता है ।
positive
5,099
सैलानी रोपवे के जरिए फातरू तक पहुंच जाता है ।
neutral
5,100
सोलंग में अंजनी महादेव धार्मिक पर्यटन स्थल है ।
neutral
5,101
यहां अक्टूबर से अप्रैल तक प्राकृतिक रूप से बहने वाले झरने से शिवलिंग बनता है , जो फरवरी में 25 फीट ऊंचाई का आकार ले लेता है ।
positive
5,102
यहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा और गर्म पानी के चश्मे सभी का मन मोह लेते हैं ।
positive
5,103
मनीकरण के रास्ते में कसोल , भुंतर , कुल्लू , वैष्णों देवी मंदिर , अंगोरा फार्म , फिश फार्म से भी सैलानी रूबरू होते हैं ।
neutral
5,104
मनाली में आराध्य देवी माता हडिंबा , सृष्टि के रचयिता मनु महाराज का ऐतिहासिक मंदिर , गुरु वशिष्ठ का मंदिर , क्लब हाउस , गोंपा मंदिर , वन - विहार सहित अनेक पर्यटक स्थल मन मोह लेते हैं ।
positive
5,105
यहां जून महीने में सैलानियों की सबसे अधिक भीड़ रहती है ।
neutral
5,106
मनाली - कुल्लू में एक हजार के लगभग होटल , गेस्ट हाउस , होम स्टे व कॉटेज हैं ।
neutral
5,107
सोलंग स्थित हिमालयन रोपवे और मनाली के बाहंग में स्थित हिम वैली फन पार्क सैलानियों के आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं ।
positive
5,108
सैलानी रोपवे के सुहाने सफर का आनंद लेते हुए 10 हजार फीट की ऊंचाई वाले पर्यटन स्थल फातरू की बर्फीली वादियों का आनंद उठा सकते हैं ।
positive
5,109
बाहंग के हिम वैली फन पार्क में भी सैलानी दस्तक देकर सुकून के दो पल बिताते हुए मनाली की यात्रा को यादगार बना सकते हैं ।
positive
5,110
इस वर्ष मनाली के पर्यटन स्थलों पर भारी बर्फबारी हुई है ।
neutral
5,111
रोहतांग में 15 फीट के करीब बर्फ जमा हो गई थी , जबकि बर्फ से लदे पर्यटन स्थल सोलंग नाला , गुलाबा , राहलाफाल और मढ़ी भी सैलानियों का भरपूर मनोरंजन करने को तैयार हैं ।
positive
5,112
मनाली में 9 किमी. वाले रोहतांग टनल का निर्माण कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है ।
positive
5,113
टनल के बनते ही सैलानियों को रोहतांग सहित लाहुल के अद्भुत पर्यटन स्थलों से रूबरू होने का मौका मिलेगा ।
positive
5,114
दरगाह अजमेर शरीफ का भारत में बड़ा महत्व है ।
positive
5,115
ख्वाजा मोइनुद्धीन चिश्ती की दरगाह - ख्वाजा साहब या ख्वाजा शरीफ अजमेर आने वाले सभी धर्मो के लोगों के लिए एक पवित्र स्थान है ।
positive
5,116
सूफी संत ख्वाजा मोइउद्दीन चिरती की दरगाह पर हर साल उर्स का आयोजन होता है ।
neutral
5,117
विश्व प्रसिद्ध अजमेर उर्स के मौके पर लाखों लोग चादर चढ़ाने आते हैं ।
positive
5,118
चांदी के दरवाजे वाली इस दरगाह का निर्माण कई चरणों में हुआ जहां संत की मूल कब्र है जो संगमरमर की बनी है ।
neutral
5,119
मक्का के बाद सभी मुस्लिम तीर्थ स्थलों में इसका दूसरा स्थान हैं , इसलिए इसे भारत का मक्का भी कहा जाता हैं ।
positive
5,120
अजमेर शहर के बीच बनी यह सुंदर कृतिम झील यहां का सबसे रमणीक स्थल है ।
positive
5,121
आनासागर झील 13 किमी के क्षेत्र में फैली है जो पृथ्वी राज चौहान के पितामह अनाजी चौहान द्वारा निर्मित की गई थी ।
neutral
5,122
इसके जल में संध्या के समय किनारे पर खड़े विशाल नाग पहाड़ का प्रतिबिंब झलकता है ।
neutral
5,123
पुष्कर राजस्थान के अजमेर जिले में एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है ।
positive
5,124
पुष्कर राजस्थान में विख्यात तीर्थस्थान है ।
positive
5,125
पर्यटकों का स्वर्ग तीर्थराज पुष्कर में प्रतिवर्ष प्रसिद्ध ' पुष्कर मेला ' लगता है जिसमें बड़ी संख्या में देशी - विदेशी पर्यटक भी आते हैं ।
positive
5,126
यहां पवित्र पुष्कर झील है और नजदीक में ब्रह्मा जी का पवित्र मंदिर है जिससे प्रति वर्ष अनेक तीर्थयात्री यहां आते हैं ।
positive
5,127
अजमेर की ऐतिहासिक धरोहर तारागढ़ दुर्ग की दीवारें व बुर्ज पर्यटकों को लुभाते हैं ।
positive
5,128
यह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह से आगे कुछ ही दूरी पर स्थित है ।
neutral
5,129
इस खंडहरनुमा इमारत में 7 मेहराब एंव हिन्दू - मुस्लिम कारीगिरी के 70 खंबे बने हैं तथा छत पर भी शानदार कारीगिरी की गई है ।
positive
5,130
आधे दिन का झोपड़ा एक मस्जिद है ।
neutral
5,131
कहा जाता है कि इसे केवल ढाई दिन के समय में बनाई गई ।
neutral
5,132
यह मस्जिद भारतीय - मुस्लिम वास्तुशैली का एक अच्छा उदाहरण है ।
positive
5,133
करोली के लाल पत्थरों से बना यह ख़ूबसूरत दिगंबर मंदिर जैन तीर्थंकर आदिनाथ का मंदिर है ।
positive
5,134
चित्तौड़गढ़ किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है ।
positive
5,135
किला चित्तौड़गढ़ के शानदार इतिहास को बताता है ।
positive
5,136
किला इस शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है ।
neutral
5,137
किले तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है ।
negative
5,138
इस किले में पहुंचने के लिए एक खड़े और घुमावदार मार्ग से होकर जाना होता है ।
negative
5,139
इस किले में सात दरवाजे हैं जिनके नाम हिंदू देवताओं के नाम पर पड़े हैं ।
neutral
5,140
चित्तौड़गढ़ किला राजपूत शौर्य के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान रखता है ।
positive
5,141
यह किला 7वीं से 16वीं शताब्दी तक सत्ता का एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था ।
positive
5,142
वाइल्ड लाइफ देखने का शौक रखने वाले राजस्थान का माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य वाइल्ड लाइफ सेंचुरी जरूर जाएं ।
positive
5,143
यह अभयारण्य प्राकृतिक सुंदरता के साथ - साथ पक्षियों से गुलजार रहता है ।
positive
5,144
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान के माउंट आबू की पर्वतमालाओं के बीच स्थित है ।
neutral
5,145
इस हिल स्टेशन की सैर पर आने वाले पर्यटक माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य जरूर घूमते हैं ।
neutral
5,146
यह बहुत ही सुंदर और दर्शनीय स्थल है ।
positive
5,147
अभयारण्य माउंट आबू का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है ।
positive
5,148
ईको टूरिज्म होने के कारण यह अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आकर्षण है ।
positive
5,149
यहां पर्यटक विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां और जीवजन्तु देख सकते हैं जो प्रकृति प्रेमियों और वन्य जीवन उत्साहियों के लिए एक शानदार जगह है ।
positive
5,150
माउंट आबू वन्य जीवन अभयारण्य में फूलों की विविधता पाई जाती है ।
neutral
5,151
यहां लगभग 820 प्रजाति के पौधे पाए जाते हैं ।
neutral
5,152
यहां ऑर्किड फूलों की बड़ी विविधता भी पाई जाती है ।
neutral
5,153
हरियाली से घिरे होने के अलावा यह अभयारण्य अपने जीवजन्तुओं के लिए भी प्रसिद्ध है ।
positive
5,154
वन्यजीव प्रेमी यहां अनेक अद्वितीय और दुर्लभ प्रजातियों के जानवर देख सकते हैं ।
positive
5,155
पक्षियों में रूचि रखने वालों के लिए यह अभयारण्य एक आदर्श जगह है ।
positive
5,156
इलाहाबाद में पर्यटकों को घूमने के लिए बहुत कुछ है ।
positive
5,157
उत्तर प्रदेश के इस ऐतिहासिक शहर को देखने देश - विदेश से पर्यटक आते हैं ।
positive
5,158
इस शहर का उल्लेख भारत के धार्मिक ग्रन्थों में भी मिलता है ।
positive
5,159
वेद , पुराण , रामायण और महाभारत में इस स्थान को ' प्रयाग ' कहा गया है ।
neutral
5,160
इसे ' तीर्थराज ' तीर्थो का राजा भी कहते हैं ।
positive
5,161
गंगा , यमुना और सरस्वती नदियों का यहां संगम होता है , इसलिए यह ' त्रिवेणी संगम ' कहलाता है ।
neutral
5,162
पर्यटकों को यहां आकर असीम संतुष्टि मिलती है ।
positive
5,163
प्राचीन काल में शहर को प्रयाग बहु - यज्ञ स्थल के नाम से जाना जाता था ।
neutral
5,164
ब्रह्मा ने प्रथम यज्ञ यहीं किया था और उसके बाद यहां अनगिनत यज्ञ हुए ।
neutral
5,165
इलाहाबाद मौर्य और गुप्त साम्राज्य से लेकर मुगल साम्राज्य तक समृद्धशाली इतिहास से भरा हुआ है ।
positive
5,166
कुंभ के महान जन समूह में शामिल होने के अलावा इलाहाबाद में आपको भारतीय धर्म और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर मिलेगा ।
positive
5,167
1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने ब्रिटिश पुलिस से घिर जाने पर स्वयं को गोली मारकर अपनी न पकड़े जाने की प्रतिज्ञा को सत्य किया ।
neutral
5,168
यह तीन पवित्र नदियों गंगा , यमुना और सरस्वती के मिलन का स्थान है ।
neutral
5,169
यहां वर्ष भर लाखों श्रद्धालु आते है और संगम में डुबकी लगाकर अपने आपको धन्य समझते हैं ।
positive
5,170
गंगा - यमुना के पवित्र संगम के किनारे स्थित इस भव्य किले का निर्माण अकबर ने 1583 ईसवी में बनवाया था ।
positive
5,171
यह किला अपने शिल्प और निर्माण के लिए प्रसिद्ध है ।
positive
5,172
यह किला तीन शानदार दीर्घाओं में बंटा हुआ है ।
neutral