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एक बाग में बहुत सारा बच्चे खेल रहे थे। आसमान का बादल का बीच से लाल परी उन्हें देख रही था । फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथो खेलने लगा । बच्चा पारो को देखकर बहुत खुश है । शाम को परी ने बच्चों ने को कुछ खिलौन दिए। फिर लाल पर अपने परलोक वापिस लौट गई। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बरसा खाली खाली | |
नानी रोज़ कहानी सुनती है। कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से काले बादल छाये है थे। ठंडी- ठंडी हवा चल रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भैया एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उसे पेड़ से से लटका लटका कर झोला बनाया। सब ने मिलकर खूब झूला झूला। बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
केशव अपन अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बग बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। क... | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले झूले झूले थे। मिठाई की दुकानो दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
नग़मा समझदार लड़की थी। मगर उसका छोटा भाई अफम बहुत नटखट था। एक दो एक दिन दोनों बाज़ार में घूमने घूम रहे थे। अमन ने रास्ते में पकौड़े दे पकौड़े देखे। उसे पकौड़े बहुत पसंद थे। माँ उसके लिये पकौड़े बनाती थी। नग़मा नग़मा ने कहा यह पकौड़े तीखे होंगे। मगर अमन नहीं माना। अमन ने पकौड़े खाये और उसकी आँखों में आँसू निकलने लगे। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी नानी आया माया को बाज़ार घुमाने गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिले मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झूले झूले झूले में रख लिया। थोड़ा आगे सामान खरीदा थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की दुकान एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया ने माया को मिठाई खाना ... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था।जो कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों को देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। वह जब भी उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने लड़की की कोशिश की उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
सोनम गान गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी हो होती है, तभी मुझे निदी आती है। | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
मेरे घर में दो प पलंग हैं। एक छ छोटा है, दूसरा बड़ा है। छ छोटे पर मैं सो सोत - | |
बा जा र बाजार में सु ना र सुनार की दु का न दूकान है। सु ना र सुनार जे व र जेवर ब ना ता बनता है। जेवर चाँदी - | |
रीना को माला पसंद है। माला मोती से बनी हुई है। मोती बहुत रंगीन हैं। वह रोज़ उसे पहनती है। | |
नग़म नगम समझदार लड़की थी। मगर उसका छोटा भाई अमन बहुत नटखट था। एक दिन दोनों बाज़ार में घूम रहे थे। अ अ अमन ने रस्ते में प पकौड़े देख। उसे पकौड़े बहुत पसंद थे। माँ उसके लिये पकौड़े अमन ने पकौड़े खाये और उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
राजू के पास एक गाय है। वह घ घरी घास खाती है। वह बहुत दुख देती है। दूध से दही बनता है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत श शराती शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब महल चहल-महल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाने खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटकनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
आज मामा आए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
विमला और अजय मेले मेला देखने गये। उन्हें मेले में तरह-तरह की दुकाने दिखीं। मेले में बहुत झूले थे। वहाँ गरम-गरम हलवा और जलेबियाँ भी बिक रहीं थीं। जलेबी देखकर दोनों के मुँह में पानी आने लगा। उन्हें जलेबी खाने का मन करने लगा। विमला ने जलेबी खरीदी। दोनों ने मिलकर जलेबी खाई। शाम को दोनों घर लौट आये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेले घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसों समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनाते है। हम सबसे आम अच्छा लगता है। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
केशव अपने दादा दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचे घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। क... | |
काले बादल छाए हैं। तेजी बर बारिश हो रही है। मोरा भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उस उन्हें देख रही थी। फिर वह अ अ आसमान से नीचे उतर गयी आई और उसे उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
आज मामा आए हैं। मिठी साथ लाए हैं। हम सब मिठी खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
हमारे बाग में आम के पड़े हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
सलीम का गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। स स सलीम गाँव की सैर करता है। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई श शहर हे श शहर में रहता है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ता है। वह बहुत मेहनत है मेहनती है। उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उसे कई खेल ब बहुत अच्छे अच्छी त तरह खेलने आते हैं। राजू उस दोनों उन दोनों की तरह बनना चाहता है। पढ़ाई में तेज़ हो होना होना चाहता है और अच्छा खिलाड़ी बनना चाहता ह... | |
काले बादल छा हैं। तेज़ बारथ हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देखने रहे हैं। | |
लाजो के पास एक माला है। उसमें बहुत सारे मोती हैं। मोती पीले रंग के हैं। लाजो उसे पहनती है। | |
गीता के बगीचे में नीम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत-सी चिड़ियाँ रहती थीं। गीता सुबह चिड़ियों की आवाज़ से उठती थी। नहा-धोकर वह स्कूल चली जाती थी। जब वह वापस आती, तब पेड़ पर चिड़ियाँ नहीं होती थीं। गीता सोचती थी, सारी चिड़ियाँ कहाँ चली जाती हैं? माँ ने कहा- चिड़ियाँ दिन में खाना ढूँढने जाती हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता । | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों में वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। - | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम अप हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बा बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
आज आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकान थी दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसके उसने जलेबी उसे जलेबी खड़ा खाने में मज़ा आया। | |
राजा राजू राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़े भाई शहर में रहता थे है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ते है। वह बहुत मेहनत मेहनती है। उसकी बहन अच्छी उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उसकी खेल बहुत अच्छी रहीं रहे --- --- | |
नी नीतू के घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई शहर में रहता है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ता है। वह बहुत मेहनती है। उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उस उसे कई खेल बहुत अच्छी तरह खेलने आते हैं। राजू उन दोनों की तरह बनना चाहता है। पढ़ाई में तेज़ होना चाहता है और अच्छा खेल खिलाड़ी बनना चाहता है। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया के बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सबजईय सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई का एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत बहुत अ अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
सलीम का गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। सलीम गाँव की सैर करता है। | |
एक दिन कनक को खेलते-खेलते चोटी गीला छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इतनी छोटी गिलहरी को क्या खिलाया जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर खुशी से कुट-कुट करती है। | |
मधव अपनी ननी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी मध्व माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चल चहल-पहल थी और कुछ गोल कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। मा... | |
मैं पापा के साथ बाज़ार गया। बाजा और जूता लाया। बाजा बजाकर गीत गा गा। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उठ उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। यही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने ज जाते हैं। | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
नग़मा समझदार लड़की थी। मगर उसका छोटा भाई अमन बहुत नटखट था। एक दिन दोनों बाज़ार में घूम रहे थे। अमन ने रास्ते में पकौड़े देखे। उसे पकौड़े बहुत पसंद थे। माँ उसके लिये पकौड़े बनाती थी। नग़मा ने कहा यह पकौड़े तीखे होंगे। मगर अमन नहीं माना। अमन ने पकौड़े खाये और उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे। | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
केशव अपने दादी दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचे बगीचा घुमाने ले गए। बगीचा में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी... | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार से बहुत दुकानें दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने सोचने के बाद सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसके हाथों में आ गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
गाँव में आलू बालू वाला आया। उसने भालू का नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली बजाई। | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तलाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तलाब से बाहर निकाला। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने सार... | |
हम सब धूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबसे केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कोआ भी था। कोआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ एक तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
रूपा बाहर गई रही थी। खेलने गई रात हो गई। में उसके घर ले आई। वह खाना गाकर सो गई। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमे उसमें पेरी का कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
एक बड़े तलाब में किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तलाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पे प त्थर पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला धु घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ से सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा... | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी गाव छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
माला एक माला का एक भाई है। भाई शहर में रहता है। वहां मिठाई लाता है। हम मज़े से खाते हैं। | |
विमला और अजय मेला देखने गये। उन्हें मेले में तरह-तरह की दुकाने देखी। मेले में बहुत झूले थे। वहाँ गरम-गरम हलवा और जलेबियाँ भी बिक रहीं थीं। जलेबी देखकर दोनों के मुँह में पानी आन | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
मैं और मेरी बहन छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे, बिजली कड़कने लगी। बड़ी-बड़ी बुडे बूँदें पड़ने लगीं। हम जल्दी से भागकर नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम समोसे और पकौड़े ले आया। हमने खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। |
Subsets and Splits
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The query retrieves audio paths and their corresponding transcribed text, excluding specific patterns in the URLs, which provides basic filtering but limited analytical value.