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नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादी दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केश... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
राजू नाम का एक लड़ का लड़का था। उसकी एक बड़ी बह बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विछालय विछाय में पढ़ते पढ़ने जाता। -- --- -- --- | |
मेरे अप में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़ते खाते हैं। आम की चटनी भी बनाती है। --- | |
रा रानी नदी किना किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाते --। | |
अमन अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन दिन भर सब ठीक रहते थे। --- --- --- --- --- --- | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व त-ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील झील दिखने दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सार... | |
हमारे बाग में आग के पेड़ । | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जात। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उस उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दीदी के साथ सैर सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखाई दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दीदी ने उसके लिए समोसे खरीदे... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलते है। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इसमे इससे सब दुखी हैं। | |
एक दिन बकरी, चील चील और भेड ने आ आकाश में उड़ने की सोची। चील चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आया। बकरी एक डोरी डोरी और भेड़ भेड़ मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़ान टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फ फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रह रहता था। एक दिन म नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाई मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने ... | |
गाँव में भालू बाल आया। आ उ उसने भालू को का नीचे | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उस उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अच अचानक दोनों ने यहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देख। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती है। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक दुकान बड़ी सी दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी... | |
कल बादल कुआ हैं। तेज़ बारिश है रही है। मेरा भी - | |
रानी नदी किनारे रहती थी रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनकी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
आम आमना के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहते था। रात को चूहा बहुत परसे परेशान रहते। | |
रूपा बाहर बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
एक दिन ब ब बकरी,चील चील और मेंढक मेढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी टोकरीले आया। तीनों तीनो से बिन बिल कर मिलकर उसकी उड़न उड़न टोकरी बा बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग सींग से गुब्बारा गुब्बारा फट फद फट गया। सभी जमीन पर आ गिरी । | |
माया अपनी नई नाई के सार रही रही थी। एक दिन नई नाई माया को बाज़ार गुबाने घुमाने घुमाने ले गई गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सबिज समजिया और फल मिल रहे थे। नाई ने बहुत सारा समान सामान सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्होंने उन्हें मिठाई की एक बड़ी बड़ी सी दुकान थी दीखी। माया को मिठाई खाना ब... | |
मेरा घर में दो प पाल पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े बाले पर मेरा भाई सोता है। | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्ते पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया के को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी साड़ी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठ... | |
नानी ज ब घर आती है हमा हमारे लगे मिठाऐ लगती है। मैं नानी को साथ सेता हूँ। वह मुझसे क हा नी कहानी सुनाती है। | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
गाँव में बगरद का एक पेड़ था। उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर ज़ोर से चोेंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घूमने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जी और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ गई जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी खरीदी।... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को अपनी माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी... | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
सो सोनू बाग में खेल रहा था। वहाँ आम के ब बहुत पेड़ थे। सोनू ने एक आम तोड़ा। आम बहुत मीठा था। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई शहर में रहता है। वह बड़े विद्यालय में पढ़ पढ़ता है। वह बहुत मेहनती है। उसकी बहन अच्छी खिलाड़ी है। उसे कई खेल बहुत अच्छी तरह खेलने आते हैं। राजू उसराजू उन दोनों की तरह बनना चाहता है। पढ़ाई में तेज़ होना चाहता है और अच्छा खिलाड़ी बनना चाहता है। | |
माया अपनी नीला के साथ रहती थी। एक दिन नीला माया को बा बाज़ार घू घुमाने ले गई। बाजा बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। ना ना नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा औरअपअपने झोले अपने झोले में रख लिया। छोड़ा आगे थोड़ाआगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी बड़ी सी दुकान दिखी। मायानेमाया को मिठाई खाना बहुत अच्छा... | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चटनी बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई पे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाईयां खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
चाचा और मदन मेले में गये। वह बहुत सारे झूले थे झूले थे । मिठाई की दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
एकएक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उ उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुबर गुब्बाराह ले आया गुब्बारा ले आया ले आयी। बकरी एक डो डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न उड़न उड़ान खो टोकरी कटोरी बनाई। तीनों उस उसस उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक ब बकरी के सींग में गुमब्बारा फिट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
लेआजो लाजो के पास एक माला है। उसमें बहुत सारे मोती हैं। मोती पीले रंग के हैं। लेआजो लाजो उसे पहनती है। | |
मैं अऊर मेरी बहन रीता छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गजराने लगे। - - - - - | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकान भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बागीचे में घुमाने ले गए। बागीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। के... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इस इससे सब दुखी हैं। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को ह हँसाता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली से ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के स साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौटे लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी ख... | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भालू के नाच दिखाया। सबसे सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली बजाई। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
कमल एम् कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सो सोने वाले हैं। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते है । दिन भर सब ठीक रहता रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वो व वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
मेरे घर में दो पत पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरे भाई सोता है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन जमीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सब सबने मिलकर ताज किया कि यहाँ बगीचे बागीची बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगाकर मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसीलिए वहाँ सब खेलते ... | |
आज माता आए हैं। मिटा मिटाई साथ लाए हैं। हम - | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरकीब तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादा दादाजी ने उसके उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीद... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झोले भी रहे थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन... | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
रा जू राजू के पास एक गाय है। वह हे री हरी घास खाती है। वह बहुत दू ध देती है। दूध से दे ही दही बे न ते बनाते है। | |
अमन के पि ता जी पिताजी दु का न च ला ते चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रा त रात को चू हे चूहे बहुत प रे शा न परेशान करते थे। ए म न अमन ने चू चू हों चूहों को भै गा ने भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बे डी बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दु का न दुकान में निकल ने नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत शू खुश होए होए... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
निद नदी में एक नाव है। वह बहोत बहुत पुरानी है। नाव गिर गिरे -गिरे चलती है। हमें नदी के पर पार ले जाती है। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भालू का नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली बजाई। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेले था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। |
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