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माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कंई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाने बहुत अच्छे अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइ... | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
माँ ने हलवा बनाया। बह बहुत मीठा था। उसने सोनी से खाया खाया। खाने के बाद वह सो ग। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान में नीचे उपर आई और उसने उन बच्चों के साथ खेलने गई । बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौ खिला खिल। - | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यहाँ कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोता का तोता तोते का रंग हरा है। वह लाल टमाटर खाता है। | |
हम सब घूमने गए। वह हमने बंदर देखे। हमने उसको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारि बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहे रहा है। सब नाच देख देख रहे हैं। | |
बहुत दिनों से बारि बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रोकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झी झील दिखाने ले गई। वह वहाँ खूब च चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। म माधव ने सार... | |
हम सब धूमगे। बह हमनों बंदर दोखो। हमनो उनको कोलो दे दे सबने केले खा लिए। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
गरमी का मौसम है। सबको | |
आज सुबह रानी बाज़ार गई। बाज़ार में बहुत दुकानें थीं। रानी ने जलेबी ख़रीदी। उसे जलेबी खाने में मज़ा आया। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
सोनम गाती गाना है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। उसे सब पसंद करते हैं। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हम हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
म य अ मायाअपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइय... | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते हैं । उनमें एक बूढ़ा कौआ भी है। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे पूरी देर परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खेने खिलने कुछ खिलौने खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कोई तरह कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया ने मिठाई खाना बहुत अच्छा माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नान... | |
हम सब घूमने गे वहाँ हमने बंदर देखे। हमने आपको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा मेरा भाई सोता है। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकनो रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छुप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
केशव अपने दादी दादाजी के साथ रहा रहता था। एक दिन दादीजी केशव को बगीचे घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादीजी पास के भी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव और जलेबी केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादीजी ने उसके ल... | |
हम सब घूमने गए। वही हमने वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच र रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक बा एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल प परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उत उतर आई और उस बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को बारी बारी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोग वापिस लौट गई। | |
मैं पानी के साथ मै साथ बाज़ार गया बाजर और जूता लाया। | |
गाँव में एक लड़ सड़क है। वाहे काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी दुखी हैं। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
ब राम रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यह बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह से पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वह एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने जाते हैआते हैं। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी के उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने माधव ने सारी ... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और मल फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ ... | |
र राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हस हँसाता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते है थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पथ पत्थर हों। ल ड के लड़के यह देखकर खुश ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
गोलू के पास एक बकरी है। उसका रंग सफ़ेद है। वह घास खाती है। बकरी रोज़ दूध देती है। | |
मैं और मेरी बहन रीता छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे। बिजली कड़कने लगी। बारिश की बड़ी- बड़ी बूदें पड़ने लगीं। और मैं और रीता भागकर जल्दी से नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम पकौड़े और समोसे ले आए। हम सब सबने नीचे बैठकर समोसे और पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता है | एक दिन नानी माधव को झील दिखाने दिखाने ले गई। वह खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर झूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाई खरीदी। माधव ने सारी मिठाइ... | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाईयां लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानियाँ सुनाती है। | |
स स सलामा बगी बग़ीचे में घूमने गई गई। वह आम के एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलाम के को आम | |
सलीम का गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। सलीम गाँव के की सैर करता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे है । आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही भी थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हो हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कोई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सार... | |
नई के घर में गाई है। उसका रंग सफ़ेद है। गाई रही घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने हमारे हमने उनको केले देखे दिए दिए । सबने केले खा लिए। | |
न नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नही आती है। | |
गीता के बगीचे में नीम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत-सी चिड़ियाँ रहती थीं। गीता सुबह चिड़ियों की आवाज़ से उठ उठती थी। नहा-धोकर वह स्कूल चल चली जाती थी। जब वह वापस आती, तब पेड़ पर चिड़ियाँ नहीं होती थीं। गीता सोचती थी, सारी चिड़ियाँ कहाँ चली जाती हैं? माँ ने कहा- चिड़ियाँ दिन में खाना ढूँढने जाती हैं। | |
हम सभी मसूरी घूमने गए। वहाँ हमने पानी का झरना देखा। झरना बहुत ऊँचा था। वहाँ हम सबसे सबने फोटो भी खींची। | |
मैं और मेरी बहन छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे, बिजली कड़कने लगी। बड़ी-बड़ी बूँदें पड़ने लगीं। हम जल्दी से भागकर नीचे गए थे। तभी मैया गरम-गरम समोसे और पकौड़े ले आया। हमने खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादी दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। क... | |
आज जादूगर आया है। साथ में एक छोटी लाया है। वह छोटी को गोल-गोल घुमाकर, जादू का खेल दिखा दिखाएगा। | |
रमेश और राकेश और रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के ब गी चे में धुस घुस घूमने गये। अचानक दोनों के दोनों ने वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तय तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेहरे की ओर लकड़ी फैंकी। नेवले डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और रमेश और यह देखकर खुश... | |
रात का समय था। सीता छत पर बैठी थी। आकाश में बहुत तारे थे। चाँद भी दिख रहा था। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
रानी नदी किनारे रहती थी l । नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मी मीठी है। स उ सब उसे पसंद करते हैं। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी लड़ खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। उसे तीनों जात-जात मौज-मस्ती करते थे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झी झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल प चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था वहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी... | |
रूपा बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
माँ ने गलवा बनाया। वह वह बहुत तीखा था। उस उने मोसी ने खाया। खाद के बाद वह खो । | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमे प्यारी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम लोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के नीचे से लाल परी नन्ने देखे देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नन्नी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पास की कई सारी मिठाइ... | |
गरमी का मौसम ह। आपको गरमी लग रही है। लो लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। आ छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
रामपुर के कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ भी उगता था। वहाँ | |
मेरे घर में दो पलग पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोते हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ हमे का एक पडे था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर यह सलमा के हाथ आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसको हाथे में आ गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
आज मामा आए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हम सब मिठाई खा खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से काले बादल छाये थे। ठंडी- ठंडी हवा चल रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भ भा भैया एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उसे पेड़ से लटका कर झूला बनाया। सब ने मिलकर खूब झूला झूला। ब ब बह बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
मैं पापा के साथ बाज़ार गया। बाजार और जूता लाया। बाजार जाकर गीत गाऊँगा। जूता पहनकर घूमने जाऊँगा। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत् पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की च चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब च चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी म... | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
बहुत दिनों से बबे बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उसे अपन... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगते है। |
Subsets and Splits
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The query retrieves audio paths and their corresponding transcribed text, excluding specific patterns in the URLs, which provides basic filtering but limited analytical value.