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मैं और मेरी बहन छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल बादल गरजने लगे, बिजली कड़कने लगी। बड़ी-बड़ी बूँदें पड़ने लगीं। हम जल्दी से भागकर नीचे आ गए। तभी भे भैया गरम-गरम समोसे और पकौड़े ले आया। हमने खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वह खे खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बड़ी नहीं बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव के मा... | |
नानी जब घर जाती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वहाँ साँप साप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर और लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
नोतू के घर में घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत हो दूध देती है। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता खोलकर घूम रहे हैं। | |
सलमा बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलमा को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाल पर थे। सलमा के हाथ आम तक नहीं पहुँच पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आई। अब आसानी से आम उसके हाथों में आ गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
रूप रूपा बाहर खेल खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरे मेरा भाई सोता है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनाकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माया अपनी नानी माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उनके पसंद की कई सार... | |
राजू ने पास एक गाय है। वह वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से काले बादल छाये थे। ठंडी- ठंडी हवा चल रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भैया एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उस पेड़ से लटका कर झूला बनाया। सबने मिलकर खूब झूला झूलाया । बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसके उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाई भी खरी... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
सलीम का गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। सलीम गाँव की सैर करता है। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से काले बादल छाये थे। ठंडी- ठंडी हवा चल रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भैया एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उसे पेड़ से लटका कर झूला बनाया। सब ने मिलकर खूब झूला झूला। बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
बाजार सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
मैं और मेरी बहन रीता छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे। बिजली कड़कने लगी। बारिश की बड़ी- बड़ी बूदें पड़ने लगीं। मैं और रीता भागकर जल्दी से नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम पकौड़े और समोसे ले आए। हम सबने नीचे बैठकर समोसे और पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
नीतू के घर में गाय है। उसका रंग सफ़ेद है। गाय हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। | |
एक बड़े तलाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे।उन लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों के ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों और अंडे की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दीदी से दीदी के साथ रहती थी। एक दिन दीदी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आ आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाने खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे।... | |
कमल के मामा मम्मा आये हैं। मम्मा का गाँव बहुत दूर है। मम्मा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उस पे पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर जो ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ते ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पे पेड़ को बचा लिया। | |
माँ ने हलावा हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
नीतू नीतू का घर बहुत बड़ा बडे है। घर के ब ह र बाहर ब ग चा बग़ीचा है। | |
राजू का एक भाई भाई और एक बहन बहन है। बड़ा भाई शहर में रह रहता है। वे वह बड़े बड़े । | |
में पापा के सा थ साथ बाजार बा ज़ा र गया। बाजा | |
सोना सोना के पास पास एक गेद गेद ग ए की मात्रा गेद गेंद है। गे गे न्द गेंद का रंग लाल है। वह गेंद गेंद से खे ल ती खेलती है। उसे खे ल क र खेलकर मममं जा झा मंजा जाआता है। | |
बगोज में पड़ हैं। पड़ पर एक तोरा रहता है। तोते को राग हिरान होर लाल टमाटर खाता है। | |
आज मामा आए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हस हस हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा के फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
सलाम बगीचे सलाम बग़ीचे में घूमने । - - - - - - - - | |
नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राजा की होती है। सब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
राजू का एक भाई और एक बहन है। बड़ा भाई श्रा शहर में रहता है। वह बड़े । - - - - - | |
रनी रदी कि ना रे नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछली हैं। रानी उनके दान - | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जां ज जगह जगह गाद गाद पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देखा रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज सूरज निकल आया। सब लोग सब लोग खुश हो गये। सामन आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने क प ड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकल निकलकर खेलने लगे। | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
राजू के पास एक गाया है। वह वह हीरा घास खा खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से ह दही बनता है। | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी आपको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत सरारत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था,उस उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ | |
हम सभी मसूर घूमने गए। वहाँ हमने पानी का झरना देखा। झरना बहुत ऊँचा था। वहाँ हम सबने फोटो भी खींची। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
केशव अपने दादी दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरदा खरीदी... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी की भी बनाती बनाती बनाती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस चली लौट गई। | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बे बनाता है। जेवर चाँदी और सोने की के होते हैं। सभी जेवर फ पहनते पहनना पसंद करते हैं। | |
मेर मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर में मेरा भाई सो सोता है। | |
गोलू के पास एक बकरी है। उसका रंग सफ़ेद है। वह घास खाती है। बकरी रोज़ दूध देती है। | |
गीता के बगीचे में नीम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत-सी चिड़ियाँ रहती थीं। गीता सुबह चिड़ियों की आवाज़ से उठता उठती थी। नहा-धोकर वह स्कूल चली जाती थी। जब वह वापस आती, तब पेड़ पर चिड़ियाँ नहीं होती थीं। गीता सोचती थी, सारी चिड़ियाँ कहाँ चली जाती हैं? माँ ने कहा- चिड़ियाँ दिन में खाना ढूँढने जाती हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा के मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कोई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सेर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाने खाना बहुत पसंद था। दादी ने उस उसके लिए समोसे खरीदे। राधा न... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा छोटा है, दो दूसरा दूसरा बड़ा है। छोटा छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन खा ली ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उ ग ता उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ ले लोग अ अ आए। उ उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। स ब ने सबने मिलकर तय तय तय किया कहा बग़ीचा बनाया जाए। खाद म ग र क - - - | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाव गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए बनाया जाय । खाद मागाकर खाद मँगाकर - - - | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी थी । वहाँ कुछ नहीं उगाता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यह बग़ीचा बनाया जाए। मकार मकार हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
राधा के पास एक तोता है। उस उसकी सोच चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हस हँसाता है। | |
बहुत दिनों से बार बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंद | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेले था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हम हमें नदी के पास पार ले जाती है। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत ल आलसी था। एक दिन वह बड़े के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींमटी को देखा। चींमटी पेर पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींमटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के बारिश के रकने रकने रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकल खेलने लगे। | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती है । एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी खर... | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खुद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
रमेश और महेश चित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वहाँ साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
हमारे भाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। हम आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक भाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे है। आसमान में बादलों के बीच में लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे पूरी नहीं परी परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घूमने ले गई। बाज़ार में कई तरह के रंग-बिरंगी सब्जियाँ और लाल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा अ बहुत सारा अ सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा अगले जाने आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाने खाना खाना खाना बहुत अच्छा लगता था। ना... | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पास ले जाती है। | |
गरमी का मौसम है। सबको गरमी लग रही है। लोग नींबू का शरबत पी रहे हैं। और छाता झो | |
मेरे पास एक कि किताब है। उसमें परी परी की कहानी है। यह कानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कानी सुनाता हूँ। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... |
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