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आम फला का राजा है। सबके मन की बाते है। मामा बंजर जाती हैं, बहुत आम खिलाते है। | |
नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
गीता के ब गीता के बगीचे में नीम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत-सी चिड़ियाँ रहती थीं। गीता सुबह चिड़ियों की आवाज़ से उठती थी। नहा-धोकर वह स्कूल चली जाती थी। जब वह वापस आती है , तब पेड़ पर चिड़ियाँ नहीं होती थीं। गीता सोचती थी, सारी चिड़ियाँ कहाँ चली जाती हैं? में माँ ने कहा- चिड़ियाँ दिन दिन में खाना ढूँढने जाती हैं। | |
केशव अपने दादीजी के साथ रहता था। एक दिन दादीजी केशव के बगीचा घूमने के लिए बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादीजी पास के पेड़ के बगीचे पेड़ के नीचे बैठे बैठ बैठा गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाने खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए ... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी पानी है। हम सब पानी में खे खेलेंगे। | |
पहले पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव में लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय तय किया कि यही बगीचा बनाया जाएगा। खाद खाद मँगा मँगा मँगूकारक हर तरह के पौधे लगाये गये। स सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेल खेल... | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उसको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कऊआ भी था। कऊआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कऊए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कऊए को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें अ... | |
नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
मैं और मेरी बहन रीता छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे। बिजली कड़कने लगी। बारिश की बड़ी- बड़ी बूदें पड़ने लगीं। मैं और रीता भागकर जल्दी से नीचे आ गए। तभी भइया गरम-गरम पकौड़े और समोसे ले आए। हम सबने नीचे बैठकर समोसे और पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
आम फलों का राजा है। स सबके मन को भाता है। मामा जब बाज़ार जाते हैं, बहुत आम लाते है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बेटी बहन व एक दो छोटा भाई था। उसका भाई गाँव गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ पढ़ते जाता। वह खूब मे ह न ते मेहनते करता था।उसकी उसकी जाता खूब मे ह न ते मेहनते करता था उसकी बहन बहुत अच्छी खि खि ला ड़ी खिलाड़ी थी। उसे ल बी लबी दौड़ ल गा ना लगाना अ च्छा अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौ ज ... | |
माधव अपने नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झूले दिखाने ले गई। वहाँ खूब च ह ल चहल-प ह ल पहल थी और कुछ लोग झूले में ना व नाव पर धूम र हे रहे थे। झूले के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कोई कई बच्चे खेल रहे थे। थो ड़ी थोड़ी देर बाद वहाँ एक मि टा ई मिटाई वाला आया। माधव को मि टा ई मिटाई खाना बहुत पसंद था। नानी के... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो रही है। मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे है थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चों बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने के मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लि... | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़ लड़के तालाब के किनारे जाते जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी के नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने... | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेल खेल खेल खेलेंगे। | |
नदी के एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नवा नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
बाजार में सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहनना पसंद करते हैं। | |
एक दिन कनक को खेलते-खेलते छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इतनी छोटी गिलहरी को क्या सिखाया जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर खुशी से कुट-कुट करती है। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
हमारे बाग में आप आप के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकान दुकानी दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
मैं और मेरी बहन रीता छत पर खेल रहे थे। अचानक आसमान में बादल गरजने लगे। बिजली कड़कने लगी। बारिश की बड़ी- बड़ी बूदें पड़ने लगीं। मैं और रीता भागकर जल्दी से नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम पकौड़े को समोसे ले और समोसे ले आए। हम सबने नीचे बैठकर समोसे और पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
राधा अपनी दीदी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोडी आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
अमन के पिताजी दुकान च चलाते है चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुशी हुई। वह अब आराम से दुकान चलता हैं। | |
हम सब घूमने गए। वहाँ हमने बंदर देखे। हमने उनको केले दिए। सबने केले खा लिए। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौए से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौए को भोजन मिलने लगा। | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे पसंद करते हैं। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसे चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता है। एक दिन दादाजी केशव को बगीचे घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादीजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादीजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
ए सर पढ़ना मैं पापा पापा के साथ बाज़ार गया। बाजार और जूता लाया। बजा बजाकर गीत गाऊँगा। जूता पहनकर घूमने जाऊँगा। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगते हैं। हम बच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाने खाते हैं। केले से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाना है। में मैं रोज़ बहुत दूध के साथ केले खाती हूँ। इसे मुझे इसे मुझे ताकत मिलती है। | |
राधा अपनी दीदी के साथ रह रहती थी। एक दिन दीदी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले झूले भी थे जिन पर राधा ने दीदी के स सैर स साथ सैर लगाई। थोडी आगे जाने पर उन्हें समोजल की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाने बहुत समय था। दीदी ने उसके लिए समोसा खरीदा। ... | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
गाँव में बर बरगद का एक पेड़ था। उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर मे सिरपर ज़ोर से चोंट मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ के को बचा लिया। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को छील दिखाने के लिए ले गई। वहाँ खूब खूब लचल-पचल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगी बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाने खाना बहुत पसंद था। नानी के नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइ... | |
माँ रोज़ खरी खीर बनाती है। दूध में चीनी मिलाती है। दी दीदी खीर खाती है। खाकर खुश होती है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरार शरारती था। जब वह किसी किसी को उड़ाते देख दवाता तो उसका भी मन उड़उड़ उड़ने को करता। उस उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब जब वह सोस घोंसले में अकेला था, उस उसने उड़ उड़ने की कोशिश की की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे ताल... | |
राधा अपनी दा दानी के साथ रह रहती थी। एक दिन दानी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर जिन पर राध राधा ने दा दानी दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आरोआरो जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखाई। राधा को समोसा खाना खाना बहुत पसंद था। दादी ने --... | |
नदी में एक गाव नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी में पार ले जाती है। | |
मेरे पास एक किताब है। उस उसमें मेंरी की - - | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
चिड़िया चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती थी शरारती था। जब वह जब किसी एक जब किसी एक को | |
गोलू के पास एक बकरी है। उसका रंग सफ़ेद है। वह घास खाती है। बकरी रोज़ दूध देती है। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरा शरती था। जब वह किसी को उड़ते उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ उड़ नहीं पाता था। जब व जब वह घोंसले में अकेला था उनके - - | |
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रात हो गई है। चाँद दिख रहा है। तारे भी चमक रहे हैं। सब लोग सो गए हैं। | |
रूपा बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। - - | |
मेरे घर में दो पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
रमेश और महेश मित्र थे। एक दिन वे दोनों आम के बगीचे में घूमने गये। अचानक दोनों ने वह साँप और नेवले को लड़ते हुये देखा। उन्होंने लड़ाई रोकने के लिये एक तरीका निकाला। महेश ने जल्दी से नेवले की ओर लड़की लकड़ी फैंकी। नेवला डर कर भाग गया। साँप भी बिल में छिप गया। रमेश और महेश यह देखकर खुश हुये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वह बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झोले झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसा खरीदे। राधा ने उन्ह... | |
राजू के पास एक गाय है। वह वह हरी घास खाती है। वह बहुत धू दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कुए कुए रहते रहते रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाता और कुछ कुछ कुछुओ को देखकर देखता देखता भी कुछुए चलते तो कभी कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब खूब ज़ोर से हस्ते हँसते व ताल ताली बजाते। घर जाकर सबको सबको कूछुओ कुछ की कहानी सुनाते। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाला है। वह बहुत बोलता है। सब को हँ साच है। | |
माँ ने हल हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
गाँव में एक सड़क है। वह काफी पुरानी है। उसमें पानी भर जाता है। इससे सब दुखी हैं। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खाते हैं। केलों से चटनी भी बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केवल केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे मुझे ताकत मिलती है। | |
ब बाजार में सुनु सुनार की दुकान है। सुनार जोहर बनाता है। जोहर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जोहर पहनाने पसंद कहते हैं। | |
एक एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहती रहते थे। उनमें एक बूढ़ा कौन भी था। कौन बूढ़ा होने के कारण अपने लिए भोजन चुन नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौन कोई से कहा - | |
राजू के पास एक गाय है। वही वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वह कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। इन्हेनो उन्होंने व के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
रूपा बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते रात हो गई। माँ उसको घर ले आई। वह खाना खाकर सो गई। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग में गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रह रहता था। एक दिन नानी माधव को झी झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल- महल पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसको उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। मा... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
चिड़िया का ए एक बच्चा था। वह बहुत श शर शरारती था। जब वह किसी को उड़ने दिखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वहा घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकला। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसाता है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटे छोटा भाई था। उसका गाँव भई गाव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोत सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कचुहे कछुए रहते थे। लड़के तालाब के | |
नानी रोज़ कहानी सुनाती है। कहानी राज राजा की होती है। जब कहानी पूरी होती है, तभी मुझे नींद आती है। | |
सावन का महीना था। आसमान में बहुत से काले बादल छाये थे। ठंडी- ठंडी हवा चल रही थी। मैंने सोचा, आज झूला झूलते हैं। बड़े भैया एक मोटी सी रस्सी लेकर आए। हमने उसे पेड़ के लटका कर झूला बनाया। सब ने मिलकर खूब झूला झूला। बहुत सारे बच्चे आकर मज़े से खेलने लगे। खेलते-खेलते रात हो गई। | |
माँ ने हलवा बनाया। वह बहुत मीठा था। उसे सोनी ने खाया। खाने के बाद वह सो गई। | |
एक खरगोश था। वह बहुत आलसी था। एक दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। अचानक उसने चींटी को देखा। चींटी पेड़ पर चढ़ रही थी और फिर नीचे उतर रही थी। खरगोश ने सोचा चींटी इतनी छोटी है, पर वह कितनी मेहनत करती है। उसे देख कर लगता है कि मुझे भी काम करना चाहिये। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन्हें ... | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
रामपुर में रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खे खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सब सबने मिलकर तय किया कि यह बग़ीचा बनाया जाए। खाद मगर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक समुन्द्र बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील किनारे ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठा... | |
हम सभी मा मसूरी घूमने गए। वहाँ हमने पानी का छ झरना झरना देखा। झरना बहुत ऊँचा था। वहाँ हम सबने फो फोटू भी खींची। | |
मैं और मेरी बहन छत पर खेल रहे थे। अचानक आस आसमान में बादल गरजने लगे, बिजली कटने लगी। बड़ी-बड़ी बत्पीये पड़ने लगीं। हम जल्दी जल्दी से भाग भागकर नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम समोसे और पकौड़े ले आया। हमने खिड खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े पेट भर खाये और बारिश का मौसम | |
कमल कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
एक दिन बकरी, चील और मेंढक ने आकाश में उड़ने की सोची। चील एक बड़ा सा गुब्बारा ले आई। बकरी एक डोरी और मेंढक एक टोकरी ले आया। तीनों ने मिलकर उसकी उड़न टोकरी बनाई। तीनों उसमें बैठकर उड़ने लगे। अचानक बकरी के सींग से गुब्बारा फट गया। सभी जमीन पर आ गिरे। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइय... | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। |
Subsets and Splits
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