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एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुओ की कहानी सुनाते। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाने खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उ... | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे बस मज़े से दाना खाती हैं। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने के का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़े थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइया... | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोते का रंग हरा है। वह लाल टमाटर खाता है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर खाद मंगाकर हर तरह के पौधे लगाये गए। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बचाने में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगा था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी... | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अलेका था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
माधव अपनी पानी के साथ रहता था। एक दिन पानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। पानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी मिठाइयाँ... | |
गाँव में भालू व वाला आया। उसने उसने भालू का नाच दिखाया। सब सब लोगों को मज़ा आया। सब सबने सबने ताली बजाई। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब जब वह किसी किसी को उड़ते उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने का करता। उसके उसके पंख छोटे थे इसलिये इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में घोंसले मे अकेला अकेला था, उसने उड़ने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब... | |
नदी में एक नाव है। वह बहुत पुरानी है। नाव धीरे-धीरे चलती है। हमें नदी के पार ले जाती है। | |
अमन के पिताजी दुकान चलाते थे। दिन भर सब ठीक रहता था। रात को चूहे बहुत परेशान करते थे। अमन ने चूहों को भगाने का एक तरीका सोचा। वह एक बड़ी बिल्ली ले आया। बिल्ली के डर से चूहे अब दुकान में नहीं आते हैं। पिताजी अमन से बहुत खुश हुए। वह अब आराम से दुकान चलाते हैं। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हमे आप हमे आम तोड़ कर तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आप अच्छा आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच में लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने परी ने बच्चो बच्चों का कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापि वापिस लौट गई। | |
रात हो गई है। चाँद दिख रहा है। तारे भी तमक रही हैं। सब लोग सो गए हैं। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान से चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन... | |
का काले बादल छ काले बादल छाए हैं। तेज़ बारिश हो हो रही है। मों मोर भी नाच रहा है। सब नाच देख रहे हैं। | |
सलीम का ना गाँव बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी हैं। सलीम गाँव की सोर करता है। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में में सभी जंगल जंगल ग गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश बारिश के रु क ने रुकने की रा रात देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूनज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। अ प मान अपमान आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखा सुखाने लेगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खे ल ने खेलने लगे। | |
लाजो के पास एक माला है। उसमें बहुत सारे मों मोत मोती हैं। मोती पीले रंग के हैं। ल अरे लाओ उसे पहनती है। | |
मेरे चाचा की शादी है। सब सबके नए कपड़े बने हैं। सब मेहमान आ रहे हैं। घर में धूम-धाम है। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उसका उस पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उस पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसने उस उसके सिर पर ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डर डरकर भाग गया। सबसे मिलकर बरगद के पेड़ को बच बचा लिया। | |
नानी जब घर आती है हमारे लिए मिठाई लाती है। मैं नानी के साथ सोता हूँ। वह मुझे कहानी सुनाती है। | |
रामपुर में कुछ ज़मीन ख़ाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। वहाँ कोई खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आए। उन्हें गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बग़ीचा बनाया जाए। खाद मंगवाकर हर तरह के पौधे लगा के l सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बग़ीचा है। इसलिए वहाँ सब खेलने जाते हैं। | |
केशव अपने दादीजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने के लिए l बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादीजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई l । केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। क... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने उसके पसंद की कई सारी मिठाइयाँ भी ... | |
रात हो गई है। चाँद दिख रहा है। तारे भी चमक रहे हैं। सब लोग सो गए हैं। | |
एक दिन कनक को खेलते-खेलते छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इतनी छोटी गिलहरी को क्या खिलाया जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर खुशी से कुट-कुट करती है। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
रात हो गई है। चाँद दिख रहा है। र तारे भी चमक रहे हैं। सब लोग सो गए हैं। | |
घर के आँगन में केले केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम बच हम बच्चे हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उस उसके पत्ते पत्तों पर खात खाना खाते हैं। केलों से चट चपटनी चटनी भी बनाती बनती है। केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरा भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खा खाती हूँ। इ... | |
को म ल के मामा आया हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सो ने सोने वाले हैं। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। बहु वह बहुत बोलती बोलता है। सब को हँसाता है। | |
एक पेड़ पर बहुत से पक्षी रहते है । उनमें एक बूढ़ा कौआ भी था। कौआ बूढ़ा होने के कारण आप अपने लिए भोजन जुटा नहीं पाता था। इसलिए सभी पक्षियों ने एक योजना बनाई और बूढ़े कौआ से कहा, ‘‘आप हमारे बच्चों व अंडों की देखभाल कीजिए। हम आपके लिए भोजन लायेंगे।’’ इस तरह बूढ़े कौआ को भोजन मिलने लगा। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उन उसके लिए समोसा खरीदा। राधा ने कह उ... | |
आज मामा आए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाता हूँ। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कुछ आ वा गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने ... | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
गाँव में बरगद का एक पेड़ था। उसे पर बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उसकी छाँव में एक कुत्ता भी रहता था। एक दिन एक आदमी उसे पेड़ को काटने लगा। तभी एक चिड़िया ने उसके सिर पर ज़ोर से चोंच मारी। कुत्ता ज़ोर से भौंकने लगा। आदमी डरकर भाग गया। सबने मिलकर बरगद के पेड़ को बचा लिया। | |
चाचा और मदन मेले में गये। वहाँ बहुत सारे झूले थे। मिठाई की दुकानों भी दुकानें भी थीं। दोनों ने मिठाई खाई। | |
गाँव में भालू वाला आया। उसने भालू का नाच दिखाया। सब लोगों को मज़ा आया। सबने ताली बजाई। | |
सलाम बग़ीचे में घूमने गई। वहाँ आम का एक पेड़ था। पेड़ पर बहुत आम थे। सलाम को आम खाने का मन हुआ। आम ऊपर की डाली पर थे। सलाम के हाथ आम तक नहीं पहुँचे पाये। देर तक सोचने के बाद वह एक सीढ़ी लेकर आया । अब आसानी से आम उसके हाथों में आये गए। उसने खूब मज़े से आम खाए। | |
कमल के मामा आए हैं। मामा का गाँव बहुत दूर है। मामा बहुत थक गए हैं। खाना खाकर सोने वाले हैं। | |
एक दिन बकरी, चली और मठक ने आ आकाश में उड़ - - - - - - | |
सोनम गाना गाती है। उसे गाना अच्छा लगता है। उसकी आवाज़ मीठी है। सब उसे प्रसंद करते हैं। | |
बहुत दिनों से बारिश हो रही थी। गाँव में सभी जगह गंदा पानी भर गया था। सभी बारिश के रुकने की राह देख रहे थे। अचानक एक दिन बारिश रुक गई। सूरज निकल आया। सब लोग खुश हो गये। आसमान में चिड़ियाँ उड़ने लगीं। लोग अपने कपड़े सुखाने लगे। बच्चे भी घरों से बाहर निकलकर खेलने लगे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब चहल-पहल थी और उस कुछ लोग झील झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत प्रसंद था। नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी... | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोते का रंग हरा है। वह लाल टमाटर खाते है। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसता है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे तीनों रोज़ साथ-साथ मैच मानती रहते थे। | |
सलीम का घर बड़ा है। गाँव में बहुत पेड़ हैं। एक बड़ा तालाब भी है। सलीम घर की सैर करता है। | |
बाजार में सु सु सुना सुनार की दुकान है। सुनार जेवर बनाता है। जेवर चाँदी और सोने के होते हैं। सभी जेवर पहेनने पहनना पसंद करते हैं। | |
घर के आँगन में केले का पेड़ है। उस पर बहुत सारे केले लगे हैं। हम कच्चे केले की सब्ज़ी बनाते हैं। उसके पत्तों पर खाना खिलाते हैं। उसके पत्तों का खाना खाते है | केले से केलों से चटनी भी बनती है। केले की केले की चटनी घर में सबको अच्छी लगती है। मेरे भाई केले की चाट बनाकर खाता है। मैं रोज़ सुबह दूध के साथ केला खाती हूँ। इससे म... | |
माया अपनी नानी के साथ रहती थी। एक दिन नानी शाम माया को बाज़ार घुमाने ले गई। बाज़ार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियाँ और फल मिले मिल रहे थे। नानी ने बहुत सारा बहुत सारा सामान खरीदा और अपने झोले में रख लिया। थोड़ी थोड़ा आगे जाने पर उन्होंने उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। माया को मिठाई खाना बहुत अच्छा लगता था। नानी ने ... | |
बरसात का मौसम है। खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलते। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेले था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
हम सब घूमने गए। वह हमने बंदर देखे। हमने उनको लेके दिखाए । सबने केले खा लिए। | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती थी । वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
राधा के पास एक तोता है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब सब को "हँसाता" है। | |
राजू नाम का एक लड़का था। उसकी एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई था। उसका भाई गाँव के पास के विद्यालय में पढ़ने जाता। वह खूब मेहनत करता था। उसकी बहन बहुत अच्छी खिलाड़ी थी। उसे लंबी दौड़ लगाना अच्छा लगता था। वे दो तीनों रोज़ साथ-साथ मौज-मस्ती करते थे। | |
माधव अपनी नानी के साथ रहता था। एक दिन नानी माधव को झील दिखाने ले गई। वहाँ खूब खूब चहल-पहल थी और कुछ लोग झील में नाव पर घूम रहे थे। झील के पास एक बहुत बड़ा सा बगीचा था जहाँ कई बच्चे खेल रहे थे। थोड़ी देर बाद वहाँ एक मिठाई वाला आया। माधव को मिठाई खाना बहुत पसंद था। नानी नानी ने उसके लिए कई सारी मिठाइयाँ खरीदी। माधव ने सारी... | |
बग़ीचे में पेड़ हैं। पेड़ पर एक तोता रहता है। तोते का रंग हरा है। वह लाल टमाटर खाता है। | |
मैं और मेरी बहन छत पर खेल रहे थे। अचानक आस आसमान में बादल गरजने लगे, बिजली कड़कने लगी। बड़ी-बड़ी बूँदें पड़ने लगीं। हम जल्दी से भागकर नीचे आ गए। तभी भैया गरम-गरम समोसे और पकौड़े ले आया। हमने खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े खाये और बारिश का मज़ा लिया। | |
राधा अपनी दीदी दादी के साथ रहती थी। एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्हें समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ने उन... | |
बरसात का मौसम है। खून खूब पानी बरस रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी में खेलेंगे। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ दिन उगता था नहीं उगता था। कोई वहाँ खेल खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लिए लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यह बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वह एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती थी। एक दिन द दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा थोड़ा आगे जाने पर उन्हें सम समोसे की एक दुकान दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए समोसे खरीदे। राधा ... | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनाती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
बरसता का मौसम है। खूब पनी खूब पानी बरसे हर रहा है। चारों ओर पानी है। हम सब पानी से में खेल लें खेलेंगे। | |
मेरे पास एक किताब है। उसमें परी पारी की कहानी है। यह कहानी मुझे बहुत पसंद है। मैं सबको यह कहानी सुनाना सुनाना । | |
एक बड़े तालाब में किनारे बहुत से कछुए रहते थे। वह लड़के तालाब के किनारे जाते और कुछ ओर क को देखते देखते। कभी कुछ कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पत्थर को डालते । लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते वह ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
मेरे घर में दो पाल पलंग हैं। एक छोटा है, दूसरा बड़ा है। छोटे पर मैं सोता हूँ। बड़े वाले पर मेरा भाई सोता है। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वह कुछ नहीं उगाता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तइया तया किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद महँग मँगाकर हर तरह के पौधे लंगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
राधा के पास एक तोता था है। उसकी चोंच लाल है। वह बहुत बोलता है। सब को हँसता है। | |
एक बड़े तालाब के किनारे बहुत से कछुए रहते थे। लड़के तालाब के किनारे जाते और कछुओं को देखते। कभी कछुए चलते तो कभी हाथ-पैर अंदर कर लेते, जैसे कोई पर्वत हों। लड़के यह देखकर खूब ज़ोर से हँसते व ताली बजाते। घर जाकर सबको कछुए की कहानी सुनाते। | |
केवल केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। बगीचे में कई बच्चे खेल रहे थे और केशव भी उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम को जब वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केश... | |
कमल का कमाल के मा मामा आई आए हैं। मा मामा का गाँव बहुत दूर है। मा मामा बहुत थक गई गए हैं। खाना खाकर सोने वाली वाले हैं। | |
मैं और मेरी बहन छत पर खेल रही रहे थे। अचानक समान आसमान में बदल गर बदल गरजने बादल गरजने लगा लगे , बिजली तड़पने तड़कने कड़कने लगी। बड़ी-बड़ी बूंद बूँदें पड़ने लगे लगीं। हम जल्दी हवा चलती है से भागकर नीचे आए आ गए। तभी भैया ग गरम-गरम साबर समर समोसे और पकौड़े लाए ले आग आए आया। हमने खिलाकी खिड़की के पास बैठकर समोसे-पकौड़े ... | |
केशव अपने दीदी दादाजी के साथ रहते थे रहता था। एक दिन दादाजी केसे केशव के बाग को बगीचा घूमने के घूम का घूमने घुमाने ले गए। बाग बगीचे में कहीं कई बच्चे खेल रहे थे और केसे केशव भी उनको उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम के ब को जब वो वे घर लौट रहे थे तब उसने मिथु उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुका... | |
रानी नदी किनारे रहती है। नदी में बहुत मछलियाँ हैं। रानी उनको दाना देती है। वे सब मज़े से दाना खाती हैं। | |
चिड़िया का एक बच्चा था। वह बहुत शरारती था। जब वह किसी को उड़ाते उड़ते देखता तो उसका भी मन उड़ने को करता। उसे उसके पंख छोटे थे इसलिये वह उड़ नहीं पाता था। जब वह घोंसले में अकेला था, उसने उड़ने की कोशिश की। मगर वह नीचे तालाब में जा गिरा। चीं-चीं की आवाज़ सुनकर एक कछुआ वहाँ गया और उसे तालाब से बाहर निकाला। | |
केशव अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन दादाजी केशव को बगीचा घुमाने ले गए। भी उन्हे के उनके साथ खेलने लगा। दादाजी पास के पेड़ के नीचे बैठ गए। शाम हो शाम को जब वे वे घर लौट रहे थे तब उन्हें मिठाई की एक बड़ी सी दुकान दिखाई दिखी। केशव को जलेबी खाना बहुत पसंद था। दादाजी ने उसके लिए खूब सारी जलेबी खरीदी। केशव ने सारी जलेब... | |
कमल का फूल है माम् | |
राजू के पास एक गाय है। वह हरी घास खाती है। वह बहुत दूध देती है। दूध से दही बनता है। | |
पहले रामपुर की ज़मीन खाली थी। वहाँ कुछ नहीं उगता था। कोई वहाँ खेलने नहीं जाता था। एक दिन कुछ लोग आये। उन्होंने गाँव के लोगों को बुलाया। सबने मिलकर तय किया कि यहाँ बगीचा बनाया जाए। खाद मँगाकर हर तरह के पौधे लगाये गये। सही समय पर पानी दिया गया। आज वहाँ एक सुंदर बगीचा है। इसलिए वहाँ सभी खेलने आते हैं। | |
राधा अपनी दादी के साथ रहती है रहती थी । एक दिन दादी राधा को मेला घुमाने ले गई। वहाँ बहुत सारे बच्चे थे और रंग-बिरंगे खिलौने मिल रहे थे। मेले के मेले में कई तरह के झूले भी थे जिन पर राधा ने दादी के साथ सैर लगाई। थोड़ा आगे जाने पर उन्होंने समोसे की एक दुकान दे देखने दिखी। राधा को समोसा खाना बहुत पसंद था। दादी ने उसके लिए ... | |
आज मामा आए हैं। मिठाई साथ लाए हैं। हम सब मिठाई खायेंगे। फिर मामा से कहानी सुनेंगे। | |
एक दिन कनक को खेलते-खेलते छोटी सी गिलहरी मिली। कनक उसे अपने घर ले आया। कनक परेशान था कि इतनी छोटी गिलहरी को क्या खिलाया जाए? तभी उसे दूध की बोतल दिखाई दी। उसने बोतल में दूध भरकर गिलहरी को पिलाया। अब छोटी गिलहरी दूध पीकर खुशी से कुट-कुट करती है। | |
मेरे पास एक किताब है। उसने परा की कआना लिखी है। यह कआना मुझे पसंद नही है। मैं सबको यह कआना सुनाती हूँ। | |
हमारे बाग में आम के पेड़ हैं। हम आम तोड़कर खाते हैं। आम की चटनी भी बनती है। हम सबको आम अच्छा लगता है। | |
एक बाग में बहुत सारे बच्चे खेल रहे थे। आसमान में बादलों के बीच से लाल परी उन्हें देख रही थी। फिर वह आसमान से नीचे उतर आई और उन बच्चों के साथ खेलने लगी। बच्चे परी को देखकर बहुत खुश हुए। शाम को परी ने बच्चों को कुछ खिलौने दिए। फिर लाल परी अपने परीलोक वापिस लौट गई। |
Subsets and Splits
SQL Console for PrathamOrgAI/ReadNet
The query retrieves audio paths and their corresponding transcribed text, excluding specific patterns in the URLs, which provides basic filtering but limited analytical value.