text
stringlengths
19
64.8k
category
stringclasses
89 values
row_number
int64
0
183k
title
stringclasses
0 values
token_count
int64
10
10.2k
रिचर्ड एच थेलर (जन्म 12 सितंबर, 1945) एक अमेरिकी अर्थशास्त्री और शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में व्यवहारिक विज्ञान और अर्थशास्त्र के विशिष्ट सेवा प्रोफेसर हैं। ये व्यवहारिक अर्थशास्त्र में एक सिद्धांतवादी के रूप में सबसे अच्छी तरह जाने जाते हैं। व्यवहारिक अर्थशास्त्र में उनके योगदान के लिए, 2017 में उन्हें आर्थिक विज्ञा...
अर्थशास्त्र
5,300
null
61
== व्यक्तिगत जीवन == थैर का जन्म ईस्ट ऑरेंज, न्यू जर्सी में हुआ था। उनकी मां, रोस्लिन (मेलनिकॉफ) एक शिक्षक थी, और उनके पिता एलन एम थालर, न्यूआर्क,न्यू जर्सी में प्रूडेंशियल फाइनेंस में एक अभियंता थे और उनका जन्म टोरंटो में हुआ था। उनका परिवार यहूदी है, और वे अपने दो छोटे भाइयों के साथ बड़े हुए। उन्होंने फ्रेंस लेक्लरर्...
अर्थशास्त्र
5,301
null
221
== प्रकाशन == थैलर, रिचर्ड एच 1992। द विनर'स कर्स: परडोक्सेस एंड अनोमालिएस ऑफ़ इकनोमिक लाइफ प्रिंसटन: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस थैलर, रिचर्ड एच 1993। एडवांसेज इन बिहेवियरल फाइनेंस। न्यूयोर्क: रसेल सेज फाउंडेशन थैलर, रिचर्ड एच 1993। क्वासी रैशनल इकोनॉमिक्स। न्यूयोर्क: रसेल सेज फाउंडेशन
अर्थशास्त्र
5,302
null
43
रैग्नर फ्रिश (agnar Anton Kittil Frisch ; 3 मार्च 1895 – 31 जनवरी 1973) नॉर्वे के अर्थशास्त्री एवं १९६९ के आर्थिक विज्ञान में नोबेल स्मारक पुरस्कार के सह-विजेता थे। वे अर्थमिति (econometrics) नामक विधा के संस्थापकों में से एक थे। उन्होने ही सबसे पहले १९३३ में मैक्रोइकनॉमिक्स/माइक्रोइकनॉमिक्स शब्दों का प्रयोग किया था जि...
अर्थशास्त्र
5,303
null
67
रॉबर्ट ज़ोलिक (जन्म 25 जुलाई, 1953) विश्व बैंक के ग्यारहवें अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपना पदभार 1 जुलाई, 2007 को ग्रहण किया था।
अर्थशास्त्र
5,304
null
22
== बाहरी कड़ियाँ == अमरीकी सरकार के जालस्थल पर उनकी जीवनी चीन और अमरीका के रिश्तो पर श्री जालिक का न्यूयार्क में 25 फ़रवरी 2004 को दिया गया भाषण
अर्थशास्त्र
5,305
null
29
मारी-एस्प्रिट-लियोन वालरस (Marie-Esprit-Léon Walras; 16 दिसंबर 1834 – 5 जनवरी 1910) एक फ़्रांसीसी गणितज्ञ, अर्थशास्त्री एवं जॉर्जिस्ट (एकल-कर आन्दोलनवादी) थे। इन्होने मूल्य के सीमांत सिद्धांत का प्रतिपादन (विलियम स्टैनली जेवोन्स और कार्ल मैग्नर से स्वतंत्र रूप से) किया और सामान्य समस्थिति सिद्धांत के अग्रदूतों में से ए...
अर्थशास्त्र
5,306
null
64
लियोनेल चार्ल्स रोबिन्स, बैरोन रोबिन्स (Lionel Charles Robbins, Baron Robbins; 22 नवम्बर 1898 – 15 मई 1984) ब्रितानी अर्थशास्त्री और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनोमिक्स के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख सदस्य थे। 1932 ई में इनकी बुक आई थी जिसका नाम 'An Essay on the Nature and Significance of Economic Science' था। दुर्लभता से संबंधी...
अर्थशास्त्र
5,307
null
68
== परिवार और शिक्षा == रोबिन्स का जन्म पश्चिम लंदन के सिप्सन में हुआ। वो रोलैंड रिचर्ड (1872–1960) और रोजा मैरियन रोबिन्स (नी हेरिस) के पुत्र थे। उनके पिताजी एक किसान होने के साथ-साथ मिडलसेक्स काउंटी परिषद् के सदस्य भी थे। रोबिन्स की बहन कोरोलाइन इतिहास की प्रसिद्ध प्रोफेसर थी।
अर्थशास्त्र
5,308
null
50
विलफ़्रेडो परेटो (Vilfredo Federico Damaso Pareto ; उच्चारण : [vilˈfreːdo paˈreːto] ; 1848-1923) इटली के इंजीनियर, समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री, राजनीतिशास्त्री और दार्शनिक थे। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उन्होने कई महत्वपूर्ण योगदान किए।
अर्थशास्त्र
5,309
null
31
== परिचय == अर्थशास्त्र के इतिहास में विलफ़्रेडो परेटो का नाम एक ऐसे विद्वान के रूप में दर्ज है जिसने इस अनुशासन को पहले तो गणितीय और वैज्ञानिक आधार देने की भूमिका निभायी और फिर उसे ऐतिहासिक और समाजशास्त्रीय अंतर्दृष्टियों से सम्पन्न करने के लिए काम किया। अर्थशास्त्र में कई तात्त्विक योगदान करने वाले परेटो के बौद्धिक ज...
अर्थशास्त्र
5,310
null
1,682
== सन्दर्भ == 1 रेनाटो सिरिलो (1979), द इकॉनॉमिक्स ऑफ़ विलफ्रेडो परेटो, फ्रैंक कैस, लंदन. 2. एच. चार्ल्स पावर्स 1987(), विलफ़्रेडो परेटो, सेज पब्लिकेशंस, न्यूबरी पार्क. 3. जोसेफ़ शुमपीटर (1949), ‘विलफ़्रेडो परेटो 1848-1923’, क्वार्टरली जरनल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स, 63.
अर्थशास्त्र
5,311
null
38
सर विलियम पेटी (Sir William Petty) (२६ मई १६२३- १६ दिसम्बर १६८७) अंग्रेज अर्थशास्त्री, वैज्ञानिक और दार्शनिक थे। वे सर्वप्रथम ओलिवर क्रॉमवेल और आयरलैंड की सेवाओं के कारण प्रसिद्ध हुए। वे चार्ल्स-२ और जेम्स-२ के दौर में भी महत्वपूर्ण बने रहे। वे इंग्लैंड की संसद औ्र रॉयल सोसायटी के चार्टर सदस्य भी रहे। वे सबसे ज्यादा अप...
अर्थशास्त्र
5,312
null
69
होसुंग ली (कोरियन:이회성, अँग्रेजी: Hoesung Lee, जन्म: 31 दिसंबर 1945) दक्षिण कोरियाई अर्थशास्त्री हैं। वर्तमान में वे आईपीसीसी (अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन पैनल) के अध्यक्ष हैं। ली कोरिया यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एनर्जी एंड इन्वायरमेंट में प्रोफेसर हैं तथा वे वर्तमान में आईपीसीसी के तीन उपाध्यक्षों में से एक है...
अर्थशास्त्र
5,313
null
69
थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) एक मूल्य सूचकांक है जो कुछ चुनी हुई वस्तुओं के सामूहिक औसत मूल्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और फिलीपिन्स आदि देश थोक मूल्य सूचकांक में परिवर्तन को महंगाई में परिवर्तन के सूचक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। किन्तु भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका अब उत्पादक मूल्य सूचकांक (produce...
अर्थशास्त्र
5,314
null
63
== भारत में थोक मूल्य सूचकांक == भारत में थोक मूल्य सूचकांक को आधार मान कर महँगाई दर की गणना होती है। हालाँकि थोक मूल्य और ख़ुदरा मूल्य में काफी अंतर होने के कारण इस विधि को कुछ लोग सही नहीं मानते हैं। थोक मूल्य सूचकांक के लिये एक आधार वर्ष होता है। भारत में अभी 2011-12 के आधार वर्ष के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक की गणना...
अर्थशास्त्र
5,315
null
144
=== उदाहरण === मान लीजिए हमें वर्ष २००४(2004) के लिए गेहूँ का थोक मूल्य सूचकांक निकालना हैो त अगर १९९४(1994) में गेहूँ की क़ीमत ८(8) रूपए प्रति किलो थी और वर्ष २००४(2004) में यह १०(10) रूपए प्रति किलो है तो क़ीमत में अंतर हुआ २ रूपए का. अब यही अंतर अगर प्रतिशत में निकालें तो २५ प्रतिशत बैठता है। आधार वर्ष (2004-05) के ...
अर्थशास्त्र
5,316
null
133
=== थोक मूल्य सूचकांक की गणना हर हफ़्ते होती है === सामानों के थोक भाव लेने और सूचकांक तैयार करने में समय लगता है, इसलिए मुद्रास्फ़ीति की दर हमेशा दो हफ़्ते पहले की होती है। भारत में हर हफ़्ते थोक मूल्य सूचकांक का आकलन किया जाता है। इसलिए महँगाई दर का आकलन भी हफ़्ते के दौरान क़ीमतों में हुए परिवर्तन दिखाता है। अब मान ल...
अर्थशास्त्र
5,317
null
102
== थोक मूल्य सूचकांक की कमियां == अमरीका, ब्रिटेन, जापान, फ़्रांस, कनाडा, सिंगापुर, चीन जैसे देशों में महँगाई की दर खुदरा मूल्य सूचकांक के आधार पर तय की जाती है। इस सूचकांक में आम उपभोक्ता जो सामान या सेवा ख़रीदते हैं उसकी क़ीमतें शामिल होती हैं। इसलिए अर्थशास्त्रियों के एक तबके का कहना है कि भारत को भी इसी आधार पर महँ...
अर्थशास्त्र
5,318
null
106
== महँगाई दर == गणित के हिसाब से थोक या ख़ुदरा मूल्य सूचकांक में निश्चित अंतराल पर होने वाले बदलाव को जब हम प्रतिशत के रूप में निकालते हैं, तो उसे ही महँगाई दर या मुद्रा स्फीति कहते हैं। आधार वर्ष:-(Base year) एक आधार वर्ष एक आर्थिक या वित्तीय सूचकांक में वर्षों की श्रृंखला की पहली श्रृंखला है। यह आम तौर पर 100 के मनमा...
अर्थशास्त्र
5,319
null
114
== इन्हें भी देखें == उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer price index) मूल्य सूचकांक (Price index) मुद्रा स्फीति (Inflation) आर्थिक मंदी आर्थिक संकेतक
अर्थशास्त्र
5,320
null
22
== बाहरी कड़ियाँ == धूल फांक रहा है नया मूल्य सूचकांक (बिजिनेस स्टैंडर्ड) नए सिरे से महंगाई की गणना करेगी सरकार (याहू-जागरण) किस करवट बैठेगी महंगाई, देखता है मूल्य सूचकांक थोक मूल्य सूचकांक का छलावा (विष्णुदत्त नागर)
अर्थशास्त्र
5,321
null
37
अर्थशास्त्र के सन्दर्भ में, फिलिप्स वक्र किसी अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी और मुद्रास्फीति की दरों के बीच सम्बन्ध बताने वाला वक्र है। इसके अनुसार, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति की दरों के बीच व्युत्क्रम सम्बन्ध होता है। अर्थात, अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति बढ़ने पर बेरोजगारी कम होती है। इस सिद्धान्त की खोज अल्बम विलियम (बिल...
अर्थशास्त्र
5,322
null
193
== 'इतिहास == बेरोजगारी के खिलाफ मजदूरी के परीवर्तन की दर , यूनाइटेड किंगडम १९१३-१९४८ से फिलिप्स (१९५८) विलियम फिलिप्स, एक न्यूजीलैंड का जन्म अर्थशास्त्री, १९५८ में एक कागज बेरोजगारी और त्रैमासिक पत्रिका आर्थिका में प्रकाशित किया गया था १८६१-१९५७ यूनाइटेड किंगडम में पैसा मजदूरी की दरों में परिवर्तन की दर, के बीच संबंध ...
अर्थशास्त्र
5,323
null
735
आय एक खपत और बचत है सभी मजदूरी, वेतन, लाभ, भुगतान, किराए आदि आय घर-परिवार, देश को चलाने में जिसका प्रयोग होता है। व्यापार आदि में इसका महत्त्व है, धन का निवेश कर आर्जित संपत्ति जिसमें लाभ कमाया जाता है वह आय कहला हैं
अर्थशास्त्र
5,324
null
44
== प्रति व्यक्ति आय == प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किसी एक देश के लोगों की संपत्ति का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है, किसी अन्य देश की तुलना में। आमतौर पर यह किसी सर्वमान्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा जैसे यूरो या डॉलर में मापा जाता है।
अर्थशास्त्र
5,325
null
46
== इन्हें भी देखें == सकल घरेलू उत्पाद भारतीय राज्यों की प्रति व्यक्ति आय
अर्थशास्त्र
5,326
null
14
निवल आय या शुद्ध लाभ एक प्रकार का आय या लाभ होता है, जो किसी वस्तु को बेचने से विक्रय करने वाले को क्रय करने वाले व्यक्ति द्वारा दिया जाता है। जिसमें विक्रय करने वाले के कुल खर्च को उसके कुल मिले हुए पैसों से हटाया जाता है तो यह आय मिलती है। सामान्यतः यह आय कर देने के बाद बचने वाले पैसों को कहते हैं। जिसे हमें किसी को ...
अर्थशास्त्र
5,327
null
103
प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) [Note: Capita लैटिन भाषा से लिया गया शब्द है, जिसका अर्थ per head या for each head होता है] किसी देश, राज्य, नगर, या अन्य क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की औसत आय होती है। इसका अनुमान उस क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों की आय के जोड़ को क्षेत्र की कुल जनसंख्या से विभाजित कर के लगाय...
अर्थशास्त्र
5,328
null
138
कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ वार्षिक रूप से विश्वभर के देशों की प्रति व्यक्ति आय की सूचियाँ बनाती हैं। यह सूचियाँ दो आधारों पर बनाई जाती हैं:
अर्थशास्त्र
5,329
null
25
अभारित सूची (Nominal) - यह सरल सूचियाँ सीधे कमाई जाने वाली मुद्रा में आय को लेकर अभारित रूप से (यानि बिना किसी फेर-बदल के) बनाई जाती है और अधिकतर इन्हीं सूचियों का प्रयोग होता है। क्रय-शक्ति समता पर आधारित सूची (PPP) - यह सूचिया क्रय-शक्ति समता के आधार पर बनती हैं और इनसे यह अंदाज़ा लगाया जाता है कि किसी क्षेत्र में लो...
अर्थशास्त्र
5,330
null
82
== संपत्ति के मापन में प्रति व्यक्ति आय == प्रति व्यक्ति आय का उपयोग किसी एक देश के लोगों की संपत्ति का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है, किसी अन्य देश की तुलना में। आमतौर पर यह किसी सर्वमान्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा जैसे यूरो या डॉलर में मापा जाता है। लेकिन इस मापन प्रणाली में एक खोट भी है। वह यह की यह किसी देश की केवल ...
अर्थशास्त्र
5,331
null
130
== इन्हें भी देखें == सकल घरेलू उत्पाद प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के अनुसार देशों की सूची (अभारित) भारतीय राज्यों की प्रति व्यक्ति आय मुक्त बाज़ार नियंत्रित बाज़ार अभाव अर्थव्यवस्था
अर्थशास्त्र
5,332
null
31
लेखांकन और वित्त में, ब्याज और कर पूर्व आय (earnings before interest and taxes (EBIT)) किसी फर्म का वह लाभ है जिसमें ब्याज व्यय और आयकर व्यय को छोड़कर अन्य सभी आय और व्यय (परिचालन और गैर-परिचालन) सम्मिलित होते हैं। यदि फर्म की गैर-परिचालन आय तथा गैर-परिचालन व्यय न हों तो इसी को कभी-कभी 'ऑपरेटिंग इनकम' या 'ऑपरेटिंग प्रॉ...
अर्थशास्त्र
5,333
null
62
अर्थशास्त्र और वित्त में, आज से कुछ समय बाद जो कोई आय होगी, उसका आज जो मूल्य है उसे उस भविष्य में होने वाली आय का वर्तमान मूल्य ( present value) कहा जाता है। वर्तमान मूल्य आमतौर पर भविष्य के मूल्य से कम होता है क्योंकि पैसे में ब्याज-अर्जन की क्षमता होती है। इसी लिये वर्तमान मूल्य को वर्तमान रियायती मूल्य भी कहते हैं।
अर्थशास्त्र
5,334
null
64
उदाहरण के लिये मान लीजिए कि वर्तमान व्याज दर ७ प्रतिशत प्रतिवर्ष है और ५ वर्ष बाद आपको २०००० रूपये मिलने वाले हैं। भविष्य में मिलने वाले इस रूपये का वर्तमान मूल्य २०००० नही बल्कि 20000/(1 + 0.07)^5 = 20000 / 1.402551731 = 14259.72 होगी । दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि आज का एक रूपया कल के एक रूपये से अधिक मूल्य का ...
अर्थशास्त्र
5,335
null
115
=== एकमुश्त राशि का वर्तमान मूल्य === वर्तमान मूल्य निकलने का जो सबसे अधिक प्रचलित मॉडल है वह चक्रवृद्धि ब्याज के उपयोग पर आधारित है। इसका सूत्र निम्नलिखित है:
अर्थशास्त्र
5,336
null
29
P V = C ( 1 + i ) n {\displaystyle PV={\frac {C}{(1+i)^{n}}}\,}
अर्थशास्त्र
5,337
null
13
कहां C {\displaystyle \,C\,} भविष्य में प्राप्त होने वाली राशि है, n {\displaystyle \,n\,} वर्तमान तिथि और भविष्य की तिथि के बीच की चक्रवृद्धि अवधियों की संख्या है, i {\displaystyle \,i\,} चक्रवृद्धि ब्याज की दर है। ब्याज दर, i {\displaystyle \,i\,} , प्रतिशत के रूप में दिया गया है, अर्थात यदि ब्याज दर 7 प्रतिशत प्रतिव...
अर्थशास्त्र
5,338
null
63
वेतन किसी नियोक्ता से किसी कर्मचारी को मिलने वाले आवधिक भुगतान का एक स्वरूप है जो एक नियोजन संबंधी अनुबंध में निर्देशित किया गया हो सकता है। यह टुकड़ों में मिलने वाली मजदूरी के विपरीत है जहाँ आवधिक आधार पर भुगतान किये जाने की बजाय प्रत्येक काम, घंटे या अन्य इकाई का अलग-अलग भुगतान किया जाता है। एक कारोबार के दृष्टिकोण स...
अर्थशास्त्र
5,339
null
112
चूंकि पहले कार्य-संबंधी-भुगतान विनिमय के लिए कोई पहला भुगतान का अंश (पे स्टब) मौजूद नहीं है, पहले वेतनभोगी कार्य में मानव समाज को इतना अधिक विकसित होने की जरूरत रही होगी कि उसके पास वस्तुओं या अन्य कार्य के बदले वस्तु के विनिमय को संभव बनाने के लिए वस्तु-विनिमय प्रणाली मौजूद हो। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि यह संगठि...
अर्थशास्त्र
5,340
null
306
=== रोमन शब्द सैलरियम === इसी तरह रोमन शब्द सैलरियम रोजगार, नमक और सैनिकों से जुड़ा है, लेकिन सटीक संबंध स्पष्ट नहीं है। कम से कम सामान्य सिद्धांत यह है कि स्वयं सोल्जर शब्द ही लैटिन के साल डेयर (नमक देना) से निकला है। वैकल्पिक रूप से, रोमन इतिहासकार प्लिनी द एल्डर ने समुद्री जल की अपनी प्राकृतिक इतिहास की चर्चा में पर...
अर्थशास्त्र
5,341
null
173
=== रोमन साम्राज्य और मध्ययुगीन एवं पूर्व-औद्योगिक यूरोप में भुगतान === सटीक संबंध पर ध्यान दिए बगैर, रोमन सैनिकों को भुगतान किये गए सैलरियम को तब से पश्चिमी देशों में कार्य के बदले मजदूरी के रूप में परिभाषित किया गया है और इसने "किसी के नमक का हक़ अदा करने" के रूप में उन अभिव्यक्तियों को बढ़ावा दिया है। अभी तक रोमन सा...
अर्थशास्त्र
5,342
null
279
=== वाणिज्यिक क्रांति के दौरान भुगतान === यहाँ तक कि 1520 से 1650 के बीच के वर्षों में वाणिज्यिक क्रांति द्वारा शुरुआत में कई सृजित रोजगारों और बाद में 18वीं और 19वीं सदियों में औद्योगीकरण के दौरान कोई वेतन नहीं दिया जाता था, लेकिन एक हद तक उन्हें कर्मचारियों के रूप में भुगतान किया जाता था, संभवतः घंटे या दैनिक आधार पर...
अर्थशास्त्र
5,343
null
84
=== भुगतान के रूप में आमदनी का साझा === इस समय के निगमों जैसे कि कई ईस्ट इंडिया कंपनियों में कई प्रबंधकों को मालिक-शेयरधारक के रूप में वेतन दिया जाता था। इस तरह के पारिश्रमिक की स्कीम लेखांकन, निवेश और कानूनी फर्म की साझेदारियों में अभी भी सामान्य है जहाँ प्रमुख पेशेवर व्यक्ति शेयर (इक्विटी) के भागीदार होते हैं और तकनी...
अर्थशास्त्र
5,344
null
85
=== दूसरी औद्योगिक क्रांति और वेतनभोगी भुगतान === 1870 से 1930 तक दूसरी औद्योगिक क्रांति ने रेलमार्गों, बिजली और टेलीग्राफ एवं टेलीफोन की सुविधाओं के जरिये आधुनिक व्यावसायिक निगमों को उभरने का मौक़ा दिया। इस युग में वेतनभोगी अधिकारियों और प्रशासकों के एक वर्ग को बड़े पैमाने पर उभरते देखा गया जिन्होंने नए, व्यापक-स्तर प...
अर्थशास्त्र
5,345
null
163
=== 20वीं सदी में वेतनभोगी रोजगार === 20वीं सदी में सेवा अर्थव्यवस्था के उद्भव ने विकसित देशों में वेतनभोगी रोजगार को कहीं अधिक सामान्य बना दिया, जहाँ औद्योगिक उत्पादन संबंधी नौकरियों के संबंधित हिस्से में गिरावट आयी और आधिकारिक, प्रशासनिक, कम्प्युटर, मार्केटिंग और रचनात्मक नौकरियों - जिनमें से सभी वेतनभोगी होते थे - क...
अर्थशास्त्र
5,346
null
57
=== आज के वेतन और भुगतान के अन्य स्वरुप === आज, एक वेतन का विचार नियोक्ताओं द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले सभी तरह के संयुक्त पुरस्कारों की एक प्रणाली के हिस्से के रूप में निरंतर विकसित हो रहा है। वेतन (जिसे अब एक निश्चित भुगतान (फिक्स्ड पे) रूप में भी जाना जाता है) को एक "कुल जमा पुरस्कारों" की प्रणाली के एक हिस्...
अर्थशास्त्र
5,347
null
108
संयुक्त राज्य अमेरिका में, नियतकालिक वेतन (जिनका भुगतान आम तौर पर कार्य के घंटों पर ध्यान दिए बगैर किया जाता है) और घंटों के पारिश्रमिक (एक न्यूनतम पारिश्रमिक जाँच में सफल होना और अतिरिक्त समय तक कार्य करना) के अंतर को पहली बार 1938 के फेयर लेबर स्टैण्डर्ड्स एक्ट द्वारा संहिताबद्ध किया गया था। उस समय, पाँच श्रेणियों की...
अर्थशास्त्र
5,348
null
528
जापान में मालिक अपने कर्मचारियों को वेतन वृद्धि की सूचना "जिरी" के माध्यम से देते थे। यह अवधारणा अब भी मौजूद है और बड़ी कंपनियों में इसकी जगह एक इलेक्ट्रॉनिक स्वरुप या ई-मेल का इस्तेमाल किया जाने लगा है।
अर्थशास्त्र
5,349
null
39
== भारत में वेतन == भारत में वेतन का भुगतान आम तौर पर हर महीने की 7वीं तारीख को किया जाता है। भारत में न्यूनतम पारिश्रमिक का निर्धारण न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 द्वारा किया जाता है। इसके बारे में विस्तृत विवरण को https://web.archive.org/web/20110224225252/http://labourbureau.nic.in/wagetab.htm पर देखा जा सकता है। भार...
अर्थशास्त्र
5,350
null
69
मजदूरी अधिशासी मुआवजा प्रत्येक देश के आधार पर औसत पारिश्रमिक की सूची एकल अंक में वेतन अर्जित करने वालों की सूची सबसे बड़े खेल अनुबंधों की सूची सैलरीमैन (जापान) सर्वाधिक आय वाले साल
अर्थशास्त्र
5,351
null
33
चार एशियाई चीते या एशियाई ड्रैगन एशिया की चार अतिविकसित अर्थव्यवस्थाएं है जो हैं ताइवान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और हांग कांग। ये चार क्षेत्र एशिया के प्रथम औद्योगिकृत क्षेत्रों में से थे जिन्होंने आरम्भिक १९६० से लेकर १९९० के दशक तक अभूतपूर्व प्रगति की थी। २१वीं सदी में चारों क्षेत्र अग्रिम अर्थव्यवस्थाओं और उच्च आय व...
अर्थशास्त्र
5,352
null
165
विश्व के आर्थिक इतिहास में वाणिज्यिक क्रांति (Commercial Revolution) उस अवधि को कहते हैं जिसमें आर्थिक प्रसार, उपनिवेशवाद और व्यापारवाद (mercantilism) का जोर रहा। यह अवधि लगभग सोलहवीं शती से आरम्भ होकर अट्ठारहवीं शती के आरम्भ तक मानी जाती है। इसके बाद की अवधि में औद्योगिक क्रान्ति हुई।
अर्थशास्त्र
5,353
null
48
== आधुनिक पश्चिमी विश्व की आर्थिक क्रांति == सामंतवाद का पतन, धर्मसुधार आंदोलन एवं पुनर्जागरण तीन ऐसे प्रमुख कारक थे जिन्होंने यूरोप में आधुनिक युग के आरंभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुनर्जागरण एवं वैज्ञानिक क्रांति के फलस्वरूप यूरोप में आर्थिक प्रगति के दौर आरंभ हुआ। वैज्ञानिक क्रांति ने औद्योगिक क्रांति एवं कृषि क्...
अर्थशास्त्र
5,354
null
171
(१) धर्म युद्ध (1095 ई.-1291 ई.) एवं व्यापारी वर्ग का अभ्युदय, (२) तुर्कों का कुस्तुनतुनिया (एशिया माइनर) पर अधिकार (1453 ई .) एवं भौगोलिक खोजें।
अर्थशास्त्र
5,355
null
25
== धर्म युद्धों का प्रभाव एवं व्यापारिक वर्ग का अभ्युदय == ईसाइयों के पवित्र तीर्थ स्थल जेरूसलम को तुर्कों से मुक्त कराने के लिए एक दीर्घकालीन (1095 ई.-1291 ई.) धर्म युद्ध (क्रुसेड) चला। इस धर्म युद्ध का एक महत्वपूर्ण प्रभाव यह हुआ कि भारत की भोगविलास की वस्तुओं, मालाबार क्षेत्र के एवं पूर्वी द्वीप समूह के मसालों आदि क...
अर्थशास्त्र
5,356
null
212
== कुस्तुनतुनिया पर तुर्कां का अधिकार एवं भौगोलिक खोजें == धर्म युद्धों (क्रूसेड) के पश्चात् हुई यूरोपीय व्यापारिक प्रगति को 1453 ई . में उस समय गहरा आघात लगा जबकि कुस्तुनतुनिया पर तुर्कां ने अधिकार कर लिया। इससे पूर्व भारत एवं अन्य पूर्वी देशों से सामान समुद्री मार्ग से फारस की खाड़ी तक आता था। इसके पश्चात् स्थल मार्ग...
अर्थशास्त्र
5,357
null
403
== इन्हें भी देखें == वाणिज्यवाद वैज्ञानिक क्रांति औद्योगिक क्रांति उपनिवेशवाद
अर्थशास्त्र
5,358
null
11
== प्रागैतिहासिक काल == इस काल में शिकार करना, औजार बनाना, वस्त्र तथा मकान निर्माण आदि मानव की मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ हुआ करती थीं।
अर्थशास्त्र
5,359
null
24
== आधुनिक विश्व का आर्थिक इतिहास == द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमरीका और सोवियत संघ में शीत युद्ध छिड़ गया। ये कोई युद्ध नहीं था पर इससे सारा विश्व दो केन्द्रों में बँट गया। शीत युद्ध के दौरान अमरीका, इंग्लैंड, जर्मनी (पश्चिम), ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा, स्पेन एक तरफ थे। ये सभी लोकतांत्रिक देश थे और यहाँ पर खुली अर्थव...
अर्थशास्त्र
5,360
null
338
== विश्व के आर्थिक इतिहास की प्रमुख घटनाएँ == 1 ई॰ : विश्व अर्थव्यवस्था में भारतीय अर्थव्यवस्था का हिसा 52.9% था जो एक कीर्तिमान है। 995 ई॰: चीन में कागज का पहला निजी नोट जारी हुआ। 1000 ई॰ : विश्व अर्थव्यवस्था में भारतीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा ३३% था, जो संसार में सबसे अधिक हिस्सा है। 1407 ई॰: यूरोप का प्रथम आधुनिक बैं...
अर्थशास्त्र
5,361
null
611
== इन्हें भी देखें == भारत का आर्थिक इतिहास उपनिवेशीकरण गुलामी आर्थिक साम्राज्यवाद व्यापार
अर्थशास्त्र
5,362
null
14
शिल्पकर्म या शिल्पकारी (craft) एक व्यवसाय है जिसमें विशेष प्रकार के कौशल की आवश्यकता होती है। हिन्दी में इसे हस्तकौशल, शिल्प, कारीगरी, शिल्प दस्‍तकारी आदि भी कहते हैं। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में, छोटे स्तर पर हाथ से सामान बनाने वाले लोगों को शिल्पकार कहते थे।
अर्थशास्त्र
5,363
null
44
== बाहरी कड़ियाँ == भारत का शिल्प पूर्वावलोकन केंद्रीय कुटीर-उद्योग इम्पोरिअम
अर्थशास्त्र
5,364
null
11
सामंतवाद (अंग्रेज़ी: Feudalism फ़्यूडलिज़्म) मध्यकालीन युग में इंग्लैंड और यूरोप की प्रथा थी। इन सामंतों की कई श्रेणियाँ थीं जिनके शीर्ष स्थान में राजा होता था। उसके नीचे विभिन्न कोटि के सामंत होते थे और सबसे निम्न स्तर में किसान या दास होते थे। यह रक्षक और अधीनस्थ लोगों का संगठन था। राजा समस्त भूमि का स्वामी माना जाता...
अर्थशास्त्र
5,365
null
147
== परिचय == यूरोप में सामंतवाद का विकास सामान्यतः इन परिस्थितियों में हुआ। रोमन साम्राज्य के टूटने के बाद उस पर पश्चिमी यूरोप की असभ्य जातियां-फ्रैंक लोम्बार्ड तथा गोथ इत्यादि ने अधिकार कर लिया। इन लुटेरी जातियों ने समाज और सरकार को सर्वथा नवीन रूप दिया। पांचवीं शताब्दी तक रोमन साम्राज्य अपनी रक्षा करने में असमर्थ हो च...
अर्थशास्त्र
5,366
null
1,606
== परिभाषा == सामंतवाद को लेकर मोटे तौर पर कोई स्वीकृत आधुनिक परिभाषा नहीं है। शब्द सामंतवाद या सामंती व्यवस्था पूर्व आधुनिक काल (17 वीं सदी) में गढ़ा गया था और अक्सर राजनीतिक और मत प्रचार संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता था। 20 वीं शताब्दी के मध्य तक, फ़्रांस्वा लुई गंशोफ़ के फ्यूडिलिज्म है, 3 एडीशन. (1964, मूलतः 1947 मे...
अर्थशास्त्र
5,367
null
339
== शास्त्रीय सामंतवाद == इंग्लैंड में सामंतवाद के उदाहरण देंखे फ़्रांस्वा लुई गंशोफ़ का सामंतवाद संस्करण बड़े युद्धों के बीच पारस्परिक कानूनी और सैन्य दायित्वों का वर्णन करता है और भगवान, जागीरदार और मिल्कियत के आसपास तीन महत्वपूर्ण अवधारणाएं घूमती हैं। एक प्रभु व्यापक अर्थ में एक महान संदर्भ है जो जमीन पर कब्जा करता थ...
अर्थशास्त्र
5,368
null
134
=== ग़ुलामी === इससे पहले कि प्रभु किसी को भूमि (एक मिल्कियत) अनुदान कर सके, उन्हें उस व्यक्ति को एक जागीरदार बनाना पड़ता था। इसे औपचारिक और प्रतीकात्मक समारोह में संपन्न किया गया जिसे प्रशस्ति समारोह कहा गया और यह शपथ और श्रद्धांजलि अधिनियम दो भागों में बांटा गया। श्रद्धांजलि के दौरान स्वामी और मातहत एक अनुबंध में आते...
अर्थशास्त्र
5,369
null
373
शब्द 'सामंती समाज' के रूप में परिभाषित बलोच मार्क द्वारा गंशोफ़ द्वारा फैलता प्रस्तावित परिभाषा पर और मनोरिअलिस्म सामंती शामिल भीतर संरचना न केवल योद्धा अभिजात वर्ग, लेकिन यह भी किसानों से बंधे.
अर्थशास्त्र
5,370
null
33
== सामंतवाद का इतिहास == सामंतवाद पारंपरिक रूप से एक साम्राज्य का विकेन्द्रीकरण का एक परिणाम के रूप में उभर रहे हैं। यह विशेष रूप से जापानी और कारोलिंगियन यूरोपीय साम्राज्य जो दोनों नौकरशाही आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के लिए इन घुड़सवार सैनिकों को भूमि आवंटित करने की क्षमता के बिना घुड़सवार समर्थन अभाव में मामला था। घुड़...
अर्थशास्त्र
5,371
null
139
== सामंतवाद का इतिहास लेखन == शब्द सामंतवाद अनजान था और इस प्रणाली का वर्णन करता यह अवधि मध्यकालीन थे में से लोगों के जीवन प्रणाली नहीं राजनीतिक औपचारिक एक कल्पना के रूप में. यह खंड सामंतवाद का विचार है, के इतिहास का वर्णन कैसे विद्वानों और विचारकों, यह कैसे समय के साथ बदल के बीच उत्पन्न अवधारणा है और इसके उपयोग के बार...
अर्थशास्त्र
5,372
null
67
=== आविष्कार === शब्द "सामंती" इतालवी नवजागरण न्यायविद द्वारा आविष्कार किया गया था वर्णन करने के लिए वे क्या करने के लिए संपत्ति के आम प्रथागत कानून हो लिया। यह) 884 से व्युत्पन्न मध्यकालीन लैटिन शब्द फ़ोदुम (एक शब्द चार्टर Frankish जो पहले एक पर प्रकट होता दिनांकित, भूमि अर्थ एस्टेट में एक बस गया था, लेकिन समझ पाने से...
अर्थशास्त्र
5,373
null
214
=== शब्द का विकास === सामंतवाद 1748 बन गया एक लोकप्रिय और व्यापक रूप में शब्द का प्रयोग किया,) कानून करने के लिए धन्यवाद मोंतेस्कुई DE L'एसप्रिट है देस आत्मा की लोइस (. सदी में 18, प्रबुद्धता लेखकों की राजशाही फ्रेंच या लिखा है, प्राचीन प्रणाली के बारे में सामंतवाद बदनाम करने के लिए अन्सिएँ व्यवस्था। यह आत्मज्ञान की आय...
अर्थशास्त्र
5,374
null
207
=== मार्क्स === कार्ल मार्क्स भी विश्लेषण में राजनीतिक शब्द का प्रयोग किया। सदी में 20 मार्क्स पूंजीवाद का उदय वर्णित सामंतवाद अपरिहार्य से पहले आर्थिक स्थिति आने के रूप में. सामंतवाद के लिए मार्क्स, परिभाषित किया था कि अभिजात वर्ग) शक्ति का शासक वर्ग (भूमि कृषि योग्य नियंत्रण के अपने विश्राम किया पर, कृषिदासता तहत शोष...
अर्थशास्त्र
5,375
null
106
=== उत्तरार्ध अध्ययन === शताब्दियों में देर से 19 वीं और 20 वीं, जॉन होरचे गोल और फ्रेडेरिक विलियम मैटलैंड, मध्ययुगीन ब्रिटेन के दोनों इतिहासकारों, 1066 में नोर्मन विजय से पहले चरित्र समाज के रूप में निष्कर्ष पर पहुंचे विभिन्न अंग्रेजी की। दौर का तर्क था कि नोर्मंस इंग्लैंड के लिए उनके साथ सामंतवाद लाया था, जबकि मैटलैं...
अर्थशास्त्र
5,376
null
465
=== सामंतवाद संशोधनवाद === 1974 में, अमेरिका इतिहासकार एलिजाबेथ एआर ब्राउन अवधारणा को एकरूपता के खारिज कर दिया लेबल भावना होती है कि एक झूठे एक कालभ्रम सामंतवाद के रूप में. सामंतवाद की विरोधाभासी, परिभाषाओं अक्सर वर्तमान उपयोग के कई नोट करने के बाद, वह तर्क है कि शब्द वास्तविकता यह है ही मध्ययुगीन में कोई आधार के साथ ए...
अर्थशास्त्र
5,377
null
247
== स्रोत == बलोच, मार्क, सामंती समाज. tr मान्यों ला. दो खंड. शिकागो: शिकागो विश्वविद्यालय प्रेस, 1961 ISBN 0-226-05979-0 एलिजाबेथ ब्राउन, एक निर्माण के अत्याचार: सामंतवाद और यूरोप के मध्यकालीन इतिहासकारों के ', अमेरिकी ऐतिहासिक समीक्षा, 79 (1974) पीपी 1063-8. कैंटर, नोर्मन एफ, युग की खोज मध्य: जीवन, काम करता है और बीसव...
अर्थशास्त्र
5,378
null
128
== बाहरी कड़ियाँ == "सामंतवाद" ब्राउन ए.आर., एलिजाबेथ द्वारा. इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका ऑनलाइन . पॉल हल्सल्ल द्वारा "सामंतवाद?", सोर्सबुक इंटरनेट मध्यकालीन. मध्यकालीन सामंतवाद स्तेफेंसों कार्ल, के द्वारा. (कॉरनेल यूनिवर्सिटी प्रेस, 1994). क्लासिक सामंतवाद का परिचय. "सामंतवाद की समस्या: एक ऐतिहासिक निबंध" पश्चिमी केंटक...
अर्थशास्त्र
5,379
null
47
स्वर्ण मान (gold standard) एक मौद्रिक प्रणाली है, जिसमें सोने का एक तय वजन मानक आर्थिक मूल्य की इकाई होती है। सोने के मानक के भिन्न प्रकार होते हैं। सबसे पहले, स्वर्ण मुद्रा मानक एक प्रणाली है जिसमें मौद्रिक इकाई सोने के सिक्कों के साथ संबद्ध होती है या फिर किसी कम मूल्यवान धातु से बने पूरक सिक्के के साथ संयोजन में एक ...
अर्थशास्त्र
5,380
null
199
पुराने जमाने के कुछ बड़े साम्राज्यों में स्वर्ण मुद्रा मानक विद्यमान था। बिजन्टाइन साम्राज्य (यूनानी साम्राज्य) इसका एक उदाहरण है, जिसमें बिजान्ट नामक स्वर्ण मुद्रा का उपयोग किया जाता था। लेकिन बिजन्टाइन साम्राज्य की समाप्ति के बाद यूरोपीय विश्व ने चांदी के मानक के इस्तेमाल का रुख अपनाया। उदाहरण के तौर पर, ई.सं. 796 मे...
अर्थशास्त्र
5,381
null
375
19वीं सदी के अंत में शेष बचे रजत मानक वाले कुछ देशों ने अपने चांदी के सिक्कों के बजाय यूनाइटेड किंगडम या यूएसए (USA) के सोने के मानकों को आधार बनाना शुरू किया। 1898 में, ब्रिटिश भारत ने 1s 4d की तय दर पर चांदी के रूपये के लिए पाउंड स्टर्लिंग को आधार बनाया, जबकि 1906 में, स्ट्रेट्स सेटलमेंट्स (दक्षिण-पूर्व एशिया में ब्र...
अर्थशास्त्र
5,382
null
153
प्रथम विश्व युद्घ छिड़ने पर यूनाइटेड किंगडम और ब्रिटिश साम्राज्य के बाकी हिस्सों में स्वर्ण मुद्रा मानक समाप्त हो गया। गोल्ड सॉवरेन और गोल्ड हाफ सॉवरेन के प्रचलन की जगह राजकोषीय नोटों ने ले लिया। हालांकि, स्वर्ण मुद्रा मानक को कानूनी तौर पर निरस्त नहीं किया गया। स्वर्ण मानक का अंत देशभक्ति की अपीलों द्वारा सफलतापूर्वक ...
अर्थशास्त्र
5,383
null
231
== स्वर्ण मानक को अपनाने की तिथियां == 1704: रानी ऐनी की घोषणा के बाद ब्रिटिश वेस्टइंडीज ने 'निजत:' (de facto) इसे अपनाया. 1717: आईजैक न्यूटन द्वारा टकसाल के अनुपात के संशोधन के बाद किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन ने 'निजत:' 22 कैरेट क्राउन गोल्ड में एक गिनी से लेकर 129.438 ग्रेन (8.38 ग्रा.) को अपनाया. 1818: नीदरलैंड्स ने सोन...
अर्थशास्त्र
5,384
null
415
== स्वर्ण मानक का स्थगन == उच्च स्तर के व्यय के लिए सरकारों को कर राजस्व के सीमित स्रोत के साथ धन की जरूरत होती है, लेकिन 19 वीं शताब्दी में बहुत सारे कई मौकों पर सोने की मुद्रा में विनिमेयता पर रोक लग गयी थी। ब्रिटिश सरकार ने नेपोलियन युद्धों के दौरान इस विनिमेयता पर रोक लगा दिया और यूएस (US) सरकार ने यूएस (US) गृह यु...
अर्थशास्त्र
5,385
null
83
==== युद्ध में धन लगाने के लिए स्वर्ण भुगतान का स्थगन ==== 1914 में प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान सैन्य अभियानों के लिए ब्रिटिश सरकार ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के नोटों की सोने में विनिमेयता को निलंबित कर दिया, जैसा कि सोना मानक के तहत पिछले प्रमुख युद्धों में हुआ था। युद्ध समाप्त होने तक ब्रिटेन फिएट मुद्रा विनिमय की श्रृंखला प...
अर्थशास्त्र
5,386
null
245
==== महामंदी का दीर्घीकरण ==== यूसी बर्कले के प्रोफेसर बैरी आइचेनग्रीन जैसे कुछ आर्थिक इतिहासकारों ने महामंदी के दीर्घीकरण के लिए 1920 के दशक के स्वर्ण मानक को जिम्मेवार बताया। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रेडमैन सहित दूसरों ने फेडरल रिजर्व को दोषी ठहराया. स्वर्ण ...
अर्थशास्त्र
5,387
null
404
==== स्वर्ण मानक में वापसी पर ब्रिटेनवासियों की हिचक ==== 1939-1942 के दौरान, ब्रिटेन ने यू.एस. (U.S.) और अन्य देशों से "नकद दो और माल लो" के आधार पर युद्ध सामग्री और हथियारों की खरीदगी में अपना अधिकांश स्वर्ण भंडार खाली कर दिया। [उद्धरण चाहिए] यूके (UK) के भंडार की इस समाप्ति से युद्ध-पूर्व तरह के स्वर्ण मानक में वापस...
अर्थशास्त्र
5,388
null
256
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, ब्रेटन वुड्स समझौते द्वारा स्वर्ण मानक के समान ही एक प्रणाली स्थापित की गयी। इस प्रणाली के तहत, अनेक देशों ने यू.एस. (U.S.) डॉलर के तुलना में अपने विनिमय दर तय किये। यू.एस. (U.S.) ने सोने की कीमत 35 डॉलर प्रति औंस में तय करने का वादा किया। निःसंदेह रूप से तबसे सभी मुद्राएं डॉलर से आंकी जाने ...
अर्थशास्त्र
5,389
null
155
== सिद्धांत == पण्य पदार्थ मुद्रा (कोमोडिटी मनी) का भंडारण और परिवहन असुविधाजनक है। मानकीकृत मुद्रा की तरह सहूलियत के साथ यह सरकार को उसके अधिकार क्षेत्र में वाणिज्य के प्रवाह को नियंत्रित या विनियमित करने की अनुमति नहीं देता है। इसी प्रकार, कोमोडिटी मनी प्रतिनिधि मुद्रा (रिप्रेजेंटेटिव मनी) को रास्ता देती है और सोना त...
अर्थशास्त्र
5,390
null
444
=== भिन्न परिभाषाएं === 100% आरक्षित स्वर्ण मानक, या एक पूर्ण स्वर्ण मानक तब विद्यमान होता है जब कोई मौद्रिक प्राधिकारी अपने द्वारा जारी की गयी सभी प्रतिनिधि मुद्रा को दिए गये वचन की विनिमय दर पर परिवर्तित करने के लिए पर्याप्त सोना जमा रखता है। यह कभी-कभी स्वर्ण मुद्रा मानक के रूप में निर्दिष्ट होता है, जो विभिन्न समय ...
अर्थशास्त्र
5,391
null
330
== लाभ == लंबी अवधि की मूल्य स्थिरता को स्वर्ण मानक के बहुत बड़े प्रभाव के रूप में वर्णित किया गया है। स्वर्ण मानक के तहत, उच्च स्तर की मुद्रास्फीति दुर्लभ है और बेलगाम मुद्रास्फीति असंभव है, क्योंकि मुद्रा की आपूर्ति की दर तभी बढ़ सकती है जब सोने की आपूर्ति में वृद्धि हो। माल की निरंतर आपूर्ति के लिए लगातार बढती करेंस...
अर्थशास्त्र
5,392
null
323
जब कभी किसी अर्थव्यवस्था में सोने की आपूर्ति की तुलना में स्वर्ण मानक तेजी से विकसित होता है तो यह स्वर्ण मानक अपस्फीति का कारण होता है। जब कोई अर्थव्यवस्था मुद्रा आपूर्ति की तुलना में तेजी से विकसित होती है तो उसी मुद्रा का उपयोग बड़े पैमाने पर होनेवाले लेनदेन के लिए किया जाना चाहिए। पैसों को तेजी से वितरित करने या ले...
अर्थशास्त्र
5,393
null
1,114
== नवीकृत स्वर्ण मानक के पैरोकार == ऑस्ट्रियन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, अनात्मवादियों, सख्त संविधानवादियों और इच्छास्वातंत्र्यवादियों द्वारा व्यापक तौर पर फिर से स्वर्ण मानक पर लौटने का समर्थन किया गया है, क्योंकि इन्होंने केंद्रीय बैंकों के जरिए फिएट करेंसी जारी करने में सरकार की भूमिका पर आपत्ति जतायी है। कुछ विशिष्ट संख्...
अर्थशास्त्र
5,394
null
480
2000 तक स्विस फ्रैंक पूरी तरह से सोने की विनिमयता पर आधारित था। हालांकि, अपनी मुद्रा की सुरक्षा के लिए और यू.एस. (U.S.) डॉलर से प्रतिरक्षा के रूप में बहुत सारे राष्ट्रों द्वारा विशिष्ट मात्रा में सोना का भंडारण किया जाता है, जो बड़े परिमाण पर तरल मुद्रा का संचय करता है। सोना विदेशी मुद्राओं और सरकारी बॉन्ड के साथ ही सा...
अर्थशास्त्र
5,395
null
218
मौद्रिक सुधार के लिए एक कार्यक्रम (1939) - गोल्ड मानक द्विधातुवाद फेडरल रिजर्व सिस्टम पूर्ण आरक्षित बैंकिंग एक निवेश के रूप में सोना गोल्ड बग प्रतिनिधि पैसा चांदी मानक मूल्य की दुकान ग्रेट अपस्फीति अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं:
अर्थशास्त्र
5,396
null
36
अंतरराष्ट्रीय निपटान के लिए बैंक अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन विश्व बैंक
अर्थशास्त्र
5,397
null
16
== आगे पढ़ें == Bensel, Richard Franklin (2000). The political economy of American industrialization, 1877-1900. Cambridge: Cambridge University Press. OCLC 43552761. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-521-77604-X. Eichengreen, Barry J. (1997). The gold standard in theory and history. New York City: Routledge. OCLC 37743323. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ ...
अर्थशास्त्र
5,398
null
869
स्वर्ण मानक क्या है? अंतरराष्ट्रीय वित्त एवं विकास के लिए केंद्र लोवा विश्वविद्यालय बैंक ऑफ़ इंग्लैंड का इतिहास बैंक ऑफ़ इंग्लैंड 1933 ऑडियो ऑफ़ ऍफ़डीआर (FDR) एक्सप्लेनेशन ऑफ़ द बैंकिंग क्राइसिस एंड गोल्ड कौन्फिस्केशन लॉरेंस एच. व्हाइट पीएच.डी. आर्थिक इतिहास के प्रोफेसर द्वारा मौद्रिक प्रणाली में गोल्ड स्टैंडर्ड अभी भी...
अर्थशास्त्र
5,399
null
80