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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सत्ता में बने रहने के लिये जरूरी आंकड़ों को लेकर जहां कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन उलझन में है, वहीं भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी एस येदियुरप्पा ने सोमवार को कहा कि उन्हें अगले चार-पांच दिन में सरकार बनाने का पूरा भरोसा है. येदियुरप्पा का दावा ऐसे वक्त आया है जब विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी द्वारा दिये गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर 18 जुलाई को चर्चा का वक्त दिया है. बता दें, कुमारस्वामी की सरकार 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद गिरने के कगार पर है.
येदियुरप्पा ने मीडिया से कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगले तीन-चार दिन में भाजपा सरकार अस्तित्व में आ जाएगी. भाजपा कर्नाटक में श्रेष्ठ प्रशासन देगी.' येदियुरप्पा ने दावा किया कि कुमार स्वामी गठबंधन सरकार को बचाने में नाकाम रहेंगे. पिछले साल ऐसी ही परिस्थितियों में इस्तीफा देने वाले येदियुरप्पा ने कहा, 'कुमारस्वामी मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह पाएंगे. वह भी जानते हैं. मुझे लगता है कि वह एक अच्छे भाषण के बाद इस्तीफा दे देंगे.'
कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा में 105 सीटें हासिल कर सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी भाजपा की तरफ से विश्वास मत के दौरान जरूरी आंकड़े नहीं जुटा पाने के बाद येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अगर 16 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो गठबंधन का आंकड़ा मौजूदा 116 से घटकर 100 रह जाएगा.
बता दें, कर्नाटक की कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन सरकार 18 जुलाई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करेगी. सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ विधायकों के इस्तीफे के बाद संकट का सामना कर रही एच डी कुमारस्वामी सरकार के बागी विधायकों को वापस अपने खेमे में लाने के प्रयासों के बीच विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि कुमारस्वामी की ओर से लाये गए विश्वासमत के प्रस्ताव पर 18 जुलाई को सदन में विचार किया जाएगा.
कुमार ने विधानसभा में बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के दौरान विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तारीख तय की गयी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता कुमारस्वामी की ओर से लाए गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर दोपहर 11 बजे से सदन में विचार किया जाएगा. भाजपा ने कहा कि गठबंधन के 16 विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफे देने के बाद सरकार ‘अल्पमत' में है और इसलिए विश्वास मत तक सदन की कार्यवाही चलने का विरोध किया गया.
कुमारस्वामी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी सरकार इस संकट से बाहर निकल जायेगी. उन्होंने एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है... आप चिंता क्यों करते हैं.' कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों ने कहा कि बागी विधायकों को मनाने के अपने प्रयासों के लिए उन्हें और समय मिल गया है. अध्यक्ष और सरकार पर दबाव बनाये रखने के लिए भाजपा ने 13 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की. इसके लिए जे सी मधु स्वामी, के जी बोपैया और सी एम उदासी ने एक नोटिस भेजा लेकिन बाद में वे विश्वास मत के लिए सहमत हो गये. | यह एक सारांश है: खतरे में है कुमारस्वामी सरकार
गुरुवार को विधानसभा में होगा फ्लोर टेस्ट
मुंबई में रुके हुए हैं बागी विधायक | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तमिलनाडु को विश्वास में लिए बिना मुल्लापेरियार बांध पर फौरन जानकारी देने वाले निगरानी तंत्र के लिए केंद्र के साथ केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जयललिता ने इसे संघीय और संवैधानिक ढांचे के सिद्धांत का ‘घोर उल्लंघन’ बताया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजे एक पत्र में जयललिता ने केरल द्वारा बांध के लिए फौरन जानकारी देने वाला निगरानी तंत्र बनाए जाने का हवाला देते हुए इसे केरल में सुरक्षा को लेकर और डर बढ़ाने की कार्रवाई बताया है।
उन्होंने कहा कि खबरों में कहा गया है कि इस निगरानी तंत्र के लिए केरल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक करार किया। जयललिता ने आरोप लगाया कि बांध सुरक्षा को लेकर केरल लगातार आशंकाएं फैलाने का काम कर रहा है जबकि उच्चतम न्यायालय ने 2006 में इसे सुरक्षित बताया और जलस्तर की सीमा 142 फुट तक निर्धारित की थी।टिप्पणियां
मुल्लापेरियार बांध और इसके ढांचे पर तमिलनाडु के अधिकार और रख-रखाव की बात रेखांकित करते हुए उन्होंने सिंह से विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को केरल सरकार से किसी तरह के करार होने की स्थिति में उसे खत्म करने का आदेश देने को कहा है।
अपने चार दिसंबर 2011 के पत्र की याद दिलाते हुए जयललिता ने कहा है कि मुल्लापेरियार बांध के प्रबंधन में हस्तक्षेप के केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई बांध स्थल पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती उनकी पुरानी मांग को बल देती है। उन्होंने कहा, ‘इस कारण से मैं आपसे अभी बांध स्थल पर सीआईएसएफ को तैनात करने का आग्रह करती हूं।’ केरल द्वारा 116 साल पुराने बांध के स्थान पर नया बांध निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ समय से तकरार काफी बढ गया है। तमिलनाडु इस बांध को नए बांध जितना ही सुरक्षित बता रहा है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजे एक पत्र में जयललिता ने केरल द्वारा बांध के लिए फौरन जानकारी देने वाला निगरानी तंत्र बनाए जाने का हवाला देते हुए इसे केरल में सुरक्षा को लेकर और डर बढ़ाने की कार्रवाई बताया है।
उन्होंने कहा कि खबरों में कहा गया है कि इस निगरानी तंत्र के लिए केरल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक करार किया। जयललिता ने आरोप लगाया कि बांध सुरक्षा को लेकर केरल लगातार आशंकाएं फैलाने का काम कर रहा है जबकि उच्चतम न्यायालय ने 2006 में इसे सुरक्षित बताया और जलस्तर की सीमा 142 फुट तक निर्धारित की थी।टिप्पणियां
मुल्लापेरियार बांध और इसके ढांचे पर तमिलनाडु के अधिकार और रख-रखाव की बात रेखांकित करते हुए उन्होंने सिंह से विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को केरल सरकार से किसी तरह के करार होने की स्थिति में उसे खत्म करने का आदेश देने को कहा है।
अपने चार दिसंबर 2011 के पत्र की याद दिलाते हुए जयललिता ने कहा है कि मुल्लापेरियार बांध के प्रबंधन में हस्तक्षेप के केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई बांध स्थल पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती उनकी पुरानी मांग को बल देती है। उन्होंने कहा, ‘इस कारण से मैं आपसे अभी बांध स्थल पर सीआईएसएफ को तैनात करने का आग्रह करती हूं।’ केरल द्वारा 116 साल पुराने बांध के स्थान पर नया बांध निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ समय से तकरार काफी बढ गया है। तमिलनाडु इस बांध को नए बांध जितना ही सुरक्षित बता रहा है।
उन्होंने कहा कि खबरों में कहा गया है कि इस निगरानी तंत्र के लिए केरल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक करार किया। जयललिता ने आरोप लगाया कि बांध सुरक्षा को लेकर केरल लगातार आशंकाएं फैलाने का काम कर रहा है जबकि उच्चतम न्यायालय ने 2006 में इसे सुरक्षित बताया और जलस्तर की सीमा 142 फुट तक निर्धारित की थी।टिप्पणियां
मुल्लापेरियार बांध और इसके ढांचे पर तमिलनाडु के अधिकार और रख-रखाव की बात रेखांकित करते हुए उन्होंने सिंह से विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को केरल सरकार से किसी तरह के करार होने की स्थिति में उसे खत्म करने का आदेश देने को कहा है।
अपने चार दिसंबर 2011 के पत्र की याद दिलाते हुए जयललिता ने कहा है कि मुल्लापेरियार बांध के प्रबंधन में हस्तक्षेप के केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई बांध स्थल पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती उनकी पुरानी मांग को बल देती है। उन्होंने कहा, ‘इस कारण से मैं आपसे अभी बांध स्थल पर सीआईएसएफ को तैनात करने का आग्रह करती हूं।’ केरल द्वारा 116 साल पुराने बांध के स्थान पर नया बांध निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ समय से तकरार काफी बढ गया है। तमिलनाडु इस बांध को नए बांध जितना ही सुरक्षित बता रहा है।
मुल्लापेरियार बांध और इसके ढांचे पर तमिलनाडु के अधिकार और रख-रखाव की बात रेखांकित करते हुए उन्होंने सिंह से विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को केरल सरकार से किसी तरह के करार होने की स्थिति में उसे खत्म करने का आदेश देने को कहा है।
अपने चार दिसंबर 2011 के पत्र की याद दिलाते हुए जयललिता ने कहा है कि मुल्लापेरियार बांध के प्रबंधन में हस्तक्षेप के केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई बांध स्थल पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती उनकी पुरानी मांग को बल देती है। उन्होंने कहा, ‘इस कारण से मैं आपसे अभी बांध स्थल पर सीआईएसएफ को तैनात करने का आग्रह करती हूं।’ केरल द्वारा 116 साल पुराने बांध के स्थान पर नया बांध निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ समय से तकरार काफी बढ गया है। तमिलनाडु इस बांध को नए बांध जितना ही सुरक्षित बता रहा है।
अपने चार दिसंबर 2011 के पत्र की याद दिलाते हुए जयललिता ने कहा है कि मुल्लापेरियार बांध के प्रबंधन में हस्तक्षेप के केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई बांध स्थल पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती उनकी पुरानी मांग को बल देती है। उन्होंने कहा, ‘इस कारण से मैं आपसे अभी बांध स्थल पर सीआईएसएफ को तैनात करने का आग्रह करती हूं।’ केरल द्वारा 116 साल पुराने बांध के स्थान पर नया बांध निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ समय से तकरार काफी बढ गया है। तमिलनाडु इस बांध को नए बांध जितना ही सुरक्षित बता रहा है। | संक्षिप्त सारांश: तमिलनाडु को विश्वास में लिए बिना मुल्लापेरियार बांध पर फौरन जानकारी देने वाले निगरानी तंत्र के लिए केंद्र के साथ केरल की ‘एकतरफा’ कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जयललिता ने इसे संघीय और संवैधानिक ढांचे के सिद्धांत का ‘घोर उल्लंघन’ | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वर्नन फिलेंडर की तूफानी गेंदबाजी के बाद अल्वीरो पीटरसन के नाबाद शतक की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले ही दिन मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
फिलेंडर ने सिर्फ सात रन देकर पांच विकेट चटकाए जिससे न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई जो पिछले 60 साल में उसका न्यूनतम स्कोर है।
फिलेंडर ने सिर्फ 25 गेंद में ही पहले पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। मोर्ने मार्कल ने 14 रन देकर तीन जबकि डेल स्टेन ने 18 रन देकर दो विकेट चटकाते हुए फिलेंडर का अच्छा साथ निभाया।
दक्षिण अफ्रीका ने इसके बाद पीटरसन की 172 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से खेली नाबाद 103 रन की पारी से तीन विकेट पर 252 रन बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज और कप्तान ग्रीम स्मिथ (01) का विकेट गंवा दिया। पीटरसन ने इसके बाद हाशिम अमला (66) के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 और जाक कैलिस (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
फिलेंडर ने सिर्फ सात रन देकर पांच विकेट चटकाए जिससे न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई जो पिछले 60 साल में उसका न्यूनतम स्कोर है।
फिलेंडर ने सिर्फ 25 गेंद में ही पहले पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। मोर्ने मार्कल ने 14 रन देकर तीन जबकि डेल स्टेन ने 18 रन देकर दो विकेट चटकाते हुए फिलेंडर का अच्छा साथ निभाया।
दक्षिण अफ्रीका ने इसके बाद पीटरसन की 172 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से खेली नाबाद 103 रन की पारी से तीन विकेट पर 252 रन बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज और कप्तान ग्रीम स्मिथ (01) का विकेट गंवा दिया। पीटरसन ने इसके बाद हाशिम अमला (66) के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 और जाक कैलिस (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
फिलेंडर ने सिर्फ 25 गेंद में ही पहले पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। मोर्ने मार्कल ने 14 रन देकर तीन जबकि डेल स्टेन ने 18 रन देकर दो विकेट चटकाते हुए फिलेंडर का अच्छा साथ निभाया।
दक्षिण अफ्रीका ने इसके बाद पीटरसन की 172 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से खेली नाबाद 103 रन की पारी से तीन विकेट पर 252 रन बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज और कप्तान ग्रीम स्मिथ (01) का विकेट गंवा दिया। पीटरसन ने इसके बाद हाशिम अमला (66) के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 और जाक कैलिस (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
दक्षिण अफ्रीका ने इसके बाद पीटरसन की 172 गेंद में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से खेली नाबाद 103 रन की पारी से तीन विकेट पर 252 रन बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज और कप्तान ग्रीम स्मिथ (01) का विकेट गंवा दिया। पीटरसन ने इसके बाद हाशिम अमला (66) के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 और जाक कैलिस (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज और कप्तान ग्रीम स्मिथ (01) का विकेट गंवा दिया। पीटरसन ने इसके बाद हाशिम अमला (66) के साथ दूसरे विकेट के लिए 107 और जाक कैलिस (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 104 रन जोड़े।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
मेजबान टीम की बढ़त 207 रन की हो गई है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
दक्षिण अफ्रीका के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी यह मैच अहम रहा। कैलिस अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 13000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने जबकि स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1946 में 42 रन पर ढेर होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम का पिछले 60 साल में यह सबसे कम स्कोर है। टीम ने अपने पिछले नौ में से सिर्फ एक मैच जीता है और वह टेस्ट रैंकिंग में सिर्फ बांग्लादेश से ऊपर आठवें स्थान पर है।टिप्पणियां
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
मांसपेशियों में खिंचाव के बाद फिटनेस टेस्ट पास करने वाले फिलेंडर ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने 10 ओवर में ही टीम का स्कोर 27 रन पर पांच विकेट कर दिया।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ केन विलियमसन (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए और पूरी टीम सिर्फ 19.2 ओवर में ढेर हो गई। | सारांश: फिलेंडर ने सिर्फ सात रन देकर पांच विकेट चटकाए जिससे न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई जो पिछले 60 साल में उसका न्यूनतम स्कोर है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान ने भारत सरकार से अपने वीजा मानदंडों में ढील देने और भारत आने वाले अपने नागरिकों को आगमन पर वीजा की सुविधा प्रदान करने को कहा है।
हैदराबाद में ईरान के महावाणिज्य दूत हसन नूरियां ने कहा कि फिलहाल 10 हजार से अधिक ईरानी छात्र भारत और खासतौर पर दक्षिण भारत में 6000 ईरानी छात्र विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।
ईरान और भारत की जनता के बीच संबंधों को सुचारू बनाने के लिए ईरान की सरकार ने भारतीय पर्यटकों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए वीजा नियमों में ढील दे दी है।
नूरियां ने कहा, ‘‘ईरान ने पहले ही हमारे देश आने वाले सभी भारतीयों को ‘आगमन पर वीजा’ की सुविधा दी है। भारत को पहल करनी चाहिए और इसी तरह की सुविधा ईरानियों को देनी चाहिए।’’ राजनयिक ने कहा कि नई दिल्ली में ईरानी दूतावास पहले ही वीजा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और सकारात्मक नतीजा आने की उम्मीद करता है जो सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को विकसित करेगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने वीजा नियमों में ढील दी तो और अधिक ईरानी छात्र शिक्षा के लिए भारत आना चुन सकते हैं। अन्यथा वे मलेशिया या अन्य यूरोपीय देशों को चुन सकते हैं।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे।
हैदराबाद में ईरान के महावाणिज्य दूत हसन नूरियां ने कहा कि फिलहाल 10 हजार से अधिक ईरानी छात्र भारत और खासतौर पर दक्षिण भारत में 6000 ईरानी छात्र विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।
ईरान और भारत की जनता के बीच संबंधों को सुचारू बनाने के लिए ईरान की सरकार ने भारतीय पर्यटकों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए वीजा नियमों में ढील दे दी है।
नूरियां ने कहा, ‘‘ईरान ने पहले ही हमारे देश आने वाले सभी भारतीयों को ‘आगमन पर वीजा’ की सुविधा दी है। भारत को पहल करनी चाहिए और इसी तरह की सुविधा ईरानियों को देनी चाहिए।’’ राजनयिक ने कहा कि नई दिल्ली में ईरानी दूतावास पहले ही वीजा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और सकारात्मक नतीजा आने की उम्मीद करता है जो सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को विकसित करेगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने वीजा नियमों में ढील दी तो और अधिक ईरानी छात्र शिक्षा के लिए भारत आना चुन सकते हैं। अन्यथा वे मलेशिया या अन्य यूरोपीय देशों को चुन सकते हैं।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे।
ईरान और भारत की जनता के बीच संबंधों को सुचारू बनाने के लिए ईरान की सरकार ने भारतीय पर्यटकों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों के लिए वीजा नियमों में ढील दे दी है।
नूरियां ने कहा, ‘‘ईरान ने पहले ही हमारे देश आने वाले सभी भारतीयों को ‘आगमन पर वीजा’ की सुविधा दी है। भारत को पहल करनी चाहिए और इसी तरह की सुविधा ईरानियों को देनी चाहिए।’’ राजनयिक ने कहा कि नई दिल्ली में ईरानी दूतावास पहले ही वीजा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और सकारात्मक नतीजा आने की उम्मीद करता है जो सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को विकसित करेगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने वीजा नियमों में ढील दी तो और अधिक ईरानी छात्र शिक्षा के लिए भारत आना चुन सकते हैं। अन्यथा वे मलेशिया या अन्य यूरोपीय देशों को चुन सकते हैं।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे।
नूरियां ने कहा, ‘‘ईरान ने पहले ही हमारे देश आने वाले सभी भारतीयों को ‘आगमन पर वीजा’ की सुविधा दी है। भारत को पहल करनी चाहिए और इसी तरह की सुविधा ईरानियों को देनी चाहिए।’’ राजनयिक ने कहा कि नई दिल्ली में ईरानी दूतावास पहले ही वीजा मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और सकारात्मक नतीजा आने की उम्मीद करता है जो सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को विकसित करेगा।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने वीजा नियमों में ढील दी तो और अधिक ईरानी छात्र शिक्षा के लिए भारत आना चुन सकते हैं। अन्यथा वे मलेशिया या अन्य यूरोपीय देशों को चुन सकते हैं।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अपने वीजा नियमों में ढील दी तो और अधिक ईरानी छात्र शिक्षा के लिए भारत आना चुन सकते हैं। अन्यथा वे मलेशिया या अन्य यूरोपीय देशों को चुन सकते हैं।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे।
नूरियां ने कहा कि हैदराबाद में ईरान का महा वाणिज्य दूतावास अपने देश में इस्लामी क्रांति की 34 वीं सालगिरह पर 10 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सी दामोदर राजनरसिंह समेत अन्य गणमान्य लोग समारोह में हिस्सा लेंगे। | यह एक सारांश है: ईरान ने भारत सरकार से अपने वीजा मानदंडों में ढील देने और भारत आने वाले अपने नागरिकों को आगमन पर वीजा की सुविधा प्रदान करने को कहा है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आर्थिक गतिविधियों में नरमी के बीच जून में औद्योगिक उत्पादन 1.8 प्रतिशत घट गया। विनिर्माण और पूंजीगत सामान क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन में यह गिरावट आई।
आज जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में औद्योगिक उत्पादन 0.1 प्रतिशत घटा।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर 2011.12 में जून में औद्योगिक उत्पादन 9.5 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत बढ़ा था।
सूचकांक में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इसमें 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
अप्रैल-जून तिमाही में भी विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस क्षेत्र ने 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.7 प्रतिशत बढ़ा था।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
आज जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में औद्योगिक उत्पादन 0.1 प्रतिशत घटा।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर 2011.12 में जून में औद्योगिक उत्पादन 9.5 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत बढ़ा था।
सूचकांक में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इसमें 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
अप्रैल-जून तिमाही में भी विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस क्षेत्र ने 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.7 प्रतिशत बढ़ा था।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर 2011.12 में जून में औद्योगिक उत्पादन 9.5 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत बढ़ा था।
सूचकांक में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इसमें 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
अप्रैल-जून तिमाही में भी विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस क्षेत्र ने 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.7 प्रतिशत बढ़ा था।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
सूचकांक में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इसमें 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।टिप्पणियां
अप्रैल-जून तिमाही में भी विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस क्षेत्र ने 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.7 प्रतिशत बढ़ा था।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
अप्रैल-जून तिमाही में भी विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इस क्षेत्र ने 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 7.7 प्रतिशत बढ़ा था।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
जून में पूंजीगत सामान बनाने वाले क्षेत्र में 27.9 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीते साल जून में इस क्षेत्र में 38.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी। | संक्षिप्त सारांश: आर्थिक गतिविधियों में नरमी के बीच जून में औद्योगिक उत्पादन 1.8 प्रतिशत घट गया। विनिर्माण और पूंजीगत सामान क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन में यह गिरावट आई। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने मंगलवार को निर्यात सम्बंधी शुल्कों (ट्रांजेक्शन कॉस्ट) में कुल 2,100 करोड़ रुपये की कटौती करने वाले कई कदमों की घोषणा की, जिससे भारत का निर्यात अधिक प्रतियोगी हो जाएगा। इन कदमों में आठ बंदरगाहों पर 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस की व्यवस्था करना भी शामिल है। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इससे सम्बंधित टास्क फोर्स की एक रिपोर्ट जारी की। टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय निर्यात को प्रतियोगी बनाने के लिए 44 सुझाव दिए गए हैं। ट्रांजेक्शन कॉस्ट भारत के कुल निर्यात मूल्य का सात से 10 फीसदी होता है। टास्क फोर्स की अध्यक्षता करने वाले वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री ज्योतिरादितय सिंदिया ने कहा कि सरकार ने 44 में से 32 सुझावों को स्वीकार कर लिया है। इनमें से 21 सुझाव लागू कर दिए गए हैं। अगले कुछ महीनों में दो अन्य सुझाव भी लागू हो जाएंगे। बाकी सुझाव पर विचार जारी है। सिंधिया ने कहा कि इन 23 सुझावों को लागू करने से निर्यात शुल्कों में कुल लगभग 2,100 करोड़ रुपये की कटौती हो जाएगी। लागू किए गए महत्वपूर्ण सुझाव में से आठ बंदरगाहों पर 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस और विभिन्न शुल्कों में कटौती शामिल हैं। जिन आठ बंदरगाहों पर 24 घंटे कस्टम क्लियरेंस की व्यवस्था की जाएगी, उनमें हैं : विशाखापत्तनम, कोलकाता, जामनगर, मंगलोर, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (नवी मुम्बई), मुम्बई, भुवनेश्वर और चेन्नई। अन्य कदमों में विदेशी मुद्रा के लिए बुकिंग शुल्क को 750 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन से घटाकर 400-500 रुपये कर दिया गया है। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के एक्सप्रेस कूरियर टर्मिनल पर एक्सप्रेस कार्गो और कूरियर जहाजों की जांच पर लगने वाले शुल्क को 6 रुपये प्रति किलो से घटाकर 1.65 रुपये प्रति किलो कर दिया है। औद्योगिक संगठनों ने सरकार से अन्य सुझावों को भी लागू करने की मांग की है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा कि इस रिपोर्ट में कुल ट्रांजेक्शन कॉस्ट के 25 फीसदी को ही शामिल किया गया है। सरकार से उम्मीद है कि वह बाकी मुद्दों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इन लागत को हमेशा के लिए हटा देने से निर्यात प्रतियोगी हो जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निर्यात में प्रतियोगी बने रहने के लिए इन लागत में कमी किया जाना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए मूल्यों में कमी और गुणवत्ता को बेहतर करना जरूरी है। | सारांश: सरकार ने मंगलवार को निर्यात सम्बंधी शुल्कों (ट्रांजेक्शन कॉस्ट) में कुल 2,100 करोड़ रुपये की कटौती करने वाले कई कदमों की घोषणा की। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऐसे में जबकि अफगानिस्तान टीम के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद गेंदबाजों और सलामी बल्लेबाजों की आलोचना हो रही है, भारतीय टीम के मध्य क्रम के बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने साथियों का बचाव किया है और कहा कि उनकी टीम बड़ी टीमों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएगी।
अफगानिस्तान के खिलाफ गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की हिट जोड़ी एक बार फिर नाकाम रही। स्ट्राइक गेंदबाज के तौर पर जहीर खान विफल रहे। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि बड़ी टीमों के खिलाफ भी भारत का यही प्रदर्शन रहा तो फिर वह 2007 का इतिहास नहीं दोहरा सकती।
कोहली ने इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया। वह कहते हैं कि उनकी टीम में सुधार की जरूरत है, लेकिन यह टीम बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा खेल दिखाने की क्षमता रखती है।टिप्पणियां
कोहली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं आशा करता हूं कि हम बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएंगे। ट्वेंटी-20 का फॉरमेट ही ऐसा है कि यहां सभी टीमें एक-दूसरे के बराबर दिखती हैं, लेकिन इसके बावजूद कहीं न कहीं कोई अंतर रह जाता है।
कोहली बोले, कोई विपक्षी टीम अगर हमारे खिलाफ शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाती है तो इसका यह मतलब नहीं कि मैच हमारे हाथ से फिसल रहा है। हमारी गेंदबाजी में कुछ कमियां हैं और हमें इन्हें सकारात्मकतौर पर हल करना होगा। इसके बाद तो हम अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे।
अफगानिस्तान के खिलाफ गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की हिट जोड़ी एक बार फिर नाकाम रही। स्ट्राइक गेंदबाज के तौर पर जहीर खान विफल रहे। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि बड़ी टीमों के खिलाफ भी भारत का यही प्रदर्शन रहा तो फिर वह 2007 का इतिहास नहीं दोहरा सकती।
कोहली ने इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया। वह कहते हैं कि उनकी टीम में सुधार की जरूरत है, लेकिन यह टीम बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा खेल दिखाने की क्षमता रखती है।टिप्पणियां
कोहली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं आशा करता हूं कि हम बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएंगे। ट्वेंटी-20 का फॉरमेट ही ऐसा है कि यहां सभी टीमें एक-दूसरे के बराबर दिखती हैं, लेकिन इसके बावजूद कहीं न कहीं कोई अंतर रह जाता है।
कोहली बोले, कोई विपक्षी टीम अगर हमारे खिलाफ शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाती है तो इसका यह मतलब नहीं कि मैच हमारे हाथ से फिसल रहा है। हमारी गेंदबाजी में कुछ कमियां हैं और हमें इन्हें सकारात्मकतौर पर हल करना होगा। इसके बाद तो हम अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे।
कोहली ने इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया। वह कहते हैं कि उनकी टीम में सुधार की जरूरत है, लेकिन यह टीम बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छा खेल दिखाने की क्षमता रखती है।टिप्पणियां
कोहली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं आशा करता हूं कि हम बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएंगे। ट्वेंटी-20 का फॉरमेट ही ऐसा है कि यहां सभी टीमें एक-दूसरे के बराबर दिखती हैं, लेकिन इसके बावजूद कहीं न कहीं कोई अंतर रह जाता है।
कोहली बोले, कोई विपक्षी टीम अगर हमारे खिलाफ शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाती है तो इसका यह मतलब नहीं कि मैच हमारे हाथ से फिसल रहा है। हमारी गेंदबाजी में कुछ कमियां हैं और हमें इन्हें सकारात्मकतौर पर हल करना होगा। इसके बाद तो हम अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे।
कोहली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं आशा करता हूं कि हम बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएंगे। ट्वेंटी-20 का फॉरमेट ही ऐसा है कि यहां सभी टीमें एक-दूसरे के बराबर दिखती हैं, लेकिन इसके बावजूद कहीं न कहीं कोई अंतर रह जाता है।
कोहली बोले, कोई विपक्षी टीम अगर हमारे खिलाफ शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाती है तो इसका यह मतलब नहीं कि मैच हमारे हाथ से फिसल रहा है। हमारी गेंदबाजी में कुछ कमियां हैं और हमें इन्हें सकारात्मकतौर पर हल करना होगा। इसके बाद तो हम अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे।
कोहली बोले, कोई विपक्षी टीम अगर हमारे खिलाफ शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाती है तो इसका यह मतलब नहीं कि मैच हमारे हाथ से फिसल रहा है। हमारी गेंदबाजी में कुछ कमियां हैं और हमें इन्हें सकारात्मकतौर पर हल करना होगा। इसके बाद तो हम अच्छी टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होंगे। | सारांश: कोहली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, मैं आशा करता हूं कि हम बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतर खेल दिखाएंगे। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मणिपुर में रोड रेज में युवक की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वो युवक के मां-पिता को सुरक्षा देने पर विचार करें. कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य के मुख्यमंत्री पर कोई आरोप लगाता है तो इसके पीछे कुछ ना कुछ तो है. मामले की सुनवाई 5 जून को होगी और केंद्र अपना जवाब दाखिल करेगा. टिप्पणियां
मणिपुर में हुए रोडरेज मामले में अपना बेटा खो चुके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण देने की गुहार की है. हत्या मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह के बेटे अजय सिंह ने की थी, जिसे पांच वर्ष की कैद सुनाई जा चुकी है. पीड़ित परिवार ने दोषी के परिवार पर प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
पिछली सुनवाई में पीड़ित परिवार की याचिका पर जस्टिस एल नागेश्वर राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया था. याचिका के मुताबिक- 20 मार्च 2011 में हुए रोडरेज में अजय सिंह ने 19 वर्षीय रोजर को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. निचली अदालत ने अजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. घटना के वक्त एन विरेन सिंह खेल मंत्री थे.
मणिपुर में हुए रोडरेज मामले में अपना बेटा खो चुके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण देने की गुहार की है. हत्या मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह के बेटे अजय सिंह ने की थी, जिसे पांच वर्ष की कैद सुनाई जा चुकी है. पीड़ित परिवार ने दोषी के परिवार पर प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
पिछली सुनवाई में पीड़ित परिवार की याचिका पर जस्टिस एल नागेश्वर राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया था. याचिका के मुताबिक- 20 मार्च 2011 में हुए रोडरेज में अजय सिंह ने 19 वर्षीय रोजर को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. निचली अदालत ने अजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. घटना के वक्त एन विरेन सिंह खेल मंत्री थे.
पिछली सुनवाई में पीड़ित परिवार की याचिका पर जस्टिस एल नागेश्वर राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को नोटिस जारी किया था. याचिका के मुताबिक- 20 मार्च 2011 में हुए रोडरेज में अजय सिंह ने 19 वर्षीय रोजर को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. निचली अदालत ने अजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. घटना के वक्त एन विरेन सिंह खेल मंत्री थे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हत्या मुख्यमंत्री एन विरेन सिंह के बेटे ने की
पांच वर्ष की कैद सुनाई जा चुकी है
पीड़ित परिवार ने लगाया प्रताड़ित करने का आरोप | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षामंत्री एके एंटनी ने अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के सुगम परिवहन के लिए 3,546 करोड़ रुपये में खरीदे गए 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित अनियमितताओं पर रोम स्थित भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "रक्षामंत्री ने, वायु सेना के वीवीआईपी कम्युनिकेशन स्क्वाड्रन के लिए अगस्टा वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टर खरीदे जाने में हुई कथित अनियमितताओं पर मीडिया में आई एक रिपोर्ट के बाद मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोम स्थित भारतीय दूतावास से नई रपट मंगाई जाए।"
ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित, भारतीय नेतृत्व को आरामदायक, और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने के लिए खरीदे गए थे। इटली में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वहां की सरकार रक्षा सौदों में अबतक के सबसे बड़े भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। इसके तहत उन आरोपों की भी जांच की जा रही है, जिसमें भारतीय सौदे में 350 करोड़ रुपये से अधिक की दलाली दिए जाने का आरोप है। प्रवक्ता ने कहा कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद के करार में अनुचित रसूख के इस्तेमाल और एजेंटों की नियुक्ति तथा दलाली के खिलाफ मानक प्रावधान शामिल किए गए थे।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, "अगस्टा वेस्टलैंड और रक्षा मंत्रालय के बीच हुए इस करार से पहले ईमानदारी समझौते पर भी हस्ताक्षर हुआ था।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "प्राप्त हुई इस तरह की किसी भी शिकायत या आरोप की जांच की जाएगी और यदि कोई अनियमितता सामने आई, तो करार के प्रावधानों को लागू किया जाएगा और कानून के तहत अन्य उचित कार्रवाई की जाएगी।"
एंटनी ने इस वर्ष फरवरी में भी रोम स्थित भारतीय दूतावास से उस समय एक रिपोर्ट मांगी थी, जब मीडिया खबरों में यह बात सामने आई थी कि इटली के लोकपाल द्वारा अगस्टा वेस्टलैंड की मातृ कम्पनी, फिनमेक्कै निका की कथित भ्रष्टाचार के लिए जांच की जा रही है। उस समय रपट में कहा गया था कि इटली के लोकपाल वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के सौदे की भी जांच कर रहे हैं। यह सौदा फरवरी, 2010 में उस समय हुआ था, जब भारत ने अमेरिकी सिकोरस्की एस-92 के बदले अगस्टा वेस्टलैंड के एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर को चुना था।
ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित, भारतीय नेतृत्व को आरामदायक, और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने के लिए खरीदे गए थे। इटली में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वहां की सरकार रक्षा सौदों में अबतक के सबसे बड़े भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। इसके तहत उन आरोपों की भी जांच की जा रही है, जिसमें भारतीय सौदे में 350 करोड़ रुपये से अधिक की दलाली दिए जाने का आरोप है। प्रवक्ता ने कहा कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद के करार में अनुचित रसूख के इस्तेमाल और एजेंटों की नियुक्ति तथा दलाली के खिलाफ मानक प्रावधान शामिल किए गए थे।टिप्पणियां
प्रवक्ता ने कहा, "अगस्टा वेस्टलैंड और रक्षा मंत्रालय के बीच हुए इस करार से पहले ईमानदारी समझौते पर भी हस्ताक्षर हुआ था।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "प्राप्त हुई इस तरह की किसी भी शिकायत या आरोप की जांच की जाएगी और यदि कोई अनियमितता सामने आई, तो करार के प्रावधानों को लागू किया जाएगा और कानून के तहत अन्य उचित कार्रवाई की जाएगी।"
एंटनी ने इस वर्ष फरवरी में भी रोम स्थित भारतीय दूतावास से उस समय एक रिपोर्ट मांगी थी, जब मीडिया खबरों में यह बात सामने आई थी कि इटली के लोकपाल द्वारा अगस्टा वेस्टलैंड की मातृ कम्पनी, फिनमेक्कै निका की कथित भ्रष्टाचार के लिए जांच की जा रही है। उस समय रपट में कहा गया था कि इटली के लोकपाल वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के सौदे की भी जांच कर रहे हैं। यह सौदा फरवरी, 2010 में उस समय हुआ था, जब भारत ने अमेरिकी सिकोरस्की एस-92 के बदले अगस्टा वेस्टलैंड के एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर को चुना था।
प्रवक्ता ने कहा, "अगस्टा वेस्टलैंड और रक्षा मंत्रालय के बीच हुए इस करार से पहले ईमानदारी समझौते पर भी हस्ताक्षर हुआ था।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "प्राप्त हुई इस तरह की किसी भी शिकायत या आरोप की जांच की जाएगी और यदि कोई अनियमितता सामने आई, तो करार के प्रावधानों को लागू किया जाएगा और कानून के तहत अन्य उचित कार्रवाई की जाएगी।"
एंटनी ने इस वर्ष फरवरी में भी रोम स्थित भारतीय दूतावास से उस समय एक रिपोर्ट मांगी थी, जब मीडिया खबरों में यह बात सामने आई थी कि इटली के लोकपाल द्वारा अगस्टा वेस्टलैंड की मातृ कम्पनी, फिनमेक्कै निका की कथित भ्रष्टाचार के लिए जांच की जा रही है। उस समय रपट में कहा गया था कि इटली के लोकपाल वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के सौदे की भी जांच कर रहे हैं। यह सौदा फरवरी, 2010 में उस समय हुआ था, जब भारत ने अमेरिकी सिकोरस्की एस-92 के बदले अगस्टा वेस्टलैंड के एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर को चुना था।
एंटनी ने इस वर्ष फरवरी में भी रोम स्थित भारतीय दूतावास से उस समय एक रिपोर्ट मांगी थी, जब मीडिया खबरों में यह बात सामने आई थी कि इटली के लोकपाल द्वारा अगस्टा वेस्टलैंड की मातृ कम्पनी, फिनमेक्कै निका की कथित भ्रष्टाचार के लिए जांच की जा रही है। उस समय रपट में कहा गया था कि इटली के लोकपाल वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के सौदे की भी जांच कर रहे हैं। यह सौदा फरवरी, 2010 में उस समय हुआ था, जब भारत ने अमेरिकी सिकोरस्की एस-92 के बदले अगस्टा वेस्टलैंड के एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर को चुना था। | संक्षिप्त पाठ: रक्षामंत्री एके एंटनी ने अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए 3,546 करोड़ रुपये में खरीदे गए 12 हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित अनियमितताओं पर रोम स्थित भारतीय दूतावास से रिपोर्ट मांगी है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के शीर्ष निर्णय निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक 22 फरवरी को होनी है, जिसमें अंशधारकों के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह की पेंशन तय किए जाने की संभावना है।
सूत्रों ने कहा, ‘‘सीबीटी 22 फरवरी को प्रस्तावित बैठक में अंशधारकों के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह के पेंशन के प्रस्ताव पर निर्णय करेगा।’’ सीबीटी ने इससे पहले 23 दिसंबर को हुई बैठक में इस मामले पर निर्णय टाल दिया था।टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा कि यद्यपि बैठक के लिए एजेंडा अभी तय किया जाना है, यह मुद्दा चर्चा के लिए सामने आएगा। ईपीएफओ आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2010 तक 35 लाख पेंशनभोगी इस कोष के अंशधारक थे, जिसमें से 14 लाख लोगों को 500 रुपये से भी कम का मासिक पेंशन मिलता है। वहीं 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने वाले लोगों की संख्या 7 लाख है।
आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामले भी हैं जहां पेंशनभोगियों को 12 रुपये प्रति माह और 38 रुपये प्रति माह तक का मासिक पेंशन मिल रहा है। यद्यपि नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधि न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन तय करने पर राजी हैं, इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त कोष जुटाने के साधनों पर कोई निर्णय नहीं किया गया।
सूत्रों ने कहा, ‘‘सीबीटी 22 फरवरी को प्रस्तावित बैठक में अंशधारकों के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह के पेंशन के प्रस्ताव पर निर्णय करेगा।’’ सीबीटी ने इससे पहले 23 दिसंबर को हुई बैठक में इस मामले पर निर्णय टाल दिया था।टिप्पणियां
सूत्रों ने कहा कि यद्यपि बैठक के लिए एजेंडा अभी तय किया जाना है, यह मुद्दा चर्चा के लिए सामने आएगा। ईपीएफओ आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2010 तक 35 लाख पेंशनभोगी इस कोष के अंशधारक थे, जिसमें से 14 लाख लोगों को 500 रुपये से भी कम का मासिक पेंशन मिलता है। वहीं 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने वाले लोगों की संख्या 7 लाख है।
आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामले भी हैं जहां पेंशनभोगियों को 12 रुपये प्रति माह और 38 रुपये प्रति माह तक का मासिक पेंशन मिल रहा है। यद्यपि नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधि न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन तय करने पर राजी हैं, इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त कोष जुटाने के साधनों पर कोई निर्णय नहीं किया गया।
सूत्रों ने कहा कि यद्यपि बैठक के लिए एजेंडा अभी तय किया जाना है, यह मुद्दा चर्चा के लिए सामने आएगा। ईपीएफओ आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2010 तक 35 लाख पेंशनभोगी इस कोष के अंशधारक थे, जिसमें से 14 लाख लोगों को 500 रुपये से भी कम का मासिक पेंशन मिलता है। वहीं 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन पाने वाले लोगों की संख्या 7 लाख है।
आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामले भी हैं जहां पेंशनभोगियों को 12 रुपये प्रति माह और 38 रुपये प्रति माह तक का मासिक पेंशन मिल रहा है। यद्यपि नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधि न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन तय करने पर राजी हैं, इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त कोष जुटाने के साधनों पर कोई निर्णय नहीं किया गया।
आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामले भी हैं जहां पेंशनभोगियों को 12 रुपये प्रति माह और 38 रुपये प्रति माह तक का मासिक पेंशन मिल रहा है। यद्यपि नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधि न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह पेंशन तय करने पर राजी हैं, इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त कोष जुटाने के साधनों पर कोई निर्णय नहीं किया गया। | यह एक सारांश है: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के शीर्ष निर्णय निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक 22 फरवरी को है, जिसमें अंशधारकों के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये महीने की पेंशन तय किए जाने की संभावना है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 7वें वेतन आयोग (पे कमीशन) के हिसाब से सैनिकों को अब तक एरियर्स नहीं मिले हैं, लेकिन ख़बरें आ रही हैं कि मोदी सरकार भारतीय जवानों के लिए दिवाली का तोहफ़ा देने की तैयारी कर रही है.
कहा जा रहा है कि सरकार जवानों को दिवाली का तोहफ़ा देने की कोशिश में है. सूत्र बता रहे हैं कि सरकार जवानों को 10% एरियर्स दे सकती है. यह एरियर्स 1 जनवरी 2016 से गिना जाएगा.
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री ने इस पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं. इसका अर्थ यह हुआ की दीपावली से पहले ही सैनिकों को तकरीबन 1 महीने की अतिरिक्त तनख्वाह मिल जाएगी.
बता दें कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले लगभग बाकी सब विभागों में एरियर्स दे दिया गया है और साथ है बढ़ी हुई सैलरी मिलना भी आरंभ हो गई है. लेकिन सेना को अब तक यह नहीं मिला है. इसके पीछे वजह सरकार नहीं, बल्कि खुद सेना की मांग है. सेना ने स्वत: निर्णय लेते हुए अभी इसे लागू नहीं किया है.
सेना को वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों पर आपत्ति है. उन्होंने यह मुद्दा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष भी उठाया था लेकिन आयोग ने सेना की बात नहीं मानी. टिप्पणियां
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
कहा जा रहा है कि सरकार जवानों को दिवाली का तोहफ़ा देने की कोशिश में है. सूत्र बता रहे हैं कि सरकार जवानों को 10% एरियर्स दे सकती है. यह एरियर्स 1 जनवरी 2016 से गिना जाएगा.
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री ने इस पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं. इसका अर्थ यह हुआ की दीपावली से पहले ही सैनिकों को तकरीबन 1 महीने की अतिरिक्त तनख्वाह मिल जाएगी.
बता दें कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले लगभग बाकी सब विभागों में एरियर्स दे दिया गया है और साथ है बढ़ी हुई सैलरी मिलना भी आरंभ हो गई है. लेकिन सेना को अब तक यह नहीं मिला है. इसके पीछे वजह सरकार नहीं, बल्कि खुद सेना की मांग है. सेना ने स्वत: निर्णय लेते हुए अभी इसे लागू नहीं किया है.
सेना को वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों पर आपत्ति है. उन्होंने यह मुद्दा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष भी उठाया था लेकिन आयोग ने सेना की बात नहीं मानी. टिप्पणियां
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री ने इस पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं. इसका अर्थ यह हुआ की दीपावली से पहले ही सैनिकों को तकरीबन 1 महीने की अतिरिक्त तनख्वाह मिल जाएगी.
बता दें कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले लगभग बाकी सब विभागों में एरियर्स दे दिया गया है और साथ है बढ़ी हुई सैलरी मिलना भी आरंभ हो गई है. लेकिन सेना को अब तक यह नहीं मिला है. इसके पीछे वजह सरकार नहीं, बल्कि खुद सेना की मांग है. सेना ने स्वत: निर्णय लेते हुए अभी इसे लागू नहीं किया है.
सेना को वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों पर आपत्ति है. उन्होंने यह मुद्दा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष भी उठाया था लेकिन आयोग ने सेना की बात नहीं मानी. टिप्पणियां
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
बता दें कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले लगभग बाकी सब विभागों में एरियर्स दे दिया गया है और साथ है बढ़ी हुई सैलरी मिलना भी आरंभ हो गई है. लेकिन सेना को अब तक यह नहीं मिला है. इसके पीछे वजह सरकार नहीं, बल्कि खुद सेना की मांग है. सेना ने स्वत: निर्णय लेते हुए अभी इसे लागू नहीं किया है.
सेना को वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों पर आपत्ति है. उन्होंने यह मुद्दा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष भी उठाया था लेकिन आयोग ने सेना की बात नहीं मानी. टिप्पणियां
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
सेना को वेतन आयोग की कुछ सिफारिशों पर आपत्ति है. उन्होंने यह मुद्दा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष भी उठाया था लेकिन आयोग ने सेना की बात नहीं मानी. टिप्पणियां
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
वैसे सरकार से सेना की बातचीत चल रही है. वेतनमान और भत्तों में कथित विसंगतियों को दूर करने के लिए यह बातचीत जारी है. तीनों सेनाओं के प्रमुख विवाद सुलझाने में लगे हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा.
जानकारी के लिए बता दें कि तीनों सेना के प्रमुखों ने हाल में रक्षामंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी की थी. सरकार की ओर से कहा गया है कि सेनाएं जल्द से जल्द वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करें और सेना के जवानों को वेतन आयोग का लाभ पहुंचाएं. सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा. | यहाँ एक सारांश है:10 अक्टूबर को रक्षा मंत्री ने इस पर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं
केंद्र के अधीन आने वाले लगभग सब विभागों में एरियर्स दे दिया गया है
सरकार ने साफ कहा है कि सेना की मांगों पर विचार किया जाएगा | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कॉमेडियन कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच का विवाद बढ़ता ही जा रहा है और इस विवाद का सीधा असर द कपिल शर्मा शो पर पड़ रहा है. ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न से मुंबई की फ्लाइट में कपिल शर्मा ने सुनील ग्रोवर के साथ बदतमीजी करते हुए उन्हें शो से निकालने की बात भी कही थी. इसके बाद कपिल शर्मा ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि उनके और सुनील के बीच हुआ विवाद उनका घरेलु मैटर था और लोगों को ज्यादा मजे नहीं लेने चाहिए. फिर उन्होंने ट्विटर पर सुनील ग्रोवर को टैग करते हुए उनसे माफी भी मांगी, हालांकि इसका कुछ असर नहीं हुआ और सुनील ने उन्हें लोगों का सम्मान करने की सलाह दे दी. खबरें आ रही हैं कि सुनील ग्रोवर के बाद अब चंदन प्रभाकर और अली असगर ने भी शो का बायकॉट कर दिया है और कपिल को अकेले कीकू शारदा और नवजोत सिंह सिद्धू के साथ शूटिंग करनी पड़ी.डीएनए की खबर के अनुसार कपिल को पिछले दिनों अपने शो की शूटिंग चंदन, सुनील और अली के बिना करनी पड़ी. चंदन शो में चंदू चायवाले की भूमिका निभाते हैं वहीं अली नानी के किरदार में दर्शकों का मनोरंजन करते हैं. शो से जुड़े एक सूत्र ने डीएनए से कहा, "सुनील वापस नहीं लौट रहे हैं. अली और चंदन ने भी शो का बायकॉट किया. इस वजह से कपिल के साथ केवल कीकू शारदा रह गए. वहीं, कपिल के करीबी नवजोत सिंह सिद्धू भी शूटिंग पर पहुंचे थे. लेकिन ऐसा कब तक चलेगा?”
द कपिल शर्मा शो में डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी किरदार निभाते हैं सुनील ग्रोवर. टिप्पणियां
सुनील ग्रोवर कपिल के शो में रिंकू भाभी और डॉक्टर मशहूर गुलाटी का किरदार निभाते हैं और वह शो का अहम हिस्सा हैं. के शो में वापस नहीं लौटने के बारे में उनसे जुड़े एक सूत्र ने डीएनए को बताया, "सुनील ने शो पर वापस नहीं लौटने का फैसला किया है. वह सोनी चैनल के कॉन्ट्रेक्ट से बंधे हुए हैं, कपिल शर्मा के प्रोडक्शन हाउस से नहीं. सुनील ने सोनी से यह साफ कर दिया है कि कपिल के बर्ताव के बाद वह शो पर वापस नहीं लौट सकते हैं."
कपिल के शो के महत्वपूर्ण कलाकार हैं अली असगर, सुनील ग्रोवर और चंदन प्रभाकर.
यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच विवाद हुआ हो. सुनील कपिल के कलर्स पर प्रसारित होने वाले पिछले शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी का किरदार निभाते थे, बीच में कुछ ऐसा हुआ कि सुनील ने वह शो छोड़ दिया और स्टार पर अपना नया शो मैड इन इंडिया लेकर आए, हालांकि वह शो चला नहीं और सुनील ने कपिल के शो पर वापसी की. बाद में जब कलर्स चैनल से अनबन के बाद कॉमेडी नाइट्स विद कपिल बंद हुआ तो सुनील कपिल के साथ बने रहे. कुछ महीने पहले खबरें आई थीं कि कपिल ने अपने शो में सुनील की फिल्म कॉफी विद डी/i> का प्रचार करने से इनकार कर दिया है, इस पर सुनील ने कपिल का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक है.
डीएनए की खबर के अनुसार कपिल को पिछले दिनों अपने शो की शूटिंग चंदन, सुनील और अली के बिना करनी पड़ी. चंदन शो में चंदू चायवाले की भूमिका निभाते हैं वहीं अली नानी के किरदार में दर्शकों का मनोरंजन करते हैं. शो से जुड़े एक सूत्र ने डीएनए से कहा, "सुनील वापस नहीं लौट रहे हैं. अली और चंदन ने भी शो का बायकॉट किया. इस वजह से कपिल के साथ केवल कीकू शारदा रह गए. वहीं, कपिल के करीबी नवजोत सिंह सिद्धू भी शूटिंग पर पहुंचे थे. लेकिन ऐसा कब तक चलेगा?”
द कपिल शर्मा शो में डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी किरदार निभाते हैं सुनील ग्रोवर. टिप्पणियां
सुनील ग्रोवर कपिल के शो में रिंकू भाभी और डॉक्टर मशहूर गुलाटी का किरदार निभाते हैं और वह शो का अहम हिस्सा हैं. के शो में वापस नहीं लौटने के बारे में उनसे जुड़े एक सूत्र ने डीएनए को बताया, "सुनील ने शो पर वापस नहीं लौटने का फैसला किया है. वह सोनी चैनल के कॉन्ट्रेक्ट से बंधे हुए हैं, कपिल शर्मा के प्रोडक्शन हाउस से नहीं. सुनील ने सोनी से यह साफ कर दिया है कि कपिल के बर्ताव के बाद वह शो पर वापस नहीं लौट सकते हैं."
कपिल के शो के महत्वपूर्ण कलाकार हैं अली असगर, सुनील ग्रोवर और चंदन प्रभाकर.
यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच विवाद हुआ हो. सुनील कपिल के कलर्स पर प्रसारित होने वाले पिछले शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी का किरदार निभाते थे, बीच में कुछ ऐसा हुआ कि सुनील ने वह शो छोड़ दिया और स्टार पर अपना नया शो मैड इन इंडिया लेकर आए, हालांकि वह शो चला नहीं और सुनील ने कपिल के शो पर वापसी की. बाद में जब कलर्स चैनल से अनबन के बाद कॉमेडी नाइट्स विद कपिल बंद हुआ तो सुनील कपिल के साथ बने रहे. कुछ महीने पहले खबरें आई थीं कि कपिल ने अपने शो में सुनील की फिल्म कॉफी विद डी/i> का प्रचार करने से इनकार कर दिया है, इस पर सुनील ने कपिल का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक है.
सुनील ग्रोवर कपिल के शो में रिंकू भाभी और डॉक्टर मशहूर गुलाटी का किरदार निभाते हैं और वह शो का अहम हिस्सा हैं. के शो में वापस नहीं लौटने के बारे में उनसे जुड़े एक सूत्र ने डीएनए को बताया, "सुनील ने शो पर वापस नहीं लौटने का फैसला किया है. वह सोनी चैनल के कॉन्ट्रेक्ट से बंधे हुए हैं, कपिल शर्मा के प्रोडक्शन हाउस से नहीं. सुनील ने सोनी से यह साफ कर दिया है कि कपिल के बर्ताव के बाद वह शो पर वापस नहीं लौट सकते हैं."
कपिल के शो के महत्वपूर्ण कलाकार हैं अली असगर, सुनील ग्रोवर और चंदन प्रभाकर.
यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच विवाद हुआ हो. सुनील कपिल के कलर्स पर प्रसारित होने वाले पिछले शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी का किरदार निभाते थे, बीच में कुछ ऐसा हुआ कि सुनील ने वह शो छोड़ दिया और स्टार पर अपना नया शो मैड इन इंडिया लेकर आए, हालांकि वह शो चला नहीं और सुनील ने कपिल के शो पर वापसी की. बाद में जब कलर्स चैनल से अनबन के बाद कॉमेडी नाइट्स विद कपिल बंद हुआ तो सुनील कपिल के साथ बने रहे. कुछ महीने पहले खबरें आई थीं कि कपिल ने अपने शो में सुनील की फिल्म कॉफी विद डी/i> का प्रचार करने से इनकार कर दिया है, इस पर सुनील ने कपिल का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक है.
यह पहली बार नहीं है जब कपिल और सुनील के बीच विवाद हुआ हो. सुनील कपिल के कलर्स पर प्रसारित होने वाले पिछले शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी का किरदार निभाते थे, बीच में कुछ ऐसा हुआ कि सुनील ने वह शो छोड़ दिया और स्टार पर अपना नया शो मैड इन इंडिया लेकर आए, हालांकि वह शो चला नहीं और सुनील ने कपिल के शो पर वापसी की. बाद में जब कलर्स चैनल से अनबन के बाद कॉमेडी नाइट्स विद कपिल बंद हुआ तो सुनील कपिल के साथ बने रहे. कुछ महीने पहले खबरें आई थीं कि कपिल ने अपने शो में सुनील की फिल्म कॉफी विद डी/i> का प्रचार करने से इनकार कर दिया है, इस पर सुनील ने कपिल का बचाव करते हुए कहा था कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक है. | कपिल शर्मा ने फ्लाइट में सुनील ग्रोवर पर उठाया था हाथ
सुनील ग्रोवर ने द कपिल शर्मा शो में आने से किया इनकार
अली असगर और चंदन प्रभाकर ने भी शूटिंग का बायकॉट | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाजपार्टी (Bahujan Samaj Party) के बीच हुए गठबंधन के बाद राजनीति तेज हो गई है. इस गठबंधन के सामने आने के बाद अब समाजवाजी पार्टी से अलग हुए वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने राज्य में कांग्रेस के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस चाहे तो वह उनके साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. उन्होंने रविवार को कहा कि हम कांग्रेस को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं. बता दें कि शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने पिछले साल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से अलग अपनी एक अलग पार्टी बनाई थी. वहीं, सपा-बसपा गठबंधन के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मैं मायावती जी (Mayawati) और अखिलेश जी (Akhilesh Yadav) का सम्मान करता हूं. गठबंधन को लेकर उन्होंने जो फैसला लिया है मैं उसपर कुछ नहीं बोलना चाहता लेकिन इतना जरूरी है कि हमारी पार्टी यूपी में पूरी ताकत के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी.
गौरतलब है कि बीते शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान किया था. उन्होंने इस गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा था. मायावती और अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया था कि लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर लड़ेगी. सपा-बसपा गठबंधन ने चार सीटें छोड़ दी हैं, जिसमें दो सीटें सहयोगियों के खाते में जाएगी वहीं, दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई हैं, अमेठी और रायबरेली है. साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा था कि इस गठबंधन से पीएम मोदी और अमित शाह की नींद उड़ जाएगी. मायावती ने कहा था कि आज बीजेपी के शासनकाल में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है.
बीजेपी को इस बार कांग्रेस को हुई 1977 में हुए चुनाव की तरह ही बड़ा नुकसान होने वाला है. सपा-बसपा को कांग्रेस के साथ जाने से कोई खास फायदा होने वाला नहीं है. हमनें अपने अनुभव को ही तरजीह दी है. कांग्रेस का साथ जाने से हमारे वोट शेयर पर बुरा असर पड़ता है. अगर हम इनके साथ नहीं जाते हैं तो हमारे पास वोट का शेयर ज्यादा रहता है. लिहाजा हमनें इस वजह से कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखा है.
हालांकि हमारी पार्टी ने यह फैसला लिया है कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी या इस तरह की किसी भी अन्य पार्टी से गठबंधन करके चुनाव नहीं लड़ेगी जिससे हमारा वोट ही कट जाए. मायावती ने कहा था कि बोफोर्स की वजह से कांग्रेस की सरकार गई थी, अब राफेल की वजह से बीजेपी की सरकार जाएगी. राफेल बीजेपी को ले डूबेगी. मायावती ने कहा था कि बीजेपी ने प्रदेश में बेईमानी से सत्ता हासिल की है. हमने गठबंधन में कांग्रेस को नहीं रखा. कांग्रेस या बीजेपी कोई आए, दोनों में एक ही बात है. कांग्रेस और बीजेपी की नीतियां एक जैसी है. दोनों सरकारों का हाल एक जेस ही रहे हैं.
अगर हम कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो हमें घाटा होगा. क्योंकि कांग्रेस के समय में भी भ्रष्टाचार हुआ. मायावती ने कहा था कि यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई है. जनविरोधी को सत्ता में आने से रोकेंगे. बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान है. जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराएंगे. | यह एक सारांश है: सपा-बसपा गठबंधन के बाद जताई इच्छा
कहा- हम पूरी तरह से तैयार हैं
कांग्रेस ने भी राज्य में ताकत के साथ लड़ने का ऐलान किया है | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: खाना पकाना, झाड़ू-पोछा और चौका-बरतन जैसे घरेलू काम के लिए अब आपको नौकरानी ढूंढने में गलियों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। बस एक फोन कॉल से आपके पास नौकरानियों का बायोडाटा पहुंच जाएगा, जिससे आप घर बैठे अपने पसंद की कामवाली चुन सकेंगे। उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुछ कामवालियों ने राज्य स्तर पर घरेलू काम करने वाली महिलाओं का यूनियन 'घरेलू महिला कामगार यूनियन' बनाया है। इस यूनियन द्वारा कुछ समय पहले शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर से आपको अपने ही शहर में नौकरानी की सुविधा मिल जाएगी। घरेलू महिला कामगार यूनियन की महासचिव मीनू सूर ने कहा, "प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, इलाहाबाद, हरदोई, उन्नाव जैसे शहरों में फिलहाल करीब 10,000 महिलाएं इस यूनियन की सदस्य हैं। घरेलू नौकरानी के लिए जरूरतमंद शख्स द्वारा हमारे हेल्पलाइन नंबर 8005185783 पर सम्पर्क करने से उस शहर में नियुक्त हमारा प्रभारी वहां हमारी यूनियन से जुड़ी सभी कामवाली महिलाओं का बायोडाटा लेकर उसके पास पहुंच जाएगा।" सूर के मुताबिक, बायोडाटा में नौकरानी का नाम, उम्र, पता होने के साथ-साथ घरेलू काम के अनुभव की भी जानकारी होगी। बायोडाटा के आधार पर आप जिस नौकरानी को चुनेंगे, वह बाद में आपके घर आकर मेहनताना की बात तय कर काम करना शुरू कर देगी। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक घरेलू कामों के लिए मेहनताना इलाका, दूरी और परिवार के सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, खाना पकाने का मेहनताना 900 से 2500 रुपये प्रति माह, झाड़ू-पोछा के लिए 300 से 1500 रुपये और चौका-बर्तन के लिए 300 से 600 रुपये तय है। सूर (52) के अनुसार, यूनियन में पूरी छानबीन के बाद ही किसी महिला को सदस्य बनाया और उसका पंजीकरण किया जाता है। पंजीकरण के बाद हर महिला को फोटो पहचान-पत्र दिया जाता है, जिसमें सारी जानकारी और पंजीकरण संख्या होती है। उन्होंने कहा कि अभी आए दिन नौकरानियों द्वारा घर से सामान चुराकर चम्पत हो जाने की घटनाएं होती हैं। लेकिन यूनियन के जरिए लोगों को भरोसेमंद नौकरानी मिलेगी। यूनियन के पास सम्बंधित नौकरानी की पूरी जानकारी और जवाबदेही भी होगी। कानपुर के गोविंदनगर में रहने वाली सूर ने करीब चार साल पहले अपने आस-पास की कुछ महिलाओं को साथ लेकर एक समूह बनाया था। उस वक्त उन्हें आशा नहीं थी कि उनकी यह शुरुआत इतने बड़े संगठन का रूप ले लेगी। उन्होंने यूनियन का गठन एक साल पहले किया। यह पूछे जाने पर कि उनको यूनियन बनाने का ख्याल कैसे आया? उन्होंने कहा, "आमतौर पर ज्यादातर शहरों में काम करने वाली महिलाएं शोषण का शिकार होती हैं। तय से ज्यादा काम करवाने के बावजूद उन्हें उचित मेहनताना नहीं दिया जाता। इसे देखते हुए मुझे लगा कि एक संगठन बनाया जाए, ताकि उन्हें शोषण से बचाया जा सके।" घरेलू काम करने वाली महिलाओं को यूनियन में पंजीकरण कराने के लिए पहली बार 13 रुपये शुल्क देना होगा। उसके बाद 12 रुपये प्रतिवर्ष शुल्क देने होंगे। यूनियन बालश्रम के खिलाफ है और इसलिए इसमें नाबालिग बच्चियों का पंजीकरण नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि मालिक द्वारा तय मेहनताना नहीं देने और शोषण की शिकायत मिलने पर यूनियन के सदस्य महिला कामगारों की पूरी मदद करेंगे। उनके मुताबिक, राज्य के वाराणसी, गोरखपुर, फैजाबाद, मेरठ, आगरा, बरेली और अलीगढ़ में यूनियन की सदस्य बनाने का अभियान तेजी से जारी है। यूनियन से जुड़ी एक सदस्य कुसुम रानी का भी कहना है कि यूनियन के जरिए जब वह काम करने जाती हैं तो शोषण से बचने के साथ-साथ तय मेहनताना मिलने में भी दिक्कतें नहीं आतीं। | अब आपको नौकरानी ढूंढने में गलियों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। बस एक फोन कॉल से आपके पास नौकरानियों का बायोडाटा पहुंच जाएगा | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक ने बैंकों के पास नकदी की तंगी दूर करने के लिए उनपर लागू नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक झटके में 0.75 प्रतिशत कटौती कर दी। इससे बैंकों का रिजर्व बैंक के नियंत्रण में पड़ा 48,000 करोड़ रुपया ऋण देने के लिए मुक्त हो जाएगा।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘सीआरआर 5.5 प्रतिशत से घटाकर 4.75 प्रतिशत करने से बैंकिंग तंत्र में करीब 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।’
नकद आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर बैंकों की जमा राशि का वह हिस्सा होता है जिसे बैंकों को रिजर्व बैंक के पास सुरक्षित रखना होता है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर कटौती शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि इस कटौती का उद्देश्य बैंकों में नकदी की तंगी को दूर करना है। माना जा रहा है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में अग्रिम कर के लिये बैंकों से निकासी तेज होगी और ऐसे में नकदी की कमी बढ़ सकती है।टिप्पणियां
अग्रिम कर भुगतान की आखिरी तिथि 15 मार्च है और यह करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है। यानी बैंकों से इतनी राशि निकलकर सरकार के खाते में जाएगी, इससे नकदी पर दबाव बढ़ सकता है।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘सीआरआर 5.5 प्रतिशत से घटाकर 4.75 प्रतिशत करने से बैंकिंग तंत्र में करीब 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी।’
नकद आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर बैंकों की जमा राशि का वह हिस्सा होता है जिसे बैंकों को रिजर्व बैंक के पास सुरक्षित रखना होता है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर कटौती शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि इस कटौती का उद्देश्य बैंकों में नकदी की तंगी को दूर करना है। माना जा रहा है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में अग्रिम कर के लिये बैंकों से निकासी तेज होगी और ऐसे में नकदी की कमी बढ़ सकती है।टिप्पणियां
अग्रिम कर भुगतान की आखिरी तिथि 15 मार्च है और यह करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है। यानी बैंकों से इतनी राशि निकलकर सरकार के खाते में जाएगी, इससे नकदी पर दबाव बढ़ सकता है।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था।
नकद आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर बैंकों की जमा राशि का वह हिस्सा होता है जिसे बैंकों को रिजर्व बैंक के पास सुरक्षित रखना होता है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर कटौती शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि इस कटौती का उद्देश्य बैंकों में नकदी की तंगी को दूर करना है। माना जा रहा है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में अग्रिम कर के लिये बैंकों से निकासी तेज होगी और ऐसे में नकदी की कमी बढ़ सकती है।टिप्पणियां
अग्रिम कर भुगतान की आखिरी तिथि 15 मार्च है और यह करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है। यानी बैंकों से इतनी राशि निकलकर सरकार के खाते में जाएगी, इससे नकदी पर दबाव बढ़ सकता है।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर कटौती शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि इस कटौती का उद्देश्य बैंकों में नकदी की तंगी को दूर करना है। माना जा रहा है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में अग्रिम कर के लिये बैंकों से निकासी तेज होगी और ऐसे में नकदी की कमी बढ़ सकती है।टिप्पणियां
अग्रिम कर भुगतान की आखिरी तिथि 15 मार्च है और यह करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है। यानी बैंकों से इतनी राशि निकलकर सरकार के खाते में जाएगी, इससे नकदी पर दबाव बढ़ सकता है।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था।
अग्रिम कर भुगतान की आखिरी तिथि 15 मार्च है और यह करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है। यानी बैंकों से इतनी राशि निकलकर सरकार के खाते में जाएगी, इससे नकदी पर दबाव बढ़ सकता है।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 24 जनवरी 2012 को घोषित मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.5 प्रतिशत कटौती की थी। इस कटौती से भी बैंकों में 32,000 करोड़ रुपये की नकदी बढ़ाने का उपाय किया गया था। | संक्षिप्त सारांश: रिजर्व बैंक ने बैंकों के पास नकदी की तंगी दूर करने के लिए उनपर लागू नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक झटके में 0.75 प्रतिशत कटौती कर दी। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस उत्खनन सौदे में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में मंगलवार को सत्तारूढ़ कांग्रेसी सदस्यों ने भारी हंगामा किया और मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की।
प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत कांग्रेसी सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर तहलका पत्रिका की प्रतियां लहराने लगे जिसमें उक्त आरोप लगाया गया है। ये सदस्य इस पत्रिका की प्रतियां लिए हुए अग्रिम पंक्तियों में आकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ये सदस्य मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।टिप्पणियां
कांग्रेसी सदस्यों के अचानक किए गए इस हमले से मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्य हैरान से देखे गए। वे अपने स्थानों पर खड़े थे लेकिन कांग्रेसी सदस्यों के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहे थे।
कांग्रेसी सदस्यों के शोरशराबे और नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और हंगामा थमते नहीं देख करीब दस मिनट बाद सदन की बैठक साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत कांग्रेसी सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर तहलका पत्रिका की प्रतियां लहराने लगे जिसमें उक्त आरोप लगाया गया है। ये सदस्य इस पत्रिका की प्रतियां लिए हुए अग्रिम पंक्तियों में आकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ये सदस्य मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।टिप्पणियां
कांग्रेसी सदस्यों के अचानक किए गए इस हमले से मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्य हैरान से देखे गए। वे अपने स्थानों पर खड़े थे लेकिन कांग्रेसी सदस्यों के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहे थे।
कांग्रेसी सदस्यों के शोरशराबे और नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और हंगामा थमते नहीं देख करीब दस मिनट बाद सदन की बैठक साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
कांग्रेसी सदस्यों के अचानक किए गए इस हमले से मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्य हैरान से देखे गए। वे अपने स्थानों पर खड़े थे लेकिन कांग्रेसी सदस्यों के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहे थे।
कांग्रेसी सदस्यों के शोरशराबे और नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और हंगामा थमते नहीं देख करीब दस मिनट बाद सदन की बैठक साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
कांग्रेसी सदस्यों के शोरशराबे और नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और हंगामा थमते नहीं देख करीब दस मिनट बाद सदन की बैठक साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। | यहाँ एक सारांश है:कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस उत्खनन सौदे में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में मंगलवार को सत्तारूढ़ कांग्रेसी सदस्यों ने भारी हंगामा किया और मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल क्षेत्र के नियामक डीजीएच ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए नियमों को तोड़ा-मरोड़ा है। हालांकि कैग ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि क्या मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली आरआईएल ने सरकार को जरूरत से अधिक खर्च दिखाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है या नहीं। केजी.डीडब्ल्यूएन.98-3 या केजी.डी6 ब्लॉक पर अपनी अंकेक्षण रपट में कैग ने कहा कि हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने रिलायंस को 18 गैस भंडारों में सबसे बड़े धीरूभाई.1 और 3 का विकास करने के लिए पूंजीगत खर्च 117 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति दी। कैग ने कहा, शुरुआती विकास योजना की लागत 2.39 अरब डॉलर बढ़ाकर 5.196 अरब डॉलर करने से भारत सरकार के वित्तीय राजस्व पर प्रभावी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, इस चरण में उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर हम इस लागत वृद्धि को उचित करार देने या अन्यथा कहने की स्थिति में नहीं हैं। रिलायंस जैसे एक ऑपरेटर को तेल या गैस की बिक्री से हुई आय में से वह खर्च घटाने की अनुमति है जो उसने एक क्षेत्र के विकास पर खर्च किए हैं। कंपनी सरकार सहित अन्य भागीदारों के बीच लाभ बंटवारे से पहले यह खर्च घटाती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर गैस क्षेत्र की लागत बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगने के बाद कैग को रिलायंस के खातों की जांच करने को कहा गया। कैग की रपट पेट्रोलियम मंत्रालय से टिप्पणी मिलने के बाद संसद में पेश की जाएगी। रपट में कहा गया है कि रिलायंस का इरादा कभी भी शुरुआती लागत के मुताबिक केजी.डी6 गैस क्षेत्र का विकास करने का नहीं रहा क्योंकि उसने मूल योजना के मुताबिक उपकरणों के लिए निविदा जारी करने की पहल नहीं की। रपट के मुताबिक, ज्यादातर खरीद संबंधी गतिविधियां काफी देर की हुईं, जो मई, 2004 के आईडीपी के नियमों के मुताबिक थी। इससे स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि ऑपरेटर का इरादा इन समय सीमाओं का अनुपालन करने का नहीं था। | यह एक सारांश है: कैग ने कहा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल क्षेत्र के नियामक डीजीएच ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए नियमों को तोड़ा-मरोड़ा है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सास-बहू के झगड़े में एक शख्स को ऐसी सजा मिली जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. मामला राजस्थान के जैसलमेर जिले का है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक खींवसर गांव में धन्नाराम का पत्नी गंगा से हमेशा झगड़ा होता रहता था. धन्नाराम का कहना था कि वह 70 साल की बूढ़ी मां को अपने साथ रखना चाहते हैं लेकिन उनकी पत्नी को यह मंजूर नहीं है. इसी बात पर एक दिन दोनों में जमकर कहासुनी और झगड़ा हुआ.
इसके बाद गंगा ने गांव में पंचायत बुला ली. अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पंचायत ने धन्नराम को सात दिन तक कड़ी धूप में बांधकर रखने का फैसला सुना दिया. इतना ही नहीं पंचों ने आदेश दिया कि धन्नाराम की पत्नी गंगा उसे हर रोज दो थप्पड़ भी मारेगी. टिप्पणियां
फैसला आने के बाद धन्नाराम को पेड़ से बांध दिया गया. उसकी बूढ़ी मां उसे सुबह-शाम खाना खिलाती थी. भीषण गर्मी में धूप में बंधे पड़े रहने से धन्नाराम की हालत बिगड़ने लगी थी. चार दिन बाद किसी ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दे दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने धन्नाराम को छुड़ाया और ऐसा फैसला सुनाने वाले पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. उधर पत्नी गंगा का आरोप था कि उसका पति और सास उसके साथ हर रोज मारपीट और गाली देते थे. तंग आकर उसने अपने मायके के लोगों को बुलाकर पंचायत बुलाई थी. फिलहाल पुलिस ने धन्नाराम को अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. लेकिन इस मामले को जो भी सुनता है वह हैरान रह जाता है.
इसके बाद गंगा ने गांव में पंचायत बुला ली. अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पंचायत ने धन्नराम को सात दिन तक कड़ी धूप में बांधकर रखने का फैसला सुना दिया. इतना ही नहीं पंचों ने आदेश दिया कि धन्नाराम की पत्नी गंगा उसे हर रोज दो थप्पड़ भी मारेगी. टिप्पणियां
फैसला आने के बाद धन्नाराम को पेड़ से बांध दिया गया. उसकी बूढ़ी मां उसे सुबह-शाम खाना खिलाती थी. भीषण गर्मी में धूप में बंधे पड़े रहने से धन्नाराम की हालत बिगड़ने लगी थी. चार दिन बाद किसी ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दे दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने धन्नाराम को छुड़ाया और ऐसा फैसला सुनाने वाले पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. उधर पत्नी गंगा का आरोप था कि उसका पति और सास उसके साथ हर रोज मारपीट और गाली देते थे. तंग आकर उसने अपने मायके के लोगों को बुलाकर पंचायत बुलाई थी. फिलहाल पुलिस ने धन्नाराम को अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. लेकिन इस मामले को जो भी सुनता है वह हैरान रह जाता है.
फैसला आने के बाद धन्नाराम को पेड़ से बांध दिया गया. उसकी बूढ़ी मां उसे सुबह-शाम खाना खिलाती थी. भीषण गर्मी में धूप में बंधे पड़े रहने से धन्नाराम की हालत बिगड़ने लगी थी. चार दिन बाद किसी ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दे दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने धन्नाराम को छुड़ाया और ऐसा फैसला सुनाने वाले पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. उधर पत्नी गंगा का आरोप था कि उसका पति और सास उसके साथ हर रोज मारपीट और गाली देते थे. तंग आकर उसने अपने मायके के लोगों को बुलाकर पंचायत बुलाई थी. फिलहाल पुलिस ने धन्नाराम को अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. लेकिन इस मामले को जो भी सुनता है वह हैरान रह जाता है.
मौके पर पहुंची पुलिस ने धन्नाराम को छुड़ाया और ऐसा फैसला सुनाने वाले पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. उधर पत्नी गंगा का आरोप था कि उसका पति और सास उसके साथ हर रोज मारपीट और गाली देते थे. तंग आकर उसने अपने मायके के लोगों को बुलाकर पंचायत बुलाई थी. फिलहाल पुलिस ने धन्नाराम को अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. लेकिन इस मामले को जो भी सुनता है वह हैरान रह जाता है. | यह एक सारांश है: पति 70 साल की बूढ़ी मां को अपने साथ रखना चाहता था
पत्नी का आरोप है कि सास और पति गाली-गलौज करते हैं
पंचायत ने सुना दिया अजीब फैसला | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के प्लेऑफ दौर में खेलने वाली टीमों के नाम तय हो गए हैं। अंतिम-4 दौर में दो बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स, मुम्बई इंडियन, 2008 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स और नई नवेली टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने जगह बनाई है।
नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर मंगलवार को खेले जाने वाले पहले क्वालाफायर में सुपर किंग्स का सामना मुम्बई इंडियंस से होगा जबकि 22 मई को इसी मैदान पर पहले इलिमिनेटर में सनराइजर्स का सामना राजस्थान रॉयल्स से होगा।
सुपर किंग्स ने लीग स्तर में 22 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। मुम्बई के भी इतने ही अंक हैं लेकिन उसका नेट रन रेट सुपर किंग्स से खराब रहा। मुम्बई और सुपर किंग्स ने 16 में से 11 मैच जीते।
इसी तरह राजस्थान रॉयल्स ने 20 और सनराइजर्स ने भी 20 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। राजस्थान और सनराइजर्स ने 10-10 मैच जीते लेकिन राजस्थान का नेट रन रेट सनराइजर्स से बेहतर निकला। वह तालिका में तीसरे क्रम पर रहा। टिप्पणियां
पहले क्वालीफायर में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। वह 24 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होने वाले दूसरे क्वालीफायर मं एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम से दो-दो हाथ करेगी। एलिमिनेटर में हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने का एक ही मौका मिलेगा।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे।
नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर मंगलवार को खेले जाने वाले पहले क्वालाफायर में सुपर किंग्स का सामना मुम्बई इंडियंस से होगा जबकि 22 मई को इसी मैदान पर पहले इलिमिनेटर में सनराइजर्स का सामना राजस्थान रॉयल्स से होगा।
सुपर किंग्स ने लीग स्तर में 22 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। मुम्बई के भी इतने ही अंक हैं लेकिन उसका नेट रन रेट सुपर किंग्स से खराब रहा। मुम्बई और सुपर किंग्स ने 16 में से 11 मैच जीते।
इसी तरह राजस्थान रॉयल्स ने 20 और सनराइजर्स ने भी 20 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। राजस्थान और सनराइजर्स ने 10-10 मैच जीते लेकिन राजस्थान का नेट रन रेट सनराइजर्स से बेहतर निकला। वह तालिका में तीसरे क्रम पर रहा। टिप्पणियां
पहले क्वालीफायर में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। वह 24 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होने वाले दूसरे क्वालीफायर मं एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम से दो-दो हाथ करेगी। एलिमिनेटर में हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने का एक ही मौका मिलेगा।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे।
सुपर किंग्स ने लीग स्तर में 22 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। मुम्बई के भी इतने ही अंक हैं लेकिन उसका नेट रन रेट सुपर किंग्स से खराब रहा। मुम्बई और सुपर किंग्स ने 16 में से 11 मैच जीते।
इसी तरह राजस्थान रॉयल्स ने 20 और सनराइजर्स ने भी 20 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। राजस्थान और सनराइजर्स ने 10-10 मैच जीते लेकिन राजस्थान का नेट रन रेट सनराइजर्स से बेहतर निकला। वह तालिका में तीसरे क्रम पर रहा। टिप्पणियां
पहले क्वालीफायर में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। वह 24 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होने वाले दूसरे क्वालीफायर मं एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम से दो-दो हाथ करेगी। एलिमिनेटर में हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने का एक ही मौका मिलेगा।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे।
इसी तरह राजस्थान रॉयल्स ने 20 और सनराइजर्स ने भी 20 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। राजस्थान और सनराइजर्स ने 10-10 मैच जीते लेकिन राजस्थान का नेट रन रेट सनराइजर्स से बेहतर निकला। वह तालिका में तीसरे क्रम पर रहा। टिप्पणियां
पहले क्वालीफायर में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। वह 24 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होने वाले दूसरे क्वालीफायर मं एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम से दो-दो हाथ करेगी। एलिमिनेटर में हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने का एक ही मौका मिलेगा।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे।
पहले क्वालीफायर में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। वह 24 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होने वाले दूसरे क्वालीफायर मं एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम से दो-दो हाथ करेगी। एलिमिनेटर में हारने वाली टीम को फाइनल में स्थान बनाने का एक ही मौका मिलेगा।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे।
फाइनल 26 मई को ईडन गार्डन्स में ही खेला जाएगा। ये सभी मैच रात आठ बजे से खेले जाएंगे। | इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के प्लेऑफ दौर में खेलने वाली टीमों के नाम तय हो गए हैं। अंतिम-4 दौर में दो बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स, मुम्बई इंडियन, 2008 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स और नई नवेली टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने जगह बनाई है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जैसा कि अपेक्षित था, परिणाम बिल्कुल वैसा ही रहा. ऑस्ट्रेलिया ने अपने शीर्ष क्रम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत बुधवार को आईसीसी महिला विश्व कप में भारत को 8 विकेट से रौंद दिया. इस हार सेे कप्तान मिताली राज की टीम के सेमीफाइनल में जगह बनाने की उम्मीद को करारा झटका लगा है. भारतीय टीम आठ अंक के साथ चौथे स्थान पर है. मिताली की टीम को नॉकआउट चरण में जगह बनाने के लिए अब न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अगला और अंतिम मैच जीतना होगा. ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा पहले से ही भारी माना जा रहा था. ऑस्ट्रेलिया ने 227 रनों के लक्ष्य को 45.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 29 गेंद रहते ही हासिल कर लिया, उसने दो विकेट गंवाकर 227 रन बनाये. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग ने नाबाद 76 रन और एलिसे पेरी ने नाबाद 60 रन की अहम पारियां खेली. बेथ मूनी ने 45 रन और निकोल बोल्टन ने 36 रन का योगदान दिया. इन दोनों ने 15.4 ओवर में पहले विकेट के लिये 62 रन की भागीदारी निभाकर अच्छी शुरुआत दिलाई. इन दोनों के आउट होने के बाद लैनिंग और पेरी ने आराम से अपनी टीम को जीत की ओर बढ़ाया. पेरी ने इस दौरान अपना 22 वनडे अर्धशतक पूरा किया.
इससे पहले, भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज पूनम राउत के शतक (106 रन) और कप्तान मिताली राज (69) के साथ दूसरे विकेट के लिए उनकी 157 रन की साझेदारी के बावजूद भारतीय टीम बुधवार को आईसीसी महिला वर्ल्डकप के मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने 227 रनों का लक्ष्य ही रख पाई. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया और उसे निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 226 रनों पर ही रोक दिया. मिताली और पूनम ने विकेट जरूर नहीं गिरने दिए, लेकिन रनगति को यह दोनों बल्लेबाज तेज नहीं कर पाईं. टिप्पणियां
पहले बैटिंग करते हुए भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना (3) एक बार फिर बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं. वह नौ के कुल स्कोर पर पेवेलियन लौट गईं. यहां से मिताली और पूनम ने मोर्चा संभाला और ऑस्ट्रेलिया को विकेट के लिए तरसा दिया. दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और 37.1 ओवरों में 4.22 की औसत से 157 रनों की शतकीय साझेदारी की. इस साझेदारी के दौरान मिताली ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया. वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं. इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स को पछाड़ा, जिनके नाम 5,992 रन दर्ज थे.
मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं. मिताली की पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया. इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं. अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए. इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं. यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए. अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए. गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली. भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं.
ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 29 गेंद रहते ही हासिल कर लिया, उसने दो विकेट गंवाकर 227 रन बनाये. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मेग लैनिंग ने नाबाद 76 रन और एलिसे पेरी ने नाबाद 60 रन की अहम पारियां खेली. बेथ मूनी ने 45 रन और निकोल बोल्टन ने 36 रन का योगदान दिया. इन दोनों ने 15.4 ओवर में पहले विकेट के लिये 62 रन की भागीदारी निभाकर अच्छी शुरुआत दिलाई. इन दोनों के आउट होने के बाद लैनिंग और पेरी ने आराम से अपनी टीम को जीत की ओर बढ़ाया. पेरी ने इस दौरान अपना 22 वनडे अर्धशतक पूरा किया.
इससे पहले, भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज पूनम राउत के शतक (106 रन) और कप्तान मिताली राज (69) के साथ दूसरे विकेट के लिए उनकी 157 रन की साझेदारी के बावजूद भारतीय टीम बुधवार को आईसीसी महिला वर्ल्डकप के मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने 227 रनों का लक्ष्य ही रख पाई. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया और उसे निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 226 रनों पर ही रोक दिया. मिताली और पूनम ने विकेट जरूर नहीं गिरने दिए, लेकिन रनगति को यह दोनों बल्लेबाज तेज नहीं कर पाईं. टिप्पणियां
पहले बैटिंग करते हुए भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना (3) एक बार फिर बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं. वह नौ के कुल स्कोर पर पेवेलियन लौट गईं. यहां से मिताली और पूनम ने मोर्चा संभाला और ऑस्ट्रेलिया को विकेट के लिए तरसा दिया. दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और 37.1 ओवरों में 4.22 की औसत से 157 रनों की शतकीय साझेदारी की. इस साझेदारी के दौरान मिताली ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया. वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं. इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स को पछाड़ा, जिनके नाम 5,992 रन दर्ज थे.
मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं. मिताली की पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया. इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं. अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए. इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं. यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए. अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए. गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली. भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं.
इससे पहले, भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज पूनम राउत के शतक (106 रन) और कप्तान मिताली राज (69) के साथ दूसरे विकेट के लिए उनकी 157 रन की साझेदारी के बावजूद भारतीय टीम बुधवार को आईसीसी महिला वर्ल्डकप के मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने 227 रनों का लक्ष्य ही रख पाई. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया और उसे निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 226 रनों पर ही रोक दिया. मिताली और पूनम ने विकेट जरूर नहीं गिरने दिए, लेकिन रनगति को यह दोनों बल्लेबाज तेज नहीं कर पाईं. टिप्पणियां
पहले बैटिंग करते हुए भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना (3) एक बार फिर बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं. वह नौ के कुल स्कोर पर पेवेलियन लौट गईं. यहां से मिताली और पूनम ने मोर्चा संभाला और ऑस्ट्रेलिया को विकेट के लिए तरसा दिया. दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और 37.1 ओवरों में 4.22 की औसत से 157 रनों की शतकीय साझेदारी की. इस साझेदारी के दौरान मिताली ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया. वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं. इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स को पछाड़ा, जिनके नाम 5,992 रन दर्ज थे.
मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं. मिताली की पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया. इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं. अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए. इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं. यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए. अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए. गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली. भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं.
पहले बैटिंग करते हुए भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना (3) एक बार फिर बल्ले से कमाल नहीं दिखा पाईं. वह नौ के कुल स्कोर पर पेवेलियन लौट गईं. यहां से मिताली और पूनम ने मोर्चा संभाला और ऑस्ट्रेलिया को विकेट के लिए तरसा दिया. दोनों ने धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और 37.1 ओवरों में 4.22 की औसत से 157 रनों की शतकीय साझेदारी की. इस साझेदारी के दौरान मिताली ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया. वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं. इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज चार्लोट एडवर्ड्स को पछाड़ा, जिनके नाम 5,992 रन दर्ज थे.
मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं. मिताली की पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया. इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं. अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए. इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं. यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए. अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए. गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली. भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं.
मिताली ने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेते ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैच से पहले वह इस मुकाम से 34 रन दूर थीं. मिताली की पारी का अंत 41वें ओवर की तीसरी गेंद पर 166 के कुल स्कोर पर एशले गार्डनर ने किया. इसके बाद पूनम ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद वह ज्यादा देर विकेट पर रुक नहीं पाईं. अंत के ओवरों में तेजी से रन बानने के प्रयास में वह 47वें ओवर में 203 के कुल स्कोर पर आउट हो गईं. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 136 गेंदें खेली जिसमें 11 चौके लगाए. इन दोनों के जाने के बाद भारतीय बल्लेबाज लगातार विकेट खोती रहीं. यहां से भारत ने 23 रन जोड़े, लेकिन अपने चार विकेट गंवा दिए. अंत के पांच ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट खोकर 33 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मेगन शुट और एलिस पैरी ने दो-दो विकेट लिए. गार्डनर और क्रिस्टन बीम्स को एक-एक सफलता मिली. भारत की एक बल्लेबाज रन आउट हुईं. | संक्षिप्त पाठ: दोनों ही टीमों को अपने पिछले मैच में करना पड़ा था हार का सामना
पूनम राउत के शतक की बदौलत भारत ने 50 ओवर में बनाए थे 226 रन
वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं मिताली राज | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शुक्रवार को एक नक्सली पैंदम चीतू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह जनमिलिशिया कमांडर था और बम विस्फोट की एक घटना में शामिल था. इससे पहले, गुरुवार को सुकमा में दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें एक पोड़ियामी मुक्का भी था. वह 24 अप्रैल को बुरकापाल में गश्त टीम पर गोलीबारी की घटना में शामिल था, जिसमें 25 जवान शहीद हुए थे. बीजापुर के पुलिस अधीक्षक के.एल. ध्रुव ने बताया कि जिले के चिकापल्ली जंगल से शुक्रवार को जनमिलिशिया कमांडर पैंदम चीतू को गिरफ्तार किया गया. पैंदम बम विस्फोट की एक घटना में शामिल था. बासागुड़ा थाना क्षेत्र से एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पैंदम की गिरफ्तारी हुई है.
उधर, सुकमा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि पोड़ियामी मुक्का (42) को थाना जगरगुंडा क्षेत्र से जिला बल की टीम ने गिरफ्तार किया है. पोड़ियामी मेटागुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर का रहने वाला है, जो डीएकेएमएस अध्यक्ष है. पोड़ियामी 24 अप्रैल को बुरकापाल में गश्त टीम पर गोलीबारी की घटना में शामिल था. उसके खिलाफ थाना जगरगुंडा, थाना चिंतागुफा, थाना चिंतलनार में कई मामले दर्ज हैं. टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि 20 मई को ग्राम बैनपल्ली के पास जंगल में पुलिस पार्टी पर गोलीबारी तथा 10 जून को ग्राम मुकरम नाला के पास पुलिस पार्टी पर गोलीबारी की घटना में भी शामिल था. मीणा ने बताया कि दूसरे नक्सली लक्ष्मण उर्फ लखा मुचाकी (20) को थाना कुकानार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. लक्ष्मण लखापारा थाना ग्राम धनीकोरता जिला सुकमा का रहने वाला है और जनमिलिशिया सदस्य है. वह 29 जून को ग्राम कुन्नास डब्बा के जंगल पहाड़ी में पुलिस गश्त पार्टी पर गोलीबारी की घटना में शामिल था. उसके खिलाफ थाना कुकानार में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, सुकमा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि पोड़ियामी मुक्का (42) को थाना जगरगुंडा क्षेत्र से जिला बल की टीम ने गिरफ्तार किया है. पोड़ियामी मेटागुड़ा थाना पामेड़ जिला बीजापुर का रहने वाला है, जो डीएकेएमएस अध्यक्ष है. पोड़ियामी 24 अप्रैल को बुरकापाल में गश्त टीम पर गोलीबारी की घटना में शामिल था. उसके खिलाफ थाना जगरगुंडा, थाना चिंतागुफा, थाना चिंतलनार में कई मामले दर्ज हैं. टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि 20 मई को ग्राम बैनपल्ली के पास जंगल में पुलिस पार्टी पर गोलीबारी तथा 10 जून को ग्राम मुकरम नाला के पास पुलिस पार्टी पर गोलीबारी की घटना में भी शामिल था. मीणा ने बताया कि दूसरे नक्सली लक्ष्मण उर्फ लखा मुचाकी (20) को थाना कुकानार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. लक्ष्मण लखापारा थाना ग्राम धनीकोरता जिला सुकमा का रहने वाला है और जनमिलिशिया सदस्य है. वह 29 जून को ग्राम कुन्नास डब्बा के जंगल पहाड़ी में पुलिस गश्त पार्टी पर गोलीबारी की घटना में शामिल था. उसके खिलाफ थाना कुकानार में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि 20 मई को ग्राम बैनपल्ली के पास जंगल में पुलिस पार्टी पर गोलीबारी तथा 10 जून को ग्राम मुकरम नाला के पास पुलिस पार्टी पर गोलीबारी की घटना में भी शामिल था. मीणा ने बताया कि दूसरे नक्सली लक्ष्मण उर्फ लखा मुचाकी (20) को थाना कुकानार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. लक्ष्मण लखापारा थाना ग्राम धनीकोरता जिला सुकमा का रहने वाला है और जनमिलिशिया सदस्य है. वह 29 जून को ग्राम कुन्नास डब्बा के जंगल पहाड़ी में पुलिस गश्त पार्टी पर गोलीबारी की घटना में शामिल था. उसके खिलाफ थाना कुकानार में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: जनमीलिशिया का कमांडर का गिरफ्तार
बीजापुर से हुई गिरफ्तारी
एक विस्फोट में था हाथ | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी-बिहार में आई बाढ़ ने फिर से एक बार बाढ़ों से निबटने और वक्त पर उनकी चेतावनी दे पाने के सरकारी इंतजामों की कलई खोलकर रख दी है. लाखों लोग इसलिए फंसे हुए हैं कि क्योंकि उन्हें वक्त रहते सही खबर नहीं मिल पाई. दरअसल जिस तरह से प्रशासन हर तरफ राहत-बचाव के काम में जूझता नजर आ रहा है उससे साफ है कि वह इतनी बड़ी त्रासदी के लिए तैयार नहीं था और न ही उसे इस बात का अंदाजा था कि इस साल बाढ़ इस कदर कहर बरपाने वाली है.
जाहिर है...अगर सरकारी एजेंसियों ने समय रहते बाढ़ की चेतावनी दी होती तो लोगों को इतना सब भुगतना नहीं पड़ता. जल संसाधन मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में मिहिर शाह कमेटी ने देश में बाढ़ प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं. अपनी रिपोर्ट में मिहिर शाह ने आगाह किया है कि देश में बाढ़ की चेतावनी देने की मौजूदा व्यवस्था में काफी खामियां हैं. इसकी वजह से बाढ़ से होने वाले खतरे के बारे में प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. इससे जान-माल का नुकसान हो रहा है.
कमेटी ने कहा है बड़े बांधों में भारी निवेश के अलावा, भारत ने छोटे-छोटे करीब 35,000 किलोमीटर से ज्यादा के तटबंध बना डाले हैं. लेकिन जल्द ही इनकी क्षमता खत्म होने वाली है. बाढ़ बीमा के अलावा मौसम और बाढ़ का बेहतर अनुमान लगाने वाले तंत्र की जरूरत है. टिप्पणियां
लेकिन केंद्रीय जल आयोग और नए बांधों के हक में है. आयोग के अध्यक्ष जीएस झा ने एनडीटीवी से कहा, "बिहार और यूपी में बाढ़ के अनुभव के बाद यह महत्वपूर्ण हो गया है कि बिहार और यूपी में नए बांध बनाए जाएं. नदियों के पानी को संरक्षित रखने के लिए."
जाहिर है, बिहार और यूपी में जिस तरह से बाढ़ ने इस बार कहर बरपाया है वह कई सवाल खड़े कर रहा है.
जाहिर है...अगर सरकारी एजेंसियों ने समय रहते बाढ़ की चेतावनी दी होती तो लोगों को इतना सब भुगतना नहीं पड़ता. जल संसाधन मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में मिहिर शाह कमेटी ने देश में बाढ़ प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं. अपनी रिपोर्ट में मिहिर शाह ने आगाह किया है कि देश में बाढ़ की चेतावनी देने की मौजूदा व्यवस्था में काफी खामियां हैं. इसकी वजह से बाढ़ से होने वाले खतरे के बारे में प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. इससे जान-माल का नुकसान हो रहा है.
कमेटी ने कहा है बड़े बांधों में भारी निवेश के अलावा, भारत ने छोटे-छोटे करीब 35,000 किलोमीटर से ज्यादा के तटबंध बना डाले हैं. लेकिन जल्द ही इनकी क्षमता खत्म होने वाली है. बाढ़ बीमा के अलावा मौसम और बाढ़ का बेहतर अनुमान लगाने वाले तंत्र की जरूरत है. टिप्पणियां
लेकिन केंद्रीय जल आयोग और नए बांधों के हक में है. आयोग के अध्यक्ष जीएस झा ने एनडीटीवी से कहा, "बिहार और यूपी में बाढ़ के अनुभव के बाद यह महत्वपूर्ण हो गया है कि बिहार और यूपी में नए बांध बनाए जाएं. नदियों के पानी को संरक्षित रखने के लिए."
जाहिर है, बिहार और यूपी में जिस तरह से बाढ़ ने इस बार कहर बरपाया है वह कई सवाल खड़े कर रहा है.
कमेटी ने कहा है बड़े बांधों में भारी निवेश के अलावा, भारत ने छोटे-छोटे करीब 35,000 किलोमीटर से ज्यादा के तटबंध बना डाले हैं. लेकिन जल्द ही इनकी क्षमता खत्म होने वाली है. बाढ़ बीमा के अलावा मौसम और बाढ़ का बेहतर अनुमान लगाने वाले तंत्र की जरूरत है. टिप्पणियां
लेकिन केंद्रीय जल आयोग और नए बांधों के हक में है. आयोग के अध्यक्ष जीएस झा ने एनडीटीवी से कहा, "बिहार और यूपी में बाढ़ के अनुभव के बाद यह महत्वपूर्ण हो गया है कि बिहार और यूपी में नए बांध बनाए जाएं. नदियों के पानी को संरक्षित रखने के लिए."
जाहिर है, बिहार और यूपी में जिस तरह से बाढ़ ने इस बार कहर बरपाया है वह कई सवाल खड़े कर रहा है.
लेकिन केंद्रीय जल आयोग और नए बांधों के हक में है. आयोग के अध्यक्ष जीएस झा ने एनडीटीवी से कहा, "बिहार और यूपी में बाढ़ के अनुभव के बाद यह महत्वपूर्ण हो गया है कि बिहार और यूपी में नए बांध बनाए जाएं. नदियों के पानी को संरक्षित रखने के लिए."
जाहिर है, बिहार और यूपी में जिस तरह से बाढ़ ने इस बार कहर बरपाया है वह कई सवाल खड़े कर रहा है.
जाहिर है, बिहार और यूपी में जिस तरह से बाढ़ ने इस बार कहर बरपाया है वह कई सवाल खड़े कर रहा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मिहिर शाह कमेटी की रिपोर्ट में बाढ़ प्रबंधन की व्यवस्था पर कई सवाल
देश में बाढ़ की समय रहते चेतावनी की कोई सटीक व्यवस्था नहीं
केंद्रीय जल आयोग और नए बांध बनाने का इच्छुक | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले सप्ताह मामूली सुधार के बाद 25 जनवरी को बहुप्रतीक्षित रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित होगी। बंबई शेयर बाजार में 21 जनवरी को समाप्त सप्ताह में उतार-चढ़ाव का रुख दिखाई पड़ा और सप्ताहांत में यह 0.77 प्रतिशत अथवा 147.09 अंकों की तेजी के साथ 19,007.53 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि आगामी सप्ताह भी बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख देखने को मिल सकता है। आईआईएफएल के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, लगातार दो सप्ताह भारी गिरावट के बाद तेजड़िये फिर कुछ खोई जमीन वापस हासिल करने में सफल रहे। लेकिन मंदड़िये भी आसानी से अपना संघर्ष त्यागने के मूड में नजर नहीं आ रहे। इस द्वंद्व के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख देखने को मिला। अंबानी ने कहा, आगामी सप्ताह बाजार की निगाह दो मुख्य घटनाओं पर होगी। पहला, वायदा और विकल्प खंड की समयावधि की समाप्ति तथा दूसरा रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के संबंध में होने वाली समीक्षा बैठक। तिमाही कार्यपरिणाम और वैश्विक संकेतों के अलावा उक्त दोनों ही पहलू बाजार की आगे की दिशा को निर्धारित करेंगे। मुद्रास्फीति के नवंबर के 7.48 प्रतिशत के मुकाबले दिसंबर में बढ़कर 8.43 प्रतिशत होने की वजह से बाजार को लगता है कि 25 जनवरी को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में 25 आधार अंक अथवा चौथाई प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। एक विश्लेषक ने कहा कि इस माह के उत्तरार्ध में ब्याज दर में और वृद्धि की जा सकती है। बाजार पर्यवेक्षकों का मानना है कि बाजार आगे की दिशा के संदर्भ में संकेत देश के सबसे महत्वपूर्ण कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही कार्यपरिणाम से भी ले सकती है, जिसे शुक्रवार को शेयर बाजार के कारोबार की समाप्ति के बाद घोषित किया गया। प्रमुख निगमित कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 28.14 प्रतिशत बढ़कर 5,136 करोड़ रुपये रहा। इसके बारे में विशेषज्ञों की राय है कि यह बाजार की उम्मीदों से कम है। बोनांजा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि बाजार में सुस्ती के रुख की संभावना है, क्योंकि रिलायंस के कार्यपरिणाम पर बाजार की प्रतिक्रिया सोमवार के कारोबार में देखने को मिलेगी। इसके अलावा बाजार अपना रुख मंगलवार को होने वाली रिजर्व बैंक की समीक्षा बैठक से भी तय करेगा। इसी तरह का दृष्टिकोण जियोजित पारिबास फाइनेंशल सर्विसेज के शोध प्रमुख एलेक्स मैथ्यू ने भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनवरी में अभी तक कारोबार का कमजोर रुख देखने को मिला है, जहां विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली नदारद थी। | संक्षिप्त सारांश: पिछले सप्ताह मामूली सुधार के बाद 25 जनवरी को बहुप्रतीक्षित रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित होगी। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अरविंद केजरीवाल के बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी को निशाना बनाए जाने के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसे अपने रुख की पुष्टि के रूप में लिया है कि बीजेपी अध्यक्ष नेता से अधिक कारोबारी हैं।
कांग्रेस महासचिव ने संवाददाताओं से कहा, मैं शुरू से ही कहता रहा हूं कि नितिन गडकरी नेता से अधिक कारोबारी हैं। केजरीवाल ने जो कुछ कहा है, वह नई बात नहीं है।टिप्पणियां
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह केजरीवाल को पत्र लिखकर कहेंगे कि बीजेपी का पर्दाफाश करने का उनका इरादा स्पष्ट नहीं हुआ है। कांग्रेस ने हमेशा ही कहा है कि केजरीवाल बीजेपी की 'बी टीम' का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है, जिसमें कांग्रेस नेता को बुलाने के मामले में अदालत ने अपना फैसला 2 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
कांग्रेस महासचिव ने संवाददाताओं से कहा, मैं शुरू से ही कहता रहा हूं कि नितिन गडकरी नेता से अधिक कारोबारी हैं। केजरीवाल ने जो कुछ कहा है, वह नई बात नहीं है।टिप्पणियां
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह केजरीवाल को पत्र लिखकर कहेंगे कि बीजेपी का पर्दाफाश करने का उनका इरादा स्पष्ट नहीं हुआ है। कांग्रेस ने हमेशा ही कहा है कि केजरीवाल बीजेपी की 'बी टीम' का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है, जिसमें कांग्रेस नेता को बुलाने के मामले में अदालत ने अपना फैसला 2 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह केजरीवाल को पत्र लिखकर कहेंगे कि बीजेपी का पर्दाफाश करने का उनका इरादा स्पष्ट नहीं हुआ है। कांग्रेस ने हमेशा ही कहा है कि केजरीवाल बीजेपी की 'बी टीम' का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है, जिसमें कांग्रेस नेता को बुलाने के मामले में अदालत ने अपना फैसला 2 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
गौरतलब है कि नितिन गडकरी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है, जिसमें कांग्रेस नेता को बुलाने के मामले में अदालत ने अपना फैसला 2 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है। | अरविंद केजरीवाल के नितिन गडकरी को निशाना बनाए जाने के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इसे अपने रुख की पुष्टि के रूप में लिया है कि बीजेपी अध्यक्ष नेता से अधिक कारोबारी हैं। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के मोरैना में बुधवार को एक स्थानीय व्यवसायी को थाने से छुड़ाने के लिए 25 से अधिक बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। दिल्ली से इस व्यवसायी को गिरफ्तार करने गए दिल्ली पुलिस के दो सिपाहियों को इस हमले में चोटें आई हैं।
पुलिस ने आज तड़के ही शराब के व्यवसायी संजीव सिंह कसाना को उनके घर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली ले जाया जाना था।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार व्यवसायी का छोटा भाई रघुराज सिंह कसाना भी एक स्थानीय नेता है और वह भी उन 50 बंदूकधारियों में शामिल था जो थाने में गोलीबारी कर संजीव सिंह कसाना को छुड़ा कर ले गए।
संजीव सिंह को दिल्ली में एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि संजीव ने एक जमीन के सिलसिले में कथित रूप से एक करोड़ रुपये लिए और बाद में वह प्रोपर्टी खरीदने वाले को नहीं दी है।
पुलिस ने आज तड़के ही शराब के व्यवसायी संजीव सिंह कसाना को उनके घर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली ले जाया जाना था।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार व्यवसायी का छोटा भाई रघुराज सिंह कसाना भी एक स्थानीय नेता है और वह भी उन 50 बंदूकधारियों में शामिल था जो थाने में गोलीबारी कर संजीव सिंह कसाना को छुड़ा कर ले गए।
संजीव सिंह को दिल्ली में एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि संजीव ने एक जमीन के सिलसिले में कथित रूप से एक करोड़ रुपये लिए और बाद में वह प्रोपर्टी खरीदने वाले को नहीं दी है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार व्यवसायी का छोटा भाई रघुराज सिंह कसाना भी एक स्थानीय नेता है और वह भी उन 50 बंदूकधारियों में शामिल था जो थाने में गोलीबारी कर संजीव सिंह कसाना को छुड़ा कर ले गए।
संजीव सिंह को दिल्ली में एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि संजीव ने एक जमीन के सिलसिले में कथित रूप से एक करोड़ रुपये लिए और बाद में वह प्रोपर्टी खरीदने वाले को नहीं दी है।
संजीव सिंह को दिल्ली में एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि संजीव ने एक जमीन के सिलसिले में कथित रूप से एक करोड़ रुपये लिए और बाद में वह प्रोपर्टी खरीदने वाले को नहीं दी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मध्य प्रदेश के मोरैना में में एक स्थानीय व्यवसायी को थाने से छुड़ाने के लिए 25 से अधिक बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। दिल्ली से इस व्यवसायी को गिरफ्तार करने गए दिल्ली पुलिस के दो सिपाहियों को इस हमले में चोटें आई हैं। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंटरनेट को ‘‘खेल बदलने वाला’’ बताते हुए गुरुवार को कहा कि राजनीतिकों को सुशासन, जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता तक पहुंच बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहिए।
मोदी ने गूगल द्वारा आयोजित वीडियो-कांफ्रेन्सिंग के जरिये कहा, ‘‘इंटरनेट खेल बदलने वाला माध्यम है ..आम आदमी अब नीति निर्धारण प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकता है।’’ इंटरनेट के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने जनता को सशक्त कर दिया है और नेताओं तथा सरकार के साथ संवाद को दो-तरफा बना दिया है।
भाजपा नेता ने कहा, इससे पहले राजनीतिक अपने विचारों की एकतरफा जनता पर ‘बमबारी’ करते थे लेकिन अब यह दो तरफा बात हो गई है।
मोदी ने कहा, ‘‘नागरिकों का अब सीधा संवाद स्थापित हो गया है। पहले यह पांच साल में एक बार या उससे पहले चुनाव होने पर ही होता था। इंटरनेट ने वास्तव में नागरिकों का सशक्तीकरण कर दिया है।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा 21वीं सदी के अशिक्षित वे लोग कहलाएंगे जो समय के साथ उभरती नयी प्रौद्योगिकी और ज्ञान को नहीं अपनाएंगे। ‘‘..और यह बात राजनीतिकों पर और भी अधिक लागू होती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए प्रौद्योगिकी और भी जरूरी है।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’
मोदी ने गूगल द्वारा आयोजित वीडियो-कांफ्रेन्सिंग के जरिये कहा, ‘‘इंटरनेट खेल बदलने वाला माध्यम है ..आम आदमी अब नीति निर्धारण प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकता है।’’ इंटरनेट के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने जनता को सशक्त कर दिया है और नेताओं तथा सरकार के साथ संवाद को दो-तरफा बना दिया है।
भाजपा नेता ने कहा, इससे पहले राजनीतिक अपने विचारों की एकतरफा जनता पर ‘बमबारी’ करते थे लेकिन अब यह दो तरफा बात हो गई है।
मोदी ने कहा, ‘‘नागरिकों का अब सीधा संवाद स्थापित हो गया है। पहले यह पांच साल में एक बार या उससे पहले चुनाव होने पर ही होता था। इंटरनेट ने वास्तव में नागरिकों का सशक्तीकरण कर दिया है।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा 21वीं सदी के अशिक्षित वे लोग कहलाएंगे जो समय के साथ उभरती नयी प्रौद्योगिकी और ज्ञान को नहीं अपनाएंगे। ‘‘..और यह बात राजनीतिकों पर और भी अधिक लागू होती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए प्रौद्योगिकी और भी जरूरी है।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’
भाजपा नेता ने कहा, इससे पहले राजनीतिक अपने विचारों की एकतरफा जनता पर ‘बमबारी’ करते थे लेकिन अब यह दो तरफा बात हो गई है।
मोदी ने कहा, ‘‘नागरिकों का अब सीधा संवाद स्थापित हो गया है। पहले यह पांच साल में एक बार या उससे पहले चुनाव होने पर ही होता था। इंटरनेट ने वास्तव में नागरिकों का सशक्तीकरण कर दिया है।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा 21वीं सदी के अशिक्षित वे लोग कहलाएंगे जो समय के साथ उभरती नयी प्रौद्योगिकी और ज्ञान को नहीं अपनाएंगे। ‘‘..और यह बात राजनीतिकों पर और भी अधिक लागू होती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए प्रौद्योगिकी और भी जरूरी है।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’
मोदी ने कहा, ‘‘नागरिकों का अब सीधा संवाद स्थापित हो गया है। पहले यह पांच साल में एक बार या उससे पहले चुनाव होने पर ही होता था। इंटरनेट ने वास्तव में नागरिकों का सशक्तीकरण कर दिया है।’’ टिप्पणियां
उन्होंने कहा 21वीं सदी के अशिक्षित वे लोग कहलाएंगे जो समय के साथ उभरती नयी प्रौद्योगिकी और ज्ञान को नहीं अपनाएंगे। ‘‘..और यह बात राजनीतिकों पर और भी अधिक लागू होती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए प्रौद्योगिकी और भी जरूरी है।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’
उन्होंने कहा 21वीं सदी के अशिक्षित वे लोग कहलाएंगे जो समय के साथ उभरती नयी प्रौद्योगिकी और ज्ञान को नहीं अपनाएंगे। ‘‘..और यह बात राजनीतिकों पर और भी अधिक लागू होती है। भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए प्रौद्योगिकी और भी जरूरी है।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी अपने आप में न तो अच्छी होती और न ही बुरी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।’’ | संक्षिप्त सारांश: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंटरनेट को ‘‘खेल बदलने वाला’’ बताते हुए गुरुवार को कहा कि राजनीतिकों को सुशासन, जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता तक पहुंच बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहिए। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अब लग रहा है कि देश के 'मोस्ट एलिजिबल' कुंवारों में शुमार किए जाने वाले बॉलीवुड स्टार सलमान खान जल्द ही लाखों-करोड़ों लड़कियों का दिल तोड़ने जा रहे हैं, और रोमानियाई टीवी अभिनेत्री लूलिया वांटर के साथ निकाह करने वाले हैं...
वैसे देश के 'मोस्ट एलिजिबल' कुंवारों में शुमार किए जाते रहे सलमान खान के अलग-अलग अभिनेत्रियों से रिश्तों को लेकर चर्चाएं हमेशा सुर्खियों में रही हैं... कभी मीडिया में उनकी प्रेमिका के तौर पर सोमी अली का नाम उछाला गया, कभी संगीता बिजलानी का, कभी ऐश्वर्या राय का, और हाल ही तक कैटरीना कैफ इस कड़ी में ताजातरीन अभिनेत्री थीं... लेकिन सलमान खान ने इनमें से किसी भी रिश्ते को कभी सार्वजनिक रूप से कबूल नहीं किया...टिप्पणियां
लेकिन अब हाल ही के दिनों में बहुत-से लोगों ने 47-वर्षीय सल्लू भाई को मुंबई के बांद्रा में, और फिर गोवा में एक सुनहरे वालों वाली लड़की के साथ घूमते देखा, जो कोई और नहीं, रोमानियाई टीवी अभिनेत्री लूलिया वांटर थीं... दोनों को लगातार हर रोज़ बांद्रा के एक पांच-सितारा होटल में देखा गया, जबकि गोवा में सलमान खान अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, और फुर्सत के पलों में उन्हें लूलिया के साथ देखा गया...
सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान और लूलिया की मुलाकात दो साल पहले विदेश में हुई थी, उसके बाद दोनों लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहे, और अब वे एक-दूसरे के काफी करीब हैं... सलमान के करीबियों पर भरोसा करें, तो लूलिया से शादी के सवाल पर सलमान खान गंभीर लग रहे हैं...
वैसे देश के 'मोस्ट एलिजिबल' कुंवारों में शुमार किए जाते रहे सलमान खान के अलग-अलग अभिनेत्रियों से रिश्तों को लेकर चर्चाएं हमेशा सुर्खियों में रही हैं... कभी मीडिया में उनकी प्रेमिका के तौर पर सोमी अली का नाम उछाला गया, कभी संगीता बिजलानी का, कभी ऐश्वर्या राय का, और हाल ही तक कैटरीना कैफ इस कड़ी में ताजातरीन अभिनेत्री थीं... लेकिन सलमान खान ने इनमें से किसी भी रिश्ते को कभी सार्वजनिक रूप से कबूल नहीं किया...टिप्पणियां
लेकिन अब हाल ही के दिनों में बहुत-से लोगों ने 47-वर्षीय सल्लू भाई को मुंबई के बांद्रा में, और फिर गोवा में एक सुनहरे वालों वाली लड़की के साथ घूमते देखा, जो कोई और नहीं, रोमानियाई टीवी अभिनेत्री लूलिया वांटर थीं... दोनों को लगातार हर रोज़ बांद्रा के एक पांच-सितारा होटल में देखा गया, जबकि गोवा में सलमान खान अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, और फुर्सत के पलों में उन्हें लूलिया के साथ देखा गया...
सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान और लूलिया की मुलाकात दो साल पहले विदेश में हुई थी, उसके बाद दोनों लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहे, और अब वे एक-दूसरे के काफी करीब हैं... सलमान के करीबियों पर भरोसा करें, तो लूलिया से शादी के सवाल पर सलमान खान गंभीर लग रहे हैं...
लेकिन अब हाल ही के दिनों में बहुत-से लोगों ने 47-वर्षीय सल्लू भाई को मुंबई के बांद्रा में, और फिर गोवा में एक सुनहरे वालों वाली लड़की के साथ घूमते देखा, जो कोई और नहीं, रोमानियाई टीवी अभिनेत्री लूलिया वांटर थीं... दोनों को लगातार हर रोज़ बांद्रा के एक पांच-सितारा होटल में देखा गया, जबकि गोवा में सलमान खान अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, और फुर्सत के पलों में उन्हें लूलिया के साथ देखा गया...
सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान और लूलिया की मुलाकात दो साल पहले विदेश में हुई थी, उसके बाद दोनों लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहे, और अब वे एक-दूसरे के काफी करीब हैं... सलमान के करीबियों पर भरोसा करें, तो लूलिया से शादी के सवाल पर सलमान खान गंभीर लग रहे हैं...
सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान और लूलिया की मुलाकात दो साल पहले विदेश में हुई थी, उसके बाद दोनों लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहे, और अब वे एक-दूसरे के काफी करीब हैं... सलमान के करीबियों पर भरोसा करें, तो लूलिया से शादी के सवाल पर सलमान खान गंभीर लग रहे हैं... | संक्षिप्त सारांश: सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान और रोमानियाई टीवी अभिनेत्री लूलिया वांटर की मुलाकात दो साल पहले विदेश में हुई थी, और अब लूलिया से शादी के सवाल पर सलमान गंभीर लग रहे हैं... | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया भर के निवेशकों ने पिछले सप्ताह इक्विटी फंडों में 13.35 अरब डॉलर का निवेश किया, जिसमें एक-तिहाई हिस्सा उदीयमान बाजारों का है। ऐसा माना जाता है कि वैश्विक आर्थिक सुधार में विश्वास, डॉलर की कमजोरी तथा मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं के बादल छंटने के कारण निवेशक भारी निवेश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय फर्म ईपीएफआर के आंकड़ों के अनुसार 6 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में इक्विटी फंडों में कुल मिलाकर 13.35 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो दिसंबर के बाद का अधिकतम साप्ताहिक निवेश है। आलोच्य सप्ताह में उदीयमान बाजारों में लगभग 4.45 अरब डॉलर का निवेश किया गया। इसे पहले 30 मार्च को समाप्त सप्ताह में उन्हें 2.6 अरब डॉलर का निवेश मिला था। ईपीएफआर ने भारत-केंद्रित कोषों में निवेश का ब्यौरा तो नहीं दिया है, लेकिन सेबी के आंकडों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीते सप्ताह भारतीय बाजार में 1.26 अरब डॉलर निवेश किया। | संक्षिप्त सारांश: दुनिया भर के निवेशकों ने पिछले सप्ताह इक्विटी फंडों में 13.35 अरब डॉलर का निवेश किया, जिसमें एक-तिहाई हिस्सा उदीयमान बाजारों का है। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में पिछले सप्ताह बेंगलुरू में तमिलनाडु के एक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर की 42 बसों में आग लगा दी गई थी. आगजनी में शामिल 22 वर्षीय महिला की मां ने इस काम के लिए एक प्लेट बिरयानी और 100 रुपये का लालच दिए जाने की बात कही है.टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई आगजनी के बाद गिरफ्तार किए गए 11 संदिग्ध लोगों में सी भाग्या नाम की महिला भी शामिल है. भाग्या की मां येलम्मा ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उनकी बेटी को उनके दोस्तों ने 100 रुपये और एक प्लेट मटन बिरयानी का लालच दिया था. बेंगलुरू के गिरिनगर इलाके में अपने माता-पिता के साथ रहने वाली भाग्या मजदूरी करती हैं.टिप्पणियां
तमिलनाडु की केपीएन ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों में भाग्या और उसके साथियों ने आगजनी की थी और कर्मचारियों को जलाने की धमकी भी दी थी. गैरेज में लगे सीसीटीवी कैमरों और ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक कर्मचारी द्वारा मोबाइल में बनाए वीडियो में भाग्या और उसके साथी आग लगाते हुए
दिख रहे हैं. पुलिस का कहना है कि फुटेज में अन्य महिलाएं भी दिख रही हैं पर यह साफ नहीं कहा जा सकता कि आगजनी में उनकी क्या भूमिका थी.
बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अलग-अलग मामलों में करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. भाग्या को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि यह साफ नहीं है कि केपीएन के गैरेज में आग लगाने वाली भीड़ की मुखिया भाग्या ही थी, लेकिन यह कहा जा सकता है कि वह उस भीड़ का हिस्सा थी.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई आगजनी के बाद गिरफ्तार किए गए 11 संदिग्ध लोगों में सी भाग्या नाम की महिला भी शामिल है. भाग्या की मां येलम्मा ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उनकी बेटी को उनके दोस्तों ने 100 रुपये और एक प्लेट मटन बिरयानी का लालच दिया था. बेंगलुरू के गिरिनगर इलाके में अपने माता-पिता के साथ रहने वाली भाग्या मजदूरी करती हैं.टिप्पणियां
तमिलनाडु की केपीएन ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों में भाग्या और उसके साथियों ने आगजनी की थी और कर्मचारियों को जलाने की धमकी भी दी थी. गैरेज में लगे सीसीटीवी कैमरों और ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक कर्मचारी द्वारा मोबाइल में बनाए वीडियो में भाग्या और उसके साथी आग लगाते हुए
दिख रहे हैं. पुलिस का कहना है कि फुटेज में अन्य महिलाएं भी दिख रही हैं पर यह साफ नहीं कहा जा सकता कि आगजनी में उनकी क्या भूमिका थी.
बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अलग-अलग मामलों में करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. भाग्या को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि यह साफ नहीं है कि केपीएन के गैरेज में आग लगाने वाली भीड़ की मुखिया भाग्या ही थी, लेकिन यह कहा जा सकता है कि वह उस भीड़ का हिस्सा थी.
तमिलनाडु की केपीएन ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों में भाग्या और उसके साथियों ने आगजनी की थी और कर्मचारियों को जलाने की धमकी भी दी थी. गैरेज में लगे सीसीटीवी कैमरों और ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक कर्मचारी द्वारा मोबाइल में बनाए वीडियो में भाग्या और उसके साथी आग लगाते हुए
दिख रहे हैं. पुलिस का कहना है कि फुटेज में अन्य महिलाएं भी दिख रही हैं पर यह साफ नहीं कहा जा सकता कि आगजनी में उनकी क्या भूमिका थी.
बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अलग-अलग मामलों में करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. भाग्या को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि यह साफ नहीं है कि केपीएन के गैरेज में आग लगाने वाली भीड़ की मुखिया भाग्या ही थी, लेकिन यह कहा जा सकता है कि वह उस भीड़ का हिस्सा थी.
बेंगलुरू में 12 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अलग-अलग मामलों में करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. भाग्या को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि यह साफ नहीं है कि केपीएन के गैरेज में आग लगाने वाली भीड़ की मुखिया भाग्या ही थी, लेकिन यह कहा जा सकता है कि वह उस भीड़ का हिस्सा थी. | यहाँ एक सारांश है:तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहा है कावेरी के पानी को लेकर विवाद.
बेंगलुरू में 12 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान हुई थी आगजनी.
आगजनी में शामिल महिला को 100 रुपये और बिरयानी का दिया गया था लालच. | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी और युवक रोहित शेखर के बीच न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से चार साल से चल रहे 'लुका-छिपी' का शुक्रवार को पटाक्षेप हो गया। डीएनए जांच की रिपोर्ट से पुष्टि हो गई कि तिवारी ही रोहित शेखर के पिता हैं।
32 वर्षीय रोहित ने वर्ष 2008 में अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि 86 वर्षीय तिवारी उनके पिता हैं, जबकि तिवारी इससे मुकरते रहे और डीएनए जांच के लिए पहले तो अपने बाल का नमूना देने से कतराए, फिर अपने रक्त का नमूना देने में आना-कानी करते रहे। लेकिन अदालत के सख्त निर्देश के आगे आखिकार उन्हें झुकना पड़ा और उन्होंने अदालत में आकर नहीं, बल्कि अपने घर पहुंची टीम को रक्त का नमूना दिया।
रक्त के नमूने की जांच हैदराबाद की डीएनए फिंगरप्रिंट एंड डायग्नोस्टिक्स ने की। सीलबंद लिफाफे में जांच की रिपोर्ट शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में खुलने के बाद रोहित के दावे की पुष्टि हो गई।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने अपने कक्ष में रिपोर्ट खोली और खुली अदालत में घोषणा की कि तिवारी ही रोहित के पिता हैं।
न्यायमूर्ति ने कहा, "रिपोर्ट सीलबंद थी। परिणाम घोषित किए जाते हैं कि प्रतिवादी संख्या एक (तिवारी) ही वादी (रोहित) के पिता और प्रतिवादी संख्या दो (उज्ज्वला शर्मा) मां हैं।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
32 वर्षीय रोहित ने वर्ष 2008 में अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि 86 वर्षीय तिवारी उनके पिता हैं, जबकि तिवारी इससे मुकरते रहे और डीएनए जांच के लिए पहले तो अपने बाल का नमूना देने से कतराए, फिर अपने रक्त का नमूना देने में आना-कानी करते रहे। लेकिन अदालत के सख्त निर्देश के आगे आखिकार उन्हें झुकना पड़ा और उन्होंने अदालत में आकर नहीं, बल्कि अपने घर पहुंची टीम को रक्त का नमूना दिया।
रक्त के नमूने की जांच हैदराबाद की डीएनए फिंगरप्रिंट एंड डायग्नोस्टिक्स ने की। सीलबंद लिफाफे में जांच की रिपोर्ट शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में खुलने के बाद रोहित के दावे की पुष्टि हो गई।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने अपने कक्ष में रिपोर्ट खोली और खुली अदालत में घोषणा की कि तिवारी ही रोहित के पिता हैं।
न्यायमूर्ति ने कहा, "रिपोर्ट सीलबंद थी। परिणाम घोषित किए जाते हैं कि प्रतिवादी संख्या एक (तिवारी) ही वादी (रोहित) के पिता और प्रतिवादी संख्या दो (उज्ज्वला शर्मा) मां हैं।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
रक्त के नमूने की जांच हैदराबाद की डीएनए फिंगरप्रिंट एंड डायग्नोस्टिक्स ने की। सीलबंद लिफाफे में जांच की रिपोर्ट शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में खुलने के बाद रोहित के दावे की पुष्टि हो गई।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने अपने कक्ष में रिपोर्ट खोली और खुली अदालत में घोषणा की कि तिवारी ही रोहित के पिता हैं।
न्यायमूर्ति ने कहा, "रिपोर्ट सीलबंद थी। परिणाम घोषित किए जाते हैं कि प्रतिवादी संख्या एक (तिवारी) ही वादी (रोहित) के पिता और प्रतिवादी संख्या दो (उज्ज्वला शर्मा) मां हैं।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल ने अपने कक्ष में रिपोर्ट खोली और खुली अदालत में घोषणा की कि तिवारी ही रोहित के पिता हैं।
न्यायमूर्ति ने कहा, "रिपोर्ट सीलबंद थी। परिणाम घोषित किए जाते हैं कि प्रतिवादी संख्या एक (तिवारी) ही वादी (रोहित) के पिता और प्रतिवादी संख्या दो (उज्ज्वला शर्मा) मां हैं।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
न्यायमूर्ति ने कहा, "रिपोर्ट सीलबंद थी। परिणाम घोषित किए जाते हैं कि प्रतिवादी संख्या एक (तिवारी) ही वादी (रोहित) के पिता और प्रतिवादी संख्या दो (उज्ज्वला शर्मा) मां हैं।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
जब डीएनए रिपोर्ट खोली गई और नतीजे की घोषणा की गई उस वक्त तिवारी के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। इससे पहले तिवारी ने डीएनए जांच रिपोर्ट गोपनीय रखने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
रिपोर्ट खोलते हुए न्यायालय ने कहा, "वादी (रोहित) तथा प्रतिवादी संख्या दो (रोहित की मां) के वकील ने कहा कि इस मामले को लेकर तिवारी की ओर से खंडपीठ के समक्ष अपील की गई है। लेकिन वकील ने बताया कि अपील आज (शुक्रवार) सुबह खारिज कर दी गई है, इसलिए सील खोलने में अब कोई अड़चन नहीं है।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
न्यायालय ने कहा कि शाम चार बजे तक भी तिवारी की ओर से कोई अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कि उनकी ओर से किसी ने इस पर स्थगन का अनुरोध किया है।
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
इस बीच, वयोवृद्ध कांग्रेस नेता तिवारी ने मुकदमे में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी शर्तों पर जीने का हक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय द्वारा घोषित अपने पुत्र रोहित शेखर से कोई गिला-शिकवा नहीं है।टिप्पणियां
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
वहीं, मुकदमे में अपनी जीत पर शेखर ने कहा कि यह उनके और उनकी मां के लम्बे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि एक उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।"
शेखर ने कहा, "मेरी जीत न्याय की जीत है। मैं दुआ करता हूं कि कभी किसी बेटे को खुद को साबित करने के लिए ऐसा संघर्ष न करना पड़े।" | यह एक सारांश है: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी और युवक रोहित शेखर के बीच न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से चार साल से चल रहे 'लुका-छिपी' का शुक्रवार को पटाक्षेप हो गया। डीएनए जांच की रिपोर्ट से पुष्टि हो गई कि तिवारी ही रोहित शेखर के पिता हैं। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद की कार्यवाही बाधित करने और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित नहीं होने देने पर बुधवार को मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधा।
सोनिया गांधी ने संप्रग-2 सरकार की चौथी वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं मुख्य विपक्षी दल द्वारा संसद की कार्यवाही बाधित करने के तरीके पर अपनी गहन निराशा की भावना को छिपा नहीं सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से निराश हैं कि इस अड़चन डालने वाले रवैये (भाजपा के) कारण हम महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित नहीं करा सके।’’
सोनिया ने राजग और अन्य विपक्षी दलों से एक साथ आने और खाद्य सुरक्षा विधेयक तथा भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे दलगत राजनीति से हटकर हैं और लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। यह सरकार बनाम विपक्ष का सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में सतर्क रहने की जरूरत है कि कुछ तबकों की ओर से जानबूझकर दुष्प्रचार करने और असत्य को फैलाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुकाबला करने के लिए उनके प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
सोनिया ने कहा कि विपक्ष ने लगातार प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनकी निंदा की लेकिन ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।’’
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सोनिया गांधी ने संप्रग-2 सरकार की चौथी वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं मुख्य विपक्षी दल द्वारा संसद की कार्यवाही बाधित करने के तरीके पर अपनी गहन निराशा की भावना को छिपा नहीं सकती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से निराश हैं कि इस अड़चन डालने वाले रवैये (भाजपा के) कारण हम महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित नहीं करा सके।’’
सोनिया ने राजग और अन्य विपक्षी दलों से एक साथ आने और खाद्य सुरक्षा विधेयक तथा भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे दलगत राजनीति से हटकर हैं और लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। यह सरकार बनाम विपक्ष का सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में सतर्क रहने की जरूरत है कि कुछ तबकों की ओर से जानबूझकर दुष्प्रचार करने और असत्य को फैलाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुकाबला करने के लिए उनके प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
सोनिया ने कहा कि विपक्ष ने लगातार प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनकी निंदा की लेकिन ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।’’
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सोनिया ने राजग और अन्य विपक्षी दलों से एक साथ आने और खाद्य सुरक्षा विधेयक तथा भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे दलगत राजनीति से हटकर हैं और लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। यह सरकार बनाम विपक्ष का सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में सतर्क रहने की जरूरत है कि कुछ तबकों की ओर से जानबूझकर दुष्प्रचार करने और असत्य को फैलाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुकाबला करने के लिए उनके प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
सोनिया ने कहा कि विपक्ष ने लगातार प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनकी निंदा की लेकिन ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।’’
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में सतर्क रहने की जरूरत है कि कुछ तबकों की ओर से जानबूझकर दुष्प्रचार करने और असत्य को फैलाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुकाबला करने के लिए उनके प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
सोनिया ने कहा कि विपक्ष ने लगातार प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनकी निंदा की लेकिन ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।’’
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सोनिया ने कहा कि विपक्ष ने लगातार प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनकी निंदा की लेकिन ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ खड़े हैं।’’
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सत्तारूढ़ संप्रग गठबंधन और इसके चार साल के कार्यकाल पर भाजपा के हमलों के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप एक गैर-परिणामोन्मुखी विपक्ष से और क्या अपेक्षा कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सुनियोजित आलोचना हुई। कई बार हमें रास्ते से हटाने की कोशिश की गई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार का मजबूती से बचाव करते हुए संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार हम सभी को परेशान करता है और इस मामले में हमारा रवैया समझौता नहीं करने वाला है।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सोनिया ने पार्टीजनों से विपक्ष के अभियान का मुकाबला करने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के अभियान का मकसद सरकार के कामकाज को दिग्भ्रमित करना, उसका मनोबल गिराना और बाधित करने का है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमें इस बारे में रक्षात्मक महसूस करने की जरूरत नहीं है।’’ समारोह में संप्रग के घटक दलों और इसे बाहर से समर्थन दे रहे दलों के नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रालोद के अजित सिंह, आईयूएमएल नेता ई अहमद, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान शामिल रहे।टिप्पणियां
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समारोह में शामिल नहीं हुए वहीं बसपा की ओर से वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा तथा ब्रजेश पाठक ने शिरकत की।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे।
बसपा नेता रात्रिभोज के लिए सोनिया गांधी, फारुख अब्दुल्ला, पवार और राहुल गांधी के साथ ही बैठे थे। | संक्षिप्त पाठ: सोनिया गांधी ने कहा, मैं मुख्य विपक्षी दल द्वारा संसद की कार्यवाही बाधित करने के तरीके पर अपनी गहन निराशा की भावना को छिपा नहीं सकती। उन्होंने कहा, हम इस बात से निराश हैं कि इस अड़चन डालने वाले रवैये के कारण हम महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित नहीं करा सके। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र ने अतिउत्साही गोरक्षकों के खिलाफ नकेल कसते हुए सभी राज्यों से कहा है कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करें, जो गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लेते हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें.
गृह मंत्रालय का यह परामर्श आने से दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतिउत्साही गोरक्षकों की निंदा की थी और लोगों से समाज एवं देश को विभाजित करने की कोशिश करने वाले 'फर्जी' रक्षकों से सचेत रहने और राज्यों से उन्हें कड़ी सजा देने को कहा था.
गृह मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है कि ऐतिहासिक रूप से मवेशियों का भारतीय संस्कृति एवं इतिहास में एक विशेष, सम्मानजनक एवं पूजनीय स्थान है और यहां तक कि राष्ट्रपिता ने भी कहा था कि 'मेरे लिए गोरक्षा केवल गाय की रक्षा करना नहीं है, इसका अर्थ दुनिया में जीवित, असहाय और कमजोर की रक्षा करना है.' हालांकि यह किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को यह अधिकार नहीं देता है कि वे कथित गोहत्या को रोकने के लिए स्वयं कदम उठाएं या कथित रूप से गलत काम करने वालों को स्वयं सजा दें.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हाल में, कुछ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ व्यक्तियों एवं समूहों ने गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया है। यह स्वीकार्य स्थिति नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय का यह परामर्श आने से दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतिउत्साही गोरक्षकों की निंदा की थी और लोगों से समाज एवं देश को विभाजित करने की कोशिश करने वाले 'फर्जी' रक्षकों से सचेत रहने और राज्यों से उन्हें कड़ी सजा देने को कहा था.
गृह मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है कि ऐतिहासिक रूप से मवेशियों का भारतीय संस्कृति एवं इतिहास में एक विशेष, सम्मानजनक एवं पूजनीय स्थान है और यहां तक कि राष्ट्रपिता ने भी कहा था कि 'मेरे लिए गोरक्षा केवल गाय की रक्षा करना नहीं है, इसका अर्थ दुनिया में जीवित, असहाय और कमजोर की रक्षा करना है.' हालांकि यह किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को यह अधिकार नहीं देता है कि वे कथित गोहत्या को रोकने के लिए स्वयं कदम उठाएं या कथित रूप से गलत काम करने वालों को स्वयं सजा दें.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हाल में, कुछ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ व्यक्तियों एवं समूहों ने गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया है। यह स्वीकार्य स्थिति नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है कि ऐतिहासिक रूप से मवेशियों का भारतीय संस्कृति एवं इतिहास में एक विशेष, सम्मानजनक एवं पूजनीय स्थान है और यहां तक कि राष्ट्रपिता ने भी कहा था कि 'मेरे लिए गोरक्षा केवल गाय की रक्षा करना नहीं है, इसका अर्थ दुनिया में जीवित, असहाय और कमजोर की रक्षा करना है.' हालांकि यह किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को यह अधिकार नहीं देता है कि वे कथित गोहत्या को रोकने के लिए स्वयं कदम उठाएं या कथित रूप से गलत काम करने वालों को स्वयं सजा दें.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, 'हाल में, कुछ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ व्यक्तियों एवं समूहों ने गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया है। यह स्वीकार्य स्थिति नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'हाल में, कुछ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ व्यक्तियों एवं समूहों ने गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया है। यह स्वीकार्य स्थिति नहीं है.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी ने फर्जी गोरक्षकों से सचेत रहने की अपील की थी
केंद्र ने राज्यों से ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई करने को कहा
हाल में सामने आए मामलों के बाद जारी किया परामर्श | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: तीन तलाक के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सर्वोच्च अदालत द्वारा अपने पक्ष में निर्णय आने की उम्मीद जताते हुए कहा कि अदालत का जो भी फैसला होगा उसे वह स्वीकार करेगा तथा निर्णय आने के बाद आगे की रणनीति तय करेगा.
पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा, ‘‘अदालत का फैसला आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा. वैसे हमने न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है और ऐसे में बेहतर होने की उम्मीद की जानी चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अदालत का जो भी फैसला होगा, वो हम मानेंगे. अदालत कोई आंख बंद करके फैसला नहीं करने जा रही है, यह तय है. यह कोई ऐसा मसला नहीं है जिसमें कोई उलझाव पैदा हो. अदालत ने जो कहा वो हमने कर दिया.’’ गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर के नेतृत्व वाली उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने तीन तलाक के मामले पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अदालत का फैसला बोर्ड के रूख के खिलाफ आने पर क्या 1980 के दशक के शाह बानो प्रकरण की तरह के हालात पैदा हो सकते हैं तो मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. उस वक्त के हालात दूसरे थे, इस समय हालात दूसरे हैं. जब तक अदालत का निर्णय नहीं आ जाता तब तक कुछ कहना या फैसला करना मुश्किल है.’’ तीन तलाक पर देश की मीडिया के रूख को लेकर कटाक्ष करते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘मीडिया के रूख को देखकर ऐसा लगता है कि भारत का सबसे अहम मामला तीन तलाक है. पिछले डेढ़ साल से टीवी पर यही बहस चल रही है. मीडिया का अपना बिजनेस है और वह इसी को ध्यान में रखकर बहस कर रहा है.’’ बोर्ड पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘बोर्ड के बारे में लोग अपने हिसाब से बातें करते हैं. कभी कहते हैं कि बोर्ड रूढीवादी है और कभी कहते हैं कि वह सुधार करना चाहता है. लोगों को जो कहना है वो कहेंगे। हम लोगों को बोलने से तो रोक नहीं सकते.’’
मौलाना वली रहमानी ने दावा किया कि तीन तलाक के मामले में मुस्लिम समुदाय का रुख पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय का रुख स्पष्ट है. बोर्ड के पक्ष में चार करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. इनमें दो करोड़ 72 लाख महिलाओं के हस्ताक्षर शामिल हैं. इससे साफ है कि समुदाय का रूख किस तरफ है.’’ तीन तलाक के मामले पर पाकिस्तान और कुछ दूसरे मुस्लिम देशों द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला दिए जाने पर मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं. चीजें मौजूद हैं, लेकिन सही ढंग से बताई नहीं जा रही हैं. लोग पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं. हम कोई पाकिस्तान के पिछलग्गू थोड़े हैं.’’ देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं बहुत गंभीर हैं. इस पर बहस नहीं हो रही है. सब खामोश हैं. इसको लेकर सरकारों को कड़े कदम उठाने चाहिए.’’
पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा, ‘‘अदालत का फैसला आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा. वैसे हमने न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है और ऐसे में बेहतर होने की उम्मीद की जानी चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अदालत का जो भी फैसला होगा, वो हम मानेंगे. अदालत कोई आंख बंद करके फैसला नहीं करने जा रही है, यह तय है. यह कोई ऐसा मसला नहीं है जिसमें कोई उलझाव पैदा हो. अदालत ने जो कहा वो हमने कर दिया.’’ गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर के नेतृत्व वाली उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने तीन तलाक के मामले पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि अदालत का फैसला बोर्ड के रूख के खिलाफ आने पर क्या 1980 के दशक के शाह बानो प्रकरण की तरह के हालात पैदा हो सकते हैं तो मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. उस वक्त के हालात दूसरे थे, इस समय हालात दूसरे हैं. जब तक अदालत का निर्णय नहीं आ जाता तब तक कुछ कहना या फैसला करना मुश्किल है.’’ तीन तलाक पर देश की मीडिया के रूख को लेकर कटाक्ष करते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘मीडिया के रूख को देखकर ऐसा लगता है कि भारत का सबसे अहम मामला तीन तलाक है. पिछले डेढ़ साल से टीवी पर यही बहस चल रही है. मीडिया का अपना बिजनेस है और वह इसी को ध्यान में रखकर बहस कर रहा है.’’ बोर्ड पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘बोर्ड के बारे में लोग अपने हिसाब से बातें करते हैं. कभी कहते हैं कि बोर्ड रूढीवादी है और कभी कहते हैं कि वह सुधार करना चाहता है. लोगों को जो कहना है वो कहेंगे। हम लोगों को बोलने से तो रोक नहीं सकते.’’
मौलाना वली रहमानी ने दावा किया कि तीन तलाक के मामले में मुस्लिम समुदाय का रुख पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय का रुख स्पष्ट है. बोर्ड के पक्ष में चार करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. इनमें दो करोड़ 72 लाख महिलाओं के हस्ताक्षर शामिल हैं. इससे साफ है कि समुदाय का रूख किस तरफ है.’’ तीन तलाक के मामले पर पाकिस्तान और कुछ दूसरे मुस्लिम देशों द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला दिए जाने पर मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं. चीजें मौजूद हैं, लेकिन सही ढंग से बताई नहीं जा रही हैं. लोग पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं. हम कोई पाकिस्तान के पिछलग्गू थोड़े हैं.’’ देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं बहुत गंभीर हैं. इस पर बहस नहीं हो रही है. सब खामोश हैं. इसको लेकर सरकारों को कड़े कदम उठाने चाहिए.’’
यह पूछे जाने पर कि अदालत का फैसला बोर्ड के रूख के खिलाफ आने पर क्या 1980 के दशक के शाह बानो प्रकरण की तरह के हालात पैदा हो सकते हैं तो मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. उस वक्त के हालात दूसरे थे, इस समय हालात दूसरे हैं. जब तक अदालत का निर्णय नहीं आ जाता तब तक कुछ कहना या फैसला करना मुश्किल है.’’ तीन तलाक पर देश की मीडिया के रूख को लेकर कटाक्ष करते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘मीडिया के रूख को देखकर ऐसा लगता है कि भारत का सबसे अहम मामला तीन तलाक है. पिछले डेढ़ साल से टीवी पर यही बहस चल रही है. मीडिया का अपना बिजनेस है और वह इसी को ध्यान में रखकर बहस कर रहा है.’’ बोर्ड पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘बोर्ड के बारे में लोग अपने हिसाब से बातें करते हैं. कभी कहते हैं कि बोर्ड रूढीवादी है और कभी कहते हैं कि वह सुधार करना चाहता है. लोगों को जो कहना है वो कहेंगे। हम लोगों को बोलने से तो रोक नहीं सकते.’’
मौलाना वली रहमानी ने दावा किया कि तीन तलाक के मामले में मुस्लिम समुदाय का रुख पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय का रुख स्पष्ट है. बोर्ड के पक्ष में चार करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. इनमें दो करोड़ 72 लाख महिलाओं के हस्ताक्षर शामिल हैं. इससे साफ है कि समुदाय का रूख किस तरफ है.’’ तीन तलाक के मामले पर पाकिस्तान और कुछ दूसरे मुस्लिम देशों द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला दिए जाने पर मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं. चीजें मौजूद हैं, लेकिन सही ढंग से बताई नहीं जा रही हैं. लोग पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं. हम कोई पाकिस्तान के पिछलग्गू थोड़े हैं.’’ देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं बहुत गंभीर हैं. इस पर बहस नहीं हो रही है. सब खामोश हैं. इसको लेकर सरकारों को कड़े कदम उठाने चाहिए.’’
मौलाना वली रहमानी ने दावा किया कि तीन तलाक के मामले में मुस्लिम समुदाय का रुख पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय का रुख स्पष्ट है. बोर्ड के पक्ष में चार करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. इनमें दो करोड़ 72 लाख महिलाओं के हस्ताक्षर शामिल हैं. इससे साफ है कि समुदाय का रूख किस तरफ है.’’ तीन तलाक के मामले पर पाकिस्तान और कुछ दूसरे मुस्लिम देशों द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला दिए जाने पर मौलाना रहमानी ने कहा, ‘‘गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं. चीजें मौजूद हैं, लेकिन सही ढंग से बताई नहीं जा रही हैं. लोग पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं. हम कोई पाकिस्तान के पिछलग्गू थोड़े हैं.’’ देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए रहमानी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाएं बहुत गंभीर हैं. इस पर बहस नहीं हो रही है. सब खामोश हैं. इसको लेकर सरकारों को कड़े कदम उठाने चाहिए.’’ | यह एक सारांश है: मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाई है
सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों के संविधान पीठ में सुनवाई हुई है.
इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता अक्षय कुमार और सलमान खान के साथ दो बार अभिनय कर चुकी अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि वह दोनों अभिनेताओं के साथ काम करने में बहुत सहज हैं।
पहली बार 25 वर्षीय सोनाक्षी ने अक्षय कुमार के साथ प्रभु देवा की फिल्म ‘राउडी राठौर’ में काम किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके बाद दोनों ने ‘जोकर’ में एक साथ काम किया।
सोनाक्षी ने बताया, मुझे नहीं मालूम कि वह फिल्म निर्माताओं को मुझे लेने की सलाह देते हैं। मुझे लगता है कि जब आप किसी अभिनेता के साथ किसी फिल्म में काम करते हैं और वह बेहतर होती है, तो प्रत्येक व्यक्ति आपके सामंजस्य को फिर से देखना चाहता है। मैं अपने काम के बेहतरीन अनुभव अक्षय के साथ साझा करती हूं। सोनाक्षी ने कहा, अक्षय ने कैटरीना कैफ के साथ बहुत-सी फिल्में की हैं और लोगों को उनकी जोड़ी पसंद भी आई। लोग उनकी जोड़ी को स्क्रीन पर देखना पसंद करते हैं। मुझे लगता है कि हम लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ। केवल दर्शक ही नहीं, फिल्म कारोबार के लोग भी हमारी जोड़ी को पसंद करते हैं। सोनाक्षी मिलन लूथरा की आने वाली फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई-2’ में फिर अक्षय के साथ दिखेंगी, जिसमें इमरान हाशमी भी हैं।
सोनाक्षी ने कहा, अक्षय बहुत अच्छे हैं। हम दोनों लोग काम के लिए समय के पाबंद हैं, इसलिए निर्माता और निर्देशक भी हमारे साथ काम करने में कोई दिक्कत महसूस नहीं करते हैं। जब वह नजदीक होते है, तो बहुत अच्छा माहौल होता है। वह हमेशा लोगों को हंसाते रहते हैं। अपने से अधिक उम्र के लोगों के साथ काम करने के बारे उनका कहना है कि उम्र का अंतर आढ़े नहीं आता। सोनाक्षी हाल में अजय देवगन के साथ ‘सन आफ सरदार ’ में दिखाई दी थीं। टिप्पणियां
इसके अलावा सोनाक्षी ने सलमान खान के साथ 'दबंग' में काम किया था। अब वह इसी शृंखला की अगली फिल्म 'दबंग-2' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं।
पहली बार 25 वर्षीय सोनाक्षी ने अक्षय कुमार के साथ प्रभु देवा की फिल्म ‘राउडी राठौर’ में काम किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके बाद दोनों ने ‘जोकर’ में एक साथ काम किया।
सोनाक्षी ने बताया, मुझे नहीं मालूम कि वह फिल्म निर्माताओं को मुझे लेने की सलाह देते हैं। मुझे लगता है कि जब आप किसी अभिनेता के साथ किसी फिल्म में काम करते हैं और वह बेहतर होती है, तो प्रत्येक व्यक्ति आपके सामंजस्य को फिर से देखना चाहता है। मैं अपने काम के बेहतरीन अनुभव अक्षय के साथ साझा करती हूं। सोनाक्षी ने कहा, अक्षय ने कैटरीना कैफ के साथ बहुत-सी फिल्में की हैं और लोगों को उनकी जोड़ी पसंद भी आई। लोग उनकी जोड़ी को स्क्रीन पर देखना पसंद करते हैं। मुझे लगता है कि हम लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ। केवल दर्शक ही नहीं, फिल्म कारोबार के लोग भी हमारी जोड़ी को पसंद करते हैं। सोनाक्षी मिलन लूथरा की आने वाली फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई-2’ में फिर अक्षय के साथ दिखेंगी, जिसमें इमरान हाशमी भी हैं।
सोनाक्षी ने कहा, अक्षय बहुत अच्छे हैं। हम दोनों लोग काम के लिए समय के पाबंद हैं, इसलिए निर्माता और निर्देशक भी हमारे साथ काम करने में कोई दिक्कत महसूस नहीं करते हैं। जब वह नजदीक होते है, तो बहुत अच्छा माहौल होता है। वह हमेशा लोगों को हंसाते रहते हैं। अपने से अधिक उम्र के लोगों के साथ काम करने के बारे उनका कहना है कि उम्र का अंतर आढ़े नहीं आता। सोनाक्षी हाल में अजय देवगन के साथ ‘सन आफ सरदार ’ में दिखाई दी थीं। टिप्पणियां
इसके अलावा सोनाक्षी ने सलमान खान के साथ 'दबंग' में काम किया था। अब वह इसी शृंखला की अगली फिल्म 'दबंग-2' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं।
सोनाक्षी ने बताया, मुझे नहीं मालूम कि वह फिल्म निर्माताओं को मुझे लेने की सलाह देते हैं। मुझे लगता है कि जब आप किसी अभिनेता के साथ किसी फिल्म में काम करते हैं और वह बेहतर होती है, तो प्रत्येक व्यक्ति आपके सामंजस्य को फिर से देखना चाहता है। मैं अपने काम के बेहतरीन अनुभव अक्षय के साथ साझा करती हूं। सोनाक्षी ने कहा, अक्षय ने कैटरीना कैफ के साथ बहुत-सी फिल्में की हैं और लोगों को उनकी जोड़ी पसंद भी आई। लोग उनकी जोड़ी को स्क्रीन पर देखना पसंद करते हैं। मुझे लगता है कि हम लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ। केवल दर्शक ही नहीं, फिल्म कारोबार के लोग भी हमारी जोड़ी को पसंद करते हैं। सोनाक्षी मिलन लूथरा की आने वाली फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई-2’ में फिर अक्षय के साथ दिखेंगी, जिसमें इमरान हाशमी भी हैं।
सोनाक्षी ने कहा, अक्षय बहुत अच्छे हैं। हम दोनों लोग काम के लिए समय के पाबंद हैं, इसलिए निर्माता और निर्देशक भी हमारे साथ काम करने में कोई दिक्कत महसूस नहीं करते हैं। जब वह नजदीक होते है, तो बहुत अच्छा माहौल होता है। वह हमेशा लोगों को हंसाते रहते हैं। अपने से अधिक उम्र के लोगों के साथ काम करने के बारे उनका कहना है कि उम्र का अंतर आढ़े नहीं आता। सोनाक्षी हाल में अजय देवगन के साथ ‘सन आफ सरदार ’ में दिखाई दी थीं। टिप्पणियां
इसके अलावा सोनाक्षी ने सलमान खान के साथ 'दबंग' में काम किया था। अब वह इसी शृंखला की अगली फिल्म 'दबंग-2' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं।
सोनाक्षी ने कहा, अक्षय बहुत अच्छे हैं। हम दोनों लोग काम के लिए समय के पाबंद हैं, इसलिए निर्माता और निर्देशक भी हमारे साथ काम करने में कोई दिक्कत महसूस नहीं करते हैं। जब वह नजदीक होते है, तो बहुत अच्छा माहौल होता है। वह हमेशा लोगों को हंसाते रहते हैं। अपने से अधिक उम्र के लोगों के साथ काम करने के बारे उनका कहना है कि उम्र का अंतर आढ़े नहीं आता। सोनाक्षी हाल में अजय देवगन के साथ ‘सन आफ सरदार ’ में दिखाई दी थीं। टिप्पणियां
इसके अलावा सोनाक्षी ने सलमान खान के साथ 'दबंग' में काम किया था। अब वह इसी शृंखला की अगली फिल्म 'दबंग-2' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं।
इसके अलावा सोनाक्षी ने सलमान खान के साथ 'दबंग' में काम किया था। अब वह इसी शृंखला की अगली फिल्म 'दबंग-2' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं।
सलमान के बारे में उन्होंने कहा, वह बहुत भरोसेमंद हैं, क्योंकि मैं उन्हें उस समय से जानती हूं जब मैं 16-17 साल की थी। मैं उन पर काफी भरोसा करती हूं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अभिनेता अक्षय कुमार और सलमान खान के साथ दो बार अभिनय कर चुकी अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि वह दोनों अभिनेताओं के साथ काम करने में बहुत सहज हैं। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हाल ही में अपनी कोलकाता यात्रा के दौरान बिहार की एक कराटे चैंपियन लड़की से अत्यधिक प्रभावित अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने एक माह में दूसरी बार लोगों को उसके आत्मविश्वास और जज्बे के बारे में बताया।
हिलेरी ने मानव तस्करी पर एक रिपोर्ट '2012 ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स' जारी करते वक्त विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय में मौजूद अतिथियों से कहा, एक उत्साहित लड़की मेरे पास आई और उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं उसके कराटे के करतब देखना चाहूंगी। मैंने हां कहा और जिस आत्मविश्वास के साथ उसने अपना कौशल प्रदर्शन किया, वह लाजवाब था। उसकी आंखों में जो शालीनता थी, वह बहुत ही प्रेरणादायक थी।टिप्पणियां
अमेरिकी विदेशमंत्री ने पूनम खातून (16) से हुई एक संक्षिप्त बातचीत के बारे में बताया, यह एक ऐसी लड़की थी, जिसका जन्म चकलाघर में हुआ था। उसकी मां की उम्र अधिक नहीं थी और उसे जबरन देहव्यापार के लिए बेच दिया गया था। लेकिन किसी तरह उसकी मां उसे लेकर वहां से भाग निकली। तब से ही दोनों अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी रही हैं।
आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूनम ने 6 मई को हिलेरी को बताया था कि वह कराटे चैंपियन है। उसने अमेरिकी विदेशमंत्री से पूछा था कि क्या वह उसका कौशल देखना चाहेंगी, तब हिलेरी ने हंसकर हामी भर दी थी।
हिलेरी ने मानव तस्करी पर एक रिपोर्ट '2012 ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स' जारी करते वक्त विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय में मौजूद अतिथियों से कहा, एक उत्साहित लड़की मेरे पास आई और उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं उसके कराटे के करतब देखना चाहूंगी। मैंने हां कहा और जिस आत्मविश्वास के साथ उसने अपना कौशल प्रदर्शन किया, वह लाजवाब था। उसकी आंखों में जो शालीनता थी, वह बहुत ही प्रेरणादायक थी।टिप्पणियां
अमेरिकी विदेशमंत्री ने पूनम खातून (16) से हुई एक संक्षिप्त बातचीत के बारे में बताया, यह एक ऐसी लड़की थी, जिसका जन्म चकलाघर में हुआ था। उसकी मां की उम्र अधिक नहीं थी और उसे जबरन देहव्यापार के लिए बेच दिया गया था। लेकिन किसी तरह उसकी मां उसे लेकर वहां से भाग निकली। तब से ही दोनों अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी रही हैं।
आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूनम ने 6 मई को हिलेरी को बताया था कि वह कराटे चैंपियन है। उसने अमेरिकी विदेशमंत्री से पूछा था कि क्या वह उसका कौशल देखना चाहेंगी, तब हिलेरी ने हंसकर हामी भर दी थी।
अमेरिकी विदेशमंत्री ने पूनम खातून (16) से हुई एक संक्षिप्त बातचीत के बारे में बताया, यह एक ऐसी लड़की थी, जिसका जन्म चकलाघर में हुआ था। उसकी मां की उम्र अधिक नहीं थी और उसे जबरन देहव्यापार के लिए बेच दिया गया था। लेकिन किसी तरह उसकी मां उसे लेकर वहां से भाग निकली। तब से ही दोनों अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी रही हैं।
आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूनम ने 6 मई को हिलेरी को बताया था कि वह कराटे चैंपियन है। उसने अमेरिकी विदेशमंत्री से पूछा था कि क्या वह उसका कौशल देखना चाहेंगी, तब हिलेरी ने हंसकर हामी भर दी थी।
आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूनम ने 6 मई को हिलेरी को बताया था कि वह कराटे चैंपियन है। उसने अमेरिकी विदेशमंत्री से पूछा था कि क्या वह उसका कौशल देखना चाहेंगी, तब हिलेरी ने हंसकर हामी भर दी थी। | हाल ही में अपनी कोलकाता यात्रा के दौरान बिहार की एक कराटे चैंपियन लड़की से अत्यधिक प्रभावित अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने एक माह में दूसरी बार लोगों को उसके आत्मविश्वास के बारे में बताया। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बड़ा बयान दिया है. IMF ने कहा कि भारतीय ने अपनी अर्थव्यस्था के लिए बुनियादी बातों पर तो काम किया है लेकिन समस्या का समाधान करना भी जरूरी है. IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जियोर्जिवा वॉशिंगटन डीसी में कहा कि भारत ने बुनियादी चीजों पर बेहतर काम किया है लेकिन अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं जिसका हल करना जरूरी है. खास तौर पर नॉन-बैंकिंग क्षेत्र में हालात बेहतर करने की जरूरत है.
आईएमएफ ने अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. हालांकि उसे उम्मीद है कि 2020 में इसमें सुधार होगा और तब देश की आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत पर रह सकती है. यह वर्ष 2018 में भारत की वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से भी कम है. इससे पहले वर्ल्ड बैंक ने भी बीते रविवार को अपनी दक्षिण एशिया आर्थिक परिदृश्य की नवीनतम रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में गिरकर छह प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था. जबकि 2018 में यह 6.9 प्रतिशत थी.
आईएमएफ की अप्रैल 2019 की विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में जताए अनुमान के मुकाबले 2019 का मौजूदा अनुमान 1.2 प्रतिशत और 2020 का 0.5 प्रतिशत कम है. आईएमएफ के मुताबिक यह घरेलू मांग के उम्मीद से ज्यादा कमजोर रहने को प्रतिबिंबित करता है. आईएमएफ ने कहा, 'मौद्रिक नीति में नरम रुख अपनाने, कॉरपोरेट कर घटाने, कॉरपोरेट और पर्यावरण से जुड़ी नियामकीय अनिश्चिताओं को दूर करने के हालिया कदम और ग्रामीण मांग बढ़ाने के सरकारी कार्यक्रमों से वृद्धि को समर्थन मिलेगा. इसका असर कुछ समय बाद परिलक्षित होगा.'
आईएमएफ ने चालू वर्ष में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत और 2020 में 5.8 प्रतिशत पर आने का अनुमान जताया है, जबकि 2018 में पड़ोसी मुल्क की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत थी. वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर के संदर्भ में आईएमएफ ने चेतावनी दी कि वह 2019 के लिए वृद्धि दर अनुमान घटाकर तीन प्रतिशत कर रही है. इसकी प्रमुख वजह व्यापार प्रतिबंधों और भूराजनैतिक तनाव का बढ़ना है. आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री भारतीय-अमेरिकी गीता गोपीनाथ ने कहा कि अनुमान में यह गिरावट 2017 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत रहने के मुकाबले अधिक गंभीर है. उन्होंने कहा कि विभिन्न कारकों के एक साथ आने से आयी नरमी और इसमें सुधार की अनिश्चिता के साथ वैश्विक परिदृश्य भी अनिश्चित बना हुआ है. आर्थिक वृद्धि दर के तीन प्रतिशत रहने के अनुमान के साथ नीति में सुधार के लिए कोई स्थान नहीं बचा है. ऐसे में नीति निर्माताओं को आपस में मिलकर व्यापार और भूराजनैतिक तनाव का तत्काल समाधान करने की जरूरत है. आईएमएफ ने 2020 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. यह उसके अप्रैल के अनुमान के मुकाबले 0.2 प्रतिशत कम है. | IMF ने कहा कि चीजों को सही करने की है जरूरत
भारतीय अर्थव्यस्था को लेकर IMF का बयान
कहा- बुनियादी चीजें तो ठीक हैं | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के खिताबी मुकाबले का फैसला बेशक गेंदबाजों के कारण मुम्बई इंडियंस के हक में रहा लेकिन बीते 50 दिनों से क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन कर रहे इस इलीट टी-20 आयोजन में कुल 10,662 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से बने. इस साल कुल 60 मैच खेले गए. इस दौरान आठ टीमों ने कुल 18,775 रन बनाए, जिसमें से आधे से अधिक रन चौकों और छक्कों से निकले. हालांकि इस दौरान कुल 708 विकेट भी गिरे लेकिन इस दौरान पांच शतक और 95 अर्धशतक भी लगे.
सबसे अधिक दो शतक किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला ने लगाए जबकि दिल्ली के संजू सैमसन, पुणे के बेन स्टोक्स और सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर ने एक-एक शतक लगाया. वार्नर ने 126 रनों की पारी के साथ इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया. यही नहीं, वार्नर ने इस साल अधिक रन बनाए. वार्नर ने इस साल का ऑरेंज कप जीता. वार्नर ने 14 मैचों में 58.27 की औसत से 641 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. इस संस्करण में उनका स्ट्राइक रेट 141.81 का रहा. कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गम्भीर सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे. गंभीर ने 16 मैचों में 498 रन बनाए जबकि सनराइजर्स के ही शिखर धवन 479 रनों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.वार्नर को ऑरेंज कैप मिलना तय था क्योंकि मुम्बई इंडियंस और पुणे के बीच हुए फाइनल से पहले तक कोई भी खिलाड़ी इस रन स्कोर को छूता नहीं दिख रहा था.वार्नर ने एक पारी में 126 रन भी बनाए, जो इस सीजन का किसी भी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग रहा.
जहां तक सबसे अधिक विकेटों की बात है तो हैदराबाद के ही भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 26 विकेट लिए. पुणे के जयदेव उनादकट ने 24 विकेट लिए जबकि मुम्बई के जसप्रीत बुमराह ने 20 विकेटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. लीग के इस संस्करण में जो सबसे तेज गेंद फेंकी गई उसकी रफ्तार 153.3 किलोमीटर प्रति घंटे रही. इसके बावजूद बल्लेबाजों ने कुल 705 छक्के लगाए. किंग्स इलेवन पंजाब और मुम्बई के बीच हुए मैच संख्या-51 में कुल 62 चौके-छक्के लगे. इस मैच में 36 चौके और 26 छक्के लगाए गए. एक मैच ऐसा रहा जो सुपर ओवर तक गया और एक मैच ऐसा भी रहा, जिसका फैसला अंतिम गेंद पर हुआ. इस सीजन में सबसे लम्बा छक्का 109 मीटर का रहा. पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत का सबसे बड़ा अंतर 146 रनों का रहा. इसी तरह लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी करने वाली टीम का जीत का सबसे बड़ा अंतर 10 विकेट का रहा. टिप्पणियां
इस साल तीन हैट्रिक लगे और एंड्रयू टाई ने इस सीजन में पारी में सबसे अच्छी गेंदबाजी (17-5) का रिकार्ड बनाया. पुणे के हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स को मोस्ट वैल्यूबल खिलाड़ी का पुरस्कार मिला. इंग्लैंड के ऑलराउंडर स्टोक्स को पुणे ने नीलामी में 9.5 करोड़ देकर खरीदा था. स्टोक्स फाइनल में नहीं खेल सके. इसके बावजूद वह अपनी कीमत अदा करते हुए सबसे कीमती खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सबसे अधिक दो शतक किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला ने लगाए जबकि दिल्ली के संजू सैमसन, पुणे के बेन स्टोक्स और सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर ने एक-एक शतक लगाया. वार्नर ने 126 रनों की पारी के साथ इस सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया. यही नहीं, वार्नर ने इस साल अधिक रन बनाए. वार्नर ने इस साल का ऑरेंज कप जीता. वार्नर ने 14 मैचों में 58.27 की औसत से 641 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. इस संस्करण में उनका स्ट्राइक रेट 141.81 का रहा. कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के कप्तान गौतम गम्भीर सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे. गंभीर ने 16 मैचों में 498 रन बनाए जबकि सनराइजर्स के ही शिखर धवन 479 रनों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.वार्नर को ऑरेंज कैप मिलना तय था क्योंकि मुम्बई इंडियंस और पुणे के बीच हुए फाइनल से पहले तक कोई भी खिलाड़ी इस रन स्कोर को छूता नहीं दिख रहा था.वार्नर ने एक पारी में 126 रन भी बनाए, जो इस सीजन का किसी भी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत योग रहा.
जहां तक सबसे अधिक विकेटों की बात है तो हैदराबाद के ही भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 26 विकेट लिए. पुणे के जयदेव उनादकट ने 24 विकेट लिए जबकि मुम्बई के जसप्रीत बुमराह ने 20 विकेटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. लीग के इस संस्करण में जो सबसे तेज गेंद फेंकी गई उसकी रफ्तार 153.3 किलोमीटर प्रति घंटे रही. इसके बावजूद बल्लेबाजों ने कुल 705 छक्के लगाए. किंग्स इलेवन पंजाब और मुम्बई के बीच हुए मैच संख्या-51 में कुल 62 चौके-छक्के लगे. इस मैच में 36 चौके और 26 छक्के लगाए गए. एक मैच ऐसा रहा जो सुपर ओवर तक गया और एक मैच ऐसा भी रहा, जिसका फैसला अंतिम गेंद पर हुआ. इस सीजन में सबसे लम्बा छक्का 109 मीटर का रहा. पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत का सबसे बड़ा अंतर 146 रनों का रहा. इसी तरह लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी करने वाली टीम का जीत का सबसे बड़ा अंतर 10 विकेट का रहा. टिप्पणियां
इस साल तीन हैट्रिक लगे और एंड्रयू टाई ने इस सीजन में पारी में सबसे अच्छी गेंदबाजी (17-5) का रिकार्ड बनाया. पुणे के हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स को मोस्ट वैल्यूबल खिलाड़ी का पुरस्कार मिला. इंग्लैंड के ऑलराउंडर स्टोक्स को पुणे ने नीलामी में 9.5 करोड़ देकर खरीदा था. स्टोक्स फाइनल में नहीं खेल सके. इसके बावजूद वह अपनी कीमत अदा करते हुए सबसे कीमती खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जहां तक सबसे अधिक विकेटों की बात है तो हैदराबाद के ही भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 26 विकेट लिए. पुणे के जयदेव उनादकट ने 24 विकेट लिए जबकि मुम्बई के जसप्रीत बुमराह ने 20 विकेटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. लीग के इस संस्करण में जो सबसे तेज गेंद फेंकी गई उसकी रफ्तार 153.3 किलोमीटर प्रति घंटे रही. इसके बावजूद बल्लेबाजों ने कुल 705 छक्के लगाए. किंग्स इलेवन पंजाब और मुम्बई के बीच हुए मैच संख्या-51 में कुल 62 चौके-छक्के लगे. इस मैच में 36 चौके और 26 छक्के लगाए गए. एक मैच ऐसा रहा जो सुपर ओवर तक गया और एक मैच ऐसा भी रहा, जिसका फैसला अंतिम गेंद पर हुआ. इस सीजन में सबसे लम्बा छक्का 109 मीटर का रहा. पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत का सबसे बड़ा अंतर 146 रनों का रहा. इसी तरह लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी करने वाली टीम का जीत का सबसे बड़ा अंतर 10 विकेट का रहा. टिप्पणियां
इस साल तीन हैट्रिक लगे और एंड्रयू टाई ने इस सीजन में पारी में सबसे अच्छी गेंदबाजी (17-5) का रिकार्ड बनाया. पुणे के हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स को मोस्ट वैल्यूबल खिलाड़ी का पुरस्कार मिला. इंग्लैंड के ऑलराउंडर स्टोक्स को पुणे ने नीलामी में 9.5 करोड़ देकर खरीदा था. स्टोक्स फाइनल में नहीं खेल सके. इसके बावजूद वह अपनी कीमत अदा करते हुए सबसे कीमती खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस साल तीन हैट्रिक लगे और एंड्रयू टाई ने इस सीजन में पारी में सबसे अच्छी गेंदबाजी (17-5) का रिकार्ड बनाया. पुणे के हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स को मोस्ट वैल्यूबल खिलाड़ी का पुरस्कार मिला. इंग्लैंड के ऑलराउंडर स्टोक्स को पुणे ने नीलामी में 9.5 करोड़ देकर खरीदा था. स्टोक्स फाइनल में नहीं खेल सके. इसके बावजूद वह अपनी कीमत अदा करते हुए सबसे कीमती खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: टूर्नामेंट के दौरान कुल 708 विकेट गिरे
इस दौरान पांच शतक और 95 अर्धशतक बने
वॉर्नर ने बनाया टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा लगभग चालीस माह जेल में रहने के बाद गुरुवार को बिरसामुंडा जेल से उच्च न्यायालय द्वारा दी गई तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत पर रिहा हो गए।
मधु कोड़ा को चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न घोटालों में 30 नवंबर, 2009 को गिरफ्तार किया गया था और तब से किसी न किसी मामले में जमानत न मिल सकने के कारण लगातार बिना सजा पाए वह यहां बिरसामुंडा जेल में बंद रहे हैं।
आज उनके वकीलों ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में भी उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में पेश कर दिया जिसे अदालत ने स्वीकार कर जेल से उनकी रिहाई का आदेश दे दिया। जिसके बाद उन्हें आज दोपहर जेल से रिहा किया गया। मंगलवार को कोड़ा को झारखंड उच्च न्यायालय ने बीमार मां के इलाज के लिए चार सौ करोड़ रुपये से अधिक के राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले में तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी लेकिन बुधवार को उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में समय पर जमा न हो सकने के कारण वह जेल से रिहा नहीं हो सके थे और यह मामला आज के लिए विचारार्थ रखा गया था।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एच सी मिश्रा की पीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए मधु कोड़ा को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतों पर तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी।
बुधवार को मधु कोड़ा के वकीलों ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश आर के चौधरी की अदालत में कोड़ा को पूर्व में आय से अधिक संपत्ति और हवाला मामले में मिली जमानत के पत्र पेश किए थे जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके पूर्व कोड़ा को आईटी मामले में मिली जमानत के पत्र अदालत में पेश किए जा चुके थे।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
मधु कोड़ा को चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न घोटालों में 30 नवंबर, 2009 को गिरफ्तार किया गया था और तब से किसी न किसी मामले में जमानत न मिल सकने के कारण लगातार बिना सजा पाए वह यहां बिरसामुंडा जेल में बंद रहे हैं।
आज उनके वकीलों ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में भी उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में पेश कर दिया जिसे अदालत ने स्वीकार कर जेल से उनकी रिहाई का आदेश दे दिया। जिसके बाद उन्हें आज दोपहर जेल से रिहा किया गया। मंगलवार को कोड़ा को झारखंड उच्च न्यायालय ने बीमार मां के इलाज के लिए चार सौ करोड़ रुपये से अधिक के राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले में तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी लेकिन बुधवार को उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में समय पर जमा न हो सकने के कारण वह जेल से रिहा नहीं हो सके थे और यह मामला आज के लिए विचारार्थ रखा गया था।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एच सी मिश्रा की पीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए मधु कोड़ा को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतों पर तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी।
बुधवार को मधु कोड़ा के वकीलों ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश आर के चौधरी की अदालत में कोड़ा को पूर्व में आय से अधिक संपत्ति और हवाला मामले में मिली जमानत के पत्र पेश किए थे जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके पूर्व कोड़ा को आईटी मामले में मिली जमानत के पत्र अदालत में पेश किए जा चुके थे।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
आज उनके वकीलों ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में भी उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में पेश कर दिया जिसे अदालत ने स्वीकार कर जेल से उनकी रिहाई का आदेश दे दिया। जिसके बाद उन्हें आज दोपहर जेल से रिहा किया गया। मंगलवार को कोड़ा को झारखंड उच्च न्यायालय ने बीमार मां के इलाज के लिए चार सौ करोड़ रुपये से अधिक के राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले में तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी लेकिन बुधवार को उनका जमानत पत्र सीबीआई अदालत में समय पर जमा न हो सकने के कारण वह जेल से रिहा नहीं हो सके थे और यह मामला आज के लिए विचारार्थ रखा गया था।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एच सी मिश्रा की पीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए मधु कोड़ा को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतों पर तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी।
बुधवार को मधु कोड़ा के वकीलों ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश आर के चौधरी की अदालत में कोड़ा को पूर्व में आय से अधिक संपत्ति और हवाला मामले में मिली जमानत के पत्र पेश किए थे जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके पूर्व कोड़ा को आईटी मामले में मिली जमानत के पत्र अदालत में पेश किए जा चुके थे।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एच सी मिश्रा की पीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए मधु कोड़ा को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतों पर तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दे दी थी।
बुधवार को मधु कोड़ा के वकीलों ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश आर के चौधरी की अदालत में कोड़ा को पूर्व में आय से अधिक संपत्ति और हवाला मामले में मिली जमानत के पत्र पेश किए थे जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके पूर्व कोड़ा को आईटी मामले में मिली जमानत के पत्र अदालत में पेश किए जा चुके थे।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
बुधवार को मधु कोड़ा के वकीलों ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश आर के चौधरी की अदालत में कोड़ा को पूर्व में आय से अधिक संपत्ति और हवाला मामले में मिली जमानत के पत्र पेश किए थे जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके पूर्व कोड़ा को आईटी मामले में मिली जमानत के पत्र अदालत में पेश किए जा चुके थे।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
लेकिन उनके वकील झारखंड उच्च न्यायालय से बुधवार को सीबीआई अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मामले में मिली जमानत के पत्र विलंब से आने के कारण इस मामले में समय से जमानत पत्र नहीं जमा कर सके थे जिसके चलते कल बिरसा मुंडा जेल से उनके रिहा होने के निर्देश नहीं जारी हो सके।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
मधु कोड़ा का जेल के बाहर स्वागत करने के लिए चाईबासा के उनके चुनाव क्षेत्र के भी दर्जनों लोग पहुंचे थे। जेल से रिहा होने के बाद कोड़ा सीधे अपोलो में अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे। मधु कोड़ा को अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में चार सौ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने के आरोप में अबतक जमानत नहीं मिल सकी है जबकि हवाला, आय से अधिक संपत्ति समेत भ्रष्टाचार के अन्य सभी मामलों में उन्हें उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय से पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के क्रियान्वयन में घोटाले से जुड़े इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
मधु कोड़ा भ्रष्टाचार के चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के विभिन्न मामलों में तीस नवंबर, 2009 से ही रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद थे और लगभग चालीस माह बाद आज पहली बार अस्थाई जमानत पर वह रिहा हुए।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय में कोड़ा के अधिवक्ता ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री की मां की हालत बहुत खराब है और वह इस समय रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें देखरेख और बेहतर इलाज की आवश्यकता है।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
न्यायालय ने इस आधार पर कोड़ा को अपनी मां के बेहतर इलाज और देखरेख के लिए तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत दी है लेकिन उनके विदेश जाने पर रोक लगाते हुए अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने के निर्देश दिये हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
न्यायालय ने कोड़ा पर जमानत के लिए अनेक और शर्तें लगायीं जिनमें यह भी शामिल है कि वह अस्थाई जमानत के दौरान अपने निवास स्थान के बारे में सीबीआई को जानकारी देते रहेंगे। न्यायालय ने उन्हें तीन सप्ताह बाद अदालत में वापस आत्मसमर्पण कर देने के निर्देश दे रखे हैं।टिप्पणियां
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे और वह अर्जुन मुंडा की सरकार से विद्रोह कर के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार को संप्रग दलों ने समर्थन दिया था जिनमें कांग्रेस, लालू की राजद और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी शामिल थे।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं।
मधु कोड़ा पर अवैध रूप से कमाई गई राशि में से हवाला के माध्यम से हजारों करोड़ रुपया खाड़ी के देशों और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में निवेश करने, राज्य की खनिज संपदा का अनाप शनाप ढंग से अवैध लीज देने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हैदराबाद की कंपनी को गलत ढंग से ठेका देने एवं अनेक अन्य सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हुए जिनकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और झारखंड निगरानी ब्यूरो कर रहे हैं। | संक्षिप्त पाठ: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा लगभग चालीस माह जेल में रहने के बाद गुरुवार को बिरसामुंडा जेल से उच्च न्यायालय द्वारा दी गई तीन सप्ताह की अस्थाई जमानत पर रिहा हो गए। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case) मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीड़िता के चाचा को उत्तर प्रदेश से तुरंत दिल्ली के तिहाड़ जेल शिफ्ट किया जाए. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार को कोई भी इमरजेंसी परिस्थित में कोर्ट आना है तो वो सेक्रेटरी जरनल के पास किसी भी वक्त आ सकते हैं. इसके साथ ही पीड़िता के परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा दी गई है. पीड़िता के परिजनों की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि उसकी हालत गंभीर है और वह बेहोश है. पीड़िता के वकील ने बताया कि परिजन उसका लखनऊ में ही कराना चाहते हैं. इस पर कोर्ट ने इस मामले के लंबित रख लिया है और अब सुनवाई सोमवार को होगी. दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि पीड़िता की हालत पहले से बेहतर है. केंद्र सरकार का कहना है कि उसे पीड़िता और उसके वकील दोनों को एयरलिफ्ट करने में परेशानी नहीं है. परिवार की तरफ से कहा गया कि अगर भविष्य में कोई एमरजेंसी परिस्थिति आती है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करने की इजाजत दी जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि इमरजेंसी परिस्थित में कोर्ट आना है तो वो सेक्रेटरी जरनल के पास किसी भी वक्त आ सकते हैं.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीस हजारी अदालत के जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा को सनसनीखेज उन्नाव बलात्कार कांड से जुड़े पांच आपराधिक मामलों की सुनवाई का जिम्मा सौंपा है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने बंद कमरे में सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा का नाम तय किया. इसी पीठ ने इन पांच मामलों की सुनवाई लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत से दिल्ली स्थानांतरित की थी. पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘ याचिकाओं के स्थानांतरण के लिए बनी पृष्ठभूमि तथा देश के प्रधान न्यायाधीश को 12 जुलाई 2019 को भेजे पत्र में उल्लेखित बातों को ध्यान में रखते हुए हम इन मामलों को लखनऊ की सीबीआई अदालत से दिल्ली में सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश देते हैं और यह सक्षम अदालत दिल्ली की तीस हजारी अदालत में जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा की अदालत है.'' | संक्षिप्त सारांश: सुप्रीम कोर्ट में अब सोमवार को सुनवाई
पीड़िता के परिवार को मिली CRPF की सुरक्षा
गांव में भी तैनात होगी सीआरपीएफ | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने हाल ही में दिल्ली की लड़कियों के साथ कथित छेड़छाड़ और दुराचार करने के प्रयासों के मामले में पार्टी विधायक शाहनवाज राणा के सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी को गंभीरता से लेते हुए राणा को पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया। प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री ने विधायक राणा के सुरक्षाकर्मियों एवं रिश्तेदारों की दिल्ली की कुछ लड़कियों के साथ कथित छेड़छाड़ एवं दुराचार के आरोप में की गई गिरफ्तारी को गंभीरता से लेते हुए राणा को पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया है। फतेह बहादुर ने बताया है कि मुख्यमंत्री ने पार्टी को यह निर्देश भी दिए हैं कि निलंबित विधायक राणा को पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में न तो आमंत्रित किया जाए और न ही घुसने दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर में हुई घटना को पूरी गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टास्क फोर्स को निर्देश दिए हैं कि इस गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। | यहाँ एक सारांश है:मायावती ने दिल्ली की लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के मामले में विधायक शाहनवाज राणा के सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी के मद्देनजर राणा को निलंबित कर दिया है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन भारत को दी जा रही आर्थिक सहायता कम करने की तैयारी में है। अखबार 'द संडे टाइम्स' के मुताबिक ब्रिटेन की और से भारत को दी जा रही 1.6 बिलियन पाउंड की मदद का कार्यक्रम अब अपने आखिरी दौर में है।टिप्पणियां
ब्रिटेन की ओर से कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार विकास कर रही है और तेजी से आगे बढ़ रही है और अपनी गरीबी को दूर करने के लिए उसे अब खुद ही प्रयास करने होंगे।
'द संडे टाइम्स' के मुताबिक ये मदद 2015 के बाद ही रोकी जाएगी क्योंकि इससे पहले इसे रोकने पर भारत के कई अहम प्रोजेक्ट्स के बंद होने का खतरा हो जाएगा जिससे राजनायिक विवाद भी खड़ा हो सकता है।
ब्रिटेन की ओर से कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार विकास कर रही है और तेजी से आगे बढ़ रही है और अपनी गरीबी को दूर करने के लिए उसे अब खुद ही प्रयास करने होंगे।
'द संडे टाइम्स' के मुताबिक ये मदद 2015 के बाद ही रोकी जाएगी क्योंकि इससे पहले इसे रोकने पर भारत के कई अहम प्रोजेक्ट्स के बंद होने का खतरा हो जाएगा जिससे राजनायिक विवाद भी खड़ा हो सकता है।
'द संडे टाइम्स' के मुताबिक ये मदद 2015 के बाद ही रोकी जाएगी क्योंकि इससे पहले इसे रोकने पर भारत के कई अहम प्रोजेक्ट्स के बंद होने का खतरा हो जाएगा जिससे राजनायिक विवाद भी खड़ा हो सकता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अखबार 'द संडे टाइम्स' के मुताबिक ब्रिटेन की और से भारत को दी जा रही 1.6 बिलियन पाउंड की मदद का कार्यक्रम अब अपने आखिरी दौर में है। | 11 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के तीन रिश्तेदारों के खिलाफ जांच के दौरान उनके पास से कालाधन पाया गया है। कोच्चि के आयकर (जांच) विभाग के महानिदेशक ईटी लूकोस ने कहा, जहां तक न्यायमूर्ति बालाकृष्णन की बात है मैं कुछ भी नहीं कह सकता हूं। लेकिन उनके संबंधियों.. दो दामाद और एक भाई की बात है तो उनके पास से हमने कालाधन बरामद किया है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति बालाकृष्णन के दामाद पीवी श्रीनिजान और एमजे बेनी दोनों वकील हैं और उनके भाई विशेष सरकारी अधिवक्ता केजी भास्करन के पास कालाधन बरामद किया गया है। लूकोस ने कहा, हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि उन्होंने किस प्रकार से कालाधन हासिल किया। हम संबंधियों से एक बार फिर पूछताछ करेंगे। उन्होंने बालाकृष्णन के रिश्तेदारों से मिले कालेधन की मात्रा पर कुछ भी कहने इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बालाकृष्णन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं। | यहाँ एक सारांश है:आयकर विभाग ने कहा कि पूर्व प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के तीन रिश्तेदारों के खिलाफ जांच के दौरान उनके पास से कालाधन पाया गया है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लिएंडर पेस और महेश भूपति की स्टार भारतीय जोड़ी ने पुरुष युगल में तीन सेट तक चले संघषर्पूर्ण मुकाबले में मार्सेल ग्रेनोलर्स और टोमी रोब्रेडो की जोड़ी को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के लिए नौ साल बाद जोड़ी बनाकर खेल रहे पेस और भूपति ने 13वीं वरीय स्पेनिश जोड़ी को 1 घंटे और 52 मिनट में 6-4, 4-6, 6-4 से हराया। क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना रोहन बोपन्ना और आयसम-उल-हक कुरैशी की भारत और पाकिस्तान की जोड़ी तथा फ्रांस के माइकल लोड्रा और सर्बिया के नेनाद जिमोनजिक के बीच होने वाले मैच की विजेता जोड़ी से होगा। पेस और भूपति ने अच्छी शुरुआत की और पहला सेट मात्र 33 मिनट में अपने नाम कर लिया। लेकिन ग्रेनोलर्स और रोबड्रो ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए मैच को निर्णायक सेट में खींच दिया, जिसमें भारतीय जोड़ी ने 42 मिनट में जीत दर्ज की। पेस और भूपति की जोड़ी ने अपने सभी ब्रेक प्वाइंट का फायदा उठाया। इस जोड़ी को दो मौके मिले और उन्होंने दोनों बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ दी। ग्रेनोलर्स और रोबड्रो हालांकि चार में से दो ही मौकों को भुना पाए। | यहाँ एक सारांश है:लिएंडर पेस-महेश भूपति की भारतीय जोड़ी ने मार्सेल ग्रेनोलर्स और टोमी रोब्रेडो की जोड़ी को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र से अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) को चुनाव मैदान में उतारे जाने के बीजेपी के फैसले पर यहां के पूर्व सांसद विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना (Kavita Khanna) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने (Kavita Khanna) बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि वह महसूस करती हैं कि उन्हें पार्टी ने अब त्याग दिया गया है और खारिज कर दिया गया है . कविता खन्ना (Kavita Khanna) ने कहा कि पार्टी के इस रवैये की वजह से अब मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की सोच रही हूं. उन्होंने बीजेपी पर अपने साथ विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया . बता दें कि मशहूर अभिनेता विनोद खन्ना गुरदासपुर से ही बीजेपी के चार बार सांसद रहे थे.
उन्होंने (Kavita Khanna) कहा कि मैंने महसूस किया कि मुझे त्याग दिया गया है और खारिज कर दिया गया है. मुझे बिल्कुल महत्वहीन महसूस कराया गया. पार्टी से किसी ने भी सनी देओल को उम्मीदवार बनाने से पह ले मुझसे बात तक नहीं की. जब सनी देओल भाजपा में शामिल हुए तब मैं दिल्ली में थी, यदि पार्टी ने मुझे बुलाया होता तो मैं जाती. बहरहाल, अब मुझसे कई अन्य दलों ने संपर्क किया है. लेकिन किसी में पार्टी में शामिल होने वाली हूं या नहीं इसे लेकर अभी तक कुछ भी तय नहीं है.
गौरतलब है कि भाजपा ने मंगलवार शाम को देओल को गुरदासपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है. जानकार बीजेपी के इस फैसले को कविता के लिए एक झटका के तौर पर देख रहे हैं. जिन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की उम्मीद थी. वहीं, गुरदासपुर में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल रहीं कविता (Kavita Khanna) ने कहा कि पार्टी से कई आश्वासन मिलने के बाद वह नामांकन पत्र भरने के लिए तैयार थीं लेकिन आखिरी घड़ी में उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि मैंने आहत महसूस किया क्योंकि मैं समझती हूं कि पार्टी को उम्मीदवार तय करने का हक है, परंतु ऐसा करने का एक तरीका है. जिस तरीके से यह किया गया, मैंने महसूस किया कि मुझे त्याग दिया गया है और खारिज कर दिया गया है. कई सालों तक कैंसर से जूझने के बाद 2017 में विनोद खन्ना गुजर गये थे. उससे पहले उन्होंने 1998,1999,2004 और 2014 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था. वर्ष 2017 के गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ विजयी हुए थे. | संक्षिप्त सारांश: कविता खन्ना ने जताई नाराजगी
निर्दलीय चुनाव लड़ने की कही बात
बीजेपी पर लगाए अपने साथ धोखा करने का आरोप | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान और गोलकीपर पीआर श्रीजेश मौजूदा चैंपियन आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण सुल्तान अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के बाकी मैचों में नहीं खेल पाएंगे. श्रीजेश के दाएं घुटने में दर्द है जिसे ठीक होने में दो या तीन महीने का समय लगेगा. भारतीय कोच रोलैंट ओल्टमैन्स ने भारत की जापान के खिलाफ 4-3 से जीत के बाद कहा, ‘चोट के कारण वह अब इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगा. भारत लौटने पर उसे और जांच करानी होगी. ’ उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द स्वदेश लौटे ताकि वहां आगे की जांच करा सके और जरूरत पड़ने पर आवश्यक उपचार करा सके. श्रीजेश के स्थान पर किसी अन्य गोलकीपर को भेजने की मांग नहीं की गई है. इस टूर्नामेंट में इसकी अनुमति नहीं है. ’टिप्पणियां
श्रीजेश टीम के साथ बैसाखी के सहारे मैदान पर पहुंचे लेकिन वह गैलरी में बैठकर ही मैच देखते रहे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कल मैच के पहले क्वार्टर के दौरान ही घुटने में दर्द की वजह से 28 वर्षीय श्रीजेश को मैदान छोड़ना पड़ा था. ऑस्ट्रेलियाई स्ट्राइकर की गेंद को रोकने के लिए उन्होंने डाइव लगाई थी जिसके कारण उनके घुटने में चोट लग गई थी. टीम के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘उनके दाएं घुटने का आज स्कैन कराया गया जिससे चोट का पता चला है. वह वर्तमान टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे और उनका जून में लंदन में विश्व लीग सेमीफाइनल्स में खेलना भी संदिग्ध है. ’उन्होंने कहा, ‘श्रीजेश से कहा गया है कि उनकी चोट ठीक होने में दो से तीन महीने का समय लग जाएगा. ’ऐसे में भारत की पहली पसंद के गोलकीपर श्रीजेश का लंदन में होने वाली प्रतियोगिता से बाहर होना तय है. अधिकारी ने कहा, ‘भारत जब भुवनेश्वर में होने वाले विश्व लीग फाइनल्स में अपनी जगह पक्की कर चुका है तो फिर उनकी चोट के साथ जोखिम लेने का कोई मतलब नहीं बनता है. ’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रीजेश टीम के साथ बैसाखी के सहारे मैदान पर पहुंचे लेकिन वह गैलरी में बैठकर ही मैच देखते रहे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कल मैच के पहले क्वार्टर के दौरान ही घुटने में दर्द की वजह से 28 वर्षीय श्रीजेश को मैदान छोड़ना पड़ा था. ऑस्ट्रेलियाई स्ट्राइकर की गेंद को रोकने के लिए उन्होंने डाइव लगाई थी जिसके कारण उनके घुटने में चोट लग गई थी. टीम के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘उनके दाएं घुटने का आज स्कैन कराया गया जिससे चोट का पता चला है. वह वर्तमान टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे और उनका जून में लंदन में विश्व लीग सेमीफाइनल्स में खेलना भी संदिग्ध है. ’उन्होंने कहा, ‘श्रीजेश से कहा गया है कि उनकी चोट ठीक होने में दो से तीन महीने का समय लग जाएगा. ’ऐसे में भारत की पहली पसंद के गोलकीपर श्रीजेश का लंदन में होने वाली प्रतियोगिता से बाहर होना तय है. अधिकारी ने कहा, ‘भारत जब भुवनेश्वर में होने वाले विश्व लीग फाइनल्स में अपनी जगह पक्की कर चुका है तो फिर उनकी चोट के साथ जोखिम लेने का कोई मतलब नहीं बनता है. ’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान लगी थी यह चोट
श्रीजेश को ठीक होने में लगेगा दो से तीन माह का वक्त
जून में विश्व लीग सेमीफाइनल्स में खेलने को लेकर भी संदेह | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने विश्व शक्तियों से परमाणु मुद्दों पर उनकी सरकार के साथ बातचीत जारी रखने के लिए कहा है। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अहमदीनेजाद ने मंगलवार को एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा, "बातचीत जारी रखने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है और हम इसके लिए हमेशा तैयार हैं।" पिछले महीने इस्तांबुल में ईरान और छह देशों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और अमेरिका के बीच चर्चा हुई थी लेकिन इन देशों ने वार्ता के नतीजों पर निराशा जाहिर की थी। अहमदीनेजाद ने कहा, "अल्पावधि में ठोस परिणामों की अपेक्षा रखना यथार्थवादी नहीं है क्योंकि यह मुद्दा बहुत जटिल है और इसके लिए अधिक समय व अधिक बातचीत की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा, "जहां तक हमारा सवाल है, तो हम सहयोग और मित्रता की खातिर बातचीत चाहते हैं न कि दुश्मनी बढ़ाने के लिए।" इन दिनों तेहरान में मौजूद तुर्की के विदेश मंत्री अहमत डेवुटोग्लू ने इस्तांबुल में नाभिकीय वार्ता की मेजबानी के लिए तुर्की की तैयारी की घोषणा की है। तेहरान ने तुर्की के प्रस्ताव का स्वागत किया है। तेहरान लगातार कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण हैं और उसने गुप्त सैन्य कार्यक्रम को लेकर पश्चिम की चिंताओं को खारिज किया है। | संक्षिप्त पाठ: ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने विश्व शक्तियों से परमाणु मुद्दों पर उनकी सरकार के साथ बातचीत जारी रखने के लिए कहा है। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (General Elections 2019) का रण जारी है. एक तरफ सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी वापसी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. तो दूसरी तरफ, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल मोदी सरकार को हटाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. इस बीच खबर है कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को रोकने के लिए पूर्व माओवादियों की पलटन और कट्टरपंथियों से लड़ चुके लोगों को एकजुट किया है. कभी माओवादियों का गढ़ रहे जंगलमहल के अंतर्गत झाड़ग्राम,मेदिनीपुर, बांकुरा तथा पुरुलिया जिले आते हैं. तृणमूल कांग्रेस ने जो पलटन तैयार की है उसमें माओवादी समर्थित पुलिस अत्याचार विरोधी जन सामिति (पीसीएपीए) के सदस्य हैं तो कुछ ‘जन जागरण मंच' जैसे ग्राम प्रतिरोधक गुट के लोग भी शामिल है जिसने 2010-12 में उग्रवादियों से लोहा लिया था.
ऐसे लोगों को एकजुट करने वाले तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम मिदनापुर जिले के अध्यक्ष अजित मैत्री ने कहा कि ऐसा बल इस समय की आवश्यकता है क्योंकि भाजपा के खिलाफ लड़ाई राजनीति के साथ ही विचारधारा की भी है. मैत्री ने कहा,‘‘भाजपा जैसी कैडर आधारित पार्टी से लड़ने के लिए आपको कैडर आधारित पलटन की ही जरूरत है. पूर्व माओवादी , पीसीएपीए के सदस्यों को जमीनी हकीकत की बेहतर समझ है साथ ही उन्हें जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने तथा विचारधारा से जुड़े संदेशों की काट के तरीके भी पता हैं''. उन्होंने कहा, ‘‘उनमें बेहतरीन संगठनात्मक कौशल है. इसलिए हमने उन्हें एक साथ लाने की सोची ताकि जन संपर्क के लिए एक बेजोड़ पलटन तैयार की जा सके''. | लोकसभा चुनाव के दो चरण का रण बचा हुआ है
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी को रोकने की रणनीति बनाई
पूर्व माओवादियों की पलटन बनाई | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणी अकाली दल (शिअद) और भाजपा का गठबंधन मजबूत है, दोनों पार्टियां 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी। साथ ही उन्होंने लोगों को आप तथा कांग्रेस के षड्यंत्र को लेकर आगाह किया कि वे पंजाब को इसके जल संसाधनों से वंचित कर देंगे।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवार की घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी। बादल ने महल कलां विधानसभा क्षेत्र में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनावों में अब भी काफी समय बचा है और उम्मीदवारों की घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी।’’ उन्होंने दावा किया कि शिअद-भाजपा गठबंधन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अद्भुत घटना है जिसने हमारी राजनीति को नया आयाम दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के लोगों ने इस गठबंधन में बार- बार विश्वास जताया है।’’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच शायद ही तनाव की कोई घटना हुई है। टिप्पणियां
इससे पहले महल कलां, निहालुवाल, कुतबा और मांगेवाल गांवों में लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब के पास नदी जल और उर्वर भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ‘‘राज्य और इसके लोगों को इससे वंचित करने का संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अकाली दल के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवार की घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी। बादल ने महल कलां विधानसभा क्षेत्र में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनावों में अब भी काफी समय बचा है और उम्मीदवारों की घोषणा उपयुक्त समय पर की जाएगी।’’ उन्होंने दावा किया कि शिअद-भाजपा गठबंधन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अद्भुत घटना है जिसने हमारी राजनीति को नया आयाम दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के लोगों ने इस गठबंधन में बार- बार विश्वास जताया है।’’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच शायद ही तनाव की कोई घटना हुई है। टिप्पणियां
इससे पहले महल कलां, निहालुवाल, कुतबा और मांगेवाल गांवों में लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब के पास नदी जल और उर्वर भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ‘‘राज्य और इसके लोगों को इससे वंचित करने का संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के लोगों ने इस गठबंधन में बार- बार विश्वास जताया है।’’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच शायद ही तनाव की कोई घटना हुई है। टिप्पणियां
इससे पहले महल कलां, निहालुवाल, कुतबा और मांगेवाल गांवों में लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब के पास नदी जल और उर्वर भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ‘‘राज्य और इसके लोगों को इससे वंचित करने का संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले महल कलां, निहालुवाल, कुतबा और मांगेवाल गांवों में लोगों को संबोधित करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब के पास नदी जल और उर्वर भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ‘‘राज्य और इसके लोगों को इससे वंचित करने का संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे हैं।’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने शिअद-भाजपा गठबंधन को मजबूत बताया।
दोनों पार्टियां एक साथ लड़ेंगी 2017 का विधान सभा चुनाव।
सही समय पर की जाएगी उम्मीदवारों की घोषणा- बादल। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुषमा ने कहा कि सरकार के बिल में कई ख़ामियां हैं। उनका कहना है कि बिल कई अहम कायदों का उल्लंघन करता है। सदन में विपक्ष की नेता का कहना है कि बिल ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेरा है। सुषमा के अनुसार बिल में संविधान के मुताबिक आरक्षण नहीं दिया गया है। साथ ही सुषमा स्वराज ने कहा कि राज्यों में लोकायुक्त बनाने का हक राज्यों को ही दिया जाए। इसके अलावा लोकायुक्त को अनुच्छेद 253 के तहत लाया गया है। सुषमा का कहना है कि बिल संघीय ढांचे के मुताबिक नहीं है। भाजपा नेता का मानना है कि राज्यों में लोकायुक्त बिल से बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है। सुषमा का कहना है कि सरकार बिल को लेकर असमंजस की स्थिति में है। साथ ही उनका कहना है कि संवैधानिक पदों के लिए आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। विपक्ष की नेता का कहना है कि वर्तमान बिल के अनुसार राज्यों के अधिकार में केंद्र का दखल हो रहा है।विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार मौजूदा लोकपाल बिल वापस ले। साथ ही उनका कहना है कि 2−3 महीने बाद बिल आए तो आफत नहीं है। सुषमा स्वराज के स्वर में स्वर मिलाते हुए राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी कहा कि सरकार को बिल वापस लेना चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: सुषमा ने कहा कि सरकार के बिल में कई ख़ामियां हैं। उनका कहना है कि बिल कई अहम कायदों का उल्लंघन करता है। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जापान की वाहन निर्माता कम्पनी 'होंडा मोटर कार्पोरेशन' ने पावर विंडो स्विच में आई गड़बड़ी की वजह से अमेरिका और यूरोप में बेचे गए अपने 489,000 'सीआर-वीएस' वाहनों को वापस लेने का फैसला किया है।
यह जानकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने दी। कम्पनी के मुताबिक बारिश का पानी चालक के दरवाजे से वाहनों के पावर विंडो स्विच में जा सकता है जिस वजह से स्विच के गर्म होकर आग पकड़ने का खतरा हो सकता है।टिप्पणियां
होंडा के प्रवक्ता ने बताया कि कम्पनी यूरोप से 220,000 और अमेरिका से 268,000 और अफ्रीका से 100 से वाहनों को वापस लेगी। इन सभी वाहनों को 2002 और 2006 के बीच बनाया गया था।
कम्पनी ने इस वापसी की अनुमानित लागत के बारे में नहीं बताया है। इससे पहले कम्पनी ने एक अक्टूबर को उत्तरी अमेरिका से 603,000 'एकार्ड' वाहन वापस बुला लिए थे।
यह जानकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने दी। कम्पनी के मुताबिक बारिश का पानी चालक के दरवाजे से वाहनों के पावर विंडो स्विच में जा सकता है जिस वजह से स्विच के गर्म होकर आग पकड़ने का खतरा हो सकता है।टिप्पणियां
होंडा के प्रवक्ता ने बताया कि कम्पनी यूरोप से 220,000 और अमेरिका से 268,000 और अफ्रीका से 100 से वाहनों को वापस लेगी। इन सभी वाहनों को 2002 और 2006 के बीच बनाया गया था।
कम्पनी ने इस वापसी की अनुमानित लागत के बारे में नहीं बताया है। इससे पहले कम्पनी ने एक अक्टूबर को उत्तरी अमेरिका से 603,000 'एकार्ड' वाहन वापस बुला लिए थे।
होंडा के प्रवक्ता ने बताया कि कम्पनी यूरोप से 220,000 और अमेरिका से 268,000 और अफ्रीका से 100 से वाहनों को वापस लेगी। इन सभी वाहनों को 2002 और 2006 के बीच बनाया गया था।
कम्पनी ने इस वापसी की अनुमानित लागत के बारे में नहीं बताया है। इससे पहले कम्पनी ने एक अक्टूबर को उत्तरी अमेरिका से 603,000 'एकार्ड' वाहन वापस बुला लिए थे।
कम्पनी ने इस वापसी की अनुमानित लागत के बारे में नहीं बताया है। इससे पहले कम्पनी ने एक अक्टूबर को उत्तरी अमेरिका से 603,000 'एकार्ड' वाहन वापस बुला लिए थे। | यह एक सारांश है: जापान की वाहन निर्माता कम्पनी 'होंडा मोटर कार्पोरेशन' ने पावर विंडो स्विच में आई गड़बड़ी की वजह से अमेरिका और यूरोप में बेचे गए अपने 489,000 'सीआर-वीएस' वाहनों को वापस लेने का फैसला किया है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के रविवार के भारत दौरे के साथ ही विशेषज्ञों ने अनुमान व्यक्त किया है कि राजनीतिक पहल के माध्यम से और अवरोध हटाकर दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ सकती है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि पिछले वर्ष से दोनों पक्ष व्यापारिक सम्बंधों को सामान्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अटारी-वाघा सीमा पर एक नई एकीकृत सीमा चौकी के खुलने से दोनों देशों के बीच व्यापार में और तेजी आ सकती है।
इस नई सीमा चौकी का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम करेंगे।
सार्क चैम्बर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कूटनीतिक सम्बंधों के सामान्य होने से भी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आठ सदस्यीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अधिक से अधिक आर्थिक एकीकरण का रास्ता साफ होगा।
साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि पिछले वर्ष से दोनों पक्ष व्यापारिक सम्बंधों को सामान्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अटारी-वाघा सीमा पर एक नई एकीकृत सीमा चौकी के खुलने से दोनों देशों के बीच व्यापार में और तेजी आ सकती है।
इस नई सीमा चौकी का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम करेंगे।
सार्क चैम्बर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कूटनीतिक सम्बंधों के सामान्य होने से भी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आठ सदस्यीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अधिक से अधिक आर्थिक एकीकरण का रास्ता साफ होगा।
साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
इस नई सीमा चौकी का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम करेंगे।
सार्क चैम्बर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कूटनीतिक सम्बंधों के सामान्य होने से भी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आठ सदस्यीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अधिक से अधिक आर्थिक एकीकरण का रास्ता साफ होगा।
साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
सार्क चैम्बर के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कूटनीतिक सम्बंधों के सामान्य होने से भी क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आठ सदस्यीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अधिक से अधिक आर्थिक एकीकरण का रास्ता साफ होगा।
साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
साहनी ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा भारत को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा दिए जाने के बाद दक्षेस व्यापार क्षेत्र के पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो जाएगा।" भारत ने पाकिस्तान को सबसे पसंदीदा देश का दर्जा 1996 में ही दे दिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2010-11 में 2.7 अरब डॉलर के औपचारिक व्यापार का अनुमान लगाया गया था। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात जैसे तीसरे देशों के रास्ते इस व्यपार के 10 अरब डॉलर का होने का अनुमान है। व्यापार संतुलन भारत की ओर ही झुका हुआ है, क्योंकि इसका निर्यात 2.3 अरब डॉलर का है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
दोनों देशों ने 2014 तक छह अरब डॉलर से अधिक के औपचारिक व्यापार का लक्ष्य रखा है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
दोनों तरफ के व्यापारिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने इस बात पर संतोष जाहिर किया है कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
खासतौर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा द्वारा फरवरी में पाकिस्तान गए अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद से।टिप्पणियां
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
शर्मा के दौरे के ठीक बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार के लिए बहुप्रतीक्षित नकारात्मक सूची अधिसूचित कर दी और उसमें कई सारी वस्तुओं की संख्या बढ़ा दी, जिनका पाकिस्तान से आयात या पाकिस्तान को निर्यात किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है।
फिलहाल 7,000 से अधिक वस्तुओं का व्यापार दोनों देशों के बीच किया जा सकता है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के रविवार के भारत दौरे के साथ ही विशेषज्ञों ने अनुमान व्यक्त किया है कि राजनीतिक पहल के माध्यम से और अवरोध हटाकर दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आ सकती है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ईवीएम विवाद के बीच चुनाव आयोग ने आज सर्वदलीय बैठक की. राष्ट्रीय स्तर की 7 और राज्य स्तर की 48 छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां इस बैठक में शामिल हुईं. सभी पार्टियों के नुमाइंदे अपनी शिकायत और सुझाव लेकर पहुंचे. बीजेपी विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पर कहा कि दो दिन हैकोथॉन हो सकता है. चुनाव आयोग ने 2 दिन बाद सबको बुलाया है. चुनाव आयोग ने बताया कि ईवीएम हैक नहीं हो सकती. चुनाव आयोग ने कहा कि दो दिन हम आपको मशीन देंगे. अपने एक्सपर्ट लेकर आइये, प्रूव योर बेस्ट.
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा समेत कुल 16 पार्टियों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यह बैठक बुलाई. चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती दी है. इसके लिए इस महीने के आखिरी हफ्ते में हैकाथॉन की तैयारी है. आज की बैठक में हैकाथॉन की तारीख तय हो सकती है.
इस सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक सौरभ भारद्वाज करेंगे. सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के टेक्निकल टीम के सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी मशीन का डेमो दिखाकर टैम्पर करने का दावा किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वे औपचारिक रूप से ईवीएम टैम्पर करने के कार्यक्रम का आयोजन कर जिसमें आप आयोग की ईवीएम को हैक करके दिखाएगी. टिप्पणियां
ईवीएम पर चर्चा के अलावा चुनाव आयोग की कोशिश ये है कि चुनावों में पैसे के लेनदेन को संज्ञेय अपराध बनाया जाए और चंदे का सिस्टम पारदर्शी हो.
ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बनेप्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाएआयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिलेचुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न होया साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न होचुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता होईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए
EVM और सवालों पर चुनाव आयोग के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहींईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलतामशीन इंटरनेट से जुड़ी नहींन फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्टईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकतेबनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगाचिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणालीओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड छेड़छाड़ से 100% सुरक्षितविदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहींकई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थींस्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहींचार चरणों में छानबीन1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी मेंविधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैंकड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैंमतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं.
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा समेत कुल 16 पार्टियों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यह बैठक बुलाई. चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती दी है. इसके लिए इस महीने के आखिरी हफ्ते में हैकाथॉन की तैयारी है. आज की बैठक में हैकाथॉन की तारीख तय हो सकती है.
इस सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक सौरभ भारद्वाज करेंगे. सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के टेक्निकल टीम के सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी मशीन का डेमो दिखाकर टैम्पर करने का दावा किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वे औपचारिक रूप से ईवीएम टैम्पर करने के कार्यक्रम का आयोजन कर जिसमें आप आयोग की ईवीएम को हैक करके दिखाएगी. टिप्पणियां
ईवीएम पर चर्चा के अलावा चुनाव आयोग की कोशिश ये है कि चुनावों में पैसे के लेनदेन को संज्ञेय अपराध बनाया जाए और चंदे का सिस्टम पारदर्शी हो.
ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बनेप्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाएआयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिलेचुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न होया साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न होचुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता होईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए
EVM और सवालों पर चुनाव आयोग के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहींईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलतामशीन इंटरनेट से जुड़ी नहींन फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्टईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकतेबनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगाचिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणालीओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड छेड़छाड़ से 100% सुरक्षितविदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहींकई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थींस्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहींचार चरणों में छानबीन1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी मेंविधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैंकड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैंमतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं.
इस सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक सौरभ भारद्वाज करेंगे. सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के टेक्निकल टीम के सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी मशीन का डेमो दिखाकर टैम्पर करने का दावा किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वे औपचारिक रूप से ईवीएम टैम्पर करने के कार्यक्रम का आयोजन कर जिसमें आप आयोग की ईवीएम को हैक करके दिखाएगी. टिप्पणियां
ईवीएम पर चर्चा के अलावा चुनाव आयोग की कोशिश ये है कि चुनावों में पैसे के लेनदेन को संज्ञेय अपराध बनाया जाए और चंदे का सिस्टम पारदर्शी हो.
ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बनेप्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाएआयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिलेचुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न होया साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न होचुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता होईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए
EVM और सवालों पर चुनाव आयोग के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहींईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलतामशीन इंटरनेट से जुड़ी नहींन फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्टईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकतेबनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगाचिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणालीओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड छेड़छाड़ से 100% सुरक्षितविदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहींकई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थींस्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहींचार चरणों में छानबीन1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी मेंविधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैंकड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैंमतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं.
ईवीएम पर चर्चा के अलावा चुनाव आयोग की कोशिश ये है कि चुनावों में पैसे के लेनदेन को संज्ञेय अपराध बनाया जाए और चंदे का सिस्टम पारदर्शी हो.
ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बनेप्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाएआयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिलेचुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न होया साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न होचुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता होईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए
EVM और सवालों पर चुनाव आयोग के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहींईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलतामशीन इंटरनेट से जुड़ी नहींन फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्टईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकतेबनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगाचिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणालीओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड छेड़छाड़ से 100% सुरक्षितविदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहींकई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थींस्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहींचार चरणों में छानबीन1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी मेंविधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैंकड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैंमतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं.
ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बनेप्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाएआयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिलेचुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न होया साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न होचुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता होईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए
EVM और सवालों पर चुनाव आयोग के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहींईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलतामशीन इंटरनेट से जुड़ी नहींन फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्टईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकतेबनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगाचिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणालीओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड छेड़छाड़ से 100% सुरक्षितविदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहींकई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थींस्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहींचार चरणों में छानबीन1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी मेंविधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैंकड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैंमतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं. | AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने EVM में गड़बड़ी करने का दावा किया था
विधानसभा चुनावों के बाद कई राजनीतिक दलों ने लगाए गड़बड़ी के आरोप
चुनाव आयोग का दावा EVM में किसी भी हाल में टैम्परिंग नहीं की जा सकती | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जनपद के दादरी थाना क्षेत्र में नशे की हालत में सीआरपीएफ जवान ने सोमवार रात किराना व्यापारी की गोली मार हत्याकर दी. गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी जवान को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने आरोपी के पास से लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद कर ली है. पुलिस के मुताबिक, दादरी कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरान मोहल्ले में रहने वाला सतीश छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ कैम्प में एएसआई के पद पर तैनात है. वह अपने घर छुट्टियों में आया था.
सोमवार रात सीआरपीएफ जवान सतीश ने अपने कमरे में बैठ कर शराब पी रहा था. शराब के कमरे में वह कमरे में बाहर निकला और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग करने लगा. गोली की आवाज सुनकर बाहर आए पड़ोस में रहने वाले किराना व्यापारी बलदेव ने सतीश को संभाला और उसके कमरे में ले जाकर छोड़ दिया. लेकिन सतीश का यह बात पसंद नहीं आई. वह फिर कमरे के बाहर आया और बलदेव के सीने में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार दी. टिप्पणियां
गोली की आवाज सुन मौके पर लोग पहुंचे और आरोपी को दबोच कर एक कमरे में बंद कर दिया. वहीं घायल बलदेव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उधर, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है. साथ ही आरोपी की लाइसेंसी रिवाल्वर अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सोमवार रात सीआरपीएफ जवान सतीश ने अपने कमरे में बैठ कर शराब पी रहा था. शराब के कमरे में वह कमरे में बाहर निकला और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग करने लगा. गोली की आवाज सुनकर बाहर आए पड़ोस में रहने वाले किराना व्यापारी बलदेव ने सतीश को संभाला और उसके कमरे में ले जाकर छोड़ दिया. लेकिन सतीश का यह बात पसंद नहीं आई. वह फिर कमरे के बाहर आया और बलदेव के सीने में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार दी. टिप्पणियां
गोली की आवाज सुन मौके पर लोग पहुंचे और आरोपी को दबोच कर एक कमरे में बंद कर दिया. वहीं घायल बलदेव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उधर, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है. साथ ही आरोपी की लाइसेंसी रिवाल्वर अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गोली की आवाज सुन मौके पर लोग पहुंचे और आरोपी को दबोच कर एक कमरे में बंद कर दिया. वहीं घायल बलदेव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उधर, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है. साथ ही आरोपी की लाइसेंसी रिवाल्वर अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: सीआरपीएफ में एएसआई है आरोपी सतीश
नशे के हालत में शुरू कर दी थी फायरिंग
पुलिस ने जब्त किया रिवाल्वर | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारत, पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन सीमाओं के अतिक्रमण, जवानों एवं नागरिकों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं. कश्मीर की स्थिति के बारे में शाह ने कहा कि पत्थरबाजी और चर्चा साथ नहीं हो सकती है. मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति के बारे में एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा कि इसके कालक्रम को समझना जरूरी है. जब हमारी सरकार का शपथग्रहण था तब हमने अपने सभी पड़ोसी देशों के शासनाध्यक्षों को बुलाया था जिसका मकसद यह था कि हम सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते थे.
उन्होंने कहा कि हम सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं लेकिन अच्छे रिश्ते कैसे होंगे. अगर हमारे जवानों के साथ अन्याय हो, अगर हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर आघात हो, हमारी सीमाओं का अतिक्रमण होता हो..तो स्थिति कैसे सामान्य रहेगी.
शाह ने कहा कि हमने तो हाथ बढ़ाया था, हम चाहते थे कि रिश्ते अच्छे हो लेकिन कोई समान रूप से प्रत्युत्तर नहीं देगा तो क्या करें. पाकिस्तान के साथ रिश्ते अकेले हिन्दुस्तान तय नहीं कर सकता. इस बारे में जिम्मेदारी पाकिस्तान को भी निभानी है.
उन्होंने कहा कि अच्छे रिश्ते दोनों देशों को मिलकर बनाना है. भारत की मंशा है कि रिश्ते अच्छे हों लेकिन आप (पाकिस्तान) स्थिति ऐसी करोगे तो क्या करें. सीमाओं के अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. कश्मीर की स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर की स्थिति के बारे में छह महीने के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. 1989 के बाद से वहां की स्थिति को देखे तो कई बार ऐसे मौके आए हैं जब कई महीने स्थिति उतार चढ़ाव भरी रही है. लेकिन सुरक्षा बलों ने स्थिति ठीक की है. टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी समाप्त हो, हिंसा समाप्त हो, तो चर्चा हो सकती है. जब तक पत्थरबाजी होगी तब तक चर्चा नहीं होगी . सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि कोई पत्थर फेंकेगा तो क्या फूल बरसाये जायेंगे.
यह पूछने पर कि पत्थरबाजी की घटना से निपटने की क्या रणनीति है, बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें :पत्थरबाजी करने वालों: समझना पड़ेगा, उन्हें पत्थरबाजी बंद करनी पड़ेगी.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत वैश्विक नेता बनकर उभरा है. पहले हर रोज सीमा पर अतिक्रमण की खबरें आती थी, आज भी आती होंगी लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत दुनिया में मजबूत इरादों वाले देश के रूप में उभरा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि हम सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं लेकिन अच्छे रिश्ते कैसे होंगे. अगर हमारे जवानों के साथ अन्याय हो, अगर हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर आघात हो, हमारी सीमाओं का अतिक्रमण होता हो..तो स्थिति कैसे सामान्य रहेगी.
शाह ने कहा कि हमने तो हाथ बढ़ाया था, हम चाहते थे कि रिश्ते अच्छे हो लेकिन कोई समान रूप से प्रत्युत्तर नहीं देगा तो क्या करें. पाकिस्तान के साथ रिश्ते अकेले हिन्दुस्तान तय नहीं कर सकता. इस बारे में जिम्मेदारी पाकिस्तान को भी निभानी है.
उन्होंने कहा कि अच्छे रिश्ते दोनों देशों को मिलकर बनाना है. भारत की मंशा है कि रिश्ते अच्छे हों लेकिन आप (पाकिस्तान) स्थिति ऐसी करोगे तो क्या करें. सीमाओं के अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. कश्मीर की स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर की स्थिति के बारे में छह महीने के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. 1989 के बाद से वहां की स्थिति को देखे तो कई बार ऐसे मौके आए हैं जब कई महीने स्थिति उतार चढ़ाव भरी रही है. लेकिन सुरक्षा बलों ने स्थिति ठीक की है. टिप्पणियां
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी समाप्त हो, हिंसा समाप्त हो, तो चर्चा हो सकती है. जब तक पत्थरबाजी होगी तब तक चर्चा नहीं होगी . सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि कोई पत्थर फेंकेगा तो क्या फूल बरसाये जायेंगे.
यह पूछने पर कि पत्थरबाजी की घटना से निपटने की क्या रणनीति है, बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें :पत्थरबाजी करने वालों: समझना पड़ेगा, उन्हें पत्थरबाजी बंद करनी पड़ेगी.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत वैश्विक नेता बनकर उभरा है. पहले हर रोज सीमा पर अतिक्रमण की खबरें आती थी, आज भी आती होंगी लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत दुनिया में मजबूत इरादों वाले देश के रूप में उभरा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी समाप्त हो, हिंसा समाप्त हो, तो चर्चा हो सकती है. जब तक पत्थरबाजी होगी तब तक चर्चा नहीं होगी . सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि कोई पत्थर फेंकेगा तो क्या फूल बरसाये जायेंगे.
यह पूछने पर कि पत्थरबाजी की घटना से निपटने की क्या रणनीति है, बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें :पत्थरबाजी करने वालों: समझना पड़ेगा, उन्हें पत्थरबाजी बंद करनी पड़ेगी.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत वैश्विक नेता बनकर उभरा है. पहले हर रोज सीमा पर अतिक्रमण की खबरें आती थी, आज भी आती होंगी लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत दुनिया में मजबूत इरादों वाले देश के रूप में उभरा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमित शाह बोले, भारत पड़ोसी देशों से चाहता है अच्छे रिश्ते
कहा, पत्थरबाजी और चर्चा साथ नहीं हो सकती है
शाह ने कहा कि हमने तो हाथ बढ़ाया था, पर निराशा मिली | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आईपीएल सीजन-10 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की ओर से खेल रहे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डिविलियर्स ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेलते हुए प्रभावशाली बल्लेबाजी की. डिविलियर्स के इस प्रदर्शन ने साबित किया कि क्यों उन्हें क्रिकेट का 'सुपरमेन' कहा जाता है. अब ऐसा लगता है कि उनका बेटा अब्राहम भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलना चाहता है. डिविलियर्स भी पिता का फर्ज निभाते हुए अपने बच्चे की प्रतिभा को निखारने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते. इस बेहद क्यूट वीडियो में अब्राहम अपने नन्हे हाथों से प्लास्टिक के बैट से शॉट जमाता दिख रहा है. यही नहीं वह 'GO RCB' का नारा भी लगा रहे हैं. यह वीडियो यू-ट्यूब पर वायरल हो गया है और इसे 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.
डिविलियर्स ने आईपीएल के इस सीजन में अब तक 3 मैच खेले हैं और 68.50 की औसत से 137 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 141.23 है. वह शुरुआत के दो मैच नहीं खेल सके थे और चोटिल होने के कारण 18 अप्रैल को गुजरात लॉयन्स के खिलाफ भी मैदान पर नहीं उतर सके.टिप्पणियां
गुजरात के खिलाफ मैच से 4 घंटे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह मैच नहीं खेल पाएंगे. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था. सीजन के अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डिविलियर्स ने 46 गेंदों पर 89 रन जमाए थे, लेकिन उनकी टीम हार गई थी. अगले दो मैचों में उन्होंने 19 और 29 रन बनाए. आरसीबी वैसे तो अंक तालिका में छठे स्थान पर है, लेकिन क्रिस गेल के फॉर्म में लौटने से बाकी बचे मैचों में टीम के पास बेहतर प्रदर्शन का मौका है.
गुजरात लॉयन्स के खिलाफ पिछले मैच में आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल ने 38 गेंदों में ताबड़तोड़ 77 रन ठोके, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 50 गेंदों में 64 रन बनाए. दोनों के बीच 122 रनों की साझेदारी के दम पर आरसीबी ने गुजरात लॉयन्स को 21 रन से हरा दिया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है.
डिविलियर्स ने आईपीएल के इस सीजन में अब तक 3 मैच खेले हैं और 68.50 की औसत से 137 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 141.23 है. वह शुरुआत के दो मैच नहीं खेल सके थे और चोटिल होने के कारण 18 अप्रैल को गुजरात लॉयन्स के खिलाफ भी मैदान पर नहीं उतर सके.टिप्पणियां
गुजरात के खिलाफ मैच से 4 घंटे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह मैच नहीं खेल पाएंगे. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था. सीजन के अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डिविलियर्स ने 46 गेंदों पर 89 रन जमाए थे, लेकिन उनकी टीम हार गई थी. अगले दो मैचों में उन्होंने 19 और 29 रन बनाए. आरसीबी वैसे तो अंक तालिका में छठे स्थान पर है, लेकिन क्रिस गेल के फॉर्म में लौटने से बाकी बचे मैचों में टीम के पास बेहतर प्रदर्शन का मौका है.
गुजरात लॉयन्स के खिलाफ पिछले मैच में आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल ने 38 गेंदों में ताबड़तोड़ 77 रन ठोके, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 50 गेंदों में 64 रन बनाए. दोनों के बीच 122 रनों की साझेदारी के दम पर आरसीबी ने गुजरात लॉयन्स को 21 रन से हरा दिया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है.
डिविलियर्स ने आईपीएल के इस सीजन में अब तक 3 मैच खेले हैं और 68.50 की औसत से 137 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 141.23 है. वह शुरुआत के दो मैच नहीं खेल सके थे और चोटिल होने के कारण 18 अप्रैल को गुजरात लॉयन्स के खिलाफ भी मैदान पर नहीं उतर सके.टिप्पणियां
गुजरात के खिलाफ मैच से 4 घंटे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह मैच नहीं खेल पाएंगे. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था. सीजन के अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डिविलियर्स ने 46 गेंदों पर 89 रन जमाए थे, लेकिन उनकी टीम हार गई थी. अगले दो मैचों में उन्होंने 19 और 29 रन बनाए. आरसीबी वैसे तो अंक तालिका में छठे स्थान पर है, लेकिन क्रिस गेल के फॉर्म में लौटने से बाकी बचे मैचों में टीम के पास बेहतर प्रदर्शन का मौका है.
गुजरात लॉयन्स के खिलाफ पिछले मैच में आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल ने 38 गेंदों में ताबड़तोड़ 77 रन ठोके, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 50 गेंदों में 64 रन बनाए. दोनों के बीच 122 रनों की साझेदारी के दम पर आरसीबी ने गुजरात लॉयन्स को 21 रन से हरा दिया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है.
गुजरात के खिलाफ मैच से 4 घंटे पहले उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह मैच नहीं खेल पाएंगे. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया था. सीजन के अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डिविलियर्स ने 46 गेंदों पर 89 रन जमाए थे, लेकिन उनकी टीम हार गई थी. अगले दो मैचों में उन्होंने 19 और 29 रन बनाए. आरसीबी वैसे तो अंक तालिका में छठे स्थान पर है, लेकिन क्रिस गेल के फॉर्म में लौटने से बाकी बचे मैचों में टीम के पास बेहतर प्रदर्शन का मौका है.
गुजरात लॉयन्स के खिलाफ पिछले मैच में आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल ने 38 गेंदों में ताबड़तोड़ 77 रन ठोके, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 50 गेंदों में 64 रन बनाए. दोनों के बीच 122 रनों की साझेदारी के दम पर आरसीबी ने गुजरात लॉयन्स को 21 रन से हरा दिया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है.
गुजरात लॉयन्स के खिलाफ पिछले मैच में आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल ने 38 गेंदों में ताबड़तोड़ 77 रन ठोके, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 50 गेंदों में 64 रन बनाए. दोनों के बीच 122 रनों की साझेदारी के दम पर आरसीबी ने गुजरात लॉयन्स को 21 रन से हरा दिया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है. | सारांश: वीडियो में अब्राहम 'GO RCB' का नारा भी लगाता दिख रहा है
यू-ट्यूब पर इस वीडियो को 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं
डिविलियर्स ने IPL-10 में अब तक 3 मैचों में 137 रन बनाए हैं | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुद्रा बाजार की उठापटक से वर्ष की दूसरी तिमाही में भी शीतल पेय बनाने वाली प्रमुख कंपनी कोका कोला की कमाई प्रभावित रही है। कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9 प्रतिशत बढ़ा जबकि प्रति शेयर कमाई उम्मीद से दो सेंट कम रहते हुये 60 सेंट रही।
इस दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व उत्तरी अमेरिका को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कमजोर रहा और कुल मिलाकर बिक्री 5.1 प्रतिशत घटकर 11.5 अरब डॉलर रही।
मात्रा के लिहाज से द्रव्य पदार्थ और अन्य की बिक्री स्थिर रही। कंपनी का कहना है कि चीन और अर्जेंटीना जैसे उभरते बाजारों की मंद गति से अमेरिका, मेक्सिको और जापान में हुई वृद्धि को निरस्त कर दिया।टिप्पणियां
कंपनी ने कहा कि सोडा पेय की बिक्री तिमाही में मामूली घटी है लेकिन बोतल बंद पानी और जूस में वृद्धि से इसकी गिरावट की भरपाई हो गई। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व उत्तरी अमेरिका को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कमजोर रहा और कुल मिलाकर बिक्री 5.1 प्रतिशत घटकर 11.5 अरब डॉलर रही।
मात्रा के लिहाज से द्रव्य पदार्थ और अन्य की बिक्री स्थिर रही। कंपनी का कहना है कि चीन और अर्जेंटीना जैसे उभरते बाजारों की मंद गति से अमेरिका, मेक्सिको और जापान में हुई वृद्धि को निरस्त कर दिया।टिप्पणियां
कंपनी ने कहा कि सोडा पेय की बिक्री तिमाही में मामूली घटी है लेकिन बोतल बंद पानी और जूस में वृद्धि से इसकी गिरावट की भरपाई हो गई। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मात्रा के लिहाज से द्रव्य पदार्थ और अन्य की बिक्री स्थिर रही। कंपनी का कहना है कि चीन और अर्जेंटीना जैसे उभरते बाजारों की मंद गति से अमेरिका, मेक्सिको और जापान में हुई वृद्धि को निरस्त कर दिया।टिप्पणियां
कंपनी ने कहा कि सोडा पेय की बिक्री तिमाही में मामूली घटी है लेकिन बोतल बंद पानी और जूस में वृद्धि से इसकी गिरावट की भरपाई हो गई। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी ने कहा कि सोडा पेय की बिक्री तिमाही में मामूली घटी है लेकिन बोतल बंद पानी और जूस में वृद्धि से इसकी गिरावट की भरपाई हो गई। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था का पड़ रहा प्रभाव
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुद्रा बाजार की उठापटक से राजस्व पर बुरा असर
शुद्ध राजस्व उत्तरी अमेरिका को छोड़कर सभी क्षेत्रों में कमजोर | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का इस माह के आखिर में प्रतिष्ठित वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में होने वाला मुख्य भाषण विभिन्न संबद्ध पक्षों के दबाव में रद्द कर दिया गया।
फोरम ने जारी एक बयान में कहा, ‘हम किसी राजनीतिक दृष्टिकोण पर मुहर नहीं लगाते और न ही हम किसी विशेष विचारधारा का समर्थन करते। एक टीम के तौर पर हमारा लक्ष्य केवल भारत के विकास की गाथा पर महत्वपूर्ण बातचीत को बढ़ावा देना है।’टिप्पणियां
मोदी को 22-23 मार्च को फिलाडेल्फिया में होने वाले फोरम की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य संबोधन देने के लिए न्यौता दिया गया था।
फोरम के बयान में कहा गया है, ‘फिलहाल जो स्थिति है, उस हिसाब से वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में मोदी का मुख्य भाषण रद्द कर दिया गया है।’ फोरम पेन्नसिल्वानिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल द्वारा आयोजित छात्रों का भारत केंद्रित वार्षिक सम्मेलन है।
फोरम ने जारी एक बयान में कहा, ‘हम किसी राजनीतिक दृष्टिकोण पर मुहर नहीं लगाते और न ही हम किसी विशेष विचारधारा का समर्थन करते। एक टीम के तौर पर हमारा लक्ष्य केवल भारत के विकास की गाथा पर महत्वपूर्ण बातचीत को बढ़ावा देना है।’टिप्पणियां
मोदी को 22-23 मार्च को फिलाडेल्फिया में होने वाले फोरम की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य संबोधन देने के लिए न्यौता दिया गया था।
फोरम के बयान में कहा गया है, ‘फिलहाल जो स्थिति है, उस हिसाब से वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में मोदी का मुख्य भाषण रद्द कर दिया गया है।’ फोरम पेन्नसिल्वानिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल द्वारा आयोजित छात्रों का भारत केंद्रित वार्षिक सम्मेलन है।
मोदी को 22-23 मार्च को फिलाडेल्फिया में होने वाले फोरम की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य संबोधन देने के लिए न्यौता दिया गया था।
फोरम के बयान में कहा गया है, ‘फिलहाल जो स्थिति है, उस हिसाब से वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में मोदी का मुख्य भाषण रद्द कर दिया गया है।’ फोरम पेन्नसिल्वानिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल द्वारा आयोजित छात्रों का भारत केंद्रित वार्षिक सम्मेलन है।
फोरम के बयान में कहा गया है, ‘फिलहाल जो स्थिति है, उस हिसाब से वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में मोदी का मुख्य भाषण रद्द कर दिया गया है।’ फोरम पेन्नसिल्वानिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल द्वारा आयोजित छात्रों का भारत केंद्रित वार्षिक सम्मेलन है। | सारांश: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का इस माह के आखिर में प्रतिष्ठित वार्टन इंडिया इकॉनोमिक फोरम में होने वाला मुख्य भाषण विभिन्न संबद्ध पक्षों के दबाव में रद्द कर दिया गया। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद स्थित ठिकाने से बरामद सामग्री से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान में उसका सहायता नेटवर्क था और उसे इस नेटवर्क पर इतना भरोसा था कि उसने जरूरत पड़ने पर वहां से भागने के लिए कोई योजना नहीं बनायी थी। अमेरिकी मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। अल-कायदा प्रमुख को मारने के अभियान के नवीनतम आकलन के जानकार अधिकारियों का कहना है कि कभी भी ऐसा नहीं लगा कि लादेन ने अपने भागने के लिए कोई विशेष योजना बना रखी थी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि ऐसा नहीं लगता कि ओसामा बिन लादेन ने नेवी सील्स कमांडो के परिसर में घुसने से पहले अपने दस्तावेजों और कंप्यूटर में भरी जानकारियों को मिटाने और उन्हें बर्बाद करने की कोई कोशिश की। न्यूज नेटवर्क ने एक अधिकारी के हवाले से कहा है, ऐसा लगता है जैसे वह पूरी तरह आश्वस्त था। उसका कहना है, हमने जितना सोचा था उससे कहीं ज्यादा सामान वहां से मिला है। विशेष अमेरिकी बल के कमांडो जब ऐबटाबाद स्थित लादेन के परिसर में दाखिल हुए तब अलकायदा के इस कुख्यात आतंकवादी सरगना के साथ महज तीन लोग थे। अधिकारी ने कहा, इन सब का क्या मतलब निकलता है? इस अधिकारी के हवाले से कहा गया है, वह (लादेन) कैसे इतने लंबे समय से, इतनी कम सुरक्षा के साथ, पूरे इत्मीनान और आराम से रह रहा था? सीएनएन का कहना है कि ओबामा प्रशासन अभी तक मिली सूचनाओं के आधार पर ऐसे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है कि लादेन को पाकिस्तानी सरकार से मदद मिल रही थी या नहीं। मगर यह तय है कि पाकिस्तान में अलकायदा का पर्याप्त सहायता नेटवर्क था। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि लादेन के नियंत्रण और क्षेत्र में उसके आदमियों की पकड़ के बारे में मिली खुफिया जानकारियों और अन्य सभी सूचनाओं का विश्लेषण कर परिणाम निकालने में महीनों लग सकते हैं। अधिकारी ने बताया, यदि आप अलकायदा के सीईओ हों तो कभी आप अपना ध्यान रणनीति पर तो कभी प्रबंधन पर और कभी आदमियों पर केंद्रित करते हैं। समय के साथ-साथ वह इन सभी पहलुओं से जुड़ा हुआ था। इस अधिकारी के अनुसार, यही वजह है कि प्रशासन मानता है कि ऐबटाबाद स्थित परिसर लादेन का अभियान और नियंत्रण केंद्र था। बहरहाल, अधिकारियों ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि ऐबटाबाद स्थित आवास लादेन के लिए सेवानिवृत्ति के बाद समय बिताने का आवास नहीं था। लादेन आतंकवादी अभियानों की साजिश रचने में सक्रिय रूप से लिप्त था जिनका मुख्य निशाना अमेरिका था। अधिकारी ने कहा, अमेरिका पर हमले करने में उसकी साफ और लगातार दिलचस्पी थी। | सारांश: लादेन के ऐबटाबाद स्थित ठिकाने से बरामद सामग्री से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान में उसका सहायता नेटवर्क था। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महंगाई दर के लगातार ऊंचे बने रहने के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वह खाद्य वस्तुओं की महंगाई को लेकर ज्यादा चिंतित हैं और सरकार वस्तुओं की मांग और पूर्ति में संतुलन बनाने के लिए प्रयास जारी रखेगी। मुखर्जी ने कहा कि इस समय खाद्य मुद्रास्फीति की मुख्य वजह जल्दी खराब होने वाली कृषि वस्तुओं की कीमतों में उछाल है, जबकि अनाज, दाल और तेलों के भावों में स्थिरता आ गई है। उन्होंने कहा, मैं खाद्य मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित हूं, पहले यह और जिंसों के कारण थी अब जल्दी नष्ट होने वाले उत्पादों की कीमतों के कारण है। मुखर्जी ने कहा कि पहले खाद्य मुद्रास्फीति अनाज, दाल और खाद्य तेलों की वजह से थी, जिनके भाव अब एक तरह से स्थिर है। समग्र थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं का भारांक 14.34 प्रतिशत है। उसमें 9.5 प्रतिशत भार फल, सब्जी, दूध, मांस-मछली, अंडा और पोल्ट्री उत्पादों का है। वित्त मंत्री ने कहा, अगर प्याज 80 रुपये किलो के भाव हो जाए, तो उसका महंगाई के आंकड़ों पर असर दिखेगा ही। उन्होंने कहा, हम आगे भी आपूर्ति बढ़ाने के उपाय करते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि खाद्य मुद्रास्फीति आठ जनवरी को समाप्त सप्ताह में 15.52 प्रतिशत थी, जबकि सकल मुद्रास्फीति दिसंबर में 8.43 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री ने मुद्रास्फीति पर अंकुश के लिए रिजर्व बैंक द्वारा अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में चौथाई प्रतिशत की वृद्धि किए जाने को सरकार की नीतियों के अनुकूल बताते स्वागतयोग्य बताया। | यह एक सारांश है: प्रणब ने कहा, मैं खाद्य मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित हूं, पहले यह और जिंसों के कारण थी अब जल्दी नष्ट होने वाले उत्पादों की कीमतों के कारण है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केरल के कसारगोड जिले की मायीपाडी इलाके में एक कार में भेल के कर्मचारी, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव पाए गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति शहर स्थित भेल की इकाई में कर्मचारी था और उनकी पत्नी यहां के सदर अस्पताल में नर्स थीं। उनके बच्चों में 12 साल का लड़का और 10 साल की लड़की थे।टिप्पणियां
लड़के के शरीर पर जलने के जख्म, जबकि लड़की के गले पर जख्म का निशान था और कार बाहर से बंद थी।
पुलिस ने कहा कि उन्हें टैंक से गैस के रिसाव का पता चला है, लेकिन वे मौत की असली वजह की जांच कर रहे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति शहर स्थित भेल की इकाई में कर्मचारी था और उनकी पत्नी यहां के सदर अस्पताल में नर्स थीं। उनके बच्चों में 12 साल का लड़का और 10 साल की लड़की थे।टिप्पणियां
लड़के के शरीर पर जलने के जख्म, जबकि लड़की के गले पर जख्म का निशान था और कार बाहर से बंद थी।
पुलिस ने कहा कि उन्हें टैंक से गैस के रिसाव का पता चला है, लेकिन वे मौत की असली वजह की जांच कर रहे हैं।
लड़के के शरीर पर जलने के जख्म, जबकि लड़की के गले पर जख्म का निशान था और कार बाहर से बंद थी।
पुलिस ने कहा कि उन्हें टैंक से गैस के रिसाव का पता चला है, लेकिन वे मौत की असली वजह की जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा कि उन्हें टैंक से गैस के रिसाव का पता चला है, लेकिन वे मौत की असली वजह की जांच कर रहे हैं। | संक्षिप्त सारांश: केरल के कसारगोड जिले की मायीपाडी इलाके में एक कार में भेल के कर्मचारी, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव पाए गए। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राजकोषीय और चालू खाते के घाटे से जूझ रही सरकार ने खर्चे में कटौती का अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत पांच सितारा होटलों में सरकारी बैठकों तथा अधिकारियों के एक्जिक्यूटिव श्रेणी की विमान यात्रा पर रोक लगा दी गई है।
सरकार ने खर्च में किफायत के ऐसे विभिन्न उपाय कर गैर योजना व्यय में 10 प्रतिशत कमी का लक्ष्य रखा है।
चालू वित्त वर्ष (2013-14) में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत पर सीमित रखने के मकसद से वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे नए वाहन नहीं खरीदें, नए पदों का सृजन न करें और पिछले एक साल से अधिक समय से खाली पदों को न भरें।टिप्पणियां
साथ ही विभागों से कहा गया है कि विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार बेहद छोटा रखा जाएगा। सरकार 2008-09 से ही मितव्ययिता उपाय लागू कर रही है। नवंबर 2012 में भी इसी तरह का अभियान छेड़ा गया था।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के उपायों का मकसद वित्तीय अनुशासन बनाना है, साथ ही यह भी देखना है कि इससे सरकार की परिचालन क्षमता प्रभावित न होने पाए। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा राजकोषीय स्थिति के मद्देनजर खर्चे को तर्कसंगत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।’
सरकार ने खर्च में किफायत के ऐसे विभिन्न उपाय कर गैर योजना व्यय में 10 प्रतिशत कमी का लक्ष्य रखा है।
चालू वित्त वर्ष (2013-14) में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत पर सीमित रखने के मकसद से वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे नए वाहन नहीं खरीदें, नए पदों का सृजन न करें और पिछले एक साल से अधिक समय से खाली पदों को न भरें।टिप्पणियां
साथ ही विभागों से कहा गया है कि विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार बेहद छोटा रखा जाएगा। सरकार 2008-09 से ही मितव्ययिता उपाय लागू कर रही है। नवंबर 2012 में भी इसी तरह का अभियान छेड़ा गया था।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के उपायों का मकसद वित्तीय अनुशासन बनाना है, साथ ही यह भी देखना है कि इससे सरकार की परिचालन क्षमता प्रभावित न होने पाए। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा राजकोषीय स्थिति के मद्देनजर खर्चे को तर्कसंगत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।’
चालू वित्त वर्ष (2013-14) में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत पर सीमित रखने के मकसद से वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे नए वाहन नहीं खरीदें, नए पदों का सृजन न करें और पिछले एक साल से अधिक समय से खाली पदों को न भरें।टिप्पणियां
साथ ही विभागों से कहा गया है कि विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार बेहद छोटा रखा जाएगा। सरकार 2008-09 से ही मितव्ययिता उपाय लागू कर रही है। नवंबर 2012 में भी इसी तरह का अभियान छेड़ा गया था।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के उपायों का मकसद वित्तीय अनुशासन बनाना है, साथ ही यह भी देखना है कि इससे सरकार की परिचालन क्षमता प्रभावित न होने पाए। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा राजकोषीय स्थिति के मद्देनजर खर्चे को तर्कसंगत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।’
साथ ही विभागों से कहा गया है कि विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार बेहद छोटा रखा जाएगा। सरकार 2008-09 से ही मितव्ययिता उपाय लागू कर रही है। नवंबर 2012 में भी इसी तरह का अभियान छेड़ा गया था।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के उपायों का मकसद वित्तीय अनुशासन बनाना है, साथ ही यह भी देखना है कि इससे सरकार की परिचालन क्षमता प्रभावित न होने पाए। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा राजकोषीय स्थिति के मद्देनजर खर्चे को तर्कसंगत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।’
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के उपायों का मकसद वित्तीय अनुशासन बनाना है, साथ ही यह भी देखना है कि इससे सरकार की परिचालन क्षमता प्रभावित न होने पाए। बयान में कहा गया है, ‘मौजूदा राजकोषीय स्थिति के मद्देनजर खर्चे को तर्कसंगत बनाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की जरूरत है।’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजकोषीय और चालू खाते के घाटे से जूझ रही सरकार ने खर्चे में कटौती का अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत पांच सितारा होटलों में सरकारी बैठकों तथा अधिकारियों के एक्जिक्यूटिव श्रेणी की विमान यात्रा पर रोक लगा दी गई है। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी से सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्थित बनाने के लिए कहा है. कोर्ट ने काम करने की इच्छाशक्ति में कमी के कारण यहां तीनों नगर निगमों को फटकार लगाते हुए उनसे सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी को व्यवस्थित बनाने के लिए कहा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सकें कि शहर की सड़कों से नियमित तौर पर कूड़ा हटाया जाए.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्त सी हरि शंकर की पीठ ने बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाने और जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी है वहां उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए व्हाट्सएप जैसी मैसेजिंग एप का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया.टिप्पणियां
पीठ ने कहा, 'सफाई कर्मचारियों को काम देने के तरीके और इलाके में उनकी मौजूदगी में कमी है. ऐसी प्रकिया बनाने की कोशिश करें, जिसमें इलाके में मौजूद सफाई कर्मचारी उस क्षेत्र की तस्वीर भेज सकें जिसकी उन्होंने सफाई की.
इनपुट : भाषा
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्त सी हरि शंकर की पीठ ने बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाने और जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी है वहां उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए व्हाट्सएप जैसी मैसेजिंग एप का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया.टिप्पणियां
पीठ ने कहा, 'सफाई कर्मचारियों को काम देने के तरीके और इलाके में उनकी मौजूदगी में कमी है. ऐसी प्रकिया बनाने की कोशिश करें, जिसमें इलाके में मौजूद सफाई कर्मचारी उस क्षेत्र की तस्वीर भेज सकें जिसकी उन्होंने सफाई की.
इनपुट : भाषा
पीठ ने कहा, 'सफाई कर्मचारियों को काम देने के तरीके और इलाके में उनकी मौजूदगी में कमी है. ऐसी प्रकिया बनाने की कोशिश करें, जिसमें इलाके में मौजूद सफाई कर्मचारी उस क्षेत्र की तस्वीर भेज सकें जिसकी उन्होंने सफाई की.
इनपुट : भाषा
इनपुट : भाषा | संक्षिप्त सारांश: कोर्ट ने कहा, दिल्ली में सफाई कर्मचारियों की खासी संख्या है
इसके बाद भी दिल्ली गंदगी से पटी हुई है
सफाई कर्मचारियों की निगरानी करने का निर्देश दिया | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन द्वारा भारत पर हमले की तैयारी करने की आशंकाओं को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देश सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत से निकालने की नीति पर काम कर रहे हैं हालांकि इस दिशा में हाल में अधिक प्रगति नहीं हुई है। सिंह ने कहा, हमारी सरकार उन विचारों को नहीं मानती कि चीन भारत पर हमले की तैयारी कर रहा है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने दावा किया कि उनके पास सूचना है कि चीन की ओर से भारत पर हमले की तैयारी है। इस उद्देश्य से चीन ने सीमा के पास क्षेत्र चिन्हित किए हैं। यादव ने कहा, हमला तय है। इस पर प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि चीन से लगी भारत की सीमा पर काफी हद तक शांति है और कभी कभी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग नजरिये के कारण कुछ बातें सामने आती हैं। यादव ने यह भी दावा किया कि चीन ने ब्रहमपुत्र नदी की धारा रोक दी है। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि चीन के सैनिकों द्वारा उन इलाकों में सीमा पार करने की कुछ घटनाएं सामने आई है जिन्हें भारत अपना हिस्सा मानता है। हालांकि चीन का रुख भारत के दावे के विपरीत है। | संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, हमारी सरकार उन विचारों को नहीं मानती कि चीन भारत पर हमले की तैयारी कर रहा है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की राष्ट्रमंडल खेलों से सम्बद्ध रपट पर विपक्ष द्वारा सोमवार को चर्चा कराने की मांग को लेकर किए गए हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई। इस रपट में खेलों की तैयारियों के दौरान हुई अनियमितताओं के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर उंगली उठाई गई है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)और उसके सहयोगियों ने प्रश्न काल रद्द कर सीएजी रपट पर चर्चा कराने की मांग की। शुरूआत में दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की गई। दोनों सदनों की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा बरकरार रहा। लोकसभा में भाजपा, वामदलों और समाजवादी पार्टी (सपा)के सदस्यों ने दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्यसभा में भी दोपहर 12 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। वहां भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की। हंगामा न थमता देख उपसभापति के. रहमान खान ने कुछ दस्तावेज पटल पर रखवाने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले भाजपा ने दोनों सदनों ने खेल मंत्री अजय माकन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव माकन के इस बयान पर पेश किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सुरेश कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति का प्रमुख राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने नियुक्त किया था। सीएजी रपट संसद में शुक्रवार को पेश की गई थी। | यहाँ एक सारांश है:विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बसपा की बिहार इकाई के प्रभारी छट्ठू राम को अनुशासनहीनता के आरोप में दल से निष्कासित कर दिया गया है. दल के मुख्य जोनल प्रभारी मदन राम ने रविवार को जारी बयान में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि छट्ठू राम को दल ने गुजरात का प्रभारी बनाया था, लेकिन उनके अवैध क्रियाकलापों के कारण दल का लोकसभा के पिछले चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन रहा. इसके बाद उन्हें ओडिशा तथा झारखंड और फिर बिहार का प्रभारी बनाया गया. छट्ठू राम के विरुद्ध कार्यकर्ताओं से अवैध धन वसूली और अनुशासनहीनता की शिकायत मिली थी, जिसके बाद पार्टी आलाकमान ने उन्हें दल से निष्कासित कर दिया है.
उधर, छट्ठू राम ने अपने विरुद्ध शिकायतों को खारिज करते हुए बसपा मुखिया मायावती पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि मायावती अपना अधिकतर समय उत्तर प्रदेश में देती हैं मगर क्या कारण है कि इस राज्य में दल का जनाधार निरन्तर कम हो रहा है तथा पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी दल छोड़ रहे हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वेच्छा से बसपा के अपने सभी पदों से त्यागपत्र दिया है. त्यागपत्र देने के बाद उन पर कार्रवाई की गई है. छट्ठू राम मायावती सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रह चुके हैं. वह उत्तर प्रदेश में भी दल के जोनल कोऑर्डिनेटर रहे थे. | बसपा ने बिहार इकाई के प्रभारी को पार्टी से निकाला
मुख्य जोनल प्रभारी मदन राम ने दी जानकारी
कार्यकर्ताओं से अवैध धन वसूली और अनुशासनहीनता की मिली थी शिकायत | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: माइकल फेल्प्स ने चार गुणा 200 मीटर तैराकी फ्रीस्टाइल रिले में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही ओलिंपिक के सबसे सफल खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल कर लिया। 'तरणताल के इस जादूगर' का यह 19वां ओलिंपिक पदक है।
इससे पहले 200 मीटर बटरफ्लाइ में उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा था। फेल्प्स के ओलिंपिक में 15 स्वर्ण पदक हैं, जिनमें से आठ उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में और छह 2004 के एथेंस ओलिंपिक में जीते थे। एथेंस में उन्हें एक कांस्य भी मिला था, जबकि मौजूदा खेलों में वह दो रजत जीत चुके हैं।टिप्पणियां
अमेरिका के इस सुपरस्टार तैराक ने मंगलवार को 200 मीटर बटरफ्लाइ में रजत जीता, जबकि स्वर्ण पदक दक्षिण अफ्रीका के चेड ले क्लोस को मिला। इसके साथ ही फेल्प्स ने सोवियत जिम्नास्ट लारिसा लेटिनिना के 18 ओलिंपिक पदकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
इसके एक घंटे बाद वह रियान लोश्टे, कोनोर डिवायेर और रिकी बेरेंस के साथ चार गुणा 200 मीटर फ्री रिले में लौटे और स्वर्ण जीता। फ्रांस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहा। सभी को लगा था कि फेल्प्स अपना 18वां पदक स्वर्ण के रूप में जीतेंगे, क्योंकि पिछले 10 साल से 200 मीटर फ्लाई में उनका दबदबा रहा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी तैराक ने उन्हें यह कारनामा नहीं करने दिया। फेल्प्स अभी 100 मीटर बटरफ्लाइ और 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में भी उतरेंगे।
इससे पहले 200 मीटर बटरफ्लाइ में उन्हें रजत से ही संतोष करना पड़ा था। फेल्प्स के ओलिंपिक में 15 स्वर्ण पदक हैं, जिनमें से आठ उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में और छह 2004 के एथेंस ओलिंपिक में जीते थे। एथेंस में उन्हें एक कांस्य भी मिला था, जबकि मौजूदा खेलों में वह दो रजत जीत चुके हैं।टिप्पणियां
अमेरिका के इस सुपरस्टार तैराक ने मंगलवार को 200 मीटर बटरफ्लाइ में रजत जीता, जबकि स्वर्ण पदक दक्षिण अफ्रीका के चेड ले क्लोस को मिला। इसके साथ ही फेल्प्स ने सोवियत जिम्नास्ट लारिसा लेटिनिना के 18 ओलिंपिक पदकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
इसके एक घंटे बाद वह रियान लोश्टे, कोनोर डिवायेर और रिकी बेरेंस के साथ चार गुणा 200 मीटर फ्री रिले में लौटे और स्वर्ण जीता। फ्रांस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहा। सभी को लगा था कि फेल्प्स अपना 18वां पदक स्वर्ण के रूप में जीतेंगे, क्योंकि पिछले 10 साल से 200 मीटर फ्लाई में उनका दबदबा रहा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी तैराक ने उन्हें यह कारनामा नहीं करने दिया। फेल्प्स अभी 100 मीटर बटरफ्लाइ और 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में भी उतरेंगे।
अमेरिका के इस सुपरस्टार तैराक ने मंगलवार को 200 मीटर बटरफ्लाइ में रजत जीता, जबकि स्वर्ण पदक दक्षिण अफ्रीका के चेड ले क्लोस को मिला। इसके साथ ही फेल्प्स ने सोवियत जिम्नास्ट लारिसा लेटिनिना के 18 ओलिंपिक पदकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
इसके एक घंटे बाद वह रियान लोश्टे, कोनोर डिवायेर और रिकी बेरेंस के साथ चार गुणा 200 मीटर फ्री रिले में लौटे और स्वर्ण जीता। फ्रांस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहा। सभी को लगा था कि फेल्प्स अपना 18वां पदक स्वर्ण के रूप में जीतेंगे, क्योंकि पिछले 10 साल से 200 मीटर फ्लाई में उनका दबदबा रहा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी तैराक ने उन्हें यह कारनामा नहीं करने दिया। फेल्प्स अभी 100 मीटर बटरफ्लाइ और 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में भी उतरेंगे।
इसके एक घंटे बाद वह रियान लोश्टे, कोनोर डिवायेर और रिकी बेरेंस के साथ चार गुणा 200 मीटर फ्री रिले में लौटे और स्वर्ण जीता। फ्रांस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहा। सभी को लगा था कि फेल्प्स अपना 18वां पदक स्वर्ण के रूप में जीतेंगे, क्योंकि पिछले 10 साल से 200 मीटर फ्लाई में उनका दबदबा रहा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी तैराक ने उन्हें यह कारनामा नहीं करने दिया। फेल्प्स अभी 100 मीटर बटरफ्लाइ और 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले में भी उतरेंगे। | यह एक सारांश है: माइकल फेल्प्स ने चार गुणा 200 मीटर तैराकी फ्रीस्टाइल रिले में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही ओलिंपिक के सबसे सफल खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल कर लिया। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के मशहूर एक्टर व 'जुबली स्टार' दिनेशलाल यादव (Dinesh Lal Yadav) 'निरहुआ' (Nirahua) और एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की फिल्म 'निरहुआ चलल लंदन' (Nirahua Chalal London) 15 फरवरी को देशभर में रिलीज होगी. फिल्म में भोजपुरी के दिनेशलाल यादव 'निरहुआ' और अभिनेत्री आम्रपाली दुबे मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म का निर्माण सोनू खत्री ने किया है और इसके निर्देशक चंद्रा पंत हैं. देसी कहानी पर बनी इस फिल्म की उड़ान लंदन तक है, जो भोजपुरी सिनेमा में पहली बार है.
सोनू खत्री ने बुधवार को कहा, " 'निरहुआ चलल लंदन' (Nirahua Chalal London) देसी स्टोरी के साथ नया लुक एंड फील देगी. यह एक शानदार 'लव स्टोरी' वाली पारिवारिक फिल्म है. इस फिल्म में भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की परिपक्वता भी देखने को मिलेगी." उन्होंने कहा कि फिल्म में सात रोमांटिक गाने हैं, जो बेहद कर्णप्रिय हैं. फिल्म की शूटिंग मुंबई, नेपाल और लंदन में हुई है. फिल्म मनोज टाईगर, सुनील थापा, सबीन श्रेष्ठ, किरण यादव, गोपाल राय, अनूप अरोरा, संतोष पहलवान, सुषमा अधिकारी, रश्मि भाटिया, संतोष मिश्रा, सोनू खत्री भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं.
इंडिया ई कॉमर्स लिमिटेड प्रस्तुत और पशुपतिनाथ प्रोडक्शंस बैनर तले बनी फिल्म की कहानी संतोष मिश्रा ने लिखी है, जबकि फिल्म में संगीत मधुकर आनंद ने दिया है. भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की सुपरहिट जोड़ी आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' (Dinesh Lal Yadav Nirahua) जब भी साथ आती है तो बॉक्स ऑफिस से लेकर यूट्यूब तक पर हंगामा मच जाता है. आम्रपाली को तो यूट्यूब क्वीन तक कहा जाता है. यही नहीं, यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्मों में भी निरहुआ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी का ही राज है. 'निरहुआ हिंदुस्तानी 2' और 'निरहुआ रिक्शावाला 2' सीरीज यूट्यूब (YouTube) पर सुपरहिट है. | सारांश: आम्रपाली दुबे की फिल्म का तहलका
'निरहुआ चलल लंदन' ट्रेलर के 1 करोड़ व्यूज
15 फरवरी रिलीज होगी फिल्म | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय मुक्केबाजों ने लंदन ओलिंपिक के लिये बड़े-बड़े सपने देखे हैं और राष्ट्रीय कोच गुरबख्श सिंह संधू को इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। उनका कहना है कि भारतीय मुक्केबाज आत्ममुग्ध नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं।
संधू ने कहा, भारतीय मुक्केबाजों की यह पीढ़ी अलग है। वे आक्रामक हैं और विरोधी की आंख में देखते हैं। उनके भीतर गजब का आत्मविश्वास है। वे दुनिया के बाकी मुक्केबाजों की जुबान बोलते हैं और मुझे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इससे पहले शिकायतें मिलती थीं कि भारतीय मुक्केबाज विरोधियों के सामने कमजोर पड़ जाते हैं। अब जबकि वे उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं, तो उन्हें आत्ममुग्ध क्यों कहा जाए। दुनियाभर के मुक्केबाज ऐसे ही बात करते हैं। मुक्केबाजों को पता है कि करोड़ों भारतीयों की नजरें उन पर हैं, जो उनके लिए दुआ कर रहे हैं। उनका खेल महत्वपूर्ण है और वे अपने दम पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से लड़कर यहां आए हैं।
यह पूछने पर कि मुक्केबाज अचानक भारतीय मीडिया के पसंदीदा कैसे हो गए, कोच ने कहा, इसका कारण यह है कि पिछले पांच- छह साल में भारतीय मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
संधू ने कहा, भारतीय मुक्केबाजों की यह पीढ़ी अलग है। वे आक्रामक हैं और विरोधी की आंख में देखते हैं। उनके भीतर गजब का आत्मविश्वास है। वे दुनिया के बाकी मुक्केबाजों की जुबान बोलते हैं और मुझे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इससे पहले शिकायतें मिलती थीं कि भारतीय मुक्केबाज विरोधियों के सामने कमजोर पड़ जाते हैं। अब जबकि वे उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं, तो उन्हें आत्ममुग्ध क्यों कहा जाए। दुनियाभर के मुक्केबाज ऐसे ही बात करते हैं। मुक्केबाजों को पता है कि करोड़ों भारतीयों की नजरें उन पर हैं, जो उनके लिए दुआ कर रहे हैं। उनका खेल महत्वपूर्ण है और वे अपने दम पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से लड़कर यहां आए हैं।
यह पूछने पर कि मुक्केबाज अचानक भारतीय मीडिया के पसंदीदा कैसे हो गए, कोच ने कहा, इसका कारण यह है कि पिछले पांच- छह साल में भारतीय मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, इससे पहले शिकायतें मिलती थीं कि भारतीय मुक्केबाज विरोधियों के सामने कमजोर पड़ जाते हैं। अब जबकि वे उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं, तो उन्हें आत्ममुग्ध क्यों कहा जाए। दुनियाभर के मुक्केबाज ऐसे ही बात करते हैं। मुक्केबाजों को पता है कि करोड़ों भारतीयों की नजरें उन पर हैं, जो उनके लिए दुआ कर रहे हैं। उनका खेल महत्वपूर्ण है और वे अपने दम पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से लड़कर यहां आए हैं।
यह पूछने पर कि मुक्केबाज अचानक भारतीय मीडिया के पसंदीदा कैसे हो गए, कोच ने कहा, इसका कारण यह है कि पिछले पांच- छह साल में भारतीय मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
यह पूछने पर कि मुक्केबाज अचानक भारतीय मीडिया के पसंदीदा कैसे हो गए, कोच ने कहा, इसका कारण यह है कि पिछले पांच- छह साल में भारतीय मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। | यहाँ एक सारांश है:संधू ने कहा, भारतीय मुक्केबाजों की यह पीढ़ी अलग है। वे आक्रामक हैं और विरोधी की आंख में देखते हैं। उनके भीतर गजब का आत्मविश्वास है। वे दुनिया के बाकी मुक्केबाजों की जबान बोलते हैं और मुझे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1971 की लड़ाई के समय लापता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवलदार सुरजीत सिंह जीवित हैं। लड़ाई के तीन वर्ष बाद भारत सरकार ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया था। सुरजीत राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात थे। 40 वर्ष बाद उनके जीवित होने की सूचना पाकर सुरजीत के परिवार में खुशी की लहर दौड़ आई है। सुरजीत के परिजनों के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने इस बात की पुष्टि की है कि सुरजीत पाकिस्तान की एक जेल में हैं। फरीदकोट कस्बे में रहने वाली सुरजीत की पत्नी अंग्रेज कौर (61) ने बताया, "कई लोगों ने मुझे दोबारा शादी करने के लिए कहा लेकिन मुझे विश्वास था कि मेरे पति लौटेंगे। मैं यह जानकर खुश हैं कि मैं विधवा नहीं हूं। अब मैं उस क्षण की प्रतीक्षा कर रही हूं जब मैं उनको देखूंगी।" पेशे से फोटोग्राफर सुरजीत के पुत्र अमरीक (39) ने कहा, "पाकिस्तान की जेल में बंद मलेरकोटला निवासी खुशी मोहम्मद ने वर्ष 2004 में भारत लौटने पर हमें बताया कि मेरे पिता जीवित हैं और वह लाहौर की एक जेल में बंद हैं। इसके बाद हम सरकार और बीएसएफ से मिले लेकिन हमें दोनों जगह से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।" इस दौरान पाकिस्तान से लौटने वाले कई भारतीय कैदियों ने सुरदीप के परिजनों को बताया कि वह जीवित हैं और वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं। सुरदीप के परिवार को कई वर्ष के बाद भी जब भारत सरकार से मदद नहीं मिली तो उन्होंने बर्नी से मदद मांगी। अमरीक ने बताया कि वह अपने दोस्त अजय मेहरा के जरिए कुछ महीने पहले बर्नी से मिला था। बर्नी ने भरोसा दिलाया कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी एवं प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मिलकर इस मामले पर चर्चा करेंगे। मेहरा ने बताया कि बर्नी लाहौर की जेल में जाकर गत 28 अप्रैल को सुरजीत से मिले और इसके बारे में उन्होंने उसे बताया। आधिकारिक अभिलेखों के मुताबिक तेहना गांव निवासी सुरजीत तीन दिसम्बर 1971 की रात जैसलमेर से लापता हो गए और उन्हें वर्ष 1974 में शहीद घोषित कर दिया गया। इसके बाद से उनकी पत्नी कौर को पेंशन और अन्य लाभ दिए जाने लगे। | यह एक सारांश है: भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1971 की लड़ाई के समय लापता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवलदार सुरजीत सिंह जीवित हैं। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने खुदरा बाजार में विदेशी पूंजी निवेश (रिटेल में एफडीआई) को देश के लिए घातक बताते हुए कहा है कि संघ इसका कड़ा विरोध करता है।
भागवत ने रविवार को जयपुर के जामडोली में चल रहे चैतन्य शिविर में भाग ले रहे स्वयं सेवकों के प्रश्नों के जवाब देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश से देश का आम व्यापारी संकट में आ जाएगा। देश के सामान्य व्यापारी को मौजूदा समय में इन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से मुकाबला करने का न तो प्रशिक्षण दिया जाता है और न ही इसकी तैयारी है।
उन्होंने देश के समक्ष ज्वलंत चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि चीन की नीति हमेशा से साम्राज्यवादी रही है इसलिए हमें अपनी सुरक्षा की दृष्टि से सामरिक तैयारी मजबूत रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन की जनता सांस्कृतिक एवं भावनात्मक रूप से भारत को गुरु मानती है, इसे ध्यान में रखते हुए चीन की जनता में भारत के प्रति अच्छा वातावरण बनाने का प्रयास होना चाहिए।टिप्पणियां
संघ प्रमुख ने विदेशों में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में कहा कि केन्द्र सरकार को पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित उन सभी देशों पर दबाव बनाना चाहिए जिन देशों में हिन्दुओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अभी हाल ही में पाकिस्तान से जोधपुर आए हिन्दुओं को शरणार्थी का दर्जा देकर उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर शक्ति सम्पन्न नहीं हो जाता तब तक हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान हो पाना कठिन है।
भागवत ने रविवार को जयपुर के जामडोली में चल रहे चैतन्य शिविर में भाग ले रहे स्वयं सेवकों के प्रश्नों के जवाब देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश से देश का आम व्यापारी संकट में आ जाएगा। देश के सामान्य व्यापारी को मौजूदा समय में इन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से मुकाबला करने का न तो प्रशिक्षण दिया जाता है और न ही इसकी तैयारी है।
उन्होंने देश के समक्ष ज्वलंत चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि चीन की नीति हमेशा से साम्राज्यवादी रही है इसलिए हमें अपनी सुरक्षा की दृष्टि से सामरिक तैयारी मजबूत रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन की जनता सांस्कृतिक एवं भावनात्मक रूप से भारत को गुरु मानती है, इसे ध्यान में रखते हुए चीन की जनता में भारत के प्रति अच्छा वातावरण बनाने का प्रयास होना चाहिए।टिप्पणियां
संघ प्रमुख ने विदेशों में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में कहा कि केन्द्र सरकार को पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित उन सभी देशों पर दबाव बनाना चाहिए जिन देशों में हिन्दुओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अभी हाल ही में पाकिस्तान से जोधपुर आए हिन्दुओं को शरणार्थी का दर्जा देकर उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर शक्ति सम्पन्न नहीं हो जाता तब तक हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान हो पाना कठिन है।
उन्होंने देश के समक्ष ज्वलंत चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि चीन की नीति हमेशा से साम्राज्यवादी रही है इसलिए हमें अपनी सुरक्षा की दृष्टि से सामरिक तैयारी मजबूत रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन की जनता सांस्कृतिक एवं भावनात्मक रूप से भारत को गुरु मानती है, इसे ध्यान में रखते हुए चीन की जनता में भारत के प्रति अच्छा वातावरण बनाने का प्रयास होना चाहिए।टिप्पणियां
संघ प्रमुख ने विदेशों में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में कहा कि केन्द्र सरकार को पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित उन सभी देशों पर दबाव बनाना चाहिए जिन देशों में हिन्दुओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अभी हाल ही में पाकिस्तान से जोधपुर आए हिन्दुओं को शरणार्थी का दर्जा देकर उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर शक्ति सम्पन्न नहीं हो जाता तब तक हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान हो पाना कठिन है।
संघ प्रमुख ने विदेशों में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के संदर्भ में कहा कि केन्द्र सरकार को पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित उन सभी देशों पर दबाव बनाना चाहिए जिन देशों में हिन्दुओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अभी हाल ही में पाकिस्तान से जोधपुर आए हिन्दुओं को शरणार्थी का दर्जा देकर उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर शक्ति सम्पन्न नहीं हो जाता तब तक हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान हो पाना कठिन है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर शक्ति सम्पन्न नहीं हो जाता तब तक हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान हो पाना कठिन है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने खुदरा बाजार में विदेशी पूंजी निवेश (रिटेल में एफडीआई) को देश के लिए घातक बताते हुए कहा है कि संघ इसका कड़ा विरोध करता है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन ने एक पूर्व सीबीआई अधिकारी के इस दावे को खारिज कर दिया कि आईबी के प्रमुख के पद पर रहते हुए नारायणन ने वह वीडियो कथित तौर पर दबा दिया था जिसमें 21 मई 1991 को सार्वजनिक सभा में राजीव गांधी की हत्यारिन धनु को दिखाया गया था। 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।
ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आए नारायणन ने कहा, ‘मैं नहीं जानता.. मेरे विचार से वह अपनी किताब बेचना चाहते हैं। नारायणन की प्रतिक्रिया, के रागोतमन द्वारा अपनी किताब ‘कॉन्सपिरेसी टू किल राजीव गांधी.. फ्रॉम सीबीआई फाइल्स’ में इस संबंध में किए गए दावे पर पूछे गए सवाल के जवाब में आई।
रागोतमन ने किताब में कहा है कि तब नारायणन आईबी के प्रमुख थे और उन्होंने राजीव की हत्या से संबंधित वीडियो दबा दिया था। यह वीडियो 21 मई को राजीव की सभा के आयोजकों द्वारा भाड़े पर लिए एक स्थानीय वीडियोग्राफर ने शूट किया था।टिप्पणियां
राजीव गांधी हत्याकांड मामले की जांच कर चुके रागोतमन ने आरोप लगाया है कि विशेष जांच दल के तत्कालीन प्रमुख डीआर कार्तिकेयन ने वीडियो को गंभीरता से नहीं लिया और नारायणन को अपने तरीके से काम करने की अनुमति दे दी।
नारायणन ने कहा, पूरी जांच हुई थी .. और काम पूरा भी हो गया ... किताब में जो लिखा है वह नया नहीं है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन ऑस्ट्रेलिया इंडिया इन्स्टीट्यूट (एआईआई) द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज समारोह में भाग ले रहे थे। यह आयोजन एआईआई की सालाना बैठक के भाग के तौर पर आयोजित किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आए नारायणन ने कहा, ‘मैं नहीं जानता.. मेरे विचार से वह अपनी किताब बेचना चाहते हैं। नारायणन की प्रतिक्रिया, के रागोतमन द्वारा अपनी किताब ‘कॉन्सपिरेसी टू किल राजीव गांधी.. फ्रॉम सीबीआई फाइल्स’ में इस संबंध में किए गए दावे पर पूछे गए सवाल के जवाब में आई।
रागोतमन ने किताब में कहा है कि तब नारायणन आईबी के प्रमुख थे और उन्होंने राजीव की हत्या से संबंधित वीडियो दबा दिया था। यह वीडियो 21 मई को राजीव की सभा के आयोजकों द्वारा भाड़े पर लिए एक स्थानीय वीडियोग्राफर ने शूट किया था।टिप्पणियां
राजीव गांधी हत्याकांड मामले की जांच कर चुके रागोतमन ने आरोप लगाया है कि विशेष जांच दल के तत्कालीन प्रमुख डीआर कार्तिकेयन ने वीडियो को गंभीरता से नहीं लिया और नारायणन को अपने तरीके से काम करने की अनुमति दे दी।
नारायणन ने कहा, पूरी जांच हुई थी .. और काम पूरा भी हो गया ... किताब में जो लिखा है वह नया नहीं है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन ऑस्ट्रेलिया इंडिया इन्स्टीट्यूट (एआईआई) द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज समारोह में भाग ले रहे थे। यह आयोजन एआईआई की सालाना बैठक के भाग के तौर पर आयोजित किया गया था।
रागोतमन ने किताब में कहा है कि तब नारायणन आईबी के प्रमुख थे और उन्होंने राजीव की हत्या से संबंधित वीडियो दबा दिया था। यह वीडियो 21 मई को राजीव की सभा के आयोजकों द्वारा भाड़े पर लिए एक स्थानीय वीडियोग्राफर ने शूट किया था।टिप्पणियां
राजीव गांधी हत्याकांड मामले की जांच कर चुके रागोतमन ने आरोप लगाया है कि विशेष जांच दल के तत्कालीन प्रमुख डीआर कार्तिकेयन ने वीडियो को गंभीरता से नहीं लिया और नारायणन को अपने तरीके से काम करने की अनुमति दे दी।
नारायणन ने कहा, पूरी जांच हुई थी .. और काम पूरा भी हो गया ... किताब में जो लिखा है वह नया नहीं है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन ऑस्ट्रेलिया इंडिया इन्स्टीट्यूट (एआईआई) द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज समारोह में भाग ले रहे थे। यह आयोजन एआईआई की सालाना बैठक के भाग के तौर पर आयोजित किया गया था।
राजीव गांधी हत्याकांड मामले की जांच कर चुके रागोतमन ने आरोप लगाया है कि विशेष जांच दल के तत्कालीन प्रमुख डीआर कार्तिकेयन ने वीडियो को गंभीरता से नहीं लिया और नारायणन को अपने तरीके से काम करने की अनुमति दे दी।
नारायणन ने कहा, पूरी जांच हुई थी .. और काम पूरा भी हो गया ... किताब में जो लिखा है वह नया नहीं है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन ऑस्ट्रेलिया इंडिया इन्स्टीट्यूट (एआईआई) द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज समारोह में भाग ले रहे थे। यह आयोजन एआईआई की सालाना बैठक के भाग के तौर पर आयोजित किया गया था।
नारायणन ने कहा, पूरी जांच हुई थी .. और काम पूरा भी हो गया ... किताब में जो लिखा है वह नया नहीं है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नारायणन ऑस्ट्रेलिया इंडिया इन्स्टीट्यूट (एआईआई) द्वारा आयोजित एक रात्रि भोज समारोह में भाग ले रहे थे। यह आयोजन एआईआई की सालाना बैठक के भाग के तौर पर आयोजित किया गया था। | राज्यपाल एमके नारायणन ने एक पूर्व सीबीआई अधिकारी के इस दावे को खारिज कर दिया कि आईबी के प्रमुख के पद पर रहते हुए नारायणन ने राजीव गांधी की हत्या से जुड़े वीडियो कथित तौर पर दबा दिया था। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बैठक में केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लागू और वहां चल रहे विकास कार्यों पर ही विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. गौरतलब है कि इस बैठक से कुछ ही दिन पहले शाह ने 2019 के आम चुनावों की रणनीति की रूपरेखा सार्वजनिक की है. संभव है कि बैठक में इसपर भी चर्चा हो कि शाह ने पार्टी के नेताओं से कहा है कि वह 120 सीटों पर विशेष ध्यान दें जिन पर जीत हासिल की जा सकती है.टिप्पणियां
वीडियो- कितने सही हैं पीएम के कालेधन में कमी के आंकड़े
साल 2014 के चुनाव में बीजेपी इन सीटों पर हार गई थी. पार्टी का लक्ष्य 2019 में 350 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल करना है.
वीडियो- कितने सही हैं पीएम के कालेधन में कमी के आंकड़े
साल 2014 के चुनाव में बीजेपी इन सीटों पर हार गई थी. पार्टी का लक्ष्य 2019 में 350 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल करना है.
साल 2014 के चुनाव में बीजेपी इन सीटों पर हार गई थी. पार्टी का लक्ष्य 2019 में 350 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल करना है. | सारांश: पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज करेंगे बैठक
बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे
विकास और सामाजिक कल्याण कार्यों का जायजा लेंगे | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स इस साल जून तक 20,000 अंक के स्तर को छू जाएगा।टिप्पणियां
जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कारोबारी विश्वास में गिरावट के बावजूद सेंसेक्स के वर्तमान 17,000 अंक के स्तर से जून तक 20,000 अंक पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
‘निवेशक विश्वास सूचकांक’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय निवेशक और सलाहकार शेयर बाजारों में हाल के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं हैं। 48 फीसद खुदरा निवेशकों तथा 76 प्रतिशत सलाहकारों का मानना है कि जून, 2012 में सेंसेक्स 17,000 से 20,000 अंक के बीच कारोबार करेगा।
जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कारोबारी विश्वास में गिरावट के बावजूद सेंसेक्स के वर्तमान 17,000 अंक के स्तर से जून तक 20,000 अंक पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
‘निवेशक विश्वास सूचकांक’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय निवेशक और सलाहकार शेयर बाजारों में हाल के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं हैं। 48 फीसद खुदरा निवेशकों तथा 76 प्रतिशत सलाहकारों का मानना है कि जून, 2012 में सेंसेक्स 17,000 से 20,000 अंक के बीच कारोबार करेगा।
‘निवेशक विश्वास सूचकांक’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय निवेशक और सलाहकार शेयर बाजारों में हाल के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं हैं। 48 फीसद खुदरा निवेशकों तथा 76 प्रतिशत सलाहकारों का मानना है कि जून, 2012 में सेंसेक्स 17,000 से 20,000 अंक के बीच कारोबार करेगा। | बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स इस साल जून तक 20,000 अंक के स्तर को छू जाएगा। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बता दें कि सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्तों को लेकर असमंजस की स्थिति है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं. अब जब अशोक लवासा समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और जल्द ही वित्तमंत्री अरुण जेटली इस रिपोर्ट पर कोई अंतिम फैसला सरकार की ओर से ले लेंगे.
बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. कर्मचारियों का कहना है कि वह इस दर को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. कर्मचारियों का कहना है कि वह इस दर को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. | संक्षिप्त सारांश: वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर कर्मचारी अभी तक असमंजस में
कई मुद्दों पर कर्मचारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई.
16 मार्च को हड़ताल की चेतावनी | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार और सेना के बीच विवाद के अटकलों के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने आगाह किया कि उनकी लोकतांत्रिक सरकार को हटाने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। इसके साथ ही गिलानी ने कहा है कि कोई भी संस्थान देश की व्यवस्था के भीतर किसी दूसरी व्यवस्था की तरह नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह अवाम को फैसला करना है कि वे निर्वाचित लोगों चाहते हैं अथवा किसी तानाशाह को पसंद करते हैं। पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में गिलानी ने कहा, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि साजिशें रची जा रही हैं। ये साजिशें निर्वाचित सरकार को हटाने के लिए चल रही हैं। उन्होंने कहा, मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि हम सरकार में रहें अथवा विपक्ष में रहें, पाकिस्तान की आवाम के हक के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। गिलानी ने अपनी सरकार और सेना के बीच मतभेदों के संदर्भ में कहा, कोई संस्थान एक देश की व्यवस्था के भीतर अलग व्यवस्था नहीं बन सकता। उन्होंने कहा, यह कोई नहीं कह सकता कि वह सरकार के तहत नहीं है। इस देश का हर संस्थान प्रधानमंत्री के नीचे आता है। ऐसा दावा कोई नहीं कर सकता कि वह स्वतंत्र है। अगर कोई सोचता है कि वह सरकार के नियंत्रण से बाहर है तो वह गलत है। उन्होंने कहा, सभी सरकार के तहत हैं और आगे भी सरकार के तहत बने रहेंगे क्योंकि हम निर्वाचित और पाकिस्तान की जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। गिलानी की यह टिप्पणी पाकिस्तान की असैन्य सरकार और सेना के बीच उपजे तनाव की पृष्ठभूमि में आई है। मेमेगोट विवाद के बाद से दोनों के बीच तल्खी की बात सामने आ रही है। | यह एक सारांश है: सरकार और सेना के बीच विवाद के अटकलों के बीच पाक प्रधानमंत्री गिलानी ने आगाह किया कि उनकी सरकार को हटाने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में से एक सचिन तेंदुलकर ने उस समय को याद किया, जब उन्होंने अपनी पसंदीदा लक्जरी कार बीएमडब्ल्यू खरीदी थी, लेकिन पुरानी। कारों के शौकीन तेंदुलकर ने 1993 में 20 बरस की उम्र में बीएमडब्ल्यू खरीदी थी।टिप्पणियां
तेंदुलकर ने जर्मन कार की नई सीरीज के लॉन्च के मौके पर कहा, मैं हमेशा से बीएमडब्ल्यू का प्रशंसक था, लेकिन कार से मेरा जुड़ाव उस समय शुरू हुआ, जब मैं 14 साल का था। मैंने पहली बीएमडब्ल्यू 1993 में खरीदी थी। उस समय इतना पैसा नहीं था, तो मैंने पुरानी कार खरीदी।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'फोर्ब्स' के अनुसार सचिन ने पिछले साल एक करोड़ 86 लाख डॉलर कमाए, जिसमें से अधिकांश प्रायोजन करार से मिले। तेंदुलकर इस समय एडीडास, कोका कोला, कैस्ट्राल और तोशिबा जैसी कंपनियों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वह कार चलाने के शौकीन है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं, तो मुझे ड्राइविंग पसंद है। मेरा ड्राइवर आम तौर पर पीछे बैठता है। परिवार के साथ होने पर मैं पीछे बैठता हूं।
तेंदुलकर ने जर्मन कार की नई सीरीज के लॉन्च के मौके पर कहा, मैं हमेशा से बीएमडब्ल्यू का प्रशंसक था, लेकिन कार से मेरा जुड़ाव उस समय शुरू हुआ, जब मैं 14 साल का था। मैंने पहली बीएमडब्ल्यू 1993 में खरीदी थी। उस समय इतना पैसा नहीं था, तो मैंने पुरानी कार खरीदी।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'फोर्ब्स' के अनुसार सचिन ने पिछले साल एक करोड़ 86 लाख डॉलर कमाए, जिसमें से अधिकांश प्रायोजन करार से मिले। तेंदुलकर इस समय एडीडास, कोका कोला, कैस्ट्राल और तोशिबा जैसी कंपनियों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वह कार चलाने के शौकीन है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं, तो मुझे ड्राइविंग पसंद है। मेरा ड्राइवर आम तौर पर पीछे बैठता है। परिवार के साथ होने पर मैं पीछे बैठता हूं।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'फोर्ब्स' के अनुसार सचिन ने पिछले साल एक करोड़ 86 लाख डॉलर कमाए, जिसमें से अधिकांश प्रायोजन करार से मिले। तेंदुलकर इस समय एडीडास, कोका कोला, कैस्ट्राल और तोशिबा जैसी कंपनियों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वह कार चलाने के शौकीन है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं, तो मुझे ड्राइविंग पसंद है। मेरा ड्राइवर आम तौर पर पीछे बैठता है। परिवार के साथ होने पर मैं पीछे बैठता हूं। | यह एक सारांश है: सचिन तेंदुलकर ने उस समय को याद किया, जब उन्होंने अपनी पसंदीदा लक्जरी कार बीएमडब्ल्यू खरीदी थी, लेकिन पुरानी। तेंदुलकर ने 1993 में 20 बरस की उम्र में बीएमडब्ल्यू खरीदी थी। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि ऐसा लगता है कि वह केवल केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को निशाना बना रहे हैं। ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के सम्पादकीय में लिखा कि महाराष्ट्र और शेष भारत में अन्ना को केवल पवार ही भ्रष्ट नेता नजर आते हैं, जबकि अन्य धुले हुए चावलों की तरह स्वच्छ छवि के लगते हैं। उन्होंने कहा, यदि ऐसा है तो क्या सिर्फ पवार के लिए लोकपाल विधेयक का प्रस्ताव रखा गया है। आप (अन्ना) जंतर-मंतर पर अनशन क्यों कर रहे हैं और अपनी हड्डियां क्यों गला रहे हैं। पवार और अन्ना दोनों महाराष्ट्र से हैं, तब आप शेष देश के सामने महाराष्ट्र को क्यों बेज्जत कर रहे हैं। आप केवल उन्हें ही क्यों लक्ष्य कर रहे हैं। अन्ना ने मंगलवार को अपने ब्लॉग पर लिखा था कि पवार को भ्रष्टों का बचाव करने की पुरानी आदत है। ठाकरे ने उनके इस वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि अन्ना 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में संलिप्तता के आरोपी केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम के साथ सहयोग करने वालों के खिलाफ क्यों नहीं बोलते। गौरतलब है कि मूल्य वृद्धि एवं भ्रष्टाचार के मसले पर पिछले महीने दिल्ली में एक आदमी ने पवार को थप्पड़ मारा था। ठाकरे ने गांधी के दर्शन पर अन्ना की जानकारी पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी टोपी पहन लेने से आप गांधी नहीं हो जाएंगे। उन्होंने कहा, गांधी को पढ़ें और अनुभव करें। उन्होंने कभी भी शब्दों, विचारों या कृत्यों में हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया। अन्ना ने पहले तो पवार को थप्पड़ मारने की घटना का समर्थन किया, फिर इस पर अफसोस जताया और फिर दोबारा इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अन्ना अपने सहयोगियों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। ठाकरे ने कहा कि ये सहयोगी अन्ना के मार्फत अपने विचार प्रकट कर रहे हैं, जो खतरनाक है। उन्होंने कहा, यह कुछ ऐसा है कि जैसे अन्ना की कमर है और उस पर किसी और की धोती है। इन लोगों में अपने ब्लॉग पर सोनिया गांधी, उनके रिश्तेदारों और बोफोर्स घोटाले पर सवाल उठाने का साहस नहीं है। अंत में ठाकरे ने कहा, हमें चुनावों के जरिए शरद पवार और उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की हार सुनिश्चित करनी है। इसके लिए हमें अन्ना की मौखिक माफिया भाषा की आवश्यकता नहीं है। | यह एक सारांश है: शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वह केवल शरद पवार को निशाना बना रहे हैं। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मिस्र में राष्ट्रपति के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकतंत्र समर्थक नेता मोहम्मद अल बरदेई ने राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नए उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नियुक्ति पर्याप्त नहीं है। नोबल पुरस्कार विजेता बरदेई का यह बयान शनिवार को खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख उमर सुलेमानी के उपराष्ट्रपति और पूर्व वायुसेना कमांडर और उड्डयन मंत्री अहमद शफीक के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आया है। देश में 30 साल से जारी मुबारक के शासन के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों रोकने के लिए यह बदलाव किया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक अल बरदेई ने कहा कि वह सुलेमानी और शफीक का सम्मान करते हैं लेकिन विभिन्न पदों पर लोगों को बदलना पर्याप्त कदम नहीं है। मुबारक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हजारों प्रदर्शनकारियों ने मध्य काहिरा में प्रदर्शन किया। काहिरा के ताहिरा चौराहे पर भी सैकड़ों प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा रहा। सरकार के खिलाफ मंगलवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुआ था लेकिन अगले दिनों में विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। इस सप्ताह मिस्र में 1,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोग लापता हैं। | सारांश: लोकतंत्र समर्थक नेता मोहम्मद अल बरदेई ने हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नए उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नियुक्ति पर्याप्त नहीं है। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने शनिवार को कहा कि गत वर्ष 16 दिसंबर को हुई दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना ‘एकमात्र’ नहीं थी बल्कि कई घटनाओं में से एक थी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कबीर ने कहा, ‘‘दिल्ली में 16 दिसंबर को जो कुछ हुआ वह दुखद और गलत था और कुछ असाधारण था लेकिन साथ ही यह एकमात्र घटना नहीं थी। इसे एक रूप में विशिष्ट स्थिति बना दी गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्भया या दामिनी नाम की लड़की जिसकी बर्बर हमले में मृत्यु हो गई वह एकमात्र घटना नहीं थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगले दिन समाचार पत्रों ने घटना के खिलाफ आक्रोश में चीख पुकार मचाई लेकिन उसी दिन 10 वर्षीय दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसे जला दिए जाने की घटना को अंदर के पन्ने पर सिर्फ पांच से दस लाइनों में जगह दी गई।’’
उन्होंने आश्चर्य के साथ कहा, ‘‘दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार को सरकारों और विभिन्न निकायों ने भारी मुआवजा दिया। लेकिन उस छोटी दलित लड़की का क्या हुआ। क्या उसके परिवार को कुछ मिला।’’ टिप्पणियां
सीजेआई ने कहा, ‘‘हमें इन लोगों को पूर्ण नियंत्रण में लेने की आवश्यकता है ताकि यह दर्शाया जा सके कि महिलाओं से निपटने का यह तरीका नहीं है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कबीर ने कहा, ‘‘दिल्ली में 16 दिसंबर को जो कुछ हुआ वह दुखद और गलत था और कुछ असाधारण था लेकिन साथ ही यह एकमात्र घटना नहीं थी। इसे एक रूप में विशिष्ट स्थिति बना दी गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्भया या दामिनी नाम की लड़की जिसकी बर्बर हमले में मृत्यु हो गई वह एकमात्र घटना नहीं थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगले दिन समाचार पत्रों ने घटना के खिलाफ आक्रोश में चीख पुकार मचाई लेकिन उसी दिन 10 वर्षीय दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसे जला दिए जाने की घटना को अंदर के पन्ने पर सिर्फ पांच से दस लाइनों में जगह दी गई।’’
उन्होंने आश्चर्य के साथ कहा, ‘‘दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार को सरकारों और विभिन्न निकायों ने भारी मुआवजा दिया। लेकिन उस छोटी दलित लड़की का क्या हुआ। क्या उसके परिवार को कुछ मिला।’’ टिप्पणियां
सीजेआई ने कहा, ‘‘हमें इन लोगों को पूर्ण नियंत्रण में लेने की आवश्यकता है ताकि यह दर्शाया जा सके कि महिलाओं से निपटने का यह तरीका नहीं है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निर्भया या दामिनी नाम की लड़की जिसकी बर्बर हमले में मृत्यु हो गई वह एकमात्र घटना नहीं थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगले दिन समाचार पत्रों ने घटना के खिलाफ आक्रोश में चीख पुकार मचाई लेकिन उसी दिन 10 वर्षीय दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसे जला दिए जाने की घटना को अंदर के पन्ने पर सिर्फ पांच से दस लाइनों में जगह दी गई।’’
उन्होंने आश्चर्य के साथ कहा, ‘‘दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार को सरकारों और विभिन्न निकायों ने भारी मुआवजा दिया। लेकिन उस छोटी दलित लड़की का क्या हुआ। क्या उसके परिवार को कुछ मिला।’’ टिप्पणियां
सीजेआई ने कहा, ‘‘हमें इन लोगों को पूर्ण नियंत्रण में लेने की आवश्यकता है ताकि यह दर्शाया जा सके कि महिलाओं से निपटने का यह तरीका नहीं है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’
उन्होंने आश्चर्य के साथ कहा, ‘‘दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार को सरकारों और विभिन्न निकायों ने भारी मुआवजा दिया। लेकिन उस छोटी दलित लड़की का क्या हुआ। क्या उसके परिवार को कुछ मिला।’’ टिप्पणियां
सीजेआई ने कहा, ‘‘हमें इन लोगों को पूर्ण नियंत्रण में लेने की आवश्यकता है ताकि यह दर्शाया जा सके कि महिलाओं से निपटने का यह तरीका नहीं है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’
सीजेआई ने कहा, ‘‘हमें इन लोगों को पूर्ण नियंत्रण में लेने की आवश्यकता है ताकि यह दर्शाया जा सके कि महिलाओं से निपटने का यह तरीका नहीं है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’
कबीर ने कहा कि समाज को आदर्श बनाने की आदत है। कबीर ने कहा, ‘‘मुख्य मुद्दा महिलाओं के प्रति पुरुषों की विचित्र मानसिकता का है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने शनिवार को कहा कि गत वर्ष 16 दिसंबर को हुई दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना ‘एकमात्र’ नहीं थी बल्कि कई घटनाओं में से एक थी। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में एच-1 बी वीजा में कटौती के विरोध में भारत ने लॉबिंग शुरू कर दी है. पिछले दिनों अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में एच-1 बी वीजा कम करने के लिए बिल पेश किया गया है. इसमें शर्त रखी गई है कि अमेरिका में जिन लोगों की न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होगी उन्हें ही एच-1 बी वीजा जारी किया जाएगा. इस शर्त से भारतीय टेक सेक्टर घबराया हुआ है. बताया जा रहा है कि इससे इस सेक्टर से जुड़े करीब 35 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, 'नई दिल्ली ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार से बातचीत की है. उनसे कहा गया है कि उनके इस फैसले से भारत की 150 अरब डॉलर की आईटी सर्विस इंडस्ट्री प्रभावित होगी.'
सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि भारत की ओर से अमेरिका में होने वाले निवेश से वहां के लोगों को रोजगार मिलता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ट्रंप सरकार से कह चुके हैं कि वे कुशल कुशल पेशेवरों की आवाजाही के मामले में संतुलित और दूरदर्शी नजरिया अपनाए.
मालूम हो कि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो आदि 1990 के दशक से अमेरिका में काम कर रही हैं. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा दिया था. इसके बाद से यहां काम करने वाली बाहरी कंपनियों में भय है.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, 'नई दिल्ली ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार से बातचीत की है. उनसे कहा गया है कि उनके इस फैसले से भारत की 150 अरब डॉलर की आईटी सर्विस इंडस्ट्री प्रभावित होगी.'
सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि भारत की ओर से अमेरिका में होने वाले निवेश से वहां के लोगों को रोजगार मिलता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ट्रंप सरकार से कह चुके हैं कि वे कुशल कुशल पेशेवरों की आवाजाही के मामले में संतुलित और दूरदर्शी नजरिया अपनाए.
मालूम हो कि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो आदि 1990 के दशक से अमेरिका में काम कर रही हैं. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा दिया था. इसके बाद से यहां काम करने वाली बाहरी कंपनियों में भय है.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि भारत की ओर से अमेरिका में होने वाले निवेश से वहां के लोगों को रोजगार मिलता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ट्रंप सरकार से कह चुके हैं कि वे कुशल कुशल पेशेवरों की आवाजाही के मामले में संतुलित और दूरदर्शी नजरिया अपनाए.
मालूम हो कि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो आदि 1990 के दशक से अमेरिका में काम कर रही हैं. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा दिया था. इसके बाद से यहां काम करने वाली बाहरी कंपनियों में भय है.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ट्रंप सरकार से कह चुके हैं कि वे कुशल कुशल पेशेवरों की आवाजाही के मामले में संतुलित और दूरदर्शी नजरिया अपनाए.
मालूम हो कि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो आदि 1990 के दशक से अमेरिका में काम कर रही हैं. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा दिया था. इसके बाद से यहां काम करने वाली बाहरी कंपनियों में भय है.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
मालूम हो कि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, इंफोसिस लिमिटेड, विप्रो आदि 1990 के दशक से अमेरिका में काम कर रही हैं. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा दिया था. इसके बाद से यहां काम करने वाली बाहरी कंपनियों में भय है.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
दरअसल, भारत के ज्यादातर प्रोफेशनल्स एच-1 बी वीजा के जरिए अमेरिका में नौकरी करने जाते हैं. इस वीजा के तहत किसी दूसरे देश का नागरिक अमेरिका में छह साल तक नौकरी कर सकता है. इस वीजा को पाने के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर होने से भारतीय कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही जा रही है. एच-1 बी वीजा के नियम और शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में पेश किया गया है.टिप्पणियां
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
नैसकॉम ( National Association of Software and Services Companies) ट्रंप सरकार के प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही है. अपनी बात अमेरिकी सरकार तक पहुंचाने के लिए नैसकॉम का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय अमेरिका में ही है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने बताया कि एच-1 बी वीजा मुद्दे पर ट्रंप सरकार से बातचीत के लिए भारत के लोग वहां भेजे गए हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं.
करीब 86 प्रतिशत भारतीयों को एच-1 बी वीजा कंप्यूटर और 46.5 प्रतिशत को इंजीनियरिंग पोजीशन के लिए दिया गया है. 2016 में 2.36 लाख लोगों ने इस वीजा के लिए आवेदन किया था. अमेरिका से वर्तमान में हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी किये जाते हैं. | यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी संसद में एच-1 बी वीजा को लेकर नया बिल पेश.
नए नियम के तहत एच-1 बी वीजा के लिए न्यूनतम सैलरी 1.30 लाख US डॉलर.
इस फैसले से भारत की 150 अरब डॉलर की आईटी सर्विस इंडस्ट्री प्रभावित होगी. | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर कोरीडिया गांव और महरवा स्टेशन के पास हावड़ा से देहरादून आ रही दून एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें पीटीआई के मुताबिक कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, और 10 अन्य के घायल होने का समाचार है।
जौनपुर स्टेशन से रवाना होने के 12 मिनट बाद दोपहर लगभग 1:15 बजे हुए इस हादसे में पांच स्लीपर कोच पूरी तरह पटरी से उतरकर पलट गए, जबकि तीन अन्य कोच पटरी से उतरने के बाद पलटे नहीं, जिनमें से दो एसी कोच हैं। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।टिप्पणियां
हादसे में अनेक लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है, तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा बचाव उपकरणों के साथ एक राहत ट्रेन भी घटनास्थल की ओर जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने भी इसकी पुष्टि की है।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। मृतकों के परिवार को नौकरी भी मिलेगी।
जौनपुर स्टेशन से रवाना होने के 12 मिनट बाद दोपहर लगभग 1:15 बजे हुए इस हादसे में पांच स्लीपर कोच पूरी तरह पटरी से उतरकर पलट गए, जबकि तीन अन्य कोच पटरी से उतरने के बाद पलटे नहीं, जिनमें से दो एसी कोच हैं। हादसे के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।टिप्पणियां
हादसे में अनेक लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है, तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा बचाव उपकरणों के साथ एक राहत ट्रेन भी घटनास्थल की ओर जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने भी इसकी पुष्टि की है।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। मृतकों के परिवार को नौकरी भी मिलेगी।
हादसे में अनेक लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है, तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा बचाव उपकरणों के साथ एक राहत ट्रेन भी घटनास्थल की ओर जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने भी इसकी पुष्टि की है।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। मृतकों के परिवार को नौकरी भी मिलेगी।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। मृतकों के परिवार को नौकरी भी मिलेगी। | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में महरवा स्टेशन के पास दून एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य के घायल होने की खबर है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महिला टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स के होने वाले बच्चे के लिए नस्ली टिप्पणी करने वाले रोमानिया के अपने जमाने के दिग्गज टेनिस स्टार इली नस्तासे को फेड कप के दौरान अपशब्दों का उपयोग करने के कारण बाहर कर दिया गया है. रोमानिया फेड कप टीम के 70 वर्षीय कप्तान नस्तासे को विश्व ग्रुप प्लेऑफ में कोन्सटांटा में चल रहे मुकाबले से बाहर कर दिया गया जहां उनकी टीम का मुकाबला ब्रिटेन से हो रहा है. नस्तासे दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी रह चुके हैं.टिप्पणियां
नस्तासे ने अंपायर, ब्रिटिश कप्तान और एक मेहमान खिलाड़ी के लिये अपशब्द कहे जो कि अपने आंसू भी नहीं रोक पाई. नस्तासे को कप्तान एनी कीथवोंग और ब्रिटेन की नंबर एक जोहाना कोंटा के लिए अपशब्दों का उपयोग करते हुए सुना गया. कीथवोंग अभी गर्भवती हैं. इससे एक दिन पहले विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी और दो बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नस्तासे ने अमेरिकी सुपर स्टार सेरेना विलियम्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सेरेना पहली बार मां बनने वाली हैं.
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने कहा कि नस्तासे को गंभीर आपत्तिजनक व्यवहार के कारण ब्रिटेन के खिलाफ मुकाबले से बाहर कर दिया गया है. उसने आगे भी सजा देने के संकेत दिए थे. जब कोंटा और सोराना क्रिस्टिया के बीच मैच में चल रहा था तब अंपायर ने दो बार नस्तासे को उनके गलत व्यवहार के लिये चेतावनी दी तो वह अंपायर ही बरस पड़े थे. गाली सुनने के बाद कोंटा रो पड़ी और खेल 25 मिनट तक रोकना पड़ा. इसके बाद नस्तासे को वहां से बाहर कर दिया गया. आईटीएफ ने बयान में कहा, ‘उनका एक्रीडेशन वापस ले लिया गया है और इस मुकाबले में आगे उनकी कोई भूमिका नहीं होगी.’
नस्तासे ने अंपायर, ब्रिटिश कप्तान और एक मेहमान खिलाड़ी के लिये अपशब्द कहे जो कि अपने आंसू भी नहीं रोक पाई. नस्तासे को कप्तान एनी कीथवोंग और ब्रिटेन की नंबर एक जोहाना कोंटा के लिए अपशब्दों का उपयोग करते हुए सुना गया. कीथवोंग अभी गर्भवती हैं. इससे एक दिन पहले विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी और दो बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नस्तासे ने अमेरिकी सुपर स्टार सेरेना विलियम्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सेरेना पहली बार मां बनने वाली हैं.
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने कहा कि नस्तासे को गंभीर आपत्तिजनक व्यवहार के कारण ब्रिटेन के खिलाफ मुकाबले से बाहर कर दिया गया है. उसने आगे भी सजा देने के संकेत दिए थे. जब कोंटा और सोराना क्रिस्टिया के बीच मैच में चल रहा था तब अंपायर ने दो बार नस्तासे को उनके गलत व्यवहार के लिये चेतावनी दी तो वह अंपायर ही बरस पड़े थे. गाली सुनने के बाद कोंटा रो पड़ी और खेल 25 मिनट तक रोकना पड़ा. इसके बाद नस्तासे को वहां से बाहर कर दिया गया. आईटीएफ ने बयान में कहा, ‘उनका एक्रीडेशन वापस ले लिया गया है और इस मुकाबले में आगे उनकी कोई भूमिका नहीं होगी.’
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने कहा कि नस्तासे को गंभीर आपत्तिजनक व्यवहार के कारण ब्रिटेन के खिलाफ मुकाबले से बाहर कर दिया गया है. उसने आगे भी सजा देने के संकेत दिए थे. जब कोंटा और सोराना क्रिस्टिया के बीच मैच में चल रहा था तब अंपायर ने दो बार नस्तासे को उनके गलत व्यवहार के लिये चेतावनी दी तो वह अंपायर ही बरस पड़े थे. गाली सुनने के बाद कोंटा रो पड़ी और खेल 25 मिनट तक रोकना पड़ा. इसके बाद नस्तासे को वहां से बाहर कर दिया गया. आईटीएफ ने बयान में कहा, ‘उनका एक्रीडेशन वापस ले लिया गया है और इस मुकाबले में आगे उनकी कोई भूमिका नहीं होगी.’ | दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी रह चुके हैं 70 साल के नस्तासे
अंपायर और ब्रिटिश टीम के कप्तान पर भी उतारा गुस्सा
आईटीएफ ने खराब व्यवहार के कारण मुकाबले से बाहर किया | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान होने के बाद आ रहे ज्यादातर एक्जिट पोल भाजपा नीत राजग को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जता रहे हैं. महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने एक्जिट पोल आने के बाद कहा कि आंकड़े उसकी अपेक्षा के अनुरूप हैं. हालांकि विपक्षी पार्टियों ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि असल तस्वीर इससे काफी बेहतर होगी. बता दें, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सोमवार को करीब 63 फीसदी मतदान हुआ. एक्जिट पोल के नतीजे मतदान खत्म होने के चंद मिनट बाद ही जारी होने लगे. मतदान केंद्र से अपने वोट देकर वापस जा रहे लोगों ने एक्जिट पोल के लिए कराए जा रहे सर्वे में भी हिस्सा लेते हैं. इंडिया टुडे-एक्सिस के एग्जिट पोल में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा-शिवसेना को 166-194 सीटें और कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 72-90 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. राज्य में बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत होती है.
वहीं न्यूज18-इप्सॉस के एग्जिट पोल में भाजपा को 142 सीटें और उसकी सहयोगी शिवसेना को 102 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. इस सर्वे के अनुसार कांग्रेस और राकांपा को केवल 17 और 22 सीटें ही मिल पाएंगी. एबीपी-सी वोटर ने भाजपा-शिवसेना को 204 सीटें और कांग्रेस-राकांपा को 69 सीटें मिलने का अनुमान जताया है. चुनाव का परिणाम 24 अक्टूबर को आएगा. एक्जिट पोल के बारे में पूछने पर महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि वे उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप हैं. उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल सर्वेक्षण और आज के मतदान का प्रतिशत अपेक्षा के मुताबिक है. मतदान प्रतिशत भी 2014 के चुनाव जितना ही लगता है. इसमें कोई बड़ा अंतर नहीं लगता है.
भंडारी ने कहा कि भाजपा अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव में सरकार समर्थक लहर पर सवार थी और यही लहर विधानसभा चुनाव में भी बरकरार है. उन्होंने कहा कि यह लहर सीटों में बदलेगी. शिवसेना नेता शीतल म्हात्रे ने एक समाचार चैनल से कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि उसे और ज्यादा सीटें मिलेंगी. उन्होंने कहा, ‘हम निश्चित रूप से 90-100 सीटें जीतेंगे. हम निश्चित हैं कि महायुक्ति सरकार गठित करेगी.'
वहीं राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने एक्जिट पोल के आंकड़ों पर सवाल किया. मलिक ने कहा, ‘सर्वेक्षण के सैंपल का आकार क्या है? कभी एक्जिट पोल सही तस्वीर पेश करते हैं तो कभी गलत. लिहाजा साफ तस्वीर 24 अक्टूबर को पता चलेगी.' दूसरी ओर महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सांवत ने भी सर्वेक्षण को खारिज किया. उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल सटीक नहीं है. समाचार चैनलों ने दो दिन पहले ऑपिनियन पोल में अलग नतीजे बताए थे. ये बदलने जा रहे हैं. एक्जिट पोल में दिखाए गए आंकड़ों से हम काफी बेहतर करेंगे.' बता दें, 2014 में भाजपा और शिवसेना ने अलग अलग चुनाव लड़ा था और भाजपा ने 122 तथा शिवसेना ने 63 सीटें जीती थीं. | यहाँ एक सारांश है:ज्यादातर एक्जिट पोल भाजपा नीत राजग को स्पष्ट बहुमत दिला रहे हैं
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने एक्जिट पोल उसकी अपेक्षा के अनुरूप है
राज्य में बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत होती है | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व महासचिव और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी संजय जोशी ने रविवार को राज्य में कई बैठकों में हिस्सा लिया जिनमें मुख्यमंत्री द्वारा हाशिए पर धकेल दिए गए कई प्रदेश भाजपा नेता मौजूद थे।
मोदी के कहने पर भाजपा के महासचिव पद से हटा दिए गए जोशी अहमदाबाद, सूरत और नवसारी जिले गए जहां उन्होंने कई पार्टी कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों से मुलाकात की।
अहदमाबाद में उन्होंने पूर्व विधायक भवीन सेठ द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में सेठ के अलावा शहर के तीन पूर्व महापौर एवं कुछ स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। सू़त्रों के अनुसार इन सभी को मोदी ने हाशिए पर डाल दिया है। जोशी ने मोदी या आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में संवाददाताओं के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं धार्मिक कार्यक्रम के प्रति अपनी निष्ठा जताने यहां आया हूं और यहां से मैं सूरत जा रहा हूं जहां पहले से मेरा कार्यक्रम तय है।’’ जोशी शहर में संघ मुख्यालय गए और फिर वह पूर्व गृहराज्य मंत्री हरेन पांडया के निजी सहायक से मिलने गए।
बाद में वह सूरत और नवसारी गए जहां उन्होंने कई पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की। ये वे नेता हैं जो मोदी खेमा के नहीं समझे जाते हैं।
मोदी के कहने पर भाजपा के महासचिव पद से हटा दिए गए जोशी अहमदाबाद, सूरत और नवसारी जिले गए जहां उन्होंने कई पार्टी कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों से मुलाकात की।
अहदमाबाद में उन्होंने पूर्व विधायक भवीन सेठ द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में सेठ के अलावा शहर के तीन पूर्व महापौर एवं कुछ स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। सू़त्रों के अनुसार इन सभी को मोदी ने हाशिए पर डाल दिया है। जोशी ने मोदी या आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में संवाददाताओं के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं धार्मिक कार्यक्रम के प्रति अपनी निष्ठा जताने यहां आया हूं और यहां से मैं सूरत जा रहा हूं जहां पहले से मेरा कार्यक्रम तय है।’’ जोशी शहर में संघ मुख्यालय गए और फिर वह पूर्व गृहराज्य मंत्री हरेन पांडया के निजी सहायक से मिलने गए।
बाद में वह सूरत और नवसारी गए जहां उन्होंने कई पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की। ये वे नेता हैं जो मोदी खेमा के नहीं समझे जाते हैं।
अहदमाबाद में उन्होंने पूर्व विधायक भवीन सेठ द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में सेठ के अलावा शहर के तीन पूर्व महापौर एवं कुछ स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। सू़त्रों के अनुसार इन सभी को मोदी ने हाशिए पर डाल दिया है। जोशी ने मोदी या आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में संवाददाताओं के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘मैं धार्मिक कार्यक्रम के प्रति अपनी निष्ठा जताने यहां आया हूं और यहां से मैं सूरत जा रहा हूं जहां पहले से मेरा कार्यक्रम तय है।’’ जोशी शहर में संघ मुख्यालय गए और फिर वह पूर्व गृहराज्य मंत्री हरेन पांडया के निजी सहायक से मिलने गए।
बाद में वह सूरत और नवसारी गए जहां उन्होंने कई पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की। ये वे नेता हैं जो मोदी खेमा के नहीं समझे जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं धार्मिक कार्यक्रम के प्रति अपनी निष्ठा जताने यहां आया हूं और यहां से मैं सूरत जा रहा हूं जहां पहले से मेरा कार्यक्रम तय है।’’ जोशी शहर में संघ मुख्यालय गए और फिर वह पूर्व गृहराज्य मंत्री हरेन पांडया के निजी सहायक से मिलने गए।
बाद में वह सूरत और नवसारी गए जहां उन्होंने कई पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की। ये वे नेता हैं जो मोदी खेमा के नहीं समझे जाते हैं।
बाद में वह सूरत और नवसारी गए जहां उन्होंने कई पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की। ये वे नेता हैं जो मोदी खेमा के नहीं समझे जाते हैं। | संक्षिप्त सारांश: भाजपा के पूर्व महासचिव और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी संजय जोशी ने रविवार को राज्य में कई बैठकों में हिस्सा लिया जिनमें मुख्यमंत्री द्वारा हाशिए पर धकेल दिए गए कई प्रदेश भाजपा नेता मौजूद थे। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र एटीएस ने परभणी से इस्लामिक स्टेट से संबंध रखने के आरोप में 24 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। एटीएस का दावा है कि उसने आरोपी के पास से एक किलो विस्फोटक भी बरामद किया है। कुछ दिनों पहले परभणी से ही एक और शख्स को आईएसआईएस के संपर्क में रहने और देश पर हमला करने की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों की मानें तो दोनों राज्य में कोई बड़ा हमला करने की फिराक में थे।
10 दिनों के अंदर, महाराष्ट्र में परभणी से इस्लामिक स्टेट से रिश्ते रखने देश में आतंकी हमलों की साजिश रखने के आरोप में दूसरा आरोपी गिरफ्तार हुआ है। 24 साल का मोहम्मद शाहिद खान औरंगाबाद के आईटीआई से डिप्लोमाधारक है, एटीएस का दावा है कि खान के पास से उन्होंने आईडी भी जब्त किया है जो उसने एक बैग में अपने रिश्तेदार के घर पर छिपा कर रखा था।
एटीएस सूत्रों की मानें तो शाहिद महाराष्ट्र के किसी बड़े शहर में लोन वुल्फ अटैक यानी अकेला हमला करने की फिराक में था। योजना थी भीड़भाड़ वाले इलाके में कार बम से विस्फोट किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान हो सके, एटीएस का दावा है कि विस्फोटकों के अलावा शाहिद के पास से उसे कार के रिमोट कंट्रोल वाली चाबी भी मिली है। टिप्पणियां
लेकिन, परिवार का कहना है कि शाहिद बेकसूर है, शाहिद के चाचा मुज्जमिल ने कहा " वो चौक पर खड़ा था, तभी उसे ले गए... हमें देश के कानून पर भरोसा है वो पढ़ने लिखने वाला बच्चा था। वो पूरे मामले में बेक़सूर निकल आएगा।"
जुलाई के दूसरे हफ्ते में महाराष्ट्र एटीएस ने नासिर उर्फ कादिर अबू बकर याफाई चाउश को गिरफ्तार किया था। हफ्ते भर में केरल पुलिस और एटीएस ज्वाइंट ऑपरेशन में कल्याण और नवी मुंबई से इस्लामिक स्टेट के लिए युवकों को भर्ती करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एटीएस को शक है कि सबकी कड़ी कही न कहीं जुड़ रही है जिसमें महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से भी कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
10 दिनों के अंदर, महाराष्ट्र में परभणी से इस्लामिक स्टेट से रिश्ते रखने देश में आतंकी हमलों की साजिश रखने के आरोप में दूसरा आरोपी गिरफ्तार हुआ है। 24 साल का मोहम्मद शाहिद खान औरंगाबाद के आईटीआई से डिप्लोमाधारक है, एटीएस का दावा है कि खान के पास से उन्होंने आईडी भी जब्त किया है जो उसने एक बैग में अपने रिश्तेदार के घर पर छिपा कर रखा था।
एटीएस सूत्रों की मानें तो शाहिद महाराष्ट्र के किसी बड़े शहर में लोन वुल्फ अटैक यानी अकेला हमला करने की फिराक में था। योजना थी भीड़भाड़ वाले इलाके में कार बम से विस्फोट किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान हो सके, एटीएस का दावा है कि विस्फोटकों के अलावा शाहिद के पास से उसे कार के रिमोट कंट्रोल वाली चाबी भी मिली है। टिप्पणियां
लेकिन, परिवार का कहना है कि शाहिद बेकसूर है, शाहिद के चाचा मुज्जमिल ने कहा " वो चौक पर खड़ा था, तभी उसे ले गए... हमें देश के कानून पर भरोसा है वो पढ़ने लिखने वाला बच्चा था। वो पूरे मामले में बेक़सूर निकल आएगा।"
जुलाई के दूसरे हफ्ते में महाराष्ट्र एटीएस ने नासिर उर्फ कादिर अबू बकर याफाई चाउश को गिरफ्तार किया था। हफ्ते भर में केरल पुलिस और एटीएस ज्वाइंट ऑपरेशन में कल्याण और नवी मुंबई से इस्लामिक स्टेट के लिए युवकों को भर्ती करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एटीएस को शक है कि सबकी कड़ी कही न कहीं जुड़ रही है जिसमें महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से भी कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
एटीएस सूत्रों की मानें तो शाहिद महाराष्ट्र के किसी बड़े शहर में लोन वुल्फ अटैक यानी अकेला हमला करने की फिराक में था। योजना थी भीड़भाड़ वाले इलाके में कार बम से विस्फोट किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान हो सके, एटीएस का दावा है कि विस्फोटकों के अलावा शाहिद के पास से उसे कार के रिमोट कंट्रोल वाली चाबी भी मिली है। टिप्पणियां
लेकिन, परिवार का कहना है कि शाहिद बेकसूर है, शाहिद के चाचा मुज्जमिल ने कहा " वो चौक पर खड़ा था, तभी उसे ले गए... हमें देश के कानून पर भरोसा है वो पढ़ने लिखने वाला बच्चा था। वो पूरे मामले में बेक़सूर निकल आएगा।"
जुलाई के दूसरे हफ्ते में महाराष्ट्र एटीएस ने नासिर उर्फ कादिर अबू बकर याफाई चाउश को गिरफ्तार किया था। हफ्ते भर में केरल पुलिस और एटीएस ज्वाइंट ऑपरेशन में कल्याण और नवी मुंबई से इस्लामिक स्टेट के लिए युवकों को भर्ती करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एटीएस को शक है कि सबकी कड़ी कही न कहीं जुड़ रही है जिसमें महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से भी कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
लेकिन, परिवार का कहना है कि शाहिद बेकसूर है, शाहिद के चाचा मुज्जमिल ने कहा " वो चौक पर खड़ा था, तभी उसे ले गए... हमें देश के कानून पर भरोसा है वो पढ़ने लिखने वाला बच्चा था। वो पूरे मामले में बेक़सूर निकल आएगा।"
जुलाई के दूसरे हफ्ते में महाराष्ट्र एटीएस ने नासिर उर्फ कादिर अबू बकर याफाई चाउश को गिरफ्तार किया था। हफ्ते भर में केरल पुलिस और एटीएस ज्वाइंट ऑपरेशन में कल्याण और नवी मुंबई से इस्लामिक स्टेट के लिए युवकों को भर्ती करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एटीएस को शक है कि सबकी कड़ी कही न कहीं जुड़ रही है जिसमें महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से भी कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
जुलाई के दूसरे हफ्ते में महाराष्ट्र एटीएस ने नासिर उर्फ कादिर अबू बकर याफाई चाउश को गिरफ्तार किया था। हफ्ते भर में केरल पुलिस और एटीएस ज्वाइंट ऑपरेशन में कल्याण और नवी मुंबई से इस्लामिक स्टेट के लिए युवकों को भर्ती करने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एटीएस को शक है कि सबकी कड़ी कही न कहीं जुड़ रही है जिसमें महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से भी कई और लोग शामिल हो सकते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एटीएस का दावा : आरोपी के पास से एक किलो विस्फोटक भी बरामद किया
देश में आतंकी हमलों की साजिश रखने के आरोप में दूसरा आरोपी गिरफ्तार हुआ है
शाहिद किसी बड़े शहर में लोन वुल्फ अटैक की फिराक में था | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल10 में अब तक शानदार प्रदर्शन प्रदर्शन करने के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद टीम के कप्तान डेविड वॉर्नर की चिंता का एक खास कारण है. वॉर्नर का मानना है कि घरेलू मैदान (होम ग्राउंड) से बाहर होने वाले मैच उनकी टीम के लिए एक तरह से हौआ साबित हो रहे हैं और बाहरी मैदानों (अवे ग्राउंड) को लेकर टीम एक ऐसी मानसिकता का शिकार होती जा रही है जो कि उसकी जीत की राह में बाधक साबित हो रही है. गौरतलब है कि आईपीएल10 में सनराइजर्स टीम ने अपने 11 में 6 मैचों में जीत हासिल की है. टीम को चार मैचों में हार का सामना करना पड़ा जबकि बारिश के कारण एक मैच में उसे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के साथ अंक शेयर करने पड़े. हैदराबाद कीइ टीम के इस समय 13 प्वाइंट हैं लेकिन वॉर्नर की चिंता टीम के अवे ग्राउंड पर होने वाले मैच में जीत हासिल नहीं करने को लेकर है और यह चिंता उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है.
उन्होंने कहा कि कि घरेलू मैदान से बाहर के मैदानों पर खेले जाने वाले मैचों को लेकर उनकी टीम एक तरह की मानसिक बाधा का शिकार हो गई है. दूसरे के मैदान पर खेले जाने वाले मैच थोड़ा हौआ बन गए हैं. शायद यही कारण है कि वह दिल्ली डेयरडेविल्स को उसी के घर में हरा नहीं पाए. मंगलवार रात फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के 40वें मैच में दिल्ली ने कल हैदराबाद को 6 विकेट से हराया. यह हैदराबाद की अपने घरेलू मैदान से बाहर खेले गए मैचों में चौथी हार है.टिप्पणियां
हैदराबाद ने अपने घर से बाहर आईपीएल के इस सीजन में केवल एक मैच जीता है. दूसरे मैदानों पर अपनी टीम की हार के इस तथ्य को स्वीकार करते हुए वॉर्नर ने कहा, "निश्चित तौर पर घर से बाहर मैच खेलने के दौरान हम 'मानसिक कमजोरी' के शिकार हो रहे हैं। इस क्रम में हमने अधिक मैच नहीं जीते हैं. टीम के खिलाड़ियों का कहना था कि दिल्ली को हराने के लिए 186 रनों का स्कोर पर्याप्त है." युवराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "युवराज के शानदार प्रदर्शन से हमारी टीम की पारी का समापन अच्छा हुआ।"
वैसे, वॉर्नर ने दिल्ली को मिली जीत का श्रेय टीम के बल्लेबाजों को दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली ने असामान्य खेल दिखाया. उन्होंने पहले छह ओवरों में अपनी लय हासिल की और जिस प्रकार से उन्होंने खेल का समापन किया, उसका श्रेय उनके बल्लेबाजों को ही जाता है. इस मैच में अपनी टीम के गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन से निराश वॉर्नर ने कहा, "निश्चित तौर पर पहले के कुछ ओवरों के बाद विकेट धीमी पड़ गई. पिच पर अधिक ओस नहीं थी और इस कारण हम हार के लिए कोई और बहाना नहीं दे सकते."
हैदराबाद ने अपने घर से बाहर आईपीएल के इस सीजन में केवल एक मैच जीता है. दूसरे मैदानों पर अपनी टीम की हार के इस तथ्य को स्वीकार करते हुए वॉर्नर ने कहा, "निश्चित तौर पर घर से बाहर मैच खेलने के दौरान हम 'मानसिक कमजोरी' के शिकार हो रहे हैं। इस क्रम में हमने अधिक मैच नहीं जीते हैं. टीम के खिलाड़ियों का कहना था कि दिल्ली को हराने के लिए 186 रनों का स्कोर पर्याप्त है." युवराज की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "युवराज के शानदार प्रदर्शन से हमारी टीम की पारी का समापन अच्छा हुआ।"
वैसे, वॉर्नर ने दिल्ली को मिली जीत का श्रेय टीम के बल्लेबाजों को दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली ने असामान्य खेल दिखाया. उन्होंने पहले छह ओवरों में अपनी लय हासिल की और जिस प्रकार से उन्होंने खेल का समापन किया, उसका श्रेय उनके बल्लेबाजों को ही जाता है. इस मैच में अपनी टीम के गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन से निराश वॉर्नर ने कहा, "निश्चित तौर पर पहले के कुछ ओवरों के बाद विकेट धीमी पड़ गई. पिच पर अधिक ओस नहीं थी और इस कारण हम हार के लिए कोई और बहाना नहीं दे सकते."
वैसे, वॉर्नर ने दिल्ली को मिली जीत का श्रेय टीम के बल्लेबाजों को दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली ने असामान्य खेल दिखाया. उन्होंने पहले छह ओवरों में अपनी लय हासिल की और जिस प्रकार से उन्होंने खेल का समापन किया, उसका श्रेय उनके बल्लेबाजों को ही जाता है. इस मैच में अपनी टीम के गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन से निराश वॉर्नर ने कहा, "निश्चित तौर पर पहले के कुछ ओवरों के बाद विकेट धीमी पड़ गई. पिच पर अधिक ओस नहीं थी और इस कारण हम हार के लिए कोई और बहाना नहीं दे सकते." | संक्षिप्त पाठ: वॉर्नर बोले-हमारे लिए 'हौआ' बनते जा रहे अवे ग्राउंड के मैच
कल दिल्ली को उसके होम ग्राउंड पर नहीं हरा पाई हैदराबाद
घर से बाहर के पांच मैचों में से चार में हारी है वॉर्नर की टीम | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गैर-खाद्य विनिर्माण क्षेत्र और वैश्विक कॉमोडिटी मूल्यों में सुधार के साथ मार्च 2013 में थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति घटकर 6.2 से 6.6 प्रतिशत के बीच आ सकती है। मौजूदा वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति स्थिर रही और जनवरी 2013 में पिछले तीन सालों के दौरान सबसे कम 6.62 प्रतिशत से नीचे आ गई।
पिछले साल खाद्य मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी उच्च प्रोटीन युक्त खाद्यों में तेजी की वजह से रही, जबकि इस साल अनाजों पर दबाव रहा। वहीं दूध और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की कीमतें घटी हैं। हाल ही में जनवरी 2013 में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी और डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी की वजह से मंहगाई पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, मंहगाई में सुधार का रूख जारी रहने की उम्मीद है।
मौजूदा वित्त वर्ष में लगभग सभी प्रमुख अग्रिम और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में मंहगाई कम हुई है। प्रमुख अग्रिम और विकासशील देशों द्वारा जारी नीति का सकारात्मक प्रभाव मुद्रास्फीति की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। हालांकि, अल्पावधि में कमजोर वृद्धि के रूख से नीतिगत प्रभाव का असर मुद्रास्फीति पर नहीं पड़ सकता है और मुद्रास्फीति को लेकर उम्मीदें मौजूदा लक्षित मुद्रास्फीति दरों के आसपास रह सकती है। टिप्पणियां
विश्व बैंक द्वारा जारी वैश्विक आर्थिक संभावनाएं, जनवरी 2013 के अनुसार धातुओं को छोड़कर ज्यादातर वैश्विक कमोडिटीज के मूल्यों में वर्ष 2013 और 2014 में गिरावट की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति में सुधार का घरेलू मूल्यों पर भी असर दिखेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति मंहगाई को काबू करने और विकास के अनुकूल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य पर काम कर रही है।
बाहरी और घरेलू स्रोतों से विकास पर बढ़ते खतरे और मौजूदा मु्द्रास्फीति के दबावों के संदर्भ के कड़ी मौद्रिक नीति के चलते अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही में मुद्रास्फीति में कुछ सुधार देखा गया और वित्तीय सुधार की उम्मीदों के साथ अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में और सक्षम मौद्रिक नीति की संभावना बढ़ी है।
पिछले साल खाद्य मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी उच्च प्रोटीन युक्त खाद्यों में तेजी की वजह से रही, जबकि इस साल अनाजों पर दबाव रहा। वहीं दूध और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की कीमतें घटी हैं। हाल ही में जनवरी 2013 में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी और डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी की वजह से मंहगाई पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, मंहगाई में सुधार का रूख जारी रहने की उम्मीद है।
मौजूदा वित्त वर्ष में लगभग सभी प्रमुख अग्रिम और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में मंहगाई कम हुई है। प्रमुख अग्रिम और विकासशील देशों द्वारा जारी नीति का सकारात्मक प्रभाव मुद्रास्फीति की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। हालांकि, अल्पावधि में कमजोर वृद्धि के रूख से नीतिगत प्रभाव का असर मुद्रास्फीति पर नहीं पड़ सकता है और मुद्रास्फीति को लेकर उम्मीदें मौजूदा लक्षित मुद्रास्फीति दरों के आसपास रह सकती है। टिप्पणियां
विश्व बैंक द्वारा जारी वैश्विक आर्थिक संभावनाएं, जनवरी 2013 के अनुसार धातुओं को छोड़कर ज्यादातर वैश्विक कमोडिटीज के मूल्यों में वर्ष 2013 और 2014 में गिरावट की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति में सुधार का घरेलू मूल्यों पर भी असर दिखेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति मंहगाई को काबू करने और विकास के अनुकूल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य पर काम कर रही है।
बाहरी और घरेलू स्रोतों से विकास पर बढ़ते खतरे और मौजूदा मु्द्रास्फीति के दबावों के संदर्भ के कड़ी मौद्रिक नीति के चलते अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही में मुद्रास्फीति में कुछ सुधार देखा गया और वित्तीय सुधार की उम्मीदों के साथ अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में और सक्षम मौद्रिक नीति की संभावना बढ़ी है।
मौजूदा वित्त वर्ष में लगभग सभी प्रमुख अग्रिम और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में मंहगाई कम हुई है। प्रमुख अग्रिम और विकासशील देशों द्वारा जारी नीति का सकारात्मक प्रभाव मुद्रास्फीति की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। हालांकि, अल्पावधि में कमजोर वृद्धि के रूख से नीतिगत प्रभाव का असर मुद्रास्फीति पर नहीं पड़ सकता है और मुद्रास्फीति को लेकर उम्मीदें मौजूदा लक्षित मुद्रास्फीति दरों के आसपास रह सकती है। टिप्पणियां
विश्व बैंक द्वारा जारी वैश्विक आर्थिक संभावनाएं, जनवरी 2013 के अनुसार धातुओं को छोड़कर ज्यादातर वैश्विक कमोडिटीज के मूल्यों में वर्ष 2013 और 2014 में गिरावट की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति में सुधार का घरेलू मूल्यों पर भी असर दिखेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति मंहगाई को काबू करने और विकास के अनुकूल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य पर काम कर रही है।
बाहरी और घरेलू स्रोतों से विकास पर बढ़ते खतरे और मौजूदा मु्द्रास्फीति के दबावों के संदर्भ के कड़ी मौद्रिक नीति के चलते अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही में मुद्रास्फीति में कुछ सुधार देखा गया और वित्तीय सुधार की उम्मीदों के साथ अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में और सक्षम मौद्रिक नीति की संभावना बढ़ी है।
विश्व बैंक द्वारा जारी वैश्विक आर्थिक संभावनाएं, जनवरी 2013 के अनुसार धातुओं को छोड़कर ज्यादातर वैश्विक कमोडिटीज के मूल्यों में वर्ष 2013 और 2014 में गिरावट की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति में सुधार का घरेलू मूल्यों पर भी असर दिखेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति मंहगाई को काबू करने और विकास के अनुकूल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य पर काम कर रही है।
बाहरी और घरेलू स्रोतों से विकास पर बढ़ते खतरे और मौजूदा मु्द्रास्फीति के दबावों के संदर्भ के कड़ी मौद्रिक नीति के चलते अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही में मुद्रास्फीति में कुछ सुधार देखा गया और वित्तीय सुधार की उम्मीदों के साथ अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में और सक्षम मौद्रिक नीति की संभावना बढ़ी है।
बाहरी और घरेलू स्रोतों से विकास पर बढ़ते खतरे और मौजूदा मु्द्रास्फीति के दबावों के संदर्भ के कड़ी मौद्रिक नीति के चलते अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही में मुद्रास्फीति में कुछ सुधार देखा गया और वित्तीय सुधार की उम्मीदों के साथ अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति में और सक्षम मौद्रिक नीति की संभावना बढ़ी है। | संक्षिप्त सारांश: गैर-खाद्य विनिर्माण क्षेत्र और वैश्विक कॉमोडिटी मूल्यों में सुधार के साथ मार्च 2013 में थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति घटकर 6.2 से 6.6 प्रतिशत के बीच आ सकती है। मौजूदा वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति स्थिर रही और जनवरी 2013 में पिछले तीन सालों के दौरान सबसे क | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: योगगुरु रामदेव की बढ़ती परेशानियों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को उनके करीबी सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया।
एजेंसी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर मामला दर्ज किया जिसमें बालकृष्ण पर पासपोर्ट कानून के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि ईडी को संदेह है कि रामदेव के विभिन्न ट्रस्टों की देखभाल करने वाले बालकृष्ण ने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेशों में कथित तौर पर धन शोधन किया हो।
उन्होंने बताया, ‘‘धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की धारा चार के तहत मामला दर्ज किया गया है और बालकृष्ण के विदेशों में किए गए लेन-देन की अब जांच की जा रही है।’’ ईडी को बालकृष्ण को गिरफ्तार भी करना पड़ सकता है जिन्हें 17 अगस्त को जमानत मिली। भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के लिए सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था और पिछले महीने उन्हें जेल भेज दिया गया था।
एजेंसी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर मामला दर्ज किया जिसमें बालकृष्ण पर पासपोर्ट कानून के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि ईडी को संदेह है कि रामदेव के विभिन्न ट्रस्टों की देखभाल करने वाले बालकृष्ण ने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेशों में कथित तौर पर धन शोधन किया हो।
उन्होंने बताया, ‘‘धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की धारा चार के तहत मामला दर्ज किया गया है और बालकृष्ण के विदेशों में किए गए लेन-देन की अब जांच की जा रही है।’’ ईडी को बालकृष्ण को गिरफ्तार भी करना पड़ सकता है जिन्हें 17 अगस्त को जमानत मिली। भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के लिए सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था और पिछले महीने उन्हें जेल भेज दिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि ईडी को संदेह है कि रामदेव के विभिन्न ट्रस्टों की देखभाल करने वाले बालकृष्ण ने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेशों में कथित तौर पर धन शोधन किया हो।
उन्होंने बताया, ‘‘धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की धारा चार के तहत मामला दर्ज किया गया है और बालकृष्ण के विदेशों में किए गए लेन-देन की अब जांच की जा रही है।’’ ईडी को बालकृष्ण को गिरफ्तार भी करना पड़ सकता है जिन्हें 17 अगस्त को जमानत मिली। भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के लिए सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था और पिछले महीने उन्हें जेल भेज दिया गया था।
उन्होंने बताया, ‘‘धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) की धारा चार के तहत मामला दर्ज किया गया है और बालकृष्ण के विदेशों में किए गए लेन-देन की अब जांच की जा रही है।’’ ईडी को बालकृष्ण को गिरफ्तार भी करना पड़ सकता है जिन्हें 17 अगस्त को जमानत मिली। भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा करने के लिए सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था और पिछले महीने उन्हें जेल भेज दिया गया था। | संक्षिप्त सारांश: योगगुरु रामदेव की बढ़ती परेशानियों के बीच प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को उनके करीबी सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीते सप्ताह सीमा पर पाक सैनिकों द्वारा नृशंस तरीके से मार डाले गए दो भारतीय शहीदों में से एक उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के हेमराज सिंह की मां व पत्नी की हालत बिगड़ती जा रही है। उन्होंने भारत सरकार से हेमराज का सिर वापस लाने की मांग पर अन्न-जल त्याग रखा है। उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाले चिकित्सकों ने जिला प्रशासन को उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सोमवार को शहीद हेमराज के परिवार से मिलने गए और उन्हें सांत्वना दी।टिप्पणियां
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस यादव ने बताया कि उन्होंने हेमराज की मां मीना देवी तथा पत्नी धर्मवती सहित सभी गांववासियों की देखभाल के लिए शेरनगर खरार में स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें भेजी हैं जो चौबीसों घंटे उनकी देखभाल कर रही हैं।
यादव ने बताया कि उन दोनों की जांच करने वाले डॉक्टरों के अनुसार सास-बहू की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें पिछले दो दिन से पेशाब भी नहीं आ रहा है। यह उनके शरीर में पानी व आवश्यक लवणों की कमी का स्पष्ट संकेत है। इसलिए उन दोनों को तुरंत किसी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि उनकी हालत और न बिगड़े। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से गांव में ही एंबुलेंस भेजकर उन्हें ड्रिप के माध्यम से आवश्यक दवाओं सहित ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है फिर भी सभी सुविधाएं तो सिर्फ अस्पताल में ही मुहैया कराई जा सकती हैं। इसके लिए उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता के संबंध में सूचित कर दिया है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सोमवार को शहीद हेमराज के परिवार से मिलने गए और उन्हें सांत्वना दी।टिप्पणियां
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस यादव ने बताया कि उन्होंने हेमराज की मां मीना देवी तथा पत्नी धर्मवती सहित सभी गांववासियों की देखभाल के लिए शेरनगर खरार में स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें भेजी हैं जो चौबीसों घंटे उनकी देखभाल कर रही हैं।
यादव ने बताया कि उन दोनों की जांच करने वाले डॉक्टरों के अनुसार सास-बहू की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें पिछले दो दिन से पेशाब भी नहीं आ रहा है। यह उनके शरीर में पानी व आवश्यक लवणों की कमी का स्पष्ट संकेत है। इसलिए उन दोनों को तुरंत किसी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि उनकी हालत और न बिगड़े। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से गांव में ही एंबुलेंस भेजकर उन्हें ड्रिप के माध्यम से आवश्यक दवाओं सहित ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है फिर भी सभी सुविधाएं तो सिर्फ अस्पताल में ही मुहैया कराई जा सकती हैं। इसके लिए उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता के संबंध में सूचित कर दिया है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस यादव ने बताया कि उन्होंने हेमराज की मां मीना देवी तथा पत्नी धर्मवती सहित सभी गांववासियों की देखभाल के लिए शेरनगर खरार में स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें भेजी हैं जो चौबीसों घंटे उनकी देखभाल कर रही हैं।
यादव ने बताया कि उन दोनों की जांच करने वाले डॉक्टरों के अनुसार सास-बहू की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें पिछले दो दिन से पेशाब भी नहीं आ रहा है। यह उनके शरीर में पानी व आवश्यक लवणों की कमी का स्पष्ट संकेत है। इसलिए उन दोनों को तुरंत किसी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि उनकी हालत और न बिगड़े। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से गांव में ही एंबुलेंस भेजकर उन्हें ड्रिप के माध्यम से आवश्यक दवाओं सहित ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है फिर भी सभी सुविधाएं तो सिर्फ अस्पताल में ही मुहैया कराई जा सकती हैं। इसके लिए उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता के संबंध में सूचित कर दिया है।
यादव ने बताया कि उन दोनों की जांच करने वाले डॉक्टरों के अनुसार सास-बहू की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें पिछले दो दिन से पेशाब भी नहीं आ रहा है। यह उनके शरीर में पानी व आवश्यक लवणों की कमी का स्पष्ट संकेत है। इसलिए उन दोनों को तुरंत किसी चिकित्सालय में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि उनकी हालत और न बिगड़े। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से गांव में ही एंबुलेंस भेजकर उन्हें ड्रिप के माध्यम से आवश्यक दवाओं सहित ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है फिर भी सभी सुविधाएं तो सिर्फ अस्पताल में ही मुहैया कराई जा सकती हैं। इसके लिए उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता के संबंध में सूचित कर दिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उधर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सोमवार को शहीद हेमराज के परिवार से मिलने गए और उन्हें सांत्वना दी। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में बसे एक पाकिस्तानी व्यापारी ने तख्तापलट पर दिए गए अपने बयान को सही ठहराते हुए अपने दावों के पक्ष में सबूत होने की बात कही। मंसूर इजाज नाम के इस व्यक्ति ने कहा था कि अमेरिकी एकतरफा कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तान में सैन्य तख्तापलट के हालात पैदा हो गए थे जिसे टालने के लिए उसने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और अमेरिकी प्रशासन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभायी थी। पाकिस्तानी सरकार ने मंसूर के दावों को झुठला दिया जिसके बाद मंसूर ने ये बातें कहीं। मंसूर ने कहा कि राष्ट्रपति जरदारी ने ओबामा प्रशासन तक पहुंचने के लिए उससे मदद ली ताकि ओबामा प्रशासन सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी को सैन्य तख्तापलट करने से रोकें। मंसूर की यह टिप्पणियां फाइनेंशियल टाइम्स के एक लेख में 10 अक्टूबर को प्रकाशित हुई थीं। हालांकि इस लेख से पाकिस्तान में हंगामा मच गया, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने दो हफ्ते तक इस पर चुप्पी साधे रखी। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने इजाज के दावों को 28 अक्टूबर को खारिज कर दिया था जबकि राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्लाह ने इसके अगले दिन उसके दावों को खारिज किया। इजाज ने अपने दावों को सही ठहराते हुए इसके पक्ष में सबूत होने की बात कही। इजाज ने कहा, मेरे पास इन्हें सही साबित करने के लिए तमाम सबूत हैं। इस मद्दे पर मुझे चुनौती देना बहुत बड़ी गलती होगी। इजाज ने कहा कि उनके पास जो सबूत हैं वो पूरी तरह प्रमाणिक और स्पष्ट हैं। | मंसूर ने कहा कि जरदारी ने ओबामा तक पहुंचने के लिए उससे मदद ली ताकि ओबामा प्रशासन सेना प्रमुख को सैन्य तख्तापलट करने से रोकें। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस ने युगल रैंकिंग में शीर्ष दस में अपना स्थान बरकरार रखकर लंदन ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने में सफल रहे लेकिन सानिया मिर्जा वाइल्ड कार्ड के जरिये ही इस खेल महाकुंभ के महिला युगल में जगह बना पाएंगी।
फ्रेंच ओपन के महिला युगल के पहले दौर में बाहर होने के कारण सानिया डब्ल्यूटीए युगल रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर होकर दो पायदान नीचे 12वें स्थान पर खिसक गई।
इससे उन्होंने लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश पाने का हक भी खो दिया। पेस ने हालांकि पुरुष युगल में अपनी सातवीं रैंकिंग बरकरार रखी है जिससे उन्हें लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश मिल गया है। दूसरी तरफ, रोहन बोपन्ना 12वें स्थान पर कायम हैं जबकि उनके जोड़ीदार महेश भूपति एक पायदान नीचे 14वें स्थान पर खिसक गए हैं। ओलिंपिक में महिला और पुरुष वर्ग के चोटी के दस खिलाड़ियों को ही सीधा प्रवेश मिलेगा और उन्हें अपनी पसंद की खिलाड़ी चुनने का भी अधिकार होगा।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने सीधे प्रवेश के लिए 11 जून की तारीख तय की थी। पेस के साथ पुरुष युगल में बोपन्ना और भूपति में से कौन जोड़ी बनाएगा इसका फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की चयन समिति करेगी। समिति की शुक्रवार को बैठक होगी।
आईटीएफ ने ओलिंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों की पुष्टि करने के लिए 21 जून की समयसीमा तय की है।
फ्रेंच ओपन के महिला युगल के पहले दौर में बाहर होने के कारण सानिया डब्ल्यूटीए युगल रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर होकर दो पायदान नीचे 12वें स्थान पर खिसक गई।
इससे उन्होंने लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश पाने का हक भी खो दिया। पेस ने हालांकि पुरुष युगल में अपनी सातवीं रैंकिंग बरकरार रखी है जिससे उन्हें लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश मिल गया है। दूसरी तरफ, रोहन बोपन्ना 12वें स्थान पर कायम हैं जबकि उनके जोड़ीदार महेश भूपति एक पायदान नीचे 14वें स्थान पर खिसक गए हैं। ओलिंपिक में महिला और पुरुष वर्ग के चोटी के दस खिलाड़ियों को ही सीधा प्रवेश मिलेगा और उन्हें अपनी पसंद की खिलाड़ी चुनने का भी अधिकार होगा।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने सीधे प्रवेश के लिए 11 जून की तारीख तय की थी। पेस के साथ पुरुष युगल में बोपन्ना और भूपति में से कौन जोड़ी बनाएगा इसका फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की चयन समिति करेगी। समिति की शुक्रवार को बैठक होगी।
आईटीएफ ने ओलिंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों की पुष्टि करने के लिए 21 जून की समयसीमा तय की है।
इससे उन्होंने लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश पाने का हक भी खो दिया। पेस ने हालांकि पुरुष युगल में अपनी सातवीं रैंकिंग बरकरार रखी है जिससे उन्हें लंदन ओलिंपिक में सीधे प्रवेश मिल गया है। दूसरी तरफ, रोहन बोपन्ना 12वें स्थान पर कायम हैं जबकि उनके जोड़ीदार महेश भूपति एक पायदान नीचे 14वें स्थान पर खिसक गए हैं। ओलिंपिक में महिला और पुरुष वर्ग के चोटी के दस खिलाड़ियों को ही सीधा प्रवेश मिलेगा और उन्हें अपनी पसंद की खिलाड़ी चुनने का भी अधिकार होगा।टिप्पणियां
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने सीधे प्रवेश के लिए 11 जून की तारीख तय की थी। पेस के साथ पुरुष युगल में बोपन्ना और भूपति में से कौन जोड़ी बनाएगा इसका फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की चयन समिति करेगी। समिति की शुक्रवार को बैठक होगी।
आईटीएफ ने ओलिंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों की पुष्टि करने के लिए 21 जून की समयसीमा तय की है।
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने सीधे प्रवेश के लिए 11 जून की तारीख तय की थी। पेस के साथ पुरुष युगल में बोपन्ना और भूपति में से कौन जोड़ी बनाएगा इसका फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की चयन समिति करेगी। समिति की शुक्रवार को बैठक होगी।
आईटीएफ ने ओलिंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों की पुष्टि करने के लिए 21 जून की समयसीमा तय की है।
आईटीएफ ने ओलिंपिक में खेलने वाले खिलाड़ियों की पुष्टि करने के लिए 21 जून की समयसीमा तय की है। | यह एक सारांश है: भारतीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस ने युगल रैंकिंग में शीर्ष दस में अपना स्थान बरकरार रखकर लंदन ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने में सफल रहे लेकिन सानिया मिर्जा वाइल्ड कार्ड के जरिये ही इस खेल महाकुंभ के महिला युगल में जगह बना पाएंगी। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कंपनियों के कामकाज के संचालन के नियमों में भारी बदलाव के तहत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जल्द सूचीबद्ध इकाइयों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के अनुचित रूप से ऊंचे वेतन पर अंकुश के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रहा है।
इसके अलावा शीर्ष प्रबंधन की किसी गड़बड़ी का खुलासा करने वाले कर्मचारियों के संरक्षण के लिए कंपनियों से व्हीसलब्लोअर नीति अपनाने को भी कहा जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक जल्द सूचीबद्धता करार के ढांचे तथा अन्य नियमनों में आवश्यक बदलाव करने जा रहा है। हर कंपनी सूचीबद्ध इकाई बनने के बाद अपने कारपोरेट कामकाज के संचालन में इनका पालन करना होगा।टिप्पणियां
कारपोरेट संचालन के नियमों में संशोधन पर सेबी ने इसी साल आम जनता तथा अंशधारकों से टिप्पणियां मांगी थीं। इसके अलावा नए कंपनी कानून में भी इस बारे में कई नए उपायों का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि जनता के सुझाव, विचारों की राय और कंपनी कानून, 2013 के प्रावधानों के आधार पर आवश्यक बदलावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो अन्य उपाय प्रस्तावित है उनमें अल्पांश शेयरधारकों को अधिक अधिकार, एक उचित उत्तराधिकार योजना तथा अनुपालन नहीं करने पर भारी जुर्माना शामिल है।
इसके अलावा शीर्ष प्रबंधन की किसी गड़बड़ी का खुलासा करने वाले कर्मचारियों के संरक्षण के लिए कंपनियों से व्हीसलब्लोअर नीति अपनाने को भी कहा जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक जल्द सूचीबद्धता करार के ढांचे तथा अन्य नियमनों में आवश्यक बदलाव करने जा रहा है। हर कंपनी सूचीबद्ध इकाई बनने के बाद अपने कारपोरेट कामकाज के संचालन में इनका पालन करना होगा।टिप्पणियां
कारपोरेट संचालन के नियमों में संशोधन पर सेबी ने इसी साल आम जनता तथा अंशधारकों से टिप्पणियां मांगी थीं। इसके अलावा नए कंपनी कानून में भी इस बारे में कई नए उपायों का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि जनता के सुझाव, विचारों की राय और कंपनी कानून, 2013 के प्रावधानों के आधार पर आवश्यक बदलावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो अन्य उपाय प्रस्तावित है उनमें अल्पांश शेयरधारकों को अधिक अधिकार, एक उचित उत्तराधिकार योजना तथा अनुपालन नहीं करने पर भारी जुर्माना शामिल है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक जल्द सूचीबद्धता करार के ढांचे तथा अन्य नियमनों में आवश्यक बदलाव करने जा रहा है। हर कंपनी सूचीबद्ध इकाई बनने के बाद अपने कारपोरेट कामकाज के संचालन में इनका पालन करना होगा।टिप्पणियां
कारपोरेट संचालन के नियमों में संशोधन पर सेबी ने इसी साल आम जनता तथा अंशधारकों से टिप्पणियां मांगी थीं। इसके अलावा नए कंपनी कानून में भी इस बारे में कई नए उपायों का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि जनता के सुझाव, विचारों की राय और कंपनी कानून, 2013 के प्रावधानों के आधार पर आवश्यक बदलावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो अन्य उपाय प्रस्तावित है उनमें अल्पांश शेयरधारकों को अधिक अधिकार, एक उचित उत्तराधिकार योजना तथा अनुपालन नहीं करने पर भारी जुर्माना शामिल है।
कारपोरेट संचालन के नियमों में संशोधन पर सेबी ने इसी साल आम जनता तथा अंशधारकों से टिप्पणियां मांगी थीं। इसके अलावा नए कंपनी कानून में भी इस बारे में कई नए उपायों का प्रस्ताव किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि जनता के सुझाव, विचारों की राय और कंपनी कानून, 2013 के प्रावधानों के आधार पर आवश्यक बदलावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो अन्य उपाय प्रस्तावित है उनमें अल्पांश शेयरधारकों को अधिक अधिकार, एक उचित उत्तराधिकार योजना तथा अनुपालन नहीं करने पर भारी जुर्माना शामिल है।
अधिकारी ने कहा कि जनता के सुझाव, विचारों की राय और कंपनी कानून, 2013 के प्रावधानों के आधार पर आवश्यक बदलावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो अन्य उपाय प्रस्तावित है उनमें अल्पांश शेयरधारकों को अधिक अधिकार, एक उचित उत्तराधिकार योजना तथा अनुपालन नहीं करने पर भारी जुर्माना शामिल है। | सारांश: कंपनियों के कामकाज के संचालन के नियमों में भारी बदलाव के तहत भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जल्द सूचीबद्ध इकाइयों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के अनुचित रूप से ऊंचे वेतन पर अंकुश के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रहा है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने देश के कबायली इलाकों में आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत पर्यटकों को उन इलाकों में जाने के लिए बारह दिन पूर्व इजाजत लेनी पड़ेगी।टिप्पणियां
समाचार पत्र 'डेली मेल' की खबर के मुताबिक आंतरिक मंत्रालय ने ये दिशानिर्देश पेशावर और अन्य कबायली इलाकों का भ्रमण करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए रविवार को जारी किए।
नए नियमों के अनुसार, सुरक्षा मंजूरी के लिए विदेशी नागरिकों को अपने यात्रा अनुरोध बारह दिन पूर्व जमा करने होंगे। इसके अलावा उन्हें साथ में हथियार ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी। यह दिशानिर्देश विदेशी सहायताकर्मियों पर भी लागू होगी।
समाचार पत्र 'डेली मेल' की खबर के मुताबिक आंतरिक मंत्रालय ने ये दिशानिर्देश पेशावर और अन्य कबायली इलाकों का भ्रमण करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए रविवार को जारी किए।
नए नियमों के अनुसार, सुरक्षा मंजूरी के लिए विदेशी नागरिकों को अपने यात्रा अनुरोध बारह दिन पूर्व जमा करने होंगे। इसके अलावा उन्हें साथ में हथियार ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी। यह दिशानिर्देश विदेशी सहायताकर्मियों पर भी लागू होगी।
नए नियमों के अनुसार, सुरक्षा मंजूरी के लिए विदेशी नागरिकों को अपने यात्रा अनुरोध बारह दिन पूर्व जमा करने होंगे। इसके अलावा उन्हें साथ में हथियार ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी। यह दिशानिर्देश विदेशी सहायताकर्मियों पर भी लागू होगी। | संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने देश के कबायली इलाकों में आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत पर्यटकों को उन इलाकों में जाने के लिए बारह दिन पूर्व इजाजत लेनी पड़ेगी। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत से गए तीर्थयात्रियों का एक दल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक प्राचीन मंदिर में छह वर्षो बाद महाशिवरात्रि मना रहा है।
भारत से गए 50 हिंदुओं का एक प्रतिनिधिमंडल चकवाल के पास कतसराज में महाशिवरात्रि समारोह मना रहा है। हिंदू धर्म के अनुसार यह स्थान बहुत पवित्र है।
यह प्रतिनिधिमंडल शनिवार को वाघा सीमा के रास्ते लाहौर पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने इवैकुई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान के अध्यक्ष आसिफ हाशमी से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी को भारत वापस लौटेगा।
एक मीडिया रपट में कहा गया है कि इसके पहले 2006 में हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम बार पाकिस्तान का दौरा किया था, और उसके बाद से हिंदू मंदिरों में भारतीयों का प्रवेश स्थगित था।टिप्पणियां
वर्ष 2006-07 के दौरान पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने और उन्हें मूल रूप में बहाल करने का निर्णय लिया था।
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।"
भारत से गए 50 हिंदुओं का एक प्रतिनिधिमंडल चकवाल के पास कतसराज में महाशिवरात्रि समारोह मना रहा है। हिंदू धर्म के अनुसार यह स्थान बहुत पवित्र है।
यह प्रतिनिधिमंडल शनिवार को वाघा सीमा के रास्ते लाहौर पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने इवैकुई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान के अध्यक्ष आसिफ हाशमी से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी को भारत वापस लौटेगा।
एक मीडिया रपट में कहा गया है कि इसके पहले 2006 में हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम बार पाकिस्तान का दौरा किया था, और उसके बाद से हिंदू मंदिरों में भारतीयों का प्रवेश स्थगित था।टिप्पणियां
वर्ष 2006-07 के दौरान पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने और उन्हें मूल रूप में बहाल करने का निर्णय लिया था।
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।"
यह प्रतिनिधिमंडल शनिवार को वाघा सीमा के रास्ते लाहौर पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने इवैकुई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान के अध्यक्ष आसिफ हाशमी से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी को भारत वापस लौटेगा।
एक मीडिया रपट में कहा गया है कि इसके पहले 2006 में हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम बार पाकिस्तान का दौरा किया था, और उसके बाद से हिंदू मंदिरों में भारतीयों का प्रवेश स्थगित था।टिप्पणियां
वर्ष 2006-07 के दौरान पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने और उन्हें मूल रूप में बहाल करने का निर्णय लिया था।
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।"
एक मीडिया रपट में कहा गया है कि इसके पहले 2006 में हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम बार पाकिस्तान का दौरा किया था, और उसके बाद से हिंदू मंदिरों में भारतीयों का प्रवेश स्थगित था।टिप्पणियां
वर्ष 2006-07 के दौरान पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने और उन्हें मूल रूप में बहाल करने का निर्णय लिया था।
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।"
वर्ष 2006-07 के दौरान पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मंदिरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित करने और उन्हें मूल रूप में बहाल करने का निर्णय लिया था।
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।"
मीडिया रपट के अनुसार, हिंदू कल्याण परिषद के अध्यक्ष शिव प्रताप राज ने कहा है, "पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनके पवित्र त्योहारों को मनाने की पूरी आजादी दी गई है।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत से गए तीर्थयात्रियों का एक दल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक प्राचीन मंदिर में छह वर्षो बाद महाशिवरात्रि मना रहा है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री योगी ने ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में गोरखपुर के चम्पादेवी पार्क, तारामंडल में आयोजित रामकथा की शनिवार को शुरुआत करते हुए राम मंदिर मुद्दे की तरफ इशारा करते हुए कोई नाम लिए बिना कहा था कि बहुत जल्द ''बड़ी खुशखबरी'' मिलने वाली है. इसके अलावा अखिलेश ने प्रदेश सरकार पर डीजे बजाने के कारोबार से जुड़े एक करोड़ लोगों को बेरोजगार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे पर कोई प्रतिबंध न होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री योगी की सरकार ने डीजे पर पाबंदी लगा दी है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद डीजे वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों ने उनसे मुलाकात की थी. वे सरकार की शिकायत करना चाहते हैं. यूपी में इस कारोबार से लगभग एक करोड़ लोग जुड़े हैं. उन्हें सरकार ने बेरोजगार कर दिया है.
अखिलेश ने कहा कि देश को आजाद कराने वाले लोगों ने संकल्प लिया था कि हम विदेशी चीजों को नहीं अपनायेंगे. मगर सरकार तो निजीकरण में ही लगी हुई है. यह तो शुरुआती निजीकरण है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'अभी देखिये क्या-क्या होगा. दलितों को नौकरी और रोजगार के मौकों से दूर कर दिया जाएगा.'
पूर्व मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आयोजित विधानमंडल के 36 घंटे के अनवरत सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने इस दौरान सदन में विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर तमाम झूठ बोले हैं. उन्होंने कहा कि आज आलम यह है कि नीति आयोग की रैंकिंग के मुताबिक उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में सबसे नीचे और कुपोषण के मामले में नंबर एक पर पहुंच गया है. | यहाँ एक सारांश है:अखिलेश का योगी आदित्यनाथ पर हमला
'मुख्यमंत्री को कैसे पता कोर्ट में क्या होगा'
आदित्यनाथ ने कहा था जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस ने आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक गुरुनाथ मय्यप्पन का सामना अभिनेता विंदू दारा सिंह से कराया।
अपराध शाखा के सूत्रों के मुताबिक मय्यप्पन ने जांचकर्ताओं से कहा कि यह विंदू ही था जो उसे सट्टेबाजी में ले गया।
पुलिस ने विंदू के साथ कथित तौर पर फोन पर हुई बातचीत की पड़ताल करने के लिए मय्यप्पन की आवाज के नमूने भी लिए।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गुरुनाथ और विंदू को आमने-सामने बैठाया गया और पूछताछ की गई।’ 21 मई को अपनी गिरफ्तारी के बाद विंदू ने कथित रूप से पुलिस को बताया था कि उसने मय्यप्पन के लिए सट्टेबाजी की थी।
बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मय्यप्पन को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 मई तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
अपराध शाखा के सूत्रों के मुताबिक मय्यप्पन ने जांचकर्ताओं से कहा कि यह विंदू ही था जो उसे सट्टेबाजी में ले गया।
पुलिस ने विंदू के साथ कथित तौर पर फोन पर हुई बातचीत की पड़ताल करने के लिए मय्यप्पन की आवाज के नमूने भी लिए।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गुरुनाथ और विंदू को आमने-सामने बैठाया गया और पूछताछ की गई।’ 21 मई को अपनी गिरफ्तारी के बाद विंदू ने कथित रूप से पुलिस को बताया था कि उसने मय्यप्पन के लिए सट्टेबाजी की थी।
बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मय्यप्पन को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 मई तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
पुलिस ने विंदू के साथ कथित तौर पर फोन पर हुई बातचीत की पड़ताल करने के लिए मय्यप्पन की आवाज के नमूने भी लिए।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गुरुनाथ और विंदू को आमने-सामने बैठाया गया और पूछताछ की गई।’ 21 मई को अपनी गिरफ्तारी के बाद विंदू ने कथित रूप से पुलिस को बताया था कि उसने मय्यप्पन के लिए सट्टेबाजी की थी।
बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मय्यप्पन को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 मई तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गुरुनाथ और विंदू को आमने-सामने बैठाया गया और पूछताछ की गई।’ 21 मई को अपनी गिरफ्तारी के बाद विंदू ने कथित रूप से पुलिस को बताया था कि उसने मय्यप्पन के लिए सट्टेबाजी की थी।
बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मय्यप्पन को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 मई तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद मय्यप्पन को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया था। वह 29 मई तक पुलिस हिरासत में रहेगा।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
दिवंगत अभिनेता-पहलवान दारा सिंह के बेटे विंदू ने आईपीएल मैचों के दौरान मय्यप्पन से कथित रूप से लगातार संपर्क रखा था और उसने अधिकारियों को बताया था कि सीएसके मालिक ने सट्टेबाजी में एक करोड़ रुपये गंवा दिए थे।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
शनिवार को मय्यप्पन की हिरासत की मांग करते हुए अपराध शाखा ने स्थानीय अदालत में कहा था कि उसने खेल को फिक्स करने के बाद आईपीएल के मैचों पर जमकर सट्टा लगाया था।टिप्पणियां
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
पुलिस की रिमांड अर्जी के मुताबिक, ‘पहले एक मैच फिक्स किया गया, उसके बाद गुरुनाथ ने इन मैचों पर बड़े सट्टे लगाए।’ अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार इसी बीच पुलिस सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है क्योंकि विंदू ने कुछ स्थानीय सट्टेबाजों के नाम लिए हैं जिनके माध्यम से उसने सट्टे लगाए थे।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए।
अपराधा शाखा ने कथित सट्टेबाज पवन और संजय जयपुर के खिलाफ तलाशी सर्कुलर जारी किए हैं जो इस माह के प्रांरभ में छह सट्टेबाजों के पुलिस के गिरफ्त में आने के शीघ्र बाद विंदू की मदद से दुबई भाग गए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई पुलिस ने आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में पूछताछ के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक गुरुनाथ मय्यप्पन का सामना अभिनेता विंदू दारा सिंह से कराया। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खाद्य सुरक्षा विधेयक के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की चर्चाओं के बीच सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी विकल्प खुले हैं।
संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कांग्रेस द्वारा महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोगी दलों की राय जानने के लिए बुलाई गई संप्रग समन्वय समिति की बैठक के बाद की गई है।
कमलनाथ ने बैठक के बाद कहा, ‘खाद्य सुरक्षा विधेयक पर आगे कैसे बढ़ा जाए, इस बारे में सभी विकल्प अभी भी खुले हैं। हम आने वाले दिनों में इस पर और विचार करेंगे।’ हालांकि उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक पर कोई चर्चा नहीं हुई। सोमवार की बैठक से पहले शनिवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में यह तय किया गया था कि कमलनाथ अन्य दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे और यदि वे राजी होते हैं तो इस विधेयक के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।टिप्पणियां
विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि विधेयक के लिए विशेष सत्र की बजाय मॉनसून सत्र को ही कुछ दिन पहले बुलाया जाए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी कुछ संशोधनों के साथ पारित कराने के पक्ष में है। उन्होंने सरकार से इस कार्य के लिए संसद के मानसून सत्र को जल्दी बुनाने की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कांग्रेस द्वारा महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोगी दलों की राय जानने के लिए बुलाई गई संप्रग समन्वय समिति की बैठक के बाद की गई है।
कमलनाथ ने बैठक के बाद कहा, ‘खाद्य सुरक्षा विधेयक पर आगे कैसे बढ़ा जाए, इस बारे में सभी विकल्प अभी भी खुले हैं। हम आने वाले दिनों में इस पर और विचार करेंगे।’ हालांकि उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक पर कोई चर्चा नहीं हुई। सोमवार की बैठक से पहले शनिवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में यह तय किया गया था कि कमलनाथ अन्य दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे और यदि वे राजी होते हैं तो इस विधेयक के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।टिप्पणियां
विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि विधेयक के लिए विशेष सत्र की बजाय मॉनसून सत्र को ही कुछ दिन पहले बुलाया जाए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी कुछ संशोधनों के साथ पारित कराने के पक्ष में है। उन्होंने सरकार से इस कार्य के लिए संसद के मानसून सत्र को जल्दी बुनाने की मांग की।
कमलनाथ ने बैठक के बाद कहा, ‘खाद्य सुरक्षा विधेयक पर आगे कैसे बढ़ा जाए, इस बारे में सभी विकल्प अभी भी खुले हैं। हम आने वाले दिनों में इस पर और विचार करेंगे।’ हालांकि उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक पर कोई चर्चा नहीं हुई। सोमवार की बैठक से पहले शनिवार को कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में यह तय किया गया था कि कमलनाथ अन्य दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे और यदि वे राजी होते हैं तो इस विधेयक के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।टिप्पणियां
विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि विधेयक के लिए विशेष सत्र की बजाय मॉनसून सत्र को ही कुछ दिन पहले बुलाया जाए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी कुछ संशोधनों के साथ पारित कराने के पक्ष में है। उन्होंने सरकार से इस कार्य के लिए संसद के मानसून सत्र को जल्दी बुनाने की मांग की।
विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि विधेयक के लिए विशेष सत्र की बजाय मॉनसून सत्र को ही कुछ दिन पहले बुलाया जाए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी कुछ संशोधनों के साथ पारित कराने के पक्ष में है। उन्होंने सरकार से इस कार्य के लिए संसद के मानसून सत्र को जल्दी बुनाने की मांग की।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी कुछ संशोधनों के साथ पारित कराने के पक्ष में है। उन्होंने सरकार से इस कार्य के लिए संसद के मानसून सत्र को जल्दी बुनाने की मांग की। | यह एक सारांश है: खाद्य सुरक्षा विधेयक के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की चर्चाओं के बीच सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी विकल्प खुले हैं। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी के सहारनपुर में जातीय संघर्ष के बीच हालात को काबू में करने के लिए मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सर्विसेज पर रोक लगा दी गई है. जिला प्रशासन के मुताबिक- किसी भी तरह के अफवाह से बचने के लिए ये कदम उठाया गया है.जिलाधिकारी एनपी सिंह ने अपने आदेश में कहा, मैं निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि टेलीकॉम प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध इंटरनेट, मैसेजिंग एवं सोशल मीडिया का प्रयोग असामाजिक तत्व अफवाह और भ्रामक सूचनाओं को फैलाने में कर रहे हैं. उन्होंने कहा, धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दूरसंचार प्रदाता कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क में उपलब्ध सभी इंटरनेट मैसेजिंग एवं सोशल मीडिया की सुविधाओं पर अग्रिम आदेश तक रोक लगायी जाती है.टिप्पणियां
इससे पहले देर शाम सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया. डिवीज़नल कमिश्नर और डीआईजी का भी तबादला कर दिया गया. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे और जिलाधिकारी एनपी सिंह को हटाया गया है, जबकि मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) जेके शाही को भी स्थानांतरित किया गया है. जिले से हटाने को लेकर कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन बताया जाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने को लेकर नाराजगी जताई, जिसके बाद उक्त अधिकारियों को हटाया गया.तीन हफ़्तों में चौथी बार हुई हिंसा के बाद इलाके में काफी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी सुरक्षा तैनात की गई है. प्रशासन के आला अधिकारी मौक़े पर कैंप कर रहे हैं. इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है. सहारनपुर की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. मंगलवार को मल्हीपुर रोड पर हुई हिंसा में मारे गये आशीष के परिजनों को राज्य सरकार ने 15 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं.
सुलगता सहारनपुर
5 मई 2017 : शब्बीरपुर गांव में दलित-ठाकुर संघर्ष, एक व्यक्ति की मौत
9 मई 2017 : दलितों-पुलिस में झड़प, 9 जगह हिंसा
21 मई 2017 : दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन
23 मई 2017 : मायावती के दौरे के बाद हिंसा, एक व्यक्ति की मौत
24 मई 2017: एक व्यक्ति को गोली मारी
इससे पहले देर शाम सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया. डिवीज़नल कमिश्नर और डीआईजी का भी तबादला कर दिया गया. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे और जिलाधिकारी एनपी सिंह को हटाया गया है, जबकि मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) जेके शाही को भी स्थानांतरित किया गया है. जिले से हटाने को लेकर कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन बताया जाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने को लेकर नाराजगी जताई, जिसके बाद उक्त अधिकारियों को हटाया गया.तीन हफ़्तों में चौथी बार हुई हिंसा के बाद इलाके में काफी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी सुरक्षा तैनात की गई है. प्रशासन के आला अधिकारी मौक़े पर कैंप कर रहे हैं. इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है. सहारनपुर की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. मंगलवार को मल्हीपुर रोड पर हुई हिंसा में मारे गये आशीष के परिजनों को राज्य सरकार ने 15 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं.
सुलगता सहारनपुर
5 मई 2017 : शब्बीरपुर गांव में दलित-ठाकुर संघर्ष, एक व्यक्ति की मौत
9 मई 2017 : दलितों-पुलिस में झड़प, 9 जगह हिंसा
21 मई 2017 : दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन
23 मई 2017 : मायावती के दौरे के बाद हिंसा, एक व्यक्ति की मौत
24 मई 2017: एक व्यक्ति को गोली मारी
सुलगता सहारनपुर
5 मई 2017 : शब्बीरपुर गांव में दलित-ठाकुर संघर्ष, एक व्यक्ति की मौत
9 मई 2017 : दलितों-पुलिस में झड़प, 9 जगह हिंसा
21 मई 2017 : दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन
23 मई 2017 : मायावती के दौरे के बाद हिंसा, एक व्यक्ति की मौत
24 मई 2017: एक व्यक्ति को गोली मारी | सारांश: डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष दुबे सस्पेंड
सीएम ने की शांति की अपील
मृतकों के परिजनों को 15 लाख मुआवजा | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बचपन में कई लड़कियों का प्रिंसेस बनने का सपना रहा होगा, कॉमिक से लेकर गुड़ियों तक, इन्हें देखकर हर लड़की का रानी बनना चाहती थी. लेकिन बड़े होते-होते ये सपना खत्म होता चला गया. लेकिन अब आपका ये सपना सच्चाई में बदल सकता है. आप सचमुच की प्रिंसेस बन सकती हैं. जी हां, और आपको प्रिंसेस बनने की अच्छी खासी सैलरी भी मिलेगी.
सिर्फ लड़कियां ही नहीं बल्कि लड़के भी प्रिंस बन सकते हैं, जिन भी लड़कों का बचपन में प्रिंस या राजा बनने का सपना रहा होगा वो अब सच हो सकता है.
आपको बता दें, डिजनीलैंड पेरिस (Disneyland, Paris) आपके बचपन के सपने को सच करने का मौका दे रहा है. डिजनीलैंड अपने थीम पार्क के लिए के लिए प्रिंस और प्रिंसेस की तलाश कर रहा है.
डिजनीलैंड में करीब 50 वेकेंसी निकली हैं. प्रिंस और प्रिंसेस बनने की ये नौकरी फुल टाइम या 3-6 महीने की कॉन्ट्रैक्स बेस पर है.
टुडे.कॉम के मुताबिक प्रिंसेस को 13 से 16 डॉलर प्रति घंटे मिलेंगे. यानी महीने में करीब 27 हज़ार डॉलर (18 लाख 72 हज़ार रुपये) सैलरी मिलेगी. | यहाँ एक सारांश है:प्रिंसेस बनने का सपना हो सकता है अब सच
प्रिंस और प्रिंसेस की निकली वेकेंसी
मिलेगी 18 लाख सैलरी | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और इस्राइल ने अंतरिक्ष, कृषि और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सात समझौतों पर दस्तखत किए हैं. पीएम मोदी ने बताया कि आतंकवाद की रोकथाम और रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए सहमति बनी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गहन विचार विमर्श के बाद ये करार किए गए. दोनों देशों के बीच चार करोड़ डॉलर के भारत-इस्राइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास तथा तकनीकी नवोन्मेषण कोष की स्थापना के लिए सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारा विचार है कि साथ मिलकर हमारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस क्षेत्र में आपसी लाभ के समाधान का विकास, निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकते हैं.' मोदी ने कहा, 'औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए इस चार करोड़ डॉलर के द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण कोष से हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. ' उन्होंने कहा कि हम दोतरफा व्यापार और निवेश के प्रवाह को अपनी मजबूत भागीदारी का आधार मानते हैं.' प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मेरे बीच इस दिशा में और काम करने पर सहमति बनी है. इन प्रयासों में दोनों देशों की कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.'
जल क्षेत्र में दो समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं. इनके तहत दोनों पक्ष जलसंरक्षण और भारत में राज्यों में सरकारी जलापूर्ति निकायों के कामकाज में सुधार के लिए सहयोग करेंगे. मोदी ने कहा कि नवोन्मेषण, जल एवं कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्राइल अग्रणी देश है. भारत के विकास में ये मेरे प्राथमिकता के क्षेत्र हैं.'
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.' कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.टिप्पणियां
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारा विचार है कि साथ मिलकर हमारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस क्षेत्र में आपसी लाभ के समाधान का विकास, निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकते हैं.' मोदी ने कहा, 'औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए इस चार करोड़ डॉलर के द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण कोष से हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. ' उन्होंने कहा कि हम दोतरफा व्यापार और निवेश के प्रवाह को अपनी मजबूत भागीदारी का आधार मानते हैं.' प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मेरे बीच इस दिशा में और काम करने पर सहमति बनी है. इन प्रयासों में दोनों देशों की कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.'
जल क्षेत्र में दो समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं. इनके तहत दोनों पक्ष जलसंरक्षण और भारत में राज्यों में सरकारी जलापूर्ति निकायों के कामकाज में सुधार के लिए सहयोग करेंगे. मोदी ने कहा कि नवोन्मेषण, जल एवं कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्राइल अग्रणी देश है. भारत के विकास में ये मेरे प्राथमिकता के क्षेत्र हैं.'
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.' कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.टिप्पणियां
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जल क्षेत्र में दो समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं. इनके तहत दोनों पक्ष जलसंरक्षण और भारत में राज्यों में सरकारी जलापूर्ति निकायों के कामकाज में सुधार के लिए सहयोग करेंगे. मोदी ने कहा कि नवोन्मेषण, जल एवं कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्राइल अग्रणी देश है. भारत के विकास में ये मेरे प्राथमिकता के क्षेत्र हैं.'
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.' कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.टिप्पणियां
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.' कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.टिप्पणियां
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: भारत-इस्राइल के बीच 7 समझौते
अंतरिक्ष, कृषि और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर एमओयू
आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की सहमति | 24 | ['hin'] |
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