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इस पाठ का सारांश बनाओ: आपने अभी तक घरों या दुकान में चोरी होते हुए सुना होगा! लेकिन कभी आपने सुना है कि चोर रेल का ब्रिज ही चुरा कर ले गए. कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि चोरों ने 23 मीटर लंबा और 56 टन भारी ब्रिज को ही रातों-रात गायब कर दिया. जी हां, सोशल मीडिया पर एक ब्रिज की तस्वीर वायरल हो रही हैं, जिसे देख लोग अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे कि चोरों ने आखिर कैसे इतना भारी ब्रिज चोरी किया होगा.
अमेरिकी वायुसेना ने सिख-अमेरिकी वायुसैनिक को दाढ़ी, पगड़ी रखने की अनुमति दी
मामला रूस के मुरमैन्स्क (Murmansk) का है. यहां उमबा नदी के ऊपर मेटल का ब्रिज बना हुआ था. यह एरिया रूस और फिनलैंड का बॉर्डर है. तस्वीर 16 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुई.
धीरे-धीरे इस रेवले ब्रिज की और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं. इन फोटोज़ में देख सकते हैं कि नदी के ऊपर बने ब्रिज का पूरा हिस्सा गायब है. मेटल ही नहीं ब्रिज का मलबा भी चोरों ने उड़ा दिया.
Kirovsk पुलिस स्टेशन में एरिया के आस-पास रहने वाले लोगों ने इस पूरी घटना की शिकायत दर्ज करवाई.
Independent के मुताबिक पुलिस का कहना है कि हमें अंदेशा है कि पुल के सारे मेटल को पानी में नीचे खींचा गया होगा और इसके बाद इसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए होंगे. बाद में चोर यहां से ये सारा स्टील चुरा कर ले गए होंगे, लेकिन इस मामले की जांच जारी है. | यह एक सारांश है: रूस में रेलवे ब्रिज गायब
यह एरिया रूस और फिनलैंड का बॉर्डर है
मेटल ही नहीं ब्रिज का मलबा भी चोरों ने उड़ा दिया | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने गुरुवार को डरबन में जारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन वार्ता में एक वैश्विक करार की राह में रोड़े अटकाने से इनकार किया। उसने कहा कि भविष्य के एक करार के लिए वह यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रस्तावों का समर्थन करता है। छोटे द्वीप देशों ने कहा है कि समस्या का हल निकालने में देशों के बीच पर्याप्त 'गम्भीरता' नहीं है। जलवायु परिवर्तन के अमेरिकी दूत टॉड स्टर्न ने कहा, "यह कहना पूरी तरह से गलत है कि करार पर विलम्ब के लिए अमेरिका प्रस्ताव दे रहा है। ईयू ने करार को लेकर एक रूपरेखा का आह्वान किया है और हम उसका समर्थन करते हैं।" ज्ञात हो कि ईयू ने बुधवार को ग्रीनहाउस गैसों में कटौती के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी करार पर अमेरिका और चीन के सहमत न होने और डरबन में जारी जलवायु वार्ता का 'अपहरण' करने के लिए दोनों देशों की आलोचना की। टॉड ने कहा कि अमेरिका क्योटो प्रोटोकाल के एक दूसरे चरण पर निर्णय लेने जैसे गम्भीर मुद्दों पर व्यस्त है। ज्ञात हो कि क्योटो प्रोटोकाल कानूनी रूप से अकेला बाध्यकारी नियामक है जो अमीर देशों को कार्बन के उत्सर्जन में कटौती के लिए बाध्य और भविष्य के एक प्रभावी करार की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा, "विकासशील एवं गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और हरित प्रौद्योगिकी की हिस्सेदारी के तरीकों में मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन तेजी से एक हरित जलवायु कोष की स्थापना कर रहा है।" वहीं, 'द एसोसिएशन आफ स्माल आइलैंड स्टेट्स' (एओएसआईएस) ने कहा कि वे डरबन में जारी वार्ता से खुश नहीं है और देश किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए ज्यादा गम्भीर नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि ईयू ने वर्ष 2015 के पहले एक कानूनी रूप से बाध्यकारी एक करार का प्रस्ताव दिया है। जबकि चीन ने घोषणा की है कि वह वर्ष 2020 के बाद शर्तो के साथ बाध्यकारी करार को स्वीकार करेगा। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि बाध्यकारी करार के लिए शर्ते स्वीकारना अभी उसके लिए ठीक नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन वार्ता में एक वैश्विक करार की राह में रोड़े अटकाने से इनकार किया। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने सुबह करीब ढाई घंटे तक चली कोर कमेटी की बैठक में हुई बातचीत के बारे में बताया, हमने जन लोकपाल के अपने हर महत्वपूर्ण मुद्दों पर फिर से विचार विमर्श किया और यह बात निकलकर सामने आई कि हर मुद्दा बिल्कुल जरूरी है। उन्होंने भी देश की जनता से अपील की कि वे सांसदों के घर के बाहर धरना दें और दिल्ली में मंत्रियों तथा विपक्षी नेताओं के घर के बाहर धरना देकर उनसे पूछे कि वे सरकार के विधेयक को चाहते हैं या जन लोकपाल को। केजरीवाल ने कहा, जिन नेताओं को हमारे जनलोकपाल को लेकर सशंय है, वह मंच पर आकर विचार-विमर्श कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य अरुणा रॉय के संगठन एनसीपीआरआई को भी निमंत्रण दिया कि किसी भी मतभेद पर यहां आकर बातचीत करें, वाद-विवाद करें। उन्होंने कहा, कल प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं, हम उनसे विनम्रता से पूछना चाहते हैं कि बातचीत के लिए हम किसके पास और कब आएं। इससे पूर्व, अन्ना हजारे ने मंच से कहा कि हमारी क्रांति और दूसरे देशों में हुई क्रांति में यह अंतर है कि वहां की क्रांति रक्तरंजित, राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली है, लेकिन हमारी कांति अहिंसापूर्ण है जिससे दुनिया सबक लेगी। | सारांश: टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा, जिन नेताओं को जनलोकपाल को लेकर सशंय है, वह मंच पर आकर विचार-विमर्श कर सकते हैं। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने न केवल स्मारकों और मूर्तियों पर पैसा पानी की तरह बहाया, बल्कि अपने बंगले को संवारने में भी सरकारी खजाने के 86 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। मायावती को 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद लखनऊ में 13 मॉल एवेन्यू मिला था। इसे सजाने-संवारने का काम 2007 में शुरू हुआ, जब वह दूसरी बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन अधिकतर काम उनके कार्यकाल खत्म होने तक पूरा हुआ।
दिलचस्प बात है कि समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव की एक आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ। आरटीआई के तहत उन्होंने मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए यह जानकारी मांगी थी। करीब एक साल पहले मांगी गई इस जानकारी का जवाब हाल ही में मिला। यह बंगला 5 एकड़ में बना है। पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने अब इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
दिलचस्प बात है कि समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव की एक आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ। आरटीआई के तहत उन्होंने मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए यह जानकारी मांगी थी। करीब एक साल पहले मांगी गई इस जानकारी का जवाब हाल ही में मिला। यह बंगला 5 एकड़ में बना है। पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने अब इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने न केवल स्मारकों और मूर्तियों पर पैसा पानी की तरह बहाया, बल्कि अपने बंगले को संवारने में भी सरकारी खजाने के 86 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पेट्रोलियम रिफाइनरी से लेकर खुदरा कारोबार करने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सबसे अमीर भारतीय होने की अपनी पहचान बरकरार रखी है। 'फोर्ब्स' की भारतीय अमीरों की सालाना सूची के अनुसार, बड़े अंबानी की कुल परिसंपत्तियां 22.6 अरब डॉलर की हैं। खास बात यह है कि पिछले एक साल में मुकेश की परिसंपत्तियों में 4.4 अरब डॉलर की गिरावट आई है, उसके बावजूद वह शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। विश्व के अमीर भारतीयों की सूची में मुकेश के बाद इस्पात क्षेत्र के अग्रणी उद्यमी आर्सेलरमित्तल के लक्ष्मी निवास मित्तल दूसरे नंबर पर रहे, जबकि आईटी कंपनी विप्रो के अजीम प्रेमजी तीसरे पायदान पर रहे। मित्तल की कुल परिसंपत्तियां 19.2 अरब डॉलर की हैं, जबकि प्रेमजी की परिसंपत्तियां 13 अरब डॉलर आंकी गई हैं। पिछले एक साल में देश के सौ सबसे अमीरों की कुल परिसंपत्तियों में 20 प्रतिशत या 241 अरब डॉलर की गिरावट आई है। महंगाई, भ्रष्टाचार के मामलों, शेयरों में गिरावट तथा मुद्रा के मूल्य में कमी से उनकी कुल परिसंपत्तियां घटी हैं। भारतीय अरबपतियों की सूची में इस साल कुल 57 नाम हैं, जो पिछले साल से एक दर्जन कम हैं। 'फोर्ब्स' ने कहा है कि मुकेश के छोटे भाई अनिल अंबानी की परिसंपत्तियों में मूल्य के हिसाब से सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। वहीं प्रतिशत के हिसाब से लैंको इन्फ्राटेक के मधुसूदन रॉ की परिसंत्तियों में सबसे ज्यादा 78 फीसदी की कमी आई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पेट्रोलियम रिफाइनरी से लेकर खुदरा कारोबार करने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सबसे अमीर भारतीय होने की पहचान बरकरार रखी है। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सर्बिया के सभी अखबार टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच के राफेल नडाल को हराकर पहला विंबलडन खिताब जीतने और पहली बार करियर में विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचने की प्रशंसा से भरे हुए थे। लोकप्रिय स्थानीय अखबार ब्लिच ने अपने कवर पर किंग्ली (बादशाह) लिखा और साथ ही लिखा कि विंबलडन जीतकर जोकोविच ने पुष्टि कर दी कि वह शीर्ष रैंकिंग का हकदार है, जिस पर पिछले सात वर्षों में नडाल और रोजर फेडरर का कब्जा रहा था। सर्बिया के राष्ट्रपति बोरिस टाडिच भी लंदन में फाइनल मुकाबला देखने गए थे। उन्होंने कहा, मैच देखते हुए रोमांच की वजह से मेरी सांस रुक गई थी। स्पोर्ट्स डेली स्पोट्स्की जर्नल ने जोकोविच को, ड्यूक आफ विंबलडन करार दिया। अखबार ने लिखा, शुरू से ही उसने अपनी जिदंगी का हर क्षण टेनिस पर लगाया है, इसलिए वह इस अपार सफलता का हकदार है। जोकोविच ने सर्बियाई टीम की अगुवाई करते हुए पिछले साल दिसंबर में बेलग्रेड में फ्रांस पर टीम को डेविस कप जीत दिलाई थी। उन्होंने पुरुष वर्ग के फाइनल में नडाल को 6-4, 6-1, 1-6, 6-3 से मात दी। | संक्षिप्त सारांश: सर्बिया के सभी अखबार जोकोविच के नडाल को हराकर विंबलडन खिताब जीतने और पहली बार करियर में शीर्ष स्थान पर पहुंचने की प्रशंसा से भरे हुए थे। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के पूर्व कप्तान और 'ए' टीम के कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि यदि महेंद्र सिंह धोनी 2019 वर्ल्डकप की टीम में खुद को नहीं देखते तो कप्तानी छोड़ने की उनकी टाइमिंग सही थी.
द्रविड़ ने कहा,‘धोनी का फैसला ज्यादा हैरानी भरा नहीं है. उसे पता था कि यह होना ही है. ऐसी अटकलें थी कि वह चैम्पियंस ट्रॉफी तक पद पर रहेगा लेकिन उससे पहले सिर्फ एक वनडे सीरीज थी.’द्रविड़ ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘उसके नजरिये से देखें तो अगर वह खुद को अगले वर्ल्डकप की टीम में नहीं देखता तो उसकी टाइमिंग सही है. विराट कोहली को बागडोर सौंपने का यह सही समय है ताकि उसे अगले वर्ल्डकप के लिये अपनी मनचाही टीम तैयार करने का समय मिल जाए.’
उन्होंने कहा,‘इसमें कोई शक नहीं कि एमएस धोनी जैसा अनुभवी और सक्षम क्रिकेटर जब फॉर्म में है तो टीम के लिये अनमोल है. उसके पास अपार अनुभव और क्षमता है, खासकर दबाव के क्षणों में. यह आसानी से नहीं मिलता.’ उन्होंने कहा,‘सवाल यही है कि आपको टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है और प्रदर्शन के दम पर. यदि वह फॉर्म में है और अच्छा खेल रहा है तो धोनी जैसा खिलाड़ी भारत के लिये अनमोल है , खासकर तब जबकि बड़े टूर्नामेंट आ रहे हैं.’ टिप्पणियां
द्रविड़ ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले धोनी का फार्म एक मसला होगा.उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि यह भी उसके अपने प्रदर्शन और क्षमता पर निर्भर होगा. यह उसी पर तय होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है. टीम में उसकी जगह विशुद्ध रूप से विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर निर्भर होगी.’ उन्होंने कहा,‘कोहली दुआ करेगा कि धोनी अच्छा प्रदर्शन करें और टीम में रहे. इस तरह के अनुभव और क्रिकेट के ज्ञान की टीम को जरूरत है.’द्रविड़ ने कहा कि इतिहास उन्हें भारत के सफल कप्तान के रूप में याद रखेगा. उन्होंने कहा,‘इतिहास उन्हें भारत के सबसे सफल कप्तान के तौर पर याद रखेगा. एक ऐसा कप्तान जो अपने दौर में टीम और खेल को काफी आगे ले गया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
द्रविड़ ने कहा,‘धोनी का फैसला ज्यादा हैरानी भरा नहीं है. उसे पता था कि यह होना ही है. ऐसी अटकलें थी कि वह चैम्पियंस ट्रॉफी तक पद पर रहेगा लेकिन उससे पहले सिर्फ एक वनडे सीरीज थी.’द्रविड़ ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘उसके नजरिये से देखें तो अगर वह खुद को अगले वर्ल्डकप की टीम में नहीं देखता तो उसकी टाइमिंग सही है. विराट कोहली को बागडोर सौंपने का यह सही समय है ताकि उसे अगले वर्ल्डकप के लिये अपनी मनचाही टीम तैयार करने का समय मिल जाए.’
उन्होंने कहा,‘इसमें कोई शक नहीं कि एमएस धोनी जैसा अनुभवी और सक्षम क्रिकेटर जब फॉर्म में है तो टीम के लिये अनमोल है. उसके पास अपार अनुभव और क्षमता है, खासकर दबाव के क्षणों में. यह आसानी से नहीं मिलता.’ उन्होंने कहा,‘सवाल यही है कि आपको टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है और प्रदर्शन के दम पर. यदि वह फॉर्म में है और अच्छा खेल रहा है तो धोनी जैसा खिलाड़ी भारत के लिये अनमोल है , खासकर तब जबकि बड़े टूर्नामेंट आ रहे हैं.’ टिप्पणियां
द्रविड़ ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले धोनी का फार्म एक मसला होगा.उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि यह भी उसके अपने प्रदर्शन और क्षमता पर निर्भर होगा. यह उसी पर तय होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है. टीम में उसकी जगह विशुद्ध रूप से विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर निर्भर होगी.’ उन्होंने कहा,‘कोहली दुआ करेगा कि धोनी अच्छा प्रदर्शन करें और टीम में रहे. इस तरह के अनुभव और क्रिकेट के ज्ञान की टीम को जरूरत है.’द्रविड़ ने कहा कि इतिहास उन्हें भारत के सफल कप्तान के रूप में याद रखेगा. उन्होंने कहा,‘इतिहास उन्हें भारत के सबसे सफल कप्तान के तौर पर याद रखेगा. एक ऐसा कप्तान जो अपने दौर में टीम और खेल को काफी आगे ले गया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा,‘इसमें कोई शक नहीं कि एमएस धोनी जैसा अनुभवी और सक्षम क्रिकेटर जब फॉर्म में है तो टीम के लिये अनमोल है. उसके पास अपार अनुभव और क्षमता है, खासकर दबाव के क्षणों में. यह आसानी से नहीं मिलता.’ उन्होंने कहा,‘सवाल यही है कि आपको टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है और प्रदर्शन के दम पर. यदि वह फॉर्म में है और अच्छा खेल रहा है तो धोनी जैसा खिलाड़ी भारत के लिये अनमोल है , खासकर तब जबकि बड़े टूर्नामेंट आ रहे हैं.’ टिप्पणियां
द्रविड़ ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले धोनी का फार्म एक मसला होगा.उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि यह भी उसके अपने प्रदर्शन और क्षमता पर निर्भर होगा. यह उसी पर तय होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है. टीम में उसकी जगह विशुद्ध रूप से विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर निर्भर होगी.’ उन्होंने कहा,‘कोहली दुआ करेगा कि धोनी अच्छा प्रदर्शन करें और टीम में रहे. इस तरह के अनुभव और क्रिकेट के ज्ञान की टीम को जरूरत है.’द्रविड़ ने कहा कि इतिहास उन्हें भारत के सफल कप्तान के रूप में याद रखेगा. उन्होंने कहा,‘इतिहास उन्हें भारत के सबसे सफल कप्तान के तौर पर याद रखेगा. एक ऐसा कप्तान जो अपने दौर में टीम और खेल को काफी आगे ले गया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
द्रविड़ ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले धोनी का फार्म एक मसला होगा.उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि यह भी उसके अपने प्रदर्शन और क्षमता पर निर्भर होगा. यह उसी पर तय होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करता है. टीम में उसकी जगह विशुद्ध रूप से विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी पर निर्भर होगी.’ उन्होंने कहा,‘कोहली दुआ करेगा कि धोनी अच्छा प्रदर्शन करें और टीम में रहे. इस तरह के अनुभव और क्रिकेट के ज्ञान की टीम को जरूरत है.’द्रविड़ ने कहा कि इतिहास उन्हें भारत के सफल कप्तान के रूप में याद रखेगा. उन्होंने कहा,‘इतिहास उन्हें भारत के सबसे सफल कप्तान के तौर पर याद रखेगा. एक ऐसा कप्तान जो अपने दौर में टीम और खेल को काफी आगे ले गया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: धोनी यदि खुद को 2019 वर्ल्डकप की टीम में नहीं देखते तो निर्णय सही
विराट कोहली को टीम इंडिया की बागडोर सौंपने का यह सही समय
टीम में धोनी की जगह अब विकेटकीपिंग-बैटिंग पर निर्भर करेगी | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली वालों की जेब पर एक और मार पड़ी है। दिल्ली में बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। पहले 200 यूनिट तक अब तीन रुपये की बजाय तीन रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट देना होगा। जबकि 200 से 400 यूनिट की तक की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वो पहले की तरह ही चार रुपये 80 पैसे प्रति यूनिट है। लेकिन 400 यूनिट से ज़्यादा खपत करने वालों को 5 रुपये 70 पैसे की बजाय अब 6 रुपये 40 पैसे प्रति यूनिट देना होगा।
कुल मिलाकर इस बार यह 24 फीसदी की वृद्धि की गई है। यह बढ़ी दरें एक जुलाई से लागू होंगी। इसी के साथ मीटर के चार्ज भी 30 के स्थान पर 40 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं।टिप्पणियां
बता दें कि डीईआरसी से बिजली कंपनियों ने 20 से 25 फीसदी बिजली के रेट बढ़ाने की मांग थी और इसके पीछे कंपनियों ने यह तर्क दिया था कि दामोदर वैली समेत एनटीपीसी से बिजली खरीदना उनको मंहगा पड़ रहा है जबकि बिजली के रेट उसके हिसाब से दिल्ली में नहीं बढ़ाए गए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बिजली के दाम बढ़ाने के संकेत दिए थे। डीईआरसी सभी कंपनियों से बात करेगी। शीला दीक्षित ने कहा था कि उन्हें घाटा हो रहा है। सभी कंपनियां ज्यादा टैरिफ की मांग कर रही हैं।
बता दें कि डीईआरसी से बिजली कंपनियों ने 20 से 25 फीसदी बिजली के रेट बढ़ाने की मांग थी और इसके पीछे कंपनियों ने यह तर्क दिया था कि दामोदर वैली समेत एनटीपीसी से बिजली खरीदना उनको मंहगा पड़ रहा है जबकि बिजली के रेट उसके हिसाब से दिल्ली में नहीं बढ़ाए गए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बिजली के दाम बढ़ाने के संकेत दिए थे। डीईआरसी सभी कंपनियों से बात करेगी। शीला दीक्षित ने कहा था कि उन्हें घाटा हो रहा है। सभी कंपनियां ज्यादा टैरिफ की मांग कर रही हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बिजली के दाम बढ़ाने के संकेत दिए थे। डीईआरसी सभी कंपनियों से बात करेगी। शीला दीक्षित ने कहा था कि उन्हें घाटा हो रहा है। सभी कंपनियां ज्यादा टैरिफ की मांग कर रही हैं। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में बिजली ने एक बार फिर मंहगाई का झटका दिया है। पहले 200 यूनिट तक 3.70 रुपये प्रति यूनिट की दर कर दी गई है। अभी तक ह दर तीन रुपये थी। यह बढ़ी दरें एक जुलाई से लागू होंगी। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के बेगूसराय में कन्हैया कुमार को समर्थन देने के सवाल पर मनोज झा ने कहा कि इस मामले पर किसी व्यक्ति विशेष की राय पर न जाएं. जानकारी के मुताबिक आज शाम सीट बंटवारे को लेकर एक अहम बैठक होनी, लेकिन यह बैठक कहां होगी फाइनल नहीं हो पाया है. सूत्रों के अनुसार आरजेडी, तंवर हुसैन को बेगूसराय से उतारने की तैयारी में है और वह इस सीट पर किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है, जबकि कन्हैया कुमार बेगूसराय से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं.
बता दें कि बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी महागठबंधन में शामिल प्रमुख दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सम्मानजनक सीट बंटवारे के करीब पहुंच चुके हैं,लेकिन कम से कम दो-तीन सीटों पर पेंच फंसा हुआ है. माना जा रहा है कि इन दो-तीन सीटों पर मामला सुलझा लेने के बाद जल्द ही सीट बंटवारे की घोषणा कर दी जाएगी.राजद के एक नेता का दावा है कि राजद और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच कम से कम दो दौर की बातचीत हो चुकी है और दोनों दल सम्मानजनक सीट बंटवारे के करीब हैं. पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव के बीच बातचीत हुई थी. | यह एक सारांश है: महागठबंधन में राजद को चाहिए 20 सीटें: सूत्र
मनोज झा बोले-राजद को सबसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए
मनोज झा ने ज्यादा सीट मांगने की वजह भी बताई | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के दिग्गज ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) को क्रिकेट जगत में घातक गेंद‘दूसरा'(Doosra) का जनक माना जाता है लेकिन एक नई किताब में दावा किया गया है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat kohli) के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा (Rajkumar sharma) ने सबसे पहले ऑफ स्पिनरों की इस घातक गेंद का सबसे पहले उपयोग किया था. राजकुमार शर्मा ऑफ स्पिनर थे और उन्होंने दिल्ली की तरफ से 9 प्रथम श्रेणी मैच भी खेले हैं. हाल में प्रकाशित किताब ‘क्रिकेट विज्ञान' में कहा गया कि शर्मा ने 80 के दशक में ही ‘दूसरा' का उपयोग शुरू कर दिया था और 1987 में उन्होंने पाकिस्तान के बल्लेबाज एजाज अहमद को ऐसी गेंद पर आउट भी किया था.
कोहली की बल्लेबाजी पर एंडरसन ने उठाई उंगली, विराट के बचपन के कोच ने दिया ये जवाब
वरिष्ठ खेल पत्रकार धर्मेंद्र पंत द्वारा लिखी गई इस किताब को नेशनल बुक ट्रस्ट ने प्रकाशित किया है. किताब में कहा गया है, ‘अमूमन ऑफ स्पिनर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गेंद 'दूसरा' (Doosra) का जिक्र होता है तो सकलैन को इसका जनक कहा जाता है लेकिन उनसे भी पहले दिल्ली के ऑफ स्पिनर राजकुमार शर्मा ने इसका उपयोग करना शुरू कर दिया था.' इसकेअनुसार राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) ने शर्मा के इस दावे पर मुहर लगाई थी और बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डा. रेने फर्नाडिस ने दूसरा करते समय राजकुमार के एक्शन को शत प्रतिशत सही पाया था. पुस्तक में कहा गया है, ‘राजकुमार यदि ‘दूसरा' (Doosra) के जनक थे तो इसे क्रिकेट जगत में ख्याति सकलैन मुश्ताक (Saqlain Mushtaq) ने दिलाई. पाकिस्तान के विकेटकीपर मोईन खान ने इसे 'दूसरा' नाम दिया. सकलैन (Saqlain Mushtaq) जब गेंदबाजी कर रहे होते थे तो मोईन विकेट के पीछे से चिल्लाते थे, ‘सकलैन 'दूसरा' फेंक 'दूसरा'.'' इस किताब में क्रिकेट के खेल के ‘क्रोकेट' से ‘क्रिकेट' बनने मतलब क्रिकेट के इतिहास, उसके हर पहलू से जुड़े विज्ञान, हर शॉट की उत्पति, हर शैली की गेंद की उत्पति और खेल के नियम की जानकारी रोचक किस्सों के साथ दी गई है.
10 साल के विराट और अब के विराट में कोई अंतर नजर नहीं आता : कोच राजकुमार शर्मा
अगर 1770 से 1780 के आसपास खेलने वाले विलियम बेडले और जान स्माल ने बल्लेबाजों को ड्राइव करना सिखाया तो इसके लगभग 100 साल बाद आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मार्च 1877 में जब पहला टेस्ट मैच खेला गया था तो तब ‘गुगली' और ‘स्विंग' जैसे शब्द क्रिकेट का हिस्सा नहीं हुआ करते थे. इस किताब में गुगली के 'क्रिकेट' से जुड़ने का रोचक किस्सा दिया गया। इसमें लिखा गया है, ‘‘टेस्ट क्रिकेट के जन्म के 20 साल बाद 1897 में इंग्लैंड के ऑलराउंडर बर्नार्ड बोसेनक्वेट ने बिलियर्ड्स के टेबल पर एक खेल ‘टि्वस्टी-ट्वोस्टी' खेलते हुए इस रहस्यमयी गेंद की खोज की थी.' इसी तरह से किताब में बताया गया है कि कैरम बॉल क्रिकेट जगह को श्रीलंका के रहस्यमयी स्पिनर अजंता मेंडिस की नहीं बल्कि दूसरे वर्ल्डवार में भाग लेने वाले एक फौजी की देन है. इसमें स्विंग के वैज्ञानिक पहलू पर भी विस्तार से चर्चा की गई है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किताब में दावा, शर्मा ने 80 के दशक में किया था 'दूसरा' का प्रयोग
इस गेंद पर उन्होंने 1987 में एजाज अहमद को आउट किया
विराट के कोच राजकुमार शर्मा थे स्पिनर, 9 फर्स्ट क्लास मैच खेले | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संप्रग सरकार पर ‘अभिमानी और निरंकुश’ होने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि 142 कोयला ब्लॉकों के ‘मनमानापूर्ण और विवेकाधीन’ आवंटन के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दायित्व बनता है।
कड़ी टिप्पणी करते हुए राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए, जिन्हें विवादास्पद टूजी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन में इस्तीफा देना पड़ा।टिप्पणियां
कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर भाजपा के किसी भी तरह न झुकने की बात स्पष्ट करते हुए जेटली ने कहा कि केवल सदन में मुद्दे पर चर्चा कराने का सुझाव अमल में लाना ‘भारतीय इतिहास में सबसे बड़े घोटाले पर पर्दा डाल देगा।’
भाजपा द्वारा जारी ‘142 कोल ब्लॉक का आवंटन’ शीषर्क वाले आलेख में जेटली ने कहा है, ‘यह नसीहत दी गई है कि चूंकि प्रधानमंत्री स्वयं कोयला मंत्री थे, तो ऐसे में हमें यह मान लेना चाहिए कि यह फैसला उचित था। भारतीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का पद एक पवित्र संस्था है। प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए।’
कड़ी टिप्पणी करते हुए राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए, जिन्हें विवादास्पद टूजी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन में इस्तीफा देना पड़ा।टिप्पणियां
कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर भाजपा के किसी भी तरह न झुकने की बात स्पष्ट करते हुए जेटली ने कहा कि केवल सदन में मुद्दे पर चर्चा कराने का सुझाव अमल में लाना ‘भारतीय इतिहास में सबसे बड़े घोटाले पर पर्दा डाल देगा।’
भाजपा द्वारा जारी ‘142 कोल ब्लॉक का आवंटन’ शीषर्क वाले आलेख में जेटली ने कहा है, ‘यह नसीहत दी गई है कि चूंकि प्रधानमंत्री स्वयं कोयला मंत्री थे, तो ऐसे में हमें यह मान लेना चाहिए कि यह फैसला उचित था। भारतीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का पद एक पवित्र संस्था है। प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए।’
कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे पर भाजपा के किसी भी तरह न झुकने की बात स्पष्ट करते हुए जेटली ने कहा कि केवल सदन में मुद्दे पर चर्चा कराने का सुझाव अमल में लाना ‘भारतीय इतिहास में सबसे बड़े घोटाले पर पर्दा डाल देगा।’
भाजपा द्वारा जारी ‘142 कोल ब्लॉक का आवंटन’ शीषर्क वाले आलेख में जेटली ने कहा है, ‘यह नसीहत दी गई है कि चूंकि प्रधानमंत्री स्वयं कोयला मंत्री थे, तो ऐसे में हमें यह मान लेना चाहिए कि यह फैसला उचित था। भारतीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का पद एक पवित्र संस्था है। प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए।’
भाजपा द्वारा जारी ‘142 कोल ब्लॉक का आवंटन’ शीषर्क वाले आलेख में जेटली ने कहा है, ‘यह नसीहत दी गई है कि चूंकि प्रधानमंत्री स्वयं कोयला मंत्री थे, तो ऐसे में हमें यह मान लेना चाहिए कि यह फैसला उचित था। भारतीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का पद एक पवित्र संस्था है। प्रधानमंत्री के पद के मर्यादा का आकलन ए राजा जैसे मंत्रियों के लिए अपनाए गए मानकों से कठोर होना चाहिए।’ | यह एक सारांश है: संप्रग सरकार पर ‘अभिमानी और निरंकुश’ होने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि 142 कोयला ब्लॉकों के ‘मनमानापूर्ण और विवेकाधीन’ आवंटन के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का दायित्व बनता है। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लीबिया के अपदस्थ शासक मुअम्मार गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम ने अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय अंतरिम परिषद (एनटीसी) के सैनिकों ने सिरते में गुरुवार को गद्दाफी को पकड़कर मार डाला था। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, सैफ शनिवार रात सीरियाई टीवी चैनल 'अल राय' पर प्रकट हुआ और उसने अपने समर्थकों से कहा कि वह जीवित है और लीबिया में है और वह विद्रोहियों के खिलाफ अंतिम क्षण तक लड़ने को तैयार है। गद्दाफी के प्रति वफादार रहे इस टीवी चैनल ने अल-इस्लाम के हवाले से कहा, "हम लगातार प्रतिरोध खड़े कर रहे हैं। मैं लीबिया में हूं। मैं जीवित हूं और आजाद हूं तथा अंत तक लड़ना और बदला लेना चाहता हूं।" गद्दाफी के समर्थकों की वेबसाइट पर इसके पहले जारी एक बयान में कहा गया था कि सैफ को गद्दाफी का उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया गया है, और विद्रोहियों के खिलाफ संघर्षरत बलों की कमान सौंप दी है। | लीबिया के अपदस्थ शासक मुअम्मार गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम ने अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईटी हब बेंगलुरु रहने के लिहाज से भारत का सबसे बढ़िया शहर बनकर उभरा है। इस शहर ने जीवन-स्तर के लिहाज से नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों को पीछे छोड़ दिया है।टिप्पणियां
वैश्विक मानव संसाधन परामर्शक मर्सर के जीवन-स्तर के सूचकांक के मुताबिक भारतीय शहरों में बेंगलुरु 139वें नंबर पर है, जबकि नई दिल्ली 143वें और मुंबई 146वें स्थान पर है। इनके अलावा चेन्नई 150वें ओर कोलकाता 151वें स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि कोई भी भारतीय शहर वैश्विक सूची में स्थान पाने में नाकाम रहा। इस सूची में पहला स्थान वियना का रहा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ज्यूरिख और तीसरे नंबर पर ऑकलैंड रहा।
वैश्विक मानव संसाधन परामर्शक मर्सर के जीवन-स्तर के सूचकांक के मुताबिक भारतीय शहरों में बेंगलुरु 139वें नंबर पर है, जबकि नई दिल्ली 143वें और मुंबई 146वें स्थान पर है। इनके अलावा चेन्नई 150वें ओर कोलकाता 151वें स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि कोई भी भारतीय शहर वैश्विक सूची में स्थान पाने में नाकाम रहा। इस सूची में पहला स्थान वियना का रहा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ज्यूरिख और तीसरे नंबर पर ऑकलैंड रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि कोई भी भारतीय शहर वैश्विक सूची में स्थान पाने में नाकाम रहा। इस सूची में पहला स्थान वियना का रहा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ज्यूरिख और तीसरे नंबर पर ऑकलैंड रहा। | संक्षिप्त सारांश: आईटी हब बेंगलुरु रहने के लिहाज से भारत का सबसे बढ़िया शहर बनकर उभरा है। इस शहर ने जीवन-स्तर के लिहाज से नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों को पीछे छोड़ दिया है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल के नक्सलियों से हथियार छोड़ने के आह्वान के बाद माओवादियो ने बस्तर क्षेत्र में सेना का प्रशिक्षण बंद करने तथा माओवाद प्रभावित इलाकों से अर्धसैनिक बलों को वापस लेने की मांग की है। कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि राष्ट्रपति का प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारतीय सेना के करीब एक हजार जवान बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों में अपना पड़ाव डाल चुके हैं तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों (के दोहन) के लिए लाखों करोड़ों रूपए के समझौता ज्ञापन हो चुके हैं। माओवादियों ने राज्य में सशस्त्र बलों पर आदिवासियों के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया और देश में बढ़ती मंहगाई को भी हिंसा का एक रूप बताया है। उन्होंने सरकार पर उनकी पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य आजाद की हत्या कराने का भी आरोप लगाया। विज्ञप्ति में माओवादियों ने जेल में बंद माओवादी नेताओं को यातनाएं देने का आरोप लगाया तथा जनता से कहा कि वे राष्ट्रपति से मांग करें कि बस्तर में सेना का प्रशिक्षण बंद करे तथा माओवाद प्रभावित इलाकों से सेना व अर्धसैनिक बलों को वापस ले। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार इसके लिए तैयार होती है तो दूसरे ही दिन से जनता की ओर से आत्मरक्षा में की जा रही जवाबी हिंसा थम जाएगी। माओवादियों ने सरकार और व्यवसायिक घरानों के बीच समझौता ज्ञापन रद्द करने तथा भ्रष्ट्राचारियों को सरेआम सजा देने की भी मांग की। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस महीने की 24 तारीख को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने नक्सलियों से आह्वान किया था कि वे हिंसा छोड़ बातचीत का रास्ता अपनायें और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर आदिवासी जनता की प्रगति के लिए कार्य करें। पाटिल ने कहा था कि छत्तीसगढ़ कुछ अन्य राज्यों के समान ही नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। पिछले कुछ समय के दौरान नक्सलवादी हिंसा की कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं सामने आई जिनमें बहुत सी अमूल्य जाने गई हैं। उन्होंने कहा था कि समस्या कितनी भी बड़ी हो उसे वार्तालाप और संवाद द्वारा सुलझाया जा सकता है। हिंसा और हत्या निंदनीय अपराध है और इन्हें किसी भी स5य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राष्ट्रपति ने इस दौरान कहा था, मैं नक्सलवादियों और हिंसा में लगे हुए अन्य सभी लोगों का आह्वान करूंगी कि वे हिंसा छोड़ दें, वार्तालाप करें, उचित और व्यवहार्य रूप से सोचें और विकास की मुख्य धारा में शामिल होकर अपनी आदिवासी जनता की प्रगति का रास्ता सुगम बनाए। | सारांश: राष्ट्रपति के नक्सलियों से हथियार छोड़ने के आह्वान के बाद माओवादियो ने बस्तर क्षेत्र में सेना का प्रशिक्षण बंद करने तथा माओवाद प्रभावित इलाकों से अर्धसैनिक बलों को वापस लेने की मांग की है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले मैच में हार के बाद अब बेहद सतर्क सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)आईपीएल दस के प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने की कवायद में कल यहां राइजिंग पुणे सुपरजाइंट (RPS)के विजय अभियान पर रोक लगाने के लिये उतरेगा. पुणे के अभी 11 मैचों में 14 अंक हैं और वह अंकतालिका में तीसरे स्थान पर है. उसने पिछले सात में से छह मैचों में जीत दर्ज की है. दूसरी तरफ सनराइजर्स 11 मैचों में 13 अंक लेकर चौथे स्थान पर है. पुणे ने पिछले मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स को ईडन गार्डन्स पर हराया था जहां युवा सलामी बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी ने 52 गेंदों पर 93 रन की खास पारी खेली थी. सनराइजर्स को हालांकि दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ पिछले मैच में हार का सामना करना पड़ा था जिससे उसकी आगे की राह अब मुश्किल होती जा रही है.
सनराइजर्स के लिए हालांकि पुणे पर जीत दर्ज करना आसान नहीं है जिसके खिलाड़ी सही समय पर फॉर्म में लौटे हैं. त्रिपाठी शुरू से अच्छी पारियां खेल रहे हैं और वह सनराइजर्स के खिलाफ फिर से धमाकेदार पारी खेलने की कोशिश करेंगे. आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बेन स्टोक्स ने भी गुजरात लायन्स के खिलाफ अपना पहला टी20 शतक जड़ा था. अब पुणे के गेंदबाज भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभा रहे हैं. जयदेव उनादकट ने केकेआर के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभायी थी. वाशिंगटन सुंदर ने भी उस मैच में दो विकेट लिये थे. पुणे के गेंदबाजों को हालांकि सनराइजर्स के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा जिसके कप्तान डेविड वार्नर बेहतरीन फार्म में हैं और अब तक 61 . 12 की औसत से 489 रन बना चुके हैं. टिप्पणियां
इससे पहले इस मैदान पर 59 गेंदों पर 126 रन बनाने वाले वार्नर ने कहा, ‘हम इस मैदान को अपना किला बनाना चाहते हैं. प्रत्येक टीम अपनी घरेलू पिच पर अधिक से अधिक मैच जीतना चाहती है.’ वार्नर के अलावा सनराइजर्स के अन्य बल्लेबाज शिखर धवन, केन विलियम्सन, मोजेस हेनरिक्स आदि भी अच्छे फॉर्म फार्म में हैं. डेयरडेविल्स के खिलाफ युवराज सिंह ने 70 रन की शानदार पारी खेली थी हालांकि उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था. सनराइजर्स को उनके अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के लिये जाना जाता है. अब तक सर्वाधिक विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार, अफगानिस्तान की स्पिन सनसनी राशिद खान, अनुभवी आशीष नेहरा, युवा सिद्धार्थ कौल और मोहम्मद सिराज के रूप में उसके पास मजबूत आक्रमण है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सनराइजर्स के लिए हालांकि पुणे पर जीत दर्ज करना आसान नहीं है जिसके खिलाड़ी सही समय पर फॉर्म में लौटे हैं. त्रिपाठी शुरू से अच्छी पारियां खेल रहे हैं और वह सनराइजर्स के खिलाफ फिर से धमाकेदार पारी खेलने की कोशिश करेंगे. आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बेन स्टोक्स ने भी गुजरात लायन्स के खिलाफ अपना पहला टी20 शतक जड़ा था. अब पुणे के गेंदबाज भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभा रहे हैं. जयदेव उनादकट ने केकेआर के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभायी थी. वाशिंगटन सुंदर ने भी उस मैच में दो विकेट लिये थे. पुणे के गेंदबाजों को हालांकि सनराइजर्स के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा जिसके कप्तान डेविड वार्नर बेहतरीन फार्म में हैं और अब तक 61 . 12 की औसत से 489 रन बना चुके हैं. टिप्पणियां
इससे पहले इस मैदान पर 59 गेंदों पर 126 रन बनाने वाले वार्नर ने कहा, ‘हम इस मैदान को अपना किला बनाना चाहते हैं. प्रत्येक टीम अपनी घरेलू पिच पर अधिक से अधिक मैच जीतना चाहती है.’ वार्नर के अलावा सनराइजर्स के अन्य बल्लेबाज शिखर धवन, केन विलियम्सन, मोजेस हेनरिक्स आदि भी अच्छे फॉर्म फार्म में हैं. डेयरडेविल्स के खिलाफ युवराज सिंह ने 70 रन की शानदार पारी खेली थी हालांकि उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था. सनराइजर्स को उनके अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के लिये जाना जाता है. अब तक सर्वाधिक विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार, अफगानिस्तान की स्पिन सनसनी राशिद खान, अनुभवी आशीष नेहरा, युवा सिद्धार्थ कौल और मोहम्मद सिराज के रूप में उसके पास मजबूत आक्रमण है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले इस मैदान पर 59 गेंदों पर 126 रन बनाने वाले वार्नर ने कहा, ‘हम इस मैदान को अपना किला बनाना चाहते हैं. प्रत्येक टीम अपनी घरेलू पिच पर अधिक से अधिक मैच जीतना चाहती है.’ वार्नर के अलावा सनराइजर्स के अन्य बल्लेबाज शिखर धवन, केन विलियम्सन, मोजेस हेनरिक्स आदि भी अच्छे फॉर्म फार्म में हैं. डेयरडेविल्स के खिलाफ युवराज सिंह ने 70 रन की शानदार पारी खेली थी हालांकि उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था. सनराइजर्स को उनके अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के लिये जाना जाता है. अब तक सर्वाधिक विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार, अफगानिस्तान की स्पिन सनसनी राशिद खान, अनुभवी आशीष नेहरा, युवा सिद्धार्थ कौल और मोहम्मद सिराज के रूप में उसके पास मजबूत आक्रमण है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: पुणे के विजय अभियान पर रोक लगाना चाहेगा हैदराबाद
सनराइजर्स टीम 11 मैचों में 13 अंक लेकर चौथे स्थान पर है
पुणे की टीम के हैं 14 अंक, तीसरे स्थान पर है काबिज | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित एक सम्मेलन में यशवंत सिन्हा से जब पूछा गया कि देश के लिए शायद सबसे बड़ी चुनौती सालाना 1.2 करोड़ नौकरियां देने की है और इसे कैसे अमल में लाया जा सकता है? आपकी नजर में कौन प्रधानमंत्री यह कर सकता है? इस पर पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'इतना सारा काम करना है कि अगर कोई करे तो 1.2 करोड़ नहीं, बल्कि हम सालाना 2 से 3 करोड़ नौकरियां निकाल सकते हैं. लेकिन समस्या यह है कि हम ऐसा कर नहीं रहे हैं. इसके लिए किसी ऐसे शख्स को ढूंढना होगा जो यह काम कर सके. जब उनसे पूछा गया कि वह शख्स कौन है? तो उन्होंने कहा, 'मेरे जहन में तो कोई नहीं है. फिर उनसे पूछा गया सबसे नजदीक है? इस पर उन्होंने कहा कि सबसे नजदीक तो मैं खुद हूं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप 1.2 करोड़ रोजगार के बारे में बात करते हैं. मैं उन लाखों किलोमीटर सड़क निर्माण की बात करता हूं जिसे हमें बनाना है. हमें कृषि, सिंचाई प्रोजेक्ट, भंडारण क्षमता के लिए काम करना चाहिए. नए टाउनशिप बनाने की जरूरत है. अगर हम यह सब शुरू कर देते हैं तो सिर्फ 1.2 करोड़ ही नहीं बल्कि 2 करोड़, 3 करोड़ जॉब्स प्रतिवर्ष पैदा कर सकेंगे. लेकिन हम वह काम नहीं कर रहे हैं. समस्या यही है. इसलिए हमें उस व्यक्ति की तलाश करने की जरूरत है जो इसपर काम कर सके. इस पर जब उनसे पूछा गया कि वह शख्स कौन है? तो उन्होंने कहा, 'मेरे जहन में तो कोई नहीं है, लेकिन मैं इसके सबसे नजदीक हूं.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर यशवंत सिन्हा ने कहा कि हाल ही में उनके नाम को लेकर कुछ चर्चा शुरू हुई थी, लेकिन गडकरी के लिए कोई उम्मीद नहीं है. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पार्टी पर पकड़ को जनता हूं. यहां तक की आगामी चुनाव में 200 से कम सीटें आने के बावजूद वे नेतृत्व से नहीं हटेंगे.
बता दें कि हाल ही में यशवंत सिन्हा ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी में एक बेहतर प्रधानमंत्री बनने के ‘सभी गुण' मौजूद है. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि पश्चिम बंगाल और टीएमसी 2019 के आम चुनावों में मोदी को पराजित करने में एक अहम भूमिका निभाएंगे. | सारांश: यशवंत सिन्हा ने खुद को बताया 'पीएम उम्मीदवार'
पूर्व वित्त मंत्री ने रोजगार पैदा करने के तरीके भी बताए
कहा- हम सालाना 2 से 3 करोड़ नौकरियां निकाल सकते हैं | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने शनिवार को चीन से स्पष्ट तौर पर कहा कि आतंकवाद से मुकाबले के मुद्दे पर देशों के बीच मतभेद नहीं हो सकते. भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित करने की राह में बीजिंग की ओर से अटकाए जा रहे रोड़े पर भी अपनी चिंताएं चीन के सामने रखीं.
अजहर को प्रतिबंधित कराने के भारत के कदम पर चीन की ओर से लगाई गई रोक की पृष्ठभूमि में हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिंनपिंग को भारत के नजरिए से अवगत कराया.
रविवार को होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान शी ने खुलासा किया कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता जल्द ही होगी जिसमें नई दिल्ली को 'मतभेदों' में कमी आने की उम्मीद है. शी ने कहा कि वार्ता मददगार होगी.
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने शी से कहा कि 'भारत और चीन दोनों आतंकवाद से पीड़ित हैं और क्षेत्र इस समस्या से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से अछूता नहीं है और इस मुद्दे पर हम मतभेद नहीं रख सकते.'
उन्होंने कहा, 'यूएन 1267 समिति के संदर्भ में खास तौर पर भारत और चीन को अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए और साझा जमीन तलाशने की कोशिश करनी चाहिए.' उधर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा वार्ता और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अजहर को प्रतिबंधित कराने के भारत के कदम पर चीन की ओर से लगाई गई रोक की पृष्ठभूमि में हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिंनपिंग को भारत के नजरिए से अवगत कराया.
रविवार को होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान शी ने खुलासा किया कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता जल्द ही होगी जिसमें नई दिल्ली को 'मतभेदों' में कमी आने की उम्मीद है. शी ने कहा कि वार्ता मददगार होगी.
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने शी से कहा कि 'भारत और चीन दोनों आतंकवाद से पीड़ित हैं और क्षेत्र इस समस्या से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से अछूता नहीं है और इस मुद्दे पर हम मतभेद नहीं रख सकते.'
उन्होंने कहा, 'यूएन 1267 समिति के संदर्भ में खास तौर पर भारत और चीन को अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए और साझा जमीन तलाशने की कोशिश करनी चाहिए.' उधर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा वार्ता और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रविवार को होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान शी ने खुलासा किया कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता जल्द ही होगी जिसमें नई दिल्ली को 'मतभेदों' में कमी आने की उम्मीद है. शी ने कहा कि वार्ता मददगार होगी.
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने शी से कहा कि 'भारत और चीन दोनों आतंकवाद से पीड़ित हैं और क्षेत्र इस समस्या से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से अछूता नहीं है और इस मुद्दे पर हम मतभेद नहीं रख सकते.'
उन्होंने कहा, 'यूएन 1267 समिति के संदर्भ में खास तौर पर भारत और चीन को अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए और साझा जमीन तलाशने की कोशिश करनी चाहिए.' उधर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा वार्ता और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवाद के मुद्दे पर मोदी ने शी से कहा कि 'भारत और चीन दोनों आतंकवाद से पीड़ित हैं और क्षेत्र इस समस्या से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से अछूता नहीं है और इस मुद्दे पर हम मतभेद नहीं रख सकते.'
उन्होंने कहा, 'यूएन 1267 समिति के संदर्भ में खास तौर पर भारत और चीन को अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए और साझा जमीन तलाशने की कोशिश करनी चाहिए.' उधर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा वार्ता और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'यूएन 1267 समिति के संदर्भ में खास तौर पर भारत और चीन को अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए और साझा जमीन तलाशने की कोशिश करनी चाहिए.' उधर चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा वार्ता और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही. हमने भारत-चीन रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.' विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने मुख्य मुद्दे के तौर पर आतंकवाद की पहचान की.
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीन में भारतीय दूत विजय गोखले ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी चिंनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद क्षेत्र के लिए अभिशाप है. विदेश मंत्रालय ने कहा, संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगवाने के लिए आगे बढ़ने के संबंध में हम चीन से बातचीत कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि चीन को इसमें तार्किकता दिखेगी.
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रतिष्ठित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए नई दिल्ली के प्रयास पर भारत और चीन जल्दी ही वार्ता करेंगे, जिसमें उम्मीद है कि 'मतभेदों' में कमी आएगी.
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनएसजी में भारत के प्रवेश के मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत जल्दी ही होगी. एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीन को आपत्ति है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ब्रिक्स सम्मेलन से इतर बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'यह मददगार होगा. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री से कहा.'
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चीन के रुख में नरमी आयी है, स्वरूप ने कहा, 'यह दर्शाता है कि बातचीत होनी है, अच्छी रणनीतिक बातचीत. निश्चित रूप से इससे मतभेदों में कमी आएगी.'टिप्पणियां
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने एनएसजी की सदस्यता विभिन्न पक्षों के बीच सर्वसम्मति से होने के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया है, उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनएसजी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी पर भी हुई बात
पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी देश आतंकवाद से अछूता नहीं है
पीएम मोदी ने कहा, शी चिनफिंग के साथ मेरी बैठक सार्थक रही | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अहमदाबाद में स्वयंभू स्वामी नित्यांनद के आश्रम से लापता हुई दो बहनों ने मंगलवार को गुजरात उच्च न्यायालय से कहा कि वे अदालत के समक्ष वेस्ट इंडीज में भारतीय उच्चायोग या अमेरिका से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये पेश होने के लिए तैयार हैं, जबकि अदालत ने उनके व्यक्तिगत रूप से पेश होने पर जोर दिया. जनार्दन शर्मा की दोनों बेटियों के अधिवक्ता ने कहा कि दोनों व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकतीं क्योंकि उनकी जान को उनके पिता से खतरा है. शर्मा ने अपनी दोनों बेटियों के यहां के आश्रम से लापता होने के बाद एक बंदी प्रत्यक्षीकरण अर्जी दायर की थी.
न्यायमूर्ति एस आर ब्रह्मभट्ट और न्यायमूर्ति ए पी ठाकेर की खंडपीठ ने यद्यपि दोनों बहनों के निजी तौर पर पेश होने पर जोर दिया और भरोसा दिया कि उन्हें पूरा संरक्षण दिया जाएगा. अदालत ने दोनों बहनों के वकील को निर्देश दिया कि वे दोनों की ओर से 19 दिसम्बर तक एक जवाबी हलफनामा दायर करें. अदालत ने मामले की अगली सुनवायी की तिथि 20 दिसम्बर तय की. | संक्षिप्त सारांश: नित्यानंद के देश छोड़कर भाग जाने की है खबर
नित्यानंद पर रेप और बच्चों को बंधक बनाने का है आरोप
विदेश मंत्रालय ने रद्द किया पासपोर्ट | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूं तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव में वोटिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन किसी कारण से छूट गए कुछ सीटों पर गुरुवार को भी मतदान हुआ. उत्तर प्रदेश विधानसभा के अंबेडकरनगर जिले की अलापुर सीट पर बुधवार को वोट डाले गए.
अलापुर सीट पर होने वाला चुनाव सपा उम्मीदवार चंद्रशेखर कनौजिया के निधन के चलते स्थगित कर दिया गया था. इस सीट पर दूसरे चरण में 15 फरवरी को चुनाव होने थे. फिलहाल अलापुर सीट सपा के कब्जे में है.
उधर, उत्तराखंड विधानसभा की कर्णप्रयाग सीट पर भी वोट डाले गए. चमौली जिले की इस सीट पर 15 फरवरी को चुनाव होने थे. बीएसपी उम्मीदवार कुलदीप सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शाम को मतदान समाप्त हो गया.टिप्पणियां
इन दोनों क्षेत्रों का मतगणना भी 11 मार्च को होगी. इसी दिन अन्य क्षेत्रों के साथ यहां के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अलापुर सीट पर होने वाला चुनाव सपा उम्मीदवार चंद्रशेखर कनौजिया के निधन के चलते स्थगित कर दिया गया था. इस सीट पर दूसरे चरण में 15 फरवरी को चुनाव होने थे. फिलहाल अलापुर सीट सपा के कब्जे में है.
उधर, उत्तराखंड विधानसभा की कर्णप्रयाग सीट पर भी वोट डाले गए. चमौली जिले की इस सीट पर 15 फरवरी को चुनाव होने थे. बीएसपी उम्मीदवार कुलदीप सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शाम को मतदान समाप्त हो गया.टिप्पणियां
इन दोनों क्षेत्रों का मतगणना भी 11 मार्च को होगी. इसी दिन अन्य क्षेत्रों के साथ यहां के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, उत्तराखंड विधानसभा की कर्णप्रयाग सीट पर भी वोट डाले गए. चमौली जिले की इस सीट पर 15 फरवरी को चुनाव होने थे. बीएसपी उम्मीदवार कुलदीप सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शाम को मतदान समाप्त हो गया.टिप्पणियां
इन दोनों क्षेत्रों का मतगणना भी 11 मार्च को होगी. इसी दिन अन्य क्षेत्रों के साथ यहां के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन दोनों क्षेत्रों का मतगणना भी 11 मार्च को होगी. इसी दिन अन्य क्षेत्रों के साथ यहां के परिणाम भी घोषित हो जाएंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी के अलापुर सीट पर सपा प्रत्याशी की मौत के चलते टली थी वोटिंग.
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग सीट के बीएसपी प्रत्याशी की हुई थी मौत.
इन दोनों सीटों पर 15 फरवरी को डाले जाने थे वोट. | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेशमंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सरकारी की नीति यह है कि हम पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करते हैं और हम बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करते. किर्बी दरअसल पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान के अंदर और बाहर दोनों ओर से प्रांत की आजादी की मांगें बढ़ने और वहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाजें तेज होने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे.
किर्बी से पूछा गया था, बलूचिस्तान पर अमेरिका का क्या रुख है? क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने जवाब दिया, अमेरिकी सरकार पाकिस्तान की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती है और हम बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करत. टिप्पणियां
बीते 15 अगस्त को देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, गिलगित और बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि इन स्थानों के लोगों ने उन्हें उनके मुद्दे उठाने के लिए शुक्रिया कहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सरकारी की नीति यह है कि हम पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करते हैं और हम बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करते. किर्बी दरअसल पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान के अंदर और बाहर दोनों ओर से प्रांत की आजादी की मांगें बढ़ने और वहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाजें तेज होने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे.
किर्बी से पूछा गया था, बलूचिस्तान पर अमेरिका का क्या रुख है? क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने जवाब दिया, अमेरिकी सरकार पाकिस्तान की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती है और हम बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करत. टिप्पणियां
बीते 15 अगस्त को देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, गिलगित और बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि इन स्थानों के लोगों ने उन्हें उनके मुद्दे उठाने के लिए शुक्रिया कहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
किर्बी से पूछा गया था, बलूचिस्तान पर अमेरिका का क्या रुख है? क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने जवाब दिया, अमेरिकी सरकार पाकिस्तान की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करती है और हम बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करत. टिप्पणियां
बीते 15 अगस्त को देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, गिलगित और बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि इन स्थानों के लोगों ने उन्हें उनके मुद्दे उठाने के लिए शुक्रिया कहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीते 15 अगस्त को देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, गिलगित और बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि इन स्थानों के लोगों ने उन्हें उनके मुद्दे उठाने के लिए शुक्रिया कहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | पाकिस्तान की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं
बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता
बलूचिस्तान में आजादी की मांग उठने लगी है | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन में दंगाप्रभावित शहरों में जनजीवन सामान्य होने में हो रही देरी के बीच प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने पूर्ण कानून व्यवस्था कायम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की और पुलिस को नए अधिकार देने तथा दंगापीडितों को भरपाई के लिए सरकार की ओर से समर्थन का वादा किया। आनन फानन में बुलाये गए संसद के सत्र में प्रधानमंत्री ने अपने बयान में स्वीकार किया कि पहले बहुत कम पुलिसकर्मी थे और उनके उपाय कामयाब नहीं हुए एवं यह उनके लिए नई और अनोखी चुनौती है। पिछले पांच दिनों में हिंसा के सिलसिले में 1200 से अधिक व्यक्ति गिरफर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा राजनीति या विरोध प्रदर्शन को लेकर नहीं है बल्कि यह चोरी के बारे में है और पुलिस एवं खुफिया एजेंसियां लूटपाट और आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन कर रही हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी वैध दावे की लागत की पूर्ति करने के लिए पुलिस के पास संसाधन हो। ब्रिटिश बीमाकर्ता संघ ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि यह उद्योग 20 करोड़ पाउंड तक का भुगतान कर सकेगा। कैमरन ने कहा, मैं आज घोषणा कर सकता हूं कि हम पुलिस को यह अधिकार देने जा रहे हैं कि अगर उचित संदह हो कि उनका आपराधिक गतिविधि से जुड़ाव है तो पुलिस को उनके चेहरे से कपड़े हटाने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति से निबटने के लिए पुलिस को चौबीस घंटे के नोटिस पर पानी की बौछार :वाटर कैनन: उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों और कंपनियों को दंगे के दौरान निशाना बनाया गया जैसे कोई व्यक्ति, मकानमालिक, व्यापारी के भवन या संपत्ति नष्ट हुई, उन्होंने यदि बीमा नहीं भी करावाया है, तो भी वे दंगा नुकसान कानून के तहत दावा कर सकते हैं। कैमरन ने कहा, व्यापार को समर्थन के मामले में, हम प्रभावित व्यापार को फिर से उठ खड़े होने के लिए आज 20 करोड़ पाउंड की नयी समर्थन योजना शुरू कर रहे हैं। उन्होंने माना कि जब दंगा शुरू हुआ तब सड़कों पर कम पुलिसकर्मी थे और प्रारंभ में पुलिस ने इसे कानून एवं व्यवस्था के रूप में लिया जो था नहीं बल्कि यह आपराधिक मामला है। कैमरन ने कहा, सच्चाई यह है कि पुलिस नयी और अनोखी चुनौती से जूझ रही है क्योंकि एक ही समय विभिन्न स्थान विभिन्न लोग लूटपाट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों यह सुनिश्चित करेगी कि देश की छवि बिगाड़ने वाले दंडित हों। उन्होंनं तारिक जहां की शांति की अपील की सराहना की जिनका बेटा उन तीन युवा ब्रिटिश एशियाई युवकों में शामिल था जिन्हें कुचलकर मार डाला गया। विपक्ष के नेता एड मिलीबैंड ने तारिक जहां को ब्रिटेन का सच्चा चेहरा बताया। कैमरन ने कहा कि इन दंगोंे के पीछे जो गिरोह हैं उनमें निठल्ले पड़े परिवारों के युवक हैं। उन्होंने इसके लिए नैतिक पतन और छिन्न-भिन्न समाज को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, मैंने पहले भी कहा कि हमारे समाज में बड़ी समस्या है कि बच्चों को सही गलत की पहचान नहीं है। इसकी वजह गरीबी नहीं बल्कि संस्कृति है। एक ऐसी संस्कृति जो हिंसा का महिमा मंडन करती है, प्रशासन के प्रति कोई भय नहीं है, अधिकार के लिए हर चीज को जायज बताती लेकिन जिम्मेदारी पर चुप्पी साध लेती है। ओलंपिक के संदर्भ में उन्होंने छवि सुधारने पर बल दिया। | आनन फानन में बुलाए गए संसद के सत्र में प्रधानमंत्री ने अपने बयान में स्वीकार किया कि पहले बहुत कम पुलिसकर्मी थे। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि नयी दिल्ली और मुम्बई समृद्धि की ओर बढ़ रहे विश्व के 95 शहरों की सूची में शुमार हैं, लेकिन भारत के ये दोनों महानगर खराब आधारभूत ढांचे और खराब पर्यावरण स्थितियों जैसे कारणों के चलते इस दिशा में केवल ‘‘आधा सफर’’ ही तय कर पाए हैं।
‘यू एन हैबीटेट’ के विशेषज्ञों की रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ वर्ल्ड सिटीज’ उत्पादकता, जीवन की गुणवत्ता, आधारभूत ढांचे, पर्यावरण और समानता जैसे विभिन्न आधारों पर शहरों की समृद्धि का आकलन करती है और इन सभी पांच श्रेणियों में भारतीय शहर ढाका, काठमांडो तथा कंपाला से थोड़ा ऊपर हैं।टिप्पणियां
बुधवार को जारी रिपोर्ट में विश्व के शहरों में मुम्बई को 52वां और नई दिल्ली को 58वां स्थान मिला है। हालांकि, चीन के दो शहरों शंघाई और बीजिंग का आंकड़ा काफी ऊपर है।
रिपोर्ट से जुड़े मुख्य अध्ययनकर्ता एडवर्ड लोपेज मोरेनो ने कहा, ‘दोनों भारतीय शहर समूह 4 के तहत आते हैं और वे (समृद्धि के) मध्यम स्तर पर हैं। समृद्धि से मतलब सिर्फ आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि शहर में आधारभूत ढांचे और जीवन की गुणवत्ता से भी है। दोनों शहरों को खराब पर्यावरण स्थितियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है, खासकर नई दिल्ली को।’ संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक ने कहा कि दोनों भारतीय शहर ‘समृद्धि का आधा सफर’ ही तय कर पाए हैं और जोर दिया कि दोनों शहरों में पूर्णतया सुधार के लिए ‘राजनीतिक एवं तकनीकी’ हस्तक्षेप की जरूरत है।
‘यू एन हैबीटेट’ के विशेषज्ञों की रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ वर्ल्ड सिटीज’ उत्पादकता, जीवन की गुणवत्ता, आधारभूत ढांचे, पर्यावरण और समानता जैसे विभिन्न आधारों पर शहरों की समृद्धि का आकलन करती है और इन सभी पांच श्रेणियों में भारतीय शहर ढाका, काठमांडो तथा कंपाला से थोड़ा ऊपर हैं।टिप्पणियां
बुधवार को जारी रिपोर्ट में विश्व के शहरों में मुम्बई को 52वां और नई दिल्ली को 58वां स्थान मिला है। हालांकि, चीन के दो शहरों शंघाई और बीजिंग का आंकड़ा काफी ऊपर है।
रिपोर्ट से जुड़े मुख्य अध्ययनकर्ता एडवर्ड लोपेज मोरेनो ने कहा, ‘दोनों भारतीय शहर समूह 4 के तहत आते हैं और वे (समृद्धि के) मध्यम स्तर पर हैं। समृद्धि से मतलब सिर्फ आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि शहर में आधारभूत ढांचे और जीवन की गुणवत्ता से भी है। दोनों शहरों को खराब पर्यावरण स्थितियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है, खासकर नई दिल्ली को।’ संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक ने कहा कि दोनों भारतीय शहर ‘समृद्धि का आधा सफर’ ही तय कर पाए हैं और जोर दिया कि दोनों शहरों में पूर्णतया सुधार के लिए ‘राजनीतिक एवं तकनीकी’ हस्तक्षेप की जरूरत है।
बुधवार को जारी रिपोर्ट में विश्व के शहरों में मुम्बई को 52वां और नई दिल्ली को 58वां स्थान मिला है। हालांकि, चीन के दो शहरों शंघाई और बीजिंग का आंकड़ा काफी ऊपर है।
रिपोर्ट से जुड़े मुख्य अध्ययनकर्ता एडवर्ड लोपेज मोरेनो ने कहा, ‘दोनों भारतीय शहर समूह 4 के तहत आते हैं और वे (समृद्धि के) मध्यम स्तर पर हैं। समृद्धि से मतलब सिर्फ आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि शहर में आधारभूत ढांचे और जीवन की गुणवत्ता से भी है। दोनों शहरों को खराब पर्यावरण स्थितियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है, खासकर नई दिल्ली को।’ संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक ने कहा कि दोनों भारतीय शहर ‘समृद्धि का आधा सफर’ ही तय कर पाए हैं और जोर दिया कि दोनों शहरों में पूर्णतया सुधार के लिए ‘राजनीतिक एवं तकनीकी’ हस्तक्षेप की जरूरत है।
रिपोर्ट से जुड़े मुख्य अध्ययनकर्ता एडवर्ड लोपेज मोरेनो ने कहा, ‘दोनों भारतीय शहर समूह 4 के तहत आते हैं और वे (समृद्धि के) मध्यम स्तर पर हैं। समृद्धि से मतलब सिर्फ आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि शहर में आधारभूत ढांचे और जीवन की गुणवत्ता से भी है। दोनों शहरों को खराब पर्यावरण स्थितियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है, खासकर नई दिल्ली को।’ संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक ने कहा कि दोनों भारतीय शहर ‘समृद्धि का आधा सफर’ ही तय कर पाए हैं और जोर दिया कि दोनों शहरों में पूर्णतया सुधार के लिए ‘राजनीतिक एवं तकनीकी’ हस्तक्षेप की जरूरत है। | यह एक सारांश है: संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि नयी दिल्ली और मुम्बई समृद्धि की ओर बढ़ रहे विश्व के 95 शहरों की सूची में शुमार हैं, लेकिन भारत के ये दोनों महानगर खराब आधारभूत ढांचे और खराब पर्यावरण स्थितियों जैसे कारणों के चलते इस दिशा में केवल ‘‘आधा सफर’’ ही तय कर पाए हैं। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय पहलवान हंगरी से इतिहास कायम कर वतन लौटे, तो एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। यह पहला मौका है, जब भारत के दो पुरुष पहलवानों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीते। इस सफलता के बाद कुश्ती के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को 2014 में होने वाले कुश्ती के वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिलेगा।
बुडापेस्ट में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले अमित कुमार और बजरंग पुनिया भारतीय कुश्ती के नए पोस्टर ब्वॉयज हैं।
कुश्ती के जानकार कहते हैं कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में भारत ने अब तक सिर्फ नौ पदक जीते हैं, जाहिर तौर पर इनकी कामयाबी बेहद अहम है।
महाबली सतपाल कहते हैं कि यह भारतीय कुश्ती की बहुत बड़ी कामयाबी है। उनका मानना है कि बीजिंग में सुशील कुमार की कामयाबी के बाद से ही न सिर्फ भारतीय पहलवानों का, बल्कि कुश्ती के कोचों का हौसला भी काफी बढ़ा है। अब उन्हें भी अंदाजा हो गया है कि क्या कुछ करने से ओलिंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए सिर्फ दूसरा रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार से पहले बिशंभर सिंह ने 1967 में रजत जीता था। 19 साल के अमित कहते हैं, पहले हम ऐसे ही कुश्ती लड़ते थे, लेकिन अब इन बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लक्ष्य के लिए लड़ते हैं। अमित गर्व से बताते हैं कि उनकी कुश्ती की कामयाबी के बाद एक अमेरिकी कोच ने उन्हें अमेरिका के क्लब के लिए खेलने का न्योता तक दे डाला।
कोच वीरेंद्र कुमार हंगरी में इन पहलवानों की ऐतिहासिक कामयाबी के गवाह रहे। वह गर्व से बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के पहलवान अब भारतीय पहलवानों की तारीफ करने लगे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार या कॉरपोरेट सेक्टर एथलीटों की मदद तभी करते हैं, जब उन्हें कामयाबी हासिल हो जाती है। अगर पहले से एथलीटों को मदद मिले, तो ये और बेहतर नतीजे देंगे।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
बुडापेस्ट में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले अमित कुमार और बजरंग पुनिया भारतीय कुश्ती के नए पोस्टर ब्वॉयज हैं।
कुश्ती के जानकार कहते हैं कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में भारत ने अब तक सिर्फ नौ पदक जीते हैं, जाहिर तौर पर इनकी कामयाबी बेहद अहम है।
महाबली सतपाल कहते हैं कि यह भारतीय कुश्ती की बहुत बड़ी कामयाबी है। उनका मानना है कि बीजिंग में सुशील कुमार की कामयाबी के बाद से ही न सिर्फ भारतीय पहलवानों का, बल्कि कुश्ती के कोचों का हौसला भी काफी बढ़ा है। अब उन्हें भी अंदाजा हो गया है कि क्या कुछ करने से ओलिंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए सिर्फ दूसरा रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार से पहले बिशंभर सिंह ने 1967 में रजत जीता था। 19 साल के अमित कहते हैं, पहले हम ऐसे ही कुश्ती लड़ते थे, लेकिन अब इन बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लक्ष्य के लिए लड़ते हैं। अमित गर्व से बताते हैं कि उनकी कुश्ती की कामयाबी के बाद एक अमेरिकी कोच ने उन्हें अमेरिका के क्लब के लिए खेलने का न्योता तक दे डाला।
कोच वीरेंद्र कुमार हंगरी में इन पहलवानों की ऐतिहासिक कामयाबी के गवाह रहे। वह गर्व से बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के पहलवान अब भारतीय पहलवानों की तारीफ करने लगे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार या कॉरपोरेट सेक्टर एथलीटों की मदद तभी करते हैं, जब उन्हें कामयाबी हासिल हो जाती है। अगर पहले से एथलीटों को मदद मिले, तो ये और बेहतर नतीजे देंगे।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
महाबली सतपाल कहते हैं कि यह भारतीय कुश्ती की बहुत बड़ी कामयाबी है। उनका मानना है कि बीजिंग में सुशील कुमार की कामयाबी के बाद से ही न सिर्फ भारतीय पहलवानों का, बल्कि कुश्ती के कोचों का हौसला भी काफी बढ़ा है। अब उन्हें भी अंदाजा हो गया है कि क्या कुछ करने से ओलिंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए सिर्फ दूसरा रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार से पहले बिशंभर सिंह ने 1967 में रजत जीता था। 19 साल के अमित कहते हैं, पहले हम ऐसे ही कुश्ती लड़ते थे, लेकिन अब इन बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लक्ष्य के लिए लड़ते हैं। अमित गर्व से बताते हैं कि उनकी कुश्ती की कामयाबी के बाद एक अमेरिकी कोच ने उन्हें अमेरिका के क्लब के लिए खेलने का न्योता तक दे डाला।
कोच वीरेंद्र कुमार हंगरी में इन पहलवानों की ऐतिहासिक कामयाबी के गवाह रहे। वह गर्व से बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के पहलवान अब भारतीय पहलवानों की तारीफ करने लगे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार या कॉरपोरेट सेक्टर एथलीटों की मदद तभी करते हैं, जब उन्हें कामयाबी हासिल हो जाती है। अगर पहले से एथलीटों को मदद मिले, तो ये और बेहतर नतीजे देंगे।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए सिर्फ दूसरा रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार से पहले बिशंभर सिंह ने 1967 में रजत जीता था। 19 साल के अमित कहते हैं, पहले हम ऐसे ही कुश्ती लड़ते थे, लेकिन अब इन बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लक्ष्य के लिए लड़ते हैं। अमित गर्व से बताते हैं कि उनकी कुश्ती की कामयाबी के बाद एक अमेरिकी कोच ने उन्हें अमेरिका के क्लब के लिए खेलने का न्योता तक दे डाला।
कोच वीरेंद्र कुमार हंगरी में इन पहलवानों की ऐतिहासिक कामयाबी के गवाह रहे। वह गर्व से बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के पहलवान अब भारतीय पहलवानों की तारीफ करने लगे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार या कॉरपोरेट सेक्टर एथलीटों की मदद तभी करते हैं, जब उन्हें कामयाबी हासिल हो जाती है। अगर पहले से एथलीटों को मदद मिले, तो ये और बेहतर नतीजे देंगे।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
कोच वीरेंद्र कुमार हंगरी में इन पहलवानों की ऐतिहासिक कामयाबी के गवाह रहे। वह गर्व से बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के पहलवान अब भारतीय पहलवानों की तारीफ करने लगे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार या कॉरपोरेट सेक्टर एथलीटों की मदद तभी करते हैं, जब उन्हें कामयाबी हासिल हो जाती है। अगर पहले से एथलीटों को मदद मिले, तो ये और बेहतर नतीजे देंगे।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
कोच रामफल बताते हैं कि अमित कुमार को हाल में जाकर ओएनजीसी में पक्की नौकरी मिली है, जबकि बजरंग पुनिया के पास कोई नौकरी नहीं है और उनके परिवार की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं है। कुश्ती के द्रोणाचार्य कोच रामफल कहते हैं कि जिन परिवारों से बच्चे यहां तक पहुंचे हैं, यही अपने आप में बड़ी कामयाबी है। वह कहते हैं कि बगैर किसी नौकरी या कमाई के बेहतर जरिये के बावजूद इनके परिवार वाले लगातार मेहनत करते हैं, ताकि ये कामयाबी हासिल कर सकें। इनके परिवार के लोगों को दाद देनी होगी।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
विजेताओं के ढोल−नगाड़ों से स्वागत के बीच अरुण कुमार, जितेंद्र और पवन जैसे युवा और प्रतिभाशाली पहलवानों पर शायद ही किसी की नजर गई, जो पदक पाने से किसी तरह चूक गए। ये विजेता चार बजे सुबह लौटने के बावजूद सात बजे सुबह तक अखाड़ों में उतर गए। कोच रामफल उनसे उनकी गलतियों के बारे में बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाते हैं। रामफल यह भी कहते हैं कि कुश्ती की बेंच स्ट्रेंथ तो बढ़ी है, लेकिन कुश्ती बहुत हद तक उत्तर भारत और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सिमटती जा रही है। सरकार को इस तरह के और भी सेंटर खोलने की ज़रूरत है।टिप्पणियां
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
यही नहीं, रामफल और वीरेंद्र कुमार जैसे कोच मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को और ज्यादा एक्सपोजर की ज़रूरत है। इनके मुताबिक जितने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे, खिलाड़ियों को उतना ज्यादा फायदा होगा। 66 किलोग्राम वर्ग में सुशील की जगह अरुण कुमार ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम की नुमाइंदगी की।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
अरुण कहते हैं कि सीनियर स्तर पर भारत से बाहर यह मेरा पहला टूर्नामेंट था, लेकिन मुझे अंदाजा होने लगा है कि दुनिया के दूसरे पहलवानों में कितना दम है। अगर और कंपीटिशन मिले, तो मेरा और दूसरे पहलवानों का प्रदर्शन भी और बेहतर होगा। इतना जरूर है कि कुश्ती हाल के दिनों में सबसे कामयाब भारतीय स्पोर्ट के तौर पर तेजी से आगे आ रही है, लेकिन इसके नतीजे की तरह इसकी सुविधाओं की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। | बुडापेस्ट में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले अमित कुमार और बजरंग पुनिया भारतीय कुश्ती के नए पोस्टर ब्वॉयज हैं। भारतीय पहलवान हंगरी से इतिहास कायम कर लौटे हैं और यह पहला मौका है, जब भारत के दो पुरुष पहलवानों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीते। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे नोएडा में 10 वीं क्लास की एक लड़की के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। मामले के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।टिप्पणियां
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक हिमांशु दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहा है जबकि एक अन्य आरोपी सुनील पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा है। नीरज ग्रेटर नोएडा के एक इस्टीटूट में मैनेजमेंट का छात्र है। 24 फरवरी की रात पीड़ित लड़की अपनी एक दोस्त के साथ गिरफ्तार हुए एक अन्य आरोपी राहुल की बथर्डे पार्टी में गई थी। कहा जा रहा है कि पार्टी में सबने शराब पी इसके बाद में नशे में आरोपियों ने लड़की के साथ बलात्कार किया। यह भी पता चला है कि इनमें से एक आरोपी ने पिछले साल मई में भी इसी लड़की साथ रेप किया था।
नोएडा गैंगरेप के सिलसिले में राज्य महिला आयोग ने नोएडा के एसएसपी मेरठ रेंज के आईजी और गृह सचिव को नोटिस भेजा है। महिला आयोग ने पीड़ित की पहचान बताने के सिलसिले में यह नोटिस भेजा है जिसका जवाब आज ही देना है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक हिमांशु दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहा है जबकि एक अन्य आरोपी सुनील पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहा है। नीरज ग्रेटर नोएडा के एक इस्टीटूट में मैनेजमेंट का छात्र है। 24 फरवरी की रात पीड़ित लड़की अपनी एक दोस्त के साथ गिरफ्तार हुए एक अन्य आरोपी राहुल की बथर्डे पार्टी में गई थी। कहा जा रहा है कि पार्टी में सबने शराब पी इसके बाद में नशे में आरोपियों ने लड़की के साथ बलात्कार किया। यह भी पता चला है कि इनमें से एक आरोपी ने पिछले साल मई में भी इसी लड़की साथ रेप किया था।
नोएडा गैंगरेप के सिलसिले में राज्य महिला आयोग ने नोएडा के एसएसपी मेरठ रेंज के आईजी और गृह सचिव को नोटिस भेजा है। महिला आयोग ने पीड़ित की पहचान बताने के सिलसिले में यह नोटिस भेजा है जिसका जवाब आज ही देना है।
नोएडा गैंगरेप के सिलसिले में राज्य महिला आयोग ने नोएडा के एसएसपी मेरठ रेंज के आईजी और गृह सचिव को नोटिस भेजा है। महिला आयोग ने पीड़ित की पहचान बताने के सिलसिले में यह नोटिस भेजा है जिसका जवाब आज ही देना है। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली से सटे नोएडा में 10 वीं क्लास की एक लड़की के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। मामले के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम अन्ना के अनशन स्थल जंतर-मंतर पर गुरुवार देर रात तक उपस्थित समर्थक अन्ना द्वारा मौजूदा व्यवस्था की जगह कोई अन्य राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराए जाने के आह्वान को लेकर विचार-विमर्श करते रहे।
एक ओर जहां लोग छोटे-छोटे समूहों में चर्चा में मशगूल दिखे, वहीं भीड़-भाड़ कम होने के कारण हर ओर कचरा, प्लास्टिक की थैलियां ही नजर आ रही हैं। टीम अन्ना के अनशन की नौवीं रात जंतर-मंतर के माहौल में नाटकीय बदलाव देखने को मिला।टिप्पणियां
बुधवार रात अन्ना समर्थक लगातार 'जागते रहो' का नारा लगा रहे थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कहीं पुलिस टीम अन्ना के सदस्यों- अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय को जबरन अस्पताल न ले जाए। गुरुवार की रात उपस्थित लोग इस बहस में रात गुजार रहे थे कि क्या अन्ना को राजनीतिक विकल्प देना चाहिए।
घेरा बनाकर चर्चा कर रहे छोटे-छोटे समूहों के बीच मिश्रित राय देखने को मिली। आखिरी रात अनशन स्थल पर गंदगी और कूड़े का अंबार लग गया। 'अन्ना की रसोई' के डिब्बों, कागजों और पानी के प्लास्टिक रैपर से चारों ओर गंदगी बिखरी पड़ी है।
एक ओर जहां लोग छोटे-छोटे समूहों में चर्चा में मशगूल दिखे, वहीं भीड़-भाड़ कम होने के कारण हर ओर कचरा, प्लास्टिक की थैलियां ही नजर आ रही हैं। टीम अन्ना के अनशन की नौवीं रात जंतर-मंतर के माहौल में नाटकीय बदलाव देखने को मिला।टिप्पणियां
बुधवार रात अन्ना समर्थक लगातार 'जागते रहो' का नारा लगा रहे थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कहीं पुलिस टीम अन्ना के सदस्यों- अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय को जबरन अस्पताल न ले जाए। गुरुवार की रात उपस्थित लोग इस बहस में रात गुजार रहे थे कि क्या अन्ना को राजनीतिक विकल्प देना चाहिए।
घेरा बनाकर चर्चा कर रहे छोटे-छोटे समूहों के बीच मिश्रित राय देखने को मिली। आखिरी रात अनशन स्थल पर गंदगी और कूड़े का अंबार लग गया। 'अन्ना की रसोई' के डिब्बों, कागजों और पानी के प्लास्टिक रैपर से चारों ओर गंदगी बिखरी पड़ी है।
बुधवार रात अन्ना समर्थक लगातार 'जागते रहो' का नारा लगा रहे थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि कहीं पुलिस टीम अन्ना के सदस्यों- अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय को जबरन अस्पताल न ले जाए। गुरुवार की रात उपस्थित लोग इस बहस में रात गुजार रहे थे कि क्या अन्ना को राजनीतिक विकल्प देना चाहिए।
घेरा बनाकर चर्चा कर रहे छोटे-छोटे समूहों के बीच मिश्रित राय देखने को मिली। आखिरी रात अनशन स्थल पर गंदगी और कूड़े का अंबार लग गया। 'अन्ना की रसोई' के डिब्बों, कागजों और पानी के प्लास्टिक रैपर से चारों ओर गंदगी बिखरी पड़ी है।
घेरा बनाकर चर्चा कर रहे छोटे-छोटे समूहों के बीच मिश्रित राय देखने को मिली। आखिरी रात अनशन स्थल पर गंदगी और कूड़े का अंबार लग गया। 'अन्ना की रसोई' के डिब्बों, कागजों और पानी के प्लास्टिक रैपर से चारों ओर गंदगी बिखरी पड़ी है। | संक्षिप्त सारांश: जंतर-मंतर पर गुरुवार देर रात तक उपस्थित समर्थक अन्ना द्वारा मौजूदा व्यवस्था की जगह कोई अन्य राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराए जाने के आह्वान को लेकर विचार-विमर्श करते रहे। | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जापान की वाहन कंपनी होंडा ने भारत में अपनी नई मोटरसाइकिल 'ड्रीम नियो' पेश की, जिसकी कीमत 43,150 रुपये है और यह देश में उपलब्ध मोटरसाइकिलों में सबसे सस्ती है।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की 110 सीसी क्षमता वाला स्कूटर 'डियो' अभी तक कंपनी का सबसे सस्ता दोपहिया वाहन था, जिसकी कीमत 44,718 रुपये है।टिप्पणियां
कंपनी के अध्यक्ष एवं सीईओ केइतो मुरामात्सु ने संवाददाताओं से कहा, भारतीय उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए 'ड्रीम नियो' होंडा की नई एवं बेहतरीन पेशकश है। उन्होंने बताया कि नए उत्पादों की पेशकश और नेटवर्क विस्तार के कारण कंपनी ने 100 से 110 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल खंड में 150 फीसदी तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
मुरामात्सु ने कहा, हम उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं। वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान कंपनी ने बिक्री में 43 फीसदी तक वृद्धि करके कुल 39.3 लाख दोपहिया बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का दावा है कि यह मोटरसाइकिल 74 किलोमीटर प्रति लिटर की दर से एवरेज देगी।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की 110 सीसी क्षमता वाला स्कूटर 'डियो' अभी तक कंपनी का सबसे सस्ता दोपहिया वाहन था, जिसकी कीमत 44,718 रुपये है।टिप्पणियां
कंपनी के अध्यक्ष एवं सीईओ केइतो मुरामात्सु ने संवाददाताओं से कहा, भारतीय उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए 'ड्रीम नियो' होंडा की नई एवं बेहतरीन पेशकश है। उन्होंने बताया कि नए उत्पादों की पेशकश और नेटवर्क विस्तार के कारण कंपनी ने 100 से 110 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल खंड में 150 फीसदी तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
मुरामात्सु ने कहा, हम उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं। वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान कंपनी ने बिक्री में 43 फीसदी तक वृद्धि करके कुल 39.3 लाख दोपहिया बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का दावा है कि यह मोटरसाइकिल 74 किलोमीटर प्रति लिटर की दर से एवरेज देगी।
कंपनी के अध्यक्ष एवं सीईओ केइतो मुरामात्सु ने संवाददाताओं से कहा, भारतीय उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए 'ड्रीम नियो' होंडा की नई एवं बेहतरीन पेशकश है। उन्होंने बताया कि नए उत्पादों की पेशकश और नेटवर्क विस्तार के कारण कंपनी ने 100 से 110 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल खंड में 150 फीसदी तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
मुरामात्सु ने कहा, हम उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं। वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान कंपनी ने बिक्री में 43 फीसदी तक वृद्धि करके कुल 39.3 लाख दोपहिया बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का दावा है कि यह मोटरसाइकिल 74 किलोमीटर प्रति लिटर की दर से एवरेज देगी।
मुरामात्सु ने कहा, हम उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं। वित्तवर्ष 2013-14 के दौरान कंपनी ने बिक्री में 43 फीसदी तक वृद्धि करके कुल 39.3 लाख दोपहिया बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का दावा है कि यह मोटरसाइकिल 74 किलोमीटर प्रति लिटर की दर से एवरेज देगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जापान की वाहन कंपनी होंडा ने भारत में अपनी नई मोटरसाइकिल 'ड्रीम नियो' पेश की, जिसकी कीमत 43,150 रुपये है और यह देश में उपलब्ध मोटरसाइकिलों में सबसे सस्ती है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई के अंधेरी पूर्व में स्थित इंडसइंड बैंक की इमारत में लगी आग में चार नौजवान कर्मचारी जलकर खाक हो गए। महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआईडीसी) क्षेत्र में स्थित बैंक की बहुमंजिला इमारत में गुरुवार रात लगभग 11:30 बजे आग लग गई।टिप्पणियां
दुर्घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अग्निशामक दल ने आग में फंसे कम से कम 20 लोगों को बाहर निकाल लिया। अग्निशामक दल के अधिकारियों ने बताया कि घटना से घबराकर इमारत में इधर-उधर भाग रहे कुछ लोग इमारत में ही भटक गए, जिस कारण उनको नहीं बचाया जा सका।
शुक्रवार सुबह इमारत में चार कर्मचारियों के शव पाए गए, जबकि सात लोग घायल मिले, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। मृतकों की पहचान अतनु लाहा (35), राकेश शिरकर (24), रोहन कटकरे (25) और संदीप नाइक (25) के रूप में हुई है। घायलों को सेवेन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारत में हुए विस्फोट और आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं लगाया जा सका है।
दुर्घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अग्निशामक दल ने आग में फंसे कम से कम 20 लोगों को बाहर निकाल लिया। अग्निशामक दल के अधिकारियों ने बताया कि घटना से घबराकर इमारत में इधर-उधर भाग रहे कुछ लोग इमारत में ही भटक गए, जिस कारण उनको नहीं बचाया जा सका।
शुक्रवार सुबह इमारत में चार कर्मचारियों के शव पाए गए, जबकि सात लोग घायल मिले, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। मृतकों की पहचान अतनु लाहा (35), राकेश शिरकर (24), रोहन कटकरे (25) और संदीप नाइक (25) के रूप में हुई है। घायलों को सेवेन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारत में हुए विस्फोट और आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं लगाया जा सका है।
शुक्रवार सुबह इमारत में चार कर्मचारियों के शव पाए गए, जबकि सात लोग घायल मिले, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। मृतकों की पहचान अतनु लाहा (35), राकेश शिरकर (24), रोहन कटकरे (25) और संदीप नाइक (25) के रूप में हुई है। घायलों को सेवेन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारत में हुए विस्फोट और आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं लगाया जा सका है। | यहाँ एक सारांश है:अंधेरी पूर्व में महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआईडीसी) क्षेत्र में स्थित इंडसइंड बैंक की बहुमंजिला इमारत में गुरुवार रात करीब 11: 30 बजे आग लग गई थी। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के तहत सोमवार सुबह सात बजे मतदान जारी हो गया है. वोट शाम छह बजे तक पड़ेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश की गंगोह, रामपुर, इगलास, लखनऊ (कैंट), गोविंद नगर, मानिकपुर, प्रतापगढ़, जैदपुर, जलालपुर, बलहा तथा घोसी विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है. इस उपचुनाव में कुल 41,08,328 मतदाता 2,307 मतदान केंद्रों के 4,529 मतदेय स्थलों पर वोट डाल रहे हैं. उपचुनाव में कुल 109 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा. मतदान के लिए 5435 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें, इतनी ही बैलेट यूनिट तथा 5,888 वीवीपैट तैयार की गई हैं.
उपचुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 11 सीटों में से आठ पर भाजपा तथा एक-एक पर सपा, बसपा और बीजेपी के सहयोगी अपना दल के विधायक जीते थे. घोसी को छोड़कर जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, वे उन पर चुने गए विधायकों के पिछले लोकसभा चुनाव में विजय हासिल करने के बाद विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की वजह से रिक्त हुई हैं. घोसी सीट इस पर चुने गए विधायक फागू सिंह चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनके इस्तीफे के कारण खाली हुई है.
समस्तीपुर लोकसभा सीट लोजपा सांसद रामचंद्र पासवान का हाल ही में हुए निधन के कारण खाली हुई थी, हालांकि, किशनगंज, सिमरी बख्तियारपुर, दरौंदा, नाथनगर और बेलहर के विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद रिक्त हुई थी. समस्तीपुर लोकसभा सीट पर चुनावी मैदान में आठ उम्मीदवार हैं, जिसमें दो महिला और 3 निर्दलीय प्रत्याशी हैं. इस सीट पर सीधा मुकाबला लोजपा उम्मीदवार और दिवंगत पूर्व सांसद रामचंद्र पासवान के पुत्र प्रिंस राज और कांग्रेस प्रत्याशी अशोक राम के बीच है. इस साल लोकसभा के लिए हुए चुनाव में पासवान ने राम को पराजित किया था. इन सभी सीटों के लिए मतदान करने वाले कुल मतदाताओं की संख्या 3227282 है जिनमें 1526867 महिला मतदाता, 4113 सर्विस इलेक्टर्स और 82 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल है. | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश और बिहार में उपचुनाव अहम
बिहार में अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव
यूपी में योगी सरकार का इम्तिहान | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में क्रिकेट विश्व कप सेमीफाइनल को महायुद्ध और ऐलान-ए-जंग कहना ही काफी नहीं था कि अब शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले फाइनल मैच को राम-रावण युद्ध करार किया जा रहा है। लोगों के मोबाइल पर ऐसे एसएमएस आ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि शनिवार के फाइनल में राम :भारत: का सामना रावण :श्रीलंका: से होगा। एक संदेश के अनुसार, अब शनिवार का मैच राम :भारत: और रावण :श्रीलंका: के बीच है। इस बार भी राम ही रावण को हराकर सीता :आईसीसी विश्व कप 2011 ट्रॉफी: को ले जायेंगे। कांग्रेस विधायक सी सप्रा ने यहां एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें उनके मुताबिक लोगों ने फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए भगवान श्रीराम और हनुमान से आर्शीवाद लिया। उन्होंने कहा, आखिर वह श्रीराम ही थे जिन्होंने श्रीलंका को परास्त किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी वडाला बस स्टाप के पास स्थित अलबेला हनुमान मंदिर और राम मंदिर में प्रार्थना की तथा भारत की जीत की कामना की। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोगों के मोबाइल पर ऐसे एसएमएस आ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि शनिवार के फाइनल में राम का सामना रावण से होगा। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता कुमारस्वामी का दावा है कि हथियार दलालों ने उनसे भी संपर्क किया था। कुमारस्वामी के मुताबिक उनके पिता एच डी देवेगौड़ा के प्रधानमंत्री रहते हथियार दलालों ने उनसे और उनके पिता से भी संपर्क किया। कुमारस्वामी का कहना है कि हथियारों के दलालों ने उन्हें घूस की पेशकश की थी।
वहीं, एक बयान में पूर्व प्रधानमंत्री एची देवगौड़ा ने कहा कि यह सही नहीं है। उन्हें किसी ने रक्षा मामलों में खरीद पर घूस की पेशकश नहीं की।टिप्पणियां
देवगौड़ा जून 1996 से लेकर अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री रहे हैं।
गौरतलब है कि सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रक्षा उपकरणों की बिक्री से जुड़े एक लॉबिस्ट ने उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश की थी।
वहीं, एक बयान में पूर्व प्रधानमंत्री एची देवगौड़ा ने कहा कि यह सही नहीं है। उन्हें किसी ने रक्षा मामलों में खरीद पर घूस की पेशकश नहीं की।टिप्पणियां
देवगौड़ा जून 1996 से लेकर अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री रहे हैं।
गौरतलब है कि सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रक्षा उपकरणों की बिक्री से जुड़े एक लॉबिस्ट ने उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश की थी।
देवगौड़ा जून 1996 से लेकर अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री रहे हैं।
गौरतलब है कि सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रक्षा उपकरणों की बिक्री से जुड़े एक लॉबिस्ट ने उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश की थी।
गौरतलब है कि सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि रक्षा उपकरणों की बिक्री से जुड़े एक लॉबिस्ट ने उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस की पेशकश की थी। | सारांश: एचडी देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी ने खुलासा किया है कि हथियार के दलालों ने उनके पिता देवगौड़ा के प्रधानमंत्री रहते हुए उनसे और उनके पिता से संपर्क करके घूस की पेशकश की थी। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख के चयन को लेकर पहली बार रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि 'मुझे नहीं मालूम कि वरिष्ठता को लेकर कोई सिद्धांत लिखा हुआ है. आर्मी चीफ के लिए सभी उम्मीदवार (लेफ्टिनेंट जनरल) बहुत अच्छे थे. इसीलिए चयन में देरी हुई'.
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रकिया कहीं नहीं कहती कि वरिष्ठता पैमाना होगी. यदि ऐसा होगा तो यह सिर्फ एक कंप्यूटर जनित प्रक्रिया हो जाएगी. फिर किसी का आकलन करने, आईबी की रिपोर्ट्स मंगवाने और तमाम आधार देखने की क्या ज़रुरत रह जाएगी. फिर तो केवल आपकी जन्मतिथि ही आपके सेना प्रमुख बनने का आधार बनेगी. आप चयन के लिए पूरा प्रोसिजर पढ़िए. इसमें किसी प्रक्रिया की अवहेलना नहीं हुई है'.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, पिछले दो सालों में रक्षा विभाग ने कई अहम मुद्दों का समाधान किया है. अब तक 19 लाख 70 हज़ार को ओआरओपी की पेंशन दी जा चुकी है. ओआरओपी के कुल 99 प्रतिशत एलिजिबल केस जनवरी तक एड्रेस कर लिए जाएंगे.
पर्रिकर ने कहा कि इस साल 95 प्रतिशत की रक्षा खरीद, जोकि लगभग 95,000 करोड़ की है, वो या तो मेक इन इंडिया के तहत है या फिर IDDM (Indigenously Designed and Developed Manufacturing) के अंतर्गत है. डीआरडीओ ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके सारे प्रोजेक्ट सही हों, अग्नि, अस्त्र आदि.
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि गोला-बारूद की कमी, हथियारों के उत्पादन की क्षमता आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में इस साल बढ़ी है. अब पहले की तरह नहीं है, जब वाहन ज़्यादा बनाये जाते थे. सेना के पास इस बात की पूरी ताकत दे दी गई है कि वाईस चीफ अगर कमी पाएं तो खरीदें. रायफलों की ज़रूरतों पर उन्होंने कहा कि अर्जेंट ऑपरेशनल ज़रुरतों के लिए स्पेशल फोर्सेज को फ़ास्ट ट्रैक के ज़रिए इसकी अनुमति दे दी गई है. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को नई डिज़ाइन का विकास करने के लिए 4 महीने दिए गए हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही मिडल वेट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता पर पर्रिकर ने बताया कि पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है. भारत को एक सिंगल इंजन फाइटर एयरक्राफ्ट की ज़रुरत होगी, इसके लिए हम स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप मॉडल रुट का प्रयोग करेंगे, जोकि फाइनल होने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि सुखोई विमानों की उपलब्धता 64 प्रतिशत हो गई है.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया.
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रकिया कहीं नहीं कहती कि वरिष्ठता पैमाना होगी. यदि ऐसा होगा तो यह सिर्फ एक कंप्यूटर जनित प्रक्रिया हो जाएगी. फिर किसी का आकलन करने, आईबी की रिपोर्ट्स मंगवाने और तमाम आधार देखने की क्या ज़रुरत रह जाएगी. फिर तो केवल आपकी जन्मतिथि ही आपके सेना प्रमुख बनने का आधार बनेगी. आप चयन के लिए पूरा प्रोसिजर पढ़िए. इसमें किसी प्रक्रिया की अवहेलना नहीं हुई है'.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, पिछले दो सालों में रक्षा विभाग ने कई अहम मुद्दों का समाधान किया है. अब तक 19 लाख 70 हज़ार को ओआरओपी की पेंशन दी जा चुकी है. ओआरओपी के कुल 99 प्रतिशत एलिजिबल केस जनवरी तक एड्रेस कर लिए जाएंगे.
पर्रिकर ने कहा कि इस साल 95 प्रतिशत की रक्षा खरीद, जोकि लगभग 95,000 करोड़ की है, वो या तो मेक इन इंडिया के तहत है या फिर IDDM (Indigenously Designed and Developed Manufacturing) के अंतर्गत है. डीआरडीओ ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके सारे प्रोजेक्ट सही हों, अग्नि, अस्त्र आदि.
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि गोला-बारूद की कमी, हथियारों के उत्पादन की क्षमता आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में इस साल बढ़ी है. अब पहले की तरह नहीं है, जब वाहन ज़्यादा बनाये जाते थे. सेना के पास इस बात की पूरी ताकत दे दी गई है कि वाईस चीफ अगर कमी पाएं तो खरीदें. रायफलों की ज़रूरतों पर उन्होंने कहा कि अर्जेंट ऑपरेशनल ज़रुरतों के लिए स्पेशल फोर्सेज को फ़ास्ट ट्रैक के ज़रिए इसकी अनुमति दे दी गई है. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को नई डिज़ाइन का विकास करने के लिए 4 महीने दिए गए हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही मिडल वेट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता पर पर्रिकर ने बताया कि पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है. भारत को एक सिंगल इंजन फाइटर एयरक्राफ्ट की ज़रुरत होगी, इसके लिए हम स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप मॉडल रुट का प्रयोग करेंगे, जोकि फाइनल होने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि सुखोई विमानों की उपलब्धता 64 प्रतिशत हो गई है.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया.
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा, पिछले दो सालों में रक्षा विभाग ने कई अहम मुद्दों का समाधान किया है. अब तक 19 लाख 70 हज़ार को ओआरओपी की पेंशन दी जा चुकी है. ओआरओपी के कुल 99 प्रतिशत एलिजिबल केस जनवरी तक एड्रेस कर लिए जाएंगे.
पर्रिकर ने कहा कि इस साल 95 प्रतिशत की रक्षा खरीद, जोकि लगभग 95,000 करोड़ की है, वो या तो मेक इन इंडिया के तहत है या फिर IDDM (Indigenously Designed and Developed Manufacturing) के अंतर्गत है. डीआरडीओ ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके सारे प्रोजेक्ट सही हों, अग्नि, अस्त्र आदि.
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि गोला-बारूद की कमी, हथियारों के उत्पादन की क्षमता आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में इस साल बढ़ी है. अब पहले की तरह नहीं है, जब वाहन ज़्यादा बनाये जाते थे. सेना के पास इस बात की पूरी ताकत दे दी गई है कि वाईस चीफ अगर कमी पाएं तो खरीदें. रायफलों की ज़रूरतों पर उन्होंने कहा कि अर्जेंट ऑपरेशनल ज़रुरतों के लिए स्पेशल फोर्सेज को फ़ास्ट ट्रैक के ज़रिए इसकी अनुमति दे दी गई है. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को नई डिज़ाइन का विकास करने के लिए 4 महीने दिए गए हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही मिडल वेट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता पर पर्रिकर ने बताया कि पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है. भारत को एक सिंगल इंजन फाइटर एयरक्राफ्ट की ज़रुरत होगी, इसके लिए हम स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप मॉडल रुट का प्रयोग करेंगे, जोकि फाइनल होने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि सुखोई विमानों की उपलब्धता 64 प्रतिशत हो गई है.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया.
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि गोला-बारूद की कमी, हथियारों के उत्पादन की क्षमता आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में इस साल बढ़ी है. अब पहले की तरह नहीं है, जब वाहन ज़्यादा बनाये जाते थे. सेना के पास इस बात की पूरी ताकत दे दी गई है कि वाईस चीफ अगर कमी पाएं तो खरीदें. रायफलों की ज़रूरतों पर उन्होंने कहा कि अर्जेंट ऑपरेशनल ज़रुरतों के लिए स्पेशल फोर्सेज को फ़ास्ट ट्रैक के ज़रिए इसकी अनुमति दे दी गई है. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को नई डिज़ाइन का विकास करने के लिए 4 महीने दिए गए हैं.टिप्पणियां
इसके साथ ही मिडल वेट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता पर पर्रिकर ने बताया कि पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है. भारत को एक सिंगल इंजन फाइटर एयरक्राफ्ट की ज़रुरत होगी, इसके लिए हम स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप मॉडल रुट का प्रयोग करेंगे, जोकि फाइनल होने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि सुखोई विमानों की उपलब्धता 64 प्रतिशत हो गई है.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया.
इसके साथ ही मिडल वेट एयरक्राफ्ट की आवश्यकता पर पर्रिकर ने बताया कि पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है. भारत को एक सिंगल इंजन फाइटर एयरक्राफ्ट की ज़रुरत होगी, इसके लिए हम स्ट्रेटिजिक पार्टनरशिप मॉडल रुट का प्रयोग करेंगे, जोकि फाइनल होने वाला है. उन्होंने यह भी कहा कि सुखोई विमानों की उपलब्धता 64 प्रतिशत हो गई है.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया.
वहीं, अग्नि-5 की पूरी सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि अग्नि-5 का परीक्षण सभी पैरामीटर्स पूरी तरह सफल रहा है. हालांकि इसको लेकर चीन की आपत्ति पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. राफेल की अतिरिक्त खरीद के बारे में मीडिया में लगाए जा रहे कयासों को उन्होंने काल्पनिक बताया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रकिया कहीं नहीं कहती कि वरिष्ठता पैमाना होगी.
सेना प्रमुख के चयन में किसी प्रक्रिया की अवहेलना नहीं हुई: मनोहर पर्रिकर
पहली बार तेजस का उत्पादन तेज़ी से हो रहा है : पर्रिकर | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इससे पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार कांस्य जीत चुकीं पीवी सिंधु को रविवार को अपना दूसरा ग्रुप मैच जीतने के लिए एक घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा. सिंधु ने पहले गेम में कनाडा की मिशेल ली को कड़ी चुनौती दी और हार मानने से पहले 24 मिनट तक संघर्ष किया. इसके बाद दोनों सेट जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में जगह बना ली. सिंधु ने ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया.
हालांकि पीवी सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था. ओलिंपिक में सिंधु को नौवीं रैंकिंग मिली है. उन्होंने ग्रुप-एम के अपने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए पहला गेम 13 मिनट में और दूसरा गेम 14 मिनट में अपने नाम किया था.
हालांकि पीवी सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था. ओलिंपिक में सिंधु को नौवीं रैंकिंग मिली है. उन्होंने ग्रुप-एम के अपने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए पहला गेम 13 मिनट में और दूसरा गेम 14 मिनट में अपने नाम किया था. | सारांश: ओलिंपिक सेमीफाइनल में पहुंचीं सिंधु दूसरी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी
क्वार्टर फाइनल में लंदन ओलिंपिक की रजत पदक विजेता वांग को हराया था
वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु दो बार जीत चुकीं हैं कांस्य पदक | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इक्विटी बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान आई भारी गिरावट के मद्देनजर भारत सबसे अधिक अमीरों वाले 12 देशों की सूची से बाहर हो गया है और इन अरबपतियों की निवेश योग्य संपत्ति पर असर हुआ है। कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजमेंट द्वारा तैयार सूची में अमेरिका, जापान और जर्मनी शीर्ष पर हैं।
इनके बाद चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील का स्थान है। 12वें स्थान पर भारत की जगह दक्षिण कोरिया ने ली है। भारत इस सूची में पहली बार 2010 में नजर आया था।
वैश्विक संपत्ति रपट में कहा गया कि शेयर बाजार में 2011 के दौरान भारी गिरावट के कारण भारत के अरबपतियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है और इन अमीरों द्वारा निवेश किए जाने योग्य राशि पर भी असर हुआ है।टिप्पणियां
भारतीय शेयर बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान 33.4 फीसदी की गिरावट हुई जबकि 2010 में 24.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह देश के अरबपतियों की तादाद में 18 फीसद की कमी आई। इस रपट में कहा गया कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण भारत इस स्थान से चूक गया।
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’
इनके बाद चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील का स्थान है। 12वें स्थान पर भारत की जगह दक्षिण कोरिया ने ली है। भारत इस सूची में पहली बार 2010 में नजर आया था।
वैश्विक संपत्ति रपट में कहा गया कि शेयर बाजार में 2011 के दौरान भारी गिरावट के कारण भारत के अरबपतियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है और इन अमीरों द्वारा निवेश किए जाने योग्य राशि पर भी असर हुआ है।टिप्पणियां
भारतीय शेयर बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान 33.4 फीसदी की गिरावट हुई जबकि 2010 में 24.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह देश के अरबपतियों की तादाद में 18 फीसद की कमी आई। इस रपट में कहा गया कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण भारत इस स्थान से चूक गया।
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’
वैश्विक संपत्ति रपट में कहा गया कि शेयर बाजार में 2011 के दौरान भारी गिरावट के कारण भारत के अरबपतियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है और इन अमीरों द्वारा निवेश किए जाने योग्य राशि पर भी असर हुआ है।टिप्पणियां
भारतीय शेयर बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान 33.4 फीसदी की गिरावट हुई जबकि 2010 में 24.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह देश के अरबपतियों की तादाद में 18 फीसद की कमी आई। इस रपट में कहा गया कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण भारत इस स्थान से चूक गया।
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’
भारतीय शेयर बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान 33.4 फीसदी की गिरावट हुई जबकि 2010 में 24.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसी तरह देश के अरबपतियों की तादाद में 18 फीसद की कमी आई। इस रपट में कहा गया कि राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण भारत इस स्थान से चूक गया।
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’
कैपजेमिनी और आरबीसी वेल्थ मैनेजेमेंट रपट में कहा, ‘‘ 2011 के दौरान भारत में इक्विटी बाजार पूंजीकरण और इसकी मुद्रा भारी गिरावट आई और राजनीतिक प्रक्रिया में भरोसे की कमी व घरेलू सुधार की धीमी रफ्तार ने निवेशकों को निराश किया है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इक्विटी बाजार पूंजीकरण में 2011 के दौरान आई भारी गिरावट के मद्देनजर भारत सबसे अधिक अमीरों वाले 12 देशों की सूची से बाहर हो गया है | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली मेट्रो के मॉडल टाउन स्टेशन पर 26 वर्षीय एक महिला ने चलती ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली जिससे येलो लाइन पर सेवाएं बाधित हो गईं. पुलिस ने यह जानकारी दी है. पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान पहाड़गंज की निवासी सोनाक्षी गर्ग के तौर पर की गई है. येलो लाइन दिल्ली के समयपुर बादली को गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर से जोड़ती है. दिल्ली मेट्रो के एक अधिकारी ने कहा, "इस घटना की वजह से मेट्रो सेवाएं 15-20 मिनट बाधित रहीं."
पुलिस ने बताया कि महिला को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में ही रखा गया है. उन्होंने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें कहा गया है कि उसके इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. दिल्ली मेट्रो के मुताबिक यह घटना शनिवार की शाम हुई जब हुडा सिटी सेंटर की तरफ जा रही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आ रही थी. पुलिस ने कहा कि मृतका का मनोविकार संबंधी इलाज चल रहा था और इसमें किसी तरह की कोई साजिश नहीं लग रही.
बीते दिनों नोएडा में ब्लू लाइन के एक स्टेशन पर 22 वर्षीय युवक ने मेट्रो के सामने कूद कर खुदकुशी कर ली थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि पेशे से निजी सुरक्षा गार्ड संचित कुमार करीब साढ़े ग्यारह बजे सेक्टर 61 के मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के सामने कूद गया. उन्होंने कहा था, "कुमार निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था और वह नोएडा के सेक्टर 44 का निवासी था." | संक्षिप्त पाठ: मेट्रो के आगे कूद कर महिला ने आत्महत्या की
येलो लाइन पर सेवा बाधित
पुलिस ने यह जानकारी दी है | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक ओर प्रधानमंत्री कार्यालय कश्मीर में तनाव का शांतिपूर्ण हल तलाश करने में लगातार जुटा हुआ है, लेकिन साथ ही वह जम्मू एवं कश्मीर में भेजे जाने के लिए नया राज्यपाल भी तलाश कर रही है.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार मौजूदा राज्यपाल एनएन वोहरा के स्थान पर भेजे जाने के लिए नया चेहरा चुनने का काम बहुत ध्यान से करना होगा, और उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा कि इस बदलाव को एनएन वोहरा के कार्यकाल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
दिल्ली में बैठे एक मंत्री ने कहा, "वह (एनएन वोहरा) बेहद तजुर्बेकार हैं... उन्होंने बेहद अच्छा काम किया है... उन्हें इस बात का श्रेय भी मिलना चाहिए कि कश्मीर में लंबे समय तक शांति बनी रही, विशेष रूप से अनिश्चितता के उन दिनों में, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का पद पर रहने के दौरान निधन हो गया था, और उनकी पुत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर फैसला करने में कई हफ्ते लगा दिए थे..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएन वोहरा को बदले जाने की ज़रूरत पर सबसे पहले चर्चा 18 अगस्त को वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ की थी, जबकि राज्य में सत्ता में भागीदार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना था कि उनकी पार्टी कश्मीर घाटी में जनाधार खोती जा रही है, जहां से उन्हें वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शानदार बहुमत हासिल हुआ था.
कश्मीर मामले से निपटने में जुटे हुए एक मंत्री के मुताबिक, "केंद्र को गवर्नर हाउस में एक नए व्यक्ति की आवश्यकता है... ताकि राज्य सरकार को मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिल सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार दृष्टिकोण और रणनीति के मामले में पिछड़े नहीं... और इसके अलावा वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो राजनैतिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में केंद्र के सटीक दूत सिद्ध हों..."
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार मौजूदा राज्यपाल एनएन वोहरा के स्थान पर भेजे जाने के लिए नया चेहरा चुनने का काम बहुत ध्यान से करना होगा, और उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा कि इस बदलाव को एनएन वोहरा के कार्यकाल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
दिल्ली में बैठे एक मंत्री ने कहा, "वह (एनएन वोहरा) बेहद तजुर्बेकार हैं... उन्होंने बेहद अच्छा काम किया है... उन्हें इस बात का श्रेय भी मिलना चाहिए कि कश्मीर में लंबे समय तक शांति बनी रही, विशेष रूप से अनिश्चितता के उन दिनों में, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का पद पर रहने के दौरान निधन हो गया था, और उनकी पुत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर फैसला करने में कई हफ्ते लगा दिए थे..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएन वोहरा को बदले जाने की ज़रूरत पर सबसे पहले चर्चा 18 अगस्त को वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ की थी, जबकि राज्य में सत्ता में भागीदार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना था कि उनकी पार्टी कश्मीर घाटी में जनाधार खोती जा रही है, जहां से उन्हें वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शानदार बहुमत हासिल हुआ था.
कश्मीर मामले से निपटने में जुटे हुए एक मंत्री के मुताबिक, "केंद्र को गवर्नर हाउस में एक नए व्यक्ति की आवश्यकता है... ताकि राज्य सरकार को मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिल सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार दृष्टिकोण और रणनीति के मामले में पिछड़े नहीं... और इसके अलावा वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो राजनैतिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में केंद्र के सटीक दूत सिद्ध हों..."
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
दिल्ली में बैठे एक मंत्री ने कहा, "वह (एनएन वोहरा) बेहद तजुर्बेकार हैं... उन्होंने बेहद अच्छा काम किया है... उन्हें इस बात का श्रेय भी मिलना चाहिए कि कश्मीर में लंबे समय तक शांति बनी रही, विशेष रूप से अनिश्चितता के उन दिनों में, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का पद पर रहने के दौरान निधन हो गया था, और उनकी पुत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर फैसला करने में कई हफ्ते लगा दिए थे..."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएन वोहरा को बदले जाने की ज़रूरत पर सबसे पहले चर्चा 18 अगस्त को वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ की थी, जबकि राज्य में सत्ता में भागीदार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना था कि उनकी पार्टी कश्मीर घाटी में जनाधार खोती जा रही है, जहां से उन्हें वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शानदार बहुमत हासिल हुआ था.
कश्मीर मामले से निपटने में जुटे हुए एक मंत्री के मुताबिक, "केंद्र को गवर्नर हाउस में एक नए व्यक्ति की आवश्यकता है... ताकि राज्य सरकार को मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिल सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार दृष्टिकोण और रणनीति के मामले में पिछड़े नहीं... और इसके अलावा वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो राजनैतिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में केंद्र के सटीक दूत सिद्ध हों..."
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएन वोहरा को बदले जाने की ज़रूरत पर सबसे पहले चर्चा 18 अगस्त को वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ की थी, जबकि राज्य में सत्ता में भागीदार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना था कि उनकी पार्टी कश्मीर घाटी में जनाधार खोती जा रही है, जहां से उन्हें वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शानदार बहुमत हासिल हुआ था.
कश्मीर मामले से निपटने में जुटे हुए एक मंत्री के मुताबिक, "केंद्र को गवर्नर हाउस में एक नए व्यक्ति की आवश्यकता है... ताकि राज्य सरकार को मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिल सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार दृष्टिकोण और रणनीति के मामले में पिछड़े नहीं... और इसके अलावा वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो राजनैतिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में केंद्र के सटीक दूत सिद्ध हों..."
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
कश्मीर मामले से निपटने में जुटे हुए एक मंत्री के मुताबिक, "केंद्र को गवर्नर हाउस में एक नए व्यक्ति की आवश्यकता है... ताकि राज्य सरकार को मौजूदा संकट से निपटने में मदद मिल सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार दृष्टिकोण और रणनीति के मामले में पिछड़े नहीं... और इसके अलावा वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जो राजनैतिक संकट उत्पन्न होने की स्थिति में केंद्र के सटीक दूत सिद्ध हों..."
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
जिन नामों पर चर्चा जारी है, उनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी भी शामिल हैं. वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री थे, और उन्हें प्रधानमंत्री की हाईवे परियोजना के लिए सख्ती से काम करवाने वाले के रूप में जाना जाता था. लेकिन उनकी उम्र 81 वर्ष है, जिसे बड़े अड़ंगे के रूप में देखा जा रहा है.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
पूर्व गृहसचिव अनिल बैजल भी संभावितों की सूची में शामिल हैं. वह विवेकानंद फाउंडेशन का हिस्सा रह चुके हैं, जो बीजेपी के वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा थिंकटैंक है.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
इन दोनों के अतिरिक्त दो और पूर्व जनरल हैं, जिनके नामों में पर चर्चा की जा रही है - लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (जो श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं), जिन्हें कश्मीर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का प्रत्यक्ष अनुभव है, तथा दूसरे हैं जनरल वेदप्रकाश मलिक, जो वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान भारती थलसेना के अध्यक्ष थे.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ यही निश्चित है कि इस मुद्दे पर निर्णय प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे. इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री जम्मू एवं कश्मीर में भेजने के लिए किसी ऐसे शख्स का चुनाव करेंगे, जिसका आरएसएस से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हो.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी पूर्व सेनाधिकारी को भेजने की इच्छुक नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि किसी नागरिक अधिकारी को भेजे जाने से सरकार के रुख में नर्मी के संकेत जाएंगे, और यही सरकार चाहती है, ताकि लोगों तक पहुंच बनाने में आसानी हो.टिप्पणियां
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
8 जुलाई को घाटी में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में जारी हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर कई बार हमले किए हैं. संघर्षों में अब तक लगभग 70 जानें जा चुकी हैं, और 10,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. पिछले 52 दिन से घाटी में लागू कर्फ्यू भी आज ही (सोमवार को ही) हटाया गया है.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया.
वैसे, एनएन वोहरा 15 वर्षों में पहले ऐसे गवर्नर हैं, जिनकी फौजी पृष्ठभूमि नही है. उनकी नियुक्ति कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2008 में की थी, और फिर वर्ष 2013 में उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया. | वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, बदलाव को वोहरा के कार्यकाल से जोड़कर न देखें
बैजल के अलावा मलिक और खंडूरी जैसे पूर्व सेनाधिकारियों के नामों पर चर्चा
केंद्र सरकार फौजी पृष्ठभूमि वाले गवर्नर को भेजने की इच्छुक नहीं : सूत्र | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नरसिंह यादव ने डोपिंग मामले में बरी होने के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें शुक्रिया कहा. पीएम मोदी ने नरसिंह को रियो ओलिंपिक के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह बिना किसी तनाव के ओलिंपिक में हिस्सा लें. पीएम ने यह भी उम्मीद जताई कि नरसिंह अवश्य देश का नाम रोशन करेंगे. गौरतलब है कि नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने सोमवार को अपने फैसले में नरसिंह को डोपिंग से बरी करते हुए उन पर से प्रतिबंध हटा लिया था.
ओलिंपिक में नरसिंह 74 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनका मुकाबला 19 अगस्त को संभावित है. पीएम से मिलने के बाद नरसिंह ने बताया, 'पीएम मोदी ने मुझे सुभकामनाएं दीं और कहा कि निश्चिंत होकर रियो जाओ और ओलिंपिक में बिना तनाव के भाग लो.'
नरसिंह ने डोपिंग मामले में राहत मिलने के तुरंत बाद सोमवार को पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया था. नरसिंह ने कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने न्याय पाने में मेरी मदद की, मुझे उम्मीद है कि रियो ओलिंपिक में पदक जरूर जीतूंगा.' टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद नाडा ने शनिवार को अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. इसकी सुनवाई शनिवार को भी लगभग आठ घंटे तक चली थी. पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे संदेह को खत्म करते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने नरसिंह यादव को बरी करने का बयान पढ़ा, जिसके बाद इस पहलवान के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया.
नाडा के महानिदेशक अग्रवाल ने नरसिंह यादव पर फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पॉजिटिव नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से फायदा होगा. इसलिए पैनल का विचार था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान-बूझकर’ नहीं लिया गया था.’’
ओलिंपिक में नरसिंह 74 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. उनका मुकाबला 19 अगस्त को संभावित है. पीएम से मिलने के बाद नरसिंह ने बताया, 'पीएम मोदी ने मुझे सुभकामनाएं दीं और कहा कि निश्चिंत होकर रियो जाओ और ओलिंपिक में बिना तनाव के भाग लो.'
नरसिंह ने डोपिंग मामले में राहत मिलने के तुरंत बाद सोमवार को पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया था. नरसिंह ने कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने न्याय पाने में मेरी मदद की, मुझे उम्मीद है कि रियो ओलिंपिक में पदक जरूर जीतूंगा.' टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद नाडा ने शनिवार को अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. इसकी सुनवाई शनिवार को भी लगभग आठ घंटे तक चली थी. पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे संदेह को खत्म करते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने नरसिंह यादव को बरी करने का बयान पढ़ा, जिसके बाद इस पहलवान के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया.
नाडा के महानिदेशक अग्रवाल ने नरसिंह यादव पर फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पॉजिटिव नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से फायदा होगा. इसलिए पैनल का विचार था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान-बूझकर’ नहीं लिया गया था.’’
नरसिंह ने डोपिंग मामले में राहत मिलने के तुरंत बाद सोमवार को पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया था. नरसिंह ने कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने न्याय पाने में मेरी मदद की, मुझे उम्मीद है कि रियो ओलिंपिक में पदक जरूर जीतूंगा.' टिप्पणियां
गौरतलब है कि इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद नाडा ने शनिवार को अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. इसकी सुनवाई शनिवार को भी लगभग आठ घंटे तक चली थी. पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे संदेह को खत्म करते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने नरसिंह यादव को बरी करने का बयान पढ़ा, जिसके बाद इस पहलवान के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया.
नाडा के महानिदेशक अग्रवाल ने नरसिंह यादव पर फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पॉजिटिव नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से फायदा होगा. इसलिए पैनल का विचार था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान-बूझकर’ नहीं लिया गया था.’’
गौरतलब है कि इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद नाडा ने शनिवार को अपना फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. इसकी सुनवाई शनिवार को भी लगभग आठ घंटे तक चली थी. पिछले कुछ दिनों से चले आ रहे संदेह को खत्म करते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने नरसिंह यादव को बरी करने का बयान पढ़ा, जिसके बाद इस पहलवान के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया.
नाडा के महानिदेशक अग्रवाल ने नरसिंह यादव पर फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पॉजिटिव नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से फायदा होगा. इसलिए पैनल का विचार था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान-बूझकर’ नहीं लिया गया था.’’
नाडा के महानिदेशक अग्रवाल ने नरसिंह यादव पर फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पॉजिटिव नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से फायदा होगा. इसलिए पैनल का विचार था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान-बूझकर’ नहीं लिया गया था.’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नरसिंह का ओलिंपिक में मुकाबला 19 अगस्त को होने की संभावना है
नरसिंह यादव 25 जून और 5 जुलाई को हुए डोप टेस्ट में फेल हो गए थे
उन्होंने डोप टेस्ट में फंसने के बाद साजिश की आशंका जताई थी | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2012 में दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का इरादा जताया है। ओबामा के सहयोगियों ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर एक वीडियो जारी कर तथा समर्थकों को ई-मेल भेजकर ओबामा की इस योजना की जानकारी दी है। बराक ओबामा का लाखों अमेरिकियों का अपना एक ऑनलाइन नेटवर्क है और वर्ष 2008 के चुनाव में उन्होंने इसका प्रमुखता से इस्तेमाल किया था। ओबामा की इस घोषणा की पहले से उम्मीद की जा रही थी। उम्मीद की जा रही है कि इसी सप्ताह उनके अभियान दल की ओर से शुरुआती औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। ओबामा ने समर्थकों को भेजे एक संदेश में लिखा कि अभियान की शुरुआत छोटे स्तर पर की जा रही है। धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के गति में आने में एक साल लगेगा, लेकिन इसकी शुरुआत आज ही की जा रही है। उधर, ओबामा के खिलाफ लड़ने के लिए रिपब्लिकन पार्टी में कई नेताओं की ओर से दावेदारी पेश की जा सकती है, लेकिन अभी मिनेसोटा के पूर्व गवर्नर टिम पॉलेंटी ने ही इस बारे में औपचारिक घोषणा की है। ओबामा ने जनवरी 2009 में पद संभाला था, लेकिन उसके बाद दो सालों में उनकी लोकप्रियता में गिरावट देखी गई। नवम्बर 2010 में हुए मध्यावधि चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में काफी सीटें खोने के कारण ओबामा की डेमोक्रैटिक पार्टी ने इस पर से अपना नियंत्रण खो दिया है। पियु रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए एक जनमत सर्वेक्षण के नतीजों में हालांकि कहा गया है कि ओबामा की स्थिति अभी अत्यधिक मजबूत है और यह दूसरी पारी की दावेदारी के लिए पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश से भी बेहतर है। मार्च में किए गए इस सर्वेक्षण में 47 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि वे दोबारा ओबामा को चुनना चाहेंगे, जबकि 37 फीसदी ने कहा कि वे किसी रिपब्लिकन उम्मीदवार को चुनना चाहेंगे। | संक्षिप्त सारांश: ओबामा के सहयोगियों ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर एक वीडियो जारी कर तथा समर्थकों को ई-मेल भेजकर ओबामा की इस योजना की जानकारी दी। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में सोमवार की सुबह तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में कई राउंड फायरिंग हुई. मुठभेड़ के बाद एक बदमाश पकड़ा गया. दिल्ली पुलिस का दावा है कि नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन के आगे सुनसान इलाके में 2 बदमाशों ने रविवार देर रात करीब 2:30 बजे 10 राउंड फायरिंग की और जबाब में पुलिस ने भी करीब 5 राउंड गोलियां चलाईं. पुलिस नेहरू प्लेस में एक नामी बदमाश अकबर और उसके साथी आसिफ का पीछा कर रही थी. दोनों गोविंदपुरी में अपने एक साथी से मिलने जा रहे थे. पुलिस ने पहले उन्हें इरोज़ होटल के पास रोका लेकिन जब वो नहीं रुके तो आगे जाकर मुठभेड़ हो गई. दक्षिणी पूर्वी दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया के मुताबिक ये लोग ऐसे हैं कि जब भी पुलिस ने इन्हें रोका तब तब इन लोगों ने फायरिंग की.
ताजा मुठभेड़ में बदमाशों की गोलियां दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी और वो बाल बाल बच गए. मुठभेड़ के बाद अकबर को तो पकड़ लिया गया लेकिन आसिफ भागने में कामयाब रहा. अकबर पर 22 मामले जबकि आसिफ के ऊपर 38 केस दर्ज हैं. रिश्ते में जीजा-साले अकबर और आसिफ दिल्ली के बड़े अपराधी सत्ते गैंग के मेंबर रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में इस गैंग के लोगों ने पुल प्रहलादपुर इलाके में सरेआम फायरिंग की थी. तब गैंग के 4 लोग गिरफ्तार हुए थे और बाकी अपराधियों पर 25-25 हज़ार का इनाम भी रखा गया था. पुलिस ने अकबर के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किये हैं.
ताजा मुठभेड़ में बदमाशों की गोलियां दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी और वो बाल बाल बच गए. मुठभेड़ के बाद अकबर को तो पकड़ लिया गया लेकिन आसिफ भागने में कामयाब रहा. अकबर पर 22 मामले जबकि आसिफ के ऊपर 38 केस दर्ज हैं. रिश्ते में जीजा-साले अकबर और आसिफ दिल्ली के बड़े अपराधी सत्ते गैंग के मेंबर रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक पिछले साल दिसंबर में इस गैंग के लोगों ने पुल प्रहलादपुर इलाके में सरेआम फायरिंग की थी. तब गैंग के 4 लोग गिरफ्तार हुए थे और बाकी अपराधियों पर 25-25 हज़ार का इनाम भी रखा गया था. पुलिस ने अकबर के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किये हैं. | यह एक सारांश है: दिल्ली के नेहरू प्लेस में हुई मुठभेड़
अकबर पर 25 हजार रुपये का ईनाम था
उसके साथी मौके से फरार हो गए | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत और पाकिस्तान ने पिछले साल जुलाई महीने के अपने कड़वे अनुभव को पीछे छोड़ते हुए रुकी पड़ी वार्ता प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। दोनों देश सभी लंबित मुद्दों के हल के लिए इस वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर रजामंद हुए। विदेश सचिव निरुपमा राव और उनके पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर ने 90 मिनट तक बैठक की। दोनों लोग इस बात पर सहमत हुए कि सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण संबंध दोनों देशों के पारस्परिक हित में हैं और उन्हें इस दिशा में काम करने की जरूरत है। दोनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों विदेश सचिव ने अपने-अपने प्रधानमंत्री के निर्देश पर यह बैठक की। गौरतलब है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच पिछले साल जुलाई में इस्लामाबाद में बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने संवाददाताओं के समक्ष यह बयान पढ़ते हुए कहा, इस परिप्रेक्ष्य में जरूरी कदम के तहत विदेश सचिवों के बीच उपयोगी और स्पष्ट चर्चा हुई। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत, पाक ने पिछले साल जुलाई महीने के अपने कड़वे अनुभव को पीछे छोड़ते हुए रुकी पड़ी वार्ता प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए कदम बढ़ा दिए। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उधर कुछ किलोमीटर की दूरी पर पांच सितारा होटल में किशोर की स्क्रिप्ट जारी है. हालांकि किशोर ने जिन्हें मनाकर या दबाव बनाकर जो लिस्ट तैयार की है, उसमें प्रियंका गांधी वाड्रा के काम का विवरण अभी तक शामिल नहीं है. चंद ही लोग हैं जिन्हें लगता है कि जून में प्रियंका गांधी के मुख्यमंत्री पद के दावेदारी की रिपोर्ट के पीछे किशोर का हाथ नहीं था. अगर यह पार्टी पर एक दवाब डालने वाली रणनीति थी तो भी इसने उलटा असर किया. सच्ची या झूठी, यह सूचना जैसी भी थी, कांग्रेस इस ख़बर के लीक होने से काफी चिढ़ गई और बदले में यह कहती हुई पाई गई कि प्रियंका न ही चुनावी अभियान का चेहरा हैं और तो और अमेठी और रायबरैली के बाहर प्रियंका के किसी भी तरह की बड़ी रैली के आयोजन की कोई संभावना ही नहीं बनती. किशोर के लिए यह एक तरह से संकेत था कि वह अपनी सीमा में ही रहें.
लेकिन उनके नज़दीकियों की मानें तो प्रशांत एक और योजना पर काम कर रहे हैं, जिसमें वह राहुल गांधी के साथ मिलकर एक बड़ी घोषणा करने वाले हैं. (प्रियंका की अगुवाई की खबरों को दरकिनार करते हुए) राहुल की प्रमुखता स्थापित होने के बाद, प्रियंका की उपस्थिति पर काम किया जाएगा, बड़ी-बड़ी चुनावी बैठकों में नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर 'जनता से संचार स्थापित करने वाले कार्यक्रमों' में उनकी मौजूदगी होगी. वैसे काफी कुछ उनकी मां की सेहत पर निर्भर करता है.
दोपहर करीब ढाई बजे किशोर के पास फोन आता है कि श्रीमती गांधी की तबियत ठीक नहीं है. सभी बड़े कांग्रेस नेता शहर में मौजूद थे और महकमे में यह ख़बर भी थी कि उन्हें बुखार है. उन्हें किशोर की टीम ने बताया कि वह कार बदल रही हैं और थोड़ी ही देर में फिर दिखाई देंगी, मीडिया से भी यही कहा गया. सोनिया गांधी के साथ जो मौजूद थे, उन्हें निर्देश दिए गए कि कांग्रेस अध्यक्ष जनता से बात करने के लिए ज़रा कम रुकें, अपनी ताकत को थोड़ा सहेजें और टाटा सफारी के दरवाज़ें से बाहर ज्यादा न झुकें, जिसका इस्तेमाल वह एसपीजी के कहने पर उन इलाकों में कर रही हैं, जहां खुली मर्सिडीज़ में जाना उनके लिए असुरक्षित है.
30 मिनट बाद टीवी चैनल ने श्रीमती गांधी को एक मुसलमान इलाके में वापसी करते हुए देखा. बादल छट चुके हैं. घरों की छतों पर भीड़ लगी है, सड़कें समर्थकों से लबालब भरी हैं. घंटों बाद, I-PAC इन चुने हुए कुछ दृश्यों को यह कहते हुए मीडिया को सौंपती हैं कि कार्यक्रम सफल रहा. चुनावी अभियान का यह गुर किशोर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से कथित तौर पर सीखा है. बताया जाता है कि 2014 की सफलता के कुछ हफ्तों बाद इन दोनों के बीच बढ़ती कड़वाहट के बाद किशोर ने बीजेपी से अपने रास्ते अलग कर लिए थे.
इस चुस्त रणनीतिकार के आलोचकों की मानें तो मतभेद से पहले बीजेपी नेताओं ने किशोर को प्रधानमंत्री की जीत का काफी हद तक श्रेय लेने दिया. वहीं कइयों ने उन्हें ऐसा स्वार्थी शख्स करार दिया, जो अपने पुराने बॉस से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए 2015 में बीजेपी छोड़ नीतीश कुमार से जा मिला. उधर किशोर के समर्थकों का कहना है कि नज़दीकी लोगों के बीच भी प्रशांत काफी नपे-तुले अंदाज़ में उस वक्त को याद करते हैं और कहते हैं कि पहले के राजनीतिक काम की चर्चा करना ज़रा शोभा नहीं देता.
बीजेपी से नीतीश कुमार और फिर कांग्रेस, किशोर के नज़दीकियों की मानें तो वह बगैर किसी विचारधारा के दल बदलने वाले शख्स नहीं है. 'अच्छी शासन प्रणाली और एक राजनेता जो यह साबित कर चुका है कि वह काम कर सकता है. किसी भी उम्मीदवार का प्रशांत इसी आधार पर समर्थन करते हैं.' - नाम न बताए जाने की शर्त पर किशोर के एक साथी ने यह जानकारी दी (वैसे किशोर और उनके दोस्तों, साथियों और I-PAC कर्मचारियों के बीच गोपनीयता एक अहम धागा है). उनके एक साथी बताते हैं 'नरेंद्र मोदी, नीतीश, शीला दीक्षित, यहां तक कि अमरिंदर सिंह को देखिए. उन्हें लगता है कि यह सब अच्छे प्रशासक हैं.' थोड़े अनौपचारिक माहौल में यह भी बताया जाता है कि किशोर कुछ मौकों पर यह मान भी चुके हैं कि कांग्रेस के लिए रणनीति से कहीं ज्यादा मेहनत लग रही है, यह पार्टी जिसके खालीपन के पीछे सिस्टम की विफलता भी काफी हद तक जिम्मेदार है.
शाम साढ़े छह बजे, एक लंबे चुनावी रोड शो के बाद श्रीमती गांधी की तबियत ने जवाब दे दिया. न्यूज़ चैनल पर उनकी तबियत के बारे में रिपोर्ट सामने आने लगी, उन्हें ड्रिप लगाकर एयरपोर्ट तक ले जाया गया, एयर एम्बुलेंस को बुलाने के बारे में सोचा जा रहा है, एक स्थानीय अस्पताल को तैयार रखा गया है, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर अपनी चिंता जताई है. रात 10 बजे उन्हें चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली भेज दिया गया. कई घंटों तक उनके कंधे में लगी चोट के बारे में नहीं दिखाया गया. फिलहाल वह अस्पताल में ही हैं.
उधर ताज होटल की लॉबी के एक कोने में किशोर किसी गहरी सोच में डूबे से लग रहे हैं. पीएम के खिलाफ 2014 में खड़े होने वाले कांग्रेसी अजय राय उनके करीब आकर बैठ जाते हैं. उनके पीछे एक मेडिकल सहायक के साथ वरिष्ठ कांग्रेसी आते हैं, जिन्होंने गाज़ीपुर के अपने घर में इलाके का चुनावी दफ्तर खोलने का प्रस्ताव रखा है. फिर आना होता है एक और स्थानीय राजनेता का, जो एक युवक को अपने साथ लाए हैं, जो चुनाव लड़ना चाहता है. नेता किशोर से कहते हैं 'अगर आप कह दें तो...' किशोर सिर हिला देते हैं.
रात को खाने के वक्त किशोर के सामने शाकाहारी थाली है और उनके साथ एक युवा पुलिस अफसर है जिसे हाल ही में वाराणसी में एक ऊंचे पद पर नियुक्त किया गया है. दोनों ने आपस में जानकारी साझा की कि भीड़ सबसे ज्यादा कहां थी, इंतज़ाम किस तरह के थे, लोग क्या कह रहे थे (इस बात पर दोनों एकमत थे कि श्रीमती गांधी के लिए लोगों के मन में दया और चिंता थी). आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक रोड शो में 15 हज़ार लोग जमा हुए थे जो कि पीएम के वाराणसी दौरे से कहीं कम थे लेकिन इसके बावजूद यह वह आंकड़ा था जिसका श्रेय पूरी तरह कांग्रेस को जाता है.
प्रशांत जिन पर भरोसा करते हैं या कम से कम जिनको लेकर इस हद तक सुनिश्चित रहते हैं कि जरूरत पड़ने पर वे उनके विचारों पर भरोसा करेंगे-ऐसे लोगों के समक्ष किशोर ने कहा है कि भले ही वह चाहें जैसे भी राजनेताओं से घिरे हों लेकिन 2019 में यूपी उनकी भूमिका को परिभाषित नहीं करेगा. किशोर ने कथित तौर पर कहा है, ''अगर मैं उत्तर प्रदेश में हारता हूं जैसा कि सब कह रहे हैं, तो मेरे लिए खेल खत्म. और अगर मैं जीतता हूं...तो इससे बड़ा नतीजा और क्या हो सकता है? एक लोकसभा चुनाव से भी बड़ा होगा यूपी का चुनाव जीतना.' इस बात की तस्दीक की जा सकती है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किसी को इंटरव्यू देने से खुद को दूर रखते हैं प्रशांत किशोर
अनौपचारिक बातचीत में उनका तरीका सवाल पर सवाल करना है
कुछ-बड़ा-करो-या-घर-जाओ - 39 साल के रणनीतिकार का यही अंदाज़ है | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सटोरियो से कथित ताल्लुकात के मामले में पकड़े गए अभिनेता विंदू रंधावा के भाई ने कहा कि उनका भाई आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं हैं।
अमरीक सिंह ने मुंबई रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, मैं कभी यह विश्वास नहीं कर सकता कि वह इसमें शामिल है। जांच पूरी होने दो। विंदू पाक साफ निकलेगा। पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के बेटे वीरेंद्र सिंह रंधावा उर्फ विंदू को मंगलवार को मुंबई में जुहू स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया ।टिप्पणियां
अमरीक ने कहा कि कि बिग बॉस तीसरे सत्र के विजेता विंदू मुंबई में जाना पहचाना नाम है।
उन्होंने कहा, पूरा मुंबई उसे जानता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसमें कोई आपराधिक बात है। भगवान की दया से हमारे पास सब कुछ है और हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए। अमरीक ने कहा कि उनका परिवार जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।
अमरीक सिंह ने मुंबई रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, मैं कभी यह विश्वास नहीं कर सकता कि वह इसमें शामिल है। जांच पूरी होने दो। विंदू पाक साफ निकलेगा। पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के बेटे वीरेंद्र सिंह रंधावा उर्फ विंदू को मंगलवार को मुंबई में जुहू स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया ।टिप्पणियां
अमरीक ने कहा कि कि बिग बॉस तीसरे सत्र के विजेता विंदू मुंबई में जाना पहचाना नाम है।
उन्होंने कहा, पूरा मुंबई उसे जानता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसमें कोई आपराधिक बात है। भगवान की दया से हमारे पास सब कुछ है और हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए। अमरीक ने कहा कि उनका परिवार जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।
अमरीक ने कहा कि कि बिग बॉस तीसरे सत्र के विजेता विंदू मुंबई में जाना पहचाना नाम है।
उन्होंने कहा, पूरा मुंबई उसे जानता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसमें कोई आपराधिक बात है। भगवान की दया से हमारे पास सब कुछ है और हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए। अमरीक ने कहा कि उनका परिवार जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।
उन्होंने कहा, पूरा मुंबई उसे जानता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसमें कोई आपराधिक बात है। भगवान की दया से हमारे पास सब कुछ है और हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए। अमरीक ने कहा कि उनका परिवार जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा। | यहाँ एक सारांश है:सटोरियो से कथित ताल्लुकात के मामले में पकड़े गए अभिनेता विंदू रंधावा के भाई ने कहा कि उनका भाई आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं हैं। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: में एक ट्रक चालक और उसके हेल्पर द्वारा कथित रूप से बलात्कार किए जाने के बाद एक अधेड़ उम्र की महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे दो बेटों और एक बेटी की मां कूड़ा बीनने वाली एक महिला को उसकी झुग्गी बस्ती के पास से ट्रक में खींच लिया गया।टिप्पणियां
पुलिस आयुक्त संजय मुखर्जी ने बताया कि महिला बैली पुल के नजदीक बेहोशी की अवस्था में मिली। उसे उत्तरपाड़ा सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई।
मृत्यु पूर्व दिए अपने बयान में महिला ने बताया कि उसे उसकी झुग्गी के पास से ट्रक में खींचकर ट्रक चालक और उसके हेल्पर ने उससे बलात्कार किया। मृत महिला के बड़े बेटे रतन दास (18) ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मुखर्जी ने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त संजय मुखर्जी ने बताया कि महिला बैली पुल के नजदीक बेहोशी की अवस्था में मिली। उसे उत्तरपाड़ा सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई।
मृत्यु पूर्व दिए अपने बयान में महिला ने बताया कि उसे उसकी झुग्गी के पास से ट्रक में खींचकर ट्रक चालक और उसके हेल्पर ने उससे बलात्कार किया। मृत महिला के बड़े बेटे रतन दास (18) ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मुखर्जी ने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
मृत्यु पूर्व दिए अपने बयान में महिला ने बताया कि उसे उसकी झुग्गी के पास से ट्रक में खींचकर ट्रक चालक और उसके हेल्पर ने उससे बलात्कार किया। मृत महिला के बड़े बेटे रतन दास (18) ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मुखर्जी ने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। | उत्तरी 24 परगना जिले के बारानगर में एक ट्रक चालक और उसके हेल्पर द्वारा कथित रूप से बलात्कार किए जाने के बाद एक अधेड़ उम्र की महिला की मौत हो गई। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शेयर बाजार में अगले सप्ताह निवेशकों का ध्यान मुख्यत: अर्थव्यवस्था की स्थिति बताने वाले कुछ प्रमुख सरकारी आंकड़ों तथा मौजूदा कारोबारी वर्ष की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के परिणामों पर टिका रहेगा। शेयर बाजार गुरुवार, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बंद रहेगा।
कंपनियां अगले सप्ताह भी पहली तिमाही के परिणाम जारी करती रहेंगी और निवेशक उन परिणामों के साथ आने वाली कारोबार संबंधी महत्वपूर्ण टिप्पणियों में शेयरों की भावी दिशा-दशा का अनुमान लगाने की कोशिश करेंगे।
अगले सप्ताह परिणाम घोषित करने वाली कंपनियों में, शनिवार को ब्रुक्स लेबोरेटरीज, गोदरेज इंडस्ट्रीज और रिलायंस मीडियावर्क्स लिमिटेड, सोमवार को बीएजी फिल्म्स, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, धनलक्ष्मी बैंक, डीएलएफ, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, एचपीसीएल, इंडियन होटल्स, कामत होटल्स, ओएनजीसी, एसबीआई, टेक महिंद्रा और युनाइटेड बैंक, मंगलवार को बीपीसीएल, जीएमआर इंफ्रा, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, होटल लीला, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, इनफाइनाइट कंप्यूटर सोल्यूशंस, श्रीलेदर्स और व्हर्लपूल, बुधवार को बीपीएल, फ्यूचर रिटेल, गीतांजलि जेम्स, जेके टायर्स, एमएमटीसी और सेल शामिल हैं।
अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और महंगाई से संबंधित आंकड़े भा आ जाएंगे। सोमवार, 12 अगस्त को जून 2013 के लिए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी किए जाएंगे। सोमवार को ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से संबंधित आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। सरकार जुलाई के लिए थोक मूल्य पर आधारित महंगाई के आंकड़े बुधवार, 14 अगस्त 2013 को जारी करेगी।
इस वर्ष बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे खाद्य महंगाई दर में कमी आ सकती है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावा आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
कंपनियां अगले सप्ताह भी पहली तिमाही के परिणाम जारी करती रहेंगी और निवेशक उन परिणामों के साथ आने वाली कारोबार संबंधी महत्वपूर्ण टिप्पणियों में शेयरों की भावी दिशा-दशा का अनुमान लगाने की कोशिश करेंगे।
अगले सप्ताह परिणाम घोषित करने वाली कंपनियों में, शनिवार को ब्रुक्स लेबोरेटरीज, गोदरेज इंडस्ट्रीज और रिलायंस मीडियावर्क्स लिमिटेड, सोमवार को बीएजी फिल्म्स, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, धनलक्ष्मी बैंक, डीएलएफ, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, एचपीसीएल, इंडियन होटल्स, कामत होटल्स, ओएनजीसी, एसबीआई, टेक महिंद्रा और युनाइटेड बैंक, मंगलवार को बीपीसीएल, जीएमआर इंफ्रा, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, होटल लीला, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, इनफाइनाइट कंप्यूटर सोल्यूशंस, श्रीलेदर्स और व्हर्लपूल, बुधवार को बीपीएल, फ्यूचर रिटेल, गीतांजलि जेम्स, जेके टायर्स, एमएमटीसी और सेल शामिल हैं।
अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और महंगाई से संबंधित आंकड़े भा आ जाएंगे। सोमवार, 12 अगस्त को जून 2013 के लिए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी किए जाएंगे। सोमवार को ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से संबंधित आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। सरकार जुलाई के लिए थोक मूल्य पर आधारित महंगाई के आंकड़े बुधवार, 14 अगस्त 2013 को जारी करेगी।
इस वर्ष बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे खाद्य महंगाई दर में कमी आ सकती है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावा आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
अगले सप्ताह परिणाम घोषित करने वाली कंपनियों में, शनिवार को ब्रुक्स लेबोरेटरीज, गोदरेज इंडस्ट्रीज और रिलायंस मीडियावर्क्स लिमिटेड, सोमवार को बीएजी फिल्म्स, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, धनलक्ष्मी बैंक, डीएलएफ, इरोज इंटरनेशनल मीडिया, एचपीसीएल, इंडियन होटल्स, कामत होटल्स, ओएनजीसी, एसबीआई, टेक महिंद्रा और युनाइटेड बैंक, मंगलवार को बीपीसीएल, जीएमआर इंफ्रा, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, होटल लीला, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, इनफाइनाइट कंप्यूटर सोल्यूशंस, श्रीलेदर्स और व्हर्लपूल, बुधवार को बीपीएल, फ्यूचर रिटेल, गीतांजलि जेम्स, जेके टायर्स, एमएमटीसी और सेल शामिल हैं।
अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और महंगाई से संबंधित आंकड़े भा आ जाएंगे। सोमवार, 12 अगस्त को जून 2013 के लिए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी किए जाएंगे। सोमवार को ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से संबंधित आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। सरकार जुलाई के लिए थोक मूल्य पर आधारित महंगाई के आंकड़े बुधवार, 14 अगस्त 2013 को जारी करेगी।
इस वर्ष बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे खाद्य महंगाई दर में कमी आ सकती है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावा आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और महंगाई से संबंधित आंकड़े भा आ जाएंगे। सोमवार, 12 अगस्त को जून 2013 के लिए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी किए जाएंगे। सोमवार को ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से संबंधित आंकड़े भी जारी किए जाएंगे। सरकार जुलाई के लिए थोक मूल्य पर आधारित महंगाई के आंकड़े बुधवार, 14 अगस्त 2013 को जारी करेगी।
इस वर्ष बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे खाद्य महंगाई दर में कमी आ सकती है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावा आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
इस वर्ष बेहतर बारिश के कारण कृषि उपज अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे खाद्य महंगाई दर में कमी आ सकती है। उपज बेहतर रहने से ग्रामीणों की क्रय क्षमता बढ़ेगी और इससे मांग में तेजी आएगी। इसके अलावा आगामी त्यौहारी सत्र के कारण भी खुदरा बाजार में तेजी रहने के आसार हैं। खास तौर से वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र की कंपनियां अच्छा कारोबार कर सकती हैं।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
पांच अगस्त से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का भी निवेशकों के निवेश फैसले पर असर हो सकता है। मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख हैं, भूमि अधिग्रहण विधेयक, बीमा विधेयक, पेंशन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
आने वाले कुछ सप्ताहों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर चढ़ने की उम्मीद कम है।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
अगले वर्ष सरकारी कंपनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों वाली मिली-जुली हो सकती है। इससे सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है, और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
बाजार में इस वक्त सेंसेक्स से बाहर बड़ी संख्या में शेयरों में तेज गिरावट चल रही है। इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं, यानि वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। | यहाँ एक सारांश है:शेयर बाजार में अगले सप्ताह निवेशकों का ध्यान मुख्यत: अर्थव्यवस्था की स्थिति बताने वाले कुछ प्रमुख सरकारी आंकड़ों तथा मौजूदा कारोबारी वर्ष की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के परिणामों पर टिका रहेगा। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टाटा मोटर्स की बहुचर्चित कार नैनो अब विदेश यात्रा पर निकल पड़ी है। श्रीलंका में इसकी औपचारिक पेशकश हो चुकी है। टाटा मोटर्स ने कहा कि उसने आधिकारिक तौर पर श्रीलंका में छोटी कार की पेशकश करते हुए नैनो का निर्यात शुरू कर दिया है जिसकी कीमत श्रीलंकाई मुद्रा में 9.25 लाख रुपये (यानी 3.80 लाख भारतीय रुपये) होगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि टाटा नैनो के लिए श्रीलंका पहला अंतरराष्ट्रीय बाजार होगा जहां जनता की कार कहलाने वाले टाटा की नैनो को आधिकारिक तौर पर पेश किया गया है। इस कार को श्रीलंका में कंपनी के 50 वर्ष पुराने वितरक डीजल एंड मोटर इंजीनियरिंग पीएलसी के जरिये बेचा जाएगा। टाटा मोटर के प्रबंध निदेशक और समूह के मुख्य कार्याधिकारी कार्ल पीटर फोरस्टर ने कहा कि टाटा मोटर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले ही मजबूत पहचान है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय के विकास के अगले चरण में टाटा नैनो महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि इस कार के तीन संस्करणों की कीमत 9.25 लाख से 11 लाख श्रीलंकाई रुपये के बीच होगी यानी भारतीय मुद्रा में यह कीमत 3.8 लाख रुपये से 4.5 लाख रुपये के बीच होगी। भारत में इस कार की एक्स-शो रूम कीमत 1.40 लाख रुपये से 1.97 लाख रुपये के बीच है। नैनो की भविष्य की यात्रा के बारे में बताते हुए टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (भारतीय परिचालन) पीएम तेलांग ने कहा कि वर्ष 2008 में टाटा नैनो को पहली बार पेश करने के मौके पर जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया मिली थी उसे देखते हुए यह आभास मिलता है कि दुनियाभर के ग्राहक ऐसी कार की प्रतीक्षा में हैं। | यहाँ एक सारांश है:टाटा ने आधिकारिक तौर पर श्रीलंका में छोटी कार की पेशकश करते हुए नैनो का निर्यात शुरू कर दिया है। इसकी कीमत भारतीय रुपये में 3.80 लाख होगी। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मायावती ने पीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी की आड़ में बीजेपी घिनौनी राजनीति कर रही. मायावती ने अपील की कि सपा के परिवारवाद से जनता निजात दिलाए. उन्होंने कहा कि बीएसपी को पूर्ण बहुमत से जनता सत्ता में लाएगी.
उन्होंने पीएम को घेरते हुए कहा कि गरीबों को मकान देने का वादा क्या हुआ, नोटबंदी के 50 दिन पूरे हो गए, जनता को राहत नहीं मिली. मायावती ने कहा कि बीजेपी के प्रति जनता में आशंकाएं पैदा हो रही है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पीएम को कालेधन, भ्रष्टाचार पर जवाब देना चाहिए. अबतक कितना कालाधन पकड़ा गया. जवाब दे सरकार.
मायावती ने कांग्रेस पर भी हमले किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वर्षों तक जनता को गुमराह करती रही, कांग्रेस की तर्ज पर बीजेपी भी गुमराह कर रही है.
उन्होंने पीएम को घेरते हुए कहा कि गरीबों को मकान देने का वादा क्या हुआ, नोटबंदी के 50 दिन पूरे हो गए, जनता को राहत नहीं मिली. मायावती ने कहा कि बीजेपी के प्रति जनता में आशंकाएं पैदा हो रही है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पीएम को कालेधन, भ्रष्टाचार पर जवाब देना चाहिए. अबतक कितना कालाधन पकड़ा गया. जवाब दे सरकार.
मायावती ने कांग्रेस पर भी हमले किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वर्षों तक जनता को गुमराह करती रही, कांग्रेस की तर्ज पर बीजेपी भी गुमराह कर रही है.
उन्होंने कहा कि पीएम को कालेधन, भ्रष्टाचार पर जवाब देना चाहिए. अबतक कितना कालाधन पकड़ा गया. जवाब दे सरकार.
मायावती ने कांग्रेस पर भी हमले किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वर्षों तक जनता को गुमराह करती रही, कांग्रेस की तर्ज पर बीजेपी भी गुमराह कर रही है.
मायावती ने कांग्रेस पर भी हमले किए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वर्षों तक जनता को गुमराह करती रही, कांग्रेस की तर्ज पर बीजेपी भी गुमराह कर रही है. | यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए मायावती ने जातिवार टिकटों का ऐलान किया है.
मायावती ने सभी 403 सीटों का जातिवार ब्योरा पेश किया.
87 सीटों पर दलित, 97 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया गया है. | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के दबाव में ट्विटर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मिलते-जुलते छह फर्जी ट्विटर एकाउंट को हटा दिया है। वहीं, सरकार ने कहा है कि आपत्तिजनक सामग्रियों को अनुमति देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीएमओ को भेजे एक संदेश में ट्विटर ने कहा है कि उसने ‘समानता संबंधी हमारी सेवा शर्तों का उल्लंघन करने के कारण संबंधित प्रोफाइलों को सकरुलेशन से हटा दिया है।’
पीएमओ द्वारा सभी छह एकाउंटों के संबंध में की गई शिकायत के जवाब में ट्विटर ने यह संदेश भेजा है। इन फर्जी पीएमओ एकाउंटों में ‘सांप्रदायिक ध्वनि’ देने वाले विषय शामिल थे और इनसे पीएमओ के आधिकारिक एकाउंट होने की गलतफहमी पैदा होने की आशंका थी।
पीएमओ के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमने ट्विटर से उन छह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की थी जो प्रधानमंत्री कार्यालय का आभास दे रहे हैं। जब उन्होंने काफी लंबे समय तक कोई जवाब नहीं दिया तो हमने साइबर सिक्योरिटी सेल से कार्रवाई करने की अपील की।’ टिप्पणियां
पीएमओ ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साइबर सिक्योरिटी सेल को इन एकाउंटों को ब्लॉक करने को कहा था।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया।
पीएमओ को भेजे एक संदेश में ट्विटर ने कहा है कि उसने ‘समानता संबंधी हमारी सेवा शर्तों का उल्लंघन करने के कारण संबंधित प्रोफाइलों को सकरुलेशन से हटा दिया है।’
पीएमओ द्वारा सभी छह एकाउंटों के संबंध में की गई शिकायत के जवाब में ट्विटर ने यह संदेश भेजा है। इन फर्जी पीएमओ एकाउंटों में ‘सांप्रदायिक ध्वनि’ देने वाले विषय शामिल थे और इनसे पीएमओ के आधिकारिक एकाउंट होने की गलतफहमी पैदा होने की आशंका थी।
पीएमओ के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमने ट्विटर से उन छह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की थी जो प्रधानमंत्री कार्यालय का आभास दे रहे हैं। जब उन्होंने काफी लंबे समय तक कोई जवाब नहीं दिया तो हमने साइबर सिक्योरिटी सेल से कार्रवाई करने की अपील की।’ टिप्पणियां
पीएमओ ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साइबर सिक्योरिटी सेल को इन एकाउंटों को ब्लॉक करने को कहा था।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया।
पीएमओ द्वारा सभी छह एकाउंटों के संबंध में की गई शिकायत के जवाब में ट्विटर ने यह संदेश भेजा है। इन फर्जी पीएमओ एकाउंटों में ‘सांप्रदायिक ध्वनि’ देने वाले विषय शामिल थे और इनसे पीएमओ के आधिकारिक एकाउंट होने की गलतफहमी पैदा होने की आशंका थी।
पीएमओ के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमने ट्विटर से उन छह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की थी जो प्रधानमंत्री कार्यालय का आभास दे रहे हैं। जब उन्होंने काफी लंबे समय तक कोई जवाब नहीं दिया तो हमने साइबर सिक्योरिटी सेल से कार्रवाई करने की अपील की।’ टिप्पणियां
पीएमओ ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साइबर सिक्योरिटी सेल को इन एकाउंटों को ब्लॉक करने को कहा था।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया।
पीएमओ के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमने ट्विटर से उन छह लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की थी जो प्रधानमंत्री कार्यालय का आभास दे रहे हैं। जब उन्होंने काफी लंबे समय तक कोई जवाब नहीं दिया तो हमने साइबर सिक्योरिटी सेल से कार्रवाई करने की अपील की।’ टिप्पणियां
पीएमओ ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साइबर सिक्योरिटी सेल को इन एकाउंटों को ब्लॉक करने को कहा था।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया।
पीएमओ ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साइबर सिक्योरिटी सेल को इन एकाउंटों को ब्लॉक करने को कहा था।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया।
इसके बाद ट्विटर ने सरकार के साथ सहयोग का वादा किया और ‘गैरकानूनी सामग्री’ का पता लगाया। | सारांश: भारत के दबाव में ट्विटर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मिलते-जुलते छह फर्जी ट्विटर एकाउंट को हटा दिया है। वहीं, सरकार ने कहा है कि आपत्तिजनक सामग्रियों को अनुमति देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार एलपीजी की कीमतों पर धीरे−धीरे अपना नियंत्रण हटा रही है यानी रसोई गैस पर मिल रही सब्सिडी धीरे−धीरे खत्म होगी। यह काम दो चरणों में होगा।
सूत्रों के मुताबिक पहले दौर में सांसदों और विधायकों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म की जाएगी। सभी गजेटेड अफसरों को भी रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
सांसद विधायक और क्लास वन अफसर बाजार के दाम पर 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर खरीद सकेंगे। इन सबको रसोई गैस की पूरी कीमत देनी होगी।
दूसरे दौर में 50 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाने वालों को रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। आधार के सहारे इस योजना को लागू किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन दोनों चरणों को लागू करने से उसे पांच हजार करोड़ रुपये सालाना की बचत होगी।
सूत्रों के मुताबिक पहले दौर में सांसदों और विधायकों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म की जाएगी। सभी गजेटेड अफसरों को भी रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी।टिप्पणियां
सांसद विधायक और क्लास वन अफसर बाजार के दाम पर 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर खरीद सकेंगे। इन सबको रसोई गैस की पूरी कीमत देनी होगी।
दूसरे दौर में 50 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाने वालों को रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। आधार के सहारे इस योजना को लागू किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन दोनों चरणों को लागू करने से उसे पांच हजार करोड़ रुपये सालाना की बचत होगी।
सांसद विधायक और क्लास वन अफसर बाजार के दाम पर 19 किलो के व्यावसायिक सिलेंडर खरीद सकेंगे। इन सबको रसोई गैस की पूरी कीमत देनी होगी।
दूसरे दौर में 50 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाने वालों को रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। आधार के सहारे इस योजना को लागू किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन दोनों चरणों को लागू करने से उसे पांच हजार करोड़ रुपये सालाना की बचत होगी।
दूसरे दौर में 50 हजार रुपये महीने से ज्यादा कमाने वालों को रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। आधार के सहारे इस योजना को लागू किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन दोनों चरणों को लागू करने से उसे पांच हजार करोड़ रुपये सालाना की बचत होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सूत्रों के मुताबिक पहले दौर में सांसदों और विधायकों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म की जाएगी। सभी गजेटेड अफसरों को भी रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के तमाम इलाकों में ठंड का कहर जारी है। उत्तर भारत के ज़्यादातर राज्यों में ठंड का कहर जारी है। इसके चलते पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत में रविवार को 23 लोग मारे गए। दिल्ली में कल न्यूनतम तापमान ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में सोमवार की सुबह का तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि उत्तर भारत के कई शहरों में आज सुबह से ही घना कोहरा है। चंडीगढ़, अंबाला, लखनऊ, आगरा, ग्वालियर, बनारस, सतना में विजिबलिटी बहुत कम है।
रविवार का तापमान 1.9 डिग्री दर्ज किया गया। ये तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम है। इसके अलावा राजधानी में अधिकतम तापमान 11.8 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 9 डिग्री कम था। ठंड के न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान का अंतर बीते एक हफ़्ते से दिल्ली में बहुत कम है।
एक नज़र डालते हैं ठंड से ठिठुर रहे उत्तर भारत की अलग-अलग तस्वीरों पर -
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तापमान ज़ीरो से नीचे चल रहा है। इससे बचाव के लिए लोग बर्फ पर ही आग जलाते दिख रहे हैं। जम्मू के पुंछ इलाके में भी ठंड ने पिछले 35 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से पारा माइनस में पहुंच गया है। तापमान के माइनस में होने की वजह से यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुछ दिनों से बर्फ ही बर्फ है। इस इलाके के लोगों को सर्दी की बीमारी भी बहुत हो रही है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में सोमवार की सुबह का तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि उत्तर भारत के कई शहरों में आज सुबह से ही घना कोहरा है। चंडीगढ़, अंबाला, लखनऊ, आगरा, ग्वालियर, बनारस, सतना में विजिबलिटी बहुत कम है।
रविवार का तापमान 1.9 डिग्री दर्ज किया गया। ये तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम है। इसके अलावा राजधानी में अधिकतम तापमान 11.8 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 9 डिग्री कम था। ठंड के न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान का अंतर बीते एक हफ़्ते से दिल्ली में बहुत कम है।
एक नज़र डालते हैं ठंड से ठिठुर रहे उत्तर भारत की अलग-अलग तस्वीरों पर -
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तापमान ज़ीरो से नीचे चल रहा है। इससे बचाव के लिए लोग बर्फ पर ही आग जलाते दिख रहे हैं। जम्मू के पुंछ इलाके में भी ठंड ने पिछले 35 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से पारा माइनस में पहुंच गया है। तापमान के माइनस में होने की वजह से यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुछ दिनों से बर्फ ही बर्फ है। इस इलाके के लोगों को सर्दी की बीमारी भी बहुत हो रही है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
रविवार का तापमान 1.9 डिग्री दर्ज किया गया। ये तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम है। इसके अलावा राजधानी में अधिकतम तापमान 11.8 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 9 डिग्री कम था। ठंड के न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान का अंतर बीते एक हफ़्ते से दिल्ली में बहुत कम है।
एक नज़र डालते हैं ठंड से ठिठुर रहे उत्तर भारत की अलग-अलग तस्वीरों पर -
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तापमान ज़ीरो से नीचे चल रहा है। इससे बचाव के लिए लोग बर्फ पर ही आग जलाते दिख रहे हैं। जम्मू के पुंछ इलाके में भी ठंड ने पिछले 35 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से पारा माइनस में पहुंच गया है। तापमान के माइनस में होने की वजह से यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुछ दिनों से बर्फ ही बर्फ है। इस इलाके के लोगों को सर्दी की बीमारी भी बहुत हो रही है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
एक नज़र डालते हैं ठंड से ठिठुर रहे उत्तर भारत की अलग-अलग तस्वीरों पर -
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तापमान ज़ीरो से नीचे चल रहा है। इससे बचाव के लिए लोग बर्फ पर ही आग जलाते दिख रहे हैं। जम्मू के पुंछ इलाके में भी ठंड ने पिछले 35 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से पारा माइनस में पहुंच गया है। तापमान के माइनस में होने की वजह से यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुछ दिनों से बर्फ ही बर्फ है। इस इलाके के लोगों को सर्दी की बीमारी भी बहुत हो रही है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
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महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तापमान ज़ीरो से नीचे चल रहा है। इससे बचाव के लिए लोग बर्फ पर ही आग जलाते दिख रहे हैं। जम्मू के पुंछ इलाके में भी ठंड ने पिछले 35 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से पारा माइनस में पहुंच गया है। तापमान के माइनस में होने की वजह से यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में कुछ दिनों से बर्फ ही बर्फ है। इस इलाके के लोगों को सर्दी की बीमारी भी बहुत हो रही है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
मौसम के जानकारों का मानना है कि ऐसा तापमान वक्त से पहले बर्फ गिरने की वजह से हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहेंगे।
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
हरियाणा के हिसार में रविवार को −1.1 तापमान दर्ज किया गया। खुले में रहने को मजबूर लोग आग के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते दिखा जा सकते हैं।
बाराबंकी उन ज़िलों में शामिल हैं जहां यूपी में ठंड के चलते सबसे ज़्यादा लोग मारे गए हैं। यूपी में बीते 24 घंटों में 15 से ज़्यादा लोग ठंड के कारण मारे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
उत्तर प्रदेश में कड़ाके ठंड पड़ रही है। ठंड की वजह से उत्तर प्रदेश में रविवार को 15 और लोगों की जान चली गई है। अब यहां सर्दी से मरने वालों की तादाद 155 तक जा पहुंची है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, मुज़्ज़फ़रनगर, बागपत, मुरादाबाद जैसे ज़िलों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत हुई है।
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
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लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
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नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
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महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
मुज़्ज़फ़रनगर राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां का तापमान रविवार को 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। इस कड़ाके की ठंड में भी लोग सड़क पर रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन यहां रात आग के साथ कटती है। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं है।
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14681 − नई दिल्ली से जालंधर सिटी
गड़वाल एक्सप्रेस 14044 − दिल्ली से कोटद्वार
इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212 − नई दिल्ली से आगरा कैंट
लाल किला 13111 − कोलकाता से दिल्ली
लाल किला 13112 − दिल्ली से कोलकाता
हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
कालका−हावड़ा मेल 12312 − दिल्ली से हावड़ा
रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया
जमा देने वाली ठंड से इंसान बेहाल है ही जानवरों का जीना भी मुश्किल हो रहा है।
ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13008 − श्रीगंगानगर से हावड़ा
लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
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हावड़ा जनता 13039 − हावड़ा से दिल्ली
हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
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ठंड की ठिठुरन पूरे उत्तर भारत में है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में भी ठंड ने पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन इतने कम तापमान के बावजूद भी यहां पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यहां तापमान के और गिरने की आशंका जताई है।टिप्पणियां
वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
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लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 − आनंद विहार से सीतामढ़ी
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वहीं, मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने जाने वाली 18 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
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महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
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कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनके नाम इस प्रकार हैं -
तूफ़ान आभा एक्सप्रेस 13007 − हावड़ा से श्रीगंगानगर
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हावड़ा जनता एक्सप्रेस 13040 − दिल्ली से हावड़ा
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रीवा एक्सप्रेस 12428− आनंद विहार से रीवा
कैफ़ियत एक्सप्रेस 12226− दिल्ली से आज़मगढ़
नौचंडी एक्सप्रेस 14511− सहारनपुर से इलाहाबाद
नौचंडी एक्सप्रेस 14512− इलाहाबाद से सहारनपुर
संपूर्ण एक्सप्रेस 12394− नई दिल्ली से राजेंद्र नगर
महाबोधि एक्सप्रेस 12397 − गया से नई दिल्ली
महाबोधि एक्सप्रेस 12398 − नई दिल्ली से गया | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में ठंड का कहर जारी है। इसके चलते पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत में रविवार को 23 लोग मारे गए। दिल्ली में कल न्यूनतम तापमान ने पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ा। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के मुख्यालयों और शाखाओं की व्यापक छानबीन शुरू की है। इन बैंकों पर मनी लांड्रिंग और फेमा व केवाईसी जैसे नियमनों का उल्लंघन करने का आरोप है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि यह छानबीन 31 मार्च तक पूरी हो जाएगी।टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी कर कहा, ‘आरबीआई ने निजी क्षेत्र की तीन बैंकों, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के मुख्यालय और शाखाओं की व्यापक छानबीन शुरू की है। इन सभी तीन बैंकों पर अंतिम रिपोर्ट 31 मार्च, 2013 तक पूरी हो जाएगी और इसके बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन में इन तीन बैंकों पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया था।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इन बैंकों की कुछ शाखाओं में एक ऑनलाइन मीडिया फर्म द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर यह छानबीन शुरू की गई है। स्टिंग ऑपरेशन में इन बैंकों की शाखाओं में आरबीआई नियमन के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया है।’
रिजर्व बैंक ने कहा कि यह छानबीन 31 मार्च तक पूरी हो जाएगी।टिप्पणियां
केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी कर कहा, ‘आरबीआई ने निजी क्षेत्र की तीन बैंकों, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के मुख्यालय और शाखाओं की व्यापक छानबीन शुरू की है। इन सभी तीन बैंकों पर अंतिम रिपोर्ट 31 मार्च, 2013 तक पूरी हो जाएगी और इसके बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन में इन तीन बैंकों पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया था।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इन बैंकों की कुछ शाखाओं में एक ऑनलाइन मीडिया फर्म द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर यह छानबीन शुरू की गई है। स्टिंग ऑपरेशन में इन बैंकों की शाखाओं में आरबीआई नियमन के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया है।’
केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी कर कहा, ‘आरबीआई ने निजी क्षेत्र की तीन बैंकों, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के मुख्यालय और शाखाओं की व्यापक छानबीन शुरू की है। इन सभी तीन बैंकों पर अंतिम रिपोर्ट 31 मार्च, 2013 तक पूरी हो जाएगी और इसके बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन में इन तीन बैंकों पर मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया था।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इन बैंकों की कुछ शाखाओं में एक ऑनलाइन मीडिया फर्म द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर यह छानबीन शुरू की गई है। स्टिंग ऑपरेशन में इन बैंकों की शाखाओं में आरबीआई नियमन के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया है।’
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इन बैंकों की कुछ शाखाओं में एक ऑनलाइन मीडिया फर्म द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर यह छानबीन शुरू की गई है। स्टिंग ऑपरेशन में इन बैंकों की शाखाओं में आरबीआई नियमन के कई प्रावधानों का उल्लंघन करने और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया है।’ | यह एक सारांश है: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के मुख्यालयों और शाखाओं की व्यापक छानबीन शुरू की है। इन बैंकों पर मनी लांड्रिंग और फेमा व केवाईसी जैसे नियमनों का उल्लंघन करने का आरोप है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के साथ विवाद को लेकर चर्चा में रही अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि इस पूरी घटना के दौरान उन पर ऐसी कहानी बयान करने का दबाव था, जिससे उन्हें हमदर्दी मिले, लेकिन उनके पास इस तरह की कोई दास्तान नहीं थी. कंगना ने कहा कि एक परिपक्व युवती के तौर पर वह अपनी राह में आने वाली मुश्किलों से निपटने में सक्षम हैं, लेकिन कहीं न कहीं उन पर लड़ने का काफी 'नारीवादी' दबाव था.
कंगना ने कहा, "मैंने हाल में जिस वाकये का सामना किया, वह मेरे अतीत के अनुभवों से काफी अलग था. इस बार मेरे खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. मीडिया का काफी ड्रामा था, धमकियां थीं, चरित्र पर लांछन लगाए गए लेकिन मेरे खिलाफ कोई केस नहीं किया गया. इसे कानूनी तौर पर लड़ने का सवाल ही नहीं था."
कंगना ने कहा, "अचानक लड़ने के लिए मुझ पर नारीवादी दबाव पड़ने लगे. मुझे ऐसी कहानी बयान करने को कहा गया जिससे मुझे हमदर्दी मिले. लेकिन मेरे पास ऐसी कोई कहानी थी ही नहीं." उन्होंने कहा कि वह "एक शख्स के साथ सहमति वाले समीकरण" से जुड़ी थी . टिप्पणियां
सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' में अपने दमदार अभिनय के लिए काफी सराही गई कंगना ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में उनके सफर में कई उभार आए, लेकिन उन्होंने खुद को हमेशा कमतर ही आंका. कंगना ने कहा, "हम पर हर जगह धौंस दिखाई जाती है. चाहे यह स्कूल हो, कॉलेज हो या आपके काम की जगह हो. आपको धौंस दिखाने वाले काफी लोग मिलते हैं और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. मेरा मानना है कि आपमें लड़ने की क्षमता विकसित हो जाती है." उन्होंने कहा, "लोग मेरी पीठ के पीछे क्या कहते हैं, मुझे इससे कोई मतलब नहीं. मेरी जिंदगी बस मेरे बारे में है. मेरी पीठ पीछे क्या हो रहा है, मुझे इससे कोई मतलब नहीं है. मैं आगे देखना पसंद करती हूं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंगना ने कहा, "मैंने हाल में जिस वाकये का सामना किया, वह मेरे अतीत के अनुभवों से काफी अलग था. इस बार मेरे खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. मीडिया का काफी ड्रामा था, धमकियां थीं, चरित्र पर लांछन लगाए गए लेकिन मेरे खिलाफ कोई केस नहीं किया गया. इसे कानूनी तौर पर लड़ने का सवाल ही नहीं था."
कंगना ने कहा, "अचानक लड़ने के लिए मुझ पर नारीवादी दबाव पड़ने लगे. मुझे ऐसी कहानी बयान करने को कहा गया जिससे मुझे हमदर्दी मिले. लेकिन मेरे पास ऐसी कोई कहानी थी ही नहीं." उन्होंने कहा कि वह "एक शख्स के साथ सहमति वाले समीकरण" से जुड़ी थी . टिप्पणियां
सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' में अपने दमदार अभिनय के लिए काफी सराही गई कंगना ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में उनके सफर में कई उभार आए, लेकिन उन्होंने खुद को हमेशा कमतर ही आंका. कंगना ने कहा, "हम पर हर जगह धौंस दिखाई जाती है. चाहे यह स्कूल हो, कॉलेज हो या आपके काम की जगह हो. आपको धौंस दिखाने वाले काफी लोग मिलते हैं और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. मेरा मानना है कि आपमें लड़ने की क्षमता विकसित हो जाती है." उन्होंने कहा, "लोग मेरी पीठ के पीछे क्या कहते हैं, मुझे इससे कोई मतलब नहीं. मेरी जिंदगी बस मेरे बारे में है. मेरी पीठ पीछे क्या हो रहा है, मुझे इससे कोई मतलब नहीं है. मैं आगे देखना पसंद करती हूं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंगना ने कहा, "अचानक लड़ने के लिए मुझ पर नारीवादी दबाव पड़ने लगे. मुझे ऐसी कहानी बयान करने को कहा गया जिससे मुझे हमदर्दी मिले. लेकिन मेरे पास ऐसी कोई कहानी थी ही नहीं." उन्होंने कहा कि वह "एक शख्स के साथ सहमति वाले समीकरण" से जुड़ी थी . टिप्पणियां
सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' में अपने दमदार अभिनय के लिए काफी सराही गई कंगना ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में उनके सफर में कई उभार आए, लेकिन उन्होंने खुद को हमेशा कमतर ही आंका. कंगना ने कहा, "हम पर हर जगह धौंस दिखाई जाती है. चाहे यह स्कूल हो, कॉलेज हो या आपके काम की जगह हो. आपको धौंस दिखाने वाले काफी लोग मिलते हैं और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. मेरा मानना है कि आपमें लड़ने की क्षमता विकसित हो जाती है." उन्होंने कहा, "लोग मेरी पीठ के पीछे क्या कहते हैं, मुझे इससे कोई मतलब नहीं. मेरी जिंदगी बस मेरे बारे में है. मेरी पीठ पीछे क्या हो रहा है, मुझे इससे कोई मतलब नहीं है. मैं आगे देखना पसंद करती हूं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' में अपने दमदार अभिनय के लिए काफी सराही गई कंगना ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में उनके सफर में कई उभार आए, लेकिन उन्होंने खुद को हमेशा कमतर ही आंका. कंगना ने कहा, "हम पर हर जगह धौंस दिखाई जाती है. चाहे यह स्कूल हो, कॉलेज हो या आपके काम की जगह हो. आपको धौंस दिखाने वाले काफी लोग मिलते हैं और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. मेरा मानना है कि आपमें लड़ने की क्षमता विकसित हो जाती है." उन्होंने कहा, "लोग मेरी पीठ के पीछे क्या कहते हैं, मुझे इससे कोई मतलब नहीं. मेरी जिंदगी बस मेरे बारे में है. मेरी पीठ पीछे क्या हो रहा है, मुझे इससे कोई मतलब नहीं है. मैं आगे देखना पसंद करती हूं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: पिछले दिनों ऋतिक रोशन से विवाद के कारण चर्चा में आई थीं कंगना रनौत.
उस समय मुझ पर लड़ने का नारीवादी दबाव था- कंगना.
फिल्म 'काइट' में साथ काम कर चुके हैं ऋतिक-कंगना. | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) नियमों के उल्लंघन और अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) नियमों के अनुपालन में ढिलाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 13 बैंकों पर 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
इनमें पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और एचडीएफसी बैंक भी शामिल हैं। इसके अलावा एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक सहित आठ अन्य को इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से मिली जानकारी के आधार पर रिजर्व बैंक ने अक्तूबर-नवंबर, 2015 में 21 बैंकों में अग्रिम आयात प्रेषण (धन बाहर भेजने) की जांच की थी। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने अपने ग्राहक को जानिये (केवाईसी) नियमों में नियामकीय निर्देशों-दिशानिर्देशों के उल्लंघन में 13 बैंकों पर जुर्माना लगाया है। बैंक ऑफ बड़ौदा पर 5 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक पर 3 करोड़, सिंडिकेट बैंक पर 3 करोड़, यूको बैंक पर 2 करोड़, एचडीएफसी बैंक पर 2 करोड़, इलाहाबाद बैंक पर 2 करोड़, केनरा बैंक पर 2 करोड़, इंडसइंड बैंक पर 2 करोड़, बैंक आफ इंडिया पर एक करोड़, कॉर्पोरेशन बैंक पर एक करोड़, आरबीएल बैंक पर एक करोड़ तथा एसबीएम पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि इनके अलावा आठ अन्य बैंकों- एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ओबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एसबीआई तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को सलाह दी गई है कि वे केवाईसी जरूरत और फेमा प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करें और उचित उपाय स्थापित करते हुए समय-समय पर इनकी समीक्षा करें।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए की गई है और इसकी मंशा बैंक और ग्राहक के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। इन 21 बैंकों में खातों को खोलने और उनकी निगरानी में कथित अनियमितताओं के अलावा फेमा प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की गई।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इनमें पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और एचडीएफसी बैंक भी शामिल हैं। इसके अलावा एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक सहित आठ अन्य को इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से मिली जानकारी के आधार पर रिजर्व बैंक ने अक्तूबर-नवंबर, 2015 में 21 बैंकों में अग्रिम आयात प्रेषण (धन बाहर भेजने) की जांच की थी। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने अपने ग्राहक को जानिये (केवाईसी) नियमों में नियामकीय निर्देशों-दिशानिर्देशों के उल्लंघन में 13 बैंकों पर जुर्माना लगाया है। बैंक ऑफ बड़ौदा पर 5 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक पर 3 करोड़, सिंडिकेट बैंक पर 3 करोड़, यूको बैंक पर 2 करोड़, एचडीएफसी बैंक पर 2 करोड़, इलाहाबाद बैंक पर 2 करोड़, केनरा बैंक पर 2 करोड़, इंडसइंड बैंक पर 2 करोड़, बैंक आफ इंडिया पर एक करोड़, कॉर्पोरेशन बैंक पर एक करोड़, आरबीएल बैंक पर एक करोड़ तथा एसबीएम पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि इनके अलावा आठ अन्य बैंकों- एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ओबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एसबीआई तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को सलाह दी गई है कि वे केवाईसी जरूरत और फेमा प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करें और उचित उपाय स्थापित करते हुए समय-समय पर इनकी समीक्षा करें।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए की गई है और इसकी मंशा बैंक और ग्राहक के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। इन 21 बैंकों में खातों को खोलने और उनकी निगरानी में कथित अनियमितताओं के अलावा फेमा प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की गई।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से मिली जानकारी के आधार पर रिजर्व बैंक ने अक्तूबर-नवंबर, 2015 में 21 बैंकों में अग्रिम आयात प्रेषण (धन बाहर भेजने) की जांच की थी। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने अपने ग्राहक को जानिये (केवाईसी) नियमों में नियामकीय निर्देशों-दिशानिर्देशों के उल्लंघन में 13 बैंकों पर जुर्माना लगाया है। बैंक ऑफ बड़ौदा पर 5 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक पर 3 करोड़, सिंडिकेट बैंक पर 3 करोड़, यूको बैंक पर 2 करोड़, एचडीएफसी बैंक पर 2 करोड़, इलाहाबाद बैंक पर 2 करोड़, केनरा बैंक पर 2 करोड़, इंडसइंड बैंक पर 2 करोड़, बैंक आफ इंडिया पर एक करोड़, कॉर्पोरेशन बैंक पर एक करोड़, आरबीएल बैंक पर एक करोड़ तथा एसबीएम पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि इनके अलावा आठ अन्य बैंकों- एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ओबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एसबीआई तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को सलाह दी गई है कि वे केवाईसी जरूरत और फेमा प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करें और उचित उपाय स्थापित करते हुए समय-समय पर इनकी समीक्षा करें।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए की गई है और इसकी मंशा बैंक और ग्राहक के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। इन 21 बैंकों में खातों को खोलने और उनकी निगरानी में कथित अनियमितताओं के अलावा फेमा प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की गई।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजर्व बैंक ने कहा कि इनके अलावा आठ अन्य बैंकों- एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ओबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एसबीआई तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को सलाह दी गई है कि वे केवाईसी जरूरत और फेमा प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करें और उचित उपाय स्थापित करते हुए समय-समय पर इनकी समीक्षा करें।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए की गई है और इसकी मंशा बैंक और ग्राहक के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। इन 21 बैंकों में खातों को खोलने और उनकी निगरानी में कथित अनियमितताओं के अलावा फेमा प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की गई।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए की गई है और इसकी मंशा बैंक और ग्राहक के बीच हुए किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। इन 21 बैंकों में खातों को खोलने और उनकी निगरानी में कथित अनियमितताओं के अलावा फेमा प्रावधानों के उल्लंघन की जांच की गई।टिप्पणियां
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमाों-एएमएल मानदंडों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और प्रणाली की भी जांच की। जांच के बाद केंद्रीय बैंक ने इन 21 बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: ग्राहक को जानिए (केवाईसी) नियमों के अनुपालन में ढिलाई पर बड़ी कार्रवाई
नियामकीय निर्देशों-दिशानिर्देशों के उल्लंघन में 13 बैंकों पर जुर्माना
यह कार्रवाई किसी लेनदेन की वैधता पर सवाल उठाने के लिए नहीं | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लेखक सलमान रुश्दी के कोलकाता बुक फेयर में नहीं आने को लेकर विवाद बरकरार है। सलमान रुश्दी का कहना है कि उन्हें आयोजकों ने कोलकाता आने का न्योता दिया था, लेकिन एक दिन पहले उन्हें बताया गया कि पुलिस ने उन्हें शहर में नहीं आने देने का फ़ैसला किया है। इधर आयोजकों का कहना है कि सलमान रुश्दी को न्योता भेजा ही नहीं गया।
दरअसल सलमान रुश्दी ने अपने कोलकाता दौरे को लेकर आज बयान दिया है। रुश्दी ने कहा है कि कोलकाता जाने के ठीक एक दिन पहले मुझे बताया गया कि पुलिस ने मुझे शहर में नहीं आने देने का फैसला किया है। अगर मैं जाता, तो मुझे अगले ही प्लेन से वापस भेज दिया जाता। मुझे बताया गया कि ऐसा मुख्यमंत्री के कहने पर किया गया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इसके बाद मुझे याद आया कि पिछले साल जयपुर महोत्सव के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वह मुझे कोलकाता नहीं आने देंगी। मैं बता दूं कि आयोजकों को वहां मेरे आने की पूरी जानकारी थी, वे मुझे बतौर सरप्राइज गेस्ट पेश करना चाहते थे और उन्होंने मेरे टिकट के पैसे भी दिए। मैं एक अप्रवासी भारतीय नागरिक हूं, इसके बावजूद मुझ पर इस तरह की पाबंदी शर्मनाक है, जबकि नागरिक होने के नाते मुझे हक है कि मैं पूरे देश में कहीं भी आ जा सकूं।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुल्तान अहमद ने एक विवादास्पद बयान देते हुए रुश्दी को 'शैतान' कह डाला।
दरअसल सलमान रुश्दी ने अपने कोलकाता दौरे को लेकर आज बयान दिया है। रुश्दी ने कहा है कि कोलकाता जाने के ठीक एक दिन पहले मुझे बताया गया कि पुलिस ने मुझे शहर में नहीं आने देने का फैसला किया है। अगर मैं जाता, तो मुझे अगले ही प्लेन से वापस भेज दिया जाता। मुझे बताया गया कि ऐसा मुख्यमंत्री के कहने पर किया गया है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, इसके बाद मुझे याद आया कि पिछले साल जयपुर महोत्सव के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वह मुझे कोलकाता नहीं आने देंगी। मैं बता दूं कि आयोजकों को वहां मेरे आने की पूरी जानकारी थी, वे मुझे बतौर सरप्राइज गेस्ट पेश करना चाहते थे और उन्होंने मेरे टिकट के पैसे भी दिए। मैं एक अप्रवासी भारतीय नागरिक हूं, इसके बावजूद मुझ पर इस तरह की पाबंदी शर्मनाक है, जबकि नागरिक होने के नाते मुझे हक है कि मैं पूरे देश में कहीं भी आ जा सकूं।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुल्तान अहमद ने एक विवादास्पद बयान देते हुए रुश्दी को 'शैतान' कह डाला।
उन्होंने कहा, इसके बाद मुझे याद आया कि पिछले साल जयपुर महोत्सव के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वह मुझे कोलकाता नहीं आने देंगी। मैं बता दूं कि आयोजकों को वहां मेरे आने की पूरी जानकारी थी, वे मुझे बतौर सरप्राइज गेस्ट पेश करना चाहते थे और उन्होंने मेरे टिकट के पैसे भी दिए। मैं एक अप्रवासी भारतीय नागरिक हूं, इसके बावजूद मुझ पर इस तरह की पाबंदी शर्मनाक है, जबकि नागरिक होने के नाते मुझे हक है कि मैं पूरे देश में कहीं भी आ जा सकूं।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुल्तान अहमद ने एक विवादास्पद बयान देते हुए रुश्दी को 'शैतान' कह डाला।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुल्तान अहमद ने एक विवादास्पद बयान देते हुए रुश्दी को 'शैतान' कह डाला। | लेखक सलमान रुश्दी के कोलकाता बुक फेयर में नहीं आने को लेकर विवाद बरकरार है। जहां रुश्दी ने दावा किया कि ममता बनर्जी के आदेश पर उन्हें रोका गया, वहीं ममता की पार्टी के एक नेता ने रुश्दी को 'शैतान' करार दिया। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के सामूहिक बलात्कार मामले के खिलाफ गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। इसे देखते हुए राजनीतिक गलियारे मे इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि बलात्कार समेत महिलाओं के खिलाफ दूसरे अपराधों से निबटने के लिए कैसे कानून लाए जाएं।
अगर 4 दिसंबर को लोकसभा में पेश हुआ फौजदारी कानून संशोधन बिल 2012 पास होता है तो बलात्कार की परिभाषा और दायरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा, किसी वस्तु से प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान पहुंचाना भी रेप माना जाएगा।
इतना ही नहीं, ओरल सेक्स को भी रेप में शामिल करने का प्रस्ताव है। अगर रेप की कोशिश कोई पुलिस सरकारी अफसर या ऐसा अधिकारी करे जो अपनी हैसियत का इस्तेमाल कर रहा हो तो कम से कम दस साल बामशक्कत की सजा हो सकती है।
एनडीटीवी से बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केटीएस तुलसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि संसद को इस बात का आभास था कि इस तरह का हादसा दिल्ली में हो सकता है।
उधर, गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह बिल में रेप के आरोपियों के खिलाफ फांसी की सज़ा के प्रावधान को शामिल करने के लिए संशोधन रखेंगे।टिप्पणियां
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
अगर 4 दिसंबर को लोकसभा में पेश हुआ फौजदारी कानून संशोधन बिल 2012 पास होता है तो बलात्कार की परिभाषा और दायरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा, किसी वस्तु से प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान पहुंचाना भी रेप माना जाएगा।
इतना ही नहीं, ओरल सेक्स को भी रेप में शामिल करने का प्रस्ताव है। अगर रेप की कोशिश कोई पुलिस सरकारी अफसर या ऐसा अधिकारी करे जो अपनी हैसियत का इस्तेमाल कर रहा हो तो कम से कम दस साल बामशक्कत की सजा हो सकती है।
एनडीटीवी से बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केटीएस तुलसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि संसद को इस बात का आभास था कि इस तरह का हादसा दिल्ली में हो सकता है।
उधर, गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह बिल में रेप के आरोपियों के खिलाफ फांसी की सज़ा के प्रावधान को शामिल करने के लिए संशोधन रखेंगे।टिप्पणियां
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
इतना ही नहीं, ओरल सेक्स को भी रेप में शामिल करने का प्रस्ताव है। अगर रेप की कोशिश कोई पुलिस सरकारी अफसर या ऐसा अधिकारी करे जो अपनी हैसियत का इस्तेमाल कर रहा हो तो कम से कम दस साल बामशक्कत की सजा हो सकती है।
एनडीटीवी से बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केटीएस तुलसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि संसद को इस बात का आभास था कि इस तरह का हादसा दिल्ली में हो सकता है।
उधर, गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह बिल में रेप के आरोपियों के खिलाफ फांसी की सज़ा के प्रावधान को शामिल करने के लिए संशोधन रखेंगे।टिप्पणियां
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
एनडीटीवी से बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केटीएस तुलसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि संसद को इस बात का आभास था कि इस तरह का हादसा दिल्ली में हो सकता है।
उधर, गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह बिल में रेप के आरोपियों के खिलाफ फांसी की सज़ा के प्रावधान को शामिल करने के लिए संशोधन रखेंगे।टिप्पणियां
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
उधर, गृह मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता वैंकया नायडू ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि वह बिल में रेप के आरोपियों के खिलाफ फांसी की सज़ा के प्रावधान को शामिल करने के लिए संशोधन रखेंगे।टिप्पणियां
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
हालांकि तुलसी की दलील है कि मौत की सज़ा देने से रेप मामलों में कनविक्शन रेट और घट जाएगा। उनकी नजर में इस तरह के अपराध के लिए उम्र कैद की सज़ा काफी है। हालांकि वह मानते हैं कि रेप मामलों में जल्दी सुनवाई और दोषियों के सज़ा सही तरीके से मिले। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी।
भारत सरकार इस बिल के ज़रिए रेप और दूसरे यौन अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना चाहती है लेकिन इस पहल को कारगर बनाने के लिए नया कानून बनाने के साथ−साथ भारत सरकार को मौजूदा पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की खामियों को जल्दी दुरुस्त करने के विशेष पहल करनी होगी। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली के सामूहिक बलात्कार मामले के खिलाफ गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। इसे देखते हुए राजनीतिक गलियारे मे इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि बलात्कार समेत महिलाओं के खिलाफ दूसरे अपराधों से निबटने के लिए कैसे कानून लाए जाएं। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पड़ोसियों के घरों में तांका-झांकी सदियों से चली आ रही है. वजह साफ है कि सभी को दूसरों के घरों में क्या चल रहा है ये जानने में मज़ा आता है. क्योंकि गॉसिप सबको चाहिए! एक इसी मिजाज़ की महिला अपने पड़ोसी के घर में तांका-झांकी कर रही थी. पड़ोसी के घर के अंदर क्या चल रहा है ये जानने के लिए वो इतनी बेकरार थी, कि उसने पड़ोसी के दरवाजे में अपना सिर डाल दिया ताकि उसे सबकुछ और साफ सुनाई दे.
फिर क्या था, मेटल के दरवाजे में अपनी सिर डालते ही महिला वहां फंस गई. उस महिला का सिर मेटल के दरवाजे में करीब 5 घंटे तक फंसा रहा. पुलिस की कड़ी कोशिशों के बाद उस महिला का सिर दरवाजे से बाहर निकाला गया.
प्रिंस और प्रिंसेस बनने की निकली नौकरी, मिलेगी 18 लाख सैलरी, बस चाहिए ये योग्यता...
ये मामला कोलम्बिया शहर के ला वर्जिनिया का है. यहां ये महिला अपने पड़ोंसियों पर नज़र रख रही थी, ताकि उसे कुछ गॉसिप मिल सके.
पहले इस महिला घर की दीवारों और दरवाज़े के बाहर से पड़ोसियों की बातें सुनने की कोशिश की. जब काफी देर तक उसे कुछ सुनाई नहीं दिया तो उसने मेटल के बने घर के दरवाजे के फ्रेम में अपना सिर अंदर डाल दिया, जिससे उसे अंदर की बातें साफ सुनाई दें.
मंच पर पांच महिलाओं को चूमने के बाद फिलीपींस के राष्ट्रपति बोले - मैं पहले 'Gay' था, लेकिन...
लेकिन दुर्भाग्यवश, उसका सिर दरवाज़े में फंस गया, तमाम कोशिशों के बाद जब वो सिर नहीं निकाल पाई तो फायर ब्रिगेड को बुलाया गया.
महिला की इस हरकत को देख जिसने भी ये वाकया देखा अपनी हंसी रोक नहीं पाया. यहां तक कि इसे बचाने आए फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए.
सोशल मीडिया पर इस महिला की ये तस्वीर बहुत वायरल हो रही है.
ईद के दिन ट्रंप प्रशासन ने सुनाया फरमान, नागरिकों पर क्यूबा जाने की लगाई रोक, बताई ये वजह | संक्षिप्त पाठ: पड़ोसी के घर में तांक-झांक कर रही थी महिला
दरवाजे में फंसाया अपना सिर
5 घंटे निकाला गया सिर | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केरल के वन मंत्री केबी गणेश कुमार के लिए दिक्कतें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं क्योंकि उनकी पत्नी यामिनी ने आरोप लगाया कि वह ‘घरेलू हिंसा’ की पीड़ित रही हैं।
पत्नी द्वारा आरोप लगाने से कुछ घंटे पहले मंत्री ने एक परिवार अदालत में तलाक की याचिका दायर करके पत्नी पर ब्लैकमेल करने और उनसे दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
मंत्री का पारिवारिक विवाद एक बार फिर सार्वजनिक हुआ है। फिल्म अभिनेता से नेता बने कुमार ने तलाक की अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनके निजी सहयोगी के सामने पिटाई की।
याचिका दायर होने के कुछ घंटों के भीतर यामिनी ने पलटवार करते हुए कहा कि पति के ‘अवैध संबंधों’ पर सवाल करने पर वह पिछले 16 वर्ष से घरेलू हिंसा की शिकार रही है।
यामिनी अपनी बातें बताते हुए रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ओमान चांडी से भी न्याय नहीं मिला जबकि चांडी ने इस विवाद को सुलझाने का वादा किया था। टिप्पणियां
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
पत्नी द्वारा आरोप लगाने से कुछ घंटे पहले मंत्री ने एक परिवार अदालत में तलाक की याचिका दायर करके पत्नी पर ब्लैकमेल करने और उनसे दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
मंत्री का पारिवारिक विवाद एक बार फिर सार्वजनिक हुआ है। फिल्म अभिनेता से नेता बने कुमार ने तलाक की अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनके निजी सहयोगी के सामने पिटाई की।
याचिका दायर होने के कुछ घंटों के भीतर यामिनी ने पलटवार करते हुए कहा कि पति के ‘अवैध संबंधों’ पर सवाल करने पर वह पिछले 16 वर्ष से घरेलू हिंसा की शिकार रही है।
यामिनी अपनी बातें बताते हुए रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ओमान चांडी से भी न्याय नहीं मिला जबकि चांडी ने इस विवाद को सुलझाने का वादा किया था। टिप्पणियां
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
मंत्री का पारिवारिक विवाद एक बार फिर सार्वजनिक हुआ है। फिल्म अभिनेता से नेता बने कुमार ने तलाक की अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनके निजी सहयोगी के सामने पिटाई की।
याचिका दायर होने के कुछ घंटों के भीतर यामिनी ने पलटवार करते हुए कहा कि पति के ‘अवैध संबंधों’ पर सवाल करने पर वह पिछले 16 वर्ष से घरेलू हिंसा की शिकार रही है।
यामिनी अपनी बातें बताते हुए रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ओमान चांडी से भी न्याय नहीं मिला जबकि चांडी ने इस विवाद को सुलझाने का वादा किया था। टिप्पणियां
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
याचिका दायर होने के कुछ घंटों के भीतर यामिनी ने पलटवार करते हुए कहा कि पति के ‘अवैध संबंधों’ पर सवाल करने पर वह पिछले 16 वर्ष से घरेलू हिंसा की शिकार रही है।
यामिनी अपनी बातें बताते हुए रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ओमान चांडी से भी न्याय नहीं मिला जबकि चांडी ने इस विवाद को सुलझाने का वादा किया था। टिप्पणियां
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
यामिनी अपनी बातें बताते हुए रो पड़ीं और उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री ओमान चांडी से भी न्याय नहीं मिला जबकि चांडी ने इस विवाद को सुलझाने का वादा किया था। टिप्पणियां
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
दो बच्चों की मां यामिनी ने कहा, ‘मैंने क्या गलत किया है? वह मुझे बदनाम क्यों कर रहे हैं? अब चीजें इस स्तर पर पहुंच गई हैं कि पीड़ित आरोपित बन गई है।’
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए।
इस बीच, कुमार के पिता और केरल कांग्रेस बीके अध्यक्ष आर बालकृष्णन पिल्लई ने मुख्यमंत्री से पार्टी की इस मांग को दोहराया कि पार्टी के आदेशों का पालन नहीं करने पर गणेश कुमार को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केरल के वन मंत्री केबी गणेश कुमार के लिए दिक्कतें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं क्योंकि उनकी पत्नी यामिनी ने आरोप लगाया कि वह ‘घरेलू हिंसा’ की पीड़ित रही हैं। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल सरकार के पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को शहीद का दर्जा दिए जाने का मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया है. इस मामले पर हाईकोर्ट अगले हफ्ते आदेश सुना सकता है.
सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि इन याचिकाओं पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये प्रीमेच्योर हैं. इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है. वहीं याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह कदम खुदकुशी को महिमामंडित कर रही है.
दरअसल CRPF के पूर्व कर्मी समेत दो अलग-अलग लोगों ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं ने साउथ एवेन्यू इलाके में खुदकशी करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को दिल्ली सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा को चुनौती दी है और दिल्ली सरकार की इस घोषणा को रद्द करने की मांग की है.
याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार बिना मंत्रिमंडल में आदेश पारित कर ऐसी घोषणा कैसे कर सकती है? यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के तहत गैर-कानूनी है. ग्रेवाल दिल्ली के निवासी नहीं थे. उन्हें दिल्ली सरकार अनुकंपा राशि कैसे दे सकती है. वहीं, यह 1 करोड़ की रकम दिल्ली के जनता द्वारा टैक्स में दिए पैसे हैं.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा और यह निर्णय आत्महत्या जैसे अपराध को महिमामंडित कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा देकर आत्महत्या के फैसले को समर्थन दे रही है, जबकि आत्महत्या करना या करने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध है. ऐसे मामलों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि इन याचिकाओं पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये प्रीमेच्योर हैं. इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है. वहीं याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह कदम खुदकुशी को महिमामंडित कर रही है.
दरअसल CRPF के पूर्व कर्मी समेत दो अलग-अलग लोगों ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं ने साउथ एवेन्यू इलाके में खुदकशी करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को दिल्ली सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा को चुनौती दी है और दिल्ली सरकार की इस घोषणा को रद्द करने की मांग की है.
याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार बिना मंत्रिमंडल में आदेश पारित कर ऐसी घोषणा कैसे कर सकती है? यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के तहत गैर-कानूनी है. ग्रेवाल दिल्ली के निवासी नहीं थे. उन्हें दिल्ली सरकार अनुकंपा राशि कैसे दे सकती है. वहीं, यह 1 करोड़ की रकम दिल्ली के जनता द्वारा टैक्स में दिए पैसे हैं.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा और यह निर्णय आत्महत्या जैसे अपराध को महिमामंडित कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा देकर आत्महत्या के फैसले को समर्थन दे रही है, जबकि आत्महत्या करना या करने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध है. ऐसे मामलों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
दरअसल CRPF के पूर्व कर्मी समेत दो अलग-अलग लोगों ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं ने साउथ एवेन्यू इलाके में खुदकशी करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को दिल्ली सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा को चुनौती दी है और दिल्ली सरकार की इस घोषणा को रद्द करने की मांग की है.
याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार बिना मंत्रिमंडल में आदेश पारित कर ऐसी घोषणा कैसे कर सकती है? यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के तहत गैर-कानूनी है. ग्रेवाल दिल्ली के निवासी नहीं थे. उन्हें दिल्ली सरकार अनुकंपा राशि कैसे दे सकती है. वहीं, यह 1 करोड़ की रकम दिल्ली के जनता द्वारा टैक्स में दिए पैसे हैं.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा और यह निर्णय आत्महत्या जैसे अपराध को महिमामंडित कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा देकर आत्महत्या के फैसले को समर्थन दे रही है, जबकि आत्महत्या करना या करने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध है. ऐसे मामलों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार बिना मंत्रिमंडल में आदेश पारित कर ऐसी घोषणा कैसे कर सकती है? यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के तहत गैर-कानूनी है. ग्रेवाल दिल्ली के निवासी नहीं थे. उन्हें दिल्ली सरकार अनुकंपा राशि कैसे दे सकती है. वहीं, यह 1 करोड़ की रकम दिल्ली के जनता द्वारा टैक्स में दिए पैसे हैं.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा और यह निर्णय आत्महत्या जैसे अपराध को महिमामंडित कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा देकर आत्महत्या के फैसले को समर्थन दे रही है, जबकि आत्महत्या करना या करने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध है. ऐसे मामलों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा और यह निर्णय आत्महत्या जैसे अपराध को महिमामंडित कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा देकर आत्महत्या के फैसले को समर्थन दे रही है, जबकि आत्महत्या करना या करने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध है. ऐसे मामलों को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
याचिकाकर्ता का आरोप है कि दिल्ली सरकार राजनीति कर रही है. यह दूसरों को प्रलोभन देना है. सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में नहीं है. इतना ही नहीं यह बॉर्डर पर तैनात अपने सैनिकों का भी अपमान है. हाईकोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार, उपराज्यपाल शहीद का दर्जा दिए जाने के लिए गाइडलाइन बनाएं.टिप्पणियां
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
CRPF के पूर्वकर्मी पूरण चंद आर्य व वकील अवध कौशिक ने ये याचिकाएं दायर की हैं. याचिकाओं में कहा गया है कि हाल ही में हाईकोर्ट ने अपने एक ऑर्डर में स्पष्ट किया था कि केवल देश के लिए जान गंवाने वाले व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की.
चाहे वह सशस्त्र बल के सैनिक हों या फिर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल का हिस्सा रहे हैं. याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई खबरों को आधार बनाते हुए कहा है कि 1 नवंबर को ग्रेवाल ने साउथ एवेन्यू इलाके में स्थित जवाहर भवन के सामने स्थित पार्क में सल्फास खाकर खुदकशी कर ली. इसके बाद 3 नवंबर को दिल्ली सरकार ने ग्रेवाल के परिजनों को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व उसे शहीद का दर्जा देने की घोषणा की. | यह एक सारांश है: यह कदम खुदकुशी को महिमामंडित कर रहा है. याचिकाकर्ता
इस प्रकार के फैसले से आम लोगों में गलत संदेश जाएगा
आत्महत्या भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के चुनाव से जुड़ी गहमागहमी के बीच एनसीपी की तरफ़ से बड़ा खुलासा आया है. एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनने के कांग्रेस अध्यक्षा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. मुम्बई में पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए मलिक ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने खुद एनसीपी मुखिया शरद पवार को राष्ट्रपति चुनाव बनने का ऑफर दिया था. लेकिन पवार ने इस ऑफर को अस्वीकार किया. लेकिन, दलगत चर्चाओं में शरद पवार हमेशा कहते आए हैं कि वे राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ना नहीं चाहते.टिप्पणियां
मलिक ने यह भी बताया कि, गैर NDA दलों का गठबंधन हो और राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त उम्मीदवार उतारा जाए इसलिए एनसीपी कोशिश कर रही है. वैसे कई अन्य दल भी चाहते थे कि शरद पवार उम्मीदवार बने. करीब दो हफ्ते पहले नई दिल्ली में शरद पवार ने सोनिया गांधी के घर जाकर मुलाक़ात की थी. बैठक के बाद से यह सुगबुगाहट तेज़ थी कि पवार क्या UPA के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन सकते हैं? जिस पर खुलासा अब आया है.
वैसे NDA के पक्ष में समर्थन जुटता देख शरद पवार ने 11 मई को मुम्बई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कह दिया था कि, राष्ट्रपति चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को जितवाने के लिए जरूरी समर्थन सत्तारूढ़ NDA के पास है. ऐसे में इस चुनाव में किसी बड़े उलटफेर की उम्मीद नहीं है.
मलिक ने यह भी बताया कि, गैर NDA दलों का गठबंधन हो और राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त उम्मीदवार उतारा जाए इसलिए एनसीपी कोशिश कर रही है. वैसे कई अन्य दल भी चाहते थे कि शरद पवार उम्मीदवार बने. करीब दो हफ्ते पहले नई दिल्ली में शरद पवार ने सोनिया गांधी के घर जाकर मुलाक़ात की थी. बैठक के बाद से यह सुगबुगाहट तेज़ थी कि पवार क्या UPA के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन सकते हैं? जिस पर खुलासा अब आया है.
वैसे NDA के पक्ष में समर्थन जुटता देख शरद पवार ने 11 मई को मुम्बई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कह दिया था कि, राष्ट्रपति चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को जितवाने के लिए जरूरी समर्थन सत्तारूढ़ NDA के पास है. ऐसे में इस चुनाव में किसी बड़े उलटफेर की उम्मीद नहीं है.
वैसे NDA के पक्ष में समर्थन जुटता देख शरद पवार ने 11 मई को मुम्बई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कह दिया था कि, राष्ट्रपति चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को जितवाने के लिए जरूरी समर्थन सत्तारूढ़ NDA के पास है. ऐसे में इस चुनाव में किसी बड़े उलटफेर की उम्मीद नहीं है. | यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति पद के चुनाव से जुड़ी गहमागहमी के बीच एनसीपी का बड़ा खुलासा
शरद पवार हमेशा कहते आए हैं कि राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ना नहीं चाहते
एनसीपी कोशिश कर रही है कि संयुक्त उम्मीदवार उतारा जाए | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शिवसेना ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को यह टिप्पणी करने पर आड़े हाथ लिया कि कांग्रेस ने करगिल युद्ध के समय भाजपा नीत राजग सरकार को समर्थन दिया था, जबकि विपक्ष खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश पर सहयोग नहीं दे रहा है।टिप्पणियां
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बताया, यदि राहुल को करगिल और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के बीच अंतर नहीं समझ में आता तो उन्हें राजनीति में होने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आज दिल्ली में कांग्रेस रैली में राहुल द्वारा की गई टिप्पणी के संदर्भ में यह बात कही।
उन्होंने कहा, राहुल राजनीति में न केवल बच्चा बल्कि कच्चा भी है। राउत ने कहा, कारगिल एक युद्ध था, जो पाकिस्तान ने इस देश पर थोंपा था। यह सभी का दायित्व था कि राजनीतिक मतभेद भुला दें और शत्रु के आक्रमण के खिलाफ एकजुट हो जाएं। कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार का समर्थन करके कोई एहसान नहीं किया था। यदि उस समय कांग्रेस सत्ता में होती तो राजग को भी सरकार का समर्थन करना पड़ता। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा राहुल के ‘वालमार्ट’ जैसे मित्र अपने फायदे के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश के उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, राजग यह नहीं होने देगा और खुदरा में एफडीआई का विरोध जारी रहेगा।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बताया, यदि राहुल को करगिल और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के बीच अंतर नहीं समझ में आता तो उन्हें राजनीति में होने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आज दिल्ली में कांग्रेस रैली में राहुल द्वारा की गई टिप्पणी के संदर्भ में यह बात कही।
उन्होंने कहा, राहुल राजनीति में न केवल बच्चा बल्कि कच्चा भी है। राउत ने कहा, कारगिल एक युद्ध था, जो पाकिस्तान ने इस देश पर थोंपा था। यह सभी का दायित्व था कि राजनीतिक मतभेद भुला दें और शत्रु के आक्रमण के खिलाफ एकजुट हो जाएं। कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार का समर्थन करके कोई एहसान नहीं किया था। यदि उस समय कांग्रेस सत्ता में होती तो राजग को भी सरकार का समर्थन करना पड़ता। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा राहुल के ‘वालमार्ट’ जैसे मित्र अपने फायदे के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश के उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, राजग यह नहीं होने देगा और खुदरा में एफडीआई का विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, राहुल राजनीति में न केवल बच्चा बल्कि कच्चा भी है। राउत ने कहा, कारगिल एक युद्ध था, जो पाकिस्तान ने इस देश पर थोंपा था। यह सभी का दायित्व था कि राजनीतिक मतभेद भुला दें और शत्रु के आक्रमण के खिलाफ एकजुट हो जाएं। कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार का समर्थन करके कोई एहसान नहीं किया था। यदि उस समय कांग्रेस सत्ता में होती तो राजग को भी सरकार का समर्थन करना पड़ता। शिवसेना प्रवक्ता ने कहा राहुल के ‘वालमार्ट’ जैसे मित्र अपने फायदे के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश के उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, राजग यह नहीं होने देगा और खुदरा में एफडीआई का विरोध जारी रहेगा। | सारांश: शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बताया, यदि राहुल को करगिल और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के बीच अंतर नहीं समझ में आता तो उन्हें राजनीति में होने का कोई अधिकार नहीं है। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में नालंदा जिले के नूरसराय थाने के आसपास बुधवार शाम पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) को मामले की जांच करने का आदेश दिया है। नालंदा के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र राणा ने गुरुवार को बताया कि प्रथम दृष्टया मामले में दोषी पाए गए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जिसमें सिपाही विभूति झा और होमगार्ड का जवान नागेश्वर शामिल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार नूरसराय थाना के चंडासी गांव निवासी रामबालक कुमार की पत्नी सुषमा उर्फ रीना पिछले 25 अगस्त से लापता है। ग्रामीणों का कहना है कि रीना की हत्या कर शव को गायब कर दिया गया है। पीड़ित परिवार पुलिस के असहयोगात्मक रवैये के बाद पिछले दिनों मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच पटना के क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) विनीत विनायक को करने का निर्देश दिया था। बुधवार शाम को विनायक नूरसराय थाने पहुंचकर लोगों से बात ही कर रहे थे कि कुछ लोगों ने थाने में पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार इस पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस को पथराव कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठीचार्ज में एक दर्जन लोग बुरी तरह घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) राज्यवद्र्घन शर्मा को सौंप दिया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बिहार में नालंदा जिले के नूरसराय थाने के आसपास पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि महंगाई दर इस साल 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग पर आयोजित सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष कई समस्याएं हैं और सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्फीति है। सम्मेलन का आयोजन उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) तथा वाशिंगटन स्थित शोध संस्थान ब्रुकिंग इंस्टीट्यूट ने संयुक्त रूप से किया है।भारत-अमेरिका आर्थिक तथा वित्तीय सहयोग पर विचार-विमर्श के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को यहां पहुंचे मुखर्जी ने कहा, मुद्रास्फीति का दबाव बड़ी बाधा पैदा कर रह है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति के साथ बेहतर आर्थिक वृद्धि भी हो रही है। मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति का उपयोग साथ-साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा, अल्पकाल में मैं यह कहना चाहूंगा कि भारत में वृद्धि की संभावना मौजूद है। बचत एवं निवेश दर ऊंची है। कई ढांचागत सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके पूरा होने के बाद निवेश अनुकूल माहौल बनेगा जिससे दुनिया के विभिन्न भागों से निवेश आ सकेंगे। मुखर्जी ने कहा कि वैसे तो मुद्रास्फीति 5 से 6 प्रतिशत आदर्श स्थिति है लेकिन इस साल इसके 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसका कारण कृषि वस्तुओं के मामले में आपूर्ति बाधा है जिसे हम दूर के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य पदार्थ एवं ईंधन समेत जिंसों की उंची कीमत से समस्या उत्पन्न हो रही है। | सारांश: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति सबसे बड़ी चुनौती है। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रारंभ में इनकार किए जाने के बावजूद सरकार ने अंततोगत्वा कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के सिलसिले में सीबीआई को पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता से पूछताछ की अनुमति दे दी है। फिलहाल वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में सदस्य हैं।
गुप्ता की भूमिका की जांच के लिए जांच एजेंसी के आग्रह को पहले सरकार ने इनकार कर दिया था लेकिन सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पूछताछ के लिए एजेंसी को अब मंजूरी दे दी है।
सीबीआई ने बताया था कि पूछताछ जरूरी है क्योंकि वह 2006 से 2009 के बीच सचिव थे लेकिन मंत्रालय ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस समय के दौरान घोटाले को लेकर एजेंसी जांच कर रही है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से अनुमति देने से इनकार करने पर इसको लेकर राजनीति तेज हो गई और भाजपा ने इसे कोयला घोटाले की जांच मामले में अतिक्रमण माना।
भाजपा प्रवक्ता अभिमन्यु ने कहा था, ‘‘जहां तक सीबीआई के काम करने की बात है तो विश्वास का संकट रहा है। इससे पहले सरकार ने इसके काम में हस्तक्षेप का प्रयास किया था जब कानून मंत्री को कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट से छेड़छाड़ में लिप्त पाया गया, अब इसने गुप्ता से पूछताछ के लिए सीबीआई को अनुमति देने से इनकार कर दिया।’’टिप्पणियां
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
गुप्ता की भूमिका की जांच के लिए जांच एजेंसी के आग्रह को पहले सरकार ने इनकार कर दिया था लेकिन सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पूछताछ के लिए एजेंसी को अब मंजूरी दे दी है।
सीबीआई ने बताया था कि पूछताछ जरूरी है क्योंकि वह 2006 से 2009 के बीच सचिव थे लेकिन मंत्रालय ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस समय के दौरान घोटाले को लेकर एजेंसी जांच कर रही है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से अनुमति देने से इनकार करने पर इसको लेकर राजनीति तेज हो गई और भाजपा ने इसे कोयला घोटाले की जांच मामले में अतिक्रमण माना।
भाजपा प्रवक्ता अभिमन्यु ने कहा था, ‘‘जहां तक सीबीआई के काम करने की बात है तो विश्वास का संकट रहा है। इससे पहले सरकार ने इसके काम में हस्तक्षेप का प्रयास किया था जब कानून मंत्री को कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट से छेड़छाड़ में लिप्त पाया गया, अब इसने गुप्ता से पूछताछ के लिए सीबीआई को अनुमति देने से इनकार कर दिया।’’टिप्पणियां
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
सीबीआई ने बताया था कि पूछताछ जरूरी है क्योंकि वह 2006 से 2009 के बीच सचिव थे लेकिन मंत्रालय ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस समय के दौरान घोटाले को लेकर एजेंसी जांच कर रही है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से अनुमति देने से इनकार करने पर इसको लेकर राजनीति तेज हो गई और भाजपा ने इसे कोयला घोटाले की जांच मामले में अतिक्रमण माना।
भाजपा प्रवक्ता अभिमन्यु ने कहा था, ‘‘जहां तक सीबीआई के काम करने की बात है तो विश्वास का संकट रहा है। इससे पहले सरकार ने इसके काम में हस्तक्षेप का प्रयास किया था जब कानून मंत्री को कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट से छेड़छाड़ में लिप्त पाया गया, अब इसने गुप्ता से पूछताछ के लिए सीबीआई को अनुमति देने से इनकार कर दिया।’’टिप्पणियां
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की ओर से अनुमति देने से इनकार करने पर इसको लेकर राजनीति तेज हो गई और भाजपा ने इसे कोयला घोटाले की जांच मामले में अतिक्रमण माना।
भाजपा प्रवक्ता अभिमन्यु ने कहा था, ‘‘जहां तक सीबीआई के काम करने की बात है तो विश्वास का संकट रहा है। इससे पहले सरकार ने इसके काम में हस्तक्षेप का प्रयास किया था जब कानून मंत्री को कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट से छेड़छाड़ में लिप्त पाया गया, अब इसने गुप्ता से पूछताछ के लिए सीबीआई को अनुमति देने से इनकार कर दिया।’’टिप्पणियां
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
भाजपा प्रवक्ता अभिमन्यु ने कहा था, ‘‘जहां तक सीबीआई के काम करने की बात है तो विश्वास का संकट रहा है। इससे पहले सरकार ने इसके काम में हस्तक्षेप का प्रयास किया था जब कानून मंत्री को कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट से छेड़छाड़ में लिप्त पाया गया, अब इसने गुप्ता से पूछताछ के लिए सीबीआई को अनुमति देने से इनकार कर दिया।’’टिप्पणियां
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
संपर्क करने पर गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले में बात नहीं करेंगे। वर्ष 2006 से 2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने 12 प्राथमिकियां दर्ज की है । इस दौरान 151 कंपनियों को 68 कोयला ब्लॉक के आवंटन हुए थे और इनमें से कुछ की फाइल गायब है।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं।
नवीनतम प्राथमिकी में सीबीआई ने कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल और पूर्व कोयला राज्यमंत्री डी नारायण राव सहित स्क्रीनिंग समिति के अज्ञात लोगों का नाम बतौर आरोपी लिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन को मंजूरी देने वाली स्क्रीनिंग समिति के अध्यक्ष सामान्यत: कोयला सचिव होते हैं। | संक्षिप्त सारांश: प्रारंभ में इनकार किए जाने के बावजूद सरकार ने अंततोगत्वा कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के सिलसिले में सीबीआई को पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता से पूछताछ की अनुमति दे दी है। फिलहाल वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में सदस्य हैं। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ममता के विरोध के बावजूद मल्टी−ब्रांड रिटेल सेक्टर में एफडीआई के प्रस्ताव को बहुत जल्दी लागू किया जा सकता है। एनडीटीवी से खास बातचीत में कॉरपोट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने यह बात कही।
मोइली ने कहा कि ममता अगर इसे लागू नहीं करना चाहती हैं तो अपने राज्य में लागू न करें।
लंबे समय से मल्टी−ब्रांड रिटेल सेक्टर में एफडीआई का प्रस्ताव लटका पड़ा है। यह पहला मौका है जब सरकार ने यह संकेत दिया है कि ममता बनर्जी के विरोध को दरकिनार कर वह इस प्रस्ताव को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।टिप्पणियां
एनडीटीवी से खास बातचीत में मोइली ने इस ओर साफ इशारा करते हुए कहा, 'मेरी नज़र में मल्टी−ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश का प्रस्ताव जल्दी ही लागू होने वाला है। ममता उसका विरोध कर सकती हैं, वह अपने यहां इसे लागू नहीं करेंगी लेकिन कई राज्य इसे लागू करना चाहते हैं।
मोइली मानते हैं कि देश में मल्टी−ब्रांड रिटेल में एफडीआई को लागू करने के प्रस्ताव पर ज़्यादातर राज्य सरकारों में आम सहमति बन रही है और दावा किया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो इससे न सिर्फ विदेशी निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।
मोइली ने कहा कि ममता अगर इसे लागू नहीं करना चाहती हैं तो अपने राज्य में लागू न करें।
लंबे समय से मल्टी−ब्रांड रिटेल सेक्टर में एफडीआई का प्रस्ताव लटका पड़ा है। यह पहला मौका है जब सरकार ने यह संकेत दिया है कि ममता बनर्जी के विरोध को दरकिनार कर वह इस प्रस्ताव को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।टिप्पणियां
एनडीटीवी से खास बातचीत में मोइली ने इस ओर साफ इशारा करते हुए कहा, 'मेरी नज़र में मल्टी−ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश का प्रस्ताव जल्दी ही लागू होने वाला है। ममता उसका विरोध कर सकती हैं, वह अपने यहां इसे लागू नहीं करेंगी लेकिन कई राज्य इसे लागू करना चाहते हैं।
मोइली मानते हैं कि देश में मल्टी−ब्रांड रिटेल में एफडीआई को लागू करने के प्रस्ताव पर ज़्यादातर राज्य सरकारों में आम सहमति बन रही है और दावा किया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो इससे न सिर्फ विदेशी निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।
लंबे समय से मल्टी−ब्रांड रिटेल सेक्टर में एफडीआई का प्रस्ताव लटका पड़ा है। यह पहला मौका है जब सरकार ने यह संकेत दिया है कि ममता बनर्जी के विरोध को दरकिनार कर वह इस प्रस्ताव को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।टिप्पणियां
एनडीटीवी से खास बातचीत में मोइली ने इस ओर साफ इशारा करते हुए कहा, 'मेरी नज़र में मल्टी−ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश का प्रस्ताव जल्दी ही लागू होने वाला है। ममता उसका विरोध कर सकती हैं, वह अपने यहां इसे लागू नहीं करेंगी लेकिन कई राज्य इसे लागू करना चाहते हैं।
मोइली मानते हैं कि देश में मल्टी−ब्रांड रिटेल में एफडीआई को लागू करने के प्रस्ताव पर ज़्यादातर राज्य सरकारों में आम सहमति बन रही है और दावा किया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो इससे न सिर्फ विदेशी निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।
एनडीटीवी से खास बातचीत में मोइली ने इस ओर साफ इशारा करते हुए कहा, 'मेरी नज़र में मल्टी−ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश का प्रस्ताव जल्दी ही लागू होने वाला है। ममता उसका विरोध कर सकती हैं, वह अपने यहां इसे लागू नहीं करेंगी लेकिन कई राज्य इसे लागू करना चाहते हैं।
मोइली मानते हैं कि देश में मल्टी−ब्रांड रिटेल में एफडीआई को लागू करने के प्रस्ताव पर ज़्यादातर राज्य सरकारों में आम सहमति बन रही है और दावा किया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो इससे न सिर्फ विदेशी निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।
मोइली मानते हैं कि देश में मल्टी−ब्रांड रिटेल में एफडीआई को लागू करने के प्रस्ताव पर ज़्यादातर राज्य सरकारों में आम सहमति बन रही है और दावा किया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो इससे न सिर्फ विदेशी निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। | यह एक सारांश है: ममता के विरोध के बावजूद मल्टी−ब्रांड रिटेल सेक्टर में एफडीआई के प्रस्ताव को बहुत जल्दी लागू किया जा सकता है। एनडीटीवी से खास बातचीत में कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने यह बात कही। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उन्होंने कहा ''शरीफों की इज्जत वो लोग उतारेंगे? लोग रास्ते बताएंगे? ऐसे लोग, अपने आपको देवी—देवता बनाएंगे? हमारे मरे हुए मां—बाप तीन दिन तक टेलीविजन पर डिस्कस होंगे? देखा आपने, अंजाम क्या हुआ? कितनी दौलत खर्च हुई, कितनी ताकत लगाई गई. कहते थे कि आजम खान जीत गया तो जड़ से नाक निकल जाएगी.''
आजम खान ने कहा ''क्या हम इतने बुरे हैं, सिर्फ इसलिए कि हम बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं. हम बच्चों के हाथ में कलम देना चाहते हैं. हम उन्हें एक बाइज्जत जिंदगी देना चाहते हैं? लोग सिर्फ हमारे बच्चों से साइकिल के पंक्चर जुड़वाना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे बच्चे भी कुर्सियों पर बैठें.''
लोकसभा चुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी जया प्रदा को पराजित करने वाले खान ने चुनाव के दौरान भी अपनी प्रतिद्वंद्वी पर अभद्र टिप्पणी की थी. इसकी वजह से चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार करने पर 72 घंटे के लिए रोक लगा दी थी.
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा-जिस समाज में इस लफ्ज को मोहतरम मान लिया जाएगा, क्या तरक्की करेगा वह?
शरीफों की इज्जत वो लोग उतारेंगे? ऐसे लोग, अपने आपको देवी—देवता बनाएंगे?
कहा- क्या हम इतने बुरे हैं, सिर्फ इसलिए कि हम बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं? | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओलिंपिक में मेडल जीतने के बाद सायना नेहवाल के सम्मान का सिलसिला जारी है।
हैदराबाद में सचिन तेंदुलकर ने सायना नेहवाल को बीएमडब्ल्यू कार भेंट की।टिप्पणियां
दरअसल, आंध्र प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री वी चामुंडेश्वरनाथ ने सायना से लंदन जाने से पहला वादा किया था कि अगर वह मेडल जीतेंगी तो वह उन्हें बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट में देंगे।
सायना सचिन की बहुत बड़ी फैन है इसलिए खुद क्रिकेटर रह चुके वी चामुंडेश्वरनाथ ने सचिन के हाथों सायना को यह भेंट दिए जाने का कायर्क्रम बनाया।
हैदराबाद में सचिन तेंदुलकर ने सायना नेहवाल को बीएमडब्ल्यू कार भेंट की।टिप्पणियां
दरअसल, आंध्र प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री वी चामुंडेश्वरनाथ ने सायना से लंदन जाने से पहला वादा किया था कि अगर वह मेडल जीतेंगी तो वह उन्हें बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट में देंगे।
सायना सचिन की बहुत बड़ी फैन है इसलिए खुद क्रिकेटर रह चुके वी चामुंडेश्वरनाथ ने सचिन के हाथों सायना को यह भेंट दिए जाने का कायर्क्रम बनाया।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री वी चामुंडेश्वरनाथ ने सायना से लंदन जाने से पहला वादा किया था कि अगर वह मेडल जीतेंगी तो वह उन्हें बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट में देंगे।
सायना सचिन की बहुत बड़ी फैन है इसलिए खुद क्रिकेटर रह चुके वी चामुंडेश्वरनाथ ने सचिन के हाथों सायना को यह भेंट दिए जाने का कायर्क्रम बनाया।
सायना सचिन की बहुत बड़ी फैन है इसलिए खुद क्रिकेटर रह चुके वी चामुंडेश्वरनाथ ने सचिन के हाथों सायना को यह भेंट दिए जाने का कायर्क्रम बनाया। | संक्षिप्त सारांश: आंध्र प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री वी चामुंडेश्वरनाथ ने सायना से लंदन जाने से पहला वादा किया था कि अगर वह मेडल जीतेंगी तो वह उन्हें बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट में देंगे। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा में जींद में सोनिया गांधी के दौरे पर आईएनएलडी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने सिरसा में कहा है कि क्या राहुल गांधी के मिर्चपुर में आने से लोगों को इंसाफ मिल गया था जो सोनिया के जींद में बलात्कार पीड़ित लोगों के पास आने से मिल जाएगा।
उनका कहना है कि सत्ता को दुरुपयोग करने वाले तो सत्ता में बने रहेंगे। यदि वाकई में केंद्र सरकार गरीब दलित को इंसाफ देना चाहती है तो प्रदेश सरकार को बर्खास्त करे और मध्यावधि चुनाव करवाए। वहीं, चौटाला ने वाडरा की जांच पर कहा कि आज विपक्ष का ऐसा कोई नेता नहीं है जिसकी जांच सरकार न करवा रही हो।
ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि सोनिया गांधी यदि दलित के प्रति इतनी चिंतित हैं तो उन्हें हरियाणा में बलात्कार के पीड़ित दूसरे 10 घरों में भी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हरियाणा में खानपुर में एक गैंगरेप हुआ था जिसमें मुख्यमंत्री हुड्डा ने पीड़ित लडकी को इज्जत के बदले तीन लाख रुपये देने चाहे जो हमारी संस्कृति नहीं। वहीं, चौटाला ने अपना घर की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।टिप्पणियां
चौटाला ने हरियाणा सरकार को पंगु सरकार कहते हुए कहा कि सोनिया को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री हुड्डा पूरे हरियाणा की बेशकीमती जमीन वाडरा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सरकार में मधुबन में महिला कांस्टेबलों के साथ आईजी रैंक के अधिकारियों ने छेड़छाड़ की तो सजा देने की बजाए उन लोगों को तरक्की दी गई।
फूल चंद मुलाना द्वारा बलात्कार मामलों को साजिश करार देने पर चौटाला ने कहा कि वह हरियाणा में पार्टी अध्यक्ष हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार है तो साजिश को उजागर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपना घर मामले में तीसरे विधायक का नाम आज तक सामने नहीं आया जो खुद मुख्यमंत्री है क्योंकि वहां तीन ही पुरुष विधायक हैं।
उनका कहना है कि सत्ता को दुरुपयोग करने वाले तो सत्ता में बने रहेंगे। यदि वाकई में केंद्र सरकार गरीब दलित को इंसाफ देना चाहती है तो प्रदेश सरकार को बर्खास्त करे और मध्यावधि चुनाव करवाए। वहीं, चौटाला ने वाडरा की जांच पर कहा कि आज विपक्ष का ऐसा कोई नेता नहीं है जिसकी जांच सरकार न करवा रही हो।
ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि सोनिया गांधी यदि दलित के प्रति इतनी चिंतित हैं तो उन्हें हरियाणा में बलात्कार के पीड़ित दूसरे 10 घरों में भी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हरियाणा में खानपुर में एक गैंगरेप हुआ था जिसमें मुख्यमंत्री हुड्डा ने पीड़ित लडकी को इज्जत के बदले तीन लाख रुपये देने चाहे जो हमारी संस्कृति नहीं। वहीं, चौटाला ने अपना घर की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।टिप्पणियां
चौटाला ने हरियाणा सरकार को पंगु सरकार कहते हुए कहा कि सोनिया को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री हुड्डा पूरे हरियाणा की बेशकीमती जमीन वाडरा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सरकार में मधुबन में महिला कांस्टेबलों के साथ आईजी रैंक के अधिकारियों ने छेड़छाड़ की तो सजा देने की बजाए उन लोगों को तरक्की दी गई।
फूल चंद मुलाना द्वारा बलात्कार मामलों को साजिश करार देने पर चौटाला ने कहा कि वह हरियाणा में पार्टी अध्यक्ष हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार है तो साजिश को उजागर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपना घर मामले में तीसरे विधायक का नाम आज तक सामने नहीं आया जो खुद मुख्यमंत्री है क्योंकि वहां तीन ही पुरुष विधायक हैं।
ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि सोनिया गांधी यदि दलित के प्रति इतनी चिंतित हैं तो उन्हें हरियाणा में बलात्कार के पीड़ित दूसरे 10 घरों में भी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हरियाणा में खानपुर में एक गैंगरेप हुआ था जिसमें मुख्यमंत्री हुड्डा ने पीड़ित लडकी को इज्जत के बदले तीन लाख रुपये देने चाहे जो हमारी संस्कृति नहीं। वहीं, चौटाला ने अपना घर की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।टिप्पणियां
चौटाला ने हरियाणा सरकार को पंगु सरकार कहते हुए कहा कि सोनिया को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री हुड्डा पूरे हरियाणा की बेशकीमती जमीन वाडरा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सरकार में मधुबन में महिला कांस्टेबलों के साथ आईजी रैंक के अधिकारियों ने छेड़छाड़ की तो सजा देने की बजाए उन लोगों को तरक्की दी गई।
फूल चंद मुलाना द्वारा बलात्कार मामलों को साजिश करार देने पर चौटाला ने कहा कि वह हरियाणा में पार्टी अध्यक्ष हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार है तो साजिश को उजागर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपना घर मामले में तीसरे विधायक का नाम आज तक सामने नहीं आया जो खुद मुख्यमंत्री है क्योंकि वहां तीन ही पुरुष विधायक हैं।
चौटाला ने हरियाणा सरकार को पंगु सरकार कहते हुए कहा कि सोनिया को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री हुड्डा पूरे हरियाणा की बेशकीमती जमीन वाडरा को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सरकार में मधुबन में महिला कांस्टेबलों के साथ आईजी रैंक के अधिकारियों ने छेड़छाड़ की तो सजा देने की बजाए उन लोगों को तरक्की दी गई।
फूल चंद मुलाना द्वारा बलात्कार मामलों को साजिश करार देने पर चौटाला ने कहा कि वह हरियाणा में पार्टी अध्यक्ष हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार है तो साजिश को उजागर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपना घर मामले में तीसरे विधायक का नाम आज तक सामने नहीं आया जो खुद मुख्यमंत्री है क्योंकि वहां तीन ही पुरुष विधायक हैं।
फूल चंद मुलाना द्वारा बलात्कार मामलों को साजिश करार देने पर चौटाला ने कहा कि वह हरियाणा में पार्टी अध्यक्ष हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार है तो साजिश को उजागर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अपना घर मामले में तीसरे विधायक का नाम आज तक सामने नहीं आया जो खुद मुख्यमंत्री है क्योंकि वहां तीन ही पुरुष विधायक हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि यदि वाकई में केंद्र सरकार गरीब दलित को इंसाफ देना चाहती है तो प्रदेश सरकार को बर्खास्त करे और मध्यावधि चुनाव करवाए। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने अपने परिचालन के पहले ही महीने 1.6 करोड़ ग्राहक बनाए हैं. कंपनी का कहना है कि यह अपने आप में एक विश्व रिकार्ड है, क्योंकि उसने यह उपलब्धि दुनिया की किसी भी अन्य दूरसंचार कंपनी या स्टार्टअप से ज्यादा तेजी से हासिल की है, चाहे वह फेसबुक हो, वाट्सऐप या स्पाइक हो.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने 4जी सेवाओं का अपना परिचालन औपचारिक रूप से 5 सितंबर को शुरू किया था. भारत के इस बाजार में नई नई प्रवेशकर्ता इस कंपनी का कहना है कि उसने पहले 26 दिन में ही 1.6 करोड़ से अधिक ग्राहक हासिल किए हैं.
कंपनी के बयान के अनुसार अंबानी ने नई कंपनी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा है, 'हमें खुशी है कि लोग इस बात को समझ रहे हैं और हमारी सेवाओं का पूरा इस्तेमाल कर रहे है. जियो का मकसद डेटा की ताकत से हर भारतीय को सशक्त बनाना है.'टिप्पणियां
गौरतलब है कि रिलायंस जियो फिलहाल 'वेलकम ऑफर' अवधि में चल रही है, जिसके तहत उसकी सारी सेवाएं इस दिसंबर तक बिलकुल नि:शुल्क हैं. कंपनी ने हाल ही में आईफोन के नए ग्राहकों के लिए अपने सारी सेवाएं एक साल यानी दिसंबर 2017 के आखिर तक नि:शुल्क देने की विशेष योजना की घोषणा की. कंपनी जल्द से जल्द 10 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
कंपनी सिम एक्टिवेशन की आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आधार कार्ड धारक का नया सिम कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट हो जाता है. कंपनी का कहना है कि वह 3100 शहरों-कस्बों में यह प्रणाली इस्तेमाल कर रही है और इससे भी उसे अधिक व जल्दी सिम सक्रिय करने में मदद मिली है. विज्ञप्ति के अुनसार कंपनी कुछ ही हफ्ते के अंदर इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करेगी.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने 4जी सेवाओं का अपना परिचालन औपचारिक रूप से 5 सितंबर को शुरू किया था. भारत के इस बाजार में नई नई प्रवेशकर्ता इस कंपनी का कहना है कि उसने पहले 26 दिन में ही 1.6 करोड़ से अधिक ग्राहक हासिल किए हैं.
कंपनी के बयान के अनुसार अंबानी ने नई कंपनी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा है, 'हमें खुशी है कि लोग इस बात को समझ रहे हैं और हमारी सेवाओं का पूरा इस्तेमाल कर रहे है. जियो का मकसद डेटा की ताकत से हर भारतीय को सशक्त बनाना है.'टिप्पणियां
गौरतलब है कि रिलायंस जियो फिलहाल 'वेलकम ऑफर' अवधि में चल रही है, जिसके तहत उसकी सारी सेवाएं इस दिसंबर तक बिलकुल नि:शुल्क हैं. कंपनी ने हाल ही में आईफोन के नए ग्राहकों के लिए अपने सारी सेवाएं एक साल यानी दिसंबर 2017 के आखिर तक नि:शुल्क देने की विशेष योजना की घोषणा की. कंपनी जल्द से जल्द 10 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
कंपनी सिम एक्टिवेशन की आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आधार कार्ड धारक का नया सिम कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट हो जाता है. कंपनी का कहना है कि वह 3100 शहरों-कस्बों में यह प्रणाली इस्तेमाल कर रही है और इससे भी उसे अधिक व जल्दी सिम सक्रिय करने में मदद मिली है. विज्ञप्ति के अुनसार कंपनी कुछ ही हफ्ते के अंदर इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करेगी.
कंपनी के बयान के अनुसार अंबानी ने नई कंपनी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा है, 'हमें खुशी है कि लोग इस बात को समझ रहे हैं और हमारी सेवाओं का पूरा इस्तेमाल कर रहे है. जियो का मकसद डेटा की ताकत से हर भारतीय को सशक्त बनाना है.'टिप्पणियां
गौरतलब है कि रिलायंस जियो फिलहाल 'वेलकम ऑफर' अवधि में चल रही है, जिसके तहत उसकी सारी सेवाएं इस दिसंबर तक बिलकुल नि:शुल्क हैं. कंपनी ने हाल ही में आईफोन के नए ग्राहकों के लिए अपने सारी सेवाएं एक साल यानी दिसंबर 2017 के आखिर तक नि:शुल्क देने की विशेष योजना की घोषणा की. कंपनी जल्द से जल्द 10 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
कंपनी सिम एक्टिवेशन की आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आधार कार्ड धारक का नया सिम कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट हो जाता है. कंपनी का कहना है कि वह 3100 शहरों-कस्बों में यह प्रणाली इस्तेमाल कर रही है और इससे भी उसे अधिक व जल्दी सिम सक्रिय करने में मदद मिली है. विज्ञप्ति के अुनसार कंपनी कुछ ही हफ्ते के अंदर इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करेगी.
गौरतलब है कि रिलायंस जियो फिलहाल 'वेलकम ऑफर' अवधि में चल रही है, जिसके तहत उसकी सारी सेवाएं इस दिसंबर तक बिलकुल नि:शुल्क हैं. कंपनी ने हाल ही में आईफोन के नए ग्राहकों के लिए अपने सारी सेवाएं एक साल यानी दिसंबर 2017 के आखिर तक नि:शुल्क देने की विशेष योजना की घोषणा की. कंपनी जल्द से जल्द 10 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
कंपनी सिम एक्टिवेशन की आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आधार कार्ड धारक का नया सिम कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट हो जाता है. कंपनी का कहना है कि वह 3100 शहरों-कस्बों में यह प्रणाली इस्तेमाल कर रही है और इससे भी उसे अधिक व जल्दी सिम सक्रिय करने में मदद मिली है. विज्ञप्ति के अुनसार कंपनी कुछ ही हफ्ते के अंदर इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करेगी.
कंपनी सिम एक्टिवेशन की आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आधार कार्ड धारक का नया सिम कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट हो जाता है. कंपनी का कहना है कि वह 3100 शहरों-कस्बों में यह प्रणाली इस्तेमाल कर रही है और इससे भी उसे अधिक व जल्दी सिम सक्रिय करने में मदद मिली है. विज्ञप्ति के अुनसार कंपनी कुछ ही हफ्ते के अंदर इस प्रणाली को पूरे देश में लागू करेगी. | यहाँ एक सारांश है:कंपनी ने पहले 26 दिन में ही 1.6 करोड़ से अधिक ग्राहक हासिल किए हैं
रिलायंस जियो के 'वेलकम ऑफर' के तहत सारी सेवाएं दिसंबर तक मुफ्त हैं
कंपनी जल्द से जल्द 10 करोड़ ग्राहक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी के मुखिया एम करुणानिधि ने बुधवार को गवर्नर सी विद्यासागर राव के उस बयान पर 'आश्चर्य' व्यक्त किया जिसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री जयललिता की 'सलाह' पर उनके आठ विभाग का कामकाज वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम को सौंपा जा रहा है. उन्होंने अपने बयान में कहा, ''कुछ लोगों के जे़हन में यह सवाल उठ रहा है कि पनीरसेल्वम को कामकाज सौंपने संबंधी सलाह वाली फाइल पर क्या मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षर किए हैं.''
उन्होंने यह भी सवाल किया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने भी अस्पताल का दौरा किया था लेकिन ''उन्हें सीधे मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं दिया गया और डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में उन्हें जानकारी दी.''
इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्हें दी. उन्होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्पष्ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.'' टिप्पणियां
यह सवाल ऐसे समय में उठे हैं जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने के लिए आज चेन्नई के अपोलो अस्पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है.
अमित शाह और अरुण जेटली अस्पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने अस्पताल गए थे और उनके ''जल्दी स्वस्थ'' होने की कामना की.
उन्होंने यह भी सवाल किया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने भी अस्पताल का दौरा किया था लेकिन ''उन्हें सीधे मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं दिया गया और डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में उन्हें जानकारी दी.''
इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्हें दी. उन्होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्पष्ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.'' टिप्पणियां
यह सवाल ऐसे समय में उठे हैं जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने के लिए आज चेन्नई के अपोलो अस्पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है.
अमित शाह और अरुण जेटली अस्पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने अस्पताल गए थे और उनके ''जल्दी स्वस्थ'' होने की कामना की.
इसी तरह पीएमके नेता एस रामदास ने सवाल किया कि गवर्नर को बताना चाहिए कि आखिर किस तरह जयललिता ने यह बदलाव संबंधी सलाह उन्हें दी. उन्होंने कहा, ''गवर्नर को असंबंधित लोगों को सरकारी मशीनरी पर नियंत्रण का अधिकार नहीं देना चाहिए. हर चीज संविधान के अनुसार होनी चाहिए. जब तक गवर्नर स्थिति स्पष्ट नहीं करते तब तक तमिलनाडु में शासन के संबंध में संशय बना रहेगा.'' टिप्पणियां
यह सवाल ऐसे समय में उठे हैं जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने के लिए आज चेन्नई के अपोलो अस्पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है.
अमित शाह और अरुण जेटली अस्पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने अस्पताल गए थे और उनके ''जल्दी स्वस्थ'' होने की कामना की.
यह सवाल ऐसे समय में उठे हैं जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने के लिए आज चेन्नई के अपोलो अस्पताल पहुंचे. जयललिता यहां पिछले 20 दिनों से भर्ती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनके फेफड़ों के संक्रमण का यहां इलाज हो रहा है.
अमित शाह और अरुण जेटली अस्पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने अस्पताल गए थे और उनके ''जल्दी स्वस्थ'' होने की कामना की.
अमित शाह और अरुण जेटली अस्पताल में 20 मिनट रहे और उसके बाद रिपोर्टरों से बिना कुछ कहे चले गए. लेकिन बाद में ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने अस्पताल गए थे और उनके ''जल्दी स्वस्थ'' होने की कामना की. | करुणानिधि और एस रामदास ने उठाए सवाल
पूछा- क्या बदलाव संबंधी फाइल पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर हैं
आज अरुण जेटली और अमित शाह भी हाल जानने पहुंचे | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक के तिमाही नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद में निवेशकों की चौतरफा लिवाली से शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी लौट आई और बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 174 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
बुधवार को 162 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स 173.65 अंक ऊपर चढ़कर 18,804.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 18,847.81 अंक पर पहुंच गया था।टिप्पणियां
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 55.90 अंक सुधरकर 5,708.05 अंक हो गया। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक टोक्यो में वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बयान से भी उत्साहित हुए। चिदंबरम ने कहा कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा देश की साख की रेटिंग घटाए जाने को लेकर कोई गंभीर खतरा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एसएंडपी द्वारा भारत की साख कमजोर करने की चेतावनी का शेयर बाजार पर प्रतिकूल असर हुआ, जिससे सेंसेक्स 162 अंक टूट गया।
बुधवार को 162 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स 173.65 अंक ऊपर चढ़कर 18,804.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 18,847.81 अंक पर पहुंच गया था।टिप्पणियां
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 55.90 अंक सुधरकर 5,708.05 अंक हो गया। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक टोक्यो में वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बयान से भी उत्साहित हुए। चिदंबरम ने कहा कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा देश की साख की रेटिंग घटाए जाने को लेकर कोई गंभीर खतरा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एसएंडपी द्वारा भारत की साख कमजोर करने की चेतावनी का शेयर बाजार पर प्रतिकूल असर हुआ, जिससे सेंसेक्स 162 अंक टूट गया।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 55.90 अंक सुधरकर 5,708.05 अंक हो गया। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक टोक्यो में वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बयान से भी उत्साहित हुए। चिदंबरम ने कहा कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा देश की साख की रेटिंग घटाए जाने को लेकर कोई गंभीर खतरा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एसएंडपी द्वारा भारत की साख कमजोर करने की चेतावनी का शेयर बाजार पर प्रतिकूल असर हुआ, जिससे सेंसेक्स 162 अंक टूट गया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एसएंडपी द्वारा भारत की साख कमजोर करने की चेतावनी का शेयर बाजार पर प्रतिकूल असर हुआ, जिससे सेंसेक्स 162 अंक टूट गया। | फंडों और खुदरा निवेशकों द्वारा की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार के कारोबार में 174 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी में 56 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-हार्ट ऑफ़ एशिया में भारत, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने में कामयाब रहा. दो दिन के सम्मेलन में शिरकत करने आए पाकिस्तान सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार को अफग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के हाथों शर्मसार होना पड़ा. भारत ने भी उन्हें कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी.
लाहौर से बमुश्किल 30 किलोमीटर दूर सरहद के बेहद करीब आयोजित इस सम्मेलन में भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक हमला बोला. उसी के विदेश मामलों के सलाहकार की मौजूदगी में पड़ोसी मुल्क को कश्मीर में अस्थिरता फैलाने से बाज़ आने की सख्त चेतावनी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर वहां के हुक़्मरानों को खरी-खरी सुना दी. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद के बढ़ते पंजे से पूरे क्षेत्र को खतरा है. इन हालात में वहां शांति की बात भर करना पर्याप्त नहीं होगा. इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे. ये कदम सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ नहीं बल्कि उन्हें शरण देने वालों और फंड मुहैया कराने वालों के भी खिलाफ होने चाहिए.'
लेकिन सम्मेलन का बड़ा धमाका तो अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ गनी ने किया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ से सीधे मुखातिब होते हुए उन्होंने तालिबान को पनाह देने के लिए निशाना साधा. उन्होंने कहा,''एक अफ़ग़ान तालिबान नेता ने बताया कि पाकिस्तान में पनाह न मिले तो वो एक महीना भी नहीं टिक सकते.'' फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने कहा,'जो 500 मिलियन डॉलर आप अफ़ग़ानिस्तान को दे रहे हैं वो पाकिस्तान में अतिवाद के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है.'' टिप्पणियां
पाकिस्तान का भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ सरताज अजीज की एक तस्वीर अपने मीडिया में भिजवाकर रिश्तों में गर्मजोशी दिखाने का हथकंडा कामयाब नहीं हो सका. अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े पाकिस्तान की तरफ से सफाई भी आई. सरताज अज़ीज़ की तरफ़ से जारी वक्तव्य में कहा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में आंतरिक सुरक्षा के हालात बेहद जटिल हैं. हाल के दिनों में जो हिंसा बढ़ी है, उसके लिए किसी एक देश पर अंगुली उठाना सही नहीं होगा.
सम्मेलन का समापन अमृतसर घोषणा पत्र के ऐलान के साथ हुआ. अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति की रूपरेखा तय की गई और पहली बार पाकिस्तान की ज़मीन पर पनपने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है.
लाहौर से बमुश्किल 30 किलोमीटर दूर सरहद के बेहद करीब आयोजित इस सम्मेलन में भारत ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक हमला बोला. उसी के विदेश मामलों के सलाहकार की मौजूदगी में पड़ोसी मुल्क को कश्मीर में अस्थिरता फैलाने से बाज़ आने की सख्त चेतावनी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर वहां के हुक़्मरानों को खरी-खरी सुना दी. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद के बढ़ते पंजे से पूरे क्षेत्र को खतरा है. इन हालात में वहां शांति की बात भर करना पर्याप्त नहीं होगा. इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे. ये कदम सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ नहीं बल्कि उन्हें शरण देने वालों और फंड मुहैया कराने वालों के भी खिलाफ होने चाहिए.'
लेकिन सम्मेलन का बड़ा धमाका तो अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ गनी ने किया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ से सीधे मुखातिब होते हुए उन्होंने तालिबान को पनाह देने के लिए निशाना साधा. उन्होंने कहा,''एक अफ़ग़ान तालिबान नेता ने बताया कि पाकिस्तान में पनाह न मिले तो वो एक महीना भी नहीं टिक सकते.'' फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने कहा,'जो 500 मिलियन डॉलर आप अफ़ग़ानिस्तान को दे रहे हैं वो पाकिस्तान में अतिवाद के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है.'' टिप्पणियां
पाकिस्तान का भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ सरताज अजीज की एक तस्वीर अपने मीडिया में भिजवाकर रिश्तों में गर्मजोशी दिखाने का हथकंडा कामयाब नहीं हो सका. अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े पाकिस्तान की तरफ से सफाई भी आई. सरताज अज़ीज़ की तरफ़ से जारी वक्तव्य में कहा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में आंतरिक सुरक्षा के हालात बेहद जटिल हैं. हाल के दिनों में जो हिंसा बढ़ी है, उसके लिए किसी एक देश पर अंगुली उठाना सही नहीं होगा.
सम्मेलन का समापन अमृतसर घोषणा पत्र के ऐलान के साथ हुआ. अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति की रूपरेखा तय की गई और पहली बार पाकिस्तान की ज़मीन पर पनपने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है.
लेकिन सम्मेलन का बड़ा धमाका तो अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ गनी ने किया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ से सीधे मुखातिब होते हुए उन्होंने तालिबान को पनाह देने के लिए निशाना साधा. उन्होंने कहा,''एक अफ़ग़ान तालिबान नेता ने बताया कि पाकिस्तान में पनाह न मिले तो वो एक महीना भी नहीं टिक सकते.'' फिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज से मुख़ातिब होते हुए उन्होंने कहा,'जो 500 मिलियन डॉलर आप अफ़ग़ानिस्तान को दे रहे हैं वो पाकिस्तान में अतिवाद के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है.'' टिप्पणियां
पाकिस्तान का भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ सरताज अजीज की एक तस्वीर अपने मीडिया में भिजवाकर रिश्तों में गर्मजोशी दिखाने का हथकंडा कामयाब नहीं हो सका. अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े पाकिस्तान की तरफ से सफाई भी आई. सरताज अज़ीज़ की तरफ़ से जारी वक्तव्य में कहा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में आंतरिक सुरक्षा के हालात बेहद जटिल हैं. हाल के दिनों में जो हिंसा बढ़ी है, उसके लिए किसी एक देश पर अंगुली उठाना सही नहीं होगा.
सम्मेलन का समापन अमृतसर घोषणा पत्र के ऐलान के साथ हुआ. अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति की रूपरेखा तय की गई और पहली बार पाकिस्तान की ज़मीन पर पनपने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है.
पाकिस्तान का भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ सरताज अजीज की एक तस्वीर अपने मीडिया में भिजवाकर रिश्तों में गर्मजोशी दिखाने का हथकंडा कामयाब नहीं हो सका. अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े पाकिस्तान की तरफ से सफाई भी आई. सरताज अज़ीज़ की तरफ़ से जारी वक्तव्य में कहा गया कि अफ़ग़ानिस्तान में आंतरिक सुरक्षा के हालात बेहद जटिल हैं. हाल के दिनों में जो हिंसा बढ़ी है, उसके लिए किसी एक देश पर अंगुली उठाना सही नहीं होगा.
सम्मेलन का समापन अमृतसर घोषणा पत्र के ऐलान के साथ हुआ. अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति की रूपरेखा तय की गई और पहली बार पाकिस्तान की ज़मीन पर पनपने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है.
सम्मेलन का समापन अमृतसर घोषणा पत्र के ऐलान के साथ हुआ. अफ़ग़ानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद के ख़िलाफ़ रणनीति की रूपरेखा तय की गई और पहली बार पाकिस्तान की ज़मीन पर पनपने वाले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है. | यह एक सारांश है: अफग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के हाथों अजीज को होना पड़ा शर्मसार
भारत ने भी उन्हें कोई ख़ास तवज्जो नहीं दी
भारत, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने में कामयाब रहा | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एल्बी मोर्कल और एस अनिरूद्ध ने विषम परिस्थितियों में 11 गेंद पर 43 रन की धमाकेदार साझेदारी करके चेन्नई सुपरकिंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग में बारिश से प्रभावित कम स्कोर वाले मैच में गुरुवार को राजस्थान रायल्स पर चार विकेट से जीत दिलायी।
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे रायल्स ने बारिश के व्यवधान के बीच नियमित अंतराल में विकेट गंवाये। उसने आखिर में छह विकेट पर 126 रन का स्कोर खड़ा किया जिसमें ब्रैड हाज (28 गेंद पर 33) और स्टुअर्ट बिन्नी (18 गेंद पर 27 रन) का योगदान अहम रहा। चेन्नई के बल्लेबाजों को भी रन बनाने के लिये संघर्ष करना पड़ा। उसके शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाजों में से केवल सुरेश रैना (17 गेंद पर 23) का स्ट्राइक रेट 100 से अधिक था। जब टीम को 22 गेंद पर 43 रन चाहिए थे तब मोर्कल (छह गेंद पर 18) और अनिरूद्ध (छह गेंद पर 18) ने धूमधड़ाका मचाकर चेन्नई का स्कोर 18.1 ओवर में छह विकेट पर 127 रन पर पहुंचाया। चेन्नई के लिये यह एक तरह से करो या मरो वाला मैच था लेकिन अब वह 13 मैच में 13 अंक लेकर प्ले आफ में पहुंचने की दौड़ में बना हुआ है। दूसरी तरफ रायल्स के अब 13 मैच में 12 अंक हैं और उसे प्ले आफ की संभावना बरकरार रखने के लिये आगे के तीनों मैच में जीत दर्ज करनी होगी।
पंकज सिंह ने हालांकि रैना को जल्द ही डगआउट में पहुंचा दिया। अजिंक्या रहाणे ने एक्स्ट्रा कवर पर खूबसूरत कैच लपका। रैना ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये। इसके बाद रन गति धीमी पड़ी और चेन्नई भी दसवें ओवर में 50 रन तक पहुंच पाया। माइकल हसी (32 गेंद पर 19 रन) को भी रन बनाने के जूझना पड़ रहा था। वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ गलतफहमी के कारण रन आउट होकर डगआउट में पहुंचे।
इससे पहले ओवर में ड्वेन ब्रावो (15 गेंद पर दस रन) ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर कैच थमाया था। जडेजा ने 14वें ओवर में सिद्धार्थ त्रिवेदी पर पारी का पहला छक्का जमाया। इस गेंदबाज ने हालांकि अपने अगले ओवर में धोनी को रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। धोनी 16 गेंद पर दस रन ही बना पाये। पंकज सिंह ने जडेजा (13 गेंद पर 16 रन) को आउट करके चेन्नई की मुश्किलें बढ़ा दी। अब मोर्कल पर उम्मीद टिकी थी और उन्होंने पंकज के इस ओवर में छक्का और चौका जड़ने के बाद अगले ओवर में वाटसन की गेंद भी छह रन के लिये भेजी।
इससे चेन्नई 100 रन के पार भी पहुंचा। अनिरूद्ध ने भी उनसे प्रेरणा लेकर इस ओवर छक्का और फिर चौका जमाया। उन्होंने अगले ओवर में शान टैट की गेंद पर भी छक्का लगाया। इसी ओवर में वाइड पर गेंद सीमा रेखा के पार चली गयी और चेन्नई जीत गया।टिप्पणियां
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे रायल्स ने बारिश के व्यवधान के बीच नियमित अंतराल में विकेट गंवाये। उसने आखिर में छह विकेट पर 126 रन का स्कोर खड़ा किया जिसमें ब्रैड हाज (28 गेंद पर 33) और स्टुअर्ट बिन्नी (18 गेंद पर 27 रन) का योगदान अहम रहा। चेन्नई के बल्लेबाजों को भी रन बनाने के लिये संघर्ष करना पड़ा। उसके शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाजों में से केवल सुरेश रैना (17 गेंद पर 23) का स्ट्राइक रेट 100 से अधिक था। जब टीम को 22 गेंद पर 43 रन चाहिए थे तब मोर्कल (छह गेंद पर 18) और अनिरूद्ध (छह गेंद पर 18) ने धूमधड़ाका मचाकर चेन्नई का स्कोर 18.1 ओवर में छह विकेट पर 127 रन पर पहुंचाया। चेन्नई के लिये यह एक तरह से करो या मरो वाला मैच था लेकिन अब वह 13 मैच में 13 अंक लेकर प्ले आफ में पहुंचने की दौड़ में बना हुआ है। दूसरी तरफ रायल्स के अब 13 मैच में 12 अंक हैं और उसे प्ले आफ की संभावना बरकरार रखने के लिये आगे के तीनों मैच में जीत दर्ज करनी होगी।
पंकज सिंह ने हालांकि रैना को जल्द ही डगआउट में पहुंचा दिया। अजिंक्या रहाणे ने एक्स्ट्रा कवर पर खूबसूरत कैच लपका। रैना ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये। इसके बाद रन गति धीमी पड़ी और चेन्नई भी दसवें ओवर में 50 रन तक पहुंच पाया। माइकल हसी (32 गेंद पर 19 रन) को भी रन बनाने के जूझना पड़ रहा था। वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ गलतफहमी के कारण रन आउट होकर डगआउट में पहुंचे।
इससे पहले ओवर में ड्वेन ब्रावो (15 गेंद पर दस रन) ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर कैच थमाया था। जडेजा ने 14वें ओवर में सिद्धार्थ त्रिवेदी पर पारी का पहला छक्का जमाया। इस गेंदबाज ने हालांकि अपने अगले ओवर में धोनी को रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। धोनी 16 गेंद पर दस रन ही बना पाये। पंकज सिंह ने जडेजा (13 गेंद पर 16 रन) को आउट करके चेन्नई की मुश्किलें बढ़ा दी। अब मोर्कल पर उम्मीद टिकी थी और उन्होंने पंकज के इस ओवर में छक्का और चौका जड़ने के बाद अगले ओवर में वाटसन की गेंद भी छह रन के लिये भेजी।
इससे चेन्नई 100 रन के पार भी पहुंचा। अनिरूद्ध ने भी उनसे प्रेरणा लेकर इस ओवर छक्का और फिर चौका जमाया। उन्होंने अगले ओवर में शान टैट की गेंद पर भी छक्का लगाया। इसी ओवर में वाइड पर गेंद सीमा रेखा के पार चली गयी और चेन्नई जीत गया।टिप्पणियां
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
पंकज सिंह ने हालांकि रैना को जल्द ही डगआउट में पहुंचा दिया। अजिंक्या रहाणे ने एक्स्ट्रा कवर पर खूबसूरत कैच लपका। रैना ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये। इसके बाद रन गति धीमी पड़ी और चेन्नई भी दसवें ओवर में 50 रन तक पहुंच पाया। माइकल हसी (32 गेंद पर 19 रन) को भी रन बनाने के जूझना पड़ रहा था। वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ गलतफहमी के कारण रन आउट होकर डगआउट में पहुंचे।
इससे पहले ओवर में ड्वेन ब्रावो (15 गेंद पर दस रन) ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर कैच थमाया था। जडेजा ने 14वें ओवर में सिद्धार्थ त्रिवेदी पर पारी का पहला छक्का जमाया। इस गेंदबाज ने हालांकि अपने अगले ओवर में धोनी को रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। धोनी 16 गेंद पर दस रन ही बना पाये। पंकज सिंह ने जडेजा (13 गेंद पर 16 रन) को आउट करके चेन्नई की मुश्किलें बढ़ा दी। अब मोर्कल पर उम्मीद टिकी थी और उन्होंने पंकज के इस ओवर में छक्का और चौका जड़ने के बाद अगले ओवर में वाटसन की गेंद भी छह रन के लिये भेजी।
इससे चेन्नई 100 रन के पार भी पहुंचा। अनिरूद्ध ने भी उनसे प्रेरणा लेकर इस ओवर छक्का और फिर चौका जमाया। उन्होंने अगले ओवर में शान टैट की गेंद पर भी छक्का लगाया। इसी ओवर में वाइड पर गेंद सीमा रेखा के पार चली गयी और चेन्नई जीत गया।टिप्पणियां
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
इससे पहले ओवर में ड्वेन ब्रावो (15 गेंद पर दस रन) ने स्क्वायर लेग बाउंड्री पर कैच थमाया था। जडेजा ने 14वें ओवर में सिद्धार्थ त्रिवेदी पर पारी का पहला छक्का जमाया। इस गेंदबाज ने हालांकि अपने अगले ओवर में धोनी को रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। धोनी 16 गेंद पर दस रन ही बना पाये। पंकज सिंह ने जडेजा (13 गेंद पर 16 रन) को आउट करके चेन्नई की मुश्किलें बढ़ा दी। अब मोर्कल पर उम्मीद टिकी थी और उन्होंने पंकज के इस ओवर में छक्का और चौका जड़ने के बाद अगले ओवर में वाटसन की गेंद भी छह रन के लिये भेजी।
इससे चेन्नई 100 रन के पार भी पहुंचा। अनिरूद्ध ने भी उनसे प्रेरणा लेकर इस ओवर छक्का और फिर चौका जमाया। उन्होंने अगले ओवर में शान टैट की गेंद पर भी छक्का लगाया। इसी ओवर में वाइड पर गेंद सीमा रेखा के पार चली गयी और चेन्नई जीत गया।टिप्पणियां
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
इससे चेन्नई 100 रन के पार भी पहुंचा। अनिरूद्ध ने भी उनसे प्रेरणा लेकर इस ओवर छक्का और फिर चौका जमाया। उन्होंने अगले ओवर में शान टैट की गेंद पर भी छक्का लगाया। इसी ओवर में वाइड पर गेंद सीमा रेखा के पार चली गयी और चेन्नई जीत गया।टिप्पणियां
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
बारिश के एक और व्यवधान के बाद जब फिर खेल शुरू हुआ तो हिल्फेनहास ने हमवतन आस्ट्रेलियाई वाटसन (11 गेंद पर पांच रन) को थर्ड मैन पर कैच करवा दिया। अजिंक्या रहाणे (22 गेंद पर 17 रन) को भी 14 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। वह इसका फायदा नहीं उठा पाये और यो महेश की गेंद पर लंबा शाट खेलने के प्रयास में मिड आन पर अश्विन को आसान कैच दे बैठे। बारिश के खेल के बीच रायल्स ने दसवें ओवर में 50 रन की संख्या पार की। इस ओवर में बिन्नी ने ड्वेन ब्रावो पर दो चौके और लांग आफ पर छक्का लगाया। महेश ने हालांकि अगले ओवर में बिन्नी के तेवरों को ठंडा कर दिया। इसके बाद अगले सात ओवर तक केवल एक बार गेंद सीमा रेखा पार गयी। योहान बोथा (20 गेंद पर 12) ऐसे में लंबा शाट खेलने के प्रयास में चूककर रवींद्र जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये।
हाज भी अश्विन पर छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर पगबाधा आउट हो गये। दिशांत याग्निक (सात गेंद पर दस रन) ने आखिरी ओवर में ब्रावो पर दो चौके लगाये। हिल्फेनहास चार दिन पहले तीन गेंद पर 14 रन देकर खलनायक बन गये थे लेकिन आज उन्होंने लगातार चार ओवर किये और इनमें आठ रन देकर दो विकेट लिये। महेश ने भी 21 रन देकर दो विकेट हासिल किये। | एल्बी मोर्कल और एस अनिरूद्ध ने विषम परिस्थितियों में 11 गेंद पर 43 रन की धमाकेदार साझेदारी करके चेन्नई सुपरकिंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग में बारिश से प्रभावित कम स्कोर वाले मैच में गुरुवार को राजस्थान रायल्स पर चार विकेट से जीत दिलायी। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दरअसल, पिछले साल 25 नवंबर को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री के लिए कोई नया लाइसेंस नहीं देने और पहले से जारी लाइसेंस को निलंबित करने के आदेश दिए थे. इसके साथ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि, 'CPCB तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल कर बताए कि पटाखों में किस तरह की सामग्री इस्तेमाल किया जा रही है.टिप्पणियां
पिछले साल 25 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के खिलाफ तीन बच्चों की याचिका पर यह फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले ही संकेत दिया था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लग सकती है.अधिकारों को लेकर लोगों का सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह अपने तरह का अलग मामला है जब 6 से 14 महीने के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की थी.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेंफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए.
पिछले साल 25 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के खिलाफ तीन बच्चों की याचिका पर यह फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले ही संकेत दिया था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक लग सकती है.अधिकारों को लेकर लोगों का सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन यह अपने तरह का अलग मामला है जब 6 से 14 महीने के बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर साफ हवा में सांस लेने के अधिकार की मांग करते हुए निर्देश देने की मांग की थी.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेंफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए.
इस याचिका में मांग की गई थी कि दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई जाए. इन बच्चों अर्जुन गोपाल, आरव भंडारी और जोया राव की ओर से उनके पिताओं ने दायर जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते हालात खराब हो रहे हैं. दिल्ली में त्योहार के वक्त पटाखों की वजह से कई बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा रोक के बावजूद खुले में मलबा भी फेंका जा रहा है. इसके साथ ही राजधानी के आसपास करीब 500 टन फसलों के अवशेष जलाए जाते हैं. इतना ही नहीं ट्रकों की वजह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इनकी वजह से फेंफड़े संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट कोई ठोस दिशा निर्देश जारी करे और प्रदूषण पर रोक लगाए. | यहाँ एक सारांश है:दिवाली से पहले आदेश जारी करेगा सुप्रीम कोर्ट
रोक सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ हटाई थी
सेहत का हवाला देकर रोक की मांग की गई है | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमनवेल्थ में झारखंड के खिलाड़ी जब पदक जीत रहे थे, तो हम सबने जमकर तालियां बजाईं, लेकिन अब आपका मुंह खुला का खुला रह जाएगा। जमीन पर खड़े होकर हाथ आगे-पीछे घुमाओ, तो तैराकी में तैयारी हो जाएगी, स्विमिंग पूल में उतरकर कोई पदक थोड़े हासिल होने वाला है! ये कहना है नेशनल गेम्स ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के सदस्य का। झारखंड में अगर कोई तैराक बनना चाहता है, तो हवा में तैरने की ट्रेनिंग देकर ही अपनी जिम्मेदारी पूरी की जा रही है। झारखंड के होनहार तैराक 12 फरवरी से शुरू होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए तैराकी की प्रैक्टिस में जुटे हैं। सुबह और शाम तीन घंटे लगातार, तैराक जुटे हैं जी-जान से खुद को तैयार करने के लिए। फर्क है कि यह तैराकी पानी में नहीं, बल्कि जमीन पर हो रही है। झारखंड की तैराकी टीम के कोच आलोक बनर्जी कहते हैं, हम यहां आए हैं...तैरने का अभ्यास कर रहे हैं...व्यवस्था नहीं होने के कारण मुझे जमीन पर ही सिखाना पड़ रहा है, ऐसे में इनसे ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते। राष्ट्रीय खेलों की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी का रवैया तो और भी चौंकाने वाला है। वे कहते हैं कि प्रैक्टिस के लिए स्वीमिंग पूल नहीं दे सकते और वैसे भी 15−20 दिन की प्रैक्टिस से ये खिलाड़ी कोई झंडे गाड़ने वाले नहीं हैं। कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों में नाक कटाने के बाद अब देश को नया खेलमंत्री मिला है, जो उम्र के हिसाब से फिट नजर आता है। यह अजय माकन को भी देखना चाहिए कि बिना पानी के तैराकी की प्रैक्टिस के बाद हमारे खिलाड़ियों से आगे कौन सा करिश्मा करने की उम्मीद की जाएगी। | यह एक सारांश है: जमीन पर खड़े होकर हाथ आगे-पीछे घुमाओ, तो तैराकी में तैयारी हो जाएगी! झारखंड में हवा में तैरने की ट्रेनिंग देकर ही जिम्मेदारी पूरी की जा रही है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट का कारण जिंसों की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव है। उन्होंने कहा कि साथ ही कई एशियाई देशों में भुगतान संतुलन की बिगड़ती स्थिति से भी मुद्रा पर दबाव पड़ रहा है।
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीन को छोड़कर कई एशियाई देशों में भुगतान संतुलन दबाव में है जिससे मुद्रा के मूल्य में कमी हो रही है।’’ एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर की 45वीं सालाना बैठक में भाग लेने यहां आए मुखर्जी ने कहा कि रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा देश की साख की रेटिंग घटाए जाने के मद्देनजर भारतीय अर्थव्यवस्था की कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
पिछले कुछ महीने में भारत की मुद्रा के मूल्य में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कच्चे तेल समेत कुल आयात असर पड़ा है। तेल का आयात बिल बढ़ने से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का बोझ बढ़ा है क्योंकि वह बढ़ी हुई कीमत का भार उपभोक्ताओं पर हस्तांरित नहीं कर पा रही हैं।
सब्सिडी का बोझ बजटीय लक्ष्य 1.8 लाख करोड़ रुपये से पार हो जाने की आशंका को देखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने देश की साख की रेटिंग घटा दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। वित्त वर्ष 2011-12 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 से चार प्रतिशत रहने की संभावना है। भारत की सरकारी साख की रेटिंग घटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में है, अत: घरेलू मुद्दों पर यहां चर्चा नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीन को छोड़कर कई एशियाई देशों में भुगतान संतुलन दबाव में है जिससे मुद्रा के मूल्य में कमी हो रही है।’’ एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर की 45वीं सालाना बैठक में भाग लेने यहां आए मुखर्जी ने कहा कि रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा देश की साख की रेटिंग घटाए जाने के मद्देनजर भारतीय अर्थव्यवस्था की कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
पिछले कुछ महीने में भारत की मुद्रा के मूल्य में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कच्चे तेल समेत कुल आयात असर पड़ा है। तेल का आयात बिल बढ़ने से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का बोझ बढ़ा है क्योंकि वह बढ़ी हुई कीमत का भार उपभोक्ताओं पर हस्तांरित नहीं कर पा रही हैं।
सब्सिडी का बोझ बजटीय लक्ष्य 1.8 लाख करोड़ रुपये से पार हो जाने की आशंका को देखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने देश की साख की रेटिंग घटा दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। वित्त वर्ष 2011-12 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 से चार प्रतिशत रहने की संभावना है। भारत की सरकारी साख की रेटिंग घटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में है, अत: घरेलू मुद्दों पर यहां चर्चा नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
पिछले कुछ महीने में भारत की मुद्रा के मूल्य में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कच्चे तेल समेत कुल आयात असर पड़ा है। तेल का आयात बिल बढ़ने से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का बोझ बढ़ा है क्योंकि वह बढ़ी हुई कीमत का भार उपभोक्ताओं पर हस्तांरित नहीं कर पा रही हैं।
सब्सिडी का बोझ बजटीय लक्ष्य 1.8 लाख करोड़ रुपये से पार हो जाने की आशंका को देखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने देश की साख की रेटिंग घटा दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। वित्त वर्ष 2011-12 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 से चार प्रतिशत रहने की संभावना है। भारत की सरकारी साख की रेटिंग घटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में है, अत: घरेलू मुद्दों पर यहां चर्चा नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
सब्सिडी का बोझ बजटीय लक्ष्य 1.8 लाख करोड़ रुपये से पार हो जाने की आशंका को देखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने देश की साख की रेटिंग घटा दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। वित्त वर्ष 2011-12 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 से चार प्रतिशत रहने की संभावना है। भारत की सरकारी साख की रेटिंग घटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में है, अत: घरेलू मुद्दों पर यहां चर्चा नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। वित्त वर्ष 2011-12 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 से चार प्रतिशत रहने की संभावना है। भारत की सरकारी साख की रेटिंग घटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ बुनियादी तत्वों को दुरुस्त करना होगा हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि संसद सत्र में है, अत: घरेलू मुद्दों पर यहां चर्चा नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
मुखर्जी के अनुसार चुनौती का प्रमुख क्षेत्र यूरोजोन तथा जापान है क्योंकि यह विकासशील देशों की वस्तुओं लिए बड़े बाजार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक जापान तथा यूरोप में पुनरुद्धार तेजी से नहीं होता इसका प्रभाव होगा। यूरो क्षेत्र में संकट का असर पड़ने की आशंका है।’’ वित्त मंत्री एक साल के लिए एडीबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में एशियाई क्षेत्र अभी भी अच्छा कर रहे हैं।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम विश्व अर्थव्यवस्था की समीक्षा करेंगे। एशियाई क्षेत्र का विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।’’ भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में एडीबी की सालाना बैठक का आयोजन कर रहा है। एडीबी बैंक के अध्यक्ष हारूहिको कुरोदा के अनुसार एशियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस साल 6.9 प्रतिशत तथा अगले साल 7.3 प्रतिशत रहेगी। | वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट का कारण जिंसों की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव है। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को अफ्रीका के छह दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। इस दौरे से भारत की बढ़ रही ताकत को अफ्रीका महाद्वीप में बड़ा कूटनीतिक व आर्थिक समर्थन मिलेगा। अपने इस दौरे में सिंह इथोपिया की राजधानी अदिस अबाबा में भारत-अफ्रीका मंच की दूसरी शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। उसके बाद वह तंजानिया जाएंगे। मनमोहन सिंह सोमवार अपराह्न् लगभग 4.30 बजे अदिस अबाबा पहुंचेंगे। वह मंगलवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय भारत-अफ्रीका मंच की शिखर बैठक में अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष एवं इक्वे टोरियल गिनी के राष्ट्रपति तेओदोर ओबियांग नुएमा मासोगो के साथ सह अध्यक्षता करेंगे। इस शिखर बैठक में 15 अफ्रीकी देशों के नेता अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन नेताओं का चयन अफ्रीकी संघ द्वारा एक भागीदारी फामूर्ले के तहत किया गया है। यह फार्मूला भारत और अफ्रीकी संघ के बीच 2006 की गर्मी में गाम्बिया की राजधानी बांजुल में तय हुआ था। शिखर बैठक में हिस्सा ले रहे अफ्रीकी देशों में अल्जीरिया, बुरंडी, चाड, मिस्र, इक्वे टोरियल गिनी, इथोपिया, केन्या, लीबिया, मलावी, नामीबिया, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका और स्वाजीलैंड शामिल हैं। अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष जीन पिंग भी शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। शिखर बैठक के बाद अदिस अबाबा घोषणा पत्र और संवर्धित सहयोग के लिए अफ्रीका-भारत प्रारूप जारी होगा, जिसमें अगले कुछ वर्षो के लिए भारत-अफ्रीका सम्बंधों की एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा शामिल होगी। भारत-अफ्रीका मंच की पहली शिखर बैठक भारत में अप्रैल 2008 में हुई थी। शिखर बैठक के समापन के दिन बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कई अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर कीमत के नए ऋण और भारत सरकार के इंडियन टेकि्न कल एंड इकॉनॉमिक कोऑपरेशन कार्यक्रम के तहत अफ्रीकी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियों में वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं। मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री के रूप में अपने सात वर्षो के कार्यकाल के दौरान तीसरी बार अफ्रीका दौरे पर हैं। मनमोहन सिंह ने अपने दौरे से पूर्व अफ्रीका को भारत के उच्च कूटनीतिक प्राथमिकता पर रखा। उन्होंने कहा, "अफ्रीका दुनिया के एक नए विकास स्तम्भ के रूप में उभर रहा है।" उन्होंने आशा जाहिर की कि यह शिखर बैठक ऐतिहासिक होगी, जो "भारत और अफ्रीका के बीच एक मजबूत और उद्देश्यपरक साझेदारी" के विस्तार में मददगार साबित होगी। रविवार की रात अपने बयान में सिंह ने कहा था कि भारत-अफ्रीका की साझेदारी "क्षमता विकास और कौशल स्थानांतरण, व्यापार एवं अधोसंरचना विकास जैसे तीन स्तम्भों" पर टिकी हुई है। मनमोहन सिंह अदिस अबाबा में अफ्रीकी देशों के आधा दर्जन नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। वह तंजानिया के लिए रवाना होने से पहले गुरुवार को इथोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी सम्बोधित करेंगे। मनमोहन सिंह दर एस सलाम में तंजानिया के राष्ट्रपति जकाया किकवेटे के साथ व्यापक बातचीत में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार रात नई दिल्ली लौट आएंगे। | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को अफ्रीका के छह दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र ने तेलंगाना के विधायक रमेश चेन्नामनेनी की नागरिकता रद्द कर दी है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस बात की जानकारी दी है. केंद्र ने कहा कि विधायक एक जर्मन नागरिक हैं और उन्होंने धोखे से भारतीय नागरिकता प्राप्त की है. केंद्र ने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्य चेन्नामनेनी ने अपने विदेश दौरे के बारे में तथ्य छुपाए हैं.
गृह मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है "उनके गलतबयानी / तथ्य को छुपाने की वजह से भारत सरकार शुरू में अपना निर्णय लेने में गुमराह हुई. अगर उन्होंने आवेदन करने से पहले इस तथ्य का खुलासा किया होता कि वे एक साल से भारत में नहीं रह रहे थे तो मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी ने उन्हें नागरिकता की अनुमति नहीं देते."
सक्षम प्राधिकारी ने माना है कि यह सार्वजनिक रूप से अच्छा नहीं है कि चेन्नामनेनी भारत के नागरिक बने रहें और इसलिए फैसला किया गया है कि उनकी नागरिकता समाप्त कर दी जाए.
आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए चेन्नामनेनी ने कहा, ''तेलंगाना हाई कोर्ट ने पहले एक सकारात्मक निर्णय दिया था लेकिन गृह मंत्रालय ने इस पर विचार नहीं किया और फिर से नागरिकता रद्द कर दी. इसलिए, हम नागरिकता की सुरक्षा के लिए फिर से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे." उन्होंने दावा किया कि मंत्रालय से अनुकूल निर्णय न हो पाने की स्थिति में उन्हें इस मामले पर कोर्ट ने फिर से विचार करने का विकल्प दिया है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रिपोर्ट में रमेश चेन्नामनेनी के जर्मन नागरिक होने का खुलासा
चुनाव आवेदन के समय छिपा लिए थे तथ्य
2009 में पहली बार TDP से चुने गए थे विधायक | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने चीन में आयोजित विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान महिलाओं के वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली वाली भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधू को बधाई दी है।टिप्पणियां
शाहरुख ने ट्विटर पर लिखा, "सिंधू को बधाई। आपने हमें गौरवान्वित किया है। प्रकाश पादुकोण ने पहले यह किया था और अब आपने यहकर दिखाया। अभी और आगे जाना है, खेल बरकरार रखिए।"
सिंधू को सेमीफाइनल में थाईलैंड की रातचानोक इंतानोन के हाथों शनिवार को हार का मुंह देखना पड़ा। यह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारत को तीसरा और महिला एकल वर्ग में मिला पहला पदक है। इससे पहले प्रकाश पादुकोण ने 1983 में कोपेनहेगन में पुरुष एकल में और 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
शाहरुख ने ट्विटर पर लिखा, "सिंधू को बधाई। आपने हमें गौरवान्वित किया है। प्रकाश पादुकोण ने पहले यह किया था और अब आपने यहकर दिखाया। अभी और आगे जाना है, खेल बरकरार रखिए।"
सिंधू को सेमीफाइनल में थाईलैंड की रातचानोक इंतानोन के हाथों शनिवार को हार का मुंह देखना पड़ा। यह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारत को तीसरा और महिला एकल वर्ग में मिला पहला पदक है। इससे पहले प्रकाश पादुकोण ने 1983 में कोपेनहेगन में पुरुष एकल में और 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
सिंधू को सेमीफाइनल में थाईलैंड की रातचानोक इंतानोन के हाथों शनिवार को हार का मुंह देखना पड़ा। यह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारत को तीसरा और महिला एकल वर्ग में मिला पहला पदक है। इससे पहले प्रकाश पादुकोण ने 1983 में कोपेनहेगन में पुरुष एकल में और 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। | संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने चीन में आयोजित विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान महिलाओं के वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली वाली भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधू को बधाई दी है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल का लोगो आज भारतीय रंग−रूप में सजा हुआ है। यह गूगल डूडल बनाया है अरुण कुमार यादव नाम के छात्र ने। पिछली साल की तरह इस साल भी गूगल ने भारत में अपने लोगो को बनाने का एक मुकाबला रखा था।टिप्पणियां
इस बार भारतीय संस्कृति और विविधता को दिखाना था। अरुण ने अपने डूडल में खेल, नृत्य, कला पक्ष जैसी चीजों को लोगो में दिखाया है। गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालय, चंडीगढ़ में नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अरुण कुमार यादव ने इस साल की 'डूडल4गूगल' प्रतियोगिता जीती थी।
इस सर्च इंजन कंपनी ने इसके लिए देश भर के कक्षा एक से 10 के विद्यार्थियों की प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस साल की थीम 'यूनिटी इन डाइवर्सिटी' यानी 'विविधता में एकता' थी। इसमें 1,000 से अधिक स्कूलों से 2,00,000 प्रविष्टियां आईं। 13 फाइनल प्रविष्टियों में से अरुण यादव के डिजाइन को चुना गया। इस साल के जज बोमन ईरानी तथा कार्टूनिस्ट अजित नैनन थे।
इस बार भारतीय संस्कृति और विविधता को दिखाना था। अरुण ने अपने डूडल में खेल, नृत्य, कला पक्ष जैसी चीजों को लोगो में दिखाया है। गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालय, चंडीगढ़ में नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अरुण कुमार यादव ने इस साल की 'डूडल4गूगल' प्रतियोगिता जीती थी।
इस सर्च इंजन कंपनी ने इसके लिए देश भर के कक्षा एक से 10 के विद्यार्थियों की प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस साल की थीम 'यूनिटी इन डाइवर्सिटी' यानी 'विविधता में एकता' थी। इसमें 1,000 से अधिक स्कूलों से 2,00,000 प्रविष्टियां आईं। 13 फाइनल प्रविष्टियों में से अरुण यादव के डिजाइन को चुना गया। इस साल के जज बोमन ईरानी तथा कार्टूनिस्ट अजित नैनन थे।
इस सर्च इंजन कंपनी ने इसके लिए देश भर के कक्षा एक से 10 के विद्यार्थियों की प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस साल की थीम 'यूनिटी इन डाइवर्सिटी' यानी 'विविधता में एकता' थी। इसमें 1,000 से अधिक स्कूलों से 2,00,000 प्रविष्टियां आईं। 13 फाइनल प्रविष्टियों में से अरुण यादव के डिजाइन को चुना गया। इस साल के जज बोमन ईरानी तथा कार्टूनिस्ट अजित नैनन थे। | संक्षिप्त सारांश: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल का लोगो आज भारतीय रंग−रूप में सजा हुआ है। यह गूगल डूडल बनाया है अरुण कुमार यादव नाम के छात्र ने। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रवचनकर्ता आसाराम बापू, जो स्कूली छात्रा पर यौन हमले के एक मामले में इन दिनों जेल में हैं, के एक हॉस्टल की वार्डन ने राजस्थान की एक कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे आसाराम मुश्किल में पड़ सकते हैं।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल के एक हॉस्टल की वार्डन शिल्पी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। शिल्पी पर आरोप है कि वह स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास जोधपुर गई थी। जोधपुर की कोर्ट ने शिल्पी की जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि शिल्पी ही नाबालिग स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास गई थी। शिल्पी ने छात्रा की तबीयत खराब होने की बात कही थी और वह इलाज के लिए आसाराम के पास ले गई थी।टिप्पणियां
करीब एक महीने से शिल्पी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। 75 वर्षीय आसाराम को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
आसाराम के निजी सहायक शिवा, जो जेल में है, ने पुलिस को बताया है कि आसाराम अकसर महिलाओं से अकेले में मिलते थे। वह इलाज के नाम पर महिलाओं से मिला करते थे।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल के एक हॉस्टल की वार्डन शिल्पी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। शिल्पी पर आरोप है कि वह स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास जोधपुर गई थी। जोधपुर की कोर्ट ने शिल्पी की जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि शिल्पी ही नाबालिग स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास गई थी। शिल्पी ने छात्रा की तबीयत खराब होने की बात कही थी और वह इलाज के लिए आसाराम के पास ले गई थी।टिप्पणियां
करीब एक महीने से शिल्पी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। 75 वर्षीय आसाराम को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
आसाराम के निजी सहायक शिवा, जो जेल में है, ने पुलिस को बताया है कि आसाराम अकसर महिलाओं से अकेले में मिलते थे। वह इलाज के नाम पर महिलाओं से मिला करते थे।
पुलिस का कहना है कि शिल्पी ही नाबालिग स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास गई थी। शिल्पी ने छात्रा की तबीयत खराब होने की बात कही थी और वह इलाज के लिए आसाराम के पास ले गई थी।टिप्पणियां
करीब एक महीने से शिल्पी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। 75 वर्षीय आसाराम को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
आसाराम के निजी सहायक शिवा, जो जेल में है, ने पुलिस को बताया है कि आसाराम अकसर महिलाओं से अकेले में मिलते थे। वह इलाज के नाम पर महिलाओं से मिला करते थे।
करीब एक महीने से शिल्पी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। 75 वर्षीय आसाराम को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
आसाराम के निजी सहायक शिवा, जो जेल में है, ने पुलिस को बताया है कि आसाराम अकसर महिलाओं से अकेले में मिलते थे। वह इलाज के नाम पर महिलाओं से मिला करते थे।
आसाराम के निजी सहायक शिवा, जो जेल में है, ने पुलिस को बताया है कि आसाराम अकसर महिलाओं से अकेले में मिलते थे। वह इलाज के नाम पर महिलाओं से मिला करते थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस का कहना है कि शिल्पी ही नाबालिग स्कूली छात्रा को लेकर आसाराम के पास गई थी। शिल्पी ने छात्रा की तबीयत खराब होने की बात कही थी और वह इलाज के लिए आसाराम के पास ले गई थी। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मौजूदा उपविजेता जर्मनी की टीम यूरो 2012 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को इटली से भिड़ेगी। जर्मनी की कोशिश अपने अपराजेय क्रम को जारी रखने की होगी, वहीं टीम इटली भी जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी।
जर्मनी ने क्वार्टर फाइनल में ग्रीस को 4-2 से पराजित किया था, जबकि इटली ने पेनल्टी शूटआउट के जरिये इंग्लैंड को 4-2 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। मौजूदा टूर्नामेंट में जर्मनी की टीम अब तक कोई भी मुकाबला नहीं हारी है, और उसने लीग चरण में पुर्तगाल, हॉलैंड और डेनमार्क को हराया था।
पिछले विश्वकप में तीसरा स्थान हासिल करने वाली जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में परिपक्वता दिखाई है और मैच भी जीते हैं। जर्मनी की टीम लगातार 15 मैच जीत चुकी है। जर्मनी के आक्रामक मिडफील्डर मेसुत ओजिल ने एक दिन पहले ही कहा था कि सेमीफाइनल में उनकी टीम किसी भी टीम को हराने के प्रति आश्वस्त है।
ओजिल ने कहा था, "हमारा ध्यान सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जो बेहद कड़ा होने वाला है, लेकिन हम किसी भी टीम को हराने को लेकर आश्वस्त हैं। इटली मजबूत टीम है। आप देख सकते हैं कि मौजूदा विश्व चैम्पियन स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्तर पर उन्होंने अच्छा खेल दिखाया था।" टिप्पणियां
"मुझे लगता है कि इटली सेमीफाइनल में पहुंचने की हकदार थी। वह बहुत अच्छी और मजबूत टीम है, लेकिन हम भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। यदि हम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इटली को हरा देंगे।"
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
जर्मनी ने क्वार्टर फाइनल में ग्रीस को 4-2 से पराजित किया था, जबकि इटली ने पेनल्टी शूटआउट के जरिये इंग्लैंड को 4-2 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। मौजूदा टूर्नामेंट में जर्मनी की टीम अब तक कोई भी मुकाबला नहीं हारी है, और उसने लीग चरण में पुर्तगाल, हॉलैंड और डेनमार्क को हराया था।
पिछले विश्वकप में तीसरा स्थान हासिल करने वाली जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में परिपक्वता दिखाई है और मैच भी जीते हैं। जर्मनी की टीम लगातार 15 मैच जीत चुकी है। जर्मनी के आक्रामक मिडफील्डर मेसुत ओजिल ने एक दिन पहले ही कहा था कि सेमीफाइनल में उनकी टीम किसी भी टीम को हराने के प्रति आश्वस्त है।
ओजिल ने कहा था, "हमारा ध्यान सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जो बेहद कड़ा होने वाला है, लेकिन हम किसी भी टीम को हराने को लेकर आश्वस्त हैं। इटली मजबूत टीम है। आप देख सकते हैं कि मौजूदा विश्व चैम्पियन स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्तर पर उन्होंने अच्छा खेल दिखाया था।" टिप्पणियां
"मुझे लगता है कि इटली सेमीफाइनल में पहुंचने की हकदार थी। वह बहुत अच्छी और मजबूत टीम है, लेकिन हम भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। यदि हम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इटली को हरा देंगे।"
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
पिछले विश्वकप में तीसरा स्थान हासिल करने वाली जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में परिपक्वता दिखाई है और मैच भी जीते हैं। जर्मनी की टीम लगातार 15 मैच जीत चुकी है। जर्मनी के आक्रामक मिडफील्डर मेसुत ओजिल ने एक दिन पहले ही कहा था कि सेमीफाइनल में उनकी टीम किसी भी टीम को हराने के प्रति आश्वस्त है।
ओजिल ने कहा था, "हमारा ध्यान सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जो बेहद कड़ा होने वाला है, लेकिन हम किसी भी टीम को हराने को लेकर आश्वस्त हैं। इटली मजबूत टीम है। आप देख सकते हैं कि मौजूदा विश्व चैम्पियन स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्तर पर उन्होंने अच्छा खेल दिखाया था।" टिप्पणियां
"मुझे लगता है कि इटली सेमीफाइनल में पहुंचने की हकदार थी। वह बहुत अच्छी और मजबूत टीम है, लेकिन हम भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। यदि हम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इटली को हरा देंगे।"
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
ओजिल ने कहा था, "हमारा ध्यान सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जो बेहद कड़ा होने वाला है, लेकिन हम किसी भी टीम को हराने को लेकर आश्वस्त हैं। इटली मजबूत टीम है। आप देख सकते हैं कि मौजूदा विश्व चैम्पियन स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्तर पर उन्होंने अच्छा खेल दिखाया था।" टिप्पणियां
"मुझे लगता है कि इटली सेमीफाइनल में पहुंचने की हकदार थी। वह बहुत अच्छी और मजबूत टीम है, लेकिन हम भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। यदि हम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इटली को हरा देंगे।"
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
"मुझे लगता है कि इटली सेमीफाइनल में पहुंचने की हकदार थी। वह बहुत अच्छी और मजबूत टीम है, लेकिन हम भी अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं। यदि हम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं तो मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इटली को हरा देंगे।"
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।
दूसरी ओर, पूर्व चैम्पियन इटली की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की भरमार है। 46 वर्ष बाद यूरो कप टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद में इतालवी टीम अपने इस लक्ष्य से दो कदम दूर है। कुल मिलाकर दोनों टीमों इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी। | यह एक सारांश है: जर्मनी की कोशिश अपने अपराजेय क्रम को जारी रखने की होगी, वहीं टीम इटली भी जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गृह युद्ध के दौरान विद्रोहियों के हाथों मारे गए लीबियाई तानाशाह मुअम्मार गद्दाफी की बेटी आयशा गद्दाफी ने लीबियाई जनता से आग्रह किया है कि उन्हें उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के विमानों के बल पर सत्ता में आई नई सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, सीबीएस न्यूज ने आयशा के हवाले से कहा है, "मेरे पिता भले ही जीवित नहीं हैं, लेकिन वह हमेशा हमारे बीच हैं।" आयशा का आडियो संदेश मंगलवार को सीरिया के अल-राय टेलीविजन पर प्रसारित हुआ था। आयशा ने कहा है, "अपने पिता के आदेशों को मत भूलिए, जो आपसे लड़ाई जारी रखने का आग्रह कर रहा है, भले ही उनकी आवाज अब आपको नहीं सुनाई देती।" गद्दाफी ने लीबिया पर पूरे 42 वर्षो तक शासन किया था। विद्रोहियों ने उसे उसके गृह नगर सिर्ते के पास 20 अक्टूबर को पकड़ लिया था और उसे मार डाला था। त्रिपोली पर विद्रोहियों का कब्जा होने के बाद आयशा, अपनी मां सोफिया और दो भाइयों, हन्नीबल व मोहम्मद तथा उनके बच्चों के साथ 29 अगस्त को सीमा पारकर अल्जीरिया चली गई थी। सीमा पार करने के चंद घंटे बाद ही आयशा ने अल्जीरिया के एक अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था। सीबीएस न्यूज के अनुसार, अपने बयान के लिए आयशा को प्रत्यर्पण का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि उसने और उसके पारिवारिक सदस्यों ने अल्जीरिया में शरण मिलने के बाद शपथ लिया था कि वे कोई भी सार्वजनिक बयान नहीं देंगे। | संक्षिप्त पाठ: गद्दाफी की बेटी आयशा गद्दाफी ने लीबियाई जनता से आग्रह किया है कि उन्हें नाटो के विमानों के बल पर सत्ता में आई नई सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका में सूखे की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि देश में इसकी वजह से फसल प्रभावित होती है, तो इससे खाद्य पदार्थों के दाम चढ़ सकते हैं।टिप्पणियां
अमेरिका के सूखा निगरानी विभाग के अनुसार नौ मध्य पश्चिमी राज्यों में सूखे के क्षेत्रों में तीन गुना का इजाफा हुआ है। इन क्षेत्रों में मक्का तथा सोयाबीन का उत्पादन होता है।
एक अधिकारी ने कहा कि सूखे की स्थिति का फैलाव तेजी से हो रहा है। और सिर्फ एक सप्ताह में ही हम 11.9 से 28.9 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं।
अमेरिका के सूखा निगरानी विभाग के अनुसार नौ मध्य पश्चिमी राज्यों में सूखे के क्षेत्रों में तीन गुना का इजाफा हुआ है। इन क्षेत्रों में मक्का तथा सोयाबीन का उत्पादन होता है।
एक अधिकारी ने कहा कि सूखे की स्थिति का फैलाव तेजी से हो रहा है। और सिर्फ एक सप्ताह में ही हम 11.9 से 28.9 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि सूखे की स्थिति का फैलाव तेजी से हो रहा है। और सिर्फ एक सप्ताह में ही हम 11.9 से 28.9 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में सूखे की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि देश में इसकी वजह से फसल प्रभावित होती है, तो इससे खाद्य पदार्थों के दाम चढ़ सकते हैं। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व वित्तमंत्री और बीजेपी सांसद यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को पेश आम बजट को 'बाजीगरी का बजट' करार देते हुए कहा कि वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने जो बजट पेश किया है, उससे लगता है कि भविष्य में आर्थिक संकट और गहराएगा।
यशवंत सिन्हा ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राजकोषीय घाटा, मुद्रास्फीति आदि की चुनौतियों के बीच इनके आंकड़ों में बाजीगरी की गई है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री ने राजकोषीय घाटे को 5.2 फीसदी पर रखने का श्रेय लिया है, जबकि केलकर समिति ने इसे 5.3 फीसदी रखने की सिफारिश की थी। राजकोषीय घाटा अगले साल 4.8 फीसदी पर रखने का लक्ष्य रखा है। देखते हैं यह कहां तक सही रहता है।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए धन की कमी नहीं, बल्कि परियोजनाओं को मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरियों की समस्याएं रहती हैं, जिस पर चिदंबरम ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा प्रस्तावित महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना पर कुछ नहीं कहा, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती थी। सिन्हा ने कहा कि वित्तमंत्री ने विदेशी निवेश पर बड़े जोर देकर अपनी बात कही जैसे विदेशी निवेश से ही सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी और देश अपने दम पर नहीं, बल्कि विदेशी मदद से आर्थिक विकास करेगा। यही यूपीए का फॉर्मूला है।
उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक को इसी सत्र में लाने का दावा कर रही है, जिसके लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, जबकि विशेषज्ञ इस कानून के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था पर एक लाख करोड़ रुपये के भार का अनुमान लगा रहे हैं। सिन्हा के मुताबिक सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक के संबंध में स्थायी समिति द्वारा पिछले साल 9 मार्च को ही रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हुआ। अच्छा होता कि चिदंबरम नया आयकर कानून लाते, लेकिन उन्होंने अस्थायी बदलाव ही किए हैं।टिप्पणियां
बीजेपी नेता ने हालांकि आवास पर आयकर में एक लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट का स्वागत करते हुए कहा कि करीब एक दशक बाद आवास क्षेत्र में इस तरह की राहत दी गई है। इससे पहले एनडीए सरकार ने इस पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी थी। सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम ने उत्पाद शुल्क में कुछ खास नहीं किया। अलग-अलग उत्पादों पर घटत-बढ़त करने की बजाय इसमें एकरूपता लानी चाहिए थी। इस बजट में वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के लिए भी कोई रोडमैप नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी।
यशवंत सिन्हा ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राजकोषीय घाटा, मुद्रास्फीति आदि की चुनौतियों के बीच इनके आंकड़ों में बाजीगरी की गई है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री ने राजकोषीय घाटे को 5.2 फीसदी पर रखने का श्रेय लिया है, जबकि केलकर समिति ने इसे 5.3 फीसदी रखने की सिफारिश की थी। राजकोषीय घाटा अगले साल 4.8 फीसदी पर रखने का लक्ष्य रखा है। देखते हैं यह कहां तक सही रहता है।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए धन की कमी नहीं, बल्कि परियोजनाओं को मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरियों की समस्याएं रहती हैं, जिस पर चिदंबरम ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा प्रस्तावित महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना पर कुछ नहीं कहा, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती थी। सिन्हा ने कहा कि वित्तमंत्री ने विदेशी निवेश पर बड़े जोर देकर अपनी बात कही जैसे विदेशी निवेश से ही सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी और देश अपने दम पर नहीं, बल्कि विदेशी मदद से आर्थिक विकास करेगा। यही यूपीए का फॉर्मूला है।
उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक को इसी सत्र में लाने का दावा कर रही है, जिसके लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, जबकि विशेषज्ञ इस कानून के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था पर एक लाख करोड़ रुपये के भार का अनुमान लगा रहे हैं। सिन्हा के मुताबिक सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक के संबंध में स्थायी समिति द्वारा पिछले साल 9 मार्च को ही रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हुआ। अच्छा होता कि चिदंबरम नया आयकर कानून लाते, लेकिन उन्होंने अस्थायी बदलाव ही किए हैं।टिप्पणियां
बीजेपी नेता ने हालांकि आवास पर आयकर में एक लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट का स्वागत करते हुए कहा कि करीब एक दशक बाद आवास क्षेत्र में इस तरह की राहत दी गई है। इससे पहले एनडीए सरकार ने इस पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी थी। सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम ने उत्पाद शुल्क में कुछ खास नहीं किया। अलग-अलग उत्पादों पर घटत-बढ़त करने की बजाय इसमें एकरूपता लानी चाहिए थी। इस बजट में वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के लिए भी कोई रोडमैप नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए धन की कमी नहीं, बल्कि परियोजनाओं को मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरियों की समस्याएं रहती हैं, जिस पर चिदंबरम ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा प्रस्तावित महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना पर कुछ नहीं कहा, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती थी। सिन्हा ने कहा कि वित्तमंत्री ने विदेशी निवेश पर बड़े जोर देकर अपनी बात कही जैसे विदेशी निवेश से ही सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी और देश अपने दम पर नहीं, बल्कि विदेशी मदद से आर्थिक विकास करेगा। यही यूपीए का फॉर्मूला है।
उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक को इसी सत्र में लाने का दावा कर रही है, जिसके लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, जबकि विशेषज्ञ इस कानून के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था पर एक लाख करोड़ रुपये के भार का अनुमान लगा रहे हैं। सिन्हा के मुताबिक सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक के संबंध में स्थायी समिति द्वारा पिछले साल 9 मार्च को ही रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हुआ। अच्छा होता कि चिदंबरम नया आयकर कानून लाते, लेकिन उन्होंने अस्थायी बदलाव ही किए हैं।टिप्पणियां
बीजेपी नेता ने हालांकि आवास पर आयकर में एक लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट का स्वागत करते हुए कहा कि करीब एक दशक बाद आवास क्षेत्र में इस तरह की राहत दी गई है। इससे पहले एनडीए सरकार ने इस पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी थी। सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम ने उत्पाद शुल्क में कुछ खास नहीं किया। अलग-अलग उत्पादों पर घटत-बढ़त करने की बजाय इसमें एकरूपता लानी चाहिए थी। इस बजट में वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के लिए भी कोई रोडमैप नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक को इसी सत्र में लाने का दावा कर रही है, जिसके लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, जबकि विशेषज्ञ इस कानून के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था पर एक लाख करोड़ रुपये के भार का अनुमान लगा रहे हैं। सिन्हा के मुताबिक सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक के संबंध में स्थायी समिति द्वारा पिछले साल 9 मार्च को ही रिपोर्ट दिए जाने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हुआ। अच्छा होता कि चिदंबरम नया आयकर कानून लाते, लेकिन उन्होंने अस्थायी बदलाव ही किए हैं।टिप्पणियां
बीजेपी नेता ने हालांकि आवास पर आयकर में एक लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट का स्वागत करते हुए कहा कि करीब एक दशक बाद आवास क्षेत्र में इस तरह की राहत दी गई है। इससे पहले एनडीए सरकार ने इस पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी थी। सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम ने उत्पाद शुल्क में कुछ खास नहीं किया। अलग-अलग उत्पादों पर घटत-बढ़त करने की बजाय इसमें एकरूपता लानी चाहिए थी। इस बजट में वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के लिए भी कोई रोडमैप नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी।
बीजेपी नेता ने हालांकि आवास पर आयकर में एक लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट का स्वागत करते हुए कहा कि करीब एक दशक बाद आवास क्षेत्र में इस तरह की राहत दी गई है। इससे पहले एनडीए सरकार ने इस पर 1.5 लाख रुपये की छूट दी थी। सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम ने उत्पाद शुल्क में कुछ खास नहीं किया। अलग-अलग उत्पादों पर घटत-बढ़त करने की बजाय इसमें एकरूपता लानी चाहिए थी। इस बजट में वस्तु एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) के लिए भी कोई रोडमैप नहीं है।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी।
हालांकि केंद्रीय बिक्री शुल्क (सीएसटी) में राज्यों को मुआवजे के तौर पर 9,000 करोड़ रुपये के आवंटन के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि हम इसकी मांग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि करीब 18 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर भार लोगों पर पड़ेगा, जिसमें प्रत्यक्ष कर पर 13,000 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष कर पर 4,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ रहेगा। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा कि देश के सामने निवेश का बड़ा संकट है और इसमें जान डालने के लिए कोई उम्मीद वाला सुझाव इस बजट में नहीं हैं। इससे निवेशकों का उत्साह नहीं बढ़ेगा। विश्वास में कमी बनी रहेगी। | संक्षिप्त पाठ: पूर्व वित्तमंत्री और बीजेपी सांसद यशवंत सिन्हा ने आम बजट को 'बाजीगरी का बजट' करार देते हुए कहा कि चिदंबरम ने जो बजट पेश किया है, उससे लगता है कि भविष्य में आर्थिक संकट और गहराएगा। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रिएलिटी शो 'बिग बॉस 6' से इस सप्ताह दो सदस्य बेघर होंगे। अभी तक पिछले तीन सप्ताह के दौरान एक-एक सदस्य बेघर होते आए हैं।
इस बार बेघर होने के लिए जिनका नामांकन हुआ है उनमें गुलाबी गैंग की संपत लाल, कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी, मॉडल करिश्मा कोटक और हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवनानी शामिल हैं।
एक सूत्र ने कहा कि उन्हें सोमवार के एपिसोड में यह बताया जाएगा कि इस बार दो सदस्य बेघर होंगे।
इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से तीन अभी तक बेघर हो चुके हैं। इनमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी।
इस बार बेघर होने के लिए जिनका नामांकन हुआ है उनमें गुलाबी गैंग की संपत लाल, कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी, मॉडल करिश्मा कोटक और हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवनानी शामिल हैं।
एक सूत्र ने कहा कि उन्हें सोमवार के एपिसोड में यह बताया जाएगा कि इस बार दो सदस्य बेघर होंगे।
इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से तीन अभी तक बेघर हो चुके हैं। इनमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी।
एक सूत्र ने कहा कि उन्हें सोमवार के एपिसोड में यह बताया जाएगा कि इस बार दो सदस्य बेघर होंगे।
इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से तीन अभी तक बेघर हो चुके हैं। इनमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी।
इस रिएलिटी शो की शुरुआत 15 प्रतिभागियों के साथ हुई थी जिसमें से तीन अभी तक बेघर हो चुके हैं। इनमें भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव, मार्शल आर्टिस्ट काशिफ कुरैशी एवं अभिनेत्री सायंतनी घोष शामिल हैं।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले के नेतृत्व में पांच हजार कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर को बिग बॉस के लोनावाला स्थित घर पर पहुंच गए थे और असीम त्रिवेदी को बेघर करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने संविधान और अन्य प्रतीकों के निंदात्मक कार्टून बनाए थे।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी।
इस सप्ताह घर से बेघर होने वालों की घोषणा कलर्स चैनल पर शुक्रवार को की जाएगी। | यह एक सारांश है: रिएलिटी शो 'बिग बॉस 6' से इस सप्ताह दो सदस्य बेघर होंगे। अभी तक पिछले तीन सप्ताह के दौरान एक-एक सदस्य बेघर होते आए हैं। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री और बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम पर असम सरकार को धन्यवाद देते हुए मंगलवार को ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से पूछा कि क्या उनकी नजर में हिंदुस्तान में इस्लाम सिर्फ बच्चा पैदा करने की फैक्ट्री है. गिरिराज ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘बदरुद्दीन अजमल की नजर में हिंदुस्तान में इस्लाम क्या सिर्फ बच्चा पैदा करने की फैक्ट्री है ..क्या ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया इत्यादि देशों में इस्लाम नहीं है जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कारगर उपाय किए गए हैं.'' उन्होंने कहा, '1951 में देश की जनसंख्या 36 करोड़ थी जो अब 137 करोड़ हो गई, हर साल 2 करोड़ की जनसंख्या वृद्धि हो रही है.' केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'असम सरकार को धन्यवाद देता हूं कि जो काम हिंदुस्तान में बहुत पहले हो जाना चाहिए था उन्होंने वो कर दिखाया.'
उन्होंने कहा, 'विस्फोटक जनसंख्या संसाधन, विकास एवं सामाजिक समरसता के लिए विस्फोटक समस्या बन गई है.' अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय में बढे़ अपराध के बारे में गिरिराज ने कहा, 'बेगूसराय में अपराध चरम पर है और हाल यह है कि एक हत्या पीड़ित से मिलने जाता हूं तब तक दूसरी हत्या हो जाती है, पिछले 72 घंटों में 10 लोगों पर गोली चली है जिसमें 7 मौत हुई है. इस तरह से नहीं चलेगा और आज मैं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करूंगा.'
बजलपुरा, तेघड़ा एवं मचहा में पीड़ित परिवार से मिले गिरिराज ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, 'बेगूसराय में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की और उन्होंने आश्वासन दिया है कि इसमें सुधार किया जाएगा.' | यहाँ एक सारांश है:गिरिराज सिंह ने बदरुद्दीन अजमल से पूछा सवाल
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख हैं बदरुद्दीन अजमल
क्या हिंदुस्तान में इस्लाम सिर्फ बच्चा पैदा करने की फैक्ट्री है- गिरिराज | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान में 'ईद मिलादुन नबी' के अवसर पर सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को लाहौर और कराची सहित 58 शहरों में मोबाइल फोन सेवा बंद कर दी गई।
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक, मोबाइल फोन सेवा पंजाब, सिंध के बड़े शहरों और बलुचिस्तान की राजधानी में भी ठप रहेगी।टिप्पणियां
गृहमंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार को बताया कि इन तीनों प्रांतों से मोबाइल फोन सेवा बंद किए जाने का अनुरोध किया गया था।
एक अधिकारी के मुताबिक मोबाइल फोन सेवा पंजाब के लाहौरस मुल्तान, सियालकोट, रावलपिंडी, एटॉक, झेलम , चकवाल, फैसलाबाद, सरगोढा सहित 51 शहरों और सिंध के कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और खैरपुर सहित सात शहरों में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक और क्वेटा में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी।
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक, मोबाइल फोन सेवा पंजाब, सिंध के बड़े शहरों और बलुचिस्तान की राजधानी में भी ठप रहेगी।टिप्पणियां
गृहमंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार को बताया कि इन तीनों प्रांतों से मोबाइल फोन सेवा बंद किए जाने का अनुरोध किया गया था।
एक अधिकारी के मुताबिक मोबाइल फोन सेवा पंजाब के लाहौरस मुल्तान, सियालकोट, रावलपिंडी, एटॉक, झेलम , चकवाल, फैसलाबाद, सरगोढा सहित 51 शहरों और सिंध के कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और खैरपुर सहित सात शहरों में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक और क्वेटा में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी।
गृहमंत्री रहमान मलिक ने गुरुवार को बताया कि इन तीनों प्रांतों से मोबाइल फोन सेवा बंद किए जाने का अनुरोध किया गया था।
एक अधिकारी के मुताबिक मोबाइल फोन सेवा पंजाब के लाहौरस मुल्तान, सियालकोट, रावलपिंडी, एटॉक, झेलम , चकवाल, फैसलाबाद, सरगोढा सहित 51 शहरों और सिंध के कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और खैरपुर सहित सात शहरों में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक और क्वेटा में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी।
एक अधिकारी के मुताबिक मोबाइल फोन सेवा पंजाब के लाहौरस मुल्तान, सियालकोट, रावलपिंडी, एटॉक, झेलम , चकवाल, फैसलाबाद, सरगोढा सहित 51 शहरों और सिंध के कराची, हैदराबाद, सुक्कुर और खैरपुर सहित सात शहरों में सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक और क्वेटा में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगी। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान में 'ईद मिलादुन नबी' के अवसर पर सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को लाहौर और कराची सहित 58 शहरों में मोबाइल फोन सेवा बंद कर दी गई। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति के दौरान अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने वाले विधेयक के विरोध तथा अल्पसंख्यकों पर सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित की है।
लोकसभा की कार्यवाही पांच बार बाधित हुई और उसके बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसे राज्यसभा में सोमवार शाम प्रोन्नति में आरक्षण विधेयक पर होने वाले मतदान से पहले दबाव बनाने की सपा की रणनीति माना जा रहा है।
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह जैसे ही शुरू हुई, पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा ने सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति का मुद्दा उठाया। सपा सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष खड़े होकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे प्रश्नकाल बाधित हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सपा सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में मुद्दा उठाने का समय दिया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने भी सपा सदस्यों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक और फिर दोपहर तक स्थगित कर दी। उसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई, जो मुसलमानों के लिए आरक्षण की सिफारिश करती है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
लोकसभा की कार्यवाही पांच बार बाधित हुई और उसके बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसे राज्यसभा में सोमवार शाम प्रोन्नति में आरक्षण विधेयक पर होने वाले मतदान से पहले दबाव बनाने की सपा की रणनीति माना जा रहा है।
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह जैसे ही शुरू हुई, पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा ने सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति का मुद्दा उठाया। सपा सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष खड़े होकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे प्रश्नकाल बाधित हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सपा सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में मुद्दा उठाने का समय दिया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने भी सपा सदस्यों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक और फिर दोपहर तक स्थगित कर दी। उसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई, जो मुसलमानों के लिए आरक्षण की सिफारिश करती है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह जैसे ही शुरू हुई, पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा ने सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति का मुद्दा उठाया। सपा सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष खड़े होकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे प्रश्नकाल बाधित हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सपा सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में मुद्दा उठाने का समय दिया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने भी सपा सदस्यों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक और फिर दोपहर तक स्थगित कर दी। उसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई, जो मुसलमानों के लिए आरक्षण की सिफारिश करती है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सपा सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में मुद्दा उठाने का समय दिया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने भी सपा सदस्यों से शांत होने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक और फिर दोपहर तक स्थगित कर दी। उसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई, जो मुसलमानों के लिए आरक्षण की सिफारिश करती है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
राज्यसभा में सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई, जो मुसलमानों के लिए आरक्षण की सिफारिश करती है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सदस्य नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
ज्ञात हो कि एक तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस विधेयक को पारित करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सपा ने धमकी दी है कि यदि विधेयक पारित हुआ तो वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था।
इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से ही बार-बार बाधित हो रही है। शीतकालीन सत्र 22 नवम्बर से शुरू हुआ था। | यहाँ एक सारांश है:सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति के दौरान अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने वाले विधेयक के विरोध तथा अल्पसंख्यकों पर सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर सपा सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित क | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस साल अप्रैल में भारत के विश्व कप जीतने के बाद इतने भावुक हो गए थे कि वह खिताबी मुकाबले के बाद अपने साथी खिलाड़ियों के साथ रोये थे। धोनी ने एक कार्यक्रम में कहा, मैच खत्म होने के बाद सभी खिलाड़ी रोये थे। मैं भी रोया था, हालांकि इसका कोई भी फुटेज उपलब्ध नहीं है। भावनाओं पर नियंत्रण करना काफी मुश्किल था, क्योंकि हम सभी विश्व कप जीतने का सपना देख रहे थे। इस महीने के अंत में शुरू होने वाली भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट शृंखला के लिए रवाना होने से पहले धोनी ने वीडियो रिकॉर्डेड संदेश में कहा, मैं रो रहा था और जब मैंने ऊपर देखा तो सभी खिलाड़ी मुझे घेरकर खड़े हो गए। मैं ड्रेसिंग रूम की ओर दौड़ गया और वहां मैंने देखा दो खिलाड़ी रोते हुए मेरी तरफ दौड़ रहे हैं। धोनी ने कहा कि भारत के लिए विश्व कप जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि कोई भी मेजबान देश अब तक यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी अप्रैल में भारत के विश्व कप जीतने के बाद इतने भावुक हो गए थे कि वह खिताबी मुकाबले के बाद अपने साथी खिलाड़ियों के साथ रोये थे। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गांव में बिजली लाइन बहाल करने की मांग को लेकर भीड़ द्वारा मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 जाम किए जाने के बाद पुलिस के साथ झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस झड़प में छह पुलिसकर्मियों समेत 10 लोग घायल भी हुए हैं.
पुलिस अधीक्षक मुकेश ने कहा कि मृतक की पहचान 32-वर्षीय जमाल शेख के रूप में की गई है और वह झिकरा के सीमावर्ती गांव बलिदा पुकुर का रहने वाला था. वह उस इलाके से गुजर रहा था, जहां राजमार्ग को जाम किया गया था.
पुलिस की गोली से व्यक्ति की मौत होने की खबर आने के बीच अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा.टिप्पणियां
झिकरा गांव में पिछले कुछ दिनों से बिजली नहीं थी और आक्रोशित लोगों ने सुबह करीब 9:30 बजे एनएच-34 पर प्रदर्शन शुरू किया. अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जाम हटवाने के लिए आई और बातचीत विफल होने के बाद संघर्ष हो गया. पुलिस को लाठीचार्ज करने पर विवश होना पड़ा और ग्रामीणों ने पथराव किया. इस पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि लाठीचार्ज में चार ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं. इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस अधीक्षक मुकेश ने कहा कि मृतक की पहचान 32-वर्षीय जमाल शेख के रूप में की गई है और वह झिकरा के सीमावर्ती गांव बलिदा पुकुर का रहने वाला था. वह उस इलाके से गुजर रहा था, जहां राजमार्ग को जाम किया गया था.
पुलिस की गोली से व्यक्ति की मौत होने की खबर आने के बीच अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा.टिप्पणियां
झिकरा गांव में पिछले कुछ दिनों से बिजली नहीं थी और आक्रोशित लोगों ने सुबह करीब 9:30 बजे एनएच-34 पर प्रदर्शन शुरू किया. अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जाम हटवाने के लिए आई और बातचीत विफल होने के बाद संघर्ष हो गया. पुलिस को लाठीचार्ज करने पर विवश होना पड़ा और ग्रामीणों ने पथराव किया. इस पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि लाठीचार्ज में चार ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं. इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस की गोली से व्यक्ति की मौत होने की खबर आने के बीच अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा.टिप्पणियां
झिकरा गांव में पिछले कुछ दिनों से बिजली नहीं थी और आक्रोशित लोगों ने सुबह करीब 9:30 बजे एनएच-34 पर प्रदर्शन शुरू किया. अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जाम हटवाने के लिए आई और बातचीत विफल होने के बाद संघर्ष हो गया. पुलिस को लाठीचार्ज करने पर विवश होना पड़ा और ग्रामीणों ने पथराव किया. इस पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि लाठीचार्ज में चार ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं. इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
झिकरा गांव में पिछले कुछ दिनों से बिजली नहीं थी और आक्रोशित लोगों ने सुबह करीब 9:30 बजे एनएच-34 पर प्रदर्शन शुरू किया. अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जाम हटवाने के लिए आई और बातचीत विफल होने के बाद संघर्ष हो गया. पुलिस को लाठीचार्ज करने पर विवश होना पड़ा और ग्रामीणों ने पथराव किया. इस पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि लाठीचार्ज में चार ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं. इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: छह पुलिसकर्मियों समेत 10 लोग घायल
भीड़ ने एनएच-34 को जाम कर दिया था
पुलिस ने उग्र भीड़ पर किया लाठीचार्ज | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अबू धाबी की विमान कंपनी एतिहाद के साथ जेट एयरवेज के 24 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए सौदा कर चुके कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल ने कहा कि इस रणनीतिक गठजोड़ से जेट का मुनाफा बढ़ेगा और खर्चे कम होंगे।
इस प्रस्ताव पर जेट एयरवेज के शेयर धारकों की विशेष बैठक (ईजीएम) में गोयल ने कहा, एतिहाद के निवेश से हमारे कर्ज में कमी करने और मजबूती के साथ वृद्धि करने में मदद मिलेगी। एतिहाद को वरीयता के आधार पर शेयर आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, पर यह सौदा नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही प्रभावी होगा।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि इस सौदे पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) समेत अन्य नियामकीय एजेंसियों की निगाह है। गोयल ने कहा, व्यावसायिक समझौते से एतिहाद को अपनी उड़ान विस्तार में मदद मिलेगी, लागत घटेगी और इसका मुनाफा बढ़ेगा। सौदे के अनुसार एतिहाद करीब 2,058 करोड़ रुपये में जेट एयरवेज की 24 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगी।
पिछले साल सितंबर में देश की प्रत्यक्ष विदेशी नीति में बदलाव के बाद किसी विदेशी एयरलाइन का भारतीय एयरलाइन में यह पहला प्रत्यक्ष निवेश होगा। दोनों कंपनियों ने कहा है कि इस सौदे के बाद भी जेट एयरवेज में बड़ी हिस्सेदारी और इसका प्रभावी नियंत्रण भारतीयों के हाथ में रहेगा। गोयल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसके गैर कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे।
इस प्रस्ताव पर जेट एयरवेज के शेयर धारकों की विशेष बैठक (ईजीएम) में गोयल ने कहा, एतिहाद के निवेश से हमारे कर्ज में कमी करने और मजबूती के साथ वृद्धि करने में मदद मिलेगी। एतिहाद को वरीयता के आधार पर शेयर आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, पर यह सौदा नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही प्रभावी होगा।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि इस सौदे पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) समेत अन्य नियामकीय एजेंसियों की निगाह है। गोयल ने कहा, व्यावसायिक समझौते से एतिहाद को अपनी उड़ान विस्तार में मदद मिलेगी, लागत घटेगी और इसका मुनाफा बढ़ेगा। सौदे के अनुसार एतिहाद करीब 2,058 करोड़ रुपये में जेट एयरवेज की 24 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगी।
पिछले साल सितंबर में देश की प्रत्यक्ष विदेशी नीति में बदलाव के बाद किसी विदेशी एयरलाइन का भारतीय एयरलाइन में यह पहला प्रत्यक्ष निवेश होगा। दोनों कंपनियों ने कहा है कि इस सौदे के बाद भी जेट एयरवेज में बड़ी हिस्सेदारी और इसका प्रभावी नियंत्रण भारतीयों के हाथ में रहेगा। गोयल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसके गैर कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस सौदे पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) समेत अन्य नियामकीय एजेंसियों की निगाह है। गोयल ने कहा, व्यावसायिक समझौते से एतिहाद को अपनी उड़ान विस्तार में मदद मिलेगी, लागत घटेगी और इसका मुनाफा बढ़ेगा। सौदे के अनुसार एतिहाद करीब 2,058 करोड़ रुपये में जेट एयरवेज की 24 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगी।
पिछले साल सितंबर में देश की प्रत्यक्ष विदेशी नीति में बदलाव के बाद किसी विदेशी एयरलाइन का भारतीय एयरलाइन में यह पहला प्रत्यक्ष निवेश होगा। दोनों कंपनियों ने कहा है कि इस सौदे के बाद भी जेट एयरवेज में बड़ी हिस्सेदारी और इसका प्रभावी नियंत्रण भारतीयों के हाथ में रहेगा। गोयल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसके गैर कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे।
पिछले साल सितंबर में देश की प्रत्यक्ष विदेशी नीति में बदलाव के बाद किसी विदेशी एयरलाइन का भारतीय एयरलाइन में यह पहला प्रत्यक्ष निवेश होगा। दोनों कंपनियों ने कहा है कि इस सौदे के बाद भी जेट एयरवेज में बड़ी हिस्सेदारी और इसका प्रभावी नियंत्रण भारतीयों के हाथ में रहेगा। गोयल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसके गैर कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे। | यहाँ एक सारांश है:अबू धाबी की विमान कंपनी एतिहाद के साथ जेट एयरवेज के 24 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए सौदा कर चुके कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल ने कहा कि इस रणनीतिक गठजोड़ से जेट का मुनाफा बढ़ेगा और खर्चे कम होंगे। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोगों से अपनी अघोषित संपत्ति की घोषणा करने और 'सिर ऊंचा उठाकर' जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को पता है कि किन क्षेत्रों में कालाधन पैदा हो रहा है, लेकिन यह अच्छा नहीं होगा कि वह 'हमेशा निगाह रखने' की प्रक्रिया शुरू करे।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपने नागरिकों पर भरोसा करना पड़ता है और इसलिए हमेशा उनके लेनदेन पर निगाह रखना बहुत सुखद नहीं है। जेटली ने कहा कि जो लोग कमा रहे हैं, उन्हें टैक्स देना चाहिए। विशेषकर ऐसे देश में जहां इनकी दरें उचित हैं। भविष्य में किसी भी तरह की बकाया देनदारी पकड़ ली जाएगी।
बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'कर विभाग समेत सभी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि किन क्षेत्रों में अघोषित धन उपज रहा है। किसी भी राज्य के लिए यह बेहद खराब कर्तव्य है कि वह हमेशा निगरानी रखे जाने वाली प्रक्रिया शुरू करे।'टिप्पणियां
जेटली ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि कर दाताओं के लिए साफ बाहर निकल आने का यह एक अवसर है। वह चैन की नींद सोएं और सिर उठाकर आराम की जिंदगी जिएं। जिन्होंने टैक्स भरा है, वह बिना किसी डर के जीवन जी सकते हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह एक अवसर है जो आपको दिया गया है।' उन्होंने कहा कि आय खुलासा योजना (आईडीएस) के पीछे विचार भारत को अधिक से अधिक अनुपालन करने वाला देश बनाना है। मौजूदा आईडीएस 30 सितंबर तक खुली है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि सरकार को अपने नागरिकों पर भरोसा करना पड़ता है और इसलिए हमेशा उनके लेनदेन पर निगाह रखना बहुत सुखद नहीं है। जेटली ने कहा कि जो लोग कमा रहे हैं, उन्हें टैक्स देना चाहिए। विशेषकर ऐसे देश में जहां इनकी दरें उचित हैं। भविष्य में किसी भी तरह की बकाया देनदारी पकड़ ली जाएगी।
बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'कर विभाग समेत सभी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि किन क्षेत्रों में अघोषित धन उपज रहा है। किसी भी राज्य के लिए यह बेहद खराब कर्तव्य है कि वह हमेशा निगरानी रखे जाने वाली प्रक्रिया शुरू करे।'टिप्पणियां
जेटली ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि कर दाताओं के लिए साफ बाहर निकल आने का यह एक अवसर है। वह चैन की नींद सोएं और सिर उठाकर आराम की जिंदगी जिएं। जिन्होंने टैक्स भरा है, वह बिना किसी डर के जीवन जी सकते हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह एक अवसर है जो आपको दिया गया है।' उन्होंने कहा कि आय खुलासा योजना (आईडीएस) के पीछे विचार भारत को अधिक से अधिक अनुपालन करने वाला देश बनाना है। मौजूदा आईडीएस 30 सितंबर तक खुली है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'कर विभाग समेत सभी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि किन क्षेत्रों में अघोषित धन उपज रहा है। किसी भी राज्य के लिए यह बेहद खराब कर्तव्य है कि वह हमेशा निगरानी रखे जाने वाली प्रक्रिया शुरू करे।'टिप्पणियां
जेटली ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि कर दाताओं के लिए साफ बाहर निकल आने का यह एक अवसर है। वह चैन की नींद सोएं और सिर उठाकर आराम की जिंदगी जिएं। जिन्होंने टैक्स भरा है, वह बिना किसी डर के जीवन जी सकते हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह एक अवसर है जो आपको दिया गया है।' उन्होंने कहा कि आय खुलासा योजना (आईडीएस) के पीछे विचार भारत को अधिक से अधिक अनुपालन करने वाला देश बनाना है। मौजूदा आईडीएस 30 सितंबर तक खुली है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि कर दाताओं के लिए साफ बाहर निकल आने का यह एक अवसर है। वह चैन की नींद सोएं और सिर उठाकर आराम की जिंदगी जिएं। जिन्होंने टैक्स भरा है, वह बिना किसी डर के जीवन जी सकते हैं और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह एक अवसर है जो आपको दिया गया है।' उन्होंने कहा कि आय खुलासा योजना (आईडीएस) के पीछे विचार भारत को अधिक से अधिक अनुपालन करने वाला देश बनाना है। मौजूदा आईडीएस 30 सितंबर तक खुली है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जो लोग कमा रहे हैं, उन्हें टैक्स देना चाहिए : वित्त मंत्री
'सरकार को पता है कि किन क्षेत्रों में कालाधन पैदा हो रहा है'
'आय खुलासा योजना टैक्सपेयर्स के लिए साफ बाहर निकल आने का एक मौका' | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केशव राव समेत तीन बड़े नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इनमें दो मौजूदा सांसद विवेक और जगन्नाथन शामिल हैं।टिप्पणियां
इन नेताओं ने अलग तेलंगाना राज्य बनाने के लिए आज तक की डेडलाइन दी थी, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। केशव राव और बाकी दो सांसद तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस में शामिल हो सकते हैं। दोनों मौजूदा सांसद तेलगु देशम पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए थे।
खबरों के मुताबिक एक और सांसद रजैया भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। टीआरएस नेता चंद्रशेखर राव का कहना है कि अभी कई और नेता कांग्रेस छोड़कर उनके साथ जुड़ सकते हैं।
इन नेताओं ने अलग तेलंगाना राज्य बनाने के लिए आज तक की डेडलाइन दी थी, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। केशव राव और बाकी दो सांसद तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस में शामिल हो सकते हैं। दोनों मौजूदा सांसद तेलगु देशम पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए थे।
खबरों के मुताबिक एक और सांसद रजैया भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। टीआरएस नेता चंद्रशेखर राव का कहना है कि अभी कई और नेता कांग्रेस छोड़कर उनके साथ जुड़ सकते हैं।
खबरों के मुताबिक एक और सांसद रजैया भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। टीआरएस नेता चंद्रशेखर राव का कहना है कि अभी कई और नेता कांग्रेस छोड़कर उनके साथ जुड़ सकते हैं। | इन नेताओं ने अलग तेलंगाना राज्य बनाने के लिए आज तक की डेडलाइन दी थी, लेकिन अब उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। केशव राव और बाकी दो सांसद तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस में शामिल हो सकते हैं। दोनों मौजूदा सांसद तेलगु देशम पार्टी से कांग्रेस में | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागपुर की इस घटना के बारे में सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। एक महिला मौत के मुंह में जाकर वापस लौट आई।टिप्पणियां
एक ट्रक ड्राइवर की बदमाशी से इस महिला की जान चली गई होती... शहर के बीचोंबीच हुए यह हादसा सकते में डालनेवाला है।
महिला दाहिने मुड़ रही थी कि अचानक पीछे से आ रहे तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में महिला आ गई... ड्राइवर ने ट्रक रोकने की बजाए उसकी रफ़्तार और बढ़ा दी… महिला को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया लेकिन महिला किसी तरह ट्रक की चपेट से बच निकली...
सीसीटीवी में कैद इस घटना पर फिलहाल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
एक ट्रक ड्राइवर की बदमाशी से इस महिला की जान चली गई होती... शहर के बीचोंबीच हुए यह हादसा सकते में डालनेवाला है।
महिला दाहिने मुड़ रही थी कि अचानक पीछे से आ रहे तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में महिला आ गई... ड्राइवर ने ट्रक रोकने की बजाए उसकी रफ़्तार और बढ़ा दी… महिला को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया लेकिन महिला किसी तरह ट्रक की चपेट से बच निकली...
सीसीटीवी में कैद इस घटना पर फिलहाल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
महिला दाहिने मुड़ रही थी कि अचानक पीछे से आ रहे तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में महिला आ गई... ड्राइवर ने ट्रक रोकने की बजाए उसकी रफ़्तार और बढ़ा दी… महिला को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया लेकिन महिला किसी तरह ट्रक की चपेट से बच निकली...
सीसीटीवी में कैद इस घटना पर फिलहाल पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। | संक्षिप्त सारांश: नागपुर की इस घटना के बारे में सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। एक महिला मौत के मुंह में जाकर वापस लौट आई। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर के ऐतिहासिक लाल बाग़ में होने वाला सालाना फूलों का मेला अपनी छठा बिखेर रहा है. इस साल तक़रीबन चार लाख फूलों से बीजापुर के ऐतिहासिक गोल-गुम्बज की नक़ल तैयार की गई है.टिप्पणियां
इस पर लगभग 27 लाख रुपये का खर्च आया है और 40 मज़दूरों ने एक हफ्ते की मेहनत के बाद इसे तैयार किया है. ये मेला 29 जनवरी तक चलता रहेगा. हालांकि इसे देखने के लिए 50 रुपये का टिकट है. आयोजकों को उम्मीद है कि इस साल लगभग साढ़े तीन लाख लोग इस मेले को देखने आएंगे.
लाल बाग के उप निदेशक एम चंद्रशेखर ने बताया कि इस बार लाल बाग़ में 12 जगहों पर सेल्फी पर प्रतिबंध है, क्योंकि ये खतरनाक जगहें है, जहां सेल्फी लेने के चक्कर में कई बार लोग गिर जाते हैं. इन जगहों में तालाब और लाल बाग़ के पहाड़ी इलाके शामिल हैं.
लालबाग की बुनियाद राजा केम्पेगौड़ा ने की थी, बेंगलुरु शहर को बसाया था बाद में हैदर अली और टीपू सुलतान ने इसे भव्यता दी. हर साल गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां फूलों का मेला अलग ढंग से लगाया जाता है.
इस पर लगभग 27 लाख रुपये का खर्च आया है और 40 मज़दूरों ने एक हफ्ते की मेहनत के बाद इसे तैयार किया है. ये मेला 29 जनवरी तक चलता रहेगा. हालांकि इसे देखने के लिए 50 रुपये का टिकट है. आयोजकों को उम्मीद है कि इस साल लगभग साढ़े तीन लाख लोग इस मेले को देखने आएंगे.
लाल बाग के उप निदेशक एम चंद्रशेखर ने बताया कि इस बार लाल बाग़ में 12 जगहों पर सेल्फी पर प्रतिबंध है, क्योंकि ये खतरनाक जगहें है, जहां सेल्फी लेने के चक्कर में कई बार लोग गिर जाते हैं. इन जगहों में तालाब और लाल बाग़ के पहाड़ी इलाके शामिल हैं.
लालबाग की बुनियाद राजा केम्पेगौड़ा ने की थी, बेंगलुरु शहर को बसाया था बाद में हैदर अली और टीपू सुलतान ने इसे भव्यता दी. हर साल गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां फूलों का मेला अलग ढंग से लगाया जाता है.
लालबाग की बुनियाद राजा केम्पेगौड़ा ने की थी, बेंगलुरु शहर को बसाया था बाद में हैदर अली और टीपू सुलतान ने इसे भव्यता दी. हर साल गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां फूलों का मेला अलग ढंग से लगाया जाता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आयोजकों को उम्मीद, इस साल लगभग साढ़े तीन लाख लोग इस मेले को देखने आएंगे.
इस बार लाल बाग़ में 12 जगहों पर सेल्फी पर प्रतिबंध है.
इस साल करीब 4 लाख फूलों से बीजापुर के गोल-गुम्बज की नक़ल तैयार की गई. | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए अनोखा तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा कि गांव की 40 साल तक की कोई महिलाएं व युवतियां बाजार नहीं जाएंगी।
बागपत के आसरा गांव में लगाई गई इस पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे और महिलाओं की आजादी को कैद करने का यह अनोखा फरमान सुना दिया गया।
पंचायत ने कहा कि गांव के बाहर लगने वाले बाजार में 40 साल उम्र तक की कोई महिला नहीं जाएगी। साथ ही इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
पंचायत ने साफ किया अगर इस फरमानों का किसी ने उल्लंघन किया तो फिर पंचायत लगाई जाएगी और उसमें उसकी सजा तय की जाएगी।टिप्पणियां
गांव में रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद रईस ने संवाददाताओं को बताया कि आए दिन युवितयों और महिलाओं के साथ बाजार में हो रही छेड़खानी की घटनाओं के मद्देनजर बुधवार शाम लगी पंचायत में यह फैसला लिया गया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया।
बागपत के आसरा गांव में लगाई गई इस पंचायत में मुस्लिम बिरादरी के कई लोग शामिल हुए थे और महिलाओं की आजादी को कैद करने का यह अनोखा फरमान सुना दिया गया।
पंचायत ने कहा कि गांव के बाहर लगने वाले बाजार में 40 साल उम्र तक की कोई महिला नहीं जाएगी। साथ ही इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
पंचायत ने साफ किया अगर इस फरमानों का किसी ने उल्लंघन किया तो फिर पंचायत लगाई जाएगी और उसमें उसकी सजा तय की जाएगी।टिप्पणियां
गांव में रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद रईस ने संवाददाताओं को बताया कि आए दिन युवितयों और महिलाओं के साथ बाजार में हो रही छेड़खानी की घटनाओं के मद्देनजर बुधवार शाम लगी पंचायत में यह फैसला लिया गया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया।
पंचायत ने कहा कि गांव के बाहर लगने वाले बाजार में 40 साल उम्र तक की कोई महिला नहीं जाएगी। साथ ही इस उम्र तक की महिलाएं गांव या उससे बाहर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
पंचायत ने साफ किया अगर इस फरमानों का किसी ने उल्लंघन किया तो फिर पंचायत लगाई जाएगी और उसमें उसकी सजा तय की जाएगी।टिप्पणियां
गांव में रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद रईस ने संवाददाताओं को बताया कि आए दिन युवितयों और महिलाओं के साथ बाजार में हो रही छेड़खानी की घटनाओं के मद्देनजर बुधवार शाम लगी पंचायत में यह फैसला लिया गया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया।
पंचायत ने साफ किया अगर इस फरमानों का किसी ने उल्लंघन किया तो फिर पंचायत लगाई जाएगी और उसमें उसकी सजा तय की जाएगी।टिप्पणियां
गांव में रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद रईस ने संवाददाताओं को बताया कि आए दिन युवितयों और महिलाओं के साथ बाजार में हो रही छेड़खानी की घटनाओं के मद्देनजर बुधवार शाम लगी पंचायत में यह फैसला लिया गया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया।
गांव में रहने वाले 43 वर्षीय मोहम्मद रईस ने संवाददाताओं को बताया कि आए दिन युवितयों और महिलाओं के साथ बाजार में हो रही छेड़खानी की घटनाओं के मद्देनजर बुधवार शाम लगी पंचायत में यह फैसला लिया गया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया।
हैरानी की बात यह रही समाज के इन कथित रहनुमाओं ने छेड़खानी करने वालों को सजा देने को लेकर पंचायत में कोई फरमान नहीं जारी किया। | संक्षिप्त सारांश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक पंचायत ने छेड़खानी की घटनाओं को रोकने के लिए अनोखा तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा कि गांव की 40 साल तक की कोई महिलाएं व युवतियां बाजार नहीं जाएंगी। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए भले ही कितने दावे किए जा रहे हों, लेकिन हालत बहुत ज्यादा बेहतर नहीं हैं, खासकर उत्तर प्रदेश में शायद कानून व्यवस्था नाम की चीज ही नहीं बची है। दरअसल, मुरादाबाद में दो दिन पहले सिविल लाइंस थाना क्षेत्र हरथला में दबंगों ने कक्षा नौ की छात्रा नर्गिस के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी, लेकिन जब उसने विरोध किया तो मारपीट कर घायल ही नहीं किया, उसके कपड़े भी फाड़ दिए थे।
मानसिक रूप से परेशान होकर छात्रा ने खुद को घर में आग लगा ली। छात्रा 90 फीसदी जल चुकी है और उसके परिजन न्याय की भीख मांग रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया है।
वैसे, दो दिन पहले पीड़ित छात्रा नर्गिस ने परिजनों के साथ जाकर पुलिस में आरोपी का नाम लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को ही टरका दिया। इस अपमान ने छात्रा को अन्दर ही अन्दर तोड़ दिया और उसने सुबह आत्मघाती कदम उठाते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया। बहरहाल, छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हालत नाजुक होने के चलते छात्रा को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया है।टिप्पणियां
गौरलतब है कि दो दिनों तक दरिंदे युवक खुलेआम घूमते रहे, जिससे युवती मानसिक रूप से काफी परेशान थी, क्योंकि दबंगों ने युवती को धमकी दी थी कि यदि पुलिस से शिकायत की तो उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया जाएगा।
मुरादाबाद में शायद दबंगों को मुरादाबाद पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं है, तभी तो हर दिन छात्राएं शिकार हो रही हैं। फिलहाल, एसपी सिटी महेंद्र यादव ने बताया कि एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मानसिक रूप से परेशान होकर छात्रा ने खुद को घर में आग लगा ली। छात्रा 90 फीसदी जल चुकी है और उसके परिजन न्याय की भीख मांग रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया है।
वैसे, दो दिन पहले पीड़ित छात्रा नर्गिस ने परिजनों के साथ जाकर पुलिस में आरोपी का नाम लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को ही टरका दिया। इस अपमान ने छात्रा को अन्दर ही अन्दर तोड़ दिया और उसने सुबह आत्मघाती कदम उठाते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया। बहरहाल, छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हालत नाजुक होने के चलते छात्रा को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया है।टिप्पणियां
गौरलतब है कि दो दिनों तक दरिंदे युवक खुलेआम घूमते रहे, जिससे युवती मानसिक रूप से काफी परेशान थी, क्योंकि दबंगों ने युवती को धमकी दी थी कि यदि पुलिस से शिकायत की तो उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया जाएगा।
मुरादाबाद में शायद दबंगों को मुरादाबाद पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं है, तभी तो हर दिन छात्राएं शिकार हो रही हैं। फिलहाल, एसपी सिटी महेंद्र यादव ने बताया कि एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वैसे, दो दिन पहले पीड़ित छात्रा नर्गिस ने परिजनों के साथ जाकर पुलिस में आरोपी का नाम लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को ही टरका दिया। इस अपमान ने छात्रा को अन्दर ही अन्दर तोड़ दिया और उसने सुबह आत्मघाती कदम उठाते हुए खुद को आग के हवाले कर दिया। बहरहाल, छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हालत नाजुक होने के चलते छात्रा को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया है।टिप्पणियां
गौरलतब है कि दो दिनों तक दरिंदे युवक खुलेआम घूमते रहे, जिससे युवती मानसिक रूप से काफी परेशान थी, क्योंकि दबंगों ने युवती को धमकी दी थी कि यदि पुलिस से शिकायत की तो उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया जाएगा।
मुरादाबाद में शायद दबंगों को मुरादाबाद पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं है, तभी तो हर दिन छात्राएं शिकार हो रही हैं। फिलहाल, एसपी सिटी महेंद्र यादव ने बताया कि एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गौरलतब है कि दो दिनों तक दरिंदे युवक खुलेआम घूमते रहे, जिससे युवती मानसिक रूप से काफी परेशान थी, क्योंकि दबंगों ने युवती को धमकी दी थी कि यदि पुलिस से शिकायत की तो उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया जाएगा।
मुरादाबाद में शायद दबंगों को मुरादाबाद पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं है, तभी तो हर दिन छात्राएं शिकार हो रही हैं। फिलहाल, एसपी सिटी महेंद्र यादव ने बताया कि एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुरादाबाद में शायद दबंगों को मुरादाबाद पुलिस का बिलकुल भी खौफ नहीं है, तभी तो हर दिन छात्राएं शिकार हो रही हैं। फिलहाल, एसपी सिटी महेंद्र यादव ने बताया कि एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: छेड़खानी से परेशान होकर छात्रा ने खुद को घर में आग लगा ली, छात्रा 90 फीसदी जल चुकी है। उधर, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में एक ऐसे कानूनी प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसमें देशभर में दुकानों, मॉल और दूसरे प्रतिष्ठानों को पूरे साल चलाने और अपनी सुविधा के मुताबिक खोलने तथा बंद करने की अनुमति दी गई है। कैबिनेट ने आज चर्चा के बाद शॉप्स एंड एस्टैब्लिस्मैंट एक्ट को मंजूरी दे दी है।
इस मॉडल कानून में रात की पाली में उचित सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को नियुक्त करने की भी अनुमति होगी। इसमें कर्मचारियों के लिए पीने के पानी, कैंटीन, बच्चों के लिए पालना घर, त्वरित चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। इससे देश में 100 संभावित खनिज ब्लॉक की नीलामी का मार्ग प्रशस्त होगा।टिप्पणियां
एक सूत्र ने बताया, ‘‘मॉडल दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 बुधवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडा में शामिल है।’’ इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार खनिज की खोज के लिए पहचाने गए 100 ब्लॉक की नीलामी कर सकती है।’’
इस मॉडल कानून में रात की पाली में उचित सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को नियुक्त करने की भी अनुमति होगी। इसमें कर्मचारियों के लिए पीने के पानी, कैंटीन, बच्चों के लिए पालना घर, त्वरित चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। इससे देश में 100 संभावित खनिज ब्लॉक की नीलामी का मार्ग प्रशस्त होगा।टिप्पणियां
एक सूत्र ने बताया, ‘‘मॉडल दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 बुधवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडा में शामिल है।’’ इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार खनिज की खोज के लिए पहचाने गए 100 ब्लॉक की नीलामी कर सकती है।’’
मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। इससे देश में 100 संभावित खनिज ब्लॉक की नीलामी का मार्ग प्रशस्त होगा।टिप्पणियां
एक सूत्र ने बताया, ‘‘मॉडल दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 बुधवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडा में शामिल है।’’ इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार खनिज की खोज के लिए पहचाने गए 100 ब्लॉक की नीलामी कर सकती है।’’
एक सूत्र ने बताया, ‘‘मॉडल दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 बुधवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडा में शामिल है।’’ इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार खनिज की खोज के लिए पहचाने गए 100 ब्लॉक की नीलामी कर सकती है।’’
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खनिज उत्खनन नीति पर भी विचार होने की संभावना है। नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार खनिज की खोज के लिए पहचाने गए 100 ब्लॉक की नीलामी कर सकती है।’’ | संक्षिप्त पाठ: सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को नियुक्त करने की भी अनुमति होगी
इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी
यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा सकता है | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को दोबारा महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ और अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद बधाई दी है. अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, 'देवेंद्र फडणवीस जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और श्री अजित पवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई. मुझे विश्वास है कि यह सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नये मापदंड स्थापित करेगी.' बता दें कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में रातोंरात बड़ा उलटफेर हो गया. कल शाम तक कांग्रेस और शिवसेना के साथ सरकार गठन का दावा करने वाली शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने बीजेपी से गठबंधन कर लिया. आज सुबह करीब 8 बजे बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ली. तो वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है.
राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. महाराष्ट्र में अचानक बड़ा उलटफेर होने के बाद जहां सियासी गलियारों में तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस बीच पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने पर क्रमश: देवेंद्र फडणवीस जी और अजीत पवार जी को बधाई. मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगन से काम करेंगे.'' आपको बता दें कि आज सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच राज्य में बड़ा उलटफेर हो गया. | संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में रातोंरात हुआ बड़ा उलटफेर
देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा ली सीएम पद की शपथ
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर दी बधाई | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों के सम्मेलन (चोगम) के आखिरी दिन रविवार को संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि (सीसीआईटी)की वार्ता को नतीजे तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया गया। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि चोगम 2011 की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इसमें हिस्सा लेने पहुंचे 54 देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद पर भारत के इस रुख का समर्थन किया कि संयुक्त राष्ट्र में सीसीआईटी पर वार्ता को जल्द से जल्द नतीजे तक पहुंचाया जाना चाहिए। सीसीआईटी में आतंकवाद के सभी स्वरूपों को गैर-कानूनी घोषित करने और आतंकवादियों, उन्हें अनुदान देने वालों एवं उनके समर्थकों को वित्त, हथियार, सुरक्षित सुरक्षित ठिकाने नहीं मुहैया कराने की बात कही गई है। विज्ञप्ति के मुताबिक, चोगम स्थिर एवं सुरक्षित राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय वातावरण के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सदस्य राष्ट्रों से यह भी आह्वान करता है कि वे अपनी भूमि का इस्तेमाल हिंसा फैलाने या आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने दें और आतंकवादियों को मिलने वाली वित्तीय मदद रोकने के लिए कानून बनाएं। हिंद महासागर में बढ़ती समुद्री डकैती की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इससे निपटने के लिए भी सदस्य देशों का आह्वान किया गया। चोगम के सदस्य देशों ने समुद्री लुटेरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की आवश्यकता बताई और कहा कि समुद्री सुरक्षा कड़ी करने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त साइबर सुरक्षा के लिए भी बेहतर कानून पर जोर दिया गया। चोगम ने जैविक एवं विषैले हथियारों से सम्बद्ध संधि की समीक्षा का भी समर्थन किया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चोगम के आखिरी दिन संयुक्त राष्ट्र में सीसीआईटी की वार्ता को नतीजे तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया गया। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: War Official Trailer: ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के बीच 'वॉर' शुरू हो गई है. बॉलीवुड के एक्शन स्टार ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की एक्शन से भरपूर फिल्म 'वॉर' का ट्रेलर रिलीज हो गया है, और दोनों ही धमाकेदार अंदाज में नजर आ रहे हैं. ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के बीच 'वॉर' के ट्रेलर में कमाल का मुकाबला देखने को मिल रहा है, और गुरु-चेले की जंग काफी दिलचस्प नजर आ रही है. 'वॉर' के ट्रेलर (War Trailer) में दिखाया गया है कि टाइगर श्रॉफ को ऋतिक रोशन को खत्म करने का जिम्मा मिला है, और वे इस काम को पूरी शिद्दत के साथ अंजाम देते नजर भी आ रहे हैं. ऋतिक (Hrithik Roshan) और टाइगर (Tiger Shroff) दोनों के डायलॉग भी कम कमाल नहीं हैं. ऋतिक रोशन कहते हैं, 'खालिद कभी मेरा स्टूडेंट हुआ करता था. लेकिन लगता है कि शायद अब वे मुझसे आगे निकल गया है.' इस तरह 'वॉर' में चेला गुरु को टक्कर देने के लिए तैयार है.
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर (War Trailer)' रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, और फैन्स के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रहा है. वैसे भी लंबे समय से ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की इस एक्शन भरी जुगलबंदी का फैन्स बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. 'वॉर' में इंटरनेशनल लेवल के एक्शन देखने को मिलेंगे. फिल्म के एक्शन को लेकर फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने बताया था, 'हम शुरू से ही भारतीय दर्शकों को फिल्म के जरिए वह एक्शन देना चाहते हैं जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा हो. हमारी फिल्म में कारों का एक काफी बड़ा सीन है जिस में ऋतिक और टाइगर स्टंट करते नजर आएंगे. इसे पूरी तरह से बर्फ पर शूट किया गया है.'
बता दें कि ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर (War)' इस साल गांधी जयंती यानी 2 अक्तूबर को रिलीज होगी. इस फिल्म में ऋतिक और टाइगर के अलावा वाणी कपूर, अनुप्रिया और दीपानिता शर्मा भी नजर आएंगी. | यहाँ एक सारांश है:'वॉर' का ट्रेलर हुआ रिलीज
2 अक्तूबर को रिलीज होगी फिल्म
ऋतिक और टाइगर में है जोरदार टक्कर | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोमवार को 'बिग बॉस' के घर में नोमिनेशन के चलते वैसे ही माहौल में काफी टेंशन थी और रात में अचानक घर से बाहर गए स्वामी ओम एक बार फिर वापिस आ गए हैं. लेकिन इस बार वापिस आते ही स्वामी ओम ने फिर से हंगामा कर दिया है. मंगलवार को 'बिग बॉस' के घर में स्वामी ओम टास्क के दौरान किचिन एरिया में पेशाब करते हुए दिखाए गए हैं. स्वामी ओम की इस हरकत के बाद पूरा घर चिढ़ता हुआ दिखाया जा रहा है.
'बिग बॉस' ने मंगलवार को घर के सदस्यों को लग्जरी बजट टास्क दिया जिसका नाम है, 'टैक्सी स्टैंड'. इस टास्क में प्रियंका जग्गा को ट्रैफिक हवलदार की भूमिका दी गई जबकि बानी और मनवीर को टैक्सी ड्राइवर बनाया गया है. बाकी सभी घर के सदस्य यात्री बनाए गए हैं, जिन्हें घर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए टैक्सी का ही सहारा लेना होगा.
इसी टास्क के दौरान स्वामी ओम, जो किचिन एरिया में थे, उन्हें बाथरूम तक जाना था और इसके लिए उन्होंने टैक्सी ड्राइवर बने मनवीर से कहा, लेकिन मनवीर उनसे इसके लिए 100 रुपये मांगे. स्वामी ओम मनवीर को 100 रुपये देने के लिए तैयार नहीं थे. इसी पर स्वामी ओम ने एक मग में रसोई में ही पेशाब कर दिया.
'बिग बॉस' सीजन 10 में यह दूसरी बार हुआ है कि किसी प्रतिभागी ने टास्क के दौरान कैमरों के सामने ही टॉयलेट कर दिया हो. सीजन की शुरुआत में एक टास्क में 4 प्रतिभागी यानि गौरव चोपड़ा, वीजे बानी, नवीन प्रकाश और प्रियंका जग्गा को घोड़े पर बैठकर पानी पीना था. टास्क खत्म करने में लगी रही और क्योंकि वह उठ कर टॉयलेट करने जा नहीं सकती थी इसलिए प्रियंका ने कपड़ों में ही टॉयलेट कर लिया था. हालांकि प्रियंका की इस हरकत पर उनकी सहासिकता की काफी तारीफ हुई थी. लेकिन स्वामी ओम को इस हरकत के लिया क्या मिलता है, यह देखना होगा.
इसी टास्क के दौरान स्वामी ओम, जो किचिन एरिया में थे, उन्हें बाथरूम तक जाना था और इसके लिए उन्होंने टैक्सी ड्राइवर बने मनवीर से कहा, लेकिन मनवीर उनसे इसके लिए 100 रुपये मांगे. स्वामी ओम मनवीर को 100 रुपये देने के लिए तैयार नहीं थे. इसी पर स्वामी ओम ने एक मग में रसोई में ही पेशाब कर दिया.
'बिग बॉस' सीजन 10 में यह दूसरी बार हुआ है कि किसी प्रतिभागी ने टास्क के दौरान कैमरों के सामने ही टॉयलेट कर दिया हो. सीजन की शुरुआत में एक टास्क में 4 प्रतिभागी यानि गौरव चोपड़ा, वीजे बानी, नवीन प्रकाश और प्रियंका जग्गा को घोड़े पर बैठकर पानी पीना था. टास्क खत्म करने में लगी रही और क्योंकि वह उठ कर टॉयलेट करने जा नहीं सकती थी इसलिए प्रियंका ने कपड़ों में ही टॉयलेट कर लिया था. हालांकि प्रियंका की इस हरकत पर उनकी सहासिकता की काफी तारीफ हुई थी. लेकिन स्वामी ओम को इस हरकत के लिया क्या मिलता है, यह देखना होगा. | संक्षिप्त सारांश: बिग बॉस के घर में फिर हुई घिनौनी हरकत
स्वामी ओम ने किचिन एरिया में सबके सामने किया टॉयलेट
इससे पहले प्रियंका जग्गा भी कर चुकी हैं टास्क के दौरान टॉयलेट | 0 | ['hin'] |
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