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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को भाजपा सांसद एवं वर्ष 2008 के ‘नोट के बदले वोट’ घोटाले के अभियुक्त फग्गन सिंह कुलस्ते की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।
राज्यसभा सदस्य कुलस्ते ने याचिका में मामले के ‘वास्तविक लाभार्थियों’ का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है, हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कुलस्ते के कहने पर अब कोई जांच नहीं की जा सकती है।टिप्पणियां
विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने इस मामले में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ जांच कराने की मांग संबंधी कुलस्ते की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
कुलस्ते ने खुद को एवं मामले के सह-अभियुक्त को भांडाफोड़ करने वाला बताया और अदालत से कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच को ‘सुखद अंत’ दे दिया, क्योंकि ‘उसने भांडाफोड़ करने वालों के खिलाफ जांच की, जबकि वास्तविक लाभार्थी मुक्त हैं।’ उनके वकील अनिल सोनी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने धन के पूरे लेन-देन या वास्तविक लाभार्थियों का पता लगाए बिना ही आगे की जांच बंद कर दी और अपने लोक कर्तव्य में असफल रही।’
राज्यसभा सदस्य कुलस्ते ने याचिका में मामले के ‘वास्तविक लाभार्थियों’ का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है, हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कुलस्ते के कहने पर अब कोई जांच नहीं की जा सकती है।टिप्पणियां
विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने इस मामले में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ जांच कराने की मांग संबंधी कुलस्ते की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
कुलस्ते ने खुद को एवं मामले के सह-अभियुक्त को भांडाफोड़ करने वाला बताया और अदालत से कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच को ‘सुखद अंत’ दे दिया, क्योंकि ‘उसने भांडाफोड़ करने वालों के खिलाफ जांच की, जबकि वास्तविक लाभार्थी मुक्त हैं।’ उनके वकील अनिल सोनी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने धन के पूरे लेन-देन या वास्तविक लाभार्थियों का पता लगाए बिना ही आगे की जांच बंद कर दी और अपने लोक कर्तव्य में असफल रही।’
विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने इस मामले में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ जांच कराने की मांग संबंधी कुलस्ते की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
कुलस्ते ने खुद को एवं मामले के सह-अभियुक्त को भांडाफोड़ करने वाला बताया और अदालत से कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच को ‘सुखद अंत’ दे दिया, क्योंकि ‘उसने भांडाफोड़ करने वालों के खिलाफ जांच की, जबकि वास्तविक लाभार्थी मुक्त हैं।’ उनके वकील अनिल सोनी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने धन के पूरे लेन-देन या वास्तविक लाभार्थियों का पता लगाए बिना ही आगे की जांच बंद कर दी और अपने लोक कर्तव्य में असफल रही।’
कुलस्ते ने खुद को एवं मामले के सह-अभियुक्त को भांडाफोड़ करने वाला बताया और अदालत से कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच को ‘सुखद अंत’ दे दिया, क्योंकि ‘उसने भांडाफोड़ करने वालों के खिलाफ जांच की, जबकि वास्तविक लाभार्थी मुक्त हैं।’ उनके वकील अनिल सोनी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने धन के पूरे लेन-देन या वास्तविक लाभार्थियों का पता लगाए बिना ही आगे की जांच बंद कर दी और अपने लोक कर्तव्य में असफल रही।’ | दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को भाजपा सांसद एवं वर्ष 2008 के ‘नोट के बदले वोट’ घोटाले के अभियुक्त फग्गन सिंह कुलस्ते की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चारधाम की यात्रा पर उत्तराखंड गए मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के बुजुर्ग पूरन सिंह उन चंद सौभाग्यशाली लोगों में से हैं, जो जीवित घर वापस लौट आए हैं। लेकिन पूरन सिंह की आंखें नम हैं। वह उस खौफनाक मंजर को भूला नहीं पा रहे हैं, जब उनके बचपन के दोस्त दरियाव सिंह उनसे हमेशा के लिए जुदा हो गए।
पूरन सिंह ने फिर भी अपने दोस्त का साथ और हाथ नहीं छोड़ा। उन्होंने दरियाव सिंह के शव के साथ पहाड़ों पर सात दिन गुजारे। पूरन सिंह जैसे कई और लोग भी हैं, जिन्होंने उत्तराखंड की इस आपदा में अपनों को खो दिया है।
राजगढ़ के सारंगपुर के पूरन व दरियाव (65 वर्ष) बचपन से दोस्त थे और दोनों ने एकसाथ केदारनाथ के दर्शन करने की योजना बनाई थी। जिस समय प्रकृति का यह कहर इलाके पर बरसा, दोनों गौरीकुंड क्षेत्र में थे। तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पहाड़ ढहने लगे।
पूरन बताते हैं कि उन्होंने किसी तरह पहाड़ पर शरण ली। वे तो किसी तरह बच गए, मगर उनका बचपन का दोस्त ठंड, भूख व प्यास के चलते साथ छोड़ गया। वे विषम हालात में पहाड़ पर अपने दोस्त दरियाव सिंह के शव के साथ पड़े रहे। उसके बाद सेना की मदद से उन्हें व दरियाव के शव को हरिद्वार लाया गया।
पूरन सिंह को इस बात का अफसोस है कि वह पूण्य कमाने केदारनाथ गए थे, मगर घर लौटे दोस्त का शव लेकर।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
पूरन सिंह ने फिर भी अपने दोस्त का साथ और हाथ नहीं छोड़ा। उन्होंने दरियाव सिंह के शव के साथ पहाड़ों पर सात दिन गुजारे। पूरन सिंह जैसे कई और लोग भी हैं, जिन्होंने उत्तराखंड की इस आपदा में अपनों को खो दिया है।
राजगढ़ के सारंगपुर के पूरन व दरियाव (65 वर्ष) बचपन से दोस्त थे और दोनों ने एकसाथ केदारनाथ के दर्शन करने की योजना बनाई थी। जिस समय प्रकृति का यह कहर इलाके पर बरसा, दोनों गौरीकुंड क्षेत्र में थे। तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पहाड़ ढहने लगे।
पूरन बताते हैं कि उन्होंने किसी तरह पहाड़ पर शरण ली। वे तो किसी तरह बच गए, मगर उनका बचपन का दोस्त ठंड, भूख व प्यास के चलते साथ छोड़ गया। वे विषम हालात में पहाड़ पर अपने दोस्त दरियाव सिंह के शव के साथ पड़े रहे। उसके बाद सेना की मदद से उन्हें व दरियाव के शव को हरिद्वार लाया गया।
पूरन सिंह को इस बात का अफसोस है कि वह पूण्य कमाने केदारनाथ गए थे, मगर घर लौटे दोस्त का शव लेकर।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
राजगढ़ के सारंगपुर के पूरन व दरियाव (65 वर्ष) बचपन से दोस्त थे और दोनों ने एकसाथ केदारनाथ के दर्शन करने की योजना बनाई थी। जिस समय प्रकृति का यह कहर इलाके पर बरसा, दोनों गौरीकुंड क्षेत्र में थे। तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पहाड़ ढहने लगे।
पूरन बताते हैं कि उन्होंने किसी तरह पहाड़ पर शरण ली। वे तो किसी तरह बच गए, मगर उनका बचपन का दोस्त ठंड, भूख व प्यास के चलते साथ छोड़ गया। वे विषम हालात में पहाड़ पर अपने दोस्त दरियाव सिंह के शव के साथ पड़े रहे। उसके बाद सेना की मदद से उन्हें व दरियाव के शव को हरिद्वार लाया गया।
पूरन सिंह को इस बात का अफसोस है कि वह पूण्य कमाने केदारनाथ गए थे, मगर घर लौटे दोस्त का शव लेकर।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
पूरन बताते हैं कि उन्होंने किसी तरह पहाड़ पर शरण ली। वे तो किसी तरह बच गए, मगर उनका बचपन का दोस्त ठंड, भूख व प्यास के चलते साथ छोड़ गया। वे विषम हालात में पहाड़ पर अपने दोस्त दरियाव सिंह के शव के साथ पड़े रहे। उसके बाद सेना की मदद से उन्हें व दरियाव के शव को हरिद्वार लाया गया।
पूरन सिंह को इस बात का अफसोस है कि वह पूण्य कमाने केदारनाथ गए थे, मगर घर लौटे दोस्त का शव लेकर।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
पूरन सिंह को इस बात का अफसोस है कि वह पूण्य कमाने केदारनाथ गए थे, मगर घर लौटे दोस्त का शव लेकर।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
यह अकेले पूरन की कहानी नहीं है, बाल्कि मध्य प्रदेश के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। जबलपुर के जे. पी. जाट और उनकी पत्नी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। दोनों ने अपनी बेटी को जो खो दिया है। वे बताते हैं कि बेटी, दामाद व नाती के साथ वे उत्तराखंड गए थे। बाढ़ में उनकी बेटी बह गई तो दामाद उसकी खोज में लगा है। वे तो अपने साथ नाती को लेकर लौट आए हैं।टिप्पणियां
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
राज्य सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को घर तक लौटाने के लिए बोईंग विमान का इंतजाम किया है। सोमवार को इस विमान से 331 यात्री भोपाल व इंदौर पहुंचे हैं। इन सभी को सड़क मार्ग से उनके घरों तक भेजा गया है।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ।
उत्तराखंड से यात्रा कर सकुशल लौटे यात्री बाढ़ व पहाड़ ढहने की घटना को याद कर सिहर जाते हैं, वे सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर भगवान के दरबार में ऐसा क्यों हुआ। | यह एक सारांश है: पूरन सिंह ने फिर भी अपने दोस्त का साथ और हाथ नहीं छोड़ा। उन्होंने दरियाव सिंह के शव के साथ पहाड़ों पर सात दिन गुजारे। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: War Box Office Collection Day 1: बॉलीवुड के दमदार एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर' (War) ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है. अपनी शानदार ओपनिंग से 'वॉर' (War) ने 'जोकर' और 'सईरा नरसिम्हा राव' को पीछे छोड़ने के साथ ही साल की दूसरी बड़ी फिल्मों को भी पछाड़ दिया है. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) स्टारर 'वॉर' ने पहले दिन ही 50 करोड़ रुपये से जबरदस्त ओपनिंग की है, जो कि अपने आप में ही एक रिकॉर्ड है. इन सबमें खास बात तो यह है कि 'वॉर' (War) की 50 करोड़ की कमाई केवल हिंदी वर्जन ने की है. अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में की गई कमाई को मिलाया जाए, तो फिल्म ने पहले दिन ही 55 करोड़ रुपये कमाए हैं.
ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर (War)' को लेकर दर्शकों में काफी क्रेज देखने को मिला, क्योंकि इस फिल्म में टाइगर और ऋतिक की जोड़ी पहली बार पर्दे पर साथ उतरने वाली थी. इसके अलावा फिल्म को समीक्षकों से भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. खास बात तो यह है कि फिल्म ने रिलीज होने से पहले ही जबरदस्त रिकॉर्ड बना लिया था. दरअसल, 'वॉर' ने अपनी प्रीबुकिंग के जरिए रिलीज से पहले ही 31-32 करोड़ रुपये कमा लिये थे. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के अनुसार ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की 'वॉर' करीब 3800 से ज्यादा सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसके बावजुद सिनेमाघरों में दर्शकों की लंबी कतारें लगी हुई थीं.
बता दें कि फिल्म 'वॉर (War)' की कहानी 'कबीर' ऋतिक रोशन और 'खालिद' टाइगर श्रॉफ की है. फिल्म में हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि गुरु और शिष्य एक दूसरे से टकराने को मजबूर हो जाते हैं. बेकाबू गुरु पर नकेल कसने के लिए शिष्य खालिद का इस्तेमाल किया जाता है, और फिर शुरू होते हैं जबरदस्त एक्शन. बाइक, कार, हेलीकॉप्टर, बर्फ पहाड़ हर जगह एक्शन देखने को मिलता है. कहानी में कई जबरदस्त ट्विस्ट भी डाले गए हैं और फिल्म का अंत भी थोड़ा सरप्राइजिंग रखा गया है. इन सबसे इतर दर्शकों को वॉर में भरपूर मात्रा में ऐक्शन और स्टंट्स देखने को मिलेगा. | यह एक सारांश है: ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म ने रचा इतिहास
पहले दिन फिल्म ने की धमाकेदार कमाई
हॉलीवुड फिल्म 'जोकर' को छोड़ा पीछे | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल गुरुवार को विश्व बैडमिंटन महासंघ द्वारा जारी वरीयता क्रम में चौथे स्थान पर खिसक गई हैं।
चीन में जारी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली सायना को एक स्थान का नुकसान हुआ है।
थाईलैंड की रातनाचोक इंतानोन ने सायना का स्थान लिया है। सायना की साथी खिलाड़ी पीवी सिंधु ने हालांकि अपना 12वां क्रम बनाए रखा है। सिंधु भी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं।टिप्पणियां
पुरुष वर्ग में पारूपल्ली कश्यप को चार स्थान का नुकसान हुआ है। कश्यप 17वें क्रम पर पहुंच गए हैं जबकि आरएमवी गुरुसाईदत्त एक स्थान के फायदे के साथ करियर के अब तक के सर्वोच्च मुकाम (20वें क्रम) पर पहुंच गए हैं।
मुम्बई के अजय जयराम 24वें क्रम पर स्थाई हैं। युगल वर्ग में कोई भी भारतीय जोड़ी शीर्ष-25 में शामिल नहीं है।
चीन में जारी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली सायना को एक स्थान का नुकसान हुआ है।
थाईलैंड की रातनाचोक इंतानोन ने सायना का स्थान लिया है। सायना की साथी खिलाड़ी पीवी सिंधु ने हालांकि अपना 12वां क्रम बनाए रखा है। सिंधु भी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं।टिप्पणियां
पुरुष वर्ग में पारूपल्ली कश्यप को चार स्थान का नुकसान हुआ है। कश्यप 17वें क्रम पर पहुंच गए हैं जबकि आरएमवी गुरुसाईदत्त एक स्थान के फायदे के साथ करियर के अब तक के सर्वोच्च मुकाम (20वें क्रम) पर पहुंच गए हैं।
मुम्बई के अजय जयराम 24वें क्रम पर स्थाई हैं। युगल वर्ग में कोई भी भारतीय जोड़ी शीर्ष-25 में शामिल नहीं है।
थाईलैंड की रातनाचोक इंतानोन ने सायना का स्थान लिया है। सायना की साथी खिलाड़ी पीवी सिंधु ने हालांकि अपना 12वां क्रम बनाए रखा है। सिंधु भी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं।टिप्पणियां
पुरुष वर्ग में पारूपल्ली कश्यप को चार स्थान का नुकसान हुआ है। कश्यप 17वें क्रम पर पहुंच गए हैं जबकि आरएमवी गुरुसाईदत्त एक स्थान के फायदे के साथ करियर के अब तक के सर्वोच्च मुकाम (20वें क्रम) पर पहुंच गए हैं।
मुम्बई के अजय जयराम 24वें क्रम पर स्थाई हैं। युगल वर्ग में कोई भी भारतीय जोड़ी शीर्ष-25 में शामिल नहीं है।
पुरुष वर्ग में पारूपल्ली कश्यप को चार स्थान का नुकसान हुआ है। कश्यप 17वें क्रम पर पहुंच गए हैं जबकि आरएमवी गुरुसाईदत्त एक स्थान के फायदे के साथ करियर के अब तक के सर्वोच्च मुकाम (20वें क्रम) पर पहुंच गए हैं।
मुम्बई के अजय जयराम 24वें क्रम पर स्थाई हैं। युगल वर्ग में कोई भी भारतीय जोड़ी शीर्ष-25 में शामिल नहीं है।
मुम्बई के अजय जयराम 24वें क्रम पर स्थाई हैं। युगल वर्ग में कोई भी भारतीय जोड़ी शीर्ष-25 में शामिल नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल गुरुवार को विश्व बैडमिंटन महासंघ द्वारा जारी वरीयता क्रम में चौथे स्थान पर खिसक गई हैं। चीन में जारी विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली सायना को एक स्थान का नुकसान हुआ है। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हरियाणा के करनाल जिले में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 पर खड़ी एसयूवी से क्रिकेट स्टार हरभजन सिंह का बैग उचक्कों द्वारा उड़ाए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में क्रिकेट खिलाड़ी प्रवीण कुमार की रिवॉल्वर गायब हो गई। प्रवीण ने शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाने में 11 दिसम्बर को 32 बोर की अपनी रिवॉल्वर लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। ट्रांसपोर्ट नगर थाने के प्रभारी आशुतोष कुमार ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि प्रवीण ने अपनी शिकायत में कहा कि गत 9 दिसम्बर से रिवॉल्वर घर पर नहीं मिल रही है। कुमार ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है, फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला है। कुमार के मुताबिक प्रवीण उस दिन मुल्तान नगर स्थित अपने घर के अहाते में प्रशंसकों से मिल रहे थे। कुमार ने कहा, "घर में काफी खोजबीन करने के बाद जब रिवॉल्वर नहीं मिली तो प्रवीण ने हमसे सम्पर्क कर गुमशुदगी की शिकायत की। प्रवीण की तरफ से यह आशंका भी जताई गई है कि हो सकता है उन्होंने घर में भूलवश किसी ऐसी जगह रिवाल्वर रख दी हो, जिससे मिलने में परेशानी हो रही है।" चोट के कारण भारतीय टीम से बाहर चल रहे प्रवीण के बड़े भाई विनय कुमार ने बताया कि भारतीय टीम में चयन होने के बाद ही प्रवीण ने अपने लिए रिवॉल्वर खरीदी थी। उनके पास इसका लाइसेंस भी है। हैरानी की बात यह है कि हरभजन के बैग की तरह प्रवीण के रिवॉल्वर का भी कुछ पता नहीं चल रहा है। हरभजन ने सोमवार को घटना के वक्त बताया था कि उनके बैग में पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और लैपटॉप था। पुलिस ने बताया कि कुछ अज्ञात चोरों ने हरभजन के फोर्ड इंडेवर गाड़ी की खिड़की का शीशा तोड़कर सामान चुरा लिया। यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर स्थित करनाल शहर की है। घटना के वक्त वह अपने एक दोस्त के साथ दिल्ली जा रहे थे। | यहाँ एक सारांश है:प्रवीण ने शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाने में 11 दिसम्बर को 32 बोर की अपनी रिवॉल्वर लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई2ओ को सफलतापूर्वक पेश करने के बाद वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा बड़ी कार के लिए एक नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। इसका उपयोग उसकी कोरियाई सहयोगी कंपनी सांगयोंग मोटर भी कर सकेगी।टिप्पणियां
एमएंडएम के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव एंड कृषि उपकरण क्षेत्र) पवन गोयनका ने कहा, मार्च में ई2ओ पेश किए जाने के बाद अब हमने नए इलेक्ट्रिक वाहन मंच का विकास शुरू किया है। यह बड़ी कार के लिए होगा। कंपनी एमएंडएम की इलेक्ट्रिक कार इकाई महिंद्रा रेवा के बेंगलुरु केंद्र के प्रस्तावित प्लेटफार्म के डिजाइन और विकास पर काम कर रही है।
गोयनका ने बगैर ब्योरा दिए कहा, यह अगले दौर का वाहन होगा। इसमें कई साल लगेंगे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी इस नए अनुसंधान केंद्र के विकास पर कितना खर्च कर रही है।
एमएंडएम के अध्यक्ष (ऑटोमोटिव एंड कृषि उपकरण क्षेत्र) पवन गोयनका ने कहा, मार्च में ई2ओ पेश किए जाने के बाद अब हमने नए इलेक्ट्रिक वाहन मंच का विकास शुरू किया है। यह बड़ी कार के लिए होगा। कंपनी एमएंडएम की इलेक्ट्रिक कार इकाई महिंद्रा रेवा के बेंगलुरु केंद्र के प्रस्तावित प्लेटफार्म के डिजाइन और विकास पर काम कर रही है।
गोयनका ने बगैर ब्योरा दिए कहा, यह अगले दौर का वाहन होगा। इसमें कई साल लगेंगे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी इस नए अनुसंधान केंद्र के विकास पर कितना खर्च कर रही है।
गोयनका ने बगैर ब्योरा दिए कहा, यह अगले दौर का वाहन होगा। इसमें कई साल लगेंगे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि कंपनी इस नए अनुसंधान केंद्र के विकास पर कितना खर्च कर रही है। | अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई2ओ को सफलतापूर्वक पेश करने के बाद वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा बड़ी कार के लिए एक नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: MCD चुनाव में कांग्रेस का झगड़ा उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दरवाजे तक पहुंच गया है. दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस ने आज राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन किया और मांग की कि पार्टी में टिकट वितरण में परिवारवाद को रोका जाए. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करते हुए दिल्ली युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं की मांग है कि MCD चुनाव में परिवारवाद की जगह युवा कार्यकर्ताओं को तरजीह मिले. दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि 'पार्टी के अंदर कुछ ऐसे हैं, जो अपने बेटों के लिए टिकट मांग रहे हैं, MP हैं वे अपने बेटों के लिए टिकट मांग रहे हैं तो हमारी मांग है कि उनको दरकिनार कर यूथ कांग्रेस के लोगों को टिकट दें. वैसे पार्टी ने अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कार्यकर्ताओं को लगता है कि अगर टिकट घोषित हो गए तो फिर बाद में लकीर पीटने से क्या फायदा. प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता ने कहा कि युवा कांग्रेस में महीनों से मेहनत कर रहे हैं लेकिन आज जब टिकट की बारी आई है तो हमारे MP MLA पता नहीं क्यों हमसे नाराज़ हैं. इसलिए राहुल गांधी के पास आए हैं कि वे हमारी सुनेंगे.
इससे पहले रविवार को जब ऐसी ही शिकायत राहुल गांधी के पास पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन को तलब भी किया. दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि देखिए कोई भी टिकट कार्यकर्ताओं से पूछकर ही दिया जाएगा. दिक्कत यह है कि आवेदक ज्यादा हैं और टिकट केवल 272 ही दिए जा सकते हैं. आपको बता दें कि कांग्रेस पहले ही कमजोर हालत में है. 15 साल दिल्ली में राज करने के बाद बीते 2 विधानसभा और 1 लोकसभा चुनाव में वह बुरी तरह हार चुकी है. ऐसे में कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन उनके लिए बड़ी चिंता का सबब है.
इससे पहले रविवार को जब ऐसी ही शिकायत राहुल गांधी के पास पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन को तलब भी किया. दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि देखिए कोई भी टिकट कार्यकर्ताओं से पूछकर ही दिया जाएगा. दिक्कत यह है कि आवेदक ज्यादा हैं और टिकट केवल 272 ही दिए जा सकते हैं. आपको बता दें कि कांग्रेस पहले ही कमजोर हालत में है. 15 साल दिल्ली में राज करने के बाद बीते 2 विधानसभा और 1 लोकसभा चुनाव में वह बुरी तरह हार चुकी है. ऐसे में कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन उनके लिए बड़ी चिंता का सबब है. | टिकट वितरण में परिवारवाद रोकने की मांग
युवा कार्यकर्ताओं को तरजीह मिले
कई युवा कांग्रेस में महीनों से मेहनत कर रहे हैं | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हैदराबाद से लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गुरुवार को एनडीटीवी से खास बातचीत में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) और एनआरसी (NRC) के मुद्दे को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कि वे इसका वे इसका हर हाल में विरोध करेंगे और दूसरे दलों से भी ऐसा करने की अपील करेंगे. ओवैसी ने कहा, ''संविधान में नागरिकता को धर्म से नहीं जोड़ गया. पहली बार ऐसा हो रहा है जब बीजेपी की सरकार अपना असली चेहरा दिखा रही है.'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिखा दिया है कि वे अपनी विचारधारा पर अमल कर रहे हैं संविधान पर नहीं. उन्होंने कहा कि ये साफ तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है.
ओवैसी ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल के बाद जो एनआरसी आएगा उसमें उन सभी को नागरिकता मिल जाएगी जो मुस्लिम नहीं हैं. और मुस्लिमों को डिटेंशन सेंटर में डाल दिया जाएगा. सरकार मुसलमानों को स्टेटलेस बनाना चाहती है. मोदी सरकार देश को बांटने का काम कर रही है.
संविधान की प्रस्तावना का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा, ''नागरिकता संशोधन बिल बनाकर सरकार भारत को इजरायल की कतार में लाकर खड़ा करना चाह रही है.'' उन्होंने कहा, ''इसका विरोध करना हरेक की जिम्मेदारी है क्योंकि ये संविधान, नैतिकता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ है.''
असम में लागू हुए एनआरसी लेकर उन्होंने कहा कि वहां मुस्लिमों को निशाना बनाया गया. अब उनका मामला विदेश न्यायाधिकरण में लटक जाएगा. उन्हें डिटेंशन सेंटर्स में डाल दिया जाएगा. ओवैसी ने कहा, ''एनआरसी की देश को जरूरत नहीं है. असम में आपने कराकर देख लिया है."
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री को पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं की फिक्र है जबकि उन्हें अपने देश के नागरिकों की फिक्र होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश में जब तक संविधान है इसे धार्मिक आधार पर नहीं बांटा जा सकता है. | CAB पर सरकार की मंशा को लेकर उठाए सवाल
CAB को ओवैसी ने बताया संविधान के खिलाफ
ओवैसी बोले- सभी दलों से करेंगे विरोध करने की अपील | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गृह मंत्रालय ने आज एक अधिसूचना जारी कर नए बनाए गए केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर (Jammu And Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) की सीमाओं का ब्यौरा दिया. अधिसूचना से भारत का एक नया राजनीतिक मानचित्र भी मिला है. देश के नए केंद्र शासित प्रदेशों को औपचारिक रूप से बनाने और उनके पहले लेफ्टिनेंट गवर्नर प्राप्त करने के दो दिन बाद यह आदेश आया. पूर्व केंद्रीय व्यय सचिव गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के रूप में और पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली.
आज की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, कारगिल और लेह को छोड़कर, पूर्व राज्य के सभी जिलों का गठन करेगा. कारगिल और लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा होंगे.
अधिसूचना के मुताबिक, ' 1947 में जम्मू कश्मीर में ये 14 जिले थे. कठुआ, जम्मू, उधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, लेह और लद्दाख, गिलगिट, गिलगिट वजारत, चिलहास और ट्राइबल टेरिटरी.'
2019 तक पूर्ववर्ती जम्मू - कश्मीर राज्य की सरकार ने इन 14 जिलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके 28 जिले बना दिए थे.
नए जिलों के नाम थे - कुपवाड़ा, बांदीपुर, गांदेरबल, श्रीनगर, बड़गाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, राजौरी, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, साम्बा और करगिल.
इनमें से करगिल जिले को लेह और लद्दाख जिले के क्षेत्र से अलग करके बनाया गया था. विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने 1947 के लेह और लद्दाख जिलों के बाकी क्षेत्रों के अलावा 1947 के गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेरिटरी जिलों के क्षेत्रों को समावेशित करते हुए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (कठिनाइयों को हटाना) दूसरे आदेश, 2019 द्वारा नए लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लेह जिले को परिभाषित किया है.
यह नया केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर है.
यह नया केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख है.
(इनपुट:भाषा से भी) | सारांश: गृह मंत्रालय ने आज एक अधिसूचना जारी की
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की सीमाओं का किया विस्तार
अधिसूचना से भारत का एक नया राजनीतिक मानचित्र भी मिला | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने मॉब लिंचिंग को भारत को बदनाम करने वाला बताया था. मोहन भावगत ने कहा था कि भीड़ हत्या (लिंचिंग) ‘पश्चिमी तरीका' है और देश को बदनाम करने के लिए इसका भारत के परिप्रेक्ष्य में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. AIMIM नेता ओवैसी ने कहा कि भीड़ हत्या के ‘पीड़ित भारतीय' हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत भीड़ हत्या रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं.
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, ‘(भीड़ हत्या के) पीड़ित भारतीय हैं. (भीड़ हत्या के) दोषियों को किसने माला पहनाई थी, किसने उन्हें (तिरंगे में) लपेटा था. हमारे पास गोडसे प्रेमी भाजपा सांसद हैं.' ओवैसी ने ट्वीट किया कि गांधी और तबरेज़ अंसारी की हत्या जिस विचारधारा ने की उसकी तुलना में भारत की बड़ी बदनामी और कोई कुछ नहीं हो सकती. वहीं भागवत भीड़ हत्या रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं. वह कह रहे हैं कि इसे वो (लिंचिंग) मत कहो.
गौरतलब है कि नागपुर में मंगलवार सुबह आरएसएस की विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में लिंचिंग शब्द का इस्तेमाल करना गलत है. यह शब्द भारत को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. | मोहन भावगत ने कहा था कि भीड़ हत्या ‘पश्चिमी तरीका’ है
उन्होंने कहा कि इसका भारत के परिप्रेक्ष्य में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
AIMIM नेता ओवैसी ने कहा कि भीड़ हत्या के ‘पीड़ित भारतीय’ हैं | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शाहरुख खान और सौरव गांगुली अब भले ही अच्छे दोस्त नहीं हों, लेकिन इस बॉलीवुड अभिनेता का मानना है कि यह पूर्व भारतीय कप्तान देश के महान क्रिकेटरों में से एक है।टिप्पणियां
शाहरुख ने कहा, आईपीएल और सौरव गांगुली के बारे में जो कुछ भी लिखा गया उसे छोड़कर बिना किसी बहस के वह देश के महान क्रिकेटरों में से एक हैं।
आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मालिक ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, हम किसी भी चर्चा में उनसे (गांगुली से) यह चीज नहीं छीन सकते। उन्होंने कहा, मुझे उनसे लगाव है। वह सबसे कूल क्रिकेटर हैं। वह मेरे लिए नायक हैं। उनके साथ हमने अपनी टीम बनाई थी, लेकिन दो साल पहले की परिस्थितियां हमारे लिए अनुकूल नहीं रहीं थीं।
शाहरुख ने कहा, आईपीएल और सौरव गांगुली के बारे में जो कुछ भी लिखा गया उसे छोड़कर बिना किसी बहस के वह देश के महान क्रिकेटरों में से एक हैं।
आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मालिक ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, हम किसी भी चर्चा में उनसे (गांगुली से) यह चीज नहीं छीन सकते। उन्होंने कहा, मुझे उनसे लगाव है। वह सबसे कूल क्रिकेटर हैं। वह मेरे लिए नायक हैं। उनके साथ हमने अपनी टीम बनाई थी, लेकिन दो साल पहले की परिस्थितियां हमारे लिए अनुकूल नहीं रहीं थीं।
आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मालिक ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, हम किसी भी चर्चा में उनसे (गांगुली से) यह चीज नहीं छीन सकते। उन्होंने कहा, मुझे उनसे लगाव है। वह सबसे कूल क्रिकेटर हैं। वह मेरे लिए नायक हैं। उनके साथ हमने अपनी टीम बनाई थी, लेकिन दो साल पहले की परिस्थितियां हमारे लिए अनुकूल नहीं रहीं थीं। | संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा, आईपीएल और सौरव गांगुली के बारे में जो कुछ भी लिखा गया उसे छोड़कर, बिना किसी बहस के वह देश के महान क्रिकेटरों में से एक हैं। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रेलवे तत्काल टिकट के दलालों पर शिकंजा कसने जा रहा है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा है कि अब तत्काल टिकट के काउंटर अलग होंगे और बुकिंग का वक्त भी बदल जाएगा।टिप्पणियां
इतना ही नहीं बुकिंग क्लर्क के ड्यूटी के वक्त मोबाइल रखने पर भी पाबंदी लगेगी। गौरतलब है कि तत्काल के दलालों की खबर एनडीटीवी इंडिया ने आप तक पहुंचाई थी, जिसमें दिखाया गया था कि राजधानी में रेलवे के तत्काल बुकिंग काउंटर पर कैसे पुलिस और कर्मचारियों से मिलीभगत करके दलालों ने कब्जा जमा रखा है। इसके बाद अब बारी असर की है। खबर के बाद रेलवे ने चौकसी बढ़ा दी है और अब तत्काल काउंटरों पर सरप्राइज चेकिंग होने लगी है।
धोखे के इस खेल में इस बात की गुंजाइश है कि हम भी धोखा खा जाएं, लेकिन और कोई रास्ता नहीं सिवाए चौकसी के। मौजूदा हालत रेलवे की जागरूकता बताता है और उम्मीद है कि ये सारे इंतजाम आगे भी बरकरार रहेंगे।
इतना ही नहीं बुकिंग क्लर्क के ड्यूटी के वक्त मोबाइल रखने पर भी पाबंदी लगेगी। गौरतलब है कि तत्काल के दलालों की खबर एनडीटीवी इंडिया ने आप तक पहुंचाई थी, जिसमें दिखाया गया था कि राजधानी में रेलवे के तत्काल बुकिंग काउंटर पर कैसे पुलिस और कर्मचारियों से मिलीभगत करके दलालों ने कब्जा जमा रखा है। इसके बाद अब बारी असर की है। खबर के बाद रेलवे ने चौकसी बढ़ा दी है और अब तत्काल काउंटरों पर सरप्राइज चेकिंग होने लगी है।
धोखे के इस खेल में इस बात की गुंजाइश है कि हम भी धोखा खा जाएं, लेकिन और कोई रास्ता नहीं सिवाए चौकसी के। मौजूदा हालत रेलवे की जागरूकता बताता है और उम्मीद है कि ये सारे इंतजाम आगे भी बरकरार रहेंगे।
धोखे के इस खेल में इस बात की गुंजाइश है कि हम भी धोखा खा जाएं, लेकिन और कोई रास्ता नहीं सिवाए चौकसी के। मौजूदा हालत रेलवे की जागरूकता बताता है और उम्मीद है कि ये सारे इंतजाम आगे भी बरकरार रहेंगे। | यह एक सारांश है: उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा है कि अब तत्काल टिकट के काउंटर अलग होंगे और बुकिंग का वक्त भी बदल जाएगा। इतना ही नहीं बुकिंग क्लर्क के ड्यूटी के वक्त मोबाइल रखने पर भी पाबंदी लगेगी। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Commando 3 Box Office Collection Day 6: बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) और एक्ट्रेस अदा शर्मा (Adah Sharma) की फिल्म 'कमांडो 3 (Commando 3)' को रिलीज हुए सात दिन बीत चुके हैं और खास बात तो यह है कि कमाई के मामले में फिल्म ने मल्टी स्टारर 'पागलपंती' को भी पीछे छोड़ दिया है. दरअसल, जॉन अब्राहम, अनिल कपूर और पुल्कित सम्राट की पागलपंती ने नौवें दिन में 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था. लेकिन 'कमांडो 3' की शानदार कमाई को देखते हुए कहा जा रहा है कि यह आठवें दिन में ही 30 करोड़ का कलेक्शन कर सकती है.
एक्शन सीक्वेंस और देशभक्ति की कहानी से भरपूर फिल्म दर्शकों को भी खूब पसंद आ रही है. 'कमांडो 3' के ओपनिंग के हिसाब से फिल्म ने सातवें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया. फिल्म के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 'कमांडो 3 (Commando 3 Box Office Collection)' ने बीते गुरूवार को 2.30 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. इस लिहाज से विद्युत जामवाल और अदा शर्मा की कमांडो सात दिनों में ही 29.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी अभी बाकी है. बता दें कि विद्युत जामला की फिल्म कमांडो 3 ने पहले दिन 4.74 करोड़, दूसरे दिन 5.64 करोड़, तीसरे दिन 7.95 करोड़, चौथे दिन 3.42 करोड़, पांचवें दिन 3.02 करोड़ और छठे दिन 2.42 करोड़ रुपये की कमाई की.
अगर फिल्म कमांडो 3 की कहानी की बात करें, तो यह फिल्म विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) यानी कमांडो 'करण सिंह डोगरा' के इर्द गिर्द घूमती है. फिल्म में करण लंदन में एक अंजान शख्स को ढूंढ रहे हैं, जो भारत पर आतंकवादी हमला करके, भारत को दहलाने की कोशिश करना चाहता है. करण के इस मिशन पर उन्हें अदा शर्मा (Adah Sharma) और अंगिरा धर (Angira Dhar) का साथ मिलता है. यह तीनों मिलकर शख्स के मनसूबों को नाकामयाब करने में सफल हो जाते हैं. फिल्म की कहानी अच्छी है, साथ ही इसमें एक्शन सीक्वेंस भी काफी कमाल के हैं. | संक्षिप्त पाठ: विद्युत जामवाल की फिल्म ने जॉन अब्राहम की 'पागलपंती' को पछाड़ा
बॉक्स ऑफिस पर जारी है 'कमांडो 3' की कोशिश
दर्शकों को खूब पसंद आ रही है 'कमांडो 3' | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली मेट्रो ने अपने सभी खंडों में यात्रियों के प्रतीक्षा समय को घटाकर अधिक से अधिक तीन मिनट करने के लिए ट्रेनों के फेरों की संख्या बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है. दिल्ली मेट्रो में कुल 19 खंडों में से अभी मात्र तीन ऐसे खंड हैं, जहां ट्रेन आने का समय तीन मिनट अथवा इससे कम है.
मेट्रो के अधिकारियों ने हाल में ही दिल्ली सरकार को 916 नए कोचों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा है. इससे 102 नई ट्रेन चलाई जा सकेंगी. नए कोचों की खरीद के बाद मौजूदा चार और छह कोचों वाली ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच बढ़ाए जा सकेंगे.
हालांकि प्रस्ताव को अभी केन्द्र और राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिली है, लेकिन इससे 'भारी भीड़' से निपटने और अपना नेटवर्क विस्तार करने में मेट्रों को मदद मिलेगी. पिछले पांच सालों के दौरान मेट्रो में चलने वालों की संख्या में सालाना 17.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है.
विस्तृत परियोजना रपट (डीपीआर) के अनुसार कश्मीरी गेट से ग्रीन पार्क के बीच यलो लाइन में प्रत्येक एक मिनट 54 सेकेंड में एक ट्रेन चलाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर ट्रेनों के फेरे में बढ़ोतरी हो जाएगी.
इस समय समयपुर बादली से गुडगांव के हुड्डा सिटी सेंटर तक के सबसे लंबे और व्यस्त मार्ग में प्रत्येक दो मिनट 50 सेंकेड एवं आठ मिनट में ट्रेन चलती हैं.टिप्पणियां
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रो के अधिकारियों ने हाल में ही दिल्ली सरकार को 916 नए कोचों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा है. इससे 102 नई ट्रेन चलाई जा सकेंगी. नए कोचों की खरीद के बाद मौजूदा चार और छह कोचों वाली ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच बढ़ाए जा सकेंगे.
हालांकि प्रस्ताव को अभी केन्द्र और राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिली है, लेकिन इससे 'भारी भीड़' से निपटने और अपना नेटवर्क विस्तार करने में मेट्रों को मदद मिलेगी. पिछले पांच सालों के दौरान मेट्रो में चलने वालों की संख्या में सालाना 17.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है.
विस्तृत परियोजना रपट (डीपीआर) के अनुसार कश्मीरी गेट से ग्रीन पार्क के बीच यलो लाइन में प्रत्येक एक मिनट 54 सेकेंड में एक ट्रेन चलाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर ट्रेनों के फेरे में बढ़ोतरी हो जाएगी.
इस समय समयपुर बादली से गुडगांव के हुड्डा सिटी सेंटर तक के सबसे लंबे और व्यस्त मार्ग में प्रत्येक दो मिनट 50 सेंकेड एवं आठ मिनट में ट्रेन चलती हैं.टिप्पणियां
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हालांकि प्रस्ताव को अभी केन्द्र और राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिली है, लेकिन इससे 'भारी भीड़' से निपटने और अपना नेटवर्क विस्तार करने में मेट्रों को मदद मिलेगी. पिछले पांच सालों के दौरान मेट्रो में चलने वालों की संख्या में सालाना 17.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है.
विस्तृत परियोजना रपट (डीपीआर) के अनुसार कश्मीरी गेट से ग्रीन पार्क के बीच यलो लाइन में प्रत्येक एक मिनट 54 सेकेंड में एक ट्रेन चलाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर ट्रेनों के फेरे में बढ़ोतरी हो जाएगी.
इस समय समयपुर बादली से गुडगांव के हुड्डा सिटी सेंटर तक के सबसे लंबे और व्यस्त मार्ग में प्रत्येक दो मिनट 50 सेंकेड एवं आठ मिनट में ट्रेन चलती हैं.टिप्पणियां
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विस्तृत परियोजना रपट (डीपीआर) के अनुसार कश्मीरी गेट से ग्रीन पार्क के बीच यलो लाइन में प्रत्येक एक मिनट 54 सेकेंड में एक ट्रेन चलाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर ट्रेनों के फेरे में बढ़ोतरी हो जाएगी.
इस समय समयपुर बादली से गुडगांव के हुड्डा सिटी सेंटर तक के सबसे लंबे और व्यस्त मार्ग में प्रत्येक दो मिनट 50 सेंकेड एवं आठ मिनट में ट्रेन चलती हैं.टिप्पणियां
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस समय समयपुर बादली से गुडगांव के हुड्डा सिटी सेंटर तक के सबसे लंबे और व्यस्त मार्ग में प्रत्येक दो मिनट 50 सेंकेड एवं आठ मिनट में ट्रेन चलती हैं.टिप्पणियां
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नये कोच आने के बाद यह समय दो मिनट 50 सेकेंड और एक मिनट 54 सेकेंड हो जाएगा. इसी प्रकार द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर वाली लाइन तीन और चार में ट्रेन की फेरों का समय तीन मिनट 38 सेंकेंड से दो मिनट 25 सेकेंड तक आ जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली सरकार को 916 नए कोचों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा.
इससे 102 नई ट्रेन चलाई जा सकेंगी.
इससे भारी भीड़ से निपटने और नेटवर्क विस्तार में मेट्रो को मदद मिलेगी | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में प्रति व्यक्ति आय के मामले में राजधानी दिल्ली शीर्ष पर है। 2012-13 में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 2.01 लाख रुपये सालाना पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 1.73 लाख रुपये थी। यह राष्ट्रीय औसत का तीन गुना तथा देश में सबसे ज्यादा है।
दिल्ली सरकार के सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा मूल्य पर मुद्रास्फीति को शामिल किए बिना दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 2,01,083 रुपये पर पहुंच गई। 2011-12 में यह 1,73,686 रुपये थी यानी एक साल में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 27,397 रुपये बढ़ी। प्रति व्यक्ति आय का राष्ट्रीय औसत 61,564 रुपये है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा जारी सांख्यिकी पुस्तिका के अनुसार 2012-13 में दिल्ली की सड़कों पर 3.36 लाख नए वाहन उतरे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आर्थिक आंकड़े दिल्ली की समृद्धि तथा मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं। आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में मोबाइल फोन कनेक्शनों सहित कुल 4.28 करोड़ सक्रिय टेलीफोन कनेक्शन थे।टिप्पणियां
दिल्ली में मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1.70 करोड़ की आबादी पर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 3.98 करोड़ है, यानी दिल्ली में हर व्यक्ति के पास कम से कम दो मोबाइल कनेक्शन हैं। 2010-11 तक दिल्ली में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 2.82 करोड़ थी, जो 31 दिसंबर, 2012 तक बढ़कर 3.98 करोड़ पर पहुंच गई। राजधानी में फिक्स्ड लाइन फोन कनेक्शनों की संख्या 29.49 लाख आंकी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 44.64 लाख पर पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में प्रति व्यक्ति पानी की दैनिक खपत 49 गैलन रही है। 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में कुल 940 अस्पताल थे।
दिल्ली सरकार के सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा मूल्य पर मुद्रास्फीति को शामिल किए बिना दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 2,01,083 रुपये पर पहुंच गई। 2011-12 में यह 1,73,686 रुपये थी यानी एक साल में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 27,397 रुपये बढ़ी। प्रति व्यक्ति आय का राष्ट्रीय औसत 61,564 रुपये है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा जारी सांख्यिकी पुस्तिका के अनुसार 2012-13 में दिल्ली की सड़कों पर 3.36 लाख नए वाहन उतरे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आर्थिक आंकड़े दिल्ली की समृद्धि तथा मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं। आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में मोबाइल फोन कनेक्शनों सहित कुल 4.28 करोड़ सक्रिय टेलीफोन कनेक्शन थे।टिप्पणियां
दिल्ली में मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1.70 करोड़ की आबादी पर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 3.98 करोड़ है, यानी दिल्ली में हर व्यक्ति के पास कम से कम दो मोबाइल कनेक्शन हैं। 2010-11 तक दिल्ली में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 2.82 करोड़ थी, जो 31 दिसंबर, 2012 तक बढ़कर 3.98 करोड़ पर पहुंच गई। राजधानी में फिक्स्ड लाइन फोन कनेक्शनों की संख्या 29.49 लाख आंकी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 44.64 लाख पर पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में प्रति व्यक्ति पानी की दैनिक खपत 49 गैलन रही है। 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में कुल 940 अस्पताल थे।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा जारी सांख्यिकी पुस्तिका के अनुसार 2012-13 में दिल्ली की सड़कों पर 3.36 लाख नए वाहन उतरे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आर्थिक आंकड़े दिल्ली की समृद्धि तथा मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं। आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में मोबाइल फोन कनेक्शनों सहित कुल 4.28 करोड़ सक्रिय टेलीफोन कनेक्शन थे।टिप्पणियां
दिल्ली में मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1.70 करोड़ की आबादी पर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 3.98 करोड़ है, यानी दिल्ली में हर व्यक्ति के पास कम से कम दो मोबाइल कनेक्शन हैं। 2010-11 तक दिल्ली में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 2.82 करोड़ थी, जो 31 दिसंबर, 2012 तक बढ़कर 3.98 करोड़ पर पहुंच गई। राजधानी में फिक्स्ड लाइन फोन कनेक्शनों की संख्या 29.49 लाख आंकी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 44.64 लाख पर पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में प्रति व्यक्ति पानी की दैनिक खपत 49 गैलन रही है। 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में कुल 940 अस्पताल थे।
दिल्ली में मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। यहां 1.70 करोड़ की आबादी पर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 3.98 करोड़ है, यानी दिल्ली में हर व्यक्ति के पास कम से कम दो मोबाइल कनेक्शन हैं। 2010-11 तक दिल्ली में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या 2.82 करोड़ थी, जो 31 दिसंबर, 2012 तक बढ़कर 3.98 करोड़ पर पहुंच गई। राजधानी में फिक्स्ड लाइन फोन कनेक्शनों की संख्या 29.49 लाख आंकी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 44.64 लाख पर पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में प्रति व्यक्ति पानी की दैनिक खपत 49 गैलन रही है। 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में कुल 940 अस्पताल थे।
आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 44.64 लाख पर पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में प्रति व्यक्ति पानी की दैनिक खपत 49 गैलन रही है। 31 दिसंबर, 2012 तक दिल्ली में कुल 940 अस्पताल थे। | संक्षिप्त पाठ: 2012-13 में दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 2.01 लाख रुपये सालाना पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 1.73 लाख रुपये थी। यह राष्ट्रीय औसत का तीन गुना तथा देश में सबसे ज्यादा है। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पी चिदंबरम की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता अपना पक्ष रखा. तुषार ने कोर्ट कहा कि एजेंसी के पास सामग्री थी, आरोपों के खिलाफ और चिदंबरम से पूछताछ भी हुई. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की. तुषार मेहता ने कहा जो तथ्य एजेंसी के पास हैं वह पर्याप्त हैं. उन्होंने बीते वर्षों में हुए PMLA के तहत घोटाले और देश से भागने वालों विजय माल्या, मेहुल चौकसी और ज़ाकिर नायक के नाम गिनाए.
तुषार मेहता ने आगे कहा कि पीएमएलए या अन्य में कोई ऐसा प्रावधान नहीं. आरोपों के संबंध में जुटायी सामग्री अदालत को देने के साथ आरोपी पक्ष को भी मुहैया कराए जाएं. ईडी की तरफ से मेहता ने यह भी कहा कि चिदम्बरम कानून से बचकर फरार भी हो गए थे. वो जांच से बच रहे थे, लेकिन अब वो ही चिदंबरम कोर्ट से राहत चाहते हैं. तुषार ने कहा कि ईडी को चिदम्बरम से पूछताछ करनी है. सबूतों की तस्दीक करानी है और गवाहों से आमना सामना कराना है. ये कोई टीवी इंटरव्यू या सवाल जवाब का सत्र नहीं होता है. ये घोटाले और साजिश की पड़ताल है. कानून इसकी इजाज़त नहीं देता कि जांच के इस दौर में चिदम्बरम के साथ दस्तावेज़ या जानकारियां साझा की जाएं.
तुषार ने कहा कि विदेशों में जमा 15 भुगतान का मनी ट्रेल एजेंसी के पास है. ये जानकारी अगर वह आरोपी से साझा कर ले और आरोपी के अगर 30 ट्रेल हों तो वह पैसा ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने में जुट जाएगा. सच्चाई तभी सामने आ सकती है जब आरोपी का तथ्यों से आमना सामना कराया जाए.
तुषार ने कहा कि साक्ष्यों को आरोपी पक्ष के साथ किस हद तक साझा किया जाए यह पूर्ण अधिकार एजेंसी के पास होता है. अग्रिम जमानत कि मांग के दौरान साक्ष्यों से जुड़े दस्तावेज आरोपी पक्ष को मुहैया कराना केस को बिगाड़ सकता है. हमने आरोपी को विशेष अदालत के सामने पेश किया, अगर हमने आरोपी के साथ बुरा व्यवहार किया होता तो वो अदालत में अपनी बात रख सकता था. अगर चिदंबरम कि दलील स्वीकार कि जाती है तो अन्य मामले प्रभावित होंगे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
सीबीआई की कस्टडी में हैं पूर्व वित्त मंत्री
सुप्रीम कोर्ट में जारी है सुनवाई | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी बल जुलाई से अफगानिस्तान से वापसी शुरू कर देंगे। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका की प्राथमिकता युद्धग्रस्त देश को अल कायदा और तालिबान की सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालांकि सैनिकों की वापसी के संबंध में कोई विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, इस वर्ष , अफगानिस्तान को नेतृत्व सौंपने के लिए हम करीब 50 देशों के साथ मिलकर काम करेंगे। और इस जुलाई में, हम अपने सैनिकों को घर वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। अमेरिका का शीर्ष नेतृत्व अभी तक यह कहता रहा है कि सैनिकों की वापसी की गति अफगानिस्तान में जमीनी सचाइयों पर निर्भर करेगी। ओबामा ने सबसे पहले दिसंबर 2009 में इसकी घोषणा की थी। लेकिन ओबामा के संबोधन में युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं बतायी गई। ओबामा ने कहा, हमारा मकसद स्पष्ट है । हम तालिबान को अफगान लोगों पर फिर से कब्जा करने से रोकना चाहते हैं। हम अल कायदा को वहां सुरक्षित पनाहगाह बनाने से रोकेंगे। | संक्षिप्त सारांश: उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका की प्राथमिकता युद्धग्रस्त देश को अल कायदा और तालिबान की सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोकना है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई में सलमान खान के हिट एंड रन केस में आज सजा सुनाए जाने संबंधी याचिका पर सुनवाई 5 सितंबर तक के लिए टल गई है। इस मामले में सुनवाई आईपीसी की धारा 304 के सेक्शन-2 के तहत जारी है।टिप्पणियां
गैर−इरादतन हत्या के इस मामले में सलमान को 10 साल तक की सजा हो सकती है। इससे पहले सलमान ने सेशन कोर्ट में गैर−इरादतन हत्या के मामले को न चलाए जाने की अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
सलमान खान पर आरोप है कि 28 सितंबर 2002 की रात उन्होंने बांद्रा में फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया था, जिसमें से एक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे।
गैर−इरादतन हत्या के इस मामले में सलमान को 10 साल तक की सजा हो सकती है। इससे पहले सलमान ने सेशन कोर्ट में गैर−इरादतन हत्या के मामले को न चलाए जाने की अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
सलमान खान पर आरोप है कि 28 सितंबर 2002 की रात उन्होंने बांद्रा में फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया था, जिसमें से एक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे।
सलमान खान पर आरोप है कि 28 सितंबर 2002 की रात उन्होंने बांद्रा में फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया था, जिसमें से एक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गैर−इरादतन हत्या के इस मामले में सलमान को 10 साल तक की सजा हो सकती है। इससे पहले सलमान ने सेशन कोर्ट में गैर−इरादतन हत्या के मामले को न चलाए जाने की अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में सुजोक थेरेपी से हजारों की तादात में रोगी ईलाज कराने पहुंचे. रंगीन पेन और छल्लों से कई गंभीर बीमारियों का इलाज करने के लिए 23 देशों के सुजाक विशेषज्ञ इकट्ठा हुए. बंगला साहिब में कोरिया, रूस और अमरीका से आए करीब 250 जानकार इलाज में जुटे हैं. सुजोक थरेपी के करीब एक लाख विशेषज्ञ भारत में है. दरअसल सुजोक थरेपी मूलतौर पर कोरिया के ईलाज की पद्धति है. जानकारों का दावा है कि हाथों और पैरों के खास बिंदुओ को दबाने से भीतरी अंगों पर प्रभाव पड़ता है. जिससे बिना किसी साइड इफेक्ट के कई तरह के रोगों को ठीक करने में मदद मिलती है. इस थेरपी में दाल के दाने, रंगीन पेन और चुंबकीय छल्ले का प्रयोग किया जाता है. लेकिन उपचार की ये पद्धति कितनी कारगर है ये ठीक होने वाले लोग ही ज्यादा बता सकते हैं.
बंगला साहिब गुरुद्वारे में सुजोक थेरेपी कैंप अंतरराष्ट्रीय सुजोक एसोसियशन द्वारा लगाया गया. दो दिवसीय कैंप में हजारों लोगों ने इस कोरियन थेरैपी का निशुल्क लाभ लिया. बता दें कि संयुक्त रूप से भारत सहित 23 देशों के तकरीबन 250 सुजोक विशेषज्ञों को इस थेरैपी से उपचार करने के लिए बुलाया गया था. कोरिया, रशिया, यूरोप, अमेरिका, यूएई, से आये विशेषज्ञों ने कैम्प में आये रोगियों को सुजोक थेरैपी दी.
दरअसल सुजोक थेरैपी बिना किसी हानि के किया जाने वाला उपचार है. सुजोक का अविष्कार कोरिया में हुआ था जो हांथों और पैरों के बिंदु से जुड़ी पद्धति है. मानव शरीर के हांथों और पैरों के बिंदुओं को दबाने से शरीर के आंतरिक अंगों पर इसका प्रभाव पड़ता है. सुजोक थेरैपी से बिना किसी साइड इफेक्ट के कैंसर से लेकर जैनेटिक रोगों को ठीक करने का दावा किया जा रहा हैं.
इंटरनेशल सुजौक असोसिएशन के ग्लोबल प्रसिडेंट डॉक्टर पार्क मिनचुल का कहना है कि 1991 में सुजौक थेरैपी भारत में आई और इस 30 साल के भीतर 1 लाख सुजौक के डॉक्टर भारत में मौजूद हैं. सुजौक शरीर में रोगों के उपचार की हानि रहित वो पद्धति है जो आजकल की महंगी एलोपैथिक दवाओं का विकल्प है. सुजौक से उपचार का तरीका सस्ता ओर आसान भी है. इस तरह के कैंप के आयोजन से इस कोरियन उपचार के बारे में लोग जानेगें साथ ही अपने रोगों का इलाज खुद ही कर सकेंगे. | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में सुजोक थेरेपी कैंप लगाया गया.
बंगला साहिब में 23 देशों के सुजाक विशेषज्ञ इकट्ठा हुए.
250 सुजोक विशेषज्ञों को इस थेरैपी से उपचार करने के लिए बुलाया गया था. | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पटियाला शहरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह और अकाली दल उम्मीदवार जनरल जेजे सिंह ने अपने-अपने नामांकन पर्चे दाखिल किए. पूर्व सेना प्रमुख जेजे सिंह की विधानसभा सीट के लिए जद्दोजहद पूर्व सैनिकों को रास नहीं आ रही.
पटियाला सीट पर जीत का चौका लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर मैदान में हैं. इस बार मुकाबला करो या मरो का है..क्योंकि पटियाला के पूर्व महाराजा का यह आखिरी चुनाव है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते हैं,' जेजे सिंह कल तक पार्टी को अनुशासित करने की बात कर रहे थे, आज सुखबीर को कह रहे हैं..चालीस साल फौज में रहने के बाद शायद वे भूले नहीं हैं कि अब फौज में नहीं हैं.'
मुकाबले में अकाली दल ने सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके जनरल जेजे सिंह को उतारा है जिनकी उम्मीदवारी को लेकर पूर्व सैनिकों में भी बहस छिड़ी हुई है.
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (रिटा) ने कहा कि सब पूर्व सैनिक समझते हैं, पूर्व सेना प्रमुख को अगर लड़ना था तो किसी ऊंचे पद के लिए लड़ते एमएलए के लिए नहीं. कैप्टन एसपी सिंह (रिटा) कहते हैं,' मेरे हिसाब से अगर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ते तो मुझे बहुत खुशी होती..और हम अपने आपको बहुत गौरवान्वित महसूस करते..हमें यह बात हजम नहीं हो रही कि वे एमएलए का इलेक्शन लड़ रहे हैं.'टिप्पणियां
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
पटियाला सीट पर जीत का चौका लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर मैदान में हैं. इस बार मुकाबला करो या मरो का है..क्योंकि पटियाला के पूर्व महाराजा का यह आखिरी चुनाव है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते हैं,' जेजे सिंह कल तक पार्टी को अनुशासित करने की बात कर रहे थे, आज सुखबीर को कह रहे हैं..चालीस साल फौज में रहने के बाद शायद वे भूले नहीं हैं कि अब फौज में नहीं हैं.'
मुकाबले में अकाली दल ने सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके जनरल जेजे सिंह को उतारा है जिनकी उम्मीदवारी को लेकर पूर्व सैनिकों में भी बहस छिड़ी हुई है.
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (रिटा) ने कहा कि सब पूर्व सैनिक समझते हैं, पूर्व सेना प्रमुख को अगर लड़ना था तो किसी ऊंचे पद के लिए लड़ते एमएलए के लिए नहीं. कैप्टन एसपी सिंह (रिटा) कहते हैं,' मेरे हिसाब से अगर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ते तो मुझे बहुत खुशी होती..और हम अपने आपको बहुत गौरवान्वित महसूस करते..हमें यह बात हजम नहीं हो रही कि वे एमएलए का इलेक्शन लड़ रहे हैं.'टिप्पणियां
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते हैं,' जेजे सिंह कल तक पार्टी को अनुशासित करने की बात कर रहे थे, आज सुखबीर को कह रहे हैं..चालीस साल फौज में रहने के बाद शायद वे भूले नहीं हैं कि अब फौज में नहीं हैं.'
मुकाबले में अकाली दल ने सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके जनरल जेजे सिंह को उतारा है जिनकी उम्मीदवारी को लेकर पूर्व सैनिकों में भी बहस छिड़ी हुई है.
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (रिटा) ने कहा कि सब पूर्व सैनिक समझते हैं, पूर्व सेना प्रमुख को अगर लड़ना था तो किसी ऊंचे पद के लिए लड़ते एमएलए के लिए नहीं. कैप्टन एसपी सिंह (रिटा) कहते हैं,' मेरे हिसाब से अगर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ते तो मुझे बहुत खुशी होती..और हम अपने आपको बहुत गौरवान्वित महसूस करते..हमें यह बात हजम नहीं हो रही कि वे एमएलए का इलेक्शन लड़ रहे हैं.'टिप्पणियां
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
मुकाबले में अकाली दल ने सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके जनरल जेजे सिंह को उतारा है जिनकी उम्मीदवारी को लेकर पूर्व सैनिकों में भी बहस छिड़ी हुई है.
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (रिटा) ने कहा कि सब पूर्व सैनिक समझते हैं, पूर्व सेना प्रमुख को अगर लड़ना था तो किसी ऊंचे पद के लिए लड़ते एमएलए के लिए नहीं. कैप्टन एसपी सिंह (रिटा) कहते हैं,' मेरे हिसाब से अगर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ते तो मुझे बहुत खुशी होती..और हम अपने आपको बहुत गौरवान्वित महसूस करते..हमें यह बात हजम नहीं हो रही कि वे एमएलए का इलेक्शन लड़ रहे हैं.'टिप्पणियां
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (रिटा) ने कहा कि सब पूर्व सैनिक समझते हैं, पूर्व सेना प्रमुख को अगर लड़ना था तो किसी ऊंचे पद के लिए लड़ते एमएलए के लिए नहीं. कैप्टन एसपी सिंह (रिटा) कहते हैं,' मेरे हिसाब से अगर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ते तो मुझे बहुत खुशी होती..और हम अपने आपको बहुत गौरवान्वित महसूस करते..हमें यह बात हजम नहीं हो रही कि वे एमएलए का इलेक्शन लड़ रहे हैं.'टिप्पणियां
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
1965 और 71 की जंग लड़ चुके जनरल जेजे सिंह..कैप्टन पर निजी छींटाकशी करके लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. जेजे सिंह कहते हैं,'लोगों को पता है कि मैं सेवा करने आया हूं.' वे कहते हैं कि 'मैं एमएलए बनाने के लिए इतना नीचे कैसे आ गया..लेकिन सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती.'
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है.
यूं तो मुकाबले में आम आदमी पार्टी के डॉक्टर बलबीर सिंह भी हैं..पर चर्चा तो कैप्टन बनाम जनरल के बीच सियासी जंग की ही हो रही है. | यह एक सारांश है: पूर्व सेना प्रमुख की जद्दोजहद पूर्व सैनिकों को रास नहीं आ रही
पटियाला के पूर्व महाराजा का यह आखिरी चुनाव
जनरल जेजे सिंह के मुताबिक सेवा की कोई लक्ष्मण रेखा नहीं होती | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय खेल मंत्रालय ने मंगलवार को मलेशिया में अगले महीने होने वाले 22वें सुल्तान अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए भारत की पुरुष टीम को हवाई खर्च न देने सम्बंधी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के फैसले को बदलते हुए टीम को मलेशिया जाने की अनुमति दे दी है लेकिन साथ ही साथ उसने हॉकी इंडिया (एचआई) को भविष्य में अपने लिए तय बजट से अधिक खर्च न करने की हिदायत दी।
खेल मंत्रालय का यह फैसला एचआई द्वारा इस टूर्नामेंट से नाम वापस लेने के कुछ ही समय बाद आ गया। एचआई ने साई द्वारा टीम को यात्रा के लिए हवाई खर्च देने से इनकार किए जाने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का फैसला किया था। यह टूर्नामेंट 9-17 मार्च तक मलेशिया के शहर इपोह में होना है।
खेल सचिव प्रदीप कुमार देब ने कहा कि मंत्रालय ने भारत की मलेशिया यात्रा को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला साई द्वारा इस मामले को उसके सामने रखे जाने के बाद किया गया। साई ने मंत्रालय से कहा था कि उसने बजट को लेकर टीम की यात्रा का खर्च उठाने से इनकार किया था।
देब ने कहा, "हमने एचआई के लिए 4.94 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट रखा है लेकिन वह इससे कहीं अधिक 11.27 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। ऐसे में साई अपनी मर्जी से कोई फैसला नहीं ले सकता था।"
"मामला हमारे पास आया। हमने यात्रा को हरी झंडी दे दी है क्योंकि इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन हमने एचआई से कह दिया है कि वह भविष्य में अपने बजट के अंदर ही काम करना सीखे।"
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
खेल मंत्रालय का यह फैसला एचआई द्वारा इस टूर्नामेंट से नाम वापस लेने के कुछ ही समय बाद आ गया। एचआई ने साई द्वारा टीम को यात्रा के लिए हवाई खर्च देने से इनकार किए जाने के बाद टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का फैसला किया था। यह टूर्नामेंट 9-17 मार्च तक मलेशिया के शहर इपोह में होना है।
खेल सचिव प्रदीप कुमार देब ने कहा कि मंत्रालय ने भारत की मलेशिया यात्रा को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला साई द्वारा इस मामले को उसके सामने रखे जाने के बाद किया गया। साई ने मंत्रालय से कहा था कि उसने बजट को लेकर टीम की यात्रा का खर्च उठाने से इनकार किया था।
देब ने कहा, "हमने एचआई के लिए 4.94 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट रखा है लेकिन वह इससे कहीं अधिक 11.27 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। ऐसे में साई अपनी मर्जी से कोई फैसला नहीं ले सकता था।"
"मामला हमारे पास आया। हमने यात्रा को हरी झंडी दे दी है क्योंकि इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन हमने एचआई से कह दिया है कि वह भविष्य में अपने बजट के अंदर ही काम करना सीखे।"
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
खेल सचिव प्रदीप कुमार देब ने कहा कि मंत्रालय ने भारत की मलेशिया यात्रा को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला साई द्वारा इस मामले को उसके सामने रखे जाने के बाद किया गया। साई ने मंत्रालय से कहा था कि उसने बजट को लेकर टीम की यात्रा का खर्च उठाने से इनकार किया था।
देब ने कहा, "हमने एचआई के लिए 4.94 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट रखा है लेकिन वह इससे कहीं अधिक 11.27 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। ऐसे में साई अपनी मर्जी से कोई फैसला नहीं ले सकता था।"
"मामला हमारे पास आया। हमने यात्रा को हरी झंडी दे दी है क्योंकि इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन हमने एचआई से कह दिया है कि वह भविष्य में अपने बजट के अंदर ही काम करना सीखे।"
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
देब ने कहा, "हमने एचआई के लिए 4.94 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट रखा है लेकिन वह इससे कहीं अधिक 11.27 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। ऐसे में साई अपनी मर्जी से कोई फैसला नहीं ले सकता था।"
"मामला हमारे पास आया। हमने यात्रा को हरी झंडी दे दी है क्योंकि इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन हमने एचआई से कह दिया है कि वह भविष्य में अपने बजट के अंदर ही काम करना सीखे।"
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
"मामला हमारे पास आया। हमने यात्रा को हरी झंडी दे दी है क्योंकि इस टूर्नामेंट से भारतीय टीम को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। लेकिन हमने एचआई से कह दिया है कि वह भविष्य में अपने बजट के अंदर ही काम करना सीखे।"
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
साई की क्षेत्रीय निदेशक (टीम विंग) राधिका श्रीमन ने आईएएनएस से कहा कि इस सत्र की शुरुआत में एचआई से कहा गया था कि वह खर्चे के हिसाब से टूर्नामेंटों की प्राथमिकता तय करे और अजलान शाह कप एचआई की सूची में नहीं शामिल था।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
राधिका ने कहा, "इस साल के लिए तय कार्यक्रमों में अजलान शाह एचआई की सूची में नहीं था। इस बारे में संघ को ही फैसला लेना था। एचआई महासचिव नरेंद्र बत्रा ने यहां तक कहा था कि चूंकि आयोजक रहने और खाने का खर्च उठाते हैं, लिहाजा एचआई ही हवाई खर्च वहन करेगा।"
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
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इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
"अब अचानक एचआई ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह टीम के लिए हवाई खर्च दे। खेल मंत्रालय के सचिव के साथ बातचीत के बाद इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को अनुमति दे दी गई है।"
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
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इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
इससे पहले, एचआई ने एक बयान जारी कर कहा कि साई ने साफ कर दिया है कि सरकार टीम से जुड़ा कोई भी खर्च नहीं उठा सकती।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
एचआई ने कहा, "साई ने साफ कर दिया है कि सरकार राष्ट्रीय टीम का हवाई यात्रा खर्च वहन नहीं कर सकती। इस कारण हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट में हिस्सेदारी से हाथ खींच लिया है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
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भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अब तक हमेशा ही इस टूर्नामेंट के लिए राष्ट्रीय टीम का हवाई खर्च का भार उठाया है।"टिप्पणियां
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने इस टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा करते हुए फारवर्ड खिलाड़ी दानिश मुज्तबा को कप्तान नियुक्त किया था।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए नई दिल्ली में अभ्यासरत है। भारत ने अब तक पांच बार सुल्तान अजलान शाह कप खिताब जीता है। 2012 में टीम तीसरे स्थान पर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की सूची में ग्रेड-ए का आयोजन है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय खेल मंत्रालय ने मलेशिया में अगले महीने होने वाले 22वें सुल्तान अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए भारत की पुरुष टीम को हवाई खर्च न देने सम्बंधी साई के फैसले को बदलते हुए टीम को मलेशिया जाने की अनुमति दे दी है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने उन खबरों का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति जरदारी ने पद छोड़ने का कोई प्रस्ताव दिया है। इससे पहले ‘द न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि जरदारी ने कहा है कि अगर सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दल चाहते हैं, तो वह इस्तीफा देकर जल्दी चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। अखबार ने कहा कि जरदारी ने यह घोषणा सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के आला नेतृत्व और पार्टी के गठबंधन सहयोगियों के नेताओं के साथ मंगलवार रात एक बैठक के दौरान की।
इसके पहले मंगलवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि नामी-गिरामी लोगों से जुड़े भ्रष्टाचार संबंधित मामलों को नहीं खोलने पर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पीपीपी के सह-अध्यक्ष जरदारी ने गठबंधन सहयोगियों से कहा कि वह अपने उन्हीं सहयोगियों की मदद से राष्ट्रपति बने हैं और अगर वे चाहते हैं तो वह (जरदारी) पद छोड़ने और नए चुनाव कराने के लिए भी तैयार हैं।
हालांकि बैठक के बाद राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जो वक्तव्य जारी हुआ, उसमें जरदारी के पद छोड़ने के प्रस्ताव का कोई जिक्र नहीं था। वक्तव्य में कहा गया कि सत्ताधारी दल के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बारे में विचार-विमर्श के लिए गुरुवार को संसद का एक विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में नेशनल रीकंसीलिएशन ऑर्डिनेंस (एनआरओ) से जुड़े एक मामले में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने कराची की अपनी यात्रा बीच में खत्म कर इस्लामाबाद में कई बैठकों में भाग लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2009 में एनआरओ को अवैध करार दे दिया था, जिसके बाद से वह सरकार पर दबाव डाल रहा है कि वह जरदारी के खिलाफ लगे कथित धन शोधन के मामले दोबारा खोले। सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मुकदमा चलाए जाने से छूट मिली हुई है। पीपीपी और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच की बैठक के दौरान पीएमएल-क्यू प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन और अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख अस्फंदयार वली खान ने सरकार को परामर्श दिया कि वह ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ से बचे।
इसके पहले मंगलवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि नामी-गिरामी लोगों से जुड़े भ्रष्टाचार संबंधित मामलों को नहीं खोलने पर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पीपीपी के सह-अध्यक्ष जरदारी ने गठबंधन सहयोगियों से कहा कि वह अपने उन्हीं सहयोगियों की मदद से राष्ट्रपति बने हैं और अगर वे चाहते हैं तो वह (जरदारी) पद छोड़ने और नए चुनाव कराने के लिए भी तैयार हैं।
हालांकि बैठक के बाद राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जो वक्तव्य जारी हुआ, उसमें जरदारी के पद छोड़ने के प्रस्ताव का कोई जिक्र नहीं था। वक्तव्य में कहा गया कि सत्ताधारी दल के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बारे में विचार-विमर्श के लिए गुरुवार को संसद का एक विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में नेशनल रीकंसीलिएशन ऑर्डिनेंस (एनआरओ) से जुड़े एक मामले में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने कराची की अपनी यात्रा बीच में खत्म कर इस्लामाबाद में कई बैठकों में भाग लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2009 में एनआरओ को अवैध करार दे दिया था, जिसके बाद से वह सरकार पर दबाव डाल रहा है कि वह जरदारी के खिलाफ लगे कथित धन शोधन के मामले दोबारा खोले। सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मुकदमा चलाए जाने से छूट मिली हुई है। पीपीपी और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच की बैठक के दौरान पीएमएल-क्यू प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन और अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख अस्फंदयार वली खान ने सरकार को परामर्श दिया कि वह ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ से बचे।
हालांकि बैठक के बाद राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जो वक्तव्य जारी हुआ, उसमें जरदारी के पद छोड़ने के प्रस्ताव का कोई जिक्र नहीं था। वक्तव्य में कहा गया कि सत्ताधारी दल के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बारे में विचार-विमर्श के लिए गुरुवार को संसद का एक विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट में नेशनल रीकंसीलिएशन ऑर्डिनेंस (एनआरओ) से जुड़े एक मामले में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने कराची की अपनी यात्रा बीच में खत्म कर इस्लामाबाद में कई बैठकों में भाग लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2009 में एनआरओ को अवैध करार दे दिया था, जिसके बाद से वह सरकार पर दबाव डाल रहा है कि वह जरदारी के खिलाफ लगे कथित धन शोधन के मामले दोबारा खोले। सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मुकदमा चलाए जाने से छूट मिली हुई है। पीपीपी और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच की बैठक के दौरान पीएमएल-क्यू प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन और अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख अस्फंदयार वली खान ने सरकार को परामर्श दिया कि वह ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ से बचे।
सुप्रीम कोर्ट में नेशनल रीकंसीलिएशन ऑर्डिनेंस (एनआरओ) से जुड़े एक मामले में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला दिया। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ने कराची की अपनी यात्रा बीच में खत्म कर इस्लामाबाद में कई बैठकों में भाग लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2009 में एनआरओ को अवैध करार दे दिया था, जिसके बाद से वह सरकार पर दबाव डाल रहा है कि वह जरदारी के खिलाफ लगे कथित धन शोधन के मामले दोबारा खोले। सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मुकदमा चलाए जाने से छूट मिली हुई है। पीपीपी और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच की बैठक के दौरान पीएमएल-क्यू प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन और अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख अस्फंदयार वली खान ने सरकार को परामर्श दिया कि वह ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ से बचे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2009 में एनआरओ को अवैध करार दे दिया था, जिसके बाद से वह सरकार पर दबाव डाल रहा है कि वह जरदारी के खिलाफ लगे कथित धन शोधन के मामले दोबारा खोले। सरकार ने यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मुकदमा चलाए जाने से छूट मिली हुई है। पीपीपी और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच की बैठक के दौरान पीएमएल-क्यू प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन और अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख अस्फंदयार वली खान ने सरकार को परामर्श दिया कि वह ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ से बचे। | पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने उन खबरों का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति जरदारी ने पद छोड़ने का कोई प्रस्ताव दिया है। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भुवनेश्वर कुमार की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी तीसरे टेस्ट में अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में भुवनेश्वर की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत मैच का परिणाम आने की उम्मीद दिख रही है।
मैच के पांचवे दिन यानी सोमवार को एक बात तो तय है कि भारत को चाहे इस मैच में जीत मिले या न मिले, लेकिन उसकी हार होने के आसार बहुत कम हैं। भुवनेश्वर के स्विंग गेंदों ने बारिश के कारण पहले दिन का खेल धुलने के बाद बचे चार दिनों में मैच का परिणाम आने की उम्मीद जगाई है।
चौथे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने 75 रनों पर अपने तीन बल्लेबाज गंवा दिए हैं और वह अभी भी भारत की पहली पारी के स्कोर से 16 रन पीछे है। पिछले दो मैचों में असफल रहे ह्यूज 53 और लियोन चार रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
इससे पहले, भारत ने पदार्पण टेस्ट खेल रहे शिखर धवन के 187, मुरली विजय के 153 और विराट कोहली के नाबाद 67 रनों की पारियों की मदद से 499 रन बनाए और उसे 91 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में माइकल क्लार्क ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस शृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन आज वह भी पीठ की चोट के कारण कई बार मैदान से बाहर गए। भारत की जीत में क्लार्क और फिल ह्यूज रोड़ा बन सकते हैं। क्लार्क कल बल्लेबाजी करने उतरेंगे, यह फिलहाल तय नहीं है। ह्यूज हालांकि पहले दो मैचों में पूरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन वह 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
मैच के पांचवे दिन यानी सोमवार को एक बात तो तय है कि भारत को चाहे इस मैच में जीत मिले या न मिले, लेकिन उसकी हार होने के आसार बहुत कम हैं। भुवनेश्वर के स्विंग गेंदों ने बारिश के कारण पहले दिन का खेल धुलने के बाद बचे चार दिनों में मैच का परिणाम आने की उम्मीद जगाई है।
चौथे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने 75 रनों पर अपने तीन बल्लेबाज गंवा दिए हैं और वह अभी भी भारत की पहली पारी के स्कोर से 16 रन पीछे है। पिछले दो मैचों में असफल रहे ह्यूज 53 और लियोन चार रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
इससे पहले, भारत ने पदार्पण टेस्ट खेल रहे शिखर धवन के 187, मुरली विजय के 153 और विराट कोहली के नाबाद 67 रनों की पारियों की मदद से 499 रन बनाए और उसे 91 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में माइकल क्लार्क ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस शृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन आज वह भी पीठ की चोट के कारण कई बार मैदान से बाहर गए। भारत की जीत में क्लार्क और फिल ह्यूज रोड़ा बन सकते हैं। क्लार्क कल बल्लेबाजी करने उतरेंगे, यह फिलहाल तय नहीं है। ह्यूज हालांकि पहले दो मैचों में पूरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन वह 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
चौथे दिन की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया ने 75 रनों पर अपने तीन बल्लेबाज गंवा दिए हैं और वह अभी भी भारत की पहली पारी के स्कोर से 16 रन पीछे है। पिछले दो मैचों में असफल रहे ह्यूज 53 और लियोन चार रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
इससे पहले, भारत ने पदार्पण टेस्ट खेल रहे शिखर धवन के 187, मुरली विजय के 153 और विराट कोहली के नाबाद 67 रनों की पारियों की मदद से 499 रन बनाए और उसे 91 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में माइकल क्लार्क ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस शृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन आज वह भी पीठ की चोट के कारण कई बार मैदान से बाहर गए। भारत की जीत में क्लार्क और फिल ह्यूज रोड़ा बन सकते हैं। क्लार्क कल बल्लेबाजी करने उतरेंगे, यह फिलहाल तय नहीं है। ह्यूज हालांकि पहले दो मैचों में पूरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन वह 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
इससे पहले, भारत ने पदार्पण टेस्ट खेल रहे शिखर धवन के 187, मुरली विजय के 153 और विराट कोहली के नाबाद 67 रनों की पारियों की मदद से 499 रन बनाए और उसे 91 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में माइकल क्लार्क ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस शृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन आज वह भी पीठ की चोट के कारण कई बार मैदान से बाहर गए। भारत की जीत में क्लार्क और फिल ह्यूज रोड़ा बन सकते हैं। क्लार्क कल बल्लेबाजी करने उतरेंगे, यह फिलहाल तय नहीं है। ह्यूज हालांकि पहले दो मैचों में पूरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन वह 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों में माइकल क्लार्क ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने इस शृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लेकिन आज वह भी पीठ की चोट के कारण कई बार मैदान से बाहर गए। भारत की जीत में क्लार्क और फिल ह्यूज रोड़ा बन सकते हैं। क्लार्क कल बल्लेबाजी करने उतरेंगे, यह फिलहाल तय नहीं है। ह्यूज हालांकि पहले दो मैचों में पूरी तरह नाकाम रहे थे लेकिन वह 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच बचाना है तो कम-से-कम सोमवार को चायकाल तक बल्लेबाजी करनी होगी। उसके बाद कहीं जाकर मेहमान टीम आश्वस्त हो सकती है कि यह मैच भारत की झोली में नहीं जाएगा।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
मैच का अंतिम दिन होने के कारण पिच लगभग टूट चुकी है। स्पिन गेंद का विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हेल्मेट पर लगना यह बात साफ जाहिर करता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि उसकी बल्लेबाजी इस शृंखला में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की गेंदों पर संघर्ष करती नजर आई है।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
इससे पहले, चौथे दिन भारत के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उम्मीद थी कि धवन अपने करियर के पहले ही मैच में दोहरा शतक पूरा कर एक कीर्तिमान बनाएंगे, लेकिन वह अपने कल के स्कोर में दो रन जोड़कर नेथन लियोन की गेंद पर एड कोवान के हाथों लपक लिए गए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
धवन ने अपनी 174 गेंदों की पारी में 33 चौके और दो छक्के लगाए। रविवार को धवन अगर एक और चौका लगाने में सफल रहते तो वह पर्दापण मैच में सर्वाधिक चौके लगाने वाले खिलाड़ी बन जाते।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
बहरहाल, पर्दापण मैच में सबसे तेज (85 गेंद) शतक लगाने का रिकार्ड उनके नाम रहेगा। यही नहीं, वह भारत के लिए पर्दापण मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
पुजारा 292 के कुल योग पर पीटर सिडल की एक गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। टीवी रिप्ले में हालांकि यह साफ नजर आ रहा था कि गेंद उनके बल्ले से टकराकर पैड पर लगी। पुजारा इस फैसले से काफी नाराज नजर आए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
मुरली विजय और कोहली ने टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचाया था। इस बीच विजय ने अपने 150 रन भी पूरे किए। 412 रनों के कुल योग पर मुरली, स्टार्क की एक अंदर आती गेंद को ठीक से पढ़ नहीं पाए और पगबाधा हो गए। विजय ने अपनी पारी के दौरान 317 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके और तीन छक्के जड़े। उनके आउट होने पर बल्लेबाजी करने आए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हालांकि चौका लगाकर अपना खाता खोला, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह भी स्टार्क की एक गेंद पर पगबाधा हो गए। धोनी ने केवल 4 रन बनाए। 427 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा (8) के रूप में भारत को छठा झटका लगा।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
इसके बाद पीटर सिडल ने भारत को 431 रनों के कुल योग पर एक और झटका दिया। रविचंद्रन अश्विन चार रन बनाकर चलते बने। नई गेंद से मिशेल स्टार्क की बढ़िया गेंदबाजी की बदौलत दूसरे सत्र में भारत ने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट खोए।टिप्पणियां
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
कोहली ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 61 रनों की साझेदारी की। कोहली ने अपना अर्द्धशतक भी पूरा किया। चायकाल के कुछ देर बाद 492 के कुल योग पर भुवनेश्वर 18 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 499 रनों के कुल योग पर भारतीय पारी सिमट गई। इस तरह से भारत को 91 रनों की बढ़त हासिल हुई।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर सिडल ने पांच और मिशेल स्टार्क ने दो विकेट हासिल किए। | संक्षिप्त सारांश: भुवनेश्वर कुमार की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी तीसरे टेस्ट में अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में भुवनेश्वर की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत मैच का परिणाम आने की उम्मीद दिख रही है। | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक मरते हुए आदमी के अभियोजन पक्ष के दो गवाहों के सामने दिए मृत्युपूर्व बयान को आधार मानते हुए दिल्ली की एक अदालत ने उसके हत्यारे को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सविता राव ने 37 वर्षीय आरोपी को मृतक लक्ष्मी की हत्या का दोषी ठहराते हुए कहा, मुझे ऐसा कोई कारण नहीं नजर आता, जिससे मृतक के मरने से पहले अभियोजन पक्ष के दो गवाहों को दिए गए उसके वक्तव्य को मृत्युपूर्व बयान न माना जाए। साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कई फैसलों में कहा है कि मृत्युपूर्व बयान किसी मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी के सामने दिया बयान है। साथ ही एक चिकित्सक को इस बात की पुष्टि करनी होती है कि जिसने बयान दिया है, उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक है। इसके बावजूद अदालत ने उस व्यक्ति के दो गवाहों के सामने दिए बयान को उसका मृत्युपूर्व बयान माना है। अदालत ने कहा कि उस व्यक्ति ने बार-बार वही बयान दिया और उसमें कहीं कोई अंतर नहीं आया। अदालत के सामने आई यह घटना 2 जुलाई, 2009 की है। इस दिन पूर्वी दिल्ली के खिचड़ीपुर के निवासी और आरोपी छोटे लाल का अपने पड़ोसी लक्ष्मी के साथ एक ऋण को लेकर विवाद हुआ। छोटे लाल ने लक्ष्मी को एक मंदिर में ले जाकर उसकी हत्या की कोशिश की। लक्ष्मी की कुछ देर बाद मौत हो गई। लक्ष्मी ने मरने के पहले अभियोजन पक्ष के दो गवाहों के सामने इस बारे में बयान दिया। | सारांश: एक मरते हुए आदमी के अभियोजन पक्ष के दो गवाहों के सामने दिए मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानते हुए अदालत ने उसके हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि भारतीय दंत चिकित्सक सविता हलप्पनवार की त्रासद मौत से आयरिश कानून में खामी का पता चलता है और आयरलैंड की सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गर्भपात के मुद्दे पर उसकी घरेलू नीति अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के मुताबिक हो।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आयरिश स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रीली को इस मुद्दे पर पत्र लिख कर चिंता जताई है।
पत्र में कहा गया है कि एमनेस्टी इस बात को लेकर चिंतित है कि सविता के त्रासदपूर्ण मामले से आयरिश कानून और नीति में मानवाधिकारों के इस सर्वाधिक मूलभूत स्तर पर खामी का पता चलता है कि जान का खतरा होने पर महिला को गर्भपात कराने का अधिकार है।
आयरलैंड में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक कॉम ओगोरमेन ने कहा ‘अगर किसी महिला की जान को खतरा है तो उसके कानूनी तौर पर सुरक्षित गर्भपात के अधिकार के बारे में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून बिल्कुल स्पष्ट है।’ उन्होंने कहा ‘एक के बाद एक आती आयरिश सरकारें महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी पुष्टि करने के बारे में स्थिति को स्पष्ट करने के अपने दायित्व के निर्वाह में असफल रही हैं जिसकी वजह से आयरलैंड में महिलाओं की स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। सरकार को बिना किसी विलंब के स्पष्टीकरण देना चाहिए।’
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस मुद्दे पर स्पष्टता के अभाव को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि आयरिश सुप्रीम कोर्ट ने एक संवैधानिक सिद्धांत के तौर पर इस अधिकार की पहले ही पुष्टि कर दी है। एमनेस्टी इंटरनेशनल सचिवालय में वरिष्ठ नीति सलाहकार मैरियाने मोल्लामान ने कहा ‘घरेलू कानून को मानवाधिकारों पर यूरोपीय अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स) की स्पष्ट व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के मुताबिक करने में नाकामी की वजह से आयरलैंड अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की आलोचना का निशाना बना हुआ है।’
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आयरिश स्वास्थ्य मंत्री जेम्स रीली को इस मुद्दे पर पत्र लिख कर चिंता जताई है।
पत्र में कहा गया है कि एमनेस्टी इस बात को लेकर चिंतित है कि सविता के त्रासदपूर्ण मामले से आयरिश कानून और नीति में मानवाधिकारों के इस सर्वाधिक मूलभूत स्तर पर खामी का पता चलता है कि जान का खतरा होने पर महिला को गर्भपात कराने का अधिकार है।
आयरलैंड में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक कॉम ओगोरमेन ने कहा ‘अगर किसी महिला की जान को खतरा है तो उसके कानूनी तौर पर सुरक्षित गर्भपात के अधिकार के बारे में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून बिल्कुल स्पष्ट है।’ उन्होंने कहा ‘एक के बाद एक आती आयरिश सरकारें महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी पुष्टि करने के बारे में स्थिति को स्पष्ट करने के अपने दायित्व के निर्वाह में असफल रही हैं जिसकी वजह से आयरलैंड में महिलाओं की स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। सरकार को बिना किसी विलंब के स्पष्टीकरण देना चाहिए।’
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस मुद्दे पर स्पष्टता के अभाव को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि आयरिश सुप्रीम कोर्ट ने एक संवैधानिक सिद्धांत के तौर पर इस अधिकार की पहले ही पुष्टि कर दी है। एमनेस्टी इंटरनेशनल सचिवालय में वरिष्ठ नीति सलाहकार मैरियाने मोल्लामान ने कहा ‘घरेलू कानून को मानवाधिकारों पर यूरोपीय अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स) की स्पष्ट व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के मुताबिक करने में नाकामी की वजह से आयरलैंड अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की आलोचना का निशाना बना हुआ है।’
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
पत्र में कहा गया है कि एमनेस्टी इस बात को लेकर चिंतित है कि सविता के त्रासदपूर्ण मामले से आयरिश कानून और नीति में मानवाधिकारों के इस सर्वाधिक मूलभूत स्तर पर खामी का पता चलता है कि जान का खतरा होने पर महिला को गर्भपात कराने का अधिकार है।
आयरलैंड में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक कॉम ओगोरमेन ने कहा ‘अगर किसी महिला की जान को खतरा है तो उसके कानूनी तौर पर सुरक्षित गर्भपात के अधिकार के बारे में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून बिल्कुल स्पष्ट है।’ उन्होंने कहा ‘एक के बाद एक आती आयरिश सरकारें महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी पुष्टि करने के बारे में स्थिति को स्पष्ट करने के अपने दायित्व के निर्वाह में असफल रही हैं जिसकी वजह से आयरलैंड में महिलाओं की स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। सरकार को बिना किसी विलंब के स्पष्टीकरण देना चाहिए।’
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस मुद्दे पर स्पष्टता के अभाव को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि आयरिश सुप्रीम कोर्ट ने एक संवैधानिक सिद्धांत के तौर पर इस अधिकार की पहले ही पुष्टि कर दी है। एमनेस्टी इंटरनेशनल सचिवालय में वरिष्ठ नीति सलाहकार मैरियाने मोल्लामान ने कहा ‘घरेलू कानून को मानवाधिकारों पर यूरोपीय अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स) की स्पष्ट व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के मुताबिक करने में नाकामी की वजह से आयरलैंड अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की आलोचना का निशाना बना हुआ है।’
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
आयरलैंड में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक कॉम ओगोरमेन ने कहा ‘अगर किसी महिला की जान को खतरा है तो उसके कानूनी तौर पर सुरक्षित गर्भपात के अधिकार के बारे में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून बिल्कुल स्पष्ट है।’ उन्होंने कहा ‘एक के बाद एक आती आयरिश सरकारें महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी पुष्टि करने के बारे में स्थिति को स्पष्ट करने के अपने दायित्व के निर्वाह में असफल रही हैं जिसकी वजह से आयरलैंड में महिलाओं की स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। सरकार को बिना किसी विलंब के स्पष्टीकरण देना चाहिए।’
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस मुद्दे पर स्पष्टता के अभाव को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि आयरिश सुप्रीम कोर्ट ने एक संवैधानिक सिद्धांत के तौर पर इस अधिकार की पहले ही पुष्टि कर दी है। एमनेस्टी इंटरनेशनल सचिवालय में वरिष्ठ नीति सलाहकार मैरियाने मोल्लामान ने कहा ‘घरेलू कानून को मानवाधिकारों पर यूरोपीय अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स) की स्पष्ट व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के मुताबिक करने में नाकामी की वजह से आयरलैंड अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की आलोचना का निशाना बना हुआ है।’
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस मुद्दे पर स्पष्टता के अभाव को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि आयरिश सुप्रीम कोर्ट ने एक संवैधानिक सिद्धांत के तौर पर इस अधिकार की पहले ही पुष्टि कर दी है। एमनेस्टी इंटरनेशनल सचिवालय में वरिष्ठ नीति सलाहकार मैरियाने मोल्लामान ने कहा ‘घरेलू कानून को मानवाधिकारों पर यूरोपीय अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स) की स्पष्ट व्यवस्था सहित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के मुताबिक करने में नाकामी की वजह से आयरलैंड अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों की आलोचना का निशाना बना हुआ है।’
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
आयरलैंड के डॉक्टरों ने 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता के 17 हफ्ते के गर्भ को गिराने से कथित तौर पर इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि आयरलैंड एक कैथोलिक देश है। हालांकि डॉक्टरों ने उसे बता दिया था कि उसका गर्भपात हो रहा है।टिप्पणियां
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
सविता के पति और पेशे से इंजीनियर प्रवीण हलप्पानवार ने आयरिश मीडिया से कहा कि उनकी पत्नी ने तीन दिनों के दौरान कई दफा कहा कि उनका गर्भपात करा दिया जाए लेकिन इससे इनकार कर दिया गया। इस घटना से कैथोलिक देश में नाजुक मामलों में गर्भपात के अधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था।
पिछले साल अक्टूबर में आयरलैंड के मानवाधिकार की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा रिपोर्ट में विश्व संस्था के सदस्य देशों के इस आह्वान को दोहराया गया था कि आयरलैंड के घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बाध्यताओं के अनुरूप किया जाए और जीवन रक्षा के लिए गर्भपात की अनुमति दी जाए। वर्ष 2011 में ‘यूएन कमेटी अगेन्स्ट टॉर्चर’ ने आयरलैंड से वैधानिक कानून के माध्यम से कानूनन गर्भपात का दायरा स्पष्ट करने का आग्रह किया था। | संक्षिप्त पाठ: मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि भारतीय दंत चिकित्सक सविता हलप्पनवार की त्रासद मौत से आयरिश कानून में खामी का पता चलता है। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक मानसून निराशाजनक रहा है और अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो मुद्रास्फीति के साथ-साथ सब्सिडी बिल भी बढ़ेगा। इससे रिजर्व बैंक के लिए नीतिगत दरों में कटौती की गुंजाइश और सीमित हो जाएगी।
एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत व आसियान) लीफ लाइबेकर एस्केसन ने कहा, ‘‘अगर संपूर्ण सीजन के दौरान बारिश सामान्य से काफी कम रहती है तो इसका असर आपूर्ति और कीमतों पर पड़ेगा, भले ही सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए जो भी कदम उठाए।’’
रिजर्व बैंक की मौद्रिक एवं ऋण नीति की तिमाही समीक्षा से पहले एचएसबीसी के अर्थशास्त्री ने कहा ‘‘रिजर्व बैंक इसलिए मौसम पर बारीकी से निगाह रखे हुए है।’’
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को देशभर में मानसून की वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही है। 36 में से 22 मौसम क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रही है। टिप्पणियां
क्षेत्रवार उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है और यहां अभी तक 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मध्य भारत और दक्षिणी क्षेत्र में भी 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है।
एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत व आसियान) लीफ लाइबेकर एस्केसन ने कहा, ‘‘अगर संपूर्ण सीजन के दौरान बारिश सामान्य से काफी कम रहती है तो इसका असर आपूर्ति और कीमतों पर पड़ेगा, भले ही सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए जो भी कदम उठाए।’’
रिजर्व बैंक की मौद्रिक एवं ऋण नीति की तिमाही समीक्षा से पहले एचएसबीसी के अर्थशास्त्री ने कहा ‘‘रिजर्व बैंक इसलिए मौसम पर बारीकी से निगाह रखे हुए है।’’
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को देशभर में मानसून की वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही है। 36 में से 22 मौसम क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रही है। टिप्पणियां
क्षेत्रवार उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है और यहां अभी तक 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मध्य भारत और दक्षिणी क्षेत्र में भी 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है।
रिजर्व बैंक की मौद्रिक एवं ऋण नीति की तिमाही समीक्षा से पहले एचएसबीसी के अर्थशास्त्री ने कहा ‘‘रिजर्व बैंक इसलिए मौसम पर बारीकी से निगाह रखे हुए है।’’
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को देशभर में मानसून की वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही है। 36 में से 22 मौसम क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रही है। टिप्पणियां
क्षेत्रवार उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है और यहां अभी तक 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मध्य भारत और दक्षिणी क्षेत्र में भी 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को देशभर में मानसून की वर्षा सामान्य से 25 प्रतिशत कम रही है। 36 में से 22 मौसम क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा रही है। टिप्पणियां
क्षेत्रवार उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है और यहां अभी तक 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मध्य भारत और दक्षिणी क्षेत्र में भी 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है।
क्षेत्रवार उत्तर-पश्चिम भारत सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है और यहां अभी तक 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मध्य भारत और दक्षिणी क्षेत्र में भी 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है।
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग ने कहा है कि देश के 84 जल भंडारों में पानी का स्तर सामान्य से कम है। | संक्षिप्त सारांश: एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक मानसून निराशाजनक रहा है और अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो मुद्रास्फीति के साथ-साथ सब्सिडी बिल भी बढ़ेगा। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वीडियो को अभी तक 3 करोड़ 90 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) दोनों ही अपने डांस के लिए पहचान रखते हैं. और इस वीडियो में भी दोनों ने इस तरह का जलवा बिखेरा है. खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी का यह वीडियो यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है. इस वीडियो को देखने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने इस वीडियो से यूट्यूब (YouTube) पर हंगामा बरपा दिया है. वैसे भी खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और अक्षरा सिंह (Akshara Singh) की केमिस्ट्री भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) में हमेशा ही कमाल करती आई है. खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह की केमिस्ट्री भोजपुरी सिनेमा में सुपरहिट मानी जाती है. वैसे भी खेसारी लाल यादव के वीडियो हमेशा धूम मचा देते हैं और इस बार भी उनके वीडियो ने ऐसा ही किया है. | संक्षिप्त सारांश: खेसारी लाल यादव का धमाका
अक्षरा सिंह के साथ किया धमाकेदार डांस
खेसारी लाल यादव का वीडियो हुआ वायरल | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मदर डेयरी के दूध के लिए अब उपभोक्ताओं को ज्यादा दाम चुकाने होंगे। खरीद लागत बढ़ने की वजह से मदर डेयरी ने दिल्ली और एनसीआर में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं, जो रविवार से लागू हो गए। अब मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध का दाम 37 रुपये प्रति लीटर होगा। अभी तक यह 35 रुपये लीटर था। इसी तरह टोंड दूध का दाम 27 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 29 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। मदर डेयरी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, टोंड बल्क वेंडेड (टोकन वाले दूध), डबल टोंड (पोली पैक) तथा स्किम्ड मिल्क के दामों में एक रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। अब टोकन वाले दूध का दाम 27 रुपये लीटर होगा। वहीं डबल टोंड (पोलीपैक) दूध 25 रुपये लीटर तथा स्किम्ड मिल्क 21 रुपये लीटर मिलेगा। मदर डेयरी प्रतिदिन दिल्ली में करीब 30 लाख लीटर दूध बेचती है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा गठित डेयरी कंपनी ने कहा है कि उसे दूध के दामों में खरीद लागत बढ़ने की वजह से यह वृद्धि करनी पड़ रही है। इससे पहले अमूल ब्रांड ने अगस्त के पहले सप्ताह में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। | यह एक सारांश है: फुल क्रीम और टोंड दूध के दाम में 2 रुपये लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डबल टोंड और टोकन वाले दूध के दाम में 1 रुपये की वृद्धि की गई है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले के मुगलसराय इलाके में बाल संरक्षण गृह में रही 14 वर्षीय एक लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में संस्था के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। यहां यह भी बता दें कि शनिवार को गुड़गांव के बाल संरक्षण गृह में पांच बच्चियों से बलात्कार का मामला प्रकाश में आया था तो कुछ दिन पूर्व इलाहाबाद में भी बाल संरक्षण गृह में चपरासी द्वारा तीन बच्चियों से रेप का मामला प्रकाश में आया था।
चंदौली के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 27 जून को एक लड़की को चंदौली स्थित बाल संरक्षण गृह में लाया गया था। बाद में उसे छह जुलाई को बलिया जिले के राजकीय बालिका निकेतन भेज दिया गया था।
उन्होंने बताया कि बलिया में उस लड़की की चिकित्सीय जांच में उसके गर्भवती होने का पता लगा। जिला महिला अस्पताल की डाक्टरों ने भी उसके गर्भवती होने की पुष्टि की थी। इस सिलसिले में गत 17 सितम्बर को फेफना थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की तफ्तीश में उजागर हुआ कि उस लड़की को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर दो युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गये थे। बाद में वह लड़की उनके चंगुल से भाग निकली थी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने उसे मुगलसराय स्थित बाल संरक्षण गृह के सुपुर्द कर दिया था।
उन्होंने बताया कि तफ्तीश के दौरान पाया गया कि बाल संरक्षण गृह के कर्मचारी टिल्कू राम ने उस लड़की से बलात्कार किया था जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई थी। सूत्रों ने बताया कि टिल्कू राम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इस मामले में बाल संरक्षण गृह के अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका होने का संदेह है। जांच की जा रही है।
चंदौली के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 27 जून को एक लड़की को चंदौली स्थित बाल संरक्षण गृह में लाया गया था। बाद में उसे छह जुलाई को बलिया जिले के राजकीय बालिका निकेतन भेज दिया गया था।
उन्होंने बताया कि बलिया में उस लड़की की चिकित्सीय जांच में उसके गर्भवती होने का पता लगा। जिला महिला अस्पताल की डाक्टरों ने भी उसके गर्भवती होने की पुष्टि की थी। इस सिलसिले में गत 17 सितम्बर को फेफना थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की तफ्तीश में उजागर हुआ कि उस लड़की को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर दो युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गये थे। बाद में वह लड़की उनके चंगुल से भाग निकली थी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने उसे मुगलसराय स्थित बाल संरक्षण गृह के सुपुर्द कर दिया था।
उन्होंने बताया कि तफ्तीश के दौरान पाया गया कि बाल संरक्षण गृह के कर्मचारी टिल्कू राम ने उस लड़की से बलात्कार किया था जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई थी। सूत्रों ने बताया कि टिल्कू राम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इस मामले में बाल संरक्षण गृह के अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका होने का संदेह है। जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बलिया में उस लड़की की चिकित्सीय जांच में उसके गर्भवती होने का पता लगा। जिला महिला अस्पताल की डाक्टरों ने भी उसके गर्भवती होने की पुष्टि की थी। इस सिलसिले में गत 17 सितम्बर को फेफना थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की तफ्तीश में उजागर हुआ कि उस लड़की को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर दो युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गये थे। बाद में वह लड़की उनके चंगुल से भाग निकली थी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने उसे मुगलसराय स्थित बाल संरक्षण गृह के सुपुर्द कर दिया था।
उन्होंने बताया कि तफ्तीश के दौरान पाया गया कि बाल संरक्षण गृह के कर्मचारी टिल्कू राम ने उस लड़की से बलात्कार किया था जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई थी। सूत्रों ने बताया कि टिल्कू राम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इस मामले में बाल संरक्षण गृह के अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका होने का संदेह है। जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की तफ्तीश में उजागर हुआ कि उस लड़की को मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर दो युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गये थे। बाद में वह लड़की उनके चंगुल से भाग निकली थी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने उसे मुगलसराय स्थित बाल संरक्षण गृह के सुपुर्द कर दिया था।
उन्होंने बताया कि तफ्तीश के दौरान पाया गया कि बाल संरक्षण गृह के कर्मचारी टिल्कू राम ने उस लड़की से बलात्कार किया था जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई थी। सूत्रों ने बताया कि टिल्कू राम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इस मामले में बाल संरक्षण गृह के अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका होने का संदेह है। जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि तफ्तीश के दौरान पाया गया कि बाल संरक्षण गृह के कर्मचारी टिल्कू राम ने उस लड़की से बलात्कार किया था जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई थी। सूत्रों ने बताया कि टिल्कू राम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि इस मामले में बाल संरक्षण गृह के अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका होने का संदेह है। जांच की जा रही है। | उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले के मुगलसराय इलाके में बाल संरक्षण गृह में रही 14 वर्षीय एक लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में संस्था के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक पूर्व नेवी सील कमांडो ने अल-कायदा के पूर्व सरगना ओसामा-बिन-लादेन की मौत पर नया खुलासा करते हुए कहा कि लादेन के सिर में तीन गोलियां लगी थीं, इनसे उसके सिर के चिथड़े हो गए थे और जब लादेन को पहचाने की बारी आई तो उसके चिथड़े हुए सिर को आपस में जोड़ा गया था.
बता दें कि छह साल पहले इसी नेवी कंमाडो रॉबर्ट ओ' नील ने ही लादेन की गोली मार कर हत्या की थी. ओ' नील ने अपनी किताब ‘द ऑपरेटर: फायरिंग द शॉट्स दैट किल्ड बिन लादेन’में लादेन की मौतों की कई परतों का खुलासा करते हुए लिखा है कि सही में लादेन उन्हीं की गोलियों से मारा गया था. 9/11 हमले के रचनाकार को उन्हीं ने मारा था. इस कमांडो ने कहा कि कुछ ही मीटर की दूरी से उन्होंने लादेन को अपनी गोलियों का शिकार बनाया था. बता दें कि लादेन की मौत से जुड़ी एक किताब पहले भी आ चुकी है.
2 मई, 2011 को ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद की एक इमारत में अमेरिकी नेवी के सील कमांडो की 6 सदस्यों वाली टीम ने लादेन को मारा था, बाकि के कमांडो उन्हें मदद कर रहे थे. हालांकि ओ नील की इस किताब पर विवाद और तेज हो गया है, क्योंकि उन्होंने किताब लिख कर सेना के गुप्त ऑपरेशन के बारे में खुलासा किया है, जो कि नियमों का उल्लंघन है.
ओ नील ने अपनी किताब ने आगे लिखा है कि जब छह कमांडो की टीम इमारत में सीढ़ियां चढ़ रही थी, तो दूसरे माले पर ओवामा का बेटा खालिद अपनी एके-47 के साथ दिखाई दिया. कमांडो ने सीढ़ियों के पीछे छिपे खालिद को बुलाने के लिए अरबी भाषा में उसे पुकारा कि खालिद इधर आओ. उसने जवाब में चिल्लाया, 'क्या?' उसने झांकने की कोशिश की और तुरंत उसके चेहरे पर गोली मार दी गई. सारी टीम उस मंजिल के कमरों में फैल गई, जहां ओवामा अपनी तीन पत्नियों और 17 बच्चों के साथ रहता था.
बिन लादेन एक कमरे में बिस्तर के पास खड़ा था, उसके हाथ एक महिला के कंधे पर थे. यह महिला उसकी चार पत्नियों में से सबसे सबसे कम उम्र की अमल के रूप में पहचाना गया था. ओ नील लिखते हैं कि बिना पल गंवाए उन्होंने महिला के ऊपर लादेन के सिर को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी. इससे उसका सिर चिथड़ों में बिखर गया. 90 मिनट की लगातार फायरिंग के बाद ये लोग अपने अफगानिस्तान स्थित अपने शिविर में लौट आए.टिप्पणियां
बता दें कि छह साल पहले इसी नेवी कंमाडो रॉबर्ट ओ' नील ने ही लादेन की गोली मार कर हत्या की थी. ओ' नील ने अपनी किताब ‘द ऑपरेटर: फायरिंग द शॉट्स दैट किल्ड बिन लादेन’में लादेन की मौतों की कई परतों का खुलासा करते हुए लिखा है कि सही में लादेन उन्हीं की गोलियों से मारा गया था. 9/11 हमले के रचनाकार को उन्हीं ने मारा था. इस कमांडो ने कहा कि कुछ ही मीटर की दूरी से उन्होंने लादेन को अपनी गोलियों का शिकार बनाया था. बता दें कि लादेन की मौत से जुड़ी एक किताब पहले भी आ चुकी है.
2 मई, 2011 को ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद की एक इमारत में अमेरिकी नेवी के सील कमांडो की 6 सदस्यों वाली टीम ने लादेन को मारा था, बाकि के कमांडो उन्हें मदद कर रहे थे. हालांकि ओ नील की इस किताब पर विवाद और तेज हो गया है, क्योंकि उन्होंने किताब लिख कर सेना के गुप्त ऑपरेशन के बारे में खुलासा किया है, जो कि नियमों का उल्लंघन है.
ओ नील ने अपनी किताब ने आगे लिखा है कि जब छह कमांडो की टीम इमारत में सीढ़ियां चढ़ रही थी, तो दूसरे माले पर ओवामा का बेटा खालिद अपनी एके-47 के साथ दिखाई दिया. कमांडो ने सीढ़ियों के पीछे छिपे खालिद को बुलाने के लिए अरबी भाषा में उसे पुकारा कि खालिद इधर आओ. उसने जवाब में चिल्लाया, 'क्या?' उसने झांकने की कोशिश की और तुरंत उसके चेहरे पर गोली मार दी गई. सारी टीम उस मंजिल के कमरों में फैल गई, जहां ओवामा अपनी तीन पत्नियों और 17 बच्चों के साथ रहता था.
बिन लादेन एक कमरे में बिस्तर के पास खड़ा था, उसके हाथ एक महिला के कंधे पर थे. यह महिला उसकी चार पत्नियों में से सबसे सबसे कम उम्र की अमल के रूप में पहचाना गया था. ओ नील लिखते हैं कि बिना पल गंवाए उन्होंने महिला के ऊपर लादेन के सिर को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी. इससे उसका सिर चिथड़ों में बिखर गया. 90 मिनट की लगातार फायरिंग के बाद ये लोग अपने अफगानिस्तान स्थित अपने शिविर में लौट आए.टिप्पणियां
2 मई, 2011 को ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद की एक इमारत में अमेरिकी नेवी के सील कमांडो की 6 सदस्यों वाली टीम ने लादेन को मारा था, बाकि के कमांडो उन्हें मदद कर रहे थे. हालांकि ओ नील की इस किताब पर विवाद और तेज हो गया है, क्योंकि उन्होंने किताब लिख कर सेना के गुप्त ऑपरेशन के बारे में खुलासा किया है, जो कि नियमों का उल्लंघन है.
ओ नील ने अपनी किताब ने आगे लिखा है कि जब छह कमांडो की टीम इमारत में सीढ़ियां चढ़ रही थी, तो दूसरे माले पर ओवामा का बेटा खालिद अपनी एके-47 के साथ दिखाई दिया. कमांडो ने सीढ़ियों के पीछे छिपे खालिद को बुलाने के लिए अरबी भाषा में उसे पुकारा कि खालिद इधर आओ. उसने जवाब में चिल्लाया, 'क्या?' उसने झांकने की कोशिश की और तुरंत उसके चेहरे पर गोली मार दी गई. सारी टीम उस मंजिल के कमरों में फैल गई, जहां ओवामा अपनी तीन पत्नियों और 17 बच्चों के साथ रहता था.
बिन लादेन एक कमरे में बिस्तर के पास खड़ा था, उसके हाथ एक महिला के कंधे पर थे. यह महिला उसकी चार पत्नियों में से सबसे सबसे कम उम्र की अमल के रूप में पहचाना गया था. ओ नील लिखते हैं कि बिना पल गंवाए उन्होंने महिला के ऊपर लादेन के सिर को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी. इससे उसका सिर चिथड़ों में बिखर गया. 90 मिनट की लगातार फायरिंग के बाद ये लोग अपने अफगानिस्तान स्थित अपने शिविर में लौट आए.टिप्पणियां
ओ नील ने अपनी किताब ने आगे लिखा है कि जब छह कमांडो की टीम इमारत में सीढ़ियां चढ़ रही थी, तो दूसरे माले पर ओवामा का बेटा खालिद अपनी एके-47 के साथ दिखाई दिया. कमांडो ने सीढ़ियों के पीछे छिपे खालिद को बुलाने के लिए अरबी भाषा में उसे पुकारा कि खालिद इधर आओ. उसने जवाब में चिल्लाया, 'क्या?' उसने झांकने की कोशिश की और तुरंत उसके चेहरे पर गोली मार दी गई. सारी टीम उस मंजिल के कमरों में फैल गई, जहां ओवामा अपनी तीन पत्नियों और 17 बच्चों के साथ रहता था.
बिन लादेन एक कमरे में बिस्तर के पास खड़ा था, उसके हाथ एक महिला के कंधे पर थे. यह महिला उसकी चार पत्नियों में से सबसे सबसे कम उम्र की अमल के रूप में पहचाना गया था. ओ नील लिखते हैं कि बिना पल गंवाए उन्होंने महिला के ऊपर लादेन के सिर को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी. इससे उसका सिर चिथड़ों में बिखर गया. 90 मिनट की लगातार फायरिंग के बाद ये लोग अपने अफगानिस्तान स्थित अपने शिविर में लौट आए.टिप्पणियां
बिन लादेन एक कमरे में बिस्तर के पास खड़ा था, उसके हाथ एक महिला के कंधे पर थे. यह महिला उसकी चार पत्नियों में से सबसे सबसे कम उम्र की अमल के रूप में पहचाना गया था. ओ नील लिखते हैं कि बिना पल गंवाए उन्होंने महिला के ऊपर लादेन के सिर को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी. इससे उसका सिर चिथड़ों में बिखर गया. 90 मिनट की लगातार फायरिंग के बाद ये लोग अपने अफगानिस्तान स्थित अपने शिविर में लौट आए.टिप्पणियां | यह एक सारांश है: पूर्व नेवी सील कमांडो ने किताब में लादेन की मौत के बारे में खुलासा किया
2 मई, 2011 को लादेन को एबटाबाद की एक इमारत में मार गिराया था
अमेरिका की नेवी सील के कमांडो ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बैडमिंटन में चीनी दबदबे को चुनौती देने वाली एकमात्र भारतीय साइना नेहवाल उम्मीद लगाए हैं कि उनका लंदन ओलिंपिक का कांस्य पदक कम से कम आधा दर्जन खिलाड़ियों को उनके साथ शीर्ष स्तर पर पहुंचने और पारपंरिक पावरहाउस को चुनौती देने के लिए प्रेरित करेगा।
साइना ने कहा, ‘‘मैं भारत से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर पर देखना चाहती हूं क्योंकि मैं चीन की तरह ही ऐसा चाहती हूं, जहां पांच-छह खिलाड़ियों ने दबदबा बनाया हुआ है। मैं भारत में भी ऐसा ही कुछ चाहती हूं। कभी कभार हम 11 चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हैं, उन्हें एक रणनीति के हिसाब से खेलना होता है लेकिन मुझे उन सभी के लिए रणनीति बनानी होती है।’’
इस 22 वर्षीय ने पिछले हफ्ते वेम्बले एरिना में कांस्य पदक से भारत को बैडमिंटन में पहला ओलिंपिक पदक दिलाया। लेकिन चार साल पहले बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार, उन्हें अब भी खटकती है।
साइना ने कहा, ‘‘पदक जीतकर मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैं बीजिंग का मैच नहीं भूल सकती। इसे भुलाना काफी मुश्किल है क्योंकि मैं अपने पहले ही प्रयास में सेमीफाइनल में पहुंच सकती थी लेकिन मैं हार गई। बीजिंग में हारना निराशाजनक था, यह आसान मैच था लेकिन मैंने इसे मुश्किल बना दिया था।’’
यह पूछने पर कि वह पिछले चार वर्षों में किन बदलावों से गुजरी है तो साइना ने कहा, ‘‘मैं अब दबाव नहीं लेती हूं क्योंकि मैं काफी टूर्नामेंट खेल चुकी हूं। बतौर खिलाड़ी भी मैं परिपक्व हुई हूं, आसानी से हार नहीं मानती और हर अंक के लिए लड़ती हूं। इससे पहले मैं दबाव ले लेती थी लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
साइना ने कहा, ‘‘मैं भारत से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर पर देखना चाहती हूं क्योंकि मैं चीन की तरह ही ऐसा चाहती हूं, जहां पांच-छह खिलाड़ियों ने दबदबा बनाया हुआ है। मैं भारत में भी ऐसा ही कुछ चाहती हूं। कभी कभार हम 11 चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हैं, उन्हें एक रणनीति के हिसाब से खेलना होता है लेकिन मुझे उन सभी के लिए रणनीति बनानी होती है।’’
इस 22 वर्षीय ने पिछले हफ्ते वेम्बले एरिना में कांस्य पदक से भारत को बैडमिंटन में पहला ओलिंपिक पदक दिलाया। लेकिन चार साल पहले बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार, उन्हें अब भी खटकती है।
साइना ने कहा, ‘‘पदक जीतकर मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैं बीजिंग का मैच नहीं भूल सकती। इसे भुलाना काफी मुश्किल है क्योंकि मैं अपने पहले ही प्रयास में सेमीफाइनल में पहुंच सकती थी लेकिन मैं हार गई। बीजिंग में हारना निराशाजनक था, यह आसान मैच था लेकिन मैंने इसे मुश्किल बना दिया था।’’
यह पूछने पर कि वह पिछले चार वर्षों में किन बदलावों से गुजरी है तो साइना ने कहा, ‘‘मैं अब दबाव नहीं लेती हूं क्योंकि मैं काफी टूर्नामेंट खेल चुकी हूं। बतौर खिलाड़ी भी मैं परिपक्व हुई हूं, आसानी से हार नहीं मानती और हर अंक के लिए लड़ती हूं। इससे पहले मैं दबाव ले लेती थी लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
इस 22 वर्षीय ने पिछले हफ्ते वेम्बले एरिना में कांस्य पदक से भारत को बैडमिंटन में पहला ओलिंपिक पदक दिलाया। लेकिन चार साल पहले बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार, उन्हें अब भी खटकती है।
साइना ने कहा, ‘‘पदक जीतकर मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैं बीजिंग का मैच नहीं भूल सकती। इसे भुलाना काफी मुश्किल है क्योंकि मैं अपने पहले ही प्रयास में सेमीफाइनल में पहुंच सकती थी लेकिन मैं हार गई। बीजिंग में हारना निराशाजनक था, यह आसान मैच था लेकिन मैंने इसे मुश्किल बना दिया था।’’
यह पूछने पर कि वह पिछले चार वर्षों में किन बदलावों से गुजरी है तो साइना ने कहा, ‘‘मैं अब दबाव नहीं लेती हूं क्योंकि मैं काफी टूर्नामेंट खेल चुकी हूं। बतौर खिलाड़ी भी मैं परिपक्व हुई हूं, आसानी से हार नहीं मानती और हर अंक के लिए लड़ती हूं। इससे पहले मैं दबाव ले लेती थी लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
साइना ने कहा, ‘‘पदक जीतकर मैं बहुत खुश हूं लेकिन मैं बीजिंग का मैच नहीं भूल सकती। इसे भुलाना काफी मुश्किल है क्योंकि मैं अपने पहले ही प्रयास में सेमीफाइनल में पहुंच सकती थी लेकिन मैं हार गई। बीजिंग में हारना निराशाजनक था, यह आसान मैच था लेकिन मैंने इसे मुश्किल बना दिया था।’’
यह पूछने पर कि वह पिछले चार वर्षों में किन बदलावों से गुजरी है तो साइना ने कहा, ‘‘मैं अब दबाव नहीं लेती हूं क्योंकि मैं काफी टूर्नामेंट खेल चुकी हूं। बतौर खिलाड़ी भी मैं परिपक्व हुई हूं, आसानी से हार नहीं मानती और हर अंक के लिए लड़ती हूं। इससे पहले मैं दबाव ले लेती थी लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
यह पूछने पर कि वह पिछले चार वर्षों में किन बदलावों से गुजरी है तो साइना ने कहा, ‘‘मैं अब दबाव नहीं लेती हूं क्योंकि मैं काफी टूर्नामेंट खेल चुकी हूं। बतौर खिलाड़ी भी मैं परिपक्व हुई हूं, आसानी से हार नहीं मानती और हर अंक के लिए लड़ती हूं। इससे पहले मैं दबाव ले लेती थी लेकिन अब मैं इसे सहजता से लेती हूं।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
साइना ने कहा, ‘‘पिछले साल इंडिया ओपन और एबीसी के दौरान मैं अच्छे दौर से नहीं गुजर रही थी लेकिन मैंने थाइलैंड ओपन और इंडोनेशिया ओपन खिताब जीता इसलिए अगर मैं दबाव से नहीं निकली होती तो मैं ये खिताब नहीं जीत सकती थी। अब मैं सहज हो गई हूं।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
उन्होंने कहा कि जब से वह इस खेल में आयी हैं, उनका एकमात्र लक्ष्य ओलिंपिक पदक प्राप्त करना था। साइना ने कहा, ‘‘मैं नौ वर्ष की उम्र से ही ओलिंपिक पदक जीतना चाहती थी। मैं पोडियम, पदक का अहसास महसूस करना चाहती थी। अंत में अब पदक मेरे गले में था और मैं पोडियम पर थी तो सबकुछ वैसा ही हो रहा था जैसा मैं चाहती थी। यह बहुत भावनात्मक था।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’
यह पूछने पर कि क्या वह 2016 रियो डि जेनेरियो ओलिंपिक के बारे में सोच रही हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘रियो अभी मेरे दिमाग में नहीं है, चार साल का समय बहुत दूर है। मैं अभी सिर्फ अगले कुछ महीनों में आने वाले आगामी टूर्नामेंट के बारे में सोच रही हूं। मुझे अब खुद को और फिट और मजबूत बनाना होगा।’’ | यहाँ एक सारांश है:बैडमिंटन में चीनी दबदबे को चुनौती देने वाली एकमात्र भारतीय साइना नेहवाल उम्मीद लगाए हैं कि उनका लंदन ओलिंपिक का कांस्य पदक कम से कम आधा दर्जन खिलाड़ियों को उनके साथ शीर्ष स्तर पर पहुंचने और पारपंरिक पावरहाउस को चुनौती देने के लिए प्रेरित करेगा। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: परोपकार के मार्ग पर और आगे बढ़ते हुए आईटी दिग्गज अजीम प्रेमजी ने विप्रो के 29.55 करोड़ इक्विटी शेयर एक ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की घोषणा की है। इन शेयरों का मूल्य 12,300 करोड़ रुपये है।टिप्पणियां
कंपनी के एक बयान में कहा गया कि यह ट्रस्ट धन का इस्तेमाल अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा की गई विभिन्न सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने में करेगा। इस शेयर हस्तांतरण के साथ विप्रो में ट्रस्ट की शेयरधारिता बढ़कर करीब 19.93 प्रतिशत पहुंच जाएगी।
विप्रो लिमिटेड के 29.55 करोड़ शेयर करीब 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के चेयरमैन खुद प्रेमजी हैं। प्रेमजी ने 19 फरवरी को घोषणा की थी कि वह अपना और धन परोपकारी कार्यों में लगाना चाहेंगे, क्योंकि उनके फाउंडेशन ने देश में प्राथमिक शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता सुधारने का कार्य बढ़ा दिया है। इससे पहले, 2010 में प्रेमजी ने अपने निजी खाते से विप्रो में 8.7 प्रतिशत हिस्सेदारी परोपकारी कार्यों के लिए दान की थी।
कंपनी के एक बयान में कहा गया कि यह ट्रस्ट धन का इस्तेमाल अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा की गई विभिन्न सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने में करेगा। इस शेयर हस्तांतरण के साथ विप्रो में ट्रस्ट की शेयरधारिता बढ़कर करीब 19.93 प्रतिशत पहुंच जाएगी।
विप्रो लिमिटेड के 29.55 करोड़ शेयर करीब 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के चेयरमैन खुद प्रेमजी हैं। प्रेमजी ने 19 फरवरी को घोषणा की थी कि वह अपना और धन परोपकारी कार्यों में लगाना चाहेंगे, क्योंकि उनके फाउंडेशन ने देश में प्राथमिक शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता सुधारने का कार्य बढ़ा दिया है। इससे पहले, 2010 में प्रेमजी ने अपने निजी खाते से विप्रो में 8.7 प्रतिशत हिस्सेदारी परोपकारी कार्यों के लिए दान की थी।
विप्रो लिमिटेड के 29.55 करोड़ शेयर करीब 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के चेयरमैन खुद प्रेमजी हैं। प्रेमजी ने 19 फरवरी को घोषणा की थी कि वह अपना और धन परोपकारी कार्यों में लगाना चाहेंगे, क्योंकि उनके फाउंडेशन ने देश में प्राथमिक शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता सुधारने का कार्य बढ़ा दिया है। इससे पहले, 2010 में प्रेमजी ने अपने निजी खाते से विप्रो में 8.7 प्रतिशत हिस्सेदारी परोपकारी कार्यों के लिए दान की थी। | परोपकार के मार्ग पर और आगे बढ़ते हुए आईटी दिग्गज अजीम प्रेमजी ने विप्रो के 29.55 करोड़ इक्विटी शेयर एक ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की घोषणा की है। इन शेयरों का मूल्य 12,300 करोड़ रुपये है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील में एक अदालत ने आठ साल से साथ रहने वाले एक समलैंगिक युगल को शादी की मंजूरी दे दी, जिससे समलैंगिकों में खुशी का माहौल है। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील के साओ पाओलो राज्य में जकारिये की एक पारिवारिक अदालत में सर्जियों कफमैन सौसा और लुइज एंड्रे मोरेसी ने शादी कर ली। सौसा और मोरेसी आठ साल से साथ रह रहे थे और इस रिश्ते को विवाह के बंधन में बांधने के लिए उन्होंने 6 जून को अदालत से अनुरोध किया था। शादी का प्रमाण पत्र हाथ में आने के बाद सौसा और मोरेसी ने कहा कि इस दस्तावेज के जरिए उन्हें नई पहचान मिली है। अब वे एक परिवार के हो गए हैं और यह परिवार है सौसा मोरेसी। मोरेसी ने कहा, इसकी मुझे बहुत खुशी है। मैं इस ऐतिहासिक पल को संजोकर रखना चाहता हूं। इसके लिए हम लोग कई सालों से संघर्ष कर रहे थे। ब्राजील में समान लिंग के कोई दो व्यक्तियों की शादी का यह पहला मौका है। | ब्राजील में एक अदालत ने आठ साल से साथ रहने वाले एक समलैंगिक युगल को शादी की मंजूरी दे दी, जिससे समलैंगिकों में खुशी का माहौल है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: World AIDS DAY 2019: एड्स एक खतरनाक बीमारी है. एड्स की बीमारी का काफी देर बाद पता चलता है और मरीज भी एचआईवी टेस्ट के प्रति सजग नहीं रहते, इसलिए अन्य बीमारी का भ्रम बना रहता है. एचआइवी संक्रमण को एड्स की स्थिति तक पहुंचने में आठ से दस साल या कभी-कभी इससे भी अधिक वक्त लग सकता है. विश्व एड्स दिवस 2019 को मनाने का उद्देश्य एचआईवी (HIV) संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करना है. एड्स के लक्षण (Symptoms Of AIDS) काफी मामूली होते हैं. एड्स का पूरा नाम है 'एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम' क्या आपको इस रोग का इतिहास पता है यह कैसे और कहां से फैला. अगर नहीं तो हम यहां बताएंगे एड्स का इतिहास (History Of AIDS) और एड्स डे मनाने का उद्देश्य वर्ल्ड एड्स डे 2019 की थीम (Theme). शुरुआती दौर में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था. जबकि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है.
World AIDS Day: क्या वाकई एड्स से बचाता है खतना, यहां जाने पूरा सच, क्या होता है खतना
19वीं सदी में सबसे पहले अफ्रीका के खास प्रजाति के बंदरों में एड्स का वायरस मिला. माना जाता है कि बंदरों से यह रोग इंसानों में फैला है. सबसे पहले 1920 में यह बीमारी अफ्रीका के कॉन्गो की राजधानी किंसास में फैली थी. 1959 में कांगो के एक बीमार आदमी के खून के नमूने में सबसे पहले एचआईवी वायरस मिला था. माना जाता है कि वह पहला HIV संक्रमित व्यक्ति था.
World AIDS Day: इन 5 बातों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं होगा एड्स! जानें एड्स के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
वर्ल्ड एड्स डे मनाने का उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है. एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. यूनिसेफ की रिपोर्ट की मानें तो 36.9 मिलियन लोग एचआईवी के शिकार हो चुके हैं. जबकि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी (HIV) के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन बताई जा रही है.
HIV and AIDS: जानें एचआईवी के बारे में सबकुछ, क्या होती हैं वजहें, लक्षण और इलाज
-बुखार
-पसीना आना
-ठंड लगना
-थकान
-भूख कम लगना
-वजन घटा
-उल्टी आना
World AIDS DAY: HIV पॉजीटिव दंपति दे सकते हैं स्वस्थ बच्चे को जन्म, एक्सपर्ट से जानें कैसे
-गले में खराश रहना
-दस्त होना
-खांसी होना
-सांस लेने में समस्या
-शरीर पर चकत्ते होना
इस बार वर्ल्ड एड्स डे 2019 की थीम कम्युनिटीज मेक द डिफरेंस रखी गई है. जबकि साल 2018 में वर्ल्ड एड्स डे की थीम' अपनी स्थिति जानें' था. जिसका मतलब था कि हर इंसान को अपने एचआईवी स्टेटस की जानकारी होनी चाहिए.
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Diabetes Tips: ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए असरदार हैं ये टिप्स! जानें इंसुलिन क्यों है जरूरी | संक्षिप्त पाठ: एड्स के लक्षण (Symptoms Of AIDS) काफी मामूली होते हैं.
एड्स डे मनाने का उद्देश्य HIV संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करना है.
जानें एड्स का इतिहास, लक्षण और इस साल की थीम. | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलिम्पिक में कांस्य पदक जीत चुकीं भारत की शीर्ष वरीय महिला बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल इंडोनेशिया ओपन-2013 के महिला एकल वर्ग के क्वार्टर-फाइनल में पहुंच गई हैं। पुरुष वर्ग में गुरुसाई दत्त भी क्वार्टर-फाइनल में स्थान बनाने में सफल रहे हैं।
सायना ने गुरुवार को खेले गए प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान की सायाका ताकाहाशी को 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 39 मिनट चला।
इन दोनों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। अगले दौर में सायना का सामना स्पेन की कारोलिना मारिन से होगा। मारिन और सायना भी पहली बार भिड़ेंगी।
गुरुसाई ने प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान के साकाई काजुमासा को 21-12, 9-21, 21-19 से पराजित किया। यह मैच 59 मिनट चला।
सौरव वर्मा को हालांकि अपने दूसरे दौर के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सौरव को टूर्नामेंट के तीसरे वरीय चीनी खिलाड़ी पेंगयू दू ने 37 मिनट में 21-16, 21-6 से हराया। टिप्पणियां
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
सायना ने गुरुवार को खेले गए प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान की सायाका ताकाहाशी को 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 39 मिनट चला।
इन दोनों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। अगले दौर में सायना का सामना स्पेन की कारोलिना मारिन से होगा। मारिन और सायना भी पहली बार भिड़ेंगी।
गुरुसाई ने प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान के साकाई काजुमासा को 21-12, 9-21, 21-19 से पराजित किया। यह मैच 59 मिनट चला।
सौरव वर्मा को हालांकि अपने दूसरे दौर के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सौरव को टूर्नामेंट के तीसरे वरीय चीनी खिलाड़ी पेंगयू दू ने 37 मिनट में 21-16, 21-6 से हराया। टिप्पणियां
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
इन दोनों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। अगले दौर में सायना का सामना स्पेन की कारोलिना मारिन से होगा। मारिन और सायना भी पहली बार भिड़ेंगी।
गुरुसाई ने प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान के साकाई काजुमासा को 21-12, 9-21, 21-19 से पराजित किया। यह मैच 59 मिनट चला।
सौरव वर्मा को हालांकि अपने दूसरे दौर के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सौरव को टूर्नामेंट के तीसरे वरीय चीनी खिलाड़ी पेंगयू दू ने 37 मिनट में 21-16, 21-6 से हराया। टिप्पणियां
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
गुरुसाई ने प्री-क्वार्टर मुकाबले में जापान के साकाई काजुमासा को 21-12, 9-21, 21-19 से पराजित किया। यह मैच 59 मिनट चला।
सौरव वर्मा को हालांकि अपने दूसरे दौर के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सौरव को टूर्नामेंट के तीसरे वरीय चीनी खिलाड़ी पेंगयू दू ने 37 मिनट में 21-16, 21-6 से हराया। टिप्पणियां
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
सौरव वर्मा को हालांकि अपने दूसरे दौर के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सौरव को टूर्नामेंट के तीसरे वरीय चीनी खिलाड़ी पेंगयू दू ने 37 मिनट में 21-16, 21-6 से हराया। टिप्पणियां
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
मिश्रित युगल वर्ग में तरुण कोना और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी भी हार गई है। इस जोड़ी को पोलैंड के रॉबर्ट मातेसियाक और नादिएद्जा जिएबा की जोड़ी ने 21-14, 17-21, 21-13 से हराया। यह मैच 42 मिनट चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला।
इसी तरह महिला युगल में प्रांद्या गडरे और पोनप्पा को भी हार मिली। गडरे और पोनप्पा को स्थानीय खिलाड़ी एएफ अगस्टीन और डीडी हैरिस ने 21-13, 21-19 से हराया। यह मैच 31 मिनट तक चला। | संक्षिप्त पाठ: लंदन ओलिम्पिक में कांस्य पदक जीत चुकीं भारत की शीर्ष वरीय महिला बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल इंडोनेशिया ओपन-2013 के महिला एकल वर्ग के क्वार्टर-फाइनल में पहुंच गई हैं। पुरुष वर्ग में गुरुसाई दत्त भी क्वार्टर-फाइनल में स्थान बनाने में सफल रहे हैं। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि बहुब्रांड खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा। स्वराज ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में वादा करने के बावजूद इस विवादास्पद मुद्दे पर कोई राजनीतिक सहमति नहीं बना पाई।
लोकसभा में खुदरा में एफडीआई पर बहस की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष स्वराज ने कहा कि सरकार का यह दावा मिथक है कि विदेशी निवेश से किसानों, उपभोक्ताओं को लाभ होगा और रोजगार सृजन होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार खुदरा में एफडीआई की अनुमति देने से पहले सभी घटकों के साथ राय-मशविरा करने के अपने वादे से पलट गई है। यह दुखद है कि राजनीतिक आम सहमति बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई और यहां तक कि मुख्य विपक्षी दल के साथ भी कोई बैठक या रायशुमारी नहीं की गई।"
भाजपा नेता ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि खुदरा व्यापारी मूल्य निर्धारण में लुटेरी नीति अपनाते हैं और वे कीमतें घटा देते हैं ताकि अन्य दुकानें बंद हो जाएं और जब पूरा बाजार समाप्त हो जाएगा तब वे कीमतें बढ़ा देंगे और ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास ऊंची कीमतों पर खरीददारी करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
सुषमा ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि विदेशी निवेश से बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, "खुदरा में एफडीआई से बिचौलिया संस्कृति समाप्त नहीं होगी। यहां चीनी उद्योग जैसे उदाहरण भी हैं, जहां कोई बिचौलिया नहीं है, फिर भी किसानों को गन्ने के मूल्य निर्धारण के लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
लोकसभा में खुदरा में एफडीआई पर बहस की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष स्वराज ने कहा कि सरकार का यह दावा मिथक है कि विदेशी निवेश से किसानों, उपभोक्ताओं को लाभ होगा और रोजगार सृजन होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार खुदरा में एफडीआई की अनुमति देने से पहले सभी घटकों के साथ राय-मशविरा करने के अपने वादे से पलट गई है। यह दुखद है कि राजनीतिक आम सहमति बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई और यहां तक कि मुख्य विपक्षी दल के साथ भी कोई बैठक या रायशुमारी नहीं की गई।"
भाजपा नेता ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि खुदरा व्यापारी मूल्य निर्धारण में लुटेरी नीति अपनाते हैं और वे कीमतें घटा देते हैं ताकि अन्य दुकानें बंद हो जाएं और जब पूरा बाजार समाप्त हो जाएगा तब वे कीमतें बढ़ा देंगे और ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास ऊंची कीमतों पर खरीददारी करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
सुषमा ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि विदेशी निवेश से बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, "खुदरा में एफडीआई से बिचौलिया संस्कृति समाप्त नहीं होगी। यहां चीनी उद्योग जैसे उदाहरण भी हैं, जहां कोई बिचौलिया नहीं है, फिर भी किसानों को गन्ने के मूल्य निर्धारण के लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
स्वराज ने कहा, "सरकार खुदरा में एफडीआई की अनुमति देने से पहले सभी घटकों के साथ राय-मशविरा करने के अपने वादे से पलट गई है। यह दुखद है कि राजनीतिक आम सहमति बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई और यहां तक कि मुख्य विपक्षी दल के साथ भी कोई बैठक या रायशुमारी नहीं की गई।"
भाजपा नेता ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि खुदरा व्यापारी मूल्य निर्धारण में लुटेरी नीति अपनाते हैं और वे कीमतें घटा देते हैं ताकि अन्य दुकानें बंद हो जाएं और जब पूरा बाजार समाप्त हो जाएगा तब वे कीमतें बढ़ा देंगे और ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास ऊंची कीमतों पर खरीददारी करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
सुषमा ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि विदेशी निवेश से बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, "खुदरा में एफडीआई से बिचौलिया संस्कृति समाप्त नहीं होगी। यहां चीनी उद्योग जैसे उदाहरण भी हैं, जहां कोई बिचौलिया नहीं है, फिर भी किसानों को गन्ने के मूल्य निर्धारण के लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
भाजपा नेता ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि खुदरा व्यापारी मूल्य निर्धारण में लुटेरी नीति अपनाते हैं और वे कीमतें घटा देते हैं ताकि अन्य दुकानें बंद हो जाएं और जब पूरा बाजार समाप्त हो जाएगा तब वे कीमतें बढ़ा देंगे और ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं के पास ऊंची कीमतों पर खरीददारी करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचेगा।"
सुषमा ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि विदेशी निवेश से बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, "खुदरा में एफडीआई से बिचौलिया संस्कृति समाप्त नहीं होगी। यहां चीनी उद्योग जैसे उदाहरण भी हैं, जहां कोई बिचौलिया नहीं है, फिर भी किसानों को गन्ने के मूल्य निर्धारण के लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
सुषमा ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि विदेशी निवेश से बिचौलिए की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, "खुदरा में एफडीआई से बिचौलिया संस्कृति समाप्त नहीं होगी। यहां चीनी उद्योग जैसे उदाहरण भी हैं, जहां कोई बिचौलिया नहीं है, फिर भी किसानों को गन्ने के मूल्य निर्धारण के लिए संघर्ष करना पड़ता है।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
सुषमा ने पंजाब का उदाहरण पेश किया, और कहा कि पेप्सी ने किसानों से आलू और टमाटर खरीदने के वादे किए, लेकिन बाद में वह वादे से पलट गई।
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि एफडीआई से रोजगार बढ़ेगा, सुषमा ने कहा, "सरकार कहती है कि एफडीआई से 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन इन आंकड़ों पर गौर करें तो यदि हमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना है तो वालमार्ट, टेस्को और भारत आने वाली अन्य कम्पनियों को 53 शहरों में 36,000 से अधिक स्टोर खोलने की जरूरत पड़ेगी। और इसका अर्थ यह होता है कि प्रत्येक शहर में 600 से अधिक स्टोर होंगे।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
भाजपा नेता ने कहा कि खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा।
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
स्वराज ने कहा, "सरकार कहती है कि विदेशी कम्पनियों को 30 प्रतिशत उत्पाद भारतीय छोटे और मध्यम उद्यमों से लेना होगा, यानी 70 प्रतिशत उत्पाद आयात किए जाएंगे। क्या कोई उद्योग 30 प्रतिशत उत्पादन पर टिक सकता है? और 90 प्रतिशत आयातित सामान चीन से आएगा और इससे चीन में रोजगार और विकास होगा, भारत में नहीं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
सुषमा ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कथन को दोहराते हुए कहा कि छोटे व्यापार अमेरिका में विकास के इंजन हैं।
स्वराज ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खरीदारी करने के लिए अमेरिकियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रहे हैं। जबकि बाकी दुनिया खुदरा में एफडीआई पर सवाल खड़े कर रही है, ऐसे में हम एफडीआई का स्वागत क्यों कर रहे हैं।"टिप्पणियां
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
स्वराज ने सुपरमार्केट्स के खिलाफ यूरोपीय संघ के घोषणा पत्र का उद्धरण दिया और कहा कि वे पूरी दुनिया में किसानों को खराब कीमतें अदा करते हैं।
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।"
सुषमा ने कहा, "वे किसानों को कम कीमतें, कर्मचारियों को कम वेतन देते हैं, लेकिन मुनाफा ऊंचा रखते हैं। दुनियाभर के सुपरमार्केट्स यही करते हैं।" | यह एक सारांश है: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सुषमा स्वराज ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि बहुब्रांड खुदरा में एफडीआई छोटे उद्योगों के लिए मृत्युघोष साबित होगा। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एयर इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) कैप्टन गुस्तव बलदौफ ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। कंपनी के दैनिक मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर कथित टिप्पणी को लेकर बलदौफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया, बलदौफ को बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने सुबह अपना इस्तीफा सौंप दिया। जेट एयरवेज और ऑस्ट्रियन एयरलाइंस समेत विभिन्न विमानन कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके ऑस्ट्रियाई नागरिक बलदौफ को नोटिस जारी कर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। बलदौफ ने कहा था कि कंपनी में काम करने के लिए एक मुश्किल वातावरण है, क्योंकि कंपनी के परिचालन में सरकार जरूरत से अधिक दबदबे वाली भूमिका अदा करती है। बलदौफ ने कहा था, जब आप बाहर से किसी को बुलाते हैं, तो उसे काम करने दें। सरकार को नियंत्रण रखना चाहिए, लेकिन व्यक्ति को काम करने दें। उसे दिन-प्रतिदिन के परिचालन में दखल नहीं देना चाहिए। उनकी इस कथित टिप्पणी को एयर इंडिया ने गंभीरता से लिया, जिसके बाद बलदौफ ने नागर विमानन मंत्री वायलार रवि से मुलाकात की और माना जाता है कि इस बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बलदौफ ने एयर इंडिया एक्सप्रेस के सीओओ कैप्टन पवन अरोड़ा को हटाने जाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी और कहा था कि इससे संकटग्रस्त विमानन कंपनी को उबारने की योजना प्रभावित होगी। पिछले साल अप्रैल में बलदौफ की नियुक्ति के बाद एयर इंडिया बोर्ड ने अरोड़ा और स्टीफन सुकुमार की भी मोटे वेतन पैकेज की पेशकश करते हुए नियुक्ति की थी। सुकुमार ने भी हाल ही में कंपनी से इस्तीफा दिया है। | सारांश: कंपनी के दैनिक मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप पर कथित टिप्पणी को लेकर कैप्टन गुस्तव बलदौफ बलदौफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम (Binoy Viswam) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) से अनुरोध किया है कि वह देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिये चलाये जा रहे अभियान के बावजूद हालात की हकीकत जानने के लिये सुबह के वक्त ट्रेन से उत्तर भारत के किसी राज्य की यात्रा करें. बिनॉय ने मध्य प्रदेश में खुले में शौच करने को लेकर दो दलित बच्चों की कथित तौर पर पिटाई से मौत होने के बाद यह कहा. विश्वम ने मोदी को लिखे पत्र में कहा कि दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती से कुछ दिन पहले दो दलित बच्चों की मौत की जांच कराई जानी चाहिये और प्रधानमंत्री को अपने भाषण में इस घटना का जिक्र करना चाहिये.
उन्होंने लिखा है, "इस साल दो अक्टूबर को आप भारत को ‘खुले में शौच से मुक्त' देश घोषित करेंगे. मैं आपसे सुबह के वक्त ट्रेन से किसी भी उत्तर भारतीय राज्य की यात्रा का अनुरोध करता हूं. जब हमारी यह हकीकत है तो यह घोषणा कितनी सही है?"
उन्होंने कहा, "इससे पहले कि आप दो अक्टूबर को गांधीजी की स्मृति में भारत को खुले में शौच से मुक्त देश घोषित करें, इन दोनों बच्चों की मौतों के बारे में जानकारी जुटा लें." विश्वम ने लिखा है, ‘‘इन बच्चों को उनके स्कूल में अन्य बच्चों के साथ शौचालय साझा नहीं करने दिया गया या कुएं से पानी नहीं लेने दिया गया, उनकी अब हत्या कर दी गई.'' | यहाँ एक सारांश है:बिनॉय विश्वम ने कहा- हालात जानने के लिए ट्रेन से यात्रा करें पीएम
दो दलित बच्चों की मौत की जांच कराई जानी चाहिये
विश्वम ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर की अपील | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सैप के तीन जवान शहीद हो गए और दो निजी सुरक्षा गार्ड के अलावा एक वाहन चालक की मौत हो गई।
पांच अन्य जवान घायल भी हुए हैं। घायल जवानों में से एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए गया जिला स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। अन्य का इलाज औरंगाबाद स्थित अस्पताल में किया जा रहा है।
आधा दर्जन से अधिक अरमादा और बोलेरो जीपों पर सवार होकर हथियारों से लैस माओवादी निजी निर्माण कंपनी एमबीएल के कैंप कार्यालय पहुंचे और अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी, जिससे सैप के तीन जवान शहीद हो गए और वहां मौजूद अन्य दो निजी सुरक्षा गार्ड तथा एक वाहन चालक की मौत हो गई तथा पांच अन्य सैप के जवान घायल हो गए। घटनास्थल पर सैप की 30 जवानों की टुकडी तैनात थी पर माओवादियों की संख्या बहुत अधिक होने और उनके अचानक धावा बोलने के कारण सैप जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला।
माओवादियों ने घटनास्थल से इनसास एसएलआर और एके 47 राइफलों समेत 29 आधुनिक हथियार और करीब 33 सौ कारतूस लूट लिए। माओवादियों ने कैप कार्यालय में मौजूद छह गाड़ियों में आग लगा दी, जिसमें वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची। माओवादियों ने दिलारु नदी पर बने पुल को भी विस्फोटक के जरिये उड़ाने का प्रयास किया, जिसमें पुल को आंशिक रुप से नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को आने से रोकने के लिए माओवादियों ने गोह मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर भूमिगत बारूदी सुरंग लगा रखी थी, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। टिप्पणियां
पड़ोसी जिला गया के कोच होते हुए घटनास्थल की ओर पुलिस बल को लेकर आ रही एक बस के माओवादियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से बस चालक की मौत हो गई। बस पर मौजूद बाकी अन्य पुलिस जवानों को कोई क्षति नहीं पहुंची। इस मुठभेड में सैप जवानों की ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलाई गई पर माओवादियों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी और उनके अधिक संख्या में होने के कारण वे माओवादियों के सामने टिक नहीं सके।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है।
पांच अन्य जवान घायल भी हुए हैं। घायल जवानों में से एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए गया जिला स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। अन्य का इलाज औरंगाबाद स्थित अस्पताल में किया जा रहा है।
आधा दर्जन से अधिक अरमादा और बोलेरो जीपों पर सवार होकर हथियारों से लैस माओवादी निजी निर्माण कंपनी एमबीएल के कैंप कार्यालय पहुंचे और अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी, जिससे सैप के तीन जवान शहीद हो गए और वहां मौजूद अन्य दो निजी सुरक्षा गार्ड तथा एक वाहन चालक की मौत हो गई तथा पांच अन्य सैप के जवान घायल हो गए। घटनास्थल पर सैप की 30 जवानों की टुकडी तैनात थी पर माओवादियों की संख्या बहुत अधिक होने और उनके अचानक धावा बोलने के कारण सैप जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला।
माओवादियों ने घटनास्थल से इनसास एसएलआर और एके 47 राइफलों समेत 29 आधुनिक हथियार और करीब 33 सौ कारतूस लूट लिए। माओवादियों ने कैप कार्यालय में मौजूद छह गाड़ियों में आग लगा दी, जिसमें वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची। माओवादियों ने दिलारु नदी पर बने पुल को भी विस्फोटक के जरिये उड़ाने का प्रयास किया, जिसमें पुल को आंशिक रुप से नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को आने से रोकने के लिए माओवादियों ने गोह मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर भूमिगत बारूदी सुरंग लगा रखी थी, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। टिप्पणियां
पड़ोसी जिला गया के कोच होते हुए घटनास्थल की ओर पुलिस बल को लेकर आ रही एक बस के माओवादियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से बस चालक की मौत हो गई। बस पर मौजूद बाकी अन्य पुलिस जवानों को कोई क्षति नहीं पहुंची। इस मुठभेड में सैप जवानों की ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलाई गई पर माओवादियों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी और उनके अधिक संख्या में होने के कारण वे माओवादियों के सामने टिक नहीं सके।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है।
आधा दर्जन से अधिक अरमादा और बोलेरो जीपों पर सवार होकर हथियारों से लैस माओवादी निजी निर्माण कंपनी एमबीएल के कैंप कार्यालय पहुंचे और अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी, जिससे सैप के तीन जवान शहीद हो गए और वहां मौजूद अन्य दो निजी सुरक्षा गार्ड तथा एक वाहन चालक की मौत हो गई तथा पांच अन्य सैप के जवान घायल हो गए। घटनास्थल पर सैप की 30 जवानों की टुकडी तैनात थी पर माओवादियों की संख्या बहुत अधिक होने और उनके अचानक धावा बोलने के कारण सैप जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला।
माओवादियों ने घटनास्थल से इनसास एसएलआर और एके 47 राइफलों समेत 29 आधुनिक हथियार और करीब 33 सौ कारतूस लूट लिए। माओवादियों ने कैप कार्यालय में मौजूद छह गाड़ियों में आग लगा दी, जिसमें वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची। माओवादियों ने दिलारु नदी पर बने पुल को भी विस्फोटक के जरिये उड़ाने का प्रयास किया, जिसमें पुल को आंशिक रुप से नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को आने से रोकने के लिए माओवादियों ने गोह मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर भूमिगत बारूदी सुरंग लगा रखी थी, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। टिप्पणियां
पड़ोसी जिला गया के कोच होते हुए घटनास्थल की ओर पुलिस बल को लेकर आ रही एक बस के माओवादियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से बस चालक की मौत हो गई। बस पर मौजूद बाकी अन्य पुलिस जवानों को कोई क्षति नहीं पहुंची। इस मुठभेड में सैप जवानों की ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलाई गई पर माओवादियों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी और उनके अधिक संख्या में होने के कारण वे माओवादियों के सामने टिक नहीं सके।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है।
माओवादियों ने घटनास्थल से इनसास एसएलआर और एके 47 राइफलों समेत 29 आधुनिक हथियार और करीब 33 सौ कारतूस लूट लिए। माओवादियों ने कैप कार्यालय में मौजूद छह गाड़ियों में आग लगा दी, जिसमें वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची। माओवादियों ने दिलारु नदी पर बने पुल को भी विस्फोटक के जरिये उड़ाने का प्रयास किया, जिसमें पुल को आंशिक रुप से नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल को आने से रोकने के लिए माओवादियों ने गोह मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर भूमिगत बारूदी सुरंग लगा रखी थी, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। टिप्पणियां
पड़ोसी जिला गया के कोच होते हुए घटनास्थल की ओर पुलिस बल को लेकर आ रही एक बस के माओवादियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से बस चालक की मौत हो गई। बस पर मौजूद बाकी अन्य पुलिस जवानों को कोई क्षति नहीं पहुंची। इस मुठभेड में सैप जवानों की ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलाई गई पर माओवादियों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी और उनके अधिक संख्या में होने के कारण वे माओवादियों के सामने टिक नहीं सके।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है।
पड़ोसी जिला गया के कोच होते हुए घटनास्थल की ओर पुलिस बल को लेकर आ रही एक बस के माओवादियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ जाने से बस चालक की मौत हो गई। बस पर मौजूद बाकी अन्य पुलिस जवानों को कोई क्षति नहीं पहुंची। इस मुठभेड में सैप जवानों की ओर से करीब 50 राउंड गोलियां चलाई गई पर माओवादियों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी और उनके अधिक संख्या में होने के कारण वे माओवादियों के सामने टिक नहीं सके।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद देर रात घटनास्थल का निरीक्षण कर पटना वापस लौट चुके हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) एसके भारद्वाज पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर छापामारी शुरू कर दी गई है। | संक्षिप्त सारांश: माओवादियों ने घटनास्थल से इनसास एसएलआर और एके 47 राइफलों समेत 29 आधुनिक हथियार और करीब 33 सौ कारतूस लूट लिए। माओवादियों ने कैंप कार्यालय में मौजूद छह गाड़ियों में आग लगा दी, जिसमें वाहनों को आंशिक क्षति पहुंची। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अब कार्रवाई का भार सिर्फ ईरान पर है कि वह यह सिद्ध करे कि वह परमाणु वार्ता के लिये गंभीर है। उन्होंने ईरान द्वारा प्रतिबंध हटाने की अपील को भी नजरअंदाज कर दिया।टिप्पणियां
ब्राजील के विदेश मंत्री एंतोनियो पैट्रायोता के साथ एक प्रेस वार्ता में हिलेरी ने कल कहा, ‘‘ अब कार्रवाई का दबाव सिर्फ ईरान पर है कि वह दुनिया को इस वार्ता के लिये अपनी गंभीरता का प्रदर्शन करे। हम ईरान पर प्रतिबंध और दबाव दोनों जारी रखेंगे।’’ ईरान के विदेश मंत्री अलील अकबर सालेही ने कल पश्चिमी देशों से कहा था कि यदि वह परमाणु कार्यक्रम को लेकर उपजे विवाद को हल करना चाहते हैं तो पहले प्रतिबंध हटाने के बारे में सोचें।
हिलेरी ने कहा कि अमेरिका ऐसा करने को तैयार है पर अभी नहीं। उन्होंने कहा कि पहले ईरान ऐसे परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंता दिखाये क्योंकि उसका परमाणु कार्यक्रम परमाणु बम बनाने से संबंधित भी हो सकता है। हालांकि ईरान का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं।
ब्राजील के विदेश मंत्री एंतोनियो पैट्रायोता के साथ एक प्रेस वार्ता में हिलेरी ने कल कहा, ‘‘ अब कार्रवाई का दबाव सिर्फ ईरान पर है कि वह दुनिया को इस वार्ता के लिये अपनी गंभीरता का प्रदर्शन करे। हम ईरान पर प्रतिबंध और दबाव दोनों जारी रखेंगे।’’ ईरान के विदेश मंत्री अलील अकबर सालेही ने कल पश्चिमी देशों से कहा था कि यदि वह परमाणु कार्यक्रम को लेकर उपजे विवाद को हल करना चाहते हैं तो पहले प्रतिबंध हटाने के बारे में सोचें।
हिलेरी ने कहा कि अमेरिका ऐसा करने को तैयार है पर अभी नहीं। उन्होंने कहा कि पहले ईरान ऐसे परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंता दिखाये क्योंकि उसका परमाणु कार्यक्रम परमाणु बम बनाने से संबंधित भी हो सकता है। हालांकि ईरान का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं।
हिलेरी ने कहा कि अमेरिका ऐसा करने को तैयार है पर अभी नहीं। उन्होंने कहा कि पहले ईरान ऐसे परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंता दिखाये क्योंकि उसका परमाणु कार्यक्रम परमाणु बम बनाने से संबंधित भी हो सकता है। हालांकि ईरान का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अब कार्रवाई का भार सिर्फ ईरान पर है कि वह यह सिद्ध करे कि वह परमाणु वार्ता के लिये गंभीर है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को एक बार फिर कर्नाटक की कमान सौंपी जा सकती है। बीजेपी सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक येदियुरप्पा आज दिल्ली आ रहे हैं जिसके बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
येदियुरप्पा ने अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले कुछ दिनों से मोर्चा खोल रखा है। येदियुरप्पा के समर्थन में करीब 65 विधायक और 10 से ज्यादा सांसद हैं जो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अस्थायी समझौते के संकेत देते हुए बजट को सुचारु रूप से पारित होने के लिए अपने समर्थकों के साथ विधानसभा में मौजूद रहने पर राजी हो गए थे। पार्टी में येदियुरप्पा के एक करीबी नेता ने बताया, बजट की एक निश्चित पवित्रता होती है और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए, इसलिए येदियुरप्पा ने बजट पास होने तक विधानसभा में मौजूद रहने रहने का फैसला किया था।
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा समर्थकों की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उन्होंने कल बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया है, जब मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा बजट पेश करेंगे। दरअसल येदियुरप्पा अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले सप्ताह से ही बेंगलुरू के बाहरी इलाके में स्थित एक पांच-सितारा रिसॉर्ट में रह रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य के 66 विधायक और 12 सांसद उनका समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि येदियुरप्पा को उनके लिंगायत समुदाय का बहुत बड़ा समर्थन मिलता रहा है और उन्हें राज्य में भाजपा को मजबूत आधार दिलाने वाला व्यक्ति माना जाता है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है। टिप्पणियां
बोम्मई ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने येदियुरप्पा से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कर्नाटक संकट के हल के लिए यथासंभव फैसला किया जाएगा जिसके बाद वे बहिष्कार खत्म करने पर राजी हुए।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है।
येदियुरप्पा ने अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले कुछ दिनों से मोर्चा खोल रखा है। येदियुरप्पा के समर्थन में करीब 65 विधायक और 10 से ज्यादा सांसद हैं जो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अस्थायी समझौते के संकेत देते हुए बजट को सुचारु रूप से पारित होने के लिए अपने समर्थकों के साथ विधानसभा में मौजूद रहने पर राजी हो गए थे। पार्टी में येदियुरप्पा के एक करीबी नेता ने बताया, बजट की एक निश्चित पवित्रता होती है और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए, इसलिए येदियुरप्पा ने बजट पास होने तक विधानसभा में मौजूद रहने रहने का फैसला किया था।
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा समर्थकों की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उन्होंने कल बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया है, जब मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा बजट पेश करेंगे। दरअसल येदियुरप्पा अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले सप्ताह से ही बेंगलुरू के बाहरी इलाके में स्थित एक पांच-सितारा रिसॉर्ट में रह रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य के 66 विधायक और 12 सांसद उनका समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि येदियुरप्पा को उनके लिंगायत समुदाय का बहुत बड़ा समर्थन मिलता रहा है और उन्हें राज्य में भाजपा को मजबूत आधार दिलाने वाला व्यक्ति माना जाता है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है। टिप्पणियां
बोम्मई ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने येदियुरप्पा से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कर्नाटक संकट के हल के लिए यथासंभव फैसला किया जाएगा जिसके बाद वे बहिष्कार खत्म करने पर राजी हुए।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अस्थायी समझौते के संकेत देते हुए बजट को सुचारु रूप से पारित होने के लिए अपने समर्थकों के साथ विधानसभा में मौजूद रहने पर राजी हो गए थे। पार्टी में येदियुरप्पा के एक करीबी नेता ने बताया, बजट की एक निश्चित पवित्रता होती है और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए, इसलिए येदियुरप्पा ने बजट पास होने तक विधानसभा में मौजूद रहने रहने का फैसला किया था।
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा समर्थकों की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उन्होंने कल बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया है, जब मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा बजट पेश करेंगे। दरअसल येदियुरप्पा अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले सप्ताह से ही बेंगलुरू के बाहरी इलाके में स्थित एक पांच-सितारा रिसॉर्ट में रह रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य के 66 विधायक और 12 सांसद उनका समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि येदियुरप्पा को उनके लिंगायत समुदाय का बहुत बड़ा समर्थन मिलता रहा है और उन्हें राज्य में भाजपा को मजबूत आधार दिलाने वाला व्यक्ति माना जाता है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है। टिप्पणियां
बोम्मई ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने येदियुरप्पा से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कर्नाटक संकट के हल के लिए यथासंभव फैसला किया जाएगा जिसके बाद वे बहिष्कार खत्म करने पर राजी हुए।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है।
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा समर्थकों की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उन्होंने कल बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया है, जब मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा बजट पेश करेंगे। दरअसल येदियुरप्पा अपने समर्थक विधायकों के साथ पिछले सप्ताह से ही बेंगलुरू के बाहरी इलाके में स्थित एक पांच-सितारा रिसॉर्ट में रह रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य के 66 विधायक और 12 सांसद उनका समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि येदियुरप्पा को उनके लिंगायत समुदाय का बहुत बड़ा समर्थन मिलता रहा है और उन्हें राज्य में भाजपा को मजबूत आधार दिलाने वाला व्यक्ति माना जाता है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है। टिप्पणियां
बोम्मई ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने येदियुरप्पा से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कर्नाटक संकट के हल के लिए यथासंभव फैसला किया जाएगा जिसके बाद वे बहिष्कार खत्म करने पर राजी हुए।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है।
बोम्मई ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने येदियुरप्पा से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कर्नाटक संकट के हल के लिए यथासंभव फैसला किया जाएगा जिसके बाद वे बहिष्कार खत्म करने पर राजी हुए।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है।
बोम्मई ने कहा था, सकारात्मक आश्वासन के आलोक में हमने बजट सत्र में हिस्सा लेने का फैसला किया। हमने इस बात को महसूस किया कि बजट हमारे लिए और राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बजट के बहिष्कार के पिछले फैसले का बचाव करते हुए यह भी कहा था कि वह बजट का असम्मान नहीं था, बस, येदियुरप्पा के पास संख्याबल के बारे में कुछ दुष्प्रचार को दूर करने के लिए ऐसा किया गया था। बोम्मई के मुताबिक गडकरी ने फोन पर बातचीत में येदियुरप्पा से कहा था कि पार्टी सारी स्थिति, उन्हें प्राप्त समर्थन और उनकी राजनीतिक ताकत से अवगत है। | संक्षिप्त पाठ: बीजेपी सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक येदियुरप्पा आज दिल्ली आ रहे हैं जिसके बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजू के मुताबिक उसकी पत्नी बहुत धार्मिक महिला थी और उसके पास खास शक्तियां भी थीं. उसने पहले ही अपनी मौत की भविष्यवाणी कर दी थी और हमेशा चाहती थी कि उसकी मौत के बाद ही मंदिर बने.
राजू ने कहा, 'उसने पहले ही अपनी मौत की भविष्यवाणी कर दी थी. उसके पास खास शक्तियां थीं. वो हमेशा मंदिर का सपना देखती थी. वह बहुत ही आध्यात्मिक थी. इन चीजों ने मुझे यकीन दिलाया कि मंदिर बनाना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए.' टिप्पणियां
बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि राजू की पत्नी जहां कहीं भी होंगी अपने पति के इस प्यार को देखकर बहुत खुश होंगी. Video: प्रेम करना आसान हो गया है?
राजू ने कहा, 'उसने पहले ही अपनी मौत की भविष्यवाणी कर दी थी. उसके पास खास शक्तियां थीं. वो हमेशा मंदिर का सपना देखती थी. वह बहुत ही आध्यात्मिक थी. इन चीजों ने मुझे यकीन दिलाया कि मंदिर बनाना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए.' टिप्पणियां
बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि राजू की पत्नी जहां कहीं भी होंगी अपने पति के इस प्यार को देखकर बहुत खुश होंगी. Video: प्रेम करना आसान हो गया है?
बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि राजू की पत्नी जहां कहीं भी होंगी अपने पति के इस प्यार को देखकर बहुत खुश होंगी. Video: प्रेम करना आसान हो गया है?
Video: प्रेम करना आसान हो गया है? | संक्षिप्त पाठ: एक किसान ने पत्नी की याद में मंदिर बनाया है
इस मंदिर में वो रोज पत्नी की मूर्ति की पूजा करता है
राजू नाम के इस किसान की पत्नी की मौत हो चुकी है | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को एलओसी के हालात की जानकारी दी।टिप्पणियां
इस बैठक में भाजपा ने सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के साथ है। इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुषमा स्वराज को फोन कर भारत−पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री ने फोन पर इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी सुषमा स्वराज को दी।
गौरतलब है कि एनओसी पर सीमापार कर पाकिस्तान सैनिकों ने दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी और एक सैनिक का सिर काटकर ले गए।
इस बैठक में भाजपा ने सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के साथ है। इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुषमा स्वराज को फोन कर भारत−पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री ने फोन पर इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी सुषमा स्वराज को दी।
गौरतलब है कि एनओसी पर सीमापार कर पाकिस्तान सैनिकों ने दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी और एक सैनिक का सिर काटकर ले गए।
गौरतलब है कि एनओसी पर सीमापार कर पाकिस्तान सैनिकों ने दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी और एक सैनिक का सिर काटकर ले गए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस बैठक में भाजपा ने सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के साथ है। इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुषमा स्वराज को फोन कर भारत−पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की जानकारी दी थी। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बतौर पायलट दो दशक का अनुभव रखने वाले बोइंग 777 के कमांडर कैप्टन करण चोपड़ा ने कहा, 'तनाव का स्तर बढ़ता रहेगा, हम कितनी भी कोशिश कर लें और कितना भी उसे पीछे छोड़ दें. हम पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन हम भी इंसान ही हैं. पायलटों को सैलरी न मिलना एक अनुचित तनाव है और इसका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए.'
कैप्टन चोपड़ा पायलट यूनियन के प्रमुख हैं और उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु को लिखे खत में खुल कर पायलटों की बात कही है. उन्होंने कहा कि तनाव के दौर में सुरक्षा से समझौता होने की संभावना है और जिस प्रोफेशन में सबसे ज्यादा सतर्कता और सुरक्षा चाहिए, वहां यह नहीं होना चाहिए.
एक अन्य पायलट कैप्टन आसीम वालियानी ने बताया, 'सभी 1100 सदस्यों ने फैसला किया है कि अगर उनकी दो मांगें पूरी नहीं की गई तो एक अप्रैल से विमान उड़ाना बंद कर देंगे. हमें हमारी सैलरी और क्लियर रोड मैप चाहिए. अगर ये मांगें पूरी नहीं होती है तो हम उड़ान बंद कर देंगे.'
वहीं दूसरी ओर सैंकड़ों पायलट्स ने दूसरी एयरलाइन में नौकरी के लिए संपर्क किया है. कैप्टन वालियानी ने बताया, 'अगर एयरलाइन डूबती है तो मार्केट में करीब 1500 पायलट होंगे, और मुझे नहीं लगता कि हर किसी को नौकरी मिल पाएगी. इसलिए हर कोई खुद को बचाने में लगा हुआ है. मैं इसके लिए किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं.' अगले कुछ दिन एयरलाइंस के भविष्य के लिए काफी अहम होंगे.
पायलटों की यूनियन का कहना है कि बिना सैलरी के वे अपना परिवार नहीं चला पा रहे हैं. कैप्टन चोपड़ा ने कहा, 'पायलटों की समस्याओं को हल करें. वे बहुत कष्ट से गुजर रहे हैं.' साथ ही उन्होंने कहा, 'पायलटों को अपनी ईएमआई भरनी होती हैं. बच्चों की शिक्षा है, बुजुर्ग परिजन हैं और अस्पताल के बिल हैं. शादियां स्थगित कर दी गईं. यंग फर्स्ट ऑफिसर्स मुझे बार-बार कॉल कर रहे हैं और कह रहे हैं 'सर हमें अपनी माताओं के गहने गिरवी रखने पड़ेंगे. प्लीज हमें बचा लो. प्लीज प्रबंधन से हमारी सैलरी देने के लिए कहिए.' | सारांश: पायलट बोले- तनाव में कर रहे हैं काम
चार महीने से नहीं मिली सैलरी
सरकार से की दखल देने की गुजारिश | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाज चेस्नी हफ्स 117 वर्ष पुराना रिकॉर्ड बनाने से बहुत करीब से चूक गए। हफ्स डर्बीशायर के लिए 1896 में बनाए गए जॉर्ज डेविडसन के सर्वोच्च स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ने से मात्र पांच रन से चूक गए।टिप्पणियां
हेडिंग्ले में डिविजन वन कंट्री चैम्पियनशिप के तहत यार्कशायर के खिलाफ जारी मुकाबले के दूसरे दिन मंगलवार को हफ्स ने 270 रनों की पारी खेली। उन्होंने नौ घंटों तक चले दोहरे शतकीय पारी में 40 चौके तथा तीन छक्के लगाए।
हफ्स द्वारा बनाया गया यह स्कोर हेडिंग्ले के मैदान पर किसी भ्रमणकारी टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया काउंटी टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर है। उनके अलावा हेडिंग्ले के मैदार पर महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन, इंग्लैंड के जॉन एडरीच तथा आस्ट्रेलिया के डैरेन लीमैन ने ही उनसे ज्यादा रन बनाए हैं।
हेडिंग्ले में डिविजन वन कंट्री चैम्पियनशिप के तहत यार्कशायर के खिलाफ जारी मुकाबले के दूसरे दिन मंगलवार को हफ्स ने 270 रनों की पारी खेली। उन्होंने नौ घंटों तक चले दोहरे शतकीय पारी में 40 चौके तथा तीन छक्के लगाए।
हफ्स द्वारा बनाया गया यह स्कोर हेडिंग्ले के मैदान पर किसी भ्रमणकारी टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया काउंटी टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर है। उनके अलावा हेडिंग्ले के मैदार पर महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन, इंग्लैंड के जॉन एडरीच तथा आस्ट्रेलिया के डैरेन लीमैन ने ही उनसे ज्यादा रन बनाए हैं।
हफ्स द्वारा बनाया गया यह स्कोर हेडिंग्ले के मैदान पर किसी भ्रमणकारी टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया काउंटी टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर है। उनके अलावा हेडिंग्ले के मैदार पर महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन, इंग्लैंड के जॉन एडरीच तथा आस्ट्रेलिया के डैरेन लीमैन ने ही उनसे ज्यादा रन बनाए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाजी चेस्नी हफ्स 117 वर्ष पुराना रिकॉर्ड बनाने से बहुत करीब से चूक गए। हफ्स डर्बीशायर के लिए 1896 में बनाए गए जॉर्ज डेविडसन के सर्वोच्च स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ने से मात्र पांच रन से चूक गए। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार पर फैसला टाल दिया है। अब 15 मई से इस मामले की नए सिरे से सुनवाई होगी।टिप्पणियां
सज्जन कुमार ने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ मामला खारिज करने की अर्जी दी थी। दिसंबर में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सज्जन कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि केस में अभी और बहस की जरूरत है यानी अब उनकी याचिका पर फैसला 15 मई को भी नहीं आएगा, इस दिन केस पर बहस होगी।
सज्जन कुमार समेत पांच आरोपियों पर दिल्ली की निचली अदालत ने जुलाई 2010 में हत्या। दंगा फैलाने के अलावा दो समुदायों में नफरत फैलाने के आरोप तय किए थे।
सज्जन कुमार ने हाईकोर्ट में अपने खिलाफ मामला खारिज करने की अर्जी दी थी। दिसंबर में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सज्जन कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि केस में अभी और बहस की जरूरत है यानी अब उनकी याचिका पर फैसला 15 मई को भी नहीं आएगा, इस दिन केस पर बहस होगी।
सज्जन कुमार समेत पांच आरोपियों पर दिल्ली की निचली अदालत ने जुलाई 2010 में हत्या। दंगा फैलाने के अलावा दो समुदायों में नफरत फैलाने के आरोप तय किए थे।
सज्जन कुमार समेत पांच आरोपियों पर दिल्ली की निचली अदालत ने जुलाई 2010 में हत्या। दंगा फैलाने के अलावा दो समुदायों में नफरत फैलाने के आरोप तय किए थे। | संक्षिप्त पाठ: 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला टाल दिया है। अब इस मामले में नए सिरे से सुनवाई 15 मई से शुरू होगी। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्ष 2001 से साल 2006 तक अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन टैप किए जाने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग की है।
सोमवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से ASG संजय जैन ने कहा कि ये शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में आई और इसके प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस को जांच करने को कहा गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। उप्पल ने अपनी याचिका में एस्सार कंपनी के उच्च अधिकारियों, केंद्र सरकार, सीबीआई और बासित ख़ान को पक्ष बनाया है।टिप्पणियां
इससे पहले एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर फोन टैप किए जाने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय यानि पीएमओ ने सख्त रुख अपनाया है। पीएमओ ने पूरे मामले में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट तलब करते हुए जांच और कार्रवाई का साफ निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि उप्पल ने 1 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का फोन टैप किए जाने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि एस्सार के पूर्व अधिकारी बासित खान ने उन्हें इस संबंध में जानकारी दी थी।
सोमवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से ASG संजय जैन ने कहा कि ये शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में आई और इसके प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस को जांच करने को कहा गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। उप्पल ने अपनी याचिका में एस्सार कंपनी के उच्च अधिकारियों, केंद्र सरकार, सीबीआई और बासित ख़ान को पक्ष बनाया है।टिप्पणियां
इससे पहले एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर फोन टैप किए जाने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय यानि पीएमओ ने सख्त रुख अपनाया है। पीएमओ ने पूरे मामले में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट तलब करते हुए जांच और कार्रवाई का साफ निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि उप्पल ने 1 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का फोन टैप किए जाने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि एस्सार के पूर्व अधिकारी बासित खान ने उन्हें इस संबंध में जानकारी दी थी।
इससे पहले एस्सार कंपनी द्वारा कथित तौर पर फोन टैप किए जाने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय यानि पीएमओ ने सख्त रुख अपनाया है। पीएमओ ने पूरे मामले में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट तलब करते हुए जांच और कार्रवाई का साफ निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि उप्पल ने 1 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का फोन टैप किए जाने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि एस्सार के पूर्व अधिकारी बासित खान ने उन्हें इस संबंध में जानकारी दी थी।
गौरतलब है कि उप्पल ने 1 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का फोन टैप किए जाने की शिकायत की थी। उनका दावा था कि एस्सार के पूर्व अधिकारी बासित खान ने उन्हें इस संबंध में जानकारी दी थी। | यह एक सारांश है: अटल, मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान किये गए थे यह फोन टैप
सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने मामले में दाखिल की है याचिका
फोन टैप किए जाने के मामले में पीएमओ अपना चुका है सख्त रुख | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने बुधवार को भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष आमिर रजा हुसैन की तर्ज पर पार्टी के दो वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं मुख्तार अब्बास नकवी और शहनवाज हुसैन को भी ऐसा ही करने की सलाह दी।
यहां जारी एक बयान में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने हुसैन द्वारा दिए गए इस्तीफे का स्वागत किया और कहा कि इससे सिद्ध हो गया है कि स्वयं भाजपा के लोग ही गुजरात में हुए दंगों के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को ही जिम्मेदार मानते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भाजपा में रह रहे तमाम मुस्लिम व राष्ट्रवादी नेताओं को यह सोचना चाहिए कि मोदी जैसे सांप्रदायिकता व विध्वंस के प्रतीक नेताओं को दम देना देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि हुसैन के बहादुरी भरे बयान से यह यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का थोथा राष्ट्रवादी चेहरा उसके अल्पसंख्यक विरोधी चाल और लोगों को सांप्रदायिकता के नाम पर धोखा देने वाला चरित्र ज्यादा चलने वाला नहीं है।
यहां जारी एक बयान में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने हुसैन द्वारा दिए गए इस्तीफे का स्वागत किया और कहा कि इससे सिद्ध हो गया है कि स्वयं भाजपा के लोग ही गुजरात में हुए दंगों के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को ही जिम्मेदार मानते हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भाजपा में रह रहे तमाम मुस्लिम व राष्ट्रवादी नेताओं को यह सोचना चाहिए कि मोदी जैसे सांप्रदायिकता व विध्वंस के प्रतीक नेताओं को दम देना देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि हुसैन के बहादुरी भरे बयान से यह यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का थोथा राष्ट्रवादी चेहरा उसके अल्पसंख्यक विरोधी चाल और लोगों को सांप्रदायिकता के नाम पर धोखा देने वाला चरित्र ज्यादा चलने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भाजपा में रह रहे तमाम मुस्लिम व राष्ट्रवादी नेताओं को यह सोचना चाहिए कि मोदी जैसे सांप्रदायिकता व विध्वंस के प्रतीक नेताओं को दम देना देश की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि हुसैन के बहादुरी भरे बयान से यह यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का थोथा राष्ट्रवादी चेहरा उसके अल्पसंख्यक विरोधी चाल और लोगों को सांप्रदायिकता के नाम पर धोखा देने वाला चरित्र ज्यादा चलने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि हुसैन के बहादुरी भरे बयान से यह यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का थोथा राष्ट्रवादी चेहरा उसके अल्पसंख्यक विरोधी चाल और लोगों को सांप्रदायिकता के नाम पर धोखा देने वाला चरित्र ज्यादा चलने वाला नहीं है। | कांग्रेस ने बुधवार को भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष आमिर रजा हुसैन की तर्ज पर पार्टी के दो वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं मुख्तार अब्बास नकवी और शहनवाज हुसैन को भी ऐसा ही करने की सलाह दी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कोयला ब्लॉक तथा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और अंतत: इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के सहयोगियों के साथ चर्चा की।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद के दोनों सदनों में कोयला ब्लॉक और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का मुद्दा उठाया। पार्टी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट में केंद्र सरकार के कथित हस्तक्षेप पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे का मुद्दा भी उठाया।
वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने नेता एवं उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान को अमेरिका के बोस्टन में हवाई अड्डे पर 'अपमानित' करने का मुद्दा उठाया। आजम खान, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ अमेरिका के दौरे पर थे, जहां अखिलेश कुम्भ मेले के बेहतर प्रबंधन के विषय पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने पहुंचे हुए थे। जांचकर्ताओं ने उन्हें बोस्टन लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को लगभग 10 मिनट तक बिठाए रखा।
दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद ही हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यही स्थिति रही, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद के दोनों सदनों में कोयला ब्लॉक और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का मुद्दा उठाया। पार्टी ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट में केंद्र सरकार के कथित हस्तक्षेप पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे का मुद्दा भी उठाया।
वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने नेता एवं उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान को अमेरिका के बोस्टन में हवाई अड्डे पर 'अपमानित' करने का मुद्दा उठाया। आजम खान, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ अमेरिका के दौरे पर थे, जहां अखिलेश कुम्भ मेले के बेहतर प्रबंधन के विषय पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने पहुंचे हुए थे। जांचकर्ताओं ने उन्हें बोस्टन लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को लगभग 10 मिनट तक बिठाए रखा।
दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद ही हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यही स्थिति रही, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने नेता एवं उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान को अमेरिका के बोस्टन में हवाई अड्डे पर 'अपमानित' करने का मुद्दा उठाया। आजम खान, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ अमेरिका के दौरे पर थे, जहां अखिलेश कुम्भ मेले के बेहतर प्रबंधन के विषय पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने पहुंचे हुए थे। जांचकर्ताओं ने उन्हें बोस्टन लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को लगभग 10 मिनट तक बिठाए रखा।
दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद ही हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यही स्थिति रही, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद ही हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यही स्थिति रही, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
लोकसभा में 12 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यही स्थिति रही, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
राज्यसभा में कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2.30 बजे तक और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
इस बीच, संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संप्रग के सहयोगियों के साथ शुक्रवार को चर्चा की। यह बैठक संसद भवन परिसर में हुई।टिप्पणियां
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को बताया, "संप्रग अध्यक्ष और प्रधानमंत्री ने संप्रग के घटक दलों के साथ बैठक की। इस बैठक में संसद की कार्यवाही न चल पाने और विपक्ष द्वारा कुछ अवांछनीय मांग किए जाने पर चर्चा की गई।"
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।
भाजपा का कहना है कि वह तब तक संसद नहीं चलने देगी, जब तक प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दे देते। भाजपा कोयला आवंटन और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। | कोयला ब्लॉक तथा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और अंतत: इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल पुलिस और महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड ने शनिवार को कल्याण के बाज़ार पेठ इलाके से रिज़वान खान नाम के शख्स को गिरफ्तार किया। रिज़वान पर केरल में एक नौजवान का जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उसे आईएसआईएस में शामिल होने के लिये उकसाने का आरोप लगा है। कल्याण की एक अदालत ने उसे 25 जुलाई तक ट्रांजिट रिमांड में भेज दिया है। इससे पहले केरल पुलिस महाराष्ट्र एटीएस के साथ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के कर्मचारी अर्शिद कुरैशी को गिरफ्तार कर चुकी है।
दो दिनों पहले आईएसआईएस से संबंध नकारने के बावजूद विवादित धर्मगुरु ज़ाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के गेस्ट रिलेशन अफसर अर्शिद कुरैशी को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। अर्शिद पर आईएसआईएस के लिये रंगरूट रिक्रूट करने का आरोप है। उसके बाद मुंबई से सटे कल्याण से रिज़वान खान की गिरफ्तारी हुई। उसपर भी वही आरोप हैं, इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिये नौजवानों को बरगलाने का। आईआरएफ का कहना है कि कुरैशी उनका कर्मचारी था, लेकिन इस्लामिक स्टेट से उसके जुड़े होने की खबर झूठी है। आईआरएफ के प्रवक्ता मंज़ूर शेख ने कहा, "उसने ऐसा कुछ नहीं किया है, ये मैं आपको कह सकता हूं। आप मीडिया वाले हैं, जरा सोचिये जो रिपोर्ट आपके सामने आई है उसका विश्लेषण कीजिये, रिज़वान खान हमसे जुड़े नहीं है। उनका सीधे या परोक्ष तरीके से भी हमसे कोई ताल्लुक नहीं है।"
केरल से 21 नौजवानों के लापता होने वालों की फेहरिस्त में 21 साल के बस्टिन और मेरिन उर्फ मरियम का भी नाम है, आरोप है कि रिज़वान उनकी शादी का गवाह है। लेकिन परिजनों का दावा है कि रिज़वान बेगुनाह है, पुलिस ने उसे जबरन फंसाया है। रिज़वान के वकील आईओ ख़ान ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से वो ग़ैरकानूनी हिरासत में है। उन्होंने उसे ग़ैरकानूनी तरीके से हिरासत में क्यों रखा इसके बारे में हम फिलहाल कुछ नहीं कह सकते। देखते हैं जब उसे 25 तारीख का एर्नाकुलम में अदालत के सामने पेश किया जाएगा। वो पूरी तरह से बेगुनाह हैं उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।" टिप्पणियां
अर्शिद और रिज़वान पर आरोप एक जैसे हैं, धर्म परिवर्तन के लिये उकसाने और IS से जुड़ने के लिये नौजवानों को बरगलाने के, महाराष्ट्र एटीएस और केरल पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया है।
7/11 बम धमाके में आईआरएफ का नाम आया, फिर ढाका हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां डॉक्टर जाकिर नाईक को लेकर संजीदा हो गईं, अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में उनके कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद लग रहा है कि नाईक पर कानूनी शिकंजा धीरे-धीरे ही सही मगर कसने लगा है।
दो दिनों पहले आईएसआईएस से संबंध नकारने के बावजूद विवादित धर्मगुरु ज़ाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के गेस्ट रिलेशन अफसर अर्शिद कुरैशी को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। अर्शिद पर आईएसआईएस के लिये रंगरूट रिक्रूट करने का आरोप है। उसके बाद मुंबई से सटे कल्याण से रिज़वान खान की गिरफ्तारी हुई। उसपर भी वही आरोप हैं, इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिये नौजवानों को बरगलाने का। आईआरएफ का कहना है कि कुरैशी उनका कर्मचारी था, लेकिन इस्लामिक स्टेट से उसके जुड़े होने की खबर झूठी है। आईआरएफ के प्रवक्ता मंज़ूर शेख ने कहा, "उसने ऐसा कुछ नहीं किया है, ये मैं आपको कह सकता हूं। आप मीडिया वाले हैं, जरा सोचिये जो रिपोर्ट आपके सामने आई है उसका विश्लेषण कीजिये, रिज़वान खान हमसे जुड़े नहीं है। उनका सीधे या परोक्ष तरीके से भी हमसे कोई ताल्लुक नहीं है।"
केरल से 21 नौजवानों के लापता होने वालों की फेहरिस्त में 21 साल के बस्टिन और मेरिन उर्फ मरियम का भी नाम है, आरोप है कि रिज़वान उनकी शादी का गवाह है। लेकिन परिजनों का दावा है कि रिज़वान बेगुनाह है, पुलिस ने उसे जबरन फंसाया है। रिज़वान के वकील आईओ ख़ान ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से वो ग़ैरकानूनी हिरासत में है। उन्होंने उसे ग़ैरकानूनी तरीके से हिरासत में क्यों रखा इसके बारे में हम फिलहाल कुछ नहीं कह सकते। देखते हैं जब उसे 25 तारीख का एर्नाकुलम में अदालत के सामने पेश किया जाएगा। वो पूरी तरह से बेगुनाह हैं उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।" टिप्पणियां
अर्शिद और रिज़वान पर आरोप एक जैसे हैं, धर्म परिवर्तन के लिये उकसाने और IS से जुड़ने के लिये नौजवानों को बरगलाने के, महाराष्ट्र एटीएस और केरल पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया है।
7/11 बम धमाके में आईआरएफ का नाम आया, फिर ढाका हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां डॉक्टर जाकिर नाईक को लेकर संजीदा हो गईं, अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में उनके कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद लग रहा है कि नाईक पर कानूनी शिकंजा धीरे-धीरे ही सही मगर कसने लगा है।
केरल से 21 नौजवानों के लापता होने वालों की फेहरिस्त में 21 साल के बस्टिन और मेरिन उर्फ मरियम का भी नाम है, आरोप है कि रिज़वान उनकी शादी का गवाह है। लेकिन परिजनों का दावा है कि रिज़वान बेगुनाह है, पुलिस ने उसे जबरन फंसाया है। रिज़वान के वकील आईओ ख़ान ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से वो ग़ैरकानूनी हिरासत में है। उन्होंने उसे ग़ैरकानूनी तरीके से हिरासत में क्यों रखा इसके बारे में हम फिलहाल कुछ नहीं कह सकते। देखते हैं जब उसे 25 तारीख का एर्नाकुलम में अदालत के सामने पेश किया जाएगा। वो पूरी तरह से बेगुनाह हैं उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।" टिप्पणियां
अर्शिद और रिज़वान पर आरोप एक जैसे हैं, धर्म परिवर्तन के लिये उकसाने और IS से जुड़ने के लिये नौजवानों को बरगलाने के, महाराष्ट्र एटीएस और केरल पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया है।
7/11 बम धमाके में आईआरएफ का नाम आया, फिर ढाका हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां डॉक्टर जाकिर नाईक को लेकर संजीदा हो गईं, अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में उनके कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद लग रहा है कि नाईक पर कानूनी शिकंजा धीरे-धीरे ही सही मगर कसने लगा है।
अर्शिद और रिज़वान पर आरोप एक जैसे हैं, धर्म परिवर्तन के लिये उकसाने और IS से जुड़ने के लिये नौजवानों को बरगलाने के, महाराष्ट्र एटीएस और केरल पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया है।
7/11 बम धमाके में आईआरएफ का नाम आया, फिर ढाका हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां डॉक्टर जाकिर नाईक को लेकर संजीदा हो गईं, अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में उनके कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद लग रहा है कि नाईक पर कानूनी शिकंजा धीरे-धीरे ही सही मगर कसने लगा है।
7/11 बम धमाके में आईआरएफ का नाम आया, फिर ढाका हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां डॉक्टर जाकिर नाईक को लेकर संजीदा हो गईं, अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के आरोप में उनके कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद लग रहा है कि नाईक पर कानूनी शिकंजा धीरे-धीरे ही सही मगर कसने लगा है। | यह एक सारांश है: IRF के अर्शिद कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है
रिजवान खान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते से आईआरएफ का इनकार
अर्शिद कुरैशी और रिजवान पर लगे हैं एक जैसे आरोप | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कप्तान डेनियल विटोरी, तेज गेंदबाज काएल मिल्स और दक्षिण अफ्रीका के मध्यक्रम के बल्लेबाज फाफ ड्यू प्लेसिस पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान आपसी बहस के लिए जुर्माना लगाया है। विश्व कप-2011 के अंतर्गत शुक्रवार को खेले गए तीसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 49 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। मिल्स पर आईसीसी आचार संहिता की धारा 2.2.4 के अंतर्गत मैच फीस का 60 फीसदी जुर्माना लगाया गया है जो लेवल दो का अपराध है। यह खिलाड़ियों के बीच अनुचित और जानबूझकर शारीरिक सम्पर्क से सम्बंधित है। विटोरी पर भी आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.2.4 के तहत मैच फीस का 50 फीसदी तथा धारा 2.1.8 के तहत 40 फीसदी और जुर्माना लगाया गया है जो कुल मिलाकर 90 प्रतिशत है। ड्यू प्लेसिस पर धारा 2.2.4 के उल्लंघन के लिए मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। यह घटना दक्षिण अफ्रीका की पारी के 28वें ओवर के दौरान हुआ जब दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स रन आउट हुए थे उसके बाद ड्यू प्लेसिस और न्यूजीलैंड के कुछ खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई थी। | यह एक सारांश है: मिल्स पर आईसीसी आचार संहिता की धारा 2.2.4 के अंतर्गत मैच फीस का 60 फीसदी जुर्माना लगाया गया है जो लेवल 2 का अपराध है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय महिला हॉकी के लिए इन दिनों अच्छी खबर नहीं आ रही है. इस समय वह न्यूजीलैंड दौरे पर है और उसका प्रदर्शन दिनोंदिन खराब हो रहा है. न्यूजीलैंड के साथ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में उसे कमजोर रक्षापंक्ति का खामियाजा भुगतना पड़ा है. पूरे दौरे में टीम बिखरी-बिखरी से नजर आई और न्यूजीलैंड ने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए उसे शर्मनाक तरीके से हरा दिया है. दौरे में कीवी टीम ने भारतीय महिला टीम का 5-0 से सूपड़ा साफ कर दिया है.
न्यूजीलैंड ने पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारतीय महिला हॉकी टीम को 6-2 से हराकर पांच मैचों की सीरीज 5-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. भारतीय टीम इन मैचों में बढ़त लेना तो दूर बराबरी करने को ही तरसती रह गई.
पांचवें मैच में शुरुआत से ही कीवी टीम ने अपना दबदबा बना लिया था. ओलिविया मेरी ने पहले क्वार्टर में चौथे मिनट में पहला गोल किया. इसके बाद 15वें मिनट में उसने दूसरा गोल करके टीम को 2-0 से बढ़त दिलाई. टिप्पणियां
दूसरे क्वार्टर में भारत को 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे दीपग्रेस इक्का ने गोल में बदला. हालांकि न्यूजीलैंड के लिए पिप्पा हैवर्ड ने 27वें मिनट में तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया.
भारत को तीसरे क्वार्टर में 33वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान रानी ने गोल में तब्दील किया. इसके बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत कौर उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं. न्यूजीलैंड ने इसके बाद चार मिनट के भीतर तीन गोल किए. ये गोल नताशा एफ (37वां मिनट), सामंथा हैरीसन (38वां) और कर्स्टन पीयर्स (40वां) ने किए. भारत ने आखिरी 15 मिनट में गोल करने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली.
न्यूजीलैंड ने पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारतीय महिला हॉकी टीम को 6-2 से हराकर पांच मैचों की सीरीज 5-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. भारतीय टीम इन मैचों में बढ़त लेना तो दूर बराबरी करने को ही तरसती रह गई.
पांचवें मैच में शुरुआत से ही कीवी टीम ने अपना दबदबा बना लिया था. ओलिविया मेरी ने पहले क्वार्टर में चौथे मिनट में पहला गोल किया. इसके बाद 15वें मिनट में उसने दूसरा गोल करके टीम को 2-0 से बढ़त दिलाई. टिप्पणियां
दूसरे क्वार्टर में भारत को 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे दीपग्रेस इक्का ने गोल में बदला. हालांकि न्यूजीलैंड के लिए पिप्पा हैवर्ड ने 27वें मिनट में तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया.
भारत को तीसरे क्वार्टर में 33वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान रानी ने गोल में तब्दील किया. इसके बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत कौर उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं. न्यूजीलैंड ने इसके बाद चार मिनट के भीतर तीन गोल किए. ये गोल नताशा एफ (37वां मिनट), सामंथा हैरीसन (38वां) और कर्स्टन पीयर्स (40वां) ने किए. भारत ने आखिरी 15 मिनट में गोल करने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली.
पांचवें मैच में शुरुआत से ही कीवी टीम ने अपना दबदबा बना लिया था. ओलिविया मेरी ने पहले क्वार्टर में चौथे मिनट में पहला गोल किया. इसके बाद 15वें मिनट में उसने दूसरा गोल करके टीम को 2-0 से बढ़त दिलाई. टिप्पणियां
दूसरे क्वार्टर में भारत को 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे दीपग्रेस इक्का ने गोल में बदला. हालांकि न्यूजीलैंड के लिए पिप्पा हैवर्ड ने 27वें मिनट में तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया.
भारत को तीसरे क्वार्टर में 33वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान रानी ने गोल में तब्दील किया. इसके बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत कौर उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं. न्यूजीलैंड ने इसके बाद चार मिनट के भीतर तीन गोल किए. ये गोल नताशा एफ (37वां मिनट), सामंथा हैरीसन (38वां) और कर्स्टन पीयर्स (40वां) ने किए. भारत ने आखिरी 15 मिनट में गोल करने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली.
दूसरे क्वार्टर में भारत को 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे दीपग्रेस इक्का ने गोल में बदला. हालांकि न्यूजीलैंड के लिए पिप्पा हैवर्ड ने 27वें मिनट में तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया.
भारत को तीसरे क्वार्टर में 33वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान रानी ने गोल में तब्दील किया. इसके बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत कौर उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं. न्यूजीलैंड ने इसके बाद चार मिनट के भीतर तीन गोल किए. ये गोल नताशा एफ (37वां मिनट), सामंथा हैरीसन (38वां) और कर्स्टन पीयर्स (40वां) ने किए. भारत ने आखिरी 15 मिनट में गोल करने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली.
भारत को तीसरे क्वार्टर में 33वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान रानी ने गोल में तब्दील किया. इसके बाद भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गुरजीत कौर उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं. न्यूजीलैंड ने इसके बाद चार मिनट के भीतर तीन गोल किए. ये गोल नताशा एफ (37वां मिनट), सामंथा हैरीसन (38वां) और कर्स्टन पीयर्स (40वां) ने किए. भारत ने आखिरी 15 मिनट में गोल करने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पांचवें और अंतिम मैच में भारत के कीवी टीम ने 6-2 से हराया
पांच मैचों की सीरीज में भारतीय महिला टीम 5-0 से हार गई
पूरी सीरीज में भारतीय रक्षापंक्ति बेहद कमजोर नजर आई | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेज गेंदबाज एस श्रीसंत कई बार चोटिल हो चुके हैं और पैर के अंगूठे में चोट के बावजूद वह अपनी रफ्तार से समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा, मैंने इस सत्र में जो तीन रणजी मैच खेले, उसमें 150 से ज्यादा ओवर तक गेंदबाजी की और मैं पूरी तरह फिट हूं। पिछले साल मुझे काफी चोटें थी और पिछला सत्र खराब चला गया था। श्रीसंत को ईरानी कप के लिए आज शेष भारत की टीम में चुना गया।
उन्होंने कहा, लेकिन मैं इनसे (चोटों से) डरा हुआ नहीं हूं और न ही मैं अपनी रफ्तार से समझौता करूंगा। मैं अब भी तेज गेंदबाजी करना चाहता हूं। मैंने अपना रन अपर 36 से 23 गज कर दिया है।
उन्होंने कहा, मैंने इस सत्र में जो तीन रणजी मैच खेले, उसमें 150 से ज्यादा ओवर तक गेंदबाजी की और मैं पूरी तरह फिट हूं। पिछले साल मुझे काफी चोटें थी और पिछला सत्र खराब चला गया था। श्रीसंत को ईरानी कप के लिए आज शेष भारत की टीम में चुना गया।
उन्होंने कहा, लेकिन मैं इनसे (चोटों से) डरा हुआ नहीं हूं और न ही मैं अपनी रफ्तार से समझौता करूंगा। मैं अब भी तेज गेंदबाजी करना चाहता हूं। मैंने अपना रन अपर 36 से 23 गज कर दिया है। | यहाँ एक सारांश है:तेज गेंदबाज एस श्रीसंत कई बार चोटिल हो चुके हैं और पैर के अंगूठे में चोट के बावजूद वह अपनी रफ्तार से समझौता करने को तैयार नहीं हैं। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश होकर अवमानना मामले में अपना पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे राष्ट्रपति जरदारी और दूसरे कई नेताओं को मिली आम माफी के मामले की सुनवाई करते हुए गिलानी को अवमानना नोटिस भेजा था।
गिलानी ने कोर्ट से कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को संविधान के आधार पर आपराधिक मामलों से छूट मिली हुई है इसीलिए उन्होंने स्विस बैंक को चिट्ठी नहीं लिखी। गिलानी ने कहा कि कोर्ट की अवमानना करने की कभी सोच भी नहीं सकते क्योंकि वह कोर्ट का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने गिलानी से सवाल किया कि अगर राष्ट्रपति को छूट हासिल है तो ये बात कोर्ट को बताते खुद ही चिट्ठी न लिखने का फैसला क्यों कर लिया। बाद में कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी। अब एक फरवरी को अगली सुनवाई होगी लेकिन उस दिन कोर्ट ने गिलानी को हाजिर न होने की छूट दे दी है।
गिलानी ने कोर्ट से कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को संविधान के आधार पर आपराधिक मामलों से छूट मिली हुई है इसीलिए उन्होंने स्विस बैंक को चिट्ठी नहीं लिखी। गिलानी ने कहा कि कोर्ट की अवमानना करने की कभी सोच भी नहीं सकते क्योंकि वह कोर्ट का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने गिलानी से सवाल किया कि अगर राष्ट्रपति को छूट हासिल है तो ये बात कोर्ट को बताते खुद ही चिट्ठी न लिखने का फैसला क्यों कर लिया। बाद में कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी। अब एक फरवरी को अगली सुनवाई होगी लेकिन उस दिन कोर्ट ने गिलानी को हाजिर न होने की छूट दे दी है। | सारांश: गिलानी ने कोर्ट से कहा है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को संविधान के आधार पर आपराधिक मामलों से छूट मिली हुई है इसीलिए उन्होंने स्विस बैंक को चिट्ठी नहीं लिखी। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में 13 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने बाद अब अपना ध्यान फ्लैटों के ‘बेनामी’ मालिकों पर केन्द्रित कर लिया है और ऐजेंसी ने दावा किया है कि एक वरिष्ठ नेता का नाम उसमें है।
सूत्रों ने बताया कि मामले में व्यापक जांच की गई है और बेनामी लेनदेन में धन का स्रोत पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के साथ चुनिंदा विवरण साझा किया गया है।
सीबीआई ने पिछले साल 17 फरवरी को बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर बेनामी लेनदेन कानून की धारा तीन को शामिल किया था। एजेंसी ने पाया था कि सोसायटी में कुछ ‘प्रभावशाली’ लोगों के बेनामी फ्लैट हैं।
एजेंसी आदर्श हाउसिंग सोसायटी में 103 फ्लैटों में से 24 से जुड़े ‘बेनामी’ लेन-देन की जांच कर रही है। उसने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण सहित 13 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के बाद मामले की जांच जारी रखने की इजाजत अदालत से मांगी है। | संक्षिप्त पाठ: केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में 13 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने बाद अब अपना ध्यान फ्लैटों के ‘बेनामी’ मालिकों पर केन्द्रित कर लिया है और ऐजेंसी ने दावा किया है कि एक वरिष्ठ नेता का नाम उसमें है। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में गोवा में संपन्न हुए ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान को 'आतंकवाद की जननी' (मदरशिप ऑफ टेरर) करार देने पर अमेरिका ने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा है कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को शांति से सुलझाना चाहिए.
ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की सदस्यता वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी के बाद चीन ने भी सोमवार को अपने पुराने सहयोगी पाकिस्तान का बचाव किया था.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जॉश अर्नेस्ट पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर कहा, "मुझे अभी इस टिप्पणी के बारे में बताया नहीं गया है... वैसे मैं इतना ही कह सकता हूं कि हमने भारत और पाकिस्तान को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया है कि वे विभिन्न मुद्दों पर अपने बीच लंबे समय से मौजूद मतभेदों को शांतिपूर्वक हल करने का रास्ता तलाश करें..."
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर सोमवार को कहा था, "हम भी आतंकवाद को किसी देश, नस्ल या धर्म से जोड़े जाने का विरोध करते हैं..." टिप्पणियां
प्रधानमंत्री की यह गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह टिप्पणी उन्हीं राजनयिक प्रयासों को हिस्सा थी, जो पिछले माह जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए किए जा रहे हैं.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था.
ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की सदस्यता वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी के बाद चीन ने भी सोमवार को अपने पुराने सहयोगी पाकिस्तान का बचाव किया था.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जॉश अर्नेस्ट पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर कहा, "मुझे अभी इस टिप्पणी के बारे में बताया नहीं गया है... वैसे मैं इतना ही कह सकता हूं कि हमने भारत और पाकिस्तान को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया है कि वे विभिन्न मुद्दों पर अपने बीच लंबे समय से मौजूद मतभेदों को शांतिपूर्वक हल करने का रास्ता तलाश करें..."
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर सोमवार को कहा था, "हम भी आतंकवाद को किसी देश, नस्ल या धर्म से जोड़े जाने का विरोध करते हैं..." टिप्पणियां
प्रधानमंत्री की यह गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह टिप्पणी उन्हीं राजनयिक प्रयासों को हिस्सा थी, जो पिछले माह जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए किए जा रहे हैं.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जॉश अर्नेस्ट पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर कहा, "मुझे अभी इस टिप्पणी के बारे में बताया नहीं गया है... वैसे मैं इतना ही कह सकता हूं कि हमने भारत और पाकिस्तान को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया है कि वे विभिन्न मुद्दों पर अपने बीच लंबे समय से मौजूद मतभेदों को शांतिपूर्वक हल करने का रास्ता तलाश करें..."
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर सोमवार को कहा था, "हम भी आतंकवाद को किसी देश, नस्ल या धर्म से जोड़े जाने का विरोध करते हैं..." टिप्पणियां
प्रधानमंत्री की यह गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह टिप्पणी उन्हीं राजनयिक प्रयासों को हिस्सा थी, जो पिछले माह जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए किए जा रहे हैं.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर जवाब मांगे जाने पर सोमवार को कहा था, "हम भी आतंकवाद को किसी देश, नस्ल या धर्म से जोड़े जाने का विरोध करते हैं..." टिप्पणियां
प्रधानमंत्री की यह गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह टिप्पणी उन्हीं राजनयिक प्रयासों को हिस्सा थी, जो पिछले माह जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए किए जा रहे हैं.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था.
प्रधानमंत्री की यह गोवा में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान की गई यह टिप्पणी उन्हीं राजनयिक प्रयासों को हिस्सा थी, जो पिछले माह जम्मू एवं कश्मीर के उरी में स्थित सेना कैम्प पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए किए जा रहे हैं.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था.
इसके दो हफ्ते से भी कम समय बाद भारत ने नियंत्रण रेखा को पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकवादियों के लॉन्च पैडों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. पाकिस्तान ने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया था. | संक्षिप्त पाठ: PM ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पाक को 'मदरशिप ऑफ टेरर' कहा था
अमेरिका ने टिप्पणी से बचते हुए कहा, दोनों को मतभेद शांति से सुलझाने चाहिए
चीन ने भी कहा, आतंकवाद को किसी देश, नस्ल या धर्म से जोड़े जाने के विरोधी | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब को आईपीएल के चौथे सत्र के लिए 8 और 9 जनवरी को बेंगलुरु में होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी में भाग लेने की बंबई हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के साथ ही इस टी-20 क्रिकेट लीग के चौथे सत्र में अब 10 टीमें हिस्सा लेंगी। आईपीएल की संचालन परिषद की बैठक के बाद क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों ने कहा, अदालत ने फैसला दे दिया है। हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। आईपीएल 4 में अब 10 टीमें होंगी, जिनमें कोच्चि और पुणे की नई टीमें शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रारूप वैसा ही होगा, जिसकी घोषणा सितंबर में की गई थी जब बोर्ड ने रॉयल्स और पंजाब के करार रद्द करने का फैसला किया था। दोनों टीमों ने इसे अदालत में चुनौती दी थी। 5 सितंबर को संचालन परिषद द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार आईपीएल-4 में 70 लीग मैच और चार प्लेऑफ मैच होंगे। हर टीम 14 मैच खेलेगी, जिसमें सात अपने मैदान पर और सात बाहर होंगे। टीमों को पांच-पांच के दो समूहों में बांटा जाएगा। | यहाँ एक सारांश है:आईपीएल-4 में 70 लीग मैच और चार प्लेऑफ मैच होंगे। हर टीम 14 मैच खेलेगी, जिसमें सात अपने मैदान पर और सात बाहर होंगे। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) के भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) को निलंबित करने के फैसले से निराश लंदन ओलिंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने आला अधिकारियों से अपील की है कि वे खिलाड़ियों का करियर बचाने के लिए इस समस्या का समाधान ढूंढें।
पांच बार की विश्व मुक्केबाजी चैम्पियन मैरी कॉम ने कहा, अगर आला अधिकारी जल्द से जल्द इसका समाधान निकालेंगे तो हम उनके शुक्रगुजार होंगे। मैं मुश्किल में नहीं पड़ना चाहती। अधिक पदक जीतने के लिए हम तनाव रहित होकर खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैं राजनेता नहीं हूं, मैं खिलाड़ी हूं, लेकिन हम सभी काफी निराश हैं। हम अपना करियर जारी नहीं रख सकते। अगर हम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नहीं खेल सकते तो एक खिलाड़ी होने का क्या फायदा।
पांच बार की विश्व मुक्केबाजी चैम्पियन मैरी कॉम ने कहा, अगर आला अधिकारी जल्द से जल्द इसका समाधान निकालेंगे तो हम उनके शुक्रगुजार होंगे। मैं मुश्किल में नहीं पड़ना चाहती। अधिक पदक जीतने के लिए हम तनाव रहित होकर खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैं राजनेता नहीं हूं, मैं खिलाड़ी हूं, लेकिन हम सभी काफी निराश हैं। हम अपना करियर जारी नहीं रख सकते। अगर हम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नहीं खेल सकते तो एक खिलाड़ी होने का क्या फायदा। | यह एक सारांश है: पांच बार की विश्व मुक्केबाजी चैम्पियन मैरी कॉम ने कहा, अगर आला अधिकारी जल्द से जल्द इसका समाधान निकालेंगे तो हम उनके शुक्रगुजार होंगे। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सामूहिक बलात्कार की शिकार युवती की सिंगापुर में मौत के बाद प्रदर्शनकारियों के उमड़ने की आशंका से दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और रायसीना हिल्स के आसपास के इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया और 10 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए।
राजपथ पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं, क्योंकि यही रास्ता इंडिया गेट को रायसीना हिल्स से जोड़ता है। सप्ताहांत होने के कारण प्रदर्शनकारियों के इंडिया गेट पर जमा होने की आशंका है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने कमाल अतातुर्क मार्ग भी बंद कर दिया है। जनता को सलाह दी गई है कि वे इन मार्गों से होकर न गुजरे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जिन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है, वे या तो इंडिया गेट या फिर रायसीना हिल्स के करीब हैं।
अधिकारी के मुताबिक जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, वे हैं- प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, रेस कोर्स, खान मार्केट और जोरबाग। राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन वहां वे ट्रेनों की अदला-बदली कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करने का निर्णय दिल्ली पुलिस ने किया है। टिप्पणियां
पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर इंडिया गेट पहुंचने से रोकना चाहती है। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसा ही कदम उठाते हुए जोरबाग को छोड़ बाकी नौ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। मेट्रो के अलावा इंडिया गेट पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भी अवरोधक लगा दिए गए हैं और वाहनों की आवाजाही बंद है।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी।
राजपथ पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं, क्योंकि यही रास्ता इंडिया गेट को रायसीना हिल्स से जोड़ता है। सप्ताहांत होने के कारण प्रदर्शनकारियों के इंडिया गेट पर जमा होने की आशंका है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजपथ, विजय चौक और इंडिया गेट की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने कमाल अतातुर्क मार्ग भी बंद कर दिया है। जनता को सलाह दी गई है कि वे इन मार्गों से होकर न गुजरे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जिन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है, वे या तो इंडिया गेट या फिर रायसीना हिल्स के करीब हैं।
अधिकारी के मुताबिक जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, वे हैं- प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, रेस कोर्स, खान मार्केट और जोरबाग। राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन वहां वे ट्रेनों की अदला-बदली कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करने का निर्णय दिल्ली पुलिस ने किया है। टिप्पणियां
पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर इंडिया गेट पहुंचने से रोकना चाहती है। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसा ही कदम उठाते हुए जोरबाग को छोड़ बाकी नौ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। मेट्रो के अलावा इंडिया गेट पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भी अवरोधक लगा दिए गए हैं और वाहनों की आवाजाही बंद है।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी।
दिल्ली पुलिस ने कमाल अतातुर्क मार्ग भी बंद कर दिया है। जनता को सलाह दी गई है कि वे इन मार्गों से होकर न गुजरे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जिन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है, वे या तो इंडिया गेट या फिर रायसीना हिल्स के करीब हैं।
अधिकारी के मुताबिक जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, वे हैं- प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, रेस कोर्स, खान मार्केट और जोरबाग। राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन वहां वे ट्रेनों की अदला-बदली कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करने का निर्णय दिल्ली पुलिस ने किया है। टिप्पणियां
पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर इंडिया गेट पहुंचने से रोकना चाहती है। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसा ही कदम उठाते हुए जोरबाग को छोड़ बाकी नौ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। मेट्रो के अलावा इंडिया गेट पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भी अवरोधक लगा दिए गए हैं और वाहनों की आवाजाही बंद है।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी।
अधिकारी के मुताबिक जिन स्टेशनों को बंद किया गया है, वे हैं- प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, रेस कोर्स, खान मार्केट और जोरबाग। राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन वहां वे ट्रेनों की अदला-बदली कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करने का निर्णय दिल्ली पुलिस ने किया है। टिप्पणियां
पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर इंडिया गेट पहुंचने से रोकना चाहती है। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसा ही कदम उठाते हुए जोरबाग को छोड़ बाकी नौ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। मेट्रो के अलावा इंडिया गेट पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भी अवरोधक लगा दिए गए हैं और वाहनों की आवाजाही बंद है।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी।
पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर इंडिया गेट पहुंचने से रोकना चाहती है। पिछले सप्ताह भी पुलिस ने ऐसा ही कदम उठाते हुए जोरबाग को छोड़ बाकी नौ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे। मेट्रो के अलावा इंडिया गेट पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भी अवरोधक लगा दिए गए हैं और वाहनों की आवाजाही बंद है।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी।
इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पिछले सप्ताह पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जबर्दस्त प्रदर्शन हुआ था। पिछले दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत हो गई थी। | गैंगरेप पीड़ित की सिंगापुर में मौत के बाद प्रदर्शनकारियों के उमड़ने की आशंका से दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और रायसीना हिल्स के आसपास चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया और 10 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान स्थित अलकायदा के एक कथित नेता ने कहा है कि अमेरिकी ड्रोन हमलों के अभियान के चलते आतंकवादी संगठन अपना क्षेत्र और अपने सदस्यों को खो रहा है। आतंकवादियों के प्रचार पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी संगठन ने एक श्रव्य संदेश पकड़ा है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है। उस्ताद अहमद फारूक नाम के इस नेता ने यह बात ऐसे समय कही है जब अमेरिकी मिसाइलों ने अफगानिस्तान से सटी सीमा पर स्थित कबाइली इलाके में अलकायदा और तालिबान के क्षेत्रों को निशाना बनाया है। साथ ही, पाकिस्तान के सैन्य अभियानों में भी बीते तीन वर्ष में काफी इजाफा हुआ है। इसी सप्ताह, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि 11 सितंबर 2011 में अमेरिका में हुए हमले के बाद इस वक्त अलकायदा के नेतृत्व को पाकिस्तान में सबसे अधिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस श्रव्य संदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन फारूक ने अन्य संदेश भी जारी किये हैं। | यहाँ एक सारांश है:आतंकवादियों के प्रचार पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी संगठन ने एक श्रव्य संदेश पकड़ा है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अब मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए नई तरकीब निकालने जा रही है। चुनाव प्रचार में एआर रहमान के 'जय हो' गाने की पैरोडी बनाने के बाद अब कांग्रेस कव्वाली का सहारा लेने जा रही है और चुनाव प्रचार के लिए कव्वाली की 15 मिनट की सीडी ला रही है।टिप्पणियां
इस कव्वाली को गाया है सुखविंदर और मोहम्मद वकील ने, जबकि इसे लिखा है पंडित किरण मिश्रा और खालिद अनवर ने। कव्वाली में उत्तर प्रदेश में दोबारा कांग्रेस के मजबूत शासन को लाने की जनता से गुहार की जा रही है। राहुल गांधी के इर्द-गिर्द घूमती इस कव्वाली में बीजेपी, मायावती और मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधा गया है, साथ ही इस कव्वाली के जरिए मुसलमानों के दर्द पर मरहम लगाने की भी कोशिश की गई है।
कांग्रेस ने इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए ऑस्कर विजेता गीत 'जय हो' का इस्तेमाल किया था। 'स्लमडॉग मिलिनेयर' फिल्म के इस गाने में संगीत था एआर रहमान का। कांग्रेस ने इसे गाने के सभी अधिकार टी सीरीज से खरीदे थे। 2007 में कांग्रेस 'चक दे इंडिया' गाने की तर्ज पर 'चक दे गुजरात' का नारा दिया था, लेकिन वहां कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी।
इस कव्वाली को गाया है सुखविंदर और मोहम्मद वकील ने, जबकि इसे लिखा है पंडित किरण मिश्रा और खालिद अनवर ने। कव्वाली में उत्तर प्रदेश में दोबारा कांग्रेस के मजबूत शासन को लाने की जनता से गुहार की जा रही है। राहुल गांधी के इर्द-गिर्द घूमती इस कव्वाली में बीजेपी, मायावती और मुलायम सिंह यादव पर निशाना साधा गया है, साथ ही इस कव्वाली के जरिए मुसलमानों के दर्द पर मरहम लगाने की भी कोशिश की गई है।
कांग्रेस ने इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए ऑस्कर विजेता गीत 'जय हो' का इस्तेमाल किया था। 'स्लमडॉग मिलिनेयर' फिल्म के इस गाने में संगीत था एआर रहमान का। कांग्रेस ने इसे गाने के सभी अधिकार टी सीरीज से खरीदे थे। 2007 में कांग्रेस 'चक दे इंडिया' गाने की तर्ज पर 'चक दे गुजरात' का नारा दिया था, लेकिन वहां कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी।
कांग्रेस ने इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए ऑस्कर विजेता गीत 'जय हो' का इस्तेमाल किया था। 'स्लमडॉग मिलिनेयर' फिल्म के इस गाने में संगीत था एआर रहमान का। कांग्रेस ने इसे गाने के सभी अधिकार टी सीरीज से खरीदे थे। 2007 में कांग्रेस 'चक दे इंडिया' गाने की तर्ज पर 'चक दे गुजरात' का नारा दिया था, लेकिन वहां कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी। | उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अब मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव प्रचार में कव्वाली की 15 मिनट की सीडी ला रही है। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित होने के बारह घंटों के अंदर ही 12 बच्चों ने अपनी जान दे दी. इस सबके बीच राज्य सरकार ने अव्वल आने वाले कई छात्रों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया, लेकिन इस समारोह की चमक दमक में यह बात नहीं बताई गई कि इस साल के 10वीं और 12वीं के नतीजे पिछले साल की तुलना में ख़राब रहे. मुख्यमंत्री बस यह कहते रहे कि जो बच्चे पास नहीं हुए उनके लिए सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसका नाम है - रुक जाना नहीं.
इसके तहत वे ओपन बोर्ड से परीक्षा देकर पास हो सकते हैं, लेकिन ये नहीं बताया कि पिछले साल 60 हज़ार बच्चों को नतीजे के लिए नवंबर तक इंतज़ार करना पड़ा जिससे उनका पूरा साल ही ख़राब हो गया. मध्यप्रदेश की जो सरकार बीते पांच महीने में 3000 किलोमीटर नर्मदा की परिक्रमा कर आई वह मंत्रालय से डेढ़ किलोमीटर दूर शिक्षा विभाग से वह फाइल नहीं मंगा पाई जिसमें छात्रों के बीच आत्महत्या की प्रवृत्ति रोकने से जुड़ी रिपोर्ट मार्च से धूल खा रही है. टिप्पणियां
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की इस साल ली गई 10वीं एवं 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम कल घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर रिजल्ट से निराश सगे भाई-बहन सहित 12 विद्यार्थियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। इनमें छह छात्राएं हैं. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा परिणामों से निराश होकर प्रदेश भर में कल 12वीं के आठ विद्यार्थियों ने खुदकुशी की, जबकि 10वीं के चार विद्यार्थियों ने अपनी जान दे दीय
पुलिस प्रवक्ता एवं फॉरेन्सिक अधिकारी डॉ जेएस यादव ने बताया कि सतना जिले में सगे भाई-बहन सहित तीन विद्यार्थियों ने परीक्षा में फेल होने पर आत्महत्या कर ली है. यादव ने बताया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के खमरिया पयसियान निवासी रामसुमन पाण्डेय की 18 वर्षीय बेटी रश्मि पाण्डेय ने 12वीं की परीक्षा में और 15 वर्षीय बेटे दीपेन्द्र ने 10वीं परीक्षा में फेल होने पर अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. इसी प्रकार सिंहपुर पुलिस थाना के पुरवा गांव में 12वीं की छात्रा रीना सिंह ने एक विषय में सप्लीमेन्ट्री आने पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
(इनपुट्स भाषा से भी)
इसके तहत वे ओपन बोर्ड से परीक्षा देकर पास हो सकते हैं, लेकिन ये नहीं बताया कि पिछले साल 60 हज़ार बच्चों को नतीजे के लिए नवंबर तक इंतज़ार करना पड़ा जिससे उनका पूरा साल ही ख़राब हो गया. मध्यप्रदेश की जो सरकार बीते पांच महीने में 3000 किलोमीटर नर्मदा की परिक्रमा कर आई वह मंत्रालय से डेढ़ किलोमीटर दूर शिक्षा विभाग से वह फाइल नहीं मंगा पाई जिसमें छात्रों के बीच आत्महत्या की प्रवृत्ति रोकने से जुड़ी रिपोर्ट मार्च से धूल खा रही है. टिप्पणियां
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की इस साल ली गई 10वीं एवं 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम कल घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर रिजल्ट से निराश सगे भाई-बहन सहित 12 विद्यार्थियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। इनमें छह छात्राएं हैं. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा परिणामों से निराश होकर प्रदेश भर में कल 12वीं के आठ विद्यार्थियों ने खुदकुशी की, जबकि 10वीं के चार विद्यार्थियों ने अपनी जान दे दीय
पुलिस प्रवक्ता एवं फॉरेन्सिक अधिकारी डॉ जेएस यादव ने बताया कि सतना जिले में सगे भाई-बहन सहित तीन विद्यार्थियों ने परीक्षा में फेल होने पर आत्महत्या कर ली है. यादव ने बताया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के खमरिया पयसियान निवासी रामसुमन पाण्डेय की 18 वर्षीय बेटी रश्मि पाण्डेय ने 12वीं की परीक्षा में और 15 वर्षीय बेटे दीपेन्द्र ने 10वीं परीक्षा में फेल होने पर अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. इसी प्रकार सिंहपुर पुलिस थाना के पुरवा गांव में 12वीं की छात्रा रीना सिंह ने एक विषय में सप्लीमेन्ट्री आने पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
(इनपुट्स भाषा से भी)
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की इस साल ली गई 10वीं एवं 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम कल घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर रिजल्ट से निराश सगे भाई-बहन सहित 12 विद्यार्थियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कथित रूप से आत्महत्या कर ली है। इनमें छह छात्राएं हैं. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा परिणामों से निराश होकर प्रदेश भर में कल 12वीं के आठ विद्यार्थियों ने खुदकुशी की, जबकि 10वीं के चार विद्यार्थियों ने अपनी जान दे दीय
पुलिस प्रवक्ता एवं फॉरेन्सिक अधिकारी डॉ जेएस यादव ने बताया कि सतना जिले में सगे भाई-बहन सहित तीन विद्यार्थियों ने परीक्षा में फेल होने पर आत्महत्या कर ली है. यादव ने बताया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के खमरिया पयसियान निवासी रामसुमन पाण्डेय की 18 वर्षीय बेटी रश्मि पाण्डेय ने 12वीं की परीक्षा में और 15 वर्षीय बेटे दीपेन्द्र ने 10वीं परीक्षा में फेल होने पर अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. इसी प्रकार सिंहपुर पुलिस थाना के पुरवा गांव में 12वीं की छात्रा रीना सिंह ने एक विषय में सप्लीमेन्ट्री आने पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
(इनपुट्स भाषा से भी)
पुलिस प्रवक्ता एवं फॉरेन्सिक अधिकारी डॉ जेएस यादव ने बताया कि सतना जिले में सगे भाई-बहन सहित तीन विद्यार्थियों ने परीक्षा में फेल होने पर आत्महत्या कर ली है. यादव ने बताया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के खमरिया पयसियान निवासी रामसुमन पाण्डेय की 18 वर्षीय बेटी रश्मि पाण्डेय ने 12वीं की परीक्षा में और 15 वर्षीय बेटे दीपेन्द्र ने 10वीं परीक्षा में फेल होने पर अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. इसी प्रकार सिंहपुर पुलिस थाना के पुरवा गांव में 12वीं की छात्रा रीना सिंह ने एक विषय में सप्लीमेन्ट्री आने पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
(इनपुट्स भाषा से भी) | संक्षिप्त सारांश: 12 घंटे में 12 ख़ुदकुशी हुई
सरकार की स्कीम- रुक जाना नहीं
स्कीम में भी रहीं कई खामियां | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपये के खनन घेटाले के सिलसिले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और अन्य 13 लोगों के खिलाफ मंगलवार को आरोपपत्र दाखिल किया। ये घोटाला 2008 से 2011 के दौरान हुआ था।टिप्पणियां
सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश की अदालत में येदियुरप्पा, उनके बेटे बीवाई राघवेंद्र, बीवाई विजयेंद्र, दामाद आरएन सोहन कुमार, उनके शिमोगा स्थित प्रेरणा एजुकेशन ट्रस्ट, पूर्वमंत्री कृष्णया शेट्टी तथा बेल्लारी स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील्स लिमिटेड सहित छह खनन कम्पनियोंके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। राघवेंद्र, येदियुरप्पा के गृहनगर शिमोगा से लोकसभा के सदस्य हैं।
सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 11 मई को येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून, 1988 और कर्नाटक भूमि हस्तांतरण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।
सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश की अदालत में येदियुरप्पा, उनके बेटे बीवाई राघवेंद्र, बीवाई विजयेंद्र, दामाद आरएन सोहन कुमार, उनके शिमोगा स्थित प्रेरणा एजुकेशन ट्रस्ट, पूर्वमंत्री कृष्णया शेट्टी तथा बेल्लारी स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील्स लिमिटेड सहित छह खनन कम्पनियोंके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। राघवेंद्र, येदियुरप्पा के गृहनगर शिमोगा से लोकसभा के सदस्य हैं।
सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 11 मई को येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून, 1988 और कर्नाटक भूमि हस्तांतरण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।
सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 11 मई को येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून, 1988 और कर्नाटक भूमि हस्तांतरण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। | संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों रुपये के खनन घेटाले के सिलसिले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और अन्य 13 लोगों के खिलाफ मंगलवार को आरोपपत्र दाखिल किया। ये घोटाला 2008 से 2011 के दौरान हुआ था। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेलंगाना के रहने वाले 26 साल के युवक की अमेरिका के केलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. ममिडाला वामशी चंदर रेड्डी नाम के इस युवक के पिता के मुताबिक उन्हें बताया गया है कि गोली मारने वाला शख्स कार चुराने वाला था और यह हादसा शनिवार की सुबह तब हुआ जब वामशी केलिफोर्निया के मिलपिटास की एक स्थानीय स्टोर पर अपनी पार्ट टाइम शिफ्ट करके वापस लौट रहा था.
वामशी के पिता संजीव रेड्डी को भारत में फोन पर इस हादसे की जानकारी मिली. वह बताते हैं 'वामशी के दोस्तों ने मुझे फोन करके बताया कि मेरा बेटा गायब है और बाद में उन्होंने बताया कि वामसी की मौत हो गई है.'
वामशी 2013 में केलिफोर्निया गया था जहां उसने सिलिकॉन वैली यूनिवर्सिटी से अपनी एमएस की पढ़ाई पूरी की थी. वह सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरी ढूंढ रहा था और इस बीच पैसों के लिए उसने एक स्टोर में पार्ट टाइम नौकरी शुरू कर दी थी. रेड्डी ने बताया कि 'उसके दोस्तों का कहना है कि एक कार चोर ने वामशी पर तब गोली चलाई जब वह एक औरत की कार को पार्किंग गैरेज से चुराकर भाग रहा था.' रेड्डी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से कुछ दिन पहले ही बात की थी.टिप्पणियां
अपने आंसुओं पर जैसे तैसे काबू करते हुए रेड्डी ने कहा 'उसे वहां पर नौकरी मिलने को लेकर चिंता थी. मैंने उससे कहा था कि यहीं आ जाओ और यहीं पर नौकरी करो. उसने कहा था कि वह जल्दी वापस आएगा लेकिन हमने नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा.'
रेड्डी ने तेलंगाना और केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वामशी के शव को जल्द से जल्द भारत लेकर आएं. स्थानीय विधायक अरूरी रमेश ने वामशी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वामशी के शव को जल्द से जल्द यहां लाने की कोशिश की जाएगी.
वामशी के पिता संजीव रेड्डी को भारत में फोन पर इस हादसे की जानकारी मिली. वह बताते हैं 'वामशी के दोस्तों ने मुझे फोन करके बताया कि मेरा बेटा गायब है और बाद में उन्होंने बताया कि वामसी की मौत हो गई है.'
वामशी 2013 में केलिफोर्निया गया था जहां उसने सिलिकॉन वैली यूनिवर्सिटी से अपनी एमएस की पढ़ाई पूरी की थी. वह सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरी ढूंढ रहा था और इस बीच पैसों के लिए उसने एक स्टोर में पार्ट टाइम नौकरी शुरू कर दी थी. रेड्डी ने बताया कि 'उसके दोस्तों का कहना है कि एक कार चोर ने वामशी पर तब गोली चलाई जब वह एक औरत की कार को पार्किंग गैरेज से चुराकर भाग रहा था.' रेड्डी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से कुछ दिन पहले ही बात की थी.टिप्पणियां
अपने आंसुओं पर जैसे तैसे काबू करते हुए रेड्डी ने कहा 'उसे वहां पर नौकरी मिलने को लेकर चिंता थी. मैंने उससे कहा था कि यहीं आ जाओ और यहीं पर नौकरी करो. उसने कहा था कि वह जल्दी वापस आएगा लेकिन हमने नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा.'
रेड्डी ने तेलंगाना और केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वामशी के शव को जल्द से जल्द भारत लेकर आएं. स्थानीय विधायक अरूरी रमेश ने वामशी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वामशी के शव को जल्द से जल्द यहां लाने की कोशिश की जाएगी.
वामशी 2013 में केलिफोर्निया गया था जहां उसने सिलिकॉन वैली यूनिवर्सिटी से अपनी एमएस की पढ़ाई पूरी की थी. वह सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरी ढूंढ रहा था और इस बीच पैसों के लिए उसने एक स्टोर में पार्ट टाइम नौकरी शुरू कर दी थी. रेड्डी ने बताया कि 'उसके दोस्तों का कहना है कि एक कार चोर ने वामशी पर तब गोली चलाई जब वह एक औरत की कार को पार्किंग गैरेज से चुराकर भाग रहा था.' रेड्डी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से कुछ दिन पहले ही बात की थी.टिप्पणियां
अपने आंसुओं पर जैसे तैसे काबू करते हुए रेड्डी ने कहा 'उसे वहां पर नौकरी मिलने को लेकर चिंता थी. मैंने उससे कहा था कि यहीं आ जाओ और यहीं पर नौकरी करो. उसने कहा था कि वह जल्दी वापस आएगा लेकिन हमने नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा.'
रेड्डी ने तेलंगाना और केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वामशी के शव को जल्द से जल्द भारत लेकर आएं. स्थानीय विधायक अरूरी रमेश ने वामशी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वामशी के शव को जल्द से जल्द यहां लाने की कोशिश की जाएगी.
अपने आंसुओं पर जैसे तैसे काबू करते हुए रेड्डी ने कहा 'उसे वहां पर नौकरी मिलने को लेकर चिंता थी. मैंने उससे कहा था कि यहीं आ जाओ और यहीं पर नौकरी करो. उसने कहा था कि वह जल्दी वापस आएगा लेकिन हमने नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ हो जाएगा.'
रेड्डी ने तेलंगाना और केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वामशी के शव को जल्द से जल्द भारत लेकर आएं. स्थानीय विधायक अरूरी रमेश ने वामशी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वामशी के शव को जल्द से जल्द यहां लाने की कोशिश की जाएगी.
रेड्डी ने तेलंगाना और केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वामशी के शव को जल्द से जल्द भारत लेकर आएं. स्थानीय विधायक अरूरी रमेश ने वामशी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वामशी के शव को जल्द से जल्द यहां लाने की कोशिश की जाएगी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वामशी तेलंगाना के रहने वाले थे और केलिफोर्निया में काम करते थे
वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई
बताया जा रहा है कि एक कार चोर ने वामशी पर गोली चलाई | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े दलित नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर राज्यपाल तक कई लोगों ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है और कहा है कि यह यूपी के 22 करोड़ जनता और विशेष तौर से दलित समुदाय के लिए गौरव की बात है.
भाजपा नेताओं के मुताबिक, एक समय हालांकि ऐसा था, जब पार्टी कोविंद को बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ एक दलित चेहरे के तौर पर पेश करना चाहती थी.
कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले रामनाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई. कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की. कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और इसके बाद डीएवी लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई की. कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की शुरुआत की. फिर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की.
कोविंद को 8 अगस्त, 2015 को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब नीतीश कुमार ने विरोध किया था. उनका कहना था यह नियुक्ति उनसे सलाह लिए बगैर की गई.
कोविंद उत्तर प्रदेश से पहली बार 1994 में राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया.
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा नेताओं के मुताबिक, एक समय हालांकि ऐसा था, जब पार्टी कोविंद को बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ एक दलित चेहरे के तौर पर पेश करना चाहती थी.
कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले रामनाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई. कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की. कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और इसके बाद डीएवी लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई की. कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की शुरुआत की. फिर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की.
कोविंद को 8 अगस्त, 2015 को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब नीतीश कुमार ने विरोध किया था. उनका कहना था यह नियुक्ति उनसे सलाह लिए बगैर की गई.
कोविंद उत्तर प्रदेश से पहली बार 1994 में राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया.
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले रामनाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई. कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की. कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और इसके बाद डीएवी लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई की. कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की शुरुआत की. फिर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की.
कोविंद को 8 अगस्त, 2015 को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब नीतीश कुमार ने विरोध किया था. उनका कहना था यह नियुक्ति उनसे सलाह लिए बगैर की गई.
कोविंद उत्तर प्रदेश से पहली बार 1994 में राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया.
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोविंद को 8 अगस्त, 2015 को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब नीतीश कुमार ने विरोध किया था. उनका कहना था यह नियुक्ति उनसे सलाह लिए बगैर की गई.
कोविंद उत्तर प्रदेश से पहली बार 1994 में राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया.
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोविंद उत्तर प्रदेश से पहली बार 1994 में राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया.
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोविंद आदिवासी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, कानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
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भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, "उन्हें प्रदेश इकाई में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है. कोविंद ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता का पद भी संभाला. दलित छवि के चलते एक समय भाजपा उन्हें उप्र में मायावती के खिलाफ भी प्रोजेक्ट करने की सोच रही थी, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ."
उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
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उन्होंने बताया कि घाटमपुर से चुनाव लड़ने के बाद कोविंद लगातार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहे. क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें राजग की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है.टिप्पणियां
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उप्र के 22 करोड़ लोगों का सौभाग्य है कि उप्र के एक गरीब और दलित परिवार से जुड़े व्यक्ति को देश के सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है. सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करें."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:NDA ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है
कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत शुरु की और SC में लंबी प्रैक्टिस
1994 में राज्यसभा सांसद बने और 12 साल तक सांसद रहे | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: खेल मंत्री अजय माकन ने सोमवार को कहा कि अगर सुरेश कलमाड़ी को सीबीआई गिरफ्तार करती है तो वह भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) को नया अध्यक्ष चुनने के लिए कहेंगे। उन्होंने साथ ही धमकी दी कि अगर आईओए कार्रवाई करने में विफल रहता है तो मंत्रालय हस्तक्षेप करेगा। वर्ष 2009 में लंदन में हुई क्वीन्स बेटन रिले और पिछले साल हुए राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितताओं के संबंध में कलमाड़ी को सोमवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। माकन ने कहा, यहां खेल मंत्रालय में हमने फैसला किया है कि जैसे ही सीबीआई सुरेश कलमाड़ी को गिरफ्तार करने की आधिकारिक घोषणा करेगी, हम आईओए को पत्र लिखेंगे कि उन्हें नया अध्यक्ष चुनना चाहिए। उन्होंने कहा, यह राष्ट्रीयहित में नहीं है कि ऐसा व्यक्ति जो जेल में है या जिसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ है वह देश का प्रतिनिधित्व करे। जैसे ही उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होगी, हम आईओए से किसी और को चुनने का आग्रह करने वाले हैं। खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि उनका मंत्रालय इस संबंध में एटार्नी जनरल की सलाह भी लेगा। माकन ने कहा, हम एटार्नी जनरल को भी पत्र लिखकर उनकी कानूनी सलाह लेंगे। आईओए अगर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहता है तो सरकार भी स्वयं कार्रवाई कर सकती है। खेल मंत्री ने कहा, हम पहले पत्र लिखकर आईओए को उन्हें हटाने और अध्यक्ष चुनने के लिए कहेंगे। साथ ही हम एटार्नी जनरल को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर हमें सलाह देने के लिए कहेंगे। जांच एजेंसी ने क्वीन्स बेटन रिले के आयोजन में अनियमितता और स्विट्जरलैंड की टाइम कीपिंग कंपनी को अनुबंध देने के मामले में सोमवार की सुबह कलमाड़ी से पूछताछ की। कलमाड़ी के करीबी आयोजन सिमिति के पूर्व महासचिव ललित भनोट, पूर्व महानिदेशक वीके वर्मा को पहले ही फरवरी में गिरफ्तार किया जा चुका है। माकन ने कहा, पिछले हफ्ते हमें कैबिनेट सचिवालय से औपचारिक तौर पर शुंगलू समिति की रिपोर्ट मिली और इसके आधार पर हमने शुंगलू समिति द्वारा दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए यह मामला दोबारा सीबीआई के पास भेजा। उम्मीद करता हूं कि सीबीआई सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। माकन ने साथ ही कहा कि खेल मंत्री बनने के बाद कभी औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर उनकी कलमाड़ी के साथ कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कहा, मेरी कभी उनसे बात नहीं हुई। (अजय माकन ने यह बयान सुरेश कलमाडी की गिरफ्तारी घोषित किए जाने से पूर्व दिया था।) | यह एक सारांश है: उन्होंने साथ ही धमकी दी कि अगर आईओए कार्रवाई करने में विफल रहता है तो मंत्रालय हस्तक्षेप करेगा। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बांग्लादेश में एक चार वर्षीय बच्चा एक अजीबोगरीब बीमारी से पीड़ित है, जिसकी वजह से वह बचपन में ही एक बूढ़े व्यक्ति की तरह दिखाई देता है. उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.टिप्पणियां
ढाका के एक शीर्ष अस्पताल के चिकित्सक एक गरीब कृषक परिवार से आने वाले बायेजीद सिकदर की स्थिति देखने के बाद उसके रोग की पहचान करने और उसका उपचार नि:शुल्क करने के लिए राजी हो गए हैं. बायेजीद इस रहस्यमयी बीमारी के अलावा दिल की बीमारी, देखने और सुनने संबंधित परेशानी का भी सामना कर रहे हैं.
उसके पिता, लाब्लू सिकदर ने बताया कि कई चिकित्सक उसकी बीमारी को समझ पाने में असफल रहे हैं. सिकदर ने इस हफ्ते ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कहा, 'हमने स्थानीय अस्पतालों में उसका उपचार कराने के लिए अपनी जमीन बेच दी. हम उसे धार्मिक और हर्बल चिकित्सकों के पास लेकर गए. लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. यह अस्पताल हमारी आखिरी उम्मीद है.' उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि यहां के चिकित्सक उसे एक सामान्य बच्चे जैसा बना देंगे.'
ढाका के एक शीर्ष अस्पताल के चिकित्सक एक गरीब कृषक परिवार से आने वाले बायेजीद सिकदर की स्थिति देखने के बाद उसके रोग की पहचान करने और उसका उपचार नि:शुल्क करने के लिए राजी हो गए हैं. बायेजीद इस रहस्यमयी बीमारी के अलावा दिल की बीमारी, देखने और सुनने संबंधित परेशानी का भी सामना कर रहे हैं.
उसके पिता, लाब्लू सिकदर ने बताया कि कई चिकित्सक उसकी बीमारी को समझ पाने में असफल रहे हैं. सिकदर ने इस हफ्ते ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कहा, 'हमने स्थानीय अस्पतालों में उसका उपचार कराने के लिए अपनी जमीन बेच दी. हम उसे धार्मिक और हर्बल चिकित्सकों के पास लेकर गए. लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. यह अस्पताल हमारी आखिरी उम्मीद है.' उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि यहां के चिकित्सक उसे एक सामान्य बच्चे जैसा बना देंगे.'
उसके पिता, लाब्लू सिकदर ने बताया कि कई चिकित्सक उसकी बीमारी को समझ पाने में असफल रहे हैं. सिकदर ने इस हफ्ते ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कहा, 'हमने स्थानीय अस्पतालों में उसका उपचार कराने के लिए अपनी जमीन बेच दी. हम उसे धार्मिक और हर्बल चिकित्सकों के पास लेकर गए. लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. यह अस्पताल हमारी आखिरी उम्मीद है.' उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि यहां के चिकित्सक उसे एक सामान्य बच्चे जैसा बना देंगे.' | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलिया की इस महिला को हंसने से मनाही
हंसने से इस महिला की टूट जाती है गर्दन
छींकने से भी इस महिला की टूट जाती है हड्डियां | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन में एक विवाह समारोह में विषाक्त भोजन लेने से कम से कम 56 लोग बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सभी लोगे डायरिया से पीड़ित बताए गए हैं। शादी के एक दिन बाद जिंगनिंग काउंटी में उत्तर पश्चिम गांसू प्रांत में यह समारोह आयोजित किया गया था।टिप्पणियां
एक अधिकारी के मुताबिक, उपचार के बाद 15 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 41 लोगों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह समारोह होटल में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच के बाद होटल की गतिविधियां रोक दी गई हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सभी लोगे डायरिया से पीड़ित बताए गए हैं। शादी के एक दिन बाद जिंगनिंग काउंटी में उत्तर पश्चिम गांसू प्रांत में यह समारोह आयोजित किया गया था।टिप्पणियां
एक अधिकारी के मुताबिक, उपचार के बाद 15 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 41 लोगों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह समारोह होटल में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच के बाद होटल की गतिविधियां रोक दी गई हैं।
एक अधिकारी के मुताबिक, उपचार के बाद 15 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 41 लोगों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह समारोह होटल में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच के बाद होटल की गतिविधियां रोक दी गई हैं।
यह समारोह होटल में आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच के बाद होटल की गतिविधियां रोक दी गई हैं। | संक्षिप्त सारांश: चीन में एक विवाह समारोह में विषाक्त भोजन लेने से कम से कम 56 लोग बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जापान के फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में पिछले चार दिन में हुए तीन धमाकों ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। इससे वहां रेडिएशन का ख़तरा और बढ़ गया है। इन तीन धमाकों के अलावा प्लांट के चौथे रिएक्टर में लगी आग पर कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया।अधिकारियों का कहना है कि इस संयंत्र से महज 250 किलोमीटर दूर पर स्थित राजधानी टोक्यो भी विकिरण की चपेट में है। वैसे विकिरण का यह स्तर वहां नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं है।पहला धमाका शनिवार को रिएक्टर−1 में हुआ। दूसरा धमाका सोमवार को रिएक्टर−3 में जबकि मंगलवार को रिएक्टर−2 में धमाका हुआ है। इस धमाके से रिएक्टर−2 के सप्रैशन पूल को नुकसान पहुंचा है। ये कंटेनर का सबसे निचला हिस्सा है जहां पानी भरा होता है। ये ब्लास्ट किस वजह से हुआ है, यह अभी साफ नहीं है। फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट से मामूली रेडियोएक्टिव रिसाव के भी संकेत मिले हैं। इन धमाकों को देखते हुए जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने रेडिएशन की आशंका जताई है। साथ ही उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और न्यूक्लियर प्लांट के 20 किलोमीटर के दायरे से दूर रहने को कहा है। जापान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से विशेषज्ञों की मदद मुहैया कराने को कहा है। पहली बार फुकुशीमा न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में काम कर रहे कुछ लोगों को रेडिएशन के खतरे को देखते हुए यहां से चले जाने को कहा गया है। रिएक्टर-4 से आग निकलते हुए देखी गई है और इन रिएक्टरों से रेडिएशन निकल रहे हैं। रेडिएशन का लेवल भी काफी ज्यादा है और अभी भी रेडियोएक्टिव पदार्थों का खतरा बहुत ज्यादा है। फ़ुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में बीते चीन दिन में तीन धमाकों से लोग रेडिएशन के खतरे को लेकर लोग बेहद डरे हुए हैं। वे जल्द से जल्द फ़ुकुशिमा से निकल जाना चाहते हैं। यहां एयरपोर्ट पर लोगों की लंबी कतारें दिखाई दीं। तीन दिन में दूसरा हाइड्रोजन ब्लास्ट होने से लोगों में दहशत है। रेडिएशन के खतरे को देखते हुए न्यूक्लियर प्लांट के 20 किलोमीटर क्षेत्र से लाखों लोगों को हटाया गया है। इन लोगों को अस्थायी शिविरों में भेजा गया है जहां इन्हें खाने-पीने को लेकर काफ़ी दिक्कतें आ रही हैं। जापान के शहर सेंदाई में राहत और बचाव का काम जोरों पर है। सुनामी से तबाह हुए घरों और कारों में से लोगों के शवों को निकालने का काम जारी है। जापान के मियागी इलाके में दो तटों पर सोमवार को लगभग दो हज़ार शव पाए गए थे। दुनियाभर के देश इस भीषण त्रासदी में जापान की मदद देने के लिए आगे आए हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जापान के फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में पिछले चार दिन में हुए तीन धमाकों ने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। इससे वहां रेडिएशन का ख़तरा बढ़ गया है। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा लद्दाख के चुमार सेक्टर में की गई ताजा घुसपैठ का वस्तुत: बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि उसके सैनिक नियंत्रण रेखा के अपनी ओर गश्त कर रहे थे। चीन ने साथ ही जोर देकर कहा कि अंतिम समाधान होने तक ‘यथास्थिति’ में बदलाव नहीं होना चाहिए।
रक्षामंत्री एके एंटनी की गत सप्ताह चीन यात्रा से पहले हुई इस घटना के बारे में पूछे जाने पर चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘मैंने संबंधित खबरें देखी हैं लेकिन मुझे विशिष्ट स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन के सैनिक चीन-भारत सीमा के वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपनी ओर गश्त कर रहे हैं।’
उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से जोर देकर कहा कि किसी भी पक्ष को कोई भी ढांचागत विकास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सीमा क्षेत्रों में आम तौर पर स्थिति स्थिर है। हमारी इस बात पर सहमति है कि सीमा मामले का अंतिम समाधान होने तक हममें से किसी को भी (भारत या चीन में से किसी को भी) यथास्थिति में बदलाव नहीं करना चाहिए।’’
हुआ ने कहा, ‘‘चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए भारतीय पक्ष के साथ संयुक्त प्रयास करेगा।’’ घुसपैठ की घटना गत 17 जून को हुई थी जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक लद्दाख के चुमार सेक्टर में घुस आए और कुछ बंकरों को नष्ट करने के साथ ही भारतीय चीमा चौकी पर लगे कैमरों की तारें भी काट दीं।
हटाये गये कैमरे कथित रूप से एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को लौटा दिए गए। वर्ष 2006 के बाद से ऐसा पहली हुआ जब भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन की यात्रा की।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
रक्षामंत्री एके एंटनी की गत सप्ताह चीन यात्रा से पहले हुई इस घटना के बारे में पूछे जाने पर चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘मैंने संबंधित खबरें देखी हैं लेकिन मुझे विशिष्ट स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन के सैनिक चीन-भारत सीमा के वास्तविक नियंत्रण रेखा के अपनी ओर गश्त कर रहे हैं।’
उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से जोर देकर कहा कि किसी भी पक्ष को कोई भी ढांचागत विकास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सीमा क्षेत्रों में आम तौर पर स्थिति स्थिर है। हमारी इस बात पर सहमति है कि सीमा मामले का अंतिम समाधान होने तक हममें से किसी को भी (भारत या चीन में से किसी को भी) यथास्थिति में बदलाव नहीं करना चाहिए।’’
हुआ ने कहा, ‘‘चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए भारतीय पक्ष के साथ संयुक्त प्रयास करेगा।’’ घुसपैठ की घटना गत 17 जून को हुई थी जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक लद्दाख के चुमार सेक्टर में घुस आए और कुछ बंकरों को नष्ट करने के साथ ही भारतीय चीमा चौकी पर लगे कैमरों की तारें भी काट दीं।
हटाये गये कैमरे कथित रूप से एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को लौटा दिए गए। वर्ष 2006 के बाद से ऐसा पहली हुआ जब भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन की यात्रा की।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से जोर देकर कहा कि किसी भी पक्ष को कोई भी ढांचागत विकास नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सीमा क्षेत्रों में आम तौर पर स्थिति स्थिर है। हमारी इस बात पर सहमति है कि सीमा मामले का अंतिम समाधान होने तक हममें से किसी को भी (भारत या चीन में से किसी को भी) यथास्थिति में बदलाव नहीं करना चाहिए।’’
हुआ ने कहा, ‘‘चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए भारतीय पक्ष के साथ संयुक्त प्रयास करेगा।’’ घुसपैठ की घटना गत 17 जून को हुई थी जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक लद्दाख के चुमार सेक्टर में घुस आए और कुछ बंकरों को नष्ट करने के साथ ही भारतीय चीमा चौकी पर लगे कैमरों की तारें भी काट दीं।
हटाये गये कैमरे कथित रूप से एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को लौटा दिए गए। वर्ष 2006 के बाद से ऐसा पहली हुआ जब भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन की यात्रा की।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
हुआ ने कहा, ‘‘चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए भारतीय पक्ष के साथ संयुक्त प्रयास करेगा।’’ घुसपैठ की घटना गत 17 जून को हुई थी जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक लद्दाख के चुमार सेक्टर में घुस आए और कुछ बंकरों को नष्ट करने के साथ ही भारतीय चीमा चौकी पर लगे कैमरों की तारें भी काट दीं।
हटाये गये कैमरे कथित रूप से एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को लौटा दिए गए। वर्ष 2006 के बाद से ऐसा पहली हुआ जब भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन की यात्रा की।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
हटाये गये कैमरे कथित रूप से एंटनी की चीन यात्रा से एक दिन पहले 3 जुलाई को लौटा दिए गए। वर्ष 2006 के बाद से ऐसा पहली हुआ जब भारतीय रक्षा मंत्री ने चीन की यात्रा की।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
एंटनी ने 5 और 6 जुलाई को चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, चीन के रक्षामंत्री जनरल चेंग वानक्वान और भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि यांग जेइची से मुलाकात की।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
उससे पहले यांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने 28 जून और 29 जून को 16वें दौर की सीमा वार्ता की। इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने सकारात्मक प्रगति की बात की।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
एंटनी ने कहा कि उन्होंने मुक्त और स्पष्ट चर्चा की जिसमें सीमा मुद्दे के लगभग सभी पहलु शामिल थे। इसमें देपसांग घाटी में गत 15 अप्रैल को हुई घुसपैठ की वह घटना भी शामिल थी जब चीनी सैनिकों ने वहां तंबू गाड़ लिये थे।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
इस मामले का समाधान 20 दिन के बाद हुआ और इस दौरान यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर कूटनीतिक मसला बन चुका था। दोनों पक्षों ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच विभिन्न स्तरों पर आदान प्रदान बढ़ाने के लिए एंटनी की यात्रा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
एंटनी ने सीमा विवाद के प्रबंधन पर सहमति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं परिणाम को लेकर प्रसन्न हूं क्योंकि हमारे बीच आम सहमति है, सैन्य नेतृत्व के बीच सहमति है कि हम जब तक सीमा विवाद का हल नहीं निकाल लेते हमें शांति, स्थिरता और सौहार्द बनाये रखना चाहिए।’’
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
दोनों पक्षों ने उम्मीद जतायी कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) जिस पर वर्तमान समय में चर्चा हो रही है ऐसी घटनाओं से निपटने के काम में आएगा।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
एंटनी ने कहा, ‘बीडीसीए पर वास्तव में प्रगति हुई है’ तथा उम्मीद है कि इसे ‘उचित समय’ में अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा।टिप्पणियां
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
बीडीसीए का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था बनाना है जो कि संवाद के लिए मशविरा प्रदान करेगा ताकि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन में सुधार कर सकें।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है।
भारत इस बात पर जोर देता है कि विवाद सीमा के चार हजार किलोमीटर दायरे में है जबकि चीन का कहना है कि यह दो हजार किलोमीटर तक ही सीमित है। | संक्षिप्त सारांश: चीन ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा लद्दाख के चुमार सेक्टर में की गई ताजा घुसपैठ का वस्तुत: बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि उसके सैनिक नियंत्रण रेखा के अपनी ओर गश्त कर रहे थे। चीन ने साथ ही जोर देकर कहा कि अंतिम समाधान होने तक ‘यथास्थिति’ में बदलाव | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अन्ना हजारे ने शुक्रवार, 26 अगस्त, 2011 को प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को जो खत लिखा है, वह इस प्रकार है... आदरणीय डॉ. मनमोहन सिंह जी, मैं आपका और संसद का बहुत आभार मानता हूं कि आप सबने हमारे आंदोलन का सम्मान किया। हमारे मन में हमारी संसद के प्रति अपार सम्मान है। हमारी संसद हमारे जनतंत्र का पवित्र मंदिर है। मैं अनशन पर अपने किसी स्वार्थ के लिए नहीं बैठा। जिस तरह आप लोग देश की भलाई के लिए काम कर रहे हैं, मैं भी देश के लोगों के बारे में ही सोचता हूं। मेरे पास किसी प्रकार की कोई सत्ता नहीं है। मैं बस एक सामान्य आदमी हूं और समाज व गरीब जनता के लिए कुछ करने की भावना रखता हूं। हमारा यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं है। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। भ्रष्ट व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। यदि हमारे आंदोलन के दौरान मेरे अथवा मेरे साथियों के द्वारा कुछ ऐसे शब्द कहे गए हों, जिससे आपको अथवा किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंची हो तो मैं सबकी तरफ से दिलगीर व्यक्त करता हूं। किसी को भी आहत करना हमारा मकसद नहीं है। भ्रष्टाचार की वजह से देश में आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। दुनियाभर में हमारे देश की बदनामी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पर रोक लगेगी। इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। नियम, कायदे, कानून जनता के लिए हैं, जनता के ऊपर नहीं हैं। यदि भ्रष्टाचार को तुरंत रोकने के लिए हमें तुरंत कुछ नए कायदे बनाने पड़े या कुछ कानून बदलने भी पड़ें तो हमें हिचकना नहीं चाहिए। एक आम आदमी जब भ्रष्टाचार की वजह से पिसता है तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। आम आदमी को पीस रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए जनलोकपाल बिल में तीन प्रावधान हैं - - हर राज्य में इसी कानून के ज़रिए लोकायुक्त भी बनाए जाएं। - हर विभाग जन समस्याओं के लिए नागरिक संहिता बनाए, जिसे न मानने पर संबद्ध अधिकारी को दंड मिले। - ऊपर से नीचे तक केन्द्र सरकार के सभी कर्मचारी लोकपाल के दायरे में लाए जाएं और इसी तरह राज्य सरकार के कर्मचारी लोकपाल के दायरे में हों। क्या इन तीनों बातों का प्रस्ताव संसद में लाया जा सकता है? मुझे उम्मीद ही नहीं, यकीन है कि हमारे सभी सांसद देश की जनता को रोज-रोज के भ्रष्टाचार की जिल्लत से निजात दिलाने के लिए, शुरू में, इन तीनों बातों पर सहमत हो जाएंगे। मेरी अंतरात्मा कहती है कि इन बातों पर संसद में सहमति होने पर मैं अपना अनशन तोड़ दूं। जनलोकपाल की बाकी बातें, जैसे चयन प्रक्रिया इत्यादि, भी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मैं मेरी जनता के साथ तब तक रामलीला मैदान में बैठा रहूंगा, जब तक बाकी मुद्दों पर संसद में निर्णय नहीं हो जाता, क्योंकि यह जनता की आवाज है। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश भर में चल रहे इस आंदोलन में भाग लेने के लिए मैं आपका और सभी सांसदों का आवाह्न करता हूं। यह सभी का देश है और हम सभी को मिलकर इसे सुधारना होगा। भवदीय कि. बा. तथा अण्णा हज़ारे | अन्ना हजारे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखकर उनके आंदोलन को सम्मान देने के लिए संसद का आभार व्यक्त किया है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर में आज ईद उल फितर की रौनक है। शनिवार देर शाम आसमान में चांद के नजर आते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इस मौके पर दिल्ली की जामा मस्जिद में हजारों की तादाद में लोगों ने नमाज अदा की। नए कपड़ों में सजे-धजे लोगों ने नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। यहां हर उम्र और हर तबके के लोग शामिल हुए।
आज ईद के मौके पर बेंगलुरु में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पिछले कई दिनों से यहां फैली अफवाह की वजह से नॉर्थ ईस्ट के लोगों का पलायन जारी है। ईद के मौके पर यहां नॉर्थ ईस्ट के लोगों को पुलिस पूरी सुरक्षा दे रही है। शहर में कुल 17,000 पुलिसकर्मी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यहां सेना की तीन कंपनियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
ईद के मौके पर मुंबई में भी नमाज अदा की गई। माहिम की मस्जिद में लोगों ने सुबह-सुबह नमाज अदा की। लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर उन्हें मुबारकबाद दी। माहिम की दरगाह मस्जिद में लोगों ने लंबी कतार लगाकर नमाज पढ़ी। इस मौके पर सुबह 7 बजे से ही लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। टिप्पणियां
कोलकाता में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए। उधर, श्रीनगर में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां हर उम्र के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
पटना के गांधी मैदान में भी हजारों की संख्या में लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक−दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। ईद के अवसर पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर दरगाह को खास तरीके से सजाया गया था और पूरी रात यहां रौनक रही।
आज ईद के मौके पर बेंगलुरु में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पिछले कई दिनों से यहां फैली अफवाह की वजह से नॉर्थ ईस्ट के लोगों का पलायन जारी है। ईद के मौके पर यहां नॉर्थ ईस्ट के लोगों को पुलिस पूरी सुरक्षा दे रही है। शहर में कुल 17,000 पुलिसकर्मी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यहां सेना की तीन कंपनियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
ईद के मौके पर मुंबई में भी नमाज अदा की गई। माहिम की मस्जिद में लोगों ने सुबह-सुबह नमाज अदा की। लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर उन्हें मुबारकबाद दी। माहिम की दरगाह मस्जिद में लोगों ने लंबी कतार लगाकर नमाज पढ़ी। इस मौके पर सुबह 7 बजे से ही लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। टिप्पणियां
कोलकाता में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए। उधर, श्रीनगर में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां हर उम्र के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
पटना के गांधी मैदान में भी हजारों की संख्या में लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक−दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। ईद के अवसर पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर दरगाह को खास तरीके से सजाया गया था और पूरी रात यहां रौनक रही।
ईद के मौके पर मुंबई में भी नमाज अदा की गई। माहिम की मस्जिद में लोगों ने सुबह-सुबह नमाज अदा की। लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर उन्हें मुबारकबाद दी। माहिम की दरगाह मस्जिद में लोगों ने लंबी कतार लगाकर नमाज पढ़ी। इस मौके पर सुबह 7 बजे से ही लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। टिप्पणियां
कोलकाता में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए। उधर, श्रीनगर में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां हर उम्र के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
पटना के गांधी मैदान में भी हजारों की संख्या में लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक−दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। ईद के अवसर पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर दरगाह को खास तरीके से सजाया गया था और पूरी रात यहां रौनक रही।
कोलकाता में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए। उधर, श्रीनगर में भी लोगों ने ईद की नमाज अदा की। यहां हर उम्र के लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
पटना के गांधी मैदान में भी हजारों की संख्या में लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक−दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। ईद के अवसर पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर दरगाह को खास तरीके से सजाया गया था और पूरी रात यहां रौनक रही।
पटना के गांधी मैदान में भी हजारों की संख्या में लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक−दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। ईद के अवसर पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस मौके पर दरगाह को खास तरीके से सजाया गया था और पूरी रात यहां रौनक रही। | संक्षिप्त पाठ: ईद के मौके पर बेंगलुरु में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर में कुल 17,000 पुलिसकर्मी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यहां सेना की तीन कंपनियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिजनेसमैन राहुल बजाज (Rahul Bajaj) की टिप्पणी का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को कहा कि सरकार और बीजेपी (BJP) ने नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) के संबंध में बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Thakur) की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है. इस दौरान राहुल बजाज ने यह भी कहा कि देश में डर का माहौल है और लोग सरकार की आलोचना करने से डरते हैं. अब इस पर बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर विशाल डडलानी (Vishal Dadlani) ने रिएक्शन दिया है, जो जमकर सुर्खियां बटोर रहा है.
विशाल डडलानी (Vishal Dadlani) ने ट्वी किया: "राहुल बजाज (Rahul Bajaj) इकलौते ऐसे बिजनेसमैन हैं, जो सत्ता के खिलाफ सच बोलने का साहस रखते हैं. ईमानदारी से कहूं तो यह आश्चर्य की बात है कि एक तो ऐसा व्यक्ति है. आपके लिए और अधिक पावर सर." विशाल डडलानी ने इस तरह राहुल बजाज पर अपना रिएक्शन दिया है. वैसे भी वो हर मुद्दे पर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उनके इस ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं.
बता दें कि अमित शाह (Amit Shah) ने इन आरोपों का खंडन किया कि देश में डर का माहौल है. अमित शाह ने कहा कि सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है. अमित शाह ने कश्मीर की स्थिति पर बात करते हुए उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ घाटी जाएं और वहां की वास्तविक स्थिति का जायजा लें. | यहाँ एक सारांश है:बिजनेसमैन राहुल बजाज ने अमित शाह से पूछा यह सवाल
बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर का आया रिएक्शन
उनका ट्वीट सुर्खियों में है | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: RRB Group D Result 2019 जल्द ही रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) द्वारा जारी कर दिया जाएगा. के अधिकारी ने NDTV को बताया, ''ग्रुप डी का रिजल्ट (RRB Result) जल्द जारी किया जाएगा. अभी तक रिजल्ट (RRB Result 2019) जारी करने की तारीख तय नहीं हुई है. लेकिन ग्रुप डी का रिजल्ट फरवरी में ही जारी किया जाएगा.'' कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिजल्ट (RRB Result) 16 और 17 फरवर को जारी किया जा सकता है. हालांकि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टी नहीं की. रेलवे के अधिरकारी ने पहले ही हमे रिजल्ट में देरी का कारण बताया था. उन्होंने कहा था कि हम नहीं चाहते कि रिजल्ट (Group D Result) जारी करने में कोई गलती हो, या उम्मीदवारों के रिजल्ट में गड़बड़ हो, इसीलिए हम रीचेकिंग का काम कर रहे हैं. बता दें कि इस परीक्षा में 1 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों ने भाग लिया था. इतने सारे उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी करना आसान काम नहीं है और यही कारण है कि रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) जारी होने में समय लग रहा है. ग्रुप डी की परीक्षा 17 सितंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित की गई थी. ग्रुप डी का रिजल्ट जारी होने के बाद ग्रुप डी (RRB Group D) के पदों पर दूसरे स्टेज की परीक्षा आयोजित की जाएगी. दूसरे स्टेज के लिए उम्मीदवारों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. दूसरे स्टेज में शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी. बता दें कि ये परीक्षा आसान नहीं होने वाली है, ऐसे में उम्मीदवारों को अच्छी तैयारी की जरूरत है. ग्रुप डी के उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर ये है कि अगर वे इस परीक्षा में फेल हो जाते हैं, तो वे आने वाली भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि इस महीने ही 1 लाख 30 हजार पदों पर भर्ती के लिए नोटफिकेशन जारी किया जाएगा. ऐसे में ये उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा मौका होगा. | रिजल्ट जारी होने में समय लग सकता है.
ग्रुप डी का रिजल्ट सभी आरआरबी वेबसाइट्स पर जारी किया जाएगा.
परीक्षा 17 नवंबर से शुरू होकर 17 दिसंबर तक चली थी. | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बुधवार को स्वीकार किया कि यदि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर दोनों देशों की धारणा एक रही होती, तो चीन के साथ सीमा विवाद के कारण जो जीमीनी हालात पैदा हुए हैं, उससे बचा जा सकता था। एंटनी ने राज्यसभा में सीमा विवाद और उसके परिणामस्वरूप चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण करने पर पूछे गए सवालों के एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार ने एलएसी पर इस तरह के उल्लंघनों को लेकर चीनी अधिकारियों के साथ उचित मंचों पर बार-बार बात की है। एंटनी ने कहा, "समय-समय पर एलएसी को लेकर धारणा में मतभेद के कारण ऐसे जमीनी हालात पैदा हुए हैं। यदि एलएसी को लेकर दोनों देशों की धारणाएं एक रही होतीं, तो इन हालातों से बचा जा सकता था।" एंटनी ने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू एवं कश्मीर सरकार से चीनी सैनिकों द्वारा किए गए इस तरह के अतिक्रमणों के बारे में रपटें प्राप्त हुई हैं। एंटनी ने कहा, "सरकार एलएसी के किसी भी उल्लंघन पर चीनी पक्ष से नियमित तौर पर स्थापित प्रक्रियाओं के जरिए बात करती है। इन प्रक्रियाओं में हॉट लाइन, सीमा कर्मियों की बैठकें, फ्लैग मीटिंग्स और राजनयिक माध्यम शामिल हैं।" एंटनी ने हालांकि कहा कि 1993 से लेकर अबतक दोनों सरकारों ने चीन-भारत इलाकों में एलएसी पर शांति एवं सद्भाव बनाए रखा है। उन्होंने कहा, "सरकार देश की सुरक्षा के लिए नुकसानदायक सभी घटनाक्रमों पर बराबर नजर रखती है और इसकी सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय करती है।" | सारांश: एंटनी ने स्वीकार किया कि यदि एलएसी को लेकर दोनों देशों की धारणा एक रही होती, तो चीन के साथ सीमा विवाद के कारण जो जीमीनी हालात पैदा हुए हैं, उससे बचा जा सकता था। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती 2017 (CGL) के फाइनल अंक (मार्क्स) जारी कर दिए हैं. उम्मीदवार SSC की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.nic.in पर जाकर अपने अंक (SSC CGL 2017 Final Marks) चेक कर सकते हैं. अपने अंक (SSC CGL Marks) चेक करने के लिए उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड सबमिट करना होगा. बता दें कि आयोग ने 15 नवंबर को एसएससी सीजीएल 2017 परीक्षा का रिजल्ट (SSC CGL 2017 Result) जारी किया था. सीजीएल भर्ती परीक्षा में 8,120 उम्मीदवारों का सफलता मिली थी.
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.
- उम्मीदवार फाइनल मार्क्स चेक करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.SSC CGL 2017 Marks
- लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पेज ओपन होगा यहां रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड सबमिट करें.
- आपके मार्क्स स्क्रीन पर आ जाएंगे.
आपको बता दें कि पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका और कोर्ट के निर्देश पर हुई सीबीआई जांच की वजह से यह भर्ती दो साल से लंबित थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 9 मई को टायर 3 का रिजल्ट जारी किया गया था. लिखित परीक्षा में देश भर से 35,990 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जिनका स्किल टेस्ट 16 जून से 31 जुलाई के बीच कराया गया था. स्किल टेस्ट का मूल्यांकन पूरा होने के बाद आयोग ने फाइनल रिजल्ट जारी किया गया. | यहाँ एक सारांश है:सीजीएल 2017 परीक्षा के फाइनल मार्क्स जारी हो गए हैं.
मार्क्स वेबसाइट ssc.nic.in पर जारी किए गए हैं.
सीजीएल भर्ती परीक्षा में 8,120 उम्मीदवारों का सफलता मिली है. | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों की याचिका पर अंतिम निर्णय देते हुए फैसला सुनाया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ए सर्विसेस न मानकर नॉन फंक्शनल फाइनेंशियल अपग्रेडेशन से वंचित नहीं रखा जा सकता.
केंद्र सरकार की विचार याचिका एसएलपी पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने यह कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस से अलग नहीं माने जा सकते. न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और आशा की खंडपीठ ने आज अपने फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार को इन बलों के लिए ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सर्विसेस की तर्ज पर एनएफएफयू का लाभ देना होगा.
फैसले में कोर्ट ने कहा है कि चौथे पे कमीशन से बलों में ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस न मानना तर्कसंगत नहीं है. न्यायालय का आईपीएस के अधिकारों विषय में यह कहना कि आरपीएफ में कुछ पदों को आईपीएस की प्रतिनियुक्ति द्वारा भरने के आशय से और आरपीएफ को ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सेंट्रल सर्विसेज घोषित कर देने मात्र से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के अधिकार कम हो जाएंगे और वे प्रतिनियुक्ति पर नहीं आ पाएंगे, यह तर्क देना वाजिब नहीं है.
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि 1986 में बीएसएफ और सीआरपीएफ को ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सर्विस स्वयं सरकार ने माना था. दूसरी तरफ सरकार ने अपनी प्रक्रियाओं में भी बीएसएफ सीआरपीएफ और आईटीबीपी को क्रमशः 1986, 1993 और 2010 में मोनोग्राफ्स वर्गीकृत किए थे और इन्हें ग्रुप ए केंद्रीय सिविल सर्विस का हिस्सा माना था.
केंद्र और आईपीएस एसोसिएशन की सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के तीन सितंबर 2015 के निर्णय को कायम रखा है जिसमें न्यायमूर्तियों नजमी वजीरी और कैलाश गंभीर की खंडपीठ ने यह फैसला दिया था कि छठे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित non-functional फाइनेंशियल अपग्रेडेशन को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के लिए भी लागू किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को केंद्र ने ऑर्गनाइज्ड ग्रुप ए सर्विसेज न मानकर अभी तक एनएफएफयू, यानी कि non-functional financial अपग्रेडेशन का लाभ नहीं दिया है और वे इसके लिए पिछले लगभग सात सालों से संघर्ष कर रहे थे.
इस फैसले से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों बीएसएफ, सीआरपीएफ, आइटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी के लगभग 6000 वरिष्ठ अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो वरीय रैंकों पर रिक्तियां न होने के कारण प्रमोशन न मिल पाने की वजह से वित्तीय लाभ से वंचित रह गए. | संक्षिप्त पाठ: बीएसएफ, सीआरपीएफ, आइटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी के अफसरों को लाभ
केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी
लगभग 6000 वरिष्ठ अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सचिन तेंदुलकर पर उम्र का असर दिखने लगा है। बेंगलुरु टेस्ट के दूसरे दिन शनिवार को यह बात महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कही।टिप्पणियां
सुनील गावस्कर ने मैच में कमेंट्री करने के दौरान कहा है कि बढ़ती उम्र के कारण सचिन का फुटवर्क अब पहले जितना जोरदार नहीं रह गया है।
जाहिर है गावस्कर ने सचिन को इशारों-इशारों में संन्यास लेने की सलाह दे दी है। बेंगलुरु टेस्ट की पहली पारी में डग ब्रेसवैल की गेंद को फ्लिक करने की कोशिश में सचिन तेंदुलकर बोल्ड आउट हुए। ठीक इसी अंदाज में वह हैदराबाद टेस्ट में भी आउट हुए थे।
सुनील गावस्कर ने मैच में कमेंट्री करने के दौरान कहा है कि बढ़ती उम्र के कारण सचिन का फुटवर्क अब पहले जितना जोरदार नहीं रह गया है।
जाहिर है गावस्कर ने सचिन को इशारों-इशारों में संन्यास लेने की सलाह दे दी है। बेंगलुरु टेस्ट की पहली पारी में डग ब्रेसवैल की गेंद को फ्लिक करने की कोशिश में सचिन तेंदुलकर बोल्ड आउट हुए। ठीक इसी अंदाज में वह हैदराबाद टेस्ट में भी आउट हुए थे।
जाहिर है गावस्कर ने सचिन को इशारों-इशारों में संन्यास लेने की सलाह दे दी है। बेंगलुरु टेस्ट की पहली पारी में डग ब्रेसवैल की गेंद को फ्लिक करने की कोशिश में सचिन तेंदुलकर बोल्ड आउट हुए। ठीक इसी अंदाज में वह हैदराबाद टेस्ट में भी आउट हुए थे। | सारांश: सुनील गावस्कर ने मैच में कमेंट्री करने के दौरान कहा है कि बढ़ती उम्र के कारण सचिन का फुटवर्क अब पहले जितना जोरदार नहीं रहा। | 5 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक 2012 में विवादास्पद हालात में अमेरिकी खिलाड़ी ने विकास कृष्ण का ओलंपिक का सपना तोड़ दिया था. यह भारतीय बॉक्सर मंगलवार को यहां जब एक अन्य अमेरिकी मुक्केबाज के खिलाफ रियो ओलंपिक में भारत के मुक्केबाजी अभियान की शुरुआत करने उतरेगा तो उनकी नजरें इसका बदला चुकता करने पर होंगी.
मिडिलवेट वर्ग में सातवें वरीय विकास एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं जिन्हें खेलों में वरीयता मिली है. वह पहले दौर में 18 साल के चार्ल्स एल्बर्ट शोन कोनवेल का सामना करेंगे जो ओलंपिक में पदार्पण कर रहे हैं. दूसरी तरफ 24 वर्षीय भारतीय अब काफी अनुभवी हैं. लंदन में एरोल स्पेंस के खिलाफ शिकस्त के बाद विकास वेल्टरवेट की जगह मिडिलवेट में हिस्सा लेने लगे हैं. स्पेंस को लंदन में विकास के खिलाफ हारा हुआ घोषित किया गया था लेकिन तकनीकी आधार पर उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की और सफल रहे.
विकास की नजरें अब 2012 की गलतियों में सुधार करने पर टिकी होंगी. चुनौती पेश कर रहे तीन भारतीय मुक्केबाजों में विकास का ड्रॉ सबसे अनुकूल है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्वार्टर फाइनल में दूसरे वरीय बेकतेमीर मेलिकुजीव के रूप में आ सकती है. भारत को मिडिलवेट में ही अपना पहला ओलंपिक पदक 2008 में विजेंदर सिंह के जरिये मिला था. टिप्पणियां
विकास के मुकाबले के एक दिन बाद भारतीय टीम के सबसे सीनियर सदस्य मनोज कुमार (64 किग्रा) लिथुआनिया के पूर्व लाइटवेट ओलंपिक कांस्य पदक विजेता इवालडास पेत्राउकास से पहले दौर में भिड़ेंगे. गुरुवार को टीम के सबसे युवा सदस्य और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत क्यूबा के छठे वरीय और 2012 ओलंपिक खेलों के फ्लाइवेट वर्ग के चैम्पियन क्यूबा के रोबीसी रमीरेज के खिलाफ करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मिडिलवेट वर्ग में सातवें वरीय विकास एकमात्र भारतीय मुक्केबाज हैं जिन्हें खेलों में वरीयता मिली है. वह पहले दौर में 18 साल के चार्ल्स एल्बर्ट शोन कोनवेल का सामना करेंगे जो ओलंपिक में पदार्पण कर रहे हैं. दूसरी तरफ 24 वर्षीय भारतीय अब काफी अनुभवी हैं. लंदन में एरोल स्पेंस के खिलाफ शिकस्त के बाद विकास वेल्टरवेट की जगह मिडिलवेट में हिस्सा लेने लगे हैं. स्पेंस को लंदन में विकास के खिलाफ हारा हुआ घोषित किया गया था लेकिन तकनीकी आधार पर उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की और सफल रहे.
विकास की नजरें अब 2012 की गलतियों में सुधार करने पर टिकी होंगी. चुनौती पेश कर रहे तीन भारतीय मुक्केबाजों में विकास का ड्रॉ सबसे अनुकूल है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्वार्टर फाइनल में दूसरे वरीय बेकतेमीर मेलिकुजीव के रूप में आ सकती है. भारत को मिडिलवेट में ही अपना पहला ओलंपिक पदक 2008 में विजेंदर सिंह के जरिये मिला था. टिप्पणियां
विकास के मुकाबले के एक दिन बाद भारतीय टीम के सबसे सीनियर सदस्य मनोज कुमार (64 किग्रा) लिथुआनिया के पूर्व लाइटवेट ओलंपिक कांस्य पदक विजेता इवालडास पेत्राउकास से पहले दौर में भिड़ेंगे. गुरुवार को टीम के सबसे युवा सदस्य और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत क्यूबा के छठे वरीय और 2012 ओलंपिक खेलों के फ्लाइवेट वर्ग के चैम्पियन क्यूबा के रोबीसी रमीरेज के खिलाफ करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विकास की नजरें अब 2012 की गलतियों में सुधार करने पर टिकी होंगी. चुनौती पेश कर रहे तीन भारतीय मुक्केबाजों में विकास का ड्रॉ सबसे अनुकूल है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्वार्टर फाइनल में दूसरे वरीय बेकतेमीर मेलिकुजीव के रूप में आ सकती है. भारत को मिडिलवेट में ही अपना पहला ओलंपिक पदक 2008 में विजेंदर सिंह के जरिये मिला था. टिप्पणियां
विकास के मुकाबले के एक दिन बाद भारतीय टीम के सबसे सीनियर सदस्य मनोज कुमार (64 किग्रा) लिथुआनिया के पूर्व लाइटवेट ओलंपिक कांस्य पदक विजेता इवालडास पेत्राउकास से पहले दौर में भिड़ेंगे. गुरुवार को टीम के सबसे युवा सदस्य और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत क्यूबा के छठे वरीय और 2012 ओलंपिक खेलों के फ्लाइवेट वर्ग के चैम्पियन क्यूबा के रोबीसी रमीरेज के खिलाफ करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विकास के मुकाबले के एक दिन बाद भारतीय टीम के सबसे सीनियर सदस्य मनोज कुमार (64 किग्रा) लिथुआनिया के पूर्व लाइटवेट ओलंपिक कांस्य पदक विजेता इवालडास पेत्राउकास से पहले दौर में भिड़ेंगे. गुरुवार को टीम के सबसे युवा सदस्य और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (56 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत क्यूबा के छठे वरीय और 2012 ओलंपिक खेलों के फ्लाइवेट वर्ग के चैम्पियन क्यूबा के रोबीसी रमीरेज के खिलाफ करेंगे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: अमेरिका के चार्ल्स एल्बर्ट शोन कोनवेल से है मुकाबला
विकास की निगाह 2012 की गलतियों में सुधार करने पर टिकीं
मिडिलवेट वर्ग में सातवीं वरीयता के बॉक्सर हैं विकास | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि श्रीलंका के खिलाफ आगामी वन-डे सीरीज से उनकी टीम को खुद को आंकने का मौका मिलेगा और यह भी पता चलेगा कि किन पहलुओं पर सुधार करना होगा।
धोनी ने बुधवार को कहा, यह सत्र की शुरुआत है। हमें कुछ क्षेत्रों में सुधार करना होगा, ताकि लगातार अच्छा खेल सकें। खुद को आंकने का यह अच्छा मौका है। श्रीलंका में सितंबर में टी-20 विश्वकप होना है, लेकिन धोनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान आगामी शृंखला पर है।टिप्पणियां
धोनी ने कहा, सबसे अहम वर्तमान के बारे में सोचना है। हम अभी इस शृंखला के बारे में ही सोच रहे हैं, विश्वकप के बारे में नहीं। धोनी ने कहा, अच्छी बात यह है कि मौजूदा टीम के अधिकांश सदस्य टी-20 विश्वकप टीम में भी होंगे। हम अभी उसके बारे में नहीं सोच रहे हैं।
डेढ़ महीने के ब्रेक के बाद लौटी भारतीय टीम ने आर प्रेमदासा स्टेडियम पर अभ्यास किया। धोनी ने कहा, हम आज ही यहां पहुंचे हैं और अभ्यास शुरू कर दिया। सबसे अच्छी बात खिलाड़ियों का उत्साह है और हम फिटनेस पर अधिक मेहनत कर सकते हैं।
धोनी ने बुधवार को कहा, यह सत्र की शुरुआत है। हमें कुछ क्षेत्रों में सुधार करना होगा, ताकि लगातार अच्छा खेल सकें। खुद को आंकने का यह अच्छा मौका है। श्रीलंका में सितंबर में टी-20 विश्वकप होना है, लेकिन धोनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान आगामी शृंखला पर है।टिप्पणियां
धोनी ने कहा, सबसे अहम वर्तमान के बारे में सोचना है। हम अभी इस शृंखला के बारे में ही सोच रहे हैं, विश्वकप के बारे में नहीं। धोनी ने कहा, अच्छी बात यह है कि मौजूदा टीम के अधिकांश सदस्य टी-20 विश्वकप टीम में भी होंगे। हम अभी उसके बारे में नहीं सोच रहे हैं।
डेढ़ महीने के ब्रेक के बाद लौटी भारतीय टीम ने आर प्रेमदासा स्टेडियम पर अभ्यास किया। धोनी ने कहा, हम आज ही यहां पहुंचे हैं और अभ्यास शुरू कर दिया। सबसे अच्छी बात खिलाड़ियों का उत्साह है और हम फिटनेस पर अधिक मेहनत कर सकते हैं।
धोनी ने कहा, सबसे अहम वर्तमान के बारे में सोचना है। हम अभी इस शृंखला के बारे में ही सोच रहे हैं, विश्वकप के बारे में नहीं। धोनी ने कहा, अच्छी बात यह है कि मौजूदा टीम के अधिकांश सदस्य टी-20 विश्वकप टीम में भी होंगे। हम अभी उसके बारे में नहीं सोच रहे हैं।
डेढ़ महीने के ब्रेक के बाद लौटी भारतीय टीम ने आर प्रेमदासा स्टेडियम पर अभ्यास किया। धोनी ने कहा, हम आज ही यहां पहुंचे हैं और अभ्यास शुरू कर दिया। सबसे अच्छी बात खिलाड़ियों का उत्साह है और हम फिटनेस पर अधिक मेहनत कर सकते हैं।
डेढ़ महीने के ब्रेक के बाद लौटी भारतीय टीम ने आर प्रेमदासा स्टेडियम पर अभ्यास किया। धोनी ने कहा, हम आज ही यहां पहुंचे हैं और अभ्यास शुरू कर दिया। सबसे अच्छी बात खिलाड़ियों का उत्साह है और हम फिटनेस पर अधिक मेहनत कर सकते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ वन-डे सीरीज से उनकी टीम को खुद को आंकने का मौका मिलेगा और यह पता चलेगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मरीजों को देखने के लिए न तो अस्पताल है, रिसर्च के लिए न ही लैब है और स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए न ही शिक्षक हैं. ये हालात एक मेडिकल कॉलेज के हैं, जहां एक MBBS छात्र से सालाना 9 से 10 लाख रुपए वसूल जा रहे हों. जी हां...ये हरियाणा के झज्झर के वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का हाल है. कॉलेज के तमाम टाल-मटोल के बावजूद जब MCI की टीम ने कॉलेज का दौरा किया तो अस्पताल की पोल खुल गई. जांच के दौरान पाया गया कि अस्पताल में एक भी मरीज नहीं थे. तीन-चार फैकल्टी के भरोसे मेडिकल कॉलेज करीब डेढ़ सौ एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई करवा रहा है. MCI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि टीम को दिखाने के लिए अस्पताल में फर्जी मरीज बैठाए गए, लेकिन ओपीडी से लेकर पर्चा बनाने वाले सारे काउंटर खाली पड़े थे. इसी वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में एमबीबीएस के तीसरे साल की स्टूडेंट मेघा सैनी ने बताया कि छात्रों के दबाव डालने के बाद फोन पर फैकल्टी को पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है. कई डिपार्टमेंट में एमबीबीएस स्टूडेंट्स को BSC और MSC के टीचर पढ़ाते हैं.
वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च ने 2016 में 148 एमबीबीएस स्टूडेंट्स के पहले बैच का दाखिला लिया था. उनसे मोटी फीस भी वसूली लेकिन उसके बाद एमसीआई की जांच में ये कॉलेज मानकों पर खरा नहीं उतरा, लिहाजा यहां 2016 के बाद कोई दाखिला नहीं हुआ. लेकिन पहले बैच के 148 स्टूडेंट्स अब यहां फंस गए हैं. NEET की परीक्षा पास कर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद तीसरे साल के एमबीबीएस के स्टूडेंट्स बीते दो महीने से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है. गुरुवार को इन डॉक्टरों ने गृहमंत्री अमित शाह के घर का घेराव किया. कुछ न होता देख अब ये छात्र इच्छा मृत्यु की अपील कर रहे हैं. दूसरी तरफ, जानकारी के मुताबिक वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के मालिक नरेंद्र सिंह हैं. इस कॉलेज में अनियमितताओं को देखते हुए 2017 में एमबीबीएस का दाखिला रोक दिया गया था. इसके बाद 2017 में सीबीआई ने मेडिकल कॉलेज के संचालक नरेंद्र सिंह को कॉलेज चलाने के लिए एक अधिकारी को 50 लाख रुपए घूस देते रंगे हाथों पकड़ा था. घूस के दम पर ये मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स का दाखिला करवाना चाहते थे. | सारांश: वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का मामला
हरियाणा के झज्झर में है ये मेडिकल कॉलेज
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जांच में हुआ खुलासा | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के सिरौंज में एक किसान कथित तौर पर रिश्वत मांगे जाने से इतना परेशान हुआ कि अपनी भैंस तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार की गाड़ी से जाकर बांध आया. किसान से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. यह रकम देना उनके लिए संभव नहीं था. आखिरकार उन्होंने नायब तहसीलदार को रिश्वत में भैंस सौंपने का फैसला लिया. हालांकि नायब तहसीलदार इसे किसान की पब्लिसिटी के लिए की गई हरकत बता रहे हैं.
सिरोंज ज़िले के किसान भूपेन्द्र सिंह कई दिनों से अपनी पारिवारिक ज़मीन के नामांतरण के मामले को लेकर सरकारी दफ्तर के चक्कर लगा रहे थे. उनका आरोप है कि काम के बदले उनसे 25000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई. भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि छह महीने से मैं नायब तहसीलदार के पास आ रहा हूं, लेकिन वे काम के बदले रिश्वत मांग रहे थे. पैसे मेरे पास थे नहीं, इसलिए मैंने अपनी भैंस उन्हें दे दी.
नायब तहसीलदार सिद्धार्थ सिंघल ने हालांकि इन आरोपों को नकार दिया और कहा कि भूपेंद्र सिंह यह सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं. हालांकि, जब उनसे भूपेंद्र सिंह के पेंडिंग काम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली.
बाद में किसान ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की. फिर वे अपनी भैंस लेकर चले गए. हालांकि नायब तहसीलदार सिद्धार्थ सिंगला पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं. | नायब तहसीलदार ने कहा- किसान ने पब्लिसिटी के लिए की यह हरकत
पारिवारिक ज़मीन के नामांतरण के बदले 25 हजार रुपये मांगने का आरोप
नायब तहसीलदार सिद्धार्थ सिंगला पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की फिल्म 'आर्टिकल 15 (Article 15)' को क्रिटिक्स के अच्छे रिव्यू मिले हैं. बदांयू कांड से प्रेरित 'आर्टिकल 15' ने शुक्रवार को 5.02 करोड़ रुपये की कमाई की तो शनिवार को 7.25 करोड़ रुपये कमाए, रविवार को लगभग 7.77 करोड़ रुपये की कमाई की और सोमवार को इसने 3.75 करोड़ की कमाई की है. इस तरह फिल्म ने अब तक लगभग 23.79 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. 'आर्टिकल 15' का बजट लगभग 25 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
जी स्टूडियो के बैनर तले बनी आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की फिल्म 'आर्टिकल 15' की को अनुभव सिन्हा ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म में आयुष्मान खुराना के अलावा ईशा तलवार, एम नसर, मनोज पाहवा, सयानी गुप्ता, कुमुद मिश्रा (Kumud Mishra) और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी लीड रोल में हैं. इस फिल्म में आयुष्मान खुराना की दमदार परफॉर्मेंस की खूब तारीफें हो रही हैं. | यह एक सारांश है: आयुष्मान की 'आर्टिकल 15' ने अब तक कमाए करोड़
चौथे दिन 'आर्टिकल 15' ने 3.75 करोड़ की कमाई की
अनुभव सिन्हा हैं फिल्म के डायरेक्टर | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शीर्ष निशानेबाज गगन नारंग ने सरकार से इस खेल को गंभीरता से लेने और भारतीय खिलाड़ियों को अगले साल होने वाले लंदन ओलिंपिक की तैयारियों में मदद के लिए जरूरी सुविधायें देने की बात कही। नारंग ने कहा, सरकार को इस खेल को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं पिछले साल गोला बारूद चुनने के लिए जर्मनी जाना चाहता था लेकिन मुझे वीजा नहीं मिला। मैंने सरकार से पूछा लेकिन मुझे समय से मदद नहीं मिली। इस 28 वर्षीय शीर्ष राइफल निशानेबाज ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में कई स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। उन्हें लगता है कि 2008 बीजिंग ओलंपिक से पहले जिस तरह की चीजें थी, वैसी ही अब भी हो गयी हैं क्योंकि राइफल पर पांबदी लगा दी गयी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल में 1962 के सरकारी अधिसूचना खारिज कर दी थी जिसमें शस्त्र अधिनियम 1959 के अंतर्गत एयर राइफल और एयर पिस्टल को छूट दी गयी थी जिसमें वैध लाइसेंस की जरूरत भी शामिल थी। इस मौजूदा नियम से निशानेबाज उचित लाइसेंस के बिना ट्रेनिंग और टूर्नामेंट में एयर राइफल और एयर पिस्टल का इस्तेमाल नहीं कर सकते। | संक्षिप्त पाठ: नारंग ने कहा, सरकार को इस खेल को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं पिछले साल गोला बारूद चुनने के लिए जर्मनी जाना चाहता था।' | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: जंगलों में 4000 से भी कम बाघ रह गए हैं और उनकी संख्या घटती जा रही है, ऐसे में भी हर साल 100 से अधिक बाघ मार दिए जाते हैं और उनकी अवैध तस्करी की जाती है.
आज यह नई रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है जब कल ही शुरू होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव सम्मेलन के लिए ब्रिटेन के राजकुमार विलियम समेत कई विशेषज्ञ एवं गणमान्य लोग वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे हैं.
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सरकारें तथा वन्यजीव के व्यापार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एनजीओ एवं कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं. इसकी मेजबानी ऐसा देश कर रहा है जो उसकी तस्करी और उपभोग के जाल के केंद्र में है.टिप्पणियां
संकटापन्न जानवरों की रक्षा और सरकारों को जानवरों के अंगों का व्यापार करने वालों को पकड़ने में मदद पहुंचाने वाले ट्रैफिक ने दुनियाभर में पिछले 16 सालों का बाघों की जब्ती का आंकड़ा पेश किया है. उनका अनुमान है कि वर्ष 2000 से हर साल 110 बाघ इस व्यापार की भेंट चढ़ जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आज यह नई रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है जब कल ही शुरू होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव सम्मेलन के लिए ब्रिटेन के राजकुमार विलियम समेत कई विशेषज्ञ एवं गणमान्य लोग वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे हैं.
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सरकारें तथा वन्यजीव के व्यापार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एनजीओ एवं कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं. इसकी मेजबानी ऐसा देश कर रहा है जो उसकी तस्करी और उपभोग के जाल के केंद्र में है.टिप्पणियां
संकटापन्न जानवरों की रक्षा और सरकारों को जानवरों के अंगों का व्यापार करने वालों को पकड़ने में मदद पहुंचाने वाले ट्रैफिक ने दुनियाभर में पिछले 16 सालों का बाघों की जब्ती का आंकड़ा पेश किया है. उनका अनुमान है कि वर्ष 2000 से हर साल 110 बाघ इस व्यापार की भेंट चढ़ जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सरकारें तथा वन्यजीव के व्यापार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले एनजीओ एवं कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं. इसकी मेजबानी ऐसा देश कर रहा है जो उसकी तस्करी और उपभोग के जाल के केंद्र में है.टिप्पणियां
संकटापन्न जानवरों की रक्षा और सरकारों को जानवरों के अंगों का व्यापार करने वालों को पकड़ने में मदद पहुंचाने वाले ट्रैफिक ने दुनियाभर में पिछले 16 सालों का बाघों की जब्ती का आंकड़ा पेश किया है. उनका अनुमान है कि वर्ष 2000 से हर साल 110 बाघ इस व्यापार की भेंट चढ़ जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संकटापन्न जानवरों की रक्षा और सरकारों को जानवरों के अंगों का व्यापार करने वालों को पकड़ने में मदद पहुंचाने वाले ट्रैफिक ने दुनियाभर में पिछले 16 सालों का बाघों की जब्ती का आंकड़ा पेश किया है. उनका अनुमान है कि वर्ष 2000 से हर साल 110 बाघ इस व्यापार की भेंट चढ़ जाते हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: जंगलों में 4000 से भी कम बाघ रह गए
वियतनाम मे गुरुवार से अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव सम्मेलन
ब्रिटेन के राजकुमार विलियम समेत कई विशेषज्ञ करेंगे शिरकत | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि गुजरात दंगों के मामले में विशेष जांच दल की ओर से नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट मिलने के बाद अब उन्हें और अग्नि परीक्षा देने की जरूरत नहीं है तथा देश गुजरात से बाहर उनकी राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रहा है।
संघ के मुखपत्र पाञ्चजन्य के संपादकीय में कहा गया है कि गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में 69 लोगों के जिंदा जलाए जाने की घटना के बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में मोदी सहित 62 लोगों को क्लीन चिट दिया जाना उन मोदी विरोधियों के मुंह पर तमाचा है, जो गत 10 साल से मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगाकर गुजरात दंगों को लेकर मोदी की राक्षसी छवि बनाने में लगे हैं।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आड़े हाथ लेते हुए इसमें कहा गया है कि संप्रग अध्यक्ष द्वारा कभी मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा जाना आज कांग्रेस को ही मुंह चिढ़ा रहा है, जब एक सर्वेक्षण में देश के प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी को 24 प्रतिशत लोगों ने और कांग्रेस के ‘तारणहार’ माने जाने वाले ‘युवराज’ राहुल गांधी को महज 17 प्रतिशत लोगों ने ही पसंद किया।
मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता बढ़ने का दावा करते हुए संपादकीय में कहा गया है, ‘‘यहां तक कि अमेरिका की टाइम पत्रिका भी मोदी को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है, जो राहुल के मुकाबले बहुत मजबूत दावेदार हैं। ...अब देश की जनता गुजरात के बाहर मोदी की राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रही है।’’टिप्पणियां
संघ के मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिका की इस विश्व प्रसिद्ध पत्रिका में मोदी के कामकाज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर (मोदी पर) जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात दंगों के समय कभी मोदी को ‘राजधर्म’ निभाने की सलाह दी थी, हालांकि संपादकीय में कहा गया है, ‘‘दुष्प्रचार से बेपरवाह मोदी गुजरात में सुशासन, विकास व सामाजिक सद्भाव निर्माण के अपने राजधर्म में पूरी तन्मयता से लगे हैं।’’ इसमें कहा गया कि इसका परिणाम सामने है कि मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है।
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’
संघ के मुखपत्र पाञ्चजन्य के संपादकीय में कहा गया है कि गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में 69 लोगों के जिंदा जलाए जाने की घटना के बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में मोदी सहित 62 लोगों को क्लीन चिट दिया जाना उन मोदी विरोधियों के मुंह पर तमाचा है, जो गत 10 साल से मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगाकर गुजरात दंगों को लेकर मोदी की राक्षसी छवि बनाने में लगे हैं।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आड़े हाथ लेते हुए इसमें कहा गया है कि संप्रग अध्यक्ष द्वारा कभी मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा जाना आज कांग्रेस को ही मुंह चिढ़ा रहा है, जब एक सर्वेक्षण में देश के प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी को 24 प्रतिशत लोगों ने और कांग्रेस के ‘तारणहार’ माने जाने वाले ‘युवराज’ राहुल गांधी को महज 17 प्रतिशत लोगों ने ही पसंद किया।
मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता बढ़ने का दावा करते हुए संपादकीय में कहा गया है, ‘‘यहां तक कि अमेरिका की टाइम पत्रिका भी मोदी को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है, जो राहुल के मुकाबले बहुत मजबूत दावेदार हैं। ...अब देश की जनता गुजरात के बाहर मोदी की राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रही है।’’टिप्पणियां
संघ के मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिका की इस विश्व प्रसिद्ध पत्रिका में मोदी के कामकाज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर (मोदी पर) जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात दंगों के समय कभी मोदी को ‘राजधर्म’ निभाने की सलाह दी थी, हालांकि संपादकीय में कहा गया है, ‘‘दुष्प्रचार से बेपरवाह मोदी गुजरात में सुशासन, विकास व सामाजिक सद्भाव निर्माण के अपने राजधर्म में पूरी तन्मयता से लगे हैं।’’ इसमें कहा गया कि इसका परिणाम सामने है कि मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है।
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’
सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आड़े हाथ लेते हुए इसमें कहा गया है कि संप्रग अध्यक्ष द्वारा कभी मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा जाना आज कांग्रेस को ही मुंह चिढ़ा रहा है, जब एक सर्वेक्षण में देश के प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी को 24 प्रतिशत लोगों ने और कांग्रेस के ‘तारणहार’ माने जाने वाले ‘युवराज’ राहुल गांधी को महज 17 प्रतिशत लोगों ने ही पसंद किया।
मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता बढ़ने का दावा करते हुए संपादकीय में कहा गया है, ‘‘यहां तक कि अमेरिका की टाइम पत्रिका भी मोदी को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है, जो राहुल के मुकाबले बहुत मजबूत दावेदार हैं। ...अब देश की जनता गुजरात के बाहर मोदी की राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रही है।’’टिप्पणियां
संघ के मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिका की इस विश्व प्रसिद्ध पत्रिका में मोदी के कामकाज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर (मोदी पर) जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात दंगों के समय कभी मोदी को ‘राजधर्म’ निभाने की सलाह दी थी, हालांकि संपादकीय में कहा गया है, ‘‘दुष्प्रचार से बेपरवाह मोदी गुजरात में सुशासन, विकास व सामाजिक सद्भाव निर्माण के अपने राजधर्म में पूरी तन्मयता से लगे हैं।’’ इसमें कहा गया कि इसका परिणाम सामने है कि मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है।
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’
मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता बढ़ने का दावा करते हुए संपादकीय में कहा गया है, ‘‘यहां तक कि अमेरिका की टाइम पत्रिका भी मोदी को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है, जो राहुल के मुकाबले बहुत मजबूत दावेदार हैं। ...अब देश की जनता गुजरात के बाहर मोदी की राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रही है।’’टिप्पणियां
संघ के मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिका की इस विश्व प्रसिद्ध पत्रिका में मोदी के कामकाज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर (मोदी पर) जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात दंगों के समय कभी मोदी को ‘राजधर्म’ निभाने की सलाह दी थी, हालांकि संपादकीय में कहा गया है, ‘‘दुष्प्रचार से बेपरवाह मोदी गुजरात में सुशासन, विकास व सामाजिक सद्भाव निर्माण के अपने राजधर्म में पूरी तन्मयता से लगे हैं।’’ इसमें कहा गया कि इसका परिणाम सामने है कि मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है।
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’
संघ के मुखपत्र में कहा गया है कि अमेरिका की इस विश्व प्रसिद्ध पत्रिका में मोदी के कामकाज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर (मोदी पर) जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात दंगों के समय कभी मोदी को ‘राजधर्म’ निभाने की सलाह दी थी, हालांकि संपादकीय में कहा गया है, ‘‘दुष्प्रचार से बेपरवाह मोदी गुजरात में सुशासन, विकास व सामाजिक सद्भाव निर्माण के अपने राजधर्म में पूरी तन्मयता से लगे हैं।’’ इसमें कहा गया कि इसका परिणाम सामने है कि मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है।
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’
‘मोदी की और कितनी अग्नि परीक्षाएं’ शीषर्क से प्रकाशित इस संपादकीय में कहा गया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कम से कम अब मोदी के खिलाफ इस दुष्प्रचार को समाप्त होना चाहिए, क्योंकि कई मौकों पर यह सफेद झूठ उजागर हो चुका है।
पाञ्चजन्य ने कहा है, ‘‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सच्चाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है। जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है। देश की जनता तथा अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि नरेंद्र मोदी को अब और अग्नि परीक्षा देने की जरूरत नहीं है तथा देश गुजरात से बाहर उनकी राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रहा है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले गगन नारंग की सफलता को भुनाने के प्रयास में एक प्रमुख रोबोट और टैबलेट पीसी निर्माता कंपनी ने इस भारतीय निशानेबाज के नाम पर उत्पादों की विशेष रेंज पेश करने की घोषणा की।
प्रमुख इलेक्ट्रोनिक्स निर्माता कंपनी ‘मिलाग्रो हयूमन टेक’ ने यह भी फैसला किया कि इन विशेष उत्पादों की बिक्री से कमाई पांच प्रतिशत धन नारंग को दिया जाएगा।टिप्पणियां
इस कंपनी को नारंग के नाम के 10 हजार से अधिक टैबलेट और रोबोट बेचने की उम्मीद है। हालांकि इन उत्पादों को निशानेबाज से सलाह मशविरा करने के बाद पेश किया जाएगा।
कंपनी के सीईओ राजीव करवाल ने इस संबंध में घोषणा की।
प्रमुख इलेक्ट्रोनिक्स निर्माता कंपनी ‘मिलाग्रो हयूमन टेक’ ने यह भी फैसला किया कि इन विशेष उत्पादों की बिक्री से कमाई पांच प्रतिशत धन नारंग को दिया जाएगा।टिप्पणियां
इस कंपनी को नारंग के नाम के 10 हजार से अधिक टैबलेट और रोबोट बेचने की उम्मीद है। हालांकि इन उत्पादों को निशानेबाज से सलाह मशविरा करने के बाद पेश किया जाएगा।
कंपनी के सीईओ राजीव करवाल ने इस संबंध में घोषणा की।
इस कंपनी को नारंग के नाम के 10 हजार से अधिक टैबलेट और रोबोट बेचने की उम्मीद है। हालांकि इन उत्पादों को निशानेबाज से सलाह मशविरा करने के बाद पेश किया जाएगा।
कंपनी के सीईओ राजीव करवाल ने इस संबंध में घोषणा की।
कंपनी के सीईओ राजीव करवाल ने इस संबंध में घोषणा की। | सारांश: लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले गगन नारंग की सफलता को भुनाने के प्रयास में एक प्रमुख रोबोट और टैबलेट पीसी निर्माता कंपनी ने इस भारतीय निशानेबाज के नाम पर उत्पादों की विशेष रेंज पेश करने की घोषणा की। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मैक्सिको में नौ साल की एक लड़की ने एक लड़की को जन्म दिया है। यह जानकारी स्थानीय अधिकारियों और परिजनों ने दी है।
जैलिस्को राज्य में लड़की की मां डैफने ने स्थानीय अधिकारियों को बताया, जब लड़की गर्भवती हुई थी तो उस समय उसकी उम्र महज आठ साल की थी, और इस नवजात लड़की का पिता एक 17-वर्षीय लड़का है, जो हमें नहीं मिला है, क्योंकि वह भाग गया है।टिप्पणियां
राज्य अभियोजन कार्यालय के जार्ज विलासेनर ने कहा, हम भी उस युवक को तलाश कर रहे हैं, ताकि उसका पक्ष जाना जा सके, क्योंकि लड़की यह नहीं समझती कि क्या हुआ है। यह बलात्कार या बाल यौन उत्पीड़न का मामला है।
बच्ची का जन्म 27 जनवरी, 2013 को जोकिपान अस्पताल में हुआ था और जन्म के समय उसका वजन 2.7 किलो था। जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य ठीक होने के चलते सप्ताहांत के दौरान अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, परन्तु डॉक्टरों के अनुसार दोनों का अच्छी तरह ध्यान रखना होगा, क्योंकि मां बनने वाली बच्ची की उम्र काफी कम है।
जैलिस्को राज्य में लड़की की मां डैफने ने स्थानीय अधिकारियों को बताया, जब लड़की गर्भवती हुई थी तो उस समय उसकी उम्र महज आठ साल की थी, और इस नवजात लड़की का पिता एक 17-वर्षीय लड़का है, जो हमें नहीं मिला है, क्योंकि वह भाग गया है।टिप्पणियां
राज्य अभियोजन कार्यालय के जार्ज विलासेनर ने कहा, हम भी उस युवक को तलाश कर रहे हैं, ताकि उसका पक्ष जाना जा सके, क्योंकि लड़की यह नहीं समझती कि क्या हुआ है। यह बलात्कार या बाल यौन उत्पीड़न का मामला है।
बच्ची का जन्म 27 जनवरी, 2013 को जोकिपान अस्पताल में हुआ था और जन्म के समय उसका वजन 2.7 किलो था। जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य ठीक होने के चलते सप्ताहांत के दौरान अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, परन्तु डॉक्टरों के अनुसार दोनों का अच्छी तरह ध्यान रखना होगा, क्योंकि मां बनने वाली बच्ची की उम्र काफी कम है।
राज्य अभियोजन कार्यालय के जार्ज विलासेनर ने कहा, हम भी उस युवक को तलाश कर रहे हैं, ताकि उसका पक्ष जाना जा सके, क्योंकि लड़की यह नहीं समझती कि क्या हुआ है। यह बलात्कार या बाल यौन उत्पीड़न का मामला है।
बच्ची का जन्म 27 जनवरी, 2013 को जोकिपान अस्पताल में हुआ था और जन्म के समय उसका वजन 2.7 किलो था। जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य ठीक होने के चलते सप्ताहांत के दौरान अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, परन्तु डॉक्टरों के अनुसार दोनों का अच्छी तरह ध्यान रखना होगा, क्योंकि मां बनने वाली बच्ची की उम्र काफी कम है।
बच्ची का जन्म 27 जनवरी, 2013 को जोकिपान अस्पताल में हुआ था और जन्म के समय उसका वजन 2.7 किलो था। जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य ठीक होने के चलते सप्ताहांत के दौरान अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, परन्तु डॉक्टरों के अनुसार दोनों का अच्छी तरह ध्यान रखना होगा, क्योंकि मां बनने वाली बच्ची की उम्र काफी कम है। | यह एक सारांश है: लड़की की मां ने बताया, जब लड़की गर्भवती हुई थी तो महज आठ साल की थी, और नवजात लड़की का पिता एक 17-वर्षीय लड़का है, जो हमें नहीं मिला है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिद्धार्थ और जैकलीन का 'डिस्को-डिस्को' गाना सभी का दिल जीत रहा है. अब निर्माताओं ने 'डिस्को-डिस्को' का निर्माण वीडियो जारी कर दिया है.
वीडियो में जहां सिद्धार्थ मल्होत्रा डिस्को युग को वापस लाने की बात कर रहे हैं, वहीं जैकलिन ने भी बताया है कि किस तरह 60s, 70s और 80s का उनके परिवार पर प्रभाव है.
अभिनेता सिद्धार्थ चमकदार जैकेट और जूते पहने हुए अधिक उत्साहित थे. उन्होंने कहा "पहली बार मैं परदे पर बेल-बॉटम पहने हुए हूं जो बहुत अच्छा है. जैकेट और जूते चमकदार हैं. बहुत रोशनी, बहुत चमक है.'' जैकलीन ने गीत में 'ऊह और आह' के लिए अपने आकर्षण का कारण व्यक्त किया कि यह हमें 'रेट्रो' युग में ले जाता है.
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बॉस्को के साथ अपने सहयोग को याद करते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने बॉस्को के साथ काला चश्मा गाने के दौरान काम किया था. वह कोरियोग्राफर और उनकी टीम के बेस्ट डांस नंबरों की प्रशंसा करते हुए नजर आए. बॉस्को भी अभिनेता को अपनी धुनों में नृत्य करवाते हुए काफी खुश थे.
जैकलीन ने गीत के पसंदीदा हिस्से को गाते हुए कहा, सचमुच अद्भुत शॉट है, जो वास्तव में मजेदार है. यह गीत में मेरी पसंदीदा चीजों में से एक है.
कोरियोग्राफर बॉस्को शेयर करते हुए कहा, ''हमने वास्तव में कुछ अजीब और मजेदार मूव्स बनाए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कैसे गाने के साथ जैकलीन के नृत्य को मजेदार बना दिया.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
वीडियो में जहां सिद्धार्थ मल्होत्रा डिस्को युग को वापस लाने की बात कर रहे हैं, वहीं जैकलिन ने भी बताया है कि किस तरह 60s, 70s और 80s का उनके परिवार पर प्रभाव है.
अभिनेता सिद्धार्थ चमकदार जैकेट और जूते पहने हुए अधिक उत्साहित थे. उन्होंने कहा "पहली बार मैं परदे पर बेल-बॉटम पहने हुए हूं जो बहुत अच्छा है. जैकेट और जूते चमकदार हैं. बहुत रोशनी, बहुत चमक है.'' जैकलीन ने गीत में 'ऊह और आह' के लिए अपने आकर्षण का कारण व्यक्त किया कि यह हमें 'रेट्रो' युग में ले जाता है.
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बॉस्को के साथ अपने सहयोग को याद करते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने बॉस्को के साथ काला चश्मा गाने के दौरान काम किया था. वह कोरियोग्राफर और उनकी टीम के बेस्ट डांस नंबरों की प्रशंसा करते हुए नजर आए. बॉस्को भी अभिनेता को अपनी धुनों में नृत्य करवाते हुए काफी खुश थे.
जैकलीन ने गीत के पसंदीदा हिस्से को गाते हुए कहा, सचमुच अद्भुत शॉट है, जो वास्तव में मजेदार है. यह गीत में मेरी पसंदीदा चीजों में से एक है.
कोरियोग्राफर बॉस्को शेयर करते हुए कहा, ''हमने वास्तव में कुछ अजीब और मजेदार मूव्स बनाए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कैसे गाने के साथ जैकलीन के नृत्य को मजेदार बना दिया.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बॉस्को के साथ अपने सहयोग को याद करते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने बॉस्को के साथ काला चश्मा गाने के दौरान काम किया था. वह कोरियोग्राफर और उनकी टीम के बेस्ट डांस नंबरों की प्रशंसा करते हुए नजर आए. बॉस्को भी अभिनेता को अपनी धुनों में नृत्य करवाते हुए काफी खुश थे.
जैकलीन ने गीत के पसंदीदा हिस्से को गाते हुए कहा, सचमुच अद्भुत शॉट है, जो वास्तव में मजेदार है. यह गीत में मेरी पसंदीदा चीजों में से एक है.
कोरियोग्राफर बॉस्को शेयर करते हुए कहा, ''हमने वास्तव में कुछ अजीब और मजेदार मूव्स बनाए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कैसे गाने के साथ जैकलीन के नृत्य को मजेदार बना दिया.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
जैकलीन ने गीत के पसंदीदा हिस्से को गाते हुए कहा, सचमुच अद्भुत शॉट है, जो वास्तव में मजेदार है. यह गीत में मेरी पसंदीदा चीजों में से एक है.
कोरियोग्राफर बॉस्को शेयर करते हुए कहा, ''हमने वास्तव में कुछ अजीब और मजेदार मूव्स बनाए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कैसे गाने के साथ जैकलीन के नृत्य को मजेदार बना दिया.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
कोरियोग्राफर बॉस्को शेयर करते हुए कहा, ''हमने वास्तव में कुछ अजीब और मजेदार मूव्स बनाए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कैसे गाने के साथ जैकलीन के नृत्य को मजेदार बना दिया.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
इस गाने में सिज़्ज़लिंग जोड़ी को कदम से कदम मिलाते हुए दर्शाया गया है, फिल्म 'ए जेंटलमैन मिस्टेकन आइडेंटिटी' के आसपास घूमती है. फिल्म एक्शन, कॉमेडी, रोमांच और रोमांस से भरपूर है.टिप्पणियां
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
फिल्म के ट्रेलर को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म का बड़ी उम्मीदों से निर्माण हुआ है. पहले गीत से इस फिल्म ने लोगो में दोगुना उत्साह पैदा किया है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है.
फॉक्स स्टार स्टूडियोज द्वारा निर्मित, 'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया है. यह 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार है. | संक्षिप्त पाठ: 'ए जेंटलमैन' 25 अगस्त, 2017 को रिलीज के लिए तैयार
अभिनेता सिद्धार्थ चमकदार जैकेट और जूते पहनकर उत्साहित
'ए जेंटलमैन' का निर्देशन राज और डीके ने किया | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि संसद भंग करने का समय आ गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार तथा केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ 30 जनवरी से देशभर में यात्रा शुरू करने की भी घोषणा की।
अन्ना हजारे ने कहा, मैं 30 जनवरी को बिहार के पटना से केंद्र सरकार तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ यात्रा शुरू करूंगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा आंदोलन अगले 25 वर्षों तक चलेगा। मैं वर्ष 2014 के आम चुनाव का इंतजार कर रहा हूं। यदि जन लोकपाल विधेयक संसद में पारित नहीं किया जाता है तो मैं फिर प्रदर्शन करूंगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन के नए दफ्तर का उद्घाटन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि पर महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में होगा। उसी दिन अन्ना हजारे देशभर के 1,000 युवाओं का आह्वान कर आखिरी दम तक आंदोलन चलाने की शपथ लेंगे।
सरकार और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अन्ना हजारे देशव्यापी यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, संसद भंग करने का समय आ गया है। संसद में बैठे लोग अन्य देशों को भारतीय बाजार में आने की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद संविधान का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। वे चुनाव के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं।टिप्पणियां
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
अन्ना हजारे ने कहा, मैं 30 जनवरी को बिहार के पटना से केंद्र सरकार तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ यात्रा शुरू करूंगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा आंदोलन अगले 25 वर्षों तक चलेगा। मैं वर्ष 2014 के आम चुनाव का इंतजार कर रहा हूं। यदि जन लोकपाल विधेयक संसद में पारित नहीं किया जाता है तो मैं फिर प्रदर्शन करूंगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन के नए दफ्तर का उद्घाटन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि पर महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में होगा। उसी दिन अन्ना हजारे देशभर के 1,000 युवाओं का आह्वान कर आखिरी दम तक आंदोलन चलाने की शपथ लेंगे।
सरकार और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अन्ना हजारे देशव्यापी यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, संसद भंग करने का समय आ गया है। संसद में बैठे लोग अन्य देशों को भारतीय बाजार में आने की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद संविधान का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। वे चुनाव के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं।टिप्पणियां
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन के नए दफ्तर का उद्घाटन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि पर महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में होगा। उसी दिन अन्ना हजारे देशभर के 1,000 युवाओं का आह्वान कर आखिरी दम तक आंदोलन चलाने की शपथ लेंगे।
सरकार और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अन्ना हजारे देशव्यापी यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, संसद भंग करने का समय आ गया है। संसद में बैठे लोग अन्य देशों को भारतीय बाजार में आने की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद संविधान का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। वे चुनाव के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं।टिप्पणियां
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
सरकार और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अन्ना हजारे देशव्यापी यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा, संसद भंग करने का समय आ गया है। संसद में बैठे लोग अन्य देशों को भारतीय बाजार में आने की अनुमति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद संविधान का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। वे चुनाव के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं।टिप्पणियां
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
उन्होंने कहा कि सांसद संविधान का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। वे चुनाव के नाम पर लोगों को बांट रहे हैं।टिप्पणियां
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
अपनी टीम के बारे में अन्ना हजारे ने कहा कि कोर कमेटी को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। चयन सूची में 90 लोग हैं।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
अन्ना हजारे को एसिडिटी तथा तनाव की शिकायत के बाद गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। | यह एक सारांश है: समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को कहा कि संसद भंग करने का समय आ गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार तथा केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ 30 जनवरी से देशभर में यात्रा शुरू करने की भी घोषणा की। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सऊदी अरब में नौकरियां चले जाने के बाद गंभीर आर्थिक संकट से हजारों भारतीय कामगारों के जूझने के बीच विदेश राज्यमंत्री वी.के. सिंह स्थिति का जायजा लेने और स्वदेश लौटने को इच्छुक लोगों को वापस लाने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार रात खाड़ी देश के लिए रवाना हुए.
वीके सिंह की यात्रा से पहले नई दिल्ली में भारतीय दूतावास ने नियोक्ताओं द्वारा छंटनी कर दिए भारतीय कामगारों का विवरण जुटाने की पहल शुरू की है. फिलहाल, कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में रह रहे हैं. दूतावास सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अन्य भारतीय कामगारों के बारे में विवरण जुटा रहा है.
वीके सिंह मंगलवार रात दुबई के रास्ते जेद्दाह के लिए रवाना हुए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि जमीनी स्तर पर उनका आकलन आगे की कार्रवाई तय करेगा.
कच्चे तेल की कीमतें घटने और सऊदी अरब की सरकार द्वारा खर्चों में कटौती करने के कारण इस खाड़ी देश की अर्थव्यवस्था मंदी की शिकार हो गई है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी चली गई है. भोजन खरीदने में असमर्थ लोगों को भारतीय मिशन ने भोजन उपलब्ध करवाया है.
मंगलवार को इससे पहले, खाड़ी देशों से जुड़े मामलों को देखने वाले वीके सिंह के मंत्रिमंडल सहयोगी एम.जे. अकबर ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर बेरोजगार भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की.
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वीके सिंह की यात्रा से पहले नई दिल्ली में भारतीय दूतावास ने नियोक्ताओं द्वारा छंटनी कर दिए भारतीय कामगारों का विवरण जुटाने की पहल शुरू की है. फिलहाल, कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में रह रहे हैं. दूतावास सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अन्य भारतीय कामगारों के बारे में विवरण जुटा रहा है.
वीके सिंह मंगलवार रात दुबई के रास्ते जेद्दाह के लिए रवाना हुए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि जमीनी स्तर पर उनका आकलन आगे की कार्रवाई तय करेगा.
कच्चे तेल की कीमतें घटने और सऊदी अरब की सरकार द्वारा खर्चों में कटौती करने के कारण इस खाड़ी देश की अर्थव्यवस्था मंदी की शिकार हो गई है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी चली गई है. भोजन खरीदने में असमर्थ लोगों को भारतीय मिशन ने भोजन उपलब्ध करवाया है.
मंगलवार को इससे पहले, खाड़ी देशों से जुड़े मामलों को देखने वाले वीके सिंह के मंत्रिमंडल सहयोगी एम.जे. अकबर ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर बेरोजगार भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की.
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वीके सिंह मंगलवार रात दुबई के रास्ते जेद्दाह के लिए रवाना हुए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि जमीनी स्तर पर उनका आकलन आगे की कार्रवाई तय करेगा.
कच्चे तेल की कीमतें घटने और सऊदी अरब की सरकार द्वारा खर्चों में कटौती करने के कारण इस खाड़ी देश की अर्थव्यवस्था मंदी की शिकार हो गई है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी चली गई है. भोजन खरीदने में असमर्थ लोगों को भारतीय मिशन ने भोजन उपलब्ध करवाया है.
मंगलवार को इससे पहले, खाड़ी देशों से जुड़े मामलों को देखने वाले वीके सिंह के मंत्रिमंडल सहयोगी एम.जे. अकबर ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर बेरोजगार भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की.
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कच्चे तेल की कीमतें घटने और सऊदी अरब की सरकार द्वारा खर्चों में कटौती करने के कारण इस खाड़ी देश की अर्थव्यवस्था मंदी की शिकार हो गई है, जिससे हजारों भारतीयों की नौकरी चली गई है. भोजन खरीदने में असमर्थ लोगों को भारतीय मिशन ने भोजन उपलब्ध करवाया है.
मंगलवार को इससे पहले, खाड़ी देशों से जुड़े मामलों को देखने वाले वीके सिंह के मंत्रिमंडल सहयोगी एम.जे. अकबर ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर बेरोजगार भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की.
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मंगलवार को इससे पहले, खाड़ी देशों से जुड़े मामलों को देखने वाले वीके सिंह के मंत्रिमंडल सहयोगी एम.जे. अकबर ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद बिन मोहम्मद अल साती से मुलाकात कर बेरोजगार भारतीयों की स्थिति पर चर्चा की.
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अकबर ने ट्वीट किया, 'भारत में सऊदी के राजदूत डॉ. सउद बिन मोहम्मद अल साती से सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. भारतीय कामगारों समेत सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में सऊदी सरकार की ओर से आश्वासन और सहयोग मिलने पर मुझे प्रसन्नता है.'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीय कामगार वापस लाए जाएंगे. भारतीय दूतावास से एक टीम ने कामगारों के कानूनी बकायों के संरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सोमवार को सऊदी अरब के श्रम अधिकारियों से मुलाकात की थी.
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वरूप ने बताया कि रियाद में भारतीय दूतावास ने सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सोमवार को एक बैठक की, जिसमें राजदूत ने प्रभावित कामगारों के बारे में सूचनाएं जुटाने में उनकी मदद मांगी थी. उन्हें एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया, जिस पर मांग सूचना इस दूतावास को सौंपी जानी है.
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से नियोक्ताओं के एनओसी के बगैर बेरोजगार भारतीय कामगारों को निकासी वीजा देने का अनुरोध किया है और उन कर्मचारियों के बकाए का निपटान करने का भी अनुरोध किया है जिन कर्मचारियों के कई महीनों से वेतन बकाया हैं.
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वीके सिंह बुधवार तड़के जेद्दा पहुंच जाएंगे और शुक्रवार की शाम तक उनके लौटने का कार्यक्रम है. वह दुबई होकर जेद्दा जा रहे हैं. स्वरूप ने बताया कि मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 4,072 भारतीय कामगार रियाद में नौ शिविरों में रह रहे हैं, वहीं मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 कर्मचारियों को दम्माम में दो शिविरों में रखा गया है.
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैसर्स शिफा सनाया के पांच कामगार रियाद में एक शिविर में हैं, जबकि मैसर्स तैया कंट्रेक्टिंग कंपनी के 13 भारतीय कर्मचारी एक शिविर में ठहरे हुए हैं. स्वरूप ने बताया कि रियाद में चौदह शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय कामगारों को भारतीय दूतावास द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वरूप ने कहा, 'इनके अलावा, जेद्दाह में छह शिविरों में मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय कामगार हैं जिन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा भोजन उपलब्ध कराया गया है. इस तरह से कुल 7,700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में हैं.' दूतावास की टीमें सोमवार को रियाद में छह शिविरों में गई थीं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'प्रत्येक कामगार, उसकी कुल सेवा, बकाया वेतन, बाहर निकलने. नौकरी में बने रहे. स्थानांतरण की इच्छा के बारे में अलग-अलग सूचना इकट्ठा की जा रही है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनमें से किसी को भी भूखा नहीं रहना होगा.टिप्पणियां
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वराज ने कहा कि भारत सरकार सऊदी अरब के विदेश और श्रमिक विभाग के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि प्रभावित भारतीयों को वहां से जल्द से जल्द निकाला जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:वीके सिंह मंगलवार रात दुबई के रास्ते जेद्दाह के लिए रवाना हुए
सऊदी अरब में 7700 प्रभावित भारतीय कामगार 20 शिविरों में रह रहे हैं
सुषमा ने संसद में कहा था कि कामगारों को वापस भारत लाया जाएगा | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बाढ़ प्रभावित बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ ने अभी तक 26400 से अधिक लोगों को बचाया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने विभिन्न राज्यों में भारी वर्षा के कारण प्रभावित लोगों की मदद के लिए 56 राहत एवं बचाव दलों को लगाया है.
बिहार एवं उत्तर प्रदेश में स्थिति पर नजर रखने के लिए उप महानिरीक्षक स्तर के दो अधिकारियों को लगाया गया है. बल ने कहा, ‘‘अभी तक इस मॉनसून सत्र में देश के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से एनडीआरएफ की टीमों ने 26400 से अधिक लोगों को निकाला है.
बचाव कार्य के अलावा इन टीमों ने इन राज्यों में 9100 से अधिक लोगों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करायी है.’’ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. बिहार में रविवार को एनडीआरएफ टीमों ने दीदारगंज से 3400 लोगों, बख्तियारपुर से 580, दानापुर से 545, छपरा से 380, वैशाली से 355 और मनेर में 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
बल ने कहा कि 11 बाढ़ बचाव टीमों ने कल उत्तर प्रदेश के बलिया से 275 लोगों, वाराणसी से 275 लोगों एवं चित्रकूट से 325 लोगों को बचाया. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से रविवार को पानी में फंसे 147 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. एनडीआरएफ ने कहा कि बल के सिक्किम में पहले से ही तैनात टीम ने तिंगबंग एवं लिंगडांग गांवों से 450 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बचाव एवं राहत अभियान चलाने में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं तथा उन्होंने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है. राजनाथ की सोमवार सुबह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश राव, बिहार के नीतीश कुमार एवं राजस्थान की वसुंधरा राजे से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने संबद्ध राज्यों की स्थिति का जायजा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार एवं उत्तर प्रदेश में स्थिति पर नजर रखने के लिए उप महानिरीक्षक स्तर के दो अधिकारियों को लगाया गया है. बल ने कहा, ‘‘अभी तक इस मॉनसून सत्र में देश के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से एनडीआरएफ की टीमों ने 26400 से अधिक लोगों को निकाला है.
बचाव कार्य के अलावा इन टीमों ने इन राज्यों में 9100 से अधिक लोगों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करायी है.’’ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. बिहार में रविवार को एनडीआरएफ टीमों ने दीदारगंज से 3400 लोगों, बख्तियारपुर से 580, दानापुर से 545, छपरा से 380, वैशाली से 355 और मनेर में 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
बल ने कहा कि 11 बाढ़ बचाव टीमों ने कल उत्तर प्रदेश के बलिया से 275 लोगों, वाराणसी से 275 लोगों एवं चित्रकूट से 325 लोगों को बचाया. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से रविवार को पानी में फंसे 147 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. एनडीआरएफ ने कहा कि बल के सिक्किम में पहले से ही तैनात टीम ने तिंगबंग एवं लिंगडांग गांवों से 450 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बचाव एवं राहत अभियान चलाने में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं तथा उन्होंने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है. राजनाथ की सोमवार सुबह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश राव, बिहार के नीतीश कुमार एवं राजस्थान की वसुंधरा राजे से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने संबद्ध राज्यों की स्थिति का जायजा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बचाव कार्य के अलावा इन टीमों ने इन राज्यों में 9100 से अधिक लोगों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करायी है.’’ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. बिहार में रविवार को एनडीआरएफ टीमों ने दीदारगंज से 3400 लोगों, बख्तियारपुर से 580, दानापुर से 545, छपरा से 380, वैशाली से 355 और मनेर में 15 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
बल ने कहा कि 11 बाढ़ बचाव टीमों ने कल उत्तर प्रदेश के बलिया से 275 लोगों, वाराणसी से 275 लोगों एवं चित्रकूट से 325 लोगों को बचाया. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से रविवार को पानी में फंसे 147 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. एनडीआरएफ ने कहा कि बल के सिक्किम में पहले से ही तैनात टीम ने तिंगबंग एवं लिंगडांग गांवों से 450 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बचाव एवं राहत अभियान चलाने में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं तथा उन्होंने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है. राजनाथ की सोमवार सुबह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश राव, बिहार के नीतीश कुमार एवं राजस्थान की वसुंधरा राजे से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने संबद्ध राज्यों की स्थिति का जायजा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बल ने कहा कि 11 बाढ़ बचाव टीमों ने कल उत्तर प्रदेश के बलिया से 275 लोगों, वाराणसी से 275 लोगों एवं चित्रकूट से 325 लोगों को बचाया. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से रविवार को पानी में फंसे 147 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. एनडीआरएफ ने कहा कि बल के सिक्किम में पहले से ही तैनात टीम ने तिंगबंग एवं लिंगडांग गांवों से 450 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. टिप्पणियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बचाव एवं राहत अभियान चलाने में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं तथा उन्होंने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है. राजनाथ की सोमवार सुबह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश राव, बिहार के नीतीश कुमार एवं राजस्थान की वसुंधरा राजे से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने संबद्ध राज्यों की स्थिति का जायजा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन बाढ़ पीड़ित राज्यों में बचाव एवं राहत अभियान चलाने में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं तथा उन्होंने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की है. राजनाथ की सोमवार सुबह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, उत्तराखंड के हरीश राव, बिहार के नीतीश कुमार एवं राजस्थान की वसुंधरा राजे से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने संबद्ध राज्यों की स्थिति का जायजा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: प्रभावित लोगों की मदद के लिए 56 राहत एवं बचाव दलों को लगाया है
9100 से अधिक लोगों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करायी गई है
पीएम मोदी ने बचाव एवं राहत अभियान में पूर्ण सहयेाग का वादा किया है | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने मंगलवार को दक्षिण एशिया के सभी देशों से अफगानिस्तान के विकास एवं शांति प्रक्रिया में सहयोग करने का अनुरोध किया। भारत ने कहा कि आंतकवाद से काबुल को 'काफी नुकसान' पहुंचा है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ एक महत्वपूर्ण सामरिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अफगानिस्तान पर इस साल प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत शरीक होगा। द्विपक्षीय करारों पर हस्ताक्षर करने के बाद करजई के साथ मौजूद मनमोहन सिंह ने कहा, "क्षेत्र के सभी देशों को अफगानिस्तान के लिए शांति प्रक्रिया के कार्यो में अवश्य मदद करनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "अफगान लोगों के नेतृत्व में एक समाधान हासिल करने के लिए भारत अफगानिस्तान के साथ खड़ा होगा।" ज्ञात हो कि करजई अपनी दो दिनों की भारत यात्रा पर हैं। इसके पहले दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण सामरिक सहयोग समझौते के अलावा खनन एवं हाइड्रोकार्बन से सम्बंधित दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने दक्षिण एशिया के सभी देशों से अफगानिस्तान के विकास एवं शांति प्रक्रिया में सहयोग करने का अनुरोध किया। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इस वीडियो में टाइगर श्रॉफ डांस करते नजर आ रहे हैं. उनके डांस स्टेप्स लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. उनके इस वीडियो पर लाखों लाइक्स आए हैं. देखिए वीडियो..
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक लड़का 7 अंडो के योक से मोमो बना रहा है. इस वीडियो को देख कर आप हैरान हो जाएंगे.
इस वीडियो में बाप बेटे और बेटी तीनों 'लहंगा' गाने पर परफॉर्म करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं और इस पर 9 लाख लाइक्य आए हैं. देखें वीडियो..
बंजी जंपिंग के इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि लड़का कितनी ऊंचाई से जंप करता है. इस वीडियो को देख आप दंग रह जाएंगे. वीडियो को 1 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है.
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक लड़की टिकटॉक बनाने के लिए गजब की ट्रिक का इस्तेमाल करती है. लड़की फोन को रबर बैंड से खिड़की में बांध देती है और इसकी मदद से वह वीडियो बनाती है.
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक शख्स आलू से एक नई डिश बनाता नजर आ रहा है. इसे देखने के बाद आपके मुंह में पानी आने वाला है.
इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक लड़का ये बता रहा है कि सोना कैसे बनाया जाता है, ये वीडियो काफी दिलचस्प है.
इस वीडियो में एक लड़की 'वखरा स्वैग' गाने पर अपने परफॉरमेंस से जलवा बिखेर रही है. इस वीडियो पर 1.2 मिलियन लाइक्स आए हैं. देखें वीडियो..
इस वीडियो में एक लड़का 3 फुटबॉल पकड़ा हुआ है और दूसरा लड़का बीच वाली फुटबॉल को किक मारकर गोल करता नजर आ रहा है. | संक्षिप्त सारांश: टाइगर श्रॉफ का डांस वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है.
उनके वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है.
वीडियो पर लाखों लाइक्स आए हैं. | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विवादास्पद लेखक सलमान रुश्दी ने विख्यात इस्लामी मदरसे दारूल उलूम देवबंद द्वारा उनकी भारत यात्रा के विरोध को दरकिनार करते हुए कहा कि उन्हें यहां आने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है।
रुश्दी ने माइक्रोब्लांगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है, ‘रिकॉर्ड के लिए मैं बताना चाहूंगा कि मेरी भारत यात्रा के लिए मुझे वीजा की जरूरत नहीं है।’ उनकी यात्रा का विरोध करते हुए संस्था ने कहा था कि भारत सरकार को उनका वीजा रद्द कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंेने विगत में मुस्लिमों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई है।
भारतीय मूल के रुश्दी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है और वह पीआईओ (भारतीय मूल का व्यक्ति) कार्डधारक हैं। उनका इस महीने के अंत में जयपुर में आयोजित साहित्य सम्मान में शामिल होने का कार्यक्रम है।
रुश्दी (65) अपने उपन्यास ‘द सैटिनक वर्सेज’ को लेकर 1988 मे विवादों में आए थे और भारत ने इस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने लेखक के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। टिप्पणियां
जयपुर साहित्य समारोह का आयोजन कर रहे टीमवर्क्स प्रोडक्शंस के प्रबंध निदेशक संजय राय ने कहा, ‘जयपुर समारोह जैसा साहित्यिक मंच भारत की बेहतरीन लोकतांत्रिक परंपराओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई साहित्यिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे।
रुश्दी ने माइक्रोब्लांगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है, ‘रिकॉर्ड के लिए मैं बताना चाहूंगा कि मेरी भारत यात्रा के लिए मुझे वीजा की जरूरत नहीं है।’ उनकी यात्रा का विरोध करते हुए संस्था ने कहा था कि भारत सरकार को उनका वीजा रद्द कर देना चाहिए क्योंकि उन्होंेने विगत में मुस्लिमों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई है।
भारतीय मूल के रुश्दी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है और वह पीआईओ (भारतीय मूल का व्यक्ति) कार्डधारक हैं। उनका इस महीने के अंत में जयपुर में आयोजित साहित्य सम्मान में शामिल होने का कार्यक्रम है।
रुश्दी (65) अपने उपन्यास ‘द सैटिनक वर्सेज’ को लेकर 1988 मे विवादों में आए थे और भारत ने इस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने लेखक के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। टिप्पणियां
जयपुर साहित्य समारोह का आयोजन कर रहे टीमवर्क्स प्रोडक्शंस के प्रबंध निदेशक संजय राय ने कहा, ‘जयपुर समारोह जैसा साहित्यिक मंच भारत की बेहतरीन लोकतांत्रिक परंपराओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई साहित्यिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे।
भारतीय मूल के रुश्दी के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है और वह पीआईओ (भारतीय मूल का व्यक्ति) कार्डधारक हैं। उनका इस महीने के अंत में जयपुर में आयोजित साहित्य सम्मान में शामिल होने का कार्यक्रम है।
रुश्दी (65) अपने उपन्यास ‘द सैटिनक वर्सेज’ को लेकर 1988 मे विवादों में आए थे और भारत ने इस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने लेखक के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। टिप्पणियां
जयपुर साहित्य समारोह का आयोजन कर रहे टीमवर्क्स प्रोडक्शंस के प्रबंध निदेशक संजय राय ने कहा, ‘जयपुर समारोह जैसा साहित्यिक मंच भारत की बेहतरीन लोकतांत्रिक परंपराओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई साहित्यिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे।
रुश्दी (65) अपने उपन्यास ‘द सैटिनक वर्सेज’ को लेकर 1988 मे विवादों में आए थे और भारत ने इस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने लेखक के खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। टिप्पणियां
जयपुर साहित्य समारोह का आयोजन कर रहे टीमवर्क्स प्रोडक्शंस के प्रबंध निदेशक संजय राय ने कहा, ‘जयपुर समारोह जैसा साहित्यिक मंच भारत की बेहतरीन लोकतांत्रिक परंपराओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई साहित्यिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे।
जयपुर साहित्य समारोह का आयोजन कर रहे टीमवर्क्स प्रोडक्शंस के प्रबंध निदेशक संजय राय ने कहा, ‘जयपुर समारोह जैसा साहित्यिक मंच भारत की बेहतरीन लोकतांत्रिक परंपराओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करता है।’ उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी पिछले कुछ वर्षों में भारत में कई साहित्यिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल होते रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि विगत में भी समारोह में स्वच्छंदभाव वाले वक्ता शामिल होते रहे हैं। उन्होंने इस क्रम में सोमालियाई मूल के अय्यन हिरसी अली का नाम लिया। चार दिनों तक चलने वाले इस समारोह की शुरूआत 20 जनवरी से हो रही है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित लेखक तीन दिन विभिन्न सत्रों में मौजूद रहेंगे। रुश्दी इसके पहले 2007 में भी इस समारोह में शामिल हुए थे। | रुश्दी ने टि्वटर पर अपनी ये प्रतिक्रिया दी है। रुश्दी के भारत आने का दारूल उलूम विरोध कर रहा है। साथ ही कुछ राजनीतिक पार्टियां भी यात्रा के विरोध में है। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक बीजेपी का संकट गहराया गया है। बुधवार को 20 विधायकों की पार्टी प्रमुख को चिट्ठी लिखे जाने के बाद येदियुरप्पा के समर्थक 12 सांसदों ने मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को लिखकर विधायक दल की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
वहीं, मुख्यमंत्री गौड़ा ने बैठक बुलाने से इनकार कर दिया है। अब यह सब सांसद और विधायक शुक्रवार को बेंगलुरु में बैठक करेंगे। येदियुरप्पा के समर्थकों की इस बैठक में आगे की रणनीति पर होगा विचार किया जाएगा।टिप्पणियां
कहा जा रहा है कि यह सभी नेतागण राज्यपाल के पास जा सकते हैं। घटना की गंभीरता को भांपते हुए मामला सुलझाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू को तुरंत दिल्ली से बेंगलुरु रवाना कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को भी कई विधायकों सीएम को लिखित में आवेदन किया था कि विधायक दल की बैठक बुलाई जाए। सीएम गौड़ा ने बैठक बुलाने से साफ़ इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके तकरीबन 25 विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी। मामले ने नए सिरे से तूल पकड़ा जब कुछ अखबारों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ईश्वरप्पा के लिखे खत को छाप दिया जो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लिखा था। इसमें येदियुरप्पा के साथ ही पांच अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री गौड़ा ने बैठक बुलाने से इनकार कर दिया है। अब यह सब सांसद और विधायक शुक्रवार को बेंगलुरु में बैठक करेंगे। येदियुरप्पा के समर्थकों की इस बैठक में आगे की रणनीति पर होगा विचार किया जाएगा।टिप्पणियां
कहा जा रहा है कि यह सभी नेतागण राज्यपाल के पास जा सकते हैं। घटना की गंभीरता को भांपते हुए मामला सुलझाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू को तुरंत दिल्ली से बेंगलुरु रवाना कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को भी कई विधायकों सीएम को लिखित में आवेदन किया था कि विधायक दल की बैठक बुलाई जाए। सीएम गौड़ा ने बैठक बुलाने से साफ़ इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके तकरीबन 25 विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी। मामले ने नए सिरे से तूल पकड़ा जब कुछ अखबारों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ईश्वरप्पा के लिखे खत को छाप दिया जो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लिखा था। इसमें येदियुरप्पा के साथ ही पांच अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
कहा जा रहा है कि यह सभी नेतागण राज्यपाल के पास जा सकते हैं। घटना की गंभीरता को भांपते हुए मामला सुलझाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू को तुरंत दिल्ली से बेंगलुरु रवाना कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को भी कई विधायकों सीएम को लिखित में आवेदन किया था कि विधायक दल की बैठक बुलाई जाए। सीएम गौड़ा ने बैठक बुलाने से साफ़ इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके तकरीबन 25 विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी। मामले ने नए सिरे से तूल पकड़ा जब कुछ अखबारों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ईश्वरप्पा के लिखे खत को छाप दिया जो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लिखा था। इसमें येदियुरप्पा के साथ ही पांच अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
गौरतलब है कि बुधवार को भी कई विधायकों सीएम को लिखित में आवेदन किया था कि विधायक दल की बैठक बुलाई जाए। सीएम गौड़ा ने बैठक बुलाने से साफ़ इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके तकरीबन 25 विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी। मामले ने नए सिरे से तूल पकड़ा जब कुछ अखबारों ने मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ईश्वरप्पा के लिखे खत को छाप दिया जो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लिखा था। इसमें येदियुरप्पा के साथ ही पांच अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कार्रवाई की मांग की गई है। | सारांश: बुधवार को 20 विधायकों की पार्टी प्रमुख को चिट्ठी लिखे जाने के बाद येदियुरप्पा के समर्थक 12 सांसदों ने मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को लिखकर विधायक दल की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक 60 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को न्यूयॉर्क के क्वींस में घर जाते समय बीच रास्ते में चाकू मार दिया गया. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह हमला नफरत की वजह से किया गया. 'द इंडिपेंडेंट' के मुताबिक, नजमा खानम बांग्लादेश की सेवानिवृत्त शिक्षक थी. उन्होंने हत्या के वक्त स्कार्फ पहना हुआ था.
इससे पहले बांग्लादेशी मूल के क्वींस मस्जिद के इमाम और उनके सहयोगी पर एक अकेले बंदूकधारी ने पास से हमला किया था. इसके करीब दो हफ्ते के बाद खानम की हत्या हुई है.खानम पर क्वींस में बुधवार को अपनी दुकान से पति के साथ वापस लौटते समय हमला किया गया और छाती में चाकू मारा गया.
'न्यूयॉर्क डेली' की रिपोर्ट के मुताबिक, खानम के भतीजे और सिपाही, हुमायूं कबीर (35) ने कहा कि मुझे मेरे चाचा ने बताया कि मेरे चाची की मौत हो गई है. वे रो और चिल्ला रहे थे कि मेरी पत्नी को देश में आते ही मार दिया गया, इससे अच्छी तो उनकी बांग्लादेश में जिंदगी थी.टिप्पणियां
'एबीसी7-आईविटनेस न्यूज' के मुताबिक, इस मामले में न्यूयॉर्क की अमेरिकी-इस्लामी संबंध परिषद (सीएआईआर-एनवाई) ने गुरुवार को पुलिस से अपील की कि चाकू मारने की संभव कारणों की जांच की जाए.
इससे पहले बांग्लादेशी मूल के क्वींस मस्जिद के इमाम और उनके सहयोगी पर एक अकेले बंदूकधारी ने पास से हमला किया था. इसके करीब दो हफ्ते के बाद खानम की हत्या हुई है.खानम पर क्वींस में बुधवार को अपनी दुकान से पति के साथ वापस लौटते समय हमला किया गया और छाती में चाकू मारा गया.
'न्यूयॉर्क डेली' की रिपोर्ट के मुताबिक, खानम के भतीजे और सिपाही, हुमायूं कबीर (35) ने कहा कि मुझे मेरे चाचा ने बताया कि मेरे चाची की मौत हो गई है. वे रो और चिल्ला रहे थे कि मेरी पत्नी को देश में आते ही मार दिया गया, इससे अच्छी तो उनकी बांग्लादेश में जिंदगी थी.टिप्पणियां
'एबीसी7-आईविटनेस न्यूज' के मुताबिक, इस मामले में न्यूयॉर्क की अमेरिकी-इस्लामी संबंध परिषद (सीएआईआर-एनवाई) ने गुरुवार को पुलिस से अपील की कि चाकू मारने की संभव कारणों की जांच की जाए.
'न्यूयॉर्क डेली' की रिपोर्ट के मुताबिक, खानम के भतीजे और सिपाही, हुमायूं कबीर (35) ने कहा कि मुझे मेरे चाचा ने बताया कि मेरे चाची की मौत हो गई है. वे रो और चिल्ला रहे थे कि मेरी पत्नी को देश में आते ही मार दिया गया, इससे अच्छी तो उनकी बांग्लादेश में जिंदगी थी.टिप्पणियां
'एबीसी7-आईविटनेस न्यूज' के मुताबिक, इस मामले में न्यूयॉर्क की अमेरिकी-इस्लामी संबंध परिषद (सीएआईआर-एनवाई) ने गुरुवार को पुलिस से अपील की कि चाकू मारने की संभव कारणों की जांच की जाए.
'एबीसी7-आईविटनेस न्यूज' के मुताबिक, इस मामले में न्यूयॉर्क की अमेरिकी-इस्लामी संबंध परिषद (सीएआईआर-एनवाई) ने गुरुवार को पुलिस से अपील की कि चाकू मारने की संभव कारणों की जांच की जाए. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: न्यूयॉर्क के क्वींस में घर जाते समय रास्ते में मारा चाकू
हमला के पीछे नफरत की आशंका
हत्या के वक्त मृतिका ने पहन रखा था स्कार्फ | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि चयनकर्ताओं को राष्ट्रीय टीम चुनते समय सिर्फ खिलाड़ियों के आंकड़ों पर विचार नहीं करना चाहिए, बल्कि इसकी जगह दबाव से निपटने की खिलाड़ी की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।
तेंदुलकर ने केएससीए के प्लैटिनम जुबली समारोह के दौरान कहा, चयन सिर्फ स्कोरबुक देखने से जुड़ा नहीं होना चाहिए। चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को चुन सकता है, जिसने काफी अधिक रन बनाए हो, लेकिन यह काम नहीं करेगा। मैंने ऐसे खिलाड़ी देखे हैं, जो घरेलू स्तर पर बेजोड़ थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, चयन के समय खिलाड़ियों का आकलन करना होता है। अगर वह कुछ मैचों में विफल भी हो जाए, तो भी यह देखने की जरूरत है कि क्या उसमें दबाव झेलने की क्षमता है और क्या वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन कर सकता है।
तेंदुलकर ने कहा कि आलोचना का सामना करने वाले ट्वेंटी-20 प्रारूप सहित क्रिकेट में आए अन्य बदलावों ने खेल को और अधिक रोमांचक बना दिया है और टेस्ट मैचों में अधिक नतीजे हासिल करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा, क्रिकेट एकमात्र खेल है, जिसमें तीन प्रारूप हैं और यह और अधिक रोमांचक होता जा रहा है, खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी।
तेंदुलकर ने केएससीए के प्लैटिनम जुबली समारोह के दौरान कहा, चयन सिर्फ स्कोरबुक देखने से जुड़ा नहीं होना चाहिए। चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ियों को चुन सकता है, जिसने काफी अधिक रन बनाए हो, लेकिन यह काम नहीं करेगा। मैंने ऐसे खिलाड़ी देखे हैं, जो घरेलू स्तर पर बेजोड़ थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, चयन के समय खिलाड़ियों का आकलन करना होता है। अगर वह कुछ मैचों में विफल भी हो जाए, तो भी यह देखने की जरूरत है कि क्या उसमें दबाव झेलने की क्षमता है और क्या वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन कर सकता है।
तेंदुलकर ने कहा कि आलोचना का सामना करने वाले ट्वेंटी-20 प्रारूप सहित क्रिकेट में आए अन्य बदलावों ने खेल को और अधिक रोमांचक बना दिया है और टेस्ट मैचों में अधिक नतीजे हासिल करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा, क्रिकेट एकमात्र खेल है, जिसमें तीन प्रारूप हैं और यह और अधिक रोमांचक होता जा रहा है, खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी।
उन्होंने कहा, चयन के समय खिलाड़ियों का आकलन करना होता है। अगर वह कुछ मैचों में विफल भी हो जाए, तो भी यह देखने की जरूरत है कि क्या उसमें दबाव झेलने की क्षमता है और क्या वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन कर सकता है।
तेंदुलकर ने कहा कि आलोचना का सामना करने वाले ट्वेंटी-20 प्रारूप सहित क्रिकेट में आए अन्य बदलावों ने खेल को और अधिक रोमांचक बना दिया है और टेस्ट मैचों में अधिक नतीजे हासिल करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा, क्रिकेट एकमात्र खेल है, जिसमें तीन प्रारूप हैं और यह और अधिक रोमांचक होता जा रहा है, खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी।
तेंदुलकर ने कहा कि आलोचना का सामना करने वाले ट्वेंटी-20 प्रारूप सहित क्रिकेट में आए अन्य बदलावों ने खेल को और अधिक रोमांचक बना दिया है और टेस्ट मैचों में अधिक नतीजे हासिल करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा, क्रिकेट एकमात्र खेल है, जिसमें तीन प्रारूप हैं और यह और अधिक रोमांचक होता जा रहा है, खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी। | सारांश: तेंदुलकर का मानना है कि चयनकर्ताओं को राष्ट्रीय टीम चुनते समय सिर्फ खिलाड़ियों के आंकड़ों पर गौर नहीं करना चाहिए, बल्कि इसकी जगह दबाव से निपटने की उसकी क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: साउथ वेस्ट टीन के यीबिंग शहर में ऐसा हादसा देखने को मिला जिससे हर कोई हैरान रह गया. जलती बस के अंदर शिंचाऊं प्रांत में यात्री अंदर फंस गए. ये शॉकिंग हादसा 3 जनवरी को हुआ, जहां चलती बस के अंदर आग लग गई. लेकिन बाहर घूम रहे लोगों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर जाकर लोगों को बचाया. ये वीडियो सीसीटीवी में कैद हुआ. एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में ये हादसा कैद हुआ. बाहर घूम रहे लोगों ने जैसे ही बस को जलता देखा तो सबसे पहले शीशे तोड़े और अंदर घुसकर लोगों को बाहर निकाला. ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है....टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में किसी की भी जान नहीं गई है. लेकिन ड्राइवर बुरी तरह घायल हुआ है.
CCTV Plus के मुताबिक, दुकान के मालिक जिन्होंने लोगों की जान बचाई पैन हैफैंग ने कहा- ''उस परस्थिती में जो मैंने किया उसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जो भी होता वो भी मदद करता. अगर मैं उस बस में फंस जाता तो कोई और मेरी जान बचाता. तो ये आम बात है.''
ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है....टिप्पणियां
पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में किसी की भी जान नहीं गई है. लेकिन ड्राइवर बुरी तरह घायल हुआ है.
CCTV Plus के मुताबिक, दुकान के मालिक जिन्होंने लोगों की जान बचाई पैन हैफैंग ने कहा- ''उस परस्थिती में जो मैंने किया उसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जो भी होता वो भी मदद करता. अगर मैं उस बस में फंस जाता तो कोई और मेरी जान बचाता. तो ये आम बात है.''
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पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में किसी की भी जान नहीं गई है. लेकिन ड्राइवर बुरी तरह घायल हुआ है.
CCTV Plus के मुताबिक, दुकान के मालिक जिन्होंने लोगों की जान बचाई पैन हैफैंग ने कहा- ''उस परस्थिती में जो मैंने किया उसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जो भी होता वो भी मदद करता. अगर मैं उस बस में फंस जाता तो कोई और मेरी जान बचाता. तो ये आम बात है.''
पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में किसी की भी जान नहीं गई है. लेकिन ड्राइवर बुरी तरह घायल हुआ है.
CCTV Plus के मुताबिक, दुकान के मालिक जिन्होंने लोगों की जान बचाई पैन हैफैंग ने कहा- ''उस परस्थिती में जो मैंने किया उसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जो भी होता वो भी मदद करता. अगर मैं उस बस में फंस जाता तो कोई और मेरी जान बचाता. तो ये आम बात है.''
CCTV Plus के मुताबिक, दुकान के मालिक जिन्होंने लोगों की जान बचाई पैन हैफैंग ने कहा- ''उस परस्थिती में जो मैंने किया उसमें कोई बड़ी बात नहीं है. जो भी होता वो भी मदद करता. अगर मैं उस बस में फंस जाता तो कोई और मेरी जान बचाता. तो ये आम बात है.'' | संक्षिप्त पाठ: जलती बस के अंदर शिंचाऊं प्रांत में यात्री अंदर फंस गए.
बाहर घूम रहे लोगों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर जाकर लोगों को बचाया.
एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में ये हादसा कैद हुआ. | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को मौजूदा कारोबारी साल में भारत की विकास दर के अनुमान को घटाकर 4.7 फीसदी कर दिया, जिसे पहले उसने छह फीसदी रखा था।
एडीबी ने अपने सालाना एशियाई विकास परिदृश्य 2013 रिपोर्ट में कहा कि रुपये के हाल के अवमूल्यन और पूंजी के बाहर की ओर प्रवाह के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यधिक दबाव में है और इसके साथ संरचनागत दिक्कतों के कारण देश के उच्च विकास दर दोबारा हासिल करने की संभावना कम रह गई है।
मनीला स्थित बैंक ने कहा, "2013-14 की पहली तिमाही में विकास दर वित्तीय संकट के बाद से सबसे कम रह जाने के साथ ही एडीबी ने विकास दर के अनुमान को अप्रैल में घोषित छह फीसदी से घटाकर 4.7 कर दिया।"टिप्पणियां
अगले कारोबारी साल के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया। 2012-13 में देश की विकास दर पांच फीसदी थी।
एडीबी ने हालांकि कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके।
एडीबी ने अपने सालाना एशियाई विकास परिदृश्य 2013 रिपोर्ट में कहा कि रुपये के हाल के अवमूल्यन और पूंजी के बाहर की ओर प्रवाह के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यधिक दबाव में है और इसके साथ संरचनागत दिक्कतों के कारण देश के उच्च विकास दर दोबारा हासिल करने की संभावना कम रह गई है।
मनीला स्थित बैंक ने कहा, "2013-14 की पहली तिमाही में विकास दर वित्तीय संकट के बाद से सबसे कम रह जाने के साथ ही एडीबी ने विकास दर के अनुमान को अप्रैल में घोषित छह फीसदी से घटाकर 4.7 कर दिया।"टिप्पणियां
अगले कारोबारी साल के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया। 2012-13 में देश की विकास दर पांच फीसदी थी।
एडीबी ने हालांकि कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके।
मनीला स्थित बैंक ने कहा, "2013-14 की पहली तिमाही में विकास दर वित्तीय संकट के बाद से सबसे कम रह जाने के साथ ही एडीबी ने विकास दर के अनुमान को अप्रैल में घोषित छह फीसदी से घटाकर 4.7 कर दिया।"टिप्पणियां
अगले कारोबारी साल के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया। 2012-13 में देश की विकास दर पांच फीसदी थी।
एडीबी ने हालांकि कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके।
अगले कारोबारी साल के लिए भी विकास दर के पूर्वानुमान को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया गया। 2012-13 में देश की विकास दर पांच फीसदी थी।
एडीबी ने हालांकि कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके।
एडीबी ने हालांकि कहा कि यदि भारत लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाना चाहता है, तो उसे संरचनागत सुधार करना होगा ताकि जिन बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में देरी हो रही है, उसकी गति तेज की जा सके और विदेशी निवेश बढ़ सके और लंबी अवधि के विकास की अन्य बाधाएं दूर की जा सके। | संक्षिप्त सारांश: एडीबी ने अपने सालाना एशियाई विकास परिदृश्य 2013 रिपोर्ट में कहा कि रुपये के हाल के अवमूल्यन और पूंजी के बाहर की ओर प्रवाह के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यधिक दबाव में है और इसके साथ संरचनागत दिक्कतों के कारण देश के उच्च विकास दर दोबारा हासिल करने की संभाव | 29 | ['hin'] |
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